किशनगंज जिले के महिला थाना में एक नाबालिग लड़की की शिकायत पर सात नामजद आरोपितों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। इन पर शादी का झांसा देकर दुष्कर्म, गर्भपात कराने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप है। यह मामला महिला थाना कांड संख्या 72/26, दिनांक 25 जुलाई 2026 के तहत दर्ज किया गया है। पीड़िता ने अपने आवेदन में बताया है कि गांव के मेराज आलम ने मोबाइल पर बातचीत के दौरान उससे शादी का वादा किया। इस दौरान उसने कई बार युवती के साथ शारीरिक संबंध बनाए, जिससे वह गर्भवती हो गई। बहला-फुसलाकर इस्लामपुर बुलायायुवती का आरोप है कि जब उसने शादी की बात उठाई, तो मेराज आलम के पिता, भाई और अन्य परिजनों ने उसे बहला-फुसलाकर इस्लामपुर बुलाया। वहां निकाह का भरोसा देकर उसका गर्भपात करा दिया गया। बाद में आरोपितों ने शादी से इनकार कर दिया। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया है कि 21 जुलाई को जब वह अपने परिजनों के साथ आरोपित के घर गई, तो सभी ने उनके साथ मारपीट और धक्का-मुक्की की। उन्हें दोबारा शादी की बात करने पर जान से मारकर शव गायब कर देने की धमकी भी दी गई। जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगीमहिला थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर मेराज आलम सहित सात नामजद आरोपितों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं और पॉक्सो अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। मामले के अनुसंधान की जिम्मेदारी महिला थाना की पुलिस पदाधिकारी सुमिता भारती को सौंपी गई है। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मऊगंज में बाइक फिसलने से युवक की मौत:चौराघाट जाते समय हादसा, अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित किया
मऊगंज जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र में बाइक फिसलने से एक 30 वर्षीय युवक की मौत हो गई। यह हादसा उस समय हुआ जब युवक अपनी बाइक से रविवार सुबह चौराघाट की ओर जा रहा था। अचानक बाइक अनियंत्रित होकर सड़क पर फिसल गई, जिससे युवक को गंभीर चोटें आईं। घायल युवक को परिजन तुरंत सिविल अस्पताल मऊगंज ले गए, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान शाहपुर थाना क्षेत्र के ग्राम गौरी निवासी मांधाता भुजवा (30) के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलते ही शाहपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए पंचनामा कार्रवाई की और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। चिकित्सकों द्वारा मृत घोषित किए जाने के बाद पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया। सभी पहलुओं की कर रहे जांच शाहपुर थाना प्रभारी ऋषि द्विवेदी ने बताया कि मामले में मर्ग कायम कर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस हादसे के कारणों और इससे जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।
पन्ना जिले के बृजपुर थाना क्षेत्र के ग्राम अकला में तीन माह की एक बच्ची रचना गोड़ की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। बच्ची के परिजनों ने स्वास्थ्य कर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए थाने में शिकायत दर्ज कराई है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग ने टीकाकरण से मौत की बात को सिरे से खारिज किया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। बच्ची की मां मीना गौंड के अनुसार, मंगलवार 21 जुलाई को आंगनवाड़ी केंद्र में रचना को दूसरा टीका लगाया गया था। टीकाकरण के बाद से ही बच्ची को तेज बुखार आने लगा और बाद में उल्टी-दस्त की शिकायत शुरू हो गई। परिजनों का दावा है कि उन्होंने आशा कार्यकर्ता और एएनएम से संपर्क किया, लेकिन इसे सामान्य प्रक्रिया बताकर टाल दिया गया। परिजनों का आरोप है कि उचित इलाज न मिलने के कारण रविवार 26 जुलाई की सुबह लगभग 5 बजे बच्ची ने दम तोड़ दिया। अन्य बच्चे स्वस्थ दूसरी ओर, एएनएम आरती अहिरवार ने परिजनों के आरोपों को गलत बताया है। एएनएम के अनुसार, टीकाकरण नियमानुसार किया गया था और परिजनों को बुखार व सूजन से बचाव की दवा तथा प्राथमिक उपचार की जानकारी दी गई थी। उन्होंने बताया कि उसी दिन 10-11 अन्य बच्चों का भी टीकाकरण हुआ था, जो सभी स्वस्थ हैं। झोलाछाप डॉक्टर से कराया इलाज एएनएम आरती अहिरवार ने आगे कहा कि बच्ची की मौत टीकाकरण से नहीं हुई है। उनकी जानकारी के अनुसार, उल्टी-दस्त होने पर बच्ची को किसी स्थानीय झोलाछाप डॉक्टर से इलाज कराया गया था और समय पर अस्पताल नहीं पहुंचाया गया, जिसके कारण उसकी मौत हुई। परिवार के जुड़वा बच्चों में से एक बच्ची की मौत पहले ही हो चुकी थी। मामले की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मर्ग कायम किया। पुलिस ने शव का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल पन्ना भिजवा दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा, जिसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद रायपुर में छात्र-युवाओं ने खुशी जताते हुए जश्न मनाया। डॉ. भीमराव अंबेडकर चौक पर जुटे प्रदर्शनकारियों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाई और इसे लोकतंत्र की जीत बताया। युवाओं ने कहा कि देशभर के छात्रों, सामाजिक संगठनों और शांतिपूर्ण आंदोलनों की आवाज आखिरकार सरकार तक पहुंची। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यह किसी व्यक्ति की हार या जीत नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वाले करोड़ों छात्रों और युवाओं की जीत है। उनका कहना था कि लंबे समय से शिक्षा व्यवस्था में सुधार, पेपर लीक पर सख्त कार्रवाई और जवाबदेही की मांग उठाई जा रही थी। युवाओं ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा छात्रों के संघर्ष का पहला बड़ा परिणाम है। हालांकि उनका मानना है कि केवल नेतृत्व परिवर्तन से काम नहीं चलेगा। अब केंद्र सरकार को परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाने, पेपर लीक रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था लागू करने और शिक्षा सुधार के लिए ठोस कदम उठाने होंगे। पहले किया था आंदोलन, भूख हड़ताल भी हुई थी रायपुर में हाल ही में सोनम वांगचुक के समर्थन में विभिन्न छात्र संगठनों, सामाजिक संगठनों और युवाओं ने प्रदर्शन किया था। इस दौरान एनएसयूआई के पांच कार्यकर्ता अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे थे। प्रदर्शनकारियों ने खून से 'धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो' लिखकर विरोध दर्ज कराया था। आंदोलन के दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई थी। बोले- अब शिक्षा सुधार पर हो कार्रवाई प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल इस्तीफा नहीं था, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार कराना है। उनका कहना है कि सरकार को पेपर लीक जैसे मामलों पर सख्त कानून बनाना चाहिए। परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाना चाहिए और छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से काम करना चाहिए। युवाओं ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से किए गए आंदोलन का सकारात्मक परिणाम सामने आया है। अब उम्मीद है कि सरकार शिक्षा और रोजगार से जुड़े मुद्दों पर भी जल्द ठोस निर्णय लेगी।
कटिहार के हाजीपुर में रविवार (26 जुलाई 2026) दोपहर हुए दर्दनाक सड़क हादसे में 10 वर्षीय बालक की मौत हो गई। हादसा बिहार विधान परिषद (एमएलसी) अशोक अग्रवाल की टॉप लाइन इंफ्रा लिमिटेड की हाइवे मिक्सर मशीन की चपेट में आने से हुआ। दुर्घटना के बाद चालक वाहन लेकर मौके से भागने लगा, लेकिन स्थानीय लोगों ने पीछा कर उसे पकड़ लिया और जमकर पिटाई कर दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर चालक को भीड़ के चंगुल से छुड़ाया और हिरासत में ले लिया। देखें, मौके से आई तस्वीरें… सिलसिलेवार पढ़ें, पूरा मामला… घटना के बाद ग्रामीणों ने किया ट्रैफिक जाम जानकारी के अनुसार, रविवार दोपहर करीब 12:30 बजे टॉप लाइन कंपनी की हाइवे मिक्सर मशीन कटिहार से कोढ़ा की ओर जा रही थी। इसी दौरान हाजीपुर निवासी मोहम्मद शहाबुद्दीन के 10 वर्षीय पुत्र मो. नियामत को वाहन ने कुचल दिया। हादसा इतना भीषण था कि बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। गुस्साए परिजनों और स्थानीय लोगों ने मुआवजे की मांग को लेकर करीब तीन घंटे तक सड़क जाम कर दिया, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया। चालक हिरासत में, मिक्सर मशीन जब्त की सूचना मिलते ही मुफस्सिल थाना अध्यक्ष संतोष कुमार निराला, यातायात थाना अध्यक्ष मुकेश कुमार मंडल और यातायात इंस्पेक्टर दिनेश कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने लोगों को समझाने का प्रयास किया और चालक को सुरक्षित हिरासत में लेकर मिक्सर मशीन को जब्त कर लिया। मुआवजा दिलाने के आश्वासन पर परिजन शांत पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजने की तैयारी की, लेकिन परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। बाद में मुआवजा दिलाने के आश्वासन के बाद परिजन शांत हुए और सड़क जाम समाप्त कर दिया गया। पुलिस की कड़ी मशक्कत के बाद दोपहर करीब 3 बजे यातायात सामान्य हो सका। थानाध्यक्ष बोले-मामले की जांच की जा रही मुफस्सिल थाना अध्यक्ष संतोष कुमार निराला ने बताया कि परिजनों ने अभी तक मामले में प्राथमिकी दर्ज कराने से भी इनकार किया है। उनसे लिखित आवेदन लिया जा रहा है, जिसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। 'नो एंट्री' के बावजूद भारी वाहनों की लगातार प्रवेश घटना के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि शहर में 'नो एंट्री' नियम लागू होने के बावजूद भारी वाहनों का लगातार प्रवेश हो रहा है, जिससे आए दिन सड़क हादसे हो रहे हैं। लोगों ने प्रशासन से नो एंट्री नियम का सख्ती से पालन कराने और भारी वाहनों की आवाजाही पर प्रभावी नियंत्रण की मांग की है। फिलहाल पुलिस हादसे के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। चालक की लापरवाही, वाहन की आवाजाही और दुर्घटना के कारणों की पड़ताल की जा रही है।
खगड़िया पुलिस ने परबत्ता बाजार में चोरी के प्रयास और खुलेआम हथियार लहराकर दहशत फैलाने के मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो के आधार पर पुलिस ने मात्र छह घंटे के भीतर दो युवकों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से एक देसी कट्टा और दो जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। जानकारी के अनुसार, शुक्रवार रात परबत्ता बाजार स्थित रामलाल मार्केट में चोरों ने मां फैंसी वस्त्रालय, कृष्णा ट्रेडर्स सहित कई दुकानों के ताले और शटर के लॉक तोड़ने का प्रयास किया। हालांकि, अधिकांश दुकानों में चोरों को बड़ी सफलता नहीं मिली, लेकिन इस घटना से पूरे बाजार में दहशत फैल गई। शनिवार सुबह जब दुकानदार अपनी दुकानें खोलने पहुंचे, तो टूटे ताले और क्षतिग्रस्त शटर देखकर हड़कंप मच गया। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भारी आक्रोश देखा गयाइसी बीच, शनिवार देर शाम परबत्ता बाजार में दो युवकों द्वारा खुलेआम देसी कट्टा लहराने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दोनों युवक बाजार में महिलाओं और दुकानदारों को निशाना बनाकर हथियार दिखा रहे थे, जिससे भय और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय व्यवसायियों और आम लोगों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भारी आक्रोश देखा गया। घटना की सूचना मिलते ही परबत्ता थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज, स्थानीय लोगों से पूछताछ और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई तेज की गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों युवकों को गिरफ्तार कर लिया। उनके विरुद्ध आर्म्स एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में कानूनी कार्रवाई की जा रही है। डीआईयू (DIU) की टीम को भी शामिल किया गयाखगड़िया के पुलिस अधीक्षक भानु प्रताप सिंह ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि परबत्ता बाजार का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें दो युवक महिलाओं और दुकानदारों को कट्टा दिखाकर दहशत फैलाते नजर आ रहे थे। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई कर आरोपियों को पकड़ा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए गोगरी एसडीपीओ के नेतृत्व में विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया,जिसमें डीआईयू (DIU) की टीम को भी शामिल किया गया। एसपी ने बताया कि पुलिस ने लगातार छापेमारी करते हुए महज छह घंटे के भीतर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गुलशन कुमार (पिता- दिनेश साह), निवासी मुजाहिदा, परबत्ता तथा गुड्डू कुमार (पिता- चुन-चुन साह), निवासी मुजाहिदा, परबत्ता के रूप में हुई है। पुलिस अधीक्षक के अनुसार, दोनों युवक बाजार में महिलाओं और दुकानदारों के बीच भय का माहौल पैदा करने के उद्देश्य से हथियार लहरा रहे थे। गिरफ्तार आरोपियों के पास से एक देसी कट्टा और दो जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। दोनों के खिलाफ आर्म्स एक्ट सहित अन्य संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। व्यवसायियों ने उठाई सुरक्षा की मांगलगातार सामने आ रही आपराधिक घटनाओं से नाराज व्यवसायियों ने बाजार में नियमित पुलिस गश्त बढ़ाने, सीसीटीवी निगरानी को और मजबूत करने तथा सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने की मांग की है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि बाजार में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार अभियान चलाया जाएगा और असामाजिक तत्वों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
कारगिल विजय दिवस पर ग्वालियर में श्रद्धांजलि:सेना, बीएसएफ और एनसीसी ने शहीदों को किया नमन
ग्वालियर में कारगिल विजय दिवस पर शनिवार को शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। शहर के महाराज बाड़े पर आयोजित कार्यक्रम में सेना, बीएसएफ, एनसीसी, पुलिस प्रशासन और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस दौरान कारगिल युद्ध में सर्वोच्च बलिदान देने वाले 527 वीर जवानों को नमन किया गया। कारगिल शहीद खेल एवं शिक्षा प्रसार संस्था के कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सेना के कमांडेंट दुआ और सीमा सुरक्षा बल (BSF) के वरुणेंद्र प्रताप सिंह थे। उन्होंने कारगिल शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर वीर जवानों को श्रद्धांजलि दी। सेना के जवानों ने शहीदों को सलामी देकर उनके साहस और बलिदान को नमन किया। एनसीसी कैडेट्स ने भी इस कार्यक्रम में भाग लिया। शहीद के परिजनों को किया सम्मानितसंस्था के प्रबल सेंगर ने बताया कि कारगिल विजय दिवस के उपलक्ष्य में पूरे दिन देशभक्ति कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों में कारगिल सहित विभिन्न सैन्य अभियानों में शहीद हुए जवानों के परिजनों का सम्मान किया जाएगा। शहीदों की स्मृति में एक कवि सम्मेलन भी आयोजित होगा, जिसमें देशभक्ति रचनाएं प्रस्तुत की जाएंगी। कार्यक्रम में वर्ष 1993 में आतंकवादियों से संघर्ष करते हुए शहीद हुए भिंड जिले के लहार निवासी शहीद कुशवाहा के परिजनों को भी सम्मानित किया गया। अतिथियों ने उन्हें शॉल, श्रीफल और स्मृति चिह्न भेंट कर उनके बलिदान को याद किया। इस कार्यक्रम का आयोजन बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (बीएसएफ), सेना मुख्यालय मुरार, एनसीसी ग्रुप मुख्यालय, जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के सहयोग से किया गया। समारोह में एनसीसी कैडेट्स ने सारे जहां से अच्छा और वंदे मातरम् का सामूहिक गायन प्रस्तुत किया।
मुजफ्फरपुर में प्रॉपर्टी डीलर और राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी (रालोजपा) के नेता प्रभाकर सिंह (45) की हत्या 3.5 लाख रुपए सुपारी देकर कराई गई। प्रभाकर ने उदय पटेल-तुलसी राय जमीन खरीदी थी। पैसों के लेन-देन में प्रभाकर का विवाद हो गया। जिसके बाद पटेल-तुलसी राय ने सुपारी देकर प्रभाकर की हत्या करा दी थी। पटेल और तुलसी की गिरफ्तारी पहले हो चुकी है। आज मामले में शूटर सत्यम कुमार सिंह (22) और लाइनर डब्लू कुमार (35) की गिरफ्तारी हुई है। मर्डर के पीछे का कारण पुलिस की पूछताछ में इन्होंने ही बताया। मामले अबतक 4 गिरफ्तारी हो चुकी है, दूसरा शूटर अभी भी फरार है। घटना 30 मार्च को अहियापुर थाना क्षेत्र के बड़ा जगन्नाथ चौक के पास हुई थी। मुख्य शूटर का आपराधिक इतिहास भी सामने आया पुलिस जांच में यह भी पता चला है कि गिरफ्तार मुख्य शूटर सत्यम कुमार सिंह का पहले से आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। उसके खिलाफ शराब से जुड़े मामले दर्ज हैं। अब पुलिस फरार दूसरे शूटर और साजिश से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। पैसे लौटाने से एक दिन पहले मर्डर पत्नी पिंकी देवी ने एफआईआर दर्ज कराई थी, जिसमें उन्होंने इस हत्या को प्रॉपर्टी डीलिंग और पैसों के लेनदेन से जुड़ा बताया था। पिंकी देवी ने पुलिस को बताया था कि तुलसी राय और उदय पटेल पति के काफी करीबी थे। उदय पटेल ने शेखपुर इलाके में एक प्लॉट की डील तुलसी राय के माध्यम से कराई थी, जिसके लिए प्रभाकर सिंह ने उदय को 30 लाख रुपए दिए थे। जब प्लॉट की डील फाइनल नहीं हो सकी, तो तुलसी राय को वह रकम लौटानी थी। पैसे वापस करने के लिए 31 मार्च की तारीख तय की गई थी। रकम लौटाने से ठीक एक दिन पहले यानी 30 मार्च को सोची-समझी साजिश के तहत प्रभाकर सिंह की हत्या करा दी गई। चलती बाइक पर 4 गोलियां मारी थी मृतक प्रभाकर सिंह गायघाट के बेरुआ गांव के रहने वाले हैं। वे परिवार के साथ चाणक्यपुरी मोहल्ले में रहते थे। रालोजपा के गायघाट प्रखंड के पूर्व अध्यक्ष भी रह चुके थे। 30 मार्च को वो किसी काम से जीरोमाइल चौक गए थे। दोपहर करीब 12:45 बजे बाइक से घर लौट रहे थे। जैसे ही चाणक्यपुरी स्थित अपने घर की गली के मोड़ के पास पहुंचे, पीछे से बाइक सवार 2 बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, चलती बाइक से अपराधियों ने कई राउंड गोलियां चलाईं, जिनमें 4 गोलियां प्रभाकर सिंह को लगीं। गोली लगते ही वह सड़क पर गिर पड़े। स्थानीय लोगों ने उन्हें बैरिया स्थित एक निजी अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया था। पुलिस का दावा- जल्द पकड़ा जाएगा फरार शूटर पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में मिले इनपुट के आधार पर फरार दूसरे शूटर और अन्य संदिग्धों की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है। तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर जल्द ही पूरे हत्याकांड का पूर्ण खुलासा कर लिया जाएगा।
शौचालय जा रहे बुजुर्ग को वाहन ने कुचला:मैहर में शव क्षत-विक्षत हालत में मिला, NH-30 पर हादसा
मैहर जिले के राष्ट्रीय राजमार्ग-30 (NH-30) पर रविवार सुबह सड़क हादसे में एक बुजुर्ग की मौत हो गई। वाहन की जोरदार टक्कर से हादसा इतना भीषण था कि शव बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गया। यह घटना रविवार सुबह करीब 5 बजे ग्राम नरौरा के पास हुई। मृतक की पहचान 75 वर्षीय रामस्वरूप मिश्रा (पिता चिंतामणि मिश्रा), निवासी ग्राम नरौरा के रूप में हुई है। वे सड़क किनारे पैदल जा रहे थे, तभी हादसा हो गया, घटना के बाद चालक वाहन लेकर मौके से फरार हो गया। पुलिस जांच में जुटी, आरोपी चालक की तलाश जारी घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने डायल-112 और हाईवे पेट्रोलिंग टीम को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने शव को कब्जे में लेकर सिविल अस्पताल मैहर पहुंचाया। कोतवाली पुलिस ने मर्ग कायम कर पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है। पुलिस वाहन की पहचान के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और मामले की जांच में जुटी है।
राजधानी भोपाल में बदमाशों के हौसले लगातार बुलंद होते जा रहे हैं। कटारा हिल्स थाना क्षेत्र इलाके में शनिवार-रविवार देर रात बाइक सवार दो बदमाशों ने एक कॉलोनी में खड़े वाहनों को निशाना बनाते हुए उनके कांच पत्थरों से फोड़ दिए। पूरी वारदात इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई, जिसके आधार पर पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई है। जानकारी के मुताबिक, देर रात दो युवक बाइक पर सवार होकर कॉलोनी में पहुंचे। उन्होंने सड़क किनारे और घरों के बाहर खड़े चार पहिया वाहनों को निशाना बनाया। बदमाशों ने पत्थरों से एक-एक कर वाहनों के शीशे तोड़ दिए और वारदात को अंजाम देने के बाद मौके से फरार हो गए। सुबह जब वाहन मालिक घरों से बाहर निकले तो वाहनों के टूटे हुए कांच देखकर उनके होश उड़ गए। जिसके बाद पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शुरू की जांच घटना की सूचना मिलते ही कटारा हिल्स थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाले, जिसमें दो बाइक सवार संदिग्ध वारदात को अंजाम देते हुए दिखाई दे रहे हैं। फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। अज्ञात बदमाशों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस को गश्त बढ़ाने की मांग की स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में देर रात असामाजिक तत्वों की आवाजाही बढ़ गई है, जिससे लोगों में असुरक्षा की भावना है। रहवासियों ने पुलिस से रात में गश्त बढ़ाने और आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
सिंगरौली जिले की प्रभारी मंत्री संपत्तिया उइके ने रविवार को जिले में विकास कार्यों और कई विभागों की प्रगति की समीक्षा बैठक की। इस बैठक में स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और जन कल्याण से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। मंत्री ने अधिकारियों को योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके। प्रभारी मंत्री ने एक महत्वपूर्ण निर्णय की जानकारी देते हुए बताया कि जिला खनिज प्रतिष्ठान (DMF) का लगभग 950 करोड़ रुपए का वार्षिक फंड अब केवल सिंगरौली जिले के विकास कार्यों पर ही खर्च किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पहले यह राशि सिंगरौली से प्राप्त होने के बावजूद प्रदेश के अन्य जिलों में भी खर्च होती थी। स्थानीय जनप्रतिनिधि और नागरिक लंबे समय से इस राशि को जिले में ही उपयोग करने की मांग कर रहे थे, जिसे सरकार ने अब स्वीकार कर लिया है। शहर की सड़कों की स्थिति पर पूछे गए सवाल पर मंत्री उइके ने कहा कि समस्याओं का समाधान चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सरकार सड़क और आधारभूत ढांचे के विकास के लिए लगातार काम कर रही है। इस क्रम में, लंबे समय से लंबित सिंगरौली बाईपास सड़क परियोजना के लिए लगभग 300 करोड़ रुपए की स्वीकृति मिल चुकी है। इसके अतिरिक्त, मेडिकल कॉलेज के पहुंच मार्ग के निर्माण के लिए भी करीब 100 करोड़ रुपए की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है। बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में प्रभारी मंत्री ने आम जनता से सरकारी अस्पतालों में उपचार कराने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार जिला अस्पतालों में लगातार बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करा रही है, जिसका लाभ नागरिकों को उठाना चाहिए। समीक्षा बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री राधा सिंह, सांसद डॉ. राजेश मिश्रा, सिंगरौली विधायक रामनिवास शाह, देवसर विधायक राजेंद्र मेश्राम, सिहावल विधायक विश्वामित्र पाठक सहित कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और सभी विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
दमोग से भागे प्रेमी जोड़े ने जबलपुर में शादी की:तेंदूखेड़ा थाने में दस्तावेज दिखाए, पुलिस ने घर भेजा
दमोह के तेंदूखेड़ा थाना क्षेत्र से 33 दिन पहले घर से भागे एक प्रेमी जोड़े ने जबलपुर में शादी कर ली। रविवार दोपहर दोनों तेंदूखेड़ा थाने पहुंचे और पुलिस को अपनी शादी और बालिग होने के दस्तावेज दिखाए। पुलिस ने बयान दर्ज करने के बाद उन्हें परिजनों के साथ घर भेज दिया। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 23 जून 2026 को तेंदूखेड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम झलोन की रहने वाली युवती बिना बताए घर से चली गई थी। अगले दिन उसके पिता ने थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी। जांच में पता चला कि युवती ग्राम सांगा निवासी हेमंत शुक्ला के साथ जबलपुर चली गई थी, जहां दोनों ने एक मंदिर में विवाह कर लिया और साथ रहने लगे। मर्जी से शादी करने की बात कही रविवार को तेंदूखेड़ा थाना पहुंची युवती ने पुलिस को बताया कि उसकी उम्र 18 साल से अधिक है। उसने बताया कि करीब 6 महीने पहले उसकी पहचान हेमंत शुक्ला से हुई थी, जो धीरे-धीरे प्यार में बदल गई। उसने अपनी मर्जी से हेमंत के साथ जबलपुर जाकर शादी की है और वह अपने पति के साथ खुश है। परिजनों की सहमति के बाद खुशी-खुशी लौटे घर मामले की जांच कर रहे उपनिरीक्षक संजय सिंह ने बताया कि दोनों की उम्र संबंधी कागजात और शादी के प्रमाणों की जांच की गई, जिसमें युवती की उम्र लगभग 18 साल 2 महीने पाई गई। इसके बाद दोनों पक्षों के परिवारों को थाने बुलाया गया। चूंकि दोनों एक ही समाज से थे, इसलिए दोनों परिवारों ने भी इस रिश्ते को स्वीकार कर लिया। पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया और बयान दर्ज करने के बाद दोनों को साथ जाने दिया, जिसके बाद परिजन भी खुशी-खुशी घर लौट गए।
