अयोध्या में हाल ही में आई तेज आंधी और बारिश ने बिजली व्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। जिलेभर में 292 ट्रांसफॉर्मर फुंक जाने से हजारों उपभोक्ताओं के घरों की बिजली गुल हो गई है। बिजली निगम प्रभावित क्षेत्रों में आपूर्ति बहाल करने के लिए युद्धस्तर पर काम कर रहा है। पिछले करीब पंद्रह दिनों से मौसम में लगातार बदलाव देखा जा रहा था। दो दिन पहले आई तेज आंधी और तूफान ने कई इलाकों में बिजली के खंभे गिरा दिए, जबकि कई स्थानों पर बिजली लाइनों में शॉर्ट सर्किट हो गया। इसके चलते बड़ी संख्या में ट्रांसफॉर्मर खराब हो गए। सबसे अधिक नुकसान दर्शन नगर डिवीजन में हुआ है, जहां 160 ट्रांसफॉर्मर फुंक गए। इसके अलावा मिल्कीपुर डिवीजन में 68, रुदौली में 62 और शहरी क्षेत्र में दो ट्रांसफॉर्मर खराब हुए हैं। ट्रांसफॉर्मरों के खराब होने से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के हजारों उपभोक्ता बिजली संकट से जूझ रहे हैं। आंधी-तूफान का असर बड़े क्षमता वाले ट्रांसफॉर्मरों पर भी पड़ा है। जिले में 100 केवीए से अधिक क्षमता वाले 11 ट्रांसफॉर्मर खराब हुए हैं। इनमें दर्शन नगर डिवीजन के सात, शहरी क्षेत्र के दो तथा रुदौली और मिल्कीपुर के एक-एक ट्रांसफॉर्मर शामिल हैं। उपखंड अधिकारी मिल्कीपुर अमित कुमार सिंह ने बताया कि तेज हवा, बारिश और बिजली लाइनों पर पेड़ व अन्य वस्तुएं गिरने से व्यापक क्षति हुई है। उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में ट्रांसफॉर्मर बदले जा रहे हैं और बिजली आपूर्ति सामान्य करने का कार्य तेजी से जारी है। बिजली विभाग की टीमें लगातार मरम्मत और प्रतिस्थापन कार्य में जुटी हैं। अधिकारियों का दावा है कि प्राथमिकता के आधार पर सभी प्रभावित क्षेत्रों में जल्द से जल्द बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।
हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिला में नांगल चौधरी के समीप एनएच-148बी पर स्थित सिरोही बहाली टोल प्लाजा पर टोल कर्मचारियों और एक वाहन चालक के बीच हुई विवाद हो गया। वाहन के ड्राइवर ने टोल कर्मियों पर गाली-गलौज और मारपीट करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। शनिवार देर शाम पंजाब का एक गाड़ी ड्राइवर जयपुर से 152 डी पर अपने वाहन को ले जा रहा था। जब वह टोल पर पहुंचा तो टोल काटने के समय उसका वहां मौजूद अजीत नामक टोल कर्मी के साथ विवाद हो गया। लग गई वाहनों की लंबी लाइन पीड़ित वाहन ड्राइवर के अनुसार टोल प्लाजा पर वाहनों की लंबी कतार लगी हुई थी, जिससे यात्रियों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। उसका आरोप था कि वह करीब डेढ़ घंटे तक टोल पर फंसा रहा। टोल कर्मियों ने किया अभद्र व्यवहार जब उसने देरी का कारण पूछा और वाहनों की जल्द निकासी की मांग की तो कुछ टोल कर्मियों ने उसके साथ अभद्र व्यवहार शुरू कर दिया। चालक का कहना है कि कर्मचारियों जिनमें अजीत नाम के कर्मचारी ने उसके साथ गाली-गलौज की और मारपीट भी की। टोलकर्मी ने मांगी माफी विवाद बढ़ने पर चालक ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों से बातचीत कर मामला शांत कराया। टोल कर्मचारी अजीत ने ड्राइवर से सबके सामने माफी मांगी। जिसके बाद विवाद शांत हुआ। बनी जाम जैसी स्थिति इस दौरान टोल प्लाजा पर कुछ समय के लिए जाम जैसी स्थिति बन गई, जिससे अन्य वाहन चालकों को भी परेशानी उठानी पड़ी। मौके पर मौजूद लोगों ने टोल प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी जाहिर की। पहले भी हो चुकी घटनाएं सिरोही बहाली टोल प्लाजा पर इससे पहले भी वाहन चालकों और कर्मचारियों के बीच विवाद, अभद्रता और मारपीट के कई मामले सामने आ चुके हैं। ऐसे में ताजा घटना ने एक बार फिर टोल प्रबंधन की व्यवस्थाओं पर बहस छेड़ दी है।
उन्नाव में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के नौशहरा कट के पास देर रात करीब 2 बजे ट्रैक्टर - बाइक की टक्कर एक नवविवाहिता की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसकी किशोरी ननद गंभीर रूप से घायल हो गई। घटना सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। वही ननद को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मंदिर दर्शन के लिए जा रहे थे पुलिस के अनुसार, एक दंपति अपनी किशोर ननद के साथ बाइक से मंदिर दर्शन के लिए जा रहे थे। जब वे आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के नौशहरा कट के पास पहुंचे, तभी सामने से आ रहे एक ट्रैक्टर ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि बाइक सवार सभी लोग सड़क पर गिर पड़े और गंभीर रूप से घायल हो गए। नवविवाहिता ने तोड़ा दम हादसे में नवविवाहिता को गंभीर चोटें आईं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं बाइक पर सवार किशोरी ननद गंभीर रूप से घायल हो गई। दुर्घटना देखकर आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची। घायल किशोरी को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। तीन महीने पहले हुई थी शादी घटना की जानकारी मिलते ही परिजन भी मौके पर पहुंच गए। बताया जा रहा है कि मृतका की शादी करीब तीन महीने पहले ही हुई थी। पुलिस ने मृतका के शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं हादसे के बाद ट्रैक्टर चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है।
पंचकूला के रामगढ़ स्थित टर्मिनल बैलिस्टिक्स रिसर्च लेबोरेटरी (TBRL) रेंज में आज हाई कैलिबर बम का ट्रायल किया जाएगा। इसके मद्देनजर सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्थानीय प्रशासन ने आस-पास के गांवों के लिए एक सख्त एडवाइजरी जारी की है. यह सैन्य परीक्षण 31 मई यानि आज सुबह 10:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे के बीच किया जाएगा। इस हाई-प्रोफाइल ट्रायल के मुख्य गवाह भारतीय वायुसेना (Air Force HQ) के कई उच्च अधिकारी और वैज्ञानिक होंगे, जिनकी सीधी देखरेख में यह पूरा ऑपरेशन चलाया जाएगा। 1.5 KM ऊपर तक उड़ेंगे बम के टुकड़े TBRL की तरफ से पंचकूला के डिप्टी कमिश्नर (DC) को भेजी गई आधिकारिक चिट्ठी के मुताबिक, यह बम ट्रायल बेहद शक्तिशाली क्षमता वाला है। धमाका होने के बाद बम के फटने से निकलने वाले छर्रे आसमान में करीब डेढ़ किलोमीटर की ऊंचाई तक जा सकते हैं। वहीं, जमीन पर ब्लास्ट वाले पॉइंट से चारों तरफ 2 किलोमीटर के दायरे में ये टुकड़े फैलने की आशंका है। ये गांव घोषित हुए 'स्प्लिंटर डेंजर जोन'बम के छर्रों के सीधे खतरे को देखते हुए 2 किलोमीटर के दायरे में आने वाले दो मुख्य गांवों को 'स्प्लिंटर डेंजर जोन' घोषित किया गया है। इनमें गांव भानू और गांव बिल्ला का नाम शामिल है। इसके अलावा, लेटर की कॉपियां असरेवाली, नाग्गल, मोगीचंद, किशनगढ़, टीएमवी कॉलोनी, रामगढ़ और नजदीक के आईटीबीपी (ITBP) कैंप को भी भेजी गई हैं, ताकि वहां के लोग और सुरक्षाकर्मी भी पूरी तरह सतर्क रहे। 1968 में स्थापित हुई थी TBRL टर्मिनल बैलिस्टिक्स रिसर्च लेबोरेटरी (TBRL) की स्थापना वर्ष 1968 में चंडीगढ़ में की गई थी। हालांकि इसकी मुख्य प्रयोगशाला चंडीगढ़ में है, जबकि करीब 5 हजार एकड़ में फैली इसकी फायरिंग रेंज पंचकूला के रामगढ़ क्षेत्र में स्थित है। मिसाइल और विस्फोटक तकनीक पर करती है रिसर्च TBRL रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) की महत्वपूर्ण प्रयोगशालाओं में शामिल है। यहां हाई एक्सप्लोसिव, शॉक वेव, ग्राउंड ब्लास्ट, फ्रेगमेंटेशन, लेथैलिटी स्टडी और आधुनिक हथियारों के परीक्षण पर रिसर्च की जाती है। प्रयोगशाला ने पृथ्वी, आकाश और त्रिशूल मिसाइलों के वारहेड के प्रदर्शन परीक्षण भी किए हैं। इसके अलावा नए विस्फोटक संयोजन, शैप्ड चार्ज वारहेड और आधुनिक हथियार प्रणालियों के डिजाइन डेटा विकसित करने का कार्य भी यहां किया जाता है
शोहरतगढ़ से अपना दल (एस) के विधायक विनय वर्मा ने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने विभागीय अधिकारियों पर विकास कार्यों में लापरवाही बरतने और महत्वपूर्ण जानकारी छिपाने का आरोप लगाया है। विधायक ने इस संबंध में मुख्य अभियंता, बस्ती मंडल को एक पत्र भेजकर सड़क परियोजनाओं की समीक्षा करने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।विधायक वर्मा ने बताया कि उनके प्रयासों से विधानसभा क्षेत्र में कई सड़क परियोजनाओं के लिए करोड़ों रुपये की धनराशि स्वीकृत और जारी की गई थी। हालांकि, जमीनी स्तर पर अधिकांश परियोजनाओं की स्थिति संतोषजनक नहीं है। कई सड़क निर्माण कार्य अभी तक शुरू नहीं हुए हैं, जबकि कई योजनाएं वर्षों से अधूरी पड़ी हैं। अपने पत्र में विधायक ने अधिशासी अभियंता कमल किशोर का विशेष रूप से उल्लेख किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2022 से लगातार परियोजनाओं की प्रगति, स्वीकृत धनराशि, टेंडर प्रक्रिया और निर्माण कार्यों से संबंधित जानकारी मांगी जा रही है, लेकिन अपेक्षित विवरण उपलब्ध नहीं कराया गया है। विधायक के अनुसार, विभागीय स्तर पर पारदर्शिता का अभाव है और जनप्रतिनिधियों को भी योजनाओं की वास्तविक स्थिति से अवगत नहीं कराया जा रहा है। विधायक ने इस बात पर चिंता व्यक्त की कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद कई परियोजनाओं का कोई स्पष्ट हिसाब जनता के सामने नहीं है। उन्होंने बताया कि कहीं भूमिपूजन के बाद काम बंद हो गया है तो कहीं निर्माण कार्य शुरू ही नहीं हुआ है। इससे स्वीकृत धनराशि और परियोजनाओं की प्रगति के वास्तविक रिकॉर्ड पर सवाल उठ रहे हैं। विनय वर्मा ने मुख्य अभियंता से सभी सड़क परियोजनाओं की विस्तृत रिपोर्ट, धनराशि का ब्यौरा, टेंडर की स्थिति, अधूरे कार्यों के कारण और जिम्मेदार अधिकारियों की सूची उपलब्ध कराने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि विभागीय अधिकारी भ्रष्टाचार, लापरवाही और जवाबदेही से बचने की अपनी प्रवृत्ति नहीं छोड़ेंगे, तो उन्हें जनता के सामने बेनकाब किया जाएगा।विधायक वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री की भ्रष्टाचार के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' नीति के बावजूद यदि अधिकारी विकास कार्यों में बाधा डाल रहे हैं या जानकारी छिपा रहे हैं, तो यह एक गंभीर मामला है।
बोकारो के एलएच स्थित एक अवैध डीजल गोदाम में देर शाम भीषण आग लगने से दो युवक गंभीर रूप से झुलस गए। झुलसे युवकों की पहचान एलएच के भाना झा और हैसाबातू निवासी महबूब आलम के रूप में हुई है। सूत्रों के अनुसार संबंधित गोदाम चोरी-छिपे संचालित किया जा रहा था।इसकी जानकारी केवल जरूरतमंद लोगों तक सीमित थी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि अचानक एक दुकान से आग की तेज लपटें उठने लगीं, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आग इतनी तेजी से फैली कि आसपास खड़े लोगों की हिम्मत मौके के करीब जाने की नहीं हुई। इसी बीच दोनों युवक झुलसी हालत में बाहर निकले, जिन्हें स्थानीय लोगों की मदद से तुरंत बोकारो जनरल अस्पताल (बीजीएच) पहुंचाया गया। दमकल की तत्परता से एक घंटे में पाया काबू घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों के सहयोग सेआग बुझाने का काम शुरू किया गया। डीजल जैसे ज्वलनशील पदार्थ के कारण आग ने विकराल रूप ले लिया था, जिससे धुएं का गुबार दूर तक दिखाई दे रहा था। करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। समय रहते आग पर नियंत्रण पाने से आसपास के घरों और अन्य संपत्तियों को बड़े नुकसान से बचा लिया गया। हालांकि इस दौरान इलाके में दहशत का माहौल बना रहा और लोग घरों से बाहर निकलकर स्थिति पर नजर बनाए रहे। लापरवाही पर उठे सवाल, जांच में जुटा प्रशासन घटना के बाद अवैध रूप से डीजल भंडारण को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रारंभिक जांच में सुरक्षा मानकों की अनदेखी और लापरवाही को हादसे का मुख्य कारण माना जा रहा है। अस्पताल सूत्रों के अनुसार दोनों घायलों का इलाज जारी है, जिनमें से एक की स्थिति गंभीर बनी हुई है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। प्रशासन ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है और अवैध डीजल भंडारण के नेटवर्क की भी पड़ताल की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
भरतपुर के गहनोली थाना इलाके में एक पहाड़ी पर लेपर्ड दिखाई दिया। जंगल में पशुओं को चराने गए लोगों ने लेपर्ड को देखा तो, उन्होंने उसका वीडियो बना लिया। लेपर्ड लोगों को देखकर पहाड़ी पर चढ़ और, वहां से भाग गया। वीडियो बनाने वाले युवक लेपर्ड के मूवमेंट की सूचना गांव में जाकर दी। पहाड़ी पर घूमते हुए देखा लेपर्ड गांव के व्यक्ति नीरज गुर्जर ने बताया कि घाटोली के पहाड़ों में पिछले कई दिनों से किसी जंगली जानवर के मूवमेंट की खबर मिल रही थी। कल गांव के कुछ लोग पहाड़ियों की तरफ पशुओं को चराने के लिए गए तो, वहां पर उन्होंने पहाड़ियों पर एक लेपर्ड को देखा। उसका एक युवक ने वीडियो भी बनाया। बच्चों को अकेले घर से बाहर नहीं भेजा जा रहा वीडियो बनाते समय लेपर्ड पहाड़ी पर चढ़ा और, वहां से भाग गया। लेपर्ड के मूवमेंट की खबर युवक ने गांव में दी। जिसके बाद गांव के लोगों ने एतिहात बरतना शुरू कर दिया है। किसान पशुओं को जंगल की तरफ नहीं लेकर जा रहे। बच्चों को अकेले बाहर नहीं जाने दिया जा रहा। रात में सुरक्षा के साथ सो रहे ग्रामीण लेपर्ड के मूवमेंट की खबर के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि वह उसे रेस्क्यू करे नहीं तो, लेपर्ड किसी का भी शिकार कर सकता है। लोग घरों में सुरक्षा के साथ रह रहे हैं। साथ ही रात में सोते समय भी निगरानी बनाये हुए हैं।
सीतापुर में संयुक्त बीएड प्रवेश परीक्षा रविवार को कड़े सुरक्षा इंतजामों और निगरानी के बीच शुरू हुई। जनपद के छह परीक्षा केंद्रों पर आयोजित परीक्षा में करीब 2400 अभ्यर्थी शामिल हो रहे हैं। परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी और नकलविहीन बनाने के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक व्यवस्थाएं की हैं। सुबह से ही विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की भीड़ देखने को मिली। निर्धारित समय से पहले ही परीक्षार्थी अपने-अपने केंद्रों पर पहुंच गए थे। प्रवेश से पूर्व सभी अभ्यर्थियों की गहन तलाशी ली गई और पहचान पत्रों का सत्यापन किया गया। इसके बाद ही उन्हें परीक्षा कक्षों में प्रवेश की अनुमति दी गई। जिला प्रशासन के अनुसार परीक्षा दो पालियों में आयोजित की जा रही है। प्रथम पाली सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक तथा द्वितीय पाली दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक संपन्न होगी। सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से लगातार निगरानी रखी जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार की नकल या अनुचित गतिविधि को रोका जा सके। परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए प्रत्येक केंद्र पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट, केंद्र व्यवस्थापक, पर्यवेक्षक तथा अन्य जिम्मेदार अधिकारियों की तैनाती की गई है। अधिकारी लगातार परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं। वहीं पुलिस बल भी केंद्रों के बाहर तैनात रहा, जिससे सुरक्षा व्यवस्था मजबूत बनी रही। अभ्यर्थियों को मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ डिवाइस और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण परीक्षा केंद्रों के अंदर ले जाने की अनुमति नहीं दी गई। इसके लिए केंद्रों पर विशेष जांच व्यवस्था लागू की गई। जिला प्रशासन का कहना है कि परीक्षा को पूरी तरह शांतिपूर्ण और नकलविहीन ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं। परीक्षा केंद्रों पर अब तक व्यवस्था सुचारू बनी हुई है और कहीं से किसी प्रकार की अव्यवस्था की सूचना नहीं मिली है।
बुलंदशहर में शनिवार देर रात आए तेज आंधी-तूफान और बारिश के कारण विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई। शहर के अधिकांश इलाकों में करीब छह घंटे तक बिजली गुल रही, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में आठ से दस घंटे तक आपूर्ति ठप रही। आंधी के दौरान तेज हवाओं से कई स्थानों पर पेड़ों की शाखाएं बिजली लाइनों पर गिर गईं, जिससे फीडरों में फाल्ट आ गए। देवीपुरा, अंसारी रोड, साठा, कृष्णानगर, राजेबाबू रोड, ऊपरकोट, चौक बाजार, मोतीबाग, शांति नगर, आवास विकास कॉलोनी, यमुनापुरम और काला आम सहित शहर के कई क्षेत्रों में देर रात से सुबह तक बिजली आपूर्ति प्रभावित रही। ग्रामीण क्षेत्रों में सिकंदराबाद, खुर्जा, शिकारपुर, अनूपशहर, स्याना और डिबाई के दर्जनों गांवों में भी बिजली आपूर्ति लंबे समय तक बाधित रही। कई स्थानों पर ट्यूबवेल और पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हुई, जिससे स्थानीय निवासियों को असुविधा का सामना करना पड़ा। बिजली विभाग की टीमों ने रात से ही मरम्मत कार्य शुरू कर दिया था। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, आंधी के कारण कई स्थानों पर तार टूटने और पोलों पर तकनीकी फाल्ट आने से आपूर्ति बहाल करने में समय लगा। सुबह तक अधिकांश क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति सुचारु कर दी गई थी, हालांकि कुछ स्थानों पर मरम्मत का कार्य जारी रहा। बिजली संकट के कारण इनवर्टर भी डिस्चार्ज हो गए, जिससे लोगों को पेयजल, मोबाइल चार्जिंग और अन्य दैनिक कार्यों में कठिनाई हुई। नागरिकों ने खराब मौसम के दौरान बिजली व्यवस्था को और मजबूत बनाने की मांग की है।
हाथरस में आज चार परीक्षा केंद्रों पर बीएड प्रवेश परीक्षा आयोजित हो रही है। इस परीक्षा में जिले के कुल 1624 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। सुबह से ही परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की भीड़ देखी गई, जिन्हें गहन जांच के बाद ही प्रवेश दिया गया। यह परीक्षा बागला इंटर कॉलेज, बागला डिग्री कॉलेज, सेकसरिया इंटर कॉलेज और सरस्वती इंटर कॉलेज में हुई। बागला डिग्री कॉलेज में 424 परीक्षार्थी पंजीकृत थे, जबकि अन्य तीनों केंद्रों पर 400-400 परीक्षार्थी पंजीकृत हुए। परीक्षा दो पालियों में हो रही है। परीक्षा केंद्रों पर महिला परीक्षार्थियों के आभूषण या कलावा आदि नहीं उतरवाए गए। यह परीक्षा सरकारी नौकरी के लिए नहीं थी, इसलिए इसे लेकर ज्यादा सख्ती नहीं की गई स्थानीय परीक्षार्थियों ने इसमें भाग लिया। परीक्षा केंद्रों पर किसी भी प्रकार की पाठ्य सामग्री, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट जैसे मोबाइल फोन, कैमरा, स्मार्टवॉच, ब्लूटूथ डिवाइस, ईयरफोन आदि पूरी तरह वर्जित थे। इसके अतिरिक्त, कैलकुलेटर, क्रेडिट/डेबिट कार्ड, पेन ड्राइव, बटुआ, काला चश्मा और खाने-पीने का सामान भी ले जाने की अनुमति नहीं थी। सभी परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था। यह परीक्षा सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में हो रही है। अधिकारी करते रहे परीक्षा केंद्रों कानिरीक्षण परीक्षा देने आई परीक्षार्थी भावना ठाकुर ने पेपर लीक की घटनाओं पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सरकार को इस गंभीर मुद्दे पर ध्यान देना चाहिए, क्योंकि इससे छात्रों की मेहनत बर्बाद होती है। एक अन्य परीक्षार्थी मंजेश कुमार ने भी हाल की प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक होने का जिक्र करते हुए कहा कि इससे छात्रों की पूरी मेहनत पर पानी फिर जाता है। इस दौरान, अधिकारी विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लेते रहे।
ज्येष्ठ पूर्णिमा के अवसर पर रविवार को बदायूं जिले के गंगाघाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। कछला, अटैना और दातागंज स्थित रामगंगा घाट पर हजारों भक्तों ने पवित्र स्नान किया और मां गंगा की पूजा-अर्चना की। श्रद्धालु रात से ही घाटों पर पहुंचने लगे थे, और सूर्योदय के साथ स्नान का क्रम तेज हो गया, जो पूरे दिन धार्मिक अनुष्ठानों के साथ चलता रहा। स्नान के उपरांत श्रद्धालुओं ने गंगा मैया को प्रसाद चढ़ाया, कथा-पूजन करवाया और हवन-यज्ञ में भाग लेकर अपने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। इन घाटों पर भक्ति और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला, जिसमें दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। इस वर्ष प्रशासन की चिंता केवल भीड़ प्रबंधन तक सीमित नहीं थी। कुछ दिन पहले गंगा दशहरा के दौरान कछला और अटैना घाटों पर डूबने की घटनाओं में पांच लोगों की मौत के बाद प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। इसी के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। घाटों पर पुलिस बल, फ्लड पीएसी और गोताखोरों की विशेष तैनाती की गई है। फ्लड पीएसी की टीमें लगातार नदी क्षेत्र में गश्त कर रही हैं और संदिग्ध या जोखिम वाले स्थानों पर कड़ी निगरानी रख रही हैं। श्रद्धालुओं को केवल निर्धारित घाटों पर ही स्नान करने की अनुमति दी जा रही है, जबकि गहरे पानी और असुरक्षित स्थानों पर जाने से लगातार रोका जा रहा है। लाउडस्पीकरों के माध्यम से भी प्रशासन लोगों से सतर्कता बरतने और नदी के तेज बहाव वाले हिस्सों से दूर रहने की अपील कर रहा है। अधिकारियों ने बताया कि किसी भी अप्रिय घटना को रोकना उनकी प्राथमिकता है, और इसके लिए सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
कुशीनगर के खड्डा तहसील क्षेत्र स्थित कोपजंगल के वृहद गो-आश्रय केंद्र का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। इस वीडियो में एक मृत गोवंश के शव को कौवे नोचते हुए दिखाई दे रहे हैं, जिससे पशु संरक्षण और आश्रय केंद्रों की व्यवस्थाओं पर सवाल उठ गए हैं। लगभग 20 सेकंड के इस वीडियो में एक मृत पशु खुले में पड़ा है, जिसके आसपास कई कौवे मंडराते और उसे नोचते दिख रहे हैं। वीडियो के साथ यह दावा किया जा रहा है कि आश्रय केंद्र में बीमारी से एक पशु की मौत के बाद उसके शव का समय पर निस्तारण नहीं किया गया, जिसके कारण यह स्थिति बनी। कोपजंगल स्थित इस वृहद गो-आश्रय केंद्र में बड़ी संख्या में निराश्रित गोवंश रखे जाते हैं। इनकी देखरेख और रखरखाव की जिम्मेदारी संबंधित विभाग और संस्था की है। वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय लोगों ने आश्रय केंद्र की निगरानी और पशुओं की देखभाल पर सवाल उठाए हैं। खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) खड्डा, अनिल कुमार राय ने बताया कि सूचना मिलने पर आश्रय केंद्र का निरीक्षण किया गया। जांच में हाल के दिनों में किसी पशु की मौत की जानकारी नहीं मिली है। उन्होंने यह भी कहा कि वायरल वीडियो पुराना हो सकता है, हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हुई है। जिला पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अश्वनी सिंह ने जानकारी दी कि 21 मई को एक बीमार गाय की मृत्यु हुई थी, जिसका नियमानुसार निस्तारण कर उसे दफना दिया गया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि वायरल वीडियो में दिखाई गई घटना की जानकारी विभाग को नहीं है। प्रथम दृष्टया यह वीडियो पुराना या किसी अन्य स्थान का प्रतीत होता है। मामले की जांच जारी है। इस वीडियो के सामने आने के बाद जिले के गो-आश्रय केंद्रों में पशुओं की देखभाल, निगरानी और मृत पशुओं के निस्तारण की व्यवस्था पर फिर से बहस छिड़ गई है। प्रशासन ने कहा है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
बांदा में 12 घंटे बंद रहेगा बांदा-महोबा हाईवे:रेलवे लाइन दोहरीकरण कार्य के चलते आवागमन प्रभावित
बांदा के मटौंध थाना क्षेत्र में खैरार रेलवे जंक्शन से कानपुर के बीच रेलवे लाइन दोहरीकरण का कार्य रविवार, 31 मई 2026 को सुबह 8 बजे से शाम 8 बजे तक किया जाएगा। इस दौरान बांदा-महोबा राष्ट्रीय राजमार्ग-35 पर सभी प्रकार के वाहनों का आवागमन प्रभावित रहेगा। यातायात को वैकल्पिक मार्गों से संचालित किया जाएगा। प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, कबरई (महोबा) से भूरागढ़ तिराहा (बांदा) के मध्य भारी वाहनों के आवागमन पर रोक लगाई गई है। कबरई से बांदा आने वाले भारी वाहन हमीरपुर की ओर होकर बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के माध्यम से बांदा पहुंचेंगे। वहीं, कबरई से आने वाले छोटे चार पहिया, दो पहिया वाहन और ई-रिक्शा निर्माण कार्य के दौरान मटौंध होकर सीधे बांदा नहीं जा सकेंगे। ऐसे सभी वाहनों को इचौली चौराहा से कपसा मार्ग होते हुए भूरागढ़-बांदा भेजा जाएगा। इसी प्रकार, बांदा से कबरई जाने वाले वाहन भूरागढ़-कपसा मोड़ से कपसा होते हुए इचौली चौराहा के रास्ते अपने गंतव्य तक पहुंचेंगे। प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे निर्धारित वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें तथा यातायात नियमों का पालन करते हुए व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें।
