वाराणसी में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के बावजूद खामियां सामने आई हैं। सपा ने विधानसभा वार सूची और एसआईआर का अवलोकन शुरू कर दिया है। शहर की महत्वपूर्ण कैंटोमेंट विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में मतदाताओं के नाम पते हिन्दी के साथ मलयालम और गुजराती में छप गए हैं। 10 अप्रैल 2026 को प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची में पोलिंग बूथ संख्या 145 के मतदाता क्रम संख्या 73 पर मतदाता का नाम व पता मलयालम भाषा में प्रिंट है, जबकि 2025 की मतदाता सूची में भी मतदाता क्रम संख्या 90 पर उपरोक्त मतदाता का नाम व पता मलयालम भाषा में प्रिन्ट है। कैंट के बूथ संख्या 145 के क्रम संख्या 73 पर मतदाता का नाम व पता गुजराती में प्रिन्ट है। मतदाता का नाम व पता गुजराती में प्रिन्ट होने के कारण आगामी विधान सभा चुनाव में मतदाता मतदान नहीं कर पायेगा। जिसके लिए मतदाता की ओर से शिकायत के बावजूद अब तक त्रुटियों को सुधारा नहीं गया। इसके अलावा मतदाता क्रम संख्या 975, 977, 978 पर एक ही मतदाता का नाम बार-बार दर्ज मिले हैं। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने इन खामियों पर चुनाव आयुक्त को शिकायत की है, साथ ही खामियों के लिए जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है। सपा प्रदेशाध्यक्ष ने आयोग को साक्ष्य के साथ शिकायती पत्र भेजा है। सबसे पहले जानिए सपा ने इन बिंदुओं पर की शिकायत 1. वाराणसी, 390-कैन्टोनमेंट विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र- 10 अप्रैल 2026 को प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची में पोलिंग बूथ संख्या 145 के मतदाता क्रम संख्या 73 पर मतदाता का नाम व पता मलयालम भाषा में प्रिंट है तथा 2025 की मतदाता सूची में भी मतदाता क्रम संख्या 90 पर उपरोक्त मतदाता का नाम व पता मलयालम भाषा में प्रिन्ट है। 2- जनपद वाराणसी, 390-कैन्टोनमेंट विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र- पोलिंग बूथ संख्या 145 के क्रम संख्या 73 पर मतदाता का नाम व पता गुजराती में प्रिन्ट है। नाम व पता गुजराती में प्रिन्ट होने के कारण मतदाता को मतदान केंद्र पर दुश्वारियों का सामना करना पड़ेगा। 3- पोलिंग बूथ संख्या 268 के मतदाता क्रम संख्या 975, 977, 978 पर एक ही मतदाता का नाम 2 बार दर्ज है। 4- पोलिंग बूथ संख्या 136 में मतदाताओं के नाम के साथ मकान नम्बर दर्ज नहीं है। 5- पोलिंग बूथ संख्या 144 के क्रम संख्या 1 से 196 तक मतदाताओं का मकान नम्बर जीरो दर्ज है। 6- पोलिंग बूथ संख्या 144 के मतदाता क्रम सख्या 211 मेंमतदाता की फोटो प्रिन्ट नहीं है। 7- पोलिंग बूथ संख्या 241 के क्रम संख्या 924 पर मतदाताका नाम और उसी मतदाता का नाम पोलिंग बूथ संख्या167 पर क्रम संख्या 694 पर दर्ज है। 8- 10 अप्रैल 2026 को प्रकाशित मतदाता सूची में मतदाताओं का नाम व पता मलयालम तथा गुजराती में प्रिन्ट है। दोषीजनों के विरूद्ध कार्यवाही की जाए। मतदाताओं के चुनाव से वंचित होने की आशंका वाराणसी में एसआईआर के बाद चुनाव आयोग से सपा ने मतदाता सूची पर 8 प्रमुख शिकायतें की हैं। यह शिकायतें कैंटोंनमेंट विधानसभा क्षेत्र की हैं, जिसमें लगातार त्रुटियों के चलते मतदाताओं के आगामी चुनाव में शामिल ना हो पाने की भी आशंक जताई है। बताया कि 27 अक्टूबर 2025 को शुरू SIR से पहले मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तर प्रदेश से लिखित शिकायत की गई थी। शिकायत के बावजूद 2026 की मतदाता सूची में उसी मतदाता का नाम व पता दोबारा फिर मलयालम में प्रिन्ट हो गया है। इसकी तत्काल जांच करवा कर मतदाता का नाम व पता मलयालम भाषा से हटा कर हिन्दी में प्रिन्ट कराने की मांग की है। मतदाता विधान सभा समान्य निर्वाचन-2027 में मतदान कर सकें। मतदाता सूची में बड़ी संख्या में दर्ज डुप्लीकेट मतदाता, मृतक मतदाता, अनुपस्थित मतदाता और शिफ्टेड मतदाताओं का सत्यापन कराकर मतदाता सूची को शुद्ध एवं दुरूस्त कराया जाए।
वााणसी के लंका थाना क्षेत्र के नरिया स्थित शराब की दुकान के पास देर रात दो पक्षों के बीच कहासुनी के बाद मारपीट हो गई। बीच-बचाव करने पहुंचे युवक पर जानलेवा हमला कर दिया गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर एक आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी के अनुसार साकेत नगर निवासी चंद्रमा पटेल अपने साथियों के साथ मौके पर पहुंचे थे। आरोप है कि विवाद शांत कराने के दौरान दूसरे पक्ष के लोगों ने उन पर हमला कर दिया। हमले में चंद्रमा के सिर में गंभीर चोट आई। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। घायल को इलाज के लिए ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया है। लंका थाना प्रभारी निरीक्षक राजकुमार शर्मा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और एक युवक को हिरासत में लिया। पकड़ा गया युवक काशी हिंदू विश्वविद्यालय में एमए का छात्र बताया जा रहा है और मूल रूप से गाजीपुर का निवासी है। वह परिसर के बाहर रहकर पढ़ाई करता है।
मेरठ के ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र में बाइक व ई रिक्शा की मामूली टक्कर के बाद शुक्रवार देर रात पिता-पुत्र पर हमला किया गया। आरोप है कि दूसरे समुदाय के युवकों ने पिता-पुत्र को पीट पीटकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। सूचना पाकर हिंदू संगठन के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग उठाते हुए जमकर हंगामा किया। शास्त्री की कोठी के निकट रहने वाले राजेश ई रिक्शा चलाते हैं। शुक्रवार देर रात वह वापस घर लौट रहे थे। उनके ई रिक्शा के पीछे पीछे उनका बेटा हर्ष बाइक से चल रहा था। कबाड़ी बाजार के निकट बाइक सवार तीन लोगों से उनकी ई रिक्शा टकरा गई। आरोप है कि बाइक सवारों ने पिता-पुत्र को पकड़ लिया और अपने लोग बुला लिए। इसके बाद पिता-पुत्र को बुरी तरह पीटा गया, जिसमें दोनों घायल हो गए। उनकी ई रिक्शा भी क्षतिग्रस्त कर दी गई। मामूली टक्कर के बाद आपा खोया राजेश की ई रिक्शा जिस बाइक से टकराई थी, उस पर वसीम व सिकंदर नाम के दो युवक अपने पिता अनीस के साथ कहीं से लौट रहे थे। मामूली टक्कर लगने के बाद गहमागहमी हुई और मामला तूल पकड़ता चला गया। आरोप है कि 20 से ज्यादा हमलावरों ने लाठी डंडे से राजेश व हर्ष को पीटा, जिसमें वह लहूलुहान हो गए। गंभीर रूप से घायल हुए दोनों बाइक सवार युवकों की तरफ से आए लोगों की संख्या इतनी अधिक थी कि राजेश व हर्ष उनके सामने ज्यादा देर ना टिक सके। दोनों को इतनी बुरी तरह पीटा गया कि उनके सिर से खून बहने लगा। वारदात करने के बाद आरोपी धमकी देकर वहां से फरार हो गए। भाजपा नेता ने जमकर किया हंगामा दूसरे समुदाय द्वारा हमला किए जाने की सूचना पाकर भाजपा नेता दीपक शर्मा कुछ कार्यकर्ताओं के साथ मौके पर पहुंच गए। तब तक ब्रह्मपुरी पुलिस भी वहां आ चुकी थी। पुलिस से भाजपा कार्यकर्ता भिड़ गए और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करने लगे। दूसरे पक्ष से भी तीन लोग घायल एक पक्ष से जहां राजेश व हर्ष घायल हैं तो वहीं दूसरे पक्ष से भी तीन लोगों के घायल होने की जानकारी मिल रही है। राजेश व हर्ष को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। सूचना पाकर सीओ ब्रह्मपुरी सौम्या अस्थाना मौके पर पहुंच गई और स्थिति को संभाला।
8 दिन से गायब महिला का मिला शव:झाड़ियों के बीच नाले में पड़ा था,मथुरा पुलिस ने शुरू की जांच
मथुरा के वृंदावन में करीब 8 दिनों से संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हुई महिला का शव मिलने से सनसनी फैल गई। महिला का शव झाड़ियों के बीच नाले में पड़ा हुआ था। शव मिलने की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया और मामले की जांच शुरू कर दी। केशव धाम चौकी क्षेत्र में मिला शव शुक्रवार को पुलिस को सूचना मिली कि केशव धाम चौकी से करीब 100 मीटर दूर हरिहर आश्रम के पास झाड़ियों के बीच से निकल रहे नाले में किसी का शव पड़ा है। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने जब शव को बाहर निकाला तो वह महिला का शव था। मृतिका का सर और एक हाथ गायब था। शव को देखकर लग रहा था कि उसकी किसी ने हत्या की है और शव को यहां फेंका गया है। हापुड़ की महिला का था शव शव मिलने के बाद पुलिस ने जब उसकी शिनाख्त के प्रयास किए तो उसकी पहचान हापुड़ निवासी अर्जुन की 35 वर्षीय शिवानी के रूप में हुई। अर्जुन चैतन्य बिहार में अपना घर आश्रम के पास रेलवे लाइन के किनारे झुग्गी बनाकर परिवार के साथ रहता था और मजदूरी करता था। पुलिस जब झुग्गी पर पहुंची तो पता चला शिवानी 8- 10 दिन से दिखाई नहीं दी। शिवानी के गायब होने की सूचना उसके पति ने पुलिस को भी नहीं दी। नहीं मिला पति अर्जुन की झुग्गी पर पुलिस पहुंची तो वहां कोई नहीं मिला। आसपास के लोगों ने बताया अर्जुन कई दिन से गायब है। जिसके बाद पुलिस की शक है कि संभवतः शिवानी की अर्जुन ने हत्या की और वारदात को अंजाम देने के बाद वह फरार हो गया। फिलहाल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। थाना प्रभारी संजय पांडे ने बताया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने पर ही मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा। रिपोर्ट आने के बाद जो विधिक कार्यवाही है वह कि जाएगी। अभी महिला के पति की तलाश की जा रही है।
ऑयल कंपनियों ने बल्क में पेट्रोल-डीजल लेने वाले ग्राहकों के लिए नए नियम लागू कर दिए हैं। अब उन्हें आम उपभोक्ताओं के मुकाबले 30 प्रतिशत तक महंगा ईंधन खरीदना पड़ेगा। इससे उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं। भोपाल नगर निगम की बात करें तो अब उसे 49 रुपए प्रति लीटर कीमत अधिक देना पड़ेगी। इससे निगम को हर महीने करीब ढाई करोड़ रुपए अतिरिक्त खर्च करने पड़ेंगे। बता दें कि कुछ दिन पहले तेल कंपनियों द्वारा बल्क उपभोक्ताओं के लिए डीजल-पेट्रोल के दाम बढ़ाए गए थे। अब कंपनियों ने पंप संचालकों को सख्त निर्देश दिए हैं कि बल्क उपभोक्ताओं को डिस्काउंट रेट पर नहीं, बल्कि निर्धारित बल्क रेट पर ही डीजल-पेट्रोल दिया जाए। कंपनियों ने यह भी हिदायत दी है कि यदि किसी पंप से बल्क उपभोक्ताओं को कम दरों पर डीजल-पेट्रोल दिया गया तो संबंधित पंप संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसका असर भोपाल में देखने को मिलने लगा है। पुराने रेट पर डीजल देने से इनकार नगर निगम की कचरा कलेक्शन गाड़ियां जब तय रिटेल पंपों पर डीजल लेने पहुंचीं तो पंप संचालकों ने पुराने रेट पर डीजल देने से इनकार कर दिया। कर्मचारियों को बताया गया कि अब बल्क उपभोक्ताओं को 142 रुपए प्रति लीटर की दर से ही डीजल मिलेगा। पहले नगर निगम को करीब 93 रुपए प्रति लीटर की दर से डीजल मिल रहा था। यानी नए और पुराने रेट में करीब 49 रुपए प्रति लीटर का अंतर आ गया है। कचरा कलेक्शन के काम पर असर बताया जाता है कि पंपों से समय पर डीजल नहीं मिलने के कारण करीब 2 से 3 घंटे तक कचरा कलेक्शन का काम प्रभावित रहा। अफसरों की दखल के बाद पंपों से डीजल सप्लाई शुरू हुई। जिसके बाद कचरा कलेक्शन दोबारा शुरू किया गया। इसका असर शहर की सफाई व्यवस्था पर भी दिखाई दिया। कई इलाकों में डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन देर से हुआ, जबकि कुछ स्थानों पर गाड़ियां तय समय पर नहीं पहुंच सकीं।
महाराष्ट्र: नासिक टीसीएस केस में पहली चार्जशीट फाइल, जबरन धर्म परिवर्तन के सबूत मिले
महाराष्ट्र की नासिक पुलिस ने टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के नासिक बीपीओ यूनिट में यौन उत्पीड़न के मामले में आरोपियों के खिलाफ 1500 पन्नों की चार्जशीट आज दोपहर बाद फाइल कर दी है
जमशेदपुर में जुटे देशभर के पर्यावरणविदों ने उठाई मांग, नदी-पहाड़ संरक्षण के लिए बने सख्त कानून
झारखंड के जमशेदपुर में शुरू हुए दो दिवसीय राष्ट्रीय नदी-पर्वत सम्मेलन में देशभर से आए पर्यावरणविदों, विधि विशेषज्ञों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों ने नदियों और पहाड़ों के संरक्षण के लिए अलग और सशक्त कानून बनाने की जरूरत पर जोर दिया
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि किसी महिला के नहाने या कपड़े बदलने का वीडियो सोशल मीडिया पर डालने की धमकी देना आपराधिक डराने का गंभीर अपराध है। कोर्ट ने एक आरोपी की सजा को बरकरार रखते हुए कहा कि ऐसा करना महिला की गरिमा और निजता का उल्लंघन है। मामले में महिला ने आरोप लगाया था कि आरोपी ने शादी का झांसा देकर संबंध बनाए और बाद में उसका निजी वीडियो वायरल करने की धमकी दी। कोर्ट ने कहा कि मोबाइल या वीडियो बरामद न होने पर भी दूसरे मजबूत सबूतों के आधार पर सजा दी जा सकती है। आज की अन्य बड़ी खबरें… जम्मू-कश्मीर- सुरक्षाबलों ने पुंछ के जंगलों में सर्च ऑपरेशन शुरू किया जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में सुरक्षा बलों ने शुक्रवार को बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया। यह अभियान सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा सीमा से जुड़े जंगलों में चलाया गया। अधिकारियों के मुताबिक यह कार्रवाई सुरक्षा तैयारियों को मजबूत करने और इलाके में निगरानी बढ़ाने के लिए की जा रही है। ऑपरेशन में मेंढर सेक्टर के कई जंगल क्षेत्रों को शामिल किया गया है। UPSC उम्मीदवारों को ईमेल से भेजे जाएंगे एडमिट कार्ड UPSC ने सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2026 के उम्मीदवारों की सुविधा के लिए बड़ा फैसला लिया है। जिन अभ्यर्थियों ने अभी तक अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड नहीं किया है, उन्हें ईमेल के जरिए ई-एडमिट कार्ड भेजे जाएंगे। UPSC ने उम्मीदवारों से अपने रजिस्टर्ड ईमेल और स्पैम फोल्डर चेक करने को कहा है। 24 मई को होने वाली इस परीक्षा के लिए करीब 8.19 लाख आवेदन आए हैं। केरल में ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर 1.19 करोड़ की ठगी, एक आरोपी गिरफ्तार केरल के तिरुवनंतपुरम में एक व्यक्ति से ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग के नाम पर 1.19 करोड़ रुपए की ठगी की गई। आरोपियों ने खुद को ब्रिटेन की इन्वेस्टमेंट कंपनी का अधिकारी बताकर सोशल मीडिया और वॉट्सऐप ग्रुप के जरिए भरोसा जीता। बाद में पीड़ित से अलग-अलग बैंक खातों में पैसे जमा करवाए गए। पुलिस जांच के बाद पलक्कड़ के रहने वाले 47 साल रमेश को गिरफ्तार किया गया। उसके पास से मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक सामान और फर्जी दस्तावेज बरामद हुए हैं। पुलिस ने लोगों को सलाह दी है कि निवेश केवल SEBI से रजिस्टर्ड ब्रोकर के जरिए ही करें।
ट्विशा शर्मा केस : बिना पुलिस को सूचना दिए शव हटाने को लेकर एसपी वैद ने उठाए गंभीर सवाल
पूर्व डीजीपी एसपी वैद ने ट्विशा शर्मा डेथ केस को लेकर कहा कि ऐसे मामलों में सबसे जरूरी होता है कि पुलिस और संबंधित एजेंसियां तुरंत स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) का पालन करें, लेकिन यहां पर शुरुआती स्तर पर ही कई गलतियां होती नजर आ रही हैं।
ग्वालियर में मॉर्निंग वॉक पर निकले एक अकाउंटेंट से मोबाइल लूटने वाले दो नाबालिग आरोपियों को बहोड़ापुर थाना पुलिस ने करीब एक महीने बाद घेराबंदी कर पकड़ लिया है। दोनों आरोपियों को पुलिस ने अपनी निगरानी में ले लिया है, जबकि वारदात में शामिल उनका तीसरा साथी अभी फरार है। उसकी तलाश में पुलिस की एक टीम राजस्थान के जयपुर रवाना की गई है। बहोड़ापुर थाना प्रभारी आलोक परिहार के मुताबिक, सदाशिव नगर निवासी 53 वर्षीय हरीश कुमार शर्मा पेशे से अकाउंटेंट हैं। 17 अप्रैल की सुबह वह रोजाना की तरह मॉर्निंग वॉक पर निकले थे। कोटेश्वर मंदिर में दर्शन करने के बाद जब वे 100 फुटा रोड से घर लौट रहे थे, तभी सफेद रंग की एक्टिवा पर सवार तीन नकाबपोश बदमाश पीछे से आए और उनके हाथ से मोबाइल फोन झपटकर फरार हो गए। घटना के बाद पुलिस ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे दर्जनों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज के आधार पर पुलिस को बदमाशों का हुलिया और एक्टिवा का नंबर मिला। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों के भागने का पूरा रूट मैप तैयार किया। सीसीटीवी की कड़ियों को जोड़ते हुए पुलिस गिरवाई इलाके तक पहुंची, जहां दबिश देकर दो नाबालिग आरोपियों को पकड़ लिया गया। उनकी निशानदेही पर लूटा गया मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया गया है। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अपने तीसरे साथी का नाम भी पुलिस को बताया। जांच में पता चला कि वह गिरफ्तारी से बचने के लिए राजस्थान के जयपुर में छिपा हुआ है। उसकी तलाश में पुलिस टीम रवाना कर दी गई है। इस मामले में एएसपी अनु बेनीवाल ने बताया कि मॉर्निंग वॉक के दौरान हुई मोबाइल लूट की वारदात में शामिल दो नाबालिगों को पुलिस ने पकड़ लिया है और तीसरे आरोपी की तलाश जारी है।
झारखंड की राजधानी रांची में एसएससी जीडी कांस्टेबल परीक्षा-2026 में ऑनलाइन हैकिंग और कदाचार कराने वाले संगठित गिरोह का खुलासा हुआ है
करनाल के असंध थाना क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की के लापता होने के बाद मामला तूल पकड़ गया। परिजनों और ग्रामीणों ने थाने पहुंचकर जमकर हंगामा किया और एसएचओ पर गलत भाषा बोलने का आरोप लगाते हुए थाना गेट पर उनका पुतला फूंक दिया। पुलिस द्वारा समझाने की कोशिश के बावजूद लोगों का गुस्सा शांत नहीं हुआ। 18 मई को घर से निकली, वापस नहीं लौटीपरिजनों के अनुसार नाबालिग 18 मई की सुबह करीब 8 बजे घर से करनाल लेडीज इंडस्ट्रियल होम सेवा समिति के लिए निकली थी। वह रोजाना शाम करीब 4 बजे घर लौट आती थी, लेकिन उस दिन वापस नहीं आई। परिवार ने तलाश शुरू की, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला। शिकायतकर्ता पिता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसके दो बेटे और एक बेटी है। पूछताछ में सामने आया कि लड़की किसी युवक से बात करती थी। शक है कि वही युवक उसे अपने साथ ले गया है। दोनों के मोबाइल नंबर बंद आ रहे हैं। परिजनों ने रिश्तेदारों के यहां भी पता किया, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। पुलिस ने दर्ज किया मामलापरिजनों के शक के आधार पर पुलिस ने 18 मई की सुबह ही मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। इसके बाद भी लड़की का कोई सुराग नहीं मिलने से परिवार और ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती गई। थाने में हंगामा, पुतला जलायागुस्साए परिजन और ग्रामीण असंध थाना पहुंचे और वहां हंगामा किया। आरोप है कि इस दौरान एसएचओ ने परिजनों और ग्रामीणों के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया। थाना प्रबंधक ने सभी को अपने केबिन में बुलाकर समझाने का प्रयास किया, लेकिन स्थिति और बिगड़ गई। इसके बाद ग्रामीणों ने थाना गेट पर एसएचओ का पुतला फूंककर विरोध जताया। लोगों ने पुलिस के रवैये पर नाराजगी जताते हुए जल्द से जल्द लड़की को बरामद करने की मांग की है।
गौतमबुद्धनगर: साइबर ठगी के आरोप में तीन गिरफ्तार, बैंकों में करंट अकाउंट खोलकर करते थे धोखाधड़ी
गौतमबुद्धनगर की साइबर क्राइम थाना पुलिस ने एक बड़े साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है
दिल्ली: स्नैचिंग और चोरी के मामले सुलझे, एक आरोपी और एक नाबालिग को पुलिस ने पकड़ा
पूर्वी जिले की एंटी स्नैचिंग एंड बर्गलरी सेल ने मोबाइल स्नैचिंग और मोटरसाइकिल चोरी के मामलों का सफलतापूर्वक खुलासा किया है
जयपुर में युवती ने किया सुसाइड:अपार्टमेंट की चौथी मंजिल ने कूदी, मानसिक रुप से थी बीमार
जयपुर में शुक्रवार दोपहर एक युवती के सुसाइड का मामला सामने आया है। उसने अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से कूदकर अपनी जान दे दी। कालवाड़ थाना पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए शव को हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में रखवाया है। पुलिस प्राथमिक जांच में उसके मानसिक रुप से बीमार होना सामने आया है। पुलिस ने बताया- कालवाड़ की रहने वाली 27 साल की युवती ने सुसाइड किया है। वह पिछले 4 साल से मानसिक रुप से बीमार चल रही थी। वह हाथोज में स्थित अपने फ्लैट पर भी अक्सर जाया करती थी। शुक्रवार दोपहर को भी वह फ्लैट पर आई थी। दोपहर करीब 2 बजे वह घर से निकलकर करीब 100 मीटर दूर स्थित रेजीडेंसी की छत पर पहुंच गई। छत पर जाकर उसने चौथी मंजिल से छंलाग लगाकर दी। अचानक हुए धमाके की आवाज सुनकर आस-पास के लोग दौड़कर आए। गंभीर हालत में उसे हॉस्पिटल पहुंचाया, जहां डॉक्टर्स ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस प्रथमदृष्टया जांच में सामने आया है कि बचपन में साइकिल से गिरने से उसके सिर में चोट लग गई थी। तब से वह लगातार बीमार चल रही थी। पिछले 4 वर्ष से उसकी मानसिक हालत ज्यादा खराब रहने लगी थी। परिजनों ने उसे हॉस्पिटल में भी एडमिट कराया था।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ईंधन बचाने की अपील के बाद कारों की रैलियां निकालने वाले नेता एमपी में नप गए। बीजेपी के संगठन से लेकर सीएम ने नसीहत दी तो अब नेता तामझाम छोड़ साधारण तरीके से चलते नजर आने लगे हैं। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत शुक्रवार को मंत्रालय में विभागीय समीक्षा बैठक में शामिल होने के बाद वल्लभ भवन से 74 बंगला स्थित अपने सरकारी आवास तक पैदल ही पहुंचे। मंत्री के आगे-पीछे़ गाडियां नजर नहीं आईं। बस पीएसओ और स्टाफ के कर्मचारी साथ चलते नजर आए। सीएम ने की समीक्षा बैठक दरअसल, शुक्रवार को मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने सीएस अनुराग जैन की मौजूदगी में अलग-अलग विभागों की समीक्षा की। इस दौरान खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की भी समीक्षा की गई। मंत्री राजपूत ने मंत्रालय पहुंचने के बाद अपनी गाड़ी वापस भेज दी थी। जैसे ही रिव्यू मीटिंग खत्म हुई वे सुरक्षाकर्मियों और स्टाफ के साथ पैदल ही घर के लिए चल दिए। विधायक ने खरीदी ई-स्कूटी दूसरी तरफ कटनी जिले की विजयराघवगढ़ सीट से बीजेपी विधायक और पूर्व मंत्री संजय पाठक ने भी ई-स्कूटी खरीदी है। संजय पाठक ने ई-स्कूटी के साथ तस्वीरें शेयर करते हुए फेसबुक पर लिखा- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ऊर्जा संरक्षण एवं ईंधन बचत के प्रेरणादायी आह्वान से प्रेरित होकर आज इलेक्ट्रिक स्कूटी क्रय की। संजय पाठक ने आगे लिखा- देशहित में ईंधन की बचत, स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा एवं पर्यावरण संरक्षण की दिशा में यह एक छोटा किंतु सार्थक प्रयास है। यदि प्रत्येक नागरिक ऐसे सकारात्मक कदम उठाए, तो राष्ट्र को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है। कटंगी विधायक ने इलेक्ट्रिक कार खरीदी पांच दिन पहले बालाघाट जिले के कटंगी से विधायक गौरव पारधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील पर अमल करते हुए इलेक्ट्रिक कार खरीदी है। विधायक अब अपने सभी क्षेत्रीय प्रवास, पार्टी कार्यक्रमों और ग्रामीण बैठकों के लिए इसी नई कार का उपयोग कर रहे हैं। विधायक गौरव पारधी ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और आर्थिक दबाव के बीच उन्होंने यह कदम उठाया है। विदेशी मुद्रा और अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक प्रभाव विधायक गौरव पारधी ने बताया कि पेट्रोल और डीजल के आयात के लिए भारत को बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा खर्च करनी पड़ती है। वैश्विक तेल संकट को देखते हुए इसे कम करना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि ईंधन की खपत कम करने से देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और विदेशी मुद्रा की बचत की जा सकेगी। भोपाल में होने वाली बीजेपी की मेगा मीटिंग भी वर्चुअल हुईप्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 12 साल पूरे होने पर बीजेपी 5 जून से 21 जून तक एक अभियान चलाने जा रही है। इस अभियान की तैयारियों को लेकर भोपाल में विधायकों, सांसदों, प्रदेश पदाधिकारियों, जिला अध्यक्षों की संयुक्त मेगा मीटिंग भोपाल में होनी थी। लेकिन पीएम की ईंधन बचाने की अपील को देखते हुए बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने इसे वर्चुअल करने का निर्णय लिया। शुक्रवार देर शाम वर्चुअल मीटिंग बुलाई गई। इसमें पूरे अभियान के दौरान की जाने वाली गतिविधियों को लेकर चर्चा की गई।
