कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भवानीगढ़ के बालद कैंचियां में मानसून के रुके पानी में धान लगाकर प्रदर्शन किया। उन्होंने मौजूदा सरकार के खराब प्रबंधन के खिलाफ नारे लगाए। बड़ी संख्या में एकत्रित हुए कार्यकर्ताओं ने सड़क पर बने गहरे गड्ढों को लेकर विरोध जताया। उन्होंने आरोप लगाया कि इन गड्ढों के कारण परिवहन वाहनों को नुकसान हो रहा है और राहगीरों को आवागमन में परेशानी हो रही है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने याद दिलाया कि साढ़े चार साल पहले, हलके की तत्कालीन विधायक बीबी नरिंदर कौर ने भी बालद कैंचियां पुल के पास बने इन गड्ढों को विकास कार्यों की पोल खोलने वाला बताया था। कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष ने आप पर साधा निशाना कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष गुरदीप सिंह घराचों और हरप्रीत सिंह बाजवा ने आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पिछले साढ़े चार साल में भवानीगढ़ में कोई भी विकास कार्य पूरा नहीं हुआ है, जिससे स्थानीय लोगों में सरकार के प्रति भारी गुस्सा है। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही टूटी सड़कों की मरम्मत नहीं की गई और शहर के गंदे पानी की निकासी (सीवरेज सिस्टम) को ठीक नहीं किया गया, तो एक बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।
किशनगंज के कोचाधामन प्रखंड की सोनथा पंचायत में एक महिला के बैंक खाते में अचानक 740 करोड़ रुपये जमा होने का मामला सामने आया है। यह घटना सोनथा गांव निवासी अरसदी बेगम के सेंट्रल बैंक खाते से संबंधित है। अरसदी बेगम ने बताया कि वह अपने खाते से पैसे निकालने के लिए बैंक गई थीं। उनके सेंट्रल बैंक खाते में पहले लगभग 23 हजार रुपये थे, लेकिन अचानक उन्हें खाते में 740 करोड़ रुपये की बड़ी रकम दिखाई दी। मौजूद लोगों ने खाते से पैसे निकालने की सलाह दी महिला ने बताया कि इतनी बड़ी रकम देखकर वह स्वयं भी चकित रह गईं। बैंक में मौजूद लोगों ने उन्हें खाते से पैसे निकालने की सलाह दी, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। उन्होंने केवल अपनी आवश्यकतानुसार 10 हजार रुपये ही निकाले। अरसदी बेगम के अनुसार, उनके चार बेटे हैं और वह एक साधारण परिवार से आती हैं। खाते में इतनी बड़ी रकम आने का कारण उन्हें भी समझ नहीं आ रहा है। उन्होंने प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से इस मामले की जांच कर सच्चाई सामने लाने और उचित सहायता प्रदान करने की अपील की है। फिलहाल, यह मामला पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। बैंक खाते में 740 करोड़ रुपये कैसे पहुंचे, इसकी जांच की जा रही है।
माध्यमिक शिक्षा परिषद, उत्तर प्रदेश प्रयागराज ने 2027 की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं के लिए निजी (व्यक्तिगत) परीक्षार्थियों के आवेदन और अग्रसारण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। कौशाम्बी में इसके लिए कुल 12 आवेदन एवं अग्रसारण केंद्र नामित किए गए हैं। डीआईओएस बीएल मौर्य ने सोमवार देर शाम यह आदेश जारी किया। इन केंद्रों के माध्यम से व्यक्तिगत परीक्षार्थी अपने आवेदन पत्र जमा कर सकेंगे। जारी आदेश के अनुसार, हाईस्कूल के व्यक्तिगत परीक्षार्थियों के लिए अधिकतम 500 और इंटरमीडिएट के लिए 700 अभ्यर्थियों की सीमा निर्धारित की गई है। कुछ विद्यालयों को केवल आवेदन अग्रसारण (फॉरवर्डिंग) की जिम्मेदारी सौंपी गई है। डीआईओएस ने सभी केंद्र प्रभारियों को निर्देश दिए हैं कि वे परिषद द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए निर्धारित समय सीमा में आवेदन प्रक्रिया पूरी कराएं। उन्होंने संबंधित विद्यालयों को व्यापक प्रचार-प्रसार कर पात्र अभ्यर्थियों तक सूचना पहुंचाने के लिए भी कहा है। जनपद में निर्धारित प्रमुख आवेदन केंद्रों में राजकीय बालिका इंटर कॉलेज कड़ा, राजकीय हाईस्कूल बदलेपुर (चायल), राजकीय हाईस्कूल डड़िया (चायल), राजकीय हाईस्कूल सरसवां, राजकीय इंटर कॉलेज ओसा, राजकीय हाईस्कूल अमिरतापुर सिराथू तथा पं. दीनदयाल उपाध्याय राजकीय इंटर कॉलेज देवखरपुर शामिल हैं। कुल 12 विद्यालय इस सूची में हैं। डीआईओएस ने स्पष्ट किया है कि सभी केंद्र परिषद के नियमों के अनुरूप आवेदन पत्रों का सत्यापन एवं अग्रसारण सुनिश्चित करेंगे, ताकि निजी परीक्षार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
बैतूल जिला न्यायालय परिसर में सोमवार शाम 28 वर्षीय लोकेश प्रजापति ने जमकर हंगामा किया। कंपनी गार्डन निवासी लोकेश को काबू करने के लिए कोर्ट कर्मचारियों और पुलिसकर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। करीब 5 से 7 पुलिसकर्मियों ने उसे पकड़कर कोतवाली थाना पहुंचाया। वहां उसे हिरासत में लेकर मेडिकल परीक्षण कराया गया। कोर्ट के भृत्य राजकुमार उइके ने पुलिस को दिए आवेदन में बताया कि लोकेश तेज रफ्तार बाइक चलाते हुए जिला एवं सत्र न्यायाधीश की कार पार्किंग तक पहुंचने की कोशिश कर रहा था। इस दौरान उसकी बाइक कार से टकरा गई, जिससे वाहन को नुकसान पहुंचा। कोर्ट के सीसीटीवी में कैद हुई पूरी घटनारोकने पर उसने कोर्ट कर्मचारियों के साथ अभद्रता, गाली-गलौज और हाथापाई की। उसने कोर्ट के मुख्य द्वार को भी नुकसान पहुंचाया। पुलिसकर्मियों से भी मारपीट की, जिसमें एक पुलिसकर्मी की वर्दी फट गई। पूरी घटना कोर्ट परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 281, 296, 136(2), 121(ए) तथा मोटर वाहन अधिनियम की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। परिजनों और पुलिस के अनुसार, लोकेश मानसिक बीमारी से पीड़ित है। वर्ष 2019 से उसका इलाज चल रहा है। वर्ष 2023 तक नागपुर में भी उसका उपचार कराया गया था। घटना के दौरान वह बार-बार कह रहा था, मंदिर में मुझे किसी ने मार दिया। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर चुकालोकेश ग्रेज्यूशन पूरी कर साल 2020 तक इंदौर में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर चुका है। वह पुलिस भर्ती की तैयारी भी कर रहा था। पहले कोर्ट की पार्किंग में काम कर चुका है। वर्तमान में वह भट्ठे पर मजदूरी करने के साथ मूर्तियां बनाने का काम करता है। एसडीओपी अन्नपूर्णा सिरसम ने बताया कि युवक को हिरासत में लेकर मेडिकल परीक्षण कराया गया है। मामले की जांच जारी है।
मेवाड़ के कृष्णधाम श्री सांवलियाजी मंदिर में चतुर्दशी के मौके पर सोमवार को भंडार खोला गया। पहले ही राउंड में दानपात्र से निकली राशि की काउंटिंग 10 करोड़ 11 लाख 83 हजार रुपए तक पहुंच गई। पूरे दिन बैंक कर्मियों और मंदिर मंडल के कर्मचारियों ने मिलकर काउंटिंग की। अब मंगलवार को अमावस्या होने के कारण काउंटिंग नहीं होगी। इसके बाद 15 जुलाई, बुधवार को बाकी राशि की काउंटिंग का काम आगे बढ़ेगा। अभी चेक, ऑनलाइन मिले दान और सोने-चांदी के चढ़ावे का हिसाब भी बाकी है, जिसे आखिरी दिन पूरा किया जाएगा। सुबह आरती के बाद शुरू हुई काउंटिंग श्री सांवलियाजी मंदिर में तय परंपरा के अनुसार चतुर्दशी पर भंडार खोला गया। दिन की शुरुआत मंदिर में पूजा-अर्चना से हुई। बाद में राजभोग आरती की गई। इसके बाद दानपात्र खोले गए और उनमें से निकली राशि की काउंटिंग शुरू की गई। बैंक कर्मियों और मंदिर मंडल के कर्मचारियों ने पूरे दिन मिलकर नोटों और सिक्कों की गिनती की। शाम तक पहले राउंड की काउंटिंग पूरी होने पर कुल 10 करोड़ 11 लाख 83 हजार रुपए सामने आए। पहले ही दिन 10 करोड़ रुपए से ज्यादा की काउंटिंग होने से श्रद्धालुओं में भी चर्चा का विषय बना रहा। मंगलवार को नहीं होगी काउंटिंग मंदिर मंडल के अनुसार मंगलवार को अमावस्या होने की वजह से भंडार की काउंटिंग नहीं की जाएगी। इस दिन मंदिर की धार्मिक परंपराओं के अनुसार अन्य व्यवस्थाएं रहेंगी। इसलिए काउंटिंग का काम एक दिन के लिए रोका जाएगा। अब अगला राउंड 15 जुलाई, बुधवार को होगा। उसी दिन फिर से दानपात्र में निकली बाकी राशि की काउंटिंग शुरू की जाएगी। काउंटिंग पूरी होने के बाद ही इस बार भंडार में कुल कितना दान आया, इसकी अंतिम तस्वीर सामने आएगी। अभी चेक, ऑनलाइन दान और चढ़ावे का हिसाब बाकी पहले राउंड में सिर्फ दानपात्र से निकली नकद राशि की काउंटिंग की गई है। इसके अलावा मंदिर को श्रद्धालुओं की ओर से चेक और ऑनलाइन माध्यम से भी बड़ी संख्या में दान मिलता है। वहीं सोने-चांदी के आभूषण और अन्य कीमती चढ़ावे भी अलग से जमा होते हैं। इन सभी की काउंटिंग और वजन का काम आखिरी दिन किया जाएगा। इसके बाद मंदिर मंडल भंडार का अंतिम आंकड़ा जारी करेगा। हर महीने होने वाली इस काउंटिंग पर श्रद्धालुओं के साथ-साथ पूरे मेवाड़ की नजर रहती है, क्योंकि सांवलियाजी मंदिर देश के प्रमुख आस्था केंद्रों में शामिल है और यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपनी श्रद्धा के अनुसार दान अर्पित करते हैं।
शामली के गांव चढ़ाव स्थित प्राथमिक विद्यालय में सोमवार को एक बंदर ने तीसरी कक्षा की छात्रा पर हमला कर दिया। इस हमले में छात्रा घायल हो गई, जिसके बाद उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में प्राथमिक उपचार दिया गया। घटना से विद्यालय में अफरा-तफरी मच गई और अन्य छात्र-छात्राएं भी दहशत में आ गए। गांव चढ़ाव निवासी प्राथमिक विद्यालय में कक्षा तीन की नौ वर्षीय छात्रा है। सोमवार को वह अपनी कक्षा में पढ़ाई कर रही थी। इसी दौरान विद्यालय परिसर में पेड़ पर बैठा एक बंदर अचानक नीचे उतर आया और हिमांशी पर हमला कर दिया। हमले के बाद विद्यालय स्टाफ ने तत्काल छात्रा के परिजनों को सूचना दी। परिजन उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत सामान्य बताई और उसे घर भेज दिया। चिकित्सकों ने आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह भी दी। इस घटना से विद्यालय के छात्र-छात्राओं में भय का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में बंदरों का आतंक लगातार बढ़ रहा है। उत्पाती बंदर आए दिन लोगों पर हमला कर रहे हैं, जिससे विशेषकर स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि बंदरों की समस्या को लेकर उन्होंने कई बार प्रशासन से शिकायत की है और उन्हें पकड़वाने की मांग भी की है, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द अभियान चलाकर बंदरों को पकड़वाने और स्कूल परिसर सहित पूरे गांव में सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सोहावल में दिए गए हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़े जाने संबंधी बयान को लेकर अयोध्या में राजनीतिक और धार्मिक बहस तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री पवन पांडेय ने वीडियो जारी कर मुख्यमंत्री के बयान पर आपत्ति जताई, जबकि हनुमानगढ़ी के संत राजू दास ने मुख्यमंत्री के बयान का समर्थन किया। वहीं तपस्वी छावनी के उत्तराधिकारी महंत एकनाथ महाराज ने सामाजिक समरसता पर जोर देते हुए महंत ज्ञानदास का पक्ष रखा। पवन पांडेय बोले- इफ्तार आपसी सौहार्द का प्रयास था पवन पांडेय ने कहा कि वर्ष 2003 में सर्वोच्च न्यायालय ने राम मंदिर विवाद के शांतिपूर्ण समाधान के लिए दोनों पक्षों को संवाद का रास्ता अपनाने की सलाह दी थी। इसी क्रम में महंत ज्ञानदास ने अपने आवास पर रोजा इफ्तार का आयोजन किया था, जिसमें उनके मुस्लिम मित्र बाबू टेलर भी शामिल थे। उन्होंने दावा किया कि बाबू टेलर के यहां हनुमान चालीसा पाठ और होली मिलन जैसे कार्यक्रम भी आयोजित हुए थे। पांडेय ने कहा कि इसे हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज बताना दुष्प्रचार है। उन्होंने राम मंदिर में कथित दान चोरी प्रकरण का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री से कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठाए। राजू दास ने किया पलटवार हनुमानगढ़ी के संत राजू दास ने कहा कि समाजवादी पार्टी के शासनकाल में रामभक्तों पर गोलियां चलीं, 84 कोसी परिक्रमा और धार्मिक आयोजनों पर प्रतिबंध लगाए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय तुष्टिकरण की राजनीति की गई। राजू दास ने मुख्यमंत्री योगी के बयान का समर्थन करते हुए दावा किया कि हनुमानगढ़ी में नमाज पढ़ाए जाने की घटना हुई थी और मंदिर परिसर में मुसलमानों के प्रवेश पर प्रतिबंध है। महंत एकनाथ महाराज ने दिया समरसता का संदेश तपस्वी छावनी के उत्तराधिकारी महंत एकनाथ महाराज ने कहा कि यदि कोई मुस्लिम श्रद्धा के साथ संकटमोचन हनुमानजी की शरण में आता है तो इसे सनातन धर्म की व्यापकता के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म सबको साथ लेकर चलने की परंपरा का प्रतीक है। साथ ही उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को मुस्लिम विरोधी बताना उचित नहीं है और धार्मिक विषयों को राजनीतिक नजरिए से नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता की दृष्टि से देखा जाना चाहिए।
मऊगंज जिले में सोमवार रात करीब 8 बजे एक तेज रफ्तार बाइक अनियंत्रित होकर फिसलने से युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे प्राथमिक इलाज के बाद रीवा के संजय गांधी अस्पताल रेफर किया गया है। जानकारी के मुताबिक, हटवा बिरहा के रहने वाले गोरेलाल मिश्रा किसी काम से हनुमना गए थे। वहां अपनी बाइक की सर्विसिंग कराने के बाद वे वापस अपने गांव लौट रहे थे। इसी दौरान बिझौली गांव के पास उनकी बाइक अचानक बेकाबू होकर सड़क पर फिसल गई। पैर में फ्रैक्चर और सिर में गंभीर चोट हादसे के तुरंत बाद आस-पास के लोग मदद के लिए दौड़े और उन्होंने एमपी आरडीसी (MPRDC) एम्बुलेंस को इसकी सूचना दी। मौके पर पहुंची एम्बुलेंस की मदद से घायल गोरेलाल को सिविल अस्पताल मऊगंज पहुंचाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने उनका प्राथमिक उपचार किया। जांच के दौरान पता चला कि युवक के पैर में गंभीर फ्रैक्चर हुआ है और सिर में भी अंदरूनी व गहरी चोटें आई हैं। उनकी नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज और विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी के लिए तत्काल संजय गांधी अस्पताल रीवा के लिए रेफर कर दिया।
पानीपत जिले में सीआईए वन पुलिस ने सनौली क्षेत्र के गांव जलापुर प्रथम स्थित एक फैक्ट्री से प्रिंटिंग स्क्रीन चोरी करने के आरोप में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी शनिवार देर शाम कुराड़ गंदा नाला पुलिया के पास से हुई। सीआईए वन प्रभारी इंस्पेक्टर फूल कुमार ने बताया कि गश्त के दौरान पुलिस को सूचना मिली थी कि 2 संदिग्ध युवक स्पलेंडर बाइक पर कुराड़ गंदा नाला पुलिया के पास घूम रहे हैं। पुलिस टीम ने मौके पर दबिश देकर दोनों युवकों को पकड़ा। इनकी पहचान करनाल के गांव बल्हेड़ा निवासी सलमान उर्फ लूक्का और मोहम्मद अम्मी उर्फ सम्मी के रूप में हुई। दीवार फांदकर 46 पीस प्रिंटिंग स्क्रीन चोरी किए पूछताछ में दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने अपने 2 फरार साथियों के साथ मिलकर 19 जून की रात को सनौली क्षेत्र में गांव जलापुर प्रथम स्थित फैक्ट्री की दीवार फांदकर 46 पीस प्रिंटिंग स्क्रीन चोरी किए थे। इस चोरी के संबंध में थाना सनौली में अंसल निवासी सचिन की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया था। इंस्पेक्टर फूल कुमार के अनुसार, आरोपियों ने बताया कि वे और उनके फरार साथी नशे के आदी हैं। नशे की लत पूरी करने के लिए पैसों की जरूरत पड़ने पर उन्होंने फैक्ट्री में चोरी की वारदात को अंजाम दिया। दोनों को 2 दिनों के रिमांड पर भेजा उन्होंने यह भी बताया कि चोरी की गई प्रिंटिंग स्क्रीन बेचने के लिए उत्तर प्रदेश में एक कबाड़ी के पास रखी गई हैं। पुलिस ने रविवार को दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। रिमांड के दौरान पुलिस चोरी की प्रिंटिंग स्क्रीन बरामद करने और फरार अन्य आरोपियों का पता लगाकर उन्हें गिरफ्तार करने का प्रयास करेगी।
लखनऊ सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी:ढाई घंटे चली तलाशी कुछ नहीं मिला, फर्जी मेल भेजा गया
लखनऊ के सिविल कोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट पर सोमवार दोपहर कोर्ट परिसर और जज रूम-6 को बम से उड़ाने का मेल आया। सूचना मिलते ही वजीरगंज पुलिस, डॉग स्क्वायड और बम निरोधक दस्ता (BDS) मौके पर पहुंच गया। करीब ढाई घंटे तक चले सर्च ऑपरेशन में कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली, जिसके बाद पुलिस ने धमकी को फर्जी करार दिया।पुलिस के मुताबिक सोमवार दोपहर 12:16 बजे सिविल कोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट पर धमकी भरा ई-मेल प्राप्त हुआ। ई-मेल के सब्जेक्ट में लिखा था कि दुर्गा स्टालियन ने शिया मुसलमानों की मदद से पैगंबर मुहम्मद का अपमान किया है। कोर्ट/जज रूम-6 में बम फोड़ेंगे। जजों को जल्द निकालो। इसके बाद पूरा संदेश दक्षिण भारतीय भाषा में लिखा गया था। प्राथमिक जांच में सामने आया कि ई-मेल कथित तौर पर प्रबाजानी लखनवी और शहाना थानाबालन तिरुपति के नाम से भेजा गया है। पुलिस अब ई-मेल भेजने वाले की पहचान के लिए आईपी एड्रेस, मोबाइल नंबर और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। कोर्ट परिसर खाली कराया धमकी की सूचना मिलते ही पुलिस ने एहतियात के तौर पर पूरे कोर्ट परिसर को खाली करा दिया। कोर्ट के सभी कक्षों, जज रूम, पार्किंग और अन्य संवेदनशील स्थानों की डॉग स्क्वायड और बीडीएस टीम ने गहन तलाशी ली। इस दौरान अधिवक्ताओं ने अपने चैंबर बंद कर दिए, जिससे कुछ समय के लिए न्यायिक कार्य भी प्रभावित रहा। सर्च ऑपरेशन पूरा होने और कुछ भी संदिग्ध न मिलने के बाद अदालत की कार्यवाही दोबारा शुरू कराई गई। पहले भी मिल चुके हैं धमकी भरे ई-मेलसिविल कोर्ट को इससे पहले भी धमकी भरे ई-मेल मिल चुके हैं। 13 फरवरी को दोपहर 1:10 बजे जिला जज की आधिकारिक ई-मेल आईडी पर धमकी भेजी गई थी। इसके तीन दिन बाद 16 फरवरी को भी उसी समय एक और धमकी भरा ई-मेल आया था। उस मामले में कोर्ट के नाजिर जितेंद्र राय ने वजीरगंज थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी और जांच साइबर क्राइम को सौंपी गई थी। करीब साढ़े चार महीने बीत जाने के बाद भी उन ई-मेल भेजने वालों का सुराग नहीं लग सका है।
रेलवे अधिनियम, 1989 में प्रस्तावित संशोधनों के बाद ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों पर नियम तोड़ने वालों के खिलाफ रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और अधिकृत रेलवे कर्मचारियों की कार्रवाई पहले से अधिक प्रभावी हो सकती है। हालांकि संशोधन में RPF को नई वैधानिक पुलिस शक्तियां देने का प्रावधान नहीं है, लेकिन मौके पर जुर्माना लगाने, नियम तोड़ने वालों को रेलवे परिसर से हटाने और जुर्माना नहीं भरने पर अदालत में पेश करने की प्रक्रिया को अधिक स्पष्ट और सख्त बनाया गया है। अब तक कई मामलों में कार्रवाई के बाद लंबी कानूनी प्रक्रिया अपनानी पड़ती थी। प्रस्तावित संशोधन में कई अपराधों के लिए पहले स्पॉट पेनल्टी का प्रावधान किया गया है। यदि आरोपी जुर्माना भर देता है तो मामला वहीं समाप्त हो सकता है, जबकि भुगतान से इनकार करने पर उसे सक्षम अदालत में पेश किया जाएगा। इन मामलों में मौके पर कार्रवाई नए प्रावधानों के तहत ASI और उससे वरिष्ठ RPF अधिकारी इन मामलों में स्पॉट पेनल्टी लगा सकेंगे— RPF के लिए क्या बदलेगा? अब तक कई मामलों में RPF की भूमिका नियम तोड़ने वालों को पकड़कर कानूनी कार्रवाई शुरू कराने तक सीमित रहती थी। स्पॉट पेनल्टी की व्यवस्था लागू होने के बाद अधिकृत अधिकारी मौके पर ही आर्थिक दंड की कार्रवाई कर सकेंगे। इससे ट्रेनों और स्टेशनों पर अनुशासन बनाए रखने में तेजी आने की उम्मीद है। तो क्या RPF को नई पुलिस शक्तियां मिल गई हैं? नहीं। प्रस्तावित संशोधन RPF को नई जांच या गिरफ्तारी की व्यापक शक्तियां नहीं देता। बदलाव मुख्य रूप से स्पॉट पेनल्टी वसूलने और अधिनियम के उल्लंघनों पर त्वरित कार्रवाई की प्रक्रिया से जुड़ा है।
अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी के आरोपी टिन्नू यादव को लेकर अखिलेश यादव और भाजपा सांसद निशिकांत दुबे के बीच विवाद में नया मोड़ आ गया है। भाजपा सांसद ने सपा से जुड़े अधिवक्ता कृष्ण कन्हैया पाल के लीगल नोटिस का जवाब दे दिया है। 9 जुलाई, 2026 को अपने वकील ऋषि के अवस्थी के जरिए भेजे गए चार पेज के जवाब में निशिकांत दुबे ने नोटिस में लगाए गए सभी आरोपों को निराधार और तथ्यहीन बताया है। साथ ही कहा है कि यदि उनके किसी बयान से अनजाने में किसी की भावनाएं आहत हुई हों या प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची हो तो उन्हें इसका खेद है और वह इसके लिए माफी मांगते हैं। इस मुद्दे पर सपा प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने X पर लिखा- बहुत बड़े शूरवीर बने आनाप शनाप बयान दे रहे। भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने बिना शर्त समाजवादी अधिवक्ता सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के के पाल जी से माफी मांगी, निशिकांतजी माफी तो अब जब मिलेंगी जब समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष आदरणीय अखिलेश यादव जी से भी माफी मांगोगे। कहां था पूरा कानून का ज्ञान देंगे। निशिकांत दुबे ने कहा- समाजवादी पार्टी को फिर मेरी सलाह है कि चाटुकारिता वाले को समझाइए। पहले तो नोटिस अखिलेश जी को देना था मानहानि का, बदले में पाल ने दिया । मैंने पूछा पाल आप कौन हो तो पाल ने दूसरे वकील से नोटिस भेजा। अब नया कहानी, मैंने अखिलेश यादवजी से कोई माफी नहीं मांगी है। मैं गंगा किनारे का आदमी हूं, मर्दानगी और मर्यादा में लड़ता हूं। समाजवादी विचारधारा अफवाहों के लिए बनी है। भाजपा सांसद ने जवाब में क्या-क्या कहा? निशिकांत दुबे ने कहा कि कानूनी नोटिस में लगाए गए सभी आरोप तथ्यहीन, आधारहीन और कानूनी रूप से टिकने योग्य नहीं हैं।उन्होंने कहा कि वह गोड्डा लोकसभा सीट से चार बार के सांसद हैं और सार्वजनिक जीवन में उनकी छवि पारदर्शिता, जवाबदेही और जनहित के मुद्दे उठाने वाले नेता की रही है।जवाब में दावा किया गया कि नोटिस भेजने वाले पक्ष ने पूरे तथ्य अपने वकील के सामने नहीं रखे। यदि सही तथ्य बताए गए होते तो नोटिस जारी करने की नौबत ही नहीं आती।सांसद ने कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर किया गया उनका बयान किसी व्यक्ति विशेष को बदनाम करने के उद्देश्य से नहीं था।उन्होंने कहा कि नोटिस मिलने से पहले वह संबंधित अधिवक्ता को व्यक्तिगत रूप से जानते तक नहीं थे। इसलिए जानबूझकर उनकी मानहानि करने का सवाल ही नहीं उठता।जवाब में यह भी कहा गया कि संबंधित अधिवक्ता की ओर से पहले 7 जुलाई 2026 को समाजवादी पार्टी के लेटरहेड पर एक कानूनी नोटिस जारी किया गया था। सांसद की टिप्पणी उसी नोटिस और उससे जुड़े घटनाक्रम के संदर्भ में थी, न कि किसी अधिवक्ता की व्यक्तिगत या पेशेवर छवि को नुकसान पहुंचाने के लिए।निशिकांत दुबे ने कहा कि उन्हें वकालत के पेशे और अधिवक्ताओं का पूरा सम्मान है। उनका परिवार भी पेशेवर पृष्ठभूमि से जुड़ा है, इसलिए किसी वकील की गरिमा को ठेस पहुंचाने का उनका कोई इरादा नहीं था। खेद और माफी भी जताई जवाब के आखिर में सांसद ने कहा कि यदि उनके किसी बयान या टिप्पणी को गलती से अपमानजनक या आहत करने वाला माना गया हो, तो उन्हें इसका ईमानदारी से खेद है और वह माफी मांगते हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह माफी केवल विवाद खत्म करने और सार्वजनिक संवाद की गरिमा बनाए रखने के लिए है। इसे किसी कानूनी गलती, मानहानि या आरोप स्वीकार करने के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि इस जवाब से उनके सभी कानूनी अधिकार सुरक्षित रहेंगे। खबर अपडेट हो रही है…