रायबरेली शहर कोतवाली क्षेत्र के सब्जी मंडी इलाके में देर रात एक कपड़े की दुकान में संदिग्ध परिस्थितियों में आग लग गई। आग की चपेट में आने से दुकान में रखा लाखों रुपये का सामान जलकर राख हो गया। सूचना मिलने पर दमकल विभाग की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। जानकारी के अनुसार, सब्जी मंडी क्षेत्र में रशीद अंसारी की कपड़ों की दुकान है। दुकान में बिक्री के लिए बड़ी मात्रा में कपड़े रखे गए थे। आग लगने से पूरा सामान जलकर नष्ट हो गया। इसके अलावा काउंटर पर रखे करीब 10 हजार रुपये नकद भी आग की भेंट चढ़ गए। रात 11 बजे मिली आग लगने की सूचना दुकान मालिक रशीद अंसारी ने बताया कि वह शनिवार रात करीब 9:30 बजे दुकान बंद कर घर चले गए थे। करीब 11 बजे पुलिस और स्थानीय लोगों ने उन्हें दुकान में आग लगने की सूचना दी। सूचना मिलते ही वह मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक आग पूरी दुकान में फैल चुकी थी। दमकल कर्मी आग बुझाने में जुटे हुए थे। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया और आसपास की दुकानों तक आग फैलने से रोक दिया। पुलिस ने शुरू की जांच कोतवाली सदर थाना प्रभारी शिव शंकर सिंह ने बताया कि सूचना मिलते ही दमकल की टीम ने आग पर काबू पा लिया था। पीड़ित की तहरीर के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। पुलिस और संबंधित विभाग घटना के कारणों की जांच में जुटे हैं।
बरेली में रविवार को बी.एड. संयुक्त प्रवेश परीक्षा कड़ी सुरक्षा और बायोमेट्रिक जांच के बीच शुरू हुई। जिले के 13 परीक्षा केंद्रों पर कुल 5561 अभ्यर्थी परीक्षा दे रहे हैं। परीक्षा को नकलविहीन और पारदर्शी बनाने के लिए प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं। सुबह आठ बजे से पहले ही अभ्यर्थी अपने-अपने केंद्रों पर पहुंचने लगे। शहर के रामभरोसे इंटर कॉलेज सहित कई केंद्रों पर लंबी कतारें देखी गईं। प्रवेश से पूर्व अभ्यर्थियों का बायोमेट्रिक सत्यापन, पहचान पत्र की जांच और सघन तलाशी ली गई। इन सुरक्षा प्रक्रियाओं के बाद ही परीक्षार्थियों को परीक्षा कक्षों में प्रवेश दिया गया। परीक्षा दो पालियों में आयोजित की जा रही है। पहला प्रश्नपत्र सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरा प्रश्नपत्र दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक निर्धारित है। महात्मा ज्योतिबा फुले रोहिलखंड विश्वविद्यालय परिसर में छह, शहर क्षेत्र में तीन और फरीदपुर में चार परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। कई अभ्यर्थियों ने सुरक्षा जांच के दौरान किसी भी परेशानी से बचने के लिए परीक्षा शुरू होने से काफी पहले केंद्रों पर पहुंचना सुनिश्चित किया। प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि सभी केंद्रों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है और परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
जौनपुर में संयुक्त प्रवेश परीक्षा बीएड-2026 रविवार को शुरू हो गई। जनपद के कुल 27 परीक्षा केंद्रों पर 17,144 परीक्षार्थी इस परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। यह परीक्षा दो पालियों में आयोजित की जा रही है। पहली पाली सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगी। परीक्षा शुरू होने के समय कई अभ्यर्थी अपने केंद्रों पर दौड़ते-भागते पहुंचे। दूरदराज के क्षेत्रों से आए परीक्षार्थियों और उनके परिजनों को सेंटर तक पहुंचने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। लखनऊ से परीक्षा देने आईं अभ्यर्थी शीला पांडेय ने बताया कि वह अपनी ढाई साल की बेटी के साथ 250 किलोमीटर दूर से आई हैं। बच्चों के साथ यात्रा करना मुश्किल होता है और एक दिन पहले पहुंचने पर भी होटल मिलने में परेशानी होती है। उन्होंने मांग की कि परीक्षा केंद्र नजदीक बनाए जाएं, क्योंकि दूर के केंद्रों के कारण कई बार पेपर रद्द होने या पहुंचने में दिक्कतें आती हैं। अमरोहा जिले से अपनी बेटी को परीक्षा दिलाने आए परिजन संदीप भारद्वाज ने भी दूर के केंद्रों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि महिलाओं और लड़कियों को इससे काफी परेशानी होती है। स्टेशन पर कोई विशेष व्यवस्था नहीं है और जौनपुर के लिए पश्चिम से कोई सीधी ट्रेन भी नहीं है। उन्होंने बताया कि सेंटर की जानकारी केवल 7 दिन पहले मिली, जिससे गर्मी में रिजर्वेशन मिलना मुश्किल हो गया। उन्हें ढाई घंटे तक कमरे के लिए भटकना पड़ा। परीक्षा की शुचिता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए थे। उन्होंने सभी परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ रखने, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, सीसीटीवी कैमरा और बैठने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। जिलाधिकारी ने यह भी निर्देशित किया कि परीक्षा के दौरान शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूर्ण अनुपालन किया जाए और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। परीक्षा को पारदर्शी और सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए 19 सेक्टर मजिस्ट्रेट और 37 स्टैटिक मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं।
ओल्ड फरीदाबाद के गढ़ी मोहल्ले में शराब के नशे में जीजा ने अपने साले को मारपीट कर घायल कर दिया। पीडित युवक गाजियाबाद का रहने वाला और अपनी बहन को घर लेकर जाने के लिए आया था।पुलिस को मामले की शिकायत दी गई। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। बहन को लेने आया था पीडित युवक अक्षय ने ओल्ड थाना पुलिस को दी शिकायत में कहा है कि वह, गाजियाबाद का रहने वाला है। करीब 9 साल पहले उसकी बहन चंचल की शादी ओल्ड फरीदाबाद के रहने सूरज के साथ हुई थी। लेकिन शादी के कुछ समय बाद से दोनों परिवारों के बीच में अनबन रहने लगी। जिसका मुख्य कारण सूरज का शराब पीकर उसकी बहन को तंग करना था। जीजा ने साथियों के साथ पीटा वह 30 मई की शाम को झगड़े की सूचना पर ओल्ड फरीदाबाद गढ़ी मोहल्ला स्थित बहन के घर पर पहुंचा था। जहां से वह अपनी बहन चंचल और उसक दो बच्चों लो गाजियाबाद लेकर जाने वाला था। लेकिन जैसे ही वह बैग लेकर चलने लगा उसके जीजा सूरज ने अपने साथियों के साथ उसके ऊपर हमला कर दिया। हमले के दौरान उसके सर में चोट लग गई। युवक की बहन ने बताया कि उसका पति लगातार शराब का सेवन करता है जिससे घर में आए दिन झगड़ा होता रहा है। पुलिस कर रही मामले की जांच ओल्ड थाना प्रभारी ने बताया कि पुलिस को मामले की शिकायत मिल गई है। शिकायत के आधार पर जांच की जा रही है और जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
शहर के 19 परीक्षा केंद्रों पर बीएड प्रवेश परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है। पहली पाली की परीक्षा सुबह नौ बजे से शुरु हो गई है। नौ परीक्षा केंद्र छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय कैंपस में बने हैं। परीक्षा देने के लिए सुबह से ही विवि कैंपस में अभ्यर्थियों की भीड़ पहुंच गई। केंद्रों में अभ्यर्थियों की घड़ी उतरवाकर प्रवेश दिया गया। बायोमैट्रिक व फोटो से किया मिलान परीक्षा केंद्रों पर सबसे पहले अभ्यर्थियों का बायोमैट्रिक से मिलान किया गया। उसके बाद पुलिस व विवि के अधिकारियों ने आधार कार्ड व प्रवेश पत्र से अभ्यर्थी के चेहरे का मिलान किया। परीक्षा शुरु होने से पहले परीक्षा केंद्रों के बाहर अभ्यर्थियों की लंबी लाइन लग गई। कई लेयर में चेकिंग के बाद अभ्यर्थियों को प्रवेश दिया गया। मोबाइल व घड़ी ले जाना रहा बैन दो पालियों में होने वाली परीक्षा में 9168 अभ्यर्थी शामिल हो रहे हैं। पहली पाली की परीक्षा सुबह नौ से दोपहर 12 व दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर दो बजे से शाम पांच बजे तक होगी। परीक्षा के दौरान केंद्रों पर पुलिस बल भी मौजूद रहा। इसके अलावा अधिकारी भी निरीक्षण करते रहे। परीक्षार्थी को मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ डिवाइस, कैलकुलेटर अथवा अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण परीक्षा कक्ष में ले जाने की अनुमति नहीं दी गई।
ग्रेटर नोएडा के बीटा-2 थाना क्षेत्र में शनिवार रात एक नाइजीरियाई नागरिक का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलने पर पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस के अनुसार, जीटा-1 निवासी चार्ल्स कैनेडी ने सूचना दी कि करीब 39 वर्षीय नाइजीरियाई नागरिक माइक का शव सिग्मा अपार्टमेंट के पास पड़ा हुआ है। सूचना मिलते ही बीटा-2 थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में ले लिया। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि मृतक माइक मानसिक और शारीरिक रूप से अस्वस्थ था। स्थानीय लोगों के अनुसार वह अक्सर क्षेत्र में घूमता रहता था और कई बार खुले स्थानों पर ही सो जाता था। पुलिस को शुरुआती जांच में किसी बीमारी के कारण मौत होने की आशंका है। हालांकि, मौत के सही कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। फोरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
भोजपुर में संदिग्ध हालत में एक किसान की मौत हो गई। परिजनों ने शराब में जहर मिलाकर पिलाने का आरोप लगाया है। मृतक की पहचान बागर गांव वार्ड नंबर-12 निवासी रमून राय के पुत्र सूर्यवंश राय(54) के तौर पर हुई है। है। घटना सिकरहटा थाना क्षेत्र की है। मृतक के बड़े भाई ओम नारायण राय ने बताया कि वह प्रतिदिन नशा करता था। वह कुछ लोगों के साथ नशा करने के लिए गांव में ही गया हुआ था। रात करीब दस बजे घर वापस लौटा था। वह लड़खड़ा कर चल रहा था। इसके बाद वह सो गया। सुबह में जब परिजन उसे उठाने गए तो वह मृत अवस्था में पड़ा था। जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। मौत का कारण स्पष्ट नहीं सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने परिजनों को शव सौंप दिया है। भाई ओम नारायण राय ने आशंका जताई है कि शराब में ही जहर मिलाकर पिलाया गया है। हालांकि किसी व्यक्ति पर आरोप नहीं लगाया है। मौत कैसे हुई, यह स्पष्ट नहीं हो सका है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट हो पाएगा। सिकरहटा थानाध्यक्ष सनोज कुमार ने बताया कि मौत अभी संदिग्ध लग रहा है। घटनास्थल पर एफएसएल की टीम को भी बुलाया गया था। टीम ने साक्ष्य को इकट्ठा किया है। जल्द ही पूरे मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।
झारखंड की दो राज्यसभा सीटों के लिए होने वाले चुनाव से पहले सत्तारूढ़ महागठबंधन के भीतर सियासी खींचतान शुरू हो गई है। विधानसभा के संख्या बल के हिसाब से एक सीट पर झामुमो की जीत लगभग तय है। जबकि दूसरी सीट पर अब तक कांग्रेस अपना स्वाभाविक दावा मान कर चल रही थी। लेकिन, अब भाकपा-माले ने इस दूसरी सीट पर अपनी दावेदारी पेश कर महागठबंधन की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। विधानसभा में महज दो विधायक होने के बावजूद भाकपा-माले ने गठबंधन में अपनी वफादारी और अहम भूमिका का हवाला देते हुए अपने वरिष्ठ नेता और तीन बार के पूर्व विधायक विनोद सिंह को राज्यसभा भेजने की मांग की है। हम मजबूत सिपाही, हमें मिले मौका चेन्नई में पार्टी की केंद्रीय कमेटी की बैठक में हिस्सा लेने गए भाकपा-माले के प्रदेश सचिव मनोज भक्त ने कहा कि एक सीट पर झामुमो अपना प्रत्याशी उतारे और दूसरी सीट भाकपा-माले को दे। उन्होंने कहा कि भाकपा माले महागठबंधन का एक मजबूत सिपाही है। हर मोर्चे पर साथ खड़ी रही है। विनोद सिंह के नाम पर झामुमो, कांग्रेस और राजद को एकमत होकर समर्थन देना चाहिए। इसी में झारखंड का हित है। आधिकारिक निर्णय पर उन्होंने कहा कि चेन्नई से रांची लौटने के बाद पार्टी की बैठक होगी। फिलहाल उनके लिए सभी विकल्प खुले हैं। यहां भावनाएं नहीं, संख्या बल देखा जाता है भाकपा-माले का यह प्रस्ताव महागठबंधन के अन्य दलों के गले नहीं उतर रहा है। झामुमो और कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने अनौपचारिक रूप से इसे अव्यावहारिक करार दिया है। उनका साफ कहना है कि राज्यसभा चुनाव जैसे अहम मौकों पर भावनाएं नहीं, बल्कि विधायकों का संख्या बल काम आता है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या माले बिगाड़ सकती है गठबंधन का खेल? भले ही माले के पास सिर्फ 2 विधायक हैं, लेकिन अगर उन्होंने वोटिंग से दूरी बनाई, तो महागठबंधन के दूसरे प्रत्याशी की राह मुश्किल हो सकती है। ऐसे समझें चुनावी गणित एक राज्यसभा सीट जीतने के लिए प्रथम वरीयता के 28 विधायकों के वोट की जरूरत है। महागठबंधन के पास कुल 56 विधायक हैं (28+28=56), यानी दो सीटों के लिए एकदम सटीक आंकड़ा। अगर माले के दोनों 2. विधायक अनुपस्थित रहे, तो यह आंकड़ा घटकर 54 रह जाएगा और दूसरी सीट पर जीत के लिए क्रॉस वोटिंग या दूसरी वरीयता के वोटों पर निर्भर रहना पड़ेगा। भाकपा माले के वर्तमान में दो विधायक हैं। निरसा विधानसभा से अरूप चटर्जी और सिंदरी विधानसभा से चंद्रदेव महतो। ----------------------------------------------------------- इसे भी पढ़ें.… राज्यसभा चुनाव; JMM-कांग्रेस के बीच मंथन:कांग्रेसी बोले- सीएम हाउस की पसंद का हो उम्मीदवार, सीएम ने दो दिन का समय मांगा झारखंड में होने वाले राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई हैं। इंडिया गठबंधन ने अपनी रणनीति लगभग तय कर ली है। महागठबंधन दोनों सीटों पर प्रत्याशी उतारने की तैयारी में है। इसी सिलसिले में कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी के. राजू और तेलंगाना के डिप्टी सीएम मल्लू भट्टी विक्रमार्क ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से सीएम हाउस में मुलाकात की। बैठक में प्रदेश सह प्रभारी सिरी बेला प्रसाद और प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश भी मौजूद रहे। करीब दो घंटे चली इस अहम बैठक में सीट बंटवारे और चुनावी रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक के दौरान कांग्रेस ने साफ तौर पर एक सीट पर अपनी दावेदारी पेश कर दी, जिससे गठबंधन के भीतर समीकरणों को लेकर हलचल बढ़ गई है। यहां पढ़ें पूरी खबर...
बलरामपुर में सादुल्लानगर पुलिस ने नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर भगाने, धर्म परिवर्तन और दुष्कर्म के आरोप में वांछित आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने करीब 10 महीने बाद पीड़िता को सकुशल बरामद कर आरोपी को जेल भेज दिया है। पुलिस के अनुसार, 22 जुलाई 2025 को थाना सादुल्लानगर क्षेत्र की एक महिला ने शिकायत दर्ज कराई थी। महिला ने बताया था कि उसकी नाबालिग बेटी को श्यामू नाम का युवक शादी का झांसा देकर अपने साथ ले गया है। इस मामले में तत्काल मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। विवेचना के दौरान पुलिस को मिले साक्ष्यों के आधार पर श्यामू का नाम मुकदमे से हटा दिया गया। इसके बाद गोंडा के ग्राम बढ़या, थाना खोडारे निवासी गयासुद्दीन उर्फ साहिल का नाम मुख्य आरोपी के तौर पर सामने आया। जांच में पीड़िता के साथ दुष्कर्म और धर्म परिवर्तन कराने के आरोप भी सामने आए। इन आरोपों के मद्देनजर मुकदमे में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 64(2)(m), पॉक्सो एक्ट की धारा 5एल/6 और उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3/5 जोड़ी गई। पुलिस अधीक्षक विकास कुमार के निर्देश पर वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान चलाया जा रहा था। इसी क्रम में थानाध्यक्ष सत्येंद्र वर्मा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी गयासुद्दीन उर्फ साहिल को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि पीड़िता को गोंडा के ग्राम गुर्रा कोल्हीगरीब, थाना खोडारे से सकुशल बरामद किया गया। आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद आरोपी को जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि शुरुआती रिपोर्ट में जिस युवक पर अपहरण का आरोप लगाया गया था, विवेचना और साक्ष्यों के आधार पर उसका नाम हटा दिया गया। पीड़िता के बयान और अन्य सबूतों के आधार पर गयासुद्दीन उर्फ साहिल को मुख्य आरोपी बनाया गया। आरोपी को गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक महेंद्र कुमार यादव, उपनिरीक्षक कपिल देव यादव, कांस्टेबल हरि गोविंद, कांस्टेबल उमेश कुमार और महिला कांस्टेबल सीता गुप्ता शामिल थीं।
मुरादाबाद में सहायक आचार्य भर्ती परीक्षा आज:11,271 अभ्यर्थी शामिल होंगे, 26 केंद्रों पर होंगे EXAM
मुरादाबाद में सहायक आचार्य राजकीय महाविद्यालय भर्ती की लिखित परीक्षा शनिवार को जिले के 26 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित होगी। परीक्षा में कुल 11,271 अभ्यर्थी शामिल होंगे। जिला प्रशासन ने परीक्षा को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। परीक्षा की तैयारियों को लेकर शुक्रवार को जिला प्रशासन ने माध्यमिक और बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। परीक्षा का आयोजन एक ही पाली में सुबह 9:30 बजे से 11:30 बजे तक किया जाएगा। प्रशासन के अनुसार, 26 केंद्रों में से 14 केंद्रों पर 480-480 अभ्यर्थी, 11 केंद्रों पर 384-384 अभ्यर्थी और एक केंद्र पर 327 अभ्यर्थियों को आवंटित किया गया है। परीक्षा की निगरानी के लिए प्रत्येक केंद्र पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट और सेक्टर मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल भी लगाया गया है। जिला विद्यालय निरीक्षक देवेंद्र कुमार पांडे ने बताया कि सभी परीक्षा केंद्रों पर सीट प्लानिंग का कार्य पूरा कर लिया गया है। केंद्र व्यवस्थापकों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं और परीक्षा को लेकर सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर ली गई हैं। जिले में चित्रगुप्त इंटर कॉलेज, फलाहे दारेन इंटर कॉलेज, आरएन इंटर कॉलेज, अंबिका प्रसाद इंटर कॉलेज, हिंदू कॉलेज, पारकर इंटर कॉलेज, आर्य कन्या इंटर कॉलेज, मैथोडिस्ट इंटर कॉलेज, जीजी हिंदू इंटर कॉलेज और कौशल्या कन्या इंटर कॉलेज समेत 26 विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाया गया है।
बुंदेलखंड विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित बीएड प्रवेश परीक्षा आज अम्बेडकरनगर जिले के 24 केंद्रों पर शुरू हो गई। इस परीक्षा में कुल 10,902 अभ्यर्थी शामिल हो रहे हैं। परीक्षा को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं। परीक्षा सुबह 9 बजे से शुरू हुई और इसे दो पालियों में आयोजित किया जा रहा है। पहली पाली सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक चलेगी, जबकि दूसरी पाली दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक होगी। परीक्षार्थियों को परीक्षा शुरू होने से दो घंटे पहले केंद्र में प्रवेश दिया गया। केंद्र में प्रवेश से पहले सभी परीक्षार्थियों की गहनता से जांच की गई। परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट ले जाना पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसके अतिरिक्त, कक्ष निरीक्षकों द्वारा परीक्षार्थियों से प्रवेश पत्र की एक फोटोयुक्त प्रति जमा कराई जा रही है। सुरक्षा व्यवस्था को और पुख्ता करने के लिए परीक्षा केंद्रों के 500 मीटर के दायरे में फोटो कॉपी की सभी दुकानें बंद रखी गई हैं। यह कदम नकल रोकने और परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है।
राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (RGHS) की पूर्व परियोजना निदेशक और वित्त विभाग की सीनियर अधिकारी शिप्रा विक्रम पर गाज गिर सकती है। RGHS में भ्रष्टाचार करने के मामले में पिछले साल उनके खिलाफ शिकायत दर्ज हुई थी, जिसकी अब सरकार ने जांच शुरू करवा दी है। सूत्रों के मुताबिक, RGHS में हॉस्पिटल और डायग्नोस्टिक सेंटर को इंपैनल करना और इंपैनल लिस्ट से बाहर करना, इंपैनल सेंटरों पर अनियमितता के खिलाफ कार्यवाही करके रिकवरी निकालना और बाद में उस रिकवरी को माफ कर देना जैसी गंभीर अनियमितताएं करने की शिकायत हुई थी। शिप्रा विक्रम लंबे समय तक RGHS में परियोजना अधिकारी रहीं और उनका जबरदस्त वर्चस्व रहा। कहा जाता है कि वे जब तक इस पद पर थीं, तब तक किसी भी सीनियर अधिकारी या कर्मचारी से सीधे बात तक नहीं करती थीं। इसको लेकर भी चिकित्सा और वित्त विभाग के कई अधिकारी काफी खफा थे। इन अधिकारियों की बनाई कमेटी मेडिकल हेल्थ डिपार्टमेंट ने शिप्रा विक्रम के खिलाफ जांच के लिए 4 सदस्यों की कमेटी बनाई है, जिसका अध्यक्ष राजस्थान स्टेट हेल्थ एश्योरेंस एजेंसी के सीईओ को बनाया है। जबकि संयुक्त शासन सचिव, चिकित्सा शिक्षा विभाग, कार्यकारी निदेशक (वित्त) राजस्थान स्टेट हेल्थ एश्योरेंस एजेंसी और कार्यकारी निदेशक (आईटी) राजस्थान स्टेट हेल्थ एश्योरेंस एजेंसी को सदस्य बनाया है। वित्त विभाग में बड़ा वर्चस्व, इसलिए रूकी थी जांच सूत्रों के मुताबिक, परियोजना निदेशक रही शिप्रा विक्रम का वित्त विभाग में बड़ा वर्चस्व रहा है। इस कारण वित्त विभाग के ही एक तत्कालीन सीनियर ऑफिसर भी उनके खिलाफ इस शिकायत पर कोई कार्यवाही नहीं कर सके थे। सूत्रों का कहना है कि उन सीनियर अधिकारी की तरफ से तैयार की गई इंटरनल रिपोर्ट के आधार पर शिप्रा विक्रम के खिलाफ सरकार ने जांच करवाने का फैसला किया है।
बारिश से भाजपा नेता के मकान की दीवार गिरी:संभल में मौसम बदला, पारा 10 डिग्री लुढ़का, AQI 95 पहुंचा
संभल में पिछले तीन दिनों से आंधी और बारिश के कारण मौसम में बड़ा बदलाव आया है। तापमान में 10 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है, जिससे वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 95 पर पहुंच गया है। रविवार सुबह न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रहा। रात में हुई बारिश के बाद भाजपा नेता विरलेश यादव के मकान की 22 फीट ऊंची दीवार गिर गई, जो पास के एक अन्य मकान पर जा गिरी। रविवार सुबह 8 बजे पूरे संभल जनपद का तापमान 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने पूरे दिन आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। दोपहर 12 बजे से शाम 6 बजे तक अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है। दोपहर 11 बजे के आसपास मौसम फिर करवट लेगा और आंधी के साथ बारिश होगी। यह मौसम अगले 3 से 4 दिनों तक ऐसा ही रहने की संभावना है। शनिवार को 38 डिग्री सेल्सियस के मुकाबले रविवार को तापमान में 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। रात में 25 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली तेज हवाओं के साथ हुई बारिश ने भीषण गर्मी से राहत दिलाई है। हालांकि, दिन में धूप निकलने के बाद उमस भी महसूस की गई। मई की शुरुआत में दो दिन की आंधी और बारिश से मौसम सुहावना हुआ था, जिसका असर 15 दिनों तक रहा, लेकिन उसके बाद झुलसा देने वाली गर्मी पड़ी थी। पिछले तीन दिनों से हो रही बारिश से आम जनता को बड़ी राहत मिली है। आंधी और बारिश के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति भी बाधित हुई है। गौरतलब है कि अप्रैल में तापमान 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, जिससे भयंकर गर्मी का प्रकोप देखने को मिला था। उस दौरान जिला संयुक्त चिकित्सालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और निजी अस्पतालों में पेट दर्द के मरीजों की संख्या सबसे अधिक थी, जिसमें खांसी, जुकाम और बुखार के मरीज भी शामिल थे। दाल-चने का ठेला लगाने वाले अर्जुन ने बताया कि बारिश होने के बाद पिछले तीन दिनों से मौसम काफी अच्छा है।
सिवनी जिले के कान्हीवाड़ा थाना क्षेत्र में शनिवार देर रात सड़क हादसे में एक साइकिल सवार वृद्ध की मौत हो गई। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कान्हीवाड़ा के सामने हुए इस हादसे में अज्ञात वाहन ने वृद्ध को टक्कर मार दी। दुर्घटना के बाद वाहन चालक मौके से फरार हो गया। मृतक की पहचान भानसिंह काकोडिया (60) के रूप में हुई है। वे खेती-किसानी का कार्य करते थे। जानकारी के अनुसार, शनिवार रात साइकिल से कहीं जा रहे थे, तभी तेज रफ्तार वाहन ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। बुजुर्ग की मौके पर हुई मौत प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर काफी तेज थी, जिससे भानसिंह काकोडिया ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। हादसे की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक उनकी मृत्यु हो चुकी थी। स्थानीय लोगों ने तुरंत घटना की सूचना कान्हीवाड़ा पुलिस को दी। सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। अज्ञात चालक की तलाश में जुटी पुलिस पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई की और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस के अनुसार दुर्घटना के बाद चालक वाहन सहित मौके से फरार हो गया, जिससे वाहन की पहचान नहीं हो सकी। आरोपी तक पहुंचने के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं। सीसीटीवी और टोल नाकों से जुटाई जा रही जानकारी कान्हीवाड़ा पुलिस ने बताया कि क्षेत्र के प्रमुख मार्गों और टोल नाकों से भी जानकारी एकत्र की जा रही है। तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय लोगों से मिली सूचनाओं के आधार पर वाहन और चालक की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। घटना के बाद क्षेत्रवासियों ने मुख्य मार्गों पर तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण लगाने और रात के समय यातायात सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की मांग की है।
