बार-बार हटाने की कोशिश हुई नाकाम, इसलिए पड़ा ‘हठीले हनुमान’ नाम; बागपत के इस मंदिर की अनोखी मान्यता
बार-बार हटाने की कोशिश हुई नाकाम, इसलिए पड़ा ‘हठीले हनुमान’ नाम; बागपत के इस मंदिर की अनोखी मान्यता
200 करोड़ रुपये की वसूली के मामले में अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस की कानूनी स्थिति पर कोर्ट फैसला सुनाएगा। अदालत ने सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े मकोका मामले में जैकलीन को आरोपित बनाए जाने की मांग पर सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रख लिया है।
मध्य प्रदेश में 50 लाख ग्रामीण संपत्तियों की फ्री रजिस्ट्री, 17 सितंबर से शुरू होगा अभियान
मध्य प्रदेश में 50 लाख ग्रामीण संपत्तियों की फ्री रजिस्ट्री, 17 सितंबर से शुरू होगा अभियान
रायबरेली शहर का मोतीलाल नेहरू स्टेडियम अब नए और आधुनिक रूप में नजर आएगा। बदहाल हो चुके इस स्टेडियम के सुधार और मरम्मत पर 20 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च किए जा रहे हैं। निर्माण और नवीनीकरण का काम आवास विकास परिषद को दिया गया है। करीब डेढ़ साल से चल रहा यह प्रोजेक्ट जुलाई 2026 तक पूरा होना था। हालांकि, हाल ही में हुई बारिश के कारण निर्माण कार्य पर असर पड़ा है। अब अगले दो महीनों के भीतर स्टेडियम के सभी बचे हुए कामों को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। नवीनीकरण के तहत सबसे पहले स्विमिंग पूल को सुधारा गया। पिछले साल काम चलने के कारण पूल बंद थे, लेकिन अब दोनों स्विमिंग पूल पूरी तरह तैयार हैं। इस साल यहां प्रशिक्षण भी शुरू कर दिया गया है। बैडमिंटन हॉल का निर्माण कार्य भी लगभग पूरा हो गया है। इसके डबल स्टोरी नए हॉल के कुछ हिस्सों में प्लास्टर और फिनिशिंग का काम आखिरी दौर में है। मैदान पर नया एस्ट्रोटर्फ बिछाया जा रहा है और आधुनिक उपकरण लगाए जा रहे हैं। मैदान को समतल करने, बाउंड्रीवॉल बनाने, पानी निकालने का सिस्टम ठीक करने और दर्शकों के बैठने की जगह की मरम्मत का काम भी तेजी से पूरा कराया जा रहा है। जिला क्रीड़ा अधिकारी धीरेंद्र कुमार पुरुषोत्तम ने बताया कि बारिश के कारण नवीनीकरण के काम पर थोड़ा असर जरूर पड़ा है। हालांकि, बचे हुए कामों को जल्द से जल्द पूरा कर स्टेडियम को स्थानीय खिलाड़ियों और एथलीटों के लिए उपलब्ध करा दिया जाएगा।
कौशांबी के कड़ाधाम थाना क्षेत्र की हब्बूनगर चौकी से जुड़े पुलिसकर्मियों का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में वर्दी पहने एक दरोगा और सिपाही मंच के पास बैठकर डांस कार्यक्रम देखते नजर आ रहे हैं। वीडियो में अश्लील गानों पर डांस का कार्यक्रम चलता दिखाई दे रहा है। पुलिसकर्मियों के कार्यक्रम में मौजूद रहने को लेकर अब सवाल उठ रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, गुरुवार को हब्बूनगर में मेले का आयोजन हुआ था। दिन में दंगल कराया गया, जबकि रात में डांस कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसी कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। कार्यक्रम में मौजूद व्यक्ति ने बनाया वीडियो बताया जा रहा है कि गुरुवार रात डांस कार्यक्रम के दौरान मौजूद किसी व्यक्ति ने मंच के पास बैठे पुलिसकर्मियों का वीडियो बना लिया। इसके बाद वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया गया। कुछ लोगों ने इसे कौशांबी पुलिस के आधिकारिक X हैंडल पर भी शेयर किया है। वीडियो की जांच कर रहे अधिकारी वीडियो सामने आने के बाद पुलिस विभाग में हलचल है। हालांकि, पुलिस की ओर से अभी वायरल वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी वीडियो की जांच करा रहे हैं। जांच के बाद यह स्पष्ट होगा कि वीडियो कब और किस स्थान का है तथा उसमें दिखाई दे रहे पुलिसकर्मी कौन हैं।
सीहोर में भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य जसपाल सिंह अरोरा ने एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के भोपाल में दिए हालिया बयानों पर प्रतिक्रिया दी है। पत्रकारों से बातचीत में अरोरा ने ओवैसी के बयानों पर नाराजगी जताते हुए कहा कि भोपाल आकर बयान देने वालों को उनके गढ़ हैदराबाद जाकर जवाब दिया जाएगा। ओवैसी और भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा के बीच भोपाल के काजी कैंप को लेकर मिसाइल वाले बयान पर भी हाल में जुबानी प्रतिक्रिया सामने आई है। शर्मा ने बाद में कहा था कि उनका संदर्भ भोपाल के काजी कैंप से नहीं, बल्कि पाकिस्तान के काजी कैंप से था। ओवैसी ने इसके बाद भोपाल में शर्मा के बयान पर प्रतिक्रिया दी थी। अरोरा बोले- मिसाइल का जिक्र मुहावरे के तौर पर किया अरोरा ने अतिक्रमण हटाने और मिसाइल से जुड़े बयान पर सफाई देते हुए कहा कि जहां भी अतिक्रमण करने वाले सक्रिय हैं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई का संकेत देने के लिए मिसाइल शब्द का इस्तेमाल मुहावरे के तौर पर किया गया था। उनका कहना है कि इसका मतलब वास्तव में मिसाइल दागना नहीं था। उन्होंने ओवैसी के भोपाल आने को लेकर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि वे मुस्लिम समुदाय को भड़काने की कोशिश कर रहे हैं। अरोरा ने कहा कि ऐसी कोशिश सफल नहीं होगी। बोले- भोपाल की पहचान गंगा-जमुनी तहजीब से अरोरा ने कहा कि भोपाल उनका घर है और शहर की पहचान गंगा-जमुनी तहजीब से रही है। उनके मुताबिक यहां हिंदू-मुस्लिम लंबे समय से मिल-जुलकर रहते आए हैं और आगे भी यह एकता बनी रहेगी। उन्होंने कहा कि पहले भी कई लोग माहौल बिगाड़ने के लिए भोपाल आए, लेकिन शहर की जनता ने उन्हें स्वीकार नहीं किया। ओवैसी की भाषा को अरोरा ने गलत, असंसदीय और निंदनीय बताया। ओवैसी के दोबारा भोपाल आने पर भी दिया बयान अरोरा ने कहा कि अगर ओवैसी दोबारा भोपाल आते हैं तो यहां की जनता उन्हें लेकर अपना विरोध दर्ज कराएगी। उन्होंने अपने बयान में यह भी कहा कि लोग उन्हें स्टेशन से बाहर कदम नहीं रखने देंगे और उनके कपड़े फाड़ने की बात कही। अरोरा ने कहा कि ओवैसी के बयानों से भाजपा कार्यकर्ताओं और भोपालवासियों में नाराजगी है। उन्होंने कहा कि इसका जवाब उनके क्षेत्र हैदराबाद जाकर दिया जाएगा।
इंदौर के तिलक नगर थाने के सामने गुरुवार सुबह करीब 7:30 बजे तेज रफ्तार कार ने एक पैसेंजर ऑटो को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद कार फुटपाथ पर चढ़ गई, जबकि ऑटो मौके पर ही पलट गया। हादसे में ऑटो ड्राइवर समेत दो लोग घायल हो गए। दोनों को उपचार के लिए एमवाय अस्पताल भेजा गया। कार में सवार दो छात्र वाहन छोड़कर मौके से भाग गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक लाल रंग की कार तेज रफ्तार में आ रही थी। इसी दौरान रॉन्ग साइड से पैसेंजर ऑटो सामने आ गया। कार चालक छात्र ने ऑटो को बचाने की कोशिश की, लेकिन कार सीधे ऑटो से जा टकराई। टक्कर के बाद ऑटो पलट गया और कार फुटपाथ पर जा चढ़ी। हादसे में ऑटो ड्राइवर अनिल पुत्र शांतिलाल निवासी गोया कॉलोनी और रवि पुत्र बालू निवासी पिपल्याहाना घायल हुए हैं। दोनों को एंबुलेंस की मदद से एमवाय अस्पताल भेजा गया। थाने के सामने हादसा, एंबुलेंस पहुंचने में हुई देरी हादसे के बाद मौके पर काफी देर तक एंबुलेंस नहीं पहुंचने की बात सामने आई। वहीं थाने के सामने हादसा होने के बावजूद शुरुआती समय में पुलिसकर्मी भी घायलों की मदद के लिए नहीं पहुंचे। बाद में मामले की जानकारी एडिशनल डीसीपी अमरिंदर सिंह को दी गई। उनके निर्देश पर घायलों की मदद कर उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस अब कार में सवार छात्रों की जानकारी जुटा रही है। हादसे के कारणों और वाहन की रफ्तार को लेकर भी जांच की जा रही है।
कोटकासिम पुलिस ने अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त और संगठित अपराध के खिलाफ अभियान के तहत एक हिस्ट्रीशीटर को गिरफ्तार किया है। एसपी बृजेश ज्योति उपाध्याय ने बताया कि आरोपी की पहचान अनिल उर्फ भोला उर्फ मन्नू पुत्र अतरसिंह, निवासी सांचोद, थाना कोटकासिम के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त से जुड़े नेटवर्क में सक्रिय था और इसमें उसकी मुख्य भूमिका थी। एसपी उपाध्याय ने बताया कि थाना स्तर पर बनी टीम ने खुफिया जानकारी जुटाकर आरोपी को पकड़ा। आरोपी के खिलाफ पहले से अवैध हथियार, मारपीट, मादक पदार्थ, आबकारी, चोरी और लूट सहित कई धाराओं में मामले दर्ज हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, वह मुंडावर थाने का हिस्ट्रीशीटर भी है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी पर मुंडावर, कोटकासिम और हरियाणा के बावल व कसौला थाना क्षेत्रों में भी मामले दर्ज हैं।
मुजफ्फरनगर के चरथावल थाना क्षेत्र में ईंट-भट्ठे पर मजदूरी का काम दिलाने के नाम पर 3.23 लाख रुपये लेने और बाद में रकम वापस न करने का मामला सामने आया है। ताजपुर कलां निवासी अमित कुमार ने चरथावल देहात के सात लोगों पर धोखाधड़ी करने और पैसे वापस मांगने पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। पीड़ित ने गुरुवार सुबह करीब 8 बजे पुलिस को तहरीर देकर रकम वापस दिलाने और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। अमित कुमार के मुताबिक, आरोपियों ने उसे पंजाब के संगरूर और बरनाला जिले में ईंट-भट्ठे पर पथेर का काम दिलाने की बात कही थी। आरोप है कि काम दिलाने के एवज में आरोपियों ने पहले उससे 63 हजार रुपये उधार लिए। इसके बाद 14 सितंबर को 2.60 लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांजेक्शन और एडवांस के तौर पर लिए गए। पीड़ित का दावा है कि रकम के लेनदेन की वीडियो रिकॉर्डिंग भी उसके पास मौजूद है। पंजाब जाने के लिए ट्रक बुक कराया पीड़ित के अनुसार, 15 सितंबर को पंजाब जाने के लिए ट्रक किराए पर बुक किया गया था। इसके बाद जावेद, मौ. इनाम, शमीम, आबिद, माजिद हसन, महमूद और आस मौहम्मद ने अपने मोबाइल फोन बंद कर लिए और गायब हो गए। अमित का आरोप है कि काफी तलाश और संपर्क के प्रयास के बाद जब उसने अपनी रकम वापस मांगी तो उसे जान से मारने की धमकी दी गई। न काम मिला, न वापस हुई रकम अमित का कहना है कि आरोपियों ने मजदूरी और पंजाब में काम दिलाने का भरोसा देकर उससे रकम ली थी। तय समय पर न तो उसे काम पर ले जाया गया और न ही उसकी रकम वापस की गई। इसके बाद आरोपियों के मोबाइल फोन बंद मिले। पीड़ित ने पुलिस से पूरे मामले की जांच कर रकम वापस दिलाने और आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। ऑनलाइन लेनदेन और वीडियो रिकॉर्डिंग की होगी जांच पुलिस को दी गई तहरीर में अमित कुमार ने सातों आरोपियों के नाम और उनके पिता के नाम भी दर्ज कराए हैं। पुलिस अब शिकायत में लगाए गए आरोपों के साथ ऑनलाइन लेनदेन और कथित वीडियो रिकॉर्डिंग समेत उपलब्ध साक्ष्यों की जांच करेगी। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अम्बेडकरनगर में सरयू नदी के जलस्तर में बुधवार को छह सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसके साथ ही मांझा क्षेत्र में नदी का कटान फिर से तेज हो गया है। इटौरा ढोलीपुर गांव के पूरब नदी किनारे खेती की जमीन कटने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार कटान से उनकी जमीन धीरे-धीरे नदी में समा रही है। बुधवार को सरयू का जलस्तर 84.60 मीटर से बढ़कर 84.66 मीटर पर पहुंच गया। हालांकि, नदी अभी खतरे के निशान से 90 सेंटीमीटर नीचे बह रही है। जलस्तर बढ़ने का असर मांझा क्षेत्र में दिखने लगा है। इटौरा ढोलीपुर गांव के पूरब नदी किनारे कटान होने से किसानों को अपनी खेती की जमीन के नुकसान की चिंता सता रही है। इससे पहले नदी के निचले इलाकों में कम हुआ पानी भी बुधवार को कुछ बढ़ता दिखा। हालांकि, प्रशासन के मुताबिक अभी स्थिति सामान्य है और कोई परेशानी नहीं है। तहसीलदार पद्मेश श्रीवास्तव ने बताया कि नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी हुई है, लेकिन पानी अभी निचले हिस्से में ही है। उन्होंने कहा कि फिलहाल किसी तरह की परेशानी नहीं है।एहतियात के तौर पर राजस्व कर्मियों को निगरानी के लिए लगाया गया है। प्रशासन की टीम जलस्तर और कटान की स्थिति पर लगातार नजर रख रही है।
अलवर में गुरुवार सुबह से मौसम में बदलाव देखने को मिला। शहर और आसपास के इलाकों में कहीं हल्के तो कहीं घने बादल छाए रहे। बादलों के कारण सुबह से गर्मी के असर में कुछ कमी रही और लोगों को राहत मिली। हालांकि पिछले दो दिनों में मौसम विभाग ने बारिश का अनुमान जताया था, लेकिन अलवर में बारिश नहीं हो सकी। इस दौरान तापमान बढ़ने से गर्मी और उमस का असर साफ तौर पर देखने को मिला। अलवर में अब तक मानसून के दौरान 502.9 मिमी बारिश दर्ज हुई है। जबकि 17 सितंबर तक सामान्य बारिश का आंकड़ा 523.8 मिमी होना चाहिए। इस हिसाब से जिले में अब तक सामान्य से करीब 4 प्रतिशत कम बारिश हुई है। मौसम विभाग के अनुसार 17 सितंबर को अलवर में आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है। पिछले 24 घंटे में अधिकतम तापमान 37.2 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इस दौरान बारिश नहीं हुई। गुरुवार को न्यूनतम तापमान करीब 24 डिग्री और अधिकतम तापमान 31 डिग्री रहने का अनुमान है। मौसम में सबसे ज्यादा बदलाव 18 और 19 सितंबर को देखने को मिल सकता है। 18 सितंबर को गरज-चमक के साथ बारिश और आकाशीय बिजली की संभावना है। अधिकतम तापमान करीब 30 डिग्री रह सकता है। वहीं 19 सितंबर को भी गरज-चमक के साथ बारिश और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। इस दिन अधिकतम तापमान करीब 32 डिग्री रहने का अनुमान है। इसके बाद 20 सितंबर से तापमान में फिर बढ़ोतरी होने की संभावना है। 20 सितंबर को अधिकतम तापमान करीब 35 डिग्री, 21 सितंबर को 37 डिग्री और 22 सितंबर को तापमान करीब 38 डिग्री तक पहुंच सकता है। ऐसे में अगले दो दिन बारिश और गरज-चमक के बाद अलवर में एक बार फिर गर्मी बढ़ने का दौर शुरू हो सकता है।
चित्तौड़गढ़ जिले में इस मानसून सीजन में औसत से काफी कम बारिश होने के बाद अब एक बार फिर मौसम बदलने के संकेत मिले हैं। गुरुवार सुबह से ही शहर और आसपास के इलाकों में आसमान पर काले बादल छाए हुए है। मौसम विभाग का अनुमान है कि 17 से 19 सितंबर तक जिले में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इस दौरान तेज हवाएं चलने, मेघ गर्जन और आकाशीय बिजली गिरने की भी संभावना जताई गई है। लंबे समय से अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे लोगों के लिए यह अनुमान राहत देने वाला माना जा रहा है। हालांकि मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की भी अपील की है। औसत से काफी कम रही बारिश इस बार जिले में मानसून उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। अब तक जिले में सामान्य बारिश का केवल 76.26 प्रतिशत ही पानी गिरा है। बारिश कम होने का असर जलाशयों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। जिले का एक भी बांध इस बार पूरी तरह नहीं भर पाया है। पिछले दो दिनों में कुछ इलाकों में हल्की बारिश जरूर हुई, लेकिन इससे बारिश के कुल आंकड़ों में कोई खास बढ़ोतरी नहीं हुई। खेती और पेयजल दोनों के लिहाज से लोग अभी भी अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं। अगर अगले तीन दिनों में अनुमान के मुताबिक बारिश होती है तो कुछ राहत मिल सकती है। उमस से लोग परेशान हल्की बारिश के बाद फिर से तापमान बढ़ने लगा है। बारिश नहीं होने और नमी बढ़ने से दिनभर उमस महसूस की जा रही है। गुरुवार को चित्तौड़गढ़ का अधिकतम तापमान 32.6 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह से बादल छाए रहने के बावजूद वातावरण में उमस बनी रही। मौसम बदलने के कारण लोग दिनभर गर्मी और चिपचिपाहट से परेशान हो सकते हैं। ऐसे में लोगों की नजर अब अगले तीन दिनों के मौसम पर टिकी हुई है। तेज हवा और बिजली गिरने की भी संभावना मौसम विभाग के अनुसार 17 से 19 सितंबर के बीच जिले के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। मेघ गर्जन के साथ आकाशीय बिजली गिरने की भी संभावना जताई गई है। ऐसे मौसम में खुले स्थानों, खेतों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग का कहना है कि 19 सितंबर के बाद बारिश की गतिविधियां कम हो सकती हैं और इसके साथ ही मानसून की विदाई की स्थिति भी बनने लगेगी।
वाराणसी में मानसून की विदाई की आहट के बीच वाराणसी में मौसम लगातार बदलाव के दौर से गुजर रहा है। गुरुवार सुबह शहर का तापमान 31 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा की रफ्तार करीब छह किलोमीटर प्रति घंटे रही, जबकि वातावरण में नमी 74 प्रतिशत दर्ज की गई। शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 62 रहा। मौसम वैज्ञानिक मनोज श्रीवास्तव के कहा - अब मानसून की विदाई का समय नजदीक आ गया है। इसके चलते मौसम में रुक-रुककर बदलाव देखने को मिल सकता है। उन्होंने बताया कि गुरुवार शाम तक वाराणसी में हल्की बूंदाबांदी होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक 19 सितंबर के बाद उत्तर प्रदेश से मानसून की विदाई शुरू हो सकती है। आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष एक जून से 17 सितंबर तक उत्तर प्रदेश में 860.3 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। प्रदेश में अब तक सामान्य से करीब 15 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है। मानसून की विदाई के साथ ही बारिश की गतिविधियों में धीरे-धीरे कमी आने का अनुमान है। गंगा का जलस्तर तेजी से घटा, घाटों पर सिल्ट की चुनौती वही, वाराणसी में गंगा का जलस्तर लगातार तेजी से घट रहा है। जलस्तर कम होने के बाद भी बाढ़ का असर घाटों पर साफ दिखाई दे रहा है। कई घाटों का संपर्क अभी पूरी तरह बहाल नहीं हुआ है। घाटों की सीढ़ियों, रास्तों और किनारे स्थित मंदिरों में बड़ी मात्रा में सिल्ट जमा है। अब इसे हटाने और घाटों की सफाई का काम शुरू किया गया है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, गंगा के जलस्तर में आगे भी लगातार गिरावट आने की संभावना है। हालांकि, जलस्तर घटने के बाद घाटों को सामान्य स्थिति में लाने के लिए बड़े स्तर पर सफाई की जरूरत है। घाट किनारे रहने वाले लोगों और स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर निगम को जल्द से जल्द पंप लगाकर सिल्ट और जमा पानी की सफाई करानी चाहिए। उनका कहना है कि वाराणसी आने वाले पर्यटकों को घाटों तक पहुंचने में परेशानी हो रही है। बड़ी नाव चलाने की मांग, पुलिस ने अभी नहीं दी अनुमति गंगा का जलस्तर घटने के बाद नाविकों ने जल पुलिस के साथ बैठक कर नाव संचालन को लेकर अपनी मांग रखी है। नाविकों ने मांग की है कि बड़ी नावों को संचालन की अनुमति दी जाए। इसके अलावा गंगा आरती के दौरान श्रद्धालुओं को नाव पर बैठकर आरती देखने की अनुमति देने की भी मांग की गई है। हालांकि, पुलिस प्रशासन की ओर से फिलहाल नाव संचालन की अनुमति नहीं दी गई है। पुलिस ने नाविकों से प्रशासन का सहयोग करने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि गंगा का जलस्तर सामान्य होने और परिस्थितियां सुरक्षित होने के बाद नाव संचालन को दोबारा शुरू कराया जाएगा। हरिश्चंद्र घाट की सीढ़ियों की भी सफाई शुरू इधर, हरिश्चंद्र घाट पर भी सफाई अभियान चलाया जा रहा है। घाट की सीढ़ियों पर जमा सिल्ट को हटाया जा रहा है। प्रशासन का प्रयास है कि सफाई के बाद शवदाह गली के साथ घाट की सीढ़ियों पर भी आवश्यक गतिविधियां सुचारु रूप से हो सकें। गंगा का जलस्तर घटने के साथ अब घाटों को पहले की तरह सामान्य स्थिति में लाने की चुनौती सामने है।
उज्जैन में 17 सितंबर से युवा धर्म संसद, 24 राज्यों के 1500 युवा जुटेंगे; मोहन भागवत करेंगे उद्घाटन
उज्जैन में 17 से 19 सितंबर तक युवा धर्म संसद होगी। 24 राज्यों से 1500 युवा धर्म, संस्कृति, राष्ट्र निर्माण, शिक्षा, विज्ञान और तकनीक पर संवाद करेंगे।
संभल में 250 से ज्यादा गणपति पंडाल सजे:महाआरती के बाद भंडारे हुए, श्रीकल्कि सेना ने भजन-कीर्तन किया
संभल की कल्कि नगरी समेत पूरे जिले में श्रीगणेश चतुर्थी का उत्सव मनाया जा रहा है। हर पंडाल में 400 से 500 श्रद्धालु गणपति पूजन में शामिल हो रहे हैं। गुरुवार को तीसरे दिन सुबह 7:30 बजे से विधि-विधान से पूजा शुरू हुई। 'गणपति बप्पा मोरया, मंगल मूर्ति मोरया' के जयकारों के साथ श्रद्धालु 11 दिनों तक गणपति बप्पा की सेवा कर रहे हैं। संभल के थाना हयातनगर इलाके की सरायतरीन में वार्ष्णेय युवा मंच ने गणपति पंडाल लगाया है। यहां हर दिन सुबह 8 बजे और रात 9 बजे भगवान गणपति का पूजन और भजन-कीर्तन किया जा रहा है। श्रीकल्कि सेना (निष्कलंक दल) ने भी भजन-कीर्तन का आयोजन किया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। इस मौके पर राष्ट्रीय अध्यक्ष कुलदीप कुमार गुप्ता, सभासद गगन वार्ष्णेय, राजवीर सिंह, उज्ज्वल सक्सेना, ओम कुमार, स्वास्तिक वार्ष्णेय, लक्ष्मण सिंह, सुमित श्याम, कुश आर्य, प्रशांत अग्रवाल और मुदित वार्ष्णेय मौजूद रहे। श्रद्धालु चिराग गुप्ता ने बताया कि पिछले 5 सालों से उनके यहां गणपति विराजमान होते हैं और 11 दिनों तक इसे एक उत्सव की तरह मनाया जाता है। प्रज्ञांश वार्ष्णेय ने कहा कि 11 दिन के पूजन के बाद गणपति का विसर्जन किया जाएगा। उन्होंने भगवान गणेश से प्रार्थना की कि कोरोना जैसी कोई बीमारी दोबारा भारत में न आए और सनातन का प्रचार-प्रसार बढ़े। संभल कोतवाली कस्बा क्षेत्र के हल्लू सराय में सिद्धपीठ मां चामुंडा देवी मंदिर और यह तीर्थ पर भगवान गणेश का पंडाल लगा है। मोहल्ला कोट पूर्वी में कोटेश्वर महादेव, रहीसों वाला मंदिर, श्री रामचरित तुलसी मानस, आनंद विहार कॉलोनी स्थित शिव मंदिर और मोहल्ला ठेर के मढैया मंदिर, शिव मंदिर, महिला मंडल मंदिर, श्रीबनखंडन मंदिर में 11 दिनों के लिए गणपति विराजमान हैं। महमूद खां सराय के शिव मंदिर और थाना रायसत्ती के हातिम सराय में भी गणपति बप्पा का उत्सव मनाया जा रहा है। सभी पंडालों में सुबह आरती के बाद प्रसाद बांटा जा रहा है और रात में भंडारे हो रहे हैं। कार्यक्रम में मोहित अग्रवाल, शोभित गुप्ता, विशाल कुमार, अभिषेक श्रीमाली, मनोज श्रीमाली, अजय श्रीमाली, अमरराज अग्रवाल, नवनीत कुमार, अतुल अग्रवाल, नितिन गुप्ता, अनुराग रस्तोगी, राजीव सक्सेना, अंकुर गुप्ता, शैलेंद्र अग्रवाल, अमरीश गुप्ता कुलदीप अग्रवाल, राजीव गुप्ता, अनुराग गुप्ता, रिंकी गुप्ता, अंजू गुप्ता, शशि रानी, शिल्पी अग्रवाल, सरिता गुप्ता, डॉ. राखी अग्रवाल, रंजू शर्मा, रचना शर्मा आदि मौजूद रही।