भोपाल के 10 लेन अयोध्या बायपास प्रोजेक्ट को नेशनल ग्रीन ट्रूब्नल (NGT) ने हरी झंडी दे दी है। आदेश मिलते ही हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) के जरिए ठेकेदार ने पेड़ काटने शुरू किए। शुक्रवार को कई मशीनों से पेड़ों की कटाई की गई। इधर, पेड़ काटे जाने के विरोध में पर्यावरणविद् बड़े स्तर पर आंदोलन करने की रणनीति बना रहे हैं। पर्यावरणविद् उमाशंकर तिवारी ने बताया कि हरियाली बचाने के लिए कई दिन तक आंदोलन किया था। अनुमति मिलने के बाद फिर से पेड़ काटे जाने लगे हैं। इसे लेकर फिर से अपना पक्ष रखेंगे। ताकि, सालों पुराने पेड़ बचाए जा सके। मशीनों से हुई पेड़ों की कटाई बता दें कि शुक्रवार को रत्नागिरि तिराहे से आसाराम तिराहे तक सड़क किनारे कई जगहों पर मशीनों से पेड़ काटे गए। मौके पर कम से कम चार बड़ी मशीनें लगातार पेड़ों की कटाई में लगी रहीं। जिस तेजी से काम चल रहा है, उसे देखकर स्थानीय लोगों का कहना है कि अगले तीन से चार दिन तक इस पूरे कॉरिडोर की हरियाली लगभग साफ हो सकती है। 836 करोड़ रुपए के इस प्रोजेक्ट के तहत अयोध्या बायपास को सर्विस रोड सहित 10 लेन बनाया जाना है। इसके लिए 7,871 पेड़ों की कटाई प्रस्तावित है। एनजीटी ने इन शर्तों के साथ दी थी अनुमति एनजीटी ने दो दिन पहले पर्यावरणीय शर्तों के साथ प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने की अनुमति दी थी। जिसके बाद अब जमीनी स्तर पर कार्रवाई तेज हो गई है। पेड़ों की कटाई के साथ ही पूरे बायपास पर निर्माण गतिविधियां भी बढ़ गई हैं। सड़क के कई हिस्सों में बैरिकेड लगाकर लेन संकरी कर दी गई है। रत्नागिरि तिराहे से आसाराम तिराहे तक लगभग हर 100 से 200 मीटर पर डायवर्जन बनाए गए हैं। इससे इस मार्ग से रोज गुजरने वाले हजारों वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। भोपाल से ऐसे दिल्ली पहुंचा मामला बता दें कि एनएचएआई भोपाल के अयोध्या बायपास को आसाराम चौराहा से रत्नागिरि तिराहे तक 836.91 करोड़ रुपए से 10 लेन में बदल रहा है। यह 16 किलोमीटर लंबा है। इस प्रोजेक्ट में कुल 7871 पेड़ काटे जाने हैं, जो 40 से 80 साल तक के हैं। पिछले साल दिसंबर में तीन दिन में करीब आधे पेड़ काट दिए गए थे। इसका जमकर विरोध हुआ। इसके बाद मामला एनजीटी में पहुंचा और 8 जनवरी तक पेड़ों की कटाई पर रोक लगा दी गई थी। इस पर दो-तीन सुनवाई भोपाल बेंच ने की। इसके बाद मामला दिल्ली बेंच में पहुंच गया। इसी मामले में सुनवाई पूरी की गई है। याचिकाकर्ता सक्सेना ने बताया कि पेड़ों की कटाई के मामले में 22 दिसंबर को दिया गया स्थगन फिलहाल बरकरार रहेगा। इस निर्णय से याचिकाकर्ता को फौरी तौर पर बड़ी राहत मिली है, क्योंकि हजारों की संख्या में पेड़ कटाई पर लगी रोक अभी जारी रहेगी। पर्यावरणविद् ने किया था प्रदर्शनपेड़ों की कटाई का विरोध पर्यावरणविदों ने किया था। पर्यावरणविद् सुभाष सी. पांडे, उमाशंकर तिवारी, याचिकाकर्ता नितिन सक्सेना, सुयश कुलश्रेष्ठ, राशिद नूर समेत अन्य लोगों ने कहा था कि पेड़ों को काटकर एनएचएआई हरियाली उजाड़ रही है। 10 लेन सड़क के बदले एनएचएआई एलिवेटेड प्रोजेक्ट पर काम कर सकता था, या फिर 10 की बजाय सिक्सलेन बनाने पर जोर दें। जिन पेड़ों को एनएचएआई नगर निगम के जरिए काट रहा है, उनकी उम्र 40 से 80 साल तक है। कांग्रेसी भी कर चुके प्रदर्शनपेड़ों की कटाई को लेकर कांग्रेस भी विरोध प्रदर्शन कर चुकी हैं। वरिष्ठ कांग्रेसी रविंद्र साहू झूमरवाला, जिलाध्यक्ष प्रवीण सक्सेना, समेत कई कांग्रेसियों ने मास्क पहनकर विरोध प्रदर्शन किया था। पर्यावरणविद् उमाशंकर तिवारी ने बताया कि बायपास के दोनों ओर जो भी पेड़ काटे जा रहे हैं, उनमें से कई की उम्र 80 से 100 साल या इससे अधिक है। इनके बदले यदि नए पौधे लगाए भी जाएंगे तो उनके पेड़ बनने में सालों बीत जाएंगे। NHAI ने पेड़ों के बदले यह प्लान बनाया था ये खबर भी पढ़ें... भोपाल के अयोध्या बायपास पर 81 हजार पौधे रोपेगा NHAI भोपाल के आसाराम चौराहा से रत्नागिरि तिराहे तक 16 किमी लंबे अयोध्या बायपास में जिन पेड़ों को काटा जाएगा, उसके बदले नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) 81 हजार पौधे रोपेगा। दूसरी ओर, 10 लेन करने के प्रोजेक्ट में सेंट्रल वर्ज की चौड़ाई को 5 मीटर से घटाकर 1.5 मीटर किया जा रहा है। यह बदलाव सिर्फ उस इलाके में होगा, जहां हरियाली है। ऐसा करने से 2075 पेड़ बचेंगे।पूरी खबर पढ़ें
16 साल पुराने दो बच्चों की मौत का मामला:हाईकोर्ट ने मां और कथित प्रेमी को बरी किया
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने अंबेडकरनगर में 16 साल पुराने दो बच्चों की मौत के मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। कोर्ट ने उम्रकैद की सजा पाए मां और उसके कथित प्रेमी को बरी कर दिया। न्यायालय ने कहा कि केवल शक, कथित अवैध संबंध और अधूरे परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर किसी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। यह आदेश न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान और न्यायमूर्ति जफीर अहमद की खंडपीठ ने पारित किया। हाईकोर्ट ने महिला पुष्पा और सुरेंद्र कुमार वर्मा की आपराधिक अपीलें स्वीकार करते हुए ट्रायल कोर्ट द्वारा दी गई आजीवन कारावास की सजा को रद्द कर दिया। यह मामला वर्ष 2010 का है। अंबेडकरनगर के अकबरपुर क्षेत्र में आठ वर्षीय प्रिया और तीन वर्षीय शनि के शव गांव के एक कुएं से बरामद हुए थे। अभियोजन पक्ष ने आरोप लगाया था कि पुष्पा और सुरेंद्र कुमार वर्मा के बीच कथित अवैध संबंध थे। अभियोजन के अनुसार, बच्ची प्रिया ने दोनों को आपत्तिजनक हालत में देख लिया था। इसके बाद राज खुलने के डर से दोनों बच्चों को कुएं में फेंक दिया गया था। ट्रायल कोर्ट ने 16 जुलाई 2016 को दोनों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। घटना के बाद से पुष्पा जेल में बंद थी, जबकि सुरेंद्र कुमार वर्मा ट्रायल के दौरान जमानत पर था और सजा के बाद उसे जेल भेजा गया था। हाईकोर्ट ने साक्ष्यों की विस्तार से समीक्षा की और पाया कि अभियोजन पक्ष आरोप साबित करने के लिए घटनाओं की पूरी और भरोसेमंद कड़ी प्रस्तुत नहीं कर सका। न्यायालय ने गवाहों के बयानों में कई गंभीर विरोधाभास भी पाए। न्यायालय ने यह भी माना कि मेडिकल साक्ष्य हत्या की पुष्टि नहीं करते हैं। पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर ने जिरह के दौरान स्वीकार किया था कि बच्चों के दुर्घटनावश कुएं में गिरकर डूबने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। इसके अतिरिक्त, न्यायालय ने एफआईआर दर्ज करने में हुई तीन दिन की देरी को भी अभियोजन के लिए एक कमजोर पहलू माना। इन परिस्थितियों में, हाईकोर्ट ने दोनों आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी करने का आदेश दिया।
गुरुग्राम में बिजली संकट: ट्रांसफार्मर फुंकने से ठप हुई सप्लाई, मेट्रो भी प्रभावित
गुरुग्राम में शुक्रवार शाम अचानक बिजली संकट गहरा गया। सेक्टर-72 स्थित 220 KVA सबस्टेशन का मुख्य ट्रांसफार्मर फुंकने से सात बड़े बिजली घर बंद हो गए
लखनऊ में इंदिरा डैम में युवक डूबा:दोस्तों के सामने गई जान, पुलिस कर रही पूछताछ
लखनऊ के बीबीडी थाना क्षेत्र में गुरुवार को भीषण गर्मी के बीच इंदिरा डैम में नहाने गए एक युवक की डूबने से मौत हो गई। युवक अपने दोस्तों के साथ डैम पर पहुंचा था। हादसे के बाद उसके साथी मौके से फरार हो गए। पुलिस ने करीब दो घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर युवक को बाहर निकाला, लेकिन अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतक की पहचान अयोध्या रोड स्थित सरायशेख निवासी 28 वर्षीय सूरज कुमार के रूप में हुई है। वह पेशे से वेल्डिंग कारीगर था और परिवार का सहारा था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक सूरज अपने दोस्तों के साथ डैम में नहा रहा था, तभी अचानक गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। मौके पर मौजूद लोगों ने शोर मचाया और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही बीबीडी पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय गोताखोरों की मदद से तलाश शुरू कराई। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद सूरज को पानी से बाहर निकाला गया। उस वक्त उसकी सांसें चल रही थीं। पुलिस तुरंत उसे डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान लेकर पहुंची, जहां इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इंस्पेक्टर राम सिंह ने बताया कि युवक के कपड़ों और आसपास मौजूद लोगों की जानकारी के आधार पर उसकी पहचान की गई। हादसे की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और परिजन अस्पताल पहुंच गए। पुलिस के मुताबिक फिलहाल परिवार की ओर से कोई तहरीर नहीं दी गई है और न ही किसी पर कोई आरोप लगाया गया है। शिकायत मिलने पर जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
एसएससी परीक्षा में हाईटेक नकल का भंडाफोड़
ग्रेटर नोएडा में कर्मचारी चयन आयोग की ऑनलाइन परीक्षा में धांधली कराने वाले बड़े गिरोह का एसटीएफ ने भंडाफोड़ किया है
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि किसी व्यक्ति पर केवल आपराधिक मुकदमे दर्ज होने या लंबित होने के आधार पर उसका शस्त्र लाइसेंस रद्द नहीं किया जा सकता। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि लाइसेंस रद्द करने से पहले अधिकारियों को यह साबित करना होगा कि हथियार रखने से सार्वजनिक शांति या लोगों की सुरक्षा को वास्तविक खतरा है। यह आदेश न्यायमूर्ति इरशाद अली की एकल पीठ ने राजेश कुमार सिंह की याचिका पर सुनवाई के बाद पारित किया। न्यायालय ने वर्ष 2003 में डीबीबीएल गन लाइसेंस रद्द करने और 2008 में अपील खारिज करने के आदेशों को रद्द कर दिया। साथ ही, मामले को दोबारा सुनवाई के लिए लाइसेंसिंग प्राधिकारी के पास भेजते हुए तीन महीने के भीतर नया फैसला लेने का निर्देश दिया। याचिकाकर्ता की ओर से न्यायालय को बताया गया कि उसके खिलाफ तीन आपराधिक मामले दर्ज थे, जिनके आधार पर लाइसेंस रद्द किया गया था। इनमें से एक मामले में वह बरी हो चुका है, दूसरे में पुलिस ने अंतिम रिपोर्ट लगा दी है, और तीसरे मामले में उसे जमानत मिल चुकी है। यह भी बताया गया कि किसी भी मामले में हथियार के गलत इस्तेमाल का आरोप नहीं है। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में दोहराया कि केवल आशंका या मुकदमों के लंबित होने के आधार पर शस्त्र लाइसेंस रद्द नहीं किया जा सकता। न्यायालय ने पाया कि लाइसेंस रद्द करने वाले पूर्व के आदेशों में यह नहीं बताया गया था कि याचिकाकर्ता के पास हथियार रहने से सार्वजनिक शांति को कोई खतरा था। इन्हीं कारणों से न्यायालय ने दोनों आदेशों को रद्द कर दिया।
रात के अंधेरे में चोरी की वारदात कर पुलिस को चुनौती देने वाले एक चोर को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इसके द्वारा पांच दिन के भीतर दो चोरी की वारदात की गई थीं। पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे की मदद से आरोपी को दबोचकर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। मेरठ के देहलीगेट इलाके में पांच दिन के भीतर चोरी की दो वारदात हुईं। चोर ने मेडिकल स्टोर समेत दो दुकानों को शिकार बनाया और फरार हो गया। दोनों दुकान स्वामियों की तरफ से रिपोर्ट दर्ज कराई गई, जिसके बाद पुलिस आरोपी की तलाश में जुट गई। मेडिकल स्टोर से एक लाख रुपये उड़ाये कृष्णालोक मवाना रोड निवासी गगन गुप्ता पुत्र अरविंद गुप्ता की कानून गोयान खैरनगर में बंसी फार्मा के नाम से मेडिकल फर्म है। 11/12 मई की रात चोरों ने दुकान का ताला तोड़ा और गल्ले में रखी करीब 1.10 लाख रुपये की नकदी चोरी कर फरार हो गए। मस्जिद की दुकान में की चोरी पूर्वा फैय्याज अली निवासी पप्पू पुत्र मोहम्मद इशाक की भाई जी वाली मस्जिद के नीचे सूट व दुपट्टे की दुकान है। 15 मई की सुबह जब पप्पू दुकान खोलने पहुंचे तो देखा शटर के ताले टूटे हैं। अंदर जाकर पता चला कि चोर गल्ले से सात हजार रुपये की नकदी चोरी कर ले गए हैं। दो चोरियों ने पुलिस की कराई किरकिरीगगन गुप्ता की दुकान में हुई चोरी ने पुलिस की खासी किरकिरी कराई। अभी पुलिस चोर को पकड़ भी नहीं पाई थी कि चोर ने फिर एक दुकान में वारदात कर डाली। एक साथ दो घटनाओं ने देहलीगेट पुलिस की खासी किरकिरी कराई। व्यापारियों ने अफसरों से मिलकर नाराजगी भी व्यक्त की। सीसीटीवी कैमरे में दिखाई दिया आरोपीएसएचओ देहलीगेट ने बताया कि एक साथ दो चोरियों के बाद पुलिस ने चार टीमें खुलासे के लिए लगा दीं। सीसीटीवी कैमरों को खंगाला गया, जिसमें एक संदिग्ध पुलिस ने चिह्नित किया। पुलिस ने उसकी लोकेशन ट्रेस की और हिरासत में लेकर पूछताछ शुरु कर दी। पुलिस की सख्ती के आगे आरोपी ने वारदात कुबूल कर ली। यह माल किया गया बरामद पुलिस ने आरोपी के पास से 3720 रुपये नकद के अलावा वारदात में प्रयुक्त सामान बरामद किया। पूछताछ में उसने अपना नाम इमरान उर्फ शहजाद पुत्र नवाब उर्फ इखलास निवासी हाल किरायेदार रेशमा के मकान में, भट्ठे वाली गली तारापुरी थाना लिसाड़ी गेट मेरठ, मूल निवासी गोल्डन सिटी नाई की थड़ी रामगढ़ रोड थाना आमेर जिला जयपुर राजस्थान बताया।
निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रभारी सहायक राजस्व अधिकारी (मूलपद - सहायक राजस्व निरीक्षक) अरविंद नायक को तत्काल प्रभाव से निगम सेवा से बर्खास्त कर दिया है। विभागीय जांच में नायक पर लगे आरोप सही पाए गए। आरोपों के संबंध में नायक से स्पष्टीकरण भी मांगा था, लेकिन वह संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। इसके चलते म.प्र. सिविल सेवा (वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम 10 के प्रावधानतर्गत दीर्घशास्ति अधिरोपित करते हुए अरविन्द नायक को तत्काल प्रभाव से निगम सेवा से बर्खास्त किया गया। अरविंद नायक ने अपनी ड्यूटी के दौरान ग्राम बिचौली मर्दाना स्थित सम्पत्तिकर खाता कमांक 1001346534 में किए गए संशोधन के संबंध में प्राप्त शिकायत पर अपर आयुक्त (राजस्व) नगर पालिक निगम, इन्दौर के स्तर से प्रेषित जांच प्रतिवेदन में उक्त सम्पत्ति कर खाता क्रमांक 1001346534 अग्रवाल पब्लिक स्कूल (लर्न बाय अग्रवाल चेरिटेबल ट्रस्ट) निगम रिकार्ड अनुसार जोन कमांक 19 वार्ड क्रमांक 76 में वर्ष 2014-15 से दर्ज होकर ये सम्पत्तिकर खाता ई-नगर पालिका पोर्टल पर 23 अगस्त 2025 की स्थिति में आवासीय / व्यवसायीक/होस्टल- कुल क्षेत्रफल 577006 वर्गफीट होकर कुल मांग 3,19,79,612 /- दर्ज होना पाई गई। खुद की यूजर आईडी का किया इस्तेमाल, निगम को पहुंचा वित्तीय क्षति ई-नगर पालिका पोर्टल पर संपत्तिकर खाता कमांक 1001346534 में आवासीय / व्यवसायीक-कुल क्षेत्रफल 315525 वर्गफीट की कुल संचयी मांग 1,82,88,053/- दर्ज होकर उक्त खाते में प्रभारी सहायक राजस्व अधिकारी, नायक ने अपनी यूज़र आई.डी. से बिना सक्षम स्वीकृति लिए संशोधन करते हुए, निगम को वित्तीय क्षति पहुंचाई थी। इसके लिए इन्हें निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश दिए थे। विभागीय जांच में अरविंद नायक पर आरोप सिद्ध पाए गए।
8 दिन बाद कानपुर में मिली लापता किशोरी:मां की डांट से नाराज होकर भागी, जेवर लेकर घर से निकली थी
कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ ने 'ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते' के तहत एक 16 वर्षीय लापता किशोरी को बरामद किया है। किशोरी 8 दिन पहले घर से नाराज होकर निकली थी और अपने साथ जेवर भी ले गई थी। उसे सकुशल परिजनों और स्थानीय पुलिस को सौंप दिया गया है। यह घटना शुक्रवार की है। कानपुर सेंट्रल में उपनिरीक्षक मोहम्मद असलम खान अपनी टीम के साथ गश्त पर थे। प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर दिल्ली साइड की सीढ़ियों के पास एक किशोरी गुमसुम बैठी मिली। उसकी संदिग्ध हालत देखकर महिला कांस्टेबल पूजा गुप्ता को मौके पर बुलाया गया और किशोरी को आरपीएफ पोस्ट पर लाकर पूछताछ की गई। पूछताछ में किशोरी ने बताया कि वह फतेहपुर जिले के खागा थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली है। 8 दिन पहले वह घरवालों से नाराज होकर जेवर लेकर घर से भाग निकली थी। उसने यह भी बताया कि कुछ जेवर उसने खागा के एक सुनार को बेच दिए थे, और उसका मोबाइल फोन चोरी हो गया था। आरपीएफ ने किशोरी को महिला स्टाफ की निगरानी में सुरक्षित रखा और तत्काल उसके परिजनों से संपर्क किया। सूचना मिलते ही परिवार में हड़कंप मच गया। बाद में किशोरी के माता-पिता खागा थाने की पुलिस टीम के साथ कानपुर सेंट्रल पहुंचे। आरपीएफ प्रभारी एसएन पाटीदार ने जानकारी दी कि किशोरी की मां ने 18 मई को थाना खागा में गुमशुदगी की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। फतेहपुर पुलिस भी किशोरी की तलाश में जुटी थी। आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद किशोरी को उसके परिजनों और पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। अपनी बेटी को सकुशल पाकर परिवार भावुक हो गया। परिजनों और खागा पुलिस ने आरपीएफ कानपुर की तत्परता और संवेदनशीलता की सराहना की। आरपीएफ अधिकारियों ने बताया कि 'ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते' के तहत लापता बच्चों और किशोरों को उनके परिवारों तक सुरक्षित पहुंचाने का अभियान जारी रहेगा।
घाटमपुर के पतारा में ओवरटेक कर रही DCM ने बाइक सवार को सामने से टक्कर मारते हुए कुचल दिया, हादसे में बाइक सवार युवक की मौके पर दर्दनाक मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने परिजनों को समझाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। युवक कानपुर देहात से ड्यूटी करके घर लौट रहा था, पत्नी समेत बच्चों का रो रोकर बुरा हाल है। घाटमपुर थाना क्षेत्र के जगन्नाथपुर गांव निवासी 33 वर्षीय राजकुमार पुत्र बदलू प्रसाद मजदूरी करके अपने परिवार का भरण पोषण करते थे, शुक्रवार देर शाम वह कानपुर देहात के रानियां स्थित एक फैक्ट्री से मजदूरी करके बाइक से घर लौट रहे थे। जैसे ही वह कानपुर सागर हाइवे पर स्थित घाटमपुर थाना क्षेत्र के जहांगीराबाद गांव के किनारे एक पेट्रोल पंप के पास पहुंचते ही सामने से ओवरटेक करके आ रही तेज रफ्तार DCM ने बाइक सवार को टक्कर मारते हुए कुचल दिया, हादसे में युवक की मौके पर दर्दनाक मौत हो गई। इस दौरान डीसीएम ड्राईवर गाड़ी छोड़कर मौके से भाग निकला। राहगीरों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने परिजनों को समझाकर युवक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। पुलिस घटना की जांच पड़ताल कर रही है। घाटमपुर इंस्पेक्टर मनोज सिंह भदौरिया ने बताया कि युवक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। तहरीर के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पत्नी और बच्चों का रो रोकर बुरा हालघटना के बाद से पत्नी आरती देवी और उनके तीनों बेटे युवराज, अभिराज, विराज का रो रोकर बुरा हाल है। आरती रो रोकर यह कहती है, की मेरे तो जीने का सहारा चला गया, अब मैं अपने बच्चों का भरण पोषण कैसे करुगी। लोग उसे धैर्य बंधा रहे है।
बदायूं में बाइक सवार परिवार से लूट:तमंचा दिखाकर 50 हजार कैश और जेवरात लूटे
बदायूं में शुक्रवार रात एक बाइक सवार परिवार से लूट की वारदात हुई। इस्लामनगर थाना क्षेत्र में तीन बदमाशों ने तमंचा दिखाकर एक महिला सहित तीन लोगों से 50 हजार रुपये नकद और जेवरात लूट लिए। यह घटना इस्लामनगर-बिसौली रोड पर हुई। फैजगंज बेहटा थाना क्षेत्र के मुड़िया धुरेकी गांव निवासी अमीन अपने बहनोई जाहिद (अलीगढ़ के जमालपुर निवासी) और बहन करिश्मा के साथ एक शादी समारोह से बाइक पर घर लौट रहे थे। जब वे इस्लामनगर-बिसौली रोड पर कंधरपुर ईंट भट्ठे के पास पहुंचे, तो दो बाइकों पर सवार तीन बदमाशों ने उन्हें तमंचा दिखाकर रोक लिया। बदमाशों ने तीनों को घेर लिया और अमीन से 50 हजार रुपये नकद लूट लिए। इसके अलावा, उन्होंने करिश्मा के कुंडल और पायल भी छीन लिए। विरोध करने पर बदमाशों ने पीड़ितों के साथ हाथापाई भी की। लूट को अंजाम देने के बाद बदमाश बिसौली की ओर फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही इस्लामनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच-पड़ताल शुरू कर दी। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास के लोगों से पूछताछ की और बदमाशों की तलाश में जुट गई है। देर रात तक इस मामले में अधिकारियों ने कोई बयान नहीं दिया।
