रायपुर नगर निगम में सफाई व्यवस्था को बड़ा झटका लगा है। भुगतान नहीं मिलने से नाराज सफाई ठेकेदारों ने आज से काम बंद कर दिया है। इसके चलते निगम के सभी 70 वार्डों में सफाई व्यवस्था प्रभावित हो गई है। सफाई ठेकेदारों का आरोप है कि उन्हें पिछले चार महीने से भुगतान नहीं किया गया है। इसी मांग को लेकर दो दिन पहले उन्होंने नगर निगम आयुक्त और नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी को ज्ञापन सौंपा था। ज्ञापन में समय पर भुगतान नहीं होने पर काम बंद करने की चेतावनी दी गई थी। ठेकेदारों के काम बंद करते ही शहर की सफाई व्यवस्था पर असर दिखने लगा है। कई वार्डों में सुबह कचरा उठाव नहीं हो सका, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। यूजर चार्ज बढ़ते ही हड़ताल दिलचस्प बात यह है कि हाल ही में नगर निगम ने आवासीय और व्यावसायिक यूजर चार्ज बढ़ाने का फैसला लिया था। विपक्ष पहले से ही इस फैसले का विरोध कर रहा है। अब सफाई ठेकेदारों की हड़ताल ने निगम की व्यवस्था पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने कहा कि शहर में पहले से सफाई व्यवस्था बदहाल है और अब भुगतान नहीं होने से ठेकेदार हड़ताल पर चले गए हैं। उन्होंने निगम प्रशासन से तत्काल भुगतान कर व्यवस्था बहाल करने की मांग की है। शहर में बढ़ सकती है परेशानी यदि हड़ताल लंबी चली तो राजधानी में कचरे का संकट गहरा सकता है। गर्मी और बारिश के मौसम में सफाई व्यवस्था ठप्प होने से बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है। फिलहाल निगम प्रशासन ठेकेदारों से बातचीत कर समाधान निकालने की कोशिश में जुटा है।
मंदसौर शहर के चंद्रपुरा क्षेत्र में ओखा बाबूजी मंदिर के पास स्थित एक बावड़ी में मंगलवार रात 55 वर्षीय गोपाल सोलंकी का शव तैरता हुआ मिला। स्थानीय लोगों की सूचना पर नई आबादी थाना पुलिस और नगर पालिका की टीम ने मौके पर पहुंचकर शव को बाहर निकाला। मृतक पिछले दो दिनों से लापता थे। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा है। परिजनों ने दी गुमशुदगी और मानसिक स्थिति की जानकारीपारिवारिक सदस्यों ने पुलिस को बताया कि मृतक मानसिक रूप से कमजोर थे और अक्सर बिना बताए घर से निकल जाया करते थे। दो दिन पहले जब वे घर नहीं लौटे, तो परिवार अपने स्तर पर उनकी तलाश कर रहा था। इसी बीच स्थानीय रहवासियों द्वारा बावड़ी में शव देखे जाने की खबर मिलने पर परिजन तुरंत मौके पर पहुंचे और हुलिये के आधार पर उनकी शिनाख्त की। रेस्क्यू ऑपरेशन और आगामी वैधानिक कार्रवाईमामले की जांच कर रहे उप निरीक्षक महेंद्र सिंह ने बताया कि नगर पालिका के अमले की मदद से शव को कुएं से बाहर निकलवाया गया। बुधवार सुबह डॉक्टरों के पैनल द्वारा पोस्टमार्टम किए जाने के बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए परिवार के सुपुर्द किया जाएगा। पुलिस अब मर्ग डायरी दर्ज कर पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मौत के वास्तविक और तकनीकी कारणों (डूबने या किसी अन्य वजह) का पता लगाने में जुटी है।
प्रयागराज में बिशप समेत चार लोगों पर गैंगरेप का मामला दर्ज कराने वाली महिला प्रिंसिपल को जान से मारने की धमकी मिली है। कहा गया है कि बयान बदलो और मुकदमा वापस लो वरना जान से जाओगी। पूरे परिवार तक को खत्म करने को धमकाया गया है। फिलहाल महिला प्रिंसिपल की तहरीर पर चारों आरोपियों पर कर्नलगंज थाने में एक और मुकदमा दर्ज किया गया है। महिला प्रिंसिपल ने पुलिस को बताया, मैंने बिशप मारिस एडगर दान राकेश, चत्री व एलन दान और अपने पूर्व पति विशाल नोबेल सिंह पर गैंगरेप समेत अन्य आरोपों में 19 मई को एफआईआर दर्ज कराई थी। इसके बाद से ही यह सभी मुझे व मेरे परिवार को जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। बार बार कहा जा रहा है कि अपना बयान बदल दो और मुकदमा वापस ले लो नहीं तो अंजाम बुरा होगा। दो अलग-अलग नंबरों से धमकाया गया 26 मई को दो अलग-अलग अज्ञात नंबरों से मेरी मां को कॉल कर धमकी दी गई। इससे मैं और मेरा पूरा परिवार डरा हुआ है। यह लोग खुल्लम खुल्ला घूम रहे हैं और कह रहे हैं कि कोई साक्ष्य नहीं मिलेगा क्योकि समय बीतता जा रहा है। पुलिस के बड़े अफसर का नाम ले रहे आरोपी बिशप हाउस में मौजूद डीवीआर भी आज तक कब्जे में नही लिया गया है। आरोपी पुलिस के एक बड़े अफसर का नाम लेकर यह भी कह रहे हैं कि वह उनके साथ हैं। यह लोग मुझे सोसल मीडिया व अन्य माध्यमों से बदनाम भी कर रहे हैं। अगर इन्हें गिरफ्तार नही किया गया तो मेरी व मेरे परिवार की हत्या किसी भी समय हो सकती है। कर्नलगंज पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है। बता दें कि इस मामले में पीड़िता का मेडिकल परीक्षण और कोर्ट में बयान दर्ज कराया जा चुका है। हालांकि अब तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। कर्नलगंज थाना प्रभारी संजय सिंह यादव का कहना है कि विवेचना चल रही है और जो साक्ष्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी। के दौरान जुटाए जा रहे साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। क्या है मामला?