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सरकार में दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री रहे 25 हजार के इनामी पन्नालाल कश्यप की मंगलवार को हुई गिरफ्तारी के साथ ही उसके करोड़ों रुपये के भू-माफिया सिंडिकेट की परतें खुलने लगी हैं। मेरठ से कार में भागते वक्त दबोचे गए पन्नालाल का पूरा साम्राज्य 'राजनीतिक रुतबे, सरकारी संसाधनों और फर्जीवाड़े' के कॉकटेल पर टिका था। पुलिस तफ्तीश में सामने आया है कि पन्नालाल और उसके गुर्गे सरकारी सर्किट हाउस और पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस को अपने कॉरपोरेट ऑफिस की तरह इस्तेमाल करते थे, जहां जमीनों के फर्जी सौदे तय किए जाते थे। सरकारी रुतबे का जाल: ऐसे होता था ‘शिकार’ पन्नालाल का काम करने का तरीका बेहद शातिराना था। वह केवल कागजों पर जमीन दिखाता था और क्लाइंट्स को फांसने का जिम्मा उसके नेटवर्क के पास था। VIP भौकाल से अंधा भरोसा: पन्नालाल के गुर्गे (जैसे भोजीपुरा का पूर्व प्रधान महिपाल यादव) भोले-भाले किसानों और निवेशकों को फर्जी या दूसरों की जमीनों में भारी मुनाफे का लालच देकर लाते थे। सर्किट हाउस में डील: मीटिंग के लिए कोई आम जगह नहीं, बल्कि सर्किट हाउस या PWD गेस्ट हाउस को चुना जाता था। वहां पन्नालाल का सरकारी सिक्योरिटी, गाड़ियों का काफिला और VIP भौकाल देखकर शिकार बिना किसी झिझक के करोड़ों की डील कर लेता था। फर्जी ID और आधार का खेल: डील पक्की होते ही फर्जी नाम और फर्जी आधार कार्डों के जरिए अनुबंध करा लिए जाते थे। एडवांस रकम ऐंठने के बाद जब पीड़ित अपनी रकम या जमीन मांगते, तो उन्हें जान से मारने की धमकियां दी जाती थीं। बरामदगी: लक्जरी लाइफस्टाइल: 1 राडो घड़ी, 2 वीवो मोबाइल और बलेनो कार। दस्तावेज व हथियार लाइसेंस: 1 पासपोर्ट, रिवॉल्वर व राइफल के 2 लाइसेंस प्रपत्र। सरकारी रुतबे का दिखाया जाता था 'भौकाल', ऐसे फंसते थे शिकार पन्नालाल के काम करने का तरीका बेहद शातिराना था। वह कागजों पर दूसरों की जमीन दिखाकर उसकी सौदेबाजी कर देता था। उसके गिरोह में शामिल स्थानीय गुर्गे और सफेदपोश (जैसे भोजीपुरा का एक पूर्व प्रधान) देहात और आसपास के इलाकों से भोले-भाले किसानों व निवेशकों को ढूंढकर लाते थे। उन्हें होटल या फैक्टरी लगाने पर भारी मुनाफे का झांसा दिया जाता था। पन्नालाल अपनी छवि और कद दिखाने के लिए शिकार को किसी आम जगह नहीं, बल्कि सर्किट हाउस या पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में बुलाता था। वहां उसका सरकारी सुरक्षा, गाड़ियों का काफिला और वीआईपी भौकाल देखकर लोग आसानी से झांसे में आ जाते थे और करोड़ों की डील पक्की कर लेते थे। फर्जी आधार कार्ड का खेल और एडवांस ऐंठकर जान से मारने की धमकी डील पक्की होते ही पन्नालाल और उसका गैंग फर्जी पहचान पत्रों और फर्जी आधार कार्डों के सहारे अनुबंध पत्र तैयार करवा लेता था। निवेशकों से एडवांस के नाम पर लाखों-करोड़ों रुपये ऐंठ लिए जाते थे। जब पीड़ितों को ठगी का अहसास होता या वे अपनी रकम व जमीन की रजिस्ट्री मांगते, तो पन्नालाल उन्हें अपने रसूख का डर दिखाता था। विरोध करने पर पीड़ितों को जान से मारने की धमकियां दी जाती थीं। इस नेटवर्क का शिकार हुए दर्जनों किसान और व्यापारी अपनी गाढ़ी कमाई गंवाने के बाद थानों के चक्कर काटने को मजबूर हो गए। 38 मुकदमों का नेटवर्क: गाजियाबाद से बरेली तक फैला था ठगी का सिंडिकेट पन्नालाल कश्यप पर सिर्फ बरेली ही नहीं, बल्कि गाजियाबाद समेत प्रदेश के कई जिलों में ठगी, अमानत में खयानत, धोखाधड़ी और बिजली चोरी के करीब 38 मामले दर्ज हैं। सरकार बदलते ही जब पन्नालाल का राजनीतिक रसूख कमजोर पड़ा, तो पीड़ितों ने हिम्मत जुटानी शुरू की और एक के बाद एक शिकायतें सामने आने लगीं। गाजियाबाद के नंदग्राम का रहने वाला बीटेक और एलएलबी पास यह आरोपी पुलिस से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा था। गाजियाबाद में पुलिस की दबिश से ठीक पहले वह भाग निकला था, लेकिन क्राइम ब्रांच की टीम ने लोकेशन ट्रैक कर उसे मेरठ-गाजियाबाद मार्ग से दबोच लिया। पन्नालाल कश्यप मामला: जानिए कब क्या हुआ (टाइमलाइन) वर्ष 2007: बसपा सरकार के दौरान पन्नालाल कश्यप को दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री का पद मिला, यहीं से उसने अपना राजनीतिक रसूख बनाना शुरू किया। अगस्त 2023: ठगी के शिकार पीड़ितों (सईम खान और अनिल कुमार सिंह) की तहरीर पर बरेली के भोजीपुरा थाने में पन्नालाल और उसके गैंग के खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज और रंगदारी की बड़ी शिकायतें दर्ज हुईं। वर्ष 2024-2026 (शुरुआती माह): पन्नालाल लगातार फरार रहा। बरेली और गाजियाबाद में उसके खिलाफ मुकदमों की संख्या बढ़कर 38 तक पहुंची। एसएसपी बरेली ने उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया। 15 सितंबर 2026 : गाजियाबाद से चकमा देकर भागे पन्नालाल कश्यप को बरेली क्राइम ब्रांच ने मेरठ के परतापुर मेट्रो स्टेशन के पास बलेनो कार से गिरफ्तार कर लिया। 16 सितंबर 2026: पुलिस पूछताछ के बाद आरोपी पन्नालाल को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया; अब उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य सफेदपोशों की तलाश जारी है।
धनबाद के निरसा थाना क्षेत्र के हाथबाड़ी स्थित आनंद वाटिका के पास बुधवार शाम पुलिस और अपराधियों के बीच हुई मुठभेड़ के बाद पुलिस ने तीन अपराधियों को गिरफ्तार किया है। मुठभेड़ में उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर निवासी शूटर सागर सिंह उर्फ शिबू के पैर में गोली लगी है। घायल सागर को इलाज के लिए एसएनएमएमसीएच में भर्ती कराया गया है। पुलिस के अनुसार, सागर धनबाद में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के इरादे से पहुंचा था। उसके दो साथियों को भी अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार किया गया है, जबकि दो अन्य अपराधी मौके से फरार हो गए। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। बाहर से आए थे पांच अपराधी धनबाद एसएसपी प्रभात कुमार ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि बाहर से पांच अपराधी धनबाद पहुंचे हैं। सभी किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की योजना बना रहे थे। सूचना के बाद सिटी एसपी की अगुवाई में विशेष टीम का गठन किया गया। टीम में जिले के विभिन्न थानों के थाना प्रभारी और पुलिस अधिकारी शामिल किए गए। मंगलवार रात से ही अपराधियों की तलाश में अलग-अलग इलाकों में छापेमारी शुरू कर दी गई थी। बुधवार को पुलिस को सूचना मिली कि कुछ अपराधी निरसा थाना क्षेत्र में छिपे हुए हैं। इसके बाद एसडीपीओ लिलेश्वर महतो के नेतृत्व में पुलिस टीम ने हाथबाड़ी स्थित आनंद वाटिका के पास कार्रवाई की। पुलिस को देखते ही अपराधियों ने फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें सागर के पैर में गोली लगी और उसे मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। हथियार और कारतूस बरामद मुठभेड़ के दौरान पुलिस ने एक हथियार और कारतूस बरामद किया है। गिरफ्तार अपराधियों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस उनके आपराधिक रिकॉर्ड और धनबाद आने के उद्देश्य की भी जानकारी जुटा रही है। घायल सागर सिंह उर्फ शिबू का नाम पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह हत्याकांड में भी सामने आया था। पुलिस के अनुसार, वह इस चर्चित हत्याकांड में मुख्य शूटरों में से एक रहा है। इसके अलावा जमशेदपुर के निखार सबलोक हत्याकांड में भी पुलिस को उसकी तलाश थी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि सागर और उसके साथियों का धनबाद में किसी स्थानीय अपराधी या गिरोह से संपर्क था या नहीं। फरार दो अपराधियों की तलाश में छापेमारी एसएसपी प्रभात कुमार के अनुसार, पूछताछ पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि पांचों अपराधी धनबाद में किस बड़ी वारदात को अंजाम देने की तैयारी कर रहे थे। पुलिस फरार दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है। साथ ही गिरफ्तार अपराधियों से पूछताछ के आधार पर उनके नेटवर्क और आपराधिक गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि अपराधियों को धनबाद में किसने पनाह दी और वे किस घटना को अंजाम देने की तैयारी में थे। मुठभेड़ के बाद पुलिस ने इलाके में निगरानी बढ़ा दी है।
हंसखेड़ा में गणेश उत्सव:कांशीराम कॉलोनी में सजीं धार्मिक झांकियां, देर रात तक रहे श्रद्धालु
लखनऊ में पारा क्षेत्र के हंसखेड़ा स्थित कांशीराम कॉलोनी में गणेश चतुर्थी के अवसर पर 14 सितंबर को विधि-विधान से भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित की गई। गणेश उत्सव के तहत 16 सितंबर की रात से 17 सितंबर की सुबह तक विशेष झांकी कार्यक्रम हुआ। इसमें राधा-कृष्ण, शिव-पार्वती, भगवान गणेश और मां काली की झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। कृष्ण-सुदामा की मित्रता की झांकी ने खींचा ध्यान कार्यक्रम में कृष्ण-सुदामा की मित्रता और अघोरी साधु से जुड़ी झांकियां भी प्रस्तुत की गईं। आकर्षक झांकियां देखने के लिए सैकड़ों श्रद्धालु पहुंचे। देर रात तक धार्मिक गीतों और जयकारों से कॉलोनी का माहौल भक्तिमय बना रहा। 18 सितंबर को होगा प्रतिमा का विसर्जन श्रद्धालुओं ने भगवान गणेश की पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की। आयोजन समिति की ओर से श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गईं। उत्सव के समापन पर 18 सितंबर को भगवान गणेश की प्रतिमा का विधि-विधान से विसर्जन किया जाएगा।
जयपुर के त्रिपोलिया बाजार में सेठी कॉम्प्लेक्स मणिहारी कटला (पुरोहित जी का कटला) में गुरुवार सुबह 7 बजे भीषण आग लग गई। दूसरी मंजिल पर कपड़ों की दुकान के बाहर कार्टन में रखे सामान में लगी आग ने देखते ही देखते भीषण रूप ले लिया। आग की चपेट में दूसरी मंजिल की 20 से ज्यादा दुकानें आ गईं। इनमें कपड़ों के गोदाम, प्लास्टिक का सामान और चूड़ी-बैंगल्स की दुकानें शामिल हैं। आग की लपटें और धुआं सुभाष चौक से लेकर चांदपोल तक दिखाई दे रहा था। आग लगने की जगह से कुछ ही दूरी पर माणक चौक थाना स्थित है। धुआं उठता देखकर पुलिसकर्मी तुरंत मौके पर पहुंचे। दमकल विभाग को सूचना दी। करीब 8 बजे फायर ब्रिगेड की 5 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने के प्रयास शुरू किए। खबर लगातार अपडेट हो रही है…
आजमगढ़ में गुरुवार को छाए आसमान में बादल:बुधवार को जिले के आउटर वाले इलाकों में हुई थी जोरदार बारिश
आजमगढ़ में गुरुवार को सुबह से आसमान में बादल छाए हुए हैं। मौसम विभाग ने आज भी जिले में बारिश का अलर्ट जारी किया है। बुधवार को भी जिले में बादलों के साथ-साथ धूप की आवा जाही होती रही। जिला मुख्यालय में बुधवार को भले ही बादल छाए रहे पर जिले के आउटर वाले इलाकों सगड़ी जीयनपुर रानी की सराय, बरदह के इलाकों में एक घंटे जोरदार बारिश हुई है। जिले में अब तक 592.1 प्रतिशत बारिश हो चुकी है जबकि जिले में 693.6 एमएम बारिश होनी है। ऐसे में यदि आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो अभी 15 एमएम बारिश और होनी है। हालांकि बारिश के बाद भी गर्मी और उमस से आम जनता परेशान है। जिले का अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है। जबकि न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया है। इसके साथ ही जिले में 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही है। मौसम विभाग का दावा है कि आने वाले दिनों में जिले में जोरदार बारिश होगी। पिछले सप्ताह गुरुवार की देर रात जिले में जोरदार बारिश हुई थी। इसवे किसानों को राहत मिली है। खेतों में पानी पहुंचने से धान की रोपाई तेज होने की उम्मीद है। खरीफ की फसलों के लिए भी मौसम अनुकूल बना है। बारिश से घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ा है। इसके बाद प्रशासन ने नदी किनारे के संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है। डीएम रविंद्र कुमार ने नदी किनारे के क्षेत्रों का निरीक्षण कर अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। मौसम विभाग के मुताबिक अगले चार-पांच दिनों तक बारिश का दौर जारी रह सकता है। इस दौरान कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। प्रशासन ने राजस्व, सिंचाई, आपदा प्रबंधन और स्वास्थ्य विभाग को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
कुल्लू और लाहौल-स्पीति में बारिश के साथ रोहतांग, बारालाचा, शिंकुला और कुंजम दर्रे पर 5 से 10 सेंटीमीटर ताजा बर्फबारी हुई। घाटी में ठंड बढ़ी और बागवानों की चिंता बढ़ गई।
सतना में मोटरपंप चोरी के 4 आरोपी गिरफ्तार:पुलिस ने 60 हजार का माल बरामद कर जेल भेजा
सतना की सिटी कोतवाली पुलिस ने मोटरपंप चोरी के मामले का खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी किया गया 5 हॉर्स पावर का मोटरपंप और केबल बरामद किया है। बरामद सामान की कीमत करीब 60 हजार रुपए बताई गई है। पुलिस ने चारों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। 14 अगस्त को खेत से चोरी हुआ था मोटरपंप मामला मंटोला निवासी महेश प्रसाद यादव (67) के खेत का है। उनके खेत पर लगा 5 हॉर्स पावर का मोटरपंप केबल समेत 14 अगस्त को चोरी हो गया था। उन्होंने इसकी शिकायत सिटी कोतवाली थाने में दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। मुखबिर की सूचना पर आरोपी पकड़ा करीब एक महीने की जांच के बाद पुलिस को मुखबिर से आरोपियों के संबंध में जानकारी मिली। सूचना के आधार पर पुलिस ने अहरी टोला निवासी हरिओम पुत्र प्यारेलाल रावत (29) को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में हरिओम ने अपने छोटे भाई शिवम रावत (21), रामलखन पुत्र सुदामा कोल (19) और पिथौराबाद, थाना नागौद निवासी शिवम पुत्र बाबूलाल प्रजापति (19) के साथ मिलकर मोटरपंप चोरी करने की बात बताई। आरोपियों के कब्जे से मोटरपंप और केबल बरामद हरिओम की जानकारी के आधार पर पुलिस ने बाकी तीनों आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के पास से चोरी किया गया मोटरपंप और केबल बरामद कर लिया। पुलिस के मुताबिक, बरामद सामान की कीमत करीब 60 हजार रुपए है। चारों आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।
एटा में शीतलपुर विकासखंड के मानपुर गांव में मंगलवार देर शाम वन विभाग की आरक्षित भूमि पर अवैध खनन का मामला सामने आया। सूचना मिलने पर वन दरोगा पिंकी टीम के साथ मौके पर पहुंचीं। टीम को देखते ही मिट्टी से भरे 15 से 18 ट्रैक्टर मौके से फरार हो गए। वन विभाग की टीम ने जेसीबी चालक बॉबी पुत्र राधेश्याम को पकड़कर जेसीबी जब्त कर ली। पूछताछ में जेसीबी चालक बॉबी ने प्रदीप पुत्र सूरजपाल, रविकांत पुत्र चरन सिंह, प्रमोद पुत्र रूप किशोर, देवेंद्र पुत्र तेज सिंह, रूप किशोर उर्फ मकलू पुत्र चरन सिंह, रामू पुत्र राधेश्याम निवासी शीतलपुर और ज्ञानी निवासी मानपुर के नाम बताए। आरोप है कि सभी लोग अवैध खनन में शामिल थे और ट्रैक्टर चला रहे थे। वन दरोगा पिंकी ने कोतवाली नगर थाने में लिखित शिकायत देकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वन विभाग के अनुसार, पकड़े गए जेसीबी चालक बॉबी को बुधवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जमानत मिल गई। विभाग का आरोप है कि इस दौरान खनन में शामिल लोगों ने सभी ट्रैक्टर भी छुड़ा लिए। वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, आरक्षित भूमि पर करीब 40 हजार पौधे लगाए गए थे। इनमें से करीब 4500 पौधों के नष्ट होने का दावा किया गया है। वन दरोगा की शिकायत में अवैध खनन, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और सरकारी कर्मचारी पर जानलेवा हमला करने के आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, पुलिस की ओर से अभी एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। वन क्षेत्राधिकारी केके जैन ने बताया कि मंगलवार को आरक्षित भूमि पर अवैध खनन की सूचना मिली थी। टीम मौके पर पहुंची तो मिट्टी से भरे 15 से 18 ट्रैक्टर वहां मौजूद थे, जो टीम को देखते ही फरार हो गए। जेसीबी चालक को पकड़ लिया गया और जेसीबी जब्त की गई। वन दरोगा की ओर से लिखित शिकायत दी गई है। आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया था, जहां से उसे जमानत मिल गई।
गोरखपुर में सुबह से छाए घने बादल:हल्की धूप निकलने से बढ़ी उमस, शाम तक बारिश की संभावना
गोरखपुर में गुरुवार को मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ नजर आ रहा है। सुबह से ही आसमान में घने बादल छाए हुए हैं, जिससे शहर का वातावरण सुहावना दिखाई दे रहा है। हालांकि बीच-बीच में हल्की धूप निकलने से लोगों को राहत के साथ-साथ गर्मी का एहसास भी हो रहा है। मौसम के इस बदलते रूप ने लोगों को असमंजस में डाल दिया है कि बाहर निकलते समय बारिश की तैयारी करें या धूप से बचाव की। दिनभर चल रही 15–18 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं मौसम को थोड़ा संतुलित करने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन इसका असर ज्यादा देर तक महसूस नहीं हो पा रहा है। हवा में 85% से अधिक नमी के कारण लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। सड़कों पर निकलते ही चिपचिपाहट और घुटन महसूस हो रही है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। तापमान सामान्य, लेकिन गर्मी का असर ज्यादा मौसम विभाग के मुताबिक आज अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। तापमान सामान्य स्तर पर होने के बावजूद उमस के कारण गर्मी का प्रभाव अधिक महसूस हो रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि ज्यादा नमी के कारण शरीर का पसीना जल्दी नहीं सूखता, जिससे गर्मी और ज्यादा परेशान करती है। मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि दिनभर बादलों की आवाजाही बनी रहेगी और शाम के समय हल्की बारिश हो सकती है। अगर बारिश होती है तो उमस से जूझ रहे लोगों को कुछ राहत मिल सकती है। फिलहाल शहर में बादल, धूप और उमस का मिला-जुला असर बना हुआ है, जिससे मौसम का रुख लगातार बदलता हुआ नजर आ रहा है।
जालौन के आमखेड़ा-सरावन मार्ग पर गुरुवार सुबह करीब 7:30 बजे हुए सड़क हादसे में 33 साल के एक युवक की मौत हो गई। युवक सड़क किनारे झाड़ियों में घायल हालत में पड़ा मिला था। सूचना मिलने पर पुलिस उसे तुरंत इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जालौन ले गई, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम उमरी निवासी विपिन (33) पुत्र विजय सिंह गुरुवार सुबह अपनी प्लैटिना मोटरसाइकिल से आमखेड़ा-सरावन मार्ग से गुजर रहे थे। इसी दौरान वह हादसे का शिकार हो गए। दुर्घटना के बाद वह सड़क किनारे झाड़ियों में घायल और खून से लथपथ पड़े मिले। आसपास के लोगों ने छिरिया चौकी प्रभारी आलोक पाल को सूचना दी, जिसके बाद वह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिसकर्मियों ने घायल विपिन को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जालौन पहुंचाया। यहां डॉक्टरों ने उनकी जांच की, लेकिन गंभीर हालत के कारण इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया और हादसे से जुड़ी जानकारी जुटाई। दुर्घटना में शामिल प्लैटिना मोटरसाइकिल (संख्या UP 92 S8 495) को भी पुलिस ने जब्त कर लिया है। हादसा किन हालात में हुआ, इसकी जांच की जा रही है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। जेब से मिले आधार कार्ड के आधार पर उनकी पहचान विपिन के रूप में हुई। पुलिस ने परिजनों को घटना की सूचना दे दी है। मामले में कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
Bihar News Today Live: बिहार ब्रेकिंग न्यूज़, पढ़ें 17 सितम्बर के मुख्य और ताजा समाचार
Bihar Breaking News Today Live - Read latest and breaking news today in hindi at Amarujala. यहां पढ़ें, बिहार की ताजा खबरें, राजनीति, खेल, मनोरंजन, धर्म, क्राइम और शिक्षा की खबरों का लाइव अपडेशन
