चित्रकूट में 50 एकड़ में बनेगा औद्योगिक क्षेत्र:शासन को भेजी रिपोर्ट, मंजूरी मिलते ही शुरू होगा काम
चित्रकूट में सरदार वल्लभभाई पटेल औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की तैयारी अंतिम चरण में है। रामशैया के पास हरसौली, रानीपुर खाकी और संग्रामपुर गांवों में लगभग 50 एकड़ जमीन चिह्नित की गई है। जिला प्रशासन ने इसकी रिपोर्ट शासन को भेज दी है, और हरी झंडी मिलते ही निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। यह तीन साल के लंबे इंतजार के बाद जिले को मिली एक बड़ी सौगात मानी जा रही है। यह प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र चित्रकूट के साथ-साथ पूरे बुंदेलखंड के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दावा किया जा रहा है कि यह बुंदेलखंड का पहला और उत्तर प्रदेश का दूसरा सरदार वल्लभभाई पटेल औद्योगिक क्षेत्र होगा। यहां बड़े उद्योगों के साथ सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (एमएसएमई) भी स्थापित किए जाएंगे। प्रशासन की योजना है इस औद्योगिक क्षेत्र के विकसित होने से जिले के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। प्रशासन की योजना है कि हिंडाल्को, एनटीपीसी, एनसीएल जैसे बड़े औद्योगिक समूहों को यहां निवेश के लिए आकर्षित किया जाए। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के साथ-साथ कारोबार और परिवहन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने अधिकारियों के साथ चिह्नित जमीन का कई बार निरीक्षण किया है। उन्होंने मौके पर पहुंचकर जमीन की स्थिति, पहुंच मार्ग और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का जायजा लिया। प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक, शासन से प्रस्ताव को मंजूरी मिलते ही आगे की कार्रवाई तेजी से की जाएगी। आवश्यकता कम होने की उम्मीद इस औद्योगिक क्षेत्र के बनने से चित्रकूट के युवाओं को रोजगार के लिए दूसरे शहरों में पलायन करने की आवश्यकता कम होने की उम्मीद है। स्थानीय स्तर पर छोटे-बड़े उद्योग स्थापित होने से रोजगार के साथ-साथ स्थानीय बाजार को भी गति मिलेगी। प्रशासन इसे चित्रकूट के औद्योगिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मान रहा है।
चूरू के सदर थाना क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग-52 पर रामसरा टिब्बा के पास पुलिस को सड़क पर एक 315 बोर का देसी कट्टा मिला है। पुलिस ने इसे जब्त कर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सदर थानाधिकारी इंद्रलाल महर्षि ने बताया कि पुलिस को NH-52 पर रामसरा टिब्बा रोड के पास झगड़ा होने की सूचना मिली थी। इसी सूचना पर पुलिस दल मौके पर पहुंचा। पुलिस की गाड़ी देखते हुी भागे लोगपुलिस की गाड़ी देखते ही मौके पर मौजूद भीड़ तितर-बितर हो गई। घटनास्थल की जांच के दौरान वहां एक क्षतिग्रस्त बोलेरो गाड़ी और एक बाइक खड़ी मिली। इन वाहनों से लगभग 35 से 40 मीटर की दूरी पर जमीन पर यह देसी कट्टा पड़ा हुआ था, जिसके लिए कोई लाइसेंस या परमिट नहीं था। पुलिस ने अवैध हथियार को कब्जे में लेकर आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। अब पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह अवैध हथियार किसका है और इसे मौके पर कौन लेकर आया था।
कोटा शहर की सड़कों पर जल्द ही प्रदूषण-मुक्त और आरामदायक ई-बसों का सफर शुरू होने जा रहा है। प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत मिलने वाली 100 ई-बसों में से 4 बसें सुभाष नगर स्थित नए ई-बस स्टैंड पर पहुंच चुकी हैं। इस महीने पहले चरण में 30 ई-बसें शहर की सड़कों पर उतरेंगी। फिलहाल इन बसों के संचालन के लिए ड्राइवरों को अजमेर में ट्रेनिंग दी जा रही है। कोटा नगर निगम और कोटा बस सर्विसेज लिमिटेड की ओर से संचालित होने वाली ये बसें पूरी तरह एयर-कंडीशंड और लो-फ्लोर होंगी। ई-बस सेवा शुरू होने के बाद शहर में संचालित पुरानी डीजल सिटी बसों को चरणबद्ध तरीके से बंद कर दिया जाएगा। 20 रूटों पर चलेंगी बसें, 10 से 60 तक होगा किराया नगर विकास एवं कोटा विकास प्राधिकरण (KDA) सीमा क्षेत्र के सभी प्रमुख इलाकों को कवर करने के लिए 20 रूट तय किए गए हैं। यात्रियों की सुविधा के लिए किराया न्यूनतम 10 और अधिकतम 60 रुपए रखा गया है। योजना और इंफ्रास्ट्रक्चर की मुख्य बातें कुल 100 ई-बसों में से 95 बसें 9-मीटर श्रेणी की और 5 बसें 12-मीटर श्रेणी की होंगी। पहले चरण में 9-मीटर वाली बसें ही पहुंच रही हैं। एक बार फुल चार्ज होने पर बस 180 से 200 किलोमीटर तक की दूरी तय करेगी। सुभाष नगर निजी बस स्टैंड के पास रूडसिको (RUDSICO) द्वारा अत्याधुनिक ई-बस स्टैंड और चार्जिंग पॉइंट बनकर तैयार हो चुके हैं। बसों का रखरखाव और ड्राइवर बस सप्लायर कंपनी की ओर से उपलब्ध कराए जाएंगे, जबकि कंडक्टर और प्रशासनिक स्टाफ नगर निगम व कोटा बस सर्विसेज लिमिटेड द्वारा तैनात किया जाएगा। स्टाफ भर्ती प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।
शिवराजपुर में नहर में डूबा इंटर का छात्र:दोस्तों के साथ नहाने गया था, दो घंटे बाद मिला शव
कानपुर के शिवराजपुर थाना क्षेत्र में शनिवार दोपहर एक दर्दनाक हादसे में दोस्तों के साथ नहर में स्नान करने गया इंटर का छात्र गहरे पानी में डूब गया। काफी देर तक बाहर न आने पर दोस्तों ने शोर मचाया, जिसके बाद आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और पुलिस तथा परिजनों को सूचना दी। सूचना मिलते ही शिवराजपुर पुलिस और गोताखोरों की टीम मौके पर पहुंची। करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद छात्र का शव नहर से बाहर निकाला गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। हादसे के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई, जबकि परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। शिवराजपुर थाना क्षेत्र के महासरन गांव निवासी सर्वेश मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। परिवार में पत्नी रूबी, बेटी सोनम, बड़ा बेटा निखिल (18) और छोटा बेटा सौरभ गौतम हैं। पिता सर्वेश ने बताया कि वह शनिवार सुबह रोज की तरह मजदूरी करने चले गए थे। घर पर पत्नी और बच्चे मौजूद थे। दोपहर में निखिल अपने कुछ दोस्तों के साथ बिना बताए घर से करीब एक किलोमीटर दूर स्थित नहर पर स्नान करने चला गया। नहर पार करने के लिये लगाई छलांग डूबने के बाद दोस्तों ने दी जानकारी बताया गया कि नहाने के दौरान दोस्तों के बीच नहर के दूसरी ओर जाने की बात हुई। इसी दौरान निखिल ने नहर पार करने के लिए पानी में छलांग लगा दी। शुरुआत में दोस्तों को लगा कि वह तैरकर बाहर आ जाएगा, लेकिन काफी देर तक उसका कोई पता नहीं चला। घबराए दोस्तों ने शोर मचाना शुरू किया, जिससे आसपास खेतों में काम कर रहे लोग और ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस और परिजनों को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही शिवराजपुर थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। साथ ही स्थानीय गोताखोरों को बुलाकर तलाश अभियान शुरू कराया गया। तेज बहाव और गहराई के कारण तलाश में काफी दिक्कतें आईं। करीब दो घंटे तक चले रेस्क्यू अभियान के बाद गोताखोरों ने निखिल का शव नहर से बाहर निकाला। शव बाहर आते ही मौके पर मौजूद मां रूबी और अन्य परिजन बिलख पड़े। ग्रामीणों ने किसी तरह परिवार को संभाला। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। क्या बोले थाना प्रभारी थाना प्रभारी शिवराजपुर ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला नहर में डूबने से मौत का प्रतीत हो रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।परिजनों की ओर से अभी तक कोई आरोप प्रत्यारोप नहीं लगाए है। अगर कोई आरोप लगाते है जाँचकर आवश्यक कार्रवाई की जायेगी।
मैहर अस्पताल में कबाड़ से बना योग सेंटर:पुराने टायरों और पुर्जों से तैयार गार्डन, बच्चों के झूले
मैहर जिले के रामनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कबाड़ और अनुपयोगी सामान का सदुपयोग कर अस्पताल परिसर की तस्वीर बदल दी गई है। यहां पुराने टायर, वाहनों के खराब पुर्जे और अन्य अनुपयोगी सामग्री से योग सेंटर, व्यायाम उपकरण, बच्चों के झूले और एक आकर्षक गार्डन तैयार किया गया है।गार्डनों को आशियाना, सुकून, हर्बल गार्डन जैसे नाम भी दिए गए है।गार्डन में हर्बल के करीब 200 से अधिक पौधे लगाए गए है। अस्पताल में पुराने वाहनों के टायरों को काटकर कुर्सियां बनाई गई हैं। वहीं बच्चों के लिए झूले और मरीजों व आम लोगों के व्यायाम के लिए विभिन्न उपकरण भी तैयार किए गए हैं। अस्पताल आने वाले मरीजों के साथ स्थानीय लोग भी इन सुविधाओं का उपयोग कर स्वास्थ्य के प्रति जागरूक हो रहे हैं। परिसर में अनुपयोगी सामग्री से आकर्षक आकृतियां और जालियां बनाकर उनके आसपास पौधे और फूल लगाए गए हैं। परिसर के अलग-अलग हिस्सों में तीन गार्डन विकसित किए गए हैं, और योग सेंटर के पास लोगों के टहलने के लिए रास्ता भी बनाया गया है। हरियाली और स्वच्छ वातावरण के कारण अस्पताल परिसर अब मरीजों और स्थानीय लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया है। प्रभारी डॉक्टर का प्रयास इस नवाचार की शुरुआत वर्ष 2024 में तत्कालीन अस्पताल प्रभारी डॉ. विनय रवि सिंह के प्रयासों से हुई थी। इसके बाद लगातार अस्पताल परिसर में कबाड़ से उपयोगी और आकर्षक सामग्री तैयार करने का काम जारी रहा। धीरे-धीरे यहां योग सेंटर, गार्डन, बच्चों के खेल उपकरण और बैठने की व्यवस्था विकसित की गई। अस्पताल परिसर में लकड़ी और वाहनों के पुराने कांच जैसी सामग्री से एक आकर्षक स्थान भी तैयार किया गया है। यहां मरीजों के परिजन बैठने के साथ भोजन कर सकते हैं और लोग तस्वीरें भी खिंचवा रहे हैं। सुबह के समय मरीजों के साथ स्थानीय लोग भी अस्पताल परिसर में योग और मॉर्निंग वॉक के लिए पहुंचते हैं। रोगी कल्याण समिति के सहयोग मिला अस्पताल प्रभारी शिव प्रताप सिंह ने बताया कि स्वच्छता और सुंदरता बढ़ाने के उद्देश्य से अस्पताल के वाहनों तथा अन्य अनुपयोगी सामग्री से योग सेंटर, गार्डन और खेल उपकरण तैयार किए गए हैं। इनकी देखरेख अस्पताल प्रबंधन और रोगी कल्याण समिति के सहयोग से की जा रही है। बगिया की अन्य तस्वीरें…
माधोराजपुरा में घास भैरव सेवा समिति द्वारा बिसलपुर से चांदमा कलां के लिए कांवड़ यात्रा शुरू की गई। सावन माह के दौरान यह यात्रा 'बोल बम' और 'हर-हर महादेव' के जयघोष के साथ रवाना हुई। समिति के सदस्य प्रहलाद भार्गव ने जानकारी दी कि कांवड़ यात्रा संघ अध्यक्ष शंकर लाल सैनी के निर्देशन में यह यात्रा संचालित हो रही है। यात्रा सोमवार को चांदमा कलां (माधोराजपुरा) पहुंचेगी, जहां शिवालय में विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भगवान शिव का जलाभिषेक किया जाएगा। चांदमा कलां गांव में कांवड़ यात्रा के स्वागत की तैयारियां चल रही हैं। ग्रामीणों द्वारा यात्रा मार्ग की साफ-सफाई, सजावट और स्वागत द्वार बनाए जा रहे हैं। गांव पहुंचने पर कांवड़ियों का ढोल-नगाड़ों और पुष्प वर्षा के साथ स्वागत किया जाएगा। यात्रा में शामिल श्रद्धालु पूरे मार्ग में भजन-कीर्तन कर रहे हैं। कई स्थानों पर उनके लिए जलपान, फलाहार और विश्राम की व्यवस्था की गई है। समिति पदाधिकारियों के अनुसार, यात्रा का उद्देश्य केवल जलाभिषेक करना नहीं, बल्कि सामूहिक शिवभक्ति, धार्मिक एकता और सामाजिक सद्भाव का संदेश देना भी है। सावन माह में क्षेत्र में कांवड़ यात्राओं का आयोजन होता है। चांदमा कलां में होने वाले जलाभिषेक को लेकर आसपास के गांवों के श्रद्धालु भी उत्सुक हैं। ग्रामीण इस यात्रा को गांव में सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना से जोड़ते हुए इसकी अगवानी की तैयारियों में सक्रिय हैं।
अम्बेडकरनगर में अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र के मोहिउद्दीनपुर में 29 वर्षीय विवाहिता अंतिमा जायसवाल की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। ससुराल पक्ष का दावा है कि अंतिमा ने घर के बरामदे में फांसी लगाकर आत्महत्या की है, जबकि मायके वालों ने ससुराल पक्ष पर प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए मामले की गहन जांच की मांग की है। अंतिमा जायसवाल का विवाह 19 जून 2018 को मोहिउद्दीनपुर निवासी विपिन जायसवाल के साथ हुआ था। वह भीटी थाना क्षेत्र के रिउना गांव की रहने वाली थीं। मृतका के ससुर विश्राम ने बताया कि आज सुबह करीब चार बजे उन्होंने अंतिमा को घर के बरामदे में फांसी के फंदे पर लटका देखा। उनके अनुसार, घटना के समय अंतिमा कमरे में सो रही थी। अंतिमा के भाई हरिनाथ ने आरोप लगाया कि घटना से एक दिन पहले रात करीब 10 बजे अंतिमा ने अपनी मां रामलली से फोन पर बात की थी। उसने पैर में सूजन होने और ससुराल में उससे अधिक काम करवाए जाने की शिकायत की थी। हरिनाथ का यह भी आरोप है कि मायके आने पर भी अंतिमा को जबरन वापस ससुराल बुला लिया जाता था। परिजनों के अनुसार, अंतिमा और उसके ससुराल पक्ष के बीच पहले से विवाद चल रहा था। मायके पक्ष ने स्पष्ट रूप से विवाहिता को प्रताड़ित किए जाने का आरोप लगाया है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मर्चरी हाउस भेज दिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है। विवाहिता की मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस की विस्तृत जांच के बाद ही हो पाएगा।
जौनपुर में सामाजिक संस्था ‘परिश्रम’ की ओर से शनिवार को कजरी महोत्सव एवं स्नेह मिलन समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पारंपरिक कजरी गीतों की प्रस्तुतियां देर रात 12 बजे तक चलती रहीं। कार्यक्रम का शुभारंभ पिंडरा विधायक डॉ. अवधेश सिंह और चंदौली विधायक सुशील सिंह ने किया। संस्था के अध्यक्ष, जौनपुर से पूर्व लोकसभा प्रत्याशी और महाराष्ट्र सरकार के पूर्व गृहराज्यमंत्री कृपाशंकर सिंह ने अतिथियों का स्वागत किया। देखें, 3 तस्वीरें… कृपाशंकर सिंह ने कहा कि सावन धार्मिक आस्था के साथ लोकगीत, संगीत और सामाजिक मेल-जोल का भी पर्व है। कजरी हमारी समृद्ध लोक संस्कृति की पहचान है। इसे नई पीढ़ी तक पहुंचाने की जिम्मेदारी सभी की है। महोत्सव की शुरुआत गायक सुरेश शुक्ला ने पारंपरिक कजरी गीतों से की। उन्होंने ‘निबिया की डारी मैया’ और ‘मीरजापुर की गुलजार केईला कचौड़ी गली सुन कईला बलमु’ समेत सावन के कई गीत प्रस्तुत किए। इसके बाद गायिका गीतांजलि मौर्य ने कजरी और सावन आधारित गीतों की प्रस्तुति दी। कलाकारों की प्रस्तुतियों पर मौजूद लोगों ने तालियों के साथ उत्साह बढ़ाया। कजरी महोत्सव के साथ आयोजित स्नेह मिलन समारोह में विभिन्न क्षेत्रों से आए जनप्रतिनिधियों, सामाजिक एवं राजनीतिक कार्यकर्ताओं और गणमान्य लोगों ने एक-दूसरे से मुलाकात कर शुभकामनाओं का आदान-प्रदान किया। कार्यक्रम ने लोक संस्कृति के संरक्षण के साथ सामाजिक समरसता और आपसी भाईचारे का संदेश दिया। संस्था के सचिव एडवोकेट अखिलेश चौबे ने अतिथियों, कलाकारों और आयोजन में सहयोग करने वालों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि संस्था सामाजिक सरोकारों के साथ भारतीय लोक संस्कृति और परंपराओं को बढ़ावा देने के लिए काम करती रहेगी। कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद सीमा द्विवेदी, पूर्व सांसद हरिवंश सिंह, पूर्व सांसद बीपी सरोज, विद्यासागर सोनकर, विधायक रमेश सिंह, रमेश चंद्र मिश्रा, पूर्व विधायक डॉ. हरेन्द्र सिंह, सुषमा पटेल, विधायक रमेश मिश्रा, अजय दुबे, डॉ. लीना तिवारी, भाजपा प्रवक्ता ओमप्रकाश सिंह, जिलाध्यक्ष अजीत प्रजापति, श्याम राज सिंह, सुनीता सिंह, मनोज अग्रहरि, सुनील यादव ममन, राहुल सिंह, मुकेश सिंह, धीरू सिंह, पीयूष गुप्ता, धीरू सिंह समेत बड़ी संख्या में गणमान्य लोग मौजूद रहे।
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर खैरथल-तिजारा जिले में 9 से 17 अगस्त तक हर घर तिरंगा अभियान चलाया जाएगा। जिला कलेक्टर अतुल प्रकाश के निर्देशन में जिले में 2 लाख 3 हजार तिरंगे वितरित करने का लक्ष्य रखा गया है। 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के रूप में मनाया जाएगा, जबकि 15 अगस्त को ध्वजारोहण और तिरंगा शपथ होगी। हर घर तिरंगा अभियान की शुरुआत 9 अगस्त को सुबह 8 से 11 बजे तक तिरंगा प्रभात फेरी के साथ हुई। इसके बाद 10 अगस्त को दोपहर 1 बजे जिला एवं उपखंड मुख्यालयों पर तिरंगा रैली निकाली जाएगी। रैली में ई-बाइक, साइकिल और ट्रैक्टर रैली के साथ स्थानीय लोक कलाकारों एवं संगीतकारों की प्रस्तुतियां भी आकर्षण का केंद्र रहेंगी। 11-12 अगस्त को तिरंगा प्रदर्शनी एवं मेला 11 और 12 अगस्त को पीएम श्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, खैरथल में तिरंगा प्रदर्शनी एवं मेले का आयोजन होगा। यहां तिरंगे और वंदे मातरम् से जुड़ी प्रदर्शनी, फोटो-वीडियो प्रदर्शन, चरखा एवं बुनकरों द्वारा तिरंगा कपड़ा तैयार करने की कला का प्रदर्शन, राजस्थान की संस्कृति तथा स्थानीय उत्पादों की प्रदर्शनी एवं बिक्री की व्यवस्था रहेगी। विभाजन की पीड़ा बताएगी प्रदर्शनी 13 और 14 अगस्त को पीएम श्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, खैरथल में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के तहत प्रदर्शनी लगाई जाएगी। इसमें भारत विभाजन से जुड़ी सामग्री और लघु फिल्मों का प्रदर्शन किया जाएगा। विद्यार्थियों को प्रदर्शनी का भ्रमण कराया जाएगा। विभाजन से प्रभावित परिवारों एवं उनके प्रतिनिधियों, स्वतंत्रता सेनानियों, जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संस्थाओं, भामाशाहों, कलाकारों, खिलाड़ियों और गणमान्य नागरिकों को कार्यक्रम में आमंत्रित किया जाएगा। श्रद्धांजलि कार्यक्रम के बाद दो मिनट का मौन रखा जाएगा। जिला एवं उपखंड स्तर पर कैंडल मार्च भी निकाला जाएगा। तिरंगा रोशनी से जगमगाएंगे प्रमुख स्थल 13 से 17 अगस्त तक जिले के प्रमुख कार्यालयों, भवनों, स्मारकों और प्रमुख स्थलों को तिरंगा रंग की एलईडी लाइटिंग से सजाया जाएगा। बाजारों में तिरंगा रंगोली, माला और दीप सजावट के साथ देशभक्ति गीत, राष्ट्रगान एवं राष्ट्रगीत का प्रसारण किया जाएगा। प्रमुख बाजारों, पंचायत कार्यालयों, भारत निर्माण सेवा केंद्र, आंगनबाड़ी केंद्र और बस स्टैंड सहित सार्वजनिक स्थानों पर तिरंगा कैनवास लगाया जाएगा। आमजन इस पर अपने हस्ताक्षर कर देशप्रेम से जुड़े संदेश लिख सकेंगे। यह कैनवास 13 अगस्त सुबह 8 बजे से 17 अगस्त शाम 8 बजे तक लगाया जाएगा। 14 अगस्त सांस्कृतिक संध्या, 15 को तिरंगा शपथ 14 अगस्त की शाम 7 बजे प्रत्येक पंचायत में सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। इनमें स्वतंत्रता सेनानियों, सैनिकों और शहीद परिवारों को सम्मानपूर्वक आमंत्रित किया जाएगा। देशभक्ति गीतों के साथ स्थानीय लोक कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे। 15 अगस्त को जिले के सभी राजकीय एवं निजी कार्यालयों तथा भवनों पर ध्वजारोहण किया जाएगा। शहरी निकायों और ग्राम पंचायतों में भी ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित होंगे तथा देश की एकता एवं अखंडता के लिए तिरंगा शपथ दिलाई जाएगी। वंदे मातरम् का सामूहिक गायन, तिरंगे के साथ सेल्फी अभियान के दौरान गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार वंदे मातरम् के अधिकृत संस्करण का सामूहिक गायन कराया जाएगा। आमजन को तिरंगे के साथ सेल्फी लेकर निर्धारित हर घर तिरंगा पोर्टल पर अपलोड करने के लिए भी प्रेरित किया जाएगा। अभियान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए तिरंगा वॉलंटियर्स भी बनाए जाएंगे। इनमें युवा, महिलाएं, विद्यार्थी, कार्मिक और आमजन शामिल होंगे। वॉलंटियर्स लोगों को तिरंगा फहराने और सेल्फी अपलोड करने की प्रक्रिया की जानकारी देने के साथ स्थानीय भाषा में जागरूकता फैलाएंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में 1.68 लाख, शहरों में 34,510 तिरंगे जिले में कुल 2,03,000 तिरंगे वितरित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इनमें शहरी क्षेत्रों के लिए 34,510 और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 1,68,490 तिरंगे शामिल हैं। संबंधित नगर निकायों एवं विकास अधिकारियों को लक्ष्य के अनुरूप तिरंगों की उपलब्धता और वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। जिला कलेक्टर अतुल प्रकाश ने अधिकारियों को अभियान के सभी कार्यक्रमों की प्रभावी क्रियान्विति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन का उद्देश्य है कि हर घर तिरंगा अभियान केवल सरकारी कार्यक्रम न रहकर जिले के हर नागरिक का देशभक्ति उत्सव बने।
