बोकारो में स्कूल से चोरी हुए टैबलेट का खुलासा:पुलिस ने 17 LED टीवी और 10 टैबलेट के साथ दो चोर पकड़े
बोकारो जिले की चंद्रपुरा पुलिस ने स्कूल से चोरी हुए टैबलेट मामले का खुलासा किया है। पुलिस ने इस संबंध में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से विभिन्न थाना क्षेत्रों से चोरी किए गए 17 एलईडी टीवी और 10 टैबलेट बरामद किए गए हैं। दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। बोकारो एसपी हरविंदर सिंह ने शुक्रवार को चंद्रपुरा थाना परिसर में बताया कि 4 मार्च को राजकीयकृत गवर्नमेंट सेकेंडरी स्कूल जुनौरी से 9 टैबलेट चोरी हो गए थे। ये टैबलेट बच्चों की पढ़ाई के लिए सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए बेरमो इंस्पेक्टर सह डीएसपी नवल किशोर सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। इस टीम में तकनीकी शाखा बोकारो और चंद्रपुरा थाना प्रभारी अजय कुमार सिंह शामिल थे। जांच के दौरान पुलिस ने हरला थाना क्षेत्र के महुआर गांव निवासी करण कुमार रजवार उर्फ भोलू को गिरफ्तार किया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने 17 एलईडी टीवी और 1 टैबलेट बरामद किया। पूछताछ में करण ने बताया कि चोरी की घटनाओं में उसका साथी बैधमारा गांव निवासी सागर कुमार भी शामिल है। इसके बाद पुलिस ने छापेमारी कर सागर कुमार को भी गिरफ्तार कर लिया। उसकी निशानदेही पर उसके घर से 9 टैबलेट बरामद किए गए। इस प्रकार कुल 17 एलईडी टीवी और 10 टैबलेट बरामद हुए। पुलिस के अनुसार, बरामद एलईडी टीवी हरला, जरीडीह, पेटरवार और नावाडीह थाना क्षेत्रों में हुई विभिन्न चोरी की घटनाओं से संबंधित हैं। दोनों आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि आर्थिक तंगी और कर्ज चुकाने के लिए वे चोरी करते थे। वे चोरी के सामान को बेचकर कर्ज चुकाते और अपना खर्च चलाते थे। पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।
महिला आयोग सदस्य ने सुनीं 20 शिकायतें:प्रतापगढ़ में घरेलू हिंसा, दहेज समेत कई मामलों पर हुई जनसुनवाई
उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य प्रतिभा कुशवाहा ने शुक्रवार को प्रतापगढ़ के विकास भवन सभागार में महिला उत्पीड़न से संबंधित मामलों की जनसुनवाई की। इस दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आई महिलाओं ने अपनी समस्याएं आयोग के समक्ष रखीं और कुल 20 शिकायतें दर्ज की गईं। सुनवाई के दौरान सदस्य प्रतिभा कुशवाहा ने घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, संपत्ति विवाद, कार्यस्थल पर शोषण, मानसिक उत्पीड़न के साथ-साथ पेंशन और आवास योजनाओं से जुड़े मामलों को गंभीरता से सुना। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को सभी शिकायतों का निष्पक्ष, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने यह भी कहा कि कार्रवाई की जानकारी शिकायतकर्ता को भी उपलब्ध कराई जाए। कुशवाहा ने जोर देकर कहा कि महिलाओं को उनके अधिकार दिलाना और उन्हें सुरक्षित वातावरण प्रदान करना आयोग की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को महिला उत्पीड़न के मामलों में संवेदनशीलता से कार्रवाई करने के लिए कहा, ताकि पीड़ितों को शीघ्र न्याय मिल सके। जनसुनवाई में कुछ मामलों का मौके पर ही समाधान कर दिया गया। वहीं, कई मामलों में संबंधित पुलिस थानों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए और अधिकारियों को लंबित मामलों की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए समय-सीमा निर्धारित की गई। इस अवसर पर प्रतिभा कुशवाहा ने महिलाओं से उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार के उत्पीड़न से डरने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि कानून और महिला आयोग हर पीड़ित महिला के साथ खड़ा है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य) के पांच लाभार्थियों को प्रमाण पत्र और मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (कोविड-19) के अंतर्गत पांच लाभार्थियों को लैपटॉप वितरित किए गए। इसके अतिरिक्त, बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के पांच लाभार्थियों को प्रशस्ति पत्र भी प्रदान किए गए। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी को जहां आवश्यकता हो वहां पिंक शौचालय की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा सहायक श्रमायुक्त को ईंट भट्ठों पर कार्य करने वाली महिलाओं के लिए शौचालय की व्यवस्था कराने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों के साथ बैठक कर दिए दिशा-निर्देशजनसुनवाई के बाद महिला आयोग की सदस्य ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर महिलाओं की सुरक्षा, समस्याओं के समाधान और कल्याण से जुड़े विषयों पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने निर्देश दिया कि जनपद में आयोजित होने वाले महिला जागरूकता कार्यक्रमों की सूचना अनिवार्य रूप से महिला आयोग को दी जाए, ताकि आयोग भी इन कार्यक्रमों में सहभागिता कर सके।उन्होंने पिछले तीन महीनों में महिला उत्पीड़न से जुड़े मामलों की कार्रवाई और निस्तारण की विस्तृत रिपोर्ट आयोग को उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए। साथ ही शिक्षा विभाग को विद्यालयों में मिड-डे-मील की गुणवत्ता और स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने को कहा।नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी को जहां आवश्यकता हो वहां पिंक शौचालय की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा सहायक श्रमायुक्त को ईंट भट्ठों पर कार्य करने वाली महिलाओं के लिए शौचालय की व्यवस्था कराने के निर्देश दिए गए।
फिरोजाबाद में डीआईजी शैलेश कुमार पांडे ने जनपद का निरीक्षण किया और पुलिस अधिकारियों के साथ शुक्रवार को समीक्षा बैठक की। उन्होंने कानून व्यवस्था और पुलिस सेवाओं को बेहतर बनाने के निर्देश दिए। डीआईजी ने कहा कि आम जनता को प्रभावी पुलिस सेवाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता है और जनसुनवाई को अधिक पारदर्शी बनाया जाएगा। निरीक्षण के दौरान, डीआईजी ने क्षेत्राधिकारियों (सीओ) और इंस्पेक्टरों के साथ बैठक कर कानून व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने ग्रामीण स्तर पर सूचना तंत्र को मजबूत करने के लिए चौकीदार सम्मेलन आयोजित करने पर भी चर्चा की। डीआईजी ने पुलिस लाइन की विभिन्न शाखाओं का भी जायजा लिया और व्यवस्थाओं का मूल्यांकन किया। उन्होंने पुलिस पेंशनर्स के साथ बैठक कर उनकी समस्याएं सुनीं और उनके अनुभवों को पुलिस व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण बताया। आगामी त्योहारों जैसे ईद, चैत्र नवरात्रि और रामनवमी के मद्देनजर, डीआईजी ने शांतिपूर्ण आयोजन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि पीस कमेटी की बैठकें पहले ही हो चुकी हैं और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी के साथ पुख्ता सुरक्षा इंतजाम किए जाएंगे। डीआईजी ने जनपदवासियों से त्योहारों को आपसी सौहार्द और शांति के साथ मनाने की अपील की। इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सौरभ दीक्षित सहित अन्य पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।
पन्ना-कटनी मार्ग पर स्थित शाहनगर बस स्टैंड पर एक बड़ा हादसा टल गया। सड़क पर बने गहरे गड्ढों के कारण एक स्कूटी सवार बुजुर्ग अनियंत्रित होकर चलते ट्रक के सामने जा गिरे। ट्रक चालक की सूझबूझ से बुजुर्ग की जान बच गई। यह घटना 12 मार्च की शाम को हुई थी, जिसका वीडियो 13 मार्च को वायरल हुआ। शाहनगर-देवरी रोड स्थित बस स्टैंड पर उस समय यातायात का भारी दबाव था। सामने से आ रहे एक ट्रक के पास से गुजरते समय स्कूटी सवार बुजुर्ग का संतुलन सड़क के गड्ढे की वजह से बिगड़ गया। वीडियो में देखा जा सकता है कि बुजुर्ग अपनी स्कूटी से सामान्य गति में जा रहे थे। जैसे ही स्कूटी एक गहरे गड्ढे में आई, वह अनियंत्रित होकर सीधे ट्रक की ओर गिर पड़ी। बुजुर्ग ट्रक के पिछले पहिए से महज 2 फीट की दूरी पर गिरे। यदि ट्रक की रफ्तार थोड़ी भी अधिक होती या गिरने का समय एक सेकंड भी आगे-पीछे होता, तो परिणाम गंभीर हो सकते थे। इस घटना के बाद स्थानीय निवासियों में प्रशासन के खिलाफ गहरा गुस्सा है। लोगों का कहना है कि शाहनगर बस स्टैंड पर लंबे समय से गड्ढे बने हुए हैं। कई बार शिकायतें करने के बावजूद लोक निर्माण विभाग और संबंधित ठेकेदारों ने पैच वर्क तक नहीं कराया है। आए दिन यहां दोपहिया वाहन चालक गिरकर चोटिल हो रहे हैं। सड़क नहीं, 'मौत का जाल' है स्थानीय निवासी गजेंद्र सिंह ने बताया कि यह सड़क नहीं, 'मौत का जाल' है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या प्रशासन तब जागेगा जब कोई अपनी जान गंवा देगा? स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि इस सड़क का अविलंब डामरीकरण या मरम्मत कराई जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
बलरामपुर में गैस सिलेंडर की किल्लत:वकीलों ने डीएम को ज्ञापन सौंपकर समाधान मांगा
बलरामपुर में रसोई गैस सिलेंडर की किल्लत को लेकर अधिवक्ताओं ने शुक्रवार को रोष व्यक्त किया। उन्होंने जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपकर इस समस्या के शीघ्र समाधान की मांग की। कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने कहा कि जिले में गैस सिलेंडर की आपूर्ति पूरी तरह से अव्यवस्थित हो गई है, जिससे आमजन को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अधिवक्ताओं ने बताया कि पूरे जिले में गैस सिलेंडर की बुकिंग के बाद भी लोगों को घंटों लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है। इसके बावजूद कई बार उन्हें सिलेंडर उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। स्थिति यह है कि लोग सुबह चार बजे से ही गैस एजेंसियों के बाहर कतार में लग जाते हैं, लेकिन आपूर्ति सुचारू न होने के कारण उन्हें अक्सर खाली हाथ लौटना पड़ता है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि कई दिनों से गैस एजेंसियों के ऑनलाइन नंबरों पर भी बुकिंग संभव नहीं हो पा रही है, जिससे समस्या और गंभीर हो गई है। इस अव्यवस्था का असर छात्रों, व्यापारियों, अधिवक्ताओं और आम नागरिकों के दैनिक कार्यों पर पड़ रहा है। छात्रों को विद्यालय जाने में, व्यापारियों को अपने व्यापार में तथा अधिवक्ताओं को न्यायिक कार्यों में बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है। कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और महामंत्री ने जिलाधिकारी से मांग की कि जनपद में गैस सिलेंडर की आपूर्ति को पूर्व की भांति सुचारू रूप से बहाल किया जाए, ताकि आमजन को राहत मिल सके। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही समस्या का समाधान नहीं किया गया तो अधिवक्ता आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। ज्ञापन सौंपने के दौरान कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन के कई पदाधिकारी और अन्य अधिवक्ता मौजूद रहे।
कटनी में पिछले दिनों हुए मालगाड़ी हादसे को गंभीरता से लेते हुए रेलवे प्रशासन ने जांच तेज कर दी है। इसी सिलसिले में पश्चिम मध्य रेल (WCR) के महाप्रबंधक (GM) ने शुक्रवार को दुर्घटना स्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ तकनीकी पहलुओं पर चर्चा की। जल्द रिपोर्ट सौंपने के निर्देश निरीक्षण के दौरान महाप्रबंधक ने हादसे के कारणों को लेकर मौके पर मौजूद अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जांच प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा कर रिपोर्ट पेश की जाए ताकि भविष्य में ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। इस दौरान रेलवे बोर्ड द्वारा गठित विशेष जांच समिति के सदस्य भी उनके साथ मौजूद रहे। वर्तमान में SSE स्तर पर हो रही जांच जबलपुर मंडल के एडीआरएम (ADRM) आनंद कुमार ने बताया कि महाप्रबंधक का यह दौरा मुख्य रूप से नियमित निरीक्षण का हिस्सा था, लेकिन उन्होंने विशेष प्राथमिकता के साथ मालगाड़ी हादसे वाले स्थल का जायजा लिया। उन्होंने आगे जानकारी दी कि वर्तमान में हादसे की जांच एसएसई (SSE) स्तर पर की जा रही है। वास्तविक कारण जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएंगे। रेल यातायात पूरी तरह सामान्य हादसे के तुरंत बाद युद्धस्तर पर किए गए मरम्मत कार्यों के चलते रेलवे ट्रैक को बहाल कर दिया गया था। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, वर्तमान में इस रूट पर रेल यातायात पूरी तरह सुचारु है और सभी यात्री व मालगाड़ियां अपने निर्धारित समय से चल रही हैं।
डीग में जिला कांग्रेस कमेटी ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन राजीव सिंह, अध्यक्ष जिला कांग्रेस कमेटी डीग के नेतृत्व में लक्ष्मण मंदिर के नीचे, कामा रोड पर आयोजित किया गया। मुख्य विरोध रसोई गैस और कॉमर्शियल सिलेंडरों की कीमतों में वृद्धि तथा उनकी अनुपलब्धता को लेकर था। वक्ताओं ने बताया कि केंद्र सरकार ने घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में 60 रुपए और कॉमर्शियल सिलेंडर में 110 रुपए की बढ़ोतरी की है। इसके अतिरिक्त, शादी-विवाह जैसे सामाजिक कार्यक्रमों के लिए आवश्यक कॉमर्शियल सिलेंडरों की आपूर्ति बाधित होने से आम जनता को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। गैस सिलेंडरों की आपूर्ति के लिए लंबी कतारें लग रही हैं, जिससे समय, श्रम और धन की बर्बादी हो रही है। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार की विदेश नीति पर भी सवाल उठाए, यह आरोप लगाते हुए कि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण देश में ईंधन संकट व्याप्त हो गया है। उन्होंने बासमती चावल के निर्यात पर प्रतिबंध और मनरेगा योजना में कथित बदलावों का भी उल्लेख किया, जिससे रोजगार प्रभावित होने की बात कही गई। कांग्रेस नेताओं ने पिछली सरकारों के दौरान रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों की तुलना की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में रसोई गैस सिलेंडर लगभग 300 रुपए में उपलब्ध था, जबकि अब यह 1000 रुपए से अधिक में भी मुश्किल से मिल पा रहा है।
संभल में ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सत्यवान ने एक प्रेसवार्ता में किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर राष्ट्रव्यापी आंदोलन की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी फसलों का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है, जिससे उनका जीवन कठिन हो गया है। सत्यवान ने बताया कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद की व्यवस्था लागू नहीं की जा रही है। खेती से जुड़ी वस्तुओं की बढ़ती महंगाई, कर्ज का बोझ और रोजगार की कमी छोटे और मध्यम किसानों तथा खेत मजदूरों को बुरी तरह प्रभावित कर रही है। उन्होंने उत्तर प्रदेश के आलू उत्पादक किसानों का उदाहरण दिया, जिन्हें इस वर्ष लाभकारी मूल्य नहीं मिल पा रहा है, जिससे उन्हें भारी नुकसान हो रहा है। उन्होंने बिजली के लगातार बढ़ते दाम और किसानों पर प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष करों के बोझ पर भी चिंता व्यक्त की। खाद, बीज, कीटनाशक, कृषि औजार और डीजल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, जिससे खेती घाटे का सौदा बनती जा रही है। सत्यवान ने फसल खराब होने पर मिलने वाले अपर्याप्त और विलंबित मुआवजे का मुद्दा भी उठाया और किसानों के लिए बुढ़ापा पेंशन लागू करने की मांग की। किसान नेता ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को किसानों के लिए नुकसानदेह बताया। उनके अनुसार, इससे सस्ते विदेशी कृषि उत्पाद भारतीय बाजार में आ जाएंगे, जिससे घरेलू किसानों की उपज बेचना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने बिजली बिल 2025, बीज बिल 2025 और कृषि मार्केटिंग की राष्ट्रीय नीति को भी किसान विरोधी करार दिया। संगठन ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौता रद्द करने, मनरेगा कानून को बहाल करने, बिजली बिल 2025 और बीज बिल 2025 को वापस लेने की मांग को लेकर देशभर में किसान महापंचायतें आयोजित करने का ऐलान किया है। सत्यवान ने बताया कि 23 मार्च को भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव थापर के शहीदी दिवस को साम्राज्यवाद विरोधी दिवस के रूप में मनाया जाएगा। इसके अतिरिक्त, 1 अप्रैल को चार लेबर कोड वापस लेने की मांग को लेकर राष्ट्रव्यापी काला दिवस मनाया जाएगा। आंदोलन को मजबूत बनाने के लिए गांव-गांव में कमेटियां बनाने का संकल्प भी लिया गया है।
LDA पर महिला किसान की दीवार तोड़ने का आरोप:रसूलपुर का मामला, 2 बीघे में बनी थी बाउंड्रीवॉल
लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) पर महिला किसान के खेत की चहारदीवारी अवैध तरीके से तोड़ने का आरोप लगा है। मामला जोन-5 के ग्राम रसूलपुर का है। यहां जया देवी के दो बीघा खेत की सुरक्षा के लिए चहारदीवारी बनी थी। आरोप है कि रविवार को LDA की टीम पहुंची। बिना किसी पूर्व नोटिस के दीवार गिरा दी। जब जया के परिजन अमित सिंह मौके पर पहुंचे, तो टीम वहां से निकल चुकी थी। जब पीड़ित पक्ष ने अवर अभियंता (JE) प्रमोद पांडेय से सवाल किया, तो उन्होंने पल्ला झाड़ते हुए जोनल अधिकारी वंदना पांडेय का निर्देश बता दिया। जोनल अधिकारी ने अपनी गलती मानते हुए कह दिया 'गिराना तो पड़ोसी का अवैध निर्माण था, लेकिन गलती से आपकी दीवार गिर गई।'
पीथमपुर की सेक्टर एक थाना पुलिस ने अवैध शराब के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे एक स्थायी वारंटी को धरदबोचा है। पकड़ा गया आरोपी मदन, अकोलिया के मारीमाता टेकरी का रहने वाला है, जिसे पुलिस आज कोर्ट में पेश करने दोपहर 3 बजे धार ले गई है। पुलिस के मुताबिक, मदन अवैध शराब के एक पुराने मामले में पिछले तीन साल से कोर्ट में पेशी पर नहीं जा रहा था। बार-बार बुलाने के बाद भी जब वह नहीं पहुंचा, तो करीब दो महीने पहले कोर्ट ने उसके खिलाफ स्थायी वारंट जारी कर दिया। इसके बाद से ही पुलिस उसकी ताक में लगी हुई थी। घर पहुंचते ही चढ़ा पुलिस के हत्थे आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस ने अपने मुखबिरों को एक्टिव कर रखा था। 12 मार्च की रात पुलिस को पक्की खबर मिली कि मदन अपने घर आया हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम ने मारीमाता टेकरी इलाके में घेराबंदी की और मदन को गिरफ्तार कर लिया।
चित्रकूट में करोड़ों की लागत से नवनिर्मित राजाघाट गंदगी और प्रदूषण से जूझ रहा है। स्थिति ऐसी है कि घाट पर स्नान करना तो दूर, आचमन के लिए भी जगह नहीं है। बुंदेली सेना ने अब इस घाट को स्वच्छ और निर्मल बनाने के लिए एक व्यापक सफाई अभियान चलाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। बुंदेली सेना के जिलाध्यक्ष अजीत सिंह ने बताया कि लंबे समय से चली आ रही मांग के बाद नगर पालिका ने राजाघाट का निर्माण करोड़ों रुपये की लागत से कराया था। हालांकि, निर्माण के बाद अब नदी प्रदूषण और गंदगी से प्रभावित हो रही है। सिंह ने आगे बताया कि घाट की सीढ़ियों पर आचमन करना भी मुश्किल हो गया है। पूजन सामग्री विसर्जित करने वाले लोग भी घाट को प्रदूषित करने में पीछे नहीं हैं। उन्होंने पुलघाट की तर्ज पर इस घाट पर भी हवन पूजन सामग्री के लिए विसर्जन कुंड बनवाने की आवश्यकता पर जोर दिया। इसके अतिरिक्त, इंटेक वेल के पास जोड़ी गई नाली के गंदे पानी को भी अन्यत्र मोड़ने की जरूरत है, ताकि इंदौर जैसी किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके। बुंदेली सेना ने आम लोगों से नदी को साफ और स्वच्छ बनाने में सहयोग करने की अपील की है।
चित्रकूट कलेक्ट्रेट सभागार में शुक्रवार को उत्तर प्रदेश विधान परिषद की विशेषाधिकारी समिति की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इसकी अध्यक्षता गोविन्द नारायण शुक्ल ने की। बैठक में शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के सदस्य बाबूलाल तिवारी सहित जिले और मंडल के वरिष्ठ प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। सभापति गोविन्द नारायण शुक्ल ने बताया कि यह समिति विधानसभा की तर्ज पर 'मिनी सदन' के रूप में कार्य करेगी। इसमें जनप्रतिनिधियों के सम्मान और उनकी शिकायतों के त्वरित निस्तारण को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से जनप्रतिनिधियों के प्रति प्रोटोकॉल पालन पर सवाल किए। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि वीआईपी सेल के माध्यम से सुरक्षा और प्रोटोकॉल सुनिश्चित किया जा रहा है। हालांकि, सभापति ने पुलिस द्वारा फोन न उठाने और थानों-तहसीलों में जनता की सुनवाई कम होने पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने निर्देश दिए कि जनप्रतिनिधियों के पत्रों का समयसीमा में निस्तारण कर रिपोर्ट भेजी जाए। जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने समिति को बताया कि जनप्रतिनिधियों के पत्रों का तीन दिन के भीतर निस्तारण सुनिश्चित किया जा रहा है। कानून व्यवस्था की समीक्षा करते हुए पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने बताया कि डकैती, लूट और वाहन चोरी जैसे अपराधों में कमी आई है। उन्होंने साइबर अपराध को एक चुनौती बताते हुए इसके लिए विशेष भर्ती की मांग भी समिति के समक्ष रखी। विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान सड़कों की गुणवत्ता, विद्युत आपूर्ति, नलकूपों की स्थिति और सिंचाई व्यवस्था पर चर्चा हुई। लोक निर्माण विभाग ने 57 करोड़ रुपये के कार्यों की जानकारी दी, जिस पर सभापति ने स्थलीय निरीक्षण और गुणवत्ता जांच के निर्देश दिए। परिक्रमा मार्ग की स्वच्छता और कामदगिरी क्षेत्र में चल रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर भी प्रश्न उठाए गए। इसके अतिरिक्त, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षकों की छुट्टियों, अवैध कब्जों और दाखिल-खारिज मामलों की स्थिति पर भी विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक के समापन पर, सभापति ने जिलाधिकारी के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि जिले में सकारात्मक बदलाव दिखाई दे रहा है। जिलाधिकारी ने समिति को आश्वस्त किया कि सभी निर्देशों का समयबद्ध पालन किया जाएगा। बैठक में मंडल के विभिन्न जिलों के अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