बिजनौर में कांवड़ यात्रा की तैयारियां तेज:डीएम-एसपी ने कांवड़ मार्गों का निरीक्षण कर दिए निर्देश
बिजनौर में आगामी कांवड़ यात्रा-2026 को सुरक्षित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में सोमवार शाम करीब 6:30 बजे जिलाधिकारी जसजीत कौर और पुलिस अधीक्षक अभिषेक झा ने कांवड़ मार्गों का निरीक्षण किया। उन्होंने कोतवाली देहात से नहटौर, धामपुर और अफजलगढ़ तक के मार्गों पर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस निरीक्षण के दौरान उप जिलाधिकारी धामपुर स्मृति मिश्रा, पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) और संबंधित थाना अध्यक्ष सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। जिलाधिकारी ने कांवड़ यात्रा मार्गों पर सड़क की स्थिति, साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्थाओं का गहनता से जायजा लिया। उन्होंने अधिशासी अभियंता, निर्माण खंड नजीबाबाद को निर्देश दिए कि यात्रा मार्गों पर मौजूद गड्ढों और क्षतिग्रस्त सड़कों को तत्काल ठीक कर मार्ग को सुगम और सुरक्षित बनाया जाए। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को कांवड़ यात्रा से पहले आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने और किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश भी दिए। पुलिस विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि कांवड़ यात्रा के दौरान पूरे जनपद में चाक-चौबंद सुरक्षा और प्रभावी शांति व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। संवेदनशील स्थलों पर विशेष सतर्कता बरतने, किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए निरंतर निगरानी रखने और पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती के निर्देश भी दिए गए।
समस्तीपुर शहर के रेल परिसर स्थित पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय के खेल मैदान में पिछले चार दिनों से 65वीं राज्य स्तरीय सुब्रतो मुखर्जी कप फुटबॉल प्रतियोगिता (बालिका अंडर-17)-2026 हो रही थी। सोमवार को फाइनल मुकाबला पश्चिम चंपारण और सीवान के बीच खेला गया। मुकाबले में सीवान की टीम विजयी हुई। निर्धारित 60 मिनट तक पहले-दूसरे हाफ में दोनों टीमों ने शानदार खेल का प्रदर्शन किया, लेकिन कोई भी टीम निर्धारित समय सीमा के अंदर गोल नहीं कर सकी। इसके बाद ट्राईब्रेकर से हुए निर्णय में सीवान की टीम ने 3-2 से जीत दर्ज की। इसके साथ ही राज्य चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। पश्चिम चंपारण की टीम उपविजेता रही। समापन समारोह में डीएम रोशन कुशवाहा ने विजेता और उपविजेता टीमों के खिलाड़ियों को पदक, ट्रॉफी और प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। पिंकी कुमारी को सर्वश्रेष्ठ डिफेंडरव्यक्तिगत पुरस्कारों में सीवान की पिंकी कुमारी को सर्वश्रेष्ठ डिफेंडर, पश्चिम चंपारण की प्रीति कुमारी को सर्वश्रेष्ठ स्ट्राइकर और पश्चिम चंपारण की तन्नु कुमारी को सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर घोषित कर ट्रॉफी एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। डीएम ने प्रतियोगिता के दौरान दायित्व निभाने वाले सभी तकनीकी पदाधिकारियों और निर्णायकों को स्मृति-चिह्न देकर सम्मानित किया। जिला खेल पदाधिकारी विवेक कुमार शर्मा ने खिलाड़ियों, तकनीकी अधिकारियों और आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले प्रतिनियुक्त शिक्षकों का अभिनंदन करते हुए उन्हें स्मृति-चिह्न प्रदान किया। उन्होंने कहा कि समस्तीपुर ने सफल आयोजन, अनुशासित व्यवस्था और उत्कृष्ट मेजबानी के माध्यम से राज्य स्तर पर अपनी अलग पहचान स्थापित की है। पारितोषिक वितरण समारोह का प्रभावी संचालन शिक्षक सुभीत कुमार सिंह 'बिट्टू' ने किया। इन्होंने निभाई भूमिका प्रतियोगिता में मुख्य रेफरी के रूप में शशि सिंह (रोहतास) और तकनीकी पदाधिकारियों के रूप में अलीमउद्दीन (मुजफ्फरपुर), रजनीश पांडेय (पूर्णिया), रोहित कुमार (सीतामढ़ी), राहुल प्रियांशी और समीर संजय (पश्चिम चंपारण), मोना वर्मा (मुंगेर), मोहम्मद शाहिद (समस्तीपुर) और सरिता कुमारी (सारण) ने अपनी सेवाएं दीं। प्रतियोगिता के सफल संचालन में जिला खेल पदाधिकारी विवेक कुमार शर्मा के नेतृत्व में वरुण कुमार सिंह, अंशु कुमार सिन्हा, सुभीत कुमार सिंह, विनय कुमार विनय, मदन कुमार भगत, संजीव कुमार, रजनीश कुमार पांडेय, समीर उरांव, निखिल कुमार सिंह, राजीव कुमार, राम कुमार, राहुल कुमार, विघ्नेश कुमार, अमित कुमार, अंजनी कुमार, पूजा कुमारी, कुमारी वंदना, वैजयंती प्रिया, निकिता शर्मा, सोनाली कुमारी, जयदेवी कुमारी, उमेश कुमार, सुनील कुमार, राजकमल रौशन, चंद्रशेखर सिंह की सक्रिय एवं सराहनीय भूमिका रही।
अयोध्या में साइबर क्राइम थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए साइबर ठगी की शिकार एक महिला के 2 लाख रुपये वापस कराए हैं। पुलिस ने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत मिलने के बाद संबंधित बैंक और अन्य एजेंसियों से समन्वय स्थापित कर रकम को सुरक्षित कराया और बाद में पीड़िता के खाते में वापस करा दिया। पुलिस के अनुसार, पीड़िता ने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि उनके यूपीआई खाते से गलती से 2 लाख रुपये साइबर फ्रॉड से जुड़े एक बैंक खाते में ट्रांसफर हो गए थे। बैंक से समन्वय कर होल्ड कराई गई रकम शिकायत मिलते ही अयोध्या साइबर क्राइम थाना सक्रिय हो गया। पुलिस टीम ने संबंधित बैंक और अन्य एजेंसियों से तत्काल संपर्क कर ट्रांसफर की गई धनराशि को होल्ड कराया। तकनीकी जांच और प्रभावी पैरवी के बाद पूरी राशि पीड़िता के खाते में वापस करा दी गई। साइबर अपराधियों पर लगातार कार्रवाई पुलिस अधिकारियों ने बताया कि साइबर क्राइम थाना लगातार साइबर अपराधों के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है। साथ ही लोगों को ऑनलाइन ठगी से बचाने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं। समय पर शिकायत मिलने से कई मामलों में पीड़ितों की धनराशि वापस कराई जा चुकी है। इस कार्रवाई में साइबर क्राइम थाना प्रभारी निरीक्षक मोहम्मद अरशद और कांस्टेबल प्रवीण दीक्षित की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वरिष्ठ अधिकारियों ने टीम की सराहना करते हुए इसे साइबर अपराधों के विरुद्ध प्रभावी पुलिसिंग का उदाहरण बताया। पुलिस की अपील अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) एवं साइबर क्राइम के नोडल अधिकारी बलवंत चौधरी ने लोगों से अपील की कि किसी भी अनजान कॉल, मैसेज, लिंक या ऑनलाइन भुगतान संबंधी अनुरोध पर बिना सत्यापन के भरोसा न करें। यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार होता है, तो तत्काल 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते धनराशि सुरक्षित कराई जा सके।
बरेली के नैनीताल रोड स्थित प्रतिष्ठित जीआरएम सीनियर सेकेंडरी स्कूल के परिसर में सोमवार को नगर निगम का बुलडोजर पूरी ताकत के साथ गरजा। सीएम ग्रिड योजना के नाम पर 65 वर्ष पुरानी ऐतिहासिक बाउंड्रीवॉल को महज 10 मिनट में ढहा दिया गया। इस विध्वंसक कार्रवाई के बाद स्कूल प्रबंधन में भारी आक्रोश है। प्रबंधन ने बच्चों की सुरक्षा और परिसर में पैदा हुए असुरक्षित माहौल को देखते हुए आगामी दो दिनों के लिए स्कूल बंद रखने का सख्त निर्णय लिया है। प्रबंधन का कड़ा रुख: बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ बर्दाश्त नहींजीआरएम स्कूल के मीडिया प्रभारी रजनीश त्रिवेदी ने इस कार्रवाई पर कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा कि नगर निगम ने बिना सोचे-समझे विद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था को तहस-नहस कर दिया है। बाउंड्रीवॉल ढहने से परिसर खुला पड़ा है, जिससे हजारों विद्यार्थियों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है। प्रबंधन ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि इतनी पुरानी संस्था के साथ इस तरह का व्यवहार दुर्भाग्यपूर्ण है। सुरक्षा के मद्देनजर 14 और 15 जुलाई को कक्षा 4 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए शिक्षण कार्य स्थगित किया गया है। हालांकि, छात्रों का भविष्य प्रभावित न हो, इसके लिए पीटी-1 परीक्षाएं पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही जारी रहेंगी। प्रबंधन अब सुरक्षा के इंतजामों को प्राथमिकता दे रहा है। सड़क चौड़ीकरण की आड़ में ऐतिहासिक धरोहर पर चला बुलडोजरसीएम ग्रिड योजना के तहत 80 फीट सड़क का सपना देखने वाले नगर निगम ने उस ऐतिहासिक मैदान की दीवार को भी नहीं बख्शा, जहाँ वर्षों से होली मिलन मेला लगता आ रहा है। राजनीतिक दिग्गजों और शहर के गणमान्य लोगों का साक्षी रहा यह स्थल आज मलबे के ढेर में तब्दील हो गया है। सड़क निर्माण के नाम पर हुई इस कार्रवाई को लेकर स्थानीय स्तर पर भी चर्चाएं तेज हैं कि क्या विकास के लिए ऐतिहासिक धरोहरों को मिटाना ही एकमात्र विकल्प है। नोटिस की प्रक्रिया पर प्रबंधन ने उठाए सवालनगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य का कहना है कि नोटिस देने के बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाया गया, इसलिए कार्रवाई हुई। वहीं, दूसरी ओर स्कूल प्रबंधन ने इस एकतरफा कार्रवाई पर असंतोष जाहिर किया है। प्रबंधन का मानना है कि उन्हें पर्याप्त समय नहीं दिया गया और जिस जल्दबाजी में यह ध्वस्तीकरण किया गया, उससे विद्यालय की मर्यादा और व्यवस्था को भारी ठेस पहुँची है। विकास के नाम पर हुई इस 'बुलडोजर कार्रवाई' ने स्कूल प्रशासन और निगम के बीच एक बड़ा टकराव पैदा कर दिया है। 2 बार नोटिस की बाद भी नहीं हटाई दीवार- नगर आयुक्तनगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने बताया कि सीएम ग्रिड योजना के अंतर्गत कोहाड़ापीर पेट्रोल पंप से कुदेशिया पुल और सूद धर्म कांटे तक सड़क चौड़ीकरण और विकास कार्य प्रगति पर है। उन्होंने बताया कि जीआरएम स्कूल की बाउंड्रीवॉल अतिक्रमण की श्रेणी में आ रही थी, जिसे हटाने के लिए नगर निगम ने पूर्व में दो नोटिस जारी किए थे। स्कूल प्रबंधन से वार्ता कर उन्हें पर्याप्त समय दिया गया था कि वे सुरक्षा के दृष्टिगत अपनी बाउंड्रीवॉल को स्वयं हटाकर अपनी भूमि पर बना लें, लेकिन 12 जुलाई तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। निर्माण कार्य में हो रहे विलंब को देखते हुए नगर निगम की टीम ने सोमवार 13 जुलाई को अतिक्रमण हटाकर बाउंड्रीवॉल को गिराने की कार्यवाही की।
रायपुर में आनन्द मार्ग प्रचारक संघ के तत्वावधान में आयोजित त्रिदिवसीय योग साधना शिविर और सेमिनार का समापन हुआ। समापन सत्र में आनन्द मार्ग के वरिष्ठ पुरोधा आचार्य परमेश्वरानन्द अवधूत ने आत्म तीर्थ विषय पर सारगर्भित प्रवचन दिया। आचार्य परमेश्वरानन्द अवधूत ने तंत्र में वर्णित शिवोक्ति का जिक्र करते हुए कहा कि मनुष्य बाहरी तीर्थों की यात्रा में समय और धन खर्च करता है, जबकि वास्तविक तीर्थ उसके भीतर स्थित आत्मा है। उन्होंने कहा कि आत्मा की खोज के लिए आध्यात्मिक साधना ही एकमात्र मार्ग है। उन्होंने भगवान आनन्द मूर्ति के विचारों का जिक्र करते हुए कहा कि सत्यलोक में प्रतिष्ठित होना साधक का लक्ष्य है। इसके लिए योग्य गुरु से दीक्षा लेकर यम-नियम का पालन करते हुए निरंतर साधना करना आवश्यक है। प्रउत दर्शन पर रखा व्याख्यान सेमिनार के दूसरे दिन आचार्य रितेश्वरानन्द अवधूत ने प्रउत (प्रगतिशील उपयोग तत्व) पर व्याख्यान दिया। उन्होंने बताया कि यह प्रभात रंजन सरकार की ओर से प्रतिपादित सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक दर्शन है। 'पांच न्यूनतम आवश्यकताओं की पूर्ति जरूरी' उन्होंने कहा कि जब तक मनुष्य की पांच न्यूनतम आवश्यकताओं की पूर्ति नहीं होगी, तब तक वह आध्यात्मिक साधना का पालन नहीं कर सकता। मानव जीवन का लक्ष्य आत्म मोक्षार्थं जगत हिताय च है, अर्थात आत्मा की मुक्ति और जगत की सेवा। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को संविधान के माध्यम से न्यूनतम आवश्यकताओं की गारंटी मिलनी चाहिए। संतुलित आर्थिक व्यवस्था पर दिया जोर आचार्य रितेश्वरानन्द अवधूत ने कहा कि वर्तमान में विश्व के किसी भी देश में संतुलित आर्थिक व्यवस्था नहीं है, जिसके कारण बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और सामाजिक-आर्थिक शोषण बढ़ रहा है। उन्होंने प्रउत दर्शन के अनुसार कृषि, कृषि आधारित उद्योग, गैर-कृषि उद्योग, सामान्य व्यवसाय, बौद्धिक और नौकरीपेशा वर्ग के बीच जनसंख्या के संतुलित वितरण की आवश्यकता बताई। उनका कहना था कि इससे किसी एक क्षेत्र पर दबाव नहीं पड़ेगा और बेरोजगारी, भुखमरी, आर्थिक असमानता को कम किया जा सकेगा। संस्थागत गतिविधियों की दी जानकारी सेमिनार के अंतिम सत्र में आचार्य परमेश्वरानन्द अवधूत ने संगठन की संरचना और विभिन्न गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी। साथ ही सभी अनुयायियों को आगामी छह माह के लिए लक्ष्य निर्धारित किए गए। 200 से अधिक साधकों ने लिया भाग इस त्रिदिवसीय सेमिनार में छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिलों से 200 से अधिक साधकों एवं कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
शेखपुरा में सोमवार शाम एनएच-333ए पर लहना मोड़ के पास एक बेकाबू कार ने ई-रिक्शा को टक्कर मार दी। इस हादसे में जमुई के धनराज सिंह कॉलेज से बीएससी की प्रैक्टिकल परीक्षा देकर लौट रही पांच छात्राएं घायल हो गईं। स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायल छात्राओं को सदर अस्पताल शेखपुरा में भर्ती कराया गया। घायलों की पहचान शेखपुरा शहर की सना (20), शैरुल (21), फातिमा और माहुरी टोला निवासी कुसुम कुमारी के रूप में हुई। इनमें से सना और शैरुल की हालत गंभीर होने के कारण प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर पावापुरी विम्स रेफर कर दिया गया। सभी घायल छात्राएं रामाधीन कॉलेज, शेखपुरा की यूजी सेमेस्टर-3 की छात्राएं हैं। वे जमुई जिले के सिकंदरा स्थित धनराज सिंह महाविद्यालय में प्रैक्टिकल परीक्षा देकर ई-रिक्शा से शेखपुरा लौट रही थीं, तभी यह दुर्घटना हुई। करंडे थाना के एसआई ललित कुमार ने बताया कि हादसे के बाद ई-रिक्शा चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त कार और उसके चालक को हिरासत में ले लिया है। क्षतिग्रस्त ई-रिक्शा को भी जब्त कर थाने लाया गया है। मामले की जांच जारी है। गौरतलब है कि एनएच-333ए पर लंबी दूरी तक ई-रिक्शा का परिचालन लगातार दुर्घटनाओं का कारण बन रहा है। स्थानीय लोग और छात्र संगठन पहले भी इस मार्ग पर ई-रिक्शा के संचालन पर रोक लगाने और सुरक्षित सार्वजनिक परिवहन की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग कर चुके हैं।
मेरठ में साइबर अपराध, ऑनलाइन धोखाधड़ी और वित्तीय घोटाले पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान ऑपरेशन साइबर वज्र से बेहतर परिणाम मिलने लगे हैं। मेरठ रेंज में डीआईजी कलानिधि नैथानी खुद इसकी निगरानी कर रहे हैं। सोमवार को टेलीकॉम डिपार्टमेंट के अफसरों के साथ डीआईजी ने ऑपरेशन साइबर वजह से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा करते हुए सूचनाओं का आदान प्रदान किया। डीआईजी रेंज कलानिधि नैथानी ने बताया कि ऑपरेशन साइबर वज्र के अंतर्गत 5 दिन में रेंज में चेक विड्रोल, एटीएम कैश आउट, म्यूल अकाउंट, संदिग्ध मोबाइल, सिम बॉक्स के प्रकरणों में 435 शिकायतों का निस्तारण किया गया है। 77 FIR दर्ज की गई है और 65 आरोपियों की गिरफ्तारी/नोटिस की कार्रवाई की गई है। जनपद बुलंदशहर पहले, मेरठ दूसरे स्थान पर रेंज की बात की जाए तो बुलंदशहर पहले तो मेरठ दूसरे पर है। जनपद मेरठ में 75 मामलों का निस्तारण किया गया, 26 FIR दर्ज हुई और 36 लोगों को गिरफ्तार/नोटिस दिया गया। बुलंदशहर में 298 मामले निस्तारित किए गए हैं जबकि 47 FIR दर्ज करने के बाद 19 गिरफ्तारी हुई हैं। हापुड़ जनपद में 38 मामलों का निस्तारण बागपत में 24 मामलों का निस्तारण हुआ है। दो FIR दर्ज की गई हैं और नौ लोग गिरफ्तार किए गए हैं। इसी तरह हापुड़ जनपद में 38 मामलों का निस्तारण हुआ है। दो FIR दर्ज की गई हैं और एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। इन बिंदुओं पर काम करना हुआ आसान - टेलीकॉम साइबर सिक्योरिटी (संशोधन) नियम, 2025 के तहत वित्तीय और डिजिटल सेवाओं में इस्तेमाल होने वाले मोबाइल नंबरों की सत्यता जांचने के लिए एक विकेंद्रीकृत और सुरक्षित मोबाइल नंबर वैलिडेशन (MNV) प्लेटफॉर्म शुरू किया गया है। इसमें सोशल मीडिया, फिनटेक और ई-कॉमर्स जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म (TIUEs) को इसके दायरे में लाकर संदिग्ध पाए जाने पर बिना पूर्व सूचना के उनके टेलीकॉम आइडेंटिफायर्स को तुरंत सस्पेंड करने का अधिकार दिया गया है। - संचार साथी पोर्टल व ऐप के माध्यम से आम नागरिक अपने नाम पर चल रहे कनेक्शनों की जांच कर सकते हैं और चोरी या खोए हुए मोबाइल को ब्लॉक कर सकते हैं। अब तक करोड़ों संदिग्ध नंबर बंद किए जा चुके हैं। - चक्षु फैसिलिटी के जरिए नागरिक बैंक केवाईसी फ्रॉड, सरकारी अधिकारी बनकर ठगने (इम्पर्सनेशन), सेक्सटॉर्शन या फर्जी लॉटरी जैसे संदिग्ध कॉल्स, एसएमएस और व्हाट्सएप संदेशों की तुरंत रिपोर्ट कर सकते हैं। - रीसेल डिवाइस स्क्रबिंग का उपयोग सेकंड हैंड मोबाइल बाजार में चोरी या क्लोन किए गए फोन की रीसेल रोकने के लिए किया जा रहा है। डीलरों को अब डिवाइस को रीसेल करने से पहले उसके IMEI नंबर को ब्लैकलिस्टेड डेटाबेस से मैच और क्लीन करना अनिवार्य कर दिया गया है।
छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह से मां मातंगी दिव्य धाम के पीठाधीश डॉ. प्रेमासाई महाराज ने विधानसभा निवास में शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान दोनों के बीच धर्म, संस्कृति, सामाजिक सरोकार, व्यक्तित्व निर्माण और जनहित से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई। महाराज ने शुरू हो रहे विधानसभा सत्र के सफल संचालन के लिए शुभकामनाएं भी दीं। मुलाकात के दौरान डॉ. प्रेमासाई महाराज ने धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम को भारतीय संस्कृति और धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा की दिशा में अहम कदम बताया। वहीं डॉ. रमन सिंह ने नई दिल्ली में भारत निर्माण कॉन्क्लेव-2026 के दौरान मिले सर्टिफिकेट ऑफ ऑनर सम्मान के लिए महाराज को बधाई दी। उन्होंने समाज में सेवा, सद्भाव, नैतिक मूल्यों और आध्यात्मिक जागरूकता के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना की। बस्तर में शांति-विकास की बदलती तस्वीर पर चर्चा डॉ. प्रेमासाई महाराज ने बस्तर प्रवास के अनुभव साझा करते हुए कहा कि जो क्षेत्र कभी नक्सलवाद की चुनौती से प्रभावित था, वहां अब विकास, शांति और सुरक्षा का माहौल दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं, सुरक्षा बलों के प्रयासों और लोगों की बढ़ती भागीदारी से सकारात्मक बदलाव आया है। बस्तर में आयोजित दिव्य दरबारों और हिंदू जगाओ शोभायात्राओं में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी आध्यात्मिक चेतना का संकेत है। मुलाकात के अंत में डॉ. प्रेमासाई महाराज ने डॉ. रमन सिंह को भारत के पहले माँ कोत्रावै मंदिर के निर्माण और आगामी प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव की जानकारी देते हुए आमंत्रित किया। विधानसभा अध्यक्ष ने आमंत्रण स्वीकार करते हुए आयोजन की अग्रिम शुभकामनाएं दीं।
सहरसा में अवैध वसूली पर प्रशासन का एक्शन:ई-रिक्शा चालकों से वसूली के आरोप में 5 युवक हिरासत में
सहरसा में ई-रिक्शा और टेम्पो चालकों से अवैध वसूली की लगातार शिकायतों के बाद जिला प्रशासन ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई की। एक संयुक्त छापेमारी अभियान के दौरान अलग-अलग स्थानों से पांच युवकों को हिरासत में लिया गया है। यह कार्रवाई उप विकास आयुक्त (डीडीसी) गौरव कुमार के नेतृत्व में की गई। अभियान में जिला परिवहन पदाधिकारी सुजीत वर्णवाल, सदर अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) श्रेयांश तिवारी और सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) आलोक कुमार सहित कई अधिकारी व पुलिसकर्मी शामिल थे। संयुक्त टीम ने शहर के सर्वा ढाला, कचहरी चौक, शिवपुरी ढाला, रिफ्यूजी कॉलोनी, स्टेशन रोड और चांदनी चौक जैसे प्रमुख स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। इस दौरान कई संदिग्धों से पूछताछ की गई, जिससे शहर के कुछ हिस्सों में अफरा-तफरी का माहौल भी देखा गया। डीडीसी गौरव कुमार ने बताया कि प्रशासन को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ लोग अनाधिकृत रूप से ई-रिक्शा और टेम्पो चालकों से जबरन पैसे वसूल रहे हैं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए संयुक्त टीम का गठन किया गया था। उन्होंने आगे बताया कि अभियान के दौरान कुल पांच लोगों को हिरासत में लिया गया है और उनसे पूछताछ जारी है। पूछताछ में सामने आए तथ्यों के आधार पर विधि-सम्मत कार्रवाई की जाएगी। यदि अवैध वसूली में उनकी संलिप्तता पाई जाती है, तो संबंधित धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। जानकारी के अनुसार, हिरासत में लिए गए युवकों को कोर्ट परिसर चौक, स्टेशन चौक और सर्वा ढाला के आसपास से पकड़ा गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक परिवहन चालकों से किसी भी प्रकार की अवैध वसूली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। भविष्य में भी ऐसे तत्वों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जाएगा, ताकि चालक बिना किसी दबाव और भय के अपना रोजगार कर सकें।
