रक्षाबंधन की पूर्णिमा यानी 28 अगस्त की सुबह आसमान में गहरा आंशिक चंद्र ग्रहण देखने को मिलेगा। इस दौरान चंद्रमा का 96.3% हिस्सा पृथ्वी की घनी छाया में आ जाएगा। ग्रहण के दौरान चंद्रमा तांबे जैसा लाल दिखाई दे सकता है, लेकिन भारत में यह खगोलीय घटना दिखाई नहीं देगी। इसकी वजह यह है कि ग्रहण के समय भारत में चंद्रमा क्षितिज के नीचे रहेगा। नेशनल अवॉर्ड प्राप्त खगोल विज्ञान प्रसारक सारिका घारू ने बताया कि भारतीय समय के अनुसार ग्रहण सुबह शुरू होगा। भारत में उस समय चंद्रमा दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहां से ग्रहण का अवलोकन संभव नहीं होगा। यह घटना उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका, पश्चिमी यूरोप, पश्चिमी अफ्रीका और अटलांटिक महासागर के कुछ हिस्सों में देखी जा सकेगी। 3 घंटे 18 मिनट चलेगा आंशिक ग्रहण सारिका के अनुसार आंशिक चंद्र ग्रहण सुबह 8 बजकर 3 मिनट 54 सेकंड पर शुरू होगा और दोपहर 11 बजकर 21 मिनट 59 सेकंड पर समाप्त होगा। इस तरह इसकी कुल अवधि करीब 3 घंटे 18 मिनट रहेगी। चंद्र ग्रहण तब होता है जब सूर्य और चंद्रमा के बीच पृथ्वी आ जाती है और पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है। जब पृथ्वी की गहरी छाया चंद्रमा के पूरे हिस्से को ढकने के बजाय उसके कुछ हिस्से को ही ढकती है, तो इसे आंशिक चंद्र ग्रहण या पार्शियल लूनर इक्लिप्स कहा जाता है। 41% आबादी देख सकेगी ग्रहण सारिका ने बताया कि गणितीय अनुमान के अनुसार दुनिया की करीब 41% आबादी इस ग्रहण को देख सकेगी। हालांकि भारत में इसकी दृश्यता शून्य रहेगी। 12 अगस्त को हुए सूर्य ग्रहण के करीब 15 दिन बाद यह चंद्र ग्रहण हो रहा है। इसे लेकर सोशल मीडिया पर 15 दिन के अंतर से ग्रहण होने को लेकर कई तरह की बातें कही जा रही हैं। सारिका ने स्पष्ट किया कि इसका वैज्ञानिक रूप से किसी अनिष्ट से संबंध नहीं है। उन्होंने बताया कि ग्रहण अकेले नहीं आते, बल्कि सामान्य तौर पर ग्रहण जोड़ी के रूप में करीब 15 दिन के अंतराल पर होते हैं। इसलिए 12 अगस्त के सूर्य ग्रहण के बाद 28 अगस्त को चंद्र ग्रहण होना कोई असामान्य या अनोखी घटना नहीं है। आगे कब-कब होंगे ग्रहण
Weather in UP: यूपी में बीते कई दिनों से मानसून सक्रिय है। मौसम विभाग के अनुसार अब आने वाले दिनों में इसमें कमी आने जा रही है।
हाथरस जनपद की तहसील सिकंदराराऊ के गांव फुलरई मुगलगढ़ी में दो साल पहले हुए सत्संग हादसे में बृहस्पतिवार को एडीजे एफटीसी कोर्ट प्रथम में कांस्टेबल शिल्पी की गवाही हुई।
भाई-बहन के अटूट प्रेम और विश्वास का त्योहार रक्षाबंधन शुक्रवार को पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया जाएगा। बहनें शुभ मुहूर्त में भाइयों की कलाई पर रेशम का रक्षा सूत्र बांधकर उनकी सुख, समृद्धि और दीर्घायु की कामना करेंगी।
रक्षाबंधन 2026: भाई की कलाई पर राखी बांधने के लिए इस बार तीन शुभ मुहूर्त, ये रही पूरी जानकारी
रक्षाबंधन पर इस बार बहनों को भाई की कलाई पर प्रेम और विश्वास का धागा बांधने के लिए तीन प्रमुख शुभ मुहूर्त मिलेंगे।
उन्नाव: फैक्टरी में संविदा लाइनमैन की करंट लगने से मौत, परिजनों ने किया हंगामा
दही चौकी औद्योगिक क्षेत्र साइड नंबर दो में स्थित एक फैक्टरी में काम के दौरान करंट लगने से संविदा लाइनमैन की मौत हो गई। भाई ने काम करने के दौरान बिना जानकारी बिजली आपूर्ति शुरू करने से हादसा हुआ है।
UP News Today Live: उत्तर प्रदेश ब्रेकिंग न्यूज़, पढ़ें 28 अगस्त के मुख्य और ताजा समाचार
UP Breaking News Today Live - Read Uttar Pradesh latest and breaking news today in hindi at Amarujala. यहां पढ़ें, उत्तर प्रदेश की ताजा खबरें, राजनीति, खेल, मनोरंजन, धर्म, क्राइम और शिक्षा की खबरों का लाइव अपडेशन.
गोरखपुर में रोड चौड़ीकरण और लाइन शिफ्टिंग के चलते शुक्रवार को कई इलाकों में बिजली सप्लाई बाधित रहेगी। बिजली विभाग के अनुसार, विद्युत उपकेंद्र राप्ती नगर और पादरी बाजार से जुड़े कई फीडरों की बिजली सुबह 11:00 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक बंद रखी जाएगी। बिजली कटौती का असर राप्ती नगर उपकेंद्र के 11केवी पत्रकारपुरम और दूरदर्शन फीडर पर भी पड़ेगा। वहीं, पादरी बाजार उपकेंद्र के 11केवी पादरी बाजार, लक्ष्मीपुर, न्यू फीडर और जंगल धूसड़ फीडर से जुड़े इलाकों में भी 4 घंटे तक आपूर्ति ठप रहेगी। विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे समय रहते अपने जरूरी काम निपटा लें। काम पूरा होते ही निर्धारित समय पर बिजली सप्लाई बहाल कर दी जाएगी।
वाराणसी के शिवपुर थाना क्षेत्र में पिछले कई महिलाओं के साथ चेन स्नेचिंग की वारदात को अंजाम देने वाला बदमाश गुरुवार रात पुलिस के हत्थे चढ़ गया। वारदात के बाद साथी के साथ भाग रहे बदमाश की पुलिस से मुठभेड़ हो गई। पुलिस और बदमाश में आमने सामने चार राउंड फायरिंग हुई जिसमें पुलिसकर्मी बाल-बाल बच गया। इसके बाद पुलिस की जबावी कार्रवाई में बदमाश को गोली लगी। पुलिस की गोली उसके दाएं पैर में लगी और वह बाइक समेत सड़क पर गिर गया। पुलिस सिपाहियों ने थाना डेहरी, जनपद रोहतास, बिहार निवासी शशि भूषण पुत्र लक्ष्मी नारायण को घेराबंदी कर दबोच लिया। उसका साथी मौके का फायदा उठाकर फरार हो गया। पुलिस घायल बदमााश को अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उपचार जारी है। एसीपी कैंट ने बताया कि आरोपी ने बीते दिनों शिवपुर थाना के खुशहाल नगर कॉलोनी में महिला से चेन स्नेचिंग की थी। हमने सीसीटीवी फुटेज के जरिए हुलिया के साा बदमाश की पहचान की। आज उसकी बदमाश को शिवपुर पुलिस टीम ने हरिहरपुर के पास मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया है। बदमाश शशि भूषण पुत्र लक्ष्मी नारायण निवासी तार बांग्ला बिजली कॉलोनी के पैर में लगी गोली लगी है जिसका इलाज जारी है। उसके कब्जे से एक तमंचा, कारतूस, बाइक और लूटी गई चेन बरामद हुई है। पुलिस उसके साथियों की तलाश कर रही है।
छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की प्रक्रिया तेज हो गई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि विधानसभा के आगामी शीतकालीन सत्र में UCC से संबंधित विधेयक पेश किया जाएगा। विधेयक का प्रारूप तैयार करने के लिए गठित उच्चस्तरीय समिति ने अपना काम शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में गुरुवार 27 अगस्त को राजधानी रायपुर के न्यू सर्किट हाउस स्थित कन्वेंशन हॉल में राज्य स्तरीय परिचयात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में करीब 200 प्रबुद्ध नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और कानून विशेषज्ञों को आमंत्रित किया गया है। समिति का उद्देश्य प्रस्तावित समान नागरिक संहिता के विभिन्न प्रावधानों, उनके सामाजिक प्रभाव और व्यावहारिक पहलुओं पर व्यापक चर्चा करना है। सभी वर्गों की राय से तैयार होगा प्रारूप राज्य सरकार UCC के मसौदे को तैयार करने से पहले समाज के अलग-अलग वर्गों से सुझाव लेने की प्रक्रिया अपना रही है। समिति का प्रयास है कि कानून बनाते समय सभी समुदायों के अधिकारों, परंपराओं और सामाजिक परिस्थितियों को ध्यान में रखा जाए। इसके लिए धार्मिक, सामाजिक और विधिक संगठनों के प्रतिनिधियों से भी चरणबद्ध तरीके से संवाद किया जाएगा। क्या है UCC का उद्देश्य? समान नागरिक संहिता का उद्देश्य धर्म, जाति या पंथ से अलग सभी नागरिकों के लिए विवाह, तलाक, भरण-पोषण, उत्तराधिकार, गोद लेने और लिव-इन संबंधों जैसे व्यक्तिगत मामलों में समान कानूनी व्यवस्था तैयार करना है। प्रस्तावित व्यवस्था में महिलाओं और पुरुषों को समान अधिकार देने तथा व्यक्तिगत कानूनों से जुड़ी जटिलताओं को कम करने पर भी चर्चा की जा रही है। अनुच्छेद 44 के तहत पहल संविधान के अनुच्छेद 44 में राज्य को नागरिकों के लिए समान नागरिक संहिता सुनिश्चित करने की दिशा में प्रयास करने का निर्देश दिया गया है। इसी नीति-निर्देशक तत्व को आधार बनाकर छत्तीसगढ़ सरकार ने UCC समिति का गठन किया है। समिति प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से सुझाव जुटाकर व्यापक और समावेशी प्रारूप तैयार करेगी। पांच सदस्यों की समिति बनाई है सरकार ने समिति की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई कर रही है। समिति में शत्रुघ्न सिंह, एमके राउत, मोहन पवार और ज्योति रानी सिंह को सदस्य बनाया गया है। यह समिति राज्य में UCC का ड्राफ्ट तैयार करेगी। इसके लिए सभी धर्मों के पर्सनल लॉ की स्टडी कर सुझाव दिए जाएंगे। समिति इन कानूनों का करेगी अध्ययन समिति का मुख्य कार्य राज्य में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की संभावनाओं का अध्ययन करना होगा। इसके तहत विवाह, तलाक, भरण-पोषण, उत्तराधिकार, दत्तक ग्रहण और अन्य नागरिक मामलों से जुड़े मौजूदा कानूनों की समीक्षा की जाएगी। साथ ही सभी समुदायों और वर्गों के हितों को ध्यान में रखते हुए सुझाव तैयार किए जाएंगे। रिपोर्ट के आधार पर आगे बढ़ेगी सरकार समिति समान नागरिक संहिता (UCC) का प्रारूप तैयार कर राज्य सरकार को सौंपेगी। इसके साथ ही वह जरूरी विधायी और प्रशासनिक सुझाव भी देगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सरकार व्यापक अध्ययन और सभी पक्षों से विचार-विमर्श के बाद आगे की प्रक्रिया तय करेगी। राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में इस पहल को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। माना जा रहा है कि छत्तीसगढ़ उन राज्यों में शामिल हो सकता है, जहां UCC लागू करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। सीएम रिपोर्ट पर चर्चा कर इसे विधानसभा में पेश करेंगे। सभी धर्मों के पर्सनल लॉ समाप्त होंगे यूसीसी लागू होने के बाद प्रदेश में रहने वाले सभी नागरिकों के लिए एक समान नागरिक कानून लागू होगा, चाहे वे किसी भी धर्म, जाति या समुदाय से संबंध रखते हों। वर्तमान में प्रदेश में विभिन्न धर्मों के लोग विवाह, तलाक, संपत्ति के उत्तराधिकार, गोद लेने और भरण-पोषण जैसे व्यक्तिगत मामलों में अपने-अपने धार्मिक या पर्सनल लॉ का पालन करते हैं। यूसीसी लागू होने के बाद इन सभी मामलों में एक समान कानून लागू होगा। सरकार का कहना है कि इसका मुख्य उद्देश्य अलग-अलग पर्सनल लॉ के कारण होने वाले भेदभाव को समाप्त करना और महिलाओं को पुरुषों के बराबर अधिकार दिलाना है। अब तक उत्तराखंड सहित तीन राज्यों में लागू देश में उत्तराखंड पहला ऐसा राज्य है, जहां समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लागू किया गया है। वहीं गुजरात ने मार्च 2026 और असम ने मई 2026 में समान नागरिक संहिता विधेयक पारित किया है। इसके अलावा गोवा एकमात्र ऐसा राज्य है, जहां आजादी के समय से ही यूसीसी लागू है, जिसे गोवा सिविल कोड (पुर्तगाली सिविल कोड-1867) कहा जाता है। इसे पुर्तगाली शासन के दौरान लागू किया गया था। 1961 में गोवा के भारत में विलय के बाद भी इसे जारी रखा गया। हालांकि इसे पूर्ण आधुनिक यूसीसी नहीं माना जाता, क्योंकि इसमें कुछ समुदायों के लिए विशेष छूटें शामिल हैं।
गोरखपुर में रक्षाबंधन पर्व पर नौकायान क्षेत्र में होने वाली भीड़ को देखते हुए शुक्रवार को यातायात पुलिस ने विशेष डायवर्जन और पार्किंग प्लान तैयार किया है। नौकायान की ओर जाने वाले कई मार्गों पर चार पहिया, ऑटो, ई-रिक्शा, बस और अन्य व्यावसायिक वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। वाहन चालकों को वैकल्पिक मार्गों से गंतव्य तक भेजा जाएगा। एसपी ट्रैफिक अमित श्रीवास्तव के अनुसार शहर के प्रमुख चौराहों और बाजारों में यातायात की तत्काल स्थिति को देखते हुए आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त डायवर्जन भी लागू किया जा सकता है। वाहन चालकों से अपील की गई है कि वे निर्धारित मार्ग और पार्किंग स्थलों का ही इस्तेमाल करें। इस तरह रहेगा डायवर्जन देवरिया, खोराबार और चिड़ियाघर की ओर जाने वाले चार पहिया वाहन पैडलेगंज से नौकायान की तरफ नहीं जा सकेंगे। इन्हें पैडलेगंज से देवरिया बाईपास तिराहा, न्यू सिक्सलेन ओवरब्रिज, रामगढ़ताल थाना तिराहा होते हुए चिड़ियाघर की ओर भेजा जाएगा। इसी तरह इन क्षेत्रों से आने वाले चार पहिया वाहनों को भी रामगढ़ताल थाना तिराहे से नौकायान की ओर जाने की अनुमति नहीं होगी। उन्हें देवरिया बाईपास तिराहा और न्यू सिक्सलेन ओवरब्रिज के रास्ते भेजा जाएगा। पैडलेगंज से नौकायान घूमने जाने वाले चार पहिया वाहनों को बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह मोड़ से आगे नहीं जाने दिया जाएगा। इन्हें प्रेक्षागृह के सामने, पीछे और आसपास पार्क कराया जाएगा। सर्किट हाउस मोड़ से नौकायान की ओर सभी प्रकार के वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। वहां से आगे आने वाले दोपहिया वाहन सर्किट हाउस के सामने खाली मैदान में पार्क किए जाएंगे।पैडलेगंज से नौकायान की ओर जाने वाले ऑटो, ई-रिक्शा, बस और अन्य व्यावसायिक वाहनों को चंपा देवी मोड़ से डायवर्ट कर चंपा देवी पार्क के बगल में पार्क कराया जाएगा। सर्किट हाउस और बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह की पार्किंग भरने पर अन्य वाहनों को भी चंपा देवी पार्क के पास पार्क कराया जाएगा। रामगढ़ताल थाना मोड़ और देवरिया बाईपास तिराहे से नौकायान जाने वाले वाहनों को ट्रांसफार्मर तिराहे से आगे नहीं जाने दिया जाएगा। इन्हें महंत दिग्विजयनाथ पार्क की पार्किंग में खड़ा कराया जाएगा। वहीं, तारामंडल से नौकायान होकर पैडलेगंज जाने और यहां आने वाले वाहनों को वाटर बॉडी पर बने ओवरब्रिज से वसुंधरा एन्क्लेव होते हुए आवागमन करना होगा। यहां बनाई गई पार्किंगमहंत दिग्विजयनाथ पार्क: दोपहिया और चार पहिया वाहन सर्किट हाउस मुख्य द्वार के पास: दोपहिया वाहनबाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह के सामने, पीछे और बगल में चार पहिया वाहन चंपा देवी पार्क के बगल में: ऑटो, ई-रिक्शा और बस
ऑनलाइन बेटिंग और गेमिंग सिंडिकेट महादेव बुक पर DGGI रायपुर जोनल यूनिट ने बड़ी कार्रवाई की है। 26 अगस्त 2026 को जांच के बाद दो शो-कॉज नोटिस जारी किए गए। इनमें 1 अप्रैल 2020 से 31 मार्च 2024 के बीच करीब 1.45 लाख करोड़ के टैक्सेबल कारोबार का आकलन किया गया है। इस पर 40,603 करोड़ से अधिक GST की मांग प्रस्तावित की गई है। कार्रवाई के दायरे में सौरभ चंद्राकर, रवि उप्पल समेत कुल 97 लोगों को नोटिस दिया गया है। 2 हजार पैनल, रोजाना करीब 99 करोड़ का लेन-देन जांच में करीब 2 हजार पैनलों का नेटवर्क सामने आया। पैनल ऑपरेटरों के बयानों के मुताबिक प्रत्येक पैनल पर रोजाना औसतन 5 से 10 लाख रुपए जमा होते थे। सभी पैनलों को मिलाकर रोजाना करीब 99 करोड़ रुपए जमा होने का अनुमान जांच में सामने आया है। कई प्लेटफॉर्म से चलता था बेटिंग नेटवर्क DGGI के मुताबिक महादेव बुक केवल एक वेबसाइट या ऐप नहीं, बल्कि कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से संचालित बेटिंग नेटवर्क था। क्रिकेट, फुटबॉल और टेनिस समेत विभिन्न खेलों पर ऑनलाइन बेटिंग की गतिविधियों का आरोप है। जांच में gold365.com, laser247.com, 11xplay.com, betbook247.com, silverexch.com और Skyexchange समेत कई प्लेटफॉर्म का उल्लेख किया गया है। जांच के अनुसार खिलाड़ी WhatsApp नंबरों के जरिए संपर्क करते थे। इसके बाद उन्हें अलग-अलग पैनलों से जोड़ा जाता था। बैंक खातों में रकम जमा होने पर खिलाड़ियों को बेटिंग क्रेडिट या पॉइंट उपलब्ध कराए जाते थे। जांच में थर्ड पार्टी, बेनामी और म्यूल बैंक खातों के इस्तेमाल की बात भी सामने आई है। 1.45 लाख करोड़ की टैक्सेबल वैल्यू बैंकिंग लेन-देन, दस्तावेजों, पैनल नेटवर्क और संबंधित लोगों के बयानों के आधार पर DGGI ने कुल टैक्सेबल वैल्यू 14,50,10,77,48,260 आंकी है। इसमें 30 सितंबर 2023 तक की अवधि के लिए करीब ₹35,517.22 करोड़ और 1 अक्टूबर 2023 से 31 मार्च 2024 तक करीब 5,085.80 करोड़ IGST की मांग प्रस्तावित है। जांच में आरोप है कि इतने बड़े कारोबार के बावजूद संबंधित गतिविधियों के लिए GST रजिस्ट्रेशन नहीं कराया गया और रिटर्न भी दाखिल नहीं किए गए। 66 और 31 लोगों को अलग-अलग नोटिस दोनों शो-कॉज नोटिस में क्रमश: 66 और 31 लोगों को नोटिस जारी किया गया है। कुछ नाम दोनों अवधियों में शामिल हैं, इसलिए कुल अलग-अलग नोटिस प्राप्त करने वालों की संख्या 97 बताई गई है। DGGI ने सौरभ चंद्राकर को महादेव बुक का फाउंडर, मालिक और प्रमुख प्रमोटर तथा रवि उप्पल को प्रमुख सहयोगी और सह-प्रमोटर बताया है। Gameskraft फैसले के बाद बढ़ा कानूनी आधार ऑनलाइन गेमिंग से जुड़े GST मामलों में सुप्रीम कोर्ट के Gameskraft फैसले के बाद विभागीय कार्रवाई का कानूनी आधार मजबूत हुआ। इसी पृष्ठभूमि में पुराने ऑनलाइन बेटिंग लेन-देन और उनकी टैक्सेबल वैल्यू की जांच आगे बढ़ाई गई। जांच में कुछ बयानों के आधार पर पैनलों से होने वाले लाभ का 70 से 80 प्रतिशत तक हिस्सा हेड ऑफिस तक पहुंचने की बात भी सामने आई है। करीब 2 हजार पैनल, रोजाना करोड़ों रुपए का लेन-देन और 40 हजार करोड़ से अधिक की प्रस्तावित GST मांग के चलते यह ऑनलाइन गेमिंग क्षेत्र की बड़ी कर कार्रवाई में शामिल हो गया है। तस्वीरों में देखिए, किस तरह वॉट्सऐप पर देते है जानकारी...