मध्यप्रदेश में शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) अनिवार्य किए जाने को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। संचालक लोक शिक्षण भोपाल द्वारा जारी एक आदेश में कहा गया है कि लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों को भी आगे नौकरी जारी रखने के लिए TET परीक्षा पास करनी होगी। इस आदेश के बाद प्रदेशभर के शिक्षक संगठनों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। शासकीय शिक्षक संगठन का आरोप है कि यह आदेश विधिसम्मत प्रक्रिया का पालन किए बिना जारी किया गया है और इससे करीब डेढ़ लाख शिक्षकों के भविष्य पर अनावश्यक संकट खड़ा हो गया है। संगठन का कहना है कि 27 सालों से सेवा दे रहे शिक्षकों पर अचानक नई शर्त लागू करना न्यायसंगत नहीं है। इस निर्णय के विरोध में प्रदेश के सभी जिलों में विरोध प्रधर्शन किया जा रहा है। साथ ही, भोपाल कलेक्ट्रेट ऑफिस में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया है। 13 मार्च को राजधानी में शिक्षकों ने कलेक्टर कार्यालयों के सामने रैली, नारेबाजी और प्रदर्शन कर सरकार से इस आदेश को तुरंत रद्द करने की मांग की। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अन्य राज्यों की तरह मध्यप्रदेश सरकार को भी शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर करनी चाहिए। राजधानी भोपाल में संगठन के जिलाध्यक्ष राजेश साहू के नेतृत्व में शिक्षक कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां शिक्षकों ने रैली और प्रदर्शन कर अपना विरोध दर्ज कराया और मुख्यमंत्री के नाम का ज्ञापन कलेक्टर भोपाल में सौंपा। प्रदर्शन के दौरान संगठन के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष उपेन्द्र कौशल, जिलाध्यक्ष राजेश साहू और अन्य कर्मचारी-शिक्षक संगठनों के नेताओं ने सभा को संबोधित किया। इस दौरान शिक्षक नेता राकेश पटेल, राकेश पांडेय, सुभाष शर्मा और सतीश शर्मा सहित कई पदाधिकारियों ने सरकार से शिक्षकों की मांगों पर जल्द निर्णय लेने की अपील की। 29 मार्च को बैठक में तय करेंगे आंदोलन की रणनीतिउपेन्द्र कौशल ने कहा कि फिलहाल सरकार से शिक्षकों के हितों को ध्यान में रखते हुए ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई है। यदि एक सप्ताह के भीतर मांगों पर कोई कार्रवाई नहीं होती है, तो 29 मार्च को प्रदेश के सभी शिक्षक संगठनों की बैठक बुलाकर संयुक्त शिक्षक मोर्चा बनाया जाएगा और आगे बड़े आंदोलन की रणनीति घोषित की जाएगी। 28 मार्च तक सांसदों व विधायकों से लगाएंगे गुहार उपेन्द्र कौशल ने कहा कि 15 से 28 मार्च के बीच प्रदेशभर में सांसदों, विधायकों और अन्य जनप्रतिनिधियों को भी ज्ञापन सौंपे जाएंगे। इसके माध्यम से करीब 2 लाख शिक्षक परिवारों की नौकरी पर आए संकट को दूर करने की मांग उठाई जाएगी और केंद्र व राज्य सरकार से TET परीक्षा आदेश रद्द करने तथा सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर करने की अनुशंसा करने को कहा जाएगा। बिना शासन अनुमति के आदेश का आरोप संगठन का आरोप है कि लोक शिक्षण संचालनालय गौतम नगर भोपाल से जारी आदेश से स्पष्ट होता है कि इसे जारी करने से पहले राज्य सरकार, मंत्रिमंडल या सचिवालय स्तर पर कोई औपचारिक सलाह या अनुमति नहीं ली गई। शिक्षक संगठन का कहना है कि शासन की नीतियों के अनुसार ऐसे महत्वपूर्ण फैसलों के लिए उच्च स्तर पर अनुमोदन आवश्यक होता है, लेकिन इस मामले में संभवतः ऐसा नहीं किया गया। भर्ती के समय ऐसी शर्त नहीं थी शिक्षक संगठनों का कहना है कि प्रदेश के अधिकांश शिक्षक शिक्षाकर्मी और संविदा शिक्षक के रूप में नियुक्त हुए थे। उनकी नियुक्ति सर्वोच्च न्यायालय के आदेश और राज्य सरकार द्वारा बनाए गए शिक्षाकर्मी भर्ती अधिनियम 1997, शिक्षाकर्मी भर्ती अधिनियम 1998 तथा अध्यापक भर्ती अधिनियम 2008 के तहत हुई थी। इन सभी भर्ती नियमों और सेवा शर्तों में कहीं भी TET परीक्षा पास करना अनिवार्य नहीं बताया गया था। ऐसे में वर्षों बाद नई शर्त लागू करना नियमों के विपरीत बताया जा रहा है। सेवा शर्तों में बदलाव पर सवाल शिक्षक संगठन का कहना है कि सर्वोच्च न्यायालय ने भी अपने एक आदेश (सिविल अपील 2634/2013) में स्पष्ट किया है कि किसी कर्मचारी की नियुक्ति के बाद उसकी सेवा शर्तों में बदलाव नहीं किया जा सकता। संगठन के अनुसार ऐसे में लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा जारी आदेश शासन की कार्यप्रणाली और न्यायालय के निर्देशों के विपरीत प्रतीत होता है। डेढ़ लाख शिक्षकों में बढ़ी चिंता संगठन का दावा है कि इस आदेश से प्रदेश के लगभग डेढ़ लाख से अधिक शिक्षकों में भय और असंतोष का माहौल बन गया है। शिक्षकों का कहना है कि लंबे समय से सेवा देने के बाद अचानक परीक्षा की शर्त लागू करना उनके भविष्य को असमंजस में डालने जैसा है।
सोनीपत में पुलिस आयुक्त ममता सिंह (IPS, ADGP) के निर्देश पर पुलिस लाइन सोनीपत में निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर एंड्रोमेडा कैंसर अस्पताल, कुंडली (सोनीपत) के सहयोग से आयोजित हुआ, जिसमें अस्पताल के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने अपनी सेवाएं दीं। शिविर में 104 से अधिक पुलिसकर्मियों और उनके परिजनों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इस दौरान बोन मिनरल डेंसिटी, हीमोग्लोबिन, ईसीजी, ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर जैसी विभिन्न जांचें आधुनिक उपकरणों की सहायता से की गईं। पुलिसकर्मियों के स्वास्थ्य पर जोर जिला पुलिस लाइन प्रबंधक उप निरीक्षक राकेश कुमार ने कहा कि पुलिसकर्मियों की ड्यूटी का समय निश्चित नहीं होता, इसलिए उनके लिए नियमित व्यायाम और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच करवाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने पुलिस लाइन के फार्मेसी ऑफिसर देवेंद्र सिंह के कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें पुलिस और चिकित्सकों के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी बताया। कैंसर विशेषज्ञों ने दी जानकारी शिविर में डॉ. अरुण कुमार गोयल (सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट) ने स्तन कैंसर, ओवरी कैंसर, लीवर कैंसर और मुख कैंसर के लक्षणों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। इसके अलावा मरीजों का रक्तचाप और ब्लड शुगर भी निःशुल्क जांचा गया। अस्पताल के वरिष्ठ कैंसर विशेषज्ञों ने बताया कि कैंसर का शुरुआती चरण में पता चलने पर इसका सफल उपचार संभव है। उन्होंने सभी को नियमित स्वास्थ्य जांच करवाने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की सलाह दी। सरकारी पैनल पर उपलब्ध सुविधाएं शिविर में उपस्थित लोगों को एंड्रोमेडा कैंसर अस्पताल की पैनल सुविधाओं से भी अवगत कराया गया। यह अस्पताल हरियाणा सरकार के पैनल पर है, जिससे मरीजों को कैशलेस और रियायती उपचार की सुविधा मिलती है। चिकित्सकों और स्टाफ की सक्रिय भागीदारी इस स्वास्थ्य शिविर में डॉ. नीतू मोर (ऑन्कोलॉजिस्ट व महिला विशेषज्ञ), डॉ. प्राकर गांधी (जनरल फिजिशियन), नर्सिंग ऑफिसर दीपिका, मोहत, हरिता, तथा मार्केटिंग मैनेजर जितेंद्र और शुभम सहित कई प्रमुख चिकित्सकों और स्टाफ ने अपनी सेवाएं दीं। उन्होंने पुलिसकर्मियों और उनके परिजनों को स्वास्थ्य परीक्षण और आवश्यक परामर्श प्रदान किया।
डीएम ने खनन अधिकारी का वेतन रोका:राजस्व वसूली में प्रगति न होने पर कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखा
जिलाधिकारी डॉ. अमित पाल ने शुक्रवार शाम को उदयन सभागार में कर-करेत्तर एवं राजस्व कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में राजस्व वसूली में अपेक्षित प्रगति न होने पर उन्होंने कई विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए। समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने वाणिज्यकर विभाग में लक्ष्य के सापेक्ष प्रगति न पाए जाने पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने उपायुक्त वाणिज्यकर को प्रगति लाने और प्रवर्तन कार्य बढ़ाने के निर्देश दिए। खनन विभाग की समीक्षा में लक्ष्य के अनुरूप राजस्व वसूली न होने और सीएम डैशबोर्ड रैंकिंग में सुधार न आने पर भी उन्होंने असंतोष जताया। इस पर जिलाधिकारी ने जिला खनन अधिकारी का वेतन रोकने और उनके विरुद्ध कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भेजने के निर्देश दिए। मंडी विभाग में प्रवर्तन कार्य में अपेक्षित प्रगति न मिलने पर सचिव, मंडी से स्पष्टीकरण मांगने और उनका वेतन रोकने के भी निर्देश दिए गए। आबकारी, नगर निकाय, सिंचाई, विद्युत, स्टाम्प व रजिस्ट्रेशन, वन विभाग और परिवहन जैसे अन्य विभागों में राजस्व वसूली की प्रगति की समीक्षा करते हुए, संबंधित अधिकारियों को लक्ष्य के सापेक्ष शत-प्रतिशत प्रगति सुनिश्चित करने और प्रवर्तन कार्य तेज करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने तहसीलवार बड़े बकायेदारों से आर.सी. (राजस्व वसूली प्रमाणपत्र) वसूली की प्रगति पर भी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने सभी उप जिलाधिकारियों और तहसीलदारों को राजस्व वादों के निस्तारण में तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही, सरकारी भूमि पर हुए अवैध अतिक्रमणों को हटवाने के लिए भी कहा। उन्होंने सभी उप जिलाधिकारियों को अंश निर्धारण के कार्य में प्रगति लाने और जनशिकायतों को गंभीरता से लेकर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में अपर जिलाधिकारी शालिनी प्रभाकर और अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) ओम प्रकाश सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
सिरोही ट्रॉमा सेंटर में पिछले 24 घंटों के दौरान दो अज्ञात युवकों को लावारिस हालत में भर्ती कराया गया। अस्पताल के डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने उनका इलाज शुरू किया। तबीयत में सुधार होने के बाद उन्हें वार्ड में भर्ती कर उनके परिजनों की तलाश की जा रही है। जानकारी के अनुसार शुक्रवार दोपहर को एक युवक को लावारिस हालत में सिरोही ट्रॉमा सेंटर लाया गया था। डॉक्टरों ने उसका एक्स-रे और सीटी स्कैन भी करवाया, लेकिन बेहोश होने के कारण उसकी पहचान या परिजनों का पता नहीं लग पाया। स्वास्थ्य में सुधार होने पर उसे वार्ड में शिफ्ट कर लगातार इलाज जारी है। उधर, रेवदर तहसील के अनादरा कस्बे में सड़क किनारे बीमार पड़े एक अन्य युवक को देखकर लोगों ने एंबुलेंस 108 को सूचना दी। एंबुलेंस मौके पर पहुंची और पायलट और मेल नर्स ने युवक को प्राथमिक उपचार दिया। उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे अनादरा के सरकारी अस्पताल से सिरोही सरकारी अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया। सिरोही ट्रॉमा सेंटर में डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने तुरंत उसका इलाज शुरू किया। अब उसकी हालत में भी सुधार है और उसे वार्ड में भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। अस्पताल प्रशासन दोनों युवकों के परिजनों का पता लगाने के प्रयास कर रहा है। गौरतलब है कि इससे पहले भी पिंडवाड़ा से एक बुजुर्ग को लावारिस हालत में सिरोही सरकारी अस्पताल लाया गया था। इलाज के बाद उसके परिजन आए, लेकिन उसे अपने साथ नहीं ले गए। वह बुजुर्ग व्यक्ति पिछले 6 महीनों में चार बार अस्पताल में भर्ती हो चुका है और आज भी लावारिस हालत में घूमता नजर आता है।
अंतरराज्यीय ट्रांसफार्मर चोर गैंग का भंडाफोड़:मेरठ पुलिस ने कबाड़ी सहित 10 बदमाशों को पकड़ा
मेरठ पुलिस ने ट्रांसफार्मर चोरी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। सरधना पुलिस और स्वाट टीम देहात की संयुक्त कार्रवाई में गिरोह के 10 सदस्यों को गिरफ्तार किया गया। इनके कब्जे से लाखों रुपये का चोरी का सामान भी बरामद हुआ है। इस मामले का खुलासा शुक्रवार शाम को एसपी देहात अभिजीत सिंह ने पुलिस लाइन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान किया। एसपी देहात अभिजीत सिंह ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में ट्रांसफार्मर और अन्य बिजली के उपकरण चोरी होने की शिकायतें लंबे समय से मिल रही थीं। इसके बाद सरधना पुलिस और स्वाट टीम को सक्रिय किया गया। 12 मार्च की रात कांवड़ मार्ग पर चेकिंग के दौरान पुलिस ने संदिग्ध गतिविधि देखी और घेराबंदी कर 10 बदमाशों को पकड़ लिया। पुलिस पूछताछ में बदमाशों ने स्वीकार किया कि वे गांव-देहात के इलाकों में ट्रांसफार्मर और बिजली के उपकरणों को निशाना बनाते थे। उन्हें ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आने-जाने के समय की जानकारी होती थी, जिसका फायदा उठाकर गिरोह रात में चोरी की वारदातों को अंजाम देता था। चोरी के बाद वे सामान लिसाड़ी गेट के कबाड़ियों को बेच देते थे। पुलिस ने गिरोह के कब्जे से 5 इनवर्टर बैटरी, 11 जोड़ी चांदी के पायल, 4 पंखे, एक कटर, गैस चूल्हा, गैस सिलेंडर, लोहे की रॉड सहित लगभग 5 लाख रुपये का चोरी का सामान और एक मोटरसाइकिल बरामद की है। एसपी देहात अभिजीत सिंह के अनुसार, इस गिरोह के सदस्य मेरठ सहित आसपास के कई जिलों में चोरी की घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं। गिरफ्तार किए गए कई बदमाशों के खिलाफ पहले से भी मुकदमे दर्ज हैं। फिलहाल, पुलिस गिरफ्तार बदमाशों से पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों और उनके नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटा रही है। सभी बदमाशों को न्यायालय में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस का मानना है कि इस गिरोह की गिरफ्तारी से क्षेत्र में ट्रांसफार्मर चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगेगा।
शाहजहांपुर में यूपी एसआई भर्ती परीक्षा 14 और 15 मार्च को 13 केंद्रों पर आयोजित की जाएगी। इसमें कुल 4560 अभ्यर्थी शामिल होंगे। परीक्षा को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष संपन्न कराने के लिए पुलिस अधीक्षक राजेश द्विवेदी ने विभिन्न केंद्रों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक राजेश द्विवेदी के साथ अपर जिलाधिकारी (प्रशासन), अपर पुलिस अधीक्षक नगर और क्षेत्राधिकारी नगर भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था, प्रवेश एवं निकास द्वार, सीसीटीवी कैमरों की स्थिति, अभ्यर्थियों की चेकिंग प्रक्रिया और यातायात प्रबंधन का सूक्ष्मता से जायजा लिया। एसपी ने संबंधित अधिकारियों और थाना प्रभारियों को निर्देश दिए कि परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाए। प्रवेश द्वारों पर सघन चेकिंग सुनिश्चित की जाए और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जाए। उन्होंने अनावश्यक भीड़ जमा न होने देने, यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने और अभ्यर्थियों को समय पर परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में सुविधा प्रदान करने के निर्देश भी दिए। एसपी राजेश द्विवेदी ने कहा कि निष्पक्ष, पारदर्शी और सकुशल परीक्षा संपन्न कराने के लिए व्यापक सुरक्षा और कानून व्यवस्था के प्रबंध किए गए हैं।
दिल्ली के उत्तमनगर में होली के दिन दलित युवक तरुण खटीक की हत्या के विरोध में धार में प्रदर्शन किया गया। क्षत्रिय मालवा खटीक सेना धार के नेतृत्व में समाज के लोगों ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर डिप्टी कलेक्टर आशा परमार को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई। समाजजनों ने बताया कि होली जैसे पावन पर्व पर हुई इस घटना से समाज में चिंता का माहौल है। समाजजनों ने मांग की कि इस हत्या के सभी दोषियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए। उनके खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाकर कठोरतम दंड, यानी फांसी की सजा दी जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। इसके अतिरिक्त, पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता के तौर पर एक करोड़ रुपए का मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग भी की गई। यह मांग परिवार के भविष्य को सुरक्षित करने के उद्देश्य से की गई है। ज्ञापन में दोषियों की अवैध संपत्तियों और घरों पर बुलडोजर चलाने की भी मांग शामिल थी। ज्ञापन के माध्यम से सरकार से इस गंभीर घटना का संज्ञान लेने और पीड़ित परिवार को जल्द न्याय दिलाने के लिए आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया गया। यह ज्ञापन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम संबोधित था। इस अवसर पर बड़ी संख्या में समाज के लोग और विभिन्न संगठनों के सदस्य उपस्थित रहे।
बदायूं में दरोगा भर्ती परीक्षा की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। यह परीक्षा 14 और 15 मार्च को आयोजित की जाएगी, जिसमें कुल 17,280 परीक्षार्थी शामिल होंगे। जिलाधिकारी अवनीश राय ने बताया कि परीक्षा के लिए 15 विद्यालयों और महाविद्यालयों को केंद्र बनाया गया है। प्रशासन ने परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी और सकुशल संपन्न कराने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी तैनात रहेंगे। सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था, उनके संचालन, पार्किंग, साफ-सफाई और प्रकाश व्यवस्था सहित अन्य सभी आवश्यक तैयारियां दुरुस्त कर ली गई हैं। परीक्षा दोनों दिन दो पालियों में आयोजित होगी। पहली पाली सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक चलेगी, जबकि दूसरी पाली दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक होगी। प्रत्येक पाली में 4,320 परीक्षार्थियों के बैठने की व्यवस्था की गई है।
इटावा में आयोजित होने वाली पुलिस भर्ती परीक्षा को लेकर प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। जिले में कुल 11 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां दो दिन तक चार पालियों में लगभग 15 हजार अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे। अभ्यर्थियों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए शहर के प्रमुख चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर हेल्प डेस्क भी स्थापित की गई हैं। जिला प्रशासन ने परीक्षा को शांतिपूर्ण और नकलविहीन ढंग से संपन्न कराने के लिए व्यापक व्यवस्था की है। परीक्षा केंद्रों पर कड़ी निगरानी की व्यवस्था परीक्षा को निष्पक्ष और नकलविहीन बनाने के लिए प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर एक सेक्टर मजिस्ट्रेट और एक स्टेटिक मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है। इसके अलावा सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए हर केंद्र पर एक पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहेगा। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि परीक्षा के दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी या लापरवाही न हो और सभी व्यवस्थाएं समय से पूरी कर ली जाएं। डीएम ने अधिकारियों के साथ बैठक कर दिए निर्देश परीक्षा की तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल ने संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की और आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें, ताकि परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके। साथ ही यह भी निर्देश दिया गया कि सुबह की पाली में परीक्षा देने वाले सभी अभ्यर्थी समय से अपने परीक्षा केंद्रों पर पहुंचें। शहर के प्रमुख चौराहों पर बनाई गई हेल्प डेस्क बाहर से आने वाले अभ्यर्थियों की सहायता के लिए रेलवे स्टेशन, रोडवेज बस स्टैंड, शास्त्री चौराहा, आईटीआई चौराहा, सीओ सिटी चौराहा और नौरंगाबाद चौराहा सहित कई स्थानों पर हेल्प डेस्क स्थापित की गई हैं। इन हेल्प डेस्क पर तैनात कर्मचारी अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र की जानकारी देने के साथ-साथ अन्य आवश्यक मार्गदर्शन भी देंगे। एक पाली में 3840 अभ्यर्थी देंगे परीक्षा जिला विद्यालय निरीक्षक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि जिले में बनाए गए 11 परीक्षा केंद्रों पर एक पाली में 3840 पंजीकृत अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। परीक्षा दो दिन तक दो-दो पालियों में आयोजित की जाएगी। कुल मिलाकर करीब 15 हजार अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे। उन्होंने सभी अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे समय से परीक्षा केंद्र पर पहुंचें और किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट अपने साथ न लाएं। साथ ही परीक्षा के दौरान समय और नियमों का विशेष ध्यान रखें।
सोनभद्र में समाजवादी पार्टी (सपा) कार्यकर्ताओं ने आज भाजपा सदर विधायक भूपेश चौबे के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन विधायक द्वारा अखिलेश यादव और पटेल मौर्य समाज को लेकर दिए गए कथित अपमानजनक बयानों के विरोध में किया गया। कार्यकर्ताओं ने विधायक के बयानों की कड़ी निंदा की। सपा कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि विधायक भूपेश चौबे ने अपने बयान में आलू, भंटा, मूली जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर पटेल मौर्य समाज को अपमानित किया है। उनका कहना था कि इन शब्दों के प्रयोग से स्पष्ट होता है कि विधायक ने पिछड़े समाज का अपमान किया है, जिसे यह समाज माफ नहीं करेगा। इस अवसर पर प्रमोद यादव ने कहा कि सोनभद्र में युवा बेरोजगार घूम रहे हैं, चाहे वे किसी भी जाति या धर्म के हों। उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक ने इस महत्वपूर्ण मुद्दे को लेकर विधानसभा में कभी आवाज नहीं उठाई। जिला सचिव प्रमोद यादव ने कहा कि सदर विधायक भूपेश चौबे द्वारा प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यह साफ जाहिर होता है कि इनकी मानसिकता प्रभुत्ववादी सोच की तरफ मनुवादी सोच की तरफ ले जा रही है। प्रमोद यादव ने कहा कि सदर विधायक ने दलित समाज, मौर्य समाज और पटेल समाज को गाली देने का काम किया है, जो बेहद शर्मनाक है। उन्होंने मांग की कि सदर विधायक को माफी मांगनी चाहिए और अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। सपा नेता मनीष त्रिपाठी ने कहा कि भाजपा सदर विधायक भूपेश चौबे समाज में नफरत फैलाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि सोनभद्र में हुए विप्र ब्राह्मण समाज भोज में विधायक ने पूजनीय शंकराचार्य जी को कथित तौर पर अपमानित किया था। त्रिपाठी ने कहा कि अब जब ब्राह्मण समाज का वोट उनसे खिसकता दिख रहा है, तो वे शंकराचार्य जी को पूजनीय बता रहे हैं,लेकिन ब्राह्मण समाज उन्हें कभी माफ नहीं करेगा। मुन्ना कुशवाहा और संदीप पटेल ने कहा कि विधायक के बयानों से यह स्पष्ट हो गया है कि भाजपा सरकार केवल पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक)समाज को अपमानित करने का काम कर रही है। इस विरोध प्रदर्शन का संचालन सपा नगर अध्यक्ष सरदार पार ब्रह्म सिंह ने किया। इस अवसर पर सुरेश अग्रहरि, शौर्य त्रिपाठी, संदीप भारती, जुनैद अंसारी, सरोज शर्मा और राजू पासवान सहित कई सपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा आयोजित होने वाली उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा को सकुशल, निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह सतर्क है। शुक्रवार को जिलाधिकारी उन्नाव गौरांग राठी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जय प्रकाश सिंह ने पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के साथ परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया। अधिकारियों ने शहर के सिविल लाइंस स्थित डॉ. जी. नाथ जी दयाल बालिका इंटर कॉलेज और एबी नगर स्थित डीएसएन कॉलेज परीक्षा केंद्र का संयुक्त रूप से निरीक्षण किया। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरों की निगरानी, स्ट्रांग रूम, परीक्षा कक्षों की व्यवस्था और अभ्यर्थियों की प्रवेश प्रक्रिया सहित अन्य व्यवस्थाओं का गहनता से जायजा लिया गया। जिलाधिकारी और एसएसपी ने केंद्र व्यवस्थापकों तथा संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि परीक्षा पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराई जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही सामने आने पर तत्काल सख्त कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने यह भी निर्देशित किया कि अभ्यर्थियों के प्रवेश की व्यवस्था सुचारु और व्यवस्थित रहे, ताकि किसी को असुविधा न हो। उन्होंने परीक्षा केंद्रों पर तैनात किए जाने वाले पुलिस बल, सीसीटीवी निगरानी और अन्य सुरक्षा उपायों की समीक्षा की। साथ ही, केंद्रों के आसपास संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने और परीक्षा की गोपनीयता बनाए रखने के लिए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए। जिला प्रशासन के अनुसार, जनपद में कुल 8 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां लगभग 9600 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल होंगे। परीक्षा को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा और प्रशासनिक अधिकारी भी लगातार निगरानी करेंगे। निरीक्षण के दौरान अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी अखिलेश सिंह, एएसपी/क्षेत्राधिकारी नगर दीपक यादव और क्षेत्राधिकारी लाइन श्रीमती विनी सिंह सहित अन्य पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने परीक्षा से जुड़ी सभी व्यवस्थाओं को समय रहते पूर्ण करने के निर्देश दिए।