जयपुर के मान पैलेस में आयोजित स्प्रिंग फैशन शो फैशन, रचनात्मकता और भारतीय सांस्कृतिक अभिव्यक्ति का शानदार संगम बनकर उभरा। ईस्टर्न क्राफ्ट एंड कल्चर की ओर से आयोजित इस आयोजन में देशभर के उभरते फैशन डिज़ाइनर्स, मॉडल्स और क्रिएटिव प्रोफेशनल्स ने अपनी प्रतिभा का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। कार्यक्रम ने युवा प्रतिभाओं को फैशन उद्योग, प्रतिष्ठित ब्रांड्स, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, फैशन प्रेमियों और मीडिया के सामने अपनी पहचान स्थापित करने का अवसर प्रदान किया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि यूनाइटेड नेशंस ग्लोबल पीस काउंसिल की चेयरपर्सन डॉ. बरखा वर्षा ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के मंच केवल फैशन तक सीमित नहीं होते, बल्कि युवाओं की प्रतिभा को नई दिशा देने के साथ-साथ भारतीय संस्कृति, रचनात्मकता और नवाचार को वैश्विक पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं को ऐसे मंच लगातार मिलते रहने चाहिए, जिससे वे अपने हुनर को बड़े स्तर पर प्रदर्शित कर सकें। इस अवसर पर ईस्टर्न क्राफ्ट एंड कल्चर ने सपना नागपाल को अपना ब्रांड एम्बेसडर घोषित किया। आयोजकों ने बताया कि उनकी नियुक्ति संस्था के उस उद्देश्य को और मजबूती देगी, जिसके तहत युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ फैशन और लाइफस्टाइल इंडस्ट्री में नए अवसरों का सृजन किया जा रहा है। स्प्रिंग फैशन शो केवल एक पारंपरिक रैंप शो नहीं रहा, बल्कि फैशन, नवाचार और सांस्कृतिक संवाद का प्रभावशाली मंच बनकर सामने आया। आयोजन में युवा डिज़ाइनर्स ने भारतीय वस्त्र परंपरा को आधुनिक फैशन के साथ जोड़ते हुए अपने समकालीन कलेक्शंस प्रस्तुत किए। वहीं उभरते मॉडल्स ने आत्मविश्वास, पेशेवर अंदाज़ और आकर्षक प्रस्तुति से रैंप पर अपनी अलग पहचान बनाई। रैंप पर प्रस्तुत प्रत्येक कलेक्शन में मौलिकता, उत्कृष्ट शिल्पकला और रचनात्मक सोच की झलक दिखाई दी। पारंपरिक भारतीय हस्तशिल्प और आधुनिक फैशन के समन्वय ने दर्शकों को विशेष रूप से आकर्षित किया। कार्यक्रम ने यह संदेश भी दिया कि भारतीय फैशन अपनी सांस्कृतिक जड़ों को संजोते हुए लगातार वैश्विक मंच पर मजबूत पहचान बना रहा है। ईस्टर्न क्राफ्ट एंड कल्चर के प्रतिनिधि नदीम खान ने कहा कि स्प्रिंग फैशन शो की परिकल्पना ऐसे मंच के रूप में की गई है, जहां उभरती प्रतिभाओं को वह पहचान और अवसर मिल सके, जिसके वे वास्तविक हकदार हैं। आज फैशन केवल पहनावे तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह संस्कृति, पहचान और नवाचार का सशक्त माध्यम बन चुका है। हमारा उद्देश्य युवा डिज़ाइनर्स और मॉडल्स को ऐसा पेशेवर मंच उपलब्ध कराना है, जहां वे अपनी रचनात्मकता का प्रदर्शन कर सकें, उद्योग जगत से जुड़ सकें और नए अवसर प्राप्त कर सकें। हम भारतीय प्रतिभाओं को वैश्विक स्तर के अवसरों और मानकों से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं। अभिनेता, मॉडल एवं ईस्टर्न क्राफ्ट एंड कल्चर के सह-संस्थापक सागर खरबंदा ने कहा कि इस आयोजन में प्रस्तुत प्रत्येक कलेक्शन भारतीय फैशन की रचनात्मकता, उत्कृष्ट शिल्पकला और आधुनिक सोच का प्रतिनिधित्व करता है। उन्होंने कहा कि स्प्रिंग फैशन शो जैसे मंच उभरते डिज़ाइनर्स और मॉडल्स को फैशन विशेषज्ञों, प्रतिष्ठित ब्रांड्स और उद्योग जगत से जोड़ने का अवसर प्रदान करते हैं। ऐसे आयोजन नवाचार, रचनात्मकता और कलात्मक अभिव्यक्ति को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस फैशन शो का आयोजन ईस्टर्न क्राफ्ट एंड कल्चर द्वारा यूनाइटेड नेशंस ग्लोबल पीस काउंसिल और इवेंट एक्सपो इंडिया के सहयोग से किया गया।
ग्वालियर पुलिस ने आगरा-मुंबई नेशनल हाइवे (एनएच-46) पर फर्जी इंटरनेशनल कॉल सेंटर पकड़ा है। मोहना में होटल जैनपथ में यह कॉल सेंटर चल रहा था। यहां से पुलिस ने चार ठगों को पकड़ा है, जबकि मास्टर माइंड फरार हो गया है। पकड़े गए ठग गुजरात, उत्तर प्रदेश, नागालैंड के रहने वाले हैं। इनके पास से लैपटॉप, मोबाइल फोन, कैश व अन्य सामग्री बरामद हुई है। पकड़े गए ठग खुद को अमेरिका की मशहूर 'लेंडिंग क्लब' कंपनी का प्रतिनिधि या एजेंट बताकर अमेरिकी नागरिकों को कम ब्याज दर पर लोन दिलाने का झांसा देकर साइबर ठगी कर रहे थे। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह के निर्देश, एएसपी (ग्रामीण) जयराज कुबेर और एसडीओपी घाटीगांव शैलेंद्र शर्मा के मार्गदर्शन में मोहना पुलिस टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। एनएच-46 स्थित होटल में चल रहा था कॉल सेंटर मोहना पुलिस को शनिवार रात मुखबिर से सटीक सूचना मिली कि एनएच-46 पर स्थित जैनपथ होटल के कमरों में कुछ बाहरी युवक फर्जी कॉल सेंटर चलाकर विदेशी नागरिकों को निशाना बना रहे हैं। सूचना की तस्दीक के बाद पुलिस टीम ने होटल में दबिश दी। होटल के कमरा नंबर-06 में चार युवक लैपटॉप और हेडफोन लगाकर अंग्रेजी में बात करते हुए मिले। पुलिस ने घेराबंदी कर चारों को धर दबोचा। जिनकी पहचान हो गई है, लेकिन यह नाम व पहचान बदलकर लोगों को अपने जाल में फंसा रहे थे। पकड़े गए आरोपियों की पहचान और फर्जी नाम 3.75 लाख का माल जब्त, मास्टरमाइंड की तलाश जारी पुलिस ने मौके से 4 लैपटॉप, 7 मोबाइल फोन, 4 हेडफोन, चार्जर, कॉल करने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली अंग्रेजी स्क्रिप्ट और अमेरिकी नागरिकों का डेटाबेस जब्त किया है। जब्त माल की कुल कीमत करीब ₹3,75,000 आंकी गई है। ग्वालियर एसएसपी धर्मवीर सिंह का कहना एनएच-46 पर एक होटल में चल रहे ठगी के इंटरनेशनल कॉल सेंटर को पुलिस ने पकड़ा है। चार आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है। मास्टर माइंड फिलहाल पकड़ में नहीं आया है। पुलिस की टीम उसके पीछे लगी हैं वह भी जल्द पकड़ लिया जाएगा। ये खबर भी पढ़ें… बुजुर्ग से इंश्योरेंस रिन्यूअल के नाम पर ₹70 हजार ठगे ग्वालियर शहर में लगातार बढ़ रहे साइबर अपराधों में अब बुजुर्ग सबसे अधिक निशाना बन रहे हैं। पड़ाव थाना क्षेत्र में एक 67 वर्षीय बुजुर्ग और उनकी पत्नी से लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी रिन्यूअल के नाम पर साइबर ठग ने 70 हजार रुपए की ठगी कर ली।पूरी खबर पढ़ें
भोपाल से सफर करने वाले रेल यात्रियों के लिए बड़ा बदलाव होने जा रहा है। 28 जुलाई से मालवा एक्सप्रेस और सोमनाथ-जबलपुर एक्सप्रेस अब भोपाल रेलवे स्टेशन की बजाय निशातपुरा रेलवे स्टेशन पर रुकेंगी। करीब तीन साल पहले बनकर तैयार हुए निशातपुरा स्टेशन का मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शाम 4:30 बजे लोकार्पण करेंगे। इसके साथ ही यह भोपाल का चौथा रेलवे स्टेशन बन जाएगा और यहां से नियमित यात्री सेवाएं शुरू हो जाएंगी। जून 2023 में बनकर तैयार हुए निशातपुरा रेलवे स्टेशन पर सभी आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध होने के बावजूद करीब तीन वर्षों तक यात्री ट्रेनों का संचालन शुरू नहीं हो सका था। अब स्टेशन को यात्रियों के लिए खोला जा रहा है। भोपाल रेल मंडल के अनुसार प्रारंभिक चरण में मालवा एक्सप्रेस और सोमनाथ-जबलपुर एक्सप्रेस का नियमित ठहराव निशातपुरा रेलवे स्टेशन पर रहेगा। इसके बाद इन दोनों ट्रेनों का स्टॉपेज भोपाल रेलवे स्टेशन पर समाप्त कर दिया जाएगा। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि जिन लोगों ने पहले से भोपाल रेलवे स्टेशन से इन ट्रेनों में यात्रा के लिए टिकट बुक कराए हैं, वे अब निर्धारित समय पर निशातपुरा रेलवे स्टेशन पहुंचकर ही ट्रेन में सवार हों। यात्रियों को स्टेशन परिवर्तन का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है, ताकि यात्रा के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो। वैष्णो देवी और अमरनाथ जाने वाले श्रद्धालुओं की बढ़ी चिंता मालवा एक्सप्रेस मध्य प्रदेश के श्रद्धालुओं के लिए सबसे महत्वपूर्ण ट्रेनों में गिनी जाती है। भोपाल और आसपास के क्षेत्रों से हर सीजन हजारों श्रद्धालु इसी ट्रेन से माता वैष्णो देवी और अमरनाथ यात्रा के लिए रवाना होते हैं। ऐसे में ट्रेन का ठहराव भोपाल स्टेशन से हटाकर निशातपुरा किए जाने से यात्रियों की चिंता बढ़ गई है। श्रद्धालुओं का कहना है कि उन्हें अब स्टेशन तक पहुंचने में पहले की तुलना में अधिक समय और खर्च दोनों उठाने पड़ेंगे। ट्रैफिक जाम और बढ़ेगा सफर का खर्च यात्रियों का कहना है कि निशातपुरा स्टेशन तक पहुंचने वाला अप्रोच रोड पहले से ही ट्रैफिक जाम की समस्या से जूझता है। स्टेशन पहुंचने के लिए नादरा बस स्टैंड, छोला रोड और अन्य भारी यातायात वाले इलाकों से होकर गुजरना पड़ता है। ऐसे में ट्रैफिक के कारण समय पर ट्रेन पकड़ना चुनौती बन सकता है। इसके अलावा भोपाल रेलवे स्टेशन की तुलना में निशातपुरा तक पहुंचने के लिए ऑटो और अन्य सार्वजनिक परिवहन का किराया भी अधिक देना पड़ सकता है। भोपाल स्टेशन पर कम होगा दबाव रेलवे अधिकारियों का कहना है कि निशातपुरा स्टेशन शुरू होने से आसपास के क्षेत्रों के हजारों यात्रियों को सुविधा मिलेगी और मुख्य भोपाल रेलवे स्टेशन पर यात्रियों का दबाव भी कम होगा। भोपाल रेल मंडल के जनसंपर्क अधिकारी नवल अग्रवाल के अनुसार स्टेशन पूरी तरह तैयार है और सभी आवश्यक मंजूरियां मिलने के बाद अब इसे नियमित संचालन के लिए खोला जा रहा है। लंबे समय तक परिचालन शुरू नहीं होने के कारण स्थानीय लोग इसे भूतिया रेलवे स्टेशन कहने लगे थे, लेकिन 28 जुलाई से यहां भी ट्रेनों और यात्रियों की आवाजाही शुरू हो जाएगी। भोपाल स्टेशन का लोड होगा कमनिशातपुरा स्टेशन शुरू होने पर भोपाल रेलवे स्टेशन का लोड तो कम होगा ही साथ में कुछ नई ट्रेनें भी शुरू हो सकती हैं। स्टेशन के शुरू होने के बाद सुबह-शाम के वक्त मालवा एक्सप्रेस सहित कुछ गाड़ियों की आवाजाही आसान हो सकेगी। भोपाल स्टेशन पर रोजाना करीब 230 ट्रेनें अप-डाउन में गुजरती हैं। साथ ही यहां 45 हजार यात्री रोजाना गुजरते हैं। रेलवे को यह होगा फायदा रेलवे अधिकारियों ने बताया कुछ ट्रेनें निशातपुरा से होकर इंदौर-उज्जैन के अलावा बीना गुना के लिए चलती हैं। इनका स्टॉपेज भोपाल होने के कारण इन्हें भोपाल लाना पड़ता है। यहां इंजन बदले जाते हैं। इस प्रक्रिया में 45 मिनट तक लगते हैं। तब तक इंजनों के मूवमेंट से लूप लाइनें व मेन लाइनें व्यस्त हो जाती हैं। दूसरी ट्रेनें इससे प्रभावित होती हैं। निशातपुरा NSG-3 कैटेगरी का स्टेशन होगा भोपाल में निशातपुरा स्टेशन एनएसजी-3 कैटेगरी में कर दिया गया है। इसके चलते पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम को अपग्रेड किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, निशातपुरा स्टेशन को 2017 से पहले सी कैटेगरी में रखा गया था। स्टेशनों के वर्गीकरण के मानदंडों को नवंबर 2017 से संशोधित किया गया है। नए वर्गीकरण के अनुसार, स्टेशनों के वर्गीकरण के लिए वहां आने वाले यात्रियों की संख्या को ध्यान में रखा गया है। स्टेशनों को तीन समूहों में बांटा गया है, गैर-उपनगरीय (एनएसजी), उपनगरीय (एसजी), और हाल्ट (एचजी)। इसके अलावा इन समूहों को क्रमशः 1-6, 1-3 और 1-3 ग्रेड में रखा गया है।
शेखपुरा में राज्य सरकार की पहल पर हर माह के अंतिम रविवार को आयोजित होने वाले पंचायत दिवस के तहत घाटकुसुंभा प्रखंड की गगौर पंचायत में एक विशेष शिविर का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता उप विकास आयुक्त (डीडीसी) राकेश कुमार ने की। शिविर में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने पंचायत के सर्वांगीण और सहभागितापूर्ण विकास पर चर्चा की। इस दौरान सुशासन युक्त ग्राम पंचायत और 'महिला हितैषी विकास' जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन विचार-विमर्श किया गया। प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दियाउप विकास आयुक्त राकेश कुमार ने पंचायत स्तर पर चल रही योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र के वास्तविक विकास की नींव सुशासन और पारदर्शी कार्यशैली पर टिकी होती है। डीडीसी ने महिलाओं को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने और पंचायत की योजनाओं में उनकी प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। बैठक में गगौर पंचायत में वर्तमान में चल रही और भविष्य में प्रस्तावित प्रमुख विकासात्मक योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि योजनाओं का लाभ गाँव के अंतिम व्यक्ति तक पारदर्शी तरीके से पहुँच सके। प्रखंड प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थेइस शिविर में स्थानीय प्रतिनिधियों के अलावा जिला और प्रखंड प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। इनमें गगौर ग्राम पंचायत की मुखिया, उप-मुखिया, सरपंच, प्रखंड विकास पदाधिकारी, प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी और अन्य प्रखंड व पंचायत स्तरीय कर्मी शामिल थे। कार्यक्रम के समापन पर उप विकास आयुक्त ने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को आपसी समन्वय से काम करने के निर्देश दिए। इसका लक्ष्य गगौर पंचायत को एक मॉडल और सुशासित पंचायत के रूप में विकसित करना है। स्थानीय ग्रामीणों ने भी इस पहल की सराहना की और अपने सुझाव अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किए।
बांका के रजौन प्रखंड में रविवार दोपहर जिला स्तरीय प्रधान शिक्षक संघ द्वारा एक सम्मान समारोह आयोजित किया गया।इस कार्यक्रम में धोरैया विधायक मनीष कुमार और प्रधान शिक्षक राज्य स्तरीय नेता बलवंत सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।समारोह में प्रधान शिक्षकों ने अपनी विभिन्न मांगों को प्रमुखता से उठाया। प्रकृति विवाह भवन धौनी में आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता अमरेंद्र कुमार सिंह ने की,जबकि मंच संचालन प्रवीण कुमार और ललित कुमार ने संयुक्त रूप से किया। विधायक मनीष कुमार,बलवंत सिंह, रजौन जदयू प्रखंड अध्यक्ष अंजनी चौधरी,बाराहाट जदयू प्रखंड अध्यक्ष निखिल बहादुर उर्फ मानसिंह, मुखिया प्रवीण कुमार सिंह और पूर्व जिला परिषद पप्पू वर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधियों एवं प्रधान शिक्षकों ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। यह समारोह प्रधान शिक्षक के रूप में एक वर्ष पूरा होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था।इस अवसर पर शिक्षकों ने एक-दूसरे को बधाई दी और अपने अनुभवों को साझा किया। समारोह के दौरान प्रधान शिक्षकों ने अपनी कई समस्याओं और मांगों को विधायक के समक्ष रखा। इनमें सातवें वेतन आयोग के तहत पे-लेवल 7 के अनुरूप मूल वेतन 44,900 रुपये निर्धारित करने की मांग शामिल थी। इसके अतिरिक्त,विशिष्ट शिक्षक एवं विद्यालय अध्यापक के रूप में किए गए कार्यों की बकाया राशि का भुगतान और पूर्व सेवा की गणना कर सेवा निरंतरता का लाभ देने की भी मांग की गई। अन्य मांगों में मुख्यालय बुलाए जाने पर ई-शिक्षाकोष से आउट की बाध्यता में शिथिलता देना,पीएम पोषण योजना के दायित्व से प्रधान शिक्षकों को मुक्त करना, नवनियुक्त प्रधान शिक्षकों का लंबित वेतन जल्द जारी करना, स्नातक प्रशिक्षित प्रधान शिक्षकों को प्रधानाध्यापक पद पर पदोन्नति देना और शनिवार को अर्द्धबेला अथवा पहले और तीसरे शनिवार को अवकाश घोषित करना शामिल था। प्रधान शिक्षकों ने स्थानीय विधायक मनीष कुमार से अपनी समस्याओं को सरकार तक पहुंचाने का आग्रह किया। विधायक मनीष कुमार ने आश्वासन दिया कि प्रधान शिक्षकों की जायज मांगों को आगामी विधानसभा सत्र में जोरदार तरीके से उठाया जाएगा। उन्होंने शिक्षकों की समस्याओं के समाधान और उनके हक के लिए हरसंभव प्रयास करने की बात कही। कार्यक्रम के अंत में प्रधान शिक्षकों ने अपनी मांगों से संबंधित एक प्रतिलिपि विधायक को सौंपी। इससे पूर्व विधायक मनीष कुमार, बलवंत सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधियों एवं अतिथियों का प्रधान शिक्षक संघ की ओर से बुके एवं अंगवस्त्र देकर स्वागत किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में प्रधान शिक्षक एवं संघ के सदस्य मौजूद रहे।
दतिया उपचुनाव: 6 थानों के प्रभारी हटाए:चुनाव आयोग के निर्देश पर 14 पुलिस अफसरों के तबादले
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर मध्यप्रदेश पुलिस मुख्यालय ने दतिया जिले सहित चंबल-ग्वालियर अंचल में पदस्थ 14 निरीक्षक एवं उप निरीक्षकों को तत्काल प्रभाव से उनके वर्तमान पदों से हटाकर नई पदस्थापना के आदेश जारी किए हैं। आदेश के अनुसार, यह कार्रवाई उपचुनाव के दौरान निष्पक्ष एवं पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है। पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी आदेश में बताया गया है कि भारत निर्वाचन आयोग के 26 जुलाई के पत्र के अनुपालन में इन अधिकारियों को अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक नई इकाइयों में पदस्थ किया गया है। इनमें कई थाना प्रभारियों को पुलिस मुख्यालय भोपाल अटैच किया गया है, जबकि कुछ अधिकारियों को दतिया जिले के विभिन्न थानों में नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। दतिया विधानसभा क्षेत्र से इन पुलिस अफसरों को हटाया
पूर्णिया चैंबर ऑफ कॉमर्स के चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई है। पूर्णिया सहित कोसी सीमांचल क्षेत्र का एक प्रतिष्ठित-प्रमुख व्यापारिक संगठन है। 9 अगस्त को मतदान होने वाला है। इसके लिए रविवार 26 जुलाई से नामांकन पत्र दाखिल करने की प्रक्रिया आधिकारिक रूप से शुरू की गई। मुख्य रूप से तीन प्रमुख पदों पर होना है । जिसमें अध्यक्ष, महासचिव और कोषाध्यक्ष पद शामिल हैं । नामांकन के पहले दिन तीनों प्रमुख पदों के लिए एक-एक प्रत्याशी ने अपने-अपने समर्थकों के साथ पहुंचकर पर्चा दाखिल किया। नामांकन दर्ज करने वाले उम्मीदवारचैंबर ऑफ कॉमर्स चुनाव के नामांकन प्रक्रिया के पहले दिन अध्यक्ष पद पर निवर्तमान महासचिव आदित्य केजरीवाल ने अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। जबकि बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स के कार्यकारिणी सदस्य और पूर्व कोषाध्यक्ष पारस जेजानी ने महासचिव पद पर अपनी दावेदारी प्रस्तुत की। वहीं, व्यवसायी निर्मल कुमार जैन ने कोषाध्यक्ष पद के लिए पर्चा भरा। व्यापारियों के हितों की रक्षा करना उद्धेश्य अध्यक्ष पद के प्रत्याशी आदित्य केजरीवाल कहते हैं कि 'साल 2021 के चुनाव के बाद पिछले 5 वर्षों से (2021–2026) मैंने महासचिव के रूप में व्यापारियों की समस्याओं के समाधान और चैंबर के उत्थान के लिए लगातार कार्य किया है। अब अध्यक्ष पद के लिए अपनी दावेदारी दी है। हमारा मुख्य उद्देश्य व्यापारियों के हितों की रक्षा करना, जीएसटी, आयकर प्रशासन और पुलिस-प्रशासन से जुड़े मुद्दों पर व्यापारियों को सशक्त माध्यम प्रदान करना है। चैंबर ऑफ कॉमर्स एक ऐसी संस्था है जिसकी आवाज पटना से लेकर दिल्ली तक गूंजती है। सभी 315 सम्माननीय लाइफ मेंबर्स से अपील है कि वे स्वच्छ छवि और व्यापारी हित में समर्पित उम्मीदवारों का चयन करें।' संगठन को सशक्त बनाना प्राथमिकतामहासचिव पद के प्रत्याशी पारस जेजानी ने कहा कि 'सत्र 2021–2026 में मैंने कोषाध्यक्ष का दायित्व निभाया है और पिछले 4 वर्षों से बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज की कार्यकारिणी में कोसी रीजन का प्रतिनिधित्व कर रहा हूं। व्यापारियों के विश्वास और पूर्व के अनुभवों को ध्यान में रखते हुए इस बार मैंने महामंत्री पद पर अपनी उम्मीदवारी दी है। संगठन को और अधिक सशक्त और सक्रिय बनाना हमारी प्राथमिकता रहेगी।' कोषाध्यक्ष पद के प्रत्याशी निर्मल जैन ने कहा कि कोषाध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल कर दिया है। पहले ही दिन हमें करीब 150 से अधिक सम्मानित सदस्यों का प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष समर्थन मिल चुका है। व्यापारियों का भरोसा ही हमारी असली ताकत है और हम संगठन के वित्तीय प्रबंधन-पारदर्शी संचालन के लिए निष्ठा से काम करेंगे। 315 लाइफ मेंबर करेंगे उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला पूर्णिया चैंबर ऑफ कॉमर्स के इस प्रतिष्ठित चुनाव में कुल 315 लाइफ मेंबर्स अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। मतदाताओं का कहना है कि 31 जुलाई को नामांकन की अंतिम तिथि समाप्त होने के बाद ही चुनावी तस्वीर पूरी तरह साफ हो पाएगी कि चुनावी मैदान में कौन कौन से उम्मीदवार होंगे।
इंदौर के खजराना में ऑनलाइन ठगी का मामला सामने आया है। यहां एक व्यापारी महिला को डॉलर देने के नाम पर आरोपी ने 50 हजार रुपए ऑनलाइन अकाउंट में जमा करा लिए। महिला ने शनिवार को मामले की शिकायत की, जिसके बाद पुलिस जांच में जुट गई है। खजराना पुलिस के मुताबिक, अनम शेख की शिकायत पर जैक नाम के युवक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। अनम ऑनलाइन बिजनेस करती हैं और पिछले कुछ सालों से डायमंड खरीदी-बिक्री का काम कर रही हैं। वह अपने बिजनेस के लिए एजेंट के माध्यम से डॉलर खरीदती थीं। कम कमीशन में डॉलर खरीदने के लिए उन्होंने जस्ट डायल पर नंबर सर्च किया। इस दौरान उन्हें एक नंबर मिला। संपर्क करने पर सामने वाले व्यक्ति ने खुद का नाम जैक बताया। उसने मौजूदा कीमत से तीन रुपए कम में डॉलर देने की बात कही। आरोपी ने 1 जुलाई को अनम को एक स्कैनर भेजा, जिसके जरिए उन्होंने 50 हजार रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद उन्हें डॉलर नहीं मिले। उन्होंने आरोपी से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन जैक ने उनका नंबर ब्लॉक कर दिया। अनम ने मामले की शिकायत साइबर हेल्पलाइन पर की थी। शनिवार को खजराना पुलिस ने उनकी शिकायत पर अकाउंट होल्डर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
रायपुर में उधारी के पैसे मांगने को लेकर हुए विवाद में कारोबारी के साथ मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें आरोपी विवाद करता नजर आ रहा है। पीड़ित की पहचान मोहम्मद समीर खान और आरोपी की पहचान सोहेल खान के रूप में हुई है। कारोबारी ने मामले की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई है। समीर खान का आरोप है कि पुलिस ने आरोपी को थाने बुलाकर केवल मारपीट के मामले में कार्रवाई की और मुचलके पर छोड़ दिया। उनका कहना है कि आरोपी अब भी हथियार लेकर घूम रहा है और उन्हें नुकसान पहुंचाने की धमकी दे रहा है। मामला गोबरा नवापारा थाना क्षेत्र का मामला है। पैसों की बात पर बढ़ा विवाद पुलिस में दर्ज एफआईआर के मुताबिक, पीड़ित मोहम्मद समीर खान नवापारा इलाके का रहने वाला है और बकरी खरीद-बिक्री का काम करता है। शिकायत के अनुसार, 24 जुलाई की सुबह करीब 9:45 बजे उधारी के पैसे मांगने को लेकर उसका आरोपी सोहेल खान से विवाद हो गया। समीर का आरोप है कि पैसों की बात पर सोहेल खान गाली-गलौज करने लगा। इसके बाद उसने जान से मारने की धमकी दी, चाकू से हमला करने की बात कही और डंडे से मारपीट की। इस हमले में समीर के गर्दन, पीठ और दोनों हाथों में चोटें आई हैं। आसपास के लोगों ने देखी घटना पीड़ित ने पुलिस को बताया कि घटना के दौरान हरीश निषाद समेत आसपास मौजूद लोगों ने विवाद और मारपीट होते देखी। समीर ने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। घटना का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल पुलिस ने शिकायत और वीडियो के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। एएसपी ने जांच का दिया आश्वासन कारोबारी मोहम्मद समीर खान की शिकायत पर दैनिक भास्कर की टीम ने नवा रायपुर के एडिशनल एसपी अभिषेक झा से बात की। एडिशनल एसपी ने पीड़ित को कार्यालय बुलाकर मामले की जांच कराने की बात कही। उन्होंने कहा कि जांच में किसी भी तरह की लापरवाही सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
राष्ट्रपति भवन के हस्तक्षेप के बाद बैतूल की एक आदिवासी महिला को अपने पति का मृत्यु प्रमाण पत्र लगभग दो साल बाद रविवार को प्राप्त हुआ है। इस दस्तावेज के अभाव में महिला सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रही थी। यह मामला राष्ट्रपति भवन से असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा तक पहुंचा था। आमला तहसील के ग्राम भयावाड़ी निवासी कलसिया उइके के पति धनसू उइके वर्ष 2023 में मजदूरी के लिए असम गए थे। 9 अक्टूबर 2023 को डिब्रूगढ़ जिले के लेगोटिया क्षेत्र में नदी में डूबने से उनकी मृत्यु हो गई थी। उनका अंतिम संस्कार भी असम में ही किया गया, लेकिन मृत्यु प्रमाण पत्र जारी न होने के कारण परिवार को लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। महिला ने मृत्यु प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रयास किए, लेकिन उसे सफलता नहीं मिली। इसके बाद आमला के भाजपा कार्यकर्ता शफी ने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर इस मामले से अवगत कराया। राष्ट्रपति सचिवालय ने इस शिकायत को असम सरकार को भेजा। राष्ट्रपति को भेजे पत्र से मिली मददइसके बाद मुख्यमंत्री कार्यालय के माध्यम से संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए गए। डिब्रूगढ़ प्रशासन ने आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर दिया। शफी ने बताया कि राष्ट्रपति को भेजे गए पत्र के कारण यह प्रक्रिया आसान हो सकी। आमला तहसीलदार ऋचा कौरव ने जानकारी दी कि नियमानुसार मृत्यु प्रमाण पत्र उसी राज्य में जारी किया जाता है, जहां व्यक्ति की मृत्यु हुई हो। इसी कारण यह प्रमाण पत्र असम प्रशासन द्वारा जारी किया गया है। आर्थिक सहायता असम की योजना से ही मिलेगीतहसीलदार कौरव ने यह भी बताया कि यदि यह दुर्घटना मध्य प्रदेश में हुई होती, तो मृतक के आश्रित को आरबीसी 6-4 के तहत चार लाख रुपए तक की आर्थिक सहायता मिल सकती थी। लेकिन मृत्यु असम में हुई है, इसलिए आर्थिक सहायता का प्रकरण असम सरकार की योजना के अनुसार वहीं के प्रशासन द्वारा तैयार किया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि उत्तर प्रदेश या बिहार जैसे राज्यों से ऐसे दस्तावेज अपेक्षाकृत आसानी से प्राप्त हो जाते हैं। लेकिन असम जैसे दूरस्थ राज्य से, जहां भाषा और प्रशासनिक समन्वय की चुनौतियां भी होती हैं, मृत्यु प्रमाण पत्र प्राप्त करना काफी जटिल था। राष्ट्रपति सचिवालय के हस्तक्षेप और असम प्रशासन की सक्रियता के कारण ही यह प्रक्रिया अंततः पूरी हो सकी। महिला ने डिब्रूगढ़ जिला प्रशासन, वहां के अधिकारियों तथा सहयोग करने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अब मृत्यु प्रमाण पत्र मिलने से सरकारी योजनाओं और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं का रास्ता खुल गया है। उसने असम प्रशासन को आभार का पत्र भी भेजा।
