फूल बंगले में विराजमान हुए रंगनाथ भगवान:दर्शन को उमड़े श्रद्धालु,वर्ष में एक बार बनता है फूल बंगला
उत्तर भारत के प्रसिद्ध दक्षिण भारतीय शैली के श्री रंगनाथ मंदिर में गुरुवार की देर शाम श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत नजारा दिखाई दिया। वर्ष में एक बार सजने वाले अद्वितीय फूल बंगले में विराजित ठाकुर गोदारंगमन्नार के दिव्याकर्षक छवि को निहारने के लिए श्रद्धालुओ का सैलाब उमड़ पड़ा। परंपरा का किया निर्वहन धार्मिक नगरी वृंदावन में श्री वैष्णव संप्रदाय के प्रमुख श्री रंगनाथ मंदिर में ठाकुर जी को गर्मी से शीतलता प्रदान करने के उद्देश्य से विविध प्रकार के फूलों से सजे बंगले में विराजित किया जाता है। इसके पीछे भाव है कि भगवान कुंज,लता पताओं में विराजमान होकर लीलाएं किया करते थे। आज भी ब्रज के देवालयों में इसका अनुश्रवण किया जाता है। इसी के तहत साल में केवल एक बार सजने वाले अद्वितीय फूल बंगले के गुरुवार की शाम जैसे ही दर्शन खुले रंगनाथ भगवान की जय जयकार से मंदिर परिसर अनुगुंजित हो उठा। दर्शनों के लिए भक्तो की भीड़ स्वर्ण गरुण स्तंभ परिसर में उमड़ने लगी। केले के तनों पर की गई आकर्षक कलाकारी विविध प्रकार के देशी सुगंधित और शीतलता प्रदान करने वाले फूलों से सजाए गए आकर्षक बंगले की अनुपम छटा देखते ही बनती थी। खास तौर पर नामचीन कलाकर जुगल किशोर शर्मा और उनकी टीम द्वारा केले के तनों पर उकेरी गई श्री वैष्णव संप्रदाय के संतो की छवि आकर्षण का केंद्र बनी हुई थी। फूल बंगला में विराजमान भगवान रंगनाथ माता गोदा जी और समस्त परिकर के दर्शनों के लिए भक्त आतुर नजर आए। केले के तनों पर की गई आकर्षक कलाकारी ने सभी का मन मोह लिया। जगमोहन में भव्य फूल बंगला में विराजमान भगवान की अलौकिक छवि मनमोहक थी। कृतिम यमुना स्वरूपणी सरोवर में भगवान गोवर्धन नाथ पर्वत की छवि बनाई गई साथ ही उसमें बनाई गई नाव,क्रतिम नाव बेहद ही आकर्षक लग रही थी। इस दौरान दर्शन करने के लिए विधायक श्री कांत शर्मा, बांके बिहारी मंदिर हाई पावर मैनेजमेंट कमेटी के सदस्य रिटायर्ड न्यायधीश मुकेश मिश्रा,गोपी गोस्वामी सहित प्रमुख लोग भी पहुंचे।
लखनऊ में गरीबों के आवास पर नोटिस-चस्प:अफसर-कर्मचारी रडार पर, शासन ने बैठाई जांच: हो सकता है एक्शन
लखनऊ के डालीबाग स्थित सरदार पटेल योजना में अवैध निर्माण को लेकर शुरू हुआ विवाद अब नया मोड़ ले चुका है। सूत्रों के मुताबिक अवैध निर्माण पर नोटिस चस्पा करने वाले सिंचाई विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है। शासन ने पूरे मामले की जांच रिपोर्ट तलब कर ली है और शुक्रवार को जिम्मेदारों पर एक्शन लिए जाने की संभावना है। जानकारी के अनुसार शासन यह पता लगाने में जुटा है कि जिस क्षेत्र में वर्षों से निर्माण होते रहे, वहां समय रहते विभाग ने प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं की। जांच रिपोर्ट के आधार पर लापरवाही तय होने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। स्थानीय भाजपा नेता पर लोगों को भड़काने का आरोप उधर, कार्रवाई करने पहुंची सिंचाई विभाग की टीम ने खुद को भाजपा का स्थानीय नेता बताने वाले बीवी सिंह पर माहौल खराब करने का आरोप लगाया है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि बीवी सिंह ने स्वयं भी अवैध निर्माण कर रखा है और विभाग की कार्रवाई के खिलाफ क्षेत्र के लोगों को उकसाने का काम कर रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि इस संबंध में विभाग ने उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजी है। रिपोर्ट के आधार पर पुलिस स्तर पर भी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। माना जा रहा है कि जांच में आरोप सही पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कदम उठाए जा सकते हैं। डालीबाग में अवैध निर्माण और कब्जों को लेकर शुरू हुई कार्रवाई फिलहाल प्रशासन, सिंचाई विभाग और स्थानीय लोगों के बीच बड़ा विवाद बन गई है। अब सभी की नजर शासन की जांच रिपोर्ट और संभावित कार्रवाई पर टिकी है।
QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027 जारी हो गई है। इस रैंकिंग द्वारा जारी टॉप 100 यूनिवर्सिटी की रैंकिंग में एक भी भारत का संस्थान शामिल नहीं हो सका है। वहीं टॉप 200 की लिस्ट में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT) दिल्ली ने एक बार फिर भारत के सबसे अच्छे एजुकेशन और रिसर्च संस्थान के तौर पर अपनी जगह बनाई है। बात आईआईटी बीएचयू की करें तो 56 स्थानों का सुधार करते हुए संस्था ने 510वां रैक पाया है। जो 2026 के लिस्ट में 566 रैंक पर रहा। भारत में आईआईटी बीएचयू 12वें स्थान पर राष्ट्रीय स्तर पर भी IIT (BHU) ने अपनी स्थिति मजबूत करते हुए भारतीय संस्थानों में 14वें स्थान से आगे बढ़कर 12वां स्थान प्राप्त किया है। यह उपलब्धि देश के उच्च शिक्षा परिदृश्य में संस्थान की बढ़ती प्रतिष्ठा और उत्कृष्टता को दर्शाती है। संस्थान का कुल स्कोर 29.3 से बढ़कर 32.1 हो गया है, जो विभिन्न प्रदर्शन संकेतकों में हुई उल्लेखनीय प्रगति का परिणाम है। QS विश्व रैंकिंग में IIT (BHU) की यात्रा निरंतर प्रगति को दर्शाती है। संस्थान ने पहली बार QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2023 में 651–700 बैंड में स्थान प्राप्त किया था और अब QS 2027 में 510वीं रैंक तक पहुंच गया है। ऐसे हुआ रैंकिंग का आकलन QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027 का मूल्यांकन एकेडमिक रेपुटेशन (30%), सिटेशन्स प्रति फैकल्टी (30%), एम्प्लॉयर रेपुटेशन (20%), एम्प्लॉयमेंट आउटकम्स (15%), फैकल्टी-स्टूडेंट अनुपात (15%), इंटरनेशनल फैकल्टी नेटवर्क (5%), इंटरनेशनल रिसर्च नेटवर्क (5%), इंटरनेशनल स्टूडेंट्स रेशियो (5%) तथा सस्टेनेबिलिटी (5%) जैसे मानकों के आधार पर किया जाता है। भारत के विश्वविद्यालयों की बढ़ रही पहचान रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय विश्वविद्यालयों ने अच्छा प्रदर्शन किया है, लेकिन उन्हें दुनिया भर के छात्रों और शिक्षकों को आकर्षित करने के लिए अभी और काम करना होगा। साथ ही, वैश्विक स्तर पर अपनी शैक्षणिक प्रतिष्ठा को और मजबूत बनाने की भी जरूरत है। QS की सीईओ जेसिका टर्नर ने कहा कि भारत के विश्वविद्यालय देश के भविष्य को बेहतर बनाने में बड़ी भूमिका निभाएंगे। उनके अनुसार, ये संस्थान केवल पढ़ाई ही नहीं करा रहे हैं, बल्कि नए विचारों, शोध और तकनीक को भी बढ़ावा दे रहे हैं। इससे देश की अर्थव्यवस्था और विकास को मजबूती मिलेगी।
यमुनानगर के साढ़ौरा-मुलाना रोड पर वीरवार रात गांव कनीपला के पास तेज रफ्तार ट्रक की चपेट में आने से बाइक सवार एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका साथी गंभीर रूप से घायल हो गया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक ट्रक के नीचे जा घुसी और युवक को संभलने का मौका तक नहीं मिला। मृतक की पहचान गांव सरदेहड़ी निवासी 28 वर्षीय गुरमीत के रूप में हुई है, जोकि दो बच्चों का पिता था। हादसे के बाद सड़क पर अफरा-तफरी मच गई और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल जगाधरी की मोर्चरी में रखवा दिया है। काम खत्म करके घर लौट रहे थे जानकारी के अनुसार गांव सरदेहड़ी निवासी गुरमीत और उसका साथी प्रवीन बाइक पर सवार होकर काम खत्म करने के बाद घर लौट रहे थे। जब वे गांव कनीपला के पास पहुंचे तो उनकी बाइक आगे चल रहे ट्रक की चपेट में आ गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक अनियंत्रित होकर ट्रक के नीचे जा घुसी। हादसे में गुरमीत के सिर पर गंभीर चौट आई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई, जबकि प्रवीन गंभीर रूप से घायल हो गया। आसपास के लोगों ने तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। सूचना मिलते ही साढ़ौरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद ट्रक के नीचे से निकाली बाइक राहगीरों और पुलिस कर्मियों की मदद से ट्रक के नीचे फंसी बाइक को काफी मशक्कत के बाद बाहर निकाला गया। घायल प्रवीन को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र साढ़ौरा भेजा गया, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस ने मृतक गुरमीत के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जगाधरी स्थित पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया है। पुलिस ने ट्रक को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं गुरमीत के शव का आज शुक्रवार को पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
गोरखपुर में पार्क हॉस्पिटल के दो डॉक्टरों के साथ करोड़ो रुपए की हेराफेरी का मामला सामने आया है। आरोप है कि दवा कंपनी मेडरेव हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड के संचालकों ने हॉस्पिटल के रिकॉर्ड और डेटा में हेराफेरी कर प्रॉफिट छुपाया और उनके हिस्से की रकम को हड़पने की कोशिश की। पुलिस को दी गई तहरीर में पीड़ित ने बताया कि हॉस्पिटल के अंदर आरोपी कंपनी का ओपीडी और आईपीडी फॉर्मेसी चलने का रिटेन अग्रीमेंट हुआ था। जिसके तहत लाभ का 75 परसेंट डॉक्टरों को मिलना था। लेकिन बिक्री और प्रॉफिट में भारी अंतर दिखा कर गड़बड़ी की गई। इस मामले में कोर्ट के आदेश के बाद कैंट थाने की पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानिए पूरा मामला…पार्क हॉस्पिटल के सह-स्वामी डॉ. ओंकार नाथ राय ने पुलिस को बताया कि उनका और डॉ. धर्मेन्द्र कुमार राय का मेडरेव हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड के साथ लिखित समझौता था। समझौते के तहत हॉस्पिटल के अंदर कंपनी की ओपीडी और आईपीडी फार्मेसी चलती थी। फार्मेसी के लाभ में 75 प्रतिशत हिस्सा डॉक्टरों और 25 प्रतिशत हिस्सा कंपनी को मिलना तय था। आरोप है कि कंपनी के रिकॉर्ड और सॉफ्टवेयर डाटा चेकिंग के दौरान मार्च 2019 से अक्टूबर 2024 तक के बिक्री और लाभ संबंधी आंकड़ों में भारी अंतर पाया गया। 1.65 करोड़ रुपए का अंतर मिला उनका कहना है कि सॉफ्टवेयर रिपोर्ट और कंपनी की ओर से हॉस्पिटल को उपलब्ध कराई गई रिपोर्ट के बीच कुल 1.65 करोड़ रुपये से अधिक के लाभ का अंतर सामने आया है। आरोप है कि इस राशि में डॉक्टरों का 75 प्रतिशत हिस्सा, करीब 1.24 करोड़ रुपये, जानबूझकर डाटा में कूटरचना कर हड़प लिया गया। उनका कहना है कि वर्ष 2015 से दोनों पक्षों के बीच व्यावसायिक संबंध रहे हैं और संभव है कि पहले भी इसी तरह की अनियमितताएं की गई होंगी। डॉक्टर ने बताया कि उन्होंने मामले की शिकायत थाना कैंट और एसएसपी से की, लेकिन अब तक मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। कोर्ट के आदेश पर कैंट थाने की पुलिस ने FIR दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
करनाल के घरौंडा में 17 से 23 मई तक नई अनाज मंडी में हुई शिव महापुराण कथा के एक महीने बाद अब आयोजन के आय-व्यय को लेकर विवाद सामने आ गया है। नगरखेड़ा सभा ने मंडी की मैनेजमेंट कमेटी के हिसाब पर सवाल उठाते हुए असंतोष जताया है। सभा का कहना है कि उन्होंने अपने स्तर पर एक-एक पैसे का हिसाब सार्वजनिक कर दिया है, लेकिन मंडी की ओर से दिया गया लेखा-जोखा स्पष्ट नहीं है, जिससे समाज में भी नाराजगी है। विवादों के बीच शुरू हुई थी कथा, अब हिसाब पर सवालघरौंडा की नई अनाज मंडी में 17 से 23 मई तक शिव महापुराण कथा का आयोजन हुआ था। कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा थे। आयोजन की शुरुआत में ही वीआईपी पास बेचने के मामले को लेकर विवाद खड़ा हो गया था और कथा रद्द होने की नौबत तक आ गई थी। इसके बाद कथा से दो-तीन दिन पहले नगरखेड़ा मंदिर में समाज के लोगों की बैठक हुई, जिसमें कथा को हर हाल में पूरा कराने का संकल्प लिया गया। इसी प्रयास के चलते कथा शांतिपूर्वक संपन्न हुई। नगरखेड़ा सभा ने प्रैसवार्ता में दिया पूरा हिसाबघरौंडा नगरखेड़ा सभा के पदाधिकारी वीर सिंह, श्रीपाल, जोगिंदर पप्पू, जवाहर सिंह और अमित राणा सहित अन्य ने प्रैसवार्ता कर कथा के आय-व्यय का पूरा ब्यौरा दिया। उन्होंने बताया कि नगरखेड़ा सभा की अगुवाई में आयोजन शुरू हुआ था और बाद में एक मैनेजमेंट कमेटी बनाई गई, जिसमें मंडी प्रधान भी शामिल थे। सभा के अनुसार समाज के सहयोग से कुल 89 लाख 41 हजार 328 रुपए एकत्रित हुए थे। इसमें से 61 लाख 1 हजार रुपए की राशि कथा की मैनेजमेंट टीम को नगरखेड़ा मंदिर में ही सौंप दी गई थी। पंडित प्रदीप मिश्रा को दी गई राशि का भी खुलासासभा पदाधिकारियों ने बताया कि कथा वाचन के लिए पंडित प्रदीप मिश्रा को 15 लाख रुपए और 9 लाख रुपए की राशि दी गई। इसके अलावा 6 लाख रुपए टेंट के भुगतान के लिए मैनेजमेंट कमेटी के राजिंद्र जैन को दिए गए। एक लाख एक हजार रुपए बिल्ले लाला जी को भी दिए गए। ऑनलाइन और ऑफलाइन राशि का पूरा ब्योरासभा के अनुसार कुल राशि में से खर्च के बाद 28 लाख 40 हजार 328 रुपए शेष बचे थे। दादा खेड़ा के नाम से जारी स्कैनर पर 17 लाख 9900 रुपए ऑनलाइन प्राप्त हुए। इस राशि को घटाने के बाद 11 लाख 30 हजार 728 रुपए शेष रहे। इसके बाद राणा रिसॉर्ट में बाउंसरों के ठहरने, डीजल और भोजन पर 84 हजार 700 रुपए खर्च किए गए। इसके बाद बची राशि 10 लाख 45 हजार 686 रुपए रह गई। भंडारे के खर्च के बाद बचे 8.81 लाख रुपएनगरखेड़ा मंदिर में कथा समापन पर आयोजित भंडारे में 1 लाख 63 हजार 688 रुपए खर्च हुए। इसके बाद 8 लाख 81 हजार 998 रुपए शेष बचे, जो नगरखेड़ा सभा के प्रधान को सौंप दिए गए। मंडी कमेटी के हिसाब पर जताई नाराजगीसभा पदाधिकारियों ने बताया कि कथा समाप्ति के बाद मंडी प्रधान जयभगवान गोयल ने आश्वासन दिया था कि सभी काम पूरे होने के बाद बैठकर हिसाब किया जाएगा। बाद में मंडी की ओर से हिसाब दिया गया, लेकिन वह उनकी समझ में नहीं आया। उन्होंने आरोप लगाया कि टेंट के भुगतान के समय कमेटी के सदस्यों को नहीं बुलाया गया। किसे कितना भुगतान हुआ, इसकी स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। इस पूरे मामले में पारदर्शिता की कमी है और इसका जवाब मंडी प्रधान जयभगवान गोयल को देना चाहिए। टेंट के सामान के गुम होने पर भी उठे सवालवीर सिंह ने बताया कि अब यह बात भी सामने आई है कि टेंट वाले का करीब साढ़े 7 लाख रुपए का सामान गायब हो गया है और इसके लिए भी भुगतान किया गया है। उन्होंने कहा कि यदि सामान गुम हुआ है तो इसकी जिम्मेदारी टेंट वाले की होनी चाहिए, न कि आयोजकों की। उन्होंने यह भी बताया कि करीब 4 से 5 हजार प्लेटें भी गायब हुई हैं। टेंट वाले ने कुल सवा करोड़ रुपए लिए हैं, ऐसे में अपने सामान की सुरक्षा उसकी जिम्मेदारी बनती है। भंडारे के सामान को लेकर भी उठे सवालसभा पदाधिकारियों ने कहा कि भंडारे के दौरान बचा हुआ सामान कहां गया, इसकी जानकारी उन्हें नहीं दी गई। यह भी एक बड़ा सवाल है, जिस पर स्पष्ट जवाब आना चाहिए। मंडी के स्कैनर पर आए पैसों की डिटेलसभा के अनुसार मंडी की ओर से एक स्कैनर की जानकारी दी गई, जिसमें 2 लाख 94 हजार 723 रुपए आने की बात कही गई है। इसके अलावा कोई अन्य विवरण नहीं दिया गया। यह स्कैनर मंडी प्रधान के छोटे भाई के नाम पर बताया गया है। मैनेजमेंट टीम में नगरखेड़ा सभा को नहीं मिली जगहसभा पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि आयोजन के दौरान दो अलग-अलग टीमें बन गई थीं। इसके बावजूद नगरखेड़ा सभा के किसी भी सदस्य को मंडी की मैनेजमेंट टीम में शामिल नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि जब भंडारे का सामान उठाया गया, तब भी सभा के किसी सदस्य को शामिल नहीं किया गया। इससे पारदर्शिता पर सवाल खड़े होते हैं। समाज भी हिसाब से असंतुष्ट, कमेटी से मांगा जवाबनगरखेड़ा सभा ने बताया कि मंडी की ओर से दिया गया हिसाब समाज के सामने रखा गया, लेकिन समाज के लोग इससे संतुष्ट नहीं हैं। हिसाब में कई खामियां सामने आई हैं। सभा ने मांग की है कि मंडी की आयोजन कमेटी सामने आकर सभी सवालों का स्पष्ट जवाब दे और पूरा हिसाब पारदर्शी तरीके से प्रस्तुत करे, ताकि समाज में फैली असमंजस की स्थिति खत्म हो सके।
जनकपुरी मेले से 14 वर्षीय किशोरी का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में विशेष पॉक्सो अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी पर 15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, 22 सितंबर 2014 को दयालबाग में आयोजित जनकपुरी मेला देखने के लिए किशोरी अपनी चचेरी बहन के साथ गई थी। इसी दौरान थाना खंदौली क्षेत्र के गांव फाजिलपुर निवासी राजाराम दोनों को मेला घुमाने के बहाने अपने साथ ले गया। आरोप है कि उसने दोनों को नशीले लड्डू खिलाकर बेहोश कर दिया और अन्य लोगों की मदद से राजस्थान के करौली ले गया। करौली में आरोपी ने किशोरी के साथ दुष्कर्म किया। परिजनों की शिकायत पर न्यू आगरा थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने तलाश के बाद दोनों किशोरियों को करौली से बरामद कर लिया। जांच के दौरान पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया और उसके बयान दर्ज किए गए। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत में पीड़िता के बयान, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्य प्रस्तुत किए। साक्ष्यों के आधार पर विशेष न्यायाधीश संगीता कुमारी ने आरोपी राजाराम को अपहरण, दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के आरोपों में दोषी करार दिया। अदालत ने उसे 10 वर्ष के कठोर कारावास तथा 15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
ग्वालियर में कथित 'लुटेरी दुल्हन' का मामला पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचा है। बिजौली थाना क्षेत्र के मुगुलपुरा निवासी राहुल जाटव ने अपनी पत्नी, सास, साली और शिवपुरी साइबर सेल में पदस्थ एक आरक्षक के खिलाफ शिकायत दर्ज कराते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित का दावा है कि उसकी पत्नी एक ऐसे गिरोह की सदस्य है, जो शादी के नाम पर लोगों को ठगता है। 14 अप्रैल को हुई शादी, एक महीने बाद छोड़कर चली गई पत्नी राहुल जाटव ने बताया कि उसकी शादी 14 अप्रैल 2026 को शिवपुरी निवासी राखी जाटव से हुई थी। आरोप है कि शादी के दौरान ही पत्नी ने अपने रिश्तेदारों और अन्य लोगों की मदद से घर में रखे सोने-चांदी के जेवरात चोरी करवा लिए। इस संबंध में पहले ही संबंधित थाने में एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी है। पीड़ित के मुताबिक, पत्नी 15 मई को ससुराल आई थी, लेकिन 23 मई को बिना बताए घर छोड़कर चली गई। इसके बाद उसने अलग-अलग मोबाइल नंबरों से फोन कर पांच लाख रुपए की मांग शुरू कर दी। 5 लाख नहीं दिए तो झूठे केस में फंसाने की धमकी राहुल का आरोप है कि पत्नी ने फोन पर कहा कि उसे उसके साथ नहीं रहना है और यदि पांच लाख रुपए नहीं दिए गए तो वह मीडिया के सामने यह आरोप लगाएगी कि उससे जबरन देह व्यापार कराया जाता था। पीड़ित का कहना है कि उसे और उसके परिवार को झूठे मामलों में फंसाने तथा बदनाम करने की धमकियां भी दी जा रही हैं। पत्नी के 10 से अधिक शादियां करने का दावा शिकायतकर्ता का दावा है कि पत्नी के बारे में जानकारी जुटाने पर पता चला कि वह पहले भी करीब 10 शादियां कर चुकी है और शादी के बाद जेवरात व नकदी लेकर फरार हो जाती है। राहुल ने मांग की है कि पत्नी, उसकी मां और बहन के बैंक खातों की जांच कराई जाए, जिससे कथित ठगी के लेनदेन सामने आ सकें। इंस्टाग्राम पर हथियारों के साथ फोटो डालने का आरोप पीड़ित ने आरोप लगाया है कि उसकी पत्नी सोशल मीडिया पर बंदूक के साथ तस्वीरें और स्टेटस डालकर लोगों को डराने का प्रयास करती है। साथ ही अनजान नंबरों से उसे लगातार जान से मारने की धमकियां भी मिल रही हैं। शिवपुरी साइबर सेल के आरक्षक पर भी आरोप राहुल ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि शिवपुरी साइबर सेल में पदस्थ एक आरक्षक इस गिरोह की मदद कर रहा है। उसके मुताबिक आरक्षक अपने पद का दुरुपयोग कर उसकी लोकेशन, कॉल डिटेल और अन्य निजी जानकारी निकालकर पत्नी तक पहुंचा रहा है। पुलिस ने शुरू की जांच एसडीओपी बेहट मनीष यादव ने बताया कि एक युवक ने शिकायत की है कि उसकी पत्नी शादी के बाद घर छोड़कर चली गई है। शिकायतकर्ता ने पत्नी द्वारा कई शादियां करने और जेवरात ठगने के आरोप लगाए हैं। मामले की जांच बिजौली थाना पुलिस को सौंपी गई है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आंध्रप्रदेश सरकार की ओर से मध्यप्रदेश से बाघ और गौर की डिमांड की गई है। उन्हें बाघ और गौर देने के लिए कार्रवाई की जाए, बदले में आंध्रप्रदेश से वाइल्ड डॉग्स या अन्य वन्य प्राणी लेने के प्रयास किए जाएं। इसी प्रकार राजस्थान सरकार द्वारा सोन चिरैया देने पर सहमति व्यक्त की गई है। उनसे सोन चिरैया प्राप्त कर ली जाएं। उन्होंने कहा कि वन विभाग वन्य पर्यटन का तेजी से विस्तार करे। वन पर्यटन बढ़ाने के लिए पर्यटकों के लिए सुविधाएं भी बढ़ाई जाएं। उन्हें होम-स्टे जैसे आकर्षणों के बारे में भी बताया जाए। सफारी गाड़ियों की संख्या बढ़ाने पर भी विचार किया जाए। इससे पर्यटक तेजी से जुड़ेंगे। गुरुवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में वन विभाग के कार्यों एवं गतिविधियों की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जंगल की सीमा में जनजातीय बंधुओं के देवस्थानों को समुचित तरीके से उनके रीति-रिवाजों के अनुसार ही विकसित करें। बताया गया कि इस साल 300 देवस्थान विकसित किए जाएंगे। इससे पहले 1421 देवस्थान विकसित किए जा चुके हैं। राज्य स्तरीय टास्क फोर्स के गठन को मंजूरी मुख्यमंत्री ने विभाग द्वारा राज्य टाइगर स्ट्राइक फोर्स की तर्ज पर वनों के संगठित अपराधों के सख्ती से नियंत्रण के लिए 'राज्य स्तरीय टास्क फोर्स' का गठन करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। इसी प्रकार वन एवं वन्य जीवों की सुरक्षा के लिए वन मुख्यालय स्तर पर 'कमॉण्ड एवं कन्ट्रोल रूम' की स्थापना के प्रस्ताव का भी अनुमोदन दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खनिज के परिवहन के लिए वन विभाग को 'परिवहन अनुज्ञा शुल्क' में वृद्धि करने के प्रस्ताव को भी अनुमति दी। मानव व वन्य जीव संघर्ष राज्य आपदा घोषित होगा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मानव और वन्य जीव संघर्ष को राज्य आपदा घोषित करने के प्रयास किए जाएंगे, ताकि ऐसे संघर्ष में प्रशासन, पुलिस, वन विभाग और आपदा मोचन बल मिलकर ऐसी आपदा का समुचित प्रबंधन कर सकेंगे। बैठक में प्रमुख सचिव वन संदीप यादव ने बताया कि राजस्थान से सोन चिरैया प्राप्त कर उन्हें घाटीगांव और गांधीसागर के जंगलों में छोड़ा जाएगा। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश में वर्तमान में कुल 52 चीते मौजूद हैं, इनमें से 32 चीते कूनो राष्ट्रीय उद्यान में जन्में हैं। सागर जिले के वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व को प्रदेश में चीतों के तीसरे घर के रूप में विकसित किया जा रहा है। मंदसौर जिले के गांधीसागर अभ्यारण में नर-मादा (दो) चीते जुलाई 2026 में छोड़ने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने बताया कि बाघ, चीता, तेंदुआ, भेड़िया, घड़ियाल और गिद्धों की संख्या और इनके संरक्षण के मामले में मध्यप्रदेश देश में पहले स्थान पर है। पश्चिम बंगाल से सीख रहे जंगली हाथियों का प्रबंधन प्रमुख सचिव यादव ने बताया कि प्रदेश में 5 स्थानों यथा कान्हा, बांधवगढ़, पेंच एवं पन्ना नेशनल पार्क के समीप वाइल्ड लाइफ रेस्क्यू सेंटर बनाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि जंगली हाथियों का प्रबंधन सीखने के लिए वन विभाग की एक टीम पश्चिम बंगाल गई है। केंद्र सरकार द्वारा प्रदेश की सीमा में मौजूद 6 हार्थियों रेडियो कॉलर लगाने की अनुमति दे दी गई है। प्रदेश में हाथियों के अनुरक्षण के लिए सहायक महावत के पद बढ़ाए जाएंगे। वन राजस्व भूमि सीमा विवाद के निराकरण के लिए वन व्यवस्थापन अधिकारी के पद को और अधिकार सम्पन्न बनाया जाएगा। डिंडोरी और अनूपपुर के जंगलों में साल बोरर आपदा प्रमुख सचिव यादव ने बताया कि प्रदेश के अनूपपुर एवं डिण्डौरी जिलों के जंगलों में साल बोरर आपदा देखने को मिली है। यह बीमारी 30 साल में एक बार देखने मे आती है। पिछली बार 1997 में यह बीमारी आई थी। इस आपदा के विमोचन के लिए अतिरिक्त बजट से बीमारीग्रस्त वृक्षों का विदोहन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि तेंदूपत्ता संग्रहण वर्ष 2026 में कुल 17.76 लाख मानक बोरा तेंदूपत्ता संग्रहण हुआ है। तेंदुपत्ता संग्राहकों को इस साल कुल 710.71 करोड़ रुपए की तेंदूपत्ता बोनस राशि वितरित की जाएगी। प्रमुख सचिव यादव ने बताया कि प्रदेश के 700 वन ग्रामों को राजस्व ग्राम में बदलने के लिए कार्यवाही की जा रही है।
राजधानी भोपाल में पटवारियों के तबादलों की लिस्ट सिर्फ़ 24 घंटे में ही बदल गई। इससे प्रशासनिक निर्णय पर सवाल खड़े हो गए हैं। 15 जून को जारी स्थानांतरण आदेश में जिन पटवारियों को वर्षों से एक ही तहसील में पदस्थ रहने के कारण हटाया गया था, उनमें से आधे से अधिक को अगले ही दिन राहत मिल गई। महज 24 घंटे के भीतर जारी संशोधित सूची में 46 में से 24 पटवारियों के नाम हटा दिए गए, जिससे तबादले निरस्त हो गए। कलेक्टर कार्यालय ने 15 जून को 46 पटवारियों के स्थानांतरण का आदेश जारी किया था। इनमें अधिकांश ऐसे कर्मचारी शामिल थे जो 5 से 8 वर्षों से हुजूर और कोलार तहसीलों में पदस्थ थे। कुछ पटवारी अपनी गृह तहसील में भी कार्यरत थे। लेकिन 16 जून को कैबिनेट बैठक के बाद स्थानांतरण की समयसीमा बढ़ने पर देर रात नई सूची जारी हुई, जिसमें कई नाम बाहर कर दिए गए। सूत्रों के मुताबिक संशोधित सूची में शामिल 30 पटवारियों में से बड़ी संख्या हुजूर और कोलार क्षेत्र की रही। आरोप हैं कि प्रभावशाली संपर्कों के जरिए कुछ पटवारियों ने अपने नाम सूची से हटवा लिए। स्टिंग में सामने आए नामों को भी मिली राहत संशोधित सूची से हटाए गए पटवारियों में निधि नेमा और किशोर सिंह दांगी भी शामिल हैं। दोनों नाम दो वर्ष पहले हुए एक मीडिया स्टिंग ऑपरेशन में सामने आए थे, जिसमें कथित तौर पर पैसों के लेन-देन के वीडियो सामने आए थे। वर्षों से एक ही क्षेत्र में पदस्थ थे कई पटवारी स्थानांतरण से राहत पाने वाले कई पटवारी 2015 से लेकर 2022 तक लगातार हुजूर और कोलार क्षेत्र में पदस्थ रहे हैं। इनमें सदाशिव गौंड, किशोर सिंह दांगी, नरेंद्र रैकवार, केवल सिंह कौर, रेनु पटेल, बुजकिशोर नागर, अभिषेक शर्मा, मुकुल सराठे, दीक्षा शर्मा, संदीप शर्मा, प्रियंका सिंह, सौरभ सोलंकी, प्रदीप पटेल, पूजा ठाकुर, प्रियंका दुबे, निधि नेमा और अन्य नाम शामिल हैं। राजनीतिक प्रभाव की भी चर्चा संशोधित सूची से बाहर हुए 24 पटवारियों में से 20 हुजूर तहसील और 4 कोलार क्षेत्र में पदस्थ बताए जा रहे हैं। ये दोनों क्षेत्र विधायक रामेश्वर शर्मा के विधानसभा क्षेत्र में आते हैं। वहीं बैरसिया क्षेत्र से केवल एक पटवारी का नाम हटने की जानकारी सामने आई है। इसी वजह से राजनीतिक हस्तक्षेप की चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। 20 प्रतिशत तबादला सीमा पर भी सवाल स्थानांतरण नीति के अनुसार किसी जिले में कुल कर्मचारियों के 20 प्रतिशत से अधिक तबादले नहीं किए जा सकते। भोपाल जिले में 243 पटवारी पदस्थ हैं, इसलिए अधिकतम 47 तबादले ही संभव हैं। 15 जून को 46 पटवारियों के तबादले किए गए थे। इसके बाद 16 जून को संशोधित सूची जारी होने से कुल 76 स्थानांतरण संबंधी आदेशों की स्थिति बन गई। नीति के जानकारों का कहना है कि निरस्त किए गए आदेश भी स्थानांतरण प्रक्रिया का हिस्सा माने जाते हैं, इसलिए नियमों के पालन को लेकर सवाल उठ रहे हैं। आदेश जारी करने की प्रक्रिया भी जांच के घेरे में स्थानांतरण नीति की कंडिका-42 के अनुसार सभी तबादला आदेश ई-ऑफिस प्रणाली से जारी किए जाने चाहिए। हालांकि 15 जून का मूल आदेश हस्ताक्षरित (इंक पेन) स्वरूप में जारी किया गया, जबकि 16 जून का संशोधित आदेश ई-ऑफिस के माध्यम से निकला। गौरतलब है कि संशोधित आदेश में पहले वाले आदेश को स्पष्ट रूप से निरस्त करने का उल्लेख नहीं है। सूत्रों का दावा है कि शिकायतों और लंबे समय से एक ही स्थान पर पदस्थ कर्मचारियों के नाम सूची में शामिल किए गए थे, लेकिन बाद में प्रभावशाली हस्तक्षेप के चलते कुछ नाम हटा दिए गए। अब पूरे मामले के सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) तक पहुंचने और जांच की संभावना जताई जा रही है।
