ED की बड़ी कार्रवाई, U.S. Club फंड हेराफेरी मामले में 13.44 करोड़ की संपत्तियां अटैच
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झांसी में BA LLB छात्र की संदिग्ध मौत, घर से 5 किलोमीटर दूर मिला शव; परिजनों ने हत्या की आशंका जताई
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बंगाल में सुवेंदु अधिकारी का बयान, असुरों और एंटी-नेशनल ताकतों से सावधान रहने की अपील; सनातनी पहचान पर दिया जोर
मैट्रिमोनियल ऐप पर हुई दोस्ती, शादी के बाद पति हुआ लापता; पत्नी ने DM से लगाई मदद की गुहार
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नर्मदापुरम जिले के माखननगर तहसील कार्यालय के सामने सर्व आदिवासी समाज का अनिश्चितकालीन धरना 25 दिन से जारी है। अब आंदोलन को दूसरे आदिवासी संगठनों का भी समर्थन मिलने लगा है। मंगलवार को धरना स्थल पर आमसभा होगी। इसमें वनवासी कृषि एवं ग्रामीण मजदूर संघ, जयस, राष्ट्रीय क्रांति मोर्चा और गोंडवाना समग्र क्रांति समेत अन्य संगठन शामिल होंगे। आमसभा में आंदोलन को आगे बढ़ाने की रणनीति तय की जाएगी। इसमें चक्काजाम और पुतला दहन जैसे आंदोलन की घोषणा भी हो सकती है। 22 अगस्त से दिन-रात पंडाल में धरना आंदोलनकारी 22 अगस्त से दिन-रात पंडाल में रहकर धरना दे रहे हैं। उनका कहना है कि करीब डेढ़ साल पहले वन विभाग ने खखरापुरा और डांगपुरा क्षेत्र में आदिवासियों की खड़ी मूंग की फसल जेसीबी चलाकर नष्ट कर दी थी। इसके बाद जमीन से कब्जा हटाकर वहां दूसरे आदिवासी परिवारों को बसाया गया। फसल नष्ट होने के बाद भी प्रभावित परिवारों को अब तक क्षतिपूर्ति नहीं मिली है। खड़ी फसल पर जेसीबी चलाने का आरोप राष्ट्रीय क्रांति मोर्चा के सदस्य जीतू उइके ने बताया कि खखरापुरा और डांगपुरा में कई आदिवासी परिवार करीब 25 साल से रहकर सरकारी जमीन पर खेती कर रहे थे। उनका आरोप है कि एसटीआर से विस्थापित खामदा के आदिवासियों को जमीन आवंटित किए जाने के बाद डेढ़ साल पहले राजस्व और पुलिस बल की मौजूदगी में खड़ी मूंग की फसल पर जेसीबी चला दी गई। आंदोलनकारियों के अनुसार, जमीन से कब्जा हटाकर उसे विस्थापित परिवारों को दे दिया गया, लेकिन फसल के नुकसान की क्षतिपूर्ति आज तक नहीं मिली। उनका कहना है कि बिजली और सड़क की समस्या भी लंबे समय से बनी हुई है। प्रशासन पर अनदेखी का आरोप धरने में जयस के पूर्व जिलाध्यक्ष आशीष उइके, गोंडवाना समग्र क्रांति आंदोलन के दिनेश आहके, मिथलेश कुशराम, संजू उइके, रावेंद्र शाह समेत अन्य लोग शामिल हैं। आंदोलनकारियों का कहना है कि डेढ़ साल से प्रभावित आदिवासी परिवार फसल की क्षतिपूर्ति और जमीन से जुड़े अधिकारों की मांग कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। ये हैं प्रमुख मांगें
दिल्ली एयरपोर्ट पर बड़ी सुरक्षा चूक, बिना इमिग्रेशन क्लीयरेंस 3 इतालवी यात्री भारत से बाहर निकले; एअर इंडिया को नोटिस
लखनऊ शहर में गणपति बप्पा का आगमन हो चुका है। 100 से अधिक पंडालो में 'गणपति बप्पा मोरया मंगल मूर्ति मोरया' गूंज रहा है। मनौतियों के राजा का दरबार , कलश तो कहीं राम दरबार सजा है। अलग - अलग पंडाल का भक्ति में डूबा हुआ अलग नजारा है। पंडाल में मंदिर की झलक भव्य दरबार के साथ गंगा आरती , राम लीला के साथ बच्चों की रंगारंग प्रस्तुतियों ने गणेश उत्सव में चार चांद लगा दिया है। गणपति बप्पा मोरया के जयकारों, ढोल-मंजीरों की थाप के बीच माइक से भजन की आवाज गूंज रही थी और बोल थे… सर झुकाता हूँ चरणों मे सुन लीजिये, आज बिगड़ी हमारी बना दीजिये.. ना तमन्ना है धन की ना सर ताज की, तेरे चरणों की सेवा हमें चाहिये, रिद्धि सिद्धि के दाता सुनो गणपति.. घरों से लेकर पंडालों तक विधि-विधान से पूजा-अर्चना हुई और बप्पा को दूर्वा, फूल व मोदक अर्पित किए गए। निशातगंज, तोपखाना बाजार, ऐशबाग, झूलेलाल वाटिका, पत्रकारपुरम, आलमबाग, कैसरबाग और समेत विभिन्न इलाकों में सजे पंडाल आकर्षण का केंद्र बने हैं। शहर में भक्ति का ये रंग अगले 10 दिनों तक देखें को मिलेगा।
राजस्थान निकाय चुनाव में BJP का दबदबा, कांग्रेस से बढ़ाई बढ़त; 2273 वार्डों में निर्दलीय बने किंगमेकर
फर्रुखाबाद के अमृतपुर तहसील का तीसराम की मड़ैया कटरी तौफीक गांव डेढ़ महीने से ज्यादा समय से गंगा की बाढ़ से घिरा है। चारों तरफ पानी भरा होने से गांव के लोगों की आवाजाही नाव के सहारे हो रही है। अब बाढ़ के साथ बीमारियों ने भी ग्रामीणों की परेशानी बढ़ा दी है। गांव में कई लोग बुखार की चपेट में हैं। गांव की रहने वाली गंगा देवी (35) पत्नी मनजीत ने 11 दिन पहले बेटे को जन्म दिया था। वह पिछले सात दिनों से बुखार से पीड़ित हैं। हालत बिगड़ने पर सोमवार देर शाम परिजन उन्हें नाव से जमापुर तक लेकर पहुंचे। वहां से बाइक के जरिए लोहिया जिला अस्पताल लाया गया। जांच में गंगा देवी के शरीर में खून की बेहद कमी मिली। परिजनों के मुताबिक, उनके शरीर में करीब 3 पॉइंट खून ही बचा है। अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है। गंगा देवी की तीन साल की बेटी सुनैना की भी बुखार के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। वह डेढ़ सप्ताह से अधिक समय से बुखार से जूझ रही थी। परिवार में एक साथ मां और बच्चों के बीमार होने से चिंता और बढ़ गई है। गंगा देवी का एक बेटा विवेक भी बुखार से पीड़ित है, जबकि शिवम और राघव इलाज के बाद ठीक हो चुके हैं। बुखार के बीच 11 दिन के बेटे को छोड़ अस्पताल पहुंची मां गंगा देवी के पांच बच्चे शिवम, विवेक, अभिषेक, राघव और सुनैना थे। सुनैना की मौत हो चुकी है। इसके अलावा 11 दिन पहले उनके बेटे का जन्म हुआ है। गंगा देवी खुद पिछले सात दिनों से बुखार से पीड़ित थीं, लेकिन हालत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाना पड़ा। नवजात बच्चे की देखभाल परिवार के दूसरे सदस्य कर रहे हैं। गंगा देवी और उनकी ननद सुषमा ने बताया कि गांव में कई लोग बुखार से पीड़ित हैं। बाढ़ के कारण गांव चारों तरफ से पानी से घिरा होने के चलते बीमार लोगों को इलाज के लिए बाहर ले जाना भी आसान नहीं है। पहले नाव से जमापुर, फिर बाइक से अस्पताल पहुंचाया गंगा देवी की हालत ज्यादा बिगड़ने पर उनके बहनोई अवनीश सोमवार देर शाम उन्हें नाव से जमापुर तक लेकर आए। वहां से बाइक के जरिए लोहिया जिला अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच की तो खून की गंभीर कमी सामने आई। परिजनों के अनुसार, उनके शरीर में करीब 3 पॉइंट ही खून बचा है। परिजनों के मुताबिक, गंगा देवी के साथ उनकी तीन साल की बेटी सुनैना भी बुखार से पीड़ित थी। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिवार में अब विवेक के भी बुखार से पीड़ित होने से चिंता बनी हुई है। एसडीएम बोलीं- गांव में लगातार लग रहे स्वास्थ्य कैंप अमृतपुर की उप जिलाधिकारी श्वेता साहू ने बताया कि गांव में लगातार स्वास्थ्य कैंप लगाए जा रहे हैं। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की टीम को एक बार फिर गांव में कैंप लगाने के निर्देश दिए हैं। गांव में एंटी लार्वा का छिड़काव भी कराया जा रहा है। बाढ़ के बीच स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर ग्रामीणों की मुश्किल बनी हुई है। बीमार लोगों को नाव के जरिए गांव से बाहर लाना पड़ रहा है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की टीम के कैंप और दवा वितरण पर ग्रामीणों की नजर है।
अलवर में सुबह बादल, 8 बजे बाद खिली धूप;:अब तक 3 प्रतिशत कम बारिश:जानिए अगले 5 दिन कैसा रहेगा मौसम
अलवर में मंगलवार सुबह मौसम में बदलाव देखने को मिला। सुबह के समय शहर में कुछ बादल छाए हुए थे। वहीं अलवर शहर से लगती अरावली की पहाड़ियों पर बादल नीचे तक उतरते नजर आए, जिससे कुछ समय के लिए मौसम सुहावना रहा। इसके बाद करीब 8 बजे के बाद मौसम खुल गया और धूप खिलने लगी। धूप निकलने के साथ ही दिन में गर्मी का असर भी महसूस होने लगा। हालांकि मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले दिनों में मौसम में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। मौसम विभाग की 15 सितंबर की स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार मंगलवार को अलवर में सामान्यतः बादल छाए रहने के साथ कुछ स्थानों पर गरज-चमक और बारिश के दौर की संभावना है। मंगलवार को अधिकतम तापमान करीब 32 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री के आसपास रहने का अनुमान है। 16 सितंबर को भी आसमान में बादल छाए रहने के साथ हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है, जबकि 17 सितंबर को भी बादल रहने और हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। 18 सितंबर को मौसम में बदलाव ज्यादा देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने इस दिन गरज-चमक के साथ बारिश का अनुमान जताया है। साथ ही आकाशीय बिजली को लेकर चेतावनी भी दी गई है। इसके बाद 19 सितंबर को बादल छाए रहने के साथ हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है। 20 सितंबर को भी आसमान में बादल रहने का अनुमान है। अगले दिनों में अधिकतम तापमान करीब 30 से 35 डिग्री के बीच रह सकता है। बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो अलवर में मानसून सीजन के दौरान अब तक 502.9 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। जबकि 15 सितंबर तक सामान्य मानसून के हिसाब से 518.7 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी। इस हिसाब से जिले में अब तक सामान्य से करीब 3 प्रतिशत कम बारिश हुई है। आने वाले दिनों में बारिश होने पर इस कमी में कुछ सुधार होने की उम्मीद है।
करौली जिला मुख्यालय पर सोमवार को गणेश चतुर्थी का पर्व धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर जगह-जगह गणेश मंदिरों में छप्पन भोग की झांकी सजाई गई और विशेष सजावट की गई।भूडारा बाजार, गणेश गेट, हिण्डौन गेट, अनाज मंडी और बड़ी हटरिया सहित कई स्थानों पर गणेश मंदिरों में झांकियां सजाई गईं। इन झांकियों के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े। गणेशजी के जयकारों से पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। गणपति बप्पा मोरिया के जयकारे गूंजेहिंडौन गेट और भूडारा बाजार में भगवान की सजीव झांकियां भी सजाई गईं। इन झांकियों को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। इस दौरान श्रद्धालु 'गणपति बप्पा मोरया' और 'जय गणेश' के जयकारे लगाते नजर आए। गणेश चतुर्थी के अवसर पर कई मोहल्लों में भगवान गणेश की प्रतिमाएं स्थापित की गईं और महोत्सव का शुभारंभ हुआ। बाजारों में खिलौने, गुब्बारे और बच्चों के खेलने के सामान की दुकानों के कारण मेले जैसा माहौल दिखा।शहर में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे।
West Bengal: नंदीग्राम उपचुनाव में ममता बनर्जी का दांव, शिक्षिका संचिता पर जताया भरोसा
संचिता प्रधानी दे नंदीग्राम के बोयाल प्राथमिक विद्यालय में शिक्षिका हैं। शिक्षक भर्ती मामले में 26 हजार नियुक्तियां रद किए जाने के फैसले की चपेट में वह भी आई थीं और उन्हें अपनी नौकरी गंवानी पड़ी थी। बाद में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद उन्हें दोबारा नौकरी मिल गई।
धार शहर में आज 15 सितंबर को प्रस्तावित वराह मार्च को लेकर पुलिस और प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। सनातन प्रहरी समिति ने दोपहर 2 बजे पीजी कॉलेज से विजय कीर्ति मंदिर तक वाहन रैली निकालने की घोषणा की है। प्रशासन ने मार्च की अनुमति निरस्त कर दी है, लेकिन समिति के पदाधिकारी अपने पूर्व घोषित कार्यक्रम पर कायम हैं। उनका कहना है कि उन्होंने अनुमति के लिए नहीं, बल्कि आयोजन की जानकारी देने के लिए आवेदन दिया था। रात में 8 लोगों को गिरफ्तार किया वराह मार्च को लेकर कोतवाली पुलिस ने सोमवार रात समिति से जुड़े 8 लोगों को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार लोगों में विकास जाट, लोकेश यादव, आशीष बसु, सत्यनारायण रघुवंशी उर्फ टू-टू ठाकुर, संदीप यादव, बाला उर्फ विक्रम, बाला उर्फ स्वप्निल सितौले और दीपक उर्फ रोहित सांठे शामिल हैं। पुलिस-प्रशासन का कहना है कि कानून व्यवस्था को देखते हुए धार शहर में किसी भी तरह के आयोजन की अनुमति नहीं दी जाएगी। शहर में पिछले कई दिनों से धारा 163 लागू है। मुस्लिम समाज की वाहन रैली की अनुमति भी निरस्त इसी दिन मुस्लिम समाज की ओर से भी वाहन रैली निकालने को लेकर आवेदन दिया गया था। प्रशासन ने उसकी अनुमति भी निरस्त कर दी है। अधिकारियों के अनुसार शहर में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए किसी भी समुदाय को वाहन रैली या अन्य आयोजन की अनुमति नहीं दी गई है। विजय मंदिर और लाट मस्जिद को लेकर संवेदनशीलता जिस स्थल तक वराह मार्च ले जाने की घोषणा की गई है, उसे हिंदू समाज विजय मंदिर और मुस्लिम समाज लाट मस्जिद के नाम से संबोधित करता है। मुस्लिम समाज के लोग यहां नमाज अदा करते हैं, जबकि हिंदू समाज की ओर से दशहरा पर्व पर मिलन समारोह आयोजित किया जाता है। प्रशासन ने संवेदनशीलता को देखते हुए इस संरक्षित स्थल को मंगलवार को अस्थायी रूप से बंद रखने का निर्णय लिया है। शहर में भारी पुलिस बल तैनात वराह मार्च को देखते हुए धार शहर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन ने शहर के बाहर से आने वाले लोगों से भी धार नहीं आने की अपील की है। इससे पहले पुलिस-प्रशासन ने शहर में लगाए गए वराह मार्च से जुड़े पोस्टर और बैनर भी हटवा दिए थे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने, संरक्षित इमारत को नुकसान पहुंचाने या किसी भी तरह की अनधिकृत गतिविधि करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं सनातन प्रहरी समिति अपने पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार मार्च निकालने की बात कह रही है। भोजशाला से जुड़े मामलों के बाद अब वराह मार्च को लेकर भी शहर में तनाव की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में दोपहर 2 बजे प्रस्तावित मार्च को लेकर पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई और समिति के रुख पर सभी की नजर है।
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बांदा और महोबा के स्वास्थ्य विभाग में जीपीएफ खातों में गड़बड़ी की जांच रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। दोनों जिलों में जांच के दौरान कर्मचारियों के जीपीएफ खातों से उपलब्ध रकम से ज्यादा पैसे निकालने और रिकॉर्ड में गड़बड़ी सामने आई है। बांदा में तिंदवारी पीएचसी में तैनात ऑप्टोमेट्रिस्ट देवेंद्र कुमार के जीपीएफ खाते में करीब 70 लाख रुपये की गड़बड़ी मिली है। जांच में पता चला कि उन्होंने खाते में मौजूद रकम से ज्यादा लोन लिया और पहले निकाले गए पैसों का रिकॉर्ड में सही हिसाब नहीं रखा। बाद की जांच में चार और कर्मचारियों के खातों में भी करीब 23 लाख रुपये की गड़बड़ी मिलने की बात कही गई है। प्रयागराज की ऑडिट टीम ने जीपीएफ पासबुक और ऑनलाइन रिकॉर्ड का मिलान किया। इसमें कुछ पासबुक में लोन की पुरानी एंट्री वाले पन्ने गायब मिले। ऑडिट टीम की आखिरी रिपोर्ट सीएमओ डॉ. विजेंद्र सिंह ने देवेंद्र कुमार का बैंक खाता सीज करवा दिया है और उनका वेतन भी रोक दिया है। विभाग अब उनसे पैसे वसूलने की तैयारी कर रहा है। हालांकि, ऑडिट टीम की आखिरी रिपोर्ट अभी बांदा स्वास्थ्य विभाग को नहीं मिली है। महोबा में यह मामला 17 अगस्त को प्रयागराज से आई ऑडिट टीम की जांच में सामने आया था। जिला महिला अस्पताल में जीपीएफ का काम देख रहे जूनियर असिस्टेंट संतोष कुमार वर्मा के खाते में करीब 82.96 लाख रुपये की गड़बड़ी मिली। 11.66 लाख रुपये की गड़बड़ी मिली आरोप है कि फर्जी रिकॉर्ड के जरिए खाते में मौजूद रकम से ज्यादा पैसे निकाले गए। जांच में पता चला कि यह गड़बड़ी करीब सात साल से चल रही थी। सीएमएस के ड्राइवर अंबिका के खाते में भी करीब 11.66 लाख रुपये की गड़बड़ी मिली है। दोनों के बैंक खाते सीज कर दिए गए हैं और उनका वेतन भी रोक दिया गया है। संतोष कुमार वर्मा ने पैसे जमा करने के लिए समय मांगा है और मकान बेचकर रकम लौटाने का भरोसा दिया है। दोनों जिलों की रिपोर्ट स्वास्थ्य मुख्यालय के जरिए शासन को भेजी गई है। अपर निदेशक स्वास्थ्य डॉ. अभय सिंह ने बताया कि शासन से निर्देश मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रयागराज की ऑडिट टीम ने दोबारा जांच की है।
ऋषि पंचमी के मौके पर महाराष्ट्र से आईं हजारों श्रद्धालु महिलाओं ने अमरकंटक में मां नर्मदा के रामघाट पर आस्था की डुबकी लगाई। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के सोन नदी के उद्गम स्थल सोनमुड़ा में भी स्थानीय लोगों ने स्नान किया। नागपुर, भंडारा, अमरावती, नासिक और पुणे समेत महाराष्ट्र के कई जिलों से महिलाएं अमरकंटक पहुंचीं। महिलाओं ने सुबह से पूजा-पाठ किया और नर्मदा के पवित्र जल में स्नान किया। नर्मदा किनारे बनाया मिट्टी का शिवलिंग धार्मिक परंपरा के अनुसार महिलाओं ने पारंपरिक कपड़े पहनकर नर्मदा किनारे मिट्टी का शिवलिंग बनाया। इसके बाद बेलपत्र और फूल चढ़ाकर पूजा की। महिलाओं ने पत्तियों और अनाज से भगवान गणेश की मूर्तियां भी बनाईं और उनकी पूजा-अर्चना कर आरती की। ऋषि पंचमी पर स्नान का खास महत्व अमरकंटक जैसी पवित्र जगह पर भाद्रपद शुक्ल पंचमी के दिन नर्मदा में स्नान का खास धार्मिक महत्व माना जाता है। इस दिन श्रद्धालु ऋषियों को याद कर पूजा-अर्चना करते हैं और नर्मदा में स्नान करते हैं। 14 से 15 हजार श्रद्धालु पहुंचे पिछले तीन-चार सालों से महाराष्ट्र से श्रद्धालु ऋषि पंचमी पर अमरकंटक पहुंच रहे हैं। इस साल भी करीब 14 से 15 हजार श्रद्धालु सैकड़ों गाड़ियों से मां नर्मदा के दर्शन और पूजा के लिए पहुंचे। श्रद्धालुओं की भीड़ से पूरी धार्मिक नगरी भक्ति और उत्साह से भर गई।
मेरठ के गांव फलावदा के सगे भाई आदित्य माकोरवाल और अंश माकोरवाल ने एक बार फिर किकबॉक्सिंग में मेरठ और यूपी का नाम रोशन किया है। 8 से 12 सितंबर तक इंदौर में हुई नेशनल किकबॉक्सिंग चैंपियनशिप-2026 में दोनों ने अपने-अपने भार वर्ग में गोल्ड मेडल जीते। आदित्य लगातार पांचवीं और अंश लगातार चौथी बार नेशनल चैंपियन बने हैं। आदित्य ने फाइनल में पंजाब के खिलाड़ी को हराया69 किग्रा भार वर्ग में आदित्य ने पहले मुकाबले में पश्चिम बंगाल को 10-0, ओडिशा को 10-0 और महाराष्ट्र को 13-2 से हराया। सेमीफाइनल में मध्य प्रदेश के खिलाड़ी को 13-3 से मात दी। फाइनल में पंजाब के खिलाड़ी को 18-13 से हराकर गोल्ड अपने नाम किया। अंश ने फाइनल 10-0 से जीता 94 किग्रा भार वर्ग में अंश ने छत्तीसगढ़ को 10-1 से हराकर शुरुआत की। सेमीफाइनल में मणिपुर को 12-4 और फाइनल में चंडीगढ़ के खिलाड़ी को 10-0 से हराकर गोल्ड मेडल जीता। अब कंबोडिया में दिखाएंगे दमनेशनल चैंपियन बनने के साथ दोनों भाइयों का चयन 11 से 21 दिसंबर तक फ्नोम पेन्ह, कंबोडिया में होने वाली एशियन किकबॉक्सिंग चैंपियनशिप-2026 के लिए हुआ है। दोनों अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। आदित्य इससे पहले वर्ल्ड कप और एशियन चैंपियनशिप में पदक जीत चुके हैं, जबकि अंश भी एशियन चैंपियनशिप में गोल्ड और उज्बेकिस्तान वर्ल्ड कप में ब्रॉन्ज जीत चुके हैं। उत्तर प्रदेश किकबॉक्सिंग संघ के महासचिव अरविंद शेरवालिया और WAKO India के अध्यक्ष संतोष अग्रवाल ने दोनों खिलाड़ियों को बधाई दी। खिलाड़ियों ने सफलता का श्रेय अपने पिता सतीश कुमार, प्रशिक्षकों और उत्तर प्रदेश किकबॉक्सिंग संघ को दिया। दोनों भाई 14 सितंबर को स्वर्ण पदकों के साथ मेरठ पहुंचे और इसके बाद अपनी जन्मभूमि फलावदा पहुंचे, जहां उनके स्वागत को लेकर खेलप्रेमियों में उत्साह रहा।