फर्रुखाबाद में 4 ओवरलोड ट्रक सीज:परिवहन, खनन और जीएसटी विभागों ने 2.33 लाख रुपए का जुर्माना लगाया
फर्रुखाबाद में शुक्रवार को एआरटीओ प्रवर्तन और खनन विभाग ने सघन चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान ओवरलोड माल ढोते हुए चार ट्रकों को सीज किया गया और उन पर कुल 2.33 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया। यह अभियान जिलाधिकारी के निर्देश पर एआरटीओ-प्रवर्तन सुभाष राजपूत और खनन अधिकारी संजय प्रताप के नेतृत्व में चलाया गया। अभियान के तहत बकाया कर के आरोप में एक अन्य ट्रक भी सीज किया गया, जिस पर 10 हजार रुपए का कर बकाया था। चेकिंग के दौरान, मोहम्मदाबाद की एक फर्म से सेंट्रल जेल फर्रुखाबाद के नाम पर एक हजार बोरी सीमेंट ले जा रहा एक ट्रक पकड़ा गया। इस ट्रक में 50 हजार रुपए से कम के छह अलग-अलग बिल थे, जिसका उद्देश्य ई-वेबिल से बचना था। यह ट्रक मसेनी से कादरीगेट की ओर दीप पैलेस के पास पकड़ा गया। जीएसटी चोरी की आशंका पर जीएसटी विभाग के सहायक आयुक्त अमित त्यागी को सूचित किया गया और ट्रक उनके सुपुर्द कर दिया गया। परिवहन विभाग ने इस ट्रक पर 55 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है, जबकि जीएसटी विभाग द्वारा 80 हजार रुपए का जुर्माना संभावित है। खनन अधिकारी के साथ की गई एक अन्य चेकिंग में मौरंग ले जा रहा एक ट्रक भी पकड़ा गया। इस पर परिवहन विभाग ने 57 हजार रुपए और खनन विभाग ने 28 हजार रुपए का जुर्माना लगाया। अधिकारियों ने बताया कि भविष्य में भी ओवरलोड वाहनों के खिलाफ और अधिक कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
हजारीबाग नगर निगम को नया डिप्टी मेयर मिल गया है। वार्ड संख्या 36 के पार्षद अविनाश यादव ने शुक्रवार को हुए चुनाव में यह पद जीता। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी वार्ड संख्या 22 की पार्षद मिताली रश्मि को 9 वोटों से पराजित किया। समाहरणालय सभाकक्ष में दोपहर 1 बजे से मतदान प्रक्रिया शुरू हुई। इस चुनाव में नगर निगम के कुल 36 वार्ड पार्षदों ने मतदाता के रूप में भाग लिया। मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुई। एक वार्ड पार्षद ने नहीं किया मतदान मतगणना के बाद घोषित परिणाम के अनुसार, अविनाश यादव को 22 पार्षदों का समर्थन प्राप्त हुआ, जबकि मिताली रश्मि को 13 वोट मिले। एक वार्ड पार्षद ने अपने मत का प्रयोग नहीं किया। इस तरह अविनाश यादव ने स्पष्ट बहुमत के साथ डिप्टी मेयर पद का चुनाव जीत लिया। गौरतलब है कि अविनाश यादव वार्ड संख्या 36 से निर्विरोध पार्षद चुने गए थे, जबकि मिताली रश्मि वार्ड संख्या 22 से पार्षद निर्वाचित हुई थीं। दोनों के बीच इस मुकाबले को लेकर नगर निगम क्षेत्र में पहले से ही काफी चर्चा थी। समर्थकों ने फूल-मालाओं से स्वागत किया चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद हजारीबाग के मेयर अरविंद राणा ने नव निर्वाचित डिप्टी मेयर अविनाश यादव को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण के बाद अविनाश यादव समाहरणालय परिसर के बाहर पहुंचे, जहां समर्थकों ने फूल-मालाओं से उनका स्वागत किया। इस अवसर पर अविनाश यादव ने सभी वार्ड पार्षदों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी गई है, उसे वे पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ निभाएंगे। यादव ने हजारीबाग नगर निगम क्षेत्र के विकास और जनता की समस्याओं के समाधान के लिए लगातार कार्य करने का संकल्प दोहराया।
चित्तौड़गढ़ में बढ़ती महंगाई और गैस सिलेंडरों की कमी को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से विरोध प्रदर्शन किया गया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला भी जलाया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए। कार्यकर्ताओं ने कहा कि लगातार बढ़ती महंगाई से आम आदमी की जिंदगी मुश्किल होती जा रही है। गैस सिलेंडर के दाम बढ़ने और समय पर सिलेंडर नहीं मिलने से आम लोगों के साथ-साथ होटल, रेस्टोरेंट और ढाबा चलाने वाले लोगों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कांग्रेस नेताओं का कहना था कि अगर समय रहते सरकार ने इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया तो जनता की परेशानियां और बढ़ सकती हैं। इसलिए कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे को लेकर लगातार आवाज उठा रही है और जनता के साथ खड़ी है। प्रदेश कांग्रेस के आह्वान पर किया गया प्रदर्शन प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रमोद सिसोदिया ने बताया कि राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर पूरे प्रदेश में महंगाई और केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में धरना-प्रदर्शन किए जा रहे हैं। इसी क्रम में चित्तौड़गढ़ में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि देश में बढ़ती महंगाई के लिए केंद्र सरकार की नीतियां जिम्मेदार हैं। उनका कहना था कि आम लोगों की आय में ज्यादा बढ़ोतरी नहीं हुई है, लेकिन रोजमर्रा की चीजों के दाम लगातार बढ़ते जा रहे हैं। रसोई गैस, पेट्रोल, डीजल और खाने-पीने की कई चीजें महंगी हो चुकी हैं, जिससे आम परिवार का बजट बिगड़ गया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी जनता की आवाज को उठाने के लिए सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करती रहेगी। ईरान-इजराइल युद्ध और विदेश नीति पर सवाल प्रमोद सिसोदिया ने कहा कि इस समय ईरान इजरायल कॉन्फ्लिक्ट के कारण अंतरराष्ट्रीय हालात भी प्रभावित हो रहे हैं और इसका असर भारत पर भी पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की विदेश नीति की वजह से भारत के पुराने मित्र देश ईरान के साथ संबंध कमजोर हुए हैं। उनका कहना था कि भारत का बड़ा हिस्सा तेल और गैस समुद्री मार्ग से आता है। अगर अंतरराष्ट्रीय हालात या समुद्री रास्तों पर असर पड़ता है तो उसका सीधा प्रभाव देश की अर्थव्यवस्था और महंगाई पर दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में सरकार को मजबूत और संतुलित विदेश नीति अपनानी चाहिए, ताकि देश के हित सुरक्षित रह सकें। व्यापार और रोजगार पर पड़ रहा असर कांग्रेस नेताओं ने कहा कि गैस सिलेंडर के दाम बढ़ने और आपूर्ति में कमी आने से होटल, रेस्टोरेंट और ढाबा संचालकों को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। कई जगहों पर समय पर कमर्शियल गैस सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं, जिससे खाना बनाना भी प्रभावित हो रहा है। इसका असर सीधे तौर पर उन लोगों पर पड़ रहा है जो इस व्यवसाय से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि होटल और ढाबों में काम करने वाले हजारों लोगों की रोजी-रोटी भी इस पर निर्भर करती है। अगर गैस की समस्या और महंगाई ऐसे ही बढ़ती रही तो छोटे व्यवसायों पर बड़ा असर पड़ सकता है और रोजगार के अवसर भी कम हो सकते हैं। गैस के दाम कम करने की मांग कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार से मांग की कि एलपीजी और कमर्शियल गैस सिलेंडरों के दाम कम किए जाएं और गैस की आपूर्ति नियमित की जाए। उन्होंने कहा कि महंगाई से परेशान आम लोगों को राहत देना सरकार की जिम्मेदारी है। कांग्रेस पार्टी ने चेतावनी दी कि अगर महंगाई कम नहीं हुई और गैस की समस्या का समाधान नहीं किया गया तो पार्टी जनता के हित में आगे भी आंदोलन करती रहेगी। नेताओं ने कहा कि कांग्रेस का उद्देश्य आम जनता की समस्याओं को सरकार तक पहुंचाना है और जब तक लोगों को राहत नहीं मिलेगी तब तक पार्टी का संघर्ष जारी रहेगा।
चंदौली जिले में डिस्ट्रीक बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने राजस्व और चकबंदी न्यायालयों में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शुक्रवार को सदर तहसील परिसर स्थित बार सभागार में हुई बैठक में अधिवक्ताओं ने इस मुद्दे पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उनका आरोप है कि इन न्यायालयों में पीठासीन अधिकारी मुकदमों का निस्तारण करने के बजाय केवल खानापूर्ति कर रहे हैं। एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश मिश्रा ने बताया कि राजस्व और चकबंदी अदालतों में अक्सर ऐसा देखा जा रहा है कि दायर मुकदमों को उनके गुण-दोष के आधार पर निपटाया नहीं जाता। इसके बजाय, अधिकारी साक्ष्य के अभाव का हवाला देकर उन्हें निरस्त कर देते हैं। इस स्थिति से वादकारियों और अधिवक्ताओं में भारी रोष है। इस मामले को लेकर 17 मार्च को अधिवक्ताओं का एक प्रतिनिधिमंडल जिलाधिकारी से मुलाकात करेगा। वे जिलाधिकारी को राजस्व और चकबंदी न्यायालयों में फैले भ्रष्टाचार से अवगत कराएंगे। अधिवक्ताओं का कहना है कि यह भ्रष्टाचार किसी से छिपा नहीं है, फिर भी अधिकारी ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने से बचते हैं। राजेश मिश्रा ने चेतावनी दी कि यदि जिलाधिकारी से मुलाकात के बाद भी स्थिति में सुधार नहीं होता है, तो अधिवक्ता आगे की रणनीति तय करने के लिए बैठक करेंगे। उन्होंने यह भी मांग की कि जिलाधिकारी को जनपद की तहसीलों और चकबंदी अदालतों में लंबित मुकदमों की समीक्षा करनी चाहिए, जिससे लापरवाह अधिकारियों की कार्यशैली उजागर हो सके। बैठक में महामंत्री सुल्तान अहमद, रमाशंकर यादव, राहुल सिंह, अनिल शर्मा, रवि प्रकाश सिंह, मिथिलेश कुमार सहित कई अन्य अधिवक्ता उपस्थित रहे।
फिरोजाबाद में घरेलू गैस सिलेंडर, पीएनजी, सीएनजी, पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है। जिलाधिकारी रमेश रंजन के निर्देश पर जिला पूर्ति अधिकारी ने यह जानकारी दी और जनपदवासियों से किसी भी अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की। जिला पूर्ति अधिकारी ने बताया कि भारत सरकार के निर्देशों के अनुसार घरेलू गैस सिलेंडर की आपूर्ति में कोई कमी नहीं है। उपभोक्ताओं को बुकिंग के बाद दो से तीन दिन के भीतर आसानी से सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। घरेलू गैस सिलेंडर की दोबारा बुकिंग 25 दिन के अंतराल के बाद ही ऑनलाइन माध्यम से की जा सकती है। उपभोक्ता ऑनलाइन बुकिंग के लिए 8454955555 और 7718955555 नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं। जनपद में पीएनजी (PNG) और सीएनजी (CNG) की आपूर्ति भी निर्बाध रूप से जारी है, जिससे घरेलू और परिवहन क्षेत्रों में कोई कमी नहीं है। इसके अतिरिक्त, पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडारण उपलब्ध है और उनकी नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रामक खबरों पर ध्यान न दें और घबराहट में कोई कदम न उठाएं। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि कोई व्यक्ति अफवाह फैलाता पाया जाता है, तो उसकी सूचना तत्काल जिला प्रशासन को दी जाए। किसी भी प्रकार की जानकारी या शिकायत के लिए जिला पूर्ति कार्यालय फिरोजाबाद के कंट्रोल रूम नंबर 05612-285222 पर संपर्क किया जा सकता है।
सुल्तानपुर में जेल से रिहा युवक लापता:परिजनों ने एसपी से लगाई गुहार, दो महीने से घर नहीं लौटा
सुल्तानपुर में जेल से रिहा होने के बाद एक युवक पिछले दो माह से लापता है। उसके परिजन उसकी तलाश कर रहे हैं और बेटे का पता लगाने के लिए पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाई है। हलियापुर निवासी मनीराम ने पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर अपने पुत्र हरिकेश का पता लगाने की मांग की है। मनीराम के अनुसार, उनका बेटा आबकारी अधिनियम के तहत एक मामले में वांछित था। गैर-जमानती वारंट जारी होने के बाद पुलिस ने उसे 4 जनवरी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था, जहां से उसे जेल भेज दिया गया था। पिता मनीराम ने बताया कि 6 जनवरी को उनके बेटे ने कोर्ट में अपना जुर्म स्वीकार कर लिया था, जिसके बाद मजिस्ट्रेट ने उसे जेल से रिहा करने का आदेश दिया। मनीराम का आरोप है कि जब वे बेटे को लेने जेल पहुंचे तो उन्हें अगले दिन आने को कहा गया। अगले दिन पहुंचने पर उन्हें बताया गया कि हरिकेश को एक दिन पहले ही रिहा कर दिया गया था, लेकिन वह घर नहीं पहुंचा। परिजनों ने यह भी बताया कि उनका बेटा 15 वर्ष पुराने एक मामले में जेल से जमानत पर छूटने के बाद कानपुर चला गया था। पेशी पर उपस्थित न होने के कारण न्यायालय से उसके विरुद्ध गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी किया गया था, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। इस संबंध में जेलर ओंकार पाण्डेय ने जानकारी दी कि 6 जनवरी को कुल 14 आरोपित रिहा किए गए थे, जिनमें हरिकेश भी शामिल था। वहीं, थानाध्यक्ष वंदना अग्रहरि ने बताया कि यह मामला उनके संज्ञान में है और युवक की तलाश के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
ताइक्वांडो खेल के फर्जी प्रमाण पत्र और फर्जी सत्यापन रिपोर्ट के आधार पर तृतीय श्रेणी अध्यापक सीधी भर्ती परीक्षा-2022 में उत्कृष्ट खिलाड़ी कोटे से नौकरी हासिल करने की कोशिश का राजस्थान एसओजी ने खुलासा किया है। इस मामले में एसओजी ने 19 अभ्यर्थियों सहित कुल 20 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एडीजी एसओजी विशाल बंसल ने बताया कि इस मामले में 12 मार्च को राजस्थान के 14 जिलों और हरियाणा में एक स्थान पर एक साथ रेड की गई। कार्रवाई के दौरान फर्जीवाड़े में शामिल 19 अभ्यर्थियों और एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार किया गया। ईमेल की स्पेलिंग की गलती से खुला फर्जीवाड़े का राज जांच के दौरान एसओजी को एक कर्मचारी के मोबाइल में ताइक्वांडो फेडरेशन के नाम से भेजे गए ईमेल का स्क्रीनशॉट मिला। इसमें 39 अभ्यर्थियों के खेल प्रमाण पत्रों का सत्यापन कर शिक्षा विभाग को रिपोर्ट भेजे जाने का उल्लेख था। जब ईमेल की बारीकी से जांच की गई तो उसमें “Secretary” शब्द की स्पेलिंग गलत पाई गई। इसी गलती से अधिकारियों को संदेह हुआ कि इतना बड़ा फेडरेशन आधिकारिक ईमेल में ऐसी गलती कैसे कर सकता है। दुबई से बनाई गई थी फर्जी ईमेल आईडी एसओजी ने ईमेल की तकनीकी जांच कर जीमेल से जानकारी मांगी। जांच में सामने आया कि संदिग्ध ईमेल आईडी दुबई से बनाई गई थी और इसका इस्तेमाल विमलेंदु कुमार झा नामक व्यक्ति कर रहा था। ताइक्वांडो फेडरेशन ऑफ इंडिया की सूची में इस नाम का कोई पदाधिकारी नहीं मिलने पर एसओजी ने विमलेंदु कुमार झा को गिरफ्तार किया। उसकी निशानदेही पर सहयोगी रवि शर्मा को भी पकड़ा गया। साथ ही फर्जी ईमेल बनाने में उपयोग की गई मोबाइल सिम भी बरामद की गई। ऐसे रचा गया पूरा षड्यंत्र जांच में सामने आया कि जब प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने उत्कृष्ट खिलाड़ी कोटे से चयनित अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्रों के सत्यापन के लिए ताइक्वांडो फेडरेशन को ईमेल भेजा, तब इसकी जानकारी आरोपियों को मिल गई। इसके बाद आरोपियों ने उसी ईमेल से मिलती-जुलती एक फर्जी ईमेल आईडी तैयार कर ली और उसी के जरिए फर्जी ताइक्वांडो प्रमाण पत्र रखने वाले अभ्यर्थियों के पक्ष में सत्यापन रिपोर्ट शिक्षा विभाग को भेज दी। फर्जी और असली ईमेल आईडी फर्जी ईमेल आईडी:secreatarytaekwondoindia@gmail.com वास्तविक ईमेल आईडी:secretarytaekwondoindia@gmail.com इस मामले में एसओजी थाना में मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले में एसओजी ने 20 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों का विवरण 1. बबीता जाखड़ पुत्री हरकाराम, उम्र 32 वर्ष, निवासी सुजानगढ़, जिला चूरू 2. ज्योतिरादित्य पुत्र नरपत सिंह, उम्र 35 वर्ष, निवासी जहाजपुर, जिला भीलवाड़ा 3. सीमा पत्नी अनिल कुमार, निवासी झुंझुनूं 4. कविता भींचर, निवासी सीकर 5. बसंती कुम्हार, निवासी खोराबिसल, जिला जयपुर 6. ममता कुमारी, निवासी सवाई माधोपुर 7. नरेंद्र बिदियासर, निवासी नागौर 8. मुमताज, निवासी नागौर 9. भंवरलाल, निवासी जालोर 10. कवित्ता, निवासी जोधपुर 11. एकता धालोर, निवासी चूरू 12. योगेन्द्र कुमार, निवासी हनुमानगढ़ 13. शिवकरण, निवासी श्रीगंगानगर 14. मांगीलाल, निवासी बीकानेर 15. भलाराम, निवासी बालोतरा 16. भजनलाल, निवासी जालोर 17. सुनील पालीवाल, निवासी फलौदी 18. महेन्द्र पालीवाल, निवासी फलौदी 19. दुर्गाप्रसाद, निवासी फलौदी 20. गजानंद प्रजापत, निवासी जयपुर अभियुक्त गजानंद प्रजापत द्वारा अपनी पत्नी बसंती उर्फ बंटी प्रजापत के लिए दलाल को रुपये देकर फर्जी खेल प्रमाण पत्र प्राप्म कर खेल कोटे से ऑनलाइन आवेदन करवाया गया था। आरोपियों के खिलाफ आईपीसी और आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। मामले की जांच डीएसपी बाबूलाल मुरारिया कर रहे हैं। एसओजी ने जोधपुर, जालोर, बीकानेर, हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, भीलवाड़ा, जयपुर ग्रामीण, सीकर, झुंझुनूं, नागौर, बालोतरा और फलौदी समेत कई जिलों में कार्रवाई कर आरोपियों को हिरासत में लेकर जयपुर लाया और पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया। दलालों की भूमिका भी आई सामने प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कई अभ्यर्थियों को दलालों ने मोटी रकम लेकर फर्जी ताइक्वांडो खेल प्रमाण पत्र उपलब्ध कराए थे। इसमें कुछ दलालों की भूमिका भी सामने आई है। एसओजी अब यह भी जांच कर रही है कि अभ्यर्थियों से कितनी रकम ली गई और यह पैसा किस-किस तक पहुंचा।
बारां मंडी में गेहूं-सरसों के एक लाख कट्टे पहुंचे:नई फसलों की आवक बढ़ी, नया लहसुन लेकर पहुंचे किसान
बारां शहर की कृषि उपज मंडी में नई फसलों की आवक में तेजी आई है। शुक्रवार को मंडी में गेहूं, सरसों सहित अन्य कृषि जिंसों के लगभग एक लाख कट्टे पहुंचे। मंडी व्यापार संघ के अध्यक्ष मनीष लश्करी ने बताया कि फसलों की कटाई और थ्रेसिंग तेज होने के कारण आवक में वृद्धि हुई है। किसानों को उनकी उपज के अच्छे भाव मिल रहे हैं, जिससे वे संतुष्ट हैं। शुक्रवार को लगभग 50 हजार कट्टे गेहूं और 40 हजार कट्टे सरसों की आवक दर्ज की गई। इसी बीच मंडी में नए लहसुन की भी आवक शुरू हो गई है। लहसुन व्यापार संघ के अध्यक्ष जगदीश बंसल के अनुसार शुक्रवार को लगभग 250 कट्टे लहसुन मंडी में पहुंचे। इसमें देसी लहसुन 8500 रुपए प्रति क्विंटल तक बिका, जबकि ऊंटी लहसुन का भाव 8300 रुपए प्रति क्विंटल रहा। फिलहाल लहसुन की आवक कम है, लेकिन आने वाले दिनों में इसमें बढ़ोतरी होने की संभावना है।
शाजापुर जिला अस्पताल के आईसीयू (ICU) वार्ड में पिछला एक महीना बीत जाने के बाद भी एसी बंद पड़ा है। मार्च की इस तपती गर्मी में गंभीर मरीज और उनके परिवार वाले बेहाल हैं, लेकिन अस्पताल प्रशासन अब तक इसे ठीक नहीं करवा पाया है। आईसीयू जैसे संवेदनशील वार्ड में, जहां हर वक्त ठंडक होनी चाहिए, वहां फिलहाल केवल पंखों के सहारे काम चलाया जा रहा है। वार्ड में 12 पलंग हैं, लेकिन छत पर सिर्फ 6 पंखे ही लगे हैं। हालत यह है कि मरीजों की घबराहट देख उनके घरवाले खुद हाथों से पंखा झेलने को मजबूर हैं। सारंगपुर से आए सोहेल नाम के एक परिजन ने बताया कि एसी न चलने से उनके मरीज की तबीयत और बिगड़ रही है। बार-बार शिकायत के बाद भी सुनवाई नहीं अस्पताल की ही एक नर्स ने दबी जुबान में बताया कि एसी खराब होने की जानकारी कई बार बड़े अफसरों को दी जा चुकी है, पर अब तक कोई सुधार नहीं हुआ। डॉक्टर का मानना है कि आईसीयू का तापमान 22 से 24 डिग्री के बीच रहना बहुत जरूरी है, ताकि मरीजों को संक्रमण न हो और उनकी हालत स्थिर रहे। ऐसे में एसी का बंद होना मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ जैसा है। जल्द सुधार का भरोसा अस्पताल के डॉक्टर गोविंद पाटीदार का कहना है कि एसी में कुछ तकनीकी खराबी आ गई है। इसे सुधारने के लिए मैकेनिक को बोल दिया गया है और बहुत जल्द एसी दोबारा चालू कर दिया जाएगा।
हांसी जिले के खरबला गांव में पिछले एक महीने से पीने के पानी का गंभीर संकट बना हुआ है। जलघर से बूस्टिंग स्टेशन तक जाने वाली मुख्य पाइपलाइन कई जगहों से क्षतिग्रस्त होने के कारण पानी बूस्टिंग स्टेशन तक नहीं पहुंच पा रहा है। इससे गांव की करीब आधी आबादी प्रभावित है। ग्रामीणों का कहना है कि सर्दी का मौसम समाप्त हो चुका है और गर्मी बढ़ने के साथ पानी की समस्या और गंभीर हो जाएगी। लोगों को अपने घरों के साथ-साथ पशुओं के लिए भी पानी की व्यवस्था करने में कठिनाई हो रही है। लगातार बनी इस समस्या से परेशान होकर शुक्रवार को ग्रामीणों ने गांव में एकत्रित होकर विरोध प्रदर्शन किया। बीडीपीओ कार्यालय पर भी किया प्रदर्शन इसके बाद ग्रामीणों ने हांसी द्वितीय खंड के बीडीपीओ कार्यालय पहुंचकर भी जोरदार प्रदर्शन किया और जल्द समाधान की मांग उठाई। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल थीं। ग्रामीण महिलाओं शिला, गीता, पूनम, संतोष और मीना के अलावा रामरूप, बिजेंद्र, रामफल और बारू सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि पिछले एक महीने से उनके नलों में एक बूंद भी पानी नहीं आया है। दूर-दराज से लाना पड़ रहा पानी ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें मजबूरी में दूर-दराज के क्षेत्रों से पानी लाना पड़ रहा है। कई परिवार सुबह-शाम पानी के इंतजाम में ही लगे रहते हैं, जिससे उनके रोजमर्रा के कामकाज प्रभावित हो रहे हैं। छोटे बच्चों, बुजुर्गों और पशुओं को पानी पिलाना भी एक बड़ी समस्या बन गया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि विभाग को कई बार समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया। बड़ा आंदोलन करने की चेतावनी ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि समस्या का स्थायी समाधान जल्द नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में हालात और भी खराब हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि वे बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे। सरपंच ने बताया—पुरानी पाइपलाइन से हो रही परेशानी गांव की सरपंच स्वाति देवी ने बताया कि जलघर से बूस्टिंग स्टेशन तक की पाइपलाइन काफी पुरानी और जर्जर हो चुकी है। कई बार इस लाइन की मरम्मत करवाई जा चुकी है, लेकिन एक जगह ठीक करने के बाद दूसरी जगह से पाइप फट जाती है, जिससे समस्या लगातार बनी हुई है। उन्होंने बताया कि गांव में जलघर के नवीनीकरण और पूरे गांव में नई पाइपलाइन बिछाने के लिए एस्टीमेट बनाकर भेजा जा चुका है। इसके लिए जन स्वास्थ्य मंत्री रणबीर गंगवा से मिलकर भी मांग रखी गई है। सरपंच ने कहा कि स्थायी समाधान होने तक गांव में पानी के टैंकरों की वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है। फिलहाल जहां-जहां पाइपलाइन में लीकेज है, वहां मरम्मत के लिए जन स्वास्थ्य विभाग के जेई से बात हुई है और जल्द ही लाइन को ठीक करवाने का प्रयास किया जा रहा है।
बड़वानी कलेक्टर ने गैस वितरकों को चेताया:कालाबाजारी रोकने और अफवाहों पर ध्यान न देने के निर्देश
