इंटरनेट डेस्क। भाजपा की चुनावी रणनीति शुरू हो चुकी है। प्रदेष में निकाय चुनावं होने जा रहे हैं और इस बीच भाजपा ने तैयारियां तेज कर दी हैं। प्रत्याशियों के चयन की प्रक्रिया के बीच भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने सोमवार को जोधपुर में लघु उद्योग भारती सभागार में पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के साथ नगर निगम चुनाव को लेकर बैठक की। मदन राठौड़ ने कहा कि जोधपुर नगर निगम में एक बार फिर भाजपा का बोर्ड बनाने के लिए जमीनी स्तर पर सक्रिय और जीताऊ प्रत्याशियों को टिकट दिया जाएगा। कई स्तर पर कराए जा रहे सर्वे भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राठौड़ ने कहा कि प्रत्याशियों के चयन को लेकर कई स्तरों पर सर्वे करवाए जा रहे हैं। संगठन, स्थानीय कार्यकर्ताओं और अन्य माध्यमों से मिले फीडबैक के आधार पर जनता की पसंद वाले प्रत्याशी को मैदान में उतारा जाएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा में टिकट के लिए आवेदन करने वाला हर कार्यकर्ता पार्टी की पूंजी है और टिकट नहीं मिलने पर भी कार्यकर्ता संगठन के लिए समर्पित होकर काम करेगा। स्थानीय कार्यकर्ताओं को मिलेगी प्राथमिकता मीडिया रिपोटर्स की माने तो प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि पार्टी यथासंभव उसी वार्ड के योग्य और स्थानीय कार्यकर्ता को मौका देगी, जरूरत पड़ने पर वार्ड की कोर कमेटी विचार कर निर्णय करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा पैराशूट उम्मीदवार नहीं उतारेगी और स्थानीय कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता दी जाएगी। pc -ndtv
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भिंड के वन विभाग में SDO रामकुमार और अटेर रेंजर कृतिका शुक्ला के बीच कथित विवाद की शिकायतों के बाद विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। दोनों पक्षों की शिकायतों की जांच चल रही है। इसी बीच लकड़ी परिवहन के लिए जारी होने वाली टीपी (ट्रांजिट परमिट) की प्रक्रिया में बदलाव करते हुए DFO बीआर सिराम ने सोमवार को ऑफलाइन टीपी जारी करने पर रोक लगा दी है। अब सभी टीपी ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से जारी की जाएंगी। मामला 7 अगस्त को भिंड के गोरमी क्षेत्र में आयोजित जन शिकायत निवारण शिविर के बाद सामने आया था। बताया गया कि शिविर के दौरान SDO रामकुमार की ओर से अटेर रेंजर कृतिका शुक्ला पर धमकी देने और महिला उत्पीड़न के मामले में फंसाने की बात कहने के आरोप लगाए गए। हालांकि यह शिकायत शिविर के चार दिन बाद 11 अगस्त को की गई। विभागीय स्तर पर इस बात को लेकर भी सवाल उठे कि शिविर में जिले के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे, लेकिन उस समय किसी विवाद की जानकारी सामने नहीं आई। SDO की शिकायत में विभाग के चार अन्य कर्मचारियों के नामों का भी उल्लेख किया गया है। दूसरी ओर अटेर रेंजर कृतिका शुक्ला की ओर से भी SDO पर दबाव बनाने और एससी-एसटी की धाराओं में फंसाने की धमकी देने के आरोप लगाए गए। दोनों पक्षों की शिकायतें सामने आने के बाद विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच DFO स्तर पर शुरू कराई है। लकड़ी परिवहन की टीपी को लेकर सामने आया विवादइसी बीच विभागीय स्तर पर यह बात सामने आई कि विवाद की एक कड़ी लकड़ी परिवहन के लिए जारी होने वाली टीपी से भी जुड़ी हो सकती है। हालांकि इसकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। मामले को संज्ञान में लेते हुए DFO बीआर सिराम ने सभी संबंधित अधिकारियों को ऑफलाइन टीपी जारी नहीं करने के निर्देश दिए हैं। अब लकड़ी परिवहन से संबंधित सभी टीपी ऑनलाइन दर्ज करने के बाद ही परमिट की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। विभाग का मानना है कि ऑनलाइन प्रक्रिया से टीपी जारी करने में पारदर्शिता आएगी और रिकॉर्ड भी व्यवस्थित तरीके से उपलब्ध रहेगा। जांच के बाद वरिष्ठ अधिकारियों को दी जाएगी रिपोर्टदैनिक भास्कर से चर्चा में DFO बीआर सिराम ने बताया कि SDO और रेंजर से जुड़े मामले की जांच चल रही है। जांच पूरी होने के बाद जो निष्कर्ष सामने आएगा, उसे वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। उन्होंने बताया कि लकड़ी परिवहन की टीपी की ऑफलाइन प्रक्रिया बंद कर ऑनलाइन व्यवस्था लागू कर दी गई है।
जैसलमेर में आने वाले स्थानीय निकाय चुनावों, त्योहारों और पर्यटन सीजन को ध्यान में रखते हुए शहर में कानून व्यवस्था मजबूत बनाए रखने और आम लोगों के बीच सुरक्षा का माहौल तैयार करने के लिए पुलिस ने मुख्य इलाकों में पैदल फ्लैग मार्च निकाला। यह फ्लैग मार्च हनुमान चौराहा स्थित कोतवाली थाने से शुरू होकर गांधी चौक, गोपा चौक और आसनी पथ से होते हुए गड़ीसर चौराहे तक पहुंचा। इसमें पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आरएसी के जवान भी शामिल हुए। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि चुनावों के साथ-साथ आने वाले मेलों और पर्यटन सीजन के दौरान भी कड़ी नजर रखी जाएगी। भीड़भाड़ वाले इलाकों और संवेदनशील जगहों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी ताकि किसी भी तरह की अनहोनी से बचा जा सके। सुरक्षा व्यवस्था पुलिस की पहली प्राथमिकता फ्लैग मार्च के दौरान अधिकारियों ने बताया कि आने वाले दिनों में शहर में कई बड़े आयोजन होने हैं। जैसलमेर एक प्रमुख पर्यटन स्थल है, इसलिए यहां देश और विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। इसके साथ ही त्योहारों का समय होने से बाजारों में भी लोगों की काफी चहल-पहल बढ़ जाती है। ऐसे माहौल में सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाए रखना पुलिस की पहली प्राथमिकता है। पुलिस ने निकाला फ्लैग मार्च अतिरिक्त जिला पुलिस अधीक्षक सुरेश सांखला ने बताया कि आगामी नगर निकाय चुनावों को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं। शहर के अंदरूनी हिस्सों में फ्लैग मार्च निकालने का मुख्य मकसद आम जनता को यह भरोसा दिलाना है कि पुलिस उनकी सुरक्षा के लिए हर समय तैयार है। उन्होंने बताया कि इस मार्च में आरएसी के जवानों के अलावा स्थानीय पुलिस अधिकारी और अन्य बल शामिल रहे। भीड़भाड़- संवेदनशील जगहों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि चुनावों के साथ-साथ आने वाले मेलों और पर्यटन सीजन के दौरान भी कड़ी नजर रखी जाएगी। भीड़भाड़ वाले इलाकों और संवेदनशील जगहों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी ताकि किसी भी तरह की अनहोनी से बचा जा सके। पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि वे शांति और व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। फ्लैग मार्च में अतिरिक्त जिला पुलिस अधीक्षक सुरेश सांखला, सीओ सिटी रूपसिंह इंदा, शहर कोतवाल प्रेमाराम विश्नोई, RAC के जवान और पुलिस के अन्य अधिकारी शामिल रहे।
भाजपा के कानपुर से MLC और पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष मानवेंद्र सिंह को विधान परिषद की विशेषाधिकार समिति (Committee on Privileges) का सभापति मनोनीत किया गया है। विधान परिषद के सभापति ने उन्हें वर्ष 2026-27 के लिए इस जिम्मेदारी की कमान सौंपी है। मानवेंद्र सिंह इससे पहले भारतीय जनता पार्टी में प्रदेश उपाध्यक्ष और कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र के क्षेत्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। संगठन में लंबे अनुभव के बाद अब उन्हें विधान परिषद की अहम समिति का नेतृत्व सौंपा गया है। क्या करती है विशेषाधिकार समिति?विधान परिषद की विशेषाधिकार समिति एक महत्वपूर्ण स्थायी समिति है। इसका प्रमुख काम सदन, उसके सदस्यों और उसकी समितियों के विशेषाधिकार हनन से जुड़े मामलों की जांच करना है।समिति किसी मामले में संबंधित पक्षों से साक्ष्य और जानकारी लेने के बाद सदन की गरिमा और अधिकारों की रक्षा के लिए उचित संस्तुति देती है। विशेषाधिकार के उल्लंघन के मामलों में समिति की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है। 14 अन्य एमएलसी को भी जिम्मेदारीमानवेंद्र सिंह के अलावा विधान परिषद के 14 अन्य सदस्यों को भी अलग-अलग समितियों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। समितियों के सभापतियों के मनोनयन के साथ विधान परिषद के कामकाज में इन सदस्यों की भूमिका और जिम्मेदारी बढ़ गई है। मानवेंद्र सिंह को विशेषाधिकार समिति का सभापति बनाए जाने को कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र के लिए भी महत्वपूर्ण संगठनात्मक और राजनीतिक जिम्मेदारी के रूप में देखा जा रहा है।
इकाना स्टेडियम में खेले गए बारिश से प्रभावित मैच में नोएडा किंग्स ने गोरखपुर को हरा दिया। गोरखपुर लायंस पहले बल्लेबाजी करते हुए 17.5 ओवर में 112 रन पर ऑल आउट हो गई। जवाब में नोएडा किंग्स ने 16.1 ओवर में 6 विकेट पर 113 रन बनाकर जीत दर्ज कर ली। तेज गेंदबाज गेंदबाज नमन तिवारी ने धारदार गेंदबाजी से 3.5 ओवर में महज 13 रन देकर 6 विकेट लिए। उन्हें मैन ऑफ द मैच का अवार्ड मिला नमन ने की घातक गेंदबाजी बारिश व गीली आउटफील्ड के चलते यह मैच 18-18 ओवर का खेला गया। नोएडा किंग्स के कप्तान प्रशांत वीर ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। गौर गोरखपुर लायंस की पूरी टीम पहले बल्लेबाजी करते हुए 17.5 ओवर में 112 रन पर ऑलआउट हो गई। हालांकि गौर गोरखपुर लायंस की शुरुआत बेहद खराब रही। दूसरे ही ओवर में नमन तिवारी ने सलामी बल्लेबाज अभय प्रताप सिंह (10) को बोल्ड कर पवेलियन का रास्ता दिखाया। इसके बाद चौथे ओवर में नमन ने कप्तान आर्यन जुयाल (2) का विकेट चटकाते हुए गोरखपुर को बड़ा झटका दिया। गोरखपुर की टीम अभी इन शुरुआती झटकों से उबर भी नहीं पाई थी कि आर्यन चौधरी (15) व प्रिंस यादव भी अपना विकेट गंवा बैठे। 13 वें ओवर में नमन तिवारी ने शिवम शर्मा (3) को विकेटकीपर आदित्य शर्मा के हाथों कैच कराया। उन्होंने इसी ओवर में सिद्धार्थ यादव (18) को कप्तान प्रशांत वीर के हाथों कैच कराकर वापस पवेलियन भेजा। पार्थ पहलावत (14) और अंकित चौधरी (14) ने कुछ देर टिकने का प्रयास किया, लेकिन 18वें ओवर में नमन तिवारी ने अंकित चौधरी को शोएब के हाथों कैच कराया। नोएडा किंग्स से नमन तिवारी ने 3.5 ओवर में बिना कोई मेडन फेंके महज 13 रन देकर 6 महत्वपूर्ण विकेट झटके। नोएडा की खराब शुरुआत जवाब में नोएडा किंग्स खराब शुरुआत का शिकार हो गई। दूसरे ओवर में माधव कौशिक (8) विशाल कुमार की गेंद पर वासु वत्स को कैच थमा बैठे। वहीं शोएब सिद्दीकी (13) को पांचवें ओवर में वासु वत्स ने आउट किया। टीम ने 35 रन के स्कोर पर दो विकेट गंवा दिए। रवि सिंह (19) का विकेट विशाल निषाद ने अपने नाम किया जबकि अनिवेश चौधरी (13) शिवम शर्मा की गेद पर सिद्धार्थ यादव के हाथो कैच थमा बैठे। नोएडा ने चार विकेट से जीता मैच फिर आदित्य शर्मा (35) का विकेट भी शिवम शर्मा ने अपने नाम किया। पारी के 16वें ओवर में कार्तिक सिद्धू (2) वासु वत्स का शिकार बने। हालांकि नोएडा तब तक जीत के काफी करीब पहंच चुकी थी और टीम को तब तक जीत के लिए 13 गेंदों पर मात्र 6 रन चाहिए थे। इसके बाद प्रशांत वीर ने 17वें ओवर की पहली ही गेंद पर जोरदार छक्का जड़कर टीम की झोली में जीत डाल दी। प्रशांत ने 10 गेंदों पर दो गगनचुंबी छक्कों से नाबाद 20 रन की पारी खेली जिसकी बदौलत नोएडा किंग्स ने 16.1 ओवर में 6 विकेट के नुकसान पर 113 रन बनाकर मैच जीत लिया।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में प्रसिद्ध चक्रधर समारोह 2026 का आयोजन 14 से 23 सितंबर तक रामलीला मैदान में किया जाएगा। 10 दिनों तक चलने वाले इस सांस्कृतिक महाकुंभ में छत्तीसगढ़ की लोक और शास्त्रीय कला के साथ देशभर की विविध सांस्कृतिक विधाओं का संगम देखने को मिलेगा। समारोह में कुल 42 प्रस्तुतियां प्रस्तावित हैं, जिनमें 24 प्रस्तुतियां रायगढ़ और छत्तीसगढ़ के कलाकारों की होंगी। इससे स्थानीय और प्रदेश की प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर के मंच पर अपनी कला दिखाने का अवसर मिलेगा। समारोह के प्रमुख आकर्षणों में देश और प्रदेश के प्रतिष्ठित पद्मश्री सम्मान से अलंकृत कलाकारों की प्रस्तुतियां शामिल हैं। रायगढ़ कथक घराने की गौरवशाली परंपरा के ध्वजवाहक पद्मश्री रामलाल बरेठ के निर्देशन में कथक की विशेष प्रस्तुति होगी। वहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पंडवानी को पहचान दिलाने वाली पद्मश्री डॉ. उषा बारले अपनी प्रस्तुति देंगी। इसके अलावा सूफी और कबीर गायन के चर्चित हस्ताक्षर पद्मश्री भारती बंधु, छत्तीसगढ़ी लोक कला और संस्कृति के लोकप्रिय कलाकार पद्मश्री अनुज शर्मा भी समारोह में अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। विशेष काव्य संध्या में पद्मश्री सुरेंद्र शर्मा समेत देश के वरिष्ठ कवि अपनी रचनाएं प्रस्तुत करेंगे। इन दिग्गज कलाकारों की मौजूदगी समारोह को राष्ट्रीय स्तर की पहचान देगी। स्थानीय प्रतिभाओं को विशेष महत्व समारोह में रायगढ़ की स्थानीय प्रतिभाओं और सांस्कृतिक विरासत को विशेष महत्व दिया गया है। आयोजन की शुरुआत वेदमणि महाराज के शिष्यों की ओर से पारंपरिक गणेश वंदना से होगी। इसके बाद रायगढ़ की कथक परंपरा को आगे बढ़ाने वाले कलाकार मंच पर प्रस्तुति देंगे। पद्मश्री रामलाल बरेठ के मार्गदर्शन में भूपेंद्र बरेठ व समूह, विभूति शर्मा, वासंती वैष्णव व समूह और नृत्यांजलि (कथक बनारस घराना) शास्त्रीय कथक की प्रस्तुतियां देंगे। वहीं राकेश शर्मा सूफी गायन से सुरों की आध्यात्मिक अनुभूति कराएंगे, जबकि सोनू गुप्ता व ग्रुप (लोक कला मंच) छत्तीसगढ़ी लोक संगीत की रंगारंग प्रस्तुति देंगे। प्रदेशभर के कलाकार दिखाएंगे लोक संस्कृति की झलक चक्रधर समारोह में प्रदेश के विभिन्न अंचलों की कला और संस्कृति को भी व्यापक प्रतिनिधित्व दिया गया है। बस्तर अकादमी ऑफ डांस, आर्ट्स एंड लिटरेचर के कलाकार बस्तर की लोक धरोहर और आदिवासी संस्कृति की जीवंत झलक प्रस्तुत करेंगे। संगीत नाटक अकादमी के सदस्य भूपेंद्र साहू (गरियाबंद) छत्तीसगढ़ी लोक नृत्य की प्रस्तुति देंगे। इसी क्रम में तरुणा साहू (रायपुर) पंडवानी प्रस्तुत करेंगी। पायल साहू (दुर्ग), अनुराग शर्मा (रायपुर) और लहरगंगा पुनरिक साहू (बालोद) माटी की लोक संगीत परंपरा को मंच पर जीवंत करेंगे। खैरागढ़ के विद्यार्थी देंगे सामूहिक नृत्य प्रस्तुति प्रदेश की शास्त्रीय और समकालीन प्रतिभाओं में इंडियन आइडल फेम अमित साना का सुगम गायन भी विशेष आकर्षण रहेगा। इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़ के विद्यार्थी सामूहिक नृत्य की प्रस्तुति देंगे। प्रो. डॉ. लवली शर्मा सितार वादन प्रस्तुत करेंगी। वहीं दीक्षा रथ (सारंगढ़) ओडिसी, श्वेता नायक (बिलासपुर) कुचिपुड़ी तथा अनुष्का सुल्तानिया (रायपुर) और शिव शक्ति कला संस्थान (बिलासपुर) कथक की प्रस्तुतियां देंगे। इस तरह छत्तीसगढ़ के अलग-अलग क्षेत्रों की कला विधाएं एक ही मंच पर दिखाई देंगी। देशभर की शास्त्रीय कलाओं का होगा संगम चक्रधर समारोह में छत्तीसगढ़ के साथ देश के विभिन्न राज्यों की कला परंपराओं को भी मंच मिलेगा। केरल के गुरु कोट्टक्कल नंदकुमारन नायर कथकली की प्रस्तुति देंगे, जबकि मणिपुर की डॉ. मंजू इलंगबम मणिपुरी नृत्य से दर्शकों को परिचित कराएंगी। दिल्ली की टी. लक्ष्मी रेड्डी कुचिपुड़ी, चेन्नई की श्रीविद्या शैलेश और बेंगलुरु की शिवरंजनी हरीश भरतनाट्यम प्रस्तुत करेंगी। ओडिशा और दिल्ली से जान्हवी बेहरा, रीला होता और गौरी शंकर दास ओडिसी नृत्य की प्रस्तुतियां देंगे। कथक, लोक संगीत और वादन भी रहेगा आकर्षण भुवनेश्वर के बी. साहू गोटीपुआ कला प्रस्तुत करेंगे। वहीं कोलकाता, दिल्ली और बनारस से आने वाले मौमाला नायक, सुब्रता पंडित और रुद्रशंकर मिश्रा कथक की प्रस्तुति देंगे। लोक संगीत और वादन की विविधता भी समारोह का प्रमुख आकर्षण होगी। राजस्थान के बाड़मेर की स्टार्क सोसाइटी राजस्थानी लोक संगीत प्रस्तुत करेगी। संस्कार कला संघ, जबलपुर नृत्य नाटिका पेश करेगा। दिल्ली के निशित गंगानी तबला वादन करेंगे, जबकि वृंदावन का माधवरस बैंड और बनारस का त्रिवेणी संगम संतूर, पखावज और तबले के दुर्लभ संगम से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करेगा।
अजमेर में एक महिला के नाम फर्जी इंस्टाग्राम आईडी बनाने व महिला की फोटो किसी अन्य व्यक्ति के साथ एडिट कर पोस्ट करने का मामला सामने आया है। पीड़िता के पति की रिपोर्ट पर गेगल थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। वहीं दूसरी ओर,उत्तरप्रदेश से दरगाह जियारत के लिए आई एक महिला अजमेर के धानमंडी होटल से लापता हो गई। सास ने दरगाह थाने में शिकायत दी है। पुलिस महिला की तलाश में जुटी है। गेगल थाने में दर्ज कराया मुकदमा पति ने गेगल थाने में दी शिकायत में बताया-उसकी पत्नी के नाम से अज्ञात व्यक्ति ने इंस्टाग्राम आईडी बनाई और अन्य व्यक्ति के साथ फोटो एडिट कर पोस्ट कर दी। इससे पहले भी अन्य व्यक्ति के नाम से एक इंस्टाग्राम आईडी बनाकर पत्नी की फोटी पोस्ट की थी। आरोपी बार बार बिना मेरी पत्नी की सहमति के फोटो एडिट कर पोस्ट कर रहा है। इससे बदनामी हो रही है। पुलिस ने मामले की जांच एएसआई भवानी शंकर को सौंपी है। दरगाह थाने में मामला दर्ज उत्तर प्रदेश से दरगाह जियारत के लिए आई महिला ने दरगाह थाने में रिपोर्ट देकर बताया कि वह 21 अगस्त को दरगाह जियारत के लिए अजमेर आई और धानमंडी की होटल में रुकी। यहां बेटी-दामाद के साथ बेटे की बहु भी आई। रात करीब साढे़ आठ बजे बेटे की बहु कुछ सामान खरीदने का नाम लेकर गई, जो वापस नही आई। उसे तलाश भी किया लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला। पुलिस ने महिला की रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ……….. ये खबर भी पढें… शराब पीकर स्कूल आने वाला टीचर सस्पेंड:क्लास रूम तक नहीं जा पाया, ग्राउंड में लेटा रहा; 5 दिन बाद कार्रवाई अजमेर जिले के पास सावर के पास राजकीय उच्च प्राथमिक स्कूल ऊंदरी में शराब पीकर आने वाले टीचर को शिक्षा विभाग ने सस्पेंड कर दिया। निलंबन काल के दौरान टीचर भीवाराम मीणा (लेवल-1) का मुख्यालय मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी, पीसांगन रहेगा। (पूरी खबर पढें)
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गोरखपुर में 15-20 KM की गति से चल रही हवा:सुहाना हुआ मौसम, दोपहर तक छिटपुट बारिश के आसार
