शाहजहांपुर में भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष श्याम नारायण मिश्रा को ग्राम पंचायत सचिव ने गोली मारने की धमकी दी है। यह धमकी मृत्यु प्रमाण पत्र की जानकारी मांगने पर दी गई। सचिव ने कहा कि 'योगी बाबा बचाने नहीं आएंगे'। भाजपा नेता ने निगोही थाने में इस मामले की एफआईआर दर्ज कराई है। निगोही थाना क्षेत्र के गुरगवां गांव के रहने वाले पूर्व जिलाध्यक्ष श्यामनारायण मिश्रा ने एफआईआर में बताया कि 12 सितंबर को उनके पास परसरा परसरी गांव के विजय सिंह आए थे। विजय सिंह ने बताया कि उनके पिता प्रेमपाल सिंह के मृत्यु प्रमाण पत्र की सभी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं। लेकिन, ग्राम पंचायत सचिव अवनीश सिंह ने अभी तक प्रमाण पत्र जारी नहीं किया है। जांच के बाद होगी कार्रवाई इस पर श्यामनारायण मिश्रा ने सचिव अवनीश सिंह को फोन कर प्रमाण पत्र के बारे में जानकारी लेनी चाही। आरोप है कि फोन पर ही सचिव आग बबूला हो गए और गाली गलौज करने लगे। उन्होंने मिश्रा को गोली मारकर हत्या करने की धमकी दी। सचिव ने कथित तौर पर कहा, योगी बाबा भी तुम्हें बचाने नहीं आएंगे, अब ज्यादा दिन तुम्हारी सरकार रहने वाली नहीं है। तुम जहां मिलोगे वहीं गोली मार देंगे। निगोही के प्रभारी निरीक्षक राजीव कुमार ने बताया कि एफआईआर दर्ज कर ली गई है और आगे की कार्रवाई जांच के बाद की जाएगी।
मोर का शिकार करता दिखा तेंदुआ:वीडियो आया सामने, वन विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की
बहराइच के कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग में तेंदुओं की बढ़ती सक्रियता से ग्रामीण दहशत में हैं। सिंचाई कॉलोनी गिरजापुरी में तेंदुए द्वारा मोर का शिकार किए जाने का एक वीडियो सोमवार को सामने आया है। इसमें तेंदुआ बहुत करीब से मोर का शिकार करता दिख रहा है। बताया जा रहा है कि तेंदुए ने पहले मोर को दबोचकर मार दिया। इसके बाद वह अपने शिकार को जंगल की ओर ले जाने के लिए कुछ दूरी पर झाड़ियों में छिपकर बैठ गया। काफी देर तक तेंदुआ झाड़ियों में छिपा रहा। जैसे ही उसे मौका मिला, वह तेजी से मोर पर झपटा और उसे मुंह में दबाकर जंगल की ओर खींच ले गया। इस दौरान किसी ने पूरी घटना का वीडियो बना लिया था। स्थानीय लोगों के मुताबिक, क्षेत्र में पिछले कुछ समय से तेंदुए का आना-जाना लगातार देखा जा रहा है। आबादी वाले इलाकों के आसपास तेंदुए की मौजूदगी से लोगों में डर का माहौल है। लोग शाम होने के बाद घरों से निकलने में सावधानियां बरत रहे हैं। वन विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। विभाग ने सलाह दी है कि जंगल या झाड़ियों के आसपास अकेले न जाएं। अगर तेंदुआ दिखाई दे तो उसके करीब जाने या उसे उकसाने की बजाय तुरंत वन विभाग को सूचना दें।
धौलपुर जिले की मनिया और सैंपऊ नगर पालिकाओं में निकाय चुनाव की मतगणना पूरी होने के साथ ही तस्वीर साफ हो गई है। मनिया में कांग्रेस ने 20 में से 13 वार्ड जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया, जबकि भाजपा को 4 और निर्दलीयों को 3 सीटें मिलीं। दूसरी ओर सैंपऊ में किसी भी दल को बहुमत नहीं मिला। यहां कांग्रेस 7 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी, जबकि भाजपा को 6, बसपा को 3 और निर्दलीयों को 4 सीटें मिलीं। सैंपऊ में बोर्ड गठन के लिए निर्दलीय पार्षदों की भूमिका अहम रहेगी। बराबर वोट, फिर लॉटरी ने तय किया फैसला मनिया के वार्ड नंबर 8 का मुकाबला सबसे दिलचस्प रहा। कांग्रेस प्रत्याशी अजय पाल और भाजपा प्रत्याशी को 130-130 वोट मिले। बराबरी की स्थिति बनने के बाद निर्वाचन अधिकारी ने लॉटरी के जरिए फैसला कराया। इसमें कांग्रेस प्रत्याशी अजय पाल विजयी घोषित हुए। इस तरह कांटे की टक्कर के बाद कांग्रेस ने यह सीट अपने नाम कर ली। मनिया में 13 सीटों के साथ कांग्रेस का दबदबा मनिया के वार्डवार परिणामों में वार्ड 1 से कांग्रेस के सरनाम, वार्ड 2 से सपना, वार्ड 3 से प्रीति, वार्ड 4 से निर्दलीय वीरेंद्र और वार्ड 5 से भाजपा की खुशबू ने जीत दर्ज की। वार्ड 6 से कांग्रेस के सतीश, वार्ड 7 से भाजपा के सुनील, वार्ड 8 से कांग्रेस के अजय पाल और वार्ड 9 से कांग्रेस की गुंजन विजयी रहीं। वार्ड 10 से भाजपा की मोहिनी, वार्ड 11 से कांग्रेस के बृजेश, वार्ड 12 से कांग्रेस के मोहम्मद शाकिर, वार्ड 13 से निर्दलीय जुगनू, वार्ड 14 से कांग्रेस के विजेंद्र सोनी, वार्ड 15 से कांग्रेस के पवन और वार्ड 16 से भाजपा के एदल ने जीत हासिल की। वहीं वार्ड 17 से कांग्रेस की गौरा देवी, वार्ड 18 से कांग्रेस के पंकज गोयल, वार्ड 19 से निर्दलीय गोपाल और वार्ड 20 से कांग्रेस की शीला जाटव विजयी रहीं। सैंपऊ में त्रिकोणीय नहीं, चार दलों की तस्वीर सैंपऊ नगरपालिका के 20 वार्डों में कांग्रेस को 7, भाजपा को 6, बसपा को 3 और निर्दलीय प्रत्याशियों को 4 सीटें मिलीं। बहुमत के लिए 11 पार्षदों की जरूरत थी, लेकिन कोई भी दल इस आंकड़े तक नहीं पहुंच सका। ऐसे में पालिका बोर्ड के गठन में निर्दलीय पार्षदों की भूमिका निर्णायक हो सकती है। सैंपऊ के वार्डवार नतीजे वार्ड 1 से निर्दलीय उज्जवल, वार्ड 2 से निर्दलीय सायमा, वार्ड 3 से कांग्रेस के हरिओम, वार्ड 4 से बसपा की रेनु और वार्ड 5 से कांग्रेस के सीताराम विजयी रहे। वार्ड 6 से कांग्रेस के भोलू, वार्ड 7 से भाजपा की सरिता, वार्ड 8 से कांग्रेस की समीना और वार्ड 9 से निर्दलीय पप्पू ने जीत दर्ज की। वार्ड 10 से भाजपा की गंगादेई, वार्ड 11 से बसपा के संदीप, वार्ड 12 से भाजपा के वीरेन्द्र, वार्ड 13 से कांग्रेस के बंटी, वार्ड 14 से कांग्रेस की शालू और वार्ड 15 से भाजपा के अंकित विजयी हुए। वार्ड 16 से भाजपा के ब्रजेश, वार्ड 17 से भाजपा के बृजलाल, वार्ड 18 से बसपा के भोलू, वार्ड 19 से निर्दलीय अजय और वार्ड 20 से कांग्रेस की मुनेश ने जीत हासिल की। अब निर्दलीयों पर नजर सैंपऊ में किसी भी दल के पास बहुमत नहीं होने से चार निर्दलीय पार्षद बोर्ड गठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। वहीं मनिया में कांग्रेस के 13 पार्षद होने से बोर्ड गठन की स्थिति स्पष्ट नजर आ रही है।
देवरिया जिले के सदर कोतवाली क्षेत्र में राजकीय इंटर कॉलेज के पास 12वीं के एक छात्र से मारपीट का मामला सामने आया है। छात्र का आरोप है कि स्कूल के कुछ छात्रों ने पहले कक्षा में उसे गाली दी और विरोध करने पर स्कूल की छुट्टी के बाद बाहर निकलने पर उसके साथ मारपीट की। घटना का एक वीडियो रविवार शाम को सामने आया है, जिसमें कुछ युवक एक छात्र को सॉरी बोलने के लिए दबाव बनाते दिख रहे हैं। पुलिस ने इस मामले में सोमवार को तीन नामजद समेत 11 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। पीड़ित छात्र राजन प्रताप सिंह राजकीय इंटर कॉलेज में कक्षा 12 का छात्र है। उसने बताया कि 12 सितंबर को वह कक्षा में पढ़ाई कर रहा था। आरोप है कि इसी दौरान नीरज कुमार, रितेश चौहान और शिवम मौर्या उसके पास आए और उसे गाली देने लगे। जब उसने विरोध किया तो उन्होंने स्कूल से बाहर निकलने पर देख लेने की धमकी दी। पुलिस मामले की जांच कर रही छात्र का आरोप है कि शाम करीब 5:10 बजे स्कूल की छुट्टी होने के बाद नीरज, रितेश और शिवम समेत 7-8 अन्य लोग पहले से बाहर मौजूद थे। सभी ने उसे घेर लिया और लात-घूसों व डंडे से पीटा। शोर सुनकर आसपास के राहगीर और दुकानदार मौके पर पहुंचे तो आरोपी धमकी देकर वहां से भाग गए। घटना के बाद छात्र ने सदर कोतवाली में शिकायत दी। पुलिस ने नीरज कुमार, रितेश चौहान और शिवम मौर्या (निवासी राघवापुर) समेत आठ अज्ञात लोगों के खिलाफ BNS की धारा 191(2), 115(2), 352 और 351(2) के तहत केस दर्ज किया है। वहीं, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में कुछ युवक एक छात्र के साथ मारपीट करते और उससे सॉरी बोलने के लिए कहते दिखाई दे रहे हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है। वीडियो की सच्चाई और उसमें शामिल लोगों की पहचान की भी जांच की जा रही है।
गोरखपुर में तीज उत्सव आयोजित:महिलाओं के हाथों पर रची मेहंदी, स्टोर ने पेश किया नया कलेक्शन
गोरखपुर के सेनको गोल्ड एंड डायमंड्स की ओर से तीज के शुभ अवसर पर एक खास आयोजन किया गया। रविवार को स्टोर पर आने वाली सभी महिलाओं के लिए मेहंदी की व्यवस्था की गई थी। मेहंदी आर्टिस्ट ने सभी के हाथों पर उनके पसंद के हिसाब से मेहंदी लगाई। इस आयोजन से महिलाएं बहुत खुश हुईं और सभी ने कंपनी के प्रयासों की सराहना की। महिलाएं शॉपिंग के साथ मेहंदी भी लगवाने आई थीं। उन्होंने कहा कि सेनको हमेशा इस तरह के आयोजन करता रहता है। कोई भी फेस्टिवल हो, यहां हमें स्पेशल फील करवाया जाता है। हर छोटी-छोटी खुशियों पर ध्यान दिया जाता है। इसीलिए अब घर जैसा महसूस होता है। सेनको हमारे लिए एक स्टोर नहीं बल्कि परिवार का हिस्सा बन गया है। वहीं, ब्रांच मैनेजर रविश कुमार ने बताया कि हमारे स्टोर पर जो लोग भी विजिट करते हैं, वो सिर्फ कस्टमर नहीं बल्कि परिवार का हिस्सा हैं। इसलिए जैसे हमारे परिवार में हर फेस्टिवल पर आयोजन होता है, वैसे ही हम अपने स्टोर पर आयोजन करते हैं। उन्होंने बताया कि इस दौरान स्टोर के नए कलेक्शन को भी सभी को दिखाया गया, जो लोगों को पसंद आया।
राजा भैया बोले- Gen-Z आंदोलन में आतंकियों की जय-जयकार हुई, अब शस्त्र भी उठाना होगा; रायबरेली में कही बड़ी बात
रामपुर में गोसेवा गोपाल सेवा समिति द्वारा सोमवार को प्रिंस पार्क में हिंदी दिवस मनाया गया। इस अवसर पर हिंदी भाषा के महत्व एवं उसके प्रचार-प्रसार पर विचार-विमर्श किया गया। समिति के महामंत्री नरेश चंद्र शर्मा ने हिंदी दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हिंदी हमारी मातृभाषा होने के साथ-साथ देश की एकता और सांस्कृतिक विरासत की पहचान है। सभी को हिंदी भाषा के अधिक से अधिक प्रयोग और प्रचार-प्रसार के लिए प्रयास करना चाहिए। समिति के अध्यक्ष संदेश अग्रवाल ने कहा कि हिंदी केवल एक भाषा नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, संस्कार और भावनाओं की अभिव्यक्ति है। हमें अपने दैनिक जीवन में हिंदी का अधिक से अधिक प्रयोग करते हुए आने वाली पीढ़ी को भी हिंदी के प्रति जागरूक करना चाहिए। हिंदी को सम्मान देना हम सभी की जिम्मेदारी है। इस अवसर पर प्रसिद्ध कथावाचक पंडित कन्हैयालाल शर्मा, पंडित संतोष कुमार शर्मा, अमित गुप्ता, राज कुमार सिंह, मधु बंसल, बीना अग्रवाल, राम किशोर शर्मा, मीना अग्रवाल सहित गोसेवा गोपाल सेवा समिति के अध्यक्ष संदेश अग्रवाल आदि उपस्थित रहे। सभी उपस्थित सदस्यों ने हिंदी के सम्मान, संरक्षण और प्रचार-प्रसार का संकल्प लिया।
गठबंधन की घोषणा के दौरान अरविंद केजरीवाल ने कहा कि गोवा की जनता बदलाव चाहती है और ‘गोवा फर्स्ट’ सरकार बनाएगा। उन्होंने कहा, “हम अपने दम पर जीतेंगे।” प्रेस कॉन्फ्रेंस में GFP अध्यक्ष विजय सरदेसाई, दिल्ली की विपक्ष की नेता और AAP की गोवा डेस्क प्रभारी आतिशी समेत अन्य नेता मौजूद रहे।
बलिया में गंगा-सरयू का जलस्तर घटा:खतरे के निशान से अब भी ऊपर, नाव बनी आवागमन का सहारा
बलिया में गंगा और सरयू नदी का जलस्तर कम होने लगा है। हालांकि, दोनों नदियां अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। जिले के सदर, बैरिया और बांसडीह तहसील के कई गांव और शहर के मोहल्ले बाढ़ से प्रभावित हैं। रविवार सुबह 8 बजे गायघाट गेज पर गंगा नदी का जलस्तर 58.82 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 57.615 मीटर से ऊपर है। इसी तरह, चांदपुर गेज पर सरयू नदी का जलस्तर 59.02 मीटर रहा, जो खतरे के निशान 58.00 मीटर से करीब एक मीटर ज्यादा है। शहर के निचले इलाकों और कई गांवों में बाढ़ का पानी घरों में घुस गया है। लोगों के आने-जाने का एकमात्र जरिया नाव है। जहां पानी कम है, वहां लोग पानी से होकर गुजर रहे हैं। जलस्तर अभी भी ऊंचा होने के कारण लोगों की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं। प्रशासन लगातार राहत और बचाव कार्य चला रहा है। प्रभावित इलाकों में नावों का संचालन किया जा रहा है। साथ ही, राहत शिविर, कम्युनिटी किचन और मेडिकल टीमों की व्यवस्था भी की गई है। बाढ़ पीड़ितों को राशन किट, खाने के पैकेट और दवाइयां बांटी जा रही हैं। दवा किट में दवाओं के नाम, किस बीमारी में कौन सी दवा लेनी है और कितने समय तक लेनी है, जैसी जरूरी जानकारी दी गई है। राहत शिविरों और कम्युनिटी किचन में तैयार भोजन बाढ़ प्रभावित लोगों तक पहुंचाया जा रहा है। राहत और बचाव के लिए नावें चल रही हैं। सभी बाढ़ चौकियां सक्रिय हैं और राहत शिविर भी चल रहे हैं। प्रभावित इलाकों में जनरेटर से बिजली सप्लाई की व्यवस्था की गई है। पशुओं के लिए भी प्रशासन राहत कार्य कर रहा है। उनका टीकाकरण किया जा रहा है और भूसा बांटा जा रहा है। प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों से अपील की है कि किसी भी आपदा या परेशानी में तुरंत नजदीकी तहसील कंट्रोल रूम या जिला मुख्यालय के कंट्रोल रूम से संपर्क करें। जिला कंट्रोल रूम का नंबर 9454417979, लैंडलाइन नंबर 05498-220832, 05498-220235 और टोल फ्री नंबर 1077 है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और आपात स्थिति में राहत दल को सूचना देने की भी अपील की है।
राजगढ़ में 15 फीट ऊंचे ‘तिरछे बड़े गणेश’:164 साल पुरानी प्रतिमा से जुड़ी अनोखी मान्यता
राजगढ़ जिले के खिलचीपुर के सोमवरिया चौराहे स्थित चिंताहरण बड़े गणेश मंदिर में गणेश चतुर्थी पर श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है। सुबह से लोग मंदिर पहुंचकर भगवान गणेश के दर्शन और पूजा-अर्चना कर रहे हैं। सुठालिया सीएमओ अनिल जोशी ने भी सुबह मंदिर पहुंचकर पूजा की। मंदिर में विराजित गणेश प्रतिमा करीब 15 फीट ऊंची और 164 साल पुरानी बताई जाती है। स्थानीय मान्यता के अनुसार, प्रतिमा के निर्माण के समय लोगों को आशंका थी कि भगवान गणेश का चेहरा जिस दिशा में सीधा रहेगा, उस ओर रहने वाले लोगों पर गरीबी आ सकती है। इसी मान्यता के चलते प्रतिमा को सीधा रखने के बजाय थोड़ा तिरछा स्थापित किया गया। इसी वजह से यहां के गणेश ‘तिरछे बड़े गणेश’ के नाम से प्रसिद्ध हैं। 1862 में शुरू हुआ था प्रतिमा का निर्माण स्थानीय मान्यता के अनुसार, उस समय सोमवरिया को दीपगढ़ के नाम से जाना जाता था। यहां के व्यापारी नाथूराम गुरगेला को सपने में भगवान गणेश के दर्शन हुए थे। मान्यता है कि भगवान ने उन्हें मंदिर और प्रतिमा बनवाने के लिए कहा। इसके बाद 1862 में कारीगरों की मदद से चूना और रेत से विशाल गणेश प्रतिमा का निर्माण शुरू कराया गया। धीरे-धीरे यह स्थान लोगों की आस्था का केंद्र बन गया। शुरुआती समय में प्रतिमा पर मारवाड़ी साफा बांधा जाता था। बाद में इसे मुकुट का स्वरूप दिया गया। तिरछा स्वरूप बनी मंदिर की पहचान आमतौर पर भक्त गणेश प्रतिमाओं के सीधे दर्शन करते हैं। यहां प्रतिमा का तिरछा स्वरूप अलग नजर आता है। स्थानीय लोगों के बीच इस स्वरूप से जुड़ी मान्यता वर्षों से चली आ रही है और इसे नई पीढ़ी तक भी बताया जाता है। गणेश चतुर्थी के दौरान मंदिर में रोज महाआरती होगी और भगवान को लड्डुओं का भोग लगाया जाएगा। अनंत चतुर्दशी तक मंदिर में धार्मिक आयोजन होंगे। नया मंदिर बन रहा मंदिर परिसर में नया निर्माण भी चल रहा है। समय के साथ परिसर का स्वरूप बदल रहा है, लेकिन करीब 164 साल पुरानी प्रतिमा से जुड़ी स्थानीय मान्यता आज भी कायम है। मंदिर की पहचान प्रतिमा के तिरछे स्वरूप से जुड़ी इस अनोखी मान्यता के कारण अलग है।
संतकबीरनगर के बेलहर क्षेत्र में हरितालिका तीज के अवसर पर सोमवार को महिलाओं ने श्रद्धा और आस्था के साथ व्रत रखा। सुहागिन महिलाओं ने निर्जला व्रत रखकर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना की तथा पति की लंबी आयु और सुख-समृद्धि की कामना की। सुबह से ही महिलाओं ने स्नान कर नए वस्त्र धारण किए और पूजा की तैयारी में जुट गईं। कई स्थानों पर महिलाओं ने समूह में एकत्र होकर तीज व्रत की कथा सुनी और भगवान शिव-पार्वती की पूजा की। शाम को पूजा-अर्चना के बाद महिलाओं ने विधि-विधान से व्रत का पारण किया। तीज को लेकर बाजारों में भी रौनक रही। महिलाओं ने पूजा सामग्री, फल, मिठाई, मेहंदी, चूड़ी और श्रृंगार का सामान खरीदा। घरों में भी तीज पर्व को लेकर उत्साह का माहौल रहा।
बाड़मेर नगर परिषद में भाजपा 15 साल का वनवास खत्म करते हुए बोर्ड बनाने जा रही है। बीजेपी 55 वार्डो में 29 पार्षद जीतें है। वहीं 5 निर्दलीय में दो को बीजेपी को समर्थन पहले से है। नगर परिषद की सामान्य ओपन सीट आरक्षित है। अब चैयरमैन की दौड़ में कैलाश कोटड़िया, गौतम जैन और गंगाविशन प्रबल दावेदार माने जा रहे है। 55 वार्डो में 51454 मतदाताओं ने वोटिंग की। इसमें से बीजेपी को 22597 और कांग्रेस को 20537, निर्दलीय को 7339 और आरएलपी को 507 वोट मिले है। बीजेपी और कांग्रेस के बीच जीत के वोटों का अंतर 2060 रहा है। RSS पृष्ठभूमि के गौतम जैन वार्ड संख्या 15 से जीते गौतम जैन नाकोड़ा के ट्रस्टी है। जैन आरएसएस पृष्ठभूमि से आते है। पेट्रोल पंप और प्रॉपटी व्यापारी है। लंबे समय से भाई पारस जैन के साथ आरएसएस से जुड़े है। चुनाव से पहले ही गौतम ने बीजेपी का दुपट्टा पहना था। वार्ड संख्या 15 से चुनाव लड़ा है। इनके पिता हस्तीमल बाड़मेर के बड़े सेठ में माने जाते है। लंबे समय से बीजेपी के पदाधिकारी कैलाश कोटड़िया कैलाश कोटडिया लंबे से समय से बीजेपी से जुड़े हुए है। वहीं एक बार पहले चुनाव लड़ा था लेकिन हार गए थे। लेकिन इस बार मजबूती से 13 नंबर वार्ड से दावेदारी कर चुनाव लड़ा। जनता का समर्थन मिलेन से जीत गए। कैलाश कोटडिया ज्वैलर्स शॉ रूम है। वहीं जैन समाज के साथ अन्य समाजों में मदद करते रहे है। बीजेपी से करीब 20 सालों से जुड़े है। गंगाविशन 30 सालों से शहर की पॉलिटिक्स में एक्टिव वार्ड संख्या 31 से जीते गंगाविशन बीजेपी के पुराने कार्यकर्ता है। बाड़मेर शहर में बीते 35 सालों से शहर की पॉलिटिक्स में एक्टिव है। दो बार पार्षद रह चुके है। इस बार तीसरी पर पार्षद बने है। वर्तमान में जिला उपाध्यक्ष के पद पर है। वहीं शहर के नगर अध्यक्ष, युवा मोर्चा में अलग-अलग पद पर रहे चुके है। अग्रवाल समाज में बड़ा चेहरे नामों में है। चर्चाएं और हॉट सीट पर बीजेपी रही विजयी बाड़मेर के वार्ड संख्या 13 काफी चर्चाओं में रही। यहां पर बीजेपी से व्यापारी कैलाश कोटड़िया और कांग्रेस से व्यापारी जितेंद्र श्रीश्रीमाल के बीच मुकाबला था। दोनों जैन समाज के होने से काफी चर्चाओं में रही। वोटिंग के समय पोलिंग बूथ पर हंगामा भी हुआ। एक-दूसरे के समर्थकों ने आरोप-प्रत्यारोप भी लगाए। यह सीट इस वजह से भी चर्चा थी कि कैलाश कोटड़िया बीजेपी से सभापति के दावेदार माने जा रहे थे। इसी तरह वार्ड संख्या 15 में दो जैन और व्यापारी होने के साथ पूर्व विधायक के रिश्तेदार होने से चर्चा में थी। कांग्रेस से कपिल पूर्व विधायक मेवाराम जैन के रिश्तेदार थे। वहीं बीजेपी से गौतम कांग्रेस नेता मांगीलाल वडेरा के रिश्तेदार थे। इस सीट पर बीजेपी ने कांग्रेस को हराकर जीत हासिल की। पूर्व सभापति की सीट पर थी सबकी नजर बाड़मेर के पूर्व सभापति दीपक माली खुद वार्ड 19 नंबर से चुनाव लड़ रहे थे। वहीं इनके सामने चार बार के पार्षद और माली समाज के जिलाध्यक्ष दमाराम माली चुनावी मैदान में थे। दोनों एक ही समाज के होने और दिग्गज होने की वजह से चर्चा में थी।