बॉलीवुड एक्ट्रेस नीना गुप्ता ने कहा कि समाज में महिलाओं की स्थिति को लेकर जितनी बातें की जाती हैं, असलियत उससे कहीं अलग है। आज भी देश के अधिकांश घरों में लड़कियों के लिए सोच नहीं बदली है। उन्होंने कहा कि बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ का नारा देने से पहले दादा-दादी और नाना-नानी को पढ़ाओ वाला काम करना होगा, तभी बेटी सच में बचेगी। नीना गुप्ता ने यह बात जयपुर के होटल ललित में आयोजित 'डायलॉग ऑन मेंटल वेलनेस' कार्यक्रम में कही। इस दौरान उन्होंने अपनी आत्मकथा सच कहूं तो, परिवार, महिलाओं की स्थिति, पालन-पोषण, रिश्तों, मानसिक स्वास्थ्य और अपने जीवन के अनुभवों पर खुलकर बात की। मेरे पास काम नहीं था तो कोई भी मेरे बारे में कुछ भी लिख देता था नीना गुप्ता ने कहा कि अपनी आत्मकथा लिखने का विचार करीब 25 साल पहले आया था। शुरू में जब मेरे पास काम नहीं था, तब मेरी कोई वैल्यू नहीं थी, तो कोई भी मेरे बारे में कुछ भी लिख देता था। तब मुझे लगा कि किसी को पता ही नहीं कि मैं असल में कैसी हूं। इसलिए मैंने सोचा कि मैं खुद लिखूंगी कि मैं वास्तव में कैसी हूं। उन्होंने बताया कि शुरुआत में उन्होंने किताब लिखने के लिए एडवांस भी ले लिया था, लेकिन हिम्मत नहीं जुटा पाई। मैं मम्मी, पापा, भाई और उनका परिवार के बारे में लिखना चाहती थी। उन्होंने पूरी जिंदगी अपनी सच्चाई छिपाकर रखी थी। मुझे लगा कि मुझे उनकी जिंदगी सामने लाने का अधिकार नहीं है। जब भी लिखना शुरू करती, सोचती कि मम्मी को बुरा लगेगा, पापा को बुरा लगेगा, भाई को बुरा लगेगा और मैं रुक जाती थी। 'कोविड में हिम्मत आई, क्योंकि अब किसी का डर नहीं था' उन्होंने कहा कि कोविड के दौरान जब वह छह महीने अपने पहाड़ी घर में रहीं, तब जाकर किताब पूरी हो सकी। तब तक मेरे परिवार के लगभग सभी लोग इस दुनिया से जा चुके थे। तब मुझे किसी का डर नहीं था। क्योंकि हम सबसे ज्यादा अपने लोगों से ही डरते हैं। मैं तो भगवान से ज्यादा अपनी बेटी से डरती हूं। नीना ने स्वीकार किया कि उन्होंने अपनी किताब में भी सब कुछ नहीं लिखा। उन्होंने कहा कि मैंने झूठ नहीं लिखा, लेकिन सब कुछ भी नहीं लिखा। कुछ लोगों के बारे में बातें छिपा दीं क्योंकि लगा कि वह मेरी बेटी मसाबा, मेरे पति या कुछ दूसरे लोगों के लिए ठीक नहीं होगा। मैं किसी से बदला नहीं लेना चाहती थी। मेरे पास मौका था कि जिन लोगों ने मेरे साथ गलत किया, उनके बारे में लिखूं, लेकिन मैंने खुद को रोका। उन्होंने हंसते हुए कहा कि प्रकाशक के वकीलों ने तो उन्हें लगभग सभी लोगों के नाम तक बदलने के लिए कह दिया था। 'भगवान से लड़ती भी हूं और धन्यवाद भी देती हूं' मानसिक स्वास्थ्य पर बात करते हुए नीना ने कहा कि वह अपना मन भगवान के सामने खोल देती हैं। मैं दिन में कम से कम दस बार भगवान को धन्यवाद कहती हूं। जब रात को अपनी सफेद चादर पर लेटती हूं तो सबसे पहले 'थैंक यू' बोलती हूं। और जब गुस्सा आता है तो भगवान को डांटती भी हूं। कोई तो ताकत है जो मुझसे बड़ी है। मैं उसी से बात करती हूं। महिलाओं की स्थिति पर उन्होंने कहा कि शहरों में थोड़ा बदलाव जरूर दिखता है, लेकिन गांवों और छोटे कस्बों में हालात अब भी पहले जैसे हैं। हम लोग शायद एक-दो प्रतिशत आबादी की बात कर रहे हैं। बाकी जगह आज भी घूंघट है, पैर छूना है, सेवा करना है। बहुत कुछ नहीं बदला है। पंचायत वेबसीरीज का सुनाया किस्सा नीना ने पंचायत की शूटिंग के दौरान मध्य प्रदेश के एक गांव का अनुभव साझा किया। उन्होंने कहा कि मैंने एक लड़की से पूछा कि क्या पढ़ती हो? उसकी मां बोली- पढ़ तो रही है, लेकिन 18 साल की होते ही शादी कर देंगे। फिर घूंघट करेगी, घर संभालेगी, बच्चे पैदा करेगी। यह आज भी हो रहा है। उन्होंने कहा कि केवल बेटी को पढ़ाने से बदलाव नहीं आएगा। मैंने अपनी एक दोस्त से कहा कि 'बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ' से पहले दादा-दादी और नाना-नानी को पढ़ाओ। जब तक उनकी सोच नहीं बदलेगी, बेटी पढ़ भी जाएगी तो उससे कहा जाएगा कि अब बर्तन मांजो। 'बच्चों पर गुस्सा नहीं, प्यार से बात कीजिए' उन्होंने अपनी बेटी मसाबा के साथ रिश्ते का जिक्र करते हुए कहा कि समय के साथ उन्होंने खुद भी बहुत कुछ सीखा। पहले मैं कहती थी- नहीं जाना है तो नहीं जाना है। फिर जवाब मिलता था- मैं तो जाऊंगी। बाद में समझ आया कि अगर वही बात प्यार से कहूं कि बेटा, मुझे यह ठीक नहीं लग रहा... बाकी फैसला तुम्हारा है, तो वह खुद सोचती थी। उन्होंने कहा कि बच्चे वही सीखते हैं जो माता-पिता करते हैं। एक दिन मैंने बेटी से कहा कि चिल्लाओ मत। उसने जवाब दिया- आप भी तो चिल्लाती हैं। तब समझ आया कि बच्चे वही दोहराते हैं जो हमें करते हुए देखते हैं। 'मेरा फोकस काम से हटकर रिश्तों पर चला गया' कार्यक्रम में अपने करियर को लेकर उन्होंने खुलकर आत्ममंथन किया। उन्होंने कहा कि अगर मेरा फोकस सही रहता तो मैं और ऊंचाई तक पहुंच सकती थी। एक समय ऐसा आया जब मेरा ध्यान काम से ज्यादा एक अच्छे जीवनसाथी की तलाश पर चला गया। मुझे लगता है कि यही मेरी सबसे बड़ी गलती थी। महिलाओं का फोकस कई बार करियर से हटकर पति ढूंढने पर चला जाता है। अर्जुन की तरह अगर सिर्फ लक्ष्य पर नजर रहे तो मंजिल जरूर मिलती है। 'आज की पीढ़ी बहुत कन्फ्यूज है' युवाओं की मानसिक स्थिति पर उन्होंने कहा कि आज की पीढ़ी सबसे ज्यादा भ्रम में है। मैं बहुत सारी युवा लड़कियों के साथ काम कर रही हूं। वे कहती हैं कि अच्छे लड़के नहीं मिलते। डेटिंग ऐप्स पर जा रही हैं, लेकिन वहां भी परेशान हैं। दूसरी तरफ लड़के भी यही कहते होंगे कि अच्छी लड़कियां नहीं मिलतीं। यह पीढ़ी बहुत कन्फ्यूज है। घर में पुराने विचार हैं और बाहर बहुत आधुनिक सोच। ऐसे में उन्हें समझ नहीं आता कि सही क्या है। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने कहा कि जिंदगी में ठोकरें जरूरी हैं। जीवन जीना कोई सिखा नहीं सकता। हर किसी की परेशानियां अलग होती हैं। अनुभव से सीखना पड़ता है। अगर ऊपर पहुंचना है तो गिरना भी पड़ेगा। बिना गिरे कोई आगे नहीं बढ़ता।
गोपालगंज में उत्पाद विभाग को बड़ी सफलता मिली है। कुचायकोट थाना क्षेत्र के बल्थरी चेक पोस्ट पर एक मिनी कंटेनर से लगभग 30 लाख रुपये मूल्य की अवैध विदेशी शराब जब्त की गई है। इस कार्रवाई में तीन तस्करों को भी गिरफ्तार किया गया है। उत्पाद विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि उत्तर प्रदेश की सीमा से सटे बल्थरी चेक पोस्ट के रास्ते शराब की एक बड़ी खेप बिहार में लाई जा रही है। सूचना के आधार पर टीम ने चेक पोस्ट पर चौकसी बढ़ा दी और आने-जाने वाले वाहनों की गहन जांच शुरू की। 1271.52 लीटर विदेशी शराब बरामद जांच के दौरान जब एक मिनी कंटेनर वहां पहुंचा, तो उसे रोककर तलाशी ली गई। कंटेनर के भीतर छिपाकर रखी गई कुल 1271.52 लीटर विदेशी शराब बरामद हुई, जिसकी बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 30 लाख रुपये बताई जा रही है। कार्रवाई के दौरान वाहन से तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया। पकड़े गए तीनों आरोपी खगड़िया जिले के बेलदौर थाना क्षेत्र के निवासी हैं। इनकी पहचान चालक मोहन कुमार (वीरा घाट वार्ड नंबर 13), निरंजन कुमार सिंह (कानीगोभ गवास) और विकास कुमार शर्मा के रूप में हुई है। सिंडिकेट का पता लगाया जा रहा उत्पाद विभाग की टीम गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि शराब की यह खेप कहां से लाई जा रही थी और इसे बिहार में किस सिंडिकेट को सौंपा जाना था, इसका पता लगाया जा सके। उत्पाद अधीक्षक अमृतेश कुमार झा ने इस सफल कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि शराब तस्करों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत लगातार जांच अभियान चलाया जा रहा है। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ बिहार मद्यनिषेध एवं उत्पाद अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सीमावर्ती इलाकों पर निगरानी और कड़ी कर दी गई है।
AISA की ओर से कल बिहार बंद किया गया था। अब AISA-RYA ने 30 जुलाई को राज्यव्यापी विरोध दिवस का आह्वान किया है। साथ ही, पालीगंज विधानसभा क्षेत्र में चक्का जाम किया जाएगा। नेताओं ने स्पष्ट किया कि आंदोलन अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है, जब तक दर्ज किए गए सभी मुकदमे पूरी तरह वापस नहीं ले लिए जाते, तब तक संघर्ष अनवरत जारी रहेगा। 30 जुलाई को पटना में चुनाव है, इसलिए यहां छोड़कर पूरे बिहार में आंदोलन होगा। अगले दिन पटना में होगा। सैकड़ों निर्दोष छात्रों को जेल में ठूस रहे RYA के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजीत कुमार सिंह ने कहा कि एक तरफ सरकार वार्ता की मेज पर समझौता करती है और दूसरी तरफ लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाने वाले विधायकों, छात्र नेताओं और सैकड़ों निर्दोष छात्रों को जेल में ठूस रही है। दमनकारी रुख अपनाते हुए सरकार ने कई प्रमुख चेहरों को सलाखों के पीछे भेज दिया है। यह लोकतंत्र की हत्या है जिसे छात्र-युवा बर्दाश्त नहीं करेंगे। पुलिस हिरासत में लिए गए सभी नेताओं और छात्रों को बिना शर्त तुरंत रिहा किया जाए। कल पटना आएगी आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा जंतर-मंतर आंदोलन की चर्चित नेता और आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष कॉमरेड नेहा बोरा कल यानी 27 जुलाई से दो दिवसीय बिहार दौरे पर आ रही हैं। अपने इस दौरे के दौरान वह जेल में बंद सभी गिरफ्तार साथियों और छात्र नेताओं से मुलाकात कर उनका हौसला बढ़ाएंगी। आंदोलन के दौरान पुलिस लाठीचार्ज में घायल और इलाजरत छात्रों से मिलकर उनकी स्थिति का जायजा लेंगी। राज्य के विभिन्न छात्र समूहों और आम छात्रों से सीधा संवाद कर आगे के आंदोलन की रूपरेखा तय करेंगी।
अररिया-फारबिसगंज मार्ग पर एनएच-27 पर रविवार को एक सड़क हादसे में एक महिला की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह दुर्घटना शहर के जीरो माइल स्थित पेट्रोल पंप के पास तब हुई जब एक अनियंत्रित डंपर ने एक बाइक को टक्कर मार दी। दुर्घटना के बाद स्थानीय लोगों ने तीनों घायलों को तुरंत सदर अस्पताल, अररिया पहुंचाया। बाइक पर दो महिलाएं और एक पुरुष सवार थे। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने तीनों की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया। अररिया पहुंचकर घटना की सूचना पुलिस को दीपूर्णिया ले जाते समय एक महिला की हालत बिगड़ती गई और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतका की पहचान जोकीहाट प्रखंड के ठेंगापुर गांव वार्ड संख्या-7 निवासी अफाक की 55 वर्षीय पत्नी शाहिदा खातून के रूप में हुई है। हादसे में गंभीर रूप से घायल रहिद उर्फ नन्हे (35) और शगुफ्ता (28) का इलाज एक निजी अस्पताल में चल रहा है। दोनों की स्थिति गंभीर बताई जा रही है। मृतका के देवर मोहम्मद जावेद आलम ने बताया कि शाहिदा खातून अपने घर से रहिद उर्फ नन्हे और शगुफ्ता के साथ फरकीय गांव में एक परिजन के निधन पर शोक व्यक्त करने जा रही थीं। इसी दौरान जीरो माइल स्थित पेट्रोल पंप के पास तेज रफ्तार डंपर ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। परिजनों ने शव लेकर सदर अस्पताल अररिया पहुंचकर घटना की सूचना पुलिस को दी। पुलिस मामले की सूचना मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की तैयारी में जुटी है।
मधेपुरा में मद्य निषेध एवं उत्पाद विभाग ने अवैध नशे के कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए कोरेक्स-शराब सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। गुप्त सूचना के आधार पर उदाकिशुनगंज अनुमंडल क्षेत्र के खारा पंचायत के वार्ड नौ में छापेमारी कर जमीन में गड्ढा बनाकर छिपाई गई 1170 बोतल प्रतिबंधित कोरेक्स कफ सिरप और 56 बोतल विदेशी शराब बरामद की गई। कार्रवाई के दौरान गिरोह के मुख्य सप्लायर बताए जा रहे विजय पासवान को गिरफ्तार कर लिया गया। मद्य निषेध अधीक्षक दुर्गेश कुमार ने बताया कि आरोपी से पूछताछ के बाद उसकी निशानदेही पर सिंडिकेट से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पूरे नेटवर्क का जल्द खुलासा किया जाएगाउन्होंने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर की गई छापेमारी में बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित कोरेक्स और विदेशी शराब बरामद हुई है। सभी बरामद सामान को जब्त कर लिया गया है। गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ जारी है। उन्होंने कहा कि इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है। पूरे नेटवर्क का जल्द खुलासा किया जाएगा। पूछताछ में कुछ प्रभावशाली और सफेदपोश लोगों के नाम सामने आने की संभावना है। हालांकि, उत्पाद विभाग ने अभी तक किसी अन्य व्यक्ति के नाम की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। मामले की जांच जारी है। उत्पाद विभाग का कहना है कि जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। इस नेटवर्क से जुड़े किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और पूरे सिंडिकेट को ध्वस्त करने तक कार्रवाई जारी रहेगी।
कैमूर जिले की भभुआ पुलिस ने शराब तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। रविवार को जिगनी पुल के पास एक अर्टिगा कार से 10 लाख रुपये मूल्य की भारी मात्रा में अंग्रेजी शराब बरामद की गई। इस दौरान पुलिस ने कार चालक और वाहन मालिक (शराब कारोबारी) दोनों को मौके से गिरफ्तार कर लिया। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी ओम प्रकाश कुमार ने बताया कि पुलिस को देर रात करीब 1:00 बजे सूचना मिली थी। जानकारी के अनुसार, दुर्गावती की तरफ से एक अर्टिगा गाड़ी (BR 01HG 5208) में शराब की बड़ी खेप लाई जा रही थी। इस सूचना के आधार पर थानाध्यक्ष के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई, जिसने जिगनी पुल के पास सघन वाहन जांच अभियान शुरू किया। 35,400 रुपये नकद और 2 स्मार्टफोन भी जब्त किएपुलिस को देखते ही कार चालक ने भागने का प्रयास किया, लेकिन मुस्तैद पुलिस टीम ने घेराबंदी कर वाहन को रोक लिया। तलाशी लेने पर कार से विभिन्न ब्रांड की कुल 604 बोतलें, जिनमें 257.185 लीटर अंग्रेजी शराब थी, बरामद की गईं। इसके अतिरिक्त, पुलिस ने 35,400 रुपये नकद और 2 स्मार्टफोन भी जब्त किए। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पटना जिले के पालीगंज थाना क्षेत्र के पिपरदाहा बंगला निवासी प्रवीण कुमार (पिता- सुभाष यादव) और चालक राहुल कुमार (पिता- सत्येन्द्र यादव) के रूप में हुई है। पूछताछ के दौरान, तस्करों ने स्वीकार किया कि वे यह शराब उत्तर प्रदेश से खरीदकर पालीगंज (पटना) में बेचने के लिए ले जा रहे थे। इस सफल कार्रवाई में थानाध्यक्ष मुकेश कुमार, नवीन कुमार, प्रदीप कुमार सहित पुलिस बल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पूर्णिया में 25 जुलाई को छात्र आंदोलन के दौरान पथराव-पुलिस लाठीचार्ज के बाद अब पुलिस ने कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। इस मामले में 4 युवकों को हिरासत में लिया गया है, जिनसे पूछताछ जारी है। हिरासत में लिए गए सभी युवकों को पूर्णिया के मुफस्सिल थाना में रखा गया है। पुलिस इन युवकों से घटना से संबंधित जानकारी जुटा रही है। पूर्णिया पुलिस के अनुसार, शिनाख्त के आधार पर आगे एफआईआर दर्ज की जाएगी। यह कार्रवाई आंदोलन के दौरान भड़की हिंसा को लेकर की जा रही है। इंदिरा गांधी स्टेडियम से आरएन शाह चौक तक का घटनाक्रम 25 जुलाई को पूर्णिया के इंदिरा गांधी स्टेडियम में छात्रों का एक शांतिपूर्ण प्रदर्शन आयोजित किया गया था। आंदोलन की गंभीरता और स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए पूर्णिया के जिलाधिकारी (DM) अंशुल कुमार और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) शौर्य सुमन खुद स्टेडियम में छात्रों के बीच पहुंचे। दोपहर तक समाप्त किया गया आंदोलन, फिर सड़कों पर निकली भीड़अधिकारियों ने छात्रों से बातचीत कर उनका ज्ञापन स्वीकार किया, जिसके बाद आधिकारिक रूप से आंदोलन समाप्त करा दिया गया और अधिकांश छात्र शांतिपूर्ण ढंग से अपने-अपने घर लौटने लगे।हालांकि, आंदोलन खत्म होने के कुछ ही देर बाद छात्रों का एक झुंड अचानक सड़कों पर निकल आया और आरएन शाह चौक की ओर बढ़ने लगा। इसी दौरान भीड़ उग्र हो गई और स्थिति तनावपूर्ण बन गई।आरएन शाह चौक के पास भीड़ ने अचानक पथराव शुरू कर दिया। गाड़ियों को क्षतिग्रस्त कर दिया। पथराव में 3 पुलिसकर्मी घायल हो गए, जिन्हें तुरंत इलाज के लिए पूर्णिया मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। समाहरणालय से पहले चली लाठी भीड़ समाहरणालय की ओर बढ़ने लगी, जिसे बैरिकेडिंग से सैंकड़ों पुलिस बल ने रोक रखा था। उग्र भीड़ को नियंत्रित करने और कानून-व्यवस्था बहाल करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। घटना के दौरान पुलिस ने दर्जनों उपद्रवी छात्रों व युवकों को मौके से डिटेन (हिरासत में) किया था।दिनभर चले इस घटनाक्रम के बाद पुलिस ने स्थिति की समीक्षा की। प्राथमिक पूछताछ और छानबीन के बाद शाम होते-होते डिटेन किए गए दर्जनों छात्रों को छोड़ दिया गया। हालांकि, घटना में संलिप्तता के संदेह में 4 युवकों को अभी भी पुलिस हिरासत में रखा गया है। सभी डिटेन लड़के मुफस्सिल थाना में हैं । शिनाख्त कर होगी प्राथमिकी दर्ज सदर एसडीपीओ-1 (SDPO) अभिनव परासर ने बताया कि फिलहाल इस मामले में FIR की विस्तृत रिपोर्ट तैयार नहीं की गई है। पुलिस सीसीटीवी (CCTV) और वीडियो फुटेज के जरिए उपद्रवियों की शिनाख्त कर रही है। शिनाख्त के आधार पर ही नामजद FIR दर्ज की जाएगी। फिलहाल 4 युवकों को डिटेन कर हिरासत में रखा गया है और जल्द ही इस मामले में शामिल अन्य सभी आरोपियों की सूची जारी की जाएगी।
महू के सिमरोल थाना क्षेत्र के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल लोढ़िया कुंड में रविवार को एक हादसा हो गया। इंदौर के राजेंद्र नगर निवासी 17 वर्षीय नाबालिग की कुंड में डूबने से मौत हो गई। युवक अपने दोस्तों के साथ घूमने आया था और नहाने के दौरान गहरे पानी में चला गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, डूबने की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीण मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद नाबालिग का शव कुंड से बाहर निकाला। उन्होंने तत्काल सिमरोल पुलिस को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए महू के मध्य भारत अस्पताल भेजा। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। मृतक की पहचान उदय वीर चौहान (17) निवासी पुलिस लाइन, राजेंद्र नगर, इंदौर के रूप में की गई है। दोस्तों के साथ आया था सिमरोल थाना प्रभारी कुलदीप खत्री ने बताया कि युवक अपने दोस्तों के साथ लोढ़िया कुंड घूमने आया था। नहाने के दौरान वह गहरे पानी में डूब गया। पुलिस ने इस संबंध में मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। 2023 में हो चुका है हादसा यह उल्लेखनीय है कि लोढ़िया कुंड पहले भी हादसों के कारण चर्चा में रहा है। वर्ष 2023 में इसी कुंड में एक कार अनियंत्रित होकर गिर गई थी, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। लगातार हो रहे हादसों के मद्देनजर, क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और पर्याप्त चेतावनी संकेतों की कमी पर सवाल उठ रहे हैं।
भोपाल के शीतलदास की बगिया में रविवार को राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) ने आपदा प्रबंधन एवं बचाव का लाइव डेमो किया। कार्यक्रम में लोगों को बाढ़ जैसी आपदा के दौरान सुरक्षित रहने, लाइफ जैकेट का सही उपयोग, घरेलू सामान से अस्थायी फ्लोटेशन डिवाइस तैयार करने और आपातकालीन स्थिति में बचाव के व्यावहारिक तरीके बताए गए। एनडीआरएफ की टीम ने लाइव डेमो के माध्यम से बताया कि आपदा के समय घबराने के बजाय सतर्कता और सही तकनीक अपनाकर नुकसान को कम किया जा सकता है। तस्वीरें देखें… टीम ने बाढ़ के दौरान सुरक्षित निकासी, लाइफ जैकेट पहनने की सही विधि और उपलब्ध घरेलू सामान से अस्थायी फ्लोटेशन डिवाइस तैयार करने का प्रदर्शन किया। नशे से दूर रहने का संदेश भी दिया कार्यक्रम में नगर सुरक्षा समिति, श्यामला हिल्स की टीम ने भी सहभागिता की। इस दौरान भोपाल पुलिस के नशे से दूरी अभियान के तहत लोगों को नशे से दूर रहने और सुरक्षित जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में गोताखोर शेख आसिफ एवं अकबर खान मौजूद रहे। थाना श्यामला हिल्स का पुलिस स्टाफ भी आयोजन में उपस्थित रहा।
रायपुर के टिकरापारा क्षेत्र में एक सराफा कारोबारी से करीब 2 लाख रुपए की ठगी की गई है। आरोपी ने पहले सोना खरीदने के लिए ऑनलाइन भुगतान किया। इसके बाद दूसरा ऑर्डर रद्द कराकर कारोबारी से उसकी राशि वापस ले ली। कुछ दिन बाद कारोबारी को बैंक खाते में जमा रकम होल्ड होने की जानकारी मिली, तब ठगी का पता चला। इस मामले में कुल 1,99,440 रुपए की राशि होल्ड हो गई, जिससे कारोबारी को नुकसान हुआ। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दो बार किया ऑनलाइन भुगतान शिकायत के अनुसार, संजय नगर निवासी अजय सोनी की टिकरापारा मेन रोड पर अजय ज्वेलर्स नाम से दुकान है। 17 जुलाई को एक युवक स्कूटी से दुकान पहुंचा। उसने 6 ग्राम सोना खरीदने की बात कही। दुकान में 5 ग्राम का सोने का सिक्का उपलब्ध था, जिसकी कीमत 76,220 रुपए थी। युवक ने JAGDAMBA TC के नाम से ऑनलाइन भुगतान किया। इसके बाद उसने 1.600 ग्राम सोना और खरीदा, जिसकी कीमत 23,500 रुपए थी। इसका भी ऑनलाइन भुगतान करने के बाद उसने करीब एक घंटे बाद सोना लेने की बात कहकर दुकान से चला गया। कुछ देर बाद लौटकर युवक ने दूसरा ऑर्डर रद्द करने और उसकी रकम वापस करने की मांग की। इस पर कारोबारी ने उसके मोबाइल नंबर पर 23,500 रुपए ऑनलाइन वापस कर दिए। पहले खाते में रकम दिखी, फिर बैलेंस माइनस हो गया 20 जुलाई को कारोबारी अजय सोनी के पास एक फोन आया। कॉल करने वाले ने खुद को JAGDAMBA TC का प्रतिनिधि बताया और कहा कि उसके खाते में 3.50 लाख रुपए जमा हुए हैं। इसके बाद अजय ने अपना बैंक खाता चेक किया। खाते में 78,757 रुपए दिखाई दे रहे थे, लेकिन करीब तीन घंटे बाद बैलेंस माइनस 20,962 रुपए हो गया। दो-दो ट्रांजेक्शन की रकम हुई होल्ड 21 जुलाई को बैंक पहुंचने पर अजय को पता चला कि दो ट्रांजेक्शन की कुल 99,720 रुपए की रकम होल्ड कर दी गई है। अगले दिन भी दो अन्य ट्रांजेक्शन की 99,720 रुपए की राशि होल्ड होने की जानकारी मिली। इसके बाद कारोबारी को साइबर ठगी का शक हुआ। दूसरे ज्वेलर्स को भी बनाया था निशाना बाद में संतोषी नगर मेन रोड स्थित श्री ओम शांति ज्वेलर्स में हुई साइबर ठगी के CCTV फुटेज की जानकारी मिली। फुटेज देखने पर अजय ने अपने साथ ठगी करने वाले युवक की पहचान कर ली।शिकायत में साहिल और आयुष साहू के नाम सामने आए हैं। पुलिस CCTV फुटेज और बैंक ट्रांजेक्शन के आधार पर दोनों आरोपियों की तलाश में जुटी है।
कारगिल विजय दिवस पर रविवार को वीर जवानों को याद किया जा रहा है। जो देश की रक्षा में शहीद हुए थे। बेगूसराय में जीडी कॉलेज में राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) की ओर से शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। एनसीसी कैडेट्स ने कॉलेज परिसर में पौधरोपण किया। पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्रभक्ति का संदेश देते हुए हर-हर महादेव चौक तक जागरूकता रैली निकाली। प्राचार्य प्रो. भूपेंद्र नारायण ने कहा कि कारगिल विजय दिवस भारतीय सेना के अदम्य साहस, वीरता और बलिदान का प्रतीक है। देश के वीर जवानों ने अपने प्राणों की आहुति देकर भारत की सीमाओं की रक्षा की। जिसका ऋण देशवासी कभी नहीं चुका सकते। उन्होंने कहा कि पौधरोपण केवल पर्यावरण संरक्षण का कार्य नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी भी है। शहीदों का बलिदान हर भारतीय के लिए प्रेरणा एनसीसी अधिकारी लेफ्टिनेंट (डॉ.) अजीत कुमार ने कहा कि कारगिल युद्ध के शहीदों का बलिदान हर भारतीय के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कैडेट्स से राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए अनुशासन, सेवा और समर्पण की भावना के साथ कार्य करने का आह्वान किया। एनसीसी का उद्देश्य युवाओं में नेतृत्व क्षमता, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्रभक्ति की भावना का विकास करना है। राष्ट्रभक्ति-पर्यावरण संरक्षण से जुड़े नारों से जागरूकता फैलाई एनएसएस कार्यक्रम पदाधिकारी प्रो. दिनेश कुमार ने कहा कि देश की रक्षा करने वाले वीर सैनिकों के सम्मान में आयोजित इस प्रकार के कार्यक्रम युवाओं में राष्ट्रीय चेतना का संचार करते हैं। वहीं, वाणिज्य विभागाध्यक्ष प्रो. केतन कुमार ने कहा कि कारगिल विजय दिवस हमें देश की एकता और अखंडता की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहने की प्रेरणा देता है। पौधरोपण के बाद एनसीसी कैडेट्स ने हाथों में तिरंगा और देशभक्ति से जुड़े संदेशों वाले बैनर लेकर कॉलेज परिसर से हर-हर महादेव चौक तक रैली निकाली। रैली के दौरान कैडेट्स ने राष्ट्रभक्ति-पर्यावरण संरक्षण से जुड़े नारों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया। राहगीरों-स्थानीय लोगों ने भी कैडेट्स की सराहना की। एबीवीपी के वरिष्ठ कार्यकर्ता श्री अजीत चौधरी भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में एनसीसी कैडेट अमन कुमार, तन्नू कुमारी, शिवम, अभिषेक, सूरज, अंशु सहित बड़ी संख्या में अन्य ने सक्रिय भागीदारी निभाई। सभी ने शहीदों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए राष्ट्र सेवा का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन भारत माता के जयकारों-वंदे मातरम के उद्घोष के साथ हुआ। शहीदों को कारगिल विजय दिवस पर शत-शत नमन- गिरिराज वहीं, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा है कि कारगिल की बर्फीली चोटियों पर भारत माता के स्वाभिमान की रक्षा करते हुए अपना सब कुछ न्योछावर करने वाले हमारे अमर शहीदों को कारगिल विजय दिवस पर शत-शत नमन। भारतीय सशस्त्र बलों का त्याग, अनुशासन और देशभक्ति हम सभी के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत रहेगी। वीर जवानों की इस अमर गाथा पर पूरे देश को गर्व है। कारगिल विजय दिवस हमें उन अमर बलिदानों की याद दिलाता है, जिन्होंने भारत का मस्तक गर्व से ऊंचा किया। आज का भारत उनके बलिदान को याद करने के साथ-साथ अपनी रक्षा शक्ति को भी लगातार मजबूत बना रहा है। स्वदेशी युद्धपोत, लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट और मिसाइल इस बात का प्रमाण हैं कि भारत आत्मनिर्भर रक्षा क्षेत्र की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। यही वीरों को सच्ची श्रद्धांजलि है।