रायपुर के गुढ़ियारी इलाके के पड़ाव स्थित मंदिर में भगवान शिव, हनुमान जी और सांई बाबा की प्रतिमा तोड़ने का मामला गुरुवार 27 अगस्त को सामने आया है। स्थानीय रहवासियों की सूचना पर पुलिस ने मामलें में जांच करके एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी का नाम हेमंत अग्रवाल बताया जा रहा है। अब पढ़े क्या है पूरा मामला गुढ़ियारी पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार गुरुवार को प्रवीण लांजेवर ने गुढ़ियारी थाने में लिखित शिकायत दी। उन्होंने बताया कि अज्ञात व्यक्ति ने शिव-हनुमान मंदिर परिसर में प्रतिमाओं को क्षतिग्रस्त कर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई है। शिकायत मिलते ही पुलिस ने जांच शुरू की घटनास्थल के आस पास लगे CCTV फुटेज खंगाले। संदिग्धों से पूछताछ के बाद पुलिस को आरोपी तक पहुंचने में सफलता मिली। आरोपी की पहचान हेमंत अग्रवाल (42), निवासी मेन बाजार के पास पड़ाव गुढ़ियारी के रूप में हुई है। पुलिस जांच के अनुसार हेमंत बेरोजगार था और मंदिर के पास से रोजाना आते-जाते समय अपनी स्थिति को लेकर भगवान के प्रति नाराजगी रखता था। उसे लगता था कि भगवान उसका साथ नहीं दे रहे हैं और वह इसी तरह बेरोजगार रहेगा। पुलिस के मुताबिक इसी नाराजगी में 27 अगस्त की रात करीब 3 बजे हेमंत अपने घर से छैनी और हथौड़ा लेकर मंदिर पहुंचा। उसने मंदिर परिसर में स्थापित हनुमानजी, शिवलिंग और साईंजी की प्रतिमाओं को क्षतिग्रस्त कर दिया। इसके बाद वह औजार अपने साथ घर ले गया और उन्हें छिपा दिया। निशानदेही पर औजार बरामद, जेल भेजा पुलिस ने आरोपी से पूछताछ के बाद उसकी निशानदेही पर घर से घटना में प्रयुक्त छैनी-हथौड़ा बरामद किया। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
करनाल के विधायक जगमोहन आनंद और उनके बेटे को जान से मारने की धमकी मिलने का मामला सामने आया है। विधायक के कैंप कार्यालय में डाक के जरिए एक पत्र भेजा गया है। पत्र भेजने वाले ने खुद को एक गैंगस्टर ग्रुप का एरिया कमांडर बताते हुए हर्ष एनकाउंटर मामले का जिक्र किया है। धमकी मिलने के बाद विधायक ने पुलिस को शिकायत देकर अपने और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पत्र में अभद्र भाषा के साथ दी धमकीजगमोहन आनंद ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 27 अगस्त को बलबीर सिंह नाम के व्यक्ति ने डाक के माध्यम से उनके कैंप कार्यालय में पत्र भेजा। पत्र में उनके प्रति अभद्र और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते हुए उन्हें और उनके पुत्र को जान से मारने की धमकी दी गई है। विधायक ने पत्र की प्रति पुलिस को सौंपते हुए मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि उनकी और परिवार की जान-माल की सुरक्षा को देखते हुए पुलिस विभाग और खुफिया तंत्र के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। विधायक ने इस संबंध में हरियाणा के मुख्यमंत्री को भी पत्र भेजा है। इसकी प्रतियां हरियाणा के पुलिस महानिदेशक, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, सीआईडी और करनाल के पुलिस अधीक्षक को भेजी गई हैं। पुलिस अब पत्र, उसमें लिखी बातों और भेजने वाले व्यक्ति की पहचान समेत पूरे मामले की जांच कर रही है। बीरू हत्याकांड के बाद सामने आया था हर्ष एनकाउंटरदरअसल, 5 अगस्त को करनाल में बीरू हत्याकांड हुआ था। इसके बाद हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर वाल्मीकि समाज ने शहर में प्रदर्शन किए थे। विधायक जगमोहन आनंद ने समाज के लोगों को आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी का भरोसा दिया था। पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की। इसके बाद 6 अगस्त की रात पुलिस की हर्ष और बीरबल से मुठभेड़ हुई, जिसमें दोनों की मौत हो गई। हर्ष एनकाउंटर को लेकर रोड समाज ने पुलिस प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की और प्रदर्शन भी किए। फिलहाल मामले की जांच हरियाणा राज्य अपराध शाखा कर रही है। रोड समाज विधायक जगमोहन आनंद से शुरू से नाराजगी जताता रहा है और उनकी ओर से समाज से माफी मांगने के साथ हर्ष एनकाउंटर की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है। अब धमकी पत्र सामने आने के बाद पुलिस पूरे मामले को हर्ष एनकाउंटर से जोड़कर भी जांच कर रही है। क्या बोले करनाल एसपी करनाल एसपी नरेंद्र बिजारणिया ने बताया कि हमें विधायक की तरफ से शिकायत मिली है। शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है और कई टीमों को भी इस मामले की जांच पर लगा दिया है। जल्द ही धमदी देने वाला आरोपी पुलिस की गिरफ्त मे होगा। किसी भी तरह से शहर का माहौल खराब नहीं होने दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में निर्देश दिए हैं कि एजुकेशन सेक्टर में इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IT) बेस्ड इनोवेशंस को लगातार जारी रखा जाए। उन्होंने प्रदेश में लागू ई-अटेंडेंस व्यवस्था के सफल परिणामों की सराहना करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश की हमारे शिक्षक ऐप जैसी एआई-संचालित तकनीक का अब दूसरे राज्य भी अध्ययन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने तकनीक के अधिकतम उपयोग पर जोर देते हुए स्कूलों में बुनियादी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। बैठक में मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल, अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) नीरज मंडलोई सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। स्कूलों में 95% तक पहुंची टीचर्स की उपस्थिति प्रदेश के सरकारी स्कूलों में ई-अटेंडेंस अनिवार्य होने के बाद उपस्थिति का ग्राफ 95 प्रतिशत तक पहुंच गया है। हमारे शिक्षक ऐप के माध्यम से तैयार की गई ऑनलाइन एआई-संचालित व्यवस्था की सफलता को देखते हुए अन्य राज्य भी इस मॉडल को अपनाने के लिए इसका अध्ययन कर रहे हैं। इस तकनीक से स्कूलों में तय समय-सीमा के अनुसार नियमित पठन-पाठन सुनिश्चित करने में बड़ी कामयाबी मिली है। सवा करोड़ विद्यार्थियों को ₹696 करोड़ की छात्रवृत्ति राज्य सरकार द्वारा शिक्षा पोर्टल के माध्यम से पूरी पारदर्शिता के साथ समेकित छात्रवृत्ति योजना का संचालन किया जा रहा है। स्कूल शिक्षा विभाग ने नोडल विभाग के रूप में कार्य करते हुए सीधे विद्यार्थियों के खातों में ऑनलाइन राशि ट्रांसफर की है। पिछले 2 वर्षों में प्रदेश के लगभग सवा करोड़ छात्र-छात्राओं को 696 करोड़ रुपए की छात्रवृत्ति का भुगतान सीधे उनके खातों में किया गया है। स्कूलों के कायाकल्प के लिए जिला स्तर पर विशेष अभियान मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि स्कूलों में इंफ्रास्ट्रक्चर और रखरखाव के लिए जिला स्तर पर शालावार (स्कूलवार) विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए। इसके लिए जिला कलेक्टरों को समन्वय और पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी सौंपी गई है। स्कूलों में नियमित साफ-सफाई, शुद्ध पेयजल और चालू शौचालयों की व्यवस्था स्थानीय निकायों के माध्यम से कराई जाएगी। इसके साथ ही सीएसआर (CSR), डीएमएफ (DMF), विधायक व सांसद निधि और निवेशकों का सहयोग भी लिया जा रहा है। स्कूलों में अब पूर्व छात्र सम्मेलन होंगे स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में एक नई पहल करते हुए अब प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पूर्व छात्र सम्मेलनों का आयोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कई पूर्व छात्र अपनी पुरानी शिक्षण संस्थाओं के विकास में सहयोग करने के इच्छुक होते हैं, ऐसे में जनभागीदारी और इस अभिनव पहल के माध्यम से स्कूलों की व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाया जा सकेगा। मध्य प्रदेश के दो स्कूल राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कृत हुए बैठक में यह जानकारी भी दी गई कि भारत सरकार द्वारा संचालित 'स्वच्छ और हरित विद्यालय कार्यक्रम' के अंतर्गत मध्य प्रदेश के दो विद्यालयों को राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कृत किया गया है। इनमें रतलाम जिले के जावरा का शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय और भोपाल का शासकीय कमला नेहरू उच्चतर माध्यमिक विद्यालय शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि के लिए विभाग की पीठ थपथपाई है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक याची द्वारा दाखिल समीक्षा याचिका (रिव्यू पिटीशन) में एकल न्यायाधीश के लिए इस्तेमाल की गई भाषा को अवमाननापूर्ण करार देते हुए रजिस्ट्री को इसे आपराधिक अवमानना याचिका के रूप में दर्ज कर उचित पीठ के समक्ष रखने का निर्देश दिया है। मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली और न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेन्द्र की खंडपीठ ने विश्राम सिंह मामले में यह आदेश पारित किया। क्या है मामला जानिये याची विश्राम सिंह ने विशेष अपील डिफेक्टिव में 9 जुलाई 2026 को पारित उस आदेश के विरुद्ध समीक्षा याचिका दाखिल की थी, जिसमें उनकी विशेष अपील को पोषणीय न मानते हुए खारिज कर दिया गया था। याची इस मामले में स्वयं अपनी पैरवी कर रहे हैं। पीठ ने पाया कि समीक्षा याचिका में उस एकल न्यायाधीश के संदर्भ में, जिनके निर्णय के विरुद्ध अपील दायर की गई थी, ऐसी भाषा का प्रयोग किया गया है जो प्रथम दृष्टया अवमाननापूर्ण है। कोर्ट ने अपने आदेश में उन विशिष्ट अंशों को भी चिन्हित किया, जिनमें याची ने आपत्तिजनक शब्दावली का प्रयोग करते हुए आरोप लगाया कि आदेश धोखे से, अवैध रूप से, बिना कारण और अधिकारिता के पारित किया गया। न्यायालय की गरिमा के खिलाफ कोर्ट ने कहा कि याची द्वारा व्यक्तिगत रूप से पैरवी करते हुए इस्तेमाल की गई भाषा से न्यायालय की गरिमा को कम करने का प्रयास किया गया है, जो आपराधिक अवमानना की श्रेणी में आता है। इसे देखते हुए रजिस्ट्री को निर्देश दिया गया कि मामले को आपराधिक अवमानना याचिका के रूप में दर्ज कर उपयुक्त पीठ के समक्ष रखा जाए। पीठ ने स्पष्ट किया कि मूल समीक्षा याचिका पर सुनवाई आपराधिक अवमानना याचिका के निस्तारण के बाद ही की जाएगी।
रक्षाबंधन से एक दिन पहले बुधवार को आगरा के बाजारों में देर रात तक खरीदारों की भीड़ रही। मिठाई की दुकानों पर घेवर और अन्य मिठाइयां खरीदने के लिए लोग कतार में नजर आए। राखी की दुकानों पर महिलाओं की भीड़ रही, वहीं भाई भी बहनों के लिए उपहार खरीदते दिखे। बाजारों में बढ़ी भीड़ के चलते प्रमुख मार्गों और चौराहों पर जाम जैसी स्थिति बनी रही। त्योहार को लेकर शहर के बाजारों में दिनभर रौनक रही। दुकानों और बाजारों को अतिरिक्त रोशनी से सजाया गया था। शाम होते ही खरीदारों की संख्या बढ़ती गई और देर रात तक बाजारों में चहल-पहल बनी रही। मिठाई की दुकानों पर सबसे ज्यादा भीड़ घेवर और दूसरी मिठाइयों की खरीदारी को लेकर रही। वहीं राखी की दुकानों पर महिलाएं अपनी पसंद की राखियां खरीदती नजर आईं। भाइयों ने भी राखी के साथ बहनों के लिए उपहार खरीदे। बाजारों में भीड़ बढ़ने का असर यातायात पर भी दिखाई दिया। कारगिल, बोदला रोड, एमजी रोड, लोहामंडी रोड, भगवान टॉकीज और सिकंदरा चौराहे समेत प्रमुख मार्गों पर जाम जैसी स्थिति बनी रही। कई जगह वाहनों की रफ्तार धीमी रही और लोगों को कुछ दूरी तय करने में भी समय लगा। भीड़ वाले बाजारों में यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस की ओर से रूट डायवर्जन भी किया गया। बोदला बाजार में भीड़ को देखते हुए यातायात पुलिस ने रूट डायवर्जन लागू किया। यहां दोपहिया वाहनों को जाने की अनुमति दी गई, जबकि चार पहिया वाहनों को वापस लौटना पड़ा। इसके चलते आसपास के अंदरूनी मार्गों पर भी वाहनों का दबाव बढ़ा और कई जगह जाम जैसी स्थिति देखने को मिली। त्योहार की खरीदारी के चलते देर रात तक बाजारों में लोगों की आवाजाही बनी रही।
भोपाल में BSNL के लंबित बिलों का भुगतान कराने के लिए रिश्वत का सौदा करने वाले दो क्लास-1 अधिकारियों को CBI ने ट्रैप कर गिरफ्तार किया है। आरोप है कि भोपाल में पदस्थ चीफ इंजीनियर (इलेक्ट्रिकल) अविनाश शुक्ला और सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर (इलेक्ट्रिकल) बीबी चक्रपाणी ने जबलपुर की एक फर्म के लंबित बिलों को क्लियर कराने के बदले 2-2 लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी। दोनों अधिकारी पहली किस्त के तौर पर 75-75 हजार रुपए लेते हुए CBI के हत्थे चढ़ गए। 14 साइट का काम, बिल भुगतान पर रिश्वत का दबाव CBI के अनुसार, जबलपुर की फर्म BSNL के लिए ऑपरेशन एंड कॉम्प्रिहेंसिव मेंटेनेंस और इलेक्ट्रिकल इंस्टॉलेशन का काम करती है। फर्म ने 14 साइट पर काम किया था। काम पूरा होने के बाद उसके बिल भुगतान के लिए लंबित थे। आरोप है कि इन्हीं बिलों को पास कराने के एवज में दोनों अधिकारियों ने अलग-अलग 2-2 लाख रुपए की मांग की। शिकायत के बाद तय हुई पहली किस्त फर्म की ओर से रिश्वत मांगने की शिकायत CBI को दी गई। शिकायत की पुष्टि के बाद एजेंसी ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया और ट्रैप की योजना बनाई। तय रणनीति के मुताबिक शिकायतकर्ता दोनों अधिकारियों के लिए 75-75 हजार रुपए लेकर पहुंचा। रकम स्वीकार करते ही CBI टीम ने दोनों को पकड़ लिया। तीन शहरों में जांच, रिकॉर्ड खंगाल रही CBI गिरफ्तारी के बाद CBI ने भोपाल, लखनऊ और कानपुर स्थित आरोपियों के कार्यालयों और आवासीय परिसरों पर तलाशी ली। टीम ने दस्तावेज और अन्य रिकॉर्ड जब्त कर उनकी जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों की संपत्ति, निवेश और पुराने लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं। CBI अब यह पता लगाने में जुटी है कि रिश्वत का यह मामला केवल संबंधित बिलों तक सीमित था या इसके पीछे भुगतान से जुड़ा कोई बड़ा नेटवर्क भी सक्रिय था।
हमीदिया अस्पताल में डायलिसिस के दौरान 75 वर्ष से अधिक उम्र के मरीज के साथ कथित तौर पर लापरवाही का मामला सामने आया है। मरीज के परिजन ने डायलिसिस प्रक्रिया के दौरान शरीर पर असामान्य तरीके से दबाव डालने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि इसके बाद मरीज को सीने और गले में दर्द, सूजन के साथ सांस लेने में परेशानी होने लगी। जांच के बाद फेफड़े में हवा भरने की बात सामने आने का भी परिजन ने दावा किया है। मरीज की गुरुवार की गुरुवार को अस्पताल से छुट्टी हुई है। परिजन के मुताबिक कंछीदी लाल को 20 अगस्त को इलाज के लिए हमीदिया अस्पताल लाया गया था। ओपीडी में परीक्षण के बाद किडनी संबंधी समस्या के चलते उन्हें भर्ती किया गया। इलाज के दौरान डायलिसिस की गई। मरीज के बेटे राजेंद्र चंदेल का आरोप है कि इसी दौरान उनके पिता की पीठ के नीचे प्लास्टिक की सख्त बोतल रख दी गई और शरीर पर तेजी से दबाव डाला गया। इसके बाद मरीज को लगातार परेशानी होने लगी। बता दें कि इस मामले के बारे में हमीदिया अस्पताल प्रबंधन में अधीक्षक और डीन से संपर्क करने की कोशिश की गई मगर वहां से कोई जवाब नहीं मिला। मरीज बोला- डायलिसिस के बाद शुरू हुई तकलीफ मरीज कंछीदी लाल के अनुसार डायलिसिस के दौरान उन्हें असहज स्थिति में रखा गया था। उनका कहना है कि शरीर के नीचे बोतल रखकर दबाव डाले जाने के बाद सीने और गले में दर्द व सूजन महसूस हुई। अब उठने-बैठने और सांस लेने में भी परेशानी हो रही है। डॉक्टरों ने पुरानी बीमारी को बताया वजह परिजन का कहना है कि हालत बिगड़ने पर उन्होंने डॉक्टरों से कारण पूछा। उनके अनुसार डॉक्टरों ने बताया कि कई साल पहले बीड़ी पीने के कारण फेफड़े में बना गुब्बारा फट गया है। इसके चलते फेफड़े में हवा भर गई और अब नली डालकर उपचार करना पड़ेगा। हालांकि, परिवार इस वजह को लेकर संतुष्ट नहीं है। राजेंद्र का कहना है कि डायलिसिस शुरू होने से पहले उनके पिता को इस तरह की कोई तकलीफ नहीं थी। उनकी परेशानी उसी दिन शुरू हुई, जिस दिन डायलिसिस हुई। ऐसे में परिजन डायलिसिस के दौरान हुई प्रक्रिया और बाद में सामने आई समस्या के बीच संबंध की जांच की मांग कर रहे हैं। आयुष्मान कार्ड के बाद भी बाहर से सामान खरीदने का आरोप राजेंद्र का आरोप है कि मरीज का इलाज आयुष्मान योजना के तहत होने के बावजूद एवी लाइन में इस्तेमाल होने वाली नली और कुछ दवाइयां अस्पताल में उपलब्ध नहीं कराई गईं। इन्हें बाहर से खरीदने में परिवार को करीब 4 से 5 हजार रुपए खर्च करने पड़े। 181 पर शिकायत के बाद दबाव का आरोप मामले को लेकर राजेंद्र ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 181 पर शिकायत भी दर्ज कराई। उनका आरोप है कि शिकायत की जानकारी सामने आने के बाद वार्ड 7ए/बीए में तैनात डॉक्टरों ने खर्च की रकम वापस करने की बात कहते हुए शिकायत वापस लेने के लिए दबाव बनाया। राजेंद्र ने डॉ. हरीश और डॉ. शालीन के नाम भी लिए हैं। परिजन का यह भी आरोप है कि डॉक्टर से बातचीत के दौरान एक महिला सुरक्षा गार्ड ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। परिवार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और डायलिसिस के दौरान अपनाई गई प्रक्रिया की जांच की मांग की है।
रीवा के गुढ़ थाना क्षेत्र में गुरुवार शाम तेज रफ्तार बाइक और स्कूटी की जोरदार टक्कर में एक ही परिवार के दादा और उनकी दो पोतियों समेत 4 लोगों की मौत हो गई। हादसा भैरव बाबा मोड़ के पास हुआ। स्कूटी पर 55 वर्षीय विंध्यवासिनी तिवारी उर्फ बबलू अपनी दो पोतियों शिवी (4) और शक्ति (5) के साथ सवार थे। हादसे में शिवी की मौके पर ही मौत हो गई। शक्ति और उनके दादा विंध्यवासिनी तिवारी गंभीर रूप से घायल हुए। दोनों ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। वहीं बाइक सवार पंकज सिंह (22), निवासी मझौली, सीधी की भी इलाज के दौरान मौत हो गई। रक्षाबंधन की खरीदारी कर लौट रहे थे चौड़ीयार निवासी दोनों बच्चियां रक्षाबंधन के लिए गुढ़ बाजार में खरीदारी करने आई थीं। बाजार से लौटते समय रास्ते में उन्हें उनके दादा मिल गए। इसके बाद दोनों बच्चियां दादा के साथ स्कूटी से घर लौटने लगीं। इसी दौरान भैरव बाबा मोड़ के पास सीधी की तरफ से रीवा की ओर जा रही तेज रफ्तार बाइक उनकी स्कूटी से सामने से भिड़ गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि स्कूटी सवार दादा और दोनों बच्चियां सड़क पर जा गिरे। मौके पर मची चीख-पुकार हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। आसपास के लोगों ने घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया। 4 साल की शिवी तिवारी ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। वहीं 5 साल की शक्ति तिवारी और उनके दादा विंध्यवासिनी तिवारी की इलाज के दौरान मौत हो गई। दूसरी ओर बाइक सवार पंकज सिंह की हालत भी गंभीर थी। इलाज के दौरान उसने भी दम तोड़ दिया। बाइक पर सवार थे तीन युवक बताया जा रहा है कि बाइक पर तीन युवक सवार थे। पुलिस बाइक पर सवार अन्य युवकों और हादसे की परिस्थितियों की जानकारी जुटा रही है। प्रारंभिक जानकारी में बाइक की तेज रफ्तार को हादसे की वजह बताया जा रहा है। एक ही परिवार में तीन मौतों से मातम दादा और दो मासूम पोतियों की मौत से चौड़ीयार गांव में मातम पसरा है। रक्षाबंधन की खरीदारी के लिए बाजार आई बच्चियों के साथ हुए हादसे से परिवार में दुख का माहौल है। गुढ़ थाना पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त दोनों वाहनों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपे जाएंगे।