सीतापुर के खैराबाद थाना क्षेत्र में सोमवार देर शाम करीब 9 बजे तेज रफ्तार बोलेरो ने बाइक सवार दो लोगों को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में दोनों बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गए। टक्कर के बाद बोलेरो चालक वाहन समेत मौके से फरार हो गया। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने दोनों घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने एक घायल को मृत घोषित कर दिया। दूसरे घायल का उपचार चल रहा है। जानकारी के अनुसार मछरेहटा थाना क्षेत्र के ग्राम गुजरा निवासी 38 वर्षीय रिंकू सोमवार को अपने साथी कल्लू के साथ बाइक से मुख्यालय से घर लौट रहे थे। बताया जा रहा है कि दोनों रहीमाबाद के पास पहुंचे थे, तभी पीछे से आई तेज रफ्तार बोलेरो ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों बाइक सवार सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद आसपास के लोग मौके पर जुट गए। घायलों को जिला अस्पताल भिजवाया सूचना मिलने पर पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंची और घायलों को जिला अस्पताल भिजवाया। उपचार के दौरान रिंकू ने दम तोड़ दिया। वहीं कल्लू की हालत गंभीर बताई जा रही है और उसका इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। रिंकू की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजन आनन-फानन में अस्पताल पहुंचे। पति की मौत के बाद रिंकू की पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली परिवार के लोगों का कहना है कि हादसे के बाद से बोलेरो चालक का कोई पता नहीं चल सका है। पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि टक्कर मारकर फरार हुई बोलेरो की पहचान कर चालक तक पहुंचा जा सके। पुलिस वाहन की तलाश में संभावित मार्गों पर भी जानकारी जुटा रही है।
जालंधर के थाना रामा मंडी (चौकी दकोहा) क्षेत्र में पुलिस ने गश्त के दौरान एक युवक को 10 ग्राम हेरोइन, एक अवैध पिस्टल और 4 जिंदा कारतूसों के साथ गिरफ्तार किया है।आरोपी की पहचान अंशु ओबेरॉय पुत्र सचिन (निवासी मकान नंबर 03, वाल्मीकि मोहल्ला, दकोहा, रामा मंडी, जालंधर के रुप में हुई है। पुलिस ने आरोपी के पास से डिजिटल कांटे से तोली गई कुल 10 ग्राम हेरोइन, स्टार ग्रिप वाली एक बिना मार्का सिल्वर रंग की पिस्टल, 1 मैगजीन और 4 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। आरोपी को दकोहा के छिड़वा से डायमंड सिटी कॉलोनी की तरफ जाने वाले रास्ते पर पकड़ा गया।, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ NDPS एक्ट की धारा 21-B/61/85 और आर्म्स एक्ट की धारा 25-54-59 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। गश्त के दौरान भागने की कोशिश चौकी दकोहा के इंचार्ज SI सुखदेव सिंह की पुलिस टीम इलाके में नशीले पदार्थों और संदिग्धों की चेकिंग के लिए गश्त पर थी। छिड़वा गांव से डायमंड सिटी की तरफ एक युवक कंधे पर काला साइड बैग लटकाए पैदल आ रहा था। पुलिस पार्टी को देखते ही वह घबराकर पीछे मुड़कर भागने लगा, लेकिन पुलिस कर्मचारियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए उसे मौके पर ही काबू कर लिया।कानूनी प्रक्रिया के तहत हुई तलाशी पुलिस ने आरोपी को धारा 50 NDPS एक्ट का नोटिस देकर उसके बैग की तलाशी ली। बैग की जिप खोलने पर अंदर से पारदर्शी लिफाफे में 10 ग्राम हेरोइन (ड्रग डिटेक्शन किट से पुष्टि की गई) और एक अवैध सिल्वर रंग की पिस्टल मय मैगजीन व 4 जिंदा कारतूस बरामद हुए। आरोपी पिस्टल का कोई भी वैध लाइसेंस या दस्तावेज पेश नहीं कर सका। पुलिस ने बरामद नशीला पदार्थ और अवैध हथियार कब्जे में लेकर आरोपी अंशु ओबेरॉय के खिलाफ थाना रामा मंडी में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर रही है कि वह यह खेप कहां से लाया था और किसे देने जा रहा था।
ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान गुजरात सचिवालय को बम से उड़ाने की धमकी देने वाले को पुलिस ने भागलपुर से पकड़ा है। युवक का नाम रोशन कुमार बताया जा रहा है। जांच में उसके बांग्लादेश कनेक्शन का खुलासा हुआ है।
राजस्थान के 36 हजार 765 सरकारी स्कूलों में कक्षा 6 से 12 तक की बालिकाओं को अब स्कूल में ही आत्मरक्षा की ट्रेनिंग दी जाएगी। सत्र 2026-27 के लिए जारी दिशा-निर्देशों के तहत 10 दिन का प्रशिक्षण शिविर होगा और इसके बाद अक्टूबर, दिसंबर, फरवरी और अप्रैल में नियमित अभ्यास कराया जाएगा। खास बात यह है कि छात्राओं को मार्शल आर्ट के साथ POCSO एक्ट, किशोर न्याय अधिनियम और शिकायत की प्रक्रिया की जानकारी भी दी जाएगी। प्रशिक्षण का मकसद छात्राओं को संभावित खतरे पहचानने, असुरक्षित परिस्थितियों का सामना करने और शारीरिक-मानसिक रूप से मजबूत बनाने पर रहेगा। 10 दिन का शिविर, फिर पूरे साल अभ्यास कार्यक्रम के तहत सभी बालिकाओं के बैच बनाए जाएंगे और 10 दिन का प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जाएगा। इसके बाद प्रशिक्षण को केवल शिविर तक सीमित नहीं रखा जाएगा। छात्राओं के लिए नियमित अभ्यास सत्र भी होंगे। अक्टूबर 2026, दिसंबर 2026, फरवरी 2027 और अप्रैल 2027 में 15-15 दिन के अभ्यास सत्र आयोजित किए जाएंगे। कक्षा 6 से 8 और कक्षा 9 से 12 की छात्राओं के अलग-अलग समूह बनाए जाएंगे। प्रशिक्षण को स्कूल की समय-सारणी में प्राथमिकता दी जाएगी और चर्चा सत्रों को भी इसमें शामिल किया जाएगा। प्रशिक्षण की जिम्मेदारी महिला शारीरिक शिक्षक को दी गई है। मार्शल आर्ट के साथ अधिकार और कानूनों की जानकारी आत्मरक्षा प्रशिक्षण में छात्राओं को मार्शल आर्ट और आत्मरक्षा की तकनीकों के साथ उनके अधिकारों और बाल सुरक्षा से जुड़े कानूनों की जानकारी भी दी जाएगी। उन्हें POCSO एक्ट और किशोर न्याय अधिनियम-2015 के महत्वपूर्ण प्रावधानों के बारे में बताया जाएगा। छात्राओं को यह भी समझाया जाएगा कि किसी परेशानी, हिंसा या अपराध की स्थिति में शिकायत कहां और कैसे की जा सकती है। बाल सुरक्षा से जुड़ी सरकारी योजनाओं और संबंधित आयोग की जानकारी भी दी जाएगी। स्कूलों में नजदीकी पुलिस थाने के बीट कांस्टेबल और थाना प्रभारी को छात्राओं से बातचीत के लिए बुलाया जाएगा। इस दौरान बाल सुरक्षा, कानूनी प्रावधान और शिकायत की प्रक्रिया की जानकारी दी जाएगी। छात्राओं को परेशानी साझा करने का भी मौका प्रशिक्षण के दौरान छात्राओं को अपनी परेशानी बताने के लिए व्यक्तिगत बातचीत का अवसर दिया जाएगा। जरूरत पड़ने पर छात्राएं पर्ची के माध्यम से भी अपनी उलझन या असुरक्षा साझा कर सकेंगी। उन्हें बिना झिझक अपनी समस्या बताने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। चयनित स्कूलों को मिलेंगे 2,500 रुपए आत्मरक्षा प्रशिक्षण के लिए चयनित स्कूलों को सरकार की ओर से प्रति विद्यालय 2 हजार 500 रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। इस राशि का इस्तेमाल प्रशिक्षण से संबंधित बैनर, स्टेशनरी, फोटोकॉपी और जरूरी सामग्री पर किया जाएगा। प्रशिक्षण से मानसिक मजबूती मिलेगी शिक्षाविद् एवं शिक्षक नेता मोहर सिंह सलावद ने बताया कि बालिकाओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण देना उनकी सुरक्षा, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इस प्रशिक्षण के माध्यम से बालिकाएं विपरीत परिस्थितियों में स्वयं की सुरक्षा करना सीखेंगी। इससे उनमें साहस और मानसिक मजबूती विकसित होगी।
किन्नौर की लोक संस्कृति और परंपराएं 105 पौध प्रजातियों के संरक्षण में अहम भूमिका निभा रही हैं। वैज्ञानिक अध्ययन में 8 संकटग्रस्त प्रजातियों और पारंपरिक वनस्पति ज्ञान का खुलासा।
रीवा: जच्चा-बच्चा की मौत का मामला गर्माया, बीहर नदी में जल सत्याग्रह करने उतरे परिजन, एफआईआर की मांग
बीती 26 अगस्त को गांधी मेमोरियल अस्पताल में जच्चा-बच्चा की मौत के मामले में एफआईआर की मांग को लेकर आंदोलन तेज हो गया है। मृतका के पिता के समर्थकों ने बीहर नदी के तट पर अनिश्चितकालीन जल सत्याग्रह शुरू कर दिया है।
उन्नाव में हरियाली तीज के अगले दिन मंगलवार सुबह शुक्लागंज के आनंद घाट पर महिलाओं और श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी। सोमवार को व्रत रखने के बाद महिलाएं सुबह गंगा स्नान के लिए पहुंचीं। आस्था की डुबकी लगाने के बाद घाट पर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना की गई। महिलाओं ने परिवार की सुख-समृद्धि और पति की लंबी उम्र की कामना की। सुबह होते ही आसपास के मोहल्लों और ग्रामीण इलाकों से महिलाएं समूह में घाट पहुंचने लगीं। कई महिलाएं अपने साथ पूजा का सामान लेकर आई थीं। गंगा स्नान के बाद महिलाओं ने धार्मिक रस्में पूरी कीं। घाट पर हरियाली तीज के गीत और पूजा-पाठ से माहौल भक्तिमय बना रहा। व्रत के बाद गंगा में लगाई आस्था की डुबकी हरियाली तीज पर महिलाओं ने सोमवार को व्रत रखा था। इसके अगले दिन मंगलवार सुबह आनंद घाट पहुंचकर गंगा स्नान किया। महिलाओं ने स्नान के बाद घाट पर पूजा-अर्चना की और शिव-पार्वती को नमन किया। मान्यता के अनुसार सुहागिन महिलाएं पति की लंबी उम्र और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए हरियाली तीज का व्रत रखती हैं। पूजा के सामान के साथ समूह में पहुंचीं महिलाएं आनंद घाट पर सुबह से ही महिलाओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। आसपास के मोहल्लों और गांवों से महिलाएं समूह में आईं। गंगा स्नान के बाद उन्होंने घाट पर पूजा की और परंपरा के अनुसार धार्मिक रस्में निभाईं। कई महिलाओं ने गंगा किनारे दीप जलाकर परिवार के लिए सुख-शांति की प्रार्थना की। गहरे पानी में जाने से रोका, घाट पर तैनात रही पुलिस श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए घाट पर सुरक्षा के इंतजाम किए गए थे। पुलिसकर्मी सुबह से आनंद घाट और आसपास के इलाकों में तैनात रहे। गंगा स्नान के दौरान श्रद्धालुओं को गहरे पानी में जाने से रोका गया। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के साथ महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया। शुभकामनाएं देकर विदा हुईं महिलाएं घाट पर किसी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिसकर्मी लगातार निगरानी करते रहे। श्रद्धालुओं से तय स्थान पर ही गंगा स्नान करने और सावधानी बरतने की अपील की गई। पूजा-अर्चना के बाद महिलाओं ने एक-दूसरे को हरियाली तीज की शुभकामनाएं दीं। पर्व के चलते मंगलवार सुबह आनंद घाट पर काफी देर तक श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहा।
कन्नौज में 130 जगह सजे गणेश पंडाल:पहले दिन हुई मूर्ति स्थापना, आरती के साथ उत्सव का आगाज
कन्नौज में गणेश उत्सव की शुरुआत हो गई है। पंडालों में गणपति बप्पा को लेकर आयोजकों में काफी उत्साह दिखा। पहले दिन गणेश भगवान की मूर्ति स्थापित की गई, जिसके बाद आरती और प्रसाद बांटा गया। पुलिस ने पैदल गश्त कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा भी लिया। जिले भर में छोटे-बड़े करीब 130 गणेश पंडाल सजाए गए हैं। सभी पंडालों में पहले दिन मूर्ति स्थापना हुई और रात में पूजा-आरती की गई। शहर में सबसे पहले कटरा मोहल्ला में गणेश उत्सव मनाने की परंपरा शुरू हुई थी। यहां पिछले 29 सालों से यह उत्सव मनाया जा रहा है। सरायमीरा ठेकेदार गली, ठकुराना मोहल्ला, मीरा टोला, पठकाना मोहल्ला और चौहट्टा मोहल्ले समेत कई जगहों पर भी आयोजन हो रहे हैं। कटरा मोहल्ला में गणेश भगवान के दर्शन करने पहुंचे निर्मल तिवारी ने बताया कि शहर में सबसे पहले इसी मोहल्ले में गणेश उत्सव शुरू हुआ था। यहां हर साल यह आयोजन धूमधाम से होता है। गणेश उत्सव 12 दिनों तक चलेगा, जिसके लिए पहले से कार्यक्रम तय किए गए हैं। हर रात भगवान गणेश की आरती की जाती है। गणेश उत्सव पंडालों में भक्तों की सुरक्षा और संदिग्धों पर नजर रखने के लिए देर रात पुलिस ने पैदल गश्त किया। इस दौरान एसपी बिनोद कुमार, एएसपी अजय कुमार, सीओ सिटी शिल्पा वर्मा और कोतवाली प्रभारी जितेंद्र प्रताप सिंह अपनी टीम के साथ मौजूद रहे।
कानपुर में दीपावली आने में अभी दो महीने बाकी हैं, लेकिन फ्लाइट के टिकटों के दाम अभी से बढ़ गए हैं। लोग पहले से ही अपनी बुकिंग करा रहे हैं। कानपुर से दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु जाने के लिए फ्लाइट का किराया सस्ता है, जबकि इन शहरों से कानपुर वापस आने का किराया महंगा रहेगा। चकेरी एयरपोर्ट से दिल्ली और मुंबई के लिए रोजाना फ्लाइट मिलती है। वहीं, बेंगलुरु की फ्लाइट हफ्ते में चार दिन चलती है। इस साल 6 नवंबर को धनतेरस, 7 नवंबर को छोटी दीपावली, 8 नवंबर को बड़ी दीपावली, 9 नवंबर को गोवर्धन पूजा और 10 व 11 नवंबर को भाई दूज का त्योहार है। इन पांच दिनों के त्योहार पर लोग अपने घरों को लौटते हैं। कानपुर से दिल्ली जाने वाली फ्लाइट का किराया 6, 7, 8 और 9 नवंबर को 4,186 रुपए से लेकर 4,396 रुपए तक रहेगा। वहीं, 10 और 11 नवंबर को किराया 5,656 रुपए रहेगा। 12 नवंबर को यह किराया बढ़कर 6,181 रुपए हो जाएगा। दिल्ली से कानपुर आने के लिए 6, 7 और 8 नवंबर को किराया 7,712 रुपए से लेकर 8,447 रुपए तक रहेगा। इसी तरह, कानपुर से मुंबई जाने के लिए 6, 7 और 8 नवंबर को किराया 7,491 रुपए से लेकर 7,812 रुपए तक रहेगा। 9 नवंबर को किराया 7,773 रुपए रहेगा। 10 नवंबर को यह बढ़कर 7,812 रुपए हो जाएगा। 11 नवंबर को मुंबई का किराया बढ़कर 10,413 रुपए, 12 नवंबर को 11,271 रुपए और 14 व 15 नवंबर को 15,156 रुपए से लेकर 16,836 रुपए तक रहेगा। मुंबई से कानपुर आने के लिए 6 नवंबर को किराया 20,026 रुपए और 7 नवंबर को 20,892 रुपए रहेगा। हालांकि, 8 नवंबर को किराया घटकर 8,321 रुपए हो जाएगा। बेंगलुरु के लिए कानपुर से सोमवार, बुधवार, शुक्रवार और शनिवार को ही फ्लाइट मिलती है। कानपुर से बेंगलुरु जाने के लिए 6 और 7 नवंबर को किराया 7,812 रुपए से लेकर 7,978 रुपए तक रहेगा। 9 नवंबर को यह किराया बढ़कर 8,057 रुपए हो जाएगा। 11 नवंबर को किराया बढ़कर 15,372 रुपए हो जाएगा। बेंगलुरु से कानपुर आने के लिए 6 नवंबर को किराया 21,009 रुपए रहेगा। जबकि 7 नवंबर को 22,467 रुपए रहेगा। 8 नवंबर को किराया घटकर 14,818 रुपए हो जाएगा। एयरपोर्ट डायरेक्टर प्रदीप यादव ने बताया कि त्योहार के समय किराए के दामों में उतार-चढ़ाव होता रहता है।
राम मंदिर के सीईओ जीतेंद्र मिश्र ने इंटरव्यू दिया था या नहीं, राजेश पांडे को ट्रस्ट ने दिया जवाब
राम मंदिर के सीईओ जीतेंद्र मिश्र की नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों पर ट्रस्ट की ओर से जवाब आ गया है। महासचिव गोविंद देव गिरी ने पूरी प्रक्रिया समझाई और दस्तावेजी सबूत होने का दावा भी किया है।
KGMU की OPD में मरीजों की सुविधा के लिए लगाई गई कियोस्क मशीनें बंद पड़ी हैं। OPD के भूतल पर लगी तीनों मशीनों का संचालन नहीं हो रहा है। ऐसे में मरीजों और तीमारदारों को जांच रिपोर्ट लेने के लिए फिर कतार में लगना पड़ रहा है। कई मरीजों को रिपोर्ट के लिए आधे से एक घंटे तक इंतजार करना पड़ रहा है। इस मकसद से लगाई गई थी मशीन KGMU OPD में रोज करीब आठ हजार मरीज पहुंचते हैं। इनमें दो हजार से ज्यादा मरीजों को पैथोलॉजी जांच लिखी जाती है। मरीजों को बिना कतार रिपोर्ट देने के लिए लाखों रुपये खर्च कर तीन कियोस्क मशीनें लगाई गई थीं। मशीनों से मरीज आसानी से अपनी लैब रिपोर्ट निकाल सकते थे। इससे समय बचने के साथ रिपोर्ट काउंटर पर भीड़ भी कम होती थी। बुजुर्ग और गंभीर मरीज भी लाइन में KGMU में रोज दो हजार से ज्यादा मरीजों की पैथोलॉजी जांच होती है। जांच के बाद रिपोर्ट लेने के लिए बड़ी संख्या में मरीज OPD पहुंचते हैं। कियोस्क बंद होने से बुजुर्ग और गंभीर मरीजों को भी लाइन में खड़े होकर रिपोर्ट का इंतजार करना पड़ रहा है। मरीजों का कहना है कि लाखों रुपये खर्च कर लगाई गई मशीनों का इस्तेमाल नहीं हो रहा है तो इसका उद्देश्य ही खत्म हो गया है। लंबे समय से बंद रहने से मशीनों के खराब होने का खतरा भी बढ़ रहा है। मरीजों ने कियोस्क जल्द शुरू कराने की मांग की है।
गणेश चतुर्थी के शुभ अवसर पर चंदेसरा में 34वें सार्वजनिक गणपति महोत्सव की शुरुआत हुई। द्वारिकाधीश मित्र मंडल ने गणपति बप्पा की स्थापना की और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इस दौरान बप्पा की विशेष एंट्री का कार्यक्रम भी रखा गया, जिसे देखने के लिए चंदेसरा और आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। गणपति बप्पा की भव्य एंट्री के समय श्रद्धालुओं में काफी उत्साह दिखा। पूरे आयोजन के दौरान “गणपति बप्पा मोरया” के जयकारों से माहौल भक्ति से भर गया। स्थापना के बाद भगवान गणेश की विशेष पूजा कर मोदक का भोग लगाया गया। श्रद्धालुओं ने बप्पा के दर्शन कर सुख-समृद्धि मांगी। इस साल गणपति बप्पा की प्रतिमा श्री श्याम ग्रुप, चंदेसरा की ओर से लाई गई है। इस आयोजन को लेकर युवाओं और मंडल के सदस्यों में काफी उत्साह नजर आया। आने वाले दिनों में भी गणपति महोत्सव के तहत कई धार्मिक कार्यक्रम होंगे। द्वारिकाधीश मित्र मंडल लगातार 34 साल से गणपति महोत्सव का आयोजन कर रहा है। इसमें इलाके के ग्रामीण श्रद्धा और उत्साह के साथ शामिल होते हैं।
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में पत्नी को दूसरे व्यक्ति के साथ आपत्तिजनक हालत में देखने पर पति ने उसकी हत्या कर दी। आरोपी ने पहले चाकू से पत्नी के गले पर वार किया, फिर शव को झाड़ियों में फेंक दिया। पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है। मामला गौरेला थाना क्षेत्र के अंजनी गांव का है। जेपी एग्रोटेक के मजदूरों ने अंजनी गांव की झाड़ियों में एक महिला का शव देखा। उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। मृतका की पहचान बिहार के पूर्णिया जिले के रूपौली निवासी लक्ष्मी कुमारी के रूप में हुई। उसके पति का नाम सुमित कुमार यादव है। पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार खिलारी के निर्देश पर पुलिस टीम ने मामले की जांच शुरू की। परिचित युवक के साथ पत्नी को देखा पुलिस जांच में सामने आया कि 9 सितंबर 2026 की रात करीब 2 बजे आरोपी सुमित कुमार यादव (32) ने अपनी पत्नी को कमरे में नहीं पाया। इसके बाद वह उसे ढूंढने के लिए बाहर निकला। इसी दौरान उसने पत्नी को एक परिचित व्यक्ति के साथ देखा। सुमित ने गुस्से में उस व्यक्ति को दौड़ाया। वह मौके से भाग निकला। इसके बाद सुमित और उसकी पत्नी के बीच विवाद हुआ। दोनों के बीच हाथापाई भी हुई। गुस्से में चाकू से गले पर किया वार विवाद के दौरान सुमित ने लोहे के चाकू से पत्नी के गले पर वार कर दिया। गंभीर चोट लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की और पूछताछ में झूठे बयान दिए। सबूतों के आधार पर आरोपी तक पहुंची पुलिस पुलिस ने घटनास्थल की जांच की और जरूरी सबूत जुटाए। जांच के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने सुमित कुमार यादव को गिरफ्तार कर लिया। कोर्ट ने आरोपी को जेल भेजा गौरेला थाने में आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 395/2026 दर्ज किया गया है। पुलिस ने धारा 103(1) और 238(ख) के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