भोजपुरी फिल्म अभिनेत्री अंजना सिंह ने लखनऊ के साइबर क्राइम थाने में तहरीर देकर अभिनेता खेसारी लाल यादव समेत कई लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि एक पॉडकास्ट में दिए गए बयान के बाद सोशल मीडिया पर उनके और उनकी नाबालिग बेटी को निशाना बनाया गया। AI से अश्लील तस्वीरें बनाकर वायरल की गईं, अभद्र टिप्पणियां की गईं और धमकियां दी गईं। इस मसले में अंजना सिंह ने पूरे विवाद पर दैनिक भास्कर से खुलकर अपनी बात रखी। पढ़िए सवाल-जवाब… सवाल: आखिर ऐसा क्या हुआ कि आपको कानूनी कार्रवाई करनी पड़ी? जवाब: मैंने अपनी जिंदगी में कभी किसी के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई नहीं की। लेकिन, इस बार मामला सिर्फ मेरा नहीं था। मेरे सम्मान, मेरी छवि और मेरी बेटी तक को निशाना बनाया गया। सोशल मीडिया पर AI और मॉर्फ्ड तस्वीरें बनाकर वायरल की गईं। अश्लील टिप्पणियां की गईं। किसी भी महिला के लिए इससे बड़ा मानसिक उत्पीड़न नहीं हो सकता। इसलिए मैंने फैसला किया कि अब कानून का सहारा लेना जरूरी है। सवाल: आपने कहा कि यह सुनियोजित अभियान था। आपको ऐसा क्यों लगता है? जवाब: यह कोई एक-दो पोस्ट की बात नहीं थी। एक साथ कई सोशल मीडिया अकाउंट्स से लगातार पोस्ट किए जा रहे थे। एक जैसी भाषा, एक जैसे आरोप और एक जैसा कंटेंट शेयर किया जा रहा था। इससे साफ लग रहा था कि यह किसी सोची-समझी रणनीति के तहत किया जा रहा है। यह किसी एक व्यक्ति की हरकत नहीं लग रही थी। सवाल: आपने आरोप लगाया कि आपकी बेटी को भी इसमें घसीटा गया? जवाब: सबसे ज्यादा तकलीफ इसी बात की है। मेरी बेटी सिर्फ 11 साल की है। उसका इस पूरे विवाद से कोई लेना-देना नहीं है। फिर भी उसे निशाना बनाया गया। एक मां के लिए इससे ज्यादा पीड़ादायक कुछ नहीं हो सकता। मैं अपने बारे में बहुत कुछ सह सकती हूं, लेकिन अपनी बेटी के खिलाफ ऐसी बातें कभी बर्दाश्त नहीं करूंगी। सवाल: कुछ लोगों की चुप्पी भी सवाल उठाने में आपका इशारा किस तरफ है? जवाब: मैं सिर्फ इतना कहूंगी कि अगर किसी के समर्थक या टीम के लोग गलत काम कर रहे हैं तो जिम्मेदारी बनती है कि उन्हें रोका जाए। खासकर तब, जब बात किसी महिला की गरिमा की हो। अगर कोई चुप रहता है तो लोगों को यही संदेश जाता है कि उसे इस सब पर कोई आपत्ति नहीं है। मुझे यही बात सबसे ज्यादा निराश करती है। सवाल: विवाद की शुरुआत आखिर कहां से हुई? जवाब: मैं एक पॉडकास्ट में गई थी। वहां मुझसे खेसारी लाल यादव को लेकर सवाल पूछा गया। मैंने सिर्फ अपनी व्यक्तिगत राय रखी। मैंने किसी का अपमान नहीं किया। लेकिन उसके बाद सोशल मीडिया पर मेरे खिलाफ अभियान शुरू हो गया। मुझे लगता है कि कुछ लोगों को मेरी बात पसंद नहीं आई और उन्होंने इसे व्यक्तिगत बना लिया। सवाल: क्या आपका पहले से खेसारी लाल यादव से कोई व्यक्तिगत विवाद रहा है? जवाब: बिल्कुल नहीं। मैं पिछले 14 साल से भोजपुरी इंडस्ट्री में काम कर रही हूं। मेरी पूरी हिस्ट्री देख लीजिए, मैं कभी विवादों में रहने वाली कलाकार नहीं रही। मुझे कंट्रोवर्सी से कोई प्यार नहीं है। लेकिन अगर कोई मेरे सम्मान पर हमला करेगा तो मैं बिल्कुल चुप नहीं बैठूंगी। सवाल: क्या यह भोजपुरी इंडस्ट्री की गुटबाजी का नतीजा है? जवाब: हर इंडस्ट्री में अलग-अलग ग्रुप होते हैं। यह कोई नई बात नहीं है। लेकिन मेरे साथ जो हुआ, उसका फिल्मों, गानों या प्रोफेशनल प्रतिस्पर्धा से कोई संबंध नहीं है। यह पूरी तरह से व्यक्तिगत हमला था। मुझे व्यक्तिगत तौर पर बदनाम करने की कोशिश की गई। सवाल: यह भी कहा जा रहा है कि आप पवन सिंह के करीब हैं, इसलिए आपको टारगेट किया गया? जवाब: अगर मैं किसी की अच्छी दोस्त हूं तो इसमें गलत क्या है? मेरे दोस्त कौन होंगे, यह मेरा व्यक्तिगत फैसला है। अगर किसी को इससे परेशानी है तो वह उसकी समस्या है, मेरी नहीं। मैं दोस्ती निभाना जानती हूं और मुझे किसी से दोस्ती रखने के लिए किसी की अनुमति की जरूरत नहीं है। सवाल: आपको क्या लगता है कि अचानक आपको ही निशाना क्यों बनाया गया? जवाब: मैंने पहले भी कहा है कि कुछ लोग लगातार विवादों में रहकर सुर्खियां बटोरना चाहते हैं। अक्सर जब उनका कोई गाना, ट्रेलर या नया प्रोजेक्ट आने वाला होता है तो कोई न कोई विवाद सामने आ जाता है। मुझे नहीं पता इस बार वजह क्या थी, लेकिन इतना जरूर जानती हूं कि मुझे जो पहचान मिली है, वह मेरी मेहनत और काम की वजह से मिली है, विवादों की वजह से नहीं। सवाल : सोशल मीडिया पर महिलाओं की ट्रोलिंग को आप किस नजर से देखती हैं? जवाब : दुर्भाग्य से जब कोई महिला खुलकर अपनी बात रखती है तो सबसे पहले उसके चरित्र पर हमला किया जाता है। उसे शर्मिंदा करने की कोशिश होती है ताकि वह दोबारा बोलने की हिम्मत न करे। लेकिन अब महिलाएं पहले जैसी नहीं हैं। हम डरकर चुप बैठने वाली नहीं हैं। कानून है और उसका इस्तेमाल होना चाहिए। सवाल: आपकी शिकायत पर अब तक क्या कार्रवाई हुई है? जवाब: लखनऊ पुलिस और साइबर सेल ने बहुत तेजी से कार्रवाई की। करीब 45 सोशल मीडिया अकाउंट्स को ब्लॉक कराया गया। आपत्तिजनक पोस्ट हटाए गए और ऑडियो भी ब्लॉक कराया गया। मैं साइबर सेल और हजरतगंज पुलिस की पूरी टीम का धन्यवाद करती हूं। उन्होंने तुरंत कार्रवाई करके यह संदेश दिया कि महिलाओं के खिलाफ साइबर अपराध बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। सवाल: आखिर में आप अपने प्रशंसकों और सोशल मीडिया यूजर्स से क्या कहना चाहेंगी? जवाब: मेरे सभी शुभचिंतकों से यही कहना चाहूंगी कि सच का साथ दें। किसी महिला के खिलाफ बिना जांचे-परखे झूठी बातें या आपत्तिजनक सामग्री शेयर न करें। सोशल मीडिया का इस्तेमाल किसी की इज्जत खराब करने के लिए नहीं होना चाहिए। मैं अपने काम पर भरोसा करती हूं और न्याय व्यवस्था पर पूरा विश्वास है। क्या है पूरा मामला? अंजना सिंह ने अभिनेता खेसारी लाल यादव, उनके मैनेजर अखिलेश कश्यप, कृष्णा बेदर्दी, संजय यादव समेत अन्य अज्ञात लोगों पर अपनी नाबालिग बेटी की आपत्तिजनक फोटो वायरल करने का आरोप लगाते हुए शिकायत दी। इसमें एफआईआर दर्ज कर डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित करने की मांग की है। दूसरी ओर, इस मामले में जिन लोगों के नाम शिकायत में लिए गए हैं, उनकी ओर से इन आरोपों पर सार्वजनिक रूप से क्या जवाब दिया गया है, यह संबंधित पक्ष का पक्ष सामने आने पर ही स्पष्ट होगा। फिलहाल, मामले की जांच साइबर पुलिस के स्तर पर चल रही है। कौन हैं अंजना सिंह? अंजना सिंह भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री की सबसे लोकप्रिय अभिनेत्रियों में शामिल हैं। उनका जन्म 7 अगस्त 1990 को उत्तर प्रदेश के बलिया में हुआ। फिल्मों में आने से पहले वह इवेंट होस्टिंग करती थीं। इसी दौरान उन्हें फिल्म प्रोडक्शन से जुड़ा पहला काम मिला, जिसके लिए उन्हें 35 हजार रुपए मिले। इसके बाद उन्होंने अभिनय की दुनिया में कदम रखा। साल 2012 में फिल्म 'एक और फौलाद' से उन्होंने भोजपुरी सिनेमा में डेब्यू किया। पहली फिल्म के बाद ही उन्हें पहचान मिल गई। उन्होंने महज दो वर्षों में 25 फिल्में साइन कर रिकॉर्ड बनाया। अब तक वह 100 से अधिक भोजपुरी फिल्मों में अभिनय कर चुकी हैं। अंजना सिंह ने खेसारी लाल यादव, पवन सिंह, दिनेश लाल यादव 'निरहुआ', रवि किशन, यश कुमार मिश्रा और अरविंद अकेला 'कल्लू' समेत भोजपुरी इंडस्ट्री के लगभग सभी बड़े सितारों के साथ काम किया है। निजी जीवन की बात करें तो उन्होंने 2013 में अभिनेता यश कुमार मिश्रा से शादी की थी। 2015 में बेटी का जन्म हुआ। बाद में यश और अंजना के रिश्तों में खटास आई और 2018 में दोनों का तलाक हो गया। ------------------------ यह खबर भी पढ़िए- भोजपुरी अभिनेत्री बोलीं- खेसारी ने मेरी अश्लील फोटो वायरल कीं : अंजना सिंह ने लखनऊ पुलिस से कहा- बेटी की भी AI से तस्वीर बनाई लखनऊ में भोजपुरी अभिनेत्री अंजना सिंह ने अभिनेता खेसारी लाल यादव के खिलाफ साइबर सेल में शिकायत दी है। अंजना का आरोप है कि सोशल मीडिया पर उनकी और उनकी 11 साल की बेटी की AI से बनाई गई अश्लील तस्वीरें वायरल की गईं। साथ ही अभद्र बातें कही गई और जान से मारने की धमकी भी दी गई। अंजना सिंह ने खेसारी के अलावा उनके मैनेजर, फिल्म लेखक अखिलेश कश्यप, कृष्णा बेदर्दी और संजय यादव के खिलाफ भी शिकायत की है। उन्होंने पुलिस से सभी के खिलाफ जांच कर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। (पूरी खबर पढ़िए)
बिहार विधानसभा में किशनगंज के ऐतिहासिक रूईधासा मैदान से सेना कैंप हटाने का मुद्दा उठाया गया है। एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष और अमौर विधायक अख्तरूल ईमान ने यह मांग की। उन्होंने बताया कि यह मैदान लंबे समय से जिले में खेलकूद, सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र रहा है। विधायक अख्तरूल ईमान ने सदन को बताया कि मैदान में सेना का कैंप होने से स्थानीय युवाओं को खेलकूद गतिविधियों में बाधा आ रही है। उन्होंने सरकार से तत्काल हस्तक्षेप कर मैदान को आम लोगों और खिलाड़ियों के लिए उपलब्ध कराने का आग्रह किया। प्रशासन के अगले कदम का इंतजार कर रहे उल्लेखनीय है कि रूईधासा मैदान से सेना कैंप हटाने की मांग स्थानीय स्तर पर लंबे समय से उठाई जा रही है। विभिन्न सामाजिक संगठनों और खेल प्रेमियों ने भी समय-समय पर यह मुद्दा उठाया है। स्थानीय मीडिया, जैसे किशनगंज लाइव, ने भी पिछले कई महीनों से इस विषय को प्रमुखता से प्रकाशित किया है। इसी संदर्भ में विधायक अख्तरूल ईमान से भी इस मुद्दे पर प्रश्न पूछे गए थे। जानकारी के अनुसार, रूईधासा मैदान को वर्ष 1964 में सेना ने अधिग्रहित किया था। अधिग्रहण के बावजूद, कई वर्षों तक यहां खेल प्रतियोगिताएं, सांस्कृतिक कार्यक्रम और सार्वजनिक आयोजन होते रहे। हालांकि, हाल के वर्षों में सुरक्षा कारणों और क्षेत्र में बढ़ी संवेदनशील गतिविधियों के कारण मैदान परिसर में सेना का कैंप स्थापित किया गया है। विधानसभा में यह मामला उठने के बाद रूईधासा मैदान को लेकर बहस एक बार फिर तेज हो गई है। स्थानीय निवासी सरकार और प्रशासन के अगले कदम का इंतजार कर रहे हैं, ताकि मैदान को उसके मूल उद्देश्य के लिए बहाल किया जा सके।
रीवा बीजेपी किसान मोर्चा के पूर्व जिला अध्यक्ष प्रशांत पाठक पर उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में हमला हो गया। पाठक का कहना है कि जंतर-मंतर आंदोलन के समर्थकों ने उनकी गाड़ी पर बीजेपी का झंडा लगा देखकर घेर लिया। ‘बीजेपी वाला है, इसे मारो’ कहते हुए वे लोग पाठक की गाड़ी पर टूट पड़े। गाड़ी के कांच फोड़ दिए, पार्टी का झंडा निकालकर फेंक दिया। पाठक के मुताबिक, भीड़ ने गाड़ी का दरवाजा तोड़कर उन्हें बाहर खींचने की कोशिश की। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद ड्राइवर मौके से गाड़ी निकाल सका। घटना प्रयागराज के सुभाष चौराहे पर शनिवार की है। इसका वीडियो भी सामने आया है। रीवा के चाकघाट निवासी प्रशांत पाठक ने प्रयागराज के सिविल लाइंस थाने में मामले की शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने हमले के लिए कांग्रेस और समाजवादी पार्टी को जिम्मेदार ठहराया है। स्थानीय पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। देखिए, हमले की दो तस्वीरें… बीजेपी नेता ने कहा- मैं मौत को छूकर लौटा हूं पाठक ने कहा- मैं इलाज के सिलसिले में प्रयागराज गया था। वापस लौटते समय सुभाष चौराहे पर प्रदर्शन कर रहे कुछ युवकों ने हमारी गाड़ी रोक ली। उन्होंने गाड़ी को घेरकर तोड़फोड़ शुरू कर दी। वे हमारे साथ मारपीट करने पर आमादा थे। पाठक ने कहा- हमला कांग्रेस और समाजवादी पार्टी नेताओं के इशारे पर किया गया। मैं मौत को छूकर लौटा हूं। कांग्रेस नेता बोले- हमले की वजह खुद बीजेपी वहीं, कांग्रेस ने पाठक के आरोपों को खारिज किया है। रीवा जिला कांग्रेस अध्यक्ष बिजेंद्र गुप्ता ने कहा- काम मारने वाले किए हैं तो कोई हार कैसे पहनाए? कांग्रेस या समाजवादी पार्टी ने कोई हमला नहीं किया। यह नाराज और निराश छात्रों का गुस्सा है, जिसकी वजह खुद बीजेपी है। ये खबर भी पढ़ें… मंत्री के सामने कांग्रेस नेता को जड़ा थप्पड़, VIDEO नरसिंहगढ़ में लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस के जिला पंचायत अध्यक्ष चंदर सिंह सोंधिया की मंच पर विधायक मोहन शर्मा के बेटे से बहस हो गई। हंगामा बढ़ने पर पुलिस उन्हें मंच से नीचे ले जाने लगी। इसी दौरान भीड़ में मौजूद एक बुजुर्ग ने उनके गाल पर थप्पड़ जड़ दिया। पढ़ें पूरी खबर…
शेखपुरा में सालभर से फरार शराब कारोबारी अरेस्ट:पहले भी 2 बार जा चुका है जेल, घर में छिपा था
शेखपुरा के कोरमा थाना पुलिस ने सुजाबलपुर गांव में छापामारी कर एक फरार शराब कारोबारी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान सुजावलपुर गांव निवासी सुजीत कुमार के पुत्र राजीव कुमार के रूप में हुई है। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि वह अपने घर में छिपा हुआ है। छापामारी का नेतृत्व कोरमा थाना के पुलिस सब इंस्पेक्टर बिंद राय गगराई ने किया। कोरमा थाना अध्यक्ष मुरारी कुमार ने बताया कि गिरफ्तार कारोबारी लंबे समय से फरार चल रहा था। थानाध्यक्ष के अनुसार, पूर्व में पुलिस ने राजीव कुमार के घर से बड़ी मात्रा में शराब बरामद की थी। हालांकि, उस समय वह पुलिस को चकमा देकर फरार होने में सफल रहा था। राजीव कुमार शराब निर्माण करने के साथ-साथ आसपास के इलाकों में निर्मित शराब की आपूर्ति का कार्य भी करता था। घटना के बाद से वह छिपकर अपना कारोबार चला रहा था। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी शराब के मामलों में पहले भी दो बार जेल जा चुका है। लंबे समय से फरार रहने के कारण न्यायालय को भी उसकी तलाश थी। गिरफ्तारी के बाद, पुलिस ने फरार शराब कारोबारी राजीव कुमार को शेखपुरा जेल भेज दिया है।
जमुई में कारगिल विजय दिवस के अवसर पर रविवार को सदर अस्पताल स्थित ब्लड बैंक में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में बड़ी संख्या में युवाओं ने भाग लेकर शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। आयोजकों ने शिविर के सफल संचालन के लिए जमुई के सिविल सर्जन से मुलाकात की। इस दौरान शिविर प्रभारी रौशन सिंह, संस्थान के सचिव सुमन सौरभ और सौरभ मिश्रा ने सिविल सर्जन के साथ रक्तदान शिविर की तैयारियों और व्यवस्थाओं पर विस्तृत चर्चा की। 50 यूनिट रक्त संग्रह का लक्ष्य रखा गयासंस्थान के सचिव सुमन सौरभ ने बताया कि कारगिल विजय दिवस भारतीय सैनिकों के अद्वितीय साहस और सर्वोच्च बलिदान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि केवल शब्दों से नहीं, बल्कि जरूरतमंदों की जान बचाने वाले रक्तदान जैसे महादान से दी जा सकती है। इसी उद्देश्य से यह शिविर आयोजित किया गया है। शिविर में लगभग 50 यूनिट रक्त संग्रह का लक्ष्य रखा गया है। जिले के विभिन्न क्षेत्रों से युवा सदर अस्पताल ब्लड बैंक पहुंचकर स्वेच्छा से रक्तदान कर रहे हैं। रक्तदाताओं में देशभक्ति और समाज सेवा की भावना स्पष्ट रूप से देखी गई। आयोजकों ने जिले के युवाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और प्रबुद्ध नागरिकों से इस महादान से जुड़ने की अपील की। उनका मानना है कि भारतीय सैनिकों के बलिदान का सम्मान तभी सार्थक होगा, जब समाज जरूरतमंदों की जिंदगी बचाने के लिए आगे आएगा।
दरभंगा में एक युवक के अपहरण और तलाकशुदा महिला से जबरन शादी कराने का मामला सामने आया है। परिजन ने थाने में आवेदन देकर सकुशल बरामदी और आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित युवक मो. एजाज(21) नरौछधाम वार्ड संख्या-11 का रहने वाला है। घटना जाले थाना क्षेत्र की है। एजाज के बड़े भाई मो. सितारे बाबू ने बताया कि 18 जुलाई 2026 को दोपहर करीब 12 बजे घर से किराना का सामान खरीदने चौक गया था, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटा। काफी खोजबीन के बावजूद उसका कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद थाने में आवेदन दिया। मो. सितारे ने बताया कि कुछ दिन पहले बिस्फी थाना क्षेत्र के तीसी गांव निवासी मो. नेयाज, शौकत, मौलाना मोइद्दीन, शकील अहमद, मो. अलाउद्दीन और बेनीपट्टी थाना क्षेत्र के जायजारा निवासी दिलशाद ने उनके परिवार को धमकी दी थी। इन लोगों ने कहा था कि अगर एजाज की शादी तीसी गांव निवासी जुबेदा खातून से नहीं कराई गई तो उसका अपहरण कर हत्या कर दी जाएगी। 'मेरे भाई को गिनती तक नहीं आती' मो. सितारे ने बताया कि उनका भाई मानसिक रूप से पूरी तरह सक्षम नहीं है। कोई भी बात ठीक से नहीं समझ पाता। उसे 100 तक की गिनती भी नहीं आती है। कोई भी व्यक्ति जो कहता है, वह उसी की बात मान लेता है। पिता और मां ने भी लगाए गंभीर आरोप पीड़ित के पिता इमलक अहमद ने आरोप लगाया कि उनके बेटे का अपहरण कर गांव के ही सलाउद्दीन की पुत्रवधू की बहन से जबरन निकाह कराया गया है। ग्रामीण मो. मुस्ताक ने बताया कि एजाज के बड़े भाई की करीब 10 दिन पहले शादी हुई थी। घटना वाले दिन एजाज को स्कूटी से जाते देखा था। बाद में उसने स्कूटी गांव में ही छोड़ दी और ऑटो से कमतौल की ओर चला गया। जहां चार लोगों ने उसे पकड़ लिया और उसी रात करीब 12 बजे उसका निकाह करा दिया गया। निकाह में नजराना गांव का एक युवक गवाह बना और स्थानीय मौलाना ने निकाह पढ़ाया। जिस युवती से निकाह कराया गया, उसकी पहले सिंहवाड़ा प्रखंड के टेकटार गांव में शादी हुई थी। बाद में उसका तलाक हो चुका था। पुलिस कर रही जांच जाले थाना प्रभारी संदीप कुमार पाल ने बताया कि परिवार की ओर से आवेदन मिला है। सभी आरोपों की गंभीरता से जांच की जा रही है। हर पहलू की जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस के अनुसार, उन्हें एक वीडियो भी मिला है, जिसमें कथित रूप से एजाज और निकाह कराते हुए एक व्यक्ति दिखाई दे रहा है। वीडियो की फोरेंसिक जांच कराई जाएगी। इसके अलावा निकाह के गवाह बने युवक और मौलाना से पूछताछ की जाएगी। पुलिस जुबेदा खातून की पूर्व शादी और तलाक से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच करेगी। साथ ही पूर्व में दी गई धमकी के साक्ष्य, कॉल डिटेल और अन्य तकनीकी साक्ष्य भी खंगाले जाएंगे। एजाज की मानसिक स्थिति का मेडिकल बोर्ड से परीक्षण कराने पर भी विचार किया जा रहा है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि वह स्वतंत्र सहमति देने की स्थिति में था या नहीं। निकाह में शामिल अन्य लोगों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग परिजनों ने पुलिस से एजाज की सकुशल बरामदगी, उसकी मेडिकल जांच और मामले में नामजद आरोपियों मो. नेयाज, शौकत, मौलाना मोइद्दीन, शकील अहमद, मो. अलाउद्दीन, दिलशाद सहित निकाह में शामिल अन्य लोगों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है।
कटिहार के बारसोई अंचल में एक राजस्व कर्मचारी का कथित तौर पर ₹95 हजार रिश्वत लेते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। आरोप है कि यह राशि जमीन के दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) से संबंधित कार्य कराने के एवज में ली गई है। वायरल वीडियो में बारसोई अंचल के बलतर पंचायत में पदस्थापित राजस्व कर्मचारी रवि कांत रंजन एक व्यक्ति से पॉलीथिन कैरी बैग में रखी ₹95 हजार की राशि लेते हुए दिखाई दे रहे हैं। यह घटना बिहार सरकार की भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति पर सवाल खड़े करती है। 2 सालों से बलतर पंचायत में कार्यरत स्थानीय लोगों का आरोप है कि रवि कांत रंजन पिछले लगभग दो वर्षों से बलतर पंचायत में कार्यरत हैं। उन पर म्यूटेशन सहित अन्य राजस्व संबंधी कार्यों के लिए लोगों से अवैध वसूली की शिकायतें पहले भी सामने आती रही हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। वीडियो वायरल होने के बाद जिला प्रशासन हरकत में आ गया है। कटिहार के जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा कि वायरल वीडियो की जानकारी मिली है और इसकी जांच कर त्वरित कार्रवाई की जाएगी। वायरल वीडियो की सत्यता की जांच शुरू जिलाधिकारी द्विवेदी ने बताया कि इस प्रकार की सूचनाएं पहले भी मिलने पर संबंधित कर्मियों को निलंबित किया गया है। उन्होंने दोहराया कि भ्रष्टाचार के मामलों में सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति है और ऐसी शिकायतें या वीडियो प्राप्त होने पर नियमानुसार तत्काल कार्रवाई की जाती है। फिलहाल, प्रशासन वायरल वीडियो की सत्यता की जांच में जुट गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही वीडियो में दिख रहे लेन-देन का वास्तविक संदर्भ और संबंधित कर्मचारी के खिलाफ की जाने वाली कार्रवाई स्पष्ट हो सकेगी।
पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (PMCH) में एंबुलेंस संचालन और पार्किंग को लेकर वर्चस्व का विवाद चल रहा है। इस विवाद के बीच हत्या की एक बड़ी साजिश का पुलिस ने खुलासा किया है। पटना पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन यूनिट (SIU) ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से हथियार और जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपी एंबुलेंस संचालक गोलू कुमार की हत्या की योजना बना रहे थे। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुल्तानगंज निवासी मोहम्मद सोहेब अख्तर और पीरबहोर निवासी मोहम्मद शमशाद के रूप में हुई है। यह कार्रवाई पटना के एसएसपी कार्तिकेय शर्मा के निर्देश पर SIU टीम ने की। वर्चस्व की लड़ाई बनी हत्या की वजह पुलिस जांच में सामने आया है कि PMCH परिसर में लंबे समय से एंबुलेंस संचालन को लेकर विभिन्न संचालकों के बीच वर्चस्व की लड़ाई चल रही थी। इसी विवाद के कारण पहले भी कई बार कहासुनी और झड़प हो चुकी थी। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि गोलू कुमार उनके कारोबार में बाधा बन रहा था, इसलिए उसकी हत्या की योजना बनाई गई थी। सोफा फैक्ट्री से बरामद हुए हथियार पुलिस की पूछताछ के बाद आरोपियों की निशानदेही पर एक सोफा कारखाने में छापेमारी की गई। वहां से दो देसी कट्टे, एक पिस्टल और छह जिंदा कारतूस बरामद किए गए। पुलिस का दावा है कि इन्हीं हथियारों का इस्तेमाल हत्या की वारदात को अंजाम देने में किया जाना था। सुल्तानगंज पुलिस को सौंपे गए आरोपी दोनों आरोपियों को सुल्तानगंज इलाके से गिरफ्तार किया गया। प्रारंभिक पूछताछ के बाद SIU ने उन्हें आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए सुल्तानगंज थाना पुलिस के हवाले कर दिया है। फिलहाल, पुलिस आरोपियों के आपराधिक नेटवर्क, हथियारों के स्रोत और इस साजिश में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस मामले में और कौन-कौन लोग शामिल थे।
इंदौर में एक हाथी ने ऑटो ड्राइवर को सूंड से उठाकर पटक दिया। इसके बाद पैर से कुचल दिया। ड्राइवर हाथी को गुड़ खिला रहा था। इसी दौरान वह अचानक भड़क गया। हमले में गंभीर रूप से घायल ड्राइवर को अस्पताल ले जाया गया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना शनिवार शाम 4.18 बजे राजनगर पुलिस चौकी के पास हुई। रविवार को इसका वीडियो सामने आया। मृतक की पहचान विजय उर्फ लक्ष्मण राव होलकर (49) के रूप में हुई। पुलिस ने महावत को हिरासत में ले लिया है। मांगलिक कार्यक्रम में लाया गया था हाथी चंदन नगर थाना पुलिस के मुताबिक, हाथी को उज्जैन से जैन समाज के एक मांगलिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए इंदौर लाया गया था। कार्यक्रम के बाद महावत उसे इलाके में घुमाते हुए भिक्षावृत्ति कर रहा था। इसी दौरान ऑटो चालक विजय राव ने हाथी को रोककर उसे गुड़ खिलाना शुरू किया था। तभी हाथी अचानक भड़क गया। उसने विजय को सूंड से उठाकर जमीन पर पटक दिया और फिर उसके ऊपर पैर रख दिया। देखिए तस्वीरें लोगों ने हाथी को काबू में किया आसपास मौजूद लोगों ने किसी तरह हाथी को काबू किया और घायल विजय को अस्पताल पहुंचाया। घायल विजय को पहले जिला अस्पताल और बाद में वर्मा यूनियन अस्पताल में भर्ती कराया गया। रात करीब 7:30 बजे उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। मृतक के परिवार में पत्नी, एक बेटा और अन्य परिजन हैं। इंदौर जू के अफसरों भेजी सूचना टीआई तिलक करोले ने बताया कि मामले में मर्ग कायम कर लिया गया है। महावत को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। हाथी के संबंध में इंदौर जू के अधिकारियों को भी सूचना दे दी गई है। पुलिस के अनुसार, घटना के समय विजय के शराब के नशे में होने की बात भी सामने आई है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच और मेडिकल रिपोर्ट के बाद ही होगी। पहले भी हो चुकी हमले की घटनाएं इंदौर में हाथी के हमले की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले करीब दो दशक पहले सीतलामाता बाजार और करीब आठ साल पहले पाटनीपुरा इलाके में भी हाथी के हमले की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
बॉलीवुड की चर्चित मोहन सिस्टर्स रविवार दोपहर जयपुर पहुंचीं। मशहूर गायिका नीति मोहन, अभिनेत्री और डांसर शक्ति मोहन और कोरियोग्राफर एवं परफॉर्मर मुक्ति मोहन दिल्ली रोड स्थित एक निजी यूनिवर्सिटी के वार्षिक सांस्कृतिक समारोह में प्रस्तुति देने के लिए गुलाबी नगरी आई हैं। एयरपोर्ट पर तीनों बहनें बेहद कूल और कैजुअल अंदाज में नजर आईं। यहां से वे सीधे होटल रवाना हुईं, जहां कुछ देर विश्राम के बाद रिहर्सल के लिए यूनिवर्सिटी पहुंचेंगी। शाम को वे हजारों विद्यार्थियों के सामने अपनी लाइव प्रस्तुति देंगी। एयरपोर्ट पर तीनों बहनों ने कहा कि जयपुर में परफॉर्म करना हमेशा खास अनुभव रहता है। उन्होंने कहा कि राजस्थान के दर्शकों का उत्साह और प्यार हर बार उन्हें यहां आने के लिए प्रेरित करता है। इस बार भी वे एक साथ मंच साझा करने को लेकर बेहद उत्साहित हैं और विद्यार्थियों के लिए यादगार प्रस्तुति देने की तैयारी कर चुकी हैं। यूनिवर्सिटी के वार्षिक समारोह को लेकर विद्यार्थियों में खासा उत्साह है। आयोजकों के अनुसार तीनों बहनों की लाइव प्रस्तुति इस वर्ष के सांस्कृतिक उत्सव का सबसे बड़ा आकर्षण होगी। स्टूडेंट्स लंबे समय से उनके कार्यक्रम का इंतजार कर रहे थे और कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों के शामिल होने की उम्मीद है। तीनों बहनों ने बनाई अलग-अलग पहचान मोहन सिस्टर्स आज भारतीय मनोरंजन जगत का जाना-माना नाम हैं। चारों बहनों ने अपने-अपने क्षेत्र में अलग मुकाम हासिल किया है। इस बार जयपुर पहुंचीं नीति, शक्ति और मुक्ति मोहन लगातार बॉलीवुड और मनोरंजन उद्योग में सक्रिय हैं। नीति मोहन: बॉलीवुड की लोकप्रिय आवाज नीति मोहन देश की सबसे सफल प्लेबैक सिंगर्स में शुमार हैं। उन्होंने बॉलीवुड को कई सुपरहिट गाने दिए हैं। 'इश्क वाला लव', 'जिया रे', 'सौ आसमान', 'नैनों वाले ने', 'मेरे यादों में', 'कश्मीर मैं तू कन्याकुमारी' जैसे गीतों ने उन्हें देशभर में लोकप्रिय बनाया। नीति कई बड़े लाइव कॉन्सर्ट और म्यूजिक फेस्टिवल्स का भी हिस्सा रहती हैं और अपनी दमदार स्टेज परफॉर्मेंस के लिए जानी जाती हैं। शक्ति मोहन: डांस की दुनिया का बड़ा नाम शक्ति मोहन ने डांस रियलिटी शो 'डांस इंडिया डांस' जीतकर अपने करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने बतौर डांसर, कोरियोग्राफर और अभिनेत्री अपनी अलग पहचान बनाई। वे कई बड़े डांस रियलिटी शोज में जज और मेंटर रह चुकी हैं। उनकी डांस कंपनी और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाखों प्रशंसक हैं। बॉलीवुड के कई लोकप्रिय गानों की कोरियोग्राफी और स्टेज परफॉर्मेंस में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। मुक्ति मोहन: अभिनय और डांस दोनों में सक्रिय मुक्ति मोहन ने भी डांस रियलिटी शोज से पहचान बनाई और इसके बाद अभिनय तथा मंचीय प्रस्तुतियों में अपनी अलग जगह बनाई। वे कई टीवी शोज, म्यूजिक वीडियो और फिल्मों में नजर आ चुकी हैं। अपनी अभिव्यक्ति और समकालीन नृत्य शैली के कारण वे युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय हैं।