कानपुर आरटीओ में छापेमारी के बाद शासन ने सख्त रुख अख्तियार किया है। अपर परिवहन आयुक्त चित्रलेखा सिंह के आदेश पर भ्रष्टाचार में लिप्त सीनियर क्लर्क मधुर मिश्रा व बाबू विपिन कुमार को सस्पेंड कर दिया गया है। छापेमारी के बाद अब कानपुर आरटीओ की लगातार शिकायतें आने लगी है। गुरुवार को एडीसीपी सुमित सुधाकर रामटेके के पास दो शिकायतें आई, जिसमें सामने आया कि कानपुर आरटीओ ऑफिस में सिर्फ कमीशनखोरी ही नहीं जमकर टप्पेबाजी भी हो रही थी। शातिर OLX जैसी साइटों में वाहन बेचने का विज्ञापन चला कर लोगों को फंसाते थे, फिर आरटीओ कार्यालय में एजेंटों के साथ मिलकर ग्राहक से एडवांस पेमेंट लेकर कागजी कार्रवाई की बात कह पीड़ित को अंदर ले जाते। इसके बाद शातिर वाहन और रुपये लेकर चंपत हो जाते। मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। OLX पर स्कूटी का विज्ञापन दिया था एडीसीपी सुमित सुधाकर रामटेके ने बताया कि ग्वालटोली निवासी मो. इकराम ने शिकायत करते हुए बताया कि 8 अगस्त को OLX पर स्कूटी का विज्ञापन देखा था। जिसके बाद उन्होंने उस पोस्ट में दिए गए मोबाइल नंबर पर बातचीत कर 25 हजार रुपये में सौदा तय किया था। बेचने वाले ने बताया कि स्कूटी पर 15 हजार रुपये चालान है। उसने कहा कि आरटीओ कार्यालय चलकर चालान भी खत्म करा देंगे, साथ ही स्कूटी भी नाम कर देगें। बीते सोमवार को इकराम आरटीओ कार्यालय पहुंचे तो आरोप है कि वहां बारा सिरोही निवासी रेपिडो चालक आशीष वर्मा मिला। उसने आरटीओ दफ्तर के बाहर खड़े दो एजेंटों से मिलवाया। साथ ही उनके द्वारा सभी काम कुछ मिनटों में करा देने की बात कही। हनुमंत विहार निवासी युवक से ठगे 15 हजार इसपर उसे 25 हजार रुपये एडवांस और 15 हजार रुपये चालान जमा करने के लिए दे दिए। आशीष एजेंटों के साथ आरटीओ कार्यालय के अंदर ले गया, इसके बाद मौका पाकर फरार हो गया। बाहर निकले तो स्कूटी भी गायब मिली। एडीसीपी ने बताया कि मामले में रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी की तलाश की जा रही थी। गुरुवार को आरोपी आशीष को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में उसने इसी तरह हनुमंत विहार के यश सविता से 15 हजार रुपये ठगने की बात स्वीकार की है। पुलिस फरार एजेंटों की तलाश कर रही है। सर्वोदय नगर चौकी प्रभारी ने दर्ज कराया था मुकदमा वहीं बीते सोमवार को दोपहर करीब 1:30 बजे एसडीएम सदर अनुभव सिंह और स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप के एडीसीपी सुमित सुधाकर रामटेके की संयुक्त टीम ने आरटीओ में छापेमारी की थी। पुलिस टीम ने आरटीओ परिसर के दोनों गेट बंद कर छापेमारी अभियान शुरू की। पुलिसकर्मियों ने दौड़ा–दौड़ाकर परिसर में मौजूद 22 एजेंटों को पकड़ा था। तकरीबन 3 घंटे तक चली छापेमारी के बाद पुलिस टीम सभी 22 संदिग्धों को काकादेव थाने लेकर पहुंची थी, जिसके बाद सर्वोदय नगर चौकी प्रभारी डालचंद्र की तहरीर पर बाबू विपिन कुमार, सीनियर क्लर्क मधुर मिश्रा समेत 15 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। बाबू विपिन कुमार और मधुर मिश्रा के पास छापेमारी में क्रमश: 7.50 हजार व 15 हजार रुपए कम मिले थे। साथ ही रफ पेपर पर राजस्व की लिखा–पढ़ी की गई थी। बुधवार को मामले की रिपोर्ट डीएम और पुलिस कमिश्नर को सौंपी गई। गुरुवार को शासन ने मामले को संज्ञान में लिया। जिसके बाद दोनों कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया गया है। कैश और चालान के रिकॉर्ड पर उठे सवाल जांच के दौरान कैश काउंटर, चालान और रसीदों से जुड़े रिकॉर्ड खंगाले गए। एक काउंटर पर वसूली की रकम और रसीदों का मिलान कराया गया तो दूसरे स्थान पर मिले अतिरिक्त कैश का हिसाब मांगा गया। कर्मचारियों से रजिस्टर, दस्तावेज और नकदी का स्पष्ट विवरण लिया गया। किसी से रजिस्टर मांगा गया तो किसी से नकदी का हिसाब। कई घंटे तक दस्तावेजों और रकम का मिलान चलता रहा। इसी प्रक्रिया में सामने आई गड़बड़ियों ने मामले को गंभीर बना दिया और प्राथमिकी की कार्रवाई तक पहुंचाया।
त्योहारों के सीजन में शक्कर की बढ़ती कीमतों और जमाखोरी की आशंका को देखते हुए केंद्र सरकार स्टॉक पर निगरानी रख रही है। इसी दौरान भोपाल के अयोध्या बायपास स्थित डी-मार्ट के रिकॉर्ड में 5 हजार मीट्रिक टन शक्कर का स्टॉक दर्ज मिला। मामला सामने आने के बाद गुरुवार को दिल्ली से शक्कर संचालनालय की टीम जांच के लिए पहुंची। मौके पर जांच में करीब 50 मीट्रिक टन शक्कर ही मिली। जांच में सामने आया कि डी-मार्ट प्रबंधन ने स्टॉक पोर्टल पर क्विंटल में दर्ज किए जाने वाले आंकड़े को गलती से मीट्रिक टन में दर्ज कर दिया था। प्रबंधन का कहना था कि गलती की जानकारी ई-मेल के जरिए भेजी गई थी, लेकिन टीम ने संबंधित ई-मेल आईडी की जांच की तो वह गलत मिली। इस वजह से सूचना अधिकारियों तक नहीं पहुंच सकी। टीम ने प्रबंधन के बयान दर्ज किए और सही ई-मेल आईडी पर स्टॉक से जुड़ी जानकारी दोबारा भेजने के निर्देश दिए। मौके पर मौजूद शक्कर का रिकॉर्ड भी टीम ने मंगवाया। जिला आपूर्ति नियंत्रक चंद्रमान सिंह जादौन ने बताया कि दिल्ली से आई टीम ने डी-मार्ट में शक्कर के स्टॉक की जांच की, जिसमें स्टॉक एंट्री में गड़बड़ी सामने आई। 4000 क्विंटल तय स्टॉक सीमा केंद्र सरकार ने त्योहारों के सीजन में शक्कर की कीमतों पर नियंत्रण और जमाखोरी रोकने के लिए स्टॉक सीमा तय की है। इसके तहत शक्कर का अधिकतम स्टॉक 4000 क्विंटल रखा जा सकता है। स्टॉक मिलने की तारीख से अधिकतम 30 दिन में उसका टर्नओवर करना होगा। पोर्टल पर नियमित देनी होगी जानकारी व्यापारियों को स्टॉक की जानकारी संबंधित पोर्टल पर नियमित रूप से अपडेट करनी होगी। यह व्यवस्था 1 अगस्त से 30 नवंबर 2026 तक लागू रहेगी। सरकारी कोटे और पीडीएस की राशन दुकानों को इस व्यवस्था से छूट दी गई है। हालांकि, केंद्र सरकार द्वारा स्टॉक लिमिट तय किए जाने के बाद राज्य सरकार ने अभी तक इस संबंध में अलग से कोई आदेश जारी नहीं किया है।
बच्चों को स्कूल छोड़कर घर लौटा और पत्नी की कर दी हत्या; चौकी पहुंचकर बताई मर्डर की वजह
उत्तराखंड के देहरादून जिले से खौफनाक घटना सामने आई है। यहां एक शख्स ने अपनी पत्नी की धारदार हथियार से हत्या की, इसके बाद चौकी पहुंचकर मर्डर की खौफनाक दास्तां सुनाई।
रक्षाबंधन पर शहर में भारी वाहनों की नो-एंट्री:यातायात पुलिस ने जारी किया डायवर्जन प्लान
बरेली में रक्षाबंधन के अवसर पर बाजारों और प्रमुख मार्गों पर भीड़ बढ़ने की आशंका को देखते हुए यातायात पुलिस ने भारी वाहनों के लिए डायवर्जन प्लान जारी किया है। 28 अगस्त को सुबह छह बजे से रात 10 बजे तक शहर की ओर आने वाले कई प्रमुख मार्गों पर भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। यह व्यवस्था यातायात को सुचारु और दुर्घटनामुक्त रखने के उद्देश्य से की गई है। यातायात पुलिस के अनुसार, परसाखेड़ा रोड नंबर-1, विल्वा, विलयधाम, लालपुर कट, नवदिया झादा, ट्रांसपोर्टनगर, सैटेलाइट तिराहा, बुखारा मोड़ और रामगंगा तिराहा से शहर की ओर जाने वाले सभी प्रकार के भारी वाहनों पर रोक रहेगी। दिल्ली, रामपुर, नैनीताल और पीलीभीत की ओर से बरेली आने वाले भारी वाहन झुमका तिराहा से परसाखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र रोड नंबर-1 तथा बड़े बाईपास से इन्वर्टिस तिराहा होते हुए ट्रांसपोर्टनगर तक आ-जा सकेंगे। लखनऊ की ओर जाने वाले भारी वाहनों को झुमका तिराहा से विल्वा, विलयधाम और इन्वर्टिस तिराहा होकर जाने की अनुमति होगी। वापसी में भी इसी मार्ग का उपयोग करना होगा। वहीं, दिल्ली, नैनीताल और पीलीभीत रोड की ओर से बदायूं जाने वाले भारी वाहन बड़े बाईपास, इन्वर्टिस तिराहा, फरीदपुर और बुखारा मोड़ होते हुए आवागमन कर सकेंगे। यातायात पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे 28 अगस्त को डायवर्जन व्यवस्था का पालन करें और अनावश्यक परेशानी से बचने के लिए निर्धारित वैकल्पिक मार्गों का प्रयोग करें।
मध्य प्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग में क्या चल रहा है, CM ने की समीक्षा
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मेरठ में रक्षाबंधन से ठीक पहले राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की टीम ने चौधरी चरण सिंह जिला कारागार का औचक भ्रमण कर बंदियों को मिल रही सुविधाओं और जेल की व्यवस्थाओं की गहन पड़ताल की। आयोग के स्पेशल रैपोर्टियर उपेंद्र सिंह बघेल के नेतृत्व में पहुंची टीम ने तीन घंटे से अधिक समय जेल परिसर में बिताया। इस दौरान साफ-सफाई से लेकर अस्पताल, रसोई, भोजन की गुणवत्ता, कौशल विकास प्रशिक्षण और महिला बैरक तक का निरीक्षण किया गया। टीम ने बंदियों से सीधे संवाद कर जेल प्रशासन के व्यवहार और उन्हें उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का भी फीडबैक लिया। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की टीम ने जेल पहुंचते ही सबसे पहले परिसर में साफ-सफाई की व्यवस्था का जायजा लिया। बैरकों और परिसर में बेहतर सफाई व्यवस्था देखकर टीम ने संतोष जताया। इसके बाद अस्पताल का निरीक्षण कर बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली गई। अस्पताल में इलाज, दवाओं और अन्य व्यवस्थाओं के संबंध में भी अधिकारियों से जानकारी ली गई। इसके बाद टीम जेल की रसोई में पहुंची। यहां बंदियों के लिए तैयार किए जाने वाले भोजन की प्रक्रिया, मेन्यू और गुणवत्ता की जानकारी ली गई। भोजन की गुणवत्ता को भी परखा गया। टीम ने यह जानने का प्रयास किया कि बंदियों को निर्धारित मानकों के अनुरूप भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है या नहीं। बंदियों से आमने-सामने बातचीतनिरीक्षण के दौरान स्पेशल रैपोर्टियर उपेंद्र सिंह बघेल ने बंदियों से सीधे बातचीत की। उन्होंने उनसे जेल प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं, स्वास्थ्य सेवाओं, भोजन और अन्य व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली। बंदियों से जेल अधिकारियों और कर्मचारियों के व्यवहार को लेकर भी फीडबैक लिया गया। आयोग की टीम ने यह जानने की कोशिश की कि जेल में रहने के दौरान बंदियों को किसी प्रकार की परेशानी तो नहीं हो रही है। कौशल विकास प्रशिक्षण की भी ली जानकारीटीम ने बंदियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए चलाए जा रहे कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी भी ली। विभिन्न ट्रेड में बंदियों को दिए जा रहे प्रशिक्षण और उससे मिलने वाले लाभ के बारे में अधिकारियों से जानकारी की गई। महिला बैरक का भी टीम ने निरीक्षण किया। महिला बंदियों से बातचीत में उन्होंने जेल प्रशासन की ओर से दिए जा रहे प्रशिक्षण और अन्य सुविधाओं के बारे में जानकारी दी। मानवाधिकार आयोग की टीम के दौरे को रक्षाबंधन से पहले विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। त्योहार के दौरान जेल में बंदियों से मिलने आने वाले परिजनों और बहनों की संख्या बढ़ने की संभावना के बीच टीम ने जेल की समग्र व्यवस्थाओं को भी परखा। यह भी रहे निरीक्षण के दौरान मौजूद निरीक्षण के दौरान डीआईजी जेल सुभाष चंद्र शाक्य, वरिष्ठ जेल अधीक्षक डा. वीरेश राज शर्मा, जेलर हरवंश पांडेय, अवनीश सिंह और जेल चिकित्सक डा. मुकेश सिंह समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे। टीम ने करीब तीन घंटे से अधिक समय तक जेल की व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया और बंदियों से संवाद कर जमीनी स्थिति की जानकारी हासिल की।
लखनऊ के डालीगंज स्थित श्री मनकामेश्वर मंदिर की ओर से में पूर्णिमा और श्रावण के उपलक्ष्य में गोमती घाट पर गोमती आरती का आयोजन किया गया । महंत देव्या गिरी महाराज के सानिध्य में महाआरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। श्रावण की आध्यात्मिक ऊर्जा के बीच गोमती आरती का आयोजन 11 वेदियों से किया गया। गौरजा गिरी जी के वैदिक मंत्रोच्चार के साथ महंत देव्या गिरी महाराज ने मुख्य वेदी से आरती उतारी, जबकि अन्य 10 वेदियों पर आचार्यों और सेवादारों ने पूजन संपन्न कराया। दीपों की जगमगाहट और हर-हर महादेव के जयकारों से पूरा पवन घाट आलोकित हो उठा। धार्मिक अनुष्ठान की शुरुआत गोमती तट पर विशेष स्वच्छता अभियान से हुई। महंत ने खुद झाड़ू उठाकर श्रमदान किया और मंदिर के सेवादारों व स्वयंसेवकों के साथ मिलकर घाट की सफाई की। उन्होंने संदेश दिया कि नदियों और घाटों की स्वच्छता ही सच्ची पूजा है। रक्षाबंधन के पावन पर्व को देखते हुए कार्यक्रम में एक अनूठी पहल की गई। महंत और श्रद्धालुओं ने तट पर मौजूद वृक्षों को रक्षासूत्र बांधकर उनके संरक्षण का संकल्प लिया। महंत दिव्या गिरी ने कहा कि प्रकृति और पेड़-पौधों की रक्षा करना ही हमारी संस्कृति का मूल आधार है।
उत्तर प्रदेश राज्य पुरातत्व निदेशालय लखनऊ परिसर की ओर से गुरुवार कों ‘पुरातत्व अभिरुचि पाठ्यक्रम-2026’ के आठवें व्याख्यान का आयोजन किया गया। व्याख्यान का विषय ‘अन्सिएंट सेटलमेंट पैटरनस एंड जियोमोरफोलॉजी ऑफ़ सरयूपारा रीजन ’ रहा। लखनऊ विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग के प्रोफेसर दुर्गेश कुमार श्रीवास्तव ने व्याख्यान दिया। प्रो. श्रीवास्तव ने बताया कि प्राचीन मानव बसावटों को समझने में नदी तंत्र, बाढ़ क्षेत्र, भू-आकृति और भूमि की ऊंचाई महत्वपूर्ण हैं। सरयूपार क्षेत्र में नदियों और सहायक धाराओं से बने भू-परिदृश्य ने अलग-अलग काल में मानव बसावटों को प्रभावित किया। श्रावस्ती समेत कोसल क्षेत्र ने प्राचीन भारत के राजनीतिक, सांस्कृतिक और आर्थिक इतिहास में अहम भूमिका निभाई। कई पुरातात्त्विक स्थलों के साक्ष्य बताए उन्होंने श्रावस्ती, सपुर, चरदा, ओरझार और पिरवितानीसरिफ-त्रिलोकपुर समेत प्रमुख पुरातात्त्विक स्थलों पर चर्चा की। इन स्थलों से प्राक्-एनबीपीडब्ल्यू, एनबीपीडब्ल्यू, शुंग, कुषाण, गुप्त और मध्यकालीन संस्कृतियों के साक्ष्य मिले हैं। रेडियोकार्बन तिथियों से क्षेत्र की शुरुआती बसावट और सांस्कृतिक निरंतरता को समझने में भी मदद मिली है। 452 स्थलों से समझा बसावट का बदलाव प्रो. श्रीवास्तव ने बताया कि पुरातात्त्विक सर्वेक्षणों में 452 महत्वपूर्ण स्थलों की पहचान की गई है। अलग-अलग काल में इन बसावटों के स्थान और उनके बीच की दूरी में बदलाव दिखाई देता है। शुरुआती दौर में बसावटें दूर-दूर थीं, जबकि बाद के समय में इनके अधिक पास और सघन होने की प्रवृत्ति दिखाई दी। इससे जनसंख्या विस्तार और सामाजिक-सांस्कृतिक विकास को समझने में मदद मिलती है। उन्होंने कहा कि श्रावस्ती प्राचीन कोसल का महत्वपूर्ण केंद्र था। बौद्ध परंपरा के साथ प्राचीन व्यापारिक मार्गों में भी इसका विशेष महत्व रहा। स्थलाकृतिक, पुरातात्त्विक और ऐतिहासिक साक्ष्यों को साथ रखकर गंगा मैदान में मानव बसावटों के विकास को वैज्ञानिक तरीके से समझा जा सकता है। 140 प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा निदेशक रेनू द्विवेदी ने अतिथि वक्ता का पौधा और स्मृति-चिह्न देकर स्वागत किया। उन्होंने व्याख्यान को सरयूपार क्षेत्र की भू-आकृति, पुरातात्त्विक साक्ष्यों और ऐतिहासिक विकास के संबंधों को समझने में उपयोगी बताया। कार्यक्रम में करीब 100 प्रतिभागी ऑफलाइन और 40 प्रतिभागी ऑनलाइन माध्यम से शामिल हुए।
रक्षाबंधन पर पुलिस ने संभाली सुरक्षा:बाजार में उमड़ी भीड़, SP सिटी और CO ने फुट पेट्रोलिंग की
रक्षाबंधन पर्व की पूर्व संध्या पर मुजफ्फरनगर में गुरुवार रात करीब 9 बजे पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी। एसपी सिटी अमृत जैन और सीओ सिटी सिद्धार्थ के. मिश्रा ने प्रमुख बाजारों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में पैदल गश्त की। बाजारों की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और पुलिसकर्मियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए। पुलिस टीम ने भगत सिंह रोड, रेलवे स्टेशन, रोडवेज बस स्टेशन समेत शहर के प्रमुख बाजारों में पैदल भ्रमण किया। रक्षाबंधन के चलते राखी और उपहारों की दुकानों पर लोगों की भीड़ बढ़ गई है। इसे देखते हुए पुलिस ने इन इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है। दुकानदारों से सुरक्षा को लेकर बात की गश्त के दौरान एसपी सिटी और सीओ सिटी ने व्यापारियों और राखी दुकानदारों से बातचीत की। अधिकारियों ने उनकी सुरक्षा संबंधी समस्याओं और बाजार की स्थिति के बारे में जानकारी ली। साथ ही त्योहार के दौरान पुलिस का सहयोग करने की अपील की। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर पुलिस अधिकारियों ने बताया कि भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में पुलिस की मौजूदगी बढ़ाई गई है। संदिग्ध व्यक्तियों और गतिविधियों पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। रेलवे स्टेशन और रोडवेज बस स्टेशन पर भी यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया गया। यातायात व्यवस्था पर भी फोकस रक्षाबंधन पर बाजारों में बढ़ने वाले यातायात दबाव को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने यातायात व्यवस्था सुचारु रखने के निर्देश दिए। पुलिस का फोकस भीड़भाड़ वाले स्थानों पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ लोगों को सुरक्षित माहौल देने पर रहा। भारी पुलिस बल रहा मौजूद पैदल गश्त के दौरान नगर कोतवाली और सिविल लाइन थाना पुलिस के साथ भारी पुलिस बल मौजूद रहा। अधिकारियों के बाजारों में पैदल भ्रमण से व्यापारियों और आम लोगों में सुरक्षा का संदेश गया। पुलिस ने कहा कि रक्षाबंधन को देखते हुए बाजारों और अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों पर लगातार निगरानी रखी जाएगी।
लखनऊ के गोमती नगर स्थित अंतरराष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान परिसर में गुरुवार को हास्य नाटक हाय हैंडसम का मंचन किया गया । संस्कृति निदेशालय, उत्तर प्रदेश के सहयोग से रासरंग सांस्कृतिक शैक्षिक सामाजिक संस्था की ओर से कलाकारों ने हास्य के साथ परिवार और बुजुर्गों से जुड़े संवेदनशील मुद्दों को भी सामने रखा। नाटक की कहानी कर्नल कपूर के इर्द-गिर्द घूमती है। पत्नी के निधन के बाद कर्नल कपूर अकेलेपन से परेशान हैं। उनका बेटा स्वामी पूजा-पाठ में व्यस्त रहता है, जबकि बहू मंदाकिनी मॉडलिंग की दुनिया में व्यस्त है। घर का नौकर कमाल भी अक्सर छुट्टी पर रहता है। ऐसे में कर्नल कपूर की जिंदगी में स्वामी की सास सीता देवी की एंट्री होती है। दोनों के बीच बातचीत बढ़ती है और धीरे-धीरे एक-दूसरे का सहारा बन जाते हैं। बिना बताए कर ली शादी नजदीकियां बढ़ने के बाद कर्नल कपूर और सीता देवी बिना किसी को बताए शादी कर लेते हैं। जब दोनों शादी करके घर लौटते हैं तो बेटा और बहू उनके फैसले से हैरान हो जाते हैं और नाराजगी जताते हैं। इस पर कर्नल कपूर उन्हें घर छोड़कर चले जाने के लिए कह देते हैं। कुछ देर तक चले तनाव के बाद स्वामी और मंदाकिनी को अपनी गलती का एहसास होता है। उन्हें समझ आता है कि बुजुर्गों के लिए अकेलापन कितना पीड़ादायक हो सकता है और इस उम्र में उन्हें दवा-पैसे से ज्यादा अपनापन, बातचीत और साथ की जरूरत होती है। कलाकारों ने निभाई भूमिकाएं कर्नल कपूर की भूमिका धीरेंद्र कुमार पांडेय ने, स्वामी की पर्व खुराना और मंदाकिनी की अरोही गुप्ता ने निभाई। सीता देवी के किरदार में सरिता यादव और कमाल व महात्मा की भूमिका में आकाश नजर आए। दारू वाले का किरदार केशव अग्रवाल ने निभाया। नाटक के लेखक जयवर्धन सिंह हैं। परिकल्पना और निर्देशन सरिता यादव ने किया।
लखनऊ के झूलेलाल वाटिका स्थित गोमती तट पर गुरुवार को सनातन महासभा की ओर से 155वीं आदि गंगा मां गोमती महाआरती का आयोजन किया गया। श्रावण और पूर्णिमा के अवसर पर महाआरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. प्रवीण की अगुवाई में महाआरती हुईं । इसमें स्वामी कौशिक चैतन्य और स्वामी आनंद नारायण के सानिध्य में सात मंचों से एक साथ शंखनाद किया गया। इसके बाद सात आचार्यों ने विधि-विधान से मां गोमती की महाआरती संपन्न कराई। आरती के बाद 501 दीपों से गोमती तट रोशन हो उठा। दीपों की रोशनी से घाट का नजारा दीपावली जैसा दिखाई दिया। पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए कार्यक्रम में वृक्षों को रक्षासूत्र बांधा गया। साथ ही, गोमती नदी में रक्षासूत्र प्रवाहित कर नदी की स्वच्छता और संरक्षण का संकल्प लिया गया। इस अवसर पर स्वस्थ जीवन की कामना के लिए पार्थिव शिवलिंग का सामूहिक रुद्राभिषेक भी किया गया। कार्यक्रम में भजन गायिका शशि गुप्ता और मीरा तिवारी ने अपने भजनों की प्रस्तुति दी। इस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष रवि कचरू, एडवोकेट दीपक सिंह, उमेश त्रिपाठी, सुधांशु शुक्ला, पल्लवी सिंह समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
