दिल्ली में मकान खरीदने वालों को बड़ी राहत की तैयारी, एग्रीमेंट रजिस्ट्रेशन पर लगेगा 1% शुल्क
दिल्ली में मकान खरीदने वालों को बड़ी राहत की तैयारी, एग्रीमेंट रजिस्ट्रेशन पर लगेगा 1% शुल्क
दिल्ली में मकान खरीदने का बदलेगा तरीका, 50-100 रुपये के स्टांप पेपर पर नहीं होगा एग्रीमेंट; 1% शुल्क लगेगा
सावन के महीने में वाराणसी में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। सोमवार सुबह से ही शहर के आसमान में हल्के बादल छाए रहे। कई इलाकों में हल्की बूंदाबांदी भी हुई,सोमवार को वाराणसी का तापमान करीब 32 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि हवा की रफ्तार लगभग 10 किलोमीटर प्रति घंटे और नमी 73 प्रतिशत रही। मौसम में नमी अधिक होने के कारण उमस का असर भी महसूस किया गया। इससे पहले रविवार देर रात करीब 12 बजे के बाद सावनी मेघ वाराणसी में बरसे। शहर के वरुणापार सहित कई इलाकों में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हुई, जो रात करीब एक बजे के बाद तक जारी रही। बारिश के चलते तापमान में कुछ राहत मिली। मौसम वैज्ञानिक प्रो. मनोज श्रीवास्तव के मुताबिक, मानसून द्रोणिका अपने सामान्य स्थान से थोड़ा दक्षिण की ओर शिफ्ट हो रही है। इसके प्रभाव से वाराणसी और आसपास के क्षेत्रों में हल्की बारिश के आसार बने हुए हैं। गंगा के जलस्तर में फिर बढ़ाव दूसरी ओर, गंगा के जलस्तर में रविवार पूरे दिन स्थिर रहने के बाद शाम से दोबारा बढ़ोतरी शुरू हो गई। हालांकि जलस्तर बढ़ने की गति आधा सेंटीमीटर प्रति घंटे से भी कम रही, लेकिन तेज हवा और बढ़ते जलस्तर के कारण गंगा में लहरें उठने लगी हैं। इसे देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज से गंगा में छोटी-बड़ी सभी नौकाओं के संचालन पर रोक लगा दी है। फिलहाल क्रूज के संचालन पर प्रतिबंध नहीं लगाया गया है। जल पुलिस प्रभारी निरीक्षक सुधीर त्रिपाठी ने बताया कि गंगा के तेज बहाव में नाव चलाना जोखिम भरा हो सकता है। इसलिए सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए नावों के संचालन पर रोक लगाई गई है। क्रूज का संचालन फिलहाल जारी रहेगा, लेकिन जलस्तर में आगे होने वाले बढ़ाव को देखते हुए इस संबंध में भी निर्णय लिया जाएगा। दशाश्वमेध घाट पर फिर बदला आरती स्थल गंगा के बढ़ते जलस्तर का असर धार्मिक गतिविधियों पर भी दिखाई देने लगा है। दशाश्वमेध घाट पर रविवार शाम गंगा आरती का स्थल एक बार फिर बदलना पड़ा। घाट की सीढ़ियों तक बाढ़ का पानी पहुंचने के बावजूद आरती देखने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ में कोई खास कमी नहीं आई। जल पुलिस और एनडीआरएफ की टीमें दशाश्वमेध घाट से मीर घाट होते हुए ललिता घाट के गंगाद्वार के रास्ते विश्वनाथ धाम जाने वाले श्रद्धालुओं को लगातार सतर्क कर रही हैं। श्रद्धालुओं से गंगा के बढ़े जलस्तर और तेज बहाव को देखते हुए सावधानी बरतने की अपील की जा रही है। मणिकर्णिका घाट पर अंतिम संस्कार में परेशानी गंगा का पानी बढ़ने से मणिकर्णिका घाट का निचला शवदाह स्थल भी जलमग्न हो गया है। इससे अंतिम संस्कार के लिए पहुंचने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं।
भिवानी के गांव कितलाना निवासी मेरिटोरियस (सराहनीय) सेवा पदक से सम्मानित केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के रिटायर्ड डीएसपी जयभगवान भगवान शिव के प्रति श्रद्धाभाव व गांव की सुख समृद्धि के लिए हरिद्वार से कांवड़ लेकर आए हैं। गांव कितलाना निवासी 64 वर्षीय राष्ट्रपति अवार्डी रिटायर्ड डीएसपी जयभगवान ने 44 साल देश की सेवा की। जिसमें उन्होंने 41 साल 6 महीने सीआरपीएफ में और 2 साल 6 महीने सिक्योरिटी एडवाइजर इलेक्शन कमिश्नर के साथ रहे। उन्होंने कहा कि गांव के युवाओं को नशे से दूर रहने के आह्वान के लिए कावड़ यात्रा पूर्ण की है। रिटायर्ड डीएसपी जयभगवान ने कहा कि वे प्रति दिन सुबह गांव कितलाना से भिवानी और भिवानी से कितलाना साइकिल पर सफर करते हैं। प्रति दिन गांव के टोल के पास स्थित मंदिर में साफ सफाई और पूजा पाठ करते है तथा गांव के युवाओं को भी सामाजिक भागीदारी और नैतिक कर्तव्यों के प्रति जागरूक करने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि जहां आजकल लोगों के मन में लोभ लालच क्रोध मोह माया ने घर कर लिया है। ऐसे लोगों को ये सब छोड़कर जन सेवा और कर्म सेवा करनी चाहिए। जिससे समाज का कल्याण हो और मन को शांति मिले। 28 अगस्त 2025 को मिला थ वीरता पदकरिटायर्ड डीएसपी जयभगवान को दिल्ली में 28 अगस्त 2025 को वीरता पदक से दिल्ली में सम्मानित किया गया था। सीआरपीएफ द्वारा शौर्य सीआरपीएफ ऑफिसर्स इंस्टीट्यूट में आयोजित विशेष अलंकरण समारोह के अवसर पर वीरता पदक दिया गया था। जिसमें गृह मंत्रालय से विशेष सचिव (आंतरिक सुरक्षा) प्रवीण वशिष्ठ, सीआरपीएफ महानिदेशक जीपी सिंह ने सम्मानित किया था। जयभगवान को यह सम्मान नक्सलियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने को लेकर दिया गया। 30 जून 2024 को सीआरपीएफ के डीएसपी पद से सेवानिवृत्त हो गए थे। उन्होंने सीआरपीएफ में 41 साल 6 महीने ड्यूटी की। जबकि सेवानिवृत्ति से पहले उनके नाम को वीरता पदक के लिए नोमिनेट किया गया था।
दिल्ली में आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को 2500 रुपये प्रति माह देने वाली लक्ष्मी योजना पर चर्चा का बहिष्कार करने वाले आप विधायकों के खिलाफ भाजपा कार्यकर्ताओं ने 22 विधानसभा क्षेत्रों में विरोध प्रदर्शन किया।
हरदोई के पिहानी कोतवाली क्षेत्र की एक महिला ने पति समेत आठ ससुरालियों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न, मारपीट और यौन शोषण के गंभीर आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया है। महिला का आरोप है कि शादी के आठ महीने बाद ससुरालियों ने उससे 15 लाख रुपए अतिरिक्त दहेज की मांग शुरू कर दी। आरोप है कि देवर ने उस पर शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डाला। विरोध करने पर ससुरालियों ने उसे प्रताड़ित किया और मारपीट कर घर से निकाल दिया। महिला थाने में शाम करीब 5:10 बजे दर्ज कराई गई रिपोर्ट में दिल्ली निवासी पति अमित शर्मा उर्फ सोनू, देवर विकास शर्मा, ससुर मेवालाल शर्मा, सास पार्वती उर्फ सर्वेश कुमारी, गुजरात निवासी ननद नेहा शर्मा और नंदोई गोविंद शर्मा तथा मेरठ निवासी मइया सास आशा शर्मा और मइया ससुर कौशलेन्द्र उर्फ छुन्नालाल को आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। शादी में 16 लाख का दहेज देने का दावा, 15 लाख और मांगे पीड़िता के मुताबिक, उसकी शादी 30 नवंबर 2025 को पिहानी के एक मैरिज लॉन में हुई थी। शादी में मायके वालों ने करीब 11 लाख रुपए नकद, एक बुलेट, सोने की चेन, अंगूठी, ब्रेसलेट और अन्य सामान दिया था। पीड़िता का दावा है कि शादी में करीब 16 लाख रुपए का दान-दहेज दिया गया था। महिला का आरोप है कि शादी के कुछ महीने बाद ही ससुरालियों का व्यवहार बदल गया। करीब आठ महीने बाद उससे 15 लाख रुपए अतिरिक्त दहेज की मांग की जाने लगी। पति अमित शर्मा उर्फ सोनू पर भी महिला ने उसके साथ ठीक व्यवहार नहीं करने और दूरी बनाए रखने का आरोप लगाया है। देवर पर शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डालने का आरोप पीड़िता ने आरोप लगाया कि इसी दौरान उसके देवर विकास शर्मा ने उस पर बुरी नीयत रखनी शुरू कर दी। महिला का आरोप है कि देवर ने उसके साथ जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाने की कोशिश की और उस पर संबंध बनाने का दबाव डाला। पीड़िता के मुताबिक, उसने इस संबंध में अपने ससुर मेवालाल शर्मा और सास पार्वती उर्फ सर्वेश कुमारी से शिकायत की। आरोप है कि उन्होंने देवर को रोकने के बजाय महिला पर ही उसके साथ संबंध बनाने का दबाव बनाया। महिला का कहना है कि उसने इसका विरोध किया तो ससुरालियों ने उसे चरित्रहीन कहकर प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। गुजरात निवासी ननद नेहा शर्मा और नंदोई गोविंद शर्मा के साथ मेरठ निवासी मइया सास आशा शर्मा और मइया ससुर कौशलेन्द्र उर्फ छुन्नालाल पर भी दहेज के लिए ताने देने और मानसिक रूप से परेशान करने का आरोप लगाया है। मारपीट कर गहने-कपड़े छीने, घर से निकालने का आरोप पीड़िता के मुताबिक, 2 मार्च 2026 को पति, देवर, ससुर और सास ने उसके साथ मारपीट की। आरोप है कि इस दौरान उसके गहने और कपड़े भी छीन लिए गए। इसके बाद उसे केवल पहने हुए कपड़ों में घर से बाहर निकाल दिया गया। महिला के छोटे भाई ने उसे वहां से बचाया। इसके बाद पीड़िता ने मामले की शिकायत पुलिस से की। पुलिस ने महिला की शिकायत के आधार पर पति समेत आठ ससुरालियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि महिला की ओर से लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है। विवेचना के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बांदा के प्रसिद्ध बामदेव मंदिर में सावन के दूसरे सोमवार पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। भगवान भोलेनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए सुबह से ही मंदिर के बाहर लंबी कतारें लग गईं। दूर-दराज से आए श्रद्धालु अपने हाथों में गंगाजल, बेलपत्र, फूल, धतूरा और प्रसाद लेकर भगवान शिव के दर्शन के लिए अपनी बारी का इंतजार करते दिखे। मंदिर में सुबह से ही विशेष पूजा-अर्चना का सिलसिला शुरू हो गया था। श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर विधि-विधान से पूजा की। उन्होंने परिवार की सुख-समृद्धि, खुशहाली और अच्छी बारिश की कामना की। दिन चढ़ने के साथ मंदिर में भक्तों की भीड़ लगातार बढ़ती गई। पूरे मंदिर परिसर में 'हर-हर महादेव' और 'बम-बम भोले' के जयकारे गूंजते रहे। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों सहित बड़ी संख्या में शिवभक्त मंदिर पहुंचे। कई श्रद्धालुओं ने उपवास रखकर भगवान शिव की आराधना की, जिससे भक्तों में खासा उत्साह देखने को मिला। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था के विशेष इंतजाम किए गए थे। पुलिसकर्मी और अन्य कर्मचारी भीड़ को व्यवस्थित करने में जुटे रहे, ताकि दर्शनार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। मान्यता है कि सावन के महीने में भगवान शिव की पूजा और जलाभिषेक करने से भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इसी आस्था के चलते सावन के प्रत्येक सोमवार को बामदेव मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। दूसरे सोमवार को भी यहां सुबह से भक्तों का तांता लगा रहा।
झांसी में गुरसराय थाने की टॉयलेट में छेड़छाड़ के आरोपी 62 साल के राजेंद्र प्रसाद ने फांसी लगा ली। पुलिसकर्मियों ने उसे फंदे से उतारा और सीएचसी ले गए। हालत नाजुक होने पर उसे झांसी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।यहां उसकी स्थिति नाजुक बनी है। पुलिस ने परिजनों को सूचना दे दी है। हालांकि अभी तक परिजन मेडिकल कॉलेज नहीं पहुंचे हैं। राजेंद्र प्रसाद गुरसराय थाना क्षेत्र के सिंघार गांव का रहने वाला है। उस पर 9 साल की बच्ची से छेड़छाड़ का आरोप था। इस पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया था।
दिल्ली में उमस-गर्मी के बीच राहत, 11 साल में हवा सबसे साफ; मानसून का दिखा असर
दिल्ली में उमस-गर्मी के बीच राहत, 11 साल में हवा सबसे साफ; मानसून का दिखा असर
वन्यजीव विभाग ने राष्ट्रीय पक्षी मोर के शिकार के मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान शनि बावरिया के रूप में हुई है। उसके कब्जे से मोर का शव और शिकार में इस्तेमाल की गई टोपीदार बंदूक बरामद की गई है। यह कार्रवाई रायसर के बांध बासना क्षेत्र में हुई। टीम ने बताया कि आरोपी ने कल देर शाम बांध बासना क्षेत्र में मोर का शिकार किया था। अपने पशुओं की तलाश में निकले ग्रामीणों ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया। ग्रामीणों ने बाद में आरोपी को वनपाल शिवदयाल शर्मा और वन विभाग की टीम को सौंप दिया। DFO वन्यजीव जगदीश गुप्ता के निर्देशन में, ACF राजेश मीणा के सुपरविजन और रायसर रेंजर पंकज शर्मा के नेतृत्व में यह बड़ी कार्रवाई की गई। वन अधिकारियों ने आरोपी शनि बावरिया को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे ज्यूडिशियल कस्ट़डी में केंद्रीय कारावास भेज दिया गया है।
अजमेर डिस्कॉम क्षेत्र के पात्र घरेलू बिजली उपभोक्ताओं के लिए मुख्यमंत्री निःशुल्क बिजली योजना के तहत पंजीकरण शुरू हो गया है। पात्र परिवारों को हर महीने 150 यूनिट तक मुफ्त बिजली का लाभ मिलेगा। योजना में घर की छत पर 1.1 किलोवाट क्षमता का रूफटॉप सोलर प्लांट लगाने पर 50 हजार रुपए तक की आर्थिक सहायता या सब्सिडी का प्रावधान है। पात्र उपभोक्ता बिजली निगम कार्यालय जाकर या डिस्कॉम के अधिकारी-कर्मचारियों के घर-घर पहुंचने पर मौके पर पंजीकरण करा सकते हैं। दो तरीकों से कराया जा रहा रजिस्ट्रेशन योजना का लाभ ज्यादा से ज्यादा पात्र घरेलू उपभोक्ताओं तक पहुंचाने के लिए अजमेर डिस्कॉम की ओर से पंजीकरण की व्यवस्था को आसान बनाया गया है। इसके लिए उपभोक्ताओं को बिजली निगम के कार्यालय तक पहुंचने की सुविधा दी गई है। पात्र उपभोक्ता अपने नजदीकी बिजली निगम कार्यालय में जाकर आवश्यक जानकारी एवं दस्तावेज उपलब्ध करवाकर पंजीकरण करा सकते हैं। इसके साथ ही डिस्कॉम के अधिकारी और कर्मचारी भी क्षेत्र में पहुंचकर पात्र उपभोक्ताओं की जानकारी जुटा रहे हैं। घर-घर जाकर ऑन-द-स्पॉट रजिस्ट्रेशन किए जाने से उन उपभोक्ताओं को भी सुविधा मिल रही है, जिन्हें कार्यालय तक पहुंचने में परेशानी होती है। 150 यूनिट तक मुफ्त बिजली मुख्यमंत्री निःशुल्क बिजली योजना का उद्देश्य पात्र घरेलू उपभोक्ताओं को बिजली के बिल में राहत देना है। योजना के तहत पात्र परिवारों को प्रतिमाह 150 यूनिट तक मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है। इसके लिए डिस्कॉम की ओर से पात्र उपभोक्ताओं का डाटा तैयार किया जा रहा है। डिस्कॉम के SE ने बताया कि पंजीकरण के माध्यम से यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है कि योजना का लाभ वास्तविक रूप से पात्र घरेलू उपभोक्ताओं तक पहुंच सके। सोलर लगाने पर 50 हजार की सहायता योजना को केवल मुफ्त बिजली तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि इसके साथ सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने की भी पहल की गई है। पात्र घरेलू उपभोक्ताओं को अपने मकान की छत पर 1.1 किलोवाट क्षमता का रूफटॉप सोलर प्लांट लगाने का अवसर दिया जा रहा है। सोलर प्लांट स्थापित करने पर सरकार एवं डिस्कॉम की ओर से पात्र उपभोक्ताओं को ₹50 हजार तक की आर्थिक सहायता/सब्सिडी उपलब्ध कराने का प्रावधान है। इससे उपभोक्ता अपने घर की बिजली जरूरतों के लिए सौर ऊर्जा का उपयोग कर सकेंगे और भविष्य में बिजली खर्च को कम करने में भी मदद मिलेगी।
छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक से पहले कार्यकारी अध्यक्ष कमल सोनी के इस्तीफे के बाद भी संविधान संशोधन के मुद्दे पर कोई चर्चा नहीं हुई। बैठक में कमल सोनी के इस्तीफे को लेकर भी चर्चा नहीं की गई। कमल सोनी ने आरोप लगाया कि अध्यक्ष सतीश थौरानी इस मुद्दे पर टालमटोल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि संविधान संशोधन का मामला आमसभा में रखने से पहले प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में इस पर चर्चा होनी चाहिए। कार्यकारिणी में चर्चा के बाद ही इसे आमसभा के सामने रखा जाना चाहिए। बिलासपुर में पहली बार हुई बैठक रविवार को बिलासपुर में पहली बार छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक आयोजित हुई। इसमें प्रदेशभर से चेंबर के पदाधिकारी और कारोबारी शामिल हुए। बैठक में उद्योग और व्यापार को बढ़ावा देने, कारोबारियों की समस्याओं और उनके समाधान को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। बिलासपुर और आसपास के व्यापारियों से जुड़े मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया गया। कमल सोनी के इस्तीफे से गरमाई चेंबर की राजनीति बैठक से ठीक एक दिन पहले चेंबर के संभाग कार्यकारी अध्यक्ष कमल सोनी के इस्तीफे से संगठन की राजनीति गरमा गई। सोनी ने चेंबर के संविधान में असंतुलित व्यवस्थाओं और सभी संभागों को समान प्रतिनिधित्व नहीं मिलने पर सवाल उठाए हैं। कमल सोनी का कहना है कि चेंबर के प्रमुख पदों पर प्रदेश के सभी क्षेत्रों को समान अवसर मिलना चाहिए। उनका आरोप है कि संगठन में क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखने के लिए मौजूदा व्यवस्था में बदलाव की जरूरत है। बैठक में इन मुद्दों पर हुई चर्चा बैठक में संगठन के विस्तार और नए कारोबारियों को चेंबर से जोड़ने को लेकर चर्चा हुई। इसके साथ ही ट्रांसपोर्टिंग में आ रही परेशानियों, व्यापारियों की समस्याओं और क्षेत्र में नए उद्योगों को बढ़ावा देने के उपायों पर पदाधिकारियों ने मंथन किया। कारोबारियों ने स्थानीय स्तर पर व्यापार को आसान बनाने और उद्योगों के लिए बेहतर माहौल तैयार करने से जुड़े सुझाव भी दिए। थौरानी बोले- संविधान संशोधन आमसभा का विषय बैठक के बाद चेंबर अध्यक्ष सतीश थौरानी ने कहा कि कमल सोनी ने इससे पहले संविधान संशोधन के मुद्दे पर कोई चर्चा नहीं की थी। 6 अगस्त को उन्होंने वाट्सऐप के जरिए संविधान संशोधन की बात कही थी। थौरानी ने कहा कि संविधान में संशोधन का फैसला आमसभा के स्तर पर ही लिया जा सकता है। कार्यकारिणी की बैठक में इस पर निर्णय नहीं होता। उन्होंने बताया कि कमल सोनी के इस्तीफे पर भी कोई फैसला नहीं लिया गया है और न ही बैठक में संविधान संशोधन पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि यह कार्यकारिणी के एजेंडे में शामिल मुद्दा नहीं था। संविधान संशोधन के लिए एक समिति बनाई गई है, जिसमें कमल सोनी को भी सदस्य बनाया गया है। उन्हें संशोधन का ड्राफ्ट तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है। कमल सोनी बोले- टालमटोल कर रहे अध्यक्ष इस्तीफे और बैठक के बाद कमल सोनी ने कहा कि 6 अगस्त से पहले भी उन्होंने कई बार अध्यक्ष को पत्र लिखकर संविधान संशोधन की मांग की थी। इसके बावजूद इस मुद्दे पर बार-बार टालमटोल की जा रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान संविधान में केवल रायपुर के अध्यक्ष और पदाधिकारियों के निर्वाचित होने का प्रावधान है। इसमें संशोधन कर प्रदेशभर के सदस्यों को प्रतिनिधित्व का अवसर मिलना चाहिए। सोनी ने आरोप लगाया कि जानबूझकर संविधान संशोधन की प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ाया जा रहा है।