भीलवाड़ा में वेस्टर्न डिस्टरबेंस के चलते शनिवार रात मौसम का मिजाज बदला,शहर सहित जिले भर में करीब 50 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से तेज हवाएं और अंधड़ चलने से जन-जीवन बुरी प्रभावित हुआ। बारिश से मौसम हुआ सुहावना इसके बाद बारिश होने से लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली।मौसम सुहावना हुआ और शहर की सड़कों पर पानी बहने लगा। लोगों को अचानक तेज हवा धूल भरी आंधी और बारिश होने से थोड़ी मुसीबत का सामना करना पड़ा।बारिाश के दौरान रात में कई जगह बिजली सप्लाई बाधित रही।शहरी की कई सड़कों पर बहने लगा। अंधड़ से नुकसान हुआ मांडल कस्बे में शनिवार शाम अंधड़ ने भारी नुकसान पहुंचाया। भीलवाड़ा रोड स्थित बीएसएनएल का करीब 25 साल पुराना टावर गिर गया।टावर गिरने से पास में महिला एवं बाल विकास विभाग का भवन क्षतिग्रस्त हो गया जबकि उसका एक हिस्सा आनंद भोजनालय के पास जा गिरा।लोगों पर एंगल नहीं गिरे, वरना बड़ा हादसा हो जाता। बारिश के बाद तापमान में गिरावट शनिवार रात हुई बारिश के बाद रात के तापमान में 3 डिग्री और दिन के तापमान में करीब 6 से 7 डिग्री की गिरावट हुई है।अधिकतम तापमान 43.8 डिग्री से घटकर 37 डिग्री पर पहुंच गया। रात का तापमान 30 डिग्री से 27 डिग्री पर आ गया। आने वाले सप्ताह में गर्मी से राहत मिलेगी मौसम विभाग ने आज रविवार से मंगलवार तक हल्की बारिश का अलर्ट जारी किया है इस दौरान आसमान में बादल छाए रहेंगे और तापमान में भी गिरावट होगी।बुधवार और शुक्रवार को मौसम साफ रहेगा शनिवार को फिर से बारिश का अलर्ट जारी किया है ।
बिजनौर में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक अभिषेक झा ने कई थाना प्रभारियों के कार्यक्षेत्र में फेरबदल किया है। इस फेरबदल के तहत शहर कोतवाली और नांगल थाने के प्रभारियों को आपस में बदला गया है। शहर कोतवाली के प्रभारी रामप्रताप सिंह को अब नांगल थाना अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। वहीं, नांगल के थाना अध्यक्ष अमर सिंह राठौड़ को बिजनौर शहर कोतवाली का नया प्रभारी बनाया गया है। इसके अतिरिक्त, शिवाला कला के प्रभारी निरीक्षक लखपत सिंह को प्रभारी निरीक्षक एएचटी (मानव तस्करी विरोधी इकाई) की जिम्मेदारी सौंपी गई है। एएचटी प्रभारी के पद पर तैनात ऋषि गोपाल सिंह को पुलिस लाइन भेजा गया है। त्रिवेंद्र सिंह को पीआरओ एसपी/सोशल मीडिया सेल से शिवाला कला का थाना अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। मण्डावर थाने पर तैनात संजय कुमार को मण्डावर का थाना अध्यक्ष बनाया गया है।
देवरिया में संयुक्त बीएड प्रवेश परीक्षा रविवार को शुरू हो गई। जिले के 31 केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा और निगरानी के बीच 13,892 अभ्यर्थी परीक्षा दे रहे हैं। जिला प्रशासन और विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। परीक्षा दो पालियों में आयोजित की जा रही है। पहली पाली सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक निर्धारित है। अभ्यर्थियों को सुबह 8 बजे से परीक्षा केंद्रों में प्रवेश दिया गया। प्रवेश के दौरान पहचान पत्र और प्रवेश पत्र का मिलान कर सघन जांच के बाद ही उन्हें परीक्षा कक्ष में जाने की अनुमति मिली। परीक्षा के कारण जिले में शनिवार से ही अभ्यर्थियों की भारी भीड़ देखी गई। दूर-दराज के जिलों से आए कई परीक्षार्थियों ने रेलवे स्टेशन, बस अड्डों, होटलों और धर्मशालाओं में रात बिताई। शहर के अधिकांश होटल और लॉज पहले ही भर चुके थे, जिसके कारण बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों को रेलवे स्टेशन और सार्वजनिक स्थलों पर रुकना पड़ा। सुरक्षा व्यवस्था के तहत सभी परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। केंद्रों के बाहर अनावश्यक भीड़ जमा होने पर प्रतिबंध लगाया गया है। किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या नकल की संभावना को रोकने के लिए सीसीटीवी कैमरों और उड़नदस्तों द्वारा लगातार निगरानी की जा रही है। जिला प्रशासन के अधिकारियों ने विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अधिकारियों ने बताया कि परीक्षा को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित किए गए हैं। केंद्र व्यवस्थापकों को भी परीक्षा संचालन से संबंधित दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि परीक्षा पूरी तरह शांतिपूर्ण और पारदर्शी माहौल में संपन्न कराई जाएगी। किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर तत्काल और सख्त कार्रवाई की जाएगी। हर केंद्र पर मजिस्ट्रेट और पुलिस बल तैनात परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए सभी 31 केंद्रों पर सुरक्षा के विशेष प्रबंध किए गए हैं। प्रत्येक दो केंद्रों पर एक सेक्टर मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है, जबकि हर परीक्षा केंद्र पर एक स्टेटिक मजिस्ट्रेट और दो-दो पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए हैं। इसके अलावा पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। जिला विद्यालय निरीक्षक और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को सचल दल की जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रशासनिक अधिकारी लगातार परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं। परीक्षा केंद्रों में प्रवेश से पहले सभी अभ्यर्थियों का बायोमैट्रिक सत्यापन कराया जा रहा है। साथ ही प्रवेश पत्र, उसकी फोटोयुक्त प्रति और वैध पहचान पत्र की जांच के बाद ही परीक्षा कक्ष में प्रवेश दिया जा रहा है।फोटो और फोटोकॉपी के लिए भटके अभ्यर्थी परीक्षा के दौरान कई अभ्यर्थियों को आवश्यक दस्तावेजों के अभाव में परेशानी का सामना करना पड़ा। बीआरडी इंटर कॉलेज, महाराजा अग्रसेन इंटर कॉलेज समेत कई केंद्रों पर जांच के दौरान अभ्यर्थियों से प्रवेश पत्र की फोटो कॉपी और पासपोर्ट साइज फोटो मांगी गई। बड़ी संख्या में अभ्यर्थी यह दस्तावेज साथ नहीं ला पाए थे।इसके बाद सैकड़ों अभ्यर्थी फोटो और फोटोकॉपी कराने के लिए इधर-उधर भटकते नजर आए। परीक्षा केंद्रों के आसपास स्थित फोटो स्टेट और फोटो स्टूडियो की दुकानों पर लंबी कतारें लग गईं। कई अभ्यर्थी अंतिम समय तक आवश्यक दस्तावेज जुटाने में लगे रहे, जिससे उन्हें तनाव का सामना करना पड़ा।शनिवार से ही पहुंचने लगे थे परीक्षार्थी इस बार जिले में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के आने से शनिवार शाम से ही शहर में चहल-पहल बढ़ गई थी। देवरिया के विभिन्न होटल, लॉज और धर्मशालाएं लगभग पूरी तरह भर गईं। पड़ोसी जिलों के अलावा बिहार से भी बड़ी संख्या में अभ्यर्थी परीक्षा देने पहुंचे। रहने की व्यवस्था नहीं मिलने पर कई अभ्यर्थियों ने देवरिया सदर रेलवे स्टेशन को ही अस्थायी ठिकाना बना लिया। स्टेशन के प्लेटफॉर्म, प्रतीक्षालय और वेटिंग हॉल में अभ्यर्थी रात बिताते दिखाई दिए। कुछ अभ्यर्थी पढ़ाई में जुटे रहे तो कई अपने परिजनों के साथ प्लेटफॉर्म पर ही आराम करते नजर आए। भीड़ को देखते हुए जीआरपी और आरपीएफ ने भी सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी थी।जिले के प्रमुख विद्यालयों और महाविद्यालयों में बने हैं परीक्षा केंद्र संयुक्त बीएड प्रवेश परीक्षा के लिए जिले में दीनानाथ राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, बीआरडी इंटर कॉलेज, संत विनोबा पीजी कॉलेज, राजकीय इंटर कॉलेज, कस्तूरबा गांधी इंटर कॉलेज, जनता इंटर कॉलेज रामपुर कारखाना, अशोक इंटर कॉलेज डुमरी, महाराजा अग्रसेन इंटर कॉलेज, लाल करमचंद थापर इंटर कॉलेज बैतालपुर, मदन मोहन मालवीय पीजी कॉलेज भाटपाररानी, जनता इंटर कॉलेज सोनूघाट, शिवाजी इंटर कॉलेज खुखुंदू, रामजी सहाय पीजी कॉलेज, राजकीय महाविद्यालय इंदुपुर, बाहर सिंह श्रीनेत इंटर कॉलेज गौरीबाजार, कृषक इंटर कॉलेज बलटिकरा, बीएन इंटर कॉलेज मझौलीराज, बापू इंटर कॉलेज सलेमपुर, सत्तासी इंटर कॉलेज रुद्रपुर सहित 31 केंद्र बनाए गए हैं।
ईद के मौके पर मुस्लिम समाज ने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की आवाज उठाई, तो वहीं दूसरी तरफ गाय की कुर्बानी दे दी गई। खंडवा के बड़ियातुला गांव में गाय कुर्बानी के बाद हर कोई दंग रह गया। हिंदू समाज ने विरोध किया तो पुलिस ने मोर्चा संभाला। 9 लोगों पर केस दर्ज कर 7 को गिरफ्तार किया और जेल भेजने की कार्रवाई की गई। शनिवार को शहर में दिनभर धार्मिक और सियासी हलचल देखने को मिली। पुलिस ने जिन सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है, घटनास्थल वाला खेत उन्हीं में से एक आरोपी का है। यहां गोहत्या कर आपस में गोमांस बांटने की तैयारी चल रही थी। सब लोग अपना-अपना हिस्सा ले चुके थे। घर जाने की तैयारी थी कि पड़ोस के गांव वाले हिंदू युवक वहां पहुंच गए। रात के अंधेरे में गाड़ियों की लाइट खेत तरफ आती देखकर सभी लोग भाग खड़े हो गए। इनमें एक रमजान नाम का शख्स वहीं खड़े रहा। हिंदू युवक नजदीक आए, तब जाकर वह बाइक छोड़कर भागा। एक बाइक रमजान की, दूसरी का सुराग नहीं मिल पायापुलिस ने मौके से दो बाइक जब्त की है। इनमें सिहाड़ा के रहने वाले हिंदू युवकों ने तोड़फोड़ भी की है। एक बाइक आरोपी रमजान की निकली, उसने पुलिस पूछताछ में भी स्वीकार किया है। लेकिन दूसरी बाइक किसकी है, इसका सुराग पुलिस को नहीं मिल पाया है। कोई भी आरोपी इस बारे में कुछ बता नहीं पा रहा है। पुलिस ने नंबर प्लेट से सर्च किया तो वह अहमदपुर खैगांव निवासी एक हिंदू युवक की निकली। लेकिन उसने बताया कि वह बाइक को एक शोरूम पर बेच चुका है। अब पुलिस ने मामले में शोरूम संचालक को तलब किया है। हालांकि, आरोपी रमजान के मोबाइल की कॉल डिटेल भी बहुत कुछ उगल सकती है। गाय काटने वाले बाहरी, संभवत: बाइक उन्हीं कीसूत्रों के मुताबिक, ईद पर गाय की कुर्बानी देने के लिए दो लोगों को बाहर से बुलाया गया था। ये लोग संभवत: टिटगांव के पास खलखली गांव के रहने वाले हैं। दूसरी बाइक उन्हीं की है। जो कि भागते वक्त उसी जगह बाइक छोड़कर चले गए हैं। बताते हैं कि खलखली में भी गोमांस की सप्लाई बड़ियातुला और मुंदवाड़ा गांव से होती है। गिरफ्तार आरोपियों ने बाहरी लोगों का नाम नहीं कबूला है। अब पुलिस जब्त बाइक की निशानदेही पर उनकी पहचान में जुटी हुई है। दो पुलिस थानों की बार्डर पर गोहत्या का मामलागोहत्या, गोमांस और गोवंश तस्करी के लिए चर्चित मुंदवाड़ा गांव और उसी से लगा बडियातुला गांव एक ही ग्राम पंचायत का हिस्सा है। लेकिन दोनों गांव अलग-अलग पुलिस थानों में आते हैं। बडियातुला शहरी क्षेत्र के मोघट रोड़ क्षेत्र में आता है। वहीं मुंदवाड़ा ग्रामीण क्षेत्र के जावर थाना क्षेत्र में आता है। यही वजह है कि अब तक पूरे नेटवर्क पर बड़ा एक्शन नहीं हो पाया है। जिस खेत पर गोहत्या की गई और अवशेष मिले हैं, वह दोनों थानों की बार्डर वाला क्षेत्र है। फिलहाल इस मामले में थाना मोघट रोड़ ने जिम्मेदारी ली है। दो आरोपी फरार, उन पर गो तस्करी का रिकॉर्डथाना मोघट रोड़ पुलिस ने 9 लोगों को आरोपी बनाया है। मामले में 7 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इनमें दो आरोपी फरार चल रहे हैं, जिनके खिलाफ पूर्व में भी गो तस्करी का रिकॉर्ड है। फरार आरोपियों में खलील ठेकेदार निवासी बडियातुला और गब्बर निवासी मुंदवाड़ा हैं। टीआई धीरेश धारवाल के मुताबिक आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम सर्चिंग में जुटी है। यह भी पढ़ें…खंडवा में गाय काटी, ईद पर दी कुर्बानी:पॉलिथीन में भरकर सिर-पैर फेंके मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में ईद पर गाय को काटा गया है। ईद के दौरान गाय की कुर्बानी एक आरोपी के खेत पर दी गई थी। अवशेष भी उसी स्थान से बरामद हुए हैं। एक इमाम को भी मौके पर बुलाया गया था। इमाम की मौजूदगी में कुर्बानी दी गई। मोघाट रोड पुलिस ने मुंदवाड़ा ग्राम पंचायत के बड़ियातुला गांव से गौ-हत्या के मामले में 7 लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि 2 आरोपी अभी भी फरार हैं। पुलिस ने आरोपियों का जुलूस निकाला। आरोपियों को अपने कान पकड़े हुए माफी मांगते दिखे। पूरी खबर पढ़िए…
गोवर्धन में पुरुषोत्तम मास के दौरान सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात एक महिला सिपाही की शनिवार को अचानक तबीयत बिगड़ गई। दानघाटी मंदिर परिसर में ड्यूटी कर रही पुलिसकर्मी ने सीने में तेज दर्द की शिकायत की, जिसके बाद उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया। जानकारी के अनुसार, दानघाटी मंदिर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच महिला सिपाही की तबीयत अचानक खराब हो गई। अत्यधिक उमस और लगातार ड्यूटी के कारण उनकी स्थिति बिगड़ने लगी। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें तुरंत भीड़भाड़ वाले क्षेत्र से बाहर निकाला। इसके बाद एम्बुलेंस बुलाकर महिला सिपाही को नजदीकी अस्पताल भेजा गया, जहां उनका उपचार चल रहा है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि उनकी हालत पर लगातार नजर रखी जा रही है और आवश्यक चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। गौरतलब है कि पुरुषोत्तम मास (अधिकमास) के चलते इन दिनों गोवर्धन धाम में श्रद्धालुओं का भारी सैलाब उमड़ रहा है। गिरिराज महाराज की परिक्रमा के लिए प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं, जिससे दानघाटी मंदिर और परिक्रमा मार्ग पर काफी दबाव बना हुआ है। भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन लगातार मुस्तैद है। अधिकारियों का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा के साथ-साथ ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के स्वास्थ्य का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है।
यूपी सरकार ने शनिवार देर रात कई विभागों के तबादले किए। 12 जेलर के ट्रांसफर हुए हैं। इसके अलावा, राज्य विश्वविद्यालय के 3 कुलसचिव और 3 परीक्षा नियंत्रक, 3 उपकुलसचिव और 5 सहायक कुलसचिव के तबादले किए हैं। जेलर की बात करें तो उन्नाव जिला कारागार के जेलर पंकज कुमार सिंह को अलीगढ़ भेजा गया है। उरई जिला कारागार के जेलर नीरज देव को उन्नाव जेल की जिम्मेदारी सौंपी गई है। मुरादाबाद के जेलर आलोक सिंह को सहारनपुर और अलीगढ़ के जेलर बृजेन्द्र कुमार सिंह को मुरादाबाद भेजा गया है। इसके अलावा, कासगंज के अधीक्षक राजेश कुमार सिंह को बिजनौर, सहारनपुर के अधीक्षक सत्य प्रकाश को आजमगढ़, बागपत के अधीक्षक प्रशांत मौर्य को उरई और नैनी केंद्रीय कारागार में तैनात पवन कुमार त्रिवेदी का जौनपुर जेलर बनाया गया है। बिजनौर की जेलर अदिति श्रीवास्तव को बागपत जिला कारागार की कमान सौंपी गई है। हाल ही में पदोन्नत हुए विजय कुमार राय को बलरामपुर जिला कारागार का अधीक्षक नियुक्त किया गया है। मुकेश कुमार को अयोध्या और शशिकांत सिंह को बांदा जेल का अधीक्षक बनाया गया है। यूपी में डॉक्टर-नर्स 5 लाख में बेचते थे बच्चा, बरेली के SRMS मेडिकल कॉलेज की नर्स किंगपिन-3 गिरफ्तार यूपी के अलग-अलग जिलों के डॉक्टर और नर्स बच्चा चोरी गैंग चला रहे थे। ये लोग 5-5 लाख रुपए में मासूम बच्चों का सौदा करते थे। पुलिस ने शनिवार को सीतापुर-लखीमपुर के 2 डॉक्टरों के साथ बरेली के एक मेडिकल कॉलेज की नर्स को गिरफ्तार कर पूरे नेटवर्क का खुलासा किया। पुलिस अब रैकेट से जुड़े 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। बरेली पुलिस ने डॉ. संजय कुमार विश्वास (60), केशवराम उर्फ मंजेश और नर्स सीता को पकड़ा है। डॉ. संजय सीतापुर में हॉस्पिटल चला रहा था और मूलत: पश्चिम बंगाल का रहने वाला है। केशव राम उर्फ मंजेश (31) ने इंटरमीडियट तक पढ़ाई की है। करीब 10 साल से लखीमपुर में अपना क्लिनिक चला रहा है। इसी तरह सीता (38) बरेली के भोजीपुरा स्थित एसआरएमएस मेडिकल कॉलेज में नर्स है। झांसी में टेस्ट ड्राइव के बहाने XUV लेकर भागा युवक, डीलर से बोला- पहले चलाकर देखेंगे, फिर लेकर भाग गया झांसी में कार खरीदने आया एक युवक टेस्ट ड्राइव के बहाने एक्सयूवी लेकर भाग गया। दरअसल एक कारोबारी को कार बेचनी थी। शुक्रवार को एक युवक आया और कार खरीदने की इच्छा जाहिर करते हुए रेट पूछने गला। डीलर ने उसे कार की कीमत साढ़े चार लाख बताई। फिर वह डीलर से बोला कि पहले कार चलाकर देखेंगे। कारोबारी ने टेस्ट ड्राइव के लिए कार दे दी। कार में कारोबारी का बेटा भी साथ गया था। लेकिन जैसे ही पेट्रोल पंप पर तेल डलाने के लिए बेटा गाड़ी से उतरा, वैसे ही युवक कार लेकर फरार हो गया। यह घटना सीसीटीवी में कैद हो गई है। पुलिस मामले की जांच पड़ताल में जुटी है। पूरा मामला सीपरी बाजार थाना क्षेत्र का है। पढ़ें पूरी खबर…
मऊ में स्कॉर्पियों की टक्कर से युवक की मौत:टक्कर से दो अन्य घायल, वाटर पार्क से लौटते समय हुआ हादसा
मऊ के हलधरपुर थाना क्षेत्र में शनिवार शाम एक सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह घटना हलधरपुर थाने से लगभग 500 मीटर पश्चिम उस समय हुई, जब बाइक सवार युवक फन्टासिया वाटर पार्क से नहाकर अपने घर लौट रहे थे। जानकारी के अनुसार, मुंशीपुरा नई बस्ती निवासी मोहम्मद आबिद (17) पुत्र मोहम्मद मुस्लिम, मुदस्सिर (16) पुत्र महफूज और फरहान (11) पुत्र इश्तेयाक अहमद फन्टासिया वाटर पार्क गए थे। शनिवार शाम करीब साढ़े चार बजे तीनों युवक बाइक से अपने घर लौट रहे थे। जैसे ही उनकी बाइक हलधरपुर थाने से लगभग 500 मीटर पश्चिम पहुंची, बलिया की तरफ से आ रही एक अनियंत्रित स्कार्पियो ने उसमें जोरदार टक्कर मार दी। इस टक्कर से तीनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने उनकी गंभीर हालत को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही मोहम्मद आबिद की मौत हो गई। जिला अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद परिजन आबिद के शव को घर ले आए। देर रात लगभग 10 बजे, आपसी बातचीत के बाद, परिजनों ने घटना की सूचना देने के लिए हलधरपुर थाने में संपर्क किया। हादसे की जानकारी मिलते ही पूर्व नगर अध्यक्ष तैयब पालकी, पूर्व सभासद खुशहाल सिंह बड़े, शमीम अहमद और मोहम्मद सलीम सहित कई स्थानीय लोग पीड़ित परिवार के घर पहुंचे और शोक संवेदना व्यक्त की।
रोहतक की बेटी भारतीय सेना में बनी कैप्टन:गांव की पहली महिला अधिकारी, MBBS की डिग्री कर चुकी हासिल
रोहतक के गांव गरनावठी की रहने वाली डॉ. कीर्ति ने भारतीय सेना में कैप्टन बनकर पूरे जिले का नाम रोशन किया। भारतीय सेना में डॉ. कीर्ति गांव गरनावठी की पहली महिला अधिकारी बनी है, जिसके बाद से गांव में उत्साह का माहौल है। कैप्टन बनने के बाद डॉ. कीर्ति के गांव आने पर स्वागत किया जाएगा। डॉ. कीर्ति का जन्म गांव गरनावठी के साधारण परिवार में हुआ। प्रारंभिक शिक्षा गांव सुंडाना के जीआरएम सीनियर सैकेंडरी स्कूल से प्राप्त की। वहीं, 12वीं कक्षा रोहतक शहर के सरकारी स्कूल से पास की। 12वीं कक्षा के पास कीर्ति का चयन मिलिट्री नर्सिंग सर्विस में हो गया, जिसके बाद भी आगे की पढ़ाई जारी रखी। मिलिट्री में रहते हुए हासिल की MBBS की डिग्री डॉ. कीर्ति पढ़ाई में शुरू से ही होनहार रही है। 12वीं के बाद भारतीय सेना में नौकरी मिलने के बाद भी आगे की पढ़ाई को जारी रखा और 2024 में कस्तूरबा मेडिकल कॉलेज मणिपाल से MBBS की डिग्री को हासिल किया। साथ ही जनवरी से अक्टूबर 2025 तक सफदरगंज अस्पताल, नई दिल्ली में जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर के रूप में सेवाएं देते हुए चिकित्सा अनुभव को हासिल किया। मेहनत के बल पर हासिल किया मुकाम डॉ. कीर्ति ने अपनी मेहनत के बल पर कैप्टन बनने का सफर तय किया। सरकारी स्कूल से पढ़ाई करने के बाद MBBS की डिग्री लेना और 30 मई को अपना प्रशिक्षण पूरा करने के बाद भारतीय सेना में कैप्टन के पद को हासिल किया है। डॉ. कीर्ति की सफलता के पीछे उनके पिता महाबीर सिंह व मां सुनीता रानी का पूरा सहयोग रहा है। गांव आने पर ग्रामीण करेंगे स्वागत गांव गरनावठी के ग्रामीणों का कहना है कि बेटी ने सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। डॉ. कीर्ति गांव की पहली महिला अधिकारी है, जो भारतीय सेना में देश की सेवा करेगी। डॉ. कीर्ति के गांव आने पर सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा। डॉ. कीर्ति आज गांव की अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा बन गई है।
मुजफ्फरनगर में लगातार हो रही ट्रांसफार्मर चोरी की घटनाओं का पुलिस ने खुलासा करते हुए एक सक्रिय गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है। थाना तितावी पुलिस की कार्रवाई के दौरान हुई मुठभेड़ में दो बदमाश गोली लगने से घायल हो गए। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से अवैध हथियार, कारतूस और दो मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष चेकिंग अभियान के तहत थाना तितावी पुलिस को सूचना मिली थी कि ट्रांसफार्मर चोरी की घटनाओं में शामिल बदमाश चोरी का सामान ले जाने की फिराक में हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने शनिवार देर रात गढ़ी देशराज कट के पास घेराबंदी कर चेकिंग अभियान शुरू किया। पुलिस के मुताबिक, खुद को घिरता देख बदमाशों ने भागने का प्रयास किया और पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में दो आरोपी घायल सीओ फुगाना यतेंद्र सिंह नागर ने बताया कि पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आदिल पुत्र दिलशाद निवासी न्याजूपूरा और साकिब पुत्र हसन निवासी सुजड़ू, जो वर्तमान में थाना सिखेड़ा क्षेत्र के निराना में रह रहे थे, गोली लगने से घायल हो गए। दोनों को गिरफ्तार कर उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। तीन अन्य आरोपी भी गिरफ्तार पुलिस ने आदिल और साकिब के अलावा आबिद, शहंशाह और बाबू को भी गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से दो तमंचे 315 बोर, कारतूस, दो चाकू तथा दो मोटरसाइकिलें बरामद की गई हैं। पुलिस का कहना है कि बरामद मोटरसाइकिलों का इस्तेमाल ट्रांसफार्मर से चोरी किए गए सामान को ढोने में किया जाता था। कई थाना क्षेत्रों में वारदातें कबूलीं पूछताछ में आरोपियों ने थाना तितावी, छपार, मंसूरपुर और भोपा क्षेत्र में ट्रांसफार्मर चोरी की कई घटनाओं में शामिल होने की बात स्वीकार की है। जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह के सदस्य दिन में संभावित स्थानों की रेकी करते थे और रात के समय सुनसान इलाकों में लगे ट्रांसफार्मरों को निशाना बनाते थे। नेटवर्क खंगाल रही पुलिस पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों के आपराधिक इतिहास और उनके पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ में ट्रांसफार्मर चोरी की अन्य घटनाओं और गिरोह से जुड़े लोगों के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश भी जारी है।
आरा साइबर पुलिस ने ऑनलाइन गेमिंग एप के जरिए करोड़ों रुपए की साइबर ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने पटना जिले के दानापुर स्थित आरकेपुरम इलाके में छापेमारी कर गिरोह से जुड़े नौ साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के ठिकाने से बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, बैंकिंग दस्तावेज और फर्जी पहचान पत्र बरामद किए गए हैं। जांच में बिहार ग्रामीण बैंक के तीन संदिग्ध खातों में पिछले पांच से छह महीनों के दौरान करीब 7 करोड़ 85 लाख रुपए से अधिक के लेन-देन का खुलासा हुआ है। पुलिस का दावा है कि गिरोह का संचालन दुबई से किया जा रहा था और ऑनलाइन गेमिंग एप के माध्यम से देश के अलग-अलग राज्यों के लोगों को ठगी का शिकार बनाया जा रहा था। कॉल डिटेल खंगाला गया साइबर डीएसपी स्नेह सेतु ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में भोजपुर जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों के रहने वाले नौ युवक शामिल है। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि बिहार ग्रामीण बैंक के कुछ खातों के माध्यम से संदिग्ध तरीके से करोड़ों रुपए का लेन-देन किया जा रहा है। जांच के दौरान इन खातों के खिलाफ बिहार के अलावा महाराष्ट्र, कर्नाटक समेत कई राज्यों में साइबर ठगी की शिकायतें दर्ज होने की जानकारी मिली। इसके बाद खातों से जुड़े मोबाइल नंबरों की तकनीकी जांच और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) खंगाले गए। किराए के फ्लैट से चल रहा था खेल जांच में दो मोबाइल नंबरों की लोकेशन दानापुर के आरकेपुरम क्षेत्र में मिली। इसके आधार पर साइबर डीएसपी के नेतृत्व में गठित टीम ने किराए के फ्लैट पर छापेमारी कर गिरोह के नौ सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार सभी आरोपी पिछले छह महीने से फ्लैट में रहकर साइबर ठगी का नेटवर्क संचालित कर रहे थे। छापेमारी के दौरान पुलिस ने 46 मोबाइल फोन, 7 लैपटॉप, 32 सिम कार्ड, 52 डेबिट एवं क्रेडिट कार्ड, विभिन्न बैंकों की 19 पासबुक, एक स्कैनर, पांच आधार कार्ड, चार पैन कार्ड और दो मतदाता पहचान पत्र बरामद किए। ऑनलाइन गेम के नाम पर ठगी पुलिस का कहना है कि गिरोह महादेव एप की तर्ज पर 'लोटस बुक' नामक एप संचालित कर रहा था। इसके जरिए क्रिकेट, फुटबॉल, कैसीनो और अन्य ऑनलाइन गेम के नाम पर लोगों से पैसे ठगे जाते थे। आईपीएल के दौरान भी बड़े पैमाने पर ऑनलाइन बेटिंग कराई जा रही थी। फिलहाल पुलिस संदिग्ध बैंक खातों के वास्तविक संचालकों और दुबई से जुड़े नेटवर्क की पहचान में जुटी है। मामले में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