बिजनौर जिले में गुलदार के बढ़ते हमलों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से पीलीभीत टाइगर रिजर्व की नौ सदस्यीय टीम बिजनौर पहुंची है। यह टीम मानव-गुलदार संघर्ष को रोकने और स्थानीय लोगों को जागरूक करने का काम करेगी। टीम ने रविवार सुबह 11 बजे बिजनौर शहर से सटे पैदा और गजरौला शिव गांवों में जागरूकता अभियान चलाया। नुक्कड़ नाटक और अन्य माध्यमों से लोगों को गुलदार के हमलों से बचने के उपाय बताए गए। यह टीम अगले एक सप्ताह तक जिले के गुलदार प्रभावित क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करेगी। बिजनौर जिले में पिछले काफी समय से गुलदार का आतंक जारी है। गुलदार के हमलों में अब तक तीन दर्जन से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि सैकड़ों लोग घायल हुए हैं। गुलदार ने सैकड़ों जानवरों का भी शिकार किया है। वन विभाग गुलदार को पकड़ने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।इसी क्रम में पीलीभीत टाइगर रिजर्व की नौ सदस्यीय टीम 'बाघ एक्सप्रेस' वाहन में सवार होकर बिजनौर पहुंची है। टीम का मुख्य उद्देश्य इस दहशत को कम करना और गुलदार के हमलों से बचाव के लिए लोगों को जागरूक करना है। यह टीम 'बाघ एक्सप्रेस' अभियान का हिस्सा है, जिसमें पीलीभीत टाइगर रिजर्व और डब्ल्यूडब्ल्यूएफ (वर्ल्ड वाइड फंड फॉर नेचर) के सदस्य शामिल हैं। इस अभियान ने पहले भी मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया है। पीलीभीत के इस सफल मॉडल को अब बिजनौर में लागू किया जा रहा है। मशहूर बाघ मित्र राजीव श्रीवास्तव भी इस विशेष कलाकारों की टीम के साथ हैं। यह टीम अगले एक सप्ताह तक बिजनौर जिले के अत्यधिक संवेदनशील और गुलदार प्रभावित क्षेत्रों में रहेगी। नुक्कड़ नाटकों और प्रभावशाली प्रस्तुतियों के माध्यम से यह दल ग्रामीणों को तेंदुओं से बचाव की वैज्ञानिक तकनीकें सिखाएगा। इसका लक्ष्य भय के माहौल को समाप्त करना और इंसानी बस्तियों में फैली भ्रांतियों को दूर करना है। टीम में टीम लीडर राजीव कुमार के साथ ललित, शिवम, विकास, मुकुल, पंकज और आनंद शामिल हैं। बिजनौर के क्षेत्रीय वन अधिकारी महेश गौतम भी अपनी टीम के साथ इस अभियान में सहयोग कर रहे हैं। इस मौके पर क्षेत्रीय वन अधिकारी महेश गौतम ने बताया कि टीम ने पैदा और गजरौला शिव में अभियान की शुरुआत कर दी है टीम अगले एक सप्ताह तक बिजनौर जिले के गुलदार प्रभावित क्षेत्रों में जाकर लोगों को जागरूक करने का काम करेगी।
सिरोही जिले में एक 12 साल के बच्चे को कोबरा सांप ने डस लिया। परिजनों ने उसे अस्पताल ले जाने के बजाय करीब 20 घंटे तक एक भोपा से झाड़-फूंक करवाई। लड़के की हालत बिगड़ने लगी और वह बेहोश हो गया। इसके बाद उसे सिरोही के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया। उसकी हालत अभी भी चिंताजनक बनी हुई है। जानकारी के अनुसार दोयतरा निवासी सुरेश (12) पुत्र थावरा राम गरासिया शुक्रवार रात करीब 12 बजे किसी काम से घर से बाहर निकला था। तभी अचानक उसके पैर में सांप ने डस लिया। उसकी चीख सुनकर परिजन बाहर आए। लगातार बेहोश होने पर भोपा ने ले जाने को कहाअस्पताल ले जाने के बजाय, परिजन उसे इलाज के लिए एक भोपा के पास ले गए। सुरेश को शनिवार पूरे दिन भोपा के पास ही रखा गया। शाम करीब 8 बजे उसकी हालत में सुधार होने के बजाय वह लगातार बेहोश होता चला गया। इस पर भोपा ने इलाज करने से मना कर दिया और उसे कहीं और ले जाने को कहा। दिमाग तक पहुंचा गया था जहरइसके बाद परिजन सुरेश को लेकर शनिवार रात करीब 9 बजे सिरोही सरकारी अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर पहुंचे। वहां मौजूद डॉक्टर रतन लाल चौधरी ने तुरंत उसका इलाज शुरू किया। सांप का जहर खत्म करने के लिए आमतौर पर 10 इंजेक्शन लगाए जाते हैं, लेकिन सुरेश को 20 इंजेक्शन देने पड़े। तब तक जहर उसके शरीर में काफी फैल चुका था और दिमाग तक पहुंच गया था। डॉक्टर ने सुरेश की गंभीर हालत को देखते हुए रात को आईसीयू वार्ड के प्रभारी सहित नर्सिंग स्टाफ को विशेष हिदायत दी। उन्होंने कहा कि मरीज को हर 10 से 15 मिनट बाद चेक करते रहें और उससे लगातार बातें करते रहें, जब तक जहर का असर कम नहीं हो जाता। जिले में बरसात का दौर शुरू होने के साथ ही सांप के डसने की घटनाओं में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। रविवार को सिरोही ट्रॉमा सेंटर में सांप के डसने के तीन गंभीर मरीजों को लाया गया था, जिनमें सुरेश भी शामिल था।
हाथरस में बसपा के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर आकाश आनंद कल सोमवार को सादाबाद कस्बे में कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करेंगे। यह सम्मेलन कूपा रोड स्थित उत्सव गार्डन में दोपहर 11 बजे से आयोजित होगा। बसपा इस सम्मेलन के माध्यम से उत्तर प्रदेश में चुनावी अभियान का आगाज करेगी। पार्टी कार्यकर्ता कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए युद्ध स्तर पर तैयारियों में जुटे हैं। पिछले कई दिनों से उनके कार्यक्रम को लेकर जनसंपर्क अभियान चलाया जा रहा है। प्रत्याशी की कर सकते हैं घोषणा कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लेने के लिए आज सुबह पूर्व सांसद मुनकाद अली हाथरस पहुंचे। उनके साथ बसपा के जिलाध्यक्ष राज कपूर और सादाबाद क्षेत्र के प्रभारी डॉ. अविन शर्मा सहित अन्य पार्टी कार्यकर्ता भी मौजूद थे। सूत्रों के अनुसार, आकाश आनंद सादाबाद सीट से बसपा प्रत्याशी की घोषणा कर सकते हैं। पिछली बार इस सीट पर बसपा तीसरे स्थान पर रही थी। फिलहाल, उनके कार्यक्रम को लेकर बसपाइयों में काफी उत्साह है।
टीकमगढ़ जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत धनवाह घाट खिरिया में नवनिर्मित सीसी सड़क ग्रामीणों के लिए आफत का सबब बन गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार और पंचायत ने सीसी सड़क का निर्माण पुरानी सड़क के मुकाबले काफी ऊंचा करा दिया, लेकिन जल निकासी के लिए नालियों का निर्माण कराना भूल गए। नतीजतन, सड़क किनारे करीब एक फीट गहरा गंदा पानी जमा हो गया है, जिससे लगभग 20 से 25 परिवारों का जीना मुहाल हो गया है। बुजुर्ग और स्कूली बच्चे सबसे ज्यादा परेशान इस जलभराव के कारण गांव के दौलत राम, प्रीतपाल, शिवराज, लाल सिंह, चंद्रभान, शंकर बहादुर, गोविंद दास, तुलसी, रतीराम, पप्पू, प्यारेलाल, हरिराम, बलराम, मनुबा, हल्काई और कोटीराम सहित 25 परिवारों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है। सबसे ज्यादा फजीहत स्कूली बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की हो रही है। बच्चों को रोजाना इसी बदबूदार और दूषित पानी से होकर स्कूल जाना पड़ रहा है, जिससे हादसों और संक्रामक बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है। तेज बारिश हुई तो घरों में घुसेगा पानी ग्रामीणों ने चिंता जाहिर की है कि यदि इलाके में सामान्य से तेज बारिश होती है, तो स्थिति और ज्यादा बेकाबू हो जाएगी। जल निकासी का कोई जरिया न होने की वजह से सड़क पर भरा गंदा पानी सीधे लोगों के बेडरूम और रसोई तक पहुंच जाएगा। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द मौके का मुआयना कर पक्की नाली का निर्माण कराया जाए, ताकि इस नरकीय स्थिति से राहत मिल सके। सीईओ बोले-जांच कराकर दूर कराएंगे मामले में जनपद पंचायत सीईओ मनीष शेंडे ने बताया कि ग्रामीणों की समस्या संज्ञान में आई है। जल्द ही पंचायत और तकनीकी टीम को मौके पर भेजकर जांच कराई जाएगी और जल निकासी के लिए नाली निर्माण की वैकल्पिक व्यवस्था तुरंत शुरू की जाएगी।
छिंदवाड़ा के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. नरेश गोन्नाडे को निलंबित कर दिया गया है। उन पर शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन और CM हेल्पलाइन की शिकायतों के निराकरण में लापरवाही बरतने के आरोप हैं। मुख्यमंत्री की समाधान प्रकरणों की उच्चस्तरीय समीक्षा के बाद यह कार्रवाई की गई। निलंबन के दौरान उनका मुख्यालय CMHO, जिला कटनी कार्यालय रहेगा। मामला छिंदवाड़ा के मोहखेड़ा ब्लॉक की हितग्राही सीमा से जुड़ा है। उन्हें मुख्यमंत्री श्रमिक सेवा प्रसूति सहायता योजना और जननी सुरक्षा योजना का लाभ समय पर नहीं मिला। पोर्टल की तकनीकी समस्या के कारण उनका प्रथम प्रसव रिकॉर्ड समय पर अपडेट नहीं हुआ। इसके चलते सिस्टम में उन्हें अपात्र कर दिया गया। जांच के बाद की गई कार्रवाई भुगतान नहीं मिलने पर सीमा ने 18 अप्रैल को CM हेल्पलाइन पर शिकायत की। इसके बाद हुई जांच में जिला स्तर पर लंबित शिकायतों की समीक्षा में लापरवाही सामने आई। जांच में मुख्यमंत्री श्रमिक सेवा प्रसूति सहायता योजना की 202 शिकायतें CM हेल्पलाइन पर लंबित मिलीं। जननी सुरक्षा योजना की 35 शिकायतें भी लंबित थीं। जांच में अनमोल पोर्टल पर भी बड़ी संख्या में रिकॉर्ड अपडेट नहीं मिले। 1 अप्रैल 2025 से 31 जुलाई 2026 तक 623 गर्भवती महिलाओं के प्रसव की जानकारी पोर्टल पर अपडेट नहीं की गई थी। नोटिस दिया जवाब संतोषजनक नहीं मिला मामले में विभाग ने डॉ. गोन्नाडे को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। उन्होंने अपना जवाब दिया, लेकिन विभाग ने उसे संतोषजनक नहीं माना। इसके बाद उनका निलंबन किया गया।
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जवाहर नवोदय विद्यालय (JNV) में कक्षा छह में प्रवेश के लिए आयोजित होने वाली चयन परीक्षा (JNVST-2027) के ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ा दी गई है। अब इच्छुक अभ्यर्थी 10 अगस्त 2026 तक निःशुल्क आवेदन कर सकेंगे। पहले आवेदन की अंतिम तिथि 7 अगस्त निर्धारित थी। यह निर्णय उन विद्यार्थियों और अभिभावकों के लिए राहत लेकर आया है, जो किसी कारणवश निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवेदन नहीं कर पाए थे। सिद्धार्थनगर सहित देशभर के हजारों छात्रों को इससे लाभ मिलेगा। इसके साथ ही, नवोदय विद्यालय समिति ने आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को अपने फॉर्म में त्रुटियां सुधारने का भी अवसर प्रदान किया है। 11 और 12 अगस्त को करेक्शन विंडो खुली रहेगी, जिसमें पंजीकृत अभ्यर्थी परीक्षा का माध्यम, वर्ग, लिंग, ग्रामीण/शहरी क्षेत्र और दिव्यांगता से संबंधित विवरण में संशोधन कर सकेंगे। नवोदय विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक सुविधाएं और आवासीय व्यवस्था के कारण हर वर्ष बड़ी संख्या में विद्यार्थी प्रवेश के लिए आवेदन करते हैं। पीएम श्री स्कूल जवाहर नवोदय विद्यालय, बसंतपुर (बांसी) के प्राचार्य एन.के. सिंह ने बताया कि अभ्यर्थी नवोदय विद्यालय समिति की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर निःशुल्क ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। प्राचार्य सिंह ने अपील की कि अंतिम समय की भीड़ से बचने के लिए अभ्यर्थी जल्द से जल्द आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें। उन्होंने यह भी बताया कि जिन अभ्यर्थियों के आवेदन में निर्धारित श्रेणियों से जुड़ी कोई त्रुटि रह गई है, वे 11 और 12 अगस्त को उपलब्ध कराई गई करेक्शन विंडो का लाभ उठाकर उसे ठीक कर सकते हैं।
लखीमपुर-खीरी के फरधान थाना क्षेत्र से 3 अगस्त से लापता ई-रिक्शा चालक बिनीत कुमार (30) का शव शनिवार देर रात बरामद हुआ। उसका क्षत-विक्षत शव आमान गांव के पास नहर पटरी की खंती में मिला। परिजनों ने दाहिने हाथ की दो उंगलियों के आधार पर शव की पहचान की। पुलिस ने मामले में दो युवकों को गिरफ्तार किया है। बिनीत सराय सूरत गांव का रहने वाला था और ई-रिक्शा चलाकर परिवार का पालन-पोषण करता था। वह तीन भाइयों में सबसे बड़ा था। उसके परिवार में पत्नी के अलावा 4 साल की बेटी प्रज्ञा और डेढ़ साल की बेटी नव्या हैं। 3 अगस्त से था लापता, पहले गुमशुदगी फिर अपहरण का केस परिजनों के मुताबिक, बिनीत के लापता होने के बाद 3 अगस्त को फरधान थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी। बाद में परिजनों की मांग पर सदर कोतवाली में अपहरण का मुकदमा दर्ज किया गया। परिजनों का आरोप है कि शुरुआती दौर में पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। इसके बाद उन्होंने एसपी कार्यालय पहुंचकर कार्रवाई की मांग की। पुलिस का कहना है कि इसके बाद जांच तेज करते हुए कई टीमों को लगाया गया। CCTV और सुराग से दो युवकों तक पहुंची पुलिस पुलिस के मुताबिक, जांच के दौरान CCTV फुटेज और अन्य सुराग मिले। इसमें देवरिया गांव के दो युवकों से ई-रिक्शा की बैटरी को लेकर बिनीत का विवाद होने की जानकारी सामने आई। पुलिस ने दोनों युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस का दावा है कि उनकी निशानदेही पर शनिवार रात करीब 12 बजे बिनीत का शव और ई-रिक्शा की बैटरी बरामद की गई। जांच में सर्विलांस और डॉग स्क्वायड समेत कई पुलिस टीमों को लगाया गया था। पुलिस ने पूछताछ के बाद दोनों युवकों को गिरफ्तार कर लिया है। शुरुआती जांच में हत्या के पीछे बैटरी को लेकर हुए विवाद को वजह बताया जा रहा है। हालांकि, मौत की वास्तविक वजह और पूरी घटना पोस्टमार्टम रिपोर्ट व विवेचना के बाद ही स्पष्ट होगी। शव मिलने के बाद परिजनों ने पोस्टमार्टम से किया इनकार शव बरामद होने के बाद परिजनों ने पंचायतनामा और पोस्टमार्टम की कार्रवाई के लिए हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया। उनकी मांग है कि जिन युवकों की निशानदेही पर शव बरामद हुआ है, पहले उनका आमना-सामना कराया जाए और बिनीत की मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट की जाए। पुलिस ने परिजनों को समझाने का प्रयास किया। पुलिस टीम कई घंटे तक उनके घर पर मौजूद रही, लेकिन परिजन अपनी मांग पर अड़े रहे। परिजनों ने पुलिस पर शुरुआती कार्रवाई में लापरवाही का आरोप लगाया है। वहीं पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और आगे की विवेचना से बिनीत की मौत की परिस्थितियां स्पष्ट होने की उम्मीद है।
श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर 6 दिसंबर को कारसेवा का ऐलान, मथुरा में पुलिस अलर्ट; संतों को नोटिस जारी
मथुरा की चित्रगुप्त पीठ में हवन-पूजन के बाद साधु-संतों ने 6 दिसंबर को श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर कारसेवा का ऐलान किया। पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा बढ़ाई और कई संतों को नोटिस दिया।
मऊगंज जिले में स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य पर रविवार से 'हर घर तिरंगा' अभियान का आगाज़ हो गया है। अभियान की शुरुआत में पुलिस विभाग द्वारा कलेक्ट्रेट कार्यालय से एक विशाल तिरंगा यात्रा निकाली गई। रविवार सुबह करीब 11 बजे शुरू हुई इस यात्रा में हाथों में तिरंगा लिए पुलिस बल के जवानों और अधिकारियों ने जिलेवासियों को देशभक्ति की भावना से जुड़ने और अपने-अपने घरों पर सम्मान के साथ राष्ट्रीय ध्वज फहराने का संदेश दिया। 9 से 17 अगस्त तक जिलेभर में होंगे विविध आयोजन प्रशासन द्वारा संचालित यह विशेष अभियान 9 अगस्त से शुरू होकर 17 अगस्त तक चलेगा। इस 9 दिवसीय अभियान का मुख्य लक्ष्य पूरे मऊगंज जिले में स्वतंत्रता दिवस को लेकर राष्ट्रभक्ति का माहौल तैयार करना है। इस दौरान जिले के विभिन्न कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता रैलियां, तिरंगा यात्राएं और सांस्कृतिक व राष्ट्रभक्ति से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। हर घर पर ध्वज फहराने और कार्यक्रमों में जुटने की अपील प्रशासन का उद्देश्य इस अभियान के जरिए मऊगंज के अधिक से अधिक परिवारों को जोड़ना है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने आमजन से अपील की है कि वे पूरे उत्साह के साथ 'हर घर तिरंगा' अभियान में भाग लें, अपने घरों पर राष्ट्रीय ध्वज लगाएं और स्वतंत्रता दिवस के आयोजनों में सक्रिय सहभागिता निभाकर देश के प्रति अपनी जिम्मेदारी का परिचय दें।
एटा में रोडवेज बस ने ऑटो में मारी टक्कर:सात घायल, सभी को हायर सेंटर रेफर, पांच की पहचान
एटा जिले के जैथरा थाना क्षेत्र में परौली सुहागपुर गांव के पास एक तेज रफ्तार रोडवेज बस ने सवारियों से भरे ऑटो को टक्कर मार दी। इस हादसे में ऑटो में सवार सात लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर किया गया है। घटना की सूचना मिलते ही जैथरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र जैथरा में भर्ती कराया। चिकित्सकों ने घायलों की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया। बताया जा रहा है कि पांच घायलों की पहचान हो चुकी है, जबकि दो लोग अभी अपनी स्थिति बताने में नहीं हैं। सड़क हादसे में घायल हुए लोगों में सताना (35 वर्ष), कृष्णा (8 वर्ष), रेखा पत्नी जुगेंद्र, नंदकिशोर (निवासी नगला चंदन) और चंद्रपाल (45 वर्ष, निवासी फगनौल) शामिल हैं। इनके अलावा दो अन्य लोग भी घायल हुए हैं जिनकी पहचान अभी नहीं हो पाई है। घायलों का उपचार कर रहे चिकित्सक डॉ. अखलाख ने बताया कि ऑटो दुर्घटना में सात लोगों को भर्ती कराया गया था। उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया और सभी को हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है। डॉ. अखलाख के अनुसार, पांच घायलों की पहचान हो चुकी है, जबकि दो की पहचान अभी बाकी है। सभी घायलों को सिर में चोटें आई हैं। धुमरी चौकी प्रभारी धर्मेश कुमार ने बताया कि एटा की ओर से आ रहे ऑटो और अलीगंज की ओर से आ रही वेवर डिपो की बस के बीच यह टक्कर हुई। ऑटो में सवार सभी सात लोग घायल हुए हैं। उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है। पुलिस ने घटना स्थल का निरीक्षण किया है और हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।
गोंडा में चोरी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां चोर बाइक या पैदल नहीं, बल्कि लग्जरी मारुति कार से पहुंचे और घर के सामने खड़े ट्रैक्टर की बैटरी चोरी कर ले गए। पूरी वारदात घर के बाहर लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई। घटना कटरा बाजार थाना क्षेत्र के चरेरा गांव की है। चरेरा गांव निवासी विजय कुमार ने बताया कि 8 अगस्त की सुबह करीब 4:47 बजे एक लग्जरी कार उनके घर के सामने आकर रुकी। कार से दो लोग उतरे और ट्रैक्टर के पास पहुंचे। दोनों ने कुछ ही देर में ट्रैक्टर की बैटरी खोली और उसे कार में रखकर फरार हो गए। सुबह ट्रैक्टर स्टार्ट किया तो बैटरी गायब मिली विजय कुमार के मुताबिक, सुबह करीब 9 बजे वह खेत जाने के लिए ट्रैक्टर स्टार्ट करने पहुंचे। ट्रैक्टर स्टार्ट नहीं हुआ तो उन्होंने जांच की। इस दौरान बैटरी गायब मिली। इसके बाद घर में लगे CCTV कैमरे की फुटेज देखी तो चोरी की पूरी वारदात सामने आ गई। फुटेज में कार से आए दो लोग ट्रैक्टर के पास जाते और बैटरी खोलते दिखाई दे रहे हैं। इसके बाद दोनों बैटरी को कार में रखकर वहां से निकल जाते हैं। पीड़ित बोले- इतनी महंगी कार, 8-10 हजार की बैटरी विजय कुमार ने कहा कि चोर जिस कार से आए थे, उसकी कीमत में 200 बैटरी खरीदी जा सकती हैं। इसके बावजूद चोर 8 से 10 हजार रुपए की बैटरी चोरी कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि उनके क्षेत्र में पहले भी इस तरह की करीब पांच बैटरी चोरी हो चुकी हैं। विजय कुमार ने कटरा बाजार थाने में तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। CCTV के आधार पर चोरों की तलाश कटरा बाजार थाना अध्यक्ष मनोज पाठक ने बताया कि CCTV फुटेज के आधार पर बैटरी चोरी करने वाले आरोपियों की तलाश की जा रही है। पुलिस कार और उसमें सवार लोगों की पहचान करने का प्रयास कर रही है। मामले में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
कनाडा भेजने के नाम पर 18 लाख की ठगी:मोगा में आरोपियों ने वीजा भी नहीं लगवाया; 2 लोगों पर केस दर्ज
