गोरखपुर के रामगढ़ताल में आयोजित 46वीं जूनियर नेशनल रोइंग चैंपियनशिप उत्तर प्रदेश के लिए यादगार बन गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में यूपी की टीम ने 36 साल बाद स्वर्ण पदक जीतकर नया इतिहास बना दिया। बालक क्वाड्रुपल स्कल मुकाबले में यूपी के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। जीत के बाद पूरा रामगढ़ताल तालियों से गूंज उठा और खिलाड़ियों का उत्साह देखने लायक था। बालक क्वाड्रुपल स्कल फाइनल में यूपी के दीपक कुमार, यश कुमार यादव, हरिनाथ यादव और प्रवीण कुमार की टीम ने 7 मिनट 43 सेकंड का समय निकालकर पहला स्थान हासिल किया। केरल की टीम दूसरे और आर्मी ब्वायज स्पोर्ट्स कंपनी तीसरे स्थान पर रही। इस जीत के साथ यूपी को बालक वर्ग में तीसरा स्थान भी मिला। लंबे समय बाद मिली इस बड़ी सफलता से खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों में खुशी का माहौल रहा। मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों का बढ़ाया हौसलामुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूरे मुकाबले को देखा और विजेता खिलाड़ियों को पदक व ट्रॉफी देकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि रामगढ़ताल अब देश में रोइंग के बड़े केंद्र के रूप में पहचान बना रहा है। मुख्यमंत्री ने खेल विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि खिलाड़ियों को अच्छी सुविधाएं और जरूरी उपकरण उपलब्ध कराए जाएं। रामगढ़ताल को बनाया जाएगा इंटरनेशनल रोइंग सेंटरमुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में रामगढ़ताल को अंतरराष्ट्रीय स्तर का रोइंग केंद्र बनाया जाएगा। यहां राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के शिविर भी आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि एशियन गेम्स की तैयारी के लिए भारतीय महिला टीम का शिविर पहले भी गोरखपुर में हो चुका है और आगे भी बड़े शिविर यहां लगाए जा सकते हैं। चैंपियनशिप के बालक वर्ग में आर्मी ब्वायज स्पोर्ट्स कंपनी ने सबसे ज्यादा पदक जीतकर ट्रॉफी अपने नाम की। वहीं बालिका वर्ग में मध्य प्रदेश की टीम चैंपियन बनी। दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया। इन मुकाबलों में खिलाड़ियों ने जीते पदकबालिका सिंगल स्कल में मध्य प्रदेश की संतोष यादव ने स्वर्ण पदक जीता। बालक काक्सलेस पेयर्स में हरियाणा की टीम पहले स्थान पर रही। बालिका क्वाड्रुपल स्कल में केरल की टीम विजेता बनी। बालक काक्सलेस फोर्स में आर्मी ब्वायज स्पोर्ट्स कंपनी ने स्वर्ण पदक हासिल किया। बालक डबल स्कल में आर्मी ब्वायज स्पोर्ट्स कंपनी के राजन और प्रतीक निषाद ने पहला स्थान पाया। बालक सिंगल स्कल में हरियाणा के सक्षम ने स्वर्ण पदक जीता। खेल मंत्री ने कहा- प्रदेश के लिए गर्व का दिनखेल मंत्री गिरीश चंद्र यादव ने कहा कि यह उत्तर प्रदेश के खेल इतिहास का बड़ा दिन है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं देने का काम कर रही है, जिसका नतीजा अब राष्ट्रीय स्तर पर दिखाई दे रहा है। समापन समारोह में सांसद रवि किशन, महापौर मंगलेश श्रीवास्तव, खेल विभाग के अधिकारी, रोइंग फेडरेशन के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में खेल प्रेमी मौजूद रहे।
गोंडा में बिजली तार टूटने से सप्लाई ठप:आक्रोशित लोगों ने सड़क जाम कर प्रशासन के खिलाफ की नारेबाजी
गोंडा जनपद के झंझरी विकासखंड अंतर्गत सिविल लाइन द्वितीय में देर शाम बिजली के पोल से तार टूटने के बाद आग लग गई। इस घटना के कारण हजारों घरों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह से बाधित हो गई। आक्रोशित स्थानीय लोगों ने सड़क जाम कर दी और बिजली विभाग तथा प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। लोगों का आरोप है कि उन्होंने कई बार बिजली विभाग को तार बदलवाने और मरम्मत के लिए प्रार्थना पत्र दिए थे, लेकिन जेई शिवप्रसाद मिश्र और विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की। देर शाम बिजली के खंभे में लगे तार में आग लगने से तार टूटकर गिर गए, जिससे सड़क पूरी तरह से बाधित हो गई। यह सड़क परसपुर मार्ग को जोड़ती है। सूचना मिलने पर दमकल विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। पुलिस ने भी रास्ता खुलवाने का प्रयास किया, लेकिन स्थानीय लोगों ने कहा कि जब तक बिजली आपूर्ति बहाल नहीं होगी, तब तक रास्ता बाधित रहेगा। दैनिक भास्कर के संवाददाता ने इस संबंध में जेई शिवप्रसाद मिश्र से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। मौके पर पहुंचे नगर थाना प्रभारी बिंदेश्वरी मणि त्रिपाठी से लोगों की काफी देर तक बहस हुई परंतु लोगों ने रास्ता खाली नहीं किया।
जयपुर में एक कार ने घर के बाहर खेल रही सवा साल की बच्ची को रौंद दिया। हादसा सिद्धार्थ नगर इलाके में गुरुवार शाम करीब 7:30 बजे हुआ। बच्ची घर के बाहर रोड किनारे खेल रही थी। पड़ोस में रहने वाली महिला के कार बैक लेते समय मासूम नीचे आ गई। परिजन बच्ची को लेकर ईएससीसी हॉस्पिटल में इलाज के लिए लेकर गए। रात को बच्ची की मौत होने पर परिजनों ने हंगामा किया। ACP (मालवीय नगर) विनोद कुमार शर्मा ने बताया- एयरपोर्ट इलाके में रहने वाली 15 महीने की बच्ची की एक्सीडेंट में मौत हुई है। पड़ोस में रहने वाली महिला कार चला रही थी। कार बैक लेते समय बच्ची नीचे आ गई। गंभीर घायल हालत में बच्ची को परिजनों ने जवाहर सर्किल स्थित ईएससीसी हॉस्पिटल पहुंचाया। इलाज के दौरान बच्ची की मौत हो गई। न्यूज को लगातार अपडेट कर रहे हैं...
इंदौर के श्रम विभाग में पदस्थ एक महिला अधिकारी को पहले 5 हजार रुपए देकर जाल में फंसाया गया, फिर उसी आधार पर 2 लाख रुपए की मांग कर ब्लैकमेल किया जाने लगा। रकम नहीं देने पर वीडियो वायरल करने की धमकी दी जा रही थी। पीड़िता की शिकायत पर क्राइम ब्रांच ने कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसका साथी अब भी फरार है। आरोपी खुद को सिक्योरिटी गार्ड बताता था। डीसीपी राजेश त्रिपाठी के मुताबिक, महिला अधिकारी ने शिकायत में बताया कि आरोपी से ऑफिस आने-जाने के दौरान सामान्य पहचान हुई थी। इसी दौरान एक दिन वह अचानक उनके ऑफिस पहुंचा और 5 हजार रुपए यह कहते हुए दे दिए कि मजदूरों को बोनस के रूप में बांट देना। इसी दौरान आरोपी ने स्पाई कैमरे से उनका वीडियो रिकॉर्ड कर लिया। बाद में उसी वीडियो के जरिए ब्लैकमेलिंग शुरू कर दी गई। आरोपी ने पहले 2 लाख रुपए की मांग की। जब महिला अधिकारी ने रकम देने से इनकार किया, तो उसने मांग घटाकर 1 लाख रुपए कर दी और वीडियो वायरल करने की धमकी देने लगा। मानसिक तनाव से परेशान महिला अधिकारी ने क्राइम ब्रांच से संपर्क किया। शिकायत की जांच के बाद पुलिस ने आरोपी अजीत चौरसिया को गिरफ्तार कर लिया।
नर्मदापुरम आरटीओ पीके कापसे और उड़नदस्ता टीम ने गुरुवार शाम को यात्री बसों की चैकिंग की। भोपाल चौराहे और बुधनी रोड पर चैकिंग चली। जिसमें 10 यात्री बस समेत 26 वाहनों को चैक किया गया। आरटीओ ने बस में चढ़कर यात्रियों से समस्या, सुविधा के बारे में पूछा। बस में किराया सूची चस्पा नहीं मिलने, इमरजेंसी गेट बंद मिलने पर आरटीओ ने फटकार लगाई। नर्मदापुरम से डोबी, सरदारनगर जाने वाली जय मां रेवा सर्विस की बस को पकड़ा। ड्राइवर बिना परमिट के ही यात्रियों को बैठाकर परिवहन करा रहे थे। आरटीओ कापसे ने यात्रियों को उतरवाकर बस को जब्त कार्यालय में खड़े कराया। इसके अलावा आरटीओ कापसे को बसों में अग्निशामक यंत्र, मेडिकल बॉक्स, व्हीएलटी, पैनिक बटन, इमरजेंसी गेट, किराया सूची नहीं मिलने पर 6 बसों से 21 हजार रुपए का चालान वसूला। एक बिना परमिट वाली बस से 1.14 लाख रुपए का जुर्माना वसूला। दूसरी बिना परमिट वाली बस को जब्त किया। आरटीओ कापसे ने बताया सुरक्षा मानकों के खिलाफ संचालित होने वाली बसों पर सख्ती से कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
उज्जैन में चलती कार में लगी आग; VIDEO:कुछ ही मिनटों में कार जलकर खाक; ड्राइवर ने कूदकर बचाई जान
उज्जैन-गरोठ रोड पर गुरुवार रात चलती कार में अचानक आग लग गई। समय रहते कार सवार ने बाहर निकलकर अपनी जान बचा ली, लेकिन कुछ ही देर में कार आग का गोला बन गई और पूरी तरह जलकर खाक हो गई। सूचना मिलने पर दमकल की एक गाड़ी मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। उज्जैन-गरोठ रोड हाईवे पर धतरावदा के पास असीम पटेल कार (MP13-AF3290) से जा रहे थे। इसी दौरान चलती कार से जलने की बदबू आने लगी। असीम ने कार रोककर जांच करना शुरू ही किया था कि अचानक कार में आग लग गई। आग लगते ही ड्राइवर कार से उतर गया, जिससे उसकी जान बच गई। हालांकि देखते ही देखते पूरी कार जलकर खाक हो गई। दमकलकर्मी अंकित राजपूत ने बताया कि सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और कुछ ही देर में आग पर काबू पा लिया। कार में आग कैसे लगी, इसका कारण फिलहाल पता नहीं चल पाया है।
जब्त करनी थी, लेकिन टीआई ने जलवा दी नाव:मुरैना में लेडी इंस्पेक्टर पर साक्ष्य भी मिटाने का आरोप
मुरैना जिले के सबलगढ़ में अवैध रेत खनन के खिलाफ कार्रवाई के दौरान पुलिस की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में आ गई। सबलगढ़ थाना प्रभारी टीआई राजकुमारी परमार और उनकी टीम चंबल के कलर घाटी घाट पर अवैध रेत परिवहन के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची थी। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने रेत से भरी एक नाव को पकड़ा, लेकिन इसके बाद जो हुआ उसका वीडियो गुरुवार को सामने आया। बताया जा रहा है कि पुलिस टीम ने नाव से रेत हटवाने के बाद मौके पर ही नाव में आग लगवा दी। वायरल वीडियो में टीआई राजकुमारी परमार जलती हुई नाव के पास बैठी नजर आ रही हैं। एक अन्य वीडियो में पुलिसकर्मी नाव से रेत हटाते दिखाई दे रहे हैं, जबकि तीसरे वीडियो में टीआई अपने स्टाफ को निर्देश देती सुनाई दे रही हैं। वीडियो सामने आने के बाद सवाल उठ रहे हैं कि अवैध रेत पर कार्रवाई करना सही है, लेकिन जब्त की जाने वाली नाव को जलाना किस नियम के तहत किया गया। नियमानुसार जब्त करना था, जलाना कानूनन गलतजानकारी के अनुसार, माइंस एंड मिनरल्स डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन एक्ट 1957 के तहत अवैध रेत परिवहन में उपयोग किए गए वाहन या नाव को जब्त किया जाता है। ऐसे में नाव को जलाने की कार्रवाई गलत है। ग्वालियर हाईकोर्ट के अधिवक्ता प्रद्युम्न प्रताप सिंह परिहार का कहना है कि अगर नाव को आग लगाई गई है तो यह कानूनन गलत माना जा सकता है। उनके अनुसार पुलिस को नाव और रेत दोनों को जब्त करना चाहिए था। नाव नष्ट होने की स्थिति में रेत तस्करी से जुड़े साक्ष्य भी प्रभावित हो सकते हैं। मामले को लेकर भास्कर संवाददाता ने टीआई राजकुमारी परमार से संपर्क करने का प्रयास किया गया तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। वहीं, सबलगढ़ एसडीओपी और प्रशिक्षु आईपीएस राजकृष्णा ने कहा कि वीडियो में टीआई आग लगाते हुए नजर नहीं आ रही हैं। उनके मुताबिक संभव है कि आरोपियों ने खुद नाव में आग लगाई हो। हालांकि पुलिस की मौजूदगी में आग कैसे लगी और उसे बुझाने का प्रयास क्यों नहीं किया गया, इसका जवाब थाना प्रभारी ही बेहतर तरीके से दे सकती हैं।
शाहजहांपुर में गुरुवार को रोडवेज बस चालक, परिचालक और यात्रियों के बीच विवाद हो गया। यह विवाद इतना बढ़ गया कि बस के अंदर ही मारपीट शुरू हो गई। बाद में एक यात्री को धक्का देकर बस से बाहर निकाला गया और उसके साथ मारपीट की गई। सड़क पर काफी देर तक हंगामा चलता रहा। पुलिस ने मामले की जांच की बात कही है। यह घटना सदर बाजार थाना क्षेत्र के रोडवेज अड्डे पर गुरुवार शाम करीब पांच बजे हुई। कुछ यात्री रोडवेज बस में बैठे थे। यात्रियों का आरोप है कि बस चालक शराब के नशे में था और उसने बस चलाना शुरू कर दिया। इस पर यात्रियों ने चालक को रोका और बस न चलाने की मांग की। इसके बाद चालक और यात्रियों के बीच बहस शुरू हो गई। बहसबाजी जल्द ही गाली-गलौज में बदल गई, जिसके बाद धक्का-मुक्की और बस के अंदर ही मारपीट होने लगी। मारपीट देखकर परिचालक भी मौके पर पहुंचा और वह भी यात्रियों के साथ विवाद में शामिल हो गया। कुछ लोगों ने एक व्यक्ति को धक्का देते हुए बस से बाहर निकाला और फिर उसके साथ सड़क पर मारपीट की। एक व्यक्ति ने दूसरे का गला पकड़कर दीवार से सटा दिया। घटना के बाद जमीन पर बैठे व्यक्ति को धमकियां भी दी गईं। रोडवेज अड्डे के बाहर सड़क पर करीब आधे घंटे तक हंगामा चलता रहा। हैरानी की बात यह है कि घटना स्थल से कुछ ही दूरी पर पुलिसकर्मियों की ड्यूटी रहती है, लेकिन इतने लंबे समय तक चले हंगामे के बावजूद पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। सदर थाना प्रभारी राजीव कुमार से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका फोन नहीं उठा। वहीं, सीओ पंकज पंत ने बताया कि घटना का वीडियो वायरल हुआ है और मामले की जांच की जा रही है।
एक लाख से ज्यादा का डोडा पोस्त मिला, आरोपी गिरफ्तार:होटल के पास बेचने की फिराक में खड़ा था
टोंक जिला स्पेशल टीम ने अवैध मादक पदार्थ कारोबार के खिलाफ कार्रवाई की है। टीम ने मेहंदवास थाना क्षेत्र से एक व्यक्ति को पकड़कर उसके पास से 1 लाख रुपए से ज़्यादा का डोडा पोस्त जब्त किया है। वह इस मादक पदार्थ को सप्लाई करने के लिए खड़ा था जिला स्पेशल टीम ने मुखबिर की सूचना पर उसे दबोच लिया। उसके पास से करीब साढ़े सात किलो डोडा पोस्त मिला। आरोपी युवक बारां जिले का रहने वाला है। जिला स्पेशल टीम के प्रभारी ओमप्रकाश चौधरी ने बताया कि अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ आए दिन कार्रवाई की जा रही है। इसके लिए तकनीकी और मुखबिरों की मदद ली जा रही है। होटल के पास से पकड़ा इसी कड़ी में टोंक एएसपी रतन लाल भार्गव के निर्देशन में, टोंक डीएसपी मृत्युजंय मिश्रा के सुपरविजन में, डीएसटी प्रभारी ओमप्रकाश और मेहंदवास थाना प्रभारी रामसिंह के नेतृत्व में गठित टीम ने मेहंदवास थाना क्षेत्र से गुजर रहे जयपुर कोटा नेशनल हाईवे 52 के पास आस्था होटल के सामने डोडा पोस्त के साथ एक व्यक्ति को पकड़ा है। 1 लाख से ज्यादा का डोडा पोस्त मिला उसने पूछताछ में अपना नाम बारां जिले के छबड़ा थाना क्षेत्र के ककरवा निवासी लोकेश पुत्र रामकिशन मीणा बताया है। उसके पास से करीब 1 लाख 10 हजार रुपए की कीमत का 7.400 किलो अवैध मादक पदार्थ डोडा पोस्त जब्त किया है। उसके पास से एक मोबाइल फोन भी जब्त कर आरोपी को मौके से गिरफ्तार किया गया। आरोपी के खिलाफ मेहंदवास थाने में एनडीपीएस की धाराओं में प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई जारी है।
बुलंदशहर के यमुनापुरम स्थित प्रो गोल्ड जिम में लाखों रुपये की जीएसटी चोरी का मामला सामने आया है। जीएसटी विभाग की टीम ने जांच के दौरान पाया कि जिम संचालक लंबे समय से शून्य जीएसटी रिटर्न दाखिल कर रहा था, जबकि मौके पर बड़ी संख्या में सदस्य सक्रिय थे। कार्रवाई के दौरान जिम संचालक ने लगभग आठ लाख रुपये मौके पर ही जमा करा दिए। जीएसटी विभाग के डिप्टी कमिश्नर जयंत सिंह और सीटीओ बीरेंद्र पांडेय के नेतृत्व में एक टीम ने प्रो गोल्ड जिम पर गुरुवार दोपहर करीब एक बजे जांच शुरू की। करीब आठ घंटे तक जांच के बाद विभागीय अधिकारियों को जिम में करीब 200 युवाओं का पंजीकरण मिला। इसके विपरीत, जिम के जीएसटी रिटर्न में कारोबार को शून्य दर्शाया जा रहा था। अधिकारियों ने दस्तावेजों और सदस्यता रिकॉर्ड की गहन जांच के बाद कर चोरी की आशंका व्यक्त की। विभागीय कार्रवाई के दबाव में, जिम संचालक ने तत्काल लगभग आठ लाख रुपये का भुगतान कर दिया। इस मामले में आगे भी वित्तीय लेनदेन और कर विवरणियों की जांच जारी रहेगी। वहीं, जिम संचालक की ओर से अधिवक्ता अभिषेक कुमार ने स्पष्टीकरण देते हुए बताया कि जिम के दो पार्टनरों के बीच विवाद चल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक पार्टनर दूसरे को फंसाने के उद्देश्य से जानबूझकर शून्य जीएसटी रिटर्न दाखिल कर रहा था। अधिवक्ता ने कहा कि इस मामले को विभाग के समक्ष स्पष्ट किया जा रहा है। जीएसटी विभाग के अधिकारियों ने जोर देकर कहा है कि कर चोरी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि शहर में अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है और अनियमितता पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
नरसिंहपुर जिले के देवरी गांव में पुरानी रंजिश के चलते 29 वर्षीय युवक रंजीत पटेल की बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। आरोपियों ने युवक को गोटेगांवखेड़ा सड़क के पास गंभीर हालत में छोड़ दिया था, जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने आरोपियों पर हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। डायल 112 ने घायल को पहुंचाया अस्पताल घटना की सूचना मिलते ही डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची और घायल रंजीत को शासकीय अस्पताल गोटेगांव ले गई। एसडीओपी मनीष त्रिपाठी के अनुसार, रंजीत ने स्वयं डायल 112 पर फोन कर सूचना दी थी। अस्पताल में इलाज के दौरान युवक ने दम तोड़ दिया, जिसके बाद पुलिस ने मामले में धाराएं बढ़ा दी हैं। मरने से पहले युवक ने लिए आरोपियों के नाम मृतक के परिजनों और चचेरे भाई नीरज पटेल के अनुसार, रंजीत ने मृत्यु पूर्व दिए बयानों में गुड्डू पटेल का नाम लेते हुए मारपीट की बात कही थी। पिता नेतराम पटेल ने बताया कि रंजीत लकड़ी काटने का काम करता था, जिससे आरोपी गुड्डू पटेल रंजिश रखता था और इसी विवाद में उसने साथियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया। गाड़ी में तोड़फोड़ के बाद भड़का विवाद पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि रंजीत ने आरोपी गुड्डू की स्कॉर्पियो गाड़ी में तोड़फोड़ की थी, जिसके बाद विवाद बढ़ा। पुलिस ने शुरुआत में गुड्डू पटेल और छुट्टु राजपूत के खिलाफ साधारण मारपीट का केस दर्ज किया था, जिसे अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मौत के बाद हत्या का केस दर्ज किया है।
कान्हा टाइगर रिजर्व में बाघों की लगातार मौतों के बाद पार्क प्रबंधन ने केनाइन डिस्टेंपर वायरस (CDV) संक्रमण को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। संक्रमण की रोकथाम और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए मैदानी स्तर पर निगरानी, वैक्सीनेशन और स्वास्थ्य मॉनिटरिंग अभियान तेज किए गए हैं। अप्रैल माह में कान्हा के सरही जोन में अमाही बाघिन और उसके चार शावकों की मौत हुई थी। जांच में इन मौतों का कारण कैनाइन डिस्टेंपर वायरस संक्रमण पाया गया था। इसके बाद 19 मई को मुक्की परिक्षेत्र में मृत मिले प्रसिद्ध बाघ “महावीर” (टी-220) में भी CDV जैसे लक्षण देखे गए। इन लगातार सामने आ रहे मामलों के कारण पार्क प्रबंधन अलर्ट मोड पर है। इसी क्रम में गुरुवार को इको सेंटर खटिया में कान्हा टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इसमें उप संचालक (कोर एवं बफर), सभी सहायक संचालक, परिक्षेत्र अधिकारी, वन्यजीव स्वास्थ्य अधिकारी और फील्ड बायोलॉजिस्ट शामिल हुए। संक्रमण की रोकथाम पर समीक्षा बैठक में CDV संक्रमण की रोकथाम के लिए किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा की गई। बाघों सहित अन्य वन्यजीवों की सतत मॉनिटरिंग, डॉग वैक्सीनेशन अभियान और अन्य आवश्यक निवारक उपायों पर विस्तार से चर्चा कर दिशा-निर्देश जारी किए गए। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि संक्रमण के खतरे को देखते हुए जंगल क्षेत्र और आसपास के गांवों में विशेष निगरानी रखी जा रही है। आवारा कुत्तों के वैक्सीनेशन और वन्यजीवों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। बैठक के बाद, क्षेत्र संचालक और उप संचालक बफर वनमंडल ने छपरी और सरेखा इको विकास समितियों के साथ बैठक की। इसमें ग्रामीणों को CDV संक्रमण के प्रति जागरूक किया गया और उनसे सुझाव भी लिए गए। समिति सदस्यों ने वन एवं वन्यजीव संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताते हुए कान्हा प्रबंधन को संक्रमण रोकथाम अभियान में पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया। डेढ माह में आठ बाघों को मौतकान्हा टाइगर रिजर्व में पिछले डेढ माह मे आठ बाघों की मौत हई है। 6 अप्रैल को परिक्षेत्र कान्हा कन्हारी बीट में मादा बघिन ( सुनैना) की मौत, 21 अप्रैल को परिक्षेत्र सरही सरहीनकान बीट में बडे अमाही नाला के पास नर शावक की मौत, 24 अप्रैल को परिक्षेत्र सरही सरहीनकान बीट में ईटावारे नाले के पास नर शावक की मौत हुई थी। 25 अप्रैल परिक्षेत्र सरही सरहीनकान बीट में उमरपानी पास मादा रावक की मौत, 29 अप्रैल को मुक्की कोरेंटाइन सेंटर में अमाही फीमेल (टी-141) की इलाज के दौरान मौत, 29 अप्रैल को मुक्की कोरेंटाइन सेंटर में बाघ शावक की इलाज के दौरान मौत, 4 मई को किसली रेंज के मगरनाल बीट में बाघ डिगडोला मेल(टी-235) की मौत, 19 मई को मुक्की रेंज के मोहगांव बीट में बाघ महावीर मेल (टी-220) की मौत हो चुकी है।
सोनभद्र में गैस सिलेंडर के लिए लगी लंबी कतारें:उपभोक्ता कई दिनों से चक्कर काटने का लगा रहे आरोप