विकास प्राधिकरण क्षेत्रों में जिला पंचायत से स्वीकृत नक्शों पर बने हजारों मकानों को बड़ी राहत मिली है। प्रदेश सरकार ने 1 अप्रैल 2026 तक जिला पंचायतों द्वारा स्वीकृत मानचित्रों के आधार पर बने भवनों को नियमित करने की अनुमति दे दी है। इसके लिए भवन स्वामियों को निर्धारित शमन शुल्क जमा करना होगा और पूरी प्रक्रिया 12 महीने के भीतर पूरी करनी होगी। प्रमुख सचिव आवास पी. गुरुप्रसाद की ओर से जारी शासनादेश सभी विकास प्राधिकरणों, विशेष क्षेत्र प्राधिकरणों और आवास आयुक्त को भेज दिया गया है। आदेश के बाद वर्षों से क्षेत्राधिकार विवाद में फंसे हजारों मकानों के वैध होने का रास्ता साफ हो गया है। क्यों लिया गया फैसला विकास प्राधिकरणों की अधिसूचित सीमा में जिला पंचायतों ने बड़ी संख्या में नक्शे स्वीकृत किए थे। इन नक्शों के आधार पर मकान बन चुके हैं या निर्माणाधीन हैं। दूसरी ओर, विकास प्राधिकरण इन्हें अवैध मानते हुए नोटिस और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई कर रहे थे। इसी विवाद को समाप्त करने के लिए शासन ने नियमितीकरण की व्यवस्था लागू की है। छोटे मकान मालिकों को बड़ा फायदा 200 वर्गमीटर तक के आवासीय भूखंडों पर बने मकानों को भू-उपयोग परिवर्तन शुल्क में 75 प्रतिशत की छूट मिलेगी। शासन का मानना है कि इससे मध्यम और निम्न आय वर्ग के मकान मालिकों को बड़ी राहत मिलेगी। बैक डेटिंग रोकने के निर्देश शासन ने जिला पंचायतों को निर्देश दिया है कि 1 अप्रैल 2026 तक स्वीकृत सभी मानचित्रों की प्रमाणित सूची 15 दिनों के भीतर संबंधित विकास प्राधिकरण और शासन को उपलब्ध कराई जाए। इससे कट-ऑफ डेट के बाद की बैक डेटिंग पर रोक लग सकेगी। यह आदेश सभी मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों, विकास प्राधिकरणों के उपाध्यक्षों और विशेष क्षेत्र प्राधिकरणों के अध्यक्षों को भी भेजा गया है। शासन का दावा है कि इससे लंबे समय से लंबित हजारों भवनों के नियमितीकरण की प्रक्रिया तेज होगी। तीन श्रेणियों में होगा नियमितीकरण शासनादेश के अनुसार जिला पंचायत से स्वीकृत भवनों को तीन श्रेणियों में नियमित किया जाएगा। महायोजना के अनुरूप बने भवनों को प्राधिकरण सीधे वैध मानेगा। महायोजना के विपरीत बने भवनों को जोनिंग रेगुलेशन के अनुसार शमन शुल्क लेकर नियमित किया जाएगा। भू-उपयोग परिवर्तन वाले मामलों में निर्धारित शुल्क जमा कर नियमितीकरण होगा। इन निर्माणों को नहीं मिलेगी राहत सरकार ने स्पष्ट किया है कि कुछ श्रेणियों के निर्माण किसी भी स्थिति में नियमित नहीं किए जाएंगे। जलाशयों, महायोजना मार्गों और सरकारी भूमि पर बने निर्माण। ग्रीन बेल्ट, पार्क और खुले क्षेत्र के लिए आरक्षित भूमि पर निजी उपयोग के लिए बनाए गए आवासीय भवन। हालांकि कुछ मामलों में समतुल्य भूमि आरक्षित किए जाने पर प्राधिकरण स्तर पर विचार किया जा सकेगा।
लखनऊ में प्रेरणाकृति फाउंडेशन द्वारा आयोजित 10 दिवसीय कथक कार्यशाला का समापन हो गया। यह कार्यशाला सामुदायिक केंद्र, मनकामेश्वर वार्ड, डालीगंज में आयोजित की गई थी। इसमें 22 बच्चों ने भाग लिया, जिन्हें कथक प्रशिक्षिका प्रिया कश्यप ने प्रशिक्षण दिया। समापन समारोह के मुख्य अतिथि पार्षद रंजीत सिंह थे। इस अवसर पर बच्चों ने गुरु वंदना, हस्तक, तत्कार, तोड़े-टुकड़े, तिहाई और कवित्त सहित विभिन्न कथक प्रस्तुतियां दीं। दर्शकों ने इन प्रस्तुतियों की सराहना की। सरगम पर आधारित एक आकर्षक कथक प्रस्तुति दी कथक प्रशिक्षिका प्रिया कश्यप ने भी सरगम पर आधारित एक आकर्षक कथक प्रस्तुति दी। उन्होंने बच्चों को नियमित अभ्यास करने और भारतीय शास्त्रीय नृत्य से जुड़े रहने के लिए प्रोत्साहित किया। मुख्य अतिथि रंजीत सिंह ने कहा कि भारतीय कला और संस्कृति के प्रति बच्चों की रुचि बढ़ाने के लिए ऐसी कार्यशालाएं नियमित रूप से आयोजित की जानी चाहिए। उन्होंने भविष्य में भी ऐसे आयोजनों को हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन दिया। बच्चों और युवाओं को इससे जोड़ने का प्रयास प्रेरणाकृति फाउंडेशन के निदेशक अर्जुन सिंह ने बताया कि संस्था कला और संस्कृति के संरक्षण, संवर्धन तथा प्रचार-प्रसार के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक बच्चों और युवाओं को इससे जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।समारोह में सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र दिए गए। कथक प्रशिक्षिका प्रिया कश्यप को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में रमा राठौर और हुमायरा खातून के विशेष सहयोग की सराहना की गई। अंत में अतिथियों, अभिभावकों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया गया।
मैनपुरी के कुरावली थाना क्षेत्र में पुरानी रंजिश के चलते एक युवक और उसके परिजनों पर धारदार हथियारों से हमला किया गया। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर छह नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ग्राम खिरना खुर्द निवासी कर्मवीर सिंह पुत्र लल्लू सिंह सोलंकी ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि 17 जून की रात करीब नौ बजे वह जिम से लौटकर अपने गांव जा रहा था। बकरी मंडी के पास पहले से घात लगाकर बैठे छह लोगों ने उसे रोका। आरोपियों ने उसकी बाइक की चाबी छीन ली और पुरानी रंजिश के चलते धारदार हथियारों व सरिया से हमला कर दिया। इस हमले में कर्मवीर के सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आईं। कर्मवीर किसी तरह अपनी जान बचाकर भागा। इसी दौरान उसका भाई विपुल और भतीजा विजय, जो बाजार में किसी काम से आए थे, उसे घायल अवस्था में देखकर बचाने पहुंचे। आरोप है कि हमलावरों ने उन दोनों पर भी धारदार हथियारों और सरिया से हमला किया, जिससे उन्हें भी गंभीर चोटें लगीं। तहरीर के अनुसार, हमलावर विपुल को घसीटते हुए अपने घर की ओर ले जाने लगे। तभी मौके पर लोगों की भीड़ जमा होने लगी, जिसे देखकर आरोपी उसे छोड़कर भाग गए। जाते समय आरोपियों ने गाली-गलौज की, जान से मारने की धमकी दी और हवाई फायरिंग भी की। पीड़ित ने घटना की सूचना पुलिस को दी और कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए छह नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। इनमें नगला ऊसर निवासी सुभाष पुत्र बाबूराम बहेलिया, अंकित, लव और विष्णु पुत्रगण सुभाष बहेलिया, तथा मोहल्ला कानूनगोयान, कुरावली निवासी करन सैनी और अंकित सैनी पुत्रगण रमाशंकर शामिल हैं। थाना प्रभारी निरीक्षक ललित भाटी ने बताया कि सभी घायलों का मेडिकल कराया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए छह नामजद आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है और आगे की जांच जारी है।
ग्वालियर में वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई के 168वें बलिदान दिवस पर 27वां बलिदान मेला आयोजित किया गया। लक्ष्मीबाई समाधि स्थल के सामने हुए इस कार्यक्रम में हजारों शहरवासी शामिल हुए। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं वित्त-वाणिज्यकर मंत्री जगदीश देवड़ा मुख्य अतिथि थे, जबकि बलिदान मेला आयोजन समिति के संस्थापक अध्यक्ष जयभान सिंह पवैया ने अध्यक्षता की। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर सहित कई जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे। इस अवसर पर महान क्रांतिकारी अमर शहीद सुखदेव के वंशज अनुज थापर को 'क्रांतिवीर परिजन सम्मान' से नवाजा गया। इसके अतिरिक्त, भिंड जिले के शौर्य चक्र सम्मानित शहीद अनूप कुमार शर्मा के माता-पिता, राजेंद्री शर्मा और रामशंकर शर्मा को भी विशेष सम्मान प्रदान किया गया। शहीद अनूप कुमार शर्मा ने देश की रक्षा करते हुए चार आतंकियों को मार गिराया था। दो तस्वीरें देखिए उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने अपने संबोधन में कहा कि महारानी लक्ष्मीबाई ने भारत माता के सम्मान और स्वाभिमान की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी थी। उन्होंने ग्वालियर में आयोजित इस बलिदान मेले को नई पीढ़ी को राष्ट्रभक्ति और बलिदान की प्रेरणा देने वाला आयोजन बताया। देवड़ा ने 'खूब लड़ी मर्दानी' महानाट्य की प्रस्तुति की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे भव्य मंचन को प्रदेश के अन्य जिला मुख्यालयों में भी आयोजित करने का प्रयास किया जाएगा। इसके लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से चर्चा कर एक व्यापक योजना बनाई जाएगी, ताकि युवा पीढ़ी रानी लक्ष्मीबाई के जीवन और उनके संघर्ष से परिचित हो सके। उप मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि वर्ष 1857 में रानी लक्ष्मीबाई ने अंग्रेजों को कड़ी चुनौती देते हुए ग्वालियर पर शासन किया और अंततः देश की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। उनका जीवन साहस, स्वाभिमान और राष्ट्र प्रेम का सर्वोच्च उदाहरण है।
कानपुर के चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में गुरुवार को प्राकृतिक खेती पर कार्यशाला के बाद एचबीटीयू के उद्योग सभागार में लोक निर्माण विभाग के अफसरों व जनप्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक की। सीएम ने साफ तौर पर कहा कि जनप्रतिनिधियों के कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर कार्ययोजना में शामिल किया जाए। जनहित से जुड़ी परियोजनाओं को जल्द स्वीकृति देकर समयबद्ध तरीके से पूरा कराया जाए। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि विकास कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस दौरान सीएम के सामने विभागीय अफसरों ने मंडल के छह जिलों की 11,724 करोड़ रुपए लागत की 1,374 परियोजनाओं के प्रस्ताव को हरी झंडी दी। जनप्रतिनिधियों के काम को मिलेगा प्राथमिकता मुख्यमंत्री ने कहा कि जनप्रतिनिधियों को अपने क्षेत्रों की जरूरतों की सबसे अधिक जानकारी होती है। इसलिए उनके सुझावों और प्रस्तावों को प्राथमिकता से संकलित कर शासन को भेजा जाए, ताकि आवश्यक स्वीकृतियां देकर कार्य जल्द शुरू कराए जा सकें। उन्होंने अधिकारियों को मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना, राज्य राजमार्ग, सेतु, आरओबी-आरयूबी, फ्लाईओवर, सड़क सुरक्षा और धार्मिक स्थलों को जोड़ने वाले संपर्क मार्गों से जुड़े प्रस्तावों पर तेजी से कार्रवाई करने के निर्देश दिए। सड़कें क्षतिग्रस्त करने वालों से होगी वसूली मुख्यमंत्री ने कहा कि लोक निर्माण विभाग की सड़कों को नुकसान पहुंचाने वाले व्यक्तियों या संस्थाओं से नियमानुसार क्षतिपूर्ति की वसूली की जाए। सड़क निर्माण की गुणवत्ता और उपयोगिता बनाए रखने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। टेंडर होने के बाद भी काम नहीं करने वाली फर्मों पर होगा एक्शन बैठक में पिछले वित्तीय वर्ष की परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2025-26 में 5,497 करोड़ रुपए की लागत वाली 2,301 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई थी। इनमें से 1,242 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जबकि शेष पर कार्य चल रहा है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जिन परियोजनाओं में निविदा प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी कार्य शुरू नहीं हुआ है, वहां संबंधित फर्मों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। जरूरत पड़ने पर उन्हें ब्लैकलिस्ट किया जाए और एफआईआर भी दर्ज कराई जाए। बैठक में मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, राकेश सचान, असीम अरुण, अजीत पाल, प्रतिभा शुक्ला, कैलाश सिंह राजपूत, सांसद रमेश अवस्थी तथा क्षेत्रीय विधायक और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। कानपुर मंडल से आए प्रस्ताव
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) कोटा ने पुलिस लाइन के कांस्टेबल हरिओम को 7 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ ट्रेप किया है। आरोपी कांस्टेबल हरिओम की उद्योग नगर थाने में ड्यूटी (चेतक ड्राइवर) लगी है। कांस्टेबल, थाने पेश शिकायत में समझौता करवाने, कार्रवाई रोकने,मामले को रफा-दफा करने की एवज में परिवादी से 15000 रिश्वत की डिमांड कर रहा था। 5 हजार पहले ले चुका था। एसीबी की टीम ने गुरुवार रात साढ़े 10 बजे उद्योग नगर थाने में ट्रैप की कार्रवाई की। एसीबी की कार्रवाई के बाद थाने में हड़कंप मच गया। एडिशनल एसपी एसीबी विजय स्वर्णकार ने बताया-परिवादी ने एसीबी भी चौकी में शिकायत दी थी। शिकायत में बताया कि उनके कॉलोनी में नाबालिग बेटे का किसी के साथ झगड़ा हुआ था। बेटे के खिलाफ किसी ने थाने में शिकायत दी थी। शिकायत में कार्रवाई रोकने,समझौता करवाने,मामले को रफा-दफा करने की एवज में आरोपी कांस्टेबल हरिओम रिश्वत की डिमांड कर रहा था। 5 हजार रूपए पहले ले चुका था। बाकी की रकम के लिए दबाव बना रहा था। शिकायत सत्यापन में रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई।सत्यापन के दौरान आरोपी हरिओम, परिवादी से 8000 रिश्वत लेने पर राजी हुआ।जिसके बाद गुरुवार रात को एसीबी ने ट्रेप की कार्रवाई की। आरोपी कांस्टेबल हरिओम ने थाने के बाहर परिवादी से 7000 की रिश्वत ली। इधर इशारा मिलते ही एसीबी ने आरोपी कांस्टेबल को पकड़ लिया। फिलहाल कार्रवाई जारी है।
सोनभद्र में गुरुवार शाम मौसम ने अचानक करवट ली। बभनी, रॉबर्ट्सगंज, चोपन, ओबरा, नगवा और चतरा ब्लॉक समेत कई क्षेत्रों में तेज हवाओं, गरज-चमक और बारिश ने लोगों को उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत दिलाई। पिछले दो दिनों से तेज धूप और बढ़ी नमी के कारण लोग बेहाल थे, लेकिन शाम की बारिश के बाद मौसम सुहाना हो गया। दोपहर तक उमस से लोग रहे परेशान बभनी क्षेत्र में सुबह से ही तेज धूप और उमस का असर देखने को मिला। दोपहर तक लोग पसीने से तरबतर रहे और जरूरी काम से ही घरों से बाहर निकले। शाम होते-होते आसमान में काले बादल छा गए और तेज हवाओं के साथ गरज-चमक शुरू हो गई। कुछ ही देर बाद बारिश शुरू हो गई, जो करीब आधे घंटे तक रुक-रुककर होती रही। इससे वातावरण में ठंडक घुल गई और लोगों को राहत मिली। कई गांवों में अच्छी बारिश बभनी ब्लॉक के असनहर, संवरा, डूभा, चपकी, चकचपकी, पोखरा, आसनडीह और करकच्छी सहित कई गांवों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। किसानों ने भी बारिश को खरीफ फसलों के लिए लाभदायक बताया। 60 किमी प्रतिघंटा तक चली हवाएं रॉबर्ट्सगंज और आसपास के क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। कई स्थानों पर हवाओं की गति 50 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा तक दर्ज की गई। चोपन क्षेत्र में बारिश के कारण कुछ समय के लिए जनजीवन प्रभावित रहा। सड़क किनारे सब्जी, चाट और अन्य सामान बेचने वाले दुकानदार ग्राहकों का इंतजार करते रहे, जबकि राहगीरों ने बारिश से बचने के लिए होटलों और अन्य सुरक्षित स्थानों में शरण ली। ओबरा में बिजली आपूर्ति प्रभावित ओबरा क्षेत्र में तेज हवाओं के कारण कई स्थानों पर बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। सुरक्षा की दृष्टि से बिजली विभाग ने कुछ क्षेत्रों की सप्लाई अस्थायी रूप से बंद कर दी। हवा शांत होने के बाद विभागीय कर्मचारी लाइनों और केबलों की जांच व मरम्मत में जुट गए। तापमान में आई गिरावट मौसम विभाग के अनुसार बारिश से पहले जिले का न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। बारिश के बाद तापमान में 5 से 7 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आई और यह 30 से 32 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच गया। मौसम विभाग ने रात में भी गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई है। विभाग का अनुमान है कि अगले कुछ घंटों तक मौसम इसी तरह बना रह सकता है, जिससे लोगों को गर्मी और उमस से और राहत मिलेगी।
जबलपुर में UCC समिति की अहम बैठक:जैन परंपराओं, आदिवासी अधिकारों और लिव-इन पर लोगों ने दिए अहम सुझाव
जबलपुर के भंवरताल स्थित संस्कृति थिएटर में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के मसौदा नियमों को लेकर उच्च स्तरीय समिति की जनसंवाद बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य आम नागरिकों, कानूनविदों, बुद्धिजीवियों और विभिन्न समुदायों के प्रतिनिधियों से सुझाव एवं आपत्तियां प्राप्त करना था। कार्यक्रम में शहर के प्रबुद्धजन, वरिष्ठ नागरिक और सभी धर्मों के प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक में बरगी से भाजपा विधायक नीरज सिंह ने लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाली महिलाओं के अधिकारों की सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए कहा कि विवाद की स्थिति में महिलाओं को स्पष्ट कानूनी संरक्षण मिलना चाहिए, ताकि उनका शोषण रोका जा सके। कैंट विधायक अशोक रोहानी ने सुझाव दिया कि देश की बड़ी युवा आबादी को देखते हुए सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं की राय भी यूसीसी में शामिल की जानी चाहिए। कांग्रेस नेता अनुराग जैन ने जैन धर्म की परंपराओं और संतों की चर्या पर यूसीसी के संभावित प्रभाव को लेकर सवाल उठाए। इस पर समिति ने स्पष्ट किया कि किसी भी धर्म की मूल धार्मिक मान्यताओं से कोई छेड़छाड़ नहीं की जाएगी। वहीं पूर्व विधायक संजय यादव ने आदिवासी समाज के जल, जंगल और जमीन से जुड़े अधिकारों तथा पंचायत स्तर पर उनके पारंपरिक अधिकारों पर कानून के प्रभाव को लेकर जानकारी मांगी।
लखनऊ में बिना रजिस्ट्रेशन नंबर और नंबर प्लेट के ई-रिक्शा व ऑटो की डिलीवरी और संचालन को ट्रैफिक पुलिस ने गंभीरता से लिया है। इस मामले में डीसीपी ट्रैफिक रवीना त्यागी ने संभागीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ) लखनऊ को पत्र भेजकर नियमानुसार कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। शुरुआती जांच में तीन ऐसे डीलर और केंद्र चिन्हित किए गए हैं, जिन पर रजिस्ट्रेशन नंबर जारी होने से पहले ही वाहन बेचने और डिलीवरी करने का आरोप है। यातायात पुलिस के मुताबिक, इन मामलों में खरीद रसीदों के साथ बिना नंबर प्लेट के सार्वजनिक सड़कों पर चल रहे वाहनों के फोटो साक्ष्य भी सामने आए हैं। पुलिस का कहना है कि बिना पंजीकरण और नंबर प्लेट वाले वाहन सड़क सुरक्षा के साथ-साथ दुर्घटना जांच और अपराध नियंत्रण के लिए भी बड़ी चुनौती हैं। ऐसे वाहनों की पहचान करना मुश्किल होता है, जिससे हादसे या अपराध की स्थिति में वाहन, चालक और मालिक तक पहुंचने में दिक्कत आती है। ट्रेसिंग भी कठिन होती थी पुलिस के अनुसार, बिना नंबर प्लेट वाले वाहन रेड लाइट जंपिंग, गलत दिशा में चलने, अवैध पार्किंग और ओवरलोडिंग जैसे यातायात उल्लंघनों में शामिल होने के बावजूद आसानी से चिह्नित नहीं हो पाते। वहीं, आपराधिक गतिविधियों में इस्तेमाल होने पर इनकी ट्रेसिंग भी कठिन हो जाती है। डीसीपी ट्रैफिक रवीना त्यागी ने बताया कि प्रथम चरण में तीन ऐसे केंद्र और डीलर चिन्हित किए गए हैं। इस संबंध में आरटीओ को आवश्यक कार्रवाई के लिए पत्र भेजा गया है। उन्होंने कहा कि यातायात पुलिस ऐसे वाहनों के खिलाफ कार्रवाई के साथ उनके स्रोत की भी जांच करा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि बिना पंजीकरण और नंबर प्लेट के वाहन सड़कों पर कैसे पहुंच रहे हैं। जरूरत पड़ने पर संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
रायबरेली के मिल एरिया थाना क्षेत्र में गुरुवार रात बदमाशों ने एक सर्राफा व्यापारी को गोली मारकर करीब 7 लाख रुपए के जेवरात लूट लिए। वारदात लखनऊ-प्रयागराज राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुई। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। घायल व्यापारी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई है। जानकारी के अनुसार, अंबेडकर नगर मोहल्ला निवासी रमन सोनी (28) रतापुर चौराहे के पास ज्वेलरी की दुकान संचालित करते हैं। गुरुवार रात करीब 9 बजे वह दुकान बंद कर जेवरात से भरा बैग लेकर घर लौट रहे थे। विरोध करने पर पैर में मारी गोली बताया जा रहा है कि छजलापुर के पास हाईवे पर पहले से घात लगाए बैठे तीन बदमाशों ने उन्हें रोक लिया। जब रमन ने विरोध किया तो बदमाशों ने उनके पैर में गोली मार दी। गोली लगते ही वह सड़क पर गिर पड़े। इसके बाद बदमाश उनके पास मौजूद जेवरात से भरा बैग लेकर मोटरसाइकिल से फरार हो गए। पीड़ित व्यापारी के मुताबिक बैग में करीब 7 लाख रुपये मूल्य के जेवरात रखे हुए थे। घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों ने घायल व्यापारी को संभाला और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने रमन को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका उपचार चल रहा है। पुलिस ने गठित की टीमें घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया। पुलिस अधीक्षक रवि कुमार ने बताया कि सर्राफा व्यवसायी के साथ लूट और गोली मारने की घटना सामने आई है। उन्होंने कहा कि बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें गठित की गई हैं। आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और मामले की जांच जारी है।
बिहार सरकार के गृह विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के तहत औरंगाबाद को नया पुलिस अधीक्षक (एसपी) मिल गया है। वर्तमान में बांका के एसपी के रूप में कार्यरत आईपीएस अधिकारी उपेंद्र नाथ वर्मा को औरंगाबाद का नया पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया है। वर्तमान एसपी अंबरीश राहुल का तबादला कर उन्हें बिहार पुलिस अकादमी, राजगीर में सहायक निदेशक के पद पर पदस्थापित किया गया है। उपेंद्र नाथ वर्मा साल 2013 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी हैं। वे इससे पहले बांका के पुलिस अधीक्षक के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था के बेहतर संचालन और पुलिसिंग में तकनीक के उपयोग पर विशेष जोर दिया। बांका में उनके नेतृत्व में कई महत्वपूर्ण अभियानों को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया और पुलिस-आम जनता के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की दिशा में उल्लेखनीय प्रयास किए गए। नए एसपी के रूप में उपेंद्र नाथ वर्मा ऐसे समय में औरंगाबाद की कमान संभालेंगे, जब जिले में कानून-व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने, साइबर अपराधों पर नियंत्रण, शराबबंदी कानून के प्रभावी अनुपालन और आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने जैसी चुनौतियां मौजूद हैं। प्रशासनिक हलकों में उनकी पहचान एक अनुशासित, संवेदनशील और परिणामोन्मुख अधिकारी के रूप में रही है। बिहार पुलिस अकादमी के सहायक निदेशक बनाए गए अंबरीश राहुल अंबरीश राहुल के कार्यकाल में औरंगाबाद पुलिस ने कई उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कीं। अपराध नियंत्रण, फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी, शराब तस्करी के खिलाफ अभियान और जनसहभागिता आधारित पुलिसिंग को लेकर उनकी कार्यशैली की सराहना की गई। अब उन्हें बिहार पुलिस अकादमी, राजगीर में सहायक निदेशक की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जहां वे पुलिस अधिकारियों और कर्मियों के प्रशिक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण दायित्व निभाएंगे।गृह विभाग के इस आदेश के बाद जिले के प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। लोगों को उम्मीद है कि नए एसपी उपेंद्र नाथ वर्मा के नेतृत्व में औरंगाबाद में कानून-व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी। साथ ही अपराध नियंत्रण को लेकर प्रभावी और परिणामकारी पहल देखने को मिलेगी। जल्द ही उनके पदभार ग्रहण करने की संभावना है।
बिहार में गुरुवार को बड़े पैमाने पर प्रशासनिक फेरबदल हुआ है। बिहार सरकार ने 50 IAS-IPS अधिकारियों के तबादले किए हैं। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष पद से आनंद किशोर हटाए गए हैं। त्यागराजन को बिहार विद्यालय परीक्षा समिति का नया अध्यक्ष बनाया गया है। 2018 से लगातार आनंद किशोर बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष पद पर अपनी सेवा दे रहे थे। ठेकेदार रिशुश्री मामले में इनका नाम सामने आया था। आनंद किशोर को नीतीश कुमार का करीबी अधिकारी माना जाता है। Ed की रिपोर्ट के मुताबिक, टेंडर घोटाले की जांच में मुमुक्षु चौधरी ने बताया था कि 25 लाख रुपए देकर आनंद किशोर ने उन्हें नगर आयुक्त बनाया गया था। पटना के डीएम भी बदले गए हैं। त्यागराजन एसएम की जगह कुंदन कुमार को पटना का नया डीएम बनाया गया है। इसके अलावे 27 IPS और 2 BPS अधिकारियों का तबादला हुआ है। इनमें दो का प्रमोशन हुआ है। 10 जिलों में नए DM की लिस्ट यहां देखें… नालंदा: उदिता सिंह मुजफ्फरपुर: कुमार गौरव जहानाबाद: छिरिड वाई. भूटिया भागलपुर: अलंकृता पांडेय गोपालगंज: समीर सौरभ पूर्वी चंपारण (मोतिहारी): सौरभ सुमन यादव बांका: अंशुल अग्रवाल किशनगंज: नवीन कुमार खगड़िया: विक्रम विरकर रोहतास (सासाराम): दीपक कुमार मिश्रा अल्पसंख्यक कल्याण और संसदीय कार्य विभाग में सचिव बदले गए अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के प्रधान सचिव रॉबर्ट एल. चोंग्यू को संसदीय कार्य विभाग का प्रधान सचिव बनाया गया है। वहीं मो. सोहैल को अल्पसंख्यक कल्याण विभाग का सचिव बनाया गया है। वे सामान्य प्रशासन विभाग और जांच आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार भी संभालेंगे। मद्य निषेध के बदले गए सचिव खगड़िया के डीएम नवीन कुमार को मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग में विशेष सचिव बनाया गया है। उन्हें सूचना एवं जनसंपर्क विभाग और बिहार स्टेट बिवरेजेज कॉरपोरेशन का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। डॉ. प्रीति को आईसीडीएस की निदेशक बनाया गया है। उन्हें सामाजिक सुरक्षा निदेशालय का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। वहीं चंद्रिमा अत्री को समाज कल्याण विभाग की निदेशक नियुक्त किया गया है। जानिए किस IPS अधिकारी को कहां मिली जिम्मेदारी कुमार गौतम को बेतिया का SP बनाया गया है। उपेन्द्र नाथ वर्मा को औरंगाबाद जिले की कमान सौंपी गई है। खगड़िया के SP राकेश कुमार को BSAP-5 का कमांडेंट बनाया गया है। कैमूर के SP हरिमोहन शुक्ला को BSAP-7 का कमांडेंट बनाया गया है। शेखपुरा के SP बलिराम कुमार चौधरी को स्पेशल ब्रांच में पुलिस अधीक्षक (सुरक्षा) की जिम्मेदारी दी गई है। अमितेश कुमार को बांका का नया SP बनाया गया है। बेतिया SP शौर्य सुमन को पूर्णिया की जिम्मेदारी दी गई है। औरंगाबाद के पुलिस कप्तान अम्बरीष राहुल को बिहार पुलिस अकादमी राजगीर का सहायक निदेशक बनाया गया है। सहरसा के SP हिमांशु का ट्रांसफर शेखपुरा किया गया है। बगहा के SP रामानंद कौशल का ट्रांसफर CID में SP (C) बनाया गया है। पटना के सिटी SP(वेस्ट) हटाए गए पटना के सिटी SP (वेस्ट) भानू प्रताप सिंह को खगड़िया का नया SP बनाया गया है। पटना के ही सिटी SP (ईस्ट) परिचय कुमार को कटिहार जिले की जिम्मेदारी दी गई है। गया के सिटी SP कोटा किरण कुमार को जहानाबाद का नया SP बनाया गया है। भागलपुर के सिटी SP शैलेन्द्र कुमार सिंह को शिवहर का SP बनाया गया है। शैलजा को नालंदा के हिलसा में SDPO-1 थीं, वो अब पटना की सिटी SP ईस्ट होंगी। तारापुर में SDPO रहे संकेत कुमार को पटना के सिटी SP वेस्ट बनाया गया है। अतुलेश झा को भागलपुर का नया सिटी SP बनाया गया है। पटना सदर के SDPO-1 अभिनव को गया में सिटी की जिम्मेदारी दी गई है। दिव्यांजली जायसवाल को गया का ग्रामीण SP बनाया गया है। साक्षी कुमारी को दरभंगा ग्रामीण की कमान सौंपी गई है। वहीं ममता कल्याणी पटना सेंट्रल की सिटी SP होंगी।