गोरखपुर में मंगलवार की सुबह गोरखपुर में मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आया। शहर के कुछ इलाकों में छिटपुट बारिश हुई, जबकि कई जगहों पर धूप खिली रही। धूप निकलने के कारण कुछ इलाकों में गर्मी और उमस महसूस हुई। हालांकि, तेज हवाओं की वजह से सुबह के समय मौसम थोड़ा सुहाना बना रहा। सुबह तेज हवाओं ने दी राहत सुबह करीब 9 बजे गोरखपुर में 15 से 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही थीं। तेज हवाओं के चलते तापमान में थोड़ी राहत महसूस हुई और मौसम खुशनुमा रहा। बारिश वाले इलाकों में लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिली, लेकिन जहां धूप निकली वहां उमस का असर साफ दिखाई दिया। दोपहर तक बारिश के आसार मौसम वैज्ञानिक डॉ. कैलाश पांडे के अनुसार, मंगलवार को दोपहर तक गोरखपुर में बारिश होने के आसार हैं। शहर के अलग-अलग हिस्सों में हल्की या छिटपुट बारिश हो सकती है। हालांकि, बारिश पूरे शहर में एक साथ होने की संभावना नहीं है। कुछ इलाकों में बारिश के बाद बादल छाए रह सकते हैं, जबकि दूसरे हिस्सों में धूप निकल सकती है। 32 डिग्री तक पहुंच सकता है तापमान मंगलवार को गोरखपुर का अधिकतम तापमान करीब 32 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। वहीं न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। तापमान में पिछले कुछ दिनों की तुलना में थोड़ी कमी देखने को मिल रही है। 70 से 90 फीसदी तक रहेगी नमी मंगलवार को हवा में नमी यानी ह्यूमिडिटी 70 से 90 फीसदी के बीच रहने की संभावना है। अधिक नमी की वजह से तापमान बहुत ज्यादा नहीं होने के बावजूद लोगों को चिपचिपाहट वाली गर्मी महसूस हो सकती है। खासकर दोपहर के समय उमस परेशान कर सकती है। रविवार और सोमवार की बारिश से मिली राहत गोरखपुर में रविवार और सोमवार को हुई हल्की बारिश के बाद मौसम में कुछ बदलाव आया है। बारिश की वजह से तापमान में थोड़ी गिरावट आई है और लोगों को बीते दिनों की तेज गर्मी और उमस से राहत मिली है। हालांकि, हवा में नमी अधिक होने के कारण पूरी तरह उमस से राहत नहीं मिल पाई है।
सीतापुर के पिसावा थाना क्षेत्र में सोमवार सुबह विवाहिता की मौत के मामले में डॉक्टरों के पैनल से हुए पोस्टमार्टम में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। विवाहिता की मौत लोहे की रॉड से नहीं बल्कि मौत की वजह छत से गिरने के कारण सिर में आई गंभीर चोट बताई गई है। डॉक्टरों के अनुसार पोस्टमार्टम के दौरान शरीर पर किसी तरह के चोट के निशान नहीं मिले, जिससे लोहे की रॉड से पीटकर हत्या किए जाने की पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि मायके पक्ष के दहेज हत्या के आरोपों के आधार पर पुलिस ने पति शिवम, उसके भाई आशीष, शुभम कुमार, पिता रावेंद्र समेत पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। समझिये पूरा मामला जानकारी के अनुसार थाना क्षेत्र के गुरंसडा गांव निवासी शिवम यादव का विवाह करीब 18 महीने पहले कोतवाली देहात क्षेत्र के उमरिया गांव निवासी 35 वर्षीय रेखा यादव के साथ हुआ था। सोमवार सुबह रेखा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की सूचना मायके पक्ष को मिली। इसके बाद परिजन मौके पर पहुंचे और ससुरालवालों पर हत्या का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। मृतका के भाई निर्भय सिंह यादव के अनुसार रविवार देर रात मायके में फोन आया था। फोन पर बताया गया कि रेखा को मार दिया गया है। इसके बाद फोन कट गया। परिजनों का आरोप था कि पति और ससुरालवालों ने लोहे की रॉड से हमला कर उसकी हत्या की है। भाई ने यह भी आरोप लगाया था कि रेखा का पति दूसरी शादी करना चाहता था और इसी वजह से उसकी हत्या की गई। देर शाम डॉक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया। रिपोर्ट में सिर में गंभीर चोट लगने और छत से गिरने को मौत की वजह बताया गया है। शरीर पर बाहरी चोट के निशान नहीं मिले। इसके बावजूद मायके पक्ष की तहरीर पर पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। प्रभारी निरीक्षक प्रभात कुमार का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
किशनगंज से 1 km दूरी पर पश्चिम बंगाल के पानीटंकी इमिग्रेशन चेक पोस्ट पर SSB ने एक अफगान नागरिक को संदिग्ध परिस्थितियों में गिरफ्तार किया है। यह नागरिक नेपाल जाने के लिए निकास परमिट लेने पहुंचा था। प्रारंभिक पूछताछ और उसके मोबाइल फोन की जांच में कई पाकिस्तानी मोबाइल नंबरों से संपर्क और विदेश यात्राओं का खुलासा हुआ है। हाल ही में, यह अफगान नागरिक पानीटंकी के रनिगंज चेकपोस्ट पर पहुंचा और नेपाल के लिए निकास परमिट मांगा। उसने अधिकारियों को बताया कि वह नेपाल के रास्ते बैंकॉक जाना चाहता है। पूछताछ के दौरान उसके व्यवहार और बातचीत के तरीके पर अधिकारियों को संदेह हुआ, जिसके बाद उसके मोबाइल फोन की गहन जांच की गई। मोबाइल में मिला स्क्रीनशॉट और पाकिस्तानी नंबर SSB ने बताया कि मोबाइल की जांच में फेसबुक पर हुई एक बातचीत का स्क्रीनशॉट मिला। इसमें एक व्यक्ति ने उसे तत्काल बैंकॉक जाने की सलाह दी थी। इसके अतिरिक्त, मोबाइल में +92 से शुरू होने वाले कई पाकिस्तानी मोबाइल नंबर भी पाए गए। पूछताछ में अफगान नागरिक ने इन नंबरों को अपने व्यापारिक साझेदारों का बताया और किसी अन्य संबंध से इनकार किया। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि संबंधित अफगान नागरिक साल 2017 में वैध वीजा पर भारत आया था। वो हावड़ा और कोलकाता के आसपास रहा। उसका भारतीय वीजा साल 2022 में समाप्त हो गया था, जिसके बाद एफआरआरओ कोलकाता की ओर से उसके पक्ष में एनओसी जारी की गई थी। जांच में यह भी सामने आया कि भारत में लंबे समय तक रहने के दौरान उसने भारतीय पासपोर्ट, आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड और मतदाता पहचान पत्र सहित कई भारतीय पहचान दस्तावेज हासिल कर लिए थे। पूछताछ के दौरान यह भी जानकारी मिली कि भारत में रहने के दौरान उसने अफगानिस्तान, रूस और बांग्लादेश की कई यात्राएं की थी। युवक को जांच के लिए दार्जिलिंग पुलिस को सौंपा अधिकारियों ने उसके यात्रा इतिहास, दस्तावेजों और संपर्कों की विस्तृत जांच को आवश्यक माना। संदिग्ध गतिविधियों और सामने आए तथ्यों के आधार पर अफगान नागरिक को हिरासत में लेकर आगे की जांच के लिए दार्जिलिंग जिले के खोरीबाड़ी थाना पुलिस को सौंप दिया गया है। पुलिस अब उसकी पहचान, भारतीय दस्तावेजों की वैधता, विदेश यात्राओं और संपर्कों की विस्तृत जांच कर रही है। मामले में नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
Jharkhand SIR: कई बांग्लादेशियों के वोटर बनने की आशंका, EC ने दिए जांच के आदेश
Jharkhand SIR: झारखंड में एसआईआर के दौरान कई बांग्लादेशी नागरिकों के वोटर बनने का खुलासा हुआ है। भारत निर्वाचन आयोग को यह शिकायत मिली है। जांच के आदेश हुए हैं।
Bihar: जिसे बचाने का कानून, उसका ही शिकार! कोसी में डॉल्फिन पकड़ी, घर ले जाकर तेल निकालने की तैयारी
सहरसा जिले में कोसी नदी के पास गांगेय डॉल्फिन के अवैध शिकार का मामला सामने आया है। डरहार गांव के पास मछुआरों ने कथित तौर पर डॉल्फिन को जाल में फंसाकर नाव से घर पहुंचाया।
देवरिया में पंखे का प्लग लगाते समय लगा करंट:बुजुर्ग की मौत, घर में अकेले थे, परिवार को मिली लाश
देवरिया के बरियारपुर थाना क्षेत्र के गंभीरपुर गांव में सोमवार देर शाम 70 साल के बुजुर्ग की करंट लगने से मौत हो गई। वह अपने घर में बिजली के बोर्ड में स्टैंड फैन का प्लग लगा रहे थे, तभी यह हादसा हुआ। सूचना मिलने पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक की पहचान गंभीरपुर गांव निवासी घनश्याम तिवारी (70) पुत्र रामनारायण तिवारी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि सोमवार देर शाम बिजली जाने के बाद वह इन्वर्टर से जुड़े विद्युत बोर्ड में पंखे का प्लग लगा रहे थे। इसी दौरान उन्हें करंट लगा और वे गंभीर रूप से झुलसकर मौके पर गिर पड़े। घटना के समय घनश्याम तिवारी के घर की महिलाएं खेत गई हुई थीं। उनके दोनों पुत्र विशाल तिवारी और दिवाकर तिवारी भी किसी आवश्यक कार्य से घर से बाहर थे। शाम को जब परिजन घर लौटे, तो उन्होंने घनश्याम तिवारी को अचेत अवस्था में पड़ा देखा। इसके बाद घर में चीख-पुकार मच गई। परिजन उन्हें आनन-फानन में महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज ले गए, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। बरियारपुर पुलिस ने मेडिकल कॉलेज पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। इस घटना के बाद परिवार में मातम छा गया है।
सतना में उमस के बाद देर रात झमाझम बारिश:सीजन में अब तक 34 इंच बारिश, पिछले साल से करीब 3 इंच ज्यादा
सतना जिले में दिनभर की उमस और गर्मी के बाद देर रात हुई बारिश ने लोगों को राहत पहुंचाई। सोमवार को दिनभर बादल छाए रहे, लेकिन उमस का असर बना रहा। रात में मौसम में बदलाव आया और कई इलाकों में रुक-रुककर झमाझम बारिश हुई। इस बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे मौसम सुहाना हो गया। हालांकि, शहर के कई हिस्सों में सड़कों पर पानी भर जाने से लोगों को आवाजाही में कुछ परेशानी का सामना करना पड़ा। बारिश का यह दौर रात भर रुक-रुककर जारी रहा। लगातार हो रही बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनने की आशंका बनी हुई है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में भी जिले में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। मंगलवार सुबह से भी आसमान पर बादल छाए हुए हैं।
डॉक्टर की बेटी से 80 लाख की साइबर ठगी, एलन मस्क और उद्योगपति का करीबी बताकर जाल में फंसाया
जानकारी के मुताबिक, पटना में रहने वाली डॉक्टर की बेटी से साइबर ठगों ने टेलीग्राम की दो अलग-अलग आईडी के जरिए संपर्क किया। आरोपितों ने अपनी पहचान उद्योगपति के बेटे कविन भारती और अरबपति एलन मस्क के करीबी के तौर पर बताई। बातचीत का सिलसिला काफी समय तक चलता रहा और धीरे-धीरे आरोपितों ने युवती का विश्वास हासिल कर लिया।
ट्रेन की चपेट में आने से युवक की मौत:माल गोदाम के पास मथुरा ट्रैक पर मिला शव, पुलिस पहचान में जुटी
अलवर GRP थाना क्षेत्र के तहत मथुरा रेलवे लाइन स्थित माल गोदाम के पास मंगलवार सुबह एक युवक का क्षत-विक्षत शव पड़ा मिला। हादसे की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जिला अस्पताल की मोर्च्यूरी में रखवाया। फिलहाल पुलिस मृतक की पहचान में जुटी है। शुरूआती जांच के अनुसार, युवक की मौत अलवर-मथुरा पैसेंजर ट्रेन की चपेट में आने से हुई है। ट्रैक पर शव पड़ा देख स्टेशन मास्टर ने तुरंत इसकी सूचना जीआरपी थाना पुलिस को दी। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का जायजा लिया और साक्ष्य जुटाए। मृतक ने काले रंग की पैंट और मटमैले रंग की चेकदार शर्ट पहन रखी है। आसपास के थानों में भेजी गई सूचना जीआरपी थाना पुलिस अब मृतक की पहचान और उसके परिजनों की तलाश में जुटी है। इसके लिए आसपास के सभी थाना क्षेत्रों में युवक के हुलिए और कपड़ों का विवरण भेजकर गुमशुदगी के रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। हेड कॉन्स्टेबल किशोरी लाल का कहना है कि स्टेशन मास्टर से सूचना मिली थी कि माल गोदाम के पास मथुरा ट्रैक पर एक युवक का शव पड़ा है। टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। प्राथमिक तौर पर मामला ट्रेन की चपेट में आने का लग रहा है। शव की पहचान के प्रयास किए गए, लेकिन अभी तक पहचान नहीं हो सकी।
पंजाब में मानसून की गति धीमी हो गई है।
रक्षाबंधन पर्व को देखते हुए खाद्य-औषधि प्रशासन ने जिले में खाद्य पदार्थों की जांच तेज कर दी है। लोगों को सुरक्षित और मानक खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए टीम दुकानों का निरीक्षण कर रही है और खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए जा रहे हैं। इस दौरान खास तौर पर दूध और उससे बने उत्पादों की जांच की जा रही है। खाद्य सुरक्षा टीम ने मेसर्स महावीर स्वीट्स-नमकीन, मेन रोड भाठागांव से खोवा का सैंपल लिया। वहीं मेसर्स श्री सांई कृपा मां लक्ष्मी स्वीट्स, तरपोंगी तिल्दा से रबड़ी का सैंपल लिया गया। दोनों सैंपल जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजे गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट मिलने के बाद उसके आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। त्योहार में बढ़ जाती है मिठाई की मांग रक्षाबंधन के दौरान खोवा, रबड़ी, पनीर और दूध से बनी मिठाइयों की मांग बढ़ जाती है। इसी वजह से खाद्य विभाग ने इन उत्पादों की जांच पर फोकस किया है। विभाग की कार्रवाई का उद्देश्य मिलावट या खराब गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाना है। जांच रिपोर्ट के बाद होगी कार्रवाई वर्तमान कार्रवाई कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह और खाद्य एवं औषधि प्रशासन के नियंत्रक दीपक कुमार अग्रवाल के निर्देश पर की गई है। विभाग के अनुसार सैंपल की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह तय होगा कि खाद्य पदार्थ मानकों पर खरे उतरते हैं या नहीं। रिपोर्ट के आधार पर संबंधित प्रतिष्ठान पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अभियान आगे भी रहेगा जारी खाद्य विभाग ने बताया कि रक्षाबंधन के साथ पूरे त्योहारी सीजन में निरीक्षण और सैंपल लेने की कार्रवाई जारी रहेगी। जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच की जाएगी और जहां जरूरत होगी, वहां से सैंपल लेकर प्रयोगशाला भेजे जाएंगे।
प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए पटना गई मुजफ्फरपुर की रहने वाली एक युवती ने हथियार के बल पर दुष्कर्म और अश्लील फोटो-वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने का आरोप लगाया है। युवती का आरोप है कि आरोपी ने उसके साथ दो बार जबरन दुष्कर्म किया। विरोध करने पर आरोपी और उसके साथियों ने उसके भाई के साथ मारपीट की। गर्दन पर चाकू रखकर जान से मारने की धमकी दी। इस दौरान सोने की चेन और रुपए छीनने का भी आरोप है। मामले में युवती ने महिला थाने में किशन कुमार समेत छह नामजद के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। सामान लेने पटना गई तो कमरे में बंद कर किया दुष्कर्म युवती के अनुसार, वह अक्टूबर 2023 से पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई के बाद पटना के राजीव नगर इलाके में किराए के मकान में रहकर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही थी। आरोप है कि 18 फरवरी 2026 को किशन कुमार अपने साथियों के साथ वहां पहुंचा और हथियार के बल पर उसके साथ दुष्कर्म किया। इस दौरान उसकी फोटो और वीडियो भी बनाए गए। युवती का आरोप है कि बाद में आरोपी ने इन फोटो-वीडियो का इस्तेमाल उसे बदनाम करने और धमकाने के लिए किया। उसने शादी से इनकार किया तो आरोपी और उसके साथियों ने दबाव बनाना शुरू कर दिया। वहां से वह कमरा खाली करने की सोची तो उसके सारे सामान जबरदस्ती अपने पास रख लिए, इसके बाद वह किसी तरह अपने घर पहुंच गई। 10 मई को सामान लेने पहुंची तो दोबारा वारदात का आरोप युवती के मुताबिक, 10 मई को वह अपने भाई के साथ सामान लेने पटना पहुंची थी। आरोप है कि भाई को सामान लेने के लिए भेजकर किरण कुमार ने युवती को कमरे में बंद कर दिया और हथियार के बल पर उसके साथ दोबारा दुष्कर्म किया। इस दौरान भी फोटो और वीडियो बनाए जाने का आरोप है। चेन और रुपए छीनने का भी आरोप पीड़िता ने आरोप लगाया है कि 2 जून 2026 को आरोपी दो चार पहिया वाहन से अपराधियों के साथ उसके घर पहुंचा। परिजन से मारपीट की और शादी का दबाव बनाया। मारपीट और धमकी के दौरान उसकी सोने की चेन और रुपये भी छीन लिए गए। इसके अलावा उसके मोबाइल नंबर से जुड़े डिजिटल पेमेंट का जबरन इस्तेमाल किए जाने का भी आरोप है। रिश्तेदारों को भेज रहे आपत्तिजनक फोटो-वीडियो युवती का कहना है कि उसने पुलिस से शिकायत करने की बात कही, इसके बावजूद आरोपी और उसके साथी धमकाते रहे। आरोप है कि अब उसके रिश्तेदारों और शुभचिंतकों को आपत्तिजनक फोटो-वीडियो भेजे जा रहे हैं। फोन कर धमकी देने और उसे बदनाम करने की कोशिश का भी आरोप लगाया गया है। महिला थाने में छह के खिलाफ केस अहियापुर थाना क्षेत्र की रहने वाली युवती ने महिला थाने में किशन कुमार समेत छह लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस मामले में लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है। युवती द्वारा लगाए गए दुष्कर्म, धमकी, मारपीट, रुपये-चेन छीनने और आपत्तिजनक फोटो-वीडियो वायरल करने की धमकी समेत सभी आरोपों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सहारनपुर में डॉ. भीमराव अंबेडकर स्पोर्ट्स स्टेडियम में चल रही अग्निवीर भर्ती रैली में मंगलवार को बुलंदशहर जनपद के अभ्यर्थियों की दूसरे दिन की भर्ती प्रक्रिया हुई। बुलंदशहर की बुलंदशहर और खुर्जा तहसील के अभ्यर्थियों को भर्ती के लिए बुलाया गया था। कुल 1,182 अभ्यर्थियों को रनिंग के लिए बुलावा भेजा गया, जिसमें से 1,065 अभ्यर्थी भर्ती स्थल पर पहुंचे। वहीं 117 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। 1,065 ने लगाई दौड़, 815 अभ्यर्थी हुए सफल भर्ती प्रक्रिया के तहत स्टेडियम में पहुंचे 1,065 अभ्यर्थियों ने रनिंग परीक्षा में हिस्सा लिया। शारीरिक दक्षता परीक्षा में 815 अभ्यर्थियों ने सफलता हासिल की, जबकि 250 अभ्यर्थी रनिंग में निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतर सके। बुलंदशहर के अभ्यर्थियों की दूसरे दिन की भर्ती के दौरान सुबह से ही स्टेडियम परिसर में अभ्यर्थियों की आवाजाही रही। भर्ती प्रक्रिया के अलग-अलग चरणों के लिए अभ्यर्थियों की स्क्रीनिंग और दस्तावेजों की जांच के बाद उन्हें शारीरिक दक्षता परीक्षा में शामिल कराया गया। लगातार दूसरे दिन भर्ती स्थल पहुंचे मेजर जनरल अग्निवीर भर्ती रैली की व्यवस्थाओं और प्रक्रिया का जायजा लेने के लिए रिक्रूटिंग जोन लखनऊ (उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखंड) के एडिशनल डायरेक्टर जनरल (ADG) मेजर जनरल मनीष कुमार, YSM, SM लगातार दूसरे दिन भर्ती स्थल पहुंचे। उन्होंने भर्ती प्रक्रिया के विभिन्न चरणों का निरीक्षण किया। उन्होंने अभ्यर्थियों की स्क्रीनिंग, दस्तावेज जांच, रनिंग एवं शारीरिक दक्षता परीक्षा के साथ प्रशासनिक और सुरक्षा व्यवस्थाओं की जानकारी ली। भर्ती प्रक्रिया में तैनात सैन्य एवं नागरिक अधिकारियों से बातचीत कर अब तक की प्रगति की समीक्षा की। भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और सुरक्षित रखने के निर्देश मेजर जनरल मनीष कुमार ने अधिकारियों को भर्ती प्रक्रिया को निर्धारित नियमों के अनुसार पारदर्शी और सुव्यवस्थित तरीके से संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अभ्यर्थियों की सुविधा और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखने के साथ सभी संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने भर्ती रैली के संचालन में लगे सैन्य एवं नागरिक अधिकारियों के प्रयासों की सराहना करते हुए प्रक्रिया को सुरक्षित, पारदर्शी, आधुनिक और प्रभावी तरीके से पूरा कराने पर जोर दिया। आंकड़ों में दूसरे दिन की भर्ती कुल बुलाए गए अभ्यर्थी: 1,182 भर्ती स्थल पर पहुंचे: 1,065 अनुपस्थित: 117 रनिंग में सफल: 815 रनिंग में असफल: 250 उपस्थिति प्रतिशत: करीब 90.1 प्रतिशत रनिंग में सफलता दर: करीब 76.5 प्रतिशत