लखनऊ के हजरतगंज स्थित यूपी प्रेस क्लब में गुरुवार को भोजवाल समाज ने एक प्रेस वार्ता आयोजित की। इस दौरान समाज ने श्री अन्नकला बोर्ड के गठन के लिए सर्वे कराने के योगी सरकार के फैसले का स्वागत किया। भोजवाल फाउंडेशन ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पिछड़ा वर्ग आयोग का आभार व्यक्त किया। फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने कहा कि इस बोर्ड के गठन से समाज की पारंपरिक अन्नकला को सरकारी पहचान मिलेगी, जिससे रोजगार के नए अवसर खुलेंगे। भोजवाल फाउंडेशन के कोषाध्यक्ष इंजीनियर उमाशंकर भोजवाल ने बताया कि भुर्जी समाज सदियों से अपनी अन्नकला और पाक परंपरा के लिए जाना जाता है। विवाह, भंडारे और अन्य धार्मिक-सामाजिक आयोजनों में समाज की भोजन कला की एक विशिष्ट पहचान है। उन्होंने कहा कि समाज के लोग बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों और चौराहों पर भुने अनाज का स्वाद लोगों तक पहुंचाते हैं, लेकिन अब तक उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए कोई ठोस सरकारी मंच नहीं मिला था। 2 अक्टूबर से 'जागृति यात्रा' निकाली जाएगी भोजवाल फाउंडेशन के उपाध्यक्ष रामजी भोजवाल ने मांग की कि प्रस्तावित बोर्ड में भुर्जी समाज के अनुभवी, शिक्षित और जमीनी कार्यकर्ताओं को उचित प्रतिनिधित्व दिया जाए। इससे समाज की समस्याओं और जरूरतों को सरकार तक बेहतर ढंग से पहुंचाया जा सकेगा। फाउंडेशन के अध्यक्ष अरुण भोजवाल 'आजाद' ने घोषणा की कि 2 अक्टूबर से प्रदेशभर में भोजवाल फाउंडेशन की ओर से 'जागृति यात्रा' निकाली जाएगी। इस यात्रा के माध्यम से श्री अन्नकला बोर्ड के गठन के साथ-साथ समाज को पिछड़े वर्ग में 'सर्वाधिक पिछड़ा' घोषित करने और राजनीतिक प्रतिनिधित्व प्रदान करने की मांग उठाई जाएगी। 78 साल में भोजवाल सांसद-विधायक नहीं बने फाउंडेशन के महासचिव डॉ. मनोहर गुप्ता 'कानू' ने कहा कि भुर्जी, कानू और भोजवाल समाज अब अपने अधिकारों को लेकर जागरूक हो रहा है। उन्होंने जोर दिया कि जब तक उन्हें उनके हक और अधिकार नहीं मिलते, तब तक संघर्ष जारी रहेगा। डॉ. कानू ने यह भी बताया कि आजादी के 78 वर्षों बाद भी उत्तर प्रदेश में समाज का कोई सांसद या विधायक नहीं है, इसलिए राजनीतिक और सामाजिक भागीदारी बढ़ाने के लिए समाज को संगठित होकर काम करना होगा।
रीवा के गुढ़ थाना क्षेत्र के भैरव बाबा मोड़ पर गुरुवार शाम तेज रफ्तार बाइक ने स्कूटी को सामने से टक्कर मार दी। हादसे में स्कूटी सवार 4 साल की शिवी तिवारी, 5 साल की शक्ति तिवारी और उनके दादा विंध्यवासिनी तिवारी उर्फ बबलू (55) की मौत हो गई। वहीं बाइक सवार पंकज सिंह (22), निवासी मझौली, सीधी ने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। हादसे में एक ही परिवार की दो मासूम बहनों और उनके दादा समेत 4 लोगों की जान चली गई। दोनों बच्चियां रक्षाबंधन की खरीदारी के लिए गुढ़ बाजार आई थीं और लौटते समय हादसे का शिकार हो गईं। भैरव बाबा मोड़ पर आमने-सामने हुई टक्करजानकारी के अनुसार चौड़ीयार निवासी विंध्यवासिनी तिवारी अपनी दोनों नातिनों के साथ स्कूटी से गुढ़ बाजार से लौट रहे थे। भैरव बाबा मोड़ के पास सीधी की ओर से रीवा जा रही तेज रफ्तार बाइक ने स्कूटी को सामने से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि स्कूटी सवार तीनों सड़क पर गिर गए। बाइक पर तीन युवक सवार बताए जा रहे हैं। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। आसपास के लोगों ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया। पहले बच्चियों ने तोड़ा दम, फिर दादा और बाइक सवार की मौतहादसे में शिवी तिवारी ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। शक्ति तिवारी की इलाज के दौरान मौत हुई। गंभीर रूप से घायल विंध्यवासिनी तिवारी को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उपचार के दौरान उनकी भी मौत हो गई। दूसरी ओर बाइक सवार पंकज सिंह भी गंभीर रूप से घायल हुआ था। इलाज के दौरान उसने भी दम तोड़ दिया। इस तरह हादसे में मृतकों की संख्या चार हो गई। रक्षाबंधन से पहले परिवार में मातमदोनों बच्चियां रक्षाबंधन के लिए खरीदारी करने गुढ़ बाजार आई थीं। हादसे के बाद चौड़ीयार गांव में मातम पसरा है। परिवार की दो मासूम बच्चियों और उनके दादा की एक साथ मौत से परिजन सदमे में हैं। सूचना मिलते ही गुढ़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त बाइक और स्कूटी को कब्जे में लिया है। प्रारंभिक जांच में बाइक की तेज रफ्तार को हादसे की वजह माना जा रहा है। पुलिस बाइक पर सवार अन्य युवकों और हादसे की पूरी परिस्थितियों की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपे जाएंगे।
सहेली के घर आई युवती को होटल ले गया युवक, आधी रात हालत बिगड़ी, अस्पताल में मौत
यूपी के फिरोजाबाद में अपनी सहेली के घर आई एक युवती की रेप के बाद हत्या का आरोप लगा है। युवती गुरुग्राम से यहां आई थी। एक युवक के साथ वह होटल गई थी। होटल में ही उसकी तबीयत बिगड़ी तो युवक अपने दोस्त के साथ अस्पताल लेकर गया। वहां युवती की मौत हो गई।
रक्षाबंधन पर सम्राट सरकार ने सौगातों की झड़ी लगा दी; महिलाओं को भेजे 600 करोड़, कई बड़े ऐलान
रक्षाबंधन के अवसर पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार की महिलाओं के लिए कई बड़ी योजनाओं की घोषणा और शुभारंभ किया। बिहार में महिला यूनिवर्सिटी खोलने से लेकर पीएचडी करने वाली महिलाओं को हर महीने 10 हजार देने की घोषणा की गई। सीएम ने महिला रोजगार योजना के तहत 5 लाख जीविका दीदी के खाते में राशि भी भेजी।
मथुरा में अति संवेदनशील कैंट क्षेत्र में फर्जी आर्मी पहचान पत्र के जरिए घुसकर जासूसी करने की कथित साजिश का मिलिट्री इंटेलिजेंस और सदर बाजार पुलिस ने खुलासा किया है। संयुक्त टीम ने सैन्य क्षेत्र में प्रवेश की कोशिश कर रहे एक संदिग्ध को फर्जी आर्मी ID के साथ पकड़ा। पूछताछ के बाद फर्जी पहचान पत्र तैयार करने वाले उसके साथी को भी 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया गया। मिलिट्री इंटेलिजेंस से मिले इनपुट के बाद पुलिस और इंटेलिजेंस टीम ने टैंक चौराहे के पास संदिग्ध हालत में घूम रहे राजाराम निवासी खरोट, कोसीकलां को पकड़ा। उसके पास फर्जी आर्मी पहचान पत्र मिला। पुलिस के मुताबिक, मोबाइल की जांच में सेना की वर्दी में हथियारों के साथ ली गई तस्वीरें और सैन्य क्षेत्र की गतिविधियों से जुड़ी संदिग्ध सामग्री मिली है। पूछताछ में खुला साथी का राज राजाराम से पूछताछ में पुलिस को उसके साथी के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए आकाश कुमार निवासी पिसावां, अलीगढ़, हाल निवासी शिव नगर, बुलंदशहर को कृष्णापुरी क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, आकाश फर्जी पहचान पत्र तैयार करने में शामिल था। 12 आधार कार्ड समेत दस्तावेजों का जखीरा बरामद पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक लैपटॉप और दो मोबाइल फोन के अलावा 12 आधार कार्ड, 12 डेबिट कार्ड, 7 मार्कशीट, 6 जाति प्रमाण पत्र, 6 निवास प्रमाण पत्र, 2 पैन कार्ड, एक वोटर कार्ड और एक ड्राइविंग लाइसेंस बरामद किया है। राजाराम के पास से बैंक पासबुक, पैन कार्ड और सैमसंग 5G मोबाइल भी मिला है। गोपनीय बात अधिनियम में केस दर्ज सदर बाजार थाने में दोनों आरोपियों के खिलाफ BNS की धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2) और शासकीय गुप्त बात अधिनियम की धारा 3/7 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस और मिलिट्री इंटेलिजेंस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों के साथ और कौन-कौन लोग जुड़े हैं और फर्जी आर्मी ID का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जा रहा था।
ट्रेलर ने बाइक में मारी टक्कर, युवक की मौत:हादसे में साथी गंभीर घायल; घर में जा घुसा ट्रेलर
गाजीपुर के सेवराई तहसील क्षेत्र में रेवतीपुर थाना के उतरौली गांव के पास नेशनल हाईवे-124सी पर गुरुवार रात करीब 10 बजे तेज रफ्तार ट्रेलर ने बाइक सवार दो युवकों को टक्कर मार दी। हादसे में बाइक सवार एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका साथी गंभीर रूप से घायल हो गया। टक्कर के बाद ट्रेलर अनियंत्रित होकर सड़क किनारे एक घर से जा टकराया। पीछे से ट्रेलर ने मारी टक्कर बताया गया कि दोनों युवक बाइक से रेवतीपुर की ओर जा रहे थे। इसी दौरान पीछे से आए तेज रफ्तार ट्रेलर ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही बाइक सवार सड़क पर गिर गए। हादसे में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को अस्पताल भेजा हादसे की सूचना मिलते ही रेवतीपुर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घायल युवक को एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेजा, जहां उसका इलाज चल रहा है। वहीं, मृतक के शव को कब्जे में लेकर उसकी पहचान कराने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस ने शुरू की कार्रवाई रेवतीपुर थानाध्यक्ष राजू दिवाकर ने बताया कि हादसे में एक युवक की मौत हुई है और दूसरा गंभीर रूप से घायल है। घायल को जिला अस्पताल भेजा गया है। मृतक की पहचान कराने के साथ ही मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
फांसी का फंदा लगाते समय जल्लाद अपराधी के कान में क्या कहता है - GK in HINDI
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देवरिया जिले के खुखुंदू थाना क्षेत्र में एक सड़क हादसे में लखीमपुर खीरी शुगर मिल के 55 वर्षीय कर्मचारी कैलाश प्रसाद की मौत हो गई। यह घटना गुरुवार रात करीब नौ बजे बहादुरपुर गांव के पास हुई, जब उन्हें टहलते समय एक अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। मृतक की पहचान कैलाश प्रसाद (55) पुत्र श्यामसुंदर, निवासी बहादुरपुर, थाना खुखुंदू के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, कैलाश प्रसाद इन दिनों छुट्टी पर अपने पैतृक गांव आए हुए थे। गुरुवार रात भोजन करने के बाद वे रोज की तरह गांव के सामने सड़क पर टहलने निकले थे। इसी दौरान एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर गए। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार के लोग और स्थानीय ग्रामीण मौके पर पहुंचे। उन्होंने कैलाश प्रसाद को तुरंत महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। मेडिकल कॉलेज से सूचना मिलने पर सदर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अज्ञात वाहन और उसके चालक की तलाश कर रही है।
पीलीभीत में गुरुवार रात करीब 9 बजे पुलिस ने कंपनी के प्रतिनिधियों के साथ बीसलपुर रोड स्थित संजू इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकान और गोदाम पर छापा मारा। यहां से नामी कंपनियों के नकली इलेक्ट्रॉनिक सामान बरामद हुए। पुलिस ने 30 नकली ऊषा इलेक्ट्रिक केतली, 25 प्रेस्टीज मिक्सर ग्राइंडर और दोनों कंपनियों के फर्जी स्टिकर बरामद किए। मामला के बिलसंडा थाना क्षेत्र का है। कंपनी ने की थी शिकायत ‘स्पीड सर्च सिक्योरिटी नेटवर्क प्राइवेट लिमिटेड’ के विधिक सलाहकार प्रभात कुमार गुप्त ने ऊषा इंटरनेशनल और टीटीके प्रेस्टीज की ओर से पुलिस से शिकायत की थी। इसमें बताया गया था कि बिलसंडा में नामी कंपनियों के नाम पर नकली सामान बेचा जा रहा है। शिकायत के बाद पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर छापा मारा। दुकान और गोदाम की तलाशी उपनिरीक्षक सन्नी आर्य की टीम ने संजू इलेक्ट्रॉनिक्स पर पहुंचकर दुकान और गोदाम की तलाशी ली। यहां दुकान संचालक संजू जायसवाल के बेटे रजत जायसवाल से पूछताछ की गई। तलाशी में 30 ऊषा की नकली केतली, 25 प्रेस्टीज के नकली मिक्सर, 5 प्रेस्टीज स्टिकर और 1 ऊषा स्टिकर मिला। पुलिस के अनुसार, दुकान संचालक बरामद सामान के कोई बिल या कंपनी से जुड़े दस्तावेज नहीं दिखा सका। इसके बाद पुलिस ने सभी सामान को सील कर अपने कब्जे में ले लिया। दुकानदार पर मुकदमा दर्ज थाना अध्यक्ष जगदीप मलिक ने बताया कि कंपनी प्रतिनिधि की तहरीर पर संजू जायसवाल के खिलाफ कॉपीराइट एक्ट, ट्रेडमार्क एक्ट और धोखाधड़ी की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अब नकली सामान कहां से आया और इसकी सप्लाई में कौन-कौन लोग शामिल हैं, इसकी जांच कर रही है।
IPS अधिकारी की पत्नी ने खाया जहर:पारिवारिक विवाद की आशंका, पटना के निजी अस्पताल में भर्ती
राजधानी में एक आईपीएस अधिकारी की पत्नी ने जहर खाकर खुदकुशी की कोशिश की है, उनका दानापुर के एक अस्पताल में इलाज चल रहा है। अस्पताल सूत्रों के अनुसार, गुरुवार शाम करीब 7:30 बजे उन्हें पुलिस की गाड़ी से आईजीआईएमएस (IGIMS) अस्पताल लाया गया। पुलिस वाहन के चालक ने उन्हें भर्ती कराया, जिसके बाद डॉक्टरों ने तुरंत उपचार शुरू किया। आईजीआईएमएस में लगभग दो घंटे के उपचार के बाद, बेहतर चिकित्सा सुविधा के लिए महिला को दानापुर-सगुना मोड़ स्थित एक निजी अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया। पुलिस मामले की जांच कर रही प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, घटना का कारण पारिवारिक विवाद बताया जा रहा है। हालांकि, विवाद का कारण पता नहीं है। अस्पताल प्रशासन ने इस घटना की सूचना पुलिस को दे दी है। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
सोनीपत नगर निगम ने नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 29 अगस्त (शनिवार) और 30 अगस्त (रविवार) को नागरिक सुविधा केंद्र (सीएफसी) तथा प्रॉपर्टी टैक्स शाखा को खुला रखने का निर्णय लिया है। इन दो दिनों में नागरिक अपने बकाया प्रॉपर्टी टैक्स का भुगतान कर बकाया ब्याज पर 75 प्रतिशत की एकमुश्त छूट योजना का लाभ उठा सकेंगे। आयुक्त हर्षित कुमार ने बताया कि सरकार द्वारा प्रॉपर्टी टैक्स के बकाया ब्याज पर 75 प्रतिशत की छूट प्रदान की जा रही है। उन्होंने नागरिकों से इस योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाकर अपना बकाया प्रॉपर्टी टैक्स जमा करवाने की अपील की। नागरिकों की सुविधा के लिए ही शनिवार और रविवार को भी नगर निगम के नागरिक सुविधा केंद्र तथा प्रॉपर्टी टैक्स शाखा में आवश्यक सेवाएं उपलब्ध रहेंगी, ताकि उन्हें भुगतान के लिए कार्यदिवस का इंतजार न करना पड़े। आयुक्त ने स्पष्ट किया कि जी-8 नागरिक सुविधा केंद्रों (सीएफसी) तथा प्रॉपर्टी टैक्स शाखा में संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी इन दोनों दिनों में उपस्थित रहेंगे। वे प्रॉपर्टी टैक्स की राशि जमा करने, जी-8 रसीद जारी करने तथा एनडीसी पोर्टल से संबंधित लंबित मामलों के निपटारे का कार्य करेंगे। नगर निगम आयुक्त ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देश दिए कि वे नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी न होने दें और उनके कार्यों का निर्धारित समय में निपटारा सुनिश्चित करें। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि बिना पूर्व अनुमति ड्यूटी से अनुपस्थित रहने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने शहरवासियों से अपील की कि वे 75 प्रतिशत ब्याज माफी योजना का लाभ उठाते हुए निर्धारित अवधि में अपने बकाया प्रॉपर्टी टैक्स का भुगतान करें।
सुल्तानपुर में गुरुवार रात करीब 9:30 बजे लंभुआ के पूर्व सपा विधायक संतोष पांडेय के समर्थक अवधेंद्र मिश्रा (34) के पैर में गोली लग गई। घटना के बाद उन्हें मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। यहां से लखनऊ ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया। कोतवाली नगर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पूर्व विधायक संतोष पांडेय गुरुवार को अपनी बुआ के घर राखी बंधवाने आए थे। उनके साथ समर्थक और अंगरक्षक अवधेंद्र मिश्रा भी थे। वह थाना मोतिगरपुर के बंधु मिश्र का पुरवा के रहने वाले हैं। सीढ़ी से टकराया लोडेड असलहा बताया गया अवधेंद्र मिश्रा सीढ़ी से ऊपर जा रहे थे। इसी दौरान उनके पास मौजूद लोडेड असलहा सीढ़ी से टकरा गया। टक्कर लगने से अचानक गोली चल गई और सीधे उनके पैर में जा लगी। गोली की आवाज सुनकर आसपास के लोग घरों से बाहर निकल आए। मेडिकल कॉलेज से लखनऊ रेफर घटना के बाद पूर्व विधायक और उनके समर्थक घायल अवधेंद्र को मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे। यहां ईएमओ डॉ. गुफरान ने प्राथमिक उपचार किया। हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए उन्हें लखनऊ ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया। पुलिस ने दर्ज किया घायल का बयान गोली चलने की सूचना पर कोतवाली नगर पुलिस भी अस्पताल पहुंची। पुलिस ने घायल अवधेंद्र का बयान दर्ज किया और घटना की जांच शुरू कर दी। पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है।
गुरुवार को BHU में छात्राओं के साथ हुई बदसलूकी के मामले में छात्राओं ने कुलपति को ज्ञापन सौंपा। छात्राओं ने चेतावनी दी कि अगर 72 घंटे के अंदर कार्रवाई नहीं होती है तो वे उग्र आंदोलन करेंगी। दरअसल, 25 अगस्त को BFA एंट्रेंस परीक्षा में धांधली को लेकर कुछ छात्र केंद्रीय कार्यालय के सामने धरना दे रहे थे। इस दौरान महिला सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें बाहर निकाला। छात्राओं का आरोप है कि उनके साथ हिंसा और बदसलूकी की गई। एक छात्रा को चोट भी आई और उसका गला दबाया गया। छात्राओं ने BFA एंट्रेंस परीक्षा की स्वतंत्र जांच कराने, सभी छात्रों के अंक और कटऑफ सार्वजनिक करने समेत पांच मांगें रखी हैं। छात्रों का आरोप- मांग सुनने के बजाय की गई कार्रवाईछात्रों ने कहा कि 25 अगस्त को BFA एंट्रेंस परीक्षा में कथित धांधली को लेकर छात्र शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे। आरोप है कि प्रशासन ने उनकी मांगों को सुनने के बजाय कार्रवाई की। प्रदर्शन की जानकारी मिलने पर BHU के छात्र और पूर्वांचल छात्र संघर्ष मोर्चा के पदाधिकारी छात्रों के समर्थन में पहुंचे थे। छात्रों का आरोप है कि इस दौरान प्रोक्तोरियल गार्ड और सुरक्षा अधिकारियों ने उनके साथ हिंसा और बदसलूकी की। छात्रों ने जमीन पर पटकने और घसीटने का लगाया आरोपछात्राओं ने आरोप लगाया गया है कि प्रदर्शन के दौरान कुछ छात्र और छात्राओं को जमीन पर पटककर घसीटा गया और सेंट्रल ऑफिस के बाहर कर दिया गया। छात्रा ने बताया की मारपीट कई छात्रों को चोटें आईं और उनके हाथों से खून निकलने लगा। छात्रों का यह भी आरोप है कि BHU के छात्रों को गेट तक पहुंचने से रोकने के लिए गेट बंद कर दिया गया। BFA एंट्रेंस की स्वतंत्र जांच की मांगछात्रों ने BFA एंट्रेंस परीक्षा को पारदर्शी बनाने की मांग की है। उन्होंने सभी छात्रों के अंक और कटऑफ सार्वजनिक करने के साथ ही BFA 2026 एंट्रेंस परीक्षा की स्वतंत्र जांच कराने की मांग रखी है। छात्रों का आरोप है कि फाइन आर्ट्स की प्रवेश परीक्षा को लेकर पहले भी विवाद सामने आते रहे हैं। ज्ञापन में पिछले वर्षों के मामलों का भी जिक्र किया गया है। प्रदर्शन के अधिकार का दमन बंद करने की मांगछात्रों ने कैंपस में शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लोकतांत्रिक अधिकार का दमन बंद करने की मांग की है। साथ ही प्रदर्शन करने वाले छात्रों को जारी निलंबन नोटिस और अन्य कार्रवाई वापस लेने की मांग भी की गई है। उन्होंने 25 अगस्त को सेंट्रल ऑफिस के पास छात्रों के साथ हिंसा करने के आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई और दोषी अधिकारियों को हटाने की मांग की है। 72 घंटे का दिया अल्टीमेटमछात्रों ने कुलपति से मांगों पर जल्द कार्रवाई करने की अपील की है। ज्ञापन में कहा गया है कि 72 घंटे के भीतर उनकी मांगों को संज्ञान में लेकर कार्रवाई नहीं की गई तो छात्र बड़े आंदोलन की राह पर जाने को बाध्य होंगे।
मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि के पास गेस्ट हाउस में हो रहा था गंदा काम, पुलिस ने दो लड़कियों को पकड़ा
मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि के पास मौजूद डीगगेट क्षेत्र स्थित गेस्ट में गंदा काम हो रहा था। इसके लिए दो नाबालिग लड़कियों को भी बुलाया गया था। सूचना मिलते ही गोविंदनगर पुलिस टीम ने गेस्ट हाउस पर छापा मारा।
राष्ट्रीय खेल दिवस के मौके पर आगरा रेल मंडल में खेल महोत्सव की धूम है। आगरा मंडल रेलवे के मार्गदर्शन में 25 से 29 अगस्त तक विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन हॉकी के जादूगर पद्मभूषण मेजर ध्यानचंद की याद में हो रहा है। महोत्सव में बैडमिंटन, शतरंज, टेबल टेनिस और ट्रैक एंड फील्ड प्रतियोगिताएं हो रही हैं। इसमें रेलकर्मी और उनके बच्चे बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। एथलेटिक्स में जितेंद्र ने मारी बाजीबुधवार को हुई रनिंग प्रतियोगिता में कर्मचारी वर्ग की 100 मीटर और 400 मीटर दौड़ में जितेंद्र ने पहला स्थान हासिल किया। 100 मीटर में नीरज सिंह दूसरे और दिनेश मीना तीसरे स्थान पर रहे, जबकि 400 मीटर में सौनवीर दूसरे और दिनेश तीसरे स्थान पर रहे। बालक वर्ग की 100 मीटर दौड़ में अन्नया राज सिंह प्रथम, सिद्धार्थ द्वितीय और कव्यांश तृतीय रहे। बालिका वर्ग में सिद्धी भटनागर ने पहला, रिद्धी भटनागर ने दूसरा और अनवी गुर्जर ने तीसरा स्थान पाया। बैडमिंटन और शतरंज के परिणामआगरा में ऑफिसर किड्स (U13) बालक वर्ग में अर्श गुप्ता विजेता रहे, अक्षत वर्मा दूसरे और पार्थ त्रिपाठी तीसरे स्थान पर रहे। बालिका वर्ग में राशि बघेल पहले और अविशा गोयल दूसरे स्थान पर रहीं। कर्मचारी किड्स में कन्हैया यादव, असद अंसारी और आदित्य कुमार क्रमशः पहले तीन स्थान पर रहे। बालिका वर्ग में चंद्रप्रभा और शांभवी झा विजेता रहीं। मथुरा में बैडमिंटन कर्मचारी वर्ग में अभिनव कोंकेरिया पहले, ललित कुमार दूसरे और प्रेम कुमार चौधरी तीसरे स्थान पर रहे। U14 बालक वर्ग में शाश्वत चौधरी, यश खत्री और ऋत्विक धांगर विजेता रहे। बालिका वर्ग में श्रेया गुप्ता, समाइरा खत्री और उर्वी फौजदार ने बाजी मारी। शतरंज में कर्मचारी वर्ग में आशीष कुमार पहले, भोमेश कटारिया दूसरे और शाश्वत चौधरी तीसरे स्थान पर रहे। U12 में आश्रिता कुशवाहा पहले और प्रिंस सोलंकी दूसरे स्थान पर रहे। टेबल टेनिस में शाबाज अंसारी, रमेश सिंह, सूर्यकांत और जितेंद्र सिंह सेमीफाइनल में पहुंचे। महिला वर्ग में तनु काला विजेता, परना पॉल उपविजेता और मनाली वाघेला तीसरे स्थान पर रहीं।