यूपी के मऊ में बेकाबू डंपर की टक्कर से 17 साल के नाबालिग की मौत हो गई। नाबालिग रविवार देर रात ई–रिक्शा से बर्फ लेकर अपने घर लौट रहा था। तभी पीछे से आ रहे तेज रफ्तार डंपर ने टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि ई–रिक्शा सड़क पर दो बार पलटा। वहीं चालक नाबालिग ई–रिक्शे से करीब 3 फिट फिसलकर रोड साइड डिवाइडर से सिर के बल जोर से टकरा गया। उसका सिर फट गया और मौके पर ही दम तोड़ दिया। एक्सीडेंट का एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजकर डंपर चालक की तलाश शुरू कर दी है। घटना जिला मुख्यालये से 25 किलोमीटर दूर वाराणसी–गोरखपुर हाइवे पर घोसी कोतवाली क्षेत्र के पिड़वल मोड़ के पास की है। पूरा मामला पढ़िए– मूलरूप से कोपागंज थाना क्षेत्र के ढेलाबांध गांव का निवासी अंकुश यादव (17) घोसी कोतवाली क्षेत्र के पिड़वल मोड़ के पास किराए के मकान में रहता था। वह ई-रिक्शा से आइसक्रीम की बिक्री करता था। पिता रामविलास यादव ने बताया– अंकुश रविवार रात करीब 12:40 बजे ई-रिक्शा लेकर आइसक्रीम लेने के लिए निकला था। घर लौटते समय वाराणसी-गोरखपुर हाईवे पर पिड़वल मोड़ के पास पहुंचा ही था कि पीछे से डंपर ने टक्कर मार दी। सिर में गंभीर चोट लगने के कारण उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। ई–रिक्शा भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।वहीं डंपर चालक उसे तड़पता छोड़कर मौके से फरार हो गया। CCTV में दिखा पूरा हादसा, डंपर चालक मौके से भागा हादसे की सूचना मिलते ही घोसी कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और किशोर के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी खंगाली। फुटेज में डंपर के ई-रिक्शा को टक्कर मारने और हादसे का घटनाक्रम रिकॉर्ड हुआ है। पुलिस अब इसी फुटेज की मदद से डंपर की पहचान करने में जुटी है। हादसे के बाद डंपर चालक मौके पर नहीं रुका और वाहन लेकर फरार हो गया। पुलिस हाईवे पर लगे अन्य CCTV कैमरों की फुटेज भी देख रही है, ताकि डंपर के भागने की दिशा और उसके रूट का पता लगाया जा सके। घोसी थाना प्रभारी रवींद्र नाथ राय ने बताया– पिड़वल मोड़ के पास डंपर की टक्कर से ई-रिक्शा चालक की मौत हो गई है। CCTV फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर डंपर और उसके चालक की पहचान की जा रही है। जल्द ही गिरफ्तार कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। --------------------------------- ये खबर भी पढ़िए- अतीक के बेटे के काफिले की 30 गाड़ियों पर FIR:प्रयागराज और प्रतापगढ़ में टोल बैरियर तोड़े, धमकाया; कुचलने का प्रयास किया माफिया अतीक अहमद के बड़े बेटे उमर से एक और विवाद जुड़ गया है। प्रतापगढ़ और प्रयागराज पुलिस ने उमर के काफिले में चल रहीं गाड़ियों और उनके ड्राइवरों के खिलाफ केस दर्ज किया है। प्रयागराज में पुलिस ने 28 गाड़ियों पर रविवार दोपहर 1:30 बजे FIR लिखी। नवाबगंज टोल प्लाजा के असिस्टेंट मैनेजर जय प्रकाश यादव ने बताया- शनिवार की शाम उमर के काफिले की सभी गाड़ियां टोल बैरियर तोड़कर बिना फीस दिए निकल गईं। रोकने की कोशिश पर कर्मचारियों से मारपीट की गई। उन्हें कुचलने की भी कोशिश हुई। कर्मचारियों ने किसी तरह किनारे होकर अपनी-अपनी जान बचाई। पूरी खबर पढ़िए…
स्वास्थ्य केंद्र के गेट पर हुई महिला की डिलीवरी:पति का आरोप, ताला लगा था; बीएमओ ने आरोपों को नकारा
दमोह जिले के हटा ब्लॉक स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हिनौता में रविवार रात एक महिला की डिलीवरी अस्पताल के गेट पर हुई। महिला के पति ने आरोप लगाया है कि जब वे अपनी पत्नी को लेकर पहुंचे तो स्वास्थ्य केंद्र का गेट बंद था और डॉक्टर-नर्स मौजूद नहीं थे। कमता गांव निवासी 23 वर्षीय गायत्री कुशवाहा को प्रसव पीड़ा होने पर उनके पति कल्लू कुशवाहा एंबुलेंस से हिनौता स्वास्थ्य केंद्र लाए थे। कल्लू कुशवाहा के अनुसार, अस्पताल का मुख्य गेट बंद था और अंदर केवल एक कर्मचारी सो रहा था। गेट खटखटाने पर कर्मचारी ने ताला खोला और पत्नी को गेट पर ही बैठा दिया गया। पति बोला- मौके पर कोई नहीं था पति ने बताया कि अंदर कोई डॉक्टर या नर्स नहीं था। इसके बाद उन्होंने हटा के बीएमओ को फोन किया। करीब आधे घंटे बाद नर्स और अन्य स्टाफ स्वास्थ्य केंद्र पहुंचा, लेकिन तब तक गायत्री की डिलीवरी गेट पर ही हो चुकी थी। स्टाफ के पहुंचने पर उनसे डिलीवरी का समय पूछा गया और फिर महिला को अस्पताल में भर्ती किया गया। कल्लू कुशवाहा ने इस लापरवाही के लिए स्टाफ पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं, बीएमओ का कहना है कि पति के आरोप गलत हैं। उनके अनुसार, नर्स 10 मिनट के भीतर महिला के पास पहुंच गई थी और अस्पताल का दूसरा गेट हमेशा खुला रहता है। फिलहाल, जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हिनौता में उनका इलाज चल रहा है। नर्स खाना खाने गई थी हटा बीएमओ डॉ उमाशंकर पटेल का कहना है कि आरोप गलत है। अस्पताल में दो गेट हैं रात में एक गेट बंद रहता है तो दूसरा गेट हमेशा चालू रहता है। जिस समय महिला और उनके परिजन अस्पताल पहुंचे थे उस समय नर्स खाना खाने अस्पताल के पास ही क्वार्टर पर गई थी। जैसे ही महिला के पति का फोन आया तत्काल ही नर्स अस्पताल पहुंची। जच्चा बच्चा दोनों को अस्पताल में भर्ती किया गया उनका इलाज शुरू किया गया। उन्हें इंजेक्शन लगाए गए और दोनों पूर्ण रूप से स्वस्थ है। अस्पताल के गेट पर कभी ताला नहीं लगा रहता और 10 मिनट के अंदर ही स्टाफ नर्स महिला के पास पहुंच गई थी।
सीहोर जिले में रविवार रात 12 बजे से लगातार तेज बारिश जारी है, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है। तेज बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर आ गए हैं। सीवन नदी चद्दर पुल के ऊपर से बह रही है, वहीं सीटू नाला भी मछली पुल पर पुल के ऊपर है। बारिश के कारण विद्युत वितरण कंपनी का जोन टू कार्यालय और 33 केवी सब स्टेशन परिसर जलमग्न हो गया। स्टेशन रोड पर स्थित मां मनसा देवी मंदिर के अंदर भी पानी घुस गया। जिले में कई प्रमुख रास्ते बंद हो गए हैं। श्यामपुर में बस स्टैंड का रास्ता बंद है, जबकि दोराहा जोड़ से सीहोर मंडी मार्ग भी अवरुद्ध है। चरनाल-हिंगोनी मार्ग, श्यामपुर-घाटपलासी मार्ग और बरखेड़ा हसन-नाई हेड़ी मार्ग भी बंद हो गए हैं। अहमदपुर मार्ग भी यातायात के लिए बंद रहा। श्यामपुर के गांवों में मकानों में पानी भराश्यामपुर, चरनाल, झरखेड़ा और छतरी गांवों में कई मकानों में पानी भर गया है। छापरीदोराहा और वानखेड़ा में दो कच्चे मकानों के मामूली रूप से गिरने की सूचना मिली है। खंडवा ग्राम में भी कई जगहों पर जलभराव की स्थिति बनी हुई है। भू-अभिलेख विभाग द्वारा 10 अगस्त को जारी आंकड़ों के अनुसार, 24 घंटों के भीतर जिले में औसतन 3.96 इंच बारिश दर्ज की गई। इस दौरान श्यामपुर तहसील में सर्वाधिक 8.27 इंच बारिश हुई, जबकि जिला मुख्यालय सीहोर में 6.69 इंच वर्षा रिकॉर्ड की गई। अन्य तहसीलों में रेहटी में 4.67 इंच, बुधनी में 4.09 इंच, भेरूंदा में 3.23 इंच, इच्छावर में 3.03 इंच, आष्टा में 1.38 इंच और जावर में 0.35 इंच बारिश दर्ज की गई। अब तक रेहटी में सबसे ज्यादा बारिशसीजन में अब तक जिले की कुल औसत बारिश 24.33 इंच तक पहुंच गई है, जबकि पूरे मानसून सीजन की सामान्य औसत वर्षा 45.21 इंच मानी जाती है। कुल बारिश के आंकड़ों में रेहटी तहसील 27.59 इंच के साथ जिले में सबसे आगे है। सीहोर में 25.98 इंच, बुधनी में 25.28 इंच, आष्टा में 24.49 इंच, भेरूंदा में 24.13 इंच, इच्छावर में 23.74 इंच और श्यामपुर में 23.36 इंच वर्षा दर्ज की जा चुकी है। जावर तहसील में अब तक 20.04 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई है। अगले 48 घंटे अति भारी वर्षा की संभावना मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मध्य प्रदेश के मध्य और उत्तरी हिस्सों के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र और ऊपरी हवा का चक्रवाती घेरा बेहद सक्रिय है। इसके साथ ही मानसूनी द्रोणिका सीहोर और आसपास के जिलों से होकर गुजर रही है, जिससे बंगाल की खाड़ी और अरब सागर दोनों तरफ से भरपूर नमी मिल रही है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले 24 से 48 घंटों के दौरान जिले में भारी से अति भारी बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। लगातार हो रही बारिश को देखते हुए निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है, जिसे लेकर प्रशासन सतर्क है और आम जन को नदी-नालों तथा रपटों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
लखनऊ में सावन का दूसरा सोमवार:शिवालयों में शिव भक्तों की लगी कतार, भोलेनाथ को जल -धतूरा चढ़ा रहे
लखनऊ में सावन के दूसरे सोमवार को भोर से ही शिवालयों और शिव मंदिरों में भक्तों की लंबी कतारें लगी हुई हैं। हर-हर, जय-जय के घोष गूंज रहे हैं शिवालय । भक्त भोलेनाथ को जल, भांग, धतूर चढ़ा रहे हैं। डालीगंज स्थित प्राचीन मनकामेश्वर मंदिर में तड़के से ही शिवभक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। बड़ी संख्या में रात से ही श्रद्धालु मंदिर के बाहर कतार में लग गए थे। सुबह मंगला आरती के बाद बाबा का विशेष शृंगार किया गया। श्रद्धालु गंगाजल, दूध, बेलपत्र, धतूरा, भांग, शहद और पुष्प अर्पित कर भगवान शिव का अभिषेक कर रहे हैं। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए मंदिर परिसर और आसपास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। CCTV कैमरो से निगरानी हो रही है। महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग अलग कतार बनाए गए हैं। भीड़ को देखते हुए रूट डाइवर्जन भी किया गया है। गोमती नदी के किनारे स्थित मनकामेश्वर मंदिर शहर का सबसे प्राचीन और प्रसिद्ध शिव मंदिरों माना जाता है । भक्तों की आस्था है कि यहां सच्चे मन से मांगी गई मनोकामना भगवान शिव जरूर पूरी करते हैं। यही वजह है कि सावन के पूरे महीने यहां लाखों श्रद्धालु दर्शन और जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं। सावन के सोमवार को भोर से ही लंबी कतारें लग जाती है।
सांभर के बरडोती पहुंची कांवड़ यात्रा:श्रावण के दूसरे सोमवार देवयानी जल से होगा अभिषेक
सांभर के बरडोती में श्रावण मास के दूसरे सोमवार को भगवान शिव का जलाभिषेक किया जाएगा। यह जलाभिषेक ग्राम पंचायत बरडोती की नागा की ढाणी स्थित शिवालय मंदिर में देवयानी तीर्थ के पवित्र जल से होगा। रविवार को सांभर के पौराणिक देवयानी तीर्थ से पवित्र जल लेकर शिवभक्तों का एक जत्था बरडोती पहुंचा। ग्रामीण क्षेत्रों में जगह-जगह ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने कांवड़ यात्रियों का पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने कांवड़ यात्रियों के लिए पानी सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं भी कीं। स्थानीय लोगों ने बताया कि श्रावण मास में भगवान शिव की आराधना और जलाभिषेक का विशेष महत्व माना जाता है। इसी धार्मिक भावना के साथ शिवभक्त देवयानी तीर्थ से पवित्र जल लेकर बरडोती पहुंचे हैं। आज नागा की ढाणी स्थित शिवालय मंदिर में विधि-विधान और धार्मिक मंत्रोच्चार के साथ देवयानी के पवित्र जल से भगवान शिव का जलाभिषेक किया जाएगा। जलाभिषेक के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के मंदिर पहुंचने की संभावना है। कांवड़ यात्रा में शामिल शिवभक्तों ने बताया कि देवयानी तीर्थ से पवित्र जल लेकर भगवान शिव का अभिषेक करना उनके लिए आस्था और श्रद्धा का विषय है। इस आयोजन को लेकर क्षेत्र के ग्रामीणों में भी खासा उत्साह है। कांवड़ यात्रा और आयोजन के दौरान अमरचंद, आनंदीलाल, रूपनारायण कुमावत, दिनेश, चिरंजीलाल, जगदीश नागा, श्योजीराम नागा, बोदूराम, नरेश पिपलोदा, रूपनारायण पिपलोदा, मयंक कुमावत, सुनीला, बाबूलाल सहित कई शिवभक्त और ग्रामीण मौजूद रहे।
अलवर की सेंट्रल जेल में पिछले 5 साल से सजा काट रहे कैदी ने रविवार को शौचालय की सफाई के दौरान फिनाइल पी ली। पुलिस ने तुरंत उसे जेल की डिस्पेंसरी भेजा। हालत गंभीर होने पर अलवर जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने गंभीर हालत में युवक को जयपुर रेफर कर दिया है। कैदी शाहरुख उर्फ गहू पुत्र जोरमल राजगढ़ के छिलोड़ी गांव का रहने वाला है। वह 2021 से आजीवन कारावास की सजा काट रहा है। दरअसल, शाहरुख ने छिलोड़ी गांव में एक किसान का खेत बांटे पर कर रखा था, शाहरुख पर किसान की हत्या का आरोप है, इसी मामले में वह पिछले 5 साल से जेल में है। पहले भी की थी सुसाइड की कोशिश कैदी शाहरुख ने 5 मई को भी सुसाइड का प्रयास किया था। इस दौरान कैदी ने शेविंग ब्लेड से अपना प्राइवेट पार्ट काट लिया था, जिसके बाद उसे अस्पताल ले जाना पड़ा था और सर्जरी कर उसकी जान बचाई गई थी। जेल से मिली जानकारी के अनुसार रविवार को जेल में शौचालयों की सफाई का काम चल रहा था। इसी दौरान मौका पाकर शाहरुख वहां पहुंच गया और वहां रखी फिनाइल की बोतल उठकर गटक गया। घटना के बाद जेल प्रशासन मामले को छिपाता रहा। अधिकारियों ने सवालों के जवाब नहीं दिए। हालांकि सूत्रों ने बताया कि शाहरुख मानसिक रूप से विचलित है। इसके कारण ऐसी हरकतें कर रहा है।
गिरिडीह जिले के प्रसिद्ध झारखंड धाम में सावन की दूसरे सोमवार पर श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। ब्रह्ममुहूर्त से ही हजारों भक्त मंदिर परिसर पहुंचने लगे। 'हर-हर महादेव' और 'बोल बम' के जयघोष से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने लंबी कतारों में लगकर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। झारखंड धाम राज्य के प्रमुख शिवधामों में से एक है। सुभाष पांडा ने बताया कि सावन माह में यहां झारखंड के अलावा बिहार, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। यह गिरिडीह शहर से लगभग 55 किलोमीटर दूर स्थित है। कांवरियों और स्थानीय श्रद्धालुओं की भारी भीड़ विशेष रूप से, देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम और बासुकीनाथ में जलार्पण के बाद हजारों कांवरिये अपनी यात्रा पूरी करने के लिए झारखंड धाम पहुंचते हैं। वे यहां भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं। दूसरी सोमवारी पर भी कांवरियों और स्थानीय श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी गई। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, झारखंड धाम का संबंध महाभारत काल से है। ऐसी मान्यता है कि इसी पवित्र भूमि पर अर्जुन ने भगवान शिव की कठोर तपस्या की थी। उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें साक्षात दर्शन दिए और पाशुपत अस्त्र प्रदान किया था। यही कारण है कि यह स्थल शिवभक्तों के लिए विशेष आस्था का केंद्र है। इरगा नदी के तट पर लगभग 14 एकड़ क्षेत्र में फैला यह मंदिर प्राकृतिक सौंदर्य, धार्मिक महत्व और ऐतिहासिक विरासत का संगम है। मंदिर परिसर हरियाली और शांत वातावरण से घिरा हुआ है, जो श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक शांति प्रदान करता है। सच्चे मन से की गई प्रार्थना फलदायी होती है झारखंड धाम की सबसे बड़ी विशेषता मंदिर परिसर में स्थापित दो शिवलिंग हैं। इनमें एक शंभू लिंग और दूसरा कामना लिंग के नाम से प्रसिद्ध है। श्रद्धालु दोनों शिवलिंगों का विधिवत जलाभिषेक कर सुख, समृद्धि और मनोकामना पूर्ति की प्रार्थना करते हैं। मान्यता है कि शंभू लिंग भगवान शिव के दिव्य स्वरूप का प्रतीक है, जबकि कामना लिंग पर सच्चे मन से की गई प्रार्थना फलदायी होती है। मंदिर का मुख्य शिवलिंग स्वयंभू अर्थात भुइफोड़ शिवलिंग माना जाता है। स्थानीय लोकमान्यताओं के अनुसार यह शिवलिंग धरती को चीरकर स्वयं प्रकट हुआ था। इसके ऊपर कई बार मंदिर की छत बनाने का प्रयास किया गया, लेकिन हर बार किसी न किसी कारण से निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका। यही वजह है कि आज भी यह शिवलिंग खुले आसमान के नीचे विराजमान है, जिसे श्रद्धालु दिव्य चमत्कार के रूप में देखते हैं। पुलिस बल की विशेष व्यवस्था की गई सावन की दूसरी सोमवारी को लेकर मंदिर परिसर में प्रशासन की ओर से व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बैरिकेडिंग, पेयजल, चिकित्सा सहायता, साफ-सफाई और पुलिस बल की विशेष व्यवस्था की गई थी। स्वयंसेवकों ने भी श्रद्धालुओं को सुचारु रूप से दर्शन कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दिनभर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। महिलाओं, पुरुषों, बुजुर्गों और युवाओं के साथ बड़ी संख्या में कांवरिये भगवान भोलेनाथ के दर्शन कर जलाभिषेक करते रहे। श्रद्धालुओं ने परिवार की सुख-समृद्धि, अच्छी वर्षा, राज्य की खुशहाली और देश की उन्नति की कामना करते हुए भोलेनाथ का आशीर्वाद लिया। आस्था, इतिहास, पौराणिक मान्यताओं और अद्भुत धार्मिक परंपराओं से समृद्ध झारखंड धाम आज भी लाखों शिवभक्तों की अटूट श्रद्धा का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। सावन के प्रत्येक सोमवार को यहां उमड़ने वाली भीड़ इस पवित्र धाम की बढ़ती धार्मिक महत्ता और लोगों की अटूट आस्था का जीवंत प्रमाण है।