कटरा स्थित एक स्कूल की प्रिंसिपल ने 23 मई को कर्नलगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराते हुए आरोप लगाया था कि चर्च ऑफ नॉर्थ इंडिया के लखनऊ डायसिस के बिशप मॉरिस एडगर दान, उनके बेटे एलन दान, संस्था के सचिव राकेश चत्री और उसके पूर्व पति विशाल नोवेल सिंह ने मिलकर उसका शारीरिक और मानसिक शोषण किया।पीड़िता का आरोप है कि संस्था के पदाधिकारियों ने नौकरी से निकालने की धमकी देकर लंबे समय तक उसका यौन शोषण किया। विरोध करने पर गालियां दी गईं और परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी गई। महिला का कहना है कि तलाकशुदा होने का फायदा उठाकर उसे लगातार प्रताड़ित किया गया। पहले से भी विवादों में रहे हैं बिशपमामले के सामने आने के बाद यह जानकारी भी चर्चा में है कि मुख्य आरोपी बिशप मॉरिस एडगर दान के खिलाफ पहले से भी विभिन्न मामलों में मुकदमे दर्ज होने की बात सामने आई है। हालांकि पुलिस का कहना है कि वर्तमान मामले की जांच उपलब्ध साक्ष्यों और शिकायत के आधार पर की जा रही है। क्या है लखनऊ डायसिस?लखनऊ डायसिस चर्च ऑफ नॉर्थ इंडिया का एक प्रमुख प्रशासनिक क्षेत्र है, जिसका मुख्यालय प्रयागराज में स्थित है। इसके अंतर्गत पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिले आते हैं। डायसिस के अधीन चर्चों के संचालन के साथ-साथ अनेक स्कूल और शैक्षणिक संस्थान भी संचालित किए जाते हैं।पुलिस का कहना हैएसीपी कर्नलगंज विमल किशोर मिश्र का कहना है कि मामले की विवेचना जारी है। पीड़िता का बयान दर्ज कराया जा चुका है। जांच में जो भी तथ्य और साक्ष्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। अब जानिए कौन है मॉरिस एडगर दान मॉरिस एडगर दान वर्तमान में चर्च ऑफ नॉर्थ इंडिया के लखनऊ डायसिस के बिशप (पादरी) हैं। डायसिस ऑफ लखनऊ चर्च ऑफ नॉर्थ इंडिया का एक प्रशासनिक क्षेत्र है। “डायोसिस” का मतलब होता है चर्च का वह क्षेत्र, जिसकी देख-रेख एक बिशप करता है। इसका नाम “लखनऊ डायोसिस” है, लेकिन मुख्यालय प्रयागराज में है। इसका प्रमुख कैथेड्रल ऑल सेंट्स कैथेड्रल है, जो सिविल लाइंस में है। लखनऊ डायोसिस की स्थापना 1893 में हुई थी। इसका क्षेत्र मुख्य रूप से पूर्वी उत्तर प्रदेश को कवर करता है। इसमें प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर, झांसी, मिर्जापुर और लखनऊ जैसे क्षेत्र शामिल हैं। अब पढ़िए पूरा मामला महिला मूलरूप से बिहार की रहने वाली है। करीब 15 साल पहले वह प्रयागराज आईं। यहां कटरा के एक स्कूल उन्हें हेडमिस्ट्रेस बनाया गया। तब से वह यहीं काम कर रही हैं। यह स्कूल चर्च ऑफ नॉर्थ इंडिया के लखनऊ डायसिस बिशप के अंतर्गत आता है। महिला ने 2 साल पहले अपने पति से तलाक ले लिया था। प्रिंसिपल ने अपने बयान में बताया, मैं तलाकशुदा महिला हूं। डायसिसयन एजुकेशन बोर्ड (DEB) की ओर से चल रहे एक स्कूल में प्रिंसिपल हूं। संस्था के सचिव राकेश चत्री, चेयरमैन मॉरिस एडगर दान और उनका बेटा एलन दान मुझे एक साल से लगातार परेशान कर रहे हैं। वे लोग मेरे तलाकशुदा होने का नाजायज फायदा उठाकर मुझे अपने ऑफिसों में बुलाकर गंदी नीयत से छूते हैं और गंदा काम करते हैं। धमकी देते हैं कि अगर तुम मेरी बात नहीं मानोगी और ये बात किसी को बताओगी, तो तुम्हें नौकरी से निकाल देंगे। मुझसे कहते हैं कि अधिकारियों को संतुष्ट करो नौकरी जाने के डर से मैंने इनकी हरकतों के बारे में किसी को नहीं बताया। इन लोगों ने यह भी कहा कि तुम मेरे ऊपर के अधिकारियों को संतुष्ट करो। 7 मई को मॉरिस एडगर दान ने फोन करके मुझे सेक्रेटरी राकेश चत्री के घर जाने के लिए कहा। मैंने मना किया तो गालियां देते हुए मेरे पूरे परिवार को जान से मारने और मुझे नौकरी से निकालने की धमकी दी। तीनों लोग लगातार मेरे साथ गंदा काम करते रहते हैं। मेरे मना करने पर एक पूर्व प्रिंसिपल का नाम लेकर कहा कि जैसा कह रहा हूं, वैसा करती जाओ। नहीं तो उसके जैसा ही तुम्हारा भी हाल होगा। बोलीं- मेरा पूर्व पति भी उनका सहयोग करता है प्रिंसिपल ने कहा- अब इन तीनों लोगों का अत्याचार और नहीं सहा जा रहा। तीनों लोगों ने मेरा शोषण किया है। ये लोग मुझे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं। इस घटना का सभी सबूत मेरे पास मौजूद हैं। मेरे साथ जो भी गंदा काम हुआ, उसके बारे में मेरे पूर्व पति विशाल नोवेल सिंह को भी पता है। उसने भी इन लोगों का साथ दिया है।
