डूंगरपुर नगर परिषद में 2 दिन में आयुक्त बदले:ललित सिंह देथा नए आयुक्त, भंवराराम को सचिव का प्रभार
डूंगरपुर नगर परिषद में स्वायत्त शासन विभाग ने 2 दिन बाद ही आयुक्त को फिर बदल दिया। भंवराराम की जगह अब ललित सिंह देथा नए आयुक्त होंगे। जबकि भंवराराम को सचिव के पद पर लगाया है। दो दिनों में ही इस बदलाव को लेकर कई तरह की चर्चाएं है। डूंगरपुर नगर परिषद में ट्रांसफर लिस्ट के बाद बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। स्वायत्त शासन विभाग की ओर से 2 दिन पहले जारी ट्रांसफर लिस्ट में डूंगरपुर नगर परिषद के अयुक्त प्रकाश डूडी का ट्रांसफर कर दिया गया। उनकी जगह भंवराराम को डूंगरपुर नगर परिषद का आयुक्त लगाया। लेकिन अब 2 दिन बाद ही फिर एक आदेश में भंवराराम की जगह ललित सिंह देथा को आयुक्त लगाया है। देथा अभी आयुक्तालय में आदेशों की प्रतिक्षा में थे। आदेश ने ट्रांसफर की लेकर प्रशासनिक कारण बताए गए है।उसी आदेश में भंवराराम को आयुक्त की जगह अब सचिव का चार्ज दिया गया है। 2 दिन में हो इन फेरबदल को लेकर राजनीतिक कारण भी बताए जा रहे है। ऐसे में कई तरह की चर्चाएं चल रही है।
कांवड़ यात्रा के दौरान पुलिस और पत्रकारों के साथ हुई अभद्रता की जांच में अब एक नया और चौंकाने वाला पहलू सामने आया है। जांच एजेंसियों के रडार पर ऐसे कथित ‘कांवड़ ठेका गैंग’ आ गए हैं, जो सोशल मीडिया पर व्यूज़, फॉलोअर्स और कमाई के लिए शिवभक्तों की आस्था का इस्तेमाल कर रहे हैं। मुज़फ़्फ़रनगर पुलिस की साइबर सेल ऐसे लोगों के सोशल मीडिया अकाउंट्स, उनकी गतिविधियों और पुराने वीडियो का गहन विश्लेषण कर रही है। एसपी सिटी अमृत जैन ने बताया कि कुछ लोग अपनी सस्ती लोकप्रियता के लिए श्रद्धा को हुड़दंगबाज़ी के साथ मिक्स कर रहे हैं। ये लोग जानबूझकर पुलिस से टकराव की स्थिति पैदा करते हैं, फिर उसी का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों की पहचान की जा रही है और उनके सोशल मीडिया अकाउंट्स की तकनीकी जांच भी जारी है। SP सिटी के अनुसार जांच में सामने आया है कि गाज़ियाबाद, दिल्ली, नोएडा समेत कई क्षेत्रों से जुड़े कुछ लोग कांवड़ यात्रा के दौरान सक्रिय हो जाते हैं। आरोप है कि ये लोग कांवड़ियों से मोटी रकम लेकर उन्हें उत्तराखंड बॉर्डर से मुज़फ़्फ़रनगर और आगे तक पार कराने का ठेका लेते हैं। बदले में उन्हें सोशल मीडिया पर फेमस करने का वादा किया जाता है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, कथित तौर पर ये लोग यात्रा के दौरान जानबूझकर पुलिस से बहस, धक्का-मुक्की और टकराव की स्थिति पैदा करते हैं, ताकि विवादित वीडियो रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर पोस्ट किए जा सकें। इन वीडियो के जरिए व्यूज़, फॉलोअर्स और आर्थिक लाभ कमाने का प्रयास किया जाता है। जांच में यह भी सामने आया है कि ये लोग केवल एक कांवड़ के साथ नहीं चलते, बल्कि एक कांवड़ को मुज़फ़्फ़रनगर के निर्धारित पड़ावों तक पहुंचाने के बाद दोबारा हरिद्वार लौट जाते हैं और दूसरी कांवड़ के साथ फिर उसी तरह का सफर शुरू कर देते हैं। पुलिस का मानना है कि पूरे कांवड़ मेले के दौरान इस तरीके से लाखों रुपये की कमाई किए जाने की आशंका है।
रेवाड़ी के राजपुरा खालसा में चोर भैंस चुरा ले गए। घटना के समय किसान घर के बाहर बंधे अपने पशुओं के पास ही सो रहा था। वारदात को रात करीब 2:00 पर अंजाम दिया गया। जिसमें भैंस के आगे एक पिकअप चल रही है। पीछे-पीछे दो चोर भैंस को लेकर चल रहे हैं। एक ने आगे से पकड़ी हुई है। दूसरा पीछे से हांक रहा है। 5 साल पहले भी भैंस चोरी हुई थी। जिसका आज तक सुराग नहीं मिल पाया है। इससे पहले पिछले सप्ताह लिलोड गांव का एक ऐसा ही वीडियो सामने आया था। जिला में बढ़ती वारदातों से पशु पालकों और किसानों में चोरों का खौफ बढ़ता जा रहा है। शिकायत मिलने के बाद सदर थाना पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। आंख खुली तो गायब मिली गांव राजपुरा खालसा निवासी प्रीतम सिंह ने पुलिस को बताया कि 12 जुलाई 2026 की रात घर के बाहर उनकी भैंस और गाय बंधी हुई थी। वह उनके पास ही चारपाई बिछाकर सो रहा था। सुबह जब उसकी आंख खुली तो भैंस गायब मिली। आसपास तलाश करने पर भी पर कोई सुराग नहीं मिला। CCTV में कैद वारदात उन्होंने बताया कि जब उसने आसपास लगे सीसीटीवी देखे तो दो व्यक्ति जबरदस्ती उसकी भैंस को ले जाते दिखाई दिए। एक व्यक्ति भैंस को आगे पकड़ रखा था। दूसरा पीछे से हांक रहा था। जिनके आगे एक पिकअप गाड़ी चल रही थी। सीसीटीवी में पिकअप के सामने से एक बाइक सवार भी आता दिखाई दे रहा है। प्रीतम ने बताया कि इससे पांच साल पहले भी उनकी भैंस चोरी हुई थी। जिसकी शिकायत सदर थाना पुलिस को दी गई थी। जिसका आज तक कोई सुराग नहीं लगा। उन्होंने गांव के ही व्यक्ति पर साजिश के तहत नुकसान पहुंचाने के लिए चोरी करवाने का आरोप लगाया।
मालाखेड़ा थाना क्षेत्र के बड़ा गांव नेथला में खेत के डोल के विवाद में पुलिसकर्मी के परिवार पर तलवार से हमला कर दिया। 3 महिलाएं सहित 6 जने घायल हो गए। कुछ घायलों का अलवर जिला अस्पताल में इलाज जारी है। घटना रविवार दोपहर बाद की है। घायल पुलिसकर्मी प्रतापगढ़ थाने में कार्यरत है। पीड़ित पक्ष के अनुसार, विवाद पुश्तैनी खेत तक जाने वाले रास्ते को लेकर था। रविवार दोपहर को जब लाखन सिंह का परिवार खेत पर जा रहा था, तब दूसरे पक्ष के लोगों ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में तीखी बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते आरोपी पक्ष के लोग तलवार और लाठियां लेकर आ गए और हमला बोल दिया। आरोप है कि धर्मेंद्र राजपूत, जितेंद्र, दिलीप और गब्बर ने लाखन सिंह के परिवार पर ताबड़तोड़ हमला किया। इस हमले में मनजीत सिंह्,अमित सिंह,गीता देवी, उषा व मोनिका सहित छह लोग घायल हो गए। जिनमें से 4 के सिर फोड़ दिए। एक के हाथ पर तलवार लगी है। पुलिस पहुंची मौके पर, आरोपियों की तलाश जारी घटना की सूचना मिलते ही मालाखेड़ा थाना पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। पीड़ित पक्ष की शिकायत पर पुलिस ने नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि वारदात के बाद से ही आरोपी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
धार शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में पिछले पांच दिनों से बारिश नहीं होने के कारण किसानों की चिंता बढ़ गई है। शुरुआती अच्छी बारिश के बाद अब खेतों की नमी तेजी से कम हो रही है, जिससे सोयाबीन समेत खरीफ फसलों की बढ़वार प्रभावित होने लगी है। सोयाबीन की बढ़वार पर असर किसानों का कहना है कि सोयाबीन की फसल इस समय बढ़वार के अहम चरण में है। लगातार बारिश नहीं होने और तेज धूप के कारण मिट्टी की नमी खत्म हो रही है। इससे फसल के पीले पड़ने और सूखने का खतरा बढ़ गया है। यदि जल्द बारिश नहीं हुई तो उत्पादन पर भी असर पड़ सकता है। किसानों की बढ़ी चिंता किसान विष्णु मुकाती ने बताया कि पिछले पांच दिनों से बारिश पूरी तरह बंद है। खेतों की नमी लगातार घट रही है और फसल को तत्काल पानी की जरूरत है। उन्होंने कहा कि यदि अगले कुछ दिनों में बारिश नहीं हुई तो किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। अच्छी शुरुआत के बाद बढ़ी परेशानी ग्रामीण किसानों ने बताया कि समय पर बुवाई और शुरुआती बारिश से अच्छी पैदावार की उम्मीद जगी थी, लेकिन अब बारिश थमने से चिंता बढ़ गई है। किसान लगातार आसमान की ओर उम्मीद भरी निगाहों से देख रहे हैं। विशेषज्ञों ने जताई चिंता कृषि विशेषज्ञों के अनुसार जुलाई का यह समय सोयाबीन की फसल के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है। यदि लंबे समय तक बारिश नहीं होती है तो खेतों की नमी तेजी से घटती है, जिससे फसल की बढ़वार और उत्पादन दोनों प्रभावित हो सकते हैं। आने वाले कुछ दिनों की बारिश किसानों के लिए निर्णायक साबित होगी।
एटा में करंट लगने से किसान की मौत:सबमर्सिबल छूते ही चपेट में आया, रात भर ट्यूबवेल पर पड़ा रहा शव
एटा जिले के पिलुआ थाना क्षेत्र के भोजपुर गांव में खेत पर ट्यूबवेल की सबमर्सिबल स्टार्ट करते समय एक अधेड़ व्यक्ति की करंट लगने से मौत हो गई। यह घटना रविवार देर शाम हुई। मृतक की पहचान 52 वर्षीय जितेंद्र पुत्र छदामी लाल, निवासी भोजपुर के रूप में हुई है। वह रविवार देर शाम अपने खेत पर पानी भरने गए थे। जब देर रात तक वह घर नहीं लौटे, तो परिजनों को चिंता हुई। परिजनों ने खेत पर जाकर देखा तो जितेंद्र गंभीर रूप से झुलसे हुए पड़े थे। परिजन तुरंत जितेंद्र को एटा के वीरांगना अवंतीबाई मेडिकल कॉलेज ले गए। वहां डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस सूचना के बाद परिजनों में मातम छा गया। सूचना मिलने पर पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लिया। पंचनामा की प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेजा गया है। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण भी किया और मामले की जांच पड़ताल शुरू कर दी है। मृतक के भाई के के सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि उनका भाई खेत पर पानी भरने गया था, तभी विद्युत करेंट लगने से उसकी मौत हो गई। थाना प्रभारी पिलुआ संदीप राणा ने बताया कि घटना करीब रात 11 बजे की है। खेत पर पानी लगाते समय विद्युत करेंट से मौत हुई है। उन्होंने पुष्टि की कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और जांच जारी है।
मारपीट मामले में 3 भाईयों-मां समेत 13 पर FIR:फतेहाबाद में युवक को पीटा; दूसरा पक्ष भी करवा चुका केस
फतेहाबाद जिले के गांव हरिपुरा में पुरानी रंजिश को लेकर एक परिवार पर कथित रूप से लाठी-डंडों से हमला करने के मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर लिया। इस मामले में 12 नामजद समेत 13 लोगों पर केस दर्ज किया गया है। आरोप है कि हमले में एक युवक का हाथ फ्रैक्चर हो गया, जबकि उसके पिता, मां और भाई भी घायल हो गए। सभी को पहले नागरिक अस्पताल फतेहाबाद ले जाया गया। जहां से तीन घायलों को गंभीर हालत में अग्रोहा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। पुलिस ने पीड़ित के बयान के आधार पर नामजद आरोपियों सहित अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हालांकि, इस मामले में दूसरे पक्ष के हरीश कुमार के बयान पर चार लोगों पर केस दर्ज हो चुका है। पुलिस को दिए बयान में हरिपुरा निवासी राजकुमार ने बताया कि 7 जुलाई की सुबह उसका छोटा भाई अजयपाल गेहूं पिसाने जा रहा था। आरोप है कि रास्ते में गांव के ही हरीश कुमार, उसकी मां बिमला देवी, भाई सर्वमित्र उर्फ सन्नी और भजन लाल ने उसका रास्ता रोककर मारपीट की। शोर सुनकर वह और उसकी मां इन्द्रो देवी मौके पर पहुंचे तो उनके साथ भी हाथापाई हुई। इस घटना में तीनों घायल हुए। 9 जुलाई को भी मारपीट करने का आरोप राजकुमार ने बताया कि 9 जुलाई की सुबह वह अपनी पत्नी के साथ मोटरसाइकिल पर खेत से चारा लेकर घर लौट रहा था। आरोप है कि भजन लाल के घर के पास पहले से घात लगाए बैठे भजनलाल, सर्वमित्र उर्फ सन्नी, सुरेश उर्फ बब्बू, बलदेव कुमार, हंसराज, दीवानचंद, उसके दोनों बेटे, दो भांजे तथा 7-8 अन्य लोग लाठी-डंडे लेकर उनकी ओर दौड़ पड़े। पत्नी जान बचाकर घर की ओर भाग गई, जबकि आरोपियों ने उसे घेरकर लाठियों से हमला कर दिया। बचाने पहुंचे उसके पिता महेंद्र सिंह को भी पीट दिया। इसके बाद आरोपियों ने उसकी मां इन्द्रो देवी और भाई अजयपाल के साथ भी मारपीट की। पिता और दो बेटों को किया गया रेफर घायलों को एंबुलेंस से नागरिक अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से राजकुमार, उसके पिता और भाई को अग्रोहा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। राजकुमार ने बताया कि उसके दाहिने हाथ में फ्रैक्चर आया है और ऑपरेशन होना है, जबकि अन्य घायलों का भी उपचार किया गया। पुलिस ने राजकुमार के बयान के आधार पर केस दर्ज किया है। मामले में हरीश कुमार, उसके भाई सुरेश, सर्वमित्र, मां बिमला देवी, भजनलाल, बलदेव, हंसराज, बंटू, बंटू के भाई, दीवानचंद, उसके बेटे सन्नी, देवी व एक अन्य पर केस हुआ है।
मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड में दो गैर-मुस्लिम सदस्यों की नियुक्ति को लेकर चल रहे विवाद में अब पहली बार शिया समुदाय की ओर से भी खुलकर प्रतिक्रिया सामने आई है। करोंद स्थित आल-ए-मोहम्मद शिया जामा मस्जिद के इमाम-ए-जुमा मौलाना सैयद अज़हर हुसैन रिजवी ने कहा कि वक्फ की जमीनें और संपत्तियां मुसलमानों की अमानत हैं, इसलिए इनके प्रबंधन में गैर-मुस्लिमों को शामिल करना किसी भी दृष्टि से उचित नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि नए बोर्ड में किसी शिया आलिम या प्रतिनिधि को स्थान नहीं दिया जाना भी बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। वक्फ की जायदाद मुसलमानों की भलाई के लिए मौलाना रिजवी ने कहा कि वक्फ की जमीनें और जायदादें देश के नवाबों, राजाओं और संपन्न लोगों ने गरीब मुसलमानों की शिक्षा, आवास और सामाजिक कल्याण के उद्देश्य से दान की थीं। उनका कहना था कि इन संपत्तियों का उद्देश्य हमेशा मुस्लिम समाज की भलाई रहा है, इसलिए इनके संचालन और निर्णय प्रक्रिया में भी मुस्लिम समाज की ही भागीदारी होनी चाहिए। मौलाना रिजवी बोले- गैर-मुस्लिमों की नियुक्ति उचित नहीं मौलाना रिजवी ने कहा कि वक्फ का पूरा विषय मुस्लिम समाज और उसकी धार्मिक संपत्तियों से जुड़ा हुआ है। ऐसे में बोर्ड में गैर-मुस्लिम सदस्यों की नियुक्ति को उचित नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने कहा कि जब वक्फ की संपत्तियों का संबंध मुसलमानों से है, तो उनके प्रबंधन की जिम्मेदारी भी मुस्लिम प्रतिनिधियों के हाथ में ही रहनी चाहिए। उनके मुताबिक, इस तरह की दखलअंदाजी सही परंपरा नहीं है। स्वागत करने वालों पर भी जताई नाराजगी मौलाना सैयद अज़हर हुसैन रिजवी ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति, चाहे वह आलिम हो या किसी धार्मिक पद पर हो, इस फैसले का समर्थन करता है या ऐसे लोगों का स्वागत करता है, तो यह मुस्लिम समाज के प्रति उचित रवैया नहीं माना जा सकता। उन्होंने इसे अफसोसनाक बताते हुए कहा कि धार्मिक मामलों में समाज की भावनाओं का सम्मान होना चाहिए। बता दें कि हाल ही में शहर काजी मुश्ताक अली नदवी और शहर मुफ्ती अब्दुल कलाम ने वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सन्नवर पटेल का स्वागत किया। जिससे शहर भर के मुसलमानों में इसको लेकर नारजगी है। बोर्ड में शिया प्रतिनिधि तक नहीं रखा गया मौलाना रिजवी ने नए वक्फ बोर्ड में शिया समुदाय के किसी भी प्रतिनिधि को स्थान नहीं मिलने पर भी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि वक्फ का संबंध पूरे मुस्लिम समाज से है, इसलिए कम से कम एक शिया आलिम या शिया समाज के प्रतिनिधि को बोर्ड में शामिल किया जाना चाहिए था। उनका कहना था कि यह कमी भी मुस्लिम समाज के एक बड़े वर्ग में निराशा का कारण बनी है। मुसलमानों की एकजुटता की कमी भी बड़ी वजह मौलाना रिजवी ने कहा कि आज मुस्लिम समाज जिन चुनौतियों का सामना कर रहा है, उसकी एक बड़ी वजह आपसी एकता का अभाव भी है। यदि समाज में मजबूत एकजुटता होती तो ऐसे हालात पैदा नहीं होते। उन्होंने मुस्लिम समाज से आपसी मतभेद भुलाकर एकजुट रहने की अपील भी की। शहर काजी के स्वागत पर लगातार उठ रहे सवालवक्फ बोर्ड विरोध प्रदर्शन में लगातार शहर काजी के स्वागत करने वाले मामले में लगातार सवाल उठ रहे हैं, इसमें शहर के मुस्लमानों के अलावा मुस्लिम त्योहार कमेटी और इससे पहले निकाह काजी मौलाना मआज भी इस स्वागत को लेकर इस्तीफा दे चुके हैं। लोगों का कहना है कि शहर काजी और नायब काजी का बहुत बड़ा रुतबा है, लेकिन जब उन्होंने वक्फ बोर्ड के नए अध्यक्ष सनव्वर पटेल का गुलदस्ता देकर स्वागत किया तो हमें अच्छा नहीं लगा। समाज के कई लोग इस बात से नाराज हैं और मानते हैं कि उन्हें इस फैसले का विरोध करना चाहिए था। दूसरी तरफ दैनिक भास्कर ने इस मामले में कई बार शहर काजी मुश्ताक अली नदवी से बातचीत करने की कोशिश की, मगर उन्होंने इस पर बात नहीं की। इधर, वक्फ बोर्ड ने MP हाईकोर्ट में लगाई केविएटमध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड में दो गैर-मुस्लिम सदस्यों की नियुक्ति को लेकर जारी विवाद अब कानूनी मोड़ लेता नजर आ रहा है। कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद द्वारा इस मामले को सुप्रीम कोर्ट ले जाने की घोषणा के बाद मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड ने एहतियाती कदम उठाते हुए जबलपुर हाईकोर्ट में केविएट दाखिल कर दी है। वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सनव्वर पटेल ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि बोर्ड चाहता है कि यदि इस मामले में कोई याचिका दायर होती है तो अदालत उसका पक्ष भी सुने, उसके बाद ही कोई आदेश पारित करे। मामले से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… मंदिरों का हवाला देकर सरकार पर बरसे जमीयत के सदर मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड में दो गैर-मुस्लिम सदस्यों की नियुक्ति को लेकर जारी विवाद के बीच जमीयत उलेमा मध्यप्रदेश के सदर मुफ्ती मोहम्मद अहमद ने सरकार के फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि सरकार दावा कर रही है कि इससे पारदर्शिता आएगी, लेकिन जो लोग अपनी धार्मिक संस्थाओं के मामलों को ही ठीक से नहीं संभाल पा रहे, वे वक्फ की धार्मिक संपत्तियों और संस्थाओं की सुरक्षा कैसे करेंगे।पढ़ें पूरी खबर
हनुमानगढ़ जिला स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित 3न दिवसीय 'पंच गौरव भटनेर उत्सव' का समापन रविवार रात हुआ। राजीव गांधी स्टेडियम में 'सुरमई संध्या' स्टार नाइट कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें प्रसिद्ध पंजाबी सूफी गायक कंवर ग्रेवाल ने अपनी प्रस्तुति दी। उनकी सूफी गायकी ने हजारों श्रोताओं को देर रात तक बांधे रखा। कंवर ग्रेवाल ने अपनी चर्चित सूफी प्रस्तुतियों के साथ कार्यक्रम की शुरुआत की। उन्होंने 'नी रुह', 'मस्त बना दे' जैसे लोकप्रिय सूफियाना गीत प्रस्तुत किए, जिन पर दर्शक झूम उठे। इन गीतों ने माहौल को भक्तिमय और संगीतमय बना दिया। बड़ी संख्या में युवा, महिलाएं, परिवार और संगीत प्रेमी कार्यक्रम का आनंद लेने पहुंचे और तालियों से कलाकार का उत्साहवर्धन किया। लाइट शो ने बांधा समांस्टार नाइट के दौरान मंच पर आधुनिक ध्वनि एवं प्रकाश व्यवस्था की आकर्षक प्रस्तुति की गई। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बीच दर्शकों में पूरे समय उत्साह बना रहा। स्टेडियम देर रात तक खचाखच भरा रहा, जहां लोगों ने कलाकार की हर प्रस्तुति का भरपूर आनंद लिया। इस अवसर पर जिला कलेक्टर डॉ. खुशाल यादव, एसपी नरेंद्र सिंह मीणा, एडीएम उम्मेदीलाल मीणा, एडीएम (सतर्कता) कुलदीप ढिल्लों, भाजपा नेता अमित साहू, विधायक प्रतिनिधि सुरेश भार्गव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और लोग मौजूद रहे।
दोनों गायों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि ट्रक चालक और उसके दो बेटे वाहन में फंस गए। स्थानीय लोगों की मदद से तीनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। अचानक सड़क पर आ गईं गायें जानकारी के अनुसार, धौलपुर से ग्वालियर जा रहा मिनी ट्रक बानमोर के पास पहुंचा ही था कि अचानक दो गायें सड़क पार करने लगीं। चालक ब्रेक लगा पाता, उससे पहले ही ट्रक गायों से टकरा गया। टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों गायों की मौके पर ही मौत हो गई और ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया। स्थानीय लोगों ने बचाई जान हादसे के बाद ट्रक चालक और उसके दो बेटे वाहन के अंदर फंस गए। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू कर तीनों को सुरक्षित बाहर निकाला। हादसे में तीनों को मामूली चोटें आई हैं और उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। कुछ देर प्रभावित रहा यातायात सूचना मिलते ही बानमोर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। थाना प्रभारी दीपेंद्र यादव ने बताया कि पुलिस ने दुर्घटनास्थल का निरीक्षण कर पलटे हुए ट्रक को हटवाया। हादसे के कारण कुछ समय के लिए नेशनल हाईवे-44 पर यातायात प्रभावित रहा। पुलिस ने मामला दर्ज कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
छत्तीसगढ़ के भिलाई के रहने वाले 25 साल के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंजीनियर श्रेष्ठ मलिक की हरियाणा के गुरुग्राम में ट्रेन से कटकर मौत हो गई। उसका शव रेलवे ट्रैक पर दो हिस्सों में मिला। गुरुग्राम पुलिस को शक है कि श्रेष्ठ ने पहले अपनी गर्लफ्रेंड इशाका की चाकू मारकर हत्या की। इसके बाद ट्रेन के आगे कूदकर सुसाइड कर लिया। श्रेष्ठ मलिक भिलाई के जामुल थाना क्षेत्र का रहने वाला था। वह गुरुग्राम के सेक्टर-59 स्थित Optum Global Solutions में AI इंजीनियर था। उसी कंपनी में उत्तर प्रदेश के सीतापुर की रहने वाली इशाका भी काम करती थी। पुलिस के मुताबिक, दोनों एक-दूसरे को जानते थे और तीन दिन पहले ही इशाका श्रेष्ठ के कमरे में रहने के लिए शिफ्ट हुई थी। श्रेष्ठ के पिता का कहना है कि, बेटे ने अपने भाई को कॉल कर कहा था कि, एक लड़की धमकी देकर गई है। मेरा बेटा गुरुग्राम में नौकरी करने गया था। वह किसी की हत्या नहीं कर सकता। परिवार ने पुलिस से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने की मांग की है। सिलसिलेवार ढंग से जानिए क्या है पूरा मामला परिवार ने पुलिस को फोन किया, कहा- बेटी कॉल नहीं उठा रही सेक्टर-56 थाना पुलिस के मुताबिक, रविवार 12 जुलाई को उत्तर प्रदेश के सीतापुर में रहने वाले इशाका के परिवार ने पुलिस से संपर्क किया। परिवार ने बताया कि, इशाका लगातार फोन रिसीव नहीं कर रही है। कई बार कॉल करने के बाद भी उससे कोई बात नहीं हो पाई। परिवार से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस गुरुग्राम के सेक्टर-55 स्थित उसके बताए पते पर पहुंची। पुलिस ने आसपास रहने वाले लोगों से पूछताछ की, लेकिन किसी ने घटना के बारे में जानकारी होने से इनकार कर दिया। कमरे में खून से लथपथ मिली युवती की लाश पुलिस के मुताबिक, कमरे का दरवाजा बंद था। पुलिस किसी तरह दरवाजा खोलकर अंदर पहुंची। कमरे के अंदर इशाका का शव पड़ा था। फर्श पर काफी खून फैला हुआ था। शुरुआती जांच में सामने आया कि उसकी चाकू से कई वार कर हत्या की गई थी। पुलिस का कहना है कि शव करीब एक दिन पुराना लग रहा था। इसके बाद फोरेंसिक टीम को मौके पर बुलाया गया। टीम ने कमरे से सबूत जुटाए। पुलिस ने इशाका के परिवार को भी घटना की जानकारी दी। जांच में पता चला- भिलाई का श्रेष्ठ भी रहता था साथ पुलिस ने इशाका के बारे में जानकारी जुटाई तो पता चला कि, उसके साथ भिलाई निवासी श्रेष्ठ मलिक भी कमरे में रहता था। श्रेष्ठ मौके पर नहीं मिला। पुलिस ने उसके बारे में जानकारी जुटानी शुरू की। इसी दौरान पता चला कि, 11 जुलाई को गुरुग्राम में रेलवे ट्रैक पर एक युवक का शव मिला था। ट्रेन की चपेट में आने से युवक का शरीर दो हिस्सों में बंट गया था। मोबाइल से हुई श्रेष्ठ की पहचान, भिलाई से पहुंचा परिवार जीआरपी को मृतक के पास मोबाइल मिला था। इसके आधार पर युवक की पहचान श्रेष्ठ मलिक के रूप में हुई। वह भिलाई के जामुल थाना क्षेत्र का रहने वाला था। जीआरपी ने उसके परिवार से संपर्क किया। बेटे की मौत की खबर मिलते ही परिवार के लोग भिलाई से गुरुग्राम पहुंचे। जीआरपी थाना प्रभारी राजपाल के मुताबिक, श्रेष्ठ के शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया। इसके बाद शव परिवार को सौंप दिया गया है। पिता बोले- बेटा किसी की हत्या नहीं कर सकता श्रेष्ठ के पिता दीपक मलिक ने बेटे पर लगे हत्या के आरोपों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने बताया कि, श्रेष्ठ ने परिवार को कभी इशाका या किसी दूसरी लड़की के बारे में नहीं बताया था। परिवार यह भी नहीं जानता कि इशाका कौन थी। दीपक मलिक के मुताबिक 11 जुलाई को श्रेष्ठ ने अपने भाई को फोन किया था। उसने बताया था कि एक लड़की उसे धमकी देकर गई है। हालांकि, श्रेष्ठ ने यह नहीं बताया कि वह लड़की कौन थी और किस बात को लेकर धमकी दी गई थी। श्रेष्ठ के पिता ने कहा कि उनका बेटा गुरुग्राम में नौकरी करने गया था। वह किसी की हत्या नहीं कर सकता। परिवार ने पुलिस से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने की मांग की है। एक ही कंपनी में नौकरी करते थे श्रेष्ठ और इशाका सेक्टर-56 थाना प्रभारी मनोज कुमार के मुताबिक, श्रेष्ठ और इशाका गुरुग्राम के सेक्टर-59 स्थित Optum Global Solutions में नौकरी करते थे। दोनों की पहचान कंपनी में ही हुई थी। इशाका पहले सेक्टर-57 में रहती थी। घटना से करीब तीन दिन पहले उसने अपना कमरा खाली कर दिया था। इसके बाद वह श्रेष्ठ के साथ सेक्टर-55 स्थित क्लाउड नाइन पीजी के कमरे में रहने लगी थी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हत्या से पहले कमरे में क्या हुआ था। श्रेष्ठ और इशाका के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था या घटना के पीछे कोई दूसरी वजह है, इसकी जांच की जा रही है। कॉल डिटेल खंगाल रही पुलिस पुलिस दोनों के मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाल रही है। इसके साथ ही पीजी और आसपास लगे CCTV कैमरों के फुटेज भी देखे जा रहे हैं। पुलिस श्रेष्ठ के परिवार और इशाका के परिजनों से भी जानकारी जुटा रही है। फिलहाल पुलिस शुरुआती जांच के आधार पर श्रेष्ठ पर इशाका की हत्या के बाद सुसाइड करने का शक जता रही है। हालांकि श्रेष्ठ के परिवार ने इस दावे पर सवाल उठाए हैं। पुलिस का कहना है कि कॉल रिकॉर्ड, CCTV फुटेज और फोरेंसिक रिपोर्ट सामने आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की सही तस्वीर साफ हो सकेगी।
बरेली में निकली तेज धूप, पारा 37°C पहुंचा:तीन दिन से बारिश नहीं, आज दिनभर सताएगी उमसभरी गर्मी
मानसून की रफ्तार थमने के बाद बरेली में एक बार फिर गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। सोमवार सुबह से ही तेज धूप निकलने के साथ मौसम साफ बना हुआ है। धूप तेज होने के कारण दोपहर के समय लोगों को भीषण गर्मी और उमस का सामना करना पड़ेगा। मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को शहर का अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। तीन दिन से नहीं हुई बारिशबरेली में पिछले तीन दिनों से बारिश नहीं हुई है। बारिश थमने के कारण वातावरण में नमी बढ़ गई है, जिससे उमस लगातार लोगों को परेशान कर रही है। सुबह से ही धूप तेज होने के कारण सड़कों पर निकलने वाले लोग पसीने से तरबतर नजर आए। 24 घंटे तक राहत की उम्मीद नहींमौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटे तक मौसम शुष्क बना रहेगा। दिनभर तेज धूप निकलेगी और गर्म हवाओं के साथ उमस बनी रहेगी। फिलहाल बारिश की संभावना कम है, जिससे तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है। गर्मी से बचाव की सलाहविशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर 12 से 4 बजे के बीच अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और धूप में निकलते समय छाता या सिर ढककर चलने की सलाह दी है। बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। पिछले साल की तुलना में इस बार गर्मी ज्यादापिछले साल 13 जुलाई के आसपास बरेली का अधिकतम तापमान करीब 31–32 डिग्री सेल्सियस था, जबकि इस बार पारा 37 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। यानी पिछले वर्ष की तुलना में करीब 5–6 डिग्री अधिक गर्मी महसूस की जा रही है।