बदायूं में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन पर गुरुवार से 'सेवा संकल्प अभियान' शुरू हो रहा है। यह अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा, जिसमें जिलेभर में सेवा और जनकल्याण के कार्यक्रम होंगे। पहले दिन यज्ञ-प्रार्थना, फल वितरण, रक्तदान शिविर, दिव्यांगों को ट्राईसाइकिल व ई-रिक्शा और विश्वकर्मा समाज के लोगों को टूल किट दी जाएगी। शाम को 'आशीर्वाद का दीया' जलाकर प्रधानमंत्री के स्वस्थ और लंबी उम्र की कामना की जाएगी। भाजपा जिलाध्यक्ष राजीव कुमार गुप्ता ने बताया कि अभियान के पहले दिन 17 सितंबर को सुबह 9:30 बजे नगला मंदिर में प्रधानमंत्री की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य के लिए यज्ञ और प्रार्थना होगी। सुबह 10 बजे सीएचसी दातागंज में वरिष्ठ भाजपा नेता शैलेश पाठक फल बांटेंगे। सुबह 10:30 बजे राजकीय मेडिकल कॉलेज बदायूं में जिलाध्यक्ष राजीव कुमार गुप्ता रक्तदान शिविर का उद्घाटन करेंगे। वहीं, सुबह 11 बजे अवंती बाई लोधी छात्रावास में केंद्रीय राज्यमंत्री बीएल वर्मा रक्तदान शिविर का उद्घाटन करेंगे। उन्होंने बताया कि सुबह 11 बजे दातागंज और बिल्सी तहसील सभागार में दिव्यांगों को ट्राईसाइकिल और ई-रिक्शा बांटे जाएंगे। इसके साथ ही विश्वकर्मा समाज के लोगों को उनके काम के हिसाब से टूल किट दी जाएगी। दोपहर 3:30 बजे डायट ऑडिटोरियम बदायूं में दिव्यांगों को उपकरण और विश्वकर्मा समाज के लोगों को टूल किट देने के साथ ही अच्छे शिक्षकों का सम्मान और किट वितरण होगा। उन्होंने बताया कि शाम 6 से 7 बजे तक जिले के कई जगहों पर 'आशीर्वाद का दीया' कार्यक्रम होगा। इसमें लोग अपने घरों में दीये जलाकर प्रधानमंत्री के अच्छे स्वास्थ्य, लंबी और सफल जिंदगी की कामना करेंगे।
बाराबंकी के टिकैतनगर क्षेत्र में अघोषित बिजली कटौती से ग्रामीण परेशान हैं। बनगावा विद्युत उपकेंद्र से जुड़े सैकड़ों गांवों में लगातार बिजली कट रही है। इससे नाराज उपभोक्ताओं ने गुरुवार को बनगावा उपकेंद्र के सामने धरना दिया। उन्होंने नियमित बिजली सप्लाई की मांग की। ग्रामीणों का आरोप है कि तय शेड्यूल के बाद भी रातभर बिजली काटी जा रही है। कई बार लोकल फॉल्ट बताकर बिजली सप्लाई बंद कर दी जाती है। गर्मी और उमस के कारण ग्रामीणों को रात में काफी दिक्कत हो रही है। ग्रामीणों ने बताया कि बनगावा पावर हाउस से जुड़े सैकड़ों गांव बिजली संकट झेल रहे हैं। वे दिन में तय समय पर बिजली कटौती से सहमत हैं। लेकिन, रात में लगातार बिजली कटने से बच्चों, बुजुर्गों और दूसरे लोगों को परेशानी हो रही है। नाराज ग्रामीणों ने उपकेंद्र पर धरना देकर विभाग से शेड्यूल के हिसाब से सप्लाई बहाल करने को कहा। उन्होंने मांग की कि बिजली कटौती की समस्या का स्थायी हल निकाला जाए, ताकि बार-बार प्रदर्शन न करना पड़े। इस मामले में उपखंड अधिकारी विद्युत वितरण राजवीर सिंह ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ग्रामीण चाहते हैं कि दिन में बिजली कटे और रात में सप्लाई बंद न हो। राजवीर सिंह ने कहा कि ग्रामीणों की बात बड़े अधिकारियों तक पहुंचा दी गई है।
सपा ने बांदा में उमेश यादव को बनाया नया जिलाध्यक्ष:127 दिन बाद जिला संगठन को मिला नया जिलाध्यक्ष
समाजवादी पार्टी ने बांदा में जिला संगठन में बदलाव करते हुए उमेश यादव को नया जिलाध्यक्ष बनाया है। पार्टी ने 16 सितंबर की देर रात उनके नाम का एलान किया। उमेश यादव इससे पहले सपा के जिला उपाध्यक्ष थे। वह शहर के मोहल्ला बाबा तालाब के रहने वाले हैं। सपा की जिला कार्यकारिणी मई 2026 में भंग कर दी गई थी। इसके बाद से जिलाध्यक्ष का पद खाली था। करीब 127 दिन बाद पार्टी ने नए जिलाध्यक्ष की नियुक्ति की है। उमेश यादव को संगठन की जिम्मेदारी मिलने के बाद अब पार्टी की जिला इकाई को फिर से सक्रिय करने की कोशिश शुरू होगी। नए जिलाध्यक्ष के सामने आने वाले समय में संगठन को मजबूत करना और कार्यकर्ताओं को एकजुट करना मुख्य जिम्मेदारियां होंगी। जिला स्तर पर पार्टी की गतिविधियों को तेज करने के साथ ही बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने पर भी ध्यान रहेगा। पार्टी की ओर से उमेश यादव की नियुक्ति के एलान के बाद सपा कार्यकर्ताओं में भी चर्चा तेज हो गई है। कार्यकर्ता और पदाधिकारी उन्हें बधाई दे रहे हैं। अब नए जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में जिला संगठन की नई कार्यकारिणी के गठन को लेकर भी बातचीत शुरू हो गई है। उमेश यादव के सामने जिले में पार्टी संगठन को सक्रिय करने के साथ स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के बीच तालमेल बनाए रखने की चुनौती होगी। आने वाले दिनों में जिला संगठन की गतिविधियों और नई कार्यकारिणी को लेकर स्थिति साफ होने की उम्मीद है।
सिरसा जिले में बुधवार रात्रि को अचानक मौसम बदला और तेज हवाएं चलने लगी और कई एरिया में बारिश भी हुई। इस बारिश से फसलों में काफी नुकसान हुआ है। खासकर राजस्थान की सीमा से सटे चोपटा क्षेत्र में देर रात तेज बारिश और आंधी से नरमे और ग्वार की फसल को भारी नुकसान हुआ है। रात करीब 1 बजे तेज हवाएं चलना शुरू हुई। जानकारी के अनुसार, इस बार क्षेत्र में करीब 25 हजार हेक्टेयर में देसी कपास और बीटी नरमे की बुवाई की गई थी। इसके अलावा, 16 हजार हेक्टेयर में ग्वार की फसल बोई गई थी। यह फसलें अब काफी हद तक खराब हो गई हैं। जब किसानों ने आज वीरवार सुबह खेतों में जाकर देखा तो फसल का नुकसान देखकर वे दंग रह गए। किसान बोले, इन दिनों नरमा में टिंडे खिल रहे हैं और कपास चुगाई का काम चल रहा है। अब चुगाई कर पाना मुश्किल होगा और फसल नीचे गिरने से कपास भी खराब होगी। इससे बेचने में दिक्कत आएगी। ग्वार की फसल पहले ही खराब हो चुकी है और धान की फसल में भी ग्रोथ नहीं है। पहले बारिश नहीं हुई तो फसल खराब हो चुकी है। पहले सूखा और अब बेमौसमी बारिश की मार झेलनी पड़ी। इन गांवों में ज्यादा नुकसान जिले के गांव जमाल, बरासरी, कुतियाना, जोड़किया, रामपुरा ढिल्लों, कुम्हारिया, खेड़ी, कागदाना, शक्कर मंदोरी, शाहपुरिया, दड़बा कला, नाथूसरी, रूपावास सहित कई गांवों में आंधी और बारिश से खरीफ की खड़ी फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। किसान बोले, मानसून की बारिश कम हुई किसान रामचंद्र, प्रेम कुमार, दलबीर, श्रवण कुमार, रणबीर, शंकर मास्टर, जगदीश, कृष्ण कुमार और खेतपाल ने बताया कि इस बार मानसून की बारिश कम हुई थी। इसके बावजूद किसानों ने जैसे-तैसे सिंचाई करके खरीफ की फसल को बचाए रखा था। उन्हें उम्मीद थी कि अच्छा उत्पादन होगा, लेकिन रात की तेज बारिश ने सब कुछ बर्बाद कर दिया। मुआवजा जल्दी जारी करे सरकार नरमे, ग्वार, बाजरा और मूंगफली जैसी फसलों को काफी नुकसान हुआ है। ग्वार की फसल तो पूरी तरह से बर्बाद हो गई है। किसानों ने सरकार से खराब हुई फसल के लिए स्पेशल गिरदावरी करवाकर मुआवजे की मांग की है।
भाजपा विधायक संजय पाठक के परिवार से जुड़ी माइनिंग कंपनियों से प्रस्तावित 443 करोड़ रुपए की रिकवरी का मामला एक बार फिर चर्चा में है। जबलपुर हाईकोर्ट ने आनंद माइनिंग कॉर्पोरेशन की याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने कंपनी को अपना पक्ष जबलपुर कलेक्टर के सामने रखने और कलेक्टर को मामले का कानून के अनुसार निराकरण करने के निर्देश दिए हैं। हाईकोर्ट ने याचिका खारिज की मामला जबलपुर जिले की सिहोरा तहसील के टिकरिया और प्रतापपुर क्षेत्र की लौह अयस्क खदानों से जुड़ा है। आनंद माइनिंग की ओर से प्रस्तावित वसूली और कारण बताओ नोटिस की कार्रवाई को चुनौती दी गई थी। हाईकोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद अब कंपनी को कलेक्टर के समक्ष अपना पक्ष रखना होगा। कोर्ट ने प्रमाणित आदेश की प्रति मिलने के बाद कलेक्टर को चार महीने में मामले का निराकरण करने को कहा है। तीन कंपनियों पर 443 करोड़ रुपए की वसूली का मामला सरकारी कार्रवाई में आनंद माइनिंग कॉर्पोरेशन, निर्मला मिनरल्स और पेसिफिक एक्सपोर्ट्स से कुल 443 करोड़ 4 लाख 86 हजार रुपए की वसूली का मामला सामने आया है। यह राशि खनन में निर्धारित सीमा से अधिक उत्खनन और उससे जुड़े राजस्व की गणना के आधार पर प्रस्तावित की गई है। 2025 में राज्य सरकार की ओर से विधानसभा में भी 443 करोड़ रुपए की राशि से जुड़ी जानकारी दी गई थी। पटवारी ने CM से पूछा- अब वसूली में देरी क्यों? हाईकोर्ट के ताजा आदेश के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र भेजकर सरकार से तत्काल वसूली की कार्रवाई शुरू करने की मांग की है। पटवारी ने कहा कि सरकार को संबंधित कंपनियों को डिमांड नोट जारी कर बकाया राशि की वसूली की प्रक्रिया आगे बढ़ानी चाहिए। उन्होंने मूल राशि के साथ नियमों के मुताबिक ब्याज, पेनल्टी, जीएसटी और अन्य वैधानिक देयकों की भी गणना करने की मांग की है। कांग्रेस ने सरकार से पूछे 5 सवाल पटवारी ने अपने पत्र में सरकार की कार्रवाई को लेकर पांच सवाल उठाए हैं। इनमें हाईकोर्ट के आदेश के बाद डिमांड नोट जारी करने में देरी का कारण, प्रभावशाली लोगों और आम लोगों के लिए नियमों में अंतर, ब्याज-पेनल्टी की गणना, अधिकारियों की कार्रवाई में देरी और पूरे मामले पर सार्वजनिक रिपोर्ट जारी करने से जुड़े सवाल शामिल हैं। मामला पहले भी विधानसभा तक पहुंच चुका है इस मामले में 2025 में विधानसभा में पूछे गए सवाल के जवाब में सरकार ने 443 करोड़ रुपए की वसूली से संबंधित जानकारी दी थी। इसके बाद प्रशासन ने संबंधित कंपनियों को नोटिस जारी किए थे। दिसंबर 2025 में कंपनियों को 443 करोड़ रुपए की वसूली के लिए अंतिम नोटिस जारी होने की रिपोर्ट भी सामने आई थी। कंपनियों ने जांच पर भी उठाए थे सवाल इससे पहले कंपनियों की ओर से जांच के निष्कर्षों पर आपत्ति जताई गई थी। कंपनी पक्ष ने कहा था कि कोई अवैध उत्खनन नहीं किया गया और जांच रिपोर्ट तैयार करने में मौके की स्थिति का सही आकलन नहीं हुआ। इसलिए इस मामले में अंतिम देनदारी और वसूली की स्थिति संबंधित प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी। रिकवरी को लेकर कांग्रेस ने सरकार को घेरा पटवारी ने कहा कि यह राशि सरकारी राजस्व से जुड़ी है और इसकी वसूली में पारदर्शिता होनी चाहिए। उन्होंने सरकार से पूरी प्रक्रिया का हिसाब सार्वजनिक करने की मांग की है। कांग्रेस ने संकेत दिया है कि कार्रवाई में देरी होने पर वह इस मुद्दे को आगे भी उठाएगी। वहीं, हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब मामले में अगला फैसला प्रशासनिक स्तर पर होना है।
पीलीभीत में परिवहन विभाग ने सालों से टैक्स नहीं चुकाने वाले कमर्शियल वाहन मालिकों पर शिकंजा कस दिया है। जिले में करीब 1690 वाहन मालिकों पर 11 करोड़ रुपये से ज्यादा का टैक्स बकाया है। विभाग ने सभी बकायेदारों को आखिरी नोटिस जारी कर 15 दिन का समय दिया है। इस अवधि में बकाया जमा नहीं करने पर वाहनों की आरसी जारी कर उन्हें जब्त किया जाएगा और टैक्स वसूली के लिए कानूनी कार्रवाई की जाएगी। परिवहन विभाग के मुताबिक, जिले में 20 हजार से ज्यादा कमर्शियल वाहन रजिस्टर्ड हैं। नियम के अनुसार बसों का टैक्स हर महीने, जबकि ट्रक, कैब, ऑटो, टेंपो और लोडर जैसे वाहनों का टैक्स चार महीने में जमा करना होता है। इसके बावजूद 1690 वाहन मालिक पांच साल से ज्यादा समय से टैक्स जमा नहीं कर रहे हैं। पांच साल से ज्यादा समय से टैक्स बकाया विभाग की सूची में शामिल 1690 वाहन मालिकों ने लंबे समय से टैक्स नहीं चुकाया है। इससे सरकारी राजस्व को करोड़ों रुपये का नुकसान होने की बात सामने आई है। अब विभाग ने ऐसे वाहन मालिकों को आखिरी मौका दिया है। नोटिस में 15 दिन के भीतर बकाया टैक्स जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। वन टाइम सेटलमेंट का भी नहीं उठाया फायदा बकायेदार वाहन मालिकों को राहत देने के लिए परिवहन विभाग ने कुछ महीने पहले वन टाइम सेटलमेंट योजना शुरू की थी। इसमें टैक्स और जुर्माने में काफी छूट का प्रावधान किया गया था। इसके बावजूद ज्यादातर बकायेदारों ने योजना का लाभ लेने में रुचि नहीं दिखाई। इसके बाद परिवहन आयुक्त के निर्देश पर वसूली अभियान तेज किया गया है। 15 दिन बाद चेकिंग में जब्ती एआरटीओ सुशील मिश्रा ने बताया कि पांच साल से अधिक समय से टैक्स जमा नहीं करने वाले वाहन मालिकों को अंतिम नोटिस भेजा गया है। 15 दिन में बकाया जमा नहीं करने पर चेकिंग के दौरान ऐसे वाहनों को जब्त किया जाएगा। इसके बाद टैक्स वसूली के लिए आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बॉर्डर और मुख्य सड़कों पर निगरानी बढ़ी परिवहन विभाग ने बकायेदार वाहनों को पकड़ने के लिए मुख्य सड़कों और बॉर्डर प्वाइंट पर निगरानी बढ़ा दी है। विभाग के आंकड़ों के अनुसार पीलीभीत में 2,90,414 दोपहिया वाहन, 21,986 कारें और 20 हजार से ज्यादा कमर्शियल वाहन पंजीकृत हैं। जिले में 1,92,892 लोगों के पास ड्राइविंग लाइसेंस हैं। अब टैक्स बकाया वाले वाहनों की चेकिंग कर कार्रवाई की जाएगी।
पीलीभीत के जिला विद्यालय निरीक्षक यानी डीआईओएस कार्यालय में सामने आए लाखों रुपये के वित्तीय घोटाले में सरकार ने कार्रवाई तेज कर दी है। मामले में कार्यालय में तत्कालीन समय तैनात रहे लेखाकार जावेद को निलंबित कर दिया गया है। आंतरिक लेखा एवं लेखा परीक्षा निदेशक की ओर से निलंबन का आदेश जारी किया गया है। जावेद का तबादला अब दूसरे जिले में हो चुका है, लेकिन जिस समय वित्तीय गड़बड़ी हुई, उस दौरान वह पीलीभीत में ही तैनात थे। मामला कॉलेजों के शिक्षकों और कर्मचारियों के वेतन, एरियर समेत दूसरे मदों में हुए भुगतान से जुड़ा है। शुरुआती जांच में कार्यालय स्तर पर हिसाब-किताब में गड़बड़ी और बिना पर्याप्त जांच के बिल पास किए जाने की बात सामने आई थी। इसी आधार पर लेखाकार जावेद की भूमिका भी जांच के दायरे में आई है। वेतन और एरियर के भुगतान में गड़बड़ी का आरोप घोटाले में कई लाख रुपये के लेनदेन में अनियमितता की बात सामने आई है। आरोप है कि शिक्षकों और कर्मचारियों के वेतन, एरियर और अन्य मदों में नियमों की अनदेखी करते हुए भुगतान किए गए। इससे सरकारी धन के गलत इस्तेमाल की आशंका जताई गई है। शुरुआती जांच में बिलों और कार्यालय के हिसाब-किताब में भी कई स्तर पर गड़बड़ी मिलने की बात सामने आई। बिना जांच बिल पास करने की जांच होगी प्रारंभिक जांच में यह सामने आया कि कुछ बिलों को पर्याप्त जांच के बिना ही पास कर दिया गया। इसी दौरान तत्कालीन लेखाकार जावेद की भूमिका पर सवाल उठे। उन्हें प्रथमदृष्टया जिम्मेदार मानते हुए निलंबित किया गया है। हालांकि अंतिम जिम्मेदारी और उनकी भूमिका जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। वरिष्ठ कोषाधिकारी को सौंपी गई जांच सरकार ने पूरे वित्तीय घोटाले की जांच की जिम्मेदारी वरिष्ठ कोषाधिकारी सुरेश यादव को दी है। जांच में यह देखा जाएगा कि सरकारी धन के भुगतान में किस स्तर पर लापरवाही हुई और लेखाकार की भूमिका क्या रही। इसके साथ ही यह भी पता लगाया जाएगा कि कार्यालय के अन्य कर्मचारी इस गड़बड़ी में शामिल थे या नहीं। मुख्य आरोपी इल्हाम पहले ही बर्खास्त इस मामले में मुख्य आरोपी बताए जा रहे इल्हाम शम्सी के खिलाफ सरकार पहले ही कार्रवाई कर चुकी है। उन्हें पहले निलंबित किया गया था और बाद में सेवा से बर्खास्त करने का आदेश भी जारी हो चुका है। अब तत्कालीन लेखाकार जावेद के निलंबन के बाद मामले में कार्रवाई का दायरा बढ़ गया है। डीआईओएस विजय सिंह यादव ने जावेद के निलंबन की पुष्टि करते हुए बताया कि शासन का आदेश कार्यालय को मिल गया है।
गुरुग्राम में गोल्फ कोर्स रोड पर रविवार की सुबह बाइक राइडर को टक्कर मारने के मामले में एक और नया खुलासा हुआ है।
भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी के संस्थापक व नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद गुरुवार को एक बार फिर गोंडा पहुंच रहे हैं। उन्होंने दो दिन पहले वीडियो जारी कर 17 सितंबर को गोंडा आने की बात कही थी। उनके दौरे को लेकर जिला और पुलिस प्रशासन अलर्ट है। गोंडा-बाराबंकी बॉर्डर से लेकर परसपुर थाना क्षेत्र के रेक्सडिया गांव तक पुलिस और पीएसी तैनात की गई है। कई जगह बैरिकेडिंग भी की गई है। चंद्रशेखर आजाद रेक्सडिया गांव में विनोद साहनी हत्याकांड के परिजनों से मुलाकात कर घटना की जानकारी लेने वाले हैं। वे परिवार की मांगों, आरोपियों की गिरफ्तारी और अब तक हुई पुलिस कार्रवाई के बारे में भी जानकारी लेंगे। हालांकि जिला प्रशासन के मुताबिक उन्हें परिजनों से मिलने की अनुमति नहीं दी जाएगी। प्रशासन ने जिले में धारा 163 लागू होने और इससे माहौल बिगड़ने की आशंका का हवाला दिया है। कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों पर पुलिस की नजर चंद्रशेखर आजाद के दौरे के ऐलान के बाद आजाद समाज पार्टी और भीम आर्मी से जुड़े कई कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों पर पुलिस नजर रख रही है। आरोप है कि कुछ लोगों को पुलिस ने देर रात से ही उनके घरों पर रोक रखा है और बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी जा रही है। प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लगातार निगरानी की जा रही है। रेक्सडिया में पीड़ित परिवार से मिलने का कार्यक्रम चंद्रशेखर आजाद आज परसपुर थाना क्षेत्र के रेक्सडिया गांव पहुंचेंगे। यहां वे विनोद साहनी के परिजनों से मुलाकात कर हत्याकांड की पूरी जानकारी लेंगे। परिवार की ओर से की जा रही मांगों, आरोपियों की गिरफ्तारी और अब तक हुई कार्रवाई के संबंध में भी वे परिजनों से बात करेंगे। इसके बाद जिला प्रशासन के अधिकारियों से भी कार्रवाई की जानकारी लेने की बात कही गई है। बाराबंकी काफिले के विवाद पर भी लेंगे जानकारी 13 सितंबर को गोंडा आते समय बाराबंकी में चंद्रशेखर आजाद के काफिले पर हुए हमले और उससे जुड़े विवाद का मुद्दा भी उनके दौरे में शामिल है। वे गोंडा और बाराबंकी प्रशासन से इस मामले में अब तक की गई कार्रवाई की रिपोर्ट लेने की बात कह चुके हैं। इसी को देखते हुए दोनों जिलों की पुलिस सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्क है। बॉर्डर से गांव तक पुलिस-पीएसी का पहरा चंद्रशेखर आजाद के गोंडा आने के ऐलान के बाद गोंडा-बाराबंकी बॉर्डर से रेक्सडिया गांव तक कई थानों की पुलिस फोर्स लगाई गई है। पीएसी बल भी तैनात किया गया है और संवेदनशील स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई है। जिला प्रशासन का कहना है कि जिले में धारा 163 लागू है। प्रशासन के मुताबिक, चंद्रशेखर आजाद को परिजनों से मिलने की अनुमति नहीं दी जाएगी, क्योंकि इससे कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है।
वाराणसी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन के अवसर पर नमामि गंगे की ओर से गंगा घाट पर विशेष आयोजन किया गया। कार्यकर्ताओं ने मां गंगा का विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर प्रधानमंत्री की दीर्घायु की कामना की। इस दौरान मां गंगा को 76 मीटर लंबी चुनरी अर्पित की गई। पूजन के बाद चुनरी को प्रसाद स्वरूप जरूरतमंदों में वितरित किया गया। वैदिक मंत्रों के साथ हुई गंगा आरती कार्यक्रम में ‘शांताकारं भुजगशयनम्’ सहित वैदिक मंत्रों का पाठ किया गया। आरती के दौरान ‘बार-बार ये दिन आए, तुम जियो हजारों साल’ जैसे गीत गूंजे। आरती के बाद लोगों को मिठाई बांटी गई। इस दौरान भारत माता की जय के जयकारे भी लगाए गए। राजेश शुक्ला बोले- मां गंगा से मांगा आशीर्वाद नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक व नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला ने कहा कि प्रधानमंत्री के लिए बाबा विश्वनाथ और मां गंगा से आशीर्वाद मांगा गया है। उन्होंने सरकार की विभिन्न योजनाओं और विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि देश को वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने का लक्ष्य रखा गया है। कार्यक्रम में सुभाष श्रीवास्तव, प्रमोद कुमार पांडेय, लल्लन सिंह, महेंद्र तिवारी, निर्मल सिंह, अनीता सिंह सहित सैकड़ों नागरिक मौजूद रहे।
अजमेर में आज और कल बारिश का अलर्ट:अब तक 12 फीसदी ज्यादा बरसात हुई, न्यूनतम तापमान 23.9 डिग्री पहुंचा
अजमेर में गुरुवार सुबह से मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आया। सुबह से आसमान में बादलों की आवाजाही रही, लेकिन बीच-बीच में धूप निकलने से उमस और गर्मी का असर बना रहा। लोग उमस के कारण परेशान रहे। सुबह न्यूनतम तापमान 23.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने गुरुवार और शुक्रवार को बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। ऐसे में अगले दो दिन जिले में कहीं-कहीं बारिश होने की संभावना बनी हुई है। 494 मिमी बारिश, सामान्य से 53.2 मिमी ज्यादा अजमेर में इस मानसून सीजन में अब तक 494.0 मिमी बारिश दर्ज हो चुकी है। जबकि इस अवधि में सामान्य बारिश 440.8 मिमी मानी जाती है। इस तरह अजमेर में सामान्य से 53.2 मिमी अधिक बारिश हो चुकी है। यानी बारिश का आंकड़ा सामान्य से 12.07% अधिक है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में बारिश होने पर यह आंकड़ा और बढ़ सकता है।
इंदौरः आज 30 हजार लोगों को जमीन की फ्री रजिस्ट्री, जानें किसे मिलेगी?