महेंद्रगढ़ के थाना सदर कनीना पुलिस ने गांव कोका निवासी एक व्यक्ति को पांच पेटी अवैध देसी और अंग्रेजी शराब समेत अरेस्ट किया है। आल्टो कार से अवैध शराब बरामद हुई। पुलिस ने कार को भी जब्त कर लिया है। डीएसपी डॉ. कविता ने बताया कि थाना सदर कनीना की पुलिस टीम गांव इसराणा के दादी चौक पर गश्त कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि गांव कोका निवासी प्रदीप अवैध शराब बेचता है। वह अपनी आल्टो कार में अवैध शराब लेकर आया है। खाली प्लॉट में खड़ी की थी ऑल्टो कार सूचना में बताया गया कि शराब से भरी कार उसके मकान के सामने खाली प्लॉट में खड़ी है। इस जानकारी के आधार पर पुलिस टीम गांव कोका पहुंची। वहां बताए गए स्थान पर सफेद रंग की आल्टो कार खड़ी मिली। पुलिस ने प्रदीप को कार की तलाशी लेने के बारे में बताया। तलाशी लेने पर कार में कुल पांच पेटी शराब मिली। बरामद शराब में एक पेटी देसी शराब के 48 पव्वे, तीन पेटियों में देसी शराब की 36 बोतलें और एक पेटी में अंग्रेजी शराब की 12 बोतलें थीं। आरोपी से शराब रखने का लाइसेंस या परमिट मांगा गया, लेकिन वह कोई वैध दस्तावेज दिखा नहीं पाया। पुलिस ने बरामद शराब के सैंपल निकाले और शराब तथा कार को नियमों के तहत जब्त कर लिया। आरोपी प्रदीप के खिलाफ थाना सदर कनीना में आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
भोजपुर के बिहिया फोरलेन पर मालवाहक मैजिक की टक्कर से व्यक्ति की मौत, परिजनों में मचा कोहराम
14 अगस्त, सोमवार, भोजपुर: बिहिया थाना क्षेत्र के दोघरा के पास फोरलेन पर मालवाहक मैजिक वाहन की टक्कर से एक व्यक्ति की मौत हो गई। हादसे के बाद मृतक के परिजनों में कोहराम मच गया।
पंजाब के कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। ईडी ने ने संजीव अरोड़ा की प्रॉपर्टी के चेंज ऑफ लैंड यूज (CLU) मामले में ED ने ग्रेटर लुधियाना एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी के चीफ एडमिनिस्ट्रेटर विकास हीरा को तलब कर दिया है। ईडी ने सीए विकास हीरा को 15 सितंबर को निजी तौर पर पेश होने को कहा है। ईडी ने सीए ग्लाडा को रितेश प्रॉपर्टीज एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RPIL) से जुड़े सभी आधिकारिक दस्तावेज और रिकॉर्ड साथ लाने के सख्त निर्देश दिए हैं। यह कंपनी अब 'हैम्पटन स्काई रियल्टी लिमिटेड' के नाम से जानी जाती है। इस कंपनी के मालिक कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा हैं। ईडी का मुख्य फोकस इस बात पर है कि पंजाब स्मॉल इंडस्ट्री एंड एक्सपोर्ट कारपोरेशन (PSIEC) द्वारा अलॉट किए गए इंडस्ट्रियल प्लॉट का सीएलयू नियमों को ताक पर रखकर क्यों किया गया? जांच में यह सवाल उठ रहा है कि साल 2019 में जब इस इंडस्ट्रियल लैंड को रेजिडेंशियल (आवासीय) डेवलपमेंट में बदला जा रहा था। तब आवास विभाग ने अनिवार्य ग्राउंड वेरिफिकेशन और कागजी जांचों को दरकिनार क्यों कर दिया। यह पूरी कार्रवाई पंजाब कैडर की सीनियर आईएएस अफसर कंवलप्रीत बराड़ से हुई गहन पूछताछ के बाद अमल में लाई गई है, जो पहले ग्लाडा की मुख्य प्रशासक के पद पर तैनात रह चुकी हैं। सीएलयू में क्या अनियमितताएं आई सामने, जानिए…
ऑल हरियाणा पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन (AHPDA) के आह्वान पर पानीपत मार्केटिंग कॉम्प्लेक्स (PMC) से जुड़े प्रदेश के 13 जिलों के पेट्रोलियम डीलर्स ने सोमवार को नो परचेज आंदोलन में बढ़-चढ़कर भाग लिया। एसोसिएशन के हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष अनिल कुमार यादव (पप्पू यादव) के नेतृत्व में चलाए गए इस एकदिवसीय विरोध प्रदर्शन के दौरान तेल कंपनियों से पेट्रोल-डीजल की खरीद पूरी तरह ठप रही। आंदोलन की सफलता पर संगठन ने सभी जिला प्रधानों, डीलर्स, ट्रांसपोर्टरों और चालकों का आभार व्यक्त किया है। डीलर्स की प्रमुख मांगें पेट्रोलियम डीलर्स लंबे समय से इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) के पानीपत EOI के नियमों में बदलाव की मांग कर रहे हैं। 200 KL की शर्त समाप्त हो: EOI में लागू की गई 200 किलोलीटर (KL) की कड़ी शर्त को तुरंत प्रभाव से हटाया जाए। कॉन्सोर्टियम पार्टनर्स की अनुमति: एक टैंक ट्रक पर दो कॉन्सोर्टियम पार्टनर्स को काम करने की अनुमति दी जाए, ताकि ईंधन परिवहन व्यवस्था व्यावहारिक, सुगम और आर्थिक रूप से टिकाऊ बन सके। आश्वासन के बाद भी नहीं निकला समाधान एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि इन मांगों को लेकर IOCL के उच्च अधिकारियों के साथ कई दौर की वार्ता और पत्राचार हो चुका है। बीते 11 सितंबर को PMC पानीपत में आयोजित बैठक में भी अधिकारियों के सामने इन मुद्दों को प्रमुखता से रखा गया था, जहां जल्द सकारात्मक निर्णय का आश्वासन मिला था। हालांकि, तय समय सीमा में कोई संशोधन न होने पर डीलर्स ने 14 सितंबर को नो परचेज का कड़ा फैसला लागू किया। IOCL से तत्काल संशोधन जारी करने की मांग AHPDA हरियाणा ने स्पष्ट किया है कि इस आंदोलन को सफल बनाने में सभी 13 जिलों के अध्यक्षों, पेट्रोलियम डीलर्स, ट्रांसपोर्टरों और ड्राइवर भाइयों का पूर्ण और अनुशासित सहयोग मिला है। संगठन ने IOCL प्रबंधन से अपील की है कि वे डीलर्स के न्यायसंगत हितों को ध्यान में रखते हुए मांगों पर तत्काल सकारात्मक फैसला लें और आवश्यक संशोधन/कॉरिजिंडम जारी करें। एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों को जल्द पूरा नहीं किया गया, तो संगठन अपने सदस्यों के अधिकारों के लिए आगे भी बड़े कदम उठाने को मजबूर होगा।
गणेश चतुर्थी पर कान्हा की नगरी गणपति बप्पा के जयकारों से गुंजायमान हो उठी। मथुरा वृंदावन के प्राचीन गणेश मंदिरों पर सुबह से ही श्रद्धालु पहुंच कर पूजन अर्चन करते नजर आए। मंदिरों में भगवान गणपति का पंचामृत अभिषेक किया गया। वहीं जगह जगह पंडाल सजाकर गणेश प्रतिमाओं को विराजमान किया गया है। इसके अलावा लोगों ने अपने घरों में भी गणपति को विराजमान किया है। मोटा गणेश का किया अभिषेक गणेश चतुर्थी पर वृंदावन के प्राचीन मोटा गणेश जी का पंचामृत अभिषेक किया गया। उत्सव की शुरुआत मंगला आरती से हुई। इसके बाद वैदिक मंत्रोचारण के मध्य दूध,दही,घी,शक्कर और शहद से अभिषेक किया गया। पंचामृत अभिषेक के बाद भगवान पर सिंदूर चढ़ाकर उनका श्रृंगार किया गया। गणेश उत्सव के लिए मंदिर के आसपास भव्य सजावट की गई। निकाली गई शोभायात्रा उत्सव का शुभारंभ भगवान गणेश जी की शोभायात्रा से किया गया। मोटा गणेश मंदिर से शुरू हुई शोभायात्रा में आधा दर्जन से ज्यादा झांकी शामिल हुई। शोभायात्रा नगर के विभिन्न मार्गों से होते हुए वापस मोटा गणेश मंदिर पहुंची। इसके बाद भगवान की आरती की गई। गणेश चतुर्थी के अवसर पर भगवान गणपति की पूजा करने श्रद्धालुओं की भीड़ गणेश मंदिरों पर पहुंची। भक्तों ने भगवान गणेश को मोदक अर्पित किए और उनके आगे डांडिया खेला। गणपति महोत्सव में विराजित किए गणपति गणेश चतुर्थी के अवसर पर मथुरा वृंदावन में जगह जगह गणेश प्रतिमाओं को पंडाल सजाकर विराजमान किया गया। वृंदावन के लोई बाजार में श्री गणपति सेवा समिति द्वारा 17 वें गणपति महोत्सव का आयोजन किया गया। यहां विशाल पंडाल में गणेश जी की विशालतम प्रतिमा को विराजमान किया गया। यहां भगवान विघ्न विनाशक का पूजन अर्चन किया गया। वेदपाठी ब्राह्मनों द्वारा मंत्रों के मध्य आयोजकों को पूजन अर्चन किया गया। 4 दिन तक होंगे कार्यक्रम श्री गणपति सेवा समिति के संस्थापक वैभव अग्रवाल ने बताया कि यहां पहले दिन रंगारंग कार्यक्रम,जादू शो होगा। दूसरे दिन मंगलवार को स्वैक्षिक रक्तदान शिविर,स्टेज शो और महा आरती की जाएगी। बुधवार को डांडिया नाइट और प्रसाद वितरण का कार्यक्रम होगा। महोत्सव के अंतिम दिन नगर में भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी।
अमित शाह पर आपत्तिजनक टिप्पणी से जुड़े मामले में राहुल गांधी की सुल्तानपुर के MP/MLA कोर्ट में आज सुनवाई है। पिछली सुनवाई 3 सितंबर को हुई थी। तब शिकायतकर्ता भाजपा नेता के वकील ने कोर्ट को बताया था कि राहुल गांधी के वायस सैम्पल का फॉरेंसिक लैब से मिलान कराने की अर्जी ट्रायल कोर्ट और सेशन कोर्ट से खारिज हो चुकी है। इस आदेश को शिकायतकर्ता ने हाईकोर्ट में याचिका लगाकर चुनौती दी है। भाजपा नेता विजय मिश्र के वकील संतोष पांडेय ने हाईकोर्ट में 1 सितंबर को दाखिल याचिका की स्टेटस रिपोर्ट ट्रायल कोर्ट को दी। इस पर MP-MLA की विशेष कोर्ट के मजिस्ट्रेट शुभम वर्मा ने मामले की अगली सुनवाई के लिए आज की तारीख तय की। राहुल गांधी पर आरोप है कि उन्होंने साल 2018 में बेंगलुरु में भाजपा के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष और मौजूदा केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इस मामले में 4 अगस्त 2018 को जिला सहकारी बैंक के पूर्व चेयरमैन और भाजपा नेता विजय मिश्र ने राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का केस कोर्ट में दायर किया था। कोर्ट ने 27 नवंबर 2023 को राहुल गांधी को सुनवाई के लिए बुलाया था। इसके बाद वारंट जारी होने पर राहुल गांधी 20 फरवरी 2024 को कोर्ट में पेश हुए और जमानत ली। उन्होंने 25-24 हजार रुपये के दो मुचलके भरे थे। राहुल गांधी ने 26 जुलाई 2024 को अपना बयान दर्ज कराया था। 20 फरवरी को वह दोबारा कोर्ट में पेश हुए थे, जहां उनका बयान बतौर आरोपी दर्ज हुआ था। इसके बाद शिकायतकर्ता विजय मिश्र ने राहुल गांधी के वायस सैम्पल का मिलान कराने के लिए अर्जी दी थी। ट्रायल कोर्ट ने 2 मई को यह अर्जी खारिज कर दी थी। इसके खिलाफ दायर अपील भी सेशन कोर्ट से 15 जुलाई को खारिज हो गई थी।
नेपानगर एसडीओपी सुरेश महाले का पचमढ़ी तबादला:रतलाम के एएसपी आईपीएस वैभव प्रिया बने नेपानगर एसडीओपी
बुरहानपुर पुलिस विभाग में एसडीओपी स्तर के अधिकारियों के तबादले किए गए हैं। नेपानगर के प्रभारी एसडीओपी सुरेश महाले का तबादला पीटीएस पचमढ़ी किया गया है। उनकी जगह रतलाम में पदस्थ सहायक पुलिस अधीक्षक (एएसपी) वैभव प्रिया को नेपानगर का नया एसडीओपी बनाया गया है। इंडियन इंफॉर्मेशन सर्विस में भी रह चुके वैभववैभव प्रिया मध्य प्रदेश कैडर के 2023 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। वे मूल रूप से बिहार के रहने वाले हैं। उन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2022 में 104वीं रैंक हासिल की थी। इससे पहले उनका चयन इंडियन इंफॉर्मेशन सर्विस के लिए हुआ था। बताया गया है कि वे गणेशोत्सव के बाद नेपानगर में पदभार संभालेंगे। वहीं, मौजूदा प्रभारी एसडीओपी सुरेश महाले ने बताया कि वे गणेशोत्सव तक नेपानगर में रहेंगे। कुछ दिन पहले ही गणपति नाका थाना में तैनात टीआई सुरेश महाले का नेपानगर तबादला हुआ था। नेपानगर ज्वाइन करने के बाद उनकी एसडीओपी पद पर पदोन्नति हो गई थी। इसके बाद एसपी ने उन्हें नेपानगर का प्रभारी एसडीओपी बनाया था। अब जारी तबादला सूची में सुरेश महाले को पीटीएस पचमढ़ी भेजा गया है।
सहारनपुर में सरसावा थाना क्षेत्र के भटपुरा गांव में दो पक्षों के बीच विवाद का मामला सामने आया है। एक परिवार ने बीजेपी मंडल अध्यक्ष ओमकुमार सैनी समेत कुछ लोगों पर देर रात घर पहुंचकर हमला करने, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। परिवार का कहना है कि घटना के बाद उन्होंने पुलिस को शिकायत दी, लेकिन उनकी शिकायत पर कार्रवाई होने के बजाय उनके ही खिलाफ जान से मारने के प्रयास और अन्य गंभीर आरोपों में मुकदमा दर्ज कर दिया गया। पीड़ित मनोज सैनी ने 14 सितंबर को एसएसपी को प्रार्थना पत्र देकर मामले की निष्पक्ष जांच और परिवार की सुरक्षा की मांग की है। थाना सरसावा के भटपुरा निवासी मनोज सैनी ने बताया कि 12 सितंबर की रात करीब 12 बजे गांव के ओमकुमार सैनी पुत्र स्व. नगीना सैनी, सोनू सैनी पुत्र स्व. नगीना सैनी और सोनी सैनी पुत्र कुलबीर सैनी समेत अन्य लोग एकराय होकर उनके घर पहुंचे। आरोप है कि उनके साथ करीब 7 से 12 लोग थे। इनमें कुछ लोगों के हाथों में लाठी-डंडे और सरिए थे। परिवार का आरोप है कि घर में घुसकर उनके साथ मारपीट की गई। इस दौरान गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी भी दी गई। छोटे भाई से विवाद के बाद बढ़ा मामला मनोज के अनुसार, इससे पहले उनके छोटे भाई का ओमकुमार प्रधान से किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद ओमकुमार ने फोन कर उनके छोटे भाई की शिकायत की। मनोज का कहना है कि उन्होंने मामले को शांत कराने के लिए कहा था कि सुबह घर पर सभी लोग बैठकर बातचीत कर विवाद सुलझा लेंगे। आरोप है कि इसके बावजूद उन्हें धमकी दी गई और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया। पीड़ित का आरोप है कि रात में जब लोग उनके घर पहुंचे तो उनकी मां और उनकी पत्नी, जो पुलिस विभाग में सब इंस्पेक्टर पद पर तैनात हैं, ने भी विवाद शांत कराने का प्रयास किया। आरोप है कि उनके साथ भी अभद्रता की गई और आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया। परिवार का कहना है कि महिलाओं के सामने भी गाली-गलौज और धमकियां दी गईं। अगले दिन परिवार पर ही केस की जानकारी मिली मनोज के मुताबिक, घटना के बाद वह अपने परिवार के साथ थाना सरसावा पहुंचे और पुलिस को शिकायत दी। उनका कहना है कि इसके बाद चार-पांच पुलिसकर्मी उनके साथ गांव पहुंचे और ओमकुमार से बातचीत की। पुलिस ने दोनों पक्षों को अगले दिन थाने आकर बातचीत करने की बात कही। मनोज का आरोप है कि अगले दिन सुबह करीब 10 बजे वह दोबारा थाने पहुंचे। वहां उन्हें शाम करीब चार बजे आने के लिए कहा गया। जब वह शाम चार बजे थाने पहुंचे तो उन्हें जानकारी मिली कि उनके, उनके पिता और छोटे भाई के खिलाफ ही जान से मारने के प्रयास समेत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर दिया गया है। परिवार पर गोली चलाने के आरोप को बताया गलत मनोज का कहना है कि उनके परिवार के खिलाफ दर्ज मुकदमे में गोली चलाने और मारपीट करने जैसे आरोप लगाए गए हैं। उन्होंने इन आरोपों को गलत बताया है। उनका सवाल है कि उनके परिवार ने कब और कहां गोली चलाई। उन्होंने पुलिस से गांव में जाकर लोगों से पूछताछ करने और घटनास्थल की जांच कराने की मांग की है। उनका दावा है कि मौके की जांच और ग्रामीणों के बयान से वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है। मनोज ने कहा कि उनके परिवार का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। उनका आरोप है कि जिस परिवार ने पुलिस से शिकायत कर खुद के साथ हुई घटना की जांच की मांग की, उसी परिवार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया गया। उन्होंने पुलिस से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। राजनीतिक दबाव में कार्रवाई का आरोप पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि राजनीतिक प्रभाव के कारण उनकी शिकायत पर कार्रवाई नहीं हुई और उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। प्रार्थना पत्र में स्थानीय विधायक मुकेश चौधरी के दबाव में मुकदमा दर्ज कराने का भी आरोप लगाया गया है। हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। SSP से निष्पक्ष जांच और सुरक्षा की मांग मनोज सैनी ने एसएसपी को दिए प्रार्थना पत्र में अपनी शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कराने, थाना स्तर पर उनकी शिकायत पर कार्रवाई नहीं किए जाने की जांच कराने और विपक्षी पक्ष के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग की है। इसके साथ ही मनोज ने कहा है कि यदि उनके परिवार के खिलाफ दर्ज मुकदमे की जांच में आरोप झूठे पाए जाते हैं तो उसके संबंध में भी नियमानुसार कार्रवाई की जाए। परिवार का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी पक्ष के खिलाफ गलत कार्रवाई कराना नहीं, बल्कि पूरे विवाद की निष्पक्ष जांच कर वास्तविकता सामने लाना है।
अंबेडकर की फोटो वाले झंडे पर ताश खेलने का आरोप:एटा में पुलिस ने 4 के खिलाफ दर्ज किया केस
एटा जिले के आवागढ़ थाना क्षेत्र के बरा भौंडला गांव में एक वीडियो सामने आया है। इसमें बाबासाहब की फोटो छपे झंडे पर कुछ लोग ताश खेलते दिख रहे हैं। नेशनल बहुजन सेना ने इस पर आपत्ति जताई। उन्होंने एटा पुलिस और डीएम एटा के आधिकारिक एक्स (पहले ट्विटर) अकाउंट पर शिकायत दर्ज कराई। अधिकारियों ने मामले की जांच के निर्देश दिए। आवागढ़ थाना पुलिस ने वीडियो की जांच की। इस घटना से बाबासाहब भीमराव अंबेडकर के अनुयायियों में गुस्सा था। पुलिस ने वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान की। उप निरीक्षक ललित कुमार ने थाना प्रभारी प्रेमपाल सिंह के आदेश पर चार नामजद लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पुलिस ने विजय (पुत्र महेंद्र सिंह), रामभरोसे (पुत्र संतोष), सोनू (पुत्र थान सिंह) और कालीचरण (पुत्र रामसिंह) के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। नेशनल बहुजन सेना ने यूपी पुलिस, एटा पुलिस और डीएम एटा के एक्स अकाउंट पर वीडियो अपलोड कर कानूनी कार्रवाई की मांग की थी।
पलवल में साइबर क्राइम थाना पुलिस ने टेलीग्राम पर ट्रेडिंग के नाम पर लाखों रुपए की ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने राजस्थान से दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनकी पहचान टोंक निवासी वसीम खान और सवाई माधोपुर निवासी शाहनवाज खान के रूप में हुई है। साइबर क्राइम थाना प्रभारी संदीप कुमार ने बताया कि दुधौला गांव के शाहेआलम ने साइबर हेल्पलाइन-1930 और साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि मोहम्मद रशीद ट्रेडर्स के नाम से टेलीग्राम पर संपर्क कर उनसे क्यूआर कोड के जरिए ट्रेडिंग के नाम पर 1 लाख 95 हजार 900 रुपए ठगे गए। बैंक खातों से आरोपियों तक पहुंची पुलिस शिकायत के आधार पर साइबर क्राइम थाना पलवल में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस टीम ने बैंक खातों की जांच की, जिसमें पता चला कि बैंक खातों के तार राजस्थान से जुड़े हैं। इससे पहले एक नाबालिग लड़के सहित राजस्थान के तीन आरोपी आमिर खान और मोहम्मद समीर को गिरफ्तार किया जा चुका है। पहले गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में सामने आया कि वसीम खान साइबर ठगी के लिए कमीशन पर बैंक खाते उपलब्ध कराता था। पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए वसीम खान और शाहनवाज खान को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने दो दिन की रिमांड पर लिया आरोपी वसीम खान के पास से एक मोबाइल फोन मिला है। शाहनवाज खान के पास से भी एक मोबाइल फोन बरामद हुआ है। इन फोन में ठगी के लिए इस्तेमाल टेलीग्राम ग्रुप मोहम्मद रशीद ट्रेडर्स और व्हाट्सएप चैट मिली है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है।
गोपालगंज के मिर्जापुर में सोए अधेड़ को जगाकर सीने में मारी गोली, बदमाशों से राइफल छीनी
14 अगस्त, सोमवार, गोपालगंज: मिर्जापुर गांव में मकान पर सो रहे अधेड़ को बदमाशों ने जगाकर सीने में गोली मार दी। बुलेट सवार बदमाशों से भिड़ने के दौरान घायल अधेड़ ने एक बदमाश से राइफल छीन ली। घायल का सदर अस्पताल में इलाज चल रहा है।
पाकुड़ जिले में गणेश पूजा की धूम मची है। लोग बड़े उत्साह के साथ गणेश पूजा मना रहे हैं। कई जगहों पर भव्य पंडाल और आकर्षक प्रतिमाएं लगाई गई हैं। सुबह से ही पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं की भीड़ दिख रही है। शहर की सार्वजनिक गणेश पूजा समिति रेलवे मैदान इस साल अपना 28वां वर्ष मना रही है। श्रद्धालु सुबह से ही पूजा-अर्चना में जुटे हैं। भक्तों द्वारा पुष्पांजलि अर्पित की जा रही है। समिति की ओर से इस साल भव्य कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं। पूजा के लिए पूरा रेलवे मैदान, पूजा स्थल और स्टेशन रोड को भगवा झंडों से सजाया गया है। सोमवार सुबह स्थानीय कल पोखर से कलश भरा गया। इसके बाद कलश को पूजा पंडाल लाया गया। पुरोहित सजल चक्रवर्ती ने पूरे विधि-विधान और मंत्रोच्चारण के साथ भगवान गणपति की पूजा शुरू की। इस मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे। पूजा-अर्चना के बाद उपस्थित भक्तों को पुष्पांजलि अर्पित करवाई गई। इसके बाद आरती हुई और लोगों के बीच प्रसाद बांटा गया। समिति के संस्थापक हिसाबी राय ने बताया कि गणपति महोत्सव में बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल से आए कलाकारों द्वारा विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। समिति इस साल कई तरह के भव्य कार्यक्रम कर रही है। रेलवे मैदान में गणपति महोत्सव का आयोजन आज से 17 सितंबर तक किया जाएगा। आज सुबह गणपति प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा, पुष्पांजलि और आरती का आयोजन किया गया। साथ ही बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम, डांडिया और मटका फोड़ प्रतियोगिता सहित अन्य कार्यक्रम भी होंगे। इस महोत्सव का उद्घाटन पाकुड़ डीसी मेघा भारद्वाज और एसपी अनु दीप सिंह मिलकर करेंगे। विभिन्न प्रतियोगिताओं में सफल प्रतिभागियों को सम्मानित भी किया जाएगा। जिले के हिरणपुर, लिट्टीपाड़ा, महेशपुर के अलावा शहर के कई अन्य स्थानों पर भी गणेश पूजा पूरे उत्साह के साथ की गई। यहां भी भव्य पंडाल बनाए गए और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई।