विश्व सिकल सेल दिवस (19 जून) के उपलक्ष्य में इंदौर स्थित श्रीमती कमलाबेन रावजीभाई पटेल गुजराती होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज में गुरुवार को जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रथम वर्ष बीएचएमएस के विद्यार्थियों को सिकल सेल एनीमिया के प्रति जागरूक करते हुए शपथ दिलाई गई कि वे स्वयं विवाह पूर्व सिकल सेल जांच कराएंगे और कम से कम 10 अन्य लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करेंगे। श्री गुजराती समाज, इंदौर द्वारा संचालित महाविद्यालय के फिजियोलॉजी विभाग के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम का संचालन विभागाध्यक्ष एवं प्रोफेसर डॉ. ए.के. द्विवेदी ने किया। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि सिकल सेल एनीमिया एक गंभीर आनुवंशिक रक्त विकार है, जिसे समय पर जांच, आनुवंशिक परामर्श और जन-जागरूकता के माध्यम से काफी हद तक रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि यदि विवाह से पहले सिकल सेल वाहकों (कैरियर्स) की पहचान कर ली जाए तो आने वाली पीढ़ियों को इस बीमारी से बचाया जा सकता है। डॉ. द्विवेदी ने बताया कि वे पिछले 29 वर्षों से शरीर क्रिया विज्ञान (फिजियोलॉजी) विषय में रक्त एवं रक्त संबंधी रोगों का अध्यापन कर रहे हैं और समाज में एनीमिया तथा अन्य रक्त विकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए विभिन्न अभियान संचालित करते रहे हैं। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को सिकल सेल एनीमिया, थैलेसीमिया और रक्ताल्पता जैसी समस्याओं के प्रति जागरूक होना आवश्यक है। तभी देश एनीमिया मुक्त भारत-2047 और सिकल सेल मुक्त भारत-2047 के लक्ष्य को प्राप्त कर सकेगा। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि सिकल सेल एनीमिया हीमोग्लोबिन जीन में परिवर्तन के कारण होने वाला आनुवंशिक रोग है, जिसमें लाल रक्त कणिकाएं सामान्य गोल आकार के बजाय हंसिया (सिकल) के आकार की हो जाती हैं। इससे शरीर में ऑक्सीजन का संचार प्रभावित होता है और रोगी को एनीमिया, कमजोरी, बार-बार संक्रमण, तीव्र दर्द तथा विभिन्न अंगों से जुड़ी जटिलताओं का सामना करना पड़ सकता है। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को संदेश दिया गया कि अपनी स्थिति जानें, विवाह से पूर्व सिकल सेल जांच कराएं और आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित बनाएं। उपस्थित विद्यार्थियों ने सिकल सेल मुक्त भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों, फिजियोलॉजी विभाग के शिक्षकों एवं अन्य कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की और जन-जागरूकता अभियान को समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंचाने का संकल्प व्यक्त किया।
सीतापुर के हरगांव थाना क्षेत्र के बंशीपुरवा गांव में हरियाणा की रोहतक जेल में बंद कैदी बहन की शादी में शामिल होने के लिए पुलिस कस्टडी में गांव पहुंचा। कैदी को न्यायालय से 48 घंटे की सीमित अवधि की अनुमति मिलने के बाद कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच उसके घर लाया गया, जहां उसने परिवार के साथ शादी की रस्मों में हिस्सा लिया। बंशीपुरवा निवासी धर्मेंद्र उर्फ बनवारी पिछले करीब चार वर्षों से हरियाणा की रोहतक जेल में बंद है। उसे एक गंभीर मामले में न्यायालय द्वारा सजा सुनाई गई है। परिवार में उसकी बहन लक्ष्मी की शादी 19 जून को निर्धारित है। बहन की शादी में शामिल होने की अनुमति मिलने पर धर्मेंद्र को पुलिस अभिरक्षा में गांव लाया गया। बृहस्पतिवार शाम करीब 6 बजे धर्मेंद्र हथकड़ी लगाए हुए अपने घर पहुंचा, जहां परिजन उसे देखकर भावुक हो उठे। बहन की शादी की तैयारियों के बीच भाई की मौजूदगी परिवार के लिए खुशी और भावनाओं से भरा पल बन गई। हालांकि पूरे समय वह पुलिस निगरानी में रहा। पुलिस सूत्रों के अनुसार धर्मेंद्र को शादी समारोह में शामिल होने के लिए दो दिनों की अनुमति दी गई है। सुरक्षा कारणों को देखते हुए उसके साथ हरियाणा की रोहतक पुलिस के जवान मौजूद रहे। स्थानीय स्तर पर हरगांव पुलिस भी सुरक्षा व्यवस्था में तैनात रही और पूरे कार्यक्रम पर नजर रखी गई। बताया गया कि धर्मेंद्र को शादी की मुख्य रस्मों में शामिल होने का अवसर दिया गया है, लेकिन निर्धारित समय पूरा होने से पहले ही उसे वापस जेल ले जाया जाएगा। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि न्यायालय के आदेशों और सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन किया जा रहा है। गांव में यह घटना चर्चा का विषय बनी रही। एक ओर बहन की शादी की खुशियां थीं तो दूसरी ओर भाई का हथकड़ियों में घर पहुंचना परिवार और ग्रामीणों के लिए भावुक क्षण साबित हुआ।
लखनऊ में महात्मा गांधी की प्रेरणा से स्थापित ऐतिहासिक 'चुटकी भंडार गर्ल्स इंटर स्कूल' के दो दर्जन से अधिक शिक्षकों और कर्मचारियों का मई माह का वेतन जल्द जारी होगा। DIOS ने स्कूल प्रबंधक को शिक्षक और कर्मियों के वेतन का बिल भेजने के निर्देश दिये हैं। बीते महीने हाईकोर्ट के आदेश के बाद स्कूल की जर्जर इमारत को सील दिया गया था। शिक्षकों व कर्मियों को अभी तक मई महीने का वेतन नहीं मिला है। जबकि दूसरे स्कूलों का वेतन जारी कर दिया गया है। शिक्षक संघ ने लगाई थी गुहार DIOS देवेन्द्र कुमार ने बताया कि स्कूल में प्रधानाचार्यों के बीच चल रहे विवाद का निस्तारण कर दिया गया। स्कूल प्रबंधक बात कर शिक्षकों व कर्मियों के मई महीने का वेतन बिल मांगा गया है। DIOS कार्यालय को बिल मिलते ही भुगतान कराया जाएगा। उप्र. माध्यमिक शिक्षक संघ एकजुट के प्रदेश अध्यक्ष सोहनलाल वर्मा के नेतृत्व में शिक्षकों ने DIOS से वेतन भुगतान की गुहार लगाई थी। इसके बाद DIOS ने मामले का गंभीरता लिया।
उत्तर-पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल में तत्काल टिकट के दुरुपयोग का मामला सामने आया है। देखने में टिकट पूरी तरह असली लग रहा था। उस पर यात्रा का पूरा विवरण, श्रेणी और पीएनआर संख्या भी दर्ज थी, लेकिन जांच में यह सामने आया कि टिकट रेलवे का अधिकृत दस्तावेज नहीं था, बल्कि नकली पीआरएस स्टेशनरी पर तैयार किया गया जाली टिकट था। उत्तर-पश्चिम रेलवे के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक हितेश यादव ने बताया- यह मामला फलोदी पीआरएस काउंटर से जारी किए गए तत्काल टिकट से जुड़ा है। टिकट ट्रेन संख्या 15067 गोरखपुर-बांद्रा टर्मिनस वीकली स्पेशल में बरहनी से बांद्रा टर्मिनस तक थ्री एसी श्रेणी के लिए पीएनआर संख्या 2519682268 पर जारी दर्शाया गया था। समय और दूरी ने बढ़ाया शक जांच के दौरान एक महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया, जिसने पूरे मामले पर संदेह पैदा कर दिया। टिकट फलोदी पीआरएस से 16 जून को सुबह 10 बजे जारी किया गया था, जबकि यात्रा बरहनी स्टेशन से 17 जून को सुबह 7:15 बजे प्रस्तावित थी। इतनी कम अवधि में फलोदी से जारी मूल टिकट का भौतिक रूप से बरहनी स्टेशन तक पहुंचना संभव नहीं था। इसी असामान्यता के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया गया। जैसे-जैसे सत्यापन प्रक्रिया आगे बढ़ी, यह स्पष्ट हुआ कि टिकट पर दर्ज यात्रा विवरण रेलवे रिकॉर्ड से मेल खा रहा था, लेकिन जिस पीआरएस स्टेशनरी पर टिकट तैयार किया गया था, वह अधिकृत नहीं थी। इसका अर्थ यह निकला कि वास्तविक डेटा का उपयोग कर फर्जी दस्तावेज तैयार किया गया था। जांच में खुलासा और कार्रवाई मामले का खुलासा तब हुआ जब जैसलमेर के वाणिज्य निरीक्षक मानका राम परिहार ने फलोदी स्टेशन पर टिकट जांच के दौरान प्रारंभिक स्टेशन की दूरी को लेकर संदेह जताया। इसके बाद विशेष सत्यापन के निर्देश दिए गए और टिकट जांच दल द्वारा विस्तृत जांच की गई। कार्रवाई के दौरान संबंधित चार यात्रियों से वैध टिकट प्रस्तुत करने को कहा गया,लेकिन वे मूल और अधिकृत टिकट प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद उन्हें रेलवे नियमों के तहत कुल 9,440 रुपये की वसूली की गई। बढ़ेगी निगरानी व्यवस्था रेलवे प्रशासन ने ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए सभी पीआरएस केंद्रों पर विशेष रजिस्टर रखा हुआ है। इसमें दूसरे स्टेशनों से शुरू होने वाले तत्काल टिकटों का विस्तृत रिकॉर्ड रखा जाता है तथा आवश्यकता पड़ने पर उनका नियमित सत्यापन भी किया जाता है जैसा इस मामले में किया गया। यात्रियों के लिए जरूरी सलाह रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत माध्यमों से ही टिकट खरीदें,अनधिकृत एजेंटों या दलालों से बचें,यात्रा से पहले पीएनआर और टिकट विवरण की जांच करें तथा किसी भी संदिग्ध स्थिति में तुरंत रेलवे अधिकारियों को सूचित करें। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि कर्मचारियों की सतर्कता और समय पर की गई जांच से इस प्रकार की धोखाधड़ी पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है।
हाथी, साइकिल और पंजा वाले जहां रहते हैं, वहां माहौल खराब करने की करते हैं कोशिश: संजय निषाद
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री संजय निषाद ने जी7 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ और विपक्षी सांसदों के एनडीए में शामिल होने के राजनीतिक दावों समेत कई मामलों पर रिएक्शन दिया है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि गुजरात की तर्ज पर भोपाल में भी गिफ्ट सिटी बनाने के लिए तेजी से प्रयास करें। इसे ईकाई सिटी (EKAI CITY - एजुकेशन, नॉलेज एण्ड एआई सिटी) के रूप में तैयार किया जाएगा। इसके लिए केंद्र सरकार द्वारा करीब 10 हजार करोड़ रुपए की फंडिंग की जाएगी। राज्य सरकार भी इसमें राशि मिलाएगी। उज्जैन में मेडी सिटी, साइंस सिटी और इंजीनियरिंग कॉलेज बन रहे हैं। उज्जैन में ही मेडिकल, साइंस और टेक्निकल एजुकेशन के एक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) की स्थापना की जाए। इसके लिए केंद्र सरकार से भी समन्वय किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरुवार को समत्व भवन मुख्यमंत्री निवास में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के कार्यों एवं अन्य गतिविधियों की समीक्षा के दौरान प्रदेश को विज्ञान एवं नवाचार के क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लिए निवेश संवर्धन पर विशेष बल दिया। बैठक में विभाग की विभिन्न योजनाओं, प्रगति रिपोर्ट तथा आगामी कार्य योजनाओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नई संभावनाओं को साकार करने के लिए सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग में जरूरी मानव संसाधन की पद पूर्ति कर लें। बैठक में अपर मुख्य सचिव नगरीय विकास एवं आवास तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संजय दुबे ने प्रेजेंटेशन देकर बताया कि उज्जैन में डीपटेक रिसर्च पार्क की स्थापना का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेज दिया गया है। अब इसी प्रस्ताव अंतर्गत उज्जैन में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना के लिए नई कार्य योजना तैयार कर संशोधित प्रस्ताव भेजा जाएगा। यह सेंटर करीब 400 करोड़ रुपए की लागत से तैयार किया जाएगा। डीपटेक रिसर्च पार्क भी अब इसी सेंटर ऑॅफ एक्सीलेंस का हिस्सा होगा। उन्होंने बताया कि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा भोपाल में गिफ्ट सिटी बनाने की तैयारी है। इसे ईकाई सिटी (EKAI CITY - एजुकेशन, नॉलेज एण्ड एआई सिटी) के रूप में तैयार किया जाएगा। इसके लिए केंद्र सरकार द्वारा करीब 10 हजार करोड़ रुपए की फंडिंग की जाएगी। राज्य सरकार भी इसमें राशि मिलाएगी। उन्होंने बताया कि अमेरिका की 4 यूनिवर्सिटीस मध्यप्रदेश में अपना अध्ययन परिसर (स्टडी कैम्पस) खोलना चाहती हैं। उनसे भी समन्वय किया जा रहा है। प्रमुख सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग एम. सेलवेंद्रम ने बताया कि मध्यप्रदेश देश का एक उभरता हुआ टेक हब बन रहा है। यहां 5 आईटी एसईजेड, 15 से अधिक आईटी पार्क, 50 से अधिक बड़ी आईटी कंपनियां, करीब 1200 से अधिक टेक स्टार्ट-अप्स कार्य कर रहे हैं। प्रदेश में तकनीकी शिक्षा प्रदान करने वाले 300 से अधिक कॉलेज, 50 हजार से अधिक तकनीकी स्नातक, वर्ष (यूजी. पीजी, डिप्लोमा), आईआईटी, आईआईआईटीडीएम, आईआईएम, एम्स जैसे राष्ट्रीय महत्व के संस्थान भी हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में तकनीकी क्षेत्र की 6 नीतियां हैं। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश में टेक सेक्टर में लगभग 12 हजार 500 करोड़ रुपए का निवेश आया है। इससे करीब 50 हजार नए रोजगार का सृजन हुआ है। प्रदेश में इस पूरे सेक्टर के अंतर्गत करीब 5 हजार 892 करोड़ रुपए की मेगा परियोजनाओं के प्रस्ताव पाइपलाइन में है। प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश संवर्धन राघवेन्द्र कुमार सिंह ने बैठक में बताया कि उद्योग विभाग के पास 10 लाख वर्ग फीट जमीन उपलब्ध है। निवेशकों को कम से कम समय में भूमि उपलब्ध कराई जा रही है।
जांजगीर-चांपा पुलिस ने चांपा रेलवे स्टेशन के बाहर सो रहे एक युवक का मोबाइल चोरी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 24,499 रुपए कीमत का चोरी हुआ वीवो मोबाइल भी बरामद कर लिया है। यह घटना 17 जून की रात की है। फरसवानी, थाना उरगा निवासी रोशन विश्वकर्मा रायगढ़ से ट्रेन द्वारा चांपा पहुंचे थे। देर रात होने के कारण वे रेलवे स्टेशन के बाहर ही सो गए। सुबह करीब चार बजे एक व्यक्ति उनके पास आया और सफाई का बहाना बनाकर उन्हें वहां से उठने को कहा। जब रोशन विश्वकर्मा जागे और अपनी जेब जांची, तो उनका मोबाइल फोन गायब था। पीड़ित ने तुरंत चांपा थाने पहुंचकर घटना की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 303(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने पीड़ित से पूछताछ के आधार पर रेलवे स्टेशन और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज की जांच के बाद संदिग्ध की पहचान चांपा थाने के सूचीबद्ध गुंडा बदमाश जितेंद्र नायक उर्फ जीतू के रूप में हुई। पुलिस ने तत्काल घेराबंदी कर कोरबा रोड, चांपा निवासी 28 वर्षीय जितेंद्र नायक उर्फ जीतू को हिरासत में ले लिया। कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी ने रेलवे स्टेशन के बाहर सो रहे युवक का मोबाइल चोरी करने की बात कबूल कर ली। उसकी निशानदेही पर चोरी हुआ वीवो मोबाइल बरामद कर लिया गया। आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर न्यायालय में पेश किया गया है।
दमोह नगर पालिका सीएमओ राजेंद्र सिंह लोधी से ड्यूटी के दौरान अभद्रता और शासकीय कार्य में बाधा डालने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने गुरुवार दोपहर गिरफ्तार कर लिया है। एक महीने से फरार चल रहे इन इनामी आरोपियों का पुलिस ने शहर में जुलूस निकाला और फिर कोर्ट में पेश किया, जहां से दोनों को जेल भेज दिया गया। आरोपी भाइयों पर घोषित था इनाम पकड़े गए आरोपियों की पहचान पठानी मोहल्ला निवासी मिर्जा सरफराज बेग और मिर्जा शहजाद बेग के रूप में हुई है। वारदात के बाद से ही दोनों भाई लगातार अपनी लोकेशन बदल रहे थे। पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगी ने दोनों की गिरफ्तारी पर एक-एक हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया था। अतिक्रमण हटाने के दौरान हुआ था विवाद यह घटना 19 मई की दोपहर को हुई थी, जब नगर पालिका सीएमओ राजेंद्र सिंह लोधी अपनी टीम के साथ पठानी मोहल्ला में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करने पहुंचे थे। इसी दौरान आरोपी मिर्जा सरफराज और शहजाद ने प्रशासनिक टीम का विरोध करते हुए सीएमओ व अन्य कर्मचारियों के साथ तीखी बहस और अभद्रता की थी। कर्मचारियों के आक्रोश के बाद दर्ज हुआ था केस घटना के विरोध में और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर आक्रोशित नगर पालिका कर्मचारियों ने कोतवाली थाने में जमकर प्रदर्शन किया था। इसके बाद कोतवाली टीआई मनीष कुमार ने कर्मचारियों की शिकायत और बयानों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया था। गुरुवार को कोतवाली पुलिस की विशेष टीम ने घेराबंदी कर दोनों को धर दबोचा।
गुरु अर्जन देव के शहीदी दिवस पर की छबील सेवा:श्रद्धालुओं को बांटा मिल्क रोज शरबत
जयपुर में सिख धर्म के पांचवें गुरु के शहीदी दिवस पर गुरुवार को बड़ी चौपड़ पर श्रद्धा और सेवा भाव के साथ छबील सेवा का आयोजन किया गया। इस दौरान आमजन को भीषण गर्मी से राहत देने के लिए मिल्क रोज शरबत का वितरण किया गया। कार्यक्रम आयोजक सरदार वचन सिंह नागपाल ने बताया- गुरु अर्जन देव जी के बलिदान, मानव सेवा और भाईचारे के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से यह सेवा आयोजित की गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पूर्व महापौर कुसुम यादव और जिला उपाध्यक्ष अजय यादव ने श्रद्धालुओं व राहगीरों को शरबत बांटकर सेवा कार्य में सहभागिता निभाई। सभी ने गुरु अर्जन देव जी को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। आयोजन के दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने छबील सेवा का लाभ उठाया। आयोजकों के इस सेवा कार्य की सराहना की। इस अवसर पर जोगेंद्र सिंह, अजीत सिंह, गुरमीत सिंह, अनिल जैन, वीरेंद्र बैरवा सहित अनेक सेवादार उपस्थित रहे।
बिहार सरकार ने जमीन की सरकारी कीमत यानी न्यूनतम पंजीकृत मूल्य (एमवीआर) में बदलाव किया है। नई व्यवस्था के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में वर्तमान एमवीआर को 1.6 गुना और शहरी-पेरिफेरल क्षेत्रों में 2 गुना कर दिया गया है। सरकार का कहना है कि इससे भूमि अधिग्रहण की स्थिति में किसानों को पहले की तुलना में अधिक मुआवजा मिलेगा। साथ ही महिलाओं के नाम पर जमीन-संपत्ति की रजिस्ट्री कराने पर मिलने वाली छूट भी बढ़ा दी गई है। नई दरें तत्काल प्रभाव से लागू है। शहरी क्षेत्र में 2016 में हुआ था अंतिम पुनरीक्षण एमवीआर यानी प्राक्कलित न्यूनतम मूल्य की मार्गदर्शक पंजी। यह वह सरकारी दर होती है जिसके आधार पर जमीन और संपत्ति की खरीद-बिक्री की रजिस्ट्री की जाती है। ग्रामीण क्षेत्रों में एमवीआर का अंतिम पुनरीक्षण 2013 में और शहरी क्षेत्रों में 2016 में किया गया था। इसके बाद बाजार में जमीन की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हुई, लेकिन सरकारी दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया। इसी अंतर को देखते हुए सरकार ने एमवीआर का पुनर्निर्धारण किया है। किसानों को मिलेगा अधिक मुआवजा एमवीआर बढ़ने का सबसे बड़ा फायदा किसानों को मिलेगा। राज्य सरकार की विभिन्न परियोजनाओं के लिए वर्तमान दरों पर भूमि अधिग्रहण का अनुमानित मुआवजा 14,897 करोड़ रुपए है। नई दर लागू होने के बाद यह राशि बढ़कर 18,637 करोड़ रुपए हो जाएगी। यानी किसानों को लगभग 3,740 करोड़ रुपए अतिरिक्त मुआवजा मिलेगा। वहीं, केंद्र सरकार की परियोजनाओं के लिए वर्तमान दरों पर देय मुआवजा 24,629 करोड़ रुपए है। नई दरें लागू होने के बाद यह राशि बढ़कर 39,460 करोड़ रुपए हो जाएगी। इससे किसानों को लगभग 14,831 करोड़ रुपए का अतिरिक्त लाभ मिलने का अनुमान है। हर साल अपने आप बढ़ेगी जमीन की सरकारी कीमत सरकार ने नई व्यवस्था में यह भी प्रावधान किया है कि अब हर वित्तीय वर्ष में एमवीआर में 5 प्रतिशत का इजाफा होगा। इसके अलावा हर 3 साल पर व्यापक समीक्षा की जाएगी। इस दौरान नई सड़कें, औद्योगिक क्षेत्र, शहरों का विस्तार, एयरपोर्ट, रेलवे, सिंचाई परियोजनाएं और अन्य विकास कार्यों को ध्यान में रखकर दरों का पुनर्निर्धारण किया जाएगा। महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने महिलाओं के नाम पर जमीन या संपत्ति की रजिस्ट्री कराने पर मिलने वाली छूट में वृद्धि की है। पहले महिलाओं को स्टांप शुल्क में 0.3 प्रतिशत की छूट मिलती थी, जिसे बढ़ाकर 0.4 प्रतिशत कर दिया गया है। वहीं, निबंधन शुल्क में 0.1 प्रतिशत की छूट पहले की तरह जारी रहेगी। इस प्रकार महिलाओं को अब कुल 0.5 प्रतिशत की छूट का लाभ मिलेगा। स्टांप शुल्क में भी किया गया बदलाव सरकार ने सामान्य स्टांप शुल्क की दर में 1 प्रतिशत की वृद्धि करने का निर्णय लिया है। सरकार का मानना है कि इससे राजस्व बढ़ेगा और विकास योजनाओं के लिए अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध होंगे। वर्तमान में अलग-अलग जिलों में जमीन की श्रेणियां अलग-अलग तरीके से निर्धारित थीं। नई व्यवस्था के तहत पूरे राज्य में श्रेणियों को सरल और एकरूप बनाया गया है। ग्रामीण और पेरिफेरल क्षेत्रों में जमीन की कुल 7 श्रेणियां और शहरी-मेट्रोपोलिटन क्षेत्रों में जमीन की कुल 6 श्रेणियां निर्धारित की गई हैं।
मेरठ के बहसूमा थानाक्षेत्र में मां के अफेयर में मारे गए अंगदवीर का उसके पिता गुरसेवक ने अंतिम संस्कार किया। गुरुवार दोपहर ही गुरसेवक सऊदी से मेरठ अपने घर लौटा। जहां बेटे की लाश देखकर गुरसेवक रो पड़ा। वो खुद को रोक नहीं पाया।उसे अपनी पत्नी और खुद पर बहुत गुस्सा आया। इस बीच गुरसेवक की तबियत भी बिगड़ गई। किसी तरह ग्रामीणों और घरवालों ने उसे संभाला। इसके बाद बेटे अंगदवीर का अंतिम संस्कार कराया गया। पिता ने अपने हाथों से बेटे की चिता को अग्नि दी। इसके बाद गुरसेवक की हालत अचानक बिगड़ गई उसे डॉक्टर के पास ले जाना पड़ा। वहीं घर में पहुंचे रिश्तेदार बुजुर्ग दादी बलजिंदर को दिलासा देते रहे। लाश देखकर ही बेहोश हुआ पिता बता दें कि बहसूमा में 16 जून को हापुड़ में तैनात एचडीएफसी बैंक के एरिया मैनेजर अर्पित शर्मा पाराशर ने अपनी प्रेमिका गुरप्रीत के 6 साल के बेटे अंगदवीर को अगवा करने के बाद उसकी हत्या कर दी थी। अर्पित ने पहले घर के सामने से अंगद को कार में अगवा किया। इसके बाद कालीमंदिर के पास जाकर उसका गला रेत दिया और कलाई काट दी। लाश को वहीं जंगल में छोड़कर अर्पित अपने घर चला गया। वहां से पत्नी गौरी के साथ मिलकर गडीना में जागरण में चला गया। जहां से पुलिस ने उसे अरेस्ट कर लिया। घरवाले बोले हमें इंसाफ चाहिए अंगद का पिता गुरसेवक सऊदी में ड्राइवर है। जब उसने बेटे की हत्या की खबर सुनी तो खुद को रोक नहीं सका। तुरंत किसी तरह टिकट कराकर वो 18 जून को मेरठ पहुंचा। यहां पहले अंगद की डेडबॉडी का पोस्टमार्टम कराया गया। इसके बाद शव परिजनों को सौंपा गया। घर ले जाकर बहसूमा में ही उसको अंतिम विदाई दी गई।
सहारनपुर में बड़गांव थाना क्षेत्र के नूनाबड़ी गांव में हुए गोलीकांड के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त 12 बोर का अवैध तमंचा, एक जिंदा कारतूस और एक खोखा कारतूस बरामद किया गया है। बरामदगी के बाद पुलिस ने मुकदमे में आर्म्स एक्ट की धाराएं भी बढ़ा दी हैं। पुलिस के अनुसार, घटना 8-9 मई की रात की है। नूनाबड़ी गांव निवासी सुल्तान ने थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि पुरानी रंजिश के चलते कुछ लोग हथियारों से लैस होकर उसके घेर में घुस आए थे। साले और बेटों पर किया था हमला तहरीर के मुताबिक, आरोपियों ने वहां मौजूद उसके साले शान मोहम्मद तथा बेटों अब्दुल और नादिर के साथ मारपीट की। आरोप है कि हमलावरों ने जान से मारने की नीयत से फायरिंग भी की। गोली लगने से शान मोहम्मद और अब्दुल घायल हो गए थे, जबकि नादिर को लाठी-डंडों से पीटकर घायल किया गया था। पुलिस टीम लगातार कर रही थी दबिश घटना के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी थी। पुलिस अधीक्षक ग्रामीण और क्षेत्राधिकारी देवबंद के निर्देशन में बड़गांव थाना पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थी। बस शेड के पास से दबोचा गया आरोपी गुरुवार को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने गोगा म्हाड़ी यात्री बस शेड के पास से नूनाबड़ी निवासी अब्दुल पुत्र सुल्तान को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त 12 बोर का तमंचा, एक जिंदा कारतूस और एक खोखा कारतूस बरामद किया गया। आर्म्स एक्ट की धाराएं भी जोड़ी गईं पुलिस ने बताया कि अवैध हथियार की बरामदगी के आधार पर मुकदमे में आर्म्स एक्ट की धाराएं भी बढ़ाई गई हैं। आरोपी को आवश्यक कानूनी कार्रवाई के बाद न्यायालय में पेश किया जा रहा है। आरोपी की गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक लाखन सिंह, उपनिरीक्षक सतीशचंद, उपनिरीक्षक मुन्नालाल, कांस्टेबल अरुण कुमार और कांस्टेबल ओमकार शामिल रहे। पुलिस अधिकारियों ने टीम की कार्रवाई की सराहना की है।
हरदोई में दो बोलेरो की टक्कर:प्रधान पति समेत पांच लोग गंभीर रूप से घायल, अस्पताल में भर्ती
हरदोई जिले में बृहस्पतिवार रात एक सड़क हादसे में ग्राम प्रधान पति सहित पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। यह घटना हरपालपुर कोतवाली क्षेत्र के उन्नाव-कटरा मार्ग पर लमकन पुल के पास करीब 8:30 बजे हुई, जहाँ दो बोलेरो गाड़ियों की आमने-सामने टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों वाहनों के अगले हिस्से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। जानकारी के अनुसार, फर्रुखाबाद जिले के शुभना मड़ैया गांव निवासी संजू (46) अपने 10 वर्षीय भतीजे पीयूष के साथ अपनी बोलेरो से सांडी थाना क्षेत्र के नयागांव स्थित ससुराल जा रहे थे। रास्ते में रूपापुर के पास उन्होंने सांडी थाना क्षेत्र के डावा गांव निवासी पिंटू (35) और अतुल (45) को अपनी गाड़ी में बैठा लिया। संजू की बोलेरो जैसे ही उन्नाव-कटरा मार्ग पर लमकन गांव के पास पहुंची, तभी सामने से महितापुर गांव की महिला प्रधान खुशबू के पति जल सिंह की बोलेरो आ गई। तेज रफ्तार के कारण दोनों गाड़ियों में आमने-सामने की टक्कर हो गई। इस हादसे में प्रधान पति जल सिंह सहित दोनों गाड़ियों में सवार सभी पांच लोग गंभीर रूप से घायल होकर वाहनों में फंस गए। राहगीरों की सूचना पर हरपालपुर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक संदीप शुक्ला और उपनिरीक्षक महेश यादव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को एम्बुलेंस द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) हरपालपुर में भर्ती कराया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर ने सभी घायलों की हालत नाजुक बताते हुए प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया है। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
आगरा में मनाया गया गुरु अर्जन देव का शहीदी दिवस:विशेष कीर्तन समागम के साथ छबील और लंगर का हुआ आयोजन