बुलंदशहर में प्रशासनिक फेरबदल हुआ है। अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) प्रमोद कुमार पांडेय का तबादला आजमगढ़ मंडल के अपर आयुक्त पद पर कर दिया गया है। उनकी जगह नितीश कुमार सिंह को बुलंदशहर का नया एडीएम प्रशासन नियुक्त किया गया है। शासन के इस आदेश के बाद प्रशासनिक महकमे में हलचल तेज हो गई है। प्रमोद कुमार पांडेय को लगभग एक वर्ष पहले बुलंदशहर में एडीएम प्रशासन के पद पर तैनात किया गया था। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभालीं। हालांकि, हाल ही में एक मामले को लेकर कुछ जनप्रतिनिधियों ने शासन स्तर पर शिकायत की थी, जिसके बाद उनके तबादले की अटकलें लगाई जा रही थीं। शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, अब नितीश कुमार सिंह बुलंदशहर में एडीएम प्रशासन की जिम्मेदारी संभालेंगे। प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच नए अधिकारी के आगमन को लेकर चर्चाएं हैं। उम्मीद की जा रही है कि आने वाले दिनों में प्रशासनिक कार्यशैली और लंबित मामलों में तेजी आएगी। प्रमोद कुमार पांडेय को आजमगढ़ मंडल में अपर आयुक्त का पदभार सौंपा गया है। प्रशासनिक हलकों में इसे एक नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है। हालांकि, यह भी चर्चा है कि एक साल के कार्यकाल के दौरान उनकी कई शिकायतों के कारण यह तबादला किया गया है।
फिर वापस आए PCS दुर्गेश मिश्रा:अपर नगर आयुक्त बने; इसी पद से दो बार हो चुका है ट्रांसफर
लंबे समय से गोरखपुर में तैनात PCS अधिकारी दुर्गेश मिश्रा एक बार फिर वापस गोरखपुर आ गए हैं। उनकी तैनाती फिर से नगर निगम में अपर नगर आयुक्त के पद पर की गई है। इसी पद से वह दो बार स्थानांतरित हो चुके हैं और दोनों बार उन्हें एक सप्ताह के भीतर वापस आना पड़ा। दुर्गेश मिश्रा का लगभग एक साल पहले मुरादाबाद में ADM FR के पद पर ट्रांसफर हुआ था लेकिन यहां से उन्हें रिलीव नहीं किया गया था। लगभग एक सप्ताह के भीतर ही उनका ट्रांसफर निरस्त कर दिया गया। जिले में 3 साल से अधिक समय से होने के कारण इस बार फिर उनका ट्रांसफर वाराणसी नगर निगम में अपर नगर आयुक्त के पद पर किया गया था। यह ट्रांसफर 14 मई को हुआ था और इसी सप्ताह उन्होंने वहां कार्यभार संभाला था। इसी बीच शुक्रवार, 22 मई की रात PCS अफसरों के ट्रांसफर की एक और सूची आ गई। इस सूची में दुर्गेश को स्थानांतरित करते हुए वाराणसी नगर निगम से गोरखपुर नगर निगम का अपर नगर आयुक्त बना दिया गया है। कार्यभार संभालते हुए सीमा पांडेय का ट्रांसफरदेवरिया में एसडीएम रहीं सीमा पांडेय का दुर्गेश मिश्रा की जगह गोरखपुर नगर निगम में अपर नगर आयुक्त के पद पर ट्रांसफर हुआ था। उन्होंने शुक्रवार को कार्यभार संभाला और अधीनस्थ अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ बैठक की। लेकिन रात में ही उनके ट्रांसफर में संशोधन आ गया। अब उन्हें दुर्गेश मिश्रा की ही जगह नगर निगम वाराणसी में अपर नगर आयुक्त बनाकर भेजा गया है। वर्षा काल के कारण तो नहीं हुआ ट्रांसफरदुर्गेश मिश्रा का एक बार फिर गोरखपुर में ट्रांसफर होने के बाद तरह-तरह की चर्चा शुरू हो गई है। नगर निगम में इस समय नगर आयुक्त सहित कोई ऐसा अधिकारी नहीं है, जिसने पिछले साल का वर्षाकाल गोरखपुर में बिताया हो। दुर्गेश मिश्रा के ट्रांसफर के बाद इस साल जलभराव की समस्या से निपटने के लिए सभी अधिकारी नए थे। ऐसे में चर्चा है कि वर्षा काल में जलभराव की समस्या से पुराने अनुभवों के आधार पर निपटा जा सके, इसलिए दुर्गेश मिश्रा को दोबारा गोरखपुर भेजा गया है। फिलहाल इस ट्रांसफर को लेकर लोगों में चर्चा शुरू हो गई है। दुर्गेश मिश्रा के साथ ही एक और अपर नगर आयुक्त गौरव रंजन श्रीवास्तव को भी गोरखपुर नगर निगम भेजा गया है।
हापुड़ में एक शिक्षक का अपहरण कर उसे नशीला पदार्थ सुंघाकर बेरहमी से पीटने और लूटपाट करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि बदमाशों ने आर्टिस्ट को गांव दस्तोई से जोगीपुरा जाने वाले रास्ते पर जंगल में फेंक दिया। गंभीर हालत में उसे गढ़ रोड स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पीड़ित के चाचा ने नगर कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई है। नगर कोतवाली में दी गई तहरीर के अनुसार, मोहल्ला आदर्शनगर कॉलोनी निवासी प्रमोद कुमार ने बताया कि शुक्रवार को उन्हें सूचना मिली कि उनके भतीजे ओमपाल को कुछ युवकों ने बेरहमी से पीटकर दस्तोई-जोगीपुरा मार्ग पर जंगल में फेंक दिया है। परिजन और मोहल्लेवासी मौके पर पहुंचे, जहां ओमपाल नशे की हालत में और गंभीर रूप से घायल मिले। ओमपाल ने बताया कि पीड़ित दिल्ली के एक निजी कॉलेज में शिक्षक है। साथ ही वह आर्टिस्ट भी है। बृहस्पतिवार रात वह मेरठ रोड स्थित साईलो द्वितीय चौकी के पास एटीएम से 10 हजार रुपए निकालने गए थे। रुपये निकालकर घर लौटते समय कुछ दूरी पर बाइक सवार दो युवकों ने उन्हें नशीला पदार्थ सुंघा दिया और उनका अपहरण कर लिया। इसके बाद आरोपियों ने ओमपाल के साथ मारपीट की, उनकी जेब से 10 हजार रुपये लूट लिए और उन्हें जंगल में फेंककर फरार हो गए। सीओ वरुण मिश्रा ने बताया- उन्हें तहरीर प्राप्त हो गई है। तहरीर के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। पुलिस टीम आसपास लगे सीसीटीवी की फुटेज भी खंगाल रही है। उन्होंने आश्वस्त किया कि मामले में सत्यता पाए जाने पर तत्काल रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
जालौन में ऑनलाइन आईपीएल सट्टे का भंडाफोड़:3.22 लाख नकद बरामद, एक गिरफ्तार, पांच फरार
जालौन के माधौगढ़ में साइबर क्राइम थाना पुलिस और कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने ऑनलाइन आईपीएल सट्टे के बड़े कारोबार का खुलासा करते हुए छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया, जबकि पांच अन्य आरोपी मौके से फरार हो गए। पुलिस ने घटनास्थल से 3 लाख 22 हजार 780 रुपये नकद और मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, क्षेत्र में लंबे समय से ऑनलाइन आईपीएल सट्टा संचालित होने की शिकायतें मिल रही थीं। मुखबिर से मिली सटीक सूचना के आधार पर साइबर क्राइम थाना और माधौगढ़ कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने डिकौली मोड़ भीमनगर रोड के पास दबिश दी। छापेमारी के दौरान मौके पर अफरा-तफरी मच गई। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने पटेल नगर निवासी पवन मिसुरिया (42) को गिरफ्तार कर लिया। वहीं पुलिस टीम को देखकर सागर दुबे निवासी माधौगढ़, विपिन वर्मा निवासी सरावन, अतुल दुबे निवासी चितौरा, जानू भाटिया निवासी आजाद नगर माधौगढ़ और अकुंश गुप्ता निवासी माधौगढ़ मौके से फरार हो गए। पुलिस ने मौके से लाखों रुपये की नकदी और एक मोबाइल फोन बरामद किया है। प्रारंभिक जांच में ऑनलाइन माध्यम से आईपीएल मैचों पर सट्टा लगाए जाने की पुष्टि हुई है। सभी आरोपियों के खिलाफ सार्वजनिक जुआ अधिनियम की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। फिलहाल फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
उत्तर प्रदेश शासन ने शुक्रवार शाम 19 वरिष्ठ पीसीएस अधिकारियों के तबादले करते हुए प्रशासनिक फेरबदल किया। इस फेरबदल में जालौन भी प्रभावित हुआ है। सबसे दिलचस्प मामला एडीएम पद को लेकर सामने आया, जहां सीतापुर से जालौन भेजे गए नीतीश कुमार सिंह का कार्यभार ग्रहण करने से पहले ही दोबारा तबादला कर दिया गया। अब उनकी जगह उन्नाव के नगर मजिस्ट्रेट राजीव राज को जालौन का नया अपर जिलाधिकारी नियुक्त किया गया है। शासन की ओर से जारी आदेश के अनुसार, नीतीश कुमार सिंह को पहले सीतापुर से जालौन एडीएम पद पर तैनात किया गया था। हालांकि, उन्होंने अभी तक जालौन में कार्यभार ग्रहण भी नहीं किया था कि शासन ने नया आदेश जारी कर उनका स्थानांतरण कर दिया। इस त्वरित बदलाव को लेकर प्रशासनिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। वहीं, उन्नाव में नगर मजिस्ट्रेट के पद पर कार्यरत राजीव राज को अब जालौन में अपर जिलाधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रशासनिक अनुभव को देखते हुए शासन ने उन्हें नई तैनाती दी है। इसके अलावा, जालौन में उपजिलाधिकारी पद पर तैनात मनोज कुमार सिंह का भी तबादला किया गया है। उन्हें उन्नाव का नया नगर मजिस्ट्रेट बनाया गया है। मनोज कुमार सिंह लंबे समय तक माधौगढ़ और कालपी तहसील में प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। शुक्रवार देर शाम जारी हुई तबादला सूची के बाद संबंधित अधिकारियों के कार्यमुक्त होने और नई तैनाती स्थलों पर कार्यभार ग्रहण करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। शासन के इस प्रशासनिक फेरबदल को आगामी व्यवस्थाओं को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
दिल्ली पुलिस ने बलिया में शुक्रवार शाम शहर के माल गोदाम के सामने चटोरी गली स्थित एक स्पा सेंटर पर छापेमारी की। इस कार्रवाई के दौरान 7 नाबालिगों सहित कुल 8 लड़कियों को बरामद किया गया। मौके से चार-पांच लड़कों को भी पकड़ा गया। सभी बरामद लड़कियों को शुक्रवार रात 'वन स्टॉप सेंटर' भेज दिया गया और स्पा सेंटर को सिटी मजिस्ट्रेट आशाराम वर्मा की मौजूदगी में सील कर दिया गया है। इस पूरे मामले का खुलासा दिल्ली में दर्ज एक लड़की की गुमशुदगी के मुकदमे की जांच के दौरान हुआ। दिल्ली पुलिस ने पहले गुजरात से लड़की को बरामद किया था। पूछताछ में उस लड़की ने बताया कि बलिया के स्पा सेंटर में काम करने वाली एक अन्य लड़की ने उसे गुजरात भेजा था। इस इनपुट के आधार पर दिल्ली पुलिस की टीम बिना समय गंवाए सीधे बलिया पहुंची। छापेमारी के बाद स्पा सेंटर के संचालक की पहचान मोनू के रूप में हुई है। मोनू, महेश चंद्र शर्मा का पुत्र है और मूल रूप से दिल्ली के मदन गिरी (अंबेडकर नगर, साउथ दिल्ली) का रहने वाला है। रेड के बाद बलिया के कोतवाली थाने में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) और स्थानीय पुलिस की मौजूदगी में आरोपियों से कई घंटों तक कड़ी पूछताछ की गई। बरामद की गई सभी 8 लड़कियों को फिलहाल सुरक्षित 'वन स्टॉप सेंटर' के सुपुर्द कर दिया गया है।
लंबित केस पर नौकरी नहीं रुकेगी:हाईकोर्ट का अहम फैसला, नियुक्ति नहीं रोकी जा सकती
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि केवल आपराधिक मुकदमे के लंबित होने के आधार पर किसी अभ्यर्थी की सरकारी नौकरी नहीं रोकी जा सकती। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि यदि अभ्यर्थी किशोर घोषित हो चुका हो या पुलिस ने अंतिम रिपोर्ट लगा दी हो, तो ऐसे मामलों को नियुक्ति रोकने का आधार नहीं बनाया जा सकता। यह आदेश न्यायमूर्ति श्री प्रकाश सिंह ने अंबेडकरनगर निवासी सुशील त्रिपाठी की याचिका पर दिया। सुशील का चयन कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) में एमटीएस पद पर हुआ था। नियुक्ति प्रक्रिया पूरी होने के बाद पुलिस सत्यापन में दो पुराने मामलों का जिक्र आने पर विभाग ने उनकी नियुक्ति रोक दी थी। याची सुशील त्रिपाठी ने न्यायालय को बताया कि उन्होंने दोनों मामलों की जानकारी विभाग को पहले ही दे दी थी। इनमें से एक मामला 2015 का था, जिसमें किशोर न्याय बोर्ड ने उन्हें नाबालिग घोषित किया था। दूसरा मामला 2020 का था, जिसमें पुलिस जांच के बाद अंतिम रिपोर्ट दाखिल कर चुकी है। न्यायालय ने टिप्पणी की कि किशोरावस्था की घटनाओं का असर किसी व्यक्ति के पूरे भविष्य पर नहीं पड़ना चाहिए। इसके अतिरिक्त, यदि पुलिस किसी मामले में अंतिम रिपोर्ट लगा चुकी है, तो केवल अदालत में अंतिम आदेश लंबित होने के कारण किसी का करियर लंबे समय तक बाधित नहीं किया जा सकता। हालांकि, न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में यदि किसी मामले में अभ्यर्थी दोषी पाया जाता है, तो संबंधित विभाग उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र होगा।
मैनपुरी में बस स्टैंड के पास देर रात इंजन ऑयल और टायर की दो दुकानों में भीषण आग लग गई। आग इतनी विकराल थी कि लपटें दो मंजिल तक उठती दिखाई दीं। फायर ब्रिगेड की चार गाड़ियों ने करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक लाखों का सामान जलकर राख हो चुका था। शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका जताई जा रही है। घटना शहर के बस स्टैंड से करीब 50 मीटर दूर स्थित अनमोल ट्रेडर्स और महेश्वरी ट्रेडिंग कंपनी में हुई। दोनों दुकानों में इंजन ऑयल, टायर, बैटरी और अन्य ज्वलनशील सामान रखा था। देर रात एक दुकान से धुआं उठना शुरू हुआ और कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप ले लिया। इंजन ऑयल और अन्य ज्वलनशील सामग्री के कारण आग तेजी से फैल गई और लपटें दो मंजिल तक पहुंच गईं। आग लगने के बाद आसपास अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग की तीव्रता के कारण कोई दुकान के पास नहीं जा सका। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची। आग की गंभीरता को देखते हुए चार दमकल गाड़ियों को लगाया गया। करीब एक घंटे तक चली मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। घटना में महेश्वरी ट्रेडर्स की दुकान पूरी तरह जलकर राख हो गई, जबकि अनमोल ट्रेडर्स में भी भारी नुकसान हुआ। आग की चपेट में आने से दुकान के बाहर से गुजर रही बिजली की केबलें भी जल गईं। इसके बाद बिजली विभाग ने एहतियातन इलाके की बिजली आपूर्ति बंद कर दी। बस स्टैंड के पास घटना होने के कारण मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनजर यातायात डायवर्ट कर दिया ताकि राहत और बचाव कार्य में बाधा न आए। स्थानीय व्यापारियों के मुताबिक दुकानों में रखा फर्नीचर, इंजन ऑयल, टायर और अन्य सामान पूरी तरह जल गया है। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार करीब एक करोड़ रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। सीओ सिटी संतोष कुमार ने बताया- सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंच गई थी। फिलहाल आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है और शुरुआती तौर पर शॉर्ट सर्किट की आशंका सामने आई है।
उन्नाव सिटी मजिस्ट्रेट राजीव का तबादला:जालौन के एसडीएम मनोज सिंह नए सिटी मजिस्ट्रेट नियुक्त
उन्नाव के सिटी मजिस्ट्रेट राजीव का शुक्रवार शाम शासन स्तर से तबादला कर दिया गया है। उनके स्थान पर जालौन में तैनात एसडीएम मनोज सिंह को उन्नाव का नया सिटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया है। राजीव 31 जनवरी 2024 से उन्नाव में सिटी मजिस्ट्रेट के पद पर कार्यरत थे। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कानून व्यवस्था, जनसुनवाई और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए। उनके कार्यकाल में सुलतानपुर डकैती कांड के दौरान पुलिस मुठभेड़ में मारे गए आरोपी अनुज प्रताप सिंह मामले की जांच उन्हें सौंपी गई थी। उन्होंने निर्धारित समय सीमा के भीतर 15 दिनों में जांच पूरी कर रिपोर्ट शासन को सौंप दी थी। जांच रिपोर्ट में घटना को सही और परिस्थितियों के अनुरूप बताया गया था। इस मामले की जांच प्रक्रिया को प्रशासनिक स्तर पर महत्वपूर्ण माना गया था। उन्नाव में विभिन्न आयोजनों, त्योहारों और संवेदनशील मौकों पर कानून व्यवस्था बनाए रखने में भी उनकी अहम भूमिका रही। वे स्वयं मौके पर पहुंचकर स्थितियों का जायजा लेते थे। जालौन में एसडीएम पद पर तैनात मनोज सिंह अब उन्नाव के नए सिटी मजिस्ट्रेट होंगे। उम्मीद है कि वह जल्द ही कार्यभार ग्रहण करेंगे।
मेरठ पुलिस ने ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत 10 वर्ष की मासूम से दुष्कर्म करने वाले सौतेले पिता को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा दिलाने का काम किया है। आरोपी ने बेटी को घर में अकेला पाकर उसके साथ वारदात की थी, जिसकी जानकारी अगले दिन बेटी ने अपनी मां को दी। महिला अपनी बेटी को लेकर थाने आई और पति के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया। शुक्रवार को जैसे ही कोर्ट ने सजा सुनाई, आरोपी फफक फफक कर रोने लगा। अब विस्तार से जानिए पूरा मामला वारदात वर्ष 2021 की है। नौचंदी थाना क्षेत्र में विनोद अपने परिवार के साथ रहता आ रहा था। विनोद ने दूसरी शादी की थी। जिस महिला से शादी की वह अपने साथ एक बेटी को लेकर आई थी। बताया जाता है कि शुरु से ही विनोद उस बच्ची पर बुरी नजर रखता था। सितंबर, 2021 में सौतेली बेटी को घर में अकेला पाकर विनोद ने गलत काम कर दिया। अगली सुबह मासूम ने अपनी मां को इसके बारे में बताया, जिसके बाद परिवार में कोहराम मच गया। पत्नी ने थाने जाकर दर्ज कराई रिपोर्टमासूम बेटी से पति द्वारा किए गए गलत काम को महिला बर्दाश्त नहीं कर पाई। वह अपनी बेटी को लेकर अगली सुबह ही नौचंदी थाने पहुंच गई और पुलिस को वारदात के बारे में बताया। पुलिस ने महिला की तहरीर पर आरोपी विनोद के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। पुलिस उसे गिरफ्तार करने पहुंची लेकिन वह फरार हो गया। पुलिस ने गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कियासौतेले पिता के द्वारा की गई यह वारदात चर्चाओं में आ गई। लोग आरोपी पर सख्त कार्रवाई की मांग करने लगे। पुलिस की कई टीमें आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगाई गई। जल्द ही पुलिस ने विनोद को गिरफ्तार कर लिया और उसे न्यायालय में पेश किया। न्यायालय ने आरोपी को जेल भेज दिया। ऑपरेशन कन्विक्शन में चयनित हुआ मुकदमाऑपरेशन कन्विक्शन के तहत इस मुकदमे को चिह्नित किया गया। एसपी क्राइम की देखरेख में कोर्ट मोहर्रिर, पैरोकार लोकेश ने मॉनीटरिंग सेल के साथ पूरे मामले की मजबूत पैरवी की और उसे निष्कर्ष तक पहुंचाया। दो दिन पहले मेन पोक्सो कोर्ट ने विनोद को अपराधी घोषित कर दिया। 20 साल कठोर कारावास व जुर्माना शुक्रवार को पोक्सो कोर्ट ने आरोपी विनोद पुत्र सुंडी मूल निवासी ग्राम बीटा थाना इंचौली को धारा 5(M)/5(N)/6 पोक्सो एक्ट में 20 वर्ष कठोर कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा आरोपी पर 5000 रुपये का जुर्माना भी लगाया। धारा 506 के तहत 7 वर्ष कठोर कारावास व 2000 रुपये का जुर्माना लगाया गया।
हरदोई में प्रदेश के आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल ने शुक्रवार शाम साढ़े 8 बजे जनसंवाद कार्यक्रम में कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने कांग्रेस की भाषा शैली को पार्टी के पतन का मुख्य कारण बताया। सदर विधानसभा क्षेत्र के बिलग्राम चुंगी स्थित कृषि फार्म में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान और मीडिया से बातचीत में मंत्री अग्रवाल ने कांग्रेस पर हमला बोला। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री अग्रवाल ने कहा कि विपक्ष के बड़े नेता जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं, उसका असर छोटे नेताओं पर भी दिखाई दे रहा है। नितिन अग्रवाल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस की गिरती राजनीतिक स्थिति का सबसे बड़ा कारण उसकी भाषा और व्यवहार है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता लगातार प्रधानमंत्री के लिए अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं, जिसका जवाब जनता हर चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को समर्थन देकर देती है। आबकारी मंत्री ने कांग्रेस नेतृत्व पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जिन नेताओं के नेतृत्व में पार्टी लगातार चुनाव हार रही है, कांग्रेस आज भी उन्हीं की वंदना कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी आत्ममंथन करने के बजाय केवल बयानबाजी में व्यस्त है। इस दौरान उन्होंने राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। मंत्री अग्रवाल ने कहा कि भाजपा का सबसे बड़ा प्रचारक राहुल गांधी हैं, क्योंकि उनकी राजनीति और बयानबाजी से भाजपा को ही फायदा मिलता है।
लखनऊ के 35वीं वाहिनी पीएसी स्थित शहीद भगत सिंह तरणताल में 26वीं अंतरवाहिनी पीएसी मध्य जोन तैराकी एवं क्रॉसकंट्री प्रतियोगिता-2026 का समापन हुआ। इस प्रतियोगिता में 32वीं वाहिनी पीएसी लखनऊ ने 177 अंक हासिल कर ओवरऑल चैंपियनशिप जीती। टीम ने तैराकी, वाटरपोलो और क्रॉसकंट्री की चल वैजयंती ट्रॉफी अपने नाम की। गोताखोरी की ट्रॉफी 35वीं वाहिनी पीएसी लखनऊ को मिली। समापन समारोह में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स के पुलिस अधीक्षक चक्रेश मिश्रा ने विजेता खिलाड़ियों और टीमों को ट्रॉफी देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर आयोजन सचिव और 35वीं वाहिनी के सेनानायक अमित कुमार ने मुख्य अतिथि को स्मृति चिन्ह भेंट किया। 32वीं वाहिनी के विवेक सिंह को ‘सर्वश्रेष्ठ तैराक’ चुना प्रतियोगिता के अंतिम दिन कई व्यक्तिगत स्पर्धाओं में खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। 32वीं वाहिनी के विवेक सिंह को ‘सर्वश्रेष्ठ तैराक’ चुना गया। उन्होंने 50 मीटर ब्रेस्ट स्ट्रोक और 400 मीटर व्यक्तिगत मिडले स्पर्धा में पहला स्थान प्राप्त किया। क्रॉसकंट्री में विजय प्रताप को ‘सर्वश्रेष्ठ धावक’ का खिताब मिला, जबकि गोताखोरी में 35वीं वाहिनी के अशोक सिंह ‘सर्वश्रेष्ठ गोताखोर’ बने। वाटरपोलो के फाइनल मुकाबले में 32वीं वाहिनी पीएसी लखनऊ ने 35वीं वाहिनी पीएसी लखनऊ को 4-1 से हराकर खिताब जीता। इस जीत में विवेक सिंह, राजेन्द्र प्रसाद, अनिल सिंह और अरविन्द कुमार यादव ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। फ्री स्टाइल में दिनेश कुमार सिंह का पहला स्थान प्रमुख स्पर्धाओं में 50 मीटर फ्री स्टाइल में दिनेश कुमार सिंह पहले और राम जग कुमार दूसरे स्थान पर रहे। 1500 मीटर फ्री स्टाइल में अनिल सिंह ने जीत हासिल की, वहीं हाई बोर्ड डाइविंग में अशोक सिंह विजेता बने। 4x100 मीटर फ्री स्टाइल रिले में 32वीं वाहिनी की टीम ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। समापन समारोह में धर्मेंद्र सिंह यादव, रणजीत सिंह यादव, सुबोध कुमार जायसवाल सहित पुलिस विभाग के कई अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।
यूपी में 19 पीसीएस अफसरों के हुए तबादले:SDM पत्नी से विवादों में रहे अनुपम मिश्रा बने UPPSC उप सचिव