शहडोल सांसद हिमाद्री सिंह का नरेन्द्र सिंह मरावी के साथ तलाक हो गया है। अनूपपुर जिले के राजेंद्रग्राम जिला न्यायालय ने दोनों की पारस्परिक सहमति से 3 सितंबर 2026 को विवाह विच्छेद की डिक्री पारित की। दोनों का विवाह 23 नवंबर 2017 को हिंदू रीति-रिवाज से राजेंद्रग्राम में हुआ था। यानी शादी के करीब 9 साल बाद तलाक हुआ है। छोटी-छोटी बातों पर विवाद, 5 साल से अलग थे कोर्ट में प्रस्तुत तथ्यों के मुताबिक शादी के बाद दोनों राजेंद्रग्राम में साथ रहे और वैवाहिक दायित्व निभाए। 20 जून 2019 को बेटी गिरिशा सिंह का जन्म हुआ। इसके बाद छोटी-छोटी बातों को लेकर विवाद होने लगे। विवाद बढ़ने पर दोनों का एक-दूसरे से मिलना-जुलना बंद हो गया और वे 5 मई 2021 से अलग रहने लगे। हिमाद्री की ओर से कोर्ट में कहा गया कि दोनों के बीच अब साथ रहने की कोई संभावना नहीं है और वैवाहिक दाम्पत्य जीवन समाप्त हो चुका है। याचिका में दोनों ने विवाह विच्छेद के लिए सहमति जताई। दस्तावेज में एक-दूसरे पर कोई विशेष आरोप नहीं लगाया गया। इसमें कहा गया कि उनके बीच वैवाहिक संबंध सामान्य रूप से चलना संभव नहीं है। हिमाद्री के साथ रहेगी बेटी, गुजारा नहीं मांगा कोर्ट के सामने रखा गया कि बेटी गिरिशा सिंह हिमाद्री के साथ रह रही है। उसके पालन-पोषण, शिक्षा, स्वास्थ्य और वैवाहिक खर्च की जिम्मेदारी हिमाद्री सिंह की होगी। हिमाद्री ने अपने और बेटी के लिए नरेन्द्र सिंह मरावी से भरण-पोषण या गुजारा भत्ता नहीं मांगने की बात कही। दोनों पक्षों ने कहा कि विवाह से जुड़े गिफ्ट्स और जेवरात को लेकर कोई विवाद नहीं है। कोर्ट ने सुलह के लिए दिया 6 महीने का समय कोर्ट ने दोनों को फैसला बदलने और फिर से साथ आने के लिए 6 महीने का समय दिया था। न्यायालय ने दोनों के पुनर्मिलाप की कोशिश की, लेकिन यह सफल नहीं हुआ। छह महीने की अवधि पूरी होने के बाद भी दोनों ने कोर्ट को बताया कि पति-पत्नी के रूप में साथ रहना संभव नहीं है और वे अपनी इच्छा से तलाक चाहते हैं। कोर्ट ने माना- दाम्पत्य जीवन निभाना संभव नहीं छह महीने की अवधि और सुलह के प्रयास विफल होने के बाद न्यायालय ने दोनों की पारस्परिक सहमति से 3 सितंबर 2026 को हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 की धारा 13-बी के तहत विवाह विच्छेद की डिक्री पारित कर दी। कोर्ट ने माना कि दोनों का पति-पत्नी के रूप में साथ रहकर दाम्पत्य जीवन निभाना संभव नहीं है। नरेन्द्र मरावी बोले- मैंने अभी आदेश नहीं देखा है तलाक को लेकर नरेन्द्र मरावी ने दैनिक भास्कर से कहा- मेरे लगातार अलग-अलग कार्यक्रम थे इस वजह से मैं बाहर था। अभी मैंने आदेश देखा नहीं हैं। तलाक की अर्जी हिमाद्री की ओर से दाखिल की गई थी। तलाक के संबंध में हिमाद्री सिंह का पक्ष जानने फोन किया गया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की।
गोरखपुर में मैसेडोनियाई पुस्तक रिलीज:पांचवें दिन भी जारी हुआ कवर, वैश्विक शांति और सद्भाव का संदेश
गोरखपुर में धरा धाम इंटरनेशनल के प्रमुख जगत धर्म चक्रवर्ती एवं संत सौरभ जी महाराज के जीवन-दर्शन, मानवीय चिंतन, सेवा, सद्भाव और शांति के विचारों पर आधारित मैसेडोनिया के लेखक डॉ. ड्रैगन जोवानोव की पुस्तक ‘ISKRA – The Spark: Sant Saurabh and the Spark of Humanity’ का कवर पेज जारी किया गया। यह पुस्तक संत सौरभ के विचारों को अंतरराष्ट्रीय साहित्यिक परिप्रेक्ष्य में प्रस्तुत करती है। पुस्तक में मानवता, करुणा, सेवा, विश्वबंधुत्व, शांति और सामाजिक सद्भाव जैसे विषयों को प्रमुखता दी गई है। पुस्तक के कवर पर ‘Vasudhaiva Kutumbakam’ और ‘A Brighter World Together’ जैसे संदेशों के माध्यम से एक ऐसी विश्वदृष्टि को सामने रखा गया है, जिसमें मानवता को सर्वोपरि मानते हुए आपसी प्रेम, सहयोग और सद्भाव को सामाजिक जीवन का आधार बनाने की बात कही गई है। संत सौरभ के जीवन एवं विचार-दर्शन पर आधारित पुस्तकों के कवर पेज जारी होने का यह लगातार पांचवां दिन है। समर्थकों ने इसे साहित्य और विचार के क्षेत्र में एक अनूठी पहल बताया है। उनका कहना है कि यदि यह क्रम निरंतर आगे बढ़ता है तो यह विश्व रिकॉर्ड की दिशा में एक उल्लेखनीय साहित्यिक प्रयास बन सकता है। हालांकि, विश्व रिकॉर्ड की औपचारिक मान्यता संबंधित रिकॉर्ड संस्था के सत्यापन और निर्धारित नियमों के अनुरूप ही सुनिश्चित होगी। पुस्तक के प्रकाशक अभिषेक कुमार, निदेशक, दिव्य मानवता प्रेरक कहानियां ई-पब्लिकेशन, ने कहा कि विभिन्न देशों के लेखकों द्वारा संत सौरभ के जीवन और विचारों को पुस्तक रूप में प्रस्तुत किया जाना उनके सद्भाव, मानव एकता और वैश्विक शांति के संदेश को साहित्य के माध्यम से व्यापक स्तर तक पहुंचाने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि पुस्तकों के माध्यम से विचारों का अंतरराष्ट्रीय संवाद स्थापित होना भारतीय ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की अवधारणा को वैश्विक संदर्भ में प्रस्तुत करने का प्रभावी माध्यम बन सकता है।
महराजगंज के सिसवा इलाके के रतनपुर गांव में बबलू प्रसाद नाम के ग्रामीण ने जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल को एक शिकायत पत्र दिया है। इसमें रतनपुर के अपर प्राइमरी स्कूल में मिड-डे मील (एमडीएम), खेल सामग्री, गैस सिलेंडर, बच्चों के रिपोर्ट कार्ड और टीसी समेत कई मामलों में गड़बड़ी का आरोप लगाया गया है। ग्रामीण ने इन सब की जांच और कार्रवाई की मांग की है। शिकायत पत्र में कहा गया है कि अप्रैल 2026 से स्कूल में सोमवार को बच्चों को फल और बुधवार को दूध नहीं बांटा जा रहा है। मिड-डे मील भी तय मेन्यू और नियम के हिसाब से नहीं बनाया जा रहा है। शिकायतकर्ता का कहना है कि करीब 85 बच्चों के लिए सिर्फ 500 ग्राम दाल का इस्तेमाल होता है। दाल-रोटी की जगह कथित रूप से दाल-पीठा बनवाया जाता है। ग्रामीण ने यह भी आरोप लगाया है कि स्कूल में पिछले तीन साल से खेल का सामान नहीं खरीदा गया है और न ही रंगाई-पुताई का काम हुआ है। इसके अलावा, अपर प्राइमरी स्कूल रतनपुर के नाम पर जारी दो एचपी गैस सिलेंडर स्कूल में इस्तेमाल नहीं हो रहे हैं। इंचार्ज हेडमास्टर पर इन सिलेंडरों के पैसे हड़पने का आरोप है। शिकायतकर्ता ने गैस एजेंसी की पासबुक और स्कूल के रिकॉर्ड की जांच की मांग की है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि खराब रसोईघर की मरम्मत नहीं कराई गई है। कंपोजिट ग्रांट के पैसे के इस्तेमाल में भी गड़बड़ी हुई है। कुछ ऐसे बच्चों के नाम प्राथमिक स्कूल रतनपुर में दर्ज दिखाकर मिड-डे मील का फायदा लिया जा रहा है, जो पांचवीं पास करने के बाद अप्रैल में दूसरे स्कूल में एडमिशन ले चुके हैं। शिकायतकर्ता ने ब्लॉक शिक्षा अधिकारी की पिछली जांच रिपोर्ट पर भी सवाल उठाए हैं और मामले की सही जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल से जुड़े मामलों की जांच कर असलियत सामने लाई जाए। इस मामले में जिलाधिकारी ने भरोसा दिया है कि जांच कर कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान छेदी साहनी, रामफल शर्मा, मुन्ना शर्मा, सुरेंद्र प्रजापति, रामलाल यादव, सुमित्रा देवी, सोनी समेत कई लोग मौजूद थे।
गाजीपुर के राजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज में सोमवार सुबह 10 बजे से करीब 200 छात्र और इंटर्न धरने पर बैठ गए। वे स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। इंटर्न चाहते हैं कि उनका मौजूदा स्टाइपेंड 7,500 रुपए से बढ़ाकर 25 हजार रुपए किया जाए। इस प्रदर्शन के कारण कॉलेज की ओपीडी पर असर पड़ा और कई मरीजों को बिना इलाज के लौटना पड़ा। प्रदर्शनकारी छात्रों ने कॉलेज का गेट बंद करने की कोशिश की। हालांकि, कॉलेज प्रशासन ने गेट खुलवा दिया। इसके बावजूद छात्र गेट पर ही धरने पर बैठे रहे। छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांग पर कोई ठोस फैसला नहीं होता, उनका प्रदर्शन जारी रहेगा। इंटर्न डॉक्टर रिषभ खरे ने बताया कि BHMS इंटर्न को अभी हर महीने 7,500 रुपए स्टाइपेंड मिलता है। यह रकम उनके रहने, खाने और आने-जाने के खर्च में ही खत्म हो जाती है। उन्होंने बताया कि BHMS इंटर्न से अस्पताल में नियमित ड्यूटी के साथ नाइट और इमरजेंसी ड्यूटी भी कराई जाती है, जो MBBS और BDS इंटर्न के बराबर है, लेकिन उनके स्टाइपेंड में बहुत अंतर है। इंटर्न पहले भी कॉलेज से जिला मुख्यालय तक प्रदर्शन कर एसडीएम को अपनी मांग बता चुके हैं। उस समय अधिकारियों ने उनकी मांग शासन तक भेजने का भरोसा दिया था। हालांकि, इंटर्न इस आश्वासन से संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि अब वे धरने के जरिए सरकार तक अपनी बात पहुंचाना चाहते हैं। इंटर्न के मुताबिक, राजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज की मुख्य ओपीडी में रोज करीब 250 से 300 मरीज आते हैं। इसके अलावा, सिविल कोर्ट परिसर की ओपीडी में 70 से 80 और जेल की ओपीडी में भी 70 से 80 मरीज आते हैं। पुलिस लाइन की ओपीडी में भी मरीजों का इलाज किया जाता है। इन सभी ओपीडी की व्यवस्थाओं में इंटर्न की अहम भूमिका होती है। सोमवार को इंटर्न के प्रदर्शन के कारण इन सभी सेवाओं पर असर पड़ा है। दवा लेने पहुंचे मरीज गेट से लौटे मरदह से इलाज कराने पहुंचे लक्ष्मण राजभर ने बताया कि वह कम खर्च में इलाज और दवा मिलने की जानकारी पर मेडिकल कॉलेज आए थे, लेकिन कॉलेज गेट पर छात्र-इंटर्न धरने पर बैठे मिले। ओपीडी प्रभावित होने के कारण उन्हें दवा नहीं मिल सकी। बिरनो के रानीपुर गांव से आए उदय शंकर यादव ने बताया कि वह नियमित रूप से यहां दवा लेने आते हैं। सोमवार को भी दवा लेने पहुंचे थे, लेकिन गेट पर छात्रों के धरने के कारण दवा नहीं मिल सकी और उन्हें वापस लौटना पड़ा। कुछ मरीज ऐसे भी पहुंचे, जिनकी दवाएं पहले से चल रही थीं और दोबारा दवा लेने आए थे। प्रदर्शन के कारण उन्हें भी वापस लौटना पड़ा। गेट पर लगाए अधिकारियों के नंबर प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने कॉलेज गेट पर डीएम, एसडीएम और अन्य संबंधित अधिकारियों के संपर्क नंबर भी चस्पा किए। छात्रों का कहना था कि यदि प्रदर्शन के कारण किसी मरीज को परेशानी हो रही है तो वह प्रशासन को इसकी जानकारी दे सकता है। इसी दौरान एक मरीज ने प्रशासनिक हेल्पलाइन पर शिकायत करने की बात कही। इसके बाद कॉलेज प्रशासन के अधिकारियों ने छात्रों से बातचीत की और ओपीडी तथा सरकार की संचालित स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावित न करने की बात कही। प्रशासन की ओर से गेट खुलवाया गया, लेकिन छात्र गेट पर धरने से नहीं हटे। तख्तियों पर लिखा- 25 हजार है मांग जरूरी प्रदर्शन के दौरान छात्रों के हाथों में तख्तियां थीं। इनमें ‘मेहनत करो, स्टाइपेंड अधूरी, 25 हजार है मांग जरूरी’, ‘इंटर्न की मेहनत देश की ताकत, स्टाइपेंड बढ़ाओ यही है चाहत’ और ‘आयुष इंटर्न्स की यही पुकार, सम्मानजनक स्टाइपेंड हो इस बार’ जैसे स्लोगन लिखे थे। प्रदर्शन में मौजूदा इंटर्न के साथ वे छात्र भी शामिल रहे, जिनकी आने वाले समय में इंटर्नशिप शुरू होनी है। छात्रों का कहना था कि आज जो मांग मौजूदा इंटर्न उठा रहे हैं, कल उन्हें भी इसी व्यवस्था से गुजरना होगा। इसलिए वे अभी से स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग के समर्थन में प्रदर्शन में शामिल हुए हैं। इंटर्नों का कहना है कि जब तक 7,500 रुपए के स्टाइपेंड को बढ़ाकर 25 हजार रुपए करने की मांग पर निर्णय नहीं होता, उनका धरना जारी रहेगा।
हांसी में प्रॉपर्टी विवाद में व्यापारी नेता प्रवीण तायल को रविवार को सीआईए टीम द्वारा गिरफ्तार किया गया। उन पर 120 वर्ग गज जमीन को रिकॉर्ड में 1200 गज दिखाने का आरोप है। इस गिरफ्तारी के बाद शिकायतकर्ता परिवार पहली बार सामने आया है। शिकायतकर्ता आयुष गर्ग ने बताया कि उनके पिता स्वर्गीय प्रमोद कुमार गर्ग ने इस मामले को लेकर करीब 7 से 8 साल तक अधिकारियों और कोर्ट के चक्कर लगाए। पिता के निधन के बाद आयुष ने खुद इस लड़ाई को आगे बढ़ाया और हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। आयुष गर्ग के अनुसार, यह मामला संपत्ति संख्या 244/10 से जुड़ा है। आरोप है कि साल 2017 में 120 वर्ग गज की जमीन को 1200 वर्ग गज दिखाकर दस्तावेज तैयार किए गए। हाईकोर्ट के आदेश पर हुई कार्रवाई इसके बाद संपत्ति के कुछ हिस्से आगे भी बेचे गए। उनके पिता ने लंबे समय तक संबंधित विभागों में शिकायतें की और कानूनी कार्रवाई भी की, लेकिन उन्हें अपने जीवनकाल में कोई कार्रवाई देखने को नहीं मिली। पिता के निधन के बाद आयुष ने इस लड़ाई को जारी रखा और पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट पहुंचे। प्रमोद कुमार गर्ग बनाम डिप्टी कमिश्नर, हिसार एवं अन्य मामले में हाईकोर्ट ने 11 मार्च 2026 को संबंधित अधिकारियों और लाभार्थियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए थे। शिकायतकर्ता बोले- अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की भी उम्मीद इसके बाद मामले में एफआईआर दर्ज हुई और पुलिस ने जांच शुरू की। आयुष गर्ग ने बताया कि रविवार को प्रवीण तायल की गिरफ्तारी के बाद उन्हें संतुष्टि मिली है। उन्होंने कहा कि उनकी शिकायत पर आखिरकार कार्रवाई आगे बढ़ी है। उन्होंने कानून का सम्मान करने की बात कही और उम्मीद जताई कि पुलिस इस मामले में शामिल अन्य आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार करेगी। साथ ही, दोष साबित होने पर आरोपियों को कानून के अनुसार सजा मिलेगी। आज कोर्ट में पेश किया जाएगा प्रवीण तायल मामले में गिरफ्तार किए गए प्रवीण तायल को सोमवार को अदालत में पेश किया जाएगा। अब पुलिस की जांच में यह सामने आना बाकी है कि रिकॉर्ड में 120 गज को 1200 गज दर्शाने की प्रक्रिया में किन-किन लोगों की भूमिका रही और दस्तावेज तैयार करने से लेकर संपत्ति के आगे हुए हस्तांतरण तक कौन-कौन इसमें शामिल रहा। हाईकोर्ट के आदेश के बाद शुरू हुई कार्रवाई से शिकायतकर्ता परिवार को मामले की पूरी सच्चाई सामने आने की उम्मीद है।
दिल्ली में अवैध PG का 20000 करोड़ का कारोबार, सियासत की नींव पर खड़ी हो रहीं इमारतें
राजधानी दिल्ली में अवैध पीजी का कारोबार राजनीतिक संरक्षण के चलते फल-फूल रहा है, जहां आग सुरक्षा और बिल्डिंग बायलाज का उल्लंघन हो रहा है।
प्रतापगढ़ में बिजली कटौती के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले ग्रामीणों पर FIR दर्ज की गई है। इसमें नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि बादल पटेल समेत 9 लोगों को नामजद किया गया है, जबकि 100 से ज्यादा अज्ञात ग्रामीण भी शामिल हैं। यह केस जेठवारा थाने में बिजली विभाग के जूनियर इंजीनियर (जेई) राजेश कुमार की शिकायत पर रविवार को दर्ज हुआ। मान्धाता बाजार और आसपास के गांवों में कई घंटों तक बिजली गुल रहती है, जिससे लोग परेशान हैं। इसी समस्या को लेकर शनिवार सुबह करीब 11 बजे ग्रामीण 132 केवीए सराय भीमसेन पावर हाउस पहुंचे थे। उन्होंने बिजली सप्लाई ठीक करने की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। मौके पर 112 पीआरबी और जटवाड़ा थाने का पुलिस बल भी मौजूद था। प्रदर्शन में बादल पटेल के साथ दीपू तिवारी, निर्भय सिंह, निक्की सिंह, संजय सिंह, प्रभात, दिलीप कुमार, विकास, मनोज, सुरेश, पन्नालाल और सभासद सूरत पटेल जैसे कई ग्रामीण शामिल थे। चेयरमैन प्रतिनिधि बादल पटेल ने बताया कि ग्रामीण बिजली कटौती की वजह जानने पावर हाउस गए थे। अधिकारियों से बात करने के बाद सभी शांति से लौट गए थे। इसके बावजूद 9 नामजद और 100 से ज्यादा अज्ञात लोगों पर केस दर्ज करना गलत है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर FIR वापस नहीं हुई, तो वे ग्रामीणों के साथ मुख्यमंत्री से शिकायत करेंगे और जनआंदोलन करने पर मजबूर होंगे। भाजपा के निवर्तमान मंडल अध्यक्ष विक्रांत सिंह उर्फ नवीन ने भी इस कार्रवाई की निंदा की है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण अपनी सही मांग के लिए शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि बिजली विभाग के अधिकारी अपनी लापरवाही छिपाने के लिए केस दर्ज करा रहे हैं। नवीन ने अधिकारियों से इस मामले में दखल देने, FIR रद्द करने और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करने की मांग की।
हिंदी दिवस पर समारोह आयोजित:जगतपुर पीजी कॉलेज में हिंदी भाषा: 'चुनौतियां और समाधान' पर रखे विचार
वाराणसी के जगतपुर पी.जी. कॉलेज में हिंदी विभाग द्वारा हिंदी दिवस मनाया गया। इस अवसर पर हिंदी भाषा: 'चुनौतियां और समाधान' विषय पर विभिन्न वक्ताओं ने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य प्रोफेसर अनिल प्रताप सिंह ने की। डॉ. संजय कुमार उपाध्याय ने छात्र-छात्राओं को हिंदी का अधिक से अधिक प्रयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया। डॉ. विनय प्रकाश शर्मा ने हिंदी भाषा के माध्यम से नौकरी एवं व्यवसाय के अवसरों की चर्चा की। डॉक्टर नंदलाल शर्मा ने इस अवसर पर प्राध्यापकों एवं छात्र-छात्राओं को बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित कीं। इस अवसर पर डॉ. शरद चन्द्र श्रीवास्तव, डॉ. सुरेश कुमार सिंह, डॉ. ईश्वर शरण श्रीवास्तव, डॉ. संजय प्रधान, शशि बाला सिंह की गरिमामय उपस्थिति रही।
नरसिंहपुर जिले में रविवार को चलती बाइक से बुजुर्ग महिला घायल हो गई थी। जिसका आज सोमवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतका के बेटे भूरा यादव ने बताया कि उनकी मां रामकली बाई (68) पति भागचंद यादव के साथ उखरी, चीचली बाजार से बाइक से घर लौट रही थीं। इसी दौरान बंदरबारू के पास अचानक वह बाइक से नीचे गिर गईं। गाडरवारा के सिविल अस्पताल में तोड़ा दम हादसे में बुजुर्ग को गंभीर चोटें आईं। परिजन उन्हें तुरंत गाडरवारा के सिविल अस्पताल ले गए। प्राथमिक इलाज के बाद हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उन्हें रविवार रात ही नरसिंहपुर के जिला अस्पताल रेफर कर दिया। पोस्टमार्टम कर, शव परिजनों को सौंपा जिला अस्पताल में इलाज के दौरान सोमवार सुबह बुजुर्ग की मौत हो गई। अस्पताल चौकी पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर सोमवार सुबह पोस्टमार्टम कराया और परिजनों को सौंप दिया। पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है।