संभल में एक किसान ने बंदरों और आवारा पशुओं से अपनी फसल बचाने के लिए अनोखा तरीका अपनाया है। किसान ने भालू का मुखौटा पहनकर खेत की रखवाली शुरू की है, जिससे उसकी मक्का और धान की फसल सुरक्षित हो गई है। यह मामला संभल जिले की गुन्नौर तहसील के धनारी थाना क्षेत्र के वहीपुर गांव का है। गांव निवासी केशव कुमार की मक्का और धान की फसल को लगातार बंदर और आवारा पशु बर्बाद कर रहे थे। डंडे और शोर मचाने पर भी बंदर नहीं भागते थे। इस समस्या से निजात पाने के लिए किसान केशव कुमार ने बाजार से 1700 रुपये का भालू का कॉस्ट्यूम खरीदा। अब वह प्रतिदिन इस कॉस्ट्यूम को पहनकर अपने खेत की रखवाली करते हैं। खेत में भालू के रूप में युवक को देखकर बंदर दूर तक भी दिखाई नहीं देते। किसान केशव कुमार ने बताया कि बंदरों की वजह से वे बहुत परेशान थे और रोजाना फसल बर्बाद हो रही थी। अब इस तरीके से फसल सुरक्षित हो गई है।उन्होंने बताया कि पहले डंडे या शोर से बंदर नहीं भागते थे, बल्कि उन पर हमलावर हो जाते थे। भालू का मुखौटा पहनने के बाद बंदर पास भी नहीं आते। किसान केशव कुमार के इस अनोखे तरीके की चर्चा गांव सहित आसपास के क्षेत्रों में भी हो रही है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले संभल तहसील के फिरोजपुर गांव में भी एक किसान ने पशुओं से फसल बचाने के लिए भालू का कॉस्ट्यूम खरीदा था।
शादी का झांसा देकर युवती से दो साल दुष्कर्म:बांदा में तीन आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज,एक आरोपी फरार
बांदा जनपद के जसपुरा थाना क्षेत्र में एक युवती से शादी का झांसा देकर दो साल तक दुष्कर्म का मामला सामने आया है। पीड़िता की तहरीर पर पुलिस ने मुख्य आरोपी समेत तीन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। मामला दर्ज होने के बाद से आरोपी फरार बताए जा रहे हैं। पीड़िता के पिता के अनुसार, गांव निवासी फरदीन ने उनकी बेटी को प्रेम संबंध में फंसाया था। फरदीन ने शादी का वादा कर करीब दो वर्षों तक युवती के साथ शारीरिक संबंध बनाए। बाद में आरोपी फरदीन किसी अन्य युवती के संपर्क में आ गया। जब पीड़िता इस संबंध में फरदीन के घर बात करने पहुंची, तो परिजनों ने उसके साथ अभद्रता की। इसके बाद पीड़िता के परिजनों ने थाने में शिकायत दर्ज कराई। पिता ने बताया कि पुलिस के सामने फरदीन शादी के लिए तैयार हो गया था, लेकिन कोर्ट मैरिज की प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही वह गांव छोड़कर फरार हो गया। पीड़िता की ओर से दोबारा तहरीर दिए जाने पर जसपुरा थाना पुलिस ने कार्रवाई की। पुलिस ने फरदीन, अंजुम और इमामुद्दीन के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है। मामले के विवेचक प्रेमपाल सिंह ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपों की जांच की जा रही है और फरार आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस टीम जुटी हुई है। जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
गुरुग्राम: Gurugram Murder: सेक्टर-56 थाना क्षेत्र में एक महिला सॉफ्टवेयर इंजीनियर की हत्या और एक पुरुष सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रेलवे ट्रैक पर मृत मिलने की घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। पुलिस की शुरुआती जांच में दोनों के बीच निजी संबंध होने की बात सामने आई है। अधिकारियों का मानना है कि दोनों घटनाएं आपस में जुड़ी हो सकती हैं, हालांकि मामले की जांच अभी जारी है और पुलिस ने किसी अंतिम निष्कर्ष की पुष्टि नहीं की है। फ्लैट में मिला महिला का शव पुलिस के अनुसार, 25 वर्षीय इशारा अयूबी का शव सेक्टर-55 स्थित एक अपार्टमेंट के कमरे में मिला। उनके परिजनों ने शनिवार से मोबाइल फोन बंद होने पर चिंता जताते हुए पुलिस को सूचना दी थी। मोबाइल लोकेशन के आधार पर पुलिस संबंधित फ्लैट तक पहुंची। दरवाजा अंदर से बंद होने के कारण उसे तोड़कर प्रवेश किया गया, जहां महिला का शव बिस्तर पर पड़ा मिला। प्रारंभिक जांच में पुलिस को शरीर पर धारदार हथियार से चोट के निशान मिले। घटनास्थल से एक चाकू भी बरामद किया गया है, जिसे जांच के लिए फॉरेंसिक टीम को भेजा गया है। कमरे से अन्य साक्ष्य भी एकत्र किए गए हैं। रेलवे ट्रैक पर मिला युवक का शव इसी बीच, जीआरपी को शनिवार शाम गढ़ी हरसरु रेलवे स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक पर एक युवक का शव मिला। उसकी पहचान 25 वर्षीय श्रेष्ठ मलिक के रूप में हुई। वह मूल रूप से छत्तीसगढ़ के भिलाई का निवासी था और गुरुग्राम की एक निजी आईटी कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में कार्यरत था। जीआरपी ने पहचान होने के बाद परिजनों को सूचना दी। बाद में सेक्टर-56 थाना पुलिस ने दोनों मामलों के बीच संभावित संबंध की जांच शुरू की। पुलिस का कहना है कि दोनों घटनाओं के क्रम और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। एक ही कंपनी में करते थे काम जांच में सामने आया है कि श्रेष्ठ मलिक और इशारा अयूबी एक ही कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में कार्यरत थे। पुलिस के अनुसार, शुरुआती पूछताछ में कुछ परिचितों और सहकर्मियों ने बताया कि दोनों पिछले कुछ महीनों से एक-दूसरे को जानते थे। यह भी जानकारी मिली है कि इशारा हाल ही में सेक्टर-55 स्थित उसी फ्लैट में रहने आई थीं, जहां से उनका शव बरामद हुआ। हालांकि, दोनों के संबंधों की प्रकृति और घटना से जुड़े कारणों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं की गई है। पुलिस सभी तथ्यों का सत्यापन कर रही है। परिजनों को बाद में मिली पूरी जानकारी श्रेष्ठ मलिक के पिता और परिवार के अन्य सदस्य पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद गुरुग्राम में मौजूद थे। इसी दौरान पुलिस ने उन्हें थाने बुलाकर मामले की जानकारी दी। अधिकारियों ने उनसे दोनों युवाओं के बारे में पूछताछ की। परिवार ने पुलिस को बताया कि उन्हें श्रेष्ठ के निजी जीवन या उसके व्यक्तिगत संबंधों की विस्तृत जानकारी नहीं थी। डिजिटल साक्ष्यों की होगी जांच सेक्टर-56 थाना पुलिस अब मामले की तह तक पहुंचने के लिए दोनों के मोबाइल फोन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), चैट हिस्ट्री और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच करेगी। इसके अलावा, कंपनी के सहकर्मियों, दोस्तों और अपार्टमेंट में रहने वाले लोगों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना से पहले दोनों के बीच किसी प्रकार का विवाद हुआ था या नहीं। फॉरेंसिक रिपोर्ट और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जांच की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। पुलिस ने जांच जारी होने की कही बात पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल मामले की जांच विभिन्न पहलुओं से की जा रही है। अभी तक हत्या के पीछे की वजह या दोनों घटनाओं के क्रम को लेकर कोई आधिकारिक निष्कर्ष नहीं निकाला गया है। पुलिस ने लोगों से अपुष्ट दावों और अफवाहों पर विश्वास न करने की अपील की है।
रायबरेली। अयोध्या के राम मंदिर को लेकर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के बयान के बाद नया विवाद खड़ा हो गया है। रायबरेली दौरे के दौरान उन्होंने कहा कि मौजूदा राम मंदिर परिसर उन्हें भाजपा और आरएसएस का कार्यालय लगता है। उन्होंने कहा कि मंदिर पूरी तरह बन जाने और वहां केवल पूजा-अर्चना का वातावरण होने के बाद ही वह रामलला के दर्शन करने जाएंगे। उनके इस बयान पर विश्व हिंदू रक्षा परिषद ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे सनातन परंपरा और 500 वर्षों के संघर्ष का अपमान बताया। 'मंदिर पूरा बनने पर ही दर्शन करने जाऊंगा' दो दिवसीय रायबरेली प्रवास के समापन पर मीडिया से बातचीत में शंकराचार्य से पूछा गया कि क्या वह अयोध्या जाकर रामलला के दर्शन कर चुके हैं। इस पर उन्होंने कहा कि वह तब तक दर्शन के लिए नहीं जाएंगे, जब तक मंदिर पूरी तरह तैयार नहीं हो जाता। उन्होंने कहा कि वर्तमान स्वरूप उन्हें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का कार्यालय प्रतीत होता है। उनका कहना था कि कोई भी सच्चा धार्मिक व्यक्ति किसी राजनीतिक दल के कार्यालय में क्यों जाएगा। जब वहां केवल आराधना, उपासना और भक्ति का वातावरण होगा, तब वह निश्चित रूप से दर्शन करेंगे। गाय को 'राष्ट्रमाता' का दर्जा देने की मांग शंकराचार्य ने गौ-रक्षा का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने गाय को केवल पशु की श्रेणी में रखने पर आपत्ति जताते हुए सरकार से उसे 'राष्ट्रमाता' का दर्जा देने की मांग की। साथ ही मतदाताओं से अपील की कि वे केवल उसी राजनीतिक दल का समर्थन करें, जो गौ-रक्षा का संकल्प ले। विश्व हिंदू रक्षा परिषद का पलटवार शंकराचार्य के बयान पर विश्व हिंदू रक्षा परिषद के राष्ट्रीय महासचिव राहुल सिंह ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह बयान सनातन संस्कृति और राम मंदिर आंदोलन के लिए हुए 500 वर्षों के संघर्ष का अपमान है। राहुल सिंह ने आरोप लगाया कि शंकराचार्य का मतिभ्रम हो चुका है और उनकी तुलना रामायण के 'कालनेमी' से करते हुए कहा कि वह भेष बदलकर भ्रम फैलाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने उन्हें कांग्रेसाचार्य और सपाचार्य तक कह दिया। उन्होंने कहा, जिस मंदिर के निर्माण के लिए 500 वर्षों तक संघर्ष हुआ और लाखों रामभक्तों ने बलिदान दिया, उसे भाजपा का कार्यालय बताना करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का अपमान है। 'विपक्ष का राजनीतिक एजेंडा चला रहे' राहुल सिंह ने आरोप लगाया कि शंकराचार्य अब संत की भूमिका से हटकर विपक्ष का राजनीतिक एजेंडा आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिन राजनीतिक दलों के नेता राम मंदिर को 'ढांचा' कहते रहे, उसी तरह की भाषा अब शंकराचार्य भी इस्तेमाल कर रहे हैं। उनका आरोप था कि ऐसे लोग अवसरवादी हैं और अपने राजनीतिक हितों के लिए भगवान राम तथा राम मंदिर को विवाद का विषय बनाने की कोशिश कर रहे हैं। राजनीतिक और धार्मिक बहस तेज शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती इन दिनों उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों से होकर गुजरने वाली यात्रा पर हैं। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य गौ-रक्षा को लेकर जनजागरण बताया जा रहा है। हालांकि, राम मंदिर पर दिए गए उनके ताजा बयान के बाद धार्मिक और राजनीतिक हलकों में नई बहस शुरू हो गई है। अब इस बयान पर संत समाज, विभिन्न धार्मिक संगठनों और राजनीतिक दलों की आगे की प्रतिक्रिया पर सभी की नजरें टिकी हैं।
श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने कहा कि राम मंदिर के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की भूमिका और अधिकारों का निर्धारण श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ही करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का ट्रस्ट या CEO के कामकाज में कोई हस्तक्षेप नहीं होगा। नए CEO की सबसे बड़ी जिम्मेदारी श्रद्धालुओं का ट्रस्ट पर विश्वास बनाए रखना और वित्तीय व्यवस्थाओं की निगरानी करना होगी। मिश्रा ने बताया कि CEO के चयन के लिए ट्रस्ट ने तीन सदस्यीय समिति बनाई है। नियुक्त CEO अपने स्टाफ का चयन स्वयं कर सकेगा, लेकिन सभी निर्णय ट्रस्ट के अधिकार क्षेत्र में ही रहेंगे। उन्होंने कहा कि वह केवल निर्माण संबंधी मामलों में पदेन सदस्य के रूप में शामिल होते हैं और उन्हें मतदान का अधिकार नहीं है। 22 जुलाई की बैठक में शामिल होने का फैसला एजेंडा देखने के बाद करेंगे। ट्रस्ट में फेरबदल की भी संभावना राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण के बाद ट्रस्ट में बदलाव की चर्चाएं तेज हैं। पूर्व महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र के इस्तीफे के बाद कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी ने भी निजी कारणों से पदमुक्त होने की इच्छा जताई है। सूत्रों के अनुसार 22 जुलाई की बैठक में नए CEO के चयन के साथ ट्रस्ट के पुनर्गठन पर भी चर्चा हो सकती है। विवाद के बावजूद बढ़ी श्रद्धालुओं की आस्था चढ़ावा प्रकरण के बावजूद रामलला के दर्शनार्थियों की संख्या में कमी नहीं आई है। ट्रस्ट के आंकड़ों के अनुसार 21 जून से 3 जुलाई 2026 के बीच 11,54,793 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह संख्या 9,12,540 थी। यानी इस वर्ष करीब 26 प्रतिशत अधिक श्रद्धालु पहुंचे। अप्रैल, मई और जून में भी पिछले वर्ष की तुलना में दर्शनार्थियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। रेलवे स्टेशन पर भीड़, लेकिन हवाई यात्रियों में गिरावट वीकेंड पर अयोध्या धाम रेलवे स्टेशन श्रद्धालुओं से खचाखच भरा रहा। दूसरी ओर महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर जून महीने में यात्रियों की संख्या घट गई। पिछले वर्ष जून में जहां 39,734 यात्री 242 उड़ानों से पहुंचे थे, वहीं इस वर्ष केवल 21,884 यात्री 124 उड़ानों से अयोध्या आए। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि जुलाई में हर साल कारोबार मौसमी कारणों से घटता है और चढ़ावा विवाद का व्यापार पर कोई खास असर नहीं पड़ा है। 21 जून से 3 जुलाई तक श्रद्धालु
प्रयागराज के करछना थाना क्षेत्र स्थित डीहा गांव में रविवार देर रात हुई बमबाजी की घटना ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस घटना में एक युवक की हथेली गंभीर रूप से घायल हो गई। जानकारी के अनुसार विवाद के दौरान बम फेंकते समय आरोपी रजनीश निषाद (पुत्र रमेश निषाद) के हाथ में ही बम फट गया। इससे उसकी हथेली उड़ गई। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। ग्रामीणों का कहना है कि रजनीश निषाद किसी निजी अस्पताल में अपना इलाज करा रहा है, लेकिन पुलिस अभी तक उसे गिरफ्तार नहीं कर पाई है। घटना के संबंध में, बालीकल (पुत्र गुलाब) के घर के सामने बम फेंके जाने का आरोप है। जब बालीकल घटना की सूचना देने थाने पहुंचा, तो पुलिस ने उसे घंटों थाने में बिठाए रखा और बाद में शांति भंग के आरोप में उसका चालान कर दिया। वहीं, मुख्य आरोपी के खिलाफ तत्काल कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। घटना की सूचना मिलने पर फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए। देखिए 2 तस्वीरें… पुलिस ने नहीं की कोई कार्रवाई ग्रामीणों ने बताया कि इसी स्थान पर लगभग चार महीने पहले भी विवाद के दौरान फायरिंग हुई थी, लेकिन उस मामले में पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की थी। उनका आरोप है कि पुलिस की इसी लापरवाही के कारण अब बमबाजी जैसी गंभीर घटना हुई है। कुछ महीने पहले डीहा और रामगढ़ गांव में दबंगों द्वारा रात में हवाई फायरिंग के बीच कई मकानों को गिराए जाने का मामला भी सामने आया था, जिसमें अब तक कोई ठोस कार्रवाई न होने से ग्रामीणों में नाराजगी है। एसीपी करछना सुनील कुमार सिंह ने बताया कि- मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए हैं और आरोपी की तलाश जारी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की ओर से 10 जून व 11 जून को आयोजित लेक्चरर एंड कोच (माध्यमिक शिक्षा) ,एग्जाम- 2025 के 9 सब्जेक्ट की आंसर-की पर आपत्ति दर्ज कराने की आज लास्ट डेट है। इसमें जनरल स्टडिज ग्रुप सी, कोच एथेलेटिक्स, कोच बास्केट बॉल, कोच हैंड बॉल, कोच कबड्डी, कोच टेबिन टेनिस, कोच वॉलीबॉल, जीके ग्रुप डी एवं फिजिकल एज्युकेशन शामिल हैं। आपत्तियां आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध मॉडल प्रश्न पत्र के क्रमानुसार ही दर्ज करनी होगी। परीक्षा के मॉडल प्रश्न पत्र आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। रात 12 बजे तक आपत्ति दर्ज कराने का समय है। बिना प्रमाण आपत्ति पर विचार नहीं होगा मॉडल प्रश्न-पत्र आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। आपत्तियां केवल इन मॉडल प्रश्न-पत्रों के क्रम के अनुसार ही दर्ज की जा सकती हैं। हर आपत्ति के साथ प्रामाणिक (स्टैंडर्ड और ऑथेंटिक) पुस्तकों से प्रमाण अटैच करना जरूरी है। बिना प्रमाण के आपत्ति पर विचार नहीं किया जाएगा। आपत्ति केवल अभ्यर्थी स्वयं ही दर्ज कर सकते हैं। कोई अन्य व्यक्ति इसमें शामिल नहीं हो सकता। यहां करें कॉन्टेक्ट ऑनलाइन आपत्ति दर्ज करने में किसी प्रकार की तकनीकी कठिनाई होने पर अभ्यर्थी recruitmenthelpdesk@rajasthan.gov.in पर ईमेल से अथवा फोन नम्बर 9352323625 और 7340557555 पर संपर्क कर सकते हैं। ……….. पढें ये खबर भी…. इंजीनियर्स का 2 लाख का खेल,चहेतों को 43.86-करोड़ का ठेका:पोल खुली तो 50 लाख के टेंडर देने वाला SE सस्पेंड, करोड़ों वालों पर एक्शन नहीं अजमेर डिस्कॉम (14 जिलों) के अंदर एक बड़ा खेल सामने आया है। इंजीनियर्स ने पिछले दो सालों में 43.86 करोड़ के टेंडर अपने चहेते ठेकेदारों को दे दिए। इसके लिए उन्होंने एक नियम का फायदा उठाया, जिसमें 2 लाख से कम के काम के लिए ई टेंडर जारी करने की जरूरत नहीं होती। (पूरी खबर पढें)
कोटा शहर के जवाहर नगर इलाके में रविवार की सुबह 3:30 बजे चोरों ने मंदिर को निशाना बनाते हुए दानपेटी तोड़कर नकदी चोरी कर ली। पूरी वारदात मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। फुटेज में चोर बेखौफ अंदाज में मंदिर का ताला तोड़कर अंदर घुसता, दानपेटी से नकदी निकालता और आराम से फरार होता दिखाई दे रहा है। मंदिर के पुजारी हेमंत गिरी बाबा ने बताया- जवाहर नगर पेट्रोल पंप के पास स्थित श्री कष्ट निवारण हनुमान मंदिर परिसर में बने श्री राम-जानकी मंदिर की दानपेटी को अज्ञात चोर ने देर रात निशाना बनाया। दानपेटी तोड़कर उसमें रखी नकदी लेकर फरार हो गया।चोरी की पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हो रही है। पहले बिना रुमाल लगाए वह मंदिर का लॉक तोड़ता हुआ नजर आया जब उसने देखा कि सामने सीसीटीवी लगा है तब मुंह पर रुमाल लगाकर वापस आया। इससे पहले चोरों ने पास स्थित राधिका शू पैलेस का ताला तोड़ने की भी कोशिश की, लेकिन वहां चोरी करने में सफल नहीं हो सके। जवाहर नगर व्यापार संघ के अध्यक्ष राजेश महेश्वरी ने बताया- सुबह राधिका शू पैलेस के संचालक संजय नागर ने दुकान का ताला टूटा होने की सूचना दी। जांच के दौरान पता चला कि दुकान में चोरी नहीं हो सकी, लेकिन कुछ ही देर बाद मंदिर समिति के अध्यक्ष शिवराज करण ने मंदिर की दानपेटी टूटने और नकदी चोरी होने की जानकारी दी। सूचना मिलते ही जवाहर नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची, घटनास्थल का निरीक्षण किया और दोनों मामलों में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान में जुटी है। व्यापार संघ का कहना है कि रात के समय क्षेत्र में चोरों का गिरोह सक्रिय होने की आशंका है। उन्होंने पुलिस से रात्रि गश्त बढ़ाने और चोरी की बढ़ती घटनाओं पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
लखनऊ में कान में ब्लूटूथ, बांह पर डिवाइस...:ऐसे दे रहा था UPSSSC की परीक्षा; निरीक्षक ने दबोचा
लखनऊ के मानक नगर रेलवे इंटर कॉलेज में रविवार को आयोजित उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) की सहायक बोरिंग तकनीशियन परीक्षा में ब्लूटूथ के जरिए नकल कराने का मामला सामने आया। कक्ष निरीक्षक ने एक अभ्यर्थी को कान में ब्लूटूथ कैप्सूल और बांह पर इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस लगाकर परीक्षा देते हुए पकड़ लिया। केंद्र व्यवस्थापक की तहरीर पर मानक नगर थाने में एफआईआर दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक, पकड़ा गया अभ्यर्थी बृजेश यादव है। वह जौनपुर जिले का रहने वाला है। परीक्षा के दौरान कक्ष संख्या-2 में उसकी गतिविधियां संदिग्ध लगीं। तलाशी लेने पर उसके कान में ब्लूटूथ कैप्सूल और बाएं हाथ में इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बरामद हुई। पूछताछ में अभ्यर्थी ने बताया कि वह सुबह करीब छह बजे ही परीक्षा केंद्र पहुंच गया था। उसने इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को पहले बाथरूम में छिपा दिया था। प्रवेश के बाद डिवाइस निकालकर बांह और कान में फिट कर लिया। परीक्षा शुरू होते ही वह बाहर मौजूद व्यक्ति से ब्लूटूथ के जरिए उत्तर प्राप्त कर रहा था। इसी दौरान कक्ष निरीक्षक ने उसे पकड़ लिया। डिवाइस की जांच के दौरान दूसरी तरफ से किसी व्यक्ति की आवाज सुनाई दी, जो प्रश्नों के उत्तर बता रहा था। इससे पुलिस को नकल कराने वाले संगठित गिरोह के शामिल होने की आशंका है। केंद्र व्यवस्थापक डॉ. ए.एम. सिद्दीकी की तहरीर पर पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और आधार कार्ड कब्जे में लेकर मुकदमा दर्ज कर लिया है। अब पुलिस डिवाइस की तकनीकी जांच कर यह पता लगाने में जुटी है कि अभ्यर्थी को बाहर से कौन और कैसे मदद पहुंचा रहा था।
रोहतक के गांव बोहर में किराए पर रहने वाले परिवार के दो नाबालिग बच्चे शनिवार दोपहर को जेएलएन नहर में डूब गए थे। सूचना पाकर पुलिस व एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और सर्च ऑपरेशन चलाया। सर्च ऑपरेशन के दौरान SDRF टीम ने एक बच्चे का शव नहर से निकाला, जबकि दूसरे बच्चे की तलाश में टीम भाखरा हेड पहुंच चुकी है। नहर में डूबे बच्चों की पहचान 9 वर्षीय प्रदीप व 12 वर्षीय कुलदीप पुत्र दलीप सिंह के रूप में हुई, जो बिहार के रहने वाले है और गांव बोहर में किराए के कमरे में रहते है। दोपहर के समय दोनों बच्चे नहर पर नहाने के लिए गए थे। नहर की सीढ़ियों पर बैठकर नहा रहे थे। इसी दौरान प्रदीप का पैर फिसल गया और वह नहर में डूबने लगा। उसे बचाने के लिए बड़ा भाई कुलदीप भी नहर में कूदा, लेकिन पानी के तेज बहाव के कारण दोनों नहर में बहते चले गए। सूचना पाकर ग्रामीण व पुलिस मौके पर पहुंचे और दोनों बच्चों को खोजने के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया। भाखरा हेड पर पहुंची एसडीआरएफ टीम एसडीआरएफ टीम ने नहर में सर्च ऑपरेशन चलाया हुआ है, जिसके चलते करीब 20 घंटे बाद एक बच्चे का शव बरामद किया। वहीं, दूसरे बच्चे का शव अभी तक बरामद नहीं हुआ है। एसडीआरएफ टीम बच्चे की तलाश में भाखरा हेड तक पहुंच गई है, लेकिन अभी तक कोई सुराग नहीं लगा। नहर में उतरकर तलाश में जुटी टीमएसडीआरएफ के एएसआई राजेश ने बताया कि बच्चे की तलाश में टीम नहर में उतरकर जांच कर रही है। बोहर से लेकर भाखरा हेड तक बच्चे को ढूंढा गया है, लेकिन अभी तक प्रदीप के बारे में कुछ पता नहीं चला है। दो दिन से टीम बच्चे की तलाश में सर्च ऑपरेशन चलाए हुए है।
भीलवाड़ा के बिजोलिया थाना क्षेत्र में हथियारों से लैस दो नकाबपोश बदमाश घर में घुस गए। बदमाशों ने परिवार के सदस्यों को कमरों में बंद कर बरामदे में सो रही बुजुर्ग महिला से करीब आधा तोला सोने के टॉप्स और 5 हजार रुपए नकद लूट लिए। विरोध करने पर टॉप्स खींचते समय महिला का एक कान कट गया, जिसके बाद आरोपी बाइक से फरार हो गए। घटना के राणा जी का गुड्डा गांव में रविवार अल सुबह करीब 4 बजे हुई। अल सुबह घर में घुसे नकाबपोश बदमाशजानकारी के अनुसार, हथियारों से लैस दो नकाबपोश बदमाश एक घर में घुस गए। उस समय संतोष देवी पत्नी श्यामलाल शर्मा घर के बरामदे में सो रही थीं। बदमाशों ने उन्हें डराकर कानों में पहने करीब आधा तोला सोने के टॉप्स खींच लिए और घर में रखे करीब 5 हजार रुपए नकद भी लूट लिए। विरोध करने पर की मारपीटमहिला ने विरोध किया और शोर मचाया तो बदमाशों ने उनके साथ मारपीट की। टॉप्स खींचने के दौरान उनका एक कान कट गया, जिससे वे घायल हो गईं और कान में गंभीर चोट आई। बेटे के कमरे की बाहर से लगा दी कुंडीपीड़िता के बेटे प्रमोद शर्मा ने बताया कि वारदात के समय वे और उनके पिता घर के अलग-अलग कमरों में सो रहे थे। बदमाशों ने पहले उनके कमरे की बाहर से कुंडी लगा दी, ताकि वे बाहर न निकल सकें। महिला के शोर मचाने और परिवार के जागने पर दोनों बदमाश बाइक से फरार हो गए। पुलिस ने शुरू की जांचमहिला की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया। सूचना पर कांस्या चौकी पुलिस मौके पर पहुंची, घटनास्थल का निरीक्षण किया और मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। आरोपियों की तलाश के लिए आसपास के इलाकों में भी पड़ताल की जा रही है।
बड़वानी जिले के अंजड़ नगर में 21 जुलाई को भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा निकाली जाएगी। इसका आयोजन इस्कॉन संस्था, जगन्नाथ रथयात्रा समिति और सकल हिंदू समाज के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है। यात्रा की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए रविवार रात जोगमाया मंदिर स्थित सिर्वी समाज धर्मशाला में एक बैठक हुई। इस्कॉन बड़वानी के प्रभारी मनुसुत प्रभु की उपस्थिति में हुई इस बैठक में रथयात्रा से संबंधित विभिन्न व्यवस्थाओं पर चर्चा की गई। सुरक्षा, स्वच्छता, प्रसाद वितरण, यातायात प्रबंधन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की जिम्मेदारियां समिति सदस्यों सहित सर्व समाज के वरिष्ठजनों को सौंपी गईं। आयोजकों ने यात्रा को शांतिपूर्ण और भव्य बनाने के लिए सभी समाजों से सहयोग की अपील की। दोपहर 3 बजे होगी प्रारंभ आयोजकों के अनुसार, रथयात्रा 21 जुलाई, सोमवार को दोपहर 3 बजे बड़वानी रोड स्थित के.एम. कोटेक्स से प्रारंभ होगी। भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भाई बलराम और बहन सुभद्रा सुसज्जित रथ पर विराजमान होकर नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरेंगे। यात्रा अंजड़ नगर के मुख्य मार्गों से होते हुए अन्नपूर्णा भवन पहुंचकर संपन्न होगी। हाइड्रोलिक रथ में सवार होंगे भगवान इस यात्रा के लिए मनावर से एक विशेष हाइड्रोलिक रथ मंगाया गया है। यह रथ 25 फीट लंबा और 21 फीट ऊंचा है। रथ की आकर्षक सजावट और रोशनी श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र होगी। यात्रा में भजन मंडलियां, झांकियां और विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी शामिल होंगी। समिति सदस्यों ने सभी धर्मप्रेमी जनता से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर भगवान जगन्नाथ के दर्शन कर पुण्य लाभ प्राप्त करें। बैठक में विभिन्न समाजों के प्रमुख, समिति सदस्य और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