देवरिया में जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने सोमवार शाम सदर तहसील क्षेत्र के सोंदा गांव में जमीन की खरीद-बिक्री से जुड़े एक स्टांप प्रकरण की स्थलीय जांच की। जांच में स्टांप और निबंधन शुल्क में कमी पाई गई, जिसके बाद उन्होंने सब-रजिस्ट्रार को स्टांप चोरी का मुकदमा दर्ज कराने का निर्देश दिया। यह मामला सदर कोतवाली क्षेत्र के सोंदा निवासी चंपा देवी द्वारा सुनील कुमार और रंजन कुमार शर्मा (पुत्र रामेश्वर शर्मा) के पक्ष में भूमि बैनामा से संबंधित है। बैनामे के समय भूमि का मूल्यांकन 1 करोड़ 11 लाख 62 हजार रुपये किया गया था, जिस पर 7 लाख 81 हजार 500 रुपये का स्टांप शुल्क जमा किया गया। इंटरलॉकिंग सड़क को चकरोड के रूप में दर्शाया स्थलीय निरीक्षण में पाया गया कि बैनामे में चौहद्दी का विवरण बदला गया था। इंटरलॉकिंग सड़क को चकरोड के रूप में दर्शाया गया, जबकि मौके पर इंटरलॉकिंग सड़क मौजूद थी। इस बदलाव के कारण भूमि का वास्तविक मूल्य बढ़कर 1 करोड़ 38 लाख 8 हजार रुपये हो गया। प्रारंभिक जांच में 1 लाख 50 हजार रुपये के स्टांप शुल्क और 26 हजार 800 रुपये के निबंधन शुल्क की कमी सामने आई। जिलाधिकारी ने सब-रजिस्ट्रार को विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत कर संबंधित मामले में स्टांप चोरी का मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने स्पष्ट किया कि भूमि क्रय-विक्रय में स्टांप शुल्क वास्तविक बाजार मूल्य के आधार पर ही निर्धारित होना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जानबूझकर कम मूल्यांकन या राजस्व की चोरी पाई जाती है, तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान सदर के सब-रजिस्ट्रार अजय कुमार सिंह अभिलेखों के साथ उपस्थित थे।
पुलिस ने एक साथ दो अपराधों का किया पर्दाफाश:भैंस चोरी की जांच में जहरीली शराब तस्करी का खुलासा
उज्जैन जिले की भाटपचलाना थाना पुलिस ने एक ही कार्रवाई में दो अलग-अलग अपराधों का खुलासा किया है। पशु चोरी के मामले की जांच के दौरान पुलिस ने एक संदिग्ध महिंद्रा लोडिंग वाहन को रोककर तलाशी ली। वाहन से चोरी की दो भैंसों के साथ 70 लीटर अवैध और जहरीली शराब भी बरामद हुई। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर करीब 7.57 लाख रुपए का माल जब्त किया है। ऐसे खुला मामला भाटपचलाना थाना क्षेत्र में 24 जून 2026 को पशु चोरी का मामला दर्ज हुआ था। जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि चोरी की गई दो भैंसों को महिंद्रा लोडिंग वाहन से ले जाया जा रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर वाहन को रोका और तलाशी ली। वाहन से मिली अवैध शराब तलाशी के दौरान वाहन में चोरी की दोनों भैंसों के साथ 70 लीटर अवैध और जहरीली शराब भी मिली। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि शराब तस्करी के उद्देश्य से ले जाई जा रही थी। दो आरोपी गिरफ्तार पुलिस ने मौके से राहुल (26) पिता नानुलाल और उज्जर (32) पिता चंद्रलाल को गिरफ्तार किया। कार्रवाई में दो भैंसें, 70 लीटर अवैध शराब और तस्करी में इस्तेमाल किया गया महिंद्रा लोडिंग वाहन जब्त किया गया। जब्त सामग्री की कुल अनुमानित कीमत करीब 7 लाख 57 हजार रुपए बताई गई है। आरोपियों को भेजा जेल भाटपचलाना थाना प्रभारी सतेंद्र सिंह चौधरी ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ पशु चोरी और आबकारी अधिनियम की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। तस्करी नेटवर्क की जांच जारी पुलिस अब यह पता लगा रही है कि अवैध शराब कहां से लाई गई थी और इसकी सप्लाई कहां की जानी थी। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस मामले के पीछे कोई बड़ा शराब तस्करी गिरोह सक्रिय तो नहीं है।
औरंगाबाद में सीवरेज नेटवर्क निर्माण कार्य ने बरसात के मौसम में लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। शहर के कई प्रमुख मार्गों पर सीवरेज पाइपलाइन बिछाने के लिए सड़कें खोदी गई हैं। लगातार हो रही बारिश के कारण इन स्थानों पर जलजमाव, कीचड़ और फिसलन की स्थिति हो गई है। बाइक सवारों को ज्यादा परेशानी है। स्थानीय दुकानदारों का कारोबार भी प्रभावित हो रहा है। शहर के कई इलाकों में नालियां जाम होने के कारण बारिश का पानी सड़कों पर जमा हो रहा है। इससे पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। खुदाई वाले क्षेत्रों में वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ गई है और लोगों को वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य मानसून शुरू होने से पहले तेजी से कराया गया होता तो स्थिति काफी हद तक टाली जा सकती थी। ठीक से रोलिंग नहीं कराया जा रहा श्री कृष्णा नगर मोहल्ला निवासी समाजसेवी नीलमणि कुमार ने वरीय अधिकारियों को कार्य में अनियमितता से संबंधित वीडियो भेज कर उच्च स्तरीय जांच और गुणवत्तापूर्ण कार्य करने की मांग की है। उनका कहना है कि निर्माण एजेंसी की ओर से सड़क में गड्ढा खोदकर ह्यूम पाइप डाल जा रहा है। इसके बाद इस मिट्टी से गढ़े की भराई की जा रही है। ठीक से रोलिंग भी नहीं कराया जा रहा है। जिसके कारण बरसात के दिनों में मिट्टी धंसने और सड़क खराब होने की आशंका है। उन्होंने दावा किया कि अगर इसी तरह से कार्य कराया गया तो कुछ ही दिनों में शहर की अधिकांश गलियां गड्ढे में तब्दील हो जाएंगी और इसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ेगा। क्लब रोड, मिशन स्कूल रोड सहित कई इलाकों में जारी है निर्माण कार्य शहर के वार्ड संख्या 19 स्थित क्लब रोड, वार्ड संख्या 4 के मिशन स्कूल रोड और वार्ड संख्या 10 और 5 के बीच से गुजरने वाली सड़क समेत कई क्षेत्रों में फिलहाल सीवरेज पाइपलाइन बिछाने का कार्य तेजी से चल रहा है। निर्माण एजेंसियां निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्य पूरा करने में जुटी हैं, लेकिन बारिश के कारण कार्य की गति और लोगों की परेशानी दोनों बढ़ गई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि खुदाई के कारण सड़कें संकरी हो गई हैं, जिससे जाम की स्थिति भी उत्पन्न हो रही है। कई स्थानों पर कीचड़ और गड्ढों के कारण दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। 411 करोड़ रुपए की परियोजना से मिलेगी आधुनिक सीवरेज व्यवस्था करीब 411.08 करोड़ रुपए की लागत से संचालित इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत औरंगाबाद शहर में आधुनिक सीवरेज सिस्टम विकसित किया जा रहा है। योजना के अंतर्गत बेला गांव के पास अदरी नदी के किनारे 20 एमएलडी क्षमता का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) स्थापित किया जाएगा। पूरे शहर में 196 किलोमीटर लंबा सीवरेज नेटवर्क बिछाया जाएगा। इसके अलावा आठ पंपिंग स्टेशनों का भी निर्माण प्रस्तावित है। इस व्यवस्था के माध्यम से घरों और नालियों का गंदा पानी एसटीपी तक पहुंचाया जाएगा, जहां उसका वैज्ञानिक तरीके से शोधन किया जाएगा। शुद्ध किए गए पानी को बाद में सोन नदी में छोड़ा जाएगा। परियोजना का उद्देश्य शहर में जलभराव, गंदगी और प्रदूषण की समस्या को कम करना है। वार्ड 19 के पार्षद प्रतिनिधि रोशन कुमार ने बताया कि परियोजना को लगभग एक वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में लोगों को कुछ असुविधा हो रही है, लेकिन भविष्य में इसका लाभ पूरे शहर को मिलेगा।
बेगूसराय सदर प्रखंड की चांदपुरा पंचायत के वार्ड संख्या-1 में सोमवार को मां काली की पूजा शुरू हुई। यह पूजा आषाढ़ माह के बैरागन के अवसर पर 150 वर्षों से अधिक पुरानी परंपरा के तहत की जा रही है। पूजा से पहले वैदिक मंत्रोच्चार के साथ ध्वजा फहराया गया, जिसके बाद विधि-विधान से अर्चना प्रारंभ हुई। पूजा स्थल पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। मां काली के जयकारों, शंखध्वनि और घंटियों की गूंज से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया है। महिलाएं श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना कर रही हैं, जिसमें युवा, बुजुर्ग और बच्चे भी उत्साह के साथ शामिल हैं। स्थानीय ग्रामीण अमित कुमार ने बताया कि यहां मां काली की प्रतिमा के बजाय पिंडी स्वरूप में पूजा की जाती है। श्रद्धालु झाप, फूल और पान-प्रसादी चढ़ाकर मां का आशीर्वाद ले रहे हैं। स्थानीय मान्यता है कि सच्चे मन से आराधना करने वाले भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं। पूजा के दौरान आरती, भजन-कीर्तन, हवन और प्रसाद वितरण जैसे आयोजन किए जा रहे हैं। श्रद्धालु मां काली से क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति और जनकल्याण की प्रार्थना कर रहे हैं। इस आयोजन में ग्रामीणों का सक्रिय सहयोग मिल रहा है। इस अवसर पर ग्रामीणों ने मां काली के लिए एक भव्य मंदिर के निर्माण की मांग उठाई है। उनका तर्क है कि वर्षों पुरानी आस्था के इस स्थल पर मंदिर बनने से श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और धार्मिक गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा। पूजा के सफल आयोजन में पूरन महतो, रामकिशुन तांती, रंजीत तांती और सुधीर झा सहित कई ग्रामीण सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
संभल हिंसा में एसडीएम रहीं वंदना मिश्रा का मुरादाबाद तबादला:संभल को 2 नए एसडीएम अभिमन्यु-नीरज मिले
उत्तर प्रदेश शासन की ओर से बड़े पैमाने पर किए गए प्रशासनिक फेरबदल में संभल को दो नए एसडीएम मिले हैं। हमीरपुर से अभिमन्यु कुमार और मैनपुरी से नीरज कुमार त्रिवेदी का तबादला संभल किया गया है। वहीं, डिप्टी कलेक्टर डॉ. वंदना मिश्रा का तबादला मुरादाबाद कर दिया गया है। डॉ. वंदना मिश्रा संभल में तहसीलदार चंदौसी, एसडीएम संभल, एसडीएम गुन्नौर और डिप्टी कलेक्टर के पद पर अपनी सेवाएं दे चुकी हैं। इसके अलावा वह नगर पालिका परिषद बहजोई और नगर पंचायत गंवा की अधिशासी अधिकारी भी रह चुकी हैं। उन्होंने 8 सितंबर 2019 से 26 अक्टूबर 2023 तक तहसीलदार के रूप में कार्य किया। इसके बाद 26 अक्टूबर 2023 से विभिन्न पदों पर एसडीएम रहीं। वर्तमान में वह जिला मुख्यालय पर डिप्टी कलेक्टर के पद पर तैनात थीं। कुओं को अतिक्रमण से मुक्त कराने की कार्रवाई डॉ. वंदना मिश्रा उस समय संभल की एसडीएम थीं, जब नवंबर 2024 में श्रीहरिहर मंदिर-शाही जामा मस्जिद विवाद से जुड़े सर्वे की न्यायालयी प्रक्रिया शुरू हुई थी। 24 नवंबर 2024 को सर्वे के दूसरे चरण के दौरान हिंसा भड़क गई थी, जिसमें चार लोगों की मौत हुई थी और कई पुलिसकर्मी घायल हुए थे। उनके कार्यकाल में 46 वर्षों से बंद श्रीकार्तिकेय महादेव मंदिर के कपाट खोले गए। इसके अलावा बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्माण से जुड़े मामलों में कार्रवाई, सत्यव्रत पुलिस चौकी का निर्माण, नेजा मेले पर रोक, विलुप्त तीर्थों और प्राचीन कूपों की खोज तथा एक दर्जन से अधिक कुओं को अतिक्रमण से मुक्त कराने जैसी प्रशासनिक कार्रवाइयां भी चर्चा में रहीं। लोकसभा चुनाव 2024 के बाद उन्हें संभल का एसडीएम बनाया गया था। 11 जून 2025 को उनका तबादला गुन्नौर एसडीएम के रूप में हुआ और 6 मार्च 2026 को उन्हें जिला मुख्यालय पर डिप्टी कलेक्टर की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। अब शासन ने उनका तबादला मुरादाबाद कर दिया है, जबकि अभिमन्यु कुमार और नीरज कुमार त्रिवेदी जल्द ही संभल में कार्यभार संभालेंगे।
बाड़मेर में एक नाबालिग लड़की को कार में सुनसान जगह ले जाकर दरिंदगी करने का मामला सामने आया है। वारदात के बाद आरोपी पीड़िता को बेहोशी की हालत में वहीं छोड़कर फरार हो गया। इस दौरान गिरने से पीड़िता के सिर पर गंभीर चोट भी आई है। पुलिस ने पॉक्सो और रेप का मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश में शुरू कर दी है। घटना 11 जुलाई की शाम की है। ASP नितेश आर्य के अनुसार, 16 साल की नाबालिग पीड़िता ने रिपोर्ट दर्ज कराई है कि वह अपने घर के बाहर खड़ी थी। इसी दौरान पड़ोसी गांव का एक युवक ईको कार लेकर वहां पहुंचा और उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ बिठा लिया। रेप के बाद पीड़िता को फेंककर फरार हुआआरोपी नाबालिग को एक सुनसान इलाके में ले गया, जहां उसके साथ रेप किया। वारदात के बाद जब पीड़िता बेहोश हो गई, तो आरोपी उसे वहीं फेंक कर मौके से फरार हो गया। इस दौरान नाबालिग के सिर में गंभीर चोट आई। कुछ घंटों बाद जब उसे होश आया, तो उसने किसी तरह अपने परिजनों से संपर्क किया और आपबीती सुनाई। परिजनों ने लहूलुहान और घायल स्थिति में उसे स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसका इलाज चल रहा है। पुलिस ने पीड़िता की रिपोर्ट के आधार पर रेप और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। महिला अपराध अनुसंधान सेल के एएसपी मामले की जांच कर रहे हैं। पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर पीड़िता के शुरुआती बयान दर्ज कर लिए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, मंगलवार को पीड़िता का मेडिकल मुआयना करवाया जाएगा और इसके साथ ही अदालत में भी बयान दर्ज कराए जाएंगे। फिलहाल पुलिस आरोपी की तलाश कर रही है।
जबलपुर मंडल ने 3 माह में 1370 यात्रियों पर की:गंदगी फैलाने पर 2.74 लाख रुपए का जुर्माना वसूला
जबलपुर रेल मंडल ने रेलवे परिसरों और ट्रेनों में गंदगी फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के शुरुआती तीन महीनों में 1,370 यात्रियों पर जुर्माना लगाया गया, जिससे मंडल को 2 लाख 74 हजार रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। यह कार्रवाई स्वच्छ भारत मिशन और रेलवे की स्वच्छता नीति के तहत चलाए जा रहे विशेष अभियान का हिस्सा है। मंडल रेल प्रशासन ने 1 अप्रैल से 30 जून 2026 की अवधि के दौरान सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकते और गंदगी फैलाते पकड़े गए यात्रियों के खिलाफ रेलवे अधिनियम के तहत सख्त कदम उठाए। रेलवे स्टेशनों, प्लेटफॉर्मों और ट्रैक क्षेत्रों को साफ-सुथरा रखने के लिए लगातार चेकिंग अभियान चलाए जा रहे हैं। रेल प्रशासन का कहना है कि यात्रियों को जागरूक करने के लिए स्टेशनों पर डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड, पोस्टर और लाउडस्पीकर उद्घोषणाओं के माध्यम से डस्टबिन का उपयोग करने की सलाह दी जाती है। इसके बावजूद, कई यात्री नियमों का उल्लंघन करते हैं। ऐसे में जागरूकता के साथ-साथ कठोर दंडात्मक कदम उठाना आवश्यक हो गया था, ताकि यात्रियों में जिम्मेदारी का अहसास कराया जा सके। मंडल रेल प्रशासन ने सभी यात्रियों से अपील की है कि वे भारतीय रेल को अपनी संपत्ति समझें और यात्रा के दौरान केवल निर्धारित डस्टबिन का ही इस्तेमाल करें। स्वच्छ रेल परिसर न केवल सुखद यात्रा अनुभव प्रदान करते हैं, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए भी महत्वपूर्ण हैं। रेलवे ने स्पष्ट किया है कि एक स्वच्छ, सुरक्षित और यात्री-अनुकूल माहौल सुनिश्चित करने के लिए यह अभियान भविष्य में भी सख्ती से जारी रहेगा।
महेंद्रगढ़ विधानसभा क्षेत्र में किसानों को सिंचाई जल की समस्या से निजात दिलाने के लिए एक महत्वपूर्ण परियोजना का उद्घाटन किया गया है। विधायक कंवर सिंह यादव ने सोमवार को पंप हाउस एमडी-5 और एमडी-6 परिसर में महेंद्रगढ़ डिस्ट्रीब्यूटरी की जल क्षमता सुधार परियोजना का विधिवत उद्घाटन किया। इस अवसर पर सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता आशुतोष यादव, एसडीओ पंकज कुमार, जेई रिंकू यादव सहित कई विभागीय अधिकारी, कर्मचारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। क्षमता में सुधार के लिए नए पंप हाउस का पुनर्निर्माण किया विधायक कंवर सिंह यादव ने इस दौरान कहा कि प्रदेश सरकार किसानों को पर्याप्त सिंचाई जल उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि महेंद्रगढ़ डिस्ट्रीब्यूटरी की जल क्षमता बढ़ने से अब नहर के अंतिम छोर तक स्थित गांवों को भी पर्याप्त और नियमित रूप से सिंचाई का पानी मिल सकेगा। परियोजना के तहत पंप हाउस एमडी-1 से एमडी-3 की क्षमता बढ़ाने के लिए अतिरिक्त बे (Additional Bay) का निर्माण किया गया है। वहीं, एमडी-4 से एमडी-6 की क्षमता में सुधार के लिए नए पंप हाउस का पुनर्निर्माण किया गया है। इन कार्यों से कम समय में अधिक पानी की आपूर्ति संभव होगी, जिससे पूरे वितरण तंत्र की कार्यक्षमता बढ़ेगी और ऊर्जा की भी बचत होगी। 'भविष्य में जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा' विधायक ने आगे कहा कि इस परियोजना का सबसे बड़ा लाभ महेंद्रगढ़ डिस्ट्रीब्यूटरी के टेल क्षेत्र के किसानों को मिलेगा, जहां पहले पानी की उपलब्धता एक बड़ी समस्या थी। अब नहर की शुरुआत से लेकर अंतिम छोर तक सभी किसानों को समान रूप से सिंचाई का पानी उपलब्ध होगा, जिससे कृषि अधिक लाभकारी बनेगी। उन्होंने यह भी बताया कि नहर में पानी का निरंतर प्रवाह रहने से क्षेत्र का भूजल स्तर तेजी से रिचार्ज होगा। इससे भविष्य में जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और पेयजल तथा सिंचाई दोनों के लिए जल उपलब्धता बेहतर होगी। ग्रामीणों ने इस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए विधायक कंवर सिंह यादव और सिंचाई विभाग का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि लंबे समय से चली आ रही पानी की समस्या का स्थायी समाधान होने से क्षेत्र के किसानों को बड़ा लाभ मिलेगा।
नवादा में प्राथमिक विद्यालय त्रिलोकी बीघा के एक शिक्षक को 18 लाख रुपये से अधिक के भवन निर्माण राशि के गबन के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। मुफस्सिल थाना पुलिस ने रणधीर कुमार नामक इस शिक्षक को पकड़ा है, जो प्राथमिक विद्यालय त्रिलोकी बीघा में पदस्थापित हैं। मामले की जांच के बाद कार्रवाई यह मामला जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) द्वारा दिए गए लिखित आवेदन के आधार पर सामने आया। मुफस्सिल थाना में दर्ज प्राथमिकी (FIR) में विद्यालय भवन निर्माण के लिए आवंटित राशि के दुरुपयोग और 18 लाख रुपये से अधिक की कथित अवैध निकासी का आरोप लगाया गया था। पुलिस ने मामले की जांच के बाद सोमवार को कार्रवाई की। आरोपी शिक्षक रणधीर कुमार को त्रिलोकी बीघा स्थित एक मंदिर के पास से गिरफ्तार किया गया। मुफस्सिल थाना के दरोगा वीरेंद्र कुमार ने बताया कि जिला शिक्षा पदाधिकारी के आवेदन और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर यह गिरफ्तारी हुई है। सदर अस्पताल में कराया मेडिकल दरोगा वीरेंद्र कुमार ने यह भी बताया कि मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है और अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है। गिरफ्तारी के बाद शिक्षक रणधीर कुमार का नवादा सदर अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराया गया। इसके बाद उसे न्यायिक प्रक्रिया के तहत अदालत में पेश किया जाएगा। इस गिरफ्तारी के बाद शिक्षा विभाग और स्थानीय क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है। पुलिस ने कहा है कि यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस फिलहाल पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही है।
अशोकनगर में टायर फटने से कार कुएं में गिरी:शीशे तोड़कर दो लोगों को सुरक्षित निकाला, बड़ा हादसा टला
अशोकनगर जिले के पिपरई नगर के समीप बरखेड़ा गांव में सोमवार को एक सड़क हादसा हुआ। तेज रफ्तार कार का टायर फटने से चालक ने नियंत्रण खो दिया और कार सड़क किनारे बने कुएंनुमा गड्ढे में जा गिरी। कार में सवार जसवंत सिंह यादव उर्फ मन्नू नेताजी और चालक जसदेव धाकड़ इस हादसे में बाल-बाल बच गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कार करीब डेढ़ से दो फीट पानी भरे गहरे गड्ढे में गिरी थी। हादसे की आवाज सुनकर आसपास खेतों में काम कर रहे किसान और राहगीर तुरंत मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने रस्सियों और अन्य उपकरणों की मदद से कार के शीशे तोड़े और दोनों व्यक्तियों को सुरक्षित बाहर निकाला। इस हादसे में दोनों व्यक्तियों के सिर, हाथ और पैरों में मामूली चोटें आईं। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें आगे के इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है। ग्रामीणों की सूझबूझ और त्वरित सहायता से एक बड़ा हादसा टल गया।
हिसार के किरतान गांव में सालों से पानी की समस्या झेल रहे ग्रामीणों ने सोमवार को जलघर का ताला खोल दिया। जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को आश्वासन दिया, जिसके बाद यह कदम उठाया गया। विभाग के एसडीओ आशीष और जेई विकास ने बताया कि 3 दिन में जलघर के टैंक पूरी तरह भर दिए जाएंगे और पानी का समान वितरण सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही, यहां कार्यरत कर्मचारियों का 2 दिन में तबादला कर दिया जाएगा। इससे पहले, रविवार को ग्रामीणों ने प्रदर्शन करते हुए जलघर पर ताला लगा दिया था। ग्रामीण कपूर सिंह आर्य ने बताया कि नहर में पानी आए 3 दिन हो चुके हैं, लेकिन जलघर के टैंक में अभी तक केवल 3 फुट पानी ही जमा हुआ है। उनके अनुसार, गांव में पिछले 15 दिनों से पानी की आपूर्ति नहीं की गई है। जलघर में तैनात कर्मचारी पर जानबूझकर मोटर बंद रखने का आरोप ग्रामीण रोहताश लुहानीवाल ने आरोप लगाया कि सिसवाला पंप हाउस और जलघर में तैनात कर्मचारी जानबूझकर मोटर बंद रखते हैं। वे अधिकारियों को यह कहकर गुमराह करते हैं कि गांव में एक दिन छोड़कर नियमित पानी की आपूर्ति की जा रही है, जबकि हकीकत में ग्रामीण 1000 रुपए प्रति टैंकर के हिसाब से पानी खरीदने को मजबूर हैं। राजेश बुगालिया ने एक अन्य शिकायत में बताया कि उनकी गली के लिए स्वीकृत पानी की लाइन को गांव के सरपंच ने कथित तौर पर अवैध रूप से अपने घर के सामने लगवा लिया है और उसका कनेक्शन मुख्य लाइन से जोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि पूरे गांव में पीने के पानी की किल्लत है, जबकि सरपंच और जलघर के कर्मचारियों को नियमित रूप से पानी मिल रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन को दी चेतावनी सुरेश रेपसवाल, रजनीश बुगालिया, कृष्ण सहरावत, विनोद जांगड़ा, सतपाल जांगड़ा, विक्की धायल, रामभगत, मांगेराम शर्मा, दयानंद, मंजीत, विकास, संदीप और प्रेम सहित अन्य ग्रामीणों ने चेतावनी दी है। उनका कहना है कि यदि विभाग ने 3 दिन के भीतर व्यवस्था में सुधार नहीं किया, तो वे जलघर को फिर से बंद कर देंगे और वहां धरना प्रदर्शन शुरू करेंगे।