यूपी सरकार ने शुक्रवार देर रात 19 पीसीएस अधिकारियों का तबादला कर दिया। कई अफसरों की नई तैनाती अलग-अलग जिलों और विभागों में की गई है। आलोक कुमार वर्मा को वाराणसी मंडल में अपर आयुक्त बनाया गया है। सृष्टि धवन को सुल्तानपुर का मुख्य राजस्व अधिकारी (CRO) नियुक्त किया गया है। सुशील प्रताप सिंह को लखनऊ के भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय में कुलसचिव की जिम्मेदारी दी गई है। दुर्गेश मिश्रा को गोरखपुर नगर निगम में अपर नगर आयुक्त बनाया गया है। मनोज कुमार सिंह को उन्नाव का नगर मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया है। चंदौली के एसडीएम अनुपम मिश्रा को उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग में उप सचिव बनाया गया है। वे हाल ही में अपने पारिवारिक विवाद को लेकर चर्चा में भी रहे थे। यहां देखें पूरी लिस्ट पत्नी से विवाद को लेकर चर्चा में आए थे एसडीएम अनुपम मिश्रा चंदौली में तैनात एसडीएम अनुपम मिश्रा को उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग, प्रयागराज में उप सचिव के पद पर तैनात किया गया है। हाल ही में अनुपम मिश्रा और उनकी पत्नी, एसडीएम दिव्या ओझा के बीच चल रहे पारिवारिक विवाद सुर्खियों में रहा था। दिव्या ओझा के पिता ने अपने दामाद अनुपम मिश्रा पर गंभीर आरोप लगाए थे। शिकायत में कहा गया था कि शादी झूठ बोलकर की गई थी और अनुपम मिश्रा जन्मजात नपुंसक थे। आरोप है कि जब उनकी बेटी ने इस पर सवाल उठाया तो उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट की गई थी। साथ ही दहेज में 20 करोड़ रुपये मांगे। पिता ने दामाद पर दहेज उत्पीड़न, जान से मारने की कोशिश और अश्लील वीडियो बनाकर वायरल करने की धमकी देने के आरोप भी लगाए थे। इस मामले में प्रतापगढ़ के महिला थाने में केस दर्ज कराया गया था। भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय, लखनऊ की कुलसचिव डॉ. सृष्टि धवन का तबादला हो गया है। उन्हें सुल्तानपुर का मुख्य राजस्व अधिकारी (CRO) बनाया गया है। डॉ. सृष्टि धवन एक अनुभवी प्रशासनिक अधिकारी हैं। वे खेलों में भी सक्रिय रहती हैं। अखिल भारतीय सिविल सेवा प्रतियोगिता में 200 मीटर तैराकी में कांस्य पदक जीत चुकी हैं। मेरठ एडीएम सिटी का तबादला रोका गया प्रशासनिक कारणों के चलते मेरठ के एडीएम (नगर) बृजेश कुमार सिंह का प्रस्तावित तबादला रोक दिया गया है। उन्हें वर्तमान पद पर ही यथावत बनाए रखा गया है। बृजेश कुमार सिंह हाल ही में उस समय सुर्खियों में आए थे, जब मेरठ में नगर निगम के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे पार्षदों और ग्रामीणों के साथ उनकी तीखी नोकझोंक हो गई थी। इस घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें भीड़ और एडीएम सिटी के बीच बहस दिखाई दी। बहस के दौरान एडीएम सिटी की ओर से कथित तौर पर तीखी टिप्पणी भी सुनाई दी, जिसमें उन्होंने कहा- अभी तू मुझे जानता नहीं, 2 मिनट में उठा दूंगा, दिमाग खराब है क्या, मुझे तरीका सिखाएगा। जिसके बाद यह मामला और अधिक सुर्खियों में आ गया। …………………………… ये खबर भी पढ़ें… यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने मोदी को अपशब्द कहे:महोबा में दुष्कर्म पीड़ित से मिले; योगी बोले- ये माफी मांगने लायक भी नहीं यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपशब्द कह रहे हैं। अजय राय शुक्रवार को महोबा में पुलिस को चकमा देते हुए कथित गैंगरेप और अपहरण पीड़ित NEET छात्रा से मिलने पहुंचे थे। पूरी खबर पढ़िए…
AIIA और CIMAP के बीच MoU पर चर्चा:लखनऊ में आयुर्वेद को वैज्ञानिक आधार देने की तैयारी
लखनऊ में आयुर्वेद को वैज्ञानिक आधार प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA) और सीएसआईआर-केंद्रीय औषधीय एवं सगंध पौधा संस्थान (सीमैप) के बीच सहयोगात्मक अनुसंधान को लेकर शुक्रवार को सीमैप परिसर में एक बैठक आयोजित की गई। इस दौरान दोनों संस्थानों के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) तैयार करने पर चर्चा हुई। बैठक में AIIA के निदेशक प्रो. वैद्य प्रदीप कुमार प्रजापति और वैद्य विवेक अग्रवाल, साथ ही सीमैप के निदेशक डॉ. प्रबोध कुमार त्रिवेदी सहित कई वैज्ञानिक और शोधकर्ता उपस्थित थे। दोनों संस्थानों ने आयुर्वेद को आधुनिक वैज्ञानिक प्रमाणों के साथ जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया। हर्बल फॉर्मूलेशन पर संयुक्त अनुसंधान किया जाएगा प्रस्तावित समझौते के तहत, आयुर्वेदिक दवाओं और हर्बल फॉर्मूलेशन पर संयुक्त अनुसंधान किया जाएगा। सीमैप प्री-क्लिनिकल परीक्षणों की जिम्मेदारी संभालेगा, जबकि क्लिनिकल ट्रायल AIIA नई दिल्ली में आयोजित किए जाएंगे। विशेष रूप से, फैटी लिवर, गट-लिवर रोग और रूमेटॉइड आर्थराइटिस जैसी बीमारियों पर शोध केंद्रित रहेगा। चर्चा के दौरान हाइड्रो-अल्कोहलिक अर्क आधारित आयुर्वेदिक उत्पादों के वैज्ञानिक प्रमाणीकरण पर भी विचार-विमर्श हुआ। इसके अतिरिक्त, इम्यूनोमॉड्यूलेटरी पैरामीटर्स और NAFLD (नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर रोग) से जुड़े मार्करों का मूल्यांकन भी प्रस्तावित क्लिनिकल ट्रायल का हिस्सा होगा। सामग्री के व्यावसायीकरण पर भी कार्य किया जाएगा दोनों संस्थानों ने दुर्लभ और विलुप्तप्राय औषधीय पौधों के संरक्षण और संवर्धन पर भी सहमति व्यक्त की। उन्नत टिश्यू कल्चर तकनीक और नियंत्रित खेती के माध्यम से इन पौधों को बढ़ावा दिया जाएगा। विंध्याचल क्षेत्र के औषधीय पौधों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। सीमैप द्वारा विकसित अश्वगंधा और कालमेघ जैसी प्रमाणित संदर्भ सामग्री के व्यावसायीकरण पर भी कार्य किया जाएगा। इसके साथ ही, छात्र विनिमय और प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को अनुसंधान से जोड़ने की योजना बनाई गई है।
लखनऊ में पांच कालिदास मार्ग से जनगणना 2027 के पहले चरण की शुरुआत हो गई है। इसमें मकानों की गिनती और जानकारी जुटाने का काम किया जा रहा है। इसके साथ ही लोगों की मदद और शिकायतों के समाधान के लिए नगर निगम ने शहर के सभी 8 जोनों में कंट्रोल रूम बनाए हैं। नगर आयुक्त गौरव कुमार ने बताया कि ये कंट्रोल रूम 22 मई से 20 जून 2026 तक सुबह 8 बजे से शाम 6 बजे तक काम करेंगे। यहां लोग जनगणना से जुड़ी किसी भी समस्या, शिकायत या जानकारी के लिए सीधे फोन कर सकते हैं। लोगों से अपील है कि जनगणना देश के लिए जरूरी काम है। अगर किसी को घर आने वाले कर्मचारी पर शक हो या कोई दिक्कत हो तो तुरंत अपने जोन के कंट्रोल रूम पर संपर्क करें। उन्होंने कहा कि सभी कर्मचारियों के पास नगर निगम का फोटो वाला पहचान पत्र होगा और यह काम पूरी तरह मुफ्त है। शक होने पर करें शिकायत नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि इस काम के लिए शहर में 6270 कर्मचारी और 1049 सुपरवाइजर लगाए गए हैं। सभी को पहले ट्रेनिंग दी गई है। पहले दिन कर्मचारियों ने घर-घर जाकर मकान की जानकारी, उसका इस्तेमाल और परिवार के लोगों की संख्या से जुड़ी जानकारी जुटानी शुरू कर दी। अपर नगर आयुक्त अभिनव रंजन श्रीवास्तव ने बताया कि यह काम शहर के सभी 8 जोनों और 110 वार्डों में चल रहा है। मुख्य कर निर्धारण अधिकारी अशोक सिंह और विनय कुमार राय ने जनप्रतिनिधियों के घर जाकर अभियान की शुरुआत कराई। जोनवार हेल्पलाइन नंबर जोन-1: आरिफ नकवी – 9415026695 जोन-2: अर्चना – 9044477306 जोन-3: अशीष चन्द्रा – 9305888263 जोन-4: विरेन्द्र कुमार – 7905873935 जोन-5: मनोज कुमार – 8318903325 जोन-6: मिर्जा इरसाद बेग – 8576067280 जोन-7: प्रवीन सिंह – 8299778548 जोन-8: आशुतोष गुप्ता – 9919476939
जनगणना के तहत स्वगणना का काम 21 मई को पूरा हो चुका है। 22 मई, शुक्रवार से मकानों की गणना शुरू हो गई। जिले में गोरखनाथ मंदिर से इसकी शुरूआत हुई। जिला जनगणना अधिकारी एवं ADM FR राजकुमार के साथ पहुंची जनगणना की टीम ने मंदिर के प्रधान पुजारी की उपस्थिति में वहां भवन क्रमांक 1 दर्ज किया। इसके साथ ही जिले में विभिन्न स्थानों पर टीमें मकान की गणना के लिए पहुंचीं। यहां रात में रुकने वाले पुजारियों की गणना भी की जाएगी। सभी प्रगणक सुबह ही अपने क्षेत्र में पहुंचे थे। वे लोगों के मकान पर गए और मकान मालिक की उपस्थिति में भवन क्रमांक दर्ज किया। प्रगणकों ने हाउस लिस्टिंग ब्लॉक में नजरी नक्शा बनाया और मकानों पर उसे दर्ज कर गणना शुरू की। गोरखनाथ मंदिर के साथ ही चिड़ियाघर को भी मकान के रूप में दर्ज किया जाएगा। चिड़ियाघर में नियमित रूप से रात बिताने वाले लोगों की गणना की जाएगी। धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों में मकान गणना की जा रही है। ऐसी तस्वीर वाट्स ग्रुप में साझा की जा रही है। इसी प्रकार जिला जेल, शहीद स्मारक, प्रमुख मस्जिद एवं निर्माणाधीन कार्य स्थलों में रात बिताने वाले लोग हैं, तो उसे भवन के रूप में दर्ज किया जाएगा और उसमें रहने वाले गिने जाएंगे।जिले की सात तहसील, नगर निगम के पांच जोन एवं 11 नगर निकायों में मकान गणना शुरू की गई। पहले दिन प्रगणकों के साथ मौके पर पहुंचे सुपरवाइजर ने प्रगणकों के साथ नजरी नक्शा बनवाया और उसके अनुसार एक किनारे से मकानों की गणना शुरू की गई। जिला जनगणना अधिकारी/ एडीएम वित्त एवं राजस्व जयप्रकाश ने कहा कि मकानों की गणना शुरू करा दी गई है। प्रगणकों को हुए अजीब अनुभव मकानों की गणना के लिए निकले प्रगणकों को अजीब अनुभव हुए। एक जनगणना प्रगणक ने बताया कि जब वह घर पर पहुंचे तो उन्हें घर के मालिक ने टैक्स वाला समझ लिया। प्रगणक ने जब अपना परिचय दिया तब वे मकान गणना के लिए तैयार हुए। इसी तरह भवन क्रमांक दर्ज करने पर भी कई तरह के सवालों के जवाब देने पड़े। लोगों को पूरा प्रॉसेस समझाया गया, तब वे मकानों पर भवन संख्या दर्ज कराने को तैयार हुए।
ग्रेटर नोएडा में कर्मचारी चयन आयोग (SSC) की ऑनलाइन परीक्षा में धांधली कराने वाले बड़े गिरोह का एसटीएफ ने भंडाफोड़ किया है। एसटीएफ नोएडा यूनिट ने नॉलेज पार्क स्थित बालाजी डिजिटल जोन परीक्षा केंद्र पर छापा मारकर मास्टरमाइंड समेत 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनके कब्जे से 50 लाख रुपए नकद, लैपटॉप, मोबाइल, राउटर और अभ्यर्थियों की सूची बरामद हुई है। एसटीएफ ने प्रदीप चौहान, मुजफ्फरनगर, अरुण कुमार, मथुरा, संदीप भाटी बुलंदशहर, निशांत राघव बुलंदशहर, अमित राणा बागपत, शाकिर मलिक बागपत, विवेक कुमार बुलंदशहर को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी SSC द्वारा आयोजित CAPF और SSF कांस्टेबल (GD) और असम राइफल्स में राइफलमैन भर्ती परीक्षा-2026 में हाईटेक तरीके से नकल करा रहे थे। STF के मुताबिक आरोपी परीक्षा केंद्र के सर्वर को बायपास कर प्रॉक्सी सर्वर के जरिए स्क्रीन शेयरिंग एप्लिकेशन से बाहर बैठे सॉल्वर से पेपर हल करा रहे थे।
कोरबा जिले में आए तेज आंधी-तूफान के कारण एक युवक की मौत हो गई। यह घटना दीपका थाना क्षेत्र के बतारी गांव में हुई, जहां घर का सीट उड़ने से ईंट युवक के सीने पर गिरी। मृतक की पहचान 35 वर्षीय उत्तम सिंह चौहान निवासी बतारी के रूप में हुई है। आंधी इतनी तेज थी कि घर का सीट उड़ गया और दीवार का एक हिस्सा गिर गया। मलबे में दबी एक ईंट सीधे उत्तम के सीने पर जा लगी। गंभीर रूप से घायल उत्तम को परिजन तत्काल जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले गए। डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया, लेकिन सीने पर गंभीर चोट के कारण उसकी मौत हो गई। अस्पताल से मिले मेमो के आधार पर जिला अस्पताल चौकी पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। शुरुआत में मृतक के ससुराल वालों ने घटना पर संदेह जताया था और सीने पर चोट के निशान देखकर हत्या का आरोप लगा रहे थे। पुलिस ने सभी पहलुओं पर जांच की। पूछताछ और घटनास्थल के निरीक्षण के बाद यह स्पष्ट हुआ कि यह हादसा आंधी-तूफान के कारण हुआ था। तेज हवा से सीट उड़ने और दीवार गिरने की पुष्टि आसपास के लोगों ने भी की। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी चोट आंधी से गिरे मलबे के कारण लगना पाया गया है। उत्तम सिंह चौहान शादी के बाद बांकी मोंगरा के भेजिनारा गांव स्थित ससुराल में रहते थे। कुछ दिन पहले ही वे अपने गृहग्राम बतारी आए हुए थे। उनके पिता गुरुवार सिंह कुछ दिन पहले ही एसईसीएल से रिटायर हुए हैं। उत्तम की पत्नी गंगाबाई और एक बेटा है। पुलिस ने फिलहाल मर्ग कायम कर सभी बिंदुओं पर जांच जारी रखी है। इस बीच, मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे में फिर तेज आंधी-तूफान की चेतावनी जारी की है।
निफ्ट पटना में आज ग्रेजुएशन शोकेस 2026 का आयोजन किया गया। स्टूडेंट्स ने अपने डिजाइन, तकनीकी कौशल और उद्योग अनुभव का शानदार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में बिहार सरकार की उद्योग एवं खेल मंत्री श्रेयसी सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। उन्होंने सभी प्रदर्शनी का अवलोकन कर विद्यार्थियों के कार्यों की सराहना की और कहा कि बिहार के युवा अब फैशन, डिजाइन और क्रिएटिव उद्योग में भी नई पहचान बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि निफ्ट जैसे संस्थान युवाओं को केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर बनने का अवसर भी दे रहे हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने नवाचार और रचनात्मक सोच के माध्यम से भारत के फैशन उद्योग को वैश्विक स्तर तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया। देखें कार्यक्रम की कुछ तस्वीरें… विभिन्न विभागों के 179 विद्यार्थियों ने प्रस्तुत किए प्रोजेक्ट ग्रेजुएशन शोकेस 2026 में संस्थान के विभिन्न विभागों के कुल 179 स्नातक विद्यार्थियों की परियोजनाओं और रचनात्मक कार्यों को प्रदर्शित किया गया। इनमें फैशन डिजाइन (FD), टेक्सटाइल डिजाइन (TD), फैशन एंड लाइफस्टाइल एक्सेसरीज (FLA), फैशन कम्युनिकेशन (FC), बैचलर ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (BFTech) और फैशन मैनेजमेंट स्टडीज (FMS) विभाग शामिल रहे। विद्यार्थियों ने आधुनिक फैशन ट्रेंड, पारंपरिक भारतीय कला, सतत विकास (Sustainable Design), टेक्नोलॉजी आधारित डिजाइन और उद्योगोन्मुख उत्पादों को आकर्षक तरीके से प्रस्तुत किया। प्रदर्शनी में छात्रों की डिजाइन समझ, तकनीकी दक्षता और व्यावहारिक अनुभव की स्पष्ट झलक देखने को मिली। छात्रों की मेहनत और नए आइडियाज की हुई सराहना प्रदर्शनी में आए लोगों ने छात्रों की रचनात्मक सोच और मेहनत की काफी सराहना की। छात्रों ने अपने काम में पर्यावरण संरक्षण, नई तकनीक और बदलते फैशन ट्रेंड को भी शामिल किया। कई डिजाइन और प्रोजेक्ट्स ऐसे थे जो भविष्य के फैशन उद्योग के लिए काफी उपयोगी माने गए। फैशन डिजाइन विभाग के विद्यार्थियों ने नए परिधान संग्रह प्रस्तुत किए, जबकि टेक्सटाइल डिजाइन विभाग ने कपड़ों की नई बनावट और प्रिंट तकनीकों को प्रदर्शित किया। फैशन कम्युनिकेशन और मैनेजमेंट स्टूडेंट्स ने दिखाए शानदार डिजाइन्स वहीं फैशन कम्युनिकेशन और फैशन मैनेजमेंट विभाग के छात्रों ने ब्रांडिंग, डिजिटल प्रस्तुति और बाजार रणनीति से जुड़े प्रोजेक्ट्स के जरिए अपनी क्षमता दिखाई। निफ्ट पटना के निदेशक कर्नल राहुल शर्मा ने कहा, निफ्ट पटना विद्यार्थियों को उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षण देकर उन्हें भविष्य के लिए तैयार कर रहा है। उन्होंने बताया कि संस्थान का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल अकादमिक ज्ञान देना नहीं, बल्कि उन्हें व्यावहारिक अनुभव, नवाचार और उद्योग से जुड़ी वास्तविक चुनौतियों के लिए सक्षम बनाना है। ग्रेजुएशन शोकेस इसी सोच का जरूरी हिस्सा है।
रायपुर में पानी की समस्या को लेकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री सुबोध हरितवाल के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल नगर निगम जोन क्रमांक 01 पहुंचा। कांग्रेस नेता सुबोध हरितवाल ने जोन कमिश्नर से जनता की समस्याओं को लेकर तत्काल समाधान की मांग की। सुबोध हरितवाल ने बताया कि रायपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के जोन-01 के कई वार्डों में पानी की गंभीर समस्या बनी हुई है, जिससे लोगों को काफी परेशानी हो रही है। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में पानी की समस्या और भी बढ़ जाती है, इसलिए इसे तुरंत ठीक किया जाना जरूरी है। कई वार्डों में पानी की समस्या से लोग परेशान प्रतिनिधिमंडल ने कई समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं, जिनमें तिलक नगर, अंबेडकर नगर, मस्जिद के पीछे, कृष्णा नगर सेक्टर-3, मुर्रा भट्टी गुढ़ियारी, जनता कॉलोनी और वार्ड 18 बाजार पारा शामिल हैं। इन इलाकों में कहीं टंकी का पानी नहीं पहुंच रहा है तो कहीं बोरिंग सूख चुकी है। लोगों का कहना है कि पाइपलाइन बिछाने और कनेक्शन लेने के बाद भी पानी नहीं मिल रहा है, जबकि टैक्स भी नियमित रूप से लिया जा रहा है। इसके अलावा बंद पड़े बोर और पाइपलाइन सुधार की भी मांग की गई। ओपन जिम के मेंटेनेंस की भी मांग प्रतिनिधिमंडल ने जोन के सभी गार्डनों में लगे ओपन जिम के मेंटेनेंस की भी मांग की। सुबोध हरितवाल ने कहा कि अगर 24 घंटे में पानी की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो कांग्रेस आंदोलन करेगी। जोन कमिश्नर ने समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए 24 घंटे के भीतर व्यवस्था सुधारने का आश्वासन दिया है।
सीकर में NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने कहा- केंद्र सरकार और CJI सब मिले हुए हैं। प्रधानमंत्री ने पेट्रोल-डीजल बचाने की अपील की तो CJI साइकिल पर निकल पड़े। जाखड़ ने कहा- देश के CJI केंद्र सरकार को प्रमोट कर रहे हैं। सीकर में NEET पेपर रद्द होने के विरोध में शुक्रवार को कांग्रेस ने प्रदर्शन किया। इसमें शामिल होने आए विनोद जाखड़ ने यह कहा। उन्होंने कहा- जब डॉ. मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री थे, तब भी आर्थिक मंदी आई थी। सरकार ने किसी को गहने खरीदने और देश से बाहर जाने से मना नहीं किया था। वहीं पेट्रोल-डीजल बचाने के लिए भी नहीं कहा था। जाखड़ ने कहा- केंद्र सरकार के पास कोई पॉलिसी नहीं है। केंद्र सरकार पूरी तरह विफल है और दोस्तों के लिए काम कर रही है। देखें आक्रोश मार्च के PHOTOS… आक्रोश मार्च निकाला सीकर में NSUI जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश और प्रदेश मंत्री महेश चौधरी के नेतृत्व में पिपराली सर्किल से CLC चौक तक आक्रोश मार्च निकाला गया। इस दौरान एडिशनल ASP डॉ. तेजपाल सिंह और DSP संदीप सिंह के नेतृत्व में 7 थानों का पुलिस जाब्ता और RAS जवानों के साथ बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। विनोद जाखड़ ने कहा- केंद्र सरकार ने देश के सारे जंगल काट दिए। केंद्र सरकार पारदर्शी एग्जाम नहीं करवा पा रही है। केंद्र सरकार रोजगार देने में कामयाब नहीं है। युवाओं को कीड़ा-मकोड़ा समझती है तो अब ये कीड़े-मकोड़े सरकार से अपना अधिकार लेंगे और दीमक की तरह सरकार को चट कर जाएंगे। जाखड़ ने कहा- NTA बनी भ्रष्टाचार का अड्डा आक्रोश मार्च में विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। NEET पेपर रद्द से आहत होकर सुसाइड करने वाले स्टूडेंट्स को CLC चौक पर कैंडल जलाकर श्रद्धांजलि दी गई। विनोद जाखड़ ने कहा- राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी NTA अब भ्रष्टाचार का अड्डा बन गई है, इसलिए इसे भंग करके नई एजेंसी से राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाएं करवाई जानी चाहिए। पिछले 10 साल में 89 बार पेपर लीक हो चुके हैं। 10 दिन में केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं लिया गया तो हजारों छात्रों के साथ कूच किया जाएगा और केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के घर का घेराव किया जाएगा। यूथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष की गाड़ी निकली रॉन्ग साइड आक्रोश मार्च के दौरान ज्यादा भीड़ होने के कारण ट्रैफिक को डायवर्ट किया गया। इसी बीच यूथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष की फाॅर्चूनर राॅन्ग साइड से गुजरने लगी तो पुलिसकर्मियों ने गाड़ी को रोक दिया। गाड़ी के दोनों साइड पैडस्टल पर युवक सवार थे। पुलिस ने युवकों को उतारा फिर गाड़ी को रवाना किया।
उज्जैन में खाद्य सुरक्षा विभाग ने नाना खेड़ा बस स्टैंड स्थित एक केक शॉप पर आज शुक्रवार देर रात कार्रवाई की। इस दौरान दुकान से फंगस लगा केक और एक्सपायर्ड नॉन-अल्कोहलिक स्पार्कलिंग बेवरेज की बोतलें जब्त की गईं। विभाग ने सभी सामग्री के नमूने जांच के लिए भेजे हैं। यह कार्रवाई एक सामाजिक कार्यकर्ता की शिकायत के बाद की गई। शिकायतकर्ता विभाग के पास फंगस लगा केक लेकर पहुंचे थे। जांच के दौरान अधिकारियों ने केक में अनियमितता पाई, जिसके बाद उसे तुरंत जब्त कर लिया गया। टीम को दुकान के फ्रिज गंदे और अस्वच्छ मिले, जिससे खाद्य सामग्री में फंगस पनपने की आशंका जताई गई। इसके अतिरिक्त, दुकान में रखी कई नॉन-अल्कोहलिक स्पार्कलिंग बेवरेज की बोतलें अपनी एक्सपायरी डेट पार कर चुकी थीं। विभाग ने इन पेय पदार्थों के भी नमूने लिए हैं। अधिकारियों ने यह भी पाया कि दुकान पर फूड लाइसेंस प्रदर्शित नहीं किया गया था, जो नियमों का उल्लंघन है। यह दुकान इंदौर की एक फ्रेंचाइज़ी बताई जा रही है। कार्रवाई के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारी बसंत दत्त शर्मा और बी.एस. देवलिया सहित टीम के सदस्य मौजूद रहे। फिलहाल सभी जब्त किए गए नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद संबंधित दुकान संचालक के खिलाफ अभियोजन और लाइसेंस निलंबन जैसी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कोटा में आबकारी विभाग ने अवैध शराब से भरे एक ट्रक को पकड़ा है। ट्रक से 796 पेटियां जब्त की गईं, जिनमें 25,440 पव्वे और 2,394 बोतलें शामिल हैं। बरामद शराब की अनुमानित कीमत लगभग 69 लाख 73 हजार रुपए बताई जा रही है। कार्रवाई के दौरान आबकारी टीम ने ट्रक ड्राइवर को मौके से गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई शुक्रवार शाम आबकारी आयुक्त राजस्थान, उदयपुर के निर्देश पर विशेष अभियान के तहत की गई।अतिरिक्त आबकारी आयुक्त प्रदीप सिंह सांगावत और नरेश कुमार मालव के निर्देशन में जिला आबकारी अधिकारी सरिता के नेतृत्व में नेशनल हाईवे-52 स्थित नया टोल प्लाजा गोपालपुरा, थाना मण्डाना क्षेत्र में नाकाबंदी की गई। नाकाबंदी के दौरान हरियाणा नंबर के एक टाटा ट्रक से फॉर सेल इन हरियाणा ओनली लिखी विभिन्न ब्रांड की अंग्रेजी शराब बरामद की गई। विभाग अब शराब की सप्लाई चेन और तस्करी नेटवर्क की जांच में जुट गया है। इस पूरी कार्रवाई में आबकारी निरीक्षक प्रदीप सिंह मीना, प्रहराधिकारी हंसराज मीना, अमर सिंह सहित आबकारी निरोधक दल की टीम मौजूद रही।