सिख धर्म के पांचवें गुरु एवं शहीदों के सरताज गुरु अर्जन देव सिंह जी महाराज के शहीदी दिवस पर बुधवार को आगरा के विभिन्न गुरुद्वारों में श्रद्धा और सेवा भाव के साथ कार्यक्रम आयोजित किए गए। गुरुद्वारा गुरु का लाल और गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा माईथान में विशेष कीर्तन समागम, मीठे शरबत की छबील और गुरु का अटूट लंगर आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में संगत ने भाग लिया। सिख धर्म के पांचवें गुरु एवं शहीदों के सरताज गुरु अर्जन देव जी महाराज के शहीदी दिवस पर शहर के विभिन्न गुरुद्वारों में श्रद्धा, सेवा और सिमरन के साथ कार्यक्रम आयोजित किए गए। गुरुद्वारा गुरु का लाल में हर वर्ष की तरह इस बार भी आगरा-दिल्ली हाईवे स्थित मुख्य द्वार पर मीठे शरबत की विशाल छबील लगाई गई। इसमें गुरुद्वारा आने वाली संगत के साथ-साथ हाईवे से गुजर रहे यात्रियों को भी भीषण गर्मी में शीतल शरबत वितरित किया गया। छबील की शुरुआत गुरुद्वारा के मुखी संत बाबा प्रीतम सिंह ने अरदास के साथ की। उन्होंने गुरु अर्जन देव जी की शहादत का स्मरण करते हुए बताया कि गुरु साहिब ने मुगलिया हुकूमत की कठोर यातनाओं को शांतचित्त होकर सहा और धर्म तथा मानवता के सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया। इसी स्मृति में शहीदी दिवस पर छबील लगाने की परंपरा निभाई जाती है। कार्यक्रम के दौरान संगत ने सेवा भाव से छबील तैयार करने, वितरण करने और अन्य व्यवस्थाओं में योगदान दिया। महिलाओं ने नाम सिमरन करते हुए सेवा निभाई, वहीं श्रद्धालुओं को चने का प्रसाद भी वितरित किया गया। मीडिया प्रभारी जसवीर सिंह ने बताया कि सुबह शुरू हुई छबील देर रात तक जारी रही। इस दौरान दरबार साहिब में निरंतर शब्द कीर्तन और गुरबाणी गायन हुआ तथा संगत ने गुरु का अटूट लंगर ग्रहण किया। वहीं गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा, माईथान में भी शहीदी दिवस पर विशेष कीर्तन समागम आयोजित किया गया। श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की पावन हजूरी में रहिरास साहिब के पाठ के साथ दीवान आरंभ हुआ। हजूरी रागी भाई लखविंदर सिंह ने कीर्तन दरबार की शुरुआत की, जबकि लुधियाना से आए रागी भाई बलप्रीत सिंह ने गुरबाणी कीर्तन से संगत को निहाल किया। उन्होंने गुरु अर्जन देव जी के जीवन, त्याग और शहादत पर प्रकाश डालते हुए उनके आदर्शों को अपनाने का संदेश दिया। गुरुद्वारा माईथान के प्रधान कवलदीप सिंह ने कहा कि गुरु अर्जन देव जी की शहादत अन्याय और अत्याचार के विरुद्ध सत्य तथा धर्म पर अडिग रहने की प्रेरणा देती है। कार्यक्रम के समापन पर अरदास और हुकुमनामा हुआ। गुरुद्वारा परिसर के बाहर मीठे शरबत की छबील लगाई गई तथा विभिन्न व्यंजनों के स्टॉल भी लगाए गए। अंत में संगत ने पंक्तिबद्ध बैठकर गुरु का अटूट लंगर ग्रहण किया ।
छत्तीसगढ़ में बिजली दरों में लगातार हो रही वृद्धि और बढ़े हुए बिजली बिलों को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर हमला बोला है। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार जनता को राहत देने के बजाय आर्थिक बोझ बढ़ा रही है। कांग्रेस ने हालिया बढ़ोतरी को आम जनता, किसानों और छोटे व्यापारियों के साथ अन्याय बताया है। महासमुंद में आयोजित एक प्रेसवार्ता में वरिष्ठ कांग्रेस नेता राजेंद्र तिवारी ने बताया कि भाजपा सरकार ने पांचवीं बार बिजली दरों में वृद्धि की है। इस बार घरेलू उपभोक्ताओं के लिए प्रति यूनिट 30 से 50 पैसे और गैर-घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 20 से 40 पैसे तक की बढ़ोतरी की गई है। कृषि पंपों की बिजली दरों में भी 40 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है, जिससे किसानों पर अतिरिक्त भार पड़ा है। तिवारी ने कहा कि पहले से ही महंगे बिजली बिलों से परेशान जनता को राहत देने के बजाय सरकार लगातार कीमतें बढ़ा रही है। हाल ही में, सरकार ने विद्युत ईंधन अधिभार (एमपीपीएस) के रूप में भी उपभोक्ताओं पर 12 प्रतिशत का अतिरिक्त भार डाला है। राजेंद्र तिवारी ने दावा किया कि कांग्रेस सरकार के पांच वर्षों के कार्यकाल में बिजली दरों में केवल 2 पैसे की वृद्धि हुई थी। उस दौरान 400 यूनिट तक 'बिजली बिल हाफ' योजना लागू होने से उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने पहले यह योजना बंद की और अब लगातार बिजली दरों में वृद्धि कर जनता की जेब पर डाका डाल रही है। कांग्रेस नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि पिछले कुछ महीनों से बिजली उपभोक्ताओं को तीन से चार गुना अधिक बिल भेजे जा रहे हैं। कई मामलों में एक ही उपभोक्ता को ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से अलग-अलग राशि के बिल मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिजली विभाग उपभोक्ताओं को परेशान करने और अतिरिक्त वसूली करने में लगा हुआ है। बिना सहमति लोड बढ़ाने का आरोप कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि उपभोक्ताओं की अनुमति के बिना ही उनके बिजली कनेक्शन का लोड बढ़ाया जा रहा है। नियमों के अनुसार ऐसा नहीं किया जा सकता, लेकिन बढ़े हुए लोड के आधार पर लोगों पर जुर्माना लगाकर अतिरिक्त बिजली बिल भेजे जा रहे हैं। कांग्रेस नेताओं ने स्मार्ट मीटर की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद कई उपभोक्ताओं का बिजली बिल बढ़ गया है और खपत भी सामान्य से ज्यादा दिखाई जा रही है। आरोप है कि ये मीटर असली उपयोग से ज्यादा रीडिंग दिखा रहे हैं, जिससे लोगों को तीन गुना तक ज्यादा बिल मिल रहा है। कांग्रेस का कहना है कि एक तरफ प्रदेश में बिजली कटौती की समस्या बनी हुई है और सरकार 24 घंटे बिजली देने में नाकाम है, वहीं दूसरी तरफ लोगों पर भारी-भरकम बिजली बिल का बोझ डाला जा रहा है। पिछले ढाई सालों से बिजली दरों और बिलों में लगातार बढ़ोतरी से जनता परेशान है। उन्होंने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश में विवाद के बाद वहां की सरकार ने स्मार्ट मीटर वापस लेने का फैसला किया है। इसी तरह छत्तीसगढ़ सरकार से भी मांग की गई है कि स्मार्ट मीटर की व्यवस्था की समीक्षा कर इसे बंद किया जाए और बढ़े हुए बिजली बिलों की जांच कराई जाए। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि बिजली बिल बढ़ने के पीछे मुख्य कारण बिजली दरों में बढ़ोतरी, बिजली बिल हाफ योजना का बंद होना और स्मार्ट मीटर से ज्यादा खपत दिखाया जाना है। प्रेसवार्ता में कई कांग्रेस नेता और पदाधिकारी मौजूद रहे।
काशी पहुंचे अभिनेता अमित सियाल:गंगा आरती में हुए शामिल, कहा- अद्भुत अनुभूति हुई
विश्व प्रसिद्ध दशाश्वमेध घाट पर गंगा सेवा निधि द्वारा आयोजित मां गंगा की दैनिक भव्य आरती में गुरुवार को फिल्म और ओटीटी जगत के चर्चित अभिनेता अमित सियाल अपने सहयोगी पुनीत सिंह के साथ शामिल हुए। दोनों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मां गंगा का विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया तथा सायंकालीन गंगा आरती के दिव्य एवं अलौकिक स्वरूप का दर्शन किया। गंगा आरती के दौरान घाट पर मौजूद श्रद्धालुओं और पर्यटकों ने अभिनेता अमित सियाल का स्वागत किया। काशी की आध्यात्मिक ऊर्जा, धार्मिक परंपराओं और मां गंगा की महिमा से प्रभावित अभिनेता ने गंगा सेवा निधि की विजिटर बुक में अपने अनुभव साझा करते हुए लिखा, “काशी आकर अद्भुत अनुभूति हुई। मां गंगा की आरती देखकर आत्मिक शांति प्राप्त हुई। आप सभी का धन्यवाद।” स्मृति चिह्न भेंट कर किया सम्मानितगंगा सेवा निधि की ओर से अध्यक्ष सुशांत मिश्रा, कोषाध्यक्ष आशीष तिवारी, सचिव सुरजीत सिंह तथा सचिव हनुमान यादव ने अभिनेता अमित सियाल और उनके सहयोगी पुनीत सिंह को अंगवस्त्र, प्रसाद एवं स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। इस दौरान उन्हें काशी की धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत के बारे में भी जानकारी दी गई। ओटीटी जगत के प्रमुख कलाकार है अमित सियालअमित सियाल भारतीय फिल्म और ओटीटी जगत के प्रमुख कलाकारों में शामिल हैं। उन्होंने ‘मिर्जापुर’, ‘जमताड़ा: सबका नंबर आएगा’, ‘काठमांडू कनेक्शन’ और ‘इनसाइड एज’ जैसी चर्चित वेब सीरीज में अपने प्रभावशाली अभिनय से दर्शकों के बीच विशेष पहचान बनाई है। विशेष रूप से ‘इनसाइड एज’ में उनके अभिनय को दर्शकों और समीक्षकों दोनों ने सराहा था। अपने सशक्त अभिनय और विविध किरदारों के लिए पहचान बनाने वाले अमित सियाल आगामी बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘रामायण’ में भी महत्वपूर्ण भूमिका में नजर आने वाले हैं। उनके प्रशंसक इस फिल्म का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
जयपुर में सड़क सुरक्षा और प्रादेशिक परिवहन अधिकारी जयपुर द्वितीय परिवहन विभाग के सहयोग से रस रंग मंच संस्था के कलाकारों ने गुरुवार को ‘सड़क सुरक्षा-जीवन रक्षा’ अभियान के अंतर्गत लोगों को जागरूक किया। शास्त्री नगर कांवटिया सर्किल पर यातायात नियमों पर आधारित लघु नाटक फर्क तो पड़ता है भई का गुरुवार को मंचन किया गया। नाटक में विक्रम-बेताल की कहानी ‘द्वार शांतपुर और अशांत पुर’ नगरों के अंतर से बताया गया कि यदि हम यातायात के नियमों का पालन करेंगे तो सुरक्षित रहेंगे। साथ ही स्वस्थ और अनुशासित समाज का निर्माण कर पाएंगे। नाटक से आम लोगों को ट्रैफिक के सभी नियमों को अनिवार्य रूप से पालन करने की अलख जगाई। नाटक में रति महर्षि, केके कोहली, अजीत माथुर, मुकेश वर्मा, महेश महावर और हिमांशु झाकल ने अभिनय किया। नाटक का लेखन व निर्देशन हिमांशु झाकल ने किया। इस अवसर पर वरिष्ठ परिवहन निरीक्षक दिनेश सिंह उपस्थित रहे। उन्होंने कहा- सड़क सुरक्षा के नियमों का पालन करना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। सभी मन से सड़क सुरक्षा के नियमों का पालन करें। गौरतलब है कि इस नाटक की यह 98वीं प्रस्तुति रही। इस मुहिम के जरिए अब तक करीब 500 से ज्यादा लोगों तक यातायात सुरक्षा का संदेश पहुंचाया जा चुका है।
नरसिंहपुर जिले में गांजा तस्करी के एक मामले में विशेष न्यायाधीश (NDPS एक्ट) आलोक मिश्रा की कोर्ट ने बुधवार को बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने नागपुर निवासी आरोपी मुकेश बाघमारे (27) को 12 साल के सश्रम कारावास और ₹1 लाख के जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न भरने पर आरोपी को एक साल की अतिरिक्त जेल काटनी होगी। इस मामले में शासन की ओर से अतिरिक्त लोक अभियोजक शैलेष पुरोहित ने पैरवी की। हाईवे पर चेकिंग के दौरान ड्रम में छिपा मिला था गांजा अभियोजन के मुताबिक, यह मामला 1 जनवरी का है जब तेंदूखेड़ा थाने में पदस्थ एसआई संजय सूर्यवंशी अपने स्टाफ के साथ मदनपुर में नेशनल हाईवे-45 पर वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान राजमार्ग की तरफ से एक युवक अपनी बाइक (एमपी38जेडसी9560) पर लोहे के फ्रेम के सहारे नीले रंग के दो प्लास्टिक ड्रम बांधकर आता दिखाई दिया। पुलिस ने जब उसे रोकने का प्रयास किया, तो उसने भागने की कोशिश की, लेकिन टीम ने घेराबंदी कर उसे दबोच लिया। तौल की वीडियोग्राफी कराई, 41 किलो से ज्यादा माल बरामद पुलिस ने जब संदेह के आधार पर दोनों ड्रमों को खुलवाया, तो उनके भीतर दो-दो बोरियों में अवैध गांजा भरा हुआ था। पूरी कार्रवाई की मौके पर ही वीडियोग्राफी कराई गई और विवेचना किट मंगाकर तौल करने पर चार बोरियों से कुल 41 किलो 200 ग्राम गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने मौके से गांजा और बाइक जब्त कर आरोपी मुकेश बाघमारे को गिरफ्तार कर लिया था। 16 गवाहों और FSL रिपोर्ट के आधार पर तय हुआ दोष तेंदूखेड़ा पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज कर उसे जेल भेज दिया था। जब्त किए गए नशीले पदार्थ के सैंपल जांच के लिए एफएसएल सागर भेजे गए थे, जहां से आई रिपोर्ट में इसके गांजा होने की पुष्टि हुई। कोर्ट में ट्रायल के दौरान सरकारी वकील ने 16 महत्वपूर्ण गवाहों को पेश किया। पुख्ता सबूतों और तर्कों के आधार पर विशेष अदालत ने आरोपी को गांजा तस्करी का दोषी पाते हुए जेल और जुर्माने की सजा सुनाई।
संभल में गुरुवार शाम 6 बजे एक युवक ने धनारी थाने में अपने ऊपर पेट्रोल डालकर आग लगा ली। युवक की पहचान मोरध्वज के रूप में हुई। आग लगते ही पुलिसकर्मियों ने कंबल डालकर उसे बचाया और अस्पताल पहुंचाया। वह चेहरे से पैरों तक करीब 25 से 30 प्रतिशत तक झुलस गया है। पुलिस ने एक विवाद में दो लोगों को हिरासत में लिया था। इसमें मोरध्वज का एक भाई था। वह उसे छोड़ने की मांग कर रहा था। बहस के बाद उसने यह कदम उठा लिया। घटना का वीडियो सामने आया है। एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया- युवक को आशंका थी कि उसके भाई के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो जाएगा। इसी वजह से उसने खुद को आग लगा ली। 2 तस्वीरें देखिए… अब जानिए पूरा मामला… भाई को पुलिस ने हिरासत में लिया था बुधवार को गुन्नौर तहसील के बगडेर गांव में बच्चों के मुंडन संस्कार कार्यक्रम के दौरान दो पक्षों में विवाद हो गया था। झगड़े में एक व्यक्ति घायल हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायल को अस्पताल भेजा और गांव के लखपत सिंह और भारत सिंह को हिरासत में ले लिया था। गुरुवार शाम पुलिस दोनों के खिलाफ शांतिभंग की आशंका में मुकदमा लिख रही थी। इसी दौरान मोरध्वज थाने पहुंचा। उसने भाई को निर्दोष बताते हुए रिहा करने की मांग की। काफी देर तक पुलिस से बहस करने के बाद उसने अचानक अपने साथ लाया पेट्रोल शरीर पर उड़ेल लिया और आग लगा ली। कंबल और गमछे से पुलिसकर्मियों ने आग बुझाईघटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें युवक खुद पर पेट्रोल डालकर आग लगाता दिखाई दे रहा है। आग लगते ही थाना परिसर में मौजूद पुलिसकर्मियों ने तत्काल कंबल और गमछे डालकर आग बुझाई। उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बहजोई ले जाया गया। यहां प्राथमिक इलाज के बाद संभल रेफर कर दिया गया। घटना की सूचना मिलते ही सीओ बहजोई स्तुति सिंह थाने पहुंचीं। एसपी कृष्ण विश्नोई ने सरकारी अस्पताल का दौरा किया। SP बोले- भाई पर मुकदमे के डर से उठाया कदमएसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि मोरध्वज ने पूछताछ में कहा कि उसके भाई थाने में बंद थे। दिनभर दोनों पक्षों में समझौते की कोशिश हुई, लेकिन बात नहीं बनी। उसे आशंका थी कि उसके भाई के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो जाएगा, इसी डर में उसने यह कदम उठा लिया। --------------------- ये खबर भी पढ़िए- मंत्री राजभर, निषाद, अनुप्रिया की पार्टियां बेच रहीं टिकट, यूपी में विधायक टिकट का रेट 2 से 8 करोड़ ‘निषाद पार्टी में विधायक के टिकट के 5 करोड़ रुपए लगेंगे। आधा अभी कर दें, आधा घोषणा से पहले कर देना। पिछली बार कहीं 7-8, तो कहीं 2-3 करोड़ था।’ यह कहना है यूपी की निषाद पार्टी के प्रदेश चुनाव प्रभारी का। विधानसभा चुनाव 3 महीने पहले कराने की सुगबुगाहट के बीच पॉलिटिकल पार्टियां अभी से टिकट बेचने में जुट गई हैं। पढ़ें पूरी खबर
मंदसौर जिले के मल्हारगढ़ विधानसभा क्षेत्र के ग्राम बालागुड़ा में बुधवार को हुई हल्की बारिश के बाद किसानों ने गुरुवार से खेतों में सोयाबीन और मूंगफली की बुवाई शुरू कर दी है। हालांकि, खाद और डीजल की उपलब्धता को लेकर किसानों में चिंता बनी हुई है। इस बीच, कांग्रेस नेताओं ने प्रदेश सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। मल्हारगढ़ ब्लॉक कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अनिल शर्मा ने खेतों में पहुंचकर बुवाई कर रहे किसानों से बातचीत की। इस दौरान किसानों ने उन्हें खाद, डीजल और फसलों के उचित मूल्य से संबंधित अपनी परेशानियां बताईं। पर्याप्त खाद नहीं मिल रहीकिसान पवन पाटीदार ने बताया कि उन्होंने 6 बीघा भूमि में मूंगफली की बुवाई की है, जिस पर लगभग 40 हजार रुपए का बीज खर्च हुआ है। उन्होंने शिकायत की कि पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध नहीं हो पा रही है। पाटीदार के अनुसार, खाद वितरण की ई-टोकन व्यवस्था के कारण किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जिससे समय पर खाद न मिलने से उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है। एक अन्य किसान रामेश्वर पाटीदार ने 3 बीघा में मूंगफली की बुवाई की है, जिसमें लगभग 16 हजार रुपए का बीज लगा है। उन्होंने कहा कि खाद और डीजल की कमी के साथ-साथ फसलों के उचित दाम न मिलने से किसानों की आर्थिक स्थिति कमजोर हो रही है। अपेक्षित दाम नहीं मिलते, खतरा ज्यादाकिसान वजेसिंह शक्तावत ने भी बेहतर भाव मिलने की उम्मीद में 3 बीघा में मूंगफली की बुवाई की है। उन्होंने बताया कि सोयाबीन के भी अपेक्षित दाम नहीं मिलते और प्राकृतिक आपदाओं का खतरा हमेशा बना रहता है। कांग्रेस नेता अनिल शर्मा ने प्रदेश की मोहन सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि बुवाई के महत्वपूर्ण समय में किसानों को खाद, डीजल और अन्य आवश्यक संसाधन पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल पा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि खाद के लिए लागू की गई ई-टोकन व्यवस्था किसानों के लिए परेशानी का सबब बन गई है, क्योंकि किसानों को घंटों लाइन में लगने के बावजूद टोकन नहीं मिल पा रहे हैं। 22 जून को कलेक्ट्रेट घेरने का ऐलानकिसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद, डीजल और बिजली उपलब्ध कराने की मांग को लेकर 22 जून को जिला कांग्रेस अध्यक्ष महेंद्रसिंह गुर्जर के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता कलेक्टर कार्यालय का घेराव करेंगे और प्रशासन को ज्ञापन सौंपेंगे।कांग्रेस ने मांग की कि किसानों को बुवाई के दौरान आवश्यक संसाधनों की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि कृषि कार्य प्रभावित न हो और किसानों को आर्थिक नुकसान से बचाया जा सके।
NCZCC में बाल रंगमंचीय कार्यशाला का समापन:'मिशन वंदे मातरम्' नाटक से बच्चों ने जगाई देशभक्ति
प्रयागराज के उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र (एनसीजेडसीसी) में आयोजित 30 दिवसीय ग्रीष्मकालीन बाल रंगमंचीय कार्यशाला का समापन गुरुवार को हुआ। इस अवसर पर देशभक्ति से ओतप्रोत नाटक 'मिशन वंदे मातरम्' का मंचन किया गया। केंद्र के प्रेक्षागृह में 8 से 12 वर्ष के बाल कलाकारों ने अपने जीवंत अभिनय से दर्शकों का मन मोह लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि राजेंद्र प्रताप, सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी, डायट प्रयागराज ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस दौरान केंद्र निदेशक सुदेश शर्मा और कार्यक्रम सलाहकार कल्पना सहाय भी उपस्थित रहे। नाटक का निर्देशन युवा रंगकर्मी प्रत्युष वर्सने ने किया, जबकि आकाश अग्रवाल सहायक प्रशिक्षक थे। 'मिशन वंदे मातरम्' नाटक की कहानी वर्तमान समय के बच्चों को भारत के स्वतंत्रता संग्राम से जोड़ती है। इसमें कुछ बच्चे खेल-खेल में एक रहस्यमयी टाइम मशीन के जरिए वर्ष 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन के दौर में पहुंच जाते हैं। वहां उनकी मुलाकात भोलू और कमला नामक बच्चों से होती है, जिनके भाई को अंग्रेज पुलिस गिरफ्तार कर लेती है। सभी बच्चे मिलकर अपनी सूझबूझ और साहस से अंग्रेजों को चकमा देकर उसे आजाद कराने में सफल होते हैं। नाटक के अंतिम दृश्य में जब मंच पर तिरंगा फहराया गया और वंदे मातरम् के नारे गूंजे, तो पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। देशभक्ति के साथ-साथ नाटक में हास्य का भी पुट था। ब्रिटिश अधिकारी इंस्पेक्टर पिंपल और हवलदार डंडा के हास्यपूर्ण किरदारों ने दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। नाटक में ईवा राज, मनश्वी राज सिंह, ईशा देव, कृतिका, आराध्या सरगम, अम्बिका, नित्या जायसवाल, दिवा त्रिपाठी, गर्वित धानी, राजश्री मौर्य, कौस्तुभ चौबे, वेदांश पटेल, प्रणीत खरे, अनमोल, प्रथम शुक्ल और आयज़ा फरोग अहमद सहित कई बाल कलाकारों ने प्रभावशाली अभिनय किया। समापन अवसर पर केंद्र निदेशक सुदेश शर्मा ने कहा कि रंगमंच बच्चों के आत्मविश्वास, व्यक्तित्व विकास और सांस्कृतिक जागरूकता को बढ़ाने का एक सशक्त माध्यम है।
लखनऊ के चक गंजरिया स्थित कल्याण सिंह कैंसर संस्थान में डॉक्टरों के इस्तीफे का सिलसिला थम नहीं रहा है। अब न्यूरो सर्जरी विभाग के एक और डॉक्टर ने संस्थान से किनारा कर लिया है। नियमित चिकित्सक डॉ. मयंक सिंह ने नौकरी छोड़ दी है। SGPGI में सेलेक्शन के बाद उन्होंने रिजाइन कर दिया। इससे दिमाग में ट्यूमर, ब्रेन कैंसर और जटिल न्यूरो संबंधी बीमारियों से जूझ रहे मरीजों की मुश्किलें बढ़ने की संभावना है। कैंसर संस्थान में कुल 32 नियमित डॉक्टर हैं। आठ बांड के तहत डॉक्टर तैनात हैं। जबकि एक महिला डॉक्टर कानपुर से प्रतिनियुक्त पर हैं। कुल 41 डॉक्टर हैं। न्यूरो सर्जरी विभाग में अभी तक तीन नियमित व दो बांड के तहत डॉक्टर तैनात थे। इनमें नियमित डॉ. मयंक सिंह ने नौकरी छोड़ दी है। उनका पीजीआई में चयन हो गया है। बिना डॉक्टर के चल रहे 11 विभाग कैंसर संस्थान के 11 विभागों में एक भी डॉक्टर नहीं है। इन विभागों में न तो कोई जांच हो रही है न ही इलाज। जबकि डॉक्टरों के पद स्वीकृत हैं। कई विभागों में तो करोड़ों की मशीन हैं। जो कि ताले में बंद धूल फांक रही हैं। मेडिकल आंकोलॉजी, मेडिकल फिजिस्स, डेंटेस्ट्री, न्यूक्लीयर मेडिसिन, बायोकेमेस्ट्री, हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन, पैलिएटिव केयर, पीएमआर, त्वचा, हीमैटोलॉजी व रेडियोडायग्नोसिस विभाग है। जल्द शुरू होंगे दो विभाग चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विजय वरूण ने बताया कि संस्थान में 121 नियमित डॉक्टरों के पद स्वीकृत हैं। जिसमें 41 पदों पर डॉक्टर भरे हैं। उन्होंने बताया कि संविदा पर चार डॉक्टरों का चयन हुआ है। इन्हें ऑफर लेटर जारी किया जा चुका है। जल्द ही चारों डॉक्टरों के ज्वाइन करने की उम्मीद है। इनके आने से हीमैटोलॉजी व रेडियो डायग्नोसिस विभाग का संचालन शुरू हो सकेगा। 28 डॉक्टर कह चुके हैं अलविदा कैंसर जैसी गंभीर बीमारी में मरीज और उनके तीमारदार हर दिन उम्मीद लेकर अस्पताल पहुंचते हैं। ब्रेन ट्यूमर से जूझ रहे मरीजों में कई ऐसे होते हैं, जिनमें समय पर सर्जरी न होने पर बीमारी तेजी से बढ़ने का खतरा रहता है। ऐसे में विशेषज्ञ डॉक्टर की कमी मरीजों की परेशानी को और बढ़ा सकती है। कैंसर संस्थान से अब तक 28 से ज्यादा डॉक्टर नौकरी छोड़ चुके हैं। वहीं कई अन्य डॉक्टर भी संस्थान छोड़ने की तैयारी में हैं। लगातार हो रहे पलायन से संस्थान की कई महत्वपूर्ण सेवाओं पर दबाव बढ़ता जा रहा है। कम वेतन से डॉक्टरों ने नाराजगी डॉक्टरों की नाराजगी की बड़ी वजह वेतन और भत्तों में असमानता बताई जा रही है। डॉक्टरों का कहना है कि केजीएमयू, पीजीआई व लोहिया संस्थान में तैनात डॉक्टरों और कैंसर संस्थान के विशेषज्ञों की योग्यता समान है। लेकिन वेतन-भत्तों में अंतर है। यही वजह है कि कई विशेषज्ञ लंबे समय से अपनी मांगें उठा रहे हैं। विशेषज्ञों के जाने का असर सीधे मरीजों पर पड़ रहा है। दूर-दराज जिलों से आने वाले कैंसर मरीजों को तारीख मिलने का इंतजार करना पड़ता है। कई मरीज ऐसे भी हैं, जिनके लिए हर गुजरता दिन बीमारी के बढ़ने का खतरा लेकर आता है। तीमारदार इलाज की आस में संस्थान की ओपीडी से लेकर ऑपरेशन की तारीख तक के लिए परेशान हो रहे हैं। लगातार डॉक्टरों की कमी इस लक्ष्य के सामने चुनौती बनती जा रही है। अब संस्थान प्रशासन के सामने विशेषज्ञों को रोकने और मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने की बड़ी चुनौती है। ये डॉक्टर जा चुके हैं वेतन विसंगतियों और प्रशासनिक कारणों से कुछ वर्षों में 28 डॉक्टर नौकरी छोड़कर जा चुके हैं। इनमें न्यूक्लियर मेडिसिन विभाग की डॉ. सोनम सुमन, ओरल एंड मैक्सिलोफेशल सर्जरी विभाग के डॉ. गौरव सिंह, मेडिकल आंकोलॉजी विभाग की अध्यक्ष डॉ. ईशा जफा, क्रिटिकल केयर विभाग के डॉ. साई सरन, ईएनटी विभाग की डॉ. इंदु शुक्ला, आंको एनस्थीसिया डॉ. सौरभ विज, डॉ. स्वाति, एनस्थीसिया विभाग के डॉ. तन्मय घटक, डॉ. तापस सिंह, प्लास्टिक सर्जरी विभाग के डॉ. बृजेश मिश्रा, ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन डॉ. सत्य प्रकाश, सर्जरी डॉ. एचएस पाहवा, गायनी विभाग की डॉ. वंदना व माइक्रोबायोलॉजी विभाग की डॉ. पारुल तैनात हैं।