सोनभद्र के रॉबर्ट्सगंज में भीषण गर्मी के बीच घरेलू गैस सिलेंडर प्राप्त करने में उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गैस एजेंसियों और वितरण केंद्रों पर सुबह से ही लंबी कतारें लग रही हैं, लेकिन घंटों इंतजार के बाद भी कई लोगों को सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है। इससे उपभोक्ताओं में नाराजगी बढ़ रही है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि उन्हें कई दिनों से गैस सिलेंडर नहीं मिल रहा है। मेहुरी कला निवासी एक महिला ने बताया कि उन्होंने मोबाइल के माध्यम से गैस बुक की थी, लेकिन एजेंसी पहुंचने पर उन्हें दूसरे वितरण केंद्र पर भेज दिया गया। वहां भी सिलेंडर न मिलने पर उन्हें वापस एजेंसी जाने को कहा गया। महिला का दावा है कि वह पिछले एक सप्ताह से 10 दिन तक लगातार एजेंसी और वितरण केंद्रों के चक्कर काट रही हैं। अन्य उपभोक्ताओं ने भी गैस वितरण केंद्रों पर अव्यवस्था की शिकायत की। उनका कहना है कि सुबह 8 बजे से बिना खाए-पीए लाइन में खड़े रहने के बावजूद सिलेंडर नहीं मिल रहा है। कई उपभोक्ताओं ने बताया कि चार-चार दिन से नंबर लगाने के बाद भी उन्हें गैस उपलब्ध नहीं कराई गई है। भीषण धूप और गर्मी के कारण कई लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी है और चक्कर आने की शिकायतें भी सामने आई हैं। खुरिया करमा निवासी आयुष कुमार जायसवाल ने बताया कि वह सुबह 6 बजे से गैस एजेंसी पर इंतजार कर रहे हैं। उन्हें पहले 8 बजे सिलेंडर मिलने की बात कही गई, फिर 10 बजे, 12 बजे, 2 बजे और बाद में 3 बजे का समय दिया गया। इसके बावजूद उन्हें गैस सिलेंडर नहीं मिल सका। उन्होंने यह भी बताया कि उनके आगे लाइन में खड़े कई लोग घंटों इंतजार के बाद खाली हाथ लौट गए। उपभोक्ताओं का आरोप है कि गैस वितरण में लगातार टालमटोल की जा रही है और वाहन तथा सप्लाई की कमी का हवाला देकर लोगों को घंटों इंतजार कराया जा रहा है। लोगों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से मामले की जांच कर गैस वितरण व्यवस्था को सुचारु बनाने की मांग की है,ताकि उपभोक्ताओं को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
देवरिया में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रस्तावित दौरे को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आ रहा है। सुरक्षा व्यवस्था और आपातकालीन तैयारियों को लेकर प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं। रामपुर कारखाना क्षेत्र के खान के डूंगरी में एक सेफ हाउस बनाया गया है। इसके अलावा मेडिकल कॉलेज परिसर में भी दूसरा सेफ हाउस तैयार किया गया है। दोनों स्थानों पर सुरक्षा एजेंसियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने निरीक्षण कर आवश्यक व्यवस्थाओं का जायजा लिया। सेफ हाउस में सुरक्षा, चिकित्सा और संचार व्यवस्था को मजबूत किया गया है, ताकि कार्यक्रम के दौरान किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। डीएम-एसपी ने की तैयारियों की समीक्षा मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर गुरुवार देर शाम कार्यक्रम स्थल पर जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी और पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर. शंकर ने अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में भीमपुर स्थित कार्यक्रम स्थल, हेलीपैड, सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, पार्किंग, बैरिकेडिंग, पेयजल, साफ-सफाई और जनसभा स्थल की व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी कार्य समयबद्ध और गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं। जिलाधिकारी ने कहा कि कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना है, इसलिए किसी भी प्रकार की अव्यवस्था नहीं होनी चाहिए। उन्होंने संबंधित विभागों को अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करने और कार्यक्रम स्थल तक जाने वाले मार्गों को दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। साथ ही बिजली और पानी की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। वहीं पुलिस अधीक्षक ने संवेदनशील बिंदुओं पर विशेष निगरानी रखने और पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने के निर्देश दिए। उन्होंने यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए अलग ट्रैफिक प्लान तैयार करने को भी कहा। कार्यक्रम के लिए बनाए गए 11 पार्किंग स्थल मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में आने वाले लोगों और जनप्रतिनिधियों के वाहनों के लिए अलग-अलग पार्किंग स्थल निर्धारित किए गए हैं। वीआईपी वाहनों की पार्किंग इफको खाद केंद्र के सामने खाली स्थान पर की जाएगी। शहर की ओर से आने वाले वाहनों के लिए कान्हा मैरिज हाल, आइडियल सेंट्रल स्कूल मार्ग, होटल विनायक के पीछे नहर किनारे और बाइपास रोड पर पार्किंग की व्यवस्था की गई है। वहीं कसया मार्ग की ओर से आने वाले वाहनों के लिए भगौतीपुर लिंक मार्ग, कल्याणम मैरिज हाल, नीरज वर्मा मैरिज हाल, इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप के सामने तथा गौरा चौराहा स्थित अंबे पौधशाला के पास पार्किंग स्थल निर्धारित किए गए हैं। प्रशासन ने लोगों से निर्धारित पार्किंग स्थलों का ही उपयोग करने और सुरक्षा जांच में सहयोग करने की अपील की है। पूरे जिले में लागू रहेगा ट्रैफिक डायवर्जन मुख्यमंत्री के आगमन को देखते हुए प्रशासन ने जिले में व्यापक ट्रैफिक डायवर्जन योजना लागू की है। गोरखपुर मार्ग से आने वाले भारी और हल्के वाहनों को रामपुर चौराहा से रुद्रपुर और हाटा मार्ग की ओर भेजा जाएगा। बैतालपुर होते हुए डुमरी की तरफ सामान्य वाहनों को जाने की अनुमति नहीं होगी। केवल कार्यक्रम में शामिल होने वाले वाहनों को प्रवेश मिलेगा। पांडेय चक मार्ग से भी केवल कार्यक्रम में शामिल वाहनों को प्रवेश मिलेगा। पुरवा तिराहा, बाला जी मंदिर, सोनू घाट चौराहा और पिपरपाती चौराहा पर विशेष डायवर्जन व्यवस्था लागू रहेगी। कसया मार्ग से आने वाले वाहनों को कंचनपुर तिराहा से गौरा मार्ग की ओर मोड़ा जाएगा, जबकि डुमरी तिराहा से सामान्य वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। प्रशासन ने कहा है कि ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए जगह-जगह पुलिस बल तैनात रहेगा और लोगों से सहयोग की अपील की गई है।
सहारनपुर में नाबालिग से दुष्कर्म का आरोपी अरेस्ट:पांच दिन बाद पकड़ा गया, मां को दी थी धमकी
सहारनपुर के थाना कोतवाली देहात क्षेत्र में नाबालिग किशोरी को बहला-फुसलाकर ले जाने और दुष्कर्म के मामले में वांछित आरोपी तौसीफ को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को गुरुवार को मढ़ तिराहे के पास से पकड़ा गया। पुलिस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है। पुलिस के अनुसार, पीड़ित परिवार ने 16 मई को थाने में तहरीर दी थी। इसमें बताया गया था कि उनकी 15 वर्षीय नाबालिग बेटी अचानक घर से लापता हो गई। परिवार ने आरोप लगाया था कि गागलहेड़ी निवासी तौसीफ और उसका साथी सुहैल किशोरी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गए हैं। परिजनों ने यह भी बताया कि घर से करीब 30 हजार रुपये की नकदी भी गायब थी। किशोरी के लापता होने के कुछ समय बाद परिवार के मोबाइल पर एक फोन आया था। इसमें लड़की को अपने पास होने की बात कहकर तलाश न करने की धमकी दी गई। घटना के बाद परिवार लगातार किशोरी की तलाश में जुटा रहा, लेकिन कोई सुराग नहीं मिलने पर पुलिस से कार्रवाई की मांग की गई। पुलिस ने मामले में पहले अपहरण की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। किशोरी की बरामदगी और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर बाद में दुष्कर्म की धारा भी बढ़ाई गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी के निर्देश पर नगर पुलिस और कोतवाली देहात पुलिस की संयुक्त टीम आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थी। गुरुवार को पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी तौसीफ को मढ़ तिराहे के पास से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है। फरार बताए जा रहे दूसरे आरोपी की तलाश में भी दबिश दी जा रही है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी को मेडिकल और अन्य औपचारिक कार्रवाई के बाद कोर्ट में पेश करने की तैयारी शुरू कर दी है।
छत्तीसगढ़ के धमतरी में सुशासन तिहार के तहत एक समाधान शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में प्रभारी मंत्री टंकराम वर्मा शामिल हुए। कुल 22 ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं, मांगें और शिकायतें दर्ज कराईं, जिनमें से कई का मौके पर ही निराकरण किया गया। यह दसवां समाधान शिविर धमतरी विकासखंड के ग्राम पीपरछेड़ी में 'सुशासन तिहार-2026' के अंतर्गत आयोजित किया गया था। पीपरछेड़ी क्लस्टर के तहत पीपरछेड़ी, डाही, अंगारा, हंकारा, सेमरा डी, सेंचुवा, बिजनापुरी, बोड़रा, पुरी, धौराभाठा, लिमतरा, गागरा, सांकरा, सम्बलपुर, सेहराडबरी, भोथली, कंडेल, नवागांव, बिरेतरा, छाती और शंकरदाह सहित 22 ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों ने इसमें भाग लिया। सुशासन तिहार में योजनाओं की समीक्षा और समस्याओं का समाधान प्रभारी मंत्री टंकराम वर्मा ने बताया कि पूरे प्रदेश में सुशासन तिहार का आयोजन किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य सभी योजनाओं का जायजा लेना और ग्रामीणों की छोटी-मोटी समस्याओं का समाधान करना है। इसके लिए सभी विभागों के अधिकारी शिविर में मौजूद रहते हैं। मंत्री ने जानकारी दी कि जो समस्याएं मौके पर हल करने लायक होती हैं, उनका तुरंत निराकरण किया जाता है। बड़ी समस्याओं को संबंधित विभागों को भेजा जाता है। इसके अतिरिक्त, स्टॉल लगाकर जरूरतमंद हितग्राहियों को विभिन्न सामग्री का वितरण भी किया गया। प्रभारी मंत्री ने यह भी बताया कि शिविर में प्राप्त ज्यादातर आवेदन प्रधानमंत्री आवास योजना से संबंधित थे।
सहारनपुर में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल समाप्त:निगम-कर्मचारी सहमत, शहर में सफाई व्यवस्था बहाल
सहारनपुर नगर निगम में पिछले कई दिनों से चल रही सफाई कर्मचारियों की हड़ताल गुरुवार को समाप्त हो गई। नगर निगम अधिकारियों और कर्मचारी प्रतिनिधियों के बीच लंबी वार्ता के बाद सहमति बनी, जिसके बाद कर्मचारियों ने काम पर लौटने का निर्णय लिया। हड़ताल खत्म होते ही शहर में सफाई व्यवस्था बहाल करने का अभियान शुरू कर दिया गया है। दरअसल, सफाई कर्मचारी नगर निगम में लागू की जा रही नई समग्र सफाई व्यवस्था और निजीकरण के विरोध में धरने पर बैठे थे। कर्मचारियों का आरोप था कि नई व्यवस्था लागू होने से सफाई कार्य निजी एजेंसियों को सौंपा जा सकता है, जिससे स्थायी और संविदा कर्मचारियों के हित प्रभावित होंगे। इसी मांग को लेकर नगर निगम परिसर में लगातार कई दिनों तक धरना और प्रदर्शन चलता रहा। कर्मचारियों ने हाथों में झाड़ू लेकर जोरदार नारेबाजी की थी, जिससे उनका विरोध स्पष्ट रूप से सामने आया। हड़ताल के कारण शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई थी। प्रमुख बाजारों, कॉलोनियों और सड़कों पर कूड़े के ढेर लग गए थे, जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर दुर्गंध फैलने लगी थी और संक्रमण का खतरा भी बढ़ गया था। नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रवीण शाह ने बताया कि बैठक में कर्मचारियों की सभी मांगों पर गंभीरता से चर्चा की गई। वार्ता के दौरान कर्मचारी हितों को प्राथमिकता देते हुए आश्वासन दिया गया कि भविष्य में निगम द्वारा लिए जाने वाले निर्णयों में कर्मचारियों के हितों का पूरा ध्यान रखा जाएगा। नई व्यवस्था के तहत सफाई कार्य को आधुनिक तरीके से संचालित करने और कुछ कार्यों में निजी एजेंसियों की भागीदारी की योजना थी। इसके विपरीत, पुरानी व्यवस्था में सफाई का पूरा कार्य नगर निगम कर्मचारियों के माध्यम से ही संचालित होता था। कर्मचारियों ने नई व्यवस्था को रोजगार और अधिकारों के लिए खतरा बताते हुए इसका विरोध किया था। वार्ता के बाद नगर निगम प्रशासन ने नई समग्र सफाई व्यवस्था को फिलहाल स्थगित करने और पुरानी व्यवस्था बहाल रखने का निर्णय लिया। इस निर्णय के बाद कर्मचारियों ने हड़ताल समाप्त करने की घोषणा की। गुरुवार को सफाई कर्मचारी शहर के विभिन्न इलाकों में सफाई कार्य में जुट गए, जिससे शहर की स्वच्छता फिर से पटरी पर लौट रही है। निगम की टीमों ने बाजारों, कॉलोनियों और कूड़ाघरों से जमा कूड़ा उठवाना शुरू किया।संक्रमण और दुर्गंध से बचाव के लिए कई स्थानों पर चूने का छिड़काव भी कराया गया। निगम प्रशासन का दावा है कि अगले एक-दो दिनों में शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह सामान्य हो जाएगी।
हमीरपुर में पुलिस और प्रशासन ने गुरुवार शाम समाजवादी पार्टी (सपा) के जिलाध्यक्ष इदरीस खान को उनके आवास पर हाउस अरेस्ट कर लिया। उनके घर के बाहर कड़ा पहरा बैठाया गया। यह कार्रवाई तब की गई जब प्रशासन को सूचना मिली कि सपा का एक प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को सुमेरपुर थाना क्षेत्र के टेढ़ा गांव जाने वाला है। सपा का यह प्रतिनिधिमंडल टेढ़ा गांव में एक दलित युवक से मिलने जा रहा था, जिसकी गांव के कुछ दबंगों ने 18 मई को बेरहमी से पिटाई की थी। हालांकि इस मामले में दो नामजद और दो अज्ञात के खिलाफ पुलिस मुकदमा दर्ज कर चुकी है। लेकिन अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। पीड़ित परिवार से मिलने के लिए सपा डेलिगेशन गांव पहुंचने की तैयारी कर रहा था। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर मौदहा कस्बे में स्थित सपा जिलाध्यक्ष के आवास को पुलिस छावनी में बदल दिया और उन्हें घर से बाहर निकलने से रोक दिया है। इस कदम का उद्देश्य प्रतिनिधिमंडल को गांव जाने से रोकना है। हाउस अरेस्ट किए गए सपा जिलाध्यक्ष इदरीस खान ने आरोप लगाया कि प्रशासन दलित उत्पीड़न के मामलों में आवाज उठाने से रोकने के लिए यह कार्रवाई कर रहा है। उन्होंने बताया कि अखिलेश यादव के निर्देश पर सपा का प्रतिनिधिमंडल 22 मई को पीड़ित युवक से मिलने गांव जाना चाहता था, लेकिन उन्हें उससे पहले ही नजरबंद कर दिया गया। इदरीस खान ने कहा कि इसके बावजूद समाजवादी पार्टी का प्रतिनिधिमंडल टेढ़ा गांव जाने की कोशिश करेगा, “फिर चाहे पुलिस की लाठियां ही क्यों न खानी पड़ें।”
समाजवादी पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल पूर्व एमएलसी डॉ. राजपाल कश्यप के नेतृत्व में हरदोई पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने बिलग्राम चुंगी पर कब्रिस्तान की बाउंड्री के बाहर बनी 27 दुकानों पर हुई बुलडोजर कार्रवाई का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने प्रभावित दुकानदारों और स्थानीय लोगों से मुलाकात कर मामले की जानकारी ली। सपा प्रतिनिधिमंडल ने मौके पर प्रशासनिक कार्रवाई पर नाराजगी व्यक्त करते हुए इसे एकतरफा बताया। डॉ. राजपाल कश्यप ने आरोप लगाया कि बिना उचित नोटिस और पक्ष रखने का मौका दिए दुकानों पर बुलडोजर चलाना गलत है। उन्होंने कहा कि प्रशासन सत्ता के दबाव में काम कर रहा है और निर्दोष दुकानदारों पर मुकदमे दर्ज किए गए हैं। कश्यप ने बताया कि जिन लोगों की दुकानें तोड़ी गई हैं, उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि जिस जमीन पर कार्रवाई की गई, वह नगर पालिका के अधिकार क्षेत्र में नहीं आती थी, इसके बावजूद प्रशासन ने जल्दबाजी में कार्रवाई की। सपा नेता ने कहा कि इस पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को सौंपी जाएगी। उन्होंने दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने की बात कही। राजपाल कश्यप ने प्रदेश सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आज किसान, नौजवान, व्यापारी और छात्र सभी परेशान हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक वायरल वीडियो का जिक्र करते हुए सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए।
संभल में आयोजित ऑल इंडिया फुटबॉल टूर्नामेंट के फाइनल में मुरादाबाद की टीम ने रुद्रपुर को 1-0 से हराकर खिताब अपने नाम किया। यह मुकाबला सिरसी में खेला गया। मैच शाम 6:00 बजे शुरू हुआ। दोनों टीमों ने शुरुआती हाफ में आक्रामक और रक्षात्मक खेल का प्रदर्शन किया, लेकिन कोई भी टीम गोल नहीं कर सकी। पहले हाफ तक स्कोर 0-0 रहा। मुरादाबाद के खिलाड़ी फरमान ने एक पास दिया, जिस पर प्रथम सिंह ने गोल दागकर अपनी टीम को 1-0 की बढ़त दिलाई। निर्धारित समय समाप्त होने तक रुद्रपुर की टीम बराबरी नहीं कर पाई और रात 8:00 बजे मुरादाबाद को विजेता घोषित किया गया। मैच के समापन पर पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया। नगर पंचायत सिरसी के अध्यक्ष कौसर अब्बास और संभल के कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर शाने रब मुख्य अतिथि रहे। उन्होंने विजेता और उपविजेता टीमों को ट्रॉफी और नकद पुरस्कार प्रदान किए। खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए डॉक्टर शाने रब ने कहा, खेल में हार-जीत गौण है, खेल भावना सर्वोपरि है। आज के डिजिटल युग में युवाओं को मोबाइल की लत छोड़कर शारीरिक गतिविधियों की ओर लौटना चाहिए। कौसर अब्बास ने घोषणा की कि खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के लिए जल्द ही सिरसी में एक आधुनिक फुटबॉल स्टेडियम का निर्माण कराया जाएगा। रुद्रपुर टीम के कप्तान अजय नेगी ने हार का कारण डिफेंस की चूक बताया। वहीं, विजेता टीम के कप्तान इमरान ने रुद्रपुर के खेल की सराहना करते हुए अपनी टीम के सामंजस्य को जीत का श्रेय दिया। इस अवसर पर हसीब असगर, इफ्तिखार हुसैन, अकमल जेदी, मोहम्मद अब्बास, वसीम हैदर और नवाब हैदर सहित कई खेल प्रेमी मौजूद रहे।
पाण्डुलिपि सर्वेक्षण अभियान के दौरान सरगुजा जिले के धौरपुर के पूर्व राजपरिवार के यहां से अर्कसेल वंशावली तथा तंत्र-मंत्र संबंधी कुल 11 महत्वपूर्ण पाण्डुलिपियां सामने आयी हैं। अभियान में अब तक जिले में ताड़पत्रों पर लिखी रामायण, महाभारत एवं पुराण आधारित पाण्डुलिपियों के साथ-साथ तंत्र-मंत्र और साधना से जुड़ी दुर्लभ सामग्री भी मिली हैं। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तथा ज्ञानभारतम पांडुलिपी सर्वेक्षण अभियान की जिला स्तरीय समिति के नोडल अधिकारी विनय अग्रवाल अम्बिकापुर स्थित पाण्डुलिपि संरक्षक मार्तण्ड सिंहदेव के निवास पहुंचे। मार्तण्ड सिंहदेव के पुत्र आदित्य सिंहदेव ने सभी पाण्डुलिपियों का विस्तृत विवरण दिया। राजा की आज्ञा से हुई थी रचनाएं आदित्य सिंहदेव ने बताया कि कवि स्व. रामनाथ भट्ट ने महाराजा रघुनाथ शरण सिंहदेव की आज्ञा से वर्ष 1959 में कुल 62 पृष्ठों में अर्कसेल वंशावली की रचना की थी। इसके अलावा स्व. सूर्य प्रताप सिंह देव के आदेश पर राजपुरोहित द्वारा वनदुर्गा महाविद्या (52 पृष्ठ), काली तंत्र (133 पृष्ठ) तथा तत्कालीन महाराजा के निर्देश पर पंडित देवदत्त द्वारा यंत्र-मंत्र वशीकरण मंत्र (48 पृष्ठ) लिखे गए थे। वर्ष 1842 में 33 पृष्ठों में वनदुर्गा महामंत्र लिखे जाने की जानकारी भी सामने आई है। इनके अतिरिक्त नीलकण्ठ स्तोत्र, अदकाली तंत्र, महामोहन मंत्र, विष्णु सहस्त्रनाम रुद्रशाप विमोचन मंत्र तथा हनुमान स्तोत्र जैसी पाण्डुलिपियां भी उल्लेखनीय हैं। सीईओ विनय कुमार अग्रवाल ने पांडुलिपियों के डिजिटल अपलोड की प्रक्रिया की जानकारी ली तथा स्वयं पाण्डुलिपियों को अपलोड करने का कार्य किया। उन्होंने कहा कि प्राचीन ज्ञान परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित करने की दिशा में यह अभियान एक महत्वपूर्ण पहल है। पांडुलिपियां केवल धार्मिक आस्था नहीं, बल्कि हमारी ज्ञान परंपरा और इतिहास की अमूल्य धरोहर है, इन्हें संरक्षित रखना आने वाली पीढ़ियों के लिए अत्यंत आवश्यक है। एन्थ्रोपोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया जगदलपुर से आए सरगुजा जिले के प्रभारी अधिकारी हरनेक सिंह ने इन पाण्डुलिपियों को ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। इस दौरान ज्ञानभारतम जिला स्तरीय समिति सदस्य एवं संयुक्त कलेक्टर शारदा अग्रवाल तथा सर्वेक्षक गौरव पाठक भी उपस्थित रहे।
बठिंडा से सांसद हरसिमरत कौर बादल ने गांव घुद्दा स्थित सेंट्रल यूनिवर्सिटी का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने बढ़ती तेल कीमतों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा और नगर निगम व नगर परिषद चुनावों में आम आदमी पार्टी (AAP) पर 'दादागिरी' का आरोप लगाया। तेल की कीमतों में बढ़ोतरी पर हरसिमरत कौर बादल ने कहा कि युद्ध छिड़ने के कारण इसका असर अन्य देशों पर पड़ना स्वाभाविक था। उन्होंने पिछले सत्र में यूरिया की समस्या का मुद्दा भी उठाया था, जिसमें कहा गया था कि यूरिया उन देशों से बड़ी मात्रा में आता है और किसानों को बुवाई के दौरान काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। बादल ने कहा कि जहां युद्ध होता है, वहां कुछ भी नियंत्रण में नहीं रहता, लेकिन सरकार कहती है कि सब कुछ नियंत्रण में है। उन्होंने जोर दिया कि तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण महंगाई बढ़ रही है। सांसद बोलीं- पंजाब सरकार खुद ही उलझनों में फंसी आम आदमी पार्टी में चल रहे पंजाब बनाम दिल्ली विवाद पर हरसिमरत कौर बादल ने अफसोस जताते हुए कहा कि सरकार खुद ही उलझनों में फंसी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले जिला परिषद और ब्लॉक समिति चुनावों में बल का प्रयोग किया गया था, और अब नगर निगम व नगर परिषद चुनावों में सरेआम गुंडागर्दी की जा रही है। उन्होंने बताया कि भुच्चो मंडी में अकाली दल के अध्यक्ष के बेटे को बुरी तरह पीटा गया। लोगों को डराया-धमकाया जा रहा है और कुछ लोगों का अपहरण भी किया जा रहा है। बादल ने मेयर के पिता मेहता साहब पर 'सारी हदें पार करने' का आरोप लगाया। हरसिमरत कौर बादल ने कहा कि जो विधायक खुद अपनी ही पार्टी में 'बेकार' साबित हो रहे हैं, उन्हें लगता है कि वे अपने पैसे के दम पर पूरी कमेटी पर जबरदस्ती कब्जा कर लेंगे। उन्होंने लोगों से अपील की कि ऐसे लोगों से सावधान रहें जो पैसे और जोर-जबरदस्ती से चुनाव जीतना चाहते हैं।
रायगढ़ में कैंपर वाहन स्वागत द्वार से टकराई:2 की मौत 2 घायल, घरघोड़ा की ओर आते समय हुआ हादसा