जालंधर कमिश्नरेट पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस और एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) ने एक संयुक्त ऑपरेशन के दौरान एक संदिग्ध युवक को बिना नंबर की मोटरसाइकिल और एक जिंदा हैंड ग्रेनेड के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान रमणदीप सिंह उर्फ रमनी के रूप में हुई है, जो मूल रूप से तरनतारन का रहने वाला है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर अदालत से 5 दिन का रिमांड हासिल कर लिया है, ताकि उसके पूरे आपराधिक नेटवर्क और हथियारों की सप्लाई चेन का भंडाफोड़ किया जा सके। आरोपी की हुई पहचान पकड़े गए आरोपी की पहचान रमणदीप सिंह उर्फ रमनी के रूप में की गई है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, वह मूल रूप से घड़के लुहारां (थाना चोहला साहिब, जिला तरनतारन) का निवासी है। हालांकि, वह अपनी पहचान छिपाकर या ठिकाना बदलकर पिछले कुछ समय से जालंधर के बस्ती शेख इलाके में रह रहा था। उच्च अधिकारियों की निगरानी में हुआ ऑपरेशनपुलिस कमिश्नर धनप्रीत कौर ने इस सफल ऑपरेशन की जानकारी देते हुए बताया कि यह पूरी कार्रवाई एक सुनियोजित तरीके से की गई। यह ऑपरेशन DCP इन्वेस्टिगेशन मनप्रीत सिंह ढिल्लों, ADCP सिटी-2 राकेश कुमार यादव और ACP वेस्ट आतिश भाटिया की सीधी निगरानी में थाना डिवीजन नंबर-5 की टीम द्वारा अंजाम दिया गया। इस गुप्त ऑपरेशन में काउंटर इंटेलिजेंस और AGTF की टीमों ने भी मुख्य रूप से सहयोग किया। मुखबिर की सूचना पर नहर पुली के पास घेराबंदीपुलिस अधिकारियों ने बताया कि 22 मई को इंस्पेक्टर यादविंदर सिंह अपनी टीम के साथ काला संघियां रोड पर कोट सदीक नहर पुली के पास चेकिंग के लिए मौजूद थे। इसी दौरान एक मुखबिर ने पुलिस को पक्का इनपुट दिया कि एक संदिग्ध युवक बिना नंबर की मोटरसाइकिल पर सवार होकर इसी इलाके में घूम रहा है और उसके पास संदिग्ध सामान हो सकता है। तलाशी के दौरान बरामद हुआ हैंड ग्रेनेडसटीक सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत अलर्ट हो गई और घेराबंदी कर दी। जैसे ही संदिग्ध युवक वहां से गुजरा, पुलिस ने उसे रोक लिया। जब पुलिसकर्मियों ने उसकी और उसकी बिना नंबर वाली मोटरसाइकिल की गहनता से तलाशी ली, तो उसके पास से एक जिंदा हैंड ग्रेनेड बरामद हुआ। ग्रेनेड मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और आरोपी को तुरंत हिरासत में ले लिया गया। गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज, 5 दिन का रिमांड इस गंभीर मामले को देखते हुए पुलिस ने आरोपी रमणदीप सिंह के खिलाफ थाना डिवीजन नंबर-5 में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 61(2) और एक्सप्लोसिव सब्सटेंस एक्ट 1908 की धारा 4 व 5 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। इसके बाद आरोपी को स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहाँ से माननीय अदालत ने पुलिस को आरोपी का 5 दिन का पुलिस रिमांड मंजूर कर दिया है। फिलहाल, पुलिस की विशेष टीमें आरोपी रमनी से कड़ाई से पूछताछ कर रही हैं। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उसके तार किन-किन अपराधियों या देश विरोधी तत्वों से जुड़े हैं। जांच का मुख्य फोकस इस बात पर है कि उसे यह हैंड ग्रेनेड कहाँ से सप्लाई हुआ था, इस नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल हैं तथा वह जालंधर में किस बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में था।
हरियाणा के गुरुग्राम में रैपिड मेट्रो ट्रेन बीच रास्ते ही बंद हो गई। काफी देर तक यात्री इसमें फंसे रहे। पावर न आने के बाद यात्रियों को ट्रैक पर ही निकाला गया। इसके बाद यात्रियों को पैदल ही ट्रैक पर चलकर स्टेशन पहुंचना पड़ा। इस दौरान स्टेशन पर ब्लैकआउट रहा। अब इस घटना से जुड़ी एक वीडियो भी सामने आई है, जिसमें यात्री ट्रैक की रेलिंग पकड़कर गुजरते दिख रहे हैं। आसपास भी काफी अंधेरा नजर आ रहा है। कुछ यात्री मोबाइल की टॉर्च जलाकर ट्रैक पर चले। बिजली निगम के अधिकारियों का कहना है कि टेक्निकल फाल्ट से बिजली आपूर्ति में दिक्कत हुई है। अल्टरनेटिव सोर्स से आपूर्ति शुरू करने की कोशिश की जा रही है। इस दौरान शहर के विभिन्न चौक- चौराहों पर सिग्नल लाइट भी बंद रही। ट्रांसफॉर्मर फुंकने से बिजली कट हुआ गुरुग्राम के सेक्टर-72 स्थित 220 KVA सब- स्टेशन का मुख्य ट्रांसफॉर्मर फुंक गया। शुक्रवार को इससे आसपास की बिजली व्यवस्ता चरमरा गई। ट्रासफॉर्मर फुंकने की वजह से गुरुग्राम के 7 मेन बिजलीघर की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। 7 सेक्टरों की सप्लाई ठप ट्रांसफार्मर जलने से सेक्टर- 15, 38, 44, 46, 52, 56 और मारुति स्थित बिजलीघरों की सप्लाई पूरी तरह से ठप हो गई। इसके कारण सेक्टर- 38 से सेक्टर- 57 तक, सेक्टर- 15 के पार्ट- 1 और 2, और सेक्टर-18 एरिया में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। इस ब्लैकआउट से हजारों घर प्रभावित हुए हैं। रास्ते में थमी मेट्रो, यात्री पैदल चले गुरुग्राम के DLF से सेक्टर- 54 तक रैपिड मेट्रो सर्विस करीब एक घंटे तक प्रभावित रही। रात करीब 9 बजे जो ट्रेन जहां थी, वहीं खड़ी हो गई। डीएलएफ स्टेशन के पास मेट्रो रुकने के बाद यात्रियों को पैदल ही स्टेशन तक भेजा गया। गुरुग्राम में रैपिड मेट्रो रूट करीब 13 किलोमीटर लंबा है, जिसमें 11 स्टेशन पड़ते हैं। बिजली कट के कारण सभी स्टेशन पर मेट्रो प्रभावित रही। वीकेंड होने के कारण शुक्रवार को मेट्रो में अधिक भीड़ रही। मरम्मत में लगेंगे 8 से 10 घंटे बिजली विभाग के अधिकारी और इंजीनियरों की टीम मौके पर पहुंची है। अधिकारियों का कहना है कि ट्रांसफॉर्मर बुरी तरह जला है, जिसे पूरी तरह ठीक करने या बदलने में 8 से 10 घंटे का समय लग सकता है। प्रभावित इलाकों में अल्टरनेटिव सोर्स से बिजली देने की कोशिश की जा रही है। दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम गुरुग्राम के पीआरओ संदीप चुघ का कहना है कि ट्रांसफार्मर में टेक्निकल फाल्ट होने की वजह से बिजली की सप्लाई में दिक्कत हुई है। शहर के कई हिस्सों में बिजली कट हुआ है। गुरुग्राम में 42 डिग्री तापमान रहा हरियाणा में शुक्रवार को सिरसा में अधिकतम तापमान 45.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा रोहतक में 45.5 डिग्री, हिसार में 44.3 डिग्री, अंबाला में 44.2 डिग्री और नारनौल में 44.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। वहीं गुरुग्राम में 42.6 डिग्री अधिकतम तापमान रहा। ------------ यह खबर भी पढ़ें… हरियाणा में दिन में लू, रातें भी हुईं गर्म हरियाणा में शुक्रवार को औसत न्यूनतम तापमान में 0.8 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई, लेकिन यह अब भी सामान्य से 1.8 डिग्री अधिक बना हुआ है। प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान रोहतक में 22.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। (पूरी खबर पढ़ें)
दिनभर में बछड़ों पर तेंदुए के दो हमले:बड़वानी के बगूद, एकलरा में मूवमेंट, ग्रामीणों में दहशत
बड़वानी में नर्मदा किनारे बसे गांवों में तेंदुओं की बढ़ती हलचल ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। पिछले 24 घंटों में बगूद और एकलरा जैसे इलाकों में तेंदुए ने बछड़ों पर हमला किया है। वन विभाग ने इन घटनाओं की पुष्टि की है और प्रभावित परिवारों को मुआवजा दिलाने के साथ ही निगरानी बढ़ाने का भरोसा दिया है। शुक्रवार को बगूद गांव में लूमका बाई के घर के पास बंधे एक बछड़े पर तेंदुए ने हमला कर दिया। गनीमत रही कि समय रहते ग्रामीणों ने शोर मचा दिया, जिससे तेंदुआ भाग निकला। हालांकि, इस हमले में बछड़ा बुरी तरह घायल हो गया। खबर मिलते ही रेंजर गुलाब सिंह बर्डे और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। सीसीटीवी में कैद हुआ शिकार का मंजर दूसरी घटना जिला मुख्यालय से महज दो किलोमीटर दूर एकलरा इलाके की है। यहां किसान भगवान यादव के फार्महाउस की ऊंची दीवार फांदकर तेंदुआ अंदर घुस गया और गाय के बछड़े को मार डाला। यह पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। वीडियो में दिख रहा है कि तेंदुआ शिकार को बाहर ले जाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन ऊंची दीवार की वजह से वह उसे ले जा नहीं पाया। खेतों में काम करने से डर रहे किसान नर्मदा किनारे के गांवों और बस्तियों में रात के वक्त जंगली जानवरों की आवाजाही बढ़ने से किसान डरे हुए हैं। उनका कहना है कि अब खेतों में रात को काम करना खतरनाक हो गया है। ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि रात के समय गश्त बढ़ाई जाए ताकि कोई बड़ा हादसा न हो। विभाग ने शुरू की जांच बड़वानी डीएफओ आशीष बनसोड़ ने बताया कि बगूद की घटना के पीड़ित को मुआवजा दिया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि छोटी कसरावद के पास भी तेंदुए के हमले का एक वीडियो शेयर हो रहा है, जिसकी जांच के लिए टीम भेज दी गई है। वन विभाग का अमला लगातार इलाके पर नजर रखे हुए है।
अररिया जिले में परमान नदी पर बना झमटा-महिषाकोल पुल धंस गया है। करीब 7 करोड़ 32 लाख रुपये की लागत से वर्ष 2022 में बने इस पुल का पाया धंसने से रेलिंग में दरारें आ गई हैं और पुल की संरचना कई जगह कमजोर हो गई है। इससे क्षेत्र में दहशत का माहौल है और लोगों को किसी बड़े हादसे की आशंका सता रही है। फिलहाल पुल पर आवाजाही जारी है, लेकिन उसकी स्थिति चिंताजनक बताई जा रही है। यह पिछले डेढ़ साल में जिले में पुल धंसने की चौथी घटना है। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने ग्रामीण कार्य विभाग की निर्माण गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कई गांवों के लिए लाइफलाइन है यह पुल206.72 मीटर लंबे इस पुल का निर्माण अररिया और फारबिसगंज प्रखंड के कई गांवों को जोड़ने के लिए किया गया था। पुल बनने के बाद लोगों को आवागमन में काफी राहत मिली थी और क्षेत्र के ग्रामीणों के लिए यह महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग बन गया था। लेकिन अब पुल के बीच का पाया धंसने के बाद इसकी मजबूती पर सवाल उठने लगे हैं। जिला पार्षद ने डीएम को भेजा वीडियो, विभाग ने शुरू की जांचक्षेत्रीय जिला पार्षद सबा फैसल ने पुल धंसने का वीडियो और आवेदन जिलाधिकारी विनोद दूहन को भेजकर मामले की जानकारी दी। इसके बाद ग्रामीण कार्य विभाग के सहायक अभियंता ने मौके पर पहुंचकर पुल का निरीक्षण किया और अपनी रिपोर्ट कार्यपालक अभियंता को सौंप दी है। विभाग की ओर से एहतियातन पुल पर भारी वाहनों के परिचालन पर रोक लगाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। इसके लिए बैरियर और चेतावनी बोर्ड लगाए जा रहे हैं, ताकि पुल पर दबाव कम किया जा सके। निर्माण के दौरान भी उठे थे गुणवत्ता पर सवालसामाजिक कार्यकर्ता फैसल जावेद यासीन ने बताया कि पुल निर्माण के दौरान भी कार्य की गुणवत्ता को लेकर कई बार शिकायत की गई थी। ग्रामीणों ने भी निर्माण में घटिया सामग्री इस्तेमाल होने का आरोप लगाते हुए काम रोकने की कोशिश की थी, लेकिन शिकायतों को नजरअंदाज कर निर्माण जारी रखा गया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य में भारी अनियमितता हुई, जिसका परिणाम अब पुल की जर्जर स्थिति के रूप में सामने आ रहा है। जिला पार्षद सबा फैसल ने डीएम से पुल की उच्चस्तरीय तकनीकी जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। कार्यपालक अभियंता बोले- डिफेक्ट लायबिलिटी पीरियड में है पुलग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंता चंद्रशेखर प्रसाद ने बताया कि पुल के पाया धंसने की जानकारी मिलने के बाद जांच कराई गई है। उन्होंने कहा कि झमटा-महिषाकोल पुल अभी डिफेक्ट लायबिलिटी पीरियड में है और संवेदक को पत्र भेजा जा रहा है। साथ ही सुरक्षा के मद्देनजर भारी वाहनों की आवाजाही रोकने की कार्रवाई की जा रही है। पहले भी सामने आ चुके हैं पुल धंसने के मामलेअररिया जिले में इससे पहले भी कई पुलों को लेकर गंभीर विवाद और हादसे सामने आ चुके हैं। नवंबर 2025 में फारबिसगंज प्रखंड के कौआचार में करीब 4 करोड़ रुपये की लागत से बना पुल धंस गया था। यह पुल वर्ष 2019 में बनाया गया था, लेकिन कुछ ही वर्षों में उसका पाया कमजोर पड़ गया। इसके अलावा 18 जून 2024 को सिकटी प्रखंड के पड़रिया घाट पर बकरा नदी पर बना 12 करोड़ रुपये का पुल उद्घाटन से पहले ही गिर गया था। पुल के तीन पिलर नदी में धंस गए थे और पूरी संरचना ध्वस्त हो गई थी। रानीगंज प्रखंड में खेत के बीच पुल निर्माण का मामला भी काफी चर्चा में रहा था, जिससे सरकार और विभाग दोनों की किरकिरी हुई थी। खास बात यह है कि जिले के इन सभी पुलों का निर्माण ग्रामीण कार्य विभाग की ओर से कराया गया था। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं के बाद अब विभाग की कार्यशैली और निर्माण गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
शिवहर के फतेहपुर थाना क्षेत्र में 7 वर्षीय बच्ची से कथित दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में पीड़िता का चाचा और एक पड़ोसी शामिल हैं। शिवहर पुलिस अधीक्षक शुभांक मिश्रा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि घटना 19 मई 2026 को हुई थी। इसकी सूचना महिला थाना को 21 मई 2026 को मिली, जिसके बाद महिला थाना कांड संख्या 24/26 के तहत संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल एफएसएल टीम को बुलाया गया। घटनास्थल से बच्ची के अंतःवस्त्र और एक बेडशीट बरामद की गई, जिस पर संदिग्ध सफेद तरल पदार्थ देखा गया। पुलिस ने सभी बरामद सामग्रियों को जांच के लिए सुरक्षित रखा है। मानवीय अनुसंधान के आधार पर छापेमारी महिला थाना पुलिस ने बच्ची की पहचान और आसपास के क्षेत्र में तकनीकी तथा मानवीय अनुसंधान के आधार पर छापेमारी की। इसके बाद दो आरोपियों, संजीव कुमार मिश्रा और अमरनाथ पांडेय को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, संजीव कुमार मिश्रा पीड़िता का चाचा है, जबकि अमरनाथ पांडेय पड़ोसी है। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई की जा रही है। बच्ची की सुरक्षा और देखभाल सुनिश्चित करने के लिए चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (CWC) से संपर्क किया गया है। पीड़िता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जा रही है। पुलिस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए आगे की जांच में जुटी हुई है।
अलवर में राठी मार्केट क्षेत्र में हवा के चलते 33 हजार केवी की विद्युत लाइन का झूलता तार एक कंटेनर से टकरा गया, जिससे कंटेनर में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पूरे कंटेनर को अपनी चपेट में ले लिया। आग की लपटें और धुआं दूर तक दिखाई देने लगा, जिससे आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। एमआईए औद्योगिक क्षेत्र स्थित हैवल्स इंडिया फैक्ट्री के गेट नंबर-4 के पास शुक्रवार शाम करीब 7 बजे यह बड़ा हादसा हो गया। अब देखिए, हादसे से जुड़ी PHOTOS… आग पर काबू पाया, जनहानि नहीं घटना की सूचना स्थानीय सरपंच मंगल सिंह चौधरी ने तुरंत रीको प्रशासन और दमकल विभाग को दी। सूचना मिलते ही रीको की दो दमकल मौके पर पहुंचीं। फायर अधिकारी बुलीराम गुर्जर ने टीम के साथ कड़ी मशक्कत कर आग पर काबू पाया। राहत की बात यह रही कि हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। खाली कंटेनर में लगी आग, जांच जारी फायर अधिकारी बुलीराम गुर्जर ने बताया- सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची और समय रहते आग बुझा दी गई। वहीं कंटेनर चालक ने बताया कि वह खाली कंटेनर लेकर बिलासपुर से अलवर स्थित हैवल्स कंपनी में लोडिंग के लिए आया था। गाड़ी फैक्ट्री गेट पर खड़ी कर वह एंट्री करवाने गया था। वापस लौटा तो कंटेनर आग की चपेट में आ चुका था और कुछ ही देर में पूरा कंटेनर जल गया। घटना की सूचना पर उद्योग नगर थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया। फिलहाल पुलिस और संबंधित विभाग हादसे के कारणों की जांच में जुटे हैं।
कृषि महाविद्यालय रायपुर का 66वां स्थापना दिवस शुक्रवार को उत्साह और गरिमा के साथ मनाया गया। इस मौके पर कॉलेज का वार्षिकोत्सव, छात्र संघ शपथ ग्रहण, पूर्व डीन सम्मान और एलुमनाई सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कॉलेज के फर्स्ट बैच के स्टूडेंट्स, पूर्व डीन, मौजूदा प्रोफेसर्स और विद्यार्थियों की तीन पीढ़ियां एक साथ नजर आईं। कुलपति ने दिलाई छात्र संघ पदाधिकारियों को शपथ कृषक सभागार में आयोजित कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय के कुलपति थे। उन्होंने नवगठित छात्र संघ के पदाधिकारियों को पद और अनुशासन की शपथ दिलाई। एमएससी कृषि सांख्यिकी विभाग की छात्रा पुण्य श्री ने अध्यक्ष और बीएससी फोर्थ ईयर की छात्रा अनुष्का चौरसिया ने उपाध्यक्ष पद की शपथ ली। कृषि शिक्षा और रिसर्च में बेहतर काम: डॉ. गिरीश चंदेल कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने कहा कि राज्य गठन के बाद विश्वविद्यालय ने कृषि शिक्षा, रिसर्च और एक्सटेंशन सेवाओं के क्षेत्र में लगातार बेहतर काम किया है। उन्होंने कहा कि कृषि महाविद्यालय रायपुर एक ऐतिहासिक संस्थान है, जहां से निकले छात्रों ने देशभर में कृषि और प्रशासनिक क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। डॉ. आरती गुहे ने बताया 66 साल का सफर कॉलेज की डीन ने स्वागत भाषण में कॉलेज के 66 साल के सफर और उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह संस्थान सिर्फ पढ़ाई का केंद्र नहीं, बल्कि कृषि नेतृत्व तैयार करने वाली मजबूत परंपरा का हिस्सा है। फर्स्ट बैच के छात्रों और पूर्व डीन का हुआ सम्मान समारोह में कॉलेज के फर्स्ट बैच के पूर्व छात्रों और रिटायर्ड प्रोफेसर्स डॉ. एम.आर.एच. सिद्धीकी, डॉ. आर.के. साहू और डॉ. वी.एन. साहू का सम्मान किया गया। वहीं पूर्व डीन डॉ. S.S. बघेल, डॉ. एम.एन. श्रीवास्तव, डॉ. ओ.पी. कश्यप, डॉ. एस.आर. पटेल, डॉ. एम.पी. ठाकुर, डॉ. के.एल. नंदेहा और डॉ. जी.के. दास को उनके शैक्षणिक और रिसर्च योगदान के लिए सम्मानित किया गया। अलग-अलग क्षेत्रों में सफल एलुमनाई हुए सम्मानित अलग-अलग क्षेत्रों में शानदार उपलब्धियां हासिल करने वाले एलुमनाई का भी सम्मान किया गया। इनमें रिटायर्ड आईजी अनिल कुशवाहा, संयुक्त संचालक कृषि और कॉलेज की फर्स्ट महिला स्टूडेंट गोपिका गबेल, मुख्य वन संरक्षक के.आर. बढ़ई, उद्यमी मनमोहन सिंह, प्रगतिशील किसान हर्ष चंद्राकर, संयुक्त संचालक कृषि आर.के. कश्यप और महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय दुर्ग के कुलसचिव यशवंत केराम शामिल रहे। पूर्व छात्रों ने शेयर किए अनुभव इस दौरान पूर्व छात्र अनिल कुशवाहा और के.आर. बढ़ई ने विद्यार्थियों से अपने अनुभव साझा करते हुए अनुशासन, समर्पण और लगातार मेहनत को सफलता की कुंजी बताया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने जीता दर्शकों का दिल कार्यक्रम के बाद आयोजित सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। विद्यार्थियों की रंगारंग प्रस्तुतियों पर सभागार तालियों से गूंज उठा। 1961 में हुई थी कॉलेज की स्थापना गौरतलब है कि कृषि महाविद्यालय रायपुर की स्थापना 22 मई 1961 को हुई थी। शुरुआती दौर में कॉलेज बैरन बाजार स्थित कवर्धा बाड़ा में संचालित होता था। वर्ष 1964 से इसका संचालन वर्तमान भवन में शुरू हुआ। फिलहाल यह कॉलेज के अंतर्गत संचालित हो रहा है।
उदयपुर पुलिस ने 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बुधवार रात को 8 से 10 बदमाश ने दुकान के बाहर बैठे युवकों पर फायरिंग की थी। जब 2 युवक वहां से बचकर भागने लगे तो आरोपियों ने उनका पीछा करके चाकू से हमला किया। पुलिस ने 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। बाकी साथियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें जांच में जुटी हैं। यह कार्रवाई घंटाघर थाना पुलिस ने की है। एसपी डॉ अमृता दुहन ने बताया कि आरोपी इरफान खान पठान, अरबाज खान और मोहम्मद हुसैन उर्फ मक्खी को गिरफ्तार किया है। बाकी 2 आरोपी मोहसिन और अर्जुन की तलाश कर जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। 5 दिन पहले अवैध पिस्टल मध्य प्रदेश से मंगवाई एसपी ने बताया कि आपसी रंजिश के तहत ये हमला किया गया। करीब 10-12 दिन पहले इरफान खान पठान की लडाई मोहसीन पिनोक्यो, सलमान और नाजिम से हुई थी। इरफान आई-20 कार से जा रहा था। उसे अकेला देख पिनोक्यो, सलमान और नाजिम ने गाडी रुकवाई और इरफान को धमकाया कि इस तरफ कभी मत आना। इससे पूर्व करीब डेढ़ माह पहले पिनोक्यो, नाजिम और सलमान सहित अन्य साथियों ने मिलकर इरफान खान को सुखाड़िया सर्कल पर घेरकर मारपीट की थी। इस रंजिश के चलते मोहसिन ने अपने साथी अर्जुन के साथ घटना से करीब 5 दिन पहले अवैध पिस्टल मध्य प्रदेश से मंगवाई। फिर इरफान, अरबाज, मोहसिन व अर्जुन ने मिलकर सलमान, नाजिम और मोहसिन पिनोक्यो को मारने का प्लान बनाया था। यह था मामला सिलावटवाड़ी निवासी सलमान, मोहसिन उर्फ पिनाक्यू, नाजिम बुधवार रात को मोहल्ले में एक दुकान के बाहर बैठे थे। तभी रात करीब 11 बजे दो बाइकों पर इमरान कुजड़ा की गैंग के हिस्ट्रीशीटर बड़ा मेवाती, मोहिन, करण सेन, हुसैन, इरदिश उर्फ छोटू समेत 8-10 बदमाश वहां आए और युवकों पर तीन फायर किए। सलमान के रीढ़ की हड्डी पर गोली लगी। मोहसिन और नाजिम बचकर भागने लगे तो बदमाशों ने पीछा कर उन पर चाकू से हमला कर दिया। मोहसिन के हाथ और पीठ पर चाकू लगा। नाजिम को भी मामूली चोटें आईं। अचानक हुई इस फायरिंग से इलाके में हड़कंप मच गया। घटना के बाद सभी आरोपी फरार हो गए थे।
उज्जैन पुलिस ने फर्जी फायरिंग के एक चर्चित मामले में फरार चल रहे बदमाश रौनक गुर्जर को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को एमआर-5 रोड से पकड़ा गया। उस पर 50 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस ने उसके पास से एक अवैध देसी कट्टा और जिंदा कारतूस भी बरामद किए हैं। जांच में सामने आया है कि फायरिंग की यह पूरी कहानी एक साजिश के तहत रची गई थी। चिमनगंज मंडी थाना पुलिस ने शुक्रवार शाम रौनक गुर्जर को एमआर-5 रोड क्षेत्र से दबोचा। पुलिस के अनुसार, रौनक गुर्जर पर विभिन्न जिलों में हथियार रखने, रंगदारी मांगने और मारपीट सहित 50 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। उस पर 10 हजार रुपये का इनाम भी घोषित था। गिरफ्तारी के बाद उसे घटनास्थल का निरीक्षण भी कराया और जुलूस निकाला गया। इस मामले की शुरुआत 12 अप्रैल को हुई थी। तब एक नाबालिग लड़के ने ढांचा बलभवन क्षेत्र में खुद पर फायरिंग होने का दावा करते हुए अस्पताल में भर्ती हो गया था। उसने पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई थी। शुरुआत में यह मामला गंभीर माना गया था। घटनास्थल से न खोखे मिले न कोई निशान हालांकि, स्टेट क्राइम ब्रांच की फॉरेंसिक जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए। घटनास्थल से न तो गोली के खोखे मिले और न ही गोली लगने के कोई निशान पाए गए। मेडिकल रिपोर्ट में भी यह स्पष्ट हुआ कि नाबालिग को लगी चोटें गोली की नहीं थीं, बल्कि उसे खुद पहुंचाई गई थीं। इसके बाद पुलिस को पूरी कहानी पर संदेह हुआ। पुलिस जांच में पता चला कि रौनक गुर्जर ने ही नाबालिग पर दबाव डालकर झूठी एफआईआर दर्ज करवाई थी। आरोपी ने गवाहों के बयान को गुमराह करने और मोबाइल से डिजिटल सबूत मिटाने का भी प्रयास किया था। चिमनगंज मंडी थाना प्रभारी विवेक कनोडिया ने बताया- फॉरेंसिक जांच के बाद पूरा मामला फर्जी साबित हुआ। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि रौनक गुर्जर एमआर-5 रोड पर आने वाला है। इसी सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने घेराबंदी कर आरोपी को सफलतापूर्वक गिरफ्तार कर लिया।