बिलासपुर में नीट यूजी परीक्षा की तैयारियां तेज हो गई हैं। कलेक्टर संजय अग्रवाल और एसएसपी रजनेश सिंह ने शहर के 19 परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। यह परीक्षा 21 जून को आयोजित की जाएगी। इस बीच, सिम्स मेडिकल कॉलेज अस्पताल ने परीक्षार्थियों के लिए 24 घंटे मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन शुरू की है। अधिकारियों ने परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। नीट पेपर लीक की घटना के मद्देनजर कड़ी सुरक्षा के इंतजाम किए जा रहे हैं। साथ ही, बारिश की संभावना को देखते हुए भी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं ताकि परीक्षार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। छात्रों में परीक्षा परिणाम और प्रवेश प्रक्रिया के दौरान बढ़ते मानसिक तनाव को देखते हुए छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स), बिलासपुर ने यह विशेष हेल्पलाइन सेवा प्रारंभ की है। चिकित्सा शिक्षा आयुक्त, छत्तीसगढ़ के निर्देशानुसार, सिम्स के मनोरोग विभाग के माध्यम से यह सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों को समय पर मनोवैज्ञानिक परामर्श और भावनात्मक सहयोग प्रदान करना है। सिम्स अधिष्ठाता कार्यालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार, मोबाइल नंबर 9425502353 को 18 जून से आगामी दो सप्ताह तक हेल्पलाइन नंबर के रूप में संचालित किया जाएगा। इस दौरान विद्यार्थी परीक्षा परिणाम, काउंसलिंग, प्रवेश प्रक्रिया और भविष्य को लेकर होने वाली चिंता, तनाव, घबराहट या अन्य मानसिक समस्याओं के संबंध में विशेषज्ञ चिकित्सकों से मार्गदर्शन प्राप्त कर सकेंगे। हेल्पलाइन नंबर का अधिकतम इस्तेमाल करें :मूर्ति सिम्स के अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति ने कहा कि नीट जैसी बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं के दौरान कई छात्र मानसिक दबाव और तनाव महसूस करते हैं। ऐसे समय में सही सलाह और सकारात्मक बातचीत से उन्हें काफी मदद मिल सकती है। उन्होंने छात्रों और उनके अभिभावकों से अपील की कि जरूरत पड़ने पर हेल्पलाइन नंबर का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करें, ताकि समय पर मदद और मार्गदर्शन मिल सके। तनाव, चिंता में परामर्श के लिए कॉल करें: डा. नायक मनोरोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. सुजीत नायक ने बताया कि परीक्षा परिणाम अथवा प्रवेश प्रक्रिया के दौरान तनाव, चिंता, निराशा और असफलता का भय जैसी स्थितियां सामान्य हैं, लेकिन समय पर परामर्श मिलने से इन समस्याओं का प्रभावी समाधान संभव है। उन्होंने कहा कि हेल्पलाइन सेवा का उद्देश्य विद्यार्थियों में सकारात्मक सोच विकसित करना और उन्हें मानसिक रूप से स्वस्थ बनाए रखना है। 1.30 बजे के बाद प्रवेश नहीं मिलेगा डिप्टी कलेक्टर और नीट परीक्षा के नोडल अधिकारी एनपी गबेल ने बताया कि परीक्षा दिवस यानी 21 जून को सुबह 11 बजे से दोपहर 1.30 बजे तक परीक्षा केंद्र में आने की अनुमति होगी। 1.30 के बाद किसी भी स्थिति में परीक्षा केंद्र में प्रवेश वर्जित होगा। परीक्षार्थियों से कहा गया है कि वे प्रवेश पत्र (एडमिट कार्ड) में दिए गए निर्देशों को ध्यानपूर्वक पढ़ कर परीक्षा केंद्र और केंद्र संख्या (सेंटर कोड) का अच्छे से मिलान कर सही परीक्षा केंद्र में निर्धारित समय तक पहुंचें। पानी बोतल व ये लेकर आएं नोडल अधिकारी ने बताया कि परीक्षार्थी अपने साथ अपना प्रवेश पत्र, फोटोयुक्त पहचान पत्र (आइडेंटिटी कार्ड - आधार कार्ड, पेन कार्ड आदि), प्रवेश पत्र में निर्देशित फ़ोटो (पासपोर्ट साइज एवं पोस्ट कार्ड साइज) के अतिरिक्त पारदर्शी पानी की बोतल लेकर आएं। एग्जाम सेंटर में ये लेकर न आएं, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस वर्जित- मोबाइल फ़ोन, स्मार्ट घड़ी, कोई अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स- ब्लू टूथ डिवाइस, इयरफोन माइक्रोफोन, पेजर आदि- कैलक्यूलेटर, लॉग टेबल, स्लाइड रूल्स, जॉमेट्री बॉक्स- पेन, पेंसिल, इरेज़र, स्केल (NTA बॉल पॉइंट पेन प्रदान करेगा)- किताबें, नोट्स, कागज, लिखित या प्रिंटेड सामग्री- हैंडबैग, पर्स, वॉलेट, गहने- कैमरा, रिकॉर्डर, कोई अन्य डिवाइस- खाने की सामग्री, परफ्यूम आदि- किसी भी कागजात की फोटोकॉपी- टोपी,मफलर, पूरी बाँह के वस्त्र। कलेक्टर, एसएसपी ने एग्जाम सेंटरों का लिया जायजा राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा 21 जून 2026 को आयोजित की जाने वाली नीट (UG)-2026 परीक्षा के सुचारू, निष्पक्ष और सुरक्षित संचालन को लेकर कलेक्टर संजय अग्रवाल और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने आज एग्जाम सेंटरों का निरीक्षण किया एवं दिशा निर्देश दिए। कड़ी सुरक्षा के बीच होंगे एग्जाम प्रशासन की ओर से एग्जाम सेंटरों की सुरक्षा, सीसीटीवी निगरानी, प्रश्नपत्रों के सुरक्षित भंडारण एवं परिवहन, यातायात प्रबंधन, विद्युत आपूर्ति, पेयजल, स्वच्छता और चिकित्सा सुविधाओं की समीक्षा की गई। इसी प्रकार संभावित मानसूनी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सभी परीक्षा केंद्रों में अभ्यर्थियों एवं उनके अभिभावकों की सुविधा के लिए वाटरप्रूफ शेड (अस्थायी आश्रय स्थल) तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा प्रवेश द्वारों एवं परिसर के बाहर भी ऐसी व्यवस्था की जाएगी ताकि वर्षा की स्थिति में परीक्षार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। ताकि बारिश परीक्षा में बाधा न बने..कलेक्टर ने कहा कि परीक्षा के दिन मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियां भी अभ्यर्थियों की परीक्षा में बाधा नहीं बननी चाहिए। इसके लिए सभी केंद्रों पर जल निकासी, वैकल्पिक विद्युत व्यवस्था तथा आपातकालीन संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। जिला स्तरीय कंट्रोल रूम की स्थापना जिला स्तरीय कंट्रोल रूम की स्थापना, सीसीटीवी निगरानी केंद्रों की सक्रियता, परीक्षा केंद्रों की पूर्व जांच, पुलिस बल की तैनाती तथा संवेदनशील गतिविधियों पर सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। प्रश्नपत्रों और ओएमआर शीटों की सुरक्षा के लिए निर्धारित प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाएगा। एग्जाम सेंटरों में पुलिस तैनात, एम्बुलेंस भी रहेगा परीक्षा केंद्रों पर स्वच्छ पेयजल, पर्याप्त पंखे, स्वच्छ शौचालय, प्राथमिक उपचार एवं एम्बुलेंस सुविधा उपलब्ध रहेगी। दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए भी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी। परीक्षा दिवस पर यातायात व्यवस्था सुचारू रखने तथा केंद्रों के आसपास कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष पुलिस व्यवस्था की जाएगी। इन सेंटरों में होगा एग्जाम नो़डल अधिकारी के मुताबिक शहर में 19 एग्जाम सेंटर बनाए गए हैं, इनमें पीएमश्री केंद्रीय विद्यालय बिलासपुर, पं देवकीनंदन दीक्षित कन्या हायर सेंकेडरी स्कूल, लाल बहादुर शास्त्री स्कूल, एसईसी रेलवे हायर सेंकेडरी स्कूल नंबर 1 और 2, गवर्नमेंट स्वामी आत्मानंद हायर सेंकेडरी स्कूल लिंगियाडीह, इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड स्टडीज इन एजुकेशन तारबाहर चौक, स्वामी आत्मानंद उत्कर्ष हिंदी मिडियम स्कूल, महारानी लक्ष्मी बाई स्कूल, लाला लाजपतराय इंग्लिश मिडियम स्कूल, जीजीवी कोनी बिल्डिंग नंबर 32, आर्ट्स एंड साइंस बिल्डिंग, इंजीनियरिंग कालेज बिरकोना, जेपी वर्मा कालेज, बिलासा गर्ल्स कालेज, न्यू आईटी बिल्डिंग, गुरू घासीदास विश्वविद्यालय, स्वामी आत्मानंद स्कूल तिफरा, सरकंडा एवं सकरी शामिल है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय अपने सूरजपुर दौरे के दौरान नवगठित नगर पंचायत शिवनंदनपुर पहुंचे, जहां उन्होंने नव निर्वाचित अध्यक्ष और पार्षदों के शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा लिया। इस मौके पर उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों को बधाई दी और उनके अच्छे कार्यकाल की कामना की। समारोह में अध्यक्ष और पार्षदों ने पद और गोपनीयता की शपथ ली। इस दौरान बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिवनंदनपुर की जनता ने भाजपा पर जो भरोसा जताया है, सरकार उसे विकास कार्यों के जरिए पूरा करेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार “सबका साथ, सबका विकास” के लक्ष्य के साथ काम कर रही है और आने वाले समय में यहां तेजी से विकास होगा। उन्होंने यह भी कहा कि नगर पंचायत बनने के बाद क्षेत्र में विकास कार्यों को गति मिलेगी और लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। कार्यक्रम के दौरान मुस्लिम समाज के लोगों ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और उन्हें गुलाब भेंट कर अपनी खुशी जताई।
राममंदिर ट्रस्ट में हुए दान, चंदे के घोटाले पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने मेरठ में कहा कि इस ट्रस्ट के बीज में ही गड़बड़ी है, उसमें सब कुशल कैसे होगा। कहा कि चंगूमंगू की जो एसआईटी इस घोटाले की जांच कर रही है, वो क्या जांच करेगी ये सबको पता होगा। ट्रस्ट प्रमुख कहते हैं कि ये हमारे रोजमर्रा का काम है, उल्लेखनीय नहीं है, यानि भगवान के दान को यहां रोज इसी तरह चोरी किया जा रहा है। ये चोरी इस सरकार और ट्रस्ट के लिए कोई मायने नहीं रखती। मतलब मंदिरों में रोजाना चोरियां हो रही हैं। अगर दान घोटाले की वाकई जांच करानी है तो शंकराचार्यों, अयोध्या के संतों को मिलाकर एसआईटी बनाई जाए, जो इस घोटाले की जांच करे। मांस बिक्री, अन्याय का पैसा ट्रस्ट में लगा गुरुवार को शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद मेरठ पहुंचे इस दौरान उन्होंने रामजन्मभूमि ट्रस्ट को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट की स्थापना ही गलत तरह से हुई है। आगे कहा कि जब रामजन्मभूमि के लिए ट्रस्ट बनाया जा रहा था रामजन्मभूमि शुद्ध रूप से धार्मिक मामला था। लेकिन इसमें सरकार कूद पड़ी। उसने अपने सरकारी खजाने से उस खजाने से जिसमें गाय की मांस बिक्री का पैसा रखा जाता है। टैक्स का पैसा रखा जाता है, अन्याय का पैसा भी रखा जाता है। उसमें से निकालकर एक रुपया दिया तब यह ट्रस्ट स्थापित हुआ। तो इस ट्रस्ट के अमूल यानि बीज में ही गड़बड़ी है। धर्माचार्यों को नहीं अपने पालतू विश्वस्तों को ट्रस्ट में बैठाया जब वहां बड़े-बड़े धर्माचार्य वहां मौजूद थे तो धर्माचार्यों के ट्रस्ट को क्यों ठुकराया गया। जिन पक्षकारों ने न्यायालय में पक्षकार बनकर के हिंदूओं की ओर से खड़े होकर मुकदमा लड़ा था तो उनको क्यों साइडलाइन किया गया। क्यों अपने भरोसेमंद लोगों को ट्रस्ट में बैठाया गया। अपने पालतू विश्चस्त लोगों को ट्रस्ट में बैठाने का मतलब ही था कि आगे चलकर हमारी नियत थी कि हमको चोरी करना है। ऐसे खास लोगों को बैठा दो कि बात बाहर न जाए, तो जिस काम के लिए ट्रस्ट बना था वो काम हो रहा है। का ट्रस्ट की शिकायत दर्ज नहीं हुई तो जांच कैसी आगे कहा कि ट्रस्ट ने तहरीर नहीं दी फिर भी जांच शुरू हो गई, क्या बिना मुकदमे के जांच होती है?' शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद महाराज ने राम मंदिर मामले में चल रही पुलिसिया कार्रवाई की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने अचरज जताते हुए कहा कि जब ट्रस्ट की तरफ से कोई आधिकारिक शिकायत ही दर्ज नहीं कराई गई, तो फिर जांच किस आधार पर की जा रही है। शंकराचार्य के इस बयान के बाद मंदिर की सुरक्षा और पारदर्शिता को लेकर एक बार फिर नई बहस छिड़ गई है। चंपतराय भाजपा के प्रवक्ता हैंकहा कि भगवान के चढ़ावे की चोरी हो रही है, वो भी उल्लेखनीय नहीं है। जो व्यक्ति ये सब कह रहा है कि ये सब रोज का काम है ये सब उल्लेखनीय नहीं है। तत्काल इस ट्रस्ट को बंद करना चाहिए। या देश के बड़े बड़े धर्माचार्यों, अखाड़े के प्रमुखों, शंकराचार्यों, आचार्यों को या फिर जिन लोगों ने न्यायालय में पक्षकार बनकर मुकदमा लड़ा था, हिंदू समुदाय की ओर से उन समस्त पैरोकारों को मिलाकर इस ट्रस्ट में शामिल किया जाए। उन्हें ये ट्रस्ट सौंपा जाए। जो चंगूमंगू बैठाकर काम हो रहा है उनको हटाया जाना चाहिए। उनके आदमी ने आकर कह दिया कि कुछ उल्लेखनीय नहीं है ये तो हमारे रोज का काम है। चंपतराय क्या भाजपा और उनके परिवार के प्रवक्ता नहीं है। वो कह रहे हैं कि ये हमारा रोजमर्रा का काम है। इस चोरी को वो लोग रोजमर्रा का काम समझते हैं। बिना एफआईआर के जांच कैसे हो रही है? यहां तहरीर ही नहीं है? साधु, संतों की एसआईटी करे जांचट्रस्ट की ओर से तहरीर ही नहीं है। योगी आदित्यनाथ सीएम के निर्देशानुसार ये जांच हो रही है। जहां सीधे पीएमओ इंवाल्व हैं वहां ये अफसर क्या जांच रिपोर्ट देंगे, ये एसआईअी बिल्कुल बेकार, बोगस है। अगर जांच कराना है तो अयोध्या के संतों, चारों शंकराचार्यों की कमेटी बनाकर जांच कराएं। उसमें बेशक सरकार या ट्रस्ट का भी एक आदमी रख लिया जाए लेकिन तब उस एसआईटी से जांच कराई जाए। तब दूध का दूध पानी का पानी होगा। यूपी सरकार कागजों में गाय को पशु मानती हैकहा कि यूपी सरकार गाय को माता नहीं कह पाती, उसे अभिलेखों में पशु की श्रेणी में रखा है। जब आप मंचों से गाय को माता मानते हैं, माता कहते हैं तो उसे कागजातों में आप माता क्यों नहीं कह पा रहे हैं। कहा कि झूठ के पैर बहुत लंबे नहीं होते हैं। अभी न्यायालय में मामला लंबित है इसलिए हम ज्यादा बोल नहीं रहे हैं।
जांजगीर जिले में कानून व्यवस्था को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडेय ने गुरुवार को सिटी कोतवाली जांजगीर का वार्षिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने थाना परिसर, सीसीटीएनएस व्यवस्था, मालखाना, शस्त्रागार, अभिलेखों और लंबित अपराधों की गहन समीक्षा की। निरीक्षण की शुरुआत पुलिस परेड से हुई। एसपी ने थाना स्टाफ से गुंडा, निगरानी बदमाशों और आदतन अपराधियों की गतिविधियों के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों से विभिन्न विषयों पर सवाल पूछकर उनकी कार्यकुशलता का परीक्षण किया। संतोषजनक जवाब देने वाले कर्मचारियों की सराहना करते हुए उन्हें पुरस्कृत करने के निर्देश भी दिए गए। एसपी पांडेय ने सीसीटीएनएस व्यवस्था की समीक्षा करते हुए डिजिटल पुलिसिंग को मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि एफआईआर से लेकर चालान तक की सभी प्रक्रियाएं समय पर ऑनलाइन अपडेट की जाएं, ताकि पारदर्शिता और जवाबदेही बनी रहे। एसपी ने अपराध नियंत्रण पर दिया जोर उन्होंने कहा कि जनता का विश्वास पुलिस की सबसे बड़ी ताकत है। पुलिसकर्मियों को आम नागरिकों के साथ संवेदनशील और मित्रवत व्यवहार करने की हिदायत दी गई। एसपी ने शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने और महिला एवं बाल अपराधों से जुड़े मामलों में त्वरित जांच और आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश दिए। अपराध समीक्षा बैठक में एसपी ने लंबित मामलों के शीघ्र निराकरण, वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अवैध शराब, गांजा और अन्य अवैध कारोबार में संलिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने तथा रात्रि गश्त बढ़ाने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए। एसपी ने गुंडा, निगरानी और आदतन बदमाशों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखने तथा कानून व्यवस्था प्रभावित करने वाले तत्वों पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करने को कहा। निरीक्षण के दौरान थाना स्टाफ को बेहतर पुलिसिंग और अपराध नियंत्रण के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।
पाली में मंडिया रोड ट्रीटमेंट प्लांट-1 और 2 के पीछे नदी के दूसरे छोर पर मिली पाइपलाइन में जो पानी आ रहा था, वह सीवर लाइन का निकला। जांच के दौरान सामने आया कि सीवर लाइन में हुए लीकेज के कारण यह पानी पाइपलाइन में पहुंच रहा था। अधिकारियों ने किसानों को जल्द ही लीकेज दुरुस्त करवाने का आश्वासन दिया है। किसान नेता वागाराम विश्नोई ने बांडी नदी में बिछी पाइपलाइन को लेकर प्रदूषण नियंत्रण मंडल के अधिकारियों और एसआईटी को सूचना दी थी। पाइपलाइन कहां से आ रही है, इसे लेकर नगर निगम और प्रदूषण नियंत्रण मंडल कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे पाए थे। मामला सामने आने के बाद रिटायर्ड जस्टिस संगीत लोढ़ा भी पाली पहुंचे। उन्होंने पाइपलाइन का निरीक्षण कर इसकी खुदाई कराने के निर्देश दिए, ताकि यह पता लगाया जा सके कि पाइपलाइन का स्रोत क्या है। इस दौरान टीम ने पाइपलाइन में बह रहे पानी के सैंपल भी लिए थे। अंतिम छोर तलाशने के लिए जारी रही खुदाई नगर निगम की टीम पाइपलाइन का अंतिम छोर खोजने के लिए गुरुवार को भी जेसीबी से खुदाई करवा रही थी। खुदाई के दौरान सामने आया कि सीवर लाइन में लीकेज होने से बह रहा पानी इस पाइपलाइन में पहुंच रहा था। मामले में प्रदूषण नियंत्रण मंडल के एईएन लोकेश ने बताया कि पाइपलाइन में सीवर लाइन का पानी आने की बात सामने आने के बाद किसान प्रतिनिधियों को इसकी जानकारी दे दी गई है।
बलौदाबाजार में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने पर जनसंपर्क विभाग द्वारा तीन दिवसीय फोटो प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है। मंगलवार को नगर भवन बलौदाबाजार में इस प्रदर्शनी का शुभारंभ पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल ने किया। यह प्रदर्शनी 16 से 18 जून तक चलेगी। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया। गौरीशंकर अग्रवाल ने इस अवसर पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने 12 वर्षों में देश के विकास और जनकल्याण के क्षेत्र में कई ऐतिहासिक कार्य किए हैं। सरकार की विभिन्न योजनाओं और नीतियों का लाभ समाज के सभी वर्गों तक पहुंचा है। उन्होंने प्रदर्शनी में प्रदर्शित विकास कार्यों और उपलब्धियों का अवलोकन करते हुए कहा कि यह आमजन को सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी देने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने नागरिकों से प्रदर्शनी का अवलोकन कर विकास यात्रा को समझने और योजनाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया। पूर्व विधायक शिवरतन शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन और मिशन पर प्रकाश डाला। उन्होंने प्रधानमंत्री के देश के प्रति समर्पण पर बात करते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी का भारत के निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में सबसे लंबा कार्यकाल है और उन्होंने अपने इस कार्यकाल में एक भी छुट्टी नहीं ली है। उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद युवाओं से अपील की कि प्रदर्शनी के माध्यम से सरकार की विभिन्न योजनाओं और विकास कार्यों की जानकारी सरल एवं प्रभावी ढंग से प्रदान करने का प्रयास किया गया है। उन्होंने युवाओं से इस प्रयास में सहभागी बनने का आग्रह किया। प्रदर्शनी में पिछले 12 सालों में देश और राज्य में हुए विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं को तस्वीरों और जानकारी के जरिए दिखाया गया। इसके साथ ही एलईडी स्क्रीन के माध्यम से भी सरकारी योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी दी जा रही है। प्रदर्शनी देखने आए नागरिकों, विद्यार्थियों और जनप्रतिनिधियों ने इसे काफी रुचि से देखा। यहां लोगों को कई योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई, जैसे प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, आयुष्मान भारत योजना, धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, पीएम श्री स्कूल योजना, उज्ज्वला योजना और प्रधानमंत्री जनमन योजना। इसके अलावा प्रदर्शनी में आधारभूत ढांचा, डिजिटल भारत, स्वच्छता, स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास से जुड़ी उपलब्धियों को भी दिखाया गया। इस मौके पर जिला पंचायत अध्यक्ष आकांक्षा जायसवाल, जनपद अध्यक्ष सुलोचना यादव, पूर्व विधायक डॉ. सनम जांगड़े, भारत स्काउट गाइड के राज्य उपाध्यक्ष विजय केशरवानी, जिला अध्यक्ष आनंद यादव, टेसू लाल धुरंधर सहित कई जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
बरेली नगर निगम में RI और पार्षद पति भिड़े:आरआई पर रिश्वत मांगने का आरोप, थाने पहुंचा मामला
बरेली नगर निगम में उस समय अफरातफरी मच गई जब हाउस टैक्स के मामले को लेकर पूर्व उपसभापति और भाजपा पार्षद पति अतुल कपूर और राजस्व निरीक्षक (आरआई) सच्चिदानंद सिंह के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। आरआई सच्चिदानंद सिंह पर रिश्वत लेने के बावजूद काम नहीं करने का आरोप लगा, तो वही आरआई ने भी सरकारी कार्य में बाधा, मारपीट और अभद्रता का आरोप लगाया है। दोनों ओर से बारादरी थाने में तहरीर दी गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। डेढ़ साल से रिश्वत का आरोप हंगामे की शुरुआत शाहदाना निवासी सीमा रानी की शिकायत से हुई। उनका आरोप है कि नगर निगम में उन पर 61,143 रुपए का हाउस टैक्स बकाया है। सीमा का दावा है कि डेढ़ साल पहले जब आरआई सच्चिदानंद उनके घर पहुंचे थे, तब उन्होंने मामला सुलझाने की एवज में 20 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। सीमा ने रुपए दे दिए लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। सीमा का कहना है कि जब समस्या का समाधान नहीं हुआ और हाल ही में आरआई ने फिर से पैसों की मांग की, तो उन्होंने रिश्वत देने से इनकार कर दिया। आरोप है कि इसके बाद आरआई ने घर की कुर्की कराने का दबाव बनाना शुरू कर दिया, जिससे परेशान होकर वे पार्षद पति के साथ 17 जून को नगर निगम पहुंचीं। आमने-सामने आए पार्षद पति और आरआई 17 जून को सीमा रानी, पार्षद पति अतुल कपूर और कई अन्य व्यापारियों के साथ आरआई के दफ्तर पहुंचीं। शिकायत के दौरान आरआई सच्चिदानंद सिंह और अतुल कपूर के बीच तीखी बहस हो गई। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस घटना के वीडियो में स्पष्ट देखा जा सकता है कि बात-बात पर दोनों पक्षों में जबरदस्त हॉट-टॉक हो रही है। इस दौरान मेज पर हाथ पटकने और अभद्र भाषा का प्रयोग करने की आवाजें भी सुनाई दे रही हैं। पार्षद पति ने आरआई पर काम लटकाने का आरोप लगाया, जबकि आरआई का दावा था कि वे केवल नियमों के दायरे में रहकर काम कर रहे हैं और पार्षद पति सरकारी काम में बाधा डाल रहे हैं। थाने पहुंचा मामला, पुलिस जांच में जुटी विवाद के बाद दोनों पक्षों ने बारादरी थाने में अपनी-अपनी तहरीर दी है। सीमा रानी ने आरआई सच्चिदानंद सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायत तहरीर दी है। वहीं, आरआई सच्चिदानंद ने सरकारी कार्य में बाधा डालने और दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए पार्षद पति के खिलाफ तहरीर दी है। पुलिस दोनों पक्षों की शिकायतों की जांच कर रही है। हंगामे के दौरान हुई बातचीत में आरआई ने कहा कि वे कोई भी गैर-कानूनी काम नहीं करते हैं, जिस पर पार्षद पति भड़क गए और कहा कि तुम जैसे अधिकारियों की वजह से ही व्यवस्था डूब रही है। इसके जवाब में आरआई ने कहा कि आप जैसे पार्षदों की वजह से छवि खराब हो रही है।
बांसवाड़ा में भारतीय जनता पार्टी की ओर से गुरुवार को हरिदेव जोशी रंगमंच पर ‘विकसित भारत संकल्प प्रबुद्धजन सम्मेलन’ का आयोजन किया गया। राज्यसभा सांसद बनने के बाद पहली बार बांसवाड़ा पहुंचे पूर्व भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया का पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया। सम्मेलन में बड़ी संख्या में प्रबुद्धजन, भाजपा कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे। विकसित भारत के लिए प्रबुद्धजन निभाएं अहम भूमिका सम्मेलन के मुख्य वक्ता राज्यसभा सांसद सतीश पूनिया ने अपने संबोधन में कहा कि देश को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में प्रबुद्ध वर्ग की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि समाज के बुद्धिजीवियों का मार्गदर्शन और सक्रिय सहभागिता विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए जरूरी है। पूनिया ने उपस्थित लोगों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के विजन को आगे बढ़ाने में सहयोग करने का आह्वान किया। राष्ट्र निर्माण और संगठन सुदृढ़ीकरण का लिया संकल्प कार्यक्रम के दौरान नेताओं और कार्यकर्ताओं ने राष्ट्र निर्माण, संगठन सुदृढ़ीकरण तथा सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का सामूहिक संकल्प दोहराया। वक्ताओं ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाना संगठन की प्राथमिकता है। वरिष्ठ नेताओं और प्रबुद्धजनों की रही मौजूदगी सम्मेलन में नाहर सिंह जोधा, हकरू मईड़ा, प्रदेश उपाध्यक्ष पूंजीलाल गायरी सहित भाजपा के कई वरिष्ठ पदाधिकारी, मोर्चा अध्यक्ष और कार्यकर्ता मौजूद रहे। हरिदेव जोशी रंगमंच पर आयोजित कार्यक्रम में शहर के प्रबुद्ध नागरिकों, डॉक्टरों, वकीलों, शिक्षाविदों और व्यापारियों ने भी बड़ी संख्या में भाग लिया। पूरे कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल देखने को मिला।
रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने लखनऊ स्टेशन पर दूसरे व्यक्तियों के नाम पर आरक्षित टिकटों से यात्रा कर रहे तीन यात्रियों को पकड़ते हुए एक टिकट दलाल के खिलाफ भी कार्रवाई की है। जांच के दौरान फर्जी तरीके से नाम बदलकर तैयार किए गए टिकट और आधार कार्ड का इस्तेमाल सामने आया है। मामले में रेलवे अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। उत्तर रेलवे और पूर्वोत्तर रेलवे की अपराध आसूचना शाखा (सीआईबी) तथा आरपीएफ चारबाग की संयुक्त टीम ने गुरुवार को ‘ऑपरेशन उपलब्ध’ के तहत यह कार्रवाई की। टीम ने गाड़ी संख्या 01080 लोकमान्य तिलक टर्मिनस–गोरखपुर एक्सप्रेस के एस-3 कोच की जांच के दौरान तीन यात्रियों को संदिग्ध पाए जाने पर पूछताछ की। आधार कार्ड और टिकट में मिली गड़बड़ी जांच में यात्रियों रजीउल्लाह महताब हुसैन खान (34), आफरीन रजीउल्लाह खान (31) और परवीन मोहम्मद नदीम खान (35), निवासी नवी मुंबई के आधार कार्डों में दर्ज नाम और क्यूआर कोड में छेड़छाड़ पाई गई। इसके अलावा उनके पास मौजूद आरक्षित टिकट भी दूसरे व्यक्तियों के नाम पर बुक थे। 2500 रुपये प्रति व्यक्ति लेकर उपलब्ध कराए गए टिकट पूछताछ में यात्रियों ने बताया कि उन्होंने मुंबई निवासी टिकट दलाल अशरफ मोहम्मद जब्बार शेख को यूपीआई के माध्यम से 2500 रुपये प्रति व्यक्ति भुगतान किया था। आरोप है कि दलाल ने पहले से बुक टिकटों में नाम एडिट कर और आधार कार्ड में बदलाव कर उन्हें यात्रा के लिए उपलब्ध कराया था। फर्जी दस्तावेज और भुगतान संबंधी साक्ष्य जब्त आरपीएफ ने फर्जी आधार कार्ड, टिकट और डिजिटल भुगतान से जुड़े साक्ष्य जब्त कर लिए हैं। अधिकारियों के अनुसार मामले की विस्तृत जांच की जा रही है ताकि इस तरह के फर्जी टिकट नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी पहचान की जा सके। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि तीनों यात्रियों और टिकट दलाल के खिलाफ रेलवे अधिनियम के तहत आवश्यक कानूनी कार्रवाई की गई है। कार्रवाई आरपीएफ क्राइम ब्रांच उत्तर रेलवे, पूर्वोत्तर रेलवे और आरपीएफ चारबाग की संयुक्त टीम द्वारा की गई।
जयपुर के शास्त्री नगर स्थित कांवटिया सर्किल पर सड़क सुरक्षा-जीवन रक्षा अभियान के अंतर्गत एक विशेष नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया। 'रस रंग मंच संस्था' के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत इस लघु नाटक का शीर्षक फर्क तो पड़ता है भई था, जिसके जरिए आमजन को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया गया। नाटक में 'विक्रम-वेताल' की प्रसिद्ध कहानी के माध्यम से 'शांतपुर' और 'अशांतपुर' नामक दो नगरों के बीच का अंतर बेहद रोचक तरीके से दिखाया गया। कलाकारों ने संदेश दिया कि यदि हम यातायात के नियमों का पालन करेंगे, तो सुरक्षित रहने के साथ-साथ एक स्वस्थ और अनुशासित समाज का निर्माण भी कर पाएंगे। इस नाटक ने वहां मौजूद हर आम और खास व्यक्ति के दिल में यातायात नियमों का अनिवार्य रूप से पालन करने की अलख जगाई। इन्होंने किया अभिनय इस लोकप्रिय नाटक का लेखन और निर्देशन हिमांशु झाकल ने किया। मंच पर रति महर्षि, के.के. कोहली, अजीत माथुर, मुकेश वर्मा, महेश महावर और खुद हिमांशु झाकल ने अपने जीवंत अभिनय से दर्शकों को बांधे रखा। नियम मानना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी: परिवहन निरीक्षक इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित वरिष्ठ परिवहन निरीक्षक दिनेश सिंह ने कहा कि सड़क सुरक्षा के नियमों का पालन करना किसी एक की नहीं, बल्कि हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। सभी को मन से सड़क सुरक्षा के नियमों को अपने जीवन में उतारना चाहिए। गौरतलब है कि इस प्रसिद्ध नाटक की यह 98वीं प्रस्तुति थी। इस अनूठी मुहिम के जरिए अब तक 500 से अधिक लोगों तक सीधे यातायात सुरक्षा का जरूरी संदेश पहुंचाया जा चुका है।