मोगा जिले के धर्मकोट थाना क्षेत्र में कनाडा भेजने का झांसा देकर 18 लाख रुपये की ठगी करने के आरोप में पुलिस ने दो व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। यह कार्रवाई शिकायत की विस्तृत जांच और संबंधित अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर की गई। शिकायतकर्ता गुरवीर सिंह पुत्र सुखदेव सिंह निवासी गांव फतेहगढ़ कोरोटाना ने पुलिस को बताया कि आरोपियों ने उसे कनाडा भेजने का भरोसा दिलाया था। विदेश में बेहतर रोजगार और भविष्य के सपने दिखाकर उससे चरणबद्ध तरीके से कुल 18 लाख रुपये लिए गए। शिकायतकर्ता का आरोप है कि रकम लेने के बावजूद आरोपियों ने उसे कनाडा नहीं भेजा और बाद में टालमटोल करने लगे। पुलिस मामले की जांच में जुटी पुलिस ने इस मामले में जगदीप सिंह पुत्र पाल सिंह निवासी भदौड़, जिला बरनाला समेत एक अन्य व्यक्ति को नामजद किया है। मामले की प्रारंभिक जांच ईओ विंग मोगा के इंचार्ज द्वारा की गई थी। जांच के दौरान शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों में पर्याप्त आधार पाए जाने के बाद केस दर्ज करने की सिफारिश की गई। इसके बाद थाना धर्मकोट पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धारा 318(4) तथा पंजाब ट्रैवल प्रोफेशनल रेगुलेशन एक्ट, 2014 की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया। पुलिस अब पैसों के लेन-देन, दस्तावेजों और आरोपियों की भूमिका की गहन जांच कर रही है।
रामपुर के थाना पटवाई क्षेत्र के कलरख गांव में रविवार सुबह मारपीट की दो अलग-अलग घटनाओं से हड़कंप मच गया। पहली घटना में चाची, उनके पति और बेटी से मारपीट की गई। इसके बाद चाची को थाने छोड़ने जा रहे उनके जेठ के बेटे को भी रास्ते में घेरकर पीटा गया। पुलिस ने दोनों घटनाओं में घायल हुए लोगों को मेडिकल परीक्षण और उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा है। जिला अस्पताल में उपचार के दौरान बिहारी लाल की पत्नी यशोदा ने बताया कि खेत में लकड़ियां फेंकने को लेकर गांव के सोनपाल और उसके बेटे ललित से उनका विवाद हुआ था। यशोदा के अनुसार, रविवार सुबह करीब दस बजे सोनपाल और ललित ने पहले उनके पति बिहारी लाल और बेटी शशि के साथ गाली-गलौज की। विरोध करने पर उनके साथ भी मारपीट की गई। यशोदा ने बताया कि इस घटना के बाद वह शिकायत दर्ज कराने थाने जा रही थीं। उन्हें थाने छोड़ने के लिए उनके जेठ का बेटा भी साथ गया था। आरोप है कि रविवार सुबह करीब 11 बजे पटवाई क्षेत्र के नधनउ गांव के पास करीब सात लोगों ने जेठ के बेटे को रोक लिया और उसके साथ मारपीट की। मारपीट के दौरान उसके कपड़े भी फाड़ दिए गए। मारपीट की सूचना मिलने पर पटवाई पुलिस ने तुरंत मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज जुटाई है। थाना प्रभारी पटवाई धनंजय सिंह ने बताया कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है। थाना प्रभारी ने आगे कहा कि सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस दोनों पक्षों के आरोपों की जांच कर रही है और मेडिकल रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज तथा जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
बस्ती के अमहट घाट पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने कांवड़ियों की सेवा के लिए शनिवार सुबह 7 बजे से स्वास्थ्य शिविर लगाया है। यह शिविर अयोध्या की सरयू नदी से पवित्र जल लेकर बाबा भद्रेश्वरनाथ मंदिर लौट रहे शिवभक्तों के लिए है। इसका मुख्य उद्देश्य पैदल यात्रा के दौरान पैरों में पड़े छालों का उपचार करना है। शिविर में डॉक्टरों की एक टीम लगातार कांवड़ियों की स्वास्थ्य जांच कर रही है और उन्हें आवश्यक उपचार उपलब्ध करा रही है। पैदल चलने के कारण कांवड़ियों के पैरों में अक्सर छाले पड़ जाते हैं, जिसके लिए दवाओं और अन्य चिकित्सा सामग्री की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। स्वास्थ्य सेवाओं के अतिरिक्त, कांवड़ियों के लिए पेयजल और आराम करने की भी व्यवस्था की गई है, ताकि लंबी पैदल यात्रा के बाद उन्हें राहत मिल सके। यह शिविर 8, 9 और 10 अगस्त तक चौबीसों घंटे अपनी सेवाएं प्रदान करेगा। डॉ. गजेंद्र गिरी, जो अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के हर्रैया जिले के जिला प्रमुख हैं, ने बताया कि कांवड़ यात्रियों की सेवा का यह कार्यक्रम जिले में लगातार तीन वर्षों से संचालित किया जा रहा है। विद्यार्थी परिषद के अखिलेश प्रताप सिंह ने कहा कि शिवभक्तों की सेवा का अवसर मिलना सौभाग्य की बात है और परिषद के कार्यकर्ता पूरे समर्पण के साथ इस कार्य में जुटे हैं। शिविर में पहुंच रहे कांवड़ियों को चिकित्सा सुविधा के साथ-साथ पानी और विश्राम की सुविधा मिलने से उन्हें काफी राहत मिल रही है।
कांवड़ यात्रा में शिवभक्ति का ऐसा रंग देखने को मिल रहा है, जहां बड़े-बुजुर्गों से लेकर बच्चे तक अपनी-अपनी आस्था और मन्नत के साथ यात्रा में शामिल हो रहे हैं। इन्हीं नन्हे शिवभक्तों में दिल्ली शाहदरा से आई 11 साल की राधिका भी शामिल है। पहली बार कांवड़ यात्रा पर निकली राधिका ने भगवान शिव से अपने लिए कोई बड़ी इच्छा नहीं मांगी, बल्कि उसकी मन्नत अपने परिवार की खुशियों से जुड़ी है। राधिका ने बताया कि वह चाहती है कि उसके मम्मी-पापा हमेशा साथ रहें, खुश रहें और उनके बीच कभी लड़ाई न हो। साथ ही परिवार के सभी लोग हमेशा मिल-जुलकर रहें। इसी मन्नत को लेकर वह कांवड़ में जल लेने आई है। राधिका के लिए यह यात्रा सिर्फ शिवभक्ति का सफर नहीं, बल्कि अपने परिवार की खुशियों के लिए की गई एक छोटी सी प्रार्थना भी है। दिल्ली शाहदरा से इतनी दूर आने के बावजूद राधिका को रास्ते में किसी तरह की परेशानी नहीं हुई। जब उससे पूछा गया कि पैरों में दर्द या थकान तो नहीं हो रही, तो उसने कहा कि उसे कोई दिक्कत नहीं है। यात्रा के दौरान उसका उत्साह भी कम नहीं हुआ। राधिका अपने मामा के साथ जल लेने गई है। राधिका ने बताया कि वह मम्मी-पापा को बताकर ही जल लेने के लिए आई है। परिवार के साथ यात्रा पर निकली इस नन्ही भोली के लिए यह पहला मौका है, जब वह कांवड़ यात्रा का हिस्सा बनी है। पहली बार जल लेने आने का अनुभव पूछने पर राधिका ने कहा कि उसे बहुत अच्छा लग रहा है।
सिरसा रोडवेज वर्कशॉप में चोरी करने वाला काबू:बसो की बैटरी बरामद, कोर्ट में पेश करके भेजा जेल
सिरसा जिले में हरियाणा रोडवेज की वर्कशॉप से कंडम बस की बैटरी चोरी का मामला सुलझा लिया गया है। सिविल लाइन थाना पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है और उसकी निशानदेही पर चोरी हुई बैटरी भी बरामद कर ली है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान राजकुमार के रूप में हुई है, जो रेलवे कॉलोनी, वार्ड नंबर 6, सिरसा का निवासी है। पुलिस के अनुसार, हरियाणा रोडवेोज विभाग के एक कर्मचारी की शिकायत पर सिविल लाइन थाने में चोरी का मामला दर्ज किया गया था। शिकायत में बताया गया था कि रोडवेज वर्कशॉप परिसर में खड़ी एक कंडम बस से बैटरी चोरी हो गई थी। आरोपी से चोरी की बैटरी बरामद की मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की, जिसमें आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए और संदिग्धों से पूछताछ की गई। जांच के दौरान पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले, जिसके आधार पर आरोपी राजकुमार को पकड़ा गया। पूछताछ में आरोपी ने चोरी की वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया। इसके बाद पुलिस ने उसकी निशानदेही पर चोरी की गई बैटरी बरामद कर ली। पूछताछ के दौरान आरोपी राजकुमार ने चोरी की एक अन्य वारदात का भी खुलासा किया है। पुलिस इस संबंध में आगे की जांच कर रही है। कोर्ट में पेश करके भेजा जेल पुलिस ने आरोपी राजकुमार को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि संपत्ति संबंधी अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए अभियान लगातार जारी है। चोरी की वारदातों में शामिल आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है।
मकान निर्माण में पाड़ से गिरे मजदूर की मौत:रामपुर जिला अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ा
रामपुर में मकान निर्माण के दौरान पाड़ से गिरकर 55 वर्षीय मजदूर सुखलाल की मौत हो गई। शुक्रवार को हुए इस हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए सुखलाल ने रविवार सुबह जिला अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। यह घटना बीते शुक्रवार 7 अगस्त की शाम करीब चार बजे बगी गांव में हुई। सुखलाल वहां एक मकान के निर्माण कार्य में मजदूरी कर रहे थे, तभी अचानक पाड़ से नीचे गिर गए और गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद ठेकेदार बाबू, जो बासनगली गांव का निवासी है, घायल सुखलाल को कोयली का मझरा गांव स्थित उनके घर छोड़कर चला गया। सुखलाल की पत्नी सरस्वती उन्हें गंभीर हालत में जिला अस्पताल लेकर पहुंचीं, जहां डॉक्टरों ने उन्हें भर्ती कर उपचार शुरू किया। करीब दो दिन तक चले उपचार के बाद रविवार सुबह लगभग आठ बजे सुखलाल की मौत हो गई। पुलिस को सूचना मिलने पर शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल की मोर्चरी भेजा गया। पुलिस ने पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू कर दी है और हादसे की परिस्थितियों की जांच कर रही है। परिजनों के अनुसार, मृतक सुखलाल अपने परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। उनके परिवार में पत्नी सरस्वती (लगभग 50 वर्ष) और चार बच्चे हैं, जिनमें दो बेटे और दो बेटियां शामिल हैं। बड़ी बेटी रेशम 25 वर्ष की है, जबकि रेखा 18 वर्ष, अर्जुन 17 वर्ष और रोहित 16 वर्ष के हैं। एक बेटी की शादी हो चुकी है। परिवार के पास करीब सात बीघा जमीन थी, लेकिन उनकी आजीविका मुख्य रूप से मजदूरी पर निर्भर थी। सुखलाल की मौत के बाद परिवार के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। मृतक की बेटी रेखा ने ठेकेदार बाबू पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि ठेकेदार ने तुरंत किसी अच्छे अस्पताल में भर्ती कराया होता, तो उनके पिता की जान बच सकती थी।
बालाघाट में 'हर घर तिरंगा' अभियान की साइकिल रैली:कलेक्टर ने नेतृत्व कर दिया राष्ट्रप्रेम का संदेश
बालाघाट में 'हर घर तिरंगा' अभियान की शुरुआत रविवार को साइकिल तिरंगा रैली के साथ हुई। 9 अगस्त से 17 अगस्त तक चलने वाले इस अभियान का संदेश देने के लिए कलेक्टर कुमार सत्यम ने स्वयं साइकिल चलाई। रिमझिम बारिश के बावजूद प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि और शहर के विभिन्न संगठनों के सदस्य उत्साहपूर्वक शामिल हुए। मुख्यालय के मुलना स्टेडियम से शुरू हुई इस रैली में लोगों ने हाथों में तिरंगा लहराते हुए और 'भारत माता की जय' के नारों के साथ देशभक्ति का माहौल बनाया। प्रतिभागियों में पूर्व मंत्री गौरीशंकर बिसेन, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक सराफ, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नितेश भार्गव, अपर कलेक्टर जी.एस. धुर्वे, एसडीएम गोपाल सोनी और नगर पालिका अध्यक्ष भारती सुरजीत सिंह ठाकुर प्रमुख रूप से शामिल थे। यह साइकिल रैली मुलना स्टेडियम से प्रारंभ होकर आंबेडकर चौक, हनुमान चौक, मेन मार्केट, काली पुतली चौक और जयस्तंभ चौक से होते हुए पुनः आंबेडकर चौक के रास्ते स्टेडियम पहुंची, जहाँ इसका समापन किया गया। 17 अगस्त तक चलेगा अभियान कलेक्टर कुमार सत्यम ने बताया कि जिले में 9 से 17 अगस्त तक 'हर घर तिरंगा अभियान' के तहत विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से आमजन को जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि तिरंगा यात्रा का उद्देश्य जिलेवासियों को राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान, राष्ट्रप्रेम और देशभक्ति का संदेश देना है। प्रतिभागियों ने नागरिकों से अपील की कि वे अपने घरों पर तिरंगा फहराकर देश के प्रति सम्मान और गौरव की भावना को मजबूत करें। इस रैली में विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, पत्रकार, विद्यालयों और महाविद्यालयों के प्राचार्य, शिक्षक, शिक्षिकाएं, विद्यार्थी, खेल संगठनों, सामाजिक एवं स्वयंसेवी संस्थाओं के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में युवा भी उपस्थित रहे। रैली की अन्य तस्वीरें…
जयपुर में 90 साल के बुजुर्ग को ब्लैकमेल कर 9 लाख रुपए ऐंठने का मामला सामने आया है। मैरिज ब्यूरो के कर्मचारी बनकर शातिर बदमाशों ने बुजुर्ग से कॉन्टैक्ट किया था। बदनाम करने की धमकियां देकर तीन साल तक ब्लैकमेल करते रहे। महेश नगर थाने में पीड़ित बुजुर्ग के बेटे ने रिपोर्ट दर्ज करवाई है। ASI कैलाश चन्द ने बताया- महेश नगर के रहने वाले 79 वर्षीय व्यक्ति ने रिपोर्ट दर्ज करवाई है। उनके 90 साल के पिता को ब्लैकमेल कर 9 लाख रुपए ऐंठे गए हैं। शिकायत में बताया- साल-2022 में शादी सेंटर डॉट कॉम नाम की कंपनी से जुड़े अनजान कर्मचारियों ने पिता के मोबाइल पर कॉल किया। बातचीत के दौरान बुजुर्ग पिता को बातों के जाल में फांस लिया। कुछ समय बाद झूठे मामलों में फंसाने की धमकियां देने लगे। बेटे से रुपए मांगे तो खुलासा हुआ बदनाम करने की कहकर डरा-धमकाकर ब्लैकमेल कर रुपयों की डिमांड करने लगे। पिछले 3 साल में ब्लैकमेल कर शातिर जालसाजों ने करीब 9 लाख रुपए वसूल लिए। रुपयों की जरुरत होने पर बेटे ने अपने बुजुर्ग पिता से बातचीत की। बैंक अकाउंट को लेकर आना-कानी करने पर तसल्ली देकर पूछने पर पीड़ित बुजुर्ग ने आपबीती सुनाई। बैंक अकाउंट की डिटेल निकलवाकर चैक करने पर ब्लैकमेल कर करीब 9 लाख रुपए ऐंठने का पता चला। महेश नगर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर ब्लैकमेलरों की तलाश शुरू कर दी है।
किशनगंज के गांधी चौक स्थित जीवन ज्योति दवा दुकान में शातिर चोरी की वारदात हुई। छह चोरों ने महज दो मिनट में दुकान से करीब 55 से 60 हजार रुपए चुरा लिए। इस घटना ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। चोरों ने दुकान का शटर काटे बिना, ताले तोड़े बिना या उसे पूरी तरह खोले बिना ही चोरी को अंजाम दिया। वारदात इतनी चालाकी से की गई कि पहली नजर में चोरी का पता लगाना भी मुश्किल था। चादर तानकर सड़क की विजुअल को छिपाया सुबह लगभग 4 बजे छह चोर दुकान के पास पहुंचे। इनमें से चार चोरों ने जीवन ज्योति दवा दुकान के शटर के सामने एक चादर तानकर सड़क की ओर से दृश्य को छिपा दिया। इसके बाद शटर के नीचे 5 से 6 इंच का एक छोटा सा रास्ता बनाया गया, जिससे एक चोर दुकान के अंदर दाखिल हो गया। दुकान में घुसे चोर ने फुर्ती से गल्ले तक पहुंचकर शुक्रवार शाम से रात तक की बिक्री की सारी नकदी निकाल ली। रकम निकालने के बाद, अंदर गया चोर उसी संकरे रास्ते से बाहर आ गया। बाहर मौजूद साथियों ने फिर से चादर की आड़ बनाई और पूरी टीम मौके से फरार हो गई। चोरी के दौरान गिरोह का एक सदस्य सड़क पर लगातार निगरानी कर रहा था, ताकि किसी के आने की भनक लगते ही साथियों को सतर्क किया जा सके। 24 घंटे पुलिस की रहती है मौजूदगी यह वारदात इसलिए भी चौंकाने वाली है क्योंकि गांधी चौक को शहर के सबसे सुरक्षित और व्यस्त इलाकों में से एक माना जाता है। यहां लगभग 24 घंटे पुलिस की मौजूदगी रहती है। इसके अतिरिक्त, इलाके में बड़े-बड़े सीसीटीवी कैमरे लगे हैं और भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा ठीक सामने होने के कारण वहां अलग से सुरक्षा व्यवस्था भी रहती है। ऐसे में इतनी शातिराना तरीके से चोरी की घटना को अंजाम देना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है।
सहारनपुर में देहात कोतवाली क्षेत्र के शेखपुरा कदीम गांव निवासी 30 वर्षीय शमीम ने शनिवार रात अपने चाचा राशिद के घेर में रस्सी से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को फंदे से नीचे उतारा। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने मौके से एक सुसाइड नोट और मृतक का मोबाइल भी कब्जे में लिया है। मामला टपरी निवासी टेंपो चालक वाजिद से जुड़ा बताया जा रहा है। आरोप है कि वाजिद ने गांव की एक युवती के साथ बदतमीजी की थी। बताया जा रहा है कि शाम के समय शमीम और युवती टेंपो से आ रहे थे। आरोप है कि चालक टेंपो को सुनसान स्थान पर ले गया, जहां युवती के साथ जबरदस्ती करने का प्रयास किया गया। युवती के कपड़े फाड़े जाने का भी आरोप लगाया गया है। पीड़िता ने थाने में दी शिकायत में टेंपो चालक वाजिद का नाम बताया, लेकिन शमीम का नाम नहीं लिया था। परिजनों का आरोप- पुलिस ने टेंपो चालक पर दबाव बनाया मृतक के भाई नदीम का आरोप है कि पुलिस ने टेंपो चालक को हिरासत में लिया था। उसके साथ सख्ती से पूछताछ की गई और दबाव बनाकर दूसरे व्यक्ति का नाम बताने के लिए कहा गया। परिजनों के मुताबिक, बाद में टेंपो चालक ने पुलिस के दबाव में शमीम का नाम ले लिया, जबकि शमीम इस घटना में शामिल नहीं था। परिवार का यह भी आरोप है कि टेंपो चालक पहले भी तीन बार इस तरह की हरकत कर चुका है। दोस्त बोला- पुलिस लगातार शमीम को पेश करने का बना रही थी दबाव शमीम के दोस्त मोहम्मद सलीम ने आरोप लगाया कि टेंपो चालक से शमीम का नाम सामने आने के बाद पुलिस लगातार उसे पूछताछ के लिए पेश करने का दबाव बना रही थी। शमीम खुद को बेकसूर बता रहा था और पूरे मामले की जानकारी दे रहा था। सलीम के मुताबिक, देर रात पुलिस शमीम के घर पहुंची। इसके बाद डर और तनाव में उसने चाचा के घेर में फंदा लगाकर जान दे दी। सलीम ने बताया कि शमीम की शादी करीब दो साल पहले हुई थी। उसका एक बच्चा है और उसकी पत्नी गर्भवती है। परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। पुलिस ने सुसाइड नोट और मोबाइल अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही युवक की मौत के पीछे की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।
चमरौला, गड़मई... जिन गांवों बोलने में आती है शर्म, अब बदले जाएंगे उनके नाम
रहमतपुर गडमई, चमरौला, पखोदाना और गड़राना समेत इस तरह के तमाम ऐसे गांव के नाम हैं, जिनका नाम लेने में लोग हिचकिचाते हैं। हालांकि असहज माने जाने वाले इन गांवों के नाम अब बदले जाएंगे। राजस्व परिषद के निर्देश के बाद प्रदेश के सभी जिलों में ऐसे गांवों की रिपोर्ट तैयार कराई जा रही है।
झारखंड प्रोटेस्ट में आपस में क्यों ‘भिड़’ रहे छात्र? सरकार से बातचीत से पहले बड़ा बवाल
झारखंड प्रदर्शन में शामिल अलग-अलग छात्र संगठनों के बीच अब एकता की कमी नजर आ रही है। एक संगठन दूसरे पर सरकार को फायदा पहुंचाने और मामले का राजनीतिकरण करने का आरोप लगा रहा है।
इंदौर के बाणगंगा इलाके में एक महिला ने पड़ोस में रहने वाले परिचित युवक पर छेड़छाड़, पीछा करने, धमकाने और फोटो एडिट कर बदनाम करने का आरोप लगाया है। महिला की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी जितेंद्र सोलंकी के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस के मुताबिक, निजी सेलिंग कंपनी में काम करने वाली महिला ऑनलाइन व्यापार भी करती है। इसी दौरान जितेंद्र उसके संपर्क में आया था। महिला का आरोप है कि आरोपी आए दिन उसका पीछा करता और उस पर मिलने के लिए दबाव बनाता था। विरोध करने पर उसे और उसके परिवार को बदनाम करने की धमकी देता था। महिला ने पुलिस को बताया कि शनिवार को वह बेटे को स्कूल छोड़ने जा रही थी। इसी दौरान जितेंद्र ने उसका पीछा किया और उससे बात करने का दबाव बनाया। आरोपी ने धमकी दी कि अगर उसने उसकी बात नहीं मानी तो वह उसे बदनाम कर देगा। पति और बेटे को जान से मारने की धमकी महिला के मुताबिक, आरोपी पहले भी रास्ते में उसे रोककर अपशब्द कहता था और आसपास के लोगों से उससे बात नहीं करने के लिए कहता था। वह उसके आने-जाने पर भी नजर रखता था। एक बार आरोपी ने महिला को उसके बेटे के साथ सामान लेने जाते समय रोका और पति व बेटे को जान से मारने की धमकी दी। उसने महिला से कहा कि जब भी वह उसे बुलाए, चुपचाप मिलने आना होगा। होटल ले जाकर फोटो खींचने का आरोप महिला ने आरोप लगाया कि एक दिन काम के दौरान जितेंद्र ने उसे रास्ते में रोक लिया और जबरदस्ती अपने साथ एक होटल ले गया। वहां उसने मोबाइल से महिला के कुछ फोटो खींचे और उन्हें अपने पास रख लिया। आरोपी ने महिला को धमकी दी कि वह अब उसे परेशान नहीं करेगा, लेकिन अगर उसने इस बारे में किसी को बताया तो वह फोटो वायरल कर उसे बदनाम कर देगा। पति के मोबाइल पर भेजे फोटो महिला के मुताबिक, 22 जुलाई को जितेंद्र ने उसके फोटो उसके पति के मोबाइल पर भेज दिए। आरोप है कि उसने कॉलोनी के कुछ लोगों को भी फोटो दिखाए। सामाजिक कारणों से महिला ने उस समय चुप रहना उचित समझा। बाद में आरोपी की लगातार हरकतों को लेकर महिला ने अपने पति को पूरी जानकारी दी। इसके बाद शनिवार को बाणगंगा थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने छेड़छाड़, जान से मारने की धमकी और फोटो एडिट कर बदनाम करने के आरोपों में जितेंद्र सोलंकी के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मथुरा में कारसेवा की कोशिश, शाही ईदगाह से हिंदूवादी नेत्री को पुलिस ने हटाया; चप्पे-चप्पे पर फोर्स