मोतिहारी के इंजीनियरिंग कॉलेज में छात्रा सिमी की संदिग्ध मौत के बाद कैंपस में सन्नाटा पसरा है। इस घटना से छात्रों में भय और मायूसी का माहौल है। छात्र आपस में सिमी की मौत के कारणों और जिम्मेदार लोगों पर चर्चा कर रहे हैं। जिनकी परीक्षाएं नहीं चल रही, उन्हें घर भेजा स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कॉलेज प्रशासन ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। प्रिंसिपल नवनीत कुमार ने बताया कि जिन छात्रों की परीक्षाएं नहीं चल रही हैं, उन्हें घर भेज दिया गया है। साथ ही, ऑनलाइन कक्षाएं संचालित करने का निर्देश दिया गया है। आदेश जारी होते ही छात्र अपना सामान लेकर घर के लिए रवाना हो गए। सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली रही पुलिस कैंपस में दिन भर पुलिस की गतिविधियां तेज रहीं। किसी भी अप्रिय घटना या हंगामे की आशंका को देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। मुफस्सिल थानाध्यक्ष सह प्रशिक्षु डीएसपी कुमारी प्रियंका दियो ने अपनी टीम के साथ कॉलेज में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, ताकि घटना से जुड़े अहम सुराग मिल सकें। इस मामले में छात्रा के पिता के आवेदन पर अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है। पुलिस ने इसी आधार पर जांच शुरू कर दी है और हर पहलू को ध्यान में रखते हुए मामले की छानबीन की जा रही है। प्रिंसिपल बोले-घटना के बाद छात्रों में भय का माहौल प्रिंसिपल ने बताया कि घटना के बाद छात्रों में भय का माहौल है, इसलिए एहतियातन कॉलेज को अस्थायी रूप से ऑनलाइन मोड में कर दिया गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि गर्मी की छुट्टियों के बाद छात्र सामान्य स्थिति में लौटेंगे और पढ़ाई सुचारू रूप से फिर से शुरू हो सकेगी।
रेवाड़ी में (एंटी करप्शन ब्यूरो एसीबी) टीम ने लाइसेंस क्लर्क अमरदीप को 4500 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगें हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी को छुट्टी के बाद देर रात अनाज मंडी से पकड़ा गया। वीरवार को एसीबी ने होमगार्ड के कमांडेंट सुधीर को 50 हजार रुपए की रिश्वत के साथ गिरफ्तार किया था। एसीबी की भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार दूसरे दिन बड़ी कार्रवाई से कर्मचारियों और अधिकारियों में हड़कंप मचा गया है। गौरव से मांगें थे 4700 रुपए जानकारी के अनुसार अमरजीत HKRN के तहत लाइसेंस ब्रॉच में क्लर्क के पद पर कार्यरत था। रेवाड़ी शहर के मोहल्ला छिपड़वाड़ा निवासी गौरव सैनी को लर्निंग ड्रइविंग लाइसेंस बनवाना था। इसके लिए वह लाइसेंस क्लर्क अमरजीत के संपर्क में आया। अमरजीत ने लाइसेंस बनाने के लिए 4700 रुपए की डिमांड की और 4500 रुपए में दोनों के बीच सौदा फिक्स हो गया। एसीबी को दी थी शिकायत दोनों के बीच बात फाइनल होने के बाद पैसे देने के लिए शुक्रवार को दिन तय हुआ। अमरजीत ने गौरव को पैसे देने के लिए छुट्टी के बाद अनाज मंडी में बुलाया। अनाज मंडी में जैसे ही लाइसेंस क्लर्क ने रिश्वत के 4500 रुपए लिए, विजिलेंस की टीम ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया। शिकायत पर की कार्रवाई एसीबी इंस्पेक्टर जयपाल ने बताया कि गौरव की शिकायत मिलने के बाद उन्हें अपने स्तर पर मामले की जांच की। जांच में गौरव की शिकायत सही पाए जाने के बाद आरोपी को पकड़ने की योजना बनीं। जैसे ही अमरजीत ने शुक्रवार को छुट्टी के बाद पैसे देने के लिए अनाज मंडी में बुलाया तो कार्ययोजना को अंतिम रूप देकर गौरव को मंडी में भेज दिया। अमरजीत ने जैसे ही गौरव से पैसे लिए, इशारा मिलते ही हमारी टीम ने आरोपी को पैसों के साथ दबोच लिया। वीरवार को कमांडेंट पकड़े एसीबी ने वीरवार को 50 हजार की रिश्वत के साथ होमगार्ड कमांडेंट (इंस्पेक्टर) सुधीर को गिरफ्तार किया था। कमांडेंट ने सस्पेंड होमगार्ड गांव नांगल उगरा निवासी सुरेश कुमार से दोबारा नौकरी ज्वाइन करवाने के लिए 1.50 लाख की मांग की थी। सुरेश ने 80 हजार रुपए जनवरी में दिए थे। वीरवार को जैसे ही 50 हजार रुपए टेबल की दराज में रखवाएं एसीबी ने आरोपी को दबोच लिया।
जोधपुर शहर में बिजली लाइनों के रखरखाव के चलते कई कॉलोनी में बिजली बंद रहेगी। कई इलाकों में दो से साढ़े छह घंटे तक बिजली नहीं आएगी। इसके बाद बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। सुबह 6.30 बजे से दोपहर 1 बजे तक यहां नहीं आएगी बिजली 11 केवी गायत्री नगर फीडर से सम्बंधित क्षेत्र गायत्री नगर, महादेव नगर, चाणक्य नगर, सीताराम नगर, प्रिंस विहार, मरूधर केसरी नगर, चोरियों की ढाणी, अंकुर एन्कलेव, गंगलदीप अपार्टमेट, पाल बालाजी के सामने पाल रोड के पास का क्षेत्र। 11 केवी हनुमान नगर फीडर से सम्बंधित क्षेत्र हनुमान नगर, वर्धमान नगर, भगवान महावीर नगर, थोरियों की ढाणी, बर्फ फैक्ट्री साधुओं का नोहरा, बालाजी नगर, लक्ष्मी नगर, पाल बालाजी के सामने पाल रोड के पास का क्षेत्र। 11 केवी यू.आई.टी. कालानी फीडर से सम्बंधित क्षेत्र यू.आई.टी. कालानी, मरूधर केसरी नगर, मंगलम कालानी, मुरली नगर, कृष्णा नगर, अशोक नगर, टैम्पो स्टैण्ड, पूर्वी पाल विस्तार योजना, ए, बी, सी, एम् सेक्टर, गणेश कालानी, श्रमिक कालानी, बिहारी कालानी, जगदम्बा कालानी, अमृत विहार, अमृत नगर ।।, 11 केवी जे. के. नगर फीडर से सम्बंधित क्षेत्र जे. के. नगर, मरूधर केसरी नगर, गणपति नगर, माधव नगर, राम नगर, आनन्द सोसायटी, गौतम नगर, पूनम नगर, रेल नगर, सुभाष नगर विस्तार योजना, अमृत नगर व लव होम के आसपास का क्षेत्र। 11 केवी कुशाल नगर फीडर से सम्बंधित क्षेत्र कुशाल नगर, एफ.सी. आई. गोदाम, रतन नगर, खांडियार नगर, भवानी नगर, आदर्श नगर, राज सरोवर, जमन नगर, मरूधर केसरी नगर, गजेंद्र नगर, नारायण नगर, विक्टोरियन पैतेरा, अंबिका नगर, शिव शक्ति नगर, बिरमजी का बेरा, एम्स रोड के आस-पास का क्षेत्र। 11 केवी एम्स रोड फीडर से सम्बंधित क्षेत्र विवेकानंद नगर, विवेकानंद कॉलोनी, सीताराम नगर, रतन नगर, भास्कर नगर, दीप नगर, द्वारका नगर, मरूधर हाइट्स, नारायण नगर स्कीम, रामस्वरूप नगर, रिद्धि-सिद्धि अपार्टमेंट, एम्स रोड के आस-पास का क्षेत्र। 11 केवी शोभावातों की ढाणी फीडर से सम्बंधित क्षेत्र शोभावातों की ढाणी, वर्धमान नगर, मरूधर केसरी नगर, रूकमा नगर, टैम्पो स्टैण्ड व आसपास का क्षेत्र। 11 केवी दिग्विजय नगर फीडर से सम्बंधित क्षेत्र दिग्विजय नगर, सुभाष नगर, गुलाब नगर, प्रेम नगर, अग्रसेन नगर, नंदनवन ग्रीन, संतोष नगर द्वितीय, वेदराज जी का बेरा व आसपास का क्षेत्र 33 केवी विक्टोरिपन पैलेस फीडर से सम्बंधित क्षेत्र विक्टोरियन पेलेस,11 केवी लव होम फीडर से सम्बंधित क्षेत्र लव होम सुबह 8:00 से 10:00 बजे तक यहां रहेगी पावरकट राजदान काम्पलेक्स, गाँधी टावर, रोग निदान जाँच सेवा, भोली बाई का मन्दिर जालपा मोहल्ला, बणिया बाड़ा जोहरी बाजार खाण्डा फलसा कोरणा हाउस, प्रताप स्कूल, नृसिह थडा, बाइजी तालाब, कबुतरो का चौक, धाचियो का बास्, मणिहारो की हवेली जालोरी गेट, कोरना हाउस, इंद्रा चौक, बालबाडी, बनावतो की गली, जालप मोहल्ला, जोशियों की कटकल, बनिया बाडा, खाडा फलसा, कुम्हारो का कुँआ, मियो की गली, गणेश मदिर, माहेश्वरी न्याती नोहरा, भोली बाई मदिर नियारियो की मस्जिद, एव 33/11 के.वी जोलारी गेट सब स्टेशन से संबंधित सम्पूर्ण क्षेत 33/11 kv जालोरी गेट से 11 kv ए रोड फीडर प्रभावित क्षेत्र - ए रोड सरदारपुरा, गोल बिल्डिंग, रंग कुटी, कबाड़ियों का मोहल्ला, टॉय
बाघ ने दो दिन में दो मवेशियों का शिकार किया:लोगों ने शाम को घरों से निकलना और खेतों पर जाना बंद किया
कटनी जिले की ढीमरखेड़ा तहसील के जिर्री गांव और आस-पास के इलाकों में बाघ की आहट से दहशत फैली हुई है। पिछले 48 घंटों में बाघ ने दो पालतू मवेशियों का शिकार कर लिया है। इन घटनाओं के बाद से ग्रामीण इतने डरे हुए हैं कि उन्होंने शाम को घरों से बाहर निकलना और खेतों पर जाना बंद कर दिया है। ग्रामीण महेश यादव का आरोप है कि उन्होंने पहले दिन ही वन विभाग को बाघ की मौजूदगी की सूचना दे दी थी, लेकिन शुरुआत में विभाग ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। विभाग के कर्मचारी इलाके में बाघ होने की बात मानने को तैयार नहीं थे। लेकिन दूसरे दिन जब बाघ ने एक और मवेशी को मार गिराया और कुछ लोगों ने खुद बाघ को देखा, तब जाकर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। जान-माल के नुकसान का डर अब ग्रामीणों को डर सता रहा है कि बाघ किसी इंसान पर भी हमला कर सकता है। उमेश यादव, अंतिमा यादव, लक्ष्मी यादव का कहना है कि अगर समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो कोई बड़ी अनहोनी हो सकती है। ग्रामीणों ने मांग की है कि विभाग केवल आश्वासन न दे, बल्कि जमीन पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करे। नहीं दिख रही विभाग की मुस्तैदी बाघ की पुष्टि होने के बाद अधिकारियों ने इलाके में गश्त (पेट्रोलिंग) बढ़ाने और सुरक्षा देने की बात कही थी। लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि अब तक उन्हें जमीन पर कोई विशेष इंतजाम नजर नहीं आ रहे हैं। विभाग की इस सुस्ती की वजह से लोग अपनी और अपने मवेशियों की सुरक्षा को लेकर काफी चिंता में हैं। रेंजर बोले- वन विकास निगम का क्षेत्र; मुनादी और गश्त जारी है दैनिक भास्कर ने जब संबंधित क्षेत्र के रेंजर अजय मिश्रा से बात की, तो उन्होंने बताया कि प्रभावित इलाका 'वन विकास निगम' के कुंडम प्रोजेक्ट के अंतर्गत आता है। उन्होंने विभागीय लापरवाही के आरोपों को नकारते हुए कहा मामले की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग ने प्रभावित ग्रामीण इलाकों में मुनादी पिटवाकर लोगों को सतर्क रहने की हिदायत दी है। वन अमला क्षेत्र में गश्त कर रहा है। पूरे घटनाक्रम की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दे दी गई है। जल्द ही क्षेत्र में सुरक्षा के और अधिक पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित किए जाएंगे।
जोधपुर में कांग्रेस ने निकाली जनअधिकार पदयात्रा:कार्यकर्ताओं ने निकाली रैली, सरकार का पुतला फूंका
जोधपुर में कांग्रेस ने पेट्रोल-डीजल की बढ़ी कीमतों और शहर में मूलभूत सुविधाओं को लेकर प्रदर्शन किया। शहर जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से किए प्रदर्शन में कार्यकर्ता जिला कार्यालय से रैली के रूप में राजीव गांधी चौक पहुंचे और वहां सरकार का पुतला फूंका। कमेटी अध्यक्ष ओमकार वर्मा ने बताया- शहर में जनता से जुड़ी समस्याओं और पेट्रोलियम पदार्थों के बढ़े दामों के खिलाफ प्रदर्शन किया गया। शहर जिला कांग्रेस कमेटी पदाधिकारी, कार्यकर्ता और आम लोगों ने रैली के रूप में जन आक्रोश पदयात्रा निकाली। कहा- सरकार हर मोड़ पर नाकाम साबित ओमकार वर्मा ने कहा- सरकार हर मोड़ पर नाकाम साबित हो रही है। सरकार की नीतियां पूरी तरीके से जन विरोधी है और उसी के अनुरूप लाेग के आक्रोश ने रैली का रूप लिया है। युवाओं के साथ खिलवाड़ पूर्व राज्य मंत्री राजेंद्र सिंह सोलंकी ने कहा- केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोलियम पदार्थों की बढ़ी कीमतों से जनता का बजट बिगड़ गया है। वहीं जोधपुर लोकसभा प्रत्याशी करण सिंह उचियारड़ा ने कहा- डबल इंजन सरकार पूरी तरीके से विफल साबित हुई है। कानून व्यवस्था और आम जनता से जुड़ी हुई सुविधाओं की व्यवस्था स्थापित करने में सरकार पूरी तरीके से नाकाम और नाकारा साबित हुई है। पूर्व विधायक मनीषा पवार ने कहा- जिस प्रकार से नीट का पेपर लीक हुआ है, यह सरकार की व्यवस्था पर और उनके कार्य प्रणाली पर प्रश्नचिन्ह खड़ा करती है। पूर्व महापौर कुंती देवड़ा ने सरकार पर सवालिया निशान लगाते हुए कहा कि महंगाई चरम पर है। शहर जिला कांग्रेस कमेटी प्रवक्ता डॉ. संजय गौड़ ने बताया कि जन आक्रोश पदयात्रा में पूर्व राज्य मंत्री रमेश बोराणा, कीर्ति भील, नरेश जोशी, सलीम खान, कुश गहलोत, लियाकत अली रंगरेज, जगदीश सांखला, अब्दुल कय्यूम लोधी , मनीष लोढ़ा राम सिंह सांजू, राजेंद्र आर्य, राजेश रामदेव, अनिल जोशी, मयंक देवड़ा, चेतन जयपाल, सुरेश शर्मा, अरविंद गहलोत, भंवरलाल सियोल, हैदर राजा, प्रदीप पवार, कानाराम भाटी, विजय कुमार मगनानी, मोहम्मद इमरान, प्रदीप वैष्णव, प्रेम कंवर शेखावत, सुरेश सागर, भंवरलाल हटवाल, त्रिलोक मेहरा, हेमसिंह गहलोत, अख्तर खान सिंधी, रामनिवास गोदारा, प्रेम सुख पुरोहित, अब्दुल मजीद गौरी, सुनील व्यास, प्रदीप गांग अब्दुल गनी फौजदार, भगवती पवार, डा शैलजा परिहार, सीता चौधरी, फरजाना चौहान, जाफरान, सुमन प्रजापत, राकेश कल्ला सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
किशनगंज में शुक्रवार रात एक सड़क हादसे में दो युवकों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई है, जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया। यह घटना बहादुरगंज-किशनगंज मुख्य मार्ग पर नेहरू कॉलेज के सामने सड़क निर्माण कंपनी के कैंप के पास हुई। पुलिस के अनुसार, रात करीब 8 बजे एक अज्ञात वाहन ने बाइक पर सवार तीन युवकों को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दो युवकों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। गंभीर रूप से घायल तीसरे युवक को स्थानीय लोगों ने अस्पताल पहुंचाया। टेंट हाउस का काम करने के लिए बहादुरगंज गए थे। मृतकों की पहचान बेलवा पूरब बस्ती निवासी साहब बाबू (19 वर्ष) और नूर दिल (16 वर्ष) के रूप में हुई है। घायल युवक भी बेलवा, किशनगंज का ही रहने वाला बताया जा रहा है। तीनों एक ही बाइक पर सवार होकर बहादुरगंज से अपने घर किशनगंज लौट रहे थे। स्थानीय लोगों के मुताबिक, दोनों मृतक युवक टेंट हाउस का काम करने के लिए सुबह बहादुरगंज गए थे। शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया घटना की सूचना मिलते ही बहादुरगंज थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। थाना अध्यक्ष दिलशाद आलम ने बताया, दुर्घटनाग्रस्त बाईक को जब्त कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। गौरतलब है कि करीब 15 दिन पहले इसी स्थान पर एक अन्य सड़क दुर्घटना में बहादुरगंज निवासी दो सगे भाइयों की भी मौत हो गई थी। अक्सर इस इलाके में हादसे होते रहते है।
खगड़िया में रोड एक्सीडेंट, 2 युवक गंभीर घायल:उदयपुर GN बांध पर घोड़ा सामने आने से बाइक बेकाबू
खगड़िया जिले के परबत्ता थाना क्षेत्र के उदयपुर स्थित जीएन बांध पर शुक्रवार रात करीब नौ बजे एक सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार बाइक के सामने अचानक घोड़ा आ जाने से बाइक अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस हादसे में बाइक पर सवार दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों की मदद से दोनों घायलों को तत्काल इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें खगड़िया सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। भोज कार्यक्रम में शामिल होने गए थे घायलों की पहचान प्रभु कुमार (21 वर्ष), पिता विजय शर्मा, निवासी वार्ड संख्या-2 उदयपुर, और हिमांशु कुमार (12 वर्ष), निवासी कुरसेला के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, दोनों गुरुवार रात पास के गांव सलारपुर में एक भोज कार्यक्रम में शामिल होने गए थे। भोज समाप्त होने के बाद दोनों एक ही बाइक पर सवार होकर घर लौट रहे थे। उदयपुर जीएन बांध के समीप अचानक एक घोड़ा सड़क पर आ गया। घोड़े को बचाने के प्रयास में बाइक चालक ने संतुलन खो दिया और बाइक अनियंत्रित होकर पलट गई। घायलों को उठाकर स्थानीय अस्पताल पहुंचाया टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों युवक सड़क पर दूर जा गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के तुरंत बाद आसपास के ग्रामीण और राहगीर मौके पर पहुंचे। उन्होंने घायलों को उठाकर स्थानीय अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार किया, लेकिन हालत गंभीर होने के कारण उन्हें बेहतर इलाज के लिए खगड़िया सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। GN बांध सड़क पर अक्सर आवारा पशु घूमते रहते मौजूद चिकित्सक डॉ. शशि कुमार ने बताया कि दोनों घायलों की स्थिति गंभीर बनी हुई है। उनके सिर और शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं, जिसके कारण उन्हें तत्काल रेफर किया गया है। वहीं घायल प्रभु कुमार की मां ललिता देवी ने रोते हुए बताया कि उनका बेटा प्रभु कुमार और नाती हिमांशु कुमार दोनों पास के गांव सलारपुर भोज खाने गए थे। भोज से लौटने के दौरान अचानक यह दर्दनाक हादसा हो गया। घटना की सूचना मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई और परिजन अस्पताल पहुंच गए। स्थानीय लोगों का कहना है कि GN बांध सड़क पर अक्सर आवारा पशु घूमते रहते हैं, जिससे आए दिन दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से सड़क पर आवारा पशुओं की रोकथाम और रात के समय सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की मांग की है। इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे इलाके में चिंता और दुख का माहौल है। दोनों घायलों के बेहतर इलाज और जल्द स्वस्थ होने की कामना की जा रही है।
मुजफ्फरपुर पुलिस को सफलता हाथ लगी है। चार साल से फरार चल रहे कुख्यात शराब तस्कर लवकुश को पुलिस ने पूर्वी चंपारण के मेहसी थाना क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया है। वह पारू थाना में दर्ज बड़े शराब तस्करी कांड में फरार था और लंबे समय से दियारा इलाके में शराब का नेटवर्क चला रहा था। शराब माफिया लवकुश बेहद शातिर तरीके से लगातार अपना ठिकाना बदलकर पुलिस को चकमा दे रहा था। पुलिस कई बार उसके संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर चुकी थी, लेकिन हर बार वह फरार होने में सफल हो जाता था। आखिरकार चार साल बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। शराब तस्करी नेटवर्क का मास्टरमाइंड है लवकुश मामले की जानकारी देते हुए सिटी एसपी मोहिबुल्लाह अंसारी ने बताया कि, 7 जुलाई 2022 को पारू थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए करीब 2200 लीटर अवैध शराब बरामद की थी। छापेमारी के दौरान 6 से 7 जिंदा कारतूस भी मिले थे। इसके अलावा शराब तस्करी में इस्तेमाल किया जा रहा एक ट्रक और एक कार भी जब्त किया गया था। उस समय इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड लवकुश को माना गया था और उसे मुख्य आोरपी बनाया गया था। कार्रवाई के बाद से ही वह फरार चल रहा था। पुलिस जांच में यह भी सामने आया था कि शराब की सप्लाई के दौरान गिरोह हथियार का भी इस्तेमाल करता था। दियारा क्षेत्र में उसका नेटवर्क काफी मजबूत बताया जा रहा था। पुलिस को लगातार इनपुट मिल रहे थे कि वह शराब कारोबार को दोबारा सक्रिय करने में जुटा हुआ है। एसडीपीओ सरैया अभिजीत कौर के नेतृत्व में हुई छापेमारी इसी बीच 21 मई की देर रात पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि लवकुश मेहसी थाना क्षेत्र में छिपा हुआ है। सूचना मिलते ही एसडीपीओ सरैया अभिजीत कौर के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने ताबड़तोड़ छापेमारी करते हुए मेहसी इलाके से उसे दबोच लिया। मोहिबुल्लाह अंसारी ने बताया कि चार साल से फरार चल रहे शराब माफिया लवकुश को पारू पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पूछताछ के बाद उसे जेल में भेजा जा रहा है। उन्होंने बताया कि उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है और शराब कारोबार के पूरे सिंडिकेट की जांच चल रही है।
शाजापुर जिले के मोहन बड़ोदिया में मंगलवार को प्रशासन का बुलडोजर चलेगा। राजस्व विभाग ने बस स्टैंड और नलखेड़ा रोड सहित मुख्य रास्तों से अतिक्रमण हटाने की तैयारी कर ली है। शुक्रवार शाम 7 बजे अधिकारियों ने पुलिस बल के साथ मिलकर उन जगहों की पहचान की, जहां अवैध कब्जा है। तहसीलदार दिव्या जैन और उनकी टीम ने सड़क से 52 फीट जगह की नाप-जोख की। इस दौरान बस स्टैंड पर काफी ज्यादा अतिक्रमण पाया गया। अधिकारियों ने मुख्य मार्ग पर अवैध रूप से लगाए गए टीन शेड और सड़क किनारे खड़े ठेले वालों को मंगलवार से पहले खुद ही हटने को कहा है। नए बस स्टैंड पर शिफ्ट होंगे ठेले तहसीलदार ने दुकानदारों को थोड़ी राहत देते हुए कहा कि वे अपने टीन शेड हटा लें ताकि रास्ता साफ हो सके। वहीं, ठेला और गुमटी चलाने वालों को हिदायत दी गई है कि वे अपनी दुकानें मोहन बड़ोदिया के नए बस स्टैंड पर ले जाएं। इससे बाजार में यातायात व्यवस्था भी सुधरी रहेगी। मंगलवार को होगी सख्ती प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि अगर मंगलवार तक अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तो विभाग पुलिस और अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचेगा। तहसीलदार ने कहा कि मंगलवार सुबह जेसीबी लेकर कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी और सारा अवैध कब्जा हटा दिया जाएगा। इस दौरान जनपद सीईओ और पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहे।
रामगढ़ थाना क्षेत्र के विशुनपुरा-छत्रपुरा के समीप शुक्रवार को कर्मनाशा मुख्य नहर किनारे एक मानव खोपड़ी मिली। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और कंकाल को अपने कब्जे में ले लिया। इस बरामदगी के बाद क्षेत्र में विभिन्न तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। पुलिस इस घटना को हाल ही में हुए चर्चित कृष्ण मुरारी हत्याकांड से जोड़कर देख रही है। आशंका जताई जा रही है कि यह कंकाल हत्याकांड में लापता हुए बच्चों में से किसी का हो सकता है। देखें, मौके से आई तस्वीरें… थानाध्यक्ष बोले-डीएनए टेस्ट को भेजा थाना अध्यक्ष हरि प्रसाद शर्मा ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस सभी संभावित पहलुओं से जांच कर रही है। पहचान सुनिश्चित करने के लिए कंकाल को डीएनए टेस्ट और फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वैज्ञानिक रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल, पुलिस मामले की गुत्थी सुलझाने के लिए साक्ष्यों को जोड़ने में जुटी है।