बालाघाट जिले के बैहर थाना क्षेत्र में मंगलवार रात एक युवक पर चाकू से हमला किया गया। गंभीर रूप से घायल युवक ने बैहर अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। मृतक की पहचान बैहर निवासी लखन धुर्वे (35) के रूप में हुई है। यह घटना देर रात बैहर के वार्ड नंबर 5 स्थित कम्पाउण्डर टोला में हुई। जानकारी के अनुसार, लखन के गर्दन और पेट में चाकू से लगभग तीन वार किए गए थे। शराब पीने समय मामूली विवाद में वार बताया जा रहा है कि कम्पाउण्डर टोला में एक महिला अपने घर में शराब बेचती है, जहां लखन अक्सर शराब पीने आता था। मंगलवार रात को मामूली विवाद के बाद उस पर हमला किया गया। हालांकि, विवाद की वास्तविक वजह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाई है। घटना की सूचना मिलने पर डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची और घायल लखन को ऑटो से बैहर अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस हमले का आरोप शराब बेचने वाली महिला के पति पर लग रहा है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है, लेकिन अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
मथुरा में खंडेलवाल क्लब ने खाटूश्याम भजन संध्या की:सेवा सदन में देर रात तक झूमे श्रद्धालु
मथुरा में खंडेलवाल क्लब मथुरा ने मंगलवार शाम खंडेलवाल सेवा सदन में भगवान श्री खाटूश्याम जी की भजन संध्या और प्रसादी कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और बाबा श्याम के दर्शन कर भजनों का आनंद लिया। यह आयोजन देर रात करीब 1 बजे तक चला । आयोजन स्थल पर बाबा खाटूश्याम का दरबार सजाया गया था। इसे रंग-बिरंगे फूलों, झांकियों और विशेष सजावट से सुसज्जित किया गया था, जो श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र रहा। श्रद्धालुओं ने बाबा के चरणों में माथा टेककर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। भजन संध्या में आमंत्रित गायकों ने श्याम भजनों की प्रस्तुतियां दीं। 'हारे के सहारे खाटूश्याम हमारे' और 'श्याम तेरी बंसी पुकारे' जैसे लोकप्रिय भजनों पर श्रद्धालु देर रात तक झूमते रहे। भक्ति संगीत और जयकारों से पूरा वातावरण गूंज उठा। कार्यक्रम देर रात तक जारी रहा। भजन संध्या के बाद सभी श्रद्धालुओं को प्रसादी वितरित की गई। कार्यक्रम की व्यवस्थाओं में खंडेलवाल क्लब के पदाधिकारियों और सदस्यों ने सक्रिय भूमिका निभाई। इस दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा और व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा गया। आयोजकों ने कार्यक्रम में शामिल सभी श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन समाज में भक्ति, संस्कार, सामाजिक समरसता और आपसी एकता को मजबूत करते हैं। आयोजकों ने भविष्य में भी इसी प्रकार के धार्मिक आयोजनों के माध्यम से समाज को जोड़ने का संकल्प दोहराया। कार्यक्रम का समापन बाबा श्याम की आरती और सामूहिक प्रार्थना के साथ हुआ।
दिल्ली के साकेत में 30 मई को हुए बिल्डिंग हादसे में नया खुलासा हुआ है। गिरफ्तार बिल्डिंग मालिक करमवीर ने पुलिस को बताया कि वह बिल्डिंग की चार मंजिलों से हर महीने करीब 10 लाख रुपये कमा रहा था। हर मंजिल करीब 2.5 लाख रुपये प्रति माह के किराए पर दी गई थी। जांच में पता चला है कि बिल्डिंग गिरने के समय दो और मंजिलों का निर्माण चल रहा था। सूत्रों ने बताया कि करमवीर ने नए फ्लोर के बारे में खरीदारों और निवेशकों से पहले ही बात कर ली थी। जिनसे उसे हर महीने 5 लाख रुपये की अतिरिक्त कमाई होने की उम्मीद थी। हालांकि नए फ्लोर बनने से पहले ही 30 मई को चार मंजिला इमारत ढह गई। इस हादसे में 6 लोगों की मौत हो गई थी। जिसके बाद पुलिस ने 71 साल के मकान मालिक करमवीर को अरेस्ट किया। मलबे से कई बिजली मीटर, सभी आरोपी के नाम पर मंगलवार को मलबा हटाने के काम के दौरान पुलिस ने घटनास्थल से कई बिजली के मीटर जब्त किए। जो करमवीर के नाम पर रजिस्टर्ड थे। इन्हें सबूत के तौर पर रखा गया है। अधिकारियों का मानना है कि ये मीटर मकान मालिक के खिलाफ अहम सबूत साबित होंगे। पुलिस