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिला में सड़क दुर्घटना में 2 लोगों की मौत हो गई और दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना तब घटित हुई, जब कैंपर वाहन में सवार होकर सभी घरघोड़ा की ओर आ रहे थे। तभी तेज रफ्तार वाहन गांव के बाहर बने स्वागत द्वार से टकरा गई। घटना के बाद घायलो को ईलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मामला घरघोड़ा थाना क्षेत्र की है। मिली जानकारी के मुताबिक कोरबा क्षेत्र के रहने वाला सत्येंद्र पांडे 45 साल ट्रांसपोर्टिंग का काम करता था। तमनार क्षेत्र में उनका काम चलने से सत्येंद्र पांडे, रोहित कश्यप 35 साल, जितेन्द्र सिंह 56 साल व विपिन सिंह 38 साल गुरूवार की देर शाम कैंपर वाहन में सवार होकर घरघोड़ा की ओर आ रहे थे। इस दौरान तेज रफ्तार कैंपर वाहन झरियापाली और देवगढ़ के बीच में लगे स्वागत द्वार पर जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि सत्येन्द्र पांडे और वाहन चालक रोहित कश्यप की मौके पर मौत हो गई। वहीं जितेन्द्र सिंह व विपिन गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की जानकारी जब आसपास के लोगों को लगी, तो वे मौके पर पहुंच गए और मामले की सूचना पुलिस को दी। ऐसे में घरघोड़ा थाना प्रभारी व अन्य पुलिस जवान मौके पर पहुंचे और तत्काल घायलो को ईलाज के लिए अस्पताल भेजवाया। पुलिस आगे की कार्रवाई में जूटीघरघोड़ा थाना प्रभारी कुमार गौरव ने बताया कि कैंपर वाहन का स्वागत द्वार में टकरा जाने से हादसा हुआ है। मृतकों के शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजवाया गया है। ट्रांसपोर्ट संबंधी इनका काम इस क्षेत्र में चलने की बात कही जा रही है। हांलाकि पुलिस आगे की कार्रवाई में जूट गई है।
बेगूसराय के शेरपुर दुग्ध उत्पादक सहयोग समिति परिसर में गुरुवार को बरौनी डेयरी की ओर से दिवंगत किसान मोइन प्रवाज के परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान की गई। डेयरी की नोडल पदाधिकारी शिवानी कुमारी ने मृतक की आश्रित हसीना खातून को 25 हजार रुपये का चेक सौंपा। इस अवसर पर शिवानी कुमारी ने कहा कि बरौनी डेयरी दुग्ध उत्पादक किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि डेयरी से जुड़े किसानों को दूध का उचित मूल्य देने के साथ-साथ विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि संस्था का उद्देश्य केवल किसानों को रोजगार उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि कठिन परिस्थितियों में उनके परिवारों को हरसंभव सहयोग देना भी है। डेयरी किसानों के हितों को प्राथमिकता देते हुए उनके सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान दे रही है। कार्यक्रम में शेरपुर दुग्ध उत्पादक सहयोग समिति के अध्यक्ष पप्पू कुमार यादव, सचिव दिलशांत कुमार, मुखिया प्रतिनिधि अजीत सहनी, पर्यवेक्षक कुंदन कुमार, मनोज कुमार, रुपेश कुमार, अमर यादव सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
उदयपुर में सुखेर थाना क्षेत्र की आशीर्वाद नगर कॉलोनी में सुख़ाड़िया यूनिवर्सिटी के अकाउंट ऑफिसर के घर में बीती रात चोरी का प्रयास हुआ। चोर करीब 1 बजे ताला तोड़कर मकान के अंदर घुसे थे। उनके घुसने के महज 15 मिनट बाद ही मकान मालिक डॉ. जीएल वसीटा(59) अपनी फैमिली के साथ घर पहुंचे तो अंदर घुसे चोरों को मालिक आने की भनक लगी। ताला टूटा देख बाहर मकान मालिक ने शोर मचाते हुए पडोसियों को जगाया। दो पडोसी बाहर आए। तभी हाथ में लोहे की रोड लिए दो चोर मकान से बाहर निकले। मकान मालिक और पडोसियों ने इन्हें पकड़ने की कोशिश की तो चोरों ने रोड से उन पर हमला करने का प्रयास किया। ऐसे में चोर फरार हो गए। घटना का एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है जिसमें फैमिली और पडोसी चोरों को पकड़ने का प्रयास करते नजर आ रहे हैं। बेटी को लेने जोधपुर गया था दंपत्तीपीड़ित डॉ. जीएल वसीटा अपनी पत्नी के साथ गुरुवार सुबह जोधपुर अपनी बेटी को लेने गए हुए थे। वहां से देर रात करीब 1 बजे जब वापस घर लौटे तो चोर अंदर घुसे मिले। डॉ वसीटा ने बताया कि दो नकाबपोश बदमाश घर के अंदर घुसे हुए और उन्होंने अपनी कार कुछ दूरी पर लगाई हुई थी। दीवार फांदकर घर में घुसे और अंदर गेट का ताला तोड़ दिया। डॉ वसीटा ने बताया कि उन्होंने सुखेर थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। वहीं, पुलिस चोरों की तलाश में जुटी है।
श्रीगंगानगर से रूस गए दो युवकों के साथ एजेंट ने उन्हें अच्छे वेतन और फुट-वेजिटेबल पैकिंग का काम बताकर भेजा, लेकिन वहां पहुंचते ही उनका पासपोर्ट छीन लिया गया और पशुओं का मीट काटने का काम सौंप दिया। आरोप है कि जब उन्होंने मना किया तो उन्हें माइनस 30 डिग्री की बर्फीली ठंड में बर्फ उठाने पर लगा दिया गया। 14 घंटे की मजदूरी, फिर धमकी जुर्माना और जेल की धमकी दी जब युवकों ने यह काम भी करने से मना किया तो कंपनी ने 1 लाख 45 हजार रूबल का जुर्माना और एक महीने की जेल की धमकी दी। कपिल बंसल से फोन पर बात की तो उसने कहा- यही काम करना पड़ेगा, वरना रूस की जेल में डलवा दूंगा। बड़ी मुश्किल से उन्हें सरकारी अस्पताल में मेडिकल करवाकर पासपोर्ट वापस मिला। जिसके बाद दोनों जान बचाकर भारत लौट आए। झूठा मुकदमा करवाने का आरोप युवकों ने आरोप लगाया कि कपिल बंसल ने उनके साथ रूस गए पवन सोनी और अभिषेक सारस्वत के साथ भी ठगी की है। कपिल ने पैसे लौटाने का आश्वासन दिया था, लेकिन बाद में उसने युवकों के खिलाफ सदर थाने में झूठा मुकदमा दर्ज करवा दिया। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की जांच एएसआई सतवीर सिंह कर रहे हैं।
मैहर जिले के मंगरौरा गांव में गुरुवार दोपहर किसान रामपाल सिंह के खेत में स्थित पंप हाउस में अचानक आग लग गई। इस आगजनी में पंप हाउस के भीतर रखे लाखों रुपए के कृषि उपकरण और अन्य सामग्री जल गई। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड ने मौके पर पहुंचकर कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। लाखों के कृषि उपकरण और सामग्री जली पंप हाउस में रखी बोरवेल की मोटर, 12 बंडल पाइप, 8 कॉयल बिजली वायर और एक गद्दा पूरी तरह जल गया है। पीड़ित किसान रामपाल सिंह के अनुसार इस घटना में उन्हें लाखों रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है। फायर ब्रिगेड और ग्रामीणों की संयुक्त कार्रवाई आग लगने की जानकारी मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों ने अपने स्तर पर बचाव कार्य शुरू किया। दमकल की टीम ने मौके पर पहुंचकर आग को फैलने से रोका, जिससे आस-पास के क्षेत्रों को सुरक्षित बचा लिया गया। आगजनी के कारणों की जांच शुरू पंप हाउस में आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। प्रशासन और स्थानीय पुलिस आग लगने की तकनीकी वजहों और घटनाक्रम की विस्तृत जांच कर रही है।
पूर्णिया में जनगणना ड्यूटी पर गई एक महिला शिक्षिका के साथ बदसलूकी का मामला सामने आया है। युवक ने शिक्षिका के हाथ से जनगणना से जुड़े सरकारी दस्तावेज भी छीन लिए। घटना के बाद जनगणना कार्य में लगे शिक्षकों और कर्मचारियों में भारी नाराजगी है। वहीं सरकारी कागजात गायब होने से प्रशासन भी सतर्क हो गया है। मामला धमदाहा थाना क्षेत्र के चंदरही गांव से जुड़ा है। महिला शिक्षिका प्रगणक के रूप में घर-घर जाकर जनगणना से जुड़ी जानकारी जुटा रही थीं। इसी दौरान चंदरही गांव के एक घर पर पहुंचने के बाद वहां मौजूद एक युवक ने उनके साथ अभद्र व्यवहार शुरू कर दिया। युवक ने शिक्षिका के हाथ से जनगणना से जुड़े अहम सरकारी दस्तावेज भी छीन लिए। शिक्षिका ने तुरंत इसकी सूचना बीडीओ को दी घटना से डरी सहमी शिक्षिका ने तुरंत इसकी सूचना बीडीओ को दी। सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया और धमदाहा थाना पुलिस को मामले की जानकारी दी गई। इसके बाद पुलिस टीम महिला शिक्षिका को साथ लेकर गांव पहुंची, लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही शातिर युवक अपने परिवार के साथ घर छोड़कर फरार हो चुका था। पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ की। ग्रामीणों ने बताया कि युवक की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। इसी कारण उसने ऐसी हरकत की। घटना के बाद जनगणना कार्य में लगे कर्मियों में डर और आक्रोश दोनों देखने को मिल रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि सरकारी ड्यूटी के दौरान अगर सुरक्षा नहीं मिलेगी तो काम करना मुश्किल हो जाएगा। सबसे बड़ी चिंता यह है कि छीने गए सरकारी कागजात अब तक नहीं मिले हैं। आरोपित की तलाश के लिए लगातार छापेमारी जारी फिलहाल धमदाहा थाना पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। साथ ही गायब दस्तावेजों की बरामदगी और आरोपित की तलाश के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
नीमच जिले के रामपुरा और जावद तहसील से घरेलू हिंसा और अवैध पुनर्विवाह का मामला सामने आया है। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि पुलिस को समय रहते लिखित सूचना देने के बावजूद उसके पति ने दूसरा विवाह कर लिया। 2018 में हुआ था विवाह, दहेज के लिए प्रताड़ना पीड़िता सपना कछावा निवासी जमालपुरा, रामपुरा का विवाह वर्ष 2018 में जावद तहसील के मोरवन निवासी जोहरसिंह कछावा के साथ हुआ था। उनकी 4 साल की एक बेटी भी है। सपना का आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद से ही पति जोहरसिंह 5 लाख रुपए और कार की मांग को लेकर उसे शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने लगा। वह शराब पीकर आए दिन मारपीट करता था। पुलिस पर लापरवाही का आरोप पीड़िता ने बताया कि उसे अपने पति की दूसरी शादी की जानकारी पहले ही मिल गई थी। सपना ने 21 अप्रैल 2026 को रामपुरा थाने में लिखित आवेदन देकर इस अवैध विवाह को रोकने की गुहार लगाई थी। इसके बावजूद पुलिस ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया और आरोपी जोहरसिंह ने 25 अप्रैल 2026 को बिना तलाक लिए दूसरी शादी रचा ली। पीड़िता बोली- आरोपी को तुरंत गिरफ्तार करें पीड़िता और उसके भाई ने अब पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को जोहरसिंह की दूसरी शादी के कार्ड और तस्वीरें साक्ष्य के रूप में दी हैं। सपना का कहना है कि पुलिस की ढिलाई के कारण ही आरोपी के हौसले बुलंद हुए। उन्होंने मांग की है कि आरोपी पति के खिलाफ तत्काल दहेज उत्पीड़न और अवैध पुनर्विवाह की धाराओं में मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया जाए, ताकि उसे और उसकी मासूम बेटी को न्याय मिल सके।
सिरसा जिले के डबवाली के महाराणा प्रताप नगर में वीरवार को मोबाइल चार्जर लगाते समय करंट लगने से एक 42 वर्षीय युवक की मौत हो गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और मोर्चरी में रखवाया। मृतक की पहचान मंगा उर्फ सुखपाल सिंह (42) के रूप में हुई है, जो मुक्तसर साहिब के गगड़ गांव का निवासी था। वह पिछले करीब एक वर्ष से डबवाली में किराए के मकान में अकेला रह रहा था और राज मिस्त्री का काम करता था। उसका भाई मेला सिंह भी डबवाली में ही एक अन्य मकान में अपने परिवार के साथ रहता है। जन सेवा एकता ट्रस्ट के चालक मनोज कुमार ने बताया कि पुलिस ने घटना की सूचना मकान मालिक को दी, जिसने सुखपाल सिंह के भाई को जानकारी दी। मौके पर पहुंची पुलिस और अन्य लोगों ने जब मकान में जाकर देखा, तो सुखपाल सिंह की मौत बिजली के उपकरण में चार्जर लगाते समय हुई प्रतीत हुई। शव मोर्चरी में रखवाया जन सेवा एकता ट्रस्ट की एंबुलेंस के माध्यम से मृतक सुखपाल सिंह के शव को पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया गया। पुलिस कर्मचारी सुखदेव सिंह ने घटना से संबंधित सभी आवश्यक जानकारियां जुटाई हैं। बताया जा रहा है कि मृतक का करीब 10 वर्ष पहले तलाक हो गया था। वह दो भाई थे। शुक्रवार को मृतक के परिजनों के बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी और पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा।
बिहार सरकार के कला एवं संस्कृति विभाग की महत्वाकांक्षी 'आम्रपाली प्रशिक्षण योजना' का शुभारंभ स्थानीय प्रेक्षागृह परिसर में किया गया। जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी राकेश कुमार (DACO)ने इसका विधिवत उद्घाटन किया। यह योजना कला, संगीत और संस्कृति के क्षेत्र में रुचि रखने वाले सभी आयु वर्ग के लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर साबित होगी। उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए राकेश कुमार ने कहा कि बिहार की सांस्कृतिक विरासत प्राचीन काल से ही समृद्ध और गौरवशाली रही है। नई पीढ़ी को कला और संगीत से जोड़ना लक्ष्य यहां की लोक कला, संगीत और नृत्य ने देश-दुनिया में अपनी विशेष पहचान बनाई है। आम्रपाली प्रशिक्षण योजना का उद्देश्य इसी सांस्कृतिक परंपरा को पुनर्जीवित करना तथा नई पीढ़ी को कला और संगीत से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार चाहती है कि बिहार के युवा कला और संगीत के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करें और प्रदेश का नाम रोशन करें। अधिकारी ने बताया कि योजना के तहत फिलहाल गायन, वादन एवं नृत्य तीन विषयों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। इन पाठ्यक्रमों में अब तक 100 से अधिक प्रतिभागियों का नामांकन किया जा चुका है। प्रतिभागियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रतिदिन दो सत्रों में कक्षाओं का संचालन किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोग प्रशिक्षण प्राप्त कर सकें। योजना एक महत्वपूर्ण पहल जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी ने कहा कि बिहार का इतिहास कला एवं संस्कृति के क्षेत्र में अत्यंत समृद्ध रहा है। आवश्यकता इस बात की है कि उस गौरवशाली परंपरा को फिर से जीवित किया जाए। आम्रपाली प्रशिक्षण योजना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इसके माध्यम से राज्य में प्रतिभाशाली कलाकारों की नई श्रृंखला तैयार होगी और युवा पीढ़ी को अपनी प्रतिभा निखारने का बेहतर मंच मिलेगा। कार्यक्रम के दौरान कला एवं संस्कृति विभाग के कर्मी, प्रशिक्षक और बड़ी संख्या में प्रतिभागी उपस्थित रहे।
बिलासपुर गुड्स शेड 28 मई से बंद:बुकिंग अब उसलापुर से होगी, खाद्य सामग्री व खाद के लिए सुविधा
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर जोन का तारबाहर स्थित गुड्स शेड 28 मई से स्थायी रूप से बंद कर दिया जाएगा। इस 28 मई के बाद माल की बुकिंग उसलापुर के नवनिर्मित गुड्स शेड से की जाएगी। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक अनुराग कुमार सिंह ने यह जानकारी दी। सिंह ने बताया कि माल परिवहन सुविधाओं के सुव्यवस्थित संचालन और बेहतर यातायात प्रबंधन के लिए उसलापुर स्टेशन पर नया गुड्स शेड शुरू किया जा रहा है। यह कदम रेलवे की लॉजिस्टिक्स क्षमताओं को बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया गया है। उसलापुर स्टेशन का यह नया गुड्स शेड 'पब्लिक गुड्स शेड' के रूप में कार्य करेगा। इसका अल्फा कोड एएलपीएचए यूजीएसयू और न्यूमेरिकल कोड 14122915 है। इस शेड के माध्यम से कोई भी व्यापारी, संस्थान या आम नागरिक अपना माल भेज और मंगा सकेगा। रेल प्रशासन ने आम उपभोक्ताओं, व्यापारियों और परिवहनकर्ताओं से अपील की है कि वे 28 मई के बाद बिलासपुर गुड्स शेड के बजाय उसलापुर गुड्स शेड का उपयोग करें और रेलवे की माल परिवहन सेवाओं का लाभ उठाएं।
अयोध्या में अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ अयोध्या विकास प्राधिकरण (एडीए) ने गुरुवार को बड़ा अभियान चलाया। प्राधिकरण की टीम ने पुलिस प्रशासन के सहयोग से हसापुर और टोनिया विहार समेत कई क्षेत्रों में करीब 400 बिस्वा जमीन पर की जा रही अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान बुलडोजर चलाकर अवैध रूप से विकसित किए जा रहे प्लॉट हटाए गए। यह अभियान एडीए उपाध्यक्ष के निर्देश पर चलाया गया। कार्रवाई के दौरान सहायक अभियंता गिरीश चंद्र तिवारी, राकेश सिंह तोमर तथा अवर अभियंता सुरेंद्र सिंह यादव, चंदन गुप्ता और प्रशांत दुबे मौजूद रहे। टीम ने मौके पर पहुंचकर अवैध निर्माण और प्लॉटिंग हटाने की कार्रवाई की। ले-आउट के प्लॉटिंग करने वालों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा प्राधिकरण अधिकारियों ने बताया कि बिना स्वीकृत ले-आउट के प्लॉटिंग करने वालों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। एडीए ने लोगों से अपील की है कि जमीन या प्लॉट खरीदने से पहले उसकी पूरी जांच-पड़ताल जरूर करें और केवल उन्हीं परियोजनाओं में निवेश करें, जिनका ले-आउट विकास प्राधिकरण से स्वीकृत हो। अधिकारियों ने बताया कि स्वीकृत ले-आउट की सूची एडीए की आधिकारिक वेबसाइट और प्राधिकरण कार्यालय में उपलब्ध है, जहां से लोग आवश्यक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान को देखते हुए लखनऊ प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। जिलाधिकारी की ओर से जारी आदेश के अनुसार जिले के सभी शैक्षिक बोर्डों से संचालित स्कूलों में 22 मई से ग्रीष्मावकाश घोषित कर दिया गया है। यह निर्णय बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। कल से स्कूलों में छुट्टी जिलाधिकारी द्वारा जारी सूचना में कहा गया है कि इन दिनों भीषण गर्मी और लू का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। मौसम विभाग ने भी जन सामान्य के लिए हीट वेव को लेकर अलर्ट जारी किया है और लोगों को धूप से बचने तथा आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी है। इसके बावजूद जिले के कुछ विद्यालयों में अब तक ग्रीष्मावकाश घोषित नहीं किया गया था, जिससे स्कूल आने-जाने वाले बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही थी।प्रशासन ने कहा कि छोटे बच्चों पर तेज गर्मी और लू का असर सबसे अधिक पड़ता है। ऐसे में छात्र-छात्राओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी ने सभी बोर्डों के विद्यालयों में तत्काल प्रभाव से ग्रीष्मावकाश लागू करने के निर्देश दिए हैं। सभी बोर्ड के स्कूलों पर आदेश होगा लागूआदेश में स्पष्ट किया गया है कि जिले में संचालित सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी विद्यालयों को इस निर्देश का पालन करना अनिवार्य होगा। साथ ही संबंधित अधिकारियों को आदेश का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराने के निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं।गर्मी के बढ़ते असर के बीच अभिभावकों ने प्रशासन के इस फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि पिछले
दरभंगा के सिमरी थाना क्षेत्र अंतर्गत अराई गांव में क्रिकेट खेलने के दौरान विवाद हुआ। इसने दो समुदायों के बीच तनाव का रूप ले लिया। घटना के बाद गांव में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। एहतियात के तौर पर कई थानों की पुलिस मौके पर कैंप कर रही है और पुलिस प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है। दरअसल, गांव में क्रिकेट खेलने के दौरान किसी बात को लेकर हिंदू और मुस्लिम पक्ष के युवकों के बीच विवाद हो गया। आरोप है कि विवाद के दौरान मुस्लिम समुदाय के कुछ युवकों ने एक हिंदू युवक की पिटाई कर दी। बीच-बचाव करने पहुंची युवक की बहन के साथ भी मारपीट किए जाने की बात सामने आई है। इसके बाद दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए और माहौल तनावपूर्ण हो गया। छह थानों की पुलिस गांव में कैंप कर रही घटना की सूचना मिलते ही सिमरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास शुरू किया। बाद में मामले की गंभीरता को देखते हुए मब्बी, सिंहवाड़ा, कमतौल, सदर और कोतवाली थाना की पुलिस को भी बुलाया गया। करीब छह थानों की पुलिस गांव में कैंप कर रही है। पुलिस की ओर से क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT),ब्रज वाहन को भी तैनात किया गया है। कमतौल एसडीपीओ शुभेन्द्र कुमार सुमन स्वयं मौके पर कैंप कर रहे हैं और लगातार स्थिति की मॉनिटरिंग की जा रही है। पुलिस प्रशासन लोगों से शांति बनाए रखने की अपील कर रहा है। फिलहाल गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है, हालांकि पुलिस के अनुसार स्थिति नियंत्रण में है और किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