मिथिला क्षेत्र में बाढ़ के स्थायी समाधान के लिए केंद्र सरकार काम कर रही है। केंद्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री राजभूषण चौधरी के पत्र का हवाला देते हुए सांसद डॉ. गोपालजी ठाकुर ने कहा कि केंद्र सरकार व्यापक स्तर पर कार्य कर रही है। बाढ़ प्रबंधन, जल-जमाव वाले क्षेत्रों से जल निकासी, जलवायु प्रतिरोधी जल अवसंरचना के निर्माण एवं रखरखाव के लिए पर्याप्त राशि उपलब्ध कराई गई है और योजनाओं पर तेजी से अमल किया जा रहा है। 22 मार्च 2026 को दरभंगा जिले में हर वर्ष बाढ़ से होने वाले नुकसान और जल निकासी की समस्या को लेकर केंद्रीय मंत्री को पत्र लिखकर स्थायी समाधान की मांग की थी। इसके जवाब में केंद्रीय राज्यमंत्री ने जानकारी दी है कि बिहार में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 48 परियोजनाओं के लिए केंद्र सरकार ने 943.81 करोड़ रुपए की वित्तीय सहायता स्वीकृत की है। जिसमें दरभंगा भी शामिल है। 43 परियोजनाएं पूरी, चार पर काम जारी सांसद ने बताया कि स्वीकृत 48 परियोजनाओं में से 43 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जबकि चार परियोजनाओं पर कार्य प्रगति पर है। इन योजनाओं का उद्देश्य बाढ़ नियंत्रण के साथ-साथ जल निकासी व्यवस्था को मजबूत करना और जल संसाधनों का बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करना है। मिथिला क्षेत्र में नौ परियोजनाएं डॉ. गोपालजी ठाकुर ने बताया कि दरभंगा, मधुबनी और समस्तीपुर जिले को शामिल करने वाले मिथिला क्षेत्र में 94.124 करोड़ रुपए की लागत से बाढ़ प्रबंधन की सात परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जबकि दो परियोजनाओं पर कार्य जारी है। इन योजनाओं से करीब 7.90 लाख हेक्टेयर भूमि को बाढ़ से सुरक्षा मिली है, जिससे लगभग 39.20 लाख लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। बाढ़ पूर्व चेतावनी तंत्र भी मजबूत सांसद ने कहा कि केंद्र सरकार ने मिथिला क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर बाढ़ निगरानी एवं पूर्व चेतावनी से जुड़े स्टेशन भी स्थापित किए हैं। इनके माध्यम से नदियों के जलस्तर और संभावित बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है, जिससे समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें। उन्होंने विश्वास जताया कि केंद्र सरकार की इन योजनाओं से मिथिला क्षेत्र में बाढ़ नियंत्रण, जल संसाधन विकास और सिंचाई व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। आने वाले वर्षों में लोगों को बाढ़ की समस्या से काफी हद तक राहत मिल सकेगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को अपने सरकारी आवास 5-कालिदास मार्ग पर जनता दर्शन में प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आए लोगों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान उन्होंने एक-एक फरियादी से संवाद कर उनकी शिकायतों की जानकारी ली और संबंधित अधिकारियों को सभी मामलों का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध एवं प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने अधिकारियों से स्पष्ट कहा कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। प्रत्येक मामले को गंभीरता से लेते हुए निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। हर शिकायत पर गंभीरता से कार्रवाई के निर्देश जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक शिकायत की निष्पक्ष जांच कराते हुए पात्र लोगों को तत्काल राहत उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि फरियादियों को बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और उनकी समस्याओं का समाधान पारदर्शी एवं संवेदनशील तरीके से किया जाए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप अधिकारियों को जनसेवा की भावना के साथ कार्य करना चाहिए। आम नागरिकों की शिकायतों का त्वरित समाधान प्रशासन की जवाबदेही का महत्वपूर्ण हिस्सा है। जनसुनवाई व्यवस्था को प्रभावी बनाने पर जोर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों से कहा कि जनता दर्शन में प्राप्त होने वाली शिकायतों की नियमित समीक्षा की जाए और जिन मामलों में तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता हो, उनमें बिना विलंब निर्णय लिया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि शिकायतों के निस्तारण की प्रगति पर लगातार निगरानी रखी जाए, ताकि लोगों को समय पर न्याय और राहत मिल सके।
बांसवाड़ा में यूरिया खाद की आड़ में 23 क्विंटल से अधिक अवैध अफीम डोडा-चूरा की तस्करी के मामले में 8 महीने से फरार बदमाश को गिरफ्तार किया है। 25 हजार रुपए के इनामी आरोपी आरोपी लगातार ठिकाने बदलकर और मोबाइल बंद रखकर पुलिस से बचता रहा, लेकिन चूरू के सुजानगढ़ में बहनोई के होटल पर आयोजित पारिवारिक दाल-बाटी-चूरमा पार्टी में पहुंचने पर पुलिस ने घेराबंदी कर उसे दबोच लिया। कार्रवाई आनंदपुरी थाना पुलिस और एएनटीएफ ने की। पढ़िए … सिलसिलेवार पूरा घटनाक्रम 1. ट्रक से बरामद हुआ डोडा-चूरा25 नवंबर 2025 को मोनाडूंगर चेक पोस्ट पर नाकाबंदी के दौरान बांसवाड़ा की ओर से आ रहे एक ट्रक को रोका गया। तलाशी में यूरिया खाद की आड़ में छिपाकर रखे 117 प्लास्टिक के कट्टों में भरा अवैध अफीम डोडा-चूरा मिला। बारदान सहित इसका कुल वजन 23 क्विंटल 59 किलो 750 ग्राम था। मौके से ट्रक चालक नरेश नैन (बिश्नोई), निवासी फलोदी, को गिरफ्तार किया गया। 2. पूछताछ में सामने आया सोमराज का नामचालक से पूछताछ में पता चला कि डोडा-चूरा प्रतापगढ़ से नासिक के सोमराज ईशरवाल बिश्नोई ने भरवाया था और इसे गुजरात के रास्ते मारवाड़ ले जाया जा रहा था। इसके बाद एनडीपीएस एक्ट में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई और सोमराज पर 25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया। 3. आठ महीने तक पुलिस से बचता रहाट्रक पकड़े जाने की भनक लगते ही सोमराज ने मोबाइल फोन बंद कर दिया और घर छोड़कर फरार हो गया। वह रिश्तेदारों से भी अप्रत्यक्ष रूप से संपर्क करता था और लगातार ठिकाने बदलता रहता था। किसी नए व्यक्ति को देखते ही वह तुरंत जगह बदल लेता था। इसी दौरान एएनटीएफ को सूचना मिली कि उसका अपने बहनोई से गहरा लगाव है, जो चूरू के सुजानगढ़ में सालासर रोड पर ‘बगतस जम्भाणी महादेव’ नाम से होटल चलाता है। सोमराज हर महीने वहां रिश्तेदारों को बुलाकर दाल-बाटी-चूरमा की पार्टी करता था। 4. बहनोई के होटल से हुआ गिरफ्तारसूचना पक्की होने पर आनंदपुरी थाना पुलिस और एएनटीएफ ने सादा कपड़ों में होटल के आसपास निगरानी शुरू की। सोमराज जैसे ही पार्टी में शामिल होने पहुंचा, टीम ने उस पर नजर रखी। पार्टी खत्म होने के बाद वह अपने बहनोई के साथ एक सफेद गाड़ी में निकला तो पुलिस ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपी सोमराज (29) पुत्र मोहनलाल ईशरवाल बिश्नोई, निवासी चिकणी नाडी, चंदनपुरा, थाना लोहावट, जिला फलोदी का रहने वाला है।
राजस्थान सरकार के देवस्थान विभाग की वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना-2026 के तहत पहली विशेष ट्रेन सोमवार (13 जुलाई) को जयपुर के दुर्गापुरा रेलवे स्टेशन से रामेश्वरम-मदुरै के लिए रवाना होगी। ट्रेन दोपहर 3:20 बजे रवाना होगी। रवाना होने से पहले प्लेटफॉर्म नंबर-2 पर कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जहां देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत हरी झंडी दिखाकर ट्रेन को रवाना करेंगे। इस यात्रा में जयपुर संभाग के चार जिलों के कुल 970 वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा पर जाएंगे। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा और स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखा जाएगा। इसके लिए ट्रेन के साथ डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की मेडिकल टीम भी मौजूद रहेगी, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत इलाज उपलब्ध कराया जा सके। लॉटरी के जरिए हुआ यात्रियों का चयन देवस्थान विभाग की ओर से वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन मांगे गए थे। पात्र आवेदकों की संख्या अधिक होने के कारण यात्रियों का चयन लॉटरी प्रक्रिया के माध्यम से किया गया। चयनित यात्रियों को पहले ही यात्रा से जुड़ी सभी जरूरी जानकारी और दिशा-निर्देश उपलब्ध करा दिए गए हैं। मंत्री करेंगे वरिष्ठ नागरिकों से मुलाकात ट्रेन रवाना होने से पहले देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत दोपहर 2 बजे दुर्गापुरा रेलवे स्टेशन पहुंचकर वरिष्ठ नागरिकों से मुलाकात करेंगे और उनकी यात्रा की तैयारियों का जायजा लेंगे। इसके बाद शाम 3:20 बजे ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जाएगा। यात्रा के दौरान रहेंगी विशेष सुविधाएं यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को भोजन, पेयजल, सुरक्षा और चिकित्सा जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। देवस्थान विभाग के अधिकारी और कर्मचारी भी पूरी यात्रा के दौरान साथ रहेंगे, ताकि वरिष्ठ नागरिकों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। राज्य सरकार की वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और पात्र वरिष्ठ नागरिकों को निःशुल्क प्रमुख धार्मिक स्थलों की यात्रा कराने की सुविधा उपलब्ध कराना है। योजना के तहत इस साल अलग-अलग चरणों में विशेष ट्रेनों के माध्यम से विभिन्न तीर्थ स्थलों के लिए यात्राएं कराई जाएंगी।
मोतिहारी में रविवार शाम दो बाइकों की भिड़ंत में 3 युवकों की सड़क हादसे में मौत हो गई। हादसे के समय दोनों बाइक की स्पीड 120 से ज्यादा बताई जा रही है। दुर्घटना के बाद एक युवक का सिर पूरी तरह से फट गया और खून निकलने लगा। वहीं, दूसरे युवक के घुटना का हड्डी टूटकर अलग हो गया। दुर्घटना गोविंदगंज थाना क्षेत्र के भेलानारी पुल के पास घटी है। मृतकों की पहचना सलेमपुर जीवधारा निवासी रवि किशन (28) और अवनीश कुमार (26) और भेलानारी गांव निवासी अतुल मिश्रा (30) के रूप में हुई है। सभी का शव देर रात पोस्टमॉर्टम के लिए सदर अस्पताल लाया गया है। फिलहाल, शवों को अस्पताल में ही रखा गया है। मृतकों के परिवारवालों को घटना की जानकारी दे दी गई है। गाड़ी से 20 फीट दूर सड़क पर गिरे युवक प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया, गोविंदगंज थाना क्षेत्र के भेलानारी पुल के पास रविवार शाम अतुल मिश्रा अपने ससुराल से घर लौट रहा था। इसी दौरान सामने से आ रही 120 की स्पीड की रवि की बाइक ने अतुल की गाड़ी में टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों बाइकों के परखच्चे उड़ गए और गाड़ी पर सवार युवक करीब 20 फीट दूर जाकर सड़क पर गिर गए। हादसे में सलेमपुर जीवधारा निवासी रवि किशन और अवनीश कुमार की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरी बाइक पर सवार भेलानारी गांव निवासी अतुल मिश्रा गंभीर रूप से घायल हो गया। अस्पताल में नहीं बच सकी तीसरे युवक की जान हादसे के बाद स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई। राहगीरों ने तत्काल पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। घायल अतुल मिश्रा को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें भी मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही तीनों मृतकों के परिजन अस्पताल पहुंच गए। अपनों के शव देखकर परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। गोविंदगंज थानाध्यक्ष राजू मिश्रा ने बताया, सूचना मिलते ही पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची। मौके पर दो युवकों की मौत हो चुकी थी, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल मिला। उसे तत्काल अस्पताल भेजा गया, जहां इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई। पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक जांच में पुलिस तेज रफ्तार और लापरवाही को दुर्घटना का मुख्य कारण मान रही है। हालांकि, सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
देवरिया में युवक की पोखरे में डूबने से मौत:नहाते समय हादसा, घंटों बाद गोताखोरों ने शव बरामद किया
देवरिया जिले के गौरीबाजार थाना क्षेत्र के रतनपुर गांव में एक युवक की पोखरे में डूबने से मौत हो गई। यह घटना रविवार को हुई, जिसके बाद सोमवार को घंटों की मशक्कत के बाद गोताखोरों ने युवक का शव बरामद किया। मृतक की पहचान रतनपुर निवासी 42 वर्षीय समरु निषाद के रूप में हुई है। समरु निषाद गोरखपुर में परिवार के साथ रहकर मजदूरी करते थे और कुछ दिन पहले ही अपने गांव रतनपुर आए थे। रविवार सुबह वह गांव के पश्चिम स्थित एक पोखरे में नहाने गए थे। काफी देर तक घर वापस न लौटने पर परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। तलाश के दौरान परिजनों को पोखरे के किनारे समरु के कपड़े और चप्पल मिले। अनहोनी की आशंका पर उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर गौरीबाजार पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय गोताखोरों की मदद से पोखरे में तलाश अभियान शुरू कराया। रविवार देर शाम तक खोजबीन जारी रही, लेकिन युवक का पता नहीं चल सका। सोमवार सुबह एक बार फिर रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। गोताखोरों ने काफी प्रयास के बाद पोखरे से समरु निषाद का शव बरामद कर लिया। शव मिलने के बाद परिजनों में दुख का माहौल छा गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रारंभिक जांच में मौत का कारण डूबना बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगी। मामले में आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।
झांसी में चोरी के आरोप में बेटे के पकड़े जाने के बाद पिता ने रविवार सुबह 10 बजे सुसाइड कर लिया। युवक के भाई का आरोप है- 8 जुलाई को बेटे को पुलिस पकड़कर ले गई थी। तब से उसका कोई सुराग नहीं लग रहा था। चौकी-थाने से भी बेटे के बारे में जानकारी नहीं मिल पा रही थी। इस वजह से उसके पिता टेंशन में थे। रविवार सुबह 10 बजे उन्होंने घर पर जहर खा लिया। तबीयत बिगड़ने पर उनको मेडिकल कॉलेज लेकर आए। जहां इलाज के दौरान दोपहर लगभग 1 बजे उनकी मौत हो गई। पुलिस का कहना है कि बेटे को रविवार तड़के लगभग 4 बजे सोलर प्लांट के तार चुराने के मामले में गिरफ्तार किया था। इसकी जानकारी परिवार को दी गई थी। पिता ने घर में विवाद के बाद जहर खाया है। यहां पढ़ें पूरी खबर नोएडा में क्रेडिट कार्ड बनवाने के नाम पर बुजुर्ग से 7.80 लाख का फ्रॉड नोएडा में 69 साल के बुजुर्ग फेसबुक पर दिखे पीएनबी क्रेडिट कार्ड के विज्ञापन के झांसे में आकर 7.80 लाख रुपये गंवा बैठे। पीड़ित की शिकायत पर रविवार रात करीब 8 बजे साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। प्रतीक फेडोरा सोसाइटी निवासी राजेश सरीन ने पुलिस को बताया कि 18 मई 2025 को फेसबुक पर उन्हें पंजाब नेशनल बैंक के क्रेडिट कार्ड से जुड़ा एक विज्ञापन दिखाई दिया। विज्ञापन देखने के कुछ देर बाद उनके पास वाट्सऐप कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को बैंक से जुड़ा प्रतिनिधि बताया और क्रेडिट कार्ड बनवाने की बात कही। आरोपी ने राजेश को एक ऑनलाइन फॉर्म भेजा। फॉर्म भरने के दौरान उनसे बैंक खाते से जुड़ी जानकारी ले ली गई। इसके बाद इंटरनेट बैंकिंग के माध्यम से उनके पीएनबी के तीन बचत खातों से चार अलग-अलग लेनदेन में कुल 7.80 लाख रुपये निकाल लिए गए। यहां पढ़ें पूरी खबर
सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के बागड़ा बफर रेंज में रविवार को जंगल सफारी करने आएं पर्यटकों को बाघ, भालू, तेंदुआ के दीदार हुए। सफारी ट्रैक के पास टाइगर और भालू आ गए। पर्यटकों ने इस रोमांचक नजारे को कैमरे में कैद कर लिया। टाइगर दिखने से पर्यटकों की जंगल सफारी यादगार सफल साबित हुई। बारिश के मौसम में कोर एरिया में पर्यटन बंद है। जिस वजह से एसटीआर के बफर क्षेत्र में जंगल सफारी का लुत्फ उठाने बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं। पर्यटकों ने बताया कि जमनी देव में घने जंगल से बाहर निकलता एक बाघ कुछ देर के लिए जिप्सी के सामने आ गया। बाघ जंगल में अपनी निशानदेही कर रहा था। शाम को जंगल से लौटते वक्त गेट के पास तेंदुआ और भालू भी दिखे। बफर क्षेत्र के दूसरे सब स्टेशन परसापानी में पर्यटकों को दो जगह बाघ और पैंथर के पगमार्क मिले। नीलगाय, सांभर, शीतल, जंगली सूअर सहित अन्य वन्य जीव भी नजर आए। बारिश में बफर क्षेत्र बेहद खूबसूरतबफर रेंजर विलास डोंगरे ने बताया कि बारिश के मौसम ने जंगल को हरियाली की अद्भुत चादर से ढक दिया है। सफारी के दौरान रंग-बिरंगी तितलियां, अनेक प्रकार के कीट-पतंगे, सुंदर पक्षी और प्रकृति के अनगिनत रंग इस अनुभव को और भी यादगार बना देते हैं। प्रकृति और वन्यजीव प्रेमियों के लिए मानसून का यह समय सतपुड़ा के बफर क्षेत्र की खूबसूरती और जैव विविधता का आनंद लेने के लिए बेहद खास है। बफर क्षेत्र में बाघ सहित अन्य शिकारी वन्य जीवों का मूवमेंट कुछ दिनों से लगातार बना है। पर्यटकों में उत्साह बढ़ा है।
अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की आज, सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच 3 अलग-अलग याचिकाओं को सुनेगी। याचिकाओं में CBI को जांच सौंपने और SIT के गठन के मांग की गई है। साथ ही, मंदिर में दान के प्रबंधन से जुड़े अलग-अलग विषयों की समीक्षा के लिए एक्सपर्ट कमेटी बनाने की भी मांग की गई है। वहीं, अयोध्या पुलिस चंपत राय के ड्राइवर रहे रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू और चढ़ावा गिनती के प्रभारी रहे सुभाष श्रीवास्तव को रिमांड पर ले सकती है। गिरफ्तार सभी 8 आरोपियों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पेशी कराई जाएगी। इससे पहले पुलिस ने आरोपी अविनाश, अनुकल्प, लवकुश और करुणेश को रिमांड पर लेकर पूछताछ की थी। चढ़ावा चोरी के आरोपियों को फैजाबाद जेल में अलग-अलग बैरक में रखा गया है। सुप्रीम कोर्ट में दाखिल तीनों याचिकाओं के बारे में जानिए राम मंदिर से जुड़े अपडेट्स पढ़ने के लिए लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए-
औद्योगिक क्षेत्र पीथमपुर में पुलिस ने लूट की एक वारदात का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से लूटी गई मोटरसाइकिल, वारदात में इस्तेमाल की गई बाइक और एक धारदार चाकू जब्त किया गया है। यह घटना 7 जुलाई 2026 की शाम करीब 05:15 बजे की है। फरियादी वंश सोलंकी (18 वर्ष), निवासी बेटमा (इंदौर), सेक्टर-3 स्थित क्लिक होटल के पीछे वाली गली से गुजर रहे थे। इसी दौरान दो बदमाशों ने उन्हें घेर लिया और चाकू से हमला कर घायल कर दिया। बदमाश उनके पास से ₹2,000 नकद और उनकी हीरो होंडा मोटरसाइकिल लूटकर फरार हो गए थे। अस्पताल से मिली सूचना के बाद 10 जुलाई को थाना पीथमपुर में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 309(6) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया था। सीसीटीवी फुटेज से मिले सुराग मामले की जांच के लिए वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया था। टीम ने घटनास्थल के आसपास के करीब 3 किलोमीटर के दायरे में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। तकनीकी विश्लेषण और मुखबिरों से मिली सटीक जानकारी के आधार पर पुलिस ने दोनों आरोपियों को धरदबोचा। सागर और आलीराजपुर के रहने वाले हैं आरोपी पकड़े गए आरोपियों की पहचान मंजू लोधी (21 वर्ष, निवासी सागर) और शिवा अलावा (20 वर्ष, निवासी आलीराजपुर) के रूप में हुई है। ये दोनों वर्तमान में पीथमपुर के सेक्टर-3 में ही रह रहे थे। पुलिस ने इनके पास से लूटी गई हीरो होंडा शाइन मोटरसाइकिल, वारदात में प्रयुक्त टीवीएस राइडर बाइक और चाकू बरामद कर लिया है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी सुनील शर्मा, उप निरीक्षक पी.एस. बारिया, प्रधान आरक्षक विशाल महाजन, आरक्षक लखन और आकाश की मुख्य भूमिका रही। पुलिस आरोपियों से आगे की पूछताछ कर रही है।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में महिला थाने और ओपी चौधरी के मंत्री बंगले के सामने कांग्रेस के निर्माणाधीन भवन में नाबालिग से दरिंदगी हुई है। भीख मांगकर गुजारा करने वाली 14 साल की नाबालिग के साथ युवक ने 3 दिन तक रेप किया है। पीड़िता के चीखने-चिल्लाने पर स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। उन्होंने युवक को पकड़कर लात-घूंसों से उसकी जमकर पिटाई कर दी। जिससे वो लहूलुहान हो गया। पूछने पर कहा कि, सिर्फ किस किया हूं। नाबालिग से उसे चप्पल से पिटवाया गया, पैर पकड़कर माफी भी मंगवाई गई। इसके बाद लोगों ने आरोपी को सीधे महिला थाना पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर केस दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। मामला महिला थाना इलाके का है। देखिए तस्वीरें…. भीख मांगकर गुजारा करती है पीड़िता, सूने पड़े भवन में रुकी थी जानकारी के अनुसार, दरोगापारा रोड पर कांग्रेस का निर्माणाधीन भवन पिछले कुछ सालों से आधा-अधूरा और खुला पड़ा हुआ है। सामने का हिस्सा खुला होने के कारण यहां कचरा बीनने वाले और भीख मांगकर गुजारा करने वाले बेघर लोग अस्थायी रूप से शरण लेते हैं। पीड़ित 14 साल की नाबालिग किशोरी भी अपनी मां के साथ अक्सर वहीं रुकती थी। कभी-कभी मां के जूटमिल स्थित घर चले जाने पर बच्ची बाकी लोगों के साथ वहीं रह जाती थी। 3 दिन तक किया दुष्कर्म, धमकी देकर दबाता रहा जुबान दरोगापारा का रहने वाला आरोपी लब्बू उर्फ विजय सारथी (34) की पत्नी भी कचरा बीनने का काम करती है। पत्नी का काम होने के कारण आरोपी का अक्सर उस निर्माणाधीन भवन में आना-जाना था। इसी दौरान उसकी जान-पहचान नाबालिग से हो गई थी। आरोपी ने गुरुवार को अकेला पाकर नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया और किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद अगले दिन शुक्रवार को भी उसने बच्ची के साथ फिर से दुष्कर्म किया। तीसरे दिन विरोध पर हुआ पर्दाफाश, लोगों ने पीटा शनिवार को जब आरोपी ने तीसरी बार दुष्कर्म का प्रयास किया, तो पीड़िता सहमने के बजाय उससे भिड़ गई और जोर-जोर से चिल्लाने लगी। चीख-पुकार सुनकर आसपास के स्थानीय युवक मौके पर पहुंच गए। युवकों ने आरोपी विजय सारथी को रंगे हाथों पकड़ लिया और उसकी लात-घूंसों से जमकर पिटाई कर दी। आरोपी युवक गिरफ्तार पूछताछ करने पर जब पीड़िता ने आपबीती सुनाई, तो लोग भड़क उठे और आरोपी को घसीटते हुए पास ही स्थित महिला थाने ले जाकर पुलिस को सौंप दिया। पीड़िता की बयान और शिकायत के आधार पर आरोपी विजय सारथी के खिलाफ पोक्सो एक्ट और दुष्कर्म की धाराओं के तहत केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया है। ………………………… इससे संबंधित यह खबर भी पढ़िए… घर लौट रही महिला को बंधक बनाकर गैंगरेप: खेत ले गए, साड़ी से हाथ-पैर बांधकर वारदात, फिर पेशाब किया; गांव के 3 युवक अरेस्ट छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में घर लौट रही महिला को बंधक बनाकर 3 युवकों ने गैंगरेप किया है। आरोपियों ने सड़क किनारे खेत में ले जाकर साड़ी से महिला का हाथ-पैर बांध दिया और बारी-बारी से वारदात को अंजाम दिया। पढ़ें पूरी खबर…
चंडीगढ़ में सोमवार (13 जुलाई) को किसानों की बाइक रैली और प्रदर्शन के चलते यातायात व्यवस्था प्रभावित रहने की संभावना है। भारतीय किसान यूनियन (राजेवाल) के नेतृत्व में पंजाब के किसान मोहाली से बाइक रैली निकालकर सेक्टर-34 स्थित प्रदर्शनी मैदान पहुंचेंगे। यहां मुख्यमंत्री और राज्यपाल के माध्यम से प्रधानमंत्री के नाम दो ज्ञापन सौंपे जाएंगे। भारत-अमेरिकी व्यापार समझौते, पानी और भूमि नीति समेत कई मांगों को लेकर हो रहे इस प्रदर्शन के मद्देनजर चंडीगढ़ पुलिस अलर्ट पर है। आम लोगों की सुविधा के लिए सुबह 10:30 बजे से दोपहर 3 बजे तक कई प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्ट किया जाएगा और कुछ जगहों पर आवाजाही भी सीमित रहेगी। ऐसे में घर से निकलने से पहले ट्रैफिक रूट जरूर जांच लें। सभी जिलों के किसान शामिल होंगे बीकेयू (राजेवाल) के राष्ट्रीय अध्यक्ष बलबीर सिंह राजेवाल ने बताया कि 13 जुलाई को होने वाली मोटरसाइकिल रैली में पंजाब के सभी जिलों से किसान शामिल होंगे। उन्होंने इसे राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन बताते हुए कहा कि बड़ी संख्या में किसान चंडीगढ़ पहुंचकर अमेरिकी व्यापार समझौते, पंजाब के पानी और भूमि नीति समेत अन्य मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ आवाज उठाएंगे। हालांकि, रैली में शामिल होने वाले किसानों की संख्या को लेकर उन्होंने कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की है। 13 जुलाई को लोग हुए थे परेशान 11 जुलाई 2026 को विभिन्न किसान संगठनों ने सेक्टर-34 प्रदर्शनी मैदान में अमेरिकी व्यापार समझौते और भूमि नीति के विरोध में प्रदर्शन किया था। इस दौरान किसान बसों के जरिए सेक्टर-34 पहुंचे थे और कार्यक्रम के बाद वापस लौट गए थे। हालांकि, प्रदर्शन के चलते लोगों को यातायात संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ा था। इसी को देखते हुए पुलिस इस बार पहले से तैयारी कर रही है, ताकि आम लोगों को किसी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े।
आरा-सासाराम स्टेट हाईवे पर तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक में टक्कर मार दी। हादसे में एक महिला की मौत हो गई। मौत की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग उग्र हो गए। ट्रक में तोड़-फोड़ की गई है। मृतका की पहचान किरण देवी(60) के तौर पर हुई है। घटना उदवंतनगर थाना क्षेत्र की है। मृतका के बेटे मोनू कुमार ने बताया कि बाजार में घर के ही बाहर ही स्टील की दुकान है। मां वहीं पर बैठी हुई थी। इस बीच मैं किसी काम से बाहर चला गया। जाते समय उनको बोला कि आप यहीं बैठिए, मैं थोड़ी देर में आ रहा हूं। काफी देर तक नहीं लौटा तो दूसरे बाइक सवार युवक से लिफ्ट लेकर दक्षिण एकौना दूध लाने जा चली गई। पावर ग्रिड के पास पीछे से ट्रक ने टक्कर मार दी। गाड़ी से नीचे गिरकर जख्मी हो गईं, उन्हें इलाज के लिए अस्पताल लाया गया। जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। बाइक चला रहा युवक मामूली रूप से जख्मी हुआ है। घर में मचा कोहराम सूचना मिलने के बाद परिवार के सदस्य आरा सदर अस्पताल पहुंचे। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव सौंप दिया। किरण देवी के पति की पहले ही मौत हो गई थी। परिवार में दो बेटे सोनू और मोनू है। मौत के बाद घर में कोहराम मच गया। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है।
रायसेन जिले में मानसून की बेरुखी के कारण जुलाई का आधा महीना बीतने के बावजूद बारिश की कमी बनी हुई है। पिछले 10 दिनों से बारिश पूरी तरह थमी हुई है, जिससे दिन में तेज धूप और उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। इसका सीधा असर धान की खेती पर पड़ रहा है, जिससे किसान चिंतित हैं। जिले में करीब 2.80 लाख हेक्टेयर में होने वाली धान की खेती के लिए तैयार खेत अब भी खाली पड़े हैं। कई जगह खेतों में खरपतवार उग आई है, जबकि अधिकांश किसान अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं। सबसे अधिक असर जलाशयों परमानसून सीजन शुरू हुए 26 दिन हो चुके हैं, लेकिन जिले में अब तक सामान्य बारिश का केवल 18.3 प्रतिशत ही दर्ज किया गया है। 11 जुलाई तक कुल 224.2 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई है, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में 485 मिमी बारिश हो चुकी थी। रायसेन जिले में सामान्य मानसून के दौरान औसतन 1192 मिमी वर्षा होती है। कम बारिश का सबसे अधिक असर जलाशयों पर दिख रहा है। जिले के कुल 62 छोटे-बड़े डेम और तालाबों में से 52 पूरी तरह खाली पड़े हैं। 8 से 9 जलाशयों में केवल 10 प्रतिशत तक पानी बचा है, जबकि 20 प्रतिशत से अधिक जलभराव केवल दो जलाशयों में ही है। रातापानी तालाब 29.92%, ऊंचाखेड़ा तालाब 22.45%, मोनियाहोड़ी डेम 19.95% और सेमराखास तालाब 15.76% में सर्वाधिक पानी दर्ज किया गया है। हलाली और बारना डेम में भी खालीजिले के प्रमुख हलाली और बारना डेम में अब तक नई जल आवक नहीं हुई है। हलाली डेम में वर्तमान में 21.30 प्रतिशत पानी है, जो पिछले वर्ष का बचा हुआ जलस्तर है। डेम का जलस्तर 454.40 मीटर है और इसे पूरी तरह भरने के लिए लगभग 80 प्रतिशत पानी की आवश्यकता है। यह परियोजना रायसेन और विदिशा जिलों के लगभग 5 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई के लिए महत्वपूर्ण है। कृषि विभाग के अनुसार, जिले में खरीफ फसलों की बुवाई भी बारिश की कमी से प्रभावित हुई है। इस वर्ष 4.34 लाख हेक्टेयर में खरीफ फसलों की बुवाई का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, लेकिन वर्तमान स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। फैक्ट फाइल
चंदौली एसडीएम कुंदन राज कपूर का वाराणसी तबादला:तीन साल बाद हुआ स्थानांतरण, कई अहम फैसले लिए
