रेवाड़ी के गांव संगवाड़ी में युवक ने पेड़ पर फंदा लगाकर अपनी जान दे दी। घटना का पता चलने पर ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। सूचना मिलने के बाद कसोला थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया। जिसकी पहचान गांव के ही 21 वर्षीय युवक भूपेंद्र के रूप में हुई। पुलिस मामले की जांच कर रही है। ग्रामीणों ने दी पुलिस को सूचनाजानकारी के अनुसार सुबह जब ग्रामीण घूमते समय स्कूल के पास पहुंचे तो उन्हें स्कूल में पीछे पेड़ पर एक शव लटकता दिखाई दिया। ग्रामीणों ने इसकी सूचना सरपंच और पुलिस को दी। भूपेंद्र शाम को घर से निकला था और सुबह वह पेड़ पर लटकता मिला। परिवार में अब मां-पिता और बहनजगराज की दो संतानों में भूपेंद्र बड़ा था। भूपेंद्र की मौत के बाद परिवार में अब उसके माता-पिता और छोटी बहन बची हैं। एचएचओ कसोला सतीश कुमार ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि मृतक के पिता जगराज के बयान पर शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया है। पता चला है कि मृतक नशा करता था। पिता ने भी यह बात स्वीकार की है।
देवरिया में लार थाना क्षेत्र के चोरडीहा गैस गोदाम के पास पुलिस और एंटी नारकोटिक्स टीम ने डेढ़ करोड़ रुपए का गांजा बरामद किया है। गांजा मक्के की बोरियों में भरकर आसाम से देवरिया लाया जा रहा था। पुलिस ने मौके से कंटेनर चालक समेत दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। गोरखपुर नारकोटिक्स टीम को मुखबिर से सूचना मिली थी कि बिहार की ओर से भारी मात्रा में गांजा लाया जा रहा है। सूचना के आधार पर लार पुलिस और एंटी नारकोटिक्स टीम ने संयुक्त रूप से चोरडीहा गैस गोदाम के पास घेराबंदी कर कंटेनर नंबर HR 38 Z 5407 को रोका। तलाशी के दौरान कंटेनर में रखी मक्के की बोरियों से तीन कुंतल 19 किलो गांजा बरामद हुआ। पुलिस के अनुसार तस्कर गांजा छिपाने के लिए मक्के की बोरियों का इस्तेमाल कर रहे थे, ताकि शक न हो। बरामद गांजे की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब डेढ़ करोड़ रुपए आंकी गई है। पुलिस गिरफ्तार तस्करों से पूछताछ कर रही है और गांजा तस्करी के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।
मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल, भोपाल द्वारा आयोजित होने वाली कक्षा 10वीं एवं 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं को लेकर भिंड जिले में प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। परीक्षाओं को शांतिपूर्ण, पारदर्शी और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से गुरुवार को कलेक्टर किरोड़ी लाल मीणा ने विभिन्न परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सुरक्षा, सीसीटीवी, बैठक व्यवस्था और मूलभूत सुविधाओं का बारीकी से जायजा लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कलेक्टर ने सबसे पहले पीएम श्री शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नयागांव का निरीक्षण किया। यहां उन्होंने परीक्षा कक्षों में फर्नीचर, टेबल-कुर्सी, सीसीटीवी कैमरों की स्थिति, कंट्रोल रूम, विद्युत आपूर्ति, पेयजल व्यवस्था एवं विद्यालय परिसर की बाउंड्री वॉल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान एक स्थान पर बाउंड्री वॉल की ऊंचाई कम पाए जाने पर उन्होंने सुरक्षा की दृष्टि से तार फेंसिंग लगाने के निर्देश दिए। साथ ही बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने विद्यालय में संचालित कक्षाओं का भ्रमण भी किया। कक्षा पांचवीं के विद्यार्थियों से संवाद कर उनकी शैक्षणिक तैयारियों की जानकारी ली और परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन के लिए उपयोगी सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि नियमित अभ्यास, समय प्रबंधन और आत्मविश्वास से ही सफलता प्राप्त की जा सकती है। इसके पश्चात कलेक्टर शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय ऊमरी पहुंचे, जहां उन्होंने परीक्षा केंद्र की समस्त व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। यहां कक्षा नौवीं के विद्यार्थियों से चर्चा कर उनके शिक्षा स्तर का आकलन किया तथा उन्हें मेहनत, लगन और एकाग्रता के साथ अध्ययन करने के लिए प्रेरित किया। कलेक्टर ने शिक्षकों को निर्देश दिए कि बोर्ड परीक्षाओं में शेष समय का प्रभावी उपयोग कर विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर को और मजबूत किया जाए। इसी क्रम में कलेक्टर ने पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय भिंड का भी निरीक्षण किया। यहां उन्होंने कक्षाओं, प्रयोगशालाओं, फर्नीचर, स्वच्छता, खेल मैदान एवं अन्य शैक्षणिक सुविधाओं का अवलोकन किया। निर्माणाधीन वोकेशनल लैब का निरीक्षण कर गुणवत्ता सुनिश्चित करने और आवश्यक सुधार के निर्देश दिए। कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी परीक्षा केंद्रों पर सतत निगरानी रखी जाए, ताकि बोर्ड परीक्षाएं बिना किसी व्यवधान के सफलतापूर्वक संपन्न हो सकें।
निवाड़ी जिले के प्रसिद्ध धार्मिक और पर्यटन स्थल ओरछा को जल्द ही हवाई कनेक्टिविटी मिलेगी। मध्य प्रदेश सरकार की पीएम श्री पर्यटन योजना के तहत ओरछा से हेलीकॉप्टर सेवा शुरू की जा रही है। यह सेवा ओरछा, चंदेरी और भोपाल के बीच संचालित होगी। पर्यटन सचिव डॉ. इलैया राजा टी ने निवाड़ी कलेक्टर को पत्र लिखकर ओरछा हेलीपैड पर सुरक्षा व्यवस्था, एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसी आवश्यक सुविधाओं को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशों के बाद हेलीपैड पर सुरक्षा और अन्य सुविधाओं के लिए ये आदेश जारी किए गए हैं। इस हेलीकॉप्टर सेवा का संचालन जेट सर्व एविएशन प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किया जाएगा। यह सेवा राजधानी भोपाल से ओरछा की यात्रा के समय को काफी कम कर देगी। जिला प्रशासन ने हेलीकॉप्टर सेवा के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं और औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं। निवाड़ी जिला पंचायत के सीईओ रोहन सक्सेना ने पुष्टि की है कि भोपाल और ओरछा के बीच हेलीकॉप्टर सेवा को स्वीकृति मिल चुकी है। उन्होंने यह भी बताया कि पर्यटन सचिव के पत्र में यात्रियों को ओरछा मंदिर में वीआईपी दर्शन की सुविधा उपलब्ध कराने हेतु मंदिर प्रबंधन से समन्वय स्थापित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। भाजपा नेता विकास यादव ने इस पहल पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने जानकारी दी कि उन्होंने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से मुलाकात कर ओरछा से हेलीकॉप्टर सेवा शुरू करने का अनुरोध किया था। इसके बाद, सिंधिया ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर इस सेवा को जल्द शुरू करने का आग्रह किया था। मुख्यमंत्री की स्वीकृति मिलने के बाद यह योजना अब धरातल पर उतरने के लिए तैयार है। इससे देश-विदेश के पर्यटकों के साथ-साथ आम लोगों को भी हवाई यात्रा की सुविधा मिलेगी, जिससे ओरछा के पर्यटन को एक नई पहचान और बढ़ावा मिलेगा।
बालोतरा में बस-टैंकर की टक्कर:घायलों को पहुंचाया हॉस्पिटल, पचपदरा रोड पर हादसा
बालोतरा शहर के पचपदरा रोड पर मंगलवार को एक बस और टैंकर के बीच टक्कर हो गई। यह हादसा राज होटल के पास हुआ, जिसमें दोनों वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। बस का आगे का हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ टक्कर इतनी भीषण थी कि बस का अगला हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया, वहीं टैंकर को भी काफी नुकसान पहुंचा। दुर्घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और घायलों को बाहर निकालने में मदद की। सूचना मिलने पर पुलिस और एंबुलेंस तुरंत घटनास्थल पर पहुंचीं। घायलों को तत्काल उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे के कारण यातायात बाधित हुआ हादसे के कारण सड़क पर काफी देर तक यातायात बाधित रहा। पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क से हटाकर यातायात को सामान्य किया। पुलिस फिलहाल मामले की जांच में जुटी हुई है और घायलों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
अंबेडकरनगर पुलिस की मोबाइल रिकवरी सेल ने बड़ी सफलता हासिल की है। टीम ने विभिन्न स्थानों से कुल 111 गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इन मोबाइलों की अनुमानित कीमत लगभग 22 लाख रुपये है, जिन्हें उनके असली मालिकों को सौंप दिया गया है। पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर शंकर ने बताया कि जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों से आम लोगों के गुम हुए मोबाइलों की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इन शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए पुलिस कार्यालय में गठित मोबाइल रिकवरी सेल की टीम ने अथक प्रयास कर यह उपलब्धि हासिल की। इस अवसर पर एसपी ने लोगों को महत्वपूर्ण सुरक्षा सलाह भी दी। उन्होंने सेकेंड हैंड मोबाइल खरीदने से बचने की सलाह दी, क्योंकि इससे न केवल आर्थिक नुकसान हो सकता है, बल्कि कानूनी जटिलताओं का भी सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने मोबाइल की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने को कहा, क्योंकि इनमें कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और व्यक्तिगत जानकारी होती है। साइबर सुरक्षा के संबंध में एसपी ने लोगों को सचेत किया। उन्होंने कहा कि किसी भी अनजान व्यक्ति को फोन पर अपना ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) साझा न करें। साथ ही, यदि कोई व्यक्ति फोन पर पैसों की मांग करता है, तो तुरंत इसकी शिकायत साइबर थाने में दर्ज कराएं।
लखनऊ के चारबाग इलाके में एक युवक ने 60 फीट ऊंचे पेड़ पर फंदा लगाकर जान दे दी। शव लटकता देखकर स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। हाइड्रोलिक मशीन मंगाकर करीब 5 घंटे मशक्कत करके शव को पेड़ से नीचे उतारा गया। पहचान नहीं होने के कारण शव को मॉर्च्युरी में रखवाया गया। पुलिस के अनुसार, बुधवार दोपहर करीब 12 बजे नाका पुलिस को सूचना मिली एक अज्ञात युवक स्टेशन के पीछे की तरफ पेड़ से लटक गया है। इसके बाद टीम ने शव उतारने का प्रयास शुरू किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। 2 तस्वीरें देखिए… हाइड्रोलिक मशीन मौके पर मंगाई इसके बाद फायर ब्रिगेड और एसडीआरएफ को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड, एसडीआरएफ और स्थानीय पुलिस ने करीब 5 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद शव को नीचे उतारा। इसके लिए टीम को हाइड्रोलिक मशीन लगानी पड़ी। जिसकी मदद से शव उतारा गया। युवक कैसे पेड़ के ऊपर पहुंचा इसकी जानकारी की जा रही है। वहीं तस्वीर की मदद से पुलिस पहचान में जुटी हुई है। गाड़ी लगाने में काफी दिक्कत हुई हाइड्रोलिक मशीन संचालक ओंकारनाथ राव ने बताया- करीब 2 बजे सूचना मिली कि चारबाग केकेसी के पास एक युवक ने बरगद के पेड़ पर 60 फीट ऊपर फांसी लगा ली है। जब मौके पर पहुंचे तो गाड़ी लगाने में काफी दिक्कत हुई। नॉर्मल लेडर लगाकर शव को उतारने का प्रयास किया गया, लेकिन कामयाबी नहीं मिली। इसके बाद हाइड्रोलिक प्लेटफार्म की मदद से तमाम दिक्कतों के बीच पेड़ की टहनियों को काटते हुए ऊपर गए। मशीन को मैन्युअल ऑपरेट किया गया। इसके बाद शव उतारा गया। टीम में विजय पाल सिंह, राजीव कुमार यादव, मनोज कुमार पांडे और ललित कुमार पांडेय शामिल थे।
नेटफ्लिक्स ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज होने जा रही फिल्म घूसखोर पंडत के ट्रेलर को लेकर भोपाल में विरोध के स्वर तेज हो गए हैं। अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज मध्यप्रदेश ने फिल्म के शीर्षक और संवादों को लेकर आपत्ति जताते हुए डीबी मॉल के सामने प्रदर्शन किया। नेटफ्लिक्स ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज होने जा रही इस फिल्म के ट्रेलर में बोले गए डायलॉग ‘ब्राह्मण लंगोट का ढीला होता है’ को विवादित बताया। अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज ने इस संवाद को समाज के लिए अपमानजनक बताते हुए कड़ा विरोध जताया है। संगठन का कहना है कि इस तरह के शब्दों का इस्तेमाल ब्राह्मण समाज को नीचा दिखाने और उसकी छवि खराब करने का प्रयास है। संगठन की ओर से एमपी नगर थाने को सौंपे गए पत्र में कहा गया है कि नेटफ्लिक्स पर रिलीज होने जा रही फिल्म के ट्रेलर में ब्राह्मण समाज के लिए आपत्तिजनक और अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया है, जिससे समाज की भावनाएं आहत हुई हैं। संगठन ने इसे सुनियोजित तरीके से समाज की छवि धूमिल करने का प्रयास बताया है। प्रदर्शन के दौरान संगठन के कार्यकर्ताओं ने फिल्म से जुड़े कलाकार और निर्माता के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान ‘मनोज वाजपेयी मुर्दाबाद’ के नारे भी लगाए गए। संगठन ने आरोप लगाया कि लगातार फिल्मों और ओटीटी कंटेंट के माध्यम से ब्राह्मण समाज को गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है। ब्राम्हाण समाज को नीचा दिखाने का प्रयास अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज मध्यप्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष पुष्पेंद्र मिश्र ने मीडिया से बातचीत में कहा कि फिल्म का नाम और संवाद ब्राह्मण समाज को नीचा दिखाने वाले हैं। उनका कहना है कि समाज को लेकर इस तरह के शब्दों का प्रयोग अस्वीकार्य है और इसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुष्पेंद्र मिश्र ने आरोप लगाया कि फिल्म के ट्रेलर में ब्राह्मण समाज को गलत तरीके से चित्रित किया गया है। उन्होंने कहा कि फिल्मों को समाज का दर्पण कहा जाता है, लेकिन मनोरंजन के नाम पर किसी विशेष समाज को अपमानित करना गलत है। संगठन का दावा है कि इस मामले को लेकर कोर्ट में याचिका दायर की जा चुकी है और संबंधित कलाकारों, निर्देशक और ओटीटी प्लेटफॉर्म के खिलाफ एफआईआर की मांग की जाएगी। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि फिल्म के शीर्षक और संवादों में बदलाव नहीं किया गया, तो विरोध को और व्यापक स्तर पर किया जाएगा। जानिए कैसे है टीजर टीचर में मनोज बाजपेयी सीनियर इंस्पेक्टर अजय दीक्षित के किरदार में नजर आ रहे हैं, जिन्हें दिल्ली में ‘पंडित’ के नाम से जाना जाता है। फिल्म में उन्हें भ्रष्ट पुलिस अधिकारी के रूप में दिखाया गया है। टीजर के मुताबिक दीक्षित 20 साल पहले एसआई के रूप में भर्ती हुए थे और अपने किए गए कारनामों की वजह से उन्हें बार-बार डिमोट किया गया।
सोशल मीडिया पर की गई एक आपत्तिजनक पोस्ट को लेकर जिले का माहौल बीते दो दिनों से गरमाया हुआ है। ब्राह्मण समाज से जुड़ी शिकायतों के बाद सिविल लाइन पुलिस ने सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर मनीष पटेल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। पोस्ट को समाज की बेटियों के अपमान से जोड़कर देखा जा रहा है, जिससे नाराजगी और आक्रोश बढ़ गया। सोशल मीडिया पोस्ट से शुरू हुआ विवाद बताया गया है कि मनीष पटेल ने यूट्यूब, इंस्टाग्राम और फेसबुक पर एक पोस्ट साझा की थी। इस पोस्ट को लेकर ब्राह्मण समाज में भारी आक्रोश फैल गया। समाज के लोगों का आरोप है कि पोस्ट में इस्तेमाल किए गए शब्द समाज की बेटियों को अपमानित करने वाले थे। विवाद बढ़ने के बाद सिविल लाइन थाना समेत जिले के अन्य थानों में भी शिकायतें दर्ज कराई गईं। लोगों ने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए पुलिस से हस्तक्षेप की अपील की। पोस्ट में संशोधन, लेकिन माफी नहीं आरोप है कि विवाद बढ़ने के बाद मनीष पटेल ने अपनी पोस्ट में इस्तेमाल किए गए कुछ आपत्तिजनक शब्दों में बदलाव किया। हालांकि, उसने सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगी, जिससे लोगों की नाराजगी कम नहीं हुई। समाज के लोगों का कहना है कि पोस्ट के जरिए जानबूझकर ब्राह्मण समाज की बेटियों की गरिमा को ठेस पहुंचाने की कोशिश की गई। इसी कारण पूरे जिले में विरोध और आक्रोश देखने को मिल रहा है। शिकायत के आधार पर दर्ज हुई एफआईआर सिविल लाइन पुलिस ने ईटौरा निवासी आशीष तिवारी की शिकायत पर मनीष पटेल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 196(1)(ए) और 353(2) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी की तलाश की जा रही है। तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल आरोपी फरार बताया जा रहा है। पहले भी विवादों में रहा है यूट्यूबर यह पहला मौका नहीं है जब मनीष पटेल विवादों में घिरा हो। इससे पहले भी उसके सोशल मीडिया कंटेंट को लेकर कई बार शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं। पूर्व में उसने सेना के जवानों को लेकर भी आपत्तिजनक कंटेंट साझा किया था। समाज के संगठनों ने किया प्रदर्शन विवाद के बाद ब्राह्मण समाज से जुड़े संगठनों ने अलग-अलग स्थानों पर प्रदर्शन किए। संगठनों ने आरोपी की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है। समाज के संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि आरोपी को जल्द गिरफ्तार नहीं किया गया तो जिले में बड़ा आंदोलन किया जाएगा। धाराओं का प्रावधान भारतीय न्याय संहिता की धारा 196(1)(ए) के तहत धर्म, जाति या समुदाय के आधार पर वैमनस्य फैलाना दंडनीय अपराध है। वहीं धारा 353(2) महिला की गरिमा भंग करने के प्रयास से जुड़ी है, जिसमें दोष सिद्ध होने पर एक से पांच वर्ष तक का कारावास और जुर्माने का प्रावधान है।
दतिया में सौंदर्यीकरण के नाम पर बन रही सड़क में बड़ी लापरवाही सामने आई है। सिविल लाइन से सेवड़ा चुंगी तक करीब 14 करोड़ 87 लाख रुपए की लागत से बन रही 4 किलोमीटर लंबी सड़क के नीचे 55 करोड़ की सीवर लाइन और चेंबर दबा दिए गए हैं। एमपीआरडीसी (MPRDC) द्वारा किए जा रहे इस निर्माण से भविष्य में जल निकासी और सफाई का संकट खड़ा हो गया है। मामले में कलेक्टर स्वप्निल वानखेडे ने एजेंसी के अफसरों को तलब किया है, वहीं नगर पालिका CMO ने नोटिस जारी किया है। दतिया में सिविल लाइन क्षेत्र से लेकर पीतांबरा मंदिर और सेवड़ा चुंगी तक करीब 4 किलोमीटर लंबी पक्की सड़क डाली जा रही है। इसकी लागत लगभग 14 करोड़ 87 लाख रुपए है। इस सड़क निर्माण की जिम्मेदारी एमपीआरडीसी कंपनी को सौंपी गई है। लेकिन सड़क निर्माण के दौरान नगर पालिका द्वारा 55 करोड़ रुपए की लागत से बिछाई गई सीवर लाइन और उसके चेंबरों को सड़क के नीचे दबा दिया गया, जिससे पूरा मामला विवादों में आ गया है। सफाई और मेंटेनेंस पर खड़ा हुआ संकट सीवर लाइन के ऊपर पक्की सड़क बनने से निकट भविष्य में जल निकासी व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित होने का खतरा खड़ा हो गया है। अगर भविष्य में लाइन चोक होती है, तो सीवर चेंबरों के दब जाने से मरम्मत और सफाई कार्य करना मुश्किल हो जाएगा। कलेक्टर ने किया तलब, CMO ने थमाया नोटिस मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर स्वप्निल वानखेडे ने तत्काल सड़क निर्माण एजेंसी एमपीआरडीसी के अधिकारियों को तलब करने की बात कही है। वहीं, दतिया नगर पालिका के सीएमओ नागेंद्र सिंह गुर्जर ने कड़ा एतराज जताते हुए एमपीआरडीसी कंपनी को नोटिस जारी किया है। अफसरों के तालमेल पर उठे सवाल कलेक्टर स्वप्निल वानखेडे ने कहा कि सड़क निर्माण के दौरान सीवर लाइन और चेंबरों का दब जाना गंभीर जांच का विषय है। जल्द ही निर्माण एजेंसी से जवाब तलब किया जाएगा और सीवर लाइन को पूरी तरह सुरक्षित कराया जाएगा। हालांकि, इस पूरे मामले ने निर्माण एजेंसी की लापरवाही के साथ-साथ प्रशासनिक समन्वय (तालमेल) पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
DU News, ZDMC New, Symphony 26, Janaki Devi Memorial College, Ubuntu I Am Because We Are, Swati Paul
केयर टेकर बहनों का अंबेडकर पार्क में प्रदर्शन:मानदेय सीधे खाते में भेजने और समय पर भुगतान की मांग
मुरादाबाद के अंबेडकर पार्क में सामुदायिक शौचालय केयर टेकर एसोसिएशन ने 'व्यवस्था सुधार अभियान' चलाया। इस दौरान बड़ी संख्या में केयर टेकर बहनों ने एकत्र होकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया और अपनी समस्याओं को सामने रखा। एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष शनि कुमार ने बताया कि सरकार सामुदायिक शौचालयों के संचालन के लिए लगातार धनराशि जारी कर रही है। हालांकि, इसका लाभ जमीनी स्तर पर काम कर रही केयर टेकर बहनों को समय पर नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने कहा कि कई बार महीनों तक मानदेय नहीं मिलता, जिससे महिलाओं को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। शनि कुमार ने प्रदर्शन के दौरान बताया कि वर्तमान व्यवस्था में मानदेय का भुगतान समूहों के माध्यम से होता है। इसमें अक्सर धनराशि में गड़बड़ी की शिकायतें सामने आती हैं। इसका सीधा असर उन केयर टेकर बहनों पर पड़ता है जो प्रतिदिन सामुदायिक शौचालयों की साफ-सफाई और देखरेख करती हैं। उन्होंने शासन और प्रशासन से मांग की कि केयर टेकर बहनों का मानदेय सीधे उनके बैंक खातों में भेजा जाए। इससे भुगतान में पारदर्शिता आएगी और उन्हें समय पर राशि मिल सकेगी। उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से भी अपील की कि सीधा भुगतान सुनिश्चित होने से केयर टेकर बहनों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।
