चरित्र शंका में पति ने की पत्नी की हत्या:अनूपपुर में कुल्हाड़ी से हमला, आरोपी गिरफ्तार
अनूपपुर जिले की फुनगा पुलिस चौकी क्षेत्र के ग्राम पंचायत पयारी क्रमांक-1 में शनिवार सुबह एक युवक ने चरित्र शंका में अपनी पहली पत्नी की कुल्हाड़ी से हत्या कर दी। घटना के बाद आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस चौकी प्रभारी सोने सिंह परस्ते ने बताया कि मृतका मुनिया बाई शनिवार सुबह करीब 9:30 बजे घर में खाना बना रही थी। इसी दौरान उसका पति मायाराम चौधरी कुल्हाड़ी लेकर वहां पहुंचा और चरित्र संदेह को लेकर उससे विवाद करने लगा। विवाद बढ़ने पर मायाराम चौधरी ने कुल्हाड़ी से अपनी पत्नी के सिर पर कई वार किए। गंभीर चोटों और अत्यधिक रक्तस्राव के कारण महिला की मौके पर ही मौत हो गई। दूसरी पत्नी के साथ रहता आरोपी स्थानीय लोगों से पूछताछ में सामने आया कि मायाराम चौधरी की दो पत्नियां थीं। वह अपनी दूसरी पत्नी के साथ घटनास्थल से लगभग एक किलोमीटर दूर पयारी गांव में रहता था। पहली पत्नी से उसके दो बेटे हैं। आरोपी अपनी पहली पत्नी पर चरित्र संदेह करता था, जिसे इस वारदात का मुख्य कारण बताया जा रहा है। घटना की सूचना मिलते ही फुनगा पुलिस चौकी प्रभारी, कोतमा एसडीओपी और जांच अधिकारी मौके पर पहुंचे। आरोपी को हिरासत में लिया एसडीओपी आरती शाक्य ने घटनास्थल का जायजा लिया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। पुलिस ने आरोपी मायाराम चौधरी को हिरासत में ले लिया है। मृतका के शव का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है।
उन्नाव की गंगाघाट कोतवाली पुलिस ने चेकिंग के दौरान एक शातिर वाहन चोर को गिरफ्तार किया है। आरोपी देवरिया का रहने वाला है और इस समय बांगरमऊ में रह रहा था। पुलिस ने आरोपी के पास से बिना नंबर प्लेट की चोरी की बाइक के अलावा उसकी निशानदेही पर 4 अन्य मोटरसाइकिलें और एक स्कूटी बरामद की हैं। गंगाघाट पुलिस शुक्रवार रात सरैया रेलवे क्रॉसिंग के पास चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी को रोक लिया। कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने स्वीकार किया कि बरामद बाइक उसने 12 दिन पहले दही चौकी क्षेत्र से चोरी की थी। आरोपी की पहचान छोटू उर्फ बौका यादव (22) के रूप में हुई है। आरोपी पर बांगरमऊ और माखी थानों में वाहन चोरी के कई मामले और गैंगस्टर एक्ट दर्ज है। वह पहले भी जेल जा चुका है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी जिले के अलग-अलग इलाकों से गाड़ियां चुराकर बेचता था। बरामद वाहनों में हीरो स्प्लेंडर, स्प्लेंडर प्रो, पैशन प्रो, बजाज पल्सर और एक स्कूटी शामिल हैं। गंगाघाट इंस्पेक्टर अजय सिंह ने बताया कि बरामद वाहनों के मालिकों का पता लगाया जा रहा है और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया है।
करौली के चित्रकूट नगर में एक सांड के हमले में एक रिटायर्ड टीचर गंभीर रूप से घायल हो गए। यह घटना आशीर्वाद मैरिज हॉल के पीछे हुई और पास लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। स्थानीय लोगों और वार्ड पार्षद ने नगर परिषद पर आवारा पशुओं को पकड़ने में लापरवाही का आरोप लगाया है और तत्काल कार्रवाई की मांग की है। घायल टीचर की पहचान वासुदेव गुप्ता के रूप में हुई है। उनके पुत्र विनोद गर्ग ने बताया कि वार्ड संख्या 7 स्थित चित्रकूट नगर में यह सांड पिछले कई दिनों से उनके वाहनों को भी नुकसान पहुंचा रहा था। जब वासुदेव गुप्ता ने सांड को वाहनों के पास घूमते देखा, तो उन्होंने उसे हटाने का प्रयास किया। इसी दौरान सांड ने उन पर हमला कर दिया और उन्हें हवा में उछाल दिया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। इस हमले में वासुदेव गुप्ता के कूल्हे की हड्डी में फ्रैक्चर हुआ है। पूरी घटना आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई है, जिसमें सांड द्वारा हमला करते हुए स्पष्ट देखा जा सकता है। स्थानीय निवासियों के अनुसार यह सांड कई दिनों से क्षेत्र में घूम रहा था और पहले भी वाहनों को क्षतिग्रस्त कर चुका था। इसके बावजूद नगर परिषद द्वारा इसे पकड़ने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। परिषद में शिकायत के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई वार्ड पार्षद राजकुमारी मीणा और उनके पति धरम मीणा ने आरोप लगाया कि आवारा सांड, कुत्तों और बंदरों की समस्या को लेकर नगर परिषद को कई बार लिखित शिकायतें दी गई हैं। हालांकि, इन शिकायतों पर अभी तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि शहर में आवारा पशुओं और बंदरों के हमलों के साथ-साथ कुत्तों के काटने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिससे आमजन में डर का माहौल है। पार्षद धरम मीणा ने चेतावनी दी है कि यदि सात दिनों के भीतर आवारा पशुओं को पकड़ने की कार्रवाई नहीं की गई, तो नगर परिषद के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने मैगजीन चौराहे पर हाल ही में मवेशियों को बचाने के प्रयास में हुई तीन युवकों की मौत का भी जिक्र करते हुए नगर परिषद से आवारा पशुओं को तत्काल पकड़ने की व्यवस्था करने की मांग की।
दुर्ग जिले के पुलगांव थाना क्षेत्र के छातागढ़ स्थित पीपरछेड़ी-गनियारी शिवनाथ नदी में जन्मदिन मनाने पहुंचे आठ दोस्तों में से दो बच्चे तेज बहाव में बह गए। शनिवार (25 जुलाई) सुबह SDRF के सर्च अभियान में एक बच्चे का शव बरामद कर लिया गया, जबकि दूसरे की तलाश जारी है। जानकारी के अनुसार, उरला निवासी आठ दोस्त शुक्रवार दोपहर जन्मदिन मनाने शिवनाथ नदी पहुंचे थे। बर्थडे सेलिब्रेशन के बाद शाम करीब 4 बजे 14 वर्षीय रेहान खान और 12 वर्षीय आरव नदी में नहाने उतरे। इसी दौरान दोनों गहरे पानी और तेज बहाव की चपेट में आकर बह गए। दोस्त ने बचाने की कोशिश की किनारे मौजूद एक साथी ने दोनों को बचाने का प्रयास किया, लेकिन तेज बहाव के कारण सफल नहीं हो सका। बच्चे काफी देर तक खुद तलाश करते रहे। बाद में परिजनों और पुलिस को सूचना दी गई। सुबह चला रेस्क्यू अभियान रात होने के कारण एसडीआरएफ रेस्क्यू शुरू नहीं कर सकी। शनिवार सुबह छह बजे से विशेष सर्च ऑपरेशन चलाया गया। करीब दो घंटे बाद घटनास्थल से लगभग एक किलोमीटर दूर रेहान खान (14) का शव बरामद कर पुलिस को सौंप दिया गया। आरव की तलाश अब भी जारी है। तीन महीने में दूसरी बड़ी घटना स्थानीय लोगों ने बताया कि इसी स्थान पर 19 अप्रैल को भी दो युवकों की डूबने से मौत हुई थी। लगातार हो रहे हादसों के बाद लोगों ने नदी के खतरनाक हिस्से में सुरक्षा व्यवस्था, चेतावनी बोर्ड और निगरानी बढ़ाने की मांग की है।
गाजियाबाद के वेव सिटी इलाके में 23 जुलाई को युवती की हत्या की गई। 48 घंटे बाद भी युवती के शव की शिनाख्त नहीं हुई। गाजियाबाद पुलिस सभी थाना क्षेत्रों से लापता युवतियों के बारे में जांच कर रही है। वहीं गाजियाबाद के अलावा आसपास के जिलों से भी लापता युवतियों के बारे में जानकारी मांगी है। नोएडा, हापुड़, बुलंदशहर, बागपत और मेरठ पुलिस से भी संपर्क किया है। पोस्टमार्टम कराकर पुलिस ने युवती के शव को लावारिस में रखा है, जहां शव मिलने के 72 घंटे बाद ही शव का अंतिम संस्कार किया जा सकेगा। युवती ने हल्की छींट के सूट सलवार पहन रखे थे। गला काटकर की गई हत्या 23 जुलाई की सुबह सुबह 9 बजकर 7 मिनट पर थाना वेव सिटी पर डायल 112 के माध्यम से सूचना दी गई। कि काजीपुरा के एक खेत में जहां पर अचानक से बीच में से किसी के घसीटने के निशान हैं और फसल टूटी पड़ी है। इस सूचना पर डायल 112, वेव सिटी थाना पुलिस और एसीपी प्रिया श्रीपाल भी मौके पर पहुंची। जहां युवती का शव खून से लथपथ हालत में मिला। पास में ज्वार की फसल भी टूटी हुई मिली। गले पर धारदार हथियार के गहरे घाव मिले। युवती की उम्र 22 साल के प्रतीत होनी बताई गई। प्रथम दृष्टा पुलिस मान रही है कि युवती अनमैरिड होने की संभावना है, हत्या यहीं पर की गई है या दूसरी जगह पर करके शव फेंका गया है। ऑनर किलिंग या करीबी हो सकता है हत्यारा पहले पुलिस शव की शिनाख्त की कोशिश कर रही है। जिसके बाद ही आरोपियों तक पहुंचा जा सकेगा। इसमें पुलिस ऑनर किलिंग या किसी करीबी पर हत्या करने पर आशंका है। काजीपुरा का घना जंगल है, यहां आसपास के लोगों से भी घटना की जानकारी की जा रही है। पुलिस ने बयान में रेप की पुष्टि से इनकार किया है। एसपी वेव सिटी प्रिया श्रीपाल ने बताया कि पोस्टमार्टम कराया गया है। शव की पहचान के लिए 4 टीमें लगी हैं। तथा CCTV से भी पुलिस आसपास के क्षेत्र में तलाश की जा रही है। 72 घंटे में पहचान नहीं होती तो पुलिस शव का लावारिस में अंतिम संस्कार कराएगी। पोस्टमार्टम के बाद शव सुरखित रखा गया है।
बुलंदशहर। दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में शनिवार को बुलंदशहर में आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने मलका पार्क से कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च निकालकर केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के बाद राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारी को सौंपा गया। प्रदर्शन में शामिल कार्यकर्ताओं ने हाथों में झंडे और तख्तियां लेकर शिक्षा व्यवस्था, प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और छात्रों के साथ हुए व्यवहार को लेकर विरोध जताया। पूरे मार्च के दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई। 'छात्रों की आवाज दबाना लोकतंत्र के खिलाफ' प्रदर्शनकारियों का कहना था कि लोकतंत्र में अपनी मांगों को शांतिपूर्ण ढंग से रखने वाले छात्रों पर लाठीचार्ज किया जाना बेहद निंदनीय है। उनका आरोप था कि छात्रों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय बल प्रयोग किया गया। उन्होंने मांग की कि लाठीचार्ज के लिए जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े लगातार विवादों और हालिया घटनाक्रम की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। उनका कहना था कि छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर सरकार को गंभीरता से निर्णय लेना चाहिए। भारी पुलिस बल रहा तैनात कलेक्ट्रेट घेराव के आह्वान और बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के जुटने की सूचना को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। मलका पार्क से लेकर कलेक्ट्रेट परिसर तक सुरक्षा व्यवस्था के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया। प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और बाद में कार्यकर्ताओं ने प्रशासनिक अधिकारी को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों से केंद्र सरकार को अवगत कराने की अपील की।
डीडवाना-कुचामन पुलिस ने अंतरराज्यीय मंदिर चोरी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए बरड़वा थाना क्षेत्र के चार मंदिरों में हुई चोरी की वारदातों का महज 72 घंटे में खुलासा कर दिया। पुलिस ने गिरोह के तीन मुख्य आरोपियों को जयपुर से गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से चोरी में प्रयुक्त कार और औजार बरामद किए गए हैं। वहीं, गिरोह के सरगना के पास से एक अवैध देसी कट्टा और 9 जिंदा कारतूस भी जब्त किए गए हैं। चार मंदिरों को बनाया था निशाना यह कार्रवाई 20 जुलाई को बरड़वा थाना क्षेत्र के पायली, सरदारपुरा खुर्द, दाउदसर और मोडियावट गांव स्थित मंदिरों में हुई चोरी की घटनाओं के संबंध में की गई। चोरों ने मंदिरों के ताले तोड़कर चांदी के छत्र, धार्मिक आभूषण और दानपात्रों में रखी नकदी चोरी कर ली थी। घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर विशेष जांच शुरू की। 350 CCTV फुटेज से मिला अहम सुराग पुलिस अधीक्षक डॉ. प्यारेलाल शिवरान (IPS) के निर्देश पर विशेष टीम का गठन किया गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हिमांशु शर्मा और वृत्ताधिकारी जेठू सिंह के सुपरविजन में टीम ने करीब 350 CCTV कैमरों की फुटेज का तकनीकी विश्लेषण किया। साइबर टीम की मदद से घटना में प्रयुक्त वाहन की पहचान की गई, जिसके आधार पर विभिन्न जिलों में दबिश देकर आरोपियों को जयपुर से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में कई वारदातें कबूलीं पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे संगठित गिरोह बनाकर राजस्थान के विभिन्न जिलों में मंदिर चोरी और मोटरसाइकिल चोरी की कई वारदातों को अंजाम दे चुके हैं। पुलिस के अनुसार, गिरोह पहले मंदिरों की रेकी करता था और रात के समय कम सुरक्षा वाले धार्मिक स्थलों को निशाना बनाता था। राजस्थान और उत्तर प्रदेश तक फैला नेटवर्क प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरोह में राजस्थान और उत्तर प्रदेश के सदस्य शामिल हैं। पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है और चोरी गए सामान की बरामदगी के प्रयास भी जारी हैं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अजय कुमार भार्गव (निवासी कल्याणपुरा, श्रीमाधोपुर, सीकर), प्रियांशु उर्फ भानु (मूल निवासी फर्रुखाबाद, उत्तर प्रदेश, हाल निवासी जयपुर) और महिपाल (निवासी लोसल, जिला सीकर) के रूप में हुई है। सरगना से मिला अवैध हथियार पुलिस ने बताया कि मुख्य आरोपी महिपाल के कब्जे से एक अवैध देसी कट्टा और 9 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। हथियार और कारतूस कहां से लाए गए, इसकी भी जांच की जा रही है। SP की अपील: मंदिरों की सुरक्षा बढ़ाएं पुलिस अधीक्षक डॉ. प्यारेलाल शिवरान ने कहा कि धार्मिक स्थलों पर चोरी की घटनाओं को गंभीरता से लिया जा रहा है। उन्होंने मंदिर प्रबंधन समितियों और आमजन से अपील की कि मंदिरों में मजबूत ताले, CCTV कैमरे और रात्रिकालीन निगरानी की व्यवस्था सुनिश्चित करें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
गुना में अवैध मदिरा के निर्माण, विक्रय, संग्रह, परिवहन और जहरीली शराब के खिलाफ आबकारी विभाग लगातार कार्रवाई कर रहा है। जिला आबकारी अधिकारी गुरुप्रसाद केवट के मार्गदर्शन में आबकारी वृत्त गुना-1 के प्रभारी राधाकिशन के नेतृत्व में ग्राम निर्भयगढ़, पिटाखेड़ी (मोहरी) और कुसमौदा में दबिश दी गई। कार्रवाई के दौरान जंगल में चल रही अवैध शराब भट्टी पकड़ी गई, 40 लीटर हाथभट्टी शराब और 450 किलोग्राम लाहन जब्त किया गया। जब्त सामग्री का अनुमानित मूल्य 60 हजार रुपए है। इस कार्रवाई में मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम, 1915 की विभिन्न धाराओं के तहत चार प्रकरण दर्ज किए गए हैं। निर्भयगढ़ में जंगल के अंदर चल रही भट्टी पकड़ी आबकारी टीम ने ग्राम निर्भयगढ़ में नदी किनारे जंगल के अंदर चल रही अवैध शराब भट्टी पर दबिश दी। टीम को देखते ही आरोपी मौके से फरार हो गया। मौके से ड्रम और केनों में रखा 250 किलोग्राम लाहन तथा चलती भट्टी से उतर रही 25 लीटर हाथभट्टी शराब जब्त की गई। पिटाखेड़ी में नाले से मिला 200 किलो लाहन ग्राम पिटाखेड़ी (मोहरी) के नाले में दबिश के दौरान करीब 200 किलोग्राम गुड़ से तैयार लाहन बरामद किया गया। आबकारी विभाग ने मौके पर ही लाहन को नष्ट कर दिया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह सामग्री पास में रहने वाले एक व्यक्ति की बताई जा रही है। मामले की विवेचना जारी है। कुसमौदा में पाउच में बिक रही थी शराब गुना शहर के कुसमौदा क्षेत्र में कार्रवाई के दौरान पन्नी के पाउच में भरी 15 लीटर हाथभट्टी शराब जब्त की गई। जांच में सामने आया कि आरोपी गुंजा पारदी और जसवीर पारदी अवैध रूप से इस शराब की बिक्री कर रहे थे। दोनों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की गई। 60 हजार की सामग्री जब्त, चार प्रकरण दर्ज पूरी कार्रवाई के दौरान कुल 40 लीटर हाथभट्टी शराब और 450 किलोग्राम लाहन जब्त किया गया। लाहन को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। जब्त सामग्री का अनुमानित मूल्य करीब 60 हजार रुपए है। दबिश के दौरान मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम, 1915 की विभिन्न धाराओं के तहत कुल चार प्रकरण दर्ज किए गए। इन अधिकारियों की रही महत्वपूर्ण भूमिका कार्रवाई में आबकारी मुख्य आरक्षक रामहेत सिंह कुशवाह, आबकारी आरक्षक गोविंद सिंह मीना, अरुण कुमार शर्मा, कमल बरौदिया, महिला आरक्षक पूजा रघुवंशी और खुशबू रघुवंशी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। आबकारी विभाग ने बताया कि जिले में अवैध शराब के निर्माण, बिक्री और परिवहन के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
हापुड़ में आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) ने युवाओं, छात्रों और प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थियों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर धरना प्रदर्शन किया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने मेरठ रोड तिराहा स्थित अंबेडकर मूर्ति के पास प्रदर्शन कर राष्ट्रपति के नाम संबोधित एक ज्ञापन एडीएम मोनिका को सौंपा। पार्टी पदाधिकारियों ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार, भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता लाने, पेपर लीक की घटनाओं पर रोक लगाने तथा छात्र आंदोलनों के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच की मांग की। शिक्षा मंत्री के इस्तीफा देने की मांग जिला अध्यक्ष वेद प्रकाश ने कहा कि देश का युवा शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता, प्रतियोगी परीक्षाओं की निष्पक्षता और रोजगार के अवसरों को लेकर चिंतित है। पार्टी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की। इसके साथ ही, नीट पेपर लीक प्रकरण से संबंधित परिस्थितियों में जान गंवाने वाले छात्रों के परिजनों को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देने की भी मांग की गई। पार्टी ने संसद में पेपर लीक और छात्र आंदोलनों के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई पर चर्चा कराने की मांग की। उन्होंने आंदोलन में शामिल छात्रों के खिलाफ किसी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई न करने तथा शिक्षा माफिया और पेपर लीक गिरोहों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने की अपील की। इसके अतिरिक्त, रामपुर स्थित जौहर यूनिवर्सिटी पर प्रस्तावित कार्रवाई रोककर छात्रों के हितों की रक्षा करने की भी मांग उठाई गई। ज्ञापन में छात्र आंदोलन के दौरान छात्राओं के साथ हुई कथित अभद्र घटनाओं, सादी वर्दी में मौजूद व्यक्तियों की भूमिका, आंसू गैस के गोलों के प्रयोग, क्षतिग्रस्त वाहनों और कथित रूप से कीलों वाली लाठियों के इस्तेमाल की निष्पक्ष जांच कराने की मांग भी शामिल थी। शिक्षा एवं भर्ती सुधार संबंधी मांगों में नीट, जेईई सहित सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शी और सुरक्षित परीक्षा प्रणाली लागू करना, परीक्षा शुल्क समाप्त करना, वार्षिक भर्ती कैलेंडर जारी करना, रिक्त पदों पर समयबद्ध भर्ती करना तथा भर्ती प्रक्रियाओं में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करना शामिल है। पार्टी ने कहा कि शिक्षा, रोजगार और न्याय प्रत्येक युवा का संवैधानिक अधिकार है और सरकार को इन मांगों पर शीघ्र कार्रवाई करनी चाहिए।
बाड़मेर में जमीन विवाद को लेकर एक युवक की मौत का मामला सामने आया है। घटना शुक्रवार रात करीब 11 बजे शिव थाना इलाके के जसे का गांव में हुई। सरकारी जमीन पर एक पक्ष बुवाई कर रहा था। इसी दौरान दूसरे पक्ष के लोगों से उनकी कहासुनी हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। इसी दौरान एक युवक की अचानक तबीयत बिगड़ गई। परिजन उसे हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि युवक के साथ मारपीट की गई थी और उसे धमकाया भी गया था। उनका कहना है कि मारपीट और धमकाने की वजह से ही उसकी तबीयत बिगड़ी और बाद में उसकी मौत हो गई। वहीं, पुलिस का कहना है कि युवक की मौके पर अचानक तबीयत बिगड़ी थी। प्रारंभिक जांच में उसकी मौत हार्ट अटैक से होने का अंदेशा है। हालांकि मौत की असली वजह पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ होगी। पुलिस के अनुसार जसे का गांव निवासी सुमेरसिंह सरकारी जमीन पर बुवाई कर रहे थे। इसी दौरान दूसरे पक्ष के हनीफ खान (55) पुत्र फलगू खान ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। इसकी सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। इसी दौरान हनीफ खान की अचानक तबीयत बिगड़ गई और वह जमीन पर गिर गए। परिजन उन्हें आनन-फानन में शिव हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। वहां प्राथमिक इलाज के बाद डॉक्टरों ने उन्हें बाड़मेर रेफर कर दिया। बाड़मेर ले जाते समय रास्ते में हनीफ की मौत हो गई। रात को हनीफ के शव को शिव हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया। इसके बाद परिजन और समाज के लोग वहां इकट्ठे हो गए। पुलिस और प्रशासन की टीम उनसे समझाइश कर रही है। परिजनों ने लगाया मारपीट का आरोप मृतक के परिजन हनीफ के साथ मारपीट और डराने-धमकाने का आरोप लगा रहे हैं। उनका कहना है कि इसी वजह से हनीफ की तबीयत बिगड़ी और उसकी मौत हुई। वहीं, मृतक के बेटे ने पोस्टमॉर्टम करवाने से मना कर दिया है। पुलिस बोली- दोनों पक्षों में मारपीट नहीं हुई शिव थाना इंचार्ज मनोहरलाल विश्नोई ने बताया कि दोनों पक्ष आमने-सामने नहीं हुए थे। ऐसे में मारपीट होने का सवाल ही नहीं है। प्रारंभिक जांच में हनीफ की मौत हार्ट अटैक से होने का अंदेशा है। पोस्टमॉर्टम के बाद ही मौत की असली वजह सामने आएगी।
प्रयागराज। दिल्ली के जंतर-मंतर की तर्ज पर शनिवार को प्रयागराज में प्रतियोगी छात्रों का विरोध प्रदर्शन सिर्फ नारों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि रचनात्मक और प्रतीकात्मक तरीकों ने सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया। प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे छात्रों ने अलग-अलग संदेशों वाले स्लोगन, पोस्टर और होर्डिंग के जरिए अपनी नाराजगी जाहिर की। किसी ने तिरंगा ओढ़कर देशभक्ति के साथ अपने अधिकारों की मांग उठाई, तो कोई कॉकरोच का वेश धारण कर व्यवस्था पर व्यंग्य करता नजर आया। बोले, अपने भविष्य के लिए लड़ाईप्रदर्शन में शामिल छात्रों का कहना था कि उनकी लड़ाई किसी राजनीतिक दल के लिए नहीं, बल्कि अपने भविष्य और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के लिए है। उनका आरोप है कि भर्ती परीक्षाओं में लगातार हो रही अनियमितताओं, पेपर लीक, परिणामों में देरी और नियुक्तियों के लंबे इंतजार ने लाखों युवाओं का भविष्य अधर में डाल दिया है।सबसे अधिक आकर्षण उस छात्र ने खींचा जिसने कॉकरोच का रूप धारण किया था। छात्र का कहना था कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं की स्थिति ऐसी हो गई है कि तमाम मुश्किलों और विपरीत परिस्थितियों के बावजूद उन्हें संघर्ष करते रहना पड़ रहा है। उसने इस प्रतीक के जरिए व्यवस्था पर सवाल उठाए। परीक्षा कराओ, नियुक्ति दिलाओवहीं कई छात्र तिरंगा ओढ़कर प्रदर्शन में पहुंचे। उनका कहना था कि वे देश के खिलाफ नहीं, बल्कि देश के युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने की मांग कर रहे हैं। उनके हाथों में तख्तियां थीं, जिन पर हमें रोजगार चाहिए, परीक्षा कराओ, नियुक्ति दिलाओ, युवा न्याय मांग रहा है और भविष्य से खिलवाड़ बंद करो जैसे संदेश लिखे थे।प्रदर्शन स्थल पर कई छात्रों ने अलग-अलग तरह के रचनात्मक पोस्टर और होर्डिंग भी तैयार किए थे। किसी ने सरकार से सवाल पूछते हुए कार्टून बनाए, तो किसी ने व्यंग्यात्मक संदेशों के जरिए अपनी पीड़ा व्यक्त की। इन पोस्टरों के साथ छात्र लगातार नारेबाजी करते रहे और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता, समयबद्ध परीक्षा और शीघ्र नियुक्ति की मांग करते रहे। केवल प्रयागराज नहीं, कई जनपदों के छात्रप्रदर्शन में न सिर्फ प्रयागराज बल्कि बड़ी संख्या में अलग-अलग जनपदों से छात्र शामिल होने पहुंचे हैं। प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से जारी रहा, जबकि छात्रों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाएगा, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।छात्रों का कहना है कि वे लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज सरकार तक पहुंचाना चाहते हैं और उम्मीद करते हैं कि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। प्रयागराज में विरोध का यह रचनात्मक अंदाज पूरे प्रदर्शन का सबसे चर्चित पहलू रहा।