अजमेर में पिछले एक सप्ताह से मानसून की गतिविधियां कमजोर बनी हुई हैं। बारिश नहीं होने से दिन में गर्मी और उमस बढ़ गई है। हालांकि मौसम विभाग ने मंगलवार और बुधवार को जिले में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। ऐसे में अगले दो दिनों में मानसून के फिर सक्रिय होने की उम्मीद है। मंगलवार सुबह से अजमेर शहर में बादल छाए हुए हैं। आसमान में बादल छाए रहने के साथ हवा भी चल रही है। हालांकि बीच-बीच में धूप निकलने से मौसम में उमस बनी हुई है। न्यूनतम तापमान 24.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सामान्य से 8.16% ज्यादा बारिश इस मानसून सीजन में अब तक अजमेर में 396.4 मिमी बारिश दर्ज हो चुकी है। इस अवधि में सामान्य बारिश 366.5 मिमी होनी चाहिए थी। यानी सामान्य से 29.9 मिमी ज्यादा बारिश हुई है। प्रतिशत के हिसाब से अजमेर में अब तक 8.16% ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। आज-कल बारिश की संभावना मौसम विभाग के यलो अलर्ट के मुताबिक मंगलवार और बुधवार को जिले के कुछ हिस्सों में बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। बादलों की मौजूदगी के बावजूद यदि बारिश नहीं होती है तो उमस और गर्मी का असर बना रह सकता है। वहीं बारिश होने पर तापमान में कुछ गिरावट आने की संभावना है।
जहांगीराबाद में सावन के भंडारा आयोजन:अंतिम सोमवार पर जगह-जगह लगे भंडारे, श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया
बुलंदशहर के जहांगीराबाद में सावन के अंतिम सोमवार के अवसर पर नगर में जगह-जगह भंडारों का आयोजन किया गया। नई मंडी में व्यापार मंडल की ओर से भंडारे का आयोजन हुआ। इसमें मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा जिलाध्यक्ष विकास चौहान मौजूद रहे। श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया। इसके अलावा मोहल्ला पाठक में व्यापारी नेता शिवम पहाड़ी की ओर से भंडारा लगाया गया। रामगंज, टाउन स्कूल रोड, अनूपशहर बस स्टैंड और आहार रोड स्थित जेपी हॉस्पिटल पर भी भंडारों का आयोजन हुआ। सभी स्थानों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और राहगीरों ने पहुंचकर प्रसाद ग्रहण किया। भंडारे के दौरान आयोजकों और कार्यकर्ताओं ने श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया। सावन के अंतिम सोमवार पर पूरे नगर में धार्मिक माहौल बना रहा। मंदिरों में पूजा-अर्चना के साथ जगह-जगह आयोजित भंडारों में लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
Video: कचरे में पड़ी एक्सपायर्ड चाकलेट, टॉफी के लिए मची लूट, बैग में भर-भरकर ले गए लोग
कानपुर के पनकी इंडस्ट्रियल एरिया में डंपिंग साइट के पास फेंकी गईं चॉकलेट-टॉफियां बटोरने के लिए भीड़ जुट गई। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। बताया जा रहा है कि ये एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री थी। घटना ने सुरक्षित निस्तारण और लोगों की सेहत को लेकर सवाल खड़े किए हैं।
सावन माह के अवसर पर गलता तीर्थ से पवित्र जल लेकर निकली कांवड़ यात्रा रेनवाल मांजी पहुंची। कांवड़ियों ने चंदेश्वर शिव मंदिर में भगवान भोलेनाथ का पवित्र जल से जलाभिषेक किया। आयोजकों ने बताया कि यह कांवड़ यात्रा हर साल की तरह इस बार भी आयोजित की गई। शिवभक्तों ने गलता तीर्थ से कांवड़ में पवित्र जल भरा और पैदल यात्रा करते हुए रेनवाल मांजी स्थित चंदेश्वर महादेव मंदिर पहुंचे। यात्रा में कानाराम जाट, अंकित प्रजापति, निखिल गुर्जर, मंगल जाट, कालू देगड़ा, बलराम जाट किशनपुरा, रामजीलाल प्रजापति और कन्हैया लाल प्रजापति सहित बड़ी संख्या में शिवभक्त शामिल थे। विशाल जांगिड़ हाथ में ध्वज लेकर यात्रा में सबसे आगे चल रहे थे। कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालु पूरे रास्ते भगवान शिव के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़े। भक्तों के हाथों में कांवड़ और ध्वज थे, तथा उनकी जुबां पर भोलेनाथ का नाम था। रास्ते में जगह-जगह ग्रामीणों ने कांवड़ियों का स्वागत किया। चंदेश्वर शिव मंदिर पहुंचने पर कांवड़ियों ने विधि-विधान से भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना की। उन्होंने गलता तीर्थ से लाए पवित्र जल से जलाभिषेक किया। श्रद्धालुओं ने क्षेत्र में सुख-समृद्धि, खुशहाली और अच्छी बारिश की कामना की।
राजनीति अब सिर्फ मंच और मैदान तक सीमित नहीं है, बल्कि मोबाइल की स्क्रीन पर भी इसकी मजबूत मौजूदगी है। नेता का बयान हो या सरकार पर हमला, कुछ ही मिनटों में सोशल मीडिया के जरिए बात हजारों लोगों तक पहुंच जाती है। ऐसे में नेताओं के लिए Facebook, Instagram और X सिर्फ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म नहीं, बल्कि जनता तक पहुंचने का बड़ा माध्यम बन चुके हैं। लेकिन छत्तीसगढ़ कांग्रेस के बड़े नेताओं के सोशल मीडिया आंकड़ों पर नजर डालें तो एक दिलचस्प तस्वीर सामने आती है। राजनीतिक कद बड़ा है, लेकिन डिजिटल पहुंच हर नेता की उतनी मजबूत नहीं है। दैनिक भास्कर ने कांग्रेस के प्रमुख नेताओं के इंस्ट्राग्राम, फेसबुक और एक्स पर फॉलोअर्स का डेटा देखा। कई नेताओं की एक प्लेटफॉर्म पर अच्छी पकड़ है, जबकि दूसरे प्लेटफॉर्म पर उनके फॉलोअर्स की संख्या काफी कम है। आईटी एक्सपर्ट मोहित साहू ने बताया कि आंकड़ों को अगर देखें तो छत्तीसगढ़ कांग्रेस में सबसे मजबूत सोशल मीडिया पकड़ भूपेश बघेल की है, टीएस सिंहदेव दूसरे नंबर पर हैं। लेकिन छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज की सोशल मीडिया मौजूदगी अभी कमजोर है। भूपेश बघेल तीनों प्लेटफॉर्म पर मजबूत खास बात यह है कि भूपेश बघेल की पकड़ सिर्फ फेसबुक और X तक सीमित नहीं है। इंस्टाग्राम पर भी उन्हें करीब 4.68 लाख लोग फॉलो करते हैं। यही आंकड़ा उन्हें दूसरे नेताओं से अलग करता है। तीनों प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उनकी मजबूत मौजूदगी साफ दिखाई देती है। बैज का फेसबुक मजबूत, लेकिन X पर बड़ी कमी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के सोशल मीडिया आंकड़ों में प्लेटफॉर्म के बीच बड़ा अंतर नजर आता है। फिलहाल बैज की सोशल मीडिया पहुंच फेसबुक पर मजबूत है, लेकिन X पर उनका दायरा 13 हजार से भी कम है। चरणदास महंत का इंस्टाग्राम कमजोर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत के तीनों प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फॉलोअर्स हैं, लेकिन इनके आंकड़ों में बड़ा अंतर नजर आता है। फेसबुक की तुलना में इंस्टाग्राम पर चरणदास की फॉलोइंग करीब 11 गुना कम है। इंस्टाग्राम पर रील्सऔर छोटे वीडियो के जरिए युवा यूजर्स तक पहुंच बनाने का बड़ा मौका है। ऐसे में प्रदेश के प्रमुख नेताओं में शामिल चरणदास महंत की इंस्टाग्राम पहुंच अपेक्षाकृत कमजोर नजर आती है। मोहन मरकाम का X मजबूत, इंस्टाग्राम बेहद कमजोर X की तुलना में इंस्टाग्राम पर मोहन मरकाम की फॉलोइंग करीब 19 गुना कम है। एक ही नेता की सोशल मीडिया पहुंच में प्लेटफॉर्म के हिसाब से इतना बड़ा अंतर बताता है कि नेताओं की पकड़ अभी सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक जैसी नहीं है। ताम्रध्वज साहू: मौजूदगी है, लेकिन बड़ी पहुंच नहीं ताम्रध्वज साहू का सबसे मजबूत प्लेटफॉर्म X है, जहां करीब 71 हजार फॉलोअर्स हैं। हालांकि यहां भी उनकी फॉलोइंग 1 लाख से कम है। कुल मिलाकर, तीनों प्लेटफॉर्म पर मौजूदगी के बावजूद ऐसा कोई प्लेटफॉर्म नहीं है, जहां ताम्रध्वज साहू की डिजिटल पहुंच बहुत बड़ी दिखाई देती हो। कवासी लखमा का इंस्टाग्राम पर अकाउंट ही नहीं कवासी लखमा के सोशल मीडिया आंकड़े बाकी नेताओं से अलग नजर आते हैं। इंस्टाग्राम पर उनका अकाउंट नहीं है। फेसबुक और X को मिलाकर भी कवाली लखमा के फॉलोअर्स करीब 9 हजार ही हैं। आज इंस्टाग्राम युवाओं तक पहुंचने का एक बड़ा माध्यम बन चुका है। ऐसे में किसी बड़े नेता की इस प्लेटफॉर्म पर मौजूदगी नहीं होना उनके सोशल मीडिया नेटवर्क में डिजिटल गैप को दिखाता है। फूलोदेवी नेताम की पहुंच भी हजारों में राज्यसभा सांसद और महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष फूलोदेवी नेताम के सोशल मीडिया आंकड़े भी अपेक्षाकृत छोटे हैं। तीनों प्लेटफॉर्म को मिलाकर उनके करीब 20 हजार फॉलोअर्स हैं। यानी महिला कांग्रेस के प्रदेश नेतृत्व की डिजिटल पहुंच भी फिलहाल सीमित नजर आती है। रविंद्र चौबे की मौजूदगी फेसबुक और इंस्टाग्राम तक सीमित रविंद्र चौबे के इंस्ट्राग्राम पर 27.6 हजार और फेसबुक पर 34 हजार फॉलोअर्स हैं। दिए गए आंकड़ों में उनका X अकाउंट शामिल नहीं है। यानी उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक रविंद्र चौबे की सोशल मीडिया मौजूदगी फिलहाल फेसबुक और इंस्ट्राग्राफ तक ही सीमित दिखाई देती है। विकास उपाध्याय की फेसबुक पर मजबूत पकड़ विकास उपाध्याय के तीनों प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फॉलोअर्स हैं। कांग्रेस के कई नेताओं के सोशल मीडिया आंकड़ों में यही पैटर्न दिखाई देता है। फेसबुक पर अच्छी पहुंच, लेकिन इंस्ट्राग्राम और X पर अपेक्षाकृत कम फॉलोअर्स। सिर्फ फॉलोअर्स से पूरी कहानी नहीं बनती एक्सपर्ट्स के मुताबिक, ज्यादा फॉलोअर्स का मतलब यह नहीं है कि नेता की हर पोस्ट वायरल होगी। इसी तरह कम फॉलोअर्स वाला नेता भी किसी एक मुद्दे पर बड़ी पहुंच हासिल कर सकता है। इसलिए सोशल मीडिया पर किसी नेता की पकड़ समझने के लिए सिर्फ फॉलोअर्स नहीं, बल्कि views, likes, comments, shares और engagement जैसे आंकड़ों को भी देखना जरूरी है।
धार जिले के सरदारपुर में मंगलवार देर रात सूरत से कानपुर जा रही यात्री बस में भीषण आग लग गई। धुआं भरने के बाद यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई और कई लोगों ने खिड़कियों के कांच तोड़कर बाहर निकलकर जान बचाई।
हरियाणा के नारनौल में न्यू अटेली रेलवे स्टेशन के समीप डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (डीएफसी) लाइन पर मालगाड़ी की चपेट में आने से रेलवे पुलिस स्पेशल फोर्स (आरपीएसएफ) के एक जवान की मौत हो गई। जीआरपी चौकी नारनौल को सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति का शव न्यू अटेली रेलवे स्टेशन के नजदीक गांव बजाड़ के पास डीएफसी लाइन पर पड़ा हुआ है। सूचना मिलने पर जीआरपी चौकी से पुलिस मौके पर पहुंची तथा शव को अपने कब्जे में लिया। कागजातों से हुई पहचान जिसके बाद पुलिस ने शव काे शिनाख्त के लिए नारनौल के नागरिक अस्पताल पहुंचाया। उसके पास मिले कागजातों के हिसाब से उसकी पहचान रेवाड़ी जिले के गांव झाल निवासी 36 वर्षीय प्रीतम सिंह के रूप में हुई है। हुगली में था तैनात प्रीतम सिंह आरपीएसएफ में तैनात था और वर्तमान में उसकी पोस्टिंग पश्चिम बंगाल के हुगली में थी। घटना की सूचना मिलने पर नारनौल जीआरपी की टीम मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव का नारनौल के नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम करा परिजनों को सौंप दिया। पुलिस कर रही जांच फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि प्रीतम सिंह देर रात डीएफसी लाइन पर किस कारण और किन परिस्थितियों में पहुंचा था। इसको लेकर संशय बना हुआ है। इस बारे में आईओ रेखा कौशिक ने बताया कि जीआरपी मामले की जांच कर रही है और घटना के सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। दो बच्चों का था पिता मृतक एक लड़का व एक लड़की का पिता था। वह घर पर बिना बताए हुगली से सीएल लेकर आया हुआ था। परिजनों को भी इस बारे में पता नहीं था।
पंजाब विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी कांग्रेस अब पार्टी की अंदरूनी कलह को खत्म करने के लिए राहुल गांधी की बस यात्रा की तैयारी कर रही है।
कागजों में 27 साल पहले मर चुका आरोपी:स्कूटी चलाते देखा तो खुला राज, कोर्ट ने भेजा जेल
999 से चल रहे मुकदमे में गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी ने खुद को ही कागजों में मृत साबित कर दिया। फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र लगाकर कोर्ट से केस भी बंद करा लिया, लेकिन स्कूटी चलाते पकड़ा गया। 27 साल से खुद को मुर्दा बता रहा आरोपी सोमवार को जिंदा कोर्ट में पहुंचा तो कोर्ट ने उसे जेल भेज दिया। मामला विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शिवानंद गुप्ता की अदालत का है। राजकुमार वर्मा बनाम विद्या देवी आदि के बीच कूटरचित दस्तावेज के आरोप में 1999 से मुकदमा लंबित है। इस केस में विद्या देवी, चुन्नी लाल गोयल और रोशन लाल वर्मा की मौत हो चुकी है, जिस पर कोर्ट ने उनके खिलाफ कार्रवाई खत्म कर दी थी। इसी केस में गांधी नगर निवासी ताराचंद शर्मा के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी हुए थे। फर्जी प्रमाणपत्र से बंद कराई कार्रवाईगिरफ्तारी से बचने के लिए ताराचंद ने 2013 में नगर निगम का फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र कोर्ट में पेश कर दिया। इसमें उसे 1998 में मृत दिखाया गया था। थाना हरीपर्वत पुलिस ने भी 13 अगस्त 2013 को आख्या देकर इसकी पुष्टि कर दी। दस्तावेजों और पुलिस रिपोर्ट को सही मानते हुए कोर्ट ने 20 सितंबर 2013 को आरोपी के खिलाफ कार्रवाई बंद कर दी थी। स्कूटी चलाते दिखा तो खुला भेदथाना हरीपर्वत के घटिया आजम खां निवासी वादी राजकुमार वर्मा ने 5 नवंबर 2025 को ताराचंद को गांधी नगर में स्कूटी चलाते देख लिया। उन्होंने फोटो खींच ली और स्कूटी नंबर से RTO से दस्तावेज निकलवाए। जांच में सामने आया कि जिसे कोर्ट ने 1998 में मृत मान लिया था, उसने जुलाई 2016 में अपने ही नाम से नई स्कूटी रजिस्टर्ड कराई थी। वह बैंक खातों में मोबाइल बैंकिंग भी इस्तेमाल कर रहा था। राजकुमार ने कोर्ट में साक्ष्य के साथ प्रार्थनापत्र दिया। कोर्ट के आदेश पर थाना न्यू आगरा के दरोगा मधुर कुशवाह ने जांच की तो ताराचंद अपने घर पर जिंदा मिला। उसकी और उसके बेटे की फोटो भी कोर्ट में पेश की गईं। इसके बाद कोर्ट ने वारंट जारी किया।सोमवार को ताराचंद ने कोर्ट में सरेंडर किया। कोर्ट ने जमानत अर्जी खारिज कर उसे जेल भेज दिया।
लुधियाना के गांव लाडोवाल से लौट रहे मां-बेटे की मोटरसाइकिल को तेज रफ्तार दूध टैंकर ने टक्कर मार दी। बेटे के सामने ही मां के पेट के दो टुकड़े हो गए और उसने दम तोड़ दिया। दरअसल जब टैंकर ने टक्कर मारी तो बाइक पर पीछे बैठी महिला सड़क पर गिर गई और टैंकर का अगला टायर उसके पेट के ऊपर से निकल गया। गंभीर रूप से घायल महिला की मौके पर ही मौत हो गई। बाइक चला रहे बेटे के भी चेहरे पर चोट आई है। आरोपी ड्राइवर गाड़ी लेकर फरार होने लगा था लेकिन लोगों ने गाड़ी रोक ली। बदमाश आरोपी मौके से खुद फरार हो गया। थाना सलेम टाबरी पुलिस ने अज्ञात टैंकर चालक के खिलाफ केस दर्ज किया है। लाडोवाल से लौट रहे थे मां-बेटेरजत ने बताया कि वह दीप कॉलोनी, न्यू कैलाश नगर रोड के रहने वाले है। कल वह अपनी माता बबीता के साथ मोटरसाइकिल पर सवार होकर गांव लाडोवाल से वापस आ रहा था। वह किसी रिश्तेदार से मिलने गए थे। वापसी के समय जब वे नगेष फैक्ट्री के पास पहुंचे तो पीछे से आ रहे दूध टैंकर नंबर PB-06-BJ-9950 के ड्राइवर ने लापरवाही से वाहन चलाते हुए उनकी मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों मां-बेटे मोटरसाइकिल समेत सड़क पर गिर गए। महिला के पेट के ऊपर से निकला टैंकर का टायरहादसे के दौरान टैंकर का अगला टायर उसकी माता के पेट के ऊपर से निकल गया। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई और उसकी मौत हो गई। हादसे के बाद टैंकर चालक मौके से फरार हो गया। उसकी मां की आयु करीब 50 वर्ष थी। थाना सलेम टाबरी पुलिस ने शिकायत के आधार पर अज्ञात टैंकर चालक के खिलाफ धारा 281, 125-A, 324(4) और 106(1) BNS के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस टैंकर के नंबर के आधार पर चालक की पहचान करने और उसकी तलाश में जुटी है।
अलवर में अगले 3 दिन बारिश का अलर्ट:सुबह से बादल और कोहरा छाया, तापमान में गिरावट; अब तक 10% कम बरसात
अलवर में सोमवार की बारिश के बाद आज सुबह से ही मौसम बदला हुआ नजर आया। शहर में चारों तरह घने बादल छाए हैं और पहाड़ों पर कोहरे और सफेदी जैसा नजारा दिखाई दिया। बादलों और ठंडी हवा के चलते मौसम सुबह से खुशनुमा बना हुआ है। सोमवार को भी कई घंटे रिमझिम बारिश हुई। मौजूदा मौसम को देखते हुए आज भी जिले में बारिश होने की संभावना बनी हुई है। इस सप्ताह कैसा रहेगा मौसम मौसम विभाग के अनुसार 25 से 28 अगस्त तक अलवर में गरज-चमक के साथ बारिश का दौर जारी रह सकता है। 25 अगस्त को अधिकतम तापमान करीब 35 डिग्री, 26 अगस्त को 33 डिग्री और 27-28 अगस्त को करीब 32 डिग्री रहने का अनुमान है। इस दौरान बिजली चमकने और गरज के साथ बारिश की चेतावनी भी जारी की गई है। वहीं 29 और 30 अगस्त को मौसम आंशिक रूप से साफ रहने तथा तापमान करीब 34 डिग्री तक पहुंचने का अनुमान है। बारिश की कमी पूरी होने की उम्मीद अलवर में अब तक 424.9 मिमी सामान्य बारिश होनी चाहिए थी, जबकि इस सीजन में अभी तक 382.2 मिमी बारिश दर्ज हुई है। यानी जिले में सामान्य से करीब 10 प्रतिशत कम बारिश हुई है। हालांकि जिस तरह पिछले कुछ दिनों से मौसम बना हुआ है और बारिश का दौर जारी है, उससे आने वाले दिनों में बारिश की कमी पूरी होने की उम्मीद है।
हाथरस के सादाबाद क्षेत्र की ग्राम पंचायत कंजौली निवासी गीतांजलि ने परिवार का राशन कार्ड बनवाने और अन्य विभागीय योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए उपजिलाधिकारी सादाबाद रितु सिरोही को प्रार्थना पत्र दिया। एसडीएम के निर्देश पर मामले की जांच पूर्ति निरीक्षक सादाबाद गौरव माहेश्वरी से कराई गई। जांच में परिवार पात्र पाए जाने के बाद महज दो दिन में पात्र गृहस्थी राशन कार्ड जारी कर दिया गया। पूर्ति निरीक्षक द्वारा परिवार का पात्र गृहस्थी राशन कार्ड जारी किया गया। राशन कार्ड मिलने पर परिवार के सदस्यों में खुशी का माहौल रहा। परिजनों ने त्वरित कार्रवाई के लिए प्रशासन और शासन का आभार जताया। राशन कार्ड बनने से पात्र परिवार को अब प्रतिमाह नियमानुसार निशुल्क खाद्यान्न का लाभ मिल सकेगा। इसके साथ ही एसडीएम रितु सिरोही ने परिवार को अन्य विभागीय योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए आवेदन भी कराए और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। अधिकारियों की तत्परता से कम समय में राशन कार्ड जारी होने पर स्थानीय लोगों ने प्रशासनिक अधिकारियों के कार्य की सराहना की। इस दौरान एसडीएम रितु सिरोही, नायब तहसीलदार प्रतीक्षा कटारा, पूर्ति निरीक्षक गौरव माहेश्वरी, तहसीलदार सोनू बघेल आदि मौजूद रहे।