लखनऊ के पीजीआई क्षेत्र में प्रॉपर्टी डीलर संदीप सिंह की दिनदहाड़े हत्या के मामले में पुलिस और एसटीएफ की जांच में अहम सुराग मिले हैं। सीसीटीवी फुटेज से खुलासा हुआ है कि शूटर वारदात से करीब 10 दिन पहले से संदीप की रेकी कर रहे थे। इस दौरान वे न केवल संदीप की दिनचर्या पर नजर रख रहे थे, बल्कि परिवार के सदस्यों की गतिविधियों की भी जानकारी जुटा रहे थे। जांच में सामने आया है कि दोनों संदिग्ध कई बार संदीप के घर और आसपास के इलाकों में देखे गए। उनकी तस्वीरें आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हुई हैं। पुलिस का मानना है कि हमलावरों को संदीप के घर से निकलने का समय, उनके साथ रहने वाले लोगों और रोजमर्रा की गतिविधियों की पूरी जानकारी थी। किसान पथ होते हुए कानपुर रोड की तरफ भागे शूटर पुलिस के अनुसार हत्या के बाद दोनों शूटर बाइक से किसान पथ की ओर निकले और फिर कानपुर रोड की तरफ बढ़ गए। इसके बाद वे शहर के विभिन्न मार्गों से होकर फरार हो गए। उनकी आवाजाही से जुड़ी कई फुटेज जांच एजेंसियों के हाथ लगी हैं, जिनके आधार पर उनकी लोकेशन और संपर्कों की पड़ताल की जा रही है। मोबाइल कॉल डिटेल, तकनीकी साक्ष्य और सीसीटीवी फुटेज के जरिए यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि घटना से पहले और बाद में शूटर किन लोगों के संपर्क में थे। पुलिस संदीप के परिजनों, चालक विपिन और करीबी लोगों से लगातार पूछताछ कर रही है। जमीन विवाद और कारोबारी रंजिश पर फोकस जांच फिलहाल जमीन विवाद, पुराने साझेदारों और कारोबारी रंजिश के एंगल पर केंद्रित है। पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि सरोजनीनगर तहसील में संदीप से जुड़े कुछ राजस्व मामले लंबित हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस और एसटीएफ जौनपुर से लेकर लखनऊ तक उनके पुराने संपर्कों, विवादों और कारोबारी रिश्तों की गहन पड़ताल कर रही है। चार संदिग्ध हिरासत में मामले में पुलिस ने चार संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। सूत्रों के मुताबिक एक संदिग्ध लखनऊ का रहने वाला है, जबकि दो अन्य वाराणसी के बताए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच निर्णायक चरण में पहुंच चुकी है और जल्द ही शूटरों तक पहुंचने की उम्मीद है। फिलहाल पुलिस किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से बच रही है।
बिजनौर में दो प्रमुख अधिकारियों का स्थानांतरण किया गया है। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) गौरी शंकर ठाकुर का तबादला फिरोजाबाद कर दिया गया है, जबकि अमरोहा से महेश कुमार को बिजनौर का नया एआरटीओ नियुक्त किया गया है। इसी क्रम में, जेल अधीक्षक अदिति श्रीवास्तव को बागपत भेजा गया है और राजेश कुमार सिंह बिजनौर के नए जेल अधीक्षक होंगे। शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, बिजनौर में तैनात सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) गौरी शंकर ठाकुर को फिरोजाबाद स्थानांतरित किया गया है। उन्होंने जनवरी 2022 में बिजनौर एआरटीओ (प्रवर्तन) का कार्यभार संभाला था। उनकी जगह अमरोहा में एआरटीओ (प्रवर्तन) के पद पर कार्यरत महेश कुमार को बिजनौर का नया सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) नियुक्त किया गया है। बिजनौर की जेल अधीक्षक अदिति श्रीवास्तव का भी तबादला कर दिया गया है। उन्हें बागपत का जेल अधीक्षक बनाया गया है। बिजनौर कारागार के नए जेल अधीक्षक के रूप में राजेश कुमार सिंह को नियुक्त किया गया है।
पीथमपुर के बगदून औद्योगिक क्षेत्र में एक महिला कर्मचारी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतका की पहचान रागिनी उर्फ रानी (36) के रूप में हुई है, जो सुरेंद्र ऑटो कंपनी में कार्यरत थी। यह घटना तब हुई जब रागिनी के पति सोनू राठौर अपने 12 वर्षीय बेटे को लेने बाहर गए हुए थे। घर को सूना पाकर रागिनी ने कमरे में लोहे के एंगल से चुन्नी का फंदा बनाया और उस पर लटक गईं। जब पति बेटे के साथ घर लौटे, तो मासूम बच्चे ने सबसे पहले अपनी मां को फंदे पर लटका देखा। बच्चे के रोने की आवाज सुनकर पड़ोसी मौके पर पहुंचे और उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को फंदे से नीचे उतरवाकर पीथमपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भिजवाया। पुलिस ने इस मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। अस्पताल में डॉक्टरों द्वारा शव का पोस्टमार्टम किया जा रहा है, जिसके बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा। रागिनी और उनका परिवार मूल रूप से राजस्थान के बारह जिले के सीताबाड़ी केलवाड़ा का निवासी है। महिला ने यह आत्मघाती कदम क्यों उठाया, इसका कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है और पुलिस परिजनों से पूछताछ कर रही है।
संतकबीरनगर में ट्रैफिक पुलिस और ट्रक ऑपरेटर्स के बीच टकराव सामने आया है। ट्रक ऑपरेटर्स यूनियन ने ट्रैफिक के एक सिपाही पर वाहन स्वामियों के उत्पीड़न और अवैध वसूली का गंभीर आरोप लगाया है। यूनियन के पदाधिकारियों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने जांच एएसपी से कराने के निर्देश दिए हैं। यूनियन अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद राय के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ट्रक ऑपरेटर्स एसपी कार्यालय पहुंचे और जनसुनवाई कर रहे सीओ ऑफिस अशोक कुमार सिंह को शिकायती प्रार्थना पत्र सौंपा। यूनियन ने आरोप लगाया कि ट्रैफिक पुलिस का एक सिपाही वाहन स्वामियों को फोन कर बुलाता है और प्रत्येक ट्रक से प्रतिमाह दो हजार रुपये देने का दबाव बनाता है। ऑपरेटर्स का कहना है कि जिले में ट्रकों के लिए न तो कोई अधिकृत ट्रांसपोर्ट नगर है और न ही समुचित पार्किंग व्यवस्था। ऐसे में चालक और वाहन स्वामी सड़क किनारे सुरक्षित स्थानों पर वाहन खड़ा करने को मजबूर हैं। आरोप है कि इसी मजबूरी का फायदा उठाकर उन पर अवैध वसूली का दबाव बनाया जा रहा है। ट्रक ऑपरेटर्स ने जिले में लागू नो-एंट्री व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि सुबह छह बजे से लागू नो-एंट्री के कारण माल ढुलाई का काम प्रभावित हो रहा है। इससे लोडिंग-अनलोडिंग के साथ ही वाहनों के संचालन में भी दिक्कतें आ रही हैं। यूनियन पदाधिकारियों का दावा है कि प्रदेश के अधिकांश जिलों में ऐसी व्यवस्था नहीं है, जबकि संतकबीरनगर में इसे सख्ती से लागू कराया जा रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग की सर्विस रोड पर सप्ताह में कई दिनों तक नो-एंट्री लागू किए जाने पर भी यूनियन ने आपत्ति जताई है, जिससे परिवहन व्यवसाय प्रभावित हो रहा है और वाहन स्वामियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। एसपी से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि आरोप सही पाए जाएं तो संबंधित पुलिसकर्मी व अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही वाहन स्वामियों के कथित उत्पीड़न पर तत्काल रोक लगाई जाए। इस मौके पर राम चरन यादव, विमल कुमार ओझा, दिलीप यादव उर्फ गर्दा यादव, गुड्डू पाल, राजू राय, शम्भू यादव, भोला नाथ, बबलू राय, सुनील राय, श्रवण कुमार सहित कई लोग मौजूद थे।इस मामले में सीओ ट्रैफिक अमित कुमार का कहना है कि ट्रक ऑपरेटर्स यूनियन के आरोप पूरी तरह निराधार हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग पर बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए अवैध कट बंद कराए गए हैं तथा खलीलाबाद के सोनी होटल और मगहर के पास दुर्घटना संभावित स्थलों पर बैरियर लगाए गए हैं। कुछ वाहन चालकों को अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है, जिससे आपत्ति सामने आई है।
कन्नौज में एलएलबी छात्रों के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से ग्रीष्मकालीन इंटर्नशिप कार्यक्रम कराया जाएगा। जिसमें लॉ कॉलेज से 3 वर्ष या 5 वर्ष का कोर्स करने वाले छात्र-छात्राएं आवेदन कर सकते हैं। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव अनुजा सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि उप्र राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कन्नौज द्वारा एलएलबी में अध्ययनरत छा-छात्राओं के लिये 1 महीने (जून 2026) का प्रोजेक्ट वर्क आयोजित किया जा रहा है। इसके लिए क्लस्टर जिलों के किसी भी मान्यता प्राप्त लॉ यूनिवर्सिटी या लॉ कॉलेज से 5 वर्षीय कोर्स या 3 वर्षीय एलएलबी कर रहे छात्र-छात्राएं इस कार्यक्रम में भाग ले सकते है। एक महीने के इंटर्नशिप कार्यक्रम में प्रतिभाग करने के इच्छुक अभ्यर्थी 4 जून की शाम 5 बजे तक अपना आवेदन पत्र ई-मेल या रजिस्टर्ड डाक से भेज सकते हैं। इसके अलावा व्यक्तिगत रूप से भी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कन्नौज के कार्यालय में जमा कर सकते है। यह इंटरर्नशिप कार्यक्रम लॉ छात्रों को व्यावहारिक अनुभव देने और कानूनी प्रक्रिया समझने का बेहतरीन अवसर प्रदान करेगा। जोकि विधि व्यवसाय में उनके काम आएगा।
अमेठी के संग्रामपुर थाना क्षेत्र के गड़ेरी चौराहे पर पैसे के लेनदेन को लेकर दो पक्षों में मारपीट हुई। इस दौरान एक युवक को लाठी-डंडों और लात-घूंसों से पीटा गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों पक्षों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर आठ आरोपियों को हिरासत में लिया है। यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। यह घटना बीते शुक्रवार शाम की है। संग्रामपुर थाना क्षेत्र के गड़ेरी चौराहे पर आदर्श पांडेय अपनी दुकान पर घर का सामान लेने गए थे। आरोप है कि वहां पहले से मौजूद कुछ लोगों ने आदर्श पर हमला कर दिया। उन्हें लाठी-डंडों और लात-घूंसों से बुरी तरह पीटा गया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई। मारपीट की यह पूरी वारदात दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों की तहरीर पर अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए। प्रथम पक्ष के अंशुल गौतम की शिकायत पर बंटी पांडेय, आशीष दुबे, डीटू दुबे और अनुराग पांडेय के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 115(2), 352, 351(3) और एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(1)द, 3(1)ध, 3(2)5A के तहत मामला दर्ज किया गया है। दूसरी ओर, द्वितीय पक्ष के ओम प्रकाश पांडेय की तहरीर पर अंशुल गौतम, अनन्त तिवारी, अविनाश तिवारी, करुणाशंकर तिवारी और दीपक विश्वकर्मा के विरुद्ध मुकदमा संख्या 96/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 191(2), 115(2), 352, 351(3), 110 के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। थाना प्रभारी संजय सिंह ने बताया कि विवाद का मुख्य कारण पैसों का लेनदेन था। दोनों पक्षों के बीच पहले गाली-गलौज हुई और फिर मारपीट शुरू हो गई। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आठ लोगों को हिरासत में लिया है। सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। थाना प्रभारी संजय सिंह ने यह भी कहा कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था भंग करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
आंधी और बारिश के बाद आगरा को भीषण गर्मी से राहत मिली है। 48 घंटे में दिन के तापमान में 8.1C और रात के तापमान में 6.8C की गिरावट आई है। दिन ही नहीं, रात का तापमान भी गिरा है। लू और धूप से राहत मिली है। शनिवार रात को भी तेज हवाएं चलीं। रविवार सुबह से तेज धूप निकल रही है लेकिन धूप में ज्यादा गर्मी नहीं है। मौसम विभाग ने रविवार और सोमवार को भी आंधी-बारिश की संभावना जताई है। आज दोपहर बाद मौसम बदल सकता है। तेज हवाओं के साथ बूंदाबांदी हो सकती है। शनिवार को अधिकतम तापमान 35.2C और न्यूनतम तापमान 20.6C रहा था। इस सीजन का सबसे गर्म दिन 19 मई को रहा। इस डेट को अधिकतम तापमान 46.5C पर पहुंच गया था। सबसे गर्म रात 25 मई को रही थी। इस डेट को न्यूनतम तापमान 32.8C पर पहुंच गया था। जानिए पिछले दिनों के तापमान की स्थिति शुक्रवार रात तूफान ने मचाई तबाही शुक्रवार रात आए तेज तूफान ने शहर में काफी नुकसान पहुंचाया। करीब 103 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं के कारण शहर के विभिन्न इलाकों में लगभग 80 स्थानों पर पेड़ और होर्डिंग गिर गए। कई जगहों पर यातायात भी प्रभावित हुआ। आंधी के साथ करीब एक घंटे तक हुई जोरदार बारिश ने मौसम को पूरी तरह बदल दिया। बारिश के बाद तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली। आंधी-बारिश की संभावना मौसम विभाग के अनुसार, 31 मई और 1 जून को आंधी और बारिश की संभावना है। रविवार को दोपहर बाद एक बार फिर से मौसम बदल सकता है। तेज धूप के बाद बादल छाएंगे और हवा चलेगी। इसके साथ ही बूंदाबांदी या बारिश हो सकती है। 1 जून तक तापमान में गिरावट आएगी। आने वाले दिनों के तापमान का अनुमान जानिए
हमीरपुर के सुमेरपुर कस्बे में शनिवार रात बिजली आपूर्ति बहाल न होने से लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। विद्युत बहाली की मांग को लेकर पावर हाउस पर जमकर हंगामा हुआ। इस दौरान एक सभासद और जूनियर इंजीनियर (जेई) के बीच कहासुनी भी हुई। महिलाओं के विरोध प्रदर्शन के बाद विद्युत कर्मचारियों को कार्यालय के अंदर जाना पड़ा और स्थिति नियंत्रित करने के लिए पुलिस बुलानी पड़ी। जिले में 28 मई की देर रात आए तेज तूफान और बारिश के कारण कई स्थानों पर पेड़ और बिजली के खंभे गिर गए थे। इससे सुमेरपुर, मौदहा समेत जिले के कई क्षेत्रों की बिजली व्यवस्था प्रभावित हो गई थी। बिजली विभाग के कर्मचारी लगातार लाइनों की मरम्मत और आपूर्ति बहाल करने में जुटे हुए हैं। अधिकांश क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति शुरू कर दी गई है, लेकिन सुमेरपुर कस्बे के कुछ मोहल्लों में 48 घंटे बाद भी बिजली नहीं पहुंच सकी। बिजली-पानी संकट से परेशान लोग स्थानीय निवासी रेखा वर्मा ने बताया कि उनके इलाके में पिछले दो दिनों से बिजली नहीं है। उन्होंने कहा कि सुबह ही टूटे हुए तारों की सूचना विभागीय अधिकारियों को दी गई थी, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि बिजली न होने से पेयजल संकट भी गहरा गया है। भीषण गर्मी के बीच लोगों को पानी और बिजली दोनों की परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कर्मचारियों पर लगाया अनदेखी का आरोप रेखा वर्मा का आरोप है कि जब वे दोबारा समस्या बताने के लिए पावर हाउस पहुंचीं तो वहां मौजूद कर्मचारी कार्यालय के कमरे में बंद हो गए और पुलिस बुला ली। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की महिलाएं केवल बिजली और पानी की समस्या के समाधान की मांग करने पहुंची थीं। पुलिस ने लोगों को कराया शांत हंगामे की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और प्रदर्शन कर रहे लोगों को समझाकर शांत कराया। इसके बाद स्थिति सामान्य हुई। वहीं, बिजली विभाग के अधिकारियों का कहना है कि तूफान से क्षतिग्रस्त बिजली लाइनों की मरम्मत का कार्य लगातार जारी है। विभाग जल्द ही शेष प्रभावित क्षेत्रों में भी विद्युत आपूर्ति बहाल करने का प्रयास कर रहा है।
चित्रकूट मुख्यालय के वार्ड नंबर 20 स्थित बिजली पासी तिराहा के पास सड़क निर्माण कार्य अधूरा छोड़ दिए जाने से स्थानीय निवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पासी तिराहा से मिथिलेश करवरिया कच्ची छावनी को जोड़ने वाली यह सड़क इन दिनों तालाब में तब्दील हो गई है, जहां पानी और दलदल भरा हुआ है। यह सड़क मुख्यमंत्री नगरीय अल्प विकसित मलिन बस्ती योजना के तहत बनाई जा रही है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, ठेकेदार ने लगभग 15 दिन पहले पुरानी सड़क को खोद दिया था और फिर काम अधूरा छोड़कर चला गया। इस दौरान एक पाइपलाइन भी टूट गई। दो दिन पूर्व आई आंधी और बरसात के कारण खोदी गई सड़क पर भीषण जलभराव हो गया है। इसके चलते बाइक सवार और बच्चे अक्सर पानी में गिरकर चोटिल हो रहे हैं। यह स्थिति राहगीरों के लिए खतरनाक साबित हो रही है। सभासद अनुज निगम ने बताया कि ठेकेदार की लापरवाही के कारण स्थानीय लोग बेहद परेशान हैं। उन्होंने जोर दिया कि यह सड़क क्षेत्र की सबसे व्यस्ततम सड़कों में से एक है, जहां दिनभर वाहनों का आवागमन रहता है। ऐसे में किसी भी समय कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है। मोहल्ले के निवासी शिवपूजन द्विवेदी, बलराम मिश्रा, सूरजदीन, शरद गुप्ता, जानकीशरण, नत्थू लाल और द्वारिका प्रसाद सहित कई लोगों ने बताया कि आए दिन लोग गिरकर घायल हो रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से इस गंभीर समस्या से जल्द से जल्द निजात दिलाने की मांग की है।
4445 अभ्यर्थी दे रहे बीएड प्रवेश परीक्षा:खीमपुर-खीरी में 11 केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा के बीच आयोजन
लखीमपुर खीरी में रविवार को बीएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक निगरानी के बीच शुरू हुई। जिले के 11 परीक्षा केंद्रों पर कुल 4445 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। यह परीक्षा दो पालियों में आयोजित की जा रही है। पहली पाली सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगी। सुबह से ही परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की भीड़ देखी गई। छात्र-छात्राएं निर्धारित समय से पहले ही अपने प्रवेश पत्र और पहचान पत्र के साथ केंद्रों पर पहुंच गए थे। केंद्रों के बाहर सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए थे। सुबह 8 बजे से अभ्यर्थियों की जांच प्रक्रिया शुरू हुई, जिसके बाद उन्हें केंद्रों में प्रवेश दिया गया। परीक्षा में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए प्रवेश से पहले अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन किया गया और बायोमीट्रिक उपस्थिति दर्ज कराई गई। परीक्षा केंद्रों पर इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध रहा। सुरक्षा कर्मियों ने प्रत्येक अभ्यर्थी की गहन जांच के बाद ही प्रवेश की अनुमति दी। जिला प्रशासन के निर्देश पर सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में परीक्षा आयोजित की जा रही है। प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, फर्नीचर और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। अधिकारी लगातार केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं। अपर पुलिस अधीक्षक पवन गौतम ने बताया कि परीक्षा को शांतिपूर्ण और नकलविहीन वातावरण में संपन्न कराने के लिए सभी केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। सुरक्षा के मद्देनजर परीक्षा केंद्रों के 500 मीटर के दायरे में फोटोस्टेट और अन्य संबंधित दुकानें बंद रखी गई हैं। संदिग्ध गतिविधियों पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है। जिले में अबुल कलाम आजाद गर्ल्स इंटर कॉलेज, भगवानदीन आर्य कन्या इंटर कॉलेज, धर्मसभा इंटर कॉलेज, गांधी विद्यालय इंटर कॉलेज, जीजीआईसी, जीआईसी, गुरुनानक इंटर कॉलेज, इस्लामिया इंटर कॉलेज, पीके इंटर कॉलेज, स्वामी श्याम प्रकाश इंटर कॉलेज और युवराज दत्त महाविद्यालय को परीक्षा केंद्र बनाया गया है।
बुलंदशहर में बंदर ने युवक से 2 लाख रुपये छीने:कचहरी में पेड़ पर चढ़कर फेंके नोट, 1.98 लाख ही बचे
बुलंदशहर की कचहरी परिसर में शनिवार को एक बंदर ने बैनामा कराने जा रहे युवक से दो लाख रुपये से भरा थैला छीन लिया। बंदर थैला लेकर पेड़ पर चढ़ गया और वहां से नोट फेंकने लगा। अचानक हुई इस घटना से परिसर में अफरा-तफरी मच गई। लोगों की मदद से ज्यादा पैसे मिल गए। लेकिन कुछ नोट फट गए और दो हजार रुपये कम मिले। अधिवक्ता सोहनपाल और आमिर खान के चैंबर पर बैनामा कराने आए एक व्यक्ति को स्टांप खरीदने के लिए दो लाख रुपये दिए गए थे। अधिवक्ता ने यह रकम रविंद्र लोधी उर्फ राजू को एक थैले में रखकर सौंपी थी। रविंद्र जैसे ही थैला लेकर चैंबर से बाहर निकला, तभी एक बंदर ने झपट्टा मारकर थैला छीन लिया और भाग गया। पेड़ पर चढ़कर फेंकने लगा नोट प्रत्यक्षदर्शी एडीजीसी एडवोकेट आशुतोष सिंह के अनुसार, बंदर थैला लेकर पास के एक पेड़ पर चढ़ गया। जब रविंद्र और अन्य लोगों ने उसका पीछा किया तो बंदर ने थैले से नोट निकालकर नीचे फेंकना शुरू कर दिया। नोट गिरते ही वहां मौजूद लोगों की भीड़ उन्हें समेटने में जुट गई। यह नजारा देखकर रुपये लेकर आया युवक परेशान हो गया। लोगों की मदद से जुटाए गए रुपये काफी मशक्कत के बाद लोगों ने पेड़ के नीचे बिखरे नोटों को इकट्ठा किया। बंदर के कब्जे से कुल एक लाख 98 हजार रुपये बरामद हो गए। कुछ नोट बंदर ने फाड़ भी दिए थे, जिससे पूरी रकम वापस नहीं मिल सकी।
लखनऊ के 38 केंद्रों पर बीएड प्रवेश परीक्षा-2026 कराई जा रही है। इन सभी केंद्रों के लिए कुल कुल 17 हजार 881 स्टूडेंट्स ने रजिस्ट्रेशन कराया है। इस बार फिर से इस प्रदेश स्तरीय परीक्षा के सफल आयोजन की जिम्मेदारी बुंदेलखंड विश्वविद्यालय झांसी को दी गई है। लखनऊ विश्वविद्यालय को पांच जिलों लखनऊ, हरदोई, रायबरेली, लखीमपुर खीरी और सीतापुर के लिए नोडल विश्वविद्यालय नामित किया गया है। इस राज्य स्तरीय प्रवेश परीक्षा को पूरी तरह से निष्पक्ष, पारदर्शी और नकलविहीन बनाने के लिए प्रशासन और विश्वविद्यालय प्रबंधन ने कमर कस ली है। सभी परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं ताकि किसी भी स्तर पर परीक्षा की शुचिता प्रभावित न हो। बीएड प्रवेश परीक्षा के पल-पल अपडेट्स के लिए नीचे लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…
कोटा के सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) के क्वालिटी कंट्रोल (गुण नियंत्रण खंड जोन कोटा) ई-ग्रास पोर्टल पर गड़बड़ी सामने आई है। खंड के जूनियर अकाउंटेंट की जांच में पोर्टल पर क्वालिटी कंट्रोल के लिए ऑनलाइन जमा करवाए गए 59 चालान (रसीद) फर्जी पाए गए हैं। जो कभी ऑनलाइन रिकॉर्ड में चढ़ाए ही नहीं गए। इनके पैसे भी सरकारी खाते में नहीं गए। यह राशि करीब 15 लाख रुपए है। मामला सामने आने के बाद विभाग के अफसर कोटा से जयपुर तक चक्कर लगा रहे हैं। अफसर मामला छुपाने के लिए इसे टेक्निकल एरर बताते हुए जांच करवाने की बात कह रहे हैं। ऑनलाइन शुल्क जमा करवाकर सैंपल लैब में भेजता है ठेकेदार दरअसल, हाड़ौती संभाग के चारों जिलों (कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़) में PWD और अन्य सरकारी विभागों के निर्माण कार्यों के मटेरियल की गुणवत्ता की जांच कोटा स्थित संभागीय स्तरीय लैब (गुण नियंत्रण खंड जोन कोटा) में होती है। जांच के लिए ठेकेदारों से निर्धारित शुल्क ऑनलाइन जमा करवाकर सैंपल लैब में भेजे जाते हैं। शुल्क जमा कराने के लिए ई-ग्रास पोर्टल पर ऑनलाइन चालान जमा करने का प्रावधान है। संबंधित ठेकेदार बैंक, ई-मित्र या विभागीय आईडी के जरिए ई-ग्रास (ऑनलाइन सरकारी रसीद अकाउंटिंग सिस्टम) पर निर्धारित शुल्क जमा कराकर चालान जेनरेट करवाता है। जेनरेट चालान में GRN (सरकारी रसीद नंबर) और जमा रुपए की डिटेल लिखी होती है। फिर इसी चालान की एक कॉपी को संबंधित ठेकेदार लैब में जमा करवा देता है। चालान वेरिफाई होने के बाद संबंधित कर्मचारी इसे विभाग के रिकॉर्ड में ले लेता है। ऐसे हुआ मामले का खुलासा हाल ही में PWD गुण नियंत्रण खंड कोटा में अकाउंटेंट ने जॉइन किया। अकाउंटेंट ने पुराने चालानों को GRN से ई-ग्रास पोर्टल पर चेक किया। जांच में 59 चालान ई-ग्रास पोर्टल पर 'नो रिकॉर्ड फाउंड' मिला। जो चालान जेनरेट हुए थे, वो शुरुआती जांच में फर्जी मिले। अकाउंटेट ने GRN सहित 59 चालान की लिखित सूचना XEN (क्वालिटी कंट्रोल) आर के मीणा को दी। इसके बाद उन्होंने जयपुर मुख्यालय और ई-ग्रास स्तर पर जांच करवाई। इसमें करीब 15 लाख रुपए जमा नहीं होना सामने आया। ये चालान सितंबर 2024 से मार्च 2026 के बीच विभाग में जमा हुए थे। बिना वेरिफाई किए रिकॉर्ड में लिए चालान PWD सूत्रों ने बताया- जिन GRN के चालान ऑनलाइन पोर्टल पर नहीं मिल रहे। वे सब चालान बिना वेरिफाई किए रिकॉर्ड में लिए गए। चालान को वेरिफाई करने की जिम्मेदारी क्वालिटी कंट्रोल लैब के असिस्टेंट टेस्टिंग ऑफिसर (ATO) और कैशियर की होती है। वहीं, अधीक्षण अभियंता (SE) क्वालिटी कंट्रोल और अतिरिक्त मुख्य अभियंता (ACE ) हर साल खंड कार्यालय (क्वालिटी कंट्रोल) का मूल्यांकन करते हैं। हैरानी की बात यह है कि दो साल में उन्होंने इस ओर ध्यान नहीं दिया। फिलहाल संबंधित जिम्मेदारों ने चुप्पी साध रखी है। PWD सूत्रों ने बताया कि विभाग का अफसर और ठेके पर लगा कंप्यूटर ऑपरेटर ठेकेदारों से नकद या फोन-पे के जरिए राशि लेकर अपनी आईडी से चालान काटते थे। प्रति चालान 200 रुपए अतिरिक्त वसूलते थे। ठेकेदारों को चालान की कॉपी देकर लैब में जांच करवा दी जाती थी, लेकिन क्वालिटी कंट्रोल के लिए जमा होने वाले रुपए सरकारी खाते में जमा नहीं हो रहे थे। XEN बोले- ठेकेदार से रिकवरी की जाएगी क्वालिटी कंट्रोल के XEN आर के मीणा ने पहले तो फोन पर बातचीत में कहा कि रिकॉर्ड मिल गया है। अकाउंटेंट से चूक हुई थी। बाद में उन्होंने कहा- टेक्निकल एरर हो सकती है। ATO पहले बोले- नया अकाउंटेंट लगा है, वह समझता नहीं लैब में असिस्टेंट टेस्टिंग ऑफिसर (ATO ) विनय सक्सेना ने पहले फोन पर बातचीत में कहा- मैंने XEN आर के मीणा से बात की। उन्होंने बताया कि यह मामला तत्कालीन टेस्टिंग ऑफिसर (TO) कुशल जैन और आकाश चौधरी के समय का है। एक बार चेक करके बताओ। मैंने उन्हें फाइलें दिखा दी थी। उसमें सारे चालान लगे हुए थे। चालान वेरिफाई करना लैब का काम नहीं विनय सक्सेना ने बताया- XEN से लेटर लिखवाकर संबंधित दस्तावेज लेकर जयपुर फाइनेंस डिपार्टमेंट ई-ग्रास ऑफिस होकर आया हूं। जयपुर में ट्रेजरी ऑफिसर ने 5-7 चालान की डिटेल चेक की। वहां भी संबंधित GRN वाले चालान ई-ग्रास पोर्टल पर ऑनलाइन नहीं दिख रहे। यह जांच के बाद ही पता चल पाएगा। यह टेक्निकल एरर है, या कुछ और। विनय ने कहा- चालान वेरिफाई करने की जिम्मेदारी मेरी नहीं है। यह लैब का काम नहीं है। ये अकाउंट डिपार्टमेंट और एएओ का काम है।