भोपाल में पिछले दिनों पिपलानी और अयोध्या नगर में युवतियों पर कटर से हमला करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। बुधवार देर रात छोला क्षेत्र में घेराबंदी कर उसे पकड़ा गया। पुलिस की शुरुआती जांच में साफ हुआ कि आरोपी देवेंद्र अहिरवार सागर जिले का रहने वाला है और अपनी पत्नी से हुए झगड़े के बाद युवतियों पर हमला कर गुस्सा निकाल रहा था। कटर से हमले की घटनाओं से भोपाल में युवतियां दहशत में थीं। आरोपी की तलाश में क्राइम ब्रांच अयोध्या नगर और पिपलानी पुलिस की अलग-अलग पांच टीमें जुटी थीं। आरोपी की गिरफ्तारी पर 20 हजार रुपए का इनाम भी रखा था। इसके साथ ही उसे पकड़ने के लिए 100 से ज्यादा पुलिसकर्मी जानकारी जुटा रहे थे। पुलिस ने शहर में बदमाशों और अन्य आपराधिक प्रवृत्ति वालों का डाटा निकालकर भी मैच करने की कोशिश की थी। 100 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज चेक किए कुछ थानों में पुलिस ने पहले ब्लैड से हमला करने वालों और छेड़छाड़ की वारदातों के संदिग्धों से भी पूछताछ की थी। 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज चेक कर पुलिस आरोपी की पहचान कर उस तक पहुंची थी। आरोपी भोपाल में मजदूरी करता है और शराब पीने का आदी है।
चूरू जिले में रतनगढ़ पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी पर कार्रवाई करते हुए 25 किलोमीटर तक पीछाकर 36 लाख रुपए कीमत का डोडा पोस्त जब्त किया है। पुलिस ने एक लावारिस कार से 2 क्विंटल 41 किलो 400 ग्राम डोडा पोस्त बरामद किया। रतनगढ़ थानाधिकारी गौरव खिड़िया ने बताया कि प्रशिक्षु डीएसपी स्वाति और एसआई रतनलाल अपनी टीम के साथ मेगा हाईवे पर मालासर टोल के पास गश्त कर रहे थे। इसी दौरान शहर की ओर से आ रही एक कार ने पुलिस को देखकर यू-टर्न ले लिया और वापस शहर की दिशा में भागने लगी। पुलिस को शक हुआ और उन्होंने कार का पीछा करना शुरू कर दिया। पुलिस ने करीब 25 किलोमीटर तक कार का पीछा किया। इस दौरान तस्कर घुमांदा रोड पर आदर्श विद्या मंदिर के पास अंधेरे का फायदा उठाकर कार को लावारिस हालत में छोड़कर फरार हो गए। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कार की तलाशी ली। तलाशी के दौरान कार से 14 कट्टों में कुल 2 क्विंटल 41 किलो 400 ग्राम डोडा पोस्त बरामद हुआ। इसके अतिरिक्त कार में अलग-अलग नंबरों की पांच नंबर प्लेट्स भी मिलीं। पुलिस ने कार और नंबर प्लेट्स जब्त कर अज्ञात ड्राइवर के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कैथल जिले के खरक पांडवा गांव की देसी नस्ल की गाय यशोदा ने एक दिन में 21 लीटर 330 ग्राम दूध देकर नया रिकॉर्ड बनाया है। यह उपलब्धि देसी गायों की दुग्ध उत्पादन क्षमता को दर्शाती है। किसान सुनील सहारण की यशोदा गाय ने यह कीर्तिमान स्थापित किया है। इससे पहले, यह गाय क्षेत्र में 17 लीटर तक दूध देने के लिए जानी जाती थी, लेकिन अब 21 लीटर से अधिक का आंकड़ा राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। यशोदा हरियाणा देसी नस्ल की गाय है। इस रिकॉर्ड को सत्यापित करने के लिए गांव के गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। इनमें सरपंच प्रतिनिधि सुरेश सहारण और पूर्व सरपंच खाप प्रधान हजूर सिंह शामिल थे। दूध निकालने की प्रक्रिया को बाहर से आए लोगों के सामने प्रदर्शित किया गया और सोशल मीडिया पर लाइव स्ट्रीम भी किया गया, ताकि पारदर्शिता बनी रहे। 6 महीने की उम्र से की देखभाल किसान सुनील सहारण ने बताया कि उन्होंने यशोदा की छह महीने की उम्र से ही विशेष देखभाल शुरू कर दी थी। इसमें संतुलित हरा चारा, घरेलू दाना, नियमित स्वास्थ्य जांच, टीकाकरण, साफ-सुथरी गोशाला और तनाव मुक्त वातावरण शामिल है। सहारण के अनुसार, गाय को परिवार के सदस्य जैसा व्यवहार मिलने से वह स्वस्थ और खुश रहती है। इस उपलब्धि से हरियाणा सहित पूरे देश के गो-पालकों में देसी नस्लों के प्रति रुचि बढ़ी है। कई किसान अब देसी नस्लों पर अधिक ध्यान दे रहे हैं, क्योंकि विदेशी नस्लों की तुलना में इनका रखरखाव कम खर्चीला होता है और दूध की बाजार में अच्छी कीमत भी मिलती है।
सड़क हादसे में बाइक सवार एक युवक की मौत:दूसरा गंभीर, अमानीगंज-रुदौली मार्ग पर हुआ था हादसा
जिले के अमानीगंज-रुदौली मार्ग पर मिर्जापुर के पास एक सड़क हादसा हुआ। बुधवार रात करीब दस बजे मालनपुर रामसनेही घाट निवासी संतोष कुमार विश्वकर्मा और सोनू श्रीवास्तव अपनी बाइक से अमानीगंज से रामसनेही घाट स्थित अपने घर लौट रहे थे। मिर्जापुर के पास एक अंधे मोड़ पर उनकी तेज रफ्तार बाइक अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई और तालाब में जा गिरी। हादसे में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर काफी मशक्कत के बाद दोनों घायलों को तालाब से बाहर निकाला। उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रुदौली ले जाया गया। चिकित्सकों ने दोनों की गंभीर हालत को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल अयोध्या रेफर कर दिया। इलाज के दौरान सोनू श्रीवास्तव की मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलने पर परिवार के सदस्य भी अस्पताल पहुंच गए। अस्पताल प्रशासन की सूचना पर पहुंची स्थानीय पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। यह मिर्जापुर स्थित अंधा मोड़ हादसों के लिए कुख्यात है। पिछले एक सप्ताह में यहां चार लोगों की मौत हो चुकी है। स्थानीय पुलिस ने कई बार संबंधित पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों को इस स्थान पर सुरक्षा व्यवस्था के लिए अवगत कराया है, लेकिन विभाग ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। कोतवाली रुदौली के प्रभारी निरीक्षक संजय मौर्य ने अंधा मोड़ के आसपास पेड़ों पर रेडियम टेप लगवाया था, इसके बावजूद यह हादसा हो गया। स्थानीय लोगों और पुलिस का कहना है कि पीडब्ल्यूडी विभाग को यहां उचित सुरक्षा उपाय करने चाहिए ताकि ऐसे हादसों को रोका जा सके, लेकिन विभाग की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है।
जालोर SP शैलेन्द्र सिंह इंदोलिया के अध्यक्षता में पुलिस थाना जालोर में सीएलजी सदस्य, सुरक्षा सखी, पुलिस मित्र एवं शांति समिति सदस्यों की संयुक्त बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में शहर की कानून-व्यवस्था एवं जनसुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। साइबर फ्रॉड के बारे में बताया बैठक के दौरान दुपहिया वाहन चालकों द्वारा हेल्मेट पहनने की अनिवार्यता, साइबर फ्रॉड से बचाव, स्मैक व अन्य नशीले पदार्थों की रोकथाम और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने को लेकर जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया। पुलिस अधिकारियों ने उपस्थित सदस्यों से अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में जनसहयोग से जागरूकता अभियान चलाएं, किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना समय पर पुलिस को दें और यातायात नियमों के पालन में सक्रिय भूमिका निभाएं। अधिकारियों ने कहा कि आमजन के सहयोग से ही कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाया जा सकता है। ट्रैफिक व्यवस्था पर उठाए सवाल व्यापार मंडल के लोगों ने एसपी से कहा कि शहर में ट्रैफिक व्यवस्था बिगड़ी हुई है। बैठक में सदस्यों ने भी अपने सुझाव रखे और पुलिस प्रशासन को हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन दिया। इस दौरान एएसपी मोटाराम, डीएसपी गौतम जैन, कोतवाल रामेश्वर लाल, शकरलाल बगेडिया, लालाराम, प्रवीण खण्डेलवाल व कमलेश समेत बड़ी संख्या में शांति समिति के सदस्य मौजूद रहे।
झालावाड़ की खानपुर कोर्ट ने चेक बाउंस के एक मामले में दोषी को 6 महीने की सजा सुनाई है। सजा में 6 महीने का साधारण कारावास सुनाया गया है। साथ ही जुर्माना भी लगाया गया है। पीड़ित के वकील दीपक कुमार शर्मा ने बताया कि आरोपी रामस्वरूप निवासी डुंडी को यह सजा सुनाई गई है।मामले के अनुसार आरोपी रामस्वरूप ने 23 मई 2011 को पीड़ित मधुसूदन गौतम से 3 लाख 86 हजार 142 रुपए उधार लिए थे। यह राशि उसने अपनी जमीन को रहन मुक्त कराने के लिए मांगी थी। पीड़ित ने विश्वास करते हुए उसे यह रकम उधार दी थी। खाते में पर्याप्त राशि नहीं होने पर चेक बाउंस हुआउधार ली गई रकम के बदले आरोपी ने पीड़ित मधुसूदन को 3 लाख 86 हजार 142 रुपए का चेक दिया था। यह चेक सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की खानपुर शाखा का था, जिसकी तारीख 28 मार्च 2013 थी। बैंक द्वारा खाते में पर्याप्त राशि नहीं होने के कारण चेक अनादरित कर दिया गया था। इस मामले की सुनवाई करते हुए खानपुर की न्यायिक मजिस्ट्रेट अंजू कुमारी ने आरोपी को 6 महीने के साधारण कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा कोर्ट ने आरोपी को पीड़ित को 4 लाख 50 हजार रुपए प्रतिकर के रूप में अदा करने का भी आदेश दिया है। प्रतिकर राशि अदा नहीं करने पर आरोपी को 2 माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
GPM में नाबालिग से रेप की कोशिश:अश्लील हरकतें और कपड़े उतारे, कोर्ट ने आरोपी को 7 साल की सजा सुनाई
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में नाबालिग लड़की से रेप की कोशिश करने वाले आरोपी सेमलाल सरोता को विशेष अपर सत्र न्यायाधीश न्यायालय ने 7 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने आरोपी पर अर्थदंड भी लगाया है। मामला गौरेला थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक मामला 25 सितंबर 2024 का है। आरोपी सेमलाल सरोता (40) पर आरोप था कि उसने अपने परिचित नाबालिग लड़की को रात करीब 7 बजे एक घर में न्योता होने की बात कहकर अपने साथ ले गया। रास्ते में आरोपी ने पीड़िता के साथ अश्लील हरकतें शुरू कर दीं और उसके कपड़े उतार दिए। जब पीड़िता ने विरोध किया और चिल्लाई, तो आरोपी ने उसे जान से मारने की धमकी दी। पीड़िता ने आरोपी का हाथ दांत से काटा और वहां से भाग निकली। अगले दिन दर्ज हुआ मामला 26 सितंबर को पीड़िता ने अपने परिजनों को पूरी घटना बताई। इसके बाद गौरेला थाना में आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट की धारा 8 सहित अन्य धाराओं में अपराध दर्ज किया गया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पहले भी जेल जा चुका था आरोपी जांच में यह बात भी सामने आई कि आरोपी सेमलाल सरोता पहले भी एक अन्य मामले में जेल जा चुका था। वह करीब चार-पांच महीने पहले ही जेल से छूटकर वापस आया था। कोर्ट का फैसला और सजा विशेष अपर सत्र न्यायाधीश पेंड्रारोड ज्योति अग्रवाल ने मामले में फैसला सुनाते हुए आरोपी को पॉक्सो एक्ट की धारा 9(ढ) और धारा 10 के तहत 7 साल का कठोर कारावास और 2000 रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई। इसके अलावा भारतीय न्याय संहिता की धारा 75 के तहत 2 साल का कठोर कारावास और धारा 76 के तहत 5 साल का कठोर कारावास और 2000 रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया। अर्थदंड की राशि जमा नहीं करने पर आरोपी को 3 महीने का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।
नकोदर बेअदबी कांड को आज पूरे 40 साल हो चुके हैं, लेकिन इस दर्दनाक घटना में शहीद हुए चार सिख नौजवानों के परिवारों को अब तक इंसाफ नहीं मिल पाया। न ही यह घटना किसी बड़े पंथक मुद्दे के रूप में उभर सकी। इस घटना में शहीद हुए चार नौजवानों में शामिल थेरविंदर सिंह लित्तरांहरमिंदर सिंह रायपुर चालूपुरबलधीर सिंह रामगढ़झिलमण सिंह गोरसियांइन शहीदों के माता-पिता न्याय की आस में वर्षों से इंतजार कर रहे हैं। चार में से सिर्फ शहीद रविंदर सिंह के पिता जीवित चार शहीद नौजवानों में से अब केवल शहीद रविंदर सिंह लित्तरां के पिता बापू बलदेव सिंह ही जीवित हैं। वे हर साल कनाडा से भारत आकर चारों नौजवानों की संयुक्त बरसी मनाते हैं। ये चारों नौजवान उस समय ऑल इंडिया सिख स्टूडेंट्स फेडरेशन में सक्रिय थे। 40 वर्षों में 8 मुख्यमंत्री बदले, इंसाफ नहीं मिला बलदेव सिंह ने कहा कि बीते चार दशकों में पंजाब में 8 मुख्यमंत्री बदले, लेकिन किसी भी सरकार ने इस मामले में न्याय दिलाने के लिए गंभीर कदम नहीं उठाए।उन्होंने आरोप लगाया कि40 वर्षों में 10 SGPC अध्यक्ष बनेलेकिन किसी ने भी पीड़ित परिवारों की बांह नहीं पकड़ी जांच कमेटी बनी, लेकिन रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं हुई बलदेव सिंह के अनुसार, मार्च 1986 तक SGPC के प्रधान रहे जथेदार गुरचरण सिंह टोहड़ा ने इस घटना की जांच के लिए कमेटी बनाई थी, लेकिन उसकी रिपोर्ट आज तक सार्वजनिक नहीं की गई।उन्होंने कहा कि 15 वर्षों तक पंजाब में पंथक सरकार भी रही और प्रकाश सिंह बादल कई बार मुख्यमंत्री बने, फिर भी इंसाफ की कोई पहल नहीं हुई। 2 फरवरी 1986 को हुई थी घटना यह घटना 2 फरवरी 1986 को नकोदर के गुरुद्वारा गुरु अर्जन देव जी, मोहल्ला गुरु नानकपुरा में हुई थी।उस दौरान शरारती तत्वों द्वारा गुरु ग्रंथ साहिब जी के पांच स्वरूपों को कथित रूप से अग्नि भेंट कर दिया गया था। इस घटना के विरोध में सिख संगत शांतिपूर्वक जुलूस निकाल रही थी। बिना चेतावनी पुलिस फायरिंग में चार नौजवान शहीद जब संगत अग्नि भेंट हुए स्वरूपों को श्री गोइंदवाल साहिब ले जाने के लिए आगे बढ़ी, तब पंजाब पुलिस ने बिना किसी चेतावनी के गोलियां चला दीं।इस फायरिंग में चार सिख नौजवान शहीद हो गए।उस समयजालंधर के एडीसी दरबारा सिंह गुरुएसएसपी इजहार अली तैनात थे।आज भी न्याय की प्रतीक्षा40 साल बीत जाने के बावजूद पीड़ित परिवार न्याय की आस लगाए बैठे हैं। बलदेव सिंह ने मांग की कि इस कांड की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों को सजा दी जाए।
शामली में कमेटी के नाम पर करोड़ों की ठगी:मामला एसपी ऑफिस पहुंचा, पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप
शामली में कमेटी के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। जनपद शामली के एसपी कार्यालय पहुंची करीब एक दर्जन महिलाओं ने पुलिस अधीक्षक को एक शिकायती पत्र सौंपा। महिलाओं का आरोप है कि उनके कस्बे की एक महिला ने कुछ अन्य लोगों के साथ मिलकर सैकड़ों लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी की है। शिकायतकर्ताओं ने बताया कि ठगी की आरोपी महिला गायब हो गई है। इस मामले में करीब छह लोगों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया गया है, लेकिन पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। महिलाओं ने एसपी से न्याय की गुहार लगाई है। यह मामला थाना थानाभवन क्षेत्र के कस्बा जलालाबाद का है। पीड़ित महिलाओं ने बताया कि शबाना नामक महिला कमेटी डलवाने का काम करती थी। उसने पहले लोगों का विश्वास जीता और फिर सैकड़ों लोगों से लगभग एक करोड़ रुपये की रकम लेकर फरार हो गई। इस संबंध में थाने में शबाना सहित करीब छह लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया था। महिलाओं का आरोप है कि पुलिस अभी तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर पाई है, जबकि फरार शबाना के अलावा अन्य सभी आरोपी अपने घरों में रह रहे हैं। महिलाओं ने पुलिस अधीक्षक से आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस अधीक्षक ने पीड़ित महिलाओं को उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
देवरिया में डेढ़ करोड़ का गांजा जब्त:दो अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्तार, कंटेनर से हो रही थी तस्करी
जिले में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत लार थाना पुलिस और लखनऊ नारकोटिक्स विभाग की संयुक्त टीम ने बड़ी सफलता हासिल की है। टीम ने करीब डेढ़ करोड़ रुपये कीमत का गांजा बरामद करते हुए दो अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया है। बरामद मादक पदार्थ एक कंटेनर में बॉक्स के अंदर बेहद शातिर तरीके से छिपाकर बिहार ले जाया जा रहा था। यह कार्रवाई लार थाना क्षेत्र के चोरडीहा के पास मुखबिर से मिली सटीक सूचना के आधार पर की गई। पुलिस को सूचना मिली थी कि एक कंटेनर के जरिए भारी मात्रा में गांजे की तस्करी की जा रही है। इसके बाद लार पुलिस ने लखनऊ नारकोटिक्स टीम के साथ मिलकर क्षेत्र में सघन चेकिंग अभियान शुरू कर दिया। इसी दौरान चोटिया गांव के पास एक संदिग्ध कंटेनर दिखाई दिया। पुलिस ने वाहन को रोकने का इशारा किया, लेकिन चालक भागने का प्रयास करने लगा। तत्पश्चात पुलिस ने घेराबंदी कर कंटेनर को गांव के बाहर रोक लिया। कंटेनर की तलाशी में खुलासावाहन रोकने के बाद पुलिस ने चालक और उसके सहयोगी से पूछताछ की, लेकिन संतोषजनक जवाब न मिलने पर कंटेनर की सघन तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान अंदर रखे कई बॉक्स संदिग्ध पाए गए। जब बॉक्स खोले गए तो उनमें गांजे के पैकेट भरे मिले। तस्करों ने गांजे को छोटे-छोटे पैकेटों में सील कर बॉक्स के भीतर छिपाया था, ताकि सामान्य जांच में पकड़ा न जा सके। 329 किलो गांजा बरामदपुलिस ने कंटेनर से कुल 329 किलोग्राम गांजा बरामद किया है, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत लगभग 1 करोड़ 64 लाख 50 हजार रुपये बताई जा रही है। इतनी बड़ी मात्रा में गांजे की बरामदगी को जिले की महत्वपूर्ण कार्रवाइयों में गिना जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार यह खेप किसी बड़े तस्करी नेटवर्क का हिस्सा हो सकती है। गांजा तस्करी करने वाले दो तस्कर गिरफ्तारकार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में एक ने अपना नाम अमरजीत मुखिया पुत्र नरेश मुखिया निवासी बंसिया थाना बहादुरपुर, जिला दरभंगा (बिहार) बताया, जबकि दूसरे ने अपना नाम शैलेश गोड़ उर्फ गोलू पुत्र रामप्रीत निवासी बेलवा थाना महुआडीह, जिला देवरिया बताया। दोनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर न्यायालय में पेश करने की तैयारी की जा रही है। अंतरराज्यीय नेटवर्क की जांचप्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि गांजे की खेप अंतरराज्यीय तस्करी से जुड़ी हो सकती है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि मादक पदार्थ कहां से लाया गया और इसकी आपूर्ति कहां होनी थी। मोबाइल फोन व अन्य दस्तावेजों की जांच से कई अहम सुराग मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। लार के प्रभारी निरीक्षक संतोष कुमार ने कहा कि जिले में नशा तस्करी के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। युवाओं को नशे से बचाने और अपराध पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से सख्त कार्रवाई की जा रही है।
भरतपुर के खेड़ली मोड़ थाना इलाके में एक ट्रेलर और एक कार की भिड़ंत हो गई। गनीमत यह रही कि कोई जनहानि नहीं हुई। घटना में कार पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। वहीं कार का ड्राइवर घायल हो गया। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों वाहनों को हाईवे से हटाकर साइड करवाया। कार का ड्राइवर घायल हुआ खेड़ली मोड़ थाना अधिकारी राजेश कसाना ने बताया कि घटना थाने से 7 सौ मीटर की दूरी पर हुई। सूचना मिली थी कि छौंकरवाड़ा से खेड़ली के बीच एक्सीडेंट हो गया है। जिसके बाद पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। एक ट्रेलर और एक कार की भिड़ंत हुई थी। कार का ड्राइवर रब्बो निवासी छौंकरवाड़ा घायल हुआ था। जिसे इलाज के लिए अस्पताल भिजवाया गया। कार ने ट्रेलर को ओवरटेक किया वहीं घटना पर मौजूद ट्रेलर के ड्राइवर शिव बहादुर निवासी कालाहारी जिला प्रताप नगर उत्तर प्रदेश ने बताया कि वह ट्रेलर लेकर जयपुर की तरफ जा रहे थे। उसके ट्रेलर से आगे एक और ट्रेलर चल रहा रहा। उसके पीछे एक कार थी। अचानक कार ने ट्रेलर को ओवरटेक किया और कार अनियंत्रित हो गई। जिससे कार ट्रेलर से टकरा गई। कार काफी स्पीड में थी ट्रेलर ड्राइवर ने बताया कि उन्होंने ट्रेलर को काफी संभालने की कोशिश की लेकिन, कार काफी स्पीड में थी। इसलिए कार अनियंत्रित हुई। हालांकि घटना में ट्रेलर के ड्राइवर को चोट नहीं आई।
जालौन में अंत्येष्टि के दौरान मधुमक्खियों का हमला:50 से अधिक ग्रामीण घायल, श्मशान घाट में अफरा-तफरी
जालौन जिले के कदौरा विकासखंड अंतर्गत महमूद नगर डाले का पुरवा बड़ा गांव में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक बुजुर्ग की अंत्येष्टि के दौरान मधुमक्खियों के झुंड ने अचानक ग्रामीणों पर हमला कर दिया। इस हमले में 50 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि तीन से अधिक ग्रामीण बेहोश हो गए। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है। घायलों को कदौरा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है, जिनका इलाज किया जा रहा है, वहीं कई घायल अभी भी गांव में अपना इलाज कर रहे हैं। महमूद नगर डाले का पुरवा बड़ा गांव निवासी वीर सिंह (78 वर्ष) बुधवार को निधन हो गया था। उनके निधन के बाद परिवारजन और ग्रामीण गुरुवार की दोपहर शव को गांव में श्मशान घाट की जगह पर ले गए थे। जैसे ही शव श्मशान घाट की जगह पर पहुंचा और अंत्येष्टि की तैयारी शुरू हुई, तभी अचानक पास में मौजूद मधुमक्खियों के झुंड ने ग्रामीणों पर हमला कर दिया। मधुमक्खियों के इस हमले से मौके पर चीख-पुकार मच गई। हमले में वीर सिंह के बड़े पुत्र चंद्रशेखर उर्फ चंदू, धीरू, नेता, देवी चरण, विजय शर्मा सहित करीब 35 से 40 लोग सीधे तौर पर मधुमक्खियों की चपेट में आ गए। मधुमक्खियों ने लोगों को बेरहमी से काट लिया, जिससे कई ग्रामीणों के चेहरे, सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर सूजन आ गई। अचानक हुए हमले से घबराए ग्रामीण अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। स्थिति इतनी भयावह हो गई कि लोग शव को श्मशान घाट में ही छोड़कर वहां से भागने को मजबूर हो गए। मधुमक्खियों के हमले के कारण अब तक अंत्येष्टि की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। घायल ग्रामीण दर्द से कराहते रहे, वहीं कुछ लोगों की हालत बिगड़ने पर वे मौके पर ही बेहोश हो गए। जिन्हें आनन फानन में कदौरा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया।