चंदौली की सकलडीहा तहसील में तैनात एसडीएम कुंदन राज कपूर का वाराणसी तबादला कर दिया गया है। उन्होंने जनपद की विभिन्न तहसीलों में लगभग तीन साल तक एसडीएम के रूप में कार्य किया। अपनी कार्यशैली से उन्होंने जिले के लोगों को काफी प्रभावित किया। कुंदन राज कपूर ने बताया कि चंदौली में कार्य करना उनके लिए सुखद अनुभव रहा। इस दौरान उन्होंने कई ऐसे ऐतिहासिक फैसले लिए, जिनसे गरीबों को काफी लाभ मिला। साथ ही, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और अवैध अतिक्रमण हटाने पर भी उनके द्वारा ठोस पहल की गई। करीब तीन साल पहले कुंदन राज कपूर की चंदौली जनपद में एसडीएम के रूप में तैनाती हुई थी। शुरुआती दौर में उन्हें जंगल क्षेत्र की नौगढ़ तहसील का एसडीएम बनाया गया। यहां उन्होंने वनवासी और आदिवासी समाज के लोगों के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए। उन्होंने वन विभाग की टीम के साथ मिलकर जंगल क्षेत्र में अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए प्रभावी कदम उठाए। इसके बाद एसडीएम कुंदन राज कपूर को चकिया तहसील में तैनात किया गया। चकिया में भी उन्होंने अपनी कार्यशैली से लोगों को प्रभावित किया। उन्होंने अवैध अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाकर कई स्थानों पर बड़ी कार्रवाई की। इसके अलावा, उन्होंने अवैध खनन पर भी शिकंजा कसा और खनन माफियाओं को गिरफ्तार कर जेल भिजवाया। बाद में कुंदन राज कपूर की तैनाती सकलडीहा तहसील में हुई, जिसे मैदानी इलाके की जनपद की सबसे बड़ी तहसील माना जाता है। इस तहसील में तैनाती के दौरान उन्होंने जन समस्याओं, अवैध अतिक्रमण और सरकारी भूमि को कब्जा मुक्त कराने जैसे कार्यों को प्रभावी ढंग से कराया। इन कार्यों के बाद पूरे जनपद में उनकी एक ईमानदार अधिकारी के रूप में छवि बनी। कुंदन राज कपूर ने बताया कि शासन की मंशा के अनुरूप कार्य करना उनकी पहली प्राथमिकता है। इसी प्राथमिकता के आधार पर उन्होंने चंदौली जनपद में कार्य किया और लोगों को न्याय दिलाने का भी काम किया।
उत्तर प्रदेश में रविवार देर रात 158 पीसीएस अधिकारियों का स्थानांतरण किया गया। इसी क्रम में भदोही के न्यायिक एसडीएम शिवकुमार यादव का तबादला हाथरस जिले में कर दिया गया है। उनके स्थान पर उन्नाव जिले से 2020 बैच के पीसीएस अधिकारी शिवेंद्र कुमार वर्मा को भदोही में नई तैनाती मिली है। शिवेंद्र कुमार वर्मा उन्नाव की सफीपुर तहसील में उप जिलाधिकारी के पद पर तैनात थे। भदोही में न्यायिक एसडीएम के रूप में कार्यरत शिवकुमार यादव इससे पहले जिले की ज्ञानपुर और भदोही तहसीलों में उप जिलाधिकारी का पद संभाल चुके हैं। लखनऊ के मूल निवासी शिवेंद्र कुमार वर्मा 2020 बैच के पीसीएस अधिकारी हैं। वह अपनी कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं।
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने रविवार देर रात 11.30 बजे बड़े पैमाने पर प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 182 उप जिला अधिकारियों (एसडीएम) का तबादला किया। इसी क्रम में गोंडा जिले में तैनात चार एसडीएम का भी स्थानांतरण किया गया है, जबकि दो नए अधिकारियों को गोंडा भेजा गया है। तबादला सूची के अनुसार, गोंडा में तैनात अतिरिक्त उप जिलाधिकारी विश्वामित्र सिंह को सिद्धार्थनगर भेजा गया है। अधिशासी अभियंता नगर पालिका और अतिरिक्त मजिस्ट्रेट विशाल कुमार का सोनभद्र स्थानांतरण हुआ है। एसडीएम कर्नलगंज के पद पर कार्यरत नेहा मिश्रा को आजमगढ़ भेजा गया है, वहीं एसडीएम मनकापुर अवनीश त्रिपाठी को महाराजगंज स्थानांतरित किया गया है। गोंडा जिले में दो नए उप जिलाधिकारी भी आए हैं। इटावा से कुमार सत्यमजीत को गोंडा भेजा गया है, जबकि बरेली से उदित पंवार को गोंडा में तैनाती मिली है।एसडीएम नेहा मिश्रा ने करनैलगंज में अपने कार्यकाल के दौरान कई सरकारी जमीनों को अवैध कब्जों से मुक्त कराया और भ्रष्टाचार के मामलों में कड़ी कार्रवाई की। उन्होंने करनैलगंज तहसील की कार्यशैली में भी महत्वपूर्ण सुधार किए। हालांकि, उनके इन कार्यों को लेकर करनैलगंज तहसील के वकीलों द्वारा लगातार विरोध भी किया जा रहा था। एक बार वकीलों के साथ उनके विवाद ने काफी सुर्खियां बटोरी थीं। एसडीएम अवनीश त्रिपाठी ने मनकापुर में रहते हुए सरकारी जमीनों पर हुए अवैध कब्जों के खिलाफ कार्रवाई की। उन्होंने भ्रष्टाचार और जमीन धोखाधड़ी से जुड़े कई मामलों में भी सख्त कदम उठाए। मनकापुर से पहले, अवनीश त्रिपाठी गोंडा सदर एसडीएम के पद पर भी तैनात थे, जहां उन्होंने कई महत्वपूर्ण कार्य किए थे। विशाल कुमार पहले तरबगंज उप जिलाधिकारी के पद पर कार्यरत थे। स्थानीय विधायक की शिकायत के बाद उन्हें इस पद से हटाकर गोंडा नगर पालिका का प्रभारी अधिशासी अभियंता बनाया गया था। उन्होंने गोंडा नगर पालिका क्षेत्र में भी कई विकास कार्य किए। एसडीएम विश्वामित्र सिंह को राजस्व वादों के निस्तारण में लगातार लापरवाही मिलने के कारण एसडीएम तरबगंज के पद से हटाकर अतिरिक्त मजिस्ट्रेट के रूप में स्थानांतरित कर दिया गया था।
जौनपुर में 4 नए एसडीएम तैनात:3 उप जिलाधिकारियों का अन्य जिलो में तबादला
उत्तर प्रदेश शासन ने सोमवार को जौनपुर के प्रशासनिक ढांचे में बदलाव किया है। जारी तबादला सूची के अनुसार, जौनपुर में चार नए उप जिलाधिकारियों (एसडीएम) की तैनाती की गई है। वहीं, यहां कार्यरत तीन उप जिलाधिकारियों का स्थानांतरण अन्य जनपदों और विभागों में किया गया है। नए अधिकारियों के कार्यभार संभालने के बाद तहसीलों के प्रभार का पुनर्वितरण किया जाएगा। शासन के आदेशानुसार, जौनपुर से सुनील कुमार भारती का मऊ, संतवीर सिंह का रामपुर और कुणाल गौरव का कुशीनगर में उप जिलाधिकारी के पद पर स्थानांतरण किया गया है। जौनपुर में जिन नए उप जिलाधिकारियों की तैनाती हुई है, उनमें अलीगढ़ से मो. अमान, बहराइच से अखिलेश कुमार सिंह, स्थानीय निकाय निदेशालय से रश्मि सिंह और फतेहपुर से प्रदीप कुमार रमन शामिल हैं। ये सभी अधिकारी अब जौनपुर में उप जिलाधिकारी के रूप में अपनी सेवाएं देंगे। इन तबादला आदेशों के बाद जौनपुर के प्रशासनिक अमले में नए अधिकारी शामिल होंगे। अधिकारियों के कार्यभार ग्रहण करने के बाद विभिन्न तहसीलों और प्रशासनिक दायित्वों का पुनर्गठन किया जाएगा। यह तबादला शासन की नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है, और संबंधित अधिकारी जल्द ही अपने नए तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण करेंगे।
उत्तर प्रदेश शासन ने 12 जुलाई की मध्यरात्रि में 182 पीसीएस अधिकारियों का तबादला किया। इसी क्रम में जनपद संभल की तहसील चंदौसी की एसडीएम नीतू रानी का भी जनपद बहराइच के लिए तबादला हो गया है। नीतू रानी ने संभल में कुल 3 साल 9 दिन का कार्यकाल पूरा किया है। उनकी पहली पोस्टिंग 4 जुलाई 2023 को हुई थी। अपने कार्यकाल के दौरान, उन्हें दो बार चंदौसी तहसील का एसडीएम नियुक्त किया गया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने दो बार डिप्टी कलेक्टर के रूप में भी सेवाएं दीं और नगर पालिका परिषद बहजोई की अधिशासी अधिकारी का प्रभार भी संभाला। नीतू रानी के तबादले के बाद भी जनपद संभल में छह एसडीएम तैनात हैं। हालांकि, जनपद को अभी तक कोई नया एसडीएम नहीं मिला है। उत्तर प्रदेश शासन से तबादला होने के बाद जिला मुख्यालय बहजोई पर नीतू रानी को विदाई समारोह दिया जाएगा।
इमाम जैनुल आबेदीन की याद में निकला जुलूस:शबीह-ए-ताबूत व अलम-ए-मुबारक के साथ नौहे गूंजे, मातम
संभल के कस्बा सिरसी के मोहल्ला शर्की सादात स्थित इमामबारगाह में रविवार देर रात 12 बजे 26 मोहर्रम के मौके पर हज़रत इमाम ज़ैनुल आबेदीन अलैहिस्सलाम की याद में शबीह-ए-ताबूत व अलम-ए-मुबारक के जुलूस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत मजलिस-ए-सय्यदुश शोहदा से हुई, जिसमें खावर रज़ा और उनके साथियों ने सोज़ख़ानी पेश की। इसके बाद, मौलाना मंजर रज़ा ने मजलिस को संबोधित करते हुए इमाम ज़ैनुल आबेदीन के जीवन, चरित्र और धार्मिक शिक्षाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। मौलाना मंजर रज़ा ने बताया कि हज़रत इमाम अली इब्नुल हुसैन अलैहिस्सलाम, जिन्हें इमाम ज़ैनुल आबेदीन और इमाम अल-सज्जाद के नाम से भी जाना जाता है, शिया समुदाय के बारह इमामों में चौथे इमाम थे। कर्बला की घटना के बाद उन्हें बंदी बनाकर दमिश्क में यज़ीद इब्ने माविया के दरबार में ले जाया गया था। लगभग दो वर्ष की कैद के पश्चात उन्हें मदीना लौटने की अनुमति मिली। वहाँ उन्होंने अपना शेष जीवन इबादत, इंसानियत, नैतिक मूल्यों और धार्मिक शिक्षाओं के प्रचार-प्रसार के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने लोगों को सब्र, तक़वा, इंसाफ़ और नेक आचरण का संदेश दिया। मजलिस के बाद शबीह-ए-ताबूत व अलम-ए-मुबारक का जुलूस निकाला गया। जुलूस में स्थानीय अंजुमनों ने नौहाखानी और सीनाज़नी कर इमाम को श्रद्धांजलि अर्पित की। इनमें अंजुमन ज़ुल्फ़िकार-ए-हैदरी, अंजुमन हाशमी, अंजुमन गुलदस्ता-ए-हैदरी, अंजुमन हैदरी, अंजुमन पंजेतनी और अंजुमन मिस्म-ए-अज़ा सहित कई अन्य अंजुमनें शामिल थीं। जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंद उपस्थित रहे, और पूरे मार्ग में धार्मिक अनुशासन तथा सौहार्द का वातावरण बना रहा। कार्यक्रम का समापन देर रात मोहल्ला शर्की सादात स्थित इमामबारगाह में शांतिपूर्ण ढंग से हुआ। आयोजन के दौरान व्यवस्था सुचारु रही, और उपस्थित लोगों ने हज़रत इमाम ज़ैनुल आबेदीन अलैहिस्सलाम की शिक्षाओं पर अमल करने का संकल्प लिया।
सीकर शहर में भास्कर समाधान पर उठाई गई समस्याओं पर संबंधित विभाग लगातार कार्रवाई कर रहा है। बिजली लाइन से पेड़-पौधे हटाने और बंद पोल लाइट चालू होने जैसी शिकायतों का समाधान होने से लोगों को राहत मिली है। वहीं शहर के कुछ क्षेत्रों में जर्जर सड़क, कचरे के ढेर, गंदी नालियां और बंद स्ट्रीट लाइट जैसी समस्याएं अब भी लोगों के लिए परेशानी बनी हुई हैं। स्थानीय नागरिकों ने इनका जल्द समाधान कराने की मांग की है। भास्कर एप पर अपनी समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक कीजिए… आज के स्टार ऑफिसर : वाजिद अली आज के हमारे स्टार ऑफिसर वाजिद अली बने हैं। सिल्वर जुबली रोड स्थित बिसायतीयन मोहल्ले निवासी सुनील कुमार सैनी ने भास्कर समाधान ऐप पर समस्या पोस्ट की थी कि बिजली पोल और तारों पर बेल व पेड़-पौधे फैल जाने से करंट फैलने का खतरा बना हुआ था। पास की दीवार में भी करंट उतरने की आशंका थी, जिससे क्षेत्रवासियों की सुरक्षा खतरे में थी। शिकायत मिलने के बाद वाजिद अली ने मामले का संज्ञान लेते हुए संबंधित टीम से बिजली पोल और तारों पर फैली बेल व झाड़ियों की सफाई करवाई तथा आवश्यक मरम्मत करवाई। समय पर कार्रवाई से संभावित हादसे का खतरा टला और क्षेत्रवासियों को राहत मिली। बिजली लाइन से हटे पेड़-पौधे, करंट का खतरा टला सिल्वर जुबली रोड स्थित बिसायतीयन मोहल्ले में बिजली पोल और तारों पर फैली बेल व पेड़-पौधों के कारण करंट फैलने और पास की दीवार में करंट उतरने का खतरा बना हुआ था। इस समस्या को लेकर सुनील कुमार सैनी ने समस्या पोस्ट की थी। समस्या के बाद संबंधित विभाग ने कार्रवाई करते हुए बिजली लाइन से बेल और पेड़-पौधों को हटवा दिया। इससे क्षेत्रवासियों को संभावित हादसे के खतरे से राहत मिली और बिजली व्यवस्था भी सुरक्षित हो गई। कई दिनों से बंद पोल लाइट हुई चालू, राहगीरों को मिली राहत न्यू कोतवाली रोड, वार्ड-33 में कई दिनों से बंद पड़ी पोल लाइट के कारण रात के समय लोगों को अंधेरे में आवाजाही करनी पड़ रही थी। इस समस्या को लेकर इश्तियाक अहमद ने समस्या पोस्ट की थी। समस्या पोस्ट करने के बाद संबंधित विभाग ने पोल लाइट की मरम्मत कर उसे चालू कर दिया। लाइट शुरू होने से क्षेत्र में रोशनी की व्यवस्था बहाल हो गई और स्थानीय लोगों के साथ राहगीरों को भी राहत मिली। बस डिपो तिराहे की जर्जर सड़क बनी परेशानी का कारण शहर के प्रमुख बस डिपो तिराहे पर सड़क की हालत काफी खराब हो गई है। सड़क पर बने गड्ढों और उखड़ी हुई सतह के कारण वाहन चालकों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासी योगेश शर्मा ने बताया कि खराब सड़क के कारण हादसे की आशंका भी बनी रहती है। लोगों ने प्रशासन से जल्द सड़क की मरम्मत कराने की मांग की है। बालाजी मंदिर के पास कचरे का ढेर, गंदगी से लोग परेशान जयपुर रोड स्थित तीवीपुरा तिराहा, बालाजी मंदिर के सामने नियमित सफाई नहीं होने से कचरा जमा हो रहा है। स्थानीय दुकानदार मोहम्मद समीर ने बताया कि वे कचरा पॉलीथिन में रख देते हैं, लेकिन समय पर उठाव नहीं होने से आसपास गंदगी फैल जाती है। इससे दुर्गंध के साथ संक्रमण फैलने का खतरा भी बढ़ रहा है। लोगों ने नगर परिषद से नियमित कचरा उठाने और सफाई व्यवस्था सुधारने की मांग की है। नालियों की सफाई नहीं होने से बीमारी फैलने का डर पीपराली रोड स्थित सम्राटपुरा कॉलोनी में संजय रेस्टोरेंट के पास अक्षा मस्जिद, वार्ड-54 क्षेत्र की नालियों की लंबे समय से सफाई नहीं होने से गंदगी जमा है। स्थानीय निवासी मोहम्मद आरिफ भलीम ने बताया कि बारिश के दौरान गंदा पानी और कचरा जमा होने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है तथा बीमारी फैलने की आशंका बनी हुई है। लोगों ने नगर परिषद से जल्द नालियों की सफाई करवाकर समस्या का समाधान करने की मांग की है। 10 दिन बाद भी नहीं सुधरी स्ट्रीट लाइट, अंधेरे में गुजरने को मजबूर लोग खटीकान प्याऊ, जगमालपुरा रोड क्षेत्र में खराब स्ट्रीट लाइट की समस्या का अब तक समाधान नहीं हो पाया है। स्थानीय निवासी शाहिद कुरैशी ने बताया कि 10 दिन पहले भी इस समस्या को पोस्ट किया था लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर उन्हें दोबारा ऐप पर शिकायत दर्ज करनी पड़ी। रात के समय स्ट्रीट लाइट बंद रहने से पूरे क्षेत्र में अंधेरा रहता है, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है तथा दुर्घटना और असामाजिक गतिविधियों की आशंका बनी रहती है। स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग से जल्द स्ट्रीट लाइट ठीक कराकर समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है। पब्लिक की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। ये खबरें भी पढ़िए…. 1.भास्कर समाधान: लगातार बिजली कटौती की समस्या का हुआ समाधान:सड़क, बिजली, पानी और सफाई की समस्याओं से लोग परेशान 2.भास्कर ‘समाधान’: शिकायत के बाद प्रशासन हुआ अलर्ट:गड्ढे, गंदगी और आवारा पशुओं से बढ़ी लोगों की मुश्किलें, अमित स्वामी बने आज के 'स्टार ऑफिसर' 3.सीकर में जनता की समस्याओं पर जागा प्रशासन:जर्जर सड़कें, सीवर और नंगे तारों की शिकायतों पर अधिकारियों ने की कार्रवाई 4.सीकर में बहानेबाजी पर भारी पड़ा ऐक्शन:कहीं सिस्टम की सुस्ती से बढ़ा खतरा, तो कहीं 'स्टार अफसर' ने दूर की जनता की परेशानी 5.भास्कर समाधान: पोस्ट करने के 4 घंटे में हुआ समाधान:सीवर समस्या सुलझी; नाला, जलभराव और आवारा पशु बने परेशानी, अमित स्वामी बने आज के ‘स्टार ऑफिसर’ 6.सीकर शहर की समस्याएं भास्कर समाधान पर पहुंचीं:कहीं टूटी सड़क तो कहीं जलभराव और नाली की परेशानी, सुरेंद्र गोदारा बने आज के 'स्टार ऑफिसर' 7.भास्कर समाधान: लाइट की समस्या का हुआ समाधान:सीकर में पानी, बिजली, सड़क और स्ट्रीट लाइट की समस्याओं से लोग परेशान 8.भास्कर समाधान: कचरा हटने पर लोगों को मिली राहत:आवारा पशुओं का आतंक, अंधेरे में डूबी गलियां और सड़क पर गहरे गड्ढे से बढ़ी परेशानी 9.सीकर में नाली, सड़क से जुड़ी समस्याओं का हुआ समाधान:नालों की सफाई, सड़क, स्ट्रीट लाइट और पेयजल की समस्याओं से लोग परेशान 10.भास्कर समाधान : स्ट्रीट लाइट की समस्या का हुई हल:शहर में सड़क, नाली, स्ट्रीट लाइट और पानी की समस्याओं से परेशान, सुरेंद्र जाट बने आज के 'स्टार ऑफिसर'
अजमेर शहर में नागरिक सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं के समाधान का सिलसिला जारी है। बिजली के अव्यवस्थित तार हटने और 20 दिन बाद जलापूर्ति बहाल होने से लोगों को राहत मिली है। वहीं निर्माणाधीन मकान के पास बिजली का तार, सड़क किनारे उगी झाड़ियां, सपोर्ट वायर और नालियों की सफाई नहीं होने जैसी नई समस्याओं को लेकर नागरिकों ने भास्कर समाधान के माध्यम से संबंधित विभागों से जल्द कार्रवाई की मांग की है। भास्कर एप पर अपनी समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक कीजिए… आज के स्टार ऑफिसर : जेईएन विकास साहू आज के हमारे स्टार ऑफिसर जेईएन विकास साहू बने हैं। अजमेर की दयानंद कॉलोनी निवासी विजया जैन ने भास्कर समाधान पर समस्या पोस्ट की थी कि क्षेत्र में पिछले 20 दिनों से पेयजल आपूर्ति बाधित थी, जिससे लोगों को पानी के लिए काफी परेशानी उठानी पड़ रही थी। समस्या मिलने के बाद जेईएन विकास साहू ने मामले का संज्ञान लेते हुए संबंधित टीम से आवश्यक कार्रवाई करवाई और जलापूर्ति बहाल कराई। समय पर कार्रवाई से क्षेत्रवासियों को राहत मिली। बिजली के तारों का जंजाल हटने से मिली राहत अजमेर की दयानंद कॉलोनी की सी लेन में बिजली, केबल और वाई-फाई के तारों का जंजाल लंबे समय से लोगों के लिए परेशानी और हादसे का कारण बना हुआ था। शिकायतकर्ता राहुल वर्मा (एडवोकेट) ने बताया था कि ढीले तार आए दिन टूटते रहते थे और एक घर की बिजली लाइन भी नीचे लटक रही थी। समस्या पोस्ट करने के बाद संबंधित विभाग ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई की और अव्यवस्थित तारों को हटाकर स्थिति सुरक्षित कर दी। समस्या के समाधान के बाद क्षेत्रवासियों ने राहत की सांस ली। 20 दिन बाद दयानंद कॉलोनी में शुरू हुई जलापूर्ति अजमेर की दयानंद कॉलोनी में पिछले 20 दिनों से पेयजल आपूर्ति बाधित थी। इस समस्या को लेकर विजया जैन ने दैनिक भास्कर पर समस्या पोस्ट की थी। समस्या के बाद नगर उपखंड चतुर्थ के कनिष्ठ अभियंता विकास साहू ने कार्रवाई कर समस्या का समाधान कराया। विभाग की ओर से जलापूर्ति बहाल होने की पुष्टि के बाद क्षेत्रवासियों को लंबे इंतजार के बाद राहत मिली। निर्माणाधीन मकान से सटा बिजली का तार बना खतरा अजमेर के शक्ति नगर, आम का तालाब क्षेत्र में रहने वाले अशोक गोयर ने बताया कि उनके मकान का निर्माण कार्य चल रहा है। इस दौरान बिजली के पोल से जुड़ा मोटा काला तार मकान के बेहद करीब आ गया है, जिससे निर्माण कार्य के साथ-साथ भविष्य में हादसे का भी खतरा बना हुआ है। उन्होंने बिजली विभाग से तार को सुरक्षित दूरी पर शिफ्ट कराने की मांग की है ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना न हो और निर्माण कार्य सुरक्षित तरीके से पूरा किया जा सके। सपोर्ट वायर से आवागमन में परेशानी अजमेर के वैशाली नगर क्षेत्र में घर के बाहर लगी बिजली पोल की सपोर्ट वायर लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। शिकायतकर्ता हर्ष ने बताया कि तार रास्ते में होने से आने-जाने में काफी दिक्कत होती है और हर समय दुर्घटना का खतरा बना रहता है। स्थानीय लोगों ने बताया कि कई बार इस समस्या की ओर ध्यान दिलाया गया, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। लोगों ने संबंधित विभाग से सपोर्ट वायर को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने की मांग की है। सड़क किनारे उगी झाड़ियां बनी परेशानी अजमेर के नेहरू नगर स्थित कर्ण विहार रोड पर सड़क किनारे उगी झाड़ियां राहगीरों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई हैं। शिकायतकर्ता नरपत सिंह रावत ने बताया कि झाड़ियों के कारण सड़क संकरी हो गई है और क्षेत्र में जंगली जानवरों के छिपे होने का डर भी बना रहता है। उनका कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद नगर निगम की ओर से सफाई या कटाई नहीं कराई गई। लोगों ने जल्द झाड़ियां हटाने की मांग की है। नियमित सफाई नहीं होने से लोग परेशान अजमेर के धोला भाटा स्थित गुलाब बाड़ी मार्ग पर लंबे समय से नालियों की सफाई नहीं होने से गंदगी जमा हो गई है। शिकायतकर्ता मीनाक्षी ने बताया कि सफाईकर्मी नियमित रूप से नहीं आते, जिसके चलते लोगों ने नालियों पर पत्थर रख दिए हैं। इससे कचरा और गंदगी एक ही स्थान पर जमा हो रही है और दुर्गंध फैलने लगी है। स्थानीय लोगों ने नगर निगम से जल्द नालियों की सफाई कराने और नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। पब्लिक की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। 'भास्कर समाधान' से जुड़ीं ये खबरें भी पढ़िए… 1.भास्कर समाधान: स्ट्रीट लाइट की समस्या का हुआ समाधान:अव्यवस्थित पार्किंग, गड्ढे और बंद स्ट्रीट लाइट से लोग परेशान, राकेश गहलोत बने आज के 'स्टार ऑफिसर' 2.‘भास्कर समाधान’ पर एक क्लिक में हल:आनासागर झील में डाल रहे नाले का पानी, सड़क पर गड्ढे से हादसे का डर, सामुदायिक भवन की सुविधाएं खस्ताहाल 3.‘भास्कर समाधान’: अधिकारियों तक सीधे पहुंच रही समस्या:नलों से आ रहा बदबूदार पानी, सीवर ओवरफ्लो, आश्रम क्षेत्र में बच्चों को काट रहे बेसहारा कुत्ते 4.भास्कर समाधान का असर; बेसहारा पशुओं की समस्या का निस्तारण:हाईटेंशन लाइन और पानी लीकेज से लोग परेशान, देवेन्द्र सिंह बने आज के 'स्टार ऑफिसर' 5.‘भास्कर समाधान’: अधिकारी खुद करवा रहे सॉल्यूशन:दरगाह बाजार में नहीं सुधर रही सफाई व्यवस्था, 6 महीने से खराब हैंडपंप 6.कब होगी पानी की सप्लाई, मोबाइल पर मिलेगा अपडेट:‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट में समस्या सामने आने के बाद SE ने दिए निर्देश 7.अजमेर में 'भास्कर समाधान' पर उठी आवाज:पानी, सफाई और जलभराव की समस्याओं से जूझ रहे लोग, कई शिकायतों के बाद मिली राहत 8.‘भास्कर समाधान’, अधिकारी खुद सुलझा रहे समस्या:10 दिन से स्ट्रीट लाइट बंद, नालियां जाम, घर के आगे ठेले खडे़ कर रहे सफाई कर्मचारी, सड़क बनने का इंतजार 9.‘भास्कर समाधान’, सरकारी विभाग आए एक्शन में:अधिकारी खुद कर रहे मॉनिटरिंग, 4 महीने से स्ट्रीट लाइट खराब, सफाई नहीं हो रही, पुलिया के नीचे सड़क जर्जर
कोटा शहर में नागरिक सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं को लेकर लोग लगातार भास्कर समाधान पर अपनी आवाज उठा रहे हैं। शिकायतों के बाद कई मामलों में संबंधित विभागों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कचरा संग्रहण और रोड लाइट जैसी समस्याओं का समाधान कर लोगों को राहत पहुंचाई है। वहीं कई इलाकों में झूलते बिजली के तार, अधूरी सड़क-नाली और जाम नालियों जैसी समस्याएं अब भी बनी हुई हैं, जिनके समाधान की स्थानीय लोग प्रशासन से मांग कर रहे हैं। (आमजन से जुड़ी जनसमस्या और शहर की जमीनी हकीकत को पोस्ट करने के लिए यहां क्लिक करें।) आज के स्टार ऑफिसर : धर्मेंद्र कुमार आज के हमारे स्टार ऑफिसर धर्मेंद्र कुमार, स्वास्थ्य निरीक्षक बने हैं। अनंतपुरा रोड स्थित दबूकड़ा देव महाराज, गोविंदजी की ट्यूबवेल वाली गली निवासी प्रेम मेहता ने भास्कर समाधान पर समस्या पोस्ट की थी कि उनके क्षेत्र में कचरा गाड़ी घरों तक नहीं पहुंच रही थी। इसके कारण लोगों को कचरा खुले स्थानों पर डालना पड़ रहा था, जिससे गंदगी फैल रही थी। समस्या पोस्ट करने के बाद धर्मेंद्र कुमार ने मामले का संज्ञान लेते हुए संबंधित टीम से नियमित कचरा संग्रहण की व्यवस्था शुरू करवाई। समय पर कार्रवाई से क्षेत्र में सफाई व्यवस्था बहाल हुई और लोगों को राहत मिली। कचरा गाड़ी पहुंचने लगी, लोगों को मिली राहत अनंतपुरा रोड स्थित दबूकड़ा देव महाराज, गोविंदजी की ट्यूबवेल वाली गली निवासी प्रेम मेहता ने भास्कर समाधान पर समस्या पोस्ट की थी कि उनके क्षेत्र में कचरा गाड़ी घरों तक नहीं पहुंच रही थी। जिसके बाद संबंधित विभाग ने कार्रवाई कर क्षेत्र में कचरा संग्रहण की व्यवस्था शुरू कराई, जिससे लोगों को राहत मिली। रोड लाइट हुई चालू, अंधेरे से मिली राहत अनंतपुरा रोड स्थित कृष्णा नगर, रंगबाड़ी निवासी चंद्र शेखर साहू ने मिकासा पब्लिक स्कूल के पास बंद रोड लाइट की समस्या भास्कर समाधान पर पोस्ट की थी। समस्या के बाद संबंधित विभाग ने रोड लाइट दुरुस्त कर चालू कर दी। अब क्षेत्र में रात के समय पर्याप्त रोशनी होने से लोगों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल रही है। सार्वजनिक स्थान पर कचरा डंप, गंदगी से लोग परेशान सकटपुरा क्षेत्र निवासी डॉ. मनमोहन शर्मा ने भास्कर समाधान पर समस्या पोस्ट कर बताया कि नदी जाने वाले पुराने रास्ते की सीढ़ियों के पास सार्वजनिक स्थान पर कचरा डंप किया जा रहा है। इससे गंदगी और दुर्गंध फैल रही है। उन्होंने संबंधित विभाग से जल्द सफाई करवाकर कचरा हटाने की मांग की है। झूलते बिजली के तार बने हादसे का कारण कोटा के दादाबाड़ी स्थित प्रताप नगर में मकान नंबर 60 से 90 तक बिजली के तार लंबे समय से झूल रहे हैं। स्थानीय निवासी रामधन मीणा ने बताया कि हवा और बारिश के दौरान इन तारों में लगातार स्पार्किंग होती है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। लोगों का कहना है कि पहले भी इस समस्या की जानकारी संबंधित विभाग को दी जा चुकी है, लेकिन अब तक तारों को व्यवस्थित नहीं किया गया। क्षेत्रवासियों ने जल्द मरम्मत कर सुरक्षित बिजली व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। चार साल बाद भी अधूरी सड़क और नाली कुन्हाड़ी के बलिता रोड स्थित 33-ए राधा माधव एन्क्लेव में सड़क निर्माण कार्य अधूरा होने से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। स्थानीय निवासी ललित महावर ने बताया कि कॉलोनी को विकसित हुए करीब चार वर्ष हो चुके हैं, लेकिन अब तक सीसी सड़क और नालियों का निर्माण पूरा नहीं हुआ। बरसात के दौरान पानी सड़क पर भर जाता है, जिससे आवाजाही मुश्किल हो जाती है। रहवासियों ने जल्द अधूरा विकास कार्य पूरा कराने की मांग की है। टूटी नाली और जमा कचरे से सड़क पर फैल रहा गंदा पानी कोटा के नयापुरा क्षेत्र में टूटी और जाम नाली के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासी राकेश ने बताया कि नाली में कचरा जमा होने से पानी की निकासी नहीं हो पा रही है। सफाई के दौरान निकाला गया कचरा भी समय पर नहीं उठाया जाता, जिससे वह दोबारा नाली में चला जाता है और गंदा पानी सड़क पर फैल जाता है। क्षेत्रवासियों ने नियमित सफाई, कचरा उठाने और टूटी नाली की मरम्मत कराने की मांग की है। पब्लिक की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। ‘भास्कर समाधान’ की ये खबरें भी पढ़िए… 1.कोटा में रोड लाइट और नाली की समस्या का समाधान:जर्जर मकान, कचरा और अधूरी नाली से बढ़ी परेशानी, अरुण झावा बने आज के 'स्टार ऑफिसर' 2.पार्षद तबस्सुम बनीं 'पब्लिक की स्टार':पार्क में टूटे झूले, ग्राउंड पर कचरा, कहां खेलें नौनिहाल, 15 दिन से नहीं हटाया रास्ते पर गिरा पेड़ 3.‘भास्कर समाधान’: पोस्ट होते ही मिल रहा हल:सफाई, पानी और सड़क हैं पब्लिक की सबसे बड़ी समस्या, खुले नाले से संक्रमण का डर 4.‘भास्कर समाधान’: समस्या पोस्ट होते ही मिल रहा हल:कॉलोनी में जल भराव से आना-जाना मुश्किल, पार्क में हरे पेड़ों को सीमेंट से कवर किया 5.जयपुर में 'भास्कर समाधान' से चमकी स्ट्रीट लाइटें:जनता की आवाज का असर; नगर निगम उपायुक्त मनीषा यादव बनीं ‘स्टार ऑफिसर’ 6.जयपुर में पहली बारिश ने खोली प्रशासन की पोल:खाली प्लॉटों में आवारा पशुओं का डेरा; XEN रूपाराम बने आज ‘स्टार ऑफिसर’