पीलीभीत। उत्तर प्रदेश सरकार के उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह शनिवार को एक दिवसीय दौरे पर पीलीभीत पहुंचे। उन्होंने मंडी निर्माण विभाग की 14.48 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली सड़क परियोजनाओं का लोकार्पण किया। इस दौरान मंडी परिषद परिसर में वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। मंत्री ने जिन परियोजनाओं का लोकार्पण किया, उनमें 728.85 लाख रुपये की लागत से निर्मित 10 नई सड़कें और 719.56 लाख रुपये की लागत से लगभग 17 किलोमीटर सड़कों के विशेष मरम्मत कार्य शामिल हैं। इन परियोजनाओं की कुल लागत 14 करोड़ 48 लाख रुपये से अधिक है। सरकार का दावा है कि इन सड़कों के निर्माण और मरम्मत से किसानों, व्यापारियों तथा ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को आवागमन में बड़ी सुविधा मिलेगी और कृषि उपज को मंडियों तक पहुंचाना आसान होगा। 6 तस्वीरें देखिए- 'किसानों की आय बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता' लोकार्पण समारोह के बाद आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के उद्देश्य से विभिन्न फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में लगातार बढ़ोतरी की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने पर भी विशेष जोर दे रही है। नई तकनीकों के इस्तेमाल से उत्पादन बढ़ेगा, खेती की लागत कम होगी और किसानों का मुनाफा भी बढ़ेगा। मंत्री ने कहा कि बेहतर सड़क नेटवर्क से कृषि उत्पादों के परिवहन में आसानी होगी, जिसका सीधा लाभ किसानों और व्यापारियों को मिलेगा। वृक्षारोपण कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने मंडी परिषद परिसर में पौधारोपण किया और लोगों से अधिक से अधिक पेड़ लगाने की अपील की। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के साथ पर्यावरण संरक्षण भी उतना ही जरूरी है और सभी को इसमें अपनी भागीदारी निभानी चाहिए। ये रहे मौजूद कार्यक्रम में जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष गोकुल प्रसाद मौर्य, विधायक विवेक वर्मा, स्वामी प्रवक्तानंद, बाबूराम पासवान, पूर्व जिलाध्यक्ष संजीव प्रताप सिंह, भाजपा नेता अभिषेक सिंह गोल्डी, मंडी समिति के अधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
सीतापुर में एक बाइक मवेशी से टकरा गई। हादसे में दो युवक घायल हो गए। घायलों का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा था, जहां शनिवार सुबह एक युवक की मौत हो गई। हादसा इतना भीषण था कि हेलमेट दो हिस्सों में टूट गया। मरने वाला युवक हरदोई का रहने वाला था। हरदोई के रहने वाले सुखमी लाल (45) पुत्र मोहन अपने रिश्तेदार लखपति (50) पुत्र रज्जू के साथ शुक्रवार देर शाम बाइक से सीतापुर से वापस हरदोई लौट रहे थे। जैसे ही उनकी बाइक पिसावां थाना क्षेत्र के कुतुबनगर मार्ग पर मुल्लाभीरी गांव के पास पहुंची, तभी अचानक सड़क पार कर रही एक भैंस से उनकी बाइक की जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक चालक का हेलमेट दो हिस्सों में टूट गया और दोनों लोग सड़क पर गिरकर घायल हो गए। पुलिस ने दोनों घायलों को तत्काल सीएचसी भेजा। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया, जहां उपचार के दौरान शनिवार सुबह सुखमी लाल की मौत हो गई। वहीं लखपति का इलाज जारी है। घटनास्थल पर पुलिस को बाइक के पास एक बोरी में पूजा सामग्री, लाल झंडा और नारियल मिला हैं। वहीं भैंस के गले में बंधा लकड़ी का खूंटा टूटा हुआ मिला, जिससे आशंका जताई जा रही है कि भैंस अचानक सड़क पर आ गई थी। थानाध्यक्ष प्रभात कुमार गुप्ता ने बताया कि मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। दूसरे घायल का अस्पताल में उपचार चल रहा है।
पानीपत शहर की कश्यप कॉलोनी में पुरानी रंजिश के चलते एक परिवार पर जानलेवा हमले का मामला सामने आया है। किराए के मकान से अपना सामान वापस घर में शिफ्ट कर रहे युवक पर पड़ोस में रहने वाले दबंग परिवार ने घर में घुसकर लाठी-डंडों, लोहे की रॉड और गंडासियों से हमला कर दिया। बीच-बचाव करने आए पड़ोसी युवक और उसकी मां को भी आरोपियों ने नहीं बख्शा। हमले में दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि एक महिला को भी चोटें आई हैं। घटना के बाद आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए। पुलिस ने घायलों को अस्पताल में भर्ती कराकर मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं, पीड़ित परिवार ने हमलावरों को शह देने का आरोप BJP नेता एवं वार्ड पार्षद संजीव दहिया पर आरोप लगाए हैं। पीड़ित परिवार का कहना है कि पार्षद इन हमलावरों की पहले भी मदद कर चुके हैं। इन आरोपों को नकारते हुए पार्षद संजीव दहिया ने कहा कि मैं दोनों में से किसी भी पक्ष को नहीं जानता हूं। न ही मुझे झगड़े की जानकारी है। जो गलत करेगा, वो सजा का हकदार है। पहले हुए झगड़ा का पंचायती तौर पर हुआ समझौता घायल लक्ष्मण के भाई प्रवीन ने बताया कि करीब एक माह पहले आरोपियों ने उनके पिता पाले राम पर भी हमला किया था। उस समय पंचायत के माध्यम से दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया था, लेकिन इसके बावजूद आरोपी परिवार उनसे रंजिश रखे हुए था। इसी विवाद के कारण उसका बड़ा भाई लक्ष्मण अपना घर छोड़कर किराए के मकान में रहने चला गया था। प्रवीन के अनुसार, लक्ष्मण दिहाड़ी मजदूर है और सरिया बांधने का काम करता है। लगातार किराया देना उसके लिए मुश्किल हो रहा था। इसी कारण 24 जुलाई को वह अपना सामान वापस कश्यप कॉलोनी स्थित घर में शिफ्ट कर रहा था। आरोप है कि इसी दौरान पड़ोस में रहने वाले जोहरा, उसका बेटा विशाल, लाडी, लाडी का बेटा, सतबीर, उसका बेटा अक्षय, नीलम, निर्मला, जागो, अजय, अजीत, अरुण, गौरव और बलराज समेत अन्य लोग हथियारों से लैस होकर घर में घुस आए। पड़ोसी दोस्त और उसकी मां पर भी किया हमला शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने आते ही लक्ष्मण पर लाठी-डंडों, लोहे की रॉड और गंडासियों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। शोर सुनकर सामने रहने वाला सागर अपने घर से बीच-बचाव के लिए आया तो हमलावरों ने उस पर भी गंडासियों और अन्य हथियारों से हमला कर दिया। सागर की मां गुड्डी ने जब दोनों युवकों को बचाने का प्रयास किया तो उसके साथ भी मारपीट की गई। घटना के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत डायल-112 पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और गंभीर रूप से घायल लक्ष्मण, सागर और गुड्डी को सिविल अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने दोनों युवकों की हालत गंभीर बताते हुए उनका इलाज शुरू किया। बताया जा रहा है कि लक्ष्मण की उम्र करीब 28 वर्ष है और उसके दो छोटे बच्चे हैं, जबकि 24 वर्षीय सागर की शादी करीब एक वर्ष पहले ही हुई थी। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि हमलावर जाते समय उन्हें दोबारा जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए। पु
महिला परिचालक के रोडवेज बस चलाने पर कार्रवाई:हरदोई में चालक-परिचालक हटाए गए, जांच के आदेश
गंगा एक्सप्रेस-वे पर चलती रोडवेज बस का स्टीयरिंग महिला परिचालक को सौंपने का वीडियो वायरल होने के बाद परिवहन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। हरदोई डिपो के क्षेत्रीय प्रबंधक गौरव वर्मा ने मामले को गंभीर मानते हुए बस के चालक और महिला परिचालक, दोनों को तत्काल प्रभाव से ड्यूटी से हटा दिया है। साथ ही दोनों से इस मामले में जवाब भी मांगा गया है। यह मामला उस समय सामने आया, जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ। वीडियो में दिल्ली से हरदोई आ रही रोडवेज बस को महिला परिचालक दीक्षा यादव चलाती दिखाई दे रही थीं, जबकि बस के अधिकृत चालक प्रेम कुमार उनके बगल वाली सीट पर बैठे थे। वीडियो सामने आने के बाद यात्रियों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे। इस मामले को दैनिक भास्कर ने भी प्रमुखता से प्रकाशित किया था, जिसके बाद परिवहन विभाग ने कार्रवाई की। क्षेत्रीय प्रबंधक गौरव वर्मा ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं। डिपो प्रशासन को सात दिन के भीतर विस्तृत जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। रिपोर्ट के आधार पर आगे की विभागीय कार्रवाई की जाएगी। यात्रियों की सुरक्षा से समझौता नहीं परिवहन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। नियमों का उल्लंघन किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाएगा। यदि जांच में कोई और लापरवाही सामने आती है तो संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ भी नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई के बाद रोडवेज के चालक और परिचालकों में भी हड़कंप मच गया है। विभाग ने साफ कर दिया है कि भविष्य में इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
फरीदकोट में रेलवे यात्रियों की सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से पंजाब रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने विशेष अभियान चलाया। स्पेशल डीजीपी (रेलवे), पंजाब के निर्देशों पर फरीदकोट रेलवे स्टेशन पर व्यापक सुरक्षा जांच की गई। यह अभियान डीएसपी (जोनल फिरोजपुर) जसकरण सिंह के नेतृत्व में और थाना जीआरपी फरीदकोट के प्रभारी एसआई जसवीर सिंह की निगरानी में एंटी-सबोटाज टीम के सहयोग से चलाया गया। अभियान के दौरान एंटी-सबोटाज टीम ने आधुनिक उपकरणों की मदद से रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म, वेटिंग रूम, टिकट काउंटर, पार्सल घर और रेलवे ट्रैक की गहन जांच की। इसके अलावा स्टेशन पर मौजूद यात्रियों के सामान और संदिग्ध व्यक्तियों की भी बारीकी से तलाशी ली गई। कोई संदिग्ध वस्तु या संदिग्ध व्यक्ति नहीं मिला जांच के दौरान रेलवे स्टेशन परिसर में कोई संदिग्ध वस्तु या संदिग्ध व्यक्ति नहीं मिला। पुलिस ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस तरह के अभियान आगे भी जारी रहेंगे। यात्रियों की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता इस मौके पर डीएसपी जसकरण सिंह ने कहा कि फिरोजपुर, बठिंडा, अबोहर और फरीदकोट क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सभी रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा और रेलवे परिसर में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए भविष्य में भी ऐसे सुरक्षा अभियान जारी रहेंगे। पुलिस का सहयोग करने की अपील डीएसपी ने आम जनता और रेल यात्रियों से अपील की कि यदि उन्हें कोई लावारिस वस्तु, संदिग्ध बैग या संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दे तो इसकी सूचना तुरंत जीआरपी पुलिस को दें। उन्होंने लोगों से सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करने की अपील भी की।
आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) और भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने शनिवार को बागपत कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन कर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, जंतर-मंतर पर छात्रों के आंदोलन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई की जांच और छात्रों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर अधिकारियों को 12 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। बड़ी संख्या में पहुंचे कार्यकर्ताओं ने कहा कि यह प्रदर्शन दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन और लगातार सामने आ रहे परीक्षा पेपर लीक के मामलों के विरोध में किया गया है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि छात्रों के साथ कथित बर्बरता की गई, जिसकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। 12 सूत्रीय ज्ञापन में उठाईं कई मांगें ज्ञापन में आंदोलन में शामिल छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने, लाठीचार्ज के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने और पेपर लीक मामलों के दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की गई। इसके साथ ही परीक्षा पेपर लीक रोकने के लिए सख्त कानून बनाने, लंबित भर्ती परीक्षाएं समयबद्ध तरीके से पूरी कराने और आंदोलन में घायल छात्रों को उचित मुआवजा देने की भी मांग उठाई गई। 'युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं' प्रदर्शनकारियों ने कहा कि देशभर के छात्र लगातार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि भर्ती परीक्षाओं में लगातार गड़बड़ियां और पेपर लीक की घटनाएं युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ हैं। उन्होंने सरकार से परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाने और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करने की मांग की। सरकार के खिलाफ हुई नारेबाजी प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। ज्ञापन सौंपने के बाद उन्होंने कहा कि यदि छात्रों की मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
धनबाद के तोपचांची थाना क्षेत्र स्थित सेंट थॉमस हाई स्कूल में शनिवार सुबह ड्यूटी के दौरान एक सुरक्षा गार्ड की तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। मृतक की पहचान तोपचांची के बाउरी टोला निवासी राम प्रसाद बाउरी के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, राम प्रसाद बाउरी पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे। शनिवार सुबह स्कूल में ड्यूटी के दौरान उनकी तबीयत अचानक खराब हुई और वे गिर पड़े। स्कूल प्रबंधन ने उन्हें तुरंत साहुबहियार स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलने पर तोपचांची थाना पुलिस अस्पताल पहुंची और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की। इधर, टुंडी विधायक मथुरा प्रसाद महतो भी अस्पताल पहुंचे। उन्होंने मृतक के परिजनों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की। विधायक ने पारिवारिक सहायता के रूप में 5 लाख रुपए का चेक और अंतिम संस्कार के लिए पांच हजार रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की। उन्होंने परिवार को हरसंभव सहयोग का आश्वासन भी दिया। इस घटना से क्षेत्र में शोक का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
गुरुग्राम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में जिला कष्ट निवारण समिति (ग्रीवेंस कमेटी) की बैठक संपन्न हुई। इस दौरान कुल 15 शिकायतें मुख्यमंत्री के समक्ष रखी गईं। जिनमें से 13 का मौके पर ही समाधान कर दिया गया, जबकि शेष 2 लंबित शिकायतों पर अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्पष्ट किया कि शहर की स्वच्छता और सौंदर्यीकरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अवैध रूप से सीएंडडी वेस्ट फेंकने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आदेश दिए। साथ ही, सीएम विंडो पर आने वाली शिकायतों के समाधान में कोताही बरतने वाले लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की चेतावनी दी गई। सीएम बोले- युवाओं के नाम पर घटिया राजनीति हो रही बैठक के बाद मुख्यमंत्री सैनी ने कांग्रेस द्वारा निकाले जा रहे कैंडल मार्च को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने युवाओं के नाम पर की जा रही राजनीति को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के नाम पर घटिया राजनीति करना उचित नहीं है, क्योंकि कांग्रेस के शासनकाल में ही नौकरियों में सबसे अधिक धांधली और बंदरबांट होती थी। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट ने छात्रों के हित में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में केंद्र सरकार ने लगातार छात्र कल्याण के लिए काम किया है, जबकि कांग्रेस ने अपने 55 वर्षों के शासनकाल में देश के युवाओं को केवल खोखला करने का काम किया है। पंजाब में हुई भर्ती पर उठाए सवाल मुख्यमंत्री ने पंजाब के आबकारी विभाग की हालिया भर्ती परीक्षा पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में हुई इस परीक्षा में ऐसे अभ्यर्थियों के नाम सामने आए हैं, जहां रोल नंबर के साथ किसी का नाम भारतीय स्टेट बैंक लिखा था, तो किसी की जगह केवल फोटो लगा था, और उन्हें एक्साइज इंस्पेक्टर बना दिया गया। मुख्यमंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस और उसके गठबंधन को यह सब धांधली दिखाई नहीं देती। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष के पास अब कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए वह देश के युवाओं और छात्रों के कंधों पर बंदूक रखकर सस्ती राजनीति करने पर उतारू है।
दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के वसंत कुंज इलाके में एक मोड़ पर नियंत्रण खोने के बाद 20 साल के एक युवक की कार एक खुले नाले में जा गिरी, जिससे उसकी मौत हो गई।
बाराबंकी। दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के समर्थन में शनिवार को बाराबंकी में भीम आर्मी-आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं और छात्र-छात्राओं ने प्रदर्शन किया। अंबेडकर छात्रावास से पटेल चौराहे तक मार्च निकालकर प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और शिक्षा व्यवस्था, भर्ती परीक्षाओं तथा छात्रों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विरोध जताया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया और छात्राओं के साथ अभद्र व्यवहार किया गया। उनका कहना था कि सरकार भर्ती घोटालों, पेपर लीक और युवाओं के भविष्य से जुड़े गंभीर सवालों का जवाब देने के बजाय आंदोलन को दबाने का प्रयास कर रही है। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भीम आर्मी-आजाद समाज पार्टी के पदाधिकारियों ने कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद के आह्वान पर देशभर में विरोध-प्रदर्शन किए जा रहे हैं। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की। 'मांगें नहीं मानीं तो आंदोलन होगा तेज' प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि छात्रों की मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को बड़े शहरों से लेकर गांव-गांव तक और व्यापक किया जाएगा। उनका कहना था कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर सरकार को गंभीरता से निर्णय लेना चाहिए। प्रदर्शन के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस बल पूरे समय तैनात रहा। हालांकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और बाद में प्रदर्शनकारी अपने-अपने गंतव्य के लिए रवाना हो गए।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए गोंडा जिले को करीब 3 करोड़ रुपये मूल्य का अत्याधुनिक 'JSW SHERP SMV 1200' सर्व-भूभागीय वाहन मिला है। शनिवार सुबह गोंडा सदर विधायक प्रतीक भूषण सिंह ने आर्चा एडवेंचर आर्केड प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से यह विशेष वाहन जिला प्रशासन को निःशुल्क समर्पित किया। वाहन को उसके प्रशिक्षित संचालन दल के साथ तत्काल सेवा में तैनात कर दिया गया है। यह अत्याधुनिक वाहन जलभराव, दलदली क्षेत्र, गहरे कीचड़ और दुर्गम इलाकों में भी आसानी से चल सकता है। इसकी मदद से बाढ़ के दौरान उन गांवों और बस्तियों तक राहत सामग्री, दवाइयां और बचाव दल पहुंच सकेंगे, जहां सामान्य नाव या वाहन पहुंचने में असमर्थ रहते हैं। प्रशासन का मानना है कि इससे आपदा के समय राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी आएगी और प्रभावित लोगों तक समय पर सहायता पहुंचाई जा सकेगी। साहसिक पर्यटन के लिए खरीदा गया था, अब करेगा राहत कार्य बताया गया कि यह वाहन मूल रूप से साहसिक पर्यटन गतिविधियों के लिए खरीदा गया था, लेकिन बाढ़ की गंभीर परिस्थितियों को देखते हुए इसे जनसेवा के लिए जिला प्रशासन को उपलब्ध कराया गया है। वाहन का संचालन पूरी तरह जिला प्रशासन के निर्देशों के अनुसार किया जाएगा। सरकार पर नहीं आएगा कोई वित्तीय भार आर्चा एडवेंचर आर्केड प्राइवेट लिमिटेड ने स्पष्ट किया है कि वाहन के परिवहन, ईंधन, रखरखाव, मरम्मत, चालक दल के वेतन और किसी भी प्रकार की क्षति का पूरा खर्च कंपनी स्वयं वहन करेगी। इसके लिए जिला प्रशासन या राज्य सरकार से किसी भी प्रकार की वित्तीय प्रतिपूर्ति नहीं ली जाएगी। आपदा प्रबंधन प्रणाली में होगा शामिल कंपनी ने आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 के प्रावधानों के तहत जिलाधिकारी को पत्र भेजकर अनुरोध किया है कि इस वाहन को जिला आपातकालीन संचालन केंद्र (DEOC) और इंसिडेंट रिस्पॉन्स सिस्टम (IRS) का हिस्सा बनाया जाए। वाहन के अधिकृत संचालक अतुलेंद्र तकनीकी और सुरक्षा संबंधी सभी मानकों का पालन सुनिश्चित करेंगे तथा आवश्यकता पड़ने पर मौके पर मौजूद रहेंगे। 'एक भी जीवन बचा तो यही सबसे बड़ी सफलता होगी' वाहन समर्पित करते हुए सदर विधायक प्रतीक भूषण सिंह ने कहा- जिस धरती पर मैंने जन्म लिया, उसके संकट में खड़ा होना मेरा कर्तव्य है, उपकार नहीं। यदि हमारे पास ऐसा साधन है जो एक भी जीवन बचा सकता है, तो उसे रोककर रखना अपराध होगा। बाढ़ में घिरे प्रत्येक परिवार तक सहायता पहुंचे, यह वाहन आज से गोंडा का है। उन्होंने कहा कि मानसून के दौरान गोंडा के कई इलाके हर वर्ष बाढ़ से प्रभावित होते हैं। ऐसे समय में यह सर्व-भूभागीय वाहन राहत एवं बचाव अभियान को नई गति देगा और प्रशासन की क्षमता को मजबूत करेगा।
कानपुर में शुक्रवार रात 11 बजे युवक दूसरी शादी कर रहा था। इसी बीच पहली पत्नी आ धमकी। पहली पत्नी ने कहा कि मेरा तलाक नहीं हुआ है। दोनों के बीच दहेज उत्पीड़न का मामला कोर्ट में चल रहा है। इसके बावजूद पति बिना बताए ही दूसरी शादी करने जा रहा था। पत्नी ने विरोध करते हुए निकाह रुकवा दिया। हंगामे की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और दूल्हे को हिरासत में लेकर दोनों पक्षों से पूछताछ की। पुलिस का कहना है कि तहरीर के आधार पर मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मामला चकेरी थाना क्षेत्र के श्यामनगर स्थित एक मैरिज लॉन का है। 2022 में लव मैरिज, दो साल बाद विदाई जूही लाल कॉलोनी के रहने वाले आशिफ (32) ने साल 2022 में चमनगंज की रहने वाली एक 26 साल की ब्यूटी पार्लर संचालिका से लव मैरिज की थी। महिला ने बताया कि दोनों की मुलाकात 2018 में फेसबुक के जरिए हुई थी। आशिफ ने व्हाट्सएप पर बातचीत शुरू की। बाद में अपने परिवार के साथ रिश्ता भेजा। दोनों परिवारों की सहमति से चमनगंज के एक मैरिज हॉल में निकाह हुआ। उस समय आशिफ का घर छोटा था, इसलिए मेरी विदाई टाल दी गई थी। जनवरी 2024 में नया घर लेने के बाद मेरी विदाई हुई। ससुराल पहुंचने के करीब 2 महीने बाद ही पति और ससुराल पक्ष दहेज और रुपये की मांग करने लगे। विरोध करने पर मेरे साथ मारपीट की गई। ससुराल वाले बदनाम करने और घर से निकालने की धमकी देने लगे। लगातार उत्पीड़न से परेशान होकर मैं अप्रैल 2024 में मायके लौट आई। मैंने अपने घरवालों को पूरी बात बताई। जून 2025 में चमनगंज थाने में दहेज उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कराई गई। फिलहाल यह मामला अदालत में विचाराधीन है और नियमित सुनवाई चल रही है। पति आज भी करता है व्हाट्सएप पर बात, कई बार मिल भी चुका पीड़िता का दावा है कि मामला कोर्ट में होने के बावजूद आशिफ मेरे संपर्क में था। वह रोजाना व्हाट्सएप पर चैट करता था। महीने में कई बार मुलाकात भी करता था। इसी वजह से मुझे दूसरी शादी की कोई आशंका नहीं थी। मेरे कोई बच्चा नहीं है। मैं शादी के बाद सिर्फ तीन महीने ही ससुराल में रह सकी। मेरे पिता पहले चाय की दुकान चलाते थे, लेकिन बीमारी के कारण अब घर पर ही रहते हैं। घर से 10 किमी दूर मैरिज लॉन में हो रहा था निकाह पीड़िता ने बताया कि मेरा अभी तक तलाक नहीं हुआ है। इसके बावजूद शुक्रवार को पति घर से करीब 10 किलोमीटर दूर श्यामनगर स्थित एक मैरिज लॉन में दूसरी शादी कर रहा था। इसकी जानकारी मुझे आशिफ के एक पड़ोसी ने फोन कर दी। महिला ने बताया कि मैंने पति, ससुर और अन्य रिश्तेदारों को कई बार फोन किया, लेकिन किसी ने कॉल नहीं उठाया। इसके बाद मैं अपनी बहन के साथ सीधे मैरिज लॉन पहुंच गई। वहां निकाह का विरोध किया तो आशिफ मेरे साथ गाली-गलौज करने लगा। महिला के पहुंचते ही मैरिज लॉन में अफरा-तफरी मच गई। बारात और समारोह में मौजूद लोग हैरान रह गए। पीड़िता करीब एक घंटे तक निकाह रुकवाने की मांग पर अड़ी रही। सूचना मिलने पर चकेरी पुलिस मौके पर पहुंची और दूल्हे को हिरासत में लेकर दोनों पक्षों को चौकी ले गई। दूसरी दुल्हन आजमगढ़ की रहने वाली जानकारी के मुताबिक, आशिफ की दूसरी शादी अरेंज मैरिज थी। दूसरी दुल्हन आजमगढ़ की रहने वाली है। हंगामे के बाद निकाह रोक दिया गया। चकेरी थाना प्रभारी अजय प्रकाश मिश्र ने बताया कि दोनों पक्षों से तहरीर मांगी गई है। शिकायत और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ------------------------ ये खबर भी पढ़िए- मां की तेरहवीं के दिन बेटी और नाती की मौत:11 साल के बच्चे को ट्रक ने कुचला, उठाने दौड़ी महिला को दूसरे डंपर ने रौंदा यूपी के गोंडा में मां और 11 साल के बेटे की दर्दनाक मौत हो गई। मां के सामने ही बेटे को ट्रक ने कुचल दिया। चिल्लाती हुई मां दौड़ी तो पीछे आ रहे एक डंपर ने उसे भी रौंद दिया। हादसा शुक्रवार रात 12:30 बजे महिला के मायके में घर के सामने हुआ। महिला, पति और बच्चे के साथ मां की तेरहवीं में शामिल होने आई थी। पढ़ें पूरी खबर…
बागपत के पुलिस अधीक्षक (एसपी) सूरज राय ने 16 महिला पुलिसकर्मियों के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया है। यह बदलाव सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से किया गया है। सभी पुलिसकर्मियों को तत्काल अपनी नई तैनाती पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। बालेनी थाने से महिला हेड कांस्टेबल उपासना, रुबीना, रजनी, संजय देवी और महिला कांस्टेबल वर्षा को छपरौली थाने में स्थानांतरित किया गया है। थाना चांदीनगर से महिला कांस्टेबल नीरज को रमाला थाने भेजा गया है। इसी तरह, महिला हेड कांस्टेबल रेखा को चांदीनगर थाने से दोघट थाने भेजा गया है। खेकड़ा कोतवाली से हेड कांस्टेबल पूजा और ममता को भी दोघट थाने में तैनात किया गया है। थाना सिंघावली अहीर से महिला हेड कांस्टेबल अनीता भार्गव को रिपोर्टिंग पुलिस चौकी बड़ौत भेजा गया है। सिंघावली अहीर से ही हेड कांस्टेबल मंजू देवी, पूजा देवी और गुड्डन को बड़ौत कोतवाली स्थानांतरित किया गया है। पुलिस लाइन में तैनात महिला हेड कांस्टेबल पुनीता और शानू को बिनौली थाने में भेजा गया है।