इंदौर में 17 सितंबर से स्वामित्व योजना के तहत तैयार अधिकार अभिलेखों के मुफ्त पंजीयन की नई प्रक्रिया शुरू हो रही है। इस राज्यस्तरीय अभियान से 30 हजार लाभार्थियों को बिना किसी पंजीयन शुल्क के उनकी संपत्ति का कानूनी दस्तावेज मिलेगा।
बारां नगर परिषद में सभापति का पद इस बार जनरल महिला के लिए आरक्षित है। इस पद के लिए 4 महिला पार्षदों ने नामांकन दाखिल किया है। खास बात यह है कि चारों पहली बार चुनावी मैदान में उतरी हैं। इनमें आम आदमी पार्टी से दो, भाजपा और कांग्रेस से एक-एक प्रत्याशी शामिल हैं। प्रत्याशियों की घोषित संपत्ति 37.22 लाख से 7.22 करोड़ रुपए तक है। चारों के खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है। आप से शीतल राठौर सबसे अधिक संपत्ति वाली प्रत्याशी वार्ड 37 की पार्षद शीतल राठौर ने आम आदमी पार्टी से नामांकन दाखिल किया है। शीतल राठौर (35) स्नातकोत्तर हैं। उन्होंने अपनी संपत्ति 7.22 करोड़ रुपए घोषित की है। उनके पति कमल राठौर पहले नगर परिषद सभापति रह चुके हैं। आप की डमी प्रत्याशी चंद्रकला सुमन भी मैदान में वार्ड 1 की पार्षद चंद्रकला सुमन ने भी आप से नामांकन भरा है। वे ग्रेजुएट हैं और गृहिणी हैं। उनकी घोषित संपत्ति 37.22 लाख रुपए है। वे भी पहली बार सभापति पद की दौड़ में शामिल हुई हैं। भाजपा से निलेश जैन ने ठोकी दावेदारी वार्ड 38 की भाजपा पार्षद निलेश जैन ने सभापति पद के लिए नामांकन दाखिल किया है। निलेश जैन (53) 10वीं पास हैं। उन्होंने अपनी संपत्ति 2.59 करोड़ रुपए बताई है। उनके पति राकेश जैन भाजपा के जिला महामंत्री हैं। कांग्रेस से मीनाक्षी भारद्वाज उम्मीदवार वार्ड 27 की कांग्रेस पार्षद मीनाक्षी भारद्वाज भी सभापति पद की दौड़ में हैं। मीनाक्षी भारद्वाज (40) ग्रेजुएट हैं और उन्होंने अपनी संपत्ति 1.84 करोड़ रुपए घोषित की है। चारों ने विकास और जनहित को बताया प्राथमिकता सभापति पद के लिए मैदान में उतरीं चारों महिला प्रत्याशियों का कहना है कि यदि उन्हें जिम्मेदारी मिलती है तो वे शहर के विकास और जनहित से जुड़े कामों को प्राथमिकता देंगी। चारों प्रत्याशियों के चुनावी हलफनामे के अनुसार उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है।
टीईटी के लिए अब तक 19,100 आवेदन: कम संख्या के बाद फिर बढ़ेगी तारीख, आज तय होगा कितना और मिलेगा मौका
मध्यप्रदेश में टीईटी के लिए अब तक 19,100 आवेदन आए हैं। कम आवेदन को देखते हुए तारीख फिर बढ़ाने की तैयारी है। गुरुवार को तय होगा कि एक सप्ताह या 15 दिन का अतिरिक्त समय मिलेगा। इसके बाद नई अंतिम तारीख घोषित की जाएगी।
फतेहाबाद जिले के गांव खजूरी जाटी में तेज बारिश के दौरान एक मकान पर आसमानी बिजली गिर गई। इससे कमरे की छत ढह गई और मलबे में दबकर 58 साल की बुजुर्ग महिला नन्हीं देवी की मौत हो गई। परिजन उन्हें फतेहाबाद के निजी अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। जानकारी के अनुसार, आसमानी बिजली सीधे नन्हीं देवी के कमरे पर गिरी थी। धमाका इतना तेज था कि कमरे की आधी छत टूटकर नीचे आ गई। नन्हीं देवी उस समय कमरे में सो रही थीं और मलबे में दब गईं। हादसे के वक्त परिवार के दूसरे सदस्य दूसरे कमरे में सो रहे थे। तेज आवाज सुनकर परिजन और आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। परिजनों ने मलबे से निकाला बाहर करीब 15 मिनट बाद कमरे का दरवाजा खोला गया। अंदर नन्हीं देवी की चारपाई मलबे में फंसी हुई थी। परिजनों और ग्रामीणों ने तुरंत नन्हीं देवी को मलबे से बाहर निकाला और फतेहाबाद के एक निजी अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल लाया गया है। मृतका के दो शादीशुदा बेटे पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है। मृतका नन्हीं देवी के दो शादीशुदा बेटे हैं। उनके बेटे रणजीत ने बताया कि यह घटना देर रात करीब तीन बजे हुई। गांव में इस घटना के बाद से मातम पसरा हुआ है।
पैनल से हुआ दवा विक्रेता के शव का पोस्टमार्टम:पोस्टमार्टम में मौत का कारण स्पष्ट नहीं, हाथ मिला टूटा
फर्रुखाबाद जिले के मऊ दरवाजा थाना क्षेत्र में बुधवार सुबह रेलवे ट्रैक के किनारे एक दवा विक्रेता का शव मिला था। उसका पोस्टमार्टम डॉक्टरों के पैनल ने किया, लेकिन मौत की वजह साफ नहीं हो पाई है। एक्स-रे में गोली लगने की पुष्टि भी नहीं हुई है। दवा विक्रेता अमन का शव बुधवार सुबह मऊ दरवाजा थाना क्षेत्र के रेलवे ट्रैक किनारे पड़ा मिला। उसका बायां पैर गायब था। अमन मंगलवार शाम को घर से निकला था। बुधवार शाम को डॉक्टर जय सिंह और डॉक्टर प्रवीण कुमार के पैनल ने वीडियोग्राफी के साथ अमन शुक्ला का पोस्टमार्टम किया। अमन के शरीर में गोली लगने की आशंका थी, इसलिए डॉक्टर राम मनोहर लोहिया अस्पताल में शव का एक्स-रे कराया गया। लेकिन एक्स-रे में गोली लगने की पुष्टि नहीं हुई। पोस्टमार्टम करीब 3 घंटे तक चला। चेहरे पर गन पाउडर की पुष्टि हुई। बारूद को सील कर पुलिस को सौंप दिया गया है। अब इसे जांच के लिए कन्नौज की विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा जाएगा। अमन का बायां पैर गायब था। उसकी पीठ और शरीर के दूसरे हिस्सों पर चोट के निशान थे, और दाहिना हाथ टूटा हुआ था। मौत की वजह साफ न होने पर जांच के लिए विसरा सुरक्षित रखा गया है।
जिला जनगणना अधिकारी एडीएम सत्यप्रकाश की अध्यक्षता में भारत की जनगणना-2027 के दूसरे चरण की जनसंख्या गणना के लिए प्रगणकों और पर्यवेक्षकों की ट्रेनिंग वर्कशॉप कलेक्ट्रेट सभागार में बुधवार शाम आयोजित की गई। इस दूसरे चरण में नागरिकों की गणना की जाएगी। एडीएम ने लोगों को तकनीकी ट्रेनिंग दी। संतकबीरनगर जिले में जिला जनगणना अधिकारी एडीएम द्वारा आयोजित इस ट्रेनिंग वर्कशॉप में सभी प्रगणकों, पर्यवेक्षकों और विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए। उनसे कहा गया कि भारत की जनगणना 2027 के दूसरे चरण यानी जनसंख्या गणना को अच्छे से और सफलतापूर्वक चलाने के लिए पूरी लगन और संवेदनशीलता के साथ अपने काम को पूरा करें। ट्रेनिंग वर्कशॉप में जिला प्रभारी जनगणना सुजीत कुमार ने जनगणना निदेशालय से तय तारीखों और समय के दौरान जनसंख्या गणना से जुड़ी कई बातों की विस्तार से जानकारी दी। इसमें मौजूद सभी प्रगणकों, पर्यवेक्षकों और विभागीय अधिकारियों को प्रशिक्षित किया गया। उन्होंने बताया कि दूसरे चरण की गणना में कुल 40 सवाल पूछे जाएंगे। खास बात यह है कि इसमें पहली बार भारत में अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के अलावा अन्य जातियों की गणना (जातिगत आंकड़े) भी शामिल होगी। उन्होंने यह भी बताया कि यह गणना पहली बार पूरी तरह से डिजिटल होगी, जिसमें मोबाइल ऐप का इस्तेमाल किया जाएगा। जनसंख्या गणना के लिए तय तारीखों और समय के बारे में बताते हुए कहा गया कि दूसरे चरण के तहत खुद से गणना (स्व-गणना) की प्रक्रिया 16 नवंबर से 30 नवंबर 2026 तक चलेगी। मुख्य जनसंख्या गणना 01 दिसंबर 2026 से 04 जनवरी 2027 के बीच होगी। इसके बाद 05 जनवरी से 09 जनवरी 2027 तक रिवीजनल राउंड चलेगा। उन्होंने बताया कि जनसंख्या गणना में शामिल किए गए सवालों में निजी जानकारी, शिक्षा, रोजगार, भाषा, प्रवास, दिव्यांगता, धर्म और पहली बार जाति से जुड़ी जानकारी जैसे कुल 40 बिंदु शामिल हैं।
गाजियाबाद स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या चार पर रेल लाइन और स्लीपर बदलने का काम किया जाएगा। इस वजह से 10 दिन का ब्लॉक रहेगा। इसी कारण मुरादाबाद-गाजियाबाद मेमो पैसेंजर ट्रेन 25 सितंबर से 4 अक्तूबर तक रद्द रहेगी। ट्रेन के लगातार 10 दिन बंद रहने से अमरोहा समेत आसपास के स्टेशनों से गाजियाबाद और मुरादाबाद आने-जाने वाले रोजाना सफर करने वाले यात्रियों को दिक्कत होगी। यह ट्रेन अप और डाउन दोनों दिशाओं में रद्द रहेगी। इस ट्रेन से बड़ी संख्या में स्थानीय यात्री सफर करते हैं। ऐसे में ट्रेन रद्द रहने के दौरान यात्रियों को दूसरे साधनों से जाना होगा। रेलवे ने ब्लॉक के चलते ट्रेनों के संचालन में यह बदलाव किया है। यह ट्रेन सुबह मुरादाबाद से गाजियाबाद के लिए चलती है और उसी दिन शाम को गाजियाबाद से वापस आती है। मंडल वाणिज्य प्रबंधक महेश यादव ने बताया कि गाजियाबाद में 10 दिन तक मरम्मत का काम चलेगा। इसी वजह से ब्लॉक लिया गया है और मेमो पैसेंजर ट्रेन 25 सितंबर से 4 अक्तूबर तक रद्द रहेगी।
डीटीसी बस चालकों की हड़ताल के दूसरे दिन दिल्ली में 5000 से अधिक बसें सड़कों से नदारद रहीं, जिससे प्रतिदिन 40 लाख यात्री बेहाल हुए। वेतन वृद्धि, चिकित्सा सुविधा और बोनस सहित विभिन्न मांगों को लेकर यह हड़ताल जारी है, जिससे सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था चरमरा गई है।
अजमेर के वैशाली नगर क्षेत्र की फ्रेंड्स कॉलोनी, गोरी नगर और हरिओम कॉलोनी में पिछले कई दिनों से लगातार चोरी की वारदातों से क्षेत्रवासी परेशान हैं। चोरी की घटनाओं को लेकर लोगों में रोष है। क्षेत्रवासी अपने स्तर पर भी नजर रख रहे थे। बुधवार रात को एक युवक को दो पानी की मोटर ले जाते हुए पकड़ लिया। यहां से चोरी की मोटर खरीदने वाले को भी पकड़ा। बाद में उनको पुलिस के हवाले कर दिया। दो मोटर ले जाते पकड़ा क्षेत्रवासियों के अनुसार- बुधवार रात करीब 10 बजे एक युवक को दो पानी की मोटर ले जाते हुए क्षेत्रवासियों ने पकड़ा। लोगों ने उसे रोककर पूछताछ की तो मोटरों के संबंध में संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। इसके बाद क्षेत्रवासियों को चोरी की मोटर होने का संदेह हुआ। पूछताछ की तो पता चला कि युवक द्वारा चोरी की गई पानी की मोटर को एक कबाड़ी के यहां बेचने का प्रयास किया गया था। क्षेत्रवासियों ने युवक को रंगे हाथों पकड़ लिया। इसके बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। क्षेत्रवासियों ने पूरे मामले की सूचना पुलिस को दी। पुलिस पहुंची और युवक व कबाड़ी को थाने ले गई। पुलिस जांच में जुटी है।
मध्य प्रदेश में नाबालिग बच्चियों के लगातार लापता होने के मामलों को लेकर केंद्र सरकार ने राज्य सरकार से कार्रवाई के लिए कहा है। कटनी के अधिवक्ता अवनीश तिवारी की शिकायत के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय के महिला सुरक्षा विभाग ने मध्य प्रदेश के गृह सचिव को पत्र जारी किया है। मंत्रालय ने मामले को संवेदनशील बताते हुए जल्द कार्रवाई और निवारण के निर्देश दिए हैं। अधिवक्ता की शिकायत के बाद केंद्र ने लिया संज्ञान अधिवक्ता अवनीश तिवारी के मुताबिक, उन्होंने नाबालिग बच्चियों के लापता होने से जुड़े आंकड़ों और मीडिया रिपोर्ट के आधार पर केंद्रीय गृह मंत्रालय में शिकायत की थी। शिकायत में प्रदेश में बड़ी संख्या में बच्चियों के लापता होने और उनकी तलाश में तेजी लाने की मांग की गई थी। इसके बाद मंत्रालय की ओर से राज्य के गृह सचिव को पत्र भेजा गया है। 3 साल में 1,968 बच्चियों के लापता होने का दावा अधिवक्ता ने बताया कि मीडिया रिपोर्ट में सामने आए आंकड़ों के अनुसार पिछले तीन वर्षों में मध्य प्रदेश में 1,968 नाबालिग बच्चियों के लापता होने के मामले दर्ज किए गए हैं। उनके मुताबिक करीब 2 हजार नाबालिग बच्चियां ऐसी हैं, जिनका अब तक पता नहीं चल पाया है। आंकड़ों का औसत निकाला जाए तो रोजाना करीब दो नाबालिग बच्चियों के लापता होने की बात सामने आती है। हालांकि, उपलब्ध सरकारी रिकॉर्ड के अलग-अलग वर्षों और श्रेणियों के आंकड़ों को अलग-अलग देखना जरूरी है। मध्य प्रदेश विधानसभा के रिकॉर्ड में भी नाबालिग बालिकाओं के गुम होने और उनकी बरामदगी से जुड़े मामले दर्ज हैं। 12 से 17 साल की किशोरियां ज्यादा प्रभावित बताया गया है कि लापता होने वाली बच्चियों में 12 से 17 वर्ष की किशोरियों की संख्या ज्यादा है। इसके अलावा 6 से 10 वर्ष की बच्चियों के लापता होने के मामले भी सामने आते रहे हैं। कम उम्र की बच्चियों के गायब होने से उनकी तलाश और सुरक्षित वापसी को लेकर पुलिस के सामने चुनौती और बढ़ जाती है। सोशल मीडिया और पहचान के लोगों से संपर्क भी वजह शिकायत में बच्चियों के घर से चले जाने के पीछे कई कारणों का उल्लेख किया गया है। इनमें प्रेम प्रसंग, सोशल मीडिया के जरिए हुई ऑनलाइन दोस्ती, नौकरी का लालच और बेहतर जीवनशैली का झांसा शामिल है। कुछ मामलों में बच्चियों के मानव तस्करी, बाल श्रम या शोषण का शिकार होने की आशंका भी जताई गई है। इन कारणों की पुष्टि प्रत्येक मामले की जांच के आधार पर ही हो सकती है। लापता बच्चों की तलाश के लिए पहले से चल रहे अभियान मध्य प्रदेश पुलिस लापता बच्चों की तलाश के लिए ऑपरेशन मुस्कान सहित विभिन्न स्तरों पर अभियान चलाती रही है। विधानसभा में सरकार ने बताया था कि लापता बच्चों की तलाश के लिए विशेष टीमें, साइबर जांच, सोशल मीडिया और ट्रैक द मिसिंग चाइल्ड पोर्टल का इस्तेमाल किया जाता है। अब राज्य सरकार से कार्रवाई की उम्मीद केंद्रीय गृह मंत्रालय के पत्र के बाद अब राज्य प्रशासन और पुलिस विभाग से लापता बच्चियों की तलाश और सुरक्षित वापसी को लेकर कार्रवाई की उम्मीद है। साथ ही ऐसे मामलों में बच्चियों को बहला-फुसलाकर ले जाने वाले लोगों और संभावित तस्करी नेटवर्क की जांच भी महत्वपूर्ण होगी। शिकायतकर्ता अधिवक्ता ने केंद्र के हस्तक्षेप के बाद मामले में प्रभावी कार्रवाई की उम्मीद जताई है।
अंबाला में नशामुक्ति के लिए दौड़े हजारों लोग:CM नायब सैनी रहे मौजूद, बोले- नशे से दूर रहें युवा
अंबाला में 17 सितंबर को सेवा संकल्प अभियान के तहत नशा मुक्त नमो मैराथन का आयोजन किया गया। हर्बल पार्क के नजदीक आयोजित कार्यक्रम में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए। उन्होंने मैराथन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। मैराथन के जरिए युवाओं को नशे से दूर रहने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में खिलाड़ियों और युवाओं ने भी भाग लिया। प्रशासन की ओर से मैराथन के रूट, सुरक्षा, मेडिकल सुविधा और ट्रैफिक व्यवस्था के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे। CM सैनी ने पीएम मोदी को जन्मदिन की बधाई दी मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अपने संबोधन की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिन की बधाई देकर की। उन्होंने कहा कि आज का दिन इसलिए खास है क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन है। उन्होंने हरियाणा के करीब पौने तीन करोड़ लोगों की ओर से प्रधानमंत्री को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। सीएम ने प्रधानमंत्री के स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की कामना करते हुए कहा कि राष्ट्र सेवा के उनके संकल्प को और शक्ति मिले। सैनी बोले- पद नहीं सेवा बड़ी, सत्ता नहीं संकल्प नायब सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन से सेवा और समर्पण की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि पद से ज्यादा सेवा, सत्ता से ज्यादा संकल्प और स्वयं से पहले राष्ट्र महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी सेवा और संकल्प की भावना के साथ अंबाला की धरती से नशा मुक्त हरियाणा का संदेश दिया जा रहा है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहकर प्रदेश को नशामुक्त बनाने में योगदान देने का आह्वान किया।
दिल्ली हाई कोर्ट ने रिलायंस एडीएजी ग्रुप के पूर्व सीनियर एग्जीक्यूटिव अमिताभ झुनझुनवाला की जमानत अर्जी पर ईडी से स्थिति रिपोर्ट मांगी है। उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया गया था और उन्होंने चिकित्सा आधार पर जमानत की मांग की है।
शिवपुरी कॉलोनी में गणेश उत्सव:गणपति बप्पा को अर्पित किया छप्पन भोग, महिलाओं ने किया भजन-कीर्तन
अयोध्या के नगर पंचायत गोसाईगंज के वार्ड शिवपुरी कॉलोनी में गणेश उत्सव धूमधाम से मनाया जा रहा है। कॉलोनी में स्थापित ‘शिवपुरी कॉलोनी के राजा गणपति बप्पा’ का भव्य बैनर आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। उत्सव को लेकर कॉलोनी के लोगों में खासा उत्साह है। गणपति बप्पा को अर्पित किया छप्पन भोग ओम प्रकाश के आवास पर आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में रूपा बहन ने गणपति बप्पा को छप्पन भोग अर्पित किया। कार्यक्रम का संचालन दिलीप आचार्य फाउंडेशन की अध्यक्ष प्रेम कुमारी गुप्ता ने किया। इस दौरान गणपति की विधिवत पूजा-अर्चना की गई। महिलाओं ने आरती और भजन-कीर्तन किया कार्यक्रम में कॉलोनी की महिलाएं एकत्र हुईं। उन्होंने गणपति बप्पा की आरती उतारी और भजन-कीर्तन किए। इसके बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। महिलाओं ने गणपति से परिवार और क्षेत्र में सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना की। उत्सव के दौरान कॉलोनी में भक्तिमय माहौल बना रहा।
सीकर में आज नगर परिषद और सीकर पुलिस के द्वारा पिपराली रोड पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा रही है। सीकर में नई पुलिया के नीचे सड़क के दोनों तरफ 7-7 मीटर की सर्विस रोड बनना प्रस्तावित है। जिसके लिए आज अतिक्रमण हटाया जा रहा है। बता दें कि सीकर में नया नवलगढ़ पुलिया ट्रायल के लिए करीब 1 महीने पहले शुरू हो गया था। इसके बाद दोनों तरफ सर्विस रोड बनाने के लिए लोगों को अतिक्रमण हटाने के लिए नोटिस भी दिए गए। जिसके बाद इस कार्रवाई को आज अंजाम दिया जा रहा है।
जयपुर नगर निगम के 150 वार्डो का परिणाम आज आ गया। जिन 4 वार्डो के 5 बूथों पर री-पोलिंग हुई थी वहां कांग्रेस को जीत मिली है। इस तरह अब 150 वार्डो में कांग्रेस के पार्षदों की संख्या 53 से बढ़कर 57 हो गई है। जबकि बीजेपी 78 और 15 सीटों पर निर्दलीय है। आज हुई वोटों की गिनती में वार्ड 9 से कांग्रेस की प्रत्याशी कैलाशी 764 मतों के अंतर से, वार्ड 18 से वंदिता 181 मतों के अंतर से, वार्ड 25 से रेखा देवी 397 मतों के अंतर से और वार्ड 34 से सुरेश यादव ने 149 मतों के अंतर से जीत दर्ज की आपको बता दें कि 14 सितंबर को मतगणना के दौरान इन चारों वार्डो के 5 बूथों पर लगी ईवीएम मशीनों में तकनीकी खराबी आई थी। इसके कारण इन ईवीएम मशीनों में बंद वोटों की काउंटिंग नहीं हो सकी थी। जिसके बाद निर्वाचन आयोग ने इन बूथों पर दोबारा पोलिंग करवाने का फैसला किया था। जाने किसे मिले कितने वोट वार्ड 9 कैलाशी देवी (INC) 4610 मंजू अग्रवाल (BJP) 3846 वार्ड 18 वंदिता शर्मा (INC) 4962 नीरज कुमावत (BJP) 4781 वार्ड 25 रेखा देवी (INC) 5533 चंचल कंवर (BJP) 5136 वार्ड 34 सुरेश यादव (INC) 4405 पीयूष किराडू (BJP) 4256 पढ़िए, किस वार्ड में कौन हारा-जीता(रिजल्ट आते ही टेबल अपडेट होगी)