रायबरेली शहर को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए सेफ सिटी योजना के तहत बड़ा कदम उठाया गया है। शहर के 30 प्रमुख और संवेदनशील स्थानों पर 100 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इसके लिए नगर पालिका प्रशासन ने 99.66 लाख रुपये का प्रस्ताव तैयार कर सरकार को मंजूरी के लिए भेजा है। बजट स्वीकृत होते ही कैमरे लगाने का काम शुरू किया जाएगा। नगर पालिका के जलकल परिसर में आधुनिक कंट्रोल रूम बनाया जाएगा। यहां से शहर में लगे सभी कैमरों की लाइव निगरानी की जाएगी। कैमरों की रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखी जाएगी और किसी संदिग्ध गतिविधि, दुर्घटना या आपात स्थिति में तुरंत अलर्ट मिलेगा। इससे पुलिस और प्रशासन को समय रहते कार्रवाई करने में मदद मिलेगी। 30 प्रमुख जगहों पर लगेंगे 100 कैमरे सेफ सिटी योजना के तहत शहर के ऐसे स्थान चुने गए हैं, जहां सबसे ज्यादा भीड़ रहती है या सुरक्षा और ट्रैफिक की दृष्टि से ये इलाके महत्वपूर्ण हैं। इनमें रायबरेली विकास प्राधिकरण मोड़, एफजी कॉलेज चौराहा, डिग्री कॉलेज चौराहा, सब्जी मंडी, डबल फाटक अंडरपास, रेलवे स्टेशन बछरावां साइड, राजकीय कॉलोनी चौराहा, जहांगीराबाद पुल और त्रिपुला चौराहा शामिल हैं। इसके अलावा एम्स गेट, मंशा देवी मंदिर, मनकामनेश्वर मंदिर, सुल्तानपुर रोड स्थित हनुमान मंदिर, मधुबन क्रॉसिंग, राही बाईपास प्रवेश द्वार, डीएम आवास चौराहा और केपरगंज समेत अन्य प्रमुख स्थानों पर भी कैमरे लगाए जाएंगे। कंट्रोल रूम से लाइव निगरानी नगर पालिका के जलकल परिसर में बनने वाले कंट्रोल रूम से सभी 100 कैमरों की लाइव निगरानी होगी। कैमरों की रिकॉर्डिंग भी सुरक्षित रखी जाएगी। किसी दुर्घटना, आपात स्थिति या संदिग्ध गतिविधि का पता चलने पर तत्काल जानकारी मिल सकेगी। इससे पुलिस और प्रशासन को मौके पर तेजी से पहुंचने और कार्रवाई करने में मदद मिलेगी। ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर भी नजर सीसीटीवी कैमरों का इस्तेमाल सिर्फ अपराध रोकने और ट्रैफिक व्यवस्था संभालने के लिए नहीं होगा। शहर में सड़क किनारे कचरा फेंकने और गंदगी फैलाने वालों पर भी नजर रखी जाएगी। नियम तोड़ने वालों के खिलाफ चालान और जुर्माने की कार्रवाई की जा सकेगी। इसके अलावा डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन की निगरानी में भी कैमरों की मदद ली जाएगी। महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर भी रहेगा फोकस नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी स्वर्ण सिंह ने बताया कि सेफ सिटी योजना महिलाओं, बच्चों और आम नागरिकों की सुरक्षा के साथ ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने और अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने में प्रभावी साबित होगी। उन्होंने बताया कि सरकार से बजट को मंजूरी मिलते ही योजना पर काम शुरू कर दिया जाएगा।
यूपी के राजनीतिक गलियारे और प्रशासनिक गलियों में आज तीन किस्से काफी चर्चा में रहे। चाहे-अनचाहे आखिर ये बाहर आ ही जाते हैं।
जालोर में गणेश चतुर्थी पर निकली शोभायात्रा:डीजे पर भजनों के बीच नाचते-गाते निकले युवा, झांकियां सजाई
गणेश चतुर्थी के अवसर पर सोमवार को सनातन महोत्सव समिति की ओर से शहर में भव्य शोभायात्रा निकाली गई। भगवान गणपति की प्रतिमाओं के साथ विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। डीजे पर बजते भजनों के बीच युवा नाचते-गाते हुए भक्ति में झूमते नजर आए। शोभायात्रा में बड़ी संख्या में धर्मप्रेमी शामिल हुए। भारत माता चौक से रवाना हुई शोभायात्रा समिति संयोजक अम्बालाल व्यास ने बताया कि शोभायात्रा सुबह तिलक द्वार स्थित भारत माता चौक से शुरू हुई। भैरूनाथ अखाड़े के ईश्वरनाथ महाराज, चामुंडा माता मंदिर के पवनपुरी महाराज और वागेश्वर मठ के हनुमानगिरी महाराज सहित साधु-संतों ने दीप प्रज्वलित कर भगवान गणपति की पूजा-अर्चना की। इसके बाद शोभायात्रा को रवाना किया गया। प्रमुख मार्गों से होते हुए रामदेवजी मंदिर पहुंची शोभायात्रा हरिदेव जोशी सर्किल, पंचायत समिति, बड़ी पोल, घांचियों की पिलानी, सुभाष मार्केट, माणक चौक, सदर बाजार, गणेश चौक, गांधी चौक, सूरजपोल और अस्पताल चौराहा होते हुए वापस तिलक द्वार स्थित रामदेवजी मंदिर प्रांगण पहुंची। यहां भगवान गणपति की महाआरती और प्रसाद वितरण के साथ शोभायात्रा का समापन हुआ। शोभायात्रा में संत-महात्मा सजे हुए रथों में विराजमान रहे। वहीं, ट्रैक्टरों पर भगवान गणपति की प्रतिमाओं के साथ आकर्षक झांकियां सजाई गईं। पूरे मार्ग में विभिन्न समाजों, धार्मिक समितियों और मोहल्लेवासियों ने शोभायात्रा का स्वागत किया। सेवा भारती की झांकियों ने खींचा ध्यान शोभायात्रा में सेवा भारती के बाल संस्कार केंद्रों की झांकियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। शांतिनाथ बाल संस्कार केंद्र एफसीआई गोदाम, श्री चामुंडा माता बाल संस्कार केंद्र शांतिनगर और श्री संत रविदास बस्ती केंद्र के नन्हे बच्चों ने विभिन्न देवी-देवताओं का रूप धारण किया। बच्चों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने शोभायात्रा में शामिल श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित किया।
सेक्टर-128 स्थित जेपी विशटाउन में परियोजनाओं के निर्माण में देरी और अनधिकृत निर्माण की शिकायतों पर शासन ने जांच के आदेश दिए हैं। इसके लिए नोएडा के ओएसडी की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय जांच कमेटी गठित की गई है। कमेटी को एक महीने के अंदर अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपनी होगी। जेपी विशटाउन का निर्माण जेपी इंफ्राटेक लिमिटेड की ओर से किया गया था। परियोजना समय पर पूरी नहीं होने और अन्य समस्याओं के चलते मामला एनसीएलटी तक पहुंचा था। इसके बाद एनसीएलटी से स्वीकृत रिजोल्यूशन प्लान के तहत परियोजना को पूरा कराने की जिम्मेदारी सुरक्षा रियल्टी को दी गई। अब सुरक्षा रियल्टी की ओर से भी निर्माण में लापरवाही बरते जाने के आरोप लगाए गए हैं। जेपी विशटाउन निवासी आशीष ने 10 अगस्त 2026 को शासन में शिकायत की थी। इसमें निर्धारित समय सीमा में निर्माण पूरा नहीं करने, स्वीकृत डीपीआर और मानचित्र के अनुरूप काम नहीं करने और स्वीकृत योजना से अलग निर्माण किए जाने के आरोप लगाए गए। ओएसडी की अध्यक्षता में कमेटी शिकायत के आधार पर शासन ने नोएडा के ओएसडी संतोष कुमार की अध्यक्षता में जांच समिति बनाई है। इसमें नोएडा नियोजन विभाग के वरिष्ठ प्रबंधक वैभव गुप्ता, नोएडा के वरिष्ठ एवं वित्त लेखाधिकारी विजय स्वरूप, यीडा वित्त विभाग के वरिष्ठ प्रबंधक सलीम अहमद और यीडा नियोजन विभाग के वरिष्ठ प्रबंधक मनीष लाल को सदस्य बनाया गया है। 7 बिंदुओं पर होगी जांच
मेरठ की सड़कों पर 15 साल की उम्र पूरी कर चुके वाहनों के खिलाफ परिवहन विभाग ने अभियान शुरू कर दिया है। मंगलवार सुबह एआरटीओ सुधांशु रंजन के नेतृत्व में दर्जनभर क्रेन सड़क पर दौड़ती दिखाई दीं। टीम ने प्रमुख मार्गों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में ऐसे वाहनों की जांच शुरू की, जिनकी निर्धारित अवधि पूरी हो चुकी है। अभियान का मकसद पुराने और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को सड़क से हटाने के साथ यातायात व्यवस्था और सड़क सुरक्षा को बेहतर करना है। परिवहन विभाग अभी तक दिल्ली-एनसीआर में 15 व 10 वर्ष की अवधि पूर्ण करने वाले वाहन स्वामियों को समझाने का काम कर रहा था। ताकि वह स्वयं आगे आएं और अपने वाहनों को सरेंडर कर प्रदूषणमुक्त व्यवस्था में सहयोग करें लेकिन कोई ज्यादा प्रभाव नहीं दिखा। मंगलवार को कार्रवाई का सिलसिला शुरु कर दिया गया। आरटीओ की टीम ने अभियान के दौरान वाहनों के दस्तावेज, पंजीकरण और वैधता की जांच की। 15 साल की अवधि पूरी कर चुके वाहनों के संचालन पर पूरा फोकस रहा। अधिकारियों ने वाहन स्वामियों से अपील की है कि वह अपने पुराने वाहनों की स्थिति और दस्तावेजों की जांच कर लें, ताकि सड़क पर निकलने के दौरान कार्रवाई से बचा जा सके। क्रेन से उठाकर हटाए जा रहे पुराने वाहनअभियान के लिए परिवहन विभाग ने करीब एक दर्जन क्रेन सड़क पर उतारी हैं। टीम को जहां भी निर्धारित अवधि पूरी कर चुका वाहन मिलता है, वहां उसकी जांच की जा रही है। जरूरत पड़ने पर क्रेन की मदद से वाहन को सड़क से हटाया जा रहा है। विभाग की कार्रवाई केवल चालान तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि नियमों के मुताबिक पुराने वाहनों के निस्तारण की प्रक्रिया भी अपनाई जाएगी। अब सड़क पर चलने वाला हर पुराना वाहनपरिवहन विभाग के अभियान से साफ है कि 15 साल व 10 साल की निर्धारित अवधि पूरी कर चुके वाहनों को लेकर अब कार्रवाई तेज की जा रही है। ऐसे में वाहन स्वामियों के लिए जरूरी है कि वे वाहन की आरसी, फिटनेस, प्रदूषण प्रमाणपत्र और अन्य दस्तावेजों की वैधता की जांच कर लें। निर्धारित अवधि पूरी कर चुके वाहन के संबंध में नियमों के मुताबिक निस्तारण या अन्य वैधानिक प्रक्रिया अपनाना ही सुरक्षित विकल्प है। स्क्रैप नीति से उठाए यह लाभ : - पुराने वाहन को अधिकृत स्क्रैप सेंटर पर जमा कराने पर उसकी स्क्रैप वैल्यू मिल सकती है।- पात्र मामलों में पुराने वाहन को स्क्रैप कराने के बाद नए वाहन की खरीद पर मिलने वाले प्रोत्साहन/छूट का लाभ लिया जा सकता है। इसका वास्तविक लाभ संबंधित राज्य के नियम और डीलर की योजना पर निर्भर करेगा।- 15 साल पुराने वाहन में बार-बार मरम्मत, पार्ट्स बदलने और रखरखाव पर होने वाला खर्च लगातार बढ़ सकता है। ऐसे वाहन को हटाकर नया वाहन लेने से यह खर्च कम हो सकता है।- पुराने वाहन अपेक्षाकृत अधिक प्रदूषण फैलाने वाले हो सकते हैं। उन्हें निस्तारित कराने से प्रदूषण संबंधी कार्रवाई और दस्तावेजों की परेशानी से भी राहत मिल सकती है।- पुराने वाहनों में ब्रेक, टायर, स्टीयरिंग और अन्य तकनीकी हिस्सों की खराबी का जोखिम बढ़ सकता है। ऐसे वाहनों को सड़क से हटाने से दुर्घटना का जोखिम कम करने में मदद मिलती है।- अधिकृत स्क्रैप सेंटर के माध्यम से वाहन निस्तारित कराने पर वाहन के रिकॉर्ड को नियमानुसार बंद कराने की प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। इससे पुराने वाहन के भविष्य में गलत इस्तेमाल की आशंका भी कम होती है। एआरटीओ बोले- जागरुकता दिखाएं वाहन स्वामी एआरटीओ सुधांशु रंजन का कहना है कि अब केवल विभाग नहीं बल्कि वाहन स्वामी को भी इस कार्रवाई के उद्देश्यों को समझना होगा। 15 साल पुराने वाहन को सड़क से हटाने का मतलब केवल कार्रवाई से बचना नहीं है। वाहन स्वामी के लिए भी पुराने वाहन का निस्तारण कई तरह से फायदेमंद हो सकता है। यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
.भोपाल में मंगलवार को दो अहम मामलों की सुनवाई होगी। सुप्रीम कोर्ट में रहवासी इलाकों में व्यावसायिक गतिविधियों से जुड़े 62,500 प्रतिष्ठानों के मामले में नगर निगम की कार्रवाई रिपोर्ट और रहवासियों की आपत्तियों पर सुनवाई होगी।
प्रयागराज में अबकी बार दधिकांदो मेले का अलग ही रंग नजर आ रहा है। सलोरी और सुलेम सरांय के दधिकांदो मेले में दशहरा सा नजारा देखने को मिला। दधिकांदो मेला क्षेत्रीय होता है, उसी इलाके के लोगों जमावड़ा होता है लेकिन इस बार मानो क्षेत्रीय मेले में बड़ी संख्य में अन्य क्षेत्रों के लेाग पहुंच रहे हैं। आस्था के रंग में डूबे लोग पूरी रात मेले का आनंद उठाते रहे। भव्य श्रृंगार, आकर्षक झांकियां, धार्मिक रंगों से सजी चौकियां, भगवान के किरदारों में सजे कलाकार, फूलों की वर्षा देख लोग मोहित से नजर आए। इस बार बिजली की सजावट भी खास नजर आ रही है। रंग बिरंगी लाइटों के बीच हाईटेक फोकस, डीजे, ब्लिंग वाली झालरें मेले के उत्साह, उल्लास और उमंग को बढ़ा रही हैं। देर रात तक भीड़ उमड़ रही है। सुरक्षा इंतजाम भी काफी बढ़ाए गए हैं। ड्रोन से निगरानी के साथ ही अफसर पैदल घूम रहे हैं। ऊपर क्लिक कर देखें वीडियो …
पटना में डेंगू का संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। सितंबर के शुरुआती 14 दिनों में ही 76 नए मरीज मिले हैं। इसके साथ ही इस साल अब तक डेंगू मरीजों की संख्या बढ़कर 243 हो गई है। जनवरी से अगस्त तक 167 मरीज मिले थे। यानी सितंबर के महज 14 दिनों में ही कुल मरीजों की संख्या में करीब 46% की बढ़ोतरी हुई है। बारिश के बाद जलजमाव और घरों के आसपास साफ पानी का ठहराव डेंगू फैलाने वाले एडीज मच्छर के लिए अनुकूल माहौल बना रहा है। अचानक बढ़े मामलों ने स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम की चिंता बढ़ा दी है। कंकड़बाग, जक्कनपुर से पटना सिटी तक मरीज स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, इस साल डेंगू के मरीज सरकारी अस्पतालों और जांच केंद्रों के साथ निजी अस्पतालों व पैथोलॉजी लैब में भी मिले हैं। निजी स्वास्थ्य संस्थानों में जांच के दौरान भी बड़ी संख्या में मरीजों की पहचान हुई है। डेंगू के मरीज कंकड़बाग, पोस्टल पार्क, योगीपुर, जक्कनपुर, महेंद्र नगर, राजेंद्र नगर, बोरिंग रोड, बुद्धा कॉलोनी, पाटलिपुत्र कॉलोनी, दीघा, रूपसपुर, अनीसाबाद, पटना सिटी और गुलजारबाग में मिले हैं। पिछले साल बांकीपुर और पाटलिपुत्र अंचल सबसे ज्यादा प्रभावित रहे थे। इस बार भी इन दोनों अंचलों के कई इलाकों में संक्रमण का दबाव दिखाई दे रहा है। कंकड़बाग, अजीमाबाद और न्यू कैपिटल अंचल के कई मोहल्ले भी संवेदनशील बने हुए हैं। तेज बुखार को सामान्य वायरल न समझें, अलर्ट रहें वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. मनोज कुमार सिन्हा के अनुसार तेज बुखार, सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, शरीर और जोड़ों में तेज दर्द, अत्यधिक कमजोरी या उल्टी जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे लक्षण होने पर डॉक्टर की सलाह से समय पर जांच करानी चाहिए। डेंगू के चार प्रमुख सीरोटाइप डेन-1, डेन-2, डेन-3 और डेन-4 होते हैं। पहले डेंगू हो चुके व्यक्ति में दूसरे सीरोटाइप का संक्रमण गंभीर बीमारी का खतरा बढ़ा सकता है। बुखार के साथ चेतावनी संकेतों पर विशेष नजर रखना जरूरी है। डॉक्टर की सलाह के बिना दर्द या बुखार की दवा लेने से बचना चाहिए। डेंगू की आशंका होने पर समय पर जांच, पर्याप्त तरल पदार्थ और चिकित्सकीय निगरानी महत्वपूर्ण है। फॉगिंग के साथ लार्वा के स्रोत खत्म करने पर जोर विशेषज्ञों के अनुसार, फॉगिंग मुख्य रूप से वयस्क मच्छरों को नियंत्रित करने में मदद करती है। संक्रमण की कड़ी तोड़ने के लिए लार्वा के स्रोतों को खत्म करना ज्यादा जरूरी है। इसलिए कूलर, गमले, टायर और अन्य छोटे जलस्रोतों की नियमित जांच जरूरी है। जलजमाव के साथ छोटे जलस्रोत भी बढ़ा रहे खतरा विशेषज्ञों के मुताबिक बारिश के बाद जमा पानी डेंगू फैलाने वाले एडीज मच्छर के लिए अनुकूल माहौल तैयार करता है। निर्माणाधीन भवन, खाली प्लॉट, छत, कूलर, गमले, पुराने टायर, बाल्टी और खुले बर्तन में जमा पानी भी मच्छरों के प्रजनन का स्रोत बन सकता है। एडीज मच्छर सिर्फ गंदे पानी में ही नहीं, बल्कि साफ और ठहरे हुए पानी में भी पनप सकता है। इसलिए बड़े जलजमाव वाले इलाकों में फॉगिंग के साथ घरों और आसपास मौजूद छोटे जलस्रोतों को खत्म करना भी जरूरी है। सितंबर से नवंबर तक विशेष सावधानी बारिश के बाद मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनने के कारण सितंबर से नवंबर तक डेंगू का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में नगर निगम की कार्रवाई के साथ लोगों की सतर्कता भी जरूरी है।
pc: mathrubhumi हाल ही में हुए राजस्थान अर्बन लोकल बॉडी इलेक्शन में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कांग्रेस पार्टी को एक परसेंट से भी कम के मार्जिन से हराया है। 309 सिविक बॉडीज़ में डाले गए कुल वोटों में से, BJP को 35.18 परसेंट (37,35,567 वोट) मिले, जबकि कांग्रेस को 34.24 परसेंट (36,35,952 वोट) मिले, जिससे जीत का मार्जिन सिर्फ़ 0.94 परसेंट (99,615 वोट) रहा। इस बीच, इंडिपेंडेंट कैंडिडेट्स ने कुल 27.38 परसेंट (29,06,787 वोट) हासिल करके एक बड़ा हिस्सा हासिल किया, जबकि 'नन ऑफ़ द एबव' (NOTA) ऑप्शन ने 1.03 परसेंट (1,09,523 वोट) हासिल किए, और कई छोटी पार्टियों से बेहतर परफॉर्म किया। बाकी उम्मीदवारों में, राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) को 0.94 परसेंट (1,00,277 वोट), आम आदमी पार्टी (AAP) को 0.46 परसेंट (49,829 वोट), CPI(M) को 0.32 परसेंट (34,170 वोट), बहुजन समाज पार्टी (BSP) को 0.28 परसेंट (30,179 वोट) और भारत आदिवासी पार्टी (BAP) को 0.13 परसेंट (14,150 वोट) मिले। NOTA को RLP और AAP समेत पांच रीजनल और नेशनल पार्टियों से ज़्यादा वोट मिले, जो ज़्यादातर नए UGC नियमों के खिलाफ लोकल लोगों के विरोध की वजह से हुआ। खास तौर पर, भारतीय जनता पार्टी ने राजस्थान अर्बन लोकल बॉडी इलेक्शन में शानदार जीत हासिल की, जयपुर म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन बोर्ड में 78 सीटें जीतीं, जबकि इंडिपेंडेंट कैंडिडेट कई दूसरी सिविक बॉडी में अहम खिलाड़ी बनकर उभरे हैं, जहां किसी भी पार्टी को साफ बहुमत नहीं मिला है। इससे पहले सोमवार को, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनावों में BJP के प्रदर्शन की तारीफ़ करते हुए कहा कि यह जनादेश डबल-इंजन सरकार के तहत पार्टी की गुड गवर्नेंस और विकास की नीतियों के लिए लोगों के समर्थन को दिखाता है। X पर बात करते हुए, PM मोदी ने BJP की जीत के लिए राजस्थान के लोगों को धन्यवाद दिया और कहा, नगर निगम चुनावों में BJP को शानदार जीत दिलाने के लिए राजस्थान के लोगों का दिल से धन्यवाद। यह झूठ की गूंज पर सच्चाई की जीत का सबूत है। उन्होंने आगे कहा- इस जनादेश के ज़रिए, मेरे परिवार ने एक बार फिर यह साफ़ कर दिया है कि वे डबल-इंजन सरकार के तहत गुड गवर्नेंस और विकास की नीतियों का पूरा समर्थन करते हैं। यह न केवल राज्य को तरक्की की नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा बल्कि हर व्यक्ति के जीवन में खुशहाली लाने के हमारे इरादे को भी मज़बूत करेगा। इस मौके पर, सभी जीतने वाले उम्मीदवारों के साथ-साथ पार्टी के समर्पित और मेहनती कार्यकर्ताओं को मेरी दिल से बधाई। जयपुर नगर निगम के 150 वार्डों में से अब तक 146 वार्डों के नतीजे घोषित हो चुके हैं। BJP ने 78 वार्ड जीते हैं, जबकि कांग्रेस को 53 सीटें मिली हैं और इंडिपेंडेंट कैंडिडेट ने 15 वार्ड जीते हैं। इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) में टेक्निकल दिक्कतों की वजह से पांच बूथ पर दोबारा वोटिंग के बाद बाकी चार वार्ड में आखिरी तस्वीर साफ होगी। जयपुर डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर संदेश नायक ने कहा कि वार्ड 9 (बूथ नंबर 111), वार्ड 18 (बूथ नंबर 235), वार्ड 25 (बूथ नंबर 343), और वार्ड 34 (बूथ नंबर 477 और 484) के बूथ से EVM के नतीजे नहीं मिल पाए।
हिमाचल प्रदेश: हाईकोर्ट ने कहा- वन भूमि पर अतिक्रमण, केंद्र व राज्य को व्यापक नीति बनाने की जरूरत
हिमाचल हाईकोर्ट ने वन भूमि पर बढ़ते अतिक्रमण पर चिंता जताई। केंद्र और राज्य को व्यापक नीति बनाने की जरूरत बताई। अगली सुनवाई 2 नवंबर को।
साहब माफ़ कर दो गलती हो गई...:महिला के कुंडल लूटने वाला गोली लगते ही गिड़गिड़ाया
