गोंडा में घाघरा नदी का जलस्तर घट रहा है, लेकिन पड़ोसी देश नेपाल लगातार पानी छोड़ रहा है बीते 12 घंटे में गिरजा, शारदा और सरयू बैराज से कुल 2 लाख 12 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इस बीच, पिछले 24 घंटे में नदी का जलस्तर 18 सेंटीमीटर कम हुआ है, जबकि पानी छोड़े जाने के बाद इसके बढ़ने की आशंका है। बाढ़ खंड विभाग अलर्ट पर है। शनिवार सुबह 9:30 बजे गिरजा बैराज से 95,457 क्यूसेक, शारदा बैराज से 14,295 क्यूसेक और सरयू बैराज से 1,101 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। कुल मिलाकर, आज सुबह 1,10,853 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इससे पहले, शुक्रवार रात 10:00 बजे घाघरा नदी में 1,01,694 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। घाघरा नदी के लगातार बढ़ते और घटते जलस्तर के कारण तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ढेमवाघाट मार्ग पर पानी भर जाने से आवागमन बाधित हो गया है। लोग जान जोखिम में डाल करके जा रहे थे लेकिन अब यहां पर नाव चल गया है तो फ्री में नहीं बल्कि किराए लेकर के लोगों को लेकर के आ जा रहे हैं। 3 तस्वीरें देखिए- लोग नावों का सहारा लेकर एक स्थान से दूसरे स्थान पर जा रहे हैं, जिसके लिए उन्हें प्रति व्यक्ति 30 से 50 रुपये किराया देना पड़ रहा है। जिला प्रशासन द्वारा अभी तक निःशुल्क नाव की व्यवस्था नहीं की गई है। गोंडा आपदा विभाग तटीय इलाकों में जागरूकता अभियान चलाकर नदी के बढ़ते जलस्तर और जीव-जंतुओं से बचाव के प्रति लोगों को सचेत कर रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी इन क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों की जांच और इलाज कर रही हैं। नदी के लगातार कटान से फसलें और जमीनें भी प्रभावित हो रही हैं, जिससे तटीय निवासियों की मुश्किलें बढ़ रही हैं।
पीलीभीत की बीसलपुर विधानसभा सीट से भाजपा विधायक विवेक कुमार वर्मा से ठगी का प्रयास किया गया है। एक जालसाज ने खुद को 'नीरज' बताकर विधायक को राष्ट्रीय अध्यक्ष से मुलाकात कराने का झांसा दिया और 3.50 लाख रुपये की मांग की। विधायक की सतर्कता के कारण यह ठगी नाकाम रही। उनकी शिकायत पर बीसलपुर कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। विधायक विवेक कुमार वर्मा ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि 16 जुलाई 2026 को सुबह करीब 9:30 बजे उनके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आई। फोन करने वाले ने रौबदार आवाज में कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष उनसे बात करना चाहते हैं। इसके बाद उसने फोन किसी अन्य व्यक्ति को दिया, जिसने विधायक से कहा कि उनके क्षेत्र से 'नेगेटिव रिपोर्ट' आ रही है। नेटवर्क खराब होने के कारण कॉल कट गई। बाद में विधायक ने उसी नंबर पर संपर्क किया तो फोन उठाने वाले ने अपना नाम 'नीरज' बताया। पुणे में संघ के कार्यक्रम में लंच का खर्च उठाने को कहा जालसाज नीरज ने विधायक से कहा कि महाराष्ट्र के पुणे में संघ का एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित हो रहा है। उसने विधायक पर इस कार्यक्रम में दो दिन के खाने-पीने का पूरा खर्च उठाने का दबाव बनाया। इसके लिए उसने 3.50 लाख रुपये की मांग की और कहा कि वह जल्द ही एक बैंक खाता नंबर भेजेगा, जिसमें यह रकम ट्रांसफर करनी होगी। जालसाज ने यह भी दावा किया कि रुपये मिलते ही 22 जुलाई 2026 को उनकी मुलाकात संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष से करा दी जाएगी। संगठन और राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाम पर रुपयों की मांग सुनकर विधायक को संदेह हुआ। उन्होंने तुरंत बीसलपुर कोतवाली पुलिस को लिखित शिकायत दी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी है और जांच में जुट गई है। नंबर को सर्विलांस पर लगायाविधायक की तहरीर के आधार पर आरोपी 'नीरज' और संबंधित मोबाइल नंबर धारक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। मोबाइल नंबर को सर्विलांस पर डाल दिया गया है। जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर मामले का पर्दाफाश किया जाएगा।
संभल के जिला मजिस्ट्रेट अंकित खंडेलवाल ने गुन्नौर तहसील के असदपुर ग्राम पंचायत से जुड़े दिल्लीपुर सुखैला भूमि आवंटन मामले में एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। उन्होंने वर्ष 2019 में किए गए शेष 145 पट्टों को निरस्त कर दिया है। इस निर्णय के साथ, लगभग 845 बीघा सार्वजनिक भूमि को उसकी मूल राजस्व श्रेणी 5(3) (झाऊ) और श्रेणी 6(4) (रेता) में दर्ज करने का आदेश दिया गया है। जिला मजिस्ट्रेट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए सुरक्षित भूमि का किया गया आवंटन प्रारंभ से ही विधि विरुद्ध और शून्य प्रभावी था। इसलिए, इसे बरकरार नहीं रखा जा सकता था। यह मामला गुन्नौर के तत्कालीन एसडीएम की निगरानी में वर्ष 2019 में कुल 162 पट्टों के आवंटन से जुड़ा है। वर्ष 2021 में तत्कालीन एडीएम ने इनमें से 17 पट्टे निरस्त कर दिए थे, लेकिन 145 पट्टों को बहाल रखा गया था। वर्तमान सुनवाई इन्हीं 145 पट्टों की वैधता पर केंद्रित थी। सुनवाई के दौरान, छह लाभार्थियों की मृत्यु हो चुकी थी, जबकि सात पट्टा धारक उपस्थित नहीं हुए। शेष 138 पट्टा धारकों ने अपने जवाब दाखिल किए। अभिलेखों, राजस्व रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने निर्णय पारित किया। जांच में पाया गया कि लगभग 56 हेक्टेयर सार्वजनिक भूमि की राजस्व श्रेणी बदलकर उसका पट्टा कर दिया गया था, जो नियमों के विपरीत था। जांच में यह पुष्टि हुई कि भूमि मूल रूप से सार्वजनिक प्रयोजन के लिए सुरक्षित थी, और उसका आवंटन राजस्व नियमों का उल्लंघन था। इसी आधार पर सभी शेष पट्टे निरस्त कर दिए गए और पूरी 845 बीघा भूमि को उसकी मूल श्रेणी में पुनः दर्ज करने का आदेश दिया गया है। इस मामले में बर्खास्त एसडीएम ओमवीर सिंह, तत्कालीन एडीजीसी (राजस्व) जय भारद्वाज, तत्कालीन सहायक चकबंदी अधिकारी महेंद्र सिंह, तत्कालीन चकबंदी लेखपाल भीमराव सिंह, तत्कालीन राजस्व निरीक्षक राजीव कुमार और तत्कालीन ग्राम प्रधान विक्रांत यादव को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। कुल 19 लोगों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज है। तत्कालीन तहसीलदार करम सिंह चौहान भी आरोपित बनाए गए, शासन ने उन्हें सुल्तानपुर में सिटी मजिस्ट्रेट के पद से निलंबित कर दिया। इसके अलावा भूमि आवंटन प्रक्रिया में अनियमितता पाए जाने पर कई अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई भी शुरू की जा चुकी है।
महोबा जिले के लमौरा गांव की कमलेश कुमारी ने बिना किसी कोचिंग के यूपी पुलिस दरोगा (SI) परीक्षा उत्तीर्ण कर ली है। एक किसान की बेटी कमलेश अब जल्द ही खाकी वर्दी पहनकर देश सेवा करेंगी। उन्होंने सिर्फ सेल्फ स्टडी के दम पर यह सफलता हासिल की है। कमलेश के पिता पूरन लाल कुशवाहा लमौरा गांव के एक साधारण किसान हैं। बड़े परिवार और सीमित आय के बावजूद उन्होंने अपने बच्चों की पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी। कमलेश अपने तीन बहनों और एक भाई में सबसे छोटी हैं। उनके बड़े भाई पहले ही लेखपाल बन चुके हैं। 4 तस्वीरें देखिए- कमलेश की दिनचर्या आम लड़कियों से अलग थी। वह दिन में खेतों में पिता का हाथ बंटाती थीं और रात को घंटों पढ़ाई करती थीं। आर्थिक तंगी के कारण महंगी कोचिंग लेना संभव नहीं था, इसलिए उन्होंने घर पर ही सेल्फ स्टडी की। गणित जैसे कठिन विषयों को समझने के लिए उन्होंने यूट्यूब का सहारा लिया, जबकि अन्य विषयों की तैयारी स्वयं की। उनकी कड़ी मेहनत और लगन का परिणाम अब सबके सामने है। कमलेश ने यूपी एसआई परीक्षा के लिखित और बेहद कठिन माने जाने वाले फिजिकल टेस्ट को सफलतापूर्वक पास कर लिया है। अब उनका केवल मेडिकल टेस्ट होना बाकी है, जिसके बाद उनका सपना पूरा हो जाएगा। अपनी इस सफलता पर कमलेश ने कहा कि यह उनके माता-पिता के त्याग का परिणाम है। उन्होंने अपनी जरूरतें कम करके हमें पढ़ाया। खेतों में काम करने के बाद भी मैंने पढ़ाई जारी रखी और आज मेरा सपना पूरा हो रहा है।
देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन मिल चुकी है। शुक्रवार को पीएम नरेंद्र मोदी ने इसका शुभारंभ किया। वैसे तो यह पूरा प्रोजेक्ट ही खास है पर झारखंड के लिए भी यह महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट रहा है। इसकी वजह यह है कि इसे कल्पना से धरातल तक पहुंचाने वाली टीम में झारखंड की भी भागीदारी है। इस प्रोजेक्ट में झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के मंझगांव प्रखंड के खैरपाल गड़ासाई निवासी सीताराम सिंकू की अहम भूमिका रही है। उनकी इस उपलब्धि से पूरे कोल्हान और झारखंड का गौरव बढ़ा है। वर्तमान में वे रेलवे बोर्ड की प्रोडक्शन यूनिट में अपर सदस्य के पद पर कार्यरत हैं। इस जिम्मेदारी के साथ वे रेलवे के आधुनिकीकरण और ग्रीन टेक्नोलॉजी से जुड़ी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का नेतृत्व कर रहे हैं। देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन की तस्वीरें देखें… सरकारी स्कूल से प्रारंभिक पढ़ाई, टाटा कॉलेज से मिली उड़ान सीताराम सिंकू की सफलता की कहानी भी प्रेरणादायक है। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा मंझगांव के सरकारी स्कूल से पूरी की, जबकि उच्च शिक्षा टाटा कॉलेज, चाईबासा से हासिल की। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार उन्होंने कहा कि भारत का हाइड्रोजन ट्रेन युग में प्रवेश करना गर्व की बात है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के विजन को साकार करने के लिए रेलवे का हर कर्मचारी पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रहा है। रेलवे बोर्ड में आने से पहले वे दक्षिण-पूर्व रेलवे में प्रधान मुख्य यांत्रिक अभियंता (पीसीएमई) के पद पर रह चुके हैं। भारतीय रेलवे यांत्रिक इंजीनियर्स सेवा के वरिष्ठ अधिकारी हैं। वंदे भारत से नेट-जीरो मिशन तक में भूमिका सीताराम सिंकू का रेलवे के विभिन्न जोनों में तकनीकी, परिचालन और प्रशासनिक क्षेत्रों में लंबा अनुभव रहा है। वे खड़गपुर में चीफ वर्क्स मैनेजर भी रह चुके हैं। चक्रधरपुर रेल मंडल के डोंगवापोसी व चाईबासा क्षेत्र से उनका विशेष जुड़ाव रहा है। उन्होंने वंदे भारत स्लीपर ट्रेनसेट, अमृत भारत (वर्जन 3.0) और नमो भारत जैसी आधुनिक परियोजनाओं को गति देने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। बेंगलुरु स्थित रेल व्हील फैक्ट्री में उनके नेतृत्व में एक वर्ष में रिकॉर्ड दो लाख रेल पहियों का उत्पादन किया गया। साथ ही वे रेलवे की गति शक्ति योजना से भी जुड़े रहे हैं। वर्तमान में वे वर्ष 2030 तक भारतीय रेलवे को नेट-जीरो कार्बन उत्सर्जन के लक्ष्य तक पहुंचाने के लिए बड़े पैमाने पर विद्युतीकरण और पर्यावरण-अनुकूल तकनीकों को बढ़ावा देने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। 'हाइड्रोजन फॉर हेरिटेज' योजना के तहत चलेंगी 35 ट्रेनें भारत सरकार ने 2070 तक नेट-जीरो कार्बन उत्सर्जन का लक्ष्य रखा है। इसी के तहत रेलवे देश के अलग-अलग हेरिटेज और पहाड़ी रूटों पर 35 हाइड्रोजन ट्रेनें चलाने की तैयारी कर रहा है। एक ट्रेन बनाने में करीब 80 करोड़ रुपए खर्च होंगे, जबकि हर रूट पर जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने के लिए करीब 70 करोड़ रुपए अलग से खर्च किए जाएंगे।
सिद्धार्थनगर जिले में बाढ़ की स्थिति पूरी तरह सामान्य बनी हुई है। सिंचाई विभाग के बाढ़ नियंत्रण कक्ष द्वारा शनिवार सुबह 8 बजे जारी दैनिक गेज रिपोर्ट के अनुसार, जिले की सभी प्रमुख नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से काफी नीचे दर्ज किया गया है। अधिकांश नदियों में जलस्तर घट रहा है, जबकि कुछ स्थानों पर यह स्थिर बना हुआ है। बाणगंगा नदी के बाणगंगा बैराज पर जलस्तर 89.20 मीटर रिकॉर्ड किया गया, जो खतरे के निशान 93.42 मीटर से 4.22 मीटर नीचे है। पिछले 24 घंटे में यहां 5 मिमी वर्षा भी दर्ज की गई। राप्ती नदी के बांसी पुल पर जलस्तर 81.37 मीटर रहा, जो खतरे के निशान से 3.53 मीटर नीचे है। इसी नदी के परसोहन घाट पर जलस्तर खतरे के निशान से 6.01 मीटर, महंचोरवा घाट पर 4.26 मीटर, ककरही पुल पर 4.45 मीटर, आलमनगर पर 4.00 मीटर और उस्का रेलवे पुल पर 4.74 मीटर नीचे दर्ज किया गया। घोघी नदी के लोटन पुल पर जलस्तर खतरे के निशान से 3.00 मीटर नीचे रहा। तेलार नाला का जलस्तर खतरे के निशान से 1.90 मीटर नीचे स्थिर है, जबकि जमुआर नाला (नौगढ़ पुल) पर जलस्तर 3.14 मीटर नीचे दर्ज किया गया। नौगढ़ पुल क्षेत्र में 45 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अनुसार, वर्तमान में जिले में कहीं भी बाढ़ जैसी स्थिति नहीं है। सभी नदियां खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं और प्रशासन लगातार जलस्तर की निगरानी कर रहा है। विभाग ने बारिश बढ़ने की स्थिति में भी निगरानी व्यवस्था सक्रिय रखने की बात कही है।
बांदा में दहेज उत्पीड़न का एक और मामला सामने आया है। महिला थाना पुलिस ने एक विवाहिता की तहरीर पर पति समेत पांच ससुरालियों के खिलाफ दहेज प्रताड़ना, मारपीट और जान से मारने की धमकी का मुकदमा दर्ज किया है। पीड़िता का आरोप है कि शादी के बाद से ही उससे सोने की चेन और एक लाख रुपये की मांग की जा रही थी। मांग पूरी न होने पर उसके साथ मारपीट की गई और उसे घर से निकाल दिया गया। महिला थाना में दर्ज एफआईआर के अनुसार, कमासिन थाना क्षेत्र के तिलौसा गांव की मोबीना की शादी 11 नवंबर 2025 को नरैनी थाना क्षेत्र के कबौली गांव निवासी अख्तर से हुई थी। मोबीना ने पति अख्तर, ससुर जिग्री कक्का, जेठ मुथ्थल और जेठानी नफीसा पर दहेज में सोने की चेन और एक लाख रुपये मांगने का आरोप लगाया है। पीड़िता के मुताबिक, उसके पिता ने जनवरी 2026 में 50 हजार रुपये दिए भी थे, लेकिन इसके बावजूद ससुराल पक्ष की मांगें और प्रताड़ना जारी रही। आरोप है कि 15 जुलाई 2026 की शाम दहेज की मांग को लेकर विवाहिता के साथ दोबारा मारपीट की गई, जिससे उसे चोटें आईं। इसके बाद उसे रात में घर से बाहर निकाल दिया गया। सूचना मिलने पर जब मायके पक्ष के लोग पहुंचे तो उनके साथ भी अभद्रता की गई और जान से मारने की धमकी दी गई। पीड़िता की शिकायत पर महिला थाना पुलिस ने पति, ससुर, जेठ और जेठानी समेत पांच लोगों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
औरैया। राज्य कर विभाग कार्यालय में ईंट-भट्ठा उद्योग से जुड़े करदाताओं, डीलरों और उद्यमियों के लिए एक विशेष व्यापारी संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। उपायुक्त (प्रशासन) राज्य कर प्रदीप कुमार की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में कारोबारियों ने अपनी विभिन्न कर संबंधी और व्यावहारिक समस्याओं को अधिकारियों के समक्ष रखा।विभाग ने स्थानीय समस्याओं का समाधान किया और महत्वपूर्ण सुझावों को शासन स्तर पर भेजने का आश्वासन दिया। बैठक में सहायक आयुक्त शिव शंकर चौरसिया,जय सिंह यादव,पंकज कुमार पांडेय,राज्य कर अधिकारी विजय शंकर दीक्षित सहित विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।इस दौरान व्यापारियों ने जीएसटी,टैक्स रिफंड, इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) सहित विभिन्न कर संबंधी समस्याओं पर चर्चा की।उन्होंने स्थानीय स्तर पर आ रही व्यावहारिक दिक्कतों को भी अधिकारियों के सामने रखा। कारोबारियों ने शिकायत की कि भट्ठों के लिए मिट्टी ले जाने वाले ट्रक और डंपरों को पुलिस द्वारा अनावश्यक रूप से रोका जाता है। व्यापारियों ने यह भी बताया कि मजदूरों की छोटी-छोटी शिकायतों पर बंधुआ मजदूरी अधिनियम और श्रम विभाग की कार्रवाई के नाम पर उनका उत्पीड़न किया जाता है। उन्होंने मांग की कि पंजीकृत ठेकेदारों के माध्यम से श्रमिक उपलब्ध कराने की व्यवस्था को मान्यता दी जाए और केवल पंजीकृत ठेकेदारों की शिकायतों को ही वैध माना जाए।इसके अतिरिक्त, रॉयल्टी पर जीएसटी से छूट देने की मांग भी अधिकारियों के समक्ष रखी गई। मौजूद विभागीय अधिकारियों ने स्थानीय स्तर पर समाधान योग्य समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण किया।ईंट-भट्ठा एसोसिएशन के अध्यक्ष रविन्द्र सिंह ने उद्योग से जुड़ी समस्याओं और नीतिगत सुझावों का एक ज्ञापन अधिकारियों को सौंपा।उपायुक्त प्रदीप कुमार ने आश्वासन दिया कि सभी महत्वपूर्ण सुझावों को शासन स्तर पर विचार के लिए तत्काल लखनऊ मुख्यालय भेजा जाएगा। उपायुक्त ने कहा कि व्यापारी प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और विभाग का उद्देश्य उनके लिए पारदर्शी,सरल एवं सकारात्मक कारोबारी वातावरण तैयार करना है।कार्यक्रम के अंत में ईंट-भट्ठा संघ के पदाधिकारी चंद्र मोहन चोपड़ा, हरिश्चंद्र वर्मा तथा व्यवसायी सतीश सिंह सेंगर और सुनील द्विवेदी ने राज्य कर विभाग की इस पहल की सराहना की।उन्होंने कहा कि ऐसे संवाद कार्यक्रमों से व्यापारियों की समस्याओं का समाधान तेजी से होता है और विभाग के प्रति विश्वास भी मजबूत होता है।
अमेठी पुलिस का साइबर ठगों पर बड़ा प्रहार:79 म्यूल खाते बंद, 2.70 करोड़ रुपये की ठगी की रकम होल्ड
अमेठी पुलिस ने साइबर ठगों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस अधीक्षक सरवणन टी. के निर्देश पर एक विशेष साइबर SOG टीम का गठन किया गया है। इस टीम ने अब तक 79 म्यूल खातों को बंद कराया है और 2.70 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की रकम को होल्ड किया है। गठित की गई यह टीम साइबर अपराधियों की धरपकड़, फर्जी खातों और सिम के नेटवर्क को तोड़ने का काम करेगी। एसपी सरवणन टी. ने बताया कि पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर यह टीम साइबर अपराधों पर प्रभावी कार्रवाई के लिए बनाई गई है। एसपी ने बताया कि साइबर ठग लोगों को ठगी का शिकार बनाने के लिए लगातार नए तरीके अपना रहे हैं। ठगी की रकम को खपाने के लिए म्यूल बैंक खातों का इस्तेमाल किया जाता है। इन खातों को लालच देकर खुलवाया जाता है, जिससे अपराधियों तक पहुंचना मुश्किल हो। पुलिस ने अब तक 79 संदिग्ध म्यूल खातों को बंद करने के साथ-साथ 129 संदिग्ध व्यक्तियों पर कार्रवाई की है और 1330 मोबाइल नंबरों को ब्लॉक कराया है। इसके अतिरिक्त, जिले के 82 POS एजेंटों से पूछताछ कर उनका सत्यापन भी किया गया है। एसपी सरवणन टी. के अनुसार, साइबर SOG टीम का मुख्य उद्देश्य साइबर मामलों में कठोर कार्रवाई करना, बैंक और फर्जी अकाउंट तथा फर्जी सिम बनाने वालों के नेटवर्क को कमजोर करना और चिन्हित हॉटस्पॉट के अपराधियों को गिरफ्तार करना है। एसपी ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी लालच में आकर अपना बैंक खाता या सिम किसी अन्य व्यक्ति को न दें।
लखीमपुर खीरी में शनिवार सुबह मौसम ने करवट ली। घने बादलों के साथ हुई झमाझम बारिश से पिछले कई दिनों की भीषण गर्मी और उमस से लोगों को राहत मिली। जिले के कई क्षेत्रों में तेज वर्षा दर्ज की गई, जबकि अन्य स्थानों पर हल्की फुहारें जारी रहीं। मौसम में यह बदलाव शुक्रवार दोपहर से ही दिखने लगा था, जब आसमान में बादल छा गए और हल्की बूंदाबांदी हुई। शनिवार सुबह करीब 6:30 बजे पूरे जिले में घने बादल छा गए। कस्ता, मितौली, निघासन, गोला गोकर्णनाथ, पसगवां, ईसानगर और धौरहरा जैसे कई क्षेत्रों में तेज बारिश हुई, जबकि लखीमपुर शहर सहित अन्य इलाकों में रिमझिम वर्षा दर्ज की गई। पिछले दो दिनों में तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। शुक्रवार को जिले का अधिकतम तापमान लगभग 36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस रहा। शनिवार के लिए अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। लगातार बादल छाए रहने और बारिश के कारण दिन के तापमान में कमी आई, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली। इस बारिश से किसानों को काफी लाभ होने की उम्मीद है। धान सहित खरीफ फसलों के लिए यह वर्षा फायदेमंद मानी जा रही है। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में भी जिले में बादल छाए रहने, गरज-चमक के साथ बारिश और 19 जुलाई से भारी वर्षा की संभावना व्यक्त की है।
जयपुर के रहने वाले थियेटर आर्टिस्ट और कॉमेडियन वैभव माथुर ने मुंबई से ‘भास्कर समाधान’ पर अपने फैंस के लिए एक वीडियो मैसेज शेयर किया है। उन्होंने दैनिक भास्कर एप के ‘भास्कर समाधान’ को एक सार्थक पहल बताया है। वीडियो में वैभव ने कहा कि यह पहल प्रशासन और पब्लिक के बीच की दूरी को कम करने वाला ऐसा फ्लाईओवर है जहां आम आदमी की रोजमर्रा से जुड़ी समस्याओं के समाधान चुटकियों में मिल जाते हैं। उन्होंने कहा कि ‘भास्कर समाधान’ लोगों को उनकी बात रखने का साझा मंच देता है, जहां गुड गवर्नेंस और जागरुक नागरिक मिलकर बदलाव लाने का काम कर रहे हैं। वीडियो शेयर कर उन्होंने लोगों को ‘भास्कर समाधान’ से जुड़ने की अपील की है। गौरतलब है कि भास्कर की यह पहल बिजली, सड़क, पानी, सफाई और कचरे जैसी जन समस्याओं के समाधान में प्रशासन का हाथ बंटाने का काम कर रही है। इस पहल में आमजन केवल समस्या पोस्ट करने तकसीमित नहीं है बल्कि संबंधित विभाग से सीधे सवाल कर सकता है। जामडोली में बिजली, पानी और ट्रांसपोर्टेशन का हो समाधान वैभव ने कहा कि वो जयपुर के जामडोली में उनका घर आज भी है। ‘भास्कर समाधान’ के जरिये वह जामडोली की तीन प्रमुख जनसमस्या बिजली, पानी और ट्रांसपोर्टेशन प्रशासन तक पहुंचाना चाहेंगे। उनका कहना है कि 22 साल पहले जब वो जयपुर से मुंबई गए थे तब भी यही समस्याएं थीं। हालांकि अब हालात बदले हैं लेकिन अब भी इनमें सुधार की काफी गुंजाइश है। ‘भास्कर समाधान’ से अब लोगों को अपनी बात प्रशासन के सामने रखना पहले के मुकाबले बहुत आसान हो गया है। राजस्थान के ग्रामीण क्षेत्र में आज भी बिजली कटौती एक बड़ी सिविक समस्या है। भास्कर समाधान के जरिये मैं प्रशासन से यही कहना चाहूंगा कि हमारे गांवों को पर्याप्त बिजली मिले ताकि वो भी दुनिया के साथ कदम मिलाकर चल सकें। इस अनोखी पहल से दैनिक भास्कर एप बहुत सकारात्मक बदलाव लाने का काम कर रहा है। ‘भास्कर समाधान’ पर बताएं अपनी समस्या वीडियो में वैभव कहते हैं, ‘मैं आज आपके साथ कुछ अच्छा शेयर करना चाहता हूं। दैनिक भास्कर एप का 'भास्कर समाधान' आपके लिए एक ऐसा मंच लाया है जो प्रशासन और आमजन के बीच सेतु यानी पुल का काम कर रहा है। जहां आपकी समस्या का प्रशासन के सहयोग से समाधान किया जा रहा है। अगर आप भी अपने गांव, मोहल्ले, वार्ड की समस्या से परेशान हैं तो मोबाइल उठाइये और भास्कर समाधान पर फोटो–वीडियो के साथ अपनी समस्या पोस्ट कर दीजिये। प्रशासन की मदद से जल्द ही आपकी समस्या का समाधान करवाया जाएगा।’ वैभव का कहना है कि जयपुर से होने के कारण उन्हें इस पहल से जुड़कर बहुत अच्छा लग रहा है। वह आम राजस्थानी के दिल की बात प्रशासन तक पहुंचाने के लिए इस पहल का हिस्सा बने हैं। यह भास्कर के सामाजिक सरोकारों के प्रति उनका समर्पण भी दिखाता है। पब्लिक की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। भास्कर एप पर अपनी समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक कीजिए…
जालंधर के शिव नगर इलाके में एक बेहद दुखद मामला सामने आया है, जहां नीतीश कुमार नामक एक युवक ने ट्रेन के आगे आकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। घटना की सूचना मिलते ही थाना डिवीजन नंबर 1 की पुलिस मौके पर पहुंच गई है और मामले की जांच कर रही है। मृतक के परिजनों और मौसी के बेटे ने आरोप लगाया है कि नीतीश के साथ कुछ लोगों द्वारा बुरी तरह मारपीट और प्रताड़ना की गई थी, जिससे तंग आकर उसने यह आत्मघाती कदम उठाया। परिवार का कहना है कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलता और आरोपियों पर मामला दर्ज नहीं होता, वे शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। शुरुआती जानकारी के अनुसार, नीतीश का किसी बात को लेकर कुछ लोगों के साथ झगड़ा हुआ था, जिसके बाद उसने ट्रेन के आगे कूदकर सुसाइड कर लिया। घटना स्थल के बिल्कुल सामने ही उसका घर है।घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची घटना की जानकारी मिलते ही डिवीजन नंबर 1 की पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर एम्बुलेंस के जरिए अस्पताल भिजवाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मौके पर स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई और माहौल काफी तनावपूर्ण बना हुआ है।घरवालों का रो-रो कर बुरा हाल नीतीश की मौत के बाद उसके परिवार में कोहराम मच गया है। उसकी पत्नी और मां का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक अपने पीछे एक चार साल का छोटा बच्चा छोड़ गया है। परिजनों का आरोप है कि नीतीश का कुछ लोगों के साथ विवाद हुआ था, जिसके बाद तीन लोगों (जिनमें दो महिलाएं भी शामिल थीं) ने मिलकर उसकी बुरी तरह पिटाई की थी और उसकी टी-शर्ट तक फाड़ दी थी।पुलिस मामले में कार्रवाई करे मृतक के भाई (मौसी के बेटे) ने बताया कि नीतीश बहुत ही सीधा लड़का था और अपने काम से काम रखता था। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग इलाके में गलत काम (नशे का व्यापार) करते हैं और उन्होंने ही नीतीश को प्रताड़ित किया। परिजनों का साफ कहना है कि जब तक पुलिस दोषियों के खिलाफ सख्त धारा के तहत पर्चा (मामला) दर्ज नहीं करती, वे शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। पुलिस फिलहाल मामले की गहराई से जांच कर रही है और बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
कौशांबी में एक महिला प्रधानाध्यापक के खिलाफ विद्यालय परिसर में चाकू और चापड़ लहराने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अब उनकी गिरफ्तारी की तैयारी कर रही है। यह मामला कौशांबी के कड़ा ब्लॉक स्थित प्राथमिक विद्यालय लुकिया का है। इंचार्ज प्रधानाध्यापक शिखा सिंह पटेल, जो प्रयागराज की निवासी बताई जा रही हैं, पिछले तीन-चार दिनों से हाथों में चाकू और चापड़ लेकर विद्यालय आ रही थीं। उनकी इस हरकत से स्कूल स्टाफ, छात्र-छात्राएं और अभिभावक भयभीत थे। शुक्रवार को एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें शिक्षिका को विद्यालय के गेट से चाकू और चापड़ के साथ प्रवेश करते देखा गया। इसके बाद वह कक्षा में कुर्सी पर बैठकर इन हथियारों को लहराती हुई दिखाई दीं। उनकी इन हरकतों के कारण विद्यालय में बच्चों की उपस्थिति भी प्रभावित हो रही थी। बच्चों के अभिभावकों ने अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की थी। कुछ स्टाफ सदस्यों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि महिला शिक्षिका इन दिनों मानसिक रूप से अस्वस्थ लग रही थीं। वीडियो वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया। बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) कमलेन्द्रु कुशवाहा के निर्देश पर कड़ा ब्लॉक के खंड शिक्षाधिकारी (BEO) नीरज उमराव पुलिस टीम के साथ मौके पर जांच के लिए पहुंचे। जांच में मामला सही पाए जाने पर BSA कमलेन्द्रु कुशवाहा ने पहले महिला प्रधानाध्यापक को निलंबित किया। देर शाम खंड शिक्षाधिकारी की जांच रिपोर्ट आने के बाद उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। सीओ सिराथू सत्येन्द्र तिवारी ने बताया कि विद्यालय के सहायक अध्यापक विकास सिंह की तहरीर पर यह मुकदमा दर्ज किया गया है। महिला प्रधानाध्यापक के परिजनों से बातचीत करने पर उन्होंने बताया कि बीते कुछ दिनों से उनकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं है।
बाराबंकी के दरियाबाद कोतवाली क्षेत्र स्थित एक पेट्रोल पंप पर शुक्रवार को डीजल भरवाने को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हो गया। मामूली कहासुनी देखते ही देखते मारपीट में बदल गई, जिससे पेट्रोल पंप पर अफरा-तफरी मच गई। मौके पर मौजूद लोगों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया, जिसके बाद सूचना पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया। जानकारी के अनुसार, ब्लॉक के पास स्थित पेट्रोल पंप पर घड़ियाली गांव निवासी जुनैद ट्रैक्टर में डीजल भरवाने पहुंचे थे। आरोप है कि निर्धारित क्रम की अनदेखी करते हुए दूसरे वाहन में पहले डीजल भरा जाने लगा। इसका विरोध करने पर उनकी पंप कर्मी से कहासुनी शुरू हो गई, जो कुछ ही देर में मारपीट में बदल गई। जुनैद का आरोप है कि विवाद के दौरान पंप कर्मियों ने उनके साथ हाथापाई की और डीजल भरने वाले नोजल से उनके सिर पर वार कर दिया, जिससे वह घायल हो गए। वहीं, पेट्रोल पंप संचालक का कहना है कि डीजल भरने में थोड़ी देर होने पर जुनैद ने अभद्रता और गाली-गलौज शुरू कर दी थी, जिसके बाद विवाद बढ़ गया। घटना के दौरान बड़ी संख्या में लोग पेट्रोल पंप पर जमा हो गए, जिससे कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सड़क पर भी भीड़ लगने से यातायात प्रभावित हुआ। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को अलग कर हालात सामान्य कराए। घायल जुनैद को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया। देर शाम तक किसी भी पक्ष की ओर से थाने में लिखित तहरीर नहीं दी गई थी। कोतवाल धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि घायल का उपचार कराया गया है। उन्होंने कहा कि शिकायत मिलने पर मामले की जांच कर नियमानुसार आवश्यक विधिक कार्रवाई की जाएगी।
ललितपुर में शनिवार सुबह 6 बजे से मौसम सक्रिय हो गया है। रुक-रुक कर हो रही रिमझिम बारिश से लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली है। इससे पहले शुक्रवार रात 12 से 1 बजे के बीच भी हल्की बारिश हुई थी। बारिश के कारण स्कूल जाने वाले बच्चे छाता लेकर घरों से निकले। आवश्यक काम से बाजार जाने वाले लोग भी छाता या रेनकोट पहनकर सड़कों पर दिखाई दिए। 3 तस्वीरें देखिए- बारिश के चलते तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। सुबह 8 बजे तापमान 29 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं, अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार को दिनभर बादल छाए रहेंगे और बारिश होने की संभावना है। रिमझिम बारिश से सड़कें भीग गई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अब तेज बारिश होनी चाहिए, ताकि गर्मी और उमस से और अधिक राहत मिल सके। वहीं, बारिश न होने से किसान चिंतित हैं और नदी-तालाब सूखे पड़े हैं।
सतना में करीब नौ दिनों के लंबे इंतजार के बाद सतना में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। शुक्रवार को दिनभर रुक-रुककर हुई बारिश ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया। झमाझम बारिश के बाद लोगों को भीषण उमस और चिपचिपी गर्मी से राहत मिली। पिछले 24 घंटे के दौरान जिला मुख्यालय पर करीब 1 इंच बारिश दर्ज की गई। बारिश से 6.7 डिग्री गिरा तापमान मानसून की वापसी का असर तापमान पर भी साफ दिखाई दिया। बारिश के बाद अधिकतम तापमान 6.7 डिग्री सेल्सियस की गिरावट के साथ 30.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, न्यूनतम तापमान भी 3.5 डिग्री घटकर 24.5 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। तापमान में आई इस गिरावट से पूरे दिन मौसम सुहावना बना रहा और लोगों को गर्मी से काफी राहत मिली। हवा में बढ़ी नमी, दिनभर बना रहा खुशनुमा मौसम बारिश के बाद वातावरण में नमी का स्तर भी बढ़ गया। मौसम विभाग के अनुसार, सुबह के समय 89 प्रतिशत और शाम को 81 प्रतिशत आर्द्रता दर्ज की गई। बादलों और ठंडी हवाओं के कारण दिनभर मौसम खुशनुमा बना रहा। जिले में अभी व्यापक बारिश नहीं हालांकि, बारिश की शुरुआत हो चुकी है, लेकिन पूरे जिले में अभी व्यापक वर्षा नहीं हुई है। जिला मुख्यालय पर सबसे अधिक 1 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई, जबकि रामपुर बघेलान में करीब आधा इंच वर्षा दर्ज हुई। अन्य क्षेत्रों में हल्की बारिश के कारण जिले की औसत वर्षा आधा इंच से भी कम रही। बंगाल की खाड़ी से सक्रिय हो रहा नया सिस्टम मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र अब मध्यप्रदेश की ओर बढ़ रहा है। इसके साथ ही हिमालय की तराई से गुजर रही मानसून ट्रफ लाइन भी धीरे-धीरे प्रदेश की ओर खिसक रही है। इन दोनों मौसमी प्रणालियों के प्रभाव से सतना सहित पूरे रीवा संभाग में नमी वाली हवाओं का प्रवाह बढ़ने की संभावना है। अगले कुछ दिनों में तेज हो सकती है बारिश मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि यदि यह मौसम प्रणाली सक्रिय बनी रहती है, तो आने वाले कुछ दिनों में सतना और आसपास के क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं। इससे जिले में अच्छी वर्षा होने की संभावना है, जो किसानों के साथ-साथ आम लोगों के लिए भी राहत लेकर आएगी।
हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में पिछले दो दिनों के दौरान पांच महिलाओं और युवतियों के अचानक लापता होने के मामले सामने आए हैं। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 127(6) के तहत अलग-अलग मुकदमे दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है। सदर नारनौल थाना क्षेत्र के एक गांव बलाहां कलां निवासी 19 वर्षीय छात्रा बीती रात को अपने घर से बिना बताए कहीं चली गई। परिजनों ने काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लग सका। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। युवक पर भगा ले जाने का आरोप इसी प्रकार थाना निजामपुर क्षेत्र के एक गांव इस्लामपुर निवासी 21 वर्षीय युवती भी घर से घूमने जाने की बात कहकर निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। परिजनों ने अपनी ओर से खोजबीन करने के बाद पुलिस को शिकायत दी। शिकायत में एक युवक पर युवती को बहला-फुसलाकर ले जाने का संदेह भी जताया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। विवाहिता नहीं आई वहीं थाना नांगल चौधरी क्षेत्र के एक गांव दताल से एक विवाहिता बीते कल वह सुबह दवा लेने की बात कहकर घर से निकली थी। देर रात तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने रिश्तेदारों और परिचितों के यहां तलाश की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने गुमशुदगी का मामला दर्ज कर तलाश अभियान शुरू कर दिया है। रात को नहीं मिली बिस्तर पर उधर सदर थाना कनीना क्षेत्र के एक गांव मालड़ा से 23 वर्षीय युवती 15 जुलाई की रात को अपने घर से लापता हो गई। परिजनों के अनुसार रात में जब वे जागे तो युवती अपने बिस्तर पर नहीं मिली। इसके बाद परिजनों ने उसकी तलाश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फोन कर बोली वापस नहीं आउंगी एक अन्य मामले में शहर नारनौल शहर के इंडस्ट्रियल एरिया से एक विवाहिता घर से बच्चों के स्कूल जाने के बाद लापता हो गई। परिजनों के अनुसार महिला ने फोन पर बोली की बच्चों को ख्याल रखना, वापस नहीं आउंगी। जिसके बाद उसका मोबाइल बंद हो गया। काफी प्रयासों के बावजूद संपर्क नहीं होने पर पुलिस को शिकायत दी गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर महिला की तलाश शुरू कर दी है।
बिजनौर में चांदपुर के शिवाला खुर्द और आसपास के गांवों में कई दिनों से ग्रामीणों के लिए चिंता का कारण बना तेंदुआ आखिरकार वन विभाग के लगाए पिंजरे में कैद हो गया। तेंदुए के पकड़े जाने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। चांदपुर रेंज के शिवाला खुर्द गांव के जंगल और ईदगाह क्षेत्र में पिछले कई दिनों से तेंदुए की गतिविधियां देखी जा रही थीं। कुछ दिन पहले ईदगाह परिसर में तेंदुए के घूमने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसके बाद ग्रामीणों में भय का माहौल बन गया था और उन्होंने वन विभाग से तेंदुए को पकड़ने की मांग की थी। गुर्राने की आवाज सुनकर पहुंचे लोगग्रामीणों की शिकायतों और तेंदुए की लगातार मौजूदगी को देखते हुए वन विभाग ने ईदगाह के पास पिंजरा लगाया था। बीती रात तेंदुआ पिंजरे में फंस गया। पिंजरे में कैद तेंदुआ लोगों को देखकर गुर्राने लगा। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए। स्वास्थ्य परीक्षण के बाद जंगल में छोड़ने की तैयारीसूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और सुरक्षा व्यवस्था के बीच तेंदुए को अपने कब्जे में लिया। चांदपुर वन रेंजर दुष्यंत सिंह ने बताया कि ईदगाह के पास तेंदुआ दिखाई देने के बाद पिंजरा लगाया गया था, जिसमें बीती रात वह कैद हो गया। पकड़े गए तेंदुए की उम्र करीब साढ़े तीन वर्ष है। वन विभाग की टीम तेंदुए का स्वास्थ्य परीक्षण कराएगी। इसके बाद नियमानुसार उसे सुरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। तेंदुए के पकड़े जाने से शिवाला खुर्द समेत आसपास के गांवों के लोगों ने राहत महसूस की है। पिछले कई दिनों से ग्रामीण खेतों पर जाने और रात में घरों से बाहर निकलने में डर रहे थे।
झुंझुनूं में अब शादी, मेले, धार्मिक और सार्वजनिक आयोजनों में बिना FSSAI (भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण) लाइसेंस या पंजीकरण के कोई भी हलवाई, वेंडर या कैटरर भोजन नहीं बना सकेगा। प्रशासन ने खाद्य सुरक्षा को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधित व्यवसायी के खिलाफ कार्रवाई होगी। साथ ही आयोजकों को भी आयोजन से पहले खाद्य सुरक्षा विभाग को सूचना देकर कैटरर का विवरण उपलब्ध कराना होगा। हर हलवाई और कैटरर के लिए लाइसेंस अनिवार्य प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले की सीमा में खानपान का कार्य करने वाले सभी हलवाई, वेंडर और कैटरिंग व्यवसायियों के पास FSSAI का वैध लाइसेंस या पंजीकरण होना जरूरी होगा। बिना पंजीकरण के खाद्य सामग्री तैयार करना या परोसना खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 का उल्लंघन माना जाएगा। आयोजकों को पहले देनी होगी सूचना नई व्यवस्था के तहत अब केवल हलवाई ही नहीं, बल्कि आयोजनकर्ताओं की जिम्मेदारी भी तय की गई है। किसी भी बड़े आयोजन, जैसे शादी, धार्मिक अनुष्ठान या सामाजिक भोज से पहले आयोजकों को खाद्य सुरक्षा विभाग को आयोजन की सूचना और संबंधित कैटरर का विवरण देना होगा। कभी भी हो सकता है औचक निरीक्षण खाद्य सुरक्षा अधिकारी किसी भी समय आयोजन स्थल पर पहुंचकर भोजन की गुणवत्ता की जांच कर सकेंगे। आयोजकों को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उन्होंने जिस हलवाई या कैटरर को नियुक्त किया है, वह FSSAI के मानकों का पालन करता हो। जिलेभर में चलेगा सत्यापन अभियान स्वास्थ्य विभाग जल्द ही जिले में विशेष सत्यापन अभियान (वेरिफिकेशन ड्राइव) शुरू करेगा। इसके तहत जिले के सभी हलवाइयों और कैटरिंग सेंटरों के दस्तावेजों की जांच की जाएगी। बिना लाइसेंस या मानकों का पालन नहीं करने वाले व्यवसायियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। CMHO बोले- खाद्य सुरक्षा के लिए जरूरी कदम सीएमएचओ डॉ. छोटेलाल गुर्जर ने बताया कि बड़े आयोजनों में भोजन की गुणवत्ता को लेकर अक्सर शिकायतें सामने आती हैं, जिससे फूड पॉइजनिंग और अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो जाती हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य आमजन के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना और मिलावट व लापरवाही पर प्रभावी रोक लगाना है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज दोपहर अमरोहा का दौरा करेंगे। गजरौला स्थित एक निजी विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में वे जनसभा को संबोधित करेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री जिले को लगभग 183 करोड़ रुपये की 43 विकास परियोजनाओं की सौगात देंगे। इन परियोजनाओं में 113.18 करोड़ रुपये की लागत से पूरी हो चुकी 32 परियोजनाओं का लोकार्पण शामिल है। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री 69.73 करोड़ रुपये की लागत वाली 11 नई परियोजनाओं का शिलान्यास भी करेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, मुख्यमंत्री दोपहर करीब 12:45 बजे बुलंदशहर से हेलीकॉप्टर द्वारा गजरौला स्थित श्री वेंक्टेश्वरा यूनिवर्सिटी परिसर के हेलीपैड पर पहुंचेंगे। आगमन के बाद, वे विभिन्न सरकारी योजनाओं से संबंधित विभागीय स्टॉलों का निरीक्षण करेंगे। दोपहर एक से दो बजे के बीच वे मंच से जनसभा को संबोधित करेंगे और विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करेंगे। मुख्यमंत्री कार्यक्रम के दौरान पार्टी के चुनिंदा पदाधिकारियों से भी मुलाकात कर सकते हैं। अमरोहा में लगभग दो घंटे के प्रवास के बाद, मुख्यमंत्री दोपहर 2:40 बजे हेलीकॉप्टर से संभल जिले के लिए प्रस्थान करेंगे। मुख्यमंत्री की सुरक्षा के लिए एक हजार पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। खराब मौसम की आशंका को देखते हुए कार्यक्रम स्थल पर पंडाल को वाटरप्रूफ बनाया गया है। कार्यक्रम के मद्देनजर नेशनल हाईवे 9 पर रूट डायवर्जन प्लान लागू किया गया है। इसके तहत, सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक भारी वाहनों को कार्यक्रम स्थल के आसपास हाईवे पर चलने की अनुमति नहीं होगी। इन वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से भेजा जाएगा। 4 तस्वीरें देखिए-
सीतापुर जिले में लगातार बारिश और बैराजों से छोड़े जा रहे पानी के कारण शारदा और घाघरा नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। फिलहाल दोनों नदियां खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं, लेकिन बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने एहतियात बरतना शुरू कर दिया है। तटीय और गांजरी क्षेत्र के किसानों में खेती और कटान को लेकर चिंता बढ़ गई है। प्रशासन के अनुसार अगले 24 घंटे में बनबसा बैराज से करीब एक लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जाएगा। इससे शारदा नदी का जलस्तर और बढ़ने की संभावना है। हालांकि अपर जिलाधिकारी (एडीएम) आयुष चौधरी ने कहा कि फिलहाल नदी खतरे के निशान से नीचे बह रही है और जिले में तत्काल बाढ़ जैसी कोई स्थिति नहीं है। दोनों नदियां खतरे के निशान से नीचे प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक शारदा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 1.49 मीटर नीचे दर्ज किया गया है। वहीं घाघरा नदी खतरे के निशान से 2.18 मीटर नीचे बह रही है। अधिकारियों के अनुसार दोनों नदियों की स्थिति फिलहाल सामान्य है, लेकिन जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। कटान शुरू होने से किसानों की बढ़ी चिंता स्थानीय ग्रामीण रमेश और जब्बार ने बताया कि नदी का पानी धीरे-धीरे किनारों की कृषि भूमि का कटान शुरू कर चुका है। बेहटा विकासखंड के कोल्हुपुरवा, बसंतपुरवा और मानपुर सहित कई गांवों के पास कटाव बढ़ने लगा है। किसानों को आशंका है कि यदि जलस्तर और बढ़ा तो उनकी उपजाऊ जमीन नदी में समा सकती है। तीन तहसीलों में निगरानी, विभाग अलर्ट मोड पर प्रशासन ने तटीय गांवों के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। तीन तहसीलों में क्लस्टरवार लेखपालों की ड्यूटी लगाई गई है, जो लगातार जलस्तर पर नजर रखेंगे। इसके अलावा राजस्व, सिंचाई और आपदा प्रबंधन विभाग को भी किसी भी संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए अलर्ट मोड पर रखा गया है। अफवाहों से बचने की अपील एडीएम आयुष चौधरी ने कहा कि फिलहाल बाढ़ की स्थिति नहीं है, लेकिन यदि बैराजों से पानी छोड़े जाने के बाद जलस्तर में तेजी से वृद्धि होती है तो आवश्यक कदम तत्काल उठाए जाएंगे। उन्होंने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
बस्ती जिले में सरयू नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। नदी फिलहाल खतरे के निशान 94.010 मीटर से 2.37 मीटर नीचे 91.640 मीटर पर बह रही है, लेकिन बढ़ते जलस्तर के साथ तटवर्ती क्षेत्रों में कटान तेज हो गई है। कई गांवों की कृषि भूमि नदी में समा रही है, जबकि रिहायशी मकानों पर भी खतरा मंडराने लगा है। इससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। विक्रमजोत ब्लॉक के बघुआपार, अर्जुनपुर, लकड़ी दुबे और पकड़ी संग्राम समेत कई गांवों में सरयू नदी तेजी से कटान कर रही है। ग्रामीणों के अनुसार, खेत लगातार नदी में समा रहे हैं और कई मकान भी कटान की जद में आ गए हैं। पिछले वर्ष भी कटान से कई परिवारों को भारी नुकसान उठाना पड़ा था। 20 मीटर दूर पहुंची नदी, सुरक्षा कार्य नहीं ग्रामीणों का आरोप है कि संवेदनशील स्थानों पर अब तक बोल्डर पिचिंग, ठोकर या अन्य स्थायी कटानरोधी कार्य नहीं कराए गए हैं। अर्जुनपुर और बघुआपार गांवों से नदी की धारा अब महज 20 मीटर दूर रह गई है। दोनों गांवों के बीच करीब दो किलोमीटर क्षेत्र में कोई सुरक्षा संरचना नहीं होने से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। श्मशान घाट का हिस्सा भी नदी में समाया लकड़ी दुबे गांव में बीते एक सप्ताह के भीतर अंत्येष्टि स्थल का लगभग आधा हिस्सा नदी में समा चुका है। वहीं कुदरहा ब्लॉक के मईपुर और दुबौलिया ब्लॉक के चांदपुर कटरिया तटबंध, सुबिका बाबू और टेढ़वा समेत कई गांवों के सिवान भी बाढ़ और कटान की चपेट में आने लगे हैं। स्पर और डैपनरों पर बढ़ा दबाव, 500 परिवार चिंतित बहादुरपुर क्षेत्र के मदरहवा और मईपुर गांवों में बने स्पर और डैपनरों पर भी सरयू का दबाव लगातार बढ़ रहा है। इससे करीब 500 परिवारों की चार हजार से अधिक आबादी संभावित खतरे को लेकर चिंतित है। एहतियात के तौर पर बाढ़ खंड ने नायलॉन की बोरियों में रोड़े भरकर नदी में डालने का कार्य शुरू करा दिया है। स्थायी समाधान की मांग, शासन को भेजा गया प्रस्ताव बाढ़ खंड के अभियंता प्रदीप कुमार ने बताया कि नए ठोकर निर्माण का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है, लेकिन अभी तक स्वीकृति नहीं मिली है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द स्थायी कटानरोधी कार्य शुरू कराने की मांग की है, ताकि बारिश के मौसम में संभावित बड़े नुकसान को रोका जा सके।
प्रतापगढ़ के नगर कोतवाली क्षेत्र में दहेज उत्पीड़न का मामला सामने आया है। अचलपुर निवासी फरहीन नाज ने अपने पति समेत छह ससुराल पक्ष के लोगों के खिलाफ दहेज प्रताड़ना का मुकदमा दर्ज कराया है। आरोप है कि अतिरिक्त दहेज की मांग पूरी न होने पर विवाहिता को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया और बाद में उसे मायके छोड़ दिया गया। पुलिस को दी गई तहरीर के अनुसार, फरहीन नाज की शादी वर्ष 2022 में नगर कोतवाली क्षेत्र के बेनीपुर निवासी मुनव्वर से हुई थी। पीड़िता का आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद ही पति और ससुराल पक्ष के अन्य सदस्य अतिरिक्त दहेज की मांग करने लगे। मांग पूरी न होने पर उसके साथ लगातार मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न किया गया। प्रसव के दौरान अस्पताल में छोड़ने का आरोप फरहीन नाज ने बताया कि 22 अप्रैल 2024 को प्रसव पीड़ा होने पर उन्हें एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था। आरोप है कि इस दौरान ससुराल पक्ष उन्हें अस्पताल में ही छोड़कर चला गया। बेटे के जन्म के बाद मायके पक्ष के लोगों ने अस्पताल पहुंचकर नर्सिंग होम का पूरा बिल चुकाया। पंचायत के बाद लौटी, फिर मायके भेज दी गई पीड़िता के अनुसार, बाद में पंचायत के हस्तक्षेप से उसे दोबारा ससुराल भेजा गया, लेकिन कुछ समय बाद फिर से मायके छोड़ दिया गया। इसके बाद उसने पुलिस से न्याय की गुहार लगाई। पति समेत छह आरोपियों पर केस दर्ज नगर कोतवाली पुलिस ने पीड़िता की तहरीर के आधार पर पति मुनव्वर, ससुर मुमताज अली, ननद जुबैदा बानो, सेबी, इबरार अली सहित छह आरोपियों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न और अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
कोटा के बोरखेड़ा इलाके स्थित शुक्रवार को दोपहर एक कोरल पार्क के एक बॉयज हॉस्टल में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब करीब चार फीट लंबा मगरमच्छ हॉस्टल की बेसमेंट स्थित मेस में घुस आया। मेस में खाना बना रहे कुक और कर्मचारियों ने जैसे ही मगरमच्छ को देखा, वे जान बचाकर बाहर भाग निकले। घटना से हॉस्टल में रहने वाले कोचिंग छात्रों में भी दहशत फैल गई। मगरमच्छ की एंट्री सीसीटीवी में कैद मगरमच्छ की पूरी एंट्री मेस में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। फुटेज में साफ दिखाई दे रहा है कि मगरमच्छ सीढ़ियों से होते हुए धीरे-धीरे मेस के अंदर पहुंचता है। अचानक सामने मगरमच्छ को देखकर वहां मौजूद लोग घबरा गए और कुछ ही पलों में पूरे हॉस्टल में हड़कंप मच गया। पकड़ने की कोशिश पर घबरा गया मगरमच्छ घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में छात्र मौके पर इकट्ठा हो गए। कुछ छात्रों ने खुद ही मगरमच्छ को पकड़ने की कोशिश की, लेकिन इससे मगरमच्छ और घबरा गया और मेस के भीतर इधर-उधर भागने लगा। इससे काफी देर तक हॉस्टल परिसर में तनाव और अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। नाले से निकलकर हॉस्टल में घुसा बताया जा रहा है कि हॉस्टल के पास से एक बड़ा नाला गुजरता है। आशंका है कि मगरमच्छ उसी नाले से निकलकर हॉस्टल में पहुंच गया। हॉस्टल प्रशासन ने तत्काल वन विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। वनकर्मी वीरेंद्र सिंह ने बताया कि टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद मगरमच्छ को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया और बाद में उसे चंबल नदी में छोड़ दिया। घटना के बाद छात्रों और हॉस्टल स्टाफ ने राहत की सांस ली।
अंबेडकरनगर के जलालपुर थाना क्षेत्र के महुवल गांव में 4.31 लाख रुपये की कथित चोरी का मामला पुलिस जांच में संदिग्ध प्रतीत हो रहा है। शुक्रवार को डायल-112 पर घटना की सूचना दी गई थी, लेकिन समाचार लिखे जाने तक थाने में इस संबंध में कोई लिखित तहरीर नहीं दी गई थी। महुवल निवासी विशाल पाण्डेय ने पुलिस को बताया कि एक अज्ञात व्यक्ति उनके घर में घुस आया था। आरोप है कि भागते समय उसने उनकी पत्नी प्रतिष्ठा के हाथ पर चाकू से हमला किया और घर में रखी माइक्रोफाइनेंस कंपनी की करीब 4.31 लाख रुपये की नकदी लेकर फरार हो गया। विशाल पाण्डेय माइक्रोफाइनेंस कंपनी में डिस्ट्रीब्यूटर हैं और घटना से एक दिन पहले ही यह धनराशि उनके पास आई थी। सीसीटीवी जांच में नहीं मिला बाहरी व्यक्ति का सुराग सूचना मिलते ही प्रभारी निरीक्षक जलालपुर पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। क्षेत्राधिकारी (सीओ) जलालपुर अनूप कुमार ने भी घटनास्थल का निरीक्षण कर परिजनों से पूछताछ की। पुलिस ने घर में लगे सीसीटीवी कैमरों की प्रारंभिक जांच की, जिसमें प्रवेश और निकास मार्गों पर परिवार के सदस्यों के अलावा किसी बाहरी व्यक्ति के आने-जाने का कोई साक्ष्य नहीं मिला। महिला की चोट पर भी पुलिस को संदेह पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि महिला के हाथ पर लगी चोट प्रथम दृष्टया स्वयं कारित प्रतीत हो रही है। इसी वजह से पूरे घटनाक्रम को लेकर पुलिस का संदेह और गहरा गया है। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। तहरीर मिलने के बाद दर्ज होगा मुकदमा सीओ अनूप कुमार ने बताया कि वादी से लिखित तहरीर मांगी गई है। वादी ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य तथ्यों की स्वयं जांच करने के बाद तहरीर देने की बात कही है। उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध नजर आ रहा है। लिखित तहरीर मिलने और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
कानपुर देहात में खाद की उपलब्धता को लेकर सरकारी दावों और जमीनी स्थिति में बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है। प्रशासन जहां जिले में पर्याप्त खाद उपलब्ध होने का दावा कर रहा है, वहीं किसान कई दिनों से खाद के लिए वितरण केंद्रों के चक्कर काट रहे हैं। धान की रोपाई के सबसे अहम समय में खाद न मिलने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। रसूलाबाद के बंसी निवादा स्थित खाद वितरण केंद्र पर गुरुवार और शुक्रवार को किसानों की लंबी कतारें लगी रहीं। कई किसान सुबह से शाम तक अपनी बारी का इंतजार करते रहे, लेकिन उन्हें खाद नहीं मिल सकी। इससे किसानों में नाराजगी भी देखने को मिली। किसानों का दर्द: चार दिन से लगा रहे चक्कर रेवरी निवासी किसान विजय बहादुर ने बताया कि कागजात जमा कराने के बाद उन्हें ई-पॉस मशीन खराब होने की बात कहकर वापस भेज दिया गया। अगले दिन भी घंटों इंतजार के बावजूद खाद नहीं मिली। वहीं इटैली निवासी किसान दुर्गेश ने बताया कि वह लगातार चार दिनों से खाद लेने आ रहे हैं। खेतों में धान की रोपाई चल रही है और मजदूर लगे हुए हैं, लेकिन खाद के अभाव में खेती का काम प्रभावित हो रहा है। अधिकारियों ने ई-पॉस मशीन को बताया वजह अधिकारी लगातार जिले में पर्याप्त खाद उपलब्ध होने का दावा कर रहे हैं। उनका कहना है कि ई-पॉस मशीन में तकनीकी खराबी के कारण खाद वितरण प्रभावित हो रहा है। हालांकि किसानों का सवाल है कि यदि गोदामों में पर्याप्त खाद मौजूद है तो उन्हें खाली हाथ क्यों लौटना पड़ रहा है। पंचायत भवन में चल रहा खाद केंद्र, ग्रामीण सेवाएं प्रभावित खाद वितरण के लिए पंचायत भवन का उपयोग किए जाने से ग्रामीणों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है। पंचायत भवन में खाद वितरण केंद्र संचालित होने के कारण पंचायत संबंधी कई सेवाएं प्रभावित हो गई हैं। ग्रामीणों को अपने छोटे-छोटे कामों के लिए भी ब्लॉक कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। समय पर खाद नहीं मिली तो उत्पादन पर पड़ेगा असर किसानों का कहना है कि खाद की उपलब्धता केवल सरकारी आंकड़ों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि जमीनी स्तर पर भी सुनिश्चित की जानी चाहिए। उनका कहना है कि यदि धान की रोपाई के इस महत्वपूर्ण समय में खाद उपलब्ध नहीं हुई तो इसका सीधा असर फसल उत्पादन और किसानों की आय पर पड़ेगा।
यूपी में मानसून के एक्टिव होने का असर कानपुर में भी दिख रहा है। शनिवार सुबह से बादल छाए हुए हैं। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे में बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विशेषज्ञ डॉ. एसएन सुनील पांडेय ने बताया- आज और कल ट्रफ लाइन क्षेत्र के ऊपर आने से बारिश की संभावना मजबूत हुई है। इसके साथ ही एक पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय हो रहा है, जो बारिश को बढ़ावा देगा। अगले 24 घंटे में मानसून के दोबारा सक्रिय होने की संभावना है। उमस ने लोगों का निकाला पसीना शुक्रवार को सुबह शहर में घने बादल छाए रहे, लेकिन दोपहर होते-होते तेज धूप निकल आई। अधिक नमी के कारण उमस बढ़ गई और लोगों को काफी परेशानी हुई। सीएसए विश्वविद्यालय के मौसम विभाग के अनुसार अधिकतम तापमान 36.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2.6 डिग्री अधिक रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 23.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। दिन के दौरान नमी का स्तर करीब 85 प्रतिशत तक पहुंच गया, जिससे पसीना लगातार निकलता रहा।
फर्रुखाबाद में प्रभारी मंत्री जयवीर सिंह पहुंचे थे। शुक्रवार की शाम को उन्होंने प्रेस वार्ता की। इस समाजवादी पार्टी पर हमलावर होते दिखे। उन्होंने कहा 2012 से 17 तक प्रदेश में जंगल राज था। नकल माफियाओं का सर्टिफिकेट से लेकर मेरिट तक कब्जा था। उन्होंने कहा बिहार की जनता से प्रदेश की जनता की याददाश्त कम नहीं है। बिहार की जनता लाल के जंगल राज को भूली नहीं है। प्रदेश की जनता अखिलेश के जंगल राज को कैसे भूल जाएगी। प्रभारी मंत्री बोले 2012 से 17 में लूट शिक्षा की हालत थी। उन्होंने कहा नकल माफिया का कब्जा शिक्षा से लेकर सर्टिफिकेट पर था। उसे समय की मेरठ पर भी उन्होंने सवाल उठाया कहा पढ़े-लिखे बच्चों की मेरिट नीचे हो जाती थी और माफियाओं की डिग्री वाले लोगों की मेरिट ऊपर रहती थी। कहा अखिलेश जी टिप्पणियां करने से कुछ नहीं होगा। वह काला अध्याय याद करिए। उन्होंने कहा 2012 से लेकर 17 तक जंगल राज था। पूरे प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था चौपट थी। माफिया तंत्र हावी था, उन्होंने कहा बिहार की जनता लाल जी का जंगल राज 20 साल में नहीं भूली है अखिलेश जी का 27 में 10 ही साल होगा। इस दौरान मंत्री ने बताया कि जिले में खाद की कोई कमी नहीं है। उन्होंने बड़े किसानों से अपील की कि वे रबी की फसल के लिए अभी से खाद की आपूर्ति सुनिश्चित कर लें, ताकि बुवाई के समय उन्हें किसी समस्या का सामना न करना पड़े। प्रेस वार्ता के दौरान गंगा नदी में गिर रहे गंदे नालों का मुद्दा उठाया गया। इस पर मंत्री ने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सभी मानकों और प्रावधानों का पालन करना सभी का दायित्व है। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि कहीं भी इसका उल्लंघन पाया जाता है, तो शिकायत मिलने पर जांच की जाएगी और आवश्यक कार्रवाई होगी। बिजली आपूर्ति को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि शासन के निर्देशों के अनुसार, उपभोक्ताओं को पूरी बिजली मिलनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जिला स्तरीय अधिकारी और स्वयं जिलाधिकारी भी औचक निरीक्षण करेंगे, ताकि निर्देशों का सही ढंग से पालन सुनिश्चित हो सके।
उत्तर प्रदेश के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह आज ललितपुर के दौरे पर रहेंगे। वे यहां जल जीवन मिशन कार्यक्रम के तहत आयोजित जल अर्पण दिवस समारोह और जल चौपाल में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। यह कार्यक्रम ललितपुर के तालबेहट विकासखंड स्थित ग्राम टिडंरा में आयोजित किया जा रहा है। यहां ग्रामीण पेयजल योजना का निर्माण किया गया है, जिसके जल अर्पण दिवस समारोह में मंत्री सिंह शिरकत करेंगे। कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव, नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग, अनुराग श्रीवास्तव भी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। मंत्री स्वतंत्र देव सिंह कार्यक्रम से पहले ग्राम टिडंरा में निर्मित पेयजल योजना का स्थलीय निरीक्षण भी करेंगे।
संभल जिले के गुन्नौर कोतवाली क्षेत्र में एक शादी समारोह के दौरान डीजे पर डांस करने को लेकर बारातियों और स्थानीय युवकों के बीच विवाद हो गया। देखते ही देखते कहासुनी मारपीट में बदल गई, जिसमें दोनों पक्षों के कई लोग घायल हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने हालात पर काबू पाया और पांच लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। घटना गुरुवार-शुक्रवार की रात करीब 12 बजे सराय मोहल्ला में हुई। बारात रात करीब 9:30 बजे पहुंची थी। घुड़चड़ी के दौरान डीजे पर नाचने को लेकर बारातियों और स्थानीय युवकों के बीच पहले कहासुनी हुई, जो कुछ ही देर में मारपीट में बदल गई। विवाद के चलते शादी समारोह में अफरा-तफरी मच गई और कार्यक्रम करीब दो घंटे तक बाधित रहा। तीन युवकों समेत कई लोग घायल मारपीट में सेजना गांव निवासी 19 वर्षीय सूरज पुत्र कर्ण सिंह, सराय मोहल्ला निवासी 21 वर्षीय सौरभ पुत्र हरकिशोर और 16 वर्षीय सनी पुत्र भूरे सिंह सहित दोनों पक्षों के कई लोग घायल हो गए। सभी घायलों को मेडिकल परीक्षण के लिए सरकारी अस्पताल भेजा गया है। पुलिस ने संभाला मोर्चा, पांच लोगों से पूछताछ घटना की सूचना मिलते ही गुन्नौर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को समझाकर मामला शांत कराया। पुलिस ने मौके से पांच संदिग्धों को हिरासत में लिया है। उनसे पूछताछ की जा रही है। गुन्नौर चौकी प्रभारी रेनू राठी ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सीवान का मॉडल सदर अस्पताल मरीजों के लिए राहत की जगह मुसीबत बनता जा रहा है। अस्पताल में रात के समय इमरजेंसी में आने वाले सड़क दुर्घटना, मारपीट और अन्य गंभीर मरीजों को सरकारी इलाज देने के बजाय निजी नर्सिंग होम भेजने का खेल लगातार सामने आ रहा है। इस पूरे मामले को लेकर लगातार खबरें प्रकाशित होने के बावजूद व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, बल्कि अस्पताल की सच्चाई उजागर करने वाले पत्रकारों को ही निशाना बनाया जाने लगा है। दैनिक भास्कर के पिछले कई दिनों से प्रकाशित खबरों और उपलब्ध साक्ष्यों में यह सामने आया कि रात की ड्यूटी के दौरान इमरजेंसी में तैनात कुछ चिकित्सकों की मौजूदगी में निजी एंबुलेंस चालक, दलाल और निजी नर्सिंग होम से जुड़े लोग अस्पताल परिसर में सक्रिय रहते हैं। सामान्य मरीजों को भी गंभीर बताकर उनके परिजनों को डराया जाता है कि सरकारी अस्पताल में इलाज कराया तो मरीज की जान नहीं बचेगी। इसके बाद निजी एंबुलेंस से उन्हें निजी अस्पताल भेज दिया जाता है। शिकायत मिलने के बाद भी नहीं हुई प्रभावी कार्रवाई इन मामलों में सबसे अधिक शिकायतें एमबीबीएस चिकित्सक डॉ. सर्फुद्दीन को लेकर सामने आई हैं। बीते 13 दिसंबर को भी मरीज के परिजनों ने साक्ष्यों के साथ शिकायत दर्ज कराई थी। जांच टीम ने उन्हें दोषी मानते हुए कार्रवाई की अनुशंसा भी की थी, लेकिन अब तक उनके खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। केवल छोटे स्तर के आठ कर्मियों पर कार्रवाई कर मामले की औपचारिकता पूरी कर दी गई, जबकि डॉ. सर्फुद्दीन लगातार इमरजेंसी ड्यूटी करते रहे। पत्रकार के साथ डॉक्टर ने किया अभद्र व्यवहार शुक्रवार की रात नवतन थाना क्षेत्र के सुरवानिया गांव के समीप सड़क दुर्घटना में गोपालगंज जिले के भोरे थाना क्षेत्र के सिसई उत्तर टोला निवासी विनीत कुमार खरवार(20) की मौत के बाद दैनिक भास्कर का संवाददाता समाचार संकलन के लिए सदर अस्पताल पहुंचा था। आरोप है कि डॉ. सर्फुद्दीन संवाददाता को देखते ही आगबबूला हो गए और अभद्र व्यवहार करते हुए बाहर निकलने को कहने लगे। उन्होंने सदर अस्पताल पुलिस पिकेट प्रभारी सब इंस्पेक्टर सुजीत कुमार से भी पत्रकार को बाहर कराने की बात कही। जब पत्रकार ने पूछा कि क्या अब सदर अस्पताल में मीडिया के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है, तो डॉक्टर कैमरे के सामने भी अनाप-शनाप बोलने लगे। पूरी रात इमरजेंसी के बाहर पड़ा रहा शव इसी बीच एक बार फिर डॉ. सर्फुद्दीन की कार्यशैली सवालों के घेरे में आ गई। प्रतिदिन की तरह शुक्रवार की रात भी वे करीब 12 बजे के बाद इमरजेंसी छोड़कर गायब हो गए और पूरी रात वापस नहीं लौटे। इसका सीधा असर सड़क दुर्घटना में मृत युवक के पोस्टमॉर्टम पर पड़ा। मृतक का शव पूरी रात इमरजेंसी के बाहर पड़ा रहा और पोस्टमॉर्टम नहीं हो सका। मृतक के परिजन का कहना था कि उन्होंने कई बार डॉक्टर को बुलाने और पोस्टमॉर्टम कराने का अनुरोध किया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। व्यवस्था से परेशान परिजन अस्पताल परिसर में ही रोते-बिलखते रहे। पूरी रात इमरजेंसी वार्ड केवल इंटर्न और आयुष चिकित्सकों के भरोसे चलता रहा। शनिवार की अहले सुबह पचरुखी थाना क्षेत्र के पूरब टोला निवासी 55 वर्षीय चन्देश्वर चौहान को सांप काटने के बाद गंभीर अवस्था में सदर अस्पताल लाया गया। उस समय भी डॉ. सर्फुद्दीन इमरजेंसी से नदारद थे। इंटर्न और आयुष चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार शुरू किया, लेकिन मरीज की मौत हो गई। आरोप है कि इसके बाद नर्सिंग कर्मियों ने फोन कर डॉ. सर्फुद्दीन को बुलाया और वे सुबह करीब छह बजे अस्पताल पहुंचे। इसके बाद औपचारिकता पूरी करते हुए मरीज को मृत घोषित किया गया। ड्यूटी के दौरान निजी नर्सिंग होम चले जाते है डॉक्टर इससे पहले भी कई बार साक्ष्यों के साथ यह सामने आ चुका है कि डॉ. सर्फुद्दीन रोस्टर के अनुसार इमरजेंसी ड्यूटी पर रहने के बावजूद पूरे समय अस्पताल में मौजूद नहीं रहते और ड्यूटी के दौरान ही अपने निजी नर्सिंग होम चले जाते हैं। लगातार शिकायतों के बावजूद उनके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं होना स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़ा करता है। सदर अस्पताल में लगातार सामने आ रही शिकायतों के बाद मरीजों की सुविधा के लिए इमरजेंसी के वेटिंग एरिया में सरकारी एंबुलेंस हेल्पडेस्क बनाया गया था, लेकिन कुछ ही दिनों में उसे भी समाप्त कर दिया गया। वहीं पुलिस अधीक्षक पूरन कुमार झा की पहल पर अस्पताल परिसर में स्थापित टीओपी भी दलालों पर प्रभावी कार्रवाई करने में नाकाम दिखाई दे रही है। मरीजों के परिजनों द्वारा पकड़े गए दलालों को भी कार्रवाई के बजाय छोड़ दिए जाने की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं।
फिरोजाबाद में कोबरा ने सपेरे को डसा:जिला अस्पताल में भर्ती; गांव में सांप पकड़ने पहुंचा था वसीर