ने उन किराएदारों और रहने वालों से भी संपर्क करना शुरू कर दिया है। जिन्होंने बिल्डिंग में फ्लैट किराए पर लिए थे। कई लोगों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं, क्योंकि जांचकर्ता यह जानकारी जुटाना चाहते हैं कि निर्माण कब शुरू हुआ था, बिल्डिंग में कितने लोग रह रहे थे और क्या बिल्डिंग गिरने से पहले रहने वालों ने उसमें किसी तरह की कमजोरी के बारे में शिकायत की थी। बिल्डिंग का कोई नक्शा नहीं, बिल्डर फरार सूत्रों ने बताया कि पुलिस को अब तक इस बिल्डिंग का कोई एप्रूव्ड नक्शा नहीं मिल पाया है। अगर यह साबित हो जाता है कि बिल्डिंग का कोई नक्शा नहीं था या उसका निर्माण नियमों का उल्लंघन करके किया गया था। तो हादसो का जिम्मेदार सिर्फ मकान मालिक नहीं होगा। बल्कि उस बिल्डर को भी पकड़ा जाएगा जिसने यह बिल्डिंग बनाई। इस बीच, फरार चल रहे बिल्डर मनीष का पता लगाने की कोशिशें तेज कर दी गई हैं। सूत्रों के मुताबिक, उसकी आखिरी लोकेशन देहरादून में मिली थी, और उसे पकड़ने के लिए पुलिस की एक टीम वहां भेजी गई है। जांचकर्ताओं का मानना है कि मनीष की गिरफ्तारी से निर्माण प्रक्रिया, मंजूरियों और बिल्डिंग से जुड़े पैसों के लेन-देन के बारे में और भी कई अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं। 3 तस्वीरों में पूरा घटनाक्रम… 30 मई: शाम 6:00 बजे बिल्डिंग गिरी 31 मई: बिल्डिंग गिरने के बाद मलबा पड़ा 31 मई: NDRF की टीम ने रेस्क्यू किया
गंगा में नावों के लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया पिछले एक वर्ष से चल रही है, लेकिन अब तक एक भी नई नाव को वैध लाइसेंस नहीं मिल सका है। हालात यह हैं कि पुराने एक लाइसेंस के आधार पर कई नाविक 5 से 10 नावों का संचालन कर रहे हैं। इससे गंगा में नावों की संख्या अनियंत्रित रूप से बढ़ गई है और जल यातायात पर दबाव लगातार बढ़ रहा है। नगर निगम के रिकॉर्ड के अनुसार गंगा में केवल 1217 नावों को लाइसेंस जारी किए गए हैं, जबकि वास्तविक संचालन 4000 से अधिक नावों का हो रहा है। बढ़ती नावों के कारण घाटों के आसपास ट्रैफिक, ओवरलोडिंग और आपसी विवाद की घटनाएं बढ़ रही हैं। स्थानीय पुलिस और जल पुलिस कार्रवाई तो कर रही है, लेकिन नावों को जब्त करने के लिए पर्याप्त स्थान न होने से प्रभावी नियंत्रण नहीं हो पा रहा है। नाविकों द्वारा अधिकांश नावों को एक जैसा रंग दिए जाने से चालान और कार्रवाई की पहचान करना भी मुश्किल हो रहा है। अब RTO ने ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया आरटीओ प्रशासन राघवेन्द्र सिंह ने कहा - नावों के लाइसेंस के लिए ऑनलाइन पोर्टल शुरू कर दिया गया है और प्रक्रिया को जल्द पूरा करने की तैयारी है। विभाग का कहना है कि भविष्य में बिना लाइसेंस किसी भी नाव के संचालन की अनुमति नहीं दी जाएगी। बढ़ रहा हादसों का खतरा गंगा में बढ़ती नावों की संख्या और सुरक्षा नियमों की अनदेखी के कारण हादसों का खतरा भी बढ़ गया है। इस वर्ष की शुरुआत से अब तक कई नाव दुर्घटनाएं सामने आ चुकी हैं। पुलिस और प्रशासन का मानना है कि यदि समय रहते नियंत्रण नहीं किया गया तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है। दशाश्वमेध क्षेत्र के एसीपी अतुल अंजान त्रिपाठी के अनुसार जनवरी से मई तक गंगा में डूबने से 21 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि जल पुलिस, एनडीआरएफ और नाविकों की मदद से 66 से अधिक लोगों को सुरक्षित बचाया गया। नियमों के उल्लंघन में 60 से अधिक नाविकों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 36 एफआईआर दर्ज की गई हैं और कई नावों को सीज भी किया गया है। मोटर बोट के विकल्प पर 40 करोड़ रुपये खर्च, फिर भी समाधान नहीं गंगा में प्रदूषण और शोर कम करने के लिए पिछले दस वर्षों में दो बड़े प्रयोग किए गए, लेकिन दोनों अपेक्षित सफलता हासिल नहीं कर सके। वर्ष 2017 में सौर ऊर्जा आधारित नाव परियोजना के तहत 40 नावों पर सोलर सिस्टम लगाए गए थे। प्रति नाव लगभग सात लाख रुपये खर्च हुए, लेकिन तेज जलधारा में संचालन संबंधी समस्याओं के कारण योजना बंद हो गई। इसके बाद वर्ष 2021 से 2023 के बीच स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत लगभग 10 करोड़ रुपये खर्च कर 600 नावों में सीएनजी इंजन लगाए गए। हालांकि स्पेयर पार्ट्स और तकनीकी समस्याओं के चलते नाविकों ने बाद में फिर डीजल इंजन का उपयोग शुरू कर दिया। दोनों योजनाओं पर कुल मिलाकर करीब 40 करोड़ रुपये खर्च होने के बावजूद गंगा में डीजल चालित मोटर बोट का विकल्प विकसित नहीं हो सका। 