मॉडिफाइड साइलेंसर, काली फिल्म वाले वाहनों पर एक्शन:डीग एसपी के निर्देश पर ट्रैफिक पुलिस ने की जांच
डीग शहर में यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन सवारों के खिलाफ ट्रैफिक पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। जिला पुलिस अधीक्षक कांबले शरण गोपीनाथ के निर्देश पर मॉडिफाइड साइलेंसर, काली फिल्म और बिना नंबर वाले वाहनों के खिलाफ विशेष जांच की जा रही है। इसी कड़ी में गुरुवार को गणेश मंदिर के पास ट्रैफिक पुलिस ने वाहनों की जांच कर नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की। दस्तावेज और नंबर प्लेट की जांच ट्रैफिक प्रभारी भरत सिंह के नेतृत्व में टीम ने सड़क से गुजरने वाले वाहनों को रोककर उनके दस्तावेज, नंबर प्लेट और वाहनों में किए गए बदलावों की जांच की। इस दौरान तेज आवाज करने वाले मॉडिफाइड साइलेंसर, शीशों पर लगी काली फिल्म और बिना नंबर वाले वाहनों पर विशेष ध्यान दिया गया। नियमों के खिलाफ बदलाव नहीं करने की अपील कार्रवाई के साथ ट्रैफिक पुलिस ने वाहन सवारों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक भी किया। पुलिस ने अपील की कि वाहन में कंपनी के तय मानकों के खिलाफ कोई बदलाव न कराएं। साथ ही सही नंबर प्लेट लगाकर वाहन चलाएं और नियमों के खिलाफ शीशों पर काली फिल्म का इस्तेमाल न करें। आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई ट्रैफिक प्रभारी भरत सिंह ने बताया कि सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए ऐसी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। नियम तोड़ने वाले वाहन सवारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने लोगों से वाहन चलाते समय हेलमेट समेत जरूरी सुरक्षा नियमों का पालन करने और यातायात व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में 41वें चक्रधर समारोह की तीसरी सांस्कृतिक संध्या सुर, ताल और लय के मनमोहक संगम से सजी। देश-प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से पहुंचे कलाकारों ने नृत्य और संगीत की विभिन्न विधाओं की प्रस्तुतियां दीं। दिल्ली की प्रसिद्ध कथक नृत्यांगना मऊमाला नायक ने भावपूर्ण प्रस्तुतियों और मनमोहक भाव-भंगिमाओं से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। मऊमाला नायक ने अपने दल की साथी नृत्यांगनाओं नीतू कुमारी, निशा रॉय, अर्चना शर्मा और विदुषी सिंह के साथ विघ्नहर्ता भगवान श्रीगणेश की वंदना से प्रस्तुति की शुरुआत की। इसके बाद भाव-अभिनय के जरिए तुलसीदास और रत्नावली की भावपूर्ण कथा को कथक की अभिव्यक्ति में प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम में चतुरंग की प्रस्तुति भी आकर्षण का केंद्र रही। राग मालगुंजी और तीनताल पर आधारित इस प्रस्तुति में सरगम, नृत्य, तराना और वाद्य के बोल का सुंदर समावेश देखने को मिला। इसके बाद कथक के शुद्ध तकनीकी पक्ष को प्रस्तुत किया गया। 14 मात्राओं की धमार ताल में उठान, तिपल्ली आमद, चक्रदार तोड़ा, सादा परन, तिहाई और बांट जैसी पारंपरिक बंदिशें पेश की गईं। सधी हुई लयकारी, भाव-भंगिमाओं और पद संचालन ने दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। ‘चंद्रबदनी’ पर डॉ. यास्मीन सिंह की कथक प्रस्तुति चक्रधर समारोह की सांस्कृतिक संध्या में डॉ. यास्मीन सिंह ने कथक की शानदार प्रस्तुति दी। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की वंदना, ‘गोविंदा गोपाला’, ‘झूला गीत’, ‘द्रौपदी’ और महाराजा चक्रधर सिंह की प्रसिद्ध रचना ‘चंद्रबदनी’ को कथक के जरिए प्रस्तुत किया। प्रस्तुति की शुरुआत ‘दिव्य कृष्ण’ से हुई। भगवान श्रीकृष्ण की वंदना में भक्ति और आध्यात्मिक भावों को कथक की भाव-भंगिमाओं के साथ प्रस्तुत किया गया। इसके बाद ‘गोविंदा गोपाला’ में श्रीकृष्ण के प्रति श्रद्धा, प्रेम और समर्पण के भाव दिखाई दिए। ‘झूला गीत’ में राधा-कृष्ण की प्रेमलीला और प्रकृति की सुंदरता को नृत्य के जरिए साकार किया गया। वहीं ‘द्रौपदी’ में महाभारत के उस प्रसंग को प्रस्तुत किया गया, जिसमें द्रौपदी और भगवान श्रीकृष्ण के सखा-सखी के रिश्ते, विश्वास और निष्ठा को भावपूर्ण ढंग से दिखाया गया। प्रस्तुति का खास आकर्षण महाराजा चक्रधर सिंह की प्रसिद्ध रचना ‘चंद्रबदनी’ रही। ‘चंद्रबदनी, मृगलोचनी, दामिनी, दुति गोरी, अलबेली नवल नार, करति चित की चोरी...’ जैसे भावपूर्ण शब्दों को कथक की नृत्य-भंगिमाओं के साथ प्रस्तुत करते हुए डॉ. यास्मीन सिंह ने महाराजा चक्रधर सिंह की रचना और रायगढ़ घराने की कथक परंपरा को मंच पर जीवंत किया। भूपेन्द्र साहू ने दिखाई छत्तीसगढ़ी लोकसंस्कृति की रंगीन छटा गरियाबंद के वरिष्ठ रंगकर्मी और कलाकार भूपेन्द्र साहू ने छत्तीसगढ़ी लोककला और संस्कृति से सजी प्रस्तुति दी। उनकी प्रस्तुति में छत्तीसगढ़ के लोकगीत, लोकनृत्य, तीज-त्योहार और सांस्कृतिक परंपराओं के अलग-अलग रंग देखने को मिले। भूपेन्द्र साहू ने ‘हमन नारी आवन वो, सबके महतारी आवन ग’ के जरिए नारी शक्ति का भाव प्रस्तुत किया। इसके बाद छत्तीसगढ़ के राज्य गीत ‘अरपा पैरी के धार’, भोजली गीत और सुवा गीत एवं नृत्य ने प्रदेश की लोक परंपराओं की सुंदर झलक दिखाई। बाबा गुरु घासीदास के संदेशों को पंथी नृत्य के जरिए प्रस्तुत किया गया। वहीं कर्मा और ददरिया की प्रस्तुतियों ने लोकजीवन के सहज और आत्मीय रंगों को मंच पर जीवंत किया। कार्यक्रम के अंत में श्रीराम स्तुति ने भक्ति का भाव जगाया।
कछौना के गणेश महोत्सव में भजन संध्या:एमएलसी अशोक अग्रवाल ने गाए भजन, श्रद्धालु हुए मंत्रमुग्ध
हरदोई के कछौना में श्री सोमेश्वर महादेव सेवादार समिति की ओर से आयोजित गणेश महोत्सव में भक्ति और उत्साह का माहौल रहा। कार्यक्रम में हरदोई के एमएलसी अशोक अग्रवाल ने भजन प्रस्तुत किए। उनके भजनों पर श्रद्धालु भाव-विभोर नजर आए और कार्यक्रम स्थल भक्तिमय हो गया। इस दौरान नगर पंचायत अध्यक्ष राधारमण शुक्ल भी मौजूद रहे। आयोजन समिति के सदस्यों और श्रद्धालुओं ने कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। गणेश महोत्सव के दौरान धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। समिति की ओर से श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्थाएं की गईं। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने भगवान गणेश की पूजा-अर्चना कर क्षेत्र में सुख-समृद्धि और शांति की कामना की। आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह देखने को मिला।
बदायूं के जरीफनगर थाना क्षेत्र में एनडीपीएस एक्ट से जुड़े मामले में पुलिस टीम द्वारा दूसरे चौकी क्षेत्र में छापेमारी करने के मामले की जांच एसपी सिटी अभिषेक सिंह करेंगे। आरोप है कि पुलिस टीम ने बिना किसी वरिष्ठ अधिकारी को सूचना दिए दूसरे चौकी क्षेत्र में कार्रवाई की और तीन लोगों को थाने ले आई। थाने में उनकी एंट्री दर्ज न करने और करीब ढाई से तीन घंटे तक रखने की भी जांच होगी। घटना 7 सितंबर की रात की बताई जा रही है। जरीफनगर थाना क्षेत्र की बस्तोई सीकरी चौकी प्रभारी दरोगा मनीष भारद्वाज चार सिपाहियों सुरजीत सिंह, लोकेश, हरिश और संदीप के साथ निजी वाहन से अपनी चौकी क्षेत्र से बाहर मालपुर तरेरा क्षेत्र के दियोहरा शेखपुर गांव पहुंचे थे। टीम एनडीपीएस एक्ट से जुड़ी सूचना पर छापेमारी करने गई थी। पुलिस टीम उदय प्रकाश, उनके भाई अमरीश और पिता कृपाल को थाने ले आई। तलाशी के दौरान एनडीपीएस एक्ट से संबंधित कोई सामान नहीं मिला। इसके बावजूद तीनों को करीब ढाई से तीन घंटे तक थाने में रखे जाने का आरोप है। आरोप यह भी है कि थाने में तीनों की आमद की एंट्री दर्ज नहीं की गई। एसपी सिटी अभिषेक सिंह की जांच में छापेमारी से लेकर तीनों लोगों को थाने लाने और उन्हें रखने तक की पूरी कार्रवाई की पड़ताल होगी। यह भी जांच की जाएगी कि पुलिस टीम बिना वरिष्ठ अधिकारियों को बताए दूसरे चौकी क्षेत्र में कैसे पहुंची और थाने में तीनों की एंट्री क्यों नहीं दर्ज की गई। कार्रवाई में शामिल अन्य पुलिसकर्मियों की भूमिका भी जांच के दायरे में होगी। चौकी प्रभारी मनीष भारद्वाज और सिपाही सुरजीत सिंह, लोकेश, हरिश व संदीप को पहले ही निलंबित किया जा चुका है। अब जांच में अन्य पुलिसकर्मियों की भूमिका सामने आने पर उनकी जिम्मेदारी तय की जाएगी और उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
सवाई माधोपुर जिले के चकेरी गांव में लंपी स्किन डिजीज का पहला मामला सामने आने के बाद पशुपालन विभाग अलर्ट हो गया है। बीमारी की रोकथाम के लिए विभाग ने कार्य योजना तैयार की है। संदिग्ध पशुओं की सूचना मिलने पर सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे जा रहे हैं और सैंपल लेने के साथ ही पशुओं का उपचार भी शुरू किया जा रहा है। जिला और तहसील स्तर पर कंट्रोल रूम लंपी स्किन डिजीज के संभावित प्रकोप को देखते हुए पशुपालन विभाग ने जिला स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित किया है। इसके साथ ही तहसील स्तर पर भी नियंत्रण कक्ष बनाए गए हैं और नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। विभाग के अनुसार लंपी से ग्रसित गाय की सूचना मिलने पर लैब से कर्मचारियों को मौके पर भेजा जा रहा है। टीम सैंपल लेकर उन्हें प्रयोगशाला में जांच के लिए भेज रही है। पशुपालकों से भी पशुओं में बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल विभाग को सूचना देने की अपील की गई है। संक्रमित पशुओं के लिए क्वारंटाइन सेंटर संक्रमित या संदिग्ध पशुओं को स्वस्थ पशुओं से अलग रखने के लिए क्वारंटाइन सेंटर भी बनाए गए हैं। इसका उद्देश्य बीमारी के संक्रमण को दूसरे पशुओं में फैलने से रोकना है। क्या है लंपी स्किन डिजीज लंपी स्किन डिजीज में पशु के शरीर पर गोल-गोल गांठें या उभरे हुए घाव दिखाई देना प्रमुख लक्षण है। इसके साथ तेज बुखार, आंखों और नाक से पानी या स्राव आना, भूख कम होना, कमजोरी, शरीर के अलग-अलग हिस्सों में सूजन और दूध उत्पादन में कमी जैसे लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर पशु को तुरंत दूसरे पशुओं से अलग कर देना चाहिए और वेटरनरी डॉक्टर को सूचना देनी चाहिए। इससे संक्रमित पशु के संपर्क में आने वाले दूसरे पशुओं में बीमारी फैलने का खतरा कम किया जा सकता है।
सिवनी जिले की केवलारी तहसील के ग्राम बंदेली से 18 श्रद्धालुओं का समूह गुरुवार सुबह मां बम्लेश्वरी के दर्शन के लिए पैदल यात्रा पर रवाना हुआ। यात्रा शुरू करने से पहले श्रद्धालुओं ने गांव के खैरमाई मंदिर में पूजा-अर्चना की। उन्होंने यात्रा के सुखद और निर्विघ्न पूरा होने की कामना की। इसके बाद ग्रामीणों और परिजनों की मौजूदगी में मां बम्लेश्वरी के जयकारे लगाते हुए जत्था डोंगरगढ़ के लिए रवाना हुआ। एक हफ्ते में तय करेंगे 235 किमी का सफर श्रद्धालु केवलारी, उगली, लामता, बालाघाट और गोंदिया होते हुए छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़ पहुंचेंगे। करीब 235 किलोमीटर की दूरी पैदल तय करने में उन्हें लगभग एक सप्ताह लगेगा। रास्ते में आने वाले धार्मिक स्थलों पर दर्शन और आराम करते हुए श्रद्धालु आगे बढ़ेंगे। गांव की सुख-समृद्धि के लिए करेंगे प्रार्थना डोंगरगढ़ पहुंचने के बाद श्रद्धालु मां बम्लेश्वरी मंदिर में दर्शन-पूजन करेंगे। इसके बाद करीब 1100 सीढ़ियां चढ़कर माता के दरबार में गांव और क्षेत्र के लोगों की सुख-समृद्धि की कामना करेंगे। श्रद्धालुओं का कहना है कि माता के दर्शन और पूजा के बाद ही उनकी यात्रा पूरी मानी जाएगी। ग्रामीणों ने दी सुरक्षित यात्रा की शुभकामनाएं पैदल यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य, भोजन, पानी और रात में रुकने की व्यवस्था का ध्यान रखा जाएगा। जत्थे के रवाना होने के दौरान ग्रामीणों और परिजनों ने सभी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने माता से सभी की यात्रा सफल होने और दर्शन के बाद सुरक्षित वापस लौटने की प्रार्थना की।
किसान मजदूर मोर्चा की ओर से आज दोपहर 12 बजे पंजाब के पांच स्थानों पर रेल रोको आंदोलन शुरू करने का ऐलान किया गया है। किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि अगर पंजाब सरकार ने उनकी मांगों पर दोपहर 12 बजे से पहले कोई ठोस फैसला नहीं लिया तो गुरदासपुर, अमृतसर, मोगा, फिरोजपुर और संगरूर-सुनाम में रेलवे ट्रैक जाम किए जाएंगे। सरवन सिंह पंधेर इस समय अमृतसर के देवीदासपुरा रेलवे ट्रैक पर किसानों के साथ मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि रात के समय हुई भारी बारिश के बावजूद किसान रेलवे ट्रैक पर डटे हुए हैं। पंधेर ने कहा कि बारिश के कारण किसानों की फसलों को भी नुकसान पहुंच रहा है, लेकिन अपनी मांगों को लेकर किसान पीछे हटने के लिए तैयार नहीं हैं। CM मान को मांगों से अवगत करायापंधेर ने बताया कि किसान मजदूर मोर्चा की ओर से पहले मुख्यमंत्री भगवंत मान को पत्र लिखकर अपनी मांगों से अवगत कराया गया था। इसके बाद 31 अगस्त को डिप्टी कमिश्नर कार्यालय के सामने बड़ा एकत्रीकरण कर मांग पत्र भी दिया गया। इसके अलावा पिछले तीन दिनों से किसान पंजाब के कैबिनेट मंत्रियों के घरों के बाहर धरना दे रहे हैं। मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहींपंधेर का आरोप है कि इसके बावजूद सरकार की ओर से उनकी मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। किसान नेता ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान दोपहर 12 बजे से पहले किसानों की मांगों को लेकर कोई ठोस फैसला लेंगे। अगर ऐसा नहीं हुआ तो पांच स्थानों पर रेल यातायात रोका जाएगा। ये है किसान मजदूर मोर्चे की प्रमुख मांगेंकिसान मजदूर मोर्चे की प्रमुख मांगों में भारत-अमेरिका व्यापार समझौते, बिजली संशोधन अधिनियम और बीज संशोधन अधिनियम को लेकर स्पष्टीकरण शामिल है। इसके अलावा शंभू-खनौरी मोर्चे के दौरान हुए नुकसान का मुआवजा देने की मांग की जा रही है। इस दौरान करीब 3 करोड़ 77 लाख रुपए का नुकसान हुआ और सैकड़ों किसान घायल हुए। किसान नेता मूंग, मक्का और आलू समेत पांच फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी की कानूनी गारंटी की मांग भी कर रहे हैं। साथ ही पंजाब में गिरते भूजल स्तर और नदी के पानी की सुरक्षा, लैंड पूलिंग नीति, भारतमाला परियोजना के तहत जमीन अधिग्रहण और चिप वाले बिजली मीटरों से जुड़े मुद्दे भी उनकी मांगों में शामिल हैं। इसके बाद 18 सितंबर की शाम बैठक कर आंदोलन की समीक्षा और आगे की रणनीति तय की जाएगी।
गाजीपुर में गंगा का जलस्तर लगातार कम हो रहा है। गुरुवार सुबह 8 बजे नदी का जलस्तर 61.500 मीटर दर्ज किया गया। यह चेतावनी बिंदु 62.100 मीटर से 60 सेंटीमीटर नीचे है। जलस्तर में हर घंटे करीब 1 सेंटीमीटर की गिरावट दर्ज की जा रही है। इससे फिलहाल बाढ़ का खतरा नहीं है और लोगों को राहत मिली है। आपदा विशेषज्ञ अशोक राय के मुताबिक गंगा अभी चेतावनी बिंदु से नीचे बह रही है। जलस्तर में लगातार कमी को देखते हुए स्थिति सामान्य बनी हुई है। हालांकि प्रशासन नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रख रहा है। अशोक राय ने बताया कि गंगा के जलस्तर में लगातार गिरावट जारी है। मौजूदा स्थिति में हर घंटे करीब 1 सेंटीमीटर पानी कम हो रहा है। इसी तरह गिरावट जारी रही तो आने वाले समय में नदी का जलस्तर और नीचे जाने की उम्मीद है। चेतावनी बिंदु 62.100 मीटर पर तय गाजीपुर में गंगा का सामान्य जलस्तर 59.906 मीटर है। नदी का जलस्तर 62.100 मीटर पहुंचने पर चेतावनी बिंदु माना जाता है, जबकि 63.105 मीटर पर खतरा बिंदु तय है। 65.220 मीटर को उच्च बाढ़ स्तर माना गया है। गुरुवार सुबह नदी इन सभी स्तरों से नीचे बह रही थी। पिछले साल 64.690 मीटर तक पहुंचा था पानी वर्ष 2025 में गंगा का अधिकतम जलस्तर 64.690 मीटर तक पहुंच गया था। इसके मुकाबले इस समय नदी का जलस्तर 3.190 मीटर कम है। पिछले साल के अधिकतम स्तर की तुलना में मौजूदा स्थिति में काफी अंतर है।अधिकारियों के अनुसार गंगा का जलस्तर लगातार कम होने से फिलहाल बाढ़ जैसी कोई स्थिति नहीं है। नदी के घटते जलस्तर से लोगों को राहत मिली है। इसके बावजूद प्रशासन और आपदा प्रबंधन से जुड़े अधिकारी जलस्तर की निगरानी कर रहे हैं, ताकि किसी भी बदलाव की स्थिति में समय रहते जरूरी कदम उठाए जा सकें।
बारां शहर की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में बुधवार शाम को सड़क किनारे बने एक खुले नाले में एक गोवंश गिर गया। नाले में गिरने से गोवंश घायल हो गया। सूचना मिलने पर श्री वासुदेव गौ सेवा समिति की टीम मौके पर पहुंची। उन्होंने स्थानीय गोसेवकों के सहयोग से कड़ी मशक्कत के बाद गोवंश को नाले से बाहर निकाला। बाहर निकालने के बाद घायल गोवंश का प्राथमिक इलाज भी किया गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि शहर में सड़क के दोनों ओर बने खुले नाले गोवंश के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं। अक्सर गोवंश इन नालों में गिरकर घायल हो जाता है। कई बार शिकायत के बावजूद इन नालों पर स्लैब या जाली नहीं लगाई गई है। गोसेवकों ने प्रशासन से मांग की है कि शहर के खुले नालों को जल्द से जल्द ढका जाए। इससे ऐसी घटनाओं को रोका जा सके और गोवंश सुरक्षित रह सके।
दिल्ली सरकार ने दिल्ली को 'सोलर कैपिटल' बनाने का लक्ष्य रखा है, जिसके तहत तीन किलोवाट तक मुफ्त सोलर पैनल लगाए जाएंगे। ऊर्जा मंत्री आशीष सूद ने बताया कि मार्च तक 2.30 लाख सोलर पैनल लगाने का लक्ष्य।
कपिलवस्तु में जन-जागरूकता कार्यक्रम:ग्रामीणों और छात्रों को सुरक्षा व सरकारी योजनाओं की दी जानकारी