पंजाब के आदमपुर नगर काउंसिल चुनाव के दौरान वोटर लिस्ट में कथित बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े को लेकर सियासी घमासान छिड़ गया है। कांग्रेस विधायक परगट सिंह और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राज्य की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार और प्रशासनिक अधिकारियों पर लोकतंत्र की हत्या करने का आरोप लगाया है। कांग्रेस का दावा है कि अधिकारियों की मिलीभगत से बैकडोर से फर्जी वोट जोड़े जा रहे हैं, बिना फोटो के वोटर लिस्ट तैयार की जा रही है और एक खाली प्लॉट पर ही 24 वोट बना दिए गए हैं। कांग्रेस नेतृत्व ने साफ चेतावनी दी है कि यदि इस प्रशासनिक तानाशाही और फर्जीवाड़े को तुरंत नहीं रोका गया, तो वे इस मामले को पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक लेकर जाएंगे। जालंधर कैंट विधायक ने सरकार को घेरा जालंधर कैंट से कांग्रेस विधायक परगट सिंह, विधायक लाडी शेरोवालिया और जिला प्रधान रजिंदर बेरी सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने तथ्यों के साथ सरकार को घेरा। परगट सिंह ने खेल की भाषा में तंज कसते हुए कहा कि जब मैच का अंपायर (प्रशासन) ही किसी एक टीम के साथ मिल जाए, तो पूरे सिस्टम का बेड़ा गर्क होना तय है। उन्होंने आरोप लगाया कि जो खेल बीजेपी पूरे देश में खेलती है, उसकी 'बी-टीम' यानी आम आदमी पार्टी भी पंजाब में उसी नक्शेकदम पर चल रही है। विपक्ष को ऐन वक्त पर वोटर लिस्ट दी जाती है और जानबूझकर एक वार्ड के सैकड़ों वोट दूसरे वार्डों में शिफ्ट कर दिए जाते हैं। कांग्रेस नेताओं ने पेश किए सबूत कांग्रेस नेताओं ने सबूत पेश करते हुए बताया कि आदमपुर नगर काउंसिल के वार्ड नंबर 1 और बूथ नंबर 9 की वोटर सूची में पिछले दरवाजे से नए वोट जोड़े गए हैं। इस बूथ पर पहले 609 मतदाता थे, जो अब बढ़कर 631 हो गए हैं। आरोप है कि गांवों से आकर शहरों में मजदूरी करने वाले लोगों के पहचान पत्रों के केवल अगले हिस्से (नाम और फोटो) का इस्तेमाल किया जा रहा है और स्थायी पते वाला पिछला हिस्सा गायब कर दिया गया है ताकि फर्जी पते पर वोट बनाए जा सकें। कांग्रेस नेता कोटली ने आदमपुर के अन्य वार्डों के चौंकाने वाले आंकड़े पेश किए। उन्होंने बताया कि वार्ड नंबर 11 में मतदाताओं की संख्या 1020 से बढ़ाकर 1055 कर दी गई है। यहां तक कि 16 तारीख की लिस्ट से गायब 'आप' उम्मीदवार का नाम बाद में बिना किसी फोटो या जरूरी दस्तावेज के सीधे 1164 नंबर पर जोड़ दिया गया। पारदर्शिता खत्म करने के लिए नई बनाई गई वोटों पर किसी की फोटो नहीं लगाई गई है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि एक वार्ड में एक खाली प्लॉट पर ही 24 वोट बना दिए गए हैं, जहाँ कोई मकान तक मौजूद नहीं है। कोटली ने आरोप लगाया कि चुनाव ड्यूटी पर तैनात बीएलओ और सुपरवाइजरों पर दबाव बनाकर जबरन फॉर्मों पर साइन करवाए जा रहे हैं। SDM से शिकायत करने पर नहीं हुई कार्रवाई स्थानीय एसडीएम और चुनाव ऑब्जर्वर से शिकायत करने पर भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, बल्कि आला अधिकारियों ने अब फोन उठाना भी बंद कर दिया है। कांग्रेस ने नए युवा मतदाताओं से अपील की है कि वे किसी के बहकावे में आकर फर्जी वोट न डालें, अन्यथा कानूनी कार्रवाई होने पर उनका भविष्य खराब हो सकता है। अधिकारियों को सचेत करते हुए नेताओं ने कहा कि वे किसी राजनीतिक दबाव में आकर गलत काम न करें। कांग्रेस ने एसडीएम को चेतावनी दी है कि 16 तारीख के बाद बनी सभी अवैध वोटों को तुरंत डिलीट किया जाए, और दावा किया कि जनता के सहयोग से कांग्रेस आदमपुर की सभी 13 सीटों पर क्लीन स्वीप करेगी।
अररिया में जीवन प्रमाणीकरण अनिवार्य:बिना सत्यापन पेंशन बंद, सभी योजनाएं शामिल, 30 मई अंतिम तिथि तय
अररिया जिले के सामाजिक सुरक्षा पेंशनभोगियों के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना जारी की गई है। सामाजिक सुरक्षा निदेशालय के निर्देशानुसार, अब केवल उन्हीं लाभार्थियों को मासिक पेंशन राशि मिलेगी जिन्होंने अपना जीवन प्रमाणीकरण पूरा कर लिया है। जिन पेंशनभोगियों ने अभी तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं की है, उन्हें 30 मई तक इसे अनिवार्य रूप से पूरा करना होगा, अन्यथा उनकी पेंशन रुक सकती है। सामाजिक सुरक्षा निदेशालय के तहत कई प्रमुख योजनाएं संचालित हैं। इनमें इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय निःशक्तता पेंशन, मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना, बिहार राज्य निःशक्तता पेंशन योजना और लक्ष्मीबाई सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना शामिल हैं। पेंशनभोगियों को पेंशन राशि हस्तांतरित की जा रहीइन सभी योजनाओं के लाभार्थियों के लिए जीवन प्रमाणीकरण निःशुल्क किया जा रहा है। जिला प्रशासन ने बताया कि यह प्रक्रिया कॉमन सर्विस सेंटर (CSC), पंचायत स्तर पर आयोजित शिविरों और प्रखंड कार्यालयों में पूरी की जा सकती है। अररिया के सहायक निदेशक, सामाजिक सुरक्षा कोषांग ने पुष्टि की है कि वर्तमान में केवल उन्हीं पेंशनभोगियों को पेंशन राशि हस्तांतरित की जा रही है जिन्होंने सफलतापूर्वक अपना जीवन प्रमाणीकरण करा लिया है। जिला प्रशासन ने सभी लंबित पेंशनभोगियों से अपील की है कि वे तुरंत अपने नजदीकी CSC सेंटर, पंचायत शिविर या प्रखंड कार्यालय में संपर्क करें। 30 मई तक सभी लंबित मामलों का निपटारा शिविरों के माध्यम से सुनिश्चित किया जा रहा है, ताकि किसी भी लाभार्थी को वित्तीय कठिनाई का सामना न करना पड़े। पारदर्शी और नियमित बनाने के लिए अनिवार्य की गईअधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह प्रक्रिया पेंशन वितरण को अधिक पारदर्शी और नियमित बनाने के लिए अनिवार्य की गई है। डिजिटल माध्यम से भी प्रमाणीकरण की सुविधा उपलब्ध है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में शिविरों के माध्यम से इसे और सुलभ बनाया गया है। पेंशनधारियों को सलाह दी गई है कि प्रमाणीकरण के दौरान अपना आधार कार्ड, पेंशन पासबुक और अन्य जरूरी दस्तावेज साथ रखें। यदि किसी को किसी प्रकार की परेशानी हो तो वे अपने प्रखंड विकास पदाधिकारी या सामाजिक सुरक्षा कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। जिला प्रशासन का प्रयास है कि 30 मई की समय-सीमा के अंदर सभी पेंशनधारियों का जीवन प्रमाणीकरण पूरा हो जाए, जिससे पेंशन राशि बिना किसी रुकावट के उनके खातों में पहुंचती रहे।
अररिया पुलिस ने कुर्साकांटा थाना क्षेत्र में फर्जी आधार कार्ड बनाने वाले एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस की छापेमारी में दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया, जबकि उनके कब्जे से फर्जी दस्तावेज बनाने का पूरा उपकरण बरामद हुआ। कुर्साकांटा थाना पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि कुर्साकांटा बाड़ी टोला, वार्ड संख्या-05 स्थित मोहम्मद आरिफ के घर पर फर्जी आधार कार्ड बनाए जा रहे हैं। सूचना की पुष्टि के बाद अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सुशील कुमार के निर्देशन में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को सूचित कर एक छापेमारी दल का गठन किया गया। छापेमारी कर सामान बरामद इस दल का नेतृत्व कुर्साकांटा थाना प्रभारी पुलिस उप-निरीक्षक रोहित कुमार और अपर थानाध्यक्ष पुलिस उप-निरीक्षक अभिषेक नारायण ज्योति ने किया। छापेमारी के दौरान मोहम्मद आरिफ के घर से एक लैपटॉप, एक प्रिंटर, एक आई स्कैनर मशीन और आधार कार्ड अपडेट किए गए स्लिप बरामद हुए। गिरफ्तार किए गए दोनों अभियुक्तों की पहचान मोहम्मद आरिफ (37 वर्ष, पुत्र मो. आयूब, निवासी बाड़ी टोला वार्ड-05) और मोहम्मद आबिद (36 वर्ष, पुत्र कलरू उर्फ रुकमुद्दीन, निवासी कुर्साकांटा वार्ड-10) के रूप में हुई है। धोखाधड़ी-बैंक लोन का देते थे लालच पुलिस के अनुसार, यह गिरोह फर्जी आधार कार्ड बनाकर विभिन्न व्यक्तियों को उपलब्ध करा रहा था, जिनका उपयोग धोखाधड़ी, बैंक लोन, सरकारी योजनाओं के दुरुपयोग और अन्य आपराधिक गतिविधियों में किया जा सकता था। आधार कार्ड भारत सरकार का एक महत्वपूर्ण पहचान दस्तावेज है और इसके फर्जी निर्माण से राष्ट्रीय सुरक्षा को भी खतरा पैदा हो सकता है। इस मामले में कुर्साकांटा थाना कांड संख्या-83/26 दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है। पुलिस पूरे गिरोह की तलाश में जुटी हुई है और अन्य संदिग्धों के नाम भी सामने आने की संभावना है। छापेमारी दल में प्रभारी पुलिस उप-निरीक्षक विकास कुमार, सिपाही विपिन कुमार, BHG अनमोल कुमार विश्वास और महिला सिपाही प्रियंका कुमारी भी शामिल थीं। अररिया जिले में हाल के वर्षों में फर्जी दस्तावेज बनाने की घटनाओं में वृद्धि हुई है, जिसके चलते पुलिस ने सख्त निगरानी बढ़ा रखी है। स्थानीय लोगों ने पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना की है।
पुलिस कार्रवाई से नाराज महिला पानी टंकी पर चढ़ी:मैनपुरी में 10 घंटे बाद पुलिस के आश्वासन के बाद उतरी
मैनपुरी में गुरुवार को एक महिला पानी की टंकी पर चढ़ गई। महिला ने मारपीट के मामले में पुलिस कार्रवाई से असंतोष जताते हुए विरोध प्रदर्शन किया। करीब 10 घंटे तक चले हाईवोल्टेज घटनाक्रम के बाद पुलिस के आश्वासन पर वह शाम को नीचे उतरी। मामला करहल थाना क्षेत्र के मोहब्बतपुर लभौआ गांव का है। गांव निवासी रत्नेश देवी सुबह करीब 9:45 बजे गांव की पानी की टंकी पर चढ़ गईं। उनका आरोप था कि 9 मई को गांव के कुछ लोगों ने उनके घर में घुसकर उनसे और उनकी बेटी के साथ मारपीट की थी। मामले की शिकायत थाने में की गई, लेकिन पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ संतोषजनक कार्रवाई नहीं की। महिला ने आरोप लगाया कि आरोपी लगातार धमकी भी दे रहे हैं। पुलिस ने महिला को समझाया घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। सूचना पर अजय चौहान पुलिस बल के साथ पहुंचे और महिला को समझाने का प्रयास किया। हालांकि महिला जिलाधिकारी को मौके पर बुलाने और आरोपियों पर सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की मांग पर अड़ी रही। पुलिस ने पूरे दिन महिला को नीचे उतारने की कोशिश की। शाम करीब चार बजे महिला की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया, लेकिन वह आरोपियों पर जानलेवा हमले की धाराएं बढ़ाने की मांग करती रही। करीब 11 घंटे बाद पुलिस अधिकारियों ने निष्पक्ष जांच और आवश्यकतानुसार धाराएं बढ़ाने का आश्वासन दिया। इसके बाद महिला देर रात टंकी से नीचे उतरने के लिए राजी हुई। महिला के नीचे उतरते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने राहत की सांस ली। नीचे आने के बाद उसे पानी पिलाया गया।
विश्व हिंदू परिषद (VHP) के संयुक्त महामंत्री डॉ. सुरेंद्र कुमार जैन ने दुर्गा वाहिनी शौर्य प्रशिक्षण वर्ग कार्यक्रम में कहा- समाज की मांग पर राजस्थान सरकार 'धर्म स्वातंत्र्य बिल' और 'डिस्टर्ब एरिया एक्ट' लेकर आई है। उन्होंने कहा- सरकार को अब मदरसों पर रोक लगाने और सड़कों पर नमाज पूरी तरह से बंद कराने के लिए भी कड़े कदम उठाने चाहिए। डॉ. जैन ने राजस्थान में धर्मांतरण और चंगाई सभाओं के खेल पर निशाना साधते हुए कहा कि मजबूत सरकार और मजबूत समाज के संयोग के बावजूद ऐसी घटनाएं चिंताजनक हैं। उन्होंने एक नया मुद्दा उठाते हुए कहा कि अब प्रदेश में 'रिवर्स लव जिहाद' की शुरुआत हो चुकी है। देशभर में चल रहे हैं 43 से अधिक प्रशिक्षण वर्ग कार्यक्रम की जानकारी देते हुए डॉ. सुरेंद्र जैन ने बताया कि झुंझुनूं में राजस्थान की 'दुर्गाओं' (बेटियों) का प्रशिक्षण वर्ग संपन्न हुआ है। जिसमें लगभग 150 बहनें आत्मरक्षा और समाज रक्षा की ट्रेनिंग ले रही हैं। उन्होंने बताया कि यह अभियान नया नहीं है, बल्कि साल 1984 से लगातार चल रहा है। इस समय भी देशभर में 43 से अधिक ऐसे प्रशिक्षण वर्ग संचालित किए जा रहे हैं, जिनके माध्यम से लाखों बहनें ट्रेनिंग प्राप्त कर आत्मनिर्भर बन रही हैं और देश, समाज व धर्म की रक्षा के काम में जुटी हैं। इन वर्गों में बहनों को लव जिहाद, लैंड जिहाद और धर्मांतरण जैसी चुनौतियों से निपटने के तरीके सिखाए जा रहे हैं। सड़क पर नमाज और गौ-हत्या पर पूर्ण पाबंदी की मांग विश्व हिंदू परिषद (VHP) के संयुक्त महामंत्री डॉ. सुरेंद्र कुमार जैन ने कहा- सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कोई भी सड़क पर नमाज न पढ़े। इसके साथ ही उन्होंने आगामी त्योहार बकरीद का जिक्र करते हुए कहा कि बकरीद पर कहीं भी गौ-हत्या नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज को भी यह सीखना चाहिए। जब उनसे पूछा कि क्या इसके लिए नया कानून आना चाहिए, तो उन्होंने कहा कि कानून पहले से ही मौजूद है, लेकिन दुर्भाग्य से इससे पहले की जो 'सेक्युलर' सरकारें रहीं, वे गौ-हत्यारों के साथ खड़ी रहीं। किसी भी कुरान या हदीस में नहीं लिखा है कि गाय काटी जानी चाहिए, फिर भी वे काटते हैं।
इंदौर के छोटी ग्वालटोली में रहने वाले एक सिक्योरिटी गार्ड ने गुरुवार को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सुसाइड से पहले उसने एक वीडियो बनाया, जिसमें पत्नी और ससुराल पक्ष पर प्रताड़ित करने के आरोप लगाए हैं। छोटी ग्वालटोली मे किबे कंपाउड निवासी प्रवीण निगामा ने अपने घर में फांसी लगाकर जान दे दी। आत्महत्या से पहले बनाए गए वीडियो में उसने पत्नी और सास समेत ससुराल पक्ष के लोगों पर प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं। मामले की सूचना मिलने के बाद आजाद नगर पुलिस जांच में जुट गई है। पुलिस ने वीडियो को भी जांच में शामिल किया है। प्रवीण ने वीडियो में कहा मैं अपने आप को खत्म कर रहा हूं। अब मैं जी नहीं सकता। इतने दिनों से मेरा दुरुपयोग किया गया है। पत्नी, उसकी दोनों बहनें और मां ने मेरे साथ गलत किया है। मैं अब मर रहा हूं। एमवाय अस्पताल में सिक्योरिटी गार्ड था प्रवीण प्रवीण एमवाय अस्पताल में निजी सिक्योरिटी गार्ड के तौर पर काम करता था। वह पिछले तीन साल से यहां सेवाएं दे रहा था। जानकारी के मुताबिक, जिस एजेंसी में वह कार्यरत था, वहां उसका कुछ भुगतान भी लंबित था। हालांकि, पुलिस फिलहाल सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
फतेहाबाद जिले में रतिया के शहीद भगत सिंह चौक पर गुरुवार को एक तेज रफ्तार कार ने राहगीरों को टक्कर मार दी, जिससे तीन लोग घायल हो गए। घायलों में से एक की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिसे अग्रोहा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। जानकारी के अनुसार, एक युवक बाजार क्षेत्र में अपनी गाड़ी लेकर पहुंचा और लापरवाही से वाहन चलाने लगा। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि युवक ने गाड़ी पर से नियंत्रण खो दिया और वहां मौजूद राहगीरों को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे के बाद आरोपी ड्राइवर गाड़ी सहित मौके से फरार हो गया। एक गंभीर रूप से घायल हादसे में वार्ड नंबर-4, पुरानी गौशाला निवासी बलदेव सिंह पुत्र जगजीत सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत रतिया के सामान्य अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद, चिकित्सकों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें अग्रोहा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस, सीसीटीवी खंगाले अन्य घायलों को मामूली चोटें आईं, जिनका स्थानीय स्तर पर उपचार किया गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस अब आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और फरार आरोपी की तलाश में जुटी है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच जारी है। आरोपी की पहचान कर जल्द ही उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
लखनऊ विश्वविद्यालय उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन में अंक देने की विसंगतियों से बचने के लिए स्टेप मार्किंग व्यवस्था लागू करने जा रहा है। विश्वविद्यालय के सेकेंड कैंपस में सभी विषयों के मूल्यांकन प्रभारियों के साथ बैठक में कुलपति प्रो.जेपी सैनी ने यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। कुलपति ने कहा कि अक्सर यह देखा जाता रहा है कि विश्वविद्यालय स्तर पर उत्तर पुस्तिकाओं की अधिक संख्या होने के कारण मूल्यांकन में एकरूपता की कमी रह जाती है। एक ही प्रशनपत्र को कई अलग-अलग परीक्षक जांचते हैं और सबका नम्बर देने का तरीका भी अलग होता है। जिससे छात्रों के अंकों में विसंगतियां आने की आशंका बनी रहती थी। इस समस्या के स्थाई समाधान के लिए मूल्यांकन व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन किए गए हैं। इनकी होगी तैनाती नई व्यवस्था सभी विषयों और पाठ्यक्रमों में लागू की जाएगी। स्टेप मार्किंग में सब्जेक्टिव प्रश्नपत्रों के उत्तरों को विभिन्न मुख्य बिंदुओं और चरणों में विभाजित कर जांचा जाएगा। यदि किसी छात्र का अंतिम उत्तर किसी कारणवश त्रुटिपूर्ण भी होता है, परंतु उसके द्वारा अपनाई गई प्रक्रिया और शुरुआती चरण सही हैं, तो उसे प्रत्येक सही चरण के लिए निर्धारित अंक प्रदान किए जाएंगे। मूल्यांकन में एकरूपता बनाए रखने के लिए पहली बार हेड एक्जामिनर और डिप्टी हेड की नियुक्ति की जायेगी। मूल्यांकन प्रक्रिया के दिशा निर्देश मूल्यांकन कार्य प्रारंभ होने से पूर्व सभी हेड एक्जामिनर्स प्रत्येक प्रश्नपत्र सब्जेक्टिव का एक प्रामाणिक सॉल्यूशन तैयार करना अनिवार्य होगा। जिसमें प्रश्नपत्र में पूछे गए प्रश्नों के “की वर्ड” निर्धारित किये जायेंगे। कॉपियों की सुचारू जांच सुनिश्चित करने के लिए हेड एक्जामिनर प्रत्येक जांचे गए बंडल में से अनिवार्य रूप से कुल उत्तर पुस्तिकाओं के न्यूनतम 5% उत्तर पुस्तिकाओं (कॉपियों) की स्वयं रैंडम दोबारा गहनता से जांच करेंगे। यदि उसके बाद भी छात्र अंकों से संतुष्ट नहीं है तो वो RTI अधिनियम के तहत कॉपी देख सकता है। संतुष्ट न होने पर चेलेंज मूल्यांकन का सहारा ले सकता है।
नाथनगर रेलवे स्टेशन पर कैटरिंग स्टॉल में लगी आग:शॉर्ट सर्किट से लाखों का सामान राख, महिला झुलसी
भागलपुर के नाथनगर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या-1 पर गुरुवार को एक कैटरिंग स्टॉल में आग लग गई। शुरुआती जांच में आग का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते पूरा स्टॉल उसकी चपेट में आ गया और लाखों का सामान जलकर राख हो गया। कैटरिंग स्टॉल संचालक मुरारी सहनी ने बताया कि अचानक स्टॉल से धुआं निकलने लगा और कुछ ही देर में आग फैल गई। इस घटना में उन्हें करीब दो से ढाई लाख रुपये का नुकसान हुआ है। आग लगने के दौरान उनकी पत्नी भी स्टॉल पर मौजूद थीं, जिनके बाल झुलस गए। आग लगने के बाद स्टेशन परिसर में यात्रियों और स्थानीय लोगों के बीच हड़कंप मच गया। इसी दौरान स्थानीय युवक अभिमन्यु यादव ने साहस दिखाते हुए आग बुझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। लोगों की मदद और रेलवे कर्मियों की तत्परता से आग को और फैलने से रोका जा सका। स्टेशन अधीक्षक ओम प्रकाश शर्मा ने जानकारी दी कि सूचना मिलते ही रेलवे के कार्यवाहक स्टाफ धर्मेंद्र कुमार और फायर स्टाफ मौके पर पहुंचे। चार अग्निशामक यंत्रों की सहायता से आग पर काबू पाया गया। उन्होंने पुष्टि की कि इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। रेलवे प्रशासन अब पूरे मामले की जांच कर रहा है।
सीतापुर जनपद के पिसावां थाना क्षेत्र के वजीरनगर गांव में गुरुवार देर शाम एक पिकअप डाला ने डेढ़ वर्षीय मासूम बच्ची को कुचल दिया जिससे मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना के बाद परिजनों में गहरा शोक छा गया। जानकारी के अनुसार, गांव निवासी मनोज की डेढ़ वर्षीय बेटी लक्ष्मी अपनी मां रानी के साथ घर के सामने पीपल के पेड़ के नीचे बैठी थी। गर्मी अधिक होने के कारण मां-बेटी छांव में थीं। इसी दौरान मां रानी कुछ देर के लिए शौच के लिए पास ही चली गईं और मासूम लक्ष्मी को वहीं अकेला छोड़ दिया। इसी बीच एक अज्ञात पिकअप डाला वहां से गुजरा और मासूम लक्ष्मी को कुचलते हुए निकल गया। मां रानी ने अपनी आंखों के सामने यह हादसा देखा और शोर मचाया, लेकिन तब तक चालक तेज रफ्तार से मौके से फरार हो चुका था। घटना की सूचना मिलते ही कुतुबनगर चौकी प्रभारी सूर्य प्रताप सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने घायल मासूम को एम्बुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पिसावां भिजवाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद मां रानी सहित पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। थाना प्रभारी वीरेंद्र सिंह तोमर ने बताया कि अज्ञात पिकअप वाहन की टक्कर से बच्ची की मौत हुई है। तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा और वाहन की तलाश की जा रही है।
सूरजपुर के कोतवाली थाना क्षेत्र में चोरी की घटना सामने आई है। थाने से मात्र 100 मीटर की दूरी पर खड़ी एक गाड़ी से अज्ञात चोरों ने बैटरी चुरा ली। इस घटना ने पुलिस की रात्रि गश्त व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह घटना धनश्री ट्रेडर्स के संचालक नीरज तायल की गाड़ी के साथ हुई। उनकी गाड़ी रात में थाने के सामने खड़ी थी। सुबह जब नीरज तायल अपनी गाड़ी के पास पहुंचे, तो उन्होंने पाया कि बैटरी गायब थी। थाने के इतने करीब हुई इस वारदात ने पुलिस की रात्रि गश्त व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय निवासियों ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जब थाने के सामने ही ऐसी घटना हो सकती है, तो अन्य इलाकों की सुरक्षा का अनुमान लगाया जा सकता है। इस घटना को लेकर व्यापारियों में रोष है। उनका कहना है कि पुलिस सुरक्षा के दावे करती है, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों से अलग है।
भागलपुर जिले के बरारी गंगा घाट पर गुरुवार को एक युवक ने नाव से गंगा नदी में छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद घाट पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने पर बरारी पुलिस मौके पर पहुंची और SDRF टीम को बुलाकर युवक की तलाश शुरू कराई। समाचार लिखे जाने तक युवक की पहचान नहीं हो सकी थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह करीब 10 बजे युवक बरारी घाट पहुंचा था। वह गंगा किनारे खड़ी नाव पर सवार हुआ और एक नाव से दूसरी नाव पर जा रहा था। इसी दौरान नाव जैसे ही बीच गंगा में पहुंची, युवक ने अचानक नदी में छलांग लगा दी और गहरे पानी में डूब गया। यात्रियों ने पहले ही जताई थी आशंका नाव पर मौजूद यात्रियों ने बताया कि युवक का व्यवहार पहले से ही संदिग्ध लग रहा था। वह लगातार एक नाव से दूसरी नाव पर जा रहा था। यात्रियों ने मजाक में उससे पूछा भी कि “क्या मरना है जो ऐसा कर रहे हो?” इस पर युवक ने जवाब दिया, “हां, मरना है।” इसके कुछ देर बाद ही उसने गंगा में छलांग लगा दी। घटना के प्रत्यक्षदर्शी अंकित कुमार पासवान ने बताया कि नाव थोड़ी ही आगे बढ़ी थी कि युवक ने अचानक नदी में छलांग लगा दी और देखते ही देखते पानी में डूब गया। पुलिस ने नाव जब्त कर शुरू की जांच घटना की सूचना मिलते ही बरारी पुलिस मौके पर पहुंची और नाविक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। पुलिस ने संबंधित नाव को जब्त कर लिया है। वहीं, अन्य यात्रियों को दूसरी नाव के जरिए नवगछिया भेजा गया। विक्रमशिला सेतु क्षतिग्रस्त होने के बाद नाव बना सहारा गौरतलब है कि विक्रमशिला सेतु के पाया संख्या 133 का स्लैब टूटने के बाद भागलपुर और सीमांचल के बीच सड़क संपर्क बाधित है। ऐसे में लोगों के आवागमन का मुख्य सहारा नाव बन गया है। बड़ी संख्या में लोग बरारी घाट से नाव के जरिए भागलपुर और नवगछिया के बीच यात्रा कर रहे हैं। फिलहाल SDRF की टीम गंगा नदी में युवक की तलाश में जुटी हुई है।