दुर्ग में प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण को लेकर प्रशासन और दुकानदारों के बीच गतिरोध की स्थिति बन गई है। जिला प्रशासन पंडित रविशंकर शुक्ल स्टेडियम को अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाओं के साथ विकसित करने की तैयारी में है, जबकि दशकों से परिसर के आसपास व्यवसाय कर रहे दुकानदार अपने भविष्य और रोजगार को लेकर चिंतित हैं। मंगलवार को हुई जिला क्रीड़ांगन समिति की बैठक में स्टेडियम परिसर की दुकानों को अनुबंध शर्तों के अनुसार एक माह का नोटिस देकर खाली कराने का निर्णय लिया गया। इस फैसले के अगले ही दिन, दुकानदारों ने कलेक्टर जनदर्शन पहुंचकर पुनर्वास की मांग की और स्पष्ट किया कि वैकल्पिक व्यवस्था के बिना वे दुकानें खाली नहीं करेंगे। दुकानदारों ने बुधवार को कलेक्टर जनदर्शन में आवेदन सौंपकर अपनी समस्या बताई। दुकानदार शेख रज्जाक ने कहा कि वे स्टेडियम निर्माण के विरोध में नहीं हैं, लेकिन उनके परिवारों की आजीविका का भी ध्यान रखा जाना चाहिए। रज्जाक ने बताया, हम चाहते हैं कि स्टेडियम बने, अच्छा बने और हमारे बच्चे भी वहां खेलें। लेकिन उससे पहले हमें ट्रांसपोर्ट नगर या कोई वैकल्पिक जगह दी जाए। अचानक एक महीने का समय देकर दुकानें खाली करने को कहा जाएगा तो हम कहां जाएंगे? उन्होंने आगे बताया कि लगभग 40 वर्षों से यहां व्यवसाय कर रहे लोग आज अनिश्चितता में हैं। स्टेडियम परिसर में करीब 100 दुकानें संचालित हो रही हैं, जिनमें औसतन चार से पांच लोग कार्यरत हैं। इस प्रकार, लगभग 500 परिवारों की रोजी-रोटी इन दुकानों पर निर्भर है। दुकानदारों का आरोप है कि वे पिछले कई वर्षों से पुनर्वास की मांग कर रहे हैं, लेकिन उन्हें केवल आश्वासन ही मिला है। शेख रज्जाक के अनुसार, दुकानदार पांच बार जनदर्शन में आवेदन दे चुके हैं और एसडीएम, कलेक्टर, विधायक तथा मंत्रियों तक अपनी बात पहुंचा चुके हैं, लेकिन अब तक किसी ठोस वैकल्पिक व्यवस्था की घोषणा नहीं की गई है। उन्होंने कहा, “हर बार कहा जाता है कि उनसे मिलिए, इनसे मिलिए, लेकिन समाधान कहीं नहीं मिला। अब अखबारों के जरिए पता चल रहा है कि दुकानें तोड़ी जाएंगी। अगर बुलडोजर चल गया तो हम अपने परिवारों का पालन-पोषण कैसे करेंगे?” आवेदन में पुनर्वास की मांग दुकानदारों द्वारा कलेक्टर को दिए गए आवेदन में कहा गया है कि समाचार पत्रों से जानकारी मिली है कि रविशंकर स्टेडियम का पुनर्विकास किया जाना है और इसके लिए दुकानों को खाली कराया जाएगा। आवेदन में उल्लेख किया गया है कि स्टेडियम परिसर में विभिन्न प्रकार के व्यवसाय कर रहे लोग अपने परिवारों का पालन-पोषण कर रहे हैं। यदि उन्हें बिना वैकल्पिक व्यवस्था के हटाया गया तो उनके सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो जाएगा। दुकानदारों ने मांग की है कि दुकानें खाली कराने से पहले सभी व्यवसायियों का व्यवस्थित पुनर्वास किया जाए ताकि उनके रोजगार पर असर न पड़े। समिति की बैठक में क्या हुआ? मंगलवार को स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव और जिला क्रीड़ांगन समिति के अध्यक्ष एवं कलेक्टर अभिजीत सिंह की मौजूदगी में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में पंडित रविशंकर शुक्ल स्टेडियम के पुनर्विकास, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम निर्माण, जर्जर भवनों के अपलेखन और खेल सुविधाओं के विस्तार से जुड़े कई प्रस्तावों पर चर्चा हुई। समिति ने निर्णय लिया कि स्टेडियम परिसर में संचालित दुकानों के अनुबंधों की समीक्षा के बाद विकास कार्यों और सुरक्षा को देखते हुए दुकानदारों को अनुबंध की शर्तों के अनुसार एक माह का नोटिस जारी किया जाएगा। साथ ही सुरक्षा निधि का भुगतान और समायोजन नियमानुसार किया जाएगा। इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए नगर निगम आयुक्त, एसडीएम और अन्य संबंधित अधिकारियों को अधिकृत किया गया है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम की तैयारी बैठक में बताया गया कि पंडित रविशंकर शुक्ल स्टेडियम की भूमि पर आधुनिक सुविधाओं से युक्त अंतरराष्ट्रीय स्तर का क्रिकेट स्टेडियम विकसित करने की दिशा में प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए बैडमिंटन कोर्ट को छोड़कर शेष भूमि को छत्तीसगढ़ राज्य क्रिकेट संघ के माध्यम से भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) को 33 वर्षों की लीज पर देने का प्रस्ताव राज्य शासन को भेजा जाएगा। प्रशासन का मानना है कि इस परियोजना के पूरा होने के बाद दुर्ग जिला प्रदेश के प्रमुख खेल केंद्रों में शामिल हो जाएगा और स्थानीय खिलाड़ियों को राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं मिल सकेंगी। जर्जर भवनों और अतिक्रमणों पर भी कार्रवाई बैठक में लोक निर्माण विभाग की रिपोर्ट के आधार पर पंडित रविशंकर शुक्ल स्टेडियम और मानस भवन को अत्यंत जर्जर एवं अनुपयोगी घोषित किए जाने के बाद उनके अपलेखन पर सहमति बनी। इसके अलावा प्रस्तावित क्रिकेट स्टेडियम निर्माण के लिए आवश्यक भूमि को अतिक्रमण और अवरोधों से मुक्त कराने का भी निर्णय लिया गया। इसके तहत स्टेडियम परिसर और आसपास स्थित एसएलआरएम सेंटर, उद्यान, गुमटियों तथा अन्य अस्थायी एवं स्थायी संरचनाओं को हटाने की कार्रवाई की जाएगी।
नशा तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) चंडीगढ़ जोनल यूनिट और चंडीगढ़ पुलिस ने पाकिस्तान से जुड़े एक बड़े ड्रग सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में एक प्रैक्टिसिंग वकील समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के कब्जे से 793 ग्राम मेथामफेटामाइन (आइस), 10 ग्राम हेरोइन और 250 ग्राम पोस्त बरामद की गई है। एनसीबी अधिकारियों के अनुसार ट्राईसिटी क्षेत्र में सक्रिय नशा तस्करी नेटवर्क के बारे में खुफिया सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर एनसीबी और चंडीगढ़ पुलिस की संयुक्त टीम ने निगरानी शुरू की। इसी दौरान एक संदिग्ध वाहन को रोका गया, जिसे एक वकील चला रहा था। वाहन की तलाशी लेने पर उसमें से 93 ग्राम मेथामफेटामाइन (आइस) और 10 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। इसके बाद आरोपी से पूछताछ की गई और मिली जानकारी के आधार पर टीम ने पंजाब के खरड़ स्थित एक फ्लैट पर छापा मारा। खरड़ के फ्लैट से मिली बड़ी खेप एनसीबी टीम ने जब फ्लैट की तलाशी ली तो वहां से 700 ग्राम मेथामफेटामाइन (आइस) और 250 ग्राम पोस्त बरामद हुई। इस तरह पूरी कार्रवाई के दौरान कुल 793 ग्राम आइस, 10 ग्राम हेरोइन और 250 ग्राम पोस्त जब्त की गई। अधिकारियों का कहना है कि यह बरामदगी ट्राईसिटी क्षेत्र में हाल के समय की बड़ी ड्रग रिकवरी में से एक है। बरामद नशे की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है। छापेमारी के दौरान फ्लैट में एक महिला मिली छापेमारी के दौरान फ्लैट में एक महिला भी मौजूद थी, जो मुख्य आरोपी के साथ रह रही थी। जांच में सामने आया कि वह नशा तस्करी के नेटवर्क को संचालित करने और ड्रग्स की सप्लाई में आरोपी की मदद कर रही थी। इसके बाद एनसीबी ने उसे हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि महिला की नेटवर्क में क्या भूमिका थी और वह कब से इस अवैध कारोबार से जुड़ी हुई थी। कमर्शियल मात्रा से 16 गुना ज्यादा आइस बरामद एनसीबी के अनुसार बरामद की गई मेथामफेटामाइन की मात्रा एनडीपीएस एक्ट के तहत निर्धारित कमर्शियल मात्रा से करीब 16 गुना अधिक है। कानून के अनुसार इतनी बड़ी मात्रा में नशीला पदार्थ मिलने पर आरोपी को कड़ी सजा हो सकती है। मेथामफेटामाइन, जिसे आम भाषा में आइस कहा जाता है, एक बेहद खतरनाक सिंथेटिक ड्रग है। इसके सेवन से मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ता है। हाल के वर्षों में युवाओं के बीच इसकी मांग बढ़ने से तस्करी के मामलों में भी इजाफा हुआ है। पहले भी दर्ज हो चुका है मामला जांच के दौरान यह भी सामने आया कि मुख्य आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड पहले से मौजूद है। उसके खिलाफ वर्ष 2023 में चंडीगढ़ के सेक्टर-36 थाना क्षेत्र में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। अब जांच एजेंसियां आरोपी के पुराने रिकॉर्ड खंगाल रही हैं। यह पता लगाया जा रहा है कि वह लंबे समय से नशा तस्करी के कारोबार से जुड़ा हुआ था या हाल के वर्षों में उसने अपना नेटवर्क बढ़ाया। पाकिस्तान नेटवर्क से जुड़े तार प्रारंभिक जांच में एनसीबी को इस मामले में अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क के संकेत मिले हैं। एजेंसी का दावा है कि गिरफ्तार आरोपियों के तार पाकिस्तान आधारित ड्रग सिंडिकेट से जुड़े हैं। जांच में सामने आया है कि यह नेटवर्क तकनीकी रूप से काफी सक्रिय था और विभिन्न राज्यों में नशे की सप्लाई कर रहा था। एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि ड्रग्स की खेप भारत में किस रास्ते से पहुंच रही थी और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं। एनसीबी और चंडीगढ़ पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की फंडिंग, सप्लाई चेन, बैंक लेन-देन और संपर्क सूत्रों की जांच कर रही हैं। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस सिंडिकेट से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं।
दमोह जिला कोर्ट परिसर से बुधवार शाम अवैध हथियारों के साथ हिरासत में लिए गए संदिग्धों में से चार मुख्य आरोपियों पर कोतवाली पुलिस केस दर्ज कर लिया है। सभी आरोपियों को गुरुवार दोपहर कड़ी सुरक्षा के बीच कोर्ट में पेश किया गया। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से कोर्ट परिसर में गवाही के दौरान होने वाली एक बड़ी अनहोनी टल गई। हत्या के मामले में चल रही थी गवाही यह कार्रवाई बुधवार शाम को उस समय हुई जब दमोह जिला न्यायालय में एक सनसनीखेज हत्या के मामले की सुनवाई चल रही थी। इस मामले से जुड़े दोनों पक्षों के लोग गवाही देने के लिए कोर्ट पहुंचे थे। दोनों पक्षों के बीच कोर्ट परिसर में ही भारी तनातनी चल रही थी, जिससे वहां किसी बड़ी हिंसक घटना की पूरी आशंका बनी हुई थी। मुखबिर की सूचना पर कोतवाली टीआई ने की घेराबंदी कोतवाली टीआई मनीष कुमार ने बताया कि वे किसी अन्य विभागीय कार्य से जिला कोर्ट गए हुए थे। इसी दौरान मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली कि कोर्ट परिसर में गवाही के लिए आए पक्षों के कुछ लोग अवैध हथियारों के साथ घूम रहे हैं। पुलिस टीम ने तुरंत मुस्तैदी दिखाते हुए घेराबंदी की और संदिग्धों को दबोच लिया। शुरुआत में 10 से अधिक लोगों को हिरासत में लेकर थाने लाया गया था। पूछताछ के बाद 4 पर केस, नाबालिग भी शामिल थाने में की गई कड़ाई से पूछताछ और तलाशी के बाद पुलिस ने चार आरोपियों पर आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया। पकड़े गए आरोपियों में बिलवारी मोहल्ला निवासी सुमित रैकवार (20), लोको दमोह निवासी शैलेंद्र रैकवार (22), कचौरा बाजार निवासी रोहन विश्वकर्मा (21) और एक नाबालिग शामिल है। जो लोग पूछताछ में सही जानकारी नहीं दे पाए, उन्हें बाद में हिदायत देकर छोड़ा गया। पिस्टल, जिंदा कारतूस और धारदार चाकू बरामद पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में अवैध हथियार बरामद किए हैं। इनमें एक अवैध देशी पिस्टल, दो जिंदा कारतूस और तीन घातक बटनदार चाकू शामिल हैं। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी ये हथियार कहां से लेकर आए थे।
रामानुजगंज नगर पालिका परिषद के वार्ड क्रमांक-15 के पार्षद और भाजपा मंडल महामंत्री सिद्धांत यादव ने ग्राम पंचायत रामचंद्रपुर निवासी शमशेर आलम के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने रामानुजगंज थाने में शिकायत देकर आरोप लगाया है कि शमशेर आलम ने छत्तीसगढ़ के मंत्री और क्षेत्रीय विधायक रामविचार नेताम के खिलाफ सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक वीडियो पोस्ट किया है। शिकायत में बताया गया है कि 17 जून 2026 को इंस्टाग्राम, फेसबुक और व्हाट्सएप पर ऐसा वीडियो डाला गया, जिसमें मंत्री के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया और जान से मारने व गंभीर नुकसान पहुंचाने जैसी धमकियां भी दी गईं। शिकायतकर्ता का कहना है कि वीडियो में लगाए गए आरोप पूरी तरह गलत और बिना किसी आधार के हैं। इसका मकसद मंत्री की छवि को नुकसान पहुंचाना है। उन्होंने यह भी कहा कि रामविचार नेताम एक लोकप्रिय जनप्रतिनिधि हैं और उनका क्षेत्र में अच्छा जनसमर्थन है। सिद्धांत यादव ने कहा कि इस तरह की हरकत से लोगों में नाराजगी फैल रही है और इससे माहौल खराब हो सकता है। उन्होंने पुलिस से मांग की है कि आरोपी के खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जाए और विवादित वीडियो को सोशल मीडिया से हटवाया जाए। फिलहाल पुलिस ने शिकायत ले ली है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। इस दौरान भाजपा नेता शैलेश गुप्ता, आकाश गुप्ता और शुभम गुप्ता भी मौजूद रहे।
कोटा में अनैतिक गतिविधियों में उपयोग दो मकानों को ध्वस्त कर दिया गया। पुलिस और नगरपालिका की संयुक्त कार्रवाई के दौरान जेसीबी मशीनों से दोनों अवैध निर्माणों पर पीला पंजा चलाया गया। इन मकानों की अनुमानित कीमत एक करोड़ रुपए से अधिक बताई जा रही है। ग्रामीण पुलिस ने ऑपरेशन क्रिमिनल डस्टिंग के तहत इटावा कस्बे में गुरुवार को यह बड़ी कार्रवाई की। एसपी सुजीत शंकर ने बताया- कुछ दिन पहले जिला विशेष शाखा और इटावा पुलिस ने खातौली रोड स्थित दो मकानों पर दबिश देकर अनैतिक कार्यों में लिप्त 5 महिलाओं और 4 पुरुषों को गिरफ्तार किया था। शबनम, हनीसा बानो निवासी खातौली रोड इटावा थाना के 2 मकानों में अनैतिक कार्य पर छापा मारा गया था। जांच में सामने आया कि जिन मकानों में यह गतिविधियां संचालित हो रही थीं। वे अवैध रूप से बनाए गए थे। वहीं अवैध कार्यों से मिले रुपए से इन्हें बनाया था। अनैतिक कार्य के कारण पड़ोसी खाली कर रहे थे मकान अनैतिक कार्यों के चलते आस-पड़ोस के लोग अपने मकान बेचकर जाने लगे थे। यह कार्रवाई होने के बाद इलाके के लोग खुश नजर आए। नगरपालिका इटावा और प्रशासन द्वारा नियमानुसार नोटिस जारी किए जाने के बाद गुरुवार को दोनों मकानों को ध्वस्त कर दिया गया। ऑपरेशन क्रिमिनल डस्टिंग के तहत कोटा ग्रामीण पुलिस सक्रिय अपराधियों की सूची तैयार कर उनकी अवैध संपत्तियों को चिन्हित की जा रही है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रामकल्याण मीणा और डीवाईएसपी कैलाश मीणा के निर्देशन में जिलेभर में इस तरह की कार्रवाई की जा रही है। कार्रवाई के दौरान एसडीएम हेमंत घनघोर, नगरपालिका ईओ राजूलाल मीना, वृत्ताधिकारी ओमप्रकाश सरावग, थानाधिकारी अजीत सिंह आदि मौजूद रहे।
मोकामा के जदयू विधायक अनंत सिंह का काफिला गुरुवार शाम सड़क हादसे का शिकार हो गया। 15 कारों में सबसे आगे अनंत सिंह की गाड़ी चल रही थी। सड़क किनारे ट्रक लाइन से खड़े थे। अनंत सिंह की गाड़ी आगे निकल गई। उनके पीछे दूसरी गाड़ी खड़े ट्रक से टकरा गई। जिसके बाद पीछे से चल रही 4 और गाड़ियां एक-दूसरे से टकरा गईं। हादसे में किसी को चोट नहीं लगी है। अनंत सिंह भी सुरक्षित हैं। बताया जा रहा कि अनंत सिंह बादपुर गांव में शादी समारोह में शामिल होने गए थे। वहां से लौटते वक्त एक्सीडेंट हो गया। घटना अथमलगोला थाना के सबनिमा पेट्रोल पंप के पास की है। मौके से आई कुछ तस्वीरें… घटनास्थल पर 5 मिनट तक रुके अनंत सिंह एक्सीडेंट के बाद अनंत सिंह ने तुरंत अपनी गाड़ी रुकवाई। इसके बाद उन्होंने अपने लोगों से हाल-चाल पूछा। जब उन्होंने देखा कि सभी लोग ठीक हैं तो वे वहां से निकल गए। वे घटनास्थल पर करीब 5 मिनट तक रुके। गाड़ियां साइड कर दी गईं हैं अथमलगोला थाना अध्यक्ष राहुल कुमार नवनीत ने बताया कि अनंत सिंह के काफिला की गाड़ी आपस में टकरा गईं। जिससे चार गाड़ियां क्षतिग्रस्त हुई है। हालांकि जान माल की क्षति नहीं हुई है। अनंत सिंह की गाड़ी का एक्सीडेंट नहीं हुआ है। क्षतिग्रस्त गाड़ी को फोरलेन किनारे कर दिया गया है। आवागमन बाधित नहीं हुई है।
मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होने के विरोध में महिला कांग्रेस ने जबलपुर के घंटाघर चौराहे पर गुरुवार को प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री का पुतला फूंका और प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई। पुलिस ने महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुतला दहन करने से रोकने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हल्की झड़प हुई। पुलिस ने पानी की बौछारें कर और घेराबंदी करके पुतले को जब्त करने की कोशिश की, लेकिन कार्यकर्ता सरकार विरोधी नारेबाजी करते हुए पुतला जलाने पर अड़े रहे। झड़प के बीच एक बड़ा हादसा होते-होते बचा। पुतले में आग लगाने के बाद पुलिस की खींचतान के कारण उसका जलता हुआ हिस्सा महिला कांग्रेस की नेत्री प्रियंका सोनी पर गिरने वाला था। आसपास मौजूद कार्यकर्ताओं ने तुरंत आग बुझाई। इस घटना के बाद महिला कांग्रेस की संयुक्त सचिव प्रियंका सोनी ने भाजपा सरकार पर महिला विरोधी होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार आरक्षण की आड़ में महिलाओं को मौका नहीं दे रही है। सोनी ने दावा किया कि मीनाक्षी नटराजन का नामांकन एक सोची-समझी रणनीति के तहत निरस्त किया गया है।
सीतामढ़ी में शराब लदे ट्रक से लूट:बच्चे महिलाएं और बुजुर्ग कार्टन लेकर भागते दिखे, वीडियो वायरल
बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू होने के बावजूद सीतामढ़ी जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। बोखड़ा थाना क्षेत्र के बुधनगरा पुल के पास हिमाचल प्रदेश नंबर के एक ट्रक से शराब लूटने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में बड़ी संख्या में लोग ट्रक से अंग्रेजी शराब और बीयर के कार्टन निकालते दिखाई दे रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रक में विभिन्न ब्रांड की अंग्रेजी शराब और बीयर लदी हुई थी। मोटरसाइकिल पर कार्टन लादकर ले जा रहे वीडियो में पुरुषों के साथ-साथ बच्चे, बुजुर्ग महिलाएं और मोटरसाइकिल सवार युवक भी शराब के कार्टन और बोतलें लेकर जाते नजर आ रहे हैं। कुछ लोग हाथों में बोतलें लिए दिख रहे हैं, तो कुछ मोटरसाइकिल पर कार्टन लादकर ले जा रहे हैं। पुपरी डीएसपी सुनीता कुमारी ने घटना की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि बुधनगरा पुल के पास हिमाचल प्रदेश नंबर के एक ट्रक में शराब होने की गुप्त सूचना मिली थी। ट्रक में मौजूद शराब की गिनती की जा रही सूचना के आधार पर ट्रक को जब्त कर लिया गया है और उसे थाने लाया गया है। फिलहाल, ट्रक में मौजूद शराब की गिनती की जा रही है। जांच के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि ट्रक से कितने कार्टन और कितनी लीटर शराब बरामद हुई है। यह वीडियो बिहार में शराबबंदी कानून के क्रियान्वयन पर सवाल उठा रहा है।
छिंदवाड़ा के लालबाग क्षेत्र स्थित विशाल मेगा मार्ट के पास गुरुवार शाम तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर बिजली के खंभे से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि पास में लगा एक छोटा एडवर्टाइजमेंट पोल भी टूटकर नीचे गिर पड़ा और वहां खड़ी एक कार पर जा गिरा। हादसे में एक अन्य कार और बाइक समेत कुल चार वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। घटना का सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में कार टर्निंग के दौरान अचानक अनियंत्रित होकर बिजली के खंभे से टकराती दिखाई दे रही है। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लोगों की भीड़ जमा हो गई। देखें दो तस्वीरें… पुलिसकर्मी के चलाने की बात सामने आई प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के समय कार चला रहा व्यक्ति पुलिसकर्मी था और वह वर्दी में था। हालांकि देर रात तक उसकी पहचान सार्वजनिक नहीं की गई थी। हादसे में शामिल वाहन का नंबर MP28 ZK 6558 बताया जा रहा है। कार के आगे और पीछे पुलिस लिखा हुआ था। हादसे के कारणों की जांच शुरू घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। फिलहाल यह पता लगाया जा रहा है कि हादसा तेज रफ्तार, लापरवाही या वाहन में किसी तकनीकी खराबी के कारण हुआ। गनीमत रही कि हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन चार वाहन क्षतिग्रस्त हो गए।
छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के गुरुर में बिजली विभाग के एक कर्मचारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। मृतक की पहचान देवेंद्र साहू (40) निवासी भिलाई-3 के रूप में हुई है। वह पिछले आठ वर्षों से गुरुर के दानीटोला वार्ड में किराए के मकान में रह रहे थे। पुलिस के अनुसार देवेंद्र साहू बिजली विभाग में लाइन अटेंडर के पद पर कार्यरत थे। उनका शव गुरुवार सुबह बोहारडीह सब स्टेशन के सामने स्थित हाईटेंशन बिजली टॉवर पर मिला। घटना की जानकारी मिलने पर गुरुर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को नीचे उतरवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। प्रारंभिक जांच में मामला पारिवारिक विवाद से जुड़ा बताया जा रहा है। हालांकि पुलिस का कहना है कि परिजनों और अन्य लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं तथा जांच पूरी होने के बाद ही मौत के कारणों का स्पष्ट पता चल सकेगा। गुरुर पुलिस के अनुसार देवेंद्र साहू को वर्ष 2017 में अपने पिता के निधन के बाद अनुकंपा नियुक्ति मिली थी। वे अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ गुरुर में रह रहे थे। घटना के बाद परिवार और सहकर्मियों में शोक का माहौल है। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है और मामले की जांच जारी है।
कटनी जिले के ग्राम बचैया में गुरुवार देर शाम जन चौपाल का आयोजन किया गया। स्कूल परिसर में आयोजित इस चौपाल में कलेक्टर आशीष कुमार तिवारी और एसपी अभिनव विश्वकर्मा सहित विभिन्न विभागों के आला अधिकारियों ने सीधे ग्रामीणों से संवाद किया। चौपाल में सरकारी योजनाओं की समीक्षा करने के साथ ही मौके पर आईं 42 से अधिक लिखित शिकायतों को सुनकर उनके त्वरित समाधान के निर्देश दिए गए। 11वीं का रिजल्ट सिर्फ 22%; कलेक्टर ने दी कार्रवाई की चेतावनी चौपाल में ग्रामवासियों ने ए.एल. राय शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के गिरते शिक्षा स्तर और खराब रिजल्ट को लेकर कलेक्टर को एक सामूहिक शिकायत पत्र सौंपा। ग्रामीणों ने बताया कि स्कूल का वार्षिक परीक्षा परिणाम बेहद निराशाजनक रहा है, जिसमें कक्षा 12वीं का रिजल्ट 32 प्रतिशत, कक्षा 9वीं का 25 प्रतिशत और कक्षा 11वीं का परिणाम महज 22 प्रतिशत आया है। कलेक्टर ने इस पर कड़ी नाराजगी जताते हुए मौके पर मौजूद BEO मनोज गर्ग को व्यवस्था सुधारने की सख्त हिदायत दी और कहा कि नतीजों में सुधार न होने पर लापरवाह स्टाफ के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी। बचैया से सिन्दुरसी मार्ग पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा ग्रामीणों ने बचैया से सिन्दुरसी तक जाने वाले मुख्य मार्ग के अत्यंत जर्जर और गड्ढों में तब्दील होने की शिकायत प्रमुखता से उठाई। उन्होंने बताया कि सड़क खराब होने से आए दिन हादसे हो रहे हैं। इस पर संज्ञान लेते हुए कलेक्टर तिवारी ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को जनता की परेशानी दूर करने के लिए मार्ग का मरम्मत और निर्माण कार्य तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए। राजस्व से जुड़ी सर्वाधिक शिकायतें मिली जन चौपाल में कुल 42 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें सबसे ज्यादा मामले राजस्व विभाग (जमीन विवाद, सीमांकन और नामांतरण) से संबंधित थे। लंबित मामलों को लेकर कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाई और सभी प्रकरणों को निश्चित समय-सीमा के भीतर निपटाने को कहा। 20 से अधिक विभागों के लगे स्टॉल ग्रामीणों की सहूलियत के लिए परिसर में पंचायत, खाद्य, महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य, बिजली, लोक सेवा प्रबंधन, पीएचई सहित 20 से अधिक विभागों के स्टॉल लगाए गए थे, जहां आवेदनों को ऑनलाइन व ऑफलाइन प्रेषित किया गया। यह रहे उपस्थित इस चौपाल में एसडीएम प्रदीप मिश्रा, तहसीलदार आशीष अग्रवाल, जनपद सीईओ अभिषेक कुमार, सहायक खाद्य आपूर्ति अधिकारी पीयूष शुक्ला, पीडब्ल्यूडी के एसडीओ आर.के. बत्रा, नायब तहसीलदार राजकुमार नामदेव और बहोरीबंद थाना प्रभारी विजय विश्वकर्मा सहित जिला व खंड स्तर के सभी अधिकारी और भारी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
शहर के यातायात दबाव को कम करने और रेल-सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए भारतीय रेलवे ने इंदौर यार्ड स्थित शास्त्री ब्रिज (आरओबी नंबर 103-सी) के पुनर्निर्माण को मंजूरी दे दी है। करीब 139 करोड़ रुपए की इस परियोजना के तहत पुराने पुल की जगह आधुनिक 4-लेन ओवरब्रिज बनाया जाएगा। इसके साथ दोनों ओर सर्विस रोड भी विकसित की जाएंगी, जिससे शहरवासियों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सकेगी। रेलवे के अनुसार यह प्रोजेक्ट रेलवे क्रॉसिंग और शहरी यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। लंबे समय से शहर के प्रमुख मार्गों में शामिल इस हिस्से पर भारी ट्रैफिक दबाव बना रहता है, जिसे देखते हुए पुल के पुनर्निर्माण का फैसला लिया गया है। 72 मीटर लंबा होगा नया ब्रिज स्वीकृत योजना के मुताबिक नया शास्त्री ब्रिज 72 मीटर लंबा होगा। इसे ऊंट की पीठ के आकार की संरचना में तैयार किया जाएगा। पुल में पीएससी गर्डर और पूर्ण वायडक्ट सिस्टम रहेगा, जिससे यह ज्यादा मजबूत और टिकाऊ बनेगा। पुल को चार लेन में विकसित किया जाएगा, ताकि बढ़ते ट्रैफिक को आसानी से संभाला जा सके। दोनों ओर बनेंगी 6-6 मीटर की सर्विस रोड मुख्य पुल के नीचे स्थानीय यातायात के लिए दोनों तरफ 6 मीटर चौड़ी सर्विस रोड भी बनाई जाएंगी। इससे आसपास के रहवासियों और छोटे वाहनों को मुख्य ट्रैफिक से अलग सुरक्षित रास्ता मिलेगा। साथ ही भविष्य में रखरखाव कार्यों में भी आसानी होगी। सीवर और बिजली व्यवस्था का होगा आधुनिकीकरण परियोजना के तहत सिर्फ पुल निर्माण ही नहीं, बल्कि आसपास की आधारभूत सुविधाओं को भी अपग्रेड किया जाएगा। मौजूदा सीवर लाइन को शिफ्ट कर नई सीवर लाइन डाली जाएगी, ताकि जल निकासी की समस्या न हो। इसके अलावा बिजली के खंभे, स्ट्रीट लाइट और अन्य यूटिलिटी सेवाओं को भी नए सिरे से व्यवस्थित किया जाएगा। ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत रेलवे का कहना है कि शास्त्री ब्रिज के पुनर्निर्माण से शहर में ट्रैफिक जाम की समस्या में काफी कमी आएगी। खासतौर पर रेलवे यार्ड और आसपास के क्षेत्रों में रोजाना होने वाली आवाजाही अधिक व्यवस्थित होगी। इससे लोगों का समय बचेगा और सड़क सुरक्षा भी बेहतर होगी। यह परियोजना इंदौर की बढ़ती शहरी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है। रेलवे का मानना है कि इससे शहर के परिवहन नेटवर्क को मजबूती मिलेगी और भविष्य की जरूरतों के अनुसार बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित हो सकेगी।
शिव सेना अखंड भारत की एक विशेष और महत्वपूर्ण बैठक बिलगा (नकोदर) में आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजय मेहता ने की। बैठक के दौरान संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए यूथ विंग में नई नियुक्तियों की घोषणा की गई। इसके साथ ही राष्ट्रीय अध्यक्ष ने आगामी पंजाब विधानसभा चुनावों को लेकर संगठन के राजनीतिक स्टैंड को भी पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है। इस मौके पर मौजूद संगठन के नेशनल वाइस प्रेसिडेंट हरजिंदर बिल्ला और पंजाब प्रभारी सतपाल रल्ल ने नवनियुक्त पदाधिकारियों को बधाई दी। उन्होंने तीनों युवा नेताओं को दिशा-निर्देश जारी करते हुए कहा कि वे आगामी 15 दिनों के भीतर अपनी जिला व राज्य स्तरीय टीम का गठन करें और इसकी रिपोर्ट केंद्रीय आलाकमान को सौंपें। तीनों पदाधिकारियों ने इस जिम्मेदारी के लिए राष्ट्रीय प्रधान का आभार जताया और निष्ठा से काम करने का भरोसा दिया। यूथ विंग में नई नियुक्तियां, लवित प्राशर को पंजाब यूथ विंग का प्रदेश उपाध्यक्ष (वाइस प्रेसिडेंट) नियुक्त किया गया। सौरव जोशी को जालंधर यूथ विंग का जिला प्रधान (अध्यक्ष) बनाया गया। धीरज मेहमी को जालंधर यूथ विंग के वाइस प्रेसिडेंट की जिम्मेदारी सौंपी गई। हिंदू समाज की सुरक्षा और सम्मान पर जो खरा उतरेगा, समर्थन उसे ही: अजय मेहता आगामी पंजाब विधानसभा चुनावों पर संगठन का रुख साफ करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष अजय मेहता ने एक बड़ा राजनीतिक बयान दिया। उन्होंने घोषणा की कि शिव सेना अखंड भारत चुनावों में केवल उसी राजनीतिक दल या उम्मीदवार का समर्थन करेगी, जो हिंदू समाज की सुरक्षा, सम्मान और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए धरातल पर ठोस और प्रभावी नीतियां पेश करेगा। अजय मेहता ने तीखे लहजे में कहा कि राजनीतिक दल केवल चुनावों के समय थोथे वादे करना बंद करें। उन्हें हिंदू समाज की सुरक्षा और विकास के लिए एक स्पष्ट रोडमैप जनता के सामने रखना होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था को मजबूत करना, धार्मिक स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और नागरिकों को भयमुक्त वातावरण देना किसी भी चुनी हुई सरकार का पहला कर्तव्य है। नीतियों के मूल्यांकन के बाद ही लिया जाएगा अंतिम फैसला मेहता ने आगे बताया कि चुनाव के मद्देनजर शिव सेना अखंड भारत सभी राजनीतिक दलों के घोषणापत्रों, उनकी पुरानी नीतियों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर उनके स्टैंड का गंभीरता से मूल्यांकन करेगी। संगठन केवल राष्ट्रहित, सामाजिक भाईचारे, धार्मिक स्वतंत्रता और आम जनता की सुरक्षा के मुद्दों पर ईमानदारी से काम करने की प्रतिबद्धता जताने वाले दलों के साथ ही खड़ा होगा। इस अहम बैठक में संगठन के वरिष्ठ नेता गुरदीप बिट्टू, मोनू ओंकार नगर और जसवीर शीरा सहित भारी संख्या में स्थानीय कार्यकर्ता और पदाधिकारी उपस्थित थे।