Bihar News Today Live: बिहार ब्रेकिंग न्यूज़, पढ़ें 10 अगस्त के मुख्य और ताजा समाचार
Bihar Breaking News Today Live - Read latest and breaking news today in hindi at Amarujala. यहां पढ़ें, बिहार की ताजा खबरें, राजनीति, खेल, मनोरंजन, धर्म, क्राइम और शिक्षा की खबरों का लाइव अपडेशन
झालावाड़ में करणी सेना परिवार और सर्वसमाज 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर तिरंगा रैली का आयोजन करेगा। यह निर्णय श्री राजपूत छात्रावास में आयोजित बैठक में लिया गया। रैली दोपहर 12 बजे श्री राजपूत छात्रावास से शुरू होगी। यह बस स्टैंड, मोटर गैराज, मामा-भांजा होते हुए निर्भय सिंह सर्कल पहुंचेगी। निर्भय सिंह सर्कल पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया जाएगा, जिसके बाद रैली वापस श्री राजपूत छात्रावास लौटेगी। सर्व समाज के लोग होंगे शामिलआयोजकों के अनुसार, इस तिरंगा रैली में झालावाड़ जिले के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में युवा और सर्वसमाज के लोग शामिल होंगे। करणी सेना परिवार के मुखिया जीवन सिंह शेरपुर और भंवर सिंह सलाडिया भी अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। बैठक में करणी सेना परिवार के संभाग अध्यक्ष रविप्रताप सिंह सलोतिया, जिलाध्यक्ष राजेंद्र सिंह देवड़ा, पुष्पेंद्र सिंह सोहनखेड़ी, पुष्पेंद्र सिंह देवरी, संग्राम सिंह बोलिया, धन सिंह, महिपाल सिंह रलायती, मांगू सिंह हाड़ा, कालू सिंह परासली, महिपाल सिंह ढाबला खींची, गौरव सिंह सिसोदिया, दीपू सिंह सुनेल, राजेंद्र सिंह, राहुल सिंह नीमोदा, शिवराज सिंह मालपुरा, राहुल सिंह परोलिया, नवीन सिंह, मस्तान सिंह, देवेंद्र सिंह, दिलराज सिंह सहित अन्य करणी सैनिक मौजूद रहे।
कानपुर में सावन के दूसरे सोमवार प्रमुख शिवालयों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। आनंदेश्वर, सिद्धनाथ और जागेश्वर मंदिर समेत प्रमुख मंदिरों में भक्तों ने जलाभिषेक किया। सुरक्षा और यातायात को लेकर पुलिस मुस्तैद रही।
सांभरझील में सांभर समाज और श्याम प्रेम मंडल समिति ने रविवार को एक रक्तदान शिविर का आयोजन किया। इस शिविर में कुल 174 यूनिट रक्त का संग्रह किया गया। कायस्थ समाज के जनरल सेक्रेटरी अखिलेश माथुर ने मां शाकंभरी के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर शिविर का शुभारंभ किया। शिविर को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखा गया। देर शाम तक युवाओं सहित विभिन्न वर्गों के लोगों ने बड़ी संख्या में रक्तदान कर मानव सेवा में योगदान दिया। इस अवसर पर अखिलेश माथुर ने रक्तदान को महादान और मानवता की सबसे बड़ी सेवा बताया। उन्होंने कहा कि यह रक्त किसी घायल व्यक्ति, गंभीर मरीज, प्रसूता महिला या मासूम बच्चे का जीवन बचा सकता है। माथुर ने यह भी कहा कि रक्तदान को लेकर समाज में आज भी कई भ्रांतियां और डर मौजूद हैं, जिन्हें दूर करना आवश्यक है। उन्होंने नियमित शिविरों को इस दिशा में महत्वपूर्ण बताया, जो लोगों को रक्तदान के महत्व के बारे में जागरूक कर नई चेतना पैदा कर सकते हैं। समिति की ओर से सभी रक्तदाताओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। आयोजकों ने रक्तदाताओं का आभार व्यक्त करते हुए उनके योगदान को जरूरतमंद मरीजों के जीवन के लिए महत्वपूर्ण बताया और भविष्य में भी ऐसे ही सहयोग की अपेक्षा की। समिति के अशोक कयाल और पवन मोदी ने शिविर को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी लोगों का आभार जताया। स्वास्थ्य कल्याण ब्लड बैंक और फुलेरा ब्लड बैंक की टीमों ने रक्त संग्रहण का कार्य किया। इस दौरान नितेश गोयल, राजू भार्गव, हीरा तंवर, एडवोकेट विजय प्रजापत, कमल जाजू, कुनाल शर्मा सहित समिति के पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
हिमाचल पुलिस ने सोशल मीडिया यूजर्स को फेक न्यूज और भ्रामक सूचनाओं से सावधान किया है। पुलिस ने कहा कि खबर, फोटो और वीडियो साझा करने से पहले सत्यापन जरूर करें।
सिरसा कांग्रेस के पार्टी संगठन में जिलाध्यक्ष संतोष बेनीवाल और विधायक गोकुल सेतिया के बीच जुबानी जंग शुरू हो गई है। दोनों ही एक-दूसरे पर सियासी तंज कसकर आरोप लगा रहे हैं। दोनों के बीच बात नशा करने एवं नशा बेचने वाली तक पहुंच गई है। बात यहां तक पहुंच गई है कि जिलाध्यक्ष द्वारा विधायक के समर्थकों के पास फोन से संपर्क करने पर भी ऐतराज जताया जा रहा हैं। खास बात है कि पार्टी नेतृत्व की ओर से भी रोक नहीं है। इस गुटबाजी को रोकने को न सांसद कुमारी सैलजा तो न ही नेता प्रतिपक्ष या प्रदेशाध्यक्ष की ओर से कोई बयान जारी हुआ है। दो दिन पहले जिलाध्यक्ष संतोष बेनीवाल सोनीपत में पार्टी मीटिंग के दौरान प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह से मिली थी और संगठन विस्तार पर चर्चा भी हुई। वहीं, पिछले सप्ताह कांग्रेस ने सिरसा में 8 नए ब्लॉक अध्यक्षों की सूची जारी की थी, जिन पर कुछ समय के लिए रोक लगा दी गई। अब संशय है कि वे ही अध्यक्ष रहेंगे या नए चुने जाएंगे, जबकि इनके नाम विधायकों से ही मांगे गए थे। इसमें भी जिलाध्यक्ष ने ही हस्तेक्षप किए जाने की सूचना है। इस तरह कहा जाए कि हुडडा और सैलजा के बाद तीसरा गुट बन गया है और वर्करों में भी काफी नाराजगी है, जो सोशल मीडिया पर अपनी भड़ास निकाल रहे हैं। कमेंट में लिखा-भीड़ में आधार कार्ड चेक नहीं होते और सरकार से बोलने में डर लगता है सिरसा से विधायक गोकुल सेतिया की इस पोस्ट पर समर्थकों और लोगों के मिले-जुले कमेंट्स हैं। कमेंट में लिखा-लगे रहो विधायक जी जब तक कांग्रेस मिट्टी में न मिल जाए। भीड़ कहीं से बुलाओ भाई साहब प्रोग्राम में सिर गिने जाते हैं, आधार कार्ड थोड़ी चेक होते हैं, संतोष में कुछ तो दम है कि सरदूलगढ से लोग आ गए। विधायक जी आपके तेवर ठीक है, मैं उचाना से हूं। सेतिया साहब ये चेप्टर बिलकुल क्लोज करके दूर हो जाओ। भाई विरोध ठीक है, भाषा तो सही रखो। भाई जी जब आपके बारे में लिखता हूं तो अल्फाज नहीं मिलते। ये आपकी गलत बात है बहन तो बहन होती है। लक्ष्मण जिसका नाना है, स्वाभिमान जरूरी है। कुछ ने लिखा- ये राजनीति जल्दी बेरी बन जाते हैं, ज्यादा हल्का इंसान निकले आप और नेता जी चुप रहकर बड़े-बड़ो को हराया जा सकता है। सरकार के खिलाफ बोलने की हिम्मत नहीं है तो अपनों के खिलाफ भी बोल लो। सुरेवाला के साथी ने लिखा-भाई तेरा घणा बढा सांग कोणी। एक ने लिखा-मैं बीजेपी का समर्थक हूं, पर भाई साहब दिल से आपकी तारीफ कर रहा हूं। विधायक सेतिया बोले-पहले वाला डैमेज कंट्रोल करना है, ये नया बीच में आ गया जिलाध्यक्ष संतोष बेनीवाल के बयान के बाद विधायक गोकुल सेतिया ने भी बयान दिया कि पार्टी ने ब्लॉक अध्यक्षों के लिए नाम मांगे थे, जिनके हमने नाम दिए और पार्टी ने उनको मौका दिया। वो अलग बात है कि पार्टी ने लिस्ट होल्ड पर रख दी। उनके फोन नंबर जिलाध्यक्ष को क्या मिल गए? जिलाध्यक्ष उनको बार-बार फोन करके कहती कि 9 तारीख को प्रोग्राम है, आप आओ। हमारे लोगों को आप फोन कैसे कर रहे हो? और वो भी हमारे विरोधियों के लिए कर रहे हो। हमारे घर में आकर गोल करोगे क्या? हर पार्टी में गुटबाजी होती है और हमारी पार्टी में भी है। हमें पहले वाला डैमेज कंट्रोल करना है। अब ये नया कौर बीच में घुसा दिया और वो भी ये कहते कि हमने कौन सी मलाई खाई। उस समय राजीव गांधी ने इनको इतना प्रमोट किया और मुख्यमंत्री तक पहुंचने वाले थे। ये सिला दिया। संतोष ने कहा था-रात को नशे में डाली होगी पोस्ट जिलाध्यक्ष संतोष बेनीवाल ने इस विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था, विरोध करने वालों को वर्करों ने जवाब देने का काम किया है। गोकुल सेतिया उन्हें बड़ी बहन कहते थे। उन्होंने सवाल उठाया कि शायद उनके घर में बड़ी बहन को इसी तरह का सम्मान मिलता होगा। इससे पहले एक निजी चैनल को दिए बयान में बेनीवाल ने सेतिया की सोशल मीडिया पोस्ट पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि पोस्ट रात करीब 12 बजे डाली गई थी। क्या पता नशे में हो। उन्होंने यह भी कहा था कि वह पार्टी के संगठन को मजबूत करने के लिए काम कर रही हैं।
प्रयागराज में देर रात बारिश से सड़कें बनी तालाब:सुबह से बादल छाए, शाम तक तेज बारिश का अलर्ट जारी
प्रयागराज में सोमवार सुबह से आसमान में काले घने बादल छाए हुए हैं और तेज हवाएं चल रही हैं। बारिश के कारण कई प्रमुख इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई, जिससे लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ा। रविवार दिनभर धूप और बादलों की आंख-मिचौली के बाद रविवार देर रात मौसम अचानक बदल गया और झमाझम बारिश शुरू हो गई। तेज बारिश के बाद शहर की कई सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं। देखें तवीरें… सिविल लाइंस से जॉर्ज टाउन तक पानी-पानी देर रात हुई बारिश के बाद सिविल लाइंस, जॉर्ज टाउन, नया बस अड्डा, बहराना, धरना स्थल और निरंजन डॉट पुल समेत कई इलाकों में सड़क पर पानी जमा हो गया। कई जगह पानी इतना अधिक रहा कि सड़कें तालाब जैसी नजर आने लगीं। सुबह वाहन पानी के बीच से गुजरते दिखाई दिए और पैदल राहगीरों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। सोमवार सुबह से बादल छाए, शाम तक फिर तेज बारिश का अलर्ट सोमवार सुबह से ही आसमान में घने बादल छाए हुए हैं और तेज हवाओं का दौर जारी है। मौसम विभाग के मुताबिक शाम तक मौसम में एक बार फिर बदलाव हो सकता है और तेज बारिश होने की संभावना है। लगातार बारिश के चलते पहले से जलभराव वाले इलाकों में लोगों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। आज प्रयागराज का अधिकतम तापमान करीब 30C और न्यूनतम तापमान 26C रहने का अनुमान है। अगले 5 दिनों का मौसम पूर्वानुमान
चौमूं में आगामी स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में होने वाली तिरंगा यात्रा की तैयारियों को लेकर भाजपा की एक बैठक हुई। यह बैठक भाजपा कार्यालय, खादी बाग रोड पर भाजपा प्रदेश मुख्य प्रवक्ता एवं चौमूं के पूर्व विधायक रामलाल शर्मा के सानिध्य में हुई। इस दौरान 13 अगस्त को गढ़ गणेश मंदिर से सुभाष सर्किल तक निकाली जाने वाली तिरंगा यात्रा पर विस्तृत चर्चा की गई। कार्यक्रम की रूपरेखा तय की गई और कार्यकर्ताओं से यात्रा को भव्य एवं सफल बनाने का आह्वान किया गया। बैठक में सौंपी गई जिम्मेदारियांयात्रा में ज्यादा से ज्यादा कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों और आमजन की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न जिम्मेदारियां सौंपी गईं। इस दौरान आगामी नगर परिषद चुनाव 2026 की संगठनात्मक तैयारियों पर भी मंथन हुआ, जिसमें कार्यकर्ताओं को चुनाव की तैयारियों में जुटने का निर्देश दिया गया। इस अवसर पर भाजपा के मुख्य प्रदेश प्रवक्ता रामलाल शर्मा, भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष बाबूलाल सैनी, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष आशीष दुसाद, तिरंगा यात्रा संयोजक अरविंद यादव, सहसंयोजक विजय सैनी, गुलाब चंद लांबा, मोहनलाल सैनी, पार्षद संदीप शर्मा, बाबूलाल यादव, अनिता कुमावत, फैंसी व्यापार मंडल अध्यक्ष पवन सैनी, मनीष गोयल और चेतन सैनी सहित भाजपा नगर कार्यकारिणी के पदाधिकारी मौजूद रहे।
यूपी के सीतापुर में कोतवाली नगर क्षेत्र में हुई चेन स्नेचिंग की घटना का पुलिस ने सोमवार को खुलासा कर दिया।
मगध रेंज के पुलिस महानिरीक्षक विकास वैभव सोमवार को औरंगाबाद जिले के प्रसिद्ध देव सूर्य मंदिर पहुंचे। करीब 21 वर्षों के बाद देव पहुंचने पर उन्होंने भगवान भास्कर के दरबार में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। भगवान सूर्य से बिहार और पूरे देश के सुख, शांति, समृद्धि और विकास की कामना की। मंदिर न्यास समिति के सदस्यों और स्थानीय लोगों ने आईजी का स्वागत किया। समिति की ओर से उन्हें अंगवस्त्र और प्रसाद भेंट कर सम्मानित किया गया। दर्शन के बाद मीडिया से बातचीत में आईजी विकास वैभव ने कहा कि करीब 21 वर्षों के बाद इस अलौकिक मंदिर में आने का अवसर मिलना उनके लिए सौभाग्य की बात है। पूरे क्षेत्र और बिहार के उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रार्थना की है। भगवान सूर्य अपने प्रकाश से पूरे राष्ट्र को ऊर्जा, सकारात्मकता और नई दिशा प्रदान करें, यही उनकी कामना है। कानून व्यवस्था मजबूत करने पर जोर आईजी ने कहा कि मगध क्षेत्र में कानून व्यवस्था को और मजबूत करना उनकी प्राथमिकता है। कानून का राज पूरी तरह स्थापित करने और बिहार को विकसित बनाने में पुलिस की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को अपराधियों पर लगातार नजर रखने और आम लोगों को भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। मंदिर परिसर में मौजूद स्थानीय लोगों ने आईजी को नबीनगर एनटीपीसी से निकलने वाले ओवरलोड फ्लाई ऐश ट्रकों की समस्या से अवगत कराया। ग्रामीणों ने बताया कि एनटीपीसी से प्रतिदिन बड़ी संख्या में फ्लाई ऐश लदे ट्रक सड़कों पर गुजरते हैं। इनमें कई वाहन क्षमता से अधिक भार लेकर चलते हैं। इससे सड़कें जल्द क्षतिग्रस्त हो रही हैं और वाहनों की आवाजाही के दौरान उड़ने वाली धूल से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने यह भी बताया कि ओवरलोड ट्रकों के कारण आए दिन छोटे-बड़े हादसे होते रहते हैं। भारी वाहनों की वजह से यातायात प्रभावित होता है और सड़क किनारे रहने वाले लोगों, खासकर बच्चों और बुजुर्गों को आवागमन में परेशानी होती है। ओवरलोड ट्रकों पर सख्ती का निर्देश, नियमित जांच और निगरानी के आदेश ग्रामीणों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए आईजी विकास वैभव ने संबंधित अधिकारियों को मामले का तत्काल संज्ञान लेने और नियमों का उल्लंघन करने वाले ओवरलोड वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि आम जनता की सुरक्षा और सुविधा सर्वोपरि है। क्षमता से अधिक भार लेकर चलने वाले वाहनों पर प्रभावी रोक लगाई जाए और नियम तोड़ने वाले ट्रक मालिकों व चालकों के खिलाफ जुर्माने के साथ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। आईजी ने अधिकारियों को नियमित जांच और निगरानी बढ़ाने का भी निर्देश दिया, ताकि ओवरलोड वाहनों का संचालन नियंत्रित किया जा सके। स्थानीय लोगों ने आईजी के त्वरित हस्तक्षेप की सराहना करते हुए उम्मीद जताई कि अब नबीनगर एनटीपीसी से निकलने वाले ओवरलोड फ्लाई ऐश ट्रकों की समस्या पर प्रभावी कार्रवाई होगी। इस दौरान मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। जिला प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी आईजी के साथ रहे। सूर्य मंदिर न्यास समिति के पदाधिकारियों ने भी विश्वास जताया कि आईजी के नेतृत्व में मगध क्षेत्र में कानून व्यवस्था और बेहतर होगी तथा देव आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित और बेहतर वातावरण मिलेगा।
टीकमगढ़ जिले में पिछले 24 घंटे से मानसून सक्रिय है, जिससे रुक-रुक कर बारिश हो रही है। लंबे अंतराल के बाद हुई इस बारिश से किसानों में खुशी का माहौल है। जिले में पिछले 24 घंटे में औसतन एक इंच बारिश दर्ज की गई है। टीकमगढ़ और पलेरा तहसीलों में 40 मिलीमीटर से अधिक, यानी करीब डेढ़ इंच बारिश रिकॉर्ड की गई। बड़ागांव धसान और मोहनगढ़ तहसीलों में एक इंच बारिश हुई, जबकि बल्देवगढ़ तहसील में कोई बारिश दर्ज नहीं की गई। जिले में अब तक कुल 14.01 इंच औसत बारिश हुई है। यह पिछले साल की तुलना में काफी कम है। पिछले साल इसी अवधि तक 44.4 इंच औसत बारिश हो चुकी थी, जो इस बार से 31 इंच अधिक है। जिले में हुई बारिश के आंकड़े तहसीलवार आंकड़ों के अनुसार, टीकमगढ़ तहसील में सर्वाधिक 555 मिलीमीटर (22 इंच) बारिश दर्ज की गई है। वहीं, लिधौरा तहसील में सबसे कम 136 मिलीमीटर (5.5 इंच) बारिश हुई है। अन्य तहसीलों में बड़ागांव में 10 इंच, बल्देवगढ़ में 14 इंच, खरगापुर में 17 इंच, जतारा में 15 इंच, मोहनगढ़ में 10 इंच और पलेरा में 18 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई है। पिछले साल 10 अगस्त तक जिले में बारिश का औसत कोटा (40 इंच) पूरा हो गया था, बल्कि 4 इंच अधिक बारिश दर्ज की गई थी। मौसम विभाग के अनुसार, आज दोपहर बाद एक बार फिर बारिश की संभावना है। मानसून का लगभग एक महीना अभी शेष है, और लोगों को आने वाले दिनों में अच्छी बारिश की उम्मीद है।
अमृतसर: नशा तस्करी का भंडाफोड़, घरिंडा पुलिस ने 1.147 किलो हेरोइन के साथ दो तस्कर किए गिरफ्तार
नशा तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना घरिंडा पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से एक किलो 147 ग्राम हेरोइन बरामद की है।