बिजनौर के उच्च प्राथमिक विद्यालय नंगली छोईया, ब्लॉक हलदौर की सहायक अध्यापिका रचना कपूर के नवाचार 'सुई-धागे से स्मार्ट एलईडी तक का सफर' को SCERT के 'उद्गम पोर्टल' पर अपलोड किया गया है। उन्हें राज्य अध्यापक पुरस्कार-2025 से भी सम्मानित किया गया है। यह उपलब्धि उनके सालों के लगातार प्रयासों और नए विचारों को एक नई पहचान देती है। रचना कपूर ने यह नवाचार विद्यालय की बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनाने के मकसद से शुरू किया था। इस पहल के तहत बालिकाओं को सिलाई, कढ़ाई और दूसरे काम के हुनर सिखाए गए। धीरे-धीरे यह सिर्फ कौशल प्रशिक्षण तक ही नहीं रहा, बल्कि महिलाओं और बालिकाओं को अपने पैरों पर खड़ा होने और परिवार की आर्थिक मदद करने का जरिया भी बन गया। आज इस नवाचार की मदद से कई बालिकाएं सिलाई-कढ़ाई सीखकर अपने घर की आर्थिक मदद कर रही हैं। इस पहल का अच्छा असर स्कूल पर भी दिखा है। अभिभावकों का स्कूल से जुड़ाव बढ़ा है और बच्चों की स्कूल में नियमित उपस्थिति को भी बढ़ावा मिला है। रचना कपूर ने बताया कि वे स्कूल में शिक्षा को सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं रखतीं। वे इसे बच्चों के जीवन, समाज और भविष्य से जोड़ने के लिए लगातार नए-नए प्रयोग करती रही हैं। 'सुई-धागे से स्मार्ट एलईडी तक का सफर' भी इसी सोच का नतीजा है, जिसमें पारंपरिक हुनर को आधुनिक तकनीक और नए विचारों से जोड़ने की कोशिश की गई है। खास बात यह है कि राज्य अध्यापक पुरस्कार-2025 के इंटरव्यू के दौरान इस नवाचार की काफी तारीफ हुई थी। इंटरव्यू के समय निर्देशक ने इसकी तारीफ करते हुए रचना कपूर को इसका पूरा ब्यौरा देने को कहा था। ब्यौरा देने के बाद अब इसे उद्गम पोर्टल पर अपलोड कर दिया गया है। रचना कपूर को इसी साल राज्य अध्यापक पुरस्कार-2025 से सम्मानित किया गया है। उन्हें यह सम्मान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों मिला। यह उपलब्धि उनके सालों की मेहनत, संघर्ष और ग्रामीण इलाकों में शिक्षा के जरिए सामाजिक बदलाव लाने के लगातार प्रयासों का नतीजा है। रचना कपूर ने कहा कि मेरे लिए यह केवल एक नवाचार का चयन नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत और उस विश्वास की पहचान है कि यदि विद्यालय बच्चों और समाज की वास्तविक जरूरतों से जुड़ जाए तो शिक्षा जीवन बदल सकती है। मेरी कोशिश है कि हमारी बेटियां और उनकी माताएं आत्मनिर्भर बनें, आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें और विद्यालय समाज में सकारात्मक परिवर्तन का केंद्र बने।”रचना कपूर की इस उपलब्धि पर विद्यालय परिवार, अभिभावकों, शिक्षा विभाग के अधिकारियों एवं क्षेत्र के लोगों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी है।
शिवपुरी जिले के नावली गांव में सरकारी शराब दुकान बंद कराने की मांग को लेकर प्रदर्शन करने निकले ग्रामीणों को पुलिस ने रास्ते में रोक लिया। रविवार शाम को नाराज ग्रामीणों ने खोड़-सिरसौद मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। करीब एक घंटे तक सड़क पर यातायात बंद रहा। पुलिस की समझाइश के बाद ग्रामीण सड़क से हटकर गांव लौट गए। जानकारी के अनुसार, नावली गांव के कुछ पुरुष और महिलाएं गांव से करीब आधा किलोमीटर दूर सिरसौद थाना क्षेत्र में चल रही सरकारी शराब दुकान को बंद कराने के लिए प्रदर्शन करने जा रहे थे। इसकी सूचना मिलने पर खोड़ चौकी प्रभारी संजय लोधी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने ग्रामीणों को नावली मोड़ के पास मंदिर के सामने रोक लिया। एक घंटे लगा रहा जामपुलिस द्वारा रोके जाने से ग्रामीण नाराज हो गए और सड़क पर बैठ गए। इसके बाद खोड़-सिरसौद मार्ग पर चक्काजाम हो गया। पुलिस ने ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की, लेकिन वे शराब दुकान बंद कराने की मांग पर अड़े रहे। करीब एक घंटे बाद चौकी प्रभारी संजय लोधी ने ग्रामीणों को बताया कि शराब दुकान सरकारी है और नियमों के अनुसार उसका स्थान बदला जा सकता है। पुलिस ने उन्हें संबंधित नियमों की जानकारी दी। इसके बाद ग्रामीण मान गए और सड़क से हटकर अपने गांव लौट गए।
कैमूर में नकली खाद बनाने का भंडाफोड़, 683 बोरी यूरिया समेत संदिग्ध खाद बरामद
14 अगस्त, सोमवार, भभुआ: कैमूर में प्रशासन और कृषि विभाग की संयुक्त टीम ने कुकराढ़ के पास गोदाम में छापेमारी कर अवैध खाद री-पैकिंग का भंडाफोड़ किया। 683 बोरी टेक्निकल ग्रेड यूरिया, 117 बोरी डीएपी समेत अन्य सामग्री बरामद हुई। गोदाम-दुकान सील कर FIR दर्ज की गई।
कासगंज में युवक का शव पेड़ पर लटका मिला:फोन पर बात करते हुए घर से निकला था, परिवार में मातम पसरा
कासगंज में सोमवार को एक युवक का शव खेत में पेड़ पर लटका मिला। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। मृतक की पहचान झोझनी गांव के 26 साल के ओमवीर, उदयवीर सिंह के बेटे के रूप में हुई है। परिवार वालों ने बताया कि रविवार शाम को ओमवीर घर पर खाना खाने के बाद किसी से फोन पर बात करते हुए खेत की तरफ चला गया था। देर रात तक जब वह घर नहीं लौटा, तो परिवार वालों को चिंता हुई और उन्होंने उसकी तलाश शुरू की। तलाश के दौरान परिवार वालों को खेत में एक पेड़ पर ओमवीर का शव फंदे पर लटका मिला। यह देखकर परिवार में दुख छा गया। उन्होंने तुरंत पुलिस को घटना की जानकारी दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को पेड़ से नीचे उतरवाया और पोस्टमार्टम के लिए भेजा। ओमवीर की मौत के बाद परिवार में मातम पसरा है। उसकी पत्नी ममता का बुरा हाल है। गांव में भी इस घटना को लेकर दुख का माहौल है। पुलिस का कहना है कि वे पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई करेंगे।
रोहाना मिल में हिंदी दिवस पर कार्यक्रम किया गया। यहां हिमालय पब्लिक स्कूल, रोहाना मिल में विद्यार्थियों में हिंदी भाषा के प्रति प्रेम, सम्मान और रुचि बढ़ाने के उद्देश्य से अंतर-सदन वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में विद्यालय के चारों सदनों—अग्नि, जल, पृथ्वी और वायु—के विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ प्रतिभाग किया। प्रतियोगिता पक्ष और विपक्ष दो वर्गों में आयोजित हुई। विद्यार्थियों ने निर्धारित विषय पर अपने विचार प्रभावशाली और आत्मविश्वासपूर्ण तरीके से रखते हुए अपनी वाक्पटुता, तर्कशक्ति और अभिव्यक्ति-कौशल का शानदार प्रदर्शन किया। प्रतिभागियों के बीच विषय के पक्ष और विपक्ष में रखे गए तर्कों ने प्रतियोगिता को रोचक बना दिया। प्रतियोगिता में अग्नि सदन से कशिश एवं आस्था, जल सदन से पीहू एवं कनिष्का, पृथ्वी सदन से लक्ष्य एवं इब्रा तथा वायु सदन से चारु एवं आयुषी ने प्रतिभाग किया। परिणाम में वायु सदन का दबदबा रहा। पक्ष वर्ग में वायु सदन ने प्रथम और जल सदन ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। वहीं विपक्ष वर्ग में भी वायु सदन ने प्रथम स्थान हासिल किया, जबकि पृथ्वी सदन द्वितीय स्थान पर रहा। दोनों वर्गों में प्रथम स्थान प्राप्त कर वायु सदन के विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में विद्यालय के चेयरमैन विजेंद्र सिंह, मैनेजर राजेंद्र सिंह तथा प्रबंधन समिति के सदस्य गौरव कुमार एवं अनुज कुमार मौजूद रहे। अतिथियों ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए उनके प्रदर्शन की सराहना की। प्रतियोगिता को सफल बनाने में विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा। शिक्षकों ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए कार्यक्रम को व्यवस्थित एवं सफल बनाया। अंत में विजेता सदनों और सभी प्रतिभागियों को बधाई दी गई। विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों में हिंदी के प्रति सम्मान के साथ-साथ आत्मविश्वास, तार्किक चिंतन और प्रभावी अभिव्यक्ति का विकास करती हैं। कार्यक्रम का संदेश रहा—“हिंदी हमारी शान है, हिंदी हमारी पहचान है।”
औरैया में SDM बदले, दिव्या सिकरवार को मिली नई जिम्मेदारी:अजय आनंद को आजमगढ़ का SDM बनाया गया
औरैया में शासन ने प्रशासनिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए कई प्रांतीय सिविल सेवा (PCS) अधिकारियों के तबादले किए हैं। इस फेरबदल में औरैया जिले के उपजिलाधिकारी (SDM) की जिम्मेदारी भी बदली गई है। तबादला सूची के अनुसार, आजमगढ़ में तैनात रहीं महिला PCS अधिकारी दिव्या सिकरवार को अब औरैया की जिम्मेदारी दी गई है। दिव्या सिकरवार औरैया की नई उपजिलाधिकारी के तौर पर काम संभालेंगी। वहीं, औरैया में तैनात उपजिलाधिकारी अजय आनंद वर्मा का तबादला कर दिया गया है। उन्हें अब आजमगढ़ का नया उपजिलाधिकारी बनाया गया है। शासन की ओर से जारी इस सूची में कई दूसरे PCS अधिकारियों के काम के क्षेत्र भी बदले गए हैं। प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाने और प्रशासनिक काम में तेजी लाने के लिए शासन ऐसे बदलाव करता रहता है। जल्द ही दोनों अधिकारी अपनी नई जगहों पर पहुंचकर काम संभालेंगे।
जालौन में युवक की मौत:चलते हुए अचानक बेहोश होकर गिरे, परिजनों ने पोस्टमार्टम से किया इनकार
जालौन के कदौरा थाना क्षेत्र में सोमवार की सुबह एक अधेड़ की संदिग्ध हालत में मौत हो गई, परिजन उन्हें तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कदौरा ले गए, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान जितेंद्र (40) के रूप में हुई है। बताया गया कि जितेंद्र घर पर मौजूद थे, तभी वह अचानक गिर पड़े। परिजनों ने जमीन पर बेहोश पड़ा देखा, तत्काल इलाज के लिए सीएचसी कदौरा लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सक द्वारा जांच की गई, जहां जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। जितेंद्र की मौत की जानकारी मिलते ही कदौरा थाना पुलिस अस्पताल पहुंची और मामले की जांच की। पुलिस ने शव का पंचनामा भरने की प्रक्रिया शुरू की, लेकिन परिजन पोस्टमार्टम कराने के लिए तैयार नहीं हुए। जितेंद्र की मौत से परिजनों का हाल बेहाल है। जितेंद्र के एक बेटा और एक बेटी है। बेटे ऋषि की उम्र करीब 15 साल है और वह पुखरायां में रहकर पढ़ाई करता है। बेटी रौनक की उम्र करीब 12 साल है। वही परिजनों के मुताबिक, जितेंद्र की तबीयत अचानक खराब हुई और कुछ ही देर में उनकी मौत हो गई। वही पुलिस मामले की जांच कर पोस्टमार्टम कराने के लिए परिजनों से बात कर रही है।
लखनऊ के राजाजीपुरम स्थित ई-ब्लॉक में सोमवार को एक युवक तीसरी मंजिल से कूद गया। बताया जा रहा है कि युवक एक मकान का दरवाजा खुला देखकर अंदर घुस गया था। घरवालों ने उसे देख लिया तो वह भागकर छत पर पहुंच गया। पकड़े जाने के डर से उसने तीसरी मंजिल से छलांग लगा दी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक युवक एक मकान की छत से दूसरे और फिर तीसरे मकान की छत पर पहुंच गया। इसके बाद वह तीसरी मंजिल के छज्जे पर खड़ा हो गया और अचानक नीचे कूद गया। ऊंचाई से गिरने के कारण वह गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना पर तालकटोरा पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया। जहां हालात गंभीर बताई जा रही है। पुलिस युवक की पहचान और घटना के कारणों की जांच कर रही है।
कौशांबी के पिपरी थाना क्षेत्र में शनिवार दोपहर स्कूली बच्चों से भरा एक विक्रम पलट गया। इस हादसे में चार छात्र-छात्राओं समेत कुल 6 बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल छात्रा की मां की शिकायत पर पुलिस ने वाहन चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। मनौरी स्थित विद्या साइंस पब्लिक स्कूल की छुट्टी के बाद दोपहर करीब 1:30 बजे यह हादसा हुआ। टैंपो लगभग 18 बच्चों को घर छोड़ने जा रहा था, तभी पिपरी थाना क्षेत्र के चलौली मोड़ के पास वह पलट गया।हादसे में 6 बच्चों को चोटें आईं। इनमें से दो की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें प्रयागराज के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। बाकी चार बच्चों का इलाज चायल सीएचसी में हुआ। दरियापुर गांव की रहने वाली रनिया देवी ने पुलिस को बताया कि उनकी 11 वर्षीय बेटी रितु स्कूल से लौट रही थी। ऑटो चालक शिव प्रसाद (पुत्र लल्लू प्रसाद, निवासी लालापुर, थाना पिपरी) वाहन को तेज रफ्तार और लापरवाही से चला रहा था। चलौली मोड़ के पास चालक ने नियंत्रण खो दिया, जिससे ऑटो पलट गया। हादसे में रितु के अलावा दरियापुर निवासी नौ वर्षीय पीयूष भारतीय (पुत्र राम बहादुर) भी गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद परिजनों में अफरा-तफरी मच गई और घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। पीड़िता की मां की तहरीर पर पिपरी पुलिस ने रविवार को आरोपी चालक शिव प्रसाद के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाकर हादसा करने के आरोप में गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। चायल सीओ शिवांक सिंह ने बताया कि आरोपी वाहन चालक को गिरफ्तार कर लिया गया है। जांच के आधार पर चालक के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी
लखनऊ में सत्य शोधक समाज भारत की स्थापना के 150 वर्ष तथा समाज सुधारक महापुरुष ज्योतिबाफुले राव फुले की जयंती के 200 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में रविवार को लखनऊ के अटल बिहारी वाजपेयी साइंटिफिक कन्वेंशन सेंटर में समाज का वार्षिक अधिवेशन आयोजित किया गया। कार्यक्रम में देश-विदेश से आए लोगों ने प्रतिभाग किया। अधिवेशन में अनेक विद्वानों ने महात्मा ज्योतिबा फुले एवं अन्य महापुरुषों के विचारों और सामाजिक योगदान पर प्रकाश डाला। इस दौरान सत्य शोधक समाज भारत की ओर से सामाजिक प्रगति के लिए तैयार रोडमैप भी प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम के दौरान लालजी मौर्य को ‘समाज रत्न’ सम्मान से सम्मानित किया गया। सम्मान मिलने पर लालजी मौर्य ने आयोजक मंडल का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस सम्मान का पूरा श्रेय मौर्य समाज उत्थान समिति, गोमती नगर, लखनऊ को जाता है। उन्होंने आयोजन के लिए सत्य शोधक समाज भारत के राष्ट्रीय संयोजक भन्ते सुमित रत्न थेरा सहित आयोजक मंडल के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन महापुरुषों के विचारों को समाज तक पहुंचाने और सामाजिक जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
बैतूल के चिचोली तहसील के गोधना गांव में स्थित मां चंडी दरबार को लेकर विवाद बढ़ गया है। सोमवार को जिलेभर से आदिवासी समाज और सामाजिक संगठनों के लोग मंदिर परिसर पहुंचे और प्रदर्शन किया। उन्होंने मंदिर के संचालन में बदलाव और पुराने मंदिर को तोड़े जाने का विरोध किया। प्रदर्शन के दौरान गर्भगृह की जगह बलि देकर भी विरोध दर्ज कराया गया। आदिवासी समाज का कहना है कि मां चंडी दरबार से सदियों पुरानी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराएं जुड़ी हैं। उनके अनुसार, गोंडवाना काल से यह स्थान आस्था का केंद्र रहा है। हर रविवार और बुधवार को यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। हाईकोर्ट ने परिवार के पक्ष में दिया था फैसलाआरोप है कि करीब तीन साल पहले मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के एक फैसले के बाद मंदिर का संचालन एक निजी परिवार के हाथों में चला गया। इसके बाद पुराने मंदिर के ढांचे को तोड़े जाने से विवाद और बढ़ गया। जानकारी के अनुसार, मंदिर जिस जमीन पर बना है, वह राजस्व रिकॉर्ड में यादव परिवार की निजी जमीन दर्ज है। हाईकोर्ट का फैसला भी इसी परिवार के पक्ष में आया था। अब पुराने मंदिर की जगह भव्य मंदिर बनाने की योजना के तहत निर्माण कार्य चल रहा है। आदिवासी समाज इसी निर्माण और मंदिर की व्यवस्थाओं में बदलाव का विरोध कर रहा है। मंदिर प्रबंधन में ग्राम सभा की भूमिका की मांगआदिवासी नेता राजा धुर्वे, जितेंद्र सिंह इवने और जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस) से जुड़े लोगों का कहना है कि हाईकोर्ट की कानूनी लड़ाई में आदिवासी समाज पक्षकार नहीं था। उनका कहना है कि जमीन का मालिकाना हक अलग विषय है, लेकिन मंदिर से जुड़ी आदिवासियों की पुरानी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को भी सुरक्षित रखना जरूरी है। समाज ने पेसा कानून और वनाधिकार कानून का हवाला देते हुए मंदिर के प्रबंधन में ग्राम सभा की भूमिका तय करने की मांग की है। 11 सितंबर को पुलिस अधीक्षक को दिया था ज्ञापनप्रदर्शनकारियों ने प्रशासन पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि ऐतिहासिक और सार्वजनिक धार्मिक महत्व से जुड़े जरूरी तथ्यों को अदालत के सामने ठीक से नहीं रखा गया। जयस ने 11 सितंबर को पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन भी दिया था। इसमें मंदिर की सुरक्षा, पुराने मंदिर को नुकसान पहुंचाने की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों पर कानूनी कार्रवाई की मांग की गई थी। आदिवासी समाज ने कहा है कि वह न्याय और मंदिर संरक्षण की मांग को लेकर शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से आंदोलन जारी रखेगा। वहीं, विवाद के बीच प्रशासन की ओर से फिलहाल कोई स्पष्ट सार्वजनिक पक्ष सामने नहीं आया है।
मऊ में लगातार बदल रहे मौसम का सीधा असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। कभी तेज धूप, कभी अचानक बारिश और फिर बढ़ती गर्मी के कारण लोग मौसमी बीमारियों से बीमार पड़ रहे हैं। इसका असर अब अस्पतालों में भी साफ दिखने लगा है। मऊ जिला अस्पताल समेत शहर के दूसरे बड़े अस्पतालों की ओपीडी में मरीजों की संख्या अचानक बढ़ गई है। सोमवार को मऊ जिला अस्पताल की ओपीडी में इलाज के लिए सुबह आठ बजे से दोपहर 12 बजे तक मरीजों की भीड़ लगी रही। सुबह से ही अस्पताल में मरीज और उनके परिजन आते-जाते रहे। दिनभर में 1200 से ज्यादा मरीजों ने ओपीडी में रजिस्ट्रेशन कराया। उन्होंने डॉक्टरों से सलाह ली और अपना इलाज कराया। मरीजों की बढ़ती संख्या के कारण अस्पताल परिसर में काफी चहल-पहल दिखी। डॉक्टरों के मुताबिक, मौसम में लगातार हो रहे बदलाव के कारण सर्दी-जुकाम, बुखार, खांसी, गले में इन्फेक्शन और वायरल फीवर जैसे मौसमी बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। अचानक तापमान बदलने से बच्चों और बुजुर्गों के साथ-साथ कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों पर इसका ज्यादा असर हो रहा है। सीएमओ डॉ. धनंजय कुमार सिंह ने बताया कि मौसम में हो रहे बदलाव के कारण मौसमी बीमारियों से बीमार मरीजों की संख्या काफी बढ़ी है। अस्पतालों में आने वाले मरीजों को डॉक्टर जांच के बाद जरूरी दवाएं और सही सलाह दे रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सभी डॉक्टरों को तय समय पर अपनी ड्यूटी पर मौजूद रहने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही स्वास्थ्यकर्मियों को भी तय समय पर अपनी ड्यूटी करने को कहा गया है, ताकि अस्पताल आने वाले मरीजों को कोई दिक्कत न हो।
इटावा के लवेदी थाना क्षेत्र से बहला-फुसलाकर ले जाई गई 17 साल की नाबालिग लड़की को पुलिस ने सोमवार सुबह 10 बजे सुरक्षित बरामद कर लिया। पुलिस ने इस मामले में आरोपी सुमित कश्यप को भी गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक इटावा बृजेश कुमार श्रीवास्तव के निर्देश पर 'ऑपरेशन मुस्कान' के तहत की गई। ग्राम नगला बल्दु निवासी सुनीता कश्यप पत्नी विपिन ने 9 सितंबर को लवेदी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उनकी 17 साल की बेटी चंद्रकला को फिरोजाबाद के चांदपुर गांव का रहने वाला सुमित कश्यप बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने केस दर्ज कर लड़की की तलाश शुरू की। मामले की जानकारी मिलते ही लवेदी थाना पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए नाबालिग की तलाश के लिए एक टीम बनाई। पुलिस के मुताबिक, इलेक्ट्रॉनिक और मैन्युअल सबूतों के आधार पर तलाश शुरू की गई। पुलिस टीम ने लगातार कोशिशें करते हुए करीब दो घंटे के अंदर चंद्रकला को सुरक्षित ढूंढ निकाला। लड़की के मिलने के साथ ही पुलिस ने आरोपी सुमित कश्यप को भी गिरफ्तार कर लिया। लवेदी थाने में इस मामले में मुकदमा अपराध संख्या 36/2026 धारा 137(2) और 87 बीएनएस के तहत दर्ज किया गया है। पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है। इस कार्रवाई को करने वाली टीम में लवेदी थानाध्यक्ष गौरव कुमार, उपनिरीक्षक राम किशोर कुशवाहा, महिला कांस्टेबल प्रतीक्षा सिंह और कांस्टेबल सचिन कुमार शामिल थे।
यमुना नदी में कूद रहे युवक की जान बची:पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आत्महत्या की कोशिश नाकाम की