मथुरा श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर रविवार को कारसेवा का ऐलान था। इस ऐलान को लेकर प्रशासन अलर्ट मोड पर था। कारसेवा को लेकर रविवार को सुबह से ही मथुरा में गहमागहमी की स्थिति रही। कुछ लोग श्रीकृष्ण जन्मभूमि गेट पर कार सेवा के लिए पहुंचे थे, जिनको पुलिस ने समझा बुझाकर वापस भेज दिया।
संभल से खबर है कि मुरादाबाद मंडल की जूनियर बालिका फुटबॉल टीम में संभल के बाल विद्या मंदिर का सर्वाधिक प्रतिनिधित्व रहा है। अमेठी में होने वाली प्रदेश स्तरीय समन्वय जूनियर बालिका फुटबॉल प्रतियोगिता के लिए घोषित 16 सदस्यीय मंडलीय टीम में इस विद्यालय की सात छात्राओं का चयन हुआ है। इसके साथ ही, विद्यालय की शारीरिक शिक्षा शिक्षिका टीना सैनी को टीम का कोच नियुक्त किया गया है। चयनित छात्राओं में किंजल, सजदा, इफ्फत जमाल, आइजा, दिशा आर्या, रश्मा खान और शाजिमा शामिल हैं। ये सभी खिलाड़ी संभल की निवासी हैं और उन्होंने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर मंडलीय टीम में स्थान बनाया है। एक ही विद्यालय से इतनी बड़ी संख्या में खिलाड़ियों का चयन विद्यालय में खेल के प्रति सकारात्मक माहौल और नियमित प्रशिक्षण की सफलता को दर्शाता है। इस उपलब्धि पर विद्यालय में हर्ष का माहौल है। प्रधानाचार्य मनीष पंवार ने चयनित छात्राओं और कोच टीना सैनी को बधाई दी। उन्होंने कहा कि बाल विद्या मंदिर में शिक्षा के साथ-साथ खेलों को भी समान महत्व दिया जाता है। विद्यालय छात्राओं को उनकी प्रतिभा के अनुरूप प्रशिक्षण, आवश्यक संसाधन और प्रतियोगिताओं में भाग लेने के अवसर प्रदान करता है। प्रधानाचार्य पंवार ने आगे कहा कि 16 सदस्यीय मंडलीय टीम में से 7 खिलाड़ियों का चयन यह सिद्ध करता है कि उचित मार्गदर्शन और प्रोत्साहन मिलने पर बेटियां किसी भी क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकती हैं। टीना सैनी का मंडलीय टीम का कोच चुना जाना भी विद्यालय के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि छात्राएं और उनकी कोच प्रदेश स्तरीय प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन कर संभल और मुरादाबाद मंडल का नाम रोशन करेंगी।
रेवाड़ी पुलिस ने करीब 8 साल से फरार चल रहे एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह आरोपी पुलिस पर फायरिंग और गोतस्करी के मामले में वांछित था। आरोपी की पहचान नूंह जिले के सालाहेड़ी गांव निवासी साहिद उर्फ काला के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार यह घटना 8 सितंबर 2018 को हुई थी। उस रात पुलिस की पीसीआर टीम गश्त पर थी, तभी ढालियावास गांव के पास एक पिकअप गाड़ी में 6-7 युवक गायों को गोकशी के लिए चढ़ा रहे थे। पुलिस ने जब उन्हें रोकने का प्रयास किया, तो आरोपियों में से एक ने पुलिस टीम पर गोली चला दी। पुलिस टीम पर किया था पथराव गोली पुलिसकर्मियों के पास से गुजरी और आरोपी पिकअप में बैठकर भागने लगे। पीछा करने पर उन्होंने पुलिस की गाड़ी पर पथराव किया, जिससे पीसीआर वाहन क्षतिग्रस्त हो गया। इस मामले में मॉडल टाउन थाना रेवाड़ी में गौ संवर्धन अधिनियम, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने इस मामले में पहले ही शागीर उर्फ समीर, तालिम उर्फ भोला और हड़िया भाट को गिरफ्तार कर लिया था। आरोपी के खिलाफ पहले से 10 केस सीआईए रेवाड़ी ने अब इस मामले में फरार चल रहे साहिद उर्फ काला को भी गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि साहिद उर्फ काला एक आदतन अपराधी है। उसके खिलाफ रेवाड़ी और नूंह के विभिन्न पुलिस थानों में लूट, गोतस्करी, हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट और मारपीट के कुल 10 मामले दर्ज हैं। वह कई मामलों में कोर्ट से पीओ (भगोड़ा अपराधी) भी घोषित किया जा चुका है। यह गिरफ्तारी 'ऑपरेशन ट्रैक डाउन' के तहत की गई है। एसपी की जिले के सरपंचों से अपील एसपी हेमेंद्र कुमार मीणा ने जिले के सभी गांवों के सरपंचों, पुलिस मित्रों, सामाजिक प्रतिनिधियों और जागरूक नागरिकों से विशेष अपील की है कि वे अपने-अपने क्षेत्र में अवैध हथियार, नशा बेचने वालों या अवैध गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। ताकी उन पर तुरंत आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा सके।
जयपुर में इस वीकेंड बॉलीवुड सितारों की मौजूदगी ने शहर की रौनक बढ़ा दी। एक ओर बॉलीवुड अभिनेत्री रकुल प्रीत सिंह शनिवार को एक विशेष कार्यक्रम में शामिल होने जयपुर पहुंचीं, वहीं जयपुर कॉट्योर शो सीजन-14 में शोस्टॉपर बनकर रैंप पर जलवा बिखेरने वाली अभिनेत्री आयशा खान रविवार को जयपुर से मुंबई के लिए रवाना हुईं। दोनों अभिनेत्रियों के जयपुर प्रवास के दौरान शहर की रॉयल मेहमाननवाजी और बॉलीवुड ग्लैमर का खास मेल देखने को मिला। रकुल प्रीत सिंह शनिवार को जयपुर के कूकस रोड स्थित एक रिसॉर्ट में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचीं थी। यहां उनका ग्रैंड वेलकम किया गया। राजस्थानी संस्कृति, पारंपरिक सजावट और शाही अंदाज में हुई मेहमाननवाजी ने रकुल को खासा प्रभावित किया। जयपुर में एक दिन बिताने के बाद रकुल रविवार को मुंबई के लिए रवाना हुईं। एयरपोर्ट पर उन्हें देखकर उनके फैंस भी उत्साहित नजर आए। रकुल ने फैंस को निराश नहीं किया और उनके साथ तस्वीरें क्लिक करवाईं। एयरपोर्ट पर अभिनेत्री का सहज और फैन-फ्रेंडली अंदाज देखने को मिला। रकुल प्रीत सिंह हिंदी के साथ तेलुगु और तमिल फिल्मों में भी काम कर चुकी हैं। उन्होंने मॉडलिंग से अपने करियर की शुरुआत की और दक्षिण भारतीय सिनेमा में पहचान बनाने के बाद बॉलीवुड में अपनी जगह मजबूत की। ‘यारियां’, ‘दे दे प्यार दे’, ‘मरजावां’, ‘थैंक गॉड’, ‘डॉक्टर जी’ और ‘आई लव यू’ जैसी फिल्मों में वे नजर आ चुकी हैं। हालिया दौर में वे बड़े प्रोजेक्ट्स का हिस्सा रही हैं और फिलहाल नितेश तिवारी की ‘रामायण’ में शूर्पणखा के किरदार को लेकर भी चर्चा में हैं। हाल की रिपोर्टों में रकुल ने इस किरदार की जटिलता और उसके अलग-अलग पहलुओं को लेकर बात की है। जयपुर कॉट्योर शो में आयशा खान का ग्लैमरस अंदाज दूसरी ओर आयशा खान जयपुर कॉट्योर शो सीजन-14 में बतौर शोस्टॉपर रैंप पर नजर आईं। फैशन शो में अपने शानदार रैंप वॉक के बाद रविवार को वह पंजाबी लुक में जयपुर एयरपोर्ट पहुंचीं और मुंबई के लिए रवाना हुईं। एयरपोर्ट पर मौजूद लोगों ने अभिनेत्री को पहचान लिया और उनके साथ तस्वीरें लेने की इच्छा जताई। आयशा ने भी बेहद सहजता और सादगी के साथ लोगों के साथ तस्वीरें खिंचवाईं। उनका यह अंदाज वहां मौजूद लोगों को खासा पसंद आया। आयशा खान की पहचान हाल के दिनों में तेजी से बढ़ी है। फिल्म ‘धुरंधर’ के गीत ‘शरारत’ में नजर आने के बाद उन्हें व्यापक पहचान मिली। इसके बाद उनका नाम मुंबई में हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान भी चर्चा में आया। 22 जुलाई 2026 को प्रदर्शन के दौरान मुंबई पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने की घटना को लेकर आयशा ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा किए थे। उन्होंने दावा किया था कि वह शांतिपूर्वक सड़क पर खड़ी थीं और उन्होंने प्रदर्शन शुरू नहीं किया था। बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया। रैंप से एयरपोर्ट तक दिखा अलग अंदाज जयपुर में आयशा खान का फैशन अवतार जहां ग्लैमरस रहा, वहीं एयरपोर्ट पर उनका लुक अपेक्षाकृत पारंपरिक और पंजाबी अंदाज में नजर आया। कॉट्योर शो में डिजाइनर कलेक्शन को शोस्टॉपर के तौर पर पेश करने के बाद एयरपोर्ट पर फैंस के साथ उनकी सहजता ने उनके व्यक्तित्व का दूसरा पहलू सामने रखा।
पूर्णिया में विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस दौरान एक विशाल जुलूस निकाला गया, जिसमें आदिवासी समाज के लोगों के साथ सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव भी शामिल हुए। उन्होंने पारंपरिक लोकगीतों पर डांस किया और सांकेतिक तीर-धनुष से निशाना साधा। यह जुलूस गिरजा चौक स्थित आदिवासी विकास परिषद कार्यालय से शुरू हुआ। इसमें आदिवासी समाज के लोगों ने अपनी पारंपरिक वेशभूषा में ढोल-नगाड़ों और सांस्कृतिक नृत्यों के साथ उत्साहपूर्वक भाग लिया। सांसद ने साझा की खुशियां कार्यक्रम के दौरान सांसद पप्पू यादव आदिवासी समाज के लोगों के साथ पूरी तरह रंगे नजर आए। उन्होंने हाथ में आदिवासी ध्वज थामकर न केवल जुलूस की अगुवाई की, बल्कि आदिवासी गीतों और मांदर की थाप पर समाज के लोगों के साथ जमकर नृत्य भी किया। उनके इस अंदाज ने वहां मौजूद सभी लोगों का उत्साह कई गुना बढ़ा दिया। सांसद ने आदिवासी समुदाय के अधिकारों, उनकी समृद्ध संस्कृति और जल-जंगल-जमीन के संरक्षण में उनके योगदान की सराहना करते हुए कहा कि वे हर सुख-दुख में आदिवासी समाज के साथ मुस्तैदी से खड़े हैं। अस्मिता, संस्कृति और अधिकारों का संरक्षण आदिवासी विकास परिषद पूर्णिया के अध्यक्ष विजय उरांव ने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस हमारे समाज की अस्मिता, संस्कृति और अधिकारों के संरक्षण का एक बड़ा प्रतीक है। इस दिवस का मुख्य उद्देश्य आदिवासी समुदाय की समृद्ध विरासत और संस्कृति को भावी पीढ़ी तक पहुंचाना है। गिरजा चौक से शुरू हुआ यह जुलूस समाज की एकजुटता और अधिकारों की आवाज को बुलंद करने के उद्देश्य से निकाला गया है। उन्होंने समाज के उत्थान, शिक्षा और अधिकारों की रक्षा के लिए सभी से एकजुट होकर प्रयास करने का आह्वान किया।
कानपुर के जाजमऊ गंगापुल पर रविवार सुबह 11:30 बजे हड़कंप मच गया, जब 30 मिनट के भीतर एक युवक और एक महिला ने गंगा में छलांग लगा दी। मौके पर मौजूद नाविकों ने अपनी जान जोखिम में डालकर दोनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। सूचना मिलने पर पुलिस ने दोनों का मेडिकल परीक्षण कराकर परिजनों को सौंप दिया। पहली घटना सुबह करीब 11:30 बजे हुई, जब शिवकटरा के शंभू आटा चक्की निवासी टेनरीकर्मी अशोक कुमार ने नशे की हालत में गंगापुल से छलांग लगा दी। पुल के नीचे मौजूद नाविकों ने उसे डूबते देख तत्काल पानी में उतरकर सुरक्षित बाहर निकाल लिया। पुलिस ने उसका उपचार कराया और परिजनों को सूचित कर उन्हें सौंप दिया। अशोक ने बताया कि वह काम को लेकर परेशान था, जिसके कारण उसने यह कदम उठाया। महिला ने बाइक से उतरकर अचानक गंगा में छलांग लगाई दूसरी घटना पश्चिम सेनपारा निवासी 38 वर्षीय ममता से संबंधित है। उनके पति अनीत कुमार के अनुसार, वह दोपहर 12 बजे अपनी पत्नी को ताबीज बंधवाने के लिए उन्नाव ले जा रहे थे। गंगापुल पर ममता ने चप्पल गिरने का बहाना बनाकर बाइक से उतरकर अचानक गंगा में छलांग लगा दी। ममता ने अपने पति पर आएदिन प्रताड़ित करने का आरोप लगाया। उसने बताया कि लंबे समय से मानसिक रूप से परेशान होने के कारण उसने यह आत्मघाती कदम उठाया। ममता का एक 15 वर्षीय बेटा भी है। नाविकों ने उसे भी सुरक्षित बाहर निकाल लिया। नाविक छोटेलाल, पप्पू, चांद, जिब्बी और शब्लू ने बताया कि वे लंबे समय से गंगा किनारे नाव चला रहे हैं और अब तक 500 से अधिक लोगों की जान बचा चुके हैं। नाविकों ने प्रशासन और सरकार से उन्हें आर्थिक मदद या भत्ते की व्यवस्था करने की मांग की है। उनका कहना है कि वे लगातार अपनी जान जोखिम में डालकर लोगों को बचाते हैं, लेकिन इसके एवज में उन्हें कोई नियमित सहायता नहीं मिलती। थाना प्रभारी संजय पांडेय ने बताया कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई है। इलाज के बाद दोनों को उनके परिजनों को सौंप दिया गया है।
दूदू के छापरवाड़ा बांध में नहाने गए जयपुर के एक युवक की डूबने से मौत हो गई। यह घटना शनिवार को हुई। मृतक की पहचान जयपुर के गिरधारीपुरा, करणी विहार निवासी विकास पुत्र कालूराम (लगभग 27 वर्ष) के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, विकास अपने पांच दोस्तों अनिल, महेंद्र, हनुमान, राहुल और दीपक के साथ छापरवाड़ा बांध घूमने और नहाने आया था। विकास नहाने के लिए पानी में उतरा, लेकिन कुछ देर बाद वह बाहर नहीं आया। उसके दोस्तों ने उसकी तलाश शुरू की। एसडीआरएफ ने शव को पानी से बाहर निकाला घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास के क्षेत्र में युवक की तलाश की, लेकिन उसका पता नहीं चल सका। इसके बाद पुलिस ने एसडीआरएफ टीम को सूचित किया और बचाव अभियान शुरू किया गया। एसडीआरएफ की टीम ने रविवार सुबह छापरवाड़ा बांध में बचाव अभियान चलाकर युवक के शव को पानी से बाहर निकाला। घटना की सूचना मिलने पर मृतक के परिजन भी मौके पर पहुंचे। दूदू पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम करवाया। पोस्टमार्टम की कार्रवाई के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने मामले में आगे की आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है।
गुरदासपुर के पुराना शाला निवासी 35 वर्षीय भूपिंदर सिंह लेबनान से भारत लौटते समय दुबई एयरपोर्ट से रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गए। इस घटना के बाद परिवार गहरी चिंता में है और संबंधित अधिकारियों से मदद की गुहार लगा रहा है। परिवार के अनुसार भूपिंदर सिंह करीब 12 वर्ष पहले रोजगार की तलाश में लेबनान गए थे। वहां काम के दौरान हुए एक हादसे में उनका पैर टूट गया था, जिसके कारण उन्हें चलने-फिरने में काफी दिक्कत होती थी। परिजनों का कहना है कि भूपिंदर मानसिक रूप से भी अस्वस्थ हैं। उनकी बहन मंदीप कौर ने आरोप लगाया कि कंपनी ने उनकी उचित देखभाल करने के बजाय उन्हें व्हीलचेयर पर ही लेबनान एयरपोर्ट से भारत रवाना कर दिया। एयरपोर्ट के अधिकारियों ने दी परिजनों को सूचना जानकारी के मुताबिक, भूपिंदर 6 अगस्त की रात करीब 11 बजे लेबनान से दुबई होते हुए भारत के लिए रवाना हुए थे। दुबई एयरपोर्ट पर लगभग सात घंटे के ठहराव के दौरान उन्होंने एक-दो बार परिवार से फोन पर बात की। बातचीत में उन्होंने बताया था कि उनका पासपोर्ट खो गया है। इसके बाद अचानक उनका संपर्क टूट गया और परिवार उनसे दोबारा बात नहीं कर सका। इस बीच दिल्ली एयरपोर्ट अधिकारियों ने परिवार को सूचना दी कि भूपिंदर का बैग और अन्य सामान दिल्ली पहुंच गया है। बेटे के लापता होने से परिवार बेहद परेशान है। परिजनों ने भारत सरकार, विदेश मंत्रालय तथा दुबई और दिल्ली एयरपोर्ट प्रशासन से भूपिंदर सिंह का जल्द पता लगाकर उन्हें सुरक्षित परिवार तक पहुंचाने की अपील की है।
सावन माह में कांवड़ यात्रा के दौरान बुलंदशहर में शिव भक्तों पर हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा की गई। जनपद के मुख्य कांवड़ मार्गों और प्रमुख शिवालयों पर आसमान से फूल बरसाए गए। इस दौरान 'हर-हर महादेव' और 'जय शिव शंभू' के जयकारे गूंजते रहे। जिलाधिकारी कुमार हर्ष और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) दिनेश कुमार सिंह ने हापुड़ से हेलीकॉप्टर में सवार होकर बुलंदशहर के विभिन्न क्षेत्रों में कांवड़ियों पर फूल बरसाए। प्रशासनिक अधिकारियों की इस पहल से श्रद्धालुओं में उत्साह देखा गया। हेलीकॉप्टर के माध्यम से कई प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों और कांवड़ मार्गों को कवर किया गया। इनमें मस्तराम घाट, अम्बकेश्वर धाम और गंगेरुआ मंदिर प्रमुख थे, जहां विशेष रूप से पुष्पवर्षा की गई। इसके अतिरिक्त, आहार, राजघाट, नरौरा और अनूपशहर के मुख्य कांवड़ मार्गों पर चल रहे श्रद्धालुओं पर भी आसमान से फूल बरसाए गए। प्रशासन की इस पहल का उद्देश्य कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न कराना था। वरिष्ठ अधिकारियों ने सुरक्षा और व्यवस्थाओं का जायजा लेने के साथ-साथ शिव भक्तों का स्वागत भी किया।
कानपुर के सजेती थाना क्षेत्र के कोहरा गांव में मध्य प्रदेश पुलिस से रिटायर्ड दरोगा ने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। देर रात तेरहवीं कार्यक्रम से लौटे परिजनों ने उनका शव कमरे में पंखे से लटका देखा तो परिवार में कोहराम मच गया। सूचना पर पहुंची सजेती पुलिस और फोरेंसिक टीम ने मौके की जांच के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। रिटायरमेंट के बाद पैतृक गांव आ गए थे कोहरा गांव निवासी ऊधव सिंह (65) मध्य प्रदेश पुलिस में दरोगा पद पर तैनात थे और शिवपुरी जिले से रिटायर हुए थे। रिटायरमेंट के बाद वह अपने पैतृक गांव में परिवार के साथ रह रहे थे। परिजनों अनुसार उनकी पत्नी श्यामा देवी की बीमारी के चलते करीब पांच वर्ष पहले मौत हो गई थी। पत्नी की मृत्यु के बाद से वह काफी गुमसुम रहने लगे थे और मानसिक तनाव में रहते थे। परिवार में बड़ा बेटा रेनू और छोटा बेटा छोटू हैं, जो निजी कंपनियों में काम करते हैं। शनिवार को परिवार के अधिकांश सदस्य घाटमपुर क्षेत्र में रिश्तेदारी में आयोजित तेरहवीं कार्यक्रम में शामिल होने गए थे। उस समय ऊधव सिंह घर पर अकेले थे। देर रात लौटे परिजनों के उड़ गए होश बड़े बेटे रेनू ने बताया कि रात में जब सभी लोग घर लौटे तो पिता के कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। काफी देर तक आवाज लगाने और दरवाजा खटखटाने के बावजूद कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। शक होने पर परिजन पीछे के रास्ते से घर के अंदर पहुंचे। कमरे में जाकर देखा तो ऊधव सिंह का शव पंखे से रस्सी के सहारे लटका हुआ था। घटना देखते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। परिजनों ने तत्काल उन्हें नीचे उतारा और निजी वाहन से सीएचसी घाटमपुर लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस और फोरेंसिक टीम ने की जांच घटना की सूचना 112 नंबर पर दी गई। सूचना मिलते ही सजेती थाना पुलिस मौके पर पहुंची। बाद में फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया, जिसने कमरे से साक्ष्य जुटाए और घटनास्थल की बारीकी से जांच की। प्राथमिक जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। सजेती थाना पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल परिजनों से पूछताछ कर घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। सजेती थाना प्रभारी ने बताया- परिजनों से पूछताछ में पता चला कि वह पत्नी की मौत के बाद से अवसाद में चल रहे थे जिसके चलते आत्महत्या करने की बात सामने आई है। शव को पोस्टमार्टम के लिये भेजा गया है। अन्य विधिक कार्रवाई की जा रही है।
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने हाल ही में आरक्षण को लेकर टिप्पणी करते हुए कहा था कि इसका राजनीतिकरण किए जाने से समाज में कड़वाहट पैदा हुई है। उन्होंने आरक्षण का लाभ उठाने वाले लोगों से स्वेच्छा से इसका लाभ छोड़ने की अपील की थी।
बरेली में दो लोगों को सांप ने डंसा:एक युवती और किसान जिला अस्पताल में भर्ती
बरेली। जिले में सांप के डसने की दो अलग-अलग घटनाओं में एक युवती और एक किसान गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। ये घटनाएं बारिश के मौसम में ग्रामीण इलाकों में सांपों के बढ़ते खतरे को उजागर करती हैं। पहली घटना हाफिजगंज थाना क्षेत्र के गांव बीसी रमपुरा में हुई। शनिवार रात करीब एक बजे 18 वर्षीय रुचि अपने घर में सो रही थी, तभी एक सांप ने उसके हाथ में डस लिया। उसकी चीख सुनकर परिजन जागे और उसे तुरंत हाफिजगंज के सरकारी अस्पताल ले गए। प्राथमिक उपचार के बाद रुचि की गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया, जहां इमरजेंसी वार्ड में उसका इलाज जारी है। दूसरी घटना मीरगंज थाना क्षेत्र के गांव गुगई में सामने आई। रविवार सुबह 45 वर्षीय कल्लू राम पुत्र डोरी लाल अपने खेत में धान की फसल से घास साफ कर रहे थे। इसी दौरान खेत में मौजूद एक सांप ने उनके हाथ में डस लिया। सांप के काटने के बाद कल्लू राम किसी तरह खेत से बाहर निकले और परिजनों को सूचना दी। परिजन उन्हें मीरगंज के सरकारी अस्पताल ले गए, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें भी जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। इन घटनाओं के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में सांपों से बचाव को लेकर सतर्कता बरतने की आवश्यकता पर जोर दिया गया है। विशेषकर बारिश के मौसम में खेतों, झाड़ियों और आवासीय क्षेत्रों के आसपास सावधानी बरतनी चाहिए। सांप के काटने की स्थिति में झाड़-फूंक या घरेलू उपचार में समय बर्बाद करने के बजाय, पीड़ित को तुरंत नजदीकी चिकित्सा केंद्र ले जाना चाहिए।