जबलपुर में बारिश भले ही औसत से कम हो रही है, लेकिन मंडला, डिंडौरी, अमरकंटक समेत आसपास के क्षेत्रों में हुई बारिश से प्रदेश का सबसे बड़ा बरगी बांध तेजी से भर रहा है। बीते 24 घंटे में जलस्तर करीब 39 इंच बढ़ा है। जंगली क्षेत्र से करीब 4 हजार घनमीटर प्रति सेकंड की रफ्तार से बांध में पानी की आवक हो रही है। इससे लोगों को गर्मी से भी राहत मिली है। डैम प्रबंधन के मुताबिक, यदि बारिश इसी रफ्तार से जारी रही तो आगामी 7 से 8 दिनों में बरगी बांध के गेट खोले जा सकते हैं। वर्तमान में बांध का जलस्तर 417.20 मीटर है, जबकि इसका उच्चतम जलस्तर 422.76 मीटर है। पिछले साल आज के दिन तक बांध में 419.15 मीटर पानी दर्ज किया गया था। बांध अभी करीब 57 फीसदी भर चुका है। दरअसल, जबलपुर में कम बारिश के चलते इस बार बरगी बांध के पर्याप्त भरने को लेकर आशंका जताई जा रही थी। हालांकि, पिछले कुछ दिनों में मंडला और डिंडौरी समेत आसपास के क्षेत्रों में हुई बारिश से बांध में पानी की आवक बढ़ गई। रविवार रात तक जलस्तर एक ही दिन में करीब 39 इंच बढ़ गया। प्रबंधन के अनुसार, 15 अगस्त तक इसी तरह बारिश जारी रही तो बांध के गेट खोले जा सकते हैं। रविवार सुबह से हुई रिमझिम बारिश से मौसम खुशनुमा हो गया और तापमान में भी गिरावट आई। अब मौसम में ठंडक महसूस होने लगी है। इस सीजन में पहली बार रविवार को शहर में अच्छी रिमझिम बारिश हुई। शहर के आसपास पश्चिमी हवा सक्रिय है। अगले 24 घंटे में जिले में अच्छी बारिश होने की संभावना है। जबलपुर शहर में अब तक 346.1 मिमी यानी 13.62 इंच बारिश दर्ज की गई है। पिछले साल आज के दिन तक 772.3 मिमी यानी 30.40 इंच बारिश हो चुकी थी।
बीकानेर समेत राजस्थानभर के शिक्षकों को शिक्षक सम्मान व पुरस्कार देने के लिए शिक्षा विभाग ने आवेदन मांगे हैं। पात्र शिक्षक 11 अगस्त की मध्यरात्रि 12 बजे तक शाला दर्पण पोर्टल के जरिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। शिक्षा में लगातार सुधार, शिक्षकों को प्रोत्साहित करने और पात्र शिक्षकों के चयन में पारदर्शिता के लिए जिला और राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह किया जाएगा। राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह 5 सितंबर 2026 को होगा, जिसमें कक्षा वर्ग के अनुसार 66 शिक्षकों का चयन होगा, जबकि जिला स्तर पर 123 शिक्षकों को सम्मानित किया जाएगा। 11 अगस्त तक कर सकेंगे ऑनलाइन आवेदन माध्यमिक शिक्षा निदेशक की ओर से शिक्षक सम्मान और पुरस्कार के लिए विस्तृत आदेश जारी किया गया है। इसके अनुसार पात्र शिक्षक शाला दर्पण के माध्यम से 11 अगस्त की मध्यरात्रि तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। विभाग का कहना है कि शिक्षा में लगातार सुधार करने, शिक्षकों को प्रोत्साहित करने और पात्र शिक्षकों के चयन में पूरी पारदर्शिता रखने के उद्देश्य से जिला और राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह किया जा रहा है। राज्य स्तर पर 66 शिक्षकों का होगा चयन राज्य स्तर पर कक्षा वर्ग के अनुसार तीन श्रेणियां तय की गई हैं। इनमें कक्षा 1 से 5, कक्षा 6 से 8 और कक्षा 9 से 12 शामिल हैं। तीनों कक्षा वर्गों की समेकित मेरिट के आधार पर प्रत्येक कक्षा वर्ग से 22 शिक्षकों का चयन किया जाएगा। इस तरह तीनों कक्षा वर्गों से राज्य स्तर पर कुल 66 शिक्षकों का चयन होगा। राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह 5 सितंबर 2026 को किया जाएगा। जिला स्तर पर 123 शिक्षकों का चयन जिला स्तर पर प्रत्येक जिले से प्रत्येक कक्षा वर्ग के अनुसार एक-एक शिक्षक का चयन किया जाएगा। राज्य में कुल 41 जिले हैं। तीन कक्षा वर्गों के अनुसार प्रत्येक जिले से तीन शिक्षकों का चयन होगा। इस तरह जिला स्तर पर कुल 123 शिक्षकों का चयन किया जाएगा। पांच साल का नियमित अध्यापन अनुभव जरूरी शिक्षक सम्मान के लिए आवेदन करने वाले शिक्षक का नियमित रूप से कम से कम पांच साल का अध्यापन अनुभव होना जरूरी है। विभाग के अनुसार जिन आवेदकों ने परीक्षाओं में 25 प्रतिशत से कम अंक प्राप्त किए हैं, वे राज्य अथवा जिला स्तर पर चयन के लिए पात्र नहीं होंगे। राज्य स्तर पर 21 हजार, जिला स्तर पर 11 हजार रुपए का पुरस्कार राज्य स्तर पर चयनित और पुरस्कृत शिक्षकों को 21 हजार रुपए की पुरस्कार राशि दी जाएगी। इसके साथ प्रमाण-पत्र भी प्रदान किया जाएगा। यह पुरस्कार राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में दिए जाएंगे। जिला स्तर पर चयनित शिक्षकों को 11 हजार रुपए की पुरस्कार राशि दी जाएगी। इसके साथ प्रमाण-पत्र भी दिया जाएगा। जिला स्तर पर चयनित शिक्षकों को जिला स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में पुरस्कार और प्रमाण-पत्र प्रदान किए जाएंगे। शिक्षा विभाग ने शिक्षक सम्मान और पुरस्कार के लिए पात्र शिक्षकों से शाला दर्पण पोर्टल के जरिए ऑनलाइन आवेदन मांगे हैं। आवेदन प्रक्रिया 11 अगस्त की मध्यरात्रि 12 बजे तक चलेगी। राज्य स्तर पर कक्षा 1 से 5, कक्षा 6 से 8 और कक्षा 9 से 12 के तीन वर्गों में 22-22 शिक्षकों का चयन होगा। वहीं 41 जिलों में प्रत्येक कक्षा वर्ग से एक-एक शिक्षक चुना जाएगा।
अतीक के समर्थकों का अब भी पहले जैसा तेवर, लखनऊ से प्रयागराज तक दिखी दबंगई, केस दर्ज
माफिया अतीक अहमद के बेटे आबान के जनाजे में शामिल होने लखनऊ जेल से प्रयागराज आ रहे उमर के काफिले में शामिल दो दर्जन से ज्यादा गाड़ियों पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। इन गाड़ी मालिकों पर टोल प्लाजा पर दबंगई कर बैरियर तोड़ने और कर्मचारियों को कुचलने की कोशिश का गंभीर आरोप लगा है।
रीवा के गढ़ थाना क्षेत्र की लालगांव चौकी अंतर्गत क्योटी नेहरू प्लांट इलाके में गाली-गलौज के विवाद में युवक की पीट-पीटकर हत्या के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। शनिवार रात हुए विवाद में 30 वर्षीय संजय कोल के साथ लात-घूंसों से मारपीट की गई थी। गंभीर चोट लगने से उसकी मौत हो गई थी। पुलिस के मुताबिक, संजय कोल अपने भतीजे के साथ सड़क किनारे बैठे थे। इसी दौरान वहां से गुजर रहे मोनू मिश्रा और गोलू तिवारी से किसी बात को लेकर विवाद हो गया। गाली-गलौज के बाद दोनों ने संजय के साथ मारपीट शुरू कर दी। गंभीर चोट लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस ने आरोपियों को पकड़ाघटना की जानकारी मिलते ही लालगांव चौकी और गढ़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने मामले में दो नामजद आरोपियों कृष्ण गोपाल तिवारी उर्फ मोनू मिश्रा (22), निवासी पिपरहा और गोलू तिवारी (30) को गिरफ्तार कर लिया। दोनों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। लालगांव चौकी प्रभारी शैल यादव ने बताया कि मामूली विवाद के बाद मारपीट हुई थी, जिसमें संजय कोल की मौत हो गई। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम को लेकर दिनभर चला हंगामाहत्या की जानकारी के बाद रविवार को परिजन और ग्रामीण पोस्टमार्टम को लेकर विरोध कर रहे थे। परिजनों की मांग थी कि आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और परिवार को उचित सहायता दी जाए। पूर्व विधायक राम गरीब वनवासी सहित स्थानीय लोग भी मौके पर पहुंचे थे। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने परिजनों को कार्रवाई का भरोसा दिलाया था। काफी देर तक चली बातचीत और समझाइश के बाद परिजन पोस्टमार्टम के लिए राजी हुए। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया था। पुलिस अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है।
रामपुर जिला अस्पताल की इमरजेंसी में रविवार रात बिजली गुल होने के बाद एक चौंकाने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इस वीडियो में बिजली न होने के कारण मोबाइल फोन की टॉर्च की रोशनी में एक घायल किशोर के पैर में टांके लगाए जा रहे हैं। इस घटना ने अस्पताल की आपातकालीन व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना रविवार रात करीब 9:30 बजे की है, जब जिला अस्पताल की इमरजेंसी में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। आरोप है कि बिजली जाने के बाद न तो जनरेटर समय पर चालू हुआ और न ही इमरजेंसी में रोशनी के लिए इनवर्टर की कोई वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध थी। इसी दौरान एक घायल किशोर का इलाज चल रहा था। इमरजेंसी में मौजूद स्टाफ को मजबूरन मोबाइल फोन की टॉर्च की रोशनी में उस किशोर के पैर में टांके लगाने पड़े। घायल किशोर के तीमारदार ने इस पूरी घटना का वीडियो अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया। रविवार रात करीब 12 बजे से यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगा, जिसके बाद लोग जिला अस्पताल की इमरजेंसी में बिजली और वैकल्पिक प्रकाश व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रहे हैं। लोगों का कहना है कि जिला अस्पताल की इमरजेंसी में गंभीर मरीजों का इलाज होता है। ऐसी स्थिति में, यदि बिजली जाने पर जनरेटर या इनवर्टर जैसी वैकल्पिक व्यवस्थाएं काम नहीं करती हैं, तो मरीजों को गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। वायरल वीडियो ने अस्पताल प्रशासन की तैयारियों पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। इस मामले पर जब जिला अस्पताल के सीएमएस बीसी सक्सेना से संपर्क किया गया, तो उन्होंने बताया कि बिजली जाने पर जनरेटर समय से क्यों नहीं चला और इमरजेंसी में इनवर्टर या वैकल्पिक प्रकाश की व्यवस्था क्यों नहीं थी, इसकी जांच कराई जाएगी। यह सवाल बना हुआ है कि जिला अस्पताल की इमरजेंसी जैसी महत्वपूर्ण जगह पर बिजली जाने की स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्था क्यों नहीं थी और मोबाइल की रोशनी में घायल का इलाज करने की नौबत क्यों आई। इन सभी सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ पाएंगे।
इंटरनेट डेस्क । राजस्थान में बारिश का दौर जारी हैं, राजधानी जयपुर में भी रविवार को सुबह हल्की बारिश देखने को मिली जिससे मौसम सुहावना रहा। वहीं 10 अगस्त यानी के आज प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। आईएमडी ने पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में भारी बारिश, मेघगर्जन, वज्रपात और तेज हवाओं को लेकर ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। खासतौर पर कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़, सवाई माधोपुर, करौली और चित्तौड़गढ़ में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने अलर्ट किया जारी मौसम विभाग की माने तो जयपुर, अजमेर, अलवर, भरतपुर, उदयपुर, टोंक, दौसा, सीकर, झुंझुनूं, भीलवाड़ा, बांसवाड़ा समेत कई जिलों में मेघगर्जन और वज्रपात के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है। पिछले 24 घंटे में भी राज्य के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। डीग के पहाड़ी क्षेत्र में 158 मिमी, जयपुर के शाहपुरा में 90 मिमी, नीमकाथाना में 80 मिमी और भरतपुर नगर में 80 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। इन 7 जिलों में ऑरेंज अलर्ट मौसम विज्ञान केप्द्र जयपुर के अनुसार पूर्वी राजस्थान के बारां, बूंदी, चित्तौड़गढ़, झालावाड़, करौली, कोटा और सवाई माधोपुर में भारी बारिश की संभावना है। इन जिलों में मेघगर्जन, वज्रपात और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। मौसम विज्ञान केप्द्र जयपुर के अनुसार पूर्वी राजस्थान के अजमेर, अलवर, बांसवाड़ा, ब्यावर, भरतपुर, भीलवाड़ा, दौसा, डीग, धौलपुर, डूंगरपुर, जयपुर, झुंझुनूं, खैरथल-तिजारा, कोटपूतली-बहरोड़, सीकर, सिरोही, टोंक, उदयपुर, प्रतापगढ़, राजसमंद और सलूम्बर में मेघगर्जन और वज्रपात के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। pc- etv bharat
नाकोड़ा पार्श्व भैरव यात्रा श्री संघ की ओर से उदयपुर से नाकोड़ा पार्श्वनाथ तीर्थ के लिए धार्मिक यात्रा आयोजित की गई। उदयपुर से बालोतरा स्थित मेवानगर नाकोड़ा तक आयोजित इस यात्रा में विमलनाथ, पार्श्वनाथ एवं शांतिनाथ तीन समूहों के रूप में करीब 200 श्रद्धालु शामिल हुए। उदयपुर के सेक्टर-3 स्थित पार्श्वनाथ कॉलोनी से श्रद्धालु बसों के माध्यम से रविवार को नाकोड़ा धाम पहुंचे। तीर्थ पहुंचने पर ढोल-नगाड़ों के साथ श्रद्धालुओं ने नाचते-गाते और भक्ति गीत गाते हुए मंदिर में प्रवेश किया। पारंपरिक वेशभूषा में पहुंचे श्रद्धालुओं से मंदिर परिसर में धार्मिक उल्लास का माहौल बना रहा। श्रद्धालुओं ने भगवान नाकोड़ा पार्श्वनाथ एवं नाकोड़ा भैरव देव के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया। इस दौरान भगवान को 56 भोग अर्पित किए गए। साथ ही मेवाड़ी लाल पाग और पोशाक भी अर्पित की गई। सामूहिक रूप से भक्ति गीतों के साथ दर्शन कर श्रद्धालुओं ने सुख-समृद्धि और परिवार की मंगलकामना की। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह और भक्ति का माहौल देखने को मिला। सीएस बाबेल ने बताया कि यात्रा में करीब 200 यात्री शामिल हुए। यात्रा का उद्देश्य श्रद्धालुओं को नाकोड़ा पार्श्वनाथ तीर्थ के दर्शन कराने के साथ धार्मिक आयोजन से जोड़ना था।
'फ्लैग अंकल' ने पिता से थामी थी देशभक्ति की मशाल, अब बेटा बढ़ा रहा विरासत; PM मोदी ने दिया था 'नाम'
सदर बाजार में 'फ्लैग अंकल' अब्दुल गफ्फार के परिवार की तीन पीढ़ियां देशभक्ति की मशाल थामे हुए हैं। दादा अब्दुल रहमान से शुरू हुई तिरंगा बनाने की यह विरासत अब बेटे अब्दुल मालिक आगे बढ़ा रहे हैं।
करौली में आबादी क्षेत्र में दिखा जरख:रात 2 बजे CCTV में कैद हुआ मूवमेंट, लोगों में डर का माहौल
करौली में जिला मुख्यालय के आबादी क्षेत्र में देर रात एक लकड़बग्घा (जरख) देखा गया है। करौली-हिंडौन मार्ग स्थित अरावली नगर में रात करीब 2 बजे जरख का मूवमेंट सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया। इस घटना से क्षेत्र के लोगों में भय का माहौल है। अरावली नगर निवासी शैलेंद्र सिंह ने बताया कि रात 1 बजकर 53 मिनट पर उनके घर के बाहर जरख घूमता हुआ दिखाई दिया। सीसीटीवी फुटेज में जरख के आबादी क्षेत्र से गुजरने की तस्वीरें स्पष्ट रूप से रिकॉर्ड हुई हैं। लोगों में बढ़ी चिंतावीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों ने रात के समय घरों से बाहर निकलते वक्त सावधानी बरतने की अपील की है। लोगों का कहना है कि जरख के आबादी क्षेत्र में आने से रात में आवाजाही को लेकर चिंता बढ़ गई है। क्षेत्रवासियों ने वन विभाग और प्रशासन से जरख की निगरानी करने और आबादी क्षेत्र में उसकी मौजूदगी को देखते हुए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है। गौरतलब है कि इससे पहले भी करौली शहर के विभिन्न आबादी क्षेत्रों में जरख की मौजूदगी सामने आ चुकी है।
चोरी के शक में युवक को रस्सी से बांधकर पीटा, जूते-चप्पलों की माला पहनाकर सिर-मूंछ भी मुंडवाया
उन्नाव में चोरी के आरोप में एक युवक को तालीबानी सजा दी गई। ग्रामीणों ने उसे पकड़कर पीटा फिर रस्सी से दोनों हाथ बांध दिए। इसके बाद जूते-चप्पलों की माला पहनाकर उसका सिर और मूंछे भी मुंडवा दी गईं। इस घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
वैशाली के सहदेई बुजुर्ग निवासी श्याम किशुन राय (45) पटना जंक्शन पहुंचने के बाद लापता हो गए हैं। वे दिल्ली की NTPC कंपनी में इलेक्ट्रिशियन हैं। परिजनों के मुताबिक, पटना पहुंचने के बाद उनका मोबाइल पहले स्विच ऑफ हुआ, फिर कुछ समय घंटी जाने के बावजूद कॉल रिसीव नहीं हुआ। इसके बाद से उनका कोई सुराग नहीं मिला है। शनिवार दोपहर दिल्ली से पटना हुए रवाना श्याम किशुन राय शनिवार दोपहर करीब 1 बजे दिल्ली के आनंद विहार टर्मिनल से पटना के लिए ट्रेन से रवाना हुए थे। परिजनों ने बताया कि रात करीब 8 बजे तक उनसे बातचीत हुई थी। विक्रमशिला एक्सप्रेस रात 2:33 बजे पटना जंक्शन पहुंची। इसके बाद CCTV फुटेज में वे स्टेशन के गेट से बाहर निकलते और करीब 3:10 बजे तक बैग-झोला लेकर प्लेटफॉर्म पर जाते दिखाई दे रहे हैं। इसके बाद उनका कोई पता नहीं चला। सुबह से GRP और कोतवाली के बीच भटकते रहे परिजन श्याम किशुन की तलाश में उनके परिजन सुबह करीब 6 बजे से GRP थाने पहुंचकर मदद की गुहार लगाते रहे। उनके पंचायत के पूर्व मुखिया शिव शंकर साह भी पटना पहुंचकर खोजबीन में जुटे हैं। उनका आरोप है कि करीब 8 घंटे तक GRP की ओर से सिर्फ CCTV फुटेज दिखाया गया, लेकिन तलाश में कोई ठोस मदद नहीं मिली। परिजनों के अनुसार, GRP की ओर से कहा गया कि यह GRP का मामला नहीं है और कोतवाली जाने को कहा गया। जब वे कोतवाली पहुंचे तो वहां से उन्हें GRP भेज दिया गया। इस तरह दोनों थानों के बीच परिजन मदद के लिए भटकते रहे। सुबह 7 बजे फोन की घंटी गई, बार-बार काटी गई कॉल श्याम किशुन के समधी धर्मनाथ राय ने बताया, ‘पटना पहुंचने के बाद परिजनों ने सुबह करीब 4 बजे उनके मोबाइल पर कॉल किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद मोबाइल स्विच ऑफ आने लगा।’ परिजनों ने रिश्तेदारों और परिचितों के यहां भी पता लगाया, लेकिन कहीं से कोई जानकारी नहीं मिली। खबर लिखे जाने तक श्याम किशुन का कोई सुराग नहीं मिला था। छठ में दिल्ली गए थे, 15 अगस्त की छुट्टी में लौट रहे थे धर्मनाथ राय के मुताबिक श्याम किशुन दिल्ली की NTPC कंपनी में इलेक्ट्रिशियन हैं। छठ के समय वे दिल्ली गए थे। 15 अगस्त को छुट्टी होने के कारण वे घर लौट रहे थे। इसी दौरान पटना जंक्शन पहुंचने के बाद वे लापता हो गए। श्याम किशुन के परिवार में पत्नी के अलावा तीन बेटियां और एक बेटा है। इनमें एक बेटी की शादी हो चुकी है। परिवार के लोग उनके सुरक्षित घर लौटने की उम्मीद में लगातार तलाश कर रहे हैं।