टोंक के पचेवर थाना क्षेत्र में माशी नदी पर बने एनीकट में नहाने गया किसान पत्नी के सामने डूब गया। चिल्लाने की आवाज सुनकर जीजा बचाने के लिए पहुंचा, लेकिन जब पानी में लापता हो चुके थे। घटना बुधवार शाम करीब 4 बजे की है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और देर रात तक तलाश की गई, लेकिन किसान का कोई सुराग नहीं लगा। गुरुवार सुबह 9.30 बजे से SDRF और सिविल डिफेंस लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है। दोपहर 2.30 बजे तक कोई सफलता नहीं मिली। पत्नी के सामने गहरे पानी में डूबा किसान पचेवर थाना प्रभारी प्रीति रतनू पुलिस ने बताया- बाछेड़ा निवासी कानाराम (27) पुत्र सकराम बावरी बंटाई पर खेती करता था। खेत मालिक जयपुर जिले के मेहंदवास गांव का रहने वाला है। कानाराम पिछले कुछ वर्षों से इसी खेत पर टपरी बनाकर पत्नी और बच्चों के साथ रह रहा था। बुधवार शाम करीब 4 बजे कानाराम अपनी पत्नी के साथ खेत से लगभग डेढ़ सौ मीटर दूर माशी नदी पर बने एनीकट पर नहाने गया था। पत्नी नदी किनारे खड़ी रही, जबकि कानाराम एनीकट में उतर गया। उसे तैरना ठीक से नहीं आता था। नहाते समय वह गहरे पानी में चले गए। शोर सुनकर दौड़े जीजा, लेकिन बचाया नहीं जा सका ग्रामीणों ने बताया- किसान कानाराम की पत्नी के जोर-जोर से चिल्लाने की आवाज सुनकर घटनास्थल से करीब डेढ़ सौ मीटर दूर बस्सी निवासी जीजा कमलेश बावरी दौड़कर पहुंचा, लेकिन तब तक किसान पानी में समा चुका था। इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। देर शाम तक चला तलाश अभियान सूचना मिलने के करीब एक घंटे बाद शाम लगभग 5 बजे पचेवर थाना प्रभारी प्रीति रतनू पुलिस जाप्ते के साथ मौके पर पहुंचीं। ग्रामीणों और परिजनों की मदद से देर शाम तक एनीकट में तलाश की गई, लेकिन कानाराम का कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद पुलिस ने SDRF और सिविल डिफेंस को सूचना दी। दूसरे दिन भी जारी सर्च ऑपरेशन सूचना के बाद गुरुवार सुबह करीब 9 बजे SDRF और सिविल डिफेंस की टीमें मौके पर पहुंचीं। साढ़े नौ बजे से एनीकट और आसपास के क्षेत्र में सर्चिंग अभियान शुरू किया गया, लेकिन दोपहर तक भी कानाराम का पता नहीं चल सका। कानाराम के दो छोटे बच्चे हैं। बड़ा बेटा धनराज (6) और छोटा बेटा मनराज है। पिता के डूबने की खबर के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में भी शोक का माहौल बना हुआ है।
रामपुर जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने कलेक्ट्रेट परिसर का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अंग्रेजों के जमाने के ऐतिहासिक सीलिंग फैन को सुरक्षित रखने और जर्जर इमारतों के सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को साफ-सफाई और व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के सख्त निर्देश भी दिए। जिलाधिकारी ने कलेक्ट्रेट के विभिन्न कार्यालयों की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने विशेष रूप से ऐतिहासिक महत्व की वस्तुओं के संरक्षण पर जोर दिया। डीएम ने 1920 के बताए जा रहे अंग्रेजों के जमाने के पुराने सीलिंग फैन को कलेक्ट्रेट की धरोहर बताते हुए उसे सुरक्षित रखने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान, जिलाधिकारी ने कलेक्ट्रेट की जर्जर इमारतों की स्थिति पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि इन भवनों की मरम्मत और सुधार के लिए जल्द ही राजस्व परिषद को पत्र भेजा जाएगा, जिससे कलेक्ट्रेट परिसर को अधिक सुविधाजनक बनाया जा सके। रामपुर में कार्यभार संभालने के बाद, जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने अपने कार्यालय के मुख्य द्वार, ऑफिस कोर्ट भवन और अपर जिलाधिकारी कार्यालय में पहले ही सुधार कार्य कराए हैं। अब उन्होंने कलेक्ट्रेट परिसर के अन्य कार्यालयों और न्यायालय भवनों की स्थिति में भी सुधार लाने की पहल की है। डीएम ने सभी संबंधित अधिकारियों को अपने-अपने कार्यालयों को साफ-सुथरा रखने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्यालयों की साफ-सफाई और व्यवस्थाएं अधिकारियों की सीधी जिम्मेदारी हैं और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। मीडिया से बात करते हुए जिलाधिकारी ने बताया कि कलेक्ट्रेट के बाद तहसील कार्यालयों और अन्य सरकारी दफ्तरों का भी निरीक्षण किया जाएगा। उन्होंने सभी कार्यालयों से साफ-सफाई, फाइलों की उचित व्यवस्था और कार्यप्रणाली को दुरुस्त रखने का आह्वान किया, ताकि आम जनता को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। जिलाधिकारी के इस निरीक्षण को प्रशासनिक सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
उदयपुर के सवीना थाना क्षेत्र में अज्ञात बदमाशों ने लूट की नियत से एक युवक पर चाकू से ताबड़तोड़ वार कर दिए। जिसके बाद उसकी मौत हो गई। घटना गुरुवार सुबह 4 बजे सेक्टर-8 से गुजर रही रेलवे लाइन के पास की है। जब मृतक प्रेम गमेती(32) कृषि मंडी में काम करने जा रहा था। तभी दो से तीन अज्ञात बदमाशों ने लूट की नियत से उस पर हमला किया। चाकू से कई वार किए। इसके बाद उसे लहूलुहान हालत में छोड़कर भाग गए। सुबह किसी राहगीर ने इसकी सूचना पुलिस को दी। जिसके बाद घायल को हॉस्पिटल पहुंचाया गया लेकिन ज्यादा खून बहने से इलाज के दौरान दोपहर करीब 12 बजे युवक की मौत हो गई। इधर, इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए परिजनों और समाजजनों ने हॉस्पिटल में जोरदार हंगामा किया। वे मृतक को मुआवजा और लापरवाह डॉक्टरों पर कार्रवाई की मांग पर अड़ गए। सवीना और हाथीपोल थाना पुलिस ने माहौल शांत कराया। डॉक्टर ने घायल को थाने रिपोर्ट लिखवाने क्यों भेजा: हीरालालमृतक के साले हीरालाल ने बताया कि जीजाजी को पहले घायल अवस्था में सेटेलाइट हॉस्पिटल लेकर गए थे। जहां से उन्हें सरकारी एमबी हॉस्पिटल रेफर कर दिया। यहां उनके टांगे लगाते हुए पट्टी कर दी। फिर डॉक्टरों ने थाने में ले जाकर रिपोर्ट लिखवाने को कहा। घालय को एंबुलेंस में लेकर थाने में रिपोर्ट लिखवाने पहुंचे तो वहां एक घंटे तक रिपोर्ट नहीं लिखी गई। इधर, घायल एंबुलेंस में दर्द से कराह रहे थे और बार-बार बोल रहे थे कि जल्द मुझे हॉस्पिटल ले चलो। मैं मर जाउंगा। इसके बाद तुरंत उन्हें हॉस्पिटल लाए, जहां उन्होंने दम तोड़ दिया।
दुबग्गा में खुले नाले में 2 घोड़ों सहित समाई बग्घी:1 किलोमीटर तक खुला है नाला, घोड़े हो गए घायल
लालजी टंडन वार्ड के नरौना गांव में एक खुले निर्माणाधीन नाले में बग्घी गिरने से दो घोड़े गंभीर रूप से घायल हो गए। बग्घी चालक बाल-बाल बच गया। इस घटना ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार, नरौना गांव में जल निकासी के लिए करीब एक किलोमीटर लंबे नाले का निर्माण पिछले एक वर्ष से चल रहा है। यह कार्य न तो समय पर पूरा हुआ है और न ही सुरक्षा के कोई इंतजाम किए गए हैं। नाले के चारों ओर न तो बैरिकेडिंग लगाई गई है और न ही चेतावनी बोर्ड। इसी लापरवाही के कारण सड़क से गुजर रही बग्घी के घोड़े अचानक खुले नाले में फिसल गए, जिससे बग्घी पलट गई। शोर सुनकर लोग पहुंचे, घोड़ों को निकाला बाहर हादसे के समय बग्घी पर सवार चालक किसी तरह कूदकर अपनी जान बचाने में सफल रहा। शोर सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों और बग्घी मालिक ने मिलकर कड़ी मशक्कत के बाद घोड़ों को नाले से बाहर निकाला। दोनों घोड़े घायल हो गए हैं, जिनका स्थानीय स्तर पर इलाज कराया जा रहा है। स्थानीय निवासी विजय पाल ने बताया कि यह नाला धर्म यादव के घर से काकोरी मोड़ के पास सर्वेश यादव के मकान तक बनाया जा रहा है। एक साल बीत जाने के बाद भी निर्माण कार्य अधूरा है। उन्होंने सबसे बड़ी लापरवाही नाले के आसपास घेराबंदी न होने को बताया, जिससे आए दिन हादसे की आशंका बनी रहती है। लोगों ने ठाकुरगंज की उस घटना का भी जिक्र किया, जहां बारिश के दौरान खुले नाले में गिरकर एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही नालों की घेराबंदी और निर्माण कार्य पूरा नहीं कराया गया, तो किसी बड़े हादसे से इन्कार नहीं किया जा सकता। उन्होंने नगर निगम से जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करने और खुले नालों को ढकने के लिए ठोस योजना लागू करने की मांग की है।
हापुड़ के गढ़मुक्तेश्वर नगर पालिका परिषद के सभासदों ने पालिका की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। गुरुवार को सभासदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने हापुड़ के अपर जिलाधिकारी (एडीएम) से मुलाकात कर उन्हें एक ज्ञापन सौंपा। इसमें सरकारी धन के कथित दुरुपयोग की आशंका जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। सभासदों का आरोप है कि नगर पालिका में वर्तमान में हो रही नियुक्तियों में नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है। ज्ञापन में कहा गया है कि आउटसोर्सिंग के माध्यम से की जा रही इन भर्तियों में न तो शासनादेशों का पालन किया गया और न ही बोर्ड मीटिंग में कोई विधिवत प्रस्ताव पारित किया गया। बिना सक्षम स्वीकृति के की जा रही ये नियुक्तियां वित्तीय अनुशासन के लिए खतरा पैदा कर रही हैं।इसके अतिरिक्त, सभासदों ने ब्रजघाट क्षेत्र में मेला आयोजन के दौरान किए गए भुगतानों पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि बैरिकेडिंग, गोताखोरों और नाविकों के नाम पर हुए भुगतानों की आवश्यकता और उनकी स्वीकृति स्पष्ट नहीं है। ज्ञापन सौंपने वालों में मुख्य रूप से सभासद विनय सागर, अरुण गौड़, प्रदीप निषाद, विनय यादव, इकराम नूर और अंकित कंसल सहित अन्य शामिल थे। सभी सभासदों ने एकजुट होकर मांग की है कि पूरे मामले की पारदर्शिता के साथ जांच कराई जाए, ताकि भविष्य में सभी कार्य निर्धारित नियमों के अनुसार संचालित हो सकें।इस संबंध में, एडीएम संदीप कुमार ने आश्वासन दिया है कि मामले की जांच की जाएगी और सच्चाई सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
नारनौंद के बास टोल प्लाजा पर टोल शुल्क कटौती को लेकर चल रहा विवाद गुरुवार को फिर भड़क उठा। 22 जनवरी को हुए घटना के बाद आसपास के 16 गांवों के ग्रामीण सुबह करीब 11:30 बजे टोल प्लाजा पर बड़ी संख्या में जमा हो गए और टोल को पूरी तरह फ्री करा दिया। इस दौरान माहौल तनावपूर्ण बना रहा। ग्रामीणों का आरोप है कि टोल प्लाजा प्रबंधन की लापरवाही के कारण फ्री लाइन से गुजरने के बावजूद उनके वाहनों से लगातार टोल फीस काटी जा रही है। नियमों के अनुसार, बास सहित आसपास के गांवों के लिए टोल पूरी तरह निःशुल्क है। फ्री लाइन निर्धारित की गई थी बास बादशाहपुर के सरपंच प्रतिनिधि विनोद ने बताया कि यह समस्या पिछले करीब एक महीने से बनी हुई है। उन्होंने जानकारी दी कि टोल प्लाजा की शुरुआत के समय ही यह तय हुआ था कि आसपास के 16 गांवों के लोगों से कोई टोल फीस नहीं ली जाएगी और इसके लिए एक अलग फ्री लाइन भी निर्धारित की गई थी। नई कंपनी के आने से बढ़ी समस्या विनोद के अनुसार, 1 जनवरी से टोल प्लाजा पर नई कंपनी के आने के बाद से यह समस्या लगातार बढ़ रही है। कई ग्रामीणों को फ्री लाइन से गुजरने के बावजूद टोल कटने के मोबाइल संदेश मिले हैं, जिससे उनमें भारी रोष है। DSP देवेंद्र नैन पुलिस बल के साथ पहुंचे ग्रामीणों के टोल प्लाजा पर जमा होने की सूचना मिलते ही बास थाना प्रभारी सब-इंस्पेक्टर बलवान सिंह और नारनौंद DSP देवेंद्र नैन पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने हालात को काबू करते हुए ग्रामीणों से बातचीत की। विरोध के बाद टोल फ्री रहा थाना प्रभारी बलवान सिंह ने बताया कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन ग्रामीणों के विरोध के कारण टोल निःशुल्क चल रहा है। पुलिस ने सभी से शांति बनाए रखने की अपील की है। स्थाई समाधान की मांग ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो जाता, तब तक वे टोल प्लाजा से नहीं हटेंगे। प्रशासन की मौजूदगी में धरना कमेटी और टोल कंपनी के कर्मचारियों के बीच एक बैठक होने वाली है, जिसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी।
समस्तीपुर में राजस्व कर्मचारियों ने नौ सूत्री मांगों को लेकर समाहरणालय के सामने एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान जमकर नारेबाजी की गई। यह प्रदर्शन बिहार राज्य भूमि सुधार कर्मचारी संघ के आह्वान पर आयोजित किया गया था। वेतनमान में वृद्धि, पदस्थापन और पदोन्नति से संबंधित मुद्दे शामिल हैं। प्रदर्शन में शामिल कर्मचारियों ने कहा कि 2 जून 2025 को प्रधान सचिव के साथ संघ की सफल वार्ता के बावजूद, आठ महीने बीत जाने पर भी राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने उनकी मांगों पर कोई ठोस पहल नहीं की है। संघ की ओर से कई बार प्रयास किए जाने के बाद भी कोई नतीजा नहीं निकला। मुख्य मांगों में राजस्व कर्मचारी का ग्रेड पे 1900 (लेवल 2) से बढ़ाकर 2800 (लेवल 5) करना शामिल है। इसके अतिरिक्त, सभी नवनियुक्त राजस्व कर्मचारियों को जल्द से जल्द उनके गृह जिले में पदस्थापित करने की मांग भी की गई है। कर्मचारी 10 वर्षों की सेवा पूरी कर चुके राजस्व कर्मचारियों को वरीयता के आधार पर तत्काल पदोन्नति देने की मांग कर रहे हैं। साथ ही, उनका आरोप है कि एसीपी (Assured Career Progression) और एमएसीपी (Modified Assured Career Progression) का लाभ समय पर नहीं मिल पा रहा है। सेवा संपुष्टि में भी दो साल से अधिक का विलंब हो रहा है। राजस्व कर्मियों को कार्य निष्पादन के लिए लैपटॉप, मोबाइल, इंटरनेट, कागज, कलम, प्रिंटर, टेबल-कुर्सी जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं दी गई हैं। ड्यूटी टाइम खत्म होने के बाद भी काम लिया जा रहा है कर्मचारियों का यह भी कहना है कि विभाग की ओर से रविवार और अन्य राजपत्रित अवकाशों में राज्यपाल के आदेश के खिलाफ कार्य लेने की नई प्रथा शुरू की गई है, जिसे बंद किया जाना चाहिए। इसके अलावा, उनसे सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे के अलावा भी कई घंटों तक काम लिया जा रहा है, जो बंद होना चाहिए। एक-एक राजस्व कर्मचारी को कई हल्का पंचायतों का प्रभार आवंटित कर उन पर अत्यधिक बोझ डाल दिया गया है। इससे कर्मचारियों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है और वे अपने पारिवारिक दायित्वों का निर्वहन भी ठीक से नहीं कर पा रहे हैं। 9 राजस्व कर्मचारी का पद नाम परिवर्तित करते हुए सहायक राजस्व पदाधिकारी करने का निर्णय अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह की ओर से लिया गया था, जो अभी तक लागू नहीं किया गया। मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा प्रदर्शन के दौरान राजस्व कर्मचारियों ने जिला पदाधिकारी को एक ज्ञापन सचिव के नाम सौंपा है। ज्ञापन में कहा गया है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गई तो वे आगे भी आंदोलन जारी रखेंगे। इस प्रदर्शन का नेतृत्व बिहार राज्य भूमि सुधार कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष रामचंद्र प्रसाद ने किया। संघ के अन्य पदाधिकारी और सदस्य भी मौजूद थे।
गोलू नंदा मौत: 9 माह बाद भी जांच अधूरी:परिजन एसपी कार्यालय पहुंचे, न्याय और कार्रवाई की मांग
मंडला जिले के मोहगांव थाना क्षेत्र में अप्रैल माह में हुई गोलू नंदा की मौत का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। लगभग नौ महीने बीत जाने के बाद भी जांच पूरी न होने और किसी पर कार्रवाई न होने से असंतुष्ट परिजन दोबारा एसपी कार्यालय पहुंचे और न्याय की गुहार लगाई। गोलू नंदा 16 अप्रैल को लापता हो गया था। 19 अप्रैल को उसका शव गांव से करीब 5 किलोमीटर दूर दुर्गम जंगल में एक पेड़ से लटका हुआ मिला। सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। परिजनों ने आरोप लगाया कि कठिन रास्ते और अंधेरा होने के कारण पर्याप्त रोशनी और डॉक्टर की अनुपस्थिति में शव का पोस्टमार्टम जंगल में ही कर दिया गया और वहीं दफना दिया गया। परिजनों के अनुसार, गोलू के हाथ-पैर और शरीर पर चोट के कई निशान थे, जिससे उन्हें यह आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या का मामला लगा। हालांकि, प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण आत्महत्या बताया गया, जिससे परिजन शुरू से ही असंतुष्ट थे। लगातार शिकायतों के बाद, लगभग छह महीने बाद प्रशासन ने शव को निकलवाने का आदेश दिया। पुलिस, तहसीलदार, डॉक्टर और परिजनों की उपस्थिति में शव को जंगल से निकालकर मेडिकल कॉलेज जबलपुर भेजा गया, ताकि मौत के सही कारणों का पता चल सके। हालांकि, शव निकाले जाने के बाद भी अब तक न तो जांच पूरी हुई है और न ही कोई कार्रवाई की गई है। इसी कारण परिजन एक बार फिर एसपी कार्यालय पहुंचे और न्याय की मांग की। परिजनों ने गोलू की कथित प्रेमिका के परिजनों पर हत्या का आरोप लगाया है। एसडीओपी करेंगे मामले की जांच इस मामले पर एसपी रजत सकलेचा ने बताया कि परिजनों द्वारा पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर असहमति जताने के बाद दोबारा पोस्टमार्टम कराया गया था। परिजनों द्वारा बताए गए सभी तथ्यों का विश्लेषण किया गया है। उन्होंने कहा कि फिलहाल जांच में हत्या के ठोस प्रमाण सामने नहीं आए हैं। लेकिन परिजनों ने अब कुछ नए तथ्य प्रस्तुत किए हैं। इनकी जांच के लिए एसडीओपी को निर्देश दिए जा रहे हैं।
कटनी में खेत की फेंसिंग में फंसा दिखा तेंदुआ:बांधवगढ़ से बुलाई गई रेस्क्यू टीम,
कटनी की विजयराघवगढ़ विधानसभा के अंतर्गत आने वाले ग्राम दरौडी में गुरुवार को एक तेंदुआ खेत की लोहे की फेंसिंग में फंसा हुआ पाया गया। इस घटना की खबर तेजी से पूरे इलाके में फैल गई, जिसके बाद मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। वन विभाग की टीम ने स्थिति को संभालते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। जानकारी के अनुसार, तेंदुआ संभवतः शिकार की तलाश में या रास्ता भटक कर खेत की ओर आया था। यहां वह लोहे के कटीले तारों में बुरी तरह उलझ गया। चश्मदीदों ने बताया कि खुद को छुड़ाने की कोशिश में तेंदुआ लहूलुहान भी हुआ है। तार में फंसे होने के कारण तेंदुआ काफी आक्रामक स्थिति में है, जिससे क्षेत्र में सतर्कता का माहौल है। घटना की सूचना मिलते ही विजयराघवगढ़ और बड़वारा वन अमला तत्काल मौके पर पहुंचा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर दी गई है। वन अधिकारियों ने बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व की विशेषज्ञ रेस्क्यू टीम को तुरंत सूचित किया है। वन विभाग ने घटनास्थल के 500 मीटर के दायरे में किसी भी ग्रामीण के जाने पर प्रतिबंध लगा दिया है। बांधवगढ़ की टीम तेंदुए को 'ट्रेंकुलाइज' कर सुरक्षित तरीके से बाहर निकालेगी। रेस्क्यू के बाद तेंदुए का मेडिकल परीक्षण किया जाएगा और स्वस्थ होने पर उसे वापस सुरक्षित जंगलों में छोड़ा जाएगा। वन विभाग ने ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि तेंदुआ फेंसिंग से अचानक छूट जाता है, तो वह हिंसक हमला कर सकता है। विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे घटनास्थल के आसपास भीड़ न लगाएं और शोर न मचाएं। इसके अतिरिक्त, वन विभाग ने लोगों को खेतों और खुले इलाकों में अकेले जाने से बचने की सलाह दी है। साथ ही, अपने बच्चों और पालतू मवेशियों को सुरक्षित और बंद स्थानों पर रखने का आग्रह किया गया है।
वाराणसी के फुलपुर थाना क्षेत्र में बाइक सवार दंपति को तेज रफ्तार हाइवा ने टक्कर मार दी। हादसे में पति की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। जबकि गंभीर रूप से घायल महिला को स्थानीय लोगों ने निजी अस्पताल में भर्ती करवाया, जहां उसका इलाज जारी है। हादसे के बाद आरोपी हाइवा का चालक मौके से फरार हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। साथ ही आरोपी हाइवा को कब्जे में ले लिया है। देखें 2 तस्वीरें… अपनी पत्नी को ड्यूटी पर छोड़ने जा रहा था PRD जवान यह हादसा थाना क्षेत्र के घमहापुर गांव के पास की है। मृतक की पहचान बड़ागांव थाना क्षेत्र के चिउरापुर गांव निवासी दुर्योधन उर्फ खिचडू (55) पुत्र दूधनाथ राम के रूप में हुई है। वह चेकगंज थाना में PRD के रूप में तैनात थे। वह गुरुवार की सुबह में करीब 11 बजे अपनी पत्नी आशा देवी को बाइक से बैकुंठपुर छोड़ने जा रहे थे। आशा देवी आंगनबाड़ी कार्यकत्री हैं। इसी दौरान घमहापुर गांव के सामने मोड़ पर अहलूवालिया कंस्ट्रक्शन कंपनी की तेज रफ्तार हाइवा अनियंत्रित होकर बाइक को टकर मार दी। हादसे में दुर्योधन राम बाइक समेत सड़क पर गिर पड़े और हाइवा उन्हें कुचलते हुए आगे बढ़ गई। पीछे बैठीं आशा देवी उछलकर दूर जा गिरीं, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। हादसे के बाद हाइवा चालक मौके से फरार हो गया। छोटी बेटी की 6 मई को होने वाली है शादी सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। साथ ही दुर्घटनाग्रस्त हाइवा को कब्जे में ले लिया गया है। पुलिस ने प्रारंभिक जांच में हाइवा को ओवरलोड बताया है। घायल आशा देवी को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। बता दें कि दुर्योधन राम का एक बेटा और दो बेटियां हैं। उनकी सबसे छोटी बेटी कुमारी श्वेता की शादी 6 मई 2026 को तय है। अचानक हुए इस हादसे से परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
हरियाणा के कुरुक्षेत्र में सतलुज यमुना लिंक (SYL) नहर में कार गिरने के बाद डूबे BBA के स्टूडेंट वरुण सिंगला का शव 50 घंटे बाद बरामद हो गया। वरुण का शव घटनास्थल से कुछ ही दूरी पर नहर में नीचे झाड़ियों में फंसा हुआ था। गोताखोरों ने शव को बाहर निकालकर पुलिस को सौंप दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए LNJP अस्पताल भेज दिया। वरुण की तलाश में गोताखोरों और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीमें जुटी हुई थीं। 3 फरवरी को वरुण अपनी दोस्त आरुषि के साथ कार में जा रहा था, तभी उनकी कार नहर में गिर गई। आरुषि के परिवार ने वरुण सिंगला पर जानबूझकर कार नहर में गिराने का आरोप लगाया था। पुलिस ने शिकायत के आधार पर वरुण पर हत्या का मामला दर्ज किया था। हम इस खबर को लगातार अपडेट कर रहे हैं…