नालंदा में तेज रफ्तार वाहन ने बाइक में टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदाकर थी कि 2 युवकों की मौत हो गई। फिलहाल मृतकों की पहचान नहीं हो सकी है। राजगीर-छबीलापुर मुख्य मार्ग की है। मृतकों की पहचान गया जिला के नीमचक बथानी थाना क्षेत्र के चौसंडी गांव के रहने वाले मो.अकबर के 19 वर्षीय बेटे मो.अरबाज और मो. शफीक के 18 वर्षीय बेटे मो. समीर के रूप में की गई है। दोनों दोस्त थे। राजगीर से वापस गांव लौट रहे थे। मोहम्मद अरबाज और मोहम्मद समीर इंटरमीडिएट के छात्र थे। राजगीर बाजार से घरेलू सामान की खरीदारी कर दोनों बाइक से वापस गांव लौट रहे थे। इसी बीच नीमा गांव के पास हादसा हुआ। अस्पताल पहुंचने से पहले तोड़ा दम जानकारी के मुताबिक दोनों युवक एक ही बाइक से राजगीर की ओर जा रहे थे। इसी बीच नीमा गांव के पास किसी अज्ञात वाहन ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। दोनों के सिर में गंभीर चोटें(हेड इंजरी) आईं, जिसके कारण उनकी स्थिति बेहद नाजुक हो गई। सड़क दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुलिस की टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची। आनन-फानन में घायलों को राजगीर अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचाया। वहां ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। परिजन ने पोस्टमॉर्टम से इनकार किया वहीं, इस संबंध में छबीलापुर थाना अध्यक्ष अरुण कुमार ने बताया कि फिलहाल पुलिस शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजने के प्रयास में जुटी हुई है। हालांकि परिजन पोस्टमॉर्टम कराने से इनकार कर रहे हैं।
शेखपुरा जिला कांग्रेस कमेटी और शेखपुरा जिला युवा कांग्रेस के नेतृत्व में रविवार को स्थानीय टाउन हॉल के पास नीट परीक्षा 2026 में जान गंवाने वाले छात्र-छात्राओं को श्रद्धांजलि दी गई। इस श्रद्धांजलि सभा का आयोजन जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष आनंदी कुमार यादव और युवा कांग्रेस नेता पिंटू कुमार के मार्गदर्शन में किया गया। इसमें बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, युवा कांग्रेस पदाधिकारी, छात्र और आम नागरिक शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत दिवंगत छात्रों की स्मृति में दो मिनट का मौन रखकर की गई। मुख्य अतिथि प्रदेश कांग्रेस नेता जितेंद्र नाथ ने अपने संबोधन में कहा कि नीट परीक्षा 2026 से जुड़ी दुखद घटनाओं में छात्रों का जीवन खोना पूरे देश के लिए अत्यंत पीड़ादायक और चिंताजनक है। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी छात्र का जीवन किसी भी परीक्षा से बड़ा होता है। सरकार को शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी, सुरक्षित और छात्र हितैषी बनाना चाहिए। परिवारों के प्रति संवेदनशीलता दिखाने की मांग जितेंद्र नाथ ने उन परिवारों के प्रति संवेदनशीलता दिखाने की मांग की, जिन्होंने अपने बच्चों को खोया है, क्योंकि उनके दर्द की भरपाई संभव नहीं है। उन्होंने आंदोलन के दौरान छात्रों और युवाओं पर दर्ज सभी मुकदमों को तत्काल वापस लेने की भी मांग की। साथ ही, शांतिपूर्ण आंदोलन के दौरान अनावश्यक कार्रवाई करने वाले लोगों की निष्पक्ष जांच कराने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी छात्रों के सम्मान, न्याय और सुरक्षित भविष्य के लिए लगातार संघर्ष करती रहेगी और पीड़ित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी रहेगी। पीड़ित परिवारों को 1 करोड़ देने की मांग जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष आनंदी कुमार यादव ने कहा कि यह श्रद्धांजलि सभा केवल शोक व्यक्त करने का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि छात्रों के सम्मान और न्याय की मांग का प्रतीक है। उन्होंने नीट परीक्षा 2026 में जान गंवाने वाले सभी छात्रों के पीड़ित परिवारों के लिए सरकार से तत्काल ₹1 करोड़ की सहायता राशि देने की मांग की। पीड़ित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है और उनकी आवाज़ हर स्तर तक पहुंचाने का काम करती रहेगी।जिला युवा कांग्रेस के नेता पिंटू कुमार ने कहा किदेश का युवा न्याय चाहता है और छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। छात्रों की आत्मा की शांति के लिए रखा गया मौन युवा कांग्रेस छात्रों के अधिकारों और न्याय की लड़ाई लगातार लड़ती रहेगी। ये श्रद्धांजलि सभा के उपरांत उपस्थित सभी लोगों ने मोमबत्तियां (कैंडल) जलाकर दिवंगत छात्रों की आत्मा की शांति के लिए मौन धारण किया तथा उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान पूरा वातावरण गमगीन हो गया और उपस्थित लोगों ने भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए जवाबदेह एवं पारदर्शी व्यवस्था के प्रमोद यादव, दीपक कुमार, गोरेलाल कुशवाहा, दानी प्रसाद, सरवन सिंह, अफसर खान, संजय मांझी, दीपक वकील एवं गौतम साह सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद थे।
नवादा सदर अस्पताल में इलाज के दौरान एक मरीज की मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया। परिजनों ने अस्पताल में सक्रिय दलालों पर जांच के नाम पर 2000 रुपए लेने और मरीज की मौत का आरोप लगाया है। मृतक के परिजन के अनुसार, बुखार से पीड़ित मरीज को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इसी दौरान एक व्यक्ति ने खुद को अस्पतालकर्मी बताकर जांच के नाम पर 2000 रुपए ले लिए। परिजनों का आरोप है कि बाद में उसने और जांचों के लिए अतिरिक्त पैसों की मांग की। जब परिजन पैसे लाने गए, उसी दौरान मरीज की मौत हो गई। मृतक की पहचान डोभर निवासी करू चौधरी के 26 वर्षीय पुत्र प्रदीप कुमार के रूप में हुई है। प्रदीप को सुबह 6 बजे अस्पताल में भर्ती कराया गया था और दो घंटे के भीतर ही उसकी मौत हो गई। मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। दोषियों के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई हंगामे की सूचना पर अस्पताल प्रबंधक कुमार आदित्य ने बताया कि मरीज को डॉक्टर मनोज कुमार द्वारा रेफर भी किया गया था। उन्होंने आश्वासन दिया कि परिजनों के आरोपों की जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। नवादा सदर अस्पताल में दलालों की सक्रियता की यह पहली घटना नहीं है। पहले भी इस तरह के कई मामले सामने आ चुके हैं, लेकिन ठोस कार्रवाई के अभाव में दलालों के हौसले बुलंद हैं। घटना के बाद कई कर्मचारी अपनी ड्यूटी से हट गए थे।
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में चुनाव प्रचार अपने अंतिम और सबसे अहम दौर में पहुंच गया है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने पदयात्रा कर मतदाताओं से सीधा संवाद किया। उन्होंने अपने क्षेत्र से पुराने जुड़ाव का उल्लेख करते हुए लोगों से भाजपा के पक्ष में मतदान की अपील की। आज भाजपा ने केंद्रीय मंत्रियों, सांसदों, प्रदेश अध्यक्ष और मंत्रियों समेत कई दिग्गज नेताओं को चुनाव प्रचार में उतार दिया है। दूसरी ओर जन सुराज के उम्मीदवार प्रशांत किशोर भी सुबह से देर रात तक 15 अलग-अलग जनसंपर्क और जनसंवाद कार्यक्रमों के जरिए मतदाताओं तक पहुंचेंगे। राजद ने भी 27 और 28 जुलाई को तेजस्वी यादव के रोड शो की तैयारी कर चुनावी मुकाबले को और तेज कर दिया है। भाजपा के कई दिग्गज नेता आज संभालेंगे मोर्चा भाजपा द्वारा जारी कार्यक्रम के मुताबिक, आज बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र के कई इलाकों में वरिष्ठ नेताओं की बैठकों और जनसंपर्क कार्यक्रमों की लंबी श्रृंखला आयोजित की गई है। इसके अलावा मंत्री रामकृपाल यादव, दिलीप जायसवाल, मिथिलेश तिवारी, विजय सिन्हा, सांसद संजय कुमार झा, मंत्री निशांत कुमार तथा डॉ. शैलेन्द्र भी अलग-अलग स्थानों पर जनसंपर्क और सामाजिक बैठकों में शामिल होंगे। नितिन नवीन ने पदयात्रा के दौरान जनता से किया संवाद आज भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने बांकीपुर में पदयात्रा निकालकर लोगों से संपर्क किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि यह इलाका उनके बचपन से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि यहीं उनका बचपन बीता, यहीं उन्होंने क्रिकेट खेला और उनके माता-पिता की यादें भी इसी क्षेत्र से जुड़ी हैं। उन्होंने कहा कि वे हमेशा इस क्षेत्र के लोगों के बीच रहे हैं और आगे भी रहेंगे। पदयात्रा में भाजपा के कई वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। राजद ने तेज किया प्रचार, 27 और 28 जुलाई को रोड शो उधर, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने भी चुनाव प्रचार तेज करने की तैयारी कर ली है। पार्टी ने 27 और 28 जुलाई को बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र में रोड शो की घोषणा की है। इस रोड शो में राजद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव भी शामिल होंगे। पार्टी ने जिला प्रशासन से इसकी अनुमति मांगी है। माना जा रहा है कि तेजस्वी यादव के चुनाव प्रचार में उतरने से राजद कार्यकर्ताओं में उत्साह बढ़ेगा। प्रशांत किशोर का दिनभर चलेगा जनसंवाद अभियान जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार प्रशांत किशोर आज सुबह से देर रात तक बांकीपुर के विभिन्न वार्डों में लगातार जनसंपर्क करेंगे। उनका कार्यक्रम सुबह चर्च विजिट से शुरू होगा। इसके बाद चुनावी कार्यालय कैरोलिना हॉल में अधिवक्ताओं के साथ चाय पर चर्चा होगी। मतदान से पहले पूरी ताकत झोंक रहे दल बांकीपुर उपचुनाव में भाजपा, राजद और जन सुराज तीनों प्रमुख दलों ने प्रचार के अंतिम चरण में पूरी ताकत झोंक दी है। भाजपा जहां अपने केंद्रीय और प्रदेश स्तर के नेताओं के जरिए बूथ स्तर तक मतदाताओं तक पहुंचने की कोशिश कर रही है, वहीं जन सुराज के उम्मीदवार प्रशांत किशोर लगातार मोहल्ला बैठकों और जनसंवाद के जरिए मतदाताओं से सीधा संपर्क साध रहे हैं। दूसरी ओर राजद भी तेजस्वी यादव के प्रस्तावित रोड शो के जरिए चुनावी मुकाबले को और धार देने की तैयारी में है।
चांदपूरा में महीनों से सड़क पर जलजमाव:ग्रामीणों ने प्रशासन से नाला निर्माण, स्थायी निकासी की मांग की
बेगूसराय सदर प्रखंड क्षेत्र की चांदपूरा पंचायत के वार्ड संख्या 6 और 7 में महीनों से जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण मुख्य सड़क पर पानी जमा है। इससे सड़क तालाब में तब्दील हो गई है, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, सड़क किनारे नाला न होने और जल निकासी की स्थायी व्यवस्था के अभाव में बारिश का पानी सड़क पर ही इकट्ठा हो जाता है। इसके चलते पैदल यात्रियों के साथ-साथ बाइक, ई-रिक्शा और अन्य छोटे-बड़े वाहनों को भी जलजमाव के बीच से गुजरना पड़ता है। बरसात के दिनों में यह समस्या और गंभीर हो जाती है। सड़क पर जमा गंदा पानी दुर्गंध फैला रहा है, जिससे संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय लोगों ने बताया कि जलजमाव के कारण कई लोग सड़क पर फिसलकर घायल भी हो चुके हैं। स्थानीय निवासी कन्हैया कुमार, रणवीर चौधरी, सन्नी सहनी और मुरारी कुमार सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि इस सड़क से प्रतिदिन लगभग दो हजार लोगों का आवागमन होता है। पंचायत सरकार भवन, मंदिर, हाई स्कूल और मिडिल स्कूल जाने वाले छात्र-छात्राएं भी इसी मार्ग का उपयोग करते हैं। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को विशेष रूप से परेशानी हो रही है। ग्रामीणों ने प्रखंड विकास पदाधिकारी रविशंकर प्रसाद और पंचायत के मुखिया अरविंद कुमार साह से नाला निर्माण तथा स्थायी जल निकासी की व्यवस्था कराने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि इस समस्या का शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो स्थिति और बिगड़ सकती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द हस्तक्षेप कर सड़क को जलजमाव से मुक्त कराने की अपील की है।
शेखपुरा में पुलिस टीम पर हमला करने के मामले में पांच साल से फरार चल रहे 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। शेखोपुर सराय थाना पुलिस ने सुगिया गांव में गुप्त सूचना के आधार पर छापामारी कर यह गिरफ्तारी की। यह घटना पांच साल पहले हुई थी, जब पुलिस सुगिया गांव पहुंची थी। आरोपियों ने पुलिस टीम पर हमला किया था, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। तत्कालीन थाना अध्यक्ष प्रमोद कुमार की लिखित शिकायत पर इस मामले में एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी। गिरफ्तारी अभियान का नेतृत्व शेखोपुर सराय थाना अध्यक्ष विवेक कुमार चौधरी और एएसआई जय कुमार यादव ने संयुक्त रूप से किया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में इन्द्रजीत पासवान, लौंगी पासवान, कृष्णनंदन पासवान, जवाहर पासवान, अभिषेक पासवान उर्फ नवलेश पासवान और राजकुमार पासवान शामिल हैं। अलग-अलग जगहों पर छिपकर रह रहे थे सभी घटना के बाद से सभी आरोपी अलग-अलग जगहों पर छिपकर रह रहे थे। हाल ही में उनके गांव लौटने की भनक पुलिस को लगी, जिसके बाद टीम ने उनके घरों पर पहुंचकर उन्हें धर दबोचा। कोर्ट ने सभी आरोपियों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया था। सभी गिरफ्तार आरोपियों को पुलिस निगरानी में शेखपुरा जेल भेज दिया गया है।
सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी के बाद जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) ने शहर में आवासीय भूमि पर चल रही कथित अवैध व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू कर दिया है। जेडीए ने भांकरोटा क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित रिजॉर्ट, ब्यूटी पार्लर, फर्नीचर शोरूम, बुटीक, रेस्टोरेंट, गारमेंट शॉप और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किए हैं। इन नोटिसों में संबंधित पक्षों को अवैध निर्माण हटाने और बिना अनुमति संचालित हो रही व्यावसायिक गतिविधियां बंद करने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसा नहीं करने पर सीलिंग, ध्वस्तीकरण और अन्य कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। जेडीए की यह कार्रवाई ऐसे समय में सामने आई है, जब सुप्रीम कोर्ट पूरे देश में आवासीय कॉलोनियों के बढ़ते व्यावसायीकरण पर गंभीर चिंता जता चुका है। अदालत ने स्पष्ट कहा है कि रिहायशी इलाकों में बिना अनुमति चल रही व्यावसायिक गतिविधियां नागरिक सुविधाओं, ट्रैफिक व्यवस्था, पर्यावरण और सार्वजनिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही हैं। इसी कारण सभी राज्यों की राजधानियों के विकास प्राधिकरणों और नगर निकायों को इस तरह के मामलों की पहचान कर कार्रवाई करने और विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए गए थे। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद शुरू हुई कार्रवाई 25 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने देशभर में आवासीय क्षेत्रों में हो रहे अवैध व्यावसायिक उपयोग को लेकर महत्वपूर्ण आदेश जारी किया था। कोर्ट ने सभी राज्य सरकारों, नगर निकायों और विकास प्राधिकरणों को निर्देश दिए थे कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में रिहायशी जमीन पर संचालित अवैध व्यवसायों की व्यापक जांच करें और उनके खिलाफ की गई कार्रवाई का पूरा ब्यौरा अदालत के समक्ष प्रस्तुत करें। कोर्ट ने कहा था कि रिहायशी कॉलोनियों का व्यावसायीकरण अब केवल स्थानीय समस्या नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर की गंभीर चुनौती बन चुका है। इससे ट्रैफिक जाम, पार्किंग संकट, प्रदूषण, अग्नि सुरक्षा और आम नागरिकों के जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। भांकरोटा में कई प्रतिष्ठानों को नोटिस सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद जेडीए ने जयपुर विकास प्राधिकरण अधिनियम, 1982 की धारा 32(1) और 32(6) के तहत भांकरोटा क्षेत्र में कई नोटिस जारी किए हैं। 13 जुलाई को जारी एक नोटिस में आरोप लगाया गया है कि आवासीय उपयोग के लिए स्वीकृत भूमि पर बिना अनुमति ब्यूटी लाउंज सहित अन्य व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। नोटिस में स्पष्ट कहा गया है कि संबंधित पक्ष निर्धारित समय में अवैध निर्माण हटाएं और भूमि का उपयोग स्वीकृत उद्देश्य के अनुसार करें। आदेश की अवहेलना होने पर जेडीए कानून के तहत कार्रवाई करेगा। रिजॉर्ट से लेकर रेस्टोरेंट तक पर कार्रवाई यह मामला चिमनपुरा गांव, भांकरोटा स्थित उस भूमि से जुड़ा है, जहां राजदरबार पिंकसिटी डेवलपमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड ने दावा किया है कि उसकी प्रस्तावित आवासीय टाउनशिप की भूमि पर अवैध रूप से कई व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। कंपनी के अनुसार संबंधित भूमि पर रिजॉर्ट, फर्नीचर शोरूम, बुटीक, ब्यूटी सैलून, रेस्टोरेंट, गारमेंट दुकानें और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान बिना वैध अनुमति के चल रहे हैं। कंपनी का आरोप है कि इस संबंध में उसने कई बार जेडीए, जयपुर विकास प्राधिकरण अपीलीय अधिकरण और राजस्थान हाईकोर्ट के आदेशों का हवाला देते हुए शिकायतें कीं, लेकिन लंबे समय तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा मामला जब स्थानीय स्तर पर कार्रवाई नहीं हुई तो कंपनी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कंपनी ने आवेदन दायर कर मांग की कि उसकी भूमि पर हो रहे कथित अवैध व्यावसायिक उपयोग को भी सुप्रीम कोर्ट द्वारा देशभर में कराई जा रही जांच और कार्रवाई का हिस्सा बनाया जाए। जयपुर में पहली बड़ी कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद जेडीए की ओर से जारी किए गए ये नोटिस जयपुर में इस प्रकार की पहली बड़ी कार्रवाई मानी जा रही हैं। इससे यह संकेत भी मिला है कि अब जेडीए केवल नोटिस जारी करने तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की तैयारी में है। अब देखना होगा नोटिस की अवधि समाप्त होने के बाद जेडीए अवैध रिजॉर्ट, रेस्टोरेंट, ब्यूटी पार्लर और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ सीलिंग और ध्वस्तीकरण जैसी कार्रवाई करता है या नहीं।
जयपुर में मुहाना स्थित पशुपतिनाथ मंदिर में महंत कमलेश महाराज के सान्निध्य में मिरेकल परिवार ने धार्मिक आयोजन किया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान शिव का पूजन, हवन और आशीर्वाद समारोह आयोजित हुआ, जिसमें श्रद्धालु और शहर के कई गणमान्य लोग शामिल हुए। कार्यक्रम में मिरेकल समूह के संस्थापक हेमेंद्र अग्रवाल, लोकेश अग्रवाल और अमित अग्रवाल ने महंत कमलेश महाराज का आशीर्वाद लिया। उन्होंने बताया कि उनकी सफलता गुरु महाराज के आशीर्वाद, भगवान शिव की कृपा, परिवार की एकजुटता और निरंतर मेहनत का परिणाम है। महंत कमलेश महाराज ने कहा कि धर्म, सेवा, संस्कार और सत्यनिष्ठा के मार्ग पर चलने वाला व्यक्ति जीवन में उन्नति प्राप्त करता है। उन्होंने समाज सेवा, पर्यावरण संरक्षण और मानवीय मूल्यों के प्रति समर्पित रहने का संदेश दिया। इस दौरान मिरेकल परिवार ने पर्यावरण संरक्षण, रोजगार सृजन और समाजहित के कार्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। कार्यक्रम का समापन महाआरती और प्रसादी वितरण के साथ हुआ।
ट्रेन के सफर में जब बात वीआईपी सहूलियत और रफ्तार की आती है तो 'वंदे भारत' का नाम सबसे आगे रखा जाता है, लेकिन आम यात्रियों की दैनिक जरूरतों और किफायती सफर का असली सहारा 'अमृत भारत' ट्रेनें बन रही हैं। राज्यसभा में कांग्रेस सांसद अशोक सिंह के सवाल के जवाब में रेल मंत्रालय द्वारा दी गई जानकारी अनुसार, मध्य प्रदेश के यात्रियों को तीन सालों में प्रीमियम सफर देने वाली 10 'वंदे भारत' ट्रेनें मिली हैं, वहीं आम नागरिकों की जेब और सुगम सफर का ध्यान रखते हुए 14 'अमृत भारत' ट्रेनों की सौगात भी मिली है। वंदे भारत एक्सप्रेस की खासियत वंदे भारत एक्सप्रेस पूरी तरह से वातानुकूलित (Full AC Chair Car) ट्रेन है, जिसे उच्च गति, आधुनिक सुख-सुविधाओं और प्रीमियम सफर चाहने वाले यात्रियों के लिए तैयार किया गया है। यह ट्रेन सेल्फ-प्रोपेल्ड इंजन तकनीक पर काम करती है, जिससे यह बहुत कम समय में तेज रफ्तार पकड़ लेती है। सुरक्षा के लिए इसमें ऑटोमैटिक स्लाइडिंग दरवाजे, सीसीटीवी कैमरे, जीपीएस आधारित यात्री सूचना प्रणाली और 'कवच' एंटी-कोलिजन तकनीक मौजूद है। इसकी बोगियों में 180-डिग्री घूमने वाली गद्देदार सीटें, ऑन-बोर्ड वाई-फाई और प्रीमियम कैटरिंग जैसी सुविधाएं मिलती हैं। इसका किराया सामान्य ट्रेनों की तुलना में अधिक होता है। अमृत भारत एक्सप्रेस की खासियत अमृत भारत एक्सप्रेस को मुख्य रूप से गैर-वातानुकूलित (नॉन एसी स्लीपर और अनारक्षित) बोगियों के साथ डिजाइन किया गया है, ताकि आम नागरिक बेहद किफायती दाम पर सुविधाजनक सफर कर सकें। इस ट्रेन के आगे और पीछे दोनों तरफ इंजन लगे होते हैं। पुश-पुल तकनीक, जिससे झटके नहीं लगते और रफ्तार तेजी से बढ़ती है। आम यात्रियों की सहूलियत के लिए इसमें एर्गोनॉमिक स्लीपर सीटें, हर सीट पर मोबाइल चार्जिंग पॉइंट, आधुनिक एलईडी लाइट्स, सीलबंद गैंगवे, फोल्डिंग टेबल और बेहतर बायो-टॉयलेट दिए गए हैं। कम बजट में लंबी दूरी तय करने वाले आम यात्रियों और मजदूरों के लिए यह ट्रेन सबसे बड़ा सहारा है।
बिहार भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष और बिस्फी के पूर्व विधायक हरिभूषण ठाकुर बचौल को मोबाइल फोन पर जान से मारने की धमकी मिलने का मामला सामने आया है। इस संबंध में उन्होंने पटना के गांधी मैदान थाने में लिखित शिकायत देकर FIR दर्ज कराई है। शिकायत में उन्होंने अज्ञात व्यक्ति पर फोन कर गाली-गलौज करने, धमकी देने और उनकी सुरक्षा को खतरा पैदा करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने आवेदन के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मोबाइल पर आया धमकी भरा कॉल हरिभूषण ठाकुर बचौल ने पुलिस को दिए आवेदन में बताया है कि 25 जुलाई 2026 की शाम करीब 8:46 बजे उनके मोबाइल नंबर 9771629033 और 9431086734 पर मोबाइल नंबर 9631486536 से कॉल आया। कॉल करने वाले व्यक्ति ने बातचीत के दौरान अभद्र भाषा का प्रयोग किया और उन्हें जान से मारने की धमकी दी। शिकायत के अनुसार, कॉल करने वाला लगातार आपत्तिजनक बातें करता रहा, जिससे उन्हें अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता हुई। दोबारा संपर्क करने पर नहीं उठा फोन आवेदन में बचौल ने बताया कि धमकी मिलने के बाद उन्होंने संबंधित नंबर पर दोबारा संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं किया गया। इसके बाद उन्होंने पूरे मामले की जानकारी लिखित रूप से गांधी मैदान थाना पुलिस को दी और आरोपी की पहचान कर उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की। पुलिस से सुरक्षा और कार्रवाई की मांग भाजपा नेता ने अपने आवेदन में कहा है कि उन्हें मिली धमकी को गंभीरता से लिया जाए। उन्होंने पुलिस से आग्रह किया है कि कॉल करने वाले की पहचान कर उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। उन्होंने अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग की है। FIR दर्ज, मोबाइल नंबर की डिटेल खंगाल रहे गांधी मैदान थाना पुलिस ने आवेदन मिलने के बाद मामले को दर्ज कर लिया है। पुलिस अब धमकी देने वाले मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल, तकनीकी साक्ष्य और अन्य इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की सभी पहलुओं से जांच की जाएगी और दोषी की पहचान होते ही कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
बेतिया में कारगिल विजय दिवस के अवसर पर शनिवार को शहीद पार्क में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। सेवानिवृत्त कैप्टन हरिश्चंद्र राय और पूर्व सैनिकों ने कार्यक्रम का नेतृत्व किया। इस दौरान कारगिल युद्ध के शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित कर उनके अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान को याद किया गया। बेतिया नगर निगम की मेयर गरिमा देवी शिकारिया मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थीं। उन्होंने शहीद स्मारक पर पुष्प अर्पित कर सैनिकों को नमन किया। मेयर शिकारिया ने कहा कि कारगिल युद्ध में भारतीय सैनिकों ने कठिन परिस्थितियों में अद्वितीय वीरता का प्रदर्शन कर देश की अखंडता और सम्मान की रक्षा की। उनका बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत रहेगा। राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने का किया आह्वान मेयर ने अपने संबोधन में आगे कहा कि कारगिल विजय दिवस केवल ऐतिहासिक विजय का प्रतीक नहीं, बल्कि उन अमर शहीदों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर भी है, जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्होंने देशवासियों से शहीदों के आदर्शों को आत्मसात करने और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने का आह्वान किया। सभा में मौजूद पूर्व सैनिकों ने कारगिल युद्ध के अपने अनुभव और वीर जवानों की शौर्यगाथाएं साझा कीं। उन्होंने युवाओं से देशभक्ति, अनुशासन और राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत करने का आह्वान किया। 2 मिनट का मौन रखकर शहीदों को किया नमन इस अवसर पर बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक, सामाजिक कार्यकर्ता, गणमान्य नागरिक, जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोग उपस्थित थे। सभी ने दो मिनट का मौन रखकर शहीदों की पावन स्मृति को नमन किया। कार्यक्रम का समापन 'भारत माता की जय' और 'वीर जवान अमर रहें' के उद्घोष के साथ हुआ।