रविवार देर रात औरैया में एक 18 वर्षीय युवक को यमुना नदी में कूदने से बचाया गया। वह आत्महत्या करने की कोशिश कर रहा था। डायल-112 पर एक राहगीर ने सूचना दी। उसने बताया कि कोतवाली औरैया इलाके में यमुना नदी पुल पर एक युवक कूदने का प्रयास कर रहा है। सूचना मिलते ही देवकली चौकी प्रभारी संजीव चौधरी पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। पुलिस टीम ने सूझबूझ और धैर्य से काम लिया। उन्होंने युवक को समझाया और सुरक्षित तरीके से पुल की रेलिंग से नीचे उतारा। इस तरह उसकी जान बचाई गई। इसके बाद युवक को सुरक्षित पुलिस हिरासत में लिया गया। उसके परिवार को सूचित किया गया और जरूरी काउंसिलिंग भी कराई गई।
संभल में दो बच्चों की मां से मिलने पहुंचे प्रेमी को महिला के परिजनों ने रंगे हाथों पकड़ लिया। उन्होंने प्रेमी की पिटाई की और उसे पुलिस को सौंप दिया। इसके बाद वहां हंगामा हो गया। पुलिस ने प्रेमी और महिला के जेठ सहित चार लोगों को हिरासत में लेकर शांतिभंग की कार्रवाई की है। सोमवार सुबह 10 बजे महिला को घर के अंदर ले जाते समय का एक वीडियो भी सामने आया है। यह घटना संभल जिला मुख्यालय से 18 किलोमीटर दूर गुन्नौर तहसील के रजपुरा थाना क्षेत्र के उम्मेदपुर डांडा गांव की है। प्रेमी नितिन कुमार इसी थाना क्षेत्र के रोरादीप गांव का रहने वाला है। वह शनिवार देर रात प्रेमिका से मिलने पहुंचा था। रविवार सुबह जब नितिन घर से निकलकर जाने लगा, तो परिवार के लोगों ने उसे देख लिया। उन्होंने शोर मचाकर उसे घेर लिया और पकड़ लिया। गांव में उसकी जमकर पिटाई की गई। कई घंटे बाद पुलिस को सूचना मिली और पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दो बच्चों की मां के प्रेमी नितिन को अपने कब्जे में ले लिया। पुलिस युवक के साथ मारपीट करने वाले महिला के जेठ खेम सिंह और पड़ोसी विजेंद्र, रामपाल को भी थाने ले आई। सोमवार दोपहर 11 बजे थाना प्रभारी संदीप चौधरी ने बताया कि रोरादीप के नितिन और उम्मेदपुर गांव के खेम सिंह, विजेंद्र, रामपाल के खिलाफ शांतिभंग की कार्रवाई की गई है। उन्होंने बताया कि दोनों पक्षों के गांव के लोगों के बीच झगड़ा हुआ था। महिला थाने में प्रेमी के साथ जाने की जिद पर अड़ी थी। इस पर महिला के ससुराल वाले उसे थाने से खींचकर घर ले आए और जबरन उठाकर घर के अंदर ले गए। महिला को थाने से बाहर लाकर सड़क से उठाकर ले जाते समय के वीडियो भी सामने आए हैं। बताया गया है कि दोनों के प्रेम संबंध को एक साल हो गया है। महिला का पति दिल्ली में काम करता है।
सीतामढ़ी के केथरिया में जिला परिषद प्रतिनिधि बैधनाथ महतो की हत्या के बाद हुए बवाल और पुलिस पर पथराव के मामले में FIR दर्ज की गई है। दरोगा मुकुंद कुमार झा के बयान पर डुमरा थाना में 100 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है। आरोप है कि उपद्रवियों ने कानून-व्यवस्था बिगाड़ी, पुलिसकर्मियों पर हमला किया और पुलिस की गाड़ियों पर पथराव किया। इस पथराव में ट्रैफिक थाना अध्यक्ष इंस्पेक्टर प्रशांत कुमार और साइबर थाना अध्यक्ष इंस्पेक्टर अनिल राम के सिर में चोट लगी। दोनों का सिर फट गया। दो अन्य पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। बवाल के दौरान एसपी-डीएसपी समेत आठ थानों की पुलिस गाड़ियों में तोड़फोड़ कर उन्हें नुकसान पहुंचाया गया। बैदनाथ महतो की गोली मारकर हुई थी हत्या दरअसल, शनिवार सुबह मॉर्निंग वॉक के दौरान जिला परिषद प्रतिनिधि बैदनाथ महतो की बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस के सामने ग्रामीणों का गुस्सा भड़क गया। देखते ही देखते बड़ी संख्या में ग्रामीण जमा हो गए और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए हंगामा करने लगे। इसके बाद भीड़ ने पुलिस टीम और गाड़ियों पर पथराव शुरू कर दिया। अचानक हुए हमले से पुलिसकर्मियों में हड़कंप मच गया। पथराव में कई गाड़ियों के शीशे टूट गए और उन्हें नुकसान पहुंचा। स्थिति को काबू करने में पुलिस को काफी मुश्किल हुई। FIR दर्ज होने के बाद पुलिस अब उपद्रव में शामिल लोगों की पहचान कर रही है। पुलिस घटनास्थल पर मौजूद वीडियो फुटेज और अन्य सबूतों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई करेगी।
तरन तारन में सरकारी कॉलेज के एक कर्मचारी ने जहर खाकर सुसाइड कर लिया। मरने से पहले उसने एक वीडियो बनाया, जिसमें उसने अपनी मौत का जिम्मेदार कॉलेज के सुपरिंटेंडेंट को बताया है। वीडियो में कर्मचारी ने कहा- पिछले एक साल से जगतार सिंह क्लर्क, जो पिछले महीने सुपरिंटेंडेंट बना है, उसने मुझे बहुत परेशान किया है। जब मुझे टाइफाइड बुखार हुआ, तो मैंने मेडिकल छुट्टी ली। उस समय भी उसने मुझसे 5 हजार रुपए रिश्वत ली। मृतक की पहचान तरसेम सिंह के नाम से हुई, जो गुरु अर्जन देव सरकारी कॉलेज की लाइब्रेरी में पिछले करीब 26 साल से काम कर रहा था। मामला रविवार रात का है, फिलहाल पुलिस अब मामले की जांच कर रही है। तरसेम सिंह ने वीडियो में ये बातें कही…. पत्नी बोली- पैसे न देने पर धमकियां देता था तरसेम सिंह की पत्नी नीतू ने कहा कि मेरे हस्बैंड अच्छे-भले नौकरी करते थे। यहां जगतार सिंह ने उन्हें धमकियां दिवाईं। वह जब कोई काम करवाते थे तो कहता था कि 5 हजार रुपए दे। वह 5 हजार नहीं देते थे तो उन्हें धमकियां मिलती थीं। कहता था कि तुम्हारी बदली करवा देनी है। उनकी तनख्वाह नहीं डालता था। दूसरों के बिल बन जाते थे, उनका बिल नहीं बनाता था। उनकी लकीरें निकलवा-निकलवा कर देता था। उन्होंने अब सुसाइड कर लिया। मामले की जांच कर रही पुलिस मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारी ने कहा कि एक हमें कॉल मिली थी कि गुरु अर्जन देव जी कॉलेज में बतौर पीएन तरसेम सिंह काम कर रहे थे, जिनकी किसी कारण से मौत हो गई है। परिवार ने हमें बुलाया था। अभी जांच की जा रही है, जो भी कारण निकलते हैं, उन्हें जल्द क्लियर करके हम पर्चा दर्ज करेंगे। वीडियो के बारे में भी जांच की जा रही है। *********** ये खबर भी पढ़ें: पंजाब- बच्चों से भरी स्कूल बस PRTC बस से भिड़ी: झटके से एक दूसरे में टकराए छात्र; 10 से 15 घायल, ड्राइवर की टांगें टूटीं मानसा में नेशनल हाईवे पर सोमवार सुबह करीब साढ़े 7 बजे स्कूल बस आगे जा रही PRTC बस से टकरा गई। जिससे स्कूल बस में सवार करीब 10 से 15 बच्चे घायल हो गए। इनमें एक की हालत गंभीर बनी हुई है। इसके अलावा स्कूल बस ड्राइवर की दोनों टांगें टूट गई। (पढ़ें पूरी खबर)
नवादा के फरहा ओवरब्रिज के पास अज्ञात वाहन की टक्कर से गुलशन कुमार की मौत, भाई घायल
14 अगस्त, सोमवार, नवादा: नेमदरगंज थाना क्षेत्र के फरहा ओवरब्रिज के पास अज्ञात वाहन की चपेट में आने से बाइक सवार दो भाई हादसे का शिकार हो गए। दीरी गांव निवासी गुलशन कुमार की मौके पर मौत हो गई, जबकि उनका भाई गंभीर रूप से घायल है।
सिरसा जिले में नशा तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सीआईए ऐलनाबाद टीम ने दो बाइक सवारों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 5 किलो 556 ग्राम डोडा पोस्त बरामद हुआ है। सीआईए ऐलनाबाद प्रभारी ने बताया कि पुलिस टीम गांव बणी क्षेत्र में नाकाबंदी कर रही थी। इसी दौरान बाइक पर दो व्यक्ति प्लास्टिक का कट्टा लिए आते दिखे। पुलिस की गाड़ी देखकर उन्होंने बाइक मोड़कर भागने की कोशिश की। शक होने पर पुलिस ने दोनों को रोक लिया। राजपत्रित अधिकारी की मौजूदगी में तलाशी लेने पर उनके पास से 5 किलो 556 ग्राम डोडा पोस्त मिला। राजस्थान के रहने वाले हैं दोनों आरोपी पकड़े गए आरोपियों की पहचान बुध सिंह और तेजा सिंह के रूप में हुई है। दोनों राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के सुरेवाला गांव के रहने वाले हैं। पुलिस ने इनके खिलाफ रानियां थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। जांच करीवाला पुलिस चौकी को सौंपी गई है। सीआईए ऐलनाबाद प्रभारी ने बताया कि आरोपियों को कोर्ट में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा। रिमांड के दौरान उनसे नशा तस्करी के नेटवर्क, सप्लाई चेन और इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों के बारे में पूछताछ की जाएगी। पुलिस ने कहा कि जिले में नशा तस्करों के खिलाफ यह अभियान जारी रहेगा। अवैध नशे के कारोबार में शामिल किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
पानीपत जिले के बबैल गांव स्थित प्रसिद्ध श्री बालाजी मंदिर में बीती (रविवार) रात चोरों ने लाखों रुपए की चोरी की वारदात को अंजाम दिया। शातिर चोरों ने रसोई में इस्तेमाल होने वाले हलवा बनाने के पलटे (कड़छे) से दानपात्र का ताला तोड़ा और उसमें रखी करीब एक साल की चढ़ावे की राशि समेटकर फरार हो गए। घटना के वक्त मंदिर के पुजारी खाना खाने गांव स्थित अपने घर गए हुए थे। जब वे वापस लौटे तो मंदिर का नजारा देखकर स्तब्ध रह गए। साल में एक बार खुलता था दानपात्र, 10 दिन बाद ही खोलना था मंदिर के पुजारी ईश्वर भगत ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि यह मंदिर वर्ष 2010 से गांव में स्थापित है और स्थानीय ग्रामीणों की आस्था का प्रमुख केंद्र है। श्रद्धालु रोजाना यहां भारी मात्रा में चढ़ावा चढ़ाते हैं। पुजारी के अनुसार, हर साल दानपात्र से करीब 1 लाख रुपए का दान निकलता है, जिसका इस्तेमाल मंदिर के रखरखाव और निर्माण कार्यों में किया जाता है। दानपात्र में करीब एक साल से राशि जमा हो रही थी और महज 10 दिन बाद (करीब एक साल पूरा होने पर) इसे खोला जाना तय हुआ था। घर खाना खाने गए थे पुजारी, हलवे के पलटे से तोड़ा दानपात्र रविवार रात करीब 8 बजे पुजारी ईश्वर भगत मंदिर में ज्योत जलाने व अन्य कार्य निपटाकर गांव में स्थित अपने घर पर खाना खाने गए थे। इसी दौरान चोरों ने मौके का फायदा उठाकर मंदिर परिसर में प्रवेश किया। चोरों ने मंदिर में रखे हलवा बनाने वाले लोहे के पलटे से दानपात्र के ताले और कुंडे को उखाड़ दिया। इसके बाद वे दानपात्र में रखी लाखों रुपये की नकदी लेकर रफूचक्कर हो गए। चोर वारदात में इस्तेमाल पलटा मौके पर ही छोड़ गए। गांव में रोष, पुलिस कर रही मामले की जांच पुजारी जब खाना खाकर वापस मंदिर पहुंचे, तो टूटा हुआ दानपात्र देखकर उन्होंने तुरंत ग्रामीणों और पुलिस को सूचित किया। गांव के आस्था केंद्र में हुई इस चोरी की घटना से ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके का मुआयना किया और साक्ष्य जुटाए। पुलिस आसपास के क्षेत्रों में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और चोरों की तलाश में जुटी है।
यमुनानगर में आज सोमवार सुबह करीब 45 मिनट हुई झमाझम बारिश ने शहर की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी। तेज बारिश के बाद यमुनानगर और जगाधरी के कई इलाकों में सड़कों पर भारी जलभराव हो गया। शहर की प्रमुख सड़कें पानी में डूबने से यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई। कई स्थानों पर वाहन चालकों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ा, जबकि कुछ कॉलोनियों में बारिश का पानी घरों के अंदर तक पहुंच गया। बारिश के कारण गणेश नगर, जगाधरी बस स्टैंड, जगाधरी मटका चौक, ससोली रोड, प्रोफेसर कॉलोनी, ताऊ देवी लाल कॉम्प्लेक्स मार्केट और तेजली की इंद्रावस कॉलोनी में हालात खराब रहे। जगाधरी में मटका चौक पर बिगड़े हालात सबसे ज्यादा परेशानी जगाधरी के मटका चौक पर देखने को मिली, जहां करीब तीन फीट तक पानी भर गया। इससे सड़क पर आवागमन बुरी तरह प्रभावित रहा और वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। इसी प्रकार जगाधरी के बाजार में भी जलभराव देखने को मिला। कुछ घरों में भी पानी घुसने की सूचना है। वहीं यमुनानगर की प्रोफेसर कॉलोनी जाने वाले रास्ते पर भी भारी जलभराव हो गया। पानी की अधिकता को देखते हुए एहतियात के तौर पर इस रास्ते को बंद कर दिया गया, ताकि जलभराव के कारण कोई हादसा न हो। वहीं, कई अन्य इलाकों में सड़कें और गलियां तालाब जैसी नजर आईं। बारिश के बाद निकली तेज धूप बारिश के दौरान जहां लोगों को जलभराव और यातायात बाधित होने से परेशानी उठानी पड़ी, वहीं करीब एक घंटे बाद ही मौसम ने करवट बदल ली। बारिश रुकने के बाद तेज धूप निकल आई, जिससे वातावरण में उमस और बढ़ गई। अचानक हुई तेज बारिश और उसके बाद निकली धूप ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी। शहर में बार-बार होने वाले जलभराव को लेकर लोगों में नाराजगी भी देखने को मिली। लोगों का कहना है कि थोड़ी देर की तेज बारिश में ही मुख्य सड़कों और कॉलोनियों में पानी भर जाता है। ऐसे में जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त किए जाने की जरूरत है, ताकि बारिश के दौरान लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े। बारिश से जुड़ी कुछ अन्य फोटो…
उन्नाव में मजदूर की नहर में डूबकर मौत:नहर के किनारे से निकलते समय पैर फिसाल, पुलिस ने बाहर निकलवाया
उन्नाव के पुरवा थाना क्षेत्र के बछौरा गांव में रविवार देर शाम एक मजदूर की नहर में डूबने से मौत हो गई। 45 वर्षीय मजदूर का नहर किनारे से गुजरते समय पैर फिसल गया था। उन्हें बचाने की काफी कोशिश की गई, लेकिन सफलता नहीं मिली। सोमवार को पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे परिजनों ने घटना की जानकारी दी। मृतक की पहचान बछौरा निवासी राकेश (45) पुत्र स्व. राम आसरे के रूप में हुई है। परिजनों ने बताया कि राकेश मजदूरी करके अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। रविवार देर शाम वह गांव से कुछ दूरी पर स्थित एक स्कूल के पास नहर की ओर गए थे। वहीं अचानक उनका पैर फिसल गया और वह नहर में गिर गए। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोगों ने नहर में राकेश की तलाश शुरू की। पुलिस भी मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें बाहर निकाला गया। हालांकि, तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। सोमवार को पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे परिजनों ने बताया कि राकेश परिवार में अकेले कमाने वाले सदस्य थे। उनके परिवार में चार बेटियां और एक बेटा है। वह मजदूरी करके बच्चों की जरूरतें पूरी करते थे। इस अचानक हुई मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों ने बताया कि उन्हें इस बात का अंदाजा नहीं था कि रविवार की शाम राकेश के लिए आखिरी होगी। वह रोज की तरह घर से निकले थे। सोमवार को पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद परिजन शव को अंतिम संस्कार के लिए गांव ले गए। पुलिस ने मामले में आगे की कार्रवाई की है।
सीधी के हटवा गांव में सोमवार सुबह टायर पंचर होने के बाद इलेक्ट्रिक ऑटो अनियंत्रित होकर पुल के नीचे जा गिरा। हादसे में चालक घायल हो गया। स्थानीय लोगों ने उसे बाहर निकालकर पटपरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद उसे सीधी जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। पटपरा की ओर सवारी लेने जा रहा था हादसा सुबह करीब 11 बजे हुआ। बताया गया कि चालक इलेक्ट्रिक ऑटो से पटपरा की ओर सवारी लेने जा रहा था। रास्ते में अचानक टायर पंचर हो गया। टायर फटने जैसी आवाज के बाद अनियंत्रित हुआ ऑटो स्थानीय निवासी अनुपम विश्वकर्मा ने बताया कि टायर से तेज धमाके जैसी आवाज आई। इसके बाद चालक ऑटो पर नियंत्रण नहीं रख सका और वाहन सड़क किनारे पुल के नीचे जा गिरा। गिरने के बाद ऑटो पलट गया। ऑटो में चालक अकेला था हादसे के समय ऑटो में चालक के अलावा कोई सवारी नहीं थी। हादसे के बाद आसपास के तीन-चार लोग मौके पर पहुंचे और ऑटो को सीधा कर चालक को बाहर निकाला। सिर में चोट, पैर में आई सूजन घायल चालक को पटपरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। अस्पताल के वार्ड बॉय नरेंद्र तिवारी के मुताबिक, चालक के सिर में चोट लगी है और एक पैर में सूजन है। प्राथमिक उपचार के बाद उसे सीधी जिला अस्पताल रेफर किया गया। स्थानीय लोगों ने ऑटो बाहर निकाला हादसे के बाद मौके पर कुछ देर लोगों की भीड़ जमा रही। स्थानीय लोगों की मदद से ऑटो को पुल के नीचे से निकालकर सड़क किनारे खड़ा किया गया। हादसे में चालक के अलावा किसी अन्य के घायल होने की जानकारी नहीं है।
बेगमपुल मेट्रो स्टेशन के पास चेकिंग कर रही पुलिस से एक बाइक सवार युवक ने बदसलूकी की। युवक पूरी घटना का वीडियो बनाने लगा, तभी एक दारोगा ने उसका मोबाइल छीन लिया। युवक ने दारोगा से मारपीट करने की कोशिश की और गाली-गलौज भी की, जिस वजह से वहां भीड़ जमा हो गई। कई घंटे चले हंगामे के बाद अन्य पुलिसकर्मी भी मौके पर पहुंच गए। वे आरोपी युवक को थाने लेकर आए। थाने में भी युवक ने मोबाइल लेने की जिद करते हुए हंगामा किया। यह घटना रविवार देर रात लालकुर्ती थाना क्षेत्र के जीरो माइल स्थित मेट्रो स्टेशन के पास हुई। लालकुर्ती थाने की पुलिस चेकिंग कर रही थी। तभी मोदीपुरम की ओर से आ रहे एक बाइक सवार युवक को पुलिसकर्मियों ने रुकने का इशारा किया। युवक ने बाइक दौड़ा दी, जिससे पुलिसकर्मियों को वह संदिग्ध लगा। कुछ दूरी बाद पुलिस ने युवक को पकड़ लिया। पुलिसकर्मी ने युवक से बाइक के कागज मांगे, लेकिन युवक बदसलूकी करने लगा। एक दारोगा ने युवक को समझाने की कोशिश की और बाइक के कागज दिखाने के लिए कहा। इसी बात पर उनमें कहासुनी होने लगी। पुलिस और वहां मौजूद लोगों के मुताबिक, पुलिस ने युवक का मोबाइल छीन लिया। मोबाइल छीनने की बात पर दारोगा और युवक में विवाद बढ़ गया। आरोप है कि युवक ने दारोगा से बदसलूकी करते हुए मारपीट करने की कोशिश की। पुलिसकर्मियों ने किसी तरह बीच-बचाव कराया। कई घंटे तक चले हंगामे के बाद पुलिसकर्मी युवक को थाने लेकर आ गए। एसपी सिटी विनायक भोसले ने बताया कि युवक को हिरासत में लिया गया था। वह मोदीपुरम का रहने वाला बताया जा रहा है। पूरे मामले की जांच की जा रही है, जिसके बाद कानूनी कार्रवाई की जाएगी। तस्वीरें देखिए…
सिरसा में दूध के नए रेट को लेकर किसान और पशुपालक लामबंद हो गए हैं। किसानों के अनुसार, सरकार नकली दूध पर रोक लगाए और असली दूध के रेट बढ़ाए, ताकि पशुपालकों को पूरे दाम मिल सके। इसे लेकर गांव स्तर पर अभियान शुरू कर दिया है। सभी लोगों को जागरूक किया जाएगा और राज्य स्तर पर कमेटी बनाकर मुख्यमंत्री से मिलने की तैयारी कर ली है। इसे लेकर गांव मंगाला स्थित गुरुद्वारा बाबा भूमन शाह में आसपास गांवों के पशुपालकों व किसानों मीटिंग हुई है। उसी में यह फैसला लिया गया है। मीटिंग में मंगाला, ढाणी काहन सिंह, टीटू खेड़ा और सलारपुर के पशुपालकों तथा किसान-मजदूर शामिल हुए। इस दौरान मुख्य रूप से नकली दूध, खोया, मावा, क्रीम तथा अन्य मिलावटी दुग्ध उत्पादों पर रोक लगाने के विषय पर विस्तार से चर्चा की। किसान नेता बोले, अभी पशुपालक ही दूध के रेट बढ़ाने को लेकर ऐलान कर रहे हैं। इस बारे में प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के नाम जिला प्रशासन को भी ज्ञापन सौंपा है। मगर सरकार ने कोई संज्ञान नहीं लिया। इसलिए वे सभी लोगों के साथ मीटिंग कर गांव से राज्य स्तर पर लड़ाई लड़ेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री से मिलेंगे और रेट बढ़ाने की मांग रखी जाएगी। यह आ रही दिक्कत पशुपालक बोले, सरकार व दूग्ध प्लांट उनका सहयोग नहीं कर रहे। अगर दूध की फेट के रेट बढ़ाए जाए और सरकार द्वारा रेट बढ़ा दिए जाए तो रेट तय करने में आसानी रहेगी। पशुपालक भी उन रेट पर दूध बेच सकेंगे। वरना कोई 100 रुपए देगा तो कोई कम रेट पर। पशुपालकों को ही दिक्कत आएगी। इसलिए वे मुख्यमंत्री से मिलकर रेट बढ़ाने पर जोर देंगे। यह नहीं कि सभी दूध के रेट एक सामान हो। भैंस का दूध 100 रुपए और देसी, राठी-साहीवाल गाय का दूध 80 रुपए प्रति किलो हैं। कुछ गायों का दूध पतला या कम फेट का होता है, उनके रेट उसी अनुसार लागू हो, क्योंकि वह दूध 80 रुपए किलो कोई नहीं खरीदेगा। नकली के बजाय शुद्ध दूध को बढ़ावा दिया जाए किसानों ने कहा कि मिलावटी और नकली उत्पाद न केवल पशुपालकों को आर्थिक नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि आम लोगों के स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा हैं। इसलिए शुद्ध एवं ताजा दूध को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है। साथ ही पशुपालकों को उनके दूध का उचित मूल्य दिलाने के मुद्दे पर भी विचार-विमर्श किया गया। 19 को गुरुद्वारा चिल्ला साहिब में बुलाई मीटिंग मैक्स साहूवाला ने बताया, दूध के रेट को लेकर आगामी 19 सितंबर को गुरुद्वारा चिल्ला साहिब में आयोजित जिला स्तरीय बैठक बुलाई गई है। उसमें सभी अपने-अपने विचार रखेंगे और मिलावट के खिलाफ संयुक्त संघर्ष तथा शुद्ध दुग्ध उत्पादों को प्रोत्साहित करने का संकल्प लिया। टेक्निकल लोगों को भी बुलाया है।