उन्नाव में पोनी रोड चौड़ीकरण का कार्य धीमी गति से चल रहा है, जिससे स्थानीय व्यापारियों का कारोबार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा पिछले माह शुरू किया गया अतिक्रमण हटाओ अभियान भी अधर में लटक गया है। रविवार को स्थानीय दुकानदारों ने पीडब्ल्यूडी विभाग पर अनदेखी का आरोप लगाया है। पीडब्ल्यूडी ने 18 जुलाई को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की थी, लेकिन व्यापारियों और स्थानीय निवासियों के विरोध के बाद विभाग ने उन्हें स्वयं अतिक्रमण हटाने के लिए एक दिन का समय दिया था। लगभग एक माह बीत जाने के बाद भी विभाग के अधिकारी दोबारा पोनी रोड का जायजा लेने नहीं पहुंचे हैं। अतिक्रमण पूरी तरह से न हटने और निर्माण कार्य में हो रही देरी के कारण व्यापारियों का कारोबार सीधे तौर पर प्रभावित हो रहा है। रविवार सुबह दुकानदारों ने बताया कि उनकी दुकानें प्रभावित होने के बावजूद किराया, बिजली और अन्य खर्च लगातार जारी हैं। पोनी रोड पर चौड़ीकरण की जद में आने वाली दुकानों और मकानों के सामने अब भी निर्माण सामग्री और मलबा पड़ा है। कई दुकानदार अपने स्तर पर धीरे-धीरे अतिक्रमण हटा रहे हैं। व्यापारियों का आरोप है कि विभाग की ओर से स्पष्ट कार्रवाई न होने के कारण काम आगे नहीं बढ़ पा रहा है। सड़क किनारे अव्यवस्था के चलते आवागमन भी बाधित हो रहा है, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी हो रही है। पोनी रोड स्थित शिवराज मार्केट के 29 दुकानदारों ने चौड़ीकरण को लेकर अपनी अलग समस्या बताई है। दुकानदार जीतू ने जानकारी दी कि वे इस मार्केट में करीब 35-40 वर्षों से कारोबार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे पीडब्ल्यूडी के मानक के अनुसार जितना हिस्सा तोड़ा जाना है, उसे हटवाने को तैयार हैं। लोगों ने बताई परेशानी, तस्वीरें- जीतू के मुताबिक, लगभग चार से साढ़े चार मीटर तक हिस्सा तोड़े जाने के बाद दुकानों के सामने दो से ढाई मीटर जगह बचती है, जिस पर वे दोबारा दुकान का निर्माण करना चाहते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ दुकानों को पीछे की ओर से निजी बुलडोजर मंगवाकर गिराया गया है। दुकानदारों को दुकान खाली करने के लिए कहा जा रहा है,
गुना के फतेहगढ़ इलाके में पंचायत सचिव के घर डकैती का पुलिस ने रविवार को खुलासा कर दिया। दो बदमाशों को गिरफ्तार किया गया है। उनके कब्जे से लगभग 985 ग्राम सोना बरामद किया है। बाकी फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस लगी हुई है। बता दें कि घटना 3 अगस्त की है। फतेहगढ़ इलाके के चिरौली गांव के रहने वाले पवन मीना जो पंचायत सचिव हैं, घटना वाले दिन उनके घर पर माता, पीट और छोटा भाई ही था। उनके अनुसार रोजाना की तरह सभी लोग रात में अपने अपने कमरे में सो गए थे। उनके पिता बाबूलाल मीना रात 2:30 बजे उठे, तब तक सब ठीक था। इसके बाद वे वापस सो गए। रात 2:30 से 4 बजे के बीच अज्ञात बदमाशों ने उनके यहां डकैती कर डाली। सुबह जब 4:30 बजे उठे, तो परिवार वाले कमरे की कुंडी बाहर से लगी हुई थी। जैसे तैसे उसे खुलवाया और देखा तो बाकी कमरों से सामान गया था। एक किलो सोना, नकदी ले गए थेउन्होंने बताया कि बदमाश घर से बहुओं का एक किलो सोना, छह किलो चांदी, दस लाख रुपए नकद और बाइक चोरी कर ले गए। सूचना मिलते ही पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची। SP हितिका वासल ने कई टीमों का गठन कर जल्द मामले का खुलासा करने के निर्देश दिए। इसी क्रम में पुलिस टीमें बदमाशों की पहचान करने में लग गईं। जल्द ही आरोपियों की पहचान कर ली गई। जांच में यह सामने आया कि पारदी बदमाशों ने वारदात को अंजाम दिया है। आरोपियों की पहचान हो जाने के बाद पुलिस उनकी तलाश में लग गई। पुलिस आरोपियों की तलाश में लगी थी। वहीं दूसरी ओर प्रशासन की टीम ने कनेरा गांव में आरोपियों के अवैध अतिक्रमण चिन्हित किए। गुरुवार को प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर अवैध अतिक्रमण पर बुलडोजर चलवा दिया। ये आरोपी पकड़ाए SP हितिका वासल ने बताया कि फिंगर प्रिंट टीम और डॉग स्क्वाड की मदद से घटनास्थल पर साक्ष्य जुटाए गए। इसके साथ ही पूछताछ, मुखबिर तंत्र और तकनीकी विश्लेषण के जरिए पुलिस टीमों ने सुराग जोड़ते हुए आरोपियों तक पहुंच बनाई। गुना, शिवपुरी, विदिशा, उज्जैन, रतलाम, राजगढ़, भोपाल, इंदौर, शाजापुर, देवास, श्योपुर सहित राजस्थान के बारां, कोटा, झालावाड़, छबड़ा, करौली जैसे इलाकों में लगातार दबिशें दी गईं। शनिवार को पुलिस ने ग्राम कनेरा, थाना धरनावदा निवासी राजू पिता कवरया पारदी (35) और गजानंद पिता देवला पारदी (48) को गिरफ्तार किया। पूछताछ में दोनों ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया। करीब डेढ़ करोड़ का सोना बरामदआरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने 985.15 ग्राम वजनी सोने के जेवरात, जिनकी कीमत करीब एक करोड़ सैंतालीस लाख सतहत्तर हजार दो सौ पचास रुपए आंकी गई है, बरामद कर लिए। बाकी फरार आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की विशेष टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
मुरैना के सरकारी स्कूल में शनिवार को जिला शिक्षा अधिकारी के औचक निरीक्षण में शिक्षा व्यवस्था की गंभीर लापरवाही सामने आई। कैलारस विकासखंड के शासकीय प्राथमिक स्कूल निरीक्षण के दौरान स्कूल के हेड मास्टर अमर लाल रावत मौके पर मौजूद नहीं मिले। वहां हेडमास्टर की जगह एक निजी महिला टीचर को महज 4,500 रुपए में बच्चों को पढ़ाने के लिए रखा हुआ था। जबकि उन्हे बच्चों के पढ़ाने के लिए 65 हजार रुपए प्रतिमाह वेतन मिलता है। निरीक्षण के दौरान सामने आया कि वह स्कूल में केवल अपनी हाजिरी लगाने के लिए आते हैं। इसके बाद चले जाते हैं। बच्चों को निजी शिक्षिका पढ़ाती है। जिसे हर महीने 4500 रुपए हेडमास्टर देते हैं। स्कूल का साइन बोर्ड भी नहीं मिला निरीक्षण के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी बीएस इंदौलिया ने स्कूल में एक और बड़ी अनियमितता पाई। स्कूल भवन पर कोई साइन बोर्ड नहीं लगा था। स्थिति यह थी कि बाहर से देखने पर यह पहचानना भी मुश्किल था कि भवन में शासकीय प्राथमिक स्कूल संचालित हो रहा है। DEO ने खुद बनाया वीडियो जिला शिक्षा अधिकारी ने शनिवार 8 अगस्त को स्कूल का औचक निरीक्षण किया। मौके की स्थिति का वीडियो बनाया। निरीक्षण के दौरान मिली अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने प्रधानाध्यापक अमर लाल रावत को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। हेडमास्टर को कारण बताओ नोटिस DEO ने बताया कि प्रधानाध्यापक अमर लाल रावत को कारण बताओ नोटिस दिया गया है। उनसे तीन दिन के भीतर जवाब मांगा गया है। निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
सिंगरौली जिले के देवसर बाजार में रविवार सुबह ग्राहक को लेकर दो व्यापारियों के बीच विवाद हो गया। यह विवाद देखते ही देखते मारपीट और पत्थरबाजी में बदल गया। घटना का वीडियो सामने आया है। वीडियो में बाजार के बीच बड़ी संख्या में लोग जमा दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में कुछ लोग आपस में मारपीट और हंगामा करते नजर आ रहे हैं। बताया गया है कि ग्राहक को लेकर शुरू हुई कहासुनी जल्द ही हाथापाई में बदल गई, जिससे बाजार में अफरा-तफरी मच गई। इस घटना में एक व्यापारी और एक कर्मचारी के घायल होने की जानकारी मिली है। हालांकि, घायलों की स्थिति और चोटों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। आसपास मौजूद लोगों ने बीच-बचाव कर स्थिति को शांत कराने का प्रयास किया। विवाद की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनाक्रम की जानकारी जुटाई। पुलिस वायरल वीडियो के आधार पर भी घटना में शामिल लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। दोनों में किसी पक्ष ने शिकायत नहीं कराई जियावन थाना प्रभारी शेषनारायण द्विवेदी ने बताया कि झगड़े की सूचना पर पुलिस को बाजार भेजा गया था। उन्होंने कहा कि अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से कोई शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिलने और तथ्यों की पुष्टि के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, ग्राहक को लेकर शुरू हुआ यह विवाद देवसर बाजार में चर्चा का विषय बना हुआ है। पुलिस की जांच और शिकायत के बाद ही विवाद की वास्तविक वजह और घटना में शामिल लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।
सोहागपुर थाना क्षेत्र में एक अनोखा और भावुक कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां रहने वाले रिटायर आर्मी मेन चंदन मिश्रा का पालतू तोता 'गोपि' अचानक लापता हो गया है। रिटायर आर्मी ने बताया कि वे करीब एक साल पहले अनूपपुर जिले के अमरकंटक से उसे काफी छोटा होने पर लाए थे। इतने समय में तोता परिवार के सदस्यों के साथ इस कदर घुल-मिल गया कि वह केवल एक पक्षी न रहकर घर के सदस्य जैसा बन चुका था। आसपास की छतों-पेड़ों पर ढूंढकर रहे थे परिजन परिवार के सदस्यों के मुताबिक शनिवार दोपहर बच्चे घर के अंदर 'गोपि' के साथ खेल रहे थे, तभी वह अचानक उड़ गया। परिजनों को लगा कि वह कुछ देर में वापस आ जाएगा, लेकिन लंबा समय बीत जाने के बाद भी जब वह नहीं लौटा तो चिंता बढ़ गई। इसके बाद आसपास के इलाकों, छतों, वृक्षों और पड़ोस के घरों में उसकी काफी तलाश की गई, लेकिन तोते का कहीं कोई सुराग नहीं मिल सका। सोशल मीडिया पर साझा किए पहचान तोते की तलाश के लिए परिजनों ने सोशल मीडिया का सहारा लिया है और पहचान संबंधी पोस्टर जारी किए हैं। 'गोपि' हरे रंग का है और उसकी गर्दन पर एक स्पष्ट काली रिंग बनी हुई है। इसके अलावा उसकी पीठ के पंखों की विशेष बनावट है। वह परिवार के लोगों की आवाज पहचानता है और कुछ शब्द भी बोल लेता है। चंदन मिश्रा ने अपील की है कि जिस किसी को भी यह तोता मिले, वह उसे सुरक्षित रखे और जानकारी दे; सही पता बताने वाले को 21,000 रुपए का नकद पुरस्कार दिया जाएगा। तोता वापस मिलने तक परिवार ने रखा व्रत तोते के अचानक चले जाने से पूरा परिवार बेहद दुखी है। परिजनों ने 'गोपि' की सकुशल वापसी तक अन्न-जल त्यागकर व्रत रखने का संकल्प लिया है। इतना ही नहीं, परिवार ने एक पंडित जी से संपर्क किया है और निर्णय लिया है कि यदि सोमवार तक तोता घर लौटकर नहीं आता है, तो उसकी सुरक्षित वापसी की मनोकामना पूरी करने के लिए घर में विशेष हवन-पूजन आयोजित कराया जाएगा।
विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर रविवार को ग्वालियर में आदिवासी संगठनों द्वारा एक विशाल रैली निकाली गई। यह रैली फूलबाग से शुरू होकर थाटीपुर स्थित अजाक्स कार्यालय तक पहुंची। इसमें बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के युवा, महिलाएं और बुजुर्ग पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए। रैली के दौरान आदिवासी संस्कृति और परंपराओं की अनूठी झलक देखने को मिली। प्रतिभागी हाथों में तख्तियां और बैनर लिए चल रहे थे, जिन पर समाज को शिक्षित और जागरूक करने के संदेश लिखे थे। आयोजकों ने आदिवासी समाज के लोगों से बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाने और उन्हें आगे बढ़ाने की अपील की। रैली में शिक्षा को सामाजिक और आर्थिक विकास का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए लोगों को जागरूक किया गया। पारंपरिक आदिवासी परिधान और आभूषण पहने पुरुष व महिलाएं आकर्षण का केंद्र रहे, जिससे रैली में आदिवासी संस्कृति और लोक परंपराओं की रंगीन छटा बिखरी। पूरे रास्ते उत्साह का माहौल रहा। ढोल और पारंपरिक वाद्य यंत्रों की थाप पर युवा और बुजुर्ग नाचते-गाते हुए आगे बढ़े। रैली में शामिल लोग उत्साह के साथ आदिवासी एकता और संस्कृति का संदेश देते नजर आए। कई स्थानों पर पारंपरिक नृत्य भी प्रस्तुत किए गए। आयोजकों ने बताया कि विश्व आदिवासी दिवस केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं है, बल्कि समाज की संस्कृति, अधिकारों और विकास को लेकर जागरूकता फैलाने का दिन भी है। उन्होंने नई पीढ़ी को शिक्षा से जोड़ने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि वे हर क्षेत्र में आगे बढ़ सकें। रैली का समापन अजाक्स कार्यालय पहुंचने के बाद हुआ, जिसने समाज में एकजुटता, शिक्षा और संस्कृति के संरक्षण का संदेश दिया।
पाली में कलेक्टर के निर्देश के बाद नगर निगम और हाईवे टोल नाका टीम एक्टिव हो गई है। टोल नाका टीम ने हाईवे पर रामासिया और जाडन के निकट सड़कों पर बैठे बेसहारा मवेशियों को पकड़ा और उन्हें गोशालाओं में छोड़ा है। टोल प्लाजा प्रोजेक्ट मैनेजर संजय मारवाड़ी ने बताया कि कार्रवाई के दौरान रूट मैनेजर अजहरूद्दीन, सेफ्टी इंजार्च विष्णु वैष्णव, महिपाल, राकेश, महेंद्र गुर्जर, चैनाराम, विक्रमसिंह आदि कार्रवाई में शामिल रहे। बता दें कि गत दिनों जिला कलेक्टर डॉ. रविन्द्र गोस्वामी ने बैठक के दौरान सड़कों पर घूम रहे बेसहारा मवेशियों को पकड़ने के सख्त निर्देश दिए थे। ताकि मवेशियों के कारण होने वाले सड़क हादसे कम हो सके। उनके निर्देश के बाद हाईवे टोल प्लाजा टीम और निगम की टीम भी एक्टिव हुई और मवेशियों को पकड़ने में जुटी है।
पुरानी दिल्ली के चांदनी चौक में 63 साल बाद ट्रैकलेस ट्राम सेवा शुरू करने की योजना पर सरकार विचार कर रही है। यह संकरी सड़कों पर परिवहन सुविधा बढ़ाने और ऐतिहासिक क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देने में मदद करेगी।
ललितपुर में रविवार दोपहर 12 बजे कंपनी बाग में बुंदेलखंड विकास सेना की बैठक हुई। संगठन प्रमुख हरीश कपूर 'टीटू' की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में राजकीय मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकों और मेडिकल स्टाफ की अनुपस्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की गई। संगठन प्रमुख टीटू कपूर ने कहा कि ललितपुर का राजकीय मेडिकल कॉलेज घोर अव्यवस्था का केंद्र बन गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि उच्च अधिकारियों की मिलीभगत से कई चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टाफ ड्यूटी से नदारद रहते हुए भी पूरा वेतन प्राप्त कर रहे हैं। कपूर ने बताया कि अनुपस्थित रहने वाले चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टाफ कई दिनों के हस्ताक्षर एक साथ कर देते हैं। कुछ मामलों में तो आने वाले दिनों के हस्ताक्षर भी एडवांस में किए गए हैं। उन्होंने जिलाधिकारी द्वारा हाल ही में मेडिकल कॉलेज में छापा मारकर अनुपस्थित स्टाफ की जांच करने और जवाब तलब करने की सराहना की। फेस स्क्रीनिंग उपस्थिति प्रणाली कपूर ने जिलाधिकारी से मांग की कि मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ के लिए बायोमेट्रिक और फेस स्क्रीनिंग उपस्थिति प्रणाली लागू की जाए। उन्होंने मैनुअल हस्ताक्षर पर तत्काल रोक लगाने और ड्यूटी पर रहने वाले स्टाफ की दो माह की लोकेशन ट्रेस करने की भी आवश्यकता बताई। संगठन प्रमुख ने प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन से मेडिकल कॉलेज में व्याप्त अव्यवस्थाओं पर अंकुश लगाने की अपील की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कॉलेज को केवल रेफर सेंटर बनने से नहीं रोका गया, तो बुंदेलखंड विकास सेना उग्र आंदोलन करने को बाध्य होगी। बैठक में वरिष्ठ कार्यकर्ता राजमल बरया , कदीर खां , राजकुमार कुशवाहा , अमरसिंह बुन्देला , मुन्ना महाराज त्यागी, प्रदीप पंडित , अमित कुमार , मिलन चौहान , जितेन्द्र विश्वकर्मा , देवेन्द्र राजा , प्रेमशंकर गुप्ता , अमित साहू , पंचमलाल झा , रामप्रकाश झा , कल्पना राजपूत भैय्यन कुशवाहा , गौरव विश्वकर्मा , कामता शर्मा , जगदीश झा , देवेन्द्र राठौर , अखलेश राजपूत , प्रदीप शर्मा , चंदर सिंह , सोहन राजपूत , टिंकू सोनी , प्रदीप सोनी , अमित जैन , छोटू कुशवाहा , कैलाश झा , गफूर पेन्टर , संतोष सोनी , पंकज जैन आदि उपस्थित रहे।
मुरादाबाद में कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए जिला पंचायत राज विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में कांवड़ मार्गों की साफ-सफाई के लिए 300 सफाई कर्मचारियों को तैनात किया गया है। इसके साथ ही, मार्ग में पड़ने वाले सभी सामुदायिक शौचालय और सामुदायिक भवन भी खोल दिए गए हैं। इन 300 सफाई कर्मचारियों को कांवड़ मार्गों और सेवा शिविरों के आसपास नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसका उद्देश्य यह है कि यात्रा के दौरान कांवड़ियों को स्वच्छ वातावरण मिल सके। कांवड़ियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए खोले गए सामुदायिक शौचालयों और भवनों में साफ-सफाई और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। इन सुविधाओं से यात्रियों को यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा। जिला पंचायत राज अधिकारी आलोक शर्मा ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में कांवड़ मार्गों के साथ-साथ सेवा शिविरों के आसपास भी विशेष सफाई अभियान चलाया जा रहा है। कर्मचारियों को नियमित रूप से सफाई व्यवस्था बनाए रखने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
मुजफ्फरनगर में पुलिस और एक हत्या के आरोपी हाशिम के बीच मुठभेड़ हुई है। बुढ़ाना कोतवाली क्षेत्र के मंदवाड़ा रोड पर हुई इस मुठभेड़ में आरोपी हाशिम के पैर में गोली लगी, जिससे वह घायल हो गया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। हाशिम पर अपनी प्रेमिका के पति तालिब की निर्मम हत्या का आरोप है। यह मुठभेड़ रविवार सुबह करीब 11 बजे हुई। पुलिस को सूचना मिली थी कि हत्या का आरोपी हाशिम मंदवाड़ा रोड पर मौजूद है। पुलिस दल जब मौके पर पहुंचा, तो आरोपी ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली हाशिम के पैर में लगी, जिससे वह घायल हो गया। घायल होने के बाद पुलिस ने हाशिम को मौके से गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से एक तमंचा और कारतूस भी बरामद किए गए हैं। आरोपी को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है। हाशिम पर आरोप है कि उसने बीते दिन तालिब की बेरहमी से हत्या कर दी थी। मृतक तालिब की पत्नी के साथ हाशिम के प्रेम संबंध थे। इसी प्रेम प्रसंग के चलते हाशिम ने तालिब पर गंडासे से हमला किया था। उसने तालिब के चेहरे पर 17 वार किए थे, जिससे उसकी मौत हो गई थी। इस पूरी घटना का एक सीसीटीवी फुटेज भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें हत्या की भयावहता साफ तौर पर दिखाई दे रही थी। घटना को अंजाम देने के बाद हाशिम मौके से फरार हो गया था, जिसके बाद पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि हाशिम ने प्रेम संबंधों के कारण ही तालिब की हत्या की थी। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर भी आरोपी की पहचान की गई थी। पुलिस ने हाशिम के खिलाफ हत्या और अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच जारी है।
ग्रेटर नोएडा में कांवड़ियों का आगमन, पुलिस अलर्ट:पुष्पवर्षा और फल-पानी से हो रहा स्वागत
गौतमबुद्ध नगर में कांवड़ियों का पहुंचना शुरू हो गया है। ग्रेटर नोएडा में पुलिस प्रशासन कांवड़ यात्रा को लेकर पूरी तरह अलर्ट है। पुलिस अधिकारी कांवड़ मुख्य मार्गों पर लगातार निगरानी कर रहे हैं। बादलपुर पुलिस ने श्रद्धालुओं पर पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया। पुलिसकर्मी कांवड़ियों को फल और पानी भी वितरित कर रहे हैं। शनिवार रात से ही पुलिस अधिकारी सड़कों पर मुस्तैद रहकर श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित कर रहे हैं। ग्रेटर नोएडा एक कोट गांव से हरिद्वार गए कावड़िये नौवें दिन पवित्र कांवड़ जल लेकर श्रद्धालु गौतमबुद्ध नगर पहुंचे हैं। ये श्रद्धालु भोले बाबा की बड़ी प्रतिमा से सजे रथ में कांवड़ जल लेकर आए हैं। करीब 100 श्रद्धालुओं का एक जत्था डीजे, ढोल-नगाड़ों और 'बम-बम भोले' के जयकारों के साथ दादरी के कोट गांव पहुंचेगा। पुलिस के आला अधिकारी भी लगातार कांवड़ मार्गों का निरीक्षण कर रहे हैं। पुलिस प्रशासन यह सुनिश्चित कर रहा है कि कांवड़ियों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
फर्रुखाबाद में बाढ़ से खतरा, लोग खुद तोड़ रहे मकान:ईंट-सरिया बचाने को मजबूर, 17 घर गंगा में समाए