सिरसा जिले के डबवाली क्षेत्र में एक युवती से पड़ोसी युवक ने रेप कर दिया। पुलिस जांच में सामने आया है कि पीड़ित युवती मानसिक रूप से ग्रस्त (भोलापन) है और घर पर अकेली थी। इसी का फायदा उठाकर युवक उनके घर में घुस गया और उसके साथ जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाए। उसी समय युवती का भाई आ पहुंचा तो युवक घर की दीवार फांदकर भाग गया। पुलिस के अनुसार, 26 वर्षीय पीड़िता में भोलापन है और वह घर पर ही रहती है। उसकी निगरानी के लिए परिवार का कोई न कोई सदस्य घर पर रहता है और आर्थिक तौर पर कमजोर है। 27 वर्षीय युवक दिहाड़ी-मजदूरी करता है। दोनों एक ही गांव के हैं और पड़ोसी है। 23 अगस्त को घर पर कोई नहीं था और युवती अकेली थी। उसी दिन युवक ने उसके साथ गलत काम किया। आरोप है कि युवक शराब के नशे में था। युवती का भाई घर पहुंचने पर शक हो गया और वह अपनी बहन को लेकर पुलिस थाने पहुंचा। वरना इस घटना का पता भी नहीं चलता। पुलिस पीड़ित का मेडिकल व काउंसलिंग करवाकर आगामी कार्रवाई करेगी। युवती 24 घंटे बाद ही पुलिस ने आरोपी युवक को पकड़ लिया। पुलिस पूछताछ में युवक ने बताया कि उससे गलती हो गई। पहले भी छेड़छाड़ की हो चुकी वारदात पुलिस के अनुसार, इसी पीड़ित युवती के साथ पहले भी छेड़छाड़ की वारदात हो चुकी है। युवती का भोलापन देख गांव के ही एक युवक ने उसके छेड़छाड़ कर दी थी। इस मामले में महिला पुलिस थाना डबवाली में केस दर्ज है और आरोपी युवक जेल में बंद है। इसके बाद से पीड़िता के परिवार वाले सतर्क रहने लगे और उसका ध्यान रखते हैं। अब ये घटना हो गई। पीड़िता से पुलिस ने घटना के बारे में जानकारी ली तो पूछे गए सवालों का जवाब दिया, बाकी बता नहीं पा रही है। युवक से पूछताछ जारी डबवाली पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि 22 अगस्त को पीड़िता के परिजनों द्वारा महिला थाना डबवाली में घर में घुसकर पीड़िता से दुष्कर्म की शिकायत दर्ज करवाई गई थी। शिकायत पर बीएनएस संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रभारी महिला थाना उप निरीक्षक सुशीला देवी के नेतृत्व में उनकी टीम ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दाबिश शुरू की। पुलिस टीम ने मात्र 24 घंटे में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी से मामले के संबंध में गहन पूछताछ जारी है। आरोपी को कोर्ट में पेश कर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
देहरादून में 26 अगस्त को सुबह 8 बजे से कई रूट डायवर्ट, पुलिस की ट्रैफिक एडवाइजरी
Dehradun Traffic Diversion: 26 अगस्त यानी बुधवार को देहरादून में सुबह 8 बजे से कई रूट डायवर्ट रहेंगे। देहरादून पुलिस की ट्रैफिक एडवाइजरी जरूर देख लें।
मेरठ में किसान नेता दिग्विजय भाटी और मोहित जाटव के प्रकरण में पुलिस की जांच धीरे-धीरे आगे बढ़ रही है। दोनों पक्षों के बयान दर्ज करने के बाद जांच टीम ने सोमवार को मोहित के घर पहुंच कर उस स्कूटी का मौका मुआयना किया जिससे गिरकर दोनों के चोटिल होने की पुलिस द्वारा बात कही गई थी। जल्द दिग्विजय भाटी के रूम पर भी यह टीम जांच करने पहुंच सकती है। खास बात यह है कि स्कूटी पर हादसे से जुड़ा कोई साक्ष्य नहीं मिला है। दरअसल, किसान नेता दिग्विजय भाटी और मोहित जाटव ने आरोप लगाया था कि 19 अगस्त को तत्कालीन एसएसपी अविनाश पांडे ने उन्हें धोखे से अपने कार्यालय में बुलाया और थर्ड डिग्री दी। मामला तूल पकड़ गया और अविनाश पांडे को हटा दिया गया। हालांकि हटाने से पहले अविनाश पांडे के द्वारा अधिकृत तौर पर बयान जारी किया गया था की दोनों नेता स्कूटी फिसलने से चोटिल हुए हैं। डीआईजी सहारनपुर कर रहे जांचइस पूरे प्रकरण को लेकर विपक्ष ने सरकार को भी घेरने का प्रयास किया। सपा विधायक अतुल प्रधान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की तो सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने ट्वीट कर कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए। एडीजी जोन भानु भास्कर ने तत्काल जांच बैठा दी और डीआईजी सहारनपुर अभिषेक सिंह को नियुक्त कर दिया। दोनों पक्षों के दर्ज हो चुके हैं बयान जांच मिलते ही अभिषेक सिंह मेरठ पहुंच गए और उन्होंने बड़ी-बड़ी दोनों पक्षों से बयान दर्ज किया। उनके द्वारा बाकायदा वीडियोग्राफी भी की गई है।उनके निर्देशन में जांच कर रहीं टीमों के द्वारा अलग-अलग बिंदुओं पर जांच की जा रही है। एक टीम ने मोहित के घर किनानगर पहुंच कर जांच की तो वहां एक स्कूटी पुलिस को खड़ी मिली। जांच टीम ने की स्कूटी की वीडियोग्राफीस्कूटी मिलने के बाद जांच टीम ने परिवार के लोगों से बात की और उसका टेक्निकल निरीक्षण किया। सूत्र बताते हैं कि स्कूटी में किसी तरह का कोई एक्सीडेंटल साक्ष्य नहीं मिला है। फिलहाल यह साबित नहीं हो पा रहा की डॉक्टर दिग्विजय भाटी और मोहित जाटव इसी स्कूटी से गिरकर चोटिल हुए थे। सवालों के घेरे में आई पुलिस कार्रवाईमोहित जाटव के घर स्कूटी सही मिलने के बाद पुलिस कार्यवाही पर भी सवाल खड़े हुए हैं। तत्कालीन सिविल लाइन इंस्पेक्टर अखिलेश गौड़ की कार्य प्रणाली भी सवालों के घेरे में आ गई है। जानकारों की माने तो आमतौर पर ऐसी स्थिति में पुलिस उस वाहन का तत्काल निरीक्षण कर उसे केस प्रॉपर्टी बनाकर कब्जे में लेती है लेकिन यहां ऐसा कुछ नहीं किया गया। दिग्विजय भाटी के घर जा सकती है टीमइस मामले में जल्द एक जांच टीम दिग्विजय भाटी के घर भी जा सकती है। वैसे तो पुलिस ने मोहित की स्कूटी से एसएसपी ऑफिस आने की बात कही थी लेकिन माना जा रहा है कि पुलिस इस बिंदु पर भी जांच कर सकती है कि कहीं दिग्विजय भाटी की स्कूटी से तो दोनों एसएससी ऑफिस नहीं आए थे। जांच रिपोर्ट के लिए करना होगा इंतजारधीरे-धीरे में इस घटना को एक सप्ताह बीत रहा है। दिग सहारनपुर अभिषेक सिंह को भी जांच सौंपे हुए काफी दिन हो गए हैं लेकिन फिलहाल जांच रिपोर्ट सामने आने की कोई उम्मीद दिखाई नहीं दे रही है। ऐसे में जांच रिपोर्ट के लिए अभी कुछ और दिन इंतजार करना पड़ सकता है।
हरियाणा: पानीपत के जाटल रोड की बाथ मैट फैक्टरी में भीषण आग, दमकल की पांच टीमें मौके पर पहुंची
पानीपत के जाटल रोड स्थित कश्यप कॉलोनी में मंगलवार सुबह बाथ मैट बनाने वाली फैक्टरी में अचानक आग लग गई।
अमृतसर में युवक ने फंदा लगाकर दी जान:मौत से पहले वीडियो जारी कर ससुराल परिवार को जिम्मेदार ठहराया
अमृतसर के वेरका इलाके में एक व्यक्ति द्वारा फंदा लगाकर आत्महत्या करने का मामला सामने आया है। मृतक की पहचान तजिंदर सिंह के रूप में हुई है। परिवार के मुताबिक,तजिंदर अपनी पत्नी और ससुराल परिवार से परेशान चल रहा था। आरोप है कि उसने कई बार अपनी परेशानी परिजनों के साथ साझा की, लेकिन हालात में सुधार नहीं हुआ। मृतक के भाई कुलविंदर सिंह ने बताया कि उसका भाई की शादी करीब 15 साल पहले हुई थी और उसके दो बच्चे हैं। परिवार का दावा है कि युवक पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव में था। परिजनों के मुताबिक, मौत से पहले युवक ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी बनाया और उसमें अपने ससुराल परिवार पर गंभीर आरोप लगाए। वीडियो में उसने अपनी मौत के लिए ससुराल पक्ष को जिम्मेदार बताया है। हालांकि, इन आरोपों की पुलिस जांच के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट होगी। कुलविंदर सिंह के अनुसार, परिवार को युवक की मौत की जानकारी किसी जानकार व्यक्ति के फोन से मिली। परिजनों ने आरोप लगाया कि ससुराल पक्ष की ओर से उन्हें समय रहते घटना की जानकारी नहीं दी गई। सूचना मिलने के बाद परिवार मौके पर पहुंचा और पुलिस को मामले की जानकारी दी। परिजनों ने पुलिस से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने और युवक द्वारा बनाए गए वीडियो की भी जांच में शामिल करने की मांग की है। उनका कहना है कि अगर किसी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, युवक द्वारा आत्महत्या किए जाने की सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू की गई है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, परिवार के बयानों, वीडियो और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
राजस्थान में निकाय चुनाव को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। जयपुर में कांग्रेस नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा- मैं मेयर या पार्षद का चुनाव नहीं लडूंगा। मेयर पद के लिए उनके नाम को लेकर चल रही चर्चाओं को खाचरियावास ने अफवाह बताया। खाचरियावास ने कहा- नगर निगम चुनाव पार्टी के जांबाज कार्यकर्ता लड़ेंगे। जो कार्यकर्ता चुनाव जीतकर नगर निगम पहुंचेंगे, उन्हीं में से मेयर का चुनाव किया जाएगा। उन्होंने कहा- मैं अपनी पूरी राजनीतिक जिंदगी में अब केवल विधायक या सांसद का चुनाव लड़ूंगा। इसके अलावा किसी दूसरे चुनाव में प्रत्याशी नहीं बनूंगा। बोले- लोकल कार्यकर्ता को ही मिलेगा टिकट, वार्ड बदलने की अनुमति नहीं प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा- निकाय चुनाव में कांग्रेस टिकट वितरण के दौरान स्थानीय कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता देगी। जिस वार्ड में पार्टी का कार्यकर्ता रहता है, उसे उसी वार्ड से टिकट दिया जाएगा। उन्होंने कहा- इस बार किसी कार्यकर्ता को दूसरे वार्ड से चुनाव लड़ाने की नीति नहीं होगी। उन्होंने कहा- अगर किसी वार्ड में संबंधित कार्यकर्ता की जाति के लिए आरक्षण की लॉटरी नहीं निकलती है। तो उसे अगले चुनाव तक इंतजार करना होगा। पार्टी वार्ड की स्थिति और आरक्षण की लॉटरी के आधार पर ही प्रत्याशी तय करेगी। किसी दूसरे वार्ड से पैराशूट प्रत्याशी उतारने की अनुमति नहीं होगी। लोकसभा-विधानसभा में काम करने वाले कार्यकर्ताओं को तवज्जो खाचरियावास ने कहा- जिन कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव में पार्टी के लिए पूरी निष्ठा से काम किया है, उन्हें निकाय चुनाव में प्राथमिकता दी जाएगी। जो कार्यकर्ता पार्टी के धरने, प्रदर्शन और आंदोलनों में लगातार शामिल रहे हैं और जनता की समस्याओं को मजबूती से उठाते रहे हैं, उनकी मेहनत को टिकट बांटने में ध्यान में रखा जाएगा। उन्होंने कहा- पार्टी के लिए संघर्ष करने वाले जमीनी कार्यकर्ताओं को ही आगे बढ़ाया जाएगा। गद्दारी करने वालों को किसी कीमत पर टिकट नहीं कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में जाने वाले नेताओं और कार्यकर्ताओं को लेकर भी खाचरियावास ने कहा- जिन लोगों ने कांग्रेस के साथ गद्दारी की है, उन्हें किसी भी कीमत पर कांग्रेस का टिकट नहीं दिया जाएगा। जो लोग बीजेपी के साथ मिले हुए हैं या पार्टी के खिलाफ काम करते रहे हैं, उन्हें भी निकाय चुनाव में मौका नहीं मिलेगा। उन्होंने कहा- लोकसभा चुनाव के दौरान जिन लोगों ने कांग्रेस के साथ विश्वासघात किया, उनके नाम और भूमिका को पार्टी भूली नहीं है। जयपुर शहर की आठों विधानसभा सीटों में टिकट वितरण में मेरी राय भी अहम होगी। उन्होंने कहा- टिकट ऊपर से उड़कर नहीं आएगा, बल्कि सर्वसम्मति से फैसला किया जाएगा। गद्दारों को टिकट देने की इच्छा है, तो सार्वजनिक मंच पर समर्थन करें खाचरियावास ने कहा- अगर पार्टी का कोई नेता उन लोगों को टिकट देने का इच्छुक है, जिन्होंने कांग्रेस के साथ गद्दारी की है तो उसे सार्वजनिक मंच पर आकर ऐसे लोगों के समर्थन की घोषणा करनी चाहिए। उन्होंने कहा- कांग्रेस के चुनाव चिन्ह पर जीतकर नगर निगम पहुंचने वाले कुछ लोग बाद में बीजेपी में चले गए। उन्होंने कहा- अगर उन्हें बीजेपी निकाय चुनाव में मौका देती है तो पार्टी को बाद में इसका पछतावा होगा। खाचरियावास ने कहा- मैंने ठान रखा है कि गद्दारों का इलाज करके ही रहूंगा। मैं हिसाब बराबर करके ही दम लेता हूं। जिसने मेरी पीठ में खंजर घोंपा है, उसका इलाज करना मुझे अच्छी तरह आता है। मैं बीजेपी सरकार से नहीं डरता और पार्टी बदलकर बीजेपी में गए नेताओं से भी मुझे कोई डर नहीं है। जयपुर के हालात पर सरकार को घेरा खाचरियावास ने कहा- राजधानी के हालात बद से बदतर हो गए हैं। मुख्यमंत्री का गृह जिला जयपुर होने के बावजूद शहर में जाम, सड़क, पानी और बिजली जैसी समस्याओं से आम जनता परेशान है। उन्होंने कहा- बारिश के बाद कई इलाकों में लोग कीचड़ और खराब सड़कों से निकलने को मजबूर हैं। उनका आरोप है कि जनता पहले से ही बिजली-पानी के बिलों के जरिए अलग-अलग शुल्क देती रही है। इसके बावजूद अब कचरा उठाने के लिए अलग से वसूली की जा रही है। इससे आम लोगों पर दोहरी मार पड़ रही है। बीजेपी के केंद्रीय नेताओं को जिम्मेदारी देना डर का संकेत खाचरियावास ने कहा- निकाय चुनाव की जिम्मेदारी बीजेपी ने राष्ट्रीय स्तर के नेताओं को दी है। उनके मुताबिक, इससे साफ है कि बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व को राजस्थान के स्थानीय नेताओं पर भरोसा नहीं है। उन्होंने कहा- बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री और राष्ट्रीय स्तर के नेताओं को जयपुर में जनता की नाराजगी दूर करने के लिए लगाया गया है। यह बीजेपी के भीतर चुनाव को लेकर डर का संकेत है। उन्होंने दावा किया कि जयपुर की जनता सरकार से नाराज है और निकाय चुनाव में वोट की चोट से बीजेपी को जवाब देगी। जयपुर कांग्रेस की कार्यकारिणी पर बोले- जल्द होगी घोषणा खाचरियावास ने कहा- जयपुर कांग्रेस की कार्यकारिणी पूरी तरह तैयार है और जल्द ही इसकी औपचारिक घोषणा कर दी जाएगी। उन्होंने जयपुर कांग्रेस के जिला अध्यक्ष को लेकर कहा- वे एक यूनिवर्सिटी का संचालन कर रहे हैं और उनके ज्ञान को चुनौती नहीं दी जानी चाहिए। खाचरियावास ने कहा- कांग्रेस जयपुर में लगातार बड़े आंदोलन कर रही है और पार्टी की संगठनात्मक टीम जमीनी स्तर पर सक्रिय है। उन्होंने बीजेपी को सलाह दी कि वह कांग्रेस की चिंता करने के बजाय जनता की समस्याओं पर ध्यान दे और सड़क, पानी, बिजली, सफाई और ट्रैफिक जैसी समस्याओं का समाधान करे।
गोंडा में देवीपाटन मंडल की कमिश्नर दुर्गा शक्ति नागपाल ने सिविल जज सीनियर डिवीजन शबीना खान को फोन करने से जुड़े विवाद पर अपना पक्ष रखा है। कमिश्नर ने कहा कि उनका उद्देश्य करीब तीन दशक पुराने सरकारी नजूल भूमि से जुड़े मामले की प्रशासनिक स्थिति जानना और सरकार के हितों की प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करना था। कमिश्नर के अनुसार, यह मामला करीब 1997 से लंबित है और अत्यंत मूल्यवान सरकारी नजूल भूमि से जुड़ा हुआ है। उपलब्ध अभिलेखों के मुताबिक, भूमि वर्ष 1985 में पट्टा निरस्त होने के बाद सरकार के नाम दर्ज की गई थी। इसके बावजूद वर्ष 2008 से बिना किसी वैध कानूनी दस्तावेज के एक साधारण कागज के आधार पर कथित पट्टा दर्शाए जाने की बात सामने आई है। इसी भूमि पर एक निजी विद्यालय संचालित होने की जानकारी भी दी गई है। कमिश्नर ने कहा कि पदभार संभालने के बाद जब उन्हें इस पुराने मामले की जानकारी मिली तो उनका उद्देश्य सरकारी भूमि का संरक्षण करना और लंबित वाद में सरकार की ओर से प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करना था। 'फोन पर केस को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई' दुर्गा शक्ति नागपाल ने स्पष्ट किया कि उन्हें संबंधित पीठासीन अधिकारी के अवकाश से लौटने की तारीख या अवकाश बढ़ने की जानकारी नहीं मिल पा रही थी। इसी वजह से उन्होंने फोन कर केवल यह जानने का प्रयास किया कि वह कब वापस लौट रही हैं। कमिश्नर ने कहा कि फोन पर न तो वाद के गुण-दोष पर कोई चर्चा हुई, न किसी आदेश या निर्णय को लेकर बात हुई और न ही वाद संख्या या वाद का नाम लेकर कोई चर्चा की गई। उन्होंने यह भी कहा कि पीठासीन अधिकारी की ओर से दिए गए पत्र में भी यह उल्लेख नहीं है कि मंडलायुक्त ने वाद का नाम या संख्या लेकर बातचीत की थी। '27 साल की सेवा' के उल्लेख को बताया गलत कमिश्नर ने पीठासीन अधिकारी के पत्र में उनकी '27 वर्ष की सेवा' के उल्लेख को भी तथ्यात्मक रूप से गलत बताया। उन्होंने कहा कि उनकी सेवा अवधि करीब 16 वर्ष है। उन्होंने यह भी बताया कि उनसे बात करने के लिए संदेश दिए जाने के बाद पीठासीन अधिकारी ने स्वयं उन्हें वापस फोन किया था। न्यायपालिका की स्वतंत्रता और गरिमा का सम्मान दुर्गा शक्ति नागपाल ने कहा कि वह न्यायपालिका की स्वतंत्रता और उसकी गरिमा का पूर्ण सम्मान करती हैं। उनके अनुसार, पूरे घटनाक्रम को इसी तथ्यात्मक संदर्भ में देखा जाना चाहिए। कमिश्नर ने दोहराया कि उनका उद्देश्य करीब 30 वर्षों से लंबित सरकारी भूमि से जुड़े मामले में केवल प्रशासनिक स्थिति की जानकारी लेना और सरकारी हितों की प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करना था।
लखनऊ के अंजुमन फारूक-ए-आज़म, हाता संगी बेग, नखास की ओर से जलसा सीरत-उन-नबी का आयोजन 25 अगस्त को 11 रबी-उल-अव्वल के मौके पर किया जाएगा। जलसा नमाज-ए-ईशा के बाद रात 9 बजे शुरू होगा। आयोजन को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। जलसे में हाफिज साकिब और हाफिज अब्दुल वाहिद मुख्य रूप से खिताब करेंगे। वे सीरत-ए-रसूल और इस्लामी शिक्षाओं पर अपने विचार रखेंगे। इसके बाद मोहल्ले के बच्चे नात-ए-पाक पेश करेंगे और तिलावत-ए-कलाम पाक करेंगे। आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि जलसे में क्षेत्र के लोगों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने की अपील की गई है। आयोजन के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। जलसे के माध्यम से लोगों तक पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब की शिक्षाओं और उनके जीवन संदेश को पहुंचाया जाएगा।
आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर पांच अगस्त को ट्रॉली बैग में मिले शव के टुकड़े ओडिशा की 38 वर्षीय हयातुन निशा के थे। हत्या के बाद कई टुकड़ों में शव को काट दिया गया था।
मथुरा में पकड़ी मिलावटी पनीर:राजस्थान से लाई जा रही थी, खाद्य विभाग ने नष्ट कराई