मध्य प्रदेश के ग्वालियर में नई नवेली दुल्हन ने फांसी लगाकर जान दे दी। पत्नी की मौत के दो दिन बाद पति का शव भी घर के बाथरूम में फंदे पर लटका मिला। मुरार और गोला का मंदिर पुलिस को किसी भी घटनास्थल से सुसाइड नोट नहीं मिला है। मोबाइल फोन और डिजिटल रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। मुरार पुलिस के मुताबिक, हुरावली लिंक रोड स्थित गेरू वाले बंगले के पास रहने वाली 23 वर्षीय मेघा उर्फ ज्योति की शादी 25 अप्रैल 2026 को पिंटो पार्क कुंज विहार कॉलोनी फेस-1 निवासी सिद्धार्थ कांदिल (26) से हुई थी। दोनों की अरेंज मैरिज थी। 26 अप्रैल को ससुराल पहुंची, 1 मई को मायके आई परिजनों के मुताबिक, शादी के बाद मेघा खुश थी। 26 अप्रैल को वह ससुराल पहुंची थी, लेकिन 1 मई को मायके आ गई थी। शादी के 25 दिनों में दोनों सिर्फ 5 दिन ही साथ रह पाए थे। शादी धूमधाम से हुई थी। मेघा के पिता गुरुवीर सिंह ने बेटी की शादी में काफी खर्च किया था। 20 मई की सुबह करीब 10:30 से 11 बजे के बीच मेघा के पिता किसी रिश्तेदार की गमी में गए हुए थे। घर में मेघा और उसकी मां गीता मौजूद थीं। इसी दौरान मां जब दूसरी मंजिल पर बने कमरे में पहुंचीं, तो मेघा दुपट्टे के फंदे से लटकी मिली। मुरार पुलिस मौके पर पहुंची। 20 मई को ही शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया। पत्नी की मौत के दो दिन बाद पति ने भी दी जान मेघा की मौत के दो दिन बाद 22 मई की सुबह करीब 8 बजे उसके पति सिद्धार्थ कांदिल का शव भी घर में मिला। सिद्धार्थ पेशे से ठेकेदार था। बताया गया कि वह पत्नी की मौत के बाद से मानसिक तनाव में था। शुक्रवार को जब सिद्धार्थ के पिता परमाल सिंह ने उसे कमरे में नहीं देखा, तो तलाश शुरू की गई। बाथरूम अंदर से बंद था। संदेह होने पर भतीजे श्यामवीर को बुलाया गया। दरवाजा तोड़ने पर सिद्धार्थ का शव साफी के फंदे से जंगले पर लटका मिला। सूचना मिलने पर गोला का मंदिर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। सिद्धार्थ के परिवार ने मीडिया से दूरी बनाई हुई है। परिवार पोस्टमॉर्टम नहीं कराना चाहता था। फॉरेंसिक टीम ने मौके से जुटाए सबूत 22 मई को फोरेंसिक एक्सपर्ट की टीम ने पहले मेघा की मौत वाले घटनास्थल का निरीक्षण किया। इसके बाद सिद्धार्थ के घर पहुंचकर भी जांच की गई। फिलहाल दोनों घटनास्थलों को सीज रखा गया है। पुलिस अब दोनों परिवारों के लोगों से पूछताछ करेगी। मायके पक्ष ने फिलहाल पुलिस और मीडिया से दूरी बना ली है। दोनों के मोबाइल फोन जब्त किए जाएंगे। साइबर सेल की मदद से कॉल डिटेल, वॉट्सऐप चैट और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड की जांच की जाएगी। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मौत से पहले दोनों ने आखिरी बार किससे बात की थी। पुलिस बोली- विवाद की वजह साफ नहीं गोला का मंदिर थाना प्रभारी धर्मेंद्र सिंह यादव ने बताया कि पति-पत्नी के बीच आपसी विवाद की बात सामने आई है। यह भी जांच की जा रही है कि कहीं मोबाइल में कोई वीडियो, ऑडियो या डिजिटल सुसाइड नोट तो मौजूद नहीं है। मामले की जांच जारी है। ………………………. यह खबर भी पढ़ें सिवनी में शादी के 13वें दिन बहू को कुल्हाड़ी से काट डाला सिवनी जिले के खजरी गांव से दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। यहां शुक्रवार सुबह करीब 8 बजे एक शख्स ने अपने छोटे भाई की पत्नी पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। आरोपी ने उसकी गर्दन, पेट, हाथ और कमर पर इतने वार किए कि उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात के बाद से आरोपी जेठ फरार है। पढ़ें पूरी खबर…
जयपुर में एक पिकअप गाड़ी की चपेट में आने से डेढ़ साल की बच्ची की मौत हो गई। हादसा गलता थाना क्षेत्र के लाल मस्जिद के पीछे स्थित बिलोचियान मोहल्ले में शुक्रवार शाम करीब 6 बजे हुआ। पिकअप वाहन इलाके में स्थित आम के एक गोदाम में सामान उतारने आया था। तभी सड़क पर खेलती हुई बच्ची चपेट में आ गई। हादसे में गंभीर घायल बच्ची मन्नत पिता आलम निवासी फर्रुखाबाद (उत्तर प्रदेश) को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजनों के अनुसार आलम परिवार सहित यहां किराए के मकान में रहते हैं। ठेले चलाकर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने पिकअप ड्राइवर को पकड़ लिया और उसे गलता गेट थाना पुलिस के हवाले कर दिया। थानागाजी निवासी मुकेश पिकअप चला रहा था। पिकअप का नंबर RJ14 GR 9914 है। वहीं आम का गोदाम अली का है। बच्ची के पिता के चार बच्चे हैं। मन्नत सबसे छोटी बेटी थी। वहीं तीन बड़े लड़के हैं। घायल बच्ची को लेकर पिकअप ड्राइवर अस्पताल पहुंचा, हुई मौत गलता गेट थाना प्रभारी धर्म सिंह ने बताया- रात 8:10 बजे हादसे की सूचना मिली थी। करीब 6 बजे मुहाना मंडी से फ्रूट की पेटी गोदाम में रखने के लिए पिकअप ड्राइवर आया था। सामान उतारने के लिए बैक लेते हुए पिकअप के नीचे बच्ची मन्नत आ गई, जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद ड्राइवर और गोदाम वाले ही बच्ची को लेकर अस्पताल गया। गाड़ी को थाने पर लाकर जब्त कर लिया है। रिपोर्ट मिलने पर कार्रवाई करेंगे। धर्म सिंह ने बताया- गोदाम मालिक और ड्राइवर बच्ची मन्नत को SMS अस्पताल के ट्रोमा सेंटर पहुंचे। जहां इलाज के दौरान मन्नत की मौत हो गई। चाचा ने कहा- बच्ची खेल रही रही थी, गाड़ी चढ़ाई मन्नत के चाचा जान मोहम्मद ने बताया- बच्ची यहां खेल रही थी। पिकअप आई और उस पर गाड़ी चढ़ा दी। इसके बाद पिकअप ड्राइवर ने देखते हुए वापस उस पर गाड़ी चढ़ा दी। पहले पिकअप को उसके सिर पर चढ़ाया। फिर उसके हाथ पर चढ़ा दिया। गोदाम के मालिक बच्ची को घायल अवस्था में हॉस्पिटल लेकर गए। उन्होंने बताया- इलाज के दौरान बच्चों की मौत हो गई। स्थानीय लोगों ने ड्राइवर को हादसे के बाद पकड़ लिया था। लोगों का आरोप: कॉलोनी में अवैध रूप से बने गोदाम स्थानीय निवासियों ने नाराजगी जताई कि कॉलोनी में यहां अवैध रूप से गोदाम बनाकर किराए पर दे रखे हैं। उन्होंने कहा- पूरे इलाके में मंडी जैसा हाल लगता है। सड़क किनारे पर थड़ी-ठेले और बैटरी रिक्शा खड़े रहते हैं। यहां से निकलने वाले लोग भी परेशान होते हैं। न केवल जिन्होंने किराए की जगह को गोदाम बनाया, बल्कि सड़क को भी लोग गोदाम बना रहे हैं। उन्होंने बताया- यह आम के गोदाम में पिकअप फ्रूट खाली करने आई थी। इस दौरान हादसा हुआ और बच्ची की मौत हो गई।
बालाघाट जिले में अवैध रेत खनन और इसके स्टॉक के खिलाफ कार्रवाई करते हुए खनिज विभाग की टीम ने शुक्रवार शाम खैरलांजी के भौरगढ़ में छापा मारा। टीम को यहां सड़क किनारे रेत का एक बड़ा ढेर मिला। जब जांच की गई, तो पता चला कि यहां लगभग 8 ट्रैक्टर-ट्रॉली रेत अवैध रूप से जमा करके रखी गई थी। इस कार्रवाई में तहसीलदार, खनिज निरीक्षक बसंत कुमार पाटिल और पुलिस की टीम शामिल थी। जब अफसरों ने वहां मौजूद लोगों से रेत के कागज मांगे, तो कोई भी दस्तावेज पेश नहीं कर सका। किसी ने भी इस रेत पर अपना हक नहीं जताया, जिसके बाद प्रशासन ने इसे लावारिस मानते हुए जब्त कर लिया। जब्त रेत को थाने भेजा गया टीम ने दूसरे वाहनों की मदद से इस पूरी रेत को उठवाया और खैरलांजी थाने भिजवा दिया है। फिलहाल रेत पुलिस की निगरानी में रखी गई है। विभाग ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। जारी रहेगी अवैध खनन पर सख्ती प्रशासन ने साफ कर दिया है कि जिले में कहीं भी रेत का अवैध खनन, उसे ढोना या बिना इजाजत स्टॉक करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में भी इस तरह की जांच और कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
पूर्णिया के कसबा में आग बुझाने गई फायर ब्रिगेड की टीम पर लोगों ने हमला बोल दिया। आक्रोशित लोगों ने पुलिस और फायर ब्रिगेड की गाड़ी में जमकर तोड़फोड़ की। हालात पर काबू पाने पहुंची पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की गई। इसमें एसआई के अलावा 3 कांस्टेबल और एक फायर ब्रिगेड का जवान बुरी तरह जख्मी हो गए। हमले की वजह फायर ब्रिगेड की गाड़ी का देर से पहुंचना और आग बुझाने में हुई देरी बनी। नाश्ता दुकान से शुरू हुई आग ने कुछ ही देर में विकराल रूप धारण कर लिया। आसपास के चार घरों और दो दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया। घटना कसबा थाना क्षेत्र के तारानगर इलाके की है। आग बुझाने में हुई देरी से नाराज लोगों का गुस्सा इतना बढ़ गया कि उन्होंने मौके पर पहुंची पुलिस और दमकल टीम पर हमला कर दिया। इस हमले में एसआई संजना प्रसाद के अलावा कांस्टेबल अरविंद कुमार गुप्ता, रोहित कुमार, पूजा भारती और फायर ब्रिगेड के चालक महताब आलम घायल हैं। सभी को इलाज के लिए स्थानीय अस्पताल में एडमिट कराया गया। तेज हवा के कारण फैली आग तारानगर निवासी शिवजी महतो ने बताया कि उनकी नाश्ता दुकान में अचानक आग लग गई। शुरुआती समय में लोगों ने खुद आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन तेज हवा और घनी आबादी के कारण आग तेजी से फैलती चली गई। देखते ही देखते बगल में स्थित लखन महतो की दुकान भी जलने लगी। आग की लपटें आसपास के घरों तक पहुंच गईं और कुछ ही देर में चार घर पूरी तरह जलकर राख हो गए। घरों में रखा अनाज, कपड़े, फर्नीचर और जरूरी सामान भी जल गया। कई परिवारों के सामने अचानक रहने और खाने की समस्या खड़ी हो गई। घटना के बाद पूरे मोहल्ले में चीख-पुकार मच गई। महिलाएं और बच्चे घरों से सामान निकालने में जुट गए, जबकि स्थानीय युवक बाल्टी और मोटर के सहारे आग बुझाने का प्रयास करते रहे। लेकिन आग पर काबू पाना मुश्किल हो गया। लोगों का आरोप है कि कसबा थाना क्षेत्र में फायर ब्रिगेड की व्यवस्था नहीं होने के कारण जलालगढ़ से दमकल बुलानी पड़ी, जिससे काफी देर हो गई। इसी देरी ने लोगों के गुस्से को भड़का दिया। जब दमकल और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची, तो पहले लोगों ने नाराजगी जताई। बाद में स्थिति अचानक बिगड़ गई और भीड़ उग्र हो गई। आक्रोशित लोगों ने पुलिस वाहन और फायर ब्रिगेड की गाड़ी पर हमला कर दिया। गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई और मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की गई। स्थिति कुछ देर के लिए पूरी तरह नियंत्रण से बाहर हो गई। इसमें एसआई, कांस्टेबल और फायर ब्रिगेड कर्मी जख्मी हो गए। सूचना मिलने के बाद अतिरिक्त पुलिस बल को मौके पर भेजा गया। पुलिस टीम ने किसी तरह हालात को नियंत्रित किया। इस दौरान मौके पर पहुंचे एसआई रमाकांत यादव के साथ भी भीड़ ने धक्का-मुक्की की। पुलिसकर्मियों को किया रेफर सभी घायलों को इलाज के लिए कसबा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद कुछ पुलिसकर्मियों को बेहतर इलाज के लिए रेफर किए जाने की भी जानकारी सामने आई है। घटना के बाद इलाके में तनाव को देखते हुए पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है और लगातार गश्त की जा रही है।
बक्सर में लूटपाट मामले में 2 आरोपी गिरफ्तार:हथियार और लूटा गया मोबाइल बरामद, 16 मई को हुई थी घटना
बक्सर के मुरार थाना क्षेत्र में 16 मई को हुए लूटपाट के प्रयास मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार युवकों के पास से एक देशी कट्टा और घटना के दौरान छीना गया मोबाइल फोन बरामद किया गया। यह घटना डुमरांव राजवाहा नहर मार्ग पर स्थित नवनिर्मित हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के पास हुई थी। कट्टा दिखाकर लूटपाट और मारपीट पुलिस के अनुसार, आमसारी गांव निवासी गोलू कुमार 16 मई को अपने काम से जा रहे थे। इसी दौरान बाइक सवार दो युवकों ने उन्हें डुमरांव राजवाहा नहर मार्ग पर रोक लिया। आरोपियों ने कट्टा दिखाकर लूटपाट का प्रयास किया और विरोध करने पर गोलू कुमार के साथ मारपीट भी की। शोर सुनकर आसपास के लोग जमा होने लगे, जिसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। इस दौरान उनका एक मोबाइल फोन घटनास्थल पर गिर गया था। घटनास्थल पर गिरा मिला था मोबाइल शुक्रवार को मुरार थाना में आयोजित एक प्रेस वार्ता में एसडीपीओ पोलस्त कुमार ने बताया कि मामले की जांच के दौरान पुलिस को घटनास्थल पर गिरा मोबाइल फोन मिला था। तकनीकी जानकारी और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की गई। बाद में एक वाहन जांच अभियान के दौरान दोनों संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान भोजपुर जिले के तरारी थाना क्षेत्र के सैदनपुर गांव निवासी सुमित कुमार और पीरो थाना क्षेत्र के सनेही टोला निवासी सुबोध कुमार के रूप में हुई है। पुलिस ने उनकी तलाशी के दौरान एक देशी कट्टा और लूट के प्रयास में छीना गया मोबाइल फोन बरामद किया। दोनों आरोपियों पर कई मामले दर्ज पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपियों पर विभिन्न थानों में पहले से भी आपराधिक मामले दर्ज हैं। सुमित कुमार पर लूट से संबंधित कई मामले दर्ज हैं, जबकि सुबोध कुमार पर हत्या के मामले दर्ज होने की जानकारी मिली है। एसडीपीओ पोलस्त कुमार ने आगे बताया कि मामले में विस्तृत जांच जारी है और अन्य संभावित सहयोगियों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। इस प्रेस वार्ता में डुमरांव सर्किल इंस्पेक्टर अरविंद कुमार और मुरार थानाध्यक्ष नेहा कुमारी सहित अन्य पुलिस अधिकारी उपस्थित थे।
रायपुर में पुलिस मुख्यालय नया रायपुर ने 526 प्रशिक्षु उप निरीक्षकों (SI) की जिला व्यवहारिक प्रशिक्षण के लिए पोस्टिंग आदेश जारी कर दिया है। सभी प्रशिक्षु अधिकारियों को राज्य के अलग-अलग जिलों में तैनात किया गया है, जहां वे फील्ड में पुलिसिंग की बारीकियां सीखेंगे। पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी आदेश में प्रशिक्षु SI के नाम और उनकी पदस्थापना वाले जिलों का उल्लेख किया गया है। प्रशिक्षण के दौरान ये अधिकारी कानून व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, विवेचना, जनसंपर्क और थाने की कार्यप्रणाली से जुड़ी व्यवहारिक जानकारी हासिल करेंगे। अधिकारियों ने प्रशिक्षु SI को नसीहत देते हुए कहा कि फील्ड ट्रेनिंग पुलिस सेवा का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। इसी दौरान एक अधिकारी को जनता से संवाद, संवेदनशील मामलों को संभालने और वास्तविक परिस्थितियों में निर्णय लेने का अनुभव मिलता है। वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रशिक्षुओं से अनुशासन, ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने की अपील की। उप निरीक्षकों के कामों की मॉनिटरिंग करेंगे अफसर बताया जा रहा है कि प्रशिक्षण अवधि के दौरान सभी प्रशिक्षु उप निरीक्षकों के कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग भी की जाएगी। उन्हें थानों और पुलिस इकाइयों में वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में काम करना होगा। पुलिस विभाग का मानना है कि व्यवहारिक प्रशिक्षण से प्रशिक्षु अधिकारियों को जमीनी स्तर पर पुलिसिंग समझने में मदद मिलेगी, जिससे भविष्य में वे बेहतर तरीके से कानून व्यवस्था संभाल सकेंगे।
लखनऊ में नई विधानसभा का रास्ता साफ::सहारा सिटी की 245 एकड़ जमीन पर बनेगा विधानभवन कॉम्प्लेक्स
लखनऊ के गोमती नगर स्थित सहारा शहर की जमीन पर अब नई विधानसभा बनने का रास्ता साफ हो गया है। लंबे समय से चल रही चर्चाओं पर शुक्रवार को मुहर लग गई, जब एलडीए ने विधानभवन कॉम्प्लेक्स की डिजाइन और प्लानिंग के लिए कंसल्टेंट व आर्किटेक्ट चयन हेतु टेंडर जारी कर दिया। एलडीए की ओर से जारी आरएफपी के अनुसार कंपनियां 23 मई से 21 जून तक आवेदन कर सकेंगी। कंसल्टेंट चयन के बाद डीपीआर तैयार होगी, जिसके आधार पर परियोजना की लागत और निर्माण अवधि तय की जाएगी। 245 एकड़ में बनेगा सत्ता का नया केंद्र जिस जमीन पर नया विधानभवन प्रस्तावित है, उसका कुल क्षेत्रफल 245 एकड़ है। इसमें 170 एकड़ जमीन नगर निगम की और 75 एकड़ एलडीए की है। यह वही जमीन है, जो पहले सहारा इंडिया को लीज पर दी गई थी। बताया जा रहा है कि केवल विधानसभा ही नहीं, बल्कि यहां सचिवालय, मुख्यमंत्री आवास और अन्य सरकारी दफ्तरों को भी विकसित करने की तैयारी है। इसी वजह से टेंडर में “विधानभवन कॉम्प्लेक्स” शब्द का इस्तेमाल किया गया है। कई साल से चल रही थी तलाश सरकार लंबे समय से नई विधानसभा के लिए बड़े भूखंड की तलाश में थी। मगर शहर में इतनी बड़ी और उपयुक्त जमीन नहीं मिल पा रही थी। गोमती नगर की यह जमीन लोकेशन और कनेक्टिविटी दोनों लिहाज से बेहतर मानी जा रही है। शासन स्तर पर फैसला होने के बाद बीते कुछ महीनों में जमीन की पैमाइश और तकनीकी तैयारियां भी शुरू कर दी गई थीं, हालांकि तब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई थी। लीज खत्म होने के बाद वापस मिली जमीन नगर निगम ने 1994 में सहारा इंडिया हाउसिंग लिमिटेड को 170 एकड़ जमीन 30 साल की लीज पर दी थी। शर्त थी कि यहां आवासीय कॉलोनी और ग्रीन बेल्ट विकसित की जाएगी। नगर निगम का आरोप था कि कंपनी ने लीज की शर्तों का उल्लंघन किया। इसको लेकर वर्षों तक विवाद चलता रहा। पिछले साल 30 साल की अवधि पूरी होने के बाद नगर निगम ने लीज आगे नहीं बढ़ाई और जमीन वापस अपने कब्जे में ले ली। वहीं एलडीए ने भी अपनी 75 एकड़ जमीन पहले ही वापस ले ली थी। इसके बाद से यहां विधानसभा निर्माण की चर्चाएं तेज हो गई थीं। क्या बोले एलडीए वीसी एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार ने बताया कि सहारा शहर की जमीन पर विधानभवन निर्माण के लिए कंसल्टेंट और आर्किटेक्ट चयन हेतु टेंडर जारी कर दिया गया है। चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्लानिंग पर काम शुरू होगा।
चंडीगढ़ नगर निगम में फर्जी एफडी मामले के बाद अब हाईमास्ट लाइट लगाने में नया घोटाला सामने आया है। सेक्टर-34, सेक्टर-35 स्लो कैरिज-वे, सेक्टर-48 नाइट फूड स्ट्रीट और ओपन एयर थिएटर में लगाए गए हाईमास्ट लाइट और बिजली के पोलों में बड़े स्तर पर गड़बड़ी मिलने का दावा किया गया है। यह खुलासा नगर निगम के इलेक्ट्रिक विभाग के जूनियर इंजीनियर (JE) सनी ठाकुर की रिपोर्ट में हुआ है। उन्होंने अपनी जांच रिपोर्ट में कई तकनीकी खामियां बताते हुए संबंधित एजेंसी का बिल रोकने की सिफारिश की है। साइट पर लगा सामान घटिया निकला जेई ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि 20 अप्रैल को एजेंसी के गोदाम में डीडब्ल्यूसी पाइप का निरीक्षण किया गया था। वहीं से थर्ड पार्टी जांच के लिए सैंपल भी लिए गए थे। लेकिन बाद में जब साइट पर जाकर जांच की गई तो वहां लगाए गए पाइप गोदाम में दिखाए गए पाइपों से काफी घटिया गुणवत्ता के मिले। इसके बाद जेई ने मांग की कि जांच के लिए सैंपल सीधे साइट से लिए जाएं ताकि सही जांच हो सके। डेढ़ महीने बाद दी निरीक्षण की जानकारी रिपोर्ट में कहा गया कि 14 मार्च 2026 को फैक्ट्री में हाईमास्ट और केबल का निरीक्षण किया गया था, लेकिन इसकी जानकारी करीब डेढ़ महीने बाद दी गई। जेई का कहना है कि जब उन्होंने खुद थर्ड पार्टी जांच की मांग उठाई, उसके बाद ही उन्हें निरीक्षण की जानकारी दी गई। जांच रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि हाईमास्ट, डबल ड्रम विंच और मोटर के सीरियल नंबर या मॉडल नंबर तक दर्ज नहीं किए गए। ऐसे में यह साबित करना मुश्किल हो गया कि साइट पर लगाए गए उपकरण वही हैं या नहीं, जिनका फैक्ट्री में निरीक्षण किया गया था। लाइटों में जंग और खराब वेल्डिंग मिली सेक्टर-48 में लगाए गए हाईमास्ट लाइटों में कई तकनीकी कमियां मिली हैं। रिपोर्ट के अनुसार कई केबल तय मानकों के अनुसार नहीं थीं और कुछ केबल पतली गुणवत्ता की पाई गईं। हाईमास्ट पर गैल्वनाइजेशन खराब मिला और एक महीने के भीतर ही कई हिस्सों में जंग दिखाई देने लगी। वेल्डिंग की गुणवत्ता भी खराब पाई गई। जांच में क्रैक, गैप और कटिंग जैसी खामियां सामने आईं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि जहां टेंडर में छह पोल मोटर लगाने की शर्त थी, वहां चार पोल मोटर लगा दी गई। इसके अलावा कई जरूरी उपकरण जैसे मैकेनिकल टार्क लिमिटर, रबर बफर, पीवीसी सुरक्षा व्यवस्था और मल्टी-पिन प्लग-सॉकेट भी साइट पर नहीं मिले। हाईमास्ट और मोटर पर पहचान तक नहीं जेई ने आरोप लगाया कि हाईमास्ट, विंच और मोटर पर कोई पहचान चिह्न या मार्किंग नहीं थी। इसके अलावा जरूरी टेस्ट रिपोर्ट भी उपलब्ध नहीं करवाई गईं। इनमें डबल ड्रम विंच की टेस्टिंग, हाईमास्ट की स्ट्रक्चरल टेस्टिंग और वेल्डिंग टेस्ट शामिल हैं। जेई ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि पूरे मामले की संयुक्त साइट जांच करवाई जानी चाहिए। इसके लिए वरिष्ठ अधिकारियों और कंपनी प्रतिनिधियों की मौजूदगी जरूरी है। उन्होंने साफ कहा कि जब तक पूरी स्थिति स्पष्ट नहीं होती, वह एजेंसी का बिल पास नहीं कर सकते। सबसे अहम बात यह है कि इस कंपनी को काम देने से पहले नगर निगम इंजीनियरिंग विभाग के वरिष्ठ अधिकारी पश्चिम बंगाल के हुगली स्थित कंपनी प्लांट का दौरा कर चुके हैं। अधिकारियों ने वहां निरीक्षण के बाद संतुष्टि जताते हुए अपनी रिपोर्ट भी दी थी, जिसके बाद कंपनी को काम मिला। भाजपा उपाध्यक्ष ने उठाए सवाल भाजपा उपाध्यक्ष देवेंद्र सिंह बबला ने कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है। दिखाया कुछ गया और लगाया कुछ और जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके इलाके में भी लाइटें बार-बार खराब हो रही हैं और मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। बबला ने कहा कि जेई की शिकायत को गंभीरता से लेने की बजाय उस पर शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की एक पार्षद और नेता इस भ्रष्टाचार में शामिल हैं।
हरदोई के अतरौली थाना क्षेत्र के नरोईया गांव में शुक्रवार की शाम दो भाइयों में बाइक ले जाने को लेकर पहले विवाद हुआ। फिर बड़े भाई ने बाइक में आग लगा दी। इससे नाराज छोटे भाई ने खुद पर पेट्रोल छिड़क कर अपने आपको आग के हवाले कर दिया। इसमें उसकी मौत हो गई। पुलिस ने शव कब्जे में लिया है। नरोईया गांव निवासी गंगाराम की गांव के पास नरोईया पुलिया पर परचून और मिठाई की दुकान है। उनके चार पुत्र शेरू, साजन, विकास और निखिल थे, जिनमें निखिल सबसे छोटा था। गंगाराम की दो विवाहित पुत्रियां माहेश्वरी और मीरा भी हैं। गंगाराम 20 मई को तीर्थ यात्रा पर पूर्णागिरी गए थे। उनके पुत्र साजन और विकास बेंगलुरु में काम करते हैं, जबकि शेरू के साथ निखिल दुकान संभालता था। बताया गया है कि दुकान पर बोतल में पेट्रोल भी बेचा जाता था। शुक्रवार शाम करीब 4 बजे छोटा भाई निखिल दुकान पर बैठा था। तभी बड़ा भाई शेरू गांव वाले घर से बाइक लेकर दुकान पर आया। वह कथित तौर पर नशे में धुत था और बाइक पुवायां ले जाने की जिद करने लगा। निखिल ने शेरू को नशे में देखकर बाइक ले जाने से मना कर दिया और कहा कि पिता ने बाइक ले जाने से मना किया है। बाइक ले जाने को लेकर दोनों भाइयों में कहासुनी हुई। जब निखिल ने बाइक नहीं दी, तो शेरू ने दुकान से पेट्रोल उठाकर बाइक पर छिड़क दिया और उसमें आग लगा दी। बाइक धू-धूकर जलने लगी। निखिल ने बाल्टी में पानी लेकर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन शेरू ने उसे रोक दिया। इसके बाद निखिल ने बाल्टी शेरू के सिर पर मार दी। इसके बाद, कथित तौर पर निखिल दुकान से 2बोतल पेट्रोल लाया। बाइक के पास आकर अपने ऊपर छिड़क लिया। इसमें वह गंभीर रूप से चला गया। उसको अतरौली सीएचसी ले जाया गया। जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया।फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से नमूने जुटाए हैं।थानाध्यक्ष मनोज कुमार सिंह ने बताया कि प्राथमिक जांच में शेरू के शराब पिए होने की बात सामने आई है। मामले की गहनता से जांच की जा रही है।