“साहब माफ कर दो... मुझसे गलती हो गई। अब किसी महिला के साथ लूटपाट नहीं करेंगे... हाय दइया रे...” यह आवाज उस बदमाश की है, जो कुछ देर पहले तक पुलिस से बचने के लिए तमंचा लेकर भाग रहा था। पैर में पुलिस की गोली लगी तो सारी बदमाशी निकल गई। वह हाथ जोड़कर पुलिस से रहम की गुहार लगाने लगा। बरेली पुलिस ने मंगलवार तड़के करीब साढ़े 3 बजे महिला के कुंडल लूटने वाले बदमाश का हाफ एनकाउंटर कर दिया। मुठभेड़ में पैर में गोली लगने से अजय मिश्रा घायल हुआ है। पुलिस ने उसके दो साथियों पिंटू मिश्रा और तरुण उर्फ आकाश को भी गिरफ्तार किया है। मंदिर जाते समय महिला के दोनों कुंडल झपटे थेमामला बारादरी थाना क्षेत्र के संजयनगर और मॉडल टाउन का है। संजयनगर निवासी पूनम (52) 9 सितंबर की सुबह करीब 8:30 बजे बेटी और पड़ोसन के साथ हरि मंदिर मॉडल टाउन जा रही थीं। वह मॉडल टाउन गेट के पास पहुंची थीं, तभी पीछे से बाइक सवार बदमाशों ने उन्हें निशाना बना लिया। बाइक पर बैठे बदमाश के साथी ने झपट्टा मारकर पूनम के दोनों कुंडल खींच लिए। अचानक हुए हमले से महिला कुछ समझ पातीं, इससे पहले बदमाश बाइक पर बैठे साथी के साथ मॉडल टाउन की ओर फरार हो गए। महिला ने पुलिस को पूरी घटना बताई। बारादरी पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की। भरतौल रोड पर पुलिस ने घेरा तो तमंचा निकाल लियापुलिस बदमाशों की तलाश में जुटी थी। मंगलवार तड़के भरतौल रोड स्थित एफसीआई गोदाम के पास संदिग्ध वाहन और लोगों की चेकिंग चल रही थी। इसी दौरान पुलिस को बाइक सवार तीन संदिग्ध दिखाई दिए। पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो उन्होंने भागने का प्रयास किया। पुलिस के मुताबिक घेराबंदी के दौरान बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग की। जवाब में पुलिस ने आत्मरक्षा में फायरिंग की। इसमें अजय मिश्रा के पैर में गोली लग गई। गोली लगते ही वह घायल होकर जमीन पर गिर गया। इसके बाद पुलिस के सामने उसकी अकड़ टूट गई। वह पुलिस से माफी मांगते हुए आगे किसी महिला के साथ लूट न करने की बात कहकर गिड़गिड़ाने लगा। एक बाइक, दो तमंचे और लूटे गए कुंडल बरामदमुठभेड़ के बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। घायल अजय मिश्रा को इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से .315 बोर के दो अवैध तमंचे, दो जिंदा कारतूस और दो खोखे बरामद किए हैं। पुलिस ने पूनम से छीने गए पीली धातु के दोनों कुंडल भी बरामद कर लिए। वारदात में इस्तेमाल बिना नंबर प्लेट की पल्सर बाइक भी पुलिस के हाथ लगी है। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर रही है कि उन्होंने इससे पहले और कितनी महिलाओं को निशाना बनाया है। तीनों आरोपियों की पहचानपुलिस के अनुसार घायल आरोपी अजय मिश्रा पुत्र स्वर्गीय गगनदेव उम्र 36 वर्ष है। उसके साथ पकड़े गए पिंटू मिश्रा पुत्र स्वर्गीय मुन्नालाल उम्र 32 वर्ष और तरुण उर्फ आकाश पुत्र परमानंद शर्मा उम्र 24 वर्ष हैं। दोनों फतेहगंज पूर्वी की नई बस्ती के रहने वाले बताए गए हैं। पुलिस अब आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड को खंगाल रही है। इसके साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि गिरोह ने बरेली में महिलाओं के साथ कुंडल और चेन लूट की कितनी वारदातें की हैं। एसएसपी बोले- लूट की घटनाओं पर पुलिस की नजरएसएसपी अनुराग आर्य ने कहा कि महिला से कुंडल छिनैती की घटना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीमों को आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए गए थे। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मुठभेड़ में एक आरोपी घायल हुआ है। आरोपियों के कब्जे से लूटे गए कुंडल, अवैध तमंचे, कारतूस और घटना में इस्तेमाल बाइक बरामद हुई है। आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और उनके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच कराई जा रही है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
बारां जिले के निकाय चुनाव में इस बार बड़ा बदलाव देखने को मिला है। बारां नगरपरिषद में पहली बार चुनाव में उतरी आम आदमी पार्टी (AAP) ने कांग्रेस और भाजपा के गढ़ में सेंध लगाते हुए स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया। कुल 60 वार्डों में से AAP ने 31 वार्ड जीतकर बोर्ड बनाने के लिए जरूरी सीटें जीत लीं। कांग्रेस 18 सीटों पर सिमट गई, जबकि भाजपा को सिर्फ 9 सीटें मिलीं। पिछली बार भाजपा ने 21 सीटें जीती थीं। लगातार 3 बार बोर्ड बनाने वाली कांग्रेस का प्रभाव इस बार कम हो गया। पूर्व सभापति और उनकी पत्नी दोनों जीतेइस चुनाव में पूर्व सभापति कमल राठौड़ और उनकी पत्नी शीतल राठौड़ की जीत खास बात रही। कमल राठौड़ वार्ड 46 से 252 वोटों से जीते, जबकि शीतल राठौड़ वार्ड 37 से 305 वोटों से विजयी रहीं। दोनों ने पूरे शहर में प्रचार की जिम्मेदारी संभाली थी। भाजपा जिला महामंत्री की पत्नी भी जीतींबारां में सभापति की सीट महिला अनारक्षित होने के कारण कई नेताओं ने अपनी पत्नियों को टिकट दिलवाया था। भाजपा जिला महामंत्री राकेश जैन की पत्नी निलेश जैन वार्ड 38 से जीतीं, लेकिन उनकी पार्टी को बहुमत नहीं मिला। कई बड़े नेता चुनाव हार गए। इनमें कांग्रेस के जिला संगठन महामंत्री कैलाश जैन की पत्नी अनिता जैन, निवर्तमान पार्षद शिवशंकर यादव और मयंक माथोड़िया जैसे चेहरे शामिल हैं। वहीं, कांग्रेस शहर अध्यक्ष प्रशांत भारद्वाज की पत्नी मीनाक्षी भारद्वाज वार्ड 27 से और पूर्व उपसभापति नरेश गोयल की पत्नी रानू गोयल वार्ड 40 से जीतकर अपनी पार्टी के लिए कुछ सीटें बचाने में सफल रहीं। अंता में बोर्ड बनाने का फैसला निर्दलीयों पर निर्भरअंता में 2020 जैसा ही नतीजा रहा। यहां 35 वार्डों में भाजपा और कांग्रेस दोनों को 16-16 सीटें मिलीं। 3 निर्दलीय पार्षद जीते हैं, इसलिए बोर्ड बनाने का फैसला निर्दलीय पार्षदों पर निर्भर है। अटरू में कांग्रेस का बोर्ड तयअटरू में 25 वार्डों में से कांग्रेस को 14 सीटें मिलीं और वह बोर्ड बनाएगी। भाजपा को 10 और 1 निर्दलीय पार्षद जीता। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के भाई कृष्णमुरारी दिलावर जीत गए, लेकिन भाजपा को बहुमत नहीं मिला। सीसवाली में भी निर्दलीयों की अहम भूमिकाछबड़ा में भाजपा ने 14, कांग्रेस ने 12, निर्दलीयों ने 7 और बसपा ने 2 सीटें जीतीं। मांगरोल में भाजपा ने बहुमत हासिल किया, 19 सीटें जीतीं, जबकि कांग्रेस को 10 और 6 निर्दलीय पार्षद जीते। सीसवाली में कांग्रेस को 9, भाजपा को 6 और 5 निर्दलीय पार्षद जीते। यहां भी निर्दलीय पार्षद अहम भूमिका निभाएंगे।
झारखंड के सरकारी अस्पतालों की जमीनी हकीकत यह है कि राज्य के सबसे बड़े अस्पताल रिम्स में बेड न मिलने पर न्यूरो सर्जरी तक के मरीजों का फर्श पर लिटाकर इलाज किया जाता है। वेंटिलेटर के अभाव में रोज 8 से 10 गंभीर मरीज तड़पते रहते हैं। पेट के सीटी स्कैन तक के लिए निजी सेंटरों का मुंह ताकते हैं। आम जनता इस लाचारी को झेलने को विवश है, लेकिन इस लचर स्वास्थ्य व्यवस्था को दुरुस्त करने की जिम्मेदारी जिन माननीयों पर है, उन्हें खुद अपने ही बनाए सरकारी तंत्र पर रत्ती भर भी भरोसा नहीं है। उच्च शिक्षा एवं पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के कार्डियक अरेस्ट से हुए आकस्मिक निधन के बाद राज्य के 7 मंत्रियों और 26 विधायकों यानी कुल 33 माननीयों से जाना कि वे अपना स्वास्थ्य जांच कहां कराते हैं। बातचीत में चौंकाने वाला सच सामने आया कि जनता को सरकारी अस्पतालों के भरोसे छोड़ने वाले माननीय खुद अपनी जान बचाने के लिए निजी और दूसरे राज्यों के बड़े अस्पतालों को चुनते हैं। दिल्ली, वेल्लोर और हैदराबाद पर भरोसा 26 में से 19 विधायक (73 प्रतिशत) इलाज व विशेष जांच के लिए रांची के निजी या दिल्ली, वेल्लोर और हैदराबाद जैसे बाहरी शहरों के बड़े अस्पतालों में जाते हैं। वहीं, मात्र 7 विधायक (27) प्रतिशत) ही रांची, बोकारो, धनबाद या जमशेदपुर के सरकारी या स्थानीय निजी अस्पतालों पर निर्भर हैं। यानी स्थानीय व्यवस्था पर भरोसा करने वालों से बाहर जाने वाले माननीयों की संख्या करीब तीन गुना अधिक है। कौन विधायक कहां कराते हैं इलाज राज्य से बाहर सीपी सिंह (गुरुग्राम, दिल्ली, चेन्नई), सरयू राय (हैदराबाद), रामचंद्र सिंह (हैदराबाद), सत्येन्द्र तिवारी (वेल्लोर), विक्सल कोंगाड़ी (वेल्लोर), सुदीप गुड़िया (वेल्लोर), रौशनलाल चौधरी (दिल्ली)।स्थानीय निजी अस्पताल में: सुरेश बैठा (निजी, रांची), विकास सिंह मुंडा (निजी, रांची), राजेश कच्छप (निजी, रांची), मनोज कुमार यादव (निजी, रांची), भूषण तिर्की (निजी, रांची), राम सूर्या मुंडा (निजी, रांची), चन्द्रदेव महतो (निजी, सिंदरी), रागिनी सिंह (निजी, झरिया), मंगल कालिंदी (निजी, जमशेदपुर), प्रदीप प्रसाद (निजी, हजारीबाग)। सरकारी व निजी दोनों पर निर्भर ममता देवी (निजी व सरकारी, रांची), उमाकांत रजक (सरकारी व निजी, बोकारो), संजीव सरदार (सरकारी व निजी, जमशेदपुर)। सरकारी अस्पताल पर निर्भर अमित महतो (रिम्स, रांची), पूर्णिमा साहू (सरकारी, जमशेदपुर), जयमंगल सिंह (सरकारी, बेरमो), समीर मोहंती (सरकारी, घाटशिला), प्रकाश राम (सरकारी, लातेहार), जनार्दन पासवान (सरकारी, रांची)। जानिए... रिम्स सदर का हाल रिम्स में जमीन पर इलाजः रिम्स में कुल 2200 बेड हैं। फिर भी ये कम हैं। हालात ऐसे हैं कि मरीजों को बेड नहीं मिलता। जमीन पर ही इलाज कराना पड़ता है। डॉक्टर भी पयर्याप्त नहीं हैं। वेंटिलेटर तक नहींः रिम्स में वाटलेटर की भारी कमी है। रोजाना 8-10 मरीजों को इसलिए निजी अस्पतालों में जाना पड़ता है कि यहां उन्हें वेंटिलेटर नहीं मिल पाता। सीटी स्कैन, कैंसर इलाज का भी टोटाः रिम्स में पेट का सीटी स्कैन मशीन नहीं है। कैंसर के इलाज की पूरी श्रृंखला, हेमेटोलॉजी, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, लेजर और लेप्रोस्कोपिक सर्जरी की जरूरी सुविधाओं का भारी अभाव है। सदर अस्पताल में घंटों नहीं देखते डॉक्टरः परिजनों की शिकायत है कि डॉक्टर घंटों तक मरीजों को नहीं देखते। विशेषज्ञ डॉक्टर का भी काफी अभाव है। रिम्स में सुविधाएं बढ़ा रहे, एक हजार विशेषज्ञ डॉक्टर लाएंगे सवाल : 26 में 19 विधायक निजी अस्पताल या राज्य से बाहर इलाज करा रहे हैं। क्या यह व्यवस्था की खामी है?जवाब : स्वास्थ्य व्यवस्था लगातार मजबूत हो रही है और कई नई सुविधाएं शुरू हुई हैं। गंभीर और विशिष्ट इलाज की पूरी व्यवस्था विकसित करने में समय लगता है। सरकार का प्रयास है कि लोगों का भरोसा सरकारी अस्पतालों पर बढ़े और बाहर जाने की जरूरत कम हो। सवाल : रिम्स में रोज 8-10 गंभीर मरीजों को वेंटिलेटर नहीं मिलता और न्यूरो सर्जरी के मरीज फर्श पर इलाज करा रहे हैं?जवाब : रिम्स में बेड, वेंटिलेटर और दूसरी जरूरी सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं। मरम्मत और नए निर्माण का काम भी चल रहा है। क्षमता बढ़ने के साथ ऐसी परिस्थितियां खत्म होंगी। सवाल : पेट का सीटी स्कैन, कैंसर का पूरा इलाज और कई सुपर स्पेशियलिटी सुविधाएं अब तक क्यों नहीं है?जवाब : रिम्स में जांच और उपचार सुविधाओं का विस्तार हो रहा है। कैंसर समेत कई सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं को मजबूत करने की योजना है। इसके लिए उपकरण, विशेषज्ञ और आधारभूत ढांचा चरणबद्ध तरीके से बढ़ाया जा रहा है। सवाल : रिम्स-2 की बात हो रही है, फिर मौजूदा अस्पतालों में डॉक्टर और उपकरणों की कमी क्यों है?जवाब : विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी दूर करने के लिए सरकार बाहर से करीब 1000 विशेषज्ञ चिकित्सकों को लाने की योजना पर काम कर रही है। रिम्स में नए निर्माण, मरम्मत, वार्ड और बेड क्षमता बढ़ाने का काम जारी है। रिम्स-2 का निर्माण भी जल्द शुरू करने की तैयारी है। सवाल : गंभीर बीमारी के लिए बाहर जाना पड़े तो गरीब मरीजों के लिए सरकार की क्या गारंटी है?जवाब : लक्ष्य ऐसी व्यवस्था बनाना है, जहां मरीज की आर्थिक स्थिति या उसका जिला इलाज में बाधा न बने। रांची के सदर अस्पताल को मॉडल अस्पताल बनाया गया है। अब दूसरे जिलों में भी इसी तरह बेहतर सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। बदलाव में समय लगेगा, लेकिन लक्ष्य झारखंड में ही बेहतर इलाज उपलब्ध कराना है। सवाल-जवाब अजय कुमार सिंह, एसीएस, स्वास्थ्य विभाग से किए गए हैं।
मुरैना जिले में जातिगत, सामुदायिक और सांप्रदायिक घटनाओं से लोक प्रशांति भंग होने की आशंका को देखते हुए कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी लोकेश कुमार जांगिड़ ने BNSS 2023 की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है और 13 नवंबर 2026 या आगामी आदेश, इनमें से जो पहले हो, तब तक प्रभावी रहेगा। बिना अनुमति रैली-जुलूस नहीं निकाल सकेंगे प्रशासन ने बिना अनुमति रैली, जुलूस, धरना-प्रदर्शन, अनशन, पदयात्रा, बाइक यात्रा और अन्य बड़े सार्वजनिक आयोजनों पर रोक लगाई है। ऐसे आयोजनों के लिए संबंधित अनुविभागीय दंडाधिकारी (SDM) से वैधानिक अनुमति लेना जरूरी होगा। यदि किसी आयोजन का क्षेत्र एक से अधिक अनुविभाग की राजस्व सीमा में आता है तो अनुमति अपर जिला दंडाधिकारी या उनसे उच्च अधिकारी से लेनी होगी। अनुमति मिलने के बाद भी ऐसी गतिविधि नहीं की जा सकेगी, जिससे सामाजिक समरसता प्रभावित हो। धारदार हथियार और भड़काऊ भाषण पर भी रोक किसी भी सार्वजनिक आयोजन में चाकू, छुरी, तलवार या अन्य धारदार हथियार के साथ वैध-अवैध अस्त्र-शस्त्र का इस्तेमाल प्रतिबंधित रहेगा। इसके अलावा भड़काऊ भाषण और आपत्तिजनक सामग्री के इस्तेमाल पर भी रोक लगाई गई है। सोशल मीडिया ग्रुप एडमिन की भी जिम्मेदारी आदेश में WhatsApp, Facebook, Instagram, Telegram, X समेत अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आपत्तिजनक, भड़काऊ या सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाली सामग्री पोस्ट, शेयर, फॉरवर्ड या रीपोस्ट करने पर रोक लगाई गई है। प्रशासन ने सोशल मीडिया ग्रुप एडमिन की जिम्मेदारी भी तय की है। किसी ग्रुप में ऐसी सामग्री सामने आने पर एडमिन को उसे तत्काल हटाकर पुलिस के संज्ञान में लाना होगा। ऐसा नहीं करने पर ग्रुप एडमिन के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है। पहले की जातिगत और सामुदायिक घटनाओं का हवाला कलेक्टर के आदेश में मुरैना और चंबल अंचल में पहले हुई जातिगत और सामुदायिक घटनाओं का उल्लेख किया गया है। इसमें अप्रैल 2018 में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम से संबंधित आदेश के बाद हुई जातिगत हिंसा और सितंबर 2021 में सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा स्थापना को लेकर दो समुदायों के बीच हुए संघर्ष का हवाला दिया गया है। प्रशासन के अनुसार आगामी समय में भी जातिगत, सामुदायिक, सांप्रदायिक या अन्य घटनाओं से लोक प्रशांति प्रभावित होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। इसी के चलते एहतियात के तौर पर धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया गया है। पूरे जिले में लागू रहेगा आदेश आदेश मुरैना जिले की पूरी राजस्व सीमा में लागू रहेगा। यह जिले में रहने वाले लोगों के साथ जिले की सीमा में आने-जाने वाले सभी व्यक्तियों पर भी प्रभावी होगा। परिस्थितियों को देखते हुए प्रत्येक व्यक्ति को व्यक्तिगत रूप से आदेश की तामील कराना संभव नहीं होने के कारण इसे BNSS की धारा 163 की उपधारा (2) के तहत एकपक्षीय रूप से जारी किया गया है। उल्लंघन पर BNS की धारा 223 में कार्रवाई प्रशासन ने प्रतिबंधात्मक आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 और अन्य संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की चेतावनी दी है। आदेश के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए जनसंपर्क विभाग को भी निर्देश दिए गए हैं।
रामपुर में मंगलवार सुबह जमीन के पुराने विवाद को लेकर दो पक्षों में मारपीट हो गई। सुबह करीब 7 बजे हुई घटना में दोनों पक्षों के छह लोगों के घायल होने की बात सामने आई है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और सभी घायलों को मेडिकल जांच के लिए जिला अस्पताल भेजा। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर मारपीट के आरोप लगाए हैं। पुलिस के मुताबिक, दोनों परिवारों के बीच जमीन को लेकर पहले से विवाद चल रहा था। इसी को लेकर मंगलवार सुबह कहासुनी के बाद मारपीट शुरू हो गई। पुलिस ने दोनों पक्षों के लोगों के खिलाफ धारा 151 के तहत निरोधात्मक कार्रवाई की है। फिलहाल इलाके में स्थिति शांत है। खेत में भिंडी काटने को लेकर शुरू हुआ विवाद ईशू सैनी के मुताबिक, उनके ताऊ खेत में भिंडी की फसल काट रहे थे। ईशू ने उनसे फसल काटने का कारण पूछा तो विवाद बढ़ गया। आरोप है कि उनके ताऊ ने ईशू पर चाकू से हमला कर दिया। ईशू ने अपने पिता पर सूजा घोपने का भी आरोप लगाया है। इस पक्ष से ओमप्रकाश (46), प्रेमशंकर (38), वैभव (15) और ईशू (20) घायल हुए हैं। दूसरे पक्ष की महिला समेत 3 लोग घायल मारपीट में दूसरे पक्ष से भी तीन लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। इनमें एक महिला भी शामिल है। दोनों पक्षों का आरोप है कि दूसरे पक्ष के लोगों ने उनके साथ मारपीट की। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने पर पुलिस टीम वहां पहुंची और स्थिति संभाली। पुलिस ने सभी घायलों का कराया मेडिकल सिविल लाइंस थाना पुलिस ने दोनों पक्षों के घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया। वहां सभी का मेडिकल परीक्षण कराया गया। पुलिस का कहना है कि मेडिकल रिपोर्ट और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। थाना प्रभारी ओंकार सिंह ने बताया कि 112 के माध्यम से मारपीट की सूचना मिली थी। पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और घायलों को इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। दोनों पक्षों पर धारा 151 में कार्रवाई पुलिस ने दोनों पक्षों से मिले प्रार्थना पत्रों के आधार पर धारा 151 के तहत निरोधात्मक कार्रवाई की है। थाना प्रभारी ने बताया कि यह कदम भविष्य में किसी तरह के विवाद और मारपीट को रोकने के लिए उठाया गया है। फिलहाल झगड़ा शांत है और इलाके में शांति व्यवस्था बनी हुई है। पुलिस जमीन विवाद से जुड़े पूरे मामले की जांच कर रही है।
16 सितंबर को एमएड में दाखिले के लिए दूसरी काउंसिलिंग:जौनपुर में रैंक 1 से 370 तक मौका
जौनपुर के वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में एमएड कोर्स सत्र 2026-28 में एडमिशन के लिए दूसरी काउंसिलिंग 16 सितंबर को सुबह 10:30 बजे होगी। यह काउंसिलिंग पहली काउंसिलिंग के बाद खाली बची सीटों के लिए की जा रही है। इसमें रैंक 1 से 370 तक के वे छात्र शामिल हो पाएंगे, जो पहली काउंसिलिंग में शामिल नहीं हो पाए थे। काउंसिलिंग यूनिवर्सिटी कैंपस में इंजीनियरिंग संस्थान के विश्वेश्वरैया हॉल में ऑफलाइन होगी। उपकुलसचिव से मिली जानकारी के अनुसार, काउंसिलिंग में शामिल होने वाले छात्रों को यूनिवर्सिटी की वेबसाइट से 'प्रारूप क' डाउनलोड करना होगा। इसके बाद काउंसिलिंग के लिए जारी निर्देशों के हिसाब से जरूरी प्रक्रिया पूरी करनी होगी। दूसरी जानकारी यूनिवर्सिटी की वेबसाइट पर उपलब्ध काउंसिलिंग से जुड़े नियम, 'प्रारूप क', एमएड चलाने वाले कॉलेजों की लिस्ट और दूसरी जानकारी यूनिवर्सिटी की वेबसाइट पर उपलब्ध है। चुने जाने के बाद छात्रों को अपने ओरिजिनल डॉक्यूमेंट्स अलॉट हुए कॉलेज में जमा करने होंगे। एडमिशन कमेटी काउंसिलिंग के दौरान संबंधित कॉलेज में एडमिशन की आखिरी तारीख बताएगी।
शिमला में अमर उजाला नारी शक्ति सम्मान समारोह में 60 महिलाओं को उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने सम्मानित किया। जानिए उनकी प्रेरणादायक उपलब्धियां।
यूपी में बड़ा हादसा: पेड़ से टकराकर पलटी तेज रफ्तार कार, तीन युवकों की मौत, छह घायल
उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में बड़ा सड़क हादसा हुआ है। हादसे में तीन युवकों की मौत हो गई, जबकि छह घायल हो गए। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मोनू हत्याकांड के 2 फरार आरोपियों की तलाश:4 जिलों में छापेमारी, 2 दिन में 30 लोगों से पूछताछ