दुर्ग पुलिस ने इंटर-स्टेट चोर गिरोह के मुख्य आरोपी मोहम्मद नासिर हुसैन उर्फ आनस खान को रिमांड पर लेकर पूछताछ की। पूछताछ में आरोपी ने चोरी की वारदातों से जुड़े कई अहम खुलासे किए हैं। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने चोरी में इस्तेमाल होने वाले औजार और स्कूटी रायपुर के मेकाहारा परिसर से जब्त किया है। यह वही आरोपी है, जिसे दुर्ग पुलिस ने उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया था। पुलिस के अनुसार आरोपी और उसके साथी पहले बंद मकानों, फ्लैटों और आवासीय कॉलोनियों की रेकी करते थे। इसके बाद मौका देखकर चोरी की वारदात को अंजाम देते थे। घरों में एंट्री करने के लिए दरवाजों के ताले तोड़े जाते थे। जबकि अंदर रखी अलमारियों और लॉकरों को खोलने के लिए खास औजार का इस्तेमाल किया जाता था। पूछताछ के दौरान मुख्य आरोपी ने बताया कि चोरी में इस्तेमाल होने वाले औजार रायपुर के मेकाहारा परिसर की पार्किंग में खड़ी एक्टिवा की सीट के नीचे छिपाकर रखे गए थे। जानकारी मिलने के बाद पुलिस टीम आरोपी को लेकर मौके पर पहुंची और उसकी निशानदेही पर औजार बरामद कर लिए। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गिरोह के सदस्यों तक पहुंचने और उनकी गतिविधियों का पता लगाने के लिए टीम ने कई स्तरों पर जांच की। आरोपियों की तलाश में पुलिसकर्मियों ने बकरा व्यापारी और जनगणना कर्मी बनकर भी जानकारी जुटाई थी। इसी रणनीति के जरिए पुलिस को गिरोह के बारे में महत्वपूर्ण सुराग मिले, जिसके बाद आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता मिली। जरूरत के हिसाब से बनवाए थे खास औजार जब्त किए गए सामान में अलग-अलग प्रकार के पाना, पेचकस, कटर, लोहे की रॉड और ताला-लॉकर तोड़ने वाले औजार शामिल हैं। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ औजार आरोपियों ने अपनी जरूरत के अनुसार खास तौर पर बनवाए थे। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने एक लोहार से ऐसे औजार तैयार करवाए थे, जिनका इस्तेमाल अलमारी, लॉकर और मजबूत सुरक्षा ताले तोड़ने में किया जाता था। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर एक्टिवा (CG10 AG 4136) भी जब्त कर ली है। चोरी के बाद रायपुर लौट जाते थे आरोपी पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह और उसके साथी इसी वाहन से रायपुर से भिलाई-दुर्ग आते थे। यहां चोरी की वारदात को अंजाम देने के बाद वे वापस रायपुर लौट जाते थे। रायपुर पहुंचने पर अपनी गाड़ी मेकाहारा परिसर की पार्किंग में खड़ी कर देते थे। आरोपी के मुताबिक, इस तरीके से पुलिस को लंबे समय तक उनके आने-जाने और गतिविधियों की भनक नहीं लग पाती थी, जिससे वे जांच एजेंसियों की नजरों से बचे रहते थे। कई शहरों और राज्यों में चोरी की वारदातों में शामिल रहा आरोपी जांच में यह भी सामने आया है कि मुख्य आरोपी मोहम्मद नासिर हुसैन उर्फ आनस खान का आपराधिक रिकॉर्ड कई राज्यों तक फैला हुआ है। पूछताछ के दौरान उसने भोपाल, इंदौर, चंडीगढ़ और छिंदवाड़ा समेत कई शहरों में चोरी की वारदातों में शामिल होने की बात स्वीकार की है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, उसके खिलाफ मध्यप्रदेश के भोपाल के गोविंदपुरा और कोहेफिजा थाना क्षेत्रों के अलावा क्राइम ब्रांच भोपाल में भी मामले दर्ज हैं। वहीं इंदौर के पलासिया थाना क्षेत्र तथा चंडीगढ़ के कई थानों में भी उसके खिलाफ केस दर्ज होने की जानकारी मिली है।
खोड़ा हत्याकांड का अंत: मुख्य आरोपी असद पुलिस मुठभेड़ में ढेर
गाजियाबाद के थाना खोड़ा क्षेत्र में 17 वर्षीय सूर्या प्रताप चौहान की चाकू मारकर हत्या के मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी असद को शनिवार देर रात पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान मार गिराया।
पाली जिले में शनिवार शाम आई आंधी के दौरान दो अलग-अलग हादसे हुए। रानी क्षेत्र के निम्बाड़ा गांव में इमली का पेड़ गिरने से 16 साल के किशोर की मौत हो गई, जबकि पाली शहर के पूनायता क्षेत्र में पेड़ की बड़ी टहनी गिरने से बाइक सवार युवक घायल हो गया। घायल को इलाज के लिए हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है, वहीं किशोर की बॉडी को पुलिस ने बांगड़ हॉस्पिटल की मोर्चरी में रखवाया है। बच्चों के साथ खेल रहा था किशोर, पेड़ के नीचे दबा जानकारी के अनुसार पाली जिले के गुड़ा एंदला थाना क्षेत्र के निम्बाड़ा गांव में शनिवार शाम आंधी चलने के दौरान 16 साल का जिग्नेश पुत्र मादाराम निवासी निम्बाड़ा (रानी) बच्चों के साथ खेल रहा था। इसी दौरान इमली का पेड़ गिर गया और वह उसके नीचे दब गया। ग्रामीणों ने निकाला, हॉस्पिटल में डॉक्टर ने मृत घोषित किया हादसे की जानकारी मिलने पर ग्रामीणों ने जिग्नेश को पेड़ के नीचे से बाहर निकाला और तुरंत पाली के बांगड़ हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। वहां जांच के बाद डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने बॉडी को बांगड़ हॉस्पिटल की मोर्चरी में रखवाया है। इकलौते बेटे की अकाल मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पूनायता क्षेत्र में बाइक सवार पर गिरी पेड़ की टहनी दूसरा हादसा पाली शहर के पूनायता औद्योगिक क्षेत्र में हुआ। यहां डिस्कॉम के जीएसएस पर संविदा पर कार्यरत रोहट क्षेत्र के भाकरीवाला गांव निवासी 26 साल के विक्रम पुत्र उम्मेदराम पर शनिवार शाम आंधी के दौरान पेड़ की बड़ी टहनी टूटकर गिर गई। बाइक सहित गिरा युवक, बांगड़ हॉस्पिटल में कराया भर्ती टहनी गिरने से विक्रम बाइक सहित नीचे गिरकर घायल हो गया। शनिवार रात को उसे इलाज के लिए पाली के बांगड़ हॉस्पिटल लाया गया, जहां उसका उपचार किया गया।
चंडीगढ़ के बुड़ैल गांव में हुए सिलेंडर ब्लास्ट मामले में मृतकों की संख्या बढ़कर दो हो गई है। GMCH-32 में उपचार के दौरान एक और घायल की मौत हो गई। मृतक की पहचान बिहार के लखीसराय निवासी मुकेश के रूप में हुई है, जो हादसे में 60 प्रतिशत से अधिक झुलस गया था। इससे पहले गंभीर रूप से झुलसे मुन्ना की भी इलाज के दौरान मौत हो चुकी है। वहीं एक अन्य घायल गोपी की हालत अब भी नाजुक बनी हुई है। उसे वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है। 25 मई की शाम की घटना 25 मई की शाम करीब 6 बजे सेक्टर-45 स्थित बुड़ैल गांव में किला साहिब गुरुद्वारे के पास एक विभागीय स्टोर में रखे तीन LPG सिलेंडरों में जोरदार विस्फोट हो गया था। धमाका इतना शक्तिशाली था कि स्टोर और पीछे बने कमरे के बीच की दीवार गिर गई और आग भड़क उठी। छह लोग हुए थे घायल हादसे के समय सभी मजदूर काम से लौटकर कमरे में आराम कर रहे थे। गोपी और मुकेश कमरे के दरवाजे के पास खड़े थे, तभी अचानक सिलेंडरों में विस्फोट हो गया। आग और मलबे की चपेट में आने से छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
दरभंगा में शनिवार देर रात सड़क हादसा हो गया। एक्सीडेंट में 2 युवकों की मौत हो गई। आशंका है कि किसी अज्ञात वाहन ने टक्कर मारी है। हादसे के बाद लोग आक्रोशित हो गए और सड़क जाम कर विरोध-प्रदर्शन किया। मृतकों में सोनबेहत गांव के रहने वाले राम मुखिया के बेटे किशोर मुखिया (45) और रुपनगर गांव निवासी योगी यादव के बेटे अनिक लाल यादव (50) हैं। दोनों एक ही बाइक से कहीं जा रहे थे। किशोर मुखिया का घर घटनास्थल से 2 किमी दूर है। घटना बिरौल थाना क्षेत्र के सुपौल-बेनीपुर मुख्य पथ पर कमलपुर और विष्णुपुर गांव के बीच की है। जहां सड़क पर खून फैला था। मौके से आईं कुछ तस्वीरें… स्थानीय लोगों की पड़ी नजर बताया जा रहा कि स्थानीय लोगों की नजर खून से लथपथ दो लोगों पर पड़ी। बगल में पल्सर बाइक क्षतिग्रस्त स्थिति में खड़ी थी। जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर BR07AS0465 है। ग्रामीणों ने बिरौल थाना की पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने दोनों लाशों को पोस्टमॉर्टम के लिए दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (डीएमसीएच) भेज दिया है। बिरौल थानाध्यक्ष चंद्रमणि ने कहा कि अज्ञात वाहन के खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा। आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। स्पीड ब्रेकर लगाने की मांग ग्रामीणों ने प्रशासन से सड़क पर स्पीड ब्रेकर लगाने, रात में पुलिस गश्ती बढ़ाने और दुर्घटना संभावित स्थलों पर चेतावनी संकेत लगाने की मांग की है।
औरंगाबाद जिले के बंदेया थाना क्षेत्र में नक्सली संगठन के नाम पर लेवी मांगने और धमकी भरा पत्र देने के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई में छह आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है। जिसकी पहचान गयाजी के कराई गांव निवासी उदय कुमार, चंद्रप्रकाश विश्वकर्मा, मंझियावां गांव के रंजीत कुमार उर्फ नन्हें, बिजहरी के अनिल यादव उर्फ राजेंद्र यादव के तौर पर हुई है। थानाध्यक्ष ने बताया कि 26 मई को चपरा गांव में तालाब खुदाई का कार्य चल रहा था। इसी दौरान कुछ अज्ञात लोगों ने खुदाई कार्य से जुड़े लोगों को धमकी भरा पत्र देकर लेवी की मांग की थी। पत्र में खुद को भाकपा (माओवादी) से जुड़ा बताते हुए रंगदारी नहीं देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी गई थी। इस संबंध में बंदेया थाना कांड संख्या 53/26 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। इसके बाद 27 मई की रात करीब एक बजे तालाब खुदाई में लगे कर्मियों ने पुलिस को सूचना दी कि कुछ लोग मौके पर पहुंचकर काम बंद करने और मशीनों को जलाने की धमकी दे रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। तकनीकी जांच और एसटीएफ की मदद से आरोपियों तक पहुंची पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए औरंगाबाद पुलिस और एसटीएफ ने संयुक्त रूप से कार्रवाई शुरू की। तकनीकी विश्लेषण, आसूचना संकलन और सीसीटीवी फुटेज की मदद से पुलिस ने सबसे पहले गया जिले के टिकारी थाना क्षेत्र से उदय कुमार को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान उदय कुमार ने कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने चपरा गांव स्थित एक घर से संटू यादव को एक देसी कट्टा के साथ गिरफ्तार किया। इसके बाद चपरा बधार क्षेत्र में छापेमारी कर एक और देशी कट्टा, एक थर्नेट और एक मास्केट (राइफल) बरामद की गई। अवैध हथियारों की बरामदगी के बाद अलग से कांड संख्या 57/26 दर्ज किया गया। गिरफ्तार आरोपियों से लगातार पूछताछ के बाद पुलिस ने गयाजी के कोंच थाना क्षेत्र से तीन और आरोपियों और बंदेया थाना क्षेत्र से एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। सभी आरोपियों ने स्वीकार किया अपराध पूछताछ के दौरान सभी आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि आरोपी नक्सली संगठन का नाम लेकर स्थानीय लोगों और संवेदकों में भय पैदा कर रंगदारी वसूलने की कोशिश कर रहे थे। सभी गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस मामले के अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आरोपियों का किसी संगठित आपराधिक गिरोह या प्रतिबंधित संगठन से कोई सीधा संबंध है या नहीं। मामले में आगे की विधिसम्मत कार्रवाई जारी है।
मोर्चा फाटक पर 8 साल से पुल निर्माण अधूरा:उमरिया में 3 KM सड़क बदहाल, आवागमन में लग रहे 20 मिनट
उमरिया-शहडोल मार्ग पर मोर्चा फाटक के पास रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण कार्य वर्षों से अधूरा पड़ा है। इसके चलते नेशनल हाईवे के इस हिस्से में आवागमन प्रभावित हो रहा है। करीब तीन किलोमीटर की दूरी तय करने में लोगों को 20 मिनट से अधिक समय लग रहा है। सड़क की सतह कई जगह उखड़ चुकी है और गड्ढों के साथ मिट्टी के ढेर जमा हैं। इससे दोपहिया वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर वाहन फिसलने की घटनाएं भी सामने आ रही हैं। धूल और खराब सड़क से बढ़ी दिक्कत सड़क पर लगातार उड़ रही धूल के कारण पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। राहगीरों और वाहन चालकों की आंखों में धूल पहुंच रही है। खराब सड़क और निर्माण सामग्री के कारण यह मार्ग जोखिम भरा बन गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से निर्माण कार्य चलने के बावजूद स्थिति में कोई खास सुधार नहीं हुआ है। इससे रोजाना इस मार्ग से गुजरने वाले लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। आठ साल से जारी है निर्माण कार्य उमरिया-शहडोल मार्ग पर चार रेलवे ओवरब्रिजों का निर्माण प्रस्तावित है। इनमें मोर्चा फाटक का ओवरब्रिज करीब आठ वर्षों से निर्माणाधीन है। कार्य की धीमी गति के कारण लोगों की समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं। बारिश का मौसम शुरू होने में अब करीब एक माह का समय बचा है। ऐसे में क्षेत्र में जलभराव और यातायात जाम की आशंका भी बढ़ गई है। सुधार कार्य के दिए गए निर्देश इस मार्ग से जिले और संभाग के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भी नियमित रूप से गुजरते हैं, लेकिन सड़क की स्थिति अब तक नहीं सुधर सकी है। मध्य प्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (एमपीआरडीसी) के संभागीय प्रबंधक अवधेश स्वर्णकार ने बताया कि निर्माण एजेंसी जेवीआर कंपनी को सड़क के गड्ढे भरने और आवश्यक सुधार कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि कंपनी से लगातार संपर्क किया जा रहा है और जल्द ही सड़क की स्थिति बेहतर बनाने के प्रयास किए जाएंगे।
क्लब में सिगरेट मांगने के विवाद में भाजपा युवा मोर्चा नेता शिवम सिंह हत्याकांड के बाद आखिरकार एसीपी विभूतिखंड और इंस्पेक्टर पर कार्रवाई कर दी गई है। शनिवार रात मुख्यमंत्री योगी की कानून-व्यवस्था समीक्षा बैठक के बाद लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट ने बड़ा प्रशासनिक एक्शन लेते हुए एसीपी विभूतिखंड को हटा दिया है, जबकि विभूतिखंड और गोमतीनगर विस्तार के इंस्पेक्टरों को लाइन हाजिर कर दिया गया है। सौम्या पांडे को अतिरिक्त प्रभार दिया गया पुलिस कमिश्नर अमरेंद्र सिंह सेंगर ने एसीपी विभूतिखंड विनय द्विवेदी को ट्रैफिक विभाग भेज दिया। उनकी जगह सौम्या पांडेय को विभूतिखंड सर्किल की कमान सौंपी गई है। सौम्या पांडेय को सोशल मीडिया सेल का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। वहीं विभूतिखंड थाना प्रभारी अमर सिंह को हटाकर पुलिस लाइन भेज दिया गया है। उनकी जगह उपेंद्र सिंह को नया प्रभारी निरीक्षक बनाया गया है। गोमतीनगर विस्तार के इंस्पेक्टर सुधीर कुमार अवस्थी को भी लाइन हाजिर किया गया है और उनकी जगह गौरव बाजपेयी को थाने की जिम्मेदारी दी गई है। 2 लिस्ट देखिए- शिवम सिंह हत्याकांड के बाद बढ़ा था दबाव 25 मई को विभूतिखंड क्षेत्र में भाजपा युवा मोर्चा नेता शिवम सिंह की हत्या ने राजधानी की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे। शुरुआती जांच में सामने आया था कि मामूली विवाद के बाद शिवम पर हमला किया गया, जिससे उनकी मौत हो गई। घटना के बाद भाजपा संगठन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए थे। मामले में राजनीतिक तूल पकड़ने लगा तो पुलिस मुख्यालय तक रिपोर्ट तलब की गई। इसके बाद लगातार अधिकारियों की जवाबदेही को लेकर मंथन चल रहा था। सिर्फ शिवम हत्याकांड नहीं, कई घटनाओं से घिरी रही पुलिस मई के अंतिम सप्ताह में राजधानी में एक के बाद एक कई चर्चित घटनाएं हुईं। पीजीआई क्षेत्र में प्रॉपर्टी डीलर संदीप सिंह की दिनदहाड़े हत्या, यूपीएससी छात्रा गैंगरेप प्रकरण, गोमतीनगर विस्तार में सैलून मैनेजर आत्महत्या मामला और लूट-छिनैती की घटनाओं ने पुलिसिंग पर सवाल खड़े कर दिए सबसे ज्यादा दबाव पीजीआई इलाके में हुए संदीप सिंह हत्याकांड को लेकर है। घटना के कई दिन बाद भी शूटरों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। पुलिस और एसटीएफ की टीमें जांच में जुटी हैं, लेकिन अब तक कोई बड़ी सफलता नहीं मिली है। सीएम की समीक्षा के बाद हुआ एक्शन सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार शाम को ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कानून-व्यवस्था की समीक्षा की थी। बैठक में बड़े शहरों में बढ़ते अपराध और पुलिस की जवाबदेही का मुद्दा प्रमुखता से उठा था। इसके बाद लखनऊ कमिश्नरेट ने संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात अधिकारियों के प्रदर्शन की समीक्षा की और कार्रवाई का फैसला लिया। पुलिस महकमे के सूत्रों का कहना है कि यह कार्रवाई अभी शुरुआत भर है। शिवम सिंह हत्याकांड और अन्य मामलों में पुलिस की भूमिका की समीक्षा जारी है। जांच रिपोर्ट के आधार पर कुछ चौकी प्रभारियों और अन्य पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई हो सकती है।
रायपुर के पुराने धमतरी रोड स्थित कोलार इलाके में संचालित कल्पवृक्ष रिसोर्ट पर पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए कथित अवैध कैसिनो का भंडाफोड़ किया है। रिसोर्ट के भीतर संचालित खोखी झीमखाना क्लब में बिना वैधानिक अनुमति के हाईप्रोफाइल जुआ गतिविधियां संचालित होने की सूचना पर यह कार्रवाई की गई। जानकारी के अनुसार, मुखबिर से मिली सूचना के बाद पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष टीम का गठन कर रिसोर्ट में छापेमारी की गई। कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने क्लब परिसर के अंदर कैसिनो जैसी व्यवस्था पाई। यहां पोकर और रमी जैसे खेलों के लिए विशेष टेबलें लगाई गई थीं। साथ ही बड़ी संख्या में ताश की गड्डियां और अन्य जुआ सामग्री भी बरामद की गई। इस मामले में संचालकों को नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए तलब किया गया है। इसके अलावा दस्तावेज भी मांगे गए हैं। कार्ड टेबल और गेमिंग सामग्री जब्त, गेमिंग जोन सील छापेमारी के दौरान पुलिस और प्रशासन की टीम ने पोकर कार्ड टेबल, रमी गेमिंग टेबल सहित अन्य गेमिंग सामग्री जब्त कर ली। इसके साथ ही पूरे गेमिंग जोन को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया। अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में क्लब के संचालन और वहां संचालित गेमिंग गतिविधियों से जुड़ी कई अनियमितताएं सामने आई हैं। मामले की विस्तृत जांच जारी है और संबंधित दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। क्लब संचालकों को नोटिस जारी, दस्तावेज मांगे गए पुलिस ने क्लब संचालकों को नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए तलब किया है। साथ ही क्लब के संचालन से संबंधित सभी वैधानिक दस्तावेज, लाइसेंस और आवश्यक अनुमति पत्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। फिलहाल पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम मामले की जांच में जुटी हुई है। अधिकारियों के अनुसार, जब्त की गई सामग्री का पंचनामा तैयार किया जा रहा है। वहीं, संबंधित दस्तावेजों और अनुमतियों की जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सीधी जिले के रामपुर नैकिन थाना क्षेत्र के ग्राम शिकारगंज में पिछले आठ महीने से तालाब में रह रहे मगरमच्छ का रविवार को रेस्क्यू किया गया। वन विभाग की टीम ने कई घंटे की कार्रवाई के बाद मगरमच्छ को सुरक्षित पकड़ा और उसे सोन नदी के भंवरसेन घाट में छोड़ दिया। मगरमच्छ के हटने के बाद गांव के लोगों ने राहत की सांस ली। ग्राम शिकारगंज का तालाब आदिवासी बस्ती के लोगों के लिए पानी का प्रमुख स्रोत है। ग्रामीण इसी तालाब का उपयोग नहाने, कपड़े धोने और अन्य घरेलू कार्यों के लिए करते हैं। मगरमच्छ की मौजूदगी के कारण लंबे समय से लोगों में भय बना हुआ था। बच्चों की सुरक्षा को लेकर बनी रहती थी चिंता ग्रामीणों के मुताबिक कई बार छोटे बच्चे अनजाने में तालाब के पानी में उतर जाते थे और मगरमच्छ उनके पास तक पहुंच जाता था। हालांकि इस दौरान कोई हादसा नहीं हुआ, लेकिन स्थिति को देखते हुए लोगों ने तालाब के आसपास जाना कम कर दिया था। मगरमच्छ को हटाने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने कई बार वन विभाग को शिकायत दी थी। इसके बाद विभाग ने रेस्क्यू की योजना बनाई। 12 सदस्यीय टीम ने चलाया अभियान रविवार सुबह संजय टाइगर रिजर्व क्षेत्र के डीएफओ राजेश कन्ना टी के निर्देश पर रेंजर मुकेश अलावा के नेतृत्व में 12 सदस्यीय टीम गांव पहुंची। टीम ने तालाब में अभियान चलाकर मगरमच्छ को सुरक्षित पकड़ लिया। रेस्क्यू के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर मौजूद रहे। मगरमच्छ को पकड़ने के बाद वन विभाग की टीम उसे वाहन से सोन नदी के भंवरसेन घाट लेकर गई और उसके प्राकृतिक आवास को ध्यान में रखते हुए नदी में छोड़ दिया। ग्रामीणों ने जताया आभार स्थानीय निवासी शैलेंद्र सिंह ने बताया कि मगरमच्छ के कारण गांव के लोगों में लगातार डर बना हुआ था। उसके रेस्क्यू होने से अब ग्रामीणों को राहत मिली है। वन विभाग की कार्रवाई के बाद ग्रामीणों ने अधिकारियों और रेस्क्यू टीम का आभार व्यक्त किया तथा अभियान की सराहना की।