अलीगढ़ में 15 जुआरियों समेत 17 गिरफ्तार:5.50 लाख कैश बरामद, मैलरोज-इन होटल में चल रहा था जुए का फड़
अलीगढ़ के पॉश मैरिस रोड इलाके में गुरुवार देर शाम मैलरोज-इन होटल के कमरा नंबर 202 में छापा मारकर 15 जुआरियों समेत 17 लोगों को गिरफ्तार किया। मौके से करीब 5.50 लाख रुपए कैश, ताश के पत्ते और जुए में इस्तेमाल होने वाली इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बरामद हुई हैं। पुलिस के मुताबिक, होटल के रिसेप्शन कर्मचारी की मिलीभगत से यह जुआघर पिछले करीब 20 दिनों से चल रहा था। यहां शहर के अलग-अलग इलाकों के व्यापारी और किसान परिवारों से जुड़े लोग जुआ खेलने पहुंचते थे। पुलिस की कार्रवाई के दौरान दो आरोपी मौके से भागने में सफल रहे। सादे कपड़ों में पहुंचे कोतवाल, फिर होटल में पड़ा छापा क्वार्सी पुलिस को कई दिनों से होटल में जुआ चलने की सूचना मिल रही थी। पुलिस ने जब जानकारी जुटाई तो पता चला कि जुआ शाम के समय खेला जाता है और होटल के बाहर एक व्यक्ति निगरानी रखता था। पुलिस की गतिविधि दिखाई देने पर वह अंदर बैठे जुआरियों को अलर्ट कर देता था। इस बार पुलिस ने भी पूरी तैयारी के साथ कार्रवाई की। क्वार्सी कोतवाल अरुण कुमार गुरुवार शाम सादे कपड़ों में होटल के आसपास पहुंचे। काफी देर तक रेकी करने के बाद उन्हें कमरा नंबर 202 में जुआ चलने की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस टीम ने अचानक होटल में छापा मार दिया। दरी पर बैठे थे जुआरी, पुलिस पहुंचते ही मची भगदड़ पुलिस कमरे में पहुंची तो वहां जमीन पर दरी बिछाकर जुआ खेला जा रहा था। अचानक पुलिस को देखकर जुआरियों में भगदड़ मच गई। दो लोग मौके से भाग निकले, जबकि 15 जुआरियों को पुलिस ने पकड़ लिया। जुआ खेलने वालों के अलावा होटल का रिसेप्शन कर्मचारी जितेंद्र कुमार और बाहर निगरानी कर रहा विनोद कुमार भी पुलिस के हत्थे चढ़ गया। मौके से 5.50 लाख रुपए, ताश के पत्ते और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बरामद हुईं। पुलिस के मुताबिक, बरामद डिवाइस का इस्तेमाल आने वाले पत्तों की जानकारी हासिल करने के लिए किया जा रहा था। बुकी गारंटी लेकर बुलाते थे खिलाड़ी, कमीशन भी लेते थे पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि जाकिर और प्रमोद इस जुए के संचालन में अहम भूमिका निभा रहे थे। आरोप है कि दोनों अपनी गारंटी पर खिलाड़ियों को जुआ खेलने के लिए बुलाते थे। जीतने वाले खिलाड़ियों से उन्हें कमीशन मिलता था। जुए के लिए होटल का कमरा उपलब्ध कराने वाले रिसेप्शन कर्मचारी और बाहर निगरानी करने वाले व्यक्ति को भी कमीशन में हिस्सा दिया जाता था। व्यापारी से लेकर किसान परिवारों तक के लोग शामिल पुलिस ने जिन 17 लोगों को पकड़ा है, उनमें कुछ सराफा कारोबारी, कुछ बिल्डिंग मैटेरियल और प्रॉपर्टी कारोबार से जुड़े लोग बताए गए हैं। कुछ आरोपी किसान परिवारों से भी ताल्लुक रखते हैं। गिरफ्तारी की खबर फैलते ही शहर में चर्चाएं शुरू हो गईं। आरोपियों के परिजन भी थाने पहुंचने लगे। कई दिन की रेकी के बाद कार्रवाई सीओ तृतीय सर्वम सिंह ने बताया कि होटल में जुआ चलने की सूचना के बाद कई दिनों तक रेकी की गई। इसके बाद पुलिस टीम ने कार्रवाई कर 17 लोगों को पकड़ा है। बरामद सामान को कब्जे में लेकर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है।
राजनांदगांव पुलिस ने चिचोला के ग्राम महाराजपुर में एनएच-53 के पास गड्ढे में मिले युवक के शव के मामले में मृतक की पत्नी और उसके बॉयफ्रेंड को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, युवक की मौत सड़क हादसे में नहीं हुई थी, बल्कि उसकी हत्या की गई थी। आरोपियों ने हत्या को सड़क हादसा दिखाने की कोशिश की थी। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। अब जानिए पूरा मामला यह मामला 10 अगस्त की रात का है, जब ग्राम रामपुर निवासी ओमप्रकाश साहू ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उनके भाई प्रेमलाल साहू महाराजपुर में भारत पेट्रोल पंप के पास सड़क किनारे गंभीर हालत में मिले थे। उनके चेहरे, नाक और माथे पर चोट के निशान थे। पास में खून से सना एक बड़ा पत्थर भी मिला था। इलाज के दौरान प्रेमलाल की मौत हो गई। मामले को गंभीरता से लेते हुए चिचोला पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की। चौकी प्रभारी निरीक्षक योगेश पटेल और उनकी टीम ने घटनास्थल की बारीकी से जांच की। वाहों के बयान और मोबाइल लोकेशन से मिला सुराग पुलिस ने गवाहों के बयान लिए और मोबाइल सीडीआर व लोकेशन की भी जांच की। इन सबूतों के आधार पर पुलिस का शक मृतक की पत्नी गंगोत्री साहू (27) और उसके परिचित नरबद साहू (40), निवासी ग्राम पटपर पर गया। सख्ती से पूछताछ करने पर दोनों ने हत्या की बात कबूल कर ली। पुलिस जांच में पता चला कि मृतक की पत्नी गंगोत्री और आरोपी नरबद साहू के बीच अवैध संबंध थे। इन्हीं संबंधों और आपसी विवाद के चलते हत्या की साजिश रची गई। पुलिस के मुताबिक, प्रेमलाल अक्सर पत्नी से गाली-गलौज करता था और उसे घर से निकालने की धमकी देता था। वहीं, नरबद साहू से लिए गए पैसों को वापस करने को लेकर भी दोनों के बीच विवाद चल रहा था। हादसा दिखाने शव सड़क किनारे फेंका इन विवादों के चलते दोनों आरोपियों ने प्रेमलाल की हत्या की योजना बनाई। उन्होंने उसके सिर पर भारी पत्थर से वार कर उसकी जान ले ली। इसके बाद शव को एनएच-53 के किनारे फेंक दिया, ताकि मामला सड़क हादसा लगे और पुलिस को गुमराह किया जा सके। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1), 238 और 3(5) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
तेज रफ्तार ऑटो खड़े ट्रक से टकराया:मंडला में 10 लोग घायल, 5 गंभीर; जबलपुर रेफर
मंडला जिले के नेशनल हाईवे-30 पर गुरुवार रात एक सड़क हादसे में 10 लोग घायल हो गए। बीजाडांडी थाना क्षेत्र में एक तेज रफ्तार ऑटो सड़क किनारे खड़े ट्रक से टकरा गया। इस दुर्घटना में पांच घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। यह दुर्घटना बीजाडांडी और कालपी के बीच वल्लार तिराहे के पास रात करीब 8 बजे हुई। टक्कर इतनी भीषण थी कि ऑटो बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। ऑटो में लगभग 12 से 14 लोग सवार थे। ऑटो में सवार सभी लोग ग्राम रोजकुंड के निवासी बताए जा रहे हैं, जो अपने गांव लौट रहे थे। इसी दौरान ऑटो सड़क किनारे खड़े ट्रक क्रमांक एमपी 18 एच 5328 से जा टकराया। हादसे की सूचना मिलते ही बीजाडांडी पुलिस और डायल-112 की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। सभी घायलों को तत्काल बीजाडांडी स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां उनका उपचार किया गया। पुलिस ने ट्रक को अपनी अभिरक्षा में ले लिया है और दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
रक्षाबंधन पर मथुरा में इस कदर भीड़ उखड़ी की शहर की सड़कें जाम हो गई। वाहनों की भीड़ में रास्ते कम पड़ गए। हालत यह थी कि जाम में फंसे वाहन रेंग रेंग कर चल रहे थे। शहर की सड़कों से लेकर हाईवे तक जाम ही जाम नजर आया। ट्रैफिक पुलिस व्यवस्था बनाने में फेल नजर आई। शहर के गोवर्धन चौराहा, भूतेश्वर, नया बस स्टैंड रोड, होली गेट सहित प्रमुख तिराहे और चौराहे जाम की चपेट में रहे। सड़कों पर वाहनों की संख्या इतनी अधिक थी कि यातायात का दबाव संभालना मुश्किल हो गया। जाम के कारण राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। भूतेश्वर से गोवर्धन चौराहे की ओर जाने वाले मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें दिखाई दीं। सामान्य दिनों में कुछ ही मिनट में पूरी होने वाली दूरी तय करने में लोगों को करीब आधा घंटा लग गया। वहीं भूतेश्वर से नए बस स्टैंड की ओर जाने वाले मार्ग पर भी भीषण जाम लगा रहा। बस, कार, ई-रिक्शा और दोपहिया वाहन जाम में फंसे नजर आए। होली गेट पर भी रहे बुरे हालात होली गेट क्षेत्र में भी बड़ी संख्या में लोग खरीदारी और आवागमन के लिए पहुंचे, जिससे यहां यातायात का दबाव और बढ़ गया। जाम के कारण कई लोग अपने गंतव्य तक समय से नहीं पहुंच सके। रक्षाबंधन को लेकर बाजारों में बढ़ी भीड़ के बीच यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस की मौजूदगी तो दिखाई दी, लेकिन जाम को नियंत्रित करने में व्यवस्था प्रभावी नजर नहीं आई। जाम में फंसे लोगों का कहना था कि पर्व से पहले भीड़ बढ़ने की संभावना के बावजूद प्रमुख मार्गों पर यातायात को लेकर पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए। देर शाम तक शहर के कई हिस्सों में वाहन जाम में फंसे रहे और लोग परेशान होकर यातायात पुलिस को कोसते नजर आए ।
हवाई जहाज को नींद आ जाए तो कहां सोता है सर, वायुसेना प्रमुख से जेन-अल्फा का मासूम सवाल
देश के वायुसेना प्रमुख अमरजीत सिंह गुरुवार को गोरखपुर के दौरे पर थे। इस दौरान उन्हें जेन-जी और जेन अल्फा से संवाद का मौका मिला। छोटे-छोटे बच्चों ने ऐसे-ऐसे मासूम सवाल पूछे कि सेना प्रमुख भी अपनी हंसी नहीं रोक पाए।
पटना में डेंगू के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। पिछले 24 घंटे में डेंगू के 4 नए मरीज सामने आए हैं, जिससे इस सीजन में कुल संक्रमितों की संख्या 156 तक पहुंच गई है। बारिश और जगह-जगह जलजमाव के कारण स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, कुल 156 मरीजों में से 76 सरकारी अस्पतालों में दर्ज किए गए हैं। वहीं, 62 मरीजों की पुष्टि निजी अस्पतालों में हुई है, जबकि 18 मरीजों में विभिन्न जांच लैब के माध्यम से डेंगू संक्रमण की पुष्टि हुई है। बारिश के साथ मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनने से स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। पटना में जुलाई महीने से ही डेंगू के मामलों में वृद्धि देखी जा रही है। महीने की शुरुआत में इक्का-दुक्का मरीज सामने आ रहे थे, लेकिन अब संक्रमितों की संख्या लगातार बढ़ रही है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि जलजमाव और घरों के आसपास जमा साफ पानी को समय रहते नहीं हटाया गया, तो आने वाले दिनों में संक्रमण का खतरा और अधिक बढ़ सकता है। पटना सिविल सर्जन कार्यालय ने सरकारी और निजी अस्पतालों को बुखार के संदिग्ध मरीजों की जांच पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही, डेंगू की पुष्टि होने के बाद मरीज की जानकारी तत्काल संबंधित पोर्टल पर अपलोड करने को कहा गया है। बारिश और जलजमाव ने बढ़ाई चिंता यह निर्देश इसलिए दिया गया है ताकि स्वास्थ्य विभाग संक्रमित मरीज के आसपास के क्षेत्र में मच्छर नियंत्रण की प्रभावी कार्रवाई कर सके और संक्रमण के प्रसार को रोका जा सके। डेंगू का खतरा बढ़ने की सबसे बड़ी वजह बारिश के बाद जगह-जगह जमा पानी को माना जा रहा है। खासकर घरों, दुकानों, छतों और खाली प्लॉट में जमा साफ पानी एडीज एजिप्टी मच्छर के लिए प्रजनन का स्थान बन सकता है।स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम की टीमें जलजमाव वाले इलाकों में एंटी-लार्वा छिड़काव, फॉगिंग और मच्छरों के प्रजनन स्थलों की पहचान करने में जुटी हैं। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि सरकारी स्तर पर चलने वाले अभियानों के साथ लोगों की भागीदारी भी जरूरी है। डेंगू बढ़ने की प्रमुख वजहें बारिश के बाद जगह-जगह साफ पानी जमा होना, कूलर, गमले और पानी रखने वाले बर्तनों में पानी का लंबे समय तक जमा रहना, छतों पर खुली पानी की टंकियां और कंटेनर, पुराने टायर और कबाड़ में बारिश का पानी भर जाना, घनी आबादी वाले इलाकों में मच्छरों के प्रजनन स्थल बढ़ना, दिन में काटने वाले एडीज मच्छरसे बचाव को लेकर लोगों में जागरूकता की कमी, नमी और तापमान का मच्छरों के प्रजनन के अनुकूल होना।दोबारा डेंगू हुआ तो गंभीर बीमारी का खतरा बढ़ सकता है आईजीआईएमएस के मेडिसिन विभाग के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. गोविन्द कुमार के अनुसार, एक बार डेंगू होने के बाद व्यक्ति भविष्य में डेंगू संक्रमण से पूरी तरह सुरक्षित नहीं हो जाता। डेंगू वायरस के चार प्रमुख सीरोटाइप डेनवी-1, डेनवी-2, डेनवी-3 और डेनवी-4 होते हैं। एक सीरोटाइप से संक्रमण के बाद उसी प्रकार के वायरस के खिलाफ प्रतिरोधक क्षमता विकसित हो सकती है। लेकिन भविष्य में किसी दूसरे सीरोटाइप से संक्रमण होने पर कुछ लोगों में गंभीर बीमारी का जोखिम बढ़ सकता है। ऐसे मामलों में गंभीर डेंगू, डेंगू हेमोरेजिक फीवर और डेंगू शॉक सिंड्रोम जैसी स्थितियां पैदा हो सकती हैं। इसलिए जिन लोगों को पहले डेंगू हो चुका है, उन्हें भी इस मौसम में मच्छरों से बचाव को लेकर लापरवाही नहीं करनी चाहिए।दिन में काटता है एडीज मच्छर डेंगू फैलाने वाला एडीज एजिप्टी मच्छर सामान्य मच्छरों से अलग व्यवहार करता है। यह मुख्य रूप से दिन के समय सक्रिय रहता है। सुबह और शाम इसके काटने की संभावना अधिक रहती है। यही वजह है कि सिर्फ रात में मच्छरदानी का इस्तेमाल करना पर्याप्त नहीं माना जाता।एडीज मच्छर की खास बातें मुख्य रूप से दिन के समय काटता है, साफ और रुके हुए पानी में अंडे देता है, आमतौर पर अपने प्रजनन स्थल के आसपास ही रहता और उड़ता है, मादा मच्छर ही डेंगू वायरस को इंसानों तक पहुंचाती है, इसके अंडे सूखी सतह पर भी कुछ समय तक जीवित रह सकते हैं और पानी मिलने पर दोबारा विकसित हो सकते हैं।घर में इन जगहों पर जरूर रखें नजर डेंगू से बचाव के लिए घर के अंदर और आसपास पानी जमा नहीं होने देना सबसे जरूरी है। कूलर का पानी नियमित रूप से खाली कर उसे साफ करना चाहिए। गमलों की ट्रे, बाल्टी, ड्रम, टूटे बर्तन, पुराने टायर और छत पर रखे ऐसे सभी सामान की जांच करनी चाहिए, जिनमें बारिश का पानी जमा हो सकता है। पानी की टंकियों को ढककर रखें। घर के आसपास जमा पानी को हटाएं और जरूरत होने पर मच्छररोधी उपायों का इस्तेमाल करें। दिन में बाहर निकलते समय पूरी बांह के कपड़े पहनना भी बचाव में मददगार हो सकता है।तेज बुखार को नजरअंदाज न करें स्वास्थ्य विशेषज्ञ मनोज कुमार सिन्हा के अनुसार डेंगू में तेज बुखार के साथ सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, शरीर और जोड़ों में तेज दर्द, उल्टी, कमजोरी और त्वचा पर लाल चकत्ते जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। ऐसे लक्षण होने पर खुद से दवा लेने के बजाय चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए और जरूरत के अनुसार जांच करानी चाहिए। पटना सिविल सर्जन डॉ. योगेन्द्र प्रसाद मंडल ने लोगों से अपील की है की अपने घर और आसपास पानी जमा नहीं होने दें । उनका कहना है कि डेंगू को रोकने का सबसे प्रभावी तरीका मच्छरों को पनपने से रोकना है। कूलर और पानी रखने वाले बर्तनों को नियमित रूप से साफ करने, दिन में भी मच्छरों से बचाव करने और बुखार की स्थिति में समय पर चिकित्सकीय सलाह लेने की जरूरत है। * कुल डेंगू मरीज:- 156* पिछले 24 घंटे में नए मरीज:- 4* सरकारी अस्पतालों में:- 76* निजी अस्पतालों में:- 62* विभिन्न लैब जांच में:- 18 बारिश का दौर जारी रहने के बीच स्वास्थ्य विभाग की चुनौती अब संक्रमण की रफ्तार को नियंत्रित करने की है। इसके लिए फॉगिंग और एंटी-लार्वा अभियान के साथ लोगों को अपने घर और आसपास मच्छरों के प्रजनन स्थल खत्म करने होंगे। विशेषज्ञों के मुताबिक डेंगू की रोकथाम सरकारी अभियान से ज्यादा घर-घर की सावधानी पर निर्भर करती है।
रक्षाबंधन पर्व पर दो दिन रोडवेज बसों में महिलाएं निशुल्क यात्रा कर सकेंगी। राज्य सरकार की ओर से शुक्रवार और शनिवार को यह सुविधा रहेगी। पंडित राजेश दवे ने बताया- इस साल रक्षाबंधन पर्व पर भद्रा नहीं है। ऐसे में पूरे दिन राखी बांधी जा सकेगी। इसका श्रेष्ठ समय सुबह 7:52 बजे से सुबह 11:14 बजे तक लाभ और अमृत का चौघड़िया है। दिन में 12:14 बजे से 2:08 बजे तक अभिजीत एवं शुभ का श्रेष्ठ शुभ मुहूर्त है। शाम को 5:21 बजे से 6:58 बजे तक राखी बांधने का श्रेष्ठ और उत्तम मुहूर्त है। इस समय बहनें अपने भाई की कलाई में राखी बांधकर दीर्घ आयु की कामना करें। राखी बांधने का शुभ मुहूर्त चंचल (मध्यम) सुबह- 6:26 से 7:52 लाभ (श्रेष्ठ)- सुबह- 7:52 से 9:28 अमृत (श्रेष्ठ)- 9:28 से 11:14 तक अभिजीत एवं शुभ (श्रेष्ठ)-12:14 से 2:08 चंचल- शाम 5:21 से 6:58 दो दिन महिलाओ के लिए निशुल्क यात्रा राज्य सरकार ने रक्षाबंधन पर्व पर महिलाओं को राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम (रोडवेज) की बसों में दो दिन तक निशुल्क यात्रा की सुविधा दी है। इस निर्णय से हजारों महिलाओं को आने-जाने में सुविधा मिलेगी। निशुल्क यात्रा सुविधा 28 अगस्त को रात 12 बजे से शुरू होकर 29 अगस्त की रात 12 बजे तक लागू रहेगी। इस अवधि में प्रदेशभर में संचालित रोडवेज बसों में महिलाएं बिना किराया दिए यात्रा कर सकेंगी। रक्षाबंधन पर बड़ी संख्या में महिलाएं अपने भाइयों को राखी बांधने के लिए पीहर जाती हैं। ऐसे में महिलाओं को यात्रा में सुविधा होगी।
मैहर जिले के अमरपाटन नगर में गुरुवार शाम एक 9 वर्षीय बच्चे को जहरीले रसेल वाइपर सांप ने काट लिया। बच्चे की हालत गंभीर होने पर उसे सतना जिला अस्पताल रेफर किया गया है। बच्चे के पिता सांप को भी मारकर अस्पताल ले गए, ताकि डॉक्टरों को इलाज में मदद मिल सके। यह घटना अमरपाटन के वार्ड क्रमांक 8 में हुई। ऋषि साकेत (9 वर्ष), पिता बबलू प्रसाद अपने घर के बाहर खेल रहा था। इसी दौरान झाड़ियों में छिपे रसेल वाइपर ने उसे डस लिया। सांप के काटने के बाद बच्चा चीखने लगा, जिसके बाद परिजन मौके पर पहुंचे और उसे तुरंत अस्पताल ले गए। बच्चे के पिता ने सांप को मारने के बाद उसे एक डिब्बे में सुरक्षित रखा। वे सांप को भी सिविल अस्पताल अमरपाटन लेकर पहुंचे। उनका उद्देश्य था कि सांप की पहचान होने से चिकित्सकों को सही एंटी-वेनम देने और उपचार करने में आसानी होगी। सांप देखने पर पता चला सिविल अस्पताल अमरपाटन के प्रभारी डॉ. हिमांशु पाण्डेय ने बताया कि बच्चे को सांप काटने के बाद अस्पताल लाया गया था। परिजनों द्वारा लाए गए सांप की पहचान रसेल वाइपर प्रजाति के रूप में हुई। बच्चे को प्राथमिक उपचार देने के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल सतना रेफर कर दिया गया।
जबलपुर में गुरुवार रात गढ़ा थाना के सामने एक 23 साल की युवती ने हंगामा किया। करीब एक घंटे तक जाम रहा। युवती अचानक सड़क पर एक कार के सामने आ गई। कार चालक ने जाम लगने की बात कहते हुए उसे किनारे हटने को कहा। चालक के ‘दीदी’ कहने पर युवती नाराज हो गई और उससे बहस करने लगी। युवती ने ड्राइवर से कहा- ‘दीदी’ क्यों बोल रहे हो। क्या वह उसकी दीदी लगती है। इसके बाद वह कार के सामने खड़ी होकर रास्ता रोकने लगी। त्योहार के चलते सड़क पर पहले से ज्यादा ट्रैफिक था, जिससे वाहन चालकों और राहगीरों को परेशानी हुई। हाईवोल्टेज ड्रामे से जुड़ी तस्वीरें देखिए… ड्रामे के बीच हादसे का खतरा बना रहा प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, युवती काफी देर तक सड़क के बीच खड़ी रही। इस दौरान वाहनों को अचानक रुकना पड़ रहा था। तेज रफ्तार से आने वाले वाहनों के अचानक रुकने से हादसे का खतरा बना रहा। ड्रामा गढ़ा थाना के ठीक सामने चलता रहा। इसके बावजूद मौके पर पुलिस की सक्रियता नजर नहीं आई। यातायात पुलिस भी मौके पर दिखाई नहीं दी। थाना परिसर के सामने सड़क पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो रही थी, फिर भी यातायात सुचारु कराने के लिए तत्काल हस्तक्षेप नहीं किया गया। इस मामले में गढ़ा थाना प्रभारी प्रसन्न शर्मा का कहना है कि लिखित में शिकायत मिलने के बाद कार्रवाई की जाएगी। मेडिकल कॉलेज की तरफ से आ रही थी लड़की राहगीर गोलू जैन ने बताया कि लड़की मेडिकल कॉलेज की तरफ से आ रही थी। उन्होंने इसकी सूचना थाना प्रभारी (TI) को दी। इसके बाद TI के निर्देश पर पुलिस स्टाफ मौके पर पहुंचा। पुलिस ने जब लड़की से बातचीत की और उसे ‘दीदी’ कहकर संबोधित किया, तो उसने इस पर आपत्ति जताई और गाली-गलौज करने लगी। गोलू जैन के मुताबिक, लड़की मानसिक रूप से परेशान या डिस्टर्ब लग रही थी। ऐसा भी प्रतीत हो रहा था कि वह घायल है और संभवत: उसके साथ मारपीट हुई है। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में प्रशासन और पुलिस को उसकी मदद करनी चाहिए थी। कार चालक का कहना है कि पुलिस में शिकायत के बावजूद युवती के खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई नहीं की गई है।