देवरिया के भलुअनी में हुए मोनू सिंह हत्याकांड में पुलिस फरार दो नामजद आरोपियों जय किशन यादव और नागेश यादव की तलाश में लगातार दबिश दे रही है। पिछले दो दिनों में पुलिस ने करीब 30 लोगों से पूछताछ की है। देवरिया शहर, भलुअनी, सोनूघाट और बरहज में आरोपियों के संभावित ठिकानों पर छापेमारी की गई, लेकिन दोनों का अभी कोई सुराग नहीं मिला है। पुलिस का कहना है कि दोनों लगातार अपना ठिकाना बदल रहे हैं। वहीं, मुठभेड़ में पैर में गोली लगने से घायल मुख्य आरोपी चाइना अंसारी को इलाज के बाद सोमवार को जेल भेज दिया गया। उसका महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा था। दूसरे गिरफ्तार आरोपी अंबुज विश्वकर्मा को पुलिस रविवार को ही जेल भेज चुकी है। पुलिस अब फरार आरोपियों के साथ हत्याकांड से जुड़े दूसरे पहलुओं की भी जांच कर रही है। पुलिस के मुताबिक, रविवार सुबह सोनाड़ी रोड पर आरोपियों और पुलिस के बीच मुठभेड़ हुई थी। जवाबी कार्रवाई में चाइना अंसारी के पैर में गोली लगी थी। उसे इलाज के लिए महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। हालत में सुधार के बाद सोमवार को उसे जेल भेज दिया गया। अंबुज विश्वकर्मा को रविवार को ही जेल भेजा जा चुका है। 4 जगह दबिश, 30 लोगों से पूछताछ गुरुवार रात भलुअनी कस्बे के पास जय प्रकाश नगर शिवधरिया निवासी मनीष सिंह उर्फ मोनू की हत्या कर दी गई थी। उनकी उम्र 25 साल थी। भाई उपेंद्र सिंह की शिकायत पर चाइना अंसारी, अंबुज विश्वकर्मा, जय किशन यादव और नागेश यादव के खिलाफ हत्या का केस दर्ज हुआ है। पुलिस ने फरार जय किशन और नागेश की तलाश में देवरिया शहर, भलुअनी, सोनूघाट और बरहज में छापेमारी की। पिछले दो दिनों में करीब 30 लोगों से पूछताछ भी की गई, लेकिन दोनों हाथ नहीं आए। परिवार ने टीम-149 और पहले मिली धमकी का भी लगाया आरोप मृतक के परिवार की शिकायत में कथित टीम-149 का भी जिक्र किया गया है। परिवार का आरोप है कि क्षेत्र में विवाद होने पर इस समूह से जुड़े युवकों को व्हाट्सऐप संदेश भेजकर मौके पर बुलाया जाता था। शिकायत में चाइना अंसारी को समूह का सरगना बताया गया है। पुलिस इन आरोपों की भी जांच कर रही है। हालांकि, समूह के संचालन और उससे जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। मृतक की मां शीला देवी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि मनीष ने हत्या से करीब नौ दिन पहले 1 सितंबर को भलुअनी थाने में जान से मारने की धमकी मिलने की लिखित शिकायत दी थी। मां का आरोप है कि शिकायत की जानकारी होने के बाद भलुअनी निवासी अरशद अली ने आवेदन वापस लेने का दबाव बनाया और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। शीला देवी ने अरशद अली को हत्या का कथित साजिशकर्ता बताते हुए कार्रवाई की मांग की है। 2023 के मामले में भी चाइना और अंबुज पर दर्ज हो चुका है केस मोनू सिंह हत्याकांड में नामजद चाइना अंसारी और अंबुज विश्वकर्मा के नाम पहले भी एक मामले में सामने आ चुके हैं। सितंबर 2023 में भलुअनी कस्बा निवासी शिवशंकर गोंड की शिकायत पर पुलिस ने चाइना, अंबुज और एक अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। शिकायत में 13 सितंबर 2023 को दुकान पर हमला करने, चाकू और डंडे से मारपीट, जातिसूचक शब्द कहने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगाए गए थे। अब पुलिस चाइना अंसारी और अंबुज के साथ फरार दोनों आरोपियों की आपराधिक पृष्ठभूमि भी खंगाल रही है। थानाध्यक्ष दिनेश मिश्र ने बताया कि जय किशन यादव और नागेश यादव की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। जल्द दोनों को गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है।
संभल के चंदौसी कस्बे में गणेश चतुर्थी मेला ग्राउंड में युवकों के बीच जमकर मारपीट हुई और बेल्टें चलीं। इस घटना से मेले में मौजूद लोगों के बीच भगदड़ मच गई। मारपीट का 29 सेकंड का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें दोनों पक्षों के युवक बेल्टों से एक-दूसरे को पीटते दिख रहे हैं। यह घटना सोमवार रात करीब 11:40 बजे की है। संभल जिला मुख्यालय से 16 किलोमीटर दूर चंदौसी कोतवाली इलाके में 66वां गणेश उत्सव चल रहा है। एक तरफ पूरे शहर में श्री गणेश रथ यात्रा निकाली जा रही थी, वहीं मेले में मौजूद कुछ युवकों के बीच झगड़ा हो गया। झगड़ा बढ़ने पर दोनों पक्षों के युवकों में मारपीट शुरू हो गई और बेल्टें चलने लगीं। वहां मौजूद लोगों ने बीच-बचाव करने के बजाय अपने मोबाइल से वीडियो बनाना शुरू कर दिया। वीडियो सामने आने के बाद गणेश मेला थाना और चंदौसी कोतवाली पुलिस ने युवकों की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस सोशल मीडिया पर पूरी नजर रख रही है। 21 दिन के इस मेले को शांतिपूर्वक पूरा करने के लिए सीसीटीवी कैमरों से भी निगरानी की जा रही थी। रथयात्रा और मेले में 1000 पुलिसकर्मी तैनात थे। चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल और सीसीटीवी से निगरानी के बावजूद हुई इस मारपीट ने पुलिस की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मारपीट करने वालों की पहचान एसपी विकास चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि रथयात्रा कड़ी सुरक्षा के बीच पूरी की गई है। मेले के अंदर उपद्रव करने वाले किसी भी व्यक्ति को छोड़ा नहीं जाएगा। मारपीट करने वालों की पहचान करने के बाद उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे मेले में आएं और उसका आनंद लें। एसपी ने यह भी कहा कि अगर किसी को कोई समस्या हो तो अस्थाई थाने में शिकायत करें। पुलिस इसका संज्ञान लेगी और कार्रवाई करेगी। किसी भी व्यक्ति को कानून अपने हाथों में नहीं लेने दिया जाएगा।
Rajasthan Ka Mausam: राजस्थान में आज बरसेंगे मेघा, जयपुर, भरतपुर कोटा सहित इन जिलों के लिए अलर्ट
pc; live hindustan राजस्थान में मानसून एक बार फिर एक्टिव हो गया है, बंगाल की खाड़ी के ऊपर बन रहे एक नए वेदर सिस्टम के असर से पूरे राज्य में फिर से बारिश होने की उम्मीद है। मौसम विभाग के मुताबिक, अभी बंगाल की खाड़ी के ऊपर, दक्षिणी ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश से सटे तटीय इलाके के पास एक लो-प्रेशर एरिया बना हुआ है। आने वाले दिनों में यह सिस्टम धीरे-धीरे सेंट्रल इंडिया में पश्चिम की ओर बढ़ सकता है। इस बीच, मानसून ट्रफ अभी श्री गंगानगर से जबलपुर होते हुए लो-प्रेशर एरिया की ओर बढ़ रहा है। कई जिलों में गरज के साथ बारिश और तेज़ हवाएं चलने की उम्मीद जयपुर में मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, नए सिस्टम से पूर्वी और सेंट्रल राजस्थान के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी। भरतपुर, जयपुर और कोटा डिवीज़न के जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज के साथ बारिश, बिजली कड़कने और 30 से 40 kmph की स्पीड से तेज़ हवाएं चलने की संभावना है। जयपुर, भरतपुर, कोटा और दूसरे इलाकों के लिए बारिश का अलर्ट 15 से 16 सितंबर के बीच मौसम में बदलाव और ज़्यादा होने की उम्मीद है। इस दौरान, जयपुर, भरतपुर, कोटा, उदयपुर और अजमेर डिवीज़न के ज़्यादातर इलाकों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। कोटा और उदयपुर डिवीज़न के साथ-साथ आस-पास के इलाकों में कुछ जगहों पर हल्की से भारी बारिश हो सकती है। पश्चिमी राजस्थान में भी बारिश हो सकती है पश्चिमी राजस्थान में भी मौसम बदलने की उम्मीद है। बीकानेर और जोधपुर डिवीज़न के जिलों में 13 से 15 सितंबर के बीच कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। बारिश से तापमान में कमी आने और मौजूदा गर्मी और उमस से राहत मिलने की संभावना है। दक्षिणी जिलों में भारी बारिश की खबर पिछले 24 घंटों के दौरान, राजस्थान के दक्षिणी हिस्सों में मॉनसून की अच्छी-खासी गतिविधियां देखी गईं। बांसवाड़ा, डूंगरपुर, चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़ और सलूंबर में कई जगहों पर मध्यम से भारी बारिश दर्ज की गई। जयपुर, अलवर, कोटपुतली-बहरोड़, खैरथल-तिजारा, भीलवाड़ा, कोटा, बारां और झालावाड़ जिलों में कई जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश की भी खबर है।
बालोद पुलिस ने अवैध शराब और यातायात नियमों के उल्लंघन के खिलाफ कार्रवाई की है। पुलिस ने ढाबों पर दबिश देकर अवैध शराब जब्त की। साथ ही, शराब के नशे में वाहन चलाने वाले 5 लोगों समेत कुल 49 लोगों पर कार्रवाई की गई। यह कार्रवाई विशेष टीम और पुरूर थाना पुलिस ने संयुक्त रूप से की। टीम ने इलाके के ढाबों की एक साथ जांच की। इस दौरान ग्राम पुरूर के साहू ढाबा और ग्राम बिटोडा के हाईवे ढाबा से बिक्री के लिए रखी गई देशी शराब बरामद हुई। दोनों ढाबा संचालकों के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है। इसके अलावा यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भी मोटरयान अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई। साहू और हाईवे ढाबा से मिली अवैध शराब पुलिस के अनुसार एनएच-30 पर ग्राम पुरूर स्थित साहू ढाबा में दबिश के दौरान अवैध शराब बरामद हुई। इस मामले में कुम्हारखान निवासी जगत राम साहू (28) के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई। इसी तरह ग्राम बिटोडा स्थित हाईवे ढाबा परिसर की जांच में बिक्री के लिए रखी गई देशी शराब मिली। पुलिस ने बिटोडा निवासी शुभम सालुंके (25) के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई की है। नशे में वाहन चलाने वाले 5 पकड़े पुलिस ने शराब पीकर वाहन चलाने और अन्य यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भी कार्रवाई की। मोटरयान अधिनियम के तहत कुल 49 प्रकरण बनाए गए। इनमें शराब के नशे में वाहन चलाने के 5 मामले धारा 185 के तहत दर्ज किए गए।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने 2027 यूपी विधानसभा चुनाव की आहट का ऐहसास करा दिया। प्रदेश में वकीलों की संख्या लाखों में है। हाईकोर्ट के शहर प्रयागराज में वकीलों की संख्या 30 हजार के करीब है। ऐसे में उनके लिए बड़ा ऐलान यही से बनता था। सीएम ने सही जगह से सही दांव चल दिया। वकीलों को साधने के लिए सीएम ने तीन बड़ी घोषणाएं कर उनका दिल जीतने की कोशिश की। कार्यक्रम भले ही इलाहाबाद हाईकोर्ट परिसर के ग्राउंड पर हुआ हो लेकिन सीएम और डिप्टी सीएम ने 2027 विधानसभा चुनाव की रणनीति पर फोकस किया। सीएम का भाषण तो पॉलीटिकल कम रहा लेकिन डिप्टी सीएम तो चुनावी अंदाज में ही नजर आए। डिप्टी सीएम ने न्यायपालिका और सरकार की तारीफों के साथ 2027 के चुनाव को लेकर अधिवक्ताओं की अदालत में अपना मुकदमा छोड़ने की बात कही। उन्होंने अधिवक्ताओं से 2027 के चुनाव में समर्थन भी मांगा। अधिवक्ताओं के हित में की गई प्रमुख घोषणाएं:5 लाख रुपये तक का कैशलेस स्वास्थ्य बीमा: प्रदेश के हाईकोर्ट और जिला न्यायालयों में नियमित प्रैक्टिस करने वाले अधिवक्ताओं को प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये तक की कैशलेस मेडिकल इंश्योरेंस योजना से जोड़ा जाएगा।कल्याण निधि और सहायता राशि में वृद्धि: अधिवक्ता कल्याण निधि को 1.5 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये किया गया है। साथ ही दिवंगत अधिवक्ताओं के आश्रितों को मिलने वाली सहायता की पात्रता आयु सीमा 60 वर्ष से बढ़ाकर 70 वर्ष कर दी गई है।400 राज्य विधि अधिकारियों को टैबलेट: मुकदमों की मॉनिटरिंग और आधुनिक तकनीक के प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए 400 राज्य विधि अधिकारियों को टैबलेट दिए जाएंगे।विधि अधिकारियों के मानदेय में 50 प्रतिशत से अधिक वृद्धि: जिला न्यायालयों से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक राज्य का पक्ष रखने वाले विधि अधिकारियों की फीस में 50 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी की गई है। चैंबरों के लिए अतिरिक्त बजट का भरोसा: नए चैंबरों में फर्नीचर व अन्य उपकरणों के लिए मुख्य न्यायाधीश के माध्यम से आने वाले किसी भी प्रस्ताव पर सरकार द्वारा पूरा वित्तीय सहयोग दिया जाएगा।जनपदों में चैंबर निर्माण: कौशाम्बी, लखनऊ, कासगंज, श्रावस्ती सहित करीब एक दर्जन जनपदों में अधिवक्ताओं के चैंबर निर्माण के लिए बजट आवंटित किया गया है। केशव बोले प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने नए भवन की चाबी सौंपे जाने के ऐतिहासिक अवसर पर अधिवक्ताओं को बधाई देते हुए डिप्टी सीएम ने कहा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट का गौरवशाली इतिहास पूरे देश की न्यायिक परंपरा की अमूल्य धरोहर है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनप्रतिनिधि हर पाँच वर्ष में जनता की अदालत में जाते हैं। उन्होंने अधिवक्ताओं से कहा, आप सबका मुकदमा लड़ते हैं, हम 2027 का मुकदमा आपकी अदालत में छोड़कर जा रहे हैं। हमें पूरा भरोसा है कि सरकार के अच्छे कार्यों को आपका समर्थन, न्याय और आशीर्वाद मिलेगा। प्रदेश की कानून-व्यवस्था का जिक्र करते हुए केशव मौर्य ने पिछली सरकारों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश में कानून का राज केवल कागजों पर था और जमीन पर 'गुंडाराज' चलता था। प्रयागराज इसका प्रमुख केंद्र बना हुआ था। आज योगी सरकार की नीति स्पष्ट है—निर्दोष को छेड़ा नहीं जाएगा और अपराधी को किसी भी कीमत पर छोड़ा नहीं जाएगा। उन्होंने रेखांकित किया कि सरकार कानून बनाती है, लेकिन उसका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में अधिवक्ता एक महत्वपूर्ण सेतु की भूमिका निभाते हैं। न्याय व्यवस्था में प्राथमिकता यही होनी चाहिए कि कानून सबके लिए समान हो, चाहे कोई गरीब हो या प्रभावशाली।मुख्य न्यायमूर्ति अरुण भंसाली ने कहा इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायमूर्ति अरुण भंसाली ने बार और बेंच के आपसी तालमेल को न्याय वितरण प्रणाली की रीढ़ बताया है। हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य न्यायमूर्ति ने कहा कि 'बार और बेंच' कोई प्रतिस्पर्धी संस्थाएं नहीं हैं, बल्कि वे एक ही न्याय प्रणाली के दो आवश्यक घटक हैं। मुख्य न्यायमूर्ति अरुण भंसाली ने कहा कि इस बार के प्रख्यात अधिवक्ताओं ने न केवल वकालत के पेशे में बल्कि सार्वजनिक जीवन और देश के स्वतंत्रता आंदोलन में भी अग्रणी भूमिका निभाई है। उन्होंने सामाजिक सुधारों और हाशिए पर खड़े लोगों के अधिकारों के लिए आवाज़ उठाई। मुख्य न्यायमूर्ति ने कहा कि अधिवक्ताओं के सामूहिक ज्ञान ने संविधान को मजबूती दी है और आज भी उनके संवैधानिक मूल्यों और अधिकारों की रक्षा करने के संकल्प के कारण ही संविधान जीवंत और गतिशील बना हुआ है। मुख्य न्यायमूर्ति ने कहा कि हर समस्या का तुरंत समाधान संभव न हो, लेकिन न्यायपालिका हमेशा चिंताओं को समझकर उनका व्यावहारिक हल निकालने के लिए तत्पर रहती है। उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं के लिए बेहतर बुनियादी ढांचा तैयार करने की दिशा में लगातार काम हो रहा है। हाल ही में बने अधिवक्ताओं के नए चैंबर्स और पार्किंग व्यवस्था इसी दिशा में उठाए गए कदम हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह केवल ईंट-पत्थर का निर्माण नहीं है, बल्कि यह एक ऐसा वातावरण तैयार करने की पहल है जहां अधिवक्ता गरिमा और दक्षता के साथ अपने पेशेवर दायित्वों का निर्वहन कर सकें।न्यायपालिका और कार्यपालिका के बीच सहयोग जरूरीमुख्य न्यायमूर्ति ने कहा कि न्यायपालिका और कार्यपालिका दोनों के पास विशिष्ट संवैधानिक जिम्मेदारियां हैं। संवैधानिक स्वतंत्रता का अर्थ संस्थागत अलगाव नहीं है। व्यापक जनहित, त्वरित न्याय और बेहतर न्यायिक बुनियादी ढांचे के लिए संवैधानिक संस्थाओं के बीच परस्पर समन्वय और सहयोग बेहद आवश्यक है। उन्होंने पूरे प्रदेश में बनाए जा रहे एकीकृत अदालत परिसरों को इस सहयोग का सकारात्मक उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि बार के युवा अधिवक्ता इस महान संस्था की धरोहर के भावी संरक्षक हैं। यह सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है कि युवा वकीलों को न केवल काम के बेहतर अवसर मिलें, बल्कि ऐसा माहौल भी मिले जहां उनकी पेशेवर उत्कृष्टता और नैतिक मूल्य फल-फूल सकें।वकीलों का इलाज सरकार कराएगी यूपी में 5 लाख से ज्यादा रजिस्टर्ड वकीलों का इलाज अब सरकार कराएगी। सीएम योगी आदित्यनाथ ने सोमवार शाम प्रयागराज में कहा- वकीलों को 5 लाख का कैशलेस इलाज मिलेगा। उन्होंने 2 और भी बड़े ऐलान किए। कहा, 10 हजार से अधिक अधिवक्ताओं के चैंबर में फर्नीचर और उपकरण के लिए शासन सहयोग करेगा। 400 राज्य विधि अधिकारियों को टैबलेट दिए जाएंगे। अधिकारियों की फीस में भी 50 फीसदी से अधिक बढ़ोत्तरी की गई है। सीएम शाम 4 बजे इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के कार्यक्रम में पहुंचे थे। योगी ने कहा- अधिवक्ताओं के कल्याण के लिए जो भी प्रस्ताव हाईकोर्ट की तरफ से आएगा, उसमें सरकार पूरा सहयोग करेगी। इससे पहले अधिवक्ताओं ने जय श्रीराम का उद्घोष कर सीएम का स्वागत किया। एसोसिएशन के उपाध्यक्ष अमित सिंह ‘सोनू’ ने पहले सीएम के पैर छुए, फिर दंडवत हो गए। योगी के भाषण की 6 बड़ी बातें… 3 तस्वीरें देखिए… डिप्टी सीएम केशव बोले- निर्दोष को छेड़ेंगे नहीं और अपराधी को छोड़ेंगे नहीं केशव मौर्य ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पुराने औपनिवेशिक कानून बदले गए हैं। आज अपराधी कानून से डरता है और आम आदमी का कानून पर भरोसा बढ़ा है। सरकार की नीति साफ है कि निर्दोष को छेड़ेंगे नहीं और अपराधी को छोड़ेंगे नहीं। यूपी में 5.14 लाख रजिस्टर्ड वकीलसीएम ने कार्यक्रम में अधिवक्ता कक्ष भवन की सांकेतिक चाबी एसोसिएशन को सौंपी। करीब 700 करोड़ से बनी 2400 चैंबर्स वाली बिल्डिंग का उद्घाटन 31 मई 2025 को हो चुका है। हालांकि अभी आवंटन नहीं हुआ। चाबी मिलने के बाद आवंटन की प्रक्रिया शुरू होगी। यूपी में इस समय 5 लाख 14 हजार 439 सक्रिय रजिस्टर्ड वकील हैं। यह जानकारी बीते दिनों इलाहाबाद हाईकोर्ट में वकीलों की पृष्ठभूमि से जुड़ी सुनवाई के दौरान सामने आई। उत्तर प्रदेश बार काउंसिल और पुलिस महानिदेशक की रिपोर्ट में यह आंकड़ा दिया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इससे पहले शिक्षकों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं और रसोइयों को 5 लाख रुपये तक के कैशलेस इलाज की सुविधा दे चुके हैं।
दमोह जिले के झलोंन वन परिक्षेत्र के धनेटा गांव में रविवार रात एक कच्चे मकान के छप्पर में करीब 12 फीट लंबा अजगर घुस गया। अजगर को देखते ही घर के लोगों के साथ आसपास के ग्रामीणों में भी डर का माहौल बन गया। घर के छप्पर में दिखा विशाल अजगर धनेटा निवासी भोले मरावी के घर के छप्पर में अजगर दिखाई दिया था। ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना वन विभाग को दी। वनकर्मियों के पहुंचने तक ग्रामीण घर से दूर रहे और अजगर पर नजर बनाए रखी। सर्प विशेषज्ञ ने एक घंटे में किया रेस्क्यू वनकर्मियों के मौके पर पहुंचने के बाद स्थानीय निवासी और सर्प विशेषज्ञ अमीर खान ने अजगर को पकड़ने में मदद की। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद सावधानी से अजगर को काबू में लिया गया। सुरक्षित जंगल में छोड़ा गया तेंदूखेड़ा एसडीओ प्रदीप दुबे ने बताया कि अजगर मिलने की सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची थी। वनकर्मियों की मौजूदगी में अजगर का रेस्क्यू किया गया। इसके बाद उसे सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया गया। रेस्क्यू का वीडियो मंगलवार सुबह सोशल मीडिया पर वायरल हुआ।
प्रागपुरा में आज दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे तक बिजली सप्लाई बंद रहेगी। 33/11 केवी जीएसएस प्रागपुरा पर जरूरी मरम्मत और रखरखाव कार्य के चलते यह बिजली कटौती की जाएगी। बिजली कटौती के दौरान 33/11 केवी जीएसएस प्रागपुरा से निकलने वाले सभी 11 केवी फीडरों की बिजली सप्लाई बंद रहेगी। इसके चलते संबंधित क्षेत्रों में करीब पांच घंटे तक बिजली आपूर्ति प्रभावित रहेगी। मरम्मत और रखरखाव के चलते लिया गया शटडाउन कोटपूतली के सहायक अभियंता (HTM) अमित ढाका ने बताया कि जीएसएस पर जरूरी रखरखाव और मरम्मत का काम किया जाना है। इसी वजह से निर्धारित समय के दौरान बिजली सप्लाई बंद रखी जाएगी। उन्होंने संबंधित उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील की है।
मुरादाबाद में बारिश का अलर्ट:रुक-रुककर हवा बह रही, आसमान में बादल, टेम्प्रेचर 31°C
मुरादाबाद में मंगलवार सुबह से मौसम बदला हुआ है। आसमान में बादलों की आवाजाही बनी हुई है। सुबह हल्की उमस महसूस हुई। मौसम विभाग के अनुसार, दिन में कुछ इलाकों में बारिश हो सकती है। हालांकि, बारिश पूरे शहर में एक जैसी नहीं होगी। सुबह तापमान करीब 24 से 25 डिग्री सेल्सियस रहा। दिन में तापमान 31 से 32 डिग्री तक पहुंचने का अनुमान है। बादलों के बीच धूप निकलने पर उमस बढ़ सकती है। बारिश होने पर तापमान में थोड़ी गिरावट आएगी और लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, स्थानीय स्तर पर बनने वाले बादलों की वजह से कुछ इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है, जबकि आसपास के क्षेत्रों में सिर्फ बादल छाए रह सकते हैं। बारिश के बाद हवा में नमी बढ़ने से उमस फिर परेशान कर सकती है। मुरादाबाद में पिछले कई दिनों से मौसम में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है। कभी धूप तो कभी बादल और बारिश के कारण तापमान में भी उतार-चढ़ाव बना हुआ है। अगले कुछ दिनों तक तापमान 30 डिग्री से ऊपर रहने के साथ बीच-बीच में बारिश होने की संभावना है।