जयपुर के हिंगोनिया गौ पुनर्वास केंद्र में शनिवार को 'अक्षय विद्यालय' की शुरुआत की गई। राजस्थान की बड़ी गौसेवा संस्थाओं में शामिल इस केंद्र ने शिक्षा के क्षेत्र में कदम रखते हुए स्कूल शुरू किया है। संस्थान का कहना है कि यहां बच्चों को आधुनिक शिक्षा के साथ भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारियों की भी सीख दी जाएगी। विद्यालय का उद्घाटन राजस्थान हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता गुरुचरण गिल, गौ पुनर्वास केंद्र की हाईकोर्ट कमेटी के सदस्य विजय पूनिया और नगर निगम ग्रेटर की पूर्व मेयर सौम्या गुर्जर ने किया। बच्चे राष्ट्रप्रेम को अपने जीवन में अपनाएं उद्घाटन समारोह में गुरुचरण गिल ने बताया कि किसी भी देश का भविष्य उसकी शिक्षा व्यवस्था पर निर्भर करता है। शिक्षा का उद्देश्य केवल डॉक्टर, इंजीनियर या अधिकारी बनाना नहीं, बल्कि ऐसे नागरिक तैयार करना है, जो ईमानदारी, संवेदनशीलता, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रप्रेम जैसे मूल्यों को अपने जीवन में अपनाएं। बच्चों को जिम्मेदार और संवेदनशील नागरिक बनाना उद्देश्य उन्होंने बताया कि शिक्षा के साथ संस्कार जुड़े हों तो समाज में नैतिकता और सामाजिक उत्तरदायित्व अपने आप विकसित होते हैं। विजय पूनिया और सौम्या गुर्जर ने विद्यालय की शुरुआत को सराहनीय पहल बताया। उन्होंने कहा कि इससे हिंगोनिया और आसपास के क्षेत्र के बच्चों को बेहतर शिक्षा का अवसर मिलेगा और ग्रामीण क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा। विद्यालय में आधुनिक पाठ्यक्रम के साथ भारतीय संस्कृति, नैतिक शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण, गौसंवर्धन, योग, अनुशासन, व्यक्तित्व विकास और सामाजिक उत्तरदायित्व जैसे विषयों पर विशेष फोकस रहेगा। संस्थान का उद्देश्य बच्चों को केवल परीक्षा में अच्छे अंक दिलाना नहीं, बल्कि उन्हें जिम्मेदार और संवेदनशील नागरिक बनाना है। बच्चों के बेहतर भविष्य की नींव मजबूत होगी गौ पुनर्वास केंद्र के ट्रस्टी रघुपति दास ने बताया कि शिक्षा तभी सार्थक है, जब वह ज्ञान के साथ विवेक, करुणा, नैतिकता और सेवा का भाव भी विकसित करे। 'अक्षय विद्यालय' इसी सोच के साथ शुरू किया गया है, ताकि आने वाले समय में यह हिंगोनिया और आसपास के क्षेत्र के बच्चों के बेहतर भविष्य की मजबूत नींव बन सके। कार्यक्रम में गौ पुनर्वास केंद्र के पदाधिकारी, शिक्षाविद्, सामाजिक कार्यकर्ता, गौसेवक, ग्रामीण और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।
देवरिया में लार पुलिस चौकी के सामने सड़क पर लेटे युवक को ट्रक ने कुचल दिया। पहिए के नीचे आकर युवक की मौके पर ही मौत हो गई। ट्रक चढ़ाने की घटना चौके पर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। जिसका वीडियो अब सामने आया है। मृतक की पहचान लार के वैष्करणी वार्ड निवासी रमेश सोनकर के रूप में हुई है, जो अपने रिश्तेदार के यहां आया था। रमेश सड़क पर लेटा हुआ था। इसी दौरान पीछे से आ रहे एक ट्रक की चपेट में आने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने पर स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्रभारी निरीक्षक राकेश सिंह ने बताया कि आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज के आधार पर ट्रक और चालक की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। मामले की जांच जारी है। इस बीच, सोशल मीडिया पर सीसीटीवी फुटेज को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। फुटेज में घटना से कुछ मिनट पहले एक पुलिसकर्मी को सड़क पर पड़े युवक के पास वाहन से पहुंचते हुए देखा जा सकता है। इसके बाद वह पुलिसकर्मी बिना रुके वहां से चला जाता है। वायरल वीडियो में दावा किया जा रहा है कि पुलिसकर्मी के जाने के लगभग दो मिनट बाद ट्रक ने युवक को कुचल दिया। हालांकि, वायरल वीडियो में किए जा रहे दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस की ओर से भी इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम और संभावित लापरवाही की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
टोंक में शिक्षा विभाग में हाल ही में हुए ट्रांसफर से परेशान टीचर्स और कार्मिकों की मुश्किल बढ़ गई है। ट्रांसफर से जुड़ी शिकायत भेजने के लिए माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने पहले जो ई-मेल आईडी दी थी, उसे तकनीकी परेशानी के कारण बदल दिया गया है। 20 से 24 जुलाई तक पुरानी ई-मेल आईडी पर भेजी गई शिकायतों को अब मान्य नहीं माना जाएगा। ऐसे में जिन टीचर्स और कार्मिकों ने पुरानी ई-मेल पर शिकायत भेजी थी, उन्हें नई ई-मेल आईडी पर फिर से शिकायत भेजनी होगी। इसके लिए 26 जुलाई यानी आज आखिरी दिन है। हजारों टीचर्स और कार्मिकों के ट्रांसफर हुए थे हाल ही में राज्य सरकार ने दूसरे विभागों की तरह शिक्षा विभाग में भी हजारों टीचर्स और कार्मिकों के ट्रांसफर किए थे। इन ट्रांसफर को लेकर कई टीचर्स और कार्मिकों ने विरोध भी किया था। इसके बाद सरकार के निर्देश पर शिक्षा विभाग के निदेशालय और संभाग स्तर पर ट्रांसफर की शिकायतों को देखने के लिए समितियां बनाई गई थीं। इन समितियों को 19 जून से 10 जुलाई 2026 के बीच जारी हुए ट्रांसफर आदेशों से जुड़ी शिकायतों को देखना है और उन पर फैसला करना है। इन मामलों को पहले देखा जाएगा समितियां खास परिस्थितियों वाले मामलों को पहले देखेंगी। इनमें एकल महिला कार्मिक, विधवा और परित्यक्ता कर्मचारी, दिव्यांग कार्मिक, गंभीर और ऐसी बीमारी से परेशान कर्मचारी जिसका इलाज लंबे समय तक चलता है, और सरकारी नौकरी में काम कर रहे पति-पत्नी यानी स्पाउस केस शामिल हैं। इन मामलों के लिए सरकार ने 20 से 24 जुलाई तक शिकायतें मांगी थीं। इस दौरान हजारों शिक्षा कार्मिकों ने ऑनलाइन शिकायतें भेजी थीं। पुरानी ई-मेल पर भेजी शिकायतें नहीं मानी जाएंगी माध्यमिक शिक्षा निदेशालय, बीकानेर राजस्थान ने टीचर्स और मंत्रालयिक कर्मचारियों के ट्रांसफर आदेशों से जुड़ी शिकायतों को लेकर नया संशोधित आदेश जारी किया है। निदेशालय ने बताया कि तकनीकी परेशानी के कारण पहले जारी की गई ई-मेल आईडी पर मिली शिकायतों को आगे की प्रक्रिया में लेना संभव नहीं है। इसी वजह से शिकायत भेजने की आखिरी तारीख 24 जुलाई से बढ़ाकर 26 जुलाई कर दी गई है। निदेशालय ने साफ कहा है कि 20 से 24 जुलाई के बीच पुरानी ई-मेल आईडी पर भेजी गई किसी भी शिकायत पर विचार नहीं किया जाएगा। ऐसे सभी टीचर्स और कार्मिकों को अपनी शिकायत नई विभागीय ई-मेल आईडी पर दोबारा भेजनी होगी। अगर किसी कार्मिक को पहले भेजी गई शिकायत में कोई बदलाव करना है तो वह भी अपनी बदली हुई शिकायत नई ई-मेल आईडी पर भेज सकता है। आज ही भेजनी होगी शिकायत नई ई-मेल आईडी पर शिकायत भेजने की आखिरी तारीख 26 जुलाई है। यानी आज संबंधित टीचर्स और कार्मिकों के पास अपनी शिकायत दोबारा भेजने का आखिरी मौका है। जिन लोगों ने पहले ही पुरानी ई-मेल आईडी पर शिकायत भेज दी है, उन्हें भी नई ई-मेल आईडी पर शिकायत दोबारा भेजनी होगी। सिर्फ पुरानी ई-मेल पर भेजी गई शिकायत को मान्य नहीं माना जाएगा। अलग-अलग पद के लिए अलग ई-मेल आईडी माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने शिकायतों को सही जगह भेजने और उनका निपटारा करने के लिए अलग-अलग पद और संवर्ग के हिसाब से अलग ई-मेल आईडी जारी की हैं। निदेशालय ने कहा है कि जो भी टीचर या कार्मिक शिकायत भेजना चाहता है, वह 26 जुलाई की तय समय सीमा के अंदर अपनी शिकायत सिर्फ नई ई-मेल आईडी पर भेजे। इससे शिकायतों को समय पर और सही तरीके से देखा जा सकेगा। शिक्षक संघ ने समय और बढ़ाने की मांग की शिक्षक संघ रेसटा, राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष मोहर सिंह सलावद ने बताया कि ट्रांसफर आदेशों से परेशान टीचर्स और कार्मिकों की शिकायतों को जल्दी देखने के लिए माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने निदेशालय और संभाग स्तर पर ट्रांसफर शिकायत समितियां बनाई हैं। उन्होंने बताया कि संबंधित कार्मिकों से 20 जुलाई से 24 जुलाई तक ई-मेल के जरिए शिकायतें मांगी गई थीं। लेकिन 24 जुलाई को दोपहर बाद नया आदेश जारी किया गया। इसमें पहले भेजी गई शिकायतों की जगह नई ई-मेल आईडी पर 26 जुलाई तक दोबारा शिकायत भेजने को कहा गया है। सलावद ने कहा कि अगर किसी कार्मिक ने पहले वाली ई-मेल आईडी पर शिकायत भेज दी है और अब नई ई-मेल आईडी पर दोबारा शिकायत नहीं भेजता है तो उसकी शिकायत पर विचार नहीं किया जाएगा। शिक्षक संघ रेसटा ने मांग की है कि शिकायत भेजने की तारीख और बढ़ाई जाए, ताकि कोई भी कार्मिक शिकायत भेजने से रह न जाए।
बिहार के सीएम सम्राट चौधरी 27 जुलाई(सोमवार) को बिहारशरीफ के दौरे पर हैं। सीएम के दौरे को लेकर जिला प्रशासन अलर्ट मोड में हैं। वीवीआईपी सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रशासन ने कार्यक्रम स्थल और उसके आसपास के इलाके को 'अस्थायी रेड जोन' घोषित कर दिया है। सीएम कॉम्फेड के अंतर्गत संचालित नालंदा डेयरी का दौरा करेंगे। इस दौरान में डेयरी एवं सहकारिता क्षेत्र से जुड़ी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का शिलान्यास, उद्घाटन और निरीक्षण करेंगे। साथ ही सरकार के समृद्धि अभियान की शुरुआत करेंगे। राज्य सरकार के 100 दिन पूरे होने के अवसर पर कॉम्फेड की उपलब्धियां और भविष्य की योजनाओं का प्रस्तुतीकरण भी किया जाएगा। ड्रोन और अन्य हवाई उपकरणों पर पूर्ण प्रतिबंध पुलिस अधीक्षक भारत सोनी की ओर से जारी सूचना के आधार पर, मुख्यमंत्री की सुरक्षा के दृष्टिकोण से कार्यक्रम स्थल और हेलीपैड को 'नो फ्लाई जोन' में तब्दील कर दिया गया है। इस आदेश के तहत क्षेत्र में किसी भी प्रकार के गैर-पारंपरिक उड़ान उपकरणों के इस्तेमाल पर सख्त पाबंदी लगा दी गई है।प्रशासनिक आदेश के अनुसार ड्रोन, हॉट एयर बैलून, पैरा-मोटर्स, पैरा-ग्लाइडर्स, पावर्ड हैंड ग्लाइडर जैसे उपकरणों पर प्रतिबंध लगाया गया है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि सुरक्षा कारणों से लागू किए गए इस आदेश का सख्ती से पालन कराया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान आसमान से किसी भी तरह की गतिविधि को रोकने के लिए पुलिस बल पूरी तरह से मुस्तैद रहेगा।
भोपाल में ट्रक की टक्कर से ठेकेदार की मौत:ममेरा भाई गंभीर रूप से घायल; रायसेन रोड पर हुआ हादसा
भोपाल के रायसेन रोड स्थित छावनी पठार के पास शनिवार देर रात हुए भीषण सड़क हादसे में 32 वर्षीय ठेकेदार की मौत हो गई, जबकि उसका ममेरा भाई गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसा तेज रफ्तार ट्रक द्वारा बाइक को पीछे से टक्कर मारने के दौरान हुआ। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक के दो टुकड़े हो गए। पुलिस के अनुसार, शेख अमजद (32) पिता शेख इकबाल अली, निवासी जिला रायसेन, पेंटिंग का ठेकेदारी का काम करते थे। शनिवार शाम वह मंडीदीप स्थित एक साइट का निरीक्षण करने गए थे। साइट देखने के बाद वह अपने ममेरे भाई के साथ बाइक से 11 मील बायपास होते हुए रायसेन रोड स्थित छावनी पठार की ओर लौट रहे थे। इसी दौरान पीछे से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने ओवरटेक करने के प्रयास में उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में अमजद और उनका ममेरा भाई गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उपचार के दौरान रविवार सुबह अमजद ने दम तोड़ दिया। घायल ममेरे भाई का इलाज जारी है। हादसे के बाद ट्रक चालक वाहन मौके पर छोड़कर फरार हो गया। बिलखिरिया थाना पुलिस ने ट्रक जब्त कर थाने में खड़ा कर लिया है और चालक की तलाश शुरू कर दी है। रविवार दोपहर पोस्टमार्टम के बाद अमजद का शव परिजन को सौंप दिया गया। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी।
प्रदेश कांग्रेस प्रभारी और राष्ट्रीय महासचिव सचिन पायलट का 28 जुलाई को प्रस्तावित रायपुर दौरा स्थगित कर दिया गया है। वे NEET परीक्षा विवाद और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर कांग्रेस नेताओं, युवा कांग्रेस और एनएसयूआई पदाधिकारियों के साथ बैठक करने वाले थे। शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद बदले राजनीतिक घटनाक्रम और दिल्ली में लगातार बैठकों के कारण उनका दौरा टाल दिया गया है। प्रदेश कांग्रेस नेताओं के अनुसार, पायलट फिलहाल नई दिल्ली में राष्ट्रीय स्तर पर आंदोलन की रणनीति तय करने में व्यस्त हैं। इसी वजह से वे रायपुर नहीं आ सकेंगे। हालांकि, दौरा रद्द नहीं किया गया है और इसकी नई तारीख जल्द घोषित की जाएगी। रायपुर दौरे को लेकर प्रदेश कांग्रेस ने तैयारियां शुरू कर दी थीं। बैठक में NEET परीक्षा में कथित गड़बड़ियों, छात्रों के भविष्य और केंद्र सरकार की शिक्षा नीतियों पर चर्चा होनी थी। पायलट की प्रेस कॉन्फ्रेंस और पार्टी पदाधिकारियों की बैठक भी प्रस्तावित थी। इस्तीफे के बाद बदला राजनीतिक घटनाक्रम NEET परीक्षा को लेकर देशभर में चल रहे विरोध के बीच शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद कांग्रेस अब इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर और मजबूती से उठाने की तैयारी कर रही है। पार्टी का कहना है कि यह छात्रों के संघर्ष की जीत है, लेकिन परीक्षा व्यवस्था में सुधार और जवाबदेही तय होने तक आंदोलन जारी रहेगा। इसी कारण सचिन पायलट का पूरा फोकस फिलहाल दिल्ली में चल रही बैठकों और आगे की रणनीति पर है। इसके चलते उनका रायपुर दौरा फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। 28 जुलाई को होना था रायपुर दौरा सचिन पायलट 28 जुलाई को रायपुर आकर NEET मुद्दे पर आयोजित बैठक में शामिल होने वाले थे। इस दौरान वे कांग्रेस नेताओं, युवा कांग्रेस और एनएसयूआई पदाधिकारियों से चर्चा करने के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस भी करने वाले थे। हालांकि, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद बने नए राजनीतिक घटनाक्रम और पार्टी की व्यस्तता के चलते उनका दौरा फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। प्रदेश कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि कार्यक्रम रद्द नहीं हुआ है, बल्कि नई तारीख जल्द घोषित की जाएगी।
प्रदेश कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट का दौरा टला:NEET मुद्दे पर होने वाली बैठक भी स्थगित
प्रदेश कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट का प्रस्तावित रायपुर दौरा फिलहाल टल गया है। पहले उनका दौरा 28 जुलाई को होना था, जहां वे NEET परीक्षा विवाद और छात्रों के मुद्दों को लेकर कांग्रेस नेताओं व छात्र संगठनों के साथ बैठक करने वाले थे। लेकिन केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद बदले राजनीतिक घटनाक्रम के चलते उनका कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया। प्रदेश कांग्रेस के नेताओं के मुताबिक, नई दिल्ली में लगातार बैठकों और राष्ट्रीय स्तर पर आंदोलन की रणनीति तय किए जाने के कारण पायलट फिलहाल रायपुर नहीं आ पाएंगे। उनके दौरे की नई तारीख जल्द घोषित की जाएगी। इस दौरे को लेकर प्रदेश कांग्रेस ने तैयारियां शुरू कर दी थीं। कांग्रेस छात्र संगठनों, युवा कांग्रेस और पार्टी नेताओं के साथ NEET परीक्षा में गड़बड़ी, छात्रों के भविष्य और केंद्र सरकार की शिक्षा नीतियों को लेकर रणनीति बनाने की तैयारी में थी। पायलट रायपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस के साथ पार्टी पदाधिकारियों की बैठक भी लेने वाले थे। इस्तीफे के बाद बदला पूरा घटनाक्रम NEET परीक्षा को लेकर देशभर में चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद कांग्रेस अब राष्ट्रीय स्तर पर इस मुद्दे को और आक्रामक तरीके से उठाने की तैयारी कर रही है। पार्टी का कहना है कि यह छात्रों के संघर्ष की जीत है, लेकिन परीक्षा व्यवस्था में सुधार और जवाबदेही तय होने तक आंदोलन जारी रहेगा। इसी वजह से सचिन पायलट का पूरा फोकस फिलहाल दिल्ली में चल रही बैठकों और आगे की रणनीति पर है। इसके चलते रायपुर का कार्यक्रम फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। 28 जुलाई को रायपुर आने वाले थे सचिन पायलट कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट का 28 जुलाई को रायपुर दौरा प्रस्तावित था। वे यहां NEET मुद्दे पर आयोजित बैठक में शामिल होने के साथ पार्टी नेताओं, युवा कांग्रेस और एनएसयूआई पदाधिकारियों से चर्चा करने वाले थे। दौरे के दौरान प्रेस कॉन्फ्रेंस का भी कार्यक्रम तय था। हालांकि, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद दिल्ली में बदले राजनीतिक घटनाक्रम और पार्टी की व्यस्तता के चलते उनका रायपुर दौरा फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। प्रदेश कांग्रेस का कहना है कि कार्यक्रम रद्द नहीं हुआ है, जल्द ही नई तारीख घोषित की जाएगी।
महराजगंज पुलिस लाइन में कार्यशाला का आयोजन:लंबित अभियोगों के त्वरित निस्तारण पर हुई चर्चा
महराजगंज पुलिस लाइन सभागार में 26 जुलाई 2026 को एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य विचाराधीन अभियोगों का त्वरित निस्तारण, न्यायालयों में प्रभावी पैरवी और पुलिस व अभियोजन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना था। यह कार्यशाला अपर पुलिस महानिदेशक, गोरखपुर जोन के निर्देशों पर आयोजित की गई। कार्यशाला की अध्यक्षता अपर पुलिस अधीक्षक महराजगंज ने की। इसमें जनपद के सभी राजपत्रित अधिकारी, प्रभारी निरीक्षक, थानाध्यक्ष, थानों के पैरवी अधिकारी, पैरोकार, कोर्ट मोहर्रिर और मॉनिटरिंग सेल के प्रभारी शामिल हुए। इनके अतिरिक्त, संयुक्त निदेशक अभियोजन और ज्येष्ठ अभियोजन अधिकारी समेत अन्य संबंधित अधिकारियों ने भी भाग लिया। कार्यशाला में न्यायालयों में लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण पर विस्तृत चर्चा हुई। इसमें प्रभावी पैरवी, साक्ष्यों का समुचित संकलन और समय पर प्रस्तुतीकरण, गवाहों की समयबद्ध उपस्थिति सुनिश्चित करना, विवेचना और अभियोजन के बीच समन्वय स्थापित करना जैसे महत्वपूर्ण बिंदु शामिल थे। न्यायालयों द्वारा उठाई गई आपत्तियों का त्वरित अनुपालन और अभियोजन की गुणवत्ता में सुधार पर भी जोर दिया गया। उपस्थित अधिकारियों और पैरवी अधिकारियों को न्यायालयीन कार्यवाही के दौरान अपनाई जाने वाली सर्वोत्तम कार्यप्रणाली के बारे में बताया गया। उन्हें अभियोजन से समन्वय की प्रक्रिया और केस मॉनिटरिंग से संबंधित आवश्यक जानकारी भी दी गई। निर्देश दिए गए कि प्रत्येक थाना स्तर पर लंबित मामलों की नियमित समीक्षा की जाए और गुणवत्तापूर्ण व प्रभावी पैरवी सुनिश्चित की जाए। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य न्यायालयों में लंबित अभियोगों के शीघ्र निस्तारण की प्रक्रिया को गति देना है। इसका लक्ष्य दोषसिद्धि दर (कनविक्शन रेट) में वृद्धि करना और अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी व सुदृढ़ विधिक कार्रवाई सुनिश्चित करना भी है। पुलिस और अभियोजन विभाग के बीच समन्वय को मजबूत कर न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावी और परिणामोन्मुख बनाने पर विशेष जोर दिया गया।
नदी में डूबा 8 साल का बच्चा, मौत:उमरिया में बिंदुली नदी घाट पर दोस्तों के साथ नहाने गया था
उमरिया जिले के बिलासपुर चौकी क्षेत्र में बिंदुली नदी के सरकारी घाट पर नहाते समय 8 साल के बच्चे की डूबने से मौत हो गई। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार बिलासपुर निवासी कमलेश कोल के पुत्र साहिल (8) अपने दोस्तों के साथ बिंदुली नदी के सरकारी घाट पर नहाने गया था। इसी दौरान वह गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। उसके साथ मौजूद बच्चे उसकी मदद नहीं कर पाए। घटना की सूचना मिलने पर परिजन मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक साहिल की मौत हो चुकी थी। बिलासपुर चौकी पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को नदी से निकलवाया। रविवार को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस मामले की जांच कर रही है। बताया गया है कि साहिल अपने परिवार का सबसे छोटा बेटा था। उसके दो बड़े भाई हैं। इस घटना से परिजनों में गहरा शोक है।
सोशल मीडिया पर रील बनाकर लाइक्स और व्यूज पाने की होड़ में कई लोग ऐसे स्थानों पर वीडियो बना रहे हैं, जहां जरा सी लापरवाही बड़ा हादसा बन सकती है। ऐसा ही एक मामला फरीदाबाद के ओल्ड रेलवे स्टेशन से सामने आया है। यहां रेलवे प्लेटफॉर्म के बिल्कुल किनारे खड़े होकर 2 किन्नरों द्वारा डांस करते हुए रील बनाने का वीडियो सामने आया है। यह वीडियो 23 जुलाई का बताया जा रहा है। वीडियो में दो किन्नर प्लेटफॉर्म के बिल्कुल किनारे खड़े होकर एक गाने पर डांस करते और रील बनाते हुए दिखाई दे रहे हैं। जिस जगह पर वे वीडियो बना रहे थे, वहां से यदि उसी समय तेज रफ्तार ट्रेन गुजर जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था। ट्रेन की तेज हवा से उनका संतुलन बिगड़ सकता था, जिससे वे ट्रेन की चपेट में आ सकते थे या प्लेटफॉर्म पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो सकते थे। वीडियो देखने के बाद लोगों ने भी इसे बेहद खतरनाक बताया। जीआरपी थाने बुलाकर किन्नरों को समझाया जानकारी के अनुसार, वीडियो में दिखाई देने वाले दोनों किन्नर फरीदाबाद के रहने वाले हैं। वीडियो वायरल होने के बाद जीआरपी और आरपीएफ ने मामले को गंभीरता से लिया। पुलिस ने दोनों की पहचान कर उन्हें ट्रेस किया और जीआरपी थाने बुलाकर पूरे मामले में पूछताछ की। पूछताछ के दौरान उन्हें इस तरह की लापरवाही से होने वाले खतरे के बारे में विस्तार से समझाया गया। जीआरपी ने दोनों को चेतावनी देकर छोड़ा जीआरपी ने बताया कि इस मामले में ऐसा कोई अपराध नहीं बनता, जिसके तहत उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जा सके। इसलिए पुलिस ने कानूनी कार्रवाई करने के बजाय उन्हें चेतावनी दी और भविष्य में ऐसी गलती दोबारा नहीं करने की हिदायत दी। पुलिस ने यह भी समझाया कि इस तरह की रील बनाकर वे न केवल अपनी जान जोखिम में डाल रहे थे, बल्कि किसी अप्रिय घटना की स्थिति में दूसरों की जान भी खतरे में पड़ सकती थी। वीडियो बनाकर मांगी माफी डांस करने वाली सौम्या किन्नर ने अपना एक वीडियो बनाया, जिसमें उन्होंने अपनी गलती स्वीकार करते हुए सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। उन्होंने कहा कि प्लेटफॉर्म के किनारे खड़े होकर वीडियो बनाना बहुत बड़ी गलती थी। यदि उस समय कोई ट्रेन आ जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था। उन्होंने लोगों से भी अपील की कि सोशल मीडिया पर लोकप्रिय होने के लिए अपनी जान जोखिम में डालकर कभी भी वीडियो या रील न बनाएं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भविष्य में वह ऐसी गलती दोबारा नहीं करेंगी। जीआरपी के डीएसपी की लोगों से अपील वहीं, जीआरपी के डीएसपी राजेश चेची ने कहा कि रेलवे प्लेटफॉर्म, रेलवे ट्रैक और अन्य संवेदनशील स्थानों पर रील बनाना बेहद खतरनाक है। थोड़ी सी लापरवाही किसी की जान ले सकती है। उन्होंने सभी लोगों, खासकर युवाओं से अपील की कि सोशल मीडिया पर लाइक्स और व्यूज के लिए अपनी जिंदगी को खतरे में न डालें। सुरक्षित स्थान पर ही वीडियो बनाएं और रेलवे परिसर में सुरक्षा नियमों का पालन करें, ताकि किसी भी तरह की दुर्घटना से बचा जा सके।
भारत आदिवासी पार्टी (BAP) के वरिष्ठ नेता और सांसद राजकुमार रोत ने राज्य सरकार, शिक्षा मंत्री मदन दिलावर और उदयपुर सांसद मन्नालाल रावत पर निशाना साधा। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था, समान नागरिक संहिता (UCC) और संयुक्त राष्ट्र संघ (UN) में आदिवासियों के अधिकारों को लेकर सरकार की नीतियों की कड़े शब्दों में आलोचना की है। आसपुर विधायक उमेश मीणा, जिला अध्यक्ष अनुतोष रोत सहित पार्टी के अन्य नेताओं की मौजदूगी में सांसद रोत ने राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के एक हालिया बयान पर तंज कसते हुए उनके इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री का एक बयान सामने आया था जिसमें उन्होंने कहा था कि 'अगर केंद्र के शिक्षा मंत्री इस्तीफा दे देंगे, तो मैं भी दे दूंगा।' मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि आप अपना इस्तीफा कब दे रहे हैं? राजस्थान के युवाओं और शिक्षकों को केंद्र से ज़्यादा आपके इस्तीफे की ज़रूरत है, क्योंकि आपने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को बदहाल कर दिया है। यूएन में आदिवासियों की स्थिति और राष्ट्रीय पार्टियों की नीतिसंयुक्त राष्ट्र संघ में देश के आदिवासियों का प्रतिनिधित्व करने के बाद डूंगरपुर लौटने पर सांसद रोत ने आदिवासियों के अधिकारों की पैरवी का जिक्र करते हुए रोत ने कहा कि कांग्रेस और बीजेपी दोनों राष्ट्रीय पार्टियां आदिवासियों को केवल वोट बैंक समझती हैं। मानगढ़ धाम पर आकर कांग्रेस और बीजेपी के बड़े नेता कहते हैं कि आदिवासी यहां के मूल निवासी हैं, लेकिन विश्व पटल (UN) पर भारत सरकार 1982 से लगातार यह बयान देती आ रही है कि भारत में कोई विशेष आदिवासी समुदाय नहीं रहता। यह आदिवासियों के साथ सबसे बड़ा कुठाराघात है। उन्होंने कहा कि भारत आदिवासी पार्टी और विभिन्न सामाजिक संगठन पूरे देश के आदिवासी इलाकों में जन-जागरण अभियान चलाएंगे और राष्ट्रीय पार्टियों के इस दोहरे रवैये का पर्दाफाश करेंगे। यूसीसी के नाम पर धार्मिक राजनीति का आरोपयूसीसी (Uniform Civil Code) के मुद्दे पर बोलते हुए रोत ने उदयपुर से बीजेपी सांसद मन्नालाल रावत द्वारा मुख्यमंत्री को लिखे गए पत्र पर कड़ा विरोध जताया।रोत ने कहा कि बीजेपी राजस्थान में यूसीसी के नाम पर धर्म का कार्ड खेल रही है और आदिवासियों को आपस में लड़ाने की साजिश रच रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यूसीसी और धर्म दोनों अलग विषय हैं और इस तरह की भेदभावपूर्ण नीतियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मांगलियावास थाना क्षेत्र के एक गांव से नाबालिग के लापता होने का मामला सामने आया है। नाबालिग मां का आरोप है कि एक रिश्तेदार ने ही उसकी बेटी को बहला फुसलाकर भेज दिया। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। महिला ने रिपोर्ट दी कि उसकी 17 साल की बेटी 23 जुलाई को दोपहर बाद बिना बताए घर से निकली और वापस नहीं लौटी। रिश्तेदारों व सम्भावित जगह पर उसे तलाश किया लेकिन कोई पता नहीं चला। महिला ने एक रिश्तेदार पर उसके भतीजे के साथ नाबालिग को बहला-फुसलाकर भेजने का शक जताया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ………….. पढें ये खबर भी… अजमेर में 33 की जगह 14 दिन ही हुई बरसात:औसत से 62% ज्यादा बारिश फिर भी पिछले साल से आधी, देखें 10 साल का रिकॉर्ड मानसून सीजन के दौरान अजमेर में इस बार भले ही औसत बरसात 62 प्रतिशत ज्यादा बरसात हुई लेकिन पिछले साल के मुकाबले 50 प्रतिशत भी नहीं है। अब तक औसत बरसात 183 मानी गई है और अब तक 301.2 एमएम बरसात हो चुकी है, लेकिन पिछले साल अब तक ये आंकड़ा 617 एमएम था। वहीं पिछले साल जून व जुलाई माह में 33 दिन बरसात हुई , वहीं इस बार केवल 14 दिन बरसात हुई है। अजमेर में सुबह से मौसम साफ है और धूप खिली है। (पूरी खबर पढें)