कैथल के गांव कवारतन के 3 युवाओं ने राष्ट्रीय पावर लिफ्टिंग प्रतियोगिता में तीन मेडल जीते। इंडियन पावरलिफ्टिंग फेडरेशन की ओर से दिल्ली में आयोजित पावरलिफ्टिंग प्रतियोगिता में इन खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। आज गांव पहुंचने पर खिलाड़ियों का जोरदार स्वागत किया गया। प्रतियोगिता में एक गोल्ड और दो सिल्वर मेडल जीतकर खिलाड़ियों ने गांव का नाम रोशन किया। ढोल-नगाड़ों के साथ जोरदार स्वागत जैसे ही खिलाड़ी गांव में पहुंचे तो ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों के साथ जोरदार स्वागत किया। खिलाड़ियों को ट्रैक्टरों पर बैठाकर गांव में विजय यात्रा कराई गई। ग्रामीणों और परिजनों ने खिलाड़ियों को फूलमालाएं पहनाईं और मिठाई खिलाकर बधाई दी। खिलाड़ियों के कोच राजेंद्र सिंह ने पावरलिफ्टिंग में गोल्ड मेडल जीता। वहीं गांव के युवा एकमजीत और केशव ने सिल्वर मेडल हासिल किए। तीनों खिलाड़ियों की उपलब्धि से गांव में खुशी का माहौल है। राजेंद्र सिंह ने बताया कि वह पिछले करीब 6 वर्षों से गांव में जिम चला रहे हैं। यहां करीब 100 बच्चे रोजाना अभ्यास करते हैं। उनका प्रयास है कि गांव के युवाओं को खेलों से जोड़ा जाए और उन्हें राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई जाए। इंटरनेशनल पावरलिफ्टिंग में भाग लेना लक्ष्य राजेंद्र सिंह ने बताया कि खिलाड़ियों का अगला लक्ष्य नेपाल में होने वाली इंटरनेशनल पावरलिफ्टिंग प्रतियोगिता है। इसमें 20 से अधिक देशों के खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। दिल्ली की प्रतियोगिता में मिली सफलता के बाद अब खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दम दिखाने की तैयारी में जुट गए हैं।
एकल ग्रामोत्थान फाउंडेशन के IVD केन्द्र प्रयागराज में लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने को निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण शिविर लगाया गया। स्वास्थ्य शिविर रोटरी इलाहाबाद मिडटाउन के सौजन्य से लगा। इसमें अपोलो हॉस्पिटल लखनऊ की विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने जांच की। करीब 200 लोगों के स्वास्थ्य की जांच कर आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श और उचित सलाह दी गई। नेत्र परीक्षण शिविर में प्रयागराज के नेत्र चिकित्सक डॉ. चौहान और उनकी टीम ने लगभग 150 लोगों की आंखों की जांच की। समापन अवसर पर रोटरी इलाहाबाद मिडटाउन के अध्यक्ष ऋतु कमल अग्रवाल ने सभी का धन्यवाद किया। नेत्र चिकित्सक डॉ. चौहान और उनकी टीम को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर IVD प्रयागराज की अध्यक्षा एवं स्टेट हेड शशि पोद्दार, CTL इंचार्ज पीयूष पांडेय, साधना अग्रवाल, भानु मिश्र, अशोक, शिवम कुमार, आदि का सहयोग रहा।
संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की कंबाइंड डिफेंस सर्विसेज एग्जामिनेशन (CDS) और नेशनल डिफेंस एकेडमी एंड नेवल एकेडमी एग्जामिनेशन (NDA-NA) 2026 को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कराने के लिए जिलाधिकारी डॉ. वी.के. सिंह ने कई परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सेंट जोसेफ इंटर कॉलेज लालकुर्ती और एस.एस.डी. ब्वॉयज इंटर कॉलेज लालकुर्ती समेत विभिन्न परीक्षा केंद्रों का दौरा किया। उन्होंने वहां की सभी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने अभ्यर्थियों के प्रवेश, सघन चेकिंग, बायोमेट्रिक व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरे और कंट्रोल रूम जैसी व्यवस्थाओं को परखा। इसके बाद जिलाधिकारी ने परीक्षा कक्षों का भी निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने ड्यूटी पर लगे सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को पूरी लगन से अपनी जिम्मेदारियां निभाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परीक्षा को शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराया जाए। कक्ष निरीक्षकों को सख्त हिदायत दी गई कि परीक्षा की गंभीरता को देखते हुए किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस मौके पर संबंधित अधिकारी, केंद्र व्यवस्थापक और स्कूल स्टाफ मौजूद रहे।
देवरिया में मईल थाना क्षेत्र के कुण्डौली स्थित ओम श्री साईं कृपा इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल के छात्र-छात्राओं ने सोमवार को कॉलेज गेट के सामने प्रदर्शन किया। छात्रों ने रामजानकी मार्ग पर जाम लगा दिया। इससे लार-कुण्डौली मार्ग पर आवागमन ठप हो गया और सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। छात्रों का आरोप है कि कॉलेज प्रशासन ने 1 सितंबर से क्लीनिकल ड्यूटी शुरू कराने की बात कही थी, लेकिन 14 सितंबर तक भी ड्यूटी शुरू नहीं हुई। 2022-26 बैच के छात्रों की इंटर्नशिप भी अभी तक नहीं कराई गई है। कॉलेज में पर्याप्त शिक्षक नहीं हैं और फिलहाल चार शिक्षकों से ही पढ़ाई कराई जा रही है। उनका यह भी आरोप है कि कॉलेज में स्थायी प्रिंसिपल नहीं है और वाइस प्रिंसिपल के आने का समय भी निर्धारित नहीं है। इससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। छात्र पवन पांडेय और आदित्यराज ने आरोप लगाया कि विरोध करने पर कॉलेज मैनेजमेंट की ओर से रजिस्ट्रेशन फेल कराने और भविष्य खराब करने की धमकी दी जाती है। छात्रों का कहना है कि नर्सिंग की पढ़ाई में किताबी ज्ञान के साथ क्लीनिकल ट्रेनिंग भी जरूरी है। मरीजों की देखभाल का व्यावहारिक ज्ञान क्लीनिकल प्रैक्टिस और इंटर्नशिप से ही मिलता है। छात्रों ने मान्यता पर भी उठाए सवाल छात्रों ने कॉलेज की आईएनसी (इंडियन नर्सिंग काउंसिल) मान्यता को लेकर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि संस्थान आईएनसी से अप्रूव्ड नहीं है, जबकि छात्रों से आईएनसी के नियमों का हवाला देकर फीस और अन्य मामलों में कार्रवाई की जाती है। छात्रों का कहना है कि मान्यता की स्थिति स्पष्ट नहीं होने से उनकी डिग्री और भविष्य में नौकरी को लेकर चिंता बनी हुई है। उन्होंने कॉलेज प्रशासन से मान्यता की स्थिति स्पष्ट करने के साथ क्लीनिकल ड्यूटी, इंटर्नशिप और शिक्षकों से जुड़ी व्यवस्थाओं को तत्काल दुरुस्त करने की मांग की। पुलिस पहुंची, कॉलेज ने दिया लिखित आश्वासन सूचना पर मईल थानाध्यक्ष विकास नाथ पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने छात्रों को समझाने के साथ कॉलेज प्रशासन से बातचीत की और उनकी मांगों की जानकारी ली। इसके बाद कॉलेज के एमडी ने छात्रों को लिखित आश्वासन दिया कि संस्थान की आईएनसी मान्यता की प्रक्रिया चल रही है और इसे मार्च 2027 तक पूरा कराने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही क्लीनिकल प्रैक्टिस और इंटर्नशिप एक सप्ताह के भीतर शुरू कराने का आश्वासन दिया गया। कॉलेज प्रशासन के लिखित आश्वासन के बाद छात्रों ने सड़क से जाम हटा लिया और आवागमन बहाल हो गया। छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि आश्वासन के बावजूद उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो वे जिला स्तर पर प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे। प्रदर्शन में गौरव यादव, खुशबू कुमारी, दीपक कुमार, सानिया खातून, नीलम कुमारी, काजल, आनंद शुक्ला, सपना, राजन यादव समेत बड़ी संख्या में नर्सिंग छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
108 गणपति की मूर्तियों के साथ निकली भव्य शोभायात्रा, शिमला में गणपति महोत्सव का आगाज
108 गणपति की मूर्तियों के साथ निकली भव्य शोभायात्रा, शिमला में गणपति महोत्सव का आगाज
चाय दुकान पर दो पक्ष भिड़े, VIDEO:2 आरोपी हिरासत में, चित्रकूट में पुरानी रंजिश को लेकर हुआ था विवाद
सतना जिले के चित्रकूट थाना क्षेत्र के स्फटिक शिला मोड़ पर स्थित मनोहर चाय दुकान में रविवार देर शाम दो पक्षों के बीच विवाद के बाद तोड़फोड़ और मारपीट हुई। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें कुछ युवक दुकान के बाहर आपस में मारपीट करते और तोड़फोड़ करते दिख रहे हैं। जानकारी के अनुसार, विवाद के दौरान दुकान में मौजूद ब्रजनारेश सिंह ने आरोपियों को तोड़फोड़ करने से रोकने की कोशिश की। इससे नाराज आरोपियों ने उन पर डंडे से हमला कर दिया। तभी ब्रजनारेश के बेटे अंकित सिंह ने बीच-बचाव कर पिता को बचाया। हमलावर बोलेरो और ओमनी वैन से आए थे। देखें तस्वीरें… दुकान संचालक की शिकायत पर केस दर्जघटना की सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। चित्रकूट टीआई नीलेश तिवारी के अनुसार, मामले में वरुण तिवारी और अन्य लोगों के नाम सामने आए हैं। दोनों पक्षों में पुरानी रंजिश बताई जा रही है। दुकान संचालक अंकित सिंह की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने सोमवार सुबह मामले में दो आरोपियों को हिरासत में लिया है। वहीं, सामने आए सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अन्य आरोपियों की पहचान की जा रही है। पुलिस का कहना है कि पहचान होने के बाद उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।
परबतसर नगरपालिका के वार्ड 13 में कांग्रेस की हिना खानम् ने 376 वोट हासिल कर 181 वोट से जीत दर्ज की। निर्दलीय रसीद खां को 195 वोट मिले। भाजपा प्रत्याशी कैलाशचन्द को सिर्फ 1 वोट मिला, जबकि NOTA को भी 1 वोट मिला।
जामताड़ा के ऐतिहासिक गांधी मैदान में सोमवार को गणेश चतुर्थी के मौके पर गणेश पूजा का आयोजन किया गया। श्री श्री सार्वजनिक गणेश पूजा समिति ने 23वें गणेश महोत्सव का आयोजन किया है। पहाड़ी बाबा मंदिर की तर्ज पर बना पंडाल श्रद्धालुओं का खास आकर्षण बना हुआ है। करीब 13 लाख रुपए की लागत से तैयार इस पंडाल को बिजली की आकर्षक सजावट से सजाया गया है। पंडाल में आधुनिक सजावट और रंग-बिरंगी रोशनी लोगों को लुभा रही है। समिति ने बताया कि जामताड़ा में पहली बार इस तरह का एसी पूजा पंडाल बनाया गया है। गांधी मैदान में दस दिनों का मेला भी लगा है। इसमें जलपरी और भूत बंगला खास आकर्षण बने हुए हैं। बच्चों, युवाओं और परिवारों के मनोरंजन के लिए ब्रेक डांस, तारामाची जैसे कई झूले और मनोरंजन के साधन लगाए गए हैं। मेले में खाने-पीने के स्टॉल भी श्रद्धालुओं और आगंतुकों को अपनी ओर खींच रहे हैं। पंडाल के बीच में भगवान गणेश का एक आकर्षक सेल्फी प्वाइंट भी बनाया गया है। यहां श्रद्धालु तस्वीरें ले रहे हैं और गणपति बप्पा के दर्शन कर आशीर्वाद ले रहे हैं। यह सेल्फी प्वाइंट युवाओं और बच्चों के बीच बहुत पसंद आ रहा है। गणेश महोत्सव के दौरान भगवान गणेश को 251 किलो मोतीचूर के लड्डू का भोग लगाया गया है। पूजा समिति ने श्रद्धालुओं के लिए पूजा और प्रसाद बांटने के खास इंतजाम किए हैं। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है, इसे देखते हुए सुरक्षा, साफ-सफाई, रोशनी, पीने के पानी और यातायात व्यवस्था का भी खास ध्यान रखा जा रहा है।
मेरठ में वेस्टर्न कचहरी रोड पर निर्माण कार्य में सड़क के बीच के बिजली के पोल को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सड़क का बेस कोट तैयार होने के दौरान बिजली के पोल बीच में ही रह गए थे। इसके बाद तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद निर्माण की गुणवत्ता और प्लानिंग को लेकर सवाल उठाए गए थे। अब नगर निगम की ओर से बिजली के पोल को सड़क के बीच से हटाकर डिवाइडर के किनारे शिफ्ट किया जा रहा है। इसके लिए नए पोल खड़े कर दिए गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, इन पोल पर लगे बिजली के तारों को भी जल्द शिफ्ट किया जाएगा। इसके बाद सड़क के इस हिस्से का निर्माण आगे बढ़ेगा। अधिकारियों का कहना है कि पूरी बिजली व्यवस्था को अंडरग्राउंड किए जाने की योजना है। लाइन अंडरग्राउंड होने के बाद डिवाइडर के किनारे लगाए गए नए पोल भी हटा दिए जाएंगे। इसके बाद सड़क पर फाइनल कोटिंग की जाएगी। नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक, फिलहाल सड़क पर जो काम हुआ है, वह केवल बेस कोट है। इसे यातायात को प्रभावित होने से बचाने और निर्माण के दौरान उड़ने वाली धूल को कम करने के लिए तैयार किया गया था। बिजली के पोल और लाइन शिफ्ट होने के बाद सड़क का फाइनल कोट तैयार किया जाएगा। वेस्टर्न कचहरी रोड पर सीएम ग्रिड योजना के तहत करीब दो किलोमीटर हिस्से में निर्माण कार्य चल रहा है। पिछले दिनों सड़क निर्माण के दौरान सीवर टैंक सड़क के बीच आने और बिजली के पोल सड़क के दायरे में रह जाने को लेकर भी शिकायतें सामने आई थीं। अब पोल शिफ्टिंग का काम शुरू होने से सड़क निर्माण को आगे बढ़ाने की तैयारी की जा रही है।
औरंगाबाद के अंबा थाना क्षेत्र में उत्तर कोयल नहर के समीप सोमवार को एक अज्ञात युवक का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। नहर के पास शव मिलने की सूचना जैसे ही स्थानीय लोगों को मिली, मौके पर काफी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। लोगों ने शव की पहचान करने का प्रयास किया, लेकिन मौके पर मौजूद किसी व्यक्ति ने उसकी पहचान नहीं की। स्थानीय लोगों ने घटना की जानकारी अंबा थाना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और नहर में फंसे शव को बाहर निकलवाया। पुलिस ने घटनास्थल की जांच-पड़ताल करने के बाद शव को कब्जे में लिया और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर पोस्टमार्टम के लिए औरंगाबाद सदर अस्पताल भेज दिया। 2 से 3 दिन पुराना प्रतीत हो रहा शव अंबा थानाध्यक्ष राहुल राज ने बताया कि प्रारंभिक जांच में शव करीब दो से तीन दिन पुराना प्रतीत हो रहा है। जिस स्थान पर शव मिला है, वहां की परिस्थितियों को देखते हुए आशंका जताई जा रही है कि युवक का शव पानी के बहाव के साथ बहकर यहां तक पहुंचा होगा। हालांकि, पुलिस ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। पुलिस के अनुसार युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई, यह फिलहाल स्पष्ट नहीं है। दुर्घटना, डूबने अथवा किसी अन्य कारण से मौत हुई है, इसकी जानकारी पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है। पहचान के लिए सोशल मीडिया और आसपास के थानों की मदद शव की पहचान पुलिस के लिए फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है। पुलिस ने शव की तस्वीर आसपास के थानों को भेजी है, ताकि दूसरे थाना क्षेत्रों से हाल में किसी युवक के लापता होने की सूचना मिलने पर उसका मिलान किया जा सके। इसके अलावा पुलिस सोशल मीडिया के माध्यम से भी शव की पहचान कराने का प्रयास कर रही है। पहचान के लिए 72 घंटे तक रखा जाएगा शव पुलिस ने बताया कि शव को नियमानुसार 72 घंटे तक सुरक्षित रखा जाएगा, ताकि परिजनों अथवा परिचितों के माध्यम से उसकी पहचान कराई जा सके। पहचान होने के बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया जाएगा। निर्धारित अवधि में पहचान नहीं होने की स्थिति में सरकारी प्रावधानों के तहत पुलिस द्वारा शव का अंतिम संस्कार कराया जाएगा। फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पहचान के प्रयास के आधार पर आगे की कार्रवाई में जुटी है।
खगड़िया के परबत्ता प्रखंड में सोमवार को दो सगे भाइयों की गहरे पानी में डूबने से मौत हो गई। यह घटना भरसो पंचायत के बंधकट्टा के पास हुई। मृतकों की पहचान तेलिया बथान गांव निवासी इतवारी मंडल के बेटे गोविंद कुमार और जय जय कुमार के रूप में हुई है। दोनों की उम्र लगभग 14 से 16 साल बताई जा रही है। तेलिया बथान गांव के कुछ लोग बंधकट्टा के पास पानी में नहा रहे थे। गोविंद कुमार और उसके भाई जय जय कुमार भी उनके साथ स्नान करने लगे। नहाते समय गोविंद अचानक गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। अपने भाई को डूबता देख जय जय उसे बचाने के लिए पानी में कूद गया। इस दौरान दोनों तेज धार की चपेट में आ गए और पानी में डूब गए। आधे घंटे में दोनों को निकाला गया बाहर घटना के बाद वहां मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। स्थानीय ग्रामीणों के साथ गोताखोरों और आपदा मित्र की टीम ने दोनों भाइयों की तलाश शुरू की। करीब आधे घंटे की कोशिश के बाद दोनों को पानी से बाहर निकाला गया। बताया गया कि एक बच्चे को बाहर निकालने के बाद उसकी सांसें चल रही थीं। उसे तुरंत मुखिया की गाड़ी से अस्पताल भेजा गया। सूचना मिलने पर परबत्ता अंचलाधिकारी हरिनाथ राम भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने अपनी गाड़ी से बच्चे को परबत्ता सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। रास्ते में आपदा मित्र ऋषिकेश कुमार ने CPR भी दिया। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने दोनों बच्चों को बचाने की कोशिश की, लेकिन वे सफल नहीं हो पाए। डॉक्टर आशुतोष कुमार ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी मिलने पर SDRF टीम को भी भेजा गया था, लेकिन उनके पहुंचने से पहले ही स्थानीय गोताखोरों और आपदा मित्रों ने बच्चों को पानी से निकाल लिया था। घटनास्थल से आई तस्वीरें… अस्पताल पहुंचे एसडीओ और डीएसपी घटना की जानकारी मिलने के बाद अनुमंडल पदाधिकारी गोगरी संजय कुमार और डीएसपी चंदन कुमार ठाकुर परबत्ता अस्पताल पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। एसडीओ ने घटना को बेहद दुखद बताते हुए कहा कि बाढ़ का खतरा अभी पूरी तरह टला नहीं है। जिले के कई इलाकों में अब भी पानी भरा हुआ है और जगह-जगह गहरे गड्ढे एवं तेज धार हैं। ऐसे में बच्चों को पानी में नहाने के लिए नहीं भेजने की अपील की गई है। एसडीओ ने बताया कि जिला प्रशासन की ओर से बाढ़ प्रभावित पंचायतों में लगातार माइकिंग कराकर लोगों को सावधान किया जा रहा है। घाटों और संवेदनशील स्थानों पर नाव, गोताखोर एवं आपदा मित्रों की प्रतिनियुक्ति भी की गई है। उन्होंने कहा कि मृत बच्चों के परिजनों को सरकार के प्रावधान के अनुसार 24 घंटे के भीतर आपदा अनुग्रह अनुदान की राशि उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जा रही है। एक साथ दो सगे भाइयों की मौत की खबर से तेलिया बथान गांव में शोक की लहर दौड़ गई। घटनास्थल और अस्पताल में ग्रामीणों की भीड़ जुटी रही। परिवार के लोगों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन बना रहा।