फर्रुखाबाद में गंगा नदी की बाढ़ का प्रकोप जारी है। सदर तहसील के दिलीप की मड़ैया गांव में स्थिति गंभीर है, जहां अब तक 17 घर गंगा में समा चुके हैं। बाढ़ की चपेट में आए शेष मकानों को ग्रामीण खुद ही तोड़ रहे हैं। ग्रामीण अपने मकानों को इसलिए तोड़ रहे हैं ताकि वे ईंट और सरिया जैसी निर्माण सामग्री को बचा सकें। उनका मानना है कि मकान तो अंततः गंगा में बह ही जाएंगे, ऐसे में जो कुछ भी बचाया जा सकता है, उसे बचाने का प्रयास किया जा रहा है। फर्रुखाबाद में हर साल बाढ़ का खतरा बना रहता है। पिछले साल भी दिलीप की मड़ैया गांव में कटान हुआ था, जिसमें कुछ घर बच गए थे। इस साल की बाढ़ ने एक बार फिर गांव में भीषण कटान शुरू कर दिया है, जिससे पूरा गांव चारों ओर से बाढ़ के पानी से घिरा हुआ है। दैनिक भास्कर न्यूज ऐप की टीम ने गांव का दौरा किया और ग्रामीणों से बात की। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने किसी ने एक साल पहले तो किसी ने तीन साल पहले ही अपने मकान बनाए थे, लेकिन अब उन्हें अपने ही हाथों से तोड़ना पड़ रहा है। मकान तोड़ने के बाद, ग्रामीण ईंट और सरिया को नावों के सहारे दूसरे सुरक्षित गांवों में ले जा रहे हैं। उनका कहना है कि यदि यह सामग्री बच जाती है, तो उनके लिए यही काफी होगा, क्योंकि गंगा अपने रौद्र रूप में सब कुछ निगलती जा रही है। बीते वर्ष बनाया मकान अब पड़ रहा तोड़नासुरेश ने बताया उन्होंने ₹500000 की लागत से बीते वर्ष मकान बनाया था, लेकिन अब मकान को खुद के ही हाथों से तोड़ना पड़ रहा है। कारण है कि गांव के मकान गंगा में लगातार समा रहे हैं। गंगा कटान कर रही है। एक-दो दिन में गंगा मकान तक कटान कर जाएगी। ऐसे में ईंट और सरिया बच जाए तो उसको लेकर ही यह तोड़ रहे हैं।काटन कर रही गंगा इसलिए तोड़ रहे मकानगांव निवासी रामू ने बताया गंगा मकान के मुहाने पर आ गई है। किसी भी समय गंगा में मकान समा सकता है। सामान को बाहर निकाल लिया है अब मकान तोड़ रहे हैं जिससे कुछ ईट और सरिया बच जाए। महंगाई के दौर में ईंट और सरिया लेना भी मुश्किल पड़ता है। बड़ी मेहनत से मकान को बनाया था। यही मकान बचा था अब पड़ रहा तोड़नागांव निवासी राजू ने बताया गंगा ने इस समय बहुत कटान किया है। गांव के अधिकांश घर गंगा में समा चुके हैं। मेरा भी यही मकान बचा था अब तोड़ना पड़ रहा है। नाव के माध्यम से ईंट और सरिया को बाहर ले जाएंगे। देखते हैं जहां जगह मिलेगी वहां मकान बनाया जाएगा। बस इतना है कि पानी से बाहर निकल जाएंगे फिर देखते हैं क्या रहता है। क्षेत्रीय लेखपाल रामबरन ने बताया जिन लोगों के गंगा में मकान जा रहे हैं। उनको मुआवजा दिया जाएगा।
भागलपुर जिले के रसलपुर थाना क्षेत्र में सड़क हादसे में घायल बुजुर्ग की इलाज के दौरान मौत हो गई। मौत के बाद परिजनों का गुस्सा भड़क गया। एकचारी-महगामा मुख्य मार्ग पर शव रखकर जाम कर दिया। मुआवजा और दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। सड़क जाम की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी अजीत कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों को उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया। इसके बाद ग्रामीणों ने सड़क जाम हटाया। चाय पीकर घर लौट रहे थे घटना शनिवार रात करीब 9 बजे की है। भोलसर निवासी नरेश सिंह(71) चाय पीकर पैदल अपने घर लौट रहे थे, तभी एक तेज रफ्तार बाइक ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। गंभीर हालत स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें अस्पताल लाया गया, जहां रविवार सुबह इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। बाइक सवार को पुलिस ने हिरासत में लिया हादसे के बाद मौके से भाग रहे बाइक सवार को लोगों ने पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। जिसकी पहचान एकचारी निवासी संजय मंडल के पुत्र पीयूष कुमार के रूप में हुई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ग्रामीणों का आरोप है कि बाइक तेज रफ्तार में थी, जिसके कारण यह भीषण टक्कर हुई है। वहीं, नरेश सिंह की मौत के बाद उनके परिवार में मातम पसरा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना को लेकर गांव में भी शोक और आक्रोश का माहौल बना हुआ है।
बैतूल के प्रसिद्ध हृदय रोग विशेषज्ञ और सेवानिवृत्त डॉक्टर ओपी माहौर को दुष्कर्म के एक मामले में अग्रिम जमानत मिल गई है। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश बैतूल की अदालत ने मामले के तथ्यों और परिस्थितियों पर विचार करते हुए उन्हें यह राहत दी। न्यायालय ने 50 हजार रुपए की सक्षम प्रतिभूति और इतनी ही राशि के व्यक्तिगत बंधपत्र पर अग्रिम जमानत मंजूर की है। डॉ. माहौर के खिलाफ कोतवाली बैतूल में केस दर्ज है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 64(2)(एम) और 351(3) के तहत मामला दर्ज किया है। इस मामले में पुलिस की जांच अभी जारी है। 35 वर्षीय महिला ने 28 जुलाई 2026 को कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई थी। महिला का आरोप है कि वह वर्ष 2021 से 2025 तक डॉ. माहौर के क्लिनिक में कार्यरत थी। इसी अवधि के दौरान डॉक्टर ने उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया। वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने का आरोपमहिला ने यह भी आरोप लगाया कि डॉक्टर ने घटना का वीडियो बनाने और उसे वायरल करने की धमकी दी थी। महिला ने अपनी शिकायत में बताया कि डर के कारण वह लंबे समय तक इस घटना के बारे में किसी को नहीं बता पाई। शिकायत में यह भी उल्लेख है कि 2025 में कथित अंतिम घटना के बाद उसने क्लिनिक छोड़ दिया था और मई 2026 में उसकी शादी हुई। डॉ. माहौर की ओर से अग्रिम जमानत आवेदन में इन आरोपों को सिरे से खारिज किया गया। बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि महिला उनके क्लिनिक में काम करती थी और मरीजों से जुड़े वित्तीय लेन-देन का हिसाब भी देखती थी। बचाव पक्ष के अनुसार, पैसों के लेन-देन में अनियमितताएं सामने आने के बाद महिला को काम से हटा दिया गया था। उनका दावा है कि इसी विवाद के चलते महिला ने डॉक्टर को ब्लैकमेल किया और एक झूठी शिकायत दर्ज कराई। काम करने के दौरान नहीं की शिकायतअदालत ने केस डायरी का अवलोकन करने पर पाया कि महिला ने कथित अंतिम घटना के लगभग आठ महीने बाद शिकायत दर्ज कराई थी। कोर्ट ने यह भी नोट किया कि महिला ने डॉक्टर के क्लिनिक में काम करने के दौरान कभी कोई शिकायत नहीं की थी। आरोपी की उम्र 71 वर्ष है और पुलिस रिपोर्ट में उसका कोई पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड नहीं बताया गया। इन परिस्थितियों को देखते हुए कोर्ट ने डॉ. ओपी माहौर को अग्रिम जमानत देना उचित माना। जमानत के साथ कोर्ट ने शर्त रखी है कि आरोपी पुलिस की पूछताछ में सहयोग करेगा, बुलाए जाने पर उपस्थित होगा और मामले से जुड़े किसी व्यक्ति को प्रभावित या धमकाने का प्रयास नहीं करेगा।
जोधपुर में अगले 3 दिन हल्की बारिश के आसार हैं। मौसम विभाग ने 11 से 14 अगस्त तक जिले में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। इससे पहले बूंदाबांदी और हल्की बारिश की संभावना है। शनिवार को भी शहर में बारिश का इंतजार रहा, इस दौरान धूप निकली और मौसम बिल्कुल साफ रहा। जिले में बादलों की आवाजाही के चलते तापमान में भी गिरावट आ सकती है। 13 फीसदी कम बारिश मौसम विभाग के अनुसार 7 अगस्त तक जोधपुर में सामान्य से 13 प्रतिशत कम बारिश हुई है। सामान्य बारिश 177.6 एमएम होनी चाहिए थी, जबकि इस बार केवल 164.5 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई। जो कि मानसून सीजन क सामान्य से 8.6 फीसदी कम है। शुक्रवार को शहर का मौसम सामान्य रहा। बारिश नहीं होने से उमस बनी रही। अधिकतम तापमान 35.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.5 डिग्री अधिक रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 28.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 2.2 डिग्री अधिक है। बदले हुए मौसम का असर तापमान पर भी देखने को मिला।
मुंगेर के मुफस्सिल थाना परिसर से अवैध गिट्टी से लदा एक 18 चक्का ट्रक गायब हो गया है। घटना के एक माह बाद भी ट्रक बरामद नहीं हो सका है। इस मामले में अब तक प्राथमिकी दर्ज नहीं होने से पुलिस और खनन विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। यह मामला खनन टास्क फोर्स की बैठक से लेकर जिले के वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंच गया है। यह ट्रक 3 जुलाई को तत्कालीन खान निरीक्षक मोहम्मद अरमान द्वारा जब्त किया गया था। उन्होंने मुफस्सिल थाना क्षेत्र के तेलिया तालाब के पास सघन जांच अभियान चलाया था। इस दौरान बिना चालान के गिट्टी ले जा रहे 18 चक्का ट्रक (नंबर BR10GD 5005) को पकड़ा गया था। वैध गिट्टी लदे ट्रक को किया जब्त खनन विभाग ने इस ट्रक को मुफस्सिल थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया था। वाहन पर 11 लाख 18 हजार 600 रुपए का जुर्माना भी लगाया गया था। करीब एक सप्ताह बाद, जब खनन विभाग की टीम एक अन्य अवैध गिट्टी लदे ट्रक को जब्त कर थाना पहुंची, तो परिसर में खड़ा यह ट्रक गायब मिला। इसके बाद खनन विभाग के अधिकारियों में हड़कंप मच गया और उन्होंने मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी। मुख्यालय डीएसपी को सौंपी गई जांच की जिम्मेदारी पुलिस अधीक्षक (एसपी) सैयद इमरान मसूद ने बताया कि इस संबंध में खनन पदाधिकारी और थानाध्यक्ष से पूछताछ की गई है। खनन विभाग की ओर से एक सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) को ट्रक रिसीव कराया गया था। उन्होंने पुष्टि की कि ट्रक फिलहाल गायब है। एसपी ने बताया कि मामले की जांच की जिम्मेदारी मुख्यालय डीएसपी को सौंपी गई है। उन्हें तीन दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उन्नाव में गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु से नीचे आने के बावजूद तटवर्ती इलाकों में लोगों की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं। केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटे में गंगा का जलस्तर चार सेंटीमीटर घटकर 111.930 मीटर दर्ज किया गया है। इसके बावजूद जलस्तर चेतावनी बिंदु से महज सात सेंटीमीटर नीचे है। जलस्तर में मामूली गिरावट के बाद भी गोताखोर, कर्बला और सैय्यद कंपाउंड समेत कई इलाकों में बाढ़ का असर बना हुआ है। इन क्षेत्रों में जलभराव, कीचड़ और गंदगी के बीच लोगों को रहना पड़ रहा है। बाढ़ का पानी कम होने के साथ ही अब प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ गया है। लंबे समय तक पानी जमा रहने के कारण गलियों और आसपास के क्षेत्रों में कीचड़ और गंदगी फैल गई है। कई जगह नालियों का गंदा पानी भी बाढ़ के पानी में मिल गया था। पानी उतरने के बाद अब गंदगी और दुर्गंध लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, दूषित पानी और गंदगी के संपर्क में आने से बुखार, सर्दी-जुकाम, त्वचा संक्रमण और पेट संबंधी शिकायतें सामने आ रही हैं। स्वास्थ्य विभाग से शिविर लगाने की मांग स्थानीय लोगों का कहना है कि बाढ़ के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रभावित इलाकों का दौरा कर संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए थे। हालांकि, जलस्तर कम होने के बाद स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता अपेक्षित स्तर पर दिखाई नहीं दे रही है। लोगों ने प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल स्वास्थ्य शिविर लगाने और घर-घर जाकर स्वास्थ्य परीक्षण कराने की मांग की है। उनका कहना है कि शिविरों में मरीजों की जांच के साथ जरूरी दवाएं भी उपलब्ध कराई जाएं, ताकि शुरुआती बीमारी गंभीर रूप न ले। मच्छरों का बढ़ा प्रकोप लंबे समय तक जलभराव रहने से तटवर्ती इलाकों में मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ गया है। स्थानीय निवासियों के मुताबिक, शाम होते ही मच्छरों की संख्या काफी बढ़ जाती है। घरों, गलियों और जलभराव वाले स्थानों पर मच्छरों के कारण लोगों की परेशानी बढ़ गई है। बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य को लेकर परिवारों में चिंता बनी हुई है। लोगों का आरोप है कि जलभराव वाले स्थानों पर मच्छररोधी दवाओं का पर्याप्त छिड़काव नहीं कराया गया है। उनका कहना है कि यदि समय रहते फॉगिंग और कीटनाशक दवाओं का छिड़काव नहीं कराया गया तो मच्छरों के कारण संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। प्रभावित इलाकों में नियमित फॉगिंग कराने की मांग की गई है। बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी बाढ़ प्रभावित परिवारों का कहना है कि जलभराव और गंदगी के बीच रहने से छोटे बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। कई घरों में लोग बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार निजी चिकित्सकों से इलाज कराने में सक्षम नहीं हैं, ऐसे में उनकी निर्भरता सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर अधिक है। स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य विभाग से प्रभावित क्षेत्रों में चिकित्सकीय टीम भेजने और घर-घर स्वास्थ्य परीक्षण कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि नियमित स्वास्थ्य शिविर लगाकर मरीजों की जांच की जाए और जरूरत के अनुसार दवाएं उपलब्ध कराई जाएं। पेयजल की जांच और सफाई की मांग बाढ़ के पानी के साथ नालियों और आसपास की गंदगी का पानी कई स्थानों पर मिल जाने से पेयजल को लेकर भी लोगों में चिंता है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि बाढ़ के बाद हैंडपंप और अन्य जलस्रोतों की जांच कराना जरूरी है। दूषित पानी के सेवन से पेट संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। लोगों ने प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल की जांच कराने, हैंडपंपों और जलस्रोतों की स्थिति की निगरानी करने, साफ-सफाई कराने और कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करने की मांग की है। साथ ही जलभराव वाले स्थानों से कीचड़ और गंदगी हटाने की भी मांग उठाई गई है। बाढ़ का पानी उतरने के बाद भी जरूरी है निगरानी स्थानीय लोगों का कहना है कि बाढ़ का पानी कम होने के बाद राहत और बचाव कार्य खत्म नहीं माना जाना चाहिए। बाढ़ के बाद फैलने वाली गंदगी, मच्छरों और दूषित पानी से संक्रमण का खतरा बना रहता है। इसलिए प्रभावित क्षेत्रों में विशेष स्वच्छता और स्वास्थ्य अभियान चलाने की जरूरत है। बाढ़ प्रभावित लोगों ने स्वास्थ्य विभाग से नियमित स्वास्थ्य शिविर लगाने, जरूरी दवाओं का वितरण करने, मच्छररोधी दवाओं का छिड़काव कराने और पेयजल की जांच कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि बाढ़ के दौरान राहत और बचाव के साथ ही पानी उतरने के बाद उत्पन्न होने वाली स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं पर भी गंभीरता से ध्यान दिया जाना चाहिए। स्थानीय निवासियों के मुताबिक गंगा का जलस्तर घटा जरूर है, लेकिन खतरा पूरी तरह टला नहीं है। ऐसे में प्रशासन को प्रभावित क्षेत्रों में साफ-सफाई, फॉगिंग, पेयजल जांच और स्वास्थ्य सेवाओं की लगातार निगरानी करनी चाहिए। समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो जलभराव और गंदगी के कारण संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ सकता है।
Dehradun: सीएम धामी ने किया क्षत्रिय कल्याण समिति की वेबसाइट व ‘क्षत्रिय जागरण’ स्मारिका का विमोचन
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को मुख्यमंत्री आवास में उत्तराखण्ड क्षत्रिय कल्याण समिति, देहरादून की वेबसाइट एवं ‘क्षत्रिय जागरण’ स्मारिका का विमोचन किया।
जींद में हेरोइन समेत नशा तस्कर गिरफ्तार:सप्लाई करने आया, ग्राहकर का कर रहा था इंतजार
जींद जिले में पुलिस ने नशा तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत कार्रवाई की है। सीआईए स्टाफ नरवाना की टीम ने एक आरोपी को 10.47 ग्राम हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान हंसडेहर निवासी रजत उर्फ लाहोरी के रूप में हुई है। एसपी कुलदीप सिंह के मार्गदर्शन में सीआईए प्रभारी सुखदेव सिंह की टीम लगातार नशा तस्करी पर शिकंजा कस रही है। इसी क्रम में, उपनिरीक्षक शमशेर सिंह के नेतृत्व में सीआईए नरवाना की टीम दाता सिंह वाला गांव में गश्त कर रही थी। हेरोइन की सप्लाई करने की फिराक में था पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि हंसडेहर निवासी रजत उर्फ लाहोरी नशा तस्करी में लिप्त है। बताया गया कि वह धनौरी रोड स्थित गैस एजेंसी के पास हेरोइन की सप्लाई करने की फिराक में खड़ा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने उच्च अधिकारियों को सूचित किया और तुरंत कार्रवाई करते हुए गैस एजेंसी के पास दबिश दी। पुलिस ने मौके से आरोपी रजत उर्फ लाहोरी को काबू कर लिया। राजपत्रित अधिकारी की मौजूदगी में नियमानुसार तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान आरोपी की लोअर की जेब से 10.47 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। मामले की जांच कर रही पुलिस पुलिस ने आरोपी के खिलाफ थाना गढ़ी में एनडीपीएस एक्ट की धारा 21B/61/85 के तहत मुकदमा नंबर 108, दिनांक 08 अगस्त 2026 को दर्ज किया है। मामले में आगे की कार्रवाई नियमानुसार की जा रही है। जींद पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि यदि उन्हें नशा तस्करी या किसी अन्य अवैध गतिविधि के बारे में कोई जानकारी मिलती है, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
पति से विवाद के बाद विवाहिता ने खाया जहर:लुधियाना में घटना, बहराइच में इलाज के दौरान मौत
बहराइच जिले के देहात कोतवाली क्षेत्र की एक विवाहिता की शनिवार शाम इलाज के दौरान मौत हो गई। महिला ने पति से विवाद के बाद पंजाब के लुधियाना में जहर खा लिया था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। जानकारी के अनुसार, देहात कोतवाली के इमलिया गांव निवासी सुनील अपनी 24 वर्षीय पत्नी प्रियंका के साथ पंजाब के लुधियाना जिले में मजदूरी करता था। चार दिन पहले किसी बात को लेकर पति-पत्नी के बीच विवाद हो गया था, जिसके बाद प्रियंका ने जहर खा लिया। जहर खाने के बाद प्रियंका की हालत बिगड़ने लगी। सुनील ने दो दिनों तक लुधियाना में उसका इलाज कराया, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ। इसके बाद वह प्रियंका को लेकर बहराइच आ गया, जहां स्थानीय स्तर पर उसका इलाज चल रहा था। इलाज के दौरान शनिवार शाम को प्रियंका की मौत हो गई। परिजनों की सूचना पर देहात कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
अलवर के रेणी इलाके के ग्राम भूड़ा में बिजली सप्लाई को लेकर विवाद का मामला सामने आया है। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें एक महिला थ्री-फेज ट्रांसफार्मर के सबसे ऊपरी हिस्से पर खड़ी दिखाई दे रही है। वीडियो में महिला कभी बिजली के तारों को खींचती तो कभी उन्हें हटाती नजर आ रही है। इस दौरान नीचे विद्युत निगम के कर्मचारी मौजूद हैं और महिला को बार-बार नीचे उतरने के लिए कह रहे हैं। वीडियो में महिला ऊपर खड़े होकर कर्मचारियों से बहस करती भी नजर आ रही है। वहीं नीचे मौजूद उसका पति कर्मचारियों से कहता सुनाई दे रहा है कि “मरती है तो मर जाने दो, ये तो लाइन काटकर ही नीचे आएगी।” कर्मचारियों के अनुसार महिला को काफी समझाने के बाद भी वह नीचे उतरने के लिए तैयार नहीं थी। बाद में अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर समझाइश की और महिला को ट्रांसफार्मर से नीचे उतारा। अब देखिए, मामले से जुड़ी 3 PHOTOS.. पोल टूटने के बाद शुरू की गई थी वैकल्पिक सप्लाई दरअसल, 4 अगस्त को भारी बारिश और जलभराव के कारण भूड़ा फीडर के करीब 6 बिजली पोल टूटकर गिर गए थे। इससे गांव के करीब 400 उपभोक्ताओं की बिजली सप्लाई बाधित हो गई थी। इसके बाद विद्युत निगम ने वैकल्पिक व्यवस्था के तहत आखोदा फीडर से सिंगल फेज सप्लाई शुरू की थी। निगम के अनुसार खेतों में फसल खड़ी होने और पानी भरा होने के कारण थ्री-फेज सप्लाई तत्काल शुरू नहीं की जा सकी थी। 7 अगस्त की शाम निगम के कर्मचारी शटडाउन लेकर वैकल्पिक रूप से थ्री-फेज सप्लाई शुरू करने का काम कर रहे थे। इसी दौरान दंपती मौके पर पहुंचा और बिजली व्यवस्था को लेकर विवाद हो गया। निगम का आरोप है कि महिला ट्रांसफार्मर पर चढ़ गई और विद्युत तंत्र के साथ छेड़छाड़ करने लगी। मामले में JEN की ओर से संबंधित थाने में रिपोर्ट देकर विद्युत तंत्र से छेड़छाड़ और बिजली सप्लाई के कार्य में बाधा डालने के संबंध में कार्रवाई की मांग की गई है।
आगरा के बिहारीपुर स्थित नर्सरी का डिप्टी वन रेंजर महेंद्र सिंह का डांस वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
JPSC-JSSC विवाद: 'हम सकारात्मक सोच के साथ जा रहे हैं', सरकार-छात्रों की बैठक शुरू; जानें कौन शामिल?