शेखपुरा सिविल कोर्ट ने छह साल पुराने मारपीट के एक मामले में 10 लोगों को दोषी ठहराया है। जिला न्यायाधीश प्रथम नीरज किशोर की अदालत ने इनमें से पांच दोषियों को तीन-तीन साल के सश्रम कारावास और पांच-पांच हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अन्य पांच दोषियों को मारपीट के आरोप में दो-दो साल की सजा दी गई है। यह फैसला सोमवार को सुनाया गया। जमीनी विवाद में किया था घायल सभी दोषी शेखोपुरसराय थाना क्षेत्र के पहड़िया गांव के निवासी हैं। इनमें मो मंसूर उर्फ तकिइमाम, भोलू उर्फ इम्तियाज, मून्नू, कल्लू, अमानुल्लाह, सनाउल्लाह और सरफराज शामिल हैं। इन सभी ने अपने गांव की आरफा दर आशा सहित चार लोगों को जमीनी विवाद के चलते लाठी-डंडों और रॉड से गंभीर रूप से घायल कर दिया था। अपर लोक अभियोजक शंभू शरण प्रसाद सिंह ने बताया कि मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद न्यायालय ने सभी 10 आरोपियों को दोषी पाया। पुलिस द्वारा अनुसंधान के बाद आरोप पत्र दाखिल किया गया था, जिसके बाद अभियोजन पक्ष ने विचारण के दौरान गवाहों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। न्यायालय ने सभी दोषियों के लिए अलग-अलग अवधि (एक साल से तीन साल तक) की सजा सुनाई, लेकिन यह भी आदेश दिया कि सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
राजगढ़ जिले में फर्जी अंकसूची लगाकर सरकारी नौकरी पाने वाले 9 प्राथमिक शिक्षकों पर राजगढ़ जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा के निर्देशन में हुई जांच में शैक्षणिक दस्तावेजों की पोल खुलने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने सभी शिक्षकों की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी हैं। वहीं, भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं के तहत आपराधिक कार्रवाई के लिए पुलिस अधीक्षक राजगढ़ को भी पत्र भेजा गया है। जिला शिक्षा अधिकारी के अनुसार विभाग को शिकायत मिली थी कि कुछ प्राथमिक शिक्षकों ने नियुक्ति और संविलियन के समय फर्जी अंकसूची और शैक्षणिक दस्तावेज प्रस्तुत कर सरकारी नौकरी हासिल की है। शिकायत के बाद माध्यमिक शिक्षा मंडल, मध्यप्रदेश, भोपाल तथा कर्नाटक स्टेट ओपन यूनिवर्सिटी (केएसओयू), मैसूर से संबंधित दस्तावेजों का सत्यापन कराया गया। सत्यापन रिपोर्ट में दस्तावेज असत्य पाए जाने पर गठित जांच समिति ने सेवा अभिलेख, नियुक्ति रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों की जांच कर 3 जुलाई को अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपी। रिपोर्ट के आधार पर सभी संबंधित शिक्षकों को व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर दिया गया। उनके जवाब और प्रस्तुत दस्तावेजों की जांच की गई, लेकिन वे संबंधित परीक्षा प्राधिकारियों की सत्यापन रिपोर्ट का खंडन नहीं कर सके। इसके बाद नियमानुसार सभी 9 प्राथमिक शिक्षकों की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गईं। इन शिक्षकों की सेवाएं समाप्त जिन शिक्षकों की सेवाएं समाप्त की गई हैं, उनमें रमेशचंद्र यादव (प्राथमिक विद्यालय आगरी), पवन शर्मा (प्राथमिक विद्यालय आगर), सुनील कुमार प्रजापति (प्राथमिक विद्यालय सीलखेड़ा का पुरा), हेमंत शर्मा (प्राथमिक विद्यालय भगवतीपुर), सावित्री दांगी (एकीकृत माध्यमिक विद्यालय पाडली महाराजा), बने सिंह लववंशी (प्राथमिक विद्यालय नालियाखेड़ी), भारत सिंह यादव (प्राथमिक विद्यालय आगर), हरिप्रसाद लववंशी (प्राथमिक विद्यालय पाडली महाराजा) तथा हिम्मत सिंह मीना (प्राथमिक विद्यालय छापरीकलां) शामिल हैं। इनमें अधिकांश शिक्षक ब्यावरा विकासखंड तथा एक शिक्षक नरसिंहगढ़ विकासखंड में पदस्थ थे। जांच समिति की अनुशंसा पर जिला शिक्षा अधिकारी ने पुलिस अधीक्षक राजगढ़ को अलग से विस्तृत पत्र भेजकर संबंधित शिक्षकों के खिलाफ बीएनएस की प्रासंगिक धाराओं में आपराधिक प्रकरण दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा कि सरकारी नौकरी में फर्जी अंकसूची या अन्य कूटरचित शैक्षणिक दस्तावेजों के आधार पर नियुक्ति पाने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त और विधिसम्मत कार्रवाई जारी रहेगी।
सिरसा जिले के चोपटा क्षेत्र में आज सोमवार को बारिश हुई। एक तरफ तो बारिश से किसानों को राहत मिली तो वहीं दुसरी तरफ जोड़कियां गांव में बारिश का पानी कई घरों के अंदर घुस गया। राजस्थान की सीमा से सटे इस क्षेत्र में नरमा और कपास की फसलों को इस बारिश से काफी फायदा मिलेगा। चोपटा क्षेत्र के जमाल, कुतियाना, जोड़कियां और हंजीरा सहित कई गांवों में सोमवार को अच्छी बारिश दर्ज की गई। किसान रामचंद्र, बनवारी लाल, जगदीश, सुभाष और विकास कुमार ने बताया, कई दिनों बाद हुई बारिश से खेतों में हरियाली छा जाएगी। जानकारी के अनुसार, जोड़कियां गांव में जोरदार बारिश के कारण पानी कई घरों के अंदर घुस गया। ग्रामीणों में पुरुष, महिलाएं और बच्चों ने अपने-अपने घरों से बाल्टियों से बड़ी मुश्किल से पानी निकाला। पानी घर के आंगन तक पहुंच गया, जिससे मकान गिरने का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीण बोले, गली का लेवल सही न होने से उखाड़ी ग्रामीण बुध राम, प्रेम सुख, मांगे राम, विकास और भजन लाल ने बताया कि पिछले दिनों गांव की गली का स्तर सही न होने के कारण उसे उखाड़ दिया गया था। बारिश आते ही गली का पानी घरों में घुस गया और गली से गुजरना भी मुश्किल हो गया है। बारिश के अभाव में फसलें खराब हो रही थी गौरतलब है कि पिछले कई दिनों से बारिश के अभाव में हरियाणा के इन सीमावर्ती गांवों में फसलें खराब हो रही थी। उमस और गर्मी के कारण फसलों को काफी नुकसान हो रहा था। इस बारिश से गर्मी से भी निजात मिली है और खरीफ की फसल को भी काफी फायदा होगा। किसानों को अब फसल का उत्पादन बेहतर होने की उम्मीद है। नरमा फसल की बुवाई उल्लेखनीय है कि ये गांव नहरों के अंतिम छोर पर पड़ते हैं, जिससे इनकी अधिकतर जमीन बिरानी है। सावनी (खरीफ) की फसल मुख्य रूप से मानसून की बारिश पर ही निर्भर करती है। किसानों ने बीटी नरमे और देशी कपास की बुवाई तो कर दी थी, लेकिन नहरी पानी के अभाव के कारण सिंचाई नहीं हो पा रही थी।
मधुबनी पुलिस ने अवैध कोडीनयुक्त सिरप और विदेशी मुद्रा की तस्करी करने वाले एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। लदनियां थाना पुलिस ने विशेष छापेमारी अभियान के तहत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने उनके पास से 19.9 लीटर कोडीनयुक्त सिरप, नेपाली, सऊदी अरब और यूएई की मुद्रा के साथ भारतीय नकदी भी बरामद की है। पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार ने सोमवार को एक प्रेस वार्ता में यह जानकारी दी। एसपी बोले-गुप्त सूचना पर कार्रवाई एसपी योगेंद्र कुमार ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने कड़हरवा दरोगा चापी के पास से बाइक सवार ब्रह्मदेव कुमार राम को पकड़ा। उसकी तलाशी लेने पर एक बोरे में 19 लीटर कोडीनयुक्त सिरप और एक मोबाइल फोन मिला। पूछताछ में ब्रह्मदेव ने बताया कि वह खाजेडीह चौक स्थित बब्लू मेडिकल हॉल से सिरप खरीदकर नेपाल सीमा क्षेत्र में बेचता था। उसने पिपराही निवासी शंभू प्रसाद साह के साथ मिलकर इस धंधे में निवेश करने और मुनाफा बांटने की बात भी कबूली। ब्रह्मदेव की निशानदेही पर पुलिस ने खाजेडीह चौक स्थित बब्लू मेडिकल हॉल पर छापा मारा और उसके संचालक बब्लू कुमार चौधरी को गिरफ्तार कर लिया। दुकान की तलाशी के दौरान 0.9 लीटर कोडीनयुक्त सिरप, एक मोबाइल और 20 हजार रुपये नकद बरामद हुए। पुलिस ने दुकान पर की छापेमारी इसके बाद पुलिस ने पिपराही में शंभू प्रसाद साह की दुकान पर भी छापेमारी की। वहां से पुलिस ने 11,42,100 नेपाली रुपये, 750 नकली नेपाली रुपये, छह सऊदी रियाल, यूएई का पांच दिरहम का एक नोट, 5,13,101 रुपये भारतीय मुद्रा और एक कीपैड मोबाइल जब्त किया। एसपी ने बताया कि तीनों आरोपियों के खिलाफ लदनियां थाना में संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस इस तस्करी नेटवर्क के फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंक्स की भी गहन जांच कर रही है, ताकि इसमें शामिल अन्य व्यक्तियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सके।
जहानाबाद पुलिस अधीक्षक कार्यालय परिसर में एसपी कोटा किरण ने जनता दरबार का आयोजन किया। इस दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए आम नागरिकों की शिकायतों और समस्याओं को गंभीरता से सुना गया। बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी व्यक्तिगत, सामाजिक और विधि-व्यवस्था से संबंधित समस्याओं को पुलिस अधीक्षक के समक्ष रखा। जनता दरबार में भूमि विवाद, मारपीट, पारिवारिक विवाद, साइबर अपराध, सड़क दुर्घटना, गुमशुदगी और लंबित मामलों की जांच सहित विभिन्न पुलिस संबंधी शिकायतें प्राप्त हुईं। समस्याओं का निष्पादन प्राथमिकता पुलिस अधीक्षक ने प्रत्येक फरियादी की समस्या को ध्यानपूर्वक सुना और संबंधित मामलों की जानकारी लेने के बाद उनके शीघ्र निष्पादन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक ने कहा कि जनता की समस्याओं का समयबद्ध और निष्पक्ष समाधान पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने उपस्थित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी प्राप्त आवेदनों पर गंभीरता से कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और शिकायतकर्ताओं को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। पुलिस और जनता के बीच समन्वय हो उन्होंने पुलिस और जनता के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया, ताकि पुलिस व्यवस्था में लोगों का विश्वास और मजबूत हो सके।जनता दरबार में अपनी समस्याओं को सीधे पुलिस अधीक्षक के समक्ष रखने का अवसर मिलने पर लोगों ने संतोष व्यक्त किया। कई मामलों में मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को फोन पर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए, जबकि कुछ मामलों को आगे की जांच के लिए संबंधित थानों और शाखाओं में भेजा गया।पुलिस अधीक्षक ने सभी पुलिस पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में लोगों की शिकायतों को संवेदनशीलता के साथ सुनें और कानून के अनुरूप त्वरित कार्रवाई करें। आम लोगों को न्याय उपलब्ध कराना लक्ष्य उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता दरबार का मुख्य उद्देश्य आम लोगों को सुलभ न्याय उपलब्ध कराना और उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करना है।जनता दरबार के सफल आयोजन से आम लोगों में पुलिस प्रशासन के प्रति विश्वास और संतोष का माहौल देखा गया। लोगों ने उम्मीद जताई कि उनकी शिकायतों का जल्द समाधान होगा और पुलिस प्रशासन भविष्य में भी इसी तरह के जनसरोकार से जुड़े कार्यक्रमों का आयोजन करता रहेगा।
क्रिप्टो-फॉरेक्स ट्रेडिंग से 50 करोड़ की ठगी:मुख्य आरोपी दुबई फरार; 5 आरोपियों पर मुकदमा दर्ज
हरदोई जनपद में क्रिप्टोकरेंसी और फॉरेक्स ट्रेडिंग के नाम पर हजारों निवेशकों से करीब 50 करोड़ रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। इस संबंध में रविवार देर रात 11:25 बजे पाली थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। पीड़ित की शिकायत पर दर्ज हुई रिपोर्ट पाली थाना क्षेत्र के महमूदपुर तेरा गांव निवासी कमल प्रकाश कुशवाहा की तहरीर पर अपर पुलिस अधीक्षक आलोक राज नारायण (शाहाबाद सर्किल) के निर्देश पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। पीड़ित ने आरोपियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है। एएसपी ने बताया कि मामले की गहन जांच की जा रही है। पांच लोगों पर धोखाधड़ी का आरोप मामले में तीन पुरुषों और दो महिलाओं को नामजद किया गया है। पीड़ितों के अनुसार, ‘बॉम्बिटेक्स एक्सचेंज’ और ‘बीमैक्स रियलिटी’ के संचालकों ने हरदोई, सीतापुर, लखीमपुर खीरी और लखनऊ में सेमिनार आयोजित किए थे। कंपनी के प्रबंध निदेशक जय प्रकाश मौर्य तथा उनके सहयोगियों आशा देवी, देवेंद्र मौर्य, नीतिका मौर्य और दयाशंकर मौर्य ने स्वयं को कंपनी का निदेशक बताकर लोगों को निवेश के लिए प्रेरित किया। मासिक रिटर्न और उपहार का दिया गया लालच आरोप है कि निवेशकों को 7.5 प्रतिशत मासिक रिटर्न, गोवा भ्रमण और लखनऊ में प्लॉट देने का प्रलोभन दिया गया। जून के बाद कंपनी ने भुगतान बंद कर दिया। पीड़ितों का दावा है कि मुख्य आरोपी जय प्रकाश मौर्य निवेशकों की रकम लेकर दुबई भाग गया है, जबकि अन्य आरोपी भी विदेश जाने की कोशिश में हैं। फर्जी चेक देने का भी आरोप निवेशकों को गारंटी के तौर पर 50 लाख रुपये के चेक दिए गए थे, जो बाद में फर्जी निकले। ठगी के शिकार लोगों में अमित भदौरिया, कमल प्रकाश, अनुराग, कन्हैयालाल, अनिरुद्ध, सुनील कुमार, दीपेंद्र यादव, हरगुनकिशोर राठौर, प्रवीण चौहान, गौरव शुक्ला, रामतीर्थ और अन्य हजारों निवेशक शामिल बताए जा रहे हैं। संपत्तियों की जांच में जुटी पुलिस पुलिस अब आरोपियों की संपत्तियों और लेनदेन की जांच कर रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी।
गुरुग्राम जिले में पुलिस की क्राइम ब्रांच सेक्टर-31 की टीम ने भोंडसी क्षेत्र के एक फार्म हाउस पर छापा मारकर बड़े जुआ रैकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मौके से जुआ खेलते हुए 18 लोगों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया। इस कार्रवाई के दौरान, पुलिस ने जुए में इस्तेमाल होने वाले 1295 विशेष चिप्स कॉइन, 260 ताश के पत्ते और 3 बड़ी गैंबलिंग टेबल जब्त कीं। सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। जुआ खिलाने के उद्देश्य से यह फार्म हाउस किराए पर लिया पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि इस पूरे रैकेट का मुख्य मास्टरमाइंड महेश उर्फ मैसी है। उसने जुआ खिलाने के उद्देश्य से यह फार्म हाउस किराए पर लिया था। महेश उर्फ मैसी पर पहले से ही जान से मारने की कोशिश और मारपीट के दो गंभीर मामले दर्ज हैं। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से कई का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी है। नरेंद्र पर जुआ अधिनियम के तहत 2 मामले और कैलाश पर फरीदाबाद जिले में जुआ खिलाने के 2 पुराने मामले दर्ज हैं। रैकेट में शामिल अधिकांश आरोपी पलवल के एसीपी क्राइम नवीन शर्मा ने बताया कि इस रैकेट में शामिल अधिकांश आरोपी पलवल के रहने वाले हैं। ये आसपास के विभिन्न जिलों में सक्रिय होकर अवैध गतिविधियों को अंजाम देते थे। गिरफ्तार किए गए अन्य आरोपियों की पहचान मयंक, सुरेश, सौरभ, दर्शन चौधरी, अंकित अदलक्खा, सुनील, मुकुल, दिनेश, विनीत तनेजा, सौरभ चुघ, वैभव तायल, विशाल गांधी, विकास, बाल गोपाल और कृष्ण तनेजा के रूप में हुई है। पुलिस फिलहाल फार्म हाउस के मालिक से भी पूछताछ कर रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों को रिमांड पर लेकर यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि वे ग्राहकों से संपर्क करने के लिए किसी ऑनलाइन ऐप का सहारा ले रहे थे या किसी अन्य माध्यम का। इससे मामले में और भी बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।
मऊ के घोसी थाना क्षेत्र के पीढ़वल मोड़ पर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा सर्विस लेन निर्माण के लिए मकान हटाने की कार्रवाई के दौरान सोमवार को हंगामा हो गया। कार्रवाई के विरोध में ग्रामीणों और महिलाओं ने प्रदर्शन किया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है। जानकारी के अनुसार, कार्रवाई सोमवार दोपहर करीब 12 बजे शुरू हुई, जो देर शाम तक जारी रही। पीड़ित परिवार का आरोप है कि उनकी जमीन और मकान का मुआवजा अब तक नहीं मिला है। इसके बावजूद एनएचएआई ने बुलडोजर चलाकर मकान हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी। ग्रामीणों का कहना है कि उचित मुआवजा और वैधानिक प्रक्रिया पूरी किए बिना कार्रवाई की गई। विरोध कर रही महिलाओं ने आरोप लगाया कि कार्रवाई के दौरान एनएचएआई के एक अधिकारी ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया, जिससे मौके पर तनाव बढ़ गया। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने हस्तक्षेप कर प्रदर्शनकारियों को हटाया। वहीं, एनएचएआई के संबंधित अधिकारी ने इन आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि प्रभावित भूमि का मुआवजा नियमानुसार पहले ही दिया जा चुका है और सर्विस लेन निर्माण के लिए अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई विधिसम्मत तरीके से की जा रही है। फिलहाल मामले को लेकर प्रशासन और एनएचएआई का पक्ष सामने आ चुका है। विवादित दावों की आधिकारिक जांच या पुष्टि की प्रतीक्षा है।
अंबिकापुर के जवाहर मार्केट निवासी एक व्यवसायी के घर से 5 लाख रुपए कैश चोरी करने के आरोप में पुलिस ने नौकर, ड्राइवर और उनके दो साथियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने चोरी की पूरी नकदी बरामद कर ली है। मामला गांधीनगर थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, 12 जुलाई को व्यवसायी सुभाष अग्रवाल ने गांधीनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह 11 जुलाई को परिवार सहित सतरेंगा (कोरबा) गए थे। घर की रखवाली के लिए उन्होंने नौकर ईश्वर यादव को रात में घर पर रुकने के लिए कहा था। रात करीब 3:30 बजे ईश्वर यादव की सूचना पर पड़ोसी ने उन्हें घर में चोरी होने की जानकारी दी। नौकर ने साथियों के साथ रची थी साजिश ईश्वर यादव ने बताया कि रात में तीन-चार युवक घर में घुसे, उसके हाथ-पैर बांध दिए और घर में चोरी कर फरार हो गए। किसी तरह खुद को छुड़ाकर वह पड़ोसी के घर पहुंचा। पड़ोसी ने घर जाकर देखा तो दरवाजा और आलमारी टूटी हुई थी। आलमारी से 5 लाख रुपए नकद और सोने के जेवर समेत करीब 15 लाख रुपए की चोरी होने की बात कही गई। बाद में सुभाष अग्रवाल की पत्नी ने बताया कि सोने के जेवर उन्होंने दूसरी जगह रख दिए थे, जो सुरक्षित मिल गए। मामले में गांधीनगर पुलिस ने अपराध दर्ज कर साइबर सेल की मदद से जांच शुरू की। बयान बदलने पर हुआ शक जांच के दौरान पुलिस ने नौकर ईश्वर यादव और ड्राइवर संदीप साहू से पूछताछ की। ईश्वर यादव के बयान में विरोधाभास मिलने पर पुलिस ने उससे सख्ती से पूछताछ की, जिसमें उसने संदीप साहू और दो अन्य साथियों के साथ चोरी करना स्वीकार कर लिया। ईश्वर यादव ने बताया कि ड्राइवर संदीप साहू के परिचित अनुराग दास और नाबालिग के साथ मिलकर चारों ने चोरी की योजना बनाई थी। वे परिवार के बाहर जाने का मौका तलाश रहे थे। घटना वाले दिन चारों ने मिलकर सुभाष अग्रवाल के घर चोरी की। शक से बचने के लिए ईश्वर यादव के हाथ-पैर बांध दिए गए और चोरी की झूठी कहानी बनाई गई। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि चोरी की नकदी डाइट के पीछे स्थित आहाते के पास एक झोले में छिपाकर रखी गई थी। पुलिस ने वहां से 5 लाख रुपए नकद बरामद कर जब्त कर लिए। गांधीनगर थाना प्रभारी प्रवीण कुमार द्विवेदी ने बताया कि तीनों आरोपियों को न्यायालय में और नाबालिग को बाल न्यायालय में पेश किया गया है।
प्रयागराज में जल परिवहन व्यवस्थित करने की पहल:जिला जल परिवहन प्रबंधन, सुरक्षा एवं सलाहकार समिति गठित
प्रयागराज में लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुरक्षा तथा नाविक समुदाय के भविष्य को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा की अध्यक्षता में सोमवार को हुई बैठक में 'जिला जल परिवहन प्रबंधन, सुरक्षा एवं सलाहकार समिति' के गठन को औपचारिक मंजूरी दे दी गई। यह समिति जिले के जल परिवहन ढांचे में सुरक्षा और कल्याण के मानकों को बेहतर बनाने का कार्य करेगी। यह समिति केवल एक प्रशासनिक इकाई नहीं, बल्कि एक बहु-विभागीय समन्वय तंत्र के रूप में कार्य करेगी। इसमें पुलिस, स्वास्थ्य, परिवहन, सिंचाई, नगर विकास, पर्यटन और राजस्व के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। इसके अतिरिक्त, समिति में नाविक एवं मछुआरा समुदाय के प्रतिनिधि को भी विशेष स्थान दिया गया है, ताकि जमीनी स्तर की समस्याओं को सीधे नीति-निर्माताओं तक पहुँचाया जा सके। समिति के गठन के साथ ही जिलाधिकारी ने नौकाओं के संचालन के संबंध में सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि जिले में प्रत्येक नाव का विधिवत पंजीकरण किया जाएगा। अब बिना पंजीकरण के कोई नाव संचालित नहीं होगी। इसके अलावा, प्रत्येक नाव पर नाविक का नाम और अन्य विवरण स्पष्ट रूप से अंकित करना अनिवार्य है। हर नाव पर सुरक्षा किट होगी। इस किट में जीवन रक्षक जैकेट, मजबूत रस्सी, पतवार, आपातकालीन सीटी, प्राथमिक उपचार किट और रात में परिचालन हेतु बैटरी से चलने वाली प्रकाश व्यवस्था शामिल होगी। जिलाधिकारी ने कहा कि नाविकों को प्रशासन के साझेदार के रूप में देखा जाएगा। समिति का कार्य नाविकों के परिवारों को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ना है। इसके साथ ही, घाटों की बुनियादी सुविधाओं पर भी ध्यान केंद्रित किया गया है। नाविक समिति की मांग को स्वीकार करते हुए, जिलाधिकारी ने प्रमुख घाटों पर तत्काल प्रभाव से शौचालय और चेंजिंग रूम के निर्माण के निर्देश दिए हैं, जिससे विशेष रूप से महिला श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बड़ी राहत मिलेगी। डीएम ने कहा कि इस समिति के गठन का उद्देश्य जल परिवहन को पूरी तरह सुरक्षित और व्यवस्थित बनाना है। यह तंत्र न केवल नाव दुर्घटनाओं को रोकने में मील का पत्थर साबित होगा, बल्कि नाविक समुदाय के जीवन स्तर में भी सकारात्मक बदलाव लाएगा।
कुरुक्षेत्र जिले में बाइक एक्सीडेंट के विवाद ने 29 साल के ड्राइवर की जान ले ली। पहले एक्सीडेंट को लेकर रंजिश पाली गई। फिर आरोपियों ने योजना बनाकर अपहरण कर अपने गांव ले गए। यहां उसे बंधक बनाकर बेरहमी से मारपीट कर परने से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। ये आरोप मृतक ड्राइवर सुनील उर्फ शैंटी के पिता ने लगाए थे। आज इस हत्याकांड में पुलिस ने 4 आरोपी सचिन, गौरव, उनके पिता मोटा निवासी दबखेड़ी और दोस्त रोहित हाल निवासी गोशाला बाजार को गिरफ्तार किया। सुनील की हत्या के बाद आरोपी सुसाइड करने का बहाना बनाकर उसका शव अस्पताल छोड़कर भाग गए थे। पिता की शिकायत पर दर्ज हुआ हत्या का केस भिवानीखेड़ा गांव के सिकंदर ने पुलिस को बताया कि वह खेतीबाड़ी करता है। विजय कुमार से छोटा उसका बेटा सुनील प्राइवेट गाड़ियां चलाता था। 10 जुलाई को गौरव, सचिन और उनके पिता मोटा उसके घर पहुंचे। उस समय शैंटी घर पर नहीं था। उन्होंने बताया कि शैंटी से उनकी बाइक का एक्सीडेंट हुआ है। नुकसान की भरपाई का आश्वासन दिया तब हमने एक्सीडेंट में घायल का पूरा खर्च उठाने और बाइक का नुकसान भरने का आश्वासन दिया। लेकिन आरोपियों ने पहले से ही सुनील को सबक सिखाने की योजना बना रखी थी। इसलिए आरोपियों ने सुनील को रोहित के जरिए गांव से जिंदल पार्क के पास बुलाया। यहां गौरव, सचिन और उनके पिता मोटा ने सुनील के साथ मारपीट की। अपहरण कर अपने घर ले गए इसके बाद तीनों आरोपी उसे जबरन बाइक पर बैठाकर अपने गांव दबखेड़ी ले गए। यहां अपने घर के एक कमरे में बंधक बनाकर उसकी बेरहमी से पिटाई की गई। गंभीर रूप से घायल होने पर आरोपी उसे सरकारी अस्पताल, कुरुक्षेत्र छोड़कर फरार हो गए। अस्पताल में इलाज के दौरान सुनील की मौत हो गई। उसी दिन सुनील को बुरी तरह से पीटा पुलिस जांच में सामने आया कि बाइक हादसे के बाद उसी दिन शाम रोहित, गौरव और सचिन ने नई अनाज मंडी कुरुक्षेत्र में सुनील के साथ मारपीट की थी। इसके बाद आरोपियों ने बदला लेने की साजिश रची और 10 जुलाई को उसे बुलाकर अगवा कर अपने घर ले गए। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। बाइक एक्सीडेंट से शुरू हुआ विवाद केयूके थाना के SHO सुरेंद्र सिंधु ने खुलासा किया 6 जुलाई को सुनील ने अपने दोस्त रोहित से बाइक मांगी थी। सुनील से उस बाइक पर सुभाष मंडी चौकी एरिया में किसी व्यक्ति का एक्सीडेंट हो गया था। हादसे के बाद पुलिस ने बाइक कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। जांच से साफ हुआ कि रोहित ये बाइक अपने दोस्त गौरव से मांगकर लाया था।