कोटा के रामगंजमंडी क्षेत्र में ताक़ली बांध डूब क्षेत्र से विस्थापित ग्रामीणों ने पीने के पानी की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। रघुनाथपुरा गांव के ग्रामीण चेचट-गोविंदा मार्ग पर पानी के बर्तन लेकर सड़क पर धरने पर बैठ गए। अधिकारियो को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ गए। ग्रामीणों का कहना था की मजदूरी करने जाए या पानी की व्यवस्था करें। बाद में फोन पर अधिकारियों के आश्वासन पर धरने से उठे। ग्रामीणों ने सुबह साढ़े 9 से दोपहर 12 बजे तक धरना दिया। ओर पेयजल के साथ बिजली और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग को लेकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। करीब ढाई घंटे तक चेचट से एमपी की ओर जाने वाली सड़क पर बैठे रहे। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पहले 7 टेंकर से गांव में पानी की सप्लाई की की जा रही थी। बाद में इन्हे घटाकर 2 कर दिया। पिछले आठ दिनों से घरों में पीने का पानी नहीं पहुंचा है। पेयजल के लिए डाली गई पाइपलाइन कई जगह से टूटी पड़ी है। बार-बार शिकायत के बावजूद उसमें पानी नहीं छोड़ा गया। नूरपुरा में पानी की टंकी बनने के बावजूद आज तक उससे नियमित जलापूर्ति शुरू नहीं हो सकी है। ग्रामीणों ने बताया कि विधानसभा चुनाव के दौरान जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में सिंचाई विभाग और पीएचईडी अधिकारियों ने तीन माह में टंकी से जल सप्लाई शुरू कराने का आश्वासन दिया था। लेकिन चुनाव को ढाई साल बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। विस्थापन के बाद से ही बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे ग्रामीणों में इसको लेकर भारी आक्रोश है।
पटना में मानसून से पहले नालों के निर्माण में रफ्तार लाई जा रही है। बिहार शहरी आधारभूत संरचना विकास निगम लिमिटेड (बुडको) की ओर से इन नालों का निर्माण किया जा रहा है। सैदपुर से गायघाट तक कवर्ड नाला बनाया जाएगा। इसकी कुल लंबाई 5.6 किलोमीटर है, जिसमें 3.3 किलोमीटर कवर्ड और 2.3 किलोमीटर खुला होगा। सैदपुर से 500 मीटर दूरी तक पश्चिम की ओर नाला को डायवर्ट किया गया है। इस दिशा से लगभग 16 मीटर नाला और दोनों ओर की ढलाई दीवार बनाई गई है। पहाड़ी की ओर से त्रिलोक नगर तक नाला निर्माण हो चुका है। विभाग की ओर से नालों पर रोड निर्माण की मिली स्वीकृति बुडको एमडी अनिमेष कुमार पराशर ने कहा कि नगर विकास एवं आवास विभाग की ओर से पटना के अनकवर्ड नालों को कवर करके रोड निर्माण की स्वीकृति दी गई है। इसमें राजीव नगर और आनंदपुरी नाले में तेजी से काम चल रहा है। सैदपुर नाले का भी काम प्रगति पर है। वहीं, बाकरगंज नाले का निर्माण पटना स्मार्ट सिटी की ओर से किया जा रहा है। बुडको इसकी कार्यकारी एजेंसी है। मानसून से पहले अशोक राजपथ तक के लेन को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। रेलवे लाइन के नीचे से नाला बनाने के लिए NOC का इंतजार RMRI और NMCH के पीछे से होकर गायघाट तक सैदपुर नाला का निर्माण फरवरी तक पूरा कर लिया जाएगा। पहाड़ी से लेकर त्रिलोक नगर तक बने नाला को उत्तर की ओर अगमकुआं रेलवे लाइन के समीप नीचे से निकालना है। रेलवे लाइन के नीचे से नाला बनाने के लिए रेल विभाग से अनुमति प्राप्त करने की विभागीय प्रक्रिया जारी है। नाला का भूतल नाव के आकार का 7 मीटर चौड़ा और 12 मीटर ऊंचा बनाया जा रहा है। 180.99 करोड़ रुपए में कुर्जी नाले का होगा निर्माण कुर्जी नाले का निर्माण दीघा आशियाना रोड पर राजीव नगर ड्रेनेज पम्पिंग स्टेशन से कुर्जी ड्रेनेज पम्पिंग स्टेशन तक किया जा रहा है, जिसकी कुल लंबाई 4.26 किलोमीटर है। इस नाले पर सड़क निर्माण किया जाना है, जिसकी राशि 180.99 करोड़ रुपए प्रस्तावित है। इस नाला की संरचना बॉक्स ड्रेन होने की वजह से नाले के उपर निर्बाध यातायात के लिए फोर-लेन सड़क निर्माण के साथ-साथ स्ट्रीट लाइट को भी सम्मिलित किया गया है।
यमुनानगर जिले के कलानौर क्षेत्र के पास रेलवे ट्रैक पर एक अज्ञात व्यक्ति का क्षत-विक्षत शव मिला है। हादसा ट्रेन की चपेट में आने हुआ है, जिससे शरीर कई हिस्सों में कट गया है। सूचना मिलते ही जीआरपी थाने से टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लिया। तलाशी लेने पर मृतक की पेंट क जेब में ऐ तीन टिकट मिले हैं जोकि यमुनानगर से अंबाला, अंबाला से चंडीगढ़ और चंडीगढ़ से वापस यमुनानगर की है। उसकी उम्र करीब 30 से 35 वर्ष के बीच बताई जा रही है, लेकिन उसकी पहचान अब तक नहीं हो सकी है। जेब से नहीं मिला कोई दस्तावेज जांच अधिकारी राजेंद्र कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि उन्हें स्टेशन मास्टर की ओर से सूचना मिली थी कि कलानौर क्षेत्र में रेलवे ट्रैक पर एक शव पड़ा हुआ है। मौके पर पहुंचकर देखा को शव क्षत-विक्षत हालत में था। पुलिस ने शव को कब्जे में लिया और तलाशी ली। तलाशी के दौरान मृतक की जेब से तीन ट्रेन टिकट बरामद हुईं, जो यमुनानगर से अंबाला, अंबाला से चंडीगढ़ और चंडीगढ़ से वापस यमुनानगर की थीं। हालांकि, मृतक के पास कोई पहचान संबंधी दस्तावेज नहीं मिला। 72 घंटे के लिए मोर्चरी में रखवाया शव पुलिस ने रेलवे स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली, लेकिन अभी तक कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा है। आसपास के क्षेत्रों में भी पूछताछ की गई, फिर भी मृतक की पहचान नहीं हो पाई है। शव को कब्जे में लेकर 72 घंटे के लिए सिविल अस्पताल यमुननगर की मोर्चरी में रखवा दिया गया है। पुलिस के अनुसार ट्रेन की चपेट में आने से शव बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गया है और चेहरा भी पहचान में नहीं आ रहा। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आसपास के जिलों में गुमशुदगी की रिपोर्ट से मिलान किया जा रहा है, ताकि मृतक की पहचान हो सके।
भदोही में समाजवादी पार्टी (सपा) ने भदोही में भाजपा नेताओं पर मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) पर दबाव डालने का आरोप लगाया है। सपा जिलाध्यक्ष प्रदीप यादव के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया और जिलाधिकारी के नाम अपर जिलाधिकारी कुंवर बीरेंद्र मौर्य को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि जनपद की तीनों विधानसभाओं के बूथों पर भाजपा नेता हजारों की संख्या में छपे-छपाए फॉर्म 7 बीएलओ को जबरन दे रहे हैं और उनकी रसीद ले रहे हैं। सपा का आरोप है कि यह विशेष पुनरीक्षण (SIR) के बाद प्रकाशित मदर रोल में वैध मतदाताओं, विशेषकर अल्पसंख्यक वर्ग और विशेष जातियों के लोगों के नाम हटाने की साजिश है। सपा ने दावा किया कि भाजपा के इशारे पर उनके नेता समुदाय विशेष, जाति विशेष और धर्म विशेष के वैध मतदाताओं को मतदान से वंचित करने की योजना के तहत फॉर्म 7 दिलवा रहे हैं। इस प्रक्रिया में कुछ अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध बताई गई है। सूत्रों के अनुसार, जिले की तीनों विधानसभाओं के लगभग 500 बूथों पर यह अलोकतांत्रिक कृत्य किया गया है। सपा ने मांग की है कि योजनाबद्ध तरीके से फॉर्म 7 दिलवाने वाली पार्टी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए। साथ ही, वैध मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में यथावत रखे जाएं ताकि लोकतंत्र के मौलिक अधिकार सुरक्षित रहें। सपा द्वारा जारी विधानसभावार बूथों की सूची
बेतिया के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज अस्पताल (GMCH) में परिजनों के साथ मारपीट और इलाज में लापरवाही का मामला अब तूल पकड़ रहा है। यह मुद्दा विधानसभा के बजट सत्र में उठाया गया। चनपटिया विधायक अभिषेक रंजन ने इस प्रकरण पर सरकार का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने बताया कि 21 जनवरी 2026 को सुशीला देवी को इलाज के लिए बेतिया GMCH लाया गया था, जहां कथित तौर पर डॉक्टरों की लापरवाही के कारण उनकी मृत्यु हो गई। अन्य कर्मियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांगइस घटना के बाद आक्रोशित परिजनों के साथ अस्पताल परिसर में मारपीट की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर थाना में कांड संख्या 46/26 दर्ज किया गया है। विधायक अभिषेक रंजन ने विधानसभा में सवाल उठाते हुए कहा कि GMCH जैसी सरकारी स्वास्थ्य संस्था में ऐसी लापरवाही और हिंसा चिंताजनक है। उन्होंने घटना में शामिल दोषी डॉक्टरों और अन्य कर्मियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
आलीराजपुर जिला मुख्यालय के केशव नगर गेट पर बुधवार देर रात करीब एक बजे फायरिंग की घटना हुई। स्कॉर्पियो सवार कुछ युवकों पर गोली चलाने का आरोप है। आज गुरुवार दोपहर को प्राप्त जानकारी के अनुसार, रेत ठेकेदार शिवम इंटरप्राइजेस के कर्मचारी रात में अपने स्कॉर्पियो वाहन से केशव नगर स्थित अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान जिला मुख्यालय के गेट पर बैठे कुछ युवकों से उनकी कहासुनी हो गई। विवाद बढ़ने पर स्कॉर्पियो सवार युवकों ने वाहन से बंदूक निकालकर फायरिंग की और मौके से फरार होकर केशव नगर में प्रवेश कर गए। फायरिंग का शिकार हुए कर्मचारियों ने तुरंत केशव नगर का गेट बंद करके अपनी जान बचाई। इस घटना की लिखित शिकायत कोतवाली थाने में दर्ज कराई गई है। घटना से संबंधित सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें स्कॉर्पियो कार की आवाजाही और गेट बंद करने की पूरी घटना रिकॉर्ड हुई है। उल्लेखनीय है कि केशव नगर इलाके में यह तीसरी फायरिंग की घटना है। इससे पहले भी यहां दो बार गोली चलने की घटनाएं हो चुकी हैं। इस क्षेत्र में रेत ठेकेदार और शराब ठेकेदार के कार्यालय स्थित हैं, जिसके कारण अक्सर विवाद, मारपीट और तनाव की स्थिति बनी रहती है। स्थानीय निवासियों ने इस संबंध में पहले भी पुलिस अधीक्षक (एसपी) और कलेक्टर से शिकायत की है।
इंदौर नगर निगम की रिमूवल टीम ने गुरुवार को वार्ड-61 स्थित अमला रावजी बाजार में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। यहां नाले पर कब्जा कर बनाए गए 21 मकानों के कुछ हिस्से को तोड़ा गया है। लोग अतिक्रमण हटाने के लिए समय मांग रहे थे पर टीम ने कार्रवाई शुरू कर दी। दरअसल, अतिक्रमणकारियों को कब्जा हटाने के लिए एक महीने का समय दिया गया था और यह अवधि पूरी होने पर भी लोगों ने अतिक्रमण नहीं हटाया। आज निगम की रिमूवल टीम पहुंची और कार्रवाई शुरू कर दी। इस दौरान नगर निगम की 4 टीमों के साथ ही रावजी बाजार थाने का पुलिस बल और 3 जेसीबी मशीनें लगी थीं। यह क्षेत्र जोन-12 में आता है। पिछले दिनों निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल सहित अन्य अधिकारियों ने क्षेत्र का दौरा किया था और नाले पर हुआ अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद इलाके का सर्वे कराया गया था। जिसमें 21 मकान नाले पर बने पाए गए थे। एक महीने पहले दिए थे नोटिस, अनाउंसमेंट भी किया जोन 12 के बिल्डिंग ऑफिसर वैभव देवलासे ने बताया कि रावजी बाजार थाने के सामने की तरफ कमला रोड वाले इलाके में ये कार्रवाई की गई है। 1 महीने पहले ही इन लोगों को बताया जा चुका था। उन्हें नोटिस भी दिए जा चुके थे, इसके साथ ही यहां पर लगातार अनाउंसमेंट किया जा रहा था, लेकिन यहां पर लोगों ने खुद से अतिक्रमण नहीं हटाया। इसके चलते आज नगर निगम की टीम ने 21 मकानों के अवैध हिस्से को हटाने की कार्रवाई की। अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू हुई, तो लोगों को लगा कि इस बार नगर निगम अतिक्रमण को लेकर गंभीर है और फिर कुछ लोग आए। उन्होंने खुद अतिक्रमण हटाने की पेशकश करते हुए कुछ समय मांगा, लेकिन मौके पर मौजूद अधिकारियों ने ऐसा करने से इंकार कर दिया। उनका कहना था कि आपको पर्याप्त समय दिया गया है।
बिलासपुर के कोटा थाने में गाली-गलौज और हंगामा करने वाले कांग्रेस नेता समेत 6 से अधिक लोगों के खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज किया है। इससे पहले स्थानीय पुलिस अफसरों ने तलवार से हमला करने और बवाल मचाने के बाद भी कार्रवाई नहीं की थी। साथ ही एसएसपी रजनेश सिंह को गुमराह करने की कोशिश करते रहे। लेकिन थाने में हंगामे और गाली-गलौज करने का वीडियो सामने आने के बाद एसएसपी ने दोनों पक्षों पर एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। पहले जानिए क्यों हुआ विवाद ? दरअसल, कोटा के चंडी माता चौक के पास रहने वाले कांग्रेस नेता और क्रशर संचालक संतोष मिश्रा और ठेकेदार राम सोनी के बीच गाड़ी पार्किंग को लेकर विवाद हो गया। इस दौरान संतोष मिश्रा ने राम सोनी के साथ गाली-गलौज करते हुए थप्पड़ मारने लगा। इससे नाराज राम सोनी ने उसे जमीन पर पटक दिया और मारने लगा। राम के परिजनों ने विवाद शांत कराया, जिसके बाद संतोष मिश्रा वहां से चला गया। कुछ देर बात वो तलवार लेकर आया और राम सोनी पर हमला कर दिया। दोनों पक्षों की भीड़ पहुंची थाने, FIR करने का बनाया दबाव इस विवाद के बाद कांग्रेस नेता संतोष के साथ ही ठेकेदार राम सोनी के पक्ष में लोगों की भीड़ पहुंच गई। इसके चलते थाने में तनाव की स्थिति बन गई। आरोप है कि दोनों पक्ष एफआईआर दर्ज करने के लिए दबाव बना रहे थे। इसी दौरान संतोष मिश्रा और राम सोनी थाने के विवाद करने लगे। दोनों एक-दूसरे को गाली देते रहे। थाने में हंगामा मचाते रहे। बताया जा रहा है कि इतना सब कुछ होने के बाद स्थानीय पुलिस अफसरों ने कार्रवाई नहीं की। बल्कि, दोनों पक्षों के बीच समझौता कराने की कोशिश करते रहे। थाने में विवाद और हंगामे का वीडियो वायरल इस घटना का वीडियो भी सामने आया है। साथ ही घटना से जुड़े सीसीटीवी वीडियो भी सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। वीडियो में घायल राम, भाजपा नेता विकास सिंह और उनके साथियों के साथ संतोष गाली-गलौज करते दिख रहे हैं। सीसीटीवी वीडियो में राम, विकास सिंह और उनके साथी मिलकर संतोष मिश्रा और उसके साथ आए लोगों के साथ मारपीट कर रहे हैं। वीडियो में दोनों पक्ष के लोग थाने के भीतर गाली-गलौज करते हुए धमकी देते नजर आ रहे हैं। एक सिपाही उन्हें रोकने की बजाए कैमरा लगे होने की बात कहते हुए बाहर जाने को कहा। नाराज एसएसपी के निर्देश पर दोनों पक्षों पर केस दर्ज थाने में गाली-गलौज और हंगामा मचाने का वीडियो एसएसपी रजनेश सिंह को मिला, जिसे देखकर उन्होंने टीआई नरेश चौहान को कड़ी फटकार लगाई। नाराज एसएसपी ने थाने का माहौल खराब करने और पुलिस के काम में बाधा डालने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। जिसके बाद हरकत में आई पुलिस ने केस दर्ज किया है। वीडियो में दिख रहे 6 से ज्यादा लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
संभल के प्राचीन नैमिषारण्य स्थित क्षेमनाथ मंदिर के महंत बाल योगी दीनानाथ ने संभल दंगों पर आधारित फिल्म 'कल्कि संभल' का समर्थन किया है। इस फिल्म का निर्माण 'उदयपुर फाइल्स' के निर्माता अमित जानी कर रहे हैं। फिल्म का नाम पहले 'संभल फाइल्स' रखा जाना था, लेकिन टाइटल न मिलने के कारण इसे 'कल्कि संभल' नाम दिया गया। यह फिल्म वर्ष 1978 और 24नवंबर 2024 को संभल में हुए दंगों के साथ-साथ समय-समय पर हुए अन्य विवादों पर आधारित है। महंत बालयोगी दीनानाथ ने कहा कि यह फिल्म दुनिया को संभल में घटित घटनाओं का संदेश देगी। उनका कहना है कि संभल के दंगों और हिंदुओं के कथित पलायन का सच सामने आना चाहिए। उनके अनुसार, यह फिल्म समाज को जागरूक करने और 'सनातन समाज' को एकजुट करने का एक प्रयास है। बालयोगी दीनानाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में योगी सरकार और पुलिस पूरी तरह मुस्तैद है। यदि कोई भी दंगों के माध्यम से शांति भंग करने का प्रयास करेगा, तो शासन और प्रशासन उससे निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। फिल्म के निर्देशक अमित जानी की प्रशंसा की कि वे ऐतिहासिक और ज्वलंत तथ्यों को पर्दे पर लाने का साहस कर रहे हैं। उन्होंने पूर्व में आई ऐसी ही फिल्मों का हवाला देते हुए कहा कि ऐसी फिल्में समाज को बांटती नहीं, बल्कि कड़वे सच से रूबरू कराती हैं। उन्होंने 1978 के दंगों का जिक्र करते हुए कहा कि जब सच सामने आएगा, तभी समाज भविष्य के लिए सीख ले सकेगा। महंत का मानना है कि 'भाईचारे' के नाम पर किसी विशेष समुदाय का शोषण नहीं होना चाहिए और एकता व सुरक्षा के लिए सच का सामने आना अनिवार्य है। सांसद जियाउर्रहमान बर्क के पिता ममलूकुर्रहमान बर्क के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए महंत ने कहा कि फिल्म को किस तरह लिया जाता है, यह उनकी मानसिकता पर निर्भर करता है। संभल में 184 हिंदुओं को मारे जाने का उल्लेख किया। कहा कि जब यह सत्य सामने आएगा, तो सभी लोग इससे सबक लेंगे। उन्होंने 'सनातन समाज' से एकजुट रहने का आह्वान किया ताकि 'भाईचारे' के नाम पर किसी का शोषण न हो और वे सुरक्षित रहें।
हाथरस में भारतीय वैश्य महासभा ने संगठन को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया। यह बैठक अपना घर आश्रम में इंजीनियर ओम प्रकाश गुप्ता की अध्यक्षता में हुई, जिसका संचालन चंद्रगुप्त विक्रमादित्य ने किया। बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष रवि प्रकाश अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। राष्ट्रीय प्रधान महासचिव डॉ. संजीव कुमार वार्ष्णेय (बंटी भैया) और विनोद कुमार मित्तल विशिष्ट अतिथि थे। संगठन विस्तार के तहत कई नई नियुक्तियां की गईं। सुरेश अग्रवाल को जिला प्रभारी, राहुल गुप्ता को जिला सह प्रभारी, तरुण पंकज को शहर प्रभारी और योगेश वार्ष्णेय को शहर सह प्रभारी बनाया गया। इन्हें जिला, शहर, ब्लॉक और वार्ड स्तर तक संगठन गठन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। राष्ट्रीय अध्यक्ष रवि प्रकाश अग्रवाल ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था वैश्य समाज और व्यापारियों पर निर्भर है, लेकिन इसके बावजूद यह वर्ग सबसे अधिक शोषण का शिकार हो रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस शोषण को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अग्रवाल ने वैश्य समाज से लोकसभा, राज्यसभा और विधानसभा में मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि संगठन आगामी विधानसभा चुनाव में वैश्य समाज के कम से कम 100 उम्मीदवारों को चुनाव लड़ाने की तैयारी कर रहा है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से वैश्य समाज की एकता को गंभीरता से लेने की अपील की। राष्ट्रीय प्रधान महासचिव डॉ. संजीव कुमार वार्ष्णेय (बंटी भैया) ने वैश्य समाज की एकता को उसकी असली ताकत बताया। उन्होंने कहा कि यदि समाज के किसी भी व्यक्ति पर संकट आता है, तो पूरा समाज उसके साथ खड़ा रहेगा। महासभा का उद्देश्य केवल संगठन बनाना नहीं, बल्कि समाज को राजनीतिक रूप से सशक्त कर निर्णायक भूमिका में लाना है। यह रहे मुख्य रूप से मौजूद... बैठक में सुरेंद्र बांठिया, अनिल कुमार वार्ष्णेय (तेल वाले) और राकेश बंसल ने भी अपने विचार रखे। इस अवसर पर अनिल अग्रवाल, चंदन दोबरावाल, अर्पित बंसल, ओम प्रकाश वर्मा, शुभम वार्ष्णेय, एलानी मोहित वार्ष्णेय, वासुदेव वार्ष्णेय, रामकुमार अग्रवाल, पवन गुप्ता, वैभव वार्ष्णेय सहित बड़ी संख्या में समाज के गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे। अंत में, चंद्रगुप्त विक्रमादित्य ने सभी उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया।
आजमगढ़ पुलिस ने फर्जी ट्रेडिंग एप के माध्यम से ऑनलाइन ठगी करने वालेदो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से तीन मोबाइल फोन तीन एटीएम कार्ड और बड़ी संख्या में चेक बुक बरामद की गई है। जिले के एसएसपी डॉक्टर अनिल कुमार के निर्देश पर जिले में साइबर सेल के प्रभारी पुलिस अधीक्षक यातायात विवेक त्रिपाठी ने अभियान चलाया हुआ है। इस अभियान के तहत लगातार जिले में अंतरराज्यीय शातिर साइबर ठगो को गिरफ्तार किया जा रहा है। ठगी के इस ग्रह में बैंक कर्मी कॉल सेंटर के कर्मी भी शामिल हैं। साइबर थाने में दर्ज हुआ था मुकदमा इस बारे में जिले के एसपी ट्रैफिक विवेक त्रिपाठी के अनुसार-इस मामले में पीड़ित अशोक कुमार अग्रवाल ने फेसबुक पर नेक्स्ट ट्रेड का विज्ञापन देखकर मोबाइल नंबर पर संपर्क किया था। इसके बाद अभियुक्त होने ट्रेडिंग में अधिक लाभ का लालच देकर नेक्स्ट ट्रेड नमक फर्जी ऐप का लिंक भेजा था। और उसमें धनराशि निवेश करने को कहा गया था। विश्वास में जाकर पीड़ित ने 899000 की धनराशि जमा कर दी थी। काफी समय तक जब कोई मुनाफा नहीं मिला तो पीड़ित ने पैसे वापस लेने का प्रयास किया पर संभव नहीं हुआ और आईडी बंद कर दी गई। जिसके बाद पीड़ित को अपने साथ साइबर ठगी का एहसास हुआ। इस मामले में मुकदमा दर्ज कर साइबर टीम ने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबरों की लोकेशन और सर्विलांस के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। इसी क्रम में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में इंद्रजीत डे और अंकेश धाकड़ है। इंद्रजीत दे उज्जैन का रहने वाला है जबकि अंकेश धाकड़ इंदौर का रहने वाला है। अंकेश कोटक महिंद्रा बैंक इंदौर में काम करता है। इस मामले में डिप्टी मैनेजर गोपाल भदोरिया माधव राखी और यस बैंक का कर्मचारी प्रीतम अभी फरार है। जिनकी तलाश में पुलिस टीम लगातार छापेमारी कर रही है। साइबर सेल के नोडल अधिकारी विवेक त्रिपाठी ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्त होने पूछताछ में बताया कि आज संगठित गिरोह है जो ट्रेडिंग के नाम पर लोगों को नेक्स्ट ट्रेड ऐप डाउनलोड कर कर धनराशि से निवेश करता है। और जिसे अपने खातों में ट्रांसफर कराया जाता है। इस ग्रुप में कुछ बैंक कर्मियों की भी संलिप्त सामने आई है जो लगातार अपने पद का दुरुपयोग करते हुए पहले से ही हस्ताक्षरित ब्लैंक चेक उपलब्ध कराते हैं। जैसे ही खातों में धनराशि आती है। उसे तत्काल चेक के माध्यम से निकाल लिया जाता है। इसके साथ ही खातों के लेनदेन का पूरा हिसाब रखा जाता है। अब तक की जांच में इस गिरोह द्वारा एक करोड़ से अधिक की साइबर ठगी किए जाने का मामला सामने आया है। वही देश भर में लगभग 12 से अधिक शिकायतें प्राप्त हुई है जिनकी लगातार जांच की जा रही है। साइबर सेल के इस अभियान में इंस्पेक्टर देवेंद्र प्रताप सिंह सब इंस्पेक्टर योगेंद्र प्रसाद सहित बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी शामिल रहे। साइबर एक्सपर्ट ने दी सलाह साइबर सेल के नोडल अधिकारी विवेक त्रिपाठी ने बताया कि आम जनमानस केवल आधिकारिक एप स्टोर गूगल प्ले स्टोर सैमसंग गैलेक्सी स्टोर से ही ऐप को डाउनलोड करें। थर्ड पार्टी वेबसाइट और अनाधिकृत लिंक से एपीके फाइल डाउनलोड ना करें व्हाट्सएप या सोशल मीडिया से प्राप्त एप लिंक पर क्लिक करने से बचें। संदिग्ध पाए जाने पर तुरंत इंस्टॉल कर दें।