पलासी प्रखंड क्षेत्र के बरहट स्कूल के पास गुरुवार को एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने बाइक सवार युवक को टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल युवक की पहचान डकैता गांव निवासी मनोज कुमार (पिता रामप्रसाद चौधरी) के रूप में हुई है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि मनोज कुमार अपनी बाइक से गुजर रहे थे, तभी सामने से आ रहे तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि मनोज सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। स्थानीय ग्रामीणों और प्रशासन की मदद से घायल मनोज कुमार को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पलासी ले जाया गया। वहां डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज चल रहा है। सीएचसी पलासी के चिकित्सक डॉ. चंदन कुमार ने जानकारी दी कि घायल युवक की हालत अब खतरे से बाहर है। इस हादसे में उनके दाहिने हाथ की छोटी उंगली टूट गई है और शरीर के अन्य हिस्सों में भी चोटें आई हैं। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने सड़क पर तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण लगाने, यातायात नियमों का सख्ती से पालन कराने और स्कूल क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की मांग की है।
कटिहार में विधि-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक शिखर चौधरी ने गुरुवार को सेमापुर थाना का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने थाना के विभिन्न अभिलेखों, लंबित कांडों के अनुसंधान और प्रशासनिक कार्यों की गहन समीक्षा की। निरीक्षण के समय अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सदर-2, अंचल निरीक्षक कोढ़ा और थानाध्यक्ष मौजूद थे। पुलिस अधीक्षक ने थाना के समग्र कार्यों का जायजा लिया, जिसमें दर्ज लंबित कांडों की स्थिति, अनुसंधान की प्रगति और उनके निष्पादन की प्रक्रिया शामिल थी। चौधरी ने CCTNS प्रणाली, दागी पंजी, मालखाना, CD पार्ट-2 और पार्ट-3 सहित अन्य महत्वपूर्ण अभिलेखों का अवलोकन किया। उन्होंने अभिलेखों के रख-रखाव और उनकी अद्यतन स्थिति की जानकारी ली तथा आवश्यक सुधारात्मक निर्देश भी दिए। पुलिस अधीक्षक ने लंबित मामलों के शीघ्र और गुणवत्तापूर्ण निष्पादन पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अनुसंधान पदाधिकारियों को निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही, थाना क्षेत्र में अपराध नियंत्रण, नियमित गश्ती, वारंट निष्पादन और जन शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए भी दिशा-निर्देश जारी किए गए। साफ-सफाई, अभिलेखों और मालखाना का निरीक्षण निरीक्षण के दौरान थाना परिसर की साफ-सफाई, अभिलेखों के संधारण, मालखाना प्रबंधन और पुलिस कर्मियों की कार्यशैली की भी समीक्षा की गई। पुलिस अधीक्षक ने बेहतर पुलिसिंग और आमजन के साथ सौहार्दपूर्ण व्यवहार बनाए रखने पर बल देते हुए कहा कि जनता का विश्वास कायम रखना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है। पुलिस अधीक्षक के इस निरीक्षण के बाद थाना स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यों में अधिक सक्रियता देखी जा रही है।
सागर के बहेरिया थाना क्षेत्र के ग्राम सड़ेरी में 3 साल की बच्ची और उसकी मां का शव कुएं में मिला है। शव बुधवार देर शाम कुएं में पत्थर से बंधी हुई मिले। मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। मृतकों की पहचान देवकी पति अजब लोधी और उनकी 3 वर्षीय बेटी पलक लोधी के रूप में हुई है। देवकी की शादी को आठ वर्ष हुए हैं। परिजनों का आरोप है कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या हो सकती है। हालांकि अंतिम फैसला पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर निर्भर करेगा। पुलिस ने गुरुवार को दोनों शवों को जिला अस्पताल भेजा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का सही कारण सामने आ सकेगा। घटना की सूचना मिलते ही गांव में सनसनी फैल गई। पुलिस ने शव का पीएम करवायापरिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। बहेरिया थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस सभी संभावित पहलुओं पर छानबीन कर रही है। परिजनों और ग्रामीणों से पूछताछ जारी है। कुएं के आसपास के साक्ष्यों को भी बारीकी से जुटाया जा रहा है।
गोपालगंज में लड़की के परिजनों ने युवक को पीटा:लव मैरिज से नाराज थे, 35 हजार और चेन छीनने की शिकायत
गोपालगंज जिले के मांझागढ़ थाना क्षेत्र के नई बाजार के पास प्रेम विवाह से नाराज लड़की के परिजनों ने एक युवक पर जानलेवा हमला कर दिया। पीड़ित युवक सतेंद्र कुमार (30) बाजार से सामान खरीदकर लौट रहा था, तभी आरोपियों ने उसे घेर लिया और हॉकी स्टिक व लोहे की रॉड से उसकी पिटाई की। घायल युवक को स्थानीय लोगों की मदद से मांझागढ़ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। जख्मी युवक की पहचान मांझागढ़ थाना क्षेत्र के नई बाजार निवासी परशुराम प्रसाद के बेटे सतेंद्र कुमार के रूप में हुई है। शादी से लड़की के परिजन बेहद नाराज थेदरअसल, सतेंद्र कुमार ने करीब छह महीने पहले शेखटोली निवासी अपनी प्रेमिका से कोर्ट मैरिज की थी। लड़की अपनी मर्जी से अपने पति के साथ उसके घर पर रह रही थी। इस शादी से लड़की के परिजन बेहद नाराज थे। पीड़ित युवक के अनुसार, जब वह नई बाजार के पास सामान खरीद रहा था, तभी लड़की के पिता, चाचा और उनके साथ आए अन्य लोगों ने उस पर अचानक हमला कर दिया। युवक का आरोप है कि मारपीट के दौरान हमलावरों ने उसके पास मौजूद 35 हजार रुपये नकद और गले से सोने की चेन भी छीन ली। घटना की जानकारी तुरंत डायल 112 को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और मामले की छानबीन में जुट गई है। इस घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है।
सहारनपुर के नागल-गागलहेड़ी स्टेट हाईवे पर नागल क्षेत्र के गांव खजूरवाला के ओवर ब्रिज के ऊपर दोपहर करीब 11 बजे दिन गुरुवार को एक सड़क हादसे में दो व्यक्तियों की मौत हो गई। भैंसों से लदे खड़े एक छोटा हाथी को पीछे से आ रहे अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। इस घटना में छोटा हाथी के पास डिवाइडर पर बैठे दोनों व्यक्ति चपेट में आ गए। मृतकों की पहचान मुजफ्फरनगर के गांव कव्वाल निवासी मालू (42 वर्ष) पुत्र साबर और हसरत (45 वर्ष) पुत्र हसमत के रूप में हुई है। वे अपने गांव के अरशद के छोटा हाथी से दो दुधारू भैंस लेकर गागलहेड़ी की एक दूध डेयरी जा रहे थे। गांव खजूरवाला स्थित अवर ब्रिज के ऊपर पहुंचने पर छोटा हाथी के पिछले पहिए में पंचर हो गया। चालक ने वाहन को सड़क किनारे खड़ा कर दिया और पहिया ठीक करने चला गया। मालू और हसरत छोटा हाथी से उतरकर डिवाइडर किनारे बैठ गए थे। इसी दौरान, पीछे से आ रहे किसी अज्ञात वाहन ने खड़े छोटा हाथी को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि डिवाइडर पर बैठे मालू और हसरत गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को नांगल सीएचसी भिजवाया। नांगल सीएचसी में उपचार के दौरान हसरत की मौत हो गई, जबकि मालू को जिला अस्पताल रेफर किया गया। जिला अस्पताल में उपचार के दौरान मालू ने भी दम तोड़ दिया। हादसे में दोनों पशु सुरक्षित बच गए। थाना प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार ने बताया कि दोनों मृतकों का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि पीड़ित पक्ष की ओर से तहरीर मिलने पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
हरियाणा सरकार के विभिन्न विभागों से 504 करोड़ रुपए के कथित गबन मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पहली चार्जशीट दाखिल कर दी है। CBI ने वीरवार को पंचकूला स्थित विशेष CBI अदालत में यह चार्जशीट पेश की। मामले में बैंक अधिकारियों, सरकारी कर्मचारियों और निजी व्यक्तियों सहित कुल 15 आरोपियों को नामजद किया गया है। CBI की चार्जशीट के अनुसार, आरोपियों में IDFC फर्स्ट बैंक और AU स्मॉल फाइनेंस बैंक के 6 अधिकारी, हरियाणा सरकार के 3 कर्मचारी, 2 शेल कंपनियां व उनके 3 साझेदार/निदेशक तथा एक निजी व्यक्ति शामिल हैं। सभी आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। जांच एजेंसी ने आरोपियों पर आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, फर्जीवाड़ा, सबूत नष्ट करने और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के तहत अपराध करने के आरोप लगाए हैं। सरकारी विभागों के खातों से निकाली गई थी राशि CBI के मुताबिक, यह मामला हरियाणा सरकार के विभिन्न विभागों के बैंक खातों से करीब 504 करोड़ रुपए की राशि निकालने से जुड़ा है। आरोप है कि बैंक अधिकारियों ने संबंधित विभागों में तैनात सरकारी कर्मचारियों के साथ मिलीभगत कर इस फंड का दुरुपयोग किया। जांच में हरियाणा पावर जेनरेशन कॉरपोरेशन लिमिटेड, विकास एवं पंचायत विभाग और हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद के कर्मचारियों की भूमिका सामने आई है। पहले विजिलेंस कर रही थी जांच यह मामला पहले हरियाणा राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के पास दर्ज था। बाद में गंभीर वित्तीय अनियमितताओं को देखते हुए जांच CBI को सौंप दी गई थी। CBI ने बताया कि 15 आरोपियों के खिलाफ जांच पूरी कर चार्जशीट दाखिल कर दी गई है, जबकि अन्य आरोपियों और अन्य विभागों में हुए संभावित गबन की जांच अभी जारी है। एजेंसी ने संकेत दिए हैं कि जल्द ही अतिरिक्त चार्जशीट भी दाखिल की जा सकती हैं।
औरंगाबाद के मदनपुर प्रखंड स्थित ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व वाले सीता थापा मंदिर और उमंगेश्वरी तालाब के विकास और जीर्णोद्धार को लेकर जिला प्रशासन ने पहल तेज कर दी है। गुरुवार को जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने दोनों स्थलों का स्थलीय निरीक्षण कर वहां उपलब्ध सुविधाओं, संरचनाओं और विकास की संभावनाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान संबंधित विभागों के अधिकारियों को विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया गया। सीता थापा मंदिर का निरीक्षण किया सबसे पहले डीएम ने मदनपुर प्रखंड के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व वाले सीता थापा मंदिर का निरीक्षण किया। निरीक्षण का उद्देश्य मंदिर के संरक्षण, सौंदर्यीकरण और समुचित जीर्णोद्धार के लिए आवश्यक काम का आकलन करना था, ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। निरीक्षण के दौरान मंदिर परिसर की संरचनात्मक स्थिति, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, शौचालय और श्रद्धालुओं की सुविधाओं का सूक्ष्म निरीक्षण किया गया। मंदिर के विकास के लिए प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश डीएम अभिलाषा शर्मा ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि मंदिर के समग्र विकास के लिए शीघ्र विस्तृत प्रस्ताव तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों का संरक्षण सांस्कृतिक विरासत को बचाने के साथ-साथ स्थानीय पर्यटन को भी बढ़ावा देगा। इससे क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को नई गति मिलेगी। उन्होंने विकास कार्यों में गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। जिला पदाधिकारी ने उमंगेश्वरी तालाब का भी निरीक्षण किया। इस दौरान तालाब की वर्तमान स्थिति, जल क्षेत्र का विस्तार, संपर्क मार्ग, प्राकृतिक सौंदर्य और आसपास उपलब्ध आधारभूत संरचनाओं का अवलोकन किया गया। निरीक्षण के दौरान तालाब के सौंदर्यीकरण, स्वच्छता व्यवस्था, पर्यटक सुविधाओं और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े पहलुओं पर चर्चा की गई। पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा सीता थापा डीएम ने जिला योजना पदाधिकारी को निर्देश दिया कि संबंधित विभागों के समन्वय से तालाब को आकर्षक और पर्यावरण-अनुकूल पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए चरणबद्ध कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि योजना में स्थानीय लोगों की भागीदारी, रोजगार सृजन और क्षेत्रीय आर्थिक विकास को भी शामिल किया जाए। जिला पदाधिकारी ने विशेष रूप से उमंगेश्वरी तालाब को इको-टूरिज्म एवं इको-स्पोर्ट्स हब के रूप में विकसित करने पर बल दिया। उन्होंने नौकायन, प्रकृति भ्रमण, ओपन स्पेस गतिविधियों और पर्यावरण-अनुकूल पर्यटन सुविधाओं के विकास की संभावनाओं पर कार्य करने का निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान सदर अनुमंडल पदाधिकारी संतन कुमार सिंह, जिला योजना पदाधिकारी अविनाश प्रकाश, प्रखंड विकास पदाधिकारी मदनपुर, अंचल अधिकारी मदनपुर सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
मुरादाबाद में बेटी के घर छोड़कर चले जाने से आहत एक व्यक्ति ने जहरीला पदार्थ खाकर जान दे दी। परिजनों का आरोप है कि बेटी घर से लाखों रुपए के जेवर लेकर एक युवक के साथ चली गई थी। घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है। पिता मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते थे। परिजनों के मुताबिक, बेटी के अचानक घर छोड़ने के बाद से वह गहरे मानसिक तनाव में थे। इसी के चलते उन्होंने जहरीला पदार्थ खा लिया। हालत बिगड़ने पर परिजन उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। घटना बुधवार को मझोला थाना क्षेत्र की ज्ञानी वाली बस्ती लाइनपार में हुई। बेटी के घर छोड़ने के बाद टूट गए विजय सिंह ज्ञानी वाली बस्ती लाइनपार रहने वाले विजय सिंह के परिवार में पत्नी सुनीता, दो बेटे रवि और बोनी तथा बेटी कोमल (22) थी। परिजनों के मुताबिक, 14 मई की दोपहर कोमल अचानक घर से चली गई। वह फिरोजाबाद जिले के एका थाना क्षेत्र के गांव राजपुर के रहने वाले हिमांशु पुत्र बहोरन सिंह के साथ गई है। परिवार का कहना है कि कोमल घर में रखे सोने-चांदी के जेवर भी अपने साथ ले गई। करीब 25 लाख रुपए कीमत के जेवर गायब हैं। बेटी के अचानक लापता होने के बाद परिवार ने उसकी काफी तलाश की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिल सकी। मानसिक तनाव में थे विजय सिंह विजय सिंह की पत्नी सुनीता ने मझोला थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया कि हिमांशु उनकी बेटी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है। तहरीर में यह भी कहा गया कि बेटी घर से नकदी और जेवर लेकर गई है। परिवार ने पुलिस को युवक और युवती के मोबाइल नंबर भी उपलब्ध कराए थे। परिजनों के मुताबिक, बेटी के जाने के बाद से विजय सिंह बेहद परेशान रहने लगे थे। वह लगातार तनाव में थे और परिवार से कम बातचीत कर रहे थे। बुधवार दोपहर करीब एक बजे उन्होंने जहरीला पदार्थ खा लिया। अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित किया हालत बिगड़ने पर परिवार के लोग विजय सिंह को साईं अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। पत्नी सुनीता बेसुध हो गईं, जबकि दोनों बेटों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जानकारी जुटाई। पुलिस का कहना है कि युवती के घर छोड़कर जाने और युवक पर लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है। वहीं विजय सिंह की मौत के मामले में भी आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
रामपुर में तालाब सौंदर्यीकरण, हरे पेड़ कटे:वन विभाग ने जांच शुरू की, प्रधान पर कार्रवाई के संकेत
रामपुर के अजीमनगर थाना क्षेत्र स्थित हकीमगंज गांव में तालाब सौंदर्यीकरण के दौरान हरे पेड़ों की कटाई को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया है। ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान पर बिना अनुमति वर्षों पुराने आम और बबूल के पेड़ कटवाने का आरोप लगाया है। वन विभाग की टीम जब मौके पर जांच के लिए पहुंची, तो उनके साथ अभद्रता की शिकायत भी सामने आई है। वन विभाग ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। ग्रामीणों के अनुसार, गांव के सरकारी तालाब का सफाई और सौंदर्यीकरण कार्य चल रहा था। तालाब किनारे लगे आम और अन्य छायादार पेड़ लंबे समय से ग्रामीणों और राहगीरों को छाया प्रदान कर रहे थे, साथ ही पर्यावरण संरक्षण में भी सहायक थे। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम प्रधान ने वन विभाग से बिना किसी पूर्व अनुमति के इन पेड़ों को कटवा दिया। अधिकारियों के साथ अभद्रता और गाली-गलौज पेड़ों की कटाई की सूचना मिलने पर वन विभाग की एक टीम जांच के लिए गांव पहुंची थी। इस दौरान मौके पर विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि ग्राम प्रधान ने वन विभाग के अधिकारियों के साथ अभद्रता और गाली-गलौज की। गांव निवासी खुर्शीद, जाने आलम, सरताज, वाहिद अली, सलीम और फरीद सहित कई ग्रामीणों ने वन विभाग को लिखित शिकायत देकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और पर्यावरण क्षति का जुर्माना वसूलने की मांग की है। इस मामले पर डीएफओ प्रणव जैन ने दैनिक भास्कर को बताया कि हकीमगंज में तालाब किनारे हरे पेड़ों की कटाई की सूचना मिलने पर विभागीय टीम भेजी गई थी। उन्होंने पुष्टि की कि जांच के दौरान टीम के साथ अभद्रता और गाली-गलौज की शिकायत मिली है, जिसकी जांच की जा रही है। डीएफओ जैन के अनुसार, प्रथम दृष्टया हरे आम और अन्य पेड़ों की कटाई नियम विरुद्ध प्रतीत हो रही है। उन्होंने बताया कि मामले में विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कटनी जिले के ठरका ग्राम में गुरुवार शाम एक ट्रक ने बाइक को टक्कर मार दी। इस हादसे में एक आदिवासी युवक की मौत हो गई, जबकि बाइक पर सवार उसके दो अन्य साथी गंभीर घायल हैं। पुलिस ने ट्रक को जब्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है। एक ही बाइक पर सवार थे तीन युवक जानकारी के अनुसार, बरही थाना क्षेत्र के ग्राम नादमन निवासी तीन युवक एक ही बाइक पर सवार होकर जा रहे थे। जब वे ठरका ग्राम के पास पहुंचे, तभी सामने से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रक ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए और तीनों युवक सड़क पर काफी दूर जा गिरे। अस्पताल में एक मृत घोषित किया, दो गंभीर हादसे के बाद मौके पर पहुंची डायल-112 और निवार चौकी पुलिस ने राहगीरों की मदद से तीनों घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद असीम कुमार गोटिया (30) को मृत घोषित कर दिया। वहीं, हादसे में घायल मुराली गोटिया और गुड्डू गोटिया की हालत गंभीर बनी हुई है, जिनका उपचार जारी है। पुलिस ने ट्रक को किया जब्त हादसे को अंजाम देने के बाद चालक ट्रक लेकर भागने की फिराक में था, लेकिन पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए ट्रक को घेराबंदी कर जब्त कर लिया है। पुलिस ने मृतक का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और ट्रक चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
मुंगेर के भगत सिंह चौक स्थित एक निजी विवाह भवन में गुरुवार को 'बुएर सेलर मीट 2026' का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य जैविक खेती को बढ़ावा देना था। जिला कृषि पदाधिकारी सुष्मिता कुमारी और आइसीसीसीओए के महाप्रबंधक आर.एस. तोमर ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर इसका उद्घाटन किया। इस आयोजन में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया। कार्यक्रम स्थल पर किसानों द्वारा जैविक विधि से उगाई गई सब्जियों और अनाजों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। इस प्रदर्शनी में नेनुआ, करेला, कद्दू, आम, गेहूं, मकई, राजमा और चावल जैसी विभिन्न फसलें प्रदर्शित की गईं। किसानों और आगंतुकों ने इन जैविक उत्पादों की गुणवत्ता और विविधता की सराहना की। जैविक खेती अपनाने का आग्रहजिला कृषि पदाधिकारी सुष्मिता कुमारी ने बताया कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों की खेती लागत को कम करना और उनके उत्पादों का बेहतर मूल्य सुनिश्चित करना है। उन्होंने किसानों से रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करके जैविक खेती अपनाने का आग्रह किया। कुमारी ने जोर दिया कि जैविक खेती मानव स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होने के साथ-साथ मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने में भी सहायक है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि 'नमामि गंगे' योजना के अंतर्गत जिले में लगभग 1100 किसानों को जैविक खेती से जोड़ा गया है। किसानों में जैविक खेती के प्रति जागरूकता बढ़ती हैवर्तमान में करीब 1000 हेक्टेयर भूमि पर जैविक खेती की जा रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से किसानों में जैविक खेती के प्रति जागरूकता बढ़ती है और उन्हें नई तकनीकों की जानकारी मिलती है। जैविक खेती से जुड़े किसान आनंदी सिंह और रामविलास निषाद ने बताया कि प्रधानमंत्री के आह्वान के बाद से किसानों में जैविक खेती के प्रति रुचि बढ़ी है। उन्होंने कहा कि जैविक उत्पाद स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित होते हैं, जबकि रासायनिक खेती से उत्पादित खाद्यान्न कई बीमारियों का कारण बन सकते हैं। किसानों ने उम्मीद जताई कि सरकार के प्रयासों से भविष्य में और अधिक किसान जैविक खेती को अपनाएंगे।