ग्लोबल टूरिज्म के मंच पर राजस्थान के दो सबसे खूबसूरत शहरों उदयपुर और जयपुर को रैंक मिली है। अमेरिकी ट्रैवल मैगजीन 'ट्रैवल + लीजर' के प्रतिष्ठित वर्ल्ड्स बेस्ट अवॉर्ड्स-2026 की ताजा रैंकिंग में लेकसिटी उदयपुर को बड़ा झटका लगा है। पिंकसिटी जयपुर ने एशिया के टॉप शहरों में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराते हुए 10वां स्थान हासिल किया है। उदयपुर 2024 में दुनिया का दूसरा सबसे खूबसूरत और एशिया का सर्वश्रेष्ठ शहर बना था, वह इस बार बड़ी गिरावट के साथ दुनिया में 12वें स्थान पर फिसल गया है। वहीं, एशिया के बेस्ट शहरों की लिस्ट में उदयपुर अब खिसककर 8वें पायदान पर आ गया है। इस वैश्विक सर्वे में दुनिया भर के 6 लाख 61 हजार से अधिक पाठकों ने ऑनलाइन वोटिंग और रिव्यू के जरिए भाग लिया। यह चयन मुख्य रूप से शहरों की कला-संस्कृति, ऐतिहासिक बनावट, स्थानीय लोगों का पर्यटकों के प्रति दोस्ताना व्यवहार, वर्ल्ड क्लास होटल, खान-पान और बेहतरीन शॉपिंग के अनुभवों के आधार पर किया जाता है। उदयपुर का स्कोर इस बार 89.91 रहा। 'ओवर टूरिज्म' के कारण घटी लेकसिटी की रैंकिंग होटल एक्सपर्ट्स के अनुसार, लेकसिटी की रैंकिंग घटने की सबसे बड़ी वजह शहर पर बढ़ता 'ओवर टूरिज्म' का दबाव रहा। पर्यटन सीजन में क्षमता से ज्यादा सैलानियों के आने से ट्रैफिक, जाम और पार्किंग की बड़ी समस्याएं खड़ी हुईं। साथ ही झीलों के आसपास बढ़ते अतिक्रमण, साफ-सफाई की कमी और बुनियादी पर्यटक सुविधाओं के विस्तार की धीमी रफ्तार ने उदयपुर की रैंकिंग को नीचे धकेल दिया। जयपुर को यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट का भी दर्जा दूसरी तरफ, पिंक सिटी जयपुर ने सैलानियों को अपनी बेहतरीन व्यवस्थाओं से खासा प्रभावित किया है। जयपुर के टॉप-10 में बने रहने की सबसे बड़ी वजह इसकी शानदार और व्यवस्थित टाउन प्लानिंग रही, जिसके कारण इसे यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट का दर्जा भी मिला हुआ है। पर्यटकों को जयपुर की सड़कों और शाही माहौल ने किया आकर्षित दिल्ली और मुंबई की व्यस्त भूलभुलैया के मुकाबले पर्यटकों को जयपुर की सड़कें और यहां का शाही माहौल ज्यादा आरामदायक लगा। इसके अलावा जयपुर का हस्तशिल्प, रत्न-आभूषणों का बाजार और कपड़ा उद्योग पूरी दुनिया के खरीदारों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। जयपुर के शाही होटलों ने पूरी लिस्ट पर जमाया कब्जा होटल और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर की बात करें तो राजस्थान के इन दोनों शहरों ने भारत की लाज बचाए रखी है। भारत के सर्वश्रेष्ठ रिसॉर्ट्स की लिस्ट में उदयपुर के 'द लीला पैलेस' ने 97.91 अंकों के साथ देश में दूसरा स्थान और वैश्विक स्तर पर 88वीं रैंक हासिल की। वहीं जयपुर के शाही होटलों ने तो पूरी लिस्ट पर कब्जा जमा लिया। ‘रामबाग पैलेस’ देश का तीसरा सबसे बेहतरीन रिसॉर्ट महाराजाओं के पूर्व महल 'रामबाग पैलेस जयपुर' को देश का तीसरा सबसे बेहतरीन रिसॉर्ट चुना गया। अरावली की वादियों के बीच स्थित 'द ओबेरॉय राजविलास' चौथे और आलीशान 'द लीला पैलेस जयपुर' पांचवें पायदान पर रहे। इनके अलावा ऐतिहासिक 'द राज पैलेस' और 18 एकड़ में फैले 'जय महल पैलेस' ने भी जयपुर की मेहमाननवाजी को दुनिया में सर्वश्रेष्ठ बनाया है। दुनिया के टॉप-10 शहरों में ‘सैन मिगुएल डी अलेंदे’ का पहला स्थान दुनिया के टॉप-10 शहरों में इस बार मेक्सिको के 'सैन मिगुएल डी अलेंदे' ने दुनिया में पहला स्थान हासिल किया है। इसके बाद जापान का क्योटो दूसरे, थाईलैंड का चियांग माई तीसरे, वियतनाम का होई अन चौथे और मेक्सिको का ओक्साका पांचवें स्थान पर रहा। दुनिया के बाकी टॉप शहरों में थाईलैंड का बैंकॉक छठे, इजराइल का जेरूसलम सातवें, कंबोडिया का सिएम रीप आठवें, मेक्सिको सिटी नौवें और जापान का टोक्यो दसवें स्थान पर काबिज रहे।
शिवपुरी जिले के पिछोर थाना क्षेत्र के नयाखेड़ा गांव के प्राथमिक विद्यालय में शासकीय शिक्षक और भंवरहार पंचायत के सरपंच पति के बीच विवाद का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा है। वीडियो में शिक्षक नीरज गुप्ता खुद पर थप्पड़ मारने का आरोप लगाते दिखाई दे रहे हैं। वहीं, वीडियो में शिक्षक को सरपंच पति पुष्पेंद्र यादव की ओर तीन बार हाथ उठाते हुए भी देखा जा सकता है। मामले में सरपंच पति पुष्पेंद्र यादव ने पिछोर थाना और शिक्षा विभाग में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। सरपंच पति का आरोप- हाजिरी लगाकर शिक्षक चले जाते हैंपुष्पेंद्र यादव का आरोप है कि शिक्षक नीरज गुप्ता स्कूल में केवल हाजिरी लगाकर चले जाते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शिक्षक स्कूल की महिला प्रभारी को परेशान करते हैं और बच्चों से अभद्र भाषा में बात करते हैं। उनका कहना है कि ग्रामीणों से लगातार शिकायतें मिलने के बाद वह गांव के लोगों के साथ शिक्षक से बात करने स्कूल पहुंचे थे। शिक्षक ने थप्पड़ मारने का आरोप लगायापुष्पेंद्र यादव के अनुसार, उन्होंने शिक्षक से लापरवाही छोड़ने और व्यवहार सुधारने की बात कही। इसी दौरान शिक्षक ने मोबाइल से वीडियो रिकॉर्डिंग शुरू कर दी और उन पर थप्पड़ मारने का आरोप लगाने लगे। उनका दावा है कि उस समय कक्षा में ग्रामीणों के अलावा शाला प्रभारी और बच्चे भी मौजूद थे। उन्होंने आरोप लगाया कि बातचीत के दौरान शिक्षक ही आक्रामक हो गए और तीन बार उनके हाथ पर थप्पड़ मारा। इस मामले में शिक्षक नीरज गुप्ता का पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका मोबाइल बंद मिला। इस कारण उनका पक्ष नहीं मिल सका। पुलिस और शिक्षा विभाग ने शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की भी जांच की जा रही है।
सतना शहर के पन्ना रोड स्थित सार्थक हॉस्पिटल में सोमवार को एक नवजात की मौत के बाद तनावपूर्ण स्थिति बन गई। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही और एक्सपायरी दवा देने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। परिजनों ने एक्सपायरी दवाइयां लेकर सिविल लाइन थाने में अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की। देर शाम तक वे हॉस्पिटल के बाहर धरने पर बैठ गए और अस्पताल को तत्काल सील करने की मांग पर अड़े रहे। मामले की गंभीरता को देखते हुए सीएसपी देवेंद्र प्रताप सिंह सहित भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस अधिकारी परिजनों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास कर रहे हैं। यह मामला टिकुरिया टोला निवासी नवीन गुप्ता और उनकी पत्नी नीलम गुप्ता से जुड़ा है। नीलम गुप्ता की डिलीवरी 10 जुलाई को बस स्टैंड स्थित चित्रकूट हॉस्पिटल में हुई थी। नवजात की सिकाई के लिए परिजन उसे 11 जुलाई को सार्थक हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। 25 हजार लेकर इंजेक्शन लगायानवीन गुप्ता का आरोप है कि 12 जुलाई को डॉक्टर अमित सिंह ने बताया कि बच्चे की किडनी में समस्या है और इसके लिए 25 हजार रुपये का एक इंजेक्शन लगाना होगा। सोमवार को जब इंजेक्शन लगाने की तैयारी चल रही थी, तभी अचानक नवजात को वेंटिलेटर पर डाल दिया गया, जिससे परिजन भड़क गए। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि जब नवजात को भर्ती किया गया था, तब पर्ची में 'मेल बेबी' की जगह 'फीमेल बेबी' लिखा गया था। इसके अलावा, बच्चे की उम्र एक दिन की थी, लेकिन पर्ची में उसे एक माह का दर्शाया गया था। इसी बीच, परिजनों ने अस्पताल के मेडिकल स्टोर से ले जाई जा रही कुछ एक्सपायरी दवाइयां भी पकड़ लीं। वे इन दवाइयों को लेकर सिविल लाइन थाने पहुंचे और अपनी शिकायत दर्ज कराई। शाम होते-होते नवजात की मौत हो गई, जिससे परिजनों का गुस्सा और भड़क गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस लगातार मौके पर मौजूद है। सीएसपी की समझाइश के बाद बहाल हुआ यातायातनवजात बच्चे की मौत के बाद नाराज परिजनों ने सतना पन्ना पुराने हाईवे पर जाम लगा दिया। सार्थक हॉस्पिटल के सामने मृत बच्चे के परिजनों ने धरना दे दिया। सूचना मिलते ही सिविल लाइन थाना पुलिस सहित वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाइश दी। सीएसपी देवेंद्र सिंह चौहान ने उन्हें कार्रवाई का आश्वासन दिया जिसके बाद सतना पन्ना मार्ग बहाल हो सका। करीब 20 मिनट तक हाईवे में आवागमन डायवर्ट रहा।
लखनऊ में युवती की संदिग्ध हालत में मौत:घर की फर्श पर मिला शव, परिजनों ने जताई हत्या की आशंका
लखनऊ के मड़ियांव थाना क्षेत्र में 20 साल की युवती की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। युवती का शव घर में फर्श पर मिला। जिसकी सूचना परिजनों ने पुलिस को दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के भेज दिया है। परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है। प्रीति नगर मड़ियांव निवासी लक्ष्मण कनौजिया प्रेस की दुकान चलाते हैं। लक्ष्मण ने बताया वह सोमवार को कपड़ा देने के लिए इलाके में गए हुए थे। वहां से लौटे तो बेटी रंजना को आवाज दी कोई जवाब न मिलने पर अंदर पहुंचे तो वह जमीन पर बेसुध पड़ी हुई थी। इस पर उन्होंने उसे हिलाकर उठाने का प्रयास किया, लेकिन कोई असर नहीं हुआ। इस पर आसपास के लोगों को आवाज देकर बुलाया। साथ ही अपनी डालीगंज में रहने वाली बेटी संजना को भी सूचना दी। मौके पर पहुंची संजना ने बहन रंजना के गले पर निशान देखकर पुलिस को सूचना दे दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने रंजना को अस्पताल पहुंचाया। जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। जिसके बाद पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। हत्या की आशंका जताई पिता ने बताया उनकी तीन बेटियां हैं, संजना, रंजना और वंदना। संजना की शादी हो चुकी है, वहीं रंजन और वंदना अभी अविवाहित थी। पत्नी बबली की 1 साल पहले मौत हो चुकी है। बहन संजना ने बताया रंजना लखीमपुर में रहने वाले एक लड़के से बातचीत करती थी। जिस पर हत्या करने की आशंका जताई है। रंजना के गले पर रस्सी से कसे जाने के निशान भी मिले हैं।मामले में इंस्पेक्टर मड़ियांव शिवानंद मिश्रा का कहना है शुरुआती जांच में फांसी लगाकर आत्महत्या की बात सामने आ रही है। परिजनों की तरफ से भी कोई तहरीर नहीं मिली है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
भाजपा कानपुर उत्तर जिले की मासिक बैठक सोमवार शाम 5 बजे को नवीन मार्केट स्थित जिला कार्यालय में जिला अध्यक्ष अनिल दीक्षित की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक की शुरुआत पंडित दीनदयाल उपाध्याय और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर की गई। बैठक में संगठन के आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा तय की गई। पदाधिकारियों ने 'एक पेड़ मां के नाम' वृक्षारोपण अभियान और डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म अभियान को प्रत्येक मंडल और बूथ स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने पर चर्चा की। साथ ही पहले से चल रहे संगठनात्मक अभियानों की समीक्षा कर उनकी प्रगति का मूल्यांकन किया गया। जिला अध्यक्ष अनिल दीक्षित ने पदाधिकारियों से अभियानों को और प्रभावी बनाने तथा संगठन की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक अभियान संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं को सशक्त बनाने का माध्यम है। ऐसे में सभी पदाधिकारी और कार्यकर्ता पूरी सक्रियता, समन्वय और निष्ठा के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करें। बैठक में जन्मेजय सिंह, जिला मीडिया प्रभारी अनुराग शर्मा, महामंत्री प्रमोद विश्वकर्मा, अभिनव दीक्षित, अवधेश सोनकर, शिवांग मिश्रा, नवाब सिंह, सीमा एमबीए, सत्यम गुप्ता, पारस मदान, सुरेंद्र गुप्ता, रामजी गुप्ता, रीता पासवान, जीतू कश्यप, प्रशांत त्रिपाठी, मोनेन्द्र राजपूत, रमिंदर सिंह, आशीष बाजपेई सहित सभी मंडल अध्यक्ष एवं बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
गोपालगंज के नगर थाना क्षेत्र में सोमवार को एक सड़क हादसे में बीए की छात्रा की मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। यह घटना एनएच-531 पर सांसद आवास के समीप हुई, जब रॉन्ग साइड से आ रही एक तेज रफ्तार बस ने बाइक को टक्कर मार दी। दोनों रिश्ते में मौसेरे भाई-बहन मृतका की पहचान आर्य नगर निवासी फिरोज आलम की 23 वर्षीय बेटी सना परवीन के रूप में हुई है, जो बीए की छात्रा थी। घायल युवक मीरगंज थाना क्षेत्र के एकडंग गांव निवासी लड़न खान का 32 वर्षीय बेटा मो. कैश है, जो हाल ही में विदेश से घर लौटा था। दोनों रिश्ते में मौसेरे भाई-बहन थे। बताया गया कि दोनों बाइक से थावे की ओर जा रहे थे। इसी दौरान गलत दिशा से आ रही तेज रफ्तार बस ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे के बाद स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से दोनों को सदर अस्पताल पहुंचाया गया। उपचार के दौरान सना परवीन की मौत अस्पताल में उपचार के दौरान सना परवीन की मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल मो. कैश को बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। घटना के बाद बस चालक वाहन लेकर फरार हो गया। सूचना मिलने पर नगर थानाध्यक्ष प्रवीण कुमार और डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और फरार बस चालक की पहचान तथा गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू कर दी है।
मुरादाबाद जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने स्पष्ट किया है कि यदि 18 वर्ष से कम उम्र के विद्यार्थी मोटरसाइकिल, स्कूटी या अन्य दोपहिया वाहन चलाकर स्कूल आते पाए गए तो उनके अभिभावकों के साथ-साथ संबंधित विद्यालय प्रबंधन की भी जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला विद्यालय वाहन समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में जनपद में संचालित स्कूली वाहनों की सुरक्षा, फिटनेस, चालक सत्यापन और सड़क सुरक्षा मानकों के अनुपालन की समीक्षा की गई। सभी स्कूल बसों की फिटनेस जांच के निर्देश डीएम ने एआरटीओ आनंद निर्मल को निर्देश दिए कि जनपद में संचालित सभी स्कूल बसों की फिटनेस का शत-प्रतिशत सत्यापन अभियान चलाकर जल्द पूरा किया जाए, ताकि विद्यार्थियों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित हो सके। हर स्कूल में बनेगा रोड सेफ्टी क्लब जिलाधिकारी ने प्रत्येक विद्यालय में सड़क सुरक्षा क्लब का गठन अनिवार्य करने और विद्यार्थियों को नियमित रूप से यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा की जानकारी स्कूल स्तर से ही दी जानी चाहिए। चालकों का पुलिस सत्यापन और हेल्थ चेकअप अनिवार्य बैठक में डीएम ने निर्देश दिए कि सभी स्कूली वाहनों के चालकों का पुलिस सत्यापन अनिवार्य रूप से कराया जाए। साथ ही स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाकर सभी चालकों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण भी सुनिश्चित किया जाए। स्कूल संचालकों को दी सख्त चेतावनी बैठक में मौजूद विभिन्न विद्यालयों के संचालकों को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि नाबालिग छात्रों के वाहन चलाकर स्कूल आने की स्थिति में केवल अभिभावकों की ही नहीं, बल्कि विद्यालय प्रबंधन की भी जिम्मेदारी तय की जाएगी। उन्होंने सभी स्कूलों से इस संबंध में सख्ती बरतने और प्रभावी निगरानी रखने को कहा। बैठक में क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी रीना वालिया, जिला विद्यालय निरीक्षक रितु तोमर समेत संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
पलवल जिले के चांदहट थाना पुलिस ने अलावलपुर गांव से एक युवक को अवैध देसी कट्टे के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी को उसके सगे भाई द्वारा दी गई सूचना के आधार पर पकड़ा है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए यह गिरफ्तारी की। पुलिस प्रवक्ता संजय काद्यान के अनुसार, यह घटना 12 जुलाई की है। अलावलपुर गांव निवासी दीपक ने पलवल पुलिस कंट्रोल रूम को फोन कर गुप्त सूचना दी। दीपक ने बताया कि उसके भाई रोहित ने गांव में अपने घर के अंदर एक अवैध हथियार छुपा रखा है, जिससे किसी बड़ी अनहोनी का खतरा हो सकता है। घर की रसोई के स्लैब के ऊपर छुपाकर रखा था सूचना मिलने पर, पुलिस अधिकारी शीशराम ने तुरंत हवलदार कुलदीप सिंह के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया। इस टीम को अलावलपुर गांव में आरोपी के घर पर छापेमारी के लिए भेजा गया। पुलिस टीम ने जब दीपक और रोहित के घर पर जांच अभियान चलाया, तो घर की रसोई के स्लैब के ऊपर छुपाकर रखा हुआ एक देसी कट्टा बरामद हुआ। चांदहट थाना पुलिस ने तुरंत अवैध हथियार को अपने कब्जे में ले लिया और आरोपी रोहित को आर्म्स एक्ट के तहत गिरफ्तार कर लिया।
लखनऊ में बिस्कुट-नमकीन की दुकान में लगी आग:एक घंटे की मशक्कत के बाद पाया गया काबू
लखनऊ के चौक थाना क्षेत्र स्थित अकबरी गेट के अहमद हुसैन अपार्टमेंट में सोमवार शाम बिस्कुट और नमकीन की दुकान में अचानक आग लग गई। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की चार गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया। राहत की बात रही कि हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। फायर विभाग के अनुसार सोमवार शाम करीब 5:46 बजे आग लगने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही चौक फायर स्टेशन प्रभारी टीम के साथ चार दमकल वाहनों को लेकर घटनास्थल पहुंचे। मौके पर पहुंचने पर दुकान से तेज धुआं और आग की लपटें निकल रही थीं। दमकल कर्मियों ने एक ओर से होज लाइन बिछाकर आग बुझाने का काम शुरू किया। वहीं दूसरी ओर एक फायरकर्मी को बीए (ब्रीदिंग अपरेटस) सेट पहनाकर दुकान के अंदर भेजा गया, ताकि भीतर फंसी आग तक पहुंचकर उसे तेजी से नियंत्रित किया जा सके। इसके साथ ही दो अन्य दमकल वाहनों की मदद से रिले पंपिंग कर लगातार पानी की सप्लाई दी गई। करीब एक घंटे तक चले रेस्क्यू और अग्निशमन अभियान के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। आग से किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग अतीक पुत्र अब्दुल लतीफ की बिस्कुट-नमकीन की दुकान में लगी थी। अतीक घसियारी मंडी, थाना कैसरबाग क्षेत्र के निवासी हैं। आग लगने के कारणों का पता लगाया जा रहा है। नुकसान का आकलन भी किया जा रहा है।
ललितपुर जिले के तालबेहट कोतवाली क्षेत्र के ग्राम म्यांव निवासी एक युवक को मोबाइल पर जान से मारने और हाथ पैर तोड़ने की धमकी मिली है। धमकी देने वाले ने खुद को इटावा जेल से होने का दावा किया है। यह मामला तब सामने आया है जब युवक के भाई की हत्या के आरोपियों को न्यायालय द्वारा आजीवन कारावास की सजा सुनाई जा चुकी है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि उन्हें अब जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। ग्राम म्यांव निवासी केशवेंद्र सिंह ने 13 जुलाई सोमवार शाम 5:44 बजे शिकायत दर्ज कराई कि उनके भाई राजेंद्र सिंह की हत्या के मामले में सभी आरोपी वर्तमान में इटावा जेल में बंद हैं। इसके बावजूद, उन्हें 11 जुलाई 2026 की शाम करीब 5:17 बजे एक मोबाइल नंबर से कॉल आई, जिसमें उन्हें जान से मारने और हाथ-पैर तोड़ने की धमकी दी गई। केशवेंद्र सिंह ने बताया कि उन्होंने धमकी भरी कॉल की रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखी है। उनका आरोप है कि यह धमकी पुराने हत्या के मुकदमे और उसमें मिली सजा को लेकर दबाव बनाने के उद्देश्य से दी गई है। तहरीर में यह भी बताया गया है कि मोबाइल पर कॉलर का नाम नईम खान प्रदर्शित हो रहा था। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। तालबेहट कोतवाली प्रभारी निरीक्षक अशोक वर्मा ने जानकारी दी कि कॉल डिटेल, रिकॉर्डिंग और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की गहन जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
फाजिल्का के आर्य समाज रोड क्षेत्र में बरसात के बाद जलभराव की समस्या एक बार फिर लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गई है। स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि पिछले करीब 20 वर्षों से क्षेत्र में यही स्थिति बनी हुई है, लेकिन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। बारिश के बाद सड़कों पर जमा पानी के कारण कारोबार प्रभावित हो रहा है और राहगीरों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। आर्य समाज रोड पर मेडिकल स्टोर संचालक अंकित अनेजा ने बताया कि वह पिछले 11 वर्षों से यहां दुकान चला रहे हैं, जबकि यह समस्या इससे भी पुरानी है। उन्होंने कहा कि एक बार बारिश होने पर शास्त्री चौक से लेकर उनकी दुकान और आसपास के क्षेत्र में पानी भर जाता है। कई बार दो-दो दिन तक पानी जमा रहने से दुकानों का कामकाज प्रभावित होता है। उन्होंने बताया कि पास में लड़कियों का सरकारी स्कूल भी है, जिससे छात्राओं को आने-जाने में परेशानी होती है। दुकानदार बोले- कई लोग फिसलकर घायल हो चुके हैं दुकानदारों के अनुसार, जलभराव के कारण कई लोग फिसलकर घायल भी हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि इस संबंध में नगर कौंसिल को कई बार शिकायतें दी गईं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। व्यापारियों ने यह मुद्दा स्थानीय विधायक के समक्ष भी उठाया था, जहां जल्द समाधान का आश्वासन मिला था, लेकिन हालात अभी भी जस के तस बने हुए हैं। स्थानीय निवासी सुरेंद्र कुमार ने कहा कि जनप्रतिनिधियों और प्रशासन को इस समस्या के समाधान को प्राथमिकता देनी चाहिए। वहीं, नगर कौंसिल के ईओ वीर विक्रम धूड़िया ने बताया कि सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण कुछ दिक्कतें आई हैं। उन्होंने कहा कि जमा पानी की निकासी करवाई जाएगी तथा समस्या के स्थायी समाधान के लिए जेई सहित तकनीकी टीम को मौके पर भेजकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