भाजपा का कलश वंदन रथ फुलेरा पहुंचा:पूर्व विधायक ने किया स्वागत, गुरु रविदास महाराज के संदेश बताए
गुरु रविदास महाराज की 650वीं जयंती के अवसर पर भाजपा का रथ रविवार शाम फुलेरा विधानसभा क्षेत्र के फुलेरा शहर मंडल पहुंचा। यहां आदर्श रैगर बस्ती, कबीर नगर में श्री कलश वंदन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में भाजपा पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और महिलाओं ने भाग लिया। सभी ने संत रविदास महाराज के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की। कार्यक्रम में संत प्रकाश जी ऋषि, अमरनाथ जी, रामनाथ जी महला और गोपीकिशन जी उपस्थित रहे। संतों ने गुरु रविदास महाराज के जीवन, विचारों और सामाजिक समरसता व मानव कल्याण के संदेश की जानकारी दी। उन्होंने समाज में समानता, भाईचारे और मानवता की भावना को मजबूत करने के उनके संदेश को प्रेरणादायी बताया। मंचासीन अतिथियों में फुलेरा के पूर्व विधायक निर्मल कुमावत, फुलेरा शहर भाजपा अध्यक्ष प्रणव अग्रवाल, अनुसूचित जाति जिलाध्यक्ष विनोद सांभरिया, जिला महामंत्री शिवजीराम कुमावत, जिला प्रवक्ता रतन राजोरा, जिला कार्यकारिणी सदस्य आलोक तिवाड़ी, पूर्व प्रधान बादाम देवी और राजेंद्र सुरपुरा शामिल थे। कार्यक्रम का मंच संचालन भाजपा के पूर्व महामंत्री सुरेश सैनी ने किया। इस दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने गुरु रविदास महाराज के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। उपस्थित जनों ने सामाजिक समरसता, समानता और मानव कल्याण के उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के अंत में श्रद्धालुओं और भाजपा कार्यकर्ताओं को प्रसाद वितरित किया गया।
एटा में रविवार देर रात दो अलग-अलग सड़क हादसों में 21 कांवड़िए घायल हो गए। इनमें से दो की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर किया गया है। ये हादसे रात 11 बजे से 12 बजे के बीच हुए। ये कांवड़िए गंगाजल लेने के लिए सोरों जी और कछला गंगा घाट जा रहे थे। इनमें कुछ कांवड़िये बाइक फिसलने के कारध घायल हुए हैं। सावन के दूसरे सोमवार के मद्देनजर हजारों की संख्या में शिव भक्त राजस्थान, मध्य प्रदेश, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी और मथुरा से एटा होते हुए जल भरने जाते हैं। कांवड़ मार्गों पर तैनात पुलिसकर्मियों ने तत्काल सभी घायल कांवड़ियों को एटा के वीरांगना अवंती बाई मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया। मेडिकल कॉलेज प्रशासन और चिकित्सकों की टीम ने तुरंत उनका उपचार शुरू किया। एक घंटे के भीतर दो बड़े हादसों और इतनी बड़ी संख्या में कांवड़ियों के घायल होने की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया। एसडीएम और तहसीलदार तुरंत मेडिकल कॉलेज पहुंचे और घायलों के उपचार की स्थिति का जायजा लिया। फिलहाल सभी घायल कांवड़ियों का मेडिकल कॉलेज में उपचार जारी है। इन हादसों ने कांवड़ यात्रा के लिए किए गए पुलिस और प्रशासन के सुरक्षा इंतजामों की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्राचार्य बोले- एक घंटे के अंदर आए सभी कांवड़िए मामले पर वीरांगना अवंती बाई मेडिकल मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ बलवीर सिंह ने रविवार की रात्रि 12 बजे जानकारी देते हुए बताया कि सावन के दूसरे सोमवार के मौके पर क्राउड अत्यधिक था, महज एक घंटे में 21 कांवड़िए अलग अलग हादसों में घायल हुए हैं। जिनका अलग-अलग वार्ड में उपचार चल रहा है। दो गम्भीर घायल हैं। जो मैनपुरी जिले के रहने वाले हैं। हालात चिंताजनक देखते हुए हायर सेंटर रेफर किया गया है। दोनों को हेड इंजरी हुई है। बाकी सभी घायलों का उपचार चल रहा है। हादसे का कारण स्पष्ट नहीं हुआ है। कुछ कांवड़ियों का कहना है कि उनकी बाइक फिसलने से हादसा हुआ है। वहीं कुछ कांवड़िये तेज रफ़्तार वाहनों की चपेट में आकर घायल हुए हैं।
झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ 16 दिनों से आंदोलन कर रहे छात्रों ने सोमवार को विधानसभा मार्च का आह्वान किया है। मार्च को देखते हुए रांची में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
जयपुर के आनंदपुरी किराए के कमरे में रह रही बीएड छात्रा ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि छात्रा के पिता का 10 दिन पहले ही निधन हुआ था, जिसके बाद से वह गहरे डिप्रेशन (अवसाद) में थी। 5 दिन पहले बीएड की परीक्षा देने बाड़मेर से जयपुर आई थी। 3 अगस्त को ही उसके पिता की तीये की बैठक हुई थी। मोतीडूंगरी थाना प्रभारी मोहन ने कहा- मकान मालिक की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची थी। युवती फंदे से लटकी मिली। प्रियका (24) शिव नगर, थाना सदर, जिला बाड़मेर की रहनी वाली थी। परिजनों के आने के बाद पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा और आत्महत्या के कारणों की जांच जारी है। जांच में सामने आया कि आदर्श नगर स्थित मीरा गर्ल्स कॉलेज से बीएड की पढ़ाई कर रही थी। परिवार के अनुसार 3 अगस्त को उसके पिता की तीये की बैठक हुई थी। इसके बाद कॉलेज की परीक्षाओं के चलते वह जयपुर लौट आई थी। बताया जा रहा है कि वह पिता की मौत से बेहद आहत थी और मानसिक तनाव में थी। बीएड की परीक्षाएं 14 अगस्त तक चलनी हैं और वह शनिवार को अपना पेपर देकर लौटी थी। कमरे से बाहर नहीं निकली तो हुआ शकमकान मालिक ने पुलिस को बताया कि लड़की ने रविवार सुबह से रात तक कमरा नहीं खोला था। शनिवार को युवती कॉलोनी में रहने वाली अपनी सहेलियों से भी मिलकर आई थी। मकान मालिक ने पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा खुलवाया तो युवती कमरे में फंदे से लटकी मिली। सुसाइड नोट नहीं मिला, जांच जारीपुलिस ने शव को नीचे उतरवाकर एसएमएस अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। कमरे की तलाशी के दौरान कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ। परिजनों के जयपुर पहुंचने के बाद पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा। पुलिस पहलुओं से मामले की जांच कर रही है। --- यह खबर भी पढ़िए…. जयपुर-दोस्त के अंतिम संस्कार से लौटी छात्रा ने सुसाइड किया:सहेली बोली- मैं डॉग लेने गई थी, वापस आई तो फंदे से लटकी मिली जयपुर में दोस्त की मौत से दुखी छात्रा ने शनिवार शाम सुसाइड कर लिया। उसके दोस्त की एक दिन पहले (3 जुलाई को) एक्सीडेंट में मौत हो गई थी। शनिवार शाम को वह दोस्त के अंतिम संस्कार से लौटी थी। उसके बाद गेस्ट हाउस के कमरे में चुन्नी का फंदा लगाकर जान दे दी। घटना जवाहर नगर थाना इलाके की है। पढ़ें पूरी खबर
चार साल की उम्र में माहवारी और पांच साल की उम्र में चेहरे पर मुंहासे व शरीर पर बाल उगना सामान्य बचपन की तस्वीर नहीं है। पीजीआई रोहतक के पीडियाट्रिक एंडोक्रायनोलॉजी क्लीनिक में ऐसे मामले लगातार सामने आ रहे हैं।
देवास में रविवार को भाजपा के 'हर घर तिरंगा' अभियान के तहत श्री सद्गुरु शीलनाथ मंडल ने तिरंगा यात्रा निकाली। इस यात्रा में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने हाथों में तिरंगा लेकर हिस्सा लिया, जिससे शहर का माहौल देशभक्ति से ओत-प्रोत हो गया। यात्रा का शुभारंभ बिलावली क्षेत्र से हुआ। यहां से कार्यकर्ता महाकाल मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने दर्शन-पूजन कर राष्ट्र की सुख-समृद्धि और विश्व कल्याण की कामना की। मंदिर से निकलने के बाद, कार्यकर्ता हाथों में तिरंगा लेकर यात्रा में शामिल हुए। देशभक्ति के गीतों और नारों के साथ यह तिरंगा यात्रा शहर के विभिन्न मार्गों से होकर गुजरी। इस दौरान बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और पदाधिकारी तिरंगा लहराते हुए दिखाई दिए। मार्ग में स्थानीय लोगों ने भी यात्रा का उत्साहपूर्वक स्वागत किया। तिरंगों से सजे मार्गों और देशभक्ति के माहौल ने आजादी के गौरव और राष्ट्रप्रेम का संदेश दिया।
कारोबारी के 9 साल के पोते के साथ कुकर्म:5 महीने तक ड्राइवर करता रहा गलत काम, धमकी देकर चुप कराता रहा
लखनऊ के कैसरबाग इलाके में कारोबारी के 9 साल के पोते के साथ उनके ड्राइवर ने करीब 5 महीने तक कुकर्म किया। आरोपी ने बच्चे को किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी थी। इससे बच्चा डर गया और गुमसुम रहने लगा। परिवार ने उसके बदले व्यवहार को देखकर पूछताछ की तो बच्चे ने पूरी घटना बताई। इसके बाद कारोबारी ने कैसरबाग थाने में आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कर शुक्रवार देर रात उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी बख्शी का तालाब के रुदही गांव का रहने वाला है। जनवरी से मई तक करता रहा गलत काम एसीपी कैसरबाग नवरत्न गौतम ने बताया कि कारोबारी ने 6 अगस्त को पुलिस को शिकायत दी थी। एफआईआर के मुताबिक, आरोपी ने जनवरी से मई के बीच बच्चे का कई बार यौन शोषण किया। वह बच्चे को धमकाता था कि अगर उसने किसी को कुछ बताया तो उसे जान से मार देगा। पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपी अपार्टमेंट की पार्किंग में बच्चे के साथ खेलने जाता था। उसी समय उसके साथ गलत हरकत करता था। धमकी के कारण बच्चा काफी डर गया था और उसने परिवार को इसकी जानकारी नहीं दी। कैसरबाग से गोमतीनगर शिफ्ट हुआ परिवार तो सामने आई सच्चाई कुछ समय बाद कारोबारी का परिवार कैसरबाग से गोमतीनगर शिफ्ट हो गया। इसके बाद आरोपी ड्राइवर को नौकरी से हटा दिया गया। पुलिस के मुताबिक, नौकरी से हटाए जाने के बाद बच्चे ने हिम्मत जुटाई और परिजनों को आरोपी की हरकत के बारे में बताया। बच्चे से जानकारी मिलने के बाद परिवार ने पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में बच्चे का मेडिकल परीक्षण और अन्य कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
सावन के दूसरे सोमवार को धौलपुर जिले के शिवालयों में भगवान भोलेनाथ की विशेष पूजा-अर्चना की गई। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के प्रमुख शिव मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। अलसुबह करीब 4 बजे मंगल आरती के साथ पूजा-अर्चना का दौर शुरू हुआ, जो दिनभर जारी रहा। मंदिर परिसर 'हर-हर महादेव' और 'बम-बम भोले' के जयकारों से गूंजते रहे। सैंपऊ स्थित ऐतिहासिक महादेव मंदिर में सर्वाधिक भीड़ देखी गई। यहां सुबह से ही श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया था। हरिद्वार, कर्णवास और अन्य स्थानों से कांवड़ लेकर आए कांवड़ियों ने भगवान शिव का जलाभिषेक किया। श्रद्धालुओं ने दूध, शक्कर, पंचामृत और गंगाजल से अभिषेक कर भोलेनाथ की पूजा-अर्चना की। उन्होंने बेलपत्र, धतूरा, फूल और अन्य पूजन सामग्री अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना की। शिवालयों में उमड़ी भीड़शिवालयों में भगवान भोलेनाथ का फूलों से विशेष श्रृंगार किया गया। रंग-बिरंगे फूलों से सजे शिवलिंग श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र रहे। बड़ी संख्या में महिलाओं, पुरुषों, बच्चों और युवाओं ने मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की। कई श्रद्धालु अपने परिवार के साथ मंदिर पहुंचे और भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त किया। धौलपुर शहर के चौपड़ा मंदिर, अचलेश्वर महादेव मंदिर और बसेड़ी के भूतेश्वर महादेव मंदिर में भी दिनभर श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। दर्शन के लिए श्रद्धालु कतारों में खड़े दिखाई दिए। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विभिन्न स्थानों पर प्रसाद और लंगर की व्यवस्था भी की गई थी। स्थानीय प्रशासन द्वारा मंदिरों में सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक इंतजाम किए गए थे।ऐसी मान्यता है कि श्रद्धा और विश्वास के साथ भगवान भोलेनाथ की आराधना करने वाले भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
जेपी गोलंबर से रामगुलाम चौक और कारगिल चौक तक नो एंट्री, पटना में तिरंगा यात्रा; किधर से जाएं
पटना में आज तिरंगा यात्रा निकाली जाएगाी। इस दौरान कई मार्गों पर वाहन नहीं चलेंगे। जेपी गंगा पथ में आयुक्त कार्यालय के सामने स्थित गोलंबर से एएन सिन्हा इंस्टीट्यूट/गांधी मैदान की ओर आने वाले फ्लैंक पर केवल तिरंगा यात्रा में शामिल लोगों को आने की अनुमति होगी।
उत्तर प्रदेश विधान परिषद में सपा एमएलसी मुकुल यादव के फर्जी हस्ताक्षर कर स्वास्थ्य विभाग से संबंधित सवाल लगा दिया गया।
शाजापुर जिले में सावन के दूसरे सोमवार को भारी बारिश दर्ज की गई। रविवार रात से सोमवार सुबह तक करीब 6 घंटे तक हुई इस झमाझम बारिश में 4 इंच पानी बरसा। लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे किसानों को इससे राहत मिली, वहीं उमसभरी गर्मी से भी लोगों को निजात मिली। तेज बारिश के कारण शाजापुर शहर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। सोमवार सुबह लगभग 8 बजे भाजपा कार्यालय के सामने स्थित नाला ओवरफ्लो हो गया, जिससे सड़क पर पानी भर गया। आसपास के क्षेत्रों में भी पानी भरने से लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। राधा पेट्रोल पंप के पास शहरी हाईवे पर भी बारिश का पानी जमा हो गया। कॉलोनियों में जल भराव मोहन बड़ोदिया में बारिश का असर अधिक गंभीर रहा। सोमवार सुबह करीब 6 बजे हुई तेज बारिश के चलते नलखेड़ा रोड स्थित पड़ाव कॉलोनी में जलभराव हो गया। लगातार बारिश और पानी की निकासी में बाधा के कारण कई घरों और दुकानों में पानी घुस गया। कुछ घरों में पानी भरने के बाद लोग सोफे और पलंग पर बैठे देखे गए। निवासियों ने प्रशासन से तत्काल जल निकासी की व्यवस्था करने की मांग की। 14 अगस्त तक जारी रहेगी जारी मौसम विशेषज्ञ सत्येंद्र धनोतिया के अनुसार, शाजापुर में लगभग 6 घंटे में 4 इंच बारिश दर्ज की गई। उन्होंने बताया कि सुबह 11 बजे के बाद मौसम साफ हो सकता है, लेकिन शाम को फिर से बारिश की संभावना है। 14 अगस्त तक इसी तरह का मौसम बने रहने का अनुमान है। इस दौरान दिन का तापमान 26 से 27 डिग्री सेल्सियस और रात का न्यूनतम तापमान लगभग 23 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। अब तक हुई जिले में बारिश कलेक्ट्रेट की वर्षा रिपोर्ट के अनुसार, जिले में औसत 16.40 इंच बारिश दर्ज की गई है। शाजापुर में 14.60 इंच, मोहन बड़ोदिया में 18.30 इंच, शुजालपुर में 16.61 इंच, कालापीपल में 18.70 इंच, गुलाना में 15.27 इंच, पोलायकला में 14.96 इंच और अवंतीपुर बड़ोदिया में 13.85 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई है।
महराजगंज के निचलौल स्थित प्रसिद्ध पंचमुखी शिव मंदिर इटहिया धाम में सावन के दूसरे सोमवार को हजारों श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया। भोर से ही दर्शन के लिए भक्तों का तांता लगना शुरू हो गया था, जो दिन चढ़ने के साथ बढ़ता गया। इस दौरान मंदिर परिसर और आसपास के मार्गों पर 2 से 3 किलोमीटर लंबी कतारें देखी गईं। सुबह से ही मंदिर परिसर 'हर-हर महादेव' और 'बोल बम' के जयघोष से गूंज उठा। दूर-दराज के क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भी बड़ी संख्या में शामिल थे। सभी ने कतारबद्ध होकर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। मंदिर के हर प्रवेश द्वार, निकास गेट और प्रमुख मोड़ों पर पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था। पुलिसकर्मी लगातार भीड़ को व्यवस्थित करने और आवागमन सुचारू बनाए रखने में जुटे रहे। मंदिर परिसर और आसपास के प्रमुख स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे, जिनके माध्यम से पूरे क्षेत्र की निगरानी की गई। सुरक्षा व्यवस्था में लगे पुलिसकर्मी सीसीटीवी फुटेज के जरिए भीड़ की स्थिति पर नजर बनाए हुए थे, ताकि किसी भी अव्यवस्था की स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रवेश और निकास की निर्धारित व्यवस्था की गई थी। पुलिस और प्रशासन की सतर्कता के कारण भारी भीड़ के बावजूद श्रद्धालुओं को नियंत्रित तरीके से दर्शन और जलाभिषेक कराया गया। सावन के दूसरे सोमवार को इटहिया शिवधाम में उमड़ी इस भीड़ ने एक बार फिर इस ऐतिहासिक धार्मिक स्थल के प्रति लोगों की गहरी आस्था को दर्शाया।
लवर में सोमवार सुबह मौसम साफ रहा। पिछले चार दिनों से जिले में बारिश और बादलों के कारण मौसम में ठंडक बनी हुई थी, लेकिन सोमवार सुबह मौसम खुलने से तापमान में कुछ बढ़ोतरी के साथ उमस का असर महसूस हो रहा है। हालाँकि, जिले के कुछ हिस्सों में बादल भी छाए हुए हैं। मौसम विभाग ने आज फिर मौसम बदलने का अनुमान जताया है। 10 अगस्त को अलवर में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है और बिजली गिरने की चेतावनी भी जारी की गई है। 11 अगस्त को भी बादल छाए रहने के साथ मध्यम बारिश के आसार हैं। इसके बाद 12 से 15 अगस्त तक हल्की बारिश या बूँदाबाँदी का दौर जारी रह सकता है। इस दौरान अधिकतम तापमान 32 से 33 डिग्री और न्यूनतम तापमान करीब 26 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। 24 घंटों में 16.8 मिमी बारिश, सीजन में सामान्य से 3% ज्यादा मौसम विभाग के अनुसार, अलवर में पिछले 24 घंटों में 16.8 मिमी (मिलीमीटर) बारिश दर्ज की गई है। इस अवधि में यहाँ सामान्य बारिश 6 मिमी मानी जाती है, इस लिहाज से पिछले 24 घंटों में हुई बारिश सामान्य से 181 प्रतिशत अधिक रही। वहीं, इस मानसून सीजन में अब तक अलवर में कुल 330.1 मिमी बारिश दर्ज की जा चुकी है, जबकि इस अवधि में सामान्य बारिश का औसत आंकड़ा 321.7 मिमी रहता है। यानी इस सीजन में अब तक जिले में सामान्य से करीब 3 प्रतिशत अधिक बारिश हो चुकी है।