फिरोजाबाद के टूंडला थाना क्षेत्र के जरोली कलां गांव में सांप पकड़ने गए एक सपेरे को कोबरा प्रजाति की नागिन ने डस लिया। घटना शुक्रवार रात की है। सांप के काटते ही सपेरे की हालत बिगड़ गई। मौके पर मौजूद ग्रामीण उसे तत्काल जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उसका उपचार चल रहा है। जरोली कलां निवासी 50 वर्षीय वसीर पुत्र मौलाबक्स को शुक्रवार रात गांव के कन्हैयालाल के घर जहरीला सांप निकलने की सूचना मिली थी। ग्रामीणों की मदद के लिए वसीर मौके पर पहुंचे। उन्होंने जैसे ही सांप को पकड़ने का प्रयास किया, तभी कोबरा प्रजाति की नागिन ने उनके हाथ के अंगूठे पर डस लिया। इसके बाद उनकी तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी और मौके पर अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने तुरंत अस्पताल पहुंचाया घटना के बाद ग्रामीणों ने बिना देर किए वसीर को जिला अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों ने उनका इलाज शुरू किया और फिलहाल उन्हें डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, उनकी हालत पर लगातार नजर रखी जा रही है। पीढ़ियों से करते हैं सांप पकड़ने का काम घायल वसीर ने बताया कि उनका परिवार लंबे समय से जहरीले सांप पकड़ने का काम करता है। गांवों और आसपास के क्षेत्रों में सांप निकलने की सूचना मिलने पर वे लोगों की मदद के लिए पहुंचते हैं। हालांकि इस बार कोबरा को पकड़ने के दौरान वे खुद उसकी चपेट में आ गए। गांव में दिनभर रही घटना की चर्चा सपेरे के सांप के डसने की घटना के बाद जरोली कलां गांव में दिनभर इसकी चर्चा होती रही। ग्रामीण वसीर के जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं। वहीं चिकित्सकों का कहना है कि समय पर अस्पताल पहुंचने से उनका उपचार जारी है और उनकी स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
कन्नौज जिले में इस बार मानसून की रफ्तार सुस्त पड़ गई है। 1 से 17 जुलाई के बीच जिले में सामान्य से 21 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है। इसका असर लोगों की दिनचर्या पर साफ दिखाई दे रहा है। भीषण गर्मी और उमस से लोग बेहाल हैं। आसमान में दिनभर बादल उमड़ते-घुमड़ते जरूर नजर आते हैं, लेकिन बिना बरसे ही आगे बढ़ जाते हैं। इससे तापमान में कोई खास राहत नहीं मिल रही है। जिले में अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 29 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दोपहर में चिलचिलाती धूप के बीच जब काले बादल दिखाई देते हैं तो लोगों को बारिश की उम्मीद बंधती है, लेकिन कभी हल्की बूंदाबांदी तो कभी बिना बरसे ही बादल छंट जाते हैं। नतीजतन गर्मी और उमस लगातार बनी हुई है। लोग बोले- हर बार बादल आते हैं, लेकिन बारिश नहीं होती जसौली निवासी मैनुद्दीन ने बताया कि इन दिनों हर रोज बारिश की उम्मीद रहती है, लेकिन बादल सिर्फ दिखाई देते हैं और बिना बरसे चले जाते हैं। उन्होंने कहा कि बारिश नहीं होने से गर्मी और उमस लगातार बढ़ रही है, जिससे आम लोगों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है। बिजली कटौती ने बढ़ाई मुश्किलें स्थानीय निवासी जीशान ने बताया कि बारिश न होने से पहले ही लोग भीषण गर्मी से परेशान हैं। ऐसे में जैसे ही बादल आते हैं और हल्की हवा चलती है, बिजली की आपूर्ति बंद कर दी जाती है। कई बार एक से दो घंटे तक बिजली नहीं आती, जिससे उमस भरी गर्मी में लोगों की परेशानी और बढ़ जाती है। धान की फसल पर मंडराने लगा संकट कृषि मौसम वैज्ञानिक अमरेंद्र सिंह यादव ने बताया कि इस बार जिले में करीब 40 फीसदी तक कम बारिश होने का अनुमान है। उन्होंने बताया कि 1 से 17 जुलाई के दौरान सामान्य से 21 फीसदी कम वर्षा दर्ज की गई है। वहीं जुलाई 2025 की तुलना में जुलाई 2026 में अब तक 40.8 मिलीमीटर कम बारिश हुई है। उन्होंने कहा कि बारिश की यह कमी धान उत्पादक किसानों के लिए चिंता का विषय है, क्योंकि समय पर पर्याप्त वर्षा नहीं होने से फसल की वृद्धि प्रभावित हो सकती है।
टोंक में श्रीअन्नपूर्णा गणेशजी, बालाजी प्रन्यास समिति के संरक्षक महंत कैलाशपुरी ने श्रीआनंदम संस्था पर पिछले साल हुए लिखित समझौते की पालना नहीं करने का आरोप लगाया है। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि 3 अगस्त 2025 को हुए समझौते के अनुसार इस साल श्रीगणेश महोत्सव का संचालन प्रन्यास समिति को करना था, लेकिन संस्था फिर से महोत्सव की तैयारियों में जुटी है। उन्होंने यह भी कहा कि समझौते के अनुसार मंदिर परिसर की चाबियां भी अब तक प्रन्यास समिति को नहीं सौंपी गई हैं। 3 अगस्त 2025 को हुआ था लिखित समझौता महंत कैलाशपुरी ने बताया कि 3 अगस्त 2025 को श्रीआनंदम संस्था और मंदिर प्रन्यास समिति के पदाधिकारियों के बीच श्रीगणेश महोत्सव को लेकर लिखित समझौता हुआ था। उन्होंने कहा कि समझौते के अनुसार इस साल श्रीगणेश महोत्सव के सभी कार्यक्रम श्रीअन्नपूर्णा गणेशजी, बालाजी प्रन्यास की ओर से कराए जाने थे। चाबियां अब तक नहीं सौंपने का आरोप महंत कैलाशपुरी ने कहा कि समझौते में यह भी तय हुआ था कि मंदिर परिसर में बने भोजनशाला, संत आश्रम गृह और विश्राम गृह की चाबियां प्रन्यास समिति को सौंपी जाएंगी और यह चाबियां महंत कैलाशपुरी के पास रहेंगी। उन्होंने आरोप लगाया कि अब तक समझौते के अनुसार चाबियां प्रन्यास समिति को नहीं दी गई हैं। संस्था पर समझौते के खिलाफ तैयारी करने का आरोप महंत कैलाशपुरी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि श्रीआनंदम संस्था इस साल भी श्रीगणेश महोत्सव की तैयारियों में जुटी हुई है, जबकि यह लिखित समझौते के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि समझौते में यह भी तय हुआ था कि यदि श्रीअन्नपूर्णा गणेशजी, बालाजी प्रन्यास चाहे तो महोत्सव के संचालन में आनंदम संस्था का सहयोग ले सकती है। इसके लिए संस्था को तीन महीने पहले सूचना दी जानी थी। डेकोरेशन को लेकर भी हुआ था फैसला महंत कैलाशपुरी ने आनंदम संस्था और प्रन्यास समिति के बीच हुए लिखित समझौते की प्रति भी उपलब्ध कराई। उन्होंने बताया कि समझौते में यह भी तय किया गया था कि अन्नपूर्णा श्रीगणेशजी मंदिर की पहाड़ी से लेकर नीचे लिंक रोड तक की डेकोरेशन का काम भी श्रीअन्नपूर्णा बालाजी प्रन्यास ही करेगा। चंदे और मंदिर संपत्ति को लेकर भी कही बात महंत कैलाशपुरी ने कहा कि आनंदम संस्था हर साल श्रीगणेश महोत्सव के लिए चंदे की रसीदें काटती है और उसका पूरा हिसाब संस्था के पास रहता है। श्रीअन्नपूर्णा बालाजी प्रन्यास का इससे कोई संबंध नहीं है। मीडिया प्रभारी ने आरोपों का किया खंडन श्रीअन्नपूर्णा गणेश मंदिर, बालाजी प्रन्यास के मीडिया प्रभारी प्रेम रघुवंशी ने कहा कि आनंदम संस्था का उद्देश्य गणेश मंदिर पर अपना आधिपत्य जमाना प्रतीत होता है। उन्होंने कहा कि आनंदम संस्था के पदाधिकारी महंत कैलाशपुरी पर मंदिर की संपत्ति हड़पने का आरोप लगा रहे हैं, जो पूरी तरह बेबुनियाद है। प्रेम रघुवंशी ने कहा कि कैलाशपुरी की यह मंदिर सेवा की 16वीं पीढ़ी है। यदि उनका उद्देश्य मंदिर की संपत्ति हड़पना होता तो अब तक मंदिर की संपत्ति बिक चुकी होती। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति स्वयं मंदिर का महंत है, वह मंदिर की संपत्ति क्यों बेचेगा। उन्होंने यह भी कहा कि यदि आनंदम संस्था के पास अपने आरोपों के समर्थन में कोई सबूत है तो उसे टोंक की जनता के सामने पेश करना चाहिए।
उदयपुर शहर में जैन श्वेताम्बर मूर्तिपूजक वासूपूज्य महाराज मंदिर ट्रस्ट, सूरजपोल बाहर स्थित दादावाड़ी में इस वर्ष का चातुर्मास साध्वी डॉ. विद्युतप्रभा आदि ठाणा-6 का होगा। साध्वीवृंद का मंगल चातुर्मास प्रवेश 19 जुलाई को शोभायात्रा के साथ होगा। इस दौरान दादावाड़ी आगामी चार माह तक धर्म, साधना, तप, स्वाध्याय और आत्मकल्याण का प्रमुख केंद्र बनेगी। ट्रस्ट अध्यक्ष राज लोढ़ा ने बताया कि जैन धर्म में चातुर्मास आत्मचिंतन, संयम, तपस्या और धर्म साधना का सबसे महत्वपूर्ण काल माना जाता है। वर्षा ऋतु के चार महीनों में साधु-साध्वियां एक ही स्थान पर विराजमान होकर श्रद्धालुओं को धर्म, सदाचार, संयम और आत्मकल्याण का मार्ग दिखाते हैं। इसी परंपरा के तहत इस वर्ष साध्वी डॉ. विद्युतप्रभा श्रीजी आदि ठाणा-6 का चातुर्मास दादावाड़ी में होगा। इसमें उनके साथ साध्वी प्रज्ञांजना, साध्वी नमनरूचि, साध्वी योगरूचि, साध्वी तन्मयरूचि और साध्वी आप्तरूचि यहां चातुर्मास करेंगे। चातुर्मास संयोजक गजेंद्र भंसाली ने बताया कि दादावाड़ी पहुंचने पर साध्वी का पारंपरिक रीति-रिवाजों से मंगल प्रवेश कराया जाएगा। इसके बाद वे भगवान जिनेंद्र देव एवं दादा गुरुदेव के दर्शन-वंदन कर श्रद्धालुओं को मंगल आशीर्वचन देंगी। प्रवचन हॉल में आयोजित धर्मसभा में धर्म, संयम, संस्कार, आत्मजागरण, आध्यात्मिक उन्नति और जीवन मूल्यों पर आधारित प्रवचन होंगे। सह संयोजक विकास सुराणा ने बताया कि चातुर्मास अवधि में प्रतिदिन सुबह 9 से 10 बजे तक नियमित प्रवचन होंगे। इसके अलावा स्वाध्याय, सामायिक, प्रतिक्रमण, तप, आराधना, नवकार महामंत्र जाप, धार्मिक प्रश्नोत्तरी, ज्ञानवर्धक व्याख्यान तथा युवाओं और महिलाओं के लिए विशेष धार्मिक सत्र आयोजित किए जाएंगे। पर्युषण महापर्व, संवत्सरी, आयंबिल और तप आराधना जैसे विशेष धार्मिक आयोजन भी होंगे। यहां पर 23 जुलाई से नियमित प्रवचन प्रारंभ होंगे और 28 जुलाई को चातुर्मास स्थापना होगी। 25 जुलाई को दादा जिनदत्तसूरिश्वर महाराज की 872वीं स्वर्गारोहण जयंती पर गुणानुवाद सभा होगी। सह संयोजक सुभाष महात्मा ने कहा कि यह चातुर्मास केवल धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि समाज में नैतिक मूल्यों, संस्कारों, सेवा, सद्भाव, संयम और आध्यात्मिक चेतना के प्रसार का भी माध्यम बनेगा। उन्होंने बताया कि साध्वी डॉ. विद्युतप्रभा श्रीजी के प्रेरक प्रवचन विशेष रूप से युवा पीढ़ी और महिलाओं को सकारात्मक दिशा प्रदान करेंगे। संयोजक अनिल कोठारी ने बताया कि शोभायात्रा टाउन हॉल से प्रमुख मार्गों से होते हुए सूरजपोल चौराहा होकर दादावाड़ी पहुंचेगी। कार्यक्रम एक नजर में
सुपौल के होटल में देर रात प्रशासन का छापा:कई संदिग्ध महिला-पुरुष हिरासत में, आपत्तिजनक सामान बरामद
सुपौल के निर्मली नगर स्थित पोस्टऑफिस के पास एक होटल में प्रशासन की संयुक्त टीम ने देर रात सर्च ऑपरेशन चलाकर बड़ी कार्रवाई की। छापेमारी में कई संदिग्ध महिला-पुरुषों को हिरासत में लिया गया। होटल के कमरों की तलाशी के दौरान कई आपत्तिजनक सामान भी बरामद होने की बात सामने आई है। पुलिस ने होटल संचालक और मैनेजर को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। कार्रवाई के दौरान निर्मली एसडीएम धीरज कुमार सिन्हा, एसडीपीओ अनुपेश नारायण, थानाध्यक्ष सियावर मंडल समेत आधा दर्जन से अधिक प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहे। टीम पूरी सुरक्षा व्यवस्था के साथ होटल पहुंची थी। एहतियात के तौर पर दमकल की गाड़ी भी मौके पर तैनात रखी गई थी। होटल के सभी कमरों की बारीकी से जांच की गई और वहां मौजूद लोगों से पूछताछ की गई। शिकायत मिलने पर पुलिस टिम ने किया छापा सूत्रों के अनुसार, होटल में लंबे समय से संदिग्ध गतिविधियों की शिकायतें मिल रही थीं। इन्हीं सूचनाओं के आधार पर प्रशासन ने योजनाबद्ध तरीके से देर रात छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान होटल में मौजूद कई महिला-पुरुषों की पहचान और दस्तावेजों का सत्यापन किया गया। जिन लोगों की गतिविधियां संदिग्ध लगीं, उन्हें पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया। निर्मली एसडीपीओ ने बताया कि हिरासत में लिए गए सभी लोगों से पूछताछ की जा रही है। उनके पहचान पत्र और अन्य दस्तावेजों का सत्यापन कराया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद विधिसम्मत आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि फिलहाल मामले की जांच जारी है, इसलिए विस्तृत जानकारी अभी साझा नहीं की जा सकती। स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्मली थाना क्षेत्र में लंबे समय बाद इस तरह की बड़ी कार्रवाई हुई है। पुलिस और प्रशासन की इस संयुक्त छापेमारी को इलाके में चल रही संदिग्ध गतिविधियों पर अंकुश लगाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद मामले से जुड़े अन्य तथ्यों का भी खुलासा होने की संभावना है।
आजमगढ़ में शनिवार को सुबह से ही आसमान में बादल छाए हुए हैं। आसमान में बदल जाने से जिले में मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आ रहा है। गुरुवार को जिला मुख्यालय के साथ-साथ जिले के आउटर वाले इलाकों में बारिश हुई थी। मौसम विभाग ने शनिवार को प्रदेश के 31 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस बारिश के कारण तापमान में भी गिरावट आई है और जिले का तापमान गिरकर 33 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है। जिले में हो रही यह बारिश धान की रोपाई करने वाले किसानों के लिए संजीवनी साबित हो रही है। हालांकि बारिश के बाद भी उमस और बिजली की कटौती बरकरार है। यही कारण है कि आम जनजीवन प्रभावित होता दिख रहा है। मौसम विभाग का दावा है कि आज प्रदेश के सभी जिलों में बारिश होगी। वहीं जिले में बहने वाली घाघरा का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है। सरकार ने सतर्कता बरतने की अपील प्रदेश के सभी 75 जिलों में मौसम विभाग के लगातार हो रहे परिवर्तन को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार ने सभी जिलों के अधिकारियों को अपने-अपने जिलों में सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। मौसम विभाग का दावा है कि आने वाले तीन दिनों के बाद मौसम का मिजाज फिर बदल सकता है।
खैरथल के किशनगढ़बास विधायक दीपचंद खैरिया ने विधानसभा में संविदा कर्मियों के नियमितीकरण को लेकर सवाल पूछा था। इसके जवाब में सरकार ने साफ कर दिया कि फिलहाल ऐसी कोई योजना विचाराधीन नहीं है। विधायक का यह अतारांकित प्रश्न था, जिसके लिखित जवाब में संयुक्त शासन सचिव मुन्नी मीणा ने बताया कि प्लेसमेंट एजेंसियों की जगह एक सरकारी एजेंसी बनाने पर विचार जरूर किया जा रहा है। प्रतिनिधिमंडल ने सौंपा था ज्ञापन विधानसभा सत्र शुरू होने से पहले संविदा कर्मियों का एक प्रतिनिधिमंडल विधायक दीपचंद खैरिया से मिला था। उन्होंने विधायक को अपनी समस्याएं बताईं और ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने विधानसभा में यह मुद्दा उठाने का आग्रह किया था। इसी के बाद विधायक ने सदन में यह सवाल उठाया। सरकार बोली- नियमितीकरण की कोई योजना विचाराधीन नहीं जवाब में सरकार ने कहा कि वर्तमान में संविदा कर्मियों को नियमित करने या संविदा भर्ती से समायोजित करने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। हालांकि प्लेसमेंट एजेंसियों के स्थान पर एक सरकारी एजेंसी के माध्यम से इन कार्मिकों की सेवाएं लेने की योजना पर मंथन किया जा रहा है। समसा सहित कई विभागों में सालों से सेवारत हैं कर्मचारी समग्र शिक्षा अभियान (समसा) सहित विभिन्न सरकारी विभागों में बड़ी संख्या में कर्मचारी वर्षों से निजी प्लेसमेंट एजेंसियों के माध्यम से सेवाएं दे रहे हैं। लंबे समय से ये कर्मचारी नियमितीकरण की मांग करते आ रहे हैं।
उमरिया। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में जंगली हाथियों की बढ़ती गतिविधियों और मानव-हाथी द्वंद्व की घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इसमें विशेषज्ञों और वन अधिकारियों ने सुरक्षित सह-अस्तित्व, नुकसान की रोकथाम और प्रभावी निगरानी पर मंथन किया। यह बैठक बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के साथ-साथ शहडोल, अनूपपुर और छत्तीसगढ़ से लगे जंगलों में हाथियों की बढ़ती मौजूदगी के मद्देनजर बुलाई गई थी। बैठक में प्रधान मुख्य वन संरक्षक समिता राजोरा, तमिलनाडु, देहरादून, संजय टाइगर रिजर्व और बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के अधिकारियों, वन्यजीव चिकित्सकों तथा विशेषज्ञों ने भाग लिया। विशेषज्ञों ने सुझाव दिया कि हाथियों द्वारा फसल, मकान या अन्य संपत्ति को हुए नुकसान का सही आकलन कर प्रभावित ग्रामीणों को त्वरित मुआवजा दिया जाए। इससे वन विभाग और स्थानीय ग्रामीणों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा। विशेषज्ञों ने हाथियों के पारंपरिक आवागमन मार्गों में किसी भी प्रकार का अवरोध न करने पर जोर दिया। जिन क्षेत्रों में हाथियों का नियमित विचरण होता है, वहां निगरानी दलों की तैनाती और सतत मॉनिटरिंग की व्यवस्था मजबूत करने का सुझाव दिया गया। एक महत्वपूर्ण सुझाव यह भी था कि हाथियों के झुंड की पहचान कर उसके मुखिया हाथी को रेडियो कॉलर पहनाया जाए। रेडियो कॉलर से हाथियों की वास्तविक समय की लोकेशन और मूवमेंट पर नजर रखी जा सकेगी। इससे समय रहते ग्रामीणों को हाथियों की मौजूदगी के बारे में सतर्क किया जा सकेगा, जिससे मानव-हाथी द्वंद्व की घटनाओं को कम करने में मदद मिलेगी। बैठक में हाथियों के आवागमन वाले क्षेत्रों से उन गतिविधियों और बाधाओं को दूर करने पर भी बल दिया गया, जिनसे उन्हें परेशानी होती है। राष्ट्रीय राजमार्ग, रेलवे लाइन और अन्य विकास परियोजनाओं की योजना बनाते समय हाथियों के गलियारों (कॉरिडोर) और उनके प्राकृतिक विचरण क्षेत्र का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई। बैठक के समापन के बाद, शनिवार सुबह प्रधान मुख्य वन संरक्षक और अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी जंगल भ्रमण के लिए रवाना हुए। इस दौरान वे हाथियों की गतिविधियों का जायजा लेंगे और क्षेत्रीय अधिकारियों से मानव-हाथी द्वंद्व की वर्तमान स्थिति तथा किए जा रहे प्रबंधन उपायों के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे।
राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की ओर से सहायक अभियोजन अधिकारी (प्रारंभिक) परीक्षा-2026, निरीक्षक कारखाना एवं बॉयलर्स परीक्षा- 2025 एवं निरीक्षक कारखाना (केमिकल) परीक्षा -2025 के आवेदन फार्म में संशोधन का मौका दिया गया है। इसमें अभ्यर्थी का नाम, पिता का नाम, फोटो, जन्म तिथि व जेंडर के अतिरिक्त अन्य संशोधन ऑनलाइन किए जा सकते है। साथ ही आवेदन फार्म विड्रो का अवसर भी दिया है। ऑनलाइन संशोधन 18 से 24 जुलाई 2026 तक किए जा सकेंगे। आयोग सचिव रामनिवास मेहता ने बताया-सहायक अभियोजन अधिकारी प्रारंभिक परीक्षा-2026 का आयोजन 2 सितंबर 2026 तथा निरीक्षक कारखाना एवं बॉयलर्स परीक्षा - 2025 एवं निरीक्षक कारखाना (केमिकल) परीक्षा -2025 का आयोजन 19 सितंबर 2026 को किया जाना है। परीक्षा के लिए जारी विज्ञापन में उल्लेखित शर्तों के अनुसार ऑनलाइन संशोधन का अवसर अभ्यर्थियों को दिया गया है। ऑनलाइन संशोधन का अवसर अभ्यर्थियों के लिए सुविधा मात्र है। ऑफलाइन संशोधन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। ऑनलाइन संशोधन के लिए फीस व प्रोसेस संशोधन चाहने वाले अभ्यर्थी को ई-मित्र/ऑनलाइन बैंकिंग के माध्यम से 500 रुपए का शुल्क जमा कराना होगा। आयोग के ऑनलाइन पोर्टल https://rpsc.rajasthan.gov.in पर उपलब्ध एप्लाई ऑनलाइन लिंक अथवा एसएसओ पोर्टल पर लॉगिन कर सिटीजन ऐप्स में उपलब्ध रिक्रूटमेंट पोर्टल का चयन कर संबंधित परीक्षा में ऑनलाइन संशोधन किया जा सकेगा। इस संबंध में किसी प्रकार की तकनीकी कठिनाई होने पर recruitmenthelpdesk@rajasthan.gov.in पर ई-मेल से अथवा फोन नं. 9352323625 व 7340557555 पर भी सम्पर्क किया जा सकता है। बिना योग्यता फार्म भरने वाले कर सकते है विड्रो असत्य एवं गलत सूचना के आधार पर आवेदन करना तथा अहर्ता न होने पर भी उसे विड्रॉ नहीं करना भारतीय न्याय संहिता की धारा 217 के तहत दंडनीय अपराध है। ऐसे अभ्यर्थी को बाद में काउंसलिंग/पात्रता जांच/ साक्षात्कार के दौरान अपात्र पाए जाने पर आगामी 1 वर्ष की अवधि के लिए भर्ती परीक्षाओं से डिबार भी किया जाएगा। अतः ऐसे अभ्यर्थी भी 18 से 24 जुलाई 2026 तक अपना ऑनलाइन आवेदन विड्रॉ कर सकते हैं। इसके लिए एसएसओ पोर्टल पर लॉगिन कर रिक्रूटमेंट पोर्टल का चयन कर माय रिक्रूटमेंट सेक्शन के अन्तर्गत संबंधित परीक्षा के समक्ष उपलब्ध विथड्रॉ बटन पर क्लिक कर ऑनलाइन आवेदन विड्रॉ किया जा सकता है।
गोरखपुर में देर रात से हो रही बरसात के कारण शनिवार को सुबह पूरे शहर की व्यवस्था बिगाड़ कर रख दी। लगातार बारिश के चलते शहर के निचले इलाकों में जलभराव हो गया और प्रमुख सड़कें पानी में डूब गईं। सुबह-सुबह दफ्तर और स्कूल जाने वालों को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ी। वहीं जलभराव की वजह से बाइक और कार के इंजन में पानी चला गया। सड़क पर ही गाड़ियां खराब हो गईं। लोग पैदल बाइक लेकर मैकेनिक ढूंढते नजर आए। भारी बरसात को देखते हुए कई स्कूलों में रेनी डे हो गया। मुसीबत झेलते हुए स्कूल पहुंचे बच्चे निराश होकर घर लौटे। शहर की कुछ तस्वीरें… बारिश शुरू होते ही गोरखनाथ के धर्मशाला, विजय चौक, मोहद्दीपुर, गोलघर, बेतियाहाता, रेती, तुर्कमानपुर और नखास क्षेत्र की सड़कों पर घुटने तक पानी भर गया। जलजमाव के कारण घंटों लंबा जाम लग गया। वाहन रेंग-रेंग कर चलने को मजबूर हुए। कई बाइक और कारें पानी में बंद होकर खराब हो गईं। ट्रैफिक पुलिस को जाम खुलवाने के लिए अतिरिक्त मशक्कत करनी पड़ी। बारिश का असर स्कूलों पर भी पड़ा। जलभराव और जाम की वजह से कई स्कूलों ने अभिभावकों की सूचना पर रेनी डे घोषित कर दिया। जिन स्कूलों में छुट्टी नहीं हुई, वहां बच्चे देरी से पहुंचे और कई अभिभावक बच्चों को बीच रास्ते से ही वापस ले गए। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर बार थोड़ी बारिश में ही शहर की यही हालत हो जाती है। नालियों की सफाई न होने से पानी की निकासी नहीं हो पा रही है। दुकानदारों को भी भारी नुकसान हुआ। निचले इलाकों की दुकानों में पानी घुस गया जिससे सामान खराब हो गया। मौसम विभाग के अनुसार 24 से 48 घंटे तक रुक-रुक कर बारिश होती रहेगी। विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। नगर निगम और जिला प्रशासन की टीमें जलजराव वाले क्षेत्रों में पंप लगाकर पानी निकालने में जुटी हैं। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जलभराव वाले स्थानों पर तुरंत राहत कार्य शुरू किया जाए और ट्रैफिक सुचारू कराया जाए। लगातार बारिश से लोगों की दिनचर्या पूरी तरह प्रभावित हुई। नौकरीपेशा लोग देर से दफ्तर पहुंचे तो जाम की वजह से एंबुलेंस फंसने से मरीजों को अस्पताल जाने में दिक्कत हुई। फिलहाल मौसम साफ होने की कोई संभावना नहीं दिख रही, ऐसे में प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक घर से न निकलने की अपील की है।
वाराणसी नगर निगम कार्यकारिणीं का चुनाव शुक्रवार को गहमा-गहमी के बाद 6 घंटे में सम्पन्न हुआ। कांग्रेस और सपा दोनों के पार्षदों के एक सीट के लिए प्रत्याशी खड़ा करने की वजह से तीन साल बाद कार्यकारिणी का चुनाव हुआ। इस चुनाव में इंडिया गठबंधन को यूपी इलेक्शन के पहले बड़ा झटका लगा और कांग्रेस के खिलाफ जाकर सपा ने प्रत्याशी उतार दिया जबकि कांग्रेस के पदाधिकारी सपा का समर्थ लेटर भी दिखाते रहे। मतदान के बाद सपा ने कांग्रेस पर जीत हासिल कर ली। इसके बाद मतदान करने पहुंचे राज्य मंत्री रविंद्र जायसवाल ने बड़ा बयान दिया और कहा सपा और कांग्रेस न चोटी वाले न चुंडी वाले। ये बे पेंदी के लोटे है। इनका न विचार मिलता है न सिद्धांत। वहीं इस पूरे मामले की महानागर अध्यक्ष कांग्रेस राघवेंद्र चौबे ने सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष और कांग्रेस के प्रदेश और राष्ट्रीय नेतृत्व को अवगत करवाने की बात कही है। इस इलेक्शन में कांग्रेस प्रत्याशी गुलशन अली को महज 9 वोट मिले जबकि सपा प्रत्याशी गोविंद सिंह पटेल को 17 वोट मिले। इसी के साथ कांग्रेस का कार्यकारिणी में जाने का सपना टूट गया। इसपर राज्य मंत्री, सपा पार्षद दल के नेता, कांग्रेस पार्षद दल के नेता, कांग्रेस महानगर अध्यक्ष ने अपनी प्रतिक्रया दी। पढ़िए किसने क्या कहा... जानिए राज्य मंत्री रविंद्र जायसवाल और हंसराज विश्वकर्मा ने इस मुद्दे पर क्या कहा ? दोनों बिना चुंडी और चोटी वाले राज्य मंत्री रविंद्र जायसवाल ने सपा कांग्रेस की खींचतान पर कहा - न दोनों के विचार मिलते है और न दोनों के आदर्श मिलते हैं। दोनों बिना चुंडी वाले हैं और दोनों बिना चोटी वाले हैं। ये दोनों जाने कब मिलते हैं और आने कब टूटते हैं। उनका लक्ष्य केवल भाजपा को रोकना है। ये दोनों बिना विचार वाली पार्टियां मिलती हैं छोड़ती हैं। दोनों एक दूसरे की बात नही मानते हैं। सपा कहती है की यूपी में हमारा वजूद है। अखिलेश जहां-जहां गए वहां कांग्रेस खत्म हो जाती है। पश्चिम बंगाल, दिल्ली में सब गायब हो गए। उनके पार्टी का ना विचार है और न सिद्धांत हैं। ये सभी बिना पेंदी के लोग हैं। कहां लुढ़के पता नहीं। दोनों पार्टियां विश्वास के लायक नहीं राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा ने वोट डालने के बाद कहा - एक पार्टी ऐसी है की देश और जनता को धोखा देती है। सपा और कांग्रेस में गठबंधन हुआ था की इस बार आप को हमको समर्थन दे दीजिये अगली बार हम आप को देंगे। लेकिन इस बार एक ने दुसरे को धोखा दे दिया। ये पार्टियां विश्वास करने के लायक नहीं है। जानिए क्यों कांग्रेस सपा के राष्ट्रीय नेतृत्व से करेगा शिकायत, और क्या बोले महानगर अध्यक्ष ? इंडिया गठबंधन टूट गया महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने अहा - आज नगर निगम कार्यकारिणी का चुनाव था। लगतार 2024 और 2025 में हमारे कांग्रेस के पार्षदों ने इंडिया गठबंधन के प्रत्याशी को कार्यकारिणी के चुनाव में समर्थन दिया। 2024 में दो और 2025 में एक सदस्य को निर्वचित करवाने में अहम भूमिका निभाई। 2025 में सपा पार्षद दल के नेता हारून अंसारी ने अपने वरिष्ठ नेताओं के साथ वार्ता कर लिखित आश्वासन दिया था। जिसमें 8 पार्षदों की साइन भी है। की सब बदल जाएगा लेकिन हम 8 और आप के 9 अगली बार कार्यकारिणी में आप के सदस्य को मत देंगे। गुलशन अली को बनाने का नाम भी दिया था और हमने भी उन्हें ही प्रत्याशी घोषित किया था। गठबंधन को उन्होंने तोड़ दिया। सपा ने घोपा पीठ में खंजर महानगर अध्यक्ष राघवेंर चौबे ने कहा - कार्यकारिणी के चुनाव में आज सपा ने पीठ में खंजर घोपा है। हमारे प्रत्याशी को इन लोगों ने सीधे चुनाव हारने का कृत्य किया और समाजवादी पार्टी का मुस्लिम विरोध चेहरा सामने आया। सपा पार्षद दल के नेता हारून अंसारी के घर में अपने पार्षद दल के नेता और प्रत्याशी गुलशन अली के साथ दो बार गया। बातचीत किया। संगठन के महसचिव से बात की और सब कुछ बताने के बाद भी, लिखित आश्वसन होने के बाद भी यह कार्य किया गया। मेयर बना रहे थे प्रत्याशी पर दबाव राघवेंद्र चौबे ने कहा - इस चुनाव में मेयर अशोक तिवारी की भी कलई खुली है कि वो लगातार हमारे प्रत्याशी पर दबाव बना रहे थे की हमने तीन साढ़े तीन साल से बहुत समन्वय से चलाया है। आज उनका समन्वय कहां गया है। यह लिखित आश्वासन मेयर साहब की उपस्थिति में मिला था। वो भाजपा के एक प्रत्याशी को कम कर देते। लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया और कांग्रेस को मजबूत होते देखकर सभी ने यह कृत्य किया। हम इसका विरोध करेंगे और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व और अपने राष्ट्रीय नेतृत्व को पत्र के माध्यम से इससे अवगत कराएंगे। कांग्रेस पार्षद और प्रत्याशी गुलशन अली ने सपा के वादा खिलाफी के बारे में दी जानकारी... हमारे साथ धोखा किया गया कार्यकारिणी के चुनाव में 2024 में सपा के पार्षद दल के नेता अमरदेव जी ने हमसे कहा की हम और प्रमोद राय चुनाव में खड़े हो रहे हैं। आप लोग समर्थन दीजिये और हमने समर्थन दिया। आज हुए चुनाव के लिए अमर देव जी ने हमसे चुनाव लड़ने को कहा और वो मैदान में लेकर आये भी। मगर बीच में पार्षद दल नेता हारून अंसारी ने कहा की हम आप को नहीं हम अपने प्रत्याशी गोविंद सिंह पटेल पार्षद वार्डनंबर 49 पिसौर को लड़ाएंगे। लेकिन इन्होए एक लेटर दिया था हमें समर्थन का। लेकिन इन्होने हमें धोखा दिया। जबकि हमरे अध्यक्ष भी उनसे भी मिले थे। अमरदेव के नाम वापस लिए जाने पर उन्होंने कहा - अमरदेव ने भी साजिश की और अपना नाम अंतिम समय में वापस ले लिया। अगर सपा के दो प्रत्याशी लड़ते तो मेरी जीत सुनीश्चित थी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ और साजिश की गई मेरे साथ। हम चुनाव लड़के हारे हैं और आगे भी अब चुनाव लड़ेंगे किसी भी प्रकार का कोई समर्थन नहीं करेंगे। जानिए सपा पर्षद दल के नेता हारून अंसारी ने क्या कहा ? हारून अंसारी ने कांग्रेस की बात को नकारा हारून अंसारी नेता सपा पार्षद दल नगर निगम ने बताया - जो बातें हुई थी वो हुई थी की हमारे दो सदस्य कार्यकारिणी से बाहर होंगे। प्रमोद राय और अमरदेव। दो में से एक सदस्य आप के होंगे और एक सदस्य हमारा होगा। हमने कहा था की हमारी दूसरी वरीयता आप होंगे चुनाव में लेकिन ये सीधे-सीधे यह चाह रहे थे हम प्रत्याशी ही न उतारें सदन की कार्यकारिणी में। विश्वासघात की कोई बात नहीं है। हारे पास 17 वोट थे हमने समर्थन का प्रस्ताव दिया था लेकिन कांग्रेस ने इसे माना नहीं। बात हुई थी लेकिन एक कैंडिडेट हमारे और एक कांग्रेस के खड़े होने की बात हुई थी। लेकिन कांग्रेस ने हमारा समर्थन नहीं लिया।
जगराओं में लंबे समय तक और बिना सूचना के हो रही बिजली कटौती से परेशान लोगों ने शुक्रवार देर रात विरोध प्रदर्शन किया। रात करीब 11 बजे बड़ी संख्या में शहरवासी झांसी रानी चौक पर एकत्र हुए और पावरकॉम के खिलाफ धरना शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने शहर की ओर जाने वाले मुख्य मार्ग और अड्डा रायकोट रोड पर जाम लगा दिया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पावरकॉम बिना किसी पूर्व सूचना के घंटों तक बिजली आपूर्ति बंद कर देता है। शिकायत केंद्र पर बार-बार फोन करने के बावजूद कर्मचारी कॉल रिसीव नहीं करते, जिससे उपभोक्ताओं की परेशानियां बढ़ रही हैं। प्रदर्शनकारी सुख जगराओं ने बताया कि विभाग न तो बिजली बहाल होने का सही समय बताता है और न ही कटौती का कारण स्पष्ट करता है। इसके चलते लोगों में भारी रोष है। निर्धारित समय तक बिजली नहीं आई रात में पावरकॉम ने अपनी वेबसाइट पर संदेश जारी कर दावा किया कि रात 1 बजे तक बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। इस आश्वासन के बाद लोग इंतजार करते रहे, लेकिन निर्धारित समय तक बिजली नहीं आई। इसके बाद रात 12:47 बजे विभाग ने एक और संदेश जारी कर बताया कि बिजली आपूर्ति बहाल होने में करीब दो घंटे और लग सकते हैं। लोग घरों से निकलकर झांसी रानी चौक पहुंच गए इसके बाद शहर के विभिन्न इलाकों से बड़ी संख्या में लोग घरों से निकलकर झांसी रानी चौक पहुंच गए और पंजाब सरकार व पावरकॉम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। भीड़ बढ़ती देख पुलिस सक्रिय हो गई। सूचना मिलते ही थाना सिटी प्रभारी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को शांत कराने का प्रयास किया। आंदोलन को और तेज किया जाएगा प्रदर्शनकारियों ने बताया कि भीषण गर्मी और उमस के बीच लंबे समय तक बिजली कटौती ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। इससे छोटे बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बिना सूचना के लगाए जा रहे लंबे बिजली कटों पर जल्द रोक नहीं लगाई गई और शिकायत केंद्र की व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े रहे पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को शिकायत केंद्र पर फोन नहीं उठाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिया और उनकी मांगों को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। हालांकि, प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े रहे और कहा कि जब तक बिजली आपूर्ति बहाल नहीं होगी, तब तक धरना जारी रहेगा। करीब तीन बजे तक लोग सड़कों पर डटे रहे और बिजली बहाली का इंतजार करते रहे। लोग बोले- एक बार गलती हो गई, दोबारा नहीं करेंगे वहीं, बिजली कटौती से परेशान लोगों में इतना आक्रोश था कि वे सरकार के समर्थन में कही जा रही किसी भी बात को सुनने के लिए तैयार नहीं थे। कुछ लोगों ने नाराजगी जताते हुए यहां तक कह दिया कि पिछली बार हुई गलती दोबारा नहीं दोहराई जाएगी।