वाराणसी से सटे जिलों मिर्जापुर, सोनभद्र, गाजीपुर और बलिया में ट्रकों के अवैध एंट्री के लिए पैसा वसूलने के मामले में लखनऊ एसटीएफ की एंटी कापरशन की टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने लखनऊ-सुल्तानपुर रोड पर स्थित अहमामऊ-शहीद पथ अंडरपास पर शुक्रवार रात गाजीपुर में आरटीओ के साथ तैनात एक सिपाही सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए लोगों से पूछताछ के आधार पर 19 लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। एसटीएफ एंटी करप्शन टीम के निरीक्षक शिवनेत्र सिंह ने यह मुकदमा दर्ज कराया है। पकड़ा गया सिपाही वाराणसी के सारनाथ थानाक्षेत्र के सारंगतालाब का निवासी विपिन कुमार यादव है, जिसे कार्रवाई के बाद निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा पुलिस ने बलिया के फेफना स्थित कपूरी नारायण निवासी आकाश चौधरी, सिकंदरपुर (बलिया) निवासी राजा कुमार, बलिया के जापलीगंज बड़ी मुठी निवासी प्रदीप गुप्ता को 14 दिनों की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया। निरीक्षक ने इन चार के अलावा 15 अन्य समेत 19 पर वाराणसी के गोमती जोन के थाने फूलपुर में संबंधित धराओं में मुकदमा दर्ज कराया है। ट्रक मालिकों ने की थी शिकायत एसटीएफ निरीक्षक शिवनेत्र सिंह ने अपनी तहरीर में बताया - कुछ ट्रक मालिकों की ओर से सूचनाएं मिल रही थीं कि एंट्री फीस के नाम पर अवैध वसूली की जाती है। पूछताछ में सामने आया कि मिर्जापुर, सोनभद्र, गाजीपुर, बलिया समेत अन्य जिलों से ओवरलोड वाहनों को पास कराने का काम किया जा रहा था। अन्य लोगों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है। जांच में सामने आया कि ओवरलोड गाड़ियां पास कराने के एवज में प्रति ट्रक 3000 रुपये लिए जाते थे। एसटीएफ की जांच में सामने आया कि ओवरलोड गाड़ियों को पास कराने के लिए आरोपियों की ओर से परिवहन अधिकारियों की लोकेशन ली जाती थी। लोकेशन के आधार पर गाड़ियां पास कराई जाती थीं। परिवहन अधिकारियों की लोकेशन की जानकारी ट्रक चालकों व मालिकों को पल-पल दी जाती थी। सोनभद्र और मिर्जापुर समेत अन्य जिलों से गाड़ियां पास होती थीं। अहमामऊ-शहीद पथ अंडरपास से हुई गिरफ्तारी निरीक्षक शिवनेत्र सिंह ने बताया - हम ऐसे गिरोह के भांडाफोड़ के लिए सक्रीय थे। इसी क्रम में हमें सूचना मिली की इस गैंग के सरगना कुछ ही देर में अहमामऊ-लखनऊ शहीद पथ अंडर पास के पास आने वाले हैं। इसपर वहां पहुंचकर कार्रवाई की गई गयी और एक काले कलर की कर से दो लोगों को हिरासत में लिया गया। पहले व्यक्ति ने अपना नाम विपिन कुमार यादव निवासी सारंगतालाब सरनाथ और हाल पता फेफना बलिया बताया। दुसरे व्यक्ति ने अपना नाम नित्यानंद यादव उर्फ़ गामा निवासी हरदी, बलिया बताया। विपिन से पूछताछ की गयी तो उसने अपना जुर्म क़ुबूल कर लिया और बताया की साल 2005 से आरटीओ में बतौर सिपाही तैनाती मिली थी। तब से ही आरटीओ अधिकरियों से नजदीकियां बढ़ गयी थीं। अधिकारियों ने कहा था टीम बनाकर करो काम शिवनेत्र सिंह ने अपनी तहरीर में बताया - विपिन कुमार यादव ने बड़ा खुलासा करते हुए बताया - इसी बीच अधिकारियों ने मुझसे ओवरलोड वाहनों से अवैध वसूली करवाने की बात कही सुर इसके ली टीम तैयार करने को कही गयी। इसके बाद मैंने फेफना के सुशील सिंह, प्रदीप गुप्ता विक्की, आकाश चौधरी, मुनीम जी उर्फ संतोष को अपने वाराणसी स्थित मकान पर बुलाकर उन्हें एंट्री के नाम पर वसूली का सिस्टम समझाया। ये लोग वाराणसी, गाजीपुर, सोनभद्र और मिर्जापुर में आरटीओ का फर्जी कर्मचारी बनकर अवैध वसूली कर रहे थे। परिवहन विभाग के अधिकारियों को भी जाता है हिस्सा निरीक्षक की तहरीर के अनुसार - सरगना विपिन ने बताया - इस वसूली की कमाई सुशील, प्रदीप, आकाश और मुनीम हमें लाकर देते थे। उनका हिस्सा और अपना हिस्सा रखने के बाद परिवहन विभाग के अधिकारियों का हिस्सा भी उन तक पहुंचा दिया जाता था। फिलहाल एसटीएफ की यूनिट इन सभी आरोपों की जांच कर रही है। विपिन से पूछताछ के आधार पर वाराणसी से दो अन्य गिरफ्तारियां हुई हैं। इसके बाद फूलपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। इन धाराओं पर 19 पर दर्ज हुआ मुकदमा थानाध्यक्ष फूलपुर राजीव कुमार सिंह ने बताया - एसटीएफ एंटी करप्शन निरीक्षक शिवनेत्र सिंह की तहरीर पर थाने पर बीएनएस की धारा 238, 308(2), 318(4), 319(2), 336(3), 338, 340(2), 59, 61(2) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 13, 07 , 08 में मुकदमा पंजीकृत कर विपिन कुमार यादव, आकाश चौधरी, राज कुमार, प्रदीप गुप्ता, पिंकू सिंह, मुनीम जी, बुलबुल, सीबी सिंह, अशोक दुबे, रंजीत, बबलू सिंह, दीपक, गुड्डू सिंह, सौरभ चौधरी, ललित सिंह, ह्रदय चौधरी, भोला नाथ चौधरी, दिनेश यादव, सहित सतीश चौधरी को नामजद किया गया है। जिसमें से चार को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।
नर्मदापुरम में शनिवार रात करीब 1 बजे अचानक मौसम ने करवट बदली। करीब दो घंटे तक 40 से 60 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से आंधी भी चल सकती है। तड़के 4.30 बजे से आधे घंटे तेज बारिश भी हुई। जिससे वातावरण में ठंडक घुल गई। लोगों को गर्मी से काफी राहत मिली। रविवार सुबह से मौसम साफ हो गया, धूप निकल आई। मौसम विभाग के मुताबिक, रविवार को ठंडक बनी रहेगी। हल्की बारिश होने की संभावना है। आंधी का असर जिले भर में रहाशनिवार को तेज हवा आंधी का असर जिलेभर में रहा। कहीं-कहीं पेड़ गिरें। आंधी चलने से शहर में बिजली सप्लाई भी प्रभावित हुआ। शहर के अंकिता नगर, हाउसिंग बोर्ड न्यास कॉलोनी, मालाखेड़ी, सदर बाजार, बालागंज समेत अन्य इलाकों की बिजली गुल हो गई। न्यास कॉलोनी क्षेत्र की बिजली सुबह 7 बजे से नहीं आ पाई। 25 मई से नौतपा चल रहा है, जिससे तापमान 42॰ के पार हुआ था। शनिवार को बादल छाए रहने से गर्मी से राहत मिली। IMD (मौसम केंद्र) के अनुसार, रविवार को भी गरज-चमक, आंधी और हल्की बारिश हो सकती है।
दैनिक भास्कर की स्पेशल सीरीज के पहले पार्ट में आपने पढ़ा कि कैसे देश भर में पूरी तरह प्रतिबंधित होने के बावजूद ई-सिगरेट (वेप) राजस्थान के शहरों में बिक रही है। नाबालिग बच्चे और कॉलेज स्टूडेंट्स इसके जाल में फंसते जा रहे हैं। पहले पार्ट के सामने आने के बाद अब सबसे बड़ा और गंभीर सवाल यह खड़ा होता है कि जब भारत में इस पर पूरी तरह कानूनी प्रतिबंध (बैन) है, तो फिर यह ई-सिगरेट हमारे देश और राजस्थान के शहरों की पान की दुकानों तक पहुंच कैसे रही है? इस सवाल का जवाब ढूंढने के लिए दैनिक भास्कर की टीम ने जब इसके इंटरनेशनल सप्लाई चेन को खंगाला, तो कड़ियां सीधे चीन से जाकर जुड़ीं। भास्कर की पड़ताल में सामने आया कि भारत में बिकने वाली लगभग हर अवैध ई-सिगरेट की खेप चीनसे आ रही है। चौंकाने वाली बात यह है कि चीन में भी ई-सिगरेट बनाना और बेचना दोनों ही पूरी तरह गैरकानूनी है। ई-सिगरेट के बढ़ते खतरे को देखते हुए चीन की सरकार ने पिछले कुछ सालों में बड़े पैमाने पर रेड (छापेमारी) डाली है। वहां अब तक अवैध रूप से वेप बनाने वाली 300 से ज्यादा फैक्ट्रियां बंद कराई जा चुकी हैं। लेकिन इस कड़े एक्शन के बाद भी यह धंधा रुका नहीं। शातिर तस्करों और मैन्युफैक्चरर्स ने अब चीन में दूसरी वैध कंपनियों (जैसे इलेक्ट्रॉनिक्स या प्लास्टिक खिलौने बनाने वाली फर्म) की आड़ में चोरी-छिपे ई-सिगरेट का प्रॉडक्शन शुरू कर दिया है। ई-सिगरेट चीन में तीन डॉलर (करीब 300 रुपए) में मिलती है। वह भारत में 2 से 3 हजार रुपए में बेची जा रही है। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… प्लेन और समुद्र के रास्ते पहुंच रही ई-सिगरेट प्लेन : इलेक्ट्रॉनिक आइटम बताकर लाते हैं ई-सिगरेट के पैकेट काफी छोटे होते हैं। पैसेंजर को 30 किलो तक का बैग ले जाने की परमिशन होती है। ऐसे में एजेंट सीधे चीन से बैग में ई-सिगरेट के पैकेट बनाकर रखकर ले आते हैं। हर पैसेंजर के बैग की एयरपोर्ट पर चेकिंग नहीं हो पाती है। इसका एजेंट फायदा उठाते है। हालांकि कई बार एयरपोर्ट पर पकड़े जाने पर पूरा माल जब्त हो जाता है। दोबारा उस एजेंट पर एयरपोर्ट पर आने-जाने पर सख्ती से नजर रखी जाती है। हवाई जहाज से ई-सिगरेट लाना काफी महंगा पड़ता है। पूरा माल इलेक्ट्राॅनिक आइटम बता कर लाते हैं। करीब 400 रुपए में ई-सिगरेट की क्वालिटी चेक होने के बाद पैकेट बनाया जाता है। पैकेट दो हजार रुपए प्रति किलो के रेट में लाया जाता है। एक पैकेट में 6 पीस होते हैं। हर पीस की बात करें तो एजेंट 400 रुपए एक्स्ट्रा लेते हैं। इसमें अगर डोर टू डोर डिलीवरी की डील होती है तो सौ रुपए प्रति पीस और लेते हैं। सारी जिम्मेदारी एजेंट की होती है। अगर चेकिंग हो जाती है तो कस्टम में पूरा माल फंस जाता है। ऐसे में रिस्क ज्यादा रहता है। समुद्र के रास्ते : सप्लाई सस्ती पड़ती है कंटेनर में पैक करके ई-सिगरेट समुद्र के रास्ते पाेर्ट तक पहुंचती है। कंटेनर में बहुत सारे इलेक्ट्राॅनिक आइटम होते हैं। सभी आइटम की चेकिंग भी संभव नहीं होती। समुद्र के रास्ते सप्लाई सस्ती पड़ती है, जो ई-सिगरेट 300 रुपए की होती है, वह क्वालिटी चेक और एजेंट की प्रति पीस फीस मिलाकर 450 से 500 रुपए हो जाती है। ये एजेंट बड़ी डील में ही बात करते हैं। कंटनेर में माल लोड करवा कर समुद्र के रास्ते पैक करवा कर पोर्ट तक ले आते हैं। यहां पर सेटिंग करके आगे दिल्ली जैसे बड़े शहरों में डिलीवरी कर दी जाती है। इसमें दो तरीके से डील होती है। पहली तो पोर्ट से माल बाहर निकालने के बाद आपकी जिम्मेदारी होती है कि आप माल अपनी जगह तक कैसे ले जाते हैं और दूसरी वे खुद डोर टू डोर डिलीवरी की जिम्मेदारी लेते है। इसमें अधिक चार्ज देना पड़ता है लेकिन पूरी तरह से सेफ रहते हैं। (नाम न छापने की शर्त पर एक कस्टम अधिकारी ने बताया) ट्रेन के कंटेनर से भी पहुंचता है माल पोर्ट से माल उतरने के बाद कंटेनर में ट्रेन के जरिए भी दिल्ली, कोलकाता, जयपुर, मुंबई जैसी जगहों पर भेजा जाता है। यहां से अलग-अलग शहरों में डीलरों के पास पहुंच जाता है। पूरी डील और माल भेजने की व्यवस्था सीएचए (कस्टम हेल्प एजेंट) की होती है। चीन में खुद सीएचए का अपना वेयरहाउस होता है। बस अपना कोई भी माल उनके वेयरहाउस तक भेजना होता है। उसके बाद से वे सारी डील खुद करते हैं। भास्कर ने एक डीलर अखिलेश से बात की। अखिलेश सीएचए के संपर्क में रहते हैं। पर्स, बेल्ट व अन्य इलेक्ट्राॅनिक चीजें कम कीमतों पर चीन से मंगाते हैं। बोले- अभी ई-सिगरेट नहीं आ रही। बहुत सख्ती है। पोर्ट से 120 करोड़ का माल कंटेनर से जब्त हुआ है। कई बड़े एजेंटों का नुकसान हुआ है, हर कोई डरा हुआ है। अखिलेश ने बताया चीन में शैनजिंग और गुवाडोंगे प्रोवेंस को वेप कैपिटल कहा जाता है। यहां वेप बनाने की सबसे ज्यादा अवैध फैक्ट्रियां हैं। चीन सरकार सख्त है, क्योंकि सेना के कुछ अधिकारियों और जवानों की वेप की वजह से मौत हो गई थी। वेप बनाने वाली 300 से ज्यादा कंपनियों पर रेड डाली। इसके बाद दूसरे इलेक्ट्रानिक प्रोडक्ट बनाने की आड़ में वेप की मैन्युफेक्चरिंग शुरू हो गई। चीन के लोग अब मिडिलजवान ईस्ट और रशिया में फैक्ट्री डाल रहे हैं। कुछ समय बाद वहां से प्रोडक्शन शुरू हो सकता है। चीन की फैक्ट्रियों से करना होता है कॉन्टैक्ट एजेंट ने बताया कि ई-सिगरेट के लिए चीन की फैक्ट्रियों में संपर्क करना पड़ता है। वहां पर एल्फबार, एल्फफकीर, होजोल सहित कई बड़े अवैध ब्रांड हैं। 10 हजार से लेकर 20 करोड़ तक चाहे जितना माल मिल जाएगा। माल के लिए कैश पेमेंट करना होता है, वो भी चीन की करेंसी में। पेमेंट हाेने के बाद फैक्ट्री की ओर से आपके ट्रांसपोर्टर तक सेफ तरीके से माल पहुंचाया दिया जाता है। इसके बाद आपकी जिम्मेदारी है कि माल कैसे लेकर जाएंगे। अगर कस्टम एजेंट से मिलकर बात करते हैं तो वहां इंस्पेक्शन टीम से क्वालिटी चेक का सर्टिफिकेट लेना होता है। उसका अलग चार्ज होता है। एक कंटेनर माल का 10 हजार आरएमबी में डील होती है मतलब की करीब एक लाख 40 हजार भारतीय रुपए। सर्टिफिकेट मिलने के बाद एजेंट की पूरी जिम्मेदारी होती है। हर दिन ई-सिगरेट की रेट्स की पीडीएफ शेयर होती है। नई रेट्स के हिसाब से ऑर्डर फिक्स किए जाते हैं। ई-सिगरेट के अलग-अलग फ्लेवर के हिसाब से भी रेट तय हैं। साथ ही ज्यादा ऑर्डर बुक करने पर रेट कम हो जाती है। यह भी पढ़िए… 2000 सिगरेट जितनी खतरनाक ई-सिगरेट, राजस्थान में बिक रही:7 साल पहले बैन, IPL क्रिकेटर पी रहे, दुकानदार बोले- चाहे जितनी मिलेगी, पार्ट-1 राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग हाल ही में जयपुर में मैच के दौरान ड्रेसिंग रूम में ई-सिगरेट (वेप) पीते हुए पकड़े गए थे। लोकसभा के अंदर भी स्पीकर ओम बिरला ने एक सांसद को ई-सिगरेट पीते टोका था। बैन होने के बावजूद ई-सिगरेट के लगातार मामले सामने आने के बाद भास्कर टीम ने जयपुर और जोधपुर में इन्वेस्टिगेशन किया तो पान की दुकानों और थड़ियों पर ई-सिगरेट बिकती मिली। (पढ़िए पूरी रिपोर्ट)
बीकानेर में आज बारिश और आंधी का अलर्ट:तापमान गिरने की संभावना, किसानों और आमजन को मिली राहत
बीकानेर में भीषण गर्मी के बीच मौसम में बदलाव के बाद रविवार को तापमान में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। शनिवार शाम आई आंधी और बारिश का असर रविवार सुबह भी देखने को मिला। सुबह तापमान 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया, जबकि दिन का अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने जिले के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए हल्की बारिश और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है। रविवार सुबह मौसम रहा सुहावना शनिवार शाम आए मौसम परिवर्तन के बाद रविवार सुबह मौसम सुहावना बना रहा। हवा में ठंडक महसूस की गई और लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली। मौसम विभाग के अनुसार जिले में रविवार को हल्की बारिश हो सकती है। इसके साथ ही 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं और आंधी चलने की संभावना है। एक सप्ताह पहले 47 डिग्री के आसपास पहुंचा था तापमान गौरतलब है कि इसी सप्ताह बीकानेर का तापमान 47 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया था। शहर प्रदेश के सबसे गर्म शहरों में शामिल रहा। लगातार चल रही हीटवेव और नौतपा के कारण जनजीवन प्रभावित हो रहा था। शनिवार शाम अचानक मौसम बदलने के बाद हालात में सुधार आया है। 10 से 12 डिग्री तक कम रह सकता है अधिकतम तापमान रविवार सुबह साढ़े आठ बजे तक तापमान 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार आज अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। यह पिछले दिनों की तुलना में करीब 10 से 12 डिग्री तक कम है। नागौर में ऑरेंज अलर्ट, नोखा क्षेत्र पर पड़ सकता है असर मौसम विभाग ने निकटवर्ती नागौर जिले के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। नागौर में तेज बारिश, आंधी और तूफानी मौसम की संभावना जताई गई है। इसका असर बीकानेर जिले के नोखा क्षेत्र में भी देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने खराब मौसम के दौरान लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। किसानों और आमजन को मिली राहत बारिश और तापमान में आई गिरावट से आमजन के साथ किसानों को भी राहत मिली है। पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी के बाद मौसम में आए बदलाव से लोगों को राहत मिली है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दिन में बारिश होती है तो तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है।
बाड़मेर में एक क्रेटा कार से 2 पिस्टल, मैग्जीन और 1 कारतूस मिलने का मामला सामने आया है। कार में सवार दो युवकों को गिरफ्तार किया गया है। पकड़े गए आरोपियों में एक बाड़मेर ग्रामीण थाना क्षेत्र का हिस्ट्रीशीटर भी है, जिसके खिलाफ पहले से 4 मामले दर्ज हैं। दोनों आरोपियों से अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त को लेकर पूछताछ की जा रही है। अवैध हथियारों की रोकथाम के लिए चल रहा अभियान एसपी चूनाराम जाट ने बताया कि पुलिस मुख्यालय और जोधपुर रेंज आईजी के निर्देशानुसार अवैध हथियारों की रोकथाम और वांटेड आरोपियों को डिटेन करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत एएसपी नितेश आर्य और डीएसपी रमेश कुमार शर्मा के सुपरविजन में सदर थानाधिकारी करतारसिंह के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया। नाकाबंदी के दौरान क्रेटा कार का पीछा कर पकड़ा एसआई बगडूराम की टीम ने महाबार क्षेत्र में नाकाबंदी कर रखी थी। इस दौरान पुलिया के पास बाईपास रोड पर एक सफेद रंग की क्रेटा कार आती दिखाई दी। पुलिस टीम ने कार का पीछा कर उसे रुकवाया और उसमें सवार युवकों से पूछताछ की। दोनों आरोपियों के कब्जे से मिले हथियार पूछताछ में युवकों ने अपने नाम जयसिंह पुत्र हिरसिंह निवासी जीवराजसिंह की ढाणी, पारो, बाड़मेर ग्रामीण और प्रवीण सिंह पुत्र सरदारसिंह निवासी डंडकला रणजीतपुरा, जिला बीकानेर बताए। कार की तलाशी लेने पर जयसिंह और प्रवीण सिंह के कब्जे से 2 पिस्टल मय मैग्जीन और 1 कारतूस बरामद हुआ। आर्म्स एक्ट में मामला दर्ज पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनके खिलाफ पुलिस थाना सदर बाड़मेर में आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस फिलहाल दोनों आरोपियों से अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त के संबंध में पूछताछ कर रही है। जयसिंह निकला हिस्ट्रीशीटर पुलिस ने आरोपियों का क्राइम रिकॉर्ड खंगाला तो जयसिंह बाड़मेर ग्रामीण थाना क्षेत्र का हिस्ट्रीशीटर निकला। उसके खिलाफ पहले से 4 मामले दर्ज हैं। इनकी रही कार्रवाई में भूमिका कार्रवाई में मुख्य भूमिका शंकरसिंह की रही। इसके अलावा सुरेश कुमार, नरेश कुमार, भरत कुमार, नरेंद्र कुमार और डीसीआरबी प्रभारी भूपेंद्र सिंह भी टीम में शामिल रहे।
बुलंदशहर जिला बार एसोसिएशन के वार्षिक चुनाव का कार्यक्रम शनिवार देर शाम जारी कर दिया गया। एल्डर्स कमेटी के अध्यक्ष रामपाल सिंह ने चुनाव कार्यक्रम की घोषणा करते हुए बताया कि नामांकन प्रक्रिया 4 जून से शुरू होगी, जबकि मतदान दो चरणों में 11 और 15 जून को कराया जाएगा। एल्डर्स कमेटी के अध्यक्ष रामपाल सिंह और सदस्य बशीर अहमद ने बताया कि पहले चरण में अध्यक्ष, महासचिव और महिला कोषाध्यक्ष पद के लिए मतदान कराया जाएगा। वहीं दूसरे चरण में वरिष्ठ उपाध्यक्ष, चार कनिष्ठ उपाध्यक्ष (तीन पुरुष और एक महिला), तीन सहसचिव (दो पुरुष और एक महिला) तथा छह कार्यकारिणी सदस्यों का चुनाव होगा। कार्यकारिणी में चार वरिष्ठ पुरुष और दो वरिष्ठ महिला अथवा चार कनिष्ठ पुरुष और दो कनिष्ठ महिला सदस्यों का चयन किया जाएगा। 4 जून को नामांकन, 5 जून को जांच चुनाव कार्यक्रम के अनुसार 4 जून को प्रत्याशी नामांकन पत्र दाखिल करेंगे। 5 जून को नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी। इसी दिन दोपहर 2 बजे से शाम 4 बजे तक नामांकन वापस लेने की प्रक्रिया भी पूरी की जाएगी। मतदान के बाद होगी मतगणना पहले चरण का मतदान 11 जून को होगा। मतदान समाप्त होने के बाद उसी दिन मतगणना कर परिणाम घोषित किए जाएंगे। दूसरे चरण का मतदान 15 जून को कराया जाएगा। इसके बाद मतगणना की प्रक्रिया पूरी कर 16 जून को परिणामों की घोषणा की जाएगी। ये रहे मौजूद चुनाव कार्यक्रम जारी करने के दौरान एल्डर्स कमेटी के सदस्य दलेल सिंह सिरोही, गजराज सिंह वर्मा, ग्रीश चंद शर्मा और रूकन सिंह पायल भी मौजूद रहे।
इंदौर के सत्यसांई चौराहे पर शनिवार-रविवार दरमियानी रात दोपहिया वाहन से जा रहे एक दंपति के साथ खुद को सैन्यकर्मी बताने वाले कुछ युवकों ने मारपीट कर दी। विवाद बढ़ने पर आसपास मौजूद लोग दंपति की मदद के लिए पहुंचे। इस बीच युवकों से हाथापाई हो गई। इस दौरान कार सवार युवकों ने वाहन तेज रफ्तार में दौड़ाते हुए कुछ वाहनों को टक्कर मारी और कार डिवाइडर में घुस गई। सूचना मिलने पर विजयनगर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। महालक्ष्मी नगर मेले से लौट रहा था दंपति जानकारी के अनुसार रिमझिम बारोसा अपने पति शिखर के साथ महालक्ष्मी नगर मेले से घर लौट रही थीं। रिमझिम महिला बाउंसर के रूप में काम करती हैं। बंबई अस्पताल के पास वाहन कट मारने की बात को लेकर उनकी कार सवार युवकों से कहासुनी हो गई। चौराहे पर रोककर किया विवाद प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सत्यसांई चौराहे पर कार सवार युवकों ने दंपति का रास्ता रोक लिया और विवाद शुरू कर दिया। आरोप है कि कार में सवार पांच युवकों ने शिखर और रिमझिम के साथ मारपीट की। लोगों ने किया दंपति का बचाव मारपीट होते देख आसपास मौजूद लोग मौके पर पहुंचे और दंपति को बचाने का प्रयास किया। विवाद बढ़ने पर भीड़ और युवकों के बीच भी झड़प हो गई। इस दौरान कार सवार युवकों ने वाहन दौड़ाकर निकलने का प्रयास किया। डिवाइडर में घुसी कार, क्रेन से हटाया प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक युवकों ने कार से लोगों को टक्कर मारने की कोशिश की। इसी दौरान कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर में घुस गई। बाद में क्रेन की मदद से कार को हटाया गया। वहीं, पुलिस ने कार को जब्त कर थाने पहुंचा दिया है। सैन्यकर्मी होने के दावे की जांच विजयनगर थाना प्रभारी चंद्रकांत पटेल ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी सत्यापित कर रही है कि कार में सवार युवक वास्तव में सैन्यकर्मी हैं या नहीं। मामले में संबंधित पक्षों के बयान लिए जा रहे हैं और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
गोपालगंज में भू-माफियाओं को संरक्षण देने और जबरन जमीन कब्जा करने के मामले की जांच अब अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) करेगा। राज्य सरकार ने कुचायकोट विधानसभा क्षेत्र से जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के विधायक अमरेंद्र कुमार पांडेय उर्फ पप्पू पांडेय और उनके भाई सतीश पांडेय सहित कुल 7 लोगों पर लगे आरोपों की गंभीरता को देखते हुए यह निर्णय लिया है। यह पूरा मामला कुचायकोट थाना क्षेत्र के बेलवा गांव स्थित लगभग 16 एकड़ की कीमती जमीन पर अवैध कब्जे से जुड़ा है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी गई। प्राथमिकी में विधायक पप्पू पांडेय, उनके बड़े भाई सतीश पांडेय समेत कुल 7 लोगों को नामजद किया गया है। आरोप है कि रसूख और सत्ता के बल पर भू-माफियाओं को संरक्षण दिया जा रहा था। इसके माध्यम से जमीन मालिकों को डरा-धमकाकर उनकी पुश्तैनी संपत्ति पर कब्जा जमाया गया। दस्तावेज और केस डायरी CID को सौंपा राज्य सरकार द्वारा जांच की जिम्मेदारी सीआईडी को सौंपे जाने के बाद से जिले के राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। स्थानीय पुलिस से इस मामले के सभी दस्तावेज और केस डायरी अब सीआईडी को हस्तांतरित किए जा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि सीआईडी की जांच में गवाहों के बयान और जमीन के स्वामित्व से जुड़े दस्तावेजों की नए सिरे से गहन पड़ताल की जाएगी। सत्ताधारी दल के विधायक का नाम शामिल होने के कारण इस मामले पर पूरे प्रदेश की नजरें टिकी हुई हैं।
अजमेर के ज्ञान विहार कॉलोनी में शनिवार शाम को गंदे पानी की सप्लाई हुई। बदबूदार और मटमैला पानी आने के बाद लोगों ने विरोध जताया। लोगों ने कहा- घर के टैंक में गंदा पानी भरने से अब खाली कर सफाई करनी पडे़गी। वहीं मामले में जलदाय विभाग के अफसरों ने कहा- नाले की सफाई के दौरान क्षेत्र की पाइप लाइन टूट गई थी। ऐसे में गंदा पानी सप्लाई हो गया। लाइन सही करने का काम शुरू कर दिया गया है। तीन दिन बाद आया पानी, वो भी बदबूदार-गंदा जयश्री केसवानी और माधुरी गर्ग सहित स्थानीय लोगों ने बताया- क्षेत्र में तीन दिन बाद पानी सप्लाई हुआ। ये भी काला और बदबूदार पानी है। पहले से पानी का संकट है। ऐसे में गंदे पानी की आपूर्ति से मुश्किल हो गई है। लोगों ने बताया- घरों में बने पानी के टैंक में गंदा पानी आने से इसे खाली करने और इसकी सफाई करनी पड़ेगी। इस संबंध में जलदाय विभाग के सहायक अभियंता धर्मवीरसिंह राव ने बताया- क्षेत्र में नाले की सफाई के दौरान पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हुई और ऐसे में गंदे पानी की सप्लाई हुई। ऐसा पहली बार हुआ है और लाइन को दुरस्त करने का काम शुरू कर दिया गया है। आगे से होने वाली सप्लाई शुद्ध पानी की होगी। इसके लिए कवायद शुरू कर दी गई है। ………. ………… पढ़ें ये खबर भी… अजमेर में पलटा मौसम, तापमान में 2 डिग्री की गिरावट:सुबह भी बरसात हुई, सड़कों से बहा पानी; गर्मी से मिली राहत नए पश्चिमी विक्षोभ के चलते शनिवार शाम से अचानक मौसम बदल गया। रात को भी तेज हवाएं चली और कईं जगहों पर बरसात हुई। ठंडी हवाओं के कारण पारे में गिरावट हुई और गर्मी से राहत मिली। बीते 24 घंटों की बात करें तो तापमान में करीब 2 डिग्री की गिरावट हुई और न्यूनतम तापमान 19 डिग्री दर्ज किया गया। बरसात बीते 24 घंटों में 11 एमएम दर्ज की गई। रविवार सुबह भी बादल छाए है और कहीं रिमझिम बरसात हुई। पूरी खबर पढें
पूर्णिया के धमदाहा में मक्का लोडेड ट्रैक्टर ने ऑटो सवार फल दुकानदार को रौंद दिया। मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने ट्रैक्टर को जब्त कर लिया है। मृतक की पहचान भवानीपुर नगर पंचायत वार्ड-1 निवासी चितरंजन मंडल के रूप में हुई है। घटना लोहिया चौके के पास की है। परिजनों ने बताया कि चितरंजन मंडल पूर्णिया बाजार से फल खरीदकर एक भाड़े के ऑटो से वापस भवानीपुर लौट रहे थे। इसी दौरान चौक के पास मक्के से लदा एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर अचानक गाड़ी के करीब आ गया। ओवरटेक करने का प्रयास करने लगा। जिसके चलते ड्राइवर का बैलेंस बिगड़ गया। चितरंजन बीच सड़क पर गिर पड़े। इस बीच ट्रैक्टर ने उसे रौंद दिया। नशे की हालत में था ड्राइवर हादसे की खबर मिलते ही परिजन भी घटनास्थल पर पहुंचे। ग्रामीणों ने बताया कि चितरंजन मंडल भवानीपुर के बजरंगबली चौक पर फल बेचकर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। मौत के बाद से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। वे अपने पीछे तीन बेटे और एक बेटी छोड़ गए। हादसे के बाद ट्रैक्टर चालक मौके से भागने की कोशिश कर रहा था, लेकिन स्थानीय लोगों की मदद से उसे पकड़ लिया गया। इसके बाद पुलिस ने उसे अपने कब्जे में ले लिया। धमदाहा थानाध्यक्ष रविशंकर कुमार ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई की गई। ट्रैक्टर को जब्त कर लिया गया है। चालक की मेडिकल जांच कराई गई, जिसमें उसके शराब के नशे में होने की पुष्टि हुई है। मामले की छानबीन की जा रही है।