मथुरा में आगामी त्योहारों के मद्देनजर खाद्य विभाग ने मिलावटखोरों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। इसी क्रम में सोमवार रात करीब 11:30 बजे कोसीकलां क्षेत्र में राजस्थान से लाई जा रही 1200 किलोग्राम संदिग्ध पनीर की एक बड़ी खेप पकड़ी गई। जिलाधिकारी सीपी सिंह के निर्देश पर खाद्य आयुक्त द्वितीय डॉ. जतिन कुमार सिंह के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई में जब्त पनीर की अनुमानित कीमत लगभग तीन लाख रुपये बताई गई है। जनहित में इस संदिग्ध पनीर को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। खाद्य आयुक्त द्वितीय डॉ. जतिन कुमार सिंह ने बताया कि जनपद में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए त्योहारों से पहले विशेष अभियान चलाया जा रहा है। सोमवार रात विभाग को सूचना मिली थी कि राजस्थान से एक वाहन में भारी मात्रा में संदिग्ध पनीर मथुरा लाया जा रहा है। इस सूचना के आधार पर खाद्य विभाग की टीम ने तत्काल कोसीकलां क्षेत्र में घेराबंदी कर संदिग्ध वाहन की तलाश शुरू कर दी। टीम ने आगरा-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित किंग ढाबा के पास बोलेरो गाड़ी संख्या DL 1LAN2511 को रोका और उसकी तलाशी ली। तलाशी के दौरान वाहन से लगभग 1200 किलोग्राम पनीर बरामद हुआ। वाहन चालक और मालिक सत्यवीर पुत्र विश्वभर, निवासी ग्राम खेड़ली जालो, थाना कामां, जनपद डीग, राजस्थान से पनीर के क्रय-विक्रय संबंधी वैध दस्तावेज मांगे गए, लेकिन वह कोई भी संबंधित अभिलेख प्रस्तुत नहीं कर सका। पनीर की गुणवत्ता पर संदेह होने के कारण खाद्य विभाग की टीम ने उसके तीन नमूने संग्रहित किए हैं, जिन्हें जांच के लिए राजकीय खाद्य प्रयोगशाला भेजा गया है। इसके साथ ही, मौके पर अस्वच्छ और संदिग्ध पाए गए लगभग 1200 किलोग्राम पनीर को जनहित में तत्काल नष्ट कर दिया गया। इस नष्ट किए गए पनीर की अनुमानित कीमत करीब तीन लाख रुपये आंकी गई है। अधिकारियों ने बताया कि प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद संबंधित कारोबारी के खिलाफ नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। खाद्य विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि त्योहारों के दौरान मिलावटी और संदिग्ध खाद्य पदार्थों की बिक्री को रोकने के लिए यह अभियान लगातार जारी रहेगा।
फतेहाबाद में तलवार मारकर युवक की हत्या:घात लगाकर 3 लोगों ने किया हमला; होली पर हुआ था झगड़ा
फ़तेहाबाद के झलनिया गांव में बीती देर रात एक खौफनाक वारदात सामने आई है, जहां 40 वर्षीय एक व्यक्ति की लाठी-डंडों और तेजधार हथियारों से वार कर बेरहमी से हत्या कर दी गई। फतेहाबाद सदर पुलिस ने 5 लोगों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया है। घटना के पीछे होली पर हुए झगड़े की रंजिश बताई जा रही है। मृतक की पहचान महेंद्र (40) निवासी गांव झलनिया के रूप में हुई है। वह पेशे से टाइल मिस्त्री का काम करता था। जानकारी के अनुसार, महेंद्र देर रात 9 बजे बाद अपनी बाइक पर काम निपटाकर घर लौट रहा था। बताया गया है कि जैसे ही वह गांव पहुंचा, रास्ते में पहले से घात लगाए बैठे कुछ लोगों ने उसे रोक लिया। आरोपियों ने उस पर ताबड़तोड़ लाठियों और तेजधार हथियार से हमला कर दिया और मौके से भाग गए। महेंद्र गली में ही तड़पता रहा और बाद में उसने दम तोड़ दिया। इस घटना से गांव में हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर परिजन व ग्रामीण मौके पर पहुँचे और पुलिस को सूचित किया। सीन ऑफ क्राइम टीम मौके पर पहुंची, 5 पर केस दर्ज सीन ऑफ क्राइम व पुलिस टीम देर रात मौके पर पहुंची और जांच पड़ताल की। शव को कब्जे में लेकर नागरिक अस्पताल फ़तेहाबाद पहुंचाया गया है। मृतक शादीशुदा था। वारदात के बाद से गांव में दहशत और तनाव का माहौल है। उधर थाना सदर फतेहाबाद पुलिस ने मृतक के भाई के बयान पर गाव के ही 5 लोगों के खिलाफ हत्या, आपराधिक षड्यंत्र और साझा मंशा से हमला करने की गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। होली पर देवेंद्र के साथ हुआ था झगड़ा झलनिया निवासी बुध राम ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसका छोटा भाई महेन्द्र सिंह मकानों में टाइल लगाने का काम करता था। बीते होली के त्यौहार पर महेन्द्र का गांव के ही देवेंद्र सिंह के साथ झगड़ा हुआ था। हालांकि बाद में दोनों पक्षों में राजीनामा हो गया था, लेकिन देवेंद्र रंजिश रखे हुए था और उसने अंजाम भुगतने की धमकी दी थी। घेरकर डंडों और तलवार से किया हमला शिकायतकर्ता के मुताबिक, 24 अगस्त की रात करीब 9 बजे बाद जब वह वाटर वर्क्स की तरफ जा रहा था, तब उसने देखा कि गांव में अजय और रामू (दोनों भाई) तथा सतीश उसके भाई महेन्द्र को घेरकर डंडों और तलवार से हमला कर रहे थे। आरोपियों ने महेन्द्र पर ताबड़तोड़ वार कर उसे बुरी तरह घायल कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।बुध राम का आरोप है कि इस हत्याकांड को देवेंद्र और उसके भाई दर्शन सिंह ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर साजिश के तहत अंजाम दिलवाया है। पुलिस ने इन धाराओं में किया केस दर्ज थाना सदर फतेहाबाद पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी देवेंद्र, दर्शन सिंह, अजय, रामू और सतीश के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 103(1) (हत्या), धारा 61 (अपराधिक षड्यंत्र) और धारा 3(5) (साझा मंशा) के तहत केस दर्ज कर लिया है।
सावन महीने का आज आखिरी सोमवार है। मध्य प्रदेश के ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन के लिए श्रद्धालु देशभर से आते हैं। यहां आने वाले श्रद्धालुओं से पुजारी और दुकानदार ममलेश्वर महादेव मंदिर दर्शन के लिए जाने की बात भी कह रहे हैं। वे कहते हैं कि वहां नहीं गए, तो यात्रा अधूरी रह जाएगी। सवाल उठता है कि ममलेश्वर मंदिर के दर्शन नहीं किए, तो यात्रा अधूरी कैसे? क्या ओंकारेश्वर और ममलेश्वर मंदिर अलग-अलग हैं या दोनों का आपस में संबंध है? दोनों मंदिर मां नर्मदा के दो किनारों पर स्थित हैं। ममलेश्वर नर्मदा के दक्षिण तट पर ओंकारेश्वर से थोड़ी दूर स्थित है। मान्यता के अनुसार दोनों को एक ही ज्योतिर्लिंग माना जाता है। यानी अलग होते हुए भी इनकी गणना एक ही तरह से की जाती है। पुराणों में ओंकारेश्वर को भगवान शिव का 'प्राण' और ममलेश्वर को 'पिंड (शरीर)' कहा गया है। इसके बारे में जानने के लिए दैनिक भास्कर की टीम ने ओंकारेश्वर मंदिर के पुजारी पंडित डंकेश्वर दीक्षित और ममलेश्वर मंदिर के पूर्व पुजारी पंडित बसंत अत्रे से बात की। जानने की कोशिश की कि आखिर दोनों मंदिरों के बीच क्या संबंध है? पहले बात ओंकारेश्वर शिवलिंग की… भगवान राम के पूर्वजों से ओंकारेश्वर का संबंध देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग चतुर्थ यानी चौथे नंबर का है। वैसे तो मंदिर के बारे में प्रमाणिक रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। फिर भी तीन मान्यताएं प्रचलित हैं। पहली कथा: ओंकारेश्वर मंदिर के पुजारी पंडित डंकेश्वर दीक्षित कहते हैं कि शास्त्रों में बताया गया है कि ओंकारेश्वर नगरी का मूल नाम भगवान राम की 15वीं पीढ़ी के पूर्वज राजा मान्धाता के नाम पर है। उन्होंने यहां नर्मदा नदी के इस पर्वत पर तपस्या कर शिवजी को प्रसन्न किया। शिवजी से राजा मान्धाता ने यहीं निवास करने का वरदान मांग लिया। तभी से तीर्थ नगरी ओंकार मान्धाता के रूप में पहचाने जाने लगी। यहां की एक साधना मान्धाता द्वीप की परिक्रमा मानी जाती है। जब साधक नर्मदा किनारे द्वीप के चारों ओर चलते समय ऊँ का जप करता है, तब हर कदम मानो किसी मंत्राक्षर पर पड़ने जैसा अनुभव देता है। यह परिक्रमा केवल व्रत या नियम नहीं, बल्कि जीवन को ईश्वर की ध्वनि के हवाले करने जैसी साधना बन जाती है। दूसरी कथा– पंडित डंकेश्वर दीक्षित कहते हैं कि एक बार नारद मुनि गिरिराज विंध्य पर्वत पर घूमते-घूमते पहुंच गए। विन्ध्याचल ने कहा कि उनके पास कोई कमी नहीं है। उनका अंहकार देखकर नारदजी ने विन्ध्याचल से कहा कि मेरू पर्वत के बराबर विन्ध्याचल की ऊंचाई नहीं है। उस पर्वत के शिखर इतने ऊंचे हो गए हैं कि वो देवताओं के लोकों तक पहुंचे चुके हैं। विंध्याचल इस शिखर तक नहीं पहुंच पाएगा। यह कहकर नारद जी चले गए। यह सुनकर राजा विंध्याचल को बहुत दु:ख हुआ। उन्होंने शिवजी की आराधना करने का फैसला किया। पार्थिव शिवलिंग वो कठोर तपस्या करने लगे। प्रसन्न होकर शिव जी ने कार्य सिद्ध करने वाली बुद्धि का वरदान दे दिया। उसी समय देवतागण और कुछ ऋषिगण भी पहुंच गए। इन सभी ने अनुरोध किया कि वहां स्थित ज्योतिर्लिंग दो स्वरूपों में विभक्त हो जाएं। इसके बाद ज्योतिर्लिंग दो स्वरूपों में बंट गया, जिसमें से एक प्रणव लिंग ओंकारेश्वर और दूसरा पार्थिव लिंग ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग के नाम से प्रसिद्ध हुआ। अन्य कथा– इसके अनुसार जब त्रिपुरासुर जैसे दैत्य के अत्याचार से देवता व्याकुल हुए। उन्होंने शिवजी से रक्षा की प्रार्थना की, तब शिवजी ने इसी क्षेत्र में तेजस्वी रूप धारण कर संतुलन स्थापित किया। दोनों ही कथाओं में मूल संदेश एक ही है कि जब भक्ति, नाद और प्रार्थना किसी पवित्र धरती पर मिलते हैं, तो दिव्यता स्वयं को प्रकट करने का मार्ग तलाश लेती है। ममलेश्वर मंदिर के बारे में भी दो मान्यताएंपहली – पुजारी पंडित डंकेश्वर दीक्षित बताते हैं कि भगवान ओंकारेश्वर स्वयंभू, प्रणव (ॐ) स्वरूप और मुख्य ज्योतिर्लिंग है। प्राचीन समय में जब नर्मदा में बाढ़ आती थी, तो श्रद्धालु ओंकारेश्वर मंदिर तक नहीं पहुंच पाते थे। ऐसे में आदि गुरु शंकराचार्य ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए भगवान ममलेश्वर की स्थापना करवाई, ताकि वहां दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं को भी समान धार्मिक फल प्राप्त हो। इसी कारण दोनों का महत्व एक समान माना जाता है और इसे ॐकारम्-अमलेश्वर भी कहा जाता है। दूसरी – वहीं, पिछली चार पीढ़ियों से ममलेश्वर मंदिर के पुजारी रह रहे अत्रे परिवार के सदस्य व पूर्व पुजारी पंडित बसंत अत्रे का कहना है कि शिवपुराण के अनुसार राजा विंध्य ने 60 हजार पार्थिव शिवलिंग बनाकर छह महीने तक भगवान शिव की कठोर तपस्या की थी। भगवान शिव ने प्रसन्न होकर आशीर्वाद दिया, तब विंध्य द्वारा पार्थिव शिवलिंग में विराजित करवाया गया। यही स्वरूप आगे चलकर अमलेश्वर और वर्तमान में ममलेश्वर के नाम से प्रसिद्ध हुआ। ममलेश्वर का अर्थ मम यानी मेरा, लेश यानी दुःख ममलेश्वर मतलब मेरे दु:ख को हरने वाला। शयन आरती मानी जाती है खास… मंदिर के पुजारियों के अनुसार ओंकारेश्वर में शयन आरती का उतना ही महत्व है, जितना कि उज्जैन के महाकाल में भस्म आरती का। ओंकारेश्वर में तीन पुरियां हैं, शिवपुरी, विष्णुपुरी और ब्रह्मपुरी। इस कारण ही यहां तीन प्रहर की आरती का नियम है। इनमें शयन आरती खास मानी जाती है। मान्यता है कि इस दौरान भगवान शंकर यहां मौजूद रहते हैं। मंदिर के पुजारी डंकेश्वर दीक्षित कहते हैं कि शयन आरती के पहले गर्भगृह में ज्योर्तिलिंग के सामने प्रतिदिन चौपड़ बिछाकर उसकी गोटियां और पासे रखे जाते हैं। आरती के बाद दरवाजे पर लगाए जाने वाले ताले की भी पूजा की जाती है। इस दौरान रात में किसी भी व्यक्ति को मंदिर में अंदर रहने की इजाजत नहीं है। दूसरे दिन ब्रम्हमुहु्र्त में मंदिर के जब पट खोले जाते हैं, तो चौपड़ पर रखी गोटियां और पासे इस प्रकार से बिखरे मिलते हैं, जैसे– उसे खेला गया हो। कहा जाता है कि ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग ही एक मात्र ऐसा तीर्थ स्थल है, जहां हर रात भगवान शिव और माता पार्वती चौपड़ खेलते हैं। ये भी पढ़ें… महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग की पौराणिक कथा से मंदिर के इतिहास तक 12 ज्योतिर्लिंगों में भगवान महाकालेश्वर का विशेष स्थान है। उज्जैन का महाकाल मंदिर देश का प्रमुख शिवधाम है और यहां भगवान शिव दक्षिणमुखी ज्योतिर्लिंग के रूप में विराजित हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि उज्जैन में महाकाल की उत्पत्ति कैसे हुई? भगवान महाकाल ने उज्जैन को ही क्यों चुना? पढ़ें पूरी खबर…
महाकाल मंदिर में हजारों भक्तों ने की भव्य आरती
महाकाल मंदिर में हजारों भक्तों ने की भव्य आरती
पठानकोट के कंडी क्षेत्र धारकलां में सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) 10 साल से दावों और उद्घाटनों के बीच उलझा हुआ है।
शहडोल-रीवा मार्ग पर निर्माणाधीन पुल में ट्रक धंसा:बड़ा हादसा टला, एक घंटे जाम में फंसी एंबुलेंस
शहडोल-रीवा मुख्य मार्ग पर सोमवार शाम एक बड़ा हादसा टल गया। जिला मुख्यालय से लगभग 5 किलोमीटर दूर पिपरिया स्थित अमृता हॉस्पिटल के पास निर्माणाधीन सड़क के नए पुल से गुजर रहा एक ट्रक अचानक धंस गया। इस घटना के कारण रीवा की ओर से आ रही एक यात्री बस ट्रक से टकराने से बाल-बाल बची। घटना के बाद मार्ग पर करीब एक घंटे तक भारी जाम लगा रहा, जिससे कई एंबुलेंस भी फंसी रहीं। लगातार बारिश के कारण निर्माणाधीन सड़क के पास बनाया गया डायवर्जन बह गया था। इसके चलते यातायात को नए पुल से गुजारा जा रहा था। सोमवार रात पुल से गुजरते समय ट्रक के धंसने से मार्ग बाधित हो गया, जिससे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जिस समय ट्रक पुल में धंसा, उसी दौरान रीवा की ओर से एक यात्री बस आ रही थी। ट्रक के अचानक रुकने और मार्ग बाधित होने के कारण बस उसकी चपेट में आने से बाल-बाल बची। यदि दोनों वाहनों की टक्कर होती, तो बड़ा हादसा हो सकता था। इस घटना के कारण मार्ग पर लगभग एक घंटे तक भारी जाम लगा रहा। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। जाम में एंबुलेंस के फंसने से मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने में कठिनाई हुई। राहगीरों और अन्य वाहन चालकों को भी काफी असुविधा का सामना करना पड़ा। घटना के बाद सड़क निर्माण में सुरक्षा मानकों के पालन पर सवाल उठ गए हैं। वाहन चालकों ने आरोप लगाया है कि निर्माणाधीन हिस्से में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था, संकेतक और सुरक्षित डायवर्जन की व्यवस्था नहीं की गई है। उनका यह भी कहना है कि बारिश के दौरान सड़क की खराब स्थिति के बावजूद यातायात संचालन में उचित सावधानी नहीं बरती जा रही है।
करीब 16 महीने से पुलिस को चकमा दे रहा दुष्कर्म का आरोपी आखिरकार गिरफ्त में आ गया। नारायणपुर पुलिस ने अजबपुरा निवासी आरोपी को हिरासत में लिया है। आरोपी से फरारी के दौरान के ठिकानों और मामले से जुड़े घटनाक्रम को लेकर पूछताछ जारी है।
जनजातीय कार्य विभाग के मंत्री विजय शाह के कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर दिए विवादित बयान के मामले में सरकार आज कैबिनेट बैठक में अभियोजन स्वीकृति देने पर फैसला करेगी। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने पर इसे राज्यपाल के पास भेजा जाएगा। इस मामले की अगली सुनवाई 31 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में होनी है। इससे पहले सरकार को अभियोजन स्वीकृति पर निर्णय लेना है। मंत्री विजय शाह के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति का मामला करीब एक साल से लंबित है। मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196(1)(a) के तहत उनके खिलाफ अभियोजन चलाने की अनुमति मांगी है। सरकारी सेवक के खिलाफ अभियोजन की अनुमति से जुड़े प्रावधान के तहत सरकार की मंजूरी जरूरी बताई गई है। सुप्रीम कोर्ट ने 19 जनवरी 2026 को सुनवाई के दौरान राज्य सरकार को इस मामले में निर्णय लेने के लिए दो सप्ताह का समय दिया था। इसके बावजूद फैसला लंबित रहा। अब सरकार कैबिनेट के जरिए इस पर निर्णय लेने की तैयारी में है। मंजूरी मिली तो राज्यपाल के पास जाएगा प्रस्ताव यदि कैबिनेट अभियोजन स्वीकृति के प्रस्ताव को मंजूरी देती है तो इसे राज्यपाल के पास भेजा जाएगा। राज्यपाल की मंजूरी के बाद गृह विभाग सुप्रीम कोर्ट में इस संबंध में शपथपत्र पेश करेगा। मंजूरी नहीं मिली तो भी खत्म नहीं होगा मामला सरकार से अभियोजन की अनुमति नहीं मिलने की स्थिति में भी मामला खत्म नहीं होगा। ऐसी स्थिति में केस लंबित रह सकता है। विजय शाह के मंत्री पद से हटने के बाद एसआईटी उनके खिलाफ अभियोजन की कार्रवाई आगे बढ़ा सकती है। उस समय सरकार की पूर्व अनुमति की जरूरत नहीं होगी। BNS की धारा 196(1)(a) में तीन साल तक की सजा एसआईटी ने विजय शाह के खिलाफ BNS की धारा 196(1)(a) के तहत अभियोजन की अनुमति मांगी है। इस धारा में विभिन्न नस्लीय, धार्मिक, क्षेत्रीय और जातीय समूहों के बीच नफरत या असमानता फैलाने जैसे कृत्यों के लिए तीन साल तक के कारावास और जुर्माने का प्रावधान बताया गया है। अब कैबिनेट के फैसले पर सभी की नजर है, क्योंकि 31 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में मामले की अगली सुनवाई होनी है। मंत्री शाह ने दिया था विवादित बयान भारतीय सेना में कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर मंत्री विजय शाह ने मई 2025 में आपत्तिजनक बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि जिन लोगों ने हमारी बेटियों का सिंदूर उजाड़ा था, मोदी जी ने उन्हीं की बहन भेजकर उनकी ऐसी की तैसी करा दी। यह बयान पाकिस्तान पर एयर स्ट्राइक के बाद आया था। मंत्री शाह ने इंदौर के महू के रायकुंडा गांव में आयोजित हलमा कार्यक्रम में यह बोला था।
कोटा में सुबह से ही शहर के कई इलाकों में रिमझिम बारिश हो रही है। बीते 2 घंटे से हो रही बरसात से मौसम खुशनुमा बना हुआ हैं। सोमवार रात को भी शहर के कई इलाकों में बारिश हुई। सड़क गीली हो गई। बारिश के चलते तापमान में भी गिरावट आई है। मौसम विभाग ने 26 अगस्त तक कोटा संभाग में बरसात का यलो अलर्ट जारी कर रखा है। सोमवार को अधिकतम तापमान में एक डिग्री की गिरावट दर्ज हुई। सोमवार को अधिकतम तापमान 33 डिग्री व न्यूनतम तापमान 26. 8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार- इस मानसून सीजन में अब तक औसत से 35% कम बारिश हुई है। सामान्यतया जिले में 24 अगस्त तक औसत 587.9मिमी बारिश होती है। इस सीजन में अभी तक 380 मिमी बारिश हुई है।