जींद जिले के जुलाना में एक दुकानदार से फर्जी पेमेंट ऐप के जरिए 18,800 रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। अज्ञात ठग एक इन्वर्टर और बैटरी लेकर फरार हो गए। मोई हुड्डा गांव निवासी संदीप ने मंडी जुलाना पुलिस चौकी में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि जुलाना के पुराने बस स्टैंड पर उनकी 'श्री श्याम इलेक्ट्रॉनिक्स' नाम से दुकान है। संदीप के अनुसार, 23 अगस्त 2026 को दोपहर करीब 2:50 बजे जब वे दुकान पर नहीं थे, उनके सेल्समैन राजेश मौजूद थे। तभी दो युवक दुकान पर आए और लुमिनस कंपनी की बैटरी तथा अमेज कंपनी का इन्वर्टर पसंद किया। उन्होंने ऑनलाइन भुगतान करने की बात कही। आरोपियों ने 'सोनू (निवासी रिढाणा)' के नाम से 18,800 रुपए का बिल बनवाया। सेल्समैन का QR कोड स्कैन किया युवकों ने सेल्समैन का QR कोड स्कैन किया और अपने मोबाइल स्क्रीन पर गूगल पे से सफल भुगतान का 'राइट टिक' निशान दिखाया। उन्होंने जल्दी का बहाना बनाया और इन्वर्टर-बैटरी एक स्विफ्ट गाड़ी में रखवाकर तुरंत मौके से फरार हो गए। पहचान कर कड़ी कार्रवाई की मांग 27 अगस्त 2026 को जब दुकान मालिक संदीप ने सेल्समैन के बैंक खाते की लेनदेन स्टेटमेंट जांची, तो उसमें 18,800 रुपए की कोई राशि जमा नहीं हुई थी। तब उन्हें एहसास हुआ कि ठगों ने फर्जी एप या स्क्रीनशॉट का उपयोग करके धोखाधड़ी की है। पीड़ित ने पुलिस से अज्ञात ठगों की पहचान कर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। केस दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस मंडी जुलाना पुलिस चौकी के एएसआई अजय कुमार की सिफारिश पर जुलाना थाना पुलिस ने शिकायत पर संज्ञान लिया है। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर संख्या 231, दिनांक 27.08.2026 को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस टीम घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालकर स्विफ्ट कार सवार जालसाजों की तलाश कर रही है।
छत्तीसगढ़ के धमतरी में एक युवक ने अपनी मोटरसाइकिल को आग के हवाले कर दिया। यह घटना गुरुवार देर शाम नगर पंचायत भखारा के वार्ड क्रमांक 6 में हुई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, सेवक राम पटेल (पिता कृपाराम) नामक व्यक्ति ने अपनी बाइक को माचिस से आग लगा दी। आग लगने से बाइक पूरी तरह जलकर खाक हो गई। मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने पाया कि बाइक पूरी तरह जल चुकी थी। बाइक नहीं हुई स्टार्ट, गुस्से में फूंक दी पुलिस की शुरुआती पूछताछ में सेवक राम पटेल ने बताया कि उसकी 12-13 साल पुरानी सेकंड हैंड बाइक स्टार्ट नहीं हो रही थी। उसने लगभग 40-50 बार किक मारी और कार्बोरेटर भी साफ किया, लेकिन बाइक चालू नहीं हुई। इससे परेशान होकर उसने दो बार बाइक को पटका भी। जब बाइक फिर भी स्टार्ट नहीं हुई, तो गुस्से में उसने माचिस लाकर अपनी बाइक में आग लगा दी। सेवक राम पटेल वर्तमान में किराए के घर में रहते हैं, जबकि उनका मूल निवास वार्ड क्रमांक 8 में है। फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है। पुलिस ने बताया कि इस तरह की घटना में पेट्रोल ब्लास्ट होने से बड़ी जनहानि भी हो सकती थी, इसलिए लोगों को ऐसे मामलों में संयम बरतने की सलाह दी जाती है।
नवादा में जमीन विवाद, बुजुर्ग की मौत:लाठी, भाला और कटनी से हमला, परिजनों ने लगाए मर्डर के आरोप
नवादा के मेसकौर प्रखंड अंतर्गत सीतामढ़ी थाना क्षेत्र के मिल्की बेलदारी गांव में जमीन विवाद को लेकर हुई मारपीट में एक 60 साल के व्यक्ति की मौत हो गई। मृतक की पहचान साधु चौहान के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, जमीन को लेकर दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। शुक्रवार को यह विवाद हिंसक झड़प में बदल गया, जिसके बाद साधु चौहान गंभीर रूप से घायल हो गए। लाठी, भाला और कटनी से हमला किया मृतक के परिवार ने आरोप लगाया है कि रामप्रसाद चौहान के पुत्र श्यामा चौहान और श्रवण चौहान के पुत्र विकास चौहान, पिंटू चौहान तथा विपिन चौहान ने मिलकर साधु चौहान पर लाठी, भाला और कटनी से हमला किया। इस हमले में लगी गंभीर चोटों के कारण साधु चौहान की मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही सीतामढ़ी थानाध्यक्ष पप्पू शर्मा के नेतृत्व में पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ कर जानकारी जुटाई। गांव में तनाव का माहौल बना पुलिस अधिकारियों ने बताया कि वे घटना से जुड़े तथ्यों और विवाद के मूल कारणों की जांच कर रहे हैं। हालांकि, मृतक के परिजनों द्वारा लगाए गए हत्या के आरोपों की पुलिस स्तर पर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। साधु चौहान की मौत का वास्तविक कारण और आरोपितों की भूमिका जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल, मिल्की बेलदारी गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है। पुलिस स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
सेल्फ लगाने के दौरान कार में लगी आग:राजगढ़ में शिफ्ट डिजायर धू-धूकर जली; सड़क पर अफरा-तफरी, VIDEO
राजगढ़ जिले के कुरावर-कालापीपल मार्ग पर गुरुवार देर शाम एक चलती कार में आग लग गई। खैड़ी मोहल्ले के पास हुई इस घटना से सड़क पर अफरा-तफरी मच गई। मारुति स्विफ्ट डिजायर कार को कुछ युवक धक्का देकर स्टार्ट करने का प्रयास कर रहे थे। इसी दौरान बार-बार सेल्फ लगाने के कारण अचानक कार से आग की लपटें उठने लगीं। देखते ही देखते आग ने पूरी कार को अपनी चपेट में ले लिया और वह धू-धूकर जलने लगी। आग लगने की सूचना मिलते ही मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। पुलिस और नगर परिषद की फायर ब्रिगेड टीम घटनास्थल पर पहुंची। दमकलकर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। गनीमत रही कि आग फैलने से पहले बुझा दी गई, जिससे सड़क किनारे खड़ी अन्य गाड़ियों और आसपास के लोगों को कोई खतरा नहीं हुआ। कार के बीच सड़क पर जलने के कारण कुरावर और कालापीपल दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर यातायात व्यवस्था संभाली और फंसे हुए वाहनों को निकलवाकर रास्ता साफ कराया।
जींद जिले के लजवाना खुर्द गांव में हत्या के एक गवाह पर जानलेवा हमला किया गया है। पीड़ित आजाद सिंह को हमलावरों ने बेहोश होने तक पीटा और फिर एक काली स्कॉर्पियो में डालकर सरकारी स्कूल के पास फेंक दिया। यह घटना 23 अगस्त 2026 की रात 10 से 11 बजे के बीच हुई। जुलाना पुलिस थाने में दर्ज शिकायत के अनुसार, आजाद सिंह दिहाड़ी मजदूरी करते हैं। उन्होंने बताया कि करीब एक साल पहले आरोपी बंटू ने अपने साथियों के साथ मिलकर उनके घर के पास से सुरेश नामक व्यक्ति का अपहरण कर हत्या कर दी थी। आजाद सिंह इस मामले के गवाह थे। इसी रंजिश और गवाही रोकने के उद्देश्य से बंटू ने उन्हें टहलकर घर लौटते समय रास्ते में रोका। विभिन्न हथियारों से ताबड़तोड़ वार आजाद सिंह के मुताबिक, बंटू ने उन्हें रोकते ही कहा कि उन्होंने सुरेश के अपहरण को देखा था और मुंह बंद रखने के बावजूद गांव में यह बात बता दी। इसके बाद बंटू ने हाथ में लिए बिंडे से आजाद सिंह पर हमला कर दिया। उसके 3-4 अन्य अज्ञात साथियों ने भी विभिन्न हथियारों से उन पर ताबड़तोड़ वार किए। मरा समझ गाड़ी में डालकर ले गए हमले में आजाद सिंह गंभीर रूप से घायल होकर बेहोश हो गए। हमलावर उन्हें मरा हुआ समझकर काली रंग की स्कॉर्पियो गाड़ी में डालकर ले गए और सरकारी स्कूल के पास फेंककर फरार हो गए। घटना की सूचना मिलने पर पीड़ित के भाई जितेंद्र मौके पर पहुंचे और उन्हें तुरंत जुलाना के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया। पीड़ितों का आरोप है कि जाते-जाते आरोपियों ने पुलिस केस करने पर पूरे परिवार को सुरेश जैसा अंजाम भुगतने की धमकी भी दी है। विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज शिकायत के आधार पर जुलाना थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी बंटू और उसके 3-4 अज्ञात साथियों के खिलाफ एफआईआर संख्या 232, दिनांक 27.08.2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115(2), 126(2), 351(2), 3(5), 140(1) और 232(1) के अंतर्गत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने बताया कि आरोपियों की तलाश के लिए दबिश दी जा रही है और मामले की गहन जांच जारी है।
मध्यप्रदेश के ग्वालियर के गुरुवार शाम मोमोज के ठेले पर हुए विवाद के बाद दो बदमाशों ने 28 वर्षीय विवेक मीणा के सिर में गोली मार दी। गोली लगने से उसकी मौत हो गई। विवेक Blinkit में डिलीवरी बॉय था और बजरंग दल सहमंत्री चेतन मीणा का भाई था। वारदात के बाद दोनों हमलावर फरार हो गए। नई सड़क बावन पायेगा निवासी विवेक गुरुवार शाम करीब 7 से 7:15 बजे आनंद नगर में मोमोज के ठेले पर था। इसी दौरान दो युवकों से किसी बात को लेकर बहस हो गई। विवाद बढ़ने पर बदमाशों ने कट्टा निकालकर विवेक के सिर में पॉइंट ब्लैंक रेंज से गोली मार दी। गोली लगते ही वह सड़क पर गिर पड़ा। अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित किया घटना की सूचना मिलते ही बहोड़ापुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। घायल विवेक को एंबुलेंस से अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। युवक की मौत से नाराज उसके साथियों ने सरकारी एंबुलेंस के कांच पर पत्थर मारकर तोड़ दिया। मोमोज के ठेले पर हुआ था विवाद नई सड़क बावन पायेगा निवासी विवेक Blinkit में डिलीवरी बॉय था। गुरुवार शाम करीब 7 से 7:15 बजे के बीच आनंद नगर में उसका दो अज्ञात युवकों से किसी बात को लेकर विवाद हुआ। विवाद बढ़ने पर आरोपियों ने कट्टा निकालकर उसके सिर में गोली मार दी। गोली लगते ही विवेक सड़क पर गिर पड़ा। दोस्तों ने थाने के सामने लगाया जाम विवेक के बड़े भाई चेतन मीणा बजरंग दल में सहमंत्री हैं। पुलिस शुरुआती जांच में हत्या के पीछे पुरानी रंजिश या आपसी विवाद के एंगल से भी जांच कर रही है। डिलीवरी बॉय की हत्या के विरोध में उसके साथियों ने थाने पर चक्का जाम कर दिया। एसएसपी धर्मवीर सिंह यादव मौके पर पहुंचे और आरोपियों को 12 घंटे में पकड़ने का आश्वासन दिया। इसके बाद मृतक के साथियों ने चक्का जाम खोल दिया। CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिसबहोड़ापुर थाना प्रभारी आलोक परिहार ने बताया कि किसी रंजिश या विवाद के चलते विवेक मीणा की अज्ञात बदमाशों ने गोली मारकर हत्या की है। घटनास्थल और आसपास के रास्तों पर लगे CCTV कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं। आरोपियों की तलाश जारी है। -----------------------------ये खबर भी पढ़ें… ग्वालियर में फिल्मी स्टाइल में पंचायतकर्मी से लूट ग्वालियर के मुरार-बेहट रोड पर बदमाशों ने राह चलते पंचायतकर्मी को निशाना बनाया। लंगड़ा बाबा मंदिर के पास सुनसान मोड़ पर बिना नंबर की ग्रे रंग की कार से आए 3-4 नकाबपोश बदमाशों ने बाइक सवार पंचायतकर्मी राजीव यादव की गाड़ी के आगे कार अड़ाकर रास्ता रोक लिया। इसके बाद बदमाश उसका लेदर का बैग छीनकर मुरार हाईवे की ओर फरार हो गए।पूरी खबर पढ़ें
पानीपत जिले के मतलौड़ा के गांव कवि में एक हलवाई शेखर की पीट-पीटकर हत्या के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह घटना 10 सितंबर 2024 को हुई थी, जब उधार के पैसों के विवाद में शेखर को लाठी-डंडों से पीटा गया था। इलाज के दौरान 14 सितंबर को उसकी मौत हो गई। थाना मतलौड़ा प्रभारी सब इंस्पेक्टर राजेश ने बताया कि गांव कवि निवासी अनिल और राजवीर ने करीब एक साल पहले शेखर से मकान बनाने के लिए 50 हजार रुपए उधार लिए थे। 10 सितंबर को जब शेखर ने अपने पैसे वापस मांगे, तो अनिल, राजवीर, विनोद, शेट्टी, अमित, बिंदर और उनके घर की महिलाओं ने शेखर की दुकान पर पहुंचकर झगड़ा किया। साजिश रचकर बेरहमी से पीटा झगड़े के बाद शेखर दुकान बंद करके व्यायामशाला की ओर चला गया। आरोप है कि आरोपियों ने साजिश रचकर शेखर को लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटा, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं। गांव के अमन, कमल और रविंद्र ने शेखर को बचाया। इसके बाद, आरोपियों ने पुलिस को सूचना दी और शेखर को गिरफ्तार करवा दिया, जिसे बाद में जेल भेज दिया गया। मारपीट में लगी चोटों से हुई मौत शेखर के भाई नीटू पुत्र सतबीर ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 14 सितंबर को जब वह अपने भाई से मिलने जेल गया, तो उसे सूचना मिली कि शेखर को पानीपत सिविल अस्पताल भेजा गया है। अस्पताल पहुंचने पर नीटू ने शेखर को मृत पाया। नीटू ने आरोप लगाया कि उसके भाई की मौत आरोपियों द्वारा मारी गई चोटों के कारण हुई है। मामले की जांच जारी नीटू की शिकायत पर थाना मतलौड़ा में हत्या की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई थी। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए गांव कवि निवासी अनिल, राजवीर उर्फ काला और जितेंद्र उर्फ बिंदर को गिरफ्तार कर लिया है। मामले की आगे की जांच जारी है।
बाड़मेर में मेडिकल दुकानों पर नशीली टैबलेट्स सप्लाई करने वाले आरोपी को सदर थाना पुलिस और DST टीम ने संयुक्त कार्रवाई में गिरफ्तार किया है। करीब चार महीने पहले सेड़वा में बड़ी संख्या में नशीली दवाएं जब्त की गई थीं। उस मामले में गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के दौरान सप्लायर का नाम सामने आया था। 13,015 नशीली टैबलेट्स हुई थीं जब्त पुलिस के अनुसार, सेड़वा थाना पुलिस ने 15 अप्रैल को सूचना के आधार पर मेडिकल की आड़ में नशीली दवाएं बेचने वाले दुकानदार पांचाराम पुत्र फगलूराम निवासी सिंहाणियां, सेड़वा को गिरफ्तार किया था। उसके कब्जे से ट्रामाडोल और अल्प्राजोलम किस्म की कुल 13,015 नशीली टैबलेट्स जब्त की गई थीं। इस संबंध में सेड़वा थाने में मामला दर्ज किया गया था। पूछताछ में अचलाराम का नाम आया जांच के दौरान पांचाराम ने पुलिस को बताया कि वह नशीली टैबलेट्स अचलाराम पुत्र निंबाराम निवासी बानों की बेरी, ग्राम पंचायत खूमें की बेरी से लेकर आया था। इसके बाद पुलिस ने सप्लायर की भूमिका को लेकर जांच शुरू की। स्पेशल टीम ने किया गिरफ्तार एसपी चूनाराम जाट ने नशीली टैबलेट्स से जुड़े मामलों की जांच के लिए बाड़मेर डीएसपी के निर्देशन में सदर थाना पुलिस की स्पेशल टीम गठित की। टीम ने साक्ष्य जुटाकर जांच की और आरोपी अचलाराम को डिटेन किया। पूछताछ के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी से पूछताछ जारी पुलिस आरोपी से नशीली दवाओं की सप्लाई और नेटवर्क को लेकर गहनता से पूछताछ कर रही है। कार्रवाई में एएसआई दिनेश, हेड कांस्टेबल प्रेमाराम, कांस्टेबल लाभुराम, शंकरसिंह, मांगीलाल, DST कांस्टेबल शंभुराम, निम्बसिंह, आईदानसिंह और ड्राइवर गोकुलराम शामिल रहे।
लखनऊ में एक बिल्डर से विभूतिखंड स्थित एक कंपनी के तीन कर्मचारियों ने चांदी के कारोबार में निवेश के नाम पर 2.20 करोड़ रुपए ऐंठ लिए। ठगों ने 50 प्रतिशत हिस्सेदारी का झांसा दिया फिर मुकर गए। पीड़ित की शिकायत पर डीसीपी पूर्वी डॉ. दीक्षा के आदेश से बुधवार को विभूतिखंड पुलिस ने तीनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। गोमतीनगर के विजयंत खंड निवासी बिल्डर राजेंद्र प्रसाद वर्मा ने पुलिस से की शिकायत में बताया कि मरलायन सेल्स ओपीसी प्राइवेट लिमिटेड का मुख्यालय सिद्धार्थनगर के रुद्रपुर में है और ब्रांच विभूतिखंड स्थित डीएलएफ माईपैड में है। वह कंपनी के कर्मचारी सुशील कुमार पांडेय, अक्षय कुमार सिन्हा और एक अन्य कर्मचारी के साथ करीब दस साल से कारोबार कर रहे थे। कंपनी के कार्यालय में जाकर मारपीट की उन्होंने बताया साल 2022 में सुशील और उसके साथियों ने राजेंद्र को चांदी के कारोबार में निवेश करने का प्रस्ताव दिया। इसके बदले कारोबार में 50 प्रतिशत हिस्सेदारी देने की बात कही गई। आरोप है कि भरोसा करके राजेंद्र ने 18 जुलाई से 21 अक्तूबर 2022 के बीच अलग-अलग किस्तों में कुल 2.20 करोड़ रुपए निवेश किए। 30 अप्रैल तक न तो उन्हें निवेश का मुनाफा दिया गया और न ही मूल रकम लौटाई गई। रकम वापस मांगने के लिए कंपनी के कार्यालय पहुंचने पर आरोपियों ने उनके साथ मारपीट की। घटना के बाद वह डर गए और कुछ समय बाद डीसीपी पूर्वी से शिकायत की। दस्तावेज जुटाकर जांच करेगी पुलिस विभूतिखंड इंस्पेक्टर उपेंद्र सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में शिकायत सही पाए जाने के बाद तीन आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। पुलिस जल्द ही पीड़ित से संपर्क कर कारोबार और निवेश से संबंधित दस्तावेज जुटाएगी। फिर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विकास परियोजनाओं मे देरी बर्दाश्त नहीं, गड़बड़ी पर तय होगी जवाबदेही, ऐक्शन में सीएम योगी
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि एक्सप्रेसवे को केवल परिवहन परियोजना के रूप में नहीं, बल्कि उद्योग, निवेश, रोजगार और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को गति देने वाले कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जाए।
प्रशांत किशोर की दिखी हनक, इकलौते MLA से बैठक में मुख्य सचिव, डीजीपी, सेक्रेटरी, कमिश्नर तक मौजूद
बांकीपुर उपचुनाव जीतकर जन सुराज पार्टी के इकलौते विधायक बने प्रशांत किशोर की हनक की चर्चा बिहार के राजनीतिक गलियारों में होने लगी है। पीके की गुरुवार को बिहार के मुख्य सचिव और डीजीपी समेत विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक हुई।
विदिशा में कांग्रेस ने गुरुवार को बढ़ती महंगाई के विरोध में अनोखा प्रदर्शन किया। जिला कांग्रेस के निर्देश पर नगर कांग्रेस ने माधवगंज चौराहे से तिलक चौक तक रैली निकाली। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने महंगी शक्कर को बंदूक के पहरे में रखकर और प्याज की माला पहनकर सरकार की नीतियों का विरोध किया। उन्होंने महंगाई के आंकड़ों वाली तख्तियां भी प्रदर्शित कीं, जिन पर वर्ष 2014 और 2026 के बीच आवश्यक वस्तुओं के दामों की तुलना दर्शाई गई थी। कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एक हाथ ठेले पर शक्कर रखी, जिसके चारों ओर बंदूकें लिए कार्यकर्ता तैनात थे। यह प्रतीकात्मक विरोध था, जिसमें दर्शाया गया कि शक्कर इतनी महंगी हो गई है कि अब उसकी सुरक्षा के लिए भी पहरा लगाना पड़ रहा है। बाद में, जब कांग्रेस नेता थाल में रखकर लोगों को शक्कर बांट रहे थे, तब भी उनके पीछे एक कार्यकर्ता बंदूक लिए चल रहा था। इस अनूठे तरीके ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। रैली में कई कार्यकर्ताओं ने गले में प्याज की माला पहनकर महंगाई का विरोध किया। कुछ कार्यकर्ता अर्धनग्न अवस्था में भी प्रदर्शन करते दिखे। एक ऑटो रिक्शा में लाउडस्पीकर लगाकर महंगाई विरोधी गीत बजाए गए। ढपले और दल-घोड़ी के साथ कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपना आक्रोश व्यक्त किया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि महंगाई केवल आंकड़ों का विषय नहीं है, बल्कि इसका सीधा असर आम परिवार की रसोई और घरेलू बजट पर पड़ रहा है। खाद्य सामग्री, पेट्रोल, रसोई गैस, बिजली के बिल और अन्य जरूरी वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी से गरीब, मजदूर, कर्मचारी, छोटे व्यापारी और मध्यम वर्ग परेशान है। 2014 और 2026 के दामों की तुलना वाले पोस्टरप्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं के हाथों में ऐसे पोस्टर भी नजर आए, जिनमें 2014 और 2026 के बीच जरूरी खाद्य वस्तुओं की कीमतों की तुलना की गई थी। कांग्रेस ने इन आंकड़ों के जरिए सरकार को घेरते हुए कहा कि आमदनी की तुलना में खर्च लगातार बढ़ रहा है और परिवारों का बजट बिगड़ता जा रहा है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष मोहित रघुवंशी और नगर कांग्रेस अध्यक्ष रवि साहू की अगुवाई में निकाली गई रैली में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और विभिन्न मोर्चा संगठनों के पदाधिकारी शामिल हुए। रैली माधवगंज चौराहे से शुरू होकर तिलक चौक तक पहुंची, जहां कार्यकर्ताओं ने महंगाई के खिलाफ नारेबाजी की। सरकार से कीमतें नियंत्रित करने की मांगकांग्रेस नेताओं ने सरकार से खाद्य पदार्थों और रोजमर्रा की जरूरी वस्तुओं की बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार को आम जनता को महंगाई से राहत देने के लिए प्रभावी कदम उठाने चाहिए। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि महंगाई और आम जनता से जुड़े मुद्दों पर जल्द प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। नेताओं ने आम लोगों से भी महंगाई के खिलाफ चलाए जा रहे जनअभियान में शामिल होने की अपील की।