फरीदाबाद जिले के नीमका गांव निवासी रंकित गुर्जर की 7 जून को जिला जेल में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत को लेकर लोगों में लगातार नाराजगी बनी हुई है। इसी मामले को लेकर गुरुवार देर शाम को सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने फरीदाबाद में मशाल और कैंडल मार्च निकालकर विरोध प्रदर्शन किया। यह कैंडल मार्च माता गुजरी बाई चौक से शुरू होकर तेज बहादुर चौक तक निकाला गया। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने हाथों में मशाल और मोमबत्तियां लेकर रंकित गुर्जर को श्रद्धांजलि दी और उसके परिवार को न्याय दिलाने की मांग की। 'अधिकारी से संतोषजनक जवाब नहीं मिला' इस प्रदर्शन में नूंह हिंसा के आरोपी राजकुमार पांचाल उर्फ बिट्टू बजरंगी, समाजसेविका संदीप अधाना सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। सभी का कहना था कि जिला जेल में बंद रंकित गुर्जर की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसकी सही जानकारी अभी तक सामने नहीं आई है। उनका कहना है कि घटना को कई दिन बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक किसी अधिकारी की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं मिला है। उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग सभी ने कहा ने आरोप लगाया कि जेल प्रशासन की भूमिका की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि रंकित गुर्जर की मौत के मामले में कई सवाल खड़े हो रहे हैं और सच्चाई सामने लाने के लिए उच्च स्तरीय जांच कराई जानी चाहिए। मामले में जिन लोगों पर आरोप लगाए जा रहे हैं, उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की जानी चाहिए। 'न्याय नहीं मिला तो आगे भी आंदोलन जारी रखा जाएगा' विरोध प्रदर्शन में शामिल लोगों का कहना था कि रंकित गुर्जर के परिवार को न्याय मिलना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। प्रदर्शन में शामिल लोगो ने कहा कि यदि समय रहते न्याय नहीं मिला तो आगे भी आंदोलन जारी रखा जाएगा। मशाल मार्च के दौरान लोगों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखी और रंकित गुर्जर के लिए न्याय की मांग की। पूरे मार्च के दौरान लोगों ने प्रशासन से मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए कहा है।
राजधानी में नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार और तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत टिकरापारा पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने भाठागांव बस स्टैंड के पास घेराबंदी कर एक अंतरराज्यीय गांजा तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में एक दंपती सहित एक नाबालिग बालिका को हिरासत में लिया गया है, जिनके कब्जे से 15.431 किलोग्राम अवैध गांजा जब्त किया गया है। मुखबिर की सूचना पर घेराबंदीपुलिस को 17 जून कोमुखबिर से सूचना मिली थी कि भाठागांव बस स्टैंड स्थित नीलकंठेश्वर मंदिर के सामने कुछ संदिग्ध लोग भारी मात्रा में गांजा लेकर खड़े हैं और उसे कहीं खपाने की फिराक में हैं। सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की एक विशेष टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर इलाके की घेराबंदी की। मुखबिर के बताए हुलिए के आधार पर टीम ने एक पुरुष, एक महिला और उनके साथ मौजूद एक नाबालिग लड़की को रोककर पूछताछ शुरू की। बैग से बरामद हुआ गांजा पूछताछ के दौरान उनकी गतिविधियां संदिग्ध लगने पर पुलिस ने उनके पास मौजूद सामान की गहन तलाशी ली। तलाशी के दौरान उनके पास मौजूद एक लाल रंग के पिट्ठू बैग से खाकी रंग के टेप से लिपटे गांजे के कई पैकेट बरामद हुए। तौल कराने पर जब्त गांजे का कुल वजन 15.431 किलोग्राम पाया गया। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी हंस राज (38 वर्ष) और उसकी पत्नी सोनिया गुज्जर उर्फ सोनू (27 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपी मूल रूप से हरियाणा के पलवल जिले के ग्राम कंवरका के रहने वाले हैं, जो वर्तमान में मध्यप्रदेश के जबलपुर के पंसारी मोहल्ला क्षेत्र में ठिकाना बनाकर रह रहे थे। संदेह से बचने के लिए नाबालिग का इस्तेमाल इस पूरे मामले में पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया कि उनके साथ मौजूद नाबालिग लड़की उनकी बेटी या कोई रिश्तेदार नहीं है। पुलिस और जांच एजेंसियों की चेकिंग से बचने और खुद को एक सामान्य परिवार के रूप में पेश करने के लिए उन्होंने सोची-समझी साजिश के तहत उस नाबालिग को अपने साथ रखा हुआ था, ताकि किसी को उन पर शक न हो। पुलिस अब इस बात की गहन जांच कर रही है कि नाबालिग को इस दलदल में कैसे धकेला गया और इस गिरोह के पीछे और कौन से बड़े चेहरे सक्रिय हैं। आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
पाकिस्तान सीमा से सटे बाड़मेर के बॉर्डर इलाके में ‘ऑपरेशन क्लीन स्वीप’ के तहत अवैध तीन धार्मिक स्थलों को ध्वस्त किया गया। कार्रवाई गडरारोड और सेड़वा में की गई। इस दौरान प्रशासन और भारी पुलिस तैनात रहा। इधर, बायतु विधायक हरीश चौधरी ने कहा - केंद्र सरकार ने धार्मिक स्थलों को चिन्हित कर नोटिस जारी किए हैं। नोटिस नियमों के विपरीत बैक डेट में जारी किए जा रहे हैं। बायतु विधायक हरीश चौधरी ने आरोप लगाते हुए कहा कि सांसद और विधायक को बाड़मेर प्रशासन ने 30 घंटे बाद मिलने का समय दिया। लेकिन बातचीत में इकलौती बात कही गई कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा का विषय है। क्या, कब और क्यूं हो रहा है। इस बात को हम आपसे साझा नहीं कर सकते है। जो आज कार्रवाई हुई है सेड़वा इलाके में 200-300 साल पुरानी जाल को हटाया गया। टांकों को हटाया गया। बता दें, हाल ही में बीकानेर में आयोजित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम और सुरक्षा समीक्षा बैठक के बाद बॉर्डर एरिया में 'ऑपरेशन क्लीन' का दायरा 15 किलोमीटर से बढ़ाकर 50 किलोमीटर किया गया था। पाकिस्तान से सटे बॉर्डर एरियों में अतिक्रमण को लगातार सर्वे कर चिह्नित किया जा रहा है। दो जगह धार्मिक स्थलों को हटाया अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई से पहले प्रशासन की निगरानी में अलग-अलग टीमें बॉर्डर क्षेत्र के लिए रवाना हुईं। भारी पुलिस जाब्ता तैनात रहा। इनके साथ बाड़मेर सहित आसपास के क्षेत्रों के पुलिस अधिकारी और जवान भी मौजूद रहे। इस दौरान गडरारोड उपखंड क्षेत्र के दो धार्मिक स्थल को ध्वस्त किया गया। बताया जा रहा है कि इनका निर्माण निर्माण पिछले चार-पांच साल में हुआ था। कार्रवाई के दौरान जहां अतिक्रमण हटाने का काम चल रहा था, वहां मीडिया और आम लोगों को दूर रखा गया। कार्रवाई से पहले कांग्रेस नेताओं ने जताया विरोध कार्रवाई से पहले कांग्रेस प्रभारी एवं बायतु विधायक हरीश चौधरी तथा सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने प्रेस वार्ता कर इसका विरोध किया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई राजनीतिक फायदे के लिए की जा रही है। सीमावर्ती क्षेत्र को राजनीतिक एजेंडे का हिस्सा बनाना उचित नहीं है और इससे थार के सदियों पुराने भाईचारे को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। कांग्रेस नेताओं ने एडीएम से मुलाकात कर कार्रवाई पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि बिना स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों से संवाद किए इस तरह की कार्रवाई करना उचित नहीं है। जनप्रतिनिधियों पर दबाव बनाने का आरोप हरीश चौधरी ने आरोप लगाया कि नोटिस देने के बाद जनप्रतिनिधियों को डराने और दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है। फागलिया पंचायत समिति क्षेत्र में भलगांव सरपंच के बेटे से दबाव बनाकर हस्ताक्षर करवाने तथा धनाऊ क्षेत्र में एक आदिवासी भील सरपंच को परेशान करने जैसी घटनाएं सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी शिकायतें कई स्थानों से मिल रही हैं। सांसद उम्मेदाराम बोले- प्रशासन संतोषजनक जवाब नहीं दे रहा सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने कहा - मामले की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने लगातार जिला प्रशासन से बातचीत की, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया और अधिकारी अनभिज्ञता जाहिर कर रहे हैं। हरीश चौधरी ने कहा - कुछ ताकतें जाति, धर्म और समुदायों के बीच विभाजन पैदा कर थार के भाईचारे को कमजोर करना चाहती हैं, लेकिन दुनिया की कोई भी ताकत इस क्षेत्र में सामाजिक सौहार्द को समाप्त नहीं कर सकती। थार के लोग हर कीमत चुकाने को तैयार हैं, लेकिन भाईचारे और सामाजिक एकता को टूटने नहीं देंगे।
लखनऊ के मड़ियांव थानाक्षेत्र में बुधवार रात पत्नी से फोन पर विवाद के बाद ड्राइवर ने घर में फंदा लगाकर जान दे दी। परिजनों ने पत्नी पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए मड़ियांव थाने में तहरीर दी है। वहीं आलमबाग थानाक्षेत्र में करंट की चपेट में आने से डिलीवरी बॉय की मौत हो गई। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। कसाईबाड़ा निवासी शोएब सिद्दीकी वाहन चालक थे। उनके बहनोई साहिल ने बताया पहली पत्नी की बीमारी के चलते करीब दो साल पहले मौत हो गई थी। पहली पत्नी से उनकी एक बेटी उमैरा है। इसके बाद उन्होंने बेबी से दूसरी शादी की थी। आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद से ही पति-पत्नी के बीच विवाद शुरू हो गया था। करीब तीन महीने पहले दूसरी पत्नी अपनी बेटी को लेकर गोमतीनगर के उजरियांव स्थित बहनोई के घर चली गई थी। परिजनों के अनुसार बुधवार रात शोएब की पत्नी से फोन पर बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान दोनों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी होने लगी। काफी देर तक झगड़ा होता रहा। कुछ देर बाद शोएब शांत हो गया। रात करीब 12:30 बजे भांजा कमरे में पहुंचा तो शोएब दुपट्टे के सहारे पंखे से लटके मिले। शोर मचाने पर परिजन मौके पर पहुंचे और उन्हें नीचे उतारकर ट्रॉमा सेंटर ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।इंस्पेक्टर मड़ियांव शिवानंद मिश्रा ने बताया कि परिजनों की तहरीर के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। युवक को लगा करेंट, मौतवहीं आलमबाग में गुरुवार सुबह घर में प्लग का तार बदलते समय करंट लगने से युवक की मौत हो गई। आलमबाग शांतिपुरम निवासी अंकित मिश्रा कुछ समय से एक ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी में डिलीवरी बॉय के तौर पर काम कर रहे थे। अंकित के जीजा मलिक ने बताया कि गुरुवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे वह घर में प्लग का तार बदल रहे थे। इसी दौरान खुला तार उनके हाथ में छू गया और वह करंट की चपेट में आ गए। अंकित की चीख सुनकर परिजन कमरे में पहुंचे तो वह फर्श पर अचेत पड़े मिले। घबराए परिजन उन्हें आनन फानन में अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। अंकित घर का एकलौता बेटा था। घटना के बाद पिता और मां बदहवास हो गए। दोनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
इंदौर नगर निगम अब शहर के सिनेमाघरों में बिना अनुमति प्रदर्शित किए जा रहे विज्ञापनों पर सख्ती करेगा। गुरुवार को महापौर पुष्यमित्र भार्गव की अध्यक्षता में हुई मेयर इन काउंसिल (एमआईसी) की बैठक में निर्णय लिया गया कि सिनेमाघरों में दिखाए जा रहे सभी विज्ञापनों का मध्यप्रदेश आउटडोर विज्ञापन मीडिया नियम-2017 के तहत पंजीयन कराया जाएगा और उनसे निर्धारित लाइसेंस शुल्क वसूला जाएगा। बैठक में शहर के विकास, जल प्रबंधन, आवास और आधारभूत सुविधाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। हालांकि महापौर के निर्देश पर विभिन्न जोनों में प्रस्तावित कॉलोनियों के रेट जोन परिवर्तन के प्रस्ताव को निरस्त कर दिया गया। अधिकारियों का मानना है कि इससे आम नागरिकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ सकता था। एमआईसी ने शहर के श्मशान और कब्रिस्तानों के संचालन के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार करने का निर्णय लिया। इंदौर जलप्रदाय प्रणाली के तहत ओवरहेड टैंकों के लिए फीडर मेन लाइन बिछाने, जोड़ने, टेस्टिंग और कमीशनिंग के कार्यों को मंजूरी दी गई। साथ ही वर्षा जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए शहर के विभिन्न हिस्सों में 10 नए रिचार्ज स्ट्रक्चर बनाए जाएंगे। पुरानी प्रतिमा हटाकर नई लगाने का प्रस्ताव बैठक में छोटी ग्वालटोली स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल रोटरी के सौंदर्यीकरण के तहत पुरानी प्रतिमा हटाकर नई प्रतिमा स्थापित करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। एयरपोर्ट रोड स्थित पंचशील नगर में सीएसआर मद से स्क्रैप धातु से सेवन स्टार स्मारक बनाने, फूटी कोठी चौराहे पर संत श्री सेवालाल ब्रिज निर्माण से क्षतिग्रस्त सर्विस रोड के पुनर्निर्माण और चंदन नगर चौराहे पर फ्लायओवर निर्माण में बाधक प्राइमरी सीवर लाइन को शिफ्ट करने के प्रस्तावों को भी मंजूरी मिली। सफाई मित्रों की तर्ज पर अब ड्रेनेज कर्मचारियों को भी आकस्मिक दुर्घटना की स्थिति में चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना-2.0 के तहत प्रस्तावित 8100 आवासीय इकाइयों के निर्माण के लिए निविदा आमंत्रित करने की स्वीकृति दी गई। बैठक में निगम के 60 मेगावाट सौर ऊर्जा संयंत्र, इंटरनेशनल रिन्यूएबल एनर्जी सर्टिफिकेट रजिस्ट्रेशन और शहरभर की पुरानी स्ट्रीट लाइटों को एलईडी में बदलने के प्रस्तावों पर भी चर्चा की गई।
मोगा के थाना मैहना के अंतर्गत आते गांव डाला में घर के सामने कूड़ा-कर्कट इकट्ठा करने और फेंकने को लेकर हुआ एक मामूली विवाद इस कदर बढ़ गया कि उसने हिंसक रूप ले लिया। इस घटना में दबंगों ने एक महिला के साथ बेरहमी से मारपीट की, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। पीड़िता को इलाज के लिए मोगा के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने मामले की गहन तफ्तीश के बाद एक ही परिवार व गांव के छह लोगों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर लिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिला श्री मुक्तसर साहिब के गांव खप्पेयांवाली की रहने वाली अमनदीप कौर ने थाना मैहना पुलिस को दी शिकायत में बताया कि गांव डाला में घर के आगे कूड़ा-कर्कट जमा करने और उसे वहां फेंकने को लेकर उनका कुछ स्थानीय लोगों के साथ विवाद हो गया था। इसी रंजिश के चलते आरोपियों ने उन पर हमला कर दिया और उनके साथ जमकर मारपीट की, जिसमें वे बुरी तरह चोटिल हो गईं। शोर मचने पर इकट्ठा हुए लोगों ने उन्हें बचाया और मोगा के सिविल अस्पताल पहुंचाया। जांच के बाद 6 नामजद आरोपियों पर मुकदमा दर्ज शिकायत मिलने के बाद मैहना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पहले प्राथमिक रपट (DDR) दर्ज की और मामले के तथ्यों की बारीकी से पड़ताल की। जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कानूनी शिकंजा कस दिया है। पुलिस ने अमनदीप कौर के बयानों और अस्पताल की मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर सतनाम सिंह, कमलजीत कौर, जगतार सिंह, सोनू उर्फ घुग्गा, मनप्रीत कौर और लवप्रीत कौर उर्फ पूजा (सभी निवासी गांव डाला) के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की छापेमारी जारी मामले की तफ्तीश कर रहे सहायक थानेदार (ASI) नाहर सिंह ने बताया कि यह हिंसक झगड़ा 5 जून को हुआ था। पुलिस ने दोनों पक्षों के दावों को सुना और घटनास्थल का मुआयना किया। जांच में पीड़िता के आरोप पूरी तरह सही पाए गए, जिसके बाद यह एफआईआर (FIR) दर्ज की गई है। पुलिस अधिकारी ने स्पष्ट किया कि केस दर्ज होने के बाद से ही सभी नामजद आरोपी गिरफ्तारी के डर से फरार हैं। पुलिस की टीमें उनकी धरपकड़ के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं और जल्द ही सभी को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। पुलिस का कहना है कि आगामी जांच में जो भी अन्य तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर चार्जशीट तैयार की जाएगी।
दुर्ग जिले के रिसाली में करीब 13 महीने पुराने हत्या के मामले में सत्र न्यायालय ने आरोपी डोमेश्वर सिंह ठाकुर उर्फ पटवारी डोमेन्द्र को हत्या का दोषी माना और उसे उम्रकैद की सजा सुनाई। अदालत ने आरोपी पर एक हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। यदि वह यह राशि जमा नहीं करता है, तो उसे छह महीने की अतिरिक्त सश्रम जेल की सजा काटनी होगी। अब जानिए पूरा मामला अभियोजन के अनुसार, यह घटना 5 मई 2025 की दोपहर करीब एक बजे की है। रिसाली तालाब पार क्षेत्र निवासी मोहन ताम्रकार अक्सर आरोपी डोमेश्वर सिंह ठाकुर को सार्वजनिक स्थान पर शराब पीकर गाली-गलौज करने से मना करता था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, घटना वाले दिन भी आरोपी शराब के नशे में तालाब किनारे बैठकर जोर-जोर से गालियां दे रहा था। जब मोहन ताम्रकार ने उसे फिर से टोका, तो आरोपी भड़क गया। आरोपी ने मोहन से कहा, तुम मुझे रोज रोकने वाले कौन होते हो, आज तुम्हें खत्म कर दूंगा। इसके बाद उसने शराब की टूटी हुई कांच की बोतल उठाई और मोहन ताम्रकार के सीने में जोरदार वार कर दिया। गंभीर रूप से घायल मोहन ताम्रकार जमीन पर गिर पड़ा और आरोपी मौके से फरार हो गया। प्रत्यक्षदर्शी अजय कुमार साहू ने तत्काल परिजनों को सूचना दी। स्थानीय लोगों की मदद से घायल को विनायक अस्पताल रिसाली ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हत्या की सूचना मिलते ही नेवई पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल से खून से सनी मिट्टी, सादी मिट्टी और अन्य सबूत जब्त किए। शव परीक्षण में भी सीने पर घातक चोट लगने से मौत की पुष्टि हुई। अदालत में पेश किए गए गवाहों के बयान, मेडिकल रिपोर्ट, जब्ती से जुड़े कागजात और अन्य सबूतों से अभियोजन पक्ष का मामला मजबूत साबित हुआ। सुनवाई के दौरान अभियोजन ने इसे गंभीर अपराध बताते हुए आरोपी को कड़ी सजा देने की मांग की। बचाव पक्ष ने मांगी थी नरमी आरोपी की ओर से अधिवक्ता ने तर्क दिया कि यह उसका पहला अपराध है और वह आदतन अपराधी नहीं है। इसलिए उसे न्यूनतम दंड दिया जाना चाहिए। बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि मामला “विरल से विरलतम” श्रेणी का नहीं है, इसलिए मृत्युदंड जैसी सजा उचित नहीं होगी। कोर्ट ने मृत्युदंड से किया इनकार सत्र न्यायाधीश के. विनोद कुजूर ने अपने फैसले में कहा कि मृत्युदंड सिर्फ बहुत ही दुर्लभ और सबसे जघन्य मामलों में ही दिया जाता है। अदालत ने माना कि आरोपी का कृत्य गंभीर और निंदनीय है, लेकिन यह मामला “रेयरेस्ट ऑफ रेयर” की श्रेणी में नहीं आता। अदालत ने यह भी कहा कि सजा तय करते समय सिर्फ आरोपी की उम्र या उसकी पारिवारिक स्थिति नहीं देखी जाती, बल्कि अपराध की गंभीरता और उसका समाज पर क्या असर पड़ेगा, यह भी देखा जाता है। फैसले में सुप्रीम कोर्ट के कई निर्णयों का हवाला देते हुए कहा गया कि अपराध के हिसाब से उचित और संतुलित सजा देना जरूरी है। उम्रकैद की सजा सुनाई सभी सबूतों और दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करने के बाद अदालत ने आरोपी डोमेश्वर सिंह ठाकुर उर्फ पटवारी डोमेन्द्र को भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 103(1) के तहत हत्या का दोषी माना। इसके बाद न्यायालय ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई और साथ ही एक हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया।
लखनऊ में गुरु अर्जन देव का शहीदी दिवस:सिक्की मेरी पहचान फाउंडेशन ने छबील और प्रसाद वितरित किया
लखनऊ में सिखों के पंचम गुरु श्री अर्जन देव का शहीदी दिवस मनाया गया। इस अवसर पर 'सिक्की मेरी पहचान फाउंडेशन' ने कानपुर रोड स्थित विजय नगर में छबील (मीठा शीतल जल) और प्रसाद वितरण सेवा का आयोजन किया। इस सेवा का लाभ बड़ी संख्या में राहगीरों और स्थानीय लोगों ने उठाया। कार्यक्रम में भाजपा महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी और क्षेत्रीय पार्षद सौरभ सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने फाउंडेशन के सेवा कार्यों की सराहना करते हुए गुरु अर्जन देव के त्याग, मानव सेवा और समर्पण के आदर्शों को अपनाने का संदेश दिया। सिख इतिहास में उनके योगदान के बारे में बताया इस अवसर पर वक्ताओं ने गुरु अर्जन देव के जीवन, उनके बलिदान और सिख इतिहास में उनके योगदान के बारे में बताया । उन्होंने बताया कि सत्य, सहिष्णुता और धर्म की रक्षा के लिए उनका सर्वोच्च बलिदान आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने जानकारी दी कि संस्था गुरु साहिब की शिक्षाओं के अनुरूप मानव सेवा और समाजहित के कार्यों को भविष्य में भी जारी रखेगी। सेवा कार्यक्रम में 'सिक्की मेरी पहचान फाउंडेशन' के अध्यक्ष दिलप्रीत सिंह डी.पी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष लखविंदर पाल सिंह, उपाध्यक्ष रणवीर सिंह कालसी और लखनऊ अध्यक्ष कुलवीर सिंह सोढ़ी सहित कई पदाधिकारी, सदस्य और सेवादार उपस्थित थे।
लखनऊ में गुरु अर्जन देव का शहीदी दिवस:गुरुद्वारा सचखंड साहिब में विशेष दीवान
राजधानी लखनऊ में गुरु अर्जन देव के शहीदी दिवस पर गुरुद्वारा सचखंड साहिब, गोमती नगर में श्रद्धा और भक्ति के साथ विशेष दीवान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत श्री अखंड पाठ साहिब की समाप्ति के साथ हुई। इसके बाद संगत ने सुखमनी साहिब का पाठ किया, जबकि बच्चों ने भी श्रद्धापूर्वक सुखमनी साहिब का पाठ कर सभी का मन मोह लिया। कार्यक्रम के दौरान गुरबाणी शब्द कीर्तन का आयोजन हुआ। भूपेंद्र कौर, भगवनत कौर और ज्योति कौर ने मधुर गुरबाणी कीर्तन प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक वातावरण से जोड़ दिया। बड़ी संख्या में संगत ने कार्यक्रम में शामिल होकर गुरु घर की हाजिरी लगाई। दीवान की समाप्ति के बाद गुरु का लंगर और छबील सेवा का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने सेवा भाव से लंगर ग्रहण किया और छबील वितरण में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस अवसर पर ग्रंथी गुरप्रीत सिंह ने गुरु अर्जन देव के जीवन, बलिदान और मानवता के लिए उनके संदेश के बारे में बताया।उन्होंने कहा कि गुरु अर्जन देव का शहीदी दिवस हमें सेवा, त्याग, सत्य और मानव कल्याण के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
मंदसौर की पिपलियामंडी पुलिस ने गुरुवार शाम नशा तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से 400 ग्राम एमडी ड्रग, 10.5 किलो डोडाचूरा और एक मोटरसाइकिल जब्त की है। जब्त किए गए सामान की कुल कीमत करीब 9 लाख रुपये बताई गई है। मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ लोग मादक पदार्थ लेकर जा रहे हैं। इसके बाद फटाका मार्केट से काचरिया रोड पर घेराबंदी की गई। इसी दौरान एक संदिग्ध मोटरसाइकिल को रोककर तलाशी ली गई, जिसमें अवैध मादक पदार्थ बरामद हुआ। पकड़े गए आरोपियों ने अपनी पहचान महफुज पिता शफी मोहम्मद पिंजारा (19), निवासी खजुरी रूंडा थाना गरोठ और वसीम पिता खाजु मंसूरी (20), निवासी सगोरिया थाना शामगढ़ के रूप में बताई। 8 लाख की एमडी ड्रग बरामद पुलिस ने आरोपियों के पास से 400 ग्राम एमडी ड्रग बरामद की, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 8 लाख रुपये है। इसके अलावा 10.5 किलोग्राम डोडाचूरा भी जब्त किया गया। तस्करी में इस्तेमाल की जा रही होंडा एसपी-125 मोटरसाइकिल (MP14ZK0628) भी जब्त कर ली गई। एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज पिपलियामंडी थाना पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/15 और 22 के तहत मामला दर्ज किया है। थाना प्रभारी विक्रम सिंह इवने ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि मादक पदार्थ कहां से लाया गया था और इसे किसे सप्लाई किया जाना था। मामले की जांच जारी है।
पटना के बिहटा में बाइक सवार 2 बदमाश महिला के गले से सोने की चेन झपटकर फरार हो गए। चेन की कीमत 2 लाख रुपए हैं। वारदात का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। फुटेज के अनुसार, पल्सर बाइक पर सवार दो हेलमेट पहने अपराधी महिला का पहले से पीछा कर रहे थे। अजमेरी नगर के पास पहुंचते ही उन्होंने महिला के गले से सोने की चेन छीन ली। वारदात को अंजाम देने के बाद अपराधी बिहटा चौक की ओर फरार हो गए। घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई, लेकिन तब तक अपराधी भाग चुके थे। पीड़ित महिला की पहचान आशा कुमारी के रूप में हुई जो बिहटा थानाक्षेत्र के अल्हनपुरा गांव की है। डॉक्टर के पास से लौट रही थी पीड़िता आशा ने बिहटा थाने में अज्ञात अपराधियों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। आशा ने पुलिस को बताया कि गुरुवार दोपहर वह डॉक्टर जितेंद्र कुमार से इलाज कराकर शाम को घर लौट रही थी, तभी यह घटना हुई। अपराधियों ने उनके गले से सोने की चेन और एक ढोलना छीना। इन दोनों आभूषणों का कुल वजन लगभग 14 ग्राम है, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 2 लाख रुपए बताई जा रही है। बाइक सवार बदमाशों की कुछ तस्वीरें… पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी पीड़ित महिला ने 112-डायल को सूचना दी। जिसके बाद पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अपराधी की गिरफ्तारी और पहचान में जुट गई है। थाना प्रभारी अमित कुमार ने बताया कि महिला की ओर से आवेदन दिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। अपराधी की गिरफ्तारी में पुलिस की टीम लगी हुई है।