झारखंड में मौसम का तांडव! रांची और हजारीबाग समेत 18 जिलों में झमाझम बारिश का अलर्ट
झारखंड के मौसम का मिजाज एक बार फिर पूरी तरह से बदल गया है। मानसून की सक्रियता और बादलों के डेरा डालने से राज्य के कई हिस्सों में झमाझम बारिश का दौर शुरू हो चुका है। मौसम विभाग ने राजधानी रांची समेत कुल 18 जिलों में भारी बारिश को लेकर ताजा चेतावनी जारी की है। इसके साथ ही आसमान में गरज-चमक और तेज हवाओं के बीच कई इलाकों में आकाशीय बिजली (वज्रपात) गिरने का भी गंभीर खतरा बना हुआ है, जिसे लेकर प्रशासन और आपदा प्रबंधन ने लोगों को पूरी तरह सतर्क रहने की सलाह दी है।रांची और हजारीबाग समेत इन 18 जिलों में बरसेंगे बदरामौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले कुछ घंटों में झारखंड के दक्षिण और मध्य भागों में मानसूनी गतिविधियां काफी तेज होने वाली हैं। रांची, हजारीबाग, रामगढ़, बोकारो, धनबाद, और चतरा समेत करीब 18 जिलों में काले बादल छाए रहने और भारी से अत्यधिक भारी बारिश होने की पूरी संभावना है। लगातार हो रही इस बारिश से तापमान में तो गिरावट दर्ज की जाएगी, लेकिन निचले इलाकों में जलभराव और ट्रैफिक जाम जैसी समस्याओं का सामना भी करना पड़ सकता है।15 जिलों के लिए आकाशीय बिजली का सबसे बड़ा रेड अलर्टबरसात के इस मौसम में बादलों की गड़गड़ाहट के बीच वज्रपात यानी आकाशीय बिजली का खतरा सबसे डरावना साबित हो रहा है। मौसम विभाग ने राज्य के करीब 15 जिलों में थंडरस्टॉर्म और लाइटनिंग का विशेष अलर्ट जारी किया है। ग्रामीण इलाकों, खेतों में काम करने वाले किसानों और खुले आसमान के नीचे रहने वाले लोगों को खास तौर पर सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की हिदायत दी गई है। पिछले कुछ दिनों में वज्रपात की घटनाओं से हुए नुकसान को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने भी एडवाइजरी जारी कर दी है।खराब मौसम में घर से निकलने से पहले बरतें ये जरूरी सावधानियांमौसम के इस बदले तेवर को देखते हुए आम जनता से अपील की गई है कि वे अनावश्यक रूप से यात्रा करने से बचें और खराब मौसम के दौरान पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे बिल्कुल न खड़े हों। मौसम विभाग की इस अपडेटेड चेतावनी से लोग अपने दिनभर के कामकाज की योजना आसानी से तय कर सकते हैं। लोकल लेवल पर बारिश और वज्रपात की पल-पल की जानकारी के लिए मौसम विभाग के अगले बुलेटिन पर भी सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
14 अगस्त से शुरू हो रही यूपी टी-20 लीग के चौथे सीजन की तैयारियां तेज हो गई हैं। आगरा में हुए मिनी ऑक्शन में इस बार उन युवा गेंदबाजों का बोलबाला रहा, जिन्होंने स्पीड हंट के जरिए अपनी रफ्तार का लोहा मनवाया था। प्रदेश भर से सबसे तेज गेंदबाजी के आधार पर चुने गए 75 खिलाड़ियों में से 38 गेंदबाजों को नीलामी में शामिल किया गया। बुलंदशहर के शुभम पर लगी सबसे बड़ी बोली ऑक्शन में स्पीड हंट के स्टार बने बुलंदशहर के युवा तेज गेंदबाज शुभम गौतम। शुभम को नोएडा सुपर किंग्स ने 21.50 लाख रुपये की बड़ी रकम देकर अपनी टीम में शामिल किया। इसके अलावा, बाराबंकी के शक्ति वर्मा को कानपुर सुपर स्टार्स और प्रतापगढ़ के कृष्ण कुमार सरोज को लखनऊ फाल्कंस ने 2.5 लाख रुपये के बेस प्राइज पर खरीदा। ये वही गेंदबाज हैं, जिन्होंने स्पीड हंट में 135 किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा की रफ्तार से गेंद फेंककर हर किसी को हैरान कर दिया था। हर फ्रेंचाइजी रिटेन करेगी एक-एक स्पीड स्टार बीसीसीआई उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला के निर्देश पर अब लीग की सभी फ्रेंचाइजी स्पीड हंट से आए एक-एक तेज गेंदबाज को बेस प्राइज पर रिटेन करेंगी। यूपी टी-20 के चेयरमैन डॉ. संजय कपूर और यूपीसीए सचिव प्रेम मनोहर गुप्ता ने बताया कि रफ्तार दिखाने वाले युवाओं पर फ्रेंचाइजी ने दिल खोलकर दांव लगाया है। जल्द ही स्पीड हंट से चुने गए सभी 75 पुरुष और 30 महिला गेंदबाजों का एक स्पेशल ट्रेनिंग कैंप लगाया जाएगा, ताकि उन्हें आगे चलकर प्रदेश की मुख्य टीम तक पहुँचाया जा सके। चौथे सीजन में दिखेगा कानपुर के 3 खिलाड़ियों का दम इस बार 14 अगस्त से शुरू हो रहे चौथे सीजन में कानपुर के भी 3 खिलाड़ी अपना जलवा बिखेरते नजर आएंगे। मिनी ऑक्शन में कानपुर के मोहम्मद शारिम को काशी रुद्रांश ने 17.50 लाख रुपये में खरीदा है। वहीं, कानपुर सुपर स्टार्स की टीम से शहर के आदर्श और सौभाग्य मिश्रा मैदान में उतरेंगे।
अलवर के प्रसिद्ध जगन्नाथ जी मेले में शनिवार रात आस्था, उमंग और भक्ती का अलौकिक नजारा देखने को मिला। रूपबास स्थित मेले में देर रात 10 बजे भगवान जगन्नाथ और माता जानकी के विवाह की रस्म 'वरमाला महोत्सव' के साथ धूमधाम से संपन्न हुई। वरमाला का पावन दृश्य देखने के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालु देर रात तक डटे रहे। इस दौरान आयोजित रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने माहौल को और भी भक्तिमय बना दिया। शनिवार को दिनभर जगन्नाथ जी के मेले में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। शहर समेत आसपास के ग्रामीण इलाकों से पहुंचे लोगों ने भगवान के दर्शन किए और मेले में जमकर खरीदारी की। आज शाम होगी रूपबास से वापसी शादी की रस्मों के बाद, रविवार शाम को भगवान जगन्नाथ जी माता जानकी के साथ रूपबास से वापस अपने निज धाम (पुराने शहर स्थित जगन्नाथ मंदिर) के लिए प्रस्थान करेंगे। भगवान की यह वापसी यात्रा करीब 6 से 7 किलोमीटर के दायरे में भव्य मेले के रूप में निकलेगी। हर मंदिर में होगी आरती, देर रात तक जुटेंगे भक्त शोभायात्रा मार्ग में पड़ने वाले हर एक मंदिर के बाहर रथ रुकेगा और भगवान की भव्य आरती उतारी जाएगी। प्रभु की एक झलक पाने के लिए रास्ते भर हजारों भक्त देर रात तक टकटकी लगाए इंतजार करते नजर आएंगे। सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर प्रशासन की ओर से कड़े इंतजाम किए गए हैं।
राजगढ़ के खिलचीपुर में अभिनेता और समाजसेवी सोनू सूद का जन्मदिन 30 जुलाई को मनाया जाएगा। इस अवसर पर उनके प्रशंसकों ने राजगढ़ जिले के खिलचीपुर में पर्यावरण संरक्षण की अनूठी पहल करते हुए 'मिशन ग्रीन भारत' अभियान की शुरुआत की। सोमवारिया स्थित हनुमान गढ़ी मंदिर परिसर में युवाओं ने 11 पौधे लगाकर प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया। मंदिर परिसर में लगाए गए 11 पौधे अभियान के तहत युवाओं ने मंदिर परिसर में छायादार और फलदार पौधों का रोपण किया। पौधारोपण के बाद सभी प्रतिभागियों ने इन पौधों की नियमित देखभाल और संरक्षण का संकल्प भी लिया, ताकि आने वाले वर्षों में यह हरियाली पर्यावरण को मजबूत बनाने में योगदान दे सके। वीडियो कॉल के जरिए युवाओं से जुड़ेंगे सोनू सूद अभिनेता सोनू सूद रविवार दोपहर 4 बजे वीडियो कॉल के माध्यम से खिलचीपुर के युवाओं से जुड़ेंगे। इस दौरान वे पर्यावरण संरक्षण, समाज सेवा और युवाओं की जिम्मेदारियों पर अपने विचार साझा करेंगे। इस संवाद को लेकर स्थानीय युवाओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है। हर साल पर्यावरण संरक्षण के साथ मनाया जाता है जन्मदिन अभियान से जुड़े नितेश गुप्ता ने बताया कि सोनू सूद के जन्मदिन को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने की यह पहल पिछले कई वर्षों से लगातार की जा रही है। उनका उद्देश्य समाज सेवा के साथ-साथ प्रकृति संरक्षण का संदेश भी लोगों तक पहुंचाना है। कोरोना काल की सेवा से मिली प्रेरणा युवाओं का कहना है कि कोरोना महामारी के दौरान सोनू सूद ने लाखों जरूरतमंद लोगों की मदद कर समाज सेवा का उदाहरण पेश किया। उसी प्रेरणा से उनके जन्मदिन को पौधारोपण जैसे सामाजिक कार्यों के माध्यम से मनाया जा रहा है, ताकि पर्यावरण संरक्षण के प्रति भी लोगों में जागरूकता बढ़े। देशभर में चल रहा 'मिशन ग्रीन भारत' अभियान सोनू सूद के जन्मदिन के अवसर पर देशभर में 'मिशन ग्रीन भारत' अभियान के तहत हजारों पौधे लगाए जा रहे हैं। मध्य प्रदेश के कई जिलों में भी उनके प्रशंसक पौधारोपण कर हरियाली बढ़ाने का संदेश दे रहे हैं। राजगढ़ के खिलचीपुर में आयोजित यह कार्यक्रम भी इसी राष्ट्रव्यापी अभियान का हिस्सा है।
बांकीपुर उपचुनाव के लिए 30 जुलाई को वोटिंग है। वोटिंग से पहले बीजेपी, जनसुराज और राजद ने पूरी ताकत झोंक दी है। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने रविवार को बांकीपुर इलाके में पदयात्रा की। वहीं प्रशांत किशोन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि भाजपा प्रशासन का दुरुपयोग कर जन सुराज के कार्यकर्ताओं और नेताओं को परेशान कर रही है। जीविका दीदियों का इस्तेमाल चुनाव प्रचार किया जा रहा है।' प्रशांत किशोर ने चेतावनी देते हुए कहा-- अगर अगले 24 घंटे के भीतर चुनाव आयोग इस मामले में ठोस कार्रवाई नहीं करता और जीविका दीदियों को चुनावी गतिविधियों से अलग नहीं किया जाता तो जन सुराज के नेता और कार्यकर्ता चुनाव आयोग के कार्यालय के बाहर धरने पर बैठेंगे। इधर, लगभग 24 दिनों के यूरोप की यात्रा के बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव रविवार को पटना लौट आए हैं। बताया जा रहा है कि वो 27 और 28 जुलाई को बांकीपुर इलाके में राजद प्रत्याशी रेखा कुमारी गुप्ता के लिए रोड शो करेंगे। PK बोले- एक को हरान के लिए बीजेपी ने पूरी टीम लगा दी प्रशांत किशोर ने कहा कि भाजपा ने बांकीपुर उपचुनाव में अपने हजारों कार्यकर्ताओं, नेताओं और अन्य संसाधनों को झोंक दिया है। लोकतंत्र में किसी भी दल को प्रचार करने का पूरा अधिकार है और उन्हें इससे कोई आपत्ति नहीं है। जो नेता, विधायक और मंत्री पहले अपने-अपने क्षेत्रों में नहीं जाते थे, वे भी आज बांकीपुर की गलियों में प्रचार कर रहे हैं। यह जन सुराज की नहीं, बल्कि बांकीपुर की जनता की लोकतांत्रिक जीत है, जिसने राजनीतिक दलों को मतदाताओं के बीच जाने के लिए मजबूर कर दिया है। प्रशासन का इस्तेमाल कर हमारे लोगों को परेशान कर रहे- प्रशांत किशोर प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया कि सरकार केवल राजनीतिक मुकाबला नहीं कर रही, बल्कि प्रशासनिक मशीनरी का इस्तेमाल कर जन सुराज के नेताओं और कार्यकर्ताओं पर दबाव बना रही है। बाहर से आए जन सुराज के कार्यकर्ता जिन होटलों में अपने खर्च पर ठहरे हैं, वहां लगातार जांच और छापेमारी की जा रही है।' जीविका दीदियों से भाजपा के पक्ष में प्रचार कराने का आरोप प्रशांत किशोर ने कहा कि जिला प्रशासन की तरफ से सोशल मीडिया पोस्ट और सरकारी व्यवस्था के जरिए जीविका दीदियों को महिलाओं के बीच भेजा जा रहा है।’ उन्होंने इसे चुनावी प्रक्रिया का खुला दुरुपयोग और लोकतंत्र के साथ अन्याय बताया। DM के केवल ट्वीट हटाने से काम नहीं चलेगा- पीके प्रशांत किशोर ने कहा कि जिला प्रशासन को केवल सोशल मीडिया पोस्ट हटाने से काम नहीं चलेगा। जिला प्रशासन लिखित आदेश जारी करे कि जीविका से जुड़ी महिलाएं, कर्मचारी या अन्य अर्धसरकारी कर्मी चुनावी प्रक्रिया का हिस्सा नहीं होंगे। जन सुराज के प्रतिनिधिमंडल ने इस संबंध में चुनाव आयोग और चुनाव पर्यवेक्षकों से मुलाकात की है। आयोग को 24 घंटे का समय दिया गया है।’ CJP को पीके ने दिया न्योता प्रशांत किशोर ने देशभर में चल रहे छात्र आंदोलनों और युवाओं के मुद्दों पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा, ‘जो भी व्यक्ति सरकार के अलोकतांत्रिक रवैये और नीतियों का विरोध करेगा, जन सुराज उसका समर्थन करेगा।’ अगर सीजेपी (CJP) के कार्यकर्ता बिहार आकर छात्रों के मुद्दों पर काम करना चाहते हैं तो उनका स्वागत किया जाएगा।
कानपुर के कर्नलगंज थाना क्षेत्र की ईदगाह कॉलोनी में शनिवार शाम छात्र ने सोशल मीडिया पर भावुक स्टेटस लगाने के बाद आत्महत्या कर ली। बीए तृतीय वर्ष के छात्र ने मौत से पहले स्टेटस पर लिखा, सॉरी मम्मी-पापा, मैं आपका अच्छा बेटा नहीं बन सका। कुछ देर बाद जब उसकी बहन कोचिंग से घर लौटी तो दरवाजा अंदर से बंद मिला। काफी देर तक आवाज देने और दरवाजा खटखटाने के बावजूद कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। सूचना पर पहुंचे परिजनों ने पड़ोसियों की मदद से दरवाजा तोड़ा तो अंदर बेटे का शव दुपट्टे के सहारे लोहे की एंगल से लटका मिला। सूचना पर कर्नलगंज पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस आत्महत्या के कारणों की जांच कर रही है। आईआईटी में कार्यरत हैं पिता, घर में अकेला था छात्र ईदगाह कॉलोनी निवासी नोएल जैकब आईआईटी में प्राइवेट नौकरी करते हैं। परिवार में पत्नी शालिनी, बेटा डेरिक जैकब (18) और बेटी एलिश जैकब हैं। डेरिक बीए तृतीय वर्ष का छात्र था। पिता नोएल जैकब ने बताया कि शनिवार सुबह वह रोज की तरह वह ड्यूटी पर चले गए थे। बेटी एलिश कोचिंग चली गई थी और पत्नी किसी काम से बाहर थीं। घर में डेरिक अकेला था। शाम करीब चार बजे एलिश जब कोचिंग से लौटी तो मुख्य दरवाजा अंदर से बंद मिला। काफी देर तक आवाज देने के बाद भी जब अंदर से कोई जवाब नहीं मिला तो उसने माता-पिता को फोन कर सूचना दी। मौत से पहले लगाया भावुक स्टेटस परिजनों के अनुसार डेरिक ने आत्महत्या से पहले अपने सोशल मीडिया स्टेटस पर लिखा था, सॉरी मम्मी-पापा, मैं आपका अच्छा बेटा नहीं बन सका। इस संदेश के बाद उसने फांसी लगा ली। पुलिस मोबाइल और अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। पुलिस कर रही हर पहलू की जांच कर्नलगंज थाना प्रभारी विनीत कुमार ने बताया की परिजनों द्वारा बताया गया कि छात्र कि दो विषय में बैक लग गई थी जिसके चलते वह परेशान था। मरने से पहले छात्र ने स्टेटस भी लगाया है प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही छात्र के मोबाइल और सोशल मीडिया गतिविधियों की भी जांच की जा रही है।
कैथल सड़क हादसे में घायल युवक की मौत:पटियाला में चल रहा था इलाज, नकोदर से पूजा कर लौट रहे थे
कैथल के गांव बरटा में जम्मू कटरा हाइवे पर हुए सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई। हादसा आठ दिन पहले हुआ था, जिसमें एक महिला की मौके पर मौत हो गई थी। अब पटियाला के राजेंद्रा अस्पताल में दाखिल युवक ने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। मृतक युवक की पहचान कलायत के ही रहने वाले करीब 28 वर्षीय संजीव कुमार के रूप में हुई है। पटियाला में चल रहा था इलाज उसे गंभीर हालत के चलते कैथल नागरिक अस्पताल से पटियाला हायर सेंटर रेफर किया गया था।वहीं पुलिस ने मृतक युवक के शव का पोस्टमॉर्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है। मामले की आगामी जांच कर रही है। बता दें कि आठ दिन पहले गांव बरटा में जम्मू कटरा हाईवे पर एक कार सामने से आ रही कार से टच होकर डिवाइडर से टकरा गई थी। इस हादसे में करीब 50 वर्षीय महिला की मौत हो गई, जबकि तीन चार अन्य लोगों को भी चोटें आई। कार के परखच्चे उड़ गए। हादसा देर रात को हुआ जब कलायत के रहने वाले कार सवार श्रद्धालु नकोदर पंजाब से पूजा पाठ करके वापस कलायत लौट रहे थे। कार से टच होकर डिवाइडर से जा टकराई थी गाड़ी जैसे ही वे गांव बरटा में पहुंचे तो वहां से एक कार हाईवे के ऊपर चढ़ रही थी, जिससे उनकी कार गलत दिशा में ऊपर चढ़ रही कार से टच हो गई और डिवाइडर से जा टकराई। हादसे में एक महिला कलायत निवासी निशा गुप्ता की मौत हो गई थी। इस हादसे में संजीव कुमार गंभीर रूप से घायल हो गया था। जिसका इलाज चल रहा था और उसकी मौत हो गई। सदर थाना के जांच अधिकारी सुरेंद्र कुमार ने बताया कि इस संबंध में पुलिस ने कार ड्राइवर के खिलाफ केस दर्ज किया हुआ है। मामले की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
उज्जैन-गरोठ फोरलेन पर कार दुर्घटना, एक की मौत:बच्चों और महिलाओं समेत 6 घायल, 4 उज्जैन रेफर
आगर मालवा से निकले उज्जैन-गरोठ फोरलेन पर रविवार को ग्राम साबनी के पास एक कार बेकाबू होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस हादसे में कार सवार सात लोगों में से 60 वर्षीय एक बुजुर्ग की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि छह अन्य घायल हो गए। घायलों में कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, कार में दीपक पिता राधेश्याम राठौर (48), उनकी पत्नी ललिता (38), जगदीश पिता सिद्धनाथ (60), उनकी पत्नी मनोरमा (52), प्रज्ञा पति दीपक (32) और 13 व 9 वर्ष के दो बच्चे सवार थे। ये सभी उज्जैन जिले के कायथा निवासी बताए गए हैं। परिवार उज्जैन से गरोठ की ओर जा रहा था। हादसे की सूचना मिलते ही एंबुलेंस मौके पर पहुंची और सभी घायलों को उपचार के लिए बड़ौद अस्पताल ले जाया गया। यहां प्राथमिक उपचार के बाद चार गंभीर घायलों को उज्जैन रेफर किया गया। हादसे में जगदीश पिता सिद्धनाथ की घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई थी। सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। हादसे का स्पष्ट कारण अभी सामने नहीं आया है, लेकिन प्रारंभिक तौर पर वाहन की तेज रफ्तार और चालक द्वारा नियंत्रण खोने को दुर्घटना का कारण माना जा रहा है।
अलवर में सूने मकान को चोरों ने निशाना बनाते हुए लाखों रुपए के सोने-चांदी के जेवर पार कर लिए। घटना सदर थाना क्षेत्र के सूरज नगर में 25 जून की है, जहां चोरों ने मकान का ताला तोड़कर वारदात को अंजाम दिया। परिवार वाले गांव गए हुए थे। पीड़ित दीपक चौहान ने 26 जुलाई को सदर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। दरअसल, 25 जून को चोरी होने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची थी, लेकिन उस समय कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई गई थी। परिवार के लोग अपने स्तर पर ही पता लगाने में जुट गए थे। एफआईआर के अनुसार, दीपक चौहान अपने परिवार के साथ 23 जून 2026 को गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश) गांव गए हुए थे। उनके बड़े भाई कैलाश रात के समय घर पर सोते थे। 25 जून की रात करीब 10 बजे कैलाश ने फोन कर बताया कि घर का ताला टूटा हुआ है और सामान बिखरा पड़ा है। सूचना मिलने पर दीपक परिवार सहित अलवर लौटे और घर की जांच की। 2.86 लाख रुपए नकद और आभूषण पार जांच में सामने आया कि बाहर वाले कमरे में बैग में रखे 1.55 लाख रुपए और अंदर अलमारी में रखे 1.31 लाख 500 रुपए नकद गायब थे। इसके अलावा एक सोने की अंगूठी, सोने के कानों के कुंडल, गले का सोने का ओम, दो चांदी की अंगूठियां सहित अन्य जेवर भी चोरी मिले। कुल मिलाकर चोर करीब 2.86 लाख रुपए नकद और आभूषण लेकर फरार हो गए। अब सदर थाना पुलिस ने पीड़ित की रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की जांच एएसआई कुसुम नरूका को सौंपी गई है। पुलिस आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की तलाश में जुटी है।
फिरोजाबाद में शांती सैलई मार्ग की जर्जर हालत और लंबे समय से लंबित समस्याओं को लेकर स्थानीय लोगों ने रविवार को विरोध प्रदर्शन किया। क्षेत्रवासियों ने सड़क जाम कर ढपली बजाते हुए नगर निगम के खिलाफ नारेबाजी की, जिससे अधिकारियों का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया गया। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि शांती सैलई मार्ग पर एक प्राचीन मंदिर स्थित है, जहाँ सावन माह में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और कांवड़िए जलाभिषेक के लिए आते हैं। सड़क की बदहाली के कारण उन्हें और स्थानीय निवासियों को आवागमन में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ता है। सड़क पर गहरे गड्ढे और जलभराव की स्थिति बनी रहती है, जिससे मूलभूत सुविधाओं का अभाव भी स्पष्ट है। क्षेत्रवासियों ने आरोप लगाया कि पिछले लगभग दो वर्षों से सड़क की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि नगर निगम और संबंधित अधिकारियों को कई बार लिखित और ऑनलाइन शिकायतें भेजी गई हैं, लेकिन इन समस्याओं का अब तक कोई समाधान नहीं किया गया है। प्रदर्शन के दौरान, लोगों ने नगर निगम प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही सड़क निर्माण और अन्य संबंधित समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो वे अपने आंदोलन को और तेज करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
अलीगढ़ में रजवाहे में मिले कई गोवंश के शव:लोगों ने किया हंगामा; सड़क जाम कर जांच की मांग
अलीगढ़ के थाना गोधा क्षेत्र के गोधा रजवाहे में पिछले पांच दिनों के दौरान चार से पांच गोवंश के शव मिलने से क्षेत्र में तनाव का माहौल है। घटना से नाराज हिंदू रक्षा दल के कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने रविवार को सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया और छतारी-अतरौली मार्ग पर जाम लगा दिया। रविवार सुबह करीब 11 बजे रजवाहे में फिर गोवंश के शव मिलने की सूचना पर बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। गोवंश के शव मिलने पर उठाए सवाल प्रदर्शनकारियों का कहना था कि लगातार कई दिनों में इतनी संख्या में गोवंश के शव मिलना गंभीर मामला है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर गोवंश के शव रजवाहे तक कैसे पहुंचे और इसकी जानकारी समय रहते प्रशासन को क्यों नहीं मिली। कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी लोगों ने कहा कि सरकार गोवंश संरक्षण को लेकर लगातार निर्देश जारी करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर व्यवस्थाओं में कमी दिखाई दे रही है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द दोषियों की पहचान कर कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। पुलिस ने जांच का दिया आश्वासन पुलिस का कहना है कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। थाना गोधा प्रभारी के अनुसार, आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जाएगी और स्थानीय लोगों से पूछताछ की जाएगी। जांच के आधार पर जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इंदौर में ट्रेन की टक्कर से युवक की मौत:राजेंद्र नगर में रेलवे ट्रैक पर मिला शव; दो ने फांसी भी लगाई
इंदौर के राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र में रविवार सुबह रेलवे ट्रैक के पास एक युवक का शव मिला। पुलिस का अनुमान है कि उसकी मौत ट्रेन की टक्कर से हुई है। वहीं, शहर में अलग-अलग स्थानों पर दो लोगों ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस तीनों मामलों की जांच कर रही है। रेलवे ट्रैक के पास मिला किशोर का शव पुलिस के मुताबिक रविवार सुबह करीब 8 बजे भीमनगर रेलवे क्रॉसिंग के पास ट्रैक किनारे एक शव पड़े होने की सूचना मिली। दूसरी ट्रेन के लोको पायलट ने शव देखकर रेलवे कंट्रोल रूम को सूचना दी थी। मौके पर पहुंची जीआरपी और पुलिस ने पहचान कराने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। मृतक की उम्र करीब 25 साल बताई जा रही है। उसके पास कोई पहचान संबंधी दस्तावेज नहीं मिले। पुलिस का प्राथमिक अनुमान है कि वह चलती ट्रेन से गिरा या ट्रेन की चपेट में आ गया। शव को पोस्टमार्टम के लिए एमवाय अस्पताल भेज दिया गया है। पत्नी से विवाद के बाद युवक ने लगाई फांसी जूनी इंदौर थाना क्षेत्र के बापू नगर निवासी दिनेश अहिरवार (30) ने शनिवार को अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वह इलेक्ट्रिशियन का काम करता था। पुलिस के अनुसार घटना से पहले उसका पत्नी से विवाद हुआ था। विवाद के बाद पत्नी नीचे चली गई थी। शाम को जब वह वापस कमरे में पहुंची तो दिनेश का शव फंदे से लटका मिला। दिनेश के दो बच्चे हैं और वह अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। स्क्रैप दुकान कर्मचारी ने भी दी जान एमआईजी थाना क्षेत्र के नया बसेरा निवासी राजू कलमे (42) ने भी शनिवार शाम फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वह स्क्रैप की दुकान पर काम करता था। सबसे पहले उसके भाई ने उसे फंदे पर लटका देखा। राजू के परिवार में माता-पिता, दो भाई और दो बहनें हैं। पुलिस ने दोनों आत्महत्या के मामलों में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।
बीजापुर जिला मुख्यालय स्थित वनमंडल कार्यालय में पदस्थ चौकीदार लिंगम चंद्रू की शनिवार (25 जुलाई) नाईट ड्यूटी के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। सुबह उनका शव कार्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार के पास मिला। घटना की सूचना मिलते ही विभागीय अधिकारियों और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। प्राप्त जानकारी के अनुसार, लिंगम चंद्रू बीती रात अपनी नियमित ड्यूटी पर तैनात थे। सुबह जब कर्मचारी कार्यालय पहुंचे तो उनका शव मुख्य गेट के अंदर मिला। बताया जा रहा है कि मुख्य गेट अंदर से बंद था। मौत का कारण अभी स्पष्ट नहीं घटना की जानकारी सामने आते ही वनमंडल कार्यालय में शोक का माहौल बन गया। सहकर्मियों और विभागीय अधिकारियों ने घटना पर दुख जताया। फिलहाल चौकीदार की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसका खुलासा नहीं हो सका है। पुलिस ने मामले को जांच में लेकर सभी पहलुओं से पड़ताल शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार पुलिस का कहना है कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। फिलहाल मामले की जांच जारी है।