सुशासन तिहार 2026 के तहत अभनपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत टेकारी में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में ग्रामीणों की समस्याओं और शिकायतों से जुड़े कुल 1766 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 1201 आवेदनों का मौके पर ही त्वरित निराकरण किया गया, जिससे लोगों को तत्काल राहत मिली। शिविर में विधायक इन्द्रकुमार साहू, जिला पंचायत सीईओ कुमार बिश्वरंजन, एसडीएम रवि सिंह और जनपद सीईओ दीपक ठाकुर सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने विभिन्न विभागों से संबंधित शिकायतों और मांगों की सुनवाई कर समाधान सुनिश्चित किया। दिव्यांग हितग्राहियों को साइकिल शिविर में मनरेगा अंतर्गत जॉब कार्ड निर्माण, श्रम कार्ड एवं नवीनीकरण, ड्राइविंग लाइसेंस, आयुष्मान कार्ड और किसान क्रेडिट कार्ड बनाने की सुविधा दी गई। वहीं आवास योजना के हितग्राहियों को मकान की चाबी भी वितरित की गई। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा अन्नप्राशन और गोदभराई कार्यक्रम आयोजित किया गया। समाज कल्याण विभाग ने दिव्यांग हितग्राहियों को साइकिल और ट्राईसाइकिल वितरित कर उन्हें लाभान्वित किया। अधिकारियों ने कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से शासन की योजनाओं का लाभ सीधे ग्रामीणों तक पहुंचाया जा रहा है।
बधनी कलां में अवैध शराब से भरी कार बरामद:360 बोतल जब्त, टायर पंक्चर होने पर तस्कर मौके से फरार
बधनी कलां थाना क्षेत्र में पुलिस ने अवैध शराब से भरी एक कार जब्त की है। यह कार्रवाई अवैध शराब कारोबारियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई। हालांकि, मौके से तस्कर फरार होने में सफल रहा। इंस्पेक्टर जसविंदर सिंह ने बताया कि लोपों पुलिस चौकी के इंचार्ज सहायक थानेदार बलवीर सिंह देर शाम गांव दौधर शर्की की ओर जा रहे थे। इसी दौरान उन्हें सूचना मिली कि गांव लोपों-दौधर लिंक रोड पर नहर पुल के पास पटरी पर एक स्विफ्ट कार खड़ी है। कार का पिछला टायर पंक्चर था और उसमें भारी मात्रा में शराब की पेटियां दिख रही थीं। सूचना मिलते ही पहुंची पुलिस की टीम सूचना मिलते ही थानेदार बलवीर सिंह, मुख्य मुंशी हवलदार चमकौर सिंह और पुलिस पार्टी मौके पर पहुंची। पुलिस ने कार को कब्जे में लेकर उसकी तलाशी ली। तलाशी के दौरान कार से पंजाब हीर सौंफी मार्का की 30 पेटियां (कुल 360 बोतल) शराब बरामद हुई। चौकी इंचार्ज बलवीर सिंह ने बताया कि गाड़ी की नंबर प्लेट के आधार पर वाहन मालिक की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है। पुलिस ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ एक्साइज एक्ट के तहत थाना बधनी कलां में मामला दर्ज कर लिया है और तस्करों की तलाश जारी है।
सरकारी सेवाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही और निष्पक्षता सुनिश्चित करने को लेकर तिरहुत प्रमंडल स्तर पर एमआईटी सभागार में विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रमंडल के छह जिलों के अधिकारियों और कर्मियों को अनुशासनिक कार्रवाई से जुड़े नियमों, प्रक्रियाओं और कानूनी प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षण कार्यक्रम की अध्यक्षता बिहार सरकार के महानिदेशक-सह-मुख्य जांच आयुक्त दीपक कुमार सिंह ने की। कार्यक्रम में मुख्य जांच आयुक्त निदेशालय, बिहार पटना से आए विशेषज्ञ अधिकारियों ने “नेचुरल जस्टिस” यानी प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत और सीसीए रूल (Classification, Control and Appeal Rules) को अनुशासनिक कार्रवाई का आधारस्तंभ बताया। उन्होंने कहा कि किसी भी सरकारी कर्मी के खिलाफ कार्रवाई करते समय नियमों और प्रक्रियाओं का अक्षरशः पालन अनिवार्य है। बिना सुनवाई किसी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने कहा कि प्राकृतिक न्याय का मूल सिद्धांत है कि किसी भी व्यक्ति को बिना पक्ष सुने दोषी नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने “दूसरे पक्ष को भी सुनो” के सिद्धांत का उल्लेख करते हुए कहा कि किसी भी सरकारी कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई से पहले उसे अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर मिलना चाहिए। विशेषज्ञों ने कहा कि जांच प्रक्रिया निष्पक्ष और पूर्वाग्रह रहित होनी चाहिए। यदि जांच अधिकारी निष्पक्षता के सिद्धांत का पालन नहीं करेगा तो पूरी कार्रवाई न्यायिक समीक्षा में कमजोर पड़ सकती है। सीसीए रूल की प्रक्रिया की दी गई जानकारी प्रशिक्षण में अधिकारियों को सीसीए रूल के विभिन्न प्रावधानों की जानकारी दी गई। इसमें आरोप पत्र गठन, लिखित जवाब प्राप्त करना, जांच अधिकारी की नियुक्ति, साक्ष्य संकलन, गवाहों की सुनवाई और अंतिम निर्णय तक की प्रक्रिया को विस्तार से समझाया गया। विशेषज्ञों ने कहा कि कई बार प्रक्रियात्मक गलतियों के कारण विभागीय कार्रवाई कोर्ट में टिक नहीं पाती। इसलिए अधिकारियों और कर्मियों को नियमों की सही जानकारी होना बेहद जरूरी है। अनुशासनिक कार्रवाई दंड नहीं, प्रशासनिक सुधार का माध्यम मुख्य जांच आयुक्त दीपक कुमार सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि अनुशासनिक कार्रवाई केवल दंड देने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था को प्रभावी और जवाबदेह बनाए रखने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने कहा कि सरकारी सेवक जनता के प्रति उत्तरदायी होते हैं और उनसे नियमों और नैतिक मूल्यों के अनुरूप काम करने की अपेक्षा की जाती है। उन्होंने अधिकारियों को अनुशासनिक मामलों में जल्दबाजी और व्यक्तिगत पूर्वाग्रह से बचने की सलाह देते हुए कहा कि सभी निर्णय तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर होने चाहिए। साथ ही जांच प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी करने पर भी जोर दिया गया। पारदर्शिता और जवाबदेही पर बल प्रमंडलीय आयुक्त गिरिवर दयाल सिंह ने कहा कि वर्तमान समय में प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही की अपेक्षा पहले से अधिक बढ़ गई है। ऐसे में अधिकारियों और कर्मियों को नियमों की अद्यतन जानकारी होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य सिर्फ नियमों की जानकारी देना नहीं, बल्कि अधिकारियों में विधिक समझ और प्रशासनिक संवेदनशीलता विकसित करना भी है। इससे सरकारी कार्यों के निष्पादन में निष्पक्षता और गुणवत्ता सुनिश्चित होगी। अधिकारियों ने पूछे व्यावहारिक सवाल कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों और कर्मियों ने विभागीय जांच से जुड़े जटिल मामलों पर विशेषज्ञों से सवाल भी पूछे। विशेषज्ञों ने आरोप पत्र की भाषा, दस्तावेजी साक्ष्य, गवाहों की भूमिका और अपील प्रक्रिया जैसे व्यावहारिक पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम में प्रमंडलीय आयुक्त गिरिवर दयाल सिंह, जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन, नगर आयुक्त ऋतुराज प्रताप सिंह, आयुक्त सचिव संदीप शेखर प्रियदर्शी समेत तिरहुत प्रमंडल के सभी छह जिलों के वरीय अधिकारी और विभिन्न विभागों के कर्मी मौजूद रहे।
सीहोर जिले की इछावर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम डाबरी में शुक्रवार रात एक मकान में आग लग गई। अज्ञात कारणों से लगी इस आग में घर में रखा लाखों रुपए का राशन और गृहस्थी का सामान जलकर खाक हो गया। गनीमत रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई। यह घटना डाबरी निवासी रेवा राम जाट के घर पर हुई। शुक्रवार रात जब परिवार के सदस्य घर में मौजूद थे, तभी अचानक मकान से आग की लपटें उठने लगीं। आग इतनी तेजी से फैली कि ग्रामीणों के कुछ समझ पाने और उस पर काबू पाने से पहले ही उसने पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया। परिवार बेघर हुआ, गृहस्थी का सामान खाकघटना की सूचना तत्काल फायर ब्रिगेड को दी गई। हालांकि, जब तक दमकल की गाड़ी मौके पर पहुंची, तब तक पूरा मकान और उसमें रखा सारा सामान राख के ढेर में बदल चुका था। प्रत्यक्षदर्शियों और पीड़ित परिवार के अनुसार, आगजनी की इस घटना में खाने-पीने का राशन, कपड़े, महत्वपूर्ण दस्तावेज और नकदी सहित लाखों रुपए का सामान नष्ट हो गया है। रेवा राम जाट का परिवार इस हादसे के बाद बेघर हो गया है। फिलहाल, आग लगने के सही कारणों का पता नहीं चल पाया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द उचित मुआवजा और सहायता राशि प्रदान की जाए।
जालंधर के इंडियन नेशनल ट्रस्ट फॉर आर्ट एंड कल्चरल हेरिटेज (इंटैक) जालंधर चैप्टर द्वारा आज लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के परिसर में सांस्कृतिक विविधता दिवस बेहद हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस विशेष कार्यक्रम की शुरुआत केरल की एक छात्रा द्वारा प्रस्तुत की गई मधुर सरस्वती वंदना के साथ हुई, जिसने पूरे माहौल को भक्तिमय कर दिया। कार्यक्रम में पहुंचे अतिथियों का स्वागत करते हुए इंटैक के कनविनर हरप्रीत सिंह बल ने 'वसुधैव कुटुंबकम' के सिद्धांत पर प्रकाश डाला। उन्होंने विभिन्न संस्कृतियों के महत्व को समझाते हुए कहा कि यह विविधता ही हमारे समाज की असली खूबसूरती है, जो आपसी भाईचारे और मानवीय सांझ को और अधिक मजबूत करती है। इस मौके पर सांस्कृतिक रंग भी देखने को मिले, जहां बंगाल की एक अध्यापिका ने गुरुदेव रवींद्रनाथ ठाकुर की प्रसिद्ध कविता का बंगाली भाषा में पाठ कर समां बांध दिया।विभिन्न संस्कृतियों का मेल ज्ञान को बढ़ाता है:डॉ. जोहल कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. लखविंदर सिंह जोहल ने दुनिया के अलग-अलग क्षेत्रों की संस्कृतियों का गहरा विश्लेषण किया। उन्होंने विशेष रूप से जिक्र किया कि आज के आधुनिक युग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का हमारी संस्कृति पर क्या प्रभाव पड़ रहा है। डॉ. जोहल ने कहा कि विभिन्न संस्कृतियों का मेल हमारे ज्ञान को बढ़ाता है और इसी विविधता से एक समृद्ध समाज का निर्माण होता है।भारतीय संस्कृति के बारे में बताया इसके साथ ही, सोशियोलॉजी विभाग की प्रमुख डॉ. सुखजीत गरचा ने भारतीय संस्कृति के गौरवशाली अतीत और इसके ऐतिहासिक महत्व को विस्तार से समझाया। वहीं, यूनिवर्सिटी के आर्किटेक्चर विभाग के प्रोफेसर राजिंदर राजदान ने अपनी सुंदर कविता के माध्यम से भारत की साझी और मिली-जुली संस्कृति को बेहद खूबसूरती से पेश किया।युवाओं को दिया खास संदेश कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं जालंधर की जॉइंट कमिश्नर डॉ. मनदीप कौर ने युवाओं को एक बेहद खास संदेश दिया। उन्होंने नौजवानों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे आधुनिकता की दौड़ में आगे जरूर बढ़ें, लेकिन अपनी मां-बोली (मातृभाषा) को कभी न भूलें, क्योंकि हमारी भाषा ही हमारी असली पहचान है। इस सफल आयोजन में एच.आर.डी.सी. विभाग के डायरेक्टर, डिप्टी डायरेक्टर सरबजीत सिंह कड़वाल और मल्टीमीडिया विभाग के एच.ओ.डी. गुरदीप सिंह ने भी अपना विशेष योगदान दिया और उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया।
अयोध्या जिले में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने और पुलिसिंग को आमजन के लिए सुगम बनाने की दिशा में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. गौरव ग्रोवर ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। उन्होंने थाना बाबा बाजार क्षेत्र के अंतर्गत अस्थाई नवीन पुलिस चौकी रेछ स्थापित करने का आदेश जारी किया है। इस नई चौकी के गठन से क्षेत्रीय ग्रामीणों को सुरक्षा संबंधी मामलों में त्वरित सहायता मिलने की उम्मीद है। पुलिस विभाग के अनुसार, इस नई चौकी का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में पुलिस की सक्रियता बढ़ाना, अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना और आमजन को शीघ्र पुलिस सहायता उपलब्ध कराना है। क्षेत्रीय ग्रामीणों द्वारा लंबे समय से स्थानीय स्तर पर पुलिस चौकी की आवश्यकता महसूस की जा रही थी, जिसे देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। पुलिस क्षेत्र अधिकारी आशीष निगम ने बताया कि नवीन चौकी रेछ के अंतर्गत कई गांवों को शामिल किया गया है। इनमें उमापुर, मीरमऊ घाट, कन्धई, शिवा का पुरवा, देवता का पुरवा, रेछ, बढ़ई का पुरवा, इमिलडिहा, बाबू का पुरवा, भुलामऊ, कलापुर, सरोतरमऊ, नया पुरवा, हरचन्दपुर, सीताशुक्ल पुरवा, नरायनपुर, मिश्री तिवारी का पुरवा तथा तकिया गांव शामिल हैं। इन गांवों के लोगों को अब छोटी-बड़ी समस्याओं के लिए दूर स्थित थाने का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। स्थानीय लोगों ने एसएसपी के इस निर्णय का स्वागत किया है। उनका कहना है कि चौकी स्थापित होने से क्षेत्र में पुलिस की निगरानी बढ़ेगी और असामाजिक तत्वों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा। वहीं, पुलिस अधिकारियों ने बताया कि चौकी के संचालन के बाद क्षेत्र में गश्त व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा तथा कानून व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के लिए निरंतर निगरानी रखी जाएगी।
सिद्धार्थनगर में पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति को चारपाई से बांधकर उस पर मिट्टी का तेल डालकर आग लगाने आरोप है। गंभीर रूप से झुलसे युवक को इलाज के लिए बस्ती के कैली अस्पताल रेफर किया गया है। पुलिस ने पत्नी और उसके प्रेमी के खिलाफ हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज किया है। मामला डुमरियागंज थाना क्षेत्र के रेहरा गांव का है। पढ़िए पूरा मामला… ग्राम रेहरा निवासी घम्मल प्रसाद गौतम ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनके बेटे लालजी गौतम (28) की पत्नी पूजा गौतम (26) का फिरोज़ पुत्र मुख्तार निवासी ग्राम बगही बारी, थाना पीपीगंज गोरखपुर से प्रेम संबंध था। आरोप है कि फिरोज़ का लालजी के घर आना-जाना लगा रहता था। तहरीर के अनुसार, गुरुवार रात करीब 10 बजे पूजा गौतम और फिरोज़ ने मिलकर लालजी गौतम को रस्सी से चारपाई पर बांध दिया। इसके बाद उस पर मिट्टी का तेल छिड़ककर आग लगा दी। आग की लपटों में घिरने से लालजी गंभीर रूप से झुलस गया। लालजी की चीख-पुकार सुनकर बाहर सो रहे उसके पिता और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने किसी तरह आग बुझाई और 108 एंबुलेंस की मदद से उसे बेवा सीएचसी पहुंचाया। प्राथमिक इलाज के बाद चिकित्सकों ने हालत गंभीर देखते हुए उसे बस्ती स्थित कैली अस्पताल रेफर कर दिया। पड़ोसी महिला ने धुआं उठता देखकर सूचना दी बताया गया कि घटना के समय पिता घम्मल प्रसाद घर के बाहर सो रहे थे और उन्हें कम सुनाई देता है। पड़ोस की एक महिला ने घर से धुआं उठता देखा और उन्हें सूचना दी। इसके बाद ग्रामीणों ने फाटक तोड़कर घर में प्रवेश किया, जहां लालजी आग से झुलसी हालत में मिला। शुक्रवार को सूचना मिलने पर पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। पुलिस क्षेत्राधिकारी बृजेश कुमार वर्मा और प्रभारी निरीक्षक श्रीप्रकाश यादव ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। फॉरेंसिक टीम ने वीडियो रिकॉर्डिंग के साथ अन्य जरूरी साक्ष्य भी जुटाए। घटना के बाद परिवार आर्थिक संकट से भी जूझ रहा है। परिजनों के अनुसार, मजदूरी कर परिवार चलाने वाले घम्मल प्रसाद के लिए बेटे का इलाज कराना मुश्किल हो रहा है। आर्थिक तंगी के कारण परिवार बस्ती से युवक को वापस घर ले आया। प्रभारी निरीक्षक श्रीप्रकाश यादव ने बताया- जिस मिट्टी के तेल से युवक को जलाया गया, वह पहले से घर में रखा हुआ था। पुलिस ने पत्नी पूजा गौतम और उसके प्रेमी फिरोज़ के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
सलूंबर के जयसमंद पाल स्थित जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) के जल आपूर्ति पंप हाउस के विद्युत स्टेशन में शुक्रवार को 230 KVA ट्रांसफॉर्मर में आग लग गई। आग इतनी भीषण थी कि पास के विद्युत खंभों पर लगी जड़ियां और सूखी झाड़ियां भी जल उठीं। घटना के समय आसपास पर्यटकों की अनुपस्थिति के कारण एक बड़ा हादसा टल गया। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पाया काबू आग लगने की सूचना मिलते ही जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) और जलदाय विभाग के कर्मचारी तुरंत मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों के सहयोग से कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। हालांकि, इस घटना में ट्रांसफॉर्मर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। पेयजल आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित इस घटना के कारण क्षेत्र की पेयजल व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अनुसार, जयसमंद हेडवर्क्स पर 230 KVA ट्रांसफॉर्मर के जलने से 23 मई 2026 को सलूंबर शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में जलापूर्ति बाधित रहेगी। जलापूर्ति से प्रभावित होने वाले ग्रामीण क्षेत्रों में खेराड, चिबोड़ा, बस्सी झुंझवात, बस्सी सिंगावत, सेरिया और डाल सहित कई अन्य गांव शामिल हैं। इन जगहों पर आपूर्ति रहेगी बाधित शहर के भीतर, इंदिरा कॉलोनी ए/बी, बाईपास, चुंगी नाका, तुर्की दरवाजा, नागदा बाजार, पाल दरवाजा, गांधी चौक, सुथारवाड़ी, भावना गली, बड़ा नाका, भोईवाड़ा, खाई गली, पटेलवाड़ा, बरगद कॉलोनी और लोहार गली जैसे कई मोहल्लों में जलापूर्ति आंशिक या पूर्ण रूप से बाधित रहने की संभावना है।
मुजफ्फरनगर में शहर के सिटी सेंटर के पास शुक्रवार को एक युवती ने बीच सड़क पर ई-रिक्शा चालक की जमकर पिटाई कर दी। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सामने आया है। वीडियो में युवती लगातार ई-रिक्शा चालक को थप्पड़ मार रही है। आसपास मौजूद लोग तमाशबीन बने खड़े दिखाई दे रहे हैं। कुछ लोग बीच-बचाव और युवती को शांत कराने की कोशिश करते भी नजर आए, लेकिन युवती काफी आक्रोशित दिखाई दी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक युवती ई-रिक्शा में बैठकर कहीं जा रही थी। इसी दौरान ई-रिक्शा चालक पर युवती के साथ कथित छेड़छाड़ करने का आरोप लगा। आरोप है कि चालक की हरकत से नाराज युवती ने सड़क पर ही अपना आपा खो दिया और चालक की पिटाई शुरू कर दी। मौके पर मौजूद किसी व्यक्ति ने पूरे घटनाक्रम को मोबाइल कैमरे में रिकॉर्ड कर लिया, जिसके बाद वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। फिलहाल मामला पुलिस के संज्ञान में पहुंच चुका है। पुलिस वायरल वीडियो के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि विवाद की असली वजह क्या थी।
लखीसराय में तालाब में डूबने से बच्चे की मौत:नहाते समय गहरे पानी में गया, आधे घंटे बाद मिला बॉडी
लखीसराय जिले के कवैया थाना क्षेत्र में एक 6 वर्षीय बच्चे की तालाब में डूबने से मौत हो गई। यह घटना शुक्रवार को नया बाजार पचना रोड स्थित संसार पोखर तालाब में स्नान के दौरान हुई। मृतक की पहचान स्थानीय निवासी मतलू कुमार के पुत्र कार्तिक कुमार के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, कार्तिक अपने घर के पास स्थित संसार पोखर तालाब में अन्य बच्चों के साथ स्नान करने गया था। खेलते-खेलते वह तालाब के गहरे हिस्से में चला गया और डूबने लगा। आसपास मौजूद बच्चों ने शोर मचाया, जिसके बाद स्थानीय लोग और परिजन मौके पर पहुंचे। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद बच्चे को तालाब से बाहर निकाला गया। हालांकि, तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं। परिजन बच्चे को तुरंत एक स्थानीय चिकित्सक के पास ले गए। प्राथमिक जांच के बाद बच्चे को सदर अस्पताल भेजा गया। सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में ऑन ड्यूटी चिकित्सक डॉ. मणि भूषण ने जांच के उपरांत कार्तिक को मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही कवैया थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
नीमच के जीरन इलाके में बिजली के ट्रांसफार्मर से तेल चुराने वाले तीन युवकों पुलिस ने पकड़ लिया है। जीरन पुलिस और हर्कियाखाल चौकी की टीम ने मिलकर कार्रवाई की। इनके पास से चोरी का करीब 38 लीटर तेल मिला है, जिसकी कीमत लगभग 50 हजार रुपए बताई जा रही है। यह पूरा मामला तब सामने आया जब 21 मई को पालसोडा गांव के एक किसान ने पुलिस को शिकायत दी। किसान ने बताया कि 20 मई की रात 8 बजे बदमाशों ने उसके खेत पर लगे ट्रांसफार्मर से तेल चोरी कर लिया था। पकड़े गए बदमाशों के नाम रामनिवास बंजारा (देवीपुरा), भरत बावरी और नागेश्वर उर्फ कान्हा बावरी (दोनों पालसोडा निवासी) हैं। चोरी का तेल मिला, आरोपी गए जेल पुलिस को इनके पास से एक नीली टंकी में भरा 38 लीटर तेल मिला है। पकड़े गए तीनों बदमाशों को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि इन लोगों ने इलाके में और कहां-कहां ऐसी चोरियां की हैं।
अमेरिका से आएगा थ्री डी डोम:गोरखपुर की नक्षत्रशाला में लगेगा; 32.26 करोड़ है लागत
गोरखपुर की नक्षत्रशाला पूरी तरह से आधुनिक होगी। इसके लिए 32.26 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक थ्री डी डोम एवं अन्य इलेक्ट्रिक उपकरण अमेरिका से डिस्पैच हो चुके हैं और जल्द ही गोरखपुर पहुंच जाएंगे। इस बदलाव के बाद नक्षत्रशाला में आने वाले लोगों को बेहतर अनुभव होगा। गोरखपुर विकास प्राधिकरण (GDA) की ओर से वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला का आधुनिकीकरण एवं महंत अवेद्यनाथ ज्ञान-विज्ञान पार्क का निर्माण किया जा रहा है। GDA उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल ने शुक्रवार को इस कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने परियोजना को पूरी गुणवत्ता के साथ तय समय सीमा में पूरा करने का निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान आिकारियों ने बताया कि नक्षत्रशाला के अधुनिकीकरण के लिए थ्री डी डोम और उपकरण अमेरिका से जल्द ही यहां पहुंच जाएगा। महंत अवेद्यनाथ ज्ञान-विज्ञान पार्क के निर्माण पर 15 करोड़ 62 लाख रुपये खर्च हो रहे हैं। जुलाई 2024 में यह काम शुरू हुआ था। अगस्त 2026 में इसे पूरा करना है। अब तक 8 करोड़ 24 लाख रुपये खर्च किए जा चुके हैं। लगभग 70 प्रतिशत काम पूरा किया जा चुका है। यहां प्राचीन भारतीय विज्ञान, इनोवेशन लैब, फन साइंस, स्पेस साइंस और आउटडोर साइंस गैलरियों का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है।नक्षत्रशाला परिसर में प्लांटर, रैप, सीढ़ी, टिकट घर और सोवेनिर शॉर का काम भी पूरा हो गया है। GDA उपाध्यक्ष ने डायनोटोरियम का भी निरीक्षण किया। जांच के दौरान बताया गया कि नक्षत्रशाला का भाग एक एव तीन का 35 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। एसी एवं चहारदिवारी का काम जारी है। अभियंताओं ने उन्हें बताया कि भाग दो के तहत थ्री डी डाम लगाया जाएगा। निरीक्षण के दौरान मुख्य अभियंता किशन सिंह, अधिशासी अभियंता राकेश प्रताप आदि उपस्थित रहै।