छतरपुर जिले के बकस्वाहा थाना क्षेत्र के बम्होरी गांव में एक घर के बाहर पेट्रोल बम फेंकने का मामला सामने आया है। घटना को छह दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद होने के बावजूद गिरफ्तारी नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ रही है। घर के बाहर फेंका पेट्रोल बम जानकारी के अनुसार, घटना मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात की है। बम्होरी निवासी केशव बिल्थरे और मनोज बिल्थरे के घर के सामने बाइक सवार 3 से 4 युवक पहुंचे और पेट्रोल बम फेंककर फरार हो गए। धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग घरों से बाहर निकल आए। घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन इलाके में दहशत का माहौल बन गया। सीसीटीवी में कैद हुई वारदात घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी कैमरे में पूरी घटना रिकॉर्ड हो गई है। फुटेज में कुछ युवक बाइक से आते और कुछ ही सेकंड में पेट्रोल बम फेंककर भागते दिखाई दे रहे हैं। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है। ग्रामीणों ने सीसीटीवी फुटेज पुलिस को सौंप दी है, लेकिन अब तक आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। पीड़ित परिवार ने घटना के बाद बम्होरी पुलिस चौकी में शिकायत दर्ज कराई थी। ग्रामीणों का आरोप है कि मामला दर्ज होने के बावजूद जांच की रफ्तार धीमी है। उनका कहना है कि पुलिस चौकी से कुछ ही दूरी पर हुई इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में असामाजिक तत्वों की गतिविधियां बढ़ रही हैं। समय पर कार्रवाई नहीं होने से लोगों में डर का माहौल है। कई परिवार रात के समय खुद निगरानी करने को मजबूर हैं। पुलिस बोली- जल्द होगी गिरफ्तारी एडिशनल एसपी आदित्य पतले ने बताया कि मामले की जांच जारी है। सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी जानकारी के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। बकस्वाहा पुलिस को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
देवरिया में जिला पंचायत सदस्य से लाठी-डंडों से मारपीट:चार के खिलाफ केस दर्ज, जान से मारने की धमकी दी
देवरिया जिले में बरहज पूर्वी क्षेत्र की जिला पंचायत सदस्य सुमन भारती ने मारपीट, गाली-गलौज और मोबाइल छीनने का आरोप लगाया है। इस मामले में बरहज थाने में दो नामजद और दो अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने गुरुवार शाम को मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। भीखमपुरा गांव निवासी सुमन भारती ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि उन्हें मायके से बुलाया गया था। आरोप है कि जिला पंचायत सदस्य सविता यादव के पति मनोज यादव, सविता यादव और दो अन्य लोगों ने मिलकर लाठी-डंडों और लात-घूंसों से उनके साथ मारपीट की। सुमन भारती के अनुसार, विरोध करने पर आरोपियों ने उन्हें गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी भी दी। मारपीट के दौरान उन्हें गंभीर चोटें आईं और उनका मोबाइल फोन भी छीन लिया गया। घटना के बाद उन्होंने बरहज थाने पहुंचकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। बरहज पुलिस ने तहरीर के आधार पर दो नामजद और दो अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। थानाध्यक्ष विशाल उपाध्याय ने बताया कि मामले में विधिक कार्रवाई की जा रही है। जांच अधिकारी उपनिरीक्षक राघवेंद्र सिंह ने जानकारी दी कि प्रकरण की जांच शुरू कर दी गई है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यह घटना क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है, जबकि पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है।
बदायूं में बरेली-मथुरा हाईवे पर करुआ पुल के पास हुए भीषण सड़क हादसे में छह महिलाओं की मौत के बाद गुरुवार को पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान की गई। विधायक हरीश शाक्य ने मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से प्रत्येक मृतक महिला के परिजनों को दो-दो लाख रुपये की सहायता राशि के चेक सौंपे। इस हादसे में जान गंवाने वाली छह महिलाओं के परिजनों को कुल 12 लाख रुपये की आर्थिक सहायता तत्काल उपलब्ध कराई गई। विधायक ने शोक संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है और उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। विधायक ने मृतका राजकुमारी के पति डाल सिंह को उनकी पत्नी और बेटी नारायण देवी की मौत पर दो-दो लाख रुपये के चेक दिए। नारायण देवी की सहायता राशि का चेक उनके पति जितेंद्र उर्फ इंस्पेक्टर को सौंपा जाएगा। इसी प्रकार, मृतका सरला और आरती के पतियों, प्रेमा देवी के बेटे गंगाधर और रेवती के बेटे रामवीर को भी दो-दो लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई। सहायता राशि मिलने के दौरान पीड़ित परिवारों की आंखें नम थीं। इस अवसर पर तहसीलदार दीपक कुमार, लेखपाल सुरजीत, मुदित उपाध्याय सहित चेयरमैन जगदीश सिंह लोनिया, मंडल अध्यक्ष मोहित सिंह तोमर और अन्य स्थानीय गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
औरंगाबाद में उत्तर कोयल मुख्य नहर में रिमॉडलिंग काम चल रहा है। इसका गुरुवार को केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) की टीम ने निरीक्षण किया। जल संसाधन विभाग के अधीक्षण अभियंता संजीव कुमार के नेतृत्व में अधिकारियों की टीम ने पैकेज संख्या 11 से लेकर पैकेज संख्या तीन तक लगभग 77 किलोमीटर क्षेत्र का जायजा लिया। निरीक्षण दल में केंद्रीय जल आयोग, दिल्ली के डायरेक्टर आनंद कुमार, पटना के डायरेक्टर संदीप कुमार, वाप्कोस के वरीय महाप्रबंधक अमित गुप्ता और प्रोजेक्ट मैनेजर आर.के. सिंह सहित अन्य अधिकारी शामिल थे। उत्तर कोयल मुख्य नहर का रिमॉडलिंग काम लंबे समय से क्षेत्र की प्रमुख परियोजनाओं में शामिल है। नहर के जीरो आरडी से अंतिम छोर तक 11 पैकेजों में निर्माण कार्य कराया जा रहा है, जिनमें दो पैकेज झारखंड और नौ पैकेज बिहार क्षेत्र में हैं। वर्तमान में पुराने टाइल्स हटाने, गाद सफाई, सीएनएस कार्य और लाइनिंग का काम आधुनिक मशीनों की सहायता से किया जा रहा है। हालांकि खरीफ मौसम को देखते हुए फिलहाल सीएनएस कार्य रोक दिया गया है और लाइनिंग के साथ पुल-पुलियों के निर्माण पर जोर दिया जा रहा है।निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने नहर की लाइनिंग, सीआर और एचआर गेट, वेंट, सीडी संरचनाओं और अन्य निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की जांच की। अधिकारियों ने निर्माण एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि कार्य की गुणवत्ता और निर्धारित मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। साथ ही खरीफ सीजन के मद्देनजर लंबित मेंटेनेंस काम को शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया गया। ध्वस्त हुई लाइनिंग पर उठे सवाल, किसानों ने जताई नाराजगी रिमॉडलिंग काम की लगातार निगरानी के बावजूद निर्माण गुणवत्ता को लेकर किसानों में असंतोष देखा जा रहा है। किसानों का आरोप है कि अंबा डिवीजन क्षेत्र में 151 आरडी से 168 आरडी के बीच बनाई गई लाइनिंग निर्माण के महज दो महीने बाद ही कई स्थानों पर ध्वस्त हो गई। लगभग एक किलोमीटर क्षेत्र में लाइनिंग टूट जाने से जल प्रवाह प्रभावित होने की आशंका उत्पन्न हो गई है।स्थानीय किसान जीतू तिवारी, अजीत कुमार, सुदर्शन पांडेय, प्रमोद मौआर और संजय सिंह ने निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए इसकी उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। किसानों का कहना है कि करोड़ों रुपये की लागत से चल रही परियोजना में यदि गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया, तो भविष्य में इसका लाभ किसानों तक नहीं पहुंच पाएगा।किसानों ने यह भी कहा कि टूट चुकी लाइनिंग की मरम्मत जल्द नहीं की गई, तो नहर संचालन के दौरान पानी के बहाव में बाधा उत्पन्न हो सकती है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों और विभागीय अधिकारियों से इस मामले में हस्तक्षेप कर दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग की है। कई महत्वपूर्ण कार्य अब भी अधूरे, अगले महीने नहर संचालन की तैयारी स्थानीय किसानों के अनुसार नहर से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्माण कार्य अब तक अधूरे हैं। मुख्य नहर के 152.4 आरडी पर स्थित एक्वाडक्ट ट्रांजिशन वॉल का निर्माण पूरा नहीं हुआ है, जिससे नहर को नुकसान पहुंचने की आशंका बनी हुई है। इसके अलावा 155.76 आरडी और 168.50 आरडी पर स्थित सीआर और एचआर गेटों का अधिष्ठापन भी लंबित है। 159.30 आरडी पर स्थित एसएलआर ब्रिज का एप्रोच रोड नहीं बनने से आवागमन प्रभावित हो रहा है। वहीं 169.40 आरडी पर इनलेट प्वाइंट का निर्माण अधूरा रहने के कारण आसपास के क्षेत्रों में जलजमाव की समस्या बनी रहने की आशंका है। किसानों ने पूर्व सांसद सुशील कुमार सिंह से भी इस दिशा में पहल करने की मांग की है।जल संसाधन विभाग के अधीक्षण अभियंता संजीव कुमार ने बताया कि उत्तर कोयल मुख्य नहर का रिमॉडलिंग कार्य लगभग 65 प्रतिशत पूरा हो चुका है। अगले महीने से नहर संचालन शुरू करने की योजना है। उन्होंने कहा कि भीम बराज में जल भंडारण की प्रक्रिया जारी है और जलस्तर 2.3 मीटर पहुंचने पर एक जुलाई से परीक्षण के तौर पर नहर में पानी छोड़ा जाएगा, जिससे खरीफ फसल के लिए सिंचाई व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।
करीब डेढ़ साल से कानूनी विवाद में उलझी मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) की राज्य सेवा मुख्य परीक्षा-2025 का रास्ता आखिरकार साफ हो गया है। जबलपुर हाईकोर्ट ने 25 मार्च 2025 को जारी अपना अंतरिम स्थगन आदेश समाप्त करते हुए आयोग को मुख्य परीक्षा आयोजित करने की अनुमति दे दी है। हालांकि आरक्षण, मेरिट और माइग्रेशन से जुड़े संवैधानिक मुद्दों पर सुनवाई जारी रहेगी। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विवेक रूसिया और न्यायमूर्ति प्रदीप मित्तल की युगलपीठ के समक्ष गुरुवार को यह मामला सुनवाई के लिए सूचीबद्ध था। देर शाम तक प्रकरण नहीं आने पर याचिकाकर्ताओं की ओर से ही अदालत से अनुरोध किया गया कि हजारों अभ्यर्थियों के भविष्य को देखते हुए मुख्य परीक्षा पर लगी रोक हटा दी जाए और शेष कानूनी प्रश्नों पर अलग से सुनवाई की जाए। याचिकाओं में प्रारंभिक परीक्षा के वर्गवार कटऑफ अंक सार्वजनिक नहीं किए जाने, आरक्षित वर्ग के मेधावी अभ्यर्थियों को अनारक्षित पदों पर समायोजित नहीं करने तथा आयु सीमा में छूट लेने वाले अभ्यर्थियों के अनारक्षित वर्ग में माइग्रेशन संबंधी नियमों की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी गई है। इन्हीं मुद्दों को लेकर हाईकोर्ट ने 25 मार्च 2025 को मुख्य परीक्षा के आयोजन पर अंतरिम रोक लगा दी थी। गुरुवार को याचिकाकर्ताओं के आग्रह को स्वीकार करते हुए युगलपीठ ने अपना स्थगन आदेश समाप्त कर दिया और एमपीपीएससी को मुख्य परीक्षा की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की अनुमति दे दी। हालांकि याचिकाओं में उठाए गए आरक्षण, मेरिट और माइग्रेशन से जुड़े मूल कानूनी प्रश्न अभी भी विचाराधीन हैं। मामले की अगली सुनवाई 17 जुलाई 2026 को होगी। विवाद के प्रमुख बिंदू 7 साल से देरी झेल रहे अभ्यर्थी राज्य सेवा 2021 राज्य सेवा 2022 एमपीपीएससी 2025 मामले की टाइमलाइन* ये खबर भी पढ़ें… MPPSC SET पेपर में गड़बड़ी...टिक लगे प्रश्न पत्र बांटे MPPSC स्टेट एलिजिबिलिटी टेस्ट (SET) 2025 के दौरान परीक्षा प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठे हैं। भोपाल के कमला नेहरू हायर सेकेंडरी स्कूल सेंटर पर 300 में से करीब 150 अभ्यर्थियों को पहले से टिक मार्क लगे आंसर शीट बांटे गए। कैंडिडेट्स का आरोप है कि कॉपी में रफ वर्क भी किया गया था।पूरी खबर पढ़ें
मोगा जिला पुलिस ने नशा तस्करों के खिलाफ अपनी मुहिम को और तेज करते हुए जिले के मुख्य बस स्टैंड पर एक व्यापक और सघन चेकिंग अभियान चलाया। इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य बाहरी क्षेत्रों से जिले में होने वाली नशीले पदार्थों की तस्करी को रोकना और संदिग्ध तत्वों के प्रवेश पर पूरी तरह नकेल कसना था। पी.सी.आर. (PCR) प्रभारी खेमचंद पराशर के नेतृत्व में पुलिस बल ने बस स्टैंड पर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और दर्जनों बसों की तलाशी ली। अभियान के दौरान पुलिस टीमों ने बस स्टैंड पर खड़ी और आने-जाने वाली बसों में सवार यात्रियों के सामान की बारीकी से जांच की। पुलिस ने न केवल संदिग्ध दिखने वाले व्यक्तियों से पूछताछ की, बल्कि कानून व्यवस्था और सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए कई यात्रियों के दस्तावेजों और लाल कार्डों की भी गहनता से चेकिंग की। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक परिवहन के जरिए किसी भी आपत्तिजनक वस्तु या नशीले पदार्थ को मोगा जिले की सीमा के भीतर नहीं आने दिया जाएगा। अज्ञात लोगों से पार्सल न लें बस चालक: पीसीआर प्रभारी चेकिंग के दौरान पी.सी.आर. प्रभारी खेमचंद पराशर ने बस चालकों और उनके परिचालकों (कंडक्टर्स) के साथ विशेष बैठक की और उन्हें सतर्क रहने के निर्देश दिए। पीसीआर प्रभारी ने कहा कि बस चालक रास्ते में किसी भी अज्ञात या अप्रमाणित व्यक्ति से कोई भी पार्सल, पैकेट या अन्य सामान बुक न करें और न ही उसे बस में रखें। कई बार तस्कर चालकों को झांसा देकर अवैध वस्तुएं या नशा सप्लाई करवा देते हैं, जिससे अनजाने में बस चालक बड़ी कानूनी मुसीबत में फंस सकते हैं। हेल्पलाइन नंबर 112 पर दें संदिग्धों की जानकारी पराशर ने बस चालकों, यात्रियों और वहां मौजूद आम जनता से अपील की कि यदि उन्हें बस स्टैंड या सफर के दौरान किसी भी संदिग्ध व्यक्ति, लावारिस वस्तु या नशा तस्कर के बारे में कोई भनक लगती है, तो वे तुरंत पुलिस हेल्पलाइन नंबर 112 पर कॉल करें या अपने नजदीकी पुलिस थाने को सूचित करें। हफ्ते में तीन बार चेकिंग, बीट नंबर 2 के तहत गश्त तेज सुरक्षा ग्रिड की जानकारी देते हुए पीसीआर प्रभारी ने बताया कि पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है और सप्ताह में कम से कम तीन बार बस स्टैंड परिसर की औचक और सघन चेकिंग की जाती है। उन्होंने बताया कि यह पूरा क्षेत्र पुलिस बीट नंबर 2 के अंतर्गत आता है, जहां सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मोटरसाइकिल सवार पुलिसकर्मी (हुल्लड़बाज रोधी दल) दिन में कई बार राउंड लगाते हैं और गश्त करते हैं। मौके पर मौजूद कुछ स्थानीय दुकानदारों और यात्रियों ने जब संदिग्ध तत्वों से डर लगने की बात कही, तो प्रभारी ने उन्हें ढांढस बंधाया और कहा कि पुलिस आपकी सुरक्षा के लिए चौबीसों घंटे तैनात है, बस आप किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस से साझा करें। यात्रियों से भी अपील की गई कि वे सफर के दौरान किसी भी सह-यात्री या अनजान व्यक्ति का सामान अपने पास न रखें।
नौकरी दिलाने के नाम पर 6 लाख की ठगी:बस्ती के साइबर क्राइम थाने में केस दर्ज, पुलिस ने की जांच शुरू
बस्ती में नौकरी दिलाने के नाम पर छह लाख रुपये की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित की शिकायत पर साइबर क्राइम थाना बस्ती में 17 जून को मुकदमा दर्ज किया गया, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। घटना 20 फरवरी 2026 की बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार, पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र के भरतपुर निवासी नंदलाल पुत्र रामदेव ने शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि उन्हें और उनके साथियों को नौकरी दिलाने का झांसा दिया गया। आरोप है कि नौकरी लगवाने के नाम पर उनसे विभिन्न माध्यमों से कुल छह लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए गए। रकम लेने के बाद न तो नौकरी मिली और न ही पैसा वापस किया गया। शिकायत के आधार पर साइबर क्राइम थाना बस्ती में धोखाधड़ी और आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। इस मामले में आंध्र प्रदेश के ईस्ट गोदावरी जिले के निवासी गार्नीपूड़ी सतीश पुत्र गार्नीपूड़ी थमैया नायडू को नामजद किया गया है। उसका वर्तमान पता बोवेनपल्ली, सिकंदराबाद (तेलंगाना) बताया गया है। अपर पुलिस अधीक्षक श्याम कांत ने बताया कि मामले की गहन विवेचना की जा रही है। पुलिस बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और ऑनलाइन लेन-देन से जुड़े तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर रही है। जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
बहराइच में मां और उसकी तीन मासूम बेटियों की हत्या के आरोपी बालकराम को अदालत से राहत नहीं मिली है। न्यायाधीश पवन कुमार शर्मा ने गुरुवार को मामले की सुनवाई करते हुए आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी। जिला शासकीय अधिवक्ता गिरीशचंद्र शुक्ल ने बताया कि मोतीपुर थाना क्षेत्र के पकड़िया दीवान ग्राम निवासी आरोपी बालकराम ने वर्ष 2018 में अपने भाई संतोष की हत्या कर दी थी, जिसके बाद उसे जेल भेजा गया था। जेल से रिहा होने के बाद बालकराम अपने मृत भाई की पत्नी सुमन के साथ शादी का झांसा देकर रहने लगा। उसका मुख्य उद्देश्य सुमन पर संतोष की हत्या का मुकदमा वापस लेने का दबाव बनाना था। इस दौरान सुमन की दो और बेटियां हुईं, लेकिन उसने पति की हत्या का मुकदमा वापस लेने से इनकार कर दिया। सुमन के इनकार करने पर आरोपी बालकराम ने अपने साथी अनिरुद्ध की मदद से उसे फोन कर गांव के बाहर बुलाया। सुमन अपनी तीन बेटियों, 11 वर्षीय नंदिनी, छह वर्षीय अंशिका और तीन वर्षीय लाडो के साथ बताए गए स्थान पर पहुंची। वहां से आरोपी बालकराम उन्हें घुमाने के बहाने लखीमपुर खीरी जनपद ले गया और सिसैया चौराहे के पास उनकी हत्या कर दी। इसके बाद उसने शवों को शारदा नदी में फेंक दिया था। इस मामले में मृतका की मां ने मोतीपुर थाने में बेटी सुमन और बच्चियों के गायब होने की रिपोर्ट दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। जांच के दौरान, लखीमपुर के थाना खमरिया इलाके की एक दुकान के सीसीटीवी फुटेज में आरोपी बालकराम को महिला और उसकी बेटियों के साथ देखा गया। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। गुरुवार को आरोपी के अधिवक्ता की ओर से दाखिल जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायाधीश ने उसे खारिज कर दिया।
शाजापुर में गुरुवार रात करीब 9 बजे एक तेज रफ्तार स्विफ्ट कार बेकाबू होकर डिवाइडर से टकराकर पलट गई। यह हादसा ट्रैफिक पॉइंट के आगे स्थित डिपो के पास हुआ। गनीमत रही कि हादसे में कार सवार दोनों लोग बाल-बाल बच गए और उन्हें कोई गंभीर चोट नहीं आई। अंधेरा होने के कारण नहीं दिखा डिवाइडर कार चालक नईम खां ने बताया कि वे फाइनेंस का काम करते हैं और शाजापुर किसी काम से आए थे। शाम को वे वापस देवास लौट रहे थे। उनके मुताबिक, दुर्घटनास्थल पर काफी अंधेरा था और वहां कोई साइन बोर्ड भी नहीं लगा था, जिससे सड़क के बीच बना डिवाइडर दिखाई नहीं दिया। वाहन की गति धीमी थी, लेकिन अचानक अगला पहिया डिवाइडर पर चढ़ने से कार अनियंत्रित होकर पलट गई। स्थानीय लोगों ने सीधी की कार, यातायात बहाल हादसे के बाद सड़क पर करीब 10 मिनट तक जाम की स्थिति बनी रही और यातायात बाधित हुआ। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थानीय नागरिकों की मदद से पलटी हुई कार को सीधा कराया और उसे सड़क किनारे खड़ा करवाया, जिसके बाद मार्ग पर आवागमन दोबारा सामान्य हो सका। जगह-जगह अतिक्रमण से बढ़ रहा है हादसों का खतरा स्थानीय निवासी रोहित ने बताया कि डिपो के पास सड़क किनारे अतिक्रमण काफी बढ़ गया है। फल और सब्जी विक्रेताओं द्वारा ठेले लगाने और वहां आने वाले खरीदारों द्वारा बेतरतीब वाहन खड़े करने से सड़क संकरी हो जाती है। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस डार्क स्पॉट और अतिक्रमण की वजह से यहां पहले भी कई हादसे हो चुकी हैं।
बांका में एक बुजुर्ग महिला की पिटाई का मामला सामने आया है। यह घटना गुरुवार शाम को शिवाजी चौक स्थित आनंद कॉलोनी के पास हुई। चोरी के शक में एक सनकी दुकानदार ने महिला की डंडे से पिटाई की। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी दुकानदार को हिरासत में ले लिया है। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि एक युवक सरेआम महिला को डंडे से पीट रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आरोपी युवक ने महिला पर अपनी दुकान से पॉकेट वाली शर्फ चोरी करने का आरोप लगाया था। इसी आरोप के चलते उसने महिला के साथ मारपीट शुरू कर दी। बेहोश होकर सड़क किनारे गिर गई स्थानीय लोगों ने बताया कि युवक महिला को लगातार डंडे से पीटता रहा, जिससे वह बेहोश होकर सड़क किनारे गिर गई। आसपास के लोगों ने जब यह देखा, तो उन्होंने विरोध जताया और हस्तक्षेप किया। लोगों के विरोध के बाद आरोपी ने महिला को छोड़ दिया। इसके बाद स्थानीय लोगों ने महिला को संभाला, पानी पिलाया और उसे सुरक्षित घर भेजा। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई। वीडियो की पुष्टि होने पर बांका टाउन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी दुकानदार को हिरासत में लेकर थाने ले गई। आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही - टाउन थानाध्यक्ष इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों में काफी आक्रोश है। लोगों ने आरोपी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि इस प्रकार की घटनाएं समाज और मानवता को शर्मसार करने वाली हैं। बांका टाउन थानाध्यक्ष सुधीर कुमार ने बताया कि दुकानदार को हिरासत में ले लिया गया है और उसके विरुद्ध आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
मोगा के तहत आते गांव घलकलां के पास नेशनल हाईवे पर एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है। यहां एक अज्ञात तेज रफ्तार वाहन ने मोटरसाइकिल को जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में बाइक पर सवार दो मासूम बच्चे और उनकी दादी गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को नाजुक हालत में पहले मोगा के सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां से डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए फरीदकोट मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया है। वारदात के बाद अज्ञात वाहन चालक मौके से फरार होने में कामयाब रहा। बहन के घर लैंटर डलवाकर लौट रहा था परिवार प्राप्त जानकारी के अनुसार, गांव घलकलां के रहने वाले चार व्यक्ति और दो बच्चे एक ही मोटरसाइकिल पर सवार होकर गांव कलेरां गए हुए थे। वहां अपनी बहन के नए घर की छत का लैंटर डलवाने के बाद सभी वापस अपने गांव लौट रहे थे। जैसे ही उनकी मोटरसाइकिल मोगा के नजदीकी गांव दुन्नेके के पास एक पेट्रोल पंप के समीप पहुंची, तभी एक अज्ञात तेज रफ्तार वाहन ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। चीख-पुकार मचने पर दौड़े राहगीर, समाज सेवियों ने पहुंचाया अस्पताल टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार सड़क पर दूर जा गिरे। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। घटना की सूचना मिलते ही समाज सेवा सोसायटी के सदस्य तुरंत एम्बुलेंस के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने राहगीरों की मदद से घायल दोनों बच्चों और बुजुर्ग महिला को लहूलुहान हालत में संभाला और तुरंत इलाज के लिए सिविल अस्पताल मोगा पहुंचाया। हालत चिंताजनक, फरीदकोट मेडिकल कॉलेज रेफर सिविल अस्पताल मोगा में तैनात डॉक्टर बजरंग ने घायलों की स्थिति पर जानकारी देते हुए पुष्टि की कि अस्पताल पहुंचे तीनों मरीजों की हालत बेहद नाजुक और चिंताजनक बनी हुई थी। प्राथमिक उपचार देने के बाद, उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर न्यूरो और ट्रॉमा केयर के लिए तुरंत फरीदकोट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के लिए रेफर कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस की टीम अस्पताल और मौका-ए-वारदात पर पहुंची। पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पेट्रोल पंप और हाईवे पर लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि फरार वाहन और उसके चालक की पहचान कर उसे जल्द से जाना दबोचा जा सके।
फर्रुखाबाद के अमृतपुर थाना क्षेत्र के करनपुरदत्त मार्ग पर गुरुवार की देर शाम ई-रिक्शा को बचाने में एक ट्रैक्टर ट्रॉली अनियंत्रित होकर पलट गई। इससे ट्रैक्टर ट्राली पर सवार नौ लोग घायल हो गए सभी को लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया यहां से एक घायल को गंभीर हालत में हायर सेंटर रेफर किया गया। ग्राम जटपुरा निवासी दिनेश की बेटी रुचि की कल बारात आनी है। ऐसे में परिवार के लोग ट्रैक्टर ट्राली लेकर अमृतपुर शाम के समय टेंट का सामान लेने आए थे। यह लुक टेंट का सामान लेकर वापस गांव जा रहे थे। कुछ लोग ट्रॉली पर सवार थे तो कुछ लोग ट्रैक्टर पर बैठे हुए थे। बताया गया कि सामने से आ रही ई रिक्शा को बचाने को लेकर ट्रैक्टर ट्राली साइड से की ऐसे में पलट गई। ट्रॉली पलटते ही उसमें सवार युवक नीचे दब गए और कई लोग सड़क पर जा गिरे। जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आसपास के ग्रामीण तत्काल राहत कार्य में जुट गए और घायलों को ट्रॉली के नीचे तथा आसपास से बाहर निकाला गया। दुर्घटना की सूचना मिलते ही थाना अमृतपुर पुलिस और क्षेत्राधिकारी अमृतपुर ऐश्वर्य उपाध्याय मौके पर पहुंचीं। राहत एवं बचाव कार्य के लिए पांच 108 एंबुलेंस घटनास्थल पर भेजी गईं। स्थानीय लोगों और पुलिस के सहयोग से घायलों को एंबुलेंस, पुलिस वाहनों तथा निजी गाड़ियों से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राजेपुर पहुंचाया गया। हालांकि चार घायल सीरियल लोहिया अस्पताल चली जाए जबकि पांच घायल राजेपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से रेफर होकर लोहिया अस्पताल आए। यहां से घायल अंकित को गंभीर हालत में हायर सेंटर रेफर किया गया। जबकि अन्य घायलों का उपचार यहां जा रही है। ट्रैक्टर ट्राली पलटने में 20 वर्षीय प्रेम सिंह 18 वर्ष सुधांशु 35 वर्षीय पुष्पेंद्र 22 वर्षीय अंकित 18 वर्षीय सनी कुमार 17 वर्षीय प्रांशु 21 वर्षीय गौरव 19 वर्षीय अजय और 20 वर्षीय आदित्य घायल हुए। प्रेम सुधांशु पुष्पेंद्र और अंकित को निजी वाहन से सीधा लोहिया अस्पताल लाया गया था जबकि अन्य पांच घायलों को पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां से रेफर होकर लोहिया अस्पताल आए थे। अपर पुलिस अधीक्षक गिरीश कुमार हादसे की सूचना पर घटना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने घटना के बारे में जानकारी ली इसके बाद दो ही अस्पताल पहुंचे यहां घायलों से जानकारी ली। घायल ने बताया सामने से ई रिक्शा आ रहा था उसको बचाने के चक्कर में ट्रैक्टर ट्राली पलट गई। बताया ट्रैक्टर अमित चल रहा था ट्रैक्टर ट्राली पलटते ही वह कूद गया। जिससे उसके चोट नहीं आई है। कल बारात आनी है ऐसे में घर में हलवाई भी लगा हुआ था। बारात को लेकर तैयारियां भी चल रही थी। जैसे ही वहां हादसे की सूचना पहुंची परिवार व रिश्तेदार घटनास्थल की तरफ दौड़ पड़े। बाद में यह लोग लोहिया अस्पताल पहुंचे। वही कादरी गेट थाना प्रभारी कपिल चौधरी सहित अमृतपुर थानाध्यक्ष दर्शन सिंह सोलंकी भी लोहिया अस्पताल पहुंचे। इमरजेंसी में ड्यूटी कर रहे डॉक्टर अभिषेक चतुर्वेदी ने बताया अमृतपुर में ट्रैक्टर ट्राली पलटने से नौ लोग घायल हुए थे। सभी लोग यहां आए हैं। एक घायल को गंभीर हालत में रेफर किया गया है। अन्य का उपचार जारी है। सभी की हालत ठीक है। नरवीर ने बताया कल भतीजी रुचि की बारात आ रही है। ऐसे में परिवार व रिश्तेदार लोग ट्रैक्टर ट्राली से टेंट का सामान लेने गए हुए थे। वहां से वापस आते समय ट्रैक्टर ट्राली पलट गई उसी में यह लोग घायल हुए हैं।