बड़वानी कलेक्टर जयति सिंह ने जिले में गैस सिलेंडर की कालाबाजारी और अनियमित आपूर्ति को लेकर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने घरेलू एलपीजी गैस वितरकों के साथ बैठक कर आवश्यक निर्देश दिए, जिसमें उपभोक्ताओं को सामान्य और निर्धारित मूल्य पर गैस उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। दरअसल, युद्ध के कारण प्रदेश में कमर्शियल गैस की आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिससे रेस्टोरेंट संचालक परेशान हैं। वहीं, आम उपभोक्ता भी घरेलू गैस की उपलब्धता को लेकर चिंतित हैं। जिले में गैस की कालाबाजारी और अधिक दाम पर बिक्री की अफवाहें भी फैल रही हैं, हालांकि अभी तक कोई मामला सामने नहीं आया है। कलेक्टर जयति सिंह ने वितरकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कहीं भी गैस की कमी न होने दी जाए और उपभोक्ताओं को तय कीमत पर ही सिलेंडर मिलें। उन्होंने चेतावनी दी कि कालाबाजारी या अधिक मूल्य पर गैस बेचने की शिकायत मिलने पर संबंधित एजेंसी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने सभी वितरकों को एलपीजी के भंडारण और वितरण से संबंधित पंजी नियमित रूप से संधारित करने तथा विभागीय अधिकारियों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही, कमर्शियल एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए आपसी समन्वय बनाए रखने को भी कहा। इधर, जिला मुख्यालय में कई होटल, ढाबों और स्ट्रीट फूड स्टॉलों में कमर्शियल की जगह घरेलू गैस सिलेंडर के उपयोग की शिकायतें भी मिल रही हैं। प्रशासन ने इस पर लगाम लगाने के लिए ओटीपी आधारित डिजिटल बुकिंग और डिलीवरी सिस्टम को अनिवार्य किया है। अब सिलेंडर केवल वैध पंजीकृत उपभोक्ताओं को ही दिए जाएंगे। गैस एजेंसियों को अपने केंद्रों पर भीड़ और लंबी कतारें न लगने देने के निर्देश भी दिए गए हैं। वितरण प्रणाली को सुचारु बनाने के लिए यह भी तय किया गया है कि वर्तमान में 25 दिन के अंतराल के बाद ही नई गैस बुकिंग स्वीकार की जाएगी, ताकि सभी उपभोक्ताओं को समान रूप से गैस उपलब्ध हो सके।
बांसवाड़ा में रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में करीब 60 रुपए की बढ़ोतरी के विरोध में शुक्रवार को जिला कांग्रेस कमेटी ने कलेक्ट्रेट चौराहे पर जोरदार प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष अर्जुन सिंह बामनिया के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रधानमंत्री का पुतला फूंका। प्रदर्शन के दौरान कलेक्ट्रेट गेट के बाहर अनोखा दृश्य देखने को मिला। निवर्तमान जिला प्रमुख रेशम मालवीया और महिला कार्यकर्ताओं ने सड़क किनारे चूल्हा जलाकर लकड़ियों की मदद से मक्के की रोटियां बनाईं। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि गैस सिलेंडर के दाम इतने बढ़ गए हैं कि आम लोगों को फिर से पुराने समय की तरह चूल्हों पर खाना बनाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। कलेक्ट्रेट चौराहे पर किया हल्ला बोल प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट चौराहे पर एकत्रित हुए। यहां उन्होंने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और बढ़ती महंगाई को लेकर विरोध जताया। कांग्रेस नेताओं का कहना था कि गैस सिलेंडर के दाम लगातार बढ़ने से आम आदमी की रसोई का बजट बिगड़ गया है। विदेश नीति को बताया महंगाई की वजह सभा को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष अर्जुन सिंह बामनिया ने कहा कि केंद्र सरकार की गलत विदेश नीति के कारण देश में ईंधन संकट की स्थिति बन गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि खाड़ी देशों में युद्ध जैसे हालात के बीच सरकार भारतीय हितों की रक्षा करने में विफल रही है। उन्होंने कहा कि एक तरफ शादियों का सीजन चल रहा है और दूसरी ओर कमर्शियल गैस सिलेंडर की आपूर्ति प्रभावित होने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। घरेलू और कमर्शियल गैस दोनों महंगी जिला कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष अब्दुल गफ्फार ने कहा कि घरेलू गैस सिलेंडर में करीब 60 रुपए और कमर्शियल सिलेंडर में लगभग 115 रुपए की बढ़ोतरी की गई है। इससे आम जनता और व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा है। सरकार की नीतियों पर उठाए सवाल पूर्व जिला प्रमुख रेशम मालवीया ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि खाद्य तेल, दालें और पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों की कमर टूट गई है। वहीं पूर्व सभापति राजेश टेलर ने कहा कि किसान, मजदूर और युवा सभी सरकार की नीतियों से परेशान हैं और महंगाई के कारण आमजन का जीवन कठिन हो गया है। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रहे मौजूद पार्टी प्रवक्ता इमरान खान पठान ने बताया कि प्रदर्शन में प्रताप पाटीदार, रजनीकांत खाब्या, दशरथ वाघेला सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन राकेश सेठिया ने किया, जबकि अंत में नगर अध्यक्ष धर्मेंद्र तेली ने सभी का आभार व्यक्त किया।
छत्तीसगढ़ के सूरजपुर में गेहूं के खेत में हाथी का शव मिला है। करंट लगने से मौत की आशंका जताई जा रही है। वहीं, दो दिन पहले रायगढ़ में भी करंट से 2 हाथियों की मौत हो गई थी। इस तरह पिछले 3 दिन में 3 हाथियों की करंट से जान चली गई। वहीं, हाथियों की लगातार हो रही मौत पर युवा कांग्रेस ने चिंता जताई है। रायगढ़ में युवा कांग्रेस ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल, वन विभाग पूरे मामले की जांच कर रहा है। पहली घटना: सूरजपुर में मिला गेहूं के खेत में हाथी का शव सूरजपुर जिले के ग्राम करंजवार में शुक्रवार सुबह गेहूं के खेत में हाथी का शव मिला है। हाथी की मौत करंट लगने से होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का सही कारण स्पष्ट हो सकेगा। घटना प्रतापपुर वन परिक्षेत्र की है। जानकारी के मुताबिक, प्रतापपुर से लगे करंजवार गांव में ग्रामीणों ने सुबह खेत में करीब 15 साल के नर हाथी का शव देखा। यह हाथी पिछले तीन-चार दिनों से इलाके में घूम रहा था। हाथी की सूंड पर काले निशान भी मिले हैं। जिसके आधार पर करंट लगने की संभावना जताई जा रही है। ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से होगा खुलासा हाथी की मौत की खबर मिलते ही सूरजपुर डीएफओ डीपी साहू और एसडीओ फॉरेस्ट संस्कृति बारले सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। एसडीओ संस्कृति बारले ने बताया कि अभी हाथी की मौत के कारणों की पुष्टि नहीं हुई है। आसपास करंट लगाने के कोई स्पष्ट निशान भी नहीं मिले हैं। उन्होंने बताया कि चिकित्सकों की टीम हाथी के शव का पोस्टमॉर्टम कर रही है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो सकेगा। जिस स्थान पर हाथी का शव मिला है, वहां खेतों की ऊंचाई भी ज्यादा नहीं है। दूसरी घटना: रायगढ़ में दो हाथियों की हुई थी मौत रायगढ़ जिले में 11 मार्च को 2 हाथियों की मौत हो गई। उनकी लाशें कुरकुट नदी में तैरती हुई मिलीं थी। जांच में पता चला कि, नदी में पंप लगाकर पानी खींचा जा रहा था। उसी दौरान लगाए गए करंट वाले तार की चपेट में आने से दोनों हाथियों की जान गई। दो आरोपियों को किया गया गिरफ्तार वन विभाग की जांच के बाद पाकादरहा निवासी धरम सिंह (38) और रामकुमार राठिया (55) को गिरफ्तार किया गया है। दोनों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण से जुड़े प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा रही है। वन अमला मामले की आगे जांच कर रहा है। युवा कांग्रेस ने की कार्रवाई की मांग हाथियों की लगातार हो रही मौत पर युवा कांग्रेस ने चिंता जताई है। गुरुवार को युवा कांग्रेस (ग्रामीण) जिलाध्यक्ष उस्मान बेग अपनी टीम के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे और कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा। उन्होंने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। जंगल कटने से भटक रहे वन्यजीव युवा कांग्रेस के जिलाध्यक्ष उस्मान बेग ने कहा कि, जिले में तेजी से जंगलों की कटाई हो रही है और बड़े उद्योग, खदानें और औद्योगिक परियोजनाएं लगातार बढ़ रही हैं। इस वजह से हाथी जैसे बड़े वन्यजीव अपने प्राकृतिक आवास से भटककर गांवों और खेतों की ओर आने को मजबूर हो रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए तो इस मुद्दे को लेकर बड़ा जन आंदोलन किया जाएगा। युवा कांग्रेस ने रखी 4 प्रमुख मांगें रायगढ़ वन मंडल में हाथियों की मौत पर एक नजर केस 1- पिछले डेढ़ साल पहले चुहकीमार नर्सरी में 11 केवी बिजली लाइन के संपर्क में आने से 3 हाथियों की करंट लगने से मौत हो गई। केस 2- करीब साल भर पहले घरघोड़ा रेंज के पानीखेत गांव के डेम के पास कीचड़ में फंसने से हाथी शावक की मौत हो गई थी। केस 3- तमनार क्षेत्र के केराखोल गांव में अवैध बिजली तार की चपेट में आने से एक दंतैल हाथी की मौत हो गई। केस 4- जनवरी में घरघोड़ा रेंज के कमतरा बीट क्षेत्र में पहाड़ी इलाके में दो चट्टानों के बीच फंस जाने से एक हाथी शावक की मौत हो गई थी। केस 5- लगभग 3 महीने पहले बंगुरसिया सर्किल के बड़झरिया तालाब में 1 हाथी शावक की डूबने से मौत हो गई थी। शावक अपने दल के साथ नहाने तालाब पहुंचा था, लेकिन वह बाहर नहीं निकल सका और उसकी मौत हो गई। केस 6- घरघोड़ा रेंज के कुरकुट नदी में 2 हाथियों का शव देखा गया। जांच में करंट से मौत होना पाए जाने के बाद 2 आरोपियों को पकड़ा गया।
रामपुर जिले में अलविदा जुमे की नमाज शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। ऐतिहासिक जामा मस्जिद सहित लगभग 1250 मस्जिदों में बड़ी संख्या में नमाजियों ने नमाज अदा की। प्रशासन और पुलिस की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के कारण जिले में कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। पुलिस अधीक्षक विद्यासागर मिश्र के निर्देश पर नमाज को शांतिपूर्ण संपन्न कराने के लिए विस्तृत सुरक्षा योजना बनाई गई थी। जिले को कई जोन और सेक्टर में विभाजित कर पुलिस बल तैनात किया गया। संवेदनशील स्थानों पर थाना प्रभारियों, इंस्पेक्टरों, उपनिरीक्षकों, सिपाहियों और होमगार्डों को विशेष रूप से तैनात किया गया था। सुबह से ही जामा मस्जिद समेत अन्य प्रमुख मस्जिदों के आसपास पुलिस की कड़ी निगरानी रही। मस्जिदों के प्रवेश द्वार, बाजारों, मुख्य चौराहों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में पुलिस बल तैनात था। कई स्थानों पर वरिष्ठ अधिकारी स्वयं मौके पर उपस्थित रहकर व्यवस्था का जायजा ले रहे थे। नमाज अदा करने के लिए बड़ी संख्या में नमाजी मस्जिदों में पहुंचे। उन्होंने अमन-चैन और तरक्की के लिए दुआएं मांगीं। नमाज संपन्न होने के बाद सभी नमाजी शांतिपूर्वक अपने-अपने घरों को लौट गए। पुलिस और प्रशासन की मुस्तैदी के कारण पूरे जिले में माहौल पूरी तरह शांतिपूर्ण बना रहा। सुरक्षा व्यवस्था में तैनात पुलिसकर्मी, होमगार्ड और अन्य अधिकारी पूरी सतर्कता के साथ अपनी ड्यूटी निभाते दिखे। नमाज शांतिपूर्वक संपन्न होने के बाद ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों और अधिकारियों ने राहत महसूस की। पुलिस प्रशासन ने जनता से शांति और भाईचारा बनाए रखने की अपील भी की।
डीडवाना में 211 वाहनों के चालान कटे:पुलिस ने 3 घंटे की सघन नाकाबंदी में की कार्रवाई
डीडवाना में सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए पुलिस प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर जिलेभर में विशेष सघन नाकाबंदी अभियान चलाया गया, जिसमें नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई की गई। इस अभियान के तहत पुलिस की विशेष टीमों ने जिले के प्रमुख चौराहों, राजमार्गों और संवेदनशील स्थानों पर नाकाबंदी की। संदिग्ध वाहनों की जांच की गई और यातायात नियमों की अनदेखी करने वाले चालकों के मौके पर ही चालान बनाए गए। यह अभियान महज तीन घंटे तक चला, जिसमें कुल 211 वाहन चालकों के चालान काटे गए। पुलिस द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, 63 चालान बिना हेलमेट के लिए, 44 वाहनों से काली फिल्म हटवाई गई, 43 वाहन बिना नंबर प्लेट के पाए गए और 14 चालान बिना सीट बेल्ट के लिए किए गए। इसके अतिरिक्त, शराब पीकर वाहन चलाने वाले 2 चालकों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई, जबकि अन्य उल्लंघनों के लिए 45 चालान बनाए गए। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बिना नंबर प्लेट और काली फिल्म लगे वाहनों के खिलाफ कार्रवाई सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण है, क्योंकि ऐसे वाहनों का उपयोग अक्सर आपराधिक गतिविधियों में किया जाता है। हेलमेट और सीट बेल्ट को लेकर सख्ती का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली जनहानि को कम करना है। पुलिस ने आमजन से यातायात नियमों का पालन करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह न केवल कानून का सम्मान है, बल्कि स्वयं और परिवार की सुरक्षा के लिए भी आवश्यक है। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
सीधी में स्कॉर्पियो ने दो मजदूरों को कुचला:सतना के थे दोनों मृतक, ग्रेनाइट लगाने का काम करते थे
सीधी शहर में गुरुवार की देर रात पटेल पुल के पास एक दर्दनाक हादसा हो गया। तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने दो मजदूरों को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे दोनों की मौत हो गई। ये दोनों मजदूर सतना जिले के रहने वाले थे और सीधी में घरों और दुकानों में पत्थर (ग्रेनाइट) लगाने का काम करते थे। हादसा रात के करीब 2 बजे का बताया जा रहा है। दोनों मजदूर बस से उतरकर सड़क पार कर रहे थे, तभी काले रंग की एक स्कॉर्पियो काल बनकर आई और उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों मजदूर सड़क पर ही लहूलुहान होकर गिर पड़े। टक्कर मारने के बाद ड्राइवर गाड़ी लेकर मौके से भाग निकला। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को खबर दी, लेकिन जब तक उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, तब तक दोनों की जान जा चुकी थी। घंटों बाद हुई पहचान रात भर दोनों शवों की पहचान नहीं हो पाई थी। शुक्रवार दोपहर 3 बजे के करीब जब पुलिस ने जांच पड़ताल की, तब जाकर पता चला कि मृतकों के नाम बसंत यादव (40 वर्ष) और रामभुवन सिंह (65 वर्ष) हैं। दोनों सतना जिले के निवासी थे और रोजी-रोटी के चक्कर में सीधी आए हुए थे। सीसीटीवी फुटेज से खुला राज कोतवाली थाना प्रभारी अभिषेक उपाध्याय ने बताया कि पुलिस ने मामले की बारीकी से जांच शुरू कर दी है। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाला गया, जिसमें एक काले रंग की स्कॉर्पियो संदिग्ध हालत में भागती हुई नजर आ रही है। पुलिस का कहना है कि गाड़ी की पहचान लगभग हो चुकी है और बहुत जल्द आरोपी ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। फिलहाल पुलिस ने केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
बक्सर में मछली पालकों को मिले 7 ई-रिक्शा:DM ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना, बिजनेस को मिलेगा बढ़ावा
बक्सर में मछली व्यवसाय से जुड़े लोगों को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। शुक्रवार को समाहरणालय परिसर में आयोजित एक कार्यक्रम में जिला पदाधिकारी साहिला ने मत्स्य विभाग की मत्स्य परिवहन वाहन योजना 2025-26 के तहत सात थ्री-व्हीलर ई-रिक्शा का वितरण किया। डीएम ने इन वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर जिला पदाधिकारी ने कहा कि इस योजना से मत्स्य पालकों और मछुआरों को स्वावलंबन का अवसर मिलेगा। अब वे मछलियों को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से बाजार तक पहुंचा सकेंगे, जिससे उनके व्यवसाय को मजबूती मिलेगी। उन्होंने लाभुकों से ई-रिक्शा का जिम्मेदारी के साथ उपयोग करने की अपील की, ताकि मछली का सुरक्षित परिवहन हो सके और ग्राहकों का विश्वास बढ़े। आधुनिक साधनों से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम डीएम ने आगे बताया कि सरकार की यह पहल मत्स्य व्यवसाय से जुड़े लोगों को आधुनिक साधनों से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम है। अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस इन वाहनों के माध्यम से मछलियों को स्वच्छ और सुरक्षित तरीके से बाजार तक पहुंचाना आसान होगा, जिससे व्यापार में भी वृद्धि होगी। कार्यक्रम के दौरान अपर समाहर्ता ने जानकारी दी कि इस योजना के तहत मछलियों को जल स्रोतों से बाजार तक स्वच्छ तरीके से पहुंचाने की व्यवस्था की गई है। ई-रिक्शा में लगे आइस बॉक्स की मदद से मछलियों को ताजा और सुरक्षित रखा जा सकेगा। इससे मछुआरों की आय में वृद्धि होगी और उपभोक्ताओं को भी उचित कीमत पर ताजी और स्वच्छ मछली मिल सकेगी। 50 प्रतिशत राशि लाभुकों को स्वयं वहन करनी होगी जिला मत्स्य पदाधिकारी ने योजना के वित्तीय पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि एक यूनिट की लागत लगभग तीन लाख रुपये निर्धारित की गई है। इसमें सरकार की ओर से 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा, जिसका भुगतान सीधे एजेंसी को किया जाएगा। शेष 50 प्रतिशत राशि लाभुकों को स्वयं वहन करनी होगी। उन्होंने कहा कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य मछुआरों को आधुनिक संसाधनों से जोड़ना और उनके व्यवसाय को सुरक्षित एवं लाभकारी बनाना है। कार्यक्रम में मत्स्य विभाग के अधिकारी, लाभुक मछुआरे और अन्य संबंधित लोग भी उपस्थित रहे।
जलांधर पुलिस ने दो नशा तस्करों को पकड़ा:हेरोइन बरामद, NDPS एक्ट के तहत केस दर्ज, कोर्ट ने भेजा जेल
जालंधर जिले में नूरमहल पुलिस ने दशमेश कॉलोनी से दो व्यक्तियों को हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया है। थाना मुखी पलविंदर सिंह इंस्पेक्टर ने बताया कि आरोपियों की पहचान राम मट्टू और सुखविंदर उर्फ सुखा के रूप में हुई है। पुलिस ने दशमेश कॉलोनी, नूरमहल में की गई कार्रवाई के दौरान उनके पास से एक चांदी का पेपर बैग, 10 रुपए का भारतीय नोट और एक लाइटर बरामद किया। इन वस्तुओं का उपयोग प्रतिबंधित हेरोइन के सेवन के लिए किया जा रहा था। एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज दोनों आरोपियों, राम मट्टू (पिता राम चंदर) और सुखविंदर उर्फ सुखा (पिता रेशम), दोनों निवासी कोट बादल, थाना नूरमहल, के खिलाफ मुकदमा नंबर 38, धारा 27-61-85 एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज किया गया है। थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
गीतावाटिका में गूंजा 'हरे कृष्ण' महामंत्र:श्रद्धा और भक्ति के साथ सम्पन्न हुआ सात दिवसीय संकीर्तन
हनुमानप्रसाद पोद्दार की 55वीं तिरोधान तिथि के पावन अवसर पर गीतावाटिका में आयोजित सात दिवसीय अखण्ड हरिनाम संकीर्तन का समापन शुक्रवार को अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण के बीच सम्पन्न हुआ। अंतिम दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु, संत-महात्मा और भक्त उपस्थित होकर हरिनाम संकीर्तन में शामिल हुए और भाईजी को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। विभिन्न स्थानों से आई संकीर्तन मण्डलियों और स्थानीय श्रद्धालुओं ने ढोल, मंजीरे और करताल की मधुर ध्वनि के साथ भगवान के पवित्र नामों का संकीर्तन किया। इस दौरान हरे कृष्ण महामंत्र सहित भगवान के विभिन्न नामों के सामूहिक गान से पूरा परिसर भक्तिमय माहौल और आध्यात्मिक ऊर्जा से भरा रहा। प्रभातफेरी में उमड़ा श्रद्धा का सैलाबतिरोधान तिथि के दिन सुबह भक्ति और श्रद्धा से परिपूर्ण प्रभात फेरी का आयोजन किया गया। जो भाईजी के पवित्र कमरे से शुरू होकर राधाकृष्ण साधना मंदिर की परिक्रमा करते हुए समाधि तक पहुंची। रास्ते में श्रद्धालु ढोल, मंजीरे और करताल के साथ हरिनाम का भव्य संकीर्तन करते हुए भक्ति में लीन दिखाई दिए, जिससे पूरा गीतावाटिका परिसर भक्तिमय वातावरण से गूंज उठा। समाधि स्थल पर भव्य आरती हुईइसके बाद समाधि स्थल पर पद-गायन और आरती सम्पन्न हुई तथा पूज्य श्रीभाईजी का श्रद्धार्चन किया गया। कार्यक्रम के अंतर्गत पूज्य बाबा की आरती और गिरिराज जी की परिक्रमा भी सम्पन्न हुई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। अंत में अखण्ड हरिनाम संकीर्तन की पूर्णाहुति सम्पन्न हुई। उसके बाद श्रद्धालुओं को श्रीगिरिराज भोग का प्रसाद वितरित किया गया। इस अवसर पर उपस्थित भक्तों ने भाईजी की पावन स्मृतियों को नमन करते हुए भक्ति-भाव से हरिनाम संकीर्तन किया। पूरे कार्यक्रम के दौरान गीतावाटिका में आध्यात्मिक वातावरण बना रहा और दूर-दूर से आए श्रद्धालुओं ने इस दिव्य आयोजन में हिस्सा लेकर भक्ति रस का अनुभव किया।
बुलंदशहर में लोन सेटलमेंट के नाम पर डेढ़ लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। नगर कोतवाली क्षेत्र में हुई इस घटना में पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने दो आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अमर माया कॉलोनी, चांदपुर रोड निवासी दीपक शर्मा ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनके पिता ने 15 जनवरी 2025 को एक फाइनेंस कंपनी से लगभग 17 लाख रुपये का लोन लिया था। इसमें से 16.48 लाख रुपये उनके खाते में आए थे और इसकी ईएमआई अभी भी कट रही है। आरोप है कि फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी विपिन शर्मा, जो मंडी चौकी क्षेत्र का निवासी है, ने दीपक शर्मा के पिता का लोन पांच लाख रुपये में सेटल कराने का झांसा दिया। इस एवज में उसने 18 जनवरी 2025 को पीड़ित से 1.5 लाख रुपये का चेक ले लिया। बताया गया कि आरोपी विपिन शर्मा ने यह चेक अपने साथी भरत भूषण के खाते में जमा करा दिया। पीड़ित का आरोप है कि रुपये लेने के बाद आरोपी करीब चार-पांच महीने तक उन्हें गुमराह करता रहा और लोन सेटलमेंट जल्द कराने का आश्वासन देता रहा। बाद में जब पीड़ित ने सेटलमेंट न होने पर अपने रुपये वापस मांगे, तो आरोपी ने पैसे देने से इनकार कर दिया और उन्हें जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित ने बताया कि उन्होंने इस मामले की शिकायत पहले भी पुलिस अधिकारियों से की थी, लेकिन तब कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। अब दोबारा तहरीर देने के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
संतकबीर नगर में स्कूली बच्चों से भरी टैक्सी पलटी:तीन बच्चे और चालक घायल, BSA और BEO अस्पताल पहुंचे
संतकबीरनगर जिले के मेंहदावल में शुक्रवार को चिरैयाडांड़ के पास स्कूली बच्चों को ले जा रही एक टैक्सी पलट गई। इस हादसे में पीएम श्री विद्यालय जमोहरा के तीन बच्चे और टैक्सी चालक घायल हो गए। ये बच्चे जनपदीय क्रीड़ा प्रतियोगिता में भाग लेने जा रहे थे। जानकारी के अनुसार, चिरैयाडांड़ में टैक्सी एक दोपहिया वाहन को बचाने के प्रयास में अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में घायल हुए बच्चों और चालक को चोटें आई हैं, जबकि टैक्सी में सवार अन्य सभी बच्चे पूरी तरह सुरक्षित बताए गए हैं। पीएम श्री विद्यालय जमोहरा के प्रभारी प्रधानाध्यापक संजय गांधी ने बताया कि जनपद स्तरीय क्रीड़ा प्रतियोगिता के लिए बच्चों को एक टैक्सी से भेजा गया था, जिसके साथ विद्यालय के शिक्षक अनुपम भी मौजूद थे। दुर्घटना की सूचना मिलते ही बीईओ महेंद्रनाथ त्रिपाठी के साथ वे तुरंत मौके पर पहुंचे और घायल बच्चों को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पहुंचाया। हादसे की जानकारी मिलने पर बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) अमित कुमार सिंह और बीईओ ज्ञानचंद्र मिश्र भी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। उन्होंने घायल बच्चों का हालचाल पूछा और उनके समुचित इलाज का निर्देश दिया। सभी घायल बच्चों का उपचार कराने के बाद उन्हें सुरक्षित उनके माता-पिता के पास पहुंचाया गया।