सुपौल के राघोपुर थाना में तीन युवकों के साथ कथित मारपीट, गाली-गलौज, मोबाइल फोन लिए जाने और रुपए लेने का मामला सामने आया है। पीड़ित सौरभ झा, पारस चौधरी और सिकेन्द्र पासवान ने SDPO वीरपुर से शिकायत कर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। साथ ही 13 सितंबर को दोपहर 2:30 से शाम 7:30 बजे तक थाना परिसर और नवनिर्मित मॉडल थाना भवन के CCTV फुटेज सुरक्षित कराने की मांग की गई है। सौरभ झा के अनुसार, वह 13 सितंबर को करीब 3 बजे पारस चौधरी और सिकेन्द्र पासवान के साथ एक मामले के सिलसिले में राघोपुर थाना पहुंचे थे। मुख्य गेट के पास अभय कुमार द्वारा थप्पड़ मारने का आरोप लगाया गया है। अभद्र भाषा के इस्तेमाल का लगाया आरोप इसके बाद तीनों को थाना के पीछे स्थित नवनिर्मित मॉडल थाना भवन में ले जाया गया। आरोप है कि वहां एक कमरे में दरवाजा बंद कर लाठी, जूता और थप्पड़ से मारपीट की गई तथा पटक-पटक कर भी पीटा गया। पीड़ितों का आरोप है कि इस दौरान अभय कुमार, राजू कुमार, सुमन कुमार पासवान, एक चौकीदार समेत अन्य पुलिसकर्मी मौजूद थे। अभद्र भाषा के इस्तेमाल का भी आरोप लगाया गया है। सौरभ का कहना है कि थाना प्रभारी से फोन पर बात करने के प्रयास के दौरान मुंशी लव कुमार ने मोबाइल ले लिया। पारस और सिकेन्द्र के मोबाइल भी लिए जाने और रात में वापस करने की बात कही गई है। रुपए नहीं देने पर FIR कर जेल भेजने की धमकीपीड़ितों के अनुसार, छोड़ने से पहले ₹20 हजार की मांग की गई और रुपए नहीं देने पर FIR कर जेल भेजने की धमकी दी गई। सौरभ के पास ₹2 हजार नकद थे। इसके अलावा कपड़े की दुकान से ₹500 और पान दुकान से ₹800 ऑनलाइन ट्रांसफर कराए जाने का दावा है। कुल ₹3,300 लेने का आरोप है।तीनों ने 13 सितंबर को रेफरल अस्पताल राघोपुर में इलाज कराया। उन्होंने मेडिकल कागजात, चोट के फोटो-वीडियो और ऑनलाइन भुगतान के प्रमाण उपलब्ध होने की बात कही है। पीड़ितों ने GD/ड्यूटी रिकॉर्ड, CCTV और मेडिकल रिपोर्ट की जांच कर दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई की मांग की है।इधर, सोमवार रात वीरपुर एसडीपीओ पवन कुमार ने बताया कि इस घटनाक्रम की जानकारी मिली है और पीड़ित भी आए थे, मुझसे मिलने और जो भी पुलिस पदाधिकारी और पुलिसकर्मी द्वारा यह कृत किया गया है, उस पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
राजस्थान निकाय चुनाव: बसपा के 19 पार्षद जीते; मायावती गदगद, बोलीं- आगे बड़े चुनावों में दिखेगा असर
राजस्थान में हुए निकाय चुनाव में 19 सीटों पर बहुजन समाज पार्टी के पार्षदों ने जीत दर्ज की है।
बदायूं क्राइम ब्रांच में तैनात इंस्पेक्टर अजब सिंह को एसएसपी अंकिता शर्मा ने सोमवार को निलंबित कर दिया। उन पर अधिकारियों को बिना सूचना दिए नोएडा में रहने और विवेचनाओं में गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप है। इंस्पेक्टर के कामकाज और उनके द्वारा की जा रही जांचों को लेकर अधिकारियों को शिकायतें मिली थीं। इसके बाद विभागीय स्तर पर जांच कराई गई, जिसमें ड्यूटी से लेकर विवेचनाओं तक कई खामियां सामने आईं। जांच में पाया गया कि इंस्पेक्टर अजब सिंह बिना बताए नोएडा में रह रहे थे। उनकी हाजिरी और मूवमेंट से जुड़े रिकॉर्ड में भी सही जानकारी दर्ज नहीं थी। इसके अलावा कुछ मामलों की जांच में जरूरी साक्ष्य समय पर और सही तरीके से जुटाने में लापरवाही सामने आई। अधिकारियों ने इसे ड्यूटी के प्रति गंभीर लापरवाही और अनुशासनहीनता माना है। शिकायतों के बाद शुरू हुई जांच इंस्पेक्टर अजब सिंह के कामकाज और जांचों को लेकर अधिकारियों को शिकायतें मिली थीं। शिकायतों की जांच के दौरान उनके ड्यूटी रिकॉर्ड और मूवमेंट की जानकारी खंगाली गई। इसमें सामने आया कि वह बिना अधिकारियों को सूचना दिए नोएडा में रह रहे थे। उनकी हाजिरी और आने-जाने से संबंधित रिकॉर्ड में भी सही जानकारी नहीं मिली। विवेचनाओं में जरूरी सबूत जुटाने में बरती लापरवाही जांच के दौरान इंस्पेक्टर अजब सिंह की ओर से की गई विवेचनाओं को भी देखा गया। इसमें कुछ मामलों में जरूरी साक्ष्य समय पर और सही तरीके से जुटाए नहीं गए थे। पर्याप्त सबूत एकत्र किए बिना कार्रवाई किए जाने से संबंधित मामलों की विवेचना कमजोर होने की आशंका भी सामने आई। अधिकारियों ने जांच में इसे गंभीर लापरवाही माना। ड्यूटी रिकॉर्ड से लेकर जांच तक कई खामियां मिलीं विभागीय जांच रिपोर्ट में इंस्पेक्टर की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए। बिना सूचना नोएडा में रहना, हाजिरी और मूवमेंट रिकॉर्ड में सही जानकारी नहीं होना और विवेचनाओं में जरूरी साक्ष्य जुटाने में लापरवाही को अनुशासनहीनता माना गया। अधिकारियों ने माना कि ऐसी लापरवाही का सीधा असर मामलों की जांच पर पड़ सकता है। एसएसपी ने किया सस्पेंड जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर एसएसपी अंकिता शर्मा ने इंस्पेक्टर अजब सिंह को निलंबित कर दिया। उनके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू की जा रही है। इस जांच में यह देखा जाएगा कि उनकी लापरवाही से किन मामलों की विवेचना प्रभावित हुई और उसका कितना असर पड़ा। विभागीय जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर उनके खिलाफ आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
अमेठी में महिला सुरक्षा को लेकर पुलिस लगातार अभियान चला रही है। जिले में महिला शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई के लिए पिंक बूथ और मिशन शक्ति केंद्र बनाए गए हैं। पिछले तीन महीनों में महिला हेल्प डेस्क को मिली 564 शिकायतों में से 552 का निपटारा किया जा चुका है। महिला शिकायतों पर कार्रवाई के लिए महिला थाना के अलावा इन्हौना, मुंशीगंज और कमरौली थाना क्षेत्रों में पिंक बूथ बनाए गए हैं। इन बूथों पर 10 महिला पुलिसकर्मी तैनात हैं। इसके साथ ही, 18 मिशन शक्ति केंद्रों पर 68 महिला पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। 202 को सुलझाया गया जिले में साल 2022 से एंटी रोमियो अभियान चल रहा है। पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, पिछले तीन महीनों में महिला हेल्प डेस्क को 564 शिकायतें मिलीं, जिनमें से 552 का निपटारा हो चुका है। महिला बीट में भी 205 शिकायतें मिली थीं, जिनमें से 202 को सुलझाया गया है। महिलाओं पर छींटाकशी करने वालों के खिलाफ पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। पिछले तीन महीनों में 45 शोहदों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं, 489 शोहदों को चेतावनी देकर छोड़ा गया है। शिकायतों का तेजी से निपटारा पुलिस अधिकारियों का कहना है कि महिला सुरक्षा उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। पिंक बूथ, मिशन शक्ति केंद्र, महिला हेल्प डेस्क और महिला बीट के जरिए शिकायतों का तेजी से निपटारा किया जा रहा है। एंटी रोमियो टीम स्कूल, कॉलेज, बाजार और सार्वजनिक जगहों पर लगातार गश्त कर रही है, ताकि महिलाओं और लड़कियों को सुरक्षित माहौल मिल सके।
केकड़ी नगरपालिका चुनाव में कांग्रेस 20 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है और बहुमत के आंकड़े से महज एक सीट दूर है। कांग्रेस को कुल 13,361 वोट मिले, जो भाजपा के 12,286 वोट से 1,075 अधिक हैं। भाजपा ने 18 सीटें और आरएलपी ने दो सीटें जीती हैं।
लखीमपुर खीरी के बेहजम रोड स्थित छाउछ के यूनिवर्सल हॉस्पिटल में इलाज के दौरान एक महिला की मौत के बाद सोमवार रात जमकर हंगामा हुआ। मृतका के परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने संचालक और डॉक्टरों को मौके पर बुलाने और कार्रवाई की मांग की। सूचना मिलने पर पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों को समझाने की कोशिश की, लेकिन वे अपनी मांगों पर अड़े रहे। पूरी रात परिजन अस्पताल परिसर में शव के साथ डटे रहे। जानकारी के मुताबिक, कादीपुर सानी निवासी सर्वेश की पत्नी मंशा देवी को 13 सितंबर की शाम करीब तीन बजे यूनिवर्सल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। परिजनों ने बताया कि महिला के फोड़े का ऑपरेशन उसी दिन हुआ था। 14 सितंबर को अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। महिला की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल संचालक और स्टाफ पर मौके से भाग जाने का आरोप लगाया। मृतका के पति सर्वेश ने बताया कि उस समय अस्पताल में अन्य मरीज भी भर्ती थे। परिजनों का आरोप है कि महिला की मौत के बाद अस्पताल संचालक अन्य मरीजों को भी अपनी गाड़ी से लेकर चला गया। सर्वेश के मुताबिक, पहले पत्नी का इलाज गांव में हुआ था। बाद में उसे जिला अस्पताल ओयल ले जाया गया। हालांकि, बेहतर इलाज की उम्मीद में उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। इलाज के दौरान पत्नी की मौत के बाद परिवार के सामने बड़ी मुश्किल खड़ी हो गई है। हंगामे की सूचना मिलने पर पुलिस अधिकारी रात करीब दो बजे अस्पताल पहुंचे। पुलिस ने परिजनों से बात की और उन्हें समझाने की कोशिश की। लेकिन परिजन पोस्टमार्टम कराने या शव को वहां से ले जाने को तैयार नहीं हुए। वे अस्पताल संचालक और डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे। 15 सितंबर की सुबह करीब 7:10 बजे तक मृतका के पति समेत परिजन अस्पताल में शव के साथ मौजूद थे। परिजनों ने बताया कि मंशा देवी के तीन छोटे बच्चे हैं।
‘बाढ़ के कारण 15 दिनों से स्कूल बंद है। मंगलवार से हमारी अर्धवार्षिक मूल्यांकन परीक्षा होनी थी। हमने एग्जाम के लिए खूब तैयारी की थी, लेकिन अब एग्जाम कैसे दे। बाढ़ में स्कूल डूबा है। आने-जाना का रास्ता नहीं है। परीक्षा कैंसिल कर दी गई है। सर ने कहा कि अब बाद में एग्जाम होगा।’ ये बातें बेगूसराय के सचिन कुमार ने कही है। जो क्लास 4 का छात्र है। सिर्फ सचिन ही नहीं, बल्कि और भी कई स्टूडेंट्स है जिनकी यही आपबीती है। दरअसल, बिहार राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) और बिहार शिक्षा परियोजना परिषद की ओर से क्लास 1 से 8 तक के छात्रों के लिए अर्धवार्षिक मूल्यांकन परीक्षा का शेड्यूल जारी किया गया था। पर बाढ़ के कारण बेगूसराय के 169 स्कूल बंद हैं, इन स्कूलों के लिए परीक्षा रद्द कर दी गई है। जिस कारण 40 हजार से अधिक बच्चे एग्जाम नहीं दे पाएंगे। वहीं, भोजपुर के 277 स्कूल भी सोमवार तक बंद रहे। जिसमें से करीब 40 प्रतिशत स्कूल आज खुल जाएंगे यहां पानी कम हुआ है। जो स्कूल खुलेंगे वहां आज परीक्षा होगी। बेगूसराय और भोजपुर में कैसी है स्थिति, स्टूडेंट्स ने क्या कहा, किन परेशानियों से जूझना पड़ रहा है, पढ़ें रिपोर्ट… पहले बेगूसराय से स्कूलों की तस्वीरें… अब सिलसिलेवार पढ़ें बेगूसराय में स्टूडेंट्स ने क्या कहा… ‘स्कूल-घर दोनों जगह पानी, कैसे पढ़ाई करें’ क्लास 8 का स्टूडेंट प्रिंस कुमार ने कहा कि हमारे स्कूल के साथ-साथ घर में भी घुटना भर पानी है। 2 सितंबर से ही स्कूल में मेरी पढ़ाई-लिखाई बंद है, पर मैंने घर पर रहकर परीक्षा की तैयारी की है, पर अब लगता है कि सारी मेहनत बेकार हो गई है। स्कूल में भी पानी और घर में भी पानी, पढ़ाई करे तो कैसे करे। बड़ी परेशानी झेलनी पड़ रही है। बोर्ड परीक्षा के 5 महीने बचे हैं, पता नहीं कैसे होगी तैयारी सिगेंश्वर सिंह +2 उच्च विद्यालय चमथा के आकाश कुमार ने बताया कि मैट्रिक (10वीं) की बोर्ड परीक्षा में अब केवल 5 महीने का समय बचा है। बाढ़ के कारण स्कूल-कोचिंग सब पूरी तरह से बंद हो चुके हैं। सड़क पर पानी है। पानी कम होगा तब ही परीक्षा दे पाएंगे उत्क्रमित उच्च विद्यालय चमथा बादपुर के छात्र आदित्य कुमार और बादल कुमार ने बताया कि रास्तों पर पानी भरा है। न तो स्कूल जा पा रहे हैं और न ही ट्यूशन। परीक्षा की तैयारी आधी-अधूरी रह गई है। अब जब पानी उतरेगा और स्कूल खुलेगा, तभी हम परीक्षा दे पाएंगे। 'स्कूल के सामान को ऊपर वाले फ्लोर पर सुरक्षित रखा है' बलहपुर के पंचायत समिति सदस्य चंदन कुमार सिंह ने बताया कि स्कूलों की हालत बेहद गंभीर है। हमारे गांव के विद्यालय परिसर और नीचे के सभी कमरों में लगभग 3 से 4 फीट तक पानी भरा हुआ है। हमने शिक्षकों की मदद से स्कूल के जरूरी सामान, बेंच-डेस्क और दस्तावेजों को 2 मंजिला इमारत पर सुरक्षित रखवाया है। उपरी मंजिल पर कई बाढ़ प्रभावित परिवार भी शरण लिए हुए हैं। स्कूल पहुंचने वाले रास्तों पर कमर से ऊपर तक पानी भरा है। ऐसे में छोटे बच्चों को स्कूल बुलाना उनकी जान को जोखिम में डालना होगा। बच्चे सुरक्षित रहेंगे, तभी तो पढ़ेंगे। कई परिवार अपने बच्चों को लेकर दूसरे सुरक्षित स्थानों या रिश्तेदारों के यहां चले गए हैं। 'टीचर ऑनलाइन अटेंडेंस बना रहे हैं' चंदन कुमार कहते हैं कि फिलहाल बाढ़ के कारण प्रशासनिक निर्देशानुसार शिक्षकों को दूसरे गैर-प्रभावित स्कूलों में टैग कर दिया गया है, जहां वे जाकर ऑनलाइन अटेंडेंस बना रहे हैं, लेकिन स्कूल जलमग्न होने के कारण बच्चों की पढ़ाई और परीक्षा पूरी तरह ठप है। गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी से बछवाड़ा और शाम्हो प्रखंड सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। शाम्हो प्रखंड तो पूरी तरह से जलमग्न हो चुका है, जिससे वहां के सभी स्कूल बंद हैं। जिन बच्चों का एग्जाम नहीं हुआ, उनके लिए अलग से शेड्यूल जारी होगा- डीईओ बेगूसराय के जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) मनोज कुमार ने बताया कि जिले के 8 प्रखंडों के 147 प्राथमिक और मध्य विद्यालयों में चारों तरफ गंगा नदी का पानी भरा हुआ है। इसके अलावा 22 अन्य विद्यालयों में बाढ़ पीड़ितों के लिए आश्रय स्थल और सामुदायिक रसोई का संचालन किया जा रहा है। ऐसे में कुल 169 विद्यालयों में मंगलवार से अर्धवार्षिक मूल्यांकन परीक्षा का संचालन संभव नहीं है। इसकी पूरी रिपोर्ट बिहार शिक्षा परियोजना परिषद के निदेशक को भेज दी गई है। बच्चों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। जिन स्कूलों में पानी नहीं है, वहां परीक्षा अपने समय पर होगी। 169 स्कूलों के 40 हजार से अधिक बच्चों के लिए स्थिति सामान्य होने और पानी घटने के बाद अलग से विशेष परीक्षा शेड्यूल जारी किया जाएगा। अब पढें भोजपुर में स्कूलों की क्या स्थिति है, बच्चों ने क्या कहा… भोजपुर से तस्वीर… स्कूल मर्ज किए, पर बच्चे दूरी के कारण नहीं जा पा रहे भोजपुर में भी क्लास 1 से 8 तक बच्चों के लिए आज से परीक्षा है। सोमवार तक यहां 277 स्कूल बंद थे, पर पानी कम होने के बाद इनमें से करीब 40 प्रतिशत स्कूलों को आज खोला जाएगा। वहां आज से परीक्षा होगी, पर जो स्कूल बंद हैं वहां के बच्चे एग्जाम नहीं दे पाएंगे। शिक्षा विभाग ने बाढ़ प्रभावित स्कूलों को आसपास के दूसरे स्कूलों में मर्ज कर परीक्षा और पढ़ाई कराने की व्यवस्था की है, लेकिन कई जगह यह व्यवस्था भी बच्चों के लिए राहत के बजाय नई परेशानी बन गई है। स्कूल दूर होने के कारण बच्चे वहां नहीं पहुंच पा रहे हैं। दूसरी ओर, बाढ़ प्रभावित गांवों में बिजली और मोबाइल नेटवर्क की समस्या के कारण ऑनलाइन पढ़ाई और परीक्षा की तैयारी भी ठीक से नहीं हो पा रही है। भोजपुर के टीचर और स्टूडेंट ने बताई परेशानी…. 'मोबाइल में नेटवर्क नहीं होने से पढ़ाई नहीं कर पा रहा' खवासपुर के राकेश ने बताया कि मैं 7वीं कक्षा में पढ़ता हूं और बाढ़ के कारण कई दिनों से घर में रहकर परीक्षा की तैयारी कर रहा है। मोबाइल नेटवर्क नहीं रहता तो पढ़ाई रुक जाती है। ऑनलाइन पढ़ाई के दौरान डाउट भी क्लियर नहीं हो पाते। 'स्कूल दूर है, घर पर ही पढ़ाई कर रहे' बिराहिमपुर की अंशु ने कहा कि मैट्रिक परीक्षा के फॉर्म भरने की चुनौती है। गांव के स्कूल में पानी भरने के बाद बबुरा स्कूल में मर्ज कर दिया गया है। स्कूल दूर होने के कारण वहां पहुंचना मुश्किल है। ऐसे में घर पर ही पढ़ाई करने को मजबूर हैं। बच्चे बताते हैं, नेटवर्क नहीं मिला रहा- टीचर शिक्षक नीरज कुमार ने बताया कि बबुरा स्कूल दूर होने के कारण कई बच्चों ने फोन कर अपनी परेशानी बताई। इसके बाद बच्चों की सुविधा के लिए यात्री शेड में बैठकर मैट्रिक और इंटर के फॉर्म भरवाए जा रहे हैं। शिक्षा विभाग का कहना है कि मंगलवार को जिले के करीब 40 प्रतिशत स्कूल खुलने की संभावना है। जो स्कूल बाढ़ के कारण बंद रहेंगे, वहां विभाग के निर्देश के अनुसार वैकल्पिक व्यवस्था में पढ़ाई और परीक्षाएं कराई जाएंगी।
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में करोड़ों की संपत्ति और दो मंजिला मकान होने के बावजूद 84 वर्षीय नाना को जिंदगी में एक साथी की कमी खल रही थी।
कान में दर्द हो रहा है...पायलट ने फ्लाइट उड़ाने से किया इनकार, एयरपोर्ट पर यात्रियों ने काटा हंगामा
वाराणसी एयरपोर्ट पर पायलट ने कान में दर्द की वजह से इंडिगो की वाराणसी-बेंगलुरु विमान को उड़ाने से मना कर दिया। जिसके बाद दूसरा पायलट विमान लेकर रवाना हुआ। वहीं, देरी की वजह से यात्रियों ने एयरपोर्ट पर हंगामा किया। बता दें कि एक हफ्ते के भीतर इंडिगो का ये दूसरा मामला है।
लखनऊ में हरितालिका तीज के अवसर पर सोमवार को पार्श्वनाथ प्लैनेट, विभूति खंड की महिलाओं ने श्रद्धा और उत्साह के साथ मंदिर में सामूहिक पूजा-अर्चना की। महिलाओं ने पति की दीर्घायु और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना को लेकर निर्जल व्रत रखा। रंग-बिरंगे परिधानों में पहुंचीं महिलाएं तीज के अवसर पर महिलाएं रंग-बिरंगे परिधानों में सजी नजर आईं। हाथों में मेहंदी रचाए महिलाओं ने एक साथ भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना की। मंदिर परिसर में इस दौरान भक्तिमय माहौल रहा। महिलाओं ने विधि-विधान से पूजा कर व्रत की परंपरा निभाई। पूजन के बाद लिया एक-दूसरे का आशीर्वाद पूजा-अर्चना पूरी होने के बाद महिलाओं ने एक-दूसरे का आशीर्वाद लिया और तीज की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान महिलाओं ने सामूहिक रूप से फोटो भी खिंचाई। आयोजन में महिलाओं की सहभागिता और उत्साह देखने को मिला। पूरे कार्यक्रम के दौरान मंदिर परिसर में धार्मिक माहौल बना रहा।
गणेश उत्सव के जुलूस के दौरान विवाद के बाद आजाद नगर में दो युवकों पर चाकू से हमला कर दिया गया। दोनों गंभीर घायल हुए, जिनमें एक की अस्पताल में मौत हो गई। पुलिस CCTV फुटेज खंगालते हुए आरोपियों की तलाश में जुटी है।