इंटरनेट डेस्क। राजस्थान में मानसून एक बार फिर से एक्टिव हो गया है। सोमवार दिन से ही प्रदेश के कई जिलों में बारिश का दौर जारी है। राजधानी जयपुर में आज भी अच्छी बारिश देखने को मिली है। आईएमडी के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार 25 और 26 अगस्त को पूर्वी राजस्थान के कोटा, भरतपुर और जयपुर संभाग के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। इस दौरान कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना भी जताई गई है। वहीं उदयपुर और अजमेर संभाग के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। 25 अगस्त को जयपुर, भरतपुर, कोटा, अजमेर और उदयपुर संभाग में कहीं-कहीं बारिश का पूर्वानुमान है 25-26 अगस्त को इन संभागों में बारिश मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर की माने तो 25 और 26 अगस्त को कोटा, भरतपुर और जयपुर संभाग के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी हो सकती है। कहीं-कहीं भारी बारिश भी हो सकती है। मौसम विभाग ने उदयपुर और अजमेर संभाग में हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं जताएं है। 25 अगस्त को जयपुर, भरतपुर, कोटा, अजमेर और उदयपुर संभाग में कहीं-कहीं बारिश हो सकती है, 26 अगस्त को भी इन संभागों में बारिश की संभावना बनी रहेगी, जबकि 27 अगस्त को भरतपुर, कोटा और उदयपुर संभाग में कहीं-कहीं बारिश हो सकती है. 28 और 29 अगस्त को जयपुर, भरतपुर, कोटा, अजमेर और उदयपुर संभाग में भी छिटपुट बारिश का अनुमान है। 16 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट मौसम विभाग जयपुर के अनुसार 25 अगस्त को श्रीगंगानगर, पाली, करौली, बारां, डीग, चूरू, झालावाड़, चित्तौड़गढ़, बालोतरा, कोटा, राजसमंद, हनुमानगढ़, भरतपुर, जयपुर, उदयपुर और बीकानेर में आंधी-बारिश की चेतावनी है। इन इलाकों में मेघगर्जन और वज्रपात के साथ तेज झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। कुछ स्थानों पर हवा की रफ्तार 45 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना बताई गई है। pc- jagran
सावन के अंतिम सोमवार पर भजन-कीर्तन:सादाबाद के हनुमान मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़
हाथरस के सादाबाद में सुभाष गली स्थित श्री ठाकुर हनुमान जी महाराज मंदिर में सावन के अंतिम सोमवार के अवसर पर श्रद्धा एवं भक्ति का विशेष माहौल देखने को मिला। मंदिर परिसर को आकर्षक फूलों और रंग-बिरंगी सजावट से सजाया गया। इस अवसर पर भगवान शिवजी का फूलों से मनमोहक श्रृंगार किया गया, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे। मंदिर प्रबंधक दिनेश अग्रवाल ने बताया कि श्रद्धालुओं ने भक्ति गीतों पर झूमते हुए भगवान के जयकारे लगाए। पूरे मंदिर परिसर में 'बम बम भोले' और 'जय श्री राम' के जयघोष से वातावरण भक्तिमय हो गया। मंदिर में आने वाले भक्तों के लिए प्रसाद की व्यवस्था भी की गई। देर तक चले भजन-कीर्तन एवं धार्मिक आयोजन में श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। इस अवसर पर पवन गौतम, नूतन राजोरिया, ब्रजेश गहलौत, रेखा गौतम, इंद्रा मित्तल, चंचल वर्मा, राधा वर्मा, सरोज देवी, लाडो, ज्योति, सतीश वर्मा आदि भक्त मौजूद रहे।
रक्षाबंधन पर आसान होगी दिल्ली-झांसी की यात्रा, आगरा कैंट से गुजरेंगी स्पेशल ट्रेनें, दिल्ली, झांसी और खजुराहो के बीच चलेंगी।
गौमांस परिवहन मामले में वाहन स्वामी गिरफ्तार:शामली पुलिस ने गोहरनी निवासी आरोपी को पकड़ा
शामली मेंआदर्श मंडी थाना पुलिस ने गौमांस परिवहन के एक मामले में वांछित वाहन स्वामी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान गांव गोहरनी निवासी गौरव पुत्र विशम्बर के रूप में हुई है। इस मामले में शामिल दूसरे आरोपी इन्तयाज पुत्र मखबूल निवासी हकीकत नगर, बनत को 23 अगस्त को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था। पुलिस के अनुसार, 29 दिसंबर 2025 को डायल-112 पर सूचना मिली थी कि पशु पैठ बनत में मांस से भरी एक पिकअप खड़ी है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और वाहन को अपने कब्जे में ले लिया। पशु चिकित्सक की मौजूदगी में मांस का नमूना लिया गया, जबकि शेष मांस को नियमानुसार गड्ढा खुदवाकर दबवा दिया गया था। जांच के लिए मांस का नमूना विधि विज्ञान प्रयोगशाला, मथुरा भेजा गया था। प्रयोगशाला की रिपोर्ट में मांस के गौमांस होने की पुष्टि हुई। इसके बाद आदर्श मंडी थाने में अज्ञात के खिलाफ गौ हत्या निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस अधीक्षक एनपी सिंह ने मामले के खुलासे और आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए थे। पुलिस की पूछताछ में गिरफ्तार वाहन स्वामी गौरव ने बताया कि वह छोटे हाथी वाहन का पंजीकृत स्वामी है। उसने बताया कि बीमारी के कारण लगभग एक माह वाहन चलाने के बाद उसने यह वाहन गांव के सतीश पुत्र नरेश और बनत के हकीकत नगर निवासी इन्तयाज को किराए पर दे दिया था। गौरव के अनुसार, ये दोनों ही वाहन का संचालन करते थे। पुलिस ने आरोपी गौरव के खिलाफ मुकदमा संख्या 201/2026, धारा 3/5क/8 गौ हत्या निवारण अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई की है।
अयोध्या के राम मंदिर से जुड़े चढ़ावे और कथित चोरी के विवाद ने अब नया मोड़ ले लिया है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय के लिखित बयान में ट्रस्ट की कार्यप्रणाली, मीडिया में दिए गए बयानों और कुछ पदाधिकारियों की भूमिका को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। चंपत राय […] The post राम मंदिर चढ़ावा विवाद में नया मोड़: 6 साल की चुप्पी पर सवाल, 4 दिन में 14 इंटरव्यू से क्यों नाराज हुए चंपत राय? appeared first on https://rajsattaexpress.com .
शाहनवाज राणा पर ईडी की कार्रवाई खत्म: 9 ठिकानों पर छापा, करोड़ों की नकदी बरामद; जांच अभी बाकी!
पूर्व बसपा एमएलसी शाहनवाज राणा समेत तमाम आरोपियों के ठिकानों पर ईडी की कार्रवाई मंगलवार सुबह खत्म हो गई है।
फॉर्मर रजिस्ट्री कार्य में लापरवाही, पटवारी सस्पेंड:कलेक्टर के निर्देश पर SDM ने लिया एक्शन
जयसिंहनगर तहसील के जमुड़ी हल्का में पदस्थ पटवारी भरत सिंह खैरवार को फॉर्मर रजिस्ट्री के शासकीय कार्य में घोर लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई कलेक्टर पार्थ जायसवाल के निर्देश पर अनुविभागीय अधिकारी राजस्व काजोल सिंह ने की है। पटवारी भरत सिंह खैरवार पर सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबन की कार्रवाई की गई है। जानकारी के अनुसार, पटवारी अपने हल्का में रहकर कार्य नहीं कर रहा था और ग्रामीणों के संपर्क में भी नहीं था। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें नियमानुसार निर्धारित मुख्यालय पर उपस्थित रहना होगा। फॉर्मर रजिस्ट्री एक प्रक्रिया है जिसके तहत किसानों से संबंधित जानकारी को डिजिटल रूप से दर्ज और अपडेट किया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य किसानों की भूमि, पहचान और अन्य आवश्यक जानकारी को एक एकीकृत डिजिटल रिकॉर्ड में उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सके। अधिकारियों ने सभी शासकीय योजनाओं और ऑनलाइन राजस्व संबंधी कार्यों को समय-सीमा में पूरा करने के सख्त निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी योजनाओं और महत्वपूर्ण डिजिटल रिकॉर्ड से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा। जिम्मेदार कर्मचारियों पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
शामली में चीनी का पर्याप्त स्टॉक:जिला खाद्य विपणन अधिकारी ने कमी की अफवाहों को नकारा
शामली में चीनी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और इसकी कोई कमी नहीं है। जिला खाद्य विपणन अधिकारी विजय सिंह ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि चीनी की उपलब्धता सुनिश्चित करने और कमी की अफवाहों पर विराम लगाने के लिए थोक विक्रेताओं के गोदामों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण अभियान के तहत मंडी मार्श गंज स्थित मैसर्स हरिप्रकाश, मैसर्स गणेश, मैसर्स अनमोल ट्रेडिंग के साथ-साथ नवीन मंडी शामली स्थित मैसर्स भगवत शरण अशोक, मैसर्स विनोद कुमार और मैसर्स गोपाल सन्स के गोदामों की जांच की गई। इस दौरान गोदामों में मौजूद चीनी के स्टॉक का भौतिक सत्यापन किया गया और संबंधित अभिलेखों से उसका मिलान किया गया। अधिकारियों ने निरीक्षण के दौरान थोक विक्रेताओं को निर्देश दिए कि वे चीनी के स्टॉक की जानकारी पोर्टल पर नियमित रूप से अपडेट करते रहें। इसके अतिरिक्त, उन्हें ऑफलाइन अभिलेखों को भी व्यवस्थित और सुरक्षित रखने के लिए कहा गया, ताकि स्टॉक की सही स्थिति का रिकॉर्ड हमेशा उपलब्ध रहे। जिला खाद्य विपणन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में जनपद में चीनी का पर्याप्त भंडार मौजूद है और बाजार में चीनी की किसी प्रकार की कमी नहीं है। उन्होंने उपभोक्ताओं से भी अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से चीनी का भंडारण न करें।
उदयपुर के चर्चित 'उदयपुर फाइल्स' केस के आरोपी को भूपालपुरा थाने में दर्ज दूसरे मामले में जोधपुर हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। हाईकोर्ट की एकलपीठ ने धोखाधड़ी मामले में उसकी जमानत याचिका स्वीकार कर ली है। हालांकि आरोपी के खिलाफ दर्ज मुख्य मामले यानी महिला नेता से ब्लैकमेलिंग केस में अभी राहत नहीं मिली है। इस मामले में जोधपुर हाईकोर्ट में आज (25 अगस्त) को जमानत याचिका पर सुनवाई होनी है। हाईकोर्ट द्वारा जमानत याचिका स्वीकार होने के बाद आरोपी जेल से बाहर आ सकेगा। धोखाधड़ी केस में 50 हजार के मुचलके पर आदेश हाईकोर्ट में अधिवक्ता राजेंद्र सिंह राठौड़ ने दलील दी कि आरोपी 17 फरवरी 2026 से न्यायिक हिरासत में बंद है। इस केस में लगाए गए आरोप मजिस्ट्रेट ट्रायल योग्य हैं और ट्रायल लंबा चलने की संभावना है। इस पर कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आरोपी को 50 हजार रुपए के निजी मुचलके और 25-25 हजार रुपए की दो जमानतों पर रिहा करने का आदेश दिए हैं। महिला नेता के केस के बाद दर्ज हुआ था यह दूसरा मामला आरोपी को सबसे पहले महिला नेता को वीडियो के आधार पर ब्लैकमेल ( 'उदयपुर फाइल्स' ) करने के मामले में भूपालपुरा पुलिस ने पकड़ा था। उस गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसके खिलाफ 17 जुलाई 2025 को धोखाधड़ी का यह अलग केस दर्ज किया था। इस दूसरे केस में हाईकोर्ट से बेल मिल गई है, लेकिन सबकी नजरें अब आज होने वाली मुख्य ब्लैकमेलिंग केस की सुनवाई पर टिकी हैं। ये खबरें भी पढ़िए… बीजेपी की महिला नेता के कथित वीडियो-कांड में चार्जशीट पेश:मेमोरी कार्ड में मिली 20 से ज्यादा क्लिप; जासूसी कैमरा बेचने वाले को बनाया गवाह बीजेपी की महिला-नेता के साथ वीडियो में दिखा व्यक्ति कौन?:डीएसपी ने फाइल ASP को नहीं दी, चार्जशीट तक पूरी जांच खुद ने की हथियार लिए युवकों के साथ आई पुलिस,वकील को उठाया,VIDEO:मां का आरोप-गेट तोड़ा, बदमाश आए थे, जूली ने कहा था- उदयपुर फाइल्स आएगी उदयपुर फाइल्स पर टीकाराम जूली बोले-मेरे पास 4-5 वीडियो हैं:कहा- पुलिस की मंशा फाइल डिलीट करवाने की थी, उससे पहले ही कॉपी पहुंच चुकी थी
पेपर लीक रोकने फुलप्रूफ बोर्ड परीक्षाएं, इंसानी दखल नहीं होगा; यहां उठाए जा रहे बड़े कदम
पेपर लीक रोकने के लिए उत्तराखंड बोर्ड की परीक्षाएं फुलप्रूफ बनाई जा रही हैं। सबसे खास बात यह है कि इसमें इंसानी दखल बिल्कुल नहीं होगा।
अयोध्या में मंगलवार सुबह से मूसलाधार बारिश का दौर जारी है। आसमान में घने बादल छाए रहने और लगातार बारिश से मौसम सुहाना हो गया है। पिछले कई दिनों से उमस और गर्मी से परेशान लोगों को बारिश से राहत मिली है। हालांकि, लगातार बारिश के चलते शहर की कई निचली कॉलोनियों में जलभराव की स्थिति बनने लगी है। इससे लोगों की परेशानी बढ़ने की आशंका है। आचार्य नरेंद्र देव कृषि प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटे तक पूर्वी उत्तर प्रदेश में मौसम बदला रहेगा। इस दौरान हल्के से मध्यम बादल छाए रहने के साथ बारिश होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर मध्यम से तेज बारिश भी हो सकती है। ऐसे में जिला प्रशासन की नजर निचले इलाकों के साथ सरयू नदी के जलस्तर पर बनी हुई है। सोमवार को 15.8 मिमी बारिश रिकॉर्ड कुमारगंज मौसम केंद्र के आंकड़ों के अनुसार सोमवार को अयोध्या में 15.8 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। अधिकतम तापमान 35.5 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 2.4 डिग्री अधिक था। न्यूनतम तापमान 27.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2 डिग्री अधिक रहा। अधिकतम सापेक्षिक आर्द्रता 81 और न्यूनतम 72 प्रतिशत रही। हवा की गति 1.4 किलोमीटर प्रति घंटा रही और हवा दक्षिण-पूर्व दिशा से चली। सरयू का जलस्तर खतरे के निशान के करीब बारिश के बीच सरयू नदी का बढ़ता जलस्तर चिंता का कारण बना हुआ है। नदी का जलस्तर खतरे के निशान 92.73 मीटर के करीब पहुंच गया है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार आगामी दिनों में सरयू के जलस्तर में फिर बढ़ोतरी हो सकती है। इससे नदी किनारे बसे गांवों और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। जलस्तर में बढ़ोतरी को देखते हुए तटवर्ती क्षेत्रों के लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। प्रशासन और संबंधित विभाग नदी के जलस्तर पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। यदि बारिश का दौर आगे भी तेज रहा तो सरयू का जलस्तर और बढ़ने की संभावना है। बारिश ने लोगों को उमस और गर्मी से राहत जरूर दी है, लेकिन जलभराव और सरयू के बढ़ते जलस्तर ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। अगले 24 घंटे में बारिश की स्थिति और नदी के जलस्तर पर सभी की नजर बनी रहेगी।
दहेज के लिए कर डाला पाप: एक ननद ने पकड़े हाथ, दूसरी ने घोंप दिया चाकू; आगरा में विवाहिता से हैवानियत
लहूलुहान विवाहिता का पुलिस ने कराया मेडिकल, दहेज में बाइक और दो लाख रुपये मांगने का आरोप, पति समेत 6 पर प्राथमिकी
मऊ के सरयू नदी का जलस्तर घटने के साथ ही दोहरीघाट में कटान तेज हो गया है। सोमवार सुबह गौरीशंकर घाट के आगे खाकी बाबा कुटी के पास करीब 15 मीटर तक सुरक्षा में लगाए गए बोल्डर और किनारे के पेड़-पौधे नदी में समा गए। अचानक हुए कटान से नगर में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही सिंचाई विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जियो बैग व बोल्डर डालकर कटान रोकने का काम शुरू किया। गौरीशंकर घाट पर लगे मीटर गेज के अनुसार रविवार को सरयू नदी का जलस्तर 70.35 मीटर था। सोमवार को जलस्तर 20 सेंटीमीटर घटकर 70.15 मीटर पर पहुंच गया। इसके बावजूद नदी खतरे के निशान 69.90 मीटर से 25 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। जलस्तर कम होने से तटवर्ती गांवों में बाढ़ का खतरा कुछ कम हुआ है, लेकिन कटान का जोखिम बढ़ गया है। सरहरा पुरवे से परमहंस बाबा कुटी तक कटान सरहरा पुरवे से लेकर परमहंस बाबा कुटी के सामने तक कई स्थानों पर रुक-रुककर कटान हो रही है। स्थानीय लोगों को आशंका है कि जलस्तर में और कमी आने पर कटान की रफ्तार और बढ़ सकती है। आरोप है कि इसके बावजूद बाढ़ खंड आजमगढ़ की ओर से अब तक कटान रोकने के लिए कोई ठोस कार्य नहीं किया गया है। भारत माता मंदिर से टकरा रही उग्र लहरें सरयू की तेज लहरें मुक्तिधाम स्थित भारत माता मंदिर से सीधे टकरा रही हैं। इससे नदी में बैकरोलिंग की स्थिति बन रही है। इसी वजह से सोमवार को खाकी बाबा कुटी के पास करीब 15 मीटर तक सुरक्षा बोल्डर और किनारे के पेड़-पौधे कटकर नदी में समा गए। घटना के बाद कस्बेवासियों में दहशत फैल गई। सिंचाई विभाग के कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर जियो बैग और बोल्डर डालने का काम शुरू किया। विभाग का दावा है कि फिलहाल कटान को रोक दिया गया है। हालांकि लहरों का दबाव इसी तरह बना रहा तो नुकसान बढ़ने की आशंका है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पहले भी नगर की कई ऐतिहासिक धरोहरें सरयू नदी की धारा में समा चुकी हैं। डीएम ने मौके पर पहुंचकर दिए निर्देश कटान की सूचना मिलने के बाद जिलाधिकारी भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने सिंचाई विभाग और नगर पंचायत के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मौके पर चल रहे बचाव कार्य की जानकारी लेने के साथ कटान प्रभावित क्षेत्र में निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए गए। जियो बैग के बाद होगी बोल्डर पिचिंग सिंचाई विभाग के अवर अभियंता प्रिंस कुमार ने बताया कि सरयू नदी का जलस्तर फिलहाल घट रहा है। जलस्तर में कमी के साथ कुछ स्थानों पर हल्की कटान शुरू हुई है। इसे रोकने के लिए जियो बैग और बोल्डर डाले जा रहे हैं। फिलहाल कटान रुक गई है। इसे और मजबूत करने के लिए बोल्डर पिचिंग भी कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि सिंचाई विभाग के कर्मचारी मौके पर लगातार काम कर रहे हैं और कटान को नियंत्रित रखने के लिए निगरानी की जा रही है।
जौनपुर में लगातार हो रही बारिश और कई इलाकों में जलभराव की स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी के आदेश पर 25 अगस्त को कक्षा 1 से 8 तक के सभी विद्यालय बंद रहेंगे। बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने एक दिन के लिए शिक्षण कार्य स्थगित करने का फैसला लिया है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी की ओर से जारी निर्देश के अनुसार, 25 अगस्त को जिले के सभी परिषदीय, मान्यता प्राप्त और सहायता प्राप्त विद्यालयों में अवकाश रहेगा। इसके अलावा सीबीएसई, आईसीएसई और उत्तर प्रदेश बोर्ड से संचालित कक्षा 1 से 8 तक के विद्यालय भी इस आदेश के दायरे में आएंगे। बीईओ को आदेश का पालन कराने के निर्देश जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों (बीईओ) को आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं। संबंधित विद्यालयों के प्रबंधन और प्रधानाचार्यों तक आदेश की सूचना तत्काल पहुंचाने को भी कहा गया है। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए लिया फैसला प्रशासन के अनुसार, जिले के कई क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण जलभराव की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में छोटे बच्चों को स्कूल आने-जाने में परेशानी के साथ सुरक्षा संबंधी जोखिम भी हो सकता है। इसी को देखते हुए 25 अगस्त को कक्षा 1 से 8 तक के सभी विद्यालयों में शिक्षण कार्य बंद रखने का निर्णय लिया गया है। प्रशासन ने विद्यालयों और संबंधित अधिकारियों से आदेश का गंभीरता से पालन सुनिश्चित करने को कहा है।