संभागीय आयुक्त अनिल कुमार अग्रवाल की अध्यक्षता में शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में बजट घोषणाओं 2024-25, 2025-26 और 2026-27 के तहत स्वीकृत विकास कार्यों तथा विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में संभागीय आयुक्त अग्रवाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वीकृत विकास कार्यों को शीघ्र शुरू किया जाए। प्रगतिरत कार्यों को तय समय सीमा में पूरा किया जाए और पूर्ण हो चुके कार्यों का भुगतान तुरंत जारी किया जाए। उन्होंने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से कोई समझौता न करने पर जोर दिया। अग्रवाल ने यह भी निर्देश दिए कि जिन कार्यों का निर्माण पूरा हो चुका है, उनके कार्य पूर्णता प्रमाण पत्र और कार्य उपयोगिता प्रमाण पत्र अतिशीघ्र भिजवाए जाएं। उन्होंने जिले में विभिन्न विकास कार्यों के लिए अधिग्रहित भूमि के मुआवजा संबंधी लंबित प्रकरणों को प्राथमिकता से निपटाने के निर्देश दिए। विभागीय नियमानुसार कार्यवाही पूर्ण कर शेष मुआवजा राशि जारी करने को कहा गया। संभागीय आयुक्त ने ईआरसीपी (पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना) के लिए अधिग्रहित भूमि में जिन खातेदारों को मुआवजा राशि जारी की जा चुकी है, उन खसरों पर तुरंत कब्जा लेने के निर्देश दिए। उन्होंने सार्वजनिक निर्माण, विद्युत सहित अन्य संबंधित विभागों को ईआरसीपी परियोजना के तहत आपसी समन्वय स्थापित कर निर्माण कार्य को गति देने को कहा। अग्रवाल ने बजट घोषणाओं में स्वीकृत विभिन्न विकास कार्यों की वर्तमान प्रगति की बिंदुवार समीक्षा की। इस दौरान जैत सागर व नवल सागर सौंदर्यीकरण कार्य, डाबी में स्वीकृत महाविद्यालय का निर्माण, श्री अन्न आउटलेट, सैंडस्टोन पार्क और केशवरायपाटन में खेल स्टेडियम निर्माण सहित अन्य बजट घोषणाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। उन्होंने अधिकारियों को बजट घोषणा के लंबित कार्यों, प्रगतिरत और पूर्ण हो चुके कार्यों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए। सभी संबंधित अधिकारियों से बजट घोषणाओं को धरातल पर लागू करने के लिए विशेष प्रयास करने का आह्वान किया गया। इस अवसर पर जिला कलेक्टर अक्षय गोदारा ने गुरु गोलवलकर आकांक्षी ब्लॉक विकास योजना, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जिला उत्थान योजना और पंच गौरव के अंतर्गत हुई प्रगति सहित अन्य विभागीय योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने विभिन्न योजनाओं के तहत संबंधित विभागीय निविदा प्रक्रिया, भुगतान और तकमीना (अनुमान) आदि के संबंध में भी विस्तृत निर्देश दिए। इस दौरान अतिरिक्त जिला कलेक्टर रामकिशोर मीणा, मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद् रवि वर्मा, एसई पीडब्ल्यूडी मुकेश गुप्ता सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहें।
मेरठ में एलपीजी की किल्लत के बीच रेस्टोरेंट्स, होटलों के किचन बंद होना शुरू हो गए हैं। होटल संचालक घरों से खाना बनवाकर ला रहे हैं। जिसे रेस्टोरेंट्स में सप्लाय किया जा रहा है।मेरठ में खासतौर से कम्युनिटी किचन और छोटे रेस्टोरेंट में यही हालात हैं। होटलों के पास गैस न होने के कारण अब घरों से खाना बनाकर सप्लाय किया जा रहा है। शहर के कई इलाकों जैसे बेगमबाग, पीएल शर्मा रोड़, गंगानगर, तेजगढ़ी में बड़ी संख्या में छात्र कोचिंग और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए रहते हैं। इनके लिए हॉस्टल और कोचिंग सेंटरों के आसपास छोटे-छोटे रसोईघर और टिफिन सेंटर संचालित होते हैं, जहां रोजाना सैकड़ों छात्र खाना खाते हैं। लेकिन पिछले कुछ दिनों से गैस सिलेंडर की किल्लत के कारण इन रसोईघरों में भोजन तैयार करना कठिन हो गया है। इस समस्या से निपटने के लिए कई संचालकों ने नया तरीका अपनाया है। अब वे अपने घरों या अन्य स्थानों पर भोजन तैयार करवाकर रसोईघरों तक पहुंचा रहे हैं और वहीं छात्रों को परोस रहे हैं। इससे छात्रों को समय पर भोजन मिल रहा है और रसोईघर भी बंद नहीं करने पड़ रहे। घर पर है गेल गैस का कनेक्शन पीएल शर्मा रोड पर वैदेही रसोई के नाम से होटल चलाने वाले रिषभ ने बताया कि सिलेंडर की कमी के चलते यहां की रसोई बंद हो गई है। घर पर गैस का कनेक्शन है जिस से अब खाना तैयार कर ई- रिक्शा में रख कर होटल में लाते हैं और बच्चों को खाना देते हैं। बंद नहीं कर सकते होटल उन्होंने बताया कि घरों से बाहर रहकर पढ़ाई करने वाले बच्चे ही ज्यादातर हमारे यहां खाना खाते हैं। ऐसे में अचानक से उनको खाना मना करने से उनको भी समस्या हो जाएगी।
गोपालगंज में गैस सिलेंडर को लेकर लगातार चौथे दिन भी तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। विभिन्न गैस एजेंसियों और उनके गोदामों पर सुबह से ही उपभोक्ताओं की लंबी कतारें देखी गईं। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए स्थानीय प्रशासन और एजेंसी संचालकों को पुलिस का सहारा लेना पड़ रहा है। अफवाह के कारण गोदामों पर जमा होने लगे लोग पिछले कुछ दिनों से कॉमर्शियल गैस की आपूर्ति पर रोक लगने के बाद जिले में यह चर्चा जोर पकड़ गई है कि आने वाले दिनों में रसोई गैस की भारी कमी हो सकती है। इस अफवाह के कारण बड़ी संख्या में लोग गोदामों पर जमा होने लगे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, एजेंसी मालिकों ने स्पष्ट किया है कि जिले में गैस की कोई किल्लत नहीं है। इंडेन के शाही एजेंसी मालिक अतुल शाही ने आरोप लगाया कि कुछ होटल संचालकों और स्थानीय बिचौलियों द्वारा गैस की कमी की झूठी खबर फैलाई गई है, ताकि लोग घबराकर स्टॉक जमा करना शुरू कर दें। उन्होंने ग्राहकों से किसी भी अफवाह पर ध्यान न देने और धैर्य बनाए रखने की अपील की। एजेंसी पर धक्का-मुक्की की स्थिति दूसरी ओर, लाइन में खड़े ग्राहकों का कहना है कि वे सुबह 5 बजे से ही अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। ग्राहकों की शिकायत है कि समय पर गैस नहीं मिलने से उनके घरों में चूल्हे नहीं जल पा रहे हैं। जिले के कई इलाकों में 300 से अधिक लोग एक साथ एक ही एजेंसी पर जमा हो रहे हैं, जिससे धक्का-मुक्की की स्थिति भी उत्पन्न हो रही है।
पंजाब के नगर निगमों, नगर काउंसिलों और नगर पंचायतों में कार्यरत सफाई कर्मचारी और अन्य स्टाफ 6 मई से अनिश्चितकालीन काम छोड़ हड़ताल पर रहेंगे। यह कमर्चारी लंबे समय से अपनी मांगाें काे लेकर विराेध जता रहे हैं। फैसला सफाई सेवक यूनियन पंजाब की आज मोगा में हुई एक बैठक में लिया गया। यूनियन के राज्प्र प्रधान ओक सरवाण की अगुवाई में हुई बैठक में पंजाब के विभिन्न जिलों से आए यूनियन नेताओं ने भाग लिया और महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श किया। कई विभागाें के कमर्चारी लेंगे हिस्सा यूनियन के वरिष्ठ उपप्रधान सोमनाथ चोबड़ ने प्रेस को जानकारी देते हुए बताया कि यह फैसला 7 मार्च को लुधियाना के ईसड़ू भवन में हुई म्यूनिसिपल मुलाजिम एक्शन कमेटी पंजाब की बैठक के निर्णयों को लागू करने के लिए लिया गया है। हड़ताल तब तक जारी रहेगी जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं। इस हड़ताल में सफाई सेवक, सीवरमैन, माली, बेलदार, सेवदार, चौकीदार, इलेक्ट्रीशियन, पंप ऑपरेटर, कंप्यूटर ऑपरेटर, क्लर्क, ड्राइवर सहित फायर ब्रिगेड के सभी कर्मचारी शामिल होंगे। 20 साल के बाद भी नहीं किया जा रहा रेगुलर यूनियन के राज्य सचिव रमेश गहिचंद ने बताया कि स्थानीय संस्थाओं में पिछले 15-20 सालों से काम कर रहे कच्चे कर्मचारियों को पंजाब सरकार ने अभी तक पक्का नहीं किया है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा 2013 में कॉन्ट्रैक्ट बेस कर्मचारियों को पक्का करने के लिए बनाई गई नीति को म्यूनिसिपल कर्मचारियों पर लागू नहीं किया गया। पुरानी पेंशन स्कीम की बहाली करने की मांग अन्य मांगों में पुरानी पेंशन स्कीम की बहाली, लंबित पड़े सफाई सेवकों और सीवरमैन की भर्तियां करना तथा कच्चे कर्मचारियों की तनख्वाह में “बराबर काम-बराबर वेतन” के सिद्धांत के अनुसार बढ़ोतरी करना शामिल है। यूनियन ने सरकार से इन सभी लंबित मांगों को जल्द से जल्द स्वीकार करने का आग्रह किया है।
देवघर नगर निगम के डिप्टी मेयर का शुक्रवार को चुनाव किया गया। वार्ड संख्या 5 की पार्षद टिप चटर्जी ने 21 मत प्राप्त कर उपमहापौर का पद जीत लिया। वार्ड संख्या 22 के अर्पण झा दूसरे स्थान पर रहे। इससे पूर्व नवनिर्वाचित मेयर रवि राउत और 36 वार्ड पार्षदों ने शपथ ग्रहण किया। यह समारोह विकास भवन के सभागार में आयोजित किया गया। संथाल परगना के कमिश्नर संजय कुमार ने मेयर रवि राउत को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इसके बाद सभी 36 वार्ड पार्षदों को भी क्रमवार शपथ दिलाई गई। मेयर ने समग्र विकास को अपनी पहली प्राथमिकता बतायाशपथ ग्रहण के बाद मेयर रवि राउत ने देवघर नगर निगम क्षेत्र के समग्र विकास को अपनी पहली प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि शहर में स्वच्छता व्यवस्था में सुधार, पेयजल समस्या का समाधान, सड़कों की मरम्मत और अन्य बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना निगम की प्रमुख जिम्मेदारियां होंगी। मेयर ने इन कार्यों के लिए सभी वार्ड पार्षदों के साथ समन्वय स्थापित कर काम करने की बात कही। शपथ ग्रहण प्रक्रिया पूरी होने के तुरंत बाद उपमेयर पद के लिए चुनाव कराया गया। शपथ ग्रहण समारोह में प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि, विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता और बड़ी संख्या में समर्थक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। पुलिस बल की तैनाती के बीच समारोह शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
कुरुक्षेत्र जिले के लाडवा में बुजुर्ग किसान को लिफ्ट देकर एक लाख रुपए चुराने के दूसरे आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की पहचान साहब सिंह उर्फ अरुण निवासी जोडियां जिला यमुनानगर के रूप में हुई। आरोपी के कब्जे से चुराए गए रुपए में से 60 हजार रुपए बरामद हुए। थाना लाडवा में 9 मार्च को बलबीर सिंह पिवासी गिलौर जिला यमुनानगर ने बताया था कि वह खेती-बाड़ी करता है। वह 9 मार्च को अपने घर से लाडवा बैंक से पैसे निकालने के लिए आया था। यहां से उसने बैंक से एक लाख रुपए निकाल कर अपनी जेब में रख लिए थे। इसके बाद अपने काम के लिए लाडवा मार्केट में जाने लगा। रास्ता पूछने के बहाने आएइसी दौरान इंद्री चौक के पास बाइक पर 2 युवक उसके पास आए और उससे मथाना जाने का रास्ता पूछने लगे। उसने उनको मथाना का रास्ता बता दिया। रास्ता बताने के बाद उन्होंने उसे भी लिफ्ट देने की बात कही। विश्वास करके वह उन युवकों के साथ बाइक पर बैठ गया। उन्होंने उसे रामकुण्डी चौक पर उतार दिया। जेब से पैसे लेकर फरार रास्ते में उन्होंने उसकी जेब से एक लाख रुपए निकाल लिए और लेकर फरार हो गए। कुछ देर बाद उसने अपनी जेब चेक की, तो जेब से पैसे गायब थे। शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच सीआईए-1 ने करते हुए 10 मार्च को आरोपी सूरज को गिरफ्तार कर कब्जे से 40 हजार रुपए और बाइक बरामद की। अब उसकी निशानदेही पर उसके दोस्त अरुण को काबू किया। यूपी और यमुनागर में केस दर्ज सीआईए-1 के इंचार्ज जसबीर सिंह ने बताया कि आरोपी सूरज के खिलाफ NDPS, ARMS एक्ट और चोरी के यूपी और यमुनानगर में 5 केस दर्ज है। दूसरा आरोपी अरुण उसका दोस्त है। उसके खिलाफ भी कई मामले दर्ज हैं। दोनों नशेड़ी है और नशा खरीदने के लिए चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। दोनों को कोर्ट के ऑर्डर से जेल भेज दिया है।
गणगौर पर्व पर चंद्र गौरजा कार्यक्रम का आयोजन:महिलाओं ने बनौरा निकाला, किया पूजन व लोक नृत्य
चूरू में गणगौर पर्व के अवसर पर 'चंद्र गौरजा' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम लोक संस्कृति शोध संस्थान नगर श्री और युक्ति सामाजिक शोध संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ। निशा अजमेरा ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। कार्यक्रम का शुभारंभ गणगौर और ईसर की स्थापना और पूजन के साथ हुआ। इसके बाद महिलाओं ने बनौरा निकाला। डॉ. निर्मला सैनी, सरिता शर्मा और विजयलक्ष्मी शर्मा ने पारंपरिक गणगौर गीत जैसे 'म्हे ईसर थारी साली हां' और 'बाड़ी वाला बाड़ी खोल' प्रस्तुत किए। कार्यक्रम संयोजक डॉ. सरोज हारित ने स्वागत भाषण दिया, जबकि कार्यक्रम प्रभारी दीपा गौतम ने प्रतियोगिताओं के नियमों की जानकारी दी। मुख्य अतिथि डॉ. तमन्ना शर्मा ने इस प्रकार के आयोजनों को गौरवशाली लोक संस्कृति के संरक्षण में सहायक बताया। उन्होंने कहा कि लोकगीत और लोक नृत्य नारी अभिव्यक्ति का सबसे सशक्त माध्यम हैं। कार्यक्रम में लोक नृत्य और बणी ठणी प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं। लोक नृत्य प्रतियोगिता में सपना मीणा ने प्रथम, रुचिका पीपलवा ने द्वितीय और मोना शर्मा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। बणी ठणी प्रतियोगिता में राखी व्यास को 'बणी ठणी सम्मान' से सम्मानित किया गया। प्रतियोगिताओं में नीलम वर्मा, उमा वशिष्ठ और अंकिता कोकचा ने निर्णायक की भूमिका निभाई। अध्यक्षता कर रहीं निशा अजमेरा ने कहा कि ऐसे आयोजन महिलाओं को अपनी प्रतिभा और भावनाओं को व्यक्त करने का अवसर प्रदान करते हैं। संस्थान की रूपा मजूमदार, ऊषा सोनी, मुन्नी डागा और पूजा सोनी ने अतिथियों का स्वागत किया। नगरश्री के सचिव श्यामसुंदर शर्मा और युक्ति संस्थान की सचिव राजकौर राहड़ ने विजेताओं को स्मृति चिन्ह भेंट किए। इस अवसर पर डॉ. ट्विंकल शर्मा, उर्मिला चाहर, अंजू नेहरा, शोभा सोनी, निहारिका शर्मा, अर्चना ओझा, मोनिका तिवाड़ी, किरण कोठारी, अनीता सोनी, निशा जांगिड़, मंजू कंवर, अनीता सोनी और संतोष अग्रवाल सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. पूजा प्रजापत ने किया।
भोपाल के शासकीय महारानी लक्ष्मीबाई कन्या स्नातकोत्तर (स्वशासी) महाविद्यालय में आज से “विकसित भारत @ 2047: संस्कृति, ज्ञान तथा सततता पर अंतरविषयी दृष्टिकोण” विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी शुरू हो गई। पहले दिन विशेष अंतरविषयी प्रदर्शनी लगाई गई है। जबकि शनिवार को देशभर के प्राध्यापक, शोधार्थी और विद्यार्थी भाग लेकर विकसित भारत की संकल्पना पर विचार साझा करेंगे। प्रदर्शनी इस कार्यक्रम का विशेष आकर्षण है। इसमें इतिहास विभाग द्वारा डॉ. आरसी ठाकुर के संग्रह से प्राचीन सिक्कों की दुर्लभ प्रदर्शनी लगाई गई है, जिसमें विक्रमादित्य काल के सिक्के, उज्जैन के महाकाल से जुड़े सिक्के और विभिन्न कालखंडों की दुर्लभ मुद्राएं प्रदर्शित की जा रही हैं। इसके अलावा पद्मश्री डॉ. नारायण व्यास के निजी संग्रह से प्राचीन औजार, पंचांग, डाक टिकट और अन्य पुरावस्तुएं भी प्रदर्शित की जा रही हैं, जिससे विद्यार्थियों और आगंतुकों को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से रूबरू होने का अवसर मिल रहा है। प्राचीन सिक्कों और पुरावस्तुओं की विशेष प्रदर्शनीसंगोष्ठी के साथ आयोजित अंतरविषयी प्रदर्शनी कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण होगी। इतिहास विभाग द्वारा डॉ. आरसी ठाकुर के संग्रह से प्राचीन सिक्कों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। जिसमें पृथ्वीराज चौहान, विक्रमादित्य के काल के सिक्कों से लेकर प्रचीन काल की मुद्रा तक शामिल हैं। इसमें विशेष रूप से विक्रमादित्य काल के सिक्के, उज्जैन के महाकाल मंदिर से जुड़े सिक्के और विभिन्न कालखंडों की दुर्लभ मुद्राओं को प्रदर्शित किया जा रहा है। इसके अलावा पद्मश्री डॉ. नारायण व्यास के निजी संग्रह से प्राचीन औजार, पंचांग, डाक टिकट और अन्य ऐतिहासिक वस्तुएं भी प्रदर्शित की जा रही हैं, जिससे विद्यार्थियों को भारतीय इतिहास और संस्कृति की विविध झलक देखने को मिल रही है। संगोष्ठी में शामिल होंगे कई प्रमुख वक्तादो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी में सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी आरआर रश्मि मुख्य वक्ता के रूप में अपने विचार रखेंगे। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश चुनाव आयोग के आयुक्त मनोज श्रीवास्तव और वरिष्ठ साहित्यकार उदयन वाजपेई भी प्रबुद्ध वक्ता के रूप में उपस्थित रहेंगे। संगोष्ठी की अध्यक्षता पद्मश्री डॉ. नारायण व्यास करेंगे। इस अवसर पर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के सुपरिटेंडिंग आर्कियोलॉजिस्ट डॉ. मनोज कुमार कुर्मी, जनजातीय संग्रहालय भोपाल के निदेशक डॉ. धर्मेंद्र पारे और दत्तोपंत ठेंगड़ी संस्थान के डॉ. मुकेश मिश्रा भी विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे। विभिन्न विभागों की रचनात्मक प्रस्तुतियांमहाविद्यालय के कई विभाग इस प्रदर्शनी में अपनी विषयवस्तु से जुड़े आकर्षक प्रदर्शन प्रस्तुत कर रहे हैं। ड्रॉइंग एवं पेंटिंग विभाग द्वारा गोंड कला और लोककला पर आधारित चित्रों की प्रदर्शनी लगाई गई है। रसायन विज्ञान विभाग गुलाब जल और लौंग से तेल निकालने की प्रक्रिया का लाइव प्रदर्शन कर रहा है। वाणिज्य विभाग “शार्क टैंक : थिंक अबाउट द बिजनेस” विषय पर नवाचार और व्यवसायिक विचारों से जुड़ी गतिविधि आयोजित करेगा। विज्ञान संकाय के बॉटनी विभाग द्वारा प्राकृतिक रंग बनाने की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया जाएगा, जबकि समाज शास्त्र विभाग मध्यप्रदेश की गोंड जनजाति की सांस्कृतिक यात्रा को प्रदर्शित करेगा। विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक अवसरआयोजन का उद्देश्य भारत के विकास, सांस्कृतिक विरासत और सतत विकास के बीच के संबंध को रेखांकित करना है। आयोजकों का मानना है कि इस तरह के कार्यक्रम विद्यार्थियों को अतीत की विरासत से जोड़ते हुए भविष्य की दिशा में सोचने के लिए प्रेरित करते हैं। कार्यक्रम के संरक्षक महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अजय अग्रवाल हैं। संगोष्ठी की संयोजक डॉ. सीमा रायजादा, आयोजन सचिव डॉ. अमिता सिंह, समन्वयक डॉ. दीपा एस. कुमार और सह-समन्वयक डॉ. सुधीर कुमार शर्मा हैं। इतिहास विभाग की प्रदर्शनी में डॉ. आरके अग्रवाल, डॉ. कविता मालवीय और डॉ. शालिनी सिंह का विशेष सहयोग रहेगा।
शहर में एलपीजी गैस सिलेंडर की किल्लत का असर अब लोगों की सुबह की थाली पर भी दिखने लगा है। सिलेंडर आसानी से नहीं मिलने और महंगे दामों पर मिलने के कारण शहर में बेड़ेई-कचोरी समोसा और चाय जैसे नाश्ते के दाम बढ़ा दिए गए हैं। वही रेस्टोरेंट्स और कैफे संचालकों काकहना है कि जिसमें ज्यादा गैस खर्च होती है वह फूड आइटम्स बंद करने पड़े हैं । शहर के कई इलाकों में ₹5 की चाय को बढ़ाकर ₹10 कर दिया गया है। कुछ चाय स्टॉल संचालकों ने ₹5 वाली चाय बनाना ही बंद कर दिया है और अब सिर्फ ₹10 वाली चाय ही बेची जा रही है। वहीं कई दुकानदारों द्वारा पहले ₹10 में मिलने वाली बेड़ई, प्याज कचोरी और समोसा अब करीब ₹14 में बेचे जा रहे हैं। कुछ मिठाइयों के दाम भी बढ़ाए गए हैं। स्टॉल संचालकों का कहना है कि सिलेंडर 3 से 3.5 हजार रुपए तक में बड़ी मुश्किल से मिल रहा है। एक चाय स्टॉल संचालक ने बताया कि सिलेंडर नहीं मिलने से काफी परेशानी हो रही है। वह घर के सिलेंडर से रोज थोड़ा-थोड़ा गैस लाकर काम चला रहे हैं और घर पर इंडक्शन चूल्हे पर खाना बना रहे हैं। उनका कहना है कि अगर यही स्थिति रही तो स्टॉल बंद करने की नौबत आ सकती है। उधर ढाबा और रेस्टोरेंट संचालकों ने भी बताया कि गैस की कमी के कारण सुबह बनने वाले नाश्ते में कटौती करनी पड़ रही है। जिन आइटम में गैस ज्यादा खर्च होती है, जैसे आलू पराठा, कढ़ी और बड़े, उन्हें कई जगह बनाना बंद कर दिया गया है या सीमित मात्रा में ही तैयार किया जा रहा है। उनका कहना है कि सिलेंडर आसानी से न मिलने के कारण यह स्थिति बनी हुई है।
भागलपुर में एलपीजी गैस की आपूर्ति की स्थिति को लेकर आज कलेक्ट्रेट स्थित समीक्षा भवन में बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता DM नवल किशोर चौधरी ने की। इस दौरान गैस आपूर्ति से जुड़ी कंपनियों के क्षेत्रीय प्रबंधकों के साथ जिले में गैस की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था की समीक्षा की गई। बैठक में इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के क्षेत्रीय प्रबंधक रमन गौतम ने बताया कि भागलपुर में एलपीजी गैस की कोई कमी नहीं है। सामान्य रूप से एक दिन का बैकलॉग रहता है, लेकिन फिलहाल तीन दिनों का बैकलॉग चल रहा है। उन्होंने कहा कि सामान्य दिनों में प्रतिदिन लगभग 10 हजार सिलेंडर का भंडार रहता है, जबकि वर्तमान में 18 से 20 हजार सिलेंडर का स्टॉक उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि हाल के दिनों में अंतरराष्ट्रीय हालात को लेकर लोगों में अनावश्यक चिंता देखी जा रही है, जिसके कारण लोग एहतियात के तौर पर अधिक मात्रा में गैस की बुकिंग कर रहे हैं। इसी वजह से बैकलॉग की स्थिति बनी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले में एलपीजी गैस की कोई कमी नहीं है और आपूर्ति सामान्य रूप से जारी है। घरेलू गैस की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य हिंदुस्तान पैट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड के वरीय क्षेत्रीय प्रबंधक शाहनवाज अनवर और भारत पैट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड के क्षेत्रीय प्रबंधक इंद्रनील अग्रवाल ने भी बताया कि घरेलू गैस की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है। उन्होंने कहा कि व्यावसायिक गैस सिलेंडर के लिए उपभोक्ता सत्यापन के कारण कुछ स्थानों पर आपूर्ति अस्थायी रूप से रोकी गई है। हालांकि सत्यापित उपभोक्ताओं को व्यावसायिक गैस की आपूर्ति जारी है। अधिकारियों ने बताया कि घरेलू गैस की आपूर्ति में से केवल दो से तीन प्रतिशत ही व्यावसायिक उपयोग के लिए दी जाती है। पुलिस लाइन, एएनएम केंद्र, जीविका समूह और टाटा स्टील जैसे संस्थानों को सत्यापन के बाद व्यावसायिक गैस उपलब्ध कराई जा रही है। बैठक में जिलाधिकारी ने जिला आपूर्ति पदाधिकारी को निर्देश दिया कि गैस एजेंसियों से ऐसे गैस गोदामों की सूची प्राप्त की जाए, जहां अधिक भीड़ लग रही है। उन स्थानों पर विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दंडाधिकारियों की तैनाती की जाएगी।
सिंगरौली जिले के गजराबहरा स्थित कोलयार्ड से उड़ने वाली धूल के कारण आसपास के ग्रामीण परेशान हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि कोलयार्ड संचालक की लापरवाही से फसलें बर्बाद हो रही हैं और लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है। इस मामले में कोलयार्ड पर डेढ़ करोड़ रुपए से अधिक का पर्यावरणीय जुर्माना लगाया गया है, जिसके खिलाफ संचालक ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि कोलयार्ड में धूल नियंत्रण के लिए न तो नियमित रूप से पानी का छिड़काव किया जाता है और न ही अन्य आवश्यक उपाय किए जाते हैं। सड़कों पर उड़ती धूल के कारण कई बार वाहन चालकों को दिखाई देना बंद हो जाता है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। स्थानीय निवासी दादू लाल सिंह ने बताया कि कोलयार्ड की धूल से गांव के लोग लगातार खांसी, सांस और दमा जैसी बीमारियों से जूझ रहे हैं। किसान प्रसाद के अनुसार, खेतों में खड़ी फसलों पर कोयले की धूल जमने से उत्पादन प्रभावित हो रहा है, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। प्रदूषण अधिकारी ने लगाया था जुर्माना जिला क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी आरती ठाकुर ने जानकारी दी कि कोलयार्ड संचालक पर डेढ़ करोड़ रुपए से अधिक का पर्यावरणीय जुर्माना लगाया गया है। इस कार्रवाई के विरोध में संचालक ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है, जिसके कारण मामला न्यायालय में विचाराधीन है। विभाग स्थिति पर निगरानी बनाए हुए है। पानी का छिड़काव करते हैं कोलयार्ड के मैनेजर भूपेंद्र सिंह का कहना है कि परिसर में धूल नियंत्रण के लिए नियमित व्यवस्था की जाती है और पानी का छिड़काव भी कराया जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रबंधन पर्यावरण संबंधी नियमों का पालन करने का प्रयास कर रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रदूषण नियंत्रण विभाग की अनदेखी के कारण कोलयार्ड संचालक मनमानी कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण नहीं होता, तब तक उनका जीवन और खेती दोनों खतरे में बने रहेंगे। ग्रामीणों ने जल्द सुधार न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