उदयपुर। शहर को सुंदर और सुव्यवस्थित बनाने के दावों के बीच जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। उदयपुर के कई रिहायशी इलाकों में बुनियादी जन-समस्याओं को लेकर आम जनता में भारी आक्रोश है। स्थानीय निवासियों की इन्हीं परेशानियों को प्रमुखता से उठाने के लिए दैनिक भास्कर का 'भास्कर समाधान' एक सशक्त माध्यम बनकर उभरा है। इस बार सोभागपुरा, गेरियावास, पहाड़ा और अशोक नगर जैसे प्रमुख क्षेत्रों से नागरिकों ने बंद स्ट्रीट लाइटों, खस्ताहाल और गड्ढों से भरी सड़कों, हवा में लहराते खतरनाक बिजली के पोल और सफाई के बाद सड़कों पर ही छोड़े गए कचरे के ढेर जैसी गंभीर समस्याओं को उजागर किया है। इस मंच की ताकत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कई मामलों में प्रशासन ने तुरंत सुध ली है। जहां अशोक नगर में गलत ढंग से लगे सीवर के ढक्कन को दुरुस्त किया गया, वहीं वृंदावन नगर में वार्ड संख्या 46 के जमादार अजय घारू ने तत्परता दिखाते हुए चोक नालियों और झाड़ियों को साफ करवाकर जनता को बड़ी राहत दी है। हालांकि, सोभागपुरा में तीन महीने से बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों और पहाड़ा में गिरने की कगार पर खड़े बिजली के खंभे जैसे संवेदनशील मामलों में विभाग अभी भी गहरी नींद में सोया हुआ है। 'भास्कर समाधान' के जरिए पीड़ित जनता ने एक बार फिर लापरवाह अधिकारियों को जगाने और लंबित समस्याओं का जल्द से जल्द स्थाई निराकरण करने की पुरजोर मांग की है। भास्कर एप पर अपनी समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक कीजिए… स्ट्रीट लाइट खराब होने से हादसे की आशंकाउदयपुर शहर के सोभागपुरा क्षेत्र के आशीर्वाद नगर रोड पर पिछले तीन महीनों से अव्यवस्था का माहौल है। स्थानीय निवासी डॉ. चक्रपाणि व्यास ने दैनिक भास्कर के 'भास्कर समाधान' पर स्ट्रीट लाइट की समस्या को उठाया है। उन्होंने बताया कि C ब्लॉक में मुख्य स्ट्रीट लाइटें लंबे समय से बंद पड़ी हैं, जिससे रात होते ही पूरी गली में घना अंधेरा छा जाता है। रोशनी न होने के कारण स्थानीय निवासियों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों को सुरक्षा का डर सता रहा है। क्षेत्रवासियों ने नगर निगम से जल्द से जल्द इन लाइटों को ठीक कराने की मांग की है। गली नंबर 2 में गहरे गड्ढे, हादसों को दे रहे न्यौताशहर के गेरियावास चौराहा स्थित स्ट्रीट नंबर 2 के निवासी लोकेश चौबीसा ने 'भास्कर समाधान' पर जर्जर सड़क और गहरे गड्ढों की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने बताया कि पूरी गली की सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे हो चुके हैं, जिससे आए दिन वाहन चालक और राहगीर चोटिल हो रहे हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि इस संबंध में संबंधित विभाग और नगर निगम को कई बार शिकायतें भेजी जा चुकी हैं, लेकिन प्रशासनिक उदासीनता के चलते अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। शिकायतों के बाद भी नहीं खुली विभाग की नींदउदयपुर शहर के पहाड़ा क्षेत्र में बिजली विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है, जिससे स्थानीय निवासियों में हर समय हादसे का डर बना हुआ है। क्षेत्र के निवासी मुबारिक खान ने 'भास्कर समाधान' के जरिए एक गंभीर समस्या को पोस्ट किया है। उन्होंने बताया कि उनके इलाके में एक बिजली का खंभा पिछले 3 महीनों से झुक चुका है और किसी भी समय गिरने की स्थिति में है। इस झुके हुए पोल के कारण आसपास के घरों और राहगीरों पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है। मुबारिक खान और अन्य क्षेत्रवासियों का कहना है कि इस बारे में विभाग को कई बार लिखित शिकायतें दी जा चुकी हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई है। निवासियों ने विभाग से इसे जल्द बदलने या ठीक करने की मांग की है। डीपीएस रोड के पास फैली गंदगी सोभागपुरा सर्किल से डीपीएस रोड के पास रहने वाले स्थानीय निवासी इन दिनों नगर निगम की अजीब कार्यप्रणाली और फैली गंदगी से परेशान हैं। क्षेत्र के निवासी राम सिंह ने दैनिक भास्कर पर इस समस्या को प्रमुखता से पोस्ट किया है। उन्होंने बताया कि हाल ही में संबंधित विभाग के कर्मचारी इलाके में नालियों और नालों की सफाई करने पहुंचे थे। कर्मचारियों ने नालियों से भारी मात्रा में कचरा और कीचड़ बाहर तो निकाला, लेकिन उसे उठाकर ले जाने के बजाय सड़क पर ही लावारिस छोड़ दिया। पिछले कई दिनों से यह सड़ता हुआ कचरा मुख्य मार्ग पर ही पड़ा है, जिससे पूरे क्षेत्र में भयंकर बदबू फैल रही है और राहगीरों का निकलना दूभर हो गया है। स्थानीय निवासियों ने इस कचरे को तुरंत वहां से हटवाने की मांग की है। सीवर ढक्कन की समस्या का हुआ समाधानउदयपुर शहर के अशोक नगर K-1 रोड क्षेत्र में सीवर के ढक्कन की वजह से पैदा हो रही परेशानी का आखिरकार समाधान हो गया है। स्थानीय निवासी अनुग्रह गिर ने इस समस्या को लेकर दैनिक भास्कर के 'भास्कर समाधान' पर पोस्ट किया था। उन्होंने बताया था कि कुछ समय पहले नगर निगम के जरिए सीवर का काम कराया गया था, लेकिन कर्मचारियों ने उसके ढक्कन को ठीक तरीके से फिट नहीं किया। गलत तरीके से लगे इस ढक्कन के कारण सड़क से गुजरने वाले वाहन चालकों और पैदल यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था और हादसे का डर बना हुआ था। हालांकि, 'भास्कर समाधान' पर मामला सामने आने के तुरंत बाद संबंधित विभाग हरकत में आया और टीम भेजकर सीवर के ढक्कन को दुरुस्त कर दिया। समस्या का समाधान होने पर अनुग्रह गिर और क्षेत्रवासियों ने राहत की सांस ली है। 'भास्कर समाधान' पर पोस्ट होते ही जमादार ने साफ कराई गंदगीउदयपुर शहर के वृन्दावन नगर स्थित वी 2 रोड, गणेशपुरा क्षेत्र के निवासियों के लिए राहत भरी खबर है। यहां के स्थानीय निवासी वेद प्रकाश दाधीच ने प्रसिद्ध बोहर गणेश जी मंदिर के पीछे की जर्जर स्थिति को दैनिक भास्कर के 'भास्कर समाधान' पर पोस्ट किया था। उन्होंने अपनी समस्या में लिखा था कि सड़क खराब होने के कारण वहां बड़ी-बड़ी झाड़ियां उग आई हैं, जिससे चारों तरफ गंदगी का अंबार लगा हुआ था। इसके साथ ही, नालियों के पूरी तरह चोक होने की वजह से नाली का गंदा और बदबूदार पानी लगातार मुख्य रोड पर बह रहा था, जिससे राहगीरों और श्रद्धालुओं का निकलना मुश्किल हो गया था। हालांकि, 'भास्कर समाधान' पर इस गंभीर समस्या के पोस्ट होते ही नगर निगम प्रशासन तुरंत हरकत में आया। मामले की गंभीरता को देखते हुए वार्ड नंबर 46 के जमादार ने तत्परता दिखाई और पूरी टीम के साथ मौके पर पहुंचकर कार्य शुरू करवाया। अजय घारू बने आज 'पब्लिक के स्टार'उदयपुर के वृंदावन नगर में फैली गंदगी के खिलाफ नगर निगम के वार्ड नंबर 46 के जमादार अजय घारू ने सराहनीय तत्परता दिखाई है। स्थानीय निवासी प्रेम प्रकाश दाधीच के जरिए 'भास्कर समाधान' पर टूटी सीमेंटेड रोड, उगी झाड़ियों और चोक नालियों की समस्या पोस्ट करने के तुरंत बाद अजय घारू एक्शन में आ गए। उन्होंने बिना समय गंवाए अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाला। जमादार अजय घारू के कुशल नेतृत्व में सड़क की झाड़ियों को पूरी तरह साफ किया गया और नालियों का कचरा हटाकर जल निकासी सुचारू की गई। उनके इस त्वरित प्रयास से क्षेत्रवासियों को बड़ी राहत मिली है। पब्लिक की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। ये खबरें भी पढ़िए… 1.उदयपुर में जलभराव और सीवर से मिली राहत:श्रीनाथ नगर और हिरण मगरी में दूर हुआ संकट, जमादार प्रकाश चंद्र बने ‘पब्लिक के स्टार’ 2.उदयपुर में बंद स्ट्रीट लाइटों से बढ़ी लोगों की चिंता:कहीं कचरे का अंबार, कहीं पानी-बिजली की मार, लाइनमैन आशीष मीणा बने आज के ‘पब्लिक के स्टार’ 3.उदयपुर में सड़क पर गड्ढे, नलों में सूखा:कॉलोनियों में बुनियादी विकास की खुली पोल, ऐप पर पोस्ट होते ही दौड़ा प्रशासन 4.उदयपुर में सड़कें बनीं आफत:गारियावास में छाया अंधेरा, प्रताप नगर में गैस पाइपलाइन के लिए खोदी सड़क छोड़ दी अधूरी 5.उदयपुर में जनता की आवाज का दिखा दम:कहीं 15 दिन बाद हटा कचरा तो कहीं दुरुस्त हुई पानी की टंकी 6.‘भास्कर समाधान’ पर एक क्लिक में हल:फतहसागर में बेसहारा पशु ब्रिज से गिर रहे, बड़गांव में बिजली के तारों पर लटका पेड़, खुली नालियों से हादसे का डर 7.हिरण मगरी में बंद रोड लाइटें ठीक:आर्य समाज मार्ग पर नाली साफ होने से खत्म हुआ जलभराव, लेकिन कॉलोनियों में टूटी सड़क बनी परेशानी 8.उदयपुर में समस्याओं को लेकर लोगों ने उठाई आवाज:सीवर के पानी और मलबे से बढ़ी आफत, खुले नाले और बंद पड़ी रोड लाइटें दे रहीं हादसों को न्यौता 9.उदयपुर के भुवाना में सुरक्षा भगवान भरोसे:तुलसी नगर RAC ऑफिस के सामने रोड लाइट गायब, अंधेरे में हादसों का डर 10.उदयपुर में रोड लाइट और सड़क की समस्या:स्पीड ब्रेकर बना जल निकासी में बाधा, बीमारी का बढ़ा खतरा
जयपुर। राजधानी को स्मार्ट सिटी बनाने के दावों के बीच शहर के कई इलाकों से आम सुविधाओं की बदहाली की तस्वीरें सामने आ रही हैं। स्थानीय निवासियों की इन्हीं समस्याओं को प्रमुखता से उठाने के लिए दैनिक भास्कर का 'भास्कर समाधान' एक मजबूत जरिया बना है। इस बार काना विहार, सोडाला, वैशाली नगर और प्रताप नगर जैसे क्षेत्रों से नागरिकों ने सड़क किनारे फैले सालभर पुराने कचरे, नलों में आ रहे दूषित पानी, अवैध मलबे के ढेर और सड़क पर लावारिस छोड़ी गई बजरी जैसी गंभीर समस्याओं को उजागर किया है। इस मंच के असर से जहां कागदीवारा और शास्त्री नगर में सीवर व चोक नाली की समस्या का समाधान हुआ है, और वार्ड पार्षद शिव सोनी ने तत्परता दिखाकर लोगों को सीलन से मुक्ति दिलाई है; वहीं दूसरी ओर प्रताप नगर के सेक्टर 60 और अजमेर रोड की सिद्धार्थ कॉलोनी में प्रशासनिक उदासीनता के कारण लोग अब भी हादसे और बीमारियों का खतरा झेल रहे हैं। 'भास्कर समाधान' के माध्यम से पीड़ित जनता ने लापरवाह अधिकारियों को जगाने और इन लंबित जन-समस्याओं के जल्द निपटारे की मांग की है। (आमजन से जुड़ी जनसमस्या और शहर की जमीनी हकीकत को पोस्ट करने के लिए यहां क्लिक करें।) कमला नेहरू नगर रोड पर फैली गंदगीजयपुर शहर के कमला नेहरू नगर रोड स्थित काना विहार क्षेत्र में पिछले एक साल से सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। स्थानीय निवासी विशाल ने दैनिक भास्कर के 'भास्कर समाधान' पर इस समस्या को प्रमुखता से पोस्ट किया है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र की मुख्य सड़क के किनारे पिछले 1 साल से लगातार कचरा और गंदगी डाली जा रही है, जिसे समय पर उठाया नहीं जाता। लंबे समय से जमा इस गंदगी के कारण अब यहां आवारा पशुओं का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों के लिए हादसों का खतरा बढ़ गया है। भयंकर बदबू और मच्छरों के प्रकोप से स्थानीय निवासियों में बीमारी फैलने का डर सता रहा है। क्षेत्रवासियों ने नगर निगम से मांग की है कि इस कचरे को तुरंत यहां से साफ करवाकर स्थाई समाधान किया जाए। दूषित पानी पीने को मजबूर क्षेत्रवासीअजमेर रोड स्थित सोडाला पुलिस स्टेशन के ठीक सामने बनी सिद्धार्थ कॉलोनी के लोग इन दिनों पेयजल किल्लत और दूषित पानी की गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं। कॉलोनी के निवासी जितेंद्र शर्मा ने 'भास्कर समाधान' पर इस समस्या को पोस्ट कर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया है। उन्होंने बताया कि पिछले 3 दिनों से घरों के नलों में अत्यधिक गंदा और बदबूदार पानी आ रहा है। इस दूषित पानी के इस्तेमाल और इसे पीने के कारण स्थानीय निवासियों, विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों में मौसमी बीमारियों व पेट के संक्रमण का खतरा लगातार बना हुआ है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि बार-बार ध्यान आकर्षित करने के बावजूद जलदाय विभाग इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। कॉलोनी के लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द पेयजल लाइन की जांच कर स्वच्छ पानी की आपूर्ति बहाल करने की मांग की है। पॉश इलाके में मलबे के ढेर, शिकायतें बेअसरवैशाली नगर इलाके में स्थित अर्पित नगर से मलबे और गंदगी की समस्या सामने आई है। यहां के स्थानीय निवासी पंकज चौधरी ने दैनिक भास्कर के 'भास्कर समाधान' पर अपनी समस्या पोस्ट की है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र की मुख्य सड़क के किनारे कुछ लोग लगातार कंस्ट्रक्शन का मलबा और कचरा डाल रहे हैं। इस मलबे के कारण सड़क चौड़ी होने के बजाय संकरी होती जा रही है, जिससे वाहन चालकों को निकलने में दिक्कत होती है और हादसों का खतरा बना रहता है। पंकज चौधरी का कहना है कि इस अवैध रूप से डाले जा रहे मलबे को हटवाने के लिए प्रशासन और नगर निगम को कई बार शिकायतें भेजी जा चुकी हैं, लेकिन लंबे समय के बाद भी अब तक समस्या का कोई स्थाई समाधान नहीं किया गया है। क्षेत्रवासियों ने लापरवाह लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने और मलबे को तुरंत हटवाने की मांग की है। सेक्टर 60 के निवासी हादसे झेलने को मजबूरजयपुर के प्रताप नगर सेक्टर 60 में विकास कार्य आफत बन गया है। स्थानीय निवासी दीन दयाल शर्मा ने 'भास्कर समाधान' पर बताया कि गली में सड़क निर्माण के लिए 15 दिन पहले बजरी डाली गई थी। लेकिन तब से काम बंद है। न तो सड़क बनाई जा रही है और न ही बजरी हटाई जा रही है। इस बिखरी बजरी के कारण आए दिन वाहन चालक और राहगीर फिसलकर चोटिल हो रहे हैं। निवासियों ने इसे जल्द हटाने की मांग की है। ब्रह्मपुरी में गंदगी की समस्या का हुआ समाधानजयपुर के ब्रह्मपुरी क्षेत्र स्थित कागदीवारा के कृष्णा नगर में लंबे समय से बनी गंदगी की समस्या का आखिरकार समाधान हो गया है। स्थानीय निवासी हेमंत ने इस समस्या को लेकर दैनिक भास्कर के 'भास्कर समाधान' पर अपनी समस्या पोस्ट की थी। उन्होंने बताया था कि गली की मुख्य सड़क पर मात्रा में कचरा फैला हुआ था और सीवर का गंदा, बदबूदार पानी लगातार सड़क पर बह रहा था, जिससे स्थानीय निवासियों और राहगीरों का निकलना दूभर हो गया था। हालांकि, 'भास्कर समाधान' पर यह मामला प्रमुखता से उजागर होने के तुरंत बाद संबंधित विभाग हरकत में आया। नगर निगम की टीम ने मौके पर पहुंचकर त्वरित कार्रवाई की; सड़क की पूरी गंदगी साफ कराई गई और सीवर लाइन को दुरुस्त कर पानी के बहाव को रोका गया। समस्या का स्थाई समाधान होने पर हेमंत और क्षेत्रवासियों ने राहत की सांस ली है। पार्षद ने चोक नाली को कराया दुरुस्तजयपुर के शास्त्री नगर क्षेत्र स्थित नेहरू पब्लिक स्कूल के पास रहने वाले निवासियों को लंबे समय से चल रही एक बड़ी परेशानी से राहत मिल गई है। स्थानीय निवासी योगेश तिवारी ने इस संबंध में दैनिक भास्कर के 'भास्कर समाधान' पर अपनी समस्या पोस्ट की थी। उन्होंने बताया था कि उनके घर के पास बनी मुख्य नाली की लंबे समय से सफाई नहीं हुई थी। नाली पुरानी और जर्जर होने के कारण उसका गंदा पानी रुक रहा था, जिससे आसपास के घरों की दीवारों में सीलन आ रही थी। सीलन की वजह से मकानों को नुकसान पहुंचने का खतरा बना हुआ था। राहत की बात यह है कि 'भास्कर समाधान' पर यह मामला सामने आते ही स्थानीय वार्ड पार्षद तुरंत हरकत में आए। उन्होंने मामले की गंभीरता को देखते हुए मौके पर सफाई कर्मचारियों को भेजा और नाली की पूरी तरह सफाई करवाई। शिव सोनी बने आज 'पब्लिक के स्टार'शास्त्री नगर में नेहरू पब्लिक स्कूल के पास रहने वाले लोगों को घरों में आ रही सीलन और गंदगी से आखिरकार निजात मिल गई है। स्थानीय निवासी योगेश तिवारी ने 'भास्कर समाधान' पर समस्या पोस्ट की थी कि पुरानी और जर्जर नाली की सफाई न होने से गंदा पानी जमा हो रहा था, जिससे आसपास के मकानों की दीवारों में सीलन आ रही थी। इस समस्या के उजागर होते ही स्थानीय वार्ड पार्षद शिव सोनी ने तुरंत सक्रियता दिखाई और मौके पर सफाई कर्मचारियों की टीम भेजकर नाली को पूरी तरह साफ करवाया। नाली दुरुस्त होने और जल निकासी सुचारू होने से अब स्थानीय निवासियों को इस बड़ी परेशानी से स्थाई राहत मिल गई है। पब्लिक की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। ये खबरें भी पढ़िए… भास्कर एप से समस्याओं के समाधान की ये खबरें भी पढ़िए… 1.हनुमान वाटिका में 1 साल से टूटी रोड:मानसरोवर में बीच सड़क पर गैस पाइपलाइन का टैंक, पानी के संकट पर पार्षद शिव सोनी ने लिया एक्शन 2.कचरा, जलभराव और टूटी सड़कें बनी बड़ी समस्या:‘भास्कर समाधान’ पर उठी नागरिकों की आवाज, बनी पार्क और सांगानेर में हुआ समाधान 3.जयपुर में 'भास्कर समाधान' का असर:हरमाड़ा और विद्याधर नगर में चमकीं बंद पड़ी रोड लाइटें, शिकायत के महज 24 घंटे के अंदर जागा प्रशासन 4.जयपुर में कीचड़, धूल और अंधेरे से जनता परेशान:भास्कर समाधान से जनता को मिली राहत, शिकायत के बाद हरकत में आया प्रशासन 5.जयपुर में एक क्लिक पर खुली प्रशासन की नींद:टूटी पाइप लाइन ठीक, सुधरी स्ट्रीट लाइट; शहर के कई इलाकों में अब भी हाल बेहाल 6.‘भास्कर समाधान’: बुनियादी समस्याओं का मिल रहा हल:सड़क, पानी और सीवरेज जयपुर की बड़ी समस्या, यूजर बोले दो महीने से न गड्ढा भरा, न सड़क, कॉलोनी में पीने का पानी नहीं 7.‘भास्कर समाधान’: एक पोस्ट से हो रहा समस्याओं का हल:जयपुर में कहीं 14 साल से सड़क बनने का इंतजार, तो कहीं चूहों ने पूरा पार्क खोखला कर दिया 8. जयपुर में विकास के दावों की खुली पोल:जनता ने नगर निगम पर लगाया अनदेखी का आरोप, हरमाड़ा और गोविंदपुरी में सीवर समस्या का हुआ समाधान 9.जयपुर में बिजली पोल की समस्या का समाधान:स्थानीय लोगों ने ली राहत की सांस, निवर्तमान पार्षद मनोज मुदगल बने आज के ‘पब्लिक के स्टार’ 10.जयपुर शहर में असुविधाओं की हकीकत:कहीं मलबा तो कहीं अंधेरे की शिकायत; मालवीय नगर में कार्रवाई कर निधि जैन बनीं ‘स्टार ऑफिसर’
कैमूर के दूसरे सबसे बड़े सरकारी अस्पताल, अनुमंडलीय अस्पताल मोहनिया में महज 25 दिनों के भीतर एक बार फिर प्रशासनिक बदलाव किया गया है। सिविल सर्जन कार्यालय की ओर से जारी आदेश के अनुसार, डॉ. अविनाश कुमार सिंह को अस्पताल का नया उपाधीक्षक, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी तथा निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी (डीडीओ) नियुक्त किया गया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। चेनारी से तबादले के बाद मिली नई जिम्मेदारी डॉ. अविनाश कुमार सिंह का हाल ही में रोहतास जिले के चेनारी अस्पताल से मोहनिया अनुमंडलीय अस्पताल में तबादला हुआ है। वरीय चिकित्सक होने के कारण उन्हें अस्पताल का प्रशासनिक प्रभार भी सौंप दिया गया है। अस्पताल प्रशासन का मानना है कि उनके अनुभव का लाभ अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं और प्रशासनिक व्यवस्था को मिलेगा। 25 दिन में दूसरी बार बदला प्रभार इससे पहले अस्पताल के उपाधीक्षक और प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी की जिम्मेदारी डॉ. प्रेमशंकर सिंह के पास थी। हालांकि, महज 25 दिनों के भीतर दूसरी बार उन्हें इस पद से हटाते हुए नया प्रभार सौंपा गया है। लगातार हो रहे प्रशासनिक बदलाव को लेकर स्वास्थ्य विभाग में भी चर्चा का विषय बना हुआ है। डीडीओ की जिम्मेदारी भी सौंपी गई सिविल सर्जन कार्यालय द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि बिहार कोषागार संहिता के प्रावधानों के तहत डॉ. अविनाश कुमार सिंह अस्पताल के सभी मदों के निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी (डीडीओ) भी होंगे। उन्हें निर्देश दिया गया है कि वे डॉ. प्रेमशंकर सिंह से विधिवत प्रभार ग्रहण कर इसकी सूचना प्रतिवेदन के साथ सिविल सर्जन कार्यालय को उपलब्ध कराएं। व्यवस्था में सुधार की उम्मीद डॉ. प्रेमशंकर सिंह ने बताया कि उन्हें पद परिवर्तन संबंधी आदेश ई-मेल के माध्यम से प्राप्त हुआ है। इसके बाद प्रभार हस्तांतरण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अस्पताल में हुए इस बदलाव के बाद स्थानीय लोगों और स्वास्थ्यकर्मियों को उम्मीद है कि अस्पताल की प्रशासनिक व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होगा तथा मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।
जोधपुर। सूर्यनगरी को व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के दावों के बीच शहर के कई रिहायशी इलाकों से प्रशासनिक तालमेल की कमी और बुनियादी अव्यवस्थाओं की गंभीर तस्वीरें सामने आई हैं। स्थानीय निवासियों की इन्हीं समस्याओं को पुरजोर तरीके से उठाने के लिए दैनिक भास्कर का 'भास्कर समाधान' एक सशक्त माध्यम साबित हो रहा है। इस बार शास्त्री नगर, बॉम्बे मोटर चौराहा, बिस्तियों का बास और चोपासनी रोड जैसे व्यस्त क्षेत्रों से नागरिकों ने नियमों के विरुद्ध बने स्पीड ब्रेकर, पेट्रोल पंप के पीछे लटकते हाईवोल्टेज तार, आवारा कुत्तों के आतंक और सरकारी विभागों में समन्वय की कमी के कारण बार-बार खोदी जा रही मुख्य सड़कों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया है। राहत की बात यह है कि 'भास्कर समाधान' के असर से कबीर नगर में डुंगरिया महादेव मंदिर के पास दिनों से रास्ते में पड़ा भारी-भरकम बिजली का पोल हटा दिया गया है। वहीं, विजय चौक में डिस्कॉम कॉल सेंटर के एग्जीक्यूटिव कुंदन ने अनुकरणीय मुस्तैदी दिखाते हुए अघोषित बिजली कटौती की तकनीकी खामी को तुरंत दुरुस्त करवाया है, जिससे वे 'पब्लिक स्टार' बनकर उभरे हैं। दूसरी ओर, शहर के अन्य प्रभावित इलाकों में लापरवाही के कारण लोग अब भी हादसों का शिकार हो रहे हैं। पीड़ित जनता ने प्रशासन से शेष जन-समस्याओं के भी त्वरित निस्तारण की मांग की है। भास्कर एप पर अपनी समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक कीजिए… गलत जगह बना स्पीड ब्रेकरजोधपुर के शास्त्री नगर स्थित पत्रकार कॉलोनी क्षेत्र से एक अजीबोगरीब जन-समस्या सामने आई है, जिससे वाहन चालक बेहद परेशान हैं। कॉलोनी के रहने वाले कृष्णा शर्मा ने दैनिक भास्कर ऐप के 'भास्कर समाधान' पर अवैध स्पीड ब्रेकर का मुद्दा प्रमुखता से उठाया है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में डीटीडीसी (DTDC) ऑफिस के ठीक सामने मुख्य सड़क पर बेहद गलत जगह पर एक स्पीड ब्रेकर बना दिया गया है। इस ब्रेकर का मापदंड भी यातायात नियमों के अनुसार सही नहीं है, जिसके कारण वहां से गुजरने वाले दुपहिया और चौपहिया वाहन चालकों को तगड़ा झटका लगता है। ढीले पड़े तारों से क्षेत्रवासियों को हादसे का डरजोधपुर के बॉम्बे मोटर चौराहा क्षेत्र से बिजली विभाग की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है, जिससे स्थानीय निवासियों और राहगीरों की जान दांव पर लगी है। क्षेत्र के निवासी रमेश सिंह ने दैनिक भास्कर पर इस समस्या को पोस्ट करते हुए लिखा कि हाजी उमराव खान पेट्रोल पंप के ठीक पीछे बिजली के मुख्य तार काफी नीचे तक झूल रहे हैं। यह क्षेत्र पेट्रोल पंप के ठीक पीछे है और यहां लोगों की आवाजाही भी बनी रहती है, ऐसे में हवा में लटकते ये ढीले तार कभी भी किसी बड़े हादसे या शार्ट सर्किट का कारण बन सकते हैं। विभागों के समन्वय की कमी से जनता परेशानजोधपुर शहर के बिस्तियों का बास इलाके के रहने वाले अतुल पुरोहित ने मुख्य सड़क को बार-बार तोड़ने के बारे में समस्या पोस्ट की है। उन्होंने लिखा कि सरकारी विभागों के बीच आपसी तालमेल (समन्वय) की कमी और लापरवाही के कारण पिछले 5 महीनों के अंदर ही दूसरी बार रोड तोड़कर छोड़ दी गई है। कुछ समय पहले ही इस सड़क को सीवर लाइन डालने के लिए खोदा गया था। जैसे-तैसे सड़क दोबारा बनी, तो अब बिजली विभाग ने अपनी लाइन डालने के लिए इसे फिर से तुड़वा दिया। विभागों की इस मनमानी के कारण पूरी सड़क मलबे और गड्ढों में तब्दील हो चुकी है, जिससे स्थानीय निवासियों और राहगीरों का निकलना दूभर हो गया है। क्षेत्रवासियों ने आक्रोश जताते हुए मांग की है कि दोनों विभाग आपस में तालमेल बिठाएं और इस खोदी गई सड़क को जल्द से जल्द दोबारा बनवाकर राहत प्रदान करें। बच्चों का गलियों में निकलना हुआ दूभर शहर के चोपासनी रोड स्थित इंद्रा चौक क्षेत्र से आवारा जानवरों के आतंक की समस्या सामने आई है। यहां के स्थानीय निवासी सुरेंद्र ने दैनिक भास्कर के 'भास्कर समाधान' पर इस समस्या को पोस्ट किया है। उन्होंने बताया कि उनकी गली में आवारा कुत्तों और अन्य जानवरों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे स्थानीय निवासियों का जीना बेहाल हो गया है। स्थिति यह है कि कुत्तों के आक्रामक व्यवहार के कारण अब छोटे बच्चों और बुजुर्गों का अकेले घर से बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, ये जानवर राहगीरों और दुपहिया वाहन चालकों के पीछे दौड़ते हैं, जिससे हर समय गंभीर सड़क हादसों का खतरा बना रहता है। क्षेत्रवासियों ने नगर निगम प्रशासन से मांग की है कि इस समस्या का तुरंत संज्ञान लेकर आवारा पशुओं और कुत्तों को पकड़ने के लिए अभियान चलाया जाए। रास्ते में पड़े बिजली के पोल की समस्या का समाधानजोधपुर के कबीर नगर स्थित डुंगरिया महादेव मंदिर के पास पिछले कई दिनों से रास्ते में पड़े बिजली के पोल की समस्या का आखिरकार समाधान हो गया है। स्थानीय निवासी हेमसिंह ने इस गंभीर समस्या को लेकर दैनिक भास्कर ऐप के 'भास्कर समाधान' पर एक पोस्ट साझा की थी। उन्होंने बताया था कि मुख्य रास्ते पर काफी दिनों से एक भारी-भरकम बिजली का पोल जमीन पर लावारिस हालत में पड़ा हुआ था, जिससे वाहन चालकों और राहगीरों को निकलने में भारी परेशानी हो रही थी और रात के अंधेरे में गंभीर हादसे का अंदेशा बना रहता था। राहत की बात यह है कि 'भास्कर समाधान' पर यह मामला प्रमुखता से उजागर होने के तुरंत बाद संबंधित बिजली विभाग हरकत में आया। विभाग ने बिना समय गंवाए मौके पर अपनी टीम भेजी और सड़क पर पड़े उस पोल को वहां से हटाकर व्यवस्था दुरुस्त कर दी। समस्या का स्थाई समाधान होने पर हेमसिंह और कबीर नगर के अन्य क्षेत्रवासियों ने राहत की सांस ली है और त्वरित कार्रवाई के लिए आभार जताया है। 'भास्कर समाधान' से चमकी बिजलीजोधपुर के विजय चौक स्थित चतुर्भुज गहलोत मार्ग के निवासियों को पिछले कुछ समय से आ रही बिजली कटौती की गंभीर समस्या से आखिरकार राहत मिल गई है। यहां के स्थानीय निवासी महेंद्र भूटरा ने क्षेत्र में बार-बार हो रही अघोषित बिजली कटौती को लेकर दैनिक भास्कर पर अपनी शिकायत पोस्ट की थी। उन्होंने बताया था कि बार-बार बत्ती गुल होने से उमस और गर्मी में आम जनता, खासकर बच्चों और बुजुर्गों का जीना मुहाल हो गया था और रोजमर्रा के काम ठप हो रहे थे। समस्या पोस्ट होने के बाद डिस्कॉम (बिजली विभाग) प्रशासन हरकत में आया। डिस्कॉम कॉल सेंटर के एग्जीक्यूटिव ने मामले का तुरंत संज्ञान लिया और तकनीकी खामी को दुरुस्त करवाकर क्षेत्र में सुचारू बिजली आपूर्ति बहाल करवाई। समस्या का स्थाई समाधान होने पर महेंद्र भूटरा सहित क्षेत्र के अन्य नागरिकों ने राहत की सांस ली है और त्वरित कार्रवाई के लिए धन्यवाद जताया है। कुंदन बने आज 'पब्लिक के स्टार'जोधपुर के विजय चौक स्थित चतुर्भुज गहलोत मार्ग पर बिजली कटौती की समस्या को दूर करने में डिस्कॉम कॉल सेंटर के एग्जीक्यूटिव कुंदन ने अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाई है। दरअसल, स्थानीय निवासी महेंद्र भूटरा ने दैनिक भास्कर के 'भास्कर समाधान' मंच पर बार-बार हो रही अघोषित बिजली कटौती की शिकायत पोस्ट की थी, जिससे उमस और गर्मी के कारण बच्चों और बुजुर्गों का जीना मुहाल हो रहा था। यह मामला सामने आते ही डिस्कॉम एग्जीक्यूटिव कुंदन ने तुरंत मोर्चा संभाला। उन्होंने न सिर्फ शिकायत का त्वरित संज्ञान लिया, बल्कि बिना समय गंवाए तकनीकी टीम को निर्देश देकर लाइन की खामियों को पूरी तरह दुरुस्त करवाया। कुंदन की इस तत्परता और कार्यशैली के कारण क्षेत्र में बिजली की सुचारू आपूर्ति बहाल हो सकी। समस्या का स्थाई समाधान करवाने के लिए महेंद्र भूटरा सहित सभी क्षेत्रवासियों ने डिस्कॉम एग्जीक्यूटिव कुंदन के इस सकारात्मक प्रयास की सराहना करते हुए उनका आभार जताया है। पब्लिक की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। ये खबरें भी पढ़िए… 1.जोधपुर के लक्ष्मण नगर में सीवर ब्लॉकेज खुला:जुनावो की ढाणी को मिली बिजली-पानी के संकट से मुक्ति, डिस्कॉम के सूर्यभान बने ‘पब्लिक के स्टार’ 2.भास्कर समाधान: कचरा हटा, रोड लाइट चालू; लोगों को राहत:गंदे पानी, जाम सीवर और खुले चैंबर की समस्या, दिव्या दैया बनी आज की ‘स्टार ऑफिसर’ 3.'भास्कर समाधान' पर एक पोस्ट से हल:3 साल से 500 घर जी रहे अंधेरे में, सरकारी पाइपलाइन पर लगाए अवैध वॉल्व, सप्लाई में आ रहा गंदा पानी 4.भास्कर समाधान, कई दिनों से बंद पड़ी स्ट्रीट लाईट चालू:अजमेर में कहीं गंदा पानी, कही पेयजल संकट, सड़क और सीवरेज समस्याओं से जूझ रहे लोग 5.‘भास्कर समाधान’: एक पोस्ट से मिल रहा हल:अजमेर में अधिकारी शिकायतों पर ले रहे एक्शन, यूजर बोले 25 साल से नालियां ठीक नहीं हुईं तो दरगाह बाजार का 15 दिन से गड्ढा 6.‘भास्कर समाधान’: समस्याओं का हल एक पोस्ट से:अधिकारी शिकायतों का खुद करवा रहे समाधान, अजमेर में नाली, सफाई और पानी सबसे बड़ी बुनियादी समस्या 7.भास्कर समाधान का असर; बेसहारा पशुओं की समस्या का निस्तारण:हाईटेंशन लाइन और पानी लीकेज से लोग परेशान, देवेन्द्र सिंह बने आज के 'स्टार ऑफिसर' 8‘भास्कर समाधान’: अधिकारी खुद करवा रहे सॉल्यूशन:दरगाह बाजार में नहीं सुधर रही सफाई व्यवस्था, 6 महीने से खराब हैंडपंप