HPCL प्लांट के बाहर से टैंकर हटेंगे:उन्नाव में DM बोले- 15 दिन बाद वाहन जब्त कर केस दर्ज किया जाएगा
उन्नाव में शनिवार को DM घनश्याम मीना ने जिला उद्योग बंधु की बैठक की। कलेक्ट्रेट सभागार में औद्योगिक विकास, निवेश और उद्यमियों की समस्याओं के समाधान पर चर्चा हुई। डीएम ने एचपीसीएल गैस प्लांट के बाहर सड़क पर खड़े होने वाले गैस टैंकरों से उत्पन्न अव्यवस्था पर कड़ा रुख अपनाया। डीएम ने बताया कि एचपीसीएल गैस प्लांट के बाहर सड़क पर टैंकर खड़े होने से जाम लगता है। इससे लोगों को परेशानी होती है और काम भी प्रभावित होता है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और प्लांट प्रबंधन को 15 दिन के अंदर व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए। डीएम ने चेतावनी दी कि तय समय-सीमा के बाद भी स्थिति नहीं सुधरने पर सड़क पर खड़े वाहनों को जब्त कर केस दर्ज किया जाएगा। बार-बार होने वाली बिजली ट्रिपिंग, वोल्टेज की समस्या, निवेश मित्र पोर्टल पर लंबित मामले, मगरवारा स्थित जय दुर्गा धर्मकांटा के सामने आनंदेश्वर स्टील के पास क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत और नाली निर्माण पर भी चर्चा हुई। औद्योगिक क्षेत्र में सड़क, नाला, स्ट्रीट लाइट और बिजली जैसी सुविधाओं के विकास पर भी जोर दिया गया। मैसर्स एमएचएमबी प्राइवेट लिमिटेड के स्टांप शुल्क छूट संबंधी एक प्रकरण पर डीएम ने समिति गठित कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) अमिताभ यादव को मौके पर जाकर निरीक्षण कर रिपोर्ट देने को भी कहा। डीएम घनश्याम मीना ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि निवेश मित्र पोर्टल पर कोई भी प्रकरण लंबित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि लंबित मामलों से मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर जनपद की रैंकिंग प्रभावित होती है। लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बैठक में सीडीओ कृति राज, एडीएम न्यायिक अमिताभ यादव, सदर एसडीएम राजेश विश्वकर्मा, उपायुक्त जिला उद्योग केंद्र सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और उद्यमी मौजूद रहे।
बलरामपुर में एक विवाहिता ने आत्महत्या कर ली। पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट मिला है, जिसे कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी गई है। सुसाइड नोट में अपनी मौत के लिए किसी अन्य व्यक्ति को जिम्मेदार नहीं ठहराया है। लिखा है कि यह कदम वह अपनी इच्छा से उठा रही हैं। पूरा मामला उतरौला कोतवाली क्षेत्र के आर्यनगर का हे। यह घटना शुक्रवार रात 7:15 बजे हुई। उस समय मृतका के पति राजकुमार सोनी दुकान पर थे, जबकि घर में उनकी वृद्ध सास और बच्चे मौजूद थे। कमरे में महिला ने फंदा लगा दिया। परिजनों को काफी देर बाद घटना की जानकारी मिली, जिसके बाद पुलिस को सूचित किया गया। मृतका के पिता वीरेंद्र सोनी ने बताया कि उनकी बेटी ने आत्महत्या की है। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद परिवार आगे की कार्रवाई और निर्णय करेगा। पुलिस के अनुसार, सुसाइड नोट की लिखावट का सत्यापन कराया जा रहा है। मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट सहित उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। 38 वर्षीय रजनी सोनी ने सुसाइड नोट में अपने तीनों बच्चों के भविष्य को लेकर चिंता व्यक्त की है। रजनी ने बड़े बेटे युवराज को लेकर लिखा नाना-नानी के पास रखा जाए। उन्होंने यह भी लिखा है कि उनके पास मौजूद धन और सोने-चांदी के आभूषण युवराज के नाम सुरक्षित कर दिए जाएं, ताकि वह भविष्य में आत्मनिर्भर बन सके। उन्होंने अपने अन्य दोनों बेटों विराट और आदित्य का भी हमेशा ख्याल रखने की बात कही है। नोट के अंत में, रजनी ने अपने परिवार को परेशान न करने की अपील करते हुए दोहराया है कि यह निर्णय उन्होंने अपनी इच्छा से लिया है।
औरैया के दिबियापुर स्थित गेल डीएवी मॉडल स्कूल में शनिवार सुबह विद्यार्थी परिषद के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का शपथ ग्रहण एवं अलंकरण समारोह आयोजित किया गया। समारोह में गेल के वरिष्ठ अधिकारियों ने छात्र परिषद के सदस्यों को बैज पहनाकर सम्मानित किया और सत्यनिष्ठा, अनुशासन तथा जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्व निभाने की शपथ दिलाई। कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षक, अभिभावक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ गेल कंप्रेसर स्टेशन दिबियापुर के ओआईसी जितेंद्र पाठक, प्रगति महिला क्लब की अध्यक्षा सरोज पाठक, गेल दिबियापुर के महाप्रबंधक नवनीत शर्मा तथा उपमहाप्रबंधक (मानव संसाधन) विभु रंजन साहू ने दीप प्रज्ज्वलन और वंदे मातरम् के साथ किया। इसके बाद विद्यालय के विद्यार्थियों ने स्वागत गीत प्रस्तुत कर अतिथियों का अभिनंदन किया। हेड बॉय और हेड गर्ल समेत विभिन्न पदों पर हुआ चयन समारोह में अनन्या गर्ग को हेड गर्ल और आरव मिश्रा को हेड बॉय का दायित्व सौंपा गया। इसके अलावा लक्षित (आजाद हाउस), देवांश (भगत हाउस), सौम्या (बोस हाउस) और विराट (तिलक हाउस) को स्पोर्ट्स कैप्टन बनाया गया। हाउस कैप्टन के रूप में अदिति गुप्ता (आजाद हाउस), अदिति सिंह (भगत हाउस), प्रन्वी (बोस हाउस) और जियाना (तिलक हाउस) को जिम्मेदारी दी गई। वहीं आयशा (आजाद हाउस), शिवाय (भगत हाउस), रिद्धि (बोस हाउस) और धान्या (तिलक हाउस) को कल्चरल कैप्टन नियुक्त किया गया। रुद्रांश, पूर्णिमा, सान्वी और श्रीजा को अनुशासन प्रभारी बनाया गया। अधिकारियों ने दिलाई जिम्मेदारी निभाने की शपथ ओआईसी जितेंद्र पाठक, महाप्रबंधक नवनीत शर्मा और उपमहाप्रबंधक विभु रंजन साहू ने छात्र परिषद के सभी नवनिर्वाचित सदस्यों को सत्यनिष्ठा, अनुशासन और समर्पण के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने की शपथ दिलाई। उन्होंने विद्यार्थियों से नेतृत्व क्षमता विकसित करने और विद्यालय की गरिमा बनाए रखने का आह्वान किया। इस दौरान शिक्षक एवं विद्यार्थियों ने तालियों की गड़गड़ाहट के बीच छात्र परिषद का उत्साहवर्धन किया। लोकतांत्रिक प्रक्रिया से हुआ था चुनाव विद्यालय के प्रधानाचार्य पंकज द्विवेदी ने बताया कि विद्यार्थियों में लोकतांत्रिक मूल्यों की समझ विकसित करने के उद्देश्य से गत माह विद्यालय स्तर पर छात्र परिषद के चुनाव कराए गए थे। विभिन्न पदों के लिए विद्यार्थियों ने अपनी उम्मीदवारी पेश की थी और मतदान प्रक्रिया के माध्यम से छात्र-छात्राओं ने अपने प्रतिनिधियों का चयन किया था। उसी प्रक्रिया में निर्वाचित छात्र परिषद का शनिवार को विधिवत शपथ ग्रहण कराया गया। कार्यक्रम का समापन प्रधानाचार्य पंकज द्विवेदी के धन्यवाद ज्ञापन और राष्ट्रगान के साथ हुआ। समारोह में विद्यालय परिवार ने नवगठित विद्यार्थी परिषद को शुभकामनाएं देते हुए उनसे विद्यालय के अनुशासन, शैक्षणिक वातावरण और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों को आगे बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभाने की अपेक्षा जताई।
महिला आयोग सदस्य ने सुनीं 27 शिकायतें:शामली में घरेलू विवाद के मामले रहे सबसे अधिक
उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य डॉ. मनीषा अहलावत ने शनिवार को शामली कलेक्ट्रेट में जनसुनवाई की। इस दौरान उन्होंने महिलाओं की समस्याओं को सुना और संबंधित अधिकारियों को त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए। जनसुनवाई में कुल 27 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें अधिकांश घरेलू और पड़ोसी विवाद से संबंधित थीं।इस अवसर पर फ्री लीगल एड सर्विस से जुड़े अधिवक्ता और प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। उन्होंने महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों, विभिन्न कानूनों और निःशुल्क विधिक सहायता योजनाओं के बारे में जागरूक किया।डॉ. मनीषा अहलावत ने बताया कि प्राप्त शिकायतों में अधिकतर मामले घरेलू कलह और पड़ोसियों के बीच विवाद के थे। कई मामलों का मौके पर ही आपसी सहमति से समाधान कराया गया, जबकि अन्य मामलों में संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।जनसुनवाई के दौरान जब उनसे पुरुष आयोग के गठन की मांग को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि पुरुषों के अधिकारों और मामलों के लिए न्यायालय की व्यवस्था पहले से मौजूद है। उनके अनुसार, कोर्ट ही पुरुष आयोग है।उन्होंने आगे कहा कि राज्य महिला आयोग का उद्देश्य महिलाओं को त्वरित न्याय दिलाना, उनकी समस्याओं का समाधान करना और उन्हें उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने महिलाओं से अपील की कि किसी भी प्रकार की प्रताड़ना या अन्याय की स्थिति में बिना संकोच अपनी शिकायत दर्ज कराएं।
संभल में फूलन देवी को सपा ने दी श्रद्धांजलि:2027 में पीडीए सरकार बनाने का संकल्प लिया
संभल में समाजवादी पार्टी ने पूर्व सांसद फूलन देवी की पुण्यतिथि मनाई। शनिवार को सुबह 11 बजे पूर्व जिलाध्यक्ष एवं प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य फिरोज़ खाँ के कार्यालय पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने फूलन देवी के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए और उनके संघर्षपूर्ण जीवन को याद किया। श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए फिरोज़ खाँ ने फूलन देवी के जीवन और संघर्ष पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि फूलन देवी ने अपने जीवन में अनेक कठिन परिस्थितियों का सामना किया। उन्होंने महिलाओं पर होने वाले अत्याचार, शोषण और उत्पीड़न के खिलाफ आवाज बुलंद की और शोषितों, वंचितों तथा पीड़ितों की आवाज बनकर उभरीं। फिरोज़ खाँ ने कहा कि समाजवादी पार्टी सामाजिक न्याय और सभी वर्गों के सम्मान की लड़ाई लड़ती रही है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलने का आह्वान किया। उन्होंने वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) के समर्थन को मजबूत करने का संकल्प लेने को कहा। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में सरकार बनाने के लिए पूरी ताकत से कार्य करने का आग्रह किया। इस अवसर पर आरिफ खाँ, जबर सिंह यादव, रामरहिस यादव, मोनिस, ज़ाहिद खाँ, अज़मत, गुलाम मुस्तुफा, गौरव यादव, शमीम खाँ, अकील खाँ, बिलाल खाँ, इमरान, सलीम, सलमान, नासिर हुसैन, छुन्नन, शहाब सहित समाजवादी पार्टी के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
मुजफ्फरनगर के नई मंडी स्थित वैदिक पुत्री पाठशाला इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्या राजेश कुमारी के खिलाफ दर्ज मुकदमे को लेकर शिक्षक संगठन खुलकर उनके समर्थन में आ गए हैं। शनिवार सुबह करीब 11 बजे कॉलेज परिसर में उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ की बैठक हुई, जिसमें बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाओं ने हिस्सा लिया। बैठक में पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए मुकदमे को तथ्यों से परे और बेबुनियाद बताया गया। साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि बिना ठोस साक्ष्यों के प्रधानाचार्या की गिरफ्तारी की गई तो जिले का शिक्षक समाज सामूहिक गिरफ्तारी देने से भी पीछे नहीं हटेगा। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि नियुक्ति के लिए आई महिला प्रशिक्षक और कॉलेज प्रबंधक के बीच जो भी कथित घटनाक्रम हुआ, उससे प्रधानाचार्या का कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं था। इसके बावजूद उन्हें मुकदमे में नामजद करना न्यायसंगत नहीं है। शिक्षकों का कहना था कि पुलिस को निष्पक्ष जांच के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचना चाहिए। प्रदेश अध्यक्ष बोले- घटना वाले दिन विद्यालय में नहीं थीं प्रधानाचार्या उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. उमेश त्यागी ने कहा कि जिस दिन कथित घटना होने की बात कही जा रही है, उस दिन प्रधानाचार्या राजेश कुमारी विद्यालय में मौजूद ही नहीं थीं। ऐसे में उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाना पूरी तरह तथ्यहीन है। उन्होंने कहा कि बिना साक्ष्य किसी शिक्षिका को आरोपी बनाना उचित नहीं है। जिलाध्यक्ष ने दी आंदोलन की चेतावनी संघ के जिलाध्यक्ष डॉ. राहुल कुशवाहा ने कहा कि यदि पुलिस ने पर्याप्त आधार के बिना कोई कठोर कार्रवाई की तो पूरा शिक्षक समाज सड़क पर उतरने को मजबूर होगा। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो शिक्षक सामूहिक गिरफ्तारी भी देंगे और आंदोलन को व्यापक रूप दिया जाएगा। प्रधानाचार्या बोलीं- नियुक्ति का अधिकार प्रबंधक के पास बैठक के दौरान प्रधानाचार्या राजेश कुमारी ने भी अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि विद्यालय में नियुक्ति संबंधी अधिकार प्रबंधक के पास होते हैं। उन्होंने संबंधित महिला को केवल प्रबंधक से मिलने के लिए कहा था। कथित घटना के समय वह विद्यालय में मौजूद नहीं थीं और प्रबंधक व महिला के बीच क्या बातचीत हुई, इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है। यह है पूरा मामला गौरतलब है कि कॉलेज की एक महिला प्रशिक्षक ने विद्यालय के प्रबंधक अरविंद गर्ग पर नियुक्ति के बदले अश्लील बातचीत करने और शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डालने का आरोप लगाया था। इस मामले में पुलिस ने प्रबंधक को गिरफ्तार किया था, जिन्हें बाद में जमानत मिल गई। वहीं, इस प्रकरण में प्रधानाचार्या राजेश कुमारी के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया है। अब इस कार्रवाई के विरोध में शिक्षक संगठन खुलकर उनके समर्थन में आ गए हैं और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
बुलंदशहर पुलिस ने जून माह की NATGRID (नेशनल इंटेलिजेंस ग्रिड) रैंकिंग में पूरे उत्तर प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। यह उपलब्धि पुलिस कप्तान दिनेश कुमार सिंह के कुशल नेतृत्व और जनपदीय पुलिस द्वारा अत्याधुनिक तकनीक के प्रभावी उपयोग का परिणाम है। पुलिस ने अपराध नियंत्रण और सुरक्षा तकनीक का बेहतर इस्तेमाल किया। NATGRID (नेशनल इंटेलिजेंस ग्रिड) भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण सुरक्षा प्रणाली है। इसका मुख्य उद्देश्य देश की विभिन्न सुरक्षा और जांच एजेंसियों को वास्तविक समय में सटीक और त्वरित जानकारी उपलब्ध कराना है। इससे गंभीर अपराधों और असामाजिक तत्वों पर समय रहते कार्रवाई की जा सकती है। इस उपलब्धि पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) दिनेश कुमार सिंह ने प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने NATGRID प्रणाली पर कार्य कर रहे संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रयासों की सराहना की। एसएसपी ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पुलिसकर्मियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। उन्होंने निर्देश दिए कि भविष्य में भी जनसेवा, संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ आधुनिक तकनीकों का उपयोग जारी रखा जाए, ताकि जिले में कानून-व्यवस्था और मजबूत हो सके।
रायपुर के जनपद पंचायत आरंग में आने वाली ग्राम पंचायत गुल्लू की सरपंच हर्षा चंद्रशेखर साहू के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव भारी बहुमत से पारित हो गया। पीठासीन अधिकारी और आरंग तहसीलदार बाबूलाल कुर्रे की मौजूदगी में पूरी प्रक्रिया नियमानुसार संपन्न हुई। मतदान में 20 सदस्यों ने हिस्सा लिया, जिनमें से 18 ने अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में और केवल 2 ने सरपंच के समर्थन में मतदान किया। इसके साथ ही महज डेढ़ साल के कार्यकाल में हर्षा साहू को सरपंच पद गंवाना पड़ा। ग्राम पंचायत के पंचों का आरोप है कि पंचायत में विकास कार्यों में अनियमितता, भ्रष्टाचार और मनमानी की जा रही थी। उनका कहना है कि महत्वपूर्ण फैसलों में पंचों की राय नहीं ली जाती थी और पंचायत के कामकाज में उनकी लगातार अनदेखी की जा रही थी। इससे लंबे समय से निर्वाचित प्रतिनिधियों में नाराजगी बनी हुई थी। सरपंच पति का अनावश्यक हस्तक्षेप पंचों ने यह भी आरोप लगाया कि पंचायत के शासकीय कार्यों में सरपंच पति चंद्रशेखर साहू का अनावश्यक हस्तक्षेप रहता था। उनका कहना है कि पंचायत के कई फैसलों पर सरपंच पति का प्रभाव दिखाई देता था, जिससे निर्वाचित पंच खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे थे। इन्हीं कारणों से पंचों ने एकजुट होकर अविश्वास प्रस्ताव लाने का फैसला लिया। नए सरपंच का होगा चुनाव अविश्वास प्रस्ताव पारित होने के बाद पीठासीन अधिकारी बाबूलाल कुर्रे ने इसकी रिपोर्ट जनपद पंचायत और संबंधित अधिकारियों को भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। नियमानुसार आगे पंचायत में नए सरपंच के चुनाव या वैकल्पिक व्यवस्था की कार्रवाई की जाएगी।
हिसार के किसान दोहरी मार झेल रहा है। एक तरफ जहां गर्मी और मानसूनी उतार-चढ़ाव के बीच फसलों को पानी की सख्त जरूरत है, वहीं दूसरी तरफ सूबे का नहरी ढांचा पूरी तरह दम तोड़ चुका है। भाखड़ा नेटवर्क से लेकर यमुना कमांड एरिया के आखिरी छोर तक पानी पहुंच ही नहीं रहा है। नहरों की खस्ताहाली, पानी में अवैध कटौती और सरकारी उपेक्षा से नाराज पगड़ी संभाल जट्टा किसान संघर्ष समिति ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। 27 जुलाई को सुबह 11 बजे हिसार डीसी दफ्तर पर विशाल महापड़ाव डाला जाएगा। इसके लिए समिति ने देवा, कालवास, चिड़ौद, कंवारी, हरिता और डाया सहित दर्जनों गांवों में जनसंपर्क कर किसानों को लामबंद करना शुरू कर दिया है। इन मुद्दों पर किसान सरकार को घेरेंगे पूर्व मंत्री संपत सिंह कर चुके हैं खुलासा आईएनएलडी नेता व पूर्व मंत्री संपत सिंह ने एक सेवानिवृत्त सिंचाई इंजीनियर के साथ क्षेत्र का तकनीकी निरीक्षण किया था। उनकी रिपोर्ट में नहरी व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी गई है। संपत सिंह का कहना है कि 1954 के समझौते में हरियाणा का 2/3 हिस्सा था, जो 1994 के दबाव में घटकर 47% रह गया। भाखड़ा प्रणाली से आंतरिक पानी मोड़कर यमुना कमांड क्षेत्र को 500 क्यूसेक पानी दिया जा रहा है। इससे नलवा और आदमपुर के आखिरी छोर पर पानी का भारी संकट पैदा हो गया है। खनौरी हेड पर वाटर गेज (पानी मापने का यंत्र) है ही नहीं। बरवाला लिंक चैनल की क्षमता 1750 से घटकर 1250 क्यूसेक रह गई है। तटबंधों को ऊंचा करने के लिए हरियाणा ने पंजाब को 4.65 करोड़ रुपये दिए, लेकिन राजस्थान की आपत्तियों के कारण 2015 से यह काम ठप पड़ा है।
अबोहर में पिछले दो दिनों से हुई बारिश के बाद शहर की बिजली और सीवरेज व्यवस्था की गंभीर खामियां उजागर हो गई हैं। बारिश के चलते विभिन्न इलाकों में जलभराव और बिजली मीटर बॉक्स में करंट उतरने से दो दिनों के भीतर आधा दर्जन से अधिक बेसहारा पशुओं की जान चली गई है। इन दुखद घटनाओं के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है और उन्होंने बिजली विभाग तथा नगर निगम की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाए हैं। प्रशासनिक बदहाली का आलम यह है कि शहर में मृत पशुओं को उठाने की कोई सरकारी व्यवस्था तक नहीं है, जिसके कारण लोगों को उन्हें हटवाने के लिए अपनी जेब से पैसे खर्च करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। सुभाष नगर में पसरा मातम, बाल-बाल बचे नागरिक सबसे गंभीर और दिल दहला देने वाली घटना सुभाष नगर के वार्ड नंबर-11 में सामने आई, जहां बारिश के दौरान सड़कों पर जमा पानी में अचानक करंट फैल गया। पानी में उतरे इस बिजली के करंट की चपेट में आने से चार गौवंशों की मौके पर ही तड़प-तड़पकर मौत हो गई। इसके अगले ही दिन शहर के एक अन्य इलाके में बिजली के मीटर बॉक्स में करंट आने से एक और गाय की जान चली गई। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह केवल गनीमत और राहत की बात रही कि इन हादसों के दौरान कोई व्यक्ति या बच्चा इस खतरनाक करंट की चपेट में नहीं आया, वरना कोई बड़ा जनहानि का हादसा हो सकता था। जमीनी हकीकत: टूटे मीटर बॉक्स और खुले पड़े विद्युत उपकरण स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया है कि शहर में जगह-जगह बिजली के मीटर बॉक्स पूरी तरह टूटे हुए हैं या फिर जमीन के बेहद नजदीक लगाए गए हैं। बारिश के दौरान इन बॉक्सों में आसानी से पानी भर जाता है, जिससे आसपास के पूरे इलाके और जलभराव वाले पानी में करंट फैलने का जानलेवा खतरा बना रहता है। शहर के कई प्रमुख हिस्सों में मीटर बॉक्स खुले पड़े हैं, लेकिन पावरकॉम या बिजली विभाग की ओर से इनकी मरम्मत या सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अभी तक कोई ठोस या प्रभावी कदम नहीं उठाए गए हैं। मृत पशु उठाने की व्यवस्था नहीं, जेब ढीली कर रहे लोग हादसों के बाद नगर निगम की संवेदनहीनता भी खुलकर सामने आई है। शहर में लंबे समय से मृत पशु उठाने का सरकारी ठेका न होने के कारण निगम की ओर से कोई व्यवस्था नहीं की गई है। इसके चलते मजबूरी में स्थानीय लोगों को अपने स्तर पर 1000 से 1500 रुपये तक खर्च करके इन पशुओं के शवों को हटवाना पड़ रहा है। ठेका न होने की वजह से कई घंटों तक बेसहारा पशुओं के शव सड़कों और गलियों में सड़ते रहते हैं, जिससे पूरे इलाके में भीषण दुर्गंध फैल रही है और संक्रामक बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। कर्मचारियों की हड़ताल ने बढ़ाई शहरवासियों की मुसीबतें एक तरफ बारिश और करंट का खौफ है, तो दूसरी तरफ नगर निगम के सफाई कर्मचारियों की हड़ताल ने हालात को और अधिक बेकाबू कर दिया है। हड़ताल के चलते पूरे अबोहर शहर में सफाई व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है और जगह-जगह कूड़े के बड़े-बड़े ढेर लग गए हैं। सीवरेज की नियमित सफाई न होने के कारण जलनिकासी पूरी तरह से बाधित हो गई है। कई आवासीय इलाकों में कई फीट तक जलभराव बना हुआ है, जिसने बिजली संबंधी हादसों और करंट फैलने के जोखिम को कई गुना बढ़ा दिया है। राजनीति छोड़ समाधान पर ध्यान दे प्रशासन: कांग्रेस शहर की इस बदहाली पर कांग्रेस के वरिष्ठ जिला उपप्रधान सुधीर भादू ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए शासन और प्रशासन को घेरा है। उन्होंने कहा कि जब शहर के आम लोग जान और माल के नुकसान का सामना कर रहे हैं, तब राजनीतिक दलों को आपस में आरोप-प्रत्यारोप लगाने के बजाय समस्या के त्वरित समाधान पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। उन्होंने प्रशासन, बिजली विभाग और नगर निगम से मांग की है कि वार्ड नंबर-11 सहित शहर के सभी प्रभावित क्षेत्रों की तुरंत तकनीकी जांच कराई जाए, टूटे मीटर बॉक्सों को बदला जाए, खुले पड़े विद्युत उपकरणों को सुरक्षित किया जाए, जलनिकासी व्यवस्था में सुधार हो और मृत पशुओं को तत्काल उठाने के लिए एक विशेष अभियान चलाया जाए। लापरवाही और मौत के प्रमुख कारण
बदायूं के अलापुर थाना क्षेत्र में शनिवार तड़के सड़क हादसे में एक होमगार्ड जवान की मौत हो गई। म्याऊं-उसहैत मार्ग पर अज्ञात पिकअप वाहन ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि जवान ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए अज्ञात वाहन की तलाश शुरू कर दी है। जानकारी के मुताबिक, मृतक की पहचान हरीराम पुत्र रामस्वरूप निवासी गांव बबई भटपुरा के रूप में हुई है। हरीराम होमगार्ड विभाग में तैनात थे और प्रतिदिन शाम को हजरतपुर थाने में ड्यूटी करने जाते थे। शनिवार सुबह करीब 4:30 बजे ड्यूटी पूरी कर बाइक से घर लौट रहे थे। इसी दौरान म्याऊं-उसहैत मार्ग पर म्याऊं और ढका पुलिया के बीच किसी अज्ञात पिकअप वाहन ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। टहलने निकले लोगों ने देखा शव हादसे के बाद चालक वाहन समेत मौके से फरार हो गया। सुबह टहलने निकले लोगों ने सड़क किनारे घायल अवस्था में पड़े हरीराम को देखा और तत्काल पुलिस व एंबुलेंस को सूचना दी। सरकारी एंबुलेंस से उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शुरू की जांच घटना की जानकारी मिलते ही थाना प्रभारी माधव सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त बाइक को कब्जे में लेकर घटनास्थल का निरीक्षण किया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर अज्ञात वाहन की पहचान करने में जुटी है। परिवार में मचा कोहराम हरीराम की मौत की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। बताया गया कि वह पांच भाइयों में तीसरे थे। उनके दो भाइयों का पहले ही निधन हो चुका है, जबकि दो अन्य भाई विवाहित हैं और परिवार के साथ रहते हैं। पुलिस का कहना है कि अज्ञात वाहन के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बीकानेर के नापासर उप जिला अस्पताल में शुक्रवार देर रात को बंद पड़े जनरेटर में अचानक आग गई। जिससे वहां हड़कंप मच गया। जनरेटर हाउस के पास में प्रसूति वार्ड था। ऐसे में अस्पातल प्रशासन ने सतर्कता दिखाते हुए तत्काल वार्ड को खाली कराया और सभी प्रसूताओं को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कराया गया। समय रहते आग पर काबू पा लिया गया, नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था। हॉस्पिटल में मौजूद लोगों के आरोप लगाया कि लाइट आने के बाद भी जनरेटर चालू था। जबकि हॉस्टिपल प्रभारी ने दावा किया है कि जब आग लगी उस समय जनरेटर बंद था। घटना शुक्रवार देर रात करीब 2:15 बजे की है। 1 घंटे की मशक्कत के बाद पाया आग पर काबू जनरेटर हाउस से धुआं उठता देख प्रसूति वार्ड में भर्ती महिलाओं ने अस्पताल स्टाफ को सूचना दी। सूचना मिलते ही अस्पताल प्रभारी डॉ. दीपक मीणा मौके पर पहुंचे और सबसे पहले प्रसूता महिलाओं व नवजात शिशुओं को सुरक्षित दूसरे वार्ड में शिफ्ट कराया। इसके बाद वार्ड बॉय नवीन बगैरिया ने मनोज सोनी, संतोष, अरुण और पंकज के साथ पानी, पाइप और अग्निशमन सिलेंडरों की मदद से आग बुझाने का अभियान शुरू किया। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काफी हद तक काबू पा लिया गया। बाद में सूचना पर पहुंची फायर ब्रिगेड ने शेष आग पूरी तरह बुझा दी। आग कैसे लगी, जांच शुरू अस्पताल प्रभारी डॉ. दीपक मीणा ने बताया कि जिस जनरेटर में आग लगी, वह उस समय बंद था। शुक्रवार शाम बारिश भी हुई थी और मौसम ठंडा था। ऐसे में आधी रात को आग लगना रहस्यमयी है। इसकी जांच कराई जा रही है। सीसीटीवी और बिजली केबल जलकर राख आग की चपेट में आने से जनरेटर के ऊपर लगा सीसीटीवी कैमरा, जनरेटर और आसपास बिछी विद्युत केबलें जलकर खराब हो गई। घटना की सूचना उच्च अधिकारियों को दे दी गई है। अस्पताल प्रशासन अन्य सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रहा है, ताकि आग लगने के कारणों का पता लगाया जा सके। मौके पर पहुंची पुलिस और दमकल घटना की सूचना मिलते ही नापासर पुलिस थाने से ड्यूटी ऑफिसर लिखम दास मौके पर पहुंचे। पुलिस की सूचना पर फायर ब्रिगेड भी अस्पताल पहुंची और आग को पूरी तरह बुझाकर स्थिति को नियंत्रण में किया। अस्पताल प्रशासन आग से हुए नुकसान का आकलन करने के साथ पूरे मामले की जांच में जुटा है।
नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रतियोगी परीक्षा अभ्यर्थियों पर हुए कथित लाठीचार्ज और लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों के विरोध में शनिवार को पीलीभीत में भीम आर्मी भारत एकता मिशन ने कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष सौरभ भारतीय के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और छात्र-युवा कलेक्ट्रेट पहुंचे और राष्ट्रपति के नाम संबोधित 13 सूत्रीय ज्ञापन प्रशासन को सौंपा। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगें उठा रहे छात्रों पर बल प्रयोग लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है। संगठन ने आरोप लगाया कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है और लगातार पेपर लीक की घटनाओं से प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता प्रभावित हो रही है। लाठीचार्ज की न्यायिक जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग राष्ट्रपति को भेजे गए ज्ञापन में मांग की गई कि 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर हुए लाठीचार्ज की उच्चस्तरीय अथवा किसी स्वतंत्र एजेंसी से निष्पक्ष एवं समयबद्ध न्यायिक जांच कराई जाए। साथ ही लाठीचार्ज के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। संगठन ने प्रदर्शन में शामिल छात्रों और युवाओं पर दर्ज सभी मुकदमे वापस लेने, घायल अभ्यर्थियों को समुचित उपचार और मुआवजा देने की भी मांग की। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की उठाई मांग भीम आर्मी ने शिक्षा व्यवस्था में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं और पेपर लीक की घटनाओं को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई। संगठन का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए जवाबदेही तय होना जरूरी है। भर्ती प्रक्रिया में सुधार और शिक्षा माफियाओं पर कार्रवाई की मांग ज्ञापन में NEET, JEE, पुलिस, रेलवे और SSC जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए पारदर्शी परीक्षा प्रणाली लागू करने तथा वार्षिक भर्ती कैलेंडर जारी करने की मांग की गई। साथ ही पेपर लीक में शामिल शिक्षा माफियाओं और संबंधित अधिकारियों की संपत्ति जब्त कर उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग भी उठाई गई। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रहे मौजूद प्रदर्शन में नसीम रज़ा (प्रदेश सचिव, आजाद समाज पार्टी), मो. इमरान (जिला उपाध्यक्ष), बबलू, अली अहमद, राजपाल गौतम, नंदकिशोर गौतम, विनोद कुमार समेत संगठन के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। ज्ञापन सौंपने के बाद प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त हो गया।
कानपुर देहात में आजाद समाज पार्टी ने जिला मुख्यालय पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। सैकड़ों की संख्या में पहुंचे कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर अपना विरोध जताया। प्रदर्शन के मद्देनजर मौके पर भारी पुलिस बल भी तैनात रहा। जिला मुख्यालय पहुंचे आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ता बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर और पार्टी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद की तस्वीरें हाथों में लिए हुए थे। उन्होंने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की मांग दोहराई। प्रदर्शनकारियों के हाथों में कई संदेश लिखे पोस्टर भी थे। इन पर धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो, लाठी का जवाब दो, गृहमंत्री हिसाब दो, युवा जागा है, अब देश बदलेगा, मेहनत का सम्मान करो और पेपर लीक पर रोक लगाओ जैसे नारे लिखे थे। इन नारों के माध्यम से युवाओं से जुड़े मुद्दों और हाल की घटनाओं को लेकर सरकार को घेरा गया। दो तस्वीरें देखें आजाद समाज पार्टी के नेताओं ने आरोप लगाया कि देश के युवाओं के भविष्य और उनकी मेहनत के साथ लगातार खिलवाड़ किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि युवा अब जाग चुका है और अपनी आवाज बुलंद कर रहा है। नेताओं ने हालिया घटनाओं में हुए लाठीचार्ज का जवाब सरकार से मांगा और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफा देने की मांग की। कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्वक मार्च निकालकर अपनी मांगों को प्रशासन के माध्यम से सरकार तक पहुंचाने की बात कही। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला मुख्यालय परिसर में पुलिस बल मुस्तैद रहा और पूरे प्रदर्शन पर कड़ी नजर रखी गई प्रदर्शनकारियों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर डीएम को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन शांतिपूर्वक समाप्त हो गया। हालांकि, आजाद समाज पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि युवाओं के मुद्दों पर सरकार ने ठोस कदम नहीं उठाए, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
बिहार विधानसभा के तीसरे सत्र में धोरैया विधायक मनीष कुमार ने राज्य की सरकारी नियुक्तियों में अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के आरक्षण का मुद्दा उठाया। यह मामला विधानसभा की कार्यसूची में शामिल था, जिस पर सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से सरकार का वक्तव्य भी अपेक्षित था। विधायक मनीष कुमार ने सदन को बताया कि विभिन्न नियुक्ति आयोगों द्वारा जारी विज्ञापनों में अनुसूचित जाति वर्ग के लिए 16 प्रतिशत आरक्षण निर्धारित है। इसके बावजूद कई विभागों में SC वर्ग के लिए या तो शून्य पद दर्शाए गए हैं या बहुत कम पद हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि प्रवर्तन अवर निरीक्षक के 33 पदों में SC वर्ग के लिए कोई पद नहीं है। 1799 पदों में SC वर्ग को 210 पद उन्होंने आगे बताया कि जल संसाधन विभाग में कनीय अभियंता (असैनिक) के 558 पदों में केवल 10 पद, योजना सहायक के 88 पदों में शून्य पद और अंकेक्षण सहायक समितियों के 198 पदों में मात्र 9 पद SC वर्ग के लिए आरक्षित किए गए हैं। हालांकि, दारोगा भर्ती के 1799 पदों में SC वर्ग को 210 पद दिए गए हैं। मनीष कुमार ने इस असमानता का कारण वर्गवारी व्यवस्था नियमावली-2023 के तहत SC/ST के पदों को 'फ्रीज' किया जाना बताया। उन्होंने सरकार से मांग की कि फ्रीज किए गए पदों पर कार्यरत कर्मियों को उच्चतर प्रभार दिया जाए। मंत्री विजेंद्र यादव ने सरकार की ओर से जवाब दिया साथ ही, भविष्य की नई नियुक्तियों में SC/ST वर्ग के लिए निर्धारित 17 प्रतिशत प्रतिनिधित्व (SC के लिए 16 प्रतिशत और ST के लिए 1 प्रतिशत) सुनिश्चित किया जाए। इस ध्यानाकर्षण सूचना पर सामान्य प्रशासन विभाग के मंत्री विजेंद्र यादव ने सरकार की ओर से जवाब दिया। उन्होंने विधायक के सवाल को जायज ठहराते हुए आश्वासन दिया कि सरकार पूरे मामले की समीक्षा करेगी और समीक्षा के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।
शामली में शनिवार दोपहर मौसम ने अचानक करवट ली। तेज धूप और उमस के बीच आसमान में बादल छा गए और करीब 15 मिनट तक हल्की बारिश हुई। बारिश अधिक देर तक नहीं चली, लेकिन इससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिली और खेतों में नमी पहुंचने से किसानों ने राहत की सांस ली। हालांकि, किसानों का कहना है कि खरीफ फसलों के लिए अभी और अच्छी बारिश की जरूरत है। करीब एक सप्ताह से जिले में बारिश नहीं होने के कारण धान, गन्ना समेत अन्य खरीफ फसलों की सिंचाई को लेकर किसान चिंतित थे। लगातार तेज धूप और उमस के चलते खेतों की नमी कम होने लगी थी। ऐसे में शनिवार की हल्की बारिश ने फसलों को थोड़ी राहत जरूर दी। बारिश के बाद फिर निकली तेज धूप, बढ़ी उमस बारिश थमते ही मौसम फिर साफ हो गया और तेज धूप निकल आई। धूप निकलने के साथ ही उमस भी बढ़ गई, जिससे लोगों को गर्मी का एहसास फिर होने लगा। हालांकि बारिश के दौरान चली ठंडी हवा से कुछ देर के लिए मौसम सुहावना हो गया था। किसानों ने कहा- फसलों के लिए पर्याप्त नहीं स्थानीय किसानों का कहना है कि यह बारिश राहत देने वाली जरूर रही, लेकिन खेती की जरूरत के हिसाब से पर्याप्त नहीं है। धान, गन्ना और अन्य खरीफ फसलों की अच्छी बढ़वार के लिए लगातार और अच्छी वर्षा जरूरी है। यदि अगले कुछ दिनों तक पर्याप्त बारिश नहीं हुई तो सिंचाई पर अतिरिक्त खर्च करना पड़ेगा। मौसम पर टिकी किसानों की नजर हल्की बारिश के बाद अब किसानों की निगाहें आगामी दिनों के मौसम पर टिकी हैं। उनका कहना है कि समय पर अच्छी बारिश होने से फसलों की पैदावार बेहतर होगी और सिंचाई का खर्च भी कम आएगा। वहीं, शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों ने भी इस बारिश से कुछ देर के लिए गर्मी से राहत महसूस की।
कानपुर देहात के गजनेर थाना क्षेत्र में शुक्रवार देर रात पुरानी रंजिश को लेकर दो पक्षों के बीच सड़क पर खूनी संघर्ष हो गया। दोनों ओर से लाठी-डंडों, लोहे की रॉड और धारदार हथियारों से हमला किया गया। बीच सड़क हुई इस हिंसक झड़प से इलाके में अफरा-तफरी मच गई और राहगीरों में दहशत फैल गई। घटना के वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और दोनों पक्षों के छह लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, गजनेर थाना क्षेत्र में दोनों पक्षों के बीच काफी समय से पुरानी रंजिश चली आ रही थी। शुक्रवार देर रात किसी बात को लेकर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते कहासुनी हिंसक संघर्ष में बदल गई और दोनों ओर से लाठी-डंडों, लोहे की रॉड तथा धारदार हथियारों से हमला शुरू हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, संघर्ष के दौरान काफी देर तक सड़क पर अफरा-तफरी का माहौल रहा। लोग जान बचाकर इधर-उधर भागने लगे। इसी दौरान किसी ने घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वीडियो में कई लोग खुलेआम हथियार लहराते हुए एक-दूसरे पर हमला करते दिखाई दे रहे हैं। घटना की सूचना मिलते ही गजनेर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने तत्काल दोनों पक्षों को अलग कर स्थिति पर नियंत्रण पाया और दोनों पक्षों के छह लोगों को हिरासत में ले लिया। इसके बाद क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर शांति व्यवस्था बनाए रखी गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था, जो शुक्रवार रात हिंसक झड़प में बदल गया। लोगों ने क्षेत्र में पुलिस निगरानी बढ़ाने की मांग भी की है। पुलिस बोली- जांच के बाद होगी कार्रवाई थाना प्रभारी गजनेर सनत कुमार ने बताया कि घटना में शामिल दोनों पक्षों के छह लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। वायरल वीडियो की भी जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जालंधर में मोबाइल चोरी के आरोप में एक युवक को लोगों ने खंभे से बांधकर पीटा और उसके बाल काट दिए। पिटाई से युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। उसके मुंह से खून निकल रहा था। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने उसे भीड़ से छुड़ाकर हिरासत में लिया और इलाज के बाद पूछताछ के लिए थाने ले गई। जानकारी के अनुसार, राम नगर के टाली वाले चौक के पास युवक पर घर की छत के रास्ते कमरे में घुसकर दो मोबाइल फोन चोरी करने का आरोप है। स्थानीय लोगों ने पीछा कर उसे पकड़ लिया और फिर खंभे से बांधकर डंडों से पिटाई की। नशे का आदी है युवक पुलिस ने आरोपी की पहचान किशनपुरा निवासी वंश के रूप में की है। पूछताछ में वंश ने बताया कि वह नशे का आदी है। वह एक अन्य युवक के साथ मिलकर मोबाइल चोरी की वारदातों को अंजाम देता था। उसने दावा किया कि उसका साथी दो मोबाइल चोरी करने के बाद मौके से फरार हो गया। तीन से चार मोबाइल फोन चोरी किए स्थानीय लोगों ने पुलिस को बताया कि आरोपी ने अन्य स्थानों से भी तीन से चार मोबाइल फोन चोरी किए हैं। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। आरोपी के शरीर पर गंभीर चोटें आई जांच अधिकारी ने बताया कि आरोपी के शरीर पर गंभीर चोटें आई हैं। उन्होंने कहा कि लोगों का गुस्सा समझ में आता है, लेकिन किसी को भी कानून अपने हाथ में लेकर इस तरह से किसी को पीटने का अधिकार नहीं है। कानून हाथ में न लेने की अपील ऐसी पिटाई से आरोपी की जान भी जा सकती थी। पुलिस ने लोगों से कानून हाथ में न लेने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि मामले में आरोपी और उसके साथी से पूछताछ के बाद नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उन्नाव में गंगा नदी का जलस्तर 10 दिन तक घटने के बाद शनिवार को फिर तेजी से बढ़ने लगा। सुबह से शाम तक जारी इस बढ़ोतरी ने आसपास रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ा दी है। बाढ़ की आशंका को लेकर ग्रामीणों में बेचैनी है। नरौना बांध से 48 हजार 848 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। जुलाई के पहले सप्ताह में लगातार बारिश के कारण गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ा था और नदी चेतावनी बिंदु की ओर बढ़ रही थी। मैदानी क्षेत्रों में बारिश रुकने के बाद जलस्तर में गिरावट आई थी, जिससे तटवर्ती गांवों के लोगों को राहत मिली थी। हालांकि, अब पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही मूसलाधार बारिश का असर गंगा के जलस्तर पर दिखने लगा है। ऊपरी क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण नदियों में पानी का दबाव बढ़ गया है, जिसके चलते बांधों से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। कानपुर स्थित गंगा बैराज में पानी की अधिकता के कारण शुक्रवार को सभी गेट खोल दिए गए, जिसका सीधा असर उन्नाव में गंगा के जलस्तर पर पड़ा है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, शुक्रवार सुबह आठ बजे गंगा का जलस्तर 109.75 मीटर दर्ज किया गया था। यह दोपहर 12 बजे बढ़कर 109.80 मीटर, तीन बजे 109.99 मीटर और शाम छह बजे तक 110.05 मीटर पर पहुंच गया। शनिवार सुबह आठ बजे जलस्तर घटकर 109.750 मीटर हुआ, लेकिन दोपहर 12 बजे यह फिर बढ़कर 109.800 मीटर दर्ज किया गया। गंगा के जलस्तर में इस अचानक वृद्धि से शुक्लागंज, परियर, नानामऊ और बक्सर जैसे तटवर्ती क्षेत्रों के निवासियों की चिंता बढ़ गई है। ग्रामीण लगातार नदी की स्थिति पर नजर रख रहे हैं। प्रशासन भी स्थिति पर बारीकी से निगरानी कर रहा है और संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। केंद्रीय जल आयोग के अधिकारियों का कहना है कि ऊपरी क्षेत्रों से छोड़े जा रहे पानी के कारण जलस्तर में बढ़ोतरी हो रही है। यदि पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश का सिलसिला जारी रहा और बांधों से पानी छोड़ा जाता रहा तो आने वाले दिनों में जलस्तर में और वृद्धि हो सकती है। ऐसे में तटीय क्षेत्रों के लोगों को सतर्क रहने और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
बिहार सरकार की 'मेडल लाओ, नौकरी पाओ' योजना के तहत पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) के एक राष्ट्रीय खिलाड़ी को सरकारी नौकरी मिली है। ढाका प्रखंड के परसा गांव निवासी लॉन बाउल्स खिलाड़ी चितरंजन कुमार को बिहार सरकार के खेल विभाग और बिहार राज्य खेल प्राधिकरण द्वारा नियुक्ति पत्र प्रदान किया गया। यह समारोह पटना स्थित ऊर्जा ऑडिटोरियम में आयोजित किया गया था। 'उत्कृष्ट खिलाड़ियों को नियुक्ति पत्र एवं खेल छात्रवृत्ति वितरण समारोह' में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी मुख्य अतिथि थे। श्रेयसी सिंह ने कार्यक्रम का संचालन किया उपमुख्यमंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव और विजय कुमार चौधरी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। खेल एवं उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह ने कार्यक्रम का संचालन किया। इस अवसर पर राज्य के कई उत्कृष्ट खिलाड़ियों को नियुक्ति पत्र और छात्रवृत्ति भी दी गई। चितरंजन कुमार को 'उत्कृष्ट खिलाड़ियों की सीधी नियुक्ति नियमावली 2023 एवं 2024' के तहत आयोजित ट्रायल के आधार पर मोतिहारी समाहरणालय में निम्नवर्गीय लिपिक के पद पर नियुक्त किया गया है। राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बिहार का किया प्रतिनिधित्व पिछले आठ वर्षों से लॉन बाउल्स से जुड़े चितरंजन ने कई राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बिहार का प्रतिनिधित्व किया है। चितरंजन कुमार एक मध्यमवर्गीय किसान परिवार से आते हैं। उनके पिता राम प्रताप किसान हैं और माता गृहिणी हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद, उन्होंने अपनी मेहनत और लगन से यह उपलब्धि हासिल की। सरकारी सेवा में नियुक्ति मिलने से उनके परिवार में खुशी का माहौल है। चितरंजन ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, बिहार बॉलिंग एसोसिएशन, कोच मुख्तार खान और वरिष्ठ खिलाड़ी चंदन कुमार सिंह को दिया। पूरे मोतिहारी जिले में गर्व का माहौल उन्होंने बताया कि इनके सहयोग, मार्गदर्शन और प्रशिक्षण के बिना यह मुकाम हासिल करना संभव नहीं था। इस उपलब्धि से न केवल चितरंजन के गांव परसा, बल्कि पूरे मोतिहारी जिले में गर्व का माहौल है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यह सफलता अन्य खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी, जिससे वे भी खेल के माध्यम से अपना भविष्य संवारने के लिए प्रेरित होंगे।
नीट धांधली: कटनी में छात्रों का प्रदर्शन:शिक्षा मंत्री के इस्तीफे, लाठीचार्ज की जांच की मांग
नीट परीक्षा में कथित धांधली और पेपर लीक मामले को लेकर छात्रों का असंतोष अब कटनी तक पहुंच गया है। शनिवार को जिले के फॉरेस्टर ग्राउंड में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और युवा एकत्रित हुए और केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी छात्रों ने स्पष्ट किया कि जब तक कथित घोटाले के दोषियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं होगी और उन्हें न्याय नहीं मिलेगा, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने सरकार के समक्ष अपनी प्रमुख मांगें रखीं। छात्रों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने में विफल रहने की जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफा देने की मांग की। उन्होंने दोषियों पर सख्त कार्रवाई की भी मांग की। छात्रों ने 20 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने छात्रों की पिटाई करने वाले दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की भी मांग की। प्रदर्शनकारियों ने छतरपुर में 'चिता आंदोलन' को पुलिस बल द्वारा कुचले जाने की निंदा की। छात्रों ने कहा कि जल, जंगल, जमीन के लिए लड़ रहे आदिवासियों के आंदोलन का दमन निंदनीय है और उन्हें तत्काल न्याय मिलना चाहिए। फॉरेस्टर ग्राउंड में एकत्र होने के बाद सभी प्रदर्शनकारी छात्र-छात्राएं सुभाष चौक होते हुए मशीन चौक तक एक विशाल मार्च निकालेंगे। मशीन चौक पहुंचकर छात्र एक शोक सभा का आयोजन करेंगे। इस दौरान नीट परीक्षा लीक होने के बाद निराशा और तनाव में आत्महत्या करने वाले छात्रों को श्रद्धांजलि दी जाएगी। छात्रों के इस प्रदर्शन और आक्रोश को देखते हुए स्थानीय प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए फॉरेस्टर ग्राउंड सहित मार्च के निर्धारित मार्गों पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
सावन 2026 में बाबा श्री काशी विश्वनाथ के दर्शन के लिए आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा और भीड़ प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए श्री काशी विश्वनाथ मंदिर प्रशासन ने नई बाईपास व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। इस नई व्यवस्था के तहत श्रद्धालु गंगा द्वार से गेट नंबर 4 तक बिना किसी रोक-टोक के आ-जा सकेंगे। साथ ही मणिकर्णिका गली से सीधे मंदिर कॉरिडोर के अहिल्याबाई चौक तक पहुंचने की सुविधा भी उपलब्ध होगी। मंदिर प्रशासन के अनुसार, इस बाईपास मार्ग का उद्देश्य श्रद्धालुओं की अनावश्यक भीड़ और आवागमन की परेशानी को कम करना है। अब तक दर्शन करने के बाद बाहर निकलने वाले श्रद्धालुओं को गंगा द्वार जाने की अनुमति तो मिलती थी, लेकिन वापस शंकराचार्य चौक की ओर आने के लिए उन्हें दोबारा कतार में लगना पड़ता था या मणिकर्णिका गली की ओर से बाहर निकलना पड़ता था। नई व्यवस्था लागू होने के बाद यह समस्या काफी हद तक समाप्त हो जाएगी। मोबाइल ले जाने पर नहीं होगी रोक नई व्यवस्था की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इस बाईपास मार्ग पर श्रद्धालु मोबाइल फोन लेकर भी आवागमन कर सकेंगे। मंदिर प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह सुविधा केवल बाईपास मार्ग तक सीमित रहेगी। हालांकि, इस रास्ते से आने-जाने वाले श्रद्धालुओं को मुख्य मंदिर में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए उन्हें निर्धारित कतार से ही प्रवेश करना होगा। फूड प्लाजा से शंकराचार्य चौक तक आसान आवागमन मंदिर प्रशासन द्वारा बनाई गई नई योजना के तहत श्रद्धालु भारत माता मंदिर के पास स्थित फूड प्लाजा में भोजन या नाश्ता करने के बाद सीधे शंकराचार्य चौक होते हुए मंदिर परिसर से बाहर निकल सकेंगे। इससे कॉरिडोर के भीतर आने-जाने की व्यवस्था अधिक व्यवस्थित और सुगम होगी। सुरक्षा समिति की बैठक में मिली मंजूरी इस नई व्यवस्था को मंडलायुक्त की अध्यक्षता में आयोजित मंदिर सुरक्षा समिति की बैठक में मंजूरी दी गई। बैठक में सावन के दौरान संभावित भारी भीड़, सुरक्षा व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधाओं परसावन में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मंदिर परिसर में रेलिंग और बैरिकेडिंग का कार्य लगभग पूरा कर लिया गया है विस्तार से चर्चा की गई, जिसके बाद बाईपास मार्ग को लागू करने का निर्णय लिया गया। छह से आठ लेन की बैरिकेडिंग तैयार सावन में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मंदिर परिसर में रेलिंग और बैरिकेडिंग का कार्य लगभग पूरा कर लिया गया है। श्रद्धालुओं के लिए छह से आठ लेन की जिगजैग कतारें बनाई गई हैं, जिनसे होकर वे व्यवस्थित ढंग से बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए पहुंचेंगे। मंदिर प्रशासन का प्रयास है कि दर्शन व्यवस्था सुचारु रहे और किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो। 333 सीसीटीवी कैमरों से होगी निगरानी सावन मेले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए 333 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। ये कैमरे न केवल श्री काशी विश्वनाथ धाम परिसर बल्कि गोदौलिया से मैदागिन मार्ग तक पूरे क्षेत्र पर नजर रखेंगे। मंदिर प्रशासन की ओर से जारी 'सावन-2026' बुकलेट में इसकी जानकारी दी गई है। कैमरों के माध्यम से भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा और किसी भी आपात स्थिति पर तत्काल निगरानी रखी जाएगी। अधिकारियों ने किया निरीक्षण श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के एसडीएम शंभू शरण ने मंदिर कॉरिडोर का निरीक्षण कर नई व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कर्मचारियों और सुरक्षाकर्मियों को सभी तैयारियां समय से पूरी करने तथा श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न होने देने के निर्देश दिए। साथ ही साफ-सफाई, सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर भी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए। क्या सामान नहीं ला सकते, अंदर पानी दूध-बिस्कुट मिलेगा स्पर्श दर्शन बंद रहेंगे, आरती के टिकट बुक हो चुके हैं