बूंदी में जिला कलेक्टर अक्षय गोदारा की अध्यक्षता में राजस्व अधिकारियों की बैठक शुक्रवार को आयोजित की गई। बैठक में कलेक्टर ने राजस्व वसूली के लक्ष्यों को पूरा करने और लंबित राजस्व मामलों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए। कलेक्टर गोदारा ने सभी उपखंड अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में राजस्व वसूली के लक्ष्यों को इसी माह में प्राप्त करना सुनिश्चित करें। उन्होंने बकाया राजस्व वसूली में तेजी लाने पर जोर दिया। राजस्व मामलों के निस्तारण की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने प्रकरणों के निपटारे में प्रगति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से इजराय और पत्थर गढ़ी से संबंधित मामलों के निस्तारण में तेजी लाने को कहा। इसके अतिरिक्त, भूमि अधिग्रहण से संबंधित लंबित मुआवजे के मामलों का शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने राजस्थान संपर्क पोर्टल पर लंबित प्रकरणों को प्राथमिकता के साथ त्वरित रूप से निपटाने पर भी जोर दिया। बैठक में अतिरिक्त जिला कलेक्टर रामकिशोर मीणा, समस्त उपखंड अधिकारी, तहसीलदार और विभिन्न विभागों के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 22वीं किस्त 13 मार्च, शुक्रवार को शाम 5 बजे के बाद देशभर के किसानों के बैंक खातों में सीधे भेजी जाएगी। इस बार देश के 9 करोड़ 32 लाख से अधिक किसानों को कुल 18,640 करोड़ रुपये से अधिक की राशि हस्तांतरित की जाएगी। इस योजना के तहत किसानों को सालाना तीन किस्तों में आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। प्रत्येक किस्त में दो-दो हजार रुपये सीधे किसानों के खातों में भेजे जाते हैं। इसका मुख्य उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना और उन्हें खेती से जुड़ी जरूरतों को पूरा करने में आर्थिक मदद देना है। सिद्धार्थनगर जनपद में भी बड़ी संख्या में किसानों को इस योजना का लाभ मिलेगा। जनपद के 3,15,055 किसानों के खातों में इस किस्त के तहत कुल 63 करोड़ 1 लाख 10 हजार रुपये भेजे जाएंगे। यह राशि सीधे लाभार्थी किसानों के बैंक खातों में डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से ट्रांसफर की जाएगी। यह राशि किसानों के लिए बीज, खाद, कीटनाशक और अन्य कृषि आवश्यकताओं को पूरा करने में उपयोगी साबित होगी। सरकार का मानना है कि इस सहायता से किसानों को खेती की लागत में राहत मिलेगी और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना देश की प्रमुख किसान कल्याण योजनाओं में से एक है। इसके माध्यम से छोटे और सीमांत किसानों को नियमित आर्थिक सहायता मिलती है, जिससे उनकी आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने में मदद मिलती है। जनपद के किसानों में इस योजना की 22वीं किस्त को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। शुक्रवार, 13 मार्च की शाम 5 बजे के बाद से उनके खातों में राशि पहुंचना शुरू हो जाएगी, जिससे सिद्धार्थनगर के किसानों को सीधा लाभ मिलेगा और वे अपनी कृषि संबंधी जरूरतें पूरी कर सकेंगे।
मध्यप्रदेश सरकार ने प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत जूनियर डॉक्टरों के स्टाइपेंड में वृद्धि का आदेश जारी कर दिया है। स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल के निर्देश के बाद चिकित्सा शिक्षा विभाग ने यह संशोधन जारी किया, जो 1 अप्रैल 2025 से प्रभावी होगा। सरकार ने उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) के आधार पर स्टाइपेंड में बढ़ोतरी की है। इस निर्णय से प्रदेश के शासकीय मेडिकल कॉलेजों में अध्ययनरत पीजी छात्र, इंटर्न, सीनियर और जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों को सीधा लाभ मिलेगा। हाल ही में स्टाइपेंड संशोधन को लेकर चल रही जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल के बाद सरकार के इस फैसले को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उप मुख्यमंत्री बोले- जूनियर डॉक्टर स्वास्थ्य व्यवस्था की अहम कड़ी उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि जूनियर डॉक्टर प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था की एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं। मेडिकल कॉलेजों और उनसे संबद्ध अस्पतालों में वे न केवल अपने चिकित्सा प्रशिक्षण को पूरा करते हैं, बल्कि मरीजों को निरंतर स्वास्थ्य सेवाएं देने में भी अहम भूमिका निभाते हैं। राज्य सरकार चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता को मजबूत बनाने और स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी एवं जनोन्मुख बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। सरकार को विश्वास है कि जूनियर डॉक्टर पूरी प्रतिबद्धता के साथ स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ बनाने में योगदान देंगे। सीपीआई के आधार पर बढ़ाया गया स्टाइपेंड हड़ताल के बाद आया निर्णय स्टाइपेंड संशोधन को लेकर प्रदेशभर के जूनियर डॉक्टरों में लंबे समय से नाराजगी थी। जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (जेडीए) के नेतृत्व में रेजिडेंट डॉक्टर, सीनियर रेजिडेंट और इंटर्न ने विरोध प्रदर्शन शुरू किया था। 9 मार्च को सुबह 9 बजे से जूनियर डॉक्टरों ने हड़ताल की, जो शाम 5 बजे तक जारी रही। बाद में उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल और चिकित्सा शिक्षा आयुक्त के साथ हुई संयुक्त बैठक के बाद जेडीए ने हड़ताल को 16 मार्च तक के लिए स्थगित करने का निर्णय लिया। जेडीए ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि बैठक में डॉक्टरों की लंबित मांगों पर विस्तृत चर्चा हुई है और सकारात्मक समाधान का आश्वासन दिया गया है। हड़ताल से अस्पताल सेवाएं हुईं थी प्रभावित जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल का असर भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज और हमीदिया अस्पताल सहित कई अस्पतालों में देखने को मिला। गांधी मेडिकल कॉलेज के स्त्री रोग विभाग में पीपीटीसीटी काउंसलिंग एंड टेस्टिंग सेंटर, फर्टिलिटी क्लिनिक और एएनसी रूम की सेवाएं प्रभावित रहीं। सामान्य मरीजों को इलाज के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा था। हड़ताल का सबसे बड़ा असर सर्जरी सेवाओं पर पड़ा था। हमीदिया अस्पताल के आंकड़ों के अनुसार, 9 मार्च को 20 से अधिक ऑपरेशन टालने पड़े थे। काली पट्टी लगाकर कर रहे थे विरोध जूनियर डॉक्टरों ने 6 से 9 मार्च तक पिछले तीन दिनों से काली पट्टी लगाकर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में डीन और विभागाध्यक्षों को ज्ञापन भी सौंपा था। डॉक्टर्स ने स्पष्ट किया कि आपातकालीन सेवाएं पहले की तरह जारी रखी गईं, ताकि गंभीर मरीजों को किसी तरह की परेशानी न हो। हालांकि ओपीडी और अन्य नियमित सेवाओं का बहिष्कार किया गया था।
बैतूल बाजार थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक बुजुर्ग मजदूर के जेब से गिरे 17 हजार रुपये बरामद किए। पुलिस ने 13 सीसीटीवी कैमरों की जांच कर यह राशि बुजुर्ग को वापस दिलवाई। इस कार्रवाई से बुजुर्ग और उसके परिवार ने राहत महसूस की और पुलिस का आभार व्यक्त किया। पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन ने जिले में अपराध नियंत्रण और चोरी व गुम संपत्ति से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इन्हीं निर्देशों के तहत, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमला जोशी और एसडीओपी सुनील लाटा के मार्गदर्शन में, बैतूल बाजार थाना प्रभारी निरीक्षक अंजना धुर्वे के नेतृत्व में पुलिस टीम ने यह सराहनीय कार्य किया। यह घटना 11 मार्च 2026 की शाम करीब 6 बजे की है। ग्राम चारसी, थाना बैतूल बाजार निवासी 55 वर्षीय ओझा उईके ने पुलिस को सूचना दी कि महाराष्ट्र में तीन महीने की मजदूरी के बाद मिले 17 हजार रुपये उसकी जेब से बडोरा चौक, आठनेर रोड के पास कहीं गिर गए थे। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी ने तत्काल पुलिस टीम को मौके पर भेजा। टीम ने आसपास के सीसीटीवी कैमरों की जांच शुरू की, जिसमें एक व्यक्ति को रुपये उठाते हुए देखा गया। इसके बाद पुलिस ने उस व्यक्ति के आने-जाने के पूरे मार्ग का पता लगाने के लिए लगभग 13 स्थानों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। लगातार प्रयासों के बाद पुलिस ने संबंधित व्यक्ति की पहचान की और उसे बैतूल बाजार थाने बुलाया। पूछताछ के दौरान उसने रुपये उठाने की बात स्वीकार कर ली। इसके बाद, उसके पास से 17 हजार रुपये बरामद कर बुजुर्ग ओझा उईके के परिजनों की मौजूदगी में उन्हें वापस सौंप दिए गए। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक अंजना धुर्वे, प्रधान आरक्षक मुकेश पवार, आरक्षक नितिन चौहान और आरक्षक अनिरुद्ध यादव सहित बैतूल बाजार पुलिस स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे अपने कीमती सामान और रुपये-पैसों को सुरक्षित और सावधानी से रखें।
सहरसा पुलिस ने नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए सदर थाना क्षेत्र के जरसैन गांव में स्मैक और विदेशी शराब की तस्करी का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मौके से 9 ग्राम स्मैक, 9 लीटर विदेशी शराब, एक डिजिटल तराजू और 30,400 रुपए नकद बरामद किए हैं। इस मामले में तीन युवकों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। यह जानकारी शुक्रवार को सहरसा सदर थाना अध्यक्ष ने दी। सदर अस्पताल चौकी प्रभारी को गुप्त सूचना मिली थी कि जरसैन गांव निवासी मनीष कुमार अपने साथियों के साथ घर से ही स्मैक और विदेशी शराब की खरीद-फरोख्त कर रहा है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए वरीय अधिकारियों को अवगत कराया गया। निर्देश मिलने के बाद पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मनीष कुमार के घर पर छापेमारी की। पुलिस ने घर की घेराबंदी कर सघन तलाशी ली छापेमारी के दौरान पुलिस ने घर की घेराबंदी कर सघन तलाशी ली। एक कमरे से 9 ग्राम स्मैक, 9 लीटर विदेशी शराब और नशीले पदार्थों को तौलने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला डिजिटल तराजू बरामद किया गया। उसी कमरे में मौजूद तीन युवकों को पुलिस ने मौके पर ही हिरासत में ले लिया। तलाशी के दौरान उनके पास से कुल 30,400 रुपए नकद भी बरामद हुए, जिसे पुलिस ने नशे के कारोबार से जुड़ी रकम बताया है। तीनों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जरसैन गांव निवासी मनीष कुमार, बबन कुमार और रजनीश कुमार के रूप में हुई है। सदर थानाध्यक्ष सुबोध कुमार ने बताया कि इस संबंध में कांड संख्या 267/2026 दर्ज किया गया है। आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8(C)/21(B) और बिहार मद्यनिषेध एवं उत्पाद अधिनियम की धारा 30(A) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। आवश्यक पूछताछ के बाद तीनों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया। नशीले पदार्थों की सप्लाई की जा रही थी पुलिस अब इस गिरोह के नेटवर्क की जांच में जुट गई है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि किन इलाकों में इन नशीले पदार्थों की सप्लाई की जा रही थी। इस कार्रवाई में सदर थानाध्यक्ष सह पुलिस निरीक्षक सुबोध कुमार, चौकी प्रभारी गुंजन कुमार, पुलिस अवर निरीक्षक हंशलाल सिंह और सशस्त्र बल के जवान शामिल थे।
नमस्कार, ये है, इंदौर में आज की 10 बड़ी खबरें। अब आप रोज शाम 5 बजे एक ही जगह पर शहर की दिन भर की बड़ी खबरें पढ़ सकते हैं। कब क्या हुआ, इसकी सारी जानकारी यहां मिलेगी। राजनीति से लेकर हर दिन होने वाले बड़े इवेंट, हादसे, कार्यक्रम सबकुछ… 1. इंदौर एयरपोर्ट का रन-वे रिपेयरिंग में गर्मी बनी बाधा देवी अहिल्या बाई होल्कर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर रन-वे की रिकार्पेंटिंग और रिपेयरिंग का काम तय समय से करीब तीन महीने पीछे चल रहा है। यह काम फरवरी 2025 में शुरू हुआ था और इसे दिसंबर 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन अब इसे अप्रैल तक पूरा करने का दावा किया जा रहा है। सीमित समय, तकनीकी प्रक्रियाओं और मौसम की बाधाओं के कारण काम की गति धीमी बनी हुई है, जिससे खासकर रात की उड़ानों पर असर पड़ रहा है। पढ़ें पूरी खबर… 2. आश्रम जाने निकला छात्र लापता, दूसरे दिन भी सुराग नहीं मथुरा के संत प्रेमानंद महाराज के यहां जाने के लिए निकला इंदौर के 15 साल के बच्चे का दूसरे दिन भी कोई पता नहीं चला है। खजराना पुलिस ने उत्तर प्रदेश पुलिस और जीआरपी को इसकी जानकारी दे दी है। पिता ने गुरुवार को थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। पढ़ें पूरी खबर… 3. इंदौर में एलपीजी सिलेंडर की कालाबाजारी पर सख्ती इंदौर जिले में अब एलपीजी सिलेंडरों की किल्लत और कालाबाजारी करने वालों पर सख्ती की जाएगी। जिला प्रशासन ने उपभोक्ताओं की सुविधा और अवैध बिक्री पर रोक लगाने के लिए कंट्रोल रूम बनाया है। अब आम उपभोक्ता गैस सिलेंडर से जुड़ी किसी भी समस्या, शिकायत या सुझाव के लिए हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर सकेंगे। पढ़ें पूरी खबर… 4. ग्रीन वैली सोसाइटी में एक करोड़ की गड़बड़ी कनाड़िया रोड स्थित ग्रीन वैली सोसाइटी में करीब एक करोड़ रुपए की वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है। शिकायत के बाद पुलिस ने गुरुवार को सोसाइटी से जुड़ी चार महिलाओं के खिलाफ अमानत में खयानत का केस दर्ज किया है। पढ़ें पूरी खबर… 5. पंपकर्मी की मौत का आरोपी हीरानगर का निकला इंदौर के कजलाना में पेट्रोल पंप कर्मचारी की जान लेने वाले आरोपी की पहचान हो गई है। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी हीरानगर इलाके का रहने वाला है। कई किलोमीटर के सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद पुलिस टीम उसकी तलाश में हीरानगर तक पहुंची। पुलिस ने आरोपी के पिता को गुरुवार हिरासत में लिया है, जबकि आरोपी कार लेकर फरार है। पढ़ें पूरी खबर… 6. शादी का झांसा देकर युवती से दुष्कर्म, आरोपी फरार इंदौर के लसूडिया इलाके में 20 वर्षीय युवती से शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने का मामला सामने आया है। युवती की शिकायत पर पुलिस ने कॉलोनी में रहने वाले अजय पाटिल के खिलाफ गुरुवार रात दुष्कर्म का केस दर्ज किया है। आरोपी घटना के बाद से फरार है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है। पढ़ें पूरी खबर… 7. इंस्टाग्राम से नाबालिग को प्रेमजाल में फंसाया इंदौर में एक नाबालिग छात्रा को प्रेमजाल में फंसाकर उससे छेड़छाड़ करने और धमकाकर घर के जेवर मंगवाने का मामला सामने आया है। छात्रा की मां की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी युवक के खिलाफ छेड़छाड़, पॉक्सो एक्ट और धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। पढ़ें पूरी खबर… 8. डेली कॉलेज और पींटू छाबड़ा को करोड़ों का नोटिस वित्तीय वर्ष समाप्त होने से पहले बकाया वसूली को लेकर जिला प्रशासन सख्त हो गया है। इसी कड़ी में जूनी इंदौर तहसील प्रशासन ने शहर के प्रतिष्ठित डेली कॉलेज प्रबंधन और मॉल संचालक गुरजीतसिंह छाबड़ा (पिंटू छाबड़ा) को डायवर्सन टैक्स बकाया के नोटिस जारी किए हैं। दोनों मामलों में कुल मिलाकर करीब ढाई करोड़ रुपए की वसूली नोटिस जारी की गई है। पढ़ें पूरी खबर… 9. चोइथराम मंडी चेंबर हादसा: जांच के लिए केंद्रीय समिति पहुंची इंदौर के चोइथराम मंडी क्षेत्र में पिछले सोमवार को चेंबर में काम करते समय नगर निगम के दो कर्मचारियों की मौत के मामले में जांच तेज हो गई है। शुक्रवार को केंद्रीय समिति का एक दल मामले की जांच के लिए इंदौर पहुंचा और घटनास्थल का निरीक्षण किया। इस मामले में केंद्रीय समिति ने राज्य सरकार से भी जवाब मांगा था। पढ़ें पूरी खबर… 10. इंदौर में ‘घर की सफाई’ बना जनआंदोलन शहर में स्वच्छता को लेकर शुरू की गई एक अनोखी पहल अब तेजी से जनभागीदारी वाली मुहिम बनती जा रही है। 94.3 माय एफएम और इंदौर नगर निगम द्वारा मिलकर शुरू किया गया “घर की सफाई” अभियान शहर के अलग-अलग वार्डों में पूरे जोश के साथ आगे बढ़ रहा है। पढ़ें पूरी खबर…
अलवर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष की ओर से मोटर दुर्घटना के केस में आपसी समझौते के बाद बीमा कंपनी से प्राथी को एक करोड़ 6 लाख रुपए की क्षतिपूर्ति राशि का चेक दिलाया गया। पीड़ित परिवार को बड़ी राहत मिली है। न्यायाधीश अनु चौधरी की ओर से पक्षकारों को समझाइश कर आपसी सहमति कराने में प्रमुख भूमिका निभाई। इसके परिणामस्वरूप पीड़ित परिवार को आर्थिक राहत प्राप्त हो सकी। प्राधिकरण सचिव मोहन लाल सोनी ने बताया- मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के समक्ष रेखा बनाम शेर सिंह शीर्षक से क्लेम याचिका प्रस्तुत की गई थी। याचिका में उल्लेख किया गया कि प्रार्थी रेखा के पति रविकांत शर्मा 27 सितम्बर 2024 को अपनी मोटरसाइकिल से मंडी मोड़ स्थित अपने घर जा रहे थे। रात में लगभग 9 बजे कृषि उपज मंडी के पीछे सेठ हर प्रसाद धर्मशाला के सामने पहुंचे। तभी सामने से आ रही मोटरसाइकिल के चालक ने तेज गति और लापरवाही से वाहन चलाते हुए टक्कर मार दी। गंभीर चोट के कारण रविकांत शर्मा की मौत हो गई। AEN के पद पर कार्यरत थे क्लेम याचिका में यह भी उल्लेख किया गया कि मृतक जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के कार्यालय AEN इंजीनियर सुपरवाइजर के पद पर कार्यरत थे। प्रार्थी द्वारा बीमा कंपनी यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेन्स कंपनी से कुल 2,16,10,000 रुपए की क्षतिपूर्ति राशि दिलाए जाने का दावा प्रस्तुत किया गया था। लोक अदालत की भावना के अनुरूप पक्षकारों को समझाइश की गई, जिसके परिणाम बीमा कंपनी एवं प्रार्थी के मध्य आपसी सहमति से 1 करोड़ 6 लाख रुपए की क्षतिपूर्ति राशि पर राजीनामा तय हुआ। इस अवसर पर प्रार्थी के अधिवक्ता जय कृष्ण गुप्ता भी उपस्थित रहे। समझौता राजीनामा प्रस्तुत होने के बाद जिला एव सेशन न्यायाधीश अनंत भंडारी द्वारा बीमा कंपनी की ओर से प्रस्तुत 1.06 करोड़ रुपए की क्षतिपूर्ति राशि का चेक प्रार्थी एवं उनके वारिसों को सुपुर्द किया गया। बीमा कंपनी के अधिवक्ता सुनील कुमार गुप्ता ने बताया कि मोटर वाहन दुर्घटना से संबंधित प्रकरणों की एक विशेष सूची तैयार कर आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिकाधिक मामलों का निस्तारण कराने का प्रयास किया जा रहा है। लोक अदालत में तुरंत मिलती है मदद अध्यक्ष अनंत भंडारी ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से मोटर दुर्घटना दावा प्रकरणों का आपसी सहमति से निस्तारण होने से पीड़ित परिवारों को त्वरित आर्थिक सहायता मिल जाती है।
सदर विधायक ने ओपन जिम का शुभारंभ किया:बोले- स्वस्थ शरीर के लिए एक्सरसाइज जरूरी, 35 जिम बनाए जाएंगे
फर्रुखाबाद में सदर विधायक ने शुक्रवार को जसमई गांव के एक स्कूल में ओपन जिम का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने स्वस्थ रहने के लिए व्यायाम के महत्व पर जोर दिया। विधायक ने बताया कि उनके विधानसभा क्षेत्र में कुल 35 जिम स्थापित किए जाएंगे। जसमई के पंचायत घर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान सदर विधायक ने कहा कि गांवों में खेल को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके तहत कहीं स्टेडियम बनाए जा रहे हैं तो कहीं जिम स्थापित किए जा रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री को अपना प्रेरणा स्रोत बताते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन में विधायक यह प्रयास कर रहे हैं कि गांवों का विकास केवल बुनियादी सुविधाओं तक सीमित न रहे। उनका मानना है कि जब गांव का बच्चा और व्यक्ति स्वस्थ रहेगा, तभी वह देश के लिए बेहतर निर्णय ले पाएगा। इसी उद्देश्य के तहत कई विद्यालयों में ओपन जिम लगाए गए हैं। आज जिस जिम का शुभारंभ हुआ है, वह प्रस्तावित 35 जिमों में से एक है। विधायक ने इसे 'खुली व्यायामशाला' भी बताया। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस जिम के लगने से गांव के लोग लाभान्वित होंगे और स्वस्थ रहेंगे।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिला के बरपाली जंगल में जुआ खेले जाने की जानकारी पुलिस अधिकारियों को मिली। जिसे लेकर संबंधित चौकी प्रभारी से जानकारी ली गई, लेकिन उनके द्वारा स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। ऐसे में मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने चौकी प्रभारी व बीट के प्रधान आरक्षक को लाईन अटैच करते हुए एसआई विजय एक्का को रैरूमाखुर्द चौकी का प्रभारी सौंपा गया है। मिली जानकारी के मुताबिक वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह को 11 मार्च को चौकी रैरूमाखुर्द क्षेत्र के बरपाली जंगल में जुआ खेले जाने की सूचना मिली थी। इस संबंध में उनके द्वारा चौकी प्रभारी रैरूमाखुर्द एएसआई बृज किशोर गिरी से जानकारी ली गई, लेकिन उनके द्वारा मामले की स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। ऐसे में मामले को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी ने नाराजगी जताई। इसके बाद रक्षित केंद्र, थाना घरघोड़ा और रैरूमाखुर्द पुलिस की संयुक्त टीम गठित कर तत्काल जुआ फड़ पर दबिश दी गई। जहां कार्रवाई के दौरान चार जुआरियों को मौके से गिरफ्तार किया गया। जिनके कब्जे से 5 मोटरसाइकिल, 3 मोबाइल फोन और 10,600 कैश जप्त किया गया। आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। SSP ने तत्काल प्रभाव से लाइन अटैच कियावहीं मामले में चौकी प्रभारी एएसआई बृज किशोर गिरी और बीट के प्रधान आरक्षक लक्ष्मी नारायण केंवट द्वारा अपने कर्तव्यों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही पाए जाने पर SSP ने दोनों पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से लाइन अटैच कर दिया गया है। साथ ही थाना पूंजीपथरा में पदस्थ उपनिरीक्षक विजय एक्का को चैकी रैरूमाखुर्द प्रभारी बनाया गया है। संबंधित प्रभारी की होगी जवाबदारीवरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने बताया कि किसी भी थाना या चैकी क्षेत्र में जुआ, सट्टा, अवैध शराब या अन्य अवैध गतिविधियां संचालित होना पाए जाने पर संबंधित प्रभारी की जवाबदेही होगी। ऐसे मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी। किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पुलिस द्वारा ‘ऑपरेशन अंकुश’ के तहत जुआ-सट्टा और ‘ऑपरेशन आघात’ के तहत अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।
डीडवाना में सड़क हादसे में राहगीर की मौत:बेकाबू बस ने मारी टक्कर, इलाज के दौरान तोड़ा दम