रांची में जेपीएससी में कथित धांधली के विरोध में आंदोलनरत छात्रों के तीन गुटों और राज्य सरकार के बीच वार्ता शुरू हुई। छात्रों ने मांगें पूरी होने की उम्मीद जताई, लेकिन चेतावनी दी कि समाधान नहीं निकला तो आंदोलन अगले चरण में जाएगा।
सक्ती जिला अस्पताल परिसर में शनिवार को वार्ड क्रमांक 18 की नवनिर्वाचित महिला एल्डरमैन सुनीता गबेल और महिला सफाईकर्मी के बीच विवाद हो गया। सफाई व्यवस्था को लेकर शुरू हुई बहस देखते ही देखते गाली-गलौज और हाथापाई में बदल गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जानकारी के अनुसार, सुनीता गबेल शनिवार को अपने निजी कार्य से जिला अस्पताल पहुंची थीं। अस्पताल परिसर में गंदगी देखकर उन्होंने वहां मौजूद महिला सफाईकर्मियों से सफाई व्यवस्था को लेकर सवाल किया। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हो गई। बहस धीरे-धीरे बढ़ती गई और कुछ ही देर में दोनों पक्षों के बीच गाली-गलौज शुरू हो गई। इसके बाद मामला हाथापाई तक पहुंच गया। मौके पर मौजूद लोगों ने बीच-बचाव कर दोनों पक्षों को अलग किया और स्थिति को शांत कराया। अस्पताल के बाहर भी दोबारा हुआ विवाद बताया जा रहा है कि जिला अस्पताल परिसर में विवाद शांत होने के बाद अस्पताल के बाहर भी दोनों पक्षों के बीच दोबारा विवाद हुआ। लोगों ने हस्तक्षेप कर मामले को फिर शांत कराया। घटना के दौरान किसी व्यक्ति ने मोबाइल फोन से पूरे विवाद का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया। अब यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा में आ गया है। दोनों पक्षों ने थाने में दी शिकायत घटना के बाद दोनों पक्षों ने सक्ती थाने में एक-दूसरे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। सक्ती थाना प्रभारी लखन पटेल ने बताया कि दोनों पक्षों की शिकायत प्राप्त हुई है। पुलिस वायरल वीडियो समेत मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। जांच के बाद होगी आगे की कार्रवाई थाना प्रभारी ने बताया कि जांच पूरी होने के बाद मामले में नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। सोमवार को दोनों पक्षों से जानकारी लेगा स्वास्थ्य विभाग सीएमएचओ डॉ. पूजा अग्रवाल ने बताया कि उन्हें विवाद की जानकारी मिली है। उन्होंने कहा कि सोमवार को दोनों पक्षों से मामले की विस्तृत जानकारी ली जाएगी। इसके बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
शाहजहांपुर में एक तेज रफ्तार बाइक की टक्कर से दो साल के बच्चे की मौत हो गई। यह घटना शनिवार की रात करीब आठ बजे चौक कोतवाली क्षेत्र के अजीजगंज मोहल्ले में हुई, जब बच्चा अपने पिता के साथ घर के बाहर खेल रहा था। टक्कर के बाद बाइक सवार मौके से फरार हो गया। मृतक बच्चे की पहचान कार्तिक के रूप में हुई है। शनिवार रात करीब आठ बजे कार्तिक अपने पिता रजनीश के साथ घर से कुछ दूरी पर सड़क किनारे खड़ा था। तभी मोहल्ले का एक युवक तेज रफ्तार बाइक चलाता हुआ आया और कार्तिक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार्तिक सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। आरोपी बाइक लेकर तुरंत मौके से भाग निकला। पिता रजनीश अपने घायल बेटे को अस्पताल ले गए, जहां इलाज के दौरान करीब दो घंटे बाद कार्तिक ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने बच्चे के शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने आरोपी बाइक सवार की तलाश शुरू कर दी है। मृतक बच्चे के पिता रजनीश ने आरोप लगाया है कि आरोपी युवक अक्सर तेज रफ्तार से बाइक चलाता है। उन्होंने बताया कि इससे पहले भी वह कई लोगों को टक्कर मार चुका है और बाद में रुपये देकर समझौता कर लेता है। रजनीश के अनुसार, उनके बेटे को टक्कर मारते समय बाइक की रफ्तार लगभग सौ किलोमीटर प्रति घंटे थी। पिता ने आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
बांदा शहर कोतवाली क्षेत्र में किन्नरों के दो गुटों के बीच विवाद सामने आया है। यह विवाद निर्धारित क्षेत्र को लेकर हुआ है, जिसमें एक पक्ष ने दूसरे पर मारपीट और धमकी देने का आरोप लगाया है। अलीगंज निवासी किन्नरों ने रविवार सुबह पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि कालू कुआं क्षेत्र के किन्नर उनके निर्धारित क्षेत्र में आकर पैसे की उगाही करते हैं। विरोध करने पर गाली-गलौज और मारपीट की जाती है। शिकायतकर्ता पक्ष के अनुसार, दोनों गुटों के बीच रेलवे पटरी को आधार मानकर क्षेत्र निर्धारित किया गया है। आरोप है कि 6 अगस्त को कालू कुआं क्षेत्र के कुछ किन्नर उनके निर्धारित इलाके में लोगों से पैसे मांगने लगे, जिसके विरोध पर दोनों पक्षों में मारपीट हुई। पीड़ित पक्ष ने बताया कि विवाद यहीं खत्म नहीं हुआ। 8 अगस्त की रात करीब नौ बजे भी कई लोग उनके साथ मारपीट करने पहुंचे। शिकायत में कुछ लोगों के नाम बताते हुए लगभग 20 से 25 लोगों पर मारपीट में शामिल होने और घर से बाहर निकलने पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया गया है। घटना के बाद रविवार सुबह पीड़ित पक्ष शहर कोतवाली पहुंचा और आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने शिकायत का संज्ञान लेते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है और कोतवाली प्रभारी को जांच के आदेश दिए गए हैं। दोनों पक्षों को बुलाकर जानकारी ली जा रही है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अजमेर दक्षिण विधायक अनीता भदेल के नेतृत्व में रविवार को नाका मदार स्थित वन देवी वृक्षकुंज में सघन पौधरोपण किया गया। इस दौरान मातृशक्ति ने सहभागिता करते हुए पौधरोपण किया और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। महिलाओं ने तीज उत्सव भी उत्साह से मनाया। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने सावन के पारंपरिक झूलों का आनंद लिया तथा विभिन्न मनोरंजक खेल प्रतियोगिताओं में भाग लिया। चेयर रेस में महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम में पारंपरिक संस्कृति, पर्यावरण संरक्षण और महिला सहभागिता का सुंदर संगम देखने को मिला। तीज एक त्यौहार नहीं बल्कि हमारी समृद्ध परंपरा- अनीता भदेल विधायक अनीता भदेल ने कहा कि भारतीय संस्कृति में तीज केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि हमारी समृद्ध परंपराओं, प्रकृति और नारी शक्ति से जुड़ा उत्सव है। सावन और हरियाली का यह पर्व हमें प्रकृति के संरक्षण का संदेश भी देता है। इसी भावना के साथ वृक्षारोपण को तीज उत्सव से जोड़ा गया है, ताकि उत्सव के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुंचे। आज आवश्यकता है कि प्रत्येक व्यक्ति पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझे और अधिक से अधिक पौधे लगाए। लगाए गए पौधों की देखभाल करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है, क्योंकि वृक्ष केवल पर्यावरण को शुद्ध नहीं करते, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य की नींव भी मजबूत करते हैं। ………. पढें ये खबर भी…. अजमेर में सामान्य से 38% ज्यादा बारिश:अगस्त 1928 का रिकॉर्ड अभी भी कायम, एक दिन में हुई थी 164.6 मिमी बारिश अजमेर में सुबह से ही बादल छाए हुए है। रात को कईं जगहों पर रिमझिम बरसात हुई। रात से सुबह साढे़ आठ बजे तक 3.4 एमएम बरसात दर्ज की गई। बीते 24 घंटों की बात करें तो 1.6 डिग्री की गिरावट हुई। आज सुबह मिनीमम तापमान 22.6 डिग्री दर्ज किया गय। मौसम विभाग ने अजमेर में बारिश का अलर्ट भी जारी किया है। पूरी खबर पढें
अमलीडीह के फल मंडी के पीछे दिसंबर 2023 में हुई राहुल टंडन की हत्या के मामले में रायपुर की चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश बृजेश राय की कोर्ट ने तीन आरोपियों को हत्या के मामले में दोषी ठहराया है। कोर्ट ने लक्की नेताम, आशीष चंदेल और आशीष यादव उर्फ आशु को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 सहपठित धारा 34 के तहत दोषी माना है। तीनों को कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई गई है। हालांकि, तीनों आरोपियों को हत्या के बाद साक्ष्य मिटाने के आरोप में लगाई गई धारा 201 सहपठित धारा 34 से कोर्ट ने दोषमुक्त कर दिया। कोर्ट ने माना कि जले हुए कपड़ों की बरामदगी तो हुई, लेकिन अभियोजन यह साबित नहीं कर सका कि ये वही कपड़े थे, जो आरोपियों ने घटना के समय पहने थे या इन्हें साक्ष्य मिटाने के लिए जलाया गया था। FSL रिपोर्ट से भी इस संबंध में निर्णायक पुष्टि नहीं हुई। 21 दिसंबर की रात हुई थी हत्या अभियोजन के मुताबिक, 21 दिसंबर 2023 की रात करीब 9 बजे राहुल टंडन घर से गुरुघासीदास बाबा जयंती के कार्यक्रम के लिए बैनर-पोस्टर लगाने निकला था। अगले दिन सुबह फल मंडी के पीछे अभियंता भवन के पास राहुल खून से लथपथ मिला। उसके सिर के पीछे धारदार हथियार से गंभीर चोट थी और उसकी मौत हो चुकी थी। राहुल के पिता की रिपोर्ट पर पहले लक्की नेताम और तुषार के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया था। जांच के दौरान पुलिस ने लक्की नेताम से पूछताछ की। अभियोजन के अनुसार, उसके मेमोरेण्डम के आधार पर घटना में इस्तेमाल एक्टिवा और लोहे की कैंची समेत अन्य सामान बरामद किया गया। CCTV में दो आरोपी राहुल को ले जाते दिखे मामले की जांच में घटनास्थल के आसपास का CCTV फुटेज भी लिया गया। अभियोजन के अनुसार, फुटेज में आशीष चंदेल और आशीष यादव उर्फ आशु राहुल टंडन को अपने साथ अभियंता भवन के पास ले जाते दिखाई दिए। जांच के दौरान तुषार के खिलाफ घटना से जुड़ा पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर उसका नाम प्रकरण से हटा दिया गया। धारा 201 में क्यों नहीं हुई सजा? कोर्ट ने जले हुए कपड़ों की बरामदगी को लेकर कहा कि अभियोजन यह स्पष्ट रूप से साबित नहीं कर सका कि बरामद कपड़े घटना के समय आरोपियों ने पहने थे। किसी गवाह ने भी कपड़ों की पहचान को लेकर स्पष्ट साक्ष्य नहीं दिया। FSL रिपोर्ट भी इन कपड़ों को आरोपियों या मृतक के खून से निर्णायक रूप से नहीं जोड़ सकी। इसलिए धारा 201 के जरूरी तत्व साबित नहीं हुए और इस आरोप से तीनों को दोषमुक्त कर दिया गया। तीनों कब से जेल में हैं लक्की नेताम: 22 दिसंबर 2023 से अभिरक्षा में आशीष चंदेल: 22 दिसंबर 2023 से अभिरक्षा में आशीष यादव उर्फ आशु: 8 जनवरी 2024 से अभिरक्षा में कोर्ट के रिकॉर्ड के अनुसार तीनों को हत्या की धारा में दोषसिद्ध करते हुए कारावास और अर्थदंड से दंडित किया गया है।
यमुनानगर में हथनीकुंड मोड़ के पास तेज रफ्तार हरियाणा रोडवेज बस की टक्कर से एक व्यक्ति की मौत हो गई। हादसे के बाद बस ड्राइवर बस लेकर मौके से फरार हो गया। मृतक की पहचान उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के गांव रायपुर निवासी करीब 36 वर्षीय मोहम्मद अफजल पुत्र मोहम्मद इरफान के रूप में हुई है। अफजल अविवाहित था। राहगीरों द्वारा घायल को को तुरंत सिविल अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं, सूचना मिलते ही प्रतापनगर थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची और बस के चालक के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। राहगीरों की मदद से पहुंचाया अस्पताल पुलिस को दिए बयान में रुपनगर कॉलोनी जगाधरी निवासी मोहम्मद सलमान ने बताया कि वह अराइयांवाला स्थित कलेसर हाउस रेस्टोरेंट में मैनेजर के पद पर कार्यरत है। वह निजी काम से हथनीकुंड मोड़ के पास खड़ा था। इसी दौरान ताजेवाला की तरफ से हरियाणा रोडवेज की बस तेज गति से आई। आरोप है कि ड्राइवर बस को लापरवाही से चला रहा था। सलमान के अनुसार, उसने अपनी आंखों के सामने देखा कि बस ने सड़क के किनारे कच्चे रास्ते पर पैदल जा रहे एक व्यक्ति को साइड मार दी। टक्कर लगने से व्यक्ति के सिर, आंख के पास और शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आईं। उसकी आंख के पास और नाक से खून निकल रहा था। सलमान ने अन्य राहगीरों की मदद से घायल को उपचार के लिए सिविल अस्पताल प्रतापनगर पहुंचाया। शरीर पर आई चार गंभीर चोटें अस्पताल में प्राथमिक उपचार के दौरान घायल की हालत गंभीर होने पर उसे सिविल अस्पताल यमुनानगर रेफर कर दिया गया। पुलिस के मुताबिक, प्रतापनगर अस्पताल में तैयार एमएलआर में घायल को चार चोटें दर्ज की गईं। यमुनानगर अस्पताल पहुंचने के बाद घायल को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को सिविल अस्पताल यमुनानगर की मोर्चरी में रखवाकर आगामी कार्रवाई शुरू की और पोस्टमार्टम करा शव परिजनों को सौंप दिया। वहीं, शिकायत के आधार पर रोडवेज बस ड्राइवर के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
धार में 14 महीने की बीमार बच्ची की इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजन का आरोप है कि सरकारी अस्पताल के डॉक्टर ने जो सिरप लिखी, उसे पिलाने के कुछ देर बाद बच्ची ने दम तोड़ दिया। मामला निसरपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से जुड़ा है। परिजन के हंगामे के बाद पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है। शव का कुक्षी सिविल अस्पताल में पोस्टमॉर्टम कराने के बाद बिसरा सैंपल फॉरेंसिक लैब भेजा गया है। हेलादड गांव के रहने वाले अविनाश देवके की बेटी विधि बीती 7 अगस्त को उल्टियां कर रही थी। वे उसे लेकर सामुदयिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। अस्पताल में चेकअप के बाद डॉ. प्रिया गहलोत ने बच्ची को उल्टी रोकने की सिरप दी थी। परिजन ने लगाए डॉक्टर पर लापरवाही के आरोप अस्पताल से घर लौटने के बाद परिजन ने विधि को सिरप पिलाई। इसके कुछ देर बाद उसकी सांसें थम गईं। परिजन उसे वापस अस्पताल लाए। यहां उसकी मौत की पुष्टि के बाद हंगामा कर दिया। डॉक्टर पर इलाज के दौरान लापरवाही के आरोप लगाए। सिरप की गुणवत्ता पर सवाल खड़े करते हुए जांच की मांग की। चार सदस्यीय टीम कर रही मामले की जांच मामले की जांच के लिए कलेक्टर राजीव रंजन मीणा के निर्देश पर धार सीएमएचओ अनीता सिंगारे ने चार सदस्यीय टीम बनाई है। इसमें शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. अमित अग्रवाल, डॉ. सुभाष बरडे, ड्रग इंस्पेक्टर जितेंद्र पाटीदार और मनावर सीबीएमओ डॉ. चंपा बघेल शामिल हैं। सीएमएचओ सिंगारे ने कहा- सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है। एक-दो दिन में कमेटी की रिपोर्ट आ जाएगी। दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बालाघाट जिले में पिछले तीन दिनों से रुक-रुक कर लगातार बारिश का दौर जारी है। बीते 24 घंटों में जिले में औसतन सवा दो इंच (57.15 मिमी) वर्षा दर्ज की गई, जिसमें बिरसा तहसील में सबसे ज्यादा साढ़े तीन इंच (88.9 मिमी) बारिश हुई है। इस मानसूनी बारिश से जहां लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली है, वहीं खेतों में लहलहा रही फसलों को भी बड़ा फायदा पहुंचा है। हालांकि, नदियों और नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है। 11 अगस्त तक आंधी-तूफान के साथ वर्षा का अलर्ट मौसम वैज्ञानिक डॉ. धर्मेंद्र अगासे ने आगामी 11 अगस्त तक जिले में तेज हवाओं और आंधी-तूफान के साथ हल्की से भारी बारिश की संभावना जताई है। उधर, मानसून सीजन में 1 जून से 9 अगस्त तक जिले में कुल 29 इंच (736.6 मिमी) बारिश हो चुकी है। यह आंकड़ा पिछले वर्ष 2025 की इसी अवधि की तुलना में 6 इंच कम है। आंकड़ों के मुताबिक इस सीजन बालाघाट तहसील में सर्वाधिक 38 इंच, जबकि खैरलांजी में सबसे कम 21 इंच बारिश दर्ज की गई है। उफान मारते पुल-पुलियों को पार न करें नदी-नालों में बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन ने आम जनता से सतर्क रहने की अपील की है। अधिकारियों ने हिदायत दी है कि बारिश के दौरान रपटों, पुल-पुलियों के ऊपर से पानी बहने की स्थिति में उन्हें पार करने का जोखिम न उठाएं। किसी भी प्रकार की लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। लोगों को पानी उतरने तक धैर्य रखने और पूरी तरह सुरक्षित होने पर ही आगे बढ़ने की सलाह दी गई है। तस्वीरे देखिए…
हिमाचल में मछुआरों के लिए नई सब्सिडी योजनाएं शुरू की गई हैं। 50 हजार की नाव पर 35 हजार रुपये और कास्ट नेट व गिल नेट पर 90% सब्सिडी मिलेगी।
महराजगंज के सोनौली क्षेत्र में भारत-नेपाल सीमा पर रविवार को मालवाहक ट्रकों की करीब 10 किलोमीटर लंबी कतार लग गई। इससे राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई और स्थानीय लोगों व दैनिक यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद जिला प्रशासन ने स्थिति का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को मौके पर भेजा। नौतनवा के एसडीएम कुणाल ने रविवार को पुलिस बल के साथ हाईवे का निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर यातायात व्यवस्था का जायजा लेते हुए मालवाहक ट्रकों को केवल एक लेन में व्यवस्थित तरीके से खड़ा करने के निर्देश दिए। एसडीएम ने पुलिसकर्मियों को हाईवे पर अवैध पार्किंग और ट्रकों की अवैध कटिंग रोकने के लिए सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए। प्रशासन की टीमों को लगातार निगरानी रखने के लिए कहा गया है। सीमा से पहले रूट डायवर्जन की व्यवस्था एसडीएम कुणाल ने बताया कि सीमा से सुरक्षित दूरी पर रूट डायवर्जन की व्यवस्था की गई है। प्रयास किया जा रहा है कि सभी मालवाहक ट्रकों को एक ही लेन में खड़ा कराया जाए, ताकि हाईवे पर दूसरे वाहनों के लिए पर्याप्त जगह बनी रहे। उन्होंने कहा कि ट्रकों की अवैध कटिंग और अन्य अनधिकृत गतिविधियों के कारण यातायात प्रभावित न हो, इसके लिए पुलिस लगातार निगरानी कर रही है। पैदल गश्त कर रही पुलिस प्रशासन की ओर से ट्रक चालकों को यातायात नियमों का पालन करने और निर्धारित लेन में ही वाहन खड़ा करने के लिए जागरूक किया जा रहा है। पुलिस की टीमें हाईवे पर पैदल गश्त कर रही हैं और अवैध पार्किंग के साथ संदिग्ध गतिविधियों पर भी नजर रख रही हैं। एसडीएम कुणाल के मुताबिक, पिछले कई दिनों से स्थानीय लोगों की ओर से जाम और ट्रकों की अवैध कटिंग को लेकर शिकायतें मिल रही थीं। इन्हीं शिकायतों के बाद यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन का मानना है कि ट्रकों को एक लेन में व्यवस्थित करने से हाईवे पर वाहनों की आवाजाही आसान होगी और स्थानीय लोगों को जाम से राहत मिलेगी।