बाराबंकी में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने जिलेभर में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांचने के लिए व्यापक अभियान चलाया। टीम ने कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय निगरी और जहांगीराबाद एजुकेशनल ट्रस्ट की मेस एवं कैंटीन का निरीक्षण किया। इस दौरान फूड सेफ्टी ऑन व्हील लैब के जरिए मौके पर ही 27 खाद्य पदार्थों की त्वरित जांच की गई। जांच के दौरान लाल मिर्च पाउडर मानकों के विपरीत पाया गया। अधिकारियों ने कार्रवाई करते हुए इसे तत्काल नष्ट करा दिया। वहीं जहांगीराबाद एजुकेशनल ट्रस्ट की मेस में भी कई कमियां मिलीं। विभाग ने मेस संचालक को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। विभागीय टीम ने टिकैतनगर और बदोसराय क्षेत्र में भी खाद्य पदार्थों की जांच की। यहां से फ्रोजन डेजर्ट और आइसकैंडी के नमूने लिए गए, जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। इसके अलावा प्राथमिक विद्यालय ओबरी में मध्यान्ह भोजन के लिए इस्तेमाल होने वाली सब्जी और सरसों तेल के नमूने भी संग्रहित किए गए। इनकी गुणवत्ता की जांच प्रयोगशाला में कराई जाएगी। शहर के कैफे और बेकरी प्रतिष्ठानों का निरीक्षण खाद्य सुरक्षा टीम ने शहर स्थित ग्लोब कैफे, ग्लोब कैफे एंड बेकर्स और द पेस्ट्री पैलेस का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मिली कमियों को लेकर संबंधित प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किए गए हैं। विभाग की ओर से पहले पकड़ी गई मिलावटी चायपत्ती की प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट भी सामने आ गई है। रिपोर्ट में चायपत्ती में सिंथेटिक रंग की पुष्टि हुई है। जांच में इसे मानव उपभोग के लिए असुरक्षित घोषित किया गया है। आरोपी पर एफआईआर, कोर्ट में परिवाद की तैयारी खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार, मिलावटी चायपत्ती के मामले में आरोपी के खिलाफ एफआईआर पहले ही दर्ज की जा चुकी है। अब न्यायालय में परिवाद दाखिल करने की प्रक्रिया चल रही है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ जांच और कार्रवाई का अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
उन्नाव कचहरी परिसर में सोमवार को वकील के क्लाइंट ने पिटाई कर दी। करीब 5 लोगों ने लात-घूसों से वकील को मारा। ये सब पूर्व बार अध्यक्ष रामसुमेर सिंह के बस्ते पर हुआ। घटना का वीडियो मंगलवार को सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद वकीलों के बीच इसकी चर्चा तेज हो गई। वीडियो में बस्ते के आसपास कई लोग आपस में कहासुनी और धक्का-मुक्की करते दिखाई दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि विवाद पूर्व बार अध्यक्ष के एक मुवक्किल से जुड़े किसी मामले को लेकर शुरू हुआ था। देखते ही देखते बात इतनी बढ़ गई कि लोगों की भीड़ जमा हो गई। हालांकि, वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। लिपिक ने पुलिस को दी तहरीर, पांच लोगों पर लगाए आरोप पूर्व बार अध्यक्ष के चैंबर पर कार्यरत लिपिक रमेश रावत ने सदर कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। तहरीर में रूपरानी नामक महिला, उसकी बेटी, बेटे और दो अन्य लोगों पर बस्ते पर पहुंचकर गाली-गलौज और मारपीट करने का आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता के मुताबिक, आरोपियों के अचानक बस्ते पर पहुंचने के बाद विवाद शुरू हुआ और माहौल तनावपूर्ण हो गया। घटना के कारण कचहरी परिसर में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। आसपास मौजूद लोगों ने बीच-बचाव करने की कोशिश की। मौके पर मौजूद व्यक्ति ने बनाया VIDEO सोमवार को हुई इस घटना का वीडियो मौके पर मौजूद किसी व्यक्ति ने अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया। मंगलवार को यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद कचहरी परिसर में हुई घटना को लेकर अधिवक्ताओं के बीच चर्चाएं शुरू हो गईं। वीडियो में बस्ते के आसपास कई लोग खड़े दिखाई दे रहे हैं। इस दौरान कहासुनी और धक्का-मुक्की जैसी स्थिति नजर आ रही है। हालांकि, वीडियो में दिख रहे पूरे घटनाक्रम और विवाद की शुरुआत किस बात से हुई, इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। मुवक्किल से जुड़े मामले को लेकर शुरू हुआ था विवाद प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, पूरा विवाद पूर्व बार अध्यक्ष रामसुमेर सिंह के एक मुवक्किल से जुड़े मामले को लेकर बताया जा रहा है। हालांकि, पुलिस जांच के बाद ही साफ हो सकेगा कि विवाद की असली वजह क्या थी और घटना के दौरान किन लोगों की क्या भूमिका रही। शिकायतकर्ता रमेश रावत ने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करने की मांग की है। फिलहाल मुकदमा दर्ज होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस कर रही जांच, VIDEO भी खंगाला जा रहा सदर कोतवाली पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस वायरल वीडियो को भी जांच का हिस्सा मानकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटा रही है। अधिकारियों का कहना है कि दोनों पक्षों और अन्य लोगों से जानकारी लेने के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कचहरी जैसे संवेदनशील और रोजाना बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं व फरियादियों की आवाजाही वाले परिसर में हुई इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं। अब सभी की नजर पुलिस जांच पर है कि वायरल वीडियो और तहरीर के आधार पर इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है।
मुजफ्फरपुर के अहियापुर थाना क्षेत्र में जमीन विवाद से जुड़ा मामला गरमा गया है। चिराग पासवान की पार्टी के बेलसंड विधायक अमित कुमार रानू के भाई और उनके समर्थकों पर जमीन पर कब्जा करने, बाउंड्री तोड़ने का आरोप है। इस मामले में विधायक अमित रानू सहित कई लोगों के खिलाफ कुल 23 मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें 3 केस में विधायक अमित रानू भी नामजद है। इसके अलााव उनके भाई, रिश्तेदार सहित आधा दर्जन से अधिक लोग नामजद हैं, जबकि 100 से अधिक अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने इस मामले में अब तक चार लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। पुलिस ने विधायक के सीतामढ़ी स्थित कार्यालय से हथियार सहित दो अपराधियों को गिरफ्तार किया था। एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने बताया कि पुलिस को 'भू माफिया प्रोडक्शन गैंग' के संचालन का प्रमाण मिला है। इस संबंध में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) को भी पत्राचार किया गया है। अब पुलिस एक्शन से जुड़ीं तस्वीरें… EOU की मदद ली जाएगी पुलिस ने विधायक के अहियापुर स्थित आवास, सीतामढ़ी के बेलसंड स्थित कार्यालय, करीब डेढ़ दर्जन अन्य करीबियों और रिश्तेदारों के ठिकानों पर छापेमारी की है। पूरे कांड में चिन्हित किए गए लोगों के ठिकानों पर भी रेड डाली गई। अन्य लोगों को चिन्हित किया जा रहा है और जांच के दायरे में आने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। पुलिस गिरफ्तार किए गए और नामजद लोगों के खिलाफ पुराने मामलों की भी जांच करेगी। इन सभी की संपत्ति जब्त करने के लिए विधिवत कार्रवाई की जाएगी, जिसमें EOU टीम की मदद ली जाएगी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, विधायक के भाई और समर्थकों के खिलाफ लगातार शिकायतें मिल रही थी। जिसके बाद जांच-पड़ताल कर मामले दर्ज किए जा रहे हैं। रिश्तेदार के घर पर भी रेड रविवार देर रात विधायक अमित रानू के रिश्तेदार संतोष सिंह और कुणाल सिंह के भीखनपुरा स्थित आवास पर भी छापेमारी की गई। पुलिस के अनुसार, कुणाल सिंह का नाम कई मामलों में शामिल है। पुलिस को सूचना मिली थी कि नामजद अभियुक्त घर पर मौजूद हैं। इस बीच, कुणाल सिंह के बड़े भाई संतोष सिंह ने मुजफ्फरपुर कोर्ट में सीनियर एसपी सहित कई पुलिस अधिकारियों के खिलाफ परिवाद भी दायर किया है। छापेमारी के बाद विधायक अमित रानू ने इसे पुलिस की 'मीडिया में आने के लिए सोची समझी कार्रवाई' बताया है। इस बीच, विधायक के सीतामढ़ी स्थित दफ्तर से गिरफ्तार किए गए दो अपराधियों के साथ उनकी कई तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है।
प्रतापगढ़ में अपर सत्र न्यायाधीश हेमंत कुमार की अदालत ने हत्या के एक मामले में लालगंज के बाबूतारा गांव निवासी अंकुर सिंह उर्फ सुधांशु सिंह को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 10 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। मामले में साक्ष्य के अभाव में एक अन्य आरोपी को दोषमुक्त कर दिया गया। मामला लालगंज के इटौरी गांव निवासी रहमान की ओर से दर्ज कराया गया था। शिकायत के अनुसार, 29 अप्रैल 2015 को उनका नाती गोखू महुआ बीनने के लिए बाग में गया था। आरोप है कि वहां पीयूष सिंह ने उसके साथ मारपीट की और उसे साइकिल से बांधकर घसीटने लगा। इसी दौरान दूसरा नाती तौहीद मौके पर पहुंचा और उसने इसका विरोध किया। बाजार से लौटते समय तौहीद पर हमला अभियोजन के अनुसार, पुरानी रंजिश के चलते 20 अप्रैल 2015 को तौहीद सगरासुंदरपुर बाजार से घर लौट रहा था। इसी दौरान सगरा के पास एक नर्सिंग होम के नजदीक अंकुर सिंह, ननका सिंह, पीयूष सिंह और पप्पू सिंह ने उस पर सरिया और बाइक की रॉड से हमला कर दिया। सिर में गंभीर चोट, प्रयागराज में मौत हमले में तौहीद के सिर में गंभीर चोट आई थी। हालत गंभीर होने पर उसे प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल रेफर किया गया। वहां कई दिनों तक उपचार चला, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। एक आरोपी साक्ष्य के अभाव में बरी मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अंकुर सिंह उर्फ सुधांशु सिंह को दोषी माना और उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई। वहीं साक्ष्य के अभाव में आरोपी सुनील सिंह उर्फ पप्पू सिंह को दोषमुक्त कर दिया गया। राज्य की ओर से मामले की पैरवी एडीजीसी अभय सिंह ने की। अदालत के फैसले के बाद हत्या के इस पुराने मामले में एक आरोपी को उम्रकैद की सजा मिली है।
हरियाणा सरकार ने यौन उत्पीड़न के मामले में दोषी पाए गए कृषि विभाग के उप निदेशक विरेंद्र देव आर्य को सेवा से बर्खास्त कर दिया है।
गोंडा के कैसरगंज से भाजपा सांसद करण भूषण सिंह ने योग गुरु बाबा रामदेव पर तीखा हमला बोला है। सोमवार देर शाम करीब 6 बजे मीडिया से बातचीत में सांसद ने कहा, बाबा रामदेव से बड़ा कोई एक्टर नहीं होगा। उन्होंने कहा कि बाबा रामदेव को अच्छी तरह पता है कि कब कैसे बात करनी है, कब क्या गेम खेलना है और किसके साथ जाना है। करण भूषण सिंह के इस बयान का वीडियो मंगलवार सुबह से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। सांसद ने बाबा रामदेव की गतिविधियों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि योग गुरु होने के बावजूद उनकी कई वीडियो में उन्हें कुश्ती लड़ते, कूदते और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के साथ अलग-अलग गतिविधियां करते देखा जा सकता है। उन्होंने बाबा रामदेव को सब गुण संपन्न भी बताया। पतंजलि के उत्पादों पर भी साधा निशाना पतंजलि के उत्पादों के इस्तेमाल को लेकर भी करण भूषण सिंह ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा, एक को भी इस्तेमाल नहीं करना चाहिए, सब मिलावटी हैं। सांसद ने बड़े नेताओं और अधिकारियों को चुनौती देते हुए कहा कि वे पतंजलि के टूथपेस्ट, दवा या घी का इस्तेमाल करते हुए अपनी सेल्फी सोशल मीडिया पर पोस्ट करें। सतीश महाना के वायरल वीडियो पर भी बोले सांसद ने उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के वायरल वीडियो पर भी प्रतिक्रिया दी। करण भूषण सिंह ने कहा कि उन्होंने यह वीडियो सोमवार को ही देखा है। उन्होंने इसे गलती मानते हुए कहा कि संभव है कि उस समय महाना का ध्यान नहीं रहा हो या वह किसी सोच में पड़े हों। 'बाद में बताया गया होगा तो चिंता हुई होगी' करण भूषण सिंह ने कहा कि जब बाद में उन्हें इस बारे में बताया गया होगा तो उन्हें काफी चिंता हुई होगी। उन्होंने दोहराया कि इसे एक गलती के तौर पर देखा जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि बड़े नेताओं के दिमाग में एक साथ कई चीजें चलती रहती हैं। पिता भी बाबा रामदेव पर साधते रहे हैं निशाना बाबा रामदेव को लेकर करण भूषण सिंह के बयान को उनके पिता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के पुराने बयानों से जोड़कर देखा जा रहा है। बृजभूषण शरण सिंह भी कई मौकों पर बाबा रामदेव पर निशाना साध चुके हैं। अब उनके बेटे के बयान से यह मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है। हालांकि, करण भूषण सिंह के इस बयान पर अभी तक बाबा रामदेव की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
भदोही में पुलिस अधीक्षक ने ड्यूटी में लापरवाही और पद के दुरुपयोग के मामलों में बड़ी कार्रवाई की है। एसपी ने तीन उपनिरीक्षकों समेत पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। इनमें एक दरोगा पर किशोरी से छेड़खानी की शिकायत पर कार्रवाई में शिथिलता बरतने के साथ पीड़िता और उसकी मां से अपशब्द कहने का आरोप भी सही पाया गया है। सदर कोतवाली के उपनिरीक्षक श्याम नारायण यादव पर गांव की किशोरी से छेड़खानी के मामले में लिखित शिकायत मिलने के बाद भी प्रभावी कार्रवाई न करने का आरोप था। जांच के दौरान पीड़िता और उसकी मां से अपशब्द कहने की बात भी सामने आई। शिकायत की जांच में आरोप सही पाए जाने पर एसपी ने उन्हें तत्काल निलंबित कर दिया। इसी तरह औराई कोतवाली के उपनिरीक्षक विष्णुकांत मिश्रा पर विवेचनाओं के निस्तारण और लंबित मामलों को लेकर उच्चाधिकारियों के निर्देशों का पालन नहीं करने का आरोप था। चौरी थाने के उपनिरीक्षक महेंद्र राम भी एक मुकदमे में अपहृता की तलाश और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए प्रभावी कार्रवाई नहीं कर पाए। जांच में दोनों की कार्यप्रणाली में लापरवाही सामने आने पर कार्रवाई की गई। छेड़खानी की शिकायत पर पीड़िता की मां से भी अभद्रता सदर कोतवाली में तैनात श्याम नारायण यादव के खिलाफ किशोरी से छेड़खानी की शिकायत मिली थी। आरोप है कि शिकायत के बावजूद उन्होंने मामले में अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई। जांच के दौरान पीड़िता और उसकी मां से कथित तौर पर अपशब्द कहने की बात भी सामने आई। एसपी ने जांच रिपोर्ट के आधार पर उन्हें निलंबित कर दिया। विवेचनाओं में लापरवाही पर दो दरोगा निलंबित औराई कोतवाली के उपनिरीक्षक विष्णुकांत मिश्रा पर लंबित विवेचनाओं के निस्तारण को लेकर दिए गए निर्देशों की अनदेखी का आरोप था। वहीं चौरी थाने के महेंद्र राम पर अपहृता की तलाश और आरोपी की गिरफ्तारी में प्रभावी विवेचनात्मक कार्रवाई नहीं करने की बात सामने आई। जांच में लापरवाही मिलने पर दोनों पर कार्रवाई की गई। ऊंज थाने के मुख्य आरक्षी नगेंद्र कुमार गौतम और आरक्षी सुनील कुमार का एक वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हुआ था। इसमें दोनों पर जमीन से जुड़े एक मामले में अवैध तरीके से हस्तक्षेप करने का आरोप लगा। जांच में दोनों की संलिप्तता सामने आने पर एसपी ने उन्हें भी निलंबित कर दिया। लापरवाही पर अब निलंबन के साथ FIR की चेतावनी एसपी ने सभी थानाध्यक्षों को अपने अधीनस्थ पुलिसकर्मियों के कामकाज पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ड्यूटी में लापरवाही, उच्चाधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना, विवेचना में शिथिलता या पद का दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। ऐसे मामलों में निलंबन के साथ प्राथमिकी भी दर्ज कराई जाएगी।
पटना नगर निगम ने वार्डों में बुनियादी नागरिक सुविधाओं को मजबूत करने के लिए ‘एक करोड़ पार्षद निधि योजना 4.0’ के तहत 692 योजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति दी है। पार्षदों की अनुशंसा पर चयनित इन योजनाओं का उद्देश्य वार्डों की स्थानीय जरूरतों के अनुरूप छोटे और जरूरी विकास कार्यों को गति देना है। स्वीकृत योजनाओं में सड़क और नाला निर्माण, पुराने सड़क-नालों का जीर्णोद्धार, बोरिंग-सबमर्सिबल लगाने, सामुदायिक भवन निर्माण, पेवर ब्लॉक समेत नागरिक सुविधाओं से जुड़े अन्य कार्य शामिल हैं। इन योजनाओं से शहर के 58 वार्डों में बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने की दिशा में काम किया जाएगा। स्थानीय जरूरत के अनुसार होंगे काम निगम के अनुसार, योजनाओं के पूरा होने से वार्डों में सड़क, जल निकासी, जलापूर्ति, सामुदायिक भवन और अन्य जरूरी नागरिक सुविधाओं का विस्तार होगा। पार्षदों ने अपने-अपने वार्ड की प्राथमिक जरूरतों को ध्यान में रखकर इन कार्यों की अनुशंसा की है। ‘एक करोड़ पार्षद निधि योजना 4.0’ का उद्देश्य वार्ड स्तर पर जरूरी छोटे विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करना है। निगम ने बताया कि अभी अनुशंसित अन्य योजनाओं की प्रशासनिक स्वीकृति की प्रक्रिया भी जारी है। इन्हें भी मंजूरी मिलने के बाद संबंधित वार्डों में विकास कार्य शुरू किए जाएंगे।
वाराणसी के लालपुर स्टेडियम में चल रही 70वीं हैंडबाल स्टेट विद्यालयी प्रतियोगिता के फाइनल मैच आज खेले जाएंगे। सुबह 8 बजे से बालक वर्ग के सेमीफाइनल मैच होने थे लेकिन बारिश की वजह से उन्हें रोक दिया गया है। इसके पहले सोमवार की शाम हुए बालिका वर्ग के तीन वर्गों के सेमीफाइनल मुकाबले में वाराणसी ने झांसी, अलीगढ़ और बस्ती मंडल को हराकर फाइनल में प्रवेश कर लिया। आज बालक वर्ग के सेमीफाइनल खेले जाने हैं। वाराणसी की बेटियों का दमदार प्रदर्शनलालपुर स्टेडियम में हो रहे स्टेट हैंडबाल प्रतियोगिता के अंतर्गत वाराणसी की सब जूनियर, जूनियर और सीनियर बालिका टीम ने शानदार खेल का प्रदर्शन किया और बिना एक भी मैच गंवाए फाइनल में प्रवेश कर लिया। प्रतियोगिता के अंतिम दिन मंगलवार को फाइनल मैच खेले जाएंगे। पहला मैच सब जूनियर वर्ग में वाराणसी और अलीगढ़ मंडल के बीच खेला गया। जिसे वाराणसी ने 10-03 से पराजित कर सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया। वंशिका और आयूषी के आगे बेबस रहे प्रतिद्वंदीसब जूनियर वर्ग के इस सेमीफाइनल मैच में शुरू से ही वाराणसी की टीम का दबदबा रहा। वाराणसी की तरफ से वंशिका, आयूषी और आकृति ने दोनों विंग से शानदार खेल का प्रदर्शन किया। आक्रमण की निति से पहले ही हाफ में टीम वाराणसी 5-1 से आगे हो गई। दुसरे हाफ में दोनों टीमों ने अपनी अपनी रणनीति में बदलाव किया। इस हॉफ में वाराणसी मंडल ने बाएं विंग से आक्रमण किया। मैच समाप्त होने की जब लंबी सीटी बजी उस समय वाराणसी मंडल 10-3 गोल से आगे थी। जूनियर बालिका वर्ग में झांसी मंडल को हरायाजूनियर बालिका वर्ग में वाराणसी मंडल ने वाराणसी मंडल ने झांसी मंडल को 12-3 से शिकस्त देकर फाइनल में प्रवेश किया। वाराणसी मंडल की तरफ से रितिका पटेल, अनीशा सिंह , सोनाली पाल और गोलकीपर सेजल ने शुरू से बढ़िया तालमेल अपनाते हुए झांसी मंडल को शुरू से दबाव में रखा। रितिका पटेल की अगुवाई में वाराणसी मंडल हॉफ टाइम तक 7-2 गोल से आगे थी। दूसरे हाफ में वाराणसी मंडल की टीम ने अपनी रणनीति अपनाई और बाएं विंग से आक्रमण किया। मैच समाप्त होने की जब लंबी सीटी उस समय वाराणसी मंडल 12-3 गोल से आगे थी। सीनियर बालिका वर्ग में बस्ती को हराया सीनियर बालिका वर्ग में वाराणसी मंडल बस्ती मंडल को 11-3 गोल से जीतकर फाइनल में प्रवेश किया। वाराणसी मंडल की तरफ से दीपिका प्रजापति, तनु विश्वकर्मा और राष्ट्रीय खिलाड़ी प्रीति यादव के बेहतरीन से वाराणसी मंडल की टीम ने शुरू से तेज खेल का प्रदर्शन किया। हॉफ टाइम तक वाराणसी मंडल 7-1 गोल से आगे थी। दूसरे हाफ में भी वाराणसी मंडल की बालिकाओं का दबदबा बना रहा। छोटे-छोटे पास के सहारे वाराणसी मंडल की टीम ने खूब गोल किया। मैच समाप्त होने की जब लंबी सीटी बजी उस समय वाराणसी मंडल 11-3 से आगे थी।