नालन्दा के चंडी थाना क्षेत्र के तुलसीगढ़ खंधा में बीते मंगलवार की देर शाम हुई मारपीट में गंभीर रूप से घायल (35) हरेंद्र कुमार की आज पटना में इलाज के दौरान मौत हो गई। मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। आज शव के गांव पहुंचते ही आक्रोशित ग्रामीणों ने शव को एनएच-431 (जैतीपुर-हरनौत सड़क) के भासिन बिगहा के पास सड़क पर रखकर जाम कर दिया। ग्रामीण पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रहे थे और मौके पर एसपी को बुलाने की मांग पर अड़े रहें। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए चंडी, तेलमर, वेना और नगरनौसा समेत कई थानों की पुलिस मौके पर कैंप कर रही है। खेत से लौटने के दौरान घात लगाकर हमला दौलतपुर मिल्कीपर निवासी सुरेंद्र कुमार का बेटा हरेंद्र कुमार मंगलवार की देर शाम खेत देखकर घर लौट रहा था। इसी दौरान गोसाईंमठ के करीब 15 लोगों ने जान से मारने की नीयत से लाठी-डंडे और लोहे के रॉड से लैस होकर उस पर हमला कर दिया। पीड़ित के भाई द्वारा थाने में दिए गए आवेदन के अनुसार, मेरा भाई खेत देखकर लौट रहा था, तभी गोसाईंमठ के टिंकल राम, सोनू राम, रंजीत राम, विक्की राम, रजनीश राम, सुदामा राम, गौतम राम सहित 7 से 8 अज्ञात लोग हरवे-हथियार, लाठी-डंडा और लोहे की रॉड से उसे बेरहमी से पीट रहे थे। बचाने आए युवकों को भी पीटा, खींचकर ले गए गांव आवेदन के मुताबिक, घटना के वक्त विनोद पासवान, नीतीश पासवान और धरमवीर पासवान टॉयलेट के लिए नदी की तरफ जा रहे थे। हरेंद्र को पिटता देख जब उन्होंने बचाने की कोशिश की, तो हमलावरों ने उन पर भी लाठी-डंडे चला दिए, जिससे वे तीनों भी गंभीर रूप से चोटिल हो गए। अपनी संख्या कम देख तीनों युवक शोर मचाते हुए गांव की ओर भागे। इसी बीच आरोपी हरेंद्र को अधमरा होने तक पीटते रहे और फिर उसे गांव की तरफ खींचकर ले गए तथा मरणासन्न स्थिति में छोड़कर फरार हो गए। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल, पुलिस मामले की जांच में जुटी गंभीर स्थिति में हरेंद्र को पटना के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां गुरुवार को उसने दम तोड़ दिया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। हरेंद्र की मौत की खबर जैसे ही गांव पहुंची, पूरे इलाके में मातम पसर गया। मृतक की पत्नी रीना देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। वह बार-बार चीखकर कह रही थी, अब हम दोनों बच्चों को कैसे पालेंगे? परिजनों के चीत्कार से पूरा माहौल गमगीन है। फिलहाल पुलिस ने आक्रोशित को समझा बुझाकर मामले को शांत कर लिया है। करीब 2 घंटे तक जाम की स्थिति बनी रही। थानाध्यक्ष अखिलेश कुमार झा ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी में जुट गई है।
जनगणना किट न लेने वाले 100 प्रगणकों पर कार्रवाई:सहारनपुर नगर निगम ने संबंधित विभागों को निर्देश भेजे
सहारनपुर नगर निगम ने जनगणना-2027 के पहले चरण में लापरवाही बरतने वाले प्रगणकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू की है। गुरुवार को जनगणना किट और नियुक्ति पत्र लेने में आनाकानी कर रहे लगभग 100 प्रगणकों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए संबंधित विभागों को निर्देश भेजे गए हैं। जनगणना-2027 का पहला चरण 22 मई से 20 जून तक चलेगा, जिसमें शहर में भवन सूचीकरण का कार्य किया जाएगा। इस कार्य के लिए नगर निगम ने 223 पर्यवेक्षक और 1383 प्रगणक नियुक्त किए थे। 19 मई से निगम परिसर में किट और नियुक्ति पत्र वितरित किए जा रहे थे, लेकिन लगभग 100 प्रगणक अभी तक अपनी किट लेने नहीं पहुंचे हैं। नगर निगम की कर निर्धारण अधिकारी और जोन-दो की चार्ज अधिकारी श्रुति माहेश्वरी ने बताया कि अधिकांश पर्यवेक्षकों ने अपनी किट प्राप्त कर ली है, लेकिन कई प्रगणकों ने इसमें रुचि नहीं दिखाई। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनगणना जैसे राष्ट्रीय महत्व के कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नगर निगम के अनुसार, किट न लेने वाले प्रगणकों में पंचायत सहायक, आंगनवाड़ी कर्मी और बेसिक शिक्षा विभाग से जुड़े कर्मचारी प्रमुख हैं। निगम प्रशासन ने इन विभागाध्यक्षों को पत्र लिखकर ऐसे कर्मचारियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने को कहा है, ताकि जनगणना का कार्य सुचारु रूप से चल सके। चार्ज अधिकारी ने बताया कि प्रगणक गुरुवार से घर-घर जाकर भवनों का सूचीकरण शुरू करेंगे। उन्होंने नागरिकों से सहयोग की अपील की है। माहेश्वरी ने यह भी स्पष्ट किया कि नागरिकों को प्रगणकों को आधार कार्ड, पैन कार्ड या अन्य गोपनीय दस्तावेज देने की आवश्यकता नहीं है। केवल सामान्य जानकारी ही दर्ज की जाएगी। जिन नागरिकों ने स्व-गणना की प्रक्रिया पूरी कर ली है, उनसे अपील की गई है कि वे प्रगणकों के घर पहुंचने पर अपनी स्व-गणना आईडी उपलब्ध कराएं, जिससे आंकड़ों का सत्यापन आसानी से हो सके। नगर निगम प्रशासन ने चेतावनी दी है कि जनगणना कार्य में बाधा डालने या लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
खंडवा शहर के कई इलाकों में कल (शुक्रवार) बिजली सप्लाई प्रभावित रहेगी। बिजली कंपनी द्वारा 11 केवी गायत्री मंदिर फीडर पर आवश्यक मेंटेनेंस कार्य किया जाएगा। इसके चलते सुबह 7 बजे से 11 बजे तक संबंधित क्षेत्रों में विद्युत प्रदाय बंद रहेगा। बिजली कंपनी के सहायक यंत्री (मेंटेनेंस) महेश कुमार सोलंकी के अनुसार, मेंटेनेंस कार्य के दौरान बाहेती कॉलोनी, शर्मा नमकीन क्षेत्र, संगीता साइकिल, नाकोडा नगर, जेजे हॉस्पिटल, इंद्राचौक, एलआईसी ऑफिस, आयकर भवन, रॉयल इन होटल, रणजीत होटल, सरस्वती स्कूल, एसएन कॉलेज, विशाल मेगामार्ट सहित आसपास के क्षेत्रों में बिजली सप्लाई बंद रहेगी। बिजली कंपनी ने उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि कार्य की आवश्यकता के अनुसार बिजली बंद रहने की समयावधि घटाई या बढ़ाई भी जा सकती है। ऐसे में नागरिक जरूरी कार्य पहले से निपटा लें और विद्युत उपकरणों का उपयोग सावधानी से करें।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में कैबिनेट और मंत्रिपरिषद की बैठक शुक्रवार को बुलाई गई है। इस बैठक में सरकारी विभागों में तबादलों से बैन हटाने पर फैसला होने की संभावना है। वहीं कैबिनेट में पेट्रोल-डीजल पर बचत सहित पीएम मोदी की अपील पर उत्तर प्रदेश (यूपी) की तर्ज पर लिए गए फैसले पर भी चर्चा की संभावना है। कई भाजपा विधायकों ने तबादलों पर लगे बैन हटाने की मांग को लेकर सीएम के सामने बात रखी है। सत्ताधारी विधायकों ने तबादलों पर रोक हटाने के सियासी फायदे को लेकर भी फीडबैक दिया है। ऐसे में तबादलों पर बैन हटाने पर फैसला होने की संभावना है। इसके लिए प्रशासनिक सुधार विभाग सर्कुलर जारी करेगा। कैबिनेट और मंत्रिपरिषद की बैठकों में तबादलों से बैन हटाने के मामले में चर्चा होना तय माना जा रहा है। इसके बाद निर्देश जारी हो सकते हैं। सरकारी विभागों में गैर जरूरी खर्च घटाने पर सर्कुलर को मंजूरी संभवमुख्यमंत्री और मंत्रियों ने हाल ही अपने काफिलों में वाहनों की संख्या आधी से कम कर दी थी। कैबिनेट की बैठक में पीएम नरेंद्र मोदी की अपील के अनुसार सरकारी विभागों में फ्यूल बचत पर कुछ और फैसले होने की भी संभावना है। इसके अलावा सरकारी विभागों में खर्च कम करने के लिए मितव्ययता सर्कुलर जारी करने पर मंजूरी दी जा सकती है। वित्त विभाग पहले भी इस तरह के सर्कुलर जारी करता रहा है। सरकार में वर्चुअल बैठकों और पब्लिक ट्रांसपोर्ट के इस्तेमाल पर जोर, अन्य फैसले संभवसरकारी विभागों में बुहत जरूरी होने पर ही फिजिकल बैठकें करने और वर्चुअल बैठकों पर जोर देने के निर्देश जारी किए जा सकते हैं। वहीं सरकारी कर्मचारियों को पब्लिक ट्रांसपोर्ट का ज्यादा इस्तेमाल करने के निर्देश भी जारी करने पर फैसले के आसार हैं। सप्ताह में एक दिन नो व्हीकल डे पर भी फैसला हो सकता है। यूपी में एक दिन नो व्हीकल डे सहित कई फैसले कर चुकी सरकारयूपी सरकार ने हाल ही फ्यूल बचत के लिए कई फैसले किए हैं। यूपी सरकार ने काफिलों में वाहन घटाकर आधे करने के साथ सरकारी कामकाज में 50% बैठकों को वर्चुअल करने के आदेश दिए हैं। मंत्रियों और अफसरों को निजी वाहनों की जगह साइकिल, इलेक्ट्रॉनिक वाहनों या पब्लिक ट्रांसपोर्ट का ज्यादा उपयोग करने को कहा है। उत्तर प्रदेश में एक दिन नो व्हीकल डे मनाने का फैसला किया है, जिसमें सरकारी कर्मचारी दफ्तर आने जाने में पब्लिक ट्रांसपोर्ट का ही प्रयोग करेंगे। ये खबरें भी पढ़ें…CM भजनलाल ने अपने काफिले से आधी गाड़ियां हटाईं:PM की अपील का असर, 5 कारों के साथ एयरपोर्ट पहुंचे; मंत्री-अधिकारियों को भी निर्देश सीएम के बाद अब राज्यपाल ने काफिले में वाहन घटाए:3 कारों के साथ एयरपोर्ट पहुंचे, बागडे ने फ्यूल बचाने की अपील
पन्ना में सर्राफा व्यापारी को झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर 95 हजार रुपए वसूलने वाले 3 पुलिसकर्मियों समेत 4 लोगों पर FIR की गई है। मामले में मड़ला थाना प्रभारी रचना पटेल, एएसआई रज्जाक खान, कॉन्स्टेबल रामशरण और उनके साथी बृजेश यादव के खिलाफ साजिश रचने और जबरन वसूली की धाराएं लगाई गई हैं। इससे पहले मंगलवार को तीनों पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच किया गया था। चारों फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस की अलग-अलग टीमें संभावित ठिकानों पर छापे मार रही हैं। फरियादी मोहनलाल सोनी (40 वर्ष) रीवा के तरहटी गांव के रहने वाले हैं। उन्होंने 15 मई को पन्ना एसपी निवेदिता नायडू को लिखित शिकायत दी थी। इसमें बताया था कि 14 मई की दोपहर करीब एक बजे वे अपनी कार से बागेश्वर धाम के लिए निकले थे। शाम करीब 5 बजे पन्ना के मड़ला गांव के पास पहुंचे तो एक पेट्रोल पंप के सामने अपनी गाड़ी पार्क कर रहे थे। इसी दौरान सिविल कपड़ों में दो युवक वहां आ गए। उन्होंने खुद को पुलिसकर्मी बताया और सोनी पर गांजा तस्करी के आरोप लगाए। सोनी के इससे इनकार करने पर उन्होंने जबरन कार के दरवाजे खुलवाए। फिर, सीट से एक काली पॉलिथीन निकालकर दिखाई। युवकों ने दावा किया कि पॉलिथीन में गांजा है। बोले- तुम्हारा मैटर निपटाते हैं मोहनलाल ने खुद को सर्राफा कारोबारी बताते हुए पैकेट के बारे में जानकारी होने से मना किया। इस पर एक युवक ने धमकाते हुए कहा, यह मड़ला थाने के मुंशी रज्जाक खान हैं। मेरा नाम बृजेश यादव है। मैं शराब ठेके पर काम करता हूं। चलो, तुम्हारा मैटर निपटाते हैं। इसके बाद दोनों युवक व्यापारी की कार में बैठ गए। कुछ दूर शराब दुकान पर जाकर कार रुकवा दी। मोहनलाल सोनी ने बताया कि शराब दुकान के पास पहुंचते ही वर्दी पहने एक पुलिसवाला आ गया। उसकी नेम प्लेट पर 'रामशरण' लिखा था। तीनों मिलकर मोहनलाल को दुकान के पीछे ले गए। वहां करीब दो घंटे तक बंधक बनाए रखा। 95 हजार रुपए में तय हुआ सौदा रामशरण ने कहा कि गांजा तस्करी के केस से बचने के लिए एक लाख रुपए दे दो। व्यापारी के काफी हाथ-पैर जोड़ने के बाद सौदा 95 हजार रुपए में तय हुआ। इसके बाद मोहनलाल ने 45 हजार नकद दिए जबकि 50 हजार रुपए अलग-अलग नंबरों और क्यूआर कोड पर ऑनलाइन ट्रांसफर किए। पैसे ऐंठने के बाद ही आरोपियों ने मोहनलाल को छोड़ा, जिसके बाद वे सीधे रीवा अपने घर लौट गए। जांच में सच साबित हुए आरोप व्यापारी की शिकायत पर पन्ना एसपी निवेदिता नायडू ने मामले की जांच कराई। इसमें साबित हो गया कि मड़ला थाना प्रभारी रचना पटेल, पुलिसकर्मी रज्जाक खान, रामशरण अहिरवार और शराब दुकान के कर्मचारी बृजेश यादव ने मिलकर अवैध वसूली को अंजाम दिया था। इस पर एसपी नायडू ने पन्ना पुलिस लाइन के सब इंस्पेक्टर रामकृष्ण पांडे द्वारा मड़ला थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई। आगे की जांच एएसआई वृंदावन प्रजापति को सौंपी गई है। मामले से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… पन्ना में थाना प्रभारी, ASI और आरक्षक निलंबित पन्ना एसपी निवेदिता नायडू ने मड़ला थाना प्रभारी रचना पटेल, एएसआई रज्जाक खान और आरक्षक रामशरण को निलंबित कर दिया है। इन पुलिसकर्मियों पर वाहन चेकिंग के दौरान एक व्यापारी को डरा-धमकाकर अवैध वसूली करने का आरोप है। विभागीय जांच में शिकायत सही पाए जाने के बाद यह कार्रवाई की गई है। पढ़ें पूरी खबर…
ग्राइंडर ऐप पर फर्जी आईडी बनाकर डकैती:मथुरा रिफाइनरी पुलिस ने 5 आरोपियों को पकड़ा
मथुरा रिफाइनरी पुलिस ने ग्राइंडर ऐप के जरिए डकैती करने वाले पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से घटना में इस्तेमाल की गई हुंडई औरा कार (RJ 14 TG 2113), लूटा गया आईफोन 15, स्मार्ट वॉच, होल्ड कराए गए 3 लाख 70 हजार रुपये और एक चाकू बरामद किया है। थाना प्रभारी आईपीएस जयबिन्द कुमार गुप्ता के अनुसार, 21 मई 2026 को तड़के करीब 2:05 बजे मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए रेलवे स्टेशन रोड पर रेलवे स्टेशन से लगभग 100 मीटर पहले पांचों आरोपियों को पकड़ा गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रशांत पुत्र प्रेम सहाय, अभय पुत्र डालचंद, आसू पुत्र नृपेन्द्र सिंह, मोनू पुत्र माता प्रसाद और सुनील पुत्र देवेंद्र के रूप में हुई है। ये सभी राजस्थान के धौलपुर जिले के निवासी हैं। थाना रिफाइनरी में इनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई है। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी ग्राइंडर ऐप पर फर्जी आईडी बनाकर लोगों को अपने जाल में फंसाते थे। वे पीड़ितों को सुनसान जगहों पर बुलाकर अपने साथियों के साथ मिलकर लूटपाट की वारदात को अंजाम देते थे। एसएसआई विक्रान्त तोमर ने बताया कि घटना 19 मई 2026 की है, जब आरोपियों ने “यश” नामक एक युवक को ग्राइंडर ऐप के माध्यम से संपर्क किया और उसे मथुरा जंक्शन बुलाया। देर रात ट्रेन से पहुंचे युवक को आरोपी अपनी कार में बैठाकर आगरा रोड की ओर ले गए। रास्ते में कार में पहले से मौजूद तीन अन्य साथियों को भी बैठा लिया गया। इसके बाद पांचों आरोपियों ने चलती कार में युवक को चाकू दिखाकर धमकाया और नकदी की मांग की। युवक के पास नकदी न होने पर आरोपियों ने उसका आईफोन 15 छीन लिया। उन्होंने पासवर्ड पूछकर उसके यूपीआई खाते से ऑनलाइन एक लाख रुपये ट्रांसफर कर लिए और उसकी स्मार्ट वॉच भी लूट ली। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी युवक को रिफाइनरी क्षेत्र में हाईवे किनारे उतारकर धौलपुर की ओर फरार हो गए। पीड़ित की शिकायत पर थाना रिफाइनरी में मुकदमा दर्ज किया गया, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पूरे गिरोह को गिरफ्तार कर लिया।
हरियाणा के हांसी के कंवारी गांव में गुरुवार को एक विवाहिता ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतका का छोटा बेटा स्कूल से लौटने पर घर में अपनी मां को फंदे पर लटका हुआ देखकर घटना का पता चला। बेटे की चीख-पुकार सुनकर पड़ोसियों को पता चला। मृतका की पहचान कंवारी गांव निवासी 33 वर्षीय वीना के रूप में हुई है। वह तीन बच्चों की मां थी और हिसार के एक होटल में काम करती थी। बताया गया है कि गुरुवार को वह सामान्य दिनों की तुलना में जल्दी घर लौट आई थी। बेटे को फंदे पर लटकी मिली मां दोपहर बाद जब उसका छोटा बेटा स्कूल से घर पहुंचा, तो उसने दरवाजा खटखटाया। अंदर से कोई जवाब न मिलने पर बच्चे ने किसी तरह अंदर झांककर देखा। वहां उसकी मां फांसी के फंदे पर लटकी हुई थी। यह देखकर बच्चे ने शोर मचाया, जिसके बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। मृतका का पति मजदूरी करता है। पुलिस ने फोरेंसिक टीम को बुलाया घटना की सूचना मिलते ही सदर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सदानंद पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। मामले की गंभीरता को देखते हुए फोरेंसिक विशेषज्ञ टीम को भी बुलाया गया। टीम ने मौके से आवश्यक साक्ष्य जुटाए और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए हांसी के सरकारी अस्पताल भेज दिया। जानकारी के अनुसार, वीना का मायका फतेहाबाद जिले के डिंग मंडी क्षेत्र में था। उसकी शादी कंवारी गांव निवासी रमेश के साथ हुई थी। परिवार में उसके दो बेटे और एक बेटी हैं। पुलिस सुसाइड के कारणों की जांच कर रही सदर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सदानंद ने बताया कि गुरुवार दोपहर घटना की सूचना मिली थी, जिसके बाद पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। फिलहाल आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल पाया है। पुलिस परिजनों के बयान दर्ज कर मामले की जांच कर रही है।
मंदसौर स्थित विश्व प्रसिद्ध अष्टमुखी भगवान पशुपतिनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की बढ़ती आस्था अब दान राशि के रूप में भी साफ दिखाई देने लगी है। मंदिर परिसर में रखी गई 6 दान पेटियों को दो दिन तक खोला गया, जिसमें लाखों रुपए की नकद राशि के साथ विदेशी मुद्रा तथा सोने-चांदी के आभूषण भी प्राप्त हुए। मंदिर प्रबंधन समिति द्वारा बुधवार और गुरुवार को दान राशि की गणना पारदर्शी प्रक्रिया के तहत की गई। पहले दिन बुधवार को सुबह से देर शाम तक चली गणना में 15 लाख 83 हजार रुपए प्राप्त हुए, जबकि गुरुवार को दोपहर से देर शाम तक हुई गणना में 6 लाख 48 हजार रुपए निकले। इस प्रकार दो दिनों में कुल 22 लाख 31 हजार रुपए की राशि दान पेटियों से प्राप्त हुई। दान पेटियों से नकद राशि के अलावा श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए सोने और चांदी के आभूषण भी मिले। मंदिर समिति के अनुसार करीब 20 ग्राम सोने के आइटम तथा लगभग 250 ग्राम चांदी के छोटे-मोटे आभूषण प्राप्त हुए हैं। विदेशी मुद्रा ने बढ़ाई चर्चादान पेटियों से कई देशों की विदेशी मुद्राएं भी मिली हैं। गणना के दौरान जॉर्डन का 1 दीनार का नोट, 5 पेंस का सिक्का, नेपाल के 1 रुपए के 2 सिक्के और 2 रुपए का 1 सिक्का मिला। इसके अलावा अरब अमीरात का 1 सिक्का, थाईलैंड का 20 का एक नोट और 20 का एक सिक्का, केन्या का 1 शिलिंग तथा अन्य देशों के 4 सिक्के भी प्राप्त हुए। मंदिर समिति का कहना है कि विदेशी मुद्राओं का मिलना इस बात का प्रमाण है कि बाबा पशुपतिनाथ के प्रति देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी गहरी आस्था है और बड़ी संख्या में विदेशी श्रद्धालु भी मंदिर पहुंच रहे हैं। वर्ष 2026 में लगातार बढ़ रही दान राशिमंदिर में वर्ष 2026 के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या और दान राशि दोनों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। इस वर्ष अब तक तीन चरणों में दान पेटियों की गणना की जा चुकी है। अब तक प्राप्त दान राशि मंदिर समिति के अनुसार अब तक कुल 72 लाख 2 हजार 20 रुपए की राशि प्राप्त हो चुकी है। देश-विदेश से पहुंच रहे श्रद्धालुविश्व प्रसिद्ध अष्टमुखी प्रतिमा वाले बाबा पशुपतिनाथ मंदिर में देशभर के साथ-साथ विदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। धार्मिक मान्यता और आस्था के कारण मंदिर में लगातार श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ रही है। मंदसौर स्थित बाबा पशुपतिनाथ मंदिर अब धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र बन चुका है। हर वर्ष बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या न केवल मंदिर की आय में वृद्धि कर रही है, बल्कि जिले में धार्मिक पर्यटन को भी नई पहचान दे रही है। मंदिर में बढ़ती श्रद्धा और दान राशि को धार्मिक पर्यटन के विस्तार का संकेत माना जा रहा है।
सहारनपुर में विकास कार्यों की धीमी गति और सीएम डैशबोर्ड पर खराब प्रदर्शन को लेकर डीएम अरविंद कुमार चौहान ने कड़ा रुख अपनाया है। गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में हुई समीक्षा बैठक में डीएम ने स्पष्ट किया कि डैशबोर्ड रैंकिंग खराब करने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में जननी सुरक्षा योजना, फैमिली आईडी, पंचायती राज, पशुधन, आईसीडीएस और लोक निर्माण विभाग की खराब रैंकिंग पर डीएम ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को अगले माह तक स्थिति सुधारने के निर्देश दिए। नगरीय क्षेत्रों में फैमिली आईडी की धीमी प्रगति पर अधिशासी अधिकारियों और जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी का वेतन रोकने के आदेश दिए गए। इसी तरह, पशुओं के कृत्रिम गर्भाधान में खराब प्रदर्शन के लिए मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी का वेतन रोकने को कहा गया। डीएम ने जननी सुरक्षा योजना में खराब रैंकिंग के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी, पोषण अभियान में जिला कार्यक्रम अधिकारी और अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। आईजीआरएस पोर्टल पर असंतोषजनक फीडबैक मिलने पर एबीएसए मुजफ्फराबाद और बीडीओ नकुड़ के वेतन रोकने के भी निर्देश दिए गए। बैठक में अनुपस्थित रहने पर जिला गन्ना अधिकारी को भी कारण बताओ नोटिस जारी करने का आदेश दिया गया। डीएम ने सभी अधिकारियों को स्वयं पोर्टल की निगरानी करने और समय पर सही डेटा फीडिंग सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने चेतावनी दी कि सीएमआईएस पोर्टल पर लापरवाही पाए जाने पर जांच कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर जोर देते हुए डीएम ने कहा कि लापरवाही करने वाली फर्मों को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा और गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा। आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण के संबंध में भी डीएम ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण कर शिकायतकर्ता की संतुष्टि सुनिश्चित की जाए। साथ ही, अधिकारियों को आमजन के साथ संवेदनशील और विनम्र व्यवहार रखने की हिदायत भी दी गई।