उन्नाव में सावन के दूसरे सोमवार को कांवड़ियों की भारी भीड़ के मद्देनजर पुलिस-प्रशासन ने यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। रविवार सुबह से सोमवार रात आठ बजे तक कानपुर-लखनऊ हाईवे पर भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा। इस दौरान भारी वाहन सीधे लखनऊ की ओर नहीं जा सकेंगे। प्रशासन ने कांवड़ियों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए डायवर्जन प्वाइंट से लेकर गंगा घाटों तक पुलिस बल तैनात किया है। कानपुर की ओर से आने वाले अधिकांश भारी वाहनों को रामादेवी से ही फतेहपुर की ओर डायवर्ट किया जाएगा। यदि कोई भारी वाहन प्रतिबंधित मार्ग में प्रवेश करता है, तो उसे गदनखेड़ा चौराहा से लालगंज की ओर और दही तिराहा से पुरवा-मोहनलालगंज की ओर भेजा जाएगा। इन उपायों का उद्देश्य हाईवे पर भारी वाहनों का दबाव कम कर कांवड़ियों के लिए सुरक्षित और सुगम मार्ग उपलब्ध कराना है। जिलाधिकारी घनश्याम मीना और पुलिस अधीक्षक जयप्रकाश सिंह ने विभिन्न डायवर्जन प्वाइंट का निरीक्षण किया। दोनों अधिकारियों ने मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों को यातायात व्यवस्था के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांवड़ियों की सुरक्षा में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों ने यह भी निर्देश दिए कि डायवर्जन के दौरान वाहनों को निर्धारित मार्ग से ही निकाला जाए और किसी भी स्थिति में कांवड़ियों के मार्ग में भारी वाहनों का प्रवेश न होने पाए। सावन के दूसरे सोमवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा घाटों पर जल भरने और कांवड़ लेकर शिवालयों की ओर रवाना होंगे। इसे देखते हुए गंगाघाट, सदर कोतवाली, अचलगंज, दही, अजगैन और सोहरामऊ थाना पुलिस को अलर्ट पर रखा गया है। पुलिसकर्मियों को हाईवे, प्रमुख चौराहों और कांवड़ियों के आवागमन वाले मार्गों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त, सफीपुर क्षेत्र के परियर घाट, बारासगवर क्षेत्र के बक्सर गंगा घाट, बांगरमऊ के नानामऊ घाट और शुक्लागंज के गंगा घाट पर भी पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहेगा। इन घाटों पर भीड़ को नियंत्रित करने और कांवड़ियों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए पुलिसकर्मी लगातार निगरानी करेंगे। यातायात व्यवस्था पर विशेष फोकस-प्रशासन ने श्रद्धालुओं की भीड़ के दौरान जाम की स्थिति से निपटने के लिए यातायात पुलिस और स्थानीय पुलिस को समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए हैं। डायवर्जन प्वाइंट पर पुलिसकर्मियों की तैनाती के साथ ही हाईवे पर लगातार गश्त की जाएगी।न अधिकारियों का कहना है कि कांवड़ यात्रा के दौरान किसी तरह की अव्यवस्था न हो, इसके लिए संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल लगाया गया है।प्रशासन ने श्रद्धालुओं से भी अपील की है कि वे निर्धारित मार्ग का ही इस्तेमाल करें और पुलिसकर्मियों के निर्देशों का पालन करें। अधिकारियों के मुताबिक सावन के दूसरे सोमवार को कांवड़ियों की भीड़ को देखते हुए यातायात और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष नजर रखी जा रही है।
बिहार के खगड़िया जिले में DIU की रेड पड़ी तो इलाके के लोग सन्न रह गए। यहां खुद को IAS अफसर बताने वाले मनीष कुमार के घऱ रेड पड़ी। टीम ने इनके आलीशान बंगले में तफ्तीश के बाद भारत सरकार लिखी लग्जरी गाड़ी भी बरामद की गई है।
फतेहपुर के सदर कोतवाली क्षेत्र के नासिरपीर मोहल्ले में सहायक अध्यापक दिलीप कुमार यादव पर अपनी शिक्षिका पत्नी शानीली यादव की हत्या का आरोप है। शनिवार सुबह धारदार हथियार से हत्या के बाद शव को टब में रखकर वारदात को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश का आरोप लगाया गया है। मृतका के पिता धर्म राज यादव की तहरीर पर पुलिस ने दिलीप यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। शनिवार रात डॉक्टरों के पैनल से हुए पोस्टमार्टम में शानीली के सिर पर तीन जगह और दाहिने पैर पर चोट के निशान मिले हैं। बेटे ने बताया- हत्या से पहले पिता ने नानी के घर भेजा दैनिक भास्कर की टीम रविवार को मृतका के घर पहुंची। यहां रिश्तेदारों और महिलाओं की भीड़ मौजूद थी। मृतका का 7 वर्षीय बेटा दर्शित सिंह अपनी नानी की गोद में बैठा था। दर्शित ने बताया कि उसके माता-पिता के बीच अक्सर झगड़ा होता था। हत्या से एक दिन पहले शाम को उसके पिता घर आए थे। उस समय उसकी मां किसी से फोन पर बात कर रही थीं। दर्शित के मुताबिक, पिता ने उससे कहा कि वह नानी के घर चला जाए। पिता ने उससे कहा था, ‘हम तुम्हारी मम्मी को ठीक कर देंगे।’ इसके बाद वह नानी के घर चला गया। आरोप है कि बेटे के जाने के बाद ही उसकी मां की हत्या कर दी गई। मां का आरोप- दो शिक्षक भाइयों ने भी दिया साथ मृतका की मां फूलमती ने आरोप लगाया कि उनके दामाद दिलीप ने अपनी बेटी की हत्या अपने दो सगे शिक्षक भाइयों संदीप और भूपेंद्र के साथ मिलकर की है। हालांकि, इस आरोप की पुलिस जांच के बाद ही वास्तविकता स्पष्ट होगी। फूलमती के अनुसार, शनिवार सुबह दिलीप ने उन्हें फोन कर बताया था कि शानीली टब में गिरने से घायल हो गई है। इसके बाद वह परिवार के साथ मौके पर पहुंचीं। वहां उनकी बेटी मृत अवस्था में पड़ी थी और दिलीप शव के पास बैठा था। पुलिस मामले में नामजद आरोपी से पूछताछ और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों से हत्या की पूरी वजह और घटनाक्रम स्पष्ट होगा।
Bihar News: तिरहुत नहर का बांध टूटने से कई एकड़ धान की फसल जलमग्न, सड़क और पुलिया भी क्षतिग्रस्त
बिहार के मुजफ्फरपुर में टूटा तिरहुत नहर का तटबंध खेतों में फैला पानी,अचानक तटबंध के टूटने से ग्रामीणों में हड़कंप पुलिया क्षतिग्रस्त।घटना मड़वन प्रखंड क्षेत्र के रक्सा का है मौके पर ग्रामीणों के द्वारा अधिकारी को इस मामले में अवगत कराया गया है।
मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़े विवाद को लेकर रविवार, 9 अगस्त को हलचल बढ़ने वाली है। अयोध्या में राम जन्मभूमि आंदोलन की तर्ज पर श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर के लिए कारसेवा का ऐलान किया गया है। राधाकुंड क्षेत्र स्थित चित्रकूट पीठ में हवन-यज्ञ और शिलापूजन के साथ इसकी शुरुआत प्रस्तावित है। राजस्थान के भरतपुर से […] The post मथुरा में आज से श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति अभियान का नया चरण? शिलापूजन के साथ कारसेवा का शंखनाद, प्रशासन अलर्ट appeared first on https://rajsattaexpress.com .
बुरहानपुर में विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर ग्राम पीपलगांव स्थित हनुमान मंदिर परिसर में पर्यावरण संरक्षण को लेकर पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। गायत्री परिवार के सहयोग से ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम में ग्रामीणों ने पौधे लगाने के साथ उनके संरक्षण और संवर्धन का संकल्प लिया। कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण, प्रकृति और आने वाली पीढ़ियों के लिए हरियाली बचाने का संदेश दिया गया। पौधों की सुरक्षा के लिए तार फेंसिंग पर्यावरण मित्र शिक्षक संजय राठौड़ ने बताया कि किरण सोनवने के सहयोग से मंदिर परिसर में पौधारोपण किया गया। लगाए गए पौधों को मवेशियों और अन्य नुकसान से बचाने के लिए उनके आसपास तार फेंसिंग की गई है। उन्होंने बताया कि पौधों की नियमित देखभाल के लिए पानी की व्यवस्था भी की गई है। इसके लिए ड्रिप सिंचाई व्यवस्था स्थापित की गई है, जिससे पौधों को आवश्यकता के अनुसार नियमित पानी मिल सके। सुरक्षा और पानी से बढ़ेगी पौधों के पेड़ बनने की संभावना संजय राठौड़ ने कहा कि किसी पौधे को केवल जमीन में लगा देना पर्याप्त नहीं है। उसे सुरक्षित रखने और नियमित पानी देने की भी जरूरत होती है। उन्होंने कहा कि जब पौधे को सुरक्षा और पानी दोनों मिलते हैं, तो उसके पेड़ बनने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। पीपलगांव के हनुमान मंदिर परिसर में लगाए गए पौधों को भी इसी भावना के साथ संरक्षित किया जाएगा, ताकि वे आने वाले समय में विकसित होकर बड़े पेड़ बन सकें। आदिवासी दिवस पर प्रकृति संरक्षण का संदेश कार्यक्रम के दौरान शिक्षक गिरधारीलाल वास्कले ने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर पौधारोपण सिर्फ पौधे लगाने तक सीमित नहीं है। यह प्रकृति, संस्कृति और आने वाली पीढ़ियों के संरक्षण का संकल्प भी है। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज की जीवनशैली लंबे समय से प्रकृति और पर्यावरण से जुड़ी रही है। ऐसे में विश्व आदिवासी दिवस पर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सामूहिक प्रयास करना महत्वपूर्ण है। इस दौरान ग्रामीणों को पर्यावरण संरक्षण के लिए शपथ भी दिलाई गई। पौधे लगाने के बाद देखभाल पर जोर कार्यक्रम में किरण सोनवने ने कहा कि पौधे लगाकर उन्हें छोड़ नहीं दिया जाएगा। उनकी नियमित देखभाल की जाएगी और जरूरत के अनुसार पानी दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि आज लगाए गए पौधे आने वाले वर्षों में विकसित होकर मंदिर परिसर को हरियाली से भर देंगे। इससे न केवल परिसर का वातावरण बेहतर होगा, बल्कि ग्रामीणों को भी स्वच्छ और सुंदर पर्यावरण का संदेश मिलेगा। ग्रामीणों ने लिया पौधों को वृक्ष बनाने का संकल्प पौधारोपण कार्यक्रम में शामिल गायत्री परिवार के सदस्यों और ग्रामीणों ने पौधों के संरक्षण की जिम्मेदारी लेने का संकल्प लिया। ग्रामीणों ने कहा कि एक पौधा लगाना सिर्फ शुरुआत है, उसे वृक्ष बनाना हमारी जिम्मेदारी है। पौधों की सुरक्षा, सिंचाई और नियमित देखभाल के जरिए उन्हें सुरक्षित रखने का प्रयास किया जाएगा। सामुदायिक सहभागिता से हरित भविष्य का संदेश पीपलगांव के हनुमान मंदिर परिसर में आयोजित यह कार्यक्रम विश्व आदिवासी दिवस को केवल सामाजिक और सांस्कृतिक आयोजन तक सीमित रखने के बजाय प्रकृति संरक्षण और सामुदायिक सहभागिता से जोड़ने वाला प्रयास रहा। पौधारोपण के साथ उनकी सुरक्षा के लिए फेंसिंग और नियमित सिंचाई की व्यवस्था किए जाने से कार्यक्रम का उद्देश्य केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि उन्हें विकसित कर भविष्य में वृक्ष के रूप में तैयार करना है। ग्रामीणों और गायत्री परिवार के सदस्यों का यह प्रयास आने वाली पीढ़ियों के लिए हरित और स्वच्छ पर्यावरण तैयार करने की दिशा में एक प्रेरणादायक उदाहरण बन गया।
पन्ना शहर में रविवार को स्वतंत्रता और राष्ट्र गौरव की भावना को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से एक तिरंगा यात्रा निकाली गई। पूर्व मंत्री और पन्ना विधायक बृजेंद्र प्रताप सिंह की उपस्थिति में छत्रसाल पार्क से शुरू हुई इस यात्रा में हजारों की संख्या में स्कूली व कॉलेज के छात्र-छात्राएं, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और स्थानीय नागरिक शामिल हुए। सुबह से ही छत्रसाल पार्क में विद्यार्थियों और आम नागरिकों का जुटना शुरू हो गया था। यह यात्रा शहर के प्रमुख मार्गों जैसे कोतवाली चौराहा, गांधी चौक, महेंद्र भवन, अजयगढ़ चौराहा, बड़ा बाजार चौराहा, गोविंदजी मंदिर और बलदेवजी मंदिर से होते हुए पुनः छत्रसाल पार्क पहुंचकर संपन्न हुई। पूरे मार्ग में नागरिकों ने यात्रा का जगह-जगह स्वागत किया। राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी का संकल्प दिलाया कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक बृजेंद्र प्रताप सिंह ने युवाओं को राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी का संकल्प दिलाया। उन्होंने कहा कि तिरंगा केवल हमारा राष्ट्रीय ध्वज नहीं, बल्कि देश की स्वतंत्रता, गौरव, त्याग और बलिदान की पहचान है। आजादी हमें वीरों के संघर्ष से मिली है, और देश की युवा पीढ़ी को अनुशासन व लगन के साथ अपनी प्रतिभा का उपयोग राष्ट्र एवं समाज की प्रगति के लिए करना चाहिए। विधायक ने आगे कहा कि भारत की मजबूती केवल सीमाओं की रक्षा से ही नहीं, बल्कि देश के भीतर एकता, भाईचारे और जिम्मेदार नागरिक भावना से संभव है। यात्रा में ये हुए शामिल इस तिरंगा यात्रा में नगर पालिका अध्यक्ष मीना विष्णु पांडे, भाजपा जिला अध्यक्ष बृजेंद्र मिश्रा और कलेक्टर ऊषा परमार सहित बड़ी संख्या में प्रशासनिक अधिकारी, कर्मचारी, शिक्षक, कॉलेज के छात्र-छात्राएं एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। यात्रा के समापन पर छत्रसाल पार्क में भारी भीड़ उमड़ी, जिसने पन्ना में राष्ट्रप्रेम, एकता और सामाजिक सहभागिता का संदेश दिया। यात्रा की अन्य तस्वीरें…
चतरा जिले में हाईवा और भारी वाहनों से हो रहे लगातार सड़क हादसों ने एक स्कूली छात्र को ऐसा झकझोरा कि उसने इसका वैज्ञानिक समाधान खोजने की ठान ली। पत्थलगड़ा प्रखंड के +2 जनता उच्च विद्यालय के 10वीं कक्षा के छात्र रौशन प्रसाद कुशवाहा ने ‘क्रैश इंपैक्ट डिफेंडर’ नाम से एक अनोखा हाईवा मॉडल तैयार किया है। ढीपा गांव के रहने वाले रौशन ने आए दिन हो रही कुचलने की घटनाओं को गंभीरता से लिया और सोचा कि अगर तकनीक का सही इस्तेमाल हो, तो इन हादसों को काफी हद तक रोका जा सकता है। कबाड़ से बना रिमोट कंट्रोल हाईवा रौशन ने कबाड़ के सामान और सीमित संसाधनों का उपयोग कर एक रिमोट कंट्रोल हाईवा (डंप ट्रक) का कार्यशील मॉडल तैयार किया है। यह सिर्फ एक मॉडल नहीं, बल्कि आधुनिक सुरक्षा तकनीकों से लैस प्रोटोटाइप है। इसमें आगे-पीछे की लाइटें, साइड लाइटें और इंडिकेटर लगाए गए हैं। सबसे खास इसमें लगा ध्वनि आधारित दूरी मापने वाला सेंसर है, जो सामने किसी भी बाधा के आते ही तुरंत सक्रिय हो जाता है। बजर के जरिए ड्राइवर को अलर्ट करता है, जिससे संभावित दुर्घटना टल सकती है। ब्लाइंड स्पॉट पर खास फोकस रौशन ने भारी वाहनों के सबसे खतरनाक हिस्से यानी ब्लाइंड स्पॉट को ध्यान में रखते हुए पहियों के पास इन्फ्रारेड सेंसर लगाए हैं। यदि चक्कों के पास कोई व्यक्ति या दोपहिया वाहन आता है, तो तुरंत अलार्म बजने लगता है और ड्राइवर सतर्क हो जाता है। रौशन का कहना है कि वह आगे इस मॉडल में ऑटोमैटिक ब्रेक सिस्टम जोड़ना चाहता है, ताकि ड्राइवर के प्रतिक्रिया नहीं देने पर गाड़ी खुद रुक जाए। इसके अलावा स्मार्ट कैमरा जोड़ने की भी योजना है, जो ड्राइवर की आंखों को रीड कर नींद आने पर अलर्ट करेगा। आर्थिक तंगी के बीच तैयार हुआ मॉडल रौशन की यह उपलब्धि उसके संघर्ष को भी बयां करती है। छह साल पहले पिता के निधन के बाद उसकी मां सविता देवी मजदूरी कर परिवार चला रही हैं। उन्हीं के बचाए पैसों और कबाड़ के सामान से करीब 20 हजार रुपये की लागत में यह मॉडल तैयार हुआ है। रौशन पढ़ाई के साथ लगातार नए प्रयोग करता रहता है। उसकी इस पहल ने यह साबित कर दिया है कि सीमित संसाधनों के बावजूद बड़ा सोचकर कुछ नया किया जा सकता है। जरूरत है कि सरकार और तकनीकी संस्थान ऐसी प्रतिभाओं को पहचानकर उन्हें आगे बढ़ाने में सहयोग दें, ताकि यह तकनीक भविष्य में सड़कों पर होने वाले हादसों को कम करने में कारगर साबित हो सके।
छत्तीसगढ़ में इन दिनों मौसम का मिजाज बदला हुआ है। बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के क्षेत्र का प्रभाव प्रदेश के मौसम पर साफ दिखाई दे रहा है। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का दौर जारी है।
झालावाड़ नगर परिषद को मिला स्थायी आयुक्त:कौशल कुमार खटूमरा को मिली जिम्मेदारी, कामकाज में आएगी तेजी
झालावाड़ नगर परिषद में लंबे समय से खाली चल रहे आयुक्त पद पर स्थायी नियुक्ति कर दी गई है। स्वायत्त शासन विभाग के निदेशक ने कौशल कुमार खटूमरा को झालावाड़ नगर परिषद का नया आयुक्त नियुक्त किया है। खटूमरा इससे पहले एपीओ चल रहे थे। यह नियुक्ति आगामी निकाय चुनावों को देखते हुए की गई है। स्वायत्त शासन विभाग प्रदेश में एपीओ चल रहे अधिकारियों को रिक्त पदों पर नियुक्त कर रहा है। विभाग ने कुल 9 अधिकारियों के स्थानांतरण और पदस्थापन किए हैं। त्रिकमदान चारण को मनोहरथाना पालिका का ईओ बनायाइसी क्रम में, जिले की मनोहरथाना नगर पालिका में त्रिकमदान चारण को अधिशासी अधिकारी (ईओ) के पद पर नियुक्त करने के आदेश भी जारी किए गए हैं। गौरतलब है कि झालावाड़ नगर परिषद में पूर्व आयुक्त अशोक शर्मा को एपीओ किए जाने के बाद से यह पद रिक्त था। तब से नगर परिषद का कामकाज कार्यवाहक आयुक्त, एक्सईएन मनीष सिंह के भरोसे चल रहा था। इसी तरह, मनोहरथाना नगर पालिका में भी लंबे समय से स्थायी ईओ नहीं था, जिससे प्रशासनिक और विकास कार्यों में बाधा आ रही थी। अब दोनों निकायों में स्थायी अधिकारियों की नियुक्ति से कामकाज में तेजी आने की उम्मीद है। इन नियुक्तियों को आगामी निकाय चुनावों के मद्देनजर महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इनसे प्रशासनिक व्यवस्थाओं को मजबूती मिलेगी और लंबित विकास कार्यों के क्रियान्वयन में गति आएगी। स्थायी अधिकारी न होने से आमजन के कई महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित हो रहे थे, जिनकी शिकायतें लगातार मिल रही थीं।