डूंगरपुर में मेडिकल कॉलेज खुलने के बाद सुपर स्पेशलिटी की सुविधाएं देने की सरकार घोषणाएं कर रही है। लेकिन डॉक्टरों की कमी से ये सुविधाएं आज तक शुरू ही नहीं हो सकी है। डूंगरपुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में 4 सुपर स्पेशलिटी की सुविधाएं सालभर पहले शुरू करनी थी। डॉक्टरों के नहीं होने से मरीजों को गुजरात ओर उदयपुर ही जाना पड़ रहा है । डूंगरपुर में 8 साल पहले मेडिकल कॉलेज खुलने के बाद से सुविधाएं बढ़ी है। सरकार ने डूंगरपुर मेडिकल कॉलेज के श्रीहरिदेव जोशी जिला अस्पताल में सुपर स्पेशलिटी के लिए न्यूरोलॉजी, गेस्ट्रोलॉजी, नेफ्रोलॉजी ओर कार्डियोलॉजी डिपार्टमेंट की मंजूरी दे दी। डॉक्टर नहीं मिलने से सुपर स्पेशलिटी की सुविधा शुरू नहींचारो विभागों में स्पेशलिस्ट डॉक्टरों के पद भी स्वीकृत कर दिए है। राजमेश के माध्यम से पदों को भरने के लिए डॉक्टरों के इंटरव्यू कॉल लिए, लेकिन चारों विभागों में एक भी सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टर नहीं आया। ऐसे ही हाल डूंगरपुर समेत प्रदेश के 7 मेडिकल कॉलेज में सुपर स्पेशलिस्ट डिपार्टमेंट के है। जिनमें डॉक्टर नहीं मिलने से सुपर स्पेशलिटी की सुविधा शुरू नहीं हो सकी है। हार्ट, पेट, मस्तिष्क और किडनी के मरीजों को मिलेगी सुविधाकार्डियोलॉजी, ग्रेस्ट्रोलॉज, न्यूरोलॉजी ओर नेफ्रोलॉजी के चारों सुपर स्पेशलिटी की सुविधा शुरू होने से कई मरीजों को राहत मिलेगी। खासकर हार्ट के मरीज, पेट की बीमारियों, किडनी और मस्तिष्क से जुड़ी बीमारियों के इलाज के लिए मरीजों को बाहर नहीं जाना पड़ता है। आदिवासी बहुल डूंगरपुर जिले में कई मरीज हार्ट, पेट और मस्तिष्क जैसी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे है। ऐसे में डूंगरपुर अस्पताल में आने वाले इन गंभीर मरीजों को रेफर कर दिया जाता है। डूंगरपुर में डॉक्टर नहीं होने से ये मरीज अभी गुजरात ओर उदयपुर के अस्पतालों में जा रहे है। ऐसे में मरीजों को आर्थिक खर्च भी उठाना पड़ रहा है। वही दूसरी ओर चारों सुपर स्पेशलिटी के डॉक्टरों की संख्या प्रदेश में काफी कम है। ऐसे में जो डॉक्टर है वे बड़े शहरों में ही बड़े अस्पताल में अपनी सेवाएं दे रहे है। जहां बड़े पैकेज के साथ ही उन्हें सुविधाएं मिलती है। डॉक्टरों के आदिवासी बहुल जिले में नहीं आने का पीछे ये भी बड़ी वजह बताई जा रही है। डॉक्टर आने के बाद शुरू हो जाएगी यूनिटगेस्ट्रो, कार्डियो, नेफ्रो ओर न्यूरोलॉजी चारो विभागों की मंजूरी मिल गई है। लेकिन डॉक्टर नहीं होने से इन विभागों की शुरुआत नहीं हो सकी है। मेडिकल कॉलेज अस्पताल के कार्यवाहक प्रिंसिपल डॉ रूपेश कुमार ने बताया कि चारों विभागों के डॉक्टर आने के बाद उनकी यूनिट शुरू हो जाएगी। मरीजों की जांच के लिए जरूरी महंगे उपकरण भी मंगवाए जाएंगे। इससे अस्पताल में सुपर स्पेशलिटी की सुविधाएं बढ़ेगी और लोगों को इलाज में राहत मिलेगी।
पाली के बांगड़ हॉस्पिटल में बार-बार हो रही चोरी की वारदातों को देखते हुए अब हॉस्पिटल प्रबंधन सख्त मुड में है। गुरुवार को उन्होंने सभी सुरक्षाकर्मियों की बैठक ली। जिन्हें हॉस्पिटल में अपने पॉइंट पर मुस्तैदी से ड्यूटी करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही हॉस्पिटल के कार्यवाहक प्रबंधक डॉ आरके विश्नोई ने सभी सुरक्षाकर्मियों से कहा कि उन्हें कोई भी संदिग्ध नजर आए तो उससे पूछताछ करें। और वार्ड के अंदर बिना मरीज भर्ती कार्ड के अलावा दूसरों न जाने दिया जाए। इसके साथ ही उन्होंने कहां कि हॉस्पिटल में पुलिस की गश्त नियमित हो इसको लेकर भी कोतवाली थाने में बोलेंगे। बता दे कि हॉस्पिटल् में 142 कैमरे लग है। जिनमें से 78 बंद पड़े है। जिन्हें दुरुस्त करवाने के लिए भी कार्रवाई के निर्देश दिए गए। हॉस्पिटल में कुल 55 सुरक्षाकर्मी लगे हुए है। बता दे कि पाली के बांगड़ हॉस्पिटल में बुधवार को पर्ची लेने लाइन में खड़ी वृद्धा भंवरी देवी के बैग से कोई उनका पर्स चोरी कर ले गया था। इसको लेकर दैनिक भास्कर डिजिटल ने बुधवार को सरकारी अस्पताल में पर्ची ले रही महिला का पर्स गायब शीर्षक से समाचार जारी किया था। बता दे कि कुछ दिन पहले ही हॉस्पिटल परिसर से बाइक चोरी हो गई थी। इसके साथ हॉस्पिटल से जूते तक चोरी हो जाते है। बार-बार हो रही इस तरह की घटनाएं हॉस्पिटल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान खडे़ करते है। यह भी पढ़े - *सरकारी अस्पताल में पर्ची ले रही महिला का पर्स गायब:* बीपी की दवा लेनी थी, लाइन में खड़ी थी; बोली- जरूरी डॉक्युमेंट्स भी थे
अमरूद की बागवानी के लिए मिल रही सब्सिडी:उद्यान विभाग में करें आवेदन, तीन साल की होती है योजना
उद्यान विभाग अमरूद की बागवानी के लिए किसानों को सब्सिडी प्रदान कर रहा है। इस योजना के तहत किसान कहीं से भी अमरूद के पौधे खरीदकर बागवानी लगा सकते हैं और अपनी आय बढ़ा सकते हैं। जिला उद्यान अधिकारी संदीप गुप्ता ने बताया कि पूर्वांचल में अमरूद की बागवानी बड़े पैमाने पर होती रही है, खासकर मऊ के परदहां ब्लॉक में। किसानों को हर साल बागवानी विकास योजना और मुख्यमंत्री बागवानी विकास योजना के तहत सब्सिडी दी जाती है। अमरूद के पौधे आमतौर पर अप्रैल महीने में लगाए जाते हैं। पौधों को लगाने से पहले गड्ढों की खुदाई कर उनमें गोबर की खाद डाली जाती है। पर्याप्त तैयारी के बाद हल्की बारिश के मौसम में इन गड्ढों में पौधे लगाए जाते हैं। उद्यान विभाग लखनऊ 49, इलाहाबादी सफेदा सहित कई गुणवत्तापूर्ण किस्मों के पौधे और उर्वरक भी किसानों को उपलब्ध कराता है। बड़े पैमाने पर बागवानी लगाने वाले किसानों को, यदि वे 6 मीटर की दूरी पर पौधे लगाते हैं, तो 30,000 रुपये प्रति हेक्टेयर की सब्सिडी दी जाती है। वहीं, हाई डेंसिटी प्लांटिंग (नजदीक दूरी) के लिए प्रथम वर्ष में 48,000 रुपये प्रति हेक्टेयर का अनुदान मिलता है। यह योजना तीन साल की होती है, जिसमें दूसरे और तीसरे वर्ष में 24,000-24,000 रुपये का अनुदान दिया जाता है, ताकि किसानों को फसल की देखभाल में सहायता मिल सके और तीन वर्षों में बागवानी पूरी तरह तैयार हो जाए।
अशोकनगर जिले में आबकारी विभाग ने रंगपंचमी पर लगने वाले करीला मेले से पहले अवैध शराब के ठिकानों पर बड़ी कार्रवाई की है। विभाग ने मौलाडेम, खाकलोन और दंगलया गांवों में दबिश देकर भारी मात्रा में महुआ लहान और हाथभट्टी शराब जब्त की। यह शराब करीला मेले में खपाने की तैयारी थी। कार्रवाई के दौरान झाड़ियों और खेतों में प्लास्टिक के 30 डिब्बों में भरा 450 लीटर महुआ लहान मिला, जिसे मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। इसके अतिरिक्त, 15 लीटर हाथभट्टी शराब भी जब्त की गई। जब्त शराब और लहान का अनुमानित बाजार मूल्य लगभग 75 हजार रुपये बताया गया है। इस मामले में आबकारी विभाग ने कुल 5 प्रकरण पंजीबद्ध कर जांच शुरू कर दी है। प्रशासन रंगपंचमी पर आयोजित होने वाले तीन दिवसीय करीला मेले को लेकर पूरी तरह सतर्क है। मेले के दौरान अवैध शराब की बिक्री को रोकने के लिए आबकारी विभाग ने पहले ही मोर्चा संभाल लिया है। करीला मेले में शराब पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। अवैध शराब बनाने वाले मेला शुरू होने से पहले सक्रिय हो जाते हैं और शराब तैयार कर आसपास के इलाकों में छिपा देते हैं। इसी आशंका को देखते हुए कलेक्टर के निर्देश पर आबकारी विभाग द्वारा विशेष गश्त और जांच अभियान चलाया जा रहा है। यह कार्रवाई आबकारी अधिकारी के निर्देशन में प्रभारी आबकारी उपनिरीक्षक सुरेश सिंह रघुवंशी द्वारा की गई। अभियान में आबकारी आरक्षक अजय सिंह तोमर, वैजन्ती खरे, शिवानी भिलाला और नगर सैनिकों का विशेष सहयोग रहा। आबकारी विभाग ने स्पष्ट किया है कि रंगपंचमी मेले तक इस तरह की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
अलवर में आयोजित होने जा रही अंतरराष्ट्रीय हाफ टाइगर मैराथन की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। गुरुवार सुबह 9 बजे से धावकों का आधार कार्ड के माध्यम से पंजीकरण किया जा रहा है, साथ ही उन्हें नंबर के साथ टी-शर्ट भी वितरित की जा रही है। इस मैराथन के लिए कुल 18 हजार से अधिक पंजीकरण हो चुके हैं। आयोजकों के अनुसार रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि 25 जनवरी तय थी, लेकिन धावकों के भारी उत्साह को देखते हुए पंजीकरण की तिथि तीन दिन के लिए बढ़ाई गई। इन अतिरिक्त तीन दिनों में ही करीब 8 हजार नए पंजीकरण दर्ज किए गए। मैराथन को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी, केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव और मैराथन के ब्रांड एंबेसडर अभिनेता रणदीप हुड्डा द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जाएगा।यह मैराथन चार श्रेणियों में आयोजित की जाएगी, जिसमें 21 किलोमीटर, 10 किलोमीटर, 5 किलोमीटर और 2 किलोमीटर की दौड़ शामिल है। सभी श्रेणियों के लिए रूट और व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। जिला भाजपा मीडिया प्रभारी ने बताया कि मैराथन रूट पर हर 600 मीटर की दूरी पर शहर के व्यापारी वर्ग और विभिन्न संस्थाओं को कुल 40 प्वाइंट दिए गए हैं, जहां से वे धावकों का उत्साहवर्धन कर सकेंगे। सुबह 5 बजे से पहले ही धावक दौड़ के लिए पहुंचना शुरू कर देंगे। धावकों के लिए प्रवेश प्वाइंट बाल भारती स्कूल की ओर रखा गया है। वहां एक अलग मंच पर म्यूजिक सिस्टम लगाया जाएगा, जहां देशभक्ति गीतों और मोटिवेशनल सॉन्ग्स के जरिए सभी धावकों का वार्म-अप कराया जाएगा। मैराथन के संयोजक अरुण जैन ने बताया कि गुरुवार सुबह 9 बजे से धावक प्रताप ऑडिटोरियम पहुंचकर आधार कार्ड की प्रति जमा कर टी-शर्ट प्राप्त कर रहे हैं। यह मैराथन ‘अलवर की शान – टाइगर थीम’ पर आयोजित की जा रही है। टी-शर्ट पर प्रत्येक धावक का यूनिक नंबर भी अंकित किया गया है।
नगर पंचायत मगहर के विभिन्न वार्डों में लाल मुंह के बंदरों के उत्पात से परेशान निवासियों को राहत दिलाने के लिए सामाजिक कार्यकर्ता पुष्पेश नंदन रावत ने पहल की है। उन्होंने अधिशासी अधिकारी (ईओ) नगर पंचायत मगहर पर इलाहाबाद हाईकोर्ट के एक आदेश की अवहेलना का आरोप लगाया है। यह आदेश 27 नवंबर 2025 को जारी किया गया था, जिसमें बंदरों के उत्पात को नियंत्रित करने का निर्देश दिया गया था। रावत ने ईओ नगर पंचायत मगहर के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव, जिलाधिकारी, अध्यक्ष नगर पंचायत मगहर, प्रभागीय वनाधिकारी और क्षेत्रीय वन अधिकारी खलीलाबाद को पत्र भेजे हैं। इन पत्रों में उन्होंने व्यापक जनहित में हाईकोर्ट के आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने मगहर कस्बे के विभिन्न वार्डों से सभी बंदरों को पकड़कर गोरखपुर के कुसमी जंगल में छोड़ने के लिए तत्काल अभियान चलाने का आग्रह किया है। ईओ नगर पंचायत मगहर को भेजे गए अपने पत्र में, रावत ने कहा कि उनके पूर्व के प्रार्थना पत्रों और वन विभाग के पत्रों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि मगहर कस्बे के विभिन्न वार्डों से लाल मुंह के बंदरों के झुंड को पकड़कर कुसमी जंगल में छोड़ने के उनके बार-बार के निवेदन को अनसुना कर दिया गया। रावत ने बताया कि 24 मार्च 2025 को एक शॉर्ट टर्म टेंडर जारी किया गया था और वर्क ऑर्डर भी दिया गया था, जिसके तहत कुछ बंदरों को पकड़कर पास के जंगल में छोड़ा गया। अधिकारियों ने यह भी कहा था कि यह प्रक्रिया जारी रहेगी और एक अखबार की कटिंग भी पेश की गई थी, जिसमें 80 बंदरों को पकड़कर जंगल में छोड़ने की बात कही गई थी। हालांकि, रावत का आरोप है कि यह केवल एक बार की कार्रवाई थी और कोर्ट को गुमराह करने के लिए फर्जी खबर छपवाई गई थी। कोर्ट ने इस स्थिति को देखते हुए प्रतिवादियों से अपेक्षा की थी कि वे बंदरों को पकड़ने और उन्हें जंगल में छोड़ने की प्रक्रिया जारी रखेंगे। रावत ने चेतावनी दी है कि यदि पूरे मगहर में व्यापक पैमाने पर अभियान चलाकर सभी लाल मुंह के बंदरों को पकड़कर जंगलों में नहीं छोड़ा जाता है, तो वह इस मामले में दोबारा कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।
सीकर में महाशिवरात्रि पर शिव बारात निकलेगी। कार्यक्रम को लेकर सीकर शहरवासियों में इस बार काफी उत्साह नजर आ रहा है। आज महाशिवरात्रि आयोजन का पोस्टर विमोचन कार्यक्रम हुआ। श्रीकल्याण धाम सीकर में महंत विष्णु प्रसाद शर्मा के सान्निध्य में मंदिर व्यवस्थापक रवि प्रसाद शर्मा ने बताया कि महाशिवरात्रि के उपलक्ष्य में शिव बारात धूमधाम से निकाली जाएगी। आयोजन में 4 दिवसीय कार्यक्रम होगा, इसके तहत 12 फरवरी से 11 लाख पंचाक्षरी जाप शुरु हो जाएंगे। 14 फरवरी को शाम 7 बजे भगवान शिव की महाआरती होगी। 15 फरवरी को सुबह सवा 8 बजे भगवान शिव की महाआरती, साढ़े 8 बजे जाप समर्पण और सवा 9 बजे संत रामचंद्र दास महाराज का समाधि पूजन, सुबह 10 बजे से रुद्राभिषेक होगा। 15 फरवरी की शाम 5 बजे भगवान शिव बारात मुख्य मार्गो से होते हुए कल्याण धाम पहुंचेगी। शिव बारात संपन्न होने पर भगवान शिव की महाआरती की जाएगी। इस कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर आज मंदिर के कार्यकर्त्ताओं की मीटिंग हुई और आयोजन को लेकर जिम्मेदारी दी गई।
सीएम की आपत्तिजनक फोटो पोस्ट करने वाले पर FIR दर्ज:पीलीभीत में IT एक्ट के तहत केस, आरोपी की तलाश तेज
पीलीभीत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की आपत्तिजनक फोटो सोशल मीडिया पर वायरल करने का मामला सामने आया है। एक युवक ने मुख्यमंत्री की फोटो को एडिट कर इंस्टाग्राम पर साझा किया, जिसके बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। सदर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम चंदोई निवासी ऐश मौर्य पुत्र धर्मवीर मौर्य ने इस संबंध में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि दूसरे समुदाय के एक युवक ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल से मुख्यमंत्री की एक संपादित (एडिटेड) फोटो साझा की थी। यह पोस्ट वायरल होने के बाद हिंदूवादी संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने कड़ी आपत्ति जताई। लोगों का कहना है कि इस तरह की गतिविधि प्रदेश के सर्वोच्च पद की गरिमा के खिलाफ है। इससे सामाजिक सौहार्द बिगड़ने और धार्मिक भावनाएं आहत होने का खतरा है। शिकायत मिलने के बाद सदर कोतवाली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी के खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया। पुलिस की साइबर सेल को सक्रिय कर दिया गया है, जो सोशल मीडिया प्रोफाइल और आईपी एड्रेस के माध्यम से आरोपी की पहचान और लोकेशन का पता लगा रही है। प्रभारी निरीक्षक सत्येंद्र कुमार ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए कहा, किसी भी व्यक्ति को मुख्यमंत्री या किसी संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति की गरिमा से खिलवाड़ करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। साइबर सेल के जरिए साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा। पुलिस की कई टीमें आरोपी की तलाश में लगातार दबिश दे रही हैं। पुलिस ने जनता से भी अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की भ्रामक या आपत्तिजनक पोस्ट साझा न करें, जिससे कानून-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
बहराइच में स्लैब गिरने से घायल श्रमिक की मौत:लखनऊ में इलाज के दौरान तोड़ा दम, 5 लोग हुए थे घायल
बहराइच के बशीरगंज इलाके में दो दिन पहले निर्माणाधीन भवन की स्लैब गिरने से घायल हुए एक श्रमिक की लखनऊ में इलाज के दौरान मौत हो गई। इस हादसे में कुल पांच मजदूर घायल हुए थे। यह घटना नगर कोतवाली क्षेत्र के बशीरगंज में हुई, जहां एक भवन पर स्लैब डालने का काम चल रहा था। काम के दौरान अचानक स्लैब का एक हिस्सा गिर गया। स्लैब गिरने की चपेट में आकर कंधई लाल, मनोज, राम निवास, विक्रम और झुलसे नामक पांच मजदूर घायल हो गए थे। इनमें से श्रावस्ती जनपद के निवासी झुलसे की हालत गंभीर थी। चिकित्सकों ने झुलसे की गंभीर हालत को देखते हुए उसे लखनऊ रेफर कर दिया था। वहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतक झुलसे के परिवार में उसकी पत्नी और एक साल का बेटा है। घटना के बाद से परिवार में मातम पसरा हुआ है।
राजस्थान में भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता को लेकर उठे सवालों के बीच राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSSB) ने बड़ा निर्णय लिया है। बोर्ड ने चपरासी भर्ती परीक्षा में शॉर्टलिस्ट किए गए अभ्यर्थियों की ओएमआर शीट को ऑनलाइन कर दिया। वहीं बोर्ड ने प्रश्न संख्या 108 के विकल्प को लेकर हुए विवाद के चलते फिर से विकल्प (D) को ही सही माना है, जिसके चलते दूसरी पारी का रिजल्ट दोबारा तैयार किया जाएगा। गुरुवार को बोर्ड ने चपरासी भर्ती में चयन की दौड़ में शामिल 1 लाख 41 हजार शॉर्टलिस्ट अभ्यर्थियों की ओएमआर शीट वेबसाइट पर अपलोड कर दी है। अब अभ्यर्थी बोर्ड की वेबसाइट पर अपनी ओएमआर शीट न केवल देख सकते हैं, बल्कि एक महीने तक उसे डाउनलोड भी कर सकेंगे। चयन बोर्ड के अध्यक्ष आलोक राज ने बताया कि हाल ही में ओएमआर शीट को लेकर विवाद सामने आया था, जिसके चलते भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हुए थे। ऐसे में बोर्ड ने निर्णय लिया है कि भविष्य में सभी भर्ती परीक्षाओं की ओएमआर शीट ऑनलाइन अपलोड की जाएगी। इसकी शुरुआत ग्रेड फोर्थ भर्ती परीक्षा से की गई है। अभ्यर्थियों को अपनी आंसर की खुद जांचने का मौका आलोक राज ने बताया कि यदि किसी अभ्यर्थी को अपनी ओएमआर शीट में किसी प्रकार की गड़बड़ी, छेड़छाड़ या आपत्ति नजर आती है, तो वह निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपनी आपत्ति दर्ज करा सकता है। इससे अभ्यर्थियों को अपनी आंसर की खुद जांचने का अवसर मिलेगा और किसी भी तरह की शंका का समाधान समय रहते किया जा सकेगा। बोर्ड अध्यक्ष ने कहा कि राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड अब तक पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ परीक्षाओं का आयोजन करता आया है और आगे भी इसी सोच के साथ काम करेगा। ओएमआर शीट को सार्वजनिक करने का फैसला भर्ती प्रक्रिया में भरोसा बनाए रखने और पारदर्शिता को और मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है। दूसरी पारी का रिजल्ट होगा रिवाइज बोर्ड ने दूसरी पारी के एक प्रश्न के उत्तर को दोबारा संशोधित करने का फैसला किया है। विवाद प्रश्न संख्या 108 को लेकर है, जिसमें बोर्ड ने प्रोविजनल आंसर की में विकल्प (D) को सही माना था, लेकिन फाइनल आंसर की में बिना किसी आपत्ति के उत्तर बदलकर विकल्प (B) कर दिया गया। अभ्यर्थियों के विरोध और तथ्यों की जांच के बाद अब बोर्ड ने फिर से विकल्प (D) को ही सही मानने का निर्णय लिया है, जिसके चलते दूसरी पारी का परीक्षा परिणाम दोबारा तैयार किया जाएगा। अध्यक्ष आलोक राज ने स्पष्ट किया कि उत्तर में बदलाव के कारण पूरी मेरिट लिस्ट रिवाइज की जाएगी। इसका सबसे ज्यादा असर बॉर्डर लाइन पर खड़े अभ्यर्थियों पर पड़ेगा। संशोधित परिणाम के बाद मौजूदा चयन सूची में शामिल कुछ अभ्यर्थी बाहर हो सकते हैं, जबकि नए अभ्यर्थियों को मेरिट में जगह मिल सकती है।
केंद्र सरकार ने भारत-बांग्लादेश और नेपाल सीमा से सटे 'चिकन नेक कॉरिडोर' की सुरक्षा को अभेद्य बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। इस अति महत्वपूर्ण सामरिक क्षेत्र में 40 किलोमीटर लंबी अंडरग्राउंड रेल ट्रैक का निर्माण किया जाएगा, साथ ही चार नई रेल लाइनें भी बिछाई जाएंगी। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को पत्रकारों को यह जानकारी दी। 'चिकन नेक' के अंतर्गत पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर जिले में कानकी से इस्लामपुर थाना क्षेत्र तक का इलाका आता है। बिहार के किशनगंज में 6 किलोमीटर का क्षेत्रइसके मध्य में लगभग 6 किलोमीटर का क्षेत्र बिहार के किशनगंज जिले में पड़ता है। यह क्षेत्र सामरिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यहां से बांग्लादेश सीमा की दूरी महज 25 किलोमीटर और नेपाल लगभग 50 किलोमीटर दूर है। भारत के मानचित्र में पश्चिम बंगाल और बिहार का यह इलाका मुर्गी की गर्दन जैसा दिखता है, इसलिए इसे 'चिकन नेक' कहा जाता है। इस 40 से 45 किलोमीटर के संकरे क्षेत्र से सड़क और रेल मार्ग एक साथ गुजरते हैं। यदि इन मार्गों को अवरुद्ध कर दिया जाए, तो पूर्वोत्तर के सात राज्यों का शेष भारत से संपर्क कट सकता है, यही कारण है कि केंद्र सरकार इस पूरे इलाके पर विशेष ध्यान दे रही है। चिकन नेक को लेकर विवाद टिप्पणी भी आ चुकीइस कॉरिडोर की संवेदनशीलता को देखते हुए, पहले भी ऐसी धमकियां सामने आ चुकी हैं। नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) लागू होने के बाद, शारजील इमाम ने 'चिकन नेक' को काटने की धमकी दी थी। दिल्ली जेल में बंद शरजील इमाम ने साल 2020 में अपने एक भाषण में कहा था कि चिकन नेक को यदि हम काट दे तो असम अलग हो जाएगा और सरकार को हमारी बात मजबूरन मानना पड़ेगा ।वही बांग्लादेश में शेख हसीना सरकार के तख्ता पलट के बाद अंतरिम सरकार के नेता मोहम्मद युनुस भी कई बार इस इलाके को लेकर विवादास्पद बयान दे चुके है। बांग्लादेश चीन के हाथों की कठपुतलीबांग्लादेश और चीन की नजदीकियां किसी से छुपी हुई नहीं है। बांग्लादेश चीन के हाथों की कठपुतली बन चुका है और चिकन नेक कॉरिडोर से सटे बांग्लादेश में चीन कई प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है ।जिसे देखते हुए अब भारत सरकार ने भी इस क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर ठोस कदम उठाना शुरू कर दिया है । बीते दिनों गृहमंत्री अमित शाह ने सिलीगुड़ी दौरे के दौरान कहा था कि चिकन नेक भारत की भूमि है किसी के बाप की भूमि नहीं है ।इसी से समझा जा सकता है कि यह इलाका कितना महत्वपूर्ण है ।किशनगंज में सेना के कई कैंप प्रस्तावित है जिनके लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। डिफेंस लॉजिस्टिक्स की आवाजाही पक्की हो सकेगी कॉरिडोर की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस पूरे इलाके की ऐसी किलेबंदी की जा रही है कि परिंदा भी पर न मार सके। 40 किलोमीटर लंबे रेलवे टनल और चार नई रेल लाइन के निर्माण से पूर्वोत्तर के सात राज्यों के साथ शेष भारत का न सिर्फ संपर्कमजबूत होगा बल्कि डिफेंस लॉजिस्टिक्स की बिना रुकावट आवाजाही पक्की हो सकेगी।