नोएडा में टेम्प्रेचर 37°C:कल धूल भरी आंधी चलेगी, हल्की धूप निकलेगी, बादल छाए रहेंगे
नोएडा में फिलहाल लोगों को बारिश का इंतजार करना होगा। मौसम विभाग के अनुसार अगले सात दिन तक शहर में बारिश के आसार नहीं हैं। इस दौरान गर्मी और उमस लोगों को परेशान करती रहेगी। मंगलवार को दिन में धूल भरी तेज हवाएं चल सकती हैं, जिससे बाहर निकलने वालों को दिक्कत हो सकती है। सोमवार को शहर का अधिकतम तापमान 37 डिग्री और न्यूनतम 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग का कहना है कि पूरे हफ्ते आसमान में हल्के बादल छाए रहेंगे। इससे धूप कुछ कम महसूस होगी, लेकिन हवा में नमी ज्यादा होने के कारण उमस बनी रहेगी। 13 और 14 जुलाई को तापमान लगभग इसी स्तर पर रहने की संभावना है। इसके बाद तापमान में एक से दो डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है। ऐसे में सप्ताह के आखिर तक गर्मी और बढ़ने के आसार हैं। हवा में नमी करीब 64 प्रतिशत रहने का अनुमान है। यही वजह है कि लोगों को पसीना ज्यादा आएगा और चिपचिपी गर्मी महसूस होगी। पिछले सप्ताह करीब 20 घंटे तक लगातार हुई बारिश के बाद से मौसम का यही मिजाज बना हुआ है। बारिश थमने के बाद निकली तेज धूप ने उमस को और बढ़ा दिया है। जिला प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। घर से बाहर निकलते समय पानी साथ रखें, समय-समय पर तरल पदार्थ पीते रहें और तेज धूप में ज्यादा देर तक न रहें। बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है। डॉक्टरों का कहना है कि शरीर में पानी की कमी न होने दें। थोड़ी सी सावधानी बरतकर गर्मी और उमस के असर से काफी हद तक बचा जा सकता है।
कानपुर देहात में चार नए एसडीएम तैनात:तीन महिला एसडीएम दूसरे जिले भेजी गईं
उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़े पैमाने पर पीसीएस अधिकारियों के तबादले किए हैं। इसी क्रम में कानपुर देहात में भी महत्वपूर्ण प्रशासनिक फेरबदल हुआ है। जिले से तीन महिला अधिकारियों का स्थानांतरण किया गया है, जबकि चार नए उप जिलाधिकारियों (एसडीएम) की तैनाती की गई है। प्रदेश सरकार द्वारा जारी तबादला सूची के अनुसार, कानपुर देहात की रसूलाबाद तहसील में उप जिलाधिकारी के पद पर तैनात शिखा शंखवार को प्रयागराज स्थानांतरित किया गया है। अतिरिक्त मजिस्ट्रेट सुरभि शर्मा को बागपत में उप जिलाधिकारी की नई जिम्मेदारी मिली है। इसके अतिरिक्त, नीलिमा यादव को कानपुर देहात से शाहजहांपुर में उप जिलाधिकारी के पद पर भेजा गया है। शासन ने कानपुर देहात में चार नए पीसीएस अधिकारियों को तैनात किया है। इनमें प्रतिभा मिश्रा शामिल हैं, जो अब तक वाराणसी में उप जिलाधिकारी थीं। मथुरा में उप जिलाधिकारी रहे नरेंद्र सिंह यादव भी अब कानपुर देहात में अपनी नई जिम्मेदारी संभालेंगे। इसके अलावा, अभिषेक कुमार का तबादला मैनपुरी से कानपुर देहात किया गया है। मैनपुरी में उप जिलाधिकारी के पद पर कार्यरत रहीं सुप्रिया गुप्ता को भी कानपुर देहात में उप जिलाधिकारी बनाया गया है। प्रदेश स्तर पर हुए इस व्यापक प्रशासनिक फेरबदल का उद्देश्य प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना है। नए अधिकारियों को जल्द ही अलग-अलग तहसीलों और प्रशासनिक दायित्वों का कार्यभार सौंपा जाएगा। स्थानांतरित अधिकारियों को भी अपने नए जनपदों में तत्काल कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। जिले में नए अधिकारियों के आने से प्रशासनिक कार्यों में नई गति और बेहतर समन्वय की उम्मीद है।
शेखपुरा के शेखपुरा-बरबीघा मुख्य सड़क मार्ग पर हथियावा थाना क्षेत्र के फरीदपुर गांव के समीप रविवार देर रात तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक सवार एक परिवार को पीछे से टक्कर मार दी। हादसे में बिहारशरीफ नगर निगम के एक वार्ड पार्षद, उनकी शिक्षिका पत्नी और उनका दो वर्षीय बेटा गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से तीनों को इलाज के लिए शेखपुरा सदर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद पति-पत्नी की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें पीएमसीएच रेफर कर दिया गया। पीछे से ट्रक ने मारी टक्कर जानकारी के अनुसार, घायलों की पहचान नालंदा जिले के बिहारशरीफ नगर के सल्लूगंज मोहल्ला निवासी स्वर्गीय अर्जुन यादव के 36 वर्षीय पुत्र एवं वार्ड पार्षद चंदन यादव, उनकी पत्नी सुरुचि यादव तथा दो वर्षीय पुत्र सूर्या कुमार के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि चंदन यादव अपनी पत्नी और बेटे को लेकर बिहारशरीफ से शेखपुरा आ रहे थे। जैसे ही उनकी बाइक फरीदपुर गांव के समीप पहुंची, पीछे से तेज रफ्तार में आए एक ट्रक ने बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि तीनों सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद ट्रक चालक वाहन लेकर मौके से फरार हो गया। स्थानीय लोगों ने पहुंचाया अस्पताल घटना के बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और घायलों को तत्काल शेखपुरा सदर अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों ने तीनों का प्राथमिक उपचार किया। जांच के दौरान चंदन यादव और उनकी पत्नी की हालत गंभीर पाई गई, जिसके बाद दोनों को बेहतर इलाज के लिए पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (पीएमसीएच) रेफर कर दिया गया। मासूम बच्चे का भी इलाज जारी है। शेखपुरा में शिक्षिका हैं सुरुचि यादव घायल चंदन यादव के साढ़ू प्रतोष कुमार ने बताया कि सुरुचि यादव शेखपुरा शहर के हसनगंज मोहल्ला स्थित एक प्राथमिक विद्यालय में शिक्षिका के पद पर कार्यरत हैं। चंदन यादव उन्हें शेखपुरा छोड़ने के लिए बिहारशरीफ से आ रहे थे। इसी दौरान रास्ते में यह हादसा हो गया। शिकायत मिलने पर होगी कार्रवाई हथियावा थाना के पुलिस सब इंस्पेक्टर गौतम कुमार ने बताया कि घटना की जानकारी पुलिस को मिली है। उन्होंने कहा कि पीड़ित पक्ष से लिखित आवेदन मिलने के बाद मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही दुर्घटना के बाद फरार ट्रक और उसके चालक की पहचान के लिए भी जांच की जा रही है। पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की छानबीन में जुटी है।
रायबरेली में विश्व हिंदू रक्षा परिषद द्वारा लगाए गए विवादित होर्डिंग्स फाड़े जाने के बाद राजनीतिक और सामाजिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। संगठन ने इन होर्डिंग्स को फाड़ने का आरोप समाजवादी पार्टी (सपा) के कार्यकर्ताओं पर लगाया है। ये होर्डिंग्स रविवार को शहर के सिविल लाइंस, गोल चौराहा, रतापुर, त्रिपुला सहित हरचंदपुर, बछरावां कस्बा और बछरावां टोल प्लाजा जैसे कुल 25 प्रमुख स्थानों पर लगाए गए थे। इन्हें संगठन के राष्ट्रीय महामंत्री राहुल सिंह के नेतृत्व में स्थापित किया गया था। फाड़े गए होर्डिंग्स में कार्टून और तस्वीरों के माध्यम से राजनीतिक विपक्ष और जमीयत उलेमा को निशाना बनाया गया था। इन पर प्रमुख रूप से लिखा था, राम मंदिर चंदा पर सवाल, आतंकवाद के चंदे पर ख़ामोशी? एक अन्य नारे में कहा गया था, जमीयत उलेमा चंदा लेकर करता है आतंकवादियों को बचाने का धंधा। पोस्टर के निचले हिस्से में प्रभु राम हमारी आस्था हैं, राजनीति का हथियार नहीं और जय श्री राम का उद्घोष भी था। इस घटना पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए विश्व हिंदू रक्षा परिषद के राष्ट्रीय महासचिव राहुल सिंह ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, हमने होल्डिंग्स के माध्यम से मीडिया और विपक्ष का ध्यान दोहरी राजनीति की ओर आकर्षित करने का प्रयास किया था। सिंह ने सवाल उठाया, जो लोग राम मंदिर चंदा चोरी पर सवाल उठा रहे थे, वे जमीयत उलेमा हिंद के चंदे के पैसे पर खामोश क्यों हैं, जिसका उपयोग आतंकवादियों के संरक्षण और उनके मुकदमे लड़ने के लिए किया जा रहा है? उन्होंने आरोप लगाया कि होल्डिंग में किसी नेता या पार्टी का नाम नहीं था, फिर भी सपाई गुंडों ने गुंडागर्दी दिखाते हुए जगह-जगह होल्डिंग्स फाड़ दीं। सिंह ने चेतावनी दी, अभी सत्ता हाथ में नहीं है, तब इनका यह आलम है; सत्ता मिलने के बाद ये क्या करेंगे?
औरंगाबाद को मिला नया एसडीओ और डीटीओ:सामान्य प्रशासन विभाग ने जारी की अधिसूचना; गौरव सिंह बने SDO
बिहार सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग ने रविवार को प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के ट्रांसफर-पोस्टिंग से संबंधित अधिसूचना जारी कर दी है। इस प्रशासनिक फेरबदल में औरंगाबाद जिले को नया अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) और नया जिला परिवहन पदाधिकारी (डीटीओ) मिला है। सरकार की ओर से जारी आदेश के अनुसार वर्तमान अनुमंडल पदाधिकारी संतन कुमार सिंह का ट्रांसफर कर दिया गया है। उनकी जगह गौरव सिंह को नया एसडीओ नियुक्त किया गया है। गौरव सिंह 65 वीं यूपीएससी टॉपर रहे हैं। इससे पहले बक्सर में वरीय उप समाहर्ता के पद पर कार्यरत थे। सरकार ने उन्हें वहां से पदभार ग्रहण करने के बाद अनुमंडल प्रशासन की पूरी जिम्मेदारी उनके हाथों में होगी। प्रशासनिक स्तर पर इसे महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है। माना जा रहा है कि नए एसडीओ के कार्यभार संभालने के बाद राजस्व, भूमि विवाद, विधि-व्यवस्था, लोक शिकायतों के निपटारे और विभिन्न सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में नई गति आएगी। ललित राही बने नए डीटीओ सरकार ने जिला परिवहन कार्यालय में भी बदलाव किया है। वर्तमान जिला परिवहन पदाधिकारी सुनंदा कुमारी का भी ट्रांसफर कर दिया गया है। उनकी जगह ललित राही को औरंगाबाद का नया जिला परिवहन पदाधिकारी नियुक्त किया गया है। ललित राही इससे पहले पंचायती राज विभाग में विशेष कार्य पदाधिकारी (ओएसडी) के रूप में कार्यरत थे। अब उन्हें औरंगाबाद जिला परिवहन कार्यालय की जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रशासनिक कार्यों में तेजी की उम्मीद सामान्य प्रशासन विभाग की अधिसूचना में संबंधित अधिकारियों को अविलंब अपने नए पदस्थापन स्थल पर योगदान देने का निर्देश दिया गया है। संभावना है कि दोनों अधिकारी जल्द ही औरंगाबाद पहुंचकर अपना कार्यभार संभालेंगे। प्रशासनिक हलकों में इस फेरबदल को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अधिकारियों के बदलने से प्रशासनिक कार्यप्रणाली में नई ऊर्जा आने की उम्मीद जताई जा रही है। वहीं, जिला परिवहन कार्यालय में भी वाहन पंजीकरण, ड्राइविंग लाइसेंस, सड़क सुरक्षा, राजस्व वसूली और परिवहन व्यवस्था से जुड़े कार्यों में तेजी आने की संभावना व्यक्त की जा रही है। आम लोगों को भी उम्मीद है कि नए अधिकारियों के नेतृत्व में प्रशासनिक सेवाओं की गुणवत्ता और जवाबदेही में सुधार होगा तथा विभिन्न विभागों के लंबित मामलों के निष्पादन में गति आएगी।
SDM प्रीति तिवारी का तबादला:बांदा भेजी गईं, अमेठी को मिले दो नए उप जिलाधिकारी
उत्तर प्रदेश शासन ने देर रात बड़े पैमाने पर उप जिलाधिकारियों के तबादले किए। इनमें अमेठी की उप जिलाधिकारी प्रीति तिवारी का भी स्थानांतरण शामिल है। 2020 बैच की अधिकारी प्रीति तिवारी को अमेठी से बांदा जनपद स्थानांतरित किया गया है। वह अमेठी और मुसाफिरखाना तहसील की उप जिलाधिकारी रह चुकी हैं और वर्तमान में गौरीगंज तहसील (सदर) की एसडीएम के पद पर कार्यरत थीं। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने वाद निस्तारण, राजस्व, कानून-व्यवस्था और जनसमस्याओं के त्वरित समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। शासन ने प्रीति तिवारी के स्थान पर अमेठी में दो नए उप जिलाधिकारियों की तैनाती की है। 2021 बैच की उप जिलाधिकारी दिशा श्रीवास्तव को देवरिया से अमेठी भेजा गया है। इसी बैच के अधिकारी अभिनित कुमार को फतेहपुर से स्थानांतरित कर अमेठी में उप जिलाधिकारी नियुक्त किया गया है। इस तबादला आदेश के बाद प्रशासनिक महकमे में नई जिम्मेदारियों को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। प्रीति तिवारी के स्थानांतरण को लेकर जिले के लोगों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच भी चर्चा बनी हुई है।
बदायूं में गंगा स्नान, ट्रैफिक डायवर्जन लागू:आज रात 8 बजे से 24 घंटे रहेगी प्रभावी
बदायूं में आषाढ़ अमावस्या पर मंगलवार को कछला और अटैना गंगा घाट पर लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए पुलिस ने जिले में 24 घंटे का ट्रैफिक डायवर्जन लागू कर दिया है। यह व्यवस्था सोमवार रात 8 बजे से मंगलवार रात 8 बजे तक प्रभावी रहेगी, ताकि गंगा स्नान के दौरान श्रद्धालुओं को जाम का सामना न करना पड़े। इस डायवर्जन के तहत भारी, मध्यम और हल्के व्यावसायिक वाहनों के साथ कई मार्गों पर कारों का आवागमन भी बदला जाएगा। पुलिस का उद्देश्य है कि यातायात सुचारु रहे और किसी प्रकार की असुविधा न हो। बदायूं से हाथरस, अलीगढ़, मथुरा और राजस्थान की ओर जाने वाले ट्रक, ट्रॉला, डीसीएम, ट्रैक्टर-ट्रॉली तथा अन्य वाहन उझानी बाईपास से मुजरिया, सहसवान, जरीफनगर, गुन्नौर और बबराला होते हुए अलीगढ़ की ओर भेजे जाएंगे। वहीं, बदायूं से कासगंज, एटा और आगरा जाने वाले वाहन नौशेरा तिराहा से कादरचौक और गंजडुंडवारा के रास्ते अपने गंतव्य तक पहुंचेंगे। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मुजरिया चौराहे से कछला होकर कासगंज की ओर किसी भी वाहन को नहीं जाने दिया जाएगा। इसी प्रकार, सहसवान-कछला रोड से भी कछला होकर कासगंज जाने वाले वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। डायवर्जन व्यवस्था को लागू कराने के लिए नौशेरा तिराहा, राजकीय मेडिकल कॉलेज तिराहा, उझानी बड़ा बाईपास, मुजरिया चौराहा और सहसवान के कछला रोड पर पुलिस और यातायात पुलिस की विशेष तैनाती रहेगी। हालांकि, गंगा स्नान के लिए कछला और अटैना घाट जाने वाले श्रद्धालुओं के वाहनों पर यह डायवर्जन लागू नहीं होगा। श्रद्धालुओं को आवश्यकतानुसार पुलिस द्वारा निर्धारित मार्ग से गंगा घाट तक पहुंचाया जाएगा।
छतरपुर जिले के ईशानगर थाना क्षेत्र के जैतूपुरा गांव के पास रविवार को नहर किनारे एक खेत में सपेरा समुदाय से जुड़े व्यक्ति का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी। नहर किनारे खेत में मिला शव पुलिस के अनुसार, मृतक की पहचान जैतूपुरा निवासी देवीनाथ के रूप में हुई है, जो सपेरा समुदाय से जुड़े थे। ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को कब्जे में लेकर जिला अस्पताल भेज दिया। परिजनों ने की निष्पक्ष जांच की मांग मृतक के भतीजे भूपेन्द्र, निवासी जरूआ थाना क्षेत्र (जतारा), ने बताया कि उनके चाचा जैतूपुरा में रहते थे। उन्होंने कहा कि परिवार को अब तक उनकी मौत के कारणों की कोई जानकारी नहीं है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से होगा खुलासा पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही वास्तविक वजह सामने आएगी। फिलहाल पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है।
सतना में वाहन चोरी की दो वारदातें सुलझीं:1.58 लाख के वाहन बरामद, स्कूटी-बाइक सहित आरोपी गिरफ्तार
सतना सिटी कोतवाली पुलिस ने वाहन चोरी की दो अलग-अलग वारदातों का खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 1.58 लाख रुपये कीमत की चोरी की गई एक स्कूटी और एक मोटरसाइकिल बरामद की है। दो अलग-अलग मामलों की हो रही थी जांच टीआई रावेन्द्र द्विवेदी ने बताया कि 17 जून को कबाड़ी टोला निवासी नंदकिशोर अग्रवाल की स्कूटी चोरी हो गई थी। वहीं, 11 जुलाई को नागौद थाना क्षेत्र के डाम्हा निवासी मनसुखलाल साहू की मोटरसाइकिल शहर से चोरी हो गई। दोनों मामलों में सिटी कोतवाली पुलिस ने अलग-अलग प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की थी। CCTV फुटेज से मिला सुराग जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थलों के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। इसके आधार पर झूलेलाल मंदिर के पास बजरहा टोला निवासी 25 वर्षीय सोनू चौधरी को संदिग्ध के रूप में चिन्हित कर गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में कबूला जुर्म पुलिस पूछताछ में आरोपी ने दोनों वाहन चोरी की वारदातें स्वीकार कर लीं। उसकी निशानदेही पर चोरी की गई स्कूटी और मोटरसाइकिल बरामद कर ली गई, जिनकी कुल कीमत करीब 1.58 लाख रुपये आंकी गई है। आरोपी को भेजा गया जेल पुलिस ने बरामद वाहन उनके मालिकों को सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। वहीं आरोपी सोनू चौधरी को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
अमेठी में टेंट हाउस गोदाम में भीषण आग:30 लाख का सामान जला, दमकल विभाग ने एक घंटे में पाया काबू
अमेठी के जगदीशपुर कोतवाली क्षेत्र के महमदपुर कस्बे में आज सुबह करीब चार बजे हिंद टेंट हाउस के गोदाम में आग लग गई। इस घटना में लगभग 30 से 35 लाख रुपये का टेंट और अन्य सामान जलकर राख हो गया। दमकल की दो गाड़ियों ने एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। यह घटना जगदीशपुर कोतवाली क्षेत्र के महमदपुर कस्बे की है। कपूरीपुर गांव निवासी माशूक अली का हिंद टेंट हाउस का गोदाम यहीं स्थित है। सुबह करीब 4 बजे अज्ञात कारणों से गोदाम में आग लग गई। सुबह मॉर्निंग वॉक पर निकले स्थानीय लोगों ने गोदाम से धुआं और आग की लपटें उठती देखीं। उन्होंने तुरंत टेंट हाउस के मालिक माशूक अली को सूचना दी। माशूक अली ने मौके पर पहुंचकर आग की भयावहता को देखते हुए पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचित किया। सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल टीम मौके पर पहुंची। दमकल की दो गाड़ियों ने लगभग एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया। तब तक गोदाम में रखा टेंट, कुर्सियां, साउंड सिस्टम और अन्य सामान पूरी तरह जलकर राख हो चुका था। दुकानदार माशूक अली के अनुसार, आग से लगभग 30 से 35 लाख रुपये का सामान नष्ट हुआ है। आग लगने का सही कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। कोतवाली प्रभारी धीरेंद्र यादव ने बताया कि शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट से आग लगने की संभावना है। पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है।
शास्त्री नगर प्रकरण में 14 जुलाई को प्रस्तावित सर्वोच्च न्यायालय की सुनवाई से एक दिन पहले आज क्षेत्र में सर्वधर्म सामूहिक प्रार्थना एवं रुद्राभिषेक का आयोजन किया जा रहा है । आयोजकों के अनुसार कार्यक्रम का उद्देश्य न्याय, सत्य, सामाजिक सद्भाव और क्षेत्र के सकारात्मक समाधान की कामना करना है। आयोजकों ने बताया कि यह आयोजन पूरी तरह शांतिपूर्ण, सामाजिक और आध्यात्मिक स्वरूप का होगा। इसका उद्देश्य किसी व्यक्ति, संस्था या समुदाय के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन करना नहीं है, बल्कि ईश्वर से सत्य की विजय, न्याय की स्थापना और शास्त्री नगर के नागरिकों के अधिकारों की रक्षा की प्रार्थना करना है। कार्यक्रम के तहत सोमवार सुबह रुद्राभिषेक एवं श्रीराम रक्षा स्तोत्र पाठ होगा। इसके बाद दोपहर 12:30 बजे सर्वधर्म सामूहिक प्रार्थना आयोजित की जाएगी, जिसमें विभिन्न धर्मों के प्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और क्षेत्र के नागरिकों के शामिल होने की बात कही गई है। आयोजकों का कहना है कि शास्त्री नगर का मुद्दा केवल एक कॉलोनी तक सीमित नहीं है, बल्कि हजारों परिवारों के भविष्य, जीवनभर की जमा-पूंजी और आशियाने से जुड़ा विषय है। ऐसे समय में समाज के सभी वर्गों का एक मंच पर आकर न्याय, सद्बुद्धि और सौहार्द की कामना करना लोकतांत्रिक मूल्यों और सामाजिक एकता का संदेश देगा।
मेरठ में पिछले दिनों लगातार हुई बारिश के बाद मेरठ और आसपास के क्षेत्रों में तापमान तो सामान्य के करीब बना हुआ है, लेकिन लोगों को उमस से राहत नहीं मिल रही है। रविवार को दिनभर धूप और बादलों की आंख-मिचौली चलती रही, जबकि बारिश नहीं होने से वातावरण में नमी बनी रही। इसका असर यह रहा कि चिपचिपी गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी। सुबह के समय मौसम अपेक्षाकृत सुहावना रहा, लेकिन दोपहर चढ़ते ही तेज धूप निकलने से उमस काफी बढ़ गई और लोगों को पसीने से राहत नहीं मिली। वहीं सोमवार को भी दिन की शुरूआत इसी प्रकार हुई। सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार बीते 24 घंटे में अधिकतम तापमान 35.7 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा में नमी का स्तर अधिक होने के कारण पसीना जल्दी सूख नहीं रहा है, जिससे लोग दिनभर चिपचिपी गर्मी महसूस कर रहे हैं। बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों की आवाजाही रही, लेकिन उमस के चलते लोग छांव और ठंडी जगहों की तलाश करते नजर आए। दोपहिया वाहन चालकों और बाहर काम करने वाले लोगों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ा। बिजली की खपत भी बढ़ी रही क्योंकि अधिकांश घरों और प्रतिष्ठानों में कूलर व एसी लगातार चलते रहे। कृषि विवि के मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही ने बताया कि फिलहाल मौसम में बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। अगले कुछ दिनों तक अधिकतम और न्यूनतम तापमान में हल्का उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। आसमान में बादल छाए रहने और स्थानीय स्तर पर हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है, लेकिन नमी अधिक रहने के कारण उमस से तुरंत राहत मिलने की उम्मीद कम है। मौसम विभाग का अनुमान है कि सोमवार को भी मौसम का मिजाज लगभग ऐसा ही रहेगा। दिन में धूप और बादलों की आवाजाही बनी रहेगी तथा तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। ऐसे में लोगों को फिलहाल गर्मी से ज्यादा उमस का सामना करना पड़ सकता है।
राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (आरजीएचएस) के तहत सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स को मिलने वाली चिकित्सा सुविधा में सोमवार से बड़ा बदलाव लागू हो गया है। अब ओपीडी में 2 हजार रुपए तक की सामान्य जांच कराने के लिए पहले से मंजूरी लेने की जरूरत नहीं होगी। वहीं, 2 हजार रुपए से अधिक लागत वाली जांच के लिए आरजीएचएस पोर्टल से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने जांचों के अनुमोदन की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। 2 हजार तक की जांच सीधे कराई जा सकेगीआरजीएचएस प्रोजेक्ट डायरेक्टर डॉ. निधि पटेल की ओर से जारी आदेश के अनुसार, डॉक्टर द्वारा लिखी गई सामान्य जांचों की कुल लागत 2 हजार रुपए तक होने पर उन्हें बिना पूर्व अनुमति के कराया जा सकेगा। इससे मरीजों को जांच के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा और उपचार शुरू करने में देरी भी नहीं होगी। महंगी जांच के लिए पूर्व अनुमति जरूरीयदि डॉक्टर द्वारा लिखी गई सामान्य जांचों की कुल लागत 2 हजार रुपए से अधिक है, तो जांच कराने से पहले आरजीएचएस पोर्टल के माध्यम से अनुमति लेनी होगी। अनुमति मिलने के बाद ही ऐसी जांच कराई जा सकेगी। आपातकालीन मामलों को राहतआपात स्थिति में अस्पताल या चिकित्सक बिना पूर्व अनुमति के जरूरी जांच तुरंत करा सकेंगे। हालांकि, बाद में जांच की आवश्यकता से जुड़े चिकित्सकीय दस्तावेज और उसका औचित्य आरजीएचएस पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य रहेगा। आज से लागू हुए नए नियमयह नई व्यवस्था 13 जुलाई 2026 से प्रभावी हो गई है। यह नियम 13 जुलाई 2026 या उसके बाद आरजीएचएस पोर्टल पर प्रस्तुत किए जाने वाले सभी ओपीडी सामान्य जांच संबंधी अनुरोधों पर लागू होंगे।
छतरपुर जिले के खजुराहो थाना क्षेत्र के बहरापुरवा गांव में रविवार को एक बुजुर्ग महिला को घर में रखी पॉलीथिन से साड़ी निकालते समय जहरीले सांप ने डस लिया। घटना के बाद परिजन उन्हें तुरंत जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां समय पर उपचार मिलने से उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। पॉलीथिन में छिपा था सांप घायल महिला की पहचान 60 वर्षीय श्याम बाई पाल के रूप में हुई है। वह घर के कामकाज के दौरान पॉलीथिन में रखी साड़ी निकाल रही थीं। जैसे ही उन्होंने पॉलीथिन में हाथ डाला, उसमें छिपा जहरीला सांप बाहर निकला और उनकी उंगली पर डस लिया। महिला की चीख सुनकर परिजन मौके पर पहुंचे और तत्काल उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया। परिजनों को नहीं था अंदाजा महिला के पोते सोनू पाल ने बताया कि परिवार को इस बात का बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि पॉलीथिन में साड़ी के साथ सांप भी छिपा हुआ है। अनजाने में हाथ डालने के कारण यह हादसा हो गया। डॉक्टरों ने बताया खतरे से बाहर जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने महिला का तत्काल उपचार शुरू किया। चिकित्सकों के अनुसार, समय पर अस्पताल पहुंचने के कारण उनकी हालत फिलहाल स्थिर है और वे खतरे से बाहर हैं। बारिश के मौसम में सावधानी बरतने की अपील चिकित्सकों ने लोगों से अपील की है कि बारिश के मौसम में घरों में रखे कपड़े, पॉलीथिन, बक्से, लकड़ी, भूसा और अन्य सामान में हाथ डालने से पहले अच्छी तरह जांच कर लें। इस मौसम में सांप और अन्य विषैले जीव सूखी व सुरक्षित जगहों पर छिप जाते हैं, जिससे इस तरह की घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।
रायसेन में एसबीआई ग्राहक सेवा केंद्र (कियोस्क) में ग्राहकों की जमा राशि में वित्तीय अनियमितता के मामले में कोतवाली पुलिस ने फरार कियोस्क संचालक गोपाल सिंह राजपूत को रविवार रात को भोपाल से गिरफ्तार किया है। आरोपी को रायसेन लाकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस बैंक लेन-देन, दस्तावेजों और मोबाइल रिकॉर्ड की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस गड़बड़ी में अन्य लोग भी शामिल हैं या नहीं। यह मामला तब सामने आया जब कई ग्राहकों ने शिकायत की कि उनके द्वारा कियोस्क में जमा कराई गई राशि उनके बैंक खातों में दर्ज नहीं हुई। इन शिकायतों के बाद बड़ी संख्या में ग्राहक अपनी जमा पूंजी की जानकारी लेने के लिए बैंक पहुंचने लगे। एसबीआई प्रबंधन ने पुलिस को भेजे पत्र में कुल 11 लाख 31 हजार रुपए की वित्तीय अनियमितता की पुष्टि की थी। हालांकि इससे अधिक राशि का गमन पूछताछ में सामने आ सकता है। भोपाल के एलएनसीटी कॉलेज के पास से गिरफ्तारग्राहकों की शिकायत और बैंक प्रबंधन की रिपोर्ट के आधार पर कोतवाली पुलिस ने गोपाल सिंह राजपूत के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी का मामला दर्ज किया था। फरार चल रहे आरोपी को रविवार को भोपाल के एलएनसीटी कॉलेज क्षेत्र से गिरफ्तार कर रायसेन लाया गया। पुलिस उससे गहन पूछताछ कर रही है। थाना प्रभारी नरेंद्र गोयल ने बताया कि पूछताछ जारी है। पुलिस बैंकिंग रिकॉर्ड, दस्तावेज और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इस बीच, जिन ग्राहकों के खातों से कियोस्क संचालक द्वारा कथित तौर पर फर्जी तरीके से राशि निकाले जाने की शिकायत है, उनमें नाराजगी है। वे अपनी जमा राशि वापस दिलाने की मांग के साथ बैंक पहुंचकर विरोध प्रदर्शन की तैयारी कर रहे हैं।