100 इलेक्ट्रिक नावों की तैयारी प्रशासन अब गंगा में 100 इलेक्ट्रिक और सीएनजी आधारित नावें उतारने की योजना पर काम कर रहा है। इस योजना में माझी और नाविक समाज की भागीदारी सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है। हाल ही में मंडलायुक्त की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस विषय पर चर्चा भी हुई है। डूबने से सबसे अधिक मौतें, 33 हजार लाइफ जैकेट बांटने की तैयारी जिला प्रशासन के अनुसार वाराणसी में सबसे अधिक मौतें डूबने की घटनाओं में दर्ज हो रही हैं। गंगा के 84 घाटों पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। सुरक्षा बढ़ाने के लिए प्रमुख 18 घाटों पर जेटी, चेतावनी बोर्ड और लगातार अनाउंसमेंट की व्यवस्था की गई है। एडीएम फाइनेंस सदानंद गुप्ता ने बताया कि पर्यटकों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए 33 हजार से अधिक लाइफ जैकेट वितरित करने का लक्ष्य तय किया गया है। प्रशासन यह सुनिश्चित करने की तैयारी कर रहा है कि गंगा में नौका विहार करने वाला कोई भी व्यक्ति बिना लाइफ जैकेट के नाव पर न जाए।
संगम नगरी प्रयागराज में शास्त्री पुल पर मरम्मत कार्य आज से शुरू होने के साथ बुधवार सुबह पांच बजे से नई यातायात व्यवस्था लागू कर दी गई। प्रयागराज और झूंसी को जोड़ने वाले इस महत्वपूर्ण पुल की दारागंज से झूंसी जाने वाली एक लेन को 15 जुलाई तक बंद कर दिया गया है। प्रशासन के इस फैसले के बाद शहर की यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। नई व्यवस्था के तहत अब शास्त्री पुल की दूसरी लेन से केवल दोपहिया और छोटे चारपहिया वाहनों को आवागमन की अनुमति दी गई है, जबकि ट्रक, डंपर, बस, ट्रैक्टर-ट्रॉली, इलेक्ट्रिक बस और अन्य भारी वाहनों की आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित कर दी गई है। इससे शहर के कई प्रमुख इलाकों में ट्रैफिक दबाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। यातायात पुलिस ने बढ़ते दबाव को देखते हुए प्रमुख चौराहों और संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है। ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए 150 से अधिक यातायात पुलिस कर्मियों को विभिन्न स्थानों पर लगाया गया है, ताकि जाम की स्थिति को नियंत्रित किया जा सके। भारी वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग भी निर्धारित किए गए हैं। कौशांबी से वाराणसी जाने वाले वाहन कोखराज टोल प्लाजा और हंडिया बाइपास से होकर गुजरेंगे, जबकि रीवा और मिर्जापुर की ओर से आने वाले वाहनों को दूसरे मार्गों से डायवर्ट किया गया है। वहीं, वाराणसी और जौनपुर से आने वाली रोडवेज और पर्यटक बसों को सहसों और फाफामऊ मार्ग से शहर में प्रवेश दिया जाएगा। उधर दूसरी तरफ शहर के अन्दर पानी टंकी के पास पुराने शहर को जोड़ने वाला रेल ओवर ब्रिज भी तोड़ा जा रहा है। उसकी जगह सेतु निगम नया पुल बनाएगा। शास्त्री पुल की एक लेन बंद होने से अब शहर की ट्रैफिक व्यवस्था पर असर पड़ना तय है। पानी टंकी रेल ओवर ब्रिज की दूसरी लेन पर अतिरिक्त भार बढ़ने की उम्मीद है। प्रशासन का कहना है कि मरम्मत कार्य पूरा होने तक नागरिकों को वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करना चाहिए और यात्रा के दौरान अतिरिक्त समय लेकर निकलना चाहिए।
3 साल के मासूम की करंट लगने से मौत:परिजन घर पर करते रहे इलाज, फर्राटा पंखे की चपेट में आगर गई जान
फतेहपुर में करंट लगने से तीन साल के मासूम की मौत हो गई। यह घटना असोथर थाना क्षेत्र के बहादुरपुर मजरे रिठवां गांव में हुई। बच्चे ने घर में चल रहे फर्राटा पंखे की केबल पकड़ ली थी, जिससे उसे करंट लगा। परिजनों ने बच्चे को अस्पताल ले जाने के बजाय घर पर ही इलाज करने की कोशिश करते रहे। जानकारी के अनुसार, गांव निवासी संदीप कुमार का पुत्र राघवेंद्र सिंह (3) सुबह करीब सात बजे घर में खेल रहा था। खेलते समय उसने कमरे में चल रहे फर्राटा पंखे की केबल पकड़ ली। बताया जा रहा है कि केबल में करंट उतर रहा था, जिसकी चपेट में आने से मासूम गंभीर रूप से झुलस गया। घटना के बाद परिजन आनन-फानन में बच्चे को बचाने पहुंचे। उसकी हालत बिगड़ चुकी थी। ग्रामीणों के अनुसार, परिजनों ने बच्चे को अस्पताल ले जाने के बजाय घर पर ही उपचार का प्रयास किया, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। मासूम की मां शांति देवी और पांच वर्षीय बड़ा भाई रुद्र प्रताप सिंह सदमे में हैं। इस घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है। असोथर थाना प्रभारी रमाशंकर सरोज ने बताया कि मामले की कोई सूचना पुलिस को नहीं दी गई है। उन्होंने कहा कि यदि इस संबंध में कोई तहरीर मिलती है, तो जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