बांदा जनपद के नरैनी कोतवाली क्षेत्र में सोमवार शाम 5 बजे एक सड़क हादसे में दो श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया। तीनों श्रद्धालु मध्य प्रदेश से चित्रकूट स्थित कामतानाथ मंदिर दर्शन के लिए बाइक से जा रहे थे। यह हादसा नरैनी कोतवाली क्षेत्र के पड़मई गांव के पास हुआ। यहां एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने पीछे से बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार तीनों लोग सड़क पर जा गिरे। मृतकों की पहचान मध्य प्रदेश के छतरपुर जनपद के चंदला थाना क्षेत्र के छठी बभौरी निवासी शत्रुघ्न गुप्ता (45) पुत्र तुलाराम गुप्ता और हल्कू त्रिवेदी (62) पुत्र नवल किशोर त्रिवेदी के रूप में हुई है। इसी हादसे में रामनारायण गुप्ता (60) पुत्र सीताराम गुप्ता गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस कर रही मामले की जांच सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। घायल रामनारायण को तत्काल पुलिस वाहन से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। पुलिस ने दोनों शवों का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। हादसे के बाद मौके से भाग रही स्कॉर्पियो को पुलिस ने चालक सहित पकड़ लिया है। वाहन को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही है।
शाहजहांपुर के तिलहर क्षेत्र में एक युवक सोमवार तड़के फिर मोबाइल टावर पर चढ़ गया। सूचना मिलने पर पुलिस और टावर कर्मचारियों ने संयुक्त प्रयास से करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद उसे सुरक्षित नीचे उतारा। पुलिस ने युवक की मानसिक स्थिति को देखते हुए उसे परिजनों के साथ बरेली के अस्पताल में भर्ती कराया है। पुलिस के अनुसार, घटना सोमवार सुबह करीब चार बजे की है। युवक की पहचान कटरा थाना क्षेत्र निवासी आकाश के रूप में हुई है, जो हरियाणा में निजी कंपनी में कार्य करता था। वह 7 जुलाई को अपने घर लौटा था। यह दूसरी बार है, जब आकाश इसी मोबाइल टावर पर चढ़ा। इससे पहले गुरुवार रात वह तिलहर के कछियानी खेड़ा स्थित टावर पर चढ़ गया था। करीब 18 घंटे की मशक्कत के बाद शुक्रवार को उसे सुरक्षित नीचे उतारकर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के बाद परिजन उसे घर ले गए थे। बताया जा रहा है कि रविवार रात आकाश घर से निकलकर दोबारा उसी टावर के पास पहुंच गया और सोमवार सुबह फिर टावर पर चढ़ गया। टावर कर्मचारियों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और रेस्क्यू अभियान चलाकर उसे सुरक्षित नीचे उतार लिया। सीओ तिलहर इशिता सिंह ने बताया कि युवक की मानसिक स्थिति सामान्य प्रतीत नहीं हो रही है। एहतियात के तौर पर उसे परिजनों के साथ बरेली के अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका उपचार चल रहा है। इससे पहले टावर पर चढ़ने के दौरान युवक ने हरियाणा पुलिस पर प्रताड़ना का आरोप लगाया था और सीबीआई तथा सेना को बुलाने की मांग की थी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की निगरानी कर रही है।
पीसीसी चीफ जीतू पटवारी के भाई नाना पटवारी के मोबाइल की जांच में पुलिस को दो ऑनलाइन सट्टे के एप, संदिग्ध वित्तीय लेन-देन के सुराग और तीन अहम मोबाइल नंबर मिले हैं। डीसीपी नरेंद्र रावत ने बताया कि इन तथ्यों के आधार पर नाना पटवारी से दोबारा पूछताछ की जाएगी। राजेंद्र नगर थाना पुलिस की विशेष टीम मोबाइल डेटा और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की भी जांच कर रही है। एप से भेजी जाती थी लिंक डीसीपी के मुताबिक, मोबाइल में मिले दोनों एप के जरिए कथित तौर पर ऑनलाइन सट्टे की लिंक भेजी जाती थी। वहीं संदिग्ध वित्तीय लेन-देन से जुड़े तथ्य भी सामने आए हैं, जिससे उसके सट्टे के कारोबार से जुड़े होने की आशंका की जांच की जा रही है। मोबाइल से मिले तीन अहम नंबरों के आधार पर संबंधित लोगों की भी तलाश की जा रही है। दो युवतियों से पूछताछ में मिले अहम इनपुटरविवार को राजेंद्र नगर थाने में महिला अधिकारी की मौजूदगी में दो युवतियों के बयान दर्ज किए गए। इनमें से एक युवती ने बताया कि उसकी पहचान नाना पटवारी से एक प्लॉट के सिलसिले में हुई थी। उसने दावा किया कि एक पार्टी के दौरान एमडी ड्रग्स का सेवन किया गया था, जिसमें नाना पटवारी भी मौजूद था। दूसरी युवती ने पुलिस को बताया कि नाना पटवारी उसके पति का मित्र है और इसी वजह से उसकी पहचान उससे हुई थी। अब दोबारा नाना पटवारी से होगी पूछताछपुलिस का कहना है कि मोबाइल से मिले डिजिटल साक्ष्यों और दोनों युवतियों के बयानों के आधार पर नाना पटवारी को फिर पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा। उससे ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क, संदिग्ध वित्तीय लेन-देन और पार्टी में ड्रग्स सेवन के आरोपों को लेकर विस्तार से सवाल किए जाएंगे। जांच टीम पूरे नेटवर्क और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की भी पड़ताल कर रही है। नाना पटवारी के खिलाफ 10 केस दर्ज नाना के खिलाफ हत्या के प्रयास सहित 10 आपराधिक मामले दर्ज हैं। उन्हें 2023 विधानसभा चुनाव के दौरान भी गिरफ्तार किया गया था। उन पर करीब सात साल पुराने हत्या के प्रयास के मामले में फरार रहने का आरोप था। साल 2025 में इंदौर के तेजाजी नगर थाने में नाना और उनके दो सहयोगियों के खिलाफ FIR कराई गई थी। शिकायतकर्ता नरेंद्र मेहता ने आरोप लगाया था कि उनकी जमीन पर धोखे से कब्जा करने का प्रयास किया गया। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी गई। नवंबर 2018 में नाना पटवारी पर धारा 354 (क) के तहत केस दर्ज हुआ था। शिकायतकर्ता महिला ने आरोप लगाए हैं कि नाना के साथ क्रुणाल पटवारी, चेतन पटवारी, सुदील चौधरी, गब्बू पटवारी और अन्य 40-50 लोग कार-बाइक से मेरे घर पहुंचे। फिर जबरदस्ती अंदर घुस आए। नाना के हाथ में पिस्टल जबकि बाकी के हाथ में चाकू और तलवार थी। नाना पटवारी ने मेरा हाथ बुरी नीयत से पकड़ा था। खुशी सुसाइड केस में भी आया था नाम जुलाई 2018 में इंदौर में 37 वर्षीय खुशी कूलवाल ने सुसाइड किया था। हाई प्रोफाइल पार्टियों में अक्सर दिखने वाली खुशी ने महालक्ष्मी नगर स्थित अपने फ्लैट में फांसी लगा ली थी। जांच के दौरान पुलिस ने उसके करीबी लोगों से पूछताछ की थी। कुलभूषण उर्फ नाना पटवारी का नाम भी जांच में सामने आया था। हालांकि, पूछताछ के बाद उन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई थी। 2025 में यह मामला फिर चर्चा में आया, जब पुलिस ने ड्रग कनेक्शन समेत अन्य पहलुओं पर जांच शुरू की। पुलिस यह पड़ताल कर रही है कि मामले का हाई प्रोफाइल पार्टियों से क्या कनेक्शन है? खुशी कूलवाल किन लोगों के संपर्क में थी? आत्महत्या से पहले की परिस्थितियों में किन लोगों की क्या भूमिका रही? ये खबर भी पढ़ें… जीतू पटवारी का भाई बोला-3 साल पहले ड्रग्स लेता था कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के भाई नाना पटवारी को पुलिस हिरासत में लेने का मामला तूल पकड़ता दिख रहा है। पार्टी इसे सियासी एंगल देने के मूड में है। शुक्रवार को जीतू और नाना ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पुलिस कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध बताया है। इस दौरान नाना पटवारी ने स्वीकार किया कि वे 3 साल पहले तक ड्रग्स का सेवन करते थे, लेकिन रिहैब सेंटर में इलाज के बाद उन्होंने नशा पूरी तरह छोड़ दिया है।पूरी खबर पढ़ें
नूंह जिले के फिरोजपुर झिरका शहर में करीब एक माह पहले हुए सोहन लाल हत्याकांड में पुलिस ने मनोनीत पार्षद कृष्ण सैनी को गिरफ्तार कर लिया। जिसे कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जिला जेल भेज दिया गया है। इस मामले में नामजद 3 अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं। यह मामला 2 जून 2026 का है, जब फिरोजपुर झिरका निवासी सोहन लाल की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। मृतक के बेटे हिमांशु ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया था कि उसके पिता को समझौते के बहाने घर से बुलाया गया और फिर उनके साथ मारपीट की गई, जिससे उनकी जान चली गई। 4 लोगों को नामजद किया गया परिजनों ने इसे सुनियोजित हत्या बताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस जांच में कुल 4 लोगों को नामजद किया गया, जिनमें कृष्ण सैनी, मोहित, विशाल और पूनम शामिल हैं। मनोनीत पार्षद को किया गिरफ्तार जांच के दौरान पुलिस ने फिरोजपुर झिरका से मनोनीत पार्षद कृष्ण सैनी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से न्यायालय ने उसे न्यायिक हिरासत में जिला जेल भेज दिया। हालांकि, मोहित, विशाल और पूनम की गिरफ्तारी अभी बाकी है। पुलिस की टीमें लगातार उनके संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। 3 आरोपियों की तलाश कर रही पुलिस सिटी थाना फिरोजपुर झिरका प्रभारी कुलदीप सिंह ने बताया कि सोहन लाल मौत मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया था, जहां से उसे जिला जेल भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि मामले में नामजद बाकी तीनों आरोपियों की तलाश जारी है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है।
भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे अटारी क्षेत्र के सीमावर्ती गांव नेष्टा में पाकिस्तान की ओर से ड्रोन के जरिए भेजी गई हथियारों की खेप बरामद की गई है। यह कार्रवाई अमृतसर देहात पुलिस के थाना घरिंडा क्षेत्र में की गई। मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस को गुप्त सूचना मिलने के बाद सीमावर्ती इलाके में तलाशी अभियान चलाया गया। इस दौरान ड्रोन के माध्यम से भारतीय सीमा में पहुंचाई गई हथियारों की खेप बरामद की गई। बरामद हथियारों में एक AK-47 दो M4 असॉल्ट राइफल और 1 हैंड ग्रेनेड शामिल हैं। जानकारी यह भी है कि इस मामले में सीमावर्ती क्षेत्र के दो युवकों को हिरासत में लिया गया है। उनसे पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि हथियार किसके लिए मंगवाए गए थे और इनके पीछे कौन-सा नेटवर्क सक्रिय है। नेटवर्क तलाशने में जुटी पुलिस सूत्रों के अनुसार, हथियार पाकिस्तान की ओर से ड्रोन के जरिए भारतीय सीमा में भेजे गए थे। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। थाना घरिंडा में इस संबंध में मामला दर्ज करने की प्रक्रिया भी जारी है। हालांकि, अमृतसर देहात पुलिस की ओर से अभी तक इस कार्रवाई को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। ऐसे में बरामद हथियारों, गिरफ्तार किए गए युवकों और जांच के अन्य पहलुओं पर पुलिस की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार किया जा रहा है। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां पूरे घटनाक्रम की जांच में जुटी हैं। सीमावर्ती क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है और पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस हथियारों की खेप के तार किन लोगों और किन नेटवर्कों से जुड़े हैं। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के आधार पर की जाएगी
राजस्थान में पंचायत और निकाय चुनाव सितंबर से नवंबर के बीच होंगे। इसके संकेत हाईकोर्ट में सरकार की ओर से लगाए गए चुनाव टालने के प्रार्थना पत्र में मिलते हैं। सरकार ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र लगाकर 31 जुलाई तक चुनाव कराने की समय सीमा को बढ़ाने की मांग की है। सरकार ने प्रार्थना पत्र में ओबीसी आयोग और राज्य निर्वाचन आयोग के साथ हुए पत्राचार की डिटेल देते हुए कोर्ट से चुनाव टालने की मांग की है। सरकार ने कहा कि अभी तक ओबीसी आयोग से राजनीतिक आरक्षण की रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है। प्रदेश में ओबीसी की जनसंख्या 50 प्रतिशत है। ऐसे में उनके राजनीतिक आरक्षण का निर्धारण किए बिना चुनाव कराना उचित नहीं होगा। इसलिए चुनाव कराने के लिए पर्याप्त समय दिया जाए। चुनाव प्रक्रिया में 90 दिन का समय लगेगा सरकार ने निर्वाचन आयोग द्वारा पंचायतीराज विभाग को लिखे पत्र का हवाला देते हुए कहा- राज्य निर्वाचन आयोग का कहना है कि सरकार से आरक्षण अनुसार जानकारी मिलने के बाद निर्वाचन आयोग को चुनाव प्रक्रिया पूरी करने में करीब 90 दिन का समय लगेगा। आयोग ने नगरीय निकायों के चुनाव दो चरणों में कराने के लिए 40 दिन और पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव चार चरणों में कराने के लिए 50 दिन का समय मांगा है। सरकार के इस जवाब से पता चलता है कि अगर सरकार 31 अगस्त तक आरक्षणवार विवरण राज्य निर्वाचन आयोग को सौंप देती है तो आयोग सितंबर से नवंबर तक पंचायत-निकाय चुनाव करा लेगा। कोर्ट ने दिए थे 31 जुलाई तक चुनाव कराने के आदेश राजस्थान हाईकोर्ट ने पहले आयोग और सरकार को 15 अप्रेल तक प्रदेश में निकाय-पंचायत चुनाव कराने के निर्देश दिए थे। इसके बाद सरकार और आयोग ने अदालत में प्रार्थना पत्र लगाकर चुनाव टालने की अपील की थी। प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने समय देते हुए 31 जुलाई तक हर हाल में चुनाव कराने के लिए कहा था। वहीं, ओबीसी आयोग को भी 20 जून तक अपनी रिपोर्ट देने के लिए बोला था। 14 जुलाई को अवमानना याचिका पर सुनवाई सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा कोर्ट की तय समय सीमा में चुनाव नहीं कराने पर याचिकाकर्ता पूर्व विधायक संयम लोढ़ा और गिर्राज सिंह देवंदा ने दोनों के खिलाफ अवमानना याचिका दायर की है। इस पर मंगलवार को जस्टिस इंद्रजीत सिंह की खंडपीठ सुनवाई करेगी। … ये खबर भी पढ़िए… राजस्थान में 31 जुलाई तक नहीं होंगे निकाय-पंचायत चुनाव:आयोग ने कहा- 90 दिन का समय लगेगा, जानें- ओबीसी आयोग कब सौंपेगा रिपोर्ट
कासगंज जिले की कोतवाली में सोमवार देर शाम बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने पुलिस पर एक कार्यकर्ता को अवैध रूप से हिरासत में लेने और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि बजरंग दल के मिलन प्रमुख ने मंदिर परिसर में एक अनियंत्रित वाहन की टक्कर की सूचना स्वयं पुलिस को दी थी। हालांकि, पुलिस ने उन्हें ही बिना किसी उचित आधार के थाने में बिठा लिया। बजरंग दल के सदस्यों ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने मिलन प्रमुख का मोबाइल फोन जब्त कर घटना से संबंधित वीडियो और अन्य साक्ष्य हटा दिए। इसके अतिरिक्त, मंदिर में टक्कर मारने वाले वाहन चालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के बजाय, उससे कथित तौर पर पैसे लेकर उसे छोड़ दिया गया। बजरंग दल ने इस पूरे मामले को पुलिस की पक्षपातपूर्ण कार्यशैली, भ्रष्टाचार और उत्पीड़न का उदाहरण बताया है। संगठन ने दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनकी मांगों में वाहन चालक के खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी, तथा मोबाइल से वीडियो हटाने और रिश्वत लेने के आरोपित पुलिसकर्मियों को निलंबित कर विभागीय जांच कराना शामिल है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में निष्पक्ष और त्वरित कार्रवाई नहीं हुई, तो बजरंग दल बड़े पैमाने पर आंदोलन और प्रदर्शन करने को बाध्य होगा। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक पुलिस की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।
बालाघाट। जिले के शासकीय जटाशंकर त्रिवेदी स्नातकोत्तर महाविद्यालय में सीटों की संख्या बढ़ाने की मांग को लेकर एनएसयूआई ने दोपहर में प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने महाविद्यालय प्रबंधन को एक ज्ञापन सौंपा और सीट वृद्धि के समर्थन में नारेबाजी भी की। एनएसयूआई के अनुसार, बालाघाट एक पिछड़ा जिला है जहां अधिकांश युवा उच्च शिक्षा प्राप्त करना चाहते हैं। हालांकि, महाविद्यालय में विभिन्न संकायों में सीटों की कमी के कारण कई छात्रों को प्रवेश नहीं मिल पाता है। इससे उन्हें महंगी शिक्षा के लिए निजी विश्वविद्यालयों का रुख करना पड़ता है, जिससे उन पर आर्थिक बोझ पड़ता है। एनएसयूआई ने महाविद्यालय प्रबंधन से विभिन्न संकायों में सीटों की संख्या बढ़ाने की मांग की है, ताकि प्रवेश से वंचित हो रहे विद्यार्थियों को अवसर मिल सके। एनएसयूआई प्रतिनिधि ऋषभ सहारे ने बताया कि आर्थिक रूप से संपन्न परिवारों के छात्र पहले बड़े कॉलेजों में प्रवेश का इंतजार करते हैं। वहां प्रवेश न मिलने पर वे प्रतिशत के आधार पर बालाघाट के महाविद्यालय में प्रवेश ले लेते हैं। इससे उन स्थानीय छात्रों को प्रवेश नहीं मिल पाता है जिनके लिए आर्थिक समस्याओं या कम अंकों के कारण बाहर जाकर पढ़ाई करना संभव नहीं होता है।
मुरादाबाद में भांतू कॉलोनी के समग्र विकास के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक कार्ययोजना तैयार की है। सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी सुविधाओं और सरकारी योजनाओं के शत-प्रतिशत लाभ को लेकर संबंधित अधिकारियों को विस्तृत निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि भांतू कॉलोनी के विकास को प्राथमिकता देते हुए सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें, ताकि क्षेत्र के लोगों को सरकारी योजनाओं और मूलभूत सुविधाओं का पूरा लाभ मिल सके। पीएमश्री मॉडल पर विकसित होगा स्कूल बैठक में डीएम ने निर्देश दिए कि भांतू कॉलोनी स्थित विद्यालय को पीएमश्री विद्यालय की तर्ज पर विकसित किया जाए। विद्यालय में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराकर बच्चों को बेहतर शैक्षिक वातावरण दिया जाएगा। डीएम ने निर्देश दिए कि कॉलोनी में प्रत्येक माह नियमित स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएं। साथ ही सभी पात्र लोगों के आयुष्मान हेल्थ कार्ड और बैंक खाते शत-प्रतिशत बनवाए जाएं, ताकि उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सके। बनेगा 'वार्ड कुल', योजनाओं की होगी निगरानी उन्होंने भांतू कॉलोनी में 'ग्राम कुल' की तर्ज पर 'वार्ड कुल' का गठन करने के निर्देश दिए। इसमें सरकारी कर्मचारी, सेवानिवृत्त अधिकारी, संभ्रांत नागरिक और सामाजिक कार्यकर्ताओं को शामिल किया जाएगा। इसका उद्देश्य योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और स्थानीय समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है। बैठक में वृद्धावस्था पेंशन, दिव्यांग पेंशन, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना और स्वयं सहायता समूहों की प्रगति की समीक्षा की गई। डीएम ने अधिकारियों को सभी पात्र लाभार्थियों का शत-प्रतिशत आच्छादन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सड़क, लाइब्रेरी, खेल और रोजगार पर भी जोर जिलाधिकारी ने अपर नगर आयुक्त अजीत कुमार को कॉलोनी की सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त कराने के निर्देश दिए। साथ ही लाइब्रेरी और अभ्युदय कोचिंग शुरू करने की दिशा में कार्यवाही तेज करने को कहा, ताकि बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी का अवसर मिल सके। उन्होंने जिला क्रीड़ा अधिकारी को भांतू और हबूड़ा बस्ती के बच्चों को खेल गतिविधियों से जोड़ने तथा सहायक निदेशक सेवायोजन को 18 वर्ष से अधिक आयु के युवक-युवतियों को कौशल विकास और रोजगार से जोड़ने के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। बैठक में अपर जिलाधिकारी (नगर) अंकुर श्रीवास्तव, अपर नगर आयुक्त अजीत कुमार, एसीएमओ संजीव बेलवाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
राजस्थान हाईकोर्ट ने भारत-पाक सीमा से सटे 0 से 50 किलोमीटर क्षेत्र स्थित धार्मिक स्थल और अन्य निर्माणों से जुड़े मामलों में फैसला सुनाते हुए कहा- राष्ट्रीय सुरक्षा सर्वोच्च है। हाईकोर्ट ने याचिकाएं खारिज करते हुए निर्देश दिए कि प्रत्येक संपत्ति की अलग-अलग जांच की जाएगी। नेशनल सिक्योरिटी से जुड़ा मामला होने के कारण इस मामले की सुनवाई सोमवार को बंद कमरे में हुई। हाईकोर्ट ने हर प्रॉपर्टी की जांच के निर्देश देते हुए इसके लिए कमेटी गठित करने के भी आदेश दिए। कमेटी में कलेक्टर, एसपी समेत सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के प्रतिनिधि शामिल रहेंगे। समिति राष्ट्रीय सुरक्षा, भूमि के स्वामित्व, वैध अनुमतियों और अन्य सहायक तथ्यों की जांच कर रिपोर्ट देगी। इसके आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। जस्टिस समीर जैन की एकलपीठ ने आदेश में कहा- सीमा क्षेत्र में स्थित प्रत्येक संपत्ति की परिस्थितियां अलग-अलग हैं, इसलिए सभी मामलों का एक जैसा निर्णय नहीं किया जा सकता। हाईकोर्ट ने माना- पक्ष रखने का भी अवसर दिया कोर्ट ने कहा- जिन मामलों में भूमि के स्वामित्व, कब्जे, निर्माण की वैधता और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े प्रश्न हैं, उनकी जांच सक्षम प्राधिकारी द्वारा करना आवश्यक है। हाईकोर्ट ने माना- संबंधित पक्षों को कारण बताओ नोटिस जारी किए थे। अपना पक्ष रखने का अवसर भी दिया गया था। ऐसे में सीधे रिट याचिका दायर करने के बजाय उन्हें वैधानिक प्रक्रिया अपनानी चाहिए थी। कोर्ट ने कहा- राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत लागू रहते हैं, लेकिन परिस्थितियों के अनुसार उनमें आवश्यक लचीलापन रखा जा सकता है। कोर्ट ने कहा- सक्षम प्राधिकारी कानून के अनुरूप अंतिम निर्णय लेगा। सीमा क्षेत्र में सार्वजनिक हित और राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा सर्वोपरि है, इसलिए ऐसे मामलों में संतुलित और तथ्य आधारित निर्णय आवश्यक है। क्या है पूरा मामला? केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश पर सुरक्षा एजेंसियों ने सीमावर्ती इलाकों का सर्वे किया था। इसमें सामने आया कि भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे 0 से 50 किलोमीटर के संवेदनशील सुरक्षा दायरे में पिछले कुछ वर्षों में जिला कलेक्टर की बिना अनुमति के कई मदरसे, मस्जिदें, दरगाह और अन्य निर्माण खड़े कर लिए गए। गोचर (चरागाह), ओरण और सरकारी जमीनों पर हुए इस अवैध कब्जे को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा माना गया। इसके बाद प्रशासन ने इन अवैध ढांचों को हटाने के लिए नोटिस जारी किए, जिसे स्थानीय समितियों ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। अब हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय सुरक्षा को सर्वोपरि बताते हुए इन याचिकाओं को खारिज कर दिया है। यह था 'ऑपरेशन क्लीन' सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध अतिक्रमण को पूरी तरह साफ करने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय और राजस्थान स्थानीय प्रशासन ने संयुक्त अभियान शुरू किया, जिसे 'ऑपरेशन क्लीन' (या ऑपरेशन क्लीन स्वीप) नाम दिया गया। इसका मुख्य उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास 50 किलोमीटर के दायरे (BSF के बढ़े हुए अधिकार क्षेत्र) में मौजूद सभी अवैध, संदिग्ध और बिना अनुमति वाले ढांचों को हटाकर देश की सीमा को सुरक्षित करना है। कहां-कहां और क्या-क्या हुई कार्रवाई?