मुजफ्फरपुर में पेपर लीक के विरोध में छात्र संगठनों ने प्रदर्शन किया। बिहार बंद के दौरान आइसा समेत अन्य छात्र संगठनों ने शहर में आक्रोश मार्च निकाला। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से ‘इस्तीफा दो’ के नारे लगाए। प्रदर्शनकारी दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को बंद कराने के लिए सड़कों पर घूमते देखे गए। शहर के प्रमुख बाजार, दुकानें, निजी स्कूल और अन्य व्यापारिक प्रतिष्ठान पूरी तरह बंद रहे। सड़कों पर वाहनों की आवाजाही भी सामान्य दिनों की तुलना में कम रही। बंद समर्थकों ने ग्रामीण और हाईवे संपर्क मार्गों को भी प्रभावित करने का प्रयास किया। मुजफ्फरपुर-हाजीपुर मुख्य मार्ग पर कुढ़नी थाना क्षेत्र के पास कुछ युवकों ने सड़क अवरुद्ध करने का प्रयास किया, जिससे वाहनों की कतारें लग गईं। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस की विशेष टीम मौके पर पहुंची और प्रदर्शनकारियों को समझा-बुझाकर सड़क से हटाया। इसके बाद यातायात तुरंत सुचारु कर दिया गया। जिला प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पूरी तरह सतर्क है। शहर के प्रमुख चौराहों और ग्रामीण इलाकों के संवेदनशील स्थानों पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस की गश्ती गाड़ियां विभिन्न क्षेत्रों में निरंतर निगरानी कर रही हैं। व्यवस्था बनाए रखने के लिए ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी जैसी आधुनिक तकनीकों का भी उपयोग किया जा रहा है। चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने बताया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन सुनिश्चित कराना प्राथमिकता है और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, पूरे जिले में स्थिति नियंत्रण में है और पुलिस बल चप्पे-चप्पे पर मुस्तैद है।
लातेहार जिले के बालूमाथ थाना क्षेत्र में शनिवार को एक सड़क दुर्घटना में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा गणेशपुर हाई स्कूल के पास दो बाइक की आमने-सामने की टक्कर से हुआ। मृतकों की पहचान हजारीबाग के केरेडारी निवासी महावीर गंझू (32) और चतरा के टंडवा सिमरटांड निवासी पंकज उरांव (23) के रूप में हुई है। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई थी। घायलों में चतरा के टंडवा बगलता निवासी सविता देवी (35), बालूमाथ के गोलीटांड निवासी फूलमती (13) और चतरा के टंडवा सिमरटांड निवासी संजय उरांव (21) शामिल हैं। प्राथमिक उपचार के बाद तीनों की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए रांची स्थित रिम्स रेफर कर दिया गया है। गणेशपुर के पास आमने-सामने टकरा गई बाइक प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, महावीर गंझू अपनी बाइक पर दो अन्य लोगों के साथ अपने ससुराल गोलीटांड से आ रहे थे। इसी दौरान गणेशपुर से बालूमाथ की ओर आ रही दूसरी बाइक, जिस पर संजय उरांव और पंकज उरांव सवार थे, बगौता गणेशपुर के पास आमने-सामने टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों बाइक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। हादसे की सूचना मिलते ही स्नेह फाउंडेशन के शशि भूषण और संस्था के सदस्य सीसीएल की मोबाइल मेडिकल यूनिट के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने सभी घायलों को तत्काल बालूमाथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। डॉ. अलीशा टोप्पो और डॉ. खुशबू ने घायलों का प्राथमिक उपचार किया। बालूमाथ पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए लातेहार सदर अस्पताल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। थाना प्रभारी अमरेंद्र कुमार ने बताया कि पुलिस दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही है।
शहर को नशामुक्त बनाने के उद्देश्य से इंदौर पुलिस कमिश्नरेट की ओर से चलाए जा रहे नशे से दूरी है जरूरी 2.0 (Say No to Drugs) अभियान के तहत शनिवार को महिला वॉकाथॉन का आयोजन किया गया। पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह के निर्देशन में आयोजित इस अभियान में शहर की 3000 से अधिक महिलाओं ने एकजुट होकर नशे के खिलाफ जनजागरण का संदेश दिया। किशोरवय बालिकाओं से लेकर वरिष्ठ महिलाओं तक ने उत्साह के साथ भागीदारी निभाते हुए यह संदेश दिया कि नशे के खिलाफ लड़ाई पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। नेहरू स्टेडियम से शुरू हुई वॉकाथॉन को पुलिस कमिश्नर और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली जीपीओ चौराहा, शिवाजी वाटिका और गीता भवन मार्ग से होते हुए वापस नेहरू स्टेडियम पहुंची। पूरे रास्ते में प्रतिभागियों ने नशे से दूरी है जरूरी, ‘Say No to Drugs’, स्वस्थ जीवन-नशामुक्त जीवन और नारी का संकल्प-नशामुक्त हो हर परिवार जैसे नारों से लोगों को जागरूक किया। वॉकाथॉन से पहले सभी प्रतिभागियों ने जोश और उत्साह के साथ जुम्बा सेशन में हिस्सा लेकर वॉर्मअप किया। आयोजन में छात्राएं, स्पोर्ट्स वुमन, सामाजिक एवं शैक्षणिक संस्थाओं की प्रतिनिधियां, पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज की प्रशिक्षु महिला आरक्षक, पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी भी शामिल हुए। पुलिस कमिश्नर ने कहा कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को नहीं, बल्कि परिवार की खुशियों, सामाजिक सौहार्द और आने वाली पीढ़ी के भविष्य को भी प्रभावित करता है। उन्होंने कहा कि एक सशक्त महिला अपने परिवार की आधारशिला नहीं होती, बल्कि पूरे समाज की दिशा और आने वाली पीढ़ी का भविष्य भी तय करती है। यदि माताएं, बहनें और बेटियां नशे के खिलाफ जागरूक होकर आगे आएंगी तो इस बुराई को जड़ से खत्म करना आसान होगा। पुलिस कमिश्नर ने सभी महिलाओं को नशामुक्त समाज के निर्माण की शपथ दिलाई और उनसे अपने परिवार, मित्रों व समाज के लोगों को भी नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया। वॉकाथॉन की खास बातें इंदौर पुलिस का संदेश
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को जालौन जनपद के दौरे पर रहेंगे। वे उरई स्थित इंदिरा स्टेडियम में एक जनसभा को संबोधित करेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री 1273.96 करोड़ रुपये की लागत वाली 374 विकास परियोजनाओं की सौगात जनपद को देंगे। इन परियोजनाओं से उरई, कालपी और माधौगढ़ विधानसभा क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा। इनसे सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, ऊर्जा और प्रशासनिक सेवाओं को नई गति मिलेगी। कार्यक्रम के तहत विभिन्न विभागों की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया जाएगा। इनमें कालपी नगर की बहुप्रतीक्षित पेयजल योजना, ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर फेज-2 के अंतर्गत महेवा में 400 केवी विद्युत उपकेंद्र और उरई-इटौरा मार्ग का चौड़ीकरण शामिल है। अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं में मुख्यमंत्री मॉडल कम्पोजिट विद्यालय का निर्माण, मेडिकल कॉलेज में 50 शैय्या क्रिटिकल केयर यूनिट, पुलिस लाइन में नए आवासीय भवन और आधुनिक सुविधाओं से युक्त नई तहसील उरई भवन शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, धार्मिक स्थलों को बेहतर सड़क संपर्क उपलब्ध कराने के उद्देश्य से भी कार्य किए जाएंगे। इनमें जालौन देवी मंदिर, रक्तदंतिका देवी मंदिर, अक्षरा देवी माता मंदिर और बैरागढ़ शक्ति पीठ मां शारदा मंदिर तक पहुंचने वाले मार्गों का चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण शामिल है।
बंदरों के झुंड ने बुजुर्ग महिला पर हमला किया:छत से गिरकर मौत, बचाने दौड़ी 6 साल की बच्ची को भी काटा
संभल में बंदरों के हमले से बुजुर्ग महिला की छत से गिरकर मौत हो गई। घटना शनिवार सुबह करीब 10 बजे हुई। दादी को बचाने दौड़ी 6 साल की बच्ची को भी बंदरों ने काटकर घायल कर दिया। महिला को अस्पताल ले जाया गया, जहां इंजेक्शन लगने के दो मिनट बाद ही उनकी मौत हो गई। घटना थाना हज़रतनगर गढ़ी क्षेत्र के गांव भमरौआ की है। रुक्मिणी देवी (70) पत्नी स्व. फतेह सिंह अपनी छत पर पानी का जग लेने गई थीं। उसी दौरान छत पर मौजूद दर्जनभर बंदरों के झुंड ने उन पर हमला कर दिया, जिससे वह छत से नीचे गिर गईं। रुक्मिणी देवी की चीख सुनकर उनकी पोती नीलम (6) पुत्री सत्यपाल उन्हें बचाने दौड़ी। बंदरों ने नीलम को भी काटकर घायल कर दिया। परिवार के सदस्य रुक्मिणी देवी को इलाज के लिए डॉक्टर के पास ले गए। डॉक्टर ने उन्हें इंजेक्शन लगाया और हालत गंभीर बताई, लेकिन इंजेक्शन लगने के दो मिनट के भीतर ही उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश है। उन्होंने ग्राम प्रधान और तहसील प्रशासन पर बंदरों से निजात दिलाने के लिए कोई उपाय न करने का गंभीर आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में 300 से 400 बंदर हैं, जिससे हर समय खतरा बना रहता है। उन्होंने पहले भी तीन ऐसी घटनाओं का जिक्र किया। रुक्मिणी देवी के पति का 10 साल पहले बीमारी के चलते निधन हो गया था। उनके पांच बच्चे हैं, जिनमें से चौथे नंबर के बेटे जयप्रकाश और पांचवें नंबर की बेटी रेखा की भी कुछ समय पहले मौत हो चुकी है।
नीट परीक्षा में कथित पेपर लीक और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर शनिवार को सीतामढ़ी में छात्रों ने जोरदार प्रदर्शन किया। हजारों की संख्या में छात्र-छात्राएं अंबेडकर कल्याण छात्रावास से आक्रोश मार्च निकालते हुए शहर की सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। आक्रोश मार्च में शामिल छात्र-छात्राओं ने हाथों में तख्तियां ले रखी थीं, जिन पर शिक्षा व्यवस्था में सुधार, पेपर लीक पर रोक और दोषियों को कठोर सजा देने जैसी मांगें लिखी थीं। 'पेपर लीक बंद करो' जैसे नारे लगाए छात्रों ने 'धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो' और 'पेपर लीक बंद करो' जैसे नारे लगाए। प्रदर्शन के मद्देनजर जिला पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। सदर डीएसपी राजीव कुमार सिंह ने स्वयं मार्च के साथ चलकर सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी की। उनके नेतृत्व में बड़ी संख्या में पुलिस बल और दंगा नियंत्रण दल भी मार्च के दौरान मौजूद रहा, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। यह आक्रोश मार्च शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होकर गुजरा। पुलिस ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे और पूरे मार्ग पर ड्रोन से निगरानी रखी जा रही थी। परीक्षा संबंधी अनियमितताओं से युवाओं का भविष्य प्रभावित प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि लगातार हो रही परीक्षा संबंधी अनियमितताओं से युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर लीक की घटनाओं ने प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। छात्रों ने मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई और नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।
मंदसौर के सुंदरलाल पटवा शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं संबद्ध इंदिरा गांधी जिला चिकित्सालय ने चिकित्सा क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। यहां डॉक्टरों की टीम ने पहली बार 47 वर्षीय महिला मरीज की जटिल सुप्रा मेजर सर्जरी (घुटने के ऊपर का विच्छेदन) सफलतापूर्वक कर उसकी जान बचाई। मेडिकल कॉलेज शुरू होने के बाद जिले में इस प्रकार की यह पहली बड़ी सर्जरी मानी जा रही है। इस सफलता के साथ अब मंदसौर और आसपास के जिलों के मरीजों को ऐसे गंभीर मामलों में इंदौर, उज्जैन या अन्य बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। अनियंत्रित डायबिटीज बनी गंभीर बीमारी की वजह अस्पताल के अनुसार महिला लंबे समय से अनियंत्रित मधुमेह (डायबिटीज) से पीड़ित थीं। अस्पताल पहुंचने पर उनका ब्लड शुगर स्तर लगभग 500 mg/dl दर्ज किया गया, जो सामान्य स्तर से कई गुना अधिक था। डायबिटीज के कारण उन्हें पेरिफेरल आर्टेरियल डिजीज (Peripheral Arterial Disease - PAD) हो गई थी। इस बीमारी में पैरों तक रक्त पहुंचाने वाली धमनियां संकरी या बंद हो जाती हैं। मरीज के बाएं पैर में रक्त प्रवाह पूरी तरह बंद हो चुका था, जिससे पैर के ऊतक धीरे-धीरे नष्ट होने लगे। कई अस्पतालों में इलाज के बाद भी नहीं मिली राहत परिजनों ने पहले निजी अस्पतालों और अन्य शहरों के विशेषज्ञ डॉक्टरों से इलाज कराया, लेकिन किसी भी अस्पताल में पैर बचाने की संभावना नहीं बताई गई। इसके बाद महिला को मंदसौर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। यहां जनरल सर्जरी और मेडिसिन विभाग की संयुक्त टीम ने मरीज का इलाज शुरू किया और करीब 10 दिनों तक लगातार निगरानी में रखा। 10 दिन चला गहन उपचार डॉप्लर जांच में सामने आई गंभीर स्थिति डॉप्लर जांच में पता चला कि घुटने के नीचे की प्रमुख धमनियों में रक्त प्रवाह पूरी तरह बंद हो चुका था। जांच में डीप वेन थ्रॉम्बोसिस (DVT) और व्यापक एथेरोस्क्लेरोसिस की भी पुष्टि हुई।डॉक्टरों ने बताया कि मरीज का पैर नेक्रोसिस यानी ऊतकों के पूरी तरह मृत हो जाने की स्थिति में पहुंच चुका था। जान बचाने के लिए करना पड़ा बड़ा फैसला विशेषज्ञों के अनुसार यदि मृत और संक्रमित ऊतकों को समय पर शरीर से अलग नहीं किया जाता, तो संक्रमण पूरे शरीर में फैल सकता था। इससे सेप्सिस, मल्टी ऑर्गन फेल्योर और अंततः मरीज की मृत्यु का खतरा था। चूंकि घुटने के नीचे पर्याप्त स्वस्थ ऊतक उपलब्ध नहीं थे, इसलिए बिलो-नी एम्पुटेशन (घुटने के नीचे विच्छेदन) संभव नहीं था। डॉक्टरों ने मरीज की जान बचाने के लिए अबव-नी एम्पुटेशन (घुटने के ऊपर विच्छेदन) करने का निर्णय लिया। पहली बार हुई इतनी जटिल सर्जरी मेडिकल कॉलेज प्रशासन के अनुसार, कॉलेज की स्थापना के बाद पहली बार इतनी जटिल सुप्रा मेजर सर्जरी सफलतापूर्वक की गई है। ऑपरेशन अनुभवी सर्जनों, एनेस्थीसिया विशेषज्ञों, मेडिसिन विशेषज्ञों और नर्सिंग स्टाफ के समन्वय से पूरा किया गया। ऑपरेशन सफल रहने के बाद मरीज की हालत में लगातार सुधार हो रहा है और वह डॉक्टरों की निगरानी में स्वस्थ हो रही हैं। जिले के मरीजों को मिलेगा बड़ा लाभ मेडिकल कॉलेज में इस तरह की जटिल सर्जरी शुरू होने से अब गंभीर मरीजों को इलाज के लिए दूसरे शहरों में रेफर होने की आवश्यकता कम होगी। इससे समय पर उपचार मिलने के साथ आर्थिक बोझ भी घटेगा और आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों की जान बचाने की संभावना बढ़ेगी। डॉक्टरों की सलाह विशेषज्ञों ने कहा कि डायबिटीज के मरीज नियमित रूप से ब्लड शुगर की जांच कराएं और पैरों में किसी भी प्रकार के घाव, सूजन, दर्द, रंग बदलने या सुन्नपन को नजरअंदाज न करें। समय पर इलाज मिलने से गंभीर जटिलताओं और अंग विच्छेदन जैसी स्थिति से बचा जा सकता है।
सिंगरौली जिले के बरगवां थाना क्षेत्र में शनिवार को एनएच-39 पर एक ट्रेलर चालक का शव पानी से भरे गड्ढे में मिला। त्रिमुला कंपनी के मुख्य गेट के सामने हुई इस घटना से इलाके में सनसनी फैल गई। राहगीरों ने शव को तैरता देख पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद मौके पर भीड़ जमा हो गई। पुलिस ने शव को गड्ढे से बाहर निकाला और जांच शुरू की। मृतक की पहचान उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के बभनी थाना क्षेत्र स्थित सागो बांध निवासी दुर्योधन यादव के रूप में हुई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दुर्योधन कोयले से भरा ट्रेलर लेकर खड़िया से महान कंपनी की ओर जा रहा था। त्रिमुला कंपनी गेट के पास संदिग्ध परिस्थितियों में उसका शव पानी भरे गड्ढे में मिला। मृतक के दाहिने पैर पर चोट के निशान भी पाए गए हैं, जिससे पुलिस मामले को संदिग्ध मान रही है। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने एनएच-39 की खराब हालत पर नाराजगी व्यक्त की। उनका आरोप है कि त्रिमुला गेट के पास सड़क पर लंबे समय से बड़े-बड़े गड्ढे हैं, जिनमें बारिश का पानी भर जाता है। स्थानीय लोगों ने सड़क किनारे कुछ ढाबों पर डीजल चोरी और अवैध शराब बिक्री जैसी गतिविधियों का भी आरोप लगाया। उनका कहना है कि प्रशासन की अनदेखी के कारण इस क्षेत्र में लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं। बरगवां थाने से मौके पर पहुंचे सब इंस्पेक्टर सूरत सिंह ने बताया कि पुलिस को सूचना मिलते ही टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची। शव का पंचनामा कर उसे कब्जे में ले लिया गया है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है और अन्य ट्रेलर चालकों से भी पूछताछ की जा रही है। मृतक के परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है। पुलिस इसे संदिग्ध मौत मानकर सभी पहलुओं पर जांच कर रही है। सब इंस्पेक्टर सिंह ने आगे बताया कि मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट, एफएसएल जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर ही हो सकेगा। पुलिस का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
रायसेन जिले के बेगमगंज क्षेत्र में उफनती सेमरी नदी में बह गए युवक का शव तीन दिन बाद शनिवार को बरामद कर लिया गया। मृतक की पहचान नैनविलास निवासी राजेश बैरागी के रूप में हुई है। उनका शव घटनास्थल से करीब 7 किलोमीटर दूर नदी किनारे मिट्टी में दबा मिला। लगातार तीन दिन तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद शव मिलने से परिजनों और ग्रामीणों में शोक की लहर फैल गई। रपटे से गुजरते समय तेज बहाव में बहे जानकारी के अनुसार, तीन दिन पहले राजेश बैरागी अपनी बाइक से उफनती सेमरी नदी के रपटे को पार करने का प्रयास कर रहे थे। उसी दौरान नदी का तेज बहाव उन्हें बाइक समेत बहाकर ले गया। घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल पुलिस और प्रशासन को सूचना दी। बाइक मिली, लेकिन युवक का नहीं लगा था सुराग घटना के बाद जिला मुख्यालय से रेस्क्यू टीम, स्थानीय पुलिस और गोताखोर मौके पर पहुंचे। शुरुआती तलाश के दौरान नदी से युवक की बाइक तो बरामद कर ली गई, लेकिन राजेश का कोई पता नहीं चल सका। इसके बाद लगातार तीन दिनों तक नदी और उसके आसपास के क्षेत्रों में सघन सर्च ऑपरेशन चलाया गया। तीन दिन बाद मिला शव शनिवार को रेस्क्यू टीम को घटनास्थल से लगभग 7 किलोमीटर दूर नदी किनारे मिट्टी में दबा शव मिला। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को बाहर निकालकर पंचनामा तैयार किया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। बताया जा रहा है कि राजेश बैरागी अपने परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य थे। उनकी असामयिक मौत से परिवार गहरे सदमे में है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में शोक का माहौल है। प्रशासन की अपील: उफनती नदी पार करने का जोखिम न लें स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात के मौसम में सेमरी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ जाता है, जिससे रपटे पूरी तरह पानी में डूब जाते हैं। इसके बावजूद कई लोग जल्दबाजी में इन्हें पार करने की कोशिश करते हैं, जो जानलेवा साबित हो सकती है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि बारिश के दौरान किसी भी उफनती नदी, नाले या पुलिया को पार करने का प्रयास न करें। जलस्तर कम होने तक इंतजार करना ही सुरक्षित विकल्प है। पुलिस ने की घटना की पुष्टि बेगमगंज थाना प्रभारी राजीव उईके ने बताया कि युवक का शव बरामद कर लिया गया है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस मामले की आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी कर रही है। बारिश के मौसम में बरतें ये सावधानियां
वाराणसी में नर्सरी में पढ़ने वाले 5 साल के बच्चे का प्राइवेट पार्ट उसकी ही टीचर ने जला दिया। परिवार ने स्कूल में शिकायत की तो प्रिंसिपल ने देख लेने की धमकी भी दी। बच्चे के पिता पुलिस से शिकायत की है। पुलिस ने बच्चे को मेडिकल जांच के लिए जिला अस्पताल भेजा है। मामला लालपुर-पांडेयपुर इलाके का है। केशरी जायसवाल के अनुसार बेटे को पेशाब लगा था उसने टीचर से बाथरूम जाने को कहा पर उन्होंने जाने नहीं दिया। जिसके बाद उनसे पैंट में पेशबा कर दिया। जिसके गुस्से में उन्होंने यह कार्रवाई की और उसका प्राईट पार्ट चाकू गर्म करके जला दिया। प्राइवेट पार्ट पर छाला देख घबरा गए परिजन अस्तित्व जायसवाल(5) के पिता केशरी जायसवाल ने पुलिस को बताया - मेरा बेटा कक्षा नर्सरी में अकथा स्थित सेरेन सोनी प्ले स्कूल में पढता है। 24 जुलाई को बच्चा स्कूल गया था। वहां से घर लौटा तो। उसने अपने प्राइवेट पार्ट में दर्द था। पत्नी ने उसे चेक किया तो उसके प्राइवेट पार्ट पर छाला पड़ा हुआ था। उन्होंने बेटे से पूछा तो उसने बताया की उसकी टीचर प्रीति कुशवाह ने ऐसा किया है। पेशाब करने की दी सजा केशरी ने पुलिस को दी तहरीर में बताया - मेरे बेटे को पेशाब आया था। उसने मैडम से बाथरूम जाने को कहा तो उन्होंने मना कर दिया। कुछ देर बाद उसने पैंट में ही पेशाब कर दिया। जिससे गुस्सा होकर प्रीति कुशवाहा उसे लेकर दूसरे कमरे में गयीं और गैस चूल्हा जलाकर चाकू गर्म किया और उसके प्राइवट पार्ट को जला दिया और बोला की अब ऐसा करोगे तो इससे भी ज्यादा बुरी हालत करेंगे। प्रिंसिपल ने दी धमकी केशरी जायसवाल ने बताया - इसके बाद मेरी पत्नी ने फौरन प्रिंसपल हेमलता सिंह से फोन पर बात की तो उन्होंने धमकी दी की जो करना है कर लो। मेरा कोई कुछ बिगाड़ नहीं सकता। आज सुबह 25 जुलाई को मै पत्नी और बच्चा स्कूल पहुंचे और प्रिंसिपल और प्रबंधक से मुलाकात किया तो उन्होंने कहा की आप को जो करना है कर लीजिये हम कोई मदद नहीं कर पाएंगे। बच्चा डरा हुआ और स्कूल जाने को तैयार नहीं है। ऐसे में पुलिस से गुहार लगाईं है। पुलिस ने शुरू की जांच लालपुर-पांडेयपुर इंस्पेक्टर ने बताया - तहरीर मिली है। तहरीर के आधार पर जांच की जा रही है। दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बच्चे को मेडिकल के को मेडिकल के लिए दीन दयाल अस्पताल भेजा गया है।
औद्योगिक क्षेत्र पीथमपुर से 51 युवाओं का दल गौ माता को 'राष्ट्रमाता' का दर्जा दिलाने के संकल्प के साथ उज्जैन महाकाल धाम के लिए रवाना हुआ। 'गौ सम्मान अभियान' के तहत आयोजित यह पदयात्रा दो दिनों में पूरी होगी। यात्रा के शुभारंभ पर स्थानीय निवासियों और गौ-भक्तों ने पुष्पवर्षा कर युवाओं का जोरदार स्वागत किया। साधु-संतों के आह्वान पर 'गौ सम्मान अभियान' यात्रा का नेतृत्व कर रहे चीतू ठाकुर और संयोजक जीतू ठाकुर ने बताया कि देश भर के साधु-महात्माओं के आह्वान पर यह अभियान शुरू किया गया है। इसी क्रम में पीथमपुर के युवाओं ने एकजुट होकर पदयात्रा का संकल्प लिया। उन्होंने सरकार से करोड़ों लोगों की आस्था का सम्मान करते हुए गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा देने का अनुरोध किया है। महाकाल मंदिर में होगा समापन पीथमपुर से शुरू होकर विभिन्न मार्गों से गुजरती हुई यह पदयात्रा उज्जैन पहुंचेगी। उज्जैन में भगवान महाकाल के दर्शन के साथ यात्रा का समापन होगा, जहां दल द्वारा गौ-रक्षा और गौ-सम्मान के लिए बाबा महाकाल के दरबार में विशेष अर्जी सौंपी जाएगी। 'जय गौ माता' के नारों से गूंजा औद्योगिक क्षेत्र पदयात्रा की शुरुआत के दौरान पीथमपुर में जगह-जगह श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों ने 51 युवाओं के दल पर फूल बरसाए। इस दौरान 'जय गौ माता' और 'जय महाकाल' के जयकारों से पूरा इलाका गूंज उठा।
ग्रेटर नोएडा पुलिस ने बेटे (25) की हत्या के मामले में फरार चल रहे पिता को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि शराब के लिए पैसे मांगने को लेकर हुए विवाद में पिता ने बेटे के सिर पर बांस के डंडे से हमला कर दिया था। चोट लगने के बाद युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। घटना के करीब एक महीने बाद शुक्रवार रात करीब 8 बजे नॉलेज पार्क कोतवाली पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, घटना तुगलपुर गांव में हुई थी। अगली सुबह डंडे से किया हमला थाना प्रभारी विनोद कुमार ने बताया कि 21 जून की सुबह करीब पांच बजे आरोपी देवेंद्र (47) घर पहुंचा। बेटे से शराब के लिए पैसे मांगे। मना करने पर विवाद शुरू हो गया। गुस्से में उसने घर में रखा बांस का डंडा उठाकर करण के सिर पर मार दिया। हमले में करण गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि आरोपी मौके से फरार हो गया। परिजन करण को तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन सिर में गंभीर चोट होने के कारण 22 जून को उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मां की शिकायत पर दर्ज हुआ मुकदमा करण की मां की तहरीर पर पुलिस ने गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू की। उसकी गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें बनाई गईं और स्थानीय मुखबिरों के साथ इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद ली गई। एक महीने बाद आरोपी गिरफ्तार पुलिस ने शुक्रवार रात देवेंद्र को गिरफ्तार कर लिया। वह मूल रूप से बदायूं जिले के बिल्सी थाना क्षेत्र के गडौली गांव का रहने वाला है। पूछताछ के बाद उसकी निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल किया गया बांस का डंडा भी बरामद कर लिया गया है। पुलिस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