सिद्धार्थनगर में कपिलवस्तु के ग्राम रक्सैल में वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के तहत विशेष जन-जागरूकता एवं सुरक्षा कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशान्त कुमार प्रसाद, अपर पुलिस अधीक्षक जनपद सिद्धार्थनगर ने ग्रामवासियों और छात्रों से संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं एवं आवश्यकताओं की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने भारत सरकार द्वारा चलायी जा रही विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं एवं सुरक्षा संबंधी उपायों के प्रति जागरूक किया। साथ ही, किसी भी संदिग्ध व्यक्ति, गतिविधि अथवा घटना की सूचना तत्काल पुलिस को देने और पुलिस-प्रशासन का सहयोग करने की अपील की गई। पुलिस अधिकारियों ने महिला संबंधी अपराध पर अंकुश लगाने हेतु हेल्पलाइन 1090 वुमेन पावर लाइन, 181 महिला हेल्पलाइन, 1076 मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, 112 पुलिस हेल्पलाइन, 1098 चाइल्ड केयर लाइन, 108 एम्बुलेंस हेल्पलाइन, 101 अग्निशमन हेल्पलाइन, 14567 एल्डर हेल्पलाइन आदि सेवाओं से अवगत कराया। उपस्थित बच्चों को शिक्षा के महत्व के बारे में जानकारी दी गई और नशे के सेवन से दूर रहने के संबंध में जागरूक किया गया। इस अवसर पर आपरेशन त्रिनेत्र प्रभारी गौरव सिंह, थानाध्यक्ष कपिलवस्तु विनय प्रताप सिंह, ग्रामवासी, छात्र/छात्रा और पुलिस विभाग के अन्य अधिकारी/कर्मचारी मौजूद रहे।
पंजाब में खेल और राजनीति का रिश्ता आजादी के बाद से ही गहरा रहा है।
बड़ी बहन से शादी करना चाहता था, अवैध संबंधों के शक में छोटे दामाद ने मार डाला
एक महिला जिससे अपनी तीन बेटियों में से सबसे बड़ी वाली बेटी की अमन से शादी कराना चाहती थी, इसलिए उनका वहां आना-जाना था। दूसरी बेटी के पति ने अवैध संबंधों के शक में उसी की हत्या कर दी।
बारां के आदिवासी अंचल के मुहाल गांव में बुधवार शाम वर्षों पुरानी लहंगी नृत्य की परंपरा फिर जीवंत हो उठी। युवाओं ने बुजुर्गों के साथ गोल घेरा बनाकर पारंपरिक नृत्य किया। हाथों में लकड़ी के डंडे और कान्हा जी के लोकगीतों की गूंज के बीच ग्रामीणों के कदम थिरके तो पूरा माहौल लोक रंग में रंग गया। खास बात यह रही कि नृत्य की कमान केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं रही, बल्कि युवाओं ने भी पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लेकर अपनी लोक संस्कृति से जुड़ने का संदेश दिया। आधुनिकता के बीच लौटती पुरानी परंपरा मोबाइल और मनोरंजन के बदलते साधनों के कारण ग्रामीण अंचल का पारंपरिक लहंगी नृत्य धीरे-धीरे गुम होता जा रहा था। एक समय गांवों में लहंगी के आयोजन उत्सव जैसे होते थे, जिनमें बुजुर्गों से लेकर युवा तक उत्साह से शामिल होते थे। बदलते दौर में इन आयोजनों की जगह आधुनिक मनोरंजन ने ले ली और यह लोक नृत्य गांवों से दूर होता चला गया। इसी पुरानी परंपरा को फिर से जीवंत करने के लिए मुहाल गांव के ग्रामीणों ने लहंगी नृत्य का आयोजन किया। बुजुर्गों ने सिखाईं लहंगी की बारीकियां आयोजन में बुजुर्गों के साथ युवाओं की भागीदारी ने माहौल को खास बना दिया। युवा पारंपरिक अंदाज में नृत्य करते नजर आए, वहीं बुजुर्ग उन्हें लहंगी नृत्य की बारीकियां सिखाते दिखे। इस दौरान पीढ़ियों के बीच लोक संस्कृति को आगे बढ़ाने का एक अनोखा मेल देखने को मिला। गोल घेरे में नृत्य, डंडों की खनक बनी आकर्षण लहंगी नृत्य की अपनी अलग पहचान है। इसमें ग्रामीण गोल घेरा बनाकर एक साथ नृत्य करते हैं। कान्हा जी के लोकगीतों की धुन पर कदम कभी आगे तो कभी पीछे बढ़ते हैं और पूरा समूह लय के साथ गोल-गोल घूमता है। हाथों में मौजूद लकड़ी के डंडों को ताल के साथ आपस में टकराने से निकलने वाली खनक नृत्य में और रौनक भर देती है। नई पीढ़ी से जुड़ी तो संस्कृति रहेगी जीवित ग्रामीणों का कहना है कि लोक संस्कृति तभी जीवित रह सकती है, जब नई पीढ़ी उसे अपनाए। मुहाल में युवाओं की भागीदारी ने यह उम्मीद जगाई है कि मोबाइल और आधुनिकता के दौर में भी गांवों की पुरानी परंपराएं पूरी तरह खत्म नहीं होंगी। लहंगी नृत्य का यह आयोजन बुजुर्गों की विरासत को युवाओं तक पहुंचाने की एक पहल के रूप में सामने आया।
हरदोई के सुरसा थाना क्षेत्र के एक गांव में ससुराल आई विवाहिता के साथ अश्लील हरकत और मारपीट का मामला सामने आया है। विवाहिता का आरोप है कि 9 सितंबर को ससुर के भाई के दसवां संस्कार में शामिल होने वह मायके से ससुराल आई थी। रात में उसके चचेरे देवर ने मोबाइल की टॉर्च जलाकर उसका वीडियो बनाने की कोशिश की और घर से निकलने का दबाव बनाया। विरोध करने पर उसने महिला से अश्लील हरकत की। पीड़िता के मुताबिक, शोर सुनकर ससुराल के अन्य लोग मौके पर पहुंचे और चचेरे देवर, सास, ननद और देवरानियों समेत 9 लोगों ने उसकी लात-घूंसों से पिटाई की। आरोप है कि इसी दौरान उसका गला दबाकर जान से मारने की कोशिश की गई। महिला की शिकायत पर बुधवार दोपहर 3:53 बजे सुरसा थाने में केस दर्ज किया गया है। मोबाइल की टॉर्च से वीडियो बनाने का आरोप महिला ने पुलिस को बताया कि वह 9 सितंबर को ससुर के भाई के दसवां संस्कार में शामिल होने मायके से ससुराल पहुंची थी। रात करीब 7 से 8 बजे वह आंगन में थी। आरोप है कि चचेरे देवर विवेक शुक्ला ने मोबाइल की टॉर्च जलाकर उसका वीडियो बनाना शुरू कर दिया। महिला के मुताबिक, विवेक ने उसे घर से बाहर जाने के लिए कहा। रात होने की बात कहकर उसने जाने से मना किया तो आरोप है कि विवेक बुरी नीयत से उससे लिपट गया और अश्लील हरकत करने लगा। महिला के विरोध और शोर मचाने पर घर के दूसरे लोग वहां पहुंच गए। विरोध पर 9 लोगों ने पीटा, गला दबाने का आरोप पीड़िता का आरोप है कि विवेक समेत अन्य चचेरे देवरों, सास तपेश्वरी शुक्ला, चचेरी ननद रिचा दीक्षित और देवरानियों समेत कुल 9 लोगों ने उसे घेर लिया। सभी ने लात-घूंसों से उसकी पिटाई की। आरोप है कि इस दौरान जान से मारने की नीयत से उसका गला भी दबाया गया। महिला का कहना है कि आरोपी उसे यह ताना भी दे रहे थे कि वह उनके भाई के खिलाफ मुकदमा और दहेज का केस लड़ रही है। आरोप है कि मारपीट के दौरान उसकी सोने की चेन खींच ली गई और मोबाइल फोन तोड़ दिया गया, ताकि वह डायल 112 पर पुलिस को सूचना न दे सके। सामान बाहर फेंका, ऑटो रोककर फिर पीटा महिला के मुताबिक, मारपीट के बाद आरोपियों ने उसका सामान घर से बाहर फेंक दिया और उसे वहां से जाने के लिए मजबूर किया। वह रास्ते में ऑटो से जाने लगी तो आरोपियों ने ऑटो रुकवाकर दोबारा उसके साथ मारपीट की। पीड़िता का आरोप है कि इस दौरान उसे जहर खाकर आत्महत्या करने के लिए भी उकसाया गया। घटना के बाद महिला ने पुलिस से शिकायत की। 9 आरोपियों पर केस, पुलिस कर रही जांच पुलिस ने शिकायत के आधार पर विवेक शुक्ला, विनीत शुक्ला, वैभव शुक्ला, तपेश्वरी शुक्ला, रिचा दीक्षित, शालिनी शुक्ला, गीता शुक्ला और शोभा शुक्ला समेत 9 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। रिपोर्ट में यौन उत्पीड़न, हत्या के प्रयास, मारपीट और धमकी समेत संबंधित धाराएं लगाई गई हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। शिकायत में लगाए गए आरोपों और घटना से जुड़े साक्ष्यों की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
देवरिया जिले के सलेमपुर में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के ग्राहक सेवा केंद्र (सीएससी) संचालक ने ग्राहकों के 23.09 लाख रुपये हड़पने का आरोप लगाया है। अदालत के आदेश पर सदर कोतवाली पुलिस ने तत्कालीन शाखा प्रबंधक समेत छह लोगों के खिलाफ 15 सितंबर को मुकदमा दर्ज किया है। आरोप है कि यह रकम साल 2020 से अप्रैल 2023 के बीच ग्राहकों से जमा कराकर अलग-अलग बैंक खातों में भेजी गई। मामले की जांच दरोगा सोनेंद्र सिंह को सौंपी गई है। लार थाना क्षेत्र के बरईटोला रावतपार पांडेय निवासी गणेश चौरसिया ने पुलिस को तहरीर दी है। उन्होंने बताया कि वह साल 2012 से सलेमपुर के सोहनाग रोड पर सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की शाखा से जुड़ा सीएससी चला रहे थे। अगस्त 2020 में उनकी पहचान तत्कालीन शाखा प्रबंधक अमित कुमार राकेश से हुई थी। यह पहचान रुपये जमा और निकालने के सिलसिले में हुई थी। तहरीर के मुताबिक, अमित कुमार राकेश ने उच्च अधिकारियों के निर्देश का हवाला दिया। उन्होंने गणेश चौरसिया से बैंक परिसर में ही सीएससी का काम करने को कहा। इसके बाद ग्राहकों से इकट्ठा की गई रकम बैंक कार्यालय बंद होने के बाद उनकी देखरेख में जमा की जाने लगी। सीएससी संचालक गणेश चौरसिया का आरोप है कि 17 अगस्त 2020 से अलग-अलग तारीखों में ग्राहकों से जमा की गई रकम तत्कालीन शाखा प्रबंधक ने अपनी पत्नी एकता कुमारी, सहयोगी निरंजन कुमार और परमानंद यादव समेत दूसरे लोगों के खातों में भेजना शुरू कर दिया। आरोप है कि बाद में यह रकम अमित कुमार राकेश के बैंक खाते, संयुक्त खाते और अन्य खातों में भी ट्रांसफर की गई। शिकायतकर्ता के अनुसार, अप्रैल 2023 तक ग्राहकों के करीब 23.09 लाख रुपये अलग-अलग खातों में भेजे गए। जब ग्राहकों की रकम उनके खातों में नहीं पहुंची, तो बैंक स्टाफ और सर्वर में गड़बड़ी होने की बात कहकर मामले को टालने का आरोप है। पीड़ित ने मुकदमा दर्ज न होने पर अदालत का दरवाजा खटखटाया। अदालत के आदेश पर सदर कोतवाली पुलिस ने अमित कुमार राकेश, एकता कुमारी, निरंजन कुमार, रमेश कुमार कुशवाहा, परमानंद यादव और अनुराग गोंड उर्फ सोनू के खिलाफ गबन का मुकदमा दर्ज किया है।
पिछड़ा दलित समाज सेना की पहल:निजी श्रमिकों को समय पर वेतन और न्यूनतम मजदूरी दिलाने की मांग
पिछड़ा दलित समाज सेना के संयोजक एवं सदस्य प्रतिनिधि राज्य सलाहकार समिति, उत्तर प्रदेश शासन अंकित श्रीवास्तव ने 16 सितंबर को लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान उन्होंने पिछड़ा एवं दलित समाज से जुड़े विभिन्न सामाजिक मुद्दों को मुख्यमंत्री के समक्ष रखा। साथ ही निजी क्षेत्र में कार्यरत श्रमिकों की समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि कई निजी प्रतिष्ठानों में श्रमिकों को समय पर वेतन नहीं दिया जा रहा है तथा शासन द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन के भुगतान को लेकर भी शिकायतें सामने आ रही हैं। अंकित श्रीवास्तव ने श्रमिकों के हितों की रक्षा और शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई की मांग की। उनके अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले में आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया और संबंधित प्रकरणों की सूची उपलब्ध कराने को कहा। अंकित श्रीवास्तव ने कहा कि पिछड़ा दलित समाज सेना सामाजिक न्याय एवं श्रमिकों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लगातार उचित मंच पर उठाती रहेगी।
दुर्ग जिला अस्पताल में टाइप-1 डायबिटीज से पीड़ित बच्चों के इलाज के लिए स्वास्थ्य विभाग इंसुलिन, इंसुलिन पेन और ग्लूकोमीटर जैसी जरूरी सामग्री मुफ्त मुहैया करा रहा है। लेकिन इंसुलिन पेन में लगने वाली निडिल की नियमित आपूर्ति नहीं होने से इलाज की व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है। जिला प्रारंभिक हस्तक्षेप केंद्र में टाइप-1 डायबिटीज से पीड़ित 88 बच्चे पंजीकृत हैं। मौजूदा इलाज के अनुसार इन बच्चों को दिन में चार बार इंसुलिन लगाना पड़ता है। ऐसे में निडिल की जरूरत लगातार बनी रहती है। एक बच्चे को महीने में करीब 120 निडिल की जरूरत पड़ती है। इस हिसाब से 88 बच्चों के लिए हर महीने करीब 10,560 निडिल की जरूरत होती है। यानी एक साल में करीब 1.26 लाख निडिल की जरूरत पड़ेगी। विभागीय स्तर पर भी करीब 1 लाख 26 हजार 500 निडिल की जरूरत बताई गई है। इसके मुकाबले अस्पताल में फिलहाल करीब 525 निडिल उपलब्ध होने की जानकारी सामने आई है। इंसुलिन और इंसुलिन पेन मेडिसिन स्टोर में उपलब्ध हैं, लेकिन निडिल की कमी से बच्चों को नियमित इंसुलिन देने की व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। बच्चों के इलाज में निडिल की लगातार जरूरत को देखते हुए इसकी नियमित आपूर्ति जरूरी है। एक बच्चे को रोज चार निडिल की जरूरत एक बच्चे को दिन में चार बार इंसुलिन लगाने पर रोज चार निडिल की जरूरत पड़ सकती है। महीने में यह संख्या करीब 120 तक पहुंच जाती है। अगर अस्पताल से निडिल नहीं मिलती है तो परिवार को इसे बाजार से खरीदना पड़ता है। बाजार में 10 निडिल का पैकेट करीब 50 रुपए में मिलता है। इस हिसाब से एक बच्चे के परिवार को हर महीने निडिल पर करीब 600 रुपए खर्च करने पड़ सकते हैं। सालभर में यह खर्च करीब 7,200 रुपए तक पहुंच सकता है। करीब एक साल पहले खरीद की बनी थी योजना जानकारी के मुताबिक, निडिल की कमी को देखते हुए करीब एक साल पहले स्थानीय स्तर पर बड़ी संख्या में निडिल खरीदने की योजना बनाई गई थी। हालांकि अब तक सीमित मात्रा में ही खरीद हो सकी है। इसी वजह से जरूरत के मुताबिक निडिल उपलब्ध नहीं हो पा रही है। विभाग अब स्थानीय स्तर पर खरीद के साथ छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन से नियमित आपूर्ति शुरू होने का इंतजार कर रहा है। चार बार इंसुलिन, इसलिए निडिल की जरूरत लगातार टाइप-1 डायबिटीज में शरीर में इंसुलिन बनना बहुत कम या बंद हो जाता है। ऐसे बच्चों को बाहर से इंसुलिन देना पड़ता है। यही वजह है कि पंजीकृत बच्चों को दिन में कई बार इंसुलिन लगाना पड़ता है। ऐसे में निडिल कभी-कभार इस्तेमाल होने वाली सामग्री नहीं है, बल्कि इसकी जरूरत हर दिन रहती है। 88 बच्चों की संख्या को देखते हुए निडिल की आपूर्ति में देरी होने पर परिवारों को इसे बाजार से खरीदना पड़ सकता है, जिससे उन पर अतिरिक्त खर्च का बोझ बढ़ेगा। सिविल सर्जन बोले- व्यवस्था की जा रही है दुर्ग जिला अस्पताल के सिविल सर्जन आशीष कुमार मिंज ने बताया कि जिला अस्पताल में टाइप-1 डायबिटीज से पीड़ित 88 बच्चे चिन्हित हैं। निडिल की जरूरत को देखते हुए ऑर्डर किया गया है। छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन से नियमित आपूर्ति शुरू होने तक स्थानीय स्तर पर निडिल खरीदकर बच्चों को उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है। भविष्य में ऐसी स्थिति न बने, इसके लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।
मुजफ्फरपुर में कानून व्यवस्था बेहतर बनाने और पुलिस विभाग में पारदर्शिता के लिए एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने कार्रवाई की है। उन्होंने कर्तव्यहीनता, अनुशासनहीनता और संदिग्ध आचरण के आरोप में बेनीबाद थाने के सब-इंस्पेक्टर मौर्यन दीपांकरण, सिपाही सौरभ कुमार (संख्या 636) और चौकीदार गुल्टेन कुमार को सस्पेंड कर दिया है। इसके साथ ही, बेनीबाद थानाध्यक्ष धीरेन्द्र कुमार सिंह से अपने जूनियरों पर कंट्रोल न रख पाने के लिए स्पष्टीकरण मांगा गया है। बेनीबाद थाना के पुलिसकर्मियों से जुड़ा एक ऑडियो क्लिप हाल ही में सामने आया था। इस ऑडियो में पुलिसकर्मियों की ओर से अवैध लेनदेन की बात सामने आई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने इसकी जांच एसडीपीओ (पूर्वी-01) को सौंपी थी। एसडीपीओ की जांच में कई चौंकाने वाले और गंभीर बातें सामने आई। ऑडियो में रुपए लेनदेन का जिक्र जांच रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि इन पुलिसकर्मियों ने स्थानीय ग्रामीणों द्वारा पकड़े गए आरोपियों को अपने वरिष्ठ अधिकारियों या थानाध्यक्ष को बिना बताए ही छोड़ दिया था। इसके बदले में एक बिचौलिए के जरिए मोटी रकम का लेनदेन किया गया। वायरल ऑडियो में जिस निजी व्यक्ति का नाम बार-बार आ रहा था, वह पहले से ही कई आपराधिक मामलों में आरोपी है। जांच में साफ हुआ कि इस मामले में ओडी अधिकारी के रूप में कार्यरत सब-इंस्पेक्टर मौर्यन दीपांकरण, सिपाही सौरभ कुमार और चौकीदार गुल्टेन कुमार की भूमिका संदिग्ध थी। इन पुलिसकर्मियों का आरोपियों और अपराधियों से संपर्क रखना पुलिस सेवा की गरिमा, अनुशासन और ईमानदारी के बिल्कुल खिलाफ पाया गया। थानाध्यक्ष पर भी गिरी गाज एसडीपीओ पूर्वी-01 की ओर से समर्पित इसी जांच प्रतिवेदन के आलोक में एसएसपी ने तीनों दोषियों को सस्पेंड कर दिया है। वहीं, बेनीबाद थानाध्यक्ष धीरेन्द्र कुमार सिंह ने बीते 14 अगस्त 2026 को ही पदभार ग्रहण किया था। जांच में उनकी सीधी संलिप्तता तो नहीं दिखी, लेकिन अपने स्टाफ पर प्रशासनिक नियंत्रण न रख पाने के कारण उनसे जवाब तलब किया गया है। एसएसपी की इस सख्त कार्रवाई से पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
लखनऊ में मेधा सम्मान समारोह-2026:बीएससी जेडबीसी में प्रथम रहीं सौम्या, पिता बोले- बेटी मेरा अभिमान
लखनऊ के नेशनल पीजी कॉलेज में आयोजित मेधा सम्मान समारोह-2026 में मेधावी छात्रा सौम्या सिंह को शैक्षणिक क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया। सौम्या सिंह ने B.Sc. ZBC में लगभग 150 विद्यार्थियों के बीच सत्र 2025-26 के द्वितीय एवं तृतीय सेमेस्टर में प्रथम स्थान प्राप्त कर क्लास टॉप किया। इस उपलब्धि के लिए आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति उच्च न्यायालय, प्रयागराज श्री सुभाष विद्यार्थी, मोतीलाल मेमोरियल फाउंडेशन के अध्यक्ष एवं सांसद, प्रयागराज उज्ज्वल रमन सिंह, नेशनल पीजी कॉलेज के प्रबंधक तथा कॉलेज के प्राचार्य देवेंद्र कुमार सिंह द्वारा सौम्या सिंह को ₹10,000 की नगद धनराशि, मेडल एवं प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। सौम्या सिंह की इस उपलब्धि पर उनके पिता अरुण प्रताप सिंह ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि बेटी सौम्या बचपन से ही पढ़ाई के साथ-साथ नृत्य और गायन में भी निपुण है। सौम्या की मेहनत, लगन और सफलता पूरे परिवार के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि बेटियां परिवार का सम्मान और अभिमान होती हैं तथा शिक्षा के क्षेत्र में उनकी सफलता समाज की अन्य बेटियों के लिए भी प्रेरणा का कार्य करती है। उन्होंने अपनी बेटी को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सौम्या इसी प्रकार मेहनत, अनुशासन और लगन के साथ आगे बढ़ते हुए परिवार, कॉलेज और समाज का नाम रोशन करती रहे। अरुण प्रताप सिंह ने कहा मेरी बेटी मेरा सम्मान, मेरा अभिमान है। उसकी सफलता मेरे लिए जीवन के सबसे गर्वपूर्ण क्षणों में से एक है। सौम्या सिंह की इस उपलब्धि पर परिजनों, शिक्षकों एवं शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
जालोर: पोस्ट ऑफिस एजेंट को किसने जिंदा जलाया? तीन नकाबपोश युवकों के दावे से मचा हड़कंप