अलवर में सोमवार सुबह मौसम साफ रहा और धूप खिली रही। पिछले चार दिनों से जिले में बारिश और बादलों के कारण मौसम में ठंडक बनी हुई थी, लेकिन सोमवार सुबह मौसम खुलने से तापमान में कुछ बढ़ोतरी के साथ उमस का असर महसूस हो रहा है। हालांकि जिले के कुछ हिस्सों में बादल भी छाए हुए हैं। मौसम विभाग ने आज फिर मौसम बदलने का अनुमान जताया है। 10 अगस्त को अलवर में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है और बिजली गिरने की चेतावनी भी जारी की गई है। 11 अगस्त को भी बादल छाए रहने के साथ मध्यम बारिश के आसार हैं। इसके बाद 12 से 15 अगस्त तक हल्की बारिश या बूंदाबांदी का दौर जारी रह सकता है। इस दौरान अधिकतम तापमान 32 से 33 डिग्री और न्यूनतम तापमान करीब 26 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। 24 घंटे में 16.8 मिमी बारिश, सीजन में सामान्य से 3% ज्यादा मौसम विभाग के अनुसार अलवर में पिछले 24 घंटे में 16.8 मिमी बारिश दर्ज की गई। इस अवधि में सामान्य बारिश 6 मिमी मानी जाती है, ऐसे में बारिश सामान्य से 181 प्रतिशत अधिक रही। वहीं मानसून सीजन में अब तक अलवर में 330.1 मिमी बारिश दर्ज हो चुकी है, जबकि इस अवधि में सामान्य बारिश 321.7 मिमी है। यानी सीजन में अब तक बारिश सामान्य से करीब 3 प्रतिशत अधिक हो चुकी है।
राजगढ़ जिले में सोमवार सुबह से तेज हवा के साथ लगातार बारिश हो रही है। रातभर हुई बारिश के बाद सुबह भी पानी गिरना जारी रहा। आसमान में घने काले बादल छाए रहने के कारण दिन में भी अंधेरा जैसा माहौल बना हुआ है। लगातार बारिश के चलते जिले के कई इलाकों में सड़कों और निचले क्षेत्रों में पानी भर गया है। तेज बारिश के कारण खुजनेर के समीप चिल्डावनिया में सड़क पर पानी आ गया। पानी का बहाव अधिक होने से एक कार सड़क पर ही फंस गई। इस स्थिति के कारण लोगों को आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्कूलों में छुट्टी घोषितजिले में लगातार हो रही बारिश और विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने सोमवार को सभी स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया है। नर्सरी से 12वीं तक के शासकीय और अशासकीय स्कूलों में आज विद्यार्थियों की छुट्टी रहेगी। मौसम केंद्र (IMD) के अनुसार, सोमवार को राजगढ़ सहित कई जिलों के लिए अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। अगले 24 घंटों में राजगढ़ में 8 इंच तक बारिश होने की संभावना जताई गई है। प्रशासन ने बारिश की स्थिति को देखते हुए लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है।
अजमेर में एक युवक के बाइक पर स्टंटबाजी करने का वीडियो सामने आया है। वीडियो में युवक एक युवती को बाइक के पेट्रोल टैंक पर बैठाकर बिना हेलमेट के स्टंट करता नजर आया। युवक तेज स्पीड में बाइक चला रहा था, युवती बाइक के टैंक पर युवक की तरफ मुंह करके बैठी थी और युवक को गले लगाए हुए थी। पीछे चल रहे कार चालक ने घटना का वीडियो रिकॉर्ड किया था। पुलिस ने आरोपी को किया डिटेन घटना 6 अगस्त रात 10 बजे पुष्कर घाटी से अजमेर की ओर आते हुए रास्ते की है। मामले की जानकारी पर हरिभाऊ उपाध्याय नगर थाना पुलिस ने कार्रवाई की। पुलिस ने वीडियो सामने आने के बाद सीसीटीवी फुटेज चेक करके बाइक नंबर से युवक की पहचान की और उसे डिटेन कर लिया। पहले देखिए स्टंटबाजी की PHOTOS… लाइसेंस सस्पेंड करने के लिए विभाग को पत्र भेजा युवक की पहचान पीसांगन निवासी प्रदीप कुमार सिवासिया (35) के रूप में हुई है। युवक पीसांगन में सरकारी अस्पताल में पर्ची काटता है। पुलिस ने रविवार शाम को आरोपी को पकड़ा है। पुलिस ने आरोपी युवक की बाइक जब्त कर मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई की। पुलिस ने युवक का ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड करने के लिए भी परिवहन विभाग को पत्र भेजा है। पुलिस के अनुसार युवक सोशल मीडिया पर रील और स्टंट के नाम पर सड़क सुरक्षा नियमों का खिलवाड़ कर रहा था, साथ ही जान जोखिम में डाल रहा था। पुलिस ने बताया कि दोनों अजमेर घूमने आए थे और पुष्कर घाटी होते हुए पीसांगन जा रहे थे। --- ये खबर भी पढ़ें… चलती ट्रेन में युवकों ने जानलेवा स्टंट किया, VIDEO:दरवाजों पर लटके, छत पर चढ़कर बनाई रील; रेलवे ने कहा- FIR होगी पाली के प्रसिद्ध गोरमघाट रेल खंड (सेक्शन) में कुछ युवकों ने चलती ट्रेन में जानलेवा स्टंट किया। युवकों ने चलती ट्रेन के दरवाजों पर लटककर, फुटबोर्ड (पायदान) पर खड़े होकर और ट्रेन के बाहरी हिस्से को पकड़कर खतरनाक स्टंट किया। (पूरी खबर पढ़ें)
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने चार न्यायाधीशों को अलग-अलग हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के पद पर नियुक्त करने की सिफारिश की है। इसके साथ ही ओडिशा हाईकोर्ट के दो जजों के तबादले की भी अनुशंसा की गई है। इनमें जस्टिस कृष्णा राम मोहपात्रा का ट्रांसफर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट किया गया है। बता दें कि छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में अगले दो महीनों के भीतर चीफ जस्टिस समेत दो जज रिटायर होने वाले हैं। इसके बावजूद कॉलेजियम की सिफारिश में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के लिए फिलहाल केवल एक जज का तबादला किया गया है। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने चार न्यायाधीशों को अलग-अलग हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत करने की सिफारिश की है। CJI सूर्यकांत की अध्यक्षता में 6 अगस्त को हुई कॉलेजियम की बैठक में यह फैसला लिया गया। कॉलेजियम ने दिल्ली हाईकोर्ट के जस्टिस वी. कामेश्वर राव को पटना हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाने की सिफारिश की है। वहीं, बॉम्बे हाईकोर्ट के जस्टिस रविंद्र वी. घुगे को कलकत्ता हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त करने की अनुशंसा की गई है। इसी तरह इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस महेश चंद्र त्रिपाठी को बॉम्बे हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाने की सिफारिश की गई है। जबकि पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा को उसी हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त करने की अनुशंसा की गई है। ओडिशा हाईकोर्ट के दो जजों का तबादला कॉलेजियम ने ओडिशा हाईकोर्ट के दो जजों के तबादले की भी सिफारिश की है। जस्टिस कृष्ण राम मोहपात्रा का तबादला छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट किया गया है। उनके आने से छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में न्यायिक कामकाज को मजबूती मिलने की उम्मीद है। लंबित मामलों के बीच एक नए जज की नियुक्ति से मामलों की सुनवाई और निपटारे में भी मदद मिल सकती है। वहीं, जस्टिस मानस रंजन पाठक का तबादला गुजरात हाईकोर्ट करने की सिफारिश की गई है। जानिए कौन हैं जस्टिस कृष्ण राम मोहपात्रा जस्टिस कृष्ण राम मोहपात्रा का जन्म 18 अप्रैल 1965 को हुआ था। उनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि भी न्यायिक रही है। उनके पिता सरत चंद्र मोहपात्रा जज रह चुके हैं। जस्टिस मोहपात्रा ने बीए और एलएलबी की शिक्षा हासिल की है। उन्होंने 7 फरवरी 1988 को ओडिशा स्टेट बार काउंसिल में अधिवक्ता के रूप में पंजीकरण कराया था। वकालत के दौरान उन्होंने कानून की कई शाखाओं में काम किया। सिविल, सेवा, आपराधिक और संवैधानिक मामलों समेत अलग-अलग क्षेत्रों में उन्हें करीब 26 साल का अनुभव रहा है। कई कानूनी क्षेत्रों का है अनुभव जस्टिस कृष्ण राम मोहपात्रा को अभिभावक और आश्रित अधिनियम, हिंदू अल्पसंख्यक एवं संरक्षकता अधिनियम, हिंदू दत्तक ग्रहण, भरण-पोषण अधिनियम और किशोर न्याय (बालकों की देखभाल संरक्षण) अधिनियम से जुड़े मामलों का भी अनुभव रहा है। उन्होंने ओडिशा सरकार के साथ-साथ ओडिशा लोक सेवा आयोग के लिए अतिरिक्त स्थायी वकील के रूप में भी काम किया है। इसके अलावा, वे अलग-अलग सरकारी और सार्वजनिक संस्थानों से जुड़े मामलों में अधिवक्ता के रूप में पैरवी कर चुके हैं। कई संस्थानों के लिए कर चुके हैं पैरवी जस्टिस कृष्ण राम मोहपात्रा ने सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, क्योंझर, भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय के अधीन नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग (NIOS), नई दिल्ली, नीलाचल इस्पात निगम लिमिटेड और बैंक ऑफ बड़ौदा समेत कई संस्थानों के लिए अधिवक्ता के रूप में पैरवी की है। वकालत के दौरान उन्होंने कई तरह के मामलों में काम किया और कानूनी क्षेत्र में अनुभव हासिल किया। इसके बाद उन्हें न्यायिक सेवा में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिलीं। इसे तथ्य और भाषा के लिहाज से साफ करते हुए न्यूज स्टाइल में तैयार किया है: 17 अप्रैल 2015 को बने हाईकोर्ट जज जस्टिस कृष्ण राम मोहपात्रा को 17 अप्रैल 2015 को ओडिशा हाईकोर्ट के न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया था। इसके बाद से वे ओडिशा हाईकोर्ट में न्यायिक जिम्मेदारियां संभाल रहे हैं। अब सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश के बाद उनका तबादला छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करने की अनुशंसा की गई है। अगले दो महीने में चीफ जस्टिस समेत 3 जज हो जाएंगे कम सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश के बाद छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट को जस्टिस कृष्ण राम मोहपात्रा के रूप में एक नया न्यायाधीश मिलने का रास्ता साफ हुआ है। उनके अनुभव को देखते हुए यह नियुक्ति हाईकोर्ट के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हालांकि, अगले दो महीनों में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के तीन जज सेवानिवृत्त होने वाले हैं। जस्टिस संजय एस. अग्रवाल और जस्टिस राधाकिशन अग्रवाल अगस्त में रिटायर होंगे, जबकि चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा सितंबर में सेवानिवृत्त होंगे। इससे हाईकोर्ट में जजों की संख्या तीन कम हो जाएगी। वर्तमान में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में चीफ जस्टिस समेत कुल 13 जज कार्यरत हैं।
रेगिस्तानी बाड़मेर में एक वीक बाद फिर मानसून लौट आया है। रात को ढाई घंटे में बाड़मेर शहर में 33.6 एमएम बारिश हुई है। इससे शहर की सड़कें पानी से लबालब हो गई। वहीं जगह-जगह जलभराव की स्थिति हो गई। इससे ट्रैफिक पूरी तरह से रुक सा गया। बाइक सवारों को बड़ी दिक्कत का सामना करना पड़ा। सोमवार को सुबह से आसमान में बादलों की आवाजाही हो रही है। मौसम विभाग ने तीन दिनों तक बारिश येलो अलर्ट जारी किया है। 10-12 अगस्त तक कई हिस्सों में 20-30 किलोमीटर की रफ्तार से हवा चलने की संभावना है। दरअसल, रविवार को सुबह से गर्मी व उमस ने लोगों के पसीनें छूटा दिए। शाम होते-होते बादलों की आवाजाही शुरू हुई। रात करीब 9 बजे तेज बारिश का दौर शुरू हुआ। करीब एक घंटे तक लगातार हुई बारिश के बाद शहर की सड़कें पानी से लबालब हो गई। रेलवे स्टेशन, सब्जी मंडी, किसान हॉस्टल, हॉस्पिटल रोड, विवेकानंद सर्किल, कलेक्ट्रेट परिसर समेत इलाकों में 2-4 फीट तक पानी बहने लगा। वहीं निचले इलाकों में कई जगह-जगह दुकानों और घरों में पानी घुस गया। बारिश का दौरान रुक-रुक रात भर तक चलता रहा। ग्रामीण इलाकों में हुई बारिश बाड़मेर शहर के अलावा बायतु, कवास, भूरटिया, भाडखा, शिव, रावतसर, चवा समेत कई गांवों में रविवार रात को कई तेज तो कई सामान्य बारिश हुई है। देर रात तक मेघगर्जना होती रही। आकाशीय बिजली भी चमकती रही। इस दौरान रात को शहर से लेकर गांवों तक बिजली गुल हो गई। जिले में सबसे ज्यादा सेड़वा और सबसे कम बायतु बारिश बाड़मेर जिले में 7 अगस्त तक सर्वाधिक बारिश सेड़वा में 251 एमएम दर्ज की गई। बाटाडू में 238, नोखड़ा में 230, गडरारोड में 212, बाड़मेर और शिव में 192-192, बाड़मेर ग्रामीण में 195, धनाऊ में 194 एमएम दर्ज की गई। सबसे कम बारिश बायतु में 91, रामसर में 99 एमएम दर्ज हुई। अब तक 100 एमएम का आंकड़ा भी पूरा नहीं हुआ है।
सतना में मानसून सामान्य से 3 इंच पीछे:जिले में औसत 19.5 इंच बारिश, जसो में सबसे कम 7.4 इंच
सतना जिले में मानसून सीजन के दो माह 10 दिन बीत जाने के बाद भी बारिश का आंकड़ा सामान्य से पीछे चल रहा है। 1 जून से 9 अगस्त तक जिले में औसतन 19.5 इंच बारिश दर्ज की गई है, जो इस अवधि के सामान्य आंकड़े 22.5 इंच से करीब 3 इंच कम है। तहसीलवार आंकड़ों में जसो में सबसे कम 7.4 इंच और बिरसिंहपुर में सर्वाधिक 26.5 इंच बारिश हुई है। रविवार को जिले के विभिन्न हिस्सों में कहीं रिमझिम तो कहीं तेज बारिश दर्ज की गई। जिला मुख्यालय में देर शाम करीब डेढ़ इंच वर्षा हुई। मौसम वैज्ञानिकों ने अगले दिनों में भी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई है। रविवार को दिनभर बादल छाए रहे, जिसके कारण अधिकतम तापमान 23.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह हवा में नमी 95 प्रतिशत और शाम को 90 प्रतिशत रही। तहसीलवार बारिश के आंकड़ों के अनुसार, जसो में सबसे कम 7.4 इंच बारिश दर्ज की गई है। इसके विपरीत, बिरसिंहपुर में सर्वाधिक 26.5 इंच वर्षा हुई है। अन्य तहसीलों में रघुराजनगर (सतना) में 23.5 इंच, मझगवां में 23.6 इंच, रामपुर बघेलान में 21.5 इंच, नागौद में 19.5 इंच, सोहावल में 18 इंच और उचेहरा में 14 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई है।
जगराओं में रंजिश के चलते दो युवकों पर हमला किया गया। काम से लौट रहे एक नाबालिग समेत दोनों युवकों को बदमाशों ने रास्ते में घेरकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। सिर पर गहरी चोटें आने के कारण दोनों को प्राथमिक इलाज के बाद लुधियाना रेफर किया गया। घायलों की पहचान कुलदीप सिंह (17) और जसप्रीत सिंह निवासी अगवाड़ डाला के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि करीब 25 दिन पहले भी कुछ बदमाशों ने उनके भाई पर हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया था। उस मामले में अस्पताल ने एमएलआर (मेडिको-लीगल रिपोर्ट) तैयार कर पुलिस को भेजी थी। पीड़ितों का आरोप है कि पुलिस ने उनके बयान दर्ज किए, लेकिन आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर कोई कार्रवाई नहीं की। पुलिस की कार्रवाई न होने से आरोपियों के हौसले बढ़े पीड़ितों के अनुसार, पुलिस की कार्रवाई न होने से आरोपियों के हौसले बढ़ गए। इसी के चलते रविवार रात उन्होंने दोनों युवकों को रास्ते में घेरकर हमला कर दिया। हमलावरों ने उनके सिर पर गंभीर वार किए, जिससे वे घायल होकर सड़क पर गिर गए। पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए घायल कुलदीप सिंह के पिता जगबीर सिंह ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि यदि 25 दिन पहले हुई घटना में पुलिस समय पर कार्रवाई करती, तो बदमाशों के हौसले नहीं बढ़ते और आज उनके बच्चे अस्पताल में नहीं होते। न्याय नहीं मिला तो SSP कार्यालय के बाहर धरना देंगे जगबीर सिंह ने बताया कि पुलिस की कथित लापरवाही से उनका परिवार परेशान है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अब भी उन्हें न्याय नहीं मिला, तो परिवार को एसएसपी कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। परिवार ने पुलिस प्रशासन से आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और उन्हें जल्द गिरफ्तार करने की मांग की है।
राजस्थान में मानसून का जोरदार कमबैक
राजस्थान में मानसून का जोरदार कमबैक
सतना में खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने रविवार को शहर में दो स्थानों पर कार्रवाई की। मिलावट की आशंका के चलते गोवर्धन ब्रांड के घी का 1 लाख रुपए से अधिक का स्टॉक जब्त कर सीज किया गया है। अधिकारियों ने पंजाबी कॉलोनी स्थित सुपर स्टॉकिस्ट श्रीराम एंटरप्राइजेज और इंस्टा कार्ट के डार्क स्टोर से घी के नमूने लिए हैं। खाद्य सुरक्षा अधिकारी अभिषेक बिहारी गौर ने पंजाबी कॉलोनी स्थित श्रीराम एंटरप्राइजेज का औचक निरीक्षण किया। यहां गोवर्धन घी के पांच अलग-अलग सैंपल लिए गए। विभाग के अनुसार, पूर्व में जांचे गए गोवर्धन घी के एक सैंपल की रिपोर्ट असुरक्षित पाई गई थी। इसके बाद मौके पर उपलब्ध करीब 69 हजार रुपए कीमत का पूरा स्टॉक सीज कर दिया गया। इसके बाद खाद्य सुरक्षा अधिकारी अभिषेक बिहारी गौर और सीमा पटेल ने इंस्टा कार्ट के डार्क स्टोर में दबिश दी। यहां गोवर्धन ब्रांड का लगभग 10 लीटर घी मिला, जिसे अधिकारियों ने जब्त कर लिया। इस स्थान से भी घी के सैंपल परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। खाद्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, दोनों स्थानों से लिए गए नमूनों की प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद ही घी की गुणवत्ता को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी। रिपोर्ट में मिलावट या गुणवत्ता संबंधी अनियमितता पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
हरियाणा में बीपीएल परिवारों को अब राशन डिपो से दो लीटर सरसों तेल नहीं मिलेगा।