प्रार्थना हॉस्पिटल से मरीज की जांच-इलाज के रिकाॅर्ड जब्त, मरीज के पैर के ऑपरेशन से ठीक पहले इंजेक्शन लगाने पर मौत का मामला।
कानपुर में आरटीओ कार्यालय में सोमवार को एसओजी और प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई ने कार्यालय के भीतर और बाहर चल रहे बाबू-दलाल नेटवर्क की परतें खोल दीं।
पाली के रोहट क्षेत्र में सोमवार को हुए सड़क हादसे में कलाली के पूर्व सरपंच सरदारराम भाट की मौत हो गई। रोहट से पाली आते समय ओम बन्ना के पास आनंद वाटिका के नजदीक उनकी स्कॉर्पियो बेकाबू होकर सड़क पर पलट गई। पूर्व सरपंच के सिर में गंभीर चोट लगी, वहीं उनका साथी भी घायल हो गया। पूर्व सरपंच को प्राथमिक उपचार के बाद जोधपुर रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। रोहट से पाली आते समय बेकाबू होकर पलटी स्कॉर्पियो रोहट थानाप्रभारी पाना चौधरी ने बताया - सोमवार को कलाली के पूर्व सरपंच सरदारराम भाट अपने साथी जोगसिंह के साथ स्कॉर्पियो से रोहट से पाली की तरफ आ रहे थे। ओम बन्ना के पास आनंद वाटिका के नजदीक उनकी स्कॉर्पियो बेकाबू होकर सड़क पर पलट गई। हादसे में सरदारराम के सिर में गंभीर चोट लगी, जबकि जोगसिंह भी घायल हो गए। हादसे में स्कॉर्पियो बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। प्राथमिक उपचार के बाद जोधपुर रेफर, इलाज के दौरान मौत थानाप्रभारी पाना चौधरी ने बताया - सरदारराम को रोहट में प्राथमिक उपचार दिया गया। सिर में गंभीर चोट होने के कारण उन्हें जोधपुर रेफर किया गया। जोधपुर हॉस्पिटल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। शव मॉर्च्युरी में रखवाया, हादसे की जांच शुरू थानाप्रभारी ने बताया - सूचना मिलने पर पुलिस ने शव को जोधपुर हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में रखवाया। सरदारराम की मौत की खबर सुनकर उनके परिजन और परिचित भी हॉस्पिटल पहुंचे। पुलिस ने हादसे की जांच शुरू कर दी है और स्कॉर्पियो बेकाबू होने के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
बदायूं में कांवड़ यात्रा लगभग पूरी होने के बाद बदायूं पुलिस अब अपनी नियमित ड्यूटी पर लौट रही है। करीब एक महीने से कांवड़ यात्रा की सुरक्षा में तैनात पुलिस बल की जिम्मेदारियां बदल दी गई हैं। सोमवार रात 8 बजे बरेली-मथुरा हाईवे पर लगाया गया डायवर्जन भी समाप्त कर दिया गया। अब पुलिस का मुख्य फोकस अपराध नियंत्रण, नियमित गश्त, पिकेटिंग और लंबित विवेचनाओं के निस्तारण पर रहेगा। कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए बदायूं के अलावा बरेली, पीलीभीत और शाहजहांपुर का पुलिस बल भी करीब एक महीने तक सुरक्षा व्यवस्था में जुटा रहा। कछला गंगा घाट से लेकर कांवड़ मार्ग और जिले की सीमाओं तक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। भीड़भाड़ वाले स्थानों की निगरानी, यातायात व्यवस्था और कांवड़ियों की सुरक्षित आवाजाही पुलिस की प्राथमिकता रही। थानों में लंबित काम को मिलेगी रफ्तार कांवड़ ड्यूटी में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों के लगे रहने के कारण थाना स्तर पर नियमित कामकाज प्रभावित हुआ था। अब बाहरी पुलिस बल के लौटने और स्थानीय पुलिसकर्मियों के नियमित ड्यूटी पर आने के बाद थानों में लंबित कार्यों को गति देने की तैयारी है। खासतौर पर पुरानी विवेचनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। संवेदनशील इलाकों में बढ़ेगी गश्त कांवड़ यात्रा के दौरान जिन मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात था, वहां अब यातायात और सुरक्षा व्यवस्था सामान्य हो जाएगी। संवेदनशील इलाकों में नियमित गश्त और पिकेटिंग बढ़ाने के साथ रात की पेट्रोलिंग पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। पुलिस का उद्देश्य कांवड़ ड्यूटी खत्म होने के बाद अपराध नियंत्रण में किसी तरह की ढिलाई न आने देना है। हाईवे से डायवर्जन हटाया गया एसपी सिटी अभिषेक सिंह ने बताया कि कांवड़ यात्रा सकुशल संपन्न हो गई है। सोमवार रात 8 बजे से बरेली-मथुरा हाईवे पर लगाया गया डायवर्जन हटा दिया गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस अब अपनी नियमित कार्यप्रणाली में लौटेगी। इसमें गश्त, पिकेटिंग, पेट्रोलिंग और लंबित विवेचनाओं का समयबद्ध निस्तारण प्रमुख रूप से शामिल है। अधिकारियों को दिए गए जरूरी निर्देश एसपी सिटी ने बताया कि जिले में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं। पुलिस अब नियमित ड्यूटी के साथ अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने पर विशेष ध्यान देगी।
अमेठी में लगातार हो रही भारी बारिश और मौसम विभाग के रेड अलर्ट को देखते हुए जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। डीएम संजय चौहान के निर्देश पर जिले में नर्सरी से कक्षा 8 तक के सभी बोर्ड के स्कूलों में आज अवकाश घोषित किया गया है। प्रशासन ने यह निर्णय बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया है। डीएम के निर्देश पर बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) संजय तिवारी ने स्कूल बंद रखने का आदेश जारी किया है। यह आदेश बेसिक शिक्षा परिषद के अधीन संचालित सभी परिषदीय विद्यालयों के साथ ही मान्यता प्राप्त, सहायता प्राप्त, सीबीएसई, आईसीएसई और अन्य बोर्ड से संबद्ध नर्सरी से कक्षा 8 तक के स्कूलों पर लागू होगा। 13 ब्लॉकों में प्रशिक्षण रहेगा जारी हालांकि स्कूलों में अवकाश के बावजूद जिले के सभी 13 विकासखंडों में पहले से संचालित FLN प्रशिक्षण और ECCE एजुकेटर प्रशिक्षण पर इसका असर नहीं पड़ेगा। ये प्रशिक्षण निर्धारित समय के अनुसार जारी रहेंगे। संबंधित शिक्षकों की इनमें उपस्थिति अनिवार्य रहेगी। आदेश का उल्लंघन करने पर होगी कार्रवाई बीएसए संजय तिवारी ने सभी स्कूल प्रबंधकों और प्रधानाध्यापकों को आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि अवकाश के आदेश के बावजूद यदि किसी विद्यालय में कक्षाएं संचालित होती मिलीं या लापरवाही सामने आई तो संबंधित विद्यालय के खिलाफ कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। बारिश को देखते हुए बच्चों की सुरक्षा प्राथमिकता लगातार बारिश के कारण जिले के कई इलाकों में बच्चों के लिए स्कूल आना-जाना मुश्किल हो सकता है। ऐसे में प्रशासन ने विद्यार्थियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए अवकाश घोषित किया है। प्रशासन ने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे बारिश के दौरान बच्चों को घर पर सुरक्षित रखें और अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने दें।
अम्बेडकरनगर में लगातार बारिश और जलभराव के बीच जिले में सर्पदंश के मामलों में तेजी से इजाफा हुआ है। रविवार रात से सोमवार के बीच जिला अस्पताल की इमरजेंसी में सांप के काटने के 10 मरीज पहुंचे। इनमें दो मरीजों की हालत गंभीर होने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया है। लगातार बारिश के कारण ग्रामीण और शहरी इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। जमीन के नीचे बने बिलों और दरारों में पानी भरने के बाद जहरीले सांप सूखी और सुरक्षित जगह की तलाश में आबादी वाले क्षेत्रों और घरों की ओर निकल रहे हैं। इसी वजह से सर्पदंश की घटनाएं बढ़ने की बात सामने आ रही है। 4 हजार से ज्यादा एएसवी वायल की खपत जिला अस्पताल की इमरजेंसी में पिछले कुछ दिनों से एंटी स्नेक वेनम (एएसवी) की खपत भी बढ़ी है। अस्पताल में अब तक 4 हजार से अधिक एएसवी वायल का इस्तेमाल किया जा चुका है। वर्तमान में अस्पताल में 4,017 एएसवी वायल उपलब्ध बताए गए हैं। 24 घंटे में 55 वायल का इस्तेमाल ईएमओ डॉ. एसके विश्वास ने बताया कि सर्पदंश के मरीजों को इमरजेंसी में प्राथमिकता के आधार पर तत्काल उपचार दिया जाता है। उन्होंने बताया कि पिछले 24 घंटे में ही 55 एएसवी वायल का इस्तेमाल किया गया है। गंभीर मरीजों को जरूरत के अनुसार अस्पताल में भर्ती कर उपचार दिया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने सावधानी बरतने की अपील की बारिश के मौसम में स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। घरों और आसपास जलभराव न होने देने के साथ झाड़ियों और कचरे की सफाई रखने की सलाह दी गई है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि सांप के काटने की स्थिति में झाड़-फूंक या घरेलू उपचार के चक्कर में समय बर्बाद न करें। पीड़ित को तत्काल नजदीकी अस्पताल ले जाएं, ताकि समय पर उचित उपचार मिल सके।
यूपी के राजनीतिक गलियारे और प्रशासनिक गलियों में आज तीन किस्से काफी चर्चा में रहे।
एटा के बागवाला थाना क्षेत्र के दुहाई गांव में जमीनी विवाद को लेकर दो पक्षों में जमकर मारपीट हो गई। दोनों पक्षों के बीच लाठी-डंडे चले, जिसमें एक पक्ष के पिता-पुत्र घायल हो गए। घायल पक्ष ने दूसरे पक्ष पर फायरिंग करने का भी आरोप लगाया है। हालांकि पुलिस ने फायरिंग के आरोप को बेबुनियाद बताया है। घायलों की पहचान राजीव कुमार (32) पुत्र उनाव सिंह और उनाव सिंह (62) पुत्र भगवान सिंह के रूप में हुई है। दोनों अपने खेत पर काम कर रहे थे। बताया गया है कि उनका हरेंद्र फौजी से पहले से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। इसी दौरान दूसरे पक्ष के लोग वहां पहुंचे और मारपीट शुरू हो गई। आधा दर्जन लोगों पर हमला करने का आरोप राजीव का आरोप है कि हरेंद्र उर्फ हवलदार, बालिस्टर, शिशुपाल, बबलू, जयराम और शिवेंद्र समेत करीब आधा दर्जन लोग लाठी-डंडों से लैस होकर पहुंचे। आरोप है कि सभी ने पिता-पुत्र के साथ मारपीट की। राजीव ने आरोप लगाया कि हरेंद्र फौजी और उसके परिवार के लोगों ने लाठी-डंडों से हमला करने के साथ फायरिंग भी की। उसने दावा किया कि फायरिंग में उसके पिता उनाव सिंह को गोली लगी है। घटना के बाद दोनों घायल बागवाला थाने पहुंचे। पुलिस ने दोनों घायलों का मेडिकल परीक्षण कराया। इसके बाद उन्हें उपचार के लिए एटा मेडिकल कॉलेज भेजा गया, जहां दोनों का इलाज चल रहा है। पुलिस बोली- फायरिंग का आरोप बेबुनियाद बागवाला थाना प्रभारी ओपी सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच जमीनी विवाद को लेकर मारपीट हुई है। घायलों का मेडिकल परीक्षण कराया गया है। थाना प्रभारी ने फायरिंग के आरोप को सिरे से खारिज करते हुए इसे बेबुनियाद बताया। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
सोनभद्र के रॉबर्ट्सगंज में ढाबे पर खाने में कीड़े मिलने की शिकायत करना भाजपा के नगर मंडल उपाध्यक्ष और उनके दोस्त को भारी पड़ गया। आरोप है कि शिकायत के बाद ढाबा मालिक और कर्मचारियों ने दोनों के साथ मारपीट की। पुलिस ने मामले में ढाबा मालिक समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ के बाद तीनों का संबंधित धाराओं में चालान कर दिया गया। मामला 20 अगस्त की रात चंडी तिराहे के पास स्थित श्रद्धा सबरी ढाबे का है। हर्षनगर निवासी भाजपा नगर मंडल उपाध्यक्ष सुशील पांडेय अपने दोस्त अमन मौर्या के साथ खाना खाने पहुंचे थे। सुशील के मुताबिक, खाने में कुछ कीड़े पड़े थे। उन्होंने इसकी शिकायत ढाबा मालिक विनोद जायसवाल से की, जिसके बाद दोनों पक्षों में विवाद हो गया। कुछ देर बाद मामला शांत हो गया, लेकिन खाना खाने के बाद भुगतान करने काउंटर पर पहुंचने पर फिर बहस शुरू हो गई। आरोप है कि इसी दौरान ढाबे का सीसीटीवी कैमरा बंद कर दिया गया और सुशील पांडेय व अमन मौर्या को पास के कमरे में ले जाकर लाठी-डंडों से पीटा गया। CCTV बंद कर कमरे में ले जाने का आरोप सुशील पांडेय ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया कि विवाद के दौरान ढाबे का सीसीटीवी कैमरा बंद कर दिया गया था। इसके बाद दोनों को एक कमरे में ले जाकर मारपीट की गई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू की और आरोपियों की तलाश में दबिश दी। ढाबा मालिक समेत तीन गिरफ्तार सोमवार को रॉबर्ट्सगंज कोतवाली प्रभारी धर्मेंद्र सिंह और अपराध निरीक्षक डीपी यादव के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई की। पुलिस ने ढाबा मालिक विनोद जायसवाल निवासी घोरावल रोड, धर्मशाला, उसके कर्मचारी गुड्डू प्रजापति निवासी विजयपुरा, देहात कोतवाली मिर्जापुर और दीपक निवासी मड़िहान थाना क्षेत्र, मिर्जापुर को गिरफ्तार किया। पूछताछ के बाद तीनों का चालान सीओ सिटी रणधीर मिश्रा ने बताया कि तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ की गई। इसके बाद सोमवार देर शाम उन्हें संबंधित धाराओं में चालान कर दिया गया। पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है।
Bihar Weather Today 25th August: बिहार के कई जिलों में आज बारिश का पूर्वानुमान है। मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि गोपालगंज में भारी बारिश हो सकती है। पूर्णिया जिले में दो दिनों का येलो अलर्ट भी है।
कानपुर में बैंक पीओ परीक्षा में फर्जी दिव्यांग प्रमाणपत्र से अभ्यर्थी को सहायक (सॉल्वर) मुहैया कराने के खेल में स्वास्थ्य महकमे में कॉकस सक्रिय है। इसमें डॉक्टर, दिव्यांग बोर्ड के सदस्य, कर्मी और तकनीशियनों की मिलीभगत की आशंका है।
प्रयागराज में पिछले दो दिनों से रुक-रुककर बारिश का दौर जारी है। सोमवार देर रात शुरू हुई बारिश मंगलवार सुबह तक होती रही। सुबह से ही कई इलाकों में हल्की बारिश हो रही है। आसमान में काले घने बादल छाए रहने से दिन में भी हल्का अंधेरा नजर आ रहा है। देखें तस्वीरें…… मौसम विभाग के अनुसार प्रयागराज में आज भी बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। मंगलवार शाम तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। वहीं, अगले दो दिनों तक रुक-रुककर बारिश होने की संभावना जताई गई है। प्रदेश के कई जिलों में भी बारिश और गरज-चमक का अलर्ट है, जिसमें प्रयागराज भी शामिल है। सुबह से मौसम सुहाना बना हुआ है बारिश और बादल छाए रहने से मौसम सुहावना बना हुआ है। हालांकि लगातार बारिश के कारण शहर के निचले इलाकों में जलभराव की परेशानी बढ़ सकती है। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक आज प्रयागराज का अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। फिलहाल मौसम का मिजाज अगले दो दिनों तक ऐसा ही बने रहने की संभावना है। लोगों को बारिश के दौरान जरूरी होने पर ही घर से निकलने और मौसम संबंधी चेतावनियों पर ध्यान देने की सलाह दी गई है। जानें अगले 5 दिन कैसा रहेगा मौसम
लखीमपुर खीरी के उत्तर निघासन वन रेंज की बथुआ बीट में मंगलवार सुबह एक और तेंदुआ पिंजरे में कैद हो गया। तेंदुआ प्रधान पुरवा गांव के पास राजा राम के खेत में लगाए गए पिंजरे में फंसा। तेंदुए के पकड़े जाने की खबर मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने तेंदुआ पकड़े जाने पर राहत की सांस ली। देखिए 2 तस्वीरें… ग्रामीणों में डर का माहौल बना जानकारी के अनुसार, बथुआ गांव और आसपास के इलाके में यह तेंदुआ कई दिनों से घूम रहा था। ग्रामीणों ने इसे कई बार गांव के आसपास देखा था। तेंदुए ने गांव में घरों के बाहर बंधे दो बछड़ों और कुछ बकरियों को अपना शिकार बनाया था। इससे ग्रामीणों में डर का माहौल बना हुआ था। ग्रामीण लगातार वन विभाग से तेंदुए को पकड़ने की मांग कर रहे थे। ग्रामीणों की शिकायत के बाद वन विभाग ने प्रधान पुरवा गांव के पास राजा राम के खेत में पिंजरा लगाया था। तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरे के अंदर एक बकरी बांधी गई थी। मंगलवार सुबह बकरी का शिकार करने के लालच में तेंदुआ पिंजरे के अंदर पहुंच गया और दरवाजा बंद होते ही उसमें कैद हो गया। मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे तेंदुए के पिंजरे में कैद होने की जानकारी मिलते ही मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंच गए। लोग तेंदुए को देखने के लिए आसपास जमा हो गए। भीड़ को देखते हुए वन विभाग की टीम ने सुरक्षा व्यवस्था संभाली और तेंदुए को रेंज कार्यालय ले जाने की तैयारी शुरू कर दी। तेंदुए को पकड़ने वाली टीम में बीट प्रभारी चंद्र प्रकाश, वाचर रविंद्र कुमार, हकीमुद्दीन और जहरत अली शामिल रहे। वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों से तेंदुए के आसपास भीड़ न लगाने और सावधानी बरतने की अपील की है। एक महीने में छठा तेंदुआ पकड़ा रेंजर भूपेंद्र सिंह ने बताया कि- उत्तर निघासन वन रेंज में अब तक कुल 15 तेंदुए पकड़े जा चुके हैं। पिछले एक महीने में पिंजरे में कैद होने वाला यह छठा तेंदुआ है। उन्होंने बताया कि तेंदुए को रेंज कार्यालय ले जाया जा रहा है। वहां उसका मेडिकल परीक्षण कराया जाएगा। इसके बाद विभागीय प्रक्रिया पूरी कर तेंदुए को जंगल में छोड़ा जाएगा।
शामली पुलिस की प्रभावी पैरवी के चलते गौवध अधिनियम के 17 साल पुराने मामले में न्यायालय ने आरोपी को जेल में बिताई अवधि के कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने आरोपी पर 3 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड जमा नहीं करने पर 7 दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। पुलिस के अनुसार, मामला वर्ष 2009 का है। झिंझाना थाना क्षेत्र के शेखो मैदान निवासी इस्लाम पुत्र नसीर के खिलाफ झिंझाना थाने में मुकदमा अपराध संख्या 985/2009 दर्ज किया गया था। आरोपी के खिलाफ धारा 3/8 गौवध अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई थी। पुलिस की पैरवी के बाद कोर्ट ने सुनाया फैसला मामले में शामली पुलिस की ओर से न्यायालय में प्रभावी पैरवी की गई। पुलिस की सशक्त पैरवी के परिणामस्वरूप न्यायालय ने 24 अगस्त 2026 को अभियुक्त इस्लाम को जेल में बिताई गई अवधि के कारावास की सजा सुनाई।न्यायालय ने आरोपी पर कुल 3 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। कोर्ट के आदेश के अनुसार, अर्थदंड जमा नहीं करने पर आरोपी को 7 दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अपराधियों को सजा दिलाने के लिए पैरवी जारी पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शासन की मंशा के अनुरूप अपराधियों को सजा दिलाने के लिए न्यायालय में प्रभावी पैरवी लगातार जारी रहेगी। पुराने मामलों में भी पुलिस की ओर से मजबूत पैरवी कर दोषियों को सजा दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।