इंदौर में आधुनिक जीवनशैली से पैदा हो रहे तनाव, मानसिक अशांति और स्वास्थ्य समस्याओं के बीच लोगों को योग और अध्यात्म से जोड़ने के उद्देश्य से तीन दिवसीय “भारत योग यात्रा” एवं “योग साधना सत्र, अध्यात्म में प्रवेश” का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम 22 से 24 मई 2026 तक रेसकोर्स रोड स्थित अभय प्रशाल में आयोजित होगा। कार्यक्रम में बिहार योग विद्यालय, गंगादर्शन, मुंगेर (बिहार) के परमाचार्य स्वामी निरंजनानंद सरस्वती मौजूद रहेंगे। आयोजन स्वामी शिवानंद सरस्वती और स्वामी सत्यानंद सरस्वती की आध्यात्मिक परंपरा को समर्पित रहेगा। आयोजन समिति के अनुसार सत्र के माध्यम से लोगों को योग के वास्तविक स्वरूप, मानसिक शांति, आत्मविकास और आध्यात्मिक जागरण की दिशा में मार्गदर्शन दिया जाएगा। आयोजकों ने बताया कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा को संतुलित करने की एक संपूर्ण प्रक्रिया है। वर्तमान समय में बढ़ते तनाव, अवसाद, अनिद्रा, मधुमेह, उच्च रक्तचाप और मानसिक दबाव जैसी समस्याओं का प्रमुख कारण असंतुलित जीवनशैली है। नियमित योग साधना से व्यक्ति इन समस्याओं पर नियंत्रण पाने के साथ सकारात्मक ऊर्जा और आत्मिक शांति प्राप्त कर सकता है। कार्यक्रम में योग को वैज्ञानिक और व्यावहारिक दृष्टिकोण से समझाया जाएगा, ताकि लोग इसे अपने दैनिक जीवन में अपनाकर तनावमुक्त और संतुलित जीवन जी सकें। आयोजन के दौरान प्रतिदिन सुबह 6:30 बजे से 8:30 बजे तक तथा शाम 6 बजे से 8 बजे तक योग एवं ध्यान सत्र आयोजित होंगे। आयोजन के संयोजक स्वामी शिवराजानंद सरस्वती (इंदौर) हैं। कार्यक्रम में प्रवेश निशुल्क रहेगा। आयोजकों ने प्रतिभागियों से समय से पहले पहुंचने का अनुरोध किया है। वहीं 8 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए प्रवेश निषिद्ध रहेगा। कौन हैं स्वामी निरंजनानंद सरस्वती स्वामी निरंजनानंद सरस्वती का जन्म 14 फरवरी 1960 को राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) में हुआ था। वे बचपन से ही बिहार स्कूल ऑफ योग से जुड़े रहे और 10 वर्ष की आयु में दशनामी संन्यास में दीक्षित हुए। उन्होंने कई देशों में योग और भारतीय आध्यात्मिक परंपरा का प्रचार-प्रसार किया है। वे योग को केवल आसन और प्राणायाम नहीं, बल्कि अनुशासित और संतुलित जीवन जीने की कला मानते हैं।
गोंडा समेत देवीपाटन मंडल के निवासियों के लिए एक अच्छी खबर है। गोरखपुर से गोंडा के रास्ते लखनऊ तक चलने वाली पैसेंजर ट्रेन का परिचालन 26 मई से शुरू होगा। गोंडा के सांसद और विदेश राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह इस ट्रेन को गोंडा से हरी झंडी दिखाएंगे। यह ट्रेन कोविड-19 महामारी के दौरान बंद कर दी गई थी। विदेश राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह की पहल पर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हाल ही में इसके संचालन को मंजूरी दी थी। ट्रेन संख्या 55061/55062 गोरखपुर के नकहा जंगल से गोंडा होते हुए लखनऊ के डालीगंज स्टेशन तक चलेगी। इस ट्रेन के दोबारा शुरू होने से गोंडा के साथ-साथ करनैलगंज, कैथौला, मैजापुर जैसे छोटे स्टेशनों से लखनऊ जाने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। पड़ोसी बलरामपुर जिले के तुलसीपुर, गैंसड़ी, पचपेड़वा और बढ़नी जैसे स्टेशनों के यात्रियों को भी इसका लाभ मिलेगा। गोंडा-लखनऊ पैसेंजर ट्रेन वर्षों से इस क्षेत्र की आम जनता के लिए एक सस्ता और सुविधाजनक यात्रा साधन रही है। इसके अतिरिक्त, इस रूट पर ट्रेन चलने से 51 शक्तिपीठों में से एक मां पाटेश्वरी देवी के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को भी सुविधा होगी। लाखों लोगों को प्रतिदिन आने-जाने में सहूलियत मिलेगी।
रेवाड़ी जनस्वास्थ्य विभाग डिफाल्टर हो चुके उपभोक्ताओं के पानी के कनेक्शन काटेगा। जिला में विभाग के 168217 उपभोक्ताओं की तरफ करीब 8.46 करोड़ रुपए बकाया है। 31 मई चालू बिल के साथ बकाया बिल भरने वालों का सरचार्ज माफ होगा। नए नियमों के अनुसार निर्धारित अवधि के बाद बिल भरने वाले उपभोक्ताओं से चालू बिल पर 10 प्रतिशत जुर्माना लगाया जाएगा। पिछले बिलों की राशि पर दोबारा जुर्माना नहीं जोड़ा जाएगा। विभाग के जिला सलाहकार योगेंद्र परमान ने एक बयान जारी कर यह जानकारी दी। जेएनएल कनाल बंद होने के बाद वाटर टैंकों में पानी की कम उपलब्धता के चलते जनस्वास्थ्य विभाग फिलहाल शहर में एक दिन छोड़ एक दिन रोस्टर अनुसार पानी की सप्लाई कर रहा है। शहरी उपभोक्ताओं में फंसे 2.90 करोड़ उन्होंने बताया कि जिले के 168217 में से 127813 ग्रामीण और 40404 शहरी उपभोक्ता हैं। शहरी उपभोक्ताओं की तरफ 2.90 करोड़ और ग्रामीण उपभोक्ताओं की तरफ 5.55 करोड़ रुपए बकाया है। उपभोक्ताओं की तरफ बकाया राशि में बड़ी राशि सरचार्ज की भी शामिल है। 31 मई तक बकाया बिल का भुगतान करने वाले उपभोक्ताओं से सरचार्ज नहीं लिया जाएगा। उन्होंने अधिक से अधिक पेयजल उपभोक्ताओं से सरकारी की इस योजना का लाभ लेने का आह्वान किया। अब मीटर लगवाना अनिवार्य उन्होंने बताया कि अब पेयजल कनेक्शन के लिए मीटर लगवाना अनिवार्य है। मीटर वाले उपभाक्ताओं को ही सरचार्ज माफी का लाभ मिल पाएगा। जो उपभोक्ता योजना का लाभ लेना चाहते हैं, उन्हें भी पहले अपने कनेक्शन पर मीटर लगवाना होगा। बिना मीटर लगवाए योजना का लाभ नहीं मिलेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि 31 मई तक बकाया बिलों का भुगतान नहीं करने वाले उपभोक्ताओं की पहचान कर कनेक्शन काटने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
सिंगरौली जिले के देवसर बाजार में अतिक्रमण हटाने को लेकर प्रशासन ने गुरुवार शाम सख्त रुख अपनाया। कलेक्टर के निर्देश पर प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की एक संयुक्त टीम ने भारी पुलिस बल के साथ बाजार क्षेत्र का औचक निरीक्षण किया। इस कार्रवाई के दौरान एसडीएम, तहसीलदार, एसडीओपी और थाना प्रभारी मौजूद रहे। प्रशासन ने लाउडस्पीकर के माध्यम से अतिक्रमणकारियों को अंतिम चेतावनी दी। उन्हें बताया गया कि यदि शाम तक सड़क और नालियों से अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तो बलपूर्वक सामान जब्त कर जुर्माना लगाया जाएगा। यह कार्रवाई हाल ही में कलेक्टर के देवसर दौरे के बाद हुई है। उस दौरान स्थानीय नागरिकों ने बाजार में लगातार लगने वाले जाम और बढ़ते अतिक्रमण की शिकायत की थी। शिकायत के बाद कलेक्टर ने मौके पर निरीक्षण कर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए थे। प्रशासन की इस सख्ती के बाद बाजार में अतिक्रमणकारियों के बीच हड़कंप मच गया। कई दुकानदार स्वयं ही सड़क किनारे रखा अपना सामान हटाते हुए देखे गए। स्थानीय लोगों का कहना है कि बाजार क्षेत्र में सड़क और नालियों पर बढ़ते अतिक्रमण के कारण आए दिन दुर्घटनाएं होती हैं और यातायात जाम की समस्या गंभीर बनी रहती है। प्रशासन अब इस समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में काम कर रहा है। कई बार दी समझाइश तहसीलदार ऋषि नारायण सिंह ने बताया कि प्रशासन द्वारा पहले भी कई बार अतिक्रमण हटाने के लिए समझाइश दी जा चुकी है। उन्होंने दोहराया कि यदि इसके बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तो नियमानुसार सख्त कार्रवाई करते हुए सामान जब्त किया जाएगा और जुर्माना भी वसूला जाएगा। शाम के समय बाजार में पहुंचा प्रशासनिक अमला
मथुरा के बरसाना थाना क्षेत्र में राधा रानी मंदिर के पूर्व रिसीवर और पुजारी सौरभ गोस्वामी पर कथित जानलेवा हमला हुआ है। इस हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गए। पीड़ित परिवार ने बरसाना थाने में कई लोगों के खिलाफ घात लगाकर हमला करने, गंभीर चोट पहुंचाने और लूटपाट का आरोप लगाते हुए तहरीर दी है। सौरभ गोस्वामी की पत्नी डौली शर्मा के अनुसार, उनके पति सुबह करीब 5 बजे मंदिर के लिए निकले थे। इसी दौरान पहले से घात लगाए बैठे हमलावरों ने उन पर हमला कर दिया।हमलावरों ने हथौड़ा, सरिया और कुल्हाड़ी से सौरभ गोस्वामी पर वार किए। इससे उनके सिर में गंभीर चोट आई है और हाथ-पैर में फ्रैक्चर हो गए हैं। पीड़ित परिवार ने पुलिस को भूरा उर्फ गौरव, हेमंत, नितेश, आशु उर्फ छैलबिहारी, विकास, योगेश सहित कुछ अन्य लोगों के नाम बताए हैं। परिवार का आरोप है कि हमलावर सौरभ गोस्वामी का मोबाइल फोन, नकदी और सोने की चेन भी लूटकर फरार हो गए। घटना के बाद सौरभ गोस्वामी को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पीड़ित परिवार ने बरसाना पुलिस से आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। परिवार का यह भी कहना है कि तहरीर दिए जाने के बावजूद अभी तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, जिससे उनमें भय और आक्रोश है। पुलिस फिलहाल पूरे मामले की जांच कर रही है।
योगी सरकार ने राज्य के 16 लाख से अधिक कर्मचारियों और पेंशनर्स को बड़ी राहत देते हुए महंगाई भत्ते (DA) में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है।
दरभंगा के कलेक्ट्रेट स्थित बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर सभागार में जिला विकास समन्वय एवं अनुश्रवण समिति (दिशा) की दो दिवसीय बैठक का समापन गुरुवार को हुआ। बैठक की अध्यक्षता दरभंगा सांसद सह दिशा समिति के अध्यक्ष डॉ गोपाल जी ठाकुर ने की। बैठक में विभिन्न विभागों की योजनाओं और काम की विस्तृत समीक्षा की गई और कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। बैठक में राज्यसभा सांसद धर्मशिला गुप्ता, केवटी विधायक मुरारी मोहन झा, दरभंगा ग्रामीण विधायक राजेश मण्डल समेत जनप्रतिनिधि और जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे। जिलाधिकारी कौशल कुमार और उप विकास आयुक्त स्वप्निल कुमार ने पिछली बैठक के निर्णयों के अनुपालन की जानकारी दी। बैठक में पंचायती राज, राजस्व, जल संसाधन, सामाजिक सुरक्षा, पशुपालन, स्वास्थ्य, सहकारिता, बिजली, पर्यटन और अन्य विभागों की समीक्षा की गई। सांसद डॉ. गोपाल जी ठाकुर ने कहा कि दिशा समिति केंद्र सरकार की एक महत्वपूर्ण निगरानी समिति है और इसके निर्णयों के अनुपालन में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पंचायत सरकार भवनों में डाकघर-रेल टिकट सेवा का प्रस्ताव पंचायती राज विभाग की समीक्षा के दौरान पंचायत सरकार भवनों में सभी विभागीय सेवाएं संचालित करने का निर्देश दिया गया। साथ ही भवनों में डाकघर, रेल टिकट सेवा और लेटर बॉक्स लगाने का प्रस्ताव रखा गया। अध्यक्ष ने कहा कि आम जनता के आवेदनों का निष्पादन 30 दिनों के भीतर सुनिश्चित किया जाए। सरकारी जमीनों की बनेगी बुकलेट राजस्व विभाग की समीक्षा में जिले की सभी सरकारी जमीनों का प्रखंडवार बुकलेट तैयार करने का निर्देश दिया गया। साथ ही दरभंगा टावर स्थित नेशनल स्कूल की जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने और मापी कराने का निर्देश भी दिया गया। स्कूलों और अन्य सरकारी जमीनों को चिन्हित कर अतिक्रमण हटाने और चाहरदीवारी निर्माण सुनिश्चित करने को कहा गया। बैठक में गौशाला की 46 एकड़ जमीन का भौतिक सत्यापन, 375 तालाबों को जीवंत करने और शहर के पुराने नौ जल निकासी चैनलों को अतिक्रमण मुक्त कर साफ-सफाई कराने का भी निर्देश दिया गया। आयुष्मान कार्ड मिशन मोड में बनाने का निर्देश स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान सांसद ने कहा कि हर जरूरतमंद परिवार तक आयुष्मान कार्ड पहुंचाना प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को मिशन मोड में कार्य करने का निर्देश दिया। साथ ही अस्पतालों में डॉक्टरों की उपस्थिति सुनिश्चित करने, सीसीटीवी कैमरा लगाने और एंबुलेंस की सूची उपलब्ध कराने को कहा गया। बिरौल क्षेत्र में 30 बेड वाले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्था, उप स्वास्थ्य केंद्र महीनाम और हावीभौंआर को चालू कराने और रोगी कल्याण समिति की बैठकों की जानकारी भी मांगी गई। नलकूप, बिजली और बाढ़ तैयारी पर जोर बैठक में जिले के सभी नलकूपों को चालू करने का निर्देश दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि जिले के 374 नलकूपों में से 273 चालू हैं। बिजली विभाग को कृषि फीडर विकसित करने और किरतपुर प्रखंड के कोशी नदी के पूर्वी क्षेत्र में नए पावर स्टेशन की स्थापना की दिशा में कार्रवाई करने को कहा गया। जल संसाधन विभाग को बाढ़ पूर्व तैयारी की बैठक आयोजित करने, बांधों की मिट्टी भराई और कटाव रोकने का निर्देश दिया गया। नमामि गंगे परियोजना के कार्यों का प्रतिवेदन भी मांगा गया। बैठक में सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लाभुकों की प्रखंडवार सूची तैयार करने, राइस मिलों की सूची उपलब्ध कराने तथा पशु चिकित्सालयों में दवा उपलब्धता की भी समीक्षा की गई। 8 लाभुकों को मिला थ्री-व्हीलर वाहन दूसरी तरफ मुख्यमंत्री मछुआ कल्याण योजना के तहत गुरुवार को कलेक्ट्रेट परिसर में दरभंगा के 8 लाभुकों के बीच आईस-बॉक्स सहित थ्री-व्हीलर वाहनों का वितरण सांसद गोपाल जी ठाकुर के हाथों किया गया। इस योजना का उद्देश्य मछुआरों और मत्स्य विक्रेताओं की आय बढ़ाने के साथ-साथ मछली के सुरक्षित और स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देना है। जिला मत्स्य पदाधिकारी अनुपम कुमार ने बताया कि योजना के तहत आईस-बॉक्स युक्त थ्री-व्हीलर वाहन उपलब्ध कराए जाने से मछली को जलस्रोतों से बाजार तक सुरक्षित, स्वच्छ और हाइजेनिक तरीके से पहुंचाना आसान होगा। इससे मत्स्य उत्पादों की गुणवत्ता बनी रहेगी और बाजार में बेहतर कीमत मिल सकेगी। उन्होंने बताया कि प्रत्येक गाड़ी की इकाई लागत 3 लाख रुपये निर्धारित की गई है, जिसमें सरकार की ओर से 50 प्रतिशत अनुदान के रूप में 1.50 लाख रुपये दिए जा रहे हैं।
राजस्थान हाईकोर्ट ने रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (रेरा) के आदेशों की अवहेलना और उपभोक्ता को सालों तक राहत नहीं मिलने के मामले में सख्त रूख अपनाते हुए जिला कलक्टर को रेरा के आदेशों की पालना कराने के निर्देश दिए हैं। जस्टिस विनोद कुमार भारवानी की अदालत ने यह आदेश प्रज्ञा सिंह तोमर की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। अदालत ने कहा कि इस मामले में जयपुर कलक्टर 6 माह में रेरा के रिकवरी सर्टिफिकेट का निष्पादन करवाए। वहीं इसमें कोई कानूनी बाधा हो तो कलक्टर चार सप्ताह में विस्तृत आदेश पारित करें। बिल्डर्स से 65 लाख की रिकवरी के थे आदेशअधिवक्ता केतन धाभाई और निशांत शर्मा ने अदालत को बताया कि याचिकाकर्ता ने शिव शक्ति रियल होम प्राइवेट लिमिटेड में 2017 में फ्लैट बुक करवाया था। लेकिन बिल्डर ने तय समय तक फ्लैट का कब्जा नहीं दिया, ना ही जमा राशि वापस लौटाई। जिसके बाद मामला रेरा के समक्ष ले जाया गया। जहां रेरा ने प्रार्थी के पक्ष में आदेश पारित करते हुए 1 जुलाई 2025 को मूल राशि ब्याज सहित करीब 65 लाख रुपए का रिकवरी सर्टिफिकेट जारी किया। लेकिन जिला कलक्टर ने इसका निष्पादन नहीं कराया। इस पर याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की।
मुजफ्फरनगर के खालापार थाना क्षेत्र में एक नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। आरोप है कि शोएब नामक युवक घर में घुसकर अकेली छात्रा के साथ जबरदस्ती कर रहा था। पड़ोसी के सीसीटीवी कैमरे और स्थानीय लोगों की सतर्कता से आरोपी को मौके पर ही पकड़ लिया गया। पुलिस के अनुसार, घटना बुधवार दोपहर करीब 12 बजे की है। इंटर की छात्रा घर में अकेली थी। इसी दौरान आरोपी युवक घर में घुस गया। पड़ोस में दुकान चलाने वाले अनुज कुमार ने बताया कि युवक काफी समय से मोहल्ले में संदिग्ध रूप से घूम रहा था। उनकी दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में युवक को छात्रा के घर में प्रवेश करते देखा गया, जिससे उन्हें संदेह हुआ। अनुज कुमार ने तुरंत आसपास के लोगों को बुलाया और वे सभी छात्रा के घर पहुंचे। आरोप है कि उस समय युवक छात्रा के साथ जबरदस्ती कर रहा था। स्थानीय लोगों ने आरोपी को पकड़कर पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने युवक को हिरासत में लेकर थाने पहुंचाया। स्थानीय लोगों ने बताया कि आरोपी को पहले भी इलाके में घूमते देखा गया था। दुकानदार अनुज कुमार ने यह भी दावा किया कि युवक कथित तौर पर सोशल मीडिया के माध्यम से छात्रा को परेशान करता था। मामले पर एएसपी सिद्धार्थ के. मिश्रा ने जानकारी दी कि डायल 112 पर सूचना मिलने के बाद खालापार थाना पुलिस मौके पर पहुंची थी। उन्होंने बताया कि नाबालिग लड़की के घर में घुसकर छेड़छाड़ करने के आरोप में तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। ASP सिद्धार्थ के. मिश्रा ने बताया कि वादी की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर खालापार पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। गुरुवार को जेल भेज दिया गया है।
लखनऊ में व्यापारी आंदोलन के दौरान पुलिस की गोली से शहीद हुए व्यापारी हरिश्चंद्र अग्रवाल की पुण्यतिथि अब पूरे उत्तर प्रदेश में 'प्रेरणा दिवस' के रूप में मनाई जाएगी। इस अवसर पर प्रदेश के सभी जनपदों में व्यापारियों को सम्मानित करने के साथ श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल की कोर कमेटी की बैठक में संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष संदीप बंसल ने यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि हरिश्चंद्र अग्रवाल ने व्यापारी हितों के लिए अपने प्राणों की आहुति दी थी और उनका संघर्ष आज भी व्यापारी समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत है। व्यापारियों को सम्मानित किया जाएगा बैठक में यह निर्णय लिया गया कि 'प्रेरणा दिवस' पर ऐसे व्यापारियों और उद्यमियों को सम्मानित किया जाएगा, जिन्होंने पूरे वर्ष निस्वार्थ भाव से व्यापारी समाज के हित में कार्य किया है। संगठन ने प्रत्येक जिले में कम से कम 21 व्यापारियों को सम्मानित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। संदीप बंसल ने स्पष्ट किया कि यह आयोजन केवल श्रद्धांजलि तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका उद्देश्य नई पीढ़ी के व्यापारियों को समाज और संगठन के प्रति उनकी जिम्मेदारियों का संदेश देना भी है। इन कार्यक्रमों में हरिश्चंद्र अग्रवाल को श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके महत्वपूर्ण योगदान को याद किया जाएगा।
नर्मदापुरम जिले के नर्मदा नदी के पथाड़ा घाट पर गुरुवार देर शाम जिला खनिज अधिकारी देवेश मरकाम ने कार्रवाई की। टीम ने नर्मदा नदी के गहरे में पनडुब्बी से रेत निकालते एक पनडुब्बी और मोटर बोट को जब्त किया। रेत माफिया एनजीटी के नियमों को ताख में रखकर रेत निकाल रहे थे। खनिज विभाग की टीम को देख रेत निकालने वाले मजदूर दूसरी नाव में बैठ सीहोर जिले की सीमा में भाग निकले। जिस कारण खनिज विभाग की टीम केवल पनडुब्बी और मोटर बोट ही पकड़ पाई। जिसे ट्रैक्टर में टोचन कर 20 किमी दूर शिवपुर थाना लाया गया। रेत एवं अन्य खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण के खिलाफ प्रशासन द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। ग्राम पथाडा, तहसील सिवनी मालवा क्षेत्र में अवैध रूप से रेत उत्खनन करते हुए एक पनडुब्बी एवं एक मोटरबोट को जब्त किया गया। सोहागपुर एसडीएम ने बिना रॉयल्टी रेत से भरा डम्पर पकड़ासोहागपुर एसडीएम प्रियंका भल्लावी ने सोहागपुर में मढ़ई फांके के पास ढाबे पर खड़े एक रेत से भरे डंपर को पकड़ा। ड्राइवर से रॉयल्टी पूछी जो उसके पास नहीं मिली। एसडीएम भल्लावी ने डंपर क्रमांक एमपी 04 YU 7611 को सोहागपुर थाने में खड़े कराया। एसडीएम भल्लावी ने बताया बिना रॉयल्टी के रेत भरकर डंपर माखननगर की ओर से आ रहा था। जिसे पकड़कर थाने में खड़े कराया है।
लखनऊ के 35वीं वाहिनी पीएसी स्थित शहीद भगत सिंह तरणताल में चल रही 26वीं अन्तरवाहिनी पीएसी मध्य जोन तैराकी एवं क्रॉसकण्ट्री प्रतियोगिता-2026 के दूसरे दिन खिलाड़ियों ने दमदार प्रदर्शन से माहौल रोमांचक बना दिया। फाइनल मुकाबलों में तैराकों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली और दर्शकों ने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया। दिन के सबसे बड़े स्टार 32वीं वाहिनी पीएसी लखनऊ के विवेक सिंह रहे। उन्होंने 100 मीटर ब्रेस्ट स्ट्रोक और 100 मीटर बटर फ्लाई दोनों स्पर्धाओं में शानदार प्रदर्शन करते हुए पहला स्थान हासिल किया। उनके प्रदर्शन ने प्रतियोगिता में 32वीं वाहिनी की मजबूत दावेदारी को और मजबूत कर दिया। स्प्रिंग बोर्ड डाइविंग में 82.10 अंक हासिल किए मेजबान 35वीं वाहिनी पीएसी लखनऊ के अशोक सिंह ने भी शानदार खेल दिखाया। उन्होंने 03 मीटर स्प्रिंग बोर्ड डाइविंग में 82.10 अंक हासिल कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। उनके प्रदर्शन पर दर्शकों ने जोरदार तालियां बजाईं। अन्य मुकाबलों में भी खिलाड़ियों ने दमखम दिखाया। 200 मीटर फ्री स्टाइल में 35वीं वाहिनी के दिनेश सिंह विजेता बने। वहीं 200 मीटर ब्रेस्ट स्ट्रोक में 32वीं वाहिनी के अनिल सिंह ने पहला स्थान हासिल किया। 800 मीटर फ्री स्टाइल में अनिल कुमार सिंह ने बाजी मारी, जबकि 50 मीटर बटर फ्लाई में दिनेश कुमार सिंह और 100 मीटर बैक स्ट्रोक में राजेन्द्र प्रसाद ने शानदार प्रदर्शन कर जीत दर्ज की। लखनऊ की टीम दूसरे स्थान पर रही टीम स्पर्धाओं में 4X200 मीटर फ्री स्टाइल रिले फाइनल बेहद रोमांचक रहा। विवेक सिंह, राजेन्द्र प्रसाद, अनिल सिंह और रामजग कुमार की 32वीं वाहिनी पीएसी लखनऊ की टीम ने 14:55.97 सेकेंड का समय निकालकर पहला स्थान हासिल किया। वहीं मेजबान 35वीं वाहिनी पीएसी लखनऊ की टीम महज कुछ सेकेंड के अंतर से दूसरे स्थान पर रही। क्रॉसकण्ट्री फाइनल में भी 32वीं वाहिनी पीएसी लखनऊ का दबदबा देखने को मिला। टीम ने 23 अंकों के साथ पहला स्थान हासिल किया। एसडीआरएफ लखनऊ दूसरे और 27वीं वाहिनी पीएसी सीतापुर तीसरे स्थान पर रही। प्रतियोगिता में खिलाड़ियों का जोश और प्रतिस्पर्धा का स्तर दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा।