संस्कृत विषय के प्रति विद्यार्थियों में घटते रुझान में तेजी लाने और संस्कृत शिक्षा को बढ़ावा देने राज्य सरकार हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को इस विषय का अध्ययन करने के लिए प्रोत्साहित करेगी। इसको लेकर प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों से यह जानकारी मांगी गई है कि प्रदेश के जिन विद्यालयों में संस्कृत के शिक्षक पदस्थ हैं। वहां कितने विद्यार्थियों ने संस्कृत विषय लिया है। अगर नहीं लिया है तो उन्हें प्रोत्साहित कर संस्कृत विषय लेने के लिए कहा जाए। महर्षि पतंजलि संस्कृत संस्थान द्वारा प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को जारी निर्देश में कहा गया है कि वह अपने जिले के सभी शासकीय स्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूल में संस्कृत विषय चयन और अध्यापन कार्य करने को प्रोत्साहित करें। संस्थान के निदेशक द्वारा लिखे गए पत्र में कहा गया है कि जिन हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों में संस्कृत शिक्षक वर्ग एक कार्यरत हैं, उन स्कूलों में कक्षा 9वीं और कक्षा 11वीं में संस्कृत विषय का अध्यापन नहीं कराया जा रहा है। इसलिए चालू शिक्षा सत्र से कक्षा नौवीं और कक्षा ग्यारहवीं में छात्रों को प्रोत्साहित कर संस्कृत विषय का चयन करने के लिए कहा जाए और ऐसे बच्चों के प्रवेश की जानकारी राज्य सरकार को भेजी जाए। संस्कृत संस्थान की ओर से वर्ष 2025-26 में दोनों ही कक्षाओं में एडमिशन लेने वाले संस्कृत विषय के विद्यार्थियों की जानकारी भी मांगी गई है। उच्च शिक्षा में छात्रवृत्ति भी दे रहे उधर, उच्च शिक्षा विभाग ने वर्ष 2026-27 के लिए मध्य प्रदेश के ऐसे सभी वर्गों के पात्र निशक्तजन विद्यार्थी, जो शासकीय महाविद्यालय में पढ़ाई करते हुए कंप्यूटर और प्रबंधन में डिग्री ले रहे हैं, उन्हें एकीकृत संस्कृत छात्रवृत्ति देने का निर्णय लिया गया है। साथ ही निशक्तजन विद्यार्थियों को कंप्यूटर एवं प्रबंधन की शिक्षा प्राप्त करने के लिए जीवन निर्वाह भत्ता और परिवहन भत्ता योजना के अंतर्गत छात्रवृत्ति दिए जाने का भी निर्णय लिया गया है। इसके लिए विद्यार्थियों से नए आवेदन और नवीनीकरण आवेदन संस्था प्रमुख से अप्रूव कराकर संबंधित क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालक उच्च शिक्षा कार्यालय में जमा किए जा सकेंगे। दोनों ही छात्रवृत्ति योजनाओं के लिए 31 अगस्त तक आवेदन बुलाए गए हैं।
सतना जिले के उचेहरा थाना क्षेत्र में बरूआ नदी के पुराने रपटा पुल के पास रविवार देर शाम एक नवजात का क्षत-विक्षत शव पानी में उतराता मिला। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को नदी से बाहर निकलवाकर जिला अस्पताल की मरचुरी में रखवाया। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, रविवार देर शाम रवि बंशकार और कुछ अन्य लोगों ने रपटा पुल के पास नदी में नवजात का शव देखा। उन्होंने तुरंत उचेहरा पुलिस को इसकी सूचना दी। पुलिस टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर शव को बाहर निकाला। प्रारंभिक जांच में शव 3 से 4 दिन पुराना बताया जा रहा है। शव की खराब हालत के कारण मौत का वास्तविक कारण और अन्य विस्तृत जानकारी पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी। पुलिस ने आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है। इसके साथ ही, नदी और रपटा पुल के आसपास रहने वाले लोगों से भी पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि नवजात को नदी में किसने और किन परिस्थितियों में फेंका था। सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद शव की पहचान और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों के सामने आने की उम्मीद है।
दिल्ली की बीटेक छात्रा को देहरादून में ट्रैक्टर ने रौंदा, बहन के सामने ही तोड़ा दम
देहरादून में बीटेक छात्रा को ट्रैक्टर ने कुचल दिया। हादसा उसकी बहन के सामने ही हुआ। छात्रा ने अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ दिया। छात्रा दिल्ली की रहने वाली थी।
सीतामढ़ी सांसद देवेश चंद्र ठाकुर रविवार को पुपरी के मधुबनी चौक पर चाय दुकानदार की हत्या के पीड़ित परिवार से मिले। उन्होंने परिजनों से मुलाकात कर घटना पर दुख व्यक्त किया और अपनी ओर से 20 हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी। मृतक की पहचान पुपरी थाना क्षेत्र के निवासी मुसहर दास के बेटे उदय कुमार(30) के रूप में हुई थी। यह घटना 3 अगस्त 2026 को मधुबनी चौक पर चाय के पैसे को लेकर हुए विवाद के बाद हुई। आरोप है कि मुर्गा दुकानदार आफताब आलम ने विवाद के दौरान धारदार हथियार से उदय की गर्दन काटकर हत्या कर दी। सांसद ठाकुर ने पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाते हुए इस घटना को 'बेहद दुखद और गंभीर' बताया। उन्होंने कहा कि समाज में हिंसक घटनाओं के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए और आपसी विवादों का समाधान बातचीत से होना चाहिए। सांसद ने परिवार को हरसंभव सहयोग का आश्वासन भी दिया। पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने पर दिया जोर सांसद के आगमन पर पुपरी एसडीएम सहित अन्य प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौके पर मौजूद थे। अधिकारियों ने सांसद को घटना और अब तक की गई कार्रवाई की जानकारी दी। सांसद ने मामले में निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करने और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने पर जोर दिया। इस घटना के बाद से स्थानीय लोगों में भी आक्रोश देखा जा रहा है। उन्होंने पुलिस-प्रशासन से मामले की गंभीरता से जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
औरैया में सावन के दूसरे सोमवार को शहर से लगभग पांच किलोमीटर दूर बीहड़ों में स्थित प्राचीन देवकली मंदिर में हजारों श्रद्धालु पहुंचे। सुबह से ही बड़ी संख्या में महिला और पुरुष भक्त भगवान भोलेनाथ के जलाभिषेक और दर्शन के लिए कतारों में खड़े दिखाई दिए। मंदिर परिसर हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का जलाभिषेक कर परिवार की सुख-समृद्धि और मंगल की कामना की। मंदिर परिसर में दर्शन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए स्वयंसेवकों ने सहयोग किया। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के मद्देनजर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। मंदिर परिसर के अंदर और बाहर पुलिस बल मुस्तैदी से तैनात रहा। जिलाधिकारी बृजेश कुमार और पुलिस अधीक्षक अभिषेक भारती ने पहले ही मंदिर का निरीक्षण कर अधिकारियों और कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए थे। इसके अतिरिक्त, मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों से हर गतिविधि पर लगातार नजर रखी गई। मंदिर के बाहर मेले का माहौल था। श्रद्धालुओं ने आसपास सजी दुकानों से पूजन सामग्री, प्रसाद और अन्य सामान खरीदा। बच्चों ने झूलों का आनंद लिया।
सावन के दूसरे सोमवार पर आपको राजस्थान के ऐसे शिव मंदिर के दर्शन करवा रहे हैं, जिसमें शिवलिंग का झुकाव सूर्य की चाल के साथ बदलता है। हर छह महीने में यह परिवर्तन दिखाई देता है। ये मंदिर है ‘मालेश्वर महादेव’, जो जयपुर से करीब 45 किलोमीटर दूर चौमूं उपखंड के महारकलां गांव में अरावली पर्वतमाला की हरी-भरी वादियों के बीच स्थित है। मंदिर परिसर में गूंजते 'हर-हर महादेव' के जयघोष, पहाड़ियों से उतरते झरने और चारों ओर फैली हरियाली इस धाम को आध्यात्मिक और प्राकृतिक पर्यटन का अनूठा केंद्र बनाती है। 800 साल पुराना यह शिवधाम इन दिनों सावन की शिवभक्ति में पूरी तरह सराबोर है। सावन के प्रत्येक दिन यहां हजारों श्रद्धालु भगवान शिव का जलाभिषेक करने पहुंच रहे हैं। 1101 ईस्वी के शिलालेख बताते हैं गौरवशाली इतिहास मालेश्वर महादेव मंदिर केवल आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि ऐतिहासिक विरासत का भी महत्वपूर्ण प्रतीक है। मंदिर के मंडप के स्तंभों पर वर्ष 1101 ईस्वी के शिलालेख अंकित होने का उल्लेख इसकी प्राचीनता और ऐतिहासिक महत्व को प्रमाणित करता है। स्थानीय परंपराओं के अनुसार यह क्षेत्र कभी प्राचीन महिष्मती नगरी का हिस्सा था। उसी से जुड़ी मान्यताओं के आधार पर इस धाम का नाम मालेश्वर महादेव पड़ा। सदियों से यहां स्थापित स्वयंभू शिवलिंग श्रद्धालुओं की अटूट श्रद्धा का केंद्र बना हुआ है। सूर्य के उत्तरायण और दक्षिणायन होने के साथ बदलता है शिवलिंग झुकाव मंदिर के पुजारी शिवम व्यास ने बताया- मालेश्वर महादेव धाम की सबसे अनूठी पहचान यहां स्थापित स्वयंभू शिवलिंग है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार सूर्य के उत्तरायण और दक्षिणायन होने के साथ शिवलिंग का झुकाव भी सूक्ष्म रूप से बदलता है। हर छह महीने में यह परिवर्तन दिखाई देता है, जिसे श्रद्धालु भगवान शिव की दिव्य लीला मानते हैं। सावन में शिवभक्ति का अनुपम उत्सव सावन माह, महाशिवरात्रि और प्रत्येक सोमवार को मालेश्वर धाम का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो उठता है। प्रदेश के विभिन्न जिलों से कांवड़िए और श्रद्धालु यहां पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक और रुद्राभिषेक करते हैं। दिनभर मंदिर परिसर शिवभक्ति के भजनों और 'बम-बम भोले' के जयघोष से गूंजता रहता है। स्थानीय श्रद्धालुओं का विश्वास है कि सच्चे मन से मांगी गई हर मनोकामना भगवान मालेश्वर जरूर पूरी करते हैं। वीकेंड और छुट्टी के दिन बड़ी संख्या में पहुंचते हैं पर्यटक बरसात शुरू होते ही मालेश्वर धाम का स्वरूप और भी मनमोहक हो जाता है। अरावली की ऊंची पहाड़ियों से उतरते झरने, प्राकृतिक जलधाराएं, हरियाली से ढकी घाटियां और ठंडी हवा यहां आने वाले हर व्यक्ति को मंत्रमुग्ध कर देती हैं। वीकेंड और छुट्टी के दिनों में जयपुर सहित दूर-दराज के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंचकर प्रकृति और आध्यात्मिक वातावरण का आनंद लेते हैं। यही कारण है कि यह धाम धार्मिक पर्यटन के साथ इको-टूरिज्म के क्षेत्र में भी तेजी से पहचान बना रहा है। मालेश्वर धाम मंदिर का इतिहास मंदिर के महंत महेश दास व्यास महाराज ने बताया- यहां कभी विशाल जंगल था। गायों का एक झुंड चरने के लिए आया करता था। उनमें से एक गाय प्रतिदिन एक निश्चित स्थान पर अपने दूध की धार एक शिला पर प्रवाहित करती थी। प्रदोष काल सोमवार को इस स्थान से पहाड़ की शिला को तोड़कर शिवलिंग स्वत: ही प्रकट हो गया। तभी से यहां मालेश्वर धाम महादेव की पूजा-अर्चना की जाने लगी। मान्यता कि यह है यह ग्राम पहले महाबली राजा सहस्त्रबाहु की नगरी महेशपुरी थी। शिव पुराण में इसका उल्लेख है जिसे परशुराम जी की तपोस्थली भी कहा जाता है। इसी वजह से इस गांव को महारकलां के नाम से जाना जाता है। महंत ने बताया कि मालेश्वर धाम मंदिर के पास ही विष्णु भगवान का मंदिर है, जिसको औरंगजेब की सेनाओं ने खंडित कर दिया था। मंदिर की खंडित मूर्ति आज भी या मौजूद है। मुगल सेना ने विष्णु की मूर्ति को तो खंडित कर दिया, लेकिन शिवलिंग को खंडित करने का प्रयास विफल रहा। मुगल सैनिकों ने गर्भ में शिवलिंग को नष्ट करने के लिए जैसे ही प्रहार किए। पास ही पहाड़ों से मधुमक्खियां ने मुगल सेना पर हमला बोल दिया। जिससे सैनिकों को यहां से भागना पड़ा। शिवलिंग पर प्रहार करने के चिह्न भी आज भी बने हुए हैं। फिल्मों और वेब सीरीज की भी शूटिंग महारकलां गांव फिल्म निर्माताओं के लिए लंबे समय से आकर्षण का केंद्र रहा है। यहां के पारंपरिक मकान, खुले खेत, कच्चे रास्ते और प्राकृतिक वातावरण ने कई हिंदी फिल्मों की शूटिंग को विशेष पहचान दी है। सबसे प्रसिद्ध फिल्म करण अर्जुन है, जिसके कई महत्वपूर्ण दृश्य इसी क्षेत्र में फिल्माए गए थे। इसके अलावा समय-समय पर अन्य हिंदी फिल्मों, टीवी सीरियल्स, लोकगीतों और विज्ञापन फिल्मों की भी शूटिंग यहां की जा चुकी है। यहां करण अर्जुन, युगांधर, बंटवारा, ऐलान-ए- जंग, सोल्जर, कोयला, लोहा, औजार, मेहंदी, अमर सिंह राठौड़ जैसी कई फिल्मों की शूटिंग की जा चुकी है। हाल ही यहां वेब सीरीज ‘दहाड़-2’ की शूटिंग की गई थी। … यह खबर भी पढ़ें… पांडवों के लाए शिवलिंग को औरंगजेब भी नहीं तोड़ पाया:सेना पर मधुमक्खियों ने कर दिया था हमला; हर दीवार और पिलर पर मूर्तियां आज सावन के पहले सोमवार पर अलवर के नीलकंठ महादेव मंदिर के दर्शन कीजिए। मान्यता है कि इस मंदिर के शिवलिंग की स्थापना पांडवों ने द्वापर युग में की थी। (पूरी खबर पढ़ें)
मंदसौर के भगवान पशुपतिनाथ मंदिर में सावन माह के अवसर पर एक नई परंपरा शुरू की गई है। यहां काशी विश्वनाथ और उज्जैन के बाबा महाकाल मंदिरों की तर्ज पर विशेष दीप ज्योति शयन आरती का आयोजन किया जा रहा है। मंदिर प्रबंध समिति ने सावन माह में प्रत्येक रविवार और सोमवार रात को इस आरती का निर्णय लिया है। रविवार रात करीब 10:20 बजे यह विशेष आरती शुरू हुई। आरती के दौरान गर्भगृह की सभी लाइटें बंद कर दी गईं और केवल दीपों की रोशनी में भगवान पशुपतिनाथ का श्रृंगार और आरती की गई। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु आरती में शामिल होने पहुंचे, जिससे मंदिर परिसर में काफी भीड़ देखी गई। पशुपतिनाथ मंदिर के मुख्य पुजारी राकेश भट्ट ने बताया कि पवित्र सावन मास को देखते हुए मंदिर प्रबंध समिति ने यह निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि आरती से पहले भगवान पशुपतिनाथ को भस्म का तिलक लगाया जाता है। इसके बाद गर्भगृह की रोशनी बंद कर दीपों के माध्यम से विशेष आरती की जाती है। अंधेरे गर्भगृह में दीपों की रोशनी के बीच भगवान पशुपतिनाथ का स्वरूप श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। रविवार और सोमवार रात को होगी विशेष आरतीआरती में शामिल भक्त रविशंकर अग्रवाल ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि दीप ज्योति आरती का अनुभव अद्वितीय था। मंदिर समिति के इस निर्णय के बाद रविवार और सोमवार रात को यह विशेष आरती आयोजित की जा रही है। इस आरती को देखने के लिए मंदसौर के अलावा आसपास के क्षेत्रों और दूर-दराज से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे। विशेष आरती के दौरान पूरा मंदिर परिसर विद्युत रोशनी से जगमगा उठा। श्रद्धालुओं ने भगवान पशुपतिनाथ के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। दीपों से सजा मंदिर परिसर का दृश्य लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा। बता दें कि मंदिर पहुंचने वाले श्रद्धालु बाबा के दर्शन और दीप ज्योति आरती के साथ पशुपतिनाथ लोक की खूबसूरती को भी निहारते नजर आए। सावन के रविवार और सोमवार को होने वाली यह विशेष दीप ज्योति आरती अब श्रद्धालुओं के लिए धार्मिक आस्था के साथ-साथ आकर्षण का नया केंद्र बनती जा रही है।
घर से निकलने से पहले चेक कर लें रूट, शाहदरा जीटी रोड बंद; दिल्ली पुलिस ने जारी की ट्रैफिक एडवाइजरी
कांवड़ यात्रा के कारण दिल्ली यातायात पुलिस ने शाहदरा जीटी रोड को आम वाहनों के लिए बंद कर दिया है, जिससे आनंद विहार, सीमापुरी सहित कई सड़कों पर भीषण जाम लग गया।
समस्तीपुर जिले के पटोरी थाना क्षेत्र में रविवार शाम पुलिस ने एक घर में छापेमारी कर भारी मात्रा में नशीली पदार्थ बरामद की है। कैंपस में खड़ी ट्रक से करोड़ों रुपए का गांजा बरामद किया गया है। मौके से दो लोगों को हिरासत में लिया गया है, जिससे पूछताछ की जा रही है। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी अशरफ सुपौल गांव में प्रमोद शाह के घर पर सूखे नशे का कारोबार चल रहा है। सूचना के आधार पर पटोरी थाने की पुलिस ने छापेमारी की। इस दौरान ट्रक में छिपाकर रखा गया भारी मात्रा में गांजा और मादक पदार्थ बरामद की गई है। हालांकि पुलिस ने अब तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि कितनी मात्रा में मादक पदार्थ की बरामदगी हुई है। गिरोह में शामिल लोगों की तलाश जारी वहीं, इस संबंध में पटोरी डीएसपी बीके मेधावी ने बताया कि 2 लोगों को हिरासत में लिया गया है। दोनों से पूछताछ की जा रही है। बरामद मादक पदार्थ की खेप कहां से लाया गई थी, कहां डिवीलरी होनी थी। गिरोह में कौन-कौन शामिल है। इस एंगल से जांच चल रही है। पटोरी इलाके में नशे का कारोबार पिछले एक माह के दौरान पटोरी और मोहिउद्दीन नगर पुलिस ने हेरोइन के कारोबार का भी खुलासा कियागया। भारी मात्रा में हेरोइन की बरामदगी हुई है। एक महिला कारोबारी की भी गिरफ्तारी हुई थी। कुछ दिन पहले रेलवे स्टेशन के पास एक तस्कर को 50 लाख के हेरोइन के साथ पुलिस ने गिरफ्तार किया था।
श्रावण मास की भक्ति में डूंगरपुर का नवा महादेव मंदिर रविवार शाम आस्था और श्रद्धा के रंग में रंग गया। कामिका एकादशी के पावन अवसर पर आयोजित नाव मनोरथ में भगवान को नाव में विराजित कर जल के बीच परिक्रमा कराई गई। जैसे ही भगवान की नाव मनोरथ यात्रा शुरू हुई, मंदिर परिसर श्रीकृष्ण और हर-हर महादेव के जयकारों से गूंज उठा। भक्ति गीतों और जयघोष के बीच श्रद्धालु झूमते-नाचते नजर आए। चारों ओर भक्ति का ऐसा वातावरण बना कि हर कोई भगवान की आराधना में लीन हो गया। दिनभर चला धार्मिक अनुष्ठानों का दौरनाव मनोरथ को लेकर सुबह से ही मंदिर में धार्मिक अनुष्ठानों का दौर चला। नित्य पूजन के बाद शाम को भगवान की शोभायात्रा निकाली गई। गाजे-बाजे के साथ निकली शोभायात्रा में श्रद्धालु भजन गाते और जयकारे लगाते हुए नवा महादेव मंदिर पहुंचे। यहां वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान का विधि-विधान से पूजन किया गया और विभिन्न धार्मिक क्रियाएं संपन्न कराई गईं। इसके बाद भगवान को विशेष रूप से सजाई गई नाव मनोरथ की पालकी में विराजित किया गया। जल के बीच भगवान की परिक्रमा शुरू होते ही श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर पहुंच गया। भक्तों ने भजनों पर जमकर नृत्य किया और भगवान के जयकारे लगाए। बच्चों ने भी विभिन्न धार्मिक वेशभूषाओं में पहुंचकर आयोजन की शोभा बढ़ाई। भगवान की आकर्षक झांकियां श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। 1051 दीपकों से जगमगाया मंदिर परिसरकामिका एकादशी के अवसर पर 1051 दीपकों से महाआरती की गई। एक साथ दीपकों की रोशनी से पूरा मंदिर परिसर जगमगा उठा। घंटियों की गूंज, शंखनाद और जयकारों के बीच हुई महाआरती का दृश्य श्रद्धालुओं के लिए अद्भुत और भावविभोर करने वाला रहा। श्रद्धालुओं ने आरती के दर्शन कर भगवान से सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की। नाव मनोरथ के दौरान प्रतिदिन होने वाले धार्मिक अनुष्ठानों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। आयोजन के अंत में भक्तों ने महाप्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ लिया। श्रावण मास में मंदिर में चल रहे धार्मिक आयोजनों से पूरा वातावरण शिवमय और भक्तिमय बना हुआ है।