मुजफ्फरपुर में लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर व्हाट्सएप के जरिए रंगदारी और जान से मारने की धमकी देने का सिलसिला लगातार बढ़ता जा रहा है। चार दिनों के भीतर तीन मामला सामने आया है। इस बार साहेबगंज के जिला पार्षद एवं स्कूल संचालक राजेश कुमार सहनी से 1 करोड़ की रंगदारी मांगी गई है। रकम नहीं देने पर उनके अपहरण और पूरे परिवार की हत्या की धमकी दी गई है। मामले में साहेबगंज थाना में प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस तकनीकी जांच में जुट गई है। वहीं, एक प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) को भी इसी तरह का धमकी भरा मैसेज मिला है, हालांकि उन्होंने अब तक इसकी शिकायत पुलिस से नहीं की है। व्हाट्सएप पर आया धमकी भरा संदेश साहेबगंज थाना क्षेत्र के माधोपुर हजारी निवासी जिला पार्षद राजेश कुमार सहनी ने पुलिस को दिए आवेदन में बताया कि शुक्रवार रात उनके मोबाइल पर एक व्हाट्सएप नंबर से मैसेज आया। प्रोफाइल फोटो पर लॉरेंस बिश्नोई की तस्वीर लगी थी। मैसेज में लिखा था, 'मैं मुंबई से लॉरेंस बिश्नोई गैंग से बोल रहा हूं। दो से तीन दिन के भीतर ₹1 करोड़ दे दो, नहीं तो तुम्हारा अपहरण कर लिया जाएगा। पैसा नहीं दिया तो पूरे परिवार को जान से मार दिया जाएगा।' धमकी मिलने के बाद उन्होंने तुरंत साहेबगंज थाना में शिकायत दर्ज कराई और परिवार की सुरक्षा की मांग की। एक BDO को भी मिला ऐसा ही मैसेज इसी बीच जिले के एक प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) को भी इसी तरह का धमकी भरा व्हाट्सएप मैसेज मिलने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, नाम प्रकाशित नहीं करने की शर्त पर उन्होंने बताया कि फिलहाल उन्होंने इसकी शिकायत पुलिस से नहीं की है। उनका कहना है कि हाल के दिनों में इस तरह की खबरें सामने आने के बाद उन्हें भी ऐसा मैसेज मिला। प्रथम दृष्टया उन्हें यह किसी की शरारत या बदमाशी लग रही है। उन्होंने कहा कि यदि दोबारा इस तरह का मैसेज आता है या मामला गंभीर प्रतीत होता है, तो वे पुलिस में शिकायत दर्ज कराएंगे। कारोबारी से मांगी रंगदारी इससे पहले दाउदपुर कोठी संगम चौक निवासी कारोबारी रंजीत कुमार सहनी से भी 50 लाख की रंगदारी मांगी गई थी। उन्होंने पुलिस को दिए आवेदन में बताया कि 21 जुलाई की सुबह 9:47 बजे उनके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से व्हाट्सएप मैसेज आया। मैसेज भेजने वाले ने खुद को लॉरेंस बिश्नोई ग्रुप का सदस्य बताते हुए 50 लाख रुपए की रंगदारी मांगी। रंगदारी नहीं देने पर पूरे परिवार को खत्म करने की धमकी मैसेज में चेतावनी दी गई कि यदि रंगदारी की रकम नहीं दी गई तो कारोबारी समेत पूरे परिवार की हत्या कर दी जाएगी। धमकी मिलने के बाद पीड़ित ने तुरंत इसकी सूचना ब्रह्मपुरा थाना पुलिस को दी और लिखित आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की। आवेदन में धमकी देने वाले मोबाइल नंबर, व्हाट्सएप चैट और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की तकनीकी जांच कराने के साथ ही आरोपी की पहचान कर कानूनी कार्रवाई तथा परिवार की सुरक्षा की मांग की गई है। तकनीकी जांच में जुटी पुलिस साहेबगंज थानाध्यक्ष सुनील कुमार ने बताया कि जिला पार्षद की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। जिस व्हाट्सएप नंबर से धमकी भेजी गई है, उसकी तकनीकी जांच कराई जा रही है। मोबाइल नंबर, व्हाट्सएप चैट, आईपी डिटेल और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि हाल के दिनों में सामने आए सभी धमकी वाले मामलों के पीछे कहीं एक ही गिरोह या साइबर अपराधियों का नेटवर्क तो सक्रिय नहीं है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के रविवार को डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय खंदारी परिसर में 'मुख्यमंत्री कैशलेस चिकित्सा योजना' के शुभारंभ कार्यक्रम को लेकर तैयारियां पूरी थीं, लेकिन इसी दौरान विरोध का एक अजब तरीका सामने आया। हिंदुवादी नेता रौनक ठाकुर ने भगवान टॉकीज चौराहे पर एक विवादित होर्डिंग लगा दी। खास बात यह है कि मुख्यमंत्री का काफिला कार्यक्रम स्थल के लिए इसी भगवान टॉकीज चौराहे से होकर गुजरना था। ऐसे में होर्डिंग सुबह से ही चर्चा का केंद्र बन गई। होर्डिंग में आगरा को शिवनगरी, तेजोमहल की नगरी बताया गया है। साथ ही मुख्यमंत्री के स्वागत के साथ राजकीय आईटी कॉलेज में व्याप्त भ्रष्टाचार पर सख्त कार्रवाई की मांग भी की गई है। होर्डिंग में लिखा गया कि कॉलेज में भ्रष्टाचार के कारण छात्रों का भविष्य खराब हो रहा है और सरकार को तुरंत हस्तक्षेप करना चाहिए। होर्डिंग लगते ही क्षेत्र में हलचल मच गई। स्थानीय लोग और राजनीतिक कार्यकर्ता मौके पर पहुंचकर इसे पढ़ते नजर आए। देखते ही देखते सोशल मीडिया पर भी होर्डिंग की तस्वीरें वायरल हो गईं। कई लोगों ने इसे समर्थन दिया तो कई ने विवादित बताया। सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासन के अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। सुरक्षा कारणों और मुख्यमंत्री के आगमन को देखते हुए प्रशासन ने होर्डिंग को वहां से हटवा दिया। अधिकारियों ने बताया कि बिना अनुमति सार्वजनिक स्थल पर होर्डिंग लगाने के मामले में जांच शुरू कर दी गई है। सीएम के खंदारी कैंपस पहुंचने से पहले सपा छात्र नेता हाउस अरेस्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के रविवार को खंदारी कैम्पस दौरे से पहले पुलिस ने एहतियातन समाजवादी पार्टी के छात्र नेता को हाउस अरेस्ट कर लिया। पुलिस के मुताबिक, छात्र नेता प्रदर्शन की तैयारी में थे। पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था को लेकर वे कैम्पस में नारेबाजी और काले झंडे दिखाने की योजना बना रहे थे। पुलिस ने रविवार को उनके आवास पहुंचकर उन्हें घर में ही रोक दिया।
मोहाली। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान रविवार को मोहाली के जीरकपुर पहुंचे। यहां आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में उन्होंने NEET परीक्षा में सफलता हासिल करने वाले सरकारी स्कूलों के 882 विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को सम्मानित किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों और उनके परिवारों से मुलाकात कर उनकी उपलब्धि पर बधाई दी। कार्यक्रम में सीएम मान ने कहा कि पंजाब के इतिहास में यह पहली बार है, जब इतनी बड़ी संख्या में सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों ने NEET जैसी कठिन राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा पास की है। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय विद्यार्थियों की मेहनत, अभिभावकों के सहयोग और शिक्षकों की ट्रेनिंग को दिया। बोले- IIM और फिनलैंड की ट्रेनिंग का दिखा असर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पंजाब के सरकारी स्कूलों के अध्यापकों और प्रिंसिपलों को देश और विदेश के प्रतिष्ठित संस्थानों में ट्रेनिंग के लिए भेजा गया। शिक्षकों के बैच IIM अहमदाबाद और फिनलैंड गए, जहां उन्होंने आधुनिक शिक्षण तकनीक और एडवांस टीचिंग स्किल्स सीखी। उन्होंने कहा कि ट्रेनिंग लेकर लौटे शिक्षकों ने स्कूलों में बच्चों को नए तरीके से तैयार किया। आज NEET में 882 सरकारी स्कूलों के बच्चों की सफलता उसी मेहनत का नतीजा है। ‘पेपर लीक ने कई बच्चों का सपना तोड़ा’ NEET में सफल विद्यार्थियों को बधाई देते हुए सीएम मान ने कहा कि 882 बच्चों और उनके अभिभावकों का सपना पूरा हुआ है। उन्होंने दावा किया कि यह आंकड़ा 1,000 के पार जा सकता था, लेकिन पेपर लीक की वजह से कई विद्यार्थियों का भरोसा टूटा और उन्होंने दोबारा परीक्षा देने की हिम्मत नहीं जुटाई। ‘पंजाब में साढ़े चार साल में एक भी पेपर लीक नहीं’ मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब में उनकी सरकार के साढ़े चार साल के कार्यकाल के दौरान एक भी पेपर लीक नहीं हुआ। उन्होंने हाल ही में फार्मेसी परीक्षा में कथित नकल कराने वाले गिरोह के खिलाफ की गई कार्रवाई का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि परीक्षा में गड़बड़ी कराने वाले गिरोह के अंदर और बाहर के लोगों को पकड़ा गया और लाखों रुपए की ठगी करने वाले 21 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई। ‘नो कैश, नो सिफारिश’ के आधार पर मिल रही नौकरियां सीएम मान ने कहा कि पंजाब में अब सरकारी नौकरियां बिना पर्ची और बिना खर्ची दी जा रही हैं। उन्होंने दावा किया कि सरकार अब तक 8,585 से अधिक सरकारी नौकरियां मेरिट के आधार पर दे चुकी है। उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरी देने में किसी मंत्री या विधायक की सिफारिश नहीं चलती। इसी का नतीजा है कि कई युवाओं ने एक के बाद एक प्रतियोगी परीक्षाएं पास कीं और अपनी पसंद की नौकरी चुनी। बच्चों में बढ़ा आत्मविश्वास, लेकिन अहंकार से बचने की सलाह मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी स्कूलों के बच्चों में अब आत्मविश्वास बढ़ा है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि आत्मविश्वास और अहंकार में अंतर होता है। बच्चों को अपनी सफलता पर गर्व करना चाहिए, लेकिन कभी अहंकार नहीं करना चाहिए। ‘अब बच्चे कहते हैं पेपर और मुश्किल बनाओ’ भगवंत मान ने कहा कि पहले विद्यार्थी परीक्षा का पेपर आसान करने की मांग करते थे, लेकिन अब बच्चे कह रहे हैं कि पेपर थोड़ा और मुश्किल बनाया जाए। उन्होंने इसे विद्यार्थियों के बढ़ते स्तर और आत्मविश्वास का संकेत बताया। 882 परिवारों के डॉक्टर बनने का सपना हुआ पूरा कार्यक्रम में NEET क्वालिफाई करने वाले विद्यार्थी और उनके अभिभावक भावुक नजर आए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आम परिवारों के बच्चों का डॉक्टर बनने का सपना अब पूरा हो रहा है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार का लक्ष्य सरकारी शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाना है। शिक्षकों की अंतरराष्ट्रीय और संस्थागत ट्रेनिंग से सरकारी स्कूलों का माहौल बदला है। आने वाले समय में पंजाब के सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी देश की प्रमुख प्रतियोगी परीक्षाओं में और बेहतर प्रदर्शन करेंगे।
नाथद्वारा नगर को प्लास्टिक मुक्त एवं स्वच्छ बनाने के उद्देश्य से रविवार को नगर के मुख्य प्रवेश मार्ग 120 फीट रोड पर विशेष सफाई अभियान चलाया गया। श्रीनाथजी मंदिर के तिलकायत की प्रेरणा व नगर पालिका प्रशासन के आह्वान पर आयोजित इस अभियान में शिवा श्रय होटल से शगुन होटल तक सड़क किनारे, डिवाइडर और आसपास उगी गाजर घास, खरपतवार और कचरे का निस्तारण किया गया। अभियान में नगर पालिका अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ श्रीनाथजी मंदिर की नागरिक सुविधा एवं सहयोग समिति, प्राचीन जलाशय संरक्षण समिति, डॉ. बी.एल. जाट व उनकी टीम और स्थानीय युवाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने श्रमदान किया। श्रीनाथजी की कलाकृतियां विकसित होंगी नगर पालिका आयुक्त सौरभ कुमार जिंदल ने बताया कि नाथद्वारा आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की शहर के प्रति पहली छवि इसी प्रवेश मार्ग से बनती है। इसलिए इसे स्वच्छ, सुंदर और आकर्षक बनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि यहां श्रीनाथजी के चित्र और कलाकृतियां विकसित की जाएंगी व श्रद्धालुओं के बैठने और विश्राम की व्यवस्था भी की जाएगी। फूड हब भी विकसित होगा आयुक्त ने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार की योजना के तहत यहां डिवाइडर क्षेत्र में 54 दुकानों वाला फूड हब विकसित किया जाएगा, जहां श्रीनाथजी का प्रसाद और स्थानीय खाद्य सामग्री उपलब्ध होगी। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलने के साथ श्रद्धालुओं को भी बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। उन्होंने नागरिकों से सार्वजनिक स्थानों पर कचरा नहीं फैलाने और नगर को स्वच्छ रखने में सहयोग करने की अपील की।
रोहतक जिले में दिल्ली-हिसार राष्ट्रीय राजमार्ग नंबर 9 पर महम के पास एक सड़क हादसे में बाइक सवार व्यक्ति की मौत हो गई। व्यक्ति की बाइक हरियाणा पुलिस की डायल 112 गाड़ी से टकरा गई थी। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मृतक की पहचान खरकड़ा गांव निवासी सुखबीर सिंह के रूप में हुई है। यह घटना शनिवार, 25 जुलाई को सुबह करीब दस बजे हुई, जब सुखबीर अपनी बाइक पर महम से खरकड़ा गांव लौट रहे थे। पहले ये दो फोटो देखिए… ड्राइवर पर घायल को ना उठाने का आरोप इंडियन ऑयल कंपनी के पेट्रोल पंप के पास हाईवे पर उनकी बाइक पुलिस की डायल 112 गाड़ी से टकरा गई। इस टक्कर में सुखबीर गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतक के बेटे साहिल ने महम पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया है कि डायल 112 गाड़ी के ड्राइवर ने उनके पिता को उठाने या एंबुलेंस बुलाने में कोई मदद नहीं की। करीब 20 मिनट बाद गांव का एक अन्य व्यक्ति अंकित वहां पहुंचा, जिसने घायल सुखबीर को महम के नागरिक अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने सुखबीर सिंह को मृत घोषित कर दिया।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धमेंद्र प्रधान के इस्तीफे और Gen Z के आंदोलन जीतने पर हिसार में कांग्रेस ने मनाई खुशी और नारेबाजी की। कांग्रेस जिलाध्यक्ष बजरंग दास गर्ग के नेतृत्व में प्रदर्शन किया गया और केंद्र सरकार मुर्दाबाद, छात्रों का आंदोलन जिंदाबाद और राहुल गांधी जिंदाबाद के नारे लगाए गए। इस दौरान कांग्रेस शहरी जिलाध्यक्ष बजरंग दास गर्ग ने कहा कि देश के छात्रों, युवाओं और कांग्रेस पार्टी ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया है। इसके बाद केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री दबाव में आए और शिक्षा मंत्री धमेंद्र प्रधान का इस्तीफा लिया गया। गर्ग ने कहा कि यह सरकार लाठी-डंडों से विपक्ष व युवाओं की आवाज दबाना चाहती है। सरकार के इशारे पर युवाओं को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया। नीट पेपर लीक होने पर 21 छात्रों ने अपनी जान दी। शिक्षा मंत्री ने इस्तीफा तो दे दिया मगर जान देने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा दिया जाना चाहिए। कांग्रेस सांसद ने राहुल गांधी को दिया क्रेडिटवहीं कांग्रेस सांसद जयप्रकाश ने राहुल गांधी को आंदोलन की जीत का क्रेटिड देते हुए कहा कि छात्रों ने जंतर-मंतर पर लड़ाई तो विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने पार्लियामेंट में रहकर लड़ाई लड़ी। यही कारण है कि सरकार पर चौतरफा दबाव बना। सांसद ने कहा कि देश में युवाओं की आवाज गूंज रही है। युवा कभी किसी एक पार्टी से नहीं जुड़ता। इसलिए राहुल गांधी ने किसी पार्टी का नाम जोड़े बिना ही छात्रों को समर्थन दिया और मांगों को उठाया। देश में पहली बार कोई प्रधानमंत्री आवास के सामने जाकर प्रदर्शन करने गया। राहुल गांधी के खिलाफ सरकार ने तरह-तरह के वीडियो जारी करवाए। उनके साथ गलत व्यवहार किया गया। चौटाला परिवार के सवाल पर हाथ जोड़ेवहीं सांसद जयप्रकाश ने चौटाला परिवार द्वारा Gen Z के आंदोलन को समर्थन करने के सवाल पर हाथ जोड़ते हुए कहा कि वह आज इस बारे में कुछ नहीं बोलना चाहते। उन्होंने कहा कि आज मुझे इस बात की खुशी है कि युवाओं की जीत हुई है। कौन किसे समर्थन कर रहा था और क्यों कर रहा था यह देश की जनता अच्छी तरह जानती है।
बुरहानपुर जिले के नेपानगर में वार्ड क्रमांक 8 में करीब 22 लाख रुपये की लागत से निर्मित संजीवनी क्लिनिक दो वर्ष बाद भी शुरू नहीं हो सका है। भवन पूरी तरह तैयार होने के बावजूद यहां अब तक न तो डॉक्टरों की नियुक्ति की गई है और न ही आवश्यक स्वास्थ्य स्टाफ की तैनाती हो सकी है। परिणामस्वरूप स्थानीय लोगों को प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए अब भी दूर स्थित अस्पतालों का सहारा लेना पड़ रहा है। सुविधाजनक स्थान पर बना क्लिनिक, फिर भी नहीं शुरू हुई सेवाएं स्वास्थ्य विभाग द्वारा नगर पालिका के माध्यम से निर्मित यह संजीवनी क्लिनिक शहर के बीचों-बीच ऐसे स्थान पर बनाया गया है, जहां आसपास के वार्डों के लोगों को आसानी से स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकती हैं। इसके विपरीत, वर्तमान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तहसील कार्यालय के पास स्थित है, जो शहर के कई इलाकों से काफी दूर है। ऐसे में मरीजों, बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को इलाज के लिए अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है। 11 डॉक्टरों की पदस्थापना के बाद भी क्लिनिक खाली हाल ही में जिले में 11 डॉक्टरों की पदस्थापना की गई, लेकिन नेपानगर के संजीवनी क्लिनिक में एक भी डॉक्टर की तैनाती नहीं की गई। भवन तैयार होने के बावजूद यहां ओपीडी, जांच, दवा वितरण या अन्य स्वास्थ्य सेवाएं शुरू नहीं हो सकी हैं। इससे क्लिनिक पूरी तरह निष्क्रिय बना हुआ है। जिले के अन्य संजीवनी क्लिनिक भी नहीं हो सके संचालित यह स्थिति केवल नेपानगर तक सीमित नहीं है। करीब दो वर्ष पहले जिले में 11 संजीवनी क्लिनिक बनाए गए थे, लेकिन अधिकांश केंद्रों पर डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ और आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था नहीं हो सकी। कई भवन तैयार होने के बावजूद स्वास्थ्य सेवाएं शुरू नहीं हो पाईं, जिससे इन परियोजनाओं का उद्देश्य अधूरा रह गया है। खाली भवन में बढ़ रही अव्यवस्था दो साल से उपयोग में नहीं आने के कारण क्लिनिक भवन की स्थिति धीरे-धीरे खराब होती जा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, रात के समय यहां असामाजिक तत्वों का आना-जाना भी लगा रहता है। लंबे समय तक भवन खाली रहने से सरकारी संपत्ति के रखरखाव पर भी असर पड़ रहा है। स्थानीय लोग जल्द संचालन की कर रहे मांग स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि इस क्लिनिक में डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ और आवश्यक दवाओं की व्यवस्था कर दी जाए तो हजारों लोगों को घर के पास ही प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी। इससे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर मरीजों का दबाव भी कम होगा और आपात स्थिति में लोगों को तत्काल उपचार मिल सकेगा। स्वास्थ्य विभाग ने प्रक्रिया जारी होने की कही बात जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एलडीएस फुंकवाल ने बताया कि क्लिनिक शुरू करने की प्रक्रिया शासन स्तर पर चल रही है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में विस्तृत जानकारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) कार्यालय से प्राप्त की जा सकती है। वहीं, इस विषय में संपर्क करने का प्रयास किए जाने पर सीएमएचओ डॉ. आरके वर्मा से संपर्क नहीं हो सका।
यूपी में लंबे समय से फाइलों में अटकी आईपीएस अफसरों की ट्रांसफर लिस्ट अब तक जारी नहीं हो सकी है। इस लिस्ट में डीजी, आईजी और डीआईजी रैंक के कई अफसरों के ट्रांसफर होने हैं। वहीं, पीपीएस से आईपीएस बने 28 अफसरों को भी नई तैनाती मिलनी है। ये सभी अभी एडिशनल एसपी के पद पर काम कर रहे हैं। इसके अलावा डीजी रैंक में प्रमोट हुए तीन अफसर भी नई पोस्टिंग का इंतजार कर रहे हैं। सोर्स बता रहे हैं कि फायर सर्विस, लखनऊ और नोएडा के पुलिस कमिश्नर को लेकर फैसला नहीं हो पा रहा है, जिसकी वजह से ये सूची अटकी हुई है। पढ़िए पूरी खबर… विजिलेंस-फायर सर्विस में DG का पद खाली यूपी में डीजी रैंक की कुल सात कैडर पोस्ट हैं। इनमें डीजीपी, सीआईडी, विजिलेंस, यूपी पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड, ट्रेनिंग डायरेक्टरेट, होमगार्ड और फायर सर्विस शामिल हैं। इस समय विजिलेंस और फायर सर्विस, दोनों जगह डीजी का पद खाली है। डीजीपी राजीव कृष्ण के पास विजिलेंस का अतिरिक्त प्रभार है। वहीं 1994 बैच के आईपीएस सुजीत पांडेय के केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने के बाद से फायर सर्विस में डीजी की कुर्सी खाली पड़ी है। इस समय तीन ऐसे अफसर हैं, जिन्हें डीजी रैंक में प्रमोशन तो मिल चुका है, लेकिन वे अभी भी एडीजी स्तर के पदों पर काम कर रहे हैं। इनमें जीआरपी के एडीजी प्रकाश डी, गोरखपुर जोन के एडीजी अशोक मुथा जैन और लखनऊ पुलिस कमिश्नर अमरेंद्र सेंगर शामिल हैं। अशोक मुथा जैन अगले महीने 31 तारीख को रिटायर हो रहे हैं। ऐसे में फायर सर्विस के डीजी पद के लिए प्रकाश डी या अमरेंद्र सेंगर का नाम सबसे आगे माना जा रहा है। सीआईडी के डीजी बी.के. सिंह का नाम भी चर्चा में है, लेकिन उनके पास पहले से सीआईडी, साइबर क्राइम और यूपी-112 जैसी अहम जिम्मेदारियां हैं। लखनऊ के नए पुलिस कमिश्नर के लिए 3 नाम रेस में लखनऊ के नए पुलिस कमिश्नर को लेकर भी कई नाम चर्चा में हैं। सबसे आगे वाराणसी जोन के एडीजी पीयूष मोर्डिया, लखनऊ जोन के एडीजी प्रवीण कुमार और एडीजी अपराध एवं यातायात ए. सतीश गणेश का नाम है। वहीं, वाराणसी के पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल का नाम भी संभावित दावेदारों में शामिल है। नोएडा की CP लक्ष्मी सिंह का ट्रांसफर लगभग तय 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव से पहले गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) को भी नया पुलिस कमिश्नर मिलना तय माना जा रहा है। मौजूदा पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह नवंबर 2022 से इस पद पर हैं। चुनाव आयोग के नियमों के मुताबिक, अगर किसी जिले का डीएम या पुलिस प्रमुख पिछले चुनाव से उसी जिले में तैनात हो या तीन साल से ज्यादा समय से एक ही जगह पर काम कर रहा हो, तो चुनाव से पहले उसका ट्रांसफर किया जाता है। ऐसे में लक्ष्मी सिंह का ट्रांसफर लगभग तय माना जा रहा है। 28 नए IPS अफसरों को भी मिलेगी नई जिम्मेदारी हाल ही में यूपी पुलिस सेवा (PPS) के 28 अधिकारियों को आईपीएस रैंक में प्रमोशन मिला है। अब इन सभी को नई पोस्टिंग मिलनी है। माना जा रहा है कि इनमें से कई अधिकारियों को पहली बार जिले की कमान सौंपी जा सकती है। फिलहाल ये सभी अधिकारी एडिशनल एसपी के पद पर काम कर रहे हैं। इनमें पुलिस मुख्यालय, एटीएस, विजिलेंस, सीआईडी, एसएसएफ, एसडीआरएफ, पुलिस कमिश्नरेट कानपुर, बाराबंकी, हरदोई, इटावा, अंबेडकरनगर, आजमगढ़, मथुरा, गोरखपुर और अन्य जिलों में तैनात अधिकारी शामिल हैं। इन अधिकारियों के साथ-साथ डीजी रैंक में प्रमोट हुए अधिकारियों की नई पोस्टिंग भी इसी तबादला सूची में होने की संभावना है। फिलहाल पूरी सूची फायर सर्विस, लखनऊ और नोएडा की अहम नियुक्तियों पर अंतिम फैसले का इंतजार कर रही है। ---------------------------- ये भी पढें- सपा के 46 उम्मीदवार लगभग तय, लिस्ट देखिए:पूर्वांचल के चेहरे सबसे ज्यादा; 5 हजार वोट से हारी सीटों पर कैंडिडेट रिपीट होंगे सपा ने विधानसभा चुनाव के लिए 46 सीटों पर कैंडिडेट्स लगभग फाइनल कर दिए हैं। इस लिस्ट में सबसे ज्यादा पूर्वांचल की 19 सीटें हैं। पश्चिम की 13 और मध्य यूपी की 14 सीटों पर उम्मीदवार शामिल किए गए हैं। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, आधिकारिक लिस्ट सितंबर तक जारी की जाएगी। पढ़िए पूरी खबर…
डीग जिले में जुरहरा थाना पुलिस ने एक बाल अपचारी को डिटेन किया है। उसके कब्जे से एक अवैध 12 बोर का देसी कट्टा बरामद किया गया है।एसपी डीग कांबले शरण गोपीनाथ के निर्देशन में यह कार्रवाई की गई। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि तहसील के पीछे जुरहरी की ओर जाने वाले कच्चे रास्ते पर एक संदिग्ध युवक अवैध हथियार के साथ मौजूद है। सूचना के आधार पर थाना जुरहरा पुलिस मौके पर पहुंची और बाल अपचारी को पकड़ लिया। तलाशी लेने पर उसके पास से एक अवैध 12 बोर का देसी कट्टा जब्त किया गया।इस संबंध में थाना जुरहरा में आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस बाल अपचारी से पूछताछ कर मामले की आगे की जांच कर रही है।
गुरुग्राम में न्यू पालम विहार की एक कोठी में रहने वाले मालिक के कार ड्राइवर ने बेसमेंट जाकर फंदा लगा कर सुसाइड कर लिया। 38 वर्षीय मृतक राजेश मूल रूप से मैनपुरी जिले के गोपियापुर गांव का रहने वाला था। वह पिछले 15 साल से ‘के-ब्लॉक’ स्थित अपने मालिक सुरेंद्र दुग्गल की कार चलाता था और उन्हीं के मकान में अपनी पत्नी और दो मासूम बच्चों के साथ रह रहा था। उसके बच्चों में एक 6 साल का बेटा और एक 3 साल की मासूम बेटी शामिल है। सूचना मिलने के बाद पालम विहार थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा है। हैरान करने वाली बात यह है कि घटना के महज एक घंटे पहले ही राजेश ने अपने पूरे परिवार के साथ बैठकर बेहद सामान्य माहौल में सुबह का खाना खाया था। मकान मालिक और उसके परिवार के साथ भी राजेश के संबंध सामान्य बताए जा रहे हैं। सुबह 10 बजे खाया खाना, 11 बजे सुसाइड किया परिजनों ने बताया कि सुबह करीब 10:00 बजे राजेश ने अपने परिवार के साथ बैठकर सामान्य रूप से भोजन किया था। उस वक्त उसके व्यवहार में किसी भी तरह का असामान्य तनाव नजर नहीं आ रहा था। भोजन के बाद वह घर के निचले हिस्से (बेसमेंट) में चला गया, जहां सुबह करीब 11:00 बजे सुसाइड कर लिया। सुसाइड की वजह तलाश रही पुलिस दोपहर करीब 12:00 बजे जब परिवार का सदस्य नीचे गया, तब इस घटना का पता चला। आनन-फानन में पालम विहार थाना पुलिस को मामले की सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल भिजवा दिया है। जांच अधिकारी एएसआई विनोद का कहना है कि मौके से कोई भी सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। राजेश ने ऐसा कदम क्यों उठाया, इसके कारणों का अभी तक पता नहीं चल सका है। पुलिस परिजनों से पूछताछ कर हर पहलू से मामले की तफ्तीश में जुटी है
मोगा में निजी क्षेत्र की 'अन्नपूर्णा फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड' की अजितवाल शाखा में 11,70,000 रुपये के गबन और धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। अजितवाल थाना पुलिस ने कंपनी के ही तीन कर्मचारियों के खिलाफ फर्जी दस्तावेज तैयार करने और राशि हड़पने के आरोप में केस दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि मामले की गहनता से पड़ताल की जा रही है और जल्द ही आगे की कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। कंपनी के तीन कर्मियों पर फर्जीवाड़े का आरोप मानसा जिले के मलेज कलरी गांव निवासी और कंपनी के एरिया मैनेजर प्रगट सिंह की शिकायत पर यह कार्रवाई की गई है। प्रगट सिंह के अनुसार, उनके अधीन जिले की आठ शाखाएं आती हैं, जिनमें अजितवाल शाखा भी शामिल है। शिकायत के अनुसार, अजितवाल शाखा में तैनात तीन कर्मचारियों कुलदीप सिंह (निवासी अहमद ढंडी, फिरोजपुर), नछत्तर सिंह (निवासी जीरा, फिरोजपुर), रोबिन (निवासी डब्बवाला कलां, फाजिल्का) ने मिलकर कथित तौर पर जाली दस्तावेज और फर्जी रिकॉर्ड तैयार किए। इसके बाद कंपनी के विभिन्न खातों में हेराफेरी करते हुए 11.70 लाख रुपये की राशि अन्य खातों में स्थानांतरित कर गबन कर लिया। DSP की जांच में सही पाए गए आरोप मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच डीएसपी (स्पेशल क्राइम) द्वारा की गई। जांच के दौरान आरोपियों पर लगे आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए।जांच रिपोर्ट के आधार पर अजितवाल थाना पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धोखाधड़ी, जालसाजी (फर्जी दस्तावेज बनाना), आपराधिक विश्वासघात और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