पंजाब भर में युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए पंजाब सरकार की ओर से 9 फरवरी को राज्यस्तरीय जॉब फेयर का आयोजन किया जा रहा है। यह जॉब फेयर पंजाब के सभी जिलों के मुख्य सेवा केंद्र (सेवा केंद्र) में लगाया जाएगा। 9 फरवरी से जॉब फेयर सभी जिलों में होगा आयोजित परियोजना प्रमुख प्रभजोत सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि सोमवार, 9 फरवरी को यह जॉब फेयर सभी जिलों के डीसी कार्यालयों में स्थित मेन सेवा केंद्रों में आयोजित होगा। जॉब फेयर का समय सुबह 9:30 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक रहेगा। KYC ऑपरेटरों की होगी भर्ती उन्होंने बताया कि इस दौरान KYC ऑपरेटरों की भर्ती की जाएगी। यह अवसर खासतौर पर 12वीं पास युवाओं के लिए है, जिन्हें कंप्यूटर का अच्छा कार्य ज्ञान हो। इच्छुक उम्मीदवार अपने जिले के डीसी कॉम्प्लेक्स स्थित मुख्य सेवा केंद्र में 9 फरवरी को इंटरव्यू के लिए पहुंच सकते हैं। उम्मीदवारों को अपने साथ शैक्षणिक प्रमाण पत्र और निवास प्रमाण पत्र लाना अनिवार्य होगा।
पंजाब के मानसा में बरनाला-सिरसा नेशनल हाईवे पर स्थित मूसा चुंगी के पास बुधवार देर शाम एक दर्दनाक सड़क हादसा होने का समाचार प्राप्त हुआ है। एक अज्ञात ट्राले की चपेट में आने से मोटरसाइकिल सवार व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान मानसा के वार्ड नंबर 25 निवासी टहला सिंह (40) पुत्र गिंदर सिंह के रूप में हुई है। पुलिस ने घटनास्थल पर पहुँचकर मामले की छानबीन शुरू कर दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, टहला सिंह मानसा के ही एक पैलेस में काम करता था। बुधवार शाम करीब 6:30 बजे वह अपनी ड्यूटी खत्म करने के बाद मोटरसाइकिल पर सवार होकर घर वापस लौट रहा था। जैसे ही वह मूसा चुंगी के समीप पहुँचा, पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार अज्ञात ट्राले ने उसकी मोटरसाइकिल को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भयानक थी कि टहला सिंह ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि चालक वाहन सहित फरार होने में सफल रहा। इस हादसे ने एक हँसते-खेलते परिवार को गहरे जख्म दिए हैं। मृतक टहला सिंह अपनी चार बहनों का इकलौता भाई था और घर का मुख्य सहारा था। उसके परिवार में वृद्ध माता-पिता के अलावा पत्नी और दो छोटे बेटे हैं। परिजनों (बलविंदर सिंह और मक्कण सिंह) ने बताया कि उन्हें इस दुखद घटना की सूचना शाम करीब 7 बजे मिली, जिसके बाद से ही पूरे मोहल्ले में शोक की लहर है। मृतक का शव फिलहाल मानसा के सिविल अस्पताल के शवगृह में रखा गया है। घटना की सूचना मिलते ही थाना सिटी-वन की पुलिस टीम ने मौके पर पहुँचकर स्थिति का जायजा लिया। परिजनों ने जिला प्रशासन और पुलिस विभाग से पुरजोर मांग की है कि क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से अज्ञात ट्राला चालक की जल्द से जल्द पहचान की जाए और उसे गिरफ्तार कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अज्ञात वाहन के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और तलाश जारी है।
कमिश्नर ने SIR प्रक्रिया का निरीक्षण किया:अधिकारियों को पारदर्शिता और समय के काम करने के निर्देश
कमिश्नर अनिल ढींगरा और जिलाधिकारी संतोष शर्मा ने गुरुवार को परतावल ब्लॉक में एसआईआर (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन रिपोर्ट) प्रक्रिया का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने दोपहर करीब 12:30 बजे पहुंचकर अभिलेखों की जांच की और कार्य की प्रगति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान कमिश्नर अनिल ढींगरा ने स्पष्ट निर्देश दिए कि एसआईआर से संबंधित सभी कार्य पारदर्शी तरीके से और निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरे किए जाएं। उन्होंने जोर दिया कि रिपोर्ट में वास्तविक तथ्यों का समावेश होना चाहिए और किसी भी प्रकार की लापरवाही या गलत सूचना पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी संतोष शर्मा ने संबंधित अधिकारियों से अब तक की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने लंबित बिंदुओं को शीघ्र पूरा करने के निर्देश देते हुए कहा कि प्रक्रिया में गुणवत्ता और निष्पक्षता का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। इस निरीक्षण के दौरान ब्लॉक प्रमुख आनंद शंकर वर्मा, खंड विकास अधिकारी संतोष यादव और संबंधित विभागों के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। कमिश्नर ने सभी अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि एसआईआर से संबंधित रिपोर्ट समय पर शासन को भेजी जाए, ताकि आगे की कार्यवाही में कोई विलंब न हो। अधिकारियों के इस दौरे से एसआईआर प्रक्रिया में अपेक्षित तेजी आने की उम्मीद है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि पूरी प्रक्रिया नियमों के अनुरूप ही संपन्न कराई जाएगी।
भिवानी के लघु सचिवालय के बाहर कांग्रेस ने मनरेगा बहाली को लेकर धरना प्रदर्शन किया। इसकी अध्यक्षता ग्रामीण अध्यक्ष अनिरुद्ध चौधरी व शहरी अध्यक्ष प्रदीप गुलिया ने की। साथ ही कांग्रेस पार्टी के जिलाभर के पदाधिकारियों ने कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर मनरेगा की बहाली तथा मजदूरों को रोजगार की गारंटी दिए जाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। भिवानी के ग्रामीण जिला प्रधान अनिरुद्ध चौधरी व शहरी जिला प्रधान प्रदीप गुलिया ने बताया कि उनका यह एक दिवसीय प्रदर्शन एक फरवरी से 6 फरवरी तक प्रदेश के विभिन्न जिला मुख्यालयों पर आयोजित किया जा रहा है। उनकी मांग है कि मनरेगा को फिर से बहाल किया जाए तथा मजदूरों को रोजगार की गारंटी दी जाए। कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि वर्तमान में जो मनरेगा का प्रारूप बदला है, उसमें 125 दिन रोजगार दिए जाने की बात कही जाती है। जबकि रोजगार की गारंटी एक दिन की भी नहीं है। उन्होंने कहा कि उनकी मांग है कि 200 दिन रोजगार की गारंटी दी जाए तथा पंचायतों के अधिकारों में बढ़ोत्तरी की जाए तथा मजदूरों का जो बकाया पैसा है वह भी उनके खातों में डलवाया जाए। उन्होंने कहा कि इस कानून के तहत प्रदेश का 40 प्रतिशत हिस्सा किया गया है। प्रदेश कर्ज में डूबे हुए है तथा 40 प्रतिशत हिस्सा देने के बाद ही नए कानून के तहत केंद्र अपना 60 प्रतिशत हिस्सा मजदूरों को नए वीबीजी राम जी योजना के तहत देगा। ऐसे में राज्य का शेयर ना दिए जाने पर केंद्र का शेयर भी रूक जाएगा तथा मजदूरों को रोजगार नहीं मिल पाएगा। यूरोपीयन देशों से डील हुई, उससे देश के किसानों का अहित हुआ उन्होंने कहा कि वर्तमान में जो यूरोपीयन देशों से डील हुई है, उससे देश के किसानों का अहित हुआ है। क्योंकि इस डील में भारत की परिस्थितियों को नहीं देखा गया, क्योंकि भारत के किसानों के पास पानी तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं की कमी है तथा वे खेती के विभिन्न प्रारूपों पर अधिक इन्वेस्ट भी नहीं कर सकते। भारत का मौसम व परिस्थितियां भी अलग है, ऐसे में भारतीय किसान विदेशियों के लिए जो रास्ता खोलकर देश का मार्केट उनके लिए खोला है, उसका मुकाबला नहीं कर पाएंगे, जिससे भारत के किसानों के हालात पहले से भी बदतर हो जाएंगे।
सुल्तानपुर में कांग्रेस का प्रदर्शन:वोटर लिस्ट पुनरीक्षण में अनियमितता का आरोप, आंदोलन की चेतावनी
सुलतानपुर जिले में मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यक्रम में अनियमितताओं का आरोप लगाया गया है। कांग्रेस ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। पार्टी ने अपनी मांगों पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा ने आरोप लगाया कि सत्ताधारी दल के कार्यकर्ता, जिनमें उनके बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) भी शामिल हैं, बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) पर दबाव बना रहे हैं। उनका कहना है कि अल्पसंख्यक, पिछड़े और दलित मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने के लिए फॉर्म 7 जमा किए जा रहे हैं। पार्टी ने आशंका व्यक्त की है कि बड़ी संख्या में फॉर्म 7 जमा होने से इन समुदायों के मतदाताओं को मतदान के अधिकार से वंचित किया जा सकता है। कांग्रेस के बीएलए द्वारा फॉर्म 7 में उल्लिखित नामों की सूची मांगने पर बीएलओ द्वारा जानकारी नहीं दी जा रही है। कांग्रेस ने राष्ट्रपति से मांग की है कि प्रत्येक बूथ पर भरे गए फॉर्म 7 में उल्लिखित नामों की सूची उन्हें उपलब्ध कराई जाए। इसके साथ ही, फॉर्म 7 आवेदनकर्ताओं की पहचान सार्वजनिक करने और बीएलओ पर दबाव डालने वाले राजनीतिक सदस्यों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश दिया जाए। पार्टी ने यह भी मांग की है कि मतदाता सूची बनाने में गड़बड़ी के दोषी पाए जाने वाले बीएलओ को पद से हटाने का आदेश जारी किया जाए। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं, तो वे जिला निर्वाचन अधिकारी के खिलाफ आंदोलन चलाने के लिए बाध्य होंगे। इस विरोध प्रदर्शन में वरुण मिश्रा, मोहित तिवारी, शरद श्रीवास्तव, हामिद राइनी, रणजीत सलूजा, पवन मिश्रा और मनीष तिवारी सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
राजसमंद में नशा तस्करों के खिलाफ पुलिस प्रशासन ने अब तक की सबसे सख्त कार्रवाई करते हुए अपराधियों की आर्थिक कमर तोड़ने का अभियान शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में गुरुवार सुबह नाथद्वारा पुलिस ने तस्कर सुरेंद्र सिंह के अवैध निर्माण को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया। अवैध दुकान तोड़ी यह कार्रवाई भलवातो का खेड़ा क्षेत्र में नगर पालिका की भूमि पर किए गए अवैध अतिक्रमण को लेकर की गई। तस्कर ने नगर पालिका के रास्ते की जमीन पर अवैध रूप से बनाई गई बाउंड्रीवाल और दुकानों को कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद गिरा दिया गया। पुलिस जाब्ता रहा मौजूद कार्रवाई के दौरान नायब तहसीलदार, आरआई, पटवारी, वृत निरीक्षक विक्रम सिंह, नगर पालिका के एईएन, जेईएन, सहायक अधिकारी, अतिक्रमण निरोधी दस्ते के कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में पुलिस जाब्ता मौके पर मौजूद रहा। डीएसपी शिप्रा राजावत ने बताया कि गिरिराजपुरा निवासी सुरेंद्र सिंह के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कई गंभीर प्रकरण दर्ज हैं। हाल ही में उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। उन्होंने बताया कि नशा तस्करी से अर्जित अवैध कमाई से बनाए गए निर्माणों को चिन्हित कर यह कार्रवाई की गई है। सीआई विक्रम सिंह ने कहा कि पुलिस नशे के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है और आगे भी ऐसे अपराधियों पर सख्त कदम उठाए जाएंगे।
भीलवाड़ा के आरजिया गांव के निकट आज कोटा बाईपास रोड पर कोठारी नदी में बच्ची का भ्रूण पानी में दिखाई दिया। मौके से गुजर रहे कुछ लोगों ने जब शव पानी में देखा तो बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए। सूचना मिलने के बाद मांडल थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने भ्रूण को नदी से बाहर निकाला और पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भिजवाया। ्भ्रूरण को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया मांडल थाने के एएसआई के सी धाबाई ने बताया कि ग्रामीणों की सूचना पर मौके पर पहुंचे। बच्ची के भ्रूण को नदी से बाहर निकलवा कर अस्पताल पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। पोस्टमार्टम के बाद ही पता लग पाएगा कि यह बच्ची मृत अवस्था में फेंकी गई अथवा जीवित थी। फिलहाल मामला दर्ज कर लिया ओर आसपास में पूछताछ की जा रही है।
भारतीय जनता पार्टी में संगठनात्मक फैसलों को लेकर एक बार फिर विवाद सामने आया है। चित्तौड़गढ़ भाजपा जिला उपाध्यक्ष बनाए जाने के 37 घंटे बाद ही सुदर्शन रामपुरिया ने इस पद से इस्तीफा दे दिया। गुरुवार को वे जैन समाज क साथ बीजेपी ऑफिस पहुंचे और कार्यालय प्रमुख को इस्तीफा सौंपा। 16 दिन पहले उन्हें नगर अध्यक्ष के पद से हटा दिया गया था। मंगलवार को पार्टी ने जिला उपाध्यक्ष बनाया था। पार्टी को दिए इस्तीफे में उन्होंने लिखा- जैन समाज भाजपा समर्थित रहा है। लेकिन, इस घटनाक्रम से समाज और मुझे गहरा आघात पहुंचा हैं। 16 दिन में बदला गया नगर मंडल अध्यक्ष दरअसल, मंगलवार देर रात भाजपा ने चित्तौड़गढ़ में बड़ा संगठनात्मक फैसला लेते हुए 16 दिनों के भीतर ही भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष को बदल दिया गया। सुदर्शन रामपुरिया को हटाकर गौरव त्यागी को नगर मंडल अध्यक्ष की जिम्मेदारी दे दी गई। इतने कम समय में अध्यक्ष बदले जाने से कार्यकर्ताओं में असमंजस की स्थिति बन गई और संगठन के फैसलों पर सवाल उठने लगे। डैमेज कंट्रोल के तौर पर दिया गया नया पद नगर मंडल अध्यक्ष पद से हटाए जाने के बाद पार्टी ने डैमेज कंट्रोल करने के लिए सुदर्शन रामपुरिया को भाजपा जिला उपाध्यक्ष का पद दिया। पार्टी का मानना था कि इससे नाराजगी कम होगी और मामला शांत हो जाएगा। लेकिन यह फैसला भी ज्यादा देर तक नहीं टिक सका। सुदर्शन रामपुरिया ने इस जिम्मेदारी को स्वीकार करने से इनकार करते हुए इस्तीफा देने का निर्णय ले लिया। जैन समाज के साथ बीजेपी कार्यालय पहुंचे इस्तीफे के बाद सुदर्शन रामपुरिया दोपहर में अपने सकल जैन समाज के साथ भाजपा कार्यालय पहुंचे। वहां उन्होंने औपचारिक रूप से जिला उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा सौंपा। इस दौरान समाज के लोगों की बड़ी मौजूदगी रही। पूरे घटनाक्रम को लेकर जैन समाज में भी आक्रोश देखने को मिला। समाज के लोगों का कहना था कि संगठन को फैसले लेते समय समाज की भावनाओं का भी ध्यान रखना चाहिए। सुदर्शन रामपुरिया ने कहा - कोई शिकायत नहीं है सुदर्शन रामपुरिया ने कहा कि उन्हें पार्टी से कोई शिकायत या विरोध नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी का ही फैसला था कि उन्हें नगर मंडल अध्यक्ष बनाया गया और पार्टी का ही फैसला था कि उन्हें उस पद से हटाया गया। उन्होंने कहा कि वह वर्तमान परिस्थितियों में कोई जिम्मेदारी नहीं संभाल सकते, इसलिए उन्होंने खुद इस्तीफा दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि उनका फैसला पूरी तरह निजी है। रामपुरिया बोले - पार्टी के कार्यकर्ता बनकर करूंगा सेवा इस्तीफे के बाद भी सुदर्शन रामपुरिया ने पार्टी के प्रति अपनी निष्ठा दोहराई। उन्होंने कहा कि वह भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता हैं और आगे भी रहेंगे। पार्टी जैसा निर्देश देगी, वह वैसा ही काम करेंगे और संगठन की सेवा करते रहेंगे। उन्होंने साफ किया कि उनका कदम पार्टी विरोधी नहीं है, बल्कि सम्मान और आत्मसम्मान से जुड़ा निर्णय है। इस्तीफा से पार्टी के कार्यप्रणाली पर उठे सवाल इस पूरे घटनाक्रम के बाद भाजपा के संगठनात्मक फैसलों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। 16 दिनों में नगर मंडल अध्यक्ष बदले जाने और फिर जिला उपाध्यक्ष पद से इस्तीफे ने पार्टी की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब यह देखना जरूरी होगा कि पार्टी नेतृत्व इस स्थिति को कैसे संभालता है और कार्यकर्ताओं व समाज में बनी नाराजगी को दूर करने के लिए क्या कदम उठाता है। वहीं भले ही कार्यालय में जैन समाज के लोग शामिल हो लेकिन इनमें कई कार्यकर्ता विधायक गुट के है, ऐसे में यह चर्चा हो रही है कि चित्तौड़गढ़ विधायक क गुट इस फैसले से नाराज हैं। इस्तीफा पत्र में लिखा है कि मैं सुदर्शन रामपुरिया, जिन्हें पूर्व में भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई थी, जो मेरे पास लगभग 16 दिन भी नहीं रही। वर्तमान में यह जिम्मेदारी किसी अन्य को देकर मुझे भाजपा जिला उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। जैन समाज प्रारंभ से ही भाजपा समर्थित रहा है, परन्तु इस घटनाक्रम से समाज को एवं मुझे गहरा आघात पहुंचा है। आगे भी इस प्रकार दायित्व में परिवर्तन की संभावना को देखते हुए, मैं भाजपा जिला उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी वहन करने में असमर्थ हूँ।अतः मुझे इस पद की जिम्मेदारी से मुक्त रखा जाए। मैं भारतीय जनता पार्टी का कार्यकर्ता हूं और आगे भी रहूंगा।
अयोध्या के एक सरकारी धान खरीद केंद्र पर एक किसान के लगभग 20 क्विंटल धान की चोरी का आरोप लगा है। किसान शिवशंकर तिवारी ने इस संबंध में मुख्यमंत्री को शिकायत भेजी है। यह घटना बी-पैक्स, गनेशपुर स्थित राजकीय धान क्रय केंद्र की है। शिकायतकर्ता शिवशंकर तिवारी ने बताया कि उन्होंने 23 दिसंबर 2025 को अपना धान बेचने के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली से उक्त केंद्र पर भेजा था। आरोप है कि केंद्र की सचिव सीमा पाल, उनके भाई (सहायक सचिव) और उनके पिता (चौकीदार) ने अपने कर्मचारियों के साथ मिलकर धान की तौल में हेराफेरी की। तिवारी के अनुसार, उनके पास धान की तौल में हुई चोरी का वीडियो फुटेज मौजूद है। उन्होंने यह भी बताया कि इससे पहले भी इसी केंद्र पर क्षेत्र के एक अन्य किसान के धान की तौल में बड़े पैमाने पर चोरी की गई थी। 24 दिसंबर 2025 को जब शिवशंकर तिवारी ने इस घटना की शिकायत केंद्र पर की, तो सचिव ने कथित तौर पर कहा, जो करना है कर लो, ऊपर तक सभी अधिकारियों को इस बात की जानकारी है। केंद्र पर काम करने वाले मजदूरों ने भी बताया कि सचिव के पिता उन्हें धमकी देते थे कि यदि वे चोरी नहीं करेंगे तो उन्हें मजदूरी नहीं मिलेगी। किसान ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि उनके प्रार्थना पत्र पर संज्ञान लेते हुए दोषी कर्मचारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई की जाए। किसान का यह भी कहना है कि आमतौर पर धान की तौल गोदाम के बाहर होती है, लेकिन इस केंद्र पर गोदाम के अंदर तौल की जाती है। तौल के दौरान बोरियां गायब कर दी जाती हैं, और शिकायत करने पर विवाद किया जाता है। सचिव, सहायक सचिव और गोदाम चौकीदार एक ही परिवार के सदस्य हैं। इस संबंध में जिला विपणन अधिकारी धनंजय सिंह से जानकारी मांगी गई तो उन्होंने बताया कि मामला अभी उनके संज्ञान में नहीं आया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि शिकायत आती है तो जांच की जाएगी और जांच में जो दोषी पाया जाएगा उसके विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी।
श्रावस्ती में शासन की महत्वपूर्ण एग्रीस्टैक योजना के तहत किसानों की फार्मर आईडी बनाने में लापरवाही बरतने पर 216 जनसेवा केंद्र (सीएससी) संचालकों को नोटिस जारी किया गया है। यह जानकारी अपर जिलाधिकारी अमरेंद्र कुमार वर्मा ने दी। अपर जिलाधिकारी ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर जनपद के सभी भूमिधर किसानों की फार्मर आईडी बनाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत सभी जनसेवा केंद्रों को प्रतिदिन कम से कम 10 फार्मर आईडी आवेदन करने का लक्ष्य दिया गया है। सीएससी ई-गवर्नेंस सर्विसेज इंडिया लिमिटेड द्वारा उपलब्ध कराई गई प्रगति रिपोर्ट के अनुसार, 1 जनवरी 2026 से 23 जनवरी 2026 की अवधि में जिले के कुल 267 सीएससी केंद्रों में से 216 केंद्रों ने 5 से भी कम पंजीकरण किए। इससे स्पष्ट होता है कि संबंधित केंद्रों द्वारा योजना में अपेक्षित रुचि नहीं ली जा रही है, जिससे प्रदेश स्तर पर जिले की स्थिति प्रभावित हो रही है। अपर जिलाधिकारी ने इस स्थिति को शासकीय निर्देशों की अवहेलना बताया। उन्होंने कहा कि जिन 216 सीएससी केंद्रों का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं पाया गया है, उन्हें 7 दिन के भीतर कार्य में सुधार करने और ऐसे सभी किसानों की फार्मर आईडी बनवाने के निर्देश दिए गए हैं, जिनकी आईडी अब तक नहीं बनी है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय सीमा में अपेक्षित प्रगति सुनिश्चित नहीं की गई, तो संबंधित जनसेवा केंद्रों का आवंटन नियमानुसार रद्द कर दिया जाएगा। इस कार्य में किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।
सिंधी काउंसिल ऑफ इंडिया छत्तीसगढ़ इकाई के प्रतिनिधिमंडल ने रायपुर पुलिस कमिश्नर संजीव शुक्ला से कमिश्नर कार्यालय में सौजन्य मुलाकात की। यह मुलाकात सिंधी काउंसिल ऑफ इंडिया छत्तीसगढ़ इकाई के अध्यक्ष ललित जैसिंघ और शदाणी दरबार के सचिव उदय शदाणी के नेतृत्व में हुई। ये सदस्य रहे मौजूद इस अवसर पर ललित जैसिंघ, उदय शदाणी, विक्की लोहाना, सुनील कुकरेजा, डॉ. एन.डी. गजवानी, मोहन वलयानी, रितेश वाधवा, धनेश मटलानी, निलेश तारवानी, जीतू लोहाना और राजेश रेलवानी उपस्थित रहे।