लुधियाना के पखोवाल रोड स्थित पॉश सेंट्रा ग्रीन्स रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन (CGRWA) के चुनाव विवादों में घिर गए हैं। 19 जुलाई 2026 को होने वाले चुनाव को लेकर सोसायटी निवासी शिवनेत्र वर्मा ने अदालत का रुख किया है। मामले में आज सुनवाई होनी है, जिसके लिए कोर्ट ने समन जारी कर दिए हैं। याचिकाकर्ता ने मौजूदा प्रधान सुरिंदर कुमार प्रभाकर, चुनाव प्रभारी सरबजीत सिंह ढिल्लों समेत 13 लोगों को प्रतिवादी बनाया है। उन्होंने पूरी चुनाव प्रक्रिया को असंवैधानिक बताते हुए इस पर रोक लगाने की मांग की है। समझे क्या है पूरा मामला सेंट्रा ग्रीन्स सोसायटी में कुल 538 फ्लैट हैं, जिनमें से करीब 500 सक्रिय मतदाता हैं। सोसायटी के बायलॉज के अनुसार, नियमों में किसी भी बदलाव (जैसे कमेटी सदस्यों की संख्या में परिवर्तन) के लिए कुल निवासियों के 2/3 बहुमत यानी लगभग 333 सदस्यों की सहमति जरूरी है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि 3 मई 2026 को हुई जनरल बॉडी मीटिंग (GBM) में कमेटी के 21 पदों को घटाकर 12 करने का प्रस्ताव केवल 63 लोगों की सहमति से पारित कर दिया गया, जबकि 13 सदस्यों ने इसका विरोध किया था। याचिकाकर्ता का कहना है कि यह प्रक्रिया सोसायटी के 2/3 बहुमत वाले नियम का सीधा उल्लंघन है। बिना चुनाव 'निर्विरोध' विजेता की घोषणा: याचिकाकर्ता शिवनेत्र वर्मा के अनुसार, 11 जुलाई 2026 को सुबह 11 बजे 'MyGate App' पर उम्मीदवारों की अंतिम सूची जारी की गई। इसमें 11 सदस्यों को उनके पदों के साथ निर्विरोध निर्वाचित बताया गया, जबकि चुनाव 19 जुलाई को होना निर्धारित है। उन्होंने आरोप लगाया कि केवल मेंटेनेंस सेक्रेटरी के एक पद के लिए ही चुनाव करवाया जा रहा है, जिस पर शिवनेत्र वर्मा और संजीव गुप्ता आमने-सामने हैं। अवैध चुनाव समिति और व्हाट्सएप वोटिंग याचिका में आरोप लगाया गया है कि चुनाव समिति का गठन भी नियमों के अनुसार नहीं किया गया। बायलॉज के मुताबिक, चुनाव बैलेट पेपर के माध्यम से होने चाहिए थे, लेकिन चुनाव प्रभारी सरबजीत सिंह ने कथित तौर पर अपनी ओर से 13 जुलाई को एक पत्र जारी कर व्हाट्सएप नंबर (98156-95825) के जरिए ऑनलाइन वोटिंग की घोषणा कर दी। कोर्ट से यह 4 मांगे:- कोर्ट ने मामले का संज्ञान लेते हुए समन जारी कर दिए हैं। ये समन 17 जुलाई 2026 को शाम 7:25 बजे सोसायटी के क्लब हाउस में रिसीव किए गए। अब सभी की नजरें आज (18 जुलाई) होने वाली कोर्ट सुनवाई पर टिकी हैं, जिसके बाद स्पष्ट होगा कि 19 जुलाई को प्रस्तावित CGRWA चुनाव को लेकर अदालत क्या फैसला सुनाती है।
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में गुरुवार से हो रही लगातार बारिश लोगों के लिए आफत बन गई। बारिश के तेज बहाव में आकर एक बुजुर्ग महिला की जान चली गई। वहीं, देर रात से लेकर शुक्रवार शाम तक सड़क से लेकर निचली इलाके और रिहायशी कॉलोनियों में पानी घुस गया। इसके चलते हर तरफ 6 से 8 फीट तक पानी भर गया। लोगों के घरों में पानी घुसने से भारी तबाही का नजारा देखने को मिला। जिन इलाकों में पिछले 20-25 साल में कभी पानी नहीं भरा, वहां भी इस बार लोगों को पूरी रात घर नहीं, बल्कि अपना सामान बचाने की मशक्कत करते रहे। हैरानी की बात है कि जिन इलाकों में जलभराव रोकने के लिए करोड़ों का काम हुआ है, वह इलाका भी जलमग्न नजर आया। वहीं, लोगों ने पूरे दिन ग्राउंड फ्लोर की जगह पहली मंजिल पर दिन बिताई। बारिश का सबसे ज्यादा असर अरपापार, रायपुर रोड, सकरी और शहर की बाहरी कॉलोनियों में देखने को मिला। जिन इलाकों में पिछले 20-25 साल में कभी पानी नहीं भरा, वहां भी इस बार बारिश का पानी घरों में घुस गया। देवनंदन नगर फेस-1 व 2, गीतांजलि सिटी फेस-1 व 2, फ्रेंड्स कॉलोनी, गुरु विहार, वसंत विहार, सरोज विहार, जोरापारा और जबड़ापारा सहित कई कॉलोनियों में पानी घरों के भीतर तक पहुंच गया। फ्रिज, कूलर, वॉशिंग मशीन, सोफा और घरेलू सामान पानी में डूब गए। सुबह तक लाखों नहीं, करोड़ों के नुकसान का अंदाजा लगाया जाने लगा। वहीं, लोगों को पूरे दिन ग्राउंड फ्लोर की जगह पहली मंजिल पर दिन बितानी पड़ी। देखिए तस्वीरें… SDRF को शहर में चलानी पड़ी नाव हालात इतने बिगड़ गए कि देवनंदन नगर सहित शहर के आधा दर्जन से अधिक इलाकों में एसडीआरएफ को रेस्क्यू करना पड़ा। इस दौरान टीम को कॉलोनियों में नाव चलाकर लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। लोगों का कहना है कि, पिछले दो दशक में कई बार तेज बारिश हुई, लेकिन इस तरह घरों में पानी कभी नहीं घुसा। इस बार बारिश के बाद पूरी कॉलोनियों की तस्वीर बदल गई। बारिश थमी तो कीचड़ और गंदगी बारिश थमने के बाद भी लोगों की परेशानी कम नहीं हुई। घरों से पानी निकालने, खराब हुए सामान को संभालने और कीचड़ साफ करने में पूरा दिन निकल गया। इस बारिश ने साफ कर दिया कि, शहर के कई हिस्सों में जल निकासी की व्यवस्था इतनी कमजोर है कि एक दिन की तेज बारिश भी सामान्य जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर सकती है। बाढ़ में बह गई बुजुर्ग महिला, झाड़ियों में मिली लाश मूसलाधार बारिश के बीच शुक्रवार सुबह काम पर जाने के लिए निकली एक बुजुर्ग महिला नाले के तेज बहाव में आकर बह गई। कुछ घंटे बाद महिला का शव राजकिशोर नगर स्थित ऊर्जा पार्क के पास अरपा नदी की झाड़ियों में फंसा मिला। स्थानीय लोगों की सूचना पर 112 की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। शिनाख्त के बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए सिम्स भेज दिया गया। महिला की पहचान लिंगियाडीह के ठाकुर देव मंदिर के पास रहने वाली 65 वर्षीय प्रमिला बाई के रूप में हुई। वो शीला अपार्टमेंट के पास स्थित नाले तक पहुंचीं, जहां लगातार बारिश के कारण पानी पूरी तरह उफान पर था। नाले का पानी सड़क के ऊपर से बह रहा था, लेकिन लोग और वाहन किसी तरह वहां से गुजर रहे थे। आशंका है कि, इसी दौरान पुल पार करते समय उनका पैर फिसल गया या वो जलभराव की चपेट में आकर पानी की तेज धारा में बह गईं। सरकंडा पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पंचनामा कार्रवाई की और शव को पोस्टमार्टम के लिए मॉर्च्युरी भेज दिया है। पुलिस मामले में मर्ग कायम कर जांच कर रही है। 12 घंटे बाद भी कम नहीं हुआ पानी सरकंडा क्षेत्र के कई इलाको में रात 11 बजे तक बारिश का पानी कम नहीं हुआ था। इसके चलते लोग पूरे दिन के साथ ही शुक्रवार रात भी पहली मंजिल पर चढ़कर रात बितानी पड़ी। शिवम होम्स, चौबे कॉलोनी, बंधवापारा सहित कई कॉलोनियों के घरों में बारिश का पानी कम नहीं हुआ। बिजली नहीं, पीने के पानी की किल्लत शहर में भारी बारिश का असर बुजुर्ग से लेकर बच्चों के जनजीवन पर ज्यादा पड़ा। गुरुवार रात से शहर का अधिकांश इलाका जलमग्न होने के कारण बिजली बंद कर दी गई। ताकि, करंट न फैले। यह स्थिति पूरे दिन और रात तक बनी रही। बिजली नहीं होने के कारण पीने के पानी का सप्लाई बाधित रहा। इसके चलते लोगों को बोतल बंद पानी से काम चलाना पड़ा। 18 करोड़ खर्च, फिर भी भर रहा पानी, कहीं अधूरे नाले, कहीं ओवरलोड ड्रेनेज शहर में जलभराव रोकने नगर निगम ने पिछले तीन साल में चार प्रमुख इलाकों में करीब 18 करोड़ रुपए खर्च कर बड़े नाले बनाए। दावा किया गया कि इन इलाकों में बारिश में जलजामाव की समस्या दूर होगी। इसके बावजूद इस बार भी कई जगह सड़कें और बस्तियां जलमग्न रहीं। कहीं नाले अधूरे छोड़ दिए गए, कहीं पुराने संकरे नाले नहीं बदले गए और कहीं पूरा ड्रेनेज सिस्टम ओवरलोड हो गया। नतीजा, करोड़ों रुपए खर्च होने के बाद भी समस्या जस की तस बनी हुई है। नाला बनने के बाद भी दूर नहीं हुई दिक्कतें सरकंडा के बंधवापारा में 5 करोड़ खर्च कर का नाला बनाया गया। दावा किया गया कि इससे बिरकोना खार से आने वाले पानी की निकासी इमलीभाठा से कोनी स्थित सुपर मल्टी स्पेशयलिटी अस्पताल तक 10 फीट चौड़ा नाला बनाया गया। लेकिन, इसके बाद भी यहां पानी निकासी की समस्या दूर नहीं हुई। अभी भी आसपास की कॉलोनियों में पानी भर गया। लिंक रोड और पुराना बस स्टैंड पर 7 करोड़ खर्च फिर भी स्थिति जस की तस पुराना दीप होटल से जवाली नाले तक 20 फीट चौड़ा नाला बनाया गया। दावा किया गया कि इससे पुराना बस स्टैंड और लिंक रोड में जलभराव की समस्या दूर होगी। लेकिन, बीच का 6 फीट पुराना नाला नहीं बदला गया। इसके चलते पुराना बस स्टैंड में जलजमाव की दिक्कतें अभी भी बनी हुई है। तालापारा, बालमुकुंद स्कूल से तैयबा चौक तक नाला बना बारिश में ड्रेनेज सिस्टम दुरुस्त करने का दावा करते हुए स्मार्ट सिटी के मद से तालापारा में 1 किमीलोमीटर लंबा नाला बनाया गया। इसके साथ ही बालमुकुंद स्कूल से तैयबा चौक तक 3 करोड़ का नाला बनाया गया। लेकिन, निर्माण कार्य होने के बाद भी यहां बारिश का पानी भर गया। यदुनंदन कॉलोनी में 3.27 करोड़ का नाला, काम अधूरा तिफरा के यदुनंदन नगर से शनि मंदिर तक 400 मीटर लंबा और 10 फीट चौड़ा नाला बनाया गया है। दावा किया गया कि इससे कॉलोनी में बारिश का पानी नहीं भरेगा और लोगों को सुविधा मिलेगी। लेकिन, अब भी कॉलोनी के कई हिस्सों में अब भी पानी भरता है। इसकी वजह शनि मंदिर के पास आखिरी छोर का काम अब तक अधूरा है। रेलवे यार्ड में भरा पानी, ट्रेनें कैंसिल, सड़क संपर्क भी टूटा, बिजली भी बंद बिलासपुर में रिकॉर्ड बारिश से शहर से लेकर गांव तक पानी ही पानी नजर आया। बिलासपुर-कोरबा, बिलासपुर-रायगढ़ मार्ग, नेशनल हाईवे, मस्तूरी तिराहा, पारा घाट टोल प्लाजा, दुबट्टा मोड़, भैंसो पुल, कुटीघाट और कोसा माना डेरा-मल्हार एनीकट पर पानी भरने से आवाजाही ठप रही। कुटीघाट में लीलागर नदी पुल के ऊपर 3 से 4 फीट तक बहती रही। बिलासपुर स्टेशन और यार्ड में ट्रैक डूबने से 7 ट्रेनें रद्द करनी पड़ीं, जबकि 4 ट्रेनों का परिचालन बदला गया। वहीं शनिचरी, व्यापार विहार और एसबीआर कॉलेज सब-स्टेशन समेत 17 ट्रांसफार्मर पानी में आने से कई इलाकों की बिजली एहतियातन बंद रखी गई। 2021 में हुई थी 4.8 इंच बारिश 24 जुलाई 2021 में 24 घंटे में 123.2 मिमी बारिश हुई थी। इस बार 415.6 मिमी बारिश दर्ज हुई, जिसने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए। जिले में सीपत और तखतपुर में 110.2-110.2 मिमी, मस्तूरी में 96.2 और सकरी में 95.4 मिमी बारिश हुई। ट्रैक पर भरा पानी, रेल की रफ्तार थमी बिलासपुर स्टेशन और यार्ड में ट्रैक पर पानी भरने से 7 ट्रेनें रद्द करनी पड़ीं। 4 ट्रेनों का परिचालन बदला गया। कुछ ट्रेनें चांपा और दाधापारा से ही वापस लौटीं, जबकि एक मेमू ट्रेन बीच रास्ते में ही समाप्त करनी पड़ी। तीन सब-स्टेशन बंद, कई इलाके अंधेरे में विघुत वितरण कंपनी के ईडी एके अम्बस्थ ने बताया कि, लगातार बारिश से शनिचरी, व्यापार विहार और एसबीआर कॉलेज सब-स्टेशन में पानी भर गया। इसके अलावा शहर के 17 ट्रांसफार्मर भी जलमग्न हो गए। लोगों की सुरक्षा को देखते हुए प्रभावित इलाकों की बिजली आपूर्ति एहतियातन बंद रखी गई। मैदान में उतरा प्रशासन, 1700 फूड पैकेट बांटे देर रात से हुई मूसलाधार बारिश के बाद शहर के निचले इलाकों, कॉलोनियों और सड़कों में जलभराव हो गया। कई घरों में पानी घुसने पर जिला प्रशासन, नगर निगम और एसडीआरएफ ने आधी रात से राहत व बचाव अभियान शुरू किया। कलेक्टर संजय अग्रवाल और निगम आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे ने खुद कमान संभाली। होमगार्ड के जिला कमांडेंट दीपांकर नाथ के नेतृत्व में एसडीआरएफ ने देर शाम और रात तक रेस्क्यू में जुटा रहा। संयुक्त टीमों ने चौबे कॉलोनी, बंधवापारा, खमतराई, बहतराई, सिरगिट्टी, जोरापारा, विजयापुरम, मंगला, सकरी, व्यापार विहार, कुदुदंड, तोरवा, तारबाहर, तिफरा और नेहरू नगर समेत कई इलाकों में जेसीबी, जेट सक्शन और पंपिंग मशीनों से जल निकासी कराई। जहां लोग घरों में फंसे थे, वहां बोट और ट्रैक्टर से महिलाओं, बच्चों व बुजुर्गों को सुरक्षित निकाला गया। राहत शिविरों में भोजन, पेयजल और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। जिन परिवारों के घरों में खाना नहीं बन सका, उन्हें नगर निगम ने 1700 फूड पैकेट वितरित किए। कलेक्टर, निगम आयुक्त, एसएसपी रजनेश सिंह, जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल और जिला कमांडेंट दीपांकर नाथ लगातार प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करते रहे। एसडीआरएफ ने करीब 204 लोगों का किया रेस्क्यू जगदंबा कॉलोनी – 25बंधवापारा – 70श्रीकांत वर्मा मार्ग, मित्र विहार – 20गीतांजलि सिटी – 20मंगला – 5देवनंदन नगर – 20विजयापुरम – 15चौबे कॉलोनी – 4 रिस्दा मल्हार – 25 एसडीआरएफ ने मरीज तक पहुंचाया ऑक्सीजन सिलेंडर जगदंबा कॉलोनी में तीन फीट पानी भरा था। सूचना मिलने पर एसडीआरएफ ने एक मरीज तक ऑक्सीजन सिलेंडर पहुंचाया। चौबे कॉलोनी में पांच फीट पानी के बीच फंसी एक बुजुर्ग महिला को भी सुरक्षित बाहर निकाला। पूर्व पार्षद ने संभाला मोर्चा वार्ड-62 शास्त्री नगर के पूर्व पार्षद राजेश शुक्ला ने कपिल नगर, बंगाली पारा, गुरु विहार और रुद्र विहार कॉलोनी में सफाई कर्मचारियों के साथ नालियों की सफाई कर जल निकासी कराई। शहर कांग्रेस कमेटी ने बांटे भोजन पैकेट शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा के नेतृत्व में रेलवे, बंधवापारा और फोकटपारा में प्रभावित लोगों को चाय-नाश्ता व भोजन उपलब्ध कराया गया। करीब 1200 फूड पैकेट बांटे गए और एसडीआरएफ के राहत कार्य में सहयोग किया गया। जनजीवन सामान्य करने के निर्देश शहर विधायक अमर अग्रवाल ने टास्क फोर्स को जलनिकासी, स्वच्छता, पेयजल और बिजली व्यवस्था जल्द बहाल करने के निर्देश दिए। साथ ही सिम्स और जिला अस्पताल को संभावित मौसमी बीमारियों के मद्देनजर सतर्क रहने को कहा। पूर्व विधायक बोले- पानी में डूबा जनता का विश्वास पूर्व विधायक शैलेश पांडेय ने कहा कि बारिश ने नगर निगम और स्मार्ट सिटी के दावों की पोल खोल दी। उन्होंने आरोप लगाया कि कई घरों में पानी घुसने, व्यापार प्रभावित होने और न्यायालय परिसर तक में जलभराव के बावजूद शहर विधायक और महापौर नजर नहीं आए। संभाग में भी बारिश का असर बिलासपुर संभाग के सभी जिलों में अच्छी बारिश हुई। बिलासपुर के बाद सबसे ज्यादा 170 मिमी बारिश जांजगीर में दर्ज की गई। सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 75 मिमी, मुंगेली में 58.8 मिमी, कोरबा में 47.4 मिमी, सक्ती में 38.5 मिमी, रायगढ़ में 34 मिमी और जीपीएम में 33.7 मिमी बारिश हुई। लगातार बारिश से संभाग के कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित रहा। आज भी भारी बारिश का अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार निम्न दाब, सक्रिय मानसून द्रोणिका और पश्चिमी विक्षोभ के असर से 18 जुलाई को अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। बिलासपुर संभाग और आसपास के जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
फिल्म और वेब सीरीज की दुनिया के चर्चित अभिनेता शारिब हाशमी और राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अभिनेत्री तनिष्ठा चटर्जी अपने चर्चित नाटक 'ब्रेस्ट ऑफ लक (Breast of Luck)' के मंचन के लिए भोपाल पहुंचे हैं। मंचन से पहले दोनों कलाकार राजधानी के प्रसिद्ध VIP रोड पहुंचे, जहां उन्होंने बड़े तालाब के मनोरम दृश्य के बीच एक सेल्फी वीडियो बनाया। वीडियो में दोनों कलाकार भोपाल की खूबसूरती का आनंद लेते और शहर के प्रति अपना उत्साह जाहिर करते नजर आ रहे हैं। वीडियो के साथ कलाकारों ने लिखा, आ गए जी आपके अपने शहर में नाटक बेस्ट ऑफ लकर लेकर। यह नाटक 18 जुलाई (शनिवार) को रॉयल सेज हॉल, भोपाल में मंचित किया जाएगा। इसके बाद 19 जुलाई (रविवार) को आनंद मोहन माथुर ऑडिटोरियम, इंदौर में इसका प्रदर्शन होगा। नाटक को तनिष्ठा चटर्जी और शारिब हाशमी ने लिखा और प्रस्तुत किया है, जबकि इसका निर्देशन लीना यादव ने किया है। नाटक देखने के इच्छुक दर्शक बुकमायशो (BookMyShow) के माध्यम से ऑनलाइन टिकट बुक कर सकते हैं। दोनों शहरों के शो के लिए टिकट बुकिंग पहले से शुरू हो चुकी है।
बहराइच में 12 साल के बच्चे को मगरमच्छ खा गया। जब मगरमच्छ ने उसे अपने जबड़े में दबाया तो उसके चाचा वहां मौजूद थे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया- मगरमच्छ बच्चे को घाघरा नदी में अंदर लेकर चला गया। लोग ईंट-पत्थर मारते रहे। 3 घंटे बाद जब बच्चे का शव नदी में उतराया तो गांव के इंस्पेक्टर सिंह जाल लेकर गए और शव को बाहर लाए। शुक्रवार को दैनिक भास्कर की टीम बच्चे के गांव टिकुरी पहुंची। उसका शव अंतिम संस्कार हो चुका था। जिस चादर में उसे नदी से लपेटकर लाया गया था। उसके चारों ओर उसकी बहनें फूट-फूटकर रो रहीं थीं। एक बहन चादर को सहलाए जा रही थी। दूसरी बहन अपना सिर चादर पर पटक रही थी। गहराई में 3 घंटे तक बच्चे को लेकर बैठा रहा मगरमच्छगांव पहुंचकर हमने परिजनों, ग्रामीणों और प्रत्यक्षदर्शियों से बात की। चाचा उदय राज सिंह ने कहा- ‘मैं सुनील से महज 4 मीटर की दूरी पर था। मगरमच्छ ने उसे जबड़े में पकड़ रखा था। मेरा भाई (विजय राज सिंह) धान लेकर जा रहा था। उसने जब देखा तो तुरंत पानी में कूद गया। बच्चे को पकड़कर खींचना चाहा, लेकिन मगरमच्छ उसे खींचने लगा। अंत में तेजी से खींचकर वह बच्चे को अंदर ले गया।’ ग्रामीण अरविंद श्रीवास्तव ने कहा- मगरमच्छ उसे (बच्चे) लेकर चला गया। करीब 3 घंटे तक पानी के अंदर ही लेकर बैठा रहा। लोग ईंट-पत्थर मारते रहें, लेकिन बाहर नहीं निकला। करीब 7:30 बजे वह पानी से बाहर आया। बच्चे को जबड़े में पकड़कर पटकने लगा। ग्रामीण ने मगरमच्छ के पीठ पर मारकर बच्चे को निकालाग्रामीणों के अनुसार, तब तक पुलिस, वन विभाग और NDRF की टीम आ गई थी। बच्चे के चाचा विजय राज सिंह ने बताया कि सुनील मुझसे लगभग 10-15 हाथ की दूरी पर था। जब मगरमच्छ ने उसे पकड़ा, मैं पानी में कूदा, लेकिन गहराई बहुत थी। मैंने उसे ढूंढ़ा, लेकिन मैं उसे बचा नहीं पाया। अब सिलसिलेवार पूरी घटना पढ़िए… ग्रामीण नदी में सुनील को तलाशते रहेग्रामीणों ने बड़े-बड़े बांस के डंडों की मदद से नदी में तलाशी अभियान शुरू किया। इस वक्त घाघरा नदी का बहाव काफी तेज है, इसलिए घटनास्थल से करीब 500 मीटर तक नदी में खोजबीन की गई। दो घंटे तक लगातार तलाश करने के बाद अंधेरा हो गया, लेकिन ग्रामीणों ने खोजबीन नहीं रोकी। वे टॉर्च की रोशनी में बच्चे की तलाश करते रहे। ग्रामीणों ने शव को बाहर निकाला और इसकी सूचना पुलिस को दी। मगरमच्छ के हमले से शव क्षत-विक्षत हो चुका था। शुक्रवार सुबह पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। ------------------------------- यह खबर भी पढ़ें… 12 साल के बच्चे को मगरमच्छ जिंदा खा गया, बहराइच में पैर जबड़े में दबाकर खींच ले गया; बच्चा तड़पता रहा...चाचा चिल्लाते रह गए यूपी के बहराइच से रोंगटे खड़े करने वाली घटना सामने आई है। यहां मगरमच्छ 12 साल के बच्चे को जिंदा खा गया। धान की रोपाई करने के बाद बच्चा नदी में हाथ-पैर धोने गया था, तभी मगरमच्छ ने उस पर हमला कर दिया। उसे जबड़े में दबोच लिया। बच्चे ने खुद को छुड़ाने के लिए हाथ-पैर मारे। उसके चाचा और ग्रामीणों ने भी ईंट-पत्थर फेंककर उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन मगरमच्छ ने उसे छोड़ा नहीं। उसने दो-तीन बार बच्चे को उछालकर पानी में पटका, फिर गहरे पानी में खींच ले गया। देखते ही देखते बच्चे के आधे शरीर को निगल लिया। 5 घंटे बाद ग्रामीणों ने बच्चे का शव बरामद किया। पूरी खबर पढ़िए…
रेवाड़ी में साहबी पुल के पास बाइक को कैंटर ने टक्कर मार दी। हादसे में बाइक सवार एक छात्र की मौत हो गई, जबकि दूसरा साथी घायल हो गया। मृतक छात्र 12वीं पास करने के बाद फायर का कोर्स कर रहे थे। सूचना के बाद धारूहेड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया। पुलिस ने कैंटर ड्राइवर के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। भिवाड़ी आते समय हादसा गांव कारोली निवासी धर्मबीर ने पुलिस को शिकायत दी। जिसमें बताया कि उसका भतीजा शुभम बाइक पर अपने दोस्त रजत के साथ किसी काम से कोसली कोर्ट गए थे। देर शाम दोनों भिवाड़ी जाने के लिए बावल से धारूहेड़ा की तरफ आ रहे थे। इसी दौरान शनि देव मंदिर के पास बाइक को कैंटर ने टक्कर मार दी। टक्कर से बाइक गिरने से शुभम और रजत घायल हो गए। हादसे के बाद कैंटर ड्राइवर मौके से फरार हो गया। राहगीरों ने पुलिस को बुलाया एक्सीडेंट के बाद आसपास के लोगों और राहगीरों ने घटना की सूचना पुलिस को दी। घायलों को एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया। जहां जांच के बाद डाक्टरों ने शुभम को मृत घोषित कर दिया। जबकि रजत अभी उपचाराधीन है। उन्होंने बताया कि उनके भाई सोमवार होंडा कंपनी में नौकरी करते हैं। उनके दो बेटों में शुभम छोटे थे। वह 12वीं के बाद अब फायर का कोर्स कर रहा था, जबकि रजत पढ़ाई कर रहा है। धारूहेड़ा पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
प्रयागराज में चार दिनों से जारी उमस भरी गर्मी के बाद शुक्रवार को प्रयागराज में आखिरकार मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया। शुक्रवार दोपहर बाद मौसम ने करवट ली और गंगानगर, यमुनानगर समेत शहर के कई हिस्सों में झमाझम बारिश शुरू हो गई। यह सिलसिला देर रात तक जारी रहा, जिससे लोगों को उमस और गर्मी से बड़ी राहत मिली। वहीं शनिवार सुबह से बादल छाए हुए है साथ ही दिन में तेज हवा के साथ बारिश होने का अलर्ट जारी किया गया है। हालांकि बारिश ने राहत के साथ कई समस्याएं भी खड़ी कर दीं। शहर के कई इलाकों में जलभराव हो गया और कई स्थानों पर नाले धंस गए। शांतिपुरम में नाला धंसने से एक कार उसमें जा फंसी, जबकि गोविंदपुर के कई इलाकों में नाले ओवरफ्लो हो गए, जिससे स्थानीय लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। देखें तस्वीर… आईएमडी ने पहले ही प्रयागराज के लिए मेघगर्जन, आकाशीय बिजली और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई थी। दोपहर बाद मौसम अचानक बदला और जिले के कई क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई, जो देर रात तक जारी रही। बारिश से पहले शहर का अधिकतम तापमान करीब 34 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, लेकिन लगभग 70 प्रतिशत आर्द्रता के कारण लोगों को 40 डिग्री सेल्सियस जैसी उमस महसूस हो रही थी। बारिश के बाद तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई, जिससे मौसम काफी सुहावना हो गया। शनिवार सुबह से ही आसमान में बादल छाए हुए हैं। मौसम विभाग के अनुसार आज भी जिले में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है। अधिकतम तापमान 30 से 32 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है, जबकि उमस में भी उल्लेखनीय कमी आने की संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और मेघगर्जन के समय सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।
ग्वालियर में इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कॉन्शियसनेस (इस्कॉन) द्वारा आयोजित भगवान श्री जगन्नाथ, बलदेव और सुभद्रा महारानी की रथयात्रा शनिवार, 18 जुलाई को निकाली जाएगी। आयोजकों का दावा है कि यह मध्यप्रदेश की सबसे बड़ी जगन्नाथ रथयात्रा होगी, जिसमें हजारों श्रद्धालु शामिल होंगे। यात्रा के लिए शहर में व्यापक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस्कॉन यात्रा ग्वालियर के आयोजन सदस्य मानस चंद्र दास ने बताया कि रथयात्रा का शुभारंभ दोपहर 3 बजे जिवाजी क्लब से होगा। प्रारंभ में हरिनाम संकीर्तन, प्रवचन और भक्ति कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के आगमन का कार्यक्रम प्रस्तावित है, जहां वे भगवान श्री जगन्नाथ की पूजा-अर्चना करेंगे और पारंपरिक स्वर्ण झाड़ू (छेरा पहंरा) सेवा में भाग लेंगे। इसके बाद उत्तर भारत के जोनल सुपरवाइजर परम पूज्य महामन प्रभु जी के आशीर्वाद से रथयात्रा विधिवत शुरू होगी। रथयात्रा जिवाजी क्लब से शुरू होकर अचलेश्वर मंदिर, नया बाजार, दाल बाजार, लोहिया बाजार, पाटनकर बाजार, ओटफूल, दौलतगंज, बड़ा, सराफा, नई सड़क और छत्री मंडी होते हुए गोयल वाटिका (बल वाटिका) पहुंचेगी। इस दौरान भगवान श्री चैतन्य महाप्रभु एवं पंचतत्त्व की भव्य पालकी भी आकर्षण का केंद्र रहेगी। यात्रा में छह से अधिक कीर्तन मंडलियां शामिल होंगी। इनमें विदेशी रशियन कीर्तन बैंड, वृंदावन के हरिनाम संकीर्तन करने वाले भक्त, दिल्ली के प्रसिद्ध माधवास रॉक बैंड के सदस्य और इस्कॉन ग्वालियर की कीर्तन मंडली प्रमुख हैं। इस्कॉन गर्ल्स फोरम की युवतियां पारंपरिक वेशभूषा में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगी, जबकि इस्कॉन यूथ फोरम के युवा कीर्तन एवं नृत्य के माध्यम से भक्ति रस का संचार करेंगे। श्रद्धालुओं के लिए यात्रा मार्ग में विभिन्न स्थानों पर जलपान और शीतल पेय की व्यवस्था की गई है। समापन स्थल गोयल वाटिका में 20 हजार से अधिक श्रद्धालुओं के लिए महाप्रसाद की विशेष व्यवस्था की गई है। भगवान श्री जगन्नाथ का 42 फीट ऊंचा आधुनिक हाइड्रोलिक रथ इस यात्रा का मुख्य आकर्षण होगा, जिसे लगभग 200 किलोग्राम प्राकृतिक फूलों से सजाया गया है। सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के लिए 40 से 50 प्रशिक्षित स्वयंसेवकों सहित सैकड़ों कार्यकर्ता प्रसाद वितरण, भीड़ प्रबंधन, चिकित्सा सहायता और अन्य सेवाओं में तैनात रहेंगे।
मुरैना के बहुचर्चित 4 वर्षीय मासूम कार्तिकेय राजपूत अपहरण कांड में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जिस बच्चे की तलाश में पुलिस कई राज्यों में दौड़ रही थी, उसके अपहरण का मास्टरमाइंड कोई और नहीं बल्कि उसका सगा पिता निलेश राजपूत निकला। पुलिस ने राजस्थान के पाली जिले से निलेश को गिरफ्तार कर लिया है और मासूम कार्तिकेय को सकुशल बरामद कर लिया है। हालांकि, इस पूरे मामले में पिता का बड़ा भाई विनोद राजपूत और एक अन्य सहयोगी चालक अभी भी फरार हैं। पुलिस अधिकारियों, जांच से जुड़े सूत्रों और परिवार के करीबी लोगों से बातचीत कर इस पूरे हाई-प्रोफाइल मामले की परत-दर-परत जानकारी जुटाई। सामने आया कि यह अपहरण अचानक नहीं, बल्कि करीब 18 दिनों तक की गई रेकी और सुनियोजित साजिश का नतीजा था। ऐसे हुआ पूरे घटनाक्रम का खुलासा 14 जुलाई की दोपहर मुरैना के गोपालपुरा स्थित रेनबो स्कूल से नर्सरी में पढ़ने वाला चार वर्षीय कार्तिकेय अचानक लापता हो गया। स्कूल प्रबंधन और परिजनों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। मामला सामने आते ही कोतवाली पुलिस हरकत में आई और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू किया। फुटेज में एक व्यक्ति बच्चे को गोद में लेकर स्कूल से बाहर निकलता दिखाई दिया। कुछ दूरी पर एक स्कूटी खड़ी थी, जिस पर दूसरा व्यक्ति पहले से मौजूद था। दोनों कार्तिकेय को लेकर फरार हो गए। शुरुआती जांच में दोनों की पहचान नहीं हो सकी, लेकिन बाद में पता चला कि बच्चे को ले जाने वाले लोग उसके पिता निलेश राजपूत और ताऊ विनोद राजपूत थे। मुंबई से बनाई अपहरण की पूरी योजना पुलिस जांच में सामने आया कि निलेश राजपूत मुंबई में गुटखा कारोबार से जुड़ा है। बेटे को अपने पास ले जाने के लिए उसने पहले कानूनी रास्ता नहीं अपनाया, बल्कि अपहरण की योजना बनाई। जांच के अनुसार निलेश अपने बड़े भाई विनोद और एक चालक के साथ 26 जून को मुंबई से फ्लाइट के जरिए ग्वालियर पहुंचा। वहां से बस से मुरैना आया और साईं पैलेस लॉज में कमरा लेकर ठहर गया। पहले दिन इलाके की रेकी कर लौट गया। फिर 28 जून को दोबारा मुरैना आया और लगातार करीब दो सप्ताह तक लॉज में रहकर बच्चे के स्कूल आने-जाने का समय, रास्ते और सुरक्षा व्यवस्था का अध्ययन करता रहा। लॉज संचालक की स्कूटी से करते रहे रेकी पुलिस के अनुसार आरोपी लॉज संचालक अमित गुप्ता से खाना खाने या अन्य बहाने बनाकर उसकी स्कूटी ले जाते थे। इसी स्कूटी से वे रोज स्कूल और आसपास के इलाके की रेकी करते थे। करीब 12 दिनों तक निगरानी के बाद 14 जुलाई को उन्होंने बच्चे को स्कूल से उठाने की योजना को अंजाम दिया। स्कूल से उठाया, फिर राजस्थान फरार 14 जुलाई दोपहर करीब 1 बजे स्कूल की छुट्टी के बाद निलेश स्कूल परिसर पहुंचा और कार्तिकेय को अपने साथ बाहर ले आया। सीसीटीवी में वह बच्चे को गोद में लेकर निकलता दिखाई दिया। कुछ दूरी पर पहले से मौजूद विनोद राजपूत स्कूटी लेकर इंतजार कर रहा था। दोनों कार्तिकेय को लेकर धौलपुर पहुंचे। वहां से बस के जरिए भरतपुर और फिर राजस्थान के पाली जिले की ओर रवाना हो गए। अपहरण के बाद विनोद वापस मुरैना लौटा और चंबल पुल के पास स्कूटी छोड़कर फरार हो गया। पति-पत्नी के विवाद से शुरू हुई कहानी जांच में सामने आया कि इस पूरे मामले की जड़ पति-पत्नी के बीच लंबे समय से चल रहा विवाद था। बताया गया कि वर्ष 2018 में फेसबुक के जरिए निलेश राजपूत और मुरैना निवासी इशू यादव की दोस्ती हुई। दोनों ने 2019 में प्रेम विवाह किया और मुंबई में रहने लगे। 2022 में बेटे कार्तिकेय का जन्म हुआ, लेकिन इसके बाद दोनों के बीच विवाद बढ़ने लगे। घरेलू कलह के चलते इशू कई बार मायके लौटी और आखिरकार जनवरी 2026 में बेटे को साथ लेकर हमेशा के लिए मुरैना आ गई। इसके बाद नानी ने कार्तिकेय का दाखिला स्थानीय प्ले स्कूल में करा दिया। निलेश लगातार बेटे को अपने साथ ले जाने की कोशिश करता रहा, लेकिन बात नहीं बनी। पुलिस का कहना है कि बेटे की कस्टडी कानूनी तरीके से लेने के बजाय उसने अपहरण की साजिश रच डाली। मां ने पहले पहचानने से किया इनकार जांच के दौरान एक और अहम तथ्य सामने आया। शुरुआती पूछताछ में बच्चे की मां और नानी ने सीसीटीवी फुटेज में दिख रहे व्यक्ति की पहचान करने से इनकार कर दिया। बाद में महिला पुलिस अधिकारियों द्वारा सख्ती से पूछताछ करने पर उन्होंने स्वीकार किया कि फुटेज में दिखाई देने वाला व्यक्ति बच्चे का ताऊ विनोद राजपूत है। इस खुलासे के बाद जांच की दिशा पूरी तरह बदल गई। 50 से ज्यादा सीसीटीवी खंगाले, फिर राजस्थान पहुंची पुलिस मुरैना पुलिस ने लगातार 50 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज और मोबाइल लोकेशन के आधार पर टीम धौलपुर, भरतपुर होते हुए राजस्थान के पाली जिले पहुंची। वहां पहुंचकर पुलिस ने निलेश के पिता प्रताप राजपूत को हिरासत में लिया। जब निलेश को इसकी जानकारी मिली तो उसने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया और कार्तिकेय को भी सौंप दिया। हालांकि, उसका भाई विनोद और एक अन्य सहयोगी अभी भी फरार हैं। लॉज संचालक भी जांच के घेरे में जांच के दौरान पुलिस ने साईं पैलेस लॉज के संचालक अमित गुप्ता से भी पूछताछ की। लॉज के दस्तावेज और सीसीटीवी फुटेज कब्जे में लिए गए हैं। लॉज संचालक ने पुलिस को बताया कि आरोपी खुद को मुंबई का गुटखा व्यापारी बता रहे थे और उन्होंने फ्लाइट टिकट भी दिखाए थे। पुलिस ने क्या कहा पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीणा ने बताया कि आरोपी ने यदि बेटे की कस्टडी चाहिए थी तो उसे न्यायालय का सहारा लेना चाहिए था। अपहरण जैसा रास्ता अपनाना गंभीर अपराध है। उन्होंने कहा कि मुख्य आरोपी निलेश राजपूत को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि उसके भाई विनोद राजपूत और अन्य सहयोगियों की तलाश जारी है। जांच के दौरान जिन लोगों की भूमिका सामने आएगी, उन्हें भी आरोपी बनाया जाएगा। टाइमलाइन: ऐसे रची गई पूरी साजिश फिलहाल पुलिस फरार आरोपी विनोद राजपूत और अन्य सहयोगियों की तलाश में जुटी है। वहीं मासूम कार्तिकेय को सुरक्षित परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है।
लुधियाना के मोती नगर इलाके में अवैध रूप से घरेलू और औद्योगिक गैस सिलेंडरों से गैस ट्रांसफर करने का मामला सामने आया है। कार्रवाई के दौरान सरकारी टीम पर हमला करने और सरकारी ड्यूटी में बाधा डालने के आरोप में थाना मोती नगर पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मौके से सात बड़े और सात छोटे गैस सिलेंडर भी बरामद किए हैं, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस के अनुसार, यह मामला सहायक खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, कार्यालय कॉरपोरेशन जोन-डी, सराभा नगर के अधिकारी नितिन कालिया की शिकायत पर दर्ज किया गया है। शिकायत मिलने पर पहुंची टीम शिकायतकर्ता ने बताया कि 17 जुलाई 2026 को मोती नगर क्षेत्र से अवैध गैस रिफिलिंग की सूचना मिली थी। शिकायत के बाद निरीक्षक मनिंदर पाल सिंह खुराना, जतिंदर कपिल, अजय कुमार, दविंदर सिंह, परविंदर लद्धड़ और अन्य अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची। घरेलू और औद्योगिक सिलेंडरों से गैस ट्रांसफर का आरोप टीम ने मौके पर चंदन साहनी को उसकी दुकान पर मौजूद पाया। जांच के दौरान वहां घरेलू और औद्योगिक गैस सिलेंडरों के साथ प्लास्टिक पाइप और गैस ट्रांसफर करने वाला नोजल लगा मिला। अधिकारियों ने जब इस संबंध में पूछताछ की तो आरोपी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। सरकारी टीम पर किया हमला शिकायत के मुताबिक, जब अधिकारी गैस सिलेंडरों को जब्त कर सरकारी वाहन में लोड करने लगे, तभी चंदन साहनी, शेखर साहनी, कामरेड अंसारी तथा 6-7 अज्ञात व्यक्ति वहां पहुंच गए। आरोप है कि सभी ने मिलकर सरकारी टीम को कार्रवाई से रोकने का प्रयास किया और सरकारी वाहन पर हमला कर दिया। इस दौरान सरकारी ड्यूटी में भी बाधा पहुंचाई गई। एक आरोपी गिरफ्तार, 14 सिलेंडर बरामद मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने चंदन साहनी, निवासी विश्वकर्मा कॉलोनी, लुधियाना को गिरफ्तार कर लिया। उसकी निशानदेही पर सात बड़े और सात छोटे गैस सिलेंडर बरामद किए गए। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है। इन धाराओं के तहत दर्ज हुआ मामला थाना मोती नगर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 132, 221, 191(3), 190 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act) की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि अवैध गैस रिफिलिंग का यह कारोबार कब से चल रहा था और इसमें अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