नालंदा में तीज की पूजा कर लौट रही महिला प्रिंसिपल को हाइवा ने रौंद दिया। हादसा छबिलापुर में सुबह करीब 6 बजे हुआ। महिला की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। मृतका एक प्राइवेट स्कूल की प्रिंसिपल थी। मंगलवार सुबह वो तीज की पूजा कर स्कूल जा रही थी। इसी दौरान राजगीर-इस्लामपुर मुख्य मार्ग पर राइसपर के पास हाइवा ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। बताया जा रहा है कि टक्कर के बाद महिला सड़क पर गिर गई। इसके बाद हाइवा का टायर उनके सिर पर चढ़ गया, जिससे उनका सिर बुरी तरह कुचल गया। हादसे के बाद मृतका के परिजन और आक्रोशित लोगों ने राजगीर-इस्लामपुर सड़क को जाम कर दिया है। पिछले दो घंटे से सड़क पर जाम लगा हुआ है। मृतका की पहचान गया जिले के नीमचक बथानी थाना क्षेत्र के नवादापर गांव की रहने वाली 25 साल की ममता कुमारी के रूप में हुई है। ममता कुमारी राइसपर स्थित सिटी पब्लिक स्कूल में प्रिंसिपल थी। वो स्कूल कैंपस में ही पति के साथ रहती थी। उनके पति संजीत कुमार इसी स्कूल के डायरेक्टर हैं। घटना से जुड़ी तीन तस्वीरें देखिए पूजा कर स्कूल लौट रही थी जानकारी के मुताबिक, मंगलवार तड़के ममता कुमारी तीज को लेकर पड़ोस में पूजा करने गई थी। पूजा कर स्कूल लौटने के दौरान तेज रफ्तार हाइवा ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। ममता कुमारी की 5 साल पहले शादी हुई थी। वो दो बच्चों की मां थी। मृतका के भाई सौरभ कुमार ने बताया कि सुबह के समय परिवार के अधिकांश लोग सो रहे थे, तभी अचानक ये हादसे की खबर आई। टक्कर इतनी भीषण थी कि ममता कुमारी ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि ड्राइवर हाइवा को लेकर फरार हो गया। सड़क पर उतरे ग्रामीण, लगा लंबा जाम हादसे की खबर फैलते ही सैकड़ों की संख्या में स्थानीय ग्रामीण सड़क पर उतर आए और शव को बीच सड़क पर रखकर राजगीर-इस्लामपुर मार्ग को जाम कर दिया। देखते ही देखते सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और आवागमन पूरी तरह ठप हो गया। प्रदर्शनकारी स्थानीय प्रशासन से घटनास्थल के समीप तुरंत स्पीड ब्रेकर बनाने, लापरवाह हाइवा चालक को तत्काल गिरफ्तार करने और वरीय अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े हैं। प्रशासन जाम हटाने की कोशिश में जुटा सड़क जाम और हंगामे की सूचना मिलते ही छबिलापुर थाना अध्यक्ष अनोज कुमार पाठक भारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों को समझाने-बुझाने का प्रयास शुरू किया। पुलिस फरार वाहन और उसके चालक की पहचान के लिए आसपास लगे कैमरों और चश्मदीदों से सुराग जुटाने में लगी है, जबकि ग्रामीणों को शांत कराकर मार्ग पर यातायात बहाल करने की कोशिशें लगातार जारी हैं।
अमृतसर के श्री गुरु रामदास अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से अब आबूधाबी का सफर सीधी उड़ान से महज 4 घंटे 40 मिनट में पूरा होगा।
14 से 16 सितंबर तक चलने वाले इस आयोजन में 60 से अधिक रक्षा कंपनियां, तकनीकी संस्थान और स्टार्टअप अत्याधुनिक ड्रोन, निगरानी प्रणाली, लॉजिस्टिक्स ड्रोन, एंटी-ड्रोन सिस्टम, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और एआई आधारित तकनीकों का प्रदर्शन कर रहे हैं।
बिलासपुर के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र में नशेबाजों की शिकायत करना एक युवक के परिवार को भारी पड़ गया। शिकायत से नाराज युवक ने बदला लेने के लिए शिकायतकर्ता के पिता और एक सिक्योरिटी गार्ड पर चापड़ से जानलेवा हमला कर दिया। हमले में सिक्योरिटी गार्ड गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जानकारी के मुताबिक, जूनीलाइन निवासी आदित्य रजक के पिता राजेंद्र रजक सदर बाजार के करोना चौक स्थित राकेश ज्वेलर्स में सिक्योरिटी गार्ड हैं। मोहल्ले में रहने वाला सत्येंद्र यादव अपने दोस्तों को बुलाकर आए दिन गांजा पीता था। आदित्य ने इसका विरोध किया और इसकी शिकायत थाने में भी की थी। शिकायत से नाराज युवक ने किया हमला इसी बात को लेकर सत्येंद्र आदित्य से नाराज था। वह बदला लेने के लिए आदित्य के घर के पास पहुंचा, लेकिन दोनों नहीं मिले। इसके बाद वह सीधे ज्वेलर्स की दुकान पहुंच गया। आरोपी दुकान के अंदर घुसा और ड्यूटी पर मौजूद राजेंद्र पर चापड़ से हमला कर दिया। अचानक हुए हमले में राजेंद्र गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर गया। अस्पताल में भर्ती, हमलावर गिरफ्तार घटना की जानकारी मिलने पर आदित्य दुकान पहुंचा। इसी दौरान सत्येंद्र ने उस पर भी हमला करने की कोशिश की, लेकिन वहां मौजूद लोगों ने उसे पकड़ लिया। घायल राजेंद्र को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनकी हालत गंभीर बताई है। फिलहाल, सिम्स में उनका इलाज जारी है। इधर, वारदात के बाद पुलिस ने आरोपी सत्येंद्र को हिरासत में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। इधर, गणेश पंडाल के बाद बच्ची और पिता से मारपीट तेलीपारा स्थित वृंदावन परिसर के नवेल्टी स्टोर में गणेश डेकोरेशन का सामान लेने पहुंची बच्ची और उसके पिता से मारपीट का मामला सामने आया है। सामान के रेट को लेकर सवाल पूछने पर दुकान की युवती का पहले पिता से विवाद हुआ। बेटी ने युवती से चिल्लाकर बात करने से मना किया तो उसने उसका हाथ पकड़कर मारपीट शुरू कर दी। बेटी को बचाने पहुंचे पिता से भी युवती ने अपने साथियों को बुलाकर मारपीट की। घटना में पिता-बेटी दोनों को चोटें आई हैं। सिटी कोतवाली पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जनपद पंचायत कोटा में कार्यक्रम अधिकारी हैं पिता अशोक नगर सरकंडा निवासी विकास जायसवाल जनपद पंचायत कोटा में कार्यक्रम अधिकारी के पद पर पदस्थ हैं। वे 13 सितंबर को अपनी बेटी प्रतीज्ञा जायसवाल के साथ गणेश डेकोरेशन का सामान खरीदने तेलीपारा स्थित नवेल्टी स्टोर पहुंचे थे। सामान पसंद करते समय दुकान की ओर से उन्हें अलग-अलग सामान के रेट बताए गए। बिल बनवाते समय काउंटर पर उन्हीं सामानों के अलग रेट बताए गए। विकास ने रेट में अंतर को लेकर सवाल किया तो अंजू चौहान नाम की युवती ने यह कहते हुए विवाद शुरू कर दिया कि उसे बदनाम किया जा रहा है। बेटी ने चिल्लाने से मना किया तो पकड़ लिया हाथ विकास की बेटी प्रतीज्ञा ने चिल्लाकर बात करने से मना किया। इस पर दुकानकर्मी युवती ने उसका हाथ पकड़कर मारपीट शुरू कर दी। बेटी को बचाने विकास बीच-बचाव करने लगे तो युवती ने अपने अन्य साथियों को बुला लिया। इसके बाद सभी ने मिलकर पिता-बेटी से मारपीट की। घटना के बाद विकास सिटी कोतवाली थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
प्रदेश के 305 शहरी निकायों में अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए आज से नामांकन शुरू हो जाएंगे। राज्य निर्वाचन आयोग ने आज सुबह 7 बजे निकाय प्रमुखों के चुनाव के अधिसूचना जारी कर दी है। इस अधिसूचना के बाद जयपुर, जोधपुर, कोटा नगर निगम और सुकेत नगर पालिका को छोड़ कर सभी निकायों में मेयर, सभापति और नगरपालिका अध्यक्ष के चुनाव के लिए नामांकन शुरू हो जाएंगे। 305 निकायों में आज सुबह 10:30 बजे से लेकर कल दोपहर बाद 3 बजे तक नामांकन किए जा सकेंगे। 17 सितंबर को नामांकनों की जांच होगी, 18 सितंबर को 3 बजे तक नाम वापसी का समय रहेगा। 21 सितंबर को सुबह 10 बजे से 2 बजे तक वोटिंग होगी। राज्य निर्वाचन आयोग की अधिसूचना के बाद प्रदेश के 7 नगर निगमों में मेयर, 47 नगर परिषदों में सभापति और 251 नगरपालिकाओं में नगरपालिका अध्यक्ष के पदों पर चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो गई है। जयपुर, जोधपुर, कोटा और सुकेत में 10 बूथों पर 16 को रिपोलिंग, 17 को वोटों की गिनती राज्य निर्वाचन आयोग ने जयपुर, जोधपुर, कोटा नगर निगम और सुकेत नगरपालिका के 8 बूथों पर 16 सितंबर को रिपोलिंग कराने के आदेश दिए थे। काउंटिंग के दौरान ईवीएम में तकनीकी खराबी के कारण 10 बूथों पर रिजल्ट अटक गए थे। चार निकायों के 10 बूथों पर 16 सितंबर को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक रिपोलिंग होगी और 17 सितंबर को सुबह 8 बजे से वोटों की गिनती होगी। इन 7 नगर निगमों में मेयर चुनाव के लिए आज से नामांकन इन 47 नगर परिषदों में सभापति के लिए होंगे नामांकन चौमूं, शाहपुरा, बाड़मेर, जैसलमेर, तिजारा, खैरथल, भिवाड़ी, करौली, कुचामनसिटी, डीडवाना, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, चित्तौड़गढ़, बांसवाड़ा, झालावाड़, बूंदी, बारां, जालोर, झुंझुनूं, फतेहपुर (सीकर), सवाई माधोपुर, धौलपुर, सुजानगढ़, चूरू, कोटपूतली, ब्यावर, नागौर। किशनगढ़,पुष्कर,टोंक,बहरोड़, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, सरदारशहर, गंगापुर सिटी, सीकर, सिरोही, निंबाहेड़ा, राजसमंद, मकराना, हिंडौन सिटी, दौसा, लालसोट, डीग, बालोतरा, फलोदी और सलूंबर। --- ये खबर भी पढ़ें… BJP-कांग्रेस के वोट शेयर में 1% से कम अंतर:आरएलपी-आप सहित 5 पार्टियों को नोटा से कम वोट, भाजपा ने कांग्रेस से 566 वार्ड ज्यादा जीते राजस्थान के 309 शहरी निकायों के चुनावों में बीजेपी को कांग्रेस से 99615 वोट ज्यादा मिले हैं। कुल 1.06 करोड़ वोटों में से बीजेपी को 37.35 लाख, कांग्रेस को 36.35 लाख और निर्दलीयों को 29.06 लाख वोट मिले हैं। पांच अन्य पार्टियों को नोटा से कम वोट मिले हैं। (पूरी खबर पढ़ें)
मानसून से मध्य प्रदेश अब भी 6% पीछे
मानसून से मध्य प्रदेश अब भी 6% पीछे
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन 17 सितंबर को पहली बार मध्य प्रदेश के दौरे पर आएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर वे मंदसौर, इंदौर और उज्जैन में आयोजित कार्यक्रमों में शामिल होंगे।
अयोध्या में राम जन्मभूमि परिसर की 4 किलोमीटर लंबी सुरक्षा दीवार का काम अभी रफ्तार नहीं पकड़ पा रहा है। अब तक करीब 1 किलोमीटर दीवार का निर्माण पूरा हुआ है। बाकी काम में सबसे बड़ी दिक्कत अतिरिक्त जमीन की है। दीवार को परिसर के चारों तरफ आयताकार आकार में बनाया जाना है। इसके लिए किनारे की कुछ और जमीन की जरूरत है। जमीन उपलब्ध कराने और खरीदने की जिम्मेदारी श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की है। बैरिकेडिंग से भी काम प्रभावित परिसर के किनारे पहले से लोहे की बैरिकेडिंग और कंटीले तार लगे हैं। कई जगह जमीन भी बराबर नहीं है। इससे निर्माण सामग्री पहुंचाने और दीवार बनाने में समय लग रहा है। बैठक में सुरक्षा दीवार का काम जल्द पूरा करने पर जोर दिया गया। दीवार में आधुनिक सुरक्षा उपकरण भी लगाए जाने हैं। आज निर्माण समिति की बैठक राम मंदिर निर्माण समिति की बैठक मंगलवार को तीसरे दिन भी होगी। बैठक रामकथा संग्रहालय में होगी। इसमें राम मंदिर के नए सीईओ एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र पहली बार शामिल होंगे। जितेंद्र मिश्र अवकाश पर थे। वह मंगलवार को नई दिल्ली से अयोध्या लौटेंगे। इसी दिन उनकी निर्माण समिति के चेयरमैन नृपेन्द्र मिश्र से पहली औपचारिक मुलाकात होगी। सोमवार को हुई बैठक में सुरक्षा दीवार के साथ ऑडिटोरियम, संत निवास और ट्रस्ट कार्यालय के काम की भी समीक्षा की गई। बैठक में इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड और उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम के अधिकारी और इंजीनियर मौजूद रहे। अन्य काम 70% पूरे परिसर में चल रहे दूसरे बड़े निर्माण कार्य करीब 70% पूरे हो चुके हैं। समिति ने अधिकारियों को काम की गुणवत्ता बनाए रखने और तय समय में काम पूरा करने के निर्देश दिए। दो महीने में तैयार होगा जगतगुरु प्रवेश द्वार गेट नंबर-3 पर बन रहा जगतगुरु मध्वाचार्य प्रवेश द्वार करीब दो महीने में तैयार होने की उम्मीद है। इसका मुख्य ढांचा लगभग तैयार हो चुका है। अब पत्थरों की घिसाई और फिनिशिंग का काम चल रहा है। बैठक में सुरक्षा दीवार के लिए जमीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया जल्द आगे बढ़ाने पर भी चर्चा हुई।
बलिया में लंबे इंतजार के बाद महर्षि भृगु मंदिर कॉरिडोर के निर्माण की दिशा में रविवार को बड़ा कदम उठाया गया। संत-महात्माओं की मौजूदगी और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भूमिपूजन संपन्न हुआ। कार्यक्रम को लेकर परिसर में धार्मिक उत्साह का माहौल रहा। पूर्व सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त ने परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह को कॉरिडोर के भूमिपूजन पर शुभकामनाएं दीं। उन्होंने परियोजना को बलिया की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण कदम बताया। 50 करोड़ की लागत से बनेगा कॉरिडोर उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग की ओर से करीब 50 करोड़ रुपए की लागत से महर्षि भृगु मंदिर कॉरिडोर का निर्माण कराया जाएगा। परियोजना का उद्देश्य महर्षि भृगु की तपोभूमि को भव्य धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करना है। भूमिपूजन के बाद श्रद्धालुओं में निर्माण कार्य जल्द आगे बढ़ने की उम्मीद जगी है। संतों और जनप्रतिनिधियों की रही मौजूदगी कार्यक्रम में स्वामी हरिहरानंद जी महाराज सहित संत समाज के संत-महात्मा, पूर्व सांसद भरत सिंह, पूर्व मंत्री राजधारी सिंह, पूर्व मंत्री छट्ठू राम, साहित्यकार जनार्दन राय समेत विभिन्न दलों के नेता, पर्यटन विभाग और जिला प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता शिवकुमार मिश्रा ने की, जबकि संचालन भाई सुरजीत सिंह ने किया।
कैराना के मोहल्ला आलकलां में रविवार देर शाम सड़क के एक गड्ढे ने 17 साल के किशोर आयान की जान ले ली। सेटरिंग के सामान से लदी एक ई-रिक्शा का पहिया गड्ढे में आने से वह अनियंत्रित होकर पलट गई। आयान ई-रिक्शा और सामान के नीचे दब गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मोहल्ला आलकलां निवासी इमरान भूरा अपने भूरा बाईपास स्थित घेर का निर्माण करा रहे हैं। रविवार शाम उनका बेटा आयान (17) ई-रिक्शा में सेटरिंग का सामान लेकर निर्माणाधीन घेर की ओर जा रहा था। भूरा बाईपास के पास ई-रिक्शा का पहिया अचानक सड़क के गड्ढे में चला गया। ई-रिक्शा से कूदने की कोशिश इससे ई-रिक्शा अनियंत्रित होकर पलट गई। आयान ने ई-रिक्शा से कूदने की कोशिश की, लेकिन वह ई-रिक्शा और उस पर लदे सेटरिंग के सामान के नीचे दब गया। ई-रिक्शा चालक सोनू इस हादसे में बच गया। आसपास के लोगों ने मौके पर पहुंचकर सामान हटाया और आयान को बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। हादसे के बाद परिवार में मातम छा गया। परिजनों ने बिना किसी पुलिस कार्रवाई के देर रात आयान के शव का अंतिम संस्कार कर दिया। जांच अधिकारी उप निरीक्षक राजकुमार ने बताया कि पुलिस को इस हादसे के संबंध में कोई सूचना नहीं मिली है। दो भाइयों में छोटा था और अविवाहित मृतक आयान के बड़े भाई गुफरान ने बताया कि उनके पिता खेती करते हैं। आयान दो भाइयों में छोटा था और अविवाहित था। उसकी दो बहनों की शादी हो चुकी है। बेटे की मौत से परिवार का बुरा हाल है। इस हादसे में सड़क के गड्ढे और ई-रिक्शा की ओवरलोडिंग दोनों को खतरे का कारण बताया जा रहा है। कैराना में सड़कों पर बने गड्ढे और ई-रिक्शा में क्षमता से अधिक सामान लादने का मामला लोगों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। मुख्य मार्ग पर सीओ कार्यालय के आगे, रेता वाला टी-प्वाइंट के अलावा भूरा रोड और खुरगान रोड पर कई जगह सड़क में गड्ढे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि गड्ढों के कारण दोपहिया वाहन चालकों का संतुलन बिगड़ता है। वहीं, ई-रिक्शा में ऊपर तक सामान लादने से उनके पलटने का खतरा बढ़ जाता है।
माना इलाके में छेड़छाड़ का विरोध करना एक युवती को भारी पड़ गया। आरोप है कि विवाद के बाद युवक ने उस पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। गंभीर रूप से झुलसी युवती की कल देर रात अस्पताल में मौत हो गई, जबकि आरोपी वारदात के बाद फरार है।
बबैना में गणेश प्रतिमा स्थापना:कलश यात्रा के साथ गणेश प्रतिमा स्थापित, जयकारों से गूंजा गांव
संभल के पवांसा ब्लॉक की ग्राम पंचायत बबैना में श्री काल सेन बाबा महाकाल मंदिर सेवा समिति की ओर से मंगलवार की सुबह गणेश चतुर्थी के अवसर पर गणेश प्रतिमा स्थापना एवं पूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ सिटी मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार सोनी ने फीता काटकर किया। इसके बाद श्रद्धालुओं ने गणेश प्रतिमा के साथ भव्य कलश यात्रा निकाली। यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीण और श्रद्धालु शामिल हुए। महिलाएं सिर पर कलश धारण कर यात्रा में शामिल हुईं। श्रद्धालु पूरे रास्ते ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयकारे लगाते रहे, जिससे गांव का वातावरण भक्तिमय हो गया। श्रद्धालुओं ने भगवान गणेश से सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की। देहरादून से आए पंडित शिव ओम शुक्ला ने विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ भगवान गणेश का पूजन कराया। इसके बाद गणेश प्रतिमा की स्थापना कर आरती की गई और श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। आयोजन स्थल पर गणेश प्रतिमा को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। समिति पदाधिकारियों ने बताया कि गणेश चतुर्थी पर प्रतिवर्ष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इस दौरान ब्रह्मानंद महाराज, सिप्पटर्ट सिंह, मास्टर जगदीश सिंह, धर्म जागरण के जिला प्रचारक सुभाष सिंह राघव, प्रवीण कुमार, रजत विक्रांत सिंह, शिवम राघव, मास्टर सीताराम, पदम सिंह, धर्मेंद्र, सुनील, मोतीराम, बलवीर सिंह, जयप्रकाश, अमित पवार, डालचंद, अशोक, पापलेश, यशपाल, सरपाल सिंह आदि मौजूद रहे।
राजस्थान: पहले बच्चों को जहर दिया, फिर खुद खा लिया; अलवर में पिता-बेटे की मौत, बेटी अस्पताल में
अलवर के सदर थाना क्षेत्र स्थित शालीमार में 35 वर्षीय मोहित ने कथित तौर पर अपने दोनों बच्चों को जहर देने के बाद खुद भी जहर खा लिया।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के चयन को लेकर कुछ मीडिया माध्यमों से प्रसारित हो रही जानकारी को गलत बताते हुए प्रक्रिया के तथ्य स्पष्ट किए हैं।
पंजाब में बिजली कटौती को लेकर हाहाकार मच गया है।
अलीगढ़ में टेम्प्रेचर 31°C:तेज धूप निकली, रुक-रुककर हवा बह रही, बारिश के आसार
अलीगढ़ में मंगलवार सुबह से तेज धूप निकली हुई है। धूप के साथ गर्मी और उमस बढ़ गई है। लोग बारिश का इंतजार कर रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार, आज अधिकतम तापमान 31 डिग्री और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। दोपहर में बारिश होने का अनुमान है। सुबह से तेज धूप के कारण सड़क पर निकलने वाले लोगों को गर्मी और उमस का सामना करना पड़ रहा है। हवा में नमी ज्यादा होने से पसीना और चिपचिपाहट भी महसूस हो रही है। मौसम विभाग ने दोपहर में बारिश की संभावना जताई है। बारिश हुई तो कुछ समय के लिए गर्मी और उमस से राहत मिल सकती है। बारिश नहीं हुई तो तेज धूप के कारण उमस और बढ़ सकती है। अलीगढ़ में लगातार तीसरे दिन लोग उमस भरे मौसम से परेशान हैं और अब दोपहर में बारिश का इंतजार कर रहे हैं।
सिरसा जिले के डबवाली क्षेत्र में एक नाबालिग से उसी के सगे जीजा ने रेप कर दिया। इसका खुलासा जब हुआ, तब पीड़ित लड़की करीब 5 माह की गर्भवती हो गई। इससे पहले पीड़िता नाबालिग होने के चलते चुप रही और उसने किसी को नहीं बताया। अब शक के आधार पर परिवार ने पीड़ता को चेकअप करवाया तो उसने आपबीती बताई। अब परिवार ने पुलिस को शिकायत दी है। जानकारी के अनुसार, यह मामला डबवाली क्षेत्र का है और करीब 14-15 वर्षीय लड़की स्कूल में पढ़ती है। आरोपी युवक की उम्र 23 साल है और मेहनत-मजदूरी करता है। युवक ने गांव के ही पड़ोस की युवती से दो साल पहले लव मैरिज की थी। इन दिनों वह भी पत्नी के साथ गांव में रहता था। आरोपी का एक साल का बेटा भी है। पत्नी व परिवार को इसकी भनक तक नहीं लगी। कुछ दिन तकरार के बाद उसका ससुराल में पत्नी के घर आना-जाना हो गया और उसे मौका पाकर साली से जबरदस्ती शारीरिक संबंध बना लिए। सोमवार को पीड़िता के परिवार ने डबवाली पुलिस को शिकायत दी है। पुलिस ने 24 घंटें में ही आरोपी युवक को पकड़ लिया और उससे पूछताछ जारी है। सिलसिलेवार ढंग से जानिए पूरा मामला गांव की युवती से चल रहा था प्रेम-प्रसंग पुलिस के अनुसार, आरोपी युवक का गांव की ही युवती से प्रेम-प्रसंग चल रहा था। दोनों एक-दूसरे के पड़ोसी है और काफी समय से आपस में संपर्क में थे। करीब दो साल पहले युवक ने युवती ने लव मैरिज कर ली। इसके चलते लड़का-लड़की के दोनों परिवार में अनबन हो गई और तकरार होने लगी। कुछ दिनों तक गांव से बाहर रहे और धीरे-धीरे परिवार से बात होने लगी। इसके बाद दोनों पति-पत्नी गांव में आकर रहने लगे। युवती का अपने घर पर आना-जाना होने लगा। इसी के साथ-साथ युवक भी उनके घर आने-जाने लगा। तभी वह अपनी नाबालिग साली के संपर्क में आ गया और उसने अपने झांसे में ले लिया। दो से तीन बार जबरदस्ती संबंध बनाए जांच अधिकारी के अनुसार, पुलिस को नाबालिग ने बताया कि यह घटना अप्रैल माह के दौरान की है। एक दिन वह अपने घर पर अकेली थी और परिवार वाले मजदूरी व काम के लिए बाहर गए हुए थे। उन दिनों उसके जीजा ने दो से तीन बार उसके साथ जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाए और उसे चुप रहने को धमकी देने का आरोप लगाया है। उसने डर के कारण किसी को नहीं बताया। अब उसे पेट दर्द व अन्य दिक्कत होने लगी, तो परिवार ने चेकअप कराया। इसके बाद उसने परिवार को जीजा की हरकतों के बारे में बताया, तो शिकायत देते पुलिस थाने पहुंचे। आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। नाबालिगा के परिवार ने दी शिकायत इस बारे में पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि 13 सितंबर को सदर थाना डबवाली में प्राप्त एक शिकायत में नाबालिगा के परिजनों द्वारा आरोपी पर लगाए गए आरोपों के आधार पर मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम ने नियमानुसार तत्काल बीएनएस व पॉक्सो अधिनियम से संबंधित धाराओं के तहत अभियोग दर्ज कर विशेष टीम का गठन किया और आरोपी की तलाश शुरू कर दी। डबवाली सदर थाना प्रभारी दलीप कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, गुप्त सूचना तंत्र तथा लगातार की गई छापेमारी के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की।