अमरोहा के नौगावां सादात क्षेत्र में एक सप्ताह पहले बनी सड़क के उखड़ने के मामले में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने संबंधित ठेकेदार को नोटिस जारी किया है। ग्रामीणों के विरोध और हंगामे के बाद विभागीय अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्से का दोबारा निर्माण कराने के निर्देश दिए हैं। यह सड़क अमरोहा ब्लॉक क्षेत्र के गांव अलीपुर कलां से चमरौवा गांव को जोड़ती है। लगभग 1.25 किलोमीटर लंबी इस सड़क के निर्माण के लिए 25.44 लाख रुपये की लागत स्वीकृत की गई थी। इसी परियोजना में गांव के भीतर सीसी रोड और नाली निर्माण का कार्य भी शामिल था। सड़क निर्माण का ठेका हरपाल सिंह नामक ठेकेदार को दिया गया था। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण में मानकों की अनदेखी की गई। उनका कहना है कि सड़क पर डाली गई बजरी और तारकोल की परत बेहद कमजोर है, जिसके चलते सड़क कुछ ही दिनों में जगह-जगह से उखड़ने लगी। सोमवार को जब ग्रामीणों ने सड़क की स्थिति देखी तो उनमें आक्रोश फैल गया। लोगों का कहना है कि सड़क की बजरी हाथ से ही निकल रही है और कई स्थानों पर गड्ढे बनने शुरू हो गए हैं। ग्रामीणों ने सड़क निर्माण में अनियमितता और सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। उन्होंने सड़क की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच कराने और जिम्मेदार अधिकारियों व ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों ने सड़क की खराब हालत के वीडियो भी सोशल मीडिया पर प्रसारित किए, जिसके बाद मामला चर्चा का विषय बन गया। मामले की जानकारी मिलने पर पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) ने मौके की रिपोर्ट तलब की और संबंधित ठेकेदार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, लगभग 15 मीटर सड़क का हिस्सा क्षतिग्रस्त पाया गया है, जिसका पुनर्निर्माण कराया जाएगा। इस पूरे प्रकरण ने सड़क निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और विभागीय निगरानी पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, ठेकेदार के भुगतान पर फिलहाल कोई रोक नहीं लगाई गई है।
शाजापुर में खड़ी बाइक में आग लगाई:भंसाली मोहल्ले में जानबूझकर आग लगाने की आशंका; तलाश जारी
शाजापुर शहर के भंसाली मोहल्ले में मंगलवार देर रात खड़ी बाइक में आग लगा दी गई। घटना रात करीब 1 से 3 बजे के बीच हुई। आग लगने से बाइक का अगला हिस्सा बुरी तरह जल गया, जिससे वाहन को काफी नुकसान पहुंचा है। वाहन मालिक विनीत झाला अपने घर पर सो रहे थे। बुधवार सुबह उठने पर उन्होंने अपनी बाइक से धुआं निकलते देखा। बाइक का अगला हिस्सा जल चुका था। उन्होंने तुरंत पानी डालकर आग को बुझाया। घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। जानबूझकर बाइक में आग लगाने की आशंका विनीत झाला ने बताया कि वे इस बाइक का उपयोग गुटखा पाउच और अन्य सामग्री बेचने के लिए करते थे। उन्होंने आशंका जताई है कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने जानबूझकर उनकी बाइक में आग लगाई है। इस आगजनी से उन्हें आर्थिक नुकसान हुआ है। घटना के बाद वाहन मालिक ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है, ताकि आग लगाने वाले व्यक्ति की पहचान हो सके। स्थानीय लोगों का भी मानना है कि यह किसी शरारती तत्व का काम हो सकता है। विनीत झाला ने बताया कि वे इस मामले की शिकायत संबंधित थाने में दर्ज कराएंगे।
देवरिया में अवैध शराब के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत आबकारी विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने बुधवार तड़के कार्रवाई की। बघौचघाट थाना क्षेत्र के मस्जिदिया धुसी स्थित आरकेएस मार्का ईंट भट्ठे पर छापेमारी के दौरान 50 लीटर कच्ची शराब और करीब 300 किलोग्राम लहन बरामद किया गया। इस कार्रवाई में पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया, जबकि भट्ठा मालिक और मुंशी मौके से फरार हो गए, जिनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। आबकारी निरीक्षक सदर सुधीर कुमार सिंह के नेतृत्व में आबकारी विभाग और बघौचघाट पुलिस की संयुक्त टीम ने भोर में ईंट भट्ठे पर दबिश दी। अचानक हुई इस कार्रवाई से भट्ठा परिसर में अफरा-तफरी