खेल के मैदान में मेडल जीतने वाली जोधपुर की डिंपल खींची ने NEET-UG 2026 में सफलता हासिल की है। रोप स्कीपिंग की नेशनल प्लेयर रही डिंपल की 5 हजार 609 रैंक आई है। डिंपल ने 10 दिन में 3 एग्जाम क्रैक किए हैं। वह 3 साल से किसी भी सामाजिक कार्यक्रम या फंक्शन में नहीं गईं। रिजल्ट आने के बाद परिवार में खुशी का माहौल है। डिंपल के पिता ने कहा- ‘मेरी बेटी ने मेरा सपना पूरा किया है।’ वहीं नीट पेपर रद्द होने के बाद 21 जून री-नीट की परीक्षा हुई थी। टीचर्स का कहना है कि पेपर लीक की खबर सुनने के बाद कुछ स्टूडेंट्स डिप्रेशन में आ गए थे। बच्चों को डिप्रेशन से निकालने के लिए टीचर्स ने घर-घर जाकर समझाया था। यहां तक कि एग्जाम सेंटर तक उन्हें छोड़ने गए थे। अब स्टूडेंट अपने अच्छे रिजल्ट से खुश हैं। 10 दिन में तीन एग्जाम क्लियर किए डिंपल खींची जोधपुर के बनाड स्थित नांदड़ी के फाटा इलाके में रहती हैं। डिंपल के पिता कुंदल सिंह खींची का कोरियर का बिजनेस है। डिंपल ने बताया - मेरी शुरुआती पढ़ाई नवोदय से हुई। इसके बाद 11वीं और 12वीं जोधपुर से की। मैं रोप स्कीपिंग की नेशनल प्लेयर रह चुकी हूं। 2019 में हुए नेशनल टूर्नामेंट में सिल्वर मेडल हासिल किया था। इसके साथ ही क्लस्टर पर गोल्ड और रिजनल पर सिल्वर मेडल हासिल कर चुकी हूं। पिता ने कहा- मेरा सपना अधूरा, तीन साल से कहीं नहीं गई मां अनिता कंवर ने बताया कि डिंपल के पिता चाहते थे कि बेटी अपने परिवार का नाम रोशन करे। एक दिन उसे, उसके पिता ने कहा कि मेरा सपना है कि तू डॉक्टर बने। तब डिंपल ने कहा- मैं इसे जरूर पूरा करूंगी। डिंपल ने पिछले 10 दिनों में 3 एग्जाम क्रैक कर चुकी है। हाल में एम्स नर्सिंग एग्जाम में डिंपल की ऑल इंडिया 379 रैंक थी। इसके अलावा आरयूएचएस नर्सिंग एग्जाम भी क्लियर किया और यहां 85 प्रतिशत नंबर हासिल किए। जब पिता को पता चला तो, कहा- मेरा सपना अब भी अधूरा है। गुरुवार, 16 जुलाई को नीट का रिजल्ट आया, तब डिंपल के पिता ऑफिस से घर आए ही थे। बेटी के सिलेक्शन पर वे भावुक हो गए। बोले- ‘अब मेरी बेटी ने मेरा सपना पूरा किया है।’ टीचर बोले- नीट पेपर लीक के बाद बच्चे डिप्रेशन में थे NEET-UG 2026 क्रैक करने वालों में कुछ स्टूडेंट वे भी हैं, जो पेपरलीक की खबरों के बाद डिप्रेशन में आ गए थे। ऐसे में टीचर्स के सामने बच्चों को दोबारा तैयारी करवाना सबसे बड़ा चैलेंज था। साइंस फैकल्टी के डॉ. अमराराम पटेल ने बताया- बच्चों को डिप्रेशन से निकालना बहुत जरूरी था। इसके लिए हम बच्चों के घर तक गए। वहां उनके साथ उनके पेरेंट्स को समझाया कि उन्हें एक चांस और मिला है। यदि नंबर कम आए तो दूसरा मौका है कि कैसे इसे सुधार सकते हैं। इसके बाद इन बच्चों को लगातार कोचिंग दी गई। बच्चों को ऐसा न लगे कि वे अकेले हैं तो एग्जाम के दिन भी उन्हें सेंटर तक छोड़ने गए थे। --- ये खबर भी पढ़िए- दो भाइयों ने एक साथ क्लियर किया NEET:जयपुर के उपलक्ष्य की तीसरी रैंक, बोले- खुद को रिफ्रेश करने के लिए कॉमेडी शो देखता था नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने गुरुवार रात NEET-UG 2026 का रिजल्ट जारी किया। जयपुर के उपलक्ष्य गोयल ने देशभर में तीसरी रैंक और अलवर के गौरव सिंह ने 9वीं रैंक हासिल की। (पढ़िए पूरी खबर)
एटा में ट्रैक्टर से कुचलकर युवक की मौत:खेत से काम कर लौटते समय हुआ हादसा; मेडिकल कॉलेज में तोड़ा दम
एटा में खेत से काम कर लौट रहे 32 वर्षीय युवक की ट्रैक्टर की चपेट में आने से मौत हो गई। हादसे में गंभीर रूप से घायल युवक को शुक्रवार देर शाम वीरांगना अवंती बाई मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया और मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतक की पहचान हाथरस जिले के सिकंदराराऊ थाना क्षेत्र के बीसी गुलाबपुर निवासी प्रशांत (32) पुत्र जयप्रकाश के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, प्रशांत खेतों से काम करके वापस लौट रहा था। इसी दौरान वह ट्रैक्टर की चपेट में आ गया और गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना से जुड़ी 3 तस्वीरें देखें.. पुलिस ने शुरू की जांचहादसे की सूचना मिलते ही परिजन एटा स्थित मोर्चरी पहुंचे। प्रशांत अपने पीछे पत्नी और दो छोटे बच्चों को छोड़ गया है। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। कोतवाली नगर प्रभारी धर्मेंद्र पवार ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। शव का शुक्रवार रात पोस्टमार्टम कराया गया है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।
कोटा में प्रशासन और आमजन के बीच संवाद का काम कर रहे ‘भास्कर समाधान’ पर लोगों का भरोसा लगातार मजबूत होता जा रहा है। लोगों की भेजी समस्याओं के समाधान होने से प्रशासन और आमजन के बीच भी विश्वास बढ़ा है। शहर के अलग–अलग वार्डों में नालियों की सफाई, बिजली के उलझे तार और स्ट्रीट लाइट से जुड़े समाधान प्रमुख हैं। खराब स्ट्रीट लाइट्स का समाधान करवा कर वार्ड 81 के निवर्तमान पाषर्द सुरेन्द्र राठौर आज 'पब्लिक के स्टार' बने हैं। एक नजर उन समाधानों पर जिसने लोगों को राहत देने का काम किया… एक पोस्ट से मिला गंदगी से छुटकारा कोटा के रंगबाड़ी की कृष्णा नगर कॉलोनी से प्रियंका ने जाम नालियों की समस्या और सफाई न होने का मुद्दा उठाया था। उन्होंने अपनी पोस्ट में बताया कि जैन मंदिर वाली गली के आखिर में घर के पास बने खाली प्लॉट में गंदगी, जलभराव और झाड़ियों के कारण संक्रमण और मौसमी बीमारियों का खतरा बना हुआ है। जाम नालियों से निकासी नहीं होने के कारण समस्या और बढ़ गई है। मामला ‘भास्कर समाधान’ पर पोस्ट होने के बाद वार्ड के जमादार ने सफाई करवा समाधान कर दिया। 24 घंटे में बिजली के उलझे तारों को हटाया भुवनेश गुप्ता ने तलवंडी सर्किल से जवाहर नगर लिंक रोड पर बिजली के उलझे तारों की समस्या पोस्ट की थी। उन्होंने बताया कि सड़क और चौराहे पर नीचे तक लटके झूलते ये तार मानसून में किसी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं। इस सड़क से रोज हजारों लोग, स्कूली बच्चे गुजरते हैं। ऐसे में कभी भी कोई अप्रिय घटना हो सकती है। मामला सामने आने के बाद संबंधित विभाग ने 24 घंटे में समस्या का समाधान कर दिया। पार्षद सुरेन्द्र राठौर बने 'पब्लिक के स्टार' कपिल कुमार ने रावतभाटा रोड, घोड़े बाबा सर्किल, गुमानपुरा से स्ट्रीट लाइट खराब होने की समस्या पोस्ट की थी। उन्होंने लिखा था कि स्ट्रीट लाइट खराब होने से उनकी गली में लंबे समय से अंधेरा छाया हुआ है। लोगों को आवाजाही में परेशानी होती है। ‘भास्कर समाधान’ पर समस्या पोस्टहोने के बाद वार्ड 81 के निवर्तमान पार्षद सुरेन्द्र राठौर ने संबंधित विभाग के कर्मचारियों की मदद से खराब लाइट का समाधान कर स्थानीय लोगों को अंधेरे से राहत दिलाई है। एप से लोगों को मिल रहा समाधान अपने क्षेत्र की समस्याएं पोस्ट कर यूजर विभागों और जिम्मेदारों को जमीनी हकीकत बता रहे हैं और अधिकारी अपनी टीम से उसका समाधान भी करवा रहे हैं। आप भी अपने क्षेत्र, वार्ड, सेक्टर, गांव या गली की समस्या हमें पोस्ट कर सकते हैं। भास्कर एप पर अपनी समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक कीजिए… अब उन समस्याओं पर एक नजर जिनके समाधान प्रक्रियाधीन हैं… 300 मीटर कच्चा रोड, बारिश में हो जाता बंद कोटा के मुकुन्दरा विहार से रोझड़ी की तरफ जाने वाले मुख्य सड़क की समस्या अनिल शर्मा ने पोस्ट की है। उन्होंने लिखा कि मुकुन्दरा विहार को जोड़ने वाले इस मुख्य सीसी रोड का 300 मीटर हिस्सा कच्चा ही पड़ा हुआ है। हल्की सी बारिश में भी यहां कीचड़ हो जाता है जिससे यह रास्ता बंद हो जाता है। कई बार बाइक सवार फिसलकर चोटिल हो जाते हैं। छोटी संकरी नालियां बनी परेशानी केशवपुरा सेक्टर 6 से विजेश नागर ने नालियों से जुड़ी समस्या शेयर की है। उन्होंने ‘भास्कर समाधान’ पर लिखा कि कॉलोनी में नालियां छोटी होने के कारण निकासी ठीक से न होने पाने के कारण नालियों में गंदा पानी भरा रहता है। इससे पानी वापस घरों में आ रहा है और दुर्गंध फैल रही है। ओवरफ्लो होकर पानी गलियों में भी भरने लगता है। अंधेरे में आने–जाने को मजबूर बीना सूर्यवंशी ने दादाबाड़ी से खराब स्ट्रीट लाइट की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने बताया कि उनके क्षेत्र रावतभाटा रोड, दुर्गानगर में कई दिनों से स्ट्रीट लाइट खराब है। लोग शाम होने पर अंधेरे में आने–जाने को मजबूर हैं। बरसात में जहरीले जीव–जंतुओं का भी खतरा रहता है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभाग से समाधान की अपील की है। जलकुम्भी से भरा चंबल घाट कोटा के किशोरपुरा एलिवेटेड रोड से भानु प्रिया द्विवेदी ने चंबल घाट पर जलकुम्भी और गंदगी की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने लिखा कि चंबल नदी पर किशोरपुरा एलिवेटेड रोड के पूर्वोत्तर में बने चंबल घाट की सफाई नहीं होने से यहां जलकुम्भी से पूरा घाट भर गया है। पास की बकरा मंडी का वेस्टेज भी चंबल नदी में डाला जा रहा है। गंदगी के कारण निकास भी नहीं हो पा रही है। पब्लिक की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। ‘भास्कर समाधान’ की ये खबरें भी पढ़िए… 1.*'भास्कर समाधान' में सुरेन्द्र बने 'पब्लिक के स्टार':* निगम को मृत गाय उठाने की फुर्सत नहीं, जाम ड्रेनेज सिस्टम से कॉलोनी परेशान 2.*'भास्कर समाधान': आपकी समस्या एक पोस्ट में हल:* कोटा में टूटी सड़क, बिजली और गड्ढे बड़ी समस्या, 15 दिन पुराना गड्ढा भरा, प्लॉट का कचरा उठा 3.*'भास्कर समाधान' पर प्रेमचंद बने 'पब्लिक के स्टार':* जिस नाले में गिरा बछड़ा, उसे अब तक नहीं ढका, पार्किंग में स्टॉल लगाई, गाड़ी भी नहीं खड़ी करने देते 4.*पार्षद तबस्सुम बनीं 'पब्लिक की स्टार':* पार्क में टूटे झूले, ग्राउंड पर कचरा, कहां खेलें नौनिहाल, 15 दिन से नहीं हटाया रास्ते पर गिरा पेड़ 5. *कोटा में रोड लाइट और नाली की समस्या का समाधान:* जर्जर मकान, कचरा और अधूरी नाली से बढ़ी परेशानी, अरुण झावा बने आज के 'स्टार ऑफिसर' 6. *भास्कर समाधान: बंद स्ट्रीट लाइट का हुआ समाधान:* झूलते बिजली के तार, अधूरी सड़क-नाली जैसी समस्याओं से परेशान लोग, धर्मेंद्र कुमार बने आज के 'स्टार ऑफिसर' 7. *हैल्थ इंस्पेक्टर मनोज बने 'स्टार ऑफिसर':* नयागांव में लगी रोड लाइट, बोरखेड़ा में साफ हुई नालियां; मगरमच्छ और बंद वॉटर कूलर जैसी समस्या अब भी लंबित
आगरा में शनिवार सुबह बादल छाने के साथ बूंदाबांदी हुई। हालांकि उमस भरी गर्मी से ज्यादा राहत नहीं मिली है। दिन में भी एक या दो बार बूंदाबांदी या बारिश होने की संभावना है। रविवार को भी बादल छाए रहेंगे। 20 जुलाई से 4 दिन तक रुक-रुक बारिश के आसार हैं। 21 जुलाई को भारी तूफान और बारिश को लेकर मौसम विभागने अलर्ट किया है। शुक्रवार को भीषण उमस के बाद शनिवार सुबह हल्की बूंदाबांदी हुई। आगरा में मानसून जोर नहीं पकड़ पा रहा है। हालांकि अब तक सामान्य से 22 फीसदी अधिक बारिश रिकॉर्ड की जा चुकी है। बारिश कम होने की वजह से उमस काफी बढ़ी हुई है। गर्मी से लोगों का हाल बेहाल हो रहा है। शुक्रवार को थी भीषण उमस शनिवार सुबह बूंदाबांदी हुई। मगर, इससे उमस से राहत नहीं मिली है। शुक्रवार को आगरा में भीषण गर्मी रही। तापमान एक बार फिर से 37 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। रात भी गर्मी अपना असर दिखा रही है। मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार को अधिकतम तापमान 37.5 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 29.9 डिग्री सेल्सियस रहा, जोकि सामान्य से 2.1 डिग्री सेल्सियस अधिक है। जबकि गुरुवार को अधिकतम तापमान 37.7 डिग्री सेल्सियस और 27.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। सामान्य से 22 प्रतिशत अधिक बारिश हुई मौसम विभाग के मुताबिक इस महीने एक जुलाई से 17 जुलाई के बीच जिले में 186.3 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है, जो सामान्य से 22 प्रतिशत अधिक है। मौसम विभाग के मुताबिक, शनिवार को बादल छाए रहेंगे। दिन में बारिश हो सकती है। रविवार को बादल छाए रहेंगे लेकिन बारिश के आसार नहीं हैं। 11 दिन में इस तरह बारिश हुई
अजमेर में ‘भास्कर समाधान’ पर पोस्ट शेयर होने के बाद दयानंद कॉलोनी की 20 साल पुरानी पेयजल समस्या का समाधान हो गया। वहीं अजमेर रोड स्थित नेहरु नगर में खरपतवार और कचरे की सफाई होने से रास्ता सुगम हुआ। अजमेर के अलग–अलग वार्डों से लोगों की भेजी हुईं अन्य समस्याओं के हल विभागीय समाधान की प्रक्रिया में हैं। पहले एक नजर उन समाधानों पर जिसने लोगों को राहत देने का काम किया… चीफ हैल्थ इंस्पेक्टर रमेश बने 'स्टार ऑफिसर' रघुवीर प्रसाद ने दयानंद कॉलोनी से 20 साल पुरानी पाइपलाइन की समस्या पोस्ट की थी। उन्होंने बताया था कि दयानंद कॉलोनी के अलावा, रामनगर और अजमेर कॉलोनी में भी पेयजल लाइन करीब दो दशक पुरानी हैं। इनमें मिट्टी भर गई है जिसकी वजह से सप्लाई के समय बहुत कम प्रेशर आता है। जलदाय विभाग में भी समस्या बताई थी लेकिन समाधान नहीं हुआ। पोस्ट के बाद अजमेर नगर निगम के मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी रमेश चौधरी ने समस्या का समाधान करवा कॉलोनी वालों को राहत पहुंचाई है। पोस्ट के बाद हुई झाड़ियों की सफाई करणी विहार से नरपत सिंह रावत ने अजमेर रोड स्थित नेहरु नगर से खरपतवार और जंगली झाड़ियों की समस्या शेयर की है। उन्होंने ‘भास्कर समाधान’ पर अपनी पोस्ट में लिखा कि सड़क पर दोनाें ओर झाड़ियां उगी हुई हैं। वाहन चालकों को सामने से आता वाहन स्पष्ट दिखाई नहीं देता और जंगली जानवरों का भी खतरा बना रहता है। निगम के कर्मचारी भी इस पर ध्यान नहीं देते। समस्या सामने आने के बाद संबंधित वार्ड के निगम कर्मचारियों ने साफ–सफाई करवाकर समाधान कर दिया है। एक नजर उन समस्याओं पर भी जिनका समाधान अभी विभागीय प्रक्रिया में हैं… जेएलएन ईएनटी वार्ड में एसी खराब अजमेर शहर के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल जेएलएन हॉस्पिटल के ईएनटी वार्ड की समस्या जागरूक यूजर सुशील कुमार ने भेजी है। भास्कर से बातचीत में उन्होंने बताया कि बीते दो दिन से उनके बेड का एसी काम नहीं कर रहा है। कर्मचारियों से पूछने पर उन्होंने कहा कि सभी एसी खराब हैं। ऑपरेशन के लिए भर्ती मरीजों को उमस और गर्मी में परेशान होना पड़ रहा है। अस्पताल प्रशासन इस समस्या का समाधन करवाए। 10 महीने से नाली बनने का इंतजार अजमेर के वार्ड 39 की विकास नगर कॉलोनी की गली नंबर एक से नीरज सक्सेना ने सीवरेज से जुड़ी समस्या पोस्ट की है। उन्होंने कहा कि एरिया में सीवरेज लाइन डाले 10 महीने हो गए। लेकिन आज तक उनकी गली में एक भी कनेक्शन नहीं किया गया है। घरों से निकलने वाले पानी की समुचित निकासी न होने से पानी घर के बाहर नालियों में जमा हो रहा है। गवर्नमेंट पॉलीटेक्निक कॉलेज का बरसात का सारा पानी भी कॉलोनी की तरफ ही आता है। पंचशील कॉलोनी में बंदरों का भय अजमेर की पंचशील कॉलोनी से गोविंद प्रसाद दुबे ने बंदरों के झुंड की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने लिखा कि ब्लॉक बी के राजीव सर्किल एरिया में लाल मुंह के बंदरों का आतंक है। घर के सामान जैसे कपड़े फाड़ देना, पानी की टंकी और पाइप तोड़ना, केबल-इंटरनेट की तार, डिश्मेंश एंटीना में तोड़–फोड़ करना, बच्चों को काटना, बुजुर्गों और महिलाओं पर हमला करना आए दिन की घटनाएं हैं। 181 पर भी शिकायत की लेकिन समाधान नहीं हुआ। अम्बे नगर में बेसहारा कुत्ताें का डर अजमेर के अम्बे विहार से सतीश वर्मा ने बेसहारा कुत्तों की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने लिखा कि स्थानीय बी.के. कौल नगर में 50 से 60 कुत्तों का झुंड गली, रास्तों और पार्क के आसपास डेरा डाले रहते हैं। कुछ तथाकथित पशु प्रेमी इन्हें खाना डालकर और शह दे रहे हैं। ये आते–जाते स्कूली बच्चों, महिलाओं और बाइक सवार लोगों पर हमला कर उन्हें काट लेते हैं। संपर्क पोर्टल पर भी शिकायत कर चुके लेकिन कोई समाधान नहीं हो रहा। एप से लोगों को मिल रहा समाधान समस्याएं पोस्ट कर यूजर विभागों को जमीनी हकीकत बता रहे हैं और अधिकारी अपनी टीम से उसका समाधान भी करवा रहे हैं। आप भी अपने क्षेत्र, वार्ड, सेक्टर या गांव की समस्या हमें पोस्ट कर सकते हैं। भास्कर एप पर अपनी समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक कीजिए… पब्लिक की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। 'भास्कर समाधान' से जुड़ीं ये खबरें भी पढ़िए… 1.‘भास्कर समाधान’: अधिकारियों तक सीधे पहुंच रही समस्या:नलों से आ रहा बदबूदार पानी, सीवर ओवरफ्लो, आश्रम क्षेत्र में बच्चों को काट रहे बेसहारा कुत्ते 2.भास्कर समाधान का असर; बेसहारा पशुओं की समस्या का निस्तारण:हाईटेंशन लाइन और पानी लीकेज से लोग परेशान, देवेन्द्र सिंह बने आज के 'स्टार ऑफिसर' 3.‘भास्कर समाधान’: अधिकारी खुद करवा रहे सॉल्यूशन:दरगाह बाजार में नहीं सुधर रही सफाई व्यवस्था, 6 महीने से खराब हैंडपंप 4.कब होगी पानी की सप्लाई, मोबाइल पर मिलेगा अपडेट:‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट में समस्या सामने आने के बाद SE ने दिए निर्देश 5.अजमेर में 'भास्कर समाधान' पर उठी आवाज:पानी, सफाई और जलभराव की समस्याओं से जूझ रहे लोग, कई शिकायतों के बाद मिली राहत 6.‘भास्कर समाधान’, अधिकारी खुद सुलझा रहे समस्या:10 दिन से स्ट्रीट लाइट बंद, नालियां जाम, घर के आगे ठेले खडे़ कर रहे सफाई कर्मचारी, सड़क बनने का इंतजार 7.‘भास्कर समाधान’, सरकारी विभाग आए एक्शन में:अधिकारी खुद कर रहे मॉनिटरिंग, 4 महीने से स्ट्रीट लाइट खराब, सफाई नहीं हो रही, पुलिया के नीचे सड़क जर्जर
‘भास्कर समाधान’ पर आई शिकायतों के बाद जोधपुर में एक ही दिन में जाम सीवरेज लाइन, बार–बार पॉवर कट और कचरा संग्रहण जैसी प्रमुख समस्याओं का समाधान हुआ। जोधपुर डिस्कॉम कॉल सेंटर के एग्जिक्यूटिव महिपाल सिंह आज 'पब्लिक के स्टार' बने। पहले एक नजर उन समाधानों पर जो अधिकारियों की कोशिशों से संभव हुए… महिपाल सिंह बने 'पब्लिक के स्टार' रूपाराम ने हेमनगर से बिजली विभाग से जुड़ी समस्या पोस्ट की थी। उन्होंने लिखा था कि कॉलोनी में जिस ट्रांसफॉर्मर से हमारी गली के 15–20 घरों में कनेक्शन दिया हुआ है वहां कनेक्शन लूज होने के कारण आए दिन बिजली चली जाती है। कभी पॉवर कम आती है कभी स्पार्किंग की समस्या बनी रहती है। कम्प्लेंट के बावजूद कई घंटों तक फॉल्ट नहीं सुधारा जाता। समस्या सामने आने के बाद जोधपुर डिस्कॉम कॉल सेंटर के एग्जिक्यूटिव महिपाल सिंह ने इसका समाधान करवा पोस्ट पर जानकारी भी शेयर की है। 10 दिन से जाम सीवरलाइन सुधारी जोधपुर शहर के वार्ड 84 स्थित अजय चौक से राजवीर सिंह ने 10 दिन से सीवरलाइन जाम होने की समस्या पोस्ट की थी। उन्होंने लिखा था कि निगम के अधिकारियों को स्थानीय लोगों की ये परेशानी नजर नहीं आ रही है। ‘भास्कर समाधान’ पर इस समस्या के पोस्ट होने के बाद चीफ हैल्थ इंस्पेक्टर नरेश बरासा और वार्ड इंचार्ज रजनीश चांगड़ा और जमादार सलाउद्दीन भाटी ने मौके पर खड़े रहकर इसका समाधान करवाया। शिकायतकर्ता राजवीर ने खुद यह जानकारी शेयर की है। अब नियमित कचरा उठा रही गाड़ी सूरसागर रोड स्थित कबीर नगर से दिलीप सिंह सोलंकी ने कचरे वाली गाड़ी के नियमित न आने और सफाई न होने की समस्या पोस्ट की थी। उन्होंने लिखा था कि टूटी रोड के चलते निगम की कचरा गाड़ी नियमित रूप से कचरा लेने नहीं आती। इस समस्या के पोस्ट होने के बाद वार्ड संख्या 5 के सफाई प्रभारी राजकुमार ने गाड़ी चालक और सफाईकर्मी को पाबंद कर सफाई करवाई। अब गाड़ी नियमित रूप से कचरा लेने आ रही है। अब एक नजर उन समस्याओं पर भी जिनका समाधान अभी प्रक्रिया में हैं… सीवरेज चोक, गली में फैली गंदगी जोधपुर के वार्ड 33 (दक्षिण) की मिल्कमैन कॉलोनी की गली नंबर 5 से पूर्व पार्षद डॉ. संजू सोलंकी ने सीवरेज लाइन चोक होने की समस्या हमें पोस्ट की है। उन्होंने लिखा कि लूणी पंचायत समिति की सामने वाली गली, पाल रोड में सीवरेज लाइन 10 दिनों से चोक पड़ी है। इससे चैम्बर से गंदगी बहकर पूरी गली और मुख्य रास्ते पर जमा हो रही है। लोगों को महादेव मंदिर और बच्चाें को स्कूल जाने में भी असुविधा हो रही है। इस समस्या का जल्द समाधान करवाएं। मेनहोल का ढक्कन धंसा, फैली गंदगी जोधपुर के मण्डोर रोड, खेतनाड़ी से ‘भास्कर समाधान’ पर जयदीप माहेश्वरी ने मेनहोल से जुड़ी समस्या पोस्ट की है। उन्होंने लिखा कि बीते 10 दिन से सीवरेज चैम्बर का मेनहोल लीक हो रहा है। धंसने की वजह से गहरा गड्ढा भी बन गया है जिससे दोपहिया वाहन चालकों को परेशानी होती है। दुर्गंध और गंदगी के कारण लोगाें को असुविधा हो रही है। निगम के कर्मचारी भी सुनवाई नहीं कर रहे हैं। इस समस्या का समाधान करवाएं। खुली डीपी से राहगीरों को खतरा सांगरिया सालावास के एम्स रोड के बासनी से कॉलोनी वालों ने सामूहिक रूप से एरिया में खुली डीपी की समस्या पोस्ट की है। पोस्ट में लिखा है कि सांगरिया धाम कांटा के पास एक बिजली की डीपी का बाॅक्स खुला हुआ है। इससे कोई भी बेसहारा पशु, राहगीर और स्कूली बच्चे करंट की चपेट में आ सकते हैं। बरसात में पानी भरने से इस डीपी से करंट फैलने का डर भी है। इस समस्या का समाधान करवाएं। स्ट्रीट लाइट बंद, पास के घर में चोरी यूआईटी कॉलोनी, प्रतापनगर से संदीप नाथ ने डेढ़ महीने से स्ट्रीट लाइट न होने की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने लिखा कि कॉलोनी के एच सेक्टर में मकान नंबर एच–155 के सामने लगे पिलर पर बीते एक–डेढ़ महीने से स्ट्रीट लाइट्स बंद हैं। वहीं एक अन्य पिलर पर लगी दो लाइट्स भी काफी समय से बंद हैं। कॉलोनी के लोग कई बार निगम को इसकी शिकायत कर चुके हैं लेकिन अभी तक इन्हें ठीक नहीं किया गया है। इस पिलर के साथ वाले घर में चोरी भी हो चुकी है। एप से लोगों को मिल रहा समाधान समस्याएं पोस्ट कर यूजर विभागों को जमीनी हकीकत बता रहे हैं और अधिकारी अपनी टीम से उसका समाधान भी करवा रहे हैं। आप भी अपने क्षेत्र, वार्ड, सेक्टर या गांव की समस्या हमें पोस्ट कर सकते हैं। भास्कर एप पर अपनी समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक कीजिए… पब्लिक की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। ये खबरें भी पढ़िए… 1.भास्कर समाधान: लो वोल्टेज की समस्या का हुआ समाधान:सीवर ओवरफ्लो, झुके ट्रांसफॉर्मर, गंदगी से भरी नहर और जर्जर सड़कों की समस्याएं आई सामने 2.नांदड़ा कलां में तीन साल पुरानी बिजली समस्या का समाधान:जर्जर सड़क, क्षतिग्रस्त सीवरेज लाइन और कचरे के ढेर से लोग परेशान 3.भास्कर समाधान : सीवरेज पाइपलाइन की रुकावट हुई दूर:गंदगी और जलभराव से राहत की उम्मीद, भास्कर समाधान पर उठी जनता की आवाज 4.जोधपुर में बिजली विभाग और डिस्कॉम का एक्शन:दो बड़ी समस्याओं का हुआ स्थाई समाधान, एग्जीक्यूटिव कुंदन बने 'पब्लिक के स्टार 5.जोधपुर के लक्ष्मण नगर में सीवर ब्लॉकेज खुला:जुनावो की ढाणी को मिली बिजली-पानी के संकट से मुक्ति, डिस्कॉम के सूर्यभान बने ‘पब्लिक के स्टार’ 6.भास्कर समाधान: कचरा हटा, रोड लाइट चालू; लोगों को राहत:गंदे पानी, जाम सीवर और खुले चैंबर की समस्या, दिव्या दैया बनी आज की ‘स्टार ऑफिसर’ 7.'भास्कर समाधान' पर एक पोस्ट से हल:3 साल से 500 घर जी रहे अंधेरे में, सरकारी पाइपलाइन पर लगाए अवैध वॉल्व, सप्लाई में आ रहा गंदा पानी 8.भास्कर समाधान, कई दिनों से बंद पड़ी स्ट्रीट लाईट चालू:अजमेर में कहीं गंदा पानी, कही पेयजल संकट, सड़क और सीवरेज समस्याओं से जूझ रहे लोग 9.‘भास्कर समाधान’: एक पोस्ट से मिल रहा हल:अजमेर में अधिकारी शिकायतों पर ले रहे एक्शन, यूजर बोले 25 साल से नालियां ठीक नहीं हुईं तो दरगाह बाजार का 15 दिन से गड्ढा 10.‘भास्कर समाधान’: समस्याओं का हल एक पोस्ट से:अधिकारी शिकायतों का खुद करवा रहे समाधान, अजमेर में नाली, सफाई और पानी सबसे बड़ी बुनियादी समस्या
दैनिक भास्कर की मुहिम 'भास्कर समाधान' जनता की समस्याओं को दूर करने का एक बड़ा जरिया बन रही है। जयपुर के रामगंज बाजार में दुकान नंबर 26 के बाहर महीनों से हो रहे पानी के लीकेज और जलभराव की समस्या को निवर्तमान मेयर कुसुम यादव ने तुरंत कार्रवाई कर सुलझा दिया है, जिसके बाद वे 'पब्लिक की स्टार' बन गई हैं। इसके अलावा, झालाना डूंगरी के शेखावत नगर और सांगानेर के दादू दयाल नगर में सीवर ओवरफ्लो की गंदगी को दुरुस्त किया गया है, साथ ही शिकारपुरा रोड पर नीचे लटकते बिजली के खतरनाक तारों को भी ठीक कर दिया गया है। हालांकि, सोडाला, जयसिंहपुरा खोर, ढेर के बालाजी और आगरा रोड पर पानी-सड़क-सीवर की कुछ अन्य समस्याओं के समाधान की आस अभी भी बनी हुई है। (आमजन से जुड़ी जनसमस्या और शहर की जमीनी हकीकत को पोस्ट करने के लिए यहां क्लिक करें।) पाइपलाइन में लीकेज की समस्या खत्मजयपुर के रामगंज बाजार के रहने वाले अमित ने कुछ समय पहले 'भास्कर समाधान' पर पानी की पाइपलाइन में लीकेज की समस्या पोस्ट की थी। जिसमें उन्होंने लिखा था कि दुकान नं 26 के बाहर पानी में लीकेज होने के कारण लोगों को पानी नहीं मिल पा रहा था और रोड पर भी जलभराव हो रहा था। समस्या पोस्ट होने के बाद निवर्तमान मेयर से मामले में कार्रवाई कर समाधान करवा दिया है। कुसुम यादव बनीं 'पब्लिक की स्टार'रामगंज बाजार के रहने वाले अमित ने पाइपलाइन में लीकेज की समस्या पोस्ट की थी। जिसपर निवर्तमान मेयर कुसुम यादव ने कार्रवाई कर समाधान करवा दिया है। दरअसल, कुछ समय पहले अमित ने बताया था कि लाइन में लीकेज से काफी समस्या हो रही थी। सीवर का पानी सड़क की बहने की समस्या का समाधानझालाना डूंगरी के शेखावत नगर से नीर सिंह ने सीवर का पानी सड़क की बहने की समस्या के बारे में लिखा था। उन्होंने बताया था कि सीवर लाइन कई दिनों से बह रही थी। पूरी रोड पर गंदगी हो रही थी। हालांकि, समस्या पोस्ट होने के बाद संबंधित विभाग ने कार्रवाई कर समाधान करवा दिया है। दादू दयाल नगर में दुरुस्त हुई सीवर लाइनसांगानेर क्षेत्र के वार्ड नं 56 से मुकेश शर्मा ने भी लिखा था कि दादू दयाल नगर में सीवर का पानी रोड पर ओवरफ्लो हो रहा है, जिसके कारण लोगों तो गंदगी में रहना पड़ रहा था। राहत की खबर है कि समस्या सामने आने पर विभाग हरकत में आया और समाधान करवा दिया है। शिकारपुरा रोड से सामने आई समस्या पर हुआ एक्शनसांगानेर क्षेत्र की शिकारपुरा रोड के रहने वाले गोवर्धन सैनी ने बिजली के तारों के मामले में पोस्ट किया था। उन्होंने लिखा था कि बिजली के तार रोड पर काफी नीचे की तरफ थे। जिससे लोगों को करंट लगने के डर बना हुआ था, हालांकि समस्या पोस्ट होने के बाद विभाग ने कार्रवाई की और समाधान करवा दिया है। अभी भी कुछ समस्याओं पर कार्रवाई की आस... सड़क पर बह रहा सीवर का पानीजयपुर शहर के सोडाला में स्थित स्वेज फार्म से सुमित कंदोई ने दैनिक भास्कर के 'भास्कर समाधान' पर सीवर लाइन चोक होने की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने लिखा कि लाइन चोक होने से गंदा पानी रोड पर बह रहा है। जिसके कारण वहां से गुजरने वालों को काफी परेशानी हो रही है। लोगों को गंदगी से गुजरना पड़ रहा है। सिर्फ 3 गलियां छोड़ सभी जगह बन रही सड़कजयसिंहपुरा खोर के रोहित नगर 5 से मुकेश जैन ने सड़क से संबंधित समस्या पोस्ट की है। उन्होंने लिखा कि इलाके में रोड बनाने का काम चल रहा है। जिसमें से 6 गलियों में तो रोड बनाई जा रही है, लेकिन सिर्फ 3 गलियां छोड़ दी गई है। लोगों को ये कहकर टाल दिया गया कि अभी इन गलियों का टेंडर पास नहीं हुआ है इसीलिए यहां सड़क नहीं बनाई जाएगी। ढेर के बालाजी से सामने आई गंदगी की समस्या ढेर के बालाजी पथ नं 3 निवासी हर्ष ने 'भास्कर समाधान' पर साफ-सफाई न होने के बारे में समस्या पोस्ट की थी। जिसमें उन्होंने लिखा था कि गली में सफाई करने कोई भी नहीं आता है। कई बार मामले में शिकायत भी की है लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं हुआ है। लोगों ने मांग की है कि समस्या का समाधान किया जाए। विनायक एनक्लेव से पास से सामने आई पानी की समस्याआगरा रोड के जामडोली में विनायक एनक्लेव से पास रहने वाले अंकित गुप्ता ने पानी की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने लिखा कि पिछले 1 महीने से पीने का पानी नहीं आ रहा है। लोगों को बताया जा रहा है कि बीसलपुर की टंकी के वॉल में कुछ खराबी होने के कारण ये समस्या बनी हुई है। लोगों का कहना है कि इस समस्य़ा का जल्द समाधान किया जाए। पब्लिक की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। ये खबरें भी पढ़िए… भास्कर एप से समस्याओं के समाधान की ये खबरें भी पढ़िए… 1.झोटवाड़ा और शास्त्री नगर में जनता परेशान:आगरा रोड और मांग्यावास को मिली बड़ी राहत, पार्षद और निगम के एक्शन से कई इलाकों में समाधान 2.जयपुर में जनसमस्याओं पर तुरंत एक्शन:लापरवाही के खिलाफ धरातल पर दिखा बड़ा असर, निवर्तमान पार्षद मनोज मुदगल की तत्परता से बड़ी कार्रवाई 3.शास्त्री नगर में मनोज मुदगल ने करवाई सफाई:जयपुर के कई इलाकों से हटा कचरा, तो कई जगहों पर सीवर और गंदगी से जूझ रहे लोग 4.एईएन हिमांशु शर्मा बने 'स्टार ऑफिसर':जलभराव, हाईमास्ट और स्ट्रीट लाइट की समस्याएं सुलझीं; ESI डिस्पेंसरी की परेशानी बरकरार 5.जयपुर में अधूरी सड़कें और खतरनाक पेयजल का संकट:काना विहार से लेकर सिद्धार्थ कॉलोनी तक फैली अव्यवस्था, लोगों ने लगाई सुधार की गुहार 6.हनुमान वाटिका में 1 साल से टूटी रोड:मानसरोवर में बीच सड़क पर गैस पाइपलाइन का टैंक, पानी के संकट पर पार्षद शिव सोनी ने लिया एक्शन 7.कचरा, जलभराव और टूटी सड़कें बनी बड़ी समस्या:‘भास्कर समाधान’ पर उठी नागरिकों की आवाज, बनी पार्क और सांगानेर में हुआ समाधान 8.जयपुर में 'भास्कर समाधान' का असर:हरमाड़ा और विद्याधर नगर में चमकीं बंद पड़ी रोड लाइटें, शिकायत के महज 24 घंटे के अंदर जागा प्रशासन 9.जयपुर में कीचड़, धूल और अंधेरे से जनता परेशान:भास्कर समाधान से जनता को मिली राहत, शिकायत के बाद हरकत में आया प्रशासन 10.जयपुर में एक क्लिक पर खुली प्रशासन की नींद:टूटी पाइप लाइन ठीक, सुधरी स्ट्रीट लाइट; शहर के कई इलाकों में अब भी हाल बेहाल