टेक कंपनी Meta ने बच्चों के यौन शोषण और उनकी सुरक्षा से जुड़े दूसरे मामलों की जानकारी संबंधित कानून प्रवर्तन एजेंसियों को देने पर सहमति जताई है। सरकारी सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। यह फैसला केंद्र सरकार की ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के साथ हानिकारक कंटेंट पर रोक लगाने को लेकर जारी बातचीत के बीच आया है। सरकारी सूत्रों ने कहा कि भारत में काम करने वाले किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के लिए बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा जरूरी है और इस मामले में कोई समझौता नहीं किया जा सकता। सरकार ने यह भी साफ किया है कि बच्चों की सुरक्षा के लिए खुद से जरूरी कदम नहीं उठाने वाले प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सूत्रों के मुताबिक, Meta का यह फैसला बच्चों को ऑनलाइन सुरक्षित रखने की दिशा में शुरुआती कदम है और इस दिशा में अभी और काम करने की जरूरत है। दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ भी बातचीत जारी सरकार दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ भी बातचीत कर रही है। इन प्लेटफॉर्म्स से बच्चों से जुड़े हानिकारक कंटेंट की पहचान कर उसे हटाने के लिए खुद से जरूरी कदम उठाने को कहा जा रहा है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, सरकार डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की जवाबदेही बढ़ाने पर जोर दे रही है। ऑनलाइन इंटरमीडियरीज से भी हानिकारक कंटेंट, खासकर बच्चों को प्रभावित करने वाली सामग्री को फैलने से रोकने के लिए पर्याप्त कदम उठाने को कहा जा रहा है। Meta के खिलाफ NCPCR में चल रही थी जांच इस बीच, 9 सितंबर को Meta India के प्रतिनिधि राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) के कार्यालय पहुंचे थे। आयोग ने कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर और Meta India के प्रमुख को चाइल्ड सेक्सुअल एक्सप्लॉइटेशन एंड एब्यूज मटेरियल (CSEAM) से जुड़े कथित विज्ञापनों की जांच के सिलसिले में तलब किया था। NCPCR ने 3 जुलाई 2026 को BBC की एक मीडिया रिपोर्ट का स्वतः संज्ञान लिया था। रिपोर्ट में Meta के स्वामित्व वाले प्लेटफॉर्म्स पर CSEAM से जुड़े कथित विज्ञापनों का जिक्र था। इसके बाद आयोग ने Meta Platforms, Inc. को नोटिस जारी कर इन आरोपों पर जवाब मांगा था। Meta ने नोटिस के एक सप्ताह बाद आयोग को अपना जवाब सौंप दिया था। BBC रिपोर्ट- Meta पर सस्ते मेंमिल रहा यौन शोषण से जुड़ा कंटेंट इंस्टाग्राम पर बच्चों के यौन शोषण से जुड़े कंटेंट को बढ़ावा देने के आरोप इससे पहले राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने दिल्ली पुलिस को उन आरोपों की व्यापक जांच करने का निर्देश दिया था, जिनमें कहा गया था कि Meta के स्वामित्व वाले इंस्टाग्राम पर पेड विज्ञापनों के जरिए भारत में चाइल्ड सेक्सुअल एब्यूज मटेरियल (CSAM) को बढ़ावा दिया गया। NHRC ने पुलिस को यह भी जांचने का निर्देश दिया था कि क्या टेक कंपनी और दूसरे संबंधित पक्षों ने प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंसेज (POCSO) एक्ट के तहत अनिवार्य रिपोर्टिंग से जुड़ी जिम्मेदारियों का पालन किया था। भास्कर नॉलेज: भारत में बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी सामग्री का बनाना, रखना अपराध सवाल 1: भारत में बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी सामग्री पर क्या कानून है? जवाब: बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी सामग्री को बनाना, रखना, देखना, शेयर करना, बेचना या प्रसारित करना अपराध है। सवाल 2: IT Act की धारा 67B में क्या सजा है? जवाब: पहली बार दोषी पाए जाने पर 5 साल तक की जेल और 10 लाख रुपए तक जुर्माना। दोबारा अपराध करने पर 7 साल तक की जेल और जुर्माना। सवाल 3: सोशल मीडिया कंपनियों की क्या जिम्मेदारी है? जवाब: भारत के आईटी, 2021 के तहत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को अवैध कंटेंट हटाने के लिए त्वरित कार्रवाई करनी होती है। जांच एजेंसियों के साथ सहयोग करना होता है। बच्चों के यौन शोषण से जुड़े कंटेंट की पहचान और रोकथाम के लिए उचित तकनीकी उपाय करने होते हैं। सवाल 4: अगर कोई ऐसा कंटेंट दिखे तो क्या करें? जवाब: उसे डाउनलोड, शेयर या फॉरवर्ड न करें। संबंधित प्लेटफॉर्म पर तुरंत रिपोर्ट करें। राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें। जरूरत पड़ने पर स्थानीय पुलिस या साइबर सेल को सूचना दें। सवाल 5: सरकार इस मामले में क्या कर सकती है? जवाब: सोशल मीडिया कंपनी से जवाब मांग सकती है। प्लेटफॉर्म से कंटेंट हटाने का निर्देश दे सकती है। जांच एजेंसियों के जरिए आपराधिक जांच शुरू कर सकती है। नियमों के उल्लंघन पर आईटी कानूनों के तहत कार्रवाई कर सकती है। सवाल 6: क्या सिर्फ प्लेटफॉर्म ही जिम्मेदार होता है? जवाब: नहीं। ऐसे कंटेंट को अपलोड करने, खरीदने, बेचने, शेयर करने या जानबूझकर प्रसारित करने वाले व्यक्ति भी भारतीय कानून के तहत आपराधिक कार्रवाई के दायरे में आते हैं। --------------------------------- यह खबर भी पढ़ें… अमेरिकी बच्चे रात में नहीं चला पाएंगे फेसबुक-इंस्टाग्राम:डेली लिमिट भी तय होगी; मेटा और अमेरिकी राज्यों के बीच ₹1.59 लाख करोड़ का समझौता अमेरिका में बच्चों व टीनेजर्स रात के समय फेसबुक और इंस्ट्राग्राम का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। उनके लिए रोजाना एप चलाने की डेली लिमिट भी लागू होगी। यह बदलाव 26 अगस्त को अमेरिका में मेटा और 29 राज्यों के बीच हुए 16.7 बिलियन डॉलर यानी करीब 1.59 लाख करोड़ रुपए के एक बड़े कानूनी समझौते के बाद लागू किए जा रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें…
अजमेर शहर में दोनों भाजपा विधायकों वासुदेव देवनानी व अनीता भदेल के बावजूद भाजपा का 36 साल का रिकॉर्ड टूट गया। भाजपा न केवल बहुमत से दूर हुई, बल्कि पिछले चुनाव से तुलना करें तो दोनों ही विधानसभा क्षेत्रों में सीटों का नुकसान उठाना पड़ा है। पिछली बार भाजपा की 48 सीटें थी, लेकिन इस बार केवल 32 सीटों पर सिमट गई। अजमेर उत्तर में पिछली बार 25 सीट थी और इस बार 23 सीट जीती। वहीं अजमेर दक्षिण में पिछली बार 23 सीट थी और इस बार केवल 9 ही सीट पर जीत दर्ज की, जो बड़ा नुकसान साबित हुआ। ऐसे में भाजपा को दोंनों ही विधानसभा क्षेत्र में कुल 16 सीटों का नुकसान हुआ। अजमेर दक्षिण से कांग्रेस ने 25 व अजमेर दक्षिण से 12 सीटों पर जीत दर्ज की। जानकारों का मानना है कि भाजपा को नुकसान के पीछे मुख्य कारण टिकट वितरण में मनमर्जी व कार्यकर्ताओं की उपेक्षा व नाराजगी मानी जा रही है। बता दें कि अजमेर में 1990 के बाद से भी भाजपा का बोर्ड लगातार बन रहा था। 80 में से 25 वार्ड में भाजपा-कांग्रेस तीसरे स्थान पर रही नगर निगम के 80 वार्ड में भाजपा के 32 व कांग्रेस के 37 पार्षद जीते। इसमें 11 निर्दलियों ने जीत दर्ज की। लेकिन कांग्रेस व भाजपा के प्रत्याशी केवल 11 वार्ड ही नहीं बल्कि कुल 25 वार्ड में दूसरे व तीसरे स्थान पर रहे। इन 14 वार्ड में पार्टी प्रत्याशी जीते, लेकिन टक्कर निर्दलीय से रही। ऐसे में पार्टी प्रत्याशी तीसरे व चौथे स्थान पर रहे। इन 11 वार्ड में निर्दलीय प्रत्याशी जीते और पार्टी कैंडिडेट्स दूसरे व तीसरे स्थान पर रहे भाजपा को वोट ज्यादा, लेकिन सीट मिली कम नगर निगम चुनाव में कांग्रेस से 9,763 वोट ज्यादा लेने के बावजूद भाजपा सत्ता की रेस में 5 सीट पीछे रह गई। 80 वार्डों के नतीजों में भाजपा का शहरव्यापी वोट आधार कायम रहा, लेकिन दक्षिण में कांग्रेस की बड़ी बढ़त ने उत्तर में भाजपा के दबदबे का गणित पलट दिया। भाजपा वोटों के लिहाज से सबसे बड़ी पार्टी बनने के बाद भी कांग्रेस ने कम वोटों के बावजूद ज्यादा वार्ड जीतकर चुनावी बढ़त हासिल कर ली। 2015 से 2026 तक भाजपाः वोट बढ़े, लेकिन वोट शेयर लगभग वहीं 2015 में भाजपा को 78,121 वोट यानी 39.67% मिले थे। 2026 में भाजपा के वोट बढ़कर 1,10,987 हो गए। यानी लगभग 32,866 वोट की वृद्धि हुई। लेकिन वोट शेयर 39.67% से घटकर 38.70% हो गया। कांग्रेस 2021 के बाद जोरदार वापसी 2015 में कांग्रेस को 75,392 बोट और 38.28% वोट शेयर मिला था। 2021 में यह गिरकर सिर्फ 73,898 वोट और 28.38% रह गया। लेकिन 2026 में कांग्रेस ने जोरदार वापसी करते हुए 1,01,224 वोट और 35.29% वोट शेयर हासिल किया। यानी 2021 के मुकाबले कांग्रेस वोट शेयर 27,326 वोट शेयर बढ़ा। 2015 के मुकाबले भी वोट 25,832 ज्यादा हैं। निर्दलीय वोटों में बड़ी गिरावटः यहीं बदला पूरा चुनाव 2021 के मुकाबले निर्दलीय वोट 9,922 घटे और वोट शेयर 6.23 प्रतिशत अंक कम हुआ। यही वह वोट बैंक है, जिसके एक हिस्से का वापस भाजपा-कांग्रेस की तरफ जाना 2026 के परिणाम को समझने की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है। लेकिन दिलचस्प बात यह है कि निर्दलीय अभी भी 23.91% वोट के साथ बहुत बड़ा राजनीतिक फैक्टर हैं। 11 निर्दलीयों की जीत इसे और महत्वपूर्ण बना देती है। ……… पढें ये खबर भी… अजमेर में 36 साल बाद BJP को झटका:80 में से 37 वार्ड में कांग्रेस, 32 पर भाजपा; 11 निर्दलीय बनेंगे 'किंगमेकर' अजमेर नगर निगम के चुनाव के नतीजों में कांग्रेस ने बेहतर प्रदर्शन किया है। 80 में से 37 वार्ड में कांग्रेस, 32 में भाजपा के प्रत्याशी जीते। जबकि निर्दलीय 11 सीटों पर जीते हैं। दोनों दलों को बहुमतनहीं मिला है। ऐसे में निर्दलीय किंगमेकर बनेंगे। रिजल्ट से भाजपा को तगड़ा झटका लगा है। बीते 36 साल से यहां भाजपा का बोर्ड रहा है। अजमेर शहर से स्पीकर वासुदेव देवनानी और अनिता भदेल की प्रतिष्ठा दांव पर थी। इसके बावजूद इस बार कांग्रेस से पार्टी पिछड़ गई। पूरी खबर पढें अजमेर- कांग्रेस से रश्मि शर्मा-रश्मि हिंगोरानी मेयर पद की दावेदार:बीजेपी अनामिका और रंजना पर खेल सकती है दांव; अनारक्षित महिला के लिए रिजर्व है सीट अजमेर नगर निगम का 36 साल से भाजपा का बोर्ड बनाने का रिकॉर्ड इस बार टूट सकता है। नगर निगम चुनाव के रिजल्ट में किसी भी दल को बहुमत नहीं मिला और तय हो गया है कि निर्दलियों के भरोसे मेयर की कुर्सी मिलेगी। (पूरी खबर पढें) अजमेर-मंत्री और विधायक के वार्ड में हारे पार्टी के प्रत्याशी:भाजपा-कांग्रेस जिलाध्यक्षों के वार्डों में जीती सीटें; जानिए-बडे़ नेताओं के वार्ड में कौन हारा-कौन जीता अजमेर नगर निगम चुनाव में बडे़ नेताओं के वार्ड में रोचक परिणाम देखने को मिले हैं। अजमेर उत्तर से विधायक वासुदेव देवनानी के वार्ड में बीजेपी प्रत्याशी ने जीत दर्ज की। वहीं, अजमेर दक्षिण विधायक अनिता भदेल अपने ही वार्ड में भाजपा प्रत्याशी को जीता नहीं सकीं। पूरी खबर पढ़िए…
गोरखपुर में मंगलवार की सुबह से ही कभी धूप तो कभी बादल देखने को मिल रहा है। हल्की ठंडी हवाओं से गर्मी से काफी हद तक राहत है लेकिन नमी होने की वजह से उमस बरकरार है। जिससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मौसम वैज्ञानिक कैलाश पांडेय के अनुसार आने वाले 3-4 दिनों तक मौसम ऐसा ही बनेगा रहेगा। कभी- कभी छिटपुट बारिश देखने को मिलेगी। उनका कहना है कि 18 सितंबर को शहर और आसपास के एरिया में गरज चमक के साथ अच्छी बारिश होने की संभावना है। विभाग के आंकड़ों के मुताबिक इस महीने जिले में अबतक 43 मिमी बारिश हुई है। जबकि सितंबर में 221 मिमी औसत बारिश दर्ज की जाती है। आज शहर का अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। कब होगी अच्छी बारिशमौसम वैज्ञानिक ने बताया कि इस महीने में अधिकतर छिटपुट बरसात ही देखने को मिलेगी। हालांकि 18 से 22 और 25 से 27 सितंबर के बीच मौसम ज्यादा सक्रिय रहने की संभावना है। इन अवधियों में गरज-चमक के साथ अच्छी बारिश हो सकती है, जबकि बाकी दिनों में बादल, उमस और हल्की फुहारें बनी रहेंगी। इससे तापमान में गिरावट आएगी लेकिन नमी की वजह से उमस बढ़ेगी। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि ऐसे मौसम में बीमारियों का खतरा भी बढ़ने का डर बना रहता है। इसीलिए बच्चे से लेकर बूढों तक हर किसी को खास ख्याल रखना चाहिए। डॉक्टरों ने बताया कि ठंडा- गरम और बाहर का तला भुना खाने से बचना चाहिए। साथ ही धूप और बारिश में भीगने से बचाव के हर तरीके अपनाने चाहिए।
करनाल जिले के गांव गोल्ली में रात के समय एक युवक पर गंडासी और डंडों से हमला करने का मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता के अनुसार वह अपने नोहरे में था, तभी राहुल अपने 9-10 साथियों के साथ वहां पहुंचा। आरोप है कि राहुल ने गंडासी से वार किया और अन्य लोगों ने डंडों से हमला किया। जान बचाने के लिए पीड़ित पड़ोसियों के घर में चला गया। पुलिस ने शिकायत और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गंडासी-डंडे लेकर पहुंचे आरोपी गांव गोल्ली निवासी सुभाष पुत्र रामस्वरूप ने 13 सितंबर को बल्ला पुलिस चौकी में शिकायत दी। उसने बताया कि 13 सितंबर की रात करीब 10 से 10:30 बजे वह अपने नोहरे में था। उसके साथ अमित पुत्र वेदपाल सैनी भी मौजूद था। इसी दौरान राहुल पुत्र फतेह सिंह गुर्जर अपने 9-10 साथियों के साथ वहां पहुंचा। आरोप है कि सभी के हाथों में गंडासी और लाठी-डंडे थे। जान से मारने की दी धमकी सुभाष के मुताबिक राहुल ने उस पर गंडासी से वार किया, जबकि उसके साथ आए लोगों ने डंडों से मारपीट की। हमले से बचने के लिए वह पड़ोसियों के घर में चला गया। पड़ोसियों के बीच-बचाव के बाद हमलावर वहां से चले गए। शिकायत में आरोप है कि जाते समय उन्होंने जान से मारने की धमकी भी दी। MLR में चेहरे और सिर समेत 6 चोटें मिलीं हमले की सूचना के बाद 14 सितंबर को मुनक पुलिस गांव गोल्ली में पहुंचे। मेडिकल रिपोर्ट के मुताबिक पीड़ित को 6 चोटे आई है। वहीं पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। मामले की जांच एएसआई धर्मेंद्र को सौंपी गई है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है।
लखनऊ में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। किस्त पर फोन लेने वाले युवक से EMI के तौर पर दुकानदार ने उसका खून निकलवा लिया। उसे बंधक बनाया गया और 5 दिन मजदूरी भी करवाई गई। इतना ही नहीं, उसके घरवालों से 2799 रुपए ऑनलाइन पेमेंट कराया। साथ ही किसी से शिकायत करने पर जान से मारकर गोमती में फेंक देने की धमकी दी। पीड़ित युवक की मां इसकी शिकायत करने निगोहां थाने पहुंची तो उसका आरोप है कि उसकी शिकायत लेने से मना कर दिया गया। इसके बाद वह सोमवार को डीसीपी दक्षिणी के पास गुहार लगाने पहुंची। डीसीपी ने निगोहां थाना प्रभारी को तत्काल मुकदमा दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार करने के निर्देश दिए। मामला राजारामखेड़ा गांव का है। पीड़ित युवक का नाम नेवल है। जीरो डाउन पेमेंट पर खरीदा था, एक महीने बाद लौटा ले गए पीड़ित की मां बुजुर्ग जदूराई के मुताबिक, उनके छोटे बेटे नेवल ने करीब एक साल पहले निगोहां कस्बे की गीता मोबाइल शॉप से जीरो डाउन पेमेंट पर मोबाइल खरीदा था। एक महीने बाद किस्त बकाया होने पर कुछ लोग घर आए और मोबाइल छीनकर ले गए थे। आरोप है कि बीते 8 सितंबर को दो लोग स्कूटी से गांव पहुंचे और नेवल को उठा ले गए। नेवल ने बताया कि आरोपी उसे लखनऊ के एक ब्लड बैंक ले गए, जहां उसका खून निकलवाया गया। इसके बाद उसे सदर इलाके के एक मकान में बंधक बनाकर रखा गया और उससे 5 दिन जबरन मजदूरी कराई गई। ऑनलाइन पेमेंट लिया, कैब से थाने भेजा नेवल को बंधक बनाने के बाद आरोपियों ने उसके बड़े भाई राजकुमार को फोन किया और किस्त के 2,799 रुपए ऑनलाइन मंगवा लिए। जब परिजनों ने नेवल को छोड़ने की गुहार लगाई, तो आरोपियों ने 12 हजार रुपए की और मांग रख दी। पैसे न दे पाने पर आरोपियों ने युवक को जान से मारकर गोमती नदी में फेंकने की धमकी दी। डरे-सहमे परिजनों ने निगोहां थाने में लिखित शिकायत दी। आरोप है कि पुलिस के हस्तक्षेप के बाद पांचवें दिन आरोपियों ने नेवल को रैपिड कैब से थाने भेजा, जिसका किराया भी भाई से भरवाया गया। थाने पहुंचने पर नेवल बदहवास हालत में था। परिजनों ने जब कार्रवाई की मांग की तो पुलिस ने उल्टा उन्हें ही डराया कि कार्रवाई करने पर नेवल को भी फंसा दिया जाएगा और उसे घर भेज दिया। पुलिस की लापरवाही की भी जांच होगी घर पहुंचकर जब नेवल ने आपबीती सुनाई, तो परिजनों के होश उड़ गए। पीड़ित की बुजुर्ग मां ने आरोप लगाया कि जब वह निगोहां थाने शिकायत करने गईं तो वहां से लौटा दिया गया। इसके बाद डीसीपी दक्षिणी से शिकायत करने पहुंचीं। डीसीपी दक्षिणी मोहम्मद मुश्ताक ने कहा- पीड़ित की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए थाना प्रभारी को तत्काल मुकदमा दर्ज कर आरोपियो की गिरफ्तारी के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस की लापरवाही की भी जांच कराई जाएगी। 21500 रुपए का फोन लिया, 12 महीने की किस्त बनी पीड़ित के बड़े भाई राजकुमार ने बताया कि नेवल ने 21 हजार 500 रुपए का सैमसंग का फोन लिया था। उसमें 2799 रुपए की 12 महीने की किस्त बनी थी। फोन लेने के अगले ही महीने दुकान वाले लड़के आए और अपना फोन लेकर चले गए थे। उसके करीब 1 साल बाद फिर से वे लोग हावी हो गए हैं।
बाराबंकी जिले में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर मंगलवार सुबह एक ट्रक में अचानक आग लग गई। यह घटना सुबेहा थाना क्षेत्र के अमरवल गांव के पास हुई। ट्रक लखनऊ से सुल्तानपुर की तरफ जा रहा था। देखते ही देखते आग ने पूरे ट्रक को अपनी चपेट में ले लिया। ट्रक में आग लगने की खबर मिलते ही एक्सप्रेसवे पर मौजूद लोगों में हलचल मच गई। घटना की सूचना तुरंत पुलिस को दी गई। सुबेहा पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को संभाला। आग बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड की टीम को भी बुलाया गया। फायर ब्रिगेड की टीम ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का काम शुरू किया। आग की लपटों के कारण कुछ देर तक वहां हलचल बनी रही। राहत की बात यह है कि इस हादसे में ट्रक के चालक और परिचालक सुरक्षित हैं। किसी के घायल होने की कोई खबर नहीं है। पुलिस के मुताबिक, आग लगने की वजह अभी साफ नहीं हो पाई है। शुरुआती जांच में अचानक आग लगने की बात सामने आई है। आग लगने का असली कारण जांच के बाद ही पता चलेगा। पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है। फायर ब्रिगेड की टीम आग पर पूरी तरह काबू पाने में जुटी रही। ट्रक में आग लगने से हुए नुकसान का आकलन भी किया जा रहा है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ट्रक में आग किन हालात में लगी और घटना के समय उसमें क्या सामान लदा था।