डीडवाना के बड़ी खाटू कस्बे में हुए एक सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल राहगीर की इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, बड़ी खाटू निवासी श्यामलाल (47) पुत्र भंवरलाल कस्बे में पैदल चल रहे थे। इसी दौरान एक बेकाबू बस ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि श्यामलाल सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। घायल श्यामलाल को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक इलाज किया गया। उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें एंबुलेंस की सहायता से राजकीय बांगड़ जिला अस्पताल, डीडवाना रेफर किया गया। जिला अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने उनका उपचार शुरू किया, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका और उन्होंने दम तोड़ दिया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस टीम अस्पताल पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मोर्चरी में रखवाया। बाद में पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कर शव अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने परिजनों की रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
बीकानेर एसपी ऑफिस के सामने युवक ने खुद को आग लगाकर आत्मदाह का प्रयास किया। लपटों से घिरे युवक को देख वहां मौजूद पुलिसकर्मी उसे बचाने के लिए दौड़े। मामला शुक्रवार दोपहर तीन बजे का है। बताया जा रहा है कि युवक एडीएम ऑफिस से चिल्लाता हुआ बाहर आया। इसके बाद एसपी ऑफिस के सामने खुद को आग लगा दी। एडीएम ऑफिस् में काम से आया था, पुलिसवाले बचाने दौड़े जानकारी के अनुसार खाजूवाला क्षेत्र के 4 बीजीएम भागू गांव निवासी रामलाल शुक्रवार को एडीएम सिटी ऑफिस आया था। कुछ देर बाद वो वहां से चिल्लाते हुए आया और खुद को आग के हवाले कर दिया। अचानक हुई इस घटना से वहां मौजूद लोग घबरा गए और अफरा-तफरी मच गई। लोग कुछ समझ पाते इससे पहले उसने खुद को आग के हवाले कर दिया। आग की लपटों से घिरे रामलाल को देख पुलिसकर्मी उसे बचाने दौड़े और आग को बुझाया। इसके बाद उसे पीबीएम हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां ट्रॉमा वार्ड में उसका इलाज चल रहा है। हालांकि अभी तक ये सामने नहीं आया कि रामलाल ने ऐसा क्यों किय। लेकिन, बताया जा रहा है कि वह कई दिनों से एडीएम ऑफिस के चक्कर काट रहा था। लेकिन जब कोई काम नहीं हुआ तो वह इससे नाराज होकर खुद को आग लगा दी।
शाहजहांपुर में एक बुजुर्ग को बीच सड़क पर मुर्गा बनाया गया। दबंगों ने बुजुर्ग से अपना सिर अपने पैर पर रखवाया। इस घटना का वीडियो सामने आया है। वीडियो थाना पुवायां क्षेत्र के नाहिल गांव का बताया जा रहा है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि वीडियो कितने दिन पुराना है। बुजुर्ग ने थाने के अंदर बंद कुछ युवकों को खाना दिया था। यह बात वादी पक्ष को नागवार गुजरी, जिसके बाद बुजुर्ग को इस तरह प्रताड़ित किया गया।
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के ललित कला संस्थान के अप्लाइड आर्ट विभाग में विद्यार्थियों के लिए लोक कला और अप्लाइड आर्ट के समन्वय पर आधारित एक विशेष निःशुल्क प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों को रचनात्मक कला के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करना रहा। कार्यशाला का आयोजन विश्वविद्यालय की कुलपति संगीता शुक्ला की प्रेरणा से किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन ललित कला संस्थान की समन्वयक अल्का तिवारी ने किया। उन्होंने कहा कि अप्लाइड आर्ट के माध्यम से विद्यार्थी अपनी रचनात्मक प्रतिभा को व्यावसायिक रूप देकर रोजगार के नए अवसर प्राप्त कर सकते हैं, वहीं लोक कला हमारी संस्कृति और परंपरा को संरक्षित रखने का सशक्त माध्यम है। कार्यशाला में विषय विशेषज्ञ कलाकार प्रो. अलका तिवारी ने महिलाओं और विद्यार्थियों को लोक कला की विभिन्न विधाओं का प्रशिक्षण दिया। वहीं विशेषज्ञ कलाकार कृतिका गोयल ने विद्यार्थियों को विजिटिंग कार्ड डिजाइन, विज्ञापन कला और व्यावसायिक कला के विभिन्न पहलुओं का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में ग्राफिक डिजाइन, विज्ञापन और क्रिएटिव डिजाइनिंग के क्षेत्र में युवाओं के लिए अपार संभावनाएं हैं। कार्यशाला में शिवा त्यागी, प्रज्ञा यादव, खुशबू, लक्ष्य, खुशी और तनु सहित कई विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और इसे बेहद उपयोगी बताया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में सुश्री दीपांजलि और डॉ. पूर्णिमा वशिष्ठ का विशेष सहयोग रहा। आयोजकों का कहना है कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम विद्यार्थियों को रचनात्मकता के साथ आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कोरबा जिले में आपातकालीन मदद के लिए तैनात 'डायल 112' सेवा के वाहन फिलहाल बाधित हैं। जिले को आवंटित कुल 21 वाहनों में से 9 गाड़ियां वर्तमान में खराब पड़ी हैं, जिससे सेवाओं पर असर पड़ रहा है। ये खराब वाहन मरम्मत के लिए गैराज और पुलिस लाइन की वाहन शाखा में भेजे गए हैं। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इन वाहनों का संचालन 'जीवीके' (GVK) कंपनी के माध्यम से किया जाता है। नौ गाड़ियों की खराबी से 112 आपात सेवा पर दबाव नौ गाड़ियों के खराब होने के कारण शेष वाहनों पर अतिरिक्त दबाव है। इससे अन्य जगहों से कॉल आने पर 112 को पहुंचने में कभी-कभी देरी हो रही है। खराब वाहनों पर तैनात पुलिसकर्मी फिलहाल अपने-अपने क्षेत्र के थाना-चौकी में सेवाएं दे रहे हैं, जबकि चालक (जो कंपनी के कर्मचारी हैं) अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। जीवीके कंपनी पिछले कुछ महीनों से 112 सेवा का संचालन कर रही है। इससे पहले 'एबीपी ट्रैवल्स एंड फैसिलिटी मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड' यह जिम्मेदारी संभाल रही थी, जिसका टेंडर समाप्त हो गया है। पूर्व कंपनी के कर्मचारियों ने पत्राचार कर अपनी सुरक्षा निधि (12,000 रुपए) की वापसी और अन्य मांगों को पूरा करने की अपील की है। इसके अतिरिक्त, 112 के चालकों को जनवरी माह का आधा और फरवरी माह का वेतन नहीं मिला है, जिससे उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कर्मचारियों ने पहले भी वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर जिला प्रशासन को पत्राचार किया था, लेकिन अब तक बढ़ा हुआ वेतन नहीं मिला है।
पंजाब कांग्रेस ने मानसा जिले में बुढलाडा के नेता सतपाल सिंह मूलेवाला को पार्टी के सभी पदों से बर्खास्त कर दिया है। यह कार्रवाई वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा का समर्थन करने और पार्टी नेता सुखपाल सिंह खैहरा की आलोचना करते हुए वीडियो जारी करने के बाद की गई है। यह घटना पंजाब विधानसभा के बजट सत्र के दौरान हुई थी। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने महिलाओं को 1000 रुपए और अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1500 रुपए देने की घोषणा की थी। इस पर कुछ महिलाओं द्वारा खुशी जताने के बाद कांग्रेस नेता सुखपाल सिंह खैहरा ने टिप्पणी की, जिसके बाद विधानसभा में खैहरा और चीमा के बीच तीखी बहस हुई। हरपाल सिंह चीमा का किया था समर्थन इस बहस के बाद बुढलाडा से कांग्रेस के पूर्व विधानसभा उम्मीदवार सतपाल सिंह मूलेवाला ने एक वीडियो जारी किया। इस वीडियो में उन्होंने सुखपाल सिंह खैहरा को अहंकारी बताते हुए उनकी आलोचना की और वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा का समर्थन किया। खैहरा पर गलत बयानबाजी का आरोप मूलेवाला ने वीडियो में यह भी दावा किया कि उन्हें पहले किसान मजदूर सेल का जिला प्रधान बनाया गया था, लेकिन बाद में सुखपाल सिंह खैहरा ने उन्हें पद से हटा दिया था। उन्होंने खैहरा पर अक्सर गलत बयानबाजी करने का आरोप लगाया, जिससे पार्टी को नुकसान हो रहा है। पार्टी के सभी पदों से बर्खास्त कर दिया वीडियो सामने आने के बाद किसान कांग्रेस के चेयरमैन किरणजीत सिंह संधू ने एक पत्र जारी किया। इसमें कहा गया कि पार्टी विरोधी गतिविधियों और पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाने वाली बयानबाजी के कारण सतपाल सिंह मूलेवाला को पार्टी के सभी पदों से बर्खास्त कर दिया गया है।
विदिशा जिले के करारिया थाना क्षेत्र में एक 50 वर्षीय महिला की हत्या के बाद तनाव फैल गया। आक्रोशित परिजनों और स्थानीय लोगों ने शमशाबाद नगर के मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग की। जानकारी के अनुसार, शमशाबाद निवासी 50 वर्षीय संगीता राजपूत की गला घोंटकर हत्या कर दी गई थी। हत्या के बाद आरोपियों ने महिला का शव नेशनल हाईवे के निर्माणाधीन पुल पर फेंक दिया और मौके से फरार हो गए। बताया गया है कि संगीता राजपूत एक शादी समारोह में शामिल होने के लिए क्षेत्र में आई हुई थीं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। एफएसएल टीम ने घटनास्थल से आवश्यक साक्ष्य जुटाए, वहीं डॉग स्क्वॉड की मदद से आरोपियों की तलाश की जा रही है। घटना से नाराज परिजनों और स्थानीय लोगों ने शमशाबाद के मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और उन्हें फांसी दिए जाने की मांग की। इस चक्काजाम के कारण कुछ समय तक मार्ग पर यातायात भी प्रभावित रहा। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को समझाइश दी। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन के आश्वासन के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने चक्काजाम समाप्त कर दिया। मृतका के बेटे पुष्पेंद्र राजपूत ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए उन्हें एनकाउंटर किए जाने की बात कही। वहीं, एसडीओपी अमरेश वोहरा ने बताया कि पुलिस मामले के हर पहलू से जांच कर रही है और जल्द ही आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। महिला के शव का पोस्टमार्टम अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल कॉलेज में कराया गया, जिसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हुई है।
पलवल जिले के फुलवाड़ी गांव में चार मार्च को होली पर्व के दौरान हुए झगड़े में घायल ओमप्रकाश की अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने मामले में हत्या की धारा जोड़ते हुए मुख्य आरोपी सहित चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों में फुलवाड़ी गांव निवासी सुमित, आकाश उर्फ बादल, सोनू और मोनू शामिल हैं। होली के दिन हुआ था विवाद सदर थाना प्रभारी सुंदरपाल के अनुसार, फुलवाड़ी गांव निवासी अरुण ने कई महिला सहित नामजद आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि चार मार्च को वह अपने परिवार के साथ घर पर होली का त्योहार मना रहा था। इसी दौरान आरोपी उनके घर के बाहर आकर गाली-गलौज करने लगे। पत्थरबाजी और हथियारों से हमला शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने छत से पत्थर फेंके और डंडों व कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। इस हमले में अरुण, संदीप, उनकी मां और पिता ओमप्रकाश गंभीर रूप से घायल हो गए। ओमप्रकाश को गंभीर चोट लगने के कारण पलवल से उच्च केंद्र के लिए रेफर किया गया था। लूट का भी आरोप पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया कि हमलावर सोने की चेन और करीब 20 हजार रुपये नकद भी लेकर फरार हो गए। सदर थाना पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। इलाज के दौरान मौत, हत्या की धारा जोड़ी गई इलाज के दौरान ओमप्रकाश की मौत हो जाने पर पुलिस ने मामले में हत्या की धारा जोड़ दी। जांच अधिकारी राशिद खान की टीम ने चार मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस रिमांड पर लिए जाएंगे आरोपी पुलिस के अनुसार, आरोपियों से पूछताछ और वारदात में प्रयुक्त हथियार बरामद करने के लिए उन्हें अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा। पुलिस ने कहा कि इस वारदात से जुड़े किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।
सामाजिक परिवर्तन दिवस पर बोले राहुल गांधी, अगर नेहरू होते तो कांशीराम कांग्रेस के मुख्यमंत्री होते
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने लखनऊ में सामाजिक परिवर्तन दिवस को संबोधित करते हुए कांशीराम के योगदान के याद किया और कहा कि अगर कांग्रेस ने अपने काम को सही तरह से किया होता तो कांशीराम जी कभी सफल न होते।
जैसलमेर शहर में शादी से एक महीने पहले युवती ने सुसाइड कर जान दे दी। घटना के वक्त 25 साल की रेखा घर में अकेली थी। घटना शहर के आरपी कॉलोनी में शुक्रवार दोपहर तीन बजे की है। बताया जा रहा है कि रेखा की 15 दिन पहले ही गुजरात में सगाई हुई थी। अप्रैल महीने में ही रेखा की शादी थी। शहर कोतवाल सुरजाराम जाखड़ ने बताया- मृतका का पोस्टमॉर्टम करवाकर शव परिजनों को सुपुर्द किया जाएगा। पुलिस ने मर्ग दर्ज कर लिया है और आत्महत्या के कारणों की जांच कर रहे हैं। परिजनों के घर लौटते ही खुला मौत का राज शहर कोतवाल सुरजाराम जाखड़ ने बताया घटना के वक्त रेखा घर में अकेली थी। रेखा के पिता का किराणा का बिजनेस है। घटना के वक्त रेखा के दोनों भाई अपनी दुकान पर गए हुए थे। जबकि उसके माता-पिता किसी काम से बाड़मेर गए थे। दोपहर में जब माता-पिता बाड़मेर से वापस घर लौटे, तो उन्हें घर का दरवाजा अंदर से बंद मिला। काफी देर तक आवाज देने और फोन करने के बावजूद जब अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली, तो उन्हें अनहोनी की आशंका हुई। दरवाजा तोड़ा तो फंदे से लटकी मिली रेखा आस-पड़ोस के लोगों की मदद से जब घर का दरवाजा तोड़ा। जब वे अंदर गए तो रेखा कमरे में पंखे के हुक से रस्सी के फंदे पर लटकी हुई मिली। आनन-फानन में पड़ोसियों के सहयोग से शव को नीचे उतारा गया और तुरंत जवाहिर हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। 19 अप्रैल को होनी थी शादी पुलिस के अनुसार हाल ही में 15 दिन पहले रेखा की सगाई गुजरात के धानेरा में तय हुई थी। आगामी 19 अप्रैल को उसकी शादी होनी थी और घर में विवाह की तैयारियां शुरू हो चुकी थीं। जिस घर में शहनाइयां बजने वाली थीं, वहां अचानक हुई इस घटना ने सबको झकझोर कर रख दिया है। पुलिस ने बताया कि अभी तक सुसाइड के कारणों का पता नहीं चल पाया है। इसके साथ ही कोई सुसाइड नोट भी नहीं मिला है।
गोंडा जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में पिछले चार दिनों से एलपीजी गैस सिलेंडरों के लिए लंबी कतारें देखी जा रही हैं। इस स्थिति का संज्ञान लेते हुए, जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने चारों तहसीलों के उप जिलाधिकारियों (एसडीएम) को गैस एजेंसियों का औचक निरीक्षण करने और स्टॉक रजिस्टर की जांच करने का निर्देश दिया था। डीएम के निर्देश के बाद, आज चारों तहसीलों के एसडीएम ने अलग-अलग गैस एजेंसियों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान एजेंसी के स्टॉक रजिस्टर और वितरण रजिस्टर की गहनता से जांच की गई। कई गैस एजेंसियों पर लापरवाही पाए जाने पर अधिकारियों ने उन्हें फटकार लगाई और कार्रवाई की चेतावनी दी। एसडीएम नेहा मिश्रा ने कटरा बाजार स्थित अन्नपूर्णा गैस एजेंसी का औचक निरीक्षण किया। वहां सर्वर काम नहीं कर रहा था, जिसके कारण गैस लेने के लिए लोगों की भीड़ जमा थी। एसडीएम नेहा मिश्रा ने एजेंसी को निर्देश दिया कि सत्यापन के बाद लोगों के घरों तक गैस की होम डिलीवरी सुनिश्चित की जाए, ताकि एजेंसियों के बाहर भीड़ न लगे। उन्होंने एजेंसी मालिक को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। एसडीएम ने चेतावनी दी कि यदि ब्लैक मार्केटिंग की कोई सूचना मिली तो तत्काल कठोर कार्रवाई की जाएगी और सभी लोगों को गैस उपलब्ध होनी चाहिए। उन्होंने भंडारण कक्ष का भी निरीक्षण किया, जहां बड़ी संख्या में गैस सिलेंडर भरे हुए पाए गए, जिनके तत्काल वितरण के निर्देश दिए गए। एसडीएम मिश्रा ने बताया कि कहीं भी ब्लैक मार्केटिंग नहीं हो रही है और लोगों को गैस उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि सर्वर न चलने के कारण कुछ दिक्कतें आ रही हैं, लेकिन लोगों को ज्यादा परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि आज कई गैस एजेंसियों का निरीक्षण किया गया है और यह प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने कहा कि एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध समाज के लिए बहुत गंभीर हैं। डिवीजन बेंच ने नशीली कफ सिरप की अवैध बिक्री और तस्करी करने वाली महिला समेत चार आरोपियों की अपील को खारिज कर दी है। साथ ही निचली अदालत से दी गई सजा को बरकरार रखा है। कोर्ट ने चारों आरोपियों को 15-15 साल का सश्रम कारावास और डेढ़- डेढ़ लाख रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई थी। दरअसल, पुलिस ने 13 सितंबर 2023 को मुखबिर की सूचना पर बिलासपुर के तोरवा थाना के हेमूनगर शोभा विहार स्थित योग केंद्र के पास दबिश दी थी। जहां स्नेहा गोयल, पुष्पेंद्र निर्मलकर, अमर जांगड़े और देवा रजक पकड़े गए। पुलिस ने स्नेहा गोयल के पास से 100 बोतल, पुष्पेंद्र से 25 बोतल, अमर से 30 बोतल और देवा रजक से 20 बोतल नशीली कफ सिरप बरामद की थी। कुल 175 बोतलों के साथ एक कार भी जब्त की गई थी। ट्रॉयल कोर्ट ने आरोपियों को सुनाई सजापुलिस ने सभी आरोपियों को जेल भेजने के बाद चार्जशीट प्रस्तुत किया, जिसके बाद ट्रायल में उन्हें दोषी पाया। जिसके बाद आरोपियों को कोर्ट ने जुर्माने के साथ ही सश्रम कारावास की सजा सुनाई। निचली अदालत के फैसले के खिलाफ चारों ने हाई कोर्ट में अपील की थी। पुलिस पर महिला आरोपी से गलत तलाशी का आरोपअपील में आरोपियों की तरफ से वकील ने तर्क दिया कि महिला आरोपी की तलाशी के समय नियमों का पालन नहीं हुआ। इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि बैग या पर्स की तलाशी लेना व्यक्तिगत शरीर की तलाशी नहीं माना जाता, इसलिए एनडीपीएस एक्ट की धारा 50 के उल्लंघन का सवाल ही नहीं उठता। चूंकि बरामदगी सार्वजनिक स्थान पर हुई थी, इसलिए पुलिस द्वारा वारंट के बिना धारा 43 के तहत की गई कार्रवाई पूरी तरह वैध है। हाईकोर्ट ने माना आरोपियों से मिला कोडीनयुक्त सिरपहाईकोर्ट ने माना कि आरोपियों के पास से कोडीन युक्त सिरप की व्यावसायिक मात्रा मिली थी। स्पेशल कोर्ट, एनडीपीएस एक्ट द्वारा 30 जनवरी 2025 को दिया गया फैसला कानूनी रूप से सही है और इसमें किसी हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है। बता दें कि सभी आरोपी फिलहाल जेल में सजा काट रहे हैं।
प्रयागराज में शुक्रवार को फोरम फॉर इक्विटी (समता मंच) और विभिन्न छात्र संगठनों ने जातिगत भेदभाव के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने विश्वविद्यालय परिसरों में यूजीसी रेगुलेशन को 'रोहित एक्ट' की तर्ज पर लागू करने की मांग की। यह मार्च सीएमपी डिग्री कॉलेज से बालसन चौराहे तक निकाला गया। मार्च की शुरुआत सीएमपी डिग्री कॉलेज के गेट पर एक सभा से हुई। सभा के बाद छात्र और सामाजिक कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए बालसन चौराहा स्थित पंडित जवाहरलाल नेहरू की प्रतिमा तक पहुंचे और वहां अपनी मांगों को लेकर विरोध दर्ज कराया। आइसा के प्रदेश अध्यक्ष मनीष कुमार ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय परिसरों में जातिगत भेदभाव की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने यूजीसी रेगुलेशन के पक्ष में सुप्रीम कोर्ट में मजबूत पक्ष नहीं रखा, जिसके कारण इस पर रोक लग गई है। कुमार ने बताया कि देशभर में इस फैसले के खिलाफ आक्रोश है और छात्र संगठन इसे लागू करने की मांग कर रहे हैं। सीएमपी कॉलेज के छात्र सद्दाम ने कहा कि यूजीसी रेगुलेशन संविधान के नैतिक मूल्यों और सामाजिक न्याय की रक्षा के लिए एक आवश्यक कदम था। उन्होंने इसे संविधान और समानता के अधिकार को बचाने की लड़ाई बताया। आइसा इकाई अध्यक्ष सोनाली यादव ने जोर देकर कहा कि किसी भी समाज में उत्पीड़न और हिंसा स्वीकार्य नहीं है, और सरकार इसे लागू करने के बजाय टालने की कोशिश कर रही है। सामाजिक कार्यकर्ता इंजीनियर संदीप विश्वकर्मा ने सरकार के 'सबका साथ, सबका विकास' नारे पर सवाल उठाते हुए कहा कि जमीनी स्तर पर स्थिति इसके विपरीत है। उन्होंने आरोप लगाया कि समाज में जातिगत विभाजन को बढ़ावा देकर कुछ वर्गों के पक्ष में नीतियां बनाई जा रही हैं। समाजवादी छात्र सभा के रौशन ने भी वंचित वर्गों के अधिकारों की रक्षा के लिए छात्र आंदोलन जारी रखने की बात कही।
रेवाड़ी में बावल के वाल्मीकि मोहल्ले में 10 मार्च की रात बनवारे पर हुए हमले में नया मोड़ आ गया है। शुक्रवार को दूसरा पक्ष एसपी से मिलने रेवाड़ी पहुंचा। जिन्होंने राकेश के परिवार पर पुलिस को गुमराह कर पूरी प्लानिंग के तहत हमला करने का आरोप लगाया। झगड़े की खुद सूचना देने के बावजूद पुलिस पर भी अपनी सुनवाई नहीं करने के आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच करवाने और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। सुनियोजित थी हमले की साजिश प्रदीप कुमार, हीरा सिंह और सुनीता ने कहा कि 9 मार्च को उनके घर पर लड़की की शादी थी। 10 की रात ट्रेन से उनके रिश्तेदारों को बठिंडा जाना था। जिसके लिए परिवार के कुछ लोग घर के बाहर बैठे हुए थे। इसी दौरान राकेश का परिवार लाठी-डंडों के साथ बनवारा लेकर उनके दरवाजे के सामने पहुंचा। उन्होंने डीजे उनके घर से थोड़ा आगे ले जाने की बात कही। इसी दौरान बनवारे में शामिल लोगों ने लाठी-डंडों और ईंट-पत्थरों से उन पर हमला कर दिया। जिसमें उनके परिवार के कई लोग घायल हो गए। हमने ही सूचना देकर पुलिस को बुलाया। इसके बावजूद पुलिस ने हमारा पक्ष जाने बिना ही परिवा और रिश्तेदारों पर लाठीचार्ज किया। जबकि हमले की पूरी प्लानिंग राकेश के परिवार की थी। घर के सामने किए गंदे इशारे शिकायत में बताया कि जैसे ही बनवारा पर उनके घर के सामने गाने पर गंदे इशारे करने शुरू कर दिए। जब उन्होंने इसका विरोध करते हुए डीजे आगे ले जाने की बात कही तो उन्होंने परिवार के सदस्यों और रिश्तेदारों पर राकेश, संतलाल उर्फ सौदागर, महेश उर्फ लल्लन, राजेश, गजराज इत्यादि ने हमला कर दिया। जिसमें नीलम, जवाहर लाल, सोमा देवी सहित कई लोग घायल हो गए। दो पुलिस कर्मियों पर लगाए आरोप एसपी को दी शिकायत में पुलिस कर्मचारी अनिल व कर्ण सिंह पर दूसरे पक्ष के साथ मिलीभगत के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि इन दोनों कर्मचारियों ने एसएचओ के मना करने के बावजूद गंदी-गंदी गालियां दी और पूरी रात टॉचर्र किया। अस्पताल में भी इन दोनों ने किसी को बताने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। शिकायत में एसपी से मामले की निष्पक्ष जांच करवाने और न्याय दिलवाने की मांग की। बनवारे पर हमले का लगाया आरोप बावल के वाल्मीकि मोहल्ला में 10 मार्च की रात भाजपा नेता पुष्प कुमार के भतीजे अंकित का बनवारा निकला था। दूल्हे के पिता राकेश और चाचा पुष्प कुमार ने अपने गौत्र की लड़की से विवाह करने के विरोध में प्रेम कुमार और जगदीश पर साजिश के तहत बनवारे के दौरान ईंट-पत्थर और लाठी, डंडों से हमला करने का आरोप लगाया था। जिसके बाद मौके पर पहुंची दो थानों की पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया और पुलिस सुरक्षा में बनवारी और घुड़चढ़ी करवाई। अब दूसरे पक्ष ने अपने पर लगे आरोपों को झूठा बताते हुए राकेश और पुष्प कुमार पर ही साजिश के तहत हमला करने के आरोप लगाए हैं। डीएसपी बावल करेंगे जांच डीएसपी हैडक्वाटर रविंद्र कुमार ने पीड़ितों की शिकायत सुनने के बाद नियमानुसार उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। शिकायत डीएसपी बावल सुरेंद्र श्योराण को भेजकर मामले की जांच का जिम्मा सौंपा है। अब डीएसपी की जांच के बाद ही पता चल पाएगा कि आखिर कौन सच बोल रहा है और कौन झूठ।