कानपुर के बिधनू में आगे चल रहे ट्रक में पीछे से डंपर जा घुसा। हादसे के बाद कानपुर-सागर हाईवे पर जाम लगना शुरू हो गया। बिधनू पुलिस और एनएचआई ने क्षतिग्रस्त वाहन को हाइवे से किनारे नहीं कराया। इसके चलते लगभग 6 घंटे तक हाइवे पर यातायात प्रभावित रहा। जाम लगने की सूचना मिलते ही घाटमपुर एसीपी मौके पर पहुंचे उन्होंने पुलिस बल के साथ क्षतिग्रस्त वाहन को किनारे करवा कर हाईवे पर यातायात बहाल कराया है। इस दौरान लगभग 20 किलोमीटर तक जाम के हालात बने रहे। जाम की यह 2 तस्वीर देखिए… आगे चल रहे ट्रक में घुसा डंपर गुरुवार सुबह करीब 4 बजे बिधनू थाना क्षेत्र के रिंद नदी पुल के पास आगे चल रहे ट्रक ने अचानक ब्रेक लगा दी। इससे अनियंत्रित डंपर ट्रक में पीछे से जा घुसा। हादसे में डंपर चालक पतरेठा निवासी बब्लू और क्लीनर घनश्याम घायल हो गया। राहगीरों की सूचना पर पहुंची बिधनू पुलिस ने हाइवे पर खड़े क्षतिग्रस्त वाहन को किनारे नहीं करवाया। पुलिस की इसी लापरवाही के चलते जाम के हालात बनते चले गए। हाइवे पर गाड़ियों की लाइन लग गई। लगभग छह घंटे तक जाम लगा रहा। दोनों लेन पर 6 घंटे तक जाम जानकारी मिलते घाटमपुर एसीपी कृष्णकांत यादव ने मौके पर पहुंचे। क्षतिग्रस्त वाहन को किनारे करवाया। इसके बाद हाइवे पर यातयात बहाल हो सका। इस दौरान लगभग 20 किलो मीटर लंबा जाम लगा रहा। लगभग छह घंटे यातयात प्रभावित रहा। घाटमपुर एसीपी कृष्णकांत यादव ने बताया कि सूचना मिली थी, हाइवे पर क्षतिग्रस्त वाहनों को किनारे करवाकर यातयात बहाल कराया गया है। हादसे के बाद कानपुर सागर हाइवे पर घाटमपुर की ओर पतारा तक कानपुर की ओर रमईपुर तक जाम के हालात बने रहे। पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहनों को किनारे करवाकर हाइवे पर यातयात बहाल कराया है।
कानपुर के बिधनू में आगे चल रहे ट्रक में पीछे से डंपर जा घुसा। हादसे के बाद कानपुर-सागर हाईवे पर जाम लगना शुरू हो गया। बिधनू पुलिस और एनएचआई ने क्षतिग्रस्त वाहन को हाइवे से किनारे नहीं कराया। इसके चलते लगभग 6 घंटे तक हाइवे पर यातायात प्रभावित रहा। जाम लगने की सूचना मिलते ही घाटमपुर एसीपी मौके पर पहुंचे उन्होंने पुलिस बल के साथ क्षतिग्रस्त वाहन को किनारे करवा कर हाईवे पर यातायात बहाल कराया है। इस दौरान लगभग 20 किलोमीटर तक जाम के हालात बने रहे। जाम की यह 2 तस्वीर देखिए… इस तरह जाम लगा गुरुवार सुबह करीब 8 बजे बिधनू थाना क्षेत्र के रिंद नदी पुल के पास आगे चल रहे ट्रक ने अचानक ब्रेक लगा दी। इससे अनियंत्रित डंपर ट्रक में पीछे से जा घुसा। हादसे में डंपर चालक पतरेठा निवासी बब्लू और क्लीनर घनश्याम घायल हो गया। राहगीरों की सूचना पर पहुंची बिधनू पुलिस ने हाइवे पर खड़े क्षतिग्रस्त वाहन को किनारे नहीं करवाया। पुलिस की इसी लापरवाही के चलते जाम के हालात बनते चले गए। हाइवे पर गाड़ियों की लाइन लग गई। लगभग छह घंटे तक जाम लगा रहा। 20 किलोमीटर लंबा जाम जानकारी मिलते घाटमपुर एसीपी कृष्णकांत यादव ने मौके पर पहुंचे। क्षतिग्रस्त वाहन को किनारे करवाया। इसके बाद हाइवे पर यातयात बहाल हो सका। इस दौरान लगभग 20 किलो मीटर लंबा जाम लगा रहा। लगभग छह घंटे यातयात प्रभावित रहा। घाटमपुर एसीपी कृष्णकांत यादव ने बताया कि सूचना मिली थी, हाइवे पर क्षतिग्रस्त वाहनों को किनारे करवाकर यातयात बहाल कराया गया है। हादसे के बाद कानपुर सागर हाइवे पर घाटमपुर की ओर पतारा तक कानपुर की ओर रमईपुर तक जाम के हालात बने रहे। पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहनों को किनारे करवाकर हाइवे पर यातयात बहाल कराया है।
सतना में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. मनोज शुक्ला के सामने मैहर जिले के सिविल अस्पताल अमरपाटन में दो डॉक्टर आपस में बहस करने लगे। अस्पताल के निरीक्षण के दौरान हुई इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। बुधवार को सीएमएचओ डॉ. शुक्ला सिविल अस्पताल अमरपाटन पहुंचे थे। निरीक्षण के दौरान जब वे इमरजेंसी वार्ड में गए, तो उसे खाली पाया। उन्होंने स्टाफ से ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर के बारे में पूछा, जिस पर बताया गया कि उस समय कोई मरीज नहीं था। ड्यूटी को लेकर बहसइसी दौरान, डॉ. सुशील गुप्ता और डॉ. नुरुल हसन के बीच ड्यूटी को लेकर बहस शुरू हो गई। एक डॉक्टर ने आरोप लगाया कि इमरजेंसी वार्ड के डॉक्टर अक्सर अनुपस्थित रहते हैं, जबकि दूसरे ने इस बात का खंडन किया। बहस बढ़ती देख अन्य डॉक्टरों ने हस्तक्षेप किया और प्रोटोकॉल का पालन करने को कहा, जिसके बाद मामला शांत हुआ। इस दौरान सीएमएचओ के साथ बीएमओ डॉ. आरके सतनामी, अस्पताल प्रभारी डॉ. हिमांशु पांडेय, डॉ. आरके तिवारी, डॉ. भीम गोपाल सिंह भदौरिया, डॉ. सुंदरम द्विवेदी, डॉ. जे पी त्रिपाठी और बीपीएम केवी नामदेव सहित स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारी व कर्मचारी मौजूद थे।
हॉस्पिटल में मरीज की जेब से 8500 रुपए पार:रजिस्ट्रेशन काउंटर की लाइन में खड़ा था, चोरी ने काटी जेब
चूरू जिले के रतनगढ़ स्थित सरकारी जालान अस्पताल में डॉक्टर को दिखाने आए एक मरीज की जेब कट गई। अज्ञात चोर ने उसकी जेब से 8,500 रुपए पार कर लिए। बछरारा निवासी रामनिवास मेघवाल गुरुवार दोपहर अपनी तबीयत खराब होने पर अस्पताल आए थे। वे पर्ची लेने के लिए रोगी पंजीयन काउंटर पर लगी लाइन में खड़े थे, तभी यह घटना हुई। जेब कटने का एहसास होने पर उन्होंने शोर मचाया, लेकिन चोर का कोई सुराग नहीं मिला।सूचना मिलने पर अस्पताल चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने रोगी पंजीयन काउंटर के पास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले हैं। हालांकि चोर का अभी तक कोई सुराग नहीं लग पाया है।
जोधपुर-साबरमती एक्सप्रेस आबूरोड तक ही चलेगी:4 ट्रेनों का शेड्यूल बदलेगा कल, वंदे भारत भी चलेगी लेट
उत्तर पश्चिम रेलवे के मदार-पालनपुर रेलखंड पर चल रहे तकनीकी काम के चलते 6 फरवरी को रेल यातायात प्रभावित रहेगा। इस दौरान जोधपुर-साबरमती रूट की लाइफ लाइन मानी जाने वाली वंदे भारत सुपरफास्ट एक्सप्रेस सहित चार प्रमुख ट्रेनों का संचालन प्रभावित होगा। रेलवे प्रशासन की ओर से एक ब्रिज पर गर्डर बदलने के काम के लिए ट्रैफिक ब्लॉक लिया गया है, जिसके कारण यात्रियों को आंशिक रद्दीकरण और ट्रेनों की देरी का सामना करना पड़ेगा। जोधपुर डीआरएम अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि मदार-पालनपुर सेक्शन में मावल और श्री अमीरगढ़ स्टेशनों के बीच ब्रिज संख्या 812 पर स्टील गर्डर बदलने का काम होना है। इस जरूरी सुरक्षा और रख-रखाव कार्य के लिए शुक्रवार को ब्लॉक लिया जाएगा। इसका सबसे ज्यादा असर गाड़ी संख्या 14821, जोधपुर-साबरमती एक्सप्रेस पर पड़ेगा। यह ट्रेन शुक्रवार को अपने निर्धारित गंतव्य साबरमती तक नहीं जाकर केवल आबूरोड तक ही संचालित की जाएगी। इसी वजह से वापसी में शनिवार को गाड़ी संख्या 14822, साबरमती-जोधपुर एक्सप्रेस भी साबरमती के बजाय आबूरोड से ही जोधपुर के लिए रवाना होगी। यानी आबूरोड से साबरमती के बीच यह ट्रेन आंशिक रूप से रद्द रहेगी। वंदे भारत और मुंबई स्पेशल लेट ब्लॉक का असर प्रीमियम ट्रेनों के समय पर भी पड़ेगा। गाड़ी संख्या 12462 साबरमती-जोधपुर वंदे भारत एक्सप्रेस शुक्रवार को साबरमती स्टेशन से अपने निर्धारित समय शाम 4.55 बजे के बजाय एक घंटा देरी से रवाना होगी। इसी तरह, गाड़ी संख्या 09084 भगत की कोठी-मुंबई सेंट्रल साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन को भी रीशेड्यूल किया गया है। यह ट्रेन शुक्रवार को भगत की कोठी से अपने तय समय सुबह 11.30 बजे के स्थान पर साढ़े तीन घंटे की देरी से प्रस्थान करेगी। रेगुलेट होगी रणकपुर एक्सप्रेस इसके अलावा, गाड़ी संख्या 14707 हनुमानगढ़-दादर रणकपुर एक्सप्रेस को भी मार्ग में नियंत्रित (रेगुलेट) करके चलाया जाएगा। यह ट्रेन शुक्रवार को जोधपुर से आबूरोड के बीच करीब 60 मिनट यानी एक घंटे तक रेगुलेट रहेगी, जिससे यह अपने गंतव्य पर देरी से पहुंचेगी। रेल प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की असुविधा से बचने के लिए यात्रा शुरू करने से पहले उचित माध्यमों से अपनी ट्रेन की वर्तमान स्थिति और समय सारिणी जरूर चेक कर लें।
आगरा में पहली बार 71वीं अंतरराष्ट्रीय पुस्तकालय संगोष्ठी का आयोजन केंद्रीय हिंदी संस्थान, आगरा में किया जा रहा है। इस ऐतिहासिक आयोजन के उद्घाटन अवसर पर राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ किशनराव बागडे आज केंद्रीय हिंदी संस्थान पहुंचे। उनके आगमन को लेकर संस्थान परिसर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रही। राज्यपाल हरिभाऊ किशनराव बागडे ने संस्थान पहुंचते ही सबसे पहले सत्यनारायण गॉड के जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इसके बाद कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत राष्ट्रगान एवं संस्थान गीत के साथ हुई। तत्पश्चात उन्होंने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम को आगे बढ़ाया। इसके साथ ही विभिन्न प्रांतों के बच्चों ने सरस्वती वंदना और संस्थान गीत गाकर राज्यपाल का स्वागत किया। इस अवसर पर राज्यपाल का संस्थान परिवार की ओर से स्वागत एवं सम्मान किया गया। केंद्रीय हिंदी संस्थान के निदेशक प्रो. सुनील बाबुराव कुलकर्णी ने राज्यपाल को ब्रज क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान के प्रतीक के रूप में राधा-कृष्ण की तस्वीर भेंट की और ब्रज भूमि में आगमन के लिए आभार व्यक्त किया। अटल बिहारी वाजपेयी अंतरराष्ट्रीय सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में मंच पर संस्थान के पदाधिकारी, आयोजन समिति के सदस्य एवं भारतीय पुस्तकालय संघ के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। पूरे कार्यक्रम के दौरान शांति व्यवस्था बनी रही और आयोजन सुव्यवस्थित रूप से चल रहा है। उल्लेखनीय है कि केंद्रीय हिंदी संस्थान, आगरा के स्वामी विवेकानंद केंद्रीय पुस्तकालय एवं भारतीय पुस्तकालय संघ, नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह तीन दिवसीय 71वीं अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी 5 से 7 फरवरी 2026 तक चलेगी। संगोष्ठी का मुख्य विषय “कृत्रिम बुद्धिमत्ता के युग में पुस्तकालय सेवाओं का रूपांतरण: पुस्तकालय सेवाएँ, उपयोगकर्ता सहभागिता और सामुदायिक प्रभाव” रखा गया है। इसमें देश भर से सैकड़ों शिक्षाविद, पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान विशेषज्ञ और शोधार्थी भाग ले रहे हैं।
जमशेदपुर एक बार फिर हाई अलर्ट पर है। इंटरपोल की खुफिया चेतावनी ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। पूरे जिले में सतर्कता कड़ी कर दी गई है। इंटरपोल की ओर से जारी इनपुट के बाद औद्योगिक नगरी जमशेदपुर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। जिला पुलिस, इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) और अन्य खुफिया एजेंसियों को चौकस रहने के निर्देश दिए गए हैं। एसएसपी स्तर से लेकर सभी थानों को संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाने, संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखने और पुराने मामलों की समीक्षा करने को कहा गया है। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, बाजार, औद्योगिक क्षेत्र और भीड़भाड़ वाले इलाकों में पुलिस बलों को अतिरिक्त अलर्ट रहने को कहा गया है। सूत्रों के अनुसार राज्य सरकार भी पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए उच्चस्तरीय बैठक करने की तैयारी में है। स्लीपर सेल नेटवर्क का दावा, रेड कॉर्नर नोटिस जारी मिली जानकारी के अनुसार जमशेदपुर में एक दर्जन से अधिक स्लीपर सेल सक्रिय होने की आशंका जताई गई है। हालांकि तमाम बातों को लेकर कोई अधिकारी कुछ भी बोल नहीं रहे हैं। दावा किया गया है कि इनका सीधा या परोक्ष संबंध पाकिस्तान से है और कुछ लोग आतंकी प्रशिक्षण भी ले चुके हैं। रिपोर्ट में आजादनगर थाना क्षेत्र के जाकिरनगर रोड नंबर-14 निवासी सैयद मोहम्मद अर्शियान को इस नेटवर्क का प्रमुख बताया गया है। अर्शियान पिछले सात से आठ वर्षों से फरार है। उसकी तलाश में एनआईए और एटीएस की टीमें कई बार जमशेदपुर आ चुकी हैं। जांच एजेंसियों की सिफारिश पर इंटरपोल ने उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया है, जिसके बाद उसकी तलाश अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेज कर दी गई है। पुराने आतंकी मामलों से जुड़ती रही हैं कड़ियां जमशेदपुर पहले भी आतंकी नेटवर्क से जुड़े मामलों में चर्चा में रहा है। वर्ष 2016 में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने हरियाणा के मेवात से अलकायदा से जुड़े आतंकी अब्दुल शमी को गिरफ्तार किया था। जांच में उसका संपर्क ओडिशा से गिरफ्तार आतंकी अब्दुल रहमान उर्फ कटकी से सामने आया था। कटकी को झारखंड और ओडिशा में नेटवर्क खड़ा करने की जिम्मेदारी दी गई थी। पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ था कि शमी पाकिस्तान जाकर हथियारों का प्रशिक्षण ले चुका था। इसी नेटवर्क में अर्शियान और उसके भाई मोहम्मद जीशान का नाम सामने आया था। जीशान फिलहाल दिल्ली की जेल में बंद है। औद्योगिक शहर होने से संवेदनशील टाटा स्टील, टाटा मोटर्स जैसी बड़ी औद्योगिक इकाइयों के कारण जमशेदपुर देश के अहम औद्योगिक केंद्रों में गिना जाता है। ऐसे प्रतिष्ठान आतंकी संगठनों के लिए हाई इम्पैक्ट टारगेट माने जाते हैं। टाटानगर रेलवे जंक्शन और मजबूत सड़क नेटवर्क भी शहर की रणनीतिक अहमियत बढ़ाते हैं। अलर्ट के बाद होटल, लॉज, किराए के मकान और संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। वाहन जांच अभियान तेज कर दिया गया है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों से बचने और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की है। नाम नहीं छापने की शर्त पर कई अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। सुरक्षा एजेंसियां हर चुनौती से निपटने को तैयार हैं।
राजगढ़ जिले के माचलपुर थाना क्षेत्र के गोघटपुर गांव में सामने आई अवैध ड्रग फैक्ट्री के खुलासे के बाद भी मुख्य आरोपी रघुनंदन पाटीदार अब तक पुलिस की पकड़ से बाहर है। राजस्थान और मध्यप्रदेश की राजगढ़ पुलिस की संयुक्त टीम ने मंगलवार देर रात गांव में दबिश देकर इस फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया था, लेकिन कार्रवाई से पहले ही आरोपी फरार हो गया। पुलिस के अनुसार, ड्रग फैक्ट्री गांव के मेन मार्केट के पास एक संकरी गली में स्थित रघुनंदन पाटीदार के दो मंजिला पुराने कच्चे मकान में संचालित की जा रही थी। यहां से ड्रग बनाने में इस्तेमाल होने वाले केमिकल और अन्य उपकरण मिले हैं। दैनिक भास्कर के पास सामने आए वीडियो में एक कमरे के भीतर आटा चक्की, इंडक्शन चूल्हा, केमिकल और संदिग्ध सामग्री साफ तौर पर दिखाई दे रही है। आरोपी के घर का गेट बाहर से बंद मिलाड्रग फैक्ट्री के खुलासे के बाद दैनिक भास्कर की टीम गोघटपुर गांव पहुंची। यह गांव राजस्थान सीमा से सटा हुआ है और यहां से करीब दो किलोमीटर की दूरी पर झालावाड़ जिले की सीमा शुरू हो जाती है। कार्रवाई के बाद गांव में सन्नाटा पसरा है, वहीं लोग इस बात को लेकर चर्चा कर रहे हैं कि सीमा से सटे इलाके में इतनी बड़ी गतिविधि कैसे चल रही थी।जब टीम आरोपी रघुनंदन पाटीदार के घर पहुंची तो बाहर से गेट बंद मिले। दरवाजा खटखटाने पर उसकी मां रुक्मण पाटीदार सामने आईं। उन्होंने बताया कि मंगलवार देर रात अचानक पुलिस उनके घर आई थी और मकान के अंदर तलाशी ली। उनका कहना है कि पुलिस घर के अंदर से क्या-क्या लेकर गई, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है, क्योंकि वे और परिवार के अन्य सदस्य उस समय ऊपर के कमरे में थे। रुक्मण पाटीदार ने पुलिस द्वारा बताई जा रही फॉर्च्यूनर गाड़ी को भी अपना मानने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि वह वाहन उनका नहीं है और उन्हें नहीं पता कि वह किसकी है। उन्होंने दावा किया कि उनका बेटा खेती-किसानी करता है और मादक पदार्थ से जुड़े किसी भी काम की उन्हें कोई जानकारी नहीं है। परिजनों बोले- खेती करता हैघर के बाहर मौजूद राधेश्याम पाटीदार ने बताया कि रघुनंदन उनका भतीजा है। उनके मुताबिक, मंगलवार को रघुनंदन खेत में सिंचाई करने गया था और इसके बाद रिश्तेदारी में जाने की बात कहकर घर से निकला था। राधेश्याम ने भी किसी तरह की अवैध गतिविधि की जानकारी होने से इनकार किया। राधेश्याम पाटीदार के अनुसार, बुधवार सुबह जब वे अपने छोटे भाई गोवर्धन के घर पहुंचे तो वहां बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी मौजूद थे। परिजनों ने बताया कि पुलिस ने मंगलवार रात फाटक खुलवाकर घर की तलाशी ली और आटा चक्की, तीन इंडक्शन चूल्हे, एक बड़ी पीतल की थाली, तोलने के तीन कांटे सहित कई सामान अपने साथ ले गई। फिलहाल पुलिस फरार आरोपी रघुनंदन पाटीदार की तलाश में जुटी हुई है। वहीं सीमा से सटे गांव में ड्रग फैक्ट्री के खुलासे के बाद ग्रामीणों में सवाल और चिंता दोनों साफ नजर आ रही हैं।
जेईई-मेन जनवरी सेशन में शामिल हुए लाखों स्टूडेंट्स के लिए अहम अपडेट सामने आया है। जेईई मेन जनवरी सेशन का परिणाम 12 फरवरी को जारी होगा। जिसे लेकर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने बुधवार को प्रोविजनल आंसर-की और रिकॉर्डेड रिस्पॉन्स शीट्स जारी कर दी हैं, जिसके बाद अब अभ्यर्थियों को प्रश्नों पर आपत्ति दर्ज कराने का मौका दिया गया है। स्टूडेंट्स 6 फरवरी तक अपनी आपत्तियां ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं, वहीं कई छात्र पहले ही कुछ प्रश्नों को लेकर आपत्ति जता चुके हैं। एजुकेशन एक्सपर्टस ने बताया कि आपत्तियों के लिए प्रति प्रश्न 200 रुपए शुल्क निर्धारित किया गया है, जिसे डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड या नेट बैंकिंग के माध्यम से 6 फरवरी रात 11:50 बजे तक जमा किया जा सकता है। पिछले साल कुल 6 प्रश्न किए गए थे ड्रॉप पिछले साल जनवरी 2025 सेशन में आपत्तियों के बाद कुल 6 प्रश्न ड्रॉप किए गए थे और 2 प्रश्नों में एक से अधिक विकल्प सही माने गए थे। इनमें सबसे ज्यादा गलतियां फिजिक्स विषय में पाई गई थीं, जहां 4 प्रश्न ड्रॉप किए गए थे। वहीं केमिस्ट्री और मैथ्स में एक-एक प्रश्न ड्रॉप हुआ था। वहीं जेईई मेन जनवरी सेशन का परिणाम 12 फरवरी को जारी होगा। हालांकि, प्रोविजनल आंसर की और रिस्पांस शीटस के अनुसार कोटा लोकल के स्टूडेंट अर्नव गौतम के परफेक्ट स्कोर गेन हो रहे है। आंसर की और अर्नव के आंसर्स के अनुसार वह 300 में से 300 अंक हासिल कर रहा है। अभी रैंक जारी नहीं होगी, क्योंकि जेईई मेन का दूसरा सेशन अप्रैल में होना है। ऐसे में अप्रैल सेशन के बाद जारी होने वाली परिणामों में ऑल इंडिया रैंक जारी की जाएगी। आपत्ति दर्ज करने की यह है प्रक्रिया तय समय में प्राप्त आपत्तियों पर विषय विशेषज्ञों द्वारा विचार किया जाएगा। अगर आपत्तियां सही पाई जाती हैं तो प्रोविजनल उत्तर-तालिकाओं में संशोधन कर फाइनल आंसर-की जारी की जाएगी। इस प्रक्रिया में विषय विशेषज्ञों का निर्णय अंतिम और मान्य होगा।
लखनऊ के जानकीपुरम थाना क्षेत्र से दहेज उत्पीड़न और घरेलू हिंसा का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़िता निकिता तिवारी ने आरोप लगाया है कि शादी में करीब 93 लाख रुपये खर्च करने और महिंद्रा थार देने के बावजूद ससुराल पक्ष ने 50 लाख रुपये नकद और फॉर्च्यूनर कार की मांग की। मांग पूरी न होने पर न सिर्फ उसके साथ मारपीट की गई, बल्कि गला दबाकर जान से मारने की कोशिश भी की गई।शादी के कुछ ही दिनों बाद शुरू हुआ उत्पीड़नपीड़िता के अनुसार, निकिता तिवारी का विवाह 14 फरवरी 2025 को बीआर पैलेस, आईआईएम रोड लखनऊ में हिंदू रीति-रिवाज से शिवाकांत द्विवेदी के साथ हुआ था। शादी के बाद वह जानकीपुरम विस्तार स्थित ससुराल पहुंची, जहां पति शिवाकांत द्विवेदी और सास-ससुर ने कम दहेज का ताना देना शुरू कर दिया। आरोप है कि मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का सिलसिला लगातार चलता रहा। 25 लाख से बढ़कर 50 लाख और फॉर्च्यूनर की डिमांडनिकिता का आरोप है कि ससुराल वालों ने पहले 25 लाख रुपये नकद और फॉर्च्यूनर कार की मांग की। कुछ समय बाद यह मांग बढ़ाकर 50 लाख रुपये नकद और नई फॉर्च्यूनर कर दी गई। मांग पूरी न होने पर उसके साथ मारपीट की गई और बार-बार अपमानित किया गया।पति के दूसरे लड़कियों से है संबंध पीड़िता ने तहरीर में बताया कि पति शिवाकांत द्विवेदी का मृदाली पांडे नाम की महिला से अवैध संबंध है। आरोप है कि दोनों साथ-साथ कई जगह घूमे और होटलों में भी रुके। जब इस बारे में सवाल किया गया तो पति और ससुराल पक्ष ने हिंसक व्यवहार किया और धमकियां दीं।गला दबाकर हत्या के प्रयास का आरोपतहरीर के मुताबिक, एक विवाद के दौरान पति ने निकिता का गला दबाकर जान से मारने की कोशिश की। सास और ननद द्वारा मारपीट करने और ससुर द्वारा गाली-गलौज करने का भी आरोप लगाया गया है। पीड़िता का कहना है कि उसे साफ तौर पर धमकी दी गई कि अगर मांगें पूरी नहीं की गईं तो उसे छोड़कर दूसरी महिला से शादी कर ली जाएगी।आभूषण रख लिए, मायके भेज दियानिकिता का कहना है कि ससुराल वालों ने उसके सभी आभूषण अपने पास रख लिए और उसे केवल चांदी की बिछिया और पायल पहनने को दी। 23 अक्टूबर 2025 को उसे भाई के साथ मायके भेज दिया गया और कहा गया कि जब तक 50 लाख रुपये और फॉर्च्यूनर कार नहीं लाई जाएगी, तब तक वापस न आए।सोशल मीडिया पर बदनाम करने का आरोपपीड़िता ने आरोप लगाया है कि पति सोशल मीडिया पर कथित प्रेमिका के साथ तस्वीरें और वीडियो पोस्ट कर रहा है और उसे अभद्र शब्दों से अपमानित कर रहा है। विरोध करने पर आत्महत्या कर झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी भी दी जा रही है।सरकारी नौकरी और पारिवारिक पृष्ठभूमिपीड़िता के मुताबिक, शिवाकांत द्विवेदी जिला युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल अधिकारी विभाग में कार्यरत हैं और वर्तमान में हरदोई जनपद में क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारी के पद पर तैनात हैं। उनके पिता नारायण द्विवेदी बीकेटी तहसील के यकरड़िया कला गांव के प्रधान रह चुके हैं, जबकि मां सुषमा द्विवेदी हैं।जानकीपुरम थाने में दर्ज हुआ मुकदमाइस पूरे मामले में पीड़िता की तहरीर पर जानकीपुरम थाने में पति, सास-ससुर, ननद और कथित प्रेमिका के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पीड़ित परिवार का कहना है कि शादी के बाद से ही पति का व्यवहार बदल गया था और जांच करने पर उसके अवैध संबंधों का खुलासा हुआ। पुलिस मामले की जांच में जुटी ह।