सोनीपत के सेक्टर-15 स्थित बिहारी मार्केट में एक 10 वर्षीय मासूम के साथ कथित रूप से बेरहमी से मारपीट और करंट लगाने में FIR दर्ज हो गई है। बच्चे की मां ने आरोप लगाया है कि बिजली की दुकान संचालक और उसके बेटे ने पहले उसके नाबालिग बेटे को बुरी तरह पीटा, फिर उसे जबरन दुकान के अंदर ले जाकर बिजली के कंडेनसर से करंट लगाया। महिला का कहना है कि घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें दोनों आरोपी बच्चे के साथ मारपीट करते और करंट लगाते दिखाई दे रहे हैं। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने बच्चे का मेडिकल कराया, वीडियो फुटेज और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) और जुवेनाइल जस्टिस एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मासूम के साथ मारपीट का आरोप रुबी देवी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह सेक्टर-15 स्थित बिहारी मार्केट में किराए के मकान में रहती हैं और दिहाड़ी मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करती हैं। उनके तीन बेटे हैं, जिनमें 10 वर्षीय दूसरा बेटा है। महिला के अनुसार 9 जुलाई 2026 को करीब ढाई बजे उन्हें सूचना मिली कि बिजली की दुकान संचालक संजीव गुप्ता और उसका बेटा उनके नाबालिग बेटे के साथ मारपीट कर रहे हैं। मां के सामने भी नहीं रुकी पिटाई रुबी देवी का आरोप है कि वह तुरंत दुकान पर पहुंचीं, तो देखा कि दोनों आरोपी उनके बेटे को लात-घूंसों से बेरहमी से पीट रहे थे। जब उन्होंने बेटे को छुड़ाने का प्रयास किया, तो दोनों ने उनका रास्ता रोक दिया और नाबालिग बेटे को दोबारा पकड़कर दुकान के अंदर ले गए। महिला का आरोप है कि दुकान के अंदर संजीव गुप्ता ने जबरन बच्चे को बिजली के कंडेनसर से करंट लगाया, जबकि दोनों पिता-पुत्र लगातार उसके साथ मारपीट करते रहे। वीडियो फुटेज मिलने के बाद दी शिकायत महिला ने अपनी शिकायत में बताया कि 12 जुलाई को उन्हें घटना की वीडियो फुटेज मिली, जिसमें कथित तौर पर संजीव गुप्ता और उसका बेटा नाबालिग के साथ बेरहमी से मारपीट करते और कंडेनसर से करंट लगाते दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने यह वीडियो पेन ड्राइव में कॉपी कर पुलिस को सौंप दिया। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि शिकायत देने के बाद भी आरोपी पिता-पुत्र उन्हें और उनके बेटे को जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। 112 पर पहले भी पहुंची थी सूचना पुलिस के अनुसार, 9 जुलाई 2026 को डायल-112 के माध्यम से सूचना मिली थी कि सेक्टर-15 बिहारी मार्केट में एक नाबालिग बच्चे के साथ मारपीट हुई है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों से पूछताछ की। उस समय यह सामने आया कि राहुल नाम के बच्चे के साथ मारपीट हुई थी, लेकिन उसके परिजनों ने उस दिन कोई लिखित शिकायत नहीं दी थी, इसलिए तत्काल कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। मेडिकल में दो चोटें मिलीं 12 जुलाई को रुबी देवी अपने बेटे के साथ थाना सेक्टर-27 पहुंचीं और लिखित शिकायत दी। इसके बाद पुलिस बच्चे को सिविल अस्पताल लेकर गई, जहां उसका मेडिकल परीक्षण कराया गया। मेडिकल लीगल रिपोर्ट (MLR) में बच्चे के शरीर पर दो चोटों का उल्लेख किया गया है। डॉक्टर ने ऑर्थोपेडिक और ईएनटी विशेषज्ञ की राय भी आवश्यक बताई है। वीडियो और मेडिकल के आधार पर केस पुलिस ने शिकायत, मेडिकल रिपोर्ट और पेन ड्राइव में उपलब्ध वीडियो फुटेज का अवलोकन करने के बाद प्रथम दृष्टया अपराध बनना पाया। इसके आधार पर थाना सेक्टर-27 में एफआईआर दिनांक 12 जुलाई 2026 दर्ज की गई। मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115(2), 127(2), 351(3), 3(5) तथा जुवेनाइल जस्टिस एक्ट की धारा 75 के तहत दर्ज किया गया है। पुलिस ने शुरू की आगे की जांच मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच अधिकारी को केस की फाइल सौंप दी गई है और वीडियो फुटेज, मेडिकल रिपोर्ट तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके अनुसार नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अब जानिए…वीडियो में क्या दिख रहा… बच्चे से पिटाई की 3 वीडियो सामने आई हैं। इनमें शॉपकीपर संजीव और उसका बेटा बच्चे के साथ मारपीट करता दिखाई दे रहे हैं। कुछ देर बाद बच्चे की मां उसे बचाने के लिए आ जाती है। हालांकि दैनिक भास्कर इन वीडियो की पुष्टि नहीं करता है। पढ़िए, सामने आई 3 वीडियो में क्या दिख रहा… VIDEO-1: हाथ-पैर मरोड़े, जमीन पर पटका 1 मिनट 8 सेकेंड के इस वीडियो में बिजली दुकानदार संजीव गुप्ता और उसका बेटा बच्चे को जमीन पर गिराकर पीटते दिखाई दे रहे हैं। शॉपकीपर बच्चे को दोनों पैर मोड़ देता है। उसके हाथों को घुटनों से नीचे दबाकर मारपीट करने लगता है। इसी दौरान शॉपकीपर का बेटा दुकान में रखा कैपेसिटर (कंडेनसर) उसे देता है। शॉपकीपर नीचे पड़े बच्चे को कंडेसर से करंट लगा देता है। करंट लगते ही बच्चा जमीन पर पड़े-पड़े चिल्लाने लगा। VIDEO-2: मां, बच्चे को बचाने के लिए आई 7 सेकेंड की दूसरी वीडियो में बच्चे की मां उसे छुड़ाने के लिए मौके पर पहुंचती दिखाई देती है। वह लगातार बच्चे को अपनी ओर खींचकर बचाने का प्रयास करती है। इस दौरान शॉपकीपर बच्चे का हाथ मरोड़कर उसकी कमर के पीछे कर देता है। उसकी मां उसे बचाने की कोशिश करती है। VIDEO-3: बचने के लिए भागा, दोबारा पकड़कर पीटा 51 सेकेंड की तीसरी वीडियो में बच्चा जोर-जोर से रोता, दर्द से तड़पता और खुद को बचाने की कोशिश करता दिखाई देता है। शॉपकीपर से बचाने के लिए बच्चे की मां दुकान के अंदर ही चली जाती है। इसके बाद भी शॉपकीपर बच्चे को मारता रहता है।
ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित अजनारा इंटेग्रिटी सोसायटी में 11 जुलाई की रात करीब 11:40 बजे युवक की 9वीं मंजिल से गिरने से मौत हो गई। पुलिस दोस्तों से पूछताछ कर रही है। जांच और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मामला हादसा माना जा रहा है। पुलिस के अनुसार युवक और उसका दोस्त घटना से पहले शराब पी रहे थे। उसी दौरान ये घटना घटी। अब विस्तार से पढ़िए पूरा मामला मृतक की पहचान तमिलनाडु निवासी विक्टर उर्फ मिक्की के रूप में हुई है। वह गाजियाबाद के गोविंदपुरम में रहकर संगीत की शिक्षा ले रहा था और गायन कार्यक्रमों में भी भाग लेता था। उसने कविनगर क्षेत्र के चिरंजीव विहार में किराये पर कमरा लिया हुआ था। उसकी दोस्ती केरल निवासी रिंकू से थी। पुलिस के अनुसार शनिवार रात दोनों अजनारा इंटेग्रिटी सोसायटी के एक फ्लैट में साथ बैठे और शराब पी। सीसीटीवी फुटेज में रात 11:40 बजे दोनों को फ्लैट से बाहर निकलते देखा गया। फुटेज में दोनों के कदम लड़खड़ाते नजर आए। इसी दौरान विक्टर 9वीं मंजिल से नीचे गिर गया। करीब 90 फीट की ऊंचाई से गिरने के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई। रविवार सुबह लगभग 8 बजे सुरक्षा कर्मियों और अन्य लोगों ने खून से लथपथ शव देखा और पुलिस को सूचना दी। घटना के बाद सोसायटी की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठे हैं कि रात में किसी को गिरने की आवाज सुनाई नहीं दी और शव कई घंटे तक वहीं पड़ा रहा। एसीपी प्रिया श्रीपाल ने बताया कि जांच में शराब के नशे में गिरने से मौत की बात सामने आई है। परिजनों ने किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई से इनकार किया है। पुलिस ने आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर मामले का निस्तारण कर दिया है।
छत्तीसगढ़ विधानसभा का पांच दिवसीय मानसून सत्र आज (13 जुलाई) से शुरू होगा। सत्र के लिए अब तक विधायकों की ओर से 1,033 प्रश्न लगाए जा चुके हैं। वहीं, कांग्रेस मंगलवार (14 जुलाई) को सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाएगी। रविवार को हुई कांग्रेस विधायक दल की बैठक में इस पर सहमति बनी। बैठक के बाद नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि कांग्रेस को मौजूदा सरकार पर भरोसा नहीं है, इसलिए सदन में अविश्वास प्रस्ताव लाया जाएगा। नेता प्रतिपक्ष के सरकारी बंगले पर कांग्रेस विधायक दल की बैठक करीब दो घंटे चली। इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज समेत वरिष्ठ नेताओं ने करीब डेढ़ घंटे तक विधानसभा सत्र की रणनीति पर मंथन किया। इसके बाद विधायक दल की बैठक में अंतिम रणनीति तय की गई। महंत बोले- सरकार के वादे झूठे, जनता परेशान बैठक के बाद चरणदास महंत ने कहा कि कांग्रेस इस सरकार में अविश्वास रखती है। उन्होंने कहा, 'सरकार के वादे झूठे साबित हुए हैं। भ्रष्टाचार बढ़ा है और अलग-अलग मुद्दों पर जनता परेशान है। इसलिए कांग्रेस अविश्वास प्रस्ताव लाने जा रही है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मानसून सत्र में कांग्रेस बिजली संकट, महंगाई, किसानों की समस्याएं, कानून-व्यवस्था और अन्य जनहित के मुद्दों पर सरकार को घेरेगी। नकटी मुद्दे पर स्थगन प्रस्ताव भी लाएगी कांग्रेस कांग्रेस विधायक दल की बैठक में नकटी गांव का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। पार्टी ने तय किया है कि इस मामले में विधानसभा में स्थगन प्रस्ताव लाया जाएगा। चरणदास महंत ने कहा, नकटी मामले को लेकर कांग्रेस चाहे जो करना पड़े, करेगी। इस मुद्दे को सदन में पूरी मजबूती से उठाया जाएगा। जरूरत पड़ी तो सदन के भीतर प्रदर्शन भी होगा। 'सदन के साथ सड़क पर भी लड़ाई जारी रहेगी' चरणदास महंत ने कहा कि 5 दिन का विधानसभा सत्र भले ही छोटा है, लेकिन विपक्ष सरकार को हर मुद्दे पर घेरेगा। उन्होंने कहा, सदन के साथ-साथ सड़क पर भी जनता के मुद्दों को लेकर कांग्रेस संघर्ष जारी रखेगी। 1033 सवालों का जवाब देगी सरकार इस बार विधानसभा सचिवालय में कुल 1033 प्रश्न लगाए गए हैं। इनमें 36 विधायकों ने नियमों के तहत अधिकतम 20-20 प्रश्न लगाए हैं। खास बात यह है कि सवाल पूछने वालों में विपक्ष के साथ-साथ सत्ता पक्ष के विधायक भी शामिल हैं। क्या होता है अविश्वास प्रस्ताव? अविश्वास प्रस्ताव पूरी सरकार के खिलाफ लाया जाता है। विपक्ष किसी एक या कई प्रमुख मुद्दों को आधार बनाकर यह प्रस्ताव पेश करता है। प्रस्ताव स्वीकार होने पर सदन में सरकार के कामकाज पर चर्चा होती है। इसके बाद मतदान के जरिए तय किया जाता है कि सरकार के पास सदन का बहुमत और विश्वास बना हुआ है या नहीं। ………………….. इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… नकटी अतिक्रमण हटाने पर सरकार से जवाब मांगेगा विपक्ष: 13 जुलाई से छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र; सड़क-बारिश की व्यवस्थाओं पर होंगे तीखे सवाल छत्तीसगढ़ विधानसभा का पांच दिवसीय मानसून सत्र 13 जुलाई से शुरू होगा। सत्र को लेकर प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। अब तक विधायकों की ओर से 1,033 प्रश्न लगाए जा चुके हैं। कांग्रेस ने कानून-व्यवस्था, किसानों की समस्याएं, नकटी भूमि विवाद, बिजली-पानी संकट, सड़क निर्माण और मानसून के दौरान व्यवस्थाओं जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति बनाई है। पढ़ें पूरी खबर…
जयपुर-अजमेर हाईवे पर लगातार 2 दिन 2 बड़े हादसे हुए। पांच लोगों को बेकाबू डंपर-ट्रकों ने कुचल दिया था। जिला कलेक्टर ने एक टीम बनाकर हादसे के कारणों की जांच के निर्देश दिए हैं। उससे पहले भास्कर टीम ने सबसे ज्यादा हादसे वाले स्पॉट पर पहुंचकर पड़ताल की। 200 फीट बाइपास से करीब 10 किलोमीटर के बीच 40 से ज्यादा अवैध स्टॉपेज मिले। सवारियां भरने की होड़ में अवैध तरीके से बसें-टैक्सियां यहां रुकती हैं। लोग जान जोखिम में डालकर रेलिंग कूदकर हाईवे क्रॉस कर रहे थे। ट्रेलर और ट्रक ओवर स्पीड में दौड़ रहे थे। चौंकाने वाली बात यह है 7 जुलाई को जहां ट्रेलर ने फुटपाथ पर खड़े एक परिवार के 5 लोगों को कुचला था, वहां यू-टर्न को अभी तक बंद नहीं किया गया है। न ही टूटी रेलिंग को ठीक किया गया। पढ़िए पूरी रिपोर्ट..... नंबर-1 : पांच मौत वाला 'यू-टर्न' अब भी चालू हीरापुरा पुलिया के पास 7 और 8 जुलाई को दो अलग-अलग हादसे हुए। 7 जुलाई को फुटपाथ पर बस का इंतजार कर रहे एक ही परिवार के 5 लोगों को एक ट्रेलर ने कुचला दिया था। इसमें 4 लोगों की मौत हो गई थी। इसके अगले ही दिन बाइक सवार दो लोगों को कुचला, जिसमें एक की मौत हो गई। पांच लोगों की मौत के बाद भी जिम्मेदार विभागों ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। 7 दिन बाद जब भास्कर टीम वहां पहुंची तो फिर से वैसे ही हालात थे। पुलिया से उतरने वाले वाहन सर्विस लेन से रॉन्ग साइड में यू-टर्न लेते नजर आए। ट्रैफिक पुलिस और आरटीओ ने भी अवैध बस स्टैंड पर खड़ी बसों के खिलाफ कुछ दिन केवल औपचारिक चालान कर कार्रवाई पूरी मान ली। एनएचएआई ने दुर्घटना में क्षतिग्रस्त रेलिंग की मरम्मत कर एक साइन बोर्ड और ब्लिंकर लाइट लगा दी है। लेकिन इससे तुरंत पहले जहां पुलिया खत्म होती है, वहां यू-टर्न बंद नहीं किया गया। पुलिया से उतरने वाले हिस्से पर स्पीड कंट्रोल के लिए रंबल स्ट्रिप्स (डंबल ब्रेकर) लगाने जैसी जरूरी कार्रवाई अब तक नहीं की गई। सर्विस लेन से यू-टर्न लेने वाले वाहन लगातार दुर्घटना को न्यौता दे रहे हैं। इससे महज एक किलोमीटर आगे चलते ही कमला नेहरू नगर पुलिया आती है। यहां पुलिया के नीचे ट्रैफिक पुलिस ने वाहन नहीं निकालने का साइन बोर्ड तो लगा दिया। लेकिन पुलिस की मौजूदगी में ही रॉन्ग साइड से वाहन निकल रहे हैं। नंबर-2 : रिंग रोड से पहले टूटी रेलिंग, न मरम्मत हुई, न लगा साइन बोर्ड एनएचएआई ने अजमेर से जयपुर आने वाले भारी वाहनों को रिंग रोड पर डायवर्ट करने के लिए लूप (लीफ) शुरू किया था। मुख्य सड़क से कटने वाले इस हिस्से पर लगाई गई रेलिंग करीब महीनेभर पहले एक भारी वाहन की टक्कर से क्षतिग्रस्त हो गई थी। एक महीने बाद भी रेलिंग की मरम्मत नहीं हुई और न ही यहां रिंग रोड की दिशा बताने वाला कोई साइन बोर्ड लगाया गया है। क्षतिग्रस्त रेलिंग भविष्य में बड़े हादसों की वजह बन सकती है, लेकिन इस ओर ध्यान नहीं दिया गया। इसके अलावा हाईवे पर कई साइन बोर्ड धुंधले या क्षतिग्रस्त हो चुके हैं, जिससे खासकर रात में वाहन चालकों को खासी परेशानी हो सकती है। नंबर-3 : सर्विस लेन पर साइन बोर्ड गायब, कई विज्ञापनों से ढके हीरापुरा चौराहे से लेकर बगरू तक करीब 20 किलोमीटर आबादी क्षेत्र इस हाईवे से लगता है। यहां सर्विस लेन पर पर्याप्त साइन बोर्ड नहीं हैं। वाहन चालकों को सर्विस लेन की एंट्री और एग्जिट समझने में परेशानी होती है। जहां साइन बोर्ड लगे हैं, वहां भी कई जगह स्थानीय लोगों ने अपने प्रतिष्ठानों के विज्ञापन लगाकर उन्हें ढक दिया है। नतीजतन तेज रफ्तार वाहन चालकों को समय पर दिशा की जानकारी नहीं मिलती और वे आगे जाकर सड़क पर ही वाहन रोक देते हैं। एनएचएआई और ट्रैफिक पुलिस की नियमित मॉनिटरिंग के अभाव में यह अव्यवस्था बनी हुई है। नंबर-4 : हाईवे पर बस, ऑटो, जीप और ट्रकों के 40 से ज्यादा अवैध स्टॉपेज जयपुर-अजमेर एक्सप्रेस-वे पर हीरापुरा से बगरू और बगरू से हीरापुरा के बीच करीब 40 अवैध स्टॉपेज बने हुए हैं। आसपास की कॉलोनियों से सवारियां उठाने की होड़ लगी रहती है। पड़ताल के दौरान कई वाहन चालक इन अवैध स्टॉपेज पर रोकर सवारियां उतारते-चढ़ाते मिले। कुछ जगहों पर चेतावनी के साइन बोर्ड लगे हैं। लेकिन प्रभावी कार्रवाई के अभाव में हालात जस के तस हैं। हाईवे के दोनों तरफ लोहे की मजबूत रेलिंग लगी है। लेकिन कई जगह लोगों ने रेलिंग तोड़कर अपनी कॉलोनियों के लिए रास्ते बना लिए हैं। प्रशासन और एनएचएआई ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। नंबर-5 : 10 किलोमीटर तक न फुटओवर ब्रिज, न अंडरपास जयपुर-अजमेर हाईवे पर हीरापुरा से बगरू के बीच करीब 10 किलोमीटर तक न कोई फुटओवर ब्रिज है और न ही पैदल यात्रियों के लिए अंडरपास। केवल कुछ जगह पुलिया हैं, जिनके बीच डिस्टेंस काफी ज्यादा है। हाईवे के दोनों ओर घनी आबादी होने के कारण लोग जान जोखिम में डालते हुए सीधे हाईवे पार करते हैं। 60 से 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ते वाहनों के बीच अचानक पैदल यात्री आने से लगातार हादसे हो रहे हैं। कई लोग सड़क पार करते समय जान गंवा चुके हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग न रेलिंग दुरुस्त करा रहे हैं और न ही पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित पार-पथ बना रहे हैं। एक स्थानीय निवासी विनोद ने बताया कि कुछ दिन पहले सड़क पार करते समय एक व्यक्ति तेज रफ्तार वाहन की चपेट में आ गया था। इसके बावजूद हालात में कोई बदलाव नहीं आया। नंबर-6 : लेन सिस्टम का पालन नहीं पुलिस मुख्यालय के निर्देश हैं कि भारी वाहन निर्धारित लेन में चलें, लेकिन हीरापुरा से बगरू तक कई ट्रक और अन्य भारी वाहन लेन सिस्टम का पालन करते नहीं मिले। गलत लेन में चलने के कारण छोटे वाहनों को बार-बार जिगजैग तरीके से ओवरटेक करना पड़ता है, जो दुर्घटनाओं का बड़ा कारण बन सकता है। नियमित मॉनिटरिंग नहीं होने से हाईवे पर लेन सिस्टम केवल कागजों तक सीमित नजर आता है। हाईवे का दौरा कर चुके एक्सपर्ट ने मानी कई खामियां PWD के सुपरिटेंडेंट इंजीनियर और रोड इंजीनियरिंग एक्सपर्ट सीताराम शर्मा ने बताया कि उन्होंने खुद इस हाईवे पर कई खामियों को पॉइंट आउट किया है। नियमानुसार नेशनल हाईवे पर जहां सर्विस रोड बनी हुई है तो उस पॉइंट पर साइन बोर्ड लगे होने चाहिए। लेकिन जयपुर-अजमेर हाईवे पर अधिकांश जगह पर साइन बोर्ड नहीं हैं। जहां पर साइन बोर्ड लगे हैं, वहां पर लोगों ने अपने विज्ञापन लगा रखे हैं। इससे वाहन चालकों को पता ही नहीं चलता कि सर्विस रोड कहां से शुरू हो रही है। पैदल चलने वालों के लिए इस हाईवे पर कोई व्यवस्था नहीं की गई है। देखा गया है कि लोग चलते वाहनों के बीच रोड क्रॉस करके निकल रहे हैं। इससे वह खुद के साथ-साथ दूसरे लोगों की जान भी जोखिम में डाल रहे हैं। सीताराम शर्मा ने बताया एनएचएआई को चाहिए कि जहां फुट ओवर ब्रिज की जरूरत है, वहां बनाया जाए। हाईवे पर टैक्सी, बसें और अन्य निजी वाहन बीच में रोकर ही सवारियां उतार रहे हैं, इस पर प्रभावी तरीके से रोक लगे। ऐसे पॉइंट्स को चिन्हित कर वहां नो-पार्किंग, नो-स्टॉपेज के बोर्ड लगाने चाहिए। फिर भी कोई वाहन रोकता है तो कार्रवाई करनी चाहिए। ------- यह खबर भी पढ़िए… जयपुर में परिवार पर चढ़ा ट्रेलर, 4 की मौत:बच्चों के शव टुकड़ों में नाले में गिरे, मां के पैर टूटे; ट्रेलर के 5 चालान पेंडिंग जयपुर में तेज रफ्तार ट्रेलर ने फुटपाथ पर बैठे एक परिवार के 5 लोगों को कुचल दिया। हादसे में तीन बच्चों और पिता की मौत हो गई। मां के दोनों पैर टूट गए। हादसा इतना भीषण था कि बच्चों के शवों के चिथड़े उड़ गए। एक बच्चे के शव के दो टुकड़े हो गए। सभी लोग नाले में गिर गए। पढ़ें पूरी खबर
मंदसौर शहर के काला खेत क्षेत्र में रविवार रात एक कार पर पत्थर फेंककर उसका पिछला शीशा तोड़ दिया गया। घटना उस समय हुई, जब अचानक एक कुत्ते का बच्चा कार के नीचे आ गया। पीड़ित की शिकायत पर सिटी कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। डॉक्टर से लौटते समय हुआ घटनाक्रम माल्या खेरखेड़ा निवासी नीलेश आंजना ने बताया कि वे अपने बच्चे को डॉक्टर को दिखाकर पशुपतिनाथ डायग्नोस्टिक सेंटर से लौट रहे थे। काला खेत क्षेत्र में अचानक एक कुत्ते का बच्चा दौड़कर कार के सामने आ गया और वाहन के नीचे आ गया। कार रोकते ही युवक ने फेंका पत्थर पीड़ित के अनुसार, उन्होंने तुरंत कार को सड़क किनारे रोकने की कोशिश की। इसी दौरान वहां मौजूद एक युवक, जो कथित तौर पर नशे में था, ने पीछे से कार पर पत्थर फेंक दिया। पत्थर लगने से कार का पिछला शीशा पूरी तरह टूट गया। कार में बैठी थीं तीन महिलाएं घटना के समय कार की पिछली सीट पर तीन महिलाएं भी मौजूद थीं। राहत की बात यह रही कि शीशा टूटने के बावजूद किसी को चोट नहीं आई। पुलिस ने शुरू की जांच पीड़ित ने आरोप लगाया कि घटनास्थल पर कुछ लोग शराब का सेवन कर रहे थे। उनकी शिकायत पर सिटी कोतवाली थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस पत्थर फेंकने वाले व्यक्ति की पहचान करने के लिए आसपास के लोगों से पूछताछ और अन्य साक्ष्य जुटा रही है। जांच के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सोनभद्र पुलिस ने सोशल मीडिया पर ड्रोन के जरिए चोरी, रेकी और आपराधिक गतिविधियों से जुड़ी अफवाहों को लेकर जनपदवासियों से सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने स्पष्ट किया कि बिना सत्यापन किसी भी भ्रामक सूचना पर विश्वास न करें और न ही उसे सोशल मीडिया पर साझा करें। एसपी वर्मा ने चेतावनी दी कि अफवाह फैलाकर लोगों में भय और दहशत का माहौल बनाने वालों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि यह अपील पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश के निर्देशों के क्रम में की जा रही है, जिसका उद्देश्य जनपदवासियों को जागरूक करना है। हाल के दिनों में प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर कुछ असामाजिक तत्व सामान्य इलेक्ट्रॉनिक खिलौनों, रोशनी वाले उड़ने वाले उपकरणों अथवा अन्य प्रकाशयुक्त वस्तुओं को ड्रोन बताकर लोगों में भ्रम और दहशत फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसी अपुष्ट सूचनाएं कानून-व्यवस्था के लिए भी चुनौती बन सकती हैं। पुलिस ने जनपदवासियों से आग्रह किया है कि वे किसी भी अपुष्ट सूचना या सोशल मीडिया पर वायरल संदेश पर भरोसा न करें। यदि कहीं कोई संदिग्ध ड्रोन, उड़ने वाली वस्तु या अन्य असामान्य गतिविधि दिखाई देती है, तो तत्काल स्थानीय पुलिस, यूपी-112 अथवा निकटतम थाने को सूचना दें। अभिषेक वर्मा ने यह भी कहा कि पुलिस हर सूचना की गंभीरता से जांच करेगी। हालांकि, उन्होंने सख्त लहजे में चेतावनी दी कि अफवाह फैलाने या कानून अपने हाथ में लेने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी संदिग्ध घटना की सूचना पुलिस को दें, लेकिन अफवाहों के आधार पर किसी निर्दोष व्यक्ति के साथ अभद्रता, मारपीट या कानून अपने हाथ में लेने जैसी हरकत न करें।
सीतापुर में पिछले कुछ दिनों में सड़क हादसों की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए सीतापुर यातायात पुलिस ने रविवार की मध्य रात्रि हाईवे पर विशेष अभियान चलाकर शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की। खैराबाद टोल प्लाजा पर चलाए गए इस अभियान का नेतृत्व यातायात निरीक्षक फरीद अहमद ने किया। इस अभियान के तहत करीब 2 लाख 70 हजार का जुर्माना भी वसूला गया है। अभियान के दौरान यातायात पुलिस ने ब्रेथएनालाइजर मशीन की मदद से करीब 250 दोपहिया, चारपहिया और भारी वाहनों के चालकों की जांच की। जांच के दौरान 27 वाहन चालक शराब के नशे में वाहन चलाते पाए गए। इनमें दोपहिया, चारपहिया के साथ-साथ भारी वाहनों के चालक भी शामिल रहे। शराब के सेवन की पुष्टि होने पर पुलिस ने सभी के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए चालान किया। यातायात विभाग के अनुसार, ड्रिंक एंड ड्राइव करने वाले प्रत्येक वाहन चालक पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। यातायात निरीक्षक फरीद अहमद ने बताया कि शराब के नशे में वाहन चलाना न केवल चालक बल्कि सड़क पर चलने वाले अन्य लोगों की जान के लिए भी गंभीर खतरा है। ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यातायात निरीक्षक फरीद अहमद ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और लोगों को सुरक्षित यातायात के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से यह अभियान चलाया गया। उन्होंने वाहन चालकों से अपील की कि यदि शराब का सेवन किया है तो किसी भी स्थिति में वाहन न चलाएं और सुरक्षित विकल्प का उपयोग करें। पुलिस का कहना है कि जनपद में सड़क सुरक्षा को लेकर ऐसे अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे। हाईवे सहित प्रमुख मार्गों पर समय-समय पर ब्रेथएनालाइजर से जांच कर नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, ताकि सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
अलीगढ़ में घर में घुसकर युवक पर छुरे से हमला:बाइक से टक्कर लगने पर झगड़ा हुआ था, भीड़ को देख आरोपी भागे
अलीगढ़ के लोधा थाना क्षेत्र के रायट गांव में 12 जुलाई की रात करीब 10:30 बजे बाइक की टक्कर को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। आरोप है कि गांव के कुछ लोगों ने पहले एक युवक की पिटाई की और फिर उसके घर में घुसकर उस पर छुरे से हमला कर दिया। इस दौरान युवक के माता-पिता के साथ भी मारपीट की गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। अब विस्तार से पढ़िए पूरा मामला पीड़ित जुनैद के अनुसार, वह रात करीब साढ़े दस बजे बाइक से घर लौट रहा था। रास्ते में गांव के इलियास और उसके परिजनों से बाइक की टक्कर लगने को लेकर कहासुनी हो गई। आरोप है कि इलियास ने अपने भाई अकरम और अन्य लोगों के साथ मिलकर उसकी पिटाई कर दी। शोर सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे, जिसके बाद जुनैद अपने घर लौट आया। जुनैद का कहना है कि कुछ देर बाद अकरम हाथ में छुरा लेकर उसके घर पहुंच गया। उसने घर में घुसकर जुनैद पर हमला किया। बीच-बचाव करने आए उसके माता-पिता के साथ भी मारपीट की गई। जुनैद के अनुसार, हमले में वह बाल-बाल बच गया। शोर सुनकर बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हो गए, जिसके बाद आरोपी वहां से भाग निकले। जाते समय उन्होंने परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी। घटना की सूचना तत्काल डायल-112 पर दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी जुटाई। पीड़ित ने आरोपियों के खिलाफ लिखित तहरीर दी है। पुलिस का कहना है कि तहरीर के आधार पर जांच की जा रही है और तथ्यों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
रामपुर। केमरी क्षेत्र के एक युवक को नौकरी का झांसा देकर हनीट्रैप में फंसाने और ब्लैकमेल करने के चर्चित मामले में गंज थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने आठ महीने से फरार चल रही महिला आरोपी सुप्रिया शुक्ला को रविवार शाम करीब सात बजे बाबा दीप सिंह नगर से गिरफ्तार कर लिया। उस पर आपत्तिजनक वीडियो बनाकर रुपये की उगाही करने का आरोप है। थाना प्रभारी पवन शर्मा के अनुसार, यह मामला करीब आठ महीने पहले सामने आया था। गिरोह ने केमरी निवासी एक युवक को नौकरी दिलाने का झांसा देकर अपने जाल में फंसाया। युवक को उत्तराखंड बुलाया गया, जहां उसके साथ मारपीट की गई। इसके बाद उसे रामपुर लाकर महिला के साथ आपत्तिजनक वीडियो बनाया गया। आरोपियों ने वीडियो वायरल करने की धमकी देकर युवक से बड़ी रकम वसूली। पीड़ित की शिकायत के बाद पुलिस ने हनीट्रैप, ब्लैकमेलिंग, रंगदारी और अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। विवेचना के दौरान पुलिस ने डिजिटल साक्ष्य, कॉल डिटेल और आरोपियों के बयानों के आधार पर मामले की कड़ियां जोड़ीं। जांच में कई लोगों की भूमिका सामने आने के बाद अलग-अलग आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। इस मामले में एक अन्य महिला आरोपी पहले से ही जेल में बंद है, जबकि सुप्रिया शुक्ला गिरफ्तारी से बचती रही थी। उसके खिलाफ न्यायालय से वारंट भी जारी था। रविवार शाम गंज पुलिस ने सूचना के आधार पर दबिश देकर उसे गिरफ्तार किया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी से पूछताछ में गिरोह के नेटवर्क, आर्थिक लेनदेन और अन्य संभावित पीड़ितों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारियां मिलने की उम्मीद है। विवेचना अभी जारी है और सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे भी कार्रवाई की जाएगी। सोमवार को आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेजा जाएगा।
फिरोजाबाद के 3 SDM का तबादला:उन्हें नए जिलों में मिली जिम्मेदारी
फिरोजाबाद में उत्तर प्रदेश शासन ने प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से बड़े पैमाने पर उपजिलाधिकारियों (एसडीएम) के तबादले किए हैं। इसी कड़ी में फिरोजाबाद में तैनात तीन उपजिलाधिकारियों का भी स्थानांतरण किया गया है। उन्हें अब नए जनपदों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। जारी तबादला सूची के अनुसार, फिरोजाबाद में कार्यरत उपजिलाधिकारी श्रीमती विकल्प को मैनपुरी स्थानांतरित किया गया है। सत्येंद्र सिंह का तबादला बुलंदशहर किया गया है, जबकि अब्बास हसन नकवी को गाजीपुर का उपजिलाधिकारी नियुक्त किया गया है। इन तबादलों से फिरोजाबाद प्रशासन में नए अधिकारियों की तैनाती का मार्ग प्रशस्त हो गया है। शासन के इस निर्णय को प्रशासनिक कार्यों में नई ऊर्जा और बेहतर कार्यकुशलता लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। प्रशासनिक गलियारों में इस तबादला सूची को लेकर दिनभर चर्चा रही। अब सभी की निगाहें फिरोजाबाद में होने वाली नई उपजिलाधिकारियों की तैनाती और उनके कार्यभार ग्रहण करने पर टिकी हैं।