जालोर के आहोर बाइपास रोड पर बुधवार सुबह पोस्ट ऑफिस एजेंट युनूस खान करीब 80 फीसदी झुलसी हालत में झाड़ियों में मिले। राहगीरों ने आग बुझाकर उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां से गंभीर हालत में जोधपुर रेफर किया गया। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
विकसित भारत-जन सेवा अभियान के तहत 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक जिलेभर में जनसेवा और जनभागीदारी से जुड़े कई कार्यक्रम होंगे। अभियान की शुरुआत 17 सितंबर को ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम से होगी। जिला परिषद के सीईओ बिरदी चंद गंगवाल ने बुधवार को कलक्ट्रेट सभागार में बैठक लेकर संबंधित विभागों के अधिकारियों को गतिविधियों की समयबद्ध तैयारियां पूरी करने और अधिकाधिक आमजन की भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। 17 सितंबर को घरों में जलेंगे दीप अभियान की शुरुआत 17 सितंबर को ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम से होगी। नव लाभान्वित परिवारों सहित अन्य परिवारों की ओर से शाम 7 बजे घरों पर दीप जलाए जाएंगे। संबंधित विभाग योजनाओं के लाभार्थियों के घरों और ग्राम एवं शहरी क्षेत्रों के प्रमुख स्थानों पर दीप प्रज्वलन और सामूहिक मंगलकामना करेंगे। इसी दिन रक्तदान शिविर भी लगाए जाएंगे। स्कूलों में चित्रकला, भाषण और निबंध प्रतियोगिता ‘मेरे सपनों का भारत-विकसित भारत’ गतिविधि के तहत 17 सितंबर से 7 अक्टूबर तक राजकीय एवं निजी स्कूलों में ‘भारत/विकसित राजस्थान’ विषय पर चित्रकला, भाषण और निबंध प्रतियोगिताएं होंगी। गांव और शहरों में बनेंगी सेवा गतिविधियों की रील ‘नमो सेवा–अनकही कहानियां’ के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में 18 से 25 सितंबर और शहरी क्षेत्रों में 22 सितंबर से 17 अक्टूबर तक ग्राम, शहरी वार्ड और निकाय स्तर पर सेवा एवं जनकल्याण से जुड़ी अच्छी और प्रेरणादायी गतिविधियों की वीडियो रील तैयार कर उनका प्रचार-प्रसार किया जाएगा। ‘सेवा की कहानी’ के तहत 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक सरकारी योजनाओं से लाभान्वित व्यक्तियों और परिवारों की प्रेरणादायी कहानियों की रील, वीडियो और फोटो तैयार कर अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित की जाएंगी। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और आशा सहयोगिनियों का होगा अभिनंदन ‘आंगन मिलन सेवा’ के तहत 25 से 27 सितंबर तक आंगनबाड़ी केंद्रों पर मिलन कार्यक्रम होंगे। इनमें आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और आशा सहयोगिनियों का सार्वजनिक अभिनंदन किया जाएगा। 7 अक्टूबर को निकलेगी ‘सेवा ज्योति कलश यात्रा’ ‘सेवा ज्योति कलश यात्रा’ का आयोजन 7 अक्टूबर को होगा। इसमें स्कूली विद्यार्थी विकसित भारत के संकल्प से जुड़े स्लोगन वाले पोस्टर लेकर रैली निकालेंगे। 2 अक्टूबर को स्वच्छता और सामुदायिक सेवा ‘सेवा मेरा योगदान’ के तहत 2 अक्टूबर को प्रत्येक ग्राम, ग्राम पंचायत और नगरीय वार्ड/निकाय में जनभागीदारी से स्वच्छता और सामुदायिक सेवा से जुड़ी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। शिविरों में योजनाओं की जानकारी, पात्रों के आवेदन ‘सेवा सेतु अभियान’ ग्रामीण क्षेत्रों में 19 से 25 सितंबर और शहरी क्षेत्रों में 8 से 16 अक्टूबर तक चलेगा। इसके तहत पंचायत समितियों और नगरीय निकायों में शिविर लगाए जाएंगे। इनमें केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी देने के साथ पात्र लाभार्थियों की पहचान, आवेदन और उन्हें योजनाओं का लाभ दिलाने से जुड़ी कार्रवाई की जाएगी। रंगोलियों से दिखाए जाएंगे राष्ट्रीय प्रतीक और विभागीय गतिविधियां ‘सेवा के रंग, राष्ट्र के संग’ गतिविधि 24 सितंबर और 11 अक्टूबर को होगी। इसके तहत जिले के सार्वजनिक स्थानों पर विभिन्न विभागों से जुड़ी गतिविधियों और राष्ट्रीय प्रतीकों पर आधारित रंगोलियों का प्रदर्शन किया जाएगा। युवाओं के लिए इनोवेशन चैलेंज ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ के तहत 1 से 15 अक्टूबर तक क्षेत्र की प्रमुख समस्याओं के समाधान में युवाओं की भागीदारी और नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतियोगिताएं और अन्य गतिविधियां होंगी। इसके अलावा ‘सुशासन सेवा संवाद’ के तहत निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार संभाग और जिला स्तर पर जनप्रतिनिधियों तथा आमजन के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
जबलपुर से करीब 40 साल पहले बरगी बांध परियोजना के लिए घर-बार छोड़ने वाले दुर्गानगर के ग्रामीण अब अपने गांव की सड़क के लिए खुद फावड़ा-तसला उठा रहे हैं। सरकारी फाइलों में सड़क का काम अटका रहा तो ग्रामीणों का सब्र जवाब दे गया। 100 से ज्यादा महिलाएं, पुरुष, बच्चे और दिव्यांग रोज श्रमदान कर करीब 2 किलोमीटर सड़क सुधार रहे हैं। ग्रामीण अपने खर्च से मुरम और पत्थर लाकर बारिश में चलने लायक रास्ता तैयार कर रहे हैं। जबलपुर मुख्यालय से करीब 55 किलोमीटर दूर शहपुरा जनपद के दुर्गानगर में 100 से ज्यादा परिवार और करीब 1,500 की आबादी है। ग्रामीणों के मुताबिक बारिश में गांव की मुख्य सड़क कीचड़ में तब्दील हो जाती है। कई दिनों तक गांव का संपर्क प्रभावित रहता है। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूल जाने वाले बच्चों और मरीजों को होती है। एंबुलेंस नहीं पहुंचती, डिलीवरी के लिए दूसरे गांव जाना पड़ता है सड़क की बदहाली का सबसे गंभीर असर स्वास्थ्य सेवाओं पर है। ग्रामीणों का कहना है कि कच्चे और कीचड़ भरे रास्ते के कारण एंबुलेंस और 108 वाहन गांव तक नहीं पहुंच पाते। प्रसव का समय नजदीक आने पर गर्भवती महिलाओं को मजबूरी में दूसरे गांव जाकर रहना पड़ता है। दुर्गानगर निवासी सोनू राजपूत ने बताया कि बारिश में दो किलोमीटर का रास्ता इतना खराब हो जाता है कि निकलना मुश्किल हो जाता है। स्कूल जाने वाले बच्चे सबसे ज्यादा परेशान होते हैं। कई बार प्रशासन को आवेदन देने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई, इसलिए ग्रामीणों ने खुद सड़क सुधारने का फैसला किया। मजदूरी पर जाने से पहले 2-3 घंटे श्रमदान ग्रामीण भीमा बाई ने बताया कि सड़क की जरूरत इतनी ज्यादा है कि अब उन्हें लगता है कि इसे खुद ही बनाना पड़ेगा। गांव के लोग मजदूरी पर जाने से पहले रोज 2 से 3 घंटे श्रमदान कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार अधिकारियों को आवेदन दिए, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। जिला पंचायत में 3-4 बार उठा मुद्दा जिला पंचायत सदस्य रामकुमार सैयाम ने बताया कि उन्होंने जिला पंचायत की बैठकों में दुर्गानगर की सड़क का मुद्दा 3 से 4 बार उठाया। जिला पंचायत सीईओ अभिषेक गहलोत को लिखित प्रस्ताव भी दिया गया, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई। विधायक बोले- अधिकारियों से चर्चा कर बजट का प्रावधान करेंगे मामले में बरगी विधायक नीरज सिंह ने ग्रामीणों की परेशानी को गंभीर बताया। उन्होंने कहा कि अधिकारियों से चर्चा कर सड़क निर्माण के लिए बजट का प्रावधान किया जाएगा। जिला पंचायत सीईओ अभिषेक गहलोत ने भी मामला संज्ञान में आने की बात कही। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की परेशानी को देखते हुए जल्द सड़क बनाने का प्रयास किया जाएगा।
करौली नगर परिषद के 55 वार्डों के चुनाव नतीजों के बाद नए पार्षदों की शिक्षा और उम्र की तस्वीर सामने आई है। परिषद में 19 पार्षद ग्रेजुएट या उससे ज्यादा पढ़े-लिखे हैं, जबकि 18 पार्षद सिर्फ साक्षर हैं। उम्र के लिहाज से परिषद में 21 साल के युवा पार्षद से लेकर 74 साल के वरिष्ठ पार्षद तक शामिल हैं। यानी नई परिषद में युवा जोश और अनुभव, दोनों का मेल देखने को मिलेगा। पार्टीवार ऐसा रहा समीकरणनई परिषद में कांग्रेस के 28, भाजपा के 11, निर्दलीय 15 और बसपा का एक पार्षद चुना गया है। कांग्रेस के 28 पार्षदों में 16 पुरुष और 12 महिलाएं हैं। भाजपा के 11 पार्षदों में आठ पुरुष और तीन महिलाएं हैं। निर्दलीय पार्षदों में सात पुरुष और आठ महिलाएं हैं, जबकि बसपा से एक महिला पार्षद चुनी गई है। पुरुष पार्षदों में 17 ग्रेजुएट या उससे अधिक31 पुरुष पार्षदों में से 17 ग्रेजुएट या उससे ज्यादा पढ़े-लिखे हैं। इनमें पांच एमए, पांच बीए, तीन ग्रेजुएट, दो बीएससी, एक बीकॉम और एक बीएससी-बीएड डिग्रीधारी हैं। वहीं 14 पुरुष पार्षद ग्रेजुएट से कम पढ़े हैं। इनमें पांच 12वीं, एक 11वीं, एक 10वीं, एक आठवीं और छह सिर्फ साक्षर हैं। महिला पार्षदों में 12 सिर्फ साक्षर24 महिला पार्षदों में से 12 सिर्फ साक्षर हैं। दो महिलाओं ने ग्रेजुएशन किया है। वार्ड 4 की मिथलेश सैनी बीए और वार्ड 38 की इफा खानम बीसीए हैं। इसके अलावा तीन महिलाएं 12वीं, तीन 10वीं, तीन आठवीं और एक पांचवीं तक पढ़ी हैं। कुल 19 पार्षद ग्रेजुएट या उससे ज्यादापूरी परिषद में 19 पार्षद ग्रेजुएट या उससे ज्यादा पढ़े-लिखे हैं। इनमें पांच एमए, छह बीए, तीन ग्रेजुएट, दो बीएससी, एक बीकॉम, एक बीएससी-बीएड और एक बीसीए डिग्रीधारी हैं। इसके अलावा आठ पार्षद 12वीं, एक 11वीं, चार 10वीं, चार आठवीं और एक पांचवीं तक पढ़े हैं। 18 पार्षद सिर्फ साक्षर हैं। छह पार्षद 60 साल से ज्यादा उम्र केपरिषद में छह पार्षद ऐसे हैं, जिनकी उम्र 60 साल से अधिक है। इनमें हेमलता सोनी 67, निरौतीलाल जाटव 65, विजय 63, विमला 62, सुआबाई 64 और गंगाराम माली 74 साल के हैं। 74 वर्षीय गंगाराम माली परिषद के सबसे उम्रदराज पार्षद हैं। 21 साल का अरमान सबसे युवा चेहरों मेंदूसरी ओर परिषद में युवा चेहरों की भी अच्छी मौजूदगी है। 30 साल या उससे कम उम्र के पार्षदों में अरमान 21, इफा खानम 25, मदनमोहन शर्मा 27, मुकेश और वैशाली 28 साल के हैं। सरोज सैनी, कल्पना सैनी और गौरव की उम्र 29 साल है। इस तरह परिषद में कम उम्र के पार्षदों के साथ वरिष्ठ अनुभव वाले चेहरे भी साथ नजर आएंगे।
मुजफ्फरनगर में साइबर ठगी के पैसों को ठिकाने लगाने वाले नेटवर्क पर साइबर क्राइम थाना पुलिस ने शिकंजा कसा है। पुलिस ने साइबर अपराधियों को बैंक खाते उपलब्ध कराने और उनमें ठगी की रकम मंगाकर कैश कराने के आरोप में मेरठ के दो युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक दोनों आरोपी ठगी की रकम निकालने के बाद अपना कमीशन काटते थे और बची रकम साइबर अपराधियों तक पहुंचाते थे। गुरुवार सुबह करीब 7 बजे SP क्राइम इंदु सिद्धार्थ ने जानकारी देते हुए बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मेरठ के दौराला थाना क्षेत्र के कैली निवासी जीशान उर्फ शाहरूख और मौहम्मद हसन के रूप में हुई है। दोनों पर आरोप है कि वे साइबर अपराधियों के लिए म्यूल बैंक खाते उपलब्ध कराते थे। इन खातों में लोगों से साइबर धोखाधड़ी के जरिए हासिल की गई रकम मंगाई जाती थी और इसके बाद रकम को निकालकर आगे भेजा जाता था। इस पूरे नेटवर्क का सुराग गृह मंत्रालय के ‘प्रतिबिम्ब’ पोर्टल से मिली संदिग्ध बैंक खातों की जानकारी की जांच के दौरान सामने आने की बात पुलिस ने कही है। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने संदिग्ध खातों के लेनदेन और उनके संचालन की पड़ताल की। जांच में इन खातों का संबंध साइबर वित्तीय धोखाधड़ी से जुड़ी गतिविधियों से सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपियों तक पहुंच बनाई। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि साइबर अपराधी ठगी की रकम इन म्यूल खातों में मंगवाते थे। इसके बाद आरोपी खातों से रकम निकालते थे और उसमें से अपना कमीशन रख लेते थे। बची हुई रकम को अपने साइबर अपराधी साथियों तक पहुंचाने की बात सामने आई है। जांच में सामने आए एक और अहम पहलू के मुताबिक, पुलिस का कहना है कि नकद निकाली गई रकम का एक हिस्सा USDT के जरिए साइबर अपराधियों तक भेजा जाता था। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि दोनों आरोपियों ने कितने बैंक खाते साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराए और इन खातों के जरिए अब तक कितनी रकम का लेनदेन हुआ।
बांका में बुधवार की शाम ढाई साल की बच्ची की संदेहास्पद मौत हो गई है। घटना जमदाहा ओपी क्षेत्र के जमखूंट गांव की है। बच्ची की पहचान भवेश यादव की बेटी पुष्पा कुमारी के रूप में हुई है। बच्ची की मां सुनीता देवी ने दहेज उत्पीड़न को लेकर अपने पति समेत ससुराल पक्ष के लोगों पर पुष्पा की हत्या का आरोप लगाया है। उन्होंने जमदाहा ओपी में इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई है। सुनीता देवी ने अपनी शिकायत में बताया है कि शादी के बाद से ही दहेज की मांग को लेकर उन्हें ससुराल में परेशान किया जाता था। इस मामले में ससुराल पक्ष के खिलाफ कोर्ट में दहेज उत्पीड़न का केस भी चल रहा है। इसी वजह से वह अभी अपने मायके में रह रही हैं। सास बच्ची को ले गई थी साथ सुनीता के अनुसार, कुछ महीने पहले वह बांका में कोर्ट के काम से गई थीं। उसी दौरान उनकी सास बच्ची पुष्पा को अपने साथ जमखूंट स्थित घर ले गई थीं। सुनीता देवी का आरोप है कि मंगलवार रात उनके पति भवेश यादव, सास बिजली देवी, ससुर भीम यादव और सौतन रिंकू देवी ने मिलकर बच्ची की हत्या कर दी। बुधवार को घटना की जानकारी मिलने पर वह अपने परिवार के साथ जमखूंट पहुंचीं और पुलिस को सूचना दी। ससुराल पक्ष घर छोड़कर फरार जानकारी मिलने पर जमदाहा पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने बच्ची के शव को कब्जे में लेकर कानूनी प्रक्रिया पूरी की। इसके बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए बांका भेजा गया। घटना के बाद शिकायत में नामजद सभी लोग घर से फरार बताए जा रहे हैं। जमदाहा ओपी अध्यक्ष आसिफ अहमद ने बताया कि बच्ची के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। मिली शिकायत के आधार पर पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है। मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर मौत की असली वजह पता चलेगी।
हरदा में साइबर ठग अब आम लोगों के साथ पुलिसकर्मियों को भी निशाना बनाने की कोशिश कर रहे हैं। ठगी के लिए कभी बैंक खाता बंद होने, कभी केवाईसी अपडेट और कभी बीमा पॉलिसी के नाम पर लोगों से संपर्क किया जा रहा है। इसी तरह का मामला सिराली थाना प्रभारी सीताराम पटेल के सामने भी आया, जब उन्हें अलग-अलग नंबरों से फोन कर बीमा पॉलिसी से जुड़ा पासवर्ड मांगा गया। थाना प्रभारी बोले- बीमा कंपनी ने नहीं मांगा पासवर्ड सिराली थाना प्रभारी सीताराम पटेल ने बताया कि उन्होंने एक जीवन बीमा पॉलिसी कराई है। इसके बाद उनके पास अलग-अलग मोबाइल नंबरों से फोन आने लगे। फोन करने वाले लोग पॉलिसी से जुड़ी जानकारी लेने के साथ पासवर्ड मांग रहे थे। थाना प्रभारी ने लोगों को सावधान करते हुए कहा कि बैंक या बीमा कंपनी किसी ग्राहक से पासवर्ड और दूसरी गोपनीय जानकारी फोन पर नहीं मांगती। इसलिए इस तरह के फोन आने पर कोई भी जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। लिंक भेजकर खाते की जानकारी हासिल करने की कोशिश साइबर ठग मोबाइल कॉल, मैसेज, सोशल मीडिया और वॉट्सऐप के जरिए लोगों से संपर्क करते हैं। कभी बैंक खाता बंद होने तो कभी केवाईसी अपडेट करने का झांसा दिया जाता है। इसके अलावा सरकारी योजना, इनाम या किसी दूसरे लाभ का लालच देकर भी संदिग्ध लिंक भेजे जाते हैं। लिंक पर क्लिक करने के बाद लोगों को फर्जी वेबसाइट या एप पर ले जाकर बैंकिंग और निजी जानकारी हासिल करने की कोशिश की जाती है। कई मामलों में इसी जानकारी का इस्तेमाल बैंक खाते से पैसे निकालने के लिए किया जाता है। OTP, CVV और पासवर्ड किसी को न बताएं थाना प्रभारी सीताराम पटेल ने कहा कि अनजान व्यक्ति की ओर से भेजी गई किसी भी लिंक पर क्लिक न करें। बैंक खाते की जानकारी, एटीएम या डेबिट कार्ड नंबर, सीवीवी, पासवर्ड और खास तौर पर ओटीपी किसी के साथ शेयर नहीं करना चाहिए। किसी संदिग्ध कॉल या मैसेज पर तुरंत कोई फैसला लेने के बजाय पहले उसकी जानकारी की पुष्टि करें। साइबर ठग लगातार नए तरीके अपना रहे हैं, इसलिए थोड़ी सी सावधानी से ठगी से बचा जा सकता है। ठगी होने पर तुरंत सूचना दें पुलिस ने लोगों से अपील की है कि परिवार के बुजुर्गों और बच्चों को भी साइबर ठगी के तरीकों के बारे में बताएं। अगर किसी के साथ ऑनलाइन ठगी हो जाती है तो बिना देर किए साइबर पुलिस या नजदीकी थाने में सूचना दें। ठगी से जुड़े कॉल, मैसेज, नंबर, लिंक और दूसरे सबूत भी सुरक्षित रखें, ताकि पुलिस को जांच में मदद मिल सके।
फतेहपुर में छात्र तेजस द्विवेदी की संदिग्ध मौत के मामले में आरोपी स्कूल प्रबंधक राकेश त्रिवेदी को अदालत से राहत नहीं मिली। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर 4 चेतना चौहान की अदालत ने बुधवार को गैरइरादतन हत्या के मामले में दाखिल अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी प्रबंधक को अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया। सदर कोतवाली क्षेत्र के सिविल लाइंस निवासी तेजस द्विवेदी सरस्वती बाल मंदिर इंटर कॉलेज शिवपुरी में कक्षा 12 का छात्र था। 26 अगस्त को स्कूल में कथित प्रताड़ना के बाद उसकी मौत हो गई थी। छात्र की मां नीलम की शिकायत पर प्रधानाचार्य सक्षम त्रिवेदी और प्रबंधक राकेश त्रिवेदी के खिलाफ गैरइरादतन हत्या की एफआईआर दर्ज की गई थी। प्रधानाचार्य पहले ही जेल भेजे जा चुके मामले में पुलिस प्रधानाचार्य सक्षम त्रिवेदी को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। वहीं गिरफ्तारी से बचने के लिए स्कूल प्रबंधक राकेश त्रिवेदी ने अदालत में अग्रिम जमानत की अर्जी दाखिल की थी। बुधवार को सुनवाई के दौरान बचाव और अभियोजन पक्ष ने अपनी-अपनी दलीलें रखीं। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपराध की गंभीरता को देखते हुए प्रबंधक की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। बचाव पक्ष बोला- घटना के समय स्कूल में नहीं थे प्रबंधक की ओर से अधिवक्ता ने अदालत में दलील दी कि घटना के समय राकेश त्रिवेदी विद्यालय में मौजूद नहीं थे। बचाव पक्ष के मुताबिक, छात्र को त्रैमासिक परीक्षा के दौरान नकल करते पकड़ा गया था। इसके बाद प्रधानाचार्य ने उसे सिर्फ चेतावनी दी थी और वह स्कूल से चला गया था। बचाव पक्ष ने इसी आधार पर प्रबंधक को मामले में राहत देने की मांग की थी। अभियोजन ने बताया- छात्र को तीन तरह की सजा दी गई अभियोजन पक्ष ने अग्रिम जमानत का विरोध करते हुए अदालत को बताया कि विद्यालय में छात्र को एक ही समय पर जुर्माना, टॉर्चर और निलंबन जैसी तीन सजाएं दी गईं। अभियोजन के मुताबिक, परिजनों को सूचना दिए बिना छात्र को स्कूल से जाने दिया गया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने मामले की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए प्रबंधक को अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया। गुरुवार को रेलवे स्टेशन के पास श्रद्धांजलि सभा तेजस की मौत के मामले में गुरुवार को श्रद्धांजलि सभा भी आयोजित की जाएगी। बजरंग सेना के प्रदेश अध्यक्ष की ओर से रेलवे स्टेशन के पास सुबह 11 बजे सभा रखी गई है। आयोजकों के मुताबिक, इसमें तेजस को श्रद्धांजलि देकर उसे न्याय दिलाने की मांग की जाएगी।