पलवल शहर के भवन कुंड चौक के निकट स्थित शगुन इंटरप्राइजेज नामक सूत के व्यापारी के गोदाम में शुक्रवार सुबह अचानक भीषण आग लग गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी, जिसने कुछ ही मिनटों में पूरे गोदाम को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में करीब 40 लाख रुपये का माल जलकर राख हो गया। मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की गाड़ियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। जानकारी के अनुसार, शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे गोदाम से धुआं उठता देखा गया। कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और गोदाम में रखे सूत के गट्ठों में तेजी से फैलने लगी। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। चार घंटे में पाया काबू गोदाम की इमारत में बेसमेंट के साथ दो मंजिलें और बनी हुई थीं। आग तेजी से फैलते हुए बेसमेंट से लेकर ऊपर की मंजिलों तक पहुंच गई। आग की तीव्रता को देखते हुए दमकल विभाग की करीब 12 गाड़ियों को मौके पर बुलाया गया। करीब चार घंटे की कड़ी मेहनत के बाद दोपहर लगभग 1 बजे आग पर पूरी तरह काबू पाया जा सका। अफरा-तफरी का माहौल, जनहानि नहीं आग लगने के दौरान आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। सुरक्षा के लिहाज से आसपास के इलाकों को खाली कराया गया। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। प्रशासन ने आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शनिवार को 'समृद्धि यात्रा' के तहत शेखपुरा जिले के सर्वा पंचायत पहुंचेंगे। उनके आगमन को सफल और सुरक्षित बनाने के लिए जिला प्रशासन ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। शुक्रवार को जिलाधिकारी शेखर आनंद और पुलिस अधीक्षक बलिराम कुमार चौधरी ने संयुक्त रूप से बरबीघा प्रखंड के सर्वा पंचायत का सघन दौरा कर तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान दोनों अधिकारियों ने व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया और सुरक्षा व्यवस्था का बारीकी से निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के लिए सर्वा पंचायत में तीन प्रमुख केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें सर्वा प्लस 2 हाई स्कूल, पंचायत सरकार भवन और जनसंवाद स्थल शामिल हैं। सुबह 09:00 बजे तक निर्धारित स्थल पर पहुंचना होगा जिलाधिकारी ने सभी प्रतिनियुक्त दंडाधिकारियों और पुलिस पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे कार्यक्रम के दिन सुबह 09:00 बजे तक अपने निर्धारित स्थल पर अनिवार्य रूप से पहुंच जाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि मुख्यमंत्री का काफिला वापस लौटने तक कोई भी अधिकारी अपना स्थान नहीं छोड़ेगा। दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरतने वालों के विरुद्ध कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधीक्षक बलिराम कुमार चौधरी ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने बताया कि सभी प्रमुख चौक-चौराहों पर सघन तलाशी अभियान चलाया जाएगा और वाहनों को केवल पार्किंग स्थलों पर ही खड़ा किया जाएगा। सुरक्षा के मद्देनजर हर संवेदनशील बिंदु पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। किसी भी प्रकार की कोताही या अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया गया प्रशासन का लक्ष्य मुख्यमंत्री की इस यात्रा को निर्विघ्न संपन्न कराना है। सभी अधिकारी सजग रहें ताकि किसी भी संभावित समस्या का समय पर निपटारा किया जा सके। इस अवसर पर अपर समाहर्ता लखींद्र पासवान, अपर समाहर्ता जांच, उप विकास आयुक्त संजय कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी प्रियंका कुमार, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी डॉ. राकेश कुमार सहित कई जिला स्तरीय पदाधिकारी और पुलिस अधिकारी उपस्थित थे। एक नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया गया है।
राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा और भारत मुक्ति मोर्चा ने जाति आधारित जनगणना, ओबीसी के लिए सख्त यूजीसी बिल और 2011 से पहले नियुक्त शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) से छूट देने की मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। संगठनों ने केंद्र सरकार पर ओबीसी के साथ धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए राष्ट्रपति और केंद्र सरकार को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में प्रमुख मांग थी कि राष्ट्रीय जनगणना में ओबीसी के लिए जाति का कॉलम जोड़ा जाए। संगठनों ने कहा कि केंद्र सरकार ने कैबिनेट में ओबीसी की जाति आधारित जनगणना का फैसला किया था, लेकिन जनगणना अधिसूचना में यह कॉलम शामिल नहीं किया गया, जिसे ओबीसी के साथ 'धोखाधड़ी' बताया गया। दूसरी मांग एससी, एसटी और ओबीसी के समर्थन में सख्त यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन लागू करने की थी। मोर्चा ने आरोप लगाया कि पहले कमजोर यूजीसी रेगुलेशन बनाया गया और फिर सुप्रीम कोर्ट में कमजोर पैरवी कर उस पर रोक लगवा दी गई, जो इन वर्गों के साथ 'धोखाधड़ी' है। तीसरी मांग में 2011 से पहले नियुक्त सभी शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) से मुक्त करने की बात कही गई। संगठनों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र और सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो राष्ट्रव्यापी चरणबद्ध आंदोलन को और उग्र एवं व्यापक किया जाएगा। उन्होंने 725 जिला मुख्यालयों पर धरना प्रदर्शन और 23 अप्रैल, 2026 को 'भारत बंद' का आह्वान किया। मोर्चा ने कहा कि आंदोलन के उग्र होने की पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
संभल में एलपीजी गैस सिलेंडर की बुकिंग और डिलीवरी में उपभोक्ताओं को हो रही परेशानियों के बाद माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री गुलाब देवी ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने उपभोक्ताओं को समय पर गैस उपलब्ध कराने को कहा है। शुक्रवार सुबह 11 बजे संभल के चंदौसी कोतवाली कस्बे में स्थित मंत्री गुलाब देवी के आवास पर कई उपभोक्ता एलपीजी गैस बुकिंग न होने की शिकायत लेकर पहुंचे। उपभोक्ताओं की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए मंत्री ने तत्काल जिला आपूर्ति अधिकारी समेत अन्य अधिकारियों से फोन पर बात की। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे व्यवस्था को सुधारें। महिलाओं की लंबी-लंबी कतारें लग रही हैं, गरीब लोग लाइन में लगे हुए हैं। उनकी गैस बुक होनी चाहिए और समय पर मिलनी चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भले ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोई भी स्थिति हो, जनता को गैस की कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। घरेलू एलपीजी के सुचारु वितरण को सुनिश्चित करने के लिए संभल में एक महत्वपूर्ण बैठक भी आयोजित की गई। जिलाधिकारी के निर्देश पर एडीएम (वित्त एवं राजस्व) प्रदीप वर्मा की अध्यक्षता में यह बैठक गुरुवार शाम 6 बजे जिला कलेक्ट्रेट बहजोई सभागार में हुई, जो करीब डेढ़ घंटे तक चली। इसमें सभी गैस वितरक, बिक्री अधिकारी और आपूर्ति विभाग के कर्मचारी शामिल हुए। बैठक का समन्वय क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी/प्रभारी जिला पूर्ति अधिकारी कमलेश चंद्र ने किया। एडीएम प्रदीप वर्मा ने गैस वितरकों को निर्देश दिए कि वे उपभोक्ताओं के साथ विनम्रतापूर्ण व्यवहार करें और उन्हें बुकिंग व डिलीवरी की पूरी जानकारी दें। उन्होंने विद्यालयों में मध्याह्न भोजन (एमडीएम) के लिए नियमानुसार प्राथमिकता के आधार पर गैस उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए। बिक्री अधिकारियों ने उपभोक्ताओं को बताया कि वे भीम ऐप, यूपीआई, पेटीएम और गूगल पे जैसे डिजिटल माध्यमों से घर बैठे गैस बुक कर सकते हैं। बीपीसीएल के बिक्री अधिकारी प्रतीक उपाध्याय और आईओसीएल के बिक्री अधिकारी जिवतेश ने बताया कि एलपीजी की दैनिक खपत के मुकाबले पर्याप्त स्टॉक है, दो दिन का स्टॉक हमेशा बना रहता है। उपभोक्ता पूर्व में की गई ओटीपी गैस बुकिंग के 25 दिन बाद दोबारा गैस रिफिल प्राप्त कर सकते हैं।
पीलीभीत में दरोगा भर्ती परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण:डीएम-एसपी ने अलविदा जुमा नमाज पर भी रखी नजर
पीलीभीत में आगामी पुलिस भर्ती परीक्षा को पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने और अलविदा जुमा की नमाज के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। शुक्रवार, 13 मार्च 2026 को जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने संयुक्त रूप से विभिन्न परीक्षा केंद्रों और संवेदनशील क्षेत्रों का सघन निरीक्षण किया। उत्तर प्रदेश उपनिरीक्षक (नागरिक पुलिस) एवं समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती-2025 की लिखित परीक्षा को सकुशल, निष्पक्ष और नकल विहीन संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। अधिकारियों ने चयनित प्रमुख परीक्षा केंद्रों का दौरा किया।इनमें पीएम ड्रमण्ड इंटर कॉलेज, सिद्दीकी नेशनल इंटर कॉलेज, राजकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, रामा इंटर कॉलेज और उपाधि महाविद्यालय शामिल रहे। निरीक्षण के दौरान सीसीटीवी कैमरों की कार्यशीलता, परीक्षार्थियों के प्रवेश और निकास की व्यवस्था, सघन चेकिंग प्रक्रिया, स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा और बैठने की समुचित व्यवस्था का बारीकी से अवलोकन किया गया।केंद्र व्यवस्थापकों को सख्त निर्देश दिए गए कि परीक्षा की शुचिता से कोई समझौता न किया जाए। साथ ही, यातायात व्यवस्था को इस प्रकार सुव्यवस्थित रखने को कहा गया ताकि परीक्षार्थियों को किसी असुविधा का सामना न करना पड़े।पवित्र रमजान माह के अलविदा जुमा की नमाज के अवसर पर शहर की जामा मस्जिद और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम देखे गए। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने स्वयं जामा मस्जिद पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया।शांति व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए ड्रोन कैमरों की मदद ली गई, जिसके जरिए मस्जिद और घनी आबादी वाले क्षेत्रों की ऊंचाई से निगरानी की गई। संबंधित अधिकारियों को पुलिस बल के साथ निरंतर क्षेत्र में भ्रमणशील रहने के निर्देश दिए गए। किसी भी प्रकार की अफवाह या अप्रिय घटना को रोकने के लिए खुफिया तंत्र को भी सक्रिय रहने को कहा गया है।प्रशासन की इस सक्रियता का उद्देश्य जनपद में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखना और महत्वपूर्ण आयोजनों को बिना किसी बाधा के संपन्न कराना है।
नकोदर के सीनियर कांग्रेसी नेता और पूर्व पार्षद बलविंदर कुमार 'बालू' का शुक्रवार सुबह निधन हो गया। वे नकोदर (नूरमहल) के रविदासपुरा मोहल्ला निवासी थे। उनका अंतिम संस्कार शनिवार 14 मार्च को दोपहर 12 बजे रविदासपुरा श्मशान घाट पर किया जाएगा। बलविंदर 'बालू' कांग्रेस के एक कद्दावर नेता थे। उनके दिवंगत भाई, स्वर्गीय ओम प्रकाश 'बालू' भी पंजाब में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रहे थे। विभिन्न धार्मिक और राजनीतिक दलों के नेता उनके अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए पहुंच रहे हैं। बेअंत सिंह के बेहद करीबी थे बालू पंजाब के दिवंगत मुख्यमंत्री बेअंत सिंह, पूर्व सांसद सरदार मोहिंदर सिंह केपी, पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वर्गीय गुरविंदर सिंह अटवाल, पूर्व कैबिनेट मंत्री अमरजीत सिंह समरा, सांसद चरणजीत सिंह चन्नी (जिला जालंधर) और विधायक परगट सिंह (जालंधर कैंट) जैसे कई प्रमुख नेताओं से घनिष्ठ संबंध थे। बलविंदर 'बालू' के निधन पर राजनेताओं ने जताया शोक बलविंदर 'बालू' के निधन पर पंजाब के पूर्व कैबिनेट मंत्री सरदार अमरजीत सिंह समरा, कांग्रेस के नकोदर विधानसभा प्रभारी डॉ. नवजोत सिंह दहिया, नकोदर की विधायक बीबी इंदरजीत कौर मान, बसपा के महासचिव गुरमेल चुंबर, नकोदर के पूर्व विधायक जत्थेदार गुरप्रताप सिंह वडाला, नूरमहल नगर परिषद की अध्यक्ष बीबी हरदीप कौर जौहल, एकता मंच वेलफेयर सोसाइटी (पंजीकृत) नूरमहल के महासचिव जसवीर सहजल, समाजसेवी नरेंद्र भंडाल, राकेश क्लेर, बलविंदर सिंह, पार्षद जंग बहादुर कोहली, नूरमहल मार्केट कमेटी के चेयरमैन लखबीर सिंह शीर और पार्षद राजीव मिश्रा सहित विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक हस्तियों ने शोक व्यक्त किया है।
दरभंगा में 12 हजार गैस सिलेंडर उपलब्ध:डीएम बोले- सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर होगी कार्रवाई
दरभंगा में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर युद्ध की खबरों और बढ़ती कीमतों के बीच एलपीजी गैस को लेकर लोगों में चिंता बढ़ गई है। जिला प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट करते हुए लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की है। जिलाधिकारी कौशल कुमार ने बताया कि जिले में एलपीजी गैस की कोई कमी नहीं है। वर्तमान में दरभंगा जिले में कुल 75 गैस एजेंसियां संचालित हैं और सभी एजेंसियों के पास मिलाकर करीब 22 हजार गैस सिलेंडर उपलब्ध हैं।उन्होंने कहा कि गैस आपूर्ति की व्यवस्था पूरी तरह सामान्य है और उपभोक्ताओं को नियमित रूप से सिलेंडर उपलब्ध कराया जा रहा है। डीएम ने बताया कि गैस वितरण व्यवस्था को पारदर्शी और सुचारू बनाए रखने के लिए प्रशासन की ओर से विभिन्न स्थानों पर मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है। इनकी निगरानी में उपभोक्ताओं के बीच सिलेंडर का वितरण कराया जा रहा है, ताकि किसी प्रकार की अफरा-तफरी या कालाबाजारी की स्थिति उत्पन्न न हो। डीएम ने बताया कि दोपहर 12 बजे तक लगभग 12 हजार गैस सिलेंडर उपभोक्ताओं के बीच वितरित किए जा चुके हैं। शेष सिलेंडरों का वितरण भी नियमित रूप से किया जा रहा है। प्रशासन की ओर से एजेंसियों को निर्देश दिया गया है कि वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत उपभोक्ताओं को समय पर गैस उपलब्ध कराएं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर नजर रखी जी रही जिलाधिकारी ने कहा कि गैस की कमी को लेकर सोशल मीडिया पर कुछ भ्रामक सूचनाएं प्रसारित की जा रही हैं, जिससे लोगों के बीच अनावश्यक भ्रम और भीड़ की स्थिति बन रही है। ऐसे मामलों को गंभीरता से लेते हुए साइबर सेल को सक्रिय कर दिया गया है और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर नजर रखी जा रही है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति गैस की किल्लत को लेकर झूठी अफवाह फैलाते हुए पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, अनावश्यक भीड़ न लगाएं और गैस की बुकिंग और वितरण की नियमित प्रक्रिया का ही पालन करें। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि जिले में गैस की पर्याप्त उपलब्धता है और सभी उपभोक्ताओं को क्रमवार सिलेंडर उपलब्ध कराया जाएगा।
गिरिडीह में पिस्टल लहराते युवक गिरफ्तार:पुलिस ने खदेड़कर दबोचा, देशी पिस्तौल और कारतूस बरामद
गिरिडीह में पुलिस ने महादेव तालाब के पास एक युवक को अवैध हथियार के साथ गिरफ्तार किया है। युवक को पिस्टल लहराते हुए देखा गया था, जिसके बाद पुलिस ने उसे खदेड़कर पकड़ा। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि महादेव तालाब के पास लाल टी-शर्ट पहने एक युवक हाथ में पिस्टल लहरा रहा है। सूचना मिलते ही गश्ती दल मौके पर पहुंची। पुलिस की गाड़ी देखते ही संदिग्ध युवक भागने लगा, जिसे जवानों ने पीछा कर पकड़ लिया। पकड़े गए युवक की पहचान मो. रमजान अंसारी (22) के रूप में हुई है। वह गिरिडीह जिले के मुफ्फसिल थाना अंतर्गत झगरी गांव निवासी स्व. मो. इस्लाम अंसारी का पुत्र है। तलाशी के दौरान, पुलिस ने उसके कमर के बाईं ओर से एक देशी पिस्तौल बरामद की। पिस्तौल में 315 बोर का एक जिंदा कारतूस लोड था। पुलिस ने विधिवत जप्ती सूची बनाकर युवक को गिरफ्तार कर लिया।
सोनभद्र जिले में वन विभाग के पिपरी रेंज अधिकारी पर गंभीर आरोप लगे हैं। एक स्थानीय व्यापारी ने उन पर फोन पर गाली-गलौज करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। पीड़ित ने इस संबंध में जिलाधिकारी से शिकायत कर निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है। रेणुकूट,सोनभद्र निवासी संतोष जायसवाल, जो किसानों से लकड़ी की खरीद-बिक्री का काम करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पिपरी रेंजर राघवेंद्र ने उन्हें फोन किया। रेंजर ने कथित तौर पर उनसे पूछा कि उनकी लकड़ी जिसके लिए उन्होंने 25,000 रुपये दिए थे क्यों नहीं पहुंची। जायसवाल के अनुसार, उन्होंने रेंजर को बताया कि उन्हें 15,000 रुपये मिले थे और उन्होंने लकड़ी ठेकेदार अमरेंद्र सिंह को दे दी थी। संतोष जायसवाल का आरोप है कि इस बात पर रेंजर राघवेंद्र भड़क गए और उन्हें फोन पर भद्दी-भद्दी गालियां देने लगे।उन्होंने कथित तौर पर जायसवाल को रूम से उठा लेने की धमकी भी दी।जायसवाल ने स्पष्ट किया कि लकड़ी का यह मामला 'शगुन की परमिट वाली लकड़ी'से संबंधित था और उनकी सीधे तौर पर रेंजर राघवेंद्र से कोई बातचीत नहीं हुई थी। पीड़ित ने बताया कि यह घटना 6 तारीख की है।उन्होंने गाली-गलौज और धमकी के संबंध में जिलाधिकारी,पुलिस अधीक्षक और मंत्री को शिकायत भेजी है। जायसवाल ने इतने दिन चुप रहने का कारण अधिकारी के पद का डर बताया। उनके अनुसार, इस पूरे घटनाक्रम की ऑडियो रिकॉर्डिंग उनके पास सबूत के तौर पर मौजूद है, जिसे उन्होंने प्रशासन को सौंपने की बात कही है। संतोष जायसवाल ने कहा कि इस घटना के बाद से वह मानसिक रूप से काफी परेशान हैं और उन्हें अपनी सुरक्षा को लेकर भी भय है। उन्होंने जिलाधिकारी से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।उन्होंने यह भी बताया कि अमरेंद्र सिंह लकड़ी का काम करने वाले ठेकेदार हैं और अभी तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई है। वहीं इस मामले में पिपरी के डीएफओ कमल कुमार का कहना है कि शिकायत की जानकारी मिली है। दोनों पक्षों को बुलाकर बातचीत कराई जाएगी और आवाज की रिकॉर्डिंग की भी जांच कराई जाएगी। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने झालावाड़ की मिश्रौली एमडीएम ड्रग फैक्ट्री में छापेमारी के बाद फरार हुए दो इनामी तस्करों को मध्यप्रदेश से गिरफ्तार किया है। इन दोनों पर 25-25 हजार रुपए का इनाम घोषित था। गिरफ्तार किए गए तस्करों की पहचान गोपाल और नरेंद्र सिंह के रूप में हुई है। एएनटीएफ ने इन्हें मध्यप्रदेश के दो अलग-अलग गांवों से पकड़ा और झालावाड़ पुलिस को सौंप दिया। गौरतलब है कि जनवरी माह में झालावाड़ की भवानीमंडी और मिश्रौली पुलिस ने मिश्रौली के आमलियाखेड़ा स्थित एक पशु बाड़े में कार्रवाई की थी। इस दौरान फैक्ट्री से भारी मात्रा में एमडी ड्रग्स बनाने का केमिकल जब्त किया गया था। हालांकि, दोनों फैक्ट्री संचालक मौके से फरार होने में सफल रहे थे, जिसके बाद पुलिस ने उन पर 25-25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। एसपी अमित कुमार ने बताया कि एएनटीएफ को सूचना मिली थी कि आरोपी गोपाल सिंह और नरेंद्र सिंह मध्यप्रदेश के आगर जिले के बड़ोद थाना क्षेत्र में अपने रिश्तेदारों के यहां छिपे हुए हैं। इस सूचना पर एएनटीएफ की टीम बड़ोद थाना क्षेत्र के पीपलोन और सुदवास गांव पहुंची। टीम ने खुद को फसल काटने वाली कंबाइन हार्वेस्टर मशीन के ऑपरेटर के रूप में प्रस्तुत किया और आरोपियों के रिश्तेदारों के घरों व खेतों की रेकी की। इसके बाद टीम ने अलग-अलग हिस्सों में बंटकर आरोपियों के ठिकानों पर छापा मारा और दोनों को बीती रात गिरफ्तार कर लिया।
औरैया में सड़क हादसे में भतीजे की मौत:तेज रफ्तार वाहन ने बाइक को मारी टक्कर, चाचा घायल
एक सड़क हादसे में 22 वर्षीय युवक की मौत हो गई, जबकि उसका चाचा गंभीर रूप से घायल हो गया। यह घटना गुरुवार शाम जुहीखा यमुना पुल के पास हुई, जब एक तेज रफ्तार वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। भिंड के उमरी निवासी दीपचंद्र (27) अपने भतीजे अजीत उर्फ सोनू (22) के साथ गुरुवार शाम करीब 7:30 बजे भीखेपुर-जुहीखा मार्ग पर सेंगनपुर की ओर जा रहे थे। जुहीखा यमुना पुल के पास पहुंचते ही उनकी बाइक को एक तेज रफ्तार वाहन ने टक्कर मार दी, जिससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। राहगीरों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों घायलों को सीएचसी अयाना पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने उनकी नाजुक हालत देखते हुए उन्हें चिचौली मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। इलाज के दौरान अजीत उर्फ सोनू ने दम तोड़ दिया। अजीतमल कोतवाली क्षेत्र के सराय टड़वा निवासी दीपचंद्र के बहनोई सुनील ने बताया कि दीपचंद्र के बाबा का कुछ दिन पहले निधन हो गया था। वे दोनों उनके त्रियोदशी संस्कार के लिए रिश्तेदारों को कार्ड बांटने निकले थे। जालौन के गोहन थाना क्षेत्र के बिजदुवां में एक रिश्तेदार को कार्ड देने के बाद वे शाम को सराय टड़वा स्थित सुनील के घर आ रहे थे, तभी यह हादसा हुआ। थानाध्यक्ष जय प्रकाश पाल ने बताया कि मेडिकल कॉलेज से मिले मेमो के आधार पर शव का पोस्टमार्टम करवाया गया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले में तहरीर मिलने पर प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बलिया के जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने शुक्रवार को विकास भवन स्थित विभिन्न विभागीय कार्यालयों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कई कार्यालयों में अव्यवस्था, गंदगी और अनावश्यक सामान पाए जाने पर उन्होंने गहरी नाराजगी व्यक्त की और अधिकारियों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने सहायक आयुक्त एवं निबंधन सहकारिता विभाग का निरीक्षण करते हुए वहां रखी अनावश्यक अलमारियों को तुरंत हटाने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्यालय में कर्मचारियों की संख्या के अनुरूप ही टेबल और कुर्सियां रखी जाएं तथा सभी अनावश्यक वस्तुओं को हटाया जाए। इसके बाद, उन्होंने जिला कृषि कार्यालय का भी निरीक्षण किया, जहां अनावश्यक अलमारियां, गंदे डस्टबिन और खराब साफ-सफाई देखकर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कार्यालय की नियमित साफ-सफाई और रंगाई-पुताई कराने के निर्देश दिए। भंडार कक्ष के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने फाइलों को व्यवस्थित ढंग से रखने के निर्देश दिए। साथ ही, फाइलों की सुरक्षा के लिए दो-दो लोहे की रेलिंग लगाने और पर्याप्त रोशनी सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा। जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के निरीक्षण में कार्यालय परिसर की दीवारों पर पान की पीक मिलने पर उन्होंने सख्ती दिखाई। उन्होंने जिला विकास अधिकारी को निर्देश दिया कि दीवारों पर पान थूकने वालों से 500 रुपये का जुर्माना वसूला जाए। जिला पंचायत राज विभाग के कार्यालय में कंप्यूटर कक्ष का निरीक्षण करते हुए जिलाधिकारी ने जानकारी ली कि जिले की 940 ग्राम पंचायतों में कितने पंचायत सहायक अपने-अपने कार्यालयों में नियमित रूप से बैठते हैं। उन्होंने यहां चार एलईडी स्क्रीन लगाने के निर्देश दिए, ताकि पंचायत सहायकों की उपस्थिति की निगरानी की जा सके। साथ ही, जिला पंचायत राज अधिकारी को अनावश्यक अलमारियां हटाने और कंप्यूटर कक्ष में कंट्रोल रूम स्थापित करने का निर्देश दिया। जिला समाज कल्याण विभाग के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कंप्यूटर कक्ष और आईजी आरएस कक्ष को दूसरी जगह स्थानांतरित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को चेतावनी दी कि यदि किसी कार्यालय के सामने गंदगी पाई गई तो संबंधित कर्मचारी का वेतन रोक दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, जिलाधिकारी ने विकास भवन में स्थित आरओ प्लांट को भी बाहर स्थानांतरित करने का निर्देश दिया। इस औचक निरीक्षण के दौरान डीडीओ आनंद प्रकाश, जिला कृषि अधिकारी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