'भास्कर समाधान' उदयपुर में स्थानीय समस्याओं के निस्तारण का एक सशक्त माध्यम बन रहा है। भुवाना में नेक्सस सेलिब्रेशन मॉल के पीछे हवा चलने पर बिजली लाइन में होने वाली खतरनाक स्पार्किंग को विद्युत विभाग ने दुरुस्त कर दिया है। वहीं, बेड़वास, प्रताप नगर की मेगा आवास योजना में सड़क किनारे जमा गंदगी की समस्या को नगर निगम के जोन-2 सुपरवाइजर महेंद्र कुमार जोड ने तुरंत साफ करवाया, जिसके लिए स्थानीय जनता ने उन्हें 'पब्लिक का स्टार' चुना है। दूसरी ओर, शहर में अब भी कई गंभीर समस्याएं प्रशासनिक कार्रवाई के इंतजार में हैं। रेलवे क्रॉसिंग सेक्टर-7 में खेत के बीचों-बीच झुका बिजली का पोल बड़े हादसे को न्यौता दे रहा है। पहाड़ा की लवली स्टेट कॉलोनी में करीब 23 खंभों की स्ट्रीट लाइटें बंद होने से अंधेरा पसरा है। इसके अलावा, नाकोड़ा नगर में नाला टूटने से जर्जर हुई सड़कें और सवीना खेड़ा के खाली प्लॉट में जमा कचरा व झाड़ियां स्थानीय निवासियों की परेशानी बढ़ा रही हैं। भास्कर एप पर अपनी समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक कीजिए… खेत में लगा बिजली का पोल एक तरफ झुकाउदयपुर शहर के रेलवे क्रॉसिंग के सेक्टर 7 से मुकेश मेनारिया ने दैनिक भास्कर के 'भास्कर सामाधान' पर बिजली का पोल झुका हुआ होने के बारे में लिखा है। उन्होंने पोस्ट कर बताया कि उनके खेत में पोल पूरी तरह से झुक गया है। जिसके कारण कभी भी गिर कर हादसा हो सकता है। इस मामले में कई बार शिकायत करने पर भी कोई समाधान नहीं हो रहा है। घरों के बाहर जर्जर रोड की समस्यानाकोड़ा नगर के चंद्र नगर निवासी हर्षवर्धन सिंह राव ने 'भास्कर समाधान' पर सड़क की समस्या के बारे में लिखा है। उन्होंने बताया कि उनके घर के बाहर रोड की हालत काफी खराब हो गई है। गली के मोड पर नाला टूटने की वजह से पूरी गली अब खराब लगने लगी है। लोगों की मांग है कि इलाके में रोड बनानी चाहिए। करीब 23 खम्भों पर लाइटें नहींउदयपुर के पहाड़ा क्षेत्र की लवली स्टेट कॉलोनी के रहने वाले पवन शर्मा ने स्ट्रीट लाइट की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने लिखा कि इलाके के लगभग 23 खम्भों पर लाइटें नहीं है। लोगों का कहना है कि इस मामले में शहरी शिविर में शिकायत उठाने के बाद भी समाधान नहीं हो रहा है। लाइटें बंद होने से पूरा इलाका सुनसान पड़ा रहता है। लंबे समय से कचरा भरा होने से कीड़ों का डरसवीना खेड़ा के C ब्लॉक निवासी ऐश्वर्य कुमार शर्मा ने खाली प्लॉट में भरे कचरे की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने बताया कि प्लॉट में लंबे समय से कचरा है। जिसमें बड़े-बड़े बबूल के पेड़ और झाड़ियां भी उग गई है। इसी के साथ आस-पास के लोगों को जंगली कीड़े-मकौड़ों का भी डर बना रहता है। इलेक्ट्रिक लाइन में स्पार्किंग की समस्या दूरउदयपुर के भुवाना में नेक्सस सेलिब्रेशन मॉल के पीछे स्थित कॉलोनी की इलेक्ट्रिक सप्लाई लाइन में हवा चलने पर लगातार स्पार्किंग हो रही थी। क्षेत्रवासी दिनेश कुमार नागदा ने 'भास्कर समाधान' पर इस गंभीर समस्या को पोस्ट करते हुए बड़े हादसे की आशंका जताई थी। समस्या पोस्ट होने के बाद विद्युत विभाग तुरंत एक्शन में आया और लाइन को दुरुस्त कर समस्या का स्थाई समाधान कर दिया। अब स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है। सड़क किनारे गंदगी जमा होने की समस्या खत्मउदयपुर के बेड़वास के प्रताप नगर इलाके से कैलाश जाट ने 'भास्कर समाधान' पर कुछ समय पहले सड़क किनारे गंदगी जमा होने की समस्या पोस्ट की थी। मामले में बताते हुए उन्होंने लिखा था कि इस जगह कोई सफाई नहीं करता था। ये समस्या भास्कर समाधान पर पोस्ट होने के बाद निगम जोन 2 के सुपरवाईजर ने समस्या हल कर लोगों को राहत दी है। महेंद्र कुमार जोड बने 'पब्लिक के स्टार'उदयपुर शहर के बेड़वास स्थित मेगा आवास योजना में गंदगी की समस्या भास्कर एप पर यूजर कैलाश जाट ने पोस्ट की थी। इस पर नगर निगम के जोन 2 के सुपरवाईजर महेंद्र कुमार जोड ने समस्या का समाधान कर उनको राहत दी। जिसके बाद क्षेत्र के लोगों में काफी खुशी देखने को मिली है। पब्लिक की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। ये खबरें भी पढ़िए… 1.उदयपुर में बंद लाइटें और कीचड़ से फूटा गुस्सा:आदिनाथ और महावीर कॉलोनी की जनता बेहाल, गोवर्धन कल्याण के प्रयासों से ठीक हुआ सीवर का ढक्कन 2.आम जनता की समस्याओं को मिला मंच:उदयपुर में सड़क पर फैला कीचड़ तो कहीं नालियां हुईं बंद, अधिकारियों को पाबंद कर वार्डों में शुरू कराया सफाई अभियान 3.उदयपुर में सड़क और रोड लाइटें हुई ठीक:कई इलाकों में अब भी गंदगी और झूलते तारों की समस्या, कनिष्ठ अभियंता रवि जैन बने ‘स्टार ऑफिसर’ 4.आठ साल पुरानी नाले की समस्या का हुआ समाधान:जनसमस्याओं पर कार्रवाई जारी, समाधान से लोगों को मिली राहत, प्रमोद कुमार बने आज के ‘स्टार ऑफिसर’ 5.उदयपुर में बुनियादी सुविधाओं की खुली पोल:सीवर और गंदगी की शिकायतों पर निगम ने दिखाया एक्शन, अजय घारू बने आज 'पब्लिक के स्टार' 6.उदयपुर में जलभराव और सीवर से मिली राहत:श्रीनाथ नगर और हिरण मगरी में दूर हुआ संकट, जमादार प्रकाश चंद्र बने ‘पब्लिक के स्टार’ 7.उदयपुर में बंद स्ट्रीट लाइटों से बढ़ी लोगों की चिंता:कहीं कचरे का अंबार, कहीं पानी-बिजली की मार, लाइनमैन आशीष मीणा बने आज के ‘पब्लिक के स्टार’ 8.उदयपुर में सड़क पर गड्ढे, नलों में सूखा:कॉलोनियों में बुनियादी विकास की खुली पोल, ऐप पर पोस्ट होते ही दौड़ा प्रशासन 9.उदयपुर में सड़कें बनीं आफत:गारियावास में छाया अंधेरा, प्रताप नगर में गैस पाइपलाइन के लिए खोदी सड़क छोड़ दी अधूरी 10.उदयपुर में जनता की आवाज का दिखा दम:कहीं 15 दिन बाद हटा कचरा तो कहीं दुरुस्त हुई पानी की टंकी
दैनिक भास्कर की 'भास्कर समाधान' पहल सीकर शहर की जनसमस्याओं के तुरंत समाधान के लिए मील का पत्थर साबित हो रही है। नवलगढ़ बाईपास के राघव विहार में सड़क न होने से उड़ती धूल की समस्या पर नगर परिषद के एईएन (AEN) विकास ने तत्काल संज्ञान लेकर नई सड़क का निर्माण करवा दिया है। उनके इस बेहतरीन कार्य के लिए क्षेत्रवासियों ने उन्हें आज का 'स्टार ऑफिसर' चुना है। वहीं, चांदपोल के हरि राम विहार मार्ग पर पिछले 15-20 दिनों से फैले कचरे को एईएन के निर्देश पर शिकायत के महज 1 घंटे के भीतर साफ करवा दिया गया। दूसरी ओर, शहर के कई इलाकों में अब भी समाधान का इंतजार है। स्टेशन रोड पर मारू मंदिर के पास जर्जर सड़क वाहन चालकों के लिए मुसीबत बनी है। पिपराली रोड के ज्योति नगर और कारीगर मोहल्ले में बंद स्ट्रीट लाइटों के कारण रात में अंधेरा रहता है, जिससे सुरक्षा का खतरा बना हुआ है। इसके अलावा, जयपुर रोड के गोकुलपुरा तिराहा पर नियमित कचरा गाड़ी न आने से लोग परेशान हैं। भास्कर एप पर अपनी समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक कीजिए… कारीगर मोहल्ले में लाइट की समस्यासीकर के कारीगर मोहल्ले से रहने वाले मोहम्मद आसिफ ने दैनिक भास्कर के 'भास्कर समाधान' पर स्ट्रीट लाइट की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने लिखा कि लाइट कई दिनों से बंद है। जिसके कारण रात में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। अंधेरे के कारण चोरी और असमाजिक तत्वों का भी खतरा बना रहता है। सड़क टूटने से वाहन चालक परेशानसीकर में स्टेशन रोड के मारू मंदिर के पास रहने वाले वैभव गुप्ता ने समस्या लिखी कि सड़क का कुछ हिस्सा काफी बुरी हालत में है। जगह-जगह से सड़क टूटने के कारण लोगों को वाहन चलाने में दिक्कत होती है और वाहनों को भी नुकसान पहुंचता है। लोगों ने नगर परिषद से की मांगसीकर शहर की जयपुर रोड के गोकुलपुरा तिराहा से कचरे की समस्या सामने आई है। क्षेत्रवासी डॉ. एन.के सैनी ने समस्या पोस्ट की है कि मानव सिटी रेजिडेंसी में कचरे की गाड़ी नहीं आती है। जिसके कारण लोगों को घरों ने निकला कचरा एक जगह जमा हो गया है। लोगों ने मांग की है कि नगर परिषद की कचरा गाड़ी भेजी जाए। गुरु कृपा हॉस्पिटल से गुरु कृपा कोचिंग तक अंधेरापिपराली रोड के ज्योति नगर से मंजू बावेजा ने लिखा कि गुरु कृपा हॉस्पिटल से गुरु कृपा कोचिंग जाने वाली रोड पर सभी लाइटें खराब है। स्ट्रीट लाइट खराब होने से पूरी रोड सुनसान रहती है। लोगों को वहां से गुजरने में काफी असुविधा होती है। साथ ही महिलाओं और बच्चों के लिए ये रास्ता सुरक्षित भी नहीं है। हरि राम विहार मार्ग पर 1 घंटे में हुई सफाईचांदपोल इलाके के हरि राम विहार मार्ग से सोनू सोनी ने कचरे की समस्या पोस्ट की थी। जिसमें लिखा था कि 15-20 दिनों से इस जगह कचरा पड़ा हुआ था। जिसे उठाने के लिए परिषद की तरफ से कोई भी नहीं आ रहा था। समस्या पोस्ट होने के 1 घंटे के अंदर ही इसका समाधान करवा दिया है। इस बारे में एईएन ने खुद पोस्ट पर कमेंट कर बताया है। राघव विहार में एक क्लिक पर बनाई गई सड़कशहर के नवलगढ़ बाईपास के राघव विहार से नाथू राम श्योरान ने सड़क की समस्या पोस्ट की थी। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा था कि उनकी कॉलोनी में रोड नहीं थी। हर दिन वाहनों के कारण धूल उड़ती थी। समस्या पोस्ट होने के बाद नगर परिषद AEN ने मामले में कार्रवाई करते हुए सड़क बनवाकर समाधान करवा दिया है। विकास बने आज 'स्टार ऑफिसर'सीकर के नवलगढ़ बाईपास से रोड न होने के बारे में समस्या पोस्ट हुई थी। जिसमें क्षेत्रवासी नाथू राम ने बताया था कि कॉलोनी में रोड न होने के कारण लोगों को बड़ी परेशानी हो रही थी। हालांकि समस्या पोस्ट होने के बाद नगर परिषद के AEN विकास ने तुरंत एक्सन लिया और रोड का निर्माण करवा दिया है। जिससे लोगों को बड़ी राहत मिली है। पब्लिक की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। ये खबरें भी पढ़िए…. 1.राघव विहार में सड़क निर्माण की समस्या का हुआ समाधान:शहर में सड़क, नाली, पेयजल, सीवर और बेसहारा पशुओं से जुड़ी कई समस्याएं सामने आई, अमित स्वामी बने आज के 'स्टार ऑफिसर' 2.भास्कर समाधान: एईएन विकास बने 'स्टार ऑफिसर':कचरे और स्ट्रीट लाइट की समस्य का हुआ समाधान, पानी, टूटी सड़क और नालियों का समाधान अभी बाकी 3.आनंद नगर में बिजली कटौती की समस्या का हुआ समाधान:नाली, सड़क, बिजली, पेयजल और पार्किंग से जुड़ी कई समस्याएं आई सामने, कई समाधानों पर काम जारी 4.भास्कर समाधान : जलभराव की समस्या से मिली राहत:सड़क, नाली और स्ट्रीट लाइट की परेशानी बरकरार, अमित स्वामी बने आज के 'स्टार ऑफिसर' 5.भास्कर समाधान : बिजली लाइन हुई ठीक, खतरा टला:सड़क, सफाई और स्ट्रीट लाइट की समस्याओं से लोग परेशान, वाजिद अली बने आज के 'स्टार ऑफिसर' 6.भास्कर समाधान: लगातार बिजली कटौती की समस्या का हुआ समाधान:सड़क, बिजली, पानी और सफाई की समस्याओं से लोग परेशान 7.भास्कर ‘समाधान’: शिकायत के बाद प्रशासन हुआ अलर्ट:गड्ढे, गंदगी और आवारा पशुओं से बढ़ी लोगों की मुश्किलें, अमित स्वामी बने आज के 'स्टार ऑफिसर' 8.सीकर में जनता की समस्याओं पर जागा प्रशासन:जर्जर सड़कें, सीवर और नंगे तारों की शिकायतों पर अधिकारियों ने की कार्रवाई 9.सीकर में बहानेबाजी पर भारी पड़ा ऐक्शन:कहीं सिस्टम की सुस्ती से बढ़ा खतरा, तो कहीं 'स्टार अफसर' ने दूर की जनता की परेशानी 10.भास्कर समाधान: पोस्ट करने के 4 घंटे में हुआ समाधान:सीवर समस्या सुलझी; नाला, जलभराव और आवारा पशु बने परेशानी, अमित स्वामी बने आज के ‘स्टार ऑफिसर’
प्रयागराज में वीडियो कॉलिंग के जरिये एक न्यूड लड़की से बातचीत कराके ठगी का मामला सामने आया है। पहले लड़की ने वीडियो कॉलिंग कर नग्न अवस्था में बातचीत शुरू की। कॉल ब्लाक करने पर लड़की ने 20 लाख रुपये की डिमांड की, न देने पर वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी। अब पुलिस अधिकारी की वर्दी पहने एक युवक जेल भेजने की धमकी देकर साढ़े सात लाख रुपये मांग रहा है। परेशान शख्स ने साइबर ठगों के खिलाफ केस दर्ज कराया हैं। ठगी का यह खेल एक लड़की फोसबुक आईडी से फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजकर शुरू किया गया। पुलिस ने आईडी के जरिये भावना शर्मा व अन्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानिये क्या है पूरा मामला प्रयागराज के काटजू बाग कॉलोनी में रहने वाले एक शख्स ने कर्नलगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। उसने पुलिस को बताया कि फेसबुक आईडी भावना शर्मा के माध्यम से उसके पास फ्रेंड रिक्वेस्ट आई जिसे उसने स्वीकार कर लिया। उसके बाद भावना शर्मा ने व्हाट्सएप नंबर मांगा। दोस्ती की नीयत से उसने नंबर दे दिया। इसके बाद 29 जून को लड़की ने कई वीडियो कॉल किए। वीडियो काल पर शुरू की तो लड़की एकदम नग्न दिखी। आपत्ति करने पर भी वह बात करती रही। इसके बाद मैंने फोन काट दिया। रिपोर्ट दर्ज कराने वाले शख्स का कहना है कि कुछ समय बाद व्हाट्सएप काल कर कहा कि वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर देंगे। जल्दी 20 लाख रुपये का इंतजाम करो। इतना कुछ होने के बाद 30 जून को उसका नंबर, सोशल मीडिया एकाउंट आदि ब्लाक कर दिया गया। एक जुलाई को दूसरे नंबर से कॉल आई। यह कॉल पुलिस अधिकारी की वर्दी पहने युवक की थी। वीडियो कॉल पर उसने खुद को अफसर बताया और कहा कि राहुल नामक के युवक ने उस वीडियो को अपलोड किया है। जल्दी से इसे डिलीट कराओ वरना दो लाख रुपये जुर्माना और 6 साल की जेल हो जाएगी। उस अफसर ने राहुल का मोबाइल नंबर आदि दिया। राहुल को काल किया गया तो उसने कहा कि वीडियो क्लिप डिलीट करने के लिए 7.5 लाख रुपए तुरंत जमा करने होंगे। इसके बाद से लगातार पुलिस अधिकारी बनकर धमकी दी जा रही है कि रुपये एकाउंट में डालो वरना जेल भेजा जाएगा।
उदयपुर की धानमण्डी थाना पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध हथियार के साथ एक हिस्ट्रीशीटर को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के पास से एक अवैध पिस्टल बरामद की है। पकड़ा गया बदमाश शहर का नामी अपराधी है, जिसके गंभीर मामले दर्ज हैं। थानाधिकारी गजवीर सिंह ने बताया कि उदयपुर एसपी डॉ. अमृता दुहन के निर्देशों पर शहर में अपराधियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी के तहत एक विशेष टीम बनाई गई, जिसने कार्रवाई करते हुए आरोपी रोहित सिंह उर्फ ढोकला को दबोच लिया। आरोपी रोहित घण्टाघर थाना इलाके के रावजी का हाटा के गणेश कॉलोनी का रहने वाला है। पुलिस ने जब आरोपी की तलाशी ली, तो उसके पास से 01 अवैध पिस्टल मिली, जिसे मौके पर ही जब्त कर लिया गया। धानमण्डी थाना पुलिस ने आरोपी रोहित के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस अब इस मामले में आगे की जांच कर रही है कि वह यह पिस्टल कहां से लेकर आया था और इसका इस्तेमाल किस वारदात में करने वाला था। पकड़े गए आरोपी रोहित सिंह उर्फ ढोकला का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड है। वह पुलिस का रिकॉर्डेड बदमाश है और उसके खिलाफ उदयपुर शहर के अलग-अलग थानों में हत्या का प्रयास, मारपीट और जुआ खेलने जैसे कुल 13 मामले पहले से दर्ज हैं।
देवरिया जिले के सलेमपुर कस्बे में नकली सोना गिरवी रखकर 1.89 लाख रुपये का गोल्ड लोन लेने के मामले में तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। न्यायालय के आदेश पर सलेमपुर कोतवाली पुलिस ने शुक्रवार रात तत्कालीन शाखा प्रबंधक सहित तीन आरोपियों पर धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। यह मामला सलेमपुर स्थित आशीर्वाद माइक्रो फाइनेंस लिमिटेड शाखा से जुड़ा है। आजमगढ़ जिले के मुबारकपुर निवासी पवन कुमार गोंड ने 11 जनवरी को इस शाखा से सोना गिरवी रखकर 1.89 लाख रुपये का गोल्ड लोन लिया था। कंपनी के क्षेत्रीय प्रमुख हरकेश योगी ने आरोप लगाया है कि 16 फरवरी 2022 को हुए आंतरिक ऑडिट में पता चला कि गिरवी रखा गया सोना नकली था। इसके बाद कंपनी ने सलेमपुर कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। मामला लंबित रहने पर कंपनी ने न्यायालय का रुख किया। न्यायालय के आदेश के बाद सलेमपुर कोतवाली पुलिस ने तत्कालीन शाखा प्रबंधक अभिषेक प्रताप राव, तत्कालीन उपशाखा प्रबंधक राजकमल तिवारी और ऋण लेने वाले पवन कुमार गोंड के खिलाफ धोखाधड़ी सहित संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। कोतवाली प्रभारी विनोद कुमार सिंह ने बताया कि न्यायालय के निर्देश पर मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की विवेचना की जा रही है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
रायसेन जिले में एक एकड़ जमीन के विवाद ने सगे भाइयों के रिश्ते को खून से रंग दिया। करीब 20 साल पहले चार लाख रुपए में बेची गई जमीन की कीमत बढ़ने पर बड़े भाई की नीयत बदल गई। आरोप है कि उसने जमीन वापस लेने के लिए छोटे भाई पर चाकू से हमला कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। इस दौरान दो भतीजे भी घायल हो गए। पुलिस ने मुख्य आरोपी, उसकी पत्नी, बेटी और दामाद को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मामला मंडीदीप के गौहरगंज थाना क्षेत्र का है। पिकनिक छोड़ खेत पहुंचे, वहीं शुरू हो गया विवाद मृतक विष्णु प्रसाद सेन (61) के भतीजे प्रिंस सेन ने बताया कि 14 जुलाई की सुबह पूरा परिवार रायसेन के पास परवरिया सड़क माता मंदिर पिकनिक मनाने जा रहा था। रास्ते में सूचना मिली कि बड़े भाई नारायण सिंह विवादित जमीन पर ट्रैक्टर चलाकर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। यह सुनकर विष्णु प्रसाद अपने परिजन के साथ सीधे खेत पहुंच गए। प्रिंस के मुताबिक, खेत पर पहुंचते ही विष्णु प्रसाद ने बड़े भाई से जमीन जोतने का कारण पूछा। इसी बात पर नारायण सिंह भड़क गया और बैग से चाकू निकालकर हमला कर दिया। पहले विष्णु प्रसाद के बेटे अखिलेश की गर्दन पर वार किया। फिर बीच-बचाव करने आए विष्णु प्रसाद की कमर में चाकू घोंप दिया। दूसरे बेटे अजय पर भी हमला किया गया। पत्नी-बेटी भी हमले में शामिल होने का आरोप प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शोर सुनकर आरोपी की पत्नी शांति बाई और बेटी अंजलि भी मौके पर पहुंच गईं। आरोप है कि दोनों ने बीच-बचाव करने के बजाय डंडों से विष्णु प्रसाद और उनके परिवार पर हमला किया। इसके बाद मुख्य आरोपी मौके से फरार हो गया। अस्पताल ले जाते समय फिर घेरकर हमला परिजन का आरोप है कि घायलों को कार से अस्पताल ले जाते समय रास्ते में आरोपी के दामाद अनिल श्रीवास और अन्य लोगों ने वाहन रोक लिया। कार पर डंडों से हमला किया और परिवार के अन्य सदस्यों की भी पिटाई की। किसी तरह सभी चिकलोद चौकी पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। घायलों को भोपाल एम्स भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने विष्णु प्रसाद सेन को मृत घोषित कर दिया। घायल अजय और अखिलेश को तीन दिन बाद अस्पताल से छुट्टी मिल गई। समय के साथ कीमत बढ़ी तो विवाद शुरू हो गया परिजन के मुताबिक, करीब दो दशक पहले विष्णु प्रसाद ने अपने बड़े भाई नारायण सिंह से एक एकड़ जमीन 4 लाख रुपए में खरीदी थी। भाई होने के कारण जमीन की रजिस्ट्री नहीं कराई। समय के साथ जमीन की कीमत बढ़ी तो विवाद शुरू हो गया। आरोप है कि नारायण सिंह ने जमीन पर दोबारा कब्जा करने की कोशिश की। विष्णु प्रसाद ने जमीन लौटाने की भी बात कही, लेकिन शर्त रखी कि पहले 4 लाख रुपए वापस किए जाएं। इसी विवाद ने आखिरकार खूनी रूप ले लिया। पहले बेटी को गोद लिया, अब उसी परिवार पर हमला जानकारी के अनुसार, नारायण सिंह ने वर्षों पहले अपने छोटे भाई विष्णु प्रसाद की बेटी को गोद लिया था। इसके बावजूद जमीन के विवाद में दोनों परिवार आमने-सामने आ गए। वारदात के दिन आरोपी की सगी बेटी और दामाद भी उसके साथ थे। हत्या और हत्या के प्रयास की धाराओं में आरोपी गिरफ्तार गौहरगंज थाना प्रभारी विनोद परमार ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच पहले भी जमीन के सीमांकन को लेकर विवाद हो चुका था। विष्णु प्रसाद की मौत के बाद मुख्य आरोपी नारायण सिंह, उसके दामाद अनिल श्रीवास समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ हत्या और हत्या के प्रयास सहित संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। …………………………………. यह खबर भी पढ़ें छोटे भाई की पीठ में चाकू घोंपकर हत्या मध्य प्रदेश के रायसेन में जमीन विवाद में बड़े भाई ने छोटे भाई की पीठ में चाकू घोंपकर हत्या कर दी। आरोपी ने दो भतीजों पर भी हमला किया। एक के गले और दूसरे के कंधे पर चाकू लगने से दोनों गंभीर घायल हो गए। विवाद बढ़ने पर धारदार हथियारों और चाकू से हमला किया गया। पढ़ें पूरी खबर
जिले के कीटनाशक विक्रेताओं के लिए इंटीग्रेटेड पेस्टीसाइड मैनेजमेंट सिस्टम (IPMS) पोर्टल पर पंजीकरण कराना अनिवार्य कर दिया गया है। जिला कृषि रक्षा अधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि निर्धारित समय तक पंजीकरण नहीं कराने वाले विक्रेताओं के विक्रय प्राधिकार-पत्र (लाइसेंस) निरस्त कर दिए जाएंगे। यह कदम कीटनाशक कारोबार में पारदर्शिता लाने और उसे नियमबद्ध बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है। जिला कृषि रक्षा अधिकारी ने बताया कि कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा कीटनाशक कारोबार को अधिक पारदर्शी एवं नियमबद्ध बनाने के उद्देश्य से IPMS पोर्टल लागू किया गया है। इस पोर्टल का मुख्य उद्देश्य कीटनाशकों की बिक्री, वितरण और उपयोग को ट्रैक करना है, जिससे नकली या प्रतिबंधित कीटनाशकों की बिक्री पर रोक लगाई जा सके और किसानों को गुणवत्तापूर्ण उत्पाद मिल सकें। जनपद के अधिकांश कीटनाशक विक्रेताओं ने पोर्टल पर अपना पंजीकरण करा लिया है, जो एक सकारात्मक संकेत है। हालांकि, कुछ विक्रेता बार-बार निर्देश दिए जाने के बावजूद अभी तक पंजीकरण नहीं करा सके हैं। ऐसे विक्रेताओं के विरुद्ध अब कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पंजीकरण नहीं कराने वाले दुकानदारों का विक्रय प्राधिकार-पत्र तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया जाएगा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि लाइसेंस रद्द होने के बाद यदि कोई विक्रेता कीटनाशकों की बिक्री करते हुए पाया गया तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विक्रेता की होगी। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी अनधिकृत व्यक्ति या संस्था कीटनाशक व्यापार में शामिल न हो। जिला कृषि अधिकारी अरविंद चौधरी ने सभी शेष कीटनाशक विक्रेताओं से अपील की है कि वे तत्काल IPMS पोर्टल पर पंजीकरण कराएं। उन्होंने कहा कि ऐसा करने से भविष्य में किसी भी प्रकार की प्रशासनिक या कानूनी कार्रवाई से बचा जा सकेगा और वे बिना किसी बाधा के अपना व्यवसाय जारी रख सकेंगे। यह पंजीकरण प्रक्रिया किसानों के हित में और कृषि क्षेत्र की सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
पंजाब के होशियारपुर के टांडा थाना SHO गुरिन्द्रजीत सिंह नागरा को पुलिस ने अरेस्ट कर लिया है। नागरा पर अमेरिका में FBI के ऑपरेशन हार्ड बॉल में एक परिवार से 4 करोड़ रुपए मांगने का आरोप है। केस में नाम आने के बाद SHO को लाइन हाजिर भी किया गया था। FBI द्वारा चलाए गए ऑपरेशन हार्ड बॉल में लॉरेंस और जग्गू भगवानपुरिया जैसे गैंगस्टरों के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क में नागरा का नाम भी फिरौती मांगने में आया था। DIG नवीन सिंगला ने नागरा को लाइन हाजिर कर SP विनीत अहलावत को जांच सौंपी थी। जांच के बाद शुक्रवार देर रात इंस्पेक्टर नागरा के खिलाफ एक्सटॉर्शन और करप्शन एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। ये है पूरा मामला… FBI के ऑपरेशन में नागरा का नाम आया था 10 जुलाई को अमेरिका और कनाडा की जांच एजेंसियों ने जॉइंट आपरेशन में अमेरिका, कनाडा और यूरोप में गैंगस्टर नेटवर्क की जांच की। इसी दौरान जब कैलिफोर्निया में गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया के नेटवर्क के खिलाफ चल रही जांच के दौरान भारतीय पुलिस अधिकारी के नाम का जिक्र सामने आया। अमेरिकी परिवार से फिरौती मांगने का आरोप अमेरिकी एजेंसियों ने आरोप लगाया था कि पंजाब के एक SHO ने गैंग नेटवर्क के साथ मिलकर एक अमेरिकी परिवार से 4 लाख डॉलर की कथित फिरौती मांगने की कोशिश की। जिसका नाम गुरिंदरजीत सिंह नागरा है। उसकी फोटो भी गैंगस्टरों के साथ जारी की गई। AAP वर्कर की हत्या से जुड़ा नाम अमेरिका रह रहे रिटायर ASI चरनजीत सिंह ने शिकायत में कहा था- 15 जनवरी 2026 की शाम करीब 4 बजे होशियारपुर के टांडा के गांव मियाणी में तीन बाइक सवार हमलावरों ने AAP वर्कर और हार्डवेयर कारोबारी बलविंदर सिंह सतकरतार की गोली मारकर हत्या कर दी थी। SHO नागरा ने रिटायर्ड ASI पर आरोप लगाया टांडा पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू की। वारदात के कुछ समय बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हुई। 24 मई 2026 को तत्कालीन SHO गुरिंदरजीत सिंह नागरा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा किया कि पूछताछ में सामने आया है कि हत्या पारिवारिक रंजिश में करवाई गई। पुलिस के मुताबिक, अमेरिका में रह रहे रिटायर्ड ASI और मृतक के समधी चरनजीत सिंह ने अपनी बेटी के तलाक के मामले की रंजिश में शूटरों को सुपारी दिलवाई। SHO नागरा इस तरह विवाद में फंसे उधर, अमेरिकी एजेंसियों के अनुसार, हत्या के मामले में आरोपी बनाए गए चरनजीत सिंह और उनके परिवार को बाद में इसी केस में फंसाए रखने और राहत दिलाने के नाम पर 4 लाख डॉलर की कथित मांग की गई। आरोप है कि गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया के नेटवर्क से जुड़े लोगों ने अमेरिका में रह रहे परिवार की जानकारी जुटाकर भारत में अपने कॉन्टैक्ट तक पहुंचाई और फिर इस केस का दबाव बनाकर पैसे मांगने की कोशिश की। अमेरिकी अटॉर्नी बिलाल ए. एसायली ने आरोप लगाया कि इस पूरे घटनाक्रम में भारत के कुछ पुलिस अधिकारियों की भी भूमिका थी। आरोपों में तत्कालीन SHO गुरिंदरजीत सिंह नागरा का नाम भी शामिल है। गैंगस्टर भगवानपुरिया का विदेशी हैंडलर भी गिरफ्तार पंजाब के गुरदासपुर बेस्ड गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया के विदेशी हैंडलर और गुरदासपुर के ही रहने वाले नितिश कौशल पहले ही अमेरिकी एजेंसी एफबीआई द्वारा अरेस्ट किया जा चुका है। ये गिरफ्तारी बीती रात को कनाडा-अमेरिका बॉर्डर पर की गई। नीतिश को एफबीआई ने तीन दिन पहले ही मोस्ट वांटेड की लिस्ट में डाला था। आपरेशन हार्ड बॉल में उसका पहली बार नाम सामने आया था। उस पर नशा तस्करी और हत्याओं के कई केस दर्ज हैं। अधिकारियों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के बीच तालमेल और अमेरिकी एजेंसियों के जॉइंट अभियान के बाद यह गिरफ्तारी संभव हो सकी है, जिसके बाद अब भारत प्रत्यर्पण और आगे की जांच से जुड़ी कानूनी कार्रवाई शुरू होने की उम्मीद है। -------------- पंजाब पुलिस का SHO अमेरिका में वॉन्टेड कैसे बना:समधी पर मर्डर की FIR की, फिर 4 लाख डॉलर की फिरौती मांगी; सस्पेंड किया गया अमेरिका में 4 लाख डॉलर यानी करीब साढ़े 3 करोड़ रुपए की फिरौती के मामले में पंजाब पुलिस के टांडा थाने के SHO गुरिंदरजीत सिंह नागरा को कुर्सी गंवानी पड़ी। होशियारपुर के SSP संदीप मलिक ने नागरा को लाइनहाजिर कर दिया। अब उनके खिलाफ विभागीय जांच बैठा दी गई है। जांच की निगरानी जालंधर रेंज के DIG डॉ. नवीन सिंगला करेंगे। पूरी खबर पढ़ें…
मैनपुरी में राजस्व टीम पर हमला:कानूनगो-लेखपाल से मारपीट, सरकारी वाहन तोड़ा; दो पर केस दर्ज
मैनपुरी के एलाऊ थाना क्षेत्र में सरकारी कार्य के दौरान राजस्व टीम पर हमले का गंभीर मामला सामने आया है। कानूनगो और लेखपाल ने दो लोगों पर मारपीट, कुल्हाड़ी से जानलेवा हमला करने के प्रयास और सरकारी वाहन में तोड़फोड़ का आरोप लगाया है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कानूनगो राजेश सक्सेना और लेखपाल कर्मवीर के अनुसार वे जिलाधिकारी के निर्देश पर राजस्व टीम के साथ सरकारी कार्य के सिलसिले में एलाऊ चौराहे पर पहुंचे थे। आरोप है कि शाम करीब 5 बजकर 20 मिनट पर वहां सौरभ पुत्र अखिलेश कुमार और उसके एक साथी ने उनके साथ अभद्रता करते हुए मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि दोनों ने सरकारी कार्य में बाधा डालते हुए राजस्व अधिकारियों को धमकाया और विवाद बढ़ा दिया। राजस्व अधिकारियों का आरोप है कि आरोपियों ने उनकी सरकारी गाड़ी नंबर 25BH3565D के शीशे और मेटल बॉडी को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। इतना ही नहीं, कुल्हाड़ी से जानलेवा हमला करने का प्रयास भी किया गया। राजस्व टीम के सदस्यों ने किसी तरह मौके से भागकर अपनी जान बचाई। घटना के बाद पूरे राजस्व विभाग में नाराजगी फैल गई। घटना की जानकारी मिलते ही तहसीलदार भोगांव समेत बड़ी संख्या में कानूनगो और लेखपाल थाना एलाऊ पहुंचे। अधिकारियों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए पुलिस को तहरीर सौंपी। पुलिस ने राजस्व विभाग की शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी अवनीश त्यागी का कहना है कि राजस्व विभाग की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच में जुटी हुई है।
350 RTI, 7 विभागों में 200 शिकायतें, प्रयागराज से लेकर लखनऊ तक की दौड़, हर चौखट पर इंसाफ के लिए भटकना, तीन सालों तक लगातार इंसाफ के लिए लड़ना। यह लड़ाई इंसानी जिंदगी की नहीं बल्कि जान से भी प्यारे अपने डॉगी के लिए थी। जॉनी (डॉगी) की मौत से सदमे में आए इलाहाबाद हाईकोर्ट के वकील ने एक मिसाल ही कायम कर दी। जिस डॉग केयर सेंटर की लापरवाही से उनके जॉनी की जान गई अब जाकर उसमें ताला लटक गया। पहले डाग केयर सेंटर का लाइसेंस निरस्त हुआ था अब पीडीए ने उसे सील कर दिया। वहां सरकारी ताला लटका तो लंबी लड़ाई लड़ने वाले अनुभव परिहार को सुकून मिला। हालांकि वे इस जंग को अभी भी जारी रखेंगे और लापरवाही करने वालों को सजा के लिए हाईकोर्ट में रिट करने की तैयारी में हैं। जानिये कुत्ते के लिए 3 साल तक लड़ी लड़ाई की कहानी प्रयागराज में कचहरी रोड पर रहने वाले हाईकोर्ट के वकील अनुभव परिहार शिमला से भूटिया ब्रीड का डॉगी लेकर आए और उसका नाम जॉनी रखा। ढाई साल के जॉनी से पूरा परिवार बेइंतहां प्यार करने लगा। वह घर के सदस्यों जैसा हो गया। अनुभव 10 सितंबर 2023 को जानी का बाल कटवाने इंडियन प्रेस चौराहे के पास पन्ना लाल रोड पर डाग केयर सेंटर ले गए। जानी को किसी प्रकार का रोग नहीं था। बाल कटवाने के बाद घर लेकर आए तो तड़पते हुए उसने दम तोड़ दिया। डॉगी की मौत से परिवार में मातम हुआ। उसे अंतिम विदाई देने के बाद वकील अनुभव ने 11 सितंबर को कर्नलगंज थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। अफसरों के पास पहुंचे लेकिन मुकदमा नहीं दर्ज हुआ। इसके बाद उन्होंने जानी की याद में सारे कामकाज रोक कागजी मुहिम शुरू की। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ ही पीडीए, नगर निगम, पशुधन विभाग, पशु चिकित्सा विभाग, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन समेत अन्य विभागों के अधिकारियों शिकायती पत्र देना शुरू किया। प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, औषधि महानियंत्रक भारत सरकार को शिकायत भेजा। आइजीआरएस पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। फिर परिवाद भी दाखिल किया। RTI की लड़ाई से मचा हड़कंप वकील ने अपनी लड़ाई की धार आरटीआई से और तेज कर दी। घटना के बाद से अब तक उन्होंने करीब 350 आरटीआई डाली। जवाब देते देते विभागों के होश उड़ गए। जवाब न आने पर शिकायतें करते रहे। जनसूचना अधिकार के तहत लगभग 350 पत्र भेजकर सूचनाएं मांगी। इसके बाद तत्कालीन मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की। औषधि महानियंत्रक भारत सरकार व उत्तर प्रदेश सरकार के खाद्य सुरक्षा व औषधि प्रशासन की ओर से भी जांच शुरू कराई गई। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की ओर से डाग केयर सेंटर में संचालित मेडिकल स्टोर का लाइसेंस निरस्त कर दिया। विभाग के सहायक आयुक्त संजय ने बताया कि लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है। बिना अनुमति कुत्ते को बेहोशी का इंजेक्शन आरटीआइ की सूचना से अनुभव को पता चला कि उनके कुत्ते को बिना उनकी अनुमति के ही बेहोशी का इंजेक्शन लगाया गया था। यह इंजेक्शन सामान्य तौर पर आपरेशन के लिए प्रयोग किया जाता है। अनुभव परिहार का कहना है कि मैं एक वकील हूं इसलिए मैंने हार नहीं मानी। आरटीआई लगाई... एक नहीं, 350 आरटीआई अब तक फाइल कर चुका हूं। हर विभाग से जवाब मांगा। आरटीआई के जरिए यह सामने आई कि जिस क्लीनिक में उनका डॉग गया था, वह एक मेडिकल स्टोर था। वहां बैठा डॉक्टर 1976 से प्रैक्टिस कर रहा था, जबकि कानून के मुताबिक, कोई भी वेटरनरी डॉक्टर मेडिकल स्टोर पर प्रैक्टिस नहीं कर सकता। अनुभव परिहार की पत्नी ज्योति सिंह का कहना है कि “जॉनी हमारे लिए सिर्फ एक डॉगी नहीं था, वो हमारे परिवार का हिस्सा था... जैसे हम अपने बच्चों से प्यार करते हैं, वैसे ही उससे भी करते थे।”
बदायूं में सावन कांवड़ यात्रा के दौरान कांवड़ियों की सुरक्षा के लिए कछला गंगाघाट पर विशेष इंतजाम किए गए हैं। बारिश के कारण गंगा का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है, जिसके चलते स्नान के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस ने गंगा के भीतर ही सुरक्षा घेरा तैयार किया है। इस सुरक्षा घेरे के तहत घाट के चारों ओर 20 मोटरबोट तैनात की गई हैं। इन मोटरबोट पर फ्लड पीएसी, एसडीआरएफ और पुलिस के जवान लगातार निगरानी करेंगे। कांवड़ियों को केवल निर्धारित सुरक्षित दायरे के भीतर ही स्नान करने की अनुमति दी जाएगी। सुरक्षा व्यवस्था के तहत मोटरबोट पर तैनात जवान पूरे समय गंगा में गश्त करेंगे। यदि कोई श्रद्धालु या कांवड़िया गहरे पानी की ओर बढ़ता है, तो उसे तत्काल वापस सुरक्षित क्षेत्र में भेजा जाएगा। इसके साथ ही, मोटरबोट पर लगे सार्वजनिक संबोधन प्रणाली (पब्लिक एड्रेस सिस्टम) से लगातार घोषणाएं की जाएंगी, जिसमें श्रद्धालुओं को गहरे पानी में न जाने और केवल सुरक्षित क्षेत्र में ही स्नान करने की सलाह दी जाएगी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सावन में कांवड़ लेने आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या लाखों में पहुंचती है। जलस्तर बढ़ने के कारण अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। घाट पर जल पुलिस, गोताखोरों और बचाव दल को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जा सके। बैरिकेडिंग, कंट्रोल प्वाइंट और पुलिस सहायता केंद्र जैसी व्यवस्थाएं भी मजबूत की गई हैं। एसपी सिटी अभिषेक कुमार सिंह ने बताया कि कांवड़ियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए फिलहाल 20 मोटरबोट की व्यवस्था की गई है, जिन पर फ्लड पीएसी, एसडीआरएफ और पुलिस के जवान तैनात रहेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि यदि आवश्यकता महसूस हुई तो मोटरबोट की संख्या बढ़ाई जाएगी, ताकि कांवड़ यात्रा के दौरान किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो। अधिकारियों को लगातार जलस्तर पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