श्रावण मास के दूसरे सोमवार पर ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग में भगवान का भव्य पुष्प श्रृंगार श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहा। नर्मदा घाटों पर आस्था का सैलाब उमड़ा। दोपहर में पालकी यात्रा, पंचामृत अभिषेक और नौका विहार सहित धार्मिक आयोजन हुए।
सरहद पर तैनात सैनिकों के लिए बागेश्वर में महिलाओं और बच्चियों ने मिलकर बनाई हाथों से खास राखियां
सरहद पर तैनात सैनिकों के लिए बागेश्वर में महिलाओं और बच्चियों ने मिलकर बनाई हाथों से खास राखियां
दौसा जिले की मेहंदीपुर बालाजी थाना पुलिस ने मंदिर में दर्शन के दौरान श्रद्धालुओं के गले से चेन व मंगलसूत्र काटने और जेबतराशी करने वाली गैंग का खुलासा करते हुए दो महिलाओं को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो चांदी की चेन, एक सोने की चेन और दो कैची नुमा कटर बरामद किए हैं। महिला का मंगलसूत्र-चेन चोरी हुए थे थाना इंचार्ज सचिन शर्मा ने बताया कि शनिवार को विनय शर्मा ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि बालाजी मंदिर में दर्शन के दौरान अज्ञात व्यक्ति उनकी पत्नी के गले से मंगलसूत्र, चेन चोरी कर ले गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस टीम ने मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई। पुलिस ने श्रद्धालुओं की भीड़ में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के साथ ही संदिग्ध महिलाओं के हुलिए के आधार पर तलाश शुरू की। इसी दौरान पुलिस को दो महिलाएं संदिग्ध गतिविधियां करती नजर आईं। पुलिस टीम ने दोनों को पकड़कर पूछताछ की और तलाशी ली तो उनके पास से चेन और दो कटर बरामद हुए। पुलिस दोनों महिलाओं से पूछताछ कर रही है। दोनों आरोपी हरियाणा की रहने वाली पुलिस के अनुसार गिरफ्तार महिलाओं की पहचान किरण देवी पत्नी किशन और अंजली पुत्री राजू, दोनों निवासी बलियाली, थाना भवानीखेड़ा, जिला भिवानी, हरियाणा के रूप में हुई है। पुलिस इनके पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड और अन्य वारदातों में शामिल होने के बारे में भी जानकारी जुटा रही है।
बुरहानपुर के नेपानगर में एक नवविवाहिता ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वह बीमारी के चलते अपने भाई के साथ किराए के मकान में रह रही थी। पुलिस ने इस मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। मृतका की पहचान कौशल बाई के रूप में हुई है, जिसका विवाह दो साल पहले पाचौरी निवासी शांतिलाल से हुआ था। नेपानगर थाना प्रभारी शहाबुद्दीन कुरैशी के अनुसार, मिसकैरेज के कारण महिला की तबीयत खराब रहती थी। करीब दो माह पहले कौशल बाई का भाई मुकेश विश्राम सोलंकी उसे इलाज के लिए नेपानगर ले आया था। वे वार्ड नंबर 16 में किराए के मकान में अपने दो भतीजों के साथ रह रहे थे। शनिवार सुबह 7:30 बजे मुकेश काम पर चला गया। दोपहर में जब मुकेश खाना खाने घर लौटा, तो बहन नहीं मिली। तलाश करने पर वह घर के पिछले कमरे में टीन की छत पर लगे लोहे के एंगल से फांसी पर लटकी मिली। सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और तहसीलदार द्वारा पंचनामा बनवाया गया। रविवार को पुलिस ने इस मामले में आगे की कार्रवाई पूरी की। नेपानगर के प्रभारी एसडीओपी सुरेश महाले ने बताया कि मृतका पिछले दो माह से बीमारी के कारण भाई के साथ रह रही थी और भाई उसे अस्पताल भी ले गया था। चूंकि मामला नवविवाहिता से जुड़ा है, इसलिए आगे की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
Jharkhand Protest March LIVE: छात्रों का विधानसभा घेराव आज, देवेंद्र नाथ महतो बोले- बदलाव का दिन है
Jharkhand protest Live updates: भर्ती परीक्षाओं में सीबीआई जांच की मांग को लेकर छात्र अभी भी आंदोलन कर रहे हैं। इसी कड़ी में आज उन्होंने विधानसभा तक मार्च का ऐलान किया है जिसके लिए पुलिस भी हाई अलर्ट पर है।
पंजाब की क्रिकेट प्रतिभाओं के लिए बड़े मंच का रास्ता खुलने लगा है।
आजमगढ़ में सोमवार को सुबह से बादल छाए हुए हैं। शनिवार को जहां दोपहर में मौसम बदला-बदला नजर आया। कभी काले बादल तो कभी हल्की धूप की लूका-छिपी का सिलसिला जारी रहा। इससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई। वहीं लगातार छह दिन तक हुई बारिश के बाद शुक्रवार से मौसम ने थोड़ी राहत दी। शुक्रवार को पूरे दिन आसमान में काले बादल तो छाए रहे, लेकिन बारिश नहीं हुई। हालांकि रविवार को जिले में दोपहर 1 बजे बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार को जिले का अधिकतम तापमान 31 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। लगातार बारिश और चल रही ठंडी हवाओं के कारण वातावरण अपेक्षाकृत सुहाना बना हुआ है। सुबह से बदल रहा मौसम सोमवार सुबह शहर और ग्रामीण इलाकों में बादलों की आवाजाही बनी रही। बीच-बीच में धूप निकलने से हल्की उमस जरूर महसूस हुई, लेकिन पिछले सप्ताह की तुलना में मौसम काफी राहतभरा रहा। मौसम विभाग का कहना है कि दिन में बादल छाए रहने और हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना बनी हुई है। 2 अगस्त से लगातार सक्रिय रहा मानसून जिले में मानसून का असर 2 अगस्त से लगातार देखने को मिला। 2 अगस्त को करीब एक घंटे तक तेज बारिश हुई। 3 अगस्त को लगभग 45 मिनट तक पानी बरसा। 4 और 5 अगस्त को दोपहर और शाम के समय अच्छी बारिश दर्ज की गई। 6 अगस्त को सुबह से बादल छाए रहे और रात में फिर बारिश हुई। फिर 7 अगस्त (शुक्रवार) को ऐसा दिन रहा, जब बादल तो छाए थे, लेकिन बारिश नहीं हुई। 8 अगस्त को बादलों की लुकाछिपी का खेल चलता रहा। 9 अगस्त रविवार को सुबह से ही बदल दोपहर में जिला मुख्यालय के साथ ही आउटर वाले इलाकों में हुई बारिश। किसानों के लिए राहत, धान की रोपाई को मिलेगा फायदा बारिश का सबसे ज्यादा फायदा किसानों को मिलने की उम्मीद है। जिले के कई इलाकों में खेतों में पर्याप्त पानी भर गया है, जिससे धान की रोपाई का काम तेज होने की संभावना बढ़ गई है। किसान लंबे समय से अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे थे और अब लगातार हुई वर्षा से खेती-किसानी को राहत मिली है। घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ा, प्रशासन सतर्क लगातार बारिश का असर नदियों पर भी दिखाई देने लगा है। घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है। संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए डीएम रविंद्र कुमार ने नदी किनारे के संवेदनशील इलाकों का निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों से भी सावधानी बरतने और अनावश्यक रूप से नदी के पास न जाने की अपील की है। जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। अगले 4-5 दिन फिर बारिश के संकेत मौसम विभाग का अनुमान है कि आज से अगले चार से पांच दिनों तक आजमगढ़ में फिर बारिश का दौर शुरू हो सकता है। बीच-बीच में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है। डीएम ने मौसम को देखते हुए सभी संबंधित विभागों-राजस्व, सिंचाई, आपदा प्रबंधन और स्वास्थ्य विभाग को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
गोरखपुर में सोमवार की सुबह से छाए बादल:ठंडी हवाओं ने उमस दी राहत, शाम तक बारिश के आसार
गोरखपुर में सोमवार को सुबह से ही बादल छाए हुए हैं। ठंडी हवाओं के चलने से उमस से काफी हद तक राहत है। हालांकि दोपहर तक धूप निकलने की उम्मीद जताई गई है। मौसम वैज्ञानिक कैलाश पांडेय ने आज शाम तक बारिश के 55 प्रतिशत सम्भावना जताई है। उनका कहना है कि शहर और आसपास के एरिया में गरज के साथ हल्की बारिश हो सकती है। वहीं आने वाले एक से दो दिनों तक मौसम ऐसे ही बना रहेगा। जिसमें कभी धूप और कभी बादल देखने को मिल सकता है। बीच- बीच में छिटपुट बरसात की उम्मीद है। आज शहर का अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहने की उम्मीद जताई गई है। विभाग की रिपोर्ट के अनुसार अगस्त महीने में अब तक करीब 38 मिमी बरसात दर्ज की गई है। जबकि पूरे महीने में 320 मिमी बारिश होने की संभावना है। दो दिनों तक बना रहेगा यही मिजाज मौसम विभाग का आकलन है कि आने वाले 24 से 48 घंटों तक मौसम का रुख इसी तरह अनिश्चित बना रहेगा। इस दौरान धूप और बादलों की आवाजाही जारी रहेगी और बीच-बीच में छिटपुट बारिश देखने को मिल सकती हैं। सोमवार को शहर का अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। हवा में नमी अधिक होने की वजह से महसूस होने वाला तापमान मूल तापमान से काफी ज्यादा रहेगा, जिससे दोपहर के समय घर से बाहर निकलने वालों को अत्यधिक पसीना और बेचैनी झेलनी पड़ेगी। अगस्त में अब तक 38 मिमी बारिश मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक अगस्त के शुरुआती दिनों में शहर में केवल 38 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है। वहीं इस साल पूरे महीने में 320 मिलीमीटर बारिश होने की संभावना जताई गई है। जबकि औसतन वर्षा 330 होती है। धान को हो सकता है नुकसानवर्तमान आंकड़ों की तुलना की जाए तो अब तक हुई वर्षा सामान्य के मुकाबले काफी कम है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अगले कुछ दिनों में अच्छी मानसूनी बारिश नहीं होती है, तो इसका सीधा असर धान की फसल पर पड़ सकता है, जिसे इस समय पानी की सख्त जरूरत है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी से आने वाली मानसूनी हवाएं फिलहाल कमजोर हैं। जैसे ही कोई नया मानसूनी सिस्टम सक्रिय होगा, वैसे ही पूर्वांचल के जिलों में झमाझम बारिश का सिलसिला दोबारा शुरू हो सकेगा। तब तक नागरिकों को उमस और छिटपुट बौछारों के मिले-जुले दौर से ही गुजरना पड़ेगा। पिछले दिनों का तापमान कैसा रहा आने वाले दिनों के तापमान का पूर्वानुमान
शहडोल स्टेशन पर 30 मीटर लंबा FOB बनेगा:प्लेटफॉर्म-1 से 3 तक सीधी कनेक्टिविटी, दो लिफ्ट और रैंप भी
शहडोल रेलवे स्टेशन पर अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पुनर्विकास कार्य चल रहा है। यात्रियों की सुरक्षित आवाजाही के लिए स्टेशन पर 30 मीटर लंबा और 12 मीटर चौड़ा नया फुट ओवर ब्रिज (FOB) बनाया जा रहा है। यह FOB प्लेटफॉर्म नंबर-1 से शुरू होकर प्लेटफॉर्म नंबर-2 होते हुए प्लेटफॉर्म नंबर-3 तक पहुंचेगा। इसके साथ ही यात्रियों की सुविधा के लिए दो आधुनिक लिफ्ट और रैंप का निर्माण भी किया जा रहा है। यह जानकारी शहडोल की असिस्टेंट रेल मैनेजर (ARM) सोनालिका रुचंदानी ने दी। यात्रियों को मिलेगा लाभ एआरएम सोनालिका रुचंदानी ने बताया कि वर्तमान में शहडोल स्टेशन पर प्लेटफॉर्मों के बीच आवाजाही के लिए छोटे फुट ओवर ब्रिज हैं। कई यात्री जल्दबाजी में रेलवे ट्रैक पार कर प्लेटफॉर्म बदलते हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है। नया FOB बनने के बाद यात्रियों को ट्रैक पार नहीं करना पड़ेगा और प्लेटफॉर्म-1, 2 और 3 के बीच सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी। नए FOB के साथ लगाई जाने वाली दो लिफ्टों से बुजुर्ग, दिव्यांग, बीमार, गर्भवती महिलाओं और भारी सामान लेकर चलने वाले यात्रियों को सीढ़ियां चढ़ने की परेशानी से मुक्ति मिलेगी। यह सुविधा सभी यात्रियों के लिए आवाजाही को सुगम बनाएगी। अमृत भारत स्टेशन योजना में शामिल शहडोल शहडोल रेलवे स्टेशन को केंद्र सरकार की अमृत भारत स्टेशन योजना में शामिल किया गया है। इस योजना का उद्देश्य देश के चयनित स्टेशनों को चरणबद्ध तरीके से आधुनिक यात्री सुविधाओं से लैस करना है। सोनालिका रुचंदानी ने बताया कि बारिश के मौसम के कारण निर्माण की गति धीमी है, लेकिन मानसून समाप्त होते ही कार्य में तेजी लाई जाएगी। हालांकि, स्थानीय लोगों ने शहडोल रेलवे स्टेशन पर चल रहे निर्माण कार्यों की धीमी गति पर चिंता व्यक्त की है। उनका आरोप है कि जिन अन्य स्टेशनों पर इसी योजना के तहत कार्यों का शिलान्यास किया गया था, वहां निर्माण कार्य पूरे हो चुके हैं, जबकि शहडोल में अभी तक कार्य अधूरे हैं। स्थानीय लोगों ने शहडोल रेलवे प्रशासन से जल्द निर्माण पूरा करने की मांग की है।
UP: ताजमहल पर भूल से भी न करें ये हरकत, जो इस महिला ने की; बड़ी मुसीबत में पड़ गईं पर्यटक
ताजमहल की सुरक्षा और नियमों को धता बताते हुए मुख्य मकबरे के अंदर बनाई गई डांस रील ने नया विवाद खड़ा कर दिया है।
यूपी के बाराबंकी में रविवार रात एक बाइक ट्रैक्टर-ट्राली से टकरा गई। हादसे में बाइक सवार दो युवकों की मौत हो गई।
उज्जैन पहुंचे जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा
उज्जैन पहुंचे जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा
ग्वालियर की बिजौली थाना पुलिस ने रविवार को गुंडा टैक्स मांगने और न देने पर नाबालिग से मारपीट व उसकी कार में तोड़फोड़ करने के मामले में फरार चल रहे आरोपी नीरज उर्फ राज राणा (22) को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसे गांव के आसपास घेराबंदी कर पकड़ा। मामले में उसके दो साथी जुल्मी जाट और धीरज राणा पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं। बिजौली थाना प्रभारी सौरभ श्रीवास्तव के मुताबिक, रविवार को मुखबिर से सूचना मिली थी कि वारंटी और फरार चल रहा नीरज राणा अपने गांव के आसपास मौजूद है। सूचना पर पुलिस टीम ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी गुलाबपुरी, बड़ागांव मुरार का रहने वाला है। एक महीने पहले नाबालिग से मांगी थी रंगदारीकरीब एक महीने पहले आरोपियों ने एक प्रॉपर्टी कारोबारी के नाबालिग बेटे को घेरकर गुंडा टैक्स मांगा था। पैसे देने से इनकार करने पर नीरज राणा और उसके साथियों ने उस पर हमला कर दिया था। आरोपियों ने उसकी कार में भी तोड़फोड़ की थी। शिकायत पर बिजौली पुलिस ने तीनों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। घटना स्थल पर कराया सीन रीक्रिएशनसोमवार सुबह पुलिस आरोपी को घटना स्थल पर लेकर पहुंची, जहां सीन रीक्रिएशन कराया गया। पुलिस के मुताबिक, जिस जगह आरोपी ने वारदात को अंजाम देकर दहशत फैलाई थी, वहीं उसे पैदल ले जाकर घटनाक्रम समझा गया। इस दौरान आरोपी लंगड़ाकर चलता नजर आया। आरोपी पर 15 से ज्यादा मामले दर्जपुलिस के अनुसार, नीरज राणा और उसके गिरोह के खिलाफ मुरार, बिजौली, चीनौर समेत अलग-अलग थानों में 15 से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें हत्या के प्रयास, फायरिंग और मारपीट जैसी वारदातें शामिल हैं। पत्रकार पर जानलेवा हमला: पिछले साल नीरज राणा ने पत्रकार शिवम आर्य को बंधक बनाकर रातभर पीटा था। इसके बाद बिजौली क्षेत्र की एक पहाड़ी पर ले जाकर उनके सिर में गोली मार दी थी। इलाज के बाद पत्रकार की जान बच गई। लड़की के घर के बाहर फायरिंग: कुछ महीने पहले गिरोह ने मुरार के आजाद नगर में एक लड़की को परेशान करने के बाद उसके घर के बाहर फायरिंग की थी। चीनौर में फायरिंग: मुरार में गोलीबारी के अगले दिन पुलिस से बचते हुए आरोपियों ने चीनौर क्षेत्र में भी फायरिंग कर दहशत फैलाई थी। दो साथी पहले ही गिरफ्तारइस मामले में जुल्मी जाट और धीरज राणा को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। अब नीरज राणा की गिरफ्तारी के बाद पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है।
कांकेर जिले में इन दिनों भालुओं का आतंक काफी बढ़ गया है। जिसके चलते अब लोग घरों से बाहर जंगल की ओर जाने से भी कतरा रहे हैं। बात करे अगर रविवार की तो खाना की तलाश में आया भालू कुँए में जा गिरा। जिसे रेस्क्यू कर बाहर निकाला गया।
छतरपुर में अग्रवाल साइकिल स्टोर के संचालक राजेश अग्रवाल के 28 वर्षीय पुत्र इंजीनियर ईशान अग्रवाल का रविवार रात निधन हो गया। उनका शव सटई रोड स्थित रेलवे पुल के पास मिला। ईशान बेंगलुरु में नौकरी करते थे और पिछले दो-तीन महीने से छतरपुर में रहकर वर्क फ्रॉम होम कर रहे थे। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, ईशान का शव रविवार रात रेलवे पुल के पास मिला। आशंका जताई जा रही है कि उनकी मौत ट्रेन की चपेट में आने से हुई है। हालांकि, यह हादसा था या कोई अन्य कारण, इसकी स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और घटना के कारणों का पता लगाने में जुटी है। ईशान अग्रवाल का अंतिम संस्कार सोमवार शाम 4 बजे भैंसासुर मुक्तिधाम में किया जाएगा। उनकी अंतिम यात्रा स्टेडियम के सामने डॉ. आभा खरे के मकान के पास स्थित उनके आवास से मुक्तिधाम के लिए रवाना होगी। ईशान को परिवार और परिचितों के बीच एक प्रतिभाशाली और होनहार युवक के रूप में जाना जाता था। पुलिस की जांच के बाद ही घटना की पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