वरिष्ठ आईपीएस राकेश गुप्ता ने गुरुवार को उज्जैन जोन के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी) का पदभार ग्रहण किया। इससे पहले उन्होंने श्री महाकालेश्वर मंदिर में बाबा महाकाल के दर्शन किए और प्रदेश एवं संभाग में शांति व सुरक्षा के लिए प्रार्थना की। महाकाल दर्शन के बाद एडीजी राकेश गुप्ता पुलिस मेस पहुंचे। जहां उज्जैन संभाग के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया। पुलिस बल द्वारा उन्हें सलामी दी गई। राकेश गुप्ता इससे पूर्व संचालक खेल एवं युवक कल्याण के पद पर कार्यरत थे। पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ाने पर जोर पदभार ग्रहण करने के बाद अधिकारियों से चर्चा करते हुए एडीजी राकेश गुप्ता ने कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने, अपराध नियंत्रण और आमजन में पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ाने पर जोर दिया। बता दें कि गृह विभाग ने हाल ही में प्रशासनिक सुविधा के दृष्टि से वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के तबादले किए थे। उज्जैन जोन के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक उमेश जोगा को परिवहन आयुक्त बनाया गया है, जबकि राकेश गुप्ता को उज्जैन जोन की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
पानीपत जिला कोर्ट ने करीब 4 साल पहले हुई एक युवक की संदिग्ध मौत के मामले में कड़ा संज्ञान लेते हुए पुलिस को हत्या की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है। मामला गांव चमराड़ा का है, जहां एक युवक की मौत को शुरुआत में 'सड़क हादसा' बताकर फाइल बंद कर दी गई थी। अब मृतक की मां की याचिका पर JMFC हिमानी गिल पानीपत की कोर्ट ने पुलिस को जांच के आदेश दिए हैं। पुलिस ने मृतक की प्रेमिका और प्रेमिका के भाई के खिलाफ हत्या व शव को खुर्द-बुर्द करने का केस दर्ज कर लिया है। यहां जानिए पूरा मामला शिकायतकर्ता फूल मजीरा ने कोर्ट को बताया कि उसका 42 वर्षीय बड़ा बेटा शहजाद 28 दिसंबर 2022 को अपनी कार से घर से निकला था। आरोप है कि उसकी प्रेमिका रीना (निवासी चमराडा) और उसके भाई अलीहसन (निवासी गवालड़ा) ने उसे बार-बार फोन कर गांव गवालड़ा बुलाया था। शहजाद को आखिरी बार अलीहसन के घर के CCTV फुटेज में देखा गया था। अगले दिन मिली थी डेडबॉडी अगले दिन 29 दिसंबर को शहजाद का शव चमराड़ा के पास सड़क किनारे मिला। मौके पर अलीहसन और रीना का पति मांगता मौजूद थे। उन्होंने दावा किया कि शहजाद की मौत मोटरसाइकिल के पेड़ से टकराने (हादसे) के कारण हुई है। मां के गंभीर सवाल हत्या का मकसद, पैसा और रंजिश शिकायत के अनुसार, रीना ने शहजाद से 50 हजार रुपए उधार लिए थे और अलीहसन ने भी 18 हजार रुपए लिए थे। जब शहजाद ने अपने पैसे वापस मांगे और रीना के किसी अन्य व्यक्ति (देवेंद्र) के साथ संबंधों का विरोध किया, तो रीना ने उसे जान से मारने की धमकी दी थी। आरोप है कि इसी रंजिश के चलते शहजाद की हत्या कर उसे हादसे का रूप दिया गया। कोर्ट का हस्तक्षेप और FIR लंबे समय तक पुलिस और उच्च अधिकारियों के चक्कर काटने के बाद, जब कोई सुनवाई नहीं हुई, तो पीड़िता ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट ने तथ्यों और 'लास्ट सीन एविडेंस' (आखिरी बार आरोपियों के साथ देखे जाने) के आधार पर थाना इसराना पुलिस को IPC की धारा 302 (हत्या) और 201 (साक्ष्य मिटाना) के तहत मामला दर्ज करने का निर्देश दिया।
मधुबनी जिले के बेनीपट्टी थाना क्षेत्र में गुरुवार सुबह एक सड़क दुर्घटना में इंटर परीक्षा देने जा रही एक छात्रा गंभीर रूप से घायल हो गई। यह हादसा उच्चैठ स्थान रोड पर मलहा पेट्रोल पंप के पास दो बाइकों की आमने-सामने की टक्कर से हुआ। छात्रा का पैर टूट गया है और उसे अन्य चोटें भी आई हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह घटना सुबह करीब नौ बजे मलहा मोड़ पेट्रोल पंप पर हुई। एक स्प्लेंडर बाइक पर सवार युवक साहरघाट की तरफ से छात्रा को परीक्षा दिलाने बेनीपट्टी आ रहा था।
अलवर के राजगढ़ थाना क्षेत्र के खरकड़ी चावंड सिंह गांव में दो भतीजों ने अपने सगे बुजुर्ग चाचा को बुरी तरह पीटा। जो अब अलवर जिला अस्पताल में भर्ती है। जिसकी चार बेटियां पुलिस व अस्पताल में चक्कर लगाने को मजबूर हैं। पीड़ित जहां रह रहा है कि उसके भाई-भतीजे पास की 3 बिस्वा जमीन खाली कराना चाह रहे हैं। जिसको लेकर पहले भी मारपीट हो चुकी है। अब पुलिस मामले की जांच में लगी है। खरकड़ी चावंड सिंह निवासी दया चंद (62) को उसके सगे भाई खेमचंद व भतीजे हुकम व गुलाब ने 2 फरवरी की शाम को लाठी डंडों से पीटा। जिसके सिर व पीठ पर चोट के निशान हैं। पहले उसे राजगढ़ अस्पताल में भर्ती कराया गया। अब वहां से अलवर लेकर आए हैं। पीड़ित दयाचंद के चार बेटियां है। दो की शादी हो चुकी है और दो अविवाहित है। पीड़ित की बड़ी बेटी ममता देवी ने बताया कि 2 फरवरी को अचानक उसके चाचा खेम व दोनों बेटों ने उसके पिता को घेर लिया। उसके साथ बुरी तरह मारपीट की। सिर व पीठ पर चोट लगी है। अब अलवर में भर्ती है। पहले राजगढ़ में भर्ती कराया था। वहां से एक बार वापस गांव लेकर चले गए थे। पुलिस जीप से ही उसके पिता को घर पर छोड़ा था। तब पुलिसकर्मियों ने जाते समय पैसे की मांग की। पुलिस को 400 रुपए देने लगे तो मना कर दिया बोले कि ये कोई टैंपो का भाड़ा थोड़े ही दे रहे हो। इसके बाद बिना पैसे लिए पुलिस चली गई। लेकिन उनके मामले की अच्छे से पैरवी नहीं हो रही है। पुलिस टालमटोल कर रही है। अब मजबूरी में पीड़ित पिता को अलवर लेकर आए हैं। यहां भी पुलिस आई है।
कानपुर देहात के पुखरायां स्थित निजी हॉस्पिटल में प्रसव के 17 दिनों बाद महिला की घर पर मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल पर गलत उपचार का आरोप लगाते हुए महिला का शव अस्पताल गेट पर रखकर जमकर हंगामा किया। सूचना पर प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को शांत कराया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। घटना से संबंधित 2 तस्वीरें… पढ़िए पूरा मामला… पुखरायां के सट्टी थाना क्षेत्र के दौलतपुर गांव निवासी दीपक ने बताया कि उनकी पत्नी अलका (24) को प्रसव के लिए 19 जनवरी को एक निजी हॉस्पिटल पुखरायां में भर्ती कराया गया था। ऑपरेशन के बाद उन्होंने एक लड़के को जन्म दिया। हालांकि, ऑपरेशन के बाद अलका की हालत बिगड़ने लगी। हॉस्पिटल कर्मचारियों ने 20 जनवरी को अलका को एक निजी वाहन से कानपुर के एक हॉस्पिटल में भर्ती कराया। वहां के चिकित्सकों ने बताया कि ऑपरेशन के बाद बच्चेदानी में संक्रमण हो गया था। इसके बाद अलका को कानपुर में ही दूसरे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चला। 25 फरवरी को उन्हें घर भेज दिया गया था। गुरुवार सुबह 5 बजे अलका की घर पर मौत हो गई। मृतका के परिजन आक्रोशित होकर अलका का शव लेकर स्थानीय अस्पताल पहुंचे और गेट पर रखकर हंगामा करने लगे। प्रशासन को सूचना मिलने पर एसडीएम देवेंद्र सिंह, तहसीलदार प्रिया सिंह, नायब तहसीलदार सूर्य प्रकाश सिंह, सीओ संजय वर्मा, कोतवाल अमरेंद्र बहादुर सिंह और चौकी इंचार्ज अमरेंद्र प्रताप सिंह सहित भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। एसडीएम देवेंद्र सिंह व सीओ संजय वर्मा ने परिजनों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। मृतका की सास राधादेवी और ससुर वीरेंद्र सिंह सहित अन्य परिजन रोते हुए बेहाल थे। परिजनों ने बताया कि अलका की शादी चार वर्ष पहले हुई थी।
पलवल एंटी नारकोटिक्स स्टाफ (एएनसी) ने पलवल-हथीन रोड पर नाकाबंदी के दौरान दिल्ली से चोरी की गई एक पिकअप गाड़ी सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से एक देसी कट्टा और कारतूस भी बरामद किया है। आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। एएनसी स्टाफ प्रभारी विश्व गौरव ने बताया कि हवलदार इरफान के नेतृत्व में उनकी टीम हथीन मोड़ के पास गश्त कर रही थी। इसी दौरान सूचना मिली कि मालूका गांव निवासी मोहम्मद अली और नूंह के नगीना निवासी मोहम्मद इनाम चोरी की पिकअप लेकर हथीन की ओर जा रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने पलवल-हथीन मार्ग पर नाकाबंदी की। संदिग्ध दिखाई देने पर रोकी गाड़ी कुछ देर बाद एक संदिग्ध पिकअप को रोककर जांच की गई। गाड़ी के नंबर की जांच करने पर वह दिल्ली की पाई गई। वाहन मालिक से संपर्क करने पर पता चला कि पिकअप चोरी हो चुकी है और इस संबंध में दिल्ली के पहाड़गंज थाने में मामला दर्ज है। तलाशी के दौरान मोहम्मद अली के पास से एक जिंदा कारतूस और नकदी मिली, जबकि मोहम्मद इनाम के पास से एक देशी कट्टा बरामद हुआ। एएनसी स्टाफ प्रभारी विश्व गौरव के अनुसार, पुलिस टीम ने चोरी की पिकअप, हथियार और अन्य सामान जब्त कर आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 317(2) और आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत शहर थाना पलवल में मामला दर्ज किया है। पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे चोरी की गाड़ियों को काटकर उनके स्पेयर पार्ट्स अलग-अलग बाजारों में बेचकर मुनाफा कमाते थे। रिमांड लेकर की जाएगी पूछताछ पुलिस दोनों आरोपियों को रिमांड पर लेगी ताकि उनके पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके। विश्व गौरव ने बताया कि इस चोरी के नेटवर्क से जुड़े किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।
“तुम हमसे कोरियन छुड़ाओगे, कोरियन हमारी जान थी। शादी के नाम से तो हमारे दिल में टेंशन होती थी। हम पसंद और प्यार कोरियन करते थे। इंडिया के आदमी से शादी कैसे करें। नहीं, नहीं, नहीं… बल्कि मर गए तो हमें मौत ही अच्छी लगेगी।” ये लाइनें गाजियाबाद में सुसाइड करने वाली तीन बहनों ने सुसाइड नोट में लिखी हैं। उन्होंने नोट में अपनी 16 पसंदों का भी जिक्र किया है। साथ ही यह भी लिखा है कि अब तो यकीन हो गया न कि कोरियन हमारी जान है। यानी बच्चियों ने जानबूझकर सुसाइड किया। तीनों खुद को भारतीय नहीं, बल्कि कोरियन मान चुकी थीं। यहां तक कि उन्होंने अपने नाम भी बदल लिए थे। तीनों बहनों ने 3 फरवरी की रात 2 बजे नौवीं मंजिल से कूदकर जान दे दी। पुलिस को कमरे से एक डायरी मिली। इसके 18 पन्नों में बहनों ने मरने से पहले सुसाइड नोट लिखा था। पुलिस ने दैनिक भास्कर को डायरी की बातें बताईं। इसमें बच्चियों की जिंदगी के बारे में क्या लिखा था… उन्होंने कोरियन लव गेम को किस तरह अपनी लाइफ में उतार लिया था। जानने के लिए डायरी के पन्ने पढ़िए— “हम कोरियन को कितना चाहते थे, अब देख लिया न सब।बच्चियों ने लिखा- वी आर लव कोरियन, लव लव लव… सॉरी। इस डायरी में जो कुछ भी लिखा है, वो सब पढ़ लो, क्योंकि ये सब सच है। ठीक बात। आई एम रियली सॉरी… सॉरी पापा, तुम हमसे कोरियन छुड़ाओगे, कोरियन हमारी जान थी। तुमने हिम्मत भी कैसे की हमसे हमारी जान छुड़ाने की। तुम नहीं जानते थे कि हम उन्हें कितना चाहते थे। लो, अब देख लिया सब।” अब तो यकीन हो गया न कि कोरियन और के-पॉप हमारी जान है। जानते हैं, कोरियन फैक्टर और के-पॉप हमको इतना चाहते थे, उतना तो हम तुम घरवालों को भी नहीं चाहते थे। कोरियन तो हमारी जान थी। कोरियन के अलावा कुछ और भी ऐसा था, जिसे हम अपनी जान से भी ज्यादा चाहते थे। पापा, आपको कहना था कि बेटा ठीक किया, लेकिन नहीं बोलाबहनों ने लिखा- कोरियन कल्चर को हम दिल से भी ज्यादा पसंद करते थे। कोरियन और के-पॉप को तो सबसे पहले। हम इन चीजों को अपना बनाना चाहते थे, लेकिन तुम लोगों ने मौका ही नहीं दिया। जब हम दोनों अपने के-पॉप और कोरियन रिश्तेदारी को जानते थे। कहते थे कि यही हमारा भविष्य है। तुम्हें हम तीनों के भविष्य के लिए कुछ नहीं बोलना था। तुम्हें बोलना था- ठीक है, बेटा। लेकिन तुमने नहीं बोला। फिर हमें यही बुरा लगता था। तो फिर हमने फैसला किया और उस चीज को अपना दुश्मन बना लिया, क्योंकि किसी ने भी घर में उसे हमारी तरह बनने नहीं दिया।” पापा, क्या दुनिया में तुम्हारा सिर खाने के लिए जिएं? नहींउन्होंने लिखा- उसी दिन से हम दोनों ने उससे अलग कर दिया। उसे कहा कि हम कोरियन, चाइना, थाई, इंडिया और बॉलीवुड हैं। हम क्या दुनिया में तुम्हारा सिर खाने के लिए जिएं। नहीं, नहीं, नहीं… मर गए तो हमें मौत ही अच्छी लगेगी। शादी के नाम से तो हमारे दिल में टेंशन होती थी। हम पसंद और प्यार करते थे कोरियन। और शादी करें इंडिया के आदमी से कभी नहीं। ऐसे तो हम खुद से भी अपनी उम्मीद खो चुके हैं। इसलिए हमने खुदकुशी कर ली। सॉरी पापा।” जानिए पूरा मामला3 फरवरी की रात तीन नाबालिग बहनें निशिका (16), प्राची (14) और पाखी (12) ने नौवीं मंजिल की बालकनी से कूदकर आत्महत्या कर ली। पुलिस के मुताबिक, मंगलवार रात 2 बजे तीनों ने कमरे को अंदर से बंद किया, फिर स्टूल रखकर एक-एक करके बालकनी से छलांग लगाई। पिता ने कहा कि बेटियों ने कोरियन गेम खेलने के दौरान टास्क पूरा करते हुए मौत को गले लगाया। हालांकि, पुलिस की 10 घंटे की छानबीन के बाद पता चला कि पिता ने बच्चों को डांटा था और मोबाइल छीन लिया था। इसके चलते तीनों ने यह कदम उठाया। पिता चेतन शेयर ट्रेडिंग का काम करते हैं। बच्चियों ने कोरोना काल से स्कूल जाना छोड़ दिया था। घटना भारत सिटी बी-1 टॉवर के फ्लैट नंबर 907 की है। ………………………………. पढ़ें ये भी जरूरी खबर… गाजियाबाद ट्रिपल सुसाइड, बहनें खुद को कोरियन मानती थीं:यूट्यूब से भाषा सीखी; हिंदुस्तानी लड़के पसंद नहीं थे गाजियाबाद में 3 बहनों ने 9वीं मंजिल से कूदकर सुसाइड कर लिया। पहले सामने आया कि उन्होंने कोरियन गेम खेलने के दौरान टास्क पूरा करते हुए मौत को गले लगाया। मगर 10 घंटे की छानबीन के बाद पता चला कि पिता चेतन ने बच्चों को डांटा था। मोबाइल भी छीन लिया था। इसके बाद उन्होंने 3 फरवरी की रात 2 बजे बालकनी से कूदकर सुसाइड कर लिया। । पढ़ें पूरी खबर…
उदयपुर में उदयपुर-अजमेर एक्सप्रेस ट्रेन में चलती ट्रेन में युवती पर बोतल फेंककर हमला कर दिया, जिससे उसके नाक, मुंह और सिर पर गंभीर चोटें आई हैं। घटना के बाद युवती जोर-जोर से चिल्लाने लगी, जिससे ट्रेन में अफरा-तफरी मच गई और यात्रियों की भीड़ जमा हो गई। ट्रेन को कुछ समय के लिए रोकना पड़ा। यह घटना गुरुवार सुबह देबारी के मेघवालों की घाटी गांव के पास हुई। घायल युवती को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। युवती अपनी बहन के साथ सफर कर रही थी। रेलवे पुलिस को मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस हमलावर की पहचान करने और हमले के मकसद का पता लगाने की कोशिश कर रही है। अब देखिए, घटना से जुड़ी PHOTOS… चैन खींचकर ट्रेन को रुकवाया प्रत्यक्षदर्शी एडवोकेट मधु गर्ग ने बताया- ट्रेन सुबह 11:30 बजे राणा प्रताप नगर स्टेशन से रवाना हुई थी। मेघवालों की घाटी नामक बस्ती के पास अचानक एक युवती के चिल्लाने की आवाज आई। हम लोग कुछ दूरी पर थे, भागकर युवती तक पहुंचे। युवती के नाक के पास घाव होने से खून बह रहा था। फिर लोगों ने चैन खींचकर ट्रेन रुकवाई। इसके बाद लोगों ने देखा भी, मगर दूर कोई नजर नहीं आया। करीब 1 किलोमीटर आगे देबारी रेलवे स्टेशन पर युवती को स्ट्रेचर पर उतारा गया। 15 मिनट बाद एंबुलेंस आई, जिसके बाद ट्रेन रवाना हुई। संभवतया किसी ने बोतल फेंकी होगी, क्योंकि युवती के बैठने की जगह पर वहां कुछ कांच के टुकड़े मिले हैं। रेलवे पुलिस भी मौके पर काफी कुछ चेक करती रही।
शेखपुरा जिले के कोरमा थाना पुलिस ने सुजावलपुर गांव के पास एक नदी के तटबंध पर छापेमारी कर एक शराब कारोबारी और एक शराबी को रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। पुलिस दल ने मौके से एक बोरे में बंद बड़ी मात्रा में शराब भी बरामद की है। इस छापेमारी का नेतृत्व कोरमा थाना अध्यक्ष सह पुलिस सब इंस्पेक्टर मुरारी कुमार ने किया। गिरफ्तार कारोबारी की पहचान सुजावलपुर गांव निवासी माटो राम के पुत्र आल्हा राम के रूप में हुई है। वहीं, घटनास्थल से नशे की हालत में पकड़े गए शराबी की पहचान उसी गांव के साधु शरण राम के पुत्र पंकज कुमार के रूप में की गई है। पुलिस ने बरामद शराब को जब्त कर लिया है। नदी के पास शराब बेच रहा थापुलिस ने गिरफ्तार कारोबारी और शराबी को थाने लाने के बाद एक प्राथमिकी दर्ज की। कोरमा थाना अध्यक्ष मुरारी कुमार ने बताया कि पकड़े जाने के डर से कारोबारी आल्हा राम गांव से पूरब दिशा में स्थित नदी के पास शराबियों के बीच शराब बेच रहा था। पुलिस टीम को देखकर शराब बिक्री के अड्डे से सभी लोग भागने लगे। पहले भी शराब के नशे में गिरफ्तार हो चुकामौके पर मौजूद पुलिस जवानों ने दोनों को खदेड़कर पकड़ लिया, जिनके पास से शराब की खेप बरामद हुई। थाना अध्यक्ष ने बताया कि गिरफ्तार कारोबारी को पुलिस निगरानी में शेखपुरा जेल भेज दिया गया है, जबकि शराबी युवक को कोर्ट ने जुर्माना राशि वसूल करने के बाद रिहा कर दिया। उन्होंने यह भी बताया कि गिरफ्तार कारोबारी पहले भी शराब के नशे में गिरफ्तार हो चुका है।
बांसवाड़ा में ससुराल जा रहा एक युवक की नहर में गिरने से मौत हो गई। अंधेरा होने की वजह से पूरी रात शव नहर में पड़ा रहा। हादसा जिले के कालिंजरा थाना के जाम्बुड़ी गांव के पास का है। गुरुवार सुबह जब ग्रामीणों ने नहर में बाइक और शव को देखा तो पुलिस को सूचना दी। इसके बाद शव को बाहर निकाला। देर शाम ससुराल के लिए निकला था युवक पुलिस के अनुसार जल्दा निवासी कल्पेश (28) पुत्र हीरा बुधवार शाम को अपने घर से ससुराल जाम्बुड़ी जाने के लिए बाइक पर सवार होकर निकला था। जाम्बुड़ी गांव के पास अचानक उसकी बाइक का बैलेंस बिगड़ गया और सड़क किनारे बनी कच्ची नहर में गिर गया। नहर में गिरने से उसके सिर पर चोट लगी और कल्पेश पानी में डूबने लगा। हादसे में उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पूरी रात परिजनों को लगा कि पहुंच गया होगा ससुराल इधर, घरवालों ने बताया कि उन्हें लगा कि रात में वह ससुराल पहुंच गया होगा इसलिए उसे कॉल भी नहीं किया। लेकिन, सुबह जब शव निकालने के बाद पुलिस ने परिजनों को सूचना दी। कलिंजरा थाना अधिकारी योगेश कुमार ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। ग्रामीणों की मदद से मशक्कत के बाद शव और बाइक को नहर से बाहर निकाला गया। पुलिस ने शव को जिला अस्पताल की मॉर्च्युरी में पहुंचाया। यहां पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है।
गुरुग्राम के सोहना में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयान के विरोध में प्रदर्शन किया। राहुल गांधी ने सांसद नवनीत सिंह बिट्टू को 'गद्दार' कहा था, जिसके बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने कस्बे के बाइपास पर राहुल गांधी का पुतला फूंका और कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन में भाजपा के जिला अध्यक्ष अजीत यादव और ब्लॉक अध्यक्ष सौरभ सिंगला, राजेंद् बागड़ी, मनोज सहजावास पार्षद गुरुवचंन मौजूद रहे। कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी के पास अब कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने देश के लिए कभी कोई सकारात्मक कार्य नहीं किया, जिसके कारण आज उसकी स्थिति कमजोर है। कांग्रेस पर देशवासियों को गुमराह करने का आरोप भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस देशवासियों को लगातार गुमराह करने का प्रयास कर रही है। उनका कहना था कि जनता अब उसके झूठे वादों और बयानों को समझ चुकी है। नेताओं ने यह भी कहा कि राहुल गांधी का देश में विपक्ष के नेता के पद पर होना दुर्भाग्यपूर्ण है, जो देश और कांग्रेस दोनों के लिए सही नहीं है। भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर सिख समाज का अपमान करने और उनके साथ अन्याय करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सिख समाज इसे कभी नहीं भूल सकता। नेताओं के अनुसार, कांग्रेस का इतिहास सिख विरोधी मानसिकता से भरा रहा है और पार्टी आज भी उसी राह पर चल रही है। प्रदर्शनकारी भाजपा कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी से सार्वजनिक माफी की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस तरह के गैर-जिम्मेदाराना बयान जारी रहे, तो भाजपा भविष्य में और भी बड़े आंदोलन करेगी।
हरियाणा लोक सेवा आयोग द्वारा PGT कम्प्यूटर साइंस का सब्जेक्ट नॉलेज टेस्ट रिजल्ट जारी कर दिया गया है। करीब पांच हजार कैंडिडेट में से केवल 39 पास हुए हैं। आयोग हरियाणा और मेवात कैडर के लिए 1711 पोस्ट के लिए भर्ती प्रक्रिया चला रहा है। हरियाणा लोक सेवा आयोग के द्वारा साल 2023 में हरियाणा कैडर के 1633 व मेवात कैडर के 78 पोस्ट के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू की। हरियाणा कैडर के 1633 पदों में 898 पद जनरल, 327 एससी, 163 बीसीए, बीसी बी, 163 EWS के लिए रिजर्व किए गए थे। वहीं मेवात कैडर के 78 पदों में से 43 जनरल, 15 एससी, 8 बीसीए, 4 बीसी बी व 8 पद EWS के लिए रिजर्व किए गए। जिसके लिए 15 जून को प्री एग्जाम हुआ था। 35 प्रतिशत क्राइटेरिया नियम का असर पीजीटी कम्प्यूटर साइंस भर्ती परीक्षा में भी 35 प्रतिशत क्राइटेरिया नियम का साफ असर दिखाई दे रहा है। क्योंकि करीब 5 हजार कैंडिडेट में से 39 पास हुए हैं। जो 1711 पद के मुकाबले 2.45 प्रतिशत है। ऐसे में करीब 98 प्रतिशत पद खाली रहेंगे। यह कोई पहली भर्ती नहीं है, जब ऐसा हुआ है। इससे पहले भी काफी भर्तियां ऐसे रहीं हैं, जिसमें कैंडिडेट पद से कई गुना कम पास हुए हैं। जिसमें असिस्टेंट प्रोफेसर कॉलेज कैडर इंग्लिश के कैंडिडेट तो आंदोलनरत भी हैं।