झज्जर जिले में लंबे इंतजार के बाद पात्र परिवारों को हैप्पी कार्ड मिलने शुरू हो गए हैं। झज्जर रोडवेज डिपो ने दूसरे चरण में आए हैप्पी कार्डों का वितरण शुरू कर दिया है। अब तक झज्जर बस अड्डे से करीब 3 हजार हैप्पी कार्ड वितरित किए जा चुके हैं। जिले के लिए इस चरण में करीब 17 हजार 500 कार्ड प्राप्त हुए हैं। जानकारी के अनुसार, पहले चरण में अगस्त-सितंबर के दौरान करीब 29 हजार 500 हैप्पी कार्ड आए थे, जिनका वितरण पहले ही पूरा किया जा चुका है। इसके बाद करीब डेढ़ वर्ष तक नए कार्ड नहीं पहुंचे। मार्च 2026 के अंतिम सप्ताह में दूसरे चरण के कार्ड मिलने के बाद अब लाभार्थियों को उनका वितरण किया जा रहा है। हैप्पी कार्ड योजना के तहत बीपीएल परिवारों और सालाना एक लाख रुपए से कम आय वाले पात्र लोगों को रोडवेज बसों में प्रति वर्ष 1000 किलोमीटर तक नि:शुल्क यात्रा की सुविधा मिलती है। जिन लाभार्थियों के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर ओटीपी भेजा जा रहा है, उन्हें बस अड्डे पर बुलाकर कार्ड सौंपे जा रहे हैं। एक साल बाद होगा कार्ड रिचार्ज रोडवेज अधिकारियों के अनुसार, हैप्पी कार्ड की वैधता एक वर्ष की होती है। एक साल पूरा होने पर कार्ड को रिचार्ज किया जाएगा, जिसके बाद लाभार्थी अगले वर्ष भी 1000 किलोमीटर तक मुफ्त यात्रा का लाभ उठा सकेंगे। पहले चरण में वितरित किए गए कई कार्डों का रिचार्ज भी शुरू हो चुका है। महाप्रबंधक बोले- ओटीपी मिलने पर लें कार्ड रोडवेज विभाग के महाप्रबंधक अनीत यादव ने बताया कि जिले में दूसरे चरण के हैप्पी कार्डों का वितरण लगातार जारी है। जिन लाभार्थियों के मोबाइल नंबर पर ओटीपी पहुंच चुका है, वे निर्धारित प्रक्रिया पूरी कर अपना कार्ड प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि मार्च के अंतिम सप्ताह में करीब 17 हजार 500 हैप्पी कार्ड प्राप्त हुए थे, जिनका वितरण चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है। इससे पहले आए करीब 29 हजार 500 कार्ड लाभार्थियों को वितरित किए जा चुके हैं।
बिलासपुर के बिल्हा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम गोढ़ी में आयोजित सुशासन तिहार कार्यक्रम उस समय विवादों में घिर गया, जब भाजपा विधायक धरमलाल कौशिक और सीनियर कांग्रेस नेता राजेंद्र शुक्ला के बीच मंच पर ही तीखी बहस हो गई। कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ‘चोर-चोर’ के नारे लगाए, जिससे माहौल गरमा गया। नारों से नाराज विधायक धरमलाल कौशिक ने भी अपना आपा खो दिया और कांग्रेसियों को गाली दी। घटना के बाद कार्यक्रम में कुछ देर के लिए तनाव की स्थिति बन गई थी। अब इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इससे पहले दुर्ग जिले में लगे शिविर में विधायक के सामने जनपद CEO और भाजपा नेता की बहस हो गई थी। किसानों की समस्याओं को लेकर कांग्रेस ने खोला मोर्चा जानकारी के अनुसार, ग्राम गोढ़ी में आयोजित सुशासन तिहार शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे थे। इसी दौरान सीनियर कांग्रेस नेता राजेंद्र शुक्ला ने किसानों को खाद-बीज की उपलब्धता, बिजली-पानी की समस्या, जर्जर सड़कों औप अन्य मूलभूत सुविधाओं के मुद्दे उठाए। उन्होंने अधिकारियों के कामकाज पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि जनता की शिकायतों और आवेदनों का समय पर निराकरण नहीं हो रहा है। राजेंद्र शुक्ला ने मंच से सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन और प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उनके वक्तव्य के बाद कार्यक्रम में मौजूद भाजपा विधायक और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक ने जवाब देते हुए राज्य सरकार की योजनाओं और विकास कार्यों का पक्ष रखा। अधिकारियों से जवाब मांगने पर बढ़ा विवाद कांग्रेस नेता राजेंद्र शुक्ला का आरोप है कि, कई विभागों की योजनाओं और विकास कार्यों को लेकर संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। उनका कहना है कि जैसे ही उन्होंने मंच से जनहित के मुद्दे उठाने शुरू किए, ग्रामीणों ने भी अपनी समस्याएं खुलकर सामने रखनी शुरू कर दीं। इसके बाद कार्यक्रम का माहौल गरमा गया। राजेंद्र शुक्ला ने सवाल उठाते हुए अधिकारियों से जवाब मांगा। इस पर विधायक और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक ने राज्य सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों का पक्ष रखते हुए जवाब दिया। इसी दौरान दोनों नेताओं के बीच मंच पर ही तीखी बहस शुरू हो गई। चोर-चोर चिल्लाने पर भड़के विधायक ने दी गाली दोनों नेताओं के बीच बहस के दौरान उनके समर्थक लगातार नारेबाजी करते रहे, जिससे कार्यक्रम का माहौल तनावपूर्ण हो गया। कुछ ही देर में स्थिति ऐसी बन गई कि दोनों पक्षों के समर्थक आमने-सामने आ गए। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध जताते हुए ‘चोर-चोर’ के नारे लगाए। नारेबाजी से नाराज विधायक धरमलाल कौशिक ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के लिए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया। माहौल बिगड़ता देख कार्यक्रम में मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों को शांत कराया, जिसके बाद स्थिति सामान्य हो सकी। विधायक ने विवाद से किया था इनकार शनिवार को विधायक और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक ने किसी भी व्यक्तिगत विवाद से इनकार किया था। उन्होंने कहा था कि जब वे सुशासन तिहार शिविर में पहुंचे, तब कांग्रेस नेता राजेंद्र शुक्ला अधिकारियों से ऊंची आवाज में सवाल-जवाब कर रहे थे। कौशिक के अनुसार, सुशासन तिहार का उद्देश्य जनता की समस्याओं का समाधान करना है और शिविर में सभी लोगों को अपनी बात रखने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि शासकीय कार्य में व्यवधान उत्पन्न करना उचित नहीं है। दुर्ग में भाजपा नेता पर भड़के थे अधिकारी दुर्ग जिले के थनौद गांव में शुक्रवार को लगे शिविर में विधायक के सामने जनपद CEO और भाजपा नेता की बहस हो गई थी। सामुदायिक भवन की राशि की सही जानकारी नहीं मिलने पर भाजपा नेता पुराण देशमुख नाराज थे। उन्होंने जब थनौद के जनपद CEO रूपेश पांडे से जानकारी मांगी तो वे भड़क उठे। उन्होंने कहा कि जो करना है कर ले, इसका वीडियो वायरल हुआ है। वायरल वीडियो में भाजपा नेता समर्थक ने अधिकारी के उंगली दिखाकर चिल्लाने का विरोध किया। …………………. इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… भाजपा नेता पर भड़के अधिकारी, कहा- जो करना है कर,VIDEO: सुशासन शिविर में 60 हजार रिश्वत लेते पकड़ाया बाबू, कांग्रेस नेता-विधायक के बीच बहस छत्तीसगढ़ सरकार के सुशासन तिहार में रोजाना अलग-अलग तस्वीरें देखने को मिल रही है। दुर्ग जिले में लगे शिविर में विधायक के सामने जनपद CEO और भाजपा नेता की बहस हो गई। सामुदायिक भवन की राशि की सही जानकारी नहीं मिलने पर भाजपा नेता पुराण देशमुख नाराज थे। उन्होंने जब थनौद के जनपद CEO रूपेश पांडे से जानकारी मांगी तो वे भड़क उठे। पढ़ें पूरी खबर…
पुणे-दानापुर स्पेशल (01449) शनिवार को लाश मिली थी। ट्रेन पुणे से चलकर दानापुर रेलवे स्टेशन पर दिन के 11 बजे पहुंची थी। प्लेटफार्म नंबर-2 पर खड़ी थी। डेढ़ घंटे तक किसी को पता नहीं चला कि बंद कोच में लाश है। दोपहर साढ़े 12 बजे सफाईकर्मी महिला कोच के पास पहुंचे तो वो अंदर से बंद था। इसके बाद आरपीएफ की टीम पहुंची। इमरजेंसी विंडो से देखा तो युवक की लाश बेल्ट से लटकी है। FSL की टीम बुलाई गई। टीम ने RPF-GRP को बताया कि कुछ घंटे पहले मौत हुई है। बॉडी पूरी तरह से अकड़ गई है। वहीं, रेल पुलिस के अनुसार कोच अटेंडेंट आकाश-नीतीश ने जानकारी दी थी कि प्रयागराज के बाद कोच पूरी तरह से खाली हो गया था। दानापुर में नहीं हुई घटना GRP मानकर चल रही है कि दानापुर रेलवे स्टेशन पर खड़ी गाड़ी में घटना नहीं हुई है। ऐसा इसलिए क्यों कि स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज में कोई संदिग्ध कोच के अंदर जाता नहीं दिख रहा है। जिस युवक की बॉडी मिली है, वो भी कोच में जाता नहीं दिखा है। दानापुर GRP ने प्रयागराज RPF और GRP से संपर्क कर पूरी घटना के बारे में जानकारी दी है। शव की पहचान के लिए भी बातचीत हुई है। लेट से पहुंची थी गाड़ी यह ट्रेन पुणे से चलकर दानापुर पहुंचती है। ट्रेन को शुक्रवार रात 2:45 में पहुंचना था, पर ट्रेन देरी से शनिवार सुबह करीब 11:15 बजे स्टेशन पहुंची। घटना के कारण ट्रेन का रेक भी देर से तैयार हो सका, जिससे दानापुर से वापसी में ट्रेन करीब सवा 2 बजे रवाना हुई। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। युवक के पास सिर्फ रूमाल मिला था युवक की उम्र लगभग 25 से 30 वर्ष बताई जा रही है। पहचान अभी नहीं हुई है। युवक के पास से कोई पहचान पत्र, मोबाइल या अन्य सामान बरामद नहीं हुआ। जेब से केवल एक रूमाल मिला है। पैर भी खाली थे। न चप्पल पहना था और न जूता। युवक ने मैरून रंग की टी-शर्ट और काले रंग की जींस पहन रखी थी। अभी तक युवक के शव की पहचान नहीं हो पाई है। बॉडी मोर्चरी में रखी गई है। इधर, दोनों कोच अटेंडेंट से पूछताछ की तैयारी है। क्योंकि इनलोगों ने ही कोच खाली होने की जानकारी रेलवे को दी थी। इलाहाबाद के बाद कोच में कोई नहीं चढ़ा रेल डीएसपी कंचन राज ने बताया था कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि इलाहाबाद से ट्रेन खुलने के बाद संबंधित बोगी में कोई यात्री नहीं चढ़ा था और ट्रेन का दरवाजा बंद था। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है और एफएसएल टीम ने साक्ष्य एकत्र किए हैं। युवक की पहचान और मौत के कारणों का पता लगाने के लिए सभी पहलुओं से जांच की जा रही।
सागर के गोपालगंज थाना क्षेत्र में मारपीट के एक मामले में साक्ष्य छिपाने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के पास से घटना से जुड़ा सीसीटीवी कैमरे का डीवीआर भी बरामद किया गया है। पुलिस ने आरोपी को थाने लाकर पूछताछ के बाद न्यायालय में पेश किया है। पुलिस के अनुसार फरियादी शिवम परिहार निवासी ग्राम मांगेरोल, जिला फिरोजाबाद (उत्तर प्रदेश) ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि 29 मई को वह अपने दोस्त के साथ एक दुकान पर गया था, जहां बिल भुगतान को लेकर विवाद हो गया। मारपीट के बाद दर्ज हुआ मामला विवाद बढ़ने पर दुकान संचालक पक्ष के अनस खान और उसके साथियों ने फरियादी के साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट की, जिसमें वह घायल हो गया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की, जिसमें सामने आया कि घटना से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य नष्ट करने और जांच को प्रभावित करने की कोशिश की गई है। दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे का डीवीआर गायब पाया गया। भाई ने छिपाया DVR आगे की जांच में पता चला कि आरोपी अनस खान के छोटे भाई आकिब पिता आरिफ खान ने घटना के सीसीटीवी फुटेज को छिपाने के उद्देश्य से डीवीआर निकालकर कहीं छिपा दिया था। इसके आधार पर पुलिस ने आकिब के खिलाफ मामला दर्ज किया और तलाश शुरू की। शनिवार को पुलिस ने आरोपी आकिब खान को गिरफ्तार कर लिया। गोपालगंज थाना प्रभारी घनश्याम शर्मा ने बताया कि साक्ष्य छिपाने के मामले में आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ के दौरान उसकी निशानदेही पर छिपाया गया सीसीटीवी डीवीआर भी बरामद कर लिया गया है। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया है और मामले की आगे जांच जारी है।
ग्वालियर के डफरिन सराय क्षेत्र में नगर निगम कर्मचारी गौरव सिंह भदौरिया की संदिग्ध मौत के मामले में जांच लगातार गहराती जा रही है। शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात खुद को लाइसेंसी बंदूक से गोली मारने वाले गौरव का शनिवार को पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम से पहले डॉक्टरों ने उसके सिर का तीन बार एक्स-रे किया, लेकिन गोली नहीं मिली। अब पुलिस कथित सुसाइड नोट, घटनास्थल और अन्य साक्ष्यों की फोरेंसिक जांच कराएगी। सिर के ऊपरी हिस्से में लगी गोली शनिवार सुबह से गौरव का शव अस्पताल में रखा था, लेकिन संवेदनशील मामले को देखते हुए पोस्टमार्टम प्रक्रिया देर शाम तक चली। डॉक्टरों ने सिर में फंसी गोली का पता लगाने के लिए तीन बार एक्स-रे कराया, लेकिन गोली दिखाई नहीं दी। इसके बाद पोस्टमार्टम किया गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार गोली सिर के ऊपरी हिस्से में लगी थी, जिससे गंभीर चोट आई और उसकी मौत हो गई। फोरेंसिक टीम को नहीं मिले जरूरी सबूत शनिवार दोपहर पड़ाव थाना पुलिस के साथ फोरेंसिक विशेषज्ञ कोकसिंह परिहार घटनास्थल पर पहुंचे। जांच के दौरान पुलिस को कमरे से केवल एक चला हुआ कारतूस मिला। जिस स्थान पर घटना के समय बंदूक होने की बात कही गई थी, वहां हथियार नहीं मिला। पुलिस के पहुंचने से पहले ही गौरव को अस्पताल ले जाया जा चुका था। ऐसे में घटनास्थल से कई महत्वपूर्ण साक्ष्य प्रभावित होने की संभावना भी जांच के दायरे में है। पुलिस जांच रही हादसा या आत्महत्या का एंगल जांच में यह आशंका भी सामने आई है कि गौरव अपने भाई को डराने या दबाव बनाने के उद्देश्य से वीडियो कॉल पर बंदूक दिखा रहा हो और इसी दौरान अनजाने में गोली चल गई हो। पुलिस इस संभावना को भी खारिज नहीं कर रही है। हालांकि फिलहाल आत्महत्या और दुर्घटनावश गोली चलने, दोनों पहलुओं पर जांच जारी है। भाई बोला- गोली की आवाज नहीं सुनी पुलिस पूछताछ में गौरव के भाई ने बताया कि घटना से पहले गौरव ने उसे वीडियो कॉल किया था। कॉल के दौरान वह लाइसेंसी बंदूक अपनी ठोड़ी और चेहरे के पास लगाए हुए था। भाई ने उसे ऐसा न करने की सलाह दी और कहा कि वह तुरंत उसके पास पहुंच रहा है। इसके बाद गौरव ने मोबाइल बिस्तर पर रख दिया और कॉल कट गई। भाई के अनुसार उसने गोली चलने की आवाज नहीं सुनी। कुछ देर बाद परिवार से सूचना मिली कि गौरव ने खुद को गोली मार ली है। सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था कथित सुसाइड नोट घटना से पहले गौरव ने सोशल मीडिया पर एक कथित सुसाइड नोट पोस्ट किया था। उसमें उसने अपने माता-पिता, बहन और अन्य रिश्तेदारों के नाम लिखते हुए उन्हें अपनी मौत के लिए जिम्मेदार बताया था। उसने लिखा था कि वह मानसिक रूप से प्रताड़ित था और लगातार दबाव में जी रहा था। 5 लाख रुपए और जमीन को लेकर लगाए आरोप कथित सुसाइड नोट में गौरव ने आरोप लगाया था कि उससे 5 लाख रुपए देने या पैतृक जमीन दूसरे लोगों के नाम करने का दबाव बनाया जा रहा था। उसने दावा किया कि ऐसा नहीं करने पर उसे जान से मारने की धमकियां दी जा रही थीं। गौरव ने यह भी लिखा था कि वह आरोपी पक्ष को पहले ही 2.40 लाख रुपए दे चुका है, लेकिन इसके बावजूद उस पर मकान में अपना हिस्सा छोड़ने का दबाव बनाया जा रहा था। परिवार और रिश्तेदारों से होंगे बयान पुलिस अब गौरव के मोबाइल, सोशल मीडिया अकाउंट, व्हाट्सएप चैट और कथित सुसाइड नोट की फोरेंसिक जांच कराएगी। इसके साथ ही परिवार और जिन लोगों पर आरोप लगाए गए हैं, उनके बयान भी दर्ज किए जाएंगे। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित सुसाइड नोट वास्तव में गौरव ने ही लिखा था या नहीं। पुलिस बोली- हर एंगल से हो रही जांच पड़ाव थाना प्रभारी शैलेंद्र भार्गव ने बताया कि व्हाट्सएप पर मिले कथित सुसाइड नोट की फोरेंसिक जांच कराई जाएगी। परिवार शोक में है, इसलिए उनके बयान बाद में लिए जाएंगे। मामले की आत्महत्या, दुर्घटना और अन्य सभी संभावित पहलुओं से जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि फोरेंसिक रिपोर्ट और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। ये खबर भी पढ़ें… भाई को वीडियो कॉल कर राइफल का ट्रिगर दबा दिया ग्वालियर के डफरीन सराय इलाके में युवक गौरव भदौरिया ने खुद को गोली मारकर अपनी जान दे दी। मौत से पहले उसने अपने बड़े भाई को वीडियो कॉल किया और कॉल के दौरान ही 315 बोर ली लाइसेंसी राइफल मुंह पर रखकर ट्रिगर दबा दिया। घटना शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात करीब 1 बजे की है। पूरी खबर पढ़ें…
गुजरात : आणंद में निर्माणाधीन रेलवे ब्रिज का हिस्सा ढहा, भारी गार्डर नीचे गिरे
गुजरात के आणंद जिले में एक निर्माणाधीन रेलवे ब्रिज का हिस्सा अचानक ढह जाने से हड़कंप मच गया। यह घटना जिले के अडास गांव में हुई, जहां रेलवे विभाग की ओर से रोड ओवर ब्रिज (आरओबी) का निर्माण कार्य चल रहा था।
रतलाम में नौतपा के छठे दिन शनिवार की आधी रात मौसम ने अचानक करवट ले ली। रात करीब 12 बजे के बाद तेज आंधी-तूफान के साथ रिमझिम बूंदाबांदी शुरू हो गई। कुछ देर तक हल्की बारिश होती रही, हालांकि धूल भरी आंधी का दौर जारी रहा। शनिवार सुबह हुई बारिश के असर से दिन का तापमान 2 डिग्री सेल्सियस लुढ़क गया, जबकि रात के तापमान में 2.3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। नौतपा अभी समाप्त नहीं हुआ है, इसके बावजूद मौसम में अचानक आए बदलाव ने लोगों को गर्मी से राहत दी है। मौसम विभाग ने 31 मई, 1 जून और 2 जून को आंधी-तूफान के साथ बारिश की संभावना जताई है। इसका असर शनिवार रात से ही देखने को मिला। आधी रात के बाद तेज ठंडी हवाएं आंधी-तूफान के रूप में चलने लगीं। इसके साथ ही कुछ देर तक बूंदाबांदी भी हुई। रतलाम शहर के साथ जिले के कई इलाकों में रातभर आंधी-तूफान का असर बना रहा। बारिश से लुढ़का पारा शनिवार तड़के करीब 4 बजे से सुबह 7 बजे तक रुक-रुक कर कभी तेज तो कभी रिमझिम बारिश होती रही। दिनभर हवा चलती रही, हालांकि शाम होते-होते हवाओं का दौर थम गया। लेकिन रात 12 बजे के बाद अचानक तेज हवाओं ने मौसम में ठंडक घोल दी। बारिश और हवाओं के असर से शनिवार को अधिकतम तापमान 39.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि एक दिन पहले शुक्रवार को यह 41.2 डिग्री था। इस तरह अधिकतम तापमान में 2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई। वहीं न्यूनतम तापमान भी 24.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो शुक्रवार के 26.5 डिग्री की तुलना में 2.3 डिग्री कम रहा। रात के तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग की चेतावनी 25 मई से नौतपा की शुरुआत हुई है। रविवार को नौतपा का 7वां दिन रहेगा। लेकिन इसके पहले ही मौसम विभाग की भविष्यवाणी सच हो रही है। मौसम विभाग ने 30 मई के बाद अधिकांश जिलों में बारिश का दौर शुरू होने की संभावना जताई थी। शनिवार को प्रदेश के कई जिलो में बारिश हुई थी। मौसम विभाग ने 31 मई को अधिकांश जिलों में आंधी-बारिश की चेतावनी जारी की है जिसमें रतलाम भी शामिल है। 1 व 2 जून को भी ऐसा ही मौसम रह सकता है। पिछले पांच दिन के तापमान पर एक नजर ( आंकड़े डिग्री सेल्सियस में है)
31 मई को विश्व तंबाकू निषेध दिवस के मौके पर स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने युवाओं में बढ़ते तंबाकू सेवन और उससे पैदा हो रहे कैंसर के खतरे को लेकर चिंता जताई है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) की कैंसर एंड टोबैको कंट्रोल कमेटी का कहना है कि गुटखा, तंबाकू और निकोटिन उत्पादों की बढ़ती लत अब देश के लिए गंभीर स्वास्थ्य चुनौती बनती जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार अब मुंह का कैंसर केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि कम उम्र के युवक-युवतियां भी तेजी से इसकी चपेट में आ रहे हैं। 25 साल की उम्र में भी सामने आ रहे कैंसर के मामले ‘दैनिक भास्कर’ से बातचीत में कैंसर एंड टोबैको कंट्रोल कमेटी, IMA के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. दिलीप कुमार आचार्य ने बताया कि पहले तंबाकू सेवन से जुड़े कैंसर के मामले आमतौर पर 60 वर्ष की आयु के बाद सामने आते थे, लेकिन अब 25 से 40 वर्ष आयु वर्ग के लोगों में भी मुंह के कैंसर के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि कम उम्र में गुटखा और तंबाकू का सेवन शुरू करना, तंबाकू उत्पादों में मौजूद कैंसरकारी रसायनों की बढ़ती मात्रा तथा कमजोर होती प्रतिरोधक क्षमता इसके प्रमुख कारण हैं। उनके अनुसार एक बार निकोटिन की लत लगने के बाद इससे बाहर निकलना बेहद कठिन हो जाता है। इसलिए युवाओं को शुरुआत से ही तंबाकू से दूर रखना सबसे प्रभावी उपाय है। स्कूल-कॉलेजों में जागरूकता अभियान जरूरी डॉ. आचार्य का कहना है कि तंबाकू नियंत्रण के लिए केवल प्रतिबंध पर्याप्त नहीं हैं। स्कूलों और कॉलेजों में व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत है, ताकि किशोर और युवा तंबाकू के दुष्प्रभावों को समझ सकें और इसकी लत से बच सकें। युवतियों में भी बढ़ रहा निकोटिन उत्पादों का उपयोग डॉ. आचार्य ने बताया कि हाल के वर्षों में कॉलेज जाने वाली युवतियों के बीच भी तंबाकू और निकोटिन उत्पादों के उपयोग की प्रवृत्ति बढ़ती दिखाई दे रही है। भले ही इसके सटीक आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं, लेकिन चिकित्सकीय अनुभवों में यह बदलाव स्पष्ट रूप से देखने को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि महिलाओं में तंबाकू सेवन के कारण मासिक धर्म संबंधी समस्याएं, गर्भपात का खतरा, गर्भावस्था में जटिलताएं और प्रजनन स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। यदि गर्भवती महिला तंबाकू का सेवन करती है तो उसका सीधा प्रभाव गर्भस्थ शिशु पर पड़ता है। इससे समय पूर्व प्रसव, शिशु मृत्यु सिंड्रोम, जन्मजात विकृतियों और बच्चों में व्यवहार संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। तंबाकू बिक्री पर नियंत्रण की जरूरत डॉ. आचार्य ने कहा कि तंबाकूयुक्त गुटखा पर प्रतिबंध के बावजूद कंपनियों ने तंबाकू और पान मसाला अलग-अलग पैकेट में बेचने का तरीका निकाल लिया है। लगभग हर दुकान पर तंबाकू और पान मसाले की अलग-अलग पुड़ियां आसानी से उपलब्ध हैं, जिन्हें उपभोक्ता मिलाकर उपयोग कर लेते हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि तंबाकू उत्पादों की बिक्री के लिए ‘वेंडर लाइसेंसिंग सिस्टम’ लागू किया जाना चाहिए। इससे तंबाकू बेचने वाले दुकानदारों का रिकॉर्ड रखा जा सकेगा और बिक्री पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा। ई-सिगरेट को सुरक्षित मानना बड़ी भूल डॉ. आचार्य ने कहा कि भारत में वर्ष 2019 से ई-सिगरेट पर प्रतिबंध लागू है, लेकिन इसके बावजूद कई स्थानों पर इसका उपयोग जारी है। उन्होंने चेतावनी दी कि ई-सिगरेट को अक्सर सुरक्षित विकल्प के रूप में प्रचारित किया जाता है, जबकि यह युवाओं को निकोटिन की लत की ओर ले जाने वाला माध्यम बन सकती है। उनके अनुसार ई-सिगरेट से फेफड़ों की गंभीर बीमारियां, हृदय रोग, दुर्घटनावश विस्फोट और कैंसर जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। आकर्षक फ्लेवर और आधुनिक डिजाइन के कारण किशोर और युवा इसकी ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं। कैंसर के शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज न करें मेदांता कैंसर केयर के डायरेक्टर डॉ. अमेय बिहानी ने बताया कि मुंह में लंबे समय तक न भरने वाला घाव, सफेद या लाल चकत्ते, लगातार खांसी, निगलने में परेशानी, आवाज में बदलाव और अचानक वजन कम होना कैंसर के शुरुआती संकेत हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि यदि इन लक्षणों को समय रहते पहचान लिया जाए तो कैंसर का सफल उपचार संभव है। इसलिए किसी भी असामान्य लक्षण को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ओरल कैंसर के अधिकांश मामलों के पीछे गुटखा मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. प्रांजिल मंडलोई ने कहा कि भारत में ओरल कैंसर के अधिकांश मामलों के पीछे गुटखा और अन्य चबाने वाले तंबाकू उत्पाद जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा कि तंबाकू छोड़ने के बाद शरीर में सुधार की प्रक्रिया तुरंत शुरू हो जाती है, इसलिए तंबाकू छोड़ने का सबसे अच्छा समय आज ही है। तंबाकू निषेध की दिलाई गई शपथ विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर सीएमएचओ डॉ. माधव प्रसाद हसानी ने अधिकारियों और कर्मचारियों को तंबाकू निषेध की शपथ दिलाई। इस अवसर पर आयोजित संगोष्ठी में तंबाकू सेवन से होने वाली गंभीर बीमारियों, विशेषकर कैंसर, हृदय रोग और श्वसन संबंधी समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों से अपील की गई कि वे स्वयं तंबाकू से दूर रहें और अपने परिवार, विशेषकर बच्चों एवं युवाओं को इसकी लत से बचाने में सक्रिय भूमिका निभाएं। विशेषज्ञों ने तंबाकू मुक्त समाज के निर्माण के लिए जनभागीदारी को सबसे प्रभावी उपाय बताया। युवाओं को निशाना बना रही मार्केटिंग रणनीतियां विशेषज्ञों के अनुसार आज तंबाकू उद्योग युवाओं को आकर्षित करने के लिए आधुनिक और भ्रामक विपणन रणनीतियों का सहारा ले रहा है। सोशल मीडिया, सेलिब्रिटी आधारित अप्रत्यक्ष प्रचार, आकर्षक पैकेजिंग, अलग-अलग फ्लेवर वाले उत्पाद और ई-सिगरेट को अपेक्षाकृत सुरक्षित विकल्प के रूप में प्रस्तुत करना युवाओं में तंबाकू की लत बढ़ाने के प्रमुख कारण बन रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इस वर्ष विश्व तंबाकू निषेध दिवस की थीम “निकोटिन और तंबाकू की लत के आकर्षण को बेनकाब करें” रखी है। इसका उद्देश्य विशेष रूप से बच्चों और युवाओं को तंबाकू उत्पादों के भ्रामक प्रचार और उनके वास्तविक दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना है। नई पीढ़ी को बचाना सबसे बड़ी चुनौती डॉ. दिलीप कुमार आचार्य का कहना है कि तंबाकू नियंत्रण की लड़ाई का सबसे महत्वपूर्ण लक्ष्य नई पीढ़ी को इसकी लत से बचाना है। यदि युवा तंबाकू सेवन शुरू ही नहीं करेंगे तो कैंसर, हृदय रोग और अन्य गंभीर बीमारियों के मामलों में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे तंबाकू छोड़ने का संकल्प लें और अपने परिवार तथा समाज को भी इसके प्रति जागरूक करें।