शाजापुर में 14 जुलाई 2026, मंगलवार को विद्युत आपूर्ति तीन घंटे के लिए बंद रहेगी। विद्युत वितरण कंपनी ने द्वारा लालघाटी उपकेंद्र से संचालित 11 केवी दुपाड़ा रोड फीडर पर यह शटडाउन सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक रहेगा। यह विद्युत कटौती 33 केवी मूलाखेड़ी फीडर पर आवश्यक रखरखाव और तकनीकी कार्यों के कारण की जा रही है। इस निर्धारित शटडाउन से दुपाड़ा रोड, श्रीकृष्ण कॉलोनी, काशीनगर, पुलिस लाइन, विद्युत कॉलोनी, सेवा क्षेत्र, श्री सिनेमा हॉल और आसपास के इलाकों में बिजली आपूर्ति प्रभावित होगी। विद्युत वितरण कंपनी के अनुसार, यह कार्य बिजली व्यवस्था को अधिक सुरक्षित और सुचारु बनाने के उद्देश्य से किया जा रहा है। कंपनी ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे निर्धारित समय को ध्यान में रखते हुए अपने आवश्यक कार्य पहले ही निपटा लें। यदि तकनीकी कार्य निर्धारित समय से पहले पूरा हो जाता है, तो बिजली आपूर्ति शीघ्र बहाल कर दी जाएगी। हालांकि, कार्य की प्रगति के अनुसार शटडाउन की अवधि में परिवर्तन भी संभव है।
बलौदाबाजार जिले के पलारी थाना क्षेत्र के ग्राम सकरी में 30 वर्षीय युवक ने अपने कमरे में गमछे से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतक की पहचान राजेश साहू (30), पिता कुंजबिहारी साहू के रूप में हुई है। वह अविवाहित था और गांव में अपने बुजुर्ग दादा तथा छोटे भाई के साथ रहता था। उसके माता-पिता रायपुर में रहकर काम करते हैं। शराब पीने का था आदी जानकारी के अनुसार, राजेश शराब पीने का आदी था। रविवार रात उसने अपने कमरे में गमछे से फांसी लगा ली। आशंका है कि उसने रात का खाना भी नहीं खाया था। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा डॉ. पंकज वर्मा ने बताया कि युवक की मौत फांसी लगाने से हुई है। पोस्टमार्टम में उसके पेट में भोजन नहीं मिला। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। हर पहलू से जांच कर रही पुलिस पलारी पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस पारिवारिक विवाद, शराब की लत और मानसिक तनाव सहित सभी पहलुओं की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
खवासा में रेत का अवैध भंडारण:ओवरलोड वाहन से बाजना रोड पर हादसों का खतरा बढ़ा
झाबुआ के खवासा नगर में रेत का अवैध कारोबार और ओवरलोड वाहनों की बेखौफ आवाजाही गंभीर चिंता का विषय बन गई है। इन भारी वाहनों के कारण आमजन की सुरक्षा खतरे में है, वहीं बाजना-बामनिया बायपास पर रेत के कथित अवैध भंडारण ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय निवासियों के अनुसार, नगर के बाजना-बामनिया बायपास मार्ग पर सर्वे नंबर 830 पर बड़ी मात्रा में रेत का भंडारण किया गया है। यह सर्वे नंबर गोवर्धन पन्नालाल चौहान के नाम दर्ज है। आरोप है कि गोवर्धनलाल और उनके पुत्र लोकेंद्र चौहान इसी स्थान से रेत का अवैध कारोबार कर रहे हैं। मौके पर लगे एक बोर्ड पर लोकेंद्र चौहान का नाम और मोबाइल नंबर अंकित है, जिसमें रेत, गिट्टी और जेसीबी सेवाओं की उपलब्धता का दावा किया गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस भंडारण के लिए न तो पंचायत से कोई अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) लिया गया है और न ही कोई वैध लाइसेंस प्राप्त किया गया है। सरकारी नियमों के तहत, रेत के व्यावसायिक भंडारण के लिए लाइसेंसिंग प्राधिकरण से वैध लाइसेंस अनिवार्य है। इसके अतिरिक्त, रेत ले जाने वाले प्रत्येक वाहन के पास सरकार द्वारा जारी वैध 'अभिवहन पारपत्र' (रवन्ना) होना चाहिए और सभी भारी वाहनों में जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम लगा होना आवश्यक है। खवासा की सड़कों पर दौड़ रहे वाहन इन नियमों का खुलेआम उल्लंघन कर रहे हैं। नगरवासियों की सुरक्षा सबसे बड़ी चिंता का विषय है। व्यस्त मार्गों से गुजरने वाले ये ओवरलोड डंपर स्कूली बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और दोपहिया वाहन चालकों के लिए बड़ा खतरा पैदा कर रहे हैं। तेज रफ्तार और अनियंत्रित भार के कारण किसी भी समय बड़ी दुर्घटना होने की आशंका बनी हुई है। इस संबंध में स्थानीय पटवारी दिनेश राणा से बात की गई। उन्होंने बताया कि रेत भंडारण के लाइसेंस की जानकारी खनिज विभाग से संपर्क करने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि वे इस मामले की जानकारी अपने उच्च अधिकारियों को देंगे और जांच करवाएंगे।
मोतिहारी शहर में एक फर्जी सिपाही को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी पिछले दस दिनों से बापूधाम रेलवे स्टेशन पर वर्दी पहनकर ड्यूटी कर रहा था। पुलिस को सूचना मिलने के बाद नगर थानाध्यक्ष राजीव रंजन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे हिरासत में ले लिया। गिरफ्तार युवक की पहचान राजेपुर थाना क्षेत्र के इस्माइल गांव निवासी शंभू राम के पुत्र पवन कुमार के रूप में हुई है। पुलिस पूछताछ में यह खुलासा हुआ कि पवन खुद भी नौकरी के नाम पर ठगी का शिकार हुआ था। पहले महाराष्ट्र में करता था मजदूरी पवन कुमार ने पुलिस को बताया कि वह पहले महाराष्ट्र में मजदूरी करता था। इसी दौरान उसकी मां की मुलाकात पताही निवासी हरेंद्र राम से हुई थी। हरेंद्र ने उसकी मां को भरोसा दिलाया कि उसके पटना सचिवालय में संपर्क हैं और वह सिपाही की नौकरी लगवा सकता है। सिपाही की नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी इस झांसे में आकर पवन की मां ने उसे घर बुला लिया। इसके बाद पवन अपनी बहन के साथ मुजफ्फरपुर में रहकर तैयारी करने लगा। कुछ समय बाद हरेंद्र राम उसे पटना ले गया, जहां उसकी मुलाकात बासुदेव राम और उसकी पत्नी से कराई गई। यहां उससे सिपाही की नौकरी के लिए चार लाख रुपये की मांग की गई।पवन ने बताया कि उसने एक लाख रुपये फोन के माध्यम से और बाकी नकद राशि देकर कुल चार लाख रुपये का भुगतान किया था। मुजफ्फरपुर से मोतिहारी आकर ड्यूटी करता था लगभग 15 दिन पहले उसे बताया गया कि उसकी नौकरी लग गई है और उसे मोतिहारी के बापूधाम रेलवे स्टेशन पर ड्यूटी करने के लिए भेज दिया गया। इसके बाद वह प्रतिदिन मुजफ्फरपुर से मोतिहारी आकर ड्यूटी करता और वापस लौट जाता था। पवन का कहना है कि उसे पूरा विश्वास हो गया था कि वह सच में पुलिसकर्मी बन चुका है और गांव में भी इसकी चर्चा होने लगी थी।
झांसी में सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई, जबकि महिला समेत 4 लोग घायल है। सभी रिश्तेदार के घर में आयोजित धार्मिक अनुष्ठान में शामिल होकर कार से घर लोट रहे थे। रास्ते में कार डिवाइडर से टकरा गई। चारों घायलों को मेडिकल कॉलेज में भर्ती करवाया गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। हादसा रविवार देर रात करीब 2 बजे ललितपुर हाइवे पर बबीना थाना क्षेत्र के बेदौरा चौराहा के पास हुआ है। मौसेरी बहन के घर गया था मृतक की पहचान नीलू पाल (35) पुत्र मुलायम पाल के रूप में हुई है। वह मध्य प्रदेश के दतिया जिले के पंडोखर थाना क्षेत्र के कुतौली गांव का रहने वाला था। मृतक के चचेरे भाई अखिलेश पाल ने बताया- मेरा भाई नीलू खेती किसानी करता था। उसके दो बेटे मन्नू (7) और बाबू (2) हैं। 11 जुलाई को नीलू अपने मामा के घर अमरोख गांव गया था। वहां से धार्मिक अनुष्ठान में शामिल होने के लिए मौसेरी बहन के घर ललितपुर चला गया। रविवार देर रात 1 बजे नीलू अपने मौसेरे भाई संतोष और अन्य के साथ कार से घर लौट रहा था। रास्ते में बेदौरा चौराहे के पास कार असंतुलित होकर डिवाइडर से टकरा गई। चार घायलों को मेडिकल कॉलेज रेफर किया हादसे में नीलू, संतोष (42), भोले यादव (50), मालती (34) और मिथलेश (32) घायल हो गए। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंच गई। आसपास के लोगों की मदद से घायलों को बबीना सीएचसी लाया गया। जहां पर इलाज के दौरान नीलू की मौत हो गई। बाकी चार घायलों को मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। जहां उनका इलाज चल रहा है।
सिरसा के नाथूसरी कलां और चौपटा गांवों के ग्रामीणों ने चुनाव ड्यूटी के दौरान जेबीटी शिक्षक हरपाल सिंह के साथ हुई मारपीट और दुर्व्यवहार के मामले में एसपी सिरसा दीपक सहारण से मुलाकात की। ग्रामीणों ने एसपी को बताया कि इस घटना के 2 दिन बाद आरोपी की पत्नी ने शिक्षक पर दबाव बनाने के लिए सिरसा के महिला थाने में एक शिकायत दर्ज कराई है। ग्रामीणों ने इन आरोपों को 'पूरी तरह झूठा और मनगढ़ंत' बताया। ग्रामीणों के अनुसार, पीड़ित शिक्षक हरपाल सिंह 10 जुलाई को सुबह लगभग 11:00 बजे अपने सहायक दीपक कुमार के साथ सरकारी ड्यूटी पर थे। वे भारत निर्वाचन आयोग के आदेशानुसार बूथ नंबर 73, नाथूसरी कलां में मतदाताओं के घर-घर जाकर एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) के तहत फॉर्म वितरित कर रहे थे और उन्हें ऑनलाइन करने का कार्य कर रहे थे। शिक्षक के साथ अभद्र और अमर्यादित दुर्व्यवहार किया इसी दौरान, नाथूसरी कलां निवासी आरोपी धर्मवीर मोठिया ने सरकारी कार्य में बाधा डाली। उसने शिक्षक हरपाल सिंह के साथ अभद्र और अमर्यादित दुर्व्यवहार किया। इसके बाद आरोपी ने शिक्षक के साथ मारपीट की, जिससे उन्हें चोटें आईं और उनके कपड़े भी फाड़ दिए गए। इस संबंध में पुलिस थाना नाथूसरी चौपटा में आरोपी धर्मवीर मोठिया के खिलाफ एफआईआर नंबर 0149 (दिनांक 10/07/2026) के तहत भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि चुनाव जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण और संवेदनशील राष्ट्रीय कार्य में लगे एक शिक्षक के साथ सरेआम इस प्रकार की मारपीट और गुंडागर्दी की घटना से समस्त शिक्षक समाज में भारी रोष, भय और असुरक्षा का माहौल व्याप्त है। ऑन ड्यूटी सुरक्षित नहीं रहेंगे निर्वाचन अधिकारी यदि राष्ट्र निमार्ता और निर्वाचन अधिकारी ही ऑन ड्यूटी सुरक्षित नहीं रहेंगे, तो कोई भी शिक्षक निर्भिक होकर शासकीय कर्तव्यों का पालन नहीं कर पाएगा। अत: राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ आपसे न्यायोचित मांग करता है कि सरकारी कर्मचारी पर ड्यूटी के दौरान हमला करने वाले और उल्टा उन्हीं अध्यापक पर झूठी शिकायत करने वाले तत्वों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी असामाजिक तत्व सरकारी कर्मचारी को निशाना बनाने की हि मत न कर सके। ये ग्रामीण रहें मौजूद ग्रामीणों में सरपंच प्रतिनिधि जगतपाल कासनियां, समाजसेवी रघुबीर कड़वासरा, पूर्व सरपंच रणजीत कासनियां, पूर्व सरपंच प्रदीप सिंह, सुरेंद्र कासनियां, बलराम कासनियां, अनिल कासनियां, मास्टर पाला राम, अनिल कुमार, बंसीलाल, नेकी राम, मांगेराम नाई, जेपी कड़वासरा और सेठी कासनियां शामिल थे।
नर्मदा में नाव संचालन पर प्रशासन सख्त:सुरक्षा अनदेखी हो रही, नगर पालिका इंजीनियर को नोटिस
मंडला में नर्मदा नदी में ओवरलोड नावों के संचालन और सुरक्षा नियमों की अनदेखी के बाद जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर राहुल नामदेव धोटे ने टीएल बैठक में निर्देश दिए कि वर्षाकाल में सहस्त्रधारा सहित जिले के सभी जलाशयों में नौका संचालन और फिशिंग गतिविधियां पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगी। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को नौकाओं की फिटनेस जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि बढ़े हुए जलस्तर के बावजूद नियमों के विरुद्ध नावों का संचालन गंभीर लापरवाही मानी जाएगी। इसी कड़ी में, नगर पालिका इंजीनियर जयप्रकाश डहरिया को नियम विरुद्ध नौका संचालन पर प्रभावी कार्रवाई न करने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर ने बताया कि बारिश के मौसम में जलस्तर और नदी का बहाव बढ़ने से नाव संचालन लोगों के जीवन के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। इसलिए, जिले में वर्षाकाल तक नौका संचालन और फिशिंग पर पूर्ण प्रतिबंध का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। उल्लेखनीय है कि हाल ही में नर्मदा में क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाकर नाव संचालन, सुरक्षा उपकरणों की कमी और मनमानी किराया वसूली जैसे मामले सामने आए थे। इन्हीं शिकायतों के बाद जिला प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए यह कार्रवाई की है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को झारखंड मंत्रालय में अधिकारियों की उपस्थिति में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के कार्य प्रगति की उच्चस्तरीय समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से विभाग द्वारा संचालित योजनाओं, बजटीय प्रावधानों औी घोषणाओं की कार्य प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड (GSCC) स्कीम के तहत उच्च शिक्षा ग्रहण करने के लिए अब तक 2888 पात्र स्टूडेंट्स को ऋण उपलब्ध कराए जाने पर विभाग की सहमति मिली है, जिसमें 243 छात्र-छात्राओं के बीच 64 करोड़ रुपए राशि का ऋण विभिन्न बैंकों द्वारा उपलब्ध कराया गया है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कल्याण विभाग से समन्वय स्थापित कर गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड स्कीम के तहत अधिक से अधिक पात्र स्टूडेंट्स को ऋण उपलब्ध कराएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिविल एविएशन विभाग से समन्वय स्थापित कर दुमका फ्लाइंग इंस्टीट्यूट में दाखिला लेने वाले अभ्यर्थियों को भी योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर विशेष कार्य योजना बनाएं। बैठक में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के मंत्री सुदिव्य कुमार भी मौजूद रहे। स्कॉलरशिप योजनाओं का लाभ तेजी से पहुंचाने पर जोर मुख्यमंत्री ने उच्च एवं तकनीकी शिक्षा द्वारा संचालित विद्यार्थी कल्याण से जुड़ी 'गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना', मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा पारदेशीय छात्रवृत्ति योजना, मानकी मुंडा छात्रवृत्ति योजना सहित स्कॉलरशिप स्कीम से जुड़ी सभी योजनाओं का लाभ छात्र-छात्राओं तक तेजी से पहुंचाने पर जोर दिया। शीघ्र झारखंड विश्वविद्यालय सेवा आयोग को कार्यरत करें मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अगले 15 दिनों के अंदर झारखंड विश्वविद्यालय सेवा आयोग को कार्यरत करें। मुख्यमंत्री ने शैक्षणिक वर्ष 2026-27 से लाइव ऑनलाइन क्लास के माध्यम से राज्य के विश्वविद्यालय में अध्यनरत छात्र-छात्राओं को शिक्षा प्रदान करने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश अधिकारियों को दिया। मुख्यमंत्री को अधिकारियों ने अवगत कराया कि इस संबंध में विभाग द्वारा तैयारी की गई है और पायलट प्रोजेक्ट के रूप में प्रथम चरण में झारखंड रक्षा शक्ति विश्वविद्यालय एवं बीबीएमके धनबाद से यह पहल शुरू की जा रही है, इसकी पूर्ण तैयारी की जा चुकी है। कोचिंग रेगुलेटरी अथॉरिटी को सक्रिय करने का निर्देश मुख्यमंत्री ने हायर एजुकेशन एवं रोजगारपरक कोचिंग के लिए 15 दिन के अंदर कोचिंग रेगुलेटरी अथॉरिटी को पूर्ण रूप से कार्यरत करने का निर्देश अधिकारियों को दिया। बीआईटी सिंदरी बनेगी नई Unitary University मुख्यमंत्री एवं अधिकारियों के बीच विचार-विमर्श के उपरांत बी.आई.टी. सिंदरी को Unitary University के रूप में अपग्रेड के लिए सहमति प्रदान की गई। मुख्यमंत्री ने तकनीकी एजुकेशन ट्रांसफॉर्मेशन के तहत बी.आई.टी. सिंदरी की संपूर्ण डिजिटल प्रजेंटेशन तैयार करने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने इस पर जल्द विभागीय प्रक्रियाओं को पूरा करने का निर्देश अधिकारियों को दिया। तकनीकी शिक्षा क्लस्टर होगी तैयार बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि राज्य के भीतर चिन्हित जिलों में तकनीकी शिक्षा क्लस्टर तैयार किए जाएं, विभागीय अधिकारियों द्वारा जानकारी दी गई की राज्य के 9 जिले पलामू, गिरिडीह, रामगढ़, गुमला, रांची, जमशेदपुर, बोकारो, गोड्डा एवं साहिबगंज में तकनीकी कलेक्टर बनाए जाने की कार्ययोजना प्रस्तावित है, जल्द इस योजना को मूर्त रूप दिया जाएगा। व्यावसायिक शिक्षा को दृष्टिगत रखते हुए कोर्स का संचालन करना आवश्यक मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि सभी राजकीय पॉलिटेक्निक महाविद्यालय को झारखंड इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी तथा राजकीय प्रौद्योगिकी महाविद्यालयों को बिरसा इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के रूप में विकसित कर वहां एनआईआईटी एवं आईआईटी के तर्ज पर इमर्जिंग टेक्नोलॉजी, टेक्सटाइल डिजाइन एंड मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स एंड शिपिंग तथा इलेक्ट्रॉनिक व्हीकल एवं सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग की पढ़ाई प्रारंभ करें ताकि आने वाले समय में इन कोर्स माध्यम से युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार के अवसर प्रदान किए जा सकें। बीआईटी एवं जेआईटी को चलाने के किए बनेगी नई सरकारी सोसाइटी मुख्यमंत्री ने राज्य में काउंसिल फॉर इंस्टीट्यूट्स ऑफ एमिनेंस की स्थापना करते हुए आईआईटी के तर्ज पर गवर्निंग काउंसिल, रीजनल कलेक्टर एवं इंडस्ट्रियल गवर्निंग बॉडी गठित किए जाने का निर्देश दिया। राज्य में रोबोटिक्स फेस्टिवल की शुरुआत मुख्यमंत्री के समक्ष अधिकारियों ने जानकारी दी कि राज्य के उच्च और तकनीकी शिक्षण संस्थानों के छात्रों के लिए पहली बार झारखंड रोबोटिक्स फेस्टिवल की शुरुआत हुई है। इसका उद्देश्य युवाओं को एआई और रोबोटिक्स जैसी आधुनिक तकनीकों में आगे बढ़ाना है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि इस तरह स्कीमों के सभी पहलुओं पर गंभीरता से अध्यन कर योजनाओं का मूल्यांकन करते हुए आगे बढ़ने की आवश्यकता है।
आगरा कैंट स्टेशन पर डिप्टी SS से हुई मारपीट विवाद मामले में रेलवे प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। सोमवार को जांच टीम मौके पर पहुंची और घटना वाले प्लेटफार्म पर लगे सीसीटीवी कैमरों का DVR कब्जे में ले लिया। अब फुटेज के आधार पर पूरे घटनाक्रम को खंगाला जाएगा। रेलवे सूत्रों के मुताबिक जांच टीम सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो की भी बारीकी से जांच कर रही है। इसी वीडियो के बाद मामला तूल पकड़ा था। इसके अलावा जिस महिला की वजह से विवाद शुरू हुआ, उस महिला से भी संपर्क साधने की कोशिश की जा रही है। जांच टीम महिला के बयान दर्ज करेगी ताकि घटना की असल वजह और पूरा घटनाक्रम साफ हो सके। वहीं पीड़ित डिप्टी SS ने अपना मेडिकल भी कराया है। मेडिकल रिपोर्ट को भी जांच में शामिल किया जाएगा। इधर इस पूरे विवाद के बीच सोमवार को रेलवे GM का संभावित दौरा भी था। लेकिन वे आगरा न आकर पास के टूंडला स्टेशन से ही लौट गए। रेलवे कर्मियों का कहना है कि अगर GM आगरा आते तो उन्हें कल हुए विवाद को लेकर मीडिया के सवालों का जवाब देना पड़ता। इसी वजह से उनका दौरा टाल दिया गया। जांच के लिए रेलवे ने तीन सदस्यीय टीम गठित की है। इसमें मंडल परिचालन प्रबंधक, मंडल विद्युत इंजीनियर और मंडल सुरक्षा RPF के अधिकारी शामिल हैं। टीम DVR की फुटेज, वायरल वीडियो और महिला के बयान के आधार पर रिपोर्ट तैयार करेगी। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की विभागीय कार्रवाई तय की जाएगी। फिलहाल स्टेशन पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है और कर्मचारियों को संयम बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
बड़वानी जिले के राजपुर में सोमवार को भाजपा महिला मोर्चा की नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष एडवोकेट अश्विनी परांजपे का प्रथम आगमन हुआ। इस अवसर पर नगर परिषद मांगलिक भवन में एक विशाल महिला संवाद सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें जिले भर से सैकड़ों महिला कार्यकर्ता और लाड़ली बहनें उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता, पंडित दीनदयाल उपाध्याय और डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी के चित्रों पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। जिला मीडिया प्रभारी सुनील भावसार ने बताया कि मंच पर प्रदेश सोशल मीडिया प्रभारी सारिका उपाध्याय, प्रशिक्षण प्रभारी शिवानी अडंसपुरकर, पूर्व विधायक चंद्रभागा किराड़े, पूर्व जिलाध्यक्ष लक्ष्मी शर्मा और नप ठीकरी अध्यक्ष पूजा जायसवाल सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद थे। मुख्य अतिथि अश्विनी परांजपे ने अपने संबोधन में कहा कि भाजपा एकात्म मानववाद के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचारों पर चलते हुए अंत्योदय को समर्पित है। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी को एकमात्र ऐसा दल बताया जिसने दुनिया को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जैसा विश्व नेता दिया है। परांजपे ने मध्य प्रदेश सरकार की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पहले जहां बेटी के जन्म पर मातम मनाया जाता था, वहीं भाजपा सरकार की लाड़ली लक्ष्मी योजना ने इसे उत्सव में बदल दिया है। बेटियों की शिक्षा और सुरक्षा को प्राथमिकता देने से समाज का नजरिया बदला है। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का मंत्र देते हुए उन्होंने छोटे-छोटे स्व-सहायता समूह बनाकर घरेलू उत्पाद तैयार करने और सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर आजीविका सुदृढ़ करने की सलाह दी। उन्होंने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को प्रधानमंत्री मोदी का दूरदर्शी निर्णय बताया, जो पंचायत से लेकर संसद तक महिलाओं को नेतृत्व का अवसर देगा। अंत में, अश्विनी परांजपे ने सभी महिलाओं से एकजुट होकर प्रधानमंत्री के हाथ मजबूत करने की अपील की। इस अवसर पर प्रदेश उपाध्यक्ष अंजना पटेल ने कहा कि 33 प्रतिशत महिला आरक्षण देकर प्रधानमंत्री ने नारी शक्ति को राजनीतिक अधिकारिता प्रदान की है। उन्होंने यह भी बताया कि डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश की महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बन रही हैं।
महेंद्रगढ़ जिले में नारनौल के निकटवर्ती गांव कोरियावास निवासी तथा सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) में हेड कांस्टेबल के पद पर कार्यरत कृष्ण कुमार का बीमारी के चलते निधन हो गया। उनका सोमवार को उनके पैतृक गांव में पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीण, रिश्तेदार और अन्य लोग शामिल हुए। इस दौरान ग्रामीणों ने तिरंगा यात्रा निकालकर देश की सेवा में समर्पित जवान को श्रद्धांजलि अर्पित की। पूरे गांव में माहौल गमगीन रहा। पिछले 20 दिनों से चल रहे थे बीमार परिजनों के अनुसार करीब 55 वर्षीय कृष्ण कुमार यादव वर्तमान में पंजाब के अमृतसर में बीएसएफ में तैनात थे। पिछले लगभग 20 दिनों से उनकी तबीयत खराब चल रही थी। उन्हें रक्तचाप (बीपी) और मधुमेह (शुगर) संबंधी परेशानी के चलते अमृतसर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उपचार के दौरान उनका निधन हो गया। अंतिम दर्शन करने उमड़ी भीड़ सोमवार को जैसे ही उनका पार्थिव शरीर गांव कोरियावास पहुंचा, अंतिम दर्शन के लिए ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी। लोगों ने पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इसके बाद बीएसएफ के जवानों ने पूरे सैन्य सम्मान के साथ उन्हें अंतिम सलामी दी। राष्ट्रध्वज में लिपटे पार्थिव शरीर को सम्मानपूर्वक अंतिम यात्रा के लिए ले जाया गया, जहां पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। रिटायरमेंट के बचे थे 2 साल ग्रामीणों ने बताया कि कृष्ण कुमार यादव अपने मिलनसार स्वभाव के थे। उन्होंने लंबे समय तक सीमा सुरक्षा बल में सेवाएं दीं और देश की सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान निभाया। उनकी सेवा अवधि के अभी लगभग दो साल बाकी थे, जिसके बाद वह सेवानिवृत्त होने वाले थे। लेकिन इससे पहले ही उनके निधन की खबर ने परिवार और गांव को गहरे सदमे में डाल दिया। दो बच्चों के पिता था कृष्ण कुमार कृष्ण कुमार यादव अपने पीछे पत्नी, एक पुत्र और एक पुत्री का भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके पुत्र और पुत्री दोनों विवाहित हैं। उनके निधन से पूरे गांव में शोक की लहर है। ग्रामीणों ने कहा कि देश ने एक समर्पित जवान और गांव ने अपना सम्मानित बेटा खो दिया है।
परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं की सेहत का ख्याल रखने के लिए विशेष तैयारी की गई है। इन्हें स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से ‘माई हेल्थ वर्ल्ड’ नाम की नई पुस्तक तैयार की गई है। जिसे स्कूलों में पढ़ाया जाएगा। यह किताब हिंदी और अंग्रेजी दोनों में है। ऐसे बच्चे जो मोबाइल के साथ ज्यादा समय बीता रहे हैं, उनकी मोबाइल स्क्रीन टाइम कम करने में यह बुक मदद करेगी।मोबाइल पर स्क्रीन टाइम के संतुलित प्रयोग की भी जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय व मान्यता प्राप्त स्कूलों के छात्रों को भी जंक फूड के दुष्प्रभाव के बारे में समझाने का प्रयास किया जाएगा। स्कूलों में पहुंचा दी गई हैं किताबें BSA भूपेंद्र सिंह ने बताया कि यह किताब स्कूलों को पहुंचा दी गई है। इस किताब की खास बात यह है कि चित्रों के माध्यम से सरल व रोचक ढंग से बच्चों को स्वास्थ्य से संबंधित जानकारियां दी गई हैं। बच्चों को संतुलित व पौष्टिक आहार लेने, नियमित शारीरिक व्यायाम, योग व खेलकूद के महत्व के बारे में जागरूक किया जाएगा। साथ ही बच्चों को डिजिटल उपकरणों के सुरक्षित व बेहतर प्रयोग, पर्याप्त नींद लेने के फायदे के बारे में भी जागरूक किया जाएगा। इसके अलावा बैगलेस डे के दौरान स्वास्थ्य और पोषण विषय पर पोस्टर निर्माण, चित्रकला, भाषण, नाटक, निबंध, प्रश्नोत्तरी, रोल-प्ले, स्किट तथा विज्ञान गतिविधियों सहित अन्य कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
सूरजपुर जिले केओड़गी थाना क्षेत्र के गोविंदपुर गांव में तीन दिन से लापता दयासिंह का शव घर के पास स्थित कुएं में मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से शव बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिजनों के अनुसार दयासिंह पिछले तीन दिनों से लापता थे। लगातार तलाश के बाद सोमवार को घर के पास स्थित कुएं में उनका शव दिखाई दिया, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पत्नी का पहले हो चुका है निधन ग्रामीणों ने बताया कि दयासिंह की पत्नी का पहले ही निधन हो चुका था। अब उनकी मौत के बाद उनकी मासूम बेटी अनाथ हो गई है। घटना से पूरे गांव में शोक का माहौल है। पुलिस कर रही हर पहलू की जांच एडिशनल एसपी योगेश कुमार देवांगन ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है और मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि मामला दुर्घटना, आत्महत्या या किसी अन्य कारण से जुड़ा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