ईरान-अमेरिका युद्ध और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी का असर अब आम लोगों की जेब पर साफ दिखाई देने लगा है। पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने से जहां परिवहन खर्च बढ़ गया है। वहीं रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुएं भी लगातार महंगी होती जा रही हैं। राजस्थान पेट्रोल डीलर एसोसिएशन ने प्रदेश में पेट्रोल-डीजल पर लगने वाले वैट (VAT) और रोड सेस में कटौती कर आमजन और किसानों को राहत देने की मांग की। प्रदेश के पेट्रोलियम डीलर्स और व्यापारिक संगठनों ने राज्य सरकार को ज्ञापन देकर यह मांग की। ज्ञापन में कहा कि केंद्र सरकार ने उत्पाद शुल्क में कटौती कर पेट्रोल और डीजल पर राहत दी है। इसी तरह राजस्थान सरकार भी वैट कम कर जनता को राहत दे। ज्ञापन में कहा गया है कि वर्तमान में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर किसानों, ट्रांसपोर्ट कारोबारियों और आम उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है। राजस्थान पेट्रोल डीलर एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह भाटी ने बताया- राजस्थान सरकार को पेट्रोल और डीजल पर प्रतिशत के आधार पर वैट मिलता है। ऐसे में जैसे-जैसे ईंधन के दाम बढ़ते हैं, वैसे-वैसे सरकार का राजस्व भी अपने आप बढ़ जाता है। वैट राजस्व में हो रही बढ़ोतरी राजस्थान पेट्रोल डीलर एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह भाटी ने दावा किया कि 1 अप्रैल से 19 मई 2026 तक पेट्रोल और डीजल पर राज्य सरकार को मिलने वाले वैट राजस्व में बढ़ोतरी हुई है। ऐसे में सरकार चाहे तो अतिरिक्त बढ़ोतरी का कुछ हिस्सा कम कर आमजन को राहत दे सकती है। इससे सरकार के मूल राजस्व पर बड़ा असर नहीं पड़ेगा। राजस्थान सरकार को पेट्रोल-डीजल पर वैट और रोड सेस से लगातार बढ़ा हुआ राजस्व मिल रहा है। आंकड़ों के मुताबिक- 1 अप्रैल को पेट्रोल और डीजल से सरकार को कुल 39.51 रुपए प्रति लीटर राजस्व मिल रहा था, जो 15 मई को बढ़कर 40.70 रुपए और 19 मई 2026 तक 41.04 रुपए प्रति लीटर पहुंच गया। इसमें पेट्रोल पर वैट 23.22 रुपए से बढ़कर 24.17 रुपए और डीजल पर 13.04 रुपए से बढ़कर 13.62 रुपए प्रति लीटर हो गया। ऐसे में व्यापारिक संगठनों ने मांग की है कि बढ़े हुए अतिरिक्त राजस्व का लाभ आमजन और किसानों को देने के लिए सरकार पेट्रोल-डीजल पर वैट और रोड सेस में कटौती करे, ताकि महंगाई से राहत मिल सके। महंगाई का बोझ बढ़ रहा व्यापारिक संगठनों और डीलर्स ने राज्य सरकार से अपील की है कि वर्तमान हालात को देखते हुए जल्द निर्णय लिया जाए। उनका कहना है कि अगर आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में और वृद्धि होती है तो महंगाई का बोझ और बढ़ जाएगा। इसलिए समय रहते वैट और रोड सेस में कटौती कर जनता को राहत देना जरूरी है। वैसे भी सरकार चाहे तो रोड सेस में कमी कर अतिरिक्त राहत दे सकती है। इससे किसानों, ट्रांसपोर्ट सेक्टर और आम उपभोक्ताओं को सीधा फायदा मिलेगा। अब सभी की नजर राज्य सरकार के अगले फैसले पर टिकी हुई है कि बढ़ती महंगाई के बीच जनता को राहत देने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।
सीधी शहर के सबसे व्यस्त इलाके में गुरुवार शाम उस वक्त हड़कंप मच गया, जब सांसद डॉ. राजेश मिश्रा के आवास के सामने से गुजर रहे एक सीएनजी गैस ट्रक से अचानक रिसाव शुरू हो गया। तेज आवाज के साथ हो रहे गैस रिसाव से इलाके में विस्फोट का डर फैल गया, लेकिन पुलिस और प्रशासन की त्वरित कार्रवाई ने एक बड़ी अनहोनी को टाल दिया। तेज आवाज के साथ हुआ रिसाव प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शाम करीब 6 बजे सांसद आवास के सामने से गुजर रहे ट्रक से अचानक गैस लीक होने की तेज आवाज आने लगी। व्यस्त इलाका होने के कारण वहां वाहनों और लोगों की काफी भीड़ थी। गैस रिसाव की सूचना मिलते ही आसपास के दुकानदार और राहगीर सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे। पुलिस ने सुरक्षित स्थान पर खड़ा कराया ट्रक घटना की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली प्रभारी अभिषेक उपाध्याय पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस ने पूरे इलाके की घेराबंदी की और ट्रक को तत्काल मुख्य मार्ग से हटाकर एक सुरक्षित व खुले स्थान पर खड़ा कराया। किसी भी तरह की चिंगारी से होने वाले संभावित विस्फोट को रोकने के लिए एहतियाती कदम उठाए गए। वॉल्व में तकनीकी खराबी के कारण लीकेज पुलिस ने तत्काल मौके पर तकनीकी जानकारों और मैकेनिक को बुलवाया। जांच में पाया गया कि ट्रक में लदे गैस सिलेंडर के वॉल्व में तकनीकी खराबी के कारण लीकेज हो रहा था। कड़ी मशक्कत के बाद मैकेनिक ने सिलेंडर की मरम्मत की और रिसाव को पूरी तरह बंद किया। कोतवाली प्रभारी अभिषेक उपाध्याय ने बताया- ट्रक के गैस सिलेंडर में लीकेज की समस्या आई थी। टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और ट्रक को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। समय रहते कार्रवाई होने से कोई जनहानि नहीं हुई है और स्थिति अब नियंत्रण में है।
राजसमंद में छीपा समाज के स्नेह मिलन समारोह को प्रशासनिक अनुमति नहीं मिलने पर समाज के लोगों ने नाराजगी जताते हुए समाज के ही कुछ लोगों पर मनमर्जी करने के आरोप लगाए। इस संबंध में श्री विठ्ठल नामदेव छीपा समाज की ओर से आयोजित प्रेसवार्ता में बताया गया कि 19 मई को समाज की ओर से स्नेह मिलन समारोह रखा गया था और इसके निमंत्रण पत्र भी छप चुके थे। नियमों का हवाला देते हुए नहीं मिली अनुमति समाज का कहना है कि कार्यक्रम की अनुमति मांगी गई, लेकिन प्रशासन ने नियमों व पुलिस जांच रिपोर्ट का हवाला देते हुए इसे निरस्त कर दिया। उपखंड अधिकारी ब्रजेश गुप्ता द्वारा जारी पत्र में बताया गया कि आयोजन करने वाली संस्था और छीपा समाज की दूसरी संस्था चोखला कमेटी आकोला के बीच धर्मशाला और दुकानों की संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा है। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ कांकरोली थाने में प्रकरण दर्ज करा रखे हैं, जो न्यायालय में विचाराधीन हैं। साथ ही चोखला कमेटी ने भी आयोजन पर आपत्ति जताई थी। बोले- अन्य जगह कैसे मिल जाती है अनुमति समाज के लोगों ने सवाल उठाया कि यदि संपत्ति विवादित है तो उसी स्थान पर अन्य समाजों को आयोजन की अनुमति कैसे दी जा रही है। प्रेसवार्ता में समाज पदाधिकारियों ने मंदिर और भवन निर्माण में सभी समाजजनों के योगदान की बात रखते हुए पारदर्शिता और समाज हित में समिति गठन की जानकारी भी दी। इस दौरान समाज के समाज के संरक्षक मदन लाल बागलीवाल, अध्यक्ष कमल दोसाया, उपाध्यक्ष दुर्गेश अमरवाल, विधिक सलाहकार चेतन आनन्द जोशी, सदस्य रमेश चन्द्र जडिया सहित समाज के सदस्य मौजूद थे।
कटिहार में रास्ता विवाद को लेकर फायरिंग की घटना सामने आई है। यह घटना 20 मई 2026 की रात करीब 10:10 बजे बरमसिया वार्ड नंबर 12 में हुई। पीड़ित संजय यादव (44), पिता स्व. यमुना यादव, ने नगर (सहायक) थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि चंदन यादव (30), पिता लक्ष्मी यादव, ने एक अन्य अज्ञात व्यक्ति के साथ मिलकर उन पर लाइसेंसी दुनाली बंदूक से फायरिंग की। शिकायत के अनुसार, यह घटना पुराने जमीन और रास्ते के विवाद के कारण हुई। इस मामले में नगर (सहायक) कांड संख्या 590/26 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। विशेष छापेमारी टीम (SIT) का गठन किया गयामामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सदर-01 के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी टीम (SIT) का गठन किया गया। टीम ने मानवीय सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए घटना में प्रयुक्त एक दुनाली बंदूक, एक जिंदा कारतूस और 11 खोखे बरामद किए। पुलिस ने घटना में शामिल आरोपी की पहचान कर ली है और उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जारी है। बरामद सामानों की सूचीदुनाली बंदूक, एक जिंदा कारतूस और 11 खोखा बरामद किया गया है।
गुना के कैंट थाना क्षेत्र के अंतर्गत नेशनल हाईवे-46 पर जिज्जी की पंचायत और एकलव्य छात्रावास के पास एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है। गुरुवार दोपहर लगभग 1 बजे यहां एक अज्ञात वाहन के ड्राइवर ने तेजी और लापरवाही से वाहन चलाते हुए एक महिला को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि महिला वाहन के पहियों के नीचे आकर बुरी तरह कुचल गई, जिससे उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। शुरुआती तौर पर महिला द्वारा सुसाइड की आशंका जताई जा रही है। टक्कर इतनी जोरदार थी कि महिला का शव सड़क से चिपक गया। उसके शव को फावड़े से इकट्ठा किया गया। इसके बार उसे अस्पताल भिजवाया जा सका। इसी कारण ये आशंका जताई गई कि महिला ने शायद आत्महत्या की है, क्योंकि अगर अचानक टक्कर होती तो वह दूर जाकर गिरती। अपनी बेटी से झगड़ा हुआ थाहादसे की सूचना मिलते ही कैंट थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना कर शव को अपने कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भिजवाया। पुलिस ने महिला की शिनाख्त करने के प्रयास शुरू किए। पुलिस आस-पास के गांवों और सोशल मीडिया के माध्यम से अज्ञात महिला के शव की शिनाख्त की कोशिश की गई। शाम को महिला की पहचान सहाय के तलैया मोहल्ला निवासी मनोरमा शर्मा (45) पत्नी विकास शर्मा के रूप में हुई है। कैंट पुलिस के अनुसार महिला का अपनी बेटी से झगड़ा हुआ था। इसी कारण वह गुस्से में सीधे बायपास पर पहुंची और ट्रक के सामने आ गई। पुलिस फिलहाल मामला की जांच कर रही है।
उदयपुर जिले के गोगुंदा हाईवे पर गुरुवार दोपहर को बड़ा हादसा होते-होते बच गया। गोगुंदा से पिंडवाड़ा की तरफ जा रहा चावल से भरा एक तेज रफ्तार ट्रेलर अचानक हादसे का शिकार हो गया। चलती गाड़ी में अचानक आगे का टायर फट गया। इससे ट्रेलर पूरी तरह बेकाबू हो गया। अनियंत्रित ट्रेलर को ड्राइवर ने सीधे सड़क किनारे बनी पहाड़ी टकरा दिया। पहाड़ी से टक्कर इतनी जोरदार थी कि ट्रेलर का आगे का हिस्सा यानी केबिन टूटकर पूरी तरह अलग हो गया और उसके परखच्चे उड़ गए। इस टक्कर में ड्राइवर गंभीर घायल हो गया। ड्राइवर के फैसले से हाईवे पर चल रहे कई दूसरे वाहन इसकी चपेट में आने से बच गए। हादसे में किसी और की जान नहीं गई। टायर फटने के बाद लहराने लगा, ड्राइवर ने पहाड़ी से टकराया मौजूद चश्मदीदों ने बताया- ट्रेलर का आगे का टायर फट गया। इससे ड्राइवर को संभलने का मौका नहीं मिला। टायर फटते ही गाड़ी लहराने लगी। इस बीच ड्राइवर ने सूझबूझ दिखाते हुए ट्रेलर को सड़क पर दौड़ते दूसरे वाहनों से बचाने के लिए सामने की पहाड़ी की तरफ मोड़ दिया। पहाड़ी से ट्रेलर टकराते ही हाईवे पर चीख-पुकार मच गई और मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिस और हाईवे पेट्रोलिंग टीम पहुंची, घायल ड्राइवर को अस्पताल भेजा हादसे को देख वहां से गुजर रहे लोग मदद के लिए दौड़े। घटना की जानकारी तुरंत पुलिस और हाईवे पेट्रोलिंग टीम को दी गई। सूचना मिलते ही हाईवे टीम के भगवत सिंह झाला और बेकरिया थाने के एएसआई शांतिलाल अपनी टीम और जाब्ते के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। पुलिस और हाईवे टीम ने स्थानीय लोगों की मदद से केबिन में फंसे घायल ड्राइवर को बाहर निकाला। उसे तुरंत एम्बुलेंस से गोगुंदा के अस्पताल पहुंचाया गया। गोगुंदा अस्पताल में डॉक्टरों ने ड्राइवर का प्राथमिक इलाज किया, लेकिन उसकी हालत बहुत ज्यादा गंभीर थी। सिर और शरीर पर गहरी चोटें आने के कारण डॉक्टरों ने उसे बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल (उदयपुर) रेफर कर दिया है। इधर, बेकरिया थाना पुलिस ने इस पूरे मामले को दर्ज कर लिया है। इनपुट - गोपाल लोढ़ा, गोगुंदा
भिंड जिले के प्रसिद्ध दंदरौआ धाम डॉक्टर हनुमान मंदिर में श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए मुख्य प्रवेश मार्ग पर सुरक्षा रेलिंग लगाए जाने का कार्य शुरू होते ही विवाद खड़ा हो गया। रेलिंग लगाने के फैसले को लेकर कुछ सामाजिक और राजनीतिक संगठनों से जुड़े लोग विरोध में उतर आए। दोपहर बाद करीब दो दर्जन लोग मंदिर परिसर पहुंच गए और प्रदर्शन शुरू कर दिया। स्थिति को देखते हुए मौके पर पुलिस बल तैनात किया गया, वहीं प्रशासनिक अधिकारी भी हालात संभालने पहुंचे। भीड़ नियंत्रण के लिए लिया गया था निर्णय जानकारी के अनुसार, मंदिर प्रबंधन और जिला प्रशासन द्वारा काफी समय पहले यह निर्णय लिया गया था कि श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए मुख्य गैलरी और प्रवेश मार्ग पर रेलिंग लगाई जाए, ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके और किसी प्रकार की भगदड़ जैसी स्थिति से बचा जा सके। योजना के तहत मुख्य मार्ग में बैठने वाले प्रसाद विक्रेताओं को मंदिर के मुख्य गेट के बाहर व्यवस्थित स्थान देने की तैयारी भी प्रशासन द्वारा की जा रही थी। रेलिंग लगते ही शुरू हुआ विरोध इसी प्रक्रिया के तहत बुधवार को रेलिंग लगाने का काम शुरू हुआ, लेकिन कुछ लोगों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। प्रारंभ में कम संख्या में पहुंचे लोगों को पुलिस समझाइश देकर थाने ले गई और बाद में छोड़ दिया गया। इसके बाद दो दर्जन से अधिक लोग फिर एकत्रित होकर मंदिर प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वर्षों से मंदिर गैलरी में प्रसाद बेचने वाले दुकानदारों की रोजी-रोटी छीनी जा रही है। महंत बोले- श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोपरि मामले में दंदरौआ धाम के महंत महामंडलेश्वर रामदास महाराज ने कहा कि कुछ लोग मंदिर विकास और श्रद्धालुओं की सुविधा में बाधा डालने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि धाम में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोपरि है और प्रशासन को पूरे मामले की जानकारी दे दी गई है। प्रदर्शनकारियों ने पारदर्शिता पर उठाए सवाल वहीं विरोध कर रहे अनिल गुर्जर का कहना है कि मंदिर ट्रस्ट और व्यवस्थाओं में पारदर्शिता नहीं है तथा प्रसाद विक्रेताओं के हितों की अनदेखी की जा रही है। उनका आरोप है कि रेलिंग लगाने के नाम पर वर्षों से बैठे दुकानदारों को हटाया जा रहा है। मेहगांव थाना प्रभारी महेश शर्मा ने बताया कि प्रदर्शन कर रहे लोगों को समझाइश दी गई है। यदि कोई व्यक्ति कानून व्यवस्था बिगाड़ने का प्रयास करेगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। देखें तस्वीरें
छत्तीसगढ़ के धमतरी में नाबालिग से दुष्कर्म के एक मामले में आरोपी गजेंद्र कुमार विश्वकर्मा को 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है। न्यायालय ने उस पर 3000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। यह मामला धमतरी जिले के मगरलोड थाना में पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज किया गया था। न्यायालय ने आरोपी गजेंद्र कुमार विश्वकर्मा (27), पिता मानसिंग विश्वकर्मा, निवासी ग्राम भरदा, थाना मगरलोड, जिला धमतरी को दोषी पाया। जांच अधिकारी सम्मानित किया जाएगा इस मामले में उत्कृष्ट कार्य के लिए पुलिस अधीक्षक, द्वारा जांच अधिकारी को नगद पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा। जिससे अन्य अधिकारी-कर्मचारियों को भी उत्कृष्ट कार्य हेतु प्रेरणा मिलेगी।
इंदौर में गहराते जल संकट और पेयजल आपूर्ति की समस्याओं को लेकर प्रशासन अब सक्रिय नजर आ रहा है। शहर की जल व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए गुरुवार को रेसीडेंसी कोठी में प्रदेश के अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन की मौजूदगी में उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में शंकर लालवानी, मेयर पुष्यमित्र भार्गव, शहर के विधायक, कलेक्टक शिवम वर्मा, निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। बैठक में शहर की पेयजल आपूर्ति व्यवस्था की विस्तार से समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि गर्मी के मौसम में किसी भी क्षेत्र में पानी की समस्या न होने पाए। जरूरत पड़ने पर टैंकरों की संख्या बढ़ाकर नियमित और समयबद्ध जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। इसके अलावा नागरिकों की शिकायतों का त्वरित निराकरण करने और जल संकट प्रभावित क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने पर भी जोर दिया गया। मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने बैठक में शहर की बढ़ती आबादी और जल मांग को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2013 से जितना नर्मदा जल शहर की टंकियों में पहुंच रहा है, लगभग उतनी ही मात्रा आज भी मिल रही है, जबकि शहर का विस्तार और जनसंख्या लगातार बढ़ी है। इसी कारण जल वितरण पर दबाव बढ़ रहा है और कई क्षेत्रों में समस्या सामने आ रही है। मेयर ने जल व्यवस्था के रखरखाव और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए 50 करोड़ रुपए की मांग भी रखी। संवेदनशील क्षेत्रों पर रहेगी विशेष नजर बैठक में यह भी तय किया गया कि जिन क्षेत्रों में बार-बार पेयजल संकट की स्थिति बन रही है, वहां विशेष निगरानी रखी जाएगी। प्रशासन ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि टैंकर आपूर्ति और वितरण व्यवस्था में किसी तरह की लापरवाही न हो।
शेखपुरा में गुरुवार को डीएम शेखर आनंद की अध्यक्षता में नीति आयोग से संबंधित समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस दौरान नीति आयोग के आकांक्षी जिला कार्यक्रम के तहत शेखपुरासराय प्रखंड में विकास योजनाओं को लागू करने के निर्देश दिए गए। स्वास्थ्य, शिक्षा, डिजिटल साक्षरता और स्वरोजगार से जुड़ी कई बड़ी परियोजनाओं को वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृति मिली है, जिन पर तेजी से काम चल रहा है। जिले के तीन ब्लॉकों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए छह डिलीवरी पॉइंट्स को मजबूत किया जा रहा है। विभिन्न स्वास्थ्य उप-केंद्रों के भवन निर्माण और जीर्णोद्धार का कार्य जल्द पूरा कर इन्हें हस्तांतरित किया जाएगा। डीएम ने पानापुर उप स्वास्थ्य केंद्र को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण करने का निर्देश दिया। 84 स्कूलों में लर्निंग हब विकसित किए जा रहेशिक्षा के क्षेत्र में 'प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग' के माध्यम से प्राथमिक विद्यालयों को मॉडल स्कूलों में बदलने और डिजिटल साक्षरता बढ़ाने की पहल की गई है। इसके तहत जिले के 84 स्कूलों में लर्निंग हब विकसित किए जा रहे हैं। उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए जिला स्तर पर हाई-टेक इंटरएक्टिव क्लासरूम और प्रत्येक ब्लॉक में ई-लाइब्रेरी-कम-ईबुक सेंटर स्थापित करने के निर्देश दिए गए। आंगनबाड़ी केंद्रों का विकास किया जा रहा है और बच्चों के मानसिक विकास के लिए 'मेड इन इंडिया' खिलौनों की खरीद की गई है। अनुसूचित जाति बहुल ब्लॉकों में समेकित बाल विकास योजना (ICDS) को मजबूत किया जाएगा। आंगनबाड़ी केंद्रों की सेविकाओं को प्रशिक्षण देने का कार्य सिस्टम प्राइवेट लिमिटेड द्वारा पूरा कर लिया गया है। नीति आयोग के तहत कई योजनाओं को मंजूरी दी गईस्थानीय स्तर पर आजीविका के साधन उपलब्ध कराने के लिए नीति आयोग के तहत कई योजनाओं को मंजूरी दी गई है। कलेक्ट्रेट परिसर में 'दीदी की कैफे' का निर्माण पूरा हो चुका है। महिलाओं को अगरबत्ती उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने के लिए भी सिविल कार्य पूर्ण कर लिया गया है। डीएम ने स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। बरबीघा रेफरल अस्पताल में 'दीदी की रसोई' पर भी काम जारी है। जिसके तहत छत की ढलाई का काम पूरा हो चुका है और प्लास्टर का कार्य प्रगति पर है। वस्त्र निर्माण और प्रशिक्षण केंद्र के विस्तार के क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर मिलेगा। उन्होंने जिले के सभी 6 ब्लॉकों में साइबर ठगी से बचाने के लिए अजादी फ्रॉम साइबर स्कैम नामक जागरूकता कार्यशाला आयोजित की जाएगी। युवाओं के लिए रोजगार के व्यापक अवसर पैदा होंगे'शिक्षा और स्वास्थ्य आंगन' परियोजना पर बल दिया गया ताकि बच्चों को अच्छी शिक्षा उपलब्ध कराए। नीति आयोग की इन योजनाओं के पूरी तरह लागू होने से जिले में न सिर्फ बुनियादी स्वास्थ्य और शिक्षा के स्तर में सुधार होगा, बल्कि ग्रामीण महिलाओं और युवाओं के लिए रोजगार के व्यापक अवसर पैदा होंगे। जिला प्रशासन इन सभी जिला कृषि पदाधिकारी कार्यों की सघन मॉनिटरिंग कर रहा है। इस अवसर पर डीडीसी संजय कुमार, सिविल सर्जन डॉ संजय कुमार, नीति आयोग के नोडल पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता भवन के साथ साथ अन्य जिला स्तरीय पदाधिकारी एवं प्रखंडस्तरीय पदाधिकारी आदि उपस्थित थें।
आजमगढ़ के जिलाधिकारी रविंद्र कुमार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की गलत आख्या न लगाई जाए। डीएम ने चेतावनी दी कि यदि किसी मामले में गलत रिपोर्ट लगाई गई तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बैठक के दौरान बिजली विभाग से संबंधित शिकायतों की भी समीक्षा की गई। आईजीआरएस पर गलत बिजली बिल और कनेक्शन विच्छेदन के बाद भी बिल आने की शिकायतों पर डीएम ने बिजली विभाग के इंजीनियर से शिकायतकर्ता को फोन कर तत्काल जांच कराई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कोई भी विभाग आईजीआरएस पोर्टल पर डिफाल्टर श्रेणी में नहीं आना चाहिए। जिन विभागों में डिफाल्टर प्रकरण मिले हैं, उनसे तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण मांगा जाए। समीक्षा बैठक में सीएम डैशबोर्ड, राजस्व और विकास कार्यों की भी समीक्षा की गई। डीएम ने 50 लाख रुपये से अधिक लागत वाली परियोजनाओं को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत 90 प्रतिशत से अधिक पूर्ण हो चुके आवासों को शीघ्र पूरा कराने को कहा। जिले में 50 लाख रुपये से अधिक लागत वाली पांच परियोजनाओं के निर्माण कार्य गुणवत्ता और मानक के अनुरूप कराने के निर्देश भी दिए गए।