बारिश के बाद जिले की हवा में थोड़ा सुधार हुआ था, लेकिन एक बार फिर फैक्ट्री से निकलता काला धुआं लोगों की चिंता बढ़ा रहा है। इसके कई वीडियो सामने आए हैं। लोगों का आरोप है कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के दावों के बावजूद कुछ फैक्ट्री पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रही हैं। जौली रोड स्थित सिखरेड़ा गांव में शुक्रवार देर शाम चर्चित दिशा पेपर मिल की चिमनी से धुआं निकलने का वीडियो सामने आया। ग्रामीणों का कहना है कि शाम होते ही फैक्ट्री से निकलने वाला धुआं पूरे इलाके में फैल जाता है, जिससे सांस लेने में परेशानी और बदबू की शिकायत रहती है। इसी तरह जानसठ रोड स्थित निराना गांव में गुलशन केमिकल की चिमनी का वीडियो भी सामने आया है। 22 जुलाई की शाम रिकॉर्ड किए गए वीडियो में कई किलोमीटर दूर तक आसमान में काला धुआं फैलता दिखाई दे रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि फैक्ट्री से निकलने वाली बदबूदार हवा के कारण आसपास के गांवों में रहना मुश्किल हो गया है। वहीं जौली रोड स्थित त्रिवेणी डिस्टिलरी की चिमनी से भी 22 और 23 जुलाई की शाम काला धुआं निकलने के वीडियो सामने आए हैं। समीर ऐप के मुताबिक शनिवार को जिले का औसतन AQI महज 55 रिकॉर्ड किया गया, जो बेहद ही अच्छा माना जाता है। जुलाई में बेहद खराब स्थिति तक पहुंच चुका AQI जुलाई माह में ही जिले का AQI बेहद खराब स्थिति में 500+ तक पहुंचा चुका है। स्थानीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अधिकारी गीतेश चंद्रा का कहना है कि वायरल वीडियो का संज्ञान लेकर निरीक्षण कराया जाएगा और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले से एक बेहद दर्दनाक और रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है, जहां शादी की खुशियां सुहागरात के दिन ही मातम और चीख-पुकार में बदल गईं। उघैती थाना क्षेत्र के रियोनाई गांव में बुधवार को बड़ी धूमधाम से दुल्हन विदा कराकर लाए नवविवाहित युवक बबलू मौर्य की सुहागरात की रात ही जहरीले सांप के काटने से मौत हो गई। जिस घर में कुछ ही घंटे पहले तक मंगल गीत और नई बहू के स्वागत की रस्में निभाई जा रही थीं, वहां अचानक चीख-पुकार मच गई और रोती-बिलखती नई-नवेली दुल्हन अपने हाथों की चूड़ियां तोड़ने पर मजबूर हो गई। आइए एक ग्राउंड और लोकल क्राइम रिपोर्टर के नजरिए से समझते हैं इस दुखद हादसे की पूरी कहानी।शादी के अगले ही दिन फर्श पर सोते समय हुआ हादसारियोनाई गांव के रहने वाले बबलू मौर्य की बारात गुन्नौर कोतवाली क्षेत्र के लौहरपुरा गांव गई थी।विदाई और स्वागत: गुरुवार दोपहर बबलू अपनी नई-नवेली दुल्हन रश्मि को हंसी-खुशी विदा कराकर अपने घर रियोनाई लाया। दिनभर घर में रिश्तेदारों का जमावड़ा रहा और शादी की परंपराओं व रस्मों का दौर चलता रहा।फर्श पर बिस्तर: गांव की पारंपरिक मान्यताओं और जगह की वजह से नवदंपति के लिए कमरे में जमीन (फर्श) पर बिस्तर लगाया गया था।गर्दन पर जहरीला डंक: रात में जब नवदंपति सो रहे थे, तभी किसी अत्यंत जहरीले सांप ने सो रहे बबलू की गर्दन पर डस लिया।अस्पताल में डॉक्टरों ने घोषित किया मृत, फिर भी झाड़-फूंक कराते रहे परिजनशुक्रवार सुबह जब बबलू की हालत बिगड़ी और वह अचेत मिला, तो परिजनों के बीच हड़कंप मच गया।अस्पताल में डॉक्टरों का जवाब: परिजन आनन-फानन में बबलू को सहसवान के एक निजी अस्पताल और फिर वहां से राजकीय मेडिकल कॉलेज ले गए। हालांकि, डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद उसकी गर्दन पर सांप के डसने के निशान पाए और उसे मृत घोषित कर दिया।अंधविश्वास और आस: डॉक्टरों द्वारा मृत घोषित किए जाने के बाद भी परिजनों की उम्मीद नहीं टूटी। उन्होंने डॉक्टरों की बात मानने और शव का पोस्टमार्टम कराने से साफ इनकार कर दिया।तांत्रिकों और सपेरों के चक्कर: सांसें लौटने की उम्मीद में परिजन शव को लेकर दिनभर तांत्रिकों, ओझाओं और सपेरों के पास चक्कर काटते रहे और देर शाम तक झाड़-फूंक का सिलसिला चलता रहा, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद बबलू को बचाया न जा सका।इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे गांव और इलाके में मातम छाया हुआ है। हर कोई नई-नवेली दुल्हन रश्मि के उजड़े संसार और परिजनों के रो-रोकर बुरे हाल को देखकर स्तब्ध है।
नवादा जिले में छात्र जुलूस और संभावित प्रदर्शनों के मद्देनजर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है। जिलाधिकारी रवि प्रकाश और एसपी अभिनव कुमार के निर्देशन में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। जिले के 40 महत्वपूर्ण स्थानों पर कुल 1700 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। जिलाधिकारी रवि प्रकाश के आदेश पर 28 थाना प्रभारियों को जिले में बुलाया गया है। सभी अधिकारी भी फील्ड में तैनात चार एसडीपीओ और दो एसडीओ सहित पुलिस लाइन के सभी अधिकारी भी फील्ड में तैनात किए गए हैं। एसडीपीओ हुलास कुमार ने बताया कि छात्र जुलूस में 2000 से अधिक लोगों के शामिल होने की संभावना है, जिसके मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। प्रशासन ने निगरानी व्यवस्था को अत्याधुनिक बनाया है। लगभग 40 स्थानों पर कंट्रोल रूम से सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से लाइव मॉनिटरिंग की जा रही है। इसके अतिरिक्त, ड्रोन कैमरों से भी पूरे क्षेत्र की निरंतर निगरानी की जा रही है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। यातायात व्यवस्था पर विशेष ध्यान सूत्रों के अनुसार, भीम आर्मी सहित अन्य संगठन नवादा की सड़कों पर प्रदर्शन कर सकते हैं। इसे देखते हुए जुलूस के रूट, भीड़ प्रबंधन और यातायात व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि कानून-व्यवस्था बनाए रखी जाए और किसी भी तरह की गुंडागर्दी या हिंसा बर्दाश्त न की जाए। जिला प्रशासन ने आम जनता से शांति बनाए रखने और किसी भी अफवाह पर विश्वास न करने की अपील की है। वर्तमान में स्थिति नियंत्रण में आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त बल भी बुलाया जा सकता है। वर्तमान में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। यह सुरक्षा व्यवस्था छात्रों के अधिकारों और शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार का सम्मान करते हुए जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से की गई है। प्रशासन ने इस मुद्दे को लेकर कोई कसर नहीं छोड़ी है।
आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने देश के करोड़ों युवाओं के भविष्य से जुड़े दो प्रमुख मुद्दों पर प्रदर्शन किया। उन्होंने पेपर लीक मामलों को देशद्रोह घोषित करने और जौहर यूनिवर्सिटी के छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने की अपील की। पार्टी ने कहा कि हर साल छात्र अपने सपनों को साकार करने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं। गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार अपनी गाढ़ी कमाई और उम्मीदें बच्चों की शिक्षा पर लगाते हैं। हालांकि, देशव्यापी पेपर लीक माफिया और उन्हें मिल रहा संरक्षण इन सपनों को कुचल रहा है। यह हमारी शिक्षा प्रणाली पर सीधा हमला है, जो युवाओं के भविष्य को अंधकारमय बना रहा है। पार्टी ने नीट यूजी में हुए पेपर लीक का हवाला देते हुए कहा कि इससे 19 होनहार विद्यार्थियों की आत्महत्या की खबरें सामने आई हैं। यह केवल परीक्षा की विफलता नहीं, बल्कि राष्ट्र के भविष्य को खोखला करने वाला कृत्य है। इसके साथ ही, उत्तर प्रदेश के रामपुर स्थित जौहर यूनिवर्सिटी पर प्रस्तावित बुलडोजर कार्रवाई को लेकर भी चिंता व्यक्त की गई। पार्टी ने कहा कि यह कार्रवाई हजारों छात्रों के भविष्य को दांव पर लगा रही है, जिससे उनकी वर्षों की मेहनत, शिक्षा और डिग्रियां खतरे में पड़ जाएंगी। उन्होंने कहा कि पेपर लीक को तत्काल देशद्रोह घोषित किया जाए और दोषियों को उम्रकैद सहित कठोरतम दंड सुनिश्चित हो। जौहर यूनिवर्सिटी, रामपुर पर प्रस्तावित बुलडोजर कार्रवाई तुरंत रोकी जाए, ताकि हजारों विद्यार्थियों का भविष्य सुरक्षित रह सके। सभी पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष, त्वरित और समयबद्ध जांच कर दोषियों को कड़ी सजा दी जाए। परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, गोपनीयता और सुरक्षा की स्थायी एवं अभेद्य व्यवस्था लागू की जाए पेपर लीक से प्रभावित छात्रों को न्याय, पुन:परीक्षा और उचित मुआवजा प्रदान किया जाए। पार्टी ने जोर दिया कि ये मुद्दे केवल विद्यार्थियों के नहीं, बल्कि शिक्षा में समान अवसर, संवैधानिक मूल्यों और हमारे लोकतांत्रिक ढांचे के अस्तित्व से जुड़े हैं। उन्होंने सरकार से इन गंभीर विषयों पर तत्काल संज्ञान लेने और संबंधित सरकारों तथा विभागों को उचित निर्देश देने का विनम्र अनुरोध किया, ताकि देश के भविष्य को बचाया जा सके।
झालावाड़ मिनी सचिवालय की इमारत जर्जर, उग आए पीपल:दीवारों और पाइपलाइन को नुकसान, मरम्मत की अनदेखी
झालावाड़ का मिनी सचिवालय रखरखाव के अभाव में बदहाल होता जा रहा है। भवन की दीवारों, छतों और पाइपलाइन में पीपल के पौधे, बेलें और खरपतवार उग आए हैं, जिससे संरचना को गंभीर नुकसान पहुंचने का खतरा पैदा हो गया है। कई जगह प्लास्टर उखड़ चुका है, पाइप टूटने से गंदा पानी बह रहा है और मधुमक्खियों के छत्ते भी कर्मचारियों व आम लोगों की सुरक्षा के लिए चिंता का कारण बने हुए हैं। यह स्थिति तब है, जब इसी भवन में पीडब्ल्यूडी सहित जिले के कई महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालय संचालित होते हैं। दीवारों और छतों में उग आए पीपल के पौधे भवन के अवलोकन में सामने आया कि जनसंपर्क कार्यालय के बाहर और मिनी सचिवालय के पीछे की दीवार से पीपल का पौधा निकलकर लगातार बढ़ रहा है। ऊपरी मंजिल पर भी दीवारों के बीच पीपल के पौधे दिखाई दिए। समाज कल्याण कार्यालय की ओर जाने वाले प्रवेश द्वार के पास बेलें दीवारों पर ऊपर तक फैल चुकी हैं। वहीं पीडब्ल्यूडी कार्यालय की ओर जाने वाले मुख्य गेट के पिलर की छत पर करीब दो फीट ऊंचा पीपल का पौधा उग आया है, जिसके पास पाइपलाइन भी गुजर रही है। जड़ों से टाइल्स और पाइपलाइन को नुकसान पीपल के पौधों की बढ़ती जड़ों से टाइल्स और अन्य निर्माण सामग्री प्रभावित हो रही है। सचिवालय परिसर में कई स्थानों पर प्लास्टर उखड़ चुका है, जबकि टूटे हुए पाइपों से गंदा पानी लगातार बहता रहता है। ट्रेजरी के पास बाहरी दीवार से निकले पाइपों में भी पीपल के पौधे उग आए हैं। समय रहते इन्हें नहीं हटाया गया तो भवन की संरचना को गंभीर क्षति पहुंच सकती है। स्थानीय स्तर पर मरम्मत के नाम पर अब तक केवल खानापूर्ति होने की बात सामने आई है। भवन की मजबूती के लिए बढ़ता खतरा ट्रेजरी के मुख्य प्रवेश द्वार सहित सचिवालय के कई हिस्सों में पीपल और अन्य प्रजातियों के पौधे दिखाई दे रहे हैं। भवन के विभिन्न भागों में फैले खरपतवार और बेलें इसकी मजबूती पर लगातार खतरा बढ़ा रही हैं। यदि शीघ्र सफाई और मरम्मत नहीं कराई गई तो भविष्य में स्थिति और गंभीर हो सकती है। मधुमक्खियों के छत्तों से सुरक्षा पर चिंता मिनी सचिवालय परिसर में मधुमक्खियों के एक दर्जन से अधिक छत्ते भी लगे हुए हैं। गर्मियों के दौरान बाहर के हिस्से में करीब 19 छत्ते गिने गए थे। इनमें से कई छत्ते सरकारी कार्यालयों की खिड़कियों के पास हैं, जिसके कारण कई विभागों के कर्मचारी खिड़कियां तक नहीं खोलते। इससे कर्मचारियों और कार्यालय आने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है। पहले भी हो चुका है हादसा भील समाज के एक आंदोलन के दौरान सचिवालय के मुख्य गेट पर बैठे एक युवक के ऊपर भवन से टाइल गिर गई थी, जिससे उसके सिर में गंभीर चोट आई थी। घटना के बाद परिजनों और समाज के लोगों ने विरोध भी जताया था। यह हादसा भवन के रखरखाव की स्थिति पर पहले भी सवाल खड़े कर चुका है।
अलवर शहर के शिवाजी पार्क थाना क्षेत्र स्थित वीर सावरकर नगर में पूर्व कैबिनेट मंत्री हेम सिंह भड़ाना के घर के बगल में प्रसिद्ध श्याम मंदिर कमेटी से जुड़े लोगों पर 100 करोड़ रुपए के चंदे की चोरी के आरोप लगाने पर आमजन का रोष सामने आया है। कमेटी से जुड़े पदाधिकारियों ने कुछ असामाजिक तत्वों पर जबरन कब्जा करने, श्रद्धालुओं को कीर्तन करने से रोकने और झूठे आरोप लगाकर धमकाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। 20 साल से चल रहे कीर्तन को रुकवाने की कोशिश मंदिर की वर्षों से सेवा कर रहे अशोक कुमार चौधरी ने बताया कि मंदिर परिसर में पिछले 20 सालों से नियमित रूप से श्रद्धालुओं द्वारा भजन-कीर्तन किया जा रहा है। उनका आरोप है कि अमित शर्मा नामक व्यक्ति मंदिर में करीब 100 करोड़ रुपए के चंदे का गबन होने का मनगढ़ंत आरोप लगा आमजन को भड़काने में लगा। उनकी मंशा है कि लोगों को गुमराह कर मंदिर पर कब्जा कर लिया जाए। श्रद्धालुओं को भजन-कीर्तन करने से रोका जा रहा है और कमेटी अधिकारियों को डराया-धमकाया जा रहा है। सबके सामने खुला दानपात्र: 100 करोड़ के दावे के बीच निकले 59 हजार अशोक चौधरी ने बताया कि चंदे में गड़बड़ी और करोड़ों रुपए के गबन के आरोपों की सच्चाई सामने लाने के लिए सभी के सामने मंदिर का एक साल से बंद दानपात्र (दान पेटी) को खोला गया। दान पात्र में मात्र 59 हजार रुपए ही निकले। चौधरी ने स्पष्ट किया कि मंदिर की भूमि से जुड़ा मामला फिलहाल अदालत (कोर्ट) में विचाराधीन है और अभी तक इस पर कोई अंतिम फैसला नहीं आया है। ऐसे में कानून को ताक पर रखकर श्रद्धालुओं को धमकाना और मंदिर पर कब्जे का प्रयास करना पूरी तरह गलत है। श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों में रोष, कार्रवाई की मांग स्थानीय निवासी महेंद्र गागल, सतीश जांगिड़, रघुनंदन गुप्ता, सुशील यादव और सुभाष अग्रवाल ने बताया कि यह मंदिर पिछले 40 सालों से इसी कमेटी के प्रबंधन में है और क्षेत्र के लोग पूरी श्रद्धा से पूजा-अर्चना करते आ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि मंदिर की शांति भंग करने और जबरन कब्जा करने की नियत से आए असामाजिक तत्वों पर पुलिस को तुरंत पाबंदी लगानी चाहिए। इस मामले में पुलिस को भी शिकायत देंगे।
अलवर सदर थाना क्षेत्र के सिरमोली गांव में एक युवक को बंधक बनाकर बेरहमी से मारपीट का मामला सामने आया है। युवक से ससुराल वालों ने जबरन तीन बार तलाक बुलवाया। उससे कोरे कागजों पर अंगूठा और हस्ताक्षर करवा लिए। साथ ही 20 लाख रुपए की फिरौती मांगी गई है। पीड़ित के पिता की शिकायत पर सदर थाना पुलिस ने आठ नामजद आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस को दी रिपोर्ट में एनईबी थाना क्षेत्र के 60 फीट रोड स्थित आईना मस्जिद के पास रहने वाले हारून खान ने बताया कि 20 जुलाई को सुबह करीब 10 बजे उनका बेटा हारिश खान अपनी पत्नी को उसके मायके गांव सिरमोली छोड़ने गया था। करीब 10:45 बजे हारिश का फोन आया। उसने बताया कि 7-8 लोगों ने उसे घेर लिया है, बंधक बना लिया है और उसके साथ मारपीट की जा रही है। इसके बाद उसका मोबाइल बंद हो गया। हारून खान ने तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी और सदर थाने पहुंचे। पुलिस टीम गांव सिरमोली पहुंची और हारिश को वहां के जंगल क्षेत्र से मुक्त कराकर थाने लेकर आई। जबरन तीन तलाक बुलवाने का आरोप पीड़ित हारिश ने आरोप लगाया कि उसके ससुर खुर्शीद, रफीक, जुबेर, ताहिर, फक्कर, राहुल, कम्मर और जफरू ने उसे बंधक बनाकर बेरहमी से पीटा। आरोपियों ने दबाव बनाकर युवक से उसकी पत्नी से अलग होने के लिए तीन बार तलाक कहलवाया। इतना ही नहीं, उससे कुछ दस्तावेजों पर जबरन अंगूठा और हस्ताक्षर भी करवा लिए। मारपीट का वीडियो भी बनाया गया। ड्रिल मशीन से डराया, पेचकस मारा रिपोर्ट के अनुसार आरोपियों ने हारिश को ड्रिल मशीन दिखाकर जान से मारने की धमकी दी और उसके हाथ में पेचकस मारकर चोट पहुंचाई। मारपीट से उसके शरीर के अंदरूनी हिस्सों में भी गंभीर चोटें आईं। आरोप है कि उसके गले से करीब दो तोला सोने की चेन और सोने की अंगूठी भी छीन ली गई। वहीं उसकी पत्नी अपने साथ करीब 11.25 तोला सोने के जेवर और चांदी की पाजेब लेकर गई थी। 20 लाख रुपए लाने का बनाया दबाव शिकायत में कहा गया है कि ससुर खुर्शीद और उसके भाई रफीक ने हारिश को धमकी दी कि वह अपने पिता को फोन कर 20 लाख रुपए मंगवाए, तभी उसे छोड़ा जाएगा। रुपए देने से इनकार करने पर उसके साथ दोबारा मारपीट और प्रताड़ित किया गया। आरोपियों ने यह भी कहा कि उन्होंने शादी में 30 लाख रुपए खर्च किए हैं।
पति के तलाक मांगने पर पत्नी ने दी जान:दूसरी युवती से था अफेयर, इसलिए डैम में कूदी, पति पर FIR दर्ज
सरगुजा जिले में महिला की घुनघुट्टा डैम में डूबने से मौत होने के मामले में पुलिस ने पति के खिलाफ आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का FIR दर्ज किया है। जांच में पता चला कि पति का प्रेम संबंध दूसरी युवती से था। पति उसे तलाक देने के लिए प्रताड़ित कर रहा था। विवाद के कारण विवाहिता ने डैम में कूदकर आत्महत्या कर ली थी। मामला दरिमा थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, दरिमा थाना क्षेत्र के ग्राम मोतीपुर निवासी शिवकुमारी पैकरा (24) 11 अप्रैल 2026 को लिबरा में स्थित घुनघुट्टा डैम में कूद गई थी। उसे स्थानीय लोगों ने बाहर निकाला और मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल पहुंचाया। मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में उसे मृत घोषित कर दिया गया। मामले में पुलिस ने मर्ग कायम किया था। परिजनों ने बताया पति मांग रहा था तलाक पुलिस ने मामले में मृतका के भाई, मां बहन, जीजा और अन्य लोगों का बयान दर्ज किया। पता चला कि शिवकुमारी ने उसके पति डेकानंद पैकरा का किसी दूसरी लड़की से प्रेम प्रसंग था। जिसके कारण वह पत्नी को लगातार प्रताड़ित कर तलाक देने का दबाव बना रहा था। शिवकुमारी ने इसकी जानकारी अपनी बहन, मां एवं परिजनों को दी थी। परिजनों ने डेकानंद पैकरा को समझाइश भी दी थी, इसके बाद भी हालात नहीं सुधरे। परिजनों ने आरोप लगाया कि, पति द्वारा तलाक देने के लिए प्रताड़ित करने से तंग आकर शिवकुमारी ने लिबरा घुनघुटटा डैम के गहरे पानी में छलांग लगा दी थी। मामले में जांच के बाद पुलिस ने आरोपी डेकानंद सिंह के खिलाफ धारा 108 बीएनएस के तहत अपराध दर्ज किया। पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही है।
बागपत में विवादित जगह हैंडपंप लगाने का विरोध:ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से कार्रवाई की मांग की है
बागपत में एक विवादित स्थान पर हैंडपंप और सबमर्सिबल लगाने के प्रस्ताव को लेकर ग्रामीणों ने जिलाधिकारी कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई है। ग्रामीणों ने इस मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि नगर पंचायत वार्ड-1 में एक ऐसे स्थान पर हैंडपंप और सबमर्सिबल लगाने की तैयारी कर रही है, जहां पहले से विवाद है। उनका कहना है कि इससे क्षेत्र में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। शिकायती पत्र के अनुसार, जिस भूमि पर यह निर्माण प्रस्तावित है, वह जाटव कल्याणकारी समिति की बताई गई है। समिति ने इस स्थान पर हैंडपंप लगाने पर आपत्ति जताई है। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि यह स्थान शिव मंदिर के मुख्य द्वार के सामने है, जिससे धार्मिक भावनाएं प्रभावित हो सकती हैं। शिकायतकर्ताओं ने दावा किया है कि इसी क्षेत्र में पहले से दो हैंडपंप और दो सबमर्सिबल सुचारु रूप से चल रहे हैं। ऐसे में नए हैंडपंप और सबमर्सिबल की आवश्यकता नहीं है। उनका आरोप है कि यह कार्य बिना पर्याप्त आवश्यकता और नियमों के अनुरूप स्वीकृति के कराया जा रहा है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि नगर पंचायत ने भू-गर्भ विभाग से आवश्यक अनुमति प्राप्त किए बिना ही कार्य की प्रक्रिया शुरू कर दी है। उनका कहना है कि वार्ड-1 में विकास कार्यों के कई अन्य प्रस्ताव भी लंबित हैं, जिन पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। शिकायतकर्ताओं ने जिलाधिकारी ऑफिस मे पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, विवादित स्थान पर हैंडपंप और सबमर्सिबल लगाने की प्रक्रिया पर रोक लगाने तथा सभी पक्षों की सहमति के बाद ही आगे की कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस शिकायत पर क्या निर्णय लेता है।
खरगोन को मिले नए कलेक्टर गुरु प्रसाद:भव्या मित्तल स्टडी लीव पर, 20 IAS अफसरों का तबादला
खरगोन को नए कलेक्टर मिल गए हैं। देर रात हुए प्रशासनिक फेरबदल में 20 आईएएस अधिकारियों के स्थानांतरण किए गए हैं, जिनमें गुरु प्रसाद का नाम भी शामिल है। उन्हें खरगोन का नया कलेक्टर नियुक्त किया गया है। वर्तमान कलेक्टर भव्या मित्तल दो साल की स्टडी लीव पर चली गई हैं। गुरु प्रसाद 2017 बैच के आईएएस अधिकारी हैं और वे उपसचिव पद से खरगोन भेजे गए हैं। उन्होंने बीटेक और एमटेक की पढ़ाई की है। उम्मीद है कि उनकी तकनीकी शिक्षा का लाभ खरगोन जिले को मिलेगा। संभावना है कि वे सोमवार को अपना पदभार ग्रहण कर सकते हैं। भव्या मित्तल के रिलीव होने के बाद से, अपर कलेक्टर रेखा राठौड़ फिलहाल प्रभारी कलेक्टर के रूप में जिले का कामकाज संभाल रही हैं।
छतरपुर जिले के मातगुवा थाना क्षेत्र में स्कूल से घर लौट रहे 14 वर्षीय छात्र पर दो युवकों ने रास्ता रोककर जानलेवा हमला कर दिया। आरोप है कि हमलावरों ने छात्र को ईंट, लात-घूंसों से पीटा और उसका गला भी दबाया। गंभीर रूप से घायल छात्र को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल के ट्रॉमा वार्ड में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। जानकारी के अनुसार, शुक्रवार शाम करीब 4 बजे मालगुवा निवासी आकाश यादव (14), पिता पुष्पेंद्र यादव, मामौन स्थित शासकीय स्कूल से छुट्टी के बाद घर लौट रहा था। आरोप है कि गांव में हर्ष राजपूत और उसके छोटे भाई अंकित राजपूत ने अपने घर के सामने उसका रास्ता रोक लिया और हमला कर दिया। बेहोश होने तक करते रहे मारपीट परिजनों के मुताबिक, दोनों आरोपियों ने आकाश पर ईंट से वार किए, लात-घूंसों से पीटा और गला दबाने का भी प्रयास किया। मारपीट के दौरान छात्र बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ा। इसके बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही परिजन और पुलिस मौके पर पहुंचे। घायल छात्र को पहले मातगुवा अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जिला अस्पताल की इमरजेंसी में डॉ. रोशन द्विवेदी ने छात्र का उपचार किया। बाद में उसे ट्रॉमा वार्ड में भर्ती किया गया। डॉक्टरों के अनुसार उसकी हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। हमले की वजह स्पष्ट नहीं, पुलिस कर रही जांच हमले के पीछे की वजह फिलहाल सामने नहीं आई है। परिजनों का कहना है कि आकाश बोलने की स्थिति में नहीं है, इसलिए घटना के कारणों का पता नहीं चल सका है। वहीं, जिन दो भाइयों पर हमले का आरोप है, उनके पिता ने बताया कि घटना के समय वे खेत पर थे और उन्हें इसकी जानकारी बाद में मिली। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि घायल छात्र के बयान और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बालाघाट के खेल एवं युवा कल्याण विभाग के बैडमिंटन हॉल में शनिवार को खिलाड़ियों को गंदगी का सामना करना पड़ा। खिलाड़ियों ने शिक्षा विभाग के खेल अधिकारी पर प्रतियोगिता के बाद हॉल की सफाई नहीं कराने का आरोप लगाया और इसकी शिकायत मीडिया से की। हॉल में फैला मिला कचरा बैडमिंटन कोर्ट के आसपास और मंच पर पानी की बोतलें, खाद्य सामग्री और अन्य कचरा बिखरा हुआ था। खिलाड़ियों ने इसका वीडियो बनाकर मीडिया को दिया। नाम प्रकाशित नहीं करने की शर्त पर उन्होंने बताया कि बारिश के मौसम में इस गंदगी से बीमारियां फैलने का खतरा है। खेल विभाग ने शिक्षा विभाग पर डाली जिम्मेदारी खेल एवं युवा कल्याण विभाग के अधिकारी राहुल बरेसा ने बताया कि शुक्रवार को शिक्षा विभाग की बैडमिंटन प्रतियोगिता के लिए हॉल नि:शुल्क उपलब्ध कराया गया था। उनके अनुसार, हॉल सौंपते समय पूरी तरह साफ था। उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता के बाद सफाई की जिम्मेदारी शिक्षा विभाग की थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। यदि सफाई नहीं होती है, तो निजी सफाईकर्मी बुलाकर हॉल साफ कराया जाएगा। इस संबंध में शिक्षा विभाग के खेल अधिकारी दीपक गिरी से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। इसलिए उनका पक्ष प्राप्त नहीं हो सका।