हाथरस के तीन SDM ट्रांसफर:शासन ने 182 PCS अफसरों के साथ किए ट्रांसफर
उत्तर प्रदेश शासन ने बीती मध्य रात्रि को प्रदेश भर में 182 पीसीएस अधिकारियों के तबादले किए हैं। इन तबादलों में हाथरस के तीन उप जिलाधिकारी (एसडीएम) भी शामिल हैं। स्थानांतरित होने वाले अधिकारियों में मनीष चौधरी, प्रज्ञा यादव और लवगीत कौर शामिल हैं। वर्तमान में सादाबाद के एसडीएम मनीष चौधरी को अमरोहा भेजा गया है। कलेक्ट्रेट की ओसी (ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी) लवगीत कौर को ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण में विशेष कार्याधिकारी नियुक्त किया गया है। वह पहले सासनी सहित अन्य तहसीलों में भी उप जिलाधिकारी के पद पर सेवाएं दे चुकी हैं। हाल में ही तीनों अधिकारियों का किया था प्रमोशन कलेक्ट्रेट की ओसी प्रज्ञा यादव को बिजनौर में तैनात किया गया है। उन्होंने पूर्व में भी जिले में विभिन्न पदों पर कार्य किया है। उल्लेखनीय है कि शासन ने हाल ही में इन तीनों उप जिलाधिकारियों को अपर जिलाधिकारी के पद पर पदोन्नत किया था।
वाराणसी में लघु सिंचाई विभाग के सहायक बोरिंग टेक्नीशियन की परीक्षा के दौरान इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस से नकल का मामला सामने आया है। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की ओर से आयोजित परीक्षा में नकल कर रहे 2 परीक्षाथियों को पकड़ा गया। इसी मामले में UP STF ने नकल करवा रहे गैंग लीडर और 11 लोगों को प्रयागराज से गिरफ्तार किया है। परीक्षार्थियों से नकल गैंग के सरगना कप्तान सिंह पटेल को 5 -5 लाख रुपए दिए थे। फिलहाल वाराणसी और प्रयागराज से पकड़े गए 13 आरोपियों के विरुद्ध कोतवाली और सिगरा थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। एसटीएफ की निगरानी में हो रही थी परीक्षा, मिला था नकल का इनपुट एसटीएफ निरीक्षक अनिल कुमार सिंह ने बताया फील्ड इकाई वाराणसी, परीक्षा के दौरान सक्रिय थी। इसी दौरान सूचना मिली कि भारी पैसा की उगाही कर माइक्रो इलेक्ट्रानिक डिवाईस के माध्यम से प्रतियोगी परीक्षाओं में नकल कराने वाला एक गिरोह जनपद प्रयागराज में सक्रिय है। इसपर टीम ने प्रयागराज संपर्क किया और जांच में लग गई। इसी दौरान बताया गया कि माइक्रो इलेक्ट्रानिक डिवाईस के माध्यम से नकल कराने वाले गैंग के सरगना शिवजीत पटेल तथा उसका भाई कप्तान सिंह पटेल ग्राम कोठारी, थाना बहरिया प्रयागराज के एक कमरे में सॉल्वरों के साथ मौजूद है। वाराणसी के 2 परीक्षा केन्द्रो पर परीक्षा दे रहे 2 परीक्षार्थियों को डिवाईस के माध्यम से बोलकर प्रश्नपत्र सॉल्व कराया जा रहा है। इस सूचना पर एसटीएफ वाराणसी की टीम ने छापेमारी किया तो गैंग सगरना, सॉल्वर को वहां से गिरफ्तार कर लिया। हरिश्चंद्र बालिका और एंग्लो मुस्लिम स्कूल से दो परीक्षार्थी गिरफ्तार अनिल कुमार सिंह ने बताया- एसटीएफ की एक टीम ने निशानदेही पर मैदागिन स्थित हरिश्चंद्र बालिका इंटर कॉलेज और लल्लापुरा इलाके के एंग्लो मुस्लिम स्कूल से एक एक परीक्षार्थी को इलेक्ट्रानिक डिवाइस के साथ गिरफ्तार कर लिया। हर परीक्षार्थी से लिया 5 लाखअभियुक्तों ने पूछताछ में बताया कि कप्तान सिंह पटेल इसका भाई शिवजीत पटेल, दीपक पटेल एवं राजेन्द्र यादव उर्फ धीरेन्द्र यादव का प्रतियोगी परीक्षाओं में नकल कराने का एक संगठित गिरोह है। जिसका सरगना शिवजीत पटेल है। ये सब अपने रिश्तेदारों व जान पहचान के लोगों के माध्यम से विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सम्मिलित होने वाले कतिपय परीक्षार्थियों से सम्पर्क कर उन्हें विश्वास में ले लेते हैं कि उन्हें संबंधित परीक्षाओं में साल्वर की मदद से पास कराया जाएगा म इसके एवज में 5-5 लाख रुपए लिए जाते हैं। इनकी गिरफ्तारी हुई
प्रयागराज में 3 दिन से बारिश नहीं, उमस बढ़ी:सुबह से बादल छाए, आज तेज हवा के साथ बूंदाबांदी के आसार
प्रयागराज में सोमवार सुबह से भी आसमान बादल छाए हुए हैं। हल्की धूप निकलने से उमस और बढ़ गई है। मानसून की शुरुआत में करीब एक सप्ताह तक रुक-रुक कर हुई बारिश के बाद पिछले तीन दिनों से बारिश का दौर थम गया है। बारिश रुकने के साथ ही एक बार फिर उमस भरी गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को जिले के कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी और हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं। विभाग ने लोगों से मौसम का पूर्वानुमान देखकर ही घर से निकलने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है। पिछले तीन दिनों से बारिश नहीं पिछले सप्ताह जिले में लगातार रुक-रुक कर बारिश होती रही थी। गुरुवार को हुई झमाझम बारिश के बाद लोगों को गर्मी से राहत मिली थी, लेकिन पिछले तीन दिनों से बारिश नहीं होने के कारण तापमान में फिर बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अधिकतम तापमान में करीब 4 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होने से उमस और चिपचिपी गर्मी ने लोगों को बेहाल कर दिया है। रविवार को दिनभर बादलों और धूप की आंख-मिचौली के बीच चिपचिपी गर्मी का असर बना रहा। अस्पताल में मरीजों की भीड़ बढ़ी बदलते मौसम का असर लोगों की सेहत पर भी साफ दिखाई दे रहा है। सरकारी और निजी अस्पतालों में वायरल बुखार, सर्दी, खांसी, गले के संक्रमण और अन्य मौसमी बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। डॉक्टरों का कहना है कि मौसम में लगातार हो रहे बदलाव के कारण संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। विभाग ने बारिश में भीगने से बचने, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, ताजा भोजन करने तथा बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों का विशेष ध्यान रखने की अपील की है। साथ ही मौसम विभाग के ताजा अपडेट पर नजर बनाए रखने की भी सलाह दी गई है।
आगर-मालवा जिले के नलखेड़ा स्थित मां बगलामुखी मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले की जांच शुरू हो चुकी है। मंदिर के नाम पर तीन साल पहले यानी 2024 में बनी ‘नलखेड़ा सुदर्शन सेवा समिति’ के पदाधिकारी अंडरग्राउंड हैं। नियम विरुद्ध बनी इस समिति में 12 सदस्य हैं। समिति की वो रसीद बुक भी सामने आई है, जिसके माध्यम से आरोपी चंदा इकट्ठा करते थे। इस पर रजत सौंदर्यीकरण हेतु दान पत्र लिखा है। रजिस्ट्रेशन नंबर, मध्य प्रदेश ग्रामीण बैंक का अकाउंट नंबर, IFSC कोड और पांच मोबाइल नंबर भी दर्ज हैं। दैनिक भास्कर ने इन मोबाइल नंबर धारकों से फोन पर बात करने की कोशिश की। ये सभी समिति के पदाधिकारी हैं। पढ़िए, समिति के सदस्यों ने क्या कहा दामोदर खंडेलवाल, सदस्य; कहा- समय नहीं मिल पाता रसीद में दर्ज पहले फोन नंबर पर कॉल किया, इसे दामोदर खंडेलवाल ने रिसीव किया। खुद को किराना व्यापारी बताते हुए उन्होंने कहा- मेरा नाम समिति में जरूर है, लेकिन इसके कामकाज में सक्रिय नहीं रहा। व्यापार के कारण समय नहीं मिल पाता। केवल माता की निःस्वार्थ भाव से सेवा-भक्ति करता हूं। उन्होंने बताया कि जांच के संबंध में अब तक किसी अधिकारी ने उनसे संपर्क नहीं किया है। पिंटू खंडेलवाल, सदस्य; बोले- मैं समिति में शामिल नहीं रसीद पर दर्ज दूसरा नंबर डायल किया तो कॉल पिंटू खंडेलवाल ने उठाया। उनका कहना था कि मैं समिति का सदस्य नहीं हूं। रसीद बुक पर मेरा फोन नंबर कैसे दर्ज हो गया, इसकी जानकारी नहीं है। समिति के रजिस्ट्रेशन डॉक्यूमेंट्स देखे जाएं, इनमें मेरा नाम नहीं मिलेगा। कांताप्रसाद शर्मा, सदस्य; कहा- जनसहयोग से हो रहे काम अगला फोन नंबर कांताप्रसाद शर्मा का था। उन्होंने बताया कि वे हार्डवेयर कारोबारी हैं। लंबे समय से मां बगलामुखी की सेवा से जुड़े हैं। साल 1995-96 में मंदिर का प्लास्टर क्षतिग्रस्त होने पर 10 रुपए की ड्रॉ टिकट बेचकर मरम्मत कराई गई। इसके बाद 1998-99 में धर्मस्व विभाग से एक लाख रुपए स्वीकृत कराकर जनसहयोग से धर्मशाला और राधाकृष्ण मंदिर का निर्माण कराया गया। उन्होंने कहा- उस समय भी निजी समिति ही काम करती थी। साल 2004 में तत्कालीन विधायक फूलचंद वेदिया के प्रयासों से शासकीय प्रबंध समिति बनाई गई। इसमें मैं भी सदस्य रहा। मंदिर में समय-समय पर कई काम जनसहयोग से कराए गए हैं। सुदर्शन सेवा समिति ने भी श्रद्धालुओं की भावना के अनुरूप रजत सौंदर्यीकरण कराया, जिसका लेखा-जोखा बैठक में रखा गया है। दो फोन नंबरों पर कॉल रिसीव नहीं किया गया रसीद पर रियल एस्टेट कारोबारी सोम मित्तल और मनोहर लाल पंडा का नंबर भी दर्ज है। मित्तल के मोबाइल पर लगातार रिंग जाती रही, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुआ। वहीं, पंडा का मोबाइल नंबर स्विच ऑफ बताता रहा। बताया जाता है कि इनमें से पंडा सुदर्शन सेवा समिति के अध्यक्ष और मित्तल कोषाध्यक्ष हैं। शिकायतों के आधार पर शुरू की गई जांच स्थानीय लोगों ने नाम प्रकाशित नहीं करने की शर्त पर बताया कि शासकीय प्रबंध समिति के पास पर्याप्त मात्रा में दान है। इसके बावजूद श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर ध्यान नहीं दिया जाता। बिजली जाने पर मंदिर में अंधेरा हो जाता है, क्योंकि जनरेटर या इन्वर्टर की व्यवस्था नहीं है। बिजली और पानी के बिल भी समय पर जमा नहीं हो पाते। लोगों का कहना है कि कोई श्रद्धालु स्वर्ण या रजत सौंदर्यीकरण के लिए दान देना चाहता है, तो शासकीय प्रक्रिया में समय लगता है। इसी कारण रजत सौंदर्यीकरण के लिए अलग समिति बनाई गई, जिसने लाखों रुपए के काम कराए। कलेक्टर बोलीं- रिपोर्ट के बाद स्थिति साफ होगी कलेक्टर प्रीति यादव ने बताया कि जांच समिति बना दी गई है। इसकी रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट तौर पर कुछ कहा जा सकता है। जांच में रसीद बुक, बैंक खातों, दान की राशि, सोने-चांदी के उपयोग और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की पड़ताल की जाएगी। वित्तीय रिकॉर्ड में गड़बड़ियों की शिकायत मिली थी बता दें कि कलेक्टर कार्यालय को चढ़ावा चोरी की शिकायत मिली थी। इसमें कहा गया कि मंदिर परिसर में गैर सरकारी समिति श्रद्धालुओं से कैश, सोना-चांदी के रूप में दान इकट्ठा कर रही है। निजी बैंक खातों का इस्तेमाल कर इसके वित्तीय रिकॉर्ड में गड़बड़ियां की गई हैं। इसके बाद कलेक्टर ने जांच के आदेश दिए। आगर-मालवा में मां बगलामुखी मंदिर प्रबंध समिति के नाम से पहले से सरकारी समिति बनी है, जिसके पदेन अध्यक्ष एसडीएम होते हैं। इन 4 पॉइंट्स पर चल रही जांच तंत्र साधना, मिर्च अनुष्ठान के लिए पहुंचते हैं श्रद्धालु नलखेड़ा में लखुंदर नदी किनारे स्थित मां बगलामुखी मंदिर देश के प्रमुख शक्तिपीठों में से एक माना जाता है। मान्यता है कि यहां मां जाग्रत स्वरूप में विराजमान हैं। तंत्र साधकों के लिए यह सबसे अहम साधना स्थलों में से एक है। मान्यता के अनुसार, यहां होने वाले तांत्रिक और मिर्च अनुष्ठान से कोर्ट केस में विजय, शत्रुओं पर जीत और संतान प्राप्ति का आशीर्वाद मिलता है। माना जाता है कि महाभारत काल में पांडवों को इसी स्थान पर विजय का वरदान हासिल हुआ था। मंदिर में माता तीन स्वरूपों में विराजती हैं। दाईं ओर महालक्ष्मी, बाईं ओर सरस्वती और बीच में मां बगलामुखी के दर्शन होते हैं। मंदिर का गर्भगृह 3 करोड़ रुपए से ज्यादा के सोने, करीब 65 लाख रुपए की चांदी और बहुमूल्य गहनों से सजाया गया है। मंदिर के सामने 80 फीट ऊंची दीपमाला भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र है। मामले से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… राम मंदिर के बाद बगलामुखी मंदिर में चढ़ावा चोरी अयोध्या के राम मंदिर के बाद मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध बगलामुखी मंदिर का नाम चढ़ावा चोरी में जुड़ गया है। शिकायत के बाद आगर-मालवा कलेक्टर प्रीति यादव ने जांच कमेटी बनाई है। कमेटी को 7 दिन में रिपोर्ट देनी है। पड़ताल में पता चला है कि जिस समिति ने चंदा लिया, वह नियम विरुद्ध बनी है। यह करीब तीन साल से अफसरों के सामने ही लोगों से दान ले रही थी। पढ़ें पूरी खबर…
सतना शहर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र स्थित एक मिनरल वॉटर प्लांट में करंट लगने से 21 वर्षीय कर्मचारी अनुज सोंधिया की मौत हो गई। हादसे के बाद परिजनों ने प्लांट संचालक पर घटना की सही जानकारी छिपाने और गुमराह करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। रात में प्लांट में काम कर रहा था युवक मृतक की पहचान अनुज सोंधिया (21) पिता रामकिशोर सोंधिया, निवासी नई बस्ती के रूप में हुई है। वह मुक्ता नगर शेरगंज स्थित एक मिनरल वॉटर प्लांट में कार्यरत था और रात के समय वहीं रुककर काम करता था। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हादसा प्लांट परिसर में करंट फैलने से हुआ। परिजनों ने लगाए गुमराह करने के आरोप परिजनों का आरोप है कि हादसे के बाद प्लांट प्रबंधन ने पहले फोन पर बताया कि अनुज घायल है और जिला अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है। कुछ देर बाद संबंधित मोबाइल नंबर बंद हो गया। जब परिवार अस्पताल पहुंचा तो वहां अनुज का शव मिला। सहकर्मी ने बताई पूरी घटना मृतक के साथ काम करने वाले कर्मचारी संतोष जायसवाल ने बताया कि वह पानी के जार की सप्लाई कर लौटे तो प्लांट में करंट फैला हुआ था। अनुज पानी में पड़ा मिला। इसके बाद प्लांट मालिक को सूचना दी गई और युवक को जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शुरू की जांच घटना की सूचना मिलते ही सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस हादसे के कारणों और प्लांट प्रबंधन की भूमिका की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पानीपत के बरसत रोड पर स्थित एक ATM बूथ में मदद करने के बहाने एक युवक का डेबिट कार्ड बदलकर उसके खाते से ₹1 लाख 78 हजार 493 रुपए की बड़ी राशि साफ कर दी। पीड़ित युवक मूल रूप से पंजाब के पठानकोट का रहने वाला है, जो पानीपत आया हुआ था। तहसील कैंप थाना पुलिस ने पीड़ित की लिखित शिकायत पर अज्ञात ठगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। थाना तहसील कैंप को दी गई शिकायत में पंजाब के पठानकोट निवासी रवि कुमार ने बताया कि वह बीती 9 जुलाई की शाम करीब 4 बजे पानीपत के बरसत रोड पर स्थित PVR के नजदीक भारतीय स्टेट बैंक के एटीएम से पैसे निकालने गया था। रवि ने पहली बार में अपने कार्ड से ₹10 हजार की नकदी सफलतापूर्वक निकाल ली। दोबारा पैसे निकालने पर आई दिक्कत इसके बाद जब वह दोबारा पैसे निकालने के लिए ट्रांजैक्शन करने लगा, तो एटीएम मशीन में कुछ तकनीकी दिक्कत आ गई और पैसे नहीं निकले। इसी दौरान एटीएम के अंदर रवि के पीछे 2-3 अन्य अज्ञात युवक खड़े थे, जो रवि की हर गतिविधि पर नजर रखे हुए थे और चालाकी से उसका एटीएम पिन देख चुके थे। आपका कार्ड काम नहीं कर रहा पैसे न निकलने पर रवि के पीछे खड़े एक शातिर युवक ने बड़ी ही हमदर्दी दिखाते हुए कहा कि शायद आपका एटीएम कार्ड ठीक से काम नहीं कर रहा है, लाइए मैं देखता हूं। मदद के बहाने उसने मशीन से कार्ड निकाला और पलक झपकते ही अपने हाथ में रखे किसी दूसरे फर्जी एटीएम कार्ड से रवि के असली कार्ड को बदल दिया। आरोपी ने रवि को दूसरा फर्जी कार्ड थमा दिया। चूंकि कार्ड दिखने में हूबहू असली जैसा था, इसलिए रवि को उस वक्त कोई शक नहीं हुआ और वह कार्ड लेकर वहां से चला गया। इंडियन बैंक की स्टेटमेंट से हुआ खुलासा ठगों के वहां से जाने के बाद, आरोपियों ने रवि के असली एटीएम कार्ड और चुराए गए पिन नंबर का इस्तेमाल कर अलग-अलग किश्तों में उसके खाते से कुल ₹1,78,493 उड़ा लिए। जब रवि के मोबाइल पर पैसे कटने के लगातार मैसेज आए, तब जाकर उसे ठगी का अहसास हुआ। रवि ने तुरंत अपने बैंक के खाते की स्टेटमेंट निकलवाई, जिससे इस बड़ी धोखाधड़ी की पुष्टि हुई।
लखीमपुर खीरी के हजरतपुर (गंगाबेहड़) गांव में रविवार शाम 5 बजे उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जब धान के खेत से निकलकर एक मगरमच्छ आबादी वाले क्षेत्र में एक घर के पास पहुंच गया। मगरमच्छ को देखते ही ग्रामीणों में भय का माहौल बन गया और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए। ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना वन विभाग को दी। जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और मगरमच्छ को सुरक्षित पकड़ने के लिए बचाव अभियान शुरू किया। टीम ने आसपास के लोगों को मगरमच्छ से सुरक्षित दूरी बनाए रखने और उसके करीब न जाने की चेतावनी दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इस मगरमच्छ का वजन लगभग एक क्विंटल था। वन विभाग की टीम देर रात तक बचाव अभियान में जुटी रही और अंततः मगरमच्छ को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया। गांव में मगरमच्छ के आने से लोगों में चिंता बनी हुई थी।
सवाई माधोपुर शहर की न्यू मार्केट इलाके में युवतियों ने कमेंट करने वाले 17 साल के युवक की पिटाई कर दी। दुकानदारों ने आरोपी युवक को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। तीन-चार दिन से कर रहा था पीछाशहर पुलिस चौकी प्रभारी हरिलाल ने बताया- रविवार शाम कुछ व्यापारी युवक को पकड़कर चौकी पर लाए थे। युवतियों ने पुलिस को बताया कि युवक पिछले तीन-चार दिनों से उनका पीछा कर रहा था, जिसे वे लगातार नजरअंदाज कर रही थीं। इससे उसकी हिम्मत बढ़ती गई। कोचिंग से निकलते ही की अभद्र हरकतयुवतियों के अनुसार, रविवार शाम वे कोचिंग से बाहर निकलीं तो युवक ने अश्लील इशारे किए। इसके बाद उन्होंने युवक की पिटाई कर दी। युवतियों में से एक ने अपने दुकानदार पिता को घटना की जानकारी दी। पिता ने अन्य व्यापारियों के साथ मिलकर युवक को पकड़ लिया। बाजार में जुटी भीड़, शांति भंग में कार्रवाईघटना के बाद बाजार में बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। भीड़ पहले शहर पुलिस चौकी और बाद में कोतवाली थाने पहुंची। पुलिस ने युवक को शांति भंग के आरोप में गिरफ्तार कर लिया।
छतरपुर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में ट्रैक्टर-ट्रॉली के भुगतान को लेकर चल रहा विवाद रविवार को हिंसक हो गया। श्रीराम कॉलोनी, सटई रोड निवासी 40 वर्षीय भजन लाल यादव पर लाठी-डंडों से हमला किया गया। गंभीर चोटें आने के बाद उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पीड़ित भजन लाल यादव ने बताया कि उन्होंने ट्रैक्टर-ट्रॉली बनवाने के लिए लगभग 1.30 लाख रुपए जमा किए थे। उनके अनुसार, अनिल यादव और पूरन यादव ने उन्हें ट्रॉली ले जाने के बहाने बुलाया। जब भजन लाल मौके पर पहुंचे, तो दोनों ने कथित तौर पर गाली-गलौज करते हुए लाठी-डंडों से उन पर हमला कर दिया। पुलिस से शिकायत को लेकर नाराज थेभजन लाल यादव का आरोप है कि इस विवाद के संबंध में उन्होंने पहले ही सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके आधार पर पुलिस ने एनसीआर (गैर-संज्ञेय रिपोर्ट) दर्ज की थी। उनका दावा है कि इसी बात से नाराज होकर आरोपियों ने उन पर हमला किया। इस हमले में भजन लाल के हाथ और पीठ पर गंभीर चोटें आई हैं। घटना के बाद उन्हें तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अशोकनगर में सेक्स रैकेट पर पुलिस का छापा:दो युवतियां रेस्क्यू किया गया, कई लोगों से पूछताछ जारी
अशोकनगर शहर के बायपास रोड स्थित यादव कॉलोनी में पुलिस ने कथित सेक्स रैकेट पर देर रात छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान मौके से दो युवतियों को रेस्क्यू किया गया, जबकि कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस को आशंका है कि दबिश के दौरान कुछ युवक-युवतियां छत के रास्ते फरार हो गए। सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई पुलिस को सूचना मिली थी कि यादव कॉलोनी के एक मकान में कथित तौर पर देह व्यापार संचालित किया जा रहा है। सूचना के बाद मुंगावली एसडीओपी सनम बी खान और कोतवाली थाना प्रभारी रवि प्रताप सिंह चौहान के नेतृत्व में पुलिस टीम ने देर रात दबिश दी। दो युवतियां रेस्क्यू, कई लोगों से पूछताछ छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से दो युवतियों को सुरक्षित बाहर निकालकर रेस्क्यू किया। वहीं, कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस का मानना है कि कार्रवाई की भनक लगते ही कुछ युवक-युवतियां छत के रास्ते भाग निकले। महिला पर रैकेट संचालित करने का आरोप प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, कथित रैकेट का संचालन एक महिला द्वारा किया जा रहा था। पुलिस ने उसी के ठिकाने पर छापा मारकर कार्रवाई की है। जांच जारी पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है। पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है।
प्रयागराज के करेली जीटीबी नगर में रविवार रात घरेलू विवाद में खौफनाक वारदात अंजाम दी गई। पत्नी से विवाद के बाद उसके मायके पहुंचे पति ने पहले सास से झगड़ा किया। कुछ देर बाद रात 10 बजे करीब वह अपने भाई और एक साथी के साथ लौटा। घर के बाहर एक के बाद एक तीन बम फोड़ दिए। फायरिंग भी की। धमाकों और गोली चलने की आवाज से पूरे इलाके में दहशत फैल गई। इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है। पत्नी के मायके पहुंचा था पतिआरोपी राजा ने करीब आठ वर्ष पहले नजमा से प्रेम विवाह किया था। इन दिनों पति-पत्नी के बीच विवाद चल रहा है, जिसके बाद नजमा अपनी मां के घर जीटीबी नगर में रह रही है। रविवार रात राजा अपनी पत्नी के मायके पहुंचा, जहां उसकी सास से किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। विवाद के बाद वह वहां से चला गया। कुछ देर बाद लौटकर की बमबाजीआरोप है कि कुछ देर बाद राजा अपने भाई बबलू और साथी फैसल के साथ दोबारा पहुंचा। तीनों ने घर के बाहर एक के बाद एक तीन देसी बम फोड़ दिए। परिजनों का आरोप है कि इस दौरान फायरिंग भी की गई। धमाकों और गोली चलने की आवाज से पूरे मोहल्ले में अफरा-तफरी मच गई। घटना के बाद तीनों आरोपी मौके से फरार हो गए। दहशत में आ गए मोहल्ले के लोगलगातार धमाकों और कथित फायरिंग से आसपास के लोग घरों से बाहर निकल आए। पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया। राहत की बात यह रही कि घटना में कोई हताहत नहीं हुआ। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांचसूचना मिलते ही करेली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। करेली थानाध्यक्ष आशीष सिंह ने बताया- घटना की सूचना पर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची थी। आरोपियों की तलाश की जा रही है। मामले की जांच के बाद साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
छिंदवाड़ा जिले के जुन्नारदेव में पुलिस ने अवैध शराब तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक कार से करीब 19 पेटी अवैध शराब बरामद की है। हनोतिया मार्ग पर वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस ने संदिग्ध फिगो कार को रोककर तलाशी ली, जिसमें शराब की खेप मिली। मामले में दो युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। वाहन चेकिंग के दौरान पकड़ी गई शराब रविवार शाम जुन्नारदेव पुलिस हनोतिया मार्ग पर वाहन चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान लाल रंग की फिगो कार (एमपी 28 सीए 7458) को संदेह के आधार पर रोककर तलाशी ली गई। तलाशी में कार से करीब 19 पेटी अवैध शराब बरामद हुई। उमरेठ से हिरदागढ़ ले जाई जा रही थी खेप प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि शराब की खेप उमरेठ से जुन्नारदेव के हिरदागढ़ क्षेत्र में सप्लाई के लिए ले जाई जा रही थी। पुलिस ने कार सवार लकी यदुवंशी और कृष्णा यादव को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। शराब की कीमत का किया जाएगा आकलन पुलिस के अनुसार, जब्त शराब की कुल मात्रा और बाजार मूल्य का आकलन किया जा रहा है। कार्रवाई पूरी होने के बाद विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी। आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में अवैध शराब की तस्करी को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बाहरी इलाकों से बड़े पैमाने पर शराब की सप्लाई हो रही है, जबकि आबकारी विभाग की कार्रवाई अधिकतर कच्ची शराब तक सीमित रहती है। लोगों ने शहरी क्षेत्रों में सक्रिय अवैध शराब नेटवर्क के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की मांग की है।
मुरैना जिले में अवैध खनन और खनिजों के अवैध परिवहन के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत रिठौरा थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने बड़वारी गांव के पास अवैध पत्थर से भरा ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त किया है। पुलिस को देखते ही चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया। जब्त वाहन और पत्थर की कुल कीमत करीब 7 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस को देखकर वाहन छोड़कर भागा चालक पुलिस के अनुसार, सूचना मिलने पर बड़वारी गांव की पुलिया के पास ट्रैक्टर-ट्रॉली को रोकने का प्रयास किया गया। कार्रवाई के दौरान चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त कर थाने में खड़ा करा दिया। अज्ञात चालक के खिलाफ केस दर्ज रिठौरा थाना पुलिस ने अज्ञात चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। पुलिस आसपास के क्षेत्रों में उसकी पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है। खनिज विभाग को दी सूचना जब्त वाहन और अवैध पत्थर के संबंध में आगे की वैधानिक कार्रवाई के लिए खनिज विभाग को सूचना भेज दी गई है। विभागीय जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। जिलेभर में जारी है अभियान एसपी धर्मराज मीणा ने बताया कि जिले में अवैध खनन और खनिजों के अवैध परिवहन पर रोक लगाने के लिए पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त कार्रवाई लगातार जारी है। इसी अभियान के तहत रिठौरा थाना पुलिस ने यह कार्रवाई की है।
सागर के नेशनल हाईवे-44 पर रविवार देर रात बम्होरी बीका के पास तेज रफ्तार हाइवा और कंटेनर में भिड़ंत हो गई। दुर्घटना में हाइवा ड्राइवर स्टेयरिंग में फंस गया। घटना देख आसपास के लोग और राहगीर मौके पर पहुंचे और ड्राइवर को वाहन से बाहर निकाला गया। एंबुलेंस की मदद से घायल को जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। जानकारी के अनुसार, नेशनल हाईवे पर हाइवा क्रमांक एनएल 01 एई 5742 सागर से नरसिंहपुर की ओर जा रहा था। बम्होरी तिगड्डा पर बने ओवरब्रिज से नीचे उतर रहा था। इसी दौरान हाईवे पर बम्होरी बीका के पास सड़क पर ब्रेकर बना है, लेकिन ब्रेकर पर कोई संकेतक नहीं है। अंधेरे में ब्रेकर नजर नहीं आता। इसी स्थान पर हाइवा और कंटेनर की भिड़ंत हो गई। दुर्घटना में ड्राइवर स्टेयरिंग में फंस गया। घटना देख ग्रामीण और राहगीर मौके पर पहुंचे। बम्होरी बीका निवासी मनोज ठाकुर ट्रैक्टर लेकर घटनास्थल पर पहुंचे। ट्रैक्टर की मदद से हाइवा के कैबिन को खींचा गया और स्टेयरिंग में फंसे ड्राइवर को बाहर निकाला। घायल को अस्पताल भेजा गया। घटना के समय हाईवे पर कुछ देर के लिए यातायात बाधित हुआ। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क से हटवाए। जिसके बाद यातायात सुचारू हो सका। बम्होरी बीका के पास हाईवे पर सातवीं दुर्घटना ग्रामीणों ने बताया कि जिस हाइवा का हादसा हुआ, वह ओवरब्रिज निर्माण में उपयोग होने वाला मटेरियल लेकर जा रहा था। भारी लोड होने के कारण वह अचानक ब्रेक नहीं लगा सका और सामने ब्रेकर पर धीमे हुए कंटेनर से जा टकराया। स्पीड ब्रेकर के आसपास बने बड़े गड्ढे भारी वाहनों का संतुलन और बिगाड़ देते हैं। जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस स्थान पर करीब 6 दुर्घटना पहले हो चुकी हैं। उन्होंने ब्रेकर पर रिफ्लेक्टर और संकेतक लगाने की मांग की है।