झुंझुनूं जिले की 19 नगर निकायों में नगरीय निकाय चुनाव-2026 के लिए गुरुवार से नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई। पहले दिन 35 अभ्यर्थियों ने कुल 42 नामांकन पत्र दाखिल किए। उदयपुरवाटी में सबसे ज्यादा 12 अभ्यर्थियों ने 18 पर्चे भरे, जबकि चिड़ावा में 11 और खेतड़ी में 5 अभ्यर्थियों ने नामांकन किया। वहीं झुंझुनूं नगर परिषद में सिर्फ एक नामांकन हुआ, जबकि जिले की 10 निकायों में पहले दिन एक भी पर्चा दाखिल नहीं हुआ। उदयपुरवाटी में 12 अभ्यर्थियों ने भरे 18 पर्चे जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. अरुण गर्ग ने बताया - उदयपुरवाटी में पहले दिन सबसे ज्यादा 12 अभ्यर्थियों ने 18 नामांकन पत्र दाखिल किए। चिड़ावा नगरपालिका में 11 अभ्यर्थियों ने 11, खेतड़ी में 5 अभ्यर्थियों ने 5 और डूंडलोद में 2 अभ्यर्थियों ने 2 नामांकन पत्र जमा किए। झुंझुनूं नगर परिषद में सिर्फ एक नामांकन झुंझुनूं नगर परिषद में पहले दिन केवल एक अभ्यर्थी ने एक नामांकन पत्र दाखिल किया। इसके अलावा सुल्ताना में एक अभ्यर्थी ने दो नामांकन पत्र, सिंघाना में एक अभ्यर्थी ने एक, नवलगढ़ में एक अभ्यर्थी ने एक और मलसीसर में एक अभ्यर्थी ने एक नामांकन पत्र जमा कराया। इन 10 निकायों में नहीं आया कोई पर्चा पहले दिन बगड़, मंड्रेला, पिलानी, विद्याविहार, सूरजगढ़, बुहाना, जाखल, मुकुंदगढ़, मंडावा और बिसाऊ में किसी भी अभ्यर्थी ने नामांकन पत्र दाखिल नहीं किया। नामांकन के साथ तेज होगी चुनावी सरगर्मी नामांकन प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही जिले में चुनावी गतिविधियां तेज हो गई हैं। आने वाले दिनों में राजनीतिक दलों के अधिकृत प्रत्याशियों और निर्दलीय उम्मीदवारों के नामांकन दाखिल करने की संभावना है। नामांकन के अंतिम दिनों में अधिकांश निकायों में बड़ी संख्या में उम्मीदवारों के पर्चे दाखिल होने की उम्मीद है।
रीवा के सिविल लाइन थाने में भाजपा नेता बंसीलाल साहू से विवाद के बाद थाना प्रभारी विजय सिंह बघेल को लाइन अटैच कर दिया गया है। एसपी डॉ. गुरूकरण सिंह ने गुरुवार को आदेश जारी कर उन्हें रक्षित केंद्र भेज दिया। उन्हें तत्काल थाना प्रभारी के पद से हटकर स्थापना शाखा में आमद देने के निर्देश दिए गए हैं। मामला कोरेक्स के साथ पकड़े गए पुनीत साहू उर्फ पंकज से जुड़ा है। पुलिस के मुताबिक पुनीत को आइसक्रीम के ठेले से 12 सीसी कोरेक्स के साथ पकड़ा गया था। पुनीत ने खुद को निर्दोष बताया था। इसी मामले में भाजपा नेता बंसीलाल साहू उसके पक्ष में सिविल लाइन थाने पहुंचे थे। बंसीलाल का कहना था कि वह आरोपी के मामले में आवेदन देने आए थे, लेकिन थाने में आवेदन नहीं लिया जा रहा था। इसके बाद वे थाने के गेट पर बैठ गए। इसी दौरान टीआई विजय सिंह बघेल वहां पहुंचे और दोनों के बीच बहस शुरू हो गई। वीडियो में टीआई गुस्से में नजर आ रहे हैं। भाजपा नेता का आरोप है कि टीआई ने हाथ मारकर उन्हें वहां से उठाया। बहस के दौरान टीआई ने कहा कि शासकीय काम में बाधा डालोगे तो मुकदमा दर्ज कर दूंगा। उन्होंने बंसीलाल से नाम पूछकर कहा- “बंसीलाल, तेरे खिलाफ मुकदमा कर रहा हूं।” टीआई ने यह भी कहा कि यह भीड़तंत्र नहीं है और एक-एक व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा कर दूंगा। उन्होंने कहा पूरा दम लगा ले और जो करना है कर ले। इस पर भाजपा नेता ने कहा कि वह कोई नौटंकी नहीं कर रहे हैं। थाना प्रभारी विजय सिंह ने बताया था कि आरोपी को 12 सीसी कोरेक्स के साथ पकड़ा गया है। उनका कहना था कि वरिष्ठ अधिकारियों को आवेदन देने के बाद भी भाजपा नेता थाने के गेट पर बैठ गए थे। इसी वजह से उन्हें वहां से हटाया गया। अब विवाद के बाद एसपी ने विजय सिंह बघेल को सिविल लाइन थाना प्रभारी के पद से हटाकर रक्षित केंद्र में पदस्थ कर दिया है। आदेश में प्रशासनिक दृष्टिकोण से यह कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है।
कचनेर वाले बाबा यानी चिंतामणी पार्श्वनाथ की करीब 250 साल पुरानी चमत्कारिक प्रतिमा और उससे जुड़ी मान्यताएं अब बड़े पर्दे पर दिखाई देंगी। ‘द कॉल ऑफ कचनेर’ नाम से बन रही फिल्म की इन दिनों इंदौर और आसपास के क्षेत्रों में शूटिंग चल रही है। फिल्म की शूटिंग कुल 22 दिनों तक चलेगी और सितंबर के पहले सप्ताह तक पूरी होने की उम्मीद है। निर्माताओं के अनुसार नवंबर में फिल्म को देश के करीब 70 सिनेमाघरों में रिलीज करने की तैयारी है। फिल्म की कहानी महाराष्ट्र के संभाजीनगर (औरंगाबाद) के पास स्थित कचनेर दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र के चिंतामणी पार्श्वनाथ की प्रतिमा से जुड़ी मान्यता पर आधारित है। मान्यता के अनुसार करीब 250 साल पहले यह प्रतिमा जमीन से प्रकट हुई थी। ग्रामीणों ने इसे स्थापित कर पूजा-अर्चना शुरू की। एक घटना में प्रतिमा खंडित हो गई, जिसके बाद भगवान के स्वप्न में दिए आदेश के अनुसार प्रतिमा को सात दिनों तक घी-शक्कर के घोल से लेपित कर मिट्टी में गाड़ दिया गया। मान्यता है कि आठवें दिन प्रतिमा दोबारा जुड़ी हुई मिली और उसके जोड़ पर रक्त के निशान दिखाई दिए। फिल्म में इसी चमत्कारिक प्रसंग और उससे जुड़ी घटनाओं को कहानी के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। इंदौर में जुटे 60 से ज्यादा क्रू मेंबर फिल्म की शूटिंग के लिए 60 से अधिक क्रू मेंबर इंदौर पहुंचे हैं। फिल्म में वरिष्ठ अभिनेता सुधीर पांडे, टीवी अभिनेत्री शिल्पा मेहता, ‘मिर्जापुर’ सीरीज से जुड़े अभिनेता लक्की खान, मिस यूनिवर्स इंडिया-2018 सलोनी नारंग धाकड़ और इंदोरी गोविंदा के नाम से पहचाने जाने वाले कलाकार श्याम पांडे समेत करीब 12 कलाकार अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। फिल्म के निर्माता राहुल सेठी और पीयूष रावका हैं। कलाकारों के मुताबिक फिल्म में धार्मिक कहानी के साथ गीत-संगीत और मनोरंजन को भी शामिल किया गया है, ताकि इसे परिवार के सभी सदस्य देख सकें। कलाकारों ने इंदौर में शूटिंग के अनुभव साझा करते हुए स्थानीय लोगों के सहयोग की भी सराहना की। इंदौर के आसपास भी हो रही शूटिंग फिल्म की शूटिंग इंदौर तक सीमित नहीं है। कहानी की जरूरत के अनुसार शहर के आसपास और अन्य स्थानों पर भी अलग-अलग दृश्य फिल्माए जा रहे हैं। निर्माताओं का कहना है कि चमत्कारिक प्रसंग को वास्तविक लोकेशन और सिनेमाई प्रस्तुति के जरिए दर्शकों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। निर्माताओं के अनुसार संत शिरोमणि प.पू. विद्यासागर महाराज के प्रभावक शिष्य राष्ट्रसंत मुनि पुंगव प.पू. श्री सुधासागर महाराज की प्रेरणा से भी फिल्म निर्माण में सहयोग मिला है। सितंबर में शूटिंग पूरी, नवंबर में रिलीज की तैयारी फिल्म की शूटिंग सितंबर के पहले सप्ताह में पूरी होने के बाद पोस्ट प्रोडक्शन का काम शुरू होगा। निर्माताओं को उम्मीद है कि नवंबर में ‘द कॉल ऑफ कचनेर’ देशभर के करीब 70 सिनेमाघरों में प्रदर्शित की जा सकेगी।
बालाघाट के मडकाटोला गांव में गुरुवार, 27 अगस्त को एक तेंदुआ बकरी का शिकार करने के लिए एक किसान के घर में घुस गया। किसान की सूझबूझ से तेंदुए को घर के अंदर ही कैद कर लिया गया, जिसके बाद वन विभाग को सूचना दी गई। जानकारी के अनुसार, मोहगांव पंचायत के बकवाड़ा गांव स्थित मडकाटोला में किसान तेजलाल मरकाम को बकरियों की आवाज सुनकर घर में तेंदुए के घुसने का आभास हुआ। उन्होंने तुरंत घर का दरवाजा बंद कर तेंदुए को अंदर ही रोक लिया। तुरंत वन अमले को दी जानकारी तेजलाल मरकाम ने तत्काल वन विकास निगम लामता के परियोजना अधिकारी राजेंद्र जरगे को सूचना दी। वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी मिलने के बाद वन अमला मौके पर पहुंचा। इस घटना को देखने के लिए आसपास के ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। घटना की सूचना पर उत्तर सामान्य वन मंडल का अमला, चांगोटोला और लामता पुलिस भी मौके पर पहुंची। रेस्क्यू अभियान को सुरक्षित ढंग से संचालित करने के लिए कान्हा राष्ट्रीय उद्यान से एक पशु चिकित्सक को भी बुलाया गया। वन विभाग की टीम ने तेंदुए को सुरक्षित बाहर निकाला। परियोजना अधिकारी राजेंद्र जरगे ने बताया कि तेंदुए की उम्र करीब डेढ़ से दो वर्ष है और स्वास्थ्य परीक्षण में वह स्वस्थ पाया गया। रेस्क्यू के बाद उसे सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया गया। इस कार्रवाई के दौरान परियोजना अधिकारी राजेंद्र जरगे, सहायक परियोजना अधिकारी सतीश कुमारे, जितेंद्र बांगरे, वन परिक्षेत्र अधिकारी देवेंद्र रंगारे सहित अन्य वन अमला मौजूद रहा। रेस्क्यू की अन्य तस्वीरें…
रक्षाबंधन को लेकर गुरुवार को पाली शहर के एसपी ऑफिस परिसर में ‘रक्षा का वचन’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें एसपी मोनिका सैन स्कूली बच्चों से आत्मीयता से मिलीं। बालिकाओं ने उन्हें राखी बांधी और एसपी ने बच्चों का मुंह मीठा करवाया। एसपी मोनिका सैन ने बच्चों से कहा कि पुलिस अधिकारियों का काम उनकी रक्षा करना है, इसलिए उन्हें पुलिस से डरने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि बच्चे बेझिझक पुलिस अधिकारियों के पास आएं, बात करें और किसी तरह की समस्या होने पर उसे बताएं। एसपी की बात सुनकर स्टूडेंट्स के चेहरों पर मुस्कान के साथ आत्मविश्वास भी नजर आया। प्रियंका ने एसपी से मांगा ऑटोग्राफ कार्यक्रम के दौरान 10वीं कक्षा की छात्रा प्रियंका ने अपनी नोटबुक निकाली और एसपी मोनिका सैन से कहा- ‘एसपी मैडम, आप मेरी नोटबुक में साइन कर दीजिए। मुझे अच्छा लगेगा।’ एसपी ने मुस्कुराते हुए प्रियंका की नोटबुक में उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए संदेश लिखा और साइन किए। प्रियंका ने इसके लिए एसपी को धन्यवाद दिया और कहा कि वह नोटबुक को संभालकर रखेगी। एसपी का संदेश उसे आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगा। यह सुनकर एसपी भी मुस्कुरा दीं। पुलिस अधिकारियों को भी बांधा रक्षा सूत्र कार्यक्रम में बच्चों ने ASP जयसिंह तंवर, ASP महिला अनुसंधान सेल सुनील के. पंवार, CO सिटी मंगलेश चुंडावत, CO ग्रामीण अमरसिंह रत्नू, कोतवाल रविंद्र सिंह खिंची सहित बालिका पेट्रोलिंग टीम में शामिल महिला पुलिसकर्मियों के हाथों पर भी रक्षा सूत्र बांधे।
बिलासपुर में सावन उत्सव का लगातार दूसरे साल भव्य समापन हुआ। इस आयोजन में करीब 400 महिलाओं ने हिस्सा लिया। महिलाओं ने डांस, गायन-कविता और रैंप वॉक में अपनी प्रतिभा दिखाई। पूरे कार्यक्रम के दौरान महिलाओं में काफी उत्साह नजर आया। कार्यक्रम का आयोजन एडप्रयास की डायरेक्टर ममता पांडेय के नेतृत्व में किया गया। करीब 5 महिला समूहों ने इसमें हिस्सा लिया। हर समूह में कम से कम 30 महिलाएं शामिल थीं। डांस, गायन और रैंप वॉक में दिखी प्रतिभा सावन उत्सव में महिलाओं को तीन श्रेणियों में अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिला। इनमें डांस, सिंगिंग एवं पोएट्री और रैंप वॉक शामिल थे। फाइनल में छत्तीसगढ़ी संस्कृति से जुड़ी कई प्रस्तुतियां भी हुईं। सुआ नृत्य और शिव तांडव जैसी प्रस्तुतियों ने दर्शकों का ध्यान खींचा। इस आयोजन में केवल अनुभवी प्रतिभागियों को ही नहीं, बल्कि हर महिला को मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका दिया गया। महिलाओं ने एक-दूसरे का उत्साह भी बढ़ाया। स्वर्णिमा ग्रुप बना विजेता प्रतियोगिता के अलग-अलग वर्गों में बेहतर प्रदर्शन करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया। सोलो डांस में रजनी और ग्रुप डांस में रिमझिम ग्रुप ने पहला स्थान हासिल किया। गायन में श्रुति थवाईत और रैंप वॉक में अंशु प्रथम रहीं। पूरे आयोजन के प्रदर्शन और सहभागिता के आधार पर स्वर्णिमा ग्रुप को विजेता घोषित किया गया। विजेता समूह को 50 हजार रुपए का पुरस्कार दिया गया। साइबर सुरक्षा की भी दी जानकारी कार्यक्रम के दौरान पुलिस विभाग की ओर से साइबर अवेयरनेस कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। डीएसपी और अन्य अधिकारियों ने महिलाओं को साइबर सुरक्षा से जुड़ी जरूरी जानकारी दी।
राजसमंद जिले की 5 नगर निकायों में चुनावी नामांकन के पहले दिन गुरुवार को कुल 9 प्रत्याशियों ने पर्चे दाखिल किए। नाथद्वारा में सबसे ज्यादा 7 प्रत्याशियों ने नामांकन भरा, जिनमें कांग्रेस के 6 और आम आदमी पार्टी की 1 प्रत्याशी शामिल हैं। वहीं राजसमंद और आमेट में 1-1 नामांकन हुआ, जबकि भीम और देवगढ़ में पहले दिन किसी प्रत्याशी ने पर्चा दाखिल नहीं किया। नाथद्वारा में कांग्रेस के 6 प्रत्याशियों ने भरे पर्चे नाथद्वारा नगर पालिका चुनाव के लिए पहले दिन 7 प्रत्याशियों ने उपखंड कार्यालय पहुंचकर रिटर्निंग अधिकारी भागीरथ सिंह के समक्ष नामांकन पत्र पेश किए। इनमें वार्ड 18 से कांग्रेस के दिनेश एम. जोशी, वार्ड 13 से कमलेश कॉमरेड, वार्ड 15 से प्रियंका पुरोहित, वार्ड 33 से शूरवीर सिंह, वार्ड 37 से मोहन मीणा और वार्ड 30 से इंद्रा पालीवाल ने नामांकन दाखिल किया। इस दौरान PCC सदस्य देवकीनंदन गुर्जर, पर्यवेक्षक श्याम सुंदर शर्मा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे। आम आदमी पार्टी से पूजा यादव ने भरा नामांकन आम आदमी पार्टी की ओर से पूजा यादव ने वार्ड 31 के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। इस तरह नाथद्वारा में पहले दिन कुल 7 प्रत्याशियों ने पर्चे भरे। राजसमंद में 1, आमेट में भी 1 नामांकन नगर परिषद राजसमंद में वार्ड 6 से एक प्रत्याशी ने नामांकन पत्र दाखिल किया। वहीं नगर पालिका आमेट में भी एक प्रत्याशी ने पर्चा भरा। नगर पालिका भीम और देवगढ़ में पहले दिन कोई नामांकन नहीं आया। 31 सितंबर की तारीख में सुधार जरूरी नगर निकाय चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया 27 अगस्त से शुरू होकर 3 सितंबर तक चलेगी। प्रत्याशी 3 सितंबर तक नाम वापस ले सकेंगे। दी गई जानकारी में नामांकन प्रक्रिया के लिए 31 सितंबर की तारीख लिखी गई है, लेकिन सितंबर में 31 तारीख नहीं होती। इसलिए खबर में संबंधित आधिकारिक चुनाव कार्यक्रम के अनुसार तारीख की पुष्टि करना जरूरी है।
जोधपुर में शराब के नशे में एक युवक ने तेज रफ्तार कार दौड़ाते हुए ई स्कूटी समेत कई वाहनों को टक्कर मार दी। घटना के बाद सड़क पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और कार ड्राइवर को पकड़ लिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। घटना गुरुवार शाम को चौपासनी हाउसिंग बोर्ड थाना क्षेत्र के आदेश्वर नगर का है, जहां नगर निगम से अनुबंधित गाड़ी ने कई वाहनों को टक्कर मार दी। जानकारी के मुताबिक, गुरुवार शाम को नगर निगम से अनुमोदित गाड़ी का बोर्ड लगी कार आदेश्वर नगर से निकल रही थी। उसने E स्कूटी सहित कई वाहनों को टक्कर मारी। इसके चलते लोग भड़क गए। बाद में उन्होंने कार को रुकवा दिया। बताया जा रहा है कि कार में सवार ड्राइवर शराब के नशे पर था और वह जमीन पर लौटने लगा। बाद में उसे पुलिस पकड़कर थाने ले आई।
वैशाली के तीसीऔता थाना क्षेत्र में बेखौफ अपराधियों ने रक्षाबंधन की रात एक स्वर्ण व्यवसायी की गोली मारकर हत्या कर दी। दुकान बंद कर किराए के मकान पर लौट रहे 32 वर्षीय विशाल कुमार सोनी को बदमाशों ने सुनसान जगह पर घेरकर गोली मार दी। व्यवसायी को तीन गोलियां लगीं। वारदात के बाद अपराधी उनका बैग लेकर फरार हो गए। घटना बिन्दी चौक और राम सुरेश चौक के बीच की बताई जा रही है। सूचना मिलने पर पहुंची डायल 112 की पुलिस टीम गंभीर रूप से घायल विशाल कुमार सोनी को इलाज के लिए जंदाहा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर गई, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। देखें, मौके से आई तस्वीरें… सिलसिलेवार पढ़ें, पूरा मामला… दुकान से लौटते समय बनाया निशाना मृतक की पहचान मुजफ्फरपुर जिले के मनियारी थाना क्षेत्र निवासी विशाल कुमार सोनी के रूप में हुई है। वह विजय साह के पुत्र थे। विशाल पिछले करीब आठ वर्षों से तीसीऔता क्षेत्र में कामेश्वर साह के किराए के मकान में रह रहे थे और मकान से करीब एक किलोमीटर दूर लालबाबू राय के फूलकुमारी मार्केट में स्वर्ण व्यवसाय की दुकान चलाते थे। घात लगाए बदमाशों ने बनाया निशाना रक्षाबंधन को लेकर बाजार में देर तक दुकान खुली रहने के बाद विशाल रात में दुकान बंद कर अपने किराए के मकान लौट रहे थे। बताया जा रहा है कि वह मकान से करीब 500 मीटर पहले सुनसान जगह पर पहुंचे थे, तभी पहले से घात लगाए बदमाशों ने उन्हें निशाना बना लिया। अपराधियों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं और उनका बैग लेकर फरार हो गए। तीन गोली लगने से मौके पर गिरे गोली लगने के बाद विशाल गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े। वारदात की सूचना फैलते ही आसपास के लोगों में दहशत फैल गई और घटनास्थल पर भीड़ जुट गई। डायल 112 की टीम ने उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। डेढ़ साल पहले हुई थी शादी, एक महीने का बेटा विशाल कुमार सोनी की करीब डेढ़ साल पहले शादी हुई थी। उनका एक महीने का बेटा है। अचानक हुई हत्या की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। लूट, रंजिश या कोई और वजह, जांच में जुटी पुलिस स्वर्ण व्यवसायी की हत्या के पीछे का कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सका है। बैग लेकर बदमाशों के फरार होने के कारण लूट की आशंका भी जताई जा रही है। हालांकि पुलिस पुरानी रंजिश या अन्य कारणों से भी हत्या की जांच कर रही है। अपराधियों की पहचान के लिए आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है और पुलिस हर संभावित पहलू से मामले की जांच में जुटी है।
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आइआइटी दिल्ली ने छात्र ऋषिकेश कुमार की मौत की जांच के लिए गठित समिति का पुनर्गठन किया है, जिसकी अध्यक्षता अब सेवानिवृत्त न्यायाधीश मुक्ता गुप्ता करेंगी।
नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने शक्कर की बढ़ती कीमतों पर कहा कि “90 फीसदी लोग मीठा खाना पसंद नहीं करते हैं। मैं भी नहीं खाता हूं। अच्छा है, मैं तो कहता हूं शक्कर खूब महंगी हो जाए। इस बयान पर लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। लोगों का कहना है कि त्योहार के समय शक्कर के बढ़ते दाम से जुड़े सवाल पर समाधान बताने के बजाय मिठाई कम खाने की सलाह देना समस्या से बचने जैसा है। उनका मानना है कि जनप्रतिनिधि से अपेक्षा होती है कि वह जनता की परेशानी के साथ खड़ा हो, न कि उसे टालने का रास्ता बताए। युवाओं ने उठाया जिम्मेदारी का सवाल युवाओं का कहना है कि जनता ने नेताओं को वोट देकर जिम्मेदारी सौंपी है, ताकि वे ऐसी नीतियां और व्यवस्थाएं बनाएं, जिनसे आम लोगों को राहत मिले। उनके मुताबिक, अगर जनता की रोजमर्रा की परेशानियों का समाधान नहीं हो रहा है तो यह सरकार और जनप्रतिनिधियों की विफलता को दर्शाता है। लोगों बोले- हर किसी को मधुमेह नहीं लोगों का कहना है कि शक्कर से परहेज करने की सलाह हर व्यक्ति पर लागू नहीं की जा सकती। उनका तर्क है कि यदि स्वास्थ्य विशेषज्ञ ऐसी सलाह दें तो उसका संदर्भ अलग है, लेकिन मंत्री के तौर पर जनता की खाद्य जरूरतों और महंगाई से जुड़े सवाल का जवाब सिर्फ कम मीठा खाने की सलाह नहीं हो सकता। मीठे से ही हर खुशी की शुरुआतलोगों के मुताबिक, रक्षाबंधन पर मिठाई सिर्फ खाने की चीज नहीं, बल्कि भाई-बहन के रिश्ते में मिठास का प्रतीक है। सुबह की मीठी चाय से लेकर त्योहारों की मिठाई तक, भारतीय परिवारों में मिठास रोजमर्रा और परंपराओं का हिस्सा है। ऐसे में त्योहार के ठीक पहले ‘40 के बाद मिठाई मत खाइए’ कहना लोगों को भावनात्मक रूप से भी खटक रहा है। पार्टी के पहले के बयानों पर भी सवाल जनता का कहना है कि पार्टी के बयानों को लेकर पहले भी विवाद सामने आते रहे हैं। लोगों ने पुराने बयानों का हवाला देते हुए कहा कि कभी सोना न पहनने, पेट्रोल महंगा होने पर अनावश्यक बाहर न निकलने और रुपए की कीमत गिरने पर विदेश यात्रा से बचने की सलाह दी गई, अब शक्कर महंगी होने पर मिठाई कम खाने की बात कही जा रही है। लोगों का सवाल है कि अगर इसी तरह हर महंगाई का समाधान चीजें कम इस्तेमाल करना है, तो आम आदमी की परेशानियों का समाधान आखिर कैसे होगा?