पूर्णिया के ऐतिहासिक इंदिरा गांधी स्टेडियम (रंगभूमि मैदान) में छात्रों का एक बड़ा आंदोलन शुरू हो गया है। विभिन्न मांगों को लेकर बड़ी संख्या में छात्र एवं युवा मैदान में जुटने लगे हैं। प्रदर्शनकारियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए जिला और पुलिस प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गया है। प्रशासन ने स्थिति पर कड़ी निगरानी रखने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। इसके साथ ही, किसी भी आपात स्थिति से निपटने और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बाइकर्स टीमों को भी सक्रिय किया गया है प्रशासनिक अधिकारियों ने खुद संभाली कमान स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन की ओर से त्वरित कार्रवाई की गई है। सदर एसडीएम (SDM) तुषार कुमार और सदर एसडीपीओ-1 (SDPO-1) अभिनव परासर खुद पुलिस बल के साथ सीधे प्रदर्शन स्थल पर मौजूद हैं। दोनों वरीय अधिकारी मौके पर रहकर पूरी स्थिति पर कड़ी नज़र बनाए हुए हैं और लगातार व्यवस्था का जायजा ले रहे हैं। बल प्रयोग न करने के निर्देश शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष रूप से तैनात 'बाइकर्स टीम' और अन्य पुलिसकर्मियों को स्पष्ट एवं सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। प्रशासन ने साफ किया है कि शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर किसी भी परिस्थिति में बल प्रयोग न किया जाए। यदि स्थिति अनियंत्रित या तनावपूर्ण होती है, तो भी कोई भी जवान या टीम अपने स्तर पर कार्रवाई नहीं करेगी। सभी को केवल वरीय अधिकारियों के स्पष्ट आदेश का इंतजार करने की हिदायत दी गई है। मैदान में भारी पुलिस बल तैनात रंगभूमि मैदान के चारों ओर बैरिकेडिंग और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं ताकि आंदोलन के कारण आम लोगों की आवाजाही या शहर की यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो। अधिकारियों का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि छात्र अपनी मांगों को लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से रख सकें और कानून-व्यवस्था भी पूरी तरह से कायम रहे। फिलहाल रंगभूमि मैदान में छात्रों का पहुंचना जारी है और स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में लेकिन संवेदनशील बनी हुई है।
सपा के वरिष्ठ नेता आजम खान के मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय को बचाने आज सपा के 10 सांसदों का प्रतिनिधिमंडल रामपुर पहुंचा। डेलीगेशन में सपा सांसद इकरा हसन, रुचि वीरा, जियाउर्रहमान बर्क व आजम खान के विरोधी माने जाने वाले रामपुर सांसद मोहिबुल्ला भी शामिल हैं। ये डेलीगेशन रामपुर डीएम अजय कुमार द्विवेदी से मुलाकात कर जौहर विवि के 38 भवनों के ध्वस्तीकरण के आदेश को वापस लेने की मांग कर ज्ञापन देगा। इसके साथ ही जौहर विश्वविद्यालय के गेट पर 8 दिन से धरने पर बैठे छात्र-छात्राओं से मुलाकात भी करेगा। सपा डेलीगेशन के आने को लेकर रामपुर जिला प्रशासन ने जिला कलेक्ट्रेट से लेकर जौहर विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार तक सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। अपर पुलिस अधीक्षक अनुराग सिंह ने बताया कि तीन-तीन थानों के थानेदार और एक-एक सीओ की ड्यूटी लगाई गई है। जौहर विश्वविद्यालय पर एक सीओ समेत तीन थानों का फोर्स और कलेक्ट्रेट पर भी तीन थानों का फोर्स तैनात है। वज्र वाहन समेत फायर ब्रिगेड की एक गाड़ी खड़ी की गई है। दो दिन पहले डीएम से मिला था 25 MLA का डेलीगेशन बता दें, 2 दिन पहले गुरुवार को सपा के नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडे के साथ 25 विधायकों समेत 45 नेताओं का डेलीगेशन भी डीएम से मिला था। डेलीगेशन माता प्रसाद पांडे के साथ यूनिवर्सिटी के अंदर भी गया था। यहां अधिकारियों के साथ करीब 45 मिनट तक बातचीत की थी। इसके बाद आजम खान के घर जाकर उनकी पत्नी तंजीन फातिमा से मुलाकात की थी। करीब 20 मिनट नेता प्रतिपक्ष और तंजीन फातिमा से बातचीत की थी। इस दौरान आजम के बड़े बेटे अदीब आजम ने उनका स्वागत किया था। सपा प्रदेश अध्यक्ष ने जारी किया लेटर सपा के प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने डेलीगेशन को लेकर शुक्रवार को लेटर जारी किया। उन्होंने कहा कि प्रशासन मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के ध्वस्तीकरण की तैयारी कर रहा है। ये शिक्षा और लोकतांत्रिक मूल्यों से जुड़ा एक गंभीर विषय है। विश्वविद्यालय पर बुलडोजर चलाना देश की शैक्षिक धरोहर और हजारों विद्यार्थियों के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालेगा। प्रतिनिधिमंडल में रामपुर सपा जिलाध्यक्ष अजय सागर, सांसद जावेद अली खान, सांसद इकरा हसन, सांसद मोहिब्बुल्लाह, सांसद नीरज मौर्य, सांसद जियाउर्रहमान बर्क, सांसद रामजीलाल सुमन, सांसद राजीव राय, सांसद बीरेंद्र सिंह मलिक, सांसद रामशिरोमणि वर्मा सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल रहे। पूर्व सांसद एवं महाराष्ट्र समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अबू आसिम आजमी भी शामिल हैं। RDA ने आजम की यूनिवर्सिटी ध्वस्त करने का आदेश दिया है रामपुर जेल में बंद सपा नेता आजम खान की यूनिवर्सिटी के 40 में से 38 भवन अवैध घोषित किए गए हैं। इन भवनों का नक्शा पास नहीं कराया गया था। रामपुर विकास प्राधिकरण (RDA) ने 15 जुलाई को यूनिवर्सिटी के ध्वस्तीकरण का आदेश दिया था। बुलडोजर चलाने से पहले यूनिवर्सिटी को 15 दिन का समय दिया गया है। हालांकि, इसी बीच मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी की चेयरमैन और ट्रस्टी निखत अफलाक खान ने मुरादाबाद मंडल के कमिश्नर आन्जनेय सिंह की अदालत में याचिका दायर की है। इस अपील पर 28 जुलाई को सुनवाई होनी है। आजम की पत्नी डॉक्टर तंजीन फातिमा 16 जुलाई को यूनिवर्सिटी पहुंची थीं। यूनिवर्सिटी परिसर में पुलिसवालों को देखकर नाराज हो गई थीं। तंजीन फातिमा ने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को यूनिवर्सिटी से बाहर करवा दिया था। आजम खान कैसे नक्शा पास कराने में चूके, पढ़िए रामपुर विकास प्राधिकरण ने मार्च, 2026 में ही सींगनखेड़ी गांव को RDA की सीमा में शामिल किया है, जहां जौहर यूनिवर्सिटी बनी है। इसके पहले यह गांव जिला पंचायत में आता था। रामपुर जिला पंचायत का विकास शुल्क सिर्फ 100 रुपए प्रति वर्ग मीटर से 300 रुपए प्रति वर्ग मीटर तक है। अगर आजम ने मार्च, 2026 से पहले ये नक्शे पास कराए होते, तो बमुश्किल 5-6 करोड़ रुपए में उनकी यूनिवर्सिटी की सभी बिल्डिंगों के नक्शे पास हो गए होते। लेकिन, ऐसा करने से वो चूक गए। एक सीनियर आर्किटेक्ट ने बताया- बेशक आजम खान बड़ी से बड़ी अदालत में क्यों न चले जाएं, लेकिन यूनिवर्सिटी की बिल्डिंगों का नक्शा पास कराने के लिए उन्हें रामपुर विकास प्राधिकरण के पास ही आना होगा। प्राधिकरण के ऑर्डर को स्टे करने के लिए वह प्राधिकरण के अध्यक्ष मुरादाबाद के कमिश्नर के पास अपील भी दाखिल कर सकते हैं। इसी के तहत अपील दाखिल की गई है। कैसे जांच के घेरे में आई यूनिवर्सिटी, ग्राफिक से जानिए आजम ने 2003 में जौहर ट्रस्ट बनाया, मुलायम सिंह कैबिनेट के साथ पहुंचे थे 2003 की बात है, आजम खान मुलायम सरकार में संसदीय मामलों, शहरी विकास, रोजगार, जल आपूर्ति और गरीबी उन्मूलन के मंत्री बनाए गए। ये वो दौर था, जब असल मायने में रामपुर में आजम के दबदबे की शुरुआत हुई। इसी साल सपा नेता ने मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट बनाया। इस ट्रस्ट में आजम खान समेत उनके परिवार के लोग भी सदस्य बनाए गए। 2005 में आजम खान ने जौहर ट्रस्ट के अधीन मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी बनाने का फैसला किया। आजम इसे यूपी का सबसे बड़ा शिक्षण संस्थान बनाना चाहते थे। इसे ऐसे देखा जा सकता है कि तब CM रहे मुलायम सिंह यादव पूरी कैबिनेट के साथ 18 सितंबर, 2005 को रामपुर आए और जौहर यूनिवर्सिटी की नींव रखी गई। ये सब पहले मुलायम सरकार में 2005 से 2007 तक और फिर अखिलेश सरकार में 2012 से 2015 के बीच हुआ। जब लोगों ने विरोध किया तो उन पर यूनिवर्सिटी में सरिया-सीमेंट चोरी और दीवार तोड़ने जैसे झूठे केस लगाकर जेल में डाल दिया गया। 2017 तक यूनिवर्सिटी में बीए, बीएससी, बीटेक, बी फार्मा समेत 25 कोर्स की पढ़ाई शुरू हो गई। इन कोर्सेज के लिए यूनिवर्सिटी में 58 अलग-अलग आलीशान इमारतें बनाई गईं। सपा शासनकाल में श्रम विभाग ने इनकी लागत लगभग 2000 करोड़ बताई थी। मार्च 2017 में अखिलेश सरकार की विदाई हो गई। योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री बने। BJP की सरकार बनते ही आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी के बुरे दिन शुरू हो गए। हालत ये हो गई कि रामपुर में आजम पर दर्ज किए गए 90 मामलों में अकेले 30 जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े केस हैं। यूनिवर्सिटी करीब 1500 बीघे में बनी है। इसके लिए जो जमीनें खरीदी गईं, उसे लेकर आज तक मुकदमेबाजी चल रही है। जौहर यूनिवर्सिटी पर बीते 7 साल से लगातार कार्रवाई हो रही है।
‘तंत्र-मंत्र से पैसों की बारिश होगी। बस लगातार अनुष्ठान करूंगा। बलि देनी होगी, तो गड़ा हुआ करोड़ों का खजाना मिल जाएगा। अदृश्य शक्तियां प्रसन्न होते ही किस्मत बदल जाएगी।’ ऐसे दावे सुनने में भले ही फिल्मों की कहानी लगें, लेकिन आज भी कई लोग इनके झांसे में आ रहे हैं। रातों-रात अमीर बनने, गड़ा धन पाने और अलौकिक शक्तियां हासिल करने की चाह लोगों को अंधविश्वास की उस अंधेरी दुनिया में ले जा रही है, जहां ठगी, हत्या और नरबलि जैसे क्रूर अपराध हो रहे हैं। छत्तीसगढ़ में पिछले कुछ महीनों के दौरान सामने आए तीन बड़े मामलों ने दिखाया है कि तंत्र-मंत्र के नाम पर फैलाया जा रहा भ्रम सिर्फ लोगों की जेब ही नहीं, बल्कि उनकी जान भी ले रहा है। अंधविश्वास, टोना-टोटका और विचक्राफ्ट (जादू-टोना) के चलते पिछले पांच वर्षों में करीब 83 लोगों की मौत हुई है। 2024 में 10 और 2025 में 12 मामले दर्ज हुए। इन मामलों की संख्या के आधार पर छत्तीसगढ़ देश में दूसरे स्थान पर है। प्रदेश में तंत्र-मंत्र की आड़ में किस तरह हत्याएं की जा रही हैं? कितने आरोपी पकड़े गए? ऐसे मामलों में क्या कार्रवाई होती है? पढ़िए यह रिपोर्ट… पहले पढ़िए यह 3 केस केस 1: गड़े धन की चाहत और मामूली बातों का बदला लेने 8 मर्डर छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के खरवे गांव में 6 फरवरी से 14 मई 2026 के बीच 8 ग्रामीणों की संदिग्ध मौतों ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया। शुरुआत 6 फरवरी को बद्री पटेल की मौत से हुई। इसके बाद 20 फरवरी को बुढालू साहू, 12 मार्च को बुधराम जायसवाल, 20 मार्च को छत्तूराम साहू, 31 मार्च को विनोद साहू, 28 अप्रैल को गजानंद मांझी, 29 अप्रैल को चैतूराम साहू और 14 मई को महेतरू साहू की मौत हो गई। एक ही गांव में लगातार आठ मौतों के बाद ग्रामीण बड़ी संख्या में थाने पहुंचे। पुलिस की जांच में खुलासा हुआ कि कथित तांत्रिक रामसहाय जायसवाल गड़े धन की चाहत और मामूली बातों पर बदला लेने के लिए लोगों को निशाना बना रहा था। पुलिस ने उसे हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया। मामला कसडोल थाना क्षेत्र का है। केस 2: तंत्र-मंत्र की साधना में खुद का गला काट लिया अप्रैल 2026 में बिलासपुर जिले के जोंधरा गांव में चंदन नट (45) की मौत ने अंधविश्वास का एक और भयावह चेहरा सामने रखा। घटना वाले दिन वह सामान्य तरीके से घर लौटा, बड़े भाई के साथ बैठकर बातचीत की और बीड़ी पी। इसके बाद वह पूजा कमरे में चला गया। करीब एक घंटे बाद बहू जब पूजा कक्ष पहुंची तो चंदन खून से लथपथ पड़ा मिला। जांच में सामने आया कि उसने कथित तांत्रिक साधना के दौरान चाकू से खुद का गला काट लिया था। पुलिस की जांच में मामला अंधविश्वास से जुड़ा पाया गया। केस 3: ढाई करोड़ बनाने का झांसा, स्क्रैप कारोबारी समेत 3 की मौत जनवरी 2026 में कोरबा जिले के बरबसपुर स्थित एक स्क्रैप यार्ड से स्क्रैप कारोबारी अशरफ मेमन, तुलसी नगर निवासी सुरेश साहू और दुर्ग निवासी नीतीश कुमार के शव एक कमरे में मिले थे। जांच में सामने आया कि बिलासपुर का एक कथित तांत्रिक राजेंद्र कुमार पांच लाख रुपए को तंत्र-मंत्र से ढाई करोड़ रुपए में बदलने का दावा कर रहा था। इसी लालच में तीनों वहां पहुंचे थे। पुलिस ने मामले में कथित तांत्रिक समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। जांच में यह भी सामने आया कि धन को बराबर बांटने की योजना बनाई गई थी। अंधविश्वास से जुड़ी हत्याओं में छत्तीसगढ़ दूसरे स्थान पर NCRB 2024 के अनुसार, देशभर में जादू-टोने से जुड़ी 54 हत्याएं दर्ज हुईं। इनमें छत्तीसगढ़ में 10 मामले दर्ज किए गए। इस आंकड़े के साथ छत्तीसगढ़ देश में दूसरे स्थान पर रहा। साल 2021 से 2025 के बीच प्रदेश में ऐसे मामलों में 83 लोगों की मौत दर्ज की गई। विशेषज्ञों का मानना है कि अधिकांश मामलों में लालच, अंधविश्वास और कथित तांत्रिकों का प्रभाव प्रमुख कारण बनता है। शास्त्रों में नहीं मिलता तंत्र-मंत्र से अमीर बनने का प्रमाण दैनिक भास्कर से बातचीत में श्री ज्योतिष गुरु उदय महाराज ने बताया कि प्राचीन समय में युद्ध या आक्रमण के दौरान लोग अपना धन जमीन में गाड़ देते थे, जिससे हालात सामान्य होने पर उसे वापस निकाल सकें। समय बीतने के साथ यह मान्यता बन गई कि ऐसे गड़े धन की रक्षा अदृश्य शक्तियां, नाग या आत्माएं करती हैं और विशेष तांत्रिक अनुष्ठान से ही उसे प्राप्त किया जा सकता है। लेकिन किसी भी प्रामाणिक शास्त्र में तंत्र-मंत्र के जरिए गड़ा धन निकालने, नोटों की बारिश कराने या रातों-रात अमीर बनने का कोई प्रमाण नहीं मिलता। कुछ लोग इसी भ्रम का फायदा उठाकर भोले-भाले लोगों को ठगते हैं। टोनही के संदेह में प्रताड़ना, मारपीट के 1350 से ज्यादा मामले दर्ज अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के अध्यक्ष डॉ. दिनेश मिश्रा ने बताया कि, अंधविश्वास और सामाजिक कुरुतियों-टोनही के संदेह में महिला प्रताड़ना की घटनाएं। मारपीट करने की घटनाएं। हत्या करने के मामले लगातार सामने आते रहे हैं। छत्तीसगढ़ में 2017 से लेकर 2025 तक करीब 1350 मामले क्राइम रिकॉर्ड में दर्ज हैं। इसके बाद के मामलों को मिलाकर 3 हजार से ज्यादा केस हो रहे हैं। तंत्र-मंत्र ठगी के मामले भी लगातार सामने आए हैं। वकील बोले- पुलिस की सख्ती और जागरूकता ही रोक सकती है अंधविश्वास एडवोकेट विपिन अग्रवाल का कहना है कि, छत्तीसगढ़ में तंत्र-मंत्र और नरबलि जैसे मामलों में बढ़ोतरी चिंता का विषय है। कथित तांत्रिक और बैगा लोगों को तंत्र-मंत्र से धन वर्षा, गड़ा धन मिलने और गंभीर बीमारियां ठीक करने का झांसा देकर गुमराह कर रहे हैं। अब पढ़िए, इस तरह की वारदात पर क्या सजा है छत्तीसगढ़ में जादू‑टोना, तंत्र‑मंत्र और पैसों की बारिश जैसी गतिविधियों के खिलाफ राज्य ने टोनही प्रताड़ना निवारण अधिनियम 2005 लागू किया है। इसके तहत किसी को टोनही या डायन बताकर डराना, झाड़‑फूंक करना या ठगी करना अपराध माना जाता है। इसके अलावा, मानव बलि, हत्या, अपहरण और धोखाधड़ी जैसी वारदातों के लिए सीधे BNS की गंभीर धाराएं लागू होती हैं, जिनमें उम्रकैद या फांसी तक की सजा का प्रावधान है। डिजिटल ठगी या ऑनलाइन झांसे के मामलों में IT Act भी लागू होता है। आज भी अंधविश्वास और काले जादू के नाम पर हत्याएं दुनिया के कई हिस्सों में मानव बलि ऐतिहासिक रूप से धार्मिक अनुष्ठानों से जुड़ी रही है, जैसे प्राचीन एज्टेक, माया और इंका सभ्यताएं। आधुनिक समय में यह अफ्रीका के कुछ देशों (युगांडा, तंजानिया, नाइजीरिया), लैटिन अमेरिका और एशिया के हिस्सों में अंधविश्वास और काले जादू के नाम पर अब भी दर्ज होती है। …………………. इससे जुड़ी खबर भी पढ़ें… छत्तीसगढ़- मामूली बातों पर 8 मर्डर, साइको किलर गिरफ्तार: गाली देने, पुरानी रंजिश, पत्नी पर बुरी नजर का शक, जहरीली शराब पिलाकर की हत्याएं पैसों की बारिश कराते तांत्रिक का VIDEO: अनुष्ठान का नाटक किया, बोला-2.50 लाख को 2.50 करोड़ बना दूंगा; कैश लेकर भागने लगा,पीड़ितों ने पकड़कर पीटा
लखनऊ के इंदिरा नगर थाना क्षेत्र में शुक्रवार-शनिवार की बीच रात करीब 2 बजे घर के अंदर छुपे हथियार बंद बदमाशों ने डकैती की घटना को अंजाम दिया। उन्होंने देर रात लॉकर तोड़ना शुरू किया। आवाज सुनकर परिवार के लोगों की नींद खुल गई। विरोध करने पर बदमाशों ने धारदार हथियार से हमला कर दिया। हमले में परिवार के 3 सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। बजरंग चौराहे अमराई गांव निवासी उमेश चंद्र (55) घर में ही परचून की दुकान चलाते हैं। पिछले 3 साल से पत्नी शांति देवी के साथ रह रहे हैं। 3 दिन पहले बेटी सीमा घर आई थी। शुक्रवार रात सभी सदस्य खाना खाकर सो गए। अचानक से तोड़फोड़ की आवाज आने लगी। जिसकी आवाज सुनकर बेटी सीमा की आंख खुल गई। वह देखने गई तभी बदमाशों ने उस पर हमला कर दिया। बेटी की चीख सुनकर पिता दौड़ते पहुंचे। तभी घात लगाए बैठे बदमाश ने पीछे से उनके सिर पर धारदार हथियार से ताबड़तोड़ कई वार किए। जिससे वह लहूलुहान होकर जमीन पर गिरे और बेहोश हो गए। पत्नी शांति देवी की भी आंख खुल चुकी थी। उन्होंने शोर मचाने की कोशिश की तभी बदमाश ने उन पर भी हमला कर दिया। वह भी गश खाकर गिर गई। करीब 10 मिनट बाद पत्नी शांति को हल्का होश आया तो वह घर से बाहर निकाल कर शोर मचाना शुरू किया। इस पर मोहल्लेवाले व आसपास के लोग इकट्ठा हो गए। इसके बाद रहीम नगर में रहने वाले बेटे दीपक गुप्ता व पुलिस को सूचना दी गई। सूचना के करीब आधे घंटे बाद पुलिस पहुंची। इसके बाद घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। जहां तीनों का गंभीर हालत में इलाज चल रहा है। बेटे दीपक का कहना है घटना के बाद से सभी अस्पताल में हैं, लूट कितने की हुई इसका आकलन नहीं किया जा सका है। रोड पर घर होने के बावजूद देर से पहुंची पुलिस व्यापारी उमेश का घर बजरंग चौराहे से 100 मीटर आगे ऑन रोड है। इसके बावजूद बदमाशों ने इतनी बड़ी घटना को अंजाम दिया। वहीं पुलिस की गश्ती पर भी सवाल खड़े हुए हैं। सूचना के आधे घंटे बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची।
कैथल जिले के एक निजी स्कूल में स्वीमिंग पूल के चेंजिंग रूम में छात्राओं का चोरी-छिपे वीडियो बनाने का मामला सामने आया है। लड़कियों ने स्कूल के ही एक कर्मचारी को वीडियो बनाते देखा, तो तुरंत स्कूल प्रबंधन व परिजनों को इसकी सूचना दी। परिजनों की ओर से पुलिस को कॉल की गई और सिविल लाइन थाना की टीम मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि परिजनों व स्कूल स्टाफ के अन्य लोगों की मदद से आरोपी कर्मचारी को वहीं पकड़ लिया गया था, लेकिन बाद में पुलिस टीम के पहुंचते ही उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया है। कैथल पुलिस ने मामले में तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपी के खिलाफ पॉक्सो (POCSO) एक्ट समेत अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस द्वारा पकड़े गए आरोपी का नाम गौरव है, जो कि कलायत का रहने वाला है और प्राइवेट स्कूल में चतुर्थ श्रेणी का कर्मचारी है। परिजनों की कड़ी कार्रवाई की मांग परिजनों ने पुलिस से मांग की, कि आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। एक कर्मचारी का ऐसा रवैया लड़कियों के लिए खतरनाक हो सकता है। डीएसपी रमेश चंद्र ने बताया कि पुलिस के पास सूचना आई थी कि एक आरोपी को लड़कियों की वीडियो बनाते हुए स्कूल प्रबंधन ने पकड़ा है, पुलिस मौके पर पहुंच गई। वहां पर आरोपी भी मौजूद थी, जिसे परिजनों व स्कूल वालों ने पुलिस के हवाले कर दिया। आरोपी से पूछताछ में जुटी पुलिस डीएसपी ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है, उससे पूछताछ की जा रही है। साथ ही पुलिस की ओर से मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उन्हीं के आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
पंजाब पुलिस को अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) पंजाब ने OFTEC पंजाब और केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता से फरार गैंगस्टर जोबनजीत सिंह उर्फ जॉबन बिल्ला को भारत डिपोर्ट कर पंजाब ले आई है। पुलिस के अनुसार, आरोपी जॉबन बिल्ला हत्या, हत्या के प्रयास, एनडीपीएस एक्ट और आर्म्स एक्ट सहित कई गंभीर मामलों में वांछित था। वह लंबे समय से विभिन्न देशों में छिपकर गिरफ्तारी से बच रहा था। पंजाब में उसके खिलाफ हत्या के चार मामले दर्ज हैं। अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित यह कार्रवाई पंजाब पुलिस के 'ऑपरेशन नोमैड हंट' के तहत की गई। करीब छह महीने तक चले इस विशेष अभियान में लगातार निगरानी, रणनीतिक खुफिया जानकारी जुटाने और राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित किया गया, जिसके बाद आरोपी को गिरफ्तार कर भारत लाया जा सका। ऐसे अभियान लगातार जारी रहेंगे अब आरोपी से पूछताछ कर उसके आपराधिक नेटवर्क, विदेश में मौजूद संपर्कों और पंजाब में सक्रिय गिरोहों से संभावित संबंधों की गहन जांच की जाएगी। पंजाब पुलिस ने बताया कि संगठित अपराध के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने और दुनिया के किसी भी कोने में छिपे अपराधियों को कानून के कटघरे तक लाने के लिए ऐसे अभियान जारी रहेंगे। भागने वाले अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा पुलिस ने कहा कि कानून से बचने के लिए विदेश भागने वाले अपराधियों को भी बख्शा नहीं जाएगा। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के सहयोग से ऐसे फरार आरोपियों को भारत लाकर न्याय के कटघरे तक पहुंचाया जाएगा।
सीधी जिले में स्थित संजय टाइगर रिजर्व की वस्तुआ रेंज अंतर्गत उमरिया से वस्तुआ को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग पिछले एक साल से बदहाल पड़ा है। सड़क और पुलिया के क्षतिग्रस्त होने से रोजाना आवागमन करने वाले लगभग चार हजार लोगों की जान खतरे में पड़ी हुई है। अधिकारियों की अनदेखी से नाराज ग्रामीणों ने खुद गड्ढों के आसपास पत्थर रखकर हादसों को रोकने का प्रयास किया है। गहरे गड्ढों में फंसे वाहन, चारपहिया आवाजाही ठप मार्ग पर बने बड़े-बड़े गड्ढों के कारण चारपहिया वाहनों की आवाजाही लगभग बंद हो चुकी है, वहीं दोपहिया वाहन चालक जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हैं। स्थानीय निवासी राजा राम पनिका ने बताया कि बारिश में गड्ढों में पानी भरने से रोजाना बाइक सवार गिरकर घायल हो रहे हैं। हादसे रोकने के लिए ग्रामीणों ने अस्थायी तौर पर गड्ढों के चारों ओर बड़े पत्थर लगाए हैं। टाइगर रिजर्व क्षेत्र में भूमि, वन विभाग पर लापरवाही का आरोप ग्रामीणों का कहना है कि सड़क और पुलिया की मरम्मत के लिए संजय टाइगर रिजर्व के डीएफओ और अन्य अधिकारियों को कई बार आवेदन दिया गया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। यह मार्ग वन भूमि पर स्थित होने के कारण इसकी मरम्मत और देखरेख की प्राथमिक जिम्मेदारी वन विभाग की ही है। अनुमति न मिलने से अटका काम, शनिवार को ग्रामीणों ने फिर घेरा मामले में वस्तुआ रेंज के रेंजर सतीश बरमनिया ने बताया कि सड़क एक साल से क्षतिग्रस्त है। निर्माण एजेंसी द्वारा आवश्यक विभागीय अनुमति न लिए जाने के कारण मरम्मत कार्य शुरू नहीं हो पा रहा है। वहीं शनिवार सुबह 11 बजे ग्रामीणों ने दोबारा रेंजर से मुलाकात कर चेतावनी दी कि यदि जल्द मरम्मत न हुई तो किसी भी बड़े हादसे की जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
प्रधानमंत्री मोदी का छात्रों और युवाओं तक सीधे पहुंचना देश के लिए बहुत सकारात्मक संदेश: भाजपा नेता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के छात्रों और युवाओं के नाम संदेश के बाद भाजपा नेताओं ने इसे सकारात्मक और ऐतिहासिक पहल बताया है। युवाओं से प्रदर्शन खत्म करने की अपील करते हुए भाजपा नेताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर कदम पर आपके साथ हैं।
लुधियाना में रास्ता मांगने को लेकर हुई मामूली कहासुनी के बाद कुछ बदमाशों ने जमकर हंगामा मचाया। पांच बदमाशों ने पहले एक युवक की पिटाई की और फिर पूरे मोहल्ले में ईंट-पत्थर बरसाए। इस दौरान सीसीटीवी कैमरों को भी नुकसान पहुंचाया गया। यह पूरी घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। फुटेज में पांचों युवक एक के बाद एक घरों पर पत्थर फेंकते हुए साफ दिखाई दे रहे हैं। फुटेज में हवा में उड़ती ईंटें भी स्पष्ट नजर आ रही हैं। आरोप है कि युवकों ने बिना किसी डर के वहां खड़ी कई गाड़ियों के शीशे तोड़ दिए और इलाके में लगे अन्य सीसीटीवी कैमरों को भी निशाना बनाया। बिना बात के गाली-गलौज करने लगे घायल युवक तनुश ने बताया कि वह शुक्रवार देर रात अपने छोटे भाई के साथ बाइक पर घर लौट रहा था। रास्ते में कुछ युवक गली के बीचों-बीच एक्टिवा खड़ी कर खड़े थे। तनुश ने उन्हें थोड़ा साइड होने को कहा, तो वे बिना बात के गाली-गलौज करने लगे। बात इतनी बढ़ गई कि उन्होंने तनुश को थप्पड़ मारे। मोहल्ले में ईंट-पत्थर बरसाने शुरू किए फिर उसके सिर पर किसी भारी चीज से वार कर दिया। तनुश ने बताया कि किसी तरह वह बचकर अपने घर पहुंचा, लेकिन आरोपी अपने कुछ अन्य साथियों के साथ उसके पीछे-पीछे वहां भी पहुंच गए। इसके बाद उन्होंने पूरे मोहल्ले में ईंट-पत्थर बरसाने शुरू कर दिए। सीसीटीवी कैमरों को भी नुकसान पहुंचाया आरोप है कि इस दौरान कई घरों के शीशे, बाहर खड़े वाहनों और इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों को भी नुकसान पहुंचाया गया। तनुश के अनुसार, इस घटना के बाद पूरे मोहल्ले में दहशत फैल गई। लोग पूरी रात भय के माहौल में जागते रहे और कोई भी चैन से सो नहीं सका। पीसीआर टीम तुरंत मौके पर पहुंची पुलिस अधिकारी हरदीप सिंह ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पीसीआर टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने घटनास्थल से एक युवक को हिरासत में लिया, जिसका मेडिकल भी कराया गया है। पूछताछ के दौरान पकड़े गए आरोपी ने अपने दो अन्य साथियों के नाम भी बताए हैं। गुंडागर्दी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं पुलिस का कहना है कि इलाके में इस तरह की गुंडागर्दी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। घटना में शामिल सभी आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जगन गुर्जर की हत्या पर गुर्जर समाज में रोष है। गुर्जर नेताओं का कहना है कि जगन गुर्जर की हत्या के बाद सरकार ने जेल प्रशासन के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कि जगन गुर्जर की हत्या में सरकार खुद शामिल है। जल्द ही सर्व समाज के लोग आंदोलन करेंगे। इतना ही नहीं अधिकारियों ने देवेंद्र शर्मा SHO को लाइन हाजिर करने के बाद 12 दिन बाद ही उसे दूसरे थाने में पोस्टिंग कर दी गई। गुर्जर नेता प्रहलाद खटाना ने कि अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में जगन गुर्जर की हत्या कर दी गई। उस दिन हम सभी लोग वहां गए थे। उस समय प्रशासन से लिखित समझौता हुआ था। उस समझौते में सिर्फ एक मांग हमारी मानी गई है। पहली मांग थी कि जगन गुर्जर के अंतिम संस्कार में तीनों भाइयों को बुलाया जाए। यह मांग हमारी पूरी की गई। हाई कोर्ट के सवाल का सरकार ने जवाब नहीं दिया दूसरी मांग पप्पू गुर्जर को जेल ट्रांसफर कर दिया गया। राजस्थान के हाई कोर्ट इस मामले पर संज्ञान लिया। हाई कोर्ट ने सरकार से सवाल किया। हाई के सवाल का सरकार ने कोई जवाब नहीं दिया। जगन गुर्जर की हत्या के बाद जेल के अधिकारी और कर्मचारियों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। जगन गुर्जर की पोस्टमार्टम नहीं दी गई। हत्याकांड की CBI जांच करवाई जाए जगन गुर्जर की हत्या में सरकार शामिल है। हत्या पर जो न्यायिक जांच चल रही है उसमें क्या हुआ। हत्याकांड की CBI जांच नहीं करवाई गई। हत्याकांड को लेकर 12 जुलाई को सर्व समाज की एक मीटिंग की गई थी। जिसमें कलेक्टर और एसपी भी आये थे। लाइन हाजिर किए SHO को 12 दिन बाद दी पोस्टिंग बाड़ी के SHO देवेंद्र शर्मा को लाइन हाजिर किया गया था। 12 दिन बाद ही देवेंद्र शर्मा को धौलपुर के निहालगंज थाने का थाना अधिकारी बना दिया गया। जिसके बाद थाना अधिकारी ने सोशल मीडिया पर प्रचार किया। सीएम गुर्जर और ब्राह्मण समाज को लड़ाना चाहते हैं। जबरन कट्टा दिखाकर बंद किया सरकार जगन गुर्जर के हत्यारों को छुपाना चाहती है। जगन गुर्जर की हत्या में सरकार शामिल है। समाज की मांग है कि देवेंद्र शर्मा को सस्पेंड किया जाए। जगन गुर्जर को बाड़ी थाने में 7 दिन रखा गया। जगन गुर्जर पर कट्टा दिखाया गया। थाने की रिकॉर्डिंग को सार्वजानिक नहीं किया गया। सरकार जगन गुर्जर की हत्या में शामिल देश की सबसे सुरक्षित जेल में जगन गुर्जर की हत्या कर दी गई। सरकार ने एक भी कर्मचारी पर कोई कार्रवाई नहीं कि अगर जगन गुर्जर के हत्यारों को सजा नहीं दी गई तो, सर्व समाज के लोगों के साथ जल्द ही आंदोलन किया जाएगा। इसको लेकर आईजी से भी मुलाकात की जाएगी।