इटावा के शिकोहाबाद में पुलिस मुठभेड़ में मारे गए 25 हजार के इनामी बदमाश अंकित बाथम उर्फ सीपू की कहानी एक ऐसे युवक की है, जिसने कभी चाय और अंडे का ठेला लगाकर अपनी रोजी-रोटी कमाई थी। लेकिन गलत संगत और अपराधियों के संपर्क में आने के बाद वह अपराध की दुनिया में ऐसा फंसा कि उसके खिलाफ लूट और छिनैती के कई मुकदमे दर्ज हो गए। अंततः वह पुलिस के लिए 25 हजार रुपये का इनामी बदमाश बन गया। भरथना का रहने वाला था अंकित अंकित उर्फ सीपू इटावा के भरथना थाना क्षेत्र के मोहल्ला मोतीगंज का रहने वाला था। उसके पिता किशनचंद बाथम और मां मीरा देवी का काफी पहले निधन हो चुका है। परिवार में बड़ी बहन आरती की शादी हो चुकी है। बड़ा भाई हरिश्चंद्र कानपुर में मेहनत-मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करता है, जबकि मझला भाई दीपचंद उर्फ दीपू भरथना में किराये के मकान में चाय की दुकान चलाता है। अंकित परिवार में सबसे छोटा था। पांच साल की उम्र में परिवार के साथ भरथना आया बड़े भाई दीपचंद ने बताया कि अंकित करीब पांच वर्ष का था, जब पूरा परिवार पैतृक गांव छोड़कर भरथना आ गया था। रेलवे फाटक के पास गणेश राइस मिल के निकट पिता ने मकान बनवाया था। माता-पिता की मृत्यु के बाद पारिवारिक विवाद में वह मकान बेच दिया गया। बहन की शादी के बाद सभी भाइयों ने अपने-अपने हिस्से का पैसा ले लिया, जिसमें अंकित भी शामिल था। कुछ समय बाद अपना हिस्सा खर्च करने के बाद अंकित फिर दीपचंद के पास लौट आया। भाई ने उसे अपने साथ रखा ताकि वह सामान्य जिंदगी जी सके, लेकिन इसी दौरान एसओजी टीम पूछताछ के लिए उसे अपने साथ ले गई। बाद में पता चला कि बसरेहर थाना क्षेत्र में मिर्ची पाउडर डालकर टेंपो लूट की वारदात में उसका नाम सामने आया है। टेंपो लूट के बाद बदली जिंदगी दीपचंद के अनुसार, बसरेहर थाना क्षेत्र में हुई टेंपो लूट की घटना के बाद पुलिस ने मुठभेड़ में अंकित को गिरफ्तार किया था। इस दौरान उसके पैर में गोली भी लगी थी। गिरफ्तारी के बाद उसके खिलाफ बसरेहर और इकदिल थानों में लूट, छिनैती समेत कई गंभीर मुकदमे दर्ज हुए। इसके बाद वह लगातार अपराध की दुनिया में आगे बढ़ता गया और परिवार से पूरी तरह कट गया। रेलवे फाटक पर लगाता था चाय और अंडे का ठेला परिजनों का कहना है कि करीब तीन-चार वर्ष पहले तक अंकित भरथना रेलवे फाटक के पास चाय और अंडे का ठेला लगाकर गुजर-बसर करता था। इसी दौरान उसकी चाची उसे अपने साथ दिल्ली ले गईं। परिवार का दावा है कि दिल्ली में उसका संपर्क गलत लोगों से हुआ और वहीं से उसके जीवन की दिशा बदल गई। अपराधियों की संगत में आने के बाद उसने अपराध का रास्ता अपना लिया। करीब तीन-चार साल पहले वह आखिरी बार घर आया था। इसके बाद न तो वह दोबारा लौटा और न ही परिवार से कोई संपर्क रखा। भाइयों से भी टूट गया रिश्ता दीपचंद ने बताया कि पिछले कई वर्षों से अंकित का किसी भी परिजन से संपर्क नहीं था। न वह घर आता था और न ही फोन पर बात करता था। बड़ा भाई कानपुर में मजदूरी कर रहा है, जबकि दीपचंद भरथना में चाय की दुकान चलाकर परिवार की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। मुठभेड़ की आधिकारिक सूचना भी नहीं मिली परिवार का कहना है कि अंकित के मारे जाने की जानकारी उन्हें पुलिस या प्रशासन की ओर से नहीं दी गई। उन्हें इसकी सूचना पत्रकारों के माध्यम से मिली। शाम तक भी परिवार के पास कोई आधिकारिक सूचना नहीं पहुंची थी। दीपचंद ने बताया कि करीब चार दिन पहले एक युवक ने अंकित की तस्वीर दिखाकर बताया था कि उसका नाम कुछ आपराधिक घटनाओं में सामने आ रहा है, लेकिन तब भी पुलिस ने परिवार से कोई संपर्क नहीं किया। 25 हजार का इनामी कैसे बना पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, बसरेहर थाना क्षेत्र में मिर्ची पाउडर झोंककर टेंपो लूट की घटना के बाद अंकित का आपराधिक सफर तेज हो गया। उसके खिलाफ बसरेहर और इकदिल थानों में लूट, छिनैती समेत कई संगीन मुकदमे दर्ज हुए। लगातार फरार रहने के कारण पुलिस ने उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया। लंबे समय से पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। सामान्य युवक से इनामी बदमाश तक परिजनों के मुताबिक, अंकित बचपन में सामान्य लड़कों की तरह था। माता-पिता के निधन और पारिवारिक परिस्थितियों के बाद उसकी जिंदगी बिखरती चली गई। कुछ समय तक उसने मेहनत-मजदूरी और चाय-अंडे का ठेला लगाकर जीवनयापन किया, लेकिन गलत संगत ने उसकी पूरी जिंदगी बदल दी। धीरे-धीरे वह अपराध की दुनिया में उतरता गया और अंततः पुलिस मुठभेड़ में उसकी मौत हो गई। परिवार का कहना है कि कई वर्षों से उनका उससे कोई संबंध नहीं था और उसके बारे में मिलने वाली हर जानकारी उन्हें दूसरों के माध्यम से ही मिलती रही।
बिलासपुर रेलवे माल गोदाम को बंद कर उसे उसलापुर शिफ्ट करने के खिलाफ मजदूर यूनियन और ट्रक मालिक संघ की याचिकाओं पर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। हाईकोर्ट के पिछले आदेश पर कलेक्टर ने रिपोर्ट प्रस्तुत किया है, जिसमें बताया कि नए माल गोदाम में बुनियादी सुविधाओं की कमी है। जस्टिस अमितेंद्र किशोर प्रसाद की सिंगल बेंच ने सभी पक्षों को सुनने के बाद आदेश दिया कि 22 जुलाई से पहले सभी पक्ष अपने जरूरी दस्तावेज कोर्ट में जमा कर दें। इस मामले की अंतिम सुनवाई 22 जुलाई को होगी। हाईकोर्ट के निर्देश पर बिलासपुर कलेक्टर ने नगर निगम कमिश्नर की अध्यक्षता में रेलवे के सीनियर डीसीएम और पीडब्ल्यूडी के ईई की एक संयुक्त टीम बनाई थी। इस टीम ने निरीक्षण कर रिपोर्ट गुरुवार को सौंपी। बताया कि नए माल गोदाम में शेड और प्रॉपर गोदाम ही नहीं है। गुड्स शेड परिसर में ट्रकों के मुड़ने के लिए पर्याप्त जगह नहीं है। बारिश के मौसम में पानी निकासी के लिए ड्रेनेज सिस्टम भी नहीं है। एप्रोच रोड की हालत बेहद खराब इसके अलावा माल गोदाम को जोड़ने वाली एप्रोच रोड बेहद जर्जर स्थिति में है, जिसकी तत्काल मरम्मत की जरूरत है। वहीं, मजदूरों के लिए बने आराम गृह और बाथरूम बिलासपुर छोर पर 1 किमी दूर हैं, जबकि उसलापुर छोर पर अभी भी काम अधूरा पड़ा है। रिपोर्ट में प्लेटफॉर्म के जीरो लेवल पर होने का भी स्पष्ट उल्लेख है, जिससे लोडिंग-अनलोडिंग में भारी दिक्कत होगी। वकील ने दिखाए फोटो, रेलवे बोला- हमने सब ठीक किया है याचिकाकर्ता के एडवोकेट ने गुड्स शेड के हाल में लिए गए फोटोग्राफ्स भी पेश किए। कहा कि रेलवे लगातार कोर्ट को गुमराह कर रहा है और गलत जानकारियां दे रहा है। वहां बुनियादी सुविधाओं के नाम पर कुछ नहीं है। वहीं, रेलवे की तरफ से बताया गया कि रेलवे पर लगाए जा रहे आरोप गलत हैं। उसलापुर में सभी जरूरी बुनियादी सुविधाएं हैं। वहीं, गुरुवार को हस्तक्षेप याचिका पेश की गई, जिसे हाईकोर्ट ने स्वीकार कर लिया।
जगदलपुर नगर निगम ने जलकर बकायेदारों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि, समय पर जलकर जमा नहीं करने वाले उपभोक्ताओं के नल कनेक्शन काटे जाएंगे। निगम अधिनियम के तहत कुर्की और अन्य वैधानिक वसूली की कार्रवाई भी की जाएगी। पिछले 3 महीने में निगम ने विशेष अभियान चलाकर जलकर के रूप में करीब 1 करोड़ 30 लाख रुपए की वसूली की है। नगर निगम के लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) विभाग के चलाए जा रहे अभियान के तहत अब तक 214 बकायेदार उपभोक्ताओं के नल कनेक्शन काटे गए हैं। वहीं 138 अवैध नल कनेक्शन भी काटकर हटाए गए हैं। इसके अलावा 25 बकायेदारों को नोटिस जारी कर जल्द बकाया राशि जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। बकाया नहीं चुकाने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई निगम अधिकारियों के अनुसार, जलकर का भुगतान नहीं करने वाले उपभोक्ताओं के खिलाफ अब और कड़ी कार्रवाई की जाएगी। नल कनेक्शन काटने के अलावा कुर्की की कार्रवाई भी की जा सकती है। ऐसे मामलों में संबंधित उपभोक्ताओं को अतिरिक्त शुल्क, कार्रवाई का खर्च और अन्य कानूनी दायित्व भी वहन करने पड़ सकते हैं। शहर की जल व्यवस्था के लिए जरूरी है जलकर नगर निगम ने बताया कि जलकर से प्राप्त राशि का उपयोग शहर की पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने, पाइपलाइन के रखरखाव, नई जलापूर्ति योजनाओं के संचालन और नागरिक सुविधाओं के विकास में किया जाता है। इसलिए सभी उपभोक्ताओं का समय पर जलकर जमा करना जरूरी है। निगम की अपील नगर निगम ने सभी जल उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई से बचने के लिए अपना बकाया जलकर जल्द जमा करें। निगम का विशेष वसूली अभियान आने वाले दिनों में और अधिक सख्ती के साथ जारी रहेगा।
आजमगढ़ जिले की पवई थाने की पुलिस ने एक दिन पूर्व एक तरफा प्यार में महिला पर धारदार हथियार से हमला किए जाने के मामले में आरोपी को शनिवार सुबह 4 बजे मुठभेड़ में गिरफ्तार किया है। मुठभेड़ में आरोपी के पैर में गोली लगी। जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। घायल बदमाश की पहचान सुजीत मौर्य के रूप में हुई है। सुजीत मौर्य महिला से एक तरफा पसंद करता था। और लंबे समय से महिला का पीछा कर रहा था। गुरुवार की रात भी महिला मोबाइल पर बात कर रही थी और इसी दौरान घर में घुसते समय आरोपी भी पीछे से घुस गया था और घर के अंदर छुप गया था। जब महिला ने आरोपी को देखा तो शोर मचाना शुरू कर दिया। इसके बाद आरोपी ने धारदार हथियार से महिला के गण पर हमला कर दिया था और मौके से फरार हो गया था घायल महिला को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया था। जहां महिला का इलाज चल रहा है। इसके बाद से पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी हुई थी। चेकिंग के दौरान हुई मुठभेड़ इस बारे में फूलपुर के क्षेत्राधिकारी किरणपाल सिंह ने बताया किशनिवार सुबह की पुलिस चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि घटना में फरार आरोपी सुजीत मौर्य अंडरपास के पास छिपा हुआ है। इस सूचना पर पुलिस ने आरोपी की घेराबंदी की अपने को घिरा देखते हुए आरोपी ने पुलिस पर फायर कर दिया। पुलिस द्वारा की गई कंट्रोल फायरिंग में आरोपी के दाहिने पैर में एक गोली लगी। आरोपी के कब्जे से तमंचा कारतूस भी बरामद किया गया है।
सागर जिले के बंडा थाना क्षेत्र में 19 वर्षीय कॉलेज छात्रा के साथ चलती बस में कथित छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। छात्रा की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं, दूसरे पक्ष की शिकायत के आधार पर पुलिस ने छात्रा के पिता के खिलाफ भी प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार, छात्रा दांतों का इलाज कराने के लिए सागर आई थी। इलाज के बाद वह शाम करीब 5:30 बजे बस से बंडा लौट रही थी। आरोप है कि यात्रा के दौरान उसके बगल में बैठे एक युवक ने उसके साथ अशोभनीय हरकत की। छात्रा ने विरोध किया, लेकिन आरोपी कथित तौर पर अपनी हरकतों से बाज नहीं आया। पिता को फोन कर दी जानकारी घटना से घबराई छात्रा ने तुरंत अपने पिता को फोन कर पूरी बात बताई। जब बस बंडा बस स्टैंड पहुंची तो आरोपी मौके का फायदा उठाकर बस से उतरकर फरार हो गया। परिजनों के साथ थाने पहुंची छात्रा घर पहुंचने के बाद छात्रा ने परिजनों को पूरी घटना बताई। इसके बाद परिजन उसे लेकर बंडा थाने पहुंचे, जहां आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दूसरे पक्ष की शिकायत पर छात्रा के पिता पर भी केस इस मामले में पुलिस ने बताया कि दूसरे पक्ष की ओर से दी गई शिकायत के आधार पर छात्रा के पिता के खिलाफ भी प्रकरण दर्ज किया गया है। फिलहाल दोनों पक्षों की शिकायतों की जांच की जा रही है। पुलिस जुटी जांच में पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। बस में मौजूद अन्य यात्रियों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर घटना की पुष्टि की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सिहोरा बैंक डकैती के मास्टरमाइंड बिहार के रहने वाले सुनील पासवान की गिरफ्तारी के बाद उसके काले साम्राज्य के चौंकाने वाले राज सामने आ रहे हैं। बैंक लूट की रकम से उसने रिश्तेदारों के नाम पर ट्रक और लग्जरी वाहन खरीदे, खुद की फर्म बनाकर कोल माइंस में कारोबार शुरू किया और पत्नी को मामूली नौकरी पर रखकर हर महीने लाखों रुपए भेजता रहा। अब 11 महीने बाद गिरफ्तारी के बाद पुलिस उसकी अवैध संपत्तियों और आर्थिक नेटवर्क की पड़ताल में जुट गई है। 11 अगस्त 2025 को जबलपुर जिले के सिहोरा स्थित इंसाफ स्मॉल फाइनेंस बैंक में दिनदहाड़े हुई 14.5 करोड़ रुपए के सोने और 5 लाख रुपए की नकदी की सनसनीखेज डकैती के मास्टरमाइंड सुनील पासवान को आखिरकार 11 महीने बाद पुलिस ने गिरफ्तार किया। 16 जुलाई 2026 की तड़के जबलपुर क्राइम ब्रांच और बिहार एसटीएफ की संयुक्त टीम ने उसे बिहार के नक्सल प्रभावित बांके बाजार क्षेत्र के एक गांव से उस समय दबोचा, जब वह नग्न हालत में सो रहा था। पुलिस को देखते ही उसने चादर लपेटकर छत के रास्ते भागने की कोशिश की, लेकिन घेराबंदी के चलते पकड़ा गया। महज 18 मिनट में लूटा था बैंक जबलपुर में संभवतः पहली बार दिनदहाड़े बैंक में इतनी बड़ी डकैती हुई थी। 11 अगस्त 2025 को पांच हथियारबंद बदमाशों ने महज 18 मिनट में इंसाफ स्मॉल फाइनेंस बैंक से करीब 14.5 करोड़ रुपए मूल्य का सोना और 5 लाख रुपए नकद लूट लिया था। वारदात के बाद पुलिस ने 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और जांच के दौरान गैंग के अधिकांश सदस्य गिरफ्तार कर लिए, लेकिन मास्टरमाइंड सुनील पासवान लगातार फरार रहा। उस पर मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार और झारखंड पुलिस ने कुल ₹1 लाख का इनाम घोषित कर रखा था। ऐसे रची थी सिहोरा बैंक डकैती की साजिश पुलिस के अनुसार बिहार से मध्यप्रदेश आने के बाद सुनील की मुलाकात राजेश दास से हुई। दोनों ने सिहोरा क्षेत्र की तीन बैंकों की रेकी की। इंसाफ स्मॉल फाइनेंस बैंक में सुरक्षा गार्ड नहीं होने के कारण उसे निशाना बनाया गया। गैंग ने करीब 10 दिन तक रेकी की, मझौली क्षेत्र में फेरीवाले के नाम पर किराये का मकान लिया और जबलपुर से मोटरसाइकिल खरीदकर वारदात को अंजाम दिया। नक्सल प्रभावित जंगल में छिपा था एएसपी जितेंद्र सिंह के नेतृत्व में जबलपुर क्राइम ब्रांच की तीन टीमों ने बिहार एसटीएफ के साथ मिलकर करीब 120 घंटे लगातार निगरानी की। पुलिस को सूचना मिली कि सुनील बांके बाजार के नक्सल प्रभावित जंगल क्षेत्र के तिलैया गांव में छिपा है और जल्द ही ठिकाना बदलने वाला है। 16 जुलाई की रात करीब 2 बजे पुलिस ने उसके ठिकाने पर दबिश दी। वह नग्न अवस्था में सो रहा था। पुलिस को देखते ही भागने की कोशिश की, लेकिन मौके पर ही पकड़ लिया गया। उसके कब्जे से करीब एक करोड़ रुपए मूल्य का सोना भी बरामद किया गया। पत्नी से करवाता 5 हजार की नौकरी करोड़ों रुपए बैंक डकैती से लूटने के बाद भी डकैत सुनील पासवान पत्नी ममता पासवान से नौकरी करवाता था। पुलिस को शक ना हो इसके लिए झारखंड के धनबाद में इसने एक बूटिक सेंटर में पत्नी की नौकरी लगवा रखी थी। दो बेटे भी साथ में रहे थे। पत्नी ममता को हर माह 5 हजार रुपए मिलते थे, जो कि सिर्फ दिखावे के लिए थे। रिश्तेदारों के नाम पर लग्जरी वाहन सुनील पत्नी को हर माह 50 हजार से 1 लाख रुपए भेजा करता था। यह बच्चों की पढ़ाई और घर के कामों में खर्च होता था। रिश्तेदारों के नाम ट्रक-लग्जरी कार बैंक में डैकती डालने के बाद जितना भी गोल्ड या फिर केस मिलता था, उसे वह इनवेस्ट कर दिया करता था। सुनील ने चार से अधिक बड़े ट्रक, 2 लग्जरी कार खरीदी थी। सुनील ने अपनी एक फर्म बना रखी थी। कोल माइंस में गाड़िया लगा रखी थी, जो कि रिश्तेदारों के नाम पर थी, इसके लिए टैक्स और फर्म की जीएसटी फीस सुनील ही भरा किया करता था। चार दिन में बदला करता था ठिकाना एएसपी जितेंद्र सिंह ने बताया कि सुनील पासवान बहुत ही शातिर किस्म का अपराधी था। पुलिस से बचने के लिए यह हर चार दिन में अपना ठिकाना बदल दिया करता था। जिस दिन इसे पकड़ा गया है, उसी सुबह चार बजे वह दूसरे स्थान पर जाने की तैयारी कर रहा था, पर उससे ठीक दो घंटे पहले पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। सुनील पासवान इतना शातिर था कि वह स्मार्ट फोन नहीं बल्कि की-पेड मोबाइल का उपयोग किया करता था। समय-समय पर सिम भी बदल लिया करता था। भागने के लिए लग्जरी कार ना लेकर होंडा हॉर्नेट रेसिंग बाइक का उपयोग किया करता था। 2023 में भी कर चुका है बड़ी बैंक डकैती पुलिस जांच में सामने आया कि सुनील पासवान लंबे समय से अंतरराज्यीय बैंक डकैत गिरोह का सरगना है। उसने 19 सितंबर 2023 को छत्तीसगढ़ के रायगढ़ स्थित एक्सिस बैंक में करीब ₹5.62 करोड़ (₹4.19 करोड़ नकद और ₹1.43 करोड़ का सोना) की डकैती डाली थी। इस मामले में उसके कई साथी गिरफ्तार हुए, लेकिन वह फरार हो गया था। इसके बाद उसने बिहार और झारखंड में भी बैंक लूट और फायरिंग जैसी वारदातों को अंजाम दिया। यह खबरें भी पढ़ें... ESAF बैंक डकैती- दो आरोपी गिरफ्तार, 750 ग्राम सोना बरामद जबलपुर के खितौला स्थित ESAF स्मॉल फाइनेंस बैंक में 14 किलो 800 ग्राम सोने की डकैती के मामले में जबलपुर पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। क्राइम ब्रांच और खितौला पुलिस ने शुक्रवार को बिहार के गया जिले से मुख्य आरोपी सुनील पासवान और उसके साथी चंचल पासवान को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने दोनों के कब्जे से करीब 750 ग्राम सोना बरामद किया है, जिसकी कीमत करीब सवा करोड़ रुपए है। सुनील पासवान मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ में बैंक डकैती व लूट के मामलों में वांछित था।पूरी खबर पढ़ें एमपी में 14 करोड़ का सोना लूटा, बिहार में छिपाया जबलपुर के सिहोरा में इसाफ स्मॉल फाइनेंस बैंक में 14 करोड़ का सोना और 5 लाख कैश लूटने के मामले का खुलासा हो गया। रविवार को पुलिस ने 4 आरोपियों को दमोह से गिरफ्तार कर लिया। पूरी खबर यहां पढ़ें...
औरंगाबाद में NH-19 पर शुक्रवार रात तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक में टक्कर मार दी। हादसे में बाइक सवार 2 दोस्तों की मौत हो गई, जबकि तीसरे की हालत गंभीर बनी हुई है। घटना नगर थाना क्षेत्र के कामा बिगहा पुल के पास की है। जानकारी के अनुसार शाहपुर अखाड़ा के पास रहने वाले तीन दोस्त एक ही बाइक पर सवार होकर दूध लेने जा रहे थे। गाड़ी रॉन्ग साइड में थी, इस दौरान रफ्तार अज्ञात ट्रक ने रौंद दिया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि तीनों सड़क पर दूर जा गिरे। आसपास के लोगों ने तुरंत सदर अस्पताल पहुंचाया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। गंभीर हालत में एक युवक गयाजी रेफर डॉक्टरों ने पड़रिया निवासी रामजनम यादव के पुत्र अभय कुमार(17) और शाहपुर अखाड़ा के लकी कुमार(17) को मृत घोषित कर दिया। वहीं, तीसरा युवक पोखरा मोहल्ले का रहने वाला है। गंभीर हालत को देखते हुए उसे हायर सेंटर गयाजी रेफर किया गया है। सीसीटीवी कैमरे खंगाल रही पुलिस सूचना मिलते ही नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दुर्घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। अज्ञात वाहन की पहचान के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। हादसे के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। अस्पताल में मचा हंगामा, व्यवस्था पर उठे सवाल हादसे की खबर मिलते ही सदर अस्पताल में मृतकों के परिजनों और स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जुट गई। दोनों परिवारों में कोहराम मच गया। लोगों ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी नाराजगी जताते हुए हंगामा किया। आरोप था कि गंभीर मरीजों के इलाज की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण उन्हें रेफर कर दिया जाता है, जिससे कई मरीज रास्ते में ही दम तोड़ देते हैं। लोगों ने अस्पताल में बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की। छानबीन में जुटी पुलिस थानाध्यक्ष बबन बैठा ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया गया है। धक्का मार कर भागने वाले वाहन का पता लगाया जा रहा है। मामले में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। घर में मचा कोहराम मृतक अभय का परिवार कई वर्षों से शाहपुर अखाड़ा स्थित किराए के मकान में रह रहा है। उसके पिता रामजनम यादव पहले ओडिशा में प्राइवेट जॉब करते थे। पिछले कुछ महीनों से औरंगाबाद में ही रह रहे थे। फिलहाल वे किसी जरूरी कार्य से उज्जैन गए हुए हैं। अभय अपने भाइयों में सबसे छोटा था। लकी कुमार का मूल घर गयाजी के सिकरिया गांव में है। उसका परिवार भी कई वर्षों से औरंगाबाद के शहीद नगर में किराए के मकान में रह रहा है। उसके पिता प्रेम सोनी मोहल्ले में ही आभूषण की दुकान चलाते हैं। मौत के बाद परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है।
बस्तर पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 12 किलो 700 ग्राम गांजा के साथ 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जब्त गांजे की कीमत करीब 6 लाख 35 रुपए बताई जा रही है। दोनों आरोपी ओडिशा से गांजा लेकर उत्तर प्रदेश जा रहे थे। पुलिस ने उन्हें नगरनार थाना क्षेत्र के धनपुंजी फॉरेस्ट नाका के पास से पकड़ा। पुलिस को सूचना मिली थी कि, दो युवक काले रंग के पिट्ठू बैग में गांजा लेकर धनपुंजी फॉरेस्ट नाका के पास वाहन का इंतजार कर रहे हैं। सूचना मिलते ही नगरनार पुलिस की टीम मौके पर पहुंची।बताए गए हुलिए के आधार पर दोनों संदिग्धों को घेराबंदी कर पकड़ा। बैग की तलाशी में मिला 12.7 किलो गांजा पुलिस ने दोनों युवकों के बैग की तलाशी ली तो उसमें कुल 6 पैकेट में रखा 12 किलो 700 ग्राम गांजा बरामद हुआ। जब्त मादक पदार्थ की अनुमानित कीमत 6 लाख 35 हजार रुपए बताई गई है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे गांजा ओडिशा से लेकर उत्तर प्रदेश जा रहे थे। दोनों आरोपी उत्तर प्रदेश के निवासी गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हरिओम शर्मा (19) निवासी सरफदीनपुर, थाना मलावा, जिला हरदोई (उत्तर प्रदेश) और मोनू चौरसिया (24) निवासी थाना सुरसा, जिला हरदोई (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है। NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट की धारा 20(ख) के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है। बाद में उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
दुर्ग जिले में 55 वर्षीय लापता महिला का अर्धनग्न शव पुलगांव नाला किनारे झाड़ियों में मिला है। महिला के सिर पर पत्थर से वार के गहरे निशान मिले हैं, जिससे हत्या की आशंका जताई जा रही है। शरीर के निचले हिस्से में कपड़े न होने के कारण दुष्कर्म की भी आशंका है। महिला की गुमशुदगी एक दिन पहले दर्ज कराई गई थी और शव कुछ ही घंटों बाद मिला। पुलिस, क्राइम ब्रांच, एफएसएल और डॉग स्क्वाड की टीमें घटना की जांच में जुटी हैं। घटनास्थल को तत्काल सील कर फॉरेंसिक साक्ष्य जुटाए गए हैं। शव पुलगांव नाला के पास रिलायंस पेट्रोल पंप के बगल से शिवनाथ नदी की ओर जाने वाले कच्चे रास्ते के किनारे स्थित जंगलनुमा झाड़ियों में मिला। स्थानीय लोगों की सूचना पर शाम करीब 6 बजे पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने मृतका की पहचान ओम नगर, उरला निवासी भगवंतीन बाई साहू (55) के रूप में की है। उनके पति हिरऊ राम साहू का पहले ही निधन हो चुका था। वह अपनी बेटी रोशनी देशमुख और दामाद कृष्ण देशमुख के साथ रहती थीं और मजदूरी करके परिवार का भरण-पोषण करती थीं। परिजनों के अनुसार, भगवंतीन बाई 16 जुलाई की शाम करीब चार बजे घर से निकली थीं, लेकिन वापस नहीं लौटीं। काफी तलाश के बाद 17 जुलाई को सिटी कोतवाली थाना में उनकी गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी। गुमशुदगी दर्ज होने के कुछ ही समय बाद पुलगांव क्षेत्र से उनका शव मिलने की सूचना ने परिवार को सदमे में डाल दिया। सिर पत्थर से कुचला, हत्या की आशंका मजबूत भिलाई नगर सीएसपी सत्य प्रकाश तिवारी ने बताया कि महिला के सिर पर पत्थर से गंभीर चोट के निशान मिले हैं। प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि सिर पर वार ही मौत का कारण बना। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद मौत के वास्तविक कारण की पुष्टि होगी। अर्धनग्न हालत में मिला शव, दुष्कर्म एंगल पर जांच घटनास्थल पर महिला के शरीर के निचले हिस्से में कपड़े नहीं मिले। इसी वजह से पुलिस दुष्कर्म के बाद हत्या की आशंका को भी गंभीरता से जांच रही है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि इसकी पुष्टि केवल मेडिकल और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल हत्या और संभावित यौन अपराध दोनों पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। आखिरी बार तहसील कार्यालय के पास देखी गई थी पुलिस को प्रारंभिक जांच में पता चला है कि 16 जुलाई की शाम करीब तीन से चार बजे के बीच महिला को दुर्ग तहसील कार्यालय के आसपास आखिरी बार देखा गया था। इसके बाद वह पुलगांव क्षेत्र तक कैसे पहुंचीं, उनके साथ कौन था और वारदात किस समय हुई, इन सवालों के जवाब तलाशने के लिए पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। आसपास के लोगों और संभावित प्रत्यक्षदर्शियों से भी पूछताछ की जा रही है। क्राइम ब्रांच, एफएसएल और डॉग स्क्वाड जुटे इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलगांव थाना पुलिस के साथ क्राइम ब्रांच, फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) और डॉग स्क्वाड को भी जांच में लगाया गया है। घटनास्थल से मिले हर भौतिक साक्ष्य को सुरक्षित कर वैज्ञानिक परीक्षण के लिए भेजा जा रहा है। पुलिस मृतका के संपर्क में रहने वाले लोगों और संदिग्ध गतिविधियों की भी जांच कर रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से खुलेगा हत्या का राज फिलहाल पुलिस इसे संदिग्ध हत्या मानकर विवेचना कर रही है। पोस्टमार्टम और मेडिकल रिपोर्ट के बाद यह स्पष्ट होगा कि महिला के साथ दुष्कर्म हुआ था या नहीं तथा हत्या किस परिस्थिति में की गई। पुलिस का कहना है कि सभी तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।
'रेड लाइट एरिया में रहकर ई-रिक्शा चालक से प्यार किया। 2 साल लिव-इन रिलेशनशिप में रहने के बाद शादी की फिर पति के धर्म में खुद को कन्वर्ट किया। बेटे के जन्म के कुछ साल बाद देवर से प्यार किया। पति के विरोध करने पर देवर के साथ भागकर शादी कर ली। 3 बच्चों को जन्म देने के बाद तांत्रिक से तीसरी बार प्यार हुआ। दूसरे पति ने विरोध किया तो बॉयफ्रेंड के साथ मिलकर हत्या कर दी। ' ये कहानी है आरोपी पत्नी मोमिना बेगम की। जिसने सोमवार 13 जुलाई की रात पश्चिम बंगाल के बागडोगरा क्षेत्र में बॉयफ्रेंड के साथ मिलकर अपने पति की हत्या कर दी। पहचान छुपाने के लिए सिर को धड़ से काटकर अलग कर दिया। इसके बाद धड़ को घटनास्थल पर छोड़ दिया और सिर को 5km दूर फेंक दिया। हालांकि, बंगाल पुलिस ने 2 दिन में हत्या का खुलासा करते हुए आरोपी पत्नी, बॉयफ्रेंड समेत 5 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। किशनगंज के युवक की पश्चिम बंगाल के बागडोगरा में मर्डर की प्लानिंग क्यों की गई? क्या बहाना बनाकर पत्नी ने बुलाया। कितने साल पहले लव मैरिज की थी ? किस पति से कितने बच्चे है? तिसरी बार प्यार किससे और कब हुई? पहली शादी से लेकर तीसरे प्यार तक की कहानी पढ़िए… दैनिक भास्कर से बातचीत में किशनगंज के उदगारा पंचायत के पूर्व मुखिया मो. जमशेद आलम ने बताया कि आरोपी महिला मोमिना बेगम पहले सिलीगुड़ी के रेड लाइट क्षेत्र में रहती थी। इसी दौरान उसकी मुलाकात मृतक इमाम के बड़े भाई अख्तर से हुई। वो सिलीगुड़ी में ई रिक्शा चलाते थे और वहां अक्सर आना-जाना था। इसी दौरान 2007 में दोनों के बीच अफेयर स्टार्ट हो गया। इसके बाद दोनों 2009 तक लिव-इन रिलेशनशिप में रहे और बाद में शादी कर ली। इस दौरान महिला हिंदू धर्म से थी और उसका नाम तुम्पा घोष था, जबकि युवक मुस्लिम समुदाय से था। विवाह के कुछ माह बाद महिला ने अपनी इच्छा से धर्म परिवर्तन कर अपना नाम मोमिना बेगम रख लिया। इसके बाद मोमिना को एक बेटा हुआ। जिसकी वर्तमान उम्र लगभग 14 साल है और वह मुंबई में रहकर काम करता है। पहले पति के छोटे भाई से हुआ प्यार पूर्व मुखिया मो. जमशेद ने बताया कि कुछ साल बाद मोमिना बेगम को पति के छोटे भाई इमाम से प्यार हो गया। पति को जब इसकी खबर हुई तो परिवार में विवाद शुरू हो गया। इसके बाद देवर इमाम खुआ के साथ भागकर 2011 में मोमिना ने शादी कर ली। इमाम से उसको तीन बच्चे हुए जिनकी उम्र लगभग 10,8 और 6 साल बताई जा रही है। इसके बाद मोमिना अपने पति इमाम और बॉयफ्रेंड सुदीप के साथ मिलकर तंत्र-मंत्र और तांत्रिक गतिविधियों में संलिप्त हो गई। दरअसल, मोमिना रेड लाइट एरिया से ही सुदीप को जानती थी। सुदीप तांत्रिक का काम शुरू से ही करता था। संदिप ने मोमिना और इमाम को प्रलोभन दिया । इसके बाद महिला के दबाव पर इमाम ने 2020 से तांत्रिक कार्य शुरू कर दिया । इस दौरान सभी ने मिलकर काफी पैसा भी कमाया। पूर्व मुखिया मो. जमशेद ने दावा किया कि यह समूह बिहार, पश्चिम बंगाल तथा असम के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर तांत्रिक कार्य करता था। 2019 में तांत्रिक से शुरू हुआ अफेयर इसी दौरान 2019 में महिला का अफेयर सुदीप के साथ शुरू हो गया। 7 साल तक सब ऐसा ही चलता रहा और इमाम को पत्नी के अफेयर का पता नहीं चला। इसी साल जब इमाम को पत्नी पर शक हुआ, बाद में उसे पत्नी के अफेयर का पता चल गया। उसने जब सुदीप के साथ सब रिश्ता खत्म करने को कहा तो दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया। विवाद के बाद महिला अपने मायके चली गई। आरोप है कि सोमवार को उसने पेट दर्द और इलाज का बहाना बनाकर अपने पति को बागडोगरा बुलाया। साथ ही, उसके प्रेमी ने भी इमाम को तांत्रिक कार्य के बहाने वहां आने के लिए कहा। हत्या से पहले आरोपी महिला और उसके प्रेमी के बीच कई बार बातचीत हुई थी। दोनों ने मिलकर इमाम को रास्ते से हटाने की साजिश रची थी। बागडोगरा पहुंचने पर पत्नी ने करवाया अपहरण जांच में सामने आया कि मोमिना और उसके प्रेमी के बोलने पर इमाम 13 जुलाई को बस से बागडोगरा के लिए रवाना हो गया। वहां पहुंचते ही आरोपियों ने उसका अपहरण कर लिया और उसे हंसखोवा चाय बागान के सेक्शन-9 क्षेत्र में ले जाया गया। पुलिस के मुताबिक, हत्या रात के समय की गई थी। जांच में सामने आया है कि प्रेमी ने पहले धारदार हथियार से इमाम के सिर पर वार किया, जिससे उसकी तत्काल मौत हो गई। इसके बाद पहचान छिपाने के उद्देश्य से शव से सिर अलग कर दिया गया। आरोपियों ने योजना के तहत शव को घटनास्थल के पास छोड़ दिया, जबकि सिर को दूर एक सुनसान इलाके में फेंक दिया, ताकि किसी को संदेह न हो और मृतक की पहचान करने में पुलिस को कठिनाई हो। पुलिस का कहना है कि घर लौटने के दौरान आरोपियों को रास्ते में एक सुनसान स्थान मिला, जहां चारदीवारी से घिरे इलाके में सिर फेंक दिया गया था। जांच के दौरान पुलिस ने उसे बरामद कर लिया। झाड़ फूंक के काम से बुलाकर भाई की हत्या की मृतक के बड़े भाई अख्तर ने बताया कि झाड़ फूंक का काम करने के लिए बहाने से मेरे भाई को बुलाया था। पत्नी ने बॉयफ्रेंड के साथ मिलकर उसकी हत्या कर दी। उन्होंने बताया कि मोमिना बेगम का सुदीप पाल के साथ अवैध संबंध था। इमाम को इसकी जानकारी जब हुई तो उसने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि मोमिना बेगम और इमाम की शादी 15 साल पहले हुई थी और उनके चार लड़के है। उन्होंने बताया कि बीते सोमवार को दो लोग मेरे भाई को बाइक पर बैठा कर ले गए थे। देर रात तक भाई जब वापस नहीं आया तो उसकी तलाश शुरू की गई, जिसके बाद मंगलवार की सुबह 11 बजे जानकारी मिली कि उसका शव बागडोगरा इलाके में फेंका हुआ है। मृतक के भाई ने कहा कि आरोपियों को फांसी की सजा दी जानी चाहिए, यही हमारी मांग है। उन्होंने कहा कि आरोपियों के खिलाफ बिहार में मुकदमा चलना चाहिए ताकि उन्हें इंसाफ मिले ।