दिल्ली सरकार बेचेगी कार्बन क्रेडिट, हर साल करोड़ों कमाने का प्लान; पर्यावरण सुधार से होगी बंपर कमाई
दिल्ली सरकार अब पर्यावरण सुधार के कार्यों से आय अर्जित करने की तैयारी में है, जिसके तहत इलेक्ट्रिक बसों, पौधारोपण और कचरा प्रबंधन जैसी परियोजनाओं से होने वाली कार्बन उत्सर्जन में कमी को कार्बन क्रेडिट के रूप में बेचकर राजस्व जुटाया जाएगा।
कानपुर में तेज हवाओं के साथ बारिश:30 किमी की रफ्तार से चली हवा, कई पेड़ टूटे; संपर्क मार्ग बाधित
कानपुर के घाटमपुर में बुधवार देर शाम भीषण गर्मी और उमस के बीच अचानक मौसम बदल गया। तेज हवाओं के साथ रुक-रुककर बारिश शुरू हुई। करीब आधे घंटे तक 30 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं से कई पेड़ टूटकर सड़कों पर गिर गए। पेड़ गिरने से तेजपुर-तिलसड़ा संपर्क मार्ग बाधित हो गया। तिलसड़ा के ग्राम प्रधान ने अधिकारियों को सूचना दी। वहीं, बारिश के बाद घाटमपुर क्षेत्र में मौसम सुहाना हो गया और लोगों को गर्मी से राहत मिली। बारिश के दौरान कानपुर-सागर हाईवे पर भी वाहनों की आवाजाही कम हो गई और सन्नाटा दिखाई दिया। बारिश से कुछ किसानों के चेहरे खिले, जबकि कुछ किसान फसल को लेकर मायूस नजर आए। बारिश से हुए नुकसान का आकलन कराया जा रहा है। पेड़ गिरने से संपर्क मार्ग बाधित घाटमपुर तहसील क्षेत्र में बुधवार शाम तक गर्मी और उमस बनी हुई थी। शाम होते ही अचानक अंधेरा छा गया और तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। करीब आधे घंटे तक चली तेज हवा के कारण क्षेत्र में कई पेड़ टूटकर गिर गए। तिलसड़ा गांव के पास पेड़ टूटकर सड़क पर गिरने से तेजपुर-तिलसड़ा संपर्क मार्ग बाधित हो गया। ग्राम प्रधान ने इसकी जानकारी अधिकारियों को दी। अधिकारियों की ओर से सड़क पर पड़े पेड़ों को हटवाने की कार्रवाई की जा रही है। SDM बोले- पेड़ टूटने की सूचना मिली घाटमपुर SDM अविचल प्रताप सिंह ने बताया कि बारिश के साथ तेज हवाएं चली हैं। तिलसड़ा गांव के पास कई पेड़ टूटने की सूचना मिली है। सड़क पर पड़े पेड़ों को हटवाया जाएगा। नुकसान का आकलन करने के लिए लेखपालों को जांच के निर्देश दिए गए हैं।
मुजफ्फरपुर के कांटी थाना इलाके में प्राइवेट स्कूल में भूमि विवाद के चलते सुरक्षा गार्ड पर हमला करने आए पांच बदमाशों में से दो को ग्रामीणों ने पकड़ लिया। ग्रामीणों ने पिटाई के बाद पुलिस को सौंप दिया। पुलिस ने पकड़े गए बदमाशों के पास से दो लोडेड पिस्टल और कई जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। यह घटना तब हुई जब रंगदारी के लिए फायरिंग का एक मामला अभी पूरी तरह शांत नहीं हुआ था। बुधवार दोपहर करीब तीन बजे पांच बदमाश एक स्कॉर्पियो गाड़ी से स्कूल परिसर में घुस गए। उस समय बच्चों की छुट्टी हुई थी, इसलिए स्कूल का मुख्य गेट खुला था। जब स्कूल के सुरक्षा गार्ड ने स्कॉर्पियो को अंदर जाने से रोका, तो बदमाशों ने गाड़ी से उतरकर उसकी पिटाई शुरू कर दी। बदमाशों का इरादा सुरक्षा गार्ड की हत्या करना था। इस अचानक हुई घटना से स्कूल में बच्चों और शिक्षकों के बीच डर का माहौल बन गया। साहस दिखाकर ग्रामीणों ने दबोचा सुरक्षा गार्ड के चिल्लाने और स्कूल में मचे शोर-शराबे को सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर जुट गए। ग्रामीणों ने बिना डरे बदमाशों को घेर लिया और घेराबंदी कर दो शातिरों को पकड़ लिया। पकड़े गए बदमाशों की पहचान नालंदा जिले के एकंगसराय थाना क्षेत्र के रहने वाले राहुल कुमार और सोनू कुमार के रूप में हुई है। ग्रामीणों की पिटाई के कारण दोनों बदमाश घायल हो गए, जिनका पुलिस अभिरक्षा में अस्पताल में इलाज चल रहा है। निजी भूमि विवाद या रंगदारी मूल रूप से पटना जिले के मसौढ़ी थाना क्षेत्र के रहने वाले पीड़ित सुरक्षा गार्ड अशोक कुमार ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि स्कार्पियो सवार बदमाश जबरन स्कूल में घुसे थे। उनसे 50 लाख रुपए की रंगदारी मांग रहे थे। विरोध करने पर उन लोगों ने मारपीट की। 'सुरक्षा गार्ड से था विवाद' वहीं दूसरी ओर, होली क्रॉस स्कूल के निदेशक मयंक ठाकुर ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा गार्ड अशोक कुमार का उनके पैतृक गांव मसौढ़ी में ही कोई पुराना जमीन संबंधी विवाद चल रहा है। उसी आपसी रंजिश और विवाद को लेकर विपक्षी बदमाश स्कार्पियो से यहाँ पोखरैरा पहुचे थे। इस घटना का विद्यालय प्रबंधन या स्कूल के कामकाज से कोई लेना-देना नहीं है, यह पूरी तरह से सुरक्षा गार्ड का निजी भूमि विवाद है। पुलिस ने दोनों पक्षों के बयानों के आधार पर मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई और फरार आरोपियों की तलाश तेज कर दी है।
री-पोलिंग में कांग्रेस की बल्ले-बल्ले... जयपुर के चार वार्डों में किसने मारी बाजी? जानिए पूरा परिणाम
जयपुर के चार वार्डों में री-पोलिंग के बाद नतीजे सामने आए। चारों सीटों पर कांग्रेस ने बाजी मारी। किस वार्ड में कितने वोटों से जीत मिली, जानिए पूरा परिणाम।
बहराइच, गोंडा, श्रावस्ती और बलरामपुर के सरकारी अस्पतालों में दवाओं और चिकित्सा उपकरणों की खरीद में कथित करोड़ों रुपए के घोटाले की जांच अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) तक पहुंच गई है। बहराइच के पयागपुर से पूर्व कांग्रेस विधायक मुकेश श्रीवास्तव उर्फ ज्ञानेंद्र प्रताप और अन्य आरोपियों के खिलाफ ईडी ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत केस दर्ज किया है। ईडी ने यह कार्रवाई विजिलेंस की ओर से दर्ज एफआईआर के आधार पर की है। टेंडर जारी होने से लेकर सप्लाई और भुगतान तक का ब्योरा मांगाविजिलेंस की एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि मुकेश श्रीवास्तव से जुड़ी कंपनियों और फर्मों के जरिए चारों जिलों में स्वास्थ्य विभाग की खरीद में गड़बड़ी की गई। इसमें विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत का भी आरोप है। शासन के निर्देश पर विजिलेंस ने इस मामले में कार्रवाई की थी। अब ईडी ने इसी एफआईआर को आधार बनाकर कथित घोटाले से जुड़े पैसों के लेनदेन की पड़ताल शुरू की है। विभागीय अधिकारियों की भूमिका भी जांच के घेरे में जांच के लिए ईडी ने स्वास्थ्य विभाग से चारों जिलों में दवाओं और उपकरणों की सप्लाई के लिए जारी किए गए टेंडरों की जानकारी मांगी है। इनमें किन कंपनियों और फर्मों ने हिस्सा लिया, किसे काम मिला, टेंडर को मंजूरी देने वाले अधिकारी कौन थे और सप्लाई के बाद कितना भुगतान किया गया, इसका रिकॉर्ड मांगा गया है। ईडी भुगतान से जुड़े दस्तावेजों और अन्य वित्तीय जानकारी को भी खंगाल रही है।इस मामले में मुकेश श्रीवास्तव के भाई अजय कुमार श्रीवास्तव का नाम भी सामने आया है। वह स्वास्थ्य विभाग में बाबू के पद पर तैनात था। विजिलेंस की एफआईआर में उसे भी आरोपी बनाया गया है। ईडी अब आरोपियों से जुड़ी कंपनियों और फर्मों के वित्तीय लेनदेन की जानकारी जुटा रही है। NHRM घोटाले की जांच, विजलेंस ने किया है गिरफ्तार मुकेश श्रीवास्तव पहले से राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (एनआरएचएम) घोटाले और आय से अधिक संपत्ति के मामले में आरोपित हैं। विजिलेंस ने 10 जून को उन्हें आय से अधिक संपत्ति के मामले में लखनऊ के वेव मॉल से गिरफ्तार किया था। विजिलेंस की जांच के मुताबिक तय अवधि में उनकी वैध आय करीब 1.12 करोड़ रुपए थी, जबकि संपत्ति खरीदने, उसके रखरखाव और दूसरे खर्चों में करीब 1.80 करोड़ रुपए खर्च किए गए। इस तरह ज्ञात आय से करीब 67.30 लाख रुपए अधिक खर्च का मामला सामने आया था। अब ईडी की जांच में सरकारी अस्पतालों की खरीद में हुए कथित वित्तीय लेनदेन के साथ आरोपियों की कंपनियों, फर्मों और संपत्तियों से जुड़े पैसों के स्रोत की भी पड़ताल की जाएगी। एजेंसी टेंडर प्रक्रिया से लेकर भुगतान तक की पूरी कड़ी को जांच के दायरे में ले सकती है।
लुधियाना के हैबोवाल के चंद्र नगर स्थित मल्ली फार्मस में शादी समारोह के दौरान एक महिला का पर्स चोरी हो गया। घटना की वीडियो भी सामने आई है। पर्स में सोने का एक किटी सेट, चांदी के बिछुए, चांदी के दो कड़े, 15 हजार रुपए कैश और शगुन के पैसे रखे हुए थे। जानकारी मुताबिक जयमाला के बाद जब पूरा परिवार रात करीब 11:30 बजे फोटो खिंचवाने में व्यस्त था, इसी दौरान दो युवक स्टेज के आस-पास घूमते रहे। मौका मिलते ही एक युवक ने नीचे रखा पर्स उठाया और पैलेस से बाहर की ओर फरार हो गया। चोरी की पूरी घटना पैलेस में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई। फोटो खिंचवाते समय हुआ चोरी घुमार मंडी निवासी बुट्टा राम ने बताया कि उनकी बेटी अलका की शादी 14 सितंबर को चंद्र नगर स्थित मल्ल्ली फार्म्स में थी। रात को जयमाला की रस्म के बाद पूरा परिवार फोटो खिंचवा रहा था। इसी दौरान उनकी पत्नी नीतू ने हाथ में पकड़ा हुआ पर्स पास में नीचे रख दिया और परिवार के साथ फोटो खिंचवाने लगीं। फोटो खिंचवाने के बाद जब उन्होंने पर्स उठाने के लिए देखा तो वह वहां मौजूद नहीं था। पर्स नहीं मिलने पर परिवार ने शोर मचाया और तुरंत मैरिज पैलेस प्रबंधकों को घटना की जानकारी दी। इसके बाद पैलेस के बाहर के गेट बंद करवाकर सीसीटीवी फुटेज खंगाली गई। फुटेज में दिखाई दिया कि दो युवक काफी देर से स्टेज के आसपास घूम रहे थे। मौका मिलते ही उनमें से एक युवक ने नीचे रखा पर्स उठाया और तुरंत अपने साथी को साथ लेकर गेट बंद होने से पहले वहां से निकल गया। पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई। परिजनों की ओर से मामले की सूचना पुलिस को भी दी गई है। सीसीटीवी के आधार पर आरोपी की पहचान में जुटी पुलिस जगतपुरी चौकी पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पर्स लेकर फरार हुए युवक की पहचान करने में जुटी है। बुट्टा राम ने बताया कि पर्स में करीब 15 हजार रुपए नकद, रिश्तेदारों व अन्य लोगों की ओर से दिए गए शगुन, करीब 3 लाख रुपए कीमत का सोने का किटी सेट तथा चांदी का सामान था। थाना हैबोवाल पुलिस ने शिकायत के आधार पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ धारा 305 BNS के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस शादी समारोह में मौजूद लोगों और आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालकर आरोपी की पहचान करने में जुटी है।
डीग के जवाहर मेले में जलपरी का करतब बना आकर्षण:उमड़ी भीड़, मौत का कुआं और झूले भी खींच रहे ध्यान
डीग शहर के मेला मैदान में श्री जवाहर प्रदर्शनी एवं ब्रज यात्रा मेला शुरू हो गया है। बुधवार रात मेले में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। मेले का सबसे खास आकर्षण जलपरी का अनोखा कार्यक्रम रहा, जिसमें महिलाएं शीशे के खास टैंक में पानी के अंदर जलपरी की तरह तैरती नजर आईं। इसके अलावा मौत का कुआं, नाव वाले झूले, हवाई झूले और विभिन्न मनोरंजन के साधनों ने भी लोगों का ध्यान खींचा। मेले में डीग के साथ आसपास के कस्बों और अन्य शहरों से भी लोग पहुंचे। शाम से ही शुरू हो गई मेले की रौनक बुधवार शाम से ही मेला मैदान में लोगों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था, जो देर रात तक जारी रहा। परिवारों के साथ पहुंचे लोगों ने झूलों और मनोरंजन के कार्यक्रमों का आनंद लिया। बच्चों और युवाओं में अलग-अलग तरह के झूलों को लेकर खास उत्साह नजर आया। पानी के अंदर ‘जलपरी’ का अनोखा प्रदर्शन मेले में जलपरी का कार्यक्रम लोगों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। शीशे के एक खास टैंक में महिलाएं पानी के अंदर जलपरी की तरह तैरती हुई दिखाई देती हैं। इस अनोखे प्रदर्शन को देखने के लिए बड़ी संख्या में दर्शक जमा हो रहे हैं। कई लोग इस प्रदर्शन को अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड करते भी नजर आए। मौत का कुआं और झूले भी बने आकर्षण मेले में मौत का कुआं भी लोगों को रोमांचित कर रहा है। इसमें मोटरसाइकिल और अन्य वाहनों के करतब दिखाए जा रहे हैं। वहीं नाव वाले झूले और हवाई झूले बच्चों, युवाओं और परिवारों के लिए आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। खाने-पीने और खरीदारी के लिए भी दुकानें मेला मैदान में मनोरंजन के साथ खाने-पीने और विभिन्न सामान की दुकानें भी लगाई गई हैं। यहां आने वाले लोग झूलों और कार्यक्रमों का आनंद लेने के साथ खान-पान और खरीदारी का भी लुत्फ उठा रहे हैं। शाम होते ही दुकानों और मनोरंजन वाले हिस्सों में लोगों की भीड़ बढ़ जाती है। आयोजन में स्थानीय लोगों का सहयोग मेले के आयोजन और व्यवस्थाओं में सद्दाम, फिरोज, सोनू, कल्लू सहित अन्य लोगों का सहयोग रहता है। आयोजन से जुड़े लोगों की ओर से मेले में आने वाले लोगों की सुविधा के लिए विभिन्न व्यवस्थाएं की गई हैं। भीड़ को देखते हुए पुलिस बल तैनात मेले में उमड़ रही भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया है। पुलिस अधीक्षक कांबले शरण गोपीनाथ के निर्देश पर मेला स्थल पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पुलिसकर्मियों की मौजूदगी रखी जा रही है और सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जा रही है। बुधवार रात बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी से मेला मैदान देर रात तक गुलजार रहा। आने वाले दिनों में भी मेले में भीड़ बढ़ने की उम्मीद है।
जमानत के अगले ही दिन चोरी के आरोपी की मौत, थाने की फुटेज में गिरते दिखा युवक
गोरखपुर में जमानत के अगले ही दिन चोरी के आरोपी की मौत हो गई। परिजनों ने पुलिस पर खजनी थाने में पिटाई का आरोप लगाया है। थाने की फुटेज में युवक अचानक खड़े होने के बाद झटका आते और जमीन पर गिरते दिखा है। बेटी ने पिता की पिटाई, रिश्वत मांगने का आरोप लगाया।
गुरुग्राम में द्वारका एक्सप्रेसवे पर श्रीराम चौक के पास दिल्ली की तरफ से आ रही एक तेज रफ्तार बीट कार ने डिवाइडर पर लोहे की ग्रिल लगा रहे चार मजदूरों को कुचल दिया। हादसे में दो मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य मजदूर और कार सवार गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। मृतक मजदूरों की पहचान बिजेंद्र और पप्पू के रूप में हुई हैं, वे मूलरूप से उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर के रहने वाले हैं। द्वारका एक्सप्रेसवे पर यह अब तक का सबसे बड़ा हादसा माना जा रहा है। जिसमें एक साथ चार लोग कार की चपेट में आ गए। हादसा उस समय हुआ, जब एक्सप्रेसवे पर श्रीराम चौक के पास डिवाइडर को सुरक्षित करने के लिए रात को लोहे की ग्रिल लगाने का काम चल रहा था। चार मजदूर ग्रिल लगा रहे थे लोहे की एक भारी ग्रिल को स्थापित करने के लिए कम से कम चार मजदूरों की जरूरत होती है। घटना के वक्त चार मजदूर ग्रिल को सफलतापूर्वक लगाने के बाद दो उनके पेंच कस रहे थे, जबकि दो उसे डिवाइडर पर मजबूती से पकड़कर खड़े थे। तेज रफ्तार कार ने सीधी टक्कर मारी तभी दिल्ली की तरफ से आई तेज रफ्तार बीट कार सीधे ग्रिल पकड़कर खड़े मजदूरों पर चढ़ गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दो मजदूरों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। वहीं, बाकी के दो मजदूरों ने कार को अपनी तरफ आते देख जान बचाने के लिए एक्सप्रेसवे के बीच बनी ग्रीन बेल्ट की तरफ छलांग लगा दी। लेकिन कार की रफ्तार इतनी तेज थी कि वह भी बेकाबू होकर ग्रीन बेल्ट के अंदर जा घुसी और कूद चुके दोनों मजदूरों को भी अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में कार के ड्राइवर को भी गंभीर चोटें आई हैं। ठेकेदार की लापरवाही आई सामने हादसे के बाद एक्सप्रेसवे पर काम करा रहे ठेकेदार की भारी लापरवाही उजागर हुई है। चश्मदीदों और शुरुआती जानकारी के अनुसार, एक्सप्रेसवे जैसी व्यस्त और तेज रफ्तार सड़क पर काम करने के बावजूद सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए थे। मौके पर न तो कोई रिफ्लेक्टिव सावधानी बोर्ड (साइन बोर्ड) लगाया गया था और न ही उचित बैरिकेडिंग की गई थी। दो-तीन सेफ्टी कोन रखे थे ठेकेदार की तरफ से सुरक्षा के नाम पर केवल दो-तीन छोटे लाल रंग के प्लास्टिक सेफ्टी कोन रखे गए थे, जो रात के अंधेरे में तेज रफ्तार वाहनों को सचेत करने के लिए नाकाफी थे। मजदूर पूरी तरह से खुली और चालू सड़क पर काम कर रहे थे। रात के समय अंधेरा होने के कारण कार ड्राइवर को सड़क पर काम कर रहे चारों मजदूर दिखाई नहीं दिए, जिसके चलते यह भीषण हादसा हो गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर वहां पर्याप्त रोशनी और प्रॉपर बैरिकेडिंग होती, तो इन मासूम मजदूरों की जान बचाई जा सकती थी। घायल अस्पताल में भर्ती हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। गंभीर रूप से घायल मजदूरों और कार चालक को तुरंत नजदीकी वाइब्रेंट अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां दो को मृत घोषित किया गया, जबकि घायलों की हालत चिंताजनक बनी हुई है। बजघेड़ा थाना पुलिस की तरफ से बताया गया है कि मामले की जांच शुरू कर दी है। दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इस मामले में जिसकी भी लापरवाही सामने आएगी, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बकरी पालने के लिए झारखंड सरकार देगी पैसा, 70 प्रतिशत तक लगाएगी खुद; कैसे उठा सकते हैं लाभ
सरकार के कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ‘मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना’ के तहत व्यावसायिक बकरी पालन योजना की शुरुआत की गई है।