खाद्य पदार्थों में मिलावट और अनियमितताओं के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत उज्जैन संभागीय खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने शनिवार को रतलाम में बड़ी कार्रवाई की। टीम ने एक पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर प्लांट को सील कर दिया, जबकि एक जूस सेंटर पर एक्सपायर्ड क्रीम के उपयोग और गंदगी मिलने पर सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे हैं। आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन मध्यप्रदेश के निर्देश पर गठित संभागीय उड़नदस्ता दल के सदस्य बसंत दत्त शर्मा ने खाद्य सुरक्षा अधिकारी शैलेष गुप्ता के साथ शहर में कार्रवाई की। बोतलों पर नहीं थी पैकिंग और एक्सपायरी डेट टीम सबसे पहले प्रताप नगर स्थित शिप्रा इंटरप्राइजेज पहुंची। जांच के दौरान यहां पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर का निर्माण अनियमित तरीके से होता मिला। बोतलों पर न तो पैकिंग डेट अंकित थी और न ही एक्सपायरी डेट लिखी गई थी। इसके अलावा प्लांट की लैब भी बंद पाई गई। अधिकारियों ने बताया कि खाद्य लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन और अस्वच्छ परिस्थितियों में उत्पादन किए जाने के कारण मौके पर ही प्लांट का खाद्य लाइसेंस निरस्त कर दिया गया। 2700 से ज्यादा पानी की बोतलें जब्त कार्रवाई के दौरान माही पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर 500 एमएल की 1608 बोतलें और वाटर लियो पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर 1 लीटर की 1100 बोतलें जब्त की गईं। इसके अलावा परिसर को सील कर दिया गया। टीम ने दोनों ब्रांड के पानी के नमूने लेकर राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भोपाल भेज दिए हैं। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। जूस सेंटर पर मिली एक्सपायर्ड क्रीम इसके बाद टीम ने शहर के दो बत्ती फ्रेंड्स चौराहा स्थित आदर्श जूस सेंटर पर जांच की। यहां खाद्य पदार्थों का निर्माण गंदगी के बीच होता पाया गया। जांच में यह भी सामने आया कि एक्सपायरी डेट निकल चुकी अमूल फ्रेश क्रीम का उपयोग खाद्य सामग्री तैयार करने में किया जा रहा था। अधिकारियों ने मौके से एक्सपायर्ड क्रीम जब्त कर ली और अनार जूस, मैंगो शेक तथा पनीर के सैंपल भी लिए। भोपाल लैब भेजे गए सैंपल जूस सेंटर और पैकेज्ड वॉटर प्लांट से लिए गए सभी नमूनों को जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भोपाल भेजा गया है। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। खाद्य सुरक्षा विभाग की इस कार्रवाई के बाद शहर में खाद्य कारोबारियों के बीच हड़कंप की स्थिति बनी रही।
सतना जिले के नागौद नगर में रविवार सुबह हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी क्षेत्र में सड़क किनारे एक चीतल मृत अवस्था में मिला। घटना की जानकारी मिलते ही क्षेत्र में लोगों की भीड़ जुट गई। वन विभाग ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार नगर परिषद का एक सफाईकर्मी नियमित सफाई कार्य के लिए क्षेत्र में पहुंचा था। इसी दौरान उसकी नजर सड़क किनारे पड़े चीतल पर पड़ी। उसने तत्काल अपने सुपरवाइजर को सूचना दी, जिसके बाद वन विभाग को मामले से अवगत कराया गया। स्थानीय लोगों ने जताई शिकार की आशंका चीतल के मृत मिलने की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए। स्थानीय लोगों ने मामले में शिकार की आशंका जताई है। उनका कहना है कि चीतल की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई है, जिसकी गहन जांच की जानी चाहिए। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अभी मौत के कारणों को लेकर कोई निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। प्रारंभिक तौर पर यह संभावना भी जताई जा रही है कि चीतल किसी वाहन की चपेट में आया हो। अधिकारियों ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। वन विभाग जुटा जांच में वन विभाग की टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और चीतल के शव को अपने कब्जे में लिया। अधिकारियों के अनुसार शव पर मिले निशानों और घटनास्थल की परिस्थितियों के आधार पर सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। वन विभाग का कहना है कि जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विदिशा में बिजली कंपनी द्वारा इन दिनों मेंटेनेंस अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में रविवार को वैशाली नगर फीडर में सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक दो घंटे बिजली कटौती की जाएगी। यह अभियान लाइनों और उपकरणों के रखरखाव के लिए लगभग प्रतिदिन दो से तीन घंटे की कटौती के साथ जारी है। 11 के.व्ही वैशाली नगर फीडर के अंतर्गत आने वाले वैशाली नगर, रूद्रक्ष ग्रीनसिटी, बरईपुरा चौराहा, मां हॉस्पिटल रोड, मुन्ना कबाड़ी वाली गली, कब्रिस्तान रोड, मंडी रोड और श्रीनाथ दालमिल सहित आसपास के इलाकों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। गर्मी के चरम दौर में हो रही यह निर्धारित बिजली कटौती लोगों की परेशानी बढ़ा रही है। दिन में तेज गर्मी और उमस के बीच बिजली बंद होने से घरों, दुकानों और छोटे व्यवसायों पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। इसके अलावा, कई क्षेत्रों में रात में भी ट्रिपिंग और फॉल्ट की समस्या बनी हुई है। हाल ही में देर रात आई तेज आंधी और बारिश के कारण शहर के कई इलाकों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई थी, जिससे कई स्थानों पर घंटों तक बिजली गुल रही। उपभोक्ताओं का कहना है कि यदि नियमित रूप से मेंटेनेंस किया जा रहा है, तो हल्की आंधी, तेज हवा या बारिश में बिजली व्यवस्था बार-बार क्यों चरमरा जाती है। बिजली कंपनी का तर्क है कि मेंटेनेंस का उद्देश्य आपूर्ति को अधिक सुरक्षित और सुचारु बनाना है। हालांकि, जमीनी स्तर पर उपभोक्ताओं को इसका लाभ नजर नहीं आ रहा है। लोगों का कहना है कि एक ओर मेंटेनेंस के नाम पर घंटों बिजली बंद की जाती है, वहीं दूसरी ओर मौसम खराब होते ही फॉल्ट और ट्रिपिंग शुरू हो जाती है।
शाजापुर जिले के सुनेरा थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे-52 पर रविवार सुबह करीब 7 बजे एक सड़क दुर्घटना में पांच लोग घायल हो गए। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह हादसा कार चालक को नींद की झपकी आने के कारण हुआ। अनियंत्रित कार सड़क के बीच बने डिवाइडर और खंती से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। कार में दो महिलाएं और तीन पुरुष सवार थे। हादसे में चालक जयराम के सिर में गंभीर चोटें आई हैं, जबकि उर्मिला, संजय, प्रभाव और अंश को हल्की चोटें लगी हैं। सभी घायलों को उपचार के लिए शाजापुर के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना की सूचना मिलते ही डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची। पायलट संजीव सूर्यवंशी और विजय के साथ पुलिसकर्मी अशोक और मुकेश दांगी ने राहत कार्य करते हुए सभी घायलों को सुरक्षित बाहर निकाला। उन्हें डायल-112 वाहनों की सहायता से जिला अस्पताल पहुंचाया गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार का इंजन वाहन से अलग होकर कई फीट दूर जा गिरा। दुर्घटना के प्रभाव से कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। इंजन के वाहन से बाहर निकलकर दूर जा गिरने से हादसे की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है। जानकारी के अनुसार, सभी घायल इंदौर निवासी हैं और उत्तर प्रदेश के ललितपुर से इंदौर लौट रहे थे। सुनेरा थाना क्षेत्र में चालक को नींद की झपकी आने के कारण वाहन अनियंत्रित हो गया और यह हादसा हुआ। पुलिस ने मामला दर्ज कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
4 सहेलियों ने चॉकलेट समझकर खाई सल्फास की गोली:एक बच्ची की मौत, सदर अस्पताल में 3 का इलाज जारी
जमुई में शनिवार को घास काटने गई चार सहेलियों ने सड़क पर मिली सल्फास की गोली को चॉकलेट समझकर खा लिया। इस घटना में संजना कुमारी(12) की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य बच्चियों का इलाज चल रहा है। घटना खैरा प्रखंड के गम्हरिया गांव की है। बच्चियां विद्यालय से पढ़ाई के बाद घास काटने बहियार की ओर गई थीं। बहियार स्थित एक पुल पर बैठी थीं, तभी एक बच्ची की नजर सड़क पर गिरे कागज में लिपटी सल्फास की गोली पर पड़ी। उन्होंने इसे चॉकलेट समझा और आपस में बांटकर खा लिया। घर लौटने पर बिगड़ी तबीयत शाम को जब बच्चियां घर लौटीं, तो अचानक उन्हें उल्टी होने लगी और तबीयत बिगड़ने लगी। परिजनों ने पूछताछ की तो उन्हें घटना की जानकारी हुई। आनन-फानन में चारों बच्चियों को इलाज के लिए सदर अस्पताल जमुई लाया गया। इलाज के दौरान गम्हरिया गांव निवासी महेश ठाकुर की बेटी संजना कुमारी (12) की मौत हो गई। वो कक्षा 7 की छात्रा थी। सदर अस्पताल में भर्ती अन्य तीन बच्चियों की पहचान सहदेव ठाकुर की बेटी भारती कुमारी(13), सुनील ठाकुर की बेटी लवली कुमारी(12) और रणधीर कुमार ठाकुर की बेटी शबनम कुमारी(11) के रूप में हुई है। ये सभी उत्क्रमित मध्य विद्यालय गम्हरिया की छात्राएं हैं। सदर अस्पताल जमुई के चिकित्सक डॉ. अमित कुमार ने बताया कि जहरीला पदार्थ खाने की शिकायत पर चार बच्चियों को अस्पताल लाया गया था। एक बच्ची की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे पटना रेफर किया गया था। तीन अन्य बच्चियों का इलाज सदर अस्पताल में जारी है और फिलहाल उनकी स्थिति सामान्य बनी हुई है।
कठुआ और पंजाब के माधोपुर के बीच रावी नदी पर बने रेल पुल संख्या-17 का जीर्णोद्धार कार्य पूरा हो गया है। कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी (सीआरएस), उत्तर रेलवे दिनेश चंद देशवाल ने पुल का निरीक्षण और स्पीड ट्रायल किया। निरीक्षण के बाद सीआरएस ने इस खंड पर ट्रेन संचालन की मंजूरी दे दी है। हरियाणा- पंजाब और दिल्ली से जम्मू-कश्मीर आने-जाने वाले यात्रियों और मालगाड़ियों को राहत मिलेगी। श्री माता वैष्णो देवी कटरा और जम्मू जाने वाले श्रद्धालुओं की यात्रा भी सुगम होगी। साथ ही आगामी अमरनाथ यात्रा और ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान विशेष ट्रेनों के संचालन में भी सुविधा मिलेगी। 15 जून से 4 ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। वहीं 8 ट्रेनों का शेड्यूल भी जल्द जारी होगा] जो कि करीब एक साल से बंद थी। बाढ़ में क्षतिग्रस्त हुआ था पिलर वर्ष 2025 में भारी बारिश और बाढ़ के दौरान रावी नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया था। तेज बहाव के कारण पुल का एक पिलर क्षतिग्रस्त हो गया था। सुरक्षा कारणों से रेलवे ने इस मार्ग पर ट्रेनों का संचालन रोक दिया था। बाढ़ के बाद रेलवे ने तत्काल मरम्मत कार्य शुरू किया। क्षतिग्रस्त पिलर को नई और मजबूत नींव के साथ पुनर्निर्मित किया गया। इसके अलावा गार्डर, डेक स्लैब और ट्रैक को भी बदला गया ताकि पुल को भविष्य में आने वाली चुनौतियों के लिए अधिक सुरक्षित बनाया जा सके। कम समय में पूरा किया काम DRM विवेक कुमार ने कहा कि रेलवे टीम ने कठिन परिस्थितियों में तेजी से काम करते हुए पुल को निर्धारित समय में तैयार किया है। उन्होंने कहा कि सीआरएस की मंजूरी मिलने के बाद इस मार्ग पर ट्रेनें सामान्य गति से संचालित की जा सकेंगी।
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी आज भागलपुर आ रहे हैं। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री राजकीय विमान से भागलपुर हवाई अड्डा पहुंचेंगे। इसके बाद विक्रमशिला पुल का निरीक्षण करेंगे। फिर समाहरणालय परिसर में सरकारी योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। पूरनमल बाजोरिया शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में भी शामिल होंगे। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर सभी कार्यक्रम स्थलों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। कार्यक्रम स्थलों के आसपास 31 मई की शाम छह बजे तक अस्थायी रेड जोन और नो ड्रोन फ्लाई जोन घोषित किया गया है। प्रशासन की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि ड्यूटी पर तैनात दंडाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारी पूरी सतर्कता बरतें। कार्यक्रम स्थलों के आसपास बैरिकेडिंग एवं ड्रॉप गेट बनाए गए हैं। बिना एंटी-सबोटेज जांच के किसी भी व्यक्ति को प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। सुरक्षा कारणों से ज्वलनशील पदार्थ, आग्नयास्त्र, झोला, बैग एवं छाता लेकर प्रवेश पर रोक लगाई गई है। पुलिसबल की तैनाती भीड़ नियंत्रण के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिस बलों की तैनाती की गयी है। सादे लिबास में भी सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है। कार्यक्रम स्थलों के आसपास संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष नजर रखने का निर्देश दिया गया है। प्रेस एवं मीडिया कर्मियों के लिए अलग स्थान निर्धारित किया गया है। मीडिया प्रतिनिधियों को भी वैध पहचान पत्र एवं पास के साथ ही प्रवेश की अनुमति है। मिनट टू मिनट कार्यक्रम 01:50 बजे : भागलपुर हवाई अड्डा आगमन 01:55 बजे : विक्रमशिला पुल के लिए प्रस्थान 01:58 बजे : विक्रमशिला पुल और गंगा पथ का निरीक्षण 02:05 बजे : समाहरणालय के लिए प्रस्थान 02:10 बजे : उद्घाटन एवं शिलान्यास कार्यक्रम 02:15 बजे : समीक्षा बैठक 02:50 बजे : नरगा के लिए प्रस्थान 03:00 बजे : पूरनमल बाजोरिया शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय में कार्यक्रम 04:15 बजे : भागलपुर हवाई अड्डा के लिए प्रस्थान 04:25 बजे : पटना के लिए रवाना 05:15 बजे : पटना हवाई अड्डा आगमन
रीवा जिले में गिरते भूजल स्तर को देखते हुए रीवा कलेक्टर ने बोरिंग मशीनों के माध्यम से नए बोर कराने और खनन संबंधी गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाया है। इसके बावजूद सगरा थाना क्षेत्र अंतर्गत लौआ पंचायत के सामने शनिवार देर रात बोरिंग का कार्य किए जाने का मामला सामने आया है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि प्रतिबंध के बावजूद खुलेआम बोरिंग कराई जा रही थी और सूचना देने के बाद भी पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। ग्रामीणों के अनुसार देर रात क्षेत्र में एक बोरिंग मशीन पहुंची और खुदाई का कार्य शुरू कर दिया गया। मशीन की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, जहां बोरिंग का काम जारी था। लोगों का कहना है कि जिले भर में बोरिंग पर प्रतिबंध लागू होने के बावजूद इस तरह का कार्य होना प्रशासनिक आदेशों की अवहेलना है। पुलिस जानकारी देने पर भी नहीं आईस्थानीय निवासियों का आरोप है कि जैसे ही उन्हें मामले की जानकारी मिली, उन्होंने सगरा थाना पुलिस को सूचना दी। हालांकि ग्रामीणों का दावा है कि सूचना देने के बाद भी पुलिस मौके पर नहीं पहुंची और बोरिंग का कार्य धड़ल्ले से चलता रहा। इससे ग्रामीणों में नाराजगी है। उनका कहना है कि यदि आम नागरिक प्रतिबंध का उल्लंघन करें तो तत्काल कार्रवाई की जाती है, लेकिन इस मामले में जिम्मेदार विभागों की उदासीनता दिखाई दे रही है। ग्रामीणों ने मांग की है कि प्रशासन तत्काल मामले की जांच कराए और यह स्पष्ट करे कि बोरिंग का कार्य किसकी अनुमति से कराया जा रहा था। लोगों का कहना है कि यदि किसी प्रकार की अनुमति नहीं थी तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। लोग बोले- नियमों का पालन सभी को करना चाहिएक्षेत्रवासियों ने यह भी कहा कि भूजल संरक्षण के लिए लगाए गए प्रतिबंध का पालन सभी के लिए समान रूप से होना चाहिए। यदि प्रतिबंध के बावजूद रात के अंधेरे में बोरिंग होती रही तो इससे प्रशासनिक आदेशों की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े होंगे। फिलहाल मामले को लेकर प्रशासन या पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
मुरैना जिले में नेशनल हाईवे-44 पर शनिवार देर शाम एक तेज रफ्तार ट्रक ने कार को पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार अनियंत्रित होकर हाईवे की दूसरी तरफ पहुंच गई। हालांकि चालक की सूझबूझ के कारण कार पलटी नहीं और बड़ा हादसा टल गया। दुर्घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। घटना नूराबाद थाना क्षेत्र के करुआ गांव के पास नेशनल हाईवे-44 पर हुई। जानकारी के अनुसार मुरैना से ग्वालियर की ओर जा रही काले रंग की वर्ना कार (MP-07-ZX-3890) को पीछे से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक (HR-38-AL-4254) ने टक्कर मार दी। टक्कर के बाद कार का संतुलन बिगड़ गया और वह हाईवे की दूसरी लेन में पहुंच गई। गनीमत रही कि उस समय सामने से कोई वाहन नहीं आ रहा था, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। दिल्ली से लौट रहा था परिवार कार में ग्वालियर का एक परिवार सवार था, जो दिल्ली से सड़क मार्ग के जरिए वापस अपने घर लौट रहा था। हादसे में सभी लोग सुरक्षित बच गए, लेकिन कार दोनों तरफ से क्षतिग्रस्त हो गई। घटना की सूचना मिलने के बाद नूराबाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी एसआई सौरभ पुरी ने बताया कि हादसे की शिकायत प्राप्त हुई है। राहत की बात यह है कि दुर्घटना में कोई घायल नहीं हुआ है। क्षतिग्रस्त वाहन और अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
शाजापुर में शनिवार को रात में अचानक बदले मौसम से लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली। रात में करीब 11 बजे तेज आंधी चली, जिसके बाद तापमान में 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई। आंधी के कारण शहर के कई हिस्सों में आधे घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। तेज हवाओं के चलते सड़कों पर दोपहिया वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। धूल भरी आंधी के कारण दृश्यता कम हो गई, जिससे दो मोटरसाइकिलों की आमने-सामने टक्कर हो गई। हालांकि, इस घटना में किसी के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं है। बस स्टैंड क्षेत्र में भी आंधी का व्यापक असर देखा गया। तेज हवाओं के कारण दुकानों के बाहर रखा सामान उड़ने लगा। व्यापारियों ने तुरंत अपना सामान सुरक्षित स्थानों पर रख लिया, जिससे किसी बड़े नुकसान से बचा जा सका। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, आगामी 24 घंटों में भी शाजापुर में मौसम का मिजाज ऐसा ही बना रह सकता है। इस दौरान तेज हवाओं, गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। पिछले एक सप्ताह से जिले का अधिकतम तापमान 44 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ था, जो शनिवार को घटकर लगभग 40 डिग्री सेल्सियस पर आ गया।
विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में रविवार तड़के भस्म आरती के दौरान सुबह चार बजे मंदिर के पट खुलते ही पंडे-पुजारियों ने गर्भगृह में स्थापित सभी देव प्रतिमाओं का पूजन किया। इसके बाद भगवान महाकाल का जलाभिषेक तथा दूध, दही, घी, शक्कर और फलों के रस से बने पंचामृत से अभिषेक-पूजन किया गया। प्रथम घंटा बजाकर भगवान को हरि ओम जल अर्पित किया गया। कपूर आरती के बाद भगवान महाकाल के मस्तक पर भांग, चंदन और त्रिपुंड अर्पित कर श्रृंगार किया गया। श्रृंगार पूर्ण होने के बाद ज्योतिर्लिंग को वस्त्र से आच्छादित कर भस्म रमाई गई। इसके पश्चात भगवान महाकाल का भांग, ड्राय फ्रूट, चंदन, आभूषण और पुष्पों से राजा स्वरूप में श्रृंगार किया गया। भस्म अर्पित करने के बाद भगवान महाकाल को रजत शेषनाग मुकुट, रजत मुंडमाल, रुद्राक्ष की माला तथा सुगंधित पुष्पों की मालाएं अर्पित की गईं। मोगरा और गुलाब के सुगंधित पुष्पों से सुसज्जित भगवान महाकाल ने भक्तों को दिव्य दर्शन दिए। आरती के दौरान भगवान को फल और मिष्ठान का भोग लगाया गया। भस्म आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और बाबा महाकाल का आशीर्वाद प्राप्त किया। महा निर्वाणी अखाड़े की ओर से भगवान महाकाल को भस्म अर्पित की गई। मान्यता है कि भस्म अर्पित होने के बाद भगवान महाकाल निराकार से साकार रूप में भक्तों को दर्शन देते हैं।
'नौतपा' का आज (रविवार) सातवां दिन है। आंधी-बारिश से भले ही गर्मी से कुछ राहत मिली हो, पर पिछले दिनों को याद करके अलवर के लोग सिहर उठते हैं। अलवर समेत प्रदेश का हर शहर तप रहा था। शहर में अधिकतम तापमान 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका था। सुबह 9 बजते ही आसमान से बरसती आग और दोपहर में चलने वाली गर्म हवाओं (लू) के थपेड़ों ने आम जनजीवन को पूरी तरह बेपटरी कर दिया था। दोपहर के वक्त शहर की मुख्य सड़कें और बाजार पूरी तरह सूने नजर आ रहे थे। ऐसा लगता था कि अघोषित कर्फ्यू लग गया हो। भीषण गर्मी का सीधा असर अलवर के पर्यटन और व्यापार पर पड़ा है। कलाकंद (मिल्क केक) और सरिस्का टाइगर रिजर्व देश-दुनिया में मशहूर है। जंगलों में तपिश बढ़ने और लू के कारण सरिस्का टाइगर रिजर्व में पर्यटकों की संख्या घटकर आधी रह गई है। दोपहर की सफारी में तो बमुश्किल ही कोई सैलानी नजर आ रहा है। कलाकंद मार्केट भी डाउन है। 50 फीसदी तक बिक्री कम हो रही है। गर्मी के इस सितम के बीच शहर में पानी के लिए हाहाकार मचा है। जलदाय विभाग की लापरवाही और घटते जलस्तर के कारण नलों में पानी का प्रेशर न के बराबर है। शहर के कई रिहायशी इलाकों में स्थिति यह है कि तीन-तीन दिन में सिर्फ एक बार पानी की सप्लाई हो रही है। लोग पूरी तरह से प्राइवेट और सरकारी पानी के टैंकरों पर निर्भर हो चुके हैं। तपती दोपहर में पानी के लिए महिलाएं दिन-दिन भर लाइन में खड़ी रह रही हैं। पढ़िए- नौतपा की रिपोर्ट… सरिस्का में आधे हुए पर्यटक, छाया ढूंढते रहते हैं गाइड अलवर में तपाने वाली गर्मी के कारण टाइगर रिजर्व सरिस्का में पर्यटक कम हो गए हैं। आंकड़ों के अनुसार- सरिस्का में सालभर में करीब 90 हजार देसी-विदेशी टूरिस्ट पहुंचते हैं। रोजाना करीब 800 पर्यटक आते थे, लेकिन नौतपा में इनकी संख्या 300-400 तक ही रह गई है। सरिस्का के पहाड़ भी तप रहे हैं। सफारी कराने वाले गाइड भी खाली हैं। ये पेड़ों की छाया ढूंढकर आराम फरमाते नजर आते हैं। मिल्क केक की डिमांड कम, 24 घंटे चलने वाली भटि्टयां अब 18 घंटे ही चल रहीं गर्मी की मार अलवर की विश्व प्रसिद्ध मिठाई मिल्क केक (कलाकंद) पर भी पड़ी है। आम दिनों में जहां कलाकंद की दुकानों पर भीड़ दिखती है, वहीं अब गिने-चुने ग्राहक नजर आते हैं। मई और जून के महीने में करीब 40 प्रतिशत बिक्री कम हो जाती है। खासकर नौतपा के दिनों में बिक्री सबसे कम रहती है। हलवाइयों के पास भी काम कम हो गया है। पहले 24 घंटे चलने वाली भटि्ठयां अब 5-6 घंटे बंद रहती हैं। ट्रैफिक लाइटों पर ग्रीन शेड से राहत शहर में रागीरों के लिए ट्रैफिक लाइटों पर ग्रीन शेड लगाए गए हैं। ताकि रेड लाइट में उन्हें थोड़ी राहत मिल सके। 46 डिग्री तापमान और दोपहर 1 बजे पानी के लिए लाइन अलवर का पारा 46 डिग्री तक पहुंच चुका है। तपती दोपहर में पानी का संकट गहरा जाता है। पेयजल को लेकर सोनावा डूंगरी में दोपहर 1 बजे महिलाएं मुख्य रोड पर आकर टैंकर के आने का इंतजार करती हैं। सोनावा डूंगरी की रामवती कहती हैं- आसमान से आग बरस रही है। पूरे दिन पानी का इंतजार करना पड़ता है। कई बार पूरी दोपहरी रोड पर बैठे रहते हैं। छंगी देवी ने कहा- तीन दिन में एक बार पानी आता है। वो भी आधा-अधूरा। पीने को पूरा पानी नहीं मिल पाता। शिवराम ने बताया- गर्मी से राहत के लिए कूलर में भी पानी नहीं भर पाते। नलों में बहुत कम पानी आ रहा है। दोपहर में टैंकर आता है, वह भी समय पर नहीं पहुंचता। दोपहर में इंतजार करना पड़ता है। 28 मई को बूंदाबांदी के बाद राहत 28 मई की शाम को हल्की बूंदाबांदी हुई। रात को बारिश और कुछ जगहों पर ओले गिरे। इसके बाद तापमान 3 से 5 डिग्री कम हुआ है। आगामी दिनों में जिले में 42 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। … नौतपा से जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए… 1. राजस्थान के सबसे गर्म शहर से रिपोर्ट:लोग घरों में कैद, सड़कों पर सन्नाटा पसरा; 48.3 डिग्री तक पहुंच चुका तापमान 2. सोने जैसा चमकने वाला किला भी तपा, दीवार छूना मुश्किल:जैसलमेर में टूरिस्ट पैकेज के रेट गिरे, महीनेभर खराब न होने वाली मिठाई का प्रोडक्शन आधा 3. आसमान से आग बरस रही, पैरों में लकड़ी की चप्पल:ईंट भट्ठों पर पारा 50 डिग्री के पार; मजदूर बोले- घर चलाना है तो तपना पड़ेगा 4. 46C तापमान में भी तीखा मिर्ची बड़ा खा रहे लोग:जोधपुर से विदेश जाने वाली मिठाइयों की बिक्री में आई कमी, दूध की सप्लाई घटी 5. रेतीले धोरे इतने गर्म, पापड़ तक सिके:लू से बचाव के लिए प्याज लेकर चलते हैं लोग, 11 बजते ही घरों में कैद, सड़कें सूनी 6. शेर-लेपर्ड के लिए फव्वारे,45 डिग्री में भी हींग-कचौरी डिमांड में:कोचिंग एरिया में हर तरफ छाते ही छाते, स्टूडेंट बोले- ऐसी गर्मी नहीं देखी