अगर आप आज या 19 जुलाई को रायपुर, बिलासपुर, कोरबा, गेवरा रोड या झारसुगुड़ा रूट पर ट्रेन से सफर करने वाले हैं तो पहले अपनी ट्रेन का स्टेटस जरूर चेक कर लें। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर मंडल में भाटापारा-हथबंध स्टेशनों के बीच तीसरी लाइन पर ऑटो सिग्नलिंग की कमीशनिंग के लिए नॉन-इंटरलॉकिंग (एनआई) का काम किया जाएगा। इसके चलते कई पैसेंजर और मेमू ट्रेनें रद्द रहेंगी, जबकि दो ट्रेनें बिलासपुर से ही चलेंगी और वहीं तक आएंगी। जानिए क्या होगा काम? रेलवे के मुताबिक भाटापारा-हथबंध सेक्शन में तीसरी लाइन पर ऑटो सिग्नलिंग सिस्टम शुरू करने के लिए एनआई (नॉन-इंटरलॉकिंग) का काम किया जाएगा। यह काम रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने के लिए किया जा रहा है। इसी वजह से इस रूट पर ट्रेनों का संचालन अस्थायी रूप से प्रभावित रहेगा। दो ट्रेनें बिलासपुर तक ही चलेंगी 68861 गोंदिया-झारसुगुड़ा मेमू 18 और 19 जुलाई को बिलासपुर से ही रवाना होगी। यानी गोंदिया से बिलासपुर के बीच यह ट्रेन रद्द रहेगी। 68862 झारसुगुड़ा-गोंदिया मेमू 18 और 19 जुलाई को बिलासपुर में ही समाप्त होगी। यानी बिलासपुर से गोंदिया के बीच इसका संचालन नहीं होगा।
लखनऊ का हुसैनाबाद वार्ड, शहर का सबसे पुराना और ऐतिहासिक वार्ड है। इसी वार्ड में छोटा इमामबाड़ा, रूमी गेट, घंटाघर और पिक्चर गैलरी जैसे तमाम ऐतिहासिक धरोहरें आती हैं। इस वार्ड के लोगों को गंदगी, जलभराव और सीवर ओवरफ्लो जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। क्षेत्र में नाला मौत को दावत दे रहा है। बाउंड्री वॉल इतनी छोटी है कि अक्सर उसमें हादसे हुआ करते हैं। हुसैनाबाद इलाके में मोहर्रम के दौरान 2 महीना 8 दिन तक सबसे अधिक जुलूस और मजलिस होते हैं। वॉर्ड के लोगों ने बताया कि बारिश के दौरान कई बार तो ऐसा हुआ है कि पूरी सड़क पर पानी भर गया, सड़कें तालाब बन गईं और इसी के बीच से अंजुमन और जुलूस को गुजारना पड़ा। इमामबाड़ा के पास इतना ज्यादा पानी भर जाता है कि यहां मजलिस में शामिल होने जो लोग आते हैं, उनके कपड़े खराब हो जाते हैं। कई बार तो स्थानीय लोगों को खुद ही पानी निकालना पड़ता है। नाली और नाला साफ करना पड़ता है। छोटा इमामबाड़ा से होते हुए ठाकुरगंज की तरफ जाने वाली मुख्य सड़क पर यूनिटी कॉलेज के पास कूड़ाघर बना है जिससे पूरे क्षेत्र के लोग परेशान हैं। अक्सर कूड़ा सड़क पर फैल जाता है। सबसे ज्यादा परेशान छात्र होते हैं और इसका प्रभाव स्थानीय दुकानदारों के व्यापार पर पड़ रहा है। इसी के आगे जामा मस्जिद है, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं। पर्यटकों को भी कूड़ाघर के सामने से गुजरना पड़ता है। दैनिक भास्कर एप 'वार्ड परिक्रमा' मुहिम चला रहा है। इसके तहत नगर निकाय के वार्डों की वास्तविक स्थिति जानने की कोशिश की जा रही है। इसी क्रम में हमारी टीम ने वार्ड नंबर-93 हुसैनाबाद में पहुंची। यहां के प्रमुख कॉलोनियों, मोहल्लों, इलाकों का हाल जाना। निवासियों से बात कर उनकी समस्या समझने की कोशिश की। सबसे पहले ग्राउंड रियलिटी की तस्वीरें- वार्ड की बड़ी समस्याएं- सीवर सड़क पर आने से से परेशानी हो रही- घंटाघर के ठीक सामने सड़क पार करके रईस मंजिल कॉलोनी है। इस के मुख्य गेट पर नाली की गंदगी और कूड़ा जमा था। अंदर जाते ही सीवर की गंदगी सड़क और गलियों में नजर आ रही थी। जिसकी वजह से क्षेत्र में काफी दुर्गंध। इस कॉलोनी में जो सबमर्सिबल पानी की टंकी लगाई गई थी वह भी खराब पड़ी थी। जिसकी वजह से अक्सर लोगों को पानी की समस्या से जूझना पड़ता है। नाला बीमारी और हादसे का केंद्र- इसी वार्ड में जूते बाज़ार से हो कर गुजरने वाला नाला भी लोगों की नींद हराम किये हुए है। थोड़ी सी बारिश के बाद स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ जाती है। सबसे बड़ी समस्या यह है कि नाले की सफाई मानसून शुरू होने के बाद भी नहीं हुई। जिसके कारण गंदगी का अंबार लगा हुआ है और पूरा इलाका इसकी बदबू से परेशान है। नाले की दूसरी बड़ी समस्या यह है की बाउंड्री वॉल बेहद छोटी है। जिस वजह से अक्सर छोटे बच्चे और जानवर हादसे का शिकार हो जाते हैं। भीषण बारिश में जब नाला का पानी ऊपर तक आ जाता है तो अंदाजा ही नहीं लगता है कि सड़क कहां है और नाला कहां। कूड़ाघर से क्षेत्र वालों के लिए बीमारी का घर- छोटा इमामबाड़ा से जो रास्ता यूनिटी कॉलेज और शाही जमा मस्जिद की तरफ जाता है बीच मुख्य सड़क पर कूड़ाघर बना हुआ है। यूनिटी कॉलेज से 20 कदम की दूरी पर यह कूड़ाघर स्थानीय व्यापारियों, निवासियों और छात्रों के लिए मुसीबत है। लोगों का आरोप है कि कूड़ाघर जब पूरी तरह से भर जाता है तब उसका कूड़ा सड़क पर आ जाता है जिसकी वजह से गंदगी के साथ हादसे भी होते हैं। बारिश के दिनों में तो दुर्गंध इतनी ज्यादा फैल जाती है कि आसपास के घरों में सांस लेना मुश्किल हो जाता है। इसी सड़क से होकर इमाम बाड़ा से आने वाले पर्यटक जामा मस्जिद को देखने जाते हैं उसका भी नकारात्मक असर पड़ता है। पानी और सड़क के लिए संघर्ष- क्षेत्र के कई वार्ड में पीने वाले पानी की समस्या भी बनी हुई है। स्थानी लोगों का आरोप है कि सप्लाई वाला पानी समय पर नहीं आता है। इलाके में जो सबमर्सिबल लगाए गए हैं वह भी खराब पड़े हैं जिस कारण दूसरे मोहल्ले से यह दूर-दराज से पानी लाना पड़ता है कई बार तो खरीद कर पीना पड़ता है। इसके साथ ही टूटी हुई सड़के भी बड़ी समस्या है 15 से 20 सालों से सड़कों का निर्माण नहीं हुआ इस दौरान जो सीवर लाइन और पाइप लाइन डाली गई उसके बाद सड़क की स्थिति और जर्जर हो गई। अब पढ़िए स्थानीय लोगों ने जो कहा- थोड़ी देर की बारिश में मोहल्ला जलमग्न होता रईस मंजिल निवासी अमन अली ने बताया कि सबसे बड़ी परेशानी जलभराव की है। थोड़ी देर बारिश होती है तो पूरा मोहल्ला जलमग्न हो जाता है। बारिश के अलावा भी आम दिनों में मोहल्ले में पानी भरा रहता है। इस समय मोहर्रम चल रहा है। सभी घरों और इमाम बाड़ा में मजलिस होती है। सीवर और नालियों का गंदा पानी अगर कपड़ों में लग जाए तो कपड़े अपवित्र हो जाते हैं, इसलिए इस पानी से बचना बेहद जरूरी है। जब भी रात में बारिश हो गई तो सुबह बच्चे स्कूल नहीं जा सकते। जलभराव बीमारियों का घर है। नाली से निकलने वाला कूड़ा और गंदगी बच्चों को संक्रमित करता है। इसके अलावा उस मोहल्ले में बुजुर्ग भी काफी बीमार रहते हैं। जलभराव और बारिश के बाद हम लोग घरों में कैद हो जाते हैं। पानी की टंकियां खराब स्थानीय निवासी हैदर रिजवी ने बताया कि पूरे मोहल्ले की पानी की टंकियां खराब पड़ी है। उनके क्षेत्र में चार पानी की टंकी लगवाई गई जो सबमर्सिबल के जरिए पानी देती थी मगर चारों बेकार हो गई हैं । सबमर्सिबल एक बार खराब हो जाए तो दोबारा बनना असंभव समझिए। सप्लाई का पानी कभी आता है कभी नहीं आता है ऐसे में जो टंकी हम लोगों का सहारा थी वो भी खराब है। अब यह होता है कि जब सप्लाई वाला पानी नहीं आता है तो हम लोगों को पानी खरीद कर पीना पड़ता है। 20 साल से जल निकासी की परेशानी स्थानीय निवासी सादिक ने बताया कि ड्रेनेज सिस्टम खराब है। पिछले 20 सालों से हम लोग देख रहे हैं कि व्यवस्थित तरीके से पानी की निकासी है ही नहीं। एक बार बारिश हो जाए तो 24 घंटे लग जाते हैं पानी निकलने में। जब तक स्थानीय लोग खुद अपनी ना निकालें निकल नहीं सकता। इस जलभराव में गंदगी के साथ करंट कभी खतरा रहता है। जलभराव की जगह पर ट्रांसफार्मर लगे हुए हैं ऐसे में यह हादसों को खुली दावत है। इसके अलावा डोर तो डोर कूड़ा लेने वाले हफ्ते में मुश्किल से एक बार आते हैं। इस वजह से घरों में कूड़ा जमा हो जाता है और फिर लोग कूड़ा सड़क पर डाल देते हैं। ‘पैसे देकर लगवाते हैं झाड़ू ’ छोटा इमामबाड़ा के बगल में रहने वाली निशा ने बताया कि यहां मोहल्ले में सफाई की सबसे बड़ी दिक्कत है। रेगुलर सफाईकर्मी नहीं आता है परेशान होकर हम लोग पैसा देकर प्राइवेट सफाई कर्मियों को बुलाते हैं और उनसे झाड़ू लगवाते हैं सफाई करवाते हैं। अगर ऐसा ना करें तो नालियां चोक हो जाती हैं बच्चे बीमार होते हैं। समस्याओं को लेकर स्थानीय पार्षद और अधिकारियों से शिकायत किया मगर कोई सुनवाई नहीं हुई। मानसून शुरू होते हैं परेशानी और बढ़ जाती है नाली का पानी घर में होता है और घर का सब सामान खराब हो जाता है। ‘महीने में 10 दिन ही आता है सफाईकर्मी ’ गल्ला बाजार के रहने वाले आबिद हुसैन ने बताया कि मोहल्ले में सफाई की स्थिति बहुत खराब है। महीने में बहुत मुश्किल से 10 दिन सफाईकर्मी आता है। जो कर्मचारी आते हैं मनमाने तरीके से काम करते हैं सड़क पर झाड़ू लगाकर कूड़ा नाली में भर देते हैं। सफाई के सर्वे में अधूरी और गलत रिपोर्ट लगाकर सब सही दिखाया जाता है। कहने को शहर स्मार्ट सिटी है मगर सिर्फ कागजों पर। जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी सुबह-शाम वार्ड में आए तो उनको पता चले कि कितना स्मार्ट है। हमने चुनाव में पार्षद के लिए वोट मांगा भाजपा का समर्थन किया। और अब स्थानीय पार्षद हमसे कहते हैं कि इस इलाके से हमें वोट नहीं मिला इसलिए यहां काम नहीं होगा। अगर वोट नहीं मिला तो जीत कैसे हासिल कर रहे हैं। क्षेत्र की जनता के सवालों के जवाब क्यों नहीं देते। गल्ला बाजार, जूता बाजार जैसे कई मोहल्ले हैं जिनकी नालियां सड़ रही हैं। ‘शहर का एपिक सेंटर बदहाल ’ स्थानीय निवासी जहीर मेहंदी ने बताया कि हुसैनाबाद वार्ड शहर का एपिक सेंटर है । छोटा इमामबाड़ा, बड़ा इमामबाड़ा के बीच का हिस्सा है। यहां क्लॉक टावर है। सतखंडा और पिक्चर गैलरी जैसी ऐतिहासिक धरोहरें हैं। यह पूरा हेरिटेज जोन है। इलाके में सफाई और ड्रेनेज सिस्टम बेहद खराब है। जूता बाजार से होकर गुजरने वाला नाला बेहद खराब स्थिति में है। बाउंड्री वॉल बहुत छोटी है, जिस कारण हादसे होते रहते हैं। कभी बच्चे गिरते हैं कभी जानवर नाले में समा जाते हैं। दर्जनों शिकायतें करने के बाद भी जिम्मेदार संज्ञान नहीं लेते। क्षेत्र में जब भी कोई मजलिस या जुलूस होता है तो स्थानीय लोग चंदा जमा करके प्राइवेट आदमी को पैसे देकर सफाई करवाते हैं। कूड़ाघर से पूरे इलाके को परेशानी हो रही बबलू ने बताया कि यूनिटी कॉलेज के पास का कूड़ाघर मुसीबत बना हुआ है। कूड़ाघर के आगे जामा मस्जिद हैस जिसकी गिनी ऐतिहासिक इमारतों में होती है। इसे देखने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक इस रोड से गुजरते हैं। सामने यूनिटी कॉलेज है बच्चों को यहीं से होकर सुबह-शाम आना-जाना होता है। बच्चे संक्रमण का शिकार हो रहे हैं। अक्सर जानवर कूड़े को पूरा सड़क पर फैला देते हैं जिसके बाद ट्रैफिक जाम लगता है। व्यापार पर असर पड़ना सामान्य बात है। इसलिए हम सभी वार्ड के लोग यह चाहते हैं कि इस कूड़े घर को आबादी से दूर कहीं और शिफ्ट कर दिया जाए। 10 साल से नहीं बनी गली छोटा इमामबाड़ा के पीछे रहने वाले तुषार वाल्मीकि ने सड़क की समस्या बताई। उनका कहना था कि गली का निर्माण लगभग 10 साल पहले हुआ था। इसके बाद सीवर लाइन और पानी की पाइपलाइन के लिए खुदाई हुई। अब इस गली की स्थिति बेहद खराब हो चुकी है बारिश के दिनों में गड्ढे पता नहीं चलते हैं और बच्चे बुजुर्ग हादसे का शिकार होते हैं।कई बार बारिश में बच्चे चोट खा चुके हैं। सबसे ज्यादा मुश्किल दो पहिया वाहन वालों को होती है। ‘क्षेत्र में बहुत विकास हुआ, लो लैंड पर भरता है पानी’ पार्षद लुबना अली खान के प्रतिनिधि फैसल नवाब ने कहा कि क्षेत्र में हर संभव विकास का काम करवाया गया है। रईस मंजिल या अन्य जहां जलभराव की समस्या आ रही है यह जगह लो लैंड पर है इसलिए पानी की परेशानी होती है। बाकी शहर का यह सबसे पुराना अवार्ड है जहां की सीवर लाइन वगैरा भी काफी पुरानी है उस पर लगातार काम किया जा रहा है। जलभराव की समस्या दूर करने के लिए नई पाइप लाइन डलवाई जा रही है। शिवपुरी, शीश महल और मोनीपुरवा समेत विभिन्न इलाकों में सड़क निर्माण का काम किया गया। रईस मंजिल में सड़क निर्माण का काम प्रस्तावित है बारिश के बाद शुरू होगा। 3 वर्षों में लगभग 100 समर सेबल लगे , 500 स्ट्रीट लाइट लगी। ----------------------------- इस वार्ड को भी जानिए- भवानीगंज वार्ड में घरों पर मकान बिकाऊ के पोस्टर : कैमरे पर रो पड़े वार्डवासी, गंदगी और जलभराव ने पलायन के लिए मजबूर किया लखनऊ के भवानीगंज वार्ड में जलभराव, सीवर ओवरफ्लो और बदहाल सफाई व्यवस्था से लोग परेशान हैं। सबसे खराब हालात साबिक भादेवा इलाके के हैं, जहां पिछले 6-7 महीनों से घरों के सामने गंदा पानी जमा है। नालों की समय पर सफाई नहीं होने से बारिश का पानी कई दिनों तक नहीं निकलता। हालात ऐसे हैं कि बारिश होते ही घरों में पानी घुस जाता है। इससे बचने के लिए कई लोगों ने घरों के सामने दीवार खड़ी की है। जलभराव की वजह से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। कई परिवार मजबूर होकर घर बेचने के लिए मजबूर हो गए हैं। (पूरी रिपोर्ट पढ़िए)
भीलवाड़ा के महात्मा गांधी हॉस्पिटल में हाल ही में हुई प्रसूताओं की मौतों के मामले में शुक्रवार शाम सर्व समाज ने न्याय की मांग को लेकर भीमगंज थाना से श्री चारभुजानाथ बड़ा मंदिर तक पदयात्रा निकाली। यात्रा के दौरान आमजन को जागरूक करने के लिए पैंपलेट और प्रार्थना पत्र बांटे गए। पदयात्रा के समापन पर भगवान श्री चारभुजानाथ के चरणों में प्रार्थना पत्र अर्पित कर पीड़ित परिवारों को न्याय, निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई। अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ की नारेबाजी पदयात्रा में शामिल लोगों ने शहर के मुख्य बाजारों से गुजरते हुए हॉस्पिटल प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की और प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि प्रसूताओं की लगातार हो रही मौतों ने पूरे समाज को झकझोर दिया है। उन्होंने कहा कि इस मामले में जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय होना जरूरी है। भगवान के चरणों में रखा प्रार्थना पत्र पदयात्रा का समापन श्री चारभुजानाथ बड़ा मंदिर में हुआ। यहां सर्व समाज के लोगों ने भगवान श्री चारभुजानाथ के चरणों में सामूहिक प्रार्थना की। उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों को सद्बुद्धि मिलने, पूरे मामले का सच सामने आने, दोषियों को सजा मिलने और पीड़ित परिवारों को जल्द न्याय मिलने की प्रार्थना की। इस दौरान भगवान के चरणों में एक प्रार्थना पत्र भी अर्पित किया गया। निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग सर्व समाज ने कहा कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि सत्य, न्याय, जवाबदेही और मानव जीवन की रक्षा के लिए है। समाज ने पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कराने, दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था लागू करने की मांग की। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवारों को न्याय मिलने, दोषियों की जवाबदेही तय होने और मातृ मृत्यु के हर मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित होने तक यह जनआंदोलन लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहेगा। बड़ी संख्या में लोग रहे मौजूद इस दौरान रितेश गुर्जर, पवन त्रिपाठी, राघव कोठारी, रवि पंडित, जीतू गुर्जर, सिद्धार्थ पाराशर, लोकेश खटीक, राजेंद्र सिंह, विजेश खटीक, मोनू सेन, हिमांशु सेन, सुनील खटीक, देवदत्त पाराशर, रविन्द्र धाकड़, लोकपाल प्रजापत, पवन व्यास, बनवारी गाडरी, पूरन गाडरी, मुकेश जांगिड़, महेश शर्मा, दिलीप यादव, अनिल सोनी, सुधांशु जैन, यदुवेन्द्र सिंह, नवीन जोशी, संजय गुर्जर, कौशल पारीक, ललित देवनानी, आनंद शर्मा, पूरण तेली, गोपाल साहू, दिनेश गाडरी, राहुल गाडरी और रमेश धोबी सहित सर्व समाज के कई लोग मौजूद रहे।
CM योगी आदित्यनाथ शुक्रवार रात में करीब 9 बजे गाजियाबाद के मुरादनगर में अपनी बहन पुष्पा चौधरी से मिलने उनके घर पहुंचे। उनकी बहन का घर राजनगर एक्सटेंशन स्थित एमजीआई घरौंदा सोसायटी में है। सीएम योगी के सोसायटी पहुंचते ही लोग फ्लैट से बाहर निकल आए। वे जय श्री के जयकारे लगाने लगे। सीएम योगी ने हाथ हिलाकर शांत कराया। इसके बाद सीएम सीधे बहन के घर में प्रवेश किए। यहां करीब 45 मिनट तक रुके। इस दौरान उन्होंने बहन का हाल चाल पूछा। जब वह सोसायटी से निकलने लगे तो बच्चों ने उनसे फोटो खिंचाने की जिद की। सीएम ने उनके साथ फोटो खिंचाई। उसके बाद कार में बैठकर सीधे पीडब्ल्यू गेस्ट हाउस पहुंचे। रात में उनके लिए ठहरने और खाने का यहीं पर इतंजाम किया गया था। सीएम ने रात्रि प्रवास के दौरान यहां पर सादा भोजन किया। उन्हें खाने में लौकी- चना की दाल, रोटी, चावल के साथ केले, लौकी और तोरई की सब्जी परोसी गई। सीएम शनिवार को यहां से आज बुलंदशहर जाएंगे। बहन के पति का ब्रेन हैमरेज से हुआ था निधन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की बहन पुष्पा चौधरी मुरादनगर में रहती हैं। उनके पति राजेंद्र चौधरी का कुछ समय पहले ब्रेन हेमरेज से निधन हो गया था।गाजियाबाद आने से पहले उनका परिवार वैशाली में रहता था। करीब ढाई साल पहले राजनगर एक्सटेंशन में शिफ्ट हुआ था। तब से उनका परिवार यहीं पर रहता है। बताया जाता है कि सीएम योगी जब भी गाजियाबाद आते हैं अपनी बहन से मिलने उनके घर जरूर आते हैं। 868 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया सीएम योगी शुक्रवार को करीब साढ़े 3 बजे मुरादनगर आए थे। यहां उन्होंने मुरादनगर और मोदीनगर विधानसभा क्षेत्र के लिए 868 करोड़ के 90 प्रोजेक्ट्स का लोकार्पण और शिलान्यास किया। उन्होंने पूर्व कैबिनेट मंत्री राजपाल त्यागी की प्रतिमा का अनावरण भी किया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने कांवड़ यात्रा को लेकर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में तय किया गया कि कांवड़ यात्रा के दौरान डीजे भी बजेंगे और कांवड़ियों का पुष्पवर्षा कर स्वागत किया जाएगा। ये खबर भी पढ़ें लड़की से पूछा- शादी करोगी, मना करते ही गोली मारी:चिल्लाते हुए भागा- किसी और की नहीं होने दूंगा; मेरठ में बीच सड़क वारदात मेरठ में सिरफिरे आशिक ने एकतरफा प्यार में बीच सड़क 24 साल की लड़की को गोली मार दी। गुरुवार रात 11 बजे आरोपी ने सहेली के साथ लड़की को रोका। उससे पूछा- मुझसे शादी कर लो। लड़की ने मना किया तो बंदूक निकाल ली। फायर कर दिया। पढ़ें पूरी खबर…
लखनऊ में सुबह से छाए बादल, उमस बढ़ी:गरज-चमक के साथ बारिश के आसार, आज से मानसून पकड़ सकता है रफ्तार
लखनऊ में सुबह से बादल छाए हुए हैं। दिन में मौसम साफ भी बना रहेगा। बादलों की गरज-चमक के साथ बारिश के आसार भी हैं। आज 18 जुलाई से एक सिस्टम यूपी में बन रहा है। इसके असर से मानसून लखनऊ सहित पूरे प्रदेश में रफ्तार पकड़ सकता है। तापमान में गिरावट भी आएगी। मौसम विभाग का अनुमान है कि आज लखनऊ का अधिकतम तापमान 35 डिग्री और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री के आसपास बना रहेगा। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 35.5 डिग्री रहा। न्यूनतम तापमान 25.7 डिग्री रहा। अधिकतम आर्द्रता 84 फीसदी और न्यूनतम आर्द्रता 64 फीसदी रही। 22 जुलाई तक बारिश के आसार मौसम विभाग ने 22 जुलाई तक लगातार बारिश के आसार जताएं हैं। इस बीच 18 जुलाई के बाद मानसून पूरी तरह से फिर से सक्रिय होने की संभावना है। दिन में 3.2 मिलीमीटर बारिश हुई। जबकि, 15 जुलाई सुबह 8 बजे से 16 जुलाई सुबह 8 बजे तक 7.2 मिलीमीटर बारिश हुई। इस दौरान सामान्य सामान्य बारिश का औसत 7.1 मिलीमीटर है। मानसून में अभी तक 108.1 मिलीमीटर बरसात हुई है। जबकि, सामान्य बारिश का औसत 201.9 मिलीमीटर है। यह सामान्य से 48 फीसदी कम है। कम दबाव क्षेत्र उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ रहा उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में एक कम दबाव का क्षेत्र बना है, जो धीरे-धीरे और मजबूत हो रहा है और उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रहा है। 18 जुलाई से इस सिस्टम के असर से लखनऊ समेत राज्य में मानसून रफ्तार पकड़ेगा। इसके बाद भारी बारिश होगी। तापमान में अच्छी-खासी गिरावट आएगी। पिछले कई दिनों से परेशान कर रही उमसभरी गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी।
क्रेटा कार में आए चार बदमाशों ने एक व्यापारी को उसके जूते के शोरूम से कीडनैप कर लिया। बदमाश पहले शोरूम में घुसे और व्यापारी पर डंडे से हमला किया। इसके बाद दो बदमाश उसे जबरदस्ती उठाकर कार में डालकर भाग हो गए। पूरी वारदात शोरूम में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई। घटना बाड़मेर जिले के रीको थाना इलाके में महादेव मार्केट स्थित एसजी मार्ट के पास शुक्रवार रात करीब 9 बजे हुई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने बाड़मेर और बालोतरा में तुरंत नाकाबंदी करवा दी। तस्कर के गांव की तरफ पुलिस ने किया पीछा शोरूम और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के आधार पर रीको थाना पुलिस की दो टीमें तुरंत बदमाशों के पीछे लग गईं। पुलिस को पता चला कि मामले में शामिल तस्कर रेखाराम नागाणा थाना इलाके के रेवाला बाटाडू गांव का रहने वाला है। इसके बाद पुलिस ने तीन गाड़ियों से उतरलाई, नागाणा, चौखला, रेवाला बाटाडू और भाडखा की तरफ लगातार पीछा किया। लगातार पीछा होने और पुलिस का दबाव बढ़ता देख बदमाश व्यापारी के साथ मारपीट कर उसे रेवाला बाटाडू के पास कच्चे रास्ते पर छोड़कर फरार हो गए। इसके बाद पुलिस व्यापारी को अपने साथ थाने लेकर पहुंची। वहां उससे पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली गई और मेडिकल भी करवाया गया। फिलहाल पुलिस फरार बदमाशों की तलाश में जुटी हुई है। गर्दन और कमर से पकड़कर कार में डाला रीको थानाधिकारी चैन प्रकाश के अनुसार नागाणा थाना इलाके के चौखला गांव निवासी गणेश (25) पुत्र प्रहलादराम भांभू शुक्रवार रात सिणधरी रोड स्थित एसजी मार्ट के पास अपने स्काई शू जूतों के शोरूम में बैठा था। रात करीब 9 बजकर 10 मिनट पर एक क्रेटा कार वहां आकर रुकी। कार से दो बदमाश डंडा लेकर शोरूम के अंदर घुसे और गणेश पर हमला कर दिया। गणेश ने खुद को बचाने की कोशिश की, लेकिन दोनों बदमाशों ने उसकी गर्दन और कमर पकड़कर जबरदस्ती उठाया और बाहर खड़ी क्रेटा कार में डाल दिया। इसके बाद कार में बैठे अन्य बदमाशों के साथ उसे लेकर मौके से फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही रीको थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने तुरंत बाड़मेर और बालोतरा जिले में नाकाबंदी करवाई। शोरूम और आसपास के सीसीटीवी फुटेज की जांच के दौरान एक बदमाश की पहचान तस्कर रेखाराम महिया के रूप में हुई। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और फरार आरोपियों की तलाश जारी है। मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश जारी रीको थानाधिकारी चैन प्रकाश ने बताया- पीड़ित के साथ मामूली मारपीट की गई है। बयान के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। पीड़ित का मेडिकल करवाकर बदमाशों की तलाश की जा रही है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज यूपी के तीन शहरों बुलंदशहर, अमरोहा और संभल के दौरे पर रहेंगे। सबसे पहले वे बुलंदशहर को 574.56 करोड़ रुपये की 20 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे। 24 पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगे और 'एक पेड़ मां के नाम' वृक्षारोपण महाअभियान-2026 की शुरुआत भी करेंगे। साथ ही विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र और उपकरण वितरित करेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री सबसे पहले शिकारपुर विधानसभा क्षेत्र के खंडवाया स्थित रज्जू भैया सैनिक विद्या मंदिर पहुंचेंगे। इसके बाद वह बुलंदशहर के नुमाइश मैदान में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में शामिल होंगे। यहां 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देंगे। वृक्षारोपण के बाद मुख्यमंत्री विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा लगाए गए प्रदर्शनी स्टॉलों का निरीक्षण करेंगे। इसके अलावा बच्चों के अन्नप्राशन और गर्भवती महिलाओं की गोदभराई कार्यक्रम में भी हिस्सा लेंगे। कार्यक्रम स्थल पर अटल आवासीय विद्यालय, राजकीय मेडिकल कॉलेज और विद्यार्थियों द्वारा तैयार विज्ञान मॉडल का भी अवलोकन करेंगे। मुख्यमंत्री उद्यमियों, प्रगतिशील किसानों और स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं से संवाद कर उनका उत्साहवर्धन करेंगे। 20 परियोजनाओं का होगा शिलान्यास मुख्यमंत्री बुलंदशहर और सिकंदराबाद विधानसभा क्षेत्रों से जुड़ी 20 विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे। इनमें बुलंदशहर-स्याना-गढ़ मार्ग का चौड़ीकरण, अमृत 2.0 पेयजल पुनर्गठन योजना, पुलिस लाइन में महिला एवं पुरुष बैरकों का निर्माण, कल्याण सिंह राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय में नर्सिंग कॉलेज की स्थापना प्रमुख हैं। इसके अलावा स्वच्छ भारत मिशन (नगरीय) 2.0 के तहत एसटीपी एवं को-ट्रीटमेंट कार्य, राजकीय आईटीआई में कार्यशाला निर्माण, गौसंरक्षण केंद्र की स्थापना सहित सात नई परियोजनाओं का भी शिलान्यास किया जाएगा। 24 परियोजनाओं का करेंगे लोकार्पण मुख्यमंत्री 24 पूर्ण हो चुकी विकास परियोजनाओं का उद्घाटन भी करेंगे। इनमें राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय सेंठा की बाउंड्री वॉल, जयप्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय बदनौरा के ट्रांजिट हॉस्टल, यमुनापुरम स्पोर्ट्स स्टेडियम के ऑल वेदर स्विमिंग पूल का सुदृढ़ीकरण और 100 बेड क्षमता वाले वर्किंग वीमेन हॉस्टल का लोकार्पण शामिल है। इसके साथ ही संयुक्त जिला चिकित्सालय में विद्युत फीडर की स्थापना तथा चामड़ कॉलोनी से गुलावठी रोड तक सीसी रोड और नाली निर्माण जैसे विकास कार्य भी जनता को समर्पित किए जाएंगे। लाभार्थियों को सौंपेंगे स्वीकृति पत्र और उपकरण कार्यक्रम के अंतिम चरण में मुख्यमंत्री विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को लाभान्वित करेंगे। मुख्यमंत्री युवा योजना के तहत चयनित युवाओं को स्वीकृति पत्र वितरित किए जाएंगे। साथ ही सिरेमिक टूलकिट, थर्मल प्रिंटर, कस्टम हायरिंग सेंटर और फार्म मशीनरी बैंक से जुड़े लाभार्थियों को भी उपकरण और स्वीकृति पत्र प्रदान किए जाएंगे। मुख्यमंत्री जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों से संवाद भी करेंगे। इसके बाद सीएम योगी अमरोहा में विकास परियोजनाओं का शिलान्यास-लोकार्पण करेंगे और आम सभा को संबोधित करेंगे। अंत में संभल में भी विकास परियोजनाओं की सौगात करेंगे। बुलंदशहर की तस्वीरें देखिए-
लुधियाना में पनबस डिपो के ड्राइवर और परिचालक के खिलाफ नशीले पदार्थों की तस्करी का मामला सामने आया है। डिपो की चेकिंग टीम की रिपोर्ट के आधार पर थाना डिवीजन नंबर-5 पुलिस ने दोनों कर्मचारियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 12 किलोग्राम भुक्की चूरा पोस्त बरामद किया है, जबकि दूसरे आरोपी की तलाश जारी है। पुलिस के अनुसार, यह मामला पनबस लुधियाना के डिपो मैनेजर की ओर से भेजे गए पत्र के आधार पर दर्ज किया गया है। शिकायत में बताया गया कि 17 जुलाई 2026 को डिपो की चेकिंग टीम ने ड्राइवर गोबिंदर सिंह और परिचालक मनप्रीत सिंह उर्फ काकू के खिलाफ बस में नशीला पदार्थ लाने संबंधी रिपोर्ट सौंपी थी। 12 किलोग्राम भुक्की चूरा पोस्त बरामद चेकिंग स्टाफ की रिपोर्ट के अनुसार, नशीला पदार्थ कार नंबर PB-10-FUU-5356 में रखा गया था। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी मनप्रीत सिंह उर्फ काकू, निवासी गांव सैदपुर बेहिहारा, तहसील आनंदपुर साहिब, जिला रूपनगर को गिरफ्तार किया। तलाशी लेने पर उसके कब्जे से 12 किलोग्राम भुक्की चूरा पोस्त बरामद किया गया। आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज मामले में दूसरे आरोपी गोबिंदर सिंह, निवासी गांव मामदपुर, थाना शेरपुर, जिला संगरूर, की गिरफ्तारी अभी नहीं हो पाई है। पुलिस उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। थाना डिवीजन नंबर-5 पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धाराओं 15, 61 और 85 के तहत एफआईआर दर्ज की है। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है। जांच के दौरान यह पता लगाया जा रहा है कि बरामद भुक्की चूरा पोस्त कहां से लाई गई थी और इसे किस स्थान पर सप्लाई किया जाना था। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
छत्तीसगढ़ सरकार ने वर्ष 2025-26 के राज्य खेल अलंकरण के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। खेल एवं युवा कल्याण विभाग उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और निर्णायकों को विभिन्न पुरस्कारों से सम्मानित करेगा। आवेदन 5 अगस्त तक ऑनलाइन किए जा सकेंगे। खेल निदेशक तनुजा सलाम की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, आवेदन केवल खेल विभाग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे। सभी 33 जिलों के खेल अधिकारियों और राज्य खेल संघों को प्राप्त आवेदनों की जांच कर अंतिम तिथि के तीन दिन के भीतर संचालनालय भेजने के निर्देश दिए गए हैं। सीनियर खिलाड़ियों को तीन लाख तक का पुरस्कार राज्य खेल अलंकरण के तहत शहीद राजीव पाण्डे पुरस्कार में राष्ट्रीय खेल या राष्ट्रीय चैंपियनशिप के पदक विजेता और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ियों को 3 लाख रुपए दिए जाएंगे। वहीं शहीद कौशल यादव पुरस्कार के तहत जूनियर राष्ट्रीय चैंपियनशिप के पदक विजेताओं को 1.50 लाख रुपए मिलेंगे। उत्कृष्ट प्रशिक्षक और निर्णायकों को वीर हनुमान सिंह पुरस्कार के तहत 1.50 लाख रुपए दिए जाएंगे। इसके अलावा शहीद विनोद चौबे सम्मान के तहत 55 वर्ष या उससे अधिक आयु के खेल दिग्गजों को 25 हजार रुपए और शहीद पंकज विक्रम सम्मान के तहत लगातार पांच वर्षों में चार बार सीनियर राष्ट्रीय चैंपियनशिप में राज्य का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ियों को 25 हजार रुपए प्रदान किए जाएंगे। दलीय खेलों के लिए मुख्यमंत्री ट्रॉफी चार खिलाड़ियों वाली टीम के सीनियर वर्ग को 2 लाख और जूनियर वर्ग को 1 लाख रुपए दिए जाएंगे। चार से अधिक खिलाड़ियों वाली टीम के सीनियर वर्ग को 5 लाख और जूनियर वर्ग को 3 लाख रुपए मिलेंगे। सभी विजेताओं को नकद राशि के साथ मानपत्र, अलंकरण फलक, ब्लेजर और टाई भी प्रदान किए जाएंगे। खेलवृत्ति और प्रोत्साहन राशि भी मिलेगी राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं के पदक विजेताओं और राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले 19 वर्ष तक के खिलाड़ियों को खेलवृत्ति दी जाएगी। वहीं वर्ष 2025-26 के दौरान सब-जूनियर, जूनियर और सीनियर राष्ट्रीय चैंपियनशिप में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को नकद प्रोत्साहन राशि मिलेगी। खेल संघों को उनके प्रदर्शन के आधार पर प्रेरणा निधि भी दी जाएगी। आवेदन से जुड़ी अहम बातें
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी को भंग करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर शुक्रवार रात सीकर में कॉकरोच जनता पार्टी ने SFI के साथ मिलकर मशाल जुलूस निकाला। जुलूस सीकर में पिपराली सर्किल से शुरू होकर सीएलसी चौराहे पर पहुंचा। पहले इस कार्यक्रम में कॉकरोच जनता पार्टी के अभिजीत दीपके आने वाले थे, लेकिन वह नहीं पहुंचे। उनकी जगह पार्टी के स्पोक्सपर्सन सौरव दास पहुंचे। जिन्होंने माइक लेकर वीडियो कॉल पर अभिजीत दीपके का संबोधन करवाया। दीपके ने कहा कि इस मूवमेंट को सबसे ज्यादा सपोर्ट राजस्थान से मिला है। उनका यहां पर आने का काफी मन था। सीकर की जनता को धन्यवाद देने आएंगे लेकिन वह यहां पर आते तो पुलिस वाले दिल्ली से धरना उठा लेते। अभिजीत ने कहा कि जब यह प्रोटेस्ट खत्म हो जाएगा तो सबसे पहले वह सीकर की जनता को धन्यवाद देने के लिए आएंगे। अभिजीत ने 20 जुलाई को दिल्ली में होने वाले संसद मार्च में शामिल होने के लिए लोगों से अपील की। कॉकरोच जनता पार्टी के स्पोक्सपर्सन सौरव दास ने कहा कि मैंने चीफ जस्टिस सूर्यकांत के खिलाफ कई आरटीआई फाइल की हुई थी। उन्होंने जो बयान दिया उसमें उन्होंने कहा था आजकल के युवा आरटीआई फाइल कर देते हैं, आरटीआई एक्टिविस्ट बन जाते हैं, मीडिया में चले जाते हैं। प्रधान सीट पर फेविकोल चिपकाकर बैठे हैं मुझे पता नहीं कि यह बात उन्होंने मेरे लिए कई हो। लेकिन वह मुझसे खफा हैं। अब इसका जवाब तो वह अपने रिटायरमेंट के बाद ही देंगे। इस तरह के चीफ जस्टिस हम डिजर्व नहीं करते। बात रही देश के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की तो 90 पेपरलीक हुए हैं। लेकिन वह अपनी सीट पर फेविकोल चिपकाकर बैठे हैं।