चंडीगढ़ के DC निशांत कुमार यादव ने लद्दाख में रविवार को 21.1 किलोमीटर की हाफ मैराथन पूरी कर फिटनेस की मिसाल पेश की। बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच दौड़ पूरी करना आसान नहीं था। लद्दाख की ऊंचाई, कम ऑक्सीजन और कठिन भौगोलिक परिस्थितियां धावकों के लिए बड़ी चुनौती बनती हैं। समुद्र तल से करीब 11,500 फीट की ऊंचाई पर हवा पतली होती है। इससे शरीर को सामान्य क्षेत्रों की अपेक्षा कम ऑक्सीजन मिलती है। ऐसे में दौड़ के दौरान सांस लेने, शरीर की ऊर्जा बनाए रखने और लगातार गति बरकरार रखने के लिए शारीरिक मेहनत करनी पड़ती है। प्रशासनिक जिम्मेदारियों के बीच फिटनेस को दिया महत्वचंडीगढ़ के डीसी के रूप में निशांत कुमार यादव के पास प्रशासनिक जिम्मेदारियों का बड़ा दायरा है। शहर से जुड़े विभिन्न प्रशासनिक कार्यों और जिम्मेदारियों के बीच उन्होंने फिटनेस के लिए समय निकालकर लद्दाख मैराथन में हिस्सा लिया। उनकी इस उपलब्धि को युवाओं और आम लोगों के लिए प्रेरक संदेश के रूप में देखा जा रहा है। यह उदाहरण बताता है कि व्यस्त दिनचर्या और कामकाज की जिम्मेदारियों के बावजूद स्वास्थ्य और शारीरिक सक्रियता के लिए समय निकाला जा सकता है। व्यस्त जीवनशैली में लोग अक्सर काम और जिम्मेदारियों के कारण फिटनेस को नजरअंदाज कर देते हैं। ऐसे में एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी का चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में हाफ मैराथन पूरी करना फिटनेस के प्रति जागरूकता का संदेश देता है। कम ऑक्सीजन-पतली हवा में दौड़ना बड़ी चुनौतीलद्दाख अपनी ऊंचाई और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के लिए जाना जाता है। सामान्य मैदानी क्षेत्रों की तुलना में यहां हवा में ऑक्सीजन का स्तर कम होने के कारण शरीर को अधिक मेहनत करनी पड़ती है। हाफ मैराथन के दौरान धावकों को सांस लेने में अतिरिक्त प्रयास करना पड़ सकता है। पहाड़ी क्षेत्र और मौसम की परिस्थितियां भी दौड़ को चुनौतीपूर्ण बनाती हैं। ऐसे वातावरण में शारीरिक तैयारी के साथ मानसिक रूप से मजबूत रहना भी जरूरी होता है। मैराथन पूरी करने के बाद बताया विशेष अनुभवमैराथन पूरी करने के बाद निशांत कुमार यादव ने इसे विशेष अनुभव बताया। उन्होंने दौड़ के दौरान के अनुभव और तस्वीरें भी साझा कीं। उनकी इस उपलब्धि को फिटनेस के प्रति उनकी सक्रियता और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में लक्ष्य हासिल करने की प्रतिबद्धता से जोड़कर देखा जा रहा है। चंडीगढ़ के डीसी की लद्दाख में 11,500 फीट की ऊंचाई पर 21.1 किलोमीटर की हाफ मैराथन पूरी करने की उपलब्धि अब शहर में चर्चा का विषय बनी हुई है।
कानपुर: तीन महीने बंद रहेगा जाजमऊ का पुराना गंगापुल; डायवर्जन का ट्रायल शुरू, तीन जगह लगाए बैरियर
कानपुर के जाजमऊ पुराने गंगापुल पर 24 बेयरिंग बदलने के लिए डायवर्जन का ट्रायल शुरू हो गया। एनएचएआई ने तीन जगह बैरियर लगाए हैं। पुल करीब तीन माह बंद रहेगा।
रामपुर दौराहे स्थित आरएच फर्म में सोमवार को अचानक आग लग गई। आग लगने की सूचना मिलते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना पर दमकल विभाग की टीम पहुंची और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया।
पंचकूला जिले के पिंजौर की प्रगति विहार कॉलोनी में देर रात दो नकाबपोश संदिग्ध युवकों ने तीन घरों में घुसने की कोशिश की। यह घटना मकानों के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है। करीब 20 से 30 मिनट तक दोनों युवक मकानों के दरवाजे और खिड़कियां खोलने का प्रयास करते रहे। मकान मालिक भूपिंदर वर्मा और जतिंदर चौहान ने बताया कि यह घटना रात करीब दो बजे हुई। दोनों युवक मुंह ढककर दीवार फांदकर घरों के आंगन में दाखिल हुए। उन्होंने तीन घरों के दरवाजों और खिड़कियों को खोलने की कोशिश की। खिड़की- दरवाजें बंद होने पर वापस लौटे दरवाजों पर कुंडी लगी होने के कारण वे अंदर नहीं जा सके। वहीं, गर्मी की वजह से कुछ खिड़कियां खुली थीं, लेकिन जालियां बंद होने के चलते संदिग्ध युवकों की कोशिश नाकाम रही। सीसीटीवी फुटेज में दोनों युवक घरों के आसपास घूमते और दरवाजे-खिड़कियां खोलने का प्रयास करते दिख रहे हैं। काफी देर तक कोशिश करने के बाद जब उन्हें सफलता नहीं मिली, तो वे दीवार फांदकर वहां से भाग गए। इस घटना के बाद कॉलोनी के लोगों में डर का माहौल है। कॉलोनीवासियों ने पुलिस प्रशासन से मामले की जांच करने और रात के समय इलाके में पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग की है।
धनबाद के कतरास में अवैध कोयला उत्खनन के दौरान भीषण हादसा: मलबे में दबकर दो महिलाओं की दर्दनाक मौत
झारखंड के कोयलांचल क्षेत्र धनबाद से एक बार फिर लापरवाही और अवैध खनन की दर्दनाक तस्वीर सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में कोहराम मचा दिया है। जिले के कतरास थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले इलाके में अवैध खनन का काला कारोबार उस वक्त मौत का खूनी खेल बन गया जब अचानक कोयले की खदान का एक बड़ा हिस्सा भरभरा कर ढह गया। इस भीषण हादसे में मलबे के नीचे दबने से दो महिलाओं की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोगों के अभी भी मलबे के नीचे दबे होने की आशंका जताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस बल और बचाव दल मौके पर पहुंच गया, जिसके बाद राहत और बचाव कार्य युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया गया है। इस प्रकार की अवैध खदानें अक्सर गरीब और मजबूर ग्रामीणों के लिए मौत का कुआं साबित होती हैं, जहां बिना किसी सुरक्षा उपकरणों के अपनी जान जोखिम में डालकर कोयला निकाला जाता है। इस हादसे के बाद से स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली और सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर से बहुत गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं कि आखिर कब तक कोयले के इस अवैध धंधे में बेकसूर लोग अपनी जान गंवाते रहेंगे।अवैध खदानों का मकड़जाल और कोयलांचल में पसरा मातमधनबाद और इसके आसपास के क्षेत्रों में अवैध खनन का अवैध कारोबार कोई नई बात नहीं है, लेकिन जिला प्रशासन और कोलियरी प्रबंधन की तमाम पाबंदियों के बावजूद यह धंधा धड़ल्ले से चल रहा है। कतरास की इस घटना ने एक बार फिर से यह साबित कर दिया है कि माफिया किस तरह से गरीब और जरूरतमंद लोगों को अपनी रोजी-रोटी की मजबूरी का फायदा उठाकर मौत के मुंह में धकेल देते हैं। जब अचानक खदान की चाल या मिट्टी धंसती है, तो किसी को भी संभलने का मौका नहीं मिलता और चंद पलों में ही पूरा इलाका चीख-पुकार से गूंज उठता है। हादसे के बाद से मृत महिलाओं के परिवारों में कोहराम मचा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, जिनका एकमात्र सहारा इस तरह अचानक छिन गया। ग्रामीण इलाकों में रोजगार के अभाव और गरीबी के चलते लोग अपनी जान जोखिम में डालकर इन जानलेवा खदानों में उतरने को मजबूर होते हैं, जिसके परिणाम अक्सर इतने भयानक रूप में सामने आते हैं। इस दर्दनाक हादसे के बाद से पूरे क्षेत्र में मातम पसरा हुआ है और स्थानीय लोग इस अवैध कारोबार को संरक्षण देने वाले तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।राहत और बचाव कार्य जारी, मलबे में फंसे लोगों की तलाश तेजहादसे की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस और सीआईएसएफ के जवान तुरंत भारी दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे और राहत अभियान शुरू किया। जेसीबी और अन्य मशीनों की मदद से मलबे को हटाने का काम तेजी से किया जा रहा है ताकि अगर कोई अन्य व्यक्ति या महिला अंदर फंसी हो, तो उसे सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। हालांकि, अवैध खनन वाली जगहों पर अंधेरा, संकरे रास्ते और लगातार धंसती मिट्टी के कारण बचाव कार्य में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों की भारी भीड़ भी मौके पर जमा हो गई है जो अपनों को तलाशने और बचाने के इस संघर्ष में प्रशासनिक टीमों की मदद कर रही है। अब तक दो महिलाओं के शवों को मलबे से बाहर निकाल लिया गया है, जिन्हें पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया है, जबकि अन्य लापता लोगों की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन लगातार जारी रखा गया है। प्रशासन का मुख्य फोकस इस समय यही है कि किसी भी तरह से मलबे में फंसे सभी जीवित या मृत लोगों को बाहर निकाला जाए और स्थिति को पूरी तरह से नियंत्रण में लिया जाए।सुरक्षा मानकों की अनदेखी और प्रशासनिक लापरवाही पर बड़ा सवालधनबाद जैसे औद्योगिक और खनन बहुल जिलों में अवैध उत्खनन पर रोक लगाने के लिए समय-समय पर अभियान चलाए जाने के दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों की पोल खोल देती है। स्थानीय थाना और संबंधित विभाग की कथित मिलीभगत के बिना इस तरह के बड़े पैमाने पर अवैध खदानों का संचालन होना असंभव माना जाता है, जिससे माफियाओं के हौसले बुलंद रहते हैं। जब तक प्रशासन और कोलियरी प्रबंधन इस प्रकार के अवैध खनन पर पूरी तरह से स्थायी रोक नहीं लगाएंगे और अवैध कोयला तस्करी के सिंडिकेट को नेस्तनाबूद नहीं करेंगे, तब तक ऐसी दुर्घटनाएं रुकने का नाम नहीं लेंगी। इस हादसे के बाद राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन पर भी दबाव बढ़ गया है कि वे इस मामले की उच्चस्तरीय जांच करवाएं और इसके पीछे शामिल मुख्य सरगनाओं को कानून के कटघरे में खड़ा करें। दो निर्दोष महिलाओं की मौत ने एक बार फिर से यह दिखा दिया है कि सुरक्षा के अभाव में चलने वाला यह अवैध कारोबार इंसानी जिंदगी के लिए कितना बड़ा अभिशाप बन चुका है, जिसे तुरंत रोका जाना बेहद आवश्यक है।
मुरादाबाद में सोमवार दोपहर लकड़ी की फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। पूरी फैक्ट्री धू-धूकर जल रही है। 20 फीट ऊंची लपटें उठ रही हैं। 2 किलोमीटर दूर से धुएं का गुबार दिखाई दे रहा है। धुआं इतना ज्यादा है कि लोगों को घुटन हो रही है। इसके चलते पुलिस ने आसपास का इलाका खाली करा दिया है। 10 से ज्यादा दमकल गाड़ियां आग बुझाने में जुटी हैं। मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) डॉ. राजीव कुमार पांडेय ने कहा- आग की भयावहता को देखते हुए रामपुर से भी दमकल की गाड़ियां मंगानी पड़ी हैं। फैक्ट्री में भारी मात्रा में थिनर, पेंट, केमिकल और सूखी लकड़ी का स्टॉक रखा था। इस वजह से आग तेजी से फैली है। आग किस वजह से लगी और उस वक्त फैक्ट्री में कितने मजदूर थे, यह अभी पता नहीं चल पाया है। आरएच इंटरनेशनल फैक्ट्री कटघर थाना क्षेत्र में रामपुर दोराहे के पास है। इसके मालिक तस्लीम हैं। फैक्ट्री में लैंप, प्रीमियम कर्टेन रॉड्स, डिजाइनर फर्नीचर और मेटल हैंडीक्राफ्ट तैयार किए जाते हैं। इनकी सप्लाई विदेशों में होती है। आग की तस्वीरें देखिए- खबर अपडेट की जा रही है….
भोपाल के सरकारी स्कूल में राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान प्राप्त डॉ. अर्चना शुक्ला ने कबाड़ को पढ़ाई का साधन बना दिया। टूटी फॉल्स सीलिंग की टाइल्स से विज्ञान के मॉडल और पुराने टायर-बेंच से गणित का मॉडल तैयार किया गया।
झारखंड की धरती पर अपराध और खौफ का एक ऐसा हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है जिसने पूरे प्रशासनिक और कारोबारी जगत में सनसनी फैला दी है। राज्य के भीतर एक जाने-माने रियल एस्टेट कारोबारी की बेरहमी से हत्या कर दी गई, जिसके बाद पुलिस ने जब इस गुत्थी को सुलझाना शुरू किया तो जो सच सामने आया उसने हर किसी के होश उड़ा दिए। इस सनसनीखेज हत्याकांड के आरोप में किसी आम अपराधी को नहीं, बल्कि कानून की रखवाली करने वाली वर्दी से जुड़े लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पकड़े गए आरोपियों में कोलकाता पुलिस का एक यातायात सार्जेंट (ट्रैफिक सार्जेंट) और एक महिला स्वयंसेवक (महिला वॉलंटियर) शामिल हैं, जिनकी इस खौफनाक साजिश में सीधी संलिप्तता पाई गई है। इस हाई-प्रोफाइल मर्डर मिस्त्री ने यह साबित कर दिया है कि कैसे आपराधिक मानसिकता वाले लोग अपनी ताकत और ओहदे का गलत इस्तेमाल करके बड़ी वारदातों को अंजाम देते हैं। पुलिस और एसआईटी इस पूरे मामले की अंदरूनी परतों को खंगालने में जुटी हुई है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस हत्या के पीछे असली वजह क्या थी और इस सिंडिकेट में कौन-कौन लोग शामिल हैं।रियल एस्टेट कारोबारी की हत्या से दहल उठा कारोबारी जगतझारखंड में प्रॉपर्टी और रियल एस्टेट का कारोबार करने वाले व्यवसायियों के बीच इस जघन्य हत्याकांड के बाद से भारी दहशत और आक्रोश का माहौल बना हुआ है। मृतक कारोबारी अपने क्षेत्र में एक जाना-पहचाना नाम था, जिसका उठना-बैठना और व्यावसायिक लेन-देन कई बड़े लोगों के साथ था। अचानक हुई इस वारदात ने व्यवसायियों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं कि जब इस स्तर के लोग भी सुरक्षित नहीं हैं, तो आम आदमी की क्या स्थिति होगी। हत्या की इस घटना को बहुत ही शातिर तरीके से अंजाम दिया गया था, जिससे ऐसा प्रतीत होता है कि हमलावरों ने पूरी प्लानिंग के साथ कारोबारी को अपने जाल में फंसाया और फिर रास्ते से हटा दिया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया, जिसके बाद ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू की गई। कारोबारी जगत के लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे हत्याकांड की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए ताकि इस साजिश के पीछे छिपे हर एक चेहरे को बेनकाब किया जा सके।कोलकाता पुलिस के ट्रैफिक सार्जेंट और महिला वॉलंटियर की गिरफ्तारीइस मर्डर मिस्ट्री का सबसे हैरान करने वाला पहलू यह है कि झारखंड से ताल्लुक रखने वाले इस हत्याकांड के तार सीधे कोलकाता पुलिस से जुड़ते नजर आए हैं। अनुसंधान के दौरान पुलिस के हाथ जो इलेक्ट्रॉनिक और तकनीकी सबूत लगे, उन्होंने पश्चिम बंगाल के कोलकाता में तैनात एक ट्रैफिक सार्जेंट और एक महिला स्वयंसेवक की भूमिका को संदिग्ध पाया। पुलिस ने बिना कोई वक्त गंवाए त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को धर दबोचा, जिनसे लगातार कड़ाई से पूछताछ की जा रही है। एक पुलिसकर्मी का इस तरह से किसी क्रिमिनल मर्डर केस में मुख्य आरोपी के तौर पर पकड़ा जाना खाकी वर्दी पर एक बहुत बड़ा कलंक है, जो कानून व्यवस्था की साख पर भी सवाल खड़े करता है। महिला वॉलंटियर और ट्रैफिक सार्जेंट के बीच क्या संबंध थे और उन्होंने किस निजी रंजिश या व्यावसायिक विवाद के चलते इस खूनी खेल को रचा, यह पुलिस की पूछताछ के बाद ही पूरी तरह से साफ हो पाएगा। बहरहाल, दोनों की गिरफ्तारी से यह साफ हो गया है कि इस मामले में कई और बड़े खुलासे होने अभी बाकी हैं।जमीन के खेल, आपसी रंजिश और कानून के रखवालों की काली करतूतशुरुआती तफ्तीश में यह बात सामने आ रही है कि इस पूरी हत्या के पीछे जमीन के बड़े सौदे, पैसों के लेन-देन या किसी गहरी आपसी रंजिश का हाथ हो सकता है। रियल एस्टेट के कारोबार में अक्सर करोड़ों रुपये के विवाद जुड़े होते हैं, और कई बार लोग शॉर्टकट अपनाने के लिए अपराधियों या भ्रष्ट अधिकारियों का सहारा ले लेते हैं। जब खाकी पहनने वाले लोग ही कानून को अपने हाथ में लेकर हत्या जैसे जघन्य अपराधों में शामिल होने लगें, तो न्याय व्यवस्था पर से जनता का भरोसा डगमगाने लगता है। झारखंड और बंगाल पुलिस इस मामले में आपसी तालमेल बिठाकर काम कर रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इस अपराध में शामिल कोई भी शख्स कानून की गिरफ्त से बच न सके। इस तरह की घटनाएं समाज को अंदर से खोखला कर देती हैं और यह दिखाती हैं कि कैसे लालच और सत्ता की हवस इंसान को अंधा बना देती है। आने वाले दिनों में अदालत और पुलिस की यह संयुक्त कार्रवाई तय करेगी कि इन आरोपियों को उनके किए की कितनी कड़ी सजा मिलती है।
पटना के सिगोड़ी थाना परिसर में फंदे से मिला श्रमिक अजय मांझी का शव, ईंट-भट्ठा मालिक पर हत्या का आरोप
14 अगस्त, सोमवार, पटना: पालीगंज अनुमंडल के सिगोड़ी थाना परिसर स्थित चौकीदार के कमरे में श्रमिक अजय मांझी का शव गमछे से लटका मिला। मृतक गया के कुंडवा गांव का रहने वाला था। परिजनों ने ईंट-भट्ठा मालिक पर हत्या का आरोप लगाया है।
घरेलू विवाद में पति ने पत्नी पर पेट्रोल छिड़ककर जिंदा जलाया, इलाज के दौरान मौत के बाद आरोपी फरार
झारखंड के दुमका जिले से मानवता को शर्मसार कर देने वाली एक ऐसी दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। जिले के शिकारीपाड़ा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले चंदनगढ़िया गांव में पारिवारिक कलह और आपसी अनबन ने एक हंसते-खेलते परिवार को पलभर में उजाड़ कर रख दिया। मामूली घरेलू विवाद के दौरान हैवान बने पति अर्जुन राय ने अपनी ही 25 वर्षीय पत्नी शनिचरिया देवी के ऊपर दरिंदगी की सारी हदें पार करते हुए पेट्रोल छिड़क दिया और फिर बेरहमी से उसमें आग लगा दी। इस भयानक अग्निकांड में महिला बुरी तरह से झुलस गई, जिसके बाद परिजनों और स्थानीय लोगों की मदद से उसे तुरंत इलाज के लिए पश्चिम बंगाल के रामपुरहाट अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने उसकी जान बचाने के लिए हरसंभव प्रयास किए, लेकिन गंभीर रूप से झुलस चुकी शनिचरिया देवी जिंदगी और मौत के बीच चल रहे इस लंबे संघर्ष को हार गई और इलाज के दौरान उसकी दर्दनाक मौत हो गई। इस जघन्य हत्याकांड को अंजाम देने के बाद से कलयुगी पति अर्जुन राय मौके से अपनी जान बचाकर फरार चल रहा है, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। इस घटना के सामने आने के बाद से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है और हर कोई इस निर्मम हत्या की कड़ी निंदा कर रहा है।घरेलू विवाद ने कैसे लिया एक खौफनाक और जानलेवा रूपचंदनगढ़िया गांव की यह खौफनाक दास्तान इस बात का जीता-जागता उदाहरण है कि कैसे छोटी-छोटी घरेलू बातें और गुस्से का बेकाबू होना किसी की पूरी दुनिया को तबाह कर सकता है। मृतका 25 वर्षीय शनिचरिया देवी और उसके पति अर्जुन राय के बीच किसी बात को लेकर अक्सर अनबन रहती थी, लेकिन किसी ने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि यह आपसी कलह इतनी भयानक खूनी रंजिश में बदल जाएगी। वारदात के दिन जब घर के भीतर विवाद अपने चरम पर था, तब आरोपी पति ने अपना मानसिक संतुलन पूरी तरह खो दिया और गुस्से में आकर वहशीपन की सभी सीमाओं को लांघ गया। घर में रखे पेट्रोल को लाकर उसने अपनी पत्नी के शरीर पर उड़ेल दिया और एक छोटी सी चिंगारी ने पलभर में उस महिला के शरीर को अपनी आगोश में ले लिया। किसी भी रिश्ते में संवाद की कमी और सहनशीलता का खत्म हो जाना जब हद पार कर जाता है, तो इस तरह के हृदयविदारक परिणाम सामने आते हैं जो समाज के माथे पर एक बड़ा कलंक बन जाते हैं। इस घटना के बाद से मृतका के मायके वालों का रो-रोकर बुरा हाल है और उनका एकमात्र यही कहना है कि उनकी बेटी का कसूर सिर्फ इतना था कि उसने उस घर में जन्म लिया और अपनी गृहस्थी को संभालने की कोशिश कर रही थी।पश्चिम बंगाल के अस्पताल में इलाज के दौरान हुई दर्दनाक मौतआग की लपटों से घिरी शनिचरिया देवी की चीख-पुकार सुनकर जब तक आसपास के ग्रामीण दौड़कर मौके पर पहुंचे और किसी तरह आग पर काबू पाया, तब तक उसका शरीर बहुत बुरी तरह से झुलस चुका था। स्थिति की नजाकत को देखते हुए उसे तुरंत झारखंड की सीमा पार कर पश्चिम बंगाल के रामपुरहाट अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे बर्न वार्ड में भर्ती कर डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया। शुरुआती कुछ घंटों तक महिला ने जिंदगी की जंग लड़ने की पूरी कोशिश की, लेकिन उसके शरीर के अंदरूनी हिस्से और बाहरी त्वचा बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुके थे। डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद संक्रमण और अत्यधिक जलने के कारण उसकी सांसें थम गईं, जिससे अस्पताल परिसर में कोहराम मच गया। इस प्रकार की घटनाएं हमारी चिकित्सा व्यवस्था, सामाजिक सुरक्षा और पुलिस तंत्र के सामने भी कई बड़े सवाल खड़े करती हैं कि आखिर कैसे घरेलू हिंसा के मामले इतने खतरनाक स्तर तक पहुंच जाते हैं। महिला की मौत की खबर जैसे ही उसके गांव और घर तक पहुंची, वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं और इस अमानवीय कृत्य के प्रति लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला।पुलिस की ताबड़तोड़ दबिश और आरोपी पति की तलाश जारीअपनी ही पत्नी को पेट्रोल डालकर जिंदा जलाने के इस जघन्य हत्याकांड को अंजाम देने के बाद से आरोपी पति अर्जुन राय गांव छोड़कर जंगल और आसपास के इलाकों में दुबक कर बैठा हुआ है। घटना की सूचना मिलते ही शिकारीपाड़ा थाना की पुलिस तुरंत हरकत में आई और अस्पताल पहुंचकर मृतका के परिजनों के बयान दर्ज किए। पुलिस ने इस मामले में हत्या की विभिन्न धाराओं के तहत गंभीर मुकदमा दर्ज कर लिया है और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए कई पुलिस टीमों का गठन कर दिया है। दुमका और आसपास के सीमावर्ती जिलों में भी पुलिस लगातार दबिश दे रही है ताकि फरार चल रहे कातिल पति को जल्द से जल्द दबोचा जा सके और कानून के कटघरे में खड़ा किया जा सके। इस तरह के मामलों में त्वरित न्याय और सख्त सजा मिलना बेहद जरूरी है ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति किसी महिला या अपनी पत्नी के साथ इस तरह की दरिंदगी करने की हिम्मत न जुटा सके। समाज के हर वर्ग को मिलकर ऐसी घरेलू हिंसा के खिलाफ आवाज उठानी होगी और अपने आसपास नजर रखनी होगी ताकि किसी और बेटी की जिंदगी इस तरह से असमय न छीनी जा सके।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा है कि देश के 21 राज्यों में भाजपा और भाजपा के नेतृत्व वाली राजग सरकारें 2029 से पहले समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करेंगी। बिहार में जदयू ने कहा है कि वो इसे लागू नहीं होने देगी।