भगवान जगन्नाथ 14 दिनों बाद कल मंगलवार को सुबह 10 बजे श्वेत वस्त्र धारण कर नवयौवन रूप में भक्तों को दर्शन देंगे। स्वस्थ होने के बाद वह परवल के जूस, मिठाई आदि व्यंजनों का भोग ग्रहण करेंगे। दिनभर दर्शन-पूजन होगा। अगले दिन 15 जुलाई को उल्लास के माहौल में भगवान भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ डोली में सवार होकर नगर भ्रमण पर निकलेंगे और इसके साथ ही 16 जुलाई से तीन दिवसीय रथयात्रा मेले का शुभारंभ हो जाएगा। मंदिर के पुजारी पं. राधेश्याम पांडेय ने बताया कि मंगलवार को सुबह प्रभु का शृंगार कर श्वेत वस्त्र धारण कराया जाएगा। उनको परवल के जूस और परवल की मिठाई सहित अन्य व्यंजनों का भोग लगाया जाएगा। मंगला आरती के साथ ही भगवान नवयौवन रूप में भक्तों को दर्शन देंगे। यह सिलसिला देर रात नौ बजे शयन आरती तक चलेगा। 15 जुलाई को निकलेगी डोली यात्रा 15 जुलाई को भी प्रभु का शृंगार और मंगला आरती के बाद दर्शन शुरू होगा, जो दोपहर 12 बजे तक चलेगा। दोपहर तीन बजे आचमन व आरती के बाद डोली यात्रा निकलेगी जो विभिन्न मोहल्लों से होकर करीब साढ़े पांच बजे तक रथयात्रा स्थित बेनीराम बाग पहुंचेगी। इसके साथ ही मेला स्थल पर पहुंचे रथ की विधिवत पूजा होगी। 108 ध्वज संग निकलेंगे महाप्रभु भगवान जगन्नाथ डोली यात्रा के दौरान मलमल के कपड़े पर बैठेंगे। डमरू दल के साथ भक्त 108 ध्वज लहराते हुए प्रभु की अगुवाई में रथयात्रा मेले के लिए निकलेंगे। पहली बार पुरी शंकराचार्य की परंपरा अनुसार पुरी पीठ की वाराणसी शाखा के साधु-संत डोली की सफाई और गंगाजल से पवित्र और पुष्पवर्षा करेंगे। इसके बाद प्रभु को मलमल के कपड़े पर आसीन कराया जाएगा। डोली को उठाने के लिए परंपरा अनुसार आठ कहार रहेंगे।
SDM को थप्पड़ मारने वाले नरेश मीणा को फिर जेल जाना होगा। टोंक के SC-ST कोर्ट ने SDM थप्पड़कांड केस में नरेश मीणा को हाईकोर्ट से मिली जमानत को सोमवार को रद्द कर दिया। जज आरती माहेश्वरी ने माना कि हाईकोर्ट ने नरेश मीणा को सशर्त जमानत दी थी, लेकिन उन्होंने जेल से बाहर आने के बाद उन शर्तों का पालन नहीं किया। अब नरेश मीणा की गिरफ्तारी के लिए वारंट जारी होगा। दरअसल, झालावाड़ स्कूल हादसे में 7 बच्चों की मौत के बाद नरेश मीणा धरने पर बैठे थे। इस पर पुलिस ने उनको गिरफ्तार किया था। नगरफोर्ट थाना पुलिस ने इसी को आधार बनाकर नरेश मीणा की जमानत रद्द करने के लिए कोर्ट में एप्लिकेशन लगाई थी। नरेश मीणा बोले- बीजेपी जॉइन कर लेता तो सब सही हो जाताहाईकोर्ट से मिली जमानत रद्द होने पर नरेश मीणा ने कहा- मैं कोर्ट के फैसले का सम्मान करता हूं। फैसले की कॉपी आने के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी। लेकिन यह तो सच है कि मैं बीजेपी जॉइन कर लेता तो सब सही हो जाता। उन्होंने कहा- बड़े-बड़े गुनाह करके बीजेपी में जाने वाले सभी नेता पाक साफ हो जाते हैं। मैं जनता के हक के लिए कानून के दायरे में संघर्ष कर रहा हूं, यह बीजेपी को सहन नहीं हो रहा है। कोर्ट को गुमराह कर रही है पुलिसनरेश मीणा ने कहा- नगर फोर्ट थाना पुलिस ने झालावाड़ स्कूल हादसे में जान गंवाने वाले 7 बच्चों के परिजनों से मिलने जाने के दौरान हुई मेरी गिरफ्तारी को हाईकोर्ट की जमानत का उल्लंघन मानकर टोंक SC-ST कोर्ट प्रार्थना पत्र पेश किया। उन्होंने कहा- अगर पुलिस पीड़ित परिवार से मिलने जाने पर ही हाईकोर्ट की जमानत का उल्लंघन मानकर कोर्ट को गुमराह करेगी तो फिर संविधान की परिभाषा ही बदल जाएगी। मुझे लगता है कि सिस्टम पर सत्ता का दबाव था। बीजेपी अहंकारी, गरीब, असहाय, मजदूर, किसान, युवा वर्ग के खिलाफ है। SDM को खरोंच तक नहीं आई, जानलेवा हमले का मामला दर्ज कियानरेश मीणा ने कहा- सरकार और पुलिस की तानाशाही इस बात को दर्शाती है कि देवली-उनियारा सीट पर उपचुनाव के दौरान समरावता गांव में मतदान के बहिष्कार होने के बाद भी SDM अमित चौधरी ने जबरन वोट दिलाया। मैंने गुस्से में आकर महज एक थप्पड़ मारा था और उसके एक खरोंच तक नहीं आई, लेकिन मेरे ऊपर जानलेवा हमले का मामला दर्ज किया गया था। सरकार ने सिस्टम पर दबाव बनाकर 9 महीने तक जमानत नहीं होने दी। अब सिलसिलेवार समझिए क्या था पूरा मामला... पढ़ें थप्पड़कांड से जुड़ी ये खबर भी… थप्पड़कांड पर नरेश मीणा बोले-आवेश में आकर घटना हुई,अफसोस है:25 साल से राजनीति में हूं, बड़ा पद नहीं मिलने से निराश था DM को थप्पड़ मारने वाले नरेश मीणा ने कहा- वह घटना (थप्पड़कांड और समरावत हिंसा) जो हुई थी, वह तात्कालिक थी। पूरी खबर पढ़ें…
पाली कलेक्ट्रेट के बाहर 'पिंक' धरना जारी:आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका बोलीं-स्थायी करो, मानदेय बढ़ाओ
पाली कलेक्ट्रेट के बाहर सोमवार को पिंक साड़ी पहने सैकड़ों आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिकाएं धरने पर डटी रहीं। जिलेभर से यहां बड़ी तादाद में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिकाएं पहुंचीं और धरने में शामिल हुई। इस दौरान स्थायी करने, मानदेय बढ़ाने और ग्रेच्युटी देने की मांगें दोहराई गई। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिकाओं ने जमकर नारेबाजी की। उन्होंने कहा- जब तक मांगों का समाधान नहीं होगा तब तक धरना जारी रहेगा। ये हैं प्रमुख मांगें इसके अलावा महिला पर्यवेक्षकों के आरक्षित पदों को आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से भरने, 1 हजार नए पद सृजित करने और 3 से 6 वर्ष के बच्चों के लिए ग्रीष्मकालीन अवकाश 30 जून तक करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल की गई।
पन्ना जिले के देवेंद्रनगर में 12 जुलाई की देर रात शराब के अत्यधिक नशे में एक 26 वर्षीय युवक ने अपने घर की छत से छलांग लगा दी। इस हादसे में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया है, जिसकी हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है। नशे में खो बैठे थे मानसिक संतुलन घायल युवक की पहचान देवेंद्रनगर निवासी सोनू चौधरी पिता बेटू लाल के रूप में हुई है। परिजनों के मुताबिक, 12 जुलाई की देर रात सोनू ने अत्यधिक मात्रा में शराब पी रखी थी। नशे का स्तर इतना ज्यादा था कि वह अपना मानसिक संतुलन खो बैठा और घर की पहली मंजिल की छत पर जाकर अचानक नीचे कूद गया। सिर पर आई गंभीर चोट, मौके पर मची अफरा-तफरी छत से सीधे जमीन पर गिरने के कारण सोनू के सिर में गंभीर चोटें आईं और वह लहूलुहान होकर बेहोश हो गया। इस अचानक हुई घटना से परिवार और पड़ोस के लोगों में हड़कंप मच गया। परिजनों ने तुरंत खून से लथपथ सोनू को संभाला और इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल लेकर भागे। हालत गंभीर, जिला अस्पताल किया गया रेफर सोमवार को युवक की गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल पन्ना के लिए रेफर कर दिया है। डॉक्टरों के अनुसार, अंदरूनी और सिर की चोटों की वजह से युवक की हालत लगातार नाजुक बनी हुई है। इस घटना की जानकारी स्थानीय पुलिस को दे दी गई है।
बरेली में सीएम ग्रिड योजना के तहत सड़क चौड़ीकरण अभियान में सोमवार को नगर निगम का बुलडोजर शहर के प्रतिष्ठित जीआरएम स्कूल पहुंचा। निगम ने दो बुलडोजरों की मदद से स्कूल की करीब 15 फीट बाउंड्रीवॉल महज 10 मिनट में ध्वस्त कर दी। यह कार्रवाई कोहाड़ापीर से कुदेशिया फाटक तक प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत की गई। नगर निगम के अनुसार सीएम ग्रिड फेज-02 के तहत इस मार्ग को करीब 80 फीट चौड़ा किया जाना है। इसी कारण सड़क की जद में आ रहे अतिक्रमण हटाए जा रहे हैं। 65 साल पुरानी दीवार, यहीं लगता था होली मिलन मेला जिस बाउंड्रीवॉल को हटाया गया, उसे करीब 65 वर्ष पुराना बताया जा रहा है। इसी परिसर में वर्षों से शहर का प्रसिद्ध होली मिलन मेला आयोजित होता रहा है, जिसमें विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता, सामाजिक संगठन और व्यापारिक संस्थाएं हिस्सा लेती रही हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार यह दीवार शहर की पहचान का हिस्सा बन चुकी थी। जीआरएम स्कूल के मीडिया प्रभारी रजनीश त्रिवेदी ने बताया कि बाउंड्रीवॉल गिराए जाने के बाद विद्यार्थियों की सुरक्षा को देखते हुए नैनीताल रोड शाखा में कक्षा 4 से 12 तक की पढ़ाई 14 और 15 जुलाई के लिए स्थगित कर दी गई है। हालांकि द्वितीय बोर्ड के विद्यार्थियों की पीटी-1 परीक्षाएं पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जारी रहेंगी। नगर निगम बोला- दो बार नोटिस दिया, कार्रवाई नहीं हुई नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने बताया कि सीएम ग्रिड फेज-02 के अंतर्गत कोहाड़ापीर पेट्रोल पंप से जीआरएम स्कूल होते हुए कुदेशिया पुल और सूद धर्म कांटा तक समेकित विकास एवं उन्नयन कार्य चल रहा है। इस दौरान स्कूल की बाउंड्रीवॉल सड़क की जद में पाई गई थी। उन्होंने बताया कि नगर निगम ने पहले बाउंड्रीवॉल को चिह्नित कर प्रबंधन को नोटिस जारी किया और स्वयं अतिक्रमण हटाने के लिए पर्याप्त समय दिया। इसके बाद दोबारा नोटिस और वार्ता के माध्यम से भी बाउंड्रीवॉल हटाने के निर्देश दिए गए, लेकिन 12 जुलाई तक स्कूल प्रबंधन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके चलते परियोजना प्रभावित हो रही थी। सड़क निर्माण का रास्ता हुआ साफ नगर आयुक्त के अनुसार सोमवार को करीब 15 फीट क्षेत्र में अतिक्रमण की श्रेणी में आ रही बाउंड्रीवॉल हटाकर सड़क निर्माण का रास्ता साफ किया गया है, ताकि सीएम ग्रिड परियोजना का कार्य बिना किसी बाधा के आगे बढ़ाया जा सके।
मुरादाबाद में रामगंगा नदी में प्रेमी जोड़े के छलांग लगाने के मामले में दो दिन बाद भी रहस्य बरकरार है। घटना के करीब 28 घंटे बाद युवक तुषार का शव बरामद हो गया, लेकिन युवती का अब तक कोई सुराग नहीं मिला है। सोमवार देर शाम पोस्टमार्टम के बाद शव घर पहुंचा तो परिजनों ने एंबुलेंस को कटघर थाने के बाहर रोककर प्रदर्शन किया और मामले में हत्या की आशंका जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की। परिजनों का आरोप है कि प्रेमी जोड़े के नदी में कूदने की कहानी सही नहीं है। उनका दावा है कि तुषार की उसके कुछ दोस्तों ने साजिश के तहत हत्या की है और घटना को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई है। पुल पर बाइक, खून के निशान और आखिरी मैसेज जानकारी के अनुसार, तुषार ने घटना से पहले अपने ताऊ के मोबाइल पर संदेश भेजा था, जिसमें लिखा था, ताऊ, मैं मरने जा रहा हूं। बाइक पुल पर खड़ी है, दूसरी चाबी लेकर आ जाना। इसके बाद पुलिस और एसडीआरएफ की टीमों ने रामगंगा नदी में तलाश अभियान शुरू किया। इसी दौरान पुल पर खड़ी तुषार की बुलेट बाइक के पास खून के निशान मिलने की बात भी सामने आई। सूचना पर एसपी सिटी ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस अब मोबाइल संदेश, घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और अन्य तकनीकी तथ्यों के आधार पर जांच कर रही है। परिजनों ने दो दोस्तों पर लगाया हत्या का आरोप मृतक के परिजनों ने तुषार के दो दोस्तों पर हत्या का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि यदि कोई युवती भी उसके साथ नदी में कूदी होती, तो दो दिन बाद भी उसका कोई सुराग न मिलना कई सवाल खड़े करता है। मृतक की मौसी ने आरोप लगाया कि पूरे मामले में झूठी कहानी गढ़ी जा रही है और पुलिस को सच्चाई सामने लानी चाहिए। पुलिस बोली- सभी पहलुओं पर हो रही जांच पुलिस ने परिजनों की तहरीर लेकर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की जा रही है। जांच पूरी होने और सभी साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद ही घटना की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी।
मधेपुरा के ग्वालपाड़ा प्रखंड के पड़ोकिया गांव में एक किशोरी के बैंक खाते में अचानक 759 करोड़ रुपये से अधिक की राशि दिखाई देने से कुछ देर के लिए परिवार में खुशी और हैरानी का माहौल बन गया। हालांकि, बाद में बैंक ने इसे तकनीकी गड़बड़ी बताते हुए स्पष्ट किया कि यह केवल सॉफ्टवेयर की त्रुटि है और ग्राहकों को घबराने की आवश्यकता नहीं है। देखें, मौके से आई तस्वीरें… सिलसिलेवार पढ़ें,पूरा मामला… AEPS के माध्यम से 800 रुपये की निकासी की मामला ग्वालपाड़ा प्रखंड के पड़ोकिया वार्ड संख्या-8 का है। यहां निवासी अनिल दास की 17 वर्षीय बेटी रूपा कुमारी का सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में माइनर अकाउंट है। शनिवार को रूपा ने आधार सक्षम भुगतान प्रणाली (AEPS) के माध्यम से एक सीएसपी केंद्र से 800 रुपये की निकासी की। लेनदेन सफल होने के बाद मिली रसीद में खाते का शेष बैलेंस 7,59,69,51,951.16 रुपये दर्ज था। परिजन बोले- बेटी का सामान्य माइनर अकाउंट रसीद में इतनी बड़ी राशि देखकर रूपा और उसके परिजन हैरान रह गए। कुछ समय के लिए उन्हें लगा कि शायद खाते में किसी कारणवश भारी रकम जमा हो गई है। परिजनों के अनुसार, यह एक सामान्य माइनर अकाउंट है, जिसमें आमतौर पर बहुत कम राशि रहती है। इससे पहले इस खाते से दो बार 5-5 हजार रुपये की निकासी की जा चुकी है। कोई तकनीकी गड़बड़ी या धोखाधड़ी तो नहीं रसीद में 800 रुपये की निकासी, बैंक का नाम और सफल ट्रांजेक्शन की जानकारी सही दर्ज थी, लेकिन बैलेंस के स्थान पर 759 करोड़ रुपये से अधिक की राशि दिखाई दे रही थी। घटना के बाद पूरे गांव में इसकी चर्चा शुरू हो गई। परिवार ने बैंक से सही बैलेंस की जानकारी देने के साथ यह आशंका भी जताई कि कहीं खाते में कोई तकनीकी गड़बड़ी या धोखाधड़ी तो नहीं हुई है। असामान्य राशि या गलत बैलेंस से सावधान इस संबंध में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, बिहारीगंज शाखा के सहायक शाखा प्रबंधक अनिमेष अंशु ने बताया कि दो-तीन दिन पहले बैंक के सॉफ्टवेयर सिस्टम का अपडेट किया गया है। इसी वजह से कुछ खातों में गलत बैलेंस प्रदर्शित हो रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पूरी तरह तकनीकी समस्या है और अगले दो से तीन कार्य दिवस के भीतर स्वतः ठीक हो जाएगी। बैंक ने ग्राहकों से अपील की है कि यदि खाते में किसी भी प्रकार की असामान्य राशि या गलत बैलेंस दिखाई दे, तो अफवाहों पर भरोसा न करें और सीधे बैंक शाखा से संपर्क कर अपने खाते की वास्तविक स्थिति की पुष्टि करें।
संगरूर जिले में पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने एक ट्रक से 16 किलोग्राम चूरा पोस्त बरामद कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार, सहायक थानेदार रघबीर सिंह अपनी टीम के साथ नरवाना रोड, खनौरी में संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की जांच के लिए गश्त कर रहे थे। इसी दौरान नरवाना की ओर से एक ट्रक आता दिखाई दिया। पुलिस ने टॉर्च की मदद से ट्रक को रुकने का इशारा किया। आरोपी ने की भागने की कोशिश ट्रक चालक ने वाहन रोक दिया, लेकिन वह घबराकर मौके से भागने का प्रयास करने लगा। पुलिस कर्मियों ने तुरंत उसे काबू कर लिया। पूछताछ में चालक ने अपनी पहचान हरजिंदर सिंह निवासी पातड़ा, जिला पटियाला के रूप में बताई। ट्रक की कंडक्टर सीट पर बैठे व्यक्ति ने अपना नाम सुखविंदर सिंह उर्फ सुख्खा निवासी वार्ड नंबर-2, पातड़ा, जिला पटियाला बताया। इसके बाद पुलिस ने ट्रक की तलाशी ली। तलाशी के दौरान चालक की सीट के पीछे कंबल के नीचे रखे एक प्लास्टिक के थैले से 16 किलोग्राम भुक्की चूरा पोस्त बरामद हुई। बरामदगी के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर ट्रक को कब्जे में ले लिया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। मामले की जांच जारी है और पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बरामद नशीला पदार्थ कहां से लाया गया था और इसे किस स्थान पर पहुंचाया जाना था। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस तस्करी के पीछे कोई बड़ा गिरोह तो सक्रिय नहीं है। पुलिस का कहना है कि नशा तस्करी में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और ऐसे तत्वों के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिले के चिरमिरी में जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र द्वारा शासकीय पॉलिटेक्निक एवं आईटीआई में अग्निवीर वायु भर्ती कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें युवाओं को भारतीय वायु सेना में करियर और अग्निवीर वायु भर्ती प्रक्रिया की जानकारी दी गई। भारतीय वायु सेना भर्ती कार्यालय भोपाल के अधिकारियों ने विद्यार्थियों को वायु सेना की गौरवशाली परंपरा, राष्ट्र सुरक्षा में उसकी भूमिका और अनुशासन व देशसेवा के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि वायु सेना युवाओं को सम्मानजनक करियर, आधुनिक तकनीक के साथ काम करने और उत्कृष्ट प्रशिक्षण का अवसर देती है। भर्ती प्रक्रिया की दी पूरी जानकारी कार्यशाला में अग्निवीर वायु भर्ती की शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा, शारीरिक एवं चिकित्सीय मानक, लिखित परीक्षा, ऑनलाइन आवेदन, शारीरिक दक्षता परीक्षा, दस्तावेज सत्यापन और मेडिकल परीक्षण सहित चयन प्रक्रिया के सभी चरणों की विस्तार से जानकारी दी गई। बेहतर तैयारी के दिए सुझाव अधिकारियों ने विद्यार्थियों को गणित, विज्ञान और अंग्रेजी विषयों की अच्छी तैयारी करने, नियमित शारीरिक फिटनेस बनाए रखने और अनुशासित जीवनशैली अपनाने की सलाह दी। साथ ही भर्ती से जुड़ी जानकारी केवल भारतीय वायु सेना की आधिकारिक वेबसाइट और अधिकृत माध्यमों से लेने की अपील की। प्रश्नों के दिए विस्तृत जवाब कार्यशाला के दौरान प्रश्नोत्तर सत्र भी आयोजित किया गया। विद्यार्थियों ने भर्ती प्रक्रिया, प्रशिक्षण, वेतन, सेवा अवधि, पदोन्नति और उच्च शिक्षा के अवसरों से जुड़े सवाल पूछे, जिनका अधिकारियों ने विस्तार से जवाब दिया। जिला रोजगार अधिकारियों ने बताया कि ऐसी कार्यशालाओं का उद्देश्य युवाओं को सही करियर मार्गदर्शन देना और उन्हें सशस्त्र सेनाओं में सेवा के लिए प्रेरित करना है।
सतना में जिला पंचायत सदस्य सोमवार को भ्रष्टाचार और पक्षपात के खिलाफ धरने पर बैठ गए। सदस्यों ने जिला पंचायत सीईओ कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करते हुए डीएमएफ मद, 15वें वित्त, 5वें वित्त और अन्य अनियमितताओं को लेकर नारेबाजी की। इस दौरान मुख्य कार्यपालन अधिकारी शैलेंद्र सिंह को एक ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में पिछले चार वर्षों से पंचायत के भीतर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और पक्षपात होने के आरोप लगाए गए हैं। इसमें सीधे तौर पर जिला पंचायत अध्यक्ष और उनके करीबियों पर सरकारी खजाने और विकास मदों की राशि में अनियमितता बरतने का आरोप है। ज्ञापन के अनुसार, पिछले चार वर्षों से जिला पंचायत के अंतर्गत आने वाले सभी विकास मदों में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं बरती जा रही हैं। आरोप है कि कुछ खास सदस्यों को करोड़ों रुपये की राशि आवंटित की गई, जबकि कई अन्य सदस्यों के क्षेत्रों में कोई राशि नहीं मिली। इस भेदभावपूर्ण रवैये के कारण अधिकांश सदस्य अब सामान्य सम्मेलन की बैठकों से भी अनुपस्थित रहने लगे हैं। पिछली डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन (DMF) कार्ययोजना में वार्ड क्रमांक 08 में लगभग 52 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई थी। इसके विपरीत, जानवी यादव, लक्ष्मी मवासी, पूजा गुर्जर, विमला कोल, एकता सिंह, मंजू लता सिंह और सावित्री त्रिपाठी जैसे सदस्यों के क्षेत्रों में उनकी मंशानुसार एक भी कार्य स्वीकृत नहीं किया गया। सदस्यों ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी से मांग की है कि आगामी सामान्य सम्मेलन की बैठक से पहले इन तमाम विषयों की विस्तृत जानकारी और सभी जिला पंचायत क्षेत्रों में हुए कार्यों का पूरा ब्योरा पटल पर रखा जाए।
बूंदी में स्मार्ट मीटर लगाने के विरोध में सोमवार को किसानों और कांग्रेस समर्थकों ने 'हुंकार जन आंदोलन' किया। इस दौरान प्रशासन ने पानी की बौछार कर लोगों को रोकने का प्रयास किया। इससे पहले आजाद पार्क में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता इकट्ठा हुए और जिला कलेक्टर ऑफिस के घेराव के लिए लिए कूच कर दिया। रैली में कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता, जिला और ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के सदस्य और महिला कांग्रेस कमेटी की कार्यकर्ता शामिल थे। प्रदर्शनकारियों को अहिंसा सर्किल पर रोका प्रदर्शनकारियों को पुलिस प्रशासन ने अहिंसा सर्किल पर रोक दिया। इस दौरान अशोक चांदना ने बिजली विभाग के अधिकारियों से स्मार्ट मीटर को लेकर वार्ता की। वार्ता सफल नहीं होने पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारे लगाए और प्रदर्शन तेज कर दिया। जब कार्यकर्ताओं ने जिला कलेक्टर कार्यालय का घेराव करने का प्रयास किया, तो पुलिस प्रशासन ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। चांदना बोले- किसानों की मांगों को अनसुना नहीं कर सकते पूर्व मंत्री और हिंडोली विधायक अशोक चांदना ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि किसानों की मांगों को अनसुना नहीं किया जा सकता। स्मार्ट मीटर से किसानों को आर्थिक और तकनीकी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। किसानों के साथ लगातार भाजपा सरकार धोखा कर रही है। स्मार्ट मीटर की योजना लाकर किसानों के बिल के बोझ को बढ़ा दिया गया है। जिससे किसान आर्थिक तंगी से जूझ रहा है। केंद्र सरकार ने युवाओं का भविष्य बिगड़ने की कोशिश किया-आज कई युवा साइबर फ्रॉड के चंगुल में बसता जा रहा है, लेकिन उसे बचाने का कोई भी प्लान सरकार के पास नहीं है। चांदना ने घोषणा की कि वे इस मुद्दे को विधानसभा में उठाएंगे और स्मार्ट मीटर के खिलाफ राजस्थान में एक बड़ा आंदोलन खड़ा करेंगे। कांग्रेस पार्टी हमेशा किसानों के साथ खड़ी है। किसान और नेता प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया को रोका जाए और किसानों की चिंताओं पर खुलकर चर्चा कर समाधान निकाला जाए, ताकि उन्हें आर्थिक बोझ न झेलना पड़े। प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने केंद्र और राज्य सरकार की बिजली नीतियों और भाजपा पर भी सवाल उठाए। रैली शांतिपूर्ण रही, हालांकि पुलिस ने हालात पर नजर बनाए रखी और मौके से कुछ लोगों को हिरासत में लिया।
भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने सोमवार को धार में कलेक्टर कार्यालय पर किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर एक ज्ञापन सौंपा। इसमें किसानों की नियमित बैठकें आयोजित करने और खाद व्यवस्था में सुधार सहित कई महत्वपूर्ण मांगें रखी गईं। ज्ञापन में मांग की गई कि कलेक्टर कार्यालय में वर्ष में चार बार और एसडीएम व तहसीलदार के साथ वर्ष में चार बार किसान संगठनों एवं किसानों की नियमित बैठकें आयोजित की जाएं। इसके अतिरिक्त, ई-टोकन व्यवस्था समाप्त कर किसानों को उनके रकबे के अनुसार खाद उपलब्ध कराने की मांग भी शामिल थी। किसानों ने फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले घोडारोज को पकड़कर जंगलों में छोड़ने का भी आग्रह किया। ग्राम खंडीगारा में बीज अंकुरित न होने से फसल बर्बाद होने के मामले में किसान प्रहलाद द्वारा कीटनाशक का सेवन करने पर भी यूनियन ने कठोर कार्रवाई और उचित हर्जाना दिलवाने की मांग की। भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष राकेश सोलंकी ने बताया कि ज्ञापन में 17 जुलाई को मुख्यमंत्री के सरदारपुर दौरे पर किसानों की समस्याओं को लेकर उन्हें ज्ञापन देने की अनुमति मांगी गई है। साथ ही, आहु से सिलोदा मार्ग पर चामला पुलिया निर्माण कार्य के कारण किसानों को खेतों तक पहुंचने में हो रही समस्या के समाधान की भी मांग रखी गई। ज्ञापन सौंपते समय बड़ी संख्या में किसान और यूनियन के पदाधिकारी मौजूद थे।
कोटपूतली में जयपुर ग्रामीण सांसद राव राजेंद्र सिंह की अध्यक्षता में सोमवार शाम को जिला कलेक्टर सभागार में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुंडावर विधायक ललित यादव, जिला कलेक्टर अपर्णा गुप्ता सहित अन्य जनप्रतिनिधि और विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। सांसद बोले-विकास कार्यों की निगरानी होगी सुनिश्चित सांसद राव राजेन्द्र सिंह ने बताया-दिशा बैठक का मुख्य उद्देश्य केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना और विकास कार्यों की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे योजनाओं की वास्तविक और अद्यतन प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करें। साथ ही सभी विकास कार्यों को निर्धारित समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करें। पेयजल और बिजली व्यवस्था को लेकर दिए निर्देश बैठक में पेयजल व्यवस्था की समीक्षा करते हुए सांसद ने जलदाय विभाग को आमजन को किसी भी प्रकार की पेयजल समस्या का सामना न करने देने के निर्देश दिए। विद्युत विभाग की समीक्षा के दौरान उन्होंने निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। सार्वजनिक निर्माण विभाग की समीक्षा करते हुए सांसद ने क्षेत्र में स्वीकृत एवं प्रगतिरत सड़क निर्माण कार्यों, उनकी गुणवत्ता, प्रगति और कार्यदायी एजेंसियों की स्थिति की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने एनएचएआई को निर्देश दिए कि एनएच-48 पर आमजन की सुविधा के अनुसार ओवरब्रिज, फ्लाइओवर, अंडरपास, फुटब्रिज और कट्स का निर्माण किया जाए। विकास योजनाओं की प्रगति पर हुई चर्चा इसके अतिरिक्त, बैठक में स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, बैंकिंग, स्वच्छता, आवास, उद्योग, पशुपालन, राजीविका तथा महिला एवं बाल विकास विभागों की योजनाओं की भी समीक्षा की गई। शिक्षा विभाग को विद्यालयों में आधारभूत सुविधाएं सुदृढ़ करने, कृषि विभाग को मृदा परीक्षण एवं फसल बीमा योजनाओं के प्रति किसानों को जागरूक करने तथा एलडीएम को बैंकिंग एवं जनधन योजनाओं का लाभ अधिकाधिक पात्र लोगों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए। पीएम आवास योजना (ग्रामीण), स्वामित्व योजना, विश्वकर्मा योजना, स्वनिधि योजना, वीबी-ग्राम, श्रम कार्ड, एनएफएसए, उद्योग एवं राजीविका सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति पर भी चर्चा हुई। विधायक समेत कई अधिकारी रहे मौजूद मुंडावर विधायक ललित यादव ने बैठक में अपने क्षेत्र की समस्याओं और विकास संबंधी सुझाव प्रस्तुत किए। इस अवसर पर एसडीएम कोटपूतली योगेश देवल, अलवर सरस डेयरी के चेयरमैन नितिन सांगवान, एसीईओ जयपुर ब्रजमोहन गुप्ता एवं साधना शर्मा सहित कई अन्य विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे।