छत्तीसगढ़ के चर्चित CGPSC भर्ती घोटाले में अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) की भी एंट्री हो गई है। CBI की जांच के बाद अब ED इस मामले में कथित मनी लॉन्ड्रिंग के पहलू की जांच करेगी। ED ने जेल में बंद CGPSC के पूर्व चेयरमैन एवं रिटायर्ड IAS अधिकारी टामन सिंह सोनवानी को गिरफ्तार करने की अनुमति के लिए रायपुर के स्पेशल कोर्ट में आवेदन लगाया है। इस आवेदन पर आज सुनवाई होनी है। यदि कोर्ट ED को अनुमति देता है, तो एजेंसी टामन सिंह सोनवानी को गिरफ्तार कर कस्टोडियल रिमांड लेकर पूछताछ करेगी। माना जा रहा है कि पूछताछ में भर्ती प्रक्रिया में पैसों के लेन-देन, अवैध कमाई और उससे जुड़े वित्तीय नेटवर्क की जांच की जाएगी। CBI पहले ही कर चुकी है गिरफ्तारी CBI ने 2 साल पहले CGPSC के पूर्व चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी को गिरफ्तार किया था। उनके साथ बजरंग पावर एंड इस्पात लिमिटेड के डायरेक्टर श्रवण कुमार गोयल को भी गिरफ्तार किया गया था। CBI का आरोप है कि CGPSC की भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताएं हुईं और कथित तौर पर प्रभावशाली लोगों के रिश्तेदारों को डिप्टी कलेक्टर, DSP समेत अन्य पदों पर चयनित कराने के लिए अवैध लेन-देन हुआ। VIP लोगों के रिश्तेदारों का चयन करने का आरोप CBI के मुताबिक, सोनवानी के कार्यकाल में PSC में हुई भर्ती में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई है। आरोप है कि, उन्होंने अपने कई करीबी रिश्तेदारों और कांग्रेस नेताओं और अधिकारियों के 18 रिश्तेदारों की नौकरी लगवाई है। जांच में पैसों के लेन-देन के पुख्ता सबूत मिले हैं। CBI की जांच में क्या सामने आया ? CBI के मुताबिक, टामन ने परीक्षा के पर्चे अपने घर पर साहिल, नीतेश, उसकी पत्नी निशा कोसले और दीपा आडिल को दिए। इसके बाद उप परीक्षा नियंत्रक ललित गणवीर ने लीक हुआ पेपर बजरंग पावर एंड इस्पात कंपनी के डायरेक्टर श्रवण गोयल को सौंपा। श्रवण गोयल के बेटे शशांक और बहू भूमिका ने इसी लीक पेपर से तैयारी की। परिणामस्वरूप दोनों डिप्टी कलेक्टर बन गए। कोलकाता से रायपुर तक साजिश प्रश्नपत्र छापने का काम कोलकाता की एक प्रिंटिंग कंपनी को दिया गया था। जनवरी 2021 में कंपनी का कर्मचारी महेश दास 7 सेट प्रश्नपत्र लेकर रायपुर आया। उसने ये सभी पर्चे आरती वासनिक को सौंपे। आरती पर्चे घर ले गईं, जहां टामन और ललित के साथ मिलकर उनकी कॉपी की गई। इसके बाद पर्चों को दोबारा सील कर प्रिंटिंग के लिए वापस भेज दिया गया। जानिए क्या है CGPSC घोटाला यह मामला 2020 से 2022 के बीच हुई भर्ती प्रक्रियाओं से जुड़ा है। आरोप है कि आयोग की परीक्षाओं और इंटरव्यू में पारदर्शिता को दरकिनार कर राजनीतिक और प्रशासनिक रसूख वाले परिवारों के उम्मीदवारों को उच्च पदों पर चयनित किया गया। इस दौरान योग्य अभ्यर्थियों की अनदेखी कर डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी और अन्य राजपत्रित पदों पर अपने नजदीकी लोगों को पद दिलवाने का खेल हुआ। प्रदेश सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच सीबीआई को सौंपी। जांच एजेंसी ने छापेमारी में कई दस्तावेज और आपत्तिजनक साक्ष्य बरामद किए हैं। 171 पदों के लिए हुई थी भर्ती परीक्षा CGPSC परीक्षा 2021 में 171 पदों के लिए भर्ती परीक्षा आयोजित की गई थी। प्री-एग्जाम 13 फरवरी 2022 को कराया गया। इसमें 2 हजार 565 पास हुए थे। इसके बाद 26, 27, 28 और 29 मई 2022 को हुई मेंस परीक्षा में 509 अभ्यर्थी पास हुए। इंटरव्यू के बाद 11 मई 2023 को 170 अभ्यर्थियों की सिलेक्शन लिस्ट जारी हुई थी। ……………………. CGPSC भर्ती घोटाले से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… CGPSC घोटाला: सीबीआई का दावा- प्री में पास होने पर मेंस के पर्चे के लिए उत्कर्ष ने अभ्यर्थियों से वसूले 1.3 करोड़ रुपए CGPSC घोटाला, एग्जाम से पहले होटल पहुंचा था पेपर: कोचिंग संचालक ने बारनवापारा में कराई थी तैयारी, 400 पन्नों की फाइनल चार्जशीट पेश CGPSC भर्ती घोटाला...टामन-ललित और आरती की जमानत याचिका खारिज: हाईकोर्ट बोला-लाखों अभ्यर्थियों की करियर-भविष्य से हुआ खिलवाड़, लंबी हिरासत के आधार पर राहत से इनकार
जयपुर में इंस्टाग्राम फ्रेंड द्वारा नाबालिग स्कूल छात्रा से लाखों रुपए कीमत के गहने हड़पने का मामला सामने आया है। दोस्त ने पैसों की जरूरत बताकर नाबालिग छात्रा को इमोशनल ब्लैकमेल किया और छात्रा के खुद के घर से चोरी करवाई। जब छात्रा ने दोस्त ने गहने वापस मांगे तो वह काफी समय तक उसे गुमराह करता रहा और टालमटोल करता रहा। अब इस मामले में पुलिस ने नाबालिग पीड़िता की मां की शिकायत पर FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। नाबालिग ने मां को बताई आपबीती रिपोर्ट में महिला ने बताया कि उनकी 14 साल की बेटी प्रावइेट स्कूल में 7वीं क्लास में पढ़ती है। उन्होंने बताया कि 15 जुलाई को एक प्रोग्राम में जाने के लिए अलमारी में रखे गहने संभाले। देखने पर लॉकर में रखे गहने गायब थे। पति से पूछने पर उन्होंने गहनों के बारे में पता नहीं होना बताया। नाबालिग बेटी से पूछने पर पहले उसने मना कर दिया। लेकिन बाद में सारी घटना बता दी। नाबालिग ने कहा कि उसकी इंस्टाग्राम पर एक युवक से अच्छी दोस्ती हो गई थी। उस दोस्त ने इमोशनल ब्लैकमेल कर कहा कि उसे रुपयोx की जरूरत है। इंस्टाग्राम दोस्त ने नाबालिग से बोला- तुम मुझे कुछ सोना-चांदी के गहने घर से लाकर दे दो। गहनों पर लोन लेकर रुपए ले लूंगा। कुछ समय में ही लोन चुकाकर वापस गहने लेकर लौटा दूंगा। बातों में लेकर करता रहा गुमराह महिला का आरोप है कि इंस्टाग्राम फ्रेंड उनकी बेटी को बातों में लेकर गुमराह करता रहा। उसने नाबालिग को अपने ही घर में चोरी करने के लिए मजबूर कर दिया। बातों में आकर नाबालिग छात्रा ने परिजनों की गैरमौजदूगी में अलमारी के लॉकर में रखे सोने के कानों के 3 जोड़ी झुमके, लॉकेट और दो अंगूठी निकाल ली। नाबालिग के हाथों में गहने आने का पता चलने पर आरोपी इंस्टाग्राम फ्रेंड ने मिलने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। इमोशनल ब्लैकमेल कर जल्द गहने वापस लौटाने की कहकर घर के पास मिलने बुलाया। अपने दोस्त के साथ आकर आरोपी इंस्टाग्राम फ्रेंड लाखों रुपए कीमत के गहने लेकर चला गया। नाबालिग ने गहने वापस मांगे तो करता रहा टालमटोल काफी समय बीत जाने पर नाबालिग ने आरोपी से गहने वापिस मांगे। जिस पर आरोपी इंस्टाग्राम फ्रेंड उसे गुमराह कर टालमटोल करता रहा। वह नाबालिग को बातों में गुमराह कर गहने लौटाने की कहकर अलग-अलग जगह बुलाता। मिलने बुलाकर भी वहां नहीं पहुंचता। कॉल करने पर अपना मोबाइल बंद कर लेता। ASI हुकुम सिंह का कहना है- नाबालिग छात्रा की इंस्टाग्राम पर करीब 7 महीने पहले आरोपी से बातचीत शुरू हुई थी। रुपयों की जरुरत बताकर मई माह में नाबालिग से गहने मंगवाकर ले लिए। पिछले सप्ताहभर से नाबालिग लड़की के परिजन कॉन्टैक्ट कर आरोपी से गहने वापस लौटाने की बात कर रहे थे। उसके बाद गहने हड़पने का पता चलने पर आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज करवाई गई।
गुमला में कुएं से मिला व्यक्ति का शव:तीन दिन पहले आया था परिचित के यहां, बकरी चराने निकला था घर से
गुमला जिले के डुमरी थाना क्षेत्र के खेताली बरटोली निवासी 45 वर्षीय जेम्स एक्का की कुएं में डूबने से मौत हो गई। वह तीन दिन पहले अपने साढू जोसेफ एक्का के घर रायडीह थाना क्षेत्र के रंगोला डुंबरटोली आए हुए थे। जानकारी के अनुसार, शुक्रवार सुबह लगभग 8 बजे जेम्स एक्का घर से कुछ दूरी पर बकरी चराने के लिए निकले थे। शाम ढलने तक सभी बकरियां वापस घर लौट आईं, लेकिन जेम्स नहीं लौटे। रात तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने उनकी खोजबीन शुरू की, लेकिन उनका कहीं पता नहीं चला। देर रात लगभग 12 बजे कुबीटोला स्थित एक कुएं में उनका शव मिला। परिजनों ने आनन-फानन में शव को कुएं से बाहर निकाला और स्थानीय पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची रायडीह थाना पुलिस ने शव को शनिवार को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया और मामले की छानबीन में जुट गई। मृतक के परिजनों ने आशंका जताई है कि कुएं में पैर फिसलने से जेम्स एक्का की डूबने से मौत हुई होगी। पुलिस मामले की जांच कर रही है और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा होगा। मृतक खेती-बाड़ी का काम करता था।
फरीदाबाद में 30 जुलाई से 11 अगस्त तक होने वाली कांवड़ यात्रा को लेकर ट्रैफिक पुलिस ने अपनी सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। यात्रा को सुरक्षित, शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए कालिंदी कुंज से पलवल बॉर्डर तक विशेष ट्रैफिक व्यवस्था लागू की जाएगी। इस दौरान आगरा कैनाल के किनारे बने कांवड़ मार्ग पर आम वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद रहेगी और इस रास्ते से केवल कांवड़ियों को ही आने-जाने की अनुमति होगी। ट्रैफिक थाना प्रभारी अनोज कुमार ने बताया कि कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा और यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए 21 प्रमुख स्थानों पर ट्रैफिक पुलिस और स्थानीय पुलिस के जवान दो-दो शिफ्टों में तैनात रहेंगे। इसके अलावा दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद पुलिस के साथ भी बेहतर समन्वय बनाकर काम किया जाएगा, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या परेशानी न हो। कांवड़ रूट पर विशेष निगरानी व्यवस्था उन्होंने बताया कि कांवड़ यात्रा का मुख्य मार्ग कालिंदी कुंज से शुरू होकर मीठापुर, दुर्गा बिल्डर, सेहतपुर पुल, आगरा कैनाल के किनारे बनी सड़क, चंदावली, दिल्ली-मुंबई-बड़ोदरा एक्सप्रेसवे की सर्विस रोड, केली गांव, राष्ट्रीय राजमार्ग-44, सीकरी होते हुए पलवल बॉर्डर तक रहेगा। इसी मार्ग से सबसे अधिक संख्या में कांवड़िये अपनी यात्रा करते हैं। इसलिए इस पूरे रूट पर विशेष निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था की गई है। अनोज कुमार ने बताया कि कांवड़ यात्रा की तैयारियों को लेकर सभी संबंधित विभागों के साथ बैठकें की जा चुकी हैं। सामाजिक संगठनों के साथ भी बैठक कर उनका सहयोग लिया जाएगा। यात्रा के दौरान सामाजिक संगठन पुलिस और प्रशासन के साथ मिलकर कांवड़ियों की सुविधा और व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करेंगे। टूटी हुई सड़कों की मरम्मत, कूड़ा-कचरा हटाने के निर्देश उन्होंने बताया कि संबंधित विभागों को पत्र भेजकर कांवड़ मार्ग की साफ-सफाई, टूटी हुई सड़कों की मरम्मत, मार्ग पर पड़े कूड़े-कचरे को हटाने और नीचे लटक रहे बिजली के तारों को ठीक कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा आगरा कैनाल के किनारे उगी झाड़ियों की कटाई कराने के लिए सिंचाई विभाग और वन विभाग को भी पत्र लिखा गया है, ताकि कांवड़ियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। आगरा कैनाल मार्ग पर यात्रा न करने की अपील ट्रैफिक थाना प्रभारी अनोज कुमार ने लोगों से अपील की है कि 30 जुलाई से 11 अगस्त तक आगरा कैनाल मार्ग पर यात्रा करने से बचें और वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें। उन्होंने कहा कि हर साल की तरह इस बार भी ट्रैफिक पुलिस पूरी जिम्मेदारी और सतर्कता के साथ अपनी ड्यूटी निभाएगी। प्रशासन का प्रयास है कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम यात्रा का माहौल मिले तथा शहर में यातायात व्यवस्था भी सुचारु बनी रहे।
दोस्तों के साथ नहाने गया मासूम पोखर में डूबा:गहरे गड्ढे में जाने से मौत, चुल्हेरा गांव में छाया मातम
डीग के खोह थाना क्षेत्र के चुल्हेरा गांव में शुक्रवार शाम दोस्तों के साथ पोखर में नहाने गए 9 साल के बच्चे की गहरे गड्ढे में डूबने से मौत हो गई। साथियों की सूचना पर ग्रामीणों और परिजनों ने उसे बाहर निकालकर जिला अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। दोस्तों के साथ गया था नहाने जानकारी के अनुसार, मोहित (9) पुत्र हरवीर जाटव अपने दो साथियों के साथ गांव की पोखर में नहाने गया था। नहाने के दौरान वह अचानक पोखर के गहरे गड्ढे में चला गया और डूबने लगा। उसके साथ मौजूद बच्चे उसे बचा नहीं सके। घबराए बच्चों ने तुरंत गांव पहुंचकर परिजनों और ग्रामीणों को घटना की जानकारी दी। ग्रामीणों ने बाहर निकाला, अस्पताल में तोड़ा दम सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। काफी प्रयासों के बाद मोहित को पोखर से बाहर निकाला गया और तत्काल इलाज के लिए जिला अस्पताल डीग ले जाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस करेगी कानूनी कार्रवाई घटना की सूचना खोह थाना पुलिस को दे दी गई है। बच्चे का शव फिलहाल जिला अस्पताल डीग के वार्ड में रखा गया है। पुलिस के अस्पताल पहुंचने के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी की जाएगी। पांचवीं कक्षा का छात्र था मोहित मोहित गांव के ही स्कूल में पांचवीं कक्षा में पढ़ता था। वह अपने परिवार में दो भाइयों और एक बहन में दूसरे नंबर का था। घटना के बाद परिवार और पूरे गांव में शोक का माहौल है।
महोबा में पैरावेट, पशुमित्रों का प्रदर्शन:नियमित मानदेय और बकाए के लिए कार्य बहिष्कार की चेतावनी
महोबा में विगत 18-19 सालों से सेवाएं दे रहे पैरावेट, पशुमित्र और मैत्री कार्यकर्ताओं ने नियमित मानदेय की मांग को लेकर पैरावेट संघ के बैनर तले मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने FMD टीकाकरण और कृत्रिम गर्भाधान कार्य का बहिष्कार करने की चेतावनी दी है। बड़ी संख्या में कलेक्ट्रेट पहुंचे इन कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगें रखीं। उनका आरोप है कि शासन के निर्देशों के बावजूद उनका प्रस्ताव अटका हुआ है और किए गए कामों का उन्हें आधा-अधूरा भुगतान ही मिला है। पशुपालन विभाग की रीढ़ कहे जाने वाले ये कार्यकर्ता अब अपने हक के लिए आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। उन्होंने साफ कहा है कि यदि उनकी नियमित मानदेय की मांग जल्द पूरी नहीं हुई, तो वे FMD टीकाकरण और कृत्रिम गर्भाधान समेत विभाग के सभी कार्यों का पूर्ण बहिष्कार कर देंगे। प्रदर्शन में शामिल लल्लू सिंह और राजीव कुमार ने बताया कि वे साल 2004 से लगातार अपनी सेवाएं दे रहे हैं। चाहे कड़ाके की ठंड हो, तपती धूप हो या रात का समय, वे हर परिस्थिति में टीकाकरण, बधियाकरण और पशु गणना का काम मुस्तैदी से करते हैं। इसके बावजूद उन्हें आज तक न तो नियमित वेतन दिया गया और न ही काम के एवज में मिलने वाला पैसा समय पर मिलता है। पशु मित्रों ने बताया कि एफएमडी के छठे चरण के टीकाकरण का केवल 50% मानदेय ही दिया गया है, जबकि कृत्रिम गर्भाधान का 65% और पशु गणना का महज 20.4% भुगतान ही नसीब हुआ है। मोबाइल फीडिंग का खर्च भी वे अपनी जेब से उठाने को मजबूर हैं। उन्होंने यह भी बताया कि काम के दौरान कोई साथी घायल हो जाए, तब विभाग उसकी सुध तक नहीं लेता। शासन स्तर से 14 जुलाई को मिले आश्वासन और जनवरी में निदेशक द्वारा भेजे गए प्रस्ताव के बाद भी अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही पूरा बकाया भुगतान और नियमित मानदेय नहीं मिला, तो उनका धैर्य जवाब दे चुका है और वे अपना आंदोलन तेज करेंगे।
जोधपुर शहर में सांप के डसने से महिला की मौत हो गई। सांप बाथरूम में बैठा था। एक लड़के की करंट लगने से जान चली गई। वहीं तीन दुकानों से सामान और रुपए चोरी हो गए। ये अलग-अलग थाना इलाकों की घटना है। पूर्व और पश्चिम जिले के थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है। पढ़िए जोधपुर शहर की बड़ी खबरें… 1.बाथरूम में बैठा था सांप, डसने से मौत प्रतापनगर थाना क्षेत्र में एक महिला की सांप के डसने से मौत हो गई। घटना 23 जुलाई सुबह 7 से 7:30 बजे के बीच थाना क्षेत्र के ज्योति नगर स्थित चांदणा भाखर की है। चांदणा भाकर निवासी विष्णु ने बताया- सुमन सुबह घर में बने बाथरूम में गई थी। यहां सांप बैठा था। उसे देख वह चिल्लाने लगी, इतने में ही सांप ने उसे डस लिया। इसके बाद परिजन उसे लेकर महात्मा गांधी हॉस्पिटल पहुंचे जहां उसकी मौत हो गई। 2.करंट लगने से लड़के की मौत मथानिया थाना क्षेत्र में खेत पर काम करने के दौरा 15 साल के लड़के की मौत हो गई। मृतक के चाचा ने बताया- शुक्रवार दोपहर करीब 2 बजे उनका भतीजा खेत पर काम कर रहा था। इसी दौरान उसे वह करंट की चपेट में आ गया। इस पर उसे हॉस्पिटल ले जाया गया लेकिन, उसकी मौत हो चुकी थी। 3. दुकानों के ताले टूटे करवड़ के मंडलनाथ इलाके में शुक्रवार देर रात करीब 2:30 बजे चोरों ने दुकानों के ताले तोड़ चोरी की वारदात को अंजाम दिया। मदन सिंह ने रिपोर्ट देकर बताया कि मंडलनाथ में उनकी दुकान है। बीती देर रात यहां चोरों ने दुकान के ताले तोड़े। इसके बाद इसमें रखा सामान और गल्ले में रखे रुपए चोरी कर ले गए। पुलिस ने मामल दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। 4. बस की टक्कर से युवक की मौत बोरानाड़ा थाना क्षेत्र में बस की टक्कर से बाइक सवार युवक की मौत हो गई। घटना 23 जुलाई गुरुवार को बोरनाड़ा थाना क्षेत्र के कटारड़ा के पास की है। मृतक जीयाराम के चाचा जेठाराम ने बताया कि उनका भतीजा बाइक पर कटारड़ा की तरफ आ रहा था। वह सड़क की साइड में चल रहा था। इसी दौरान पीछे से स्पीड में आ रही एमआर ट्रेवल्स की बस ने टक्कर मार दी। इस हादसे में जीयाराम की मौत हो गई। पुलिस ने मृतक के चाचा की रिपोर्ट पर बस ड्राइवर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
बर्रा हाईवे पर एक हाईवोल्टेज ड्रामा देखने को मिला, जहां पर ड्यूटी पर तैनात एक होमगार्ड की महिला ने जमकर पिटाई की। पीड़िता ने छेड़खानी की आरोप लगाते हुए कारगिल पेट्रोल पंप के पास स्थित अंडरपास पर होमगार्ड की वर्दी खींचकर उसपर एक के बाद एक थप्पड़ व लातें मारी। जिसका वीडियो शनिवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वायरल वीडियो में मौके पर मौजूद लोग मारपीट का समर्थन करते हुए होमगार्ड को मारने के लिए महिला को चप्पल पकड़ाते हुए नजर आ रहे है। वायरल वीडियो कब का है, इस बात की अभी पुष्टि नहीं हुई है। वहीं पूरे मामले में गुजैनी व बर्रा थाने की पुलिस सीमा विवाद में उलझी नजर आई। देखिए 3 तस्वीरें… बर्रा-8 कारगिल पेट्रोल पंप की घटना शनिवार को वायरल हुआ एक मिनट 26 सेकेंड का वीडियो बर्रा–8 कारगिल पेट्रोल पंप का बताया जा रहा है, जिसमें चेहरे पर दुपट्टा बांधे एक महिला अधेड़ उम्र के होमगार्ड की वर्दी पकड़ कर खींचते हुए दिखाई पड़ रही है। होमगार्ड के छुड़ाने की कोशिश करने पर महिला उसपर लात मारती दिख रही है। वहीं मौके पर मौजूद लोग महिला का समर्थन कर रहे हैं। जिसके बाद होमागार्ड महिला का हाथ मोड़ देता है। महिला के समर्थन में जुटे लोग होमगार्ड को मारने के लिए उसे चप्पल पकड़ाते है, लेकिन होमगार्ड चप्पल छीनकर फेक देता है। जिसके बाद महिला एक के बाद एक कई थप्पड़ होमगार्ड को जड़ती है। तभी होमगार्ड वर्दी छुड़ाकर मौके से भाग निकलता है। सीमा विवाद में उलझी पुलिस वहीं वीडियो वायरल होने के बाद बर्रा और गुजैनी पुलिस सीमा विवाद में उलझी रहीं। गुजैनी थाना प्रभारी राजन शर्मा ने बताया कि कारगिल अंडरपास का एरिया बर्रा थानाक्षेत्र में आता है, जबकि बर्रा इंस्पेक्टर रवींद्र श्रीवास्तव ने घटना गुजैनी थानाक्षेत्र की होने की बात कही।
वाराणसी में कैंट रेलवे स्टेशन के बाहर शुक्रवार की शाम 5 बजे चौकाघाट-लहरतारा फ्लाई ओवर के नीचे से दो युवतियों को गिरफ्तार किया है। पकड़ी गईं दोनों युवतियों पर आरोप है कि वह आने-जाने वाले लोगों को देखकर अश्लील इशारा कर रही थीं। लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दे दी। पुलिस की एंटी रोमियो स्क्वाएड ने दोनों को हिरासत में ले लिया। पूछताछ के बाद दोनों को आज दोपहर 12 बजे जेल भेज दिया है। सिगरा थाना प्रभारी शिवाकांत मिश्रा ने बताया - थाने में एंटी रोमियो स्क्वॉयड की टीम रोजाना काॅलेज और स्कूलों के पास सक्रीय रहती हैं। कैंट रेलवे स्टेशन के पास स्थित कमलापति त्रिपाठी गर्ल्स कालेज के पास मौजूद एंटी रोमियो स्क्वाएड की प्रभारी सब इंस्पेक्टर काजोल सिंह को सूचना मिली की दो युवतियां चौकाघाट-लहरतारा फ्लाईओवर के पिलर नंबर 57 और 60 के पास मौजूद हैं और उनकी गतिविधि ठीक नहीं है। अश्लील इशारे कर रही थीं एंटी रोमियो स्क्वाएड प्रभारी काजोल सिंह ने बताया - सूचना पर एंटी रोमियो की टीम के साथ मौके पर पहुंची तो दो युवतियां जिन्होंने अपना चेहरा ढका रखा था। वो आने-जाने वाले लोगों को अश्लील इशारे और बातें कह रही थीं। ऐसे में उन्हें तत्काल प्रभाव से हिरासत में ले लिया गया। पकड़ी गई दोनों युवतियां बिहार की रहने वाली हैं। पुलिस ने भेजा जेल भेजा पुलिस ने दोनों युवतियों को बीएनएस की धारा 296 में गिरफ्तार किया। वाराणसी में यह पहला मामला है जब एंटी रोमियो स्क्वाएड ने लड़कियों को अश्लील इशारे करने में गिरफ्तार कर जेल भेजा है।
प्रतापगढ़ के छोटी सादड़ी में एक कार अनियंत्रित होकर खाई में गिर गई। कार सवार लोगों का कहना है कि पुलिस की गाड़ी ने उनकी गाड़ी को पीछे से टक्कर मारी है, जिसके कारण उनकी गाड़ी अनियंत्रित हो गई। घटना में कार सवार पति-पत्नी और एक बच्चा घायल हुआ है। हादसा छोटीसादड़ी-नीमच मार्ग पर नाराणी बाइपास पर हुआ। वहीं पुलिस का कहना है कि पुलिस को यह गाड़ी संदिग्ध लगी, जिसके बाद उन्होंने इसे रोकने का प्रयास किया। इसी दौरान गाड़ी अनियंत्रित हो गई और खाई में उतर गई। पुलिस ने टक्कर मारने के दावे को गलत बताया। पीड़ित शाहरुख मंसूरी ने आरोप लगाया- वे परिवार के साथ कार से जा रहे थे, तभी पीछे से आ रहे पुलिस वाहन ने उनकी कार को टक्कर मार दी। टक्कर से कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खाई में गिर गई। पुलिस वाहन में चार पुलिसकर्मी सिविल ड्रेस में सवार थे। हादसे के बाद उन्होंने अपनी पत्नी और बच्चे को सीधे नीमच अस्पताल ले जाने का अनुरोध किया था। लेकिन उन्हें पहले दूसरी दिशा में ले जाया गया और बाद में छोटीसादड़ी अस्पताल पहुंचाया गया। इसके बाद 108 एंबुलेंस से उन्हें नीमच रेफर किया गया। पीड़ित परिवार ने मामले की निष्पक्ष जांच और संबंधित पुलिसकर्मियों का मेडिकल कराने की मांग की है। घटना की सूचना मिलने पर छोटीसादड़ी थानाधिकारी कैलाशचंद्र सोनी अस्पताल पहुंचे। उन्होंने घायलों और उनके परिजनों से घटना के संबंध में जानकारी ली। इस दौरान अस्पताल में बड़ी संख्या में लोग भी इकट्ठा हो गए। छोटीसादड़ी थानाधिकारी कैलाशचंद्र सोनी ने पीड़ित पक्ष के आरोपों को गलत बताया है। उन्होंने बताया कि पुलिस को कार संदिग्ध लगी थी, जिसे रोकने का प्रयास किया गया। लेकिन ड्राइवर वाहन को तेज गति से भगाकर ले गया, जिससे कार अनियंत्रित होकर फिसल गई और हादसा हो गया। पुलिस वाहन द्वारा पीछे से टक्कर मारने के आरोप पूरी तरह निराधार हैं। संबंधित पुलिसकर्मियों का मेडिकल भी कराया गया है। पीड़ित परिवार की ओर से अभी थाने में मामला दर्ज नहीं करवाया गया है।