रक्षाबंधन से एक दिन पहले गुरुवार की शाम यूपी के कई शहरों में भीषण जाम लग गया। लखनऊ, मेरठ और गाजियाबाद समेत कई शहर घंटों जाम की चपेट में रहे। चौराहों, हाईवे और एक्सप्रेस-वे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। लखनऊ में अयोध्या हाईवे पर गाड़ियां रेंगतीं दिखीं। गाजियाबाद में दिल्ली-जयपुर हाईवे पर करीब 20 किलोमीटर लंबा जाम लग गया। VIDEO देखिए…
बेटमा थाना क्षेत्र के काली बिल्लौद में भोजन के बाद एक ही परिवार की तीन मासूम बच्चियों की मौत का मामला सामने आया है। तीनों बहनों की उम्र 10, 8 और 5 साल बताई जा रही है। ये मौत पिछले दो दिन में एक-एक करके हुई है। इनमें दो बच्चियों ने इंदौर में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया, जबकि तीसरी बच्ची को परिजन छत्तीसगढ़ ले जा रहे थे। रास्ते में उसकी तबीयत बिगड़ने पर इटारसी के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी भी मौत हो गई। तीनों बच्चियां मूल रूप से छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा की रहने वाली थीं और अपने माता-पिता के साथ काली बिल्लोद, देपालपुर में रह रही थीं। घटना के बाद पुलिस और स्वास्थ्य विफाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है। बच्चियों की मौत वास्तव में फूड पॉइजनिंग से हुई या इसके पीछे कोई अन्य कारण है, यह पोस्टमॉर्टम और बिसरा रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट होगा। देर रात खाना खाने के बाद बिगड़ी थी तबीयत पीथमपुर स्थित एलएंडटी कंपनी में काम करने वाले नरेंद्र सिंह अपनी पत्नी अमरोतिन और बच्चों के साथ बेटमा क्षेत्र में रहते हैं। परिजनों के अनुसार बुधवार रात परिवार के सदस्यों ने घर में बना दाल, चावल, रोटी और सब्जी खाई थी। खाना खाने के कुछ ही समय बाद तीनों बच्चियों की तबीयत बिगड़ने लगी। उन्हें लगातार उल्टी और दस्त होने लगे। कुछ ही देर में उनकी हालत गंभीर हो गई। परिजन तीनों को इलाज के लिए पहले बेटमा और फिर इंदौर के अलग-अलग अस्पतालों में लेकर पहुंचे। पहले बेटमा व इंदौर दो बच्चियों की मौत अस्पताल पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने दो बच्चियों को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजन दोनों बच्चियों के शव लेकर एंबुलेंस से अपने पैतृक गांव जांजगीर-चांपा के लिए रवाना हो गए। रास्ते में तीसरी बच्ची की भी हालत बिगड़ी दोनों शवों के साथ एंबुलेंस से छत्तीसगढ़ जा रहे परिजनों के साथ तीसरी बच्ची भी थी। रास्ते में उसकी तबीयत अचानक ज्यादा बिगड़ गई। परिजन उसे तत्काल इटारसी के सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने बच्ची का इलाज शुरू किया, लेकिन उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ और इलाज के दौरान उसने भी दम तोड़ दिया। इस तरह कुछ ही घंटों के अंतराल में तीन बहनों की मौत हो गई। पुलिस को फूड पॉइजनिंग का संदेह, जांच शुरू घटना की जानकारी मिलने के बाद बेटमा पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी। टीआई सौरभ पांडे के मुताबिक प्रथम दृष्टया मामला फूड पॉइजनिंग का प्रतीत हो रहा है, क्योंकि खाना खाने के बाद परिवार के सदस्यों की तबीयत बिगड़ी थी। सीएमएचओ डॉ. माधव हसानी ने बताया कि तीनों को कौन-कौन से अस्पताल ले गए थे इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। परिवार के घर अभी ताला है और वे इटारसी में है। तीनों बच्चों का पोस्टमॉर्टम वही हुआ है। इलाज के दस्तावेज, पीएम रिपोर्ट मिलने और परिवार के बयान के बाद ही मौत के कारण का खुलासा होगा इटारसी में तीनों बच्चियों का पोस्टमॉर्टम उधर, पुलिस ने तीनों बच्चियों के शवों को अपने कब्जे में लेकर इटारसी के सरकारी अस्पताल में पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया शुरू कराई है। पोस्टमॉर्टम के बाद बिसरा सुरक्षित रखकर जांच के लिए भेजा जाएगा। पुलिस परिवार के सदस्यों से पूछताछ करने के साथ-साथ खाने के सैंपल और अन्य संभावित साक्ष्यों की भी जांच कर सकती है। यह भी पता लगाया जाएगा कि परिवार के अन्य सदस्यों ने भी वही खाना खाया था या नहीं और उनकी तबीयत पर उसका क्या असर हुआ।
रायसेन जिले के शासकीय हाई स्कूल गुंदरई कॉलोनी में फीस वसूली, विद्यार्थियों को धमकी देने और अनियमितताओं के आरोपों के बाद शिक्षक संतोष रजक को निलंबित कर दिया गया है। जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) डीडी रजक ने गुरुवार शाम निलंबन के आदेश जारी किए। जांच में शिक्षक को प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया था। डीईओ के अनुसार, जिला शिक्षा कार्यालय ने शासकीय आदर्श कन्या स्कूल के प्राचार्य के नेतृत्व में दो सदस्यीय जांच दल स्कूल भेजा था। सुल्तानपुर तहसीलदार की जांच रिपोर्ट में भी शिक्षक संतोष रजक को प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई। इस मामले में स्कूल की प्रभारी प्राचार्य प्रेम मंडी इक्का के खिलाफ कार्रवाई के लिए संयुक्त संचालक, लोक शिक्षण भोपाल को प्रतिवेदन भेजा गया है। शिक्षक संतोष रजक पर विद्यार्थियों से परीक्षा फीस के नाम पर पैसे लेने, रसीद न देने, बच्चों को धमकाने और स्कूल में अन्य अनियमितताओं के आरोप लगे थे। इन आरोपों को लेकर विद्यार्थी परिषद ने स्कूल परिसर में कई घंटे धरना प्रदर्शन कर कार्रवाई की मांग की थी। इसी क्रम में, कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा ने गुरुवार को गैरतगंज विकासखंड की ग्राम पंचायत गढ़ी में शासकीय स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने स्कूल में विद्यार्थियों की कक्षावार संख्या, नियमित उपस्थिति, शैक्षणिक प्रगति और पिछले वर्ष के परीक्षा परिणामों की जानकारी ली। कलेक्टर ने शिक्षकों को शत-प्रतिशत परीक्षा परिणाम लाने के लक्ष्य के साथ मेहनत करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने विभिन्न कक्षाओं में जाकर विद्यार्थियों से उनकी पढ़ाई, स्कूल की सुविधाओं, मध्यान्ह भोजन और शिक्षकों की उपस्थिति के बारे में पूछा। उन्होंने विद्यार्थियों से पाठ्यपुस्तक के पाठ भी पढ़वाए और उन्हें नियमित रूप से स्कूल आने तथा लक्ष्य निर्धारित कर मेहनत करने के लिए प्रेरित किया। इसके बाद, कलेक्टर ने आंगनवाड़ी केंद्र का भी निरीक्षण किया। उन्होंने बच्चों की उपस्थिति, पोषण आहार की स्थिति और केंद्र पर संचालित गतिविधियों की जानकारी ली। कलेक्टर ने बच्चों से संवाद कर उनकी रुचियों और दैनिक गतिविधियों के बारे में भी पूछा।
यूपी में बिजली कनेक्शन लेने वालों को बड़ी राहत, सरकार ने आसान की प्रक्रिया, जानें नए नियम
यूपी में बिजली कनेक्शन लेने की प्रक्रिया में उपभोक्ताओं को बड़ी राहत दी गई है। सरकार ने 50 किलोवाट तक के विद्युत कनेक्शनों के लिए विद्युत ठेकेदार द्वारा जारी कार्यपूरक प्रमाण पत्र की अनिवार्यता में महत्वपूर्ण छूट दी गई है।
हापुड़ के गढ़ी मोहल्ला स्थित हमीद चौक पर गुरुवार शाम चार्जिंग के दौरान एक इलेक्ट्रिक स्कूटी में अचानक आग लग गई। स्कूटी से धुआं और आग की लपटें उठती देख आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए आग बुझाने का प्रयास शुरू कर दिया, जिससे आग आसपास की दुकानों और वाहनों तक फैलने से बच गई। जानकारी के अनुसार, हमीद चौक निवासी शाहनवाज गुरुवार शाम करीब 5 बजे अपनी इलेक्ट्रिक स्कूटी चार्ज कर रहे थे। इसी दौरान स्कूटी में अचानक आग लग गई। कुछ ही देर में उससे धुआं निकलने लगा और आग की लपटें तेज हो गईं। आग लगते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और पानी समेत अन्य साधनों से आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। लगातार प्रयास के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है, लेकिन स्कूटी को काफी नुकसान पहुंचा है। आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं स्थानीय लोगों के मुताबिक, स्कूटी में आग चार्जिंग के दौरान लगी, लेकिन आग लगने के वास्तविक कारण का अभी पता नहीं चल सका है। घटना के बाद कुछ समय तक मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। सीओ मुनीश चंद्र ने बताया कि इलेक्ट्रिक स्कूटी में आग लगने की सूचना मिली थी। घटना में कोई जनहानि नहीं हुई है। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।
देवास में भोपाल बायपास पर जामगोद के पास गुरुवार को एक तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक सवार दंपती को पीछे से टक्कर मार दी। इस हादसे में बाइक पर सवार महिला की मौके पर ही गंभीर चोटों के कारण मौत हो गई, जबकि उनके पति घायल हो गए। जानकारी के अनुसार, उज्जैन के घटिया निवासी शोभाबाई (पति गणेश परमार) अपने पति के साथ गुरुवार शाम को भौंरासा जा रही थीं। वे अपने भाई के यहां राखी का त्योहार मनाने निकली थीं। जामगोद के पास पीछे से आ रहे ट्रक ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही दोनों बाइक से नीचे गिर गए और शोभाबाई ट्रक की चपेट में आ गईं। पति गणेश परमार को हल्की चोटें आई हैं। गणेश परमार ने बताया कि ट्रक ने उनकी बाइक को पीछे से टक्कर मारी थी। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। दोनों को एंबुलेंस से जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद शोभाबाई को मृत घोषित कर दिया। महिला का शव पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल की मर्चुरी में रखवाया गया है। पुलिस ने इस सड़क हादसे की जांच शुरू कर दी है।
रक्षाबंधन पर अलीगढ़ में ट्रैफिक का नया रूट:भारी वाहनों की शहर में एंट्री बंद, बसों के भी बदले रास्ते
अलीगढ़ में रक्षाबंधन पर बाजारों और सड़कों पर बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए पुलिस ने शुक्रवार को यातायात डायवर्जन लागू करने का फैसला लिया है। शहर को जाम से बचाने के लिए भारी और व्यावसायिक वाहनों की एंट्री पर रोक रहेगी। रोडवेज और प्राइवेट बसों के रूट भी बदले गए हैं। एंबुलेंस और इमरजेंसी वाहनों को डायवर्जन से बाहर रखा गया है। खैर और टप्पल की तरफ से अलीगढ़, खैरेश्वर चौराहे की ओर आने वाले भारी वाहनों को शहर में प्रवेश नहीं मिलेगा। इन्हें गोंडा, इगलास और सोमना की तरफ डायवर्ट किया जाएगा। हल्के वाहन लोधा के मूसेमऊ से जिरौली मोड़ और हरिदासपुर तिराहे से जीटी रोड होकर आगे जा सकेंगे। मथुरा-इगलास रूट पर भी भारी वाहनों की एंट्री बंद मथुरा और इगलास की ओर से अलीगढ़, खैरेश्वर चौराहा और नादा पुल की तरफ आने वाले भारी वाहनों को रोका जाएगा। इन्हें पुराने बाईपास स्थित मथुरा पेट्रोल पंप गंदानाला से वन चेतना केंद्र मडराक की ओर भेजा जाएगा। खुर्जा, बुलंदशहर और दिल्ली जाने वाले वाहनों को इगलास से गोंडा-खैर मार्ग की ओर डायवर्ट किया जाएगा। आगरा से आने वाले भारी वाहन NH-34 से जाएंगे आगरा की ओर से अलीगढ़ शहर और सासनीगेट की तरफ आने वाले भारी व व्यावसायिक वाहनों को शहर में प्रवेश नहीं मिलेगा। इन्हें NH-34 से उनके गंतव्य की ओर भेजा जाएगा। अतरौली से रामघाट रोड होकर अलीगढ़ और क्वार्सी चौराहे की तरफ आने वाले भारी वाहनों को अवंतीबाई चौराहे से छर्रा, गंगीरी, अकराबाद, कासगंज या गोधा-छतारी-डिबाई की ओर डायवर्ट किया जाएगा। बुलंदशहर और डिबाई की ओर से आने वाले भारी वाहनों को सुमेरा झाल, थाना जवां से बरौली होते हुए गभाना की ओर भेजा जाएगा। इसके अलावा खैरेश्वर चौराहा-नादा पुल-सारसौल और भांकरी-महेशपुर तिराहे से सारसौल की ओर भारी वाहनों का आवागमन पूरी तरह बंद रहेगा। रोडवेज बसें भी शहर में नहीं घुसेंगी रक्षाबंधन पर रोडवेज बसों के रूट में भी बदलाव किया गया है। बोनेर तिराहा, कमालपुर, आगरा चेंजर, मथुरा चेंजर, खैरेश्वर चौराहा और भांकरी से आने वाली रोडवेज बसों को शहर में प्रवेश नहीं मिलेगा। ये बसें बाईपास होकर जाएंगी। अतरौली-रामघाट रोड से आने वाली बसों को अवंतीबाई चौराहे से डायवर्ट किया जाएगा। बुलंदशहर, डिबाई, पहासू और संभल की बसें महेशपुर तिराहे तक आकर वापस लौटेंगी। प्राइवेट बसों के भी बदले रूट इगलास: मथुरा चेंजर से बसें चलेंगी। सासनी: आगरा चेंजर से संचालन होगा। खैर: लोधा के हरिदासपुर तिराहे से बसें चलेंगी। पुलिस ने साफ किया है कि एम्बुलेंस और अन्य आपातकालीन वाहनों को डायवर्जन से छूट रहेगी। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि रक्षाबंधन पर घर से निकलने से पहले बदले हुए रूट का ध्यान रखें, ताकि जाम में फंसने से बच सकें।
श्रीगंगानगर के सादुलशहर में धानका समाज ने नगरपालिका चुनाव के बहिष्कार का सामूहिक फैसला लिया है। समाज ने वार्ड 1 से 25 तक धानका समाज के परिवारों वाले वार्डों में किसी भी सदस्य के मतदान नहीं करने का निर्णय किया है। समाज की मुख्य मांग धानका समाज के लोगों के ST प्रमाण पत्र जारी करने की है। प्रतिनिधियों ने कहा कि जो राजनीतिक दल, नेता या जनप्रतिनिधि ST प्रमाण पत्र जारी करवाने के लिए ठोस पहल और प्रभावी कार्रवाई करेगा, समाज उसका पूरा सहयोग करेगा। समाज ने स्पष्ट किया कि यह फैसला किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि अधिकार और सम्मान की मांग को लेकर लिया गया है और मांग पूरी होने तक संघर्ष जारी रहेगा। ST प्रमाण पत्र जारी करने की मुख्य मांग समाज की मुख्य मांग धानका समाज के लोगों के ST प्रमाण पत्र जारी करने की है। समाज का कहना है कि जो भी राजनीतिक दल, नेता या जनप्रतिनिधि ST प्रमाण पत्र जारी करवाने के लिए ठोस पहल और प्रभावी कार्रवाई करेगा, धानका समाज उसका पूरा सहयोग करेगा। बोले- अधिकार और सम्मान की लड़ाई समाज के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि चुनाव बहिष्कार का फैसला किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं है। यह निर्णय अपने अधिकार और सम्मान की मांग को लेकर सामूहिक रूप से लिया गया है। समाज ने कहा कि अधिकार मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा और इस मुद्दे पर पूरा समाज एकजुट रहेगा।
गोंडा के तरबगंज थाने में दर्ज शत्रु संपत्ति से जुड़े धोखाधड़ी के मामले में पूर्व एसडीएम विश्वामित्र सिंह का नाम भी शामिल कर लिया गया है। 20 अगस्त को कोर्ट के आदेश पर दर्ज मुकदमे में उनका नाम छूट गया था। पुलिस ने 26 अगस्त को मुकदमे में नाम बढ़ाने की कार्रवाई की। वर्तमान में विश्वामित्र सिंह सिद्धार्थनगर में तैनात हैं। विवेचक ने गुरुवार देर शाम करीब 8 बजे वादी को मुकदमे में नाम शामिल किए जाने की जानकारी दी। तरबगंज थाने में 20 अगस्त को अजय कुमार पांडेय और राजू सिंह की तहरीर पर न्यायालय के आदेश से आठ लोगों के खिलाफ पांच धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। इनमें तरबगंज तहसील के तत्कालीन आरआरके, तत्कालीन हल्का लेखपाल, स्वामीनाथ, ओमप्रकाश, रामदयाल तिवारी, राजेश कुमार और गीता देवी शामिल थे। अब पूर्व एसडीएम विश्वामित्र सिंह का नाम भी मुकदमे में जोड़ दिया गया है। पाकिस्तान गए परिवार की जमीन होने का आरोप शिकायत के मुताबिक, तरबगंज तहसील क्षेत्र के गौहानी गांव में 0.138 हेक्टेयर जमीन मूल रूप से ऐसे परिवार के नाम दर्ज थी, जो 1945 से पहले पाकिस्तान चला गया था। नियमानुसार जमीन को शत्रु संपत्ति के रूप में दर्ज किया जाना था। आरोप है कि चकबंदी के बाद कथित कूटरचना और राजस्व अभिलेखों में हेराफेरी कर जमीन कुछ अन्य लोगों के नाम दर्ज करा दी गई। इसके बाद जमीन की बिक्री भी कर दी गई और उस पर निर्माण कार्य शुरू कराया गया। शिकायत के बाद कोर्ट पहुंचे वादी मामले में संबंधित अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन आरोप है कि प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद वादियों ने न्यायालय का रुख किया। सुनवाई के बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) ने तत्कालीन एसडीएम तरबगंज विश्वामित्र सिंह समेत संबंधित तहसील कर्मचारियों और अन्य आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया था। पुलिस बोली- मुकदमा दर्ज करते समय हुई थी त्रुटि तरबगंज थाना अध्यक्ष श्रीधर पाठक ने बताया कि 20 अगस्त को दर्ज मुकदमे में पूर्व एसडीएम विश्वामित्र सिंह का नाम भी बढ़ा दिया गया है। उन्होंने कहा कि मुकदमा दर्ज करते समय कुछ त्रुटियां हो गई थीं, जिन्हें अब सुधार लिया गया है। मामले की जांच जारी है।