नौकरी का सपना दिखाकर दो लोगों से 5 लाख रुपये ऐंठने वाला आरोपी 8 साल बाद पुलिस के हत्थे चढ़ा। डिजिटल सबूतों ने खोला राज, पूछताछ में ठगी कबूलने के बाद जेल भेजा गया।
रेलवे ने बिना वैध कारण चेन पुलिंग करने वालों को सख्त चेतावनी दी है। ऐसा करने पर एक हजार रुपये का जुर्माना या जेल या दोनों सजा हो सकती है, खासकर त्योहारों के दौरान ट्रेन परिचालन बाधित न हो।
लखनऊ में बंद मकान के अंदर चल रहा था नकली पान मसाला बनाने का खेल, 5 लाख के माल के साथ दो गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक बार फिर से मिलावटखोरों और नकली सामान बनाने वाले जालसाजों का एक बहुत बड़ा भंडाफोड़ हुआ है, जिसने आम जनता के स्वास्थ्य के साथ होने वाले खिलवाड़ की एक और दर्दनाक और चौंकाने वाली तस्वीर सामने ला दी है। पुलिस और खाद्य सुरक्षा विभाग की संयुक्त कार्रवाई में एक ऐसे सनसनीखेज रैकेट का पर्दाफाश हुआ है जो शहर के भीतर एक सुनसान और बंद मकान को आड़ बनाकर पूरी साजिश को अंजाम दे रहा था। इस सीक्रेट ठिकाने पर देश की नामचीन और प्रतिष्ठित तंबाकू तथा पान मसाला कंपनियों के नाम और उनके हूबहू दिखने वाले नकली रैपरों का इस्तेमाल करके घटिया सामग्री से डुप्लीकेट माल तैयार किया जा रहा था। इस छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से करीब 5 लाख रुपये मूल्य का भारी मात्रा में नकली पान मसाला, पैकेजिंग सामग्री, रैपर और माल तैयार करने वाली मशीनें व उपकरण बरामद किए हैं। इस अवैध कारोबार में शामिल दो मुख्य आरोपियों को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया है, जिनसे पूछताछ के आधार पर इस पूरे सिंडिकेट के अन्य सदस्यों की तलाश तेज कर दी गई है। राजधानी के इस तरह के मामलों ने एक बार फिर से इस बात पर गहरी चिंता बढ़ा दी है कि कैसे मुनाफा कमाने के चक्कर में लोगों की जान के साथ सरेआम खिलवाड़ किया जा रहा है।बंद मकान का इस्तेमाल कर चल रहा था अवैध कारोबार का खेलराजधानी लखनऊ के इस मामले में जालसाजों ने लोगों की आंखों में धूल झोंकने के लिए बेहद शातिर तरीका अपनाया था, जिसके तहत उन्होंने एक ऐसे आवासीय इलाके को चुना जहां बाहरी लोगों का आना-जाना कम रहता था और मकान अमूमन बंद ही दिखाई देता था। आसपास के लोगों को भनक तक नहीं लगी कि जिस घर को वे सूना या खाली समझ रहे हैं, उसके भीतर रातों-रात करोड़ों का नकली सामान तैयार करने की एक अवैध फैक्ट्री चल रही थी। तस्कर और मिलावटखोर अक्सर ऐसे ही सुनसान या किराए के मकानों को अपना निशाना बनाते हैं ताकि पुलिस या स्थानीय प्रशासन की नजरों से बचा जा सके और अपने नापाक मंसूबों को बेखौफ होकर अंजाम दिया जा सके। पुलिस की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी पिछले काफी समय से इस धंधे में संलिप्त थे और बहुत ही शातिर तरीके से लखनऊ के अलावा आसपास के जिलों के बाजारों में भी इस नकली माल की सप्लाई कर रहे थे। बंद मकान के अंदर चल रहे इस काले कारोबार के खुलासे से आसपास के स्थानीय निवासी भी सकते में हैं कि उनके पड़ोस में इतनी बड़ी अवैध गतिविधि बिना किसी शोर-शराबे के संचालित हो रही थी।बड़ी कंपनियों के रैपर और घटिया सामग्री से बनता था घातक जहरबाजार में बिकने वाले लोकप्रिय ब्रांड्स के असली और महंगे पान मसालों की मांग का फायदा उठाने के लिए यह गिरोह पूरी तरह से एक्टिव था, जो बेहद घटिया क्वालिटी की सामग्री, सुगंधित केमिकल और सस्ते कच्चे माल का इस्तेमाल करके बिल्कुल असली जैसा दिखने वाला उत्पाद तैयार करता था। जिन प्रतिष्ठित कंपनियों के नाम और उनके लोगो का इस्तेमाल इन जालसाजों द्वारा किया जा रहा था, उन कंपनियों के असली रैपरों और हूबहू दिखने वाली पन्नियों को भारी मात्रा में इस मकान से जब्त किया गया है। इस तरह का नकली पान मसाला और तंबाकू स्वास्थ्य के लिए अत्यंत घातक और जहरीला साबित हो सकता है क्योंकि इसके निर्माण में किसी भी प्रकार के स्वास्थ्य मानकों या साफ-सफाई का कोई ख्याल नहीं रखा जाता है। इसमें उपयोग किए जाने वाले रसायन और घटिया तत्व सीधे तौर पर इंसान के शरीर, मुंह और पेट के अंगों को भयंकर नुकसान पहुंचाते हैं, जिससे कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियां होने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। जब इस तरह के नकली उत्पाद बाजारों में कम दामों पर खपाए जाते हैं, तो आम ग्राहक असली और नकली के इस बारीक फर्क को समझ नहीं पाता और अनजाने में अपनी सेहत के साथ बहुत बड़ा जोखिम मोल ले लेता है।5 लाख का माल बरामद और दो शातिर आरोपियों की हुई गिरफ्तारीपुलिस और प्रशासनिक टीम की इस त्वरित और सटीक कार्रवाई के दौरान मौके से लगभग 5 लाख रुपये मूल्य का अवैध और मिलावटी सामान पूरी तरह से जब्त कर लिया गया है, जिसमें तैयार माल के साथ-साथ अधपकी सामग्री और पैकेजिंग मशीनें भी शामिल हैं। गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों से पुलिस कड़ाई से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस नेटवर्क के तार लखनऊ से बाहर किन-किन अन्य शहरों या राज्यों तक फैले हुए हैं। इस तरह के मामलों में केवल दो या तीन लोग शामिल नहीं होते, बल्कि इसके पीछे एक पूरा संगठित गिरोह काम करता है जो थोक विक्रेताओं और फुटकर दुकानदारों के जरिए इस माल को चुपचाप बाजारों तक पहुंचाता है। पुलिस अब उन तमाम लोकल दुकानदारों और सप्लायरों की भी कुंडली खंगाल रही है, जो इस अवैध कारखाने से माल खरीदते थे और आम जनता को बेचते थे। प्रशासन और पुलिस की इस सख्त कार्रवाई से मिलावटखोरों में हड़कंप मच गया है, लेकिन जरूरत इस बात की है कि ऐसे अपराधियों के खिलाफ इतनी कठोर कानूनी कार्रवाई हो ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति लोगों की जिंदगी के साथ इस तरह का खिलवाड़ करने की हिम्मत न जुटा सके।
जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा में प्रश्नपत्र लीक और गड़बड़ी के मामले में सीआईडी ने देवघर से बिहार के बांका निवासी सुधाकर यादव को पकड़ा है। उसके ठिकाने से परीक्षार्थियों के शैक्षणिक प्रमाण पत्र और बैंक चेक मिले हैं।
एक सर्वे के अनुसार महाराष्ट्र के बाद हिमाचल प्रदेश में बाल झड़ने की समस्या सबसे अधिक है। प्रदेश में 52.7% लोग स्टेज-3 हेयर लॉस से प्रभावित बताए गए हैं।
उत्तर प्रदेश की प्रशासनिक मशीनरी में एक बार फिर से बड़ा और व्यापक फेरबदल देखने को मिला है, जहां शासन ने एक साथ कई जिलों और विभागों में बड़े पैमाने पर प्रशासनिक अधिकारियों के कार्यभार में बदलाव किए हैं। इस प्रशासनिक सर्जरी के तहत कुल 14 भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) और 34 प्रांतीय सिविल सेवा (PCS) अधिकारियों के तबादले कर दिए गए हैं, जिससे प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। शासन स्तर से जारी हुई इस नई तबादला सूची में कई अहम और संवेदनशील पदों पर तैनात अफसरों को इधर से उधर किया गया है, जिसके पीछे प्रशासनिक कसावट और कामकाज में तेजी लाने की मंशा बताई जा रही है। इन बदलावों के बीच सबसे ज्यादा चर्चा काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) को हटाए जाने को लेकर हो रही है, क्योंकि यह पद धार्मिक, सांस्कृतिक और प्रशासनिक दृष्टिकोण से बेहद संवेदनशील माना जाता है। उत्तर प्रदेश सरकार की इस कार्रवाई से यह साफ संकेत मिलता है कि आगामी प्रशासनिक और विकास कार्यों को लेकर सरकार पूरी तरह से गंभीर है और फील्ड में काम कर रहे अधिकारियों की कार्यशैली पर पैनी नजर रखी जा रही है।काशी विश्वनाथ मंदिर के CEO को हटाए जाने के क्या हैं मायनेवाराणसी स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) पद पर फेरबदल करना इस पूरी प्रशासनिक सूची का सबसे बड़ा और चर्चित हिस्सा रहा है। काशी विश्वनाथ धाम के पुनरुद्धार और सौंदर्यीकरण के बाद से इस मंदिर परिसर में रोजाना देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की व्यवस्था संभालना एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी बन चुका है। मंदिर प्रशासन में पारदर्शिता, सुरक्षा, सुगम दर्शन और श्रद्धालुओं की सुविधाओं के स्तर को लगातार बेहतर बनाए रखने के लिए सरकार समय-समय पर प्रशासनिक अमले में फेरबदल करती रहती है। नए अधिकारी के कंधों पर इस भव्य और दिव्य धाम की व्यवस्थाओं को और अधिक चुस्त-दुरुस्त करने का कड़ा जिम्मा होगा, साथ ही मंदिर आने वाले भक्तों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, यह सुनिश्चित करना उनकी पहली प्राथमिकता में शामिल रहेगा। स्थानीय स्तर पर इस बदलाव को लेकर विभिन्न प्रकार के कयास लगाए जा रहे हैं, लेकिन शासन स्तर से इसे नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया और कार्यकुशलता को बढ़ावा देने का हिस्सा बताया गया है।जिलों और विभागों में बदले गए कद्दावर अधिकारीइस बड़े प्रशासनिक फेरबदल के दायरे में केवल धार्मिक नगरी वाराणसी ही नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के कई अन्य महत्वपूर्ण जिले और प्रमुख विभाग भी शामिल हैं। शासन द्वारा जारी की गई ट्रांसफर लिस्ट के अनुसार कई जिलों के मुख्य विकास अधिकारियों (CDO), अपर जिलाधिकारी (ADM) और अन्य महत्वपूर्ण पदों पर तैनात अधिकारियों की जिम्मेदारियां बदली गई हैं। सरकार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जन कल्याणकारी योजनाएं धरातल पर पूरी ईमानदारी और तेजी के साथ लागू हो सकें, जिससे आम जनता को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। जब भी इस प्रकार के थोक में तबादले होते हैं, तो नौकरशाही के भीतर कार्य संस्कृति को सुधारने और जिलों में सुशासन को बढ़ावा देने का संदेश देने का प्रयास किया जाता है। जिन अधिकारियों को नए कार्यभार सौंपे गए हैं, उन्हें तत्काल प्रभाव से अपनी नई तहसीलों, जिलों और विभागों में जाकर कार्यभार संभालने के निर्देश दिए गए हैं ताकि प्रशासनिक निरंतरता बनी रहे।प्रशासनिक कसावट और आगामी चुनौतियों के बीच यह फेरबदल क्यों है अहमउत्तर प्रदेश जैसे देश के सबसे बड़े राज्य में कानून-व्यवस्था, विकास कार्यों की रफ्तार और प्रशासनिक पारदर्शिता बनाए रखना किसी भी सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती रहता है। समय-समय पर अधिकारियों के कार्यक्षेत्र बदलना और उनकी क्षमता के अनुसार उन्हें नई जिम्मेदारियां देना प्रशासनिक नीति का एक अनिवार्य हिस्सा माना जाता है ताकि किसी एक स्थान पर लंबे समय तक जमे रहने से उत्पन्न होने वाली शिथिलता को समाप्त किया जा सके। 14 IAS और 34 PCS अफसरों के इस सामूहिक फेरबदल से निचले स्तर के कर्मचारियों से लेकर जिला मुख्यालयों तक एक स्पष्ट संदेश गया है कि काम में कोताही बरतने वाले अधिकारियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जनता की शिकायतों के त्वरित निस्तारण, भ्रष्टाचार पर लगाम कसने और विकास परियोजनाओं को समय सीमा के भीतर पूरा करने के लिए सरकार ने अपने भरोसेमंद और तेज-तर्रार अधिकारियों को मैदान में उतारा है। आने वाले दिनों में इन नए अधिकारियों के प्रदर्शन और उनके द्वारा लिए जाने वाले फैसलों पर जनता के साथ-साथ शासन की भी कड़ी नजर बनी रहेगी।
भगवान गणेश की प्रतिमाओं को लेकर श्रद्धालु मिट्टी, बांस और लकड़ी से बनी इको फ्रेंडली प्रतिमाओं को प्राथमिकता दे रहे हैं। कटनी में तैयार प्रतिमाएं दूसरे जिलों के लोगों को भी आकर्षित कर रही हैं।
मध्य प्रदेश में आबादी की जमीन पर काबिज स्वामित्व योजना के 50 लाख से ज्यादा हितग्राहियों को जमीन और आवास का मालिकाना हक देने के लिए सरकार 17 सितंबर से मुफ्त रजिस्ट्री शुरू करने जा रही है। इसके लिए राजस्व निरीक्षक, प्रभारी राजस्व निरीक्षक, पंचायत समन्वय अधिकारी और सहायक विकास विस्तार अधिकारी को भी सब रजिस्ट्रार के अधिकार दिए गए हैं। ये अधिकारी अपने निर्धारित क्षेत्र में हितग्राहियों की रजिस्ट्री कर सकेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर से स्वामित्व योजना के हितग्राहियों को मुफ्त रजिस्ट्री कर जमीन का मालिकाना हक देने की प्रक्रिया शुरू होगी। पहले योजना में 48.80 लाख हितग्राही चयनित थे, अब इनकी संख्या 50 लाख से अधिक बताई जा रही है। कैबिनेट करीब तीन महीने पहले ही इस फैसले को मंजूरी दे चुकी है। एक अधिकारी को रोज 40 रजिस्ट्री का लक्ष्य राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव ई. रमेश कुमार ने हाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल के सामने योजना का प्रजेंटेशन दिया था। इसमें रजिस्ट्री की गति बढ़ाने के लिए अधिकार प्राप्त हर अधिकारी-कर्मचारी को एक दिन में कम से कम 40 रजिस्ट्री करने का लक्ष्य रखा गया है। रजिस्ट्रीकर्ता के रूप में संबंधित क्षेत्र के हल्का पटवारी का नाम दर्ज रहेगा। RI को जिले में, पंचायत अफसरों को जनपद क्षेत्र में अधिकार वाणिज्यिक कर विभाग के नए नोटिफिकेशन के तहत राजस्व विभाग के राजस्व निरीक्षक और प्रभारी राजस्व निरीक्षक को रजिस्ट्रीकरण अधिनियम 1908 की धारा 6 के तहत सब रजिस्ट्रार की शक्तियां दी गई हैं। ये अपने क्षेत्र के संबंधित जिलों में आबादी भूमि की मुफ्त रजिस्ट्री कर सकेंगे। इसी तरह पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सहायक विकास विस्तार अधिकारी और पंचायत समन्वय अधिकारी को उनके पदस्थ जिले के जनपद क्षेत्र में उप पंजीयक पंजीयन घोषित किया गया है। वे भी स्वामित्व योजना के पात्र हितग्राहियों की रजिस्ट्री कर सकेंगे। तहसीलदारों को पहले ही दिए जा चुके हैं अधिकार सरकार इससे पहले प्रदेश के सभी तहसीलदारों को भी स्वामित्व योजना की मुफ्त रजिस्ट्री के लिए सब रजिस्ट्रार के अधिकार दे चुकी है। अब नए नोटिफिकेशन से रजिस्ट्री कराने वाले अधिकारियों की संख्या और बढ़ गई है। इसका उद्देश्य बड़ी संख्या में हितग्राहियों की रजिस्ट्री जल्द पूरी करना है। पटवारी कर रहे विरोध, कानूनी विवाद में फंसने की आशंका योजना में रजिस्ट्रीकर्ता अधिकारी के रूप में पटवारी का नाम दर्ज किए जाने का प्रदेश के पटवारी विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि भविष्य में रजिस्ट्री से जुड़े किसी कानूनी विवाद की स्थिति में पटवारी के बचाव की स्पष्ट व्यवस्था नहीं है। ऐसे मामलों में उन्हें अनावश्यक रूप से कानूनी दांव-पेंच में उलझना पड़ सकता है।
हिसार जिले के गांव नियाणा निवासी कैलाश की हत्या के मामले में पुलिस ने उसकी पत्नी राधा को हत्या की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मामले में पहले गिरफ्तार किए गए आरोपी दीपक को कोर्ट में पेश कर दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। वहीं, पुलिस एक अन्य आरोपी की तलाश में जुटी हुई है। पुलिस के अनुसार, कैलाश का शव 8 सितंबर 2026 को बरवाला बाइपास पर सड़क किनारे मिला था। मृतक के परिजनों ने अज्ञात लोगों पर हत्या कर शव को खुर्द-बुर्द करने की नीयत से फेंकने का आरोप लगाते हुए पुलिस को शिकायत दी थी। पुलिस ने मृतक के छोटे भाई सुनील के बयान के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की। ट्रक में लोहे की रॉड से वार कर हत्या का आरोप जांच के दौरान पुलिस के सामने आया कि कैलाश की हत्या भूना निवासी ट्रक ड्राइवर दीपक ने की थी। पुलिस के मुताबिक, दीपक ने ट्रक में मौजूद लोहे की रॉड से कैलाश पर वार कर उसकी हत्या की और शव को बरवाला बाइपास पर सड़क किनारे फेंक दिया। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी दीपक के कैलाश की पत्नी के साथ पिछले करीब तीन वर्षों से कथित रूप से संबंध थे। पुलिस ने इसी आधार पर उसकी पत्नी को हत्या की साजिश में गिरफ्तार किया है। मामले में एक अन्य आरोपी की भूमिका की भी जांच की जा रही है और उसकी तलाश जारी है। 7 सितंबर को घर से निकला था कैलाश परिजनों के अनुसार, गोलगप्पे की रेहड़ी लगाने वाला कैलाश 7 सितंबर को काम से बाहर जाने की बात कहकर घर से निकला था। उसने दो-तीन दिन में वापस आने की बात कही थी, लेकिन इसके बाद उसका परिजनों से संपर्क नहीं हुआ। जब काफी समय तक कैलाश की कोई जानकारी नहीं मिली तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। अगले दिन 8 सितंबर को उसका शव बरवाला बाइपास पर सड़क किनारे मिला। पुलिस मामले में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर हत्या से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है तथा फरार आरोपी की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
रायसेन में सोमवार 14 सितंबर को हरतालिका तीज और गणेश चतुर्थी एक साथ मनाई जाएगी। सुबह सुहागिन महिलाएं पति की लंबी उम्र और अखंड सौभाग्य के लिए निर्जला व्रत रखेंगी। वहीं, दोपहर में भगवान गणेश की स्थापना के साथ 10 दिवसीय गणेशोत्सव शुरू होगा। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, पिछले 26 साल में यह संयोग चौथी बार बना है। धर्माधिकारी पं. विनोद शास्त्री ने बताया कि तिथि में अंतर के कारण इस बार दोनों पर्व एक ही दिन पड़ रहे हैं। 14 सितंबर को सूर्योदय के समय तृतीया तिथि रहेगी। सुबह 7:07 बजे तृतीया खत्म होगी और चतुर्थी शुरू हो जाएगी। चतुर्थी 15 सितंबर की सुबह 7:44 बजे तक रहेगी। इसलिए 14 सितंबर को दोपहर में गणेशजी की स्थापना और पूजा की जाएगी। एक ही दिन शिव-पार्वती और गणेश की पूजा इस संयोग में सुबह हरतालिका तीज पर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा होगी। महिलाएं निर्जला व्रत रखेंगी। इसके बाद चतुर्थी तिथि में भगवान गणेश की स्थापना कर पूजा-अर्चना की जाएगी। इस तरह भगवान शिव, माता पार्वती और उनके पुत्र गणेश से जुड़े पर्व एक ही दिन मनाए जाएंगे। पं. शास्त्री के अनुसार, इससे पहले 17 सितंबर 2004, 1 सितंबर 2011 और 18 सितंबर 2023 को हरतालिका तीज और गणेश चतुर्थी एक ही दिन पड़ी थीं। अब 14 सितंबर 2026 को चौथी बार यह संयोग बना है। साल 2023 में चतुर्थी तिथि को लेकर कई जगह दो दिन गणेश चतुर्थी मनाई गई थी। सोमवार और चित्रा-स्वाति नक्षत्र का संयोग 14 सितंबर को सोमवार होने से भी दिन का धार्मिक महत्व बढ़ गया है। सोमवार भगवान शिव को प्रिय माना जाता है और हरतालिका व्रत में शिव-पार्वती की आराधना की जाती है। पंचांग के अनुसार, चित्रा नक्षत्र दोपहर 1:55 बजे तक रहेगा। इसके बाद स्वाति नक्षत्र शुरू होगा। इस दिन ब्रह्म और ऐन्द्र योग भी रहेंगे। इन्हें पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए शुभ माना गया है। बाजार में बढ़ी गणेश प्रतिमाओं की खरीदारी हरतालिका तीज और गणेश चतुर्थी एक साथ होने से शहर के बाजारों में भी उत्साह है। घरों में गणेश स्थापना के लिए प्रतिमाओं की खरीदारी शुरू हो गई है। इस बार मिट्टी की प्रतिमाओं की मांग ज्यादा है। मूर्तिकारों के अनुसार, लोग छोटी मिट्टी की प्रतिमाएं अधिक पसंद कर रहे हैं। मूर्तिकारों का कहना है कि 10 दिन पूजा के बाद मिट्टी की प्रतिमा का घर पर ही विसर्जन किया जा सकता है। प्रतिमा को पानी से भरे बर्तन में रखने पर वह कुछ समय में घुलकर मिट्टी में बदल जाती है। इस मिट्टी को बाद में पेड़-पौधों में भी डाला जा सकता है। इससे पर्यावरण को नुकसान नहीं होता और घर पर ही विसर्जन किया जा सकता है।