मच गई। जांच के दौरान टीम को भट्ठे के अंदर अवैध तरीके से कच्ची शराब तैयार करने के सबूत मिले। मौके से शराब बनाने में इस्तेमाल किए जाने वाले बड़े एल्यूमीनियम के भदेले, चुआनी और अन्य उपकरण भी बरामद किए गए। टीम ने मौके से पांच लोगों को गिरफ्तार किया। हालांकि, भट्ठा मालिक और मुंशी मौके से फरार होने में सफल रहे। अधिकारियों ने बताया कि फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है और उनके खिलाफ संबंधित थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। आबकारी विभाग की इस कार्रवाई से क्षेत्र में अवैध शराब कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध शराब के खिलाफ यह अभियान आगे भी इसी तरह सख्ती से जारी रहेगा। 300 किलो लहन मौके पर कराया गया नष्टछापेमारी के दौरान करीब 300 किलोग्राम लहन भी बरामद हुआ। आबकारी विभाग ने नियमानुसार उसे मौके पर ही नष्ट करा दिया। अधिकारियों का कहना है कि लहन का उपयोग अवैध कच्ची शराब बनाने में किया जा रहा था। कार्रवाई के दौरान पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल रहा। पांच आरोपी गिरफ्तार, दो फरारसंयुक्त टीम ने मौके से पांच लोगों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में रामनरेश (45 वर्ष), राजकुमार राजभर (28 वर्ष), मोहन यादव (42 वर्ष), प्रवीण उरांव (25 वर्ष) तथा सीमा उरांव (20 वर्ष) शामिल हैं। वहीं ईंट भट्ठा मालिक रामकृपाल सिंह और मुंशी हरिलाल यादव पुलिस कार्रवाई की भनक लगते ही फरार हो गए। उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। आबकारी अधिनियम और बीएनएस की धाराओं में मुकदमाआबकारी विभाग ने गिरफ्तार आरोपियों के साथ-साथ फरार भट्ठा मालिक और मुंशी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 तथा आबकारी अधिनियम की सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और अवैध शराब के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी जानकारी जुटाई जा रही है। अवैध शराब कारोबार पर चलेगा अभियानजिला आबकारी अधिकारी सुरेश चंद्र मिश्रा ने कहा कि जनपद में अवैध कच्ची शराब के निर्माण और बिक्री को पूरी तरह समाप्त करने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लोगों के स्वास्थ्य और जनसुरक्षा के लिए खतरा बने ऐसे अवैध कारोबारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अवैध शराब के विरुद्ध चल रहा अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
हैंसर बाजार ब्लॉक क्षेत्र के परसहर पूर्वी गांव में 24 लाख रुपये की लागत से बन रहे अंत्येष्टि स्थल के निर्माण में अनियमितता के आरोप में धनघटा पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। यह कार्रवाई तत्कालीन ग्राम प्रधान, सचिव और एक फर्म के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में की गई है। पुलिस ने यह कार्रवाई एडीओ पंचायत जितेंद्र नाथ त्रिपाठी की तहरीर के आधार पर की है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है। दरअसल, ग्राम पंचायत परसहर पूर्वी में बन रहे इस अंत्येष्टि स्थल को लेकर तत्कालीन एडीओ पंचायत दलसिंगार ने जांच की थी। उन्होंने अपनी रिपोर्ट डीपीआरओ को सौंपी थी, जिसमें बताया गया था कि कार्य अधूरा है और बिना कार्य पूरा कराए ही धनराशि का भुगतान ले लिया गया है। इस रिपोर्ट को गंभीरता से लेते हुए जिला पंचायतराज अधिकारी ने तत्कालीन सचिव, ग्राम प्रधान और विवान इंटरप्राइजेज नामक फर्म के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया था। हालांकि, एडीओ पंचायत हैंसर दलसिंगार यादव के जिले से अटैच होने के कारण मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया लंबित हो गई थी। इसके बाद पौली में कार्यरत एडीओ पंचायत जितेंद्र नाथ त्रिपाठी को हैंसर बाजार का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया। कार्यभार ग्रहण करने के बाद, उन्होंने पूर्व की जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई के लिए धनघटा पुलिस को तहरीर दी। इसी तहरीर के आधार पर पुलिस ने तत्कालीन ग्राम प्रधान, तत्कालीन सचिव और संबंधित फर्म के खिलाफ जालसाजी का मुकदमा दर्ज किया है। धनघटा के एसओ दिलीप सिंह ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। विवेचना में साक्ष्य संकलन के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कानपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के सुनने के अभियान में भारतीय जनता पार्टी कानपुर उत्तर ने प्रथम स्थान प्राप्ता किया है। अध्यक्ष अनिल दीक्षित ने कहा भाजपा कानपुर उत्तर ने कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र में संगठन की सक्रियता और कार्यकर्ताओं की मेहनत से ऐसा संभव हो सका। जिला अध्यक्ष अनिल दीक्षित ने इस सफलता पर खुशी जताते हुए कहा कि यह उपलब्धि संगठन के सभी कार्यकर्ताओं के समर्पण, अनुशासन और टीमवर्क का परिणाम है। उन्होंने कहा कि ‘मन की बात’ केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनजागरण और राष्ट्रनिर्माण का सशक्त माध्यम है, जो समाज को सकारात्मक दिशा देने का कार्य करता है। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष अनिल दीक्षित ने मन की बात की संयोजक राधा सैनी और प्रभारी पूनम कंवर को पटका पहनाकर एवं मिठाई खिलाकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को बधाई देकर खुशी जाहिर की। जिला अध्यक्ष ने सभी पदाधिकारियों, मंडल अध्यक्षों, शक्ति केंद्र प्रभारियों और बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं को इस सफलता के लिए शुभकामना देकर उत्साह बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि संगठन की मजबूती बूथ स्तर पर सक्रिय कार्यकर्ताओं की मेहनत से ही संभव हो पाती है। भाजपा जिला मीडिया प्रभारी अनुराग शर्मा ने बताया कि 31 मई को हुए पीएम मोदी के मन की बात कार्यक्रम के 134वें संस्करण को कानपुर उत्तर जिले के 1258 बूथों पर शत-प्रतिशत ‘मन की बात’ कार्यक्रम का सुना गया। इसी आधार पर कानपुर बीजेपी उत्तर को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है।
बलरामपुर में एक किसान की फिक्स डिपॉजिट (FD) को आधार बनाकर 20 लाख रुपये का फर्जी लोन स्वीकृत कर राशि निकाल ली गई। इस बैंकिंग घोटाले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। मामले में इंडियन बैंक के सहायक शाखा प्रबंधक निखिल कुमार पासवान को गिरफ्तार किया गया है। वहीं, पूर्व शाखा प्रबंधक दिनेश कुमार पासवान की तलाश में पुलिस गोरखपुर और गोंडा में लगातार दबिश दे रही है। यह फर्जीवाड़ा उतरौला क्षेत्र के नयानगर विशुनपुर गांव निवासी किसान जनार्दन सिंह के साथ हुआ है। जांच में खुलासा हुआ कि किसान की फिक्स डिपॉजिट (FD) को आधार बनाकर 20 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत किया गया और बाद में यह राशि निकाल ली गई। पीड़ित को इस धोखाधड़ी का पता तब चला जब उसने अपने बैंकिंग अभिलेखों की जांच की। श्रीदत्तगंज थाना पुलिस ने चमरूपुर महदेइया स्थित इंडियन बैंक शाखा के सहायक शाखा प्रबंधक निखिल कुमार पासवान को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। अब पुलिस की मुख्य प्राथमिकता फरार पूर्व शाखा प्रबंधक दिनेश कुमार पासवान को पकड़ना है, जिसकी तलाश में कई टीमें छापेमारी कर रही हैं। प्रभारी निरीक्षक अविरल शुक्ल ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए एक टीम गोंडा और दूसरी टीम गोरखपुर में सक्रिय है। पुलिस को आशंका है कि गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी ने अपना मोबाइल नंबर भी बदल लिया है। जांच अधिकारी ऋण आवेदन पत्र, स्वीकृति संबंधी दस्तावेजों और बैंक खाते के रिकॉर्ड की गहन पड़ताल कर रहे हैं। पुलिस का दावा है कि जांच तेजी से आगे बढ़ रही है और जल्द ही फरार पूर्व शाखा प्रबंधक को गिरफ्तार कर इस पूरे फर्जीवाड़े के नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा। इस घटना ने क्षेत्र में बैंक ग्राहकों की सुरक्षा और बैंकिंग प्रक्रियाओं की पारदर्शिता को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं।
समदनगर में 3 साल से नालियों की सफाई नहीं:महोबा नगर पालिका की लापरवाही से लटक रहे बिजली के तार।
महोबा के समदनगर मोहल्ले में नगर पालिका की कथित लापरवाही के कारण स्थानीय निवासी पिछले तीन साल से समस्याओं का सामना कर रहे हैं। निवासियों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद न तो नालियों की सफाई की जा रही है और न ही बिजली के खंभे लगाए गए हैं। गंदगी से बीमारियों का खतरा और लटकते बिजली के तार लोगों के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं। मोहल्लेवासियों का कहना है कि पिछले तीन वर्षों से क्षेत्र की नालियों की सफाई नहीं कराई गई है। इसके परिणामस्वरूप, जगह-जगह गंदगी फैली हुई है, जलभराव की स्थिति बनी रहती है और हवा में तेज दुर्गंध व्याप्त है। मच्छरों का प्रकोप बढ़ने से संक्रामक बीमारियों का खतरा लगातार बना हुआ है। स्थानीय निवासियों ने नगर पालिका से कई बार शिकायतें की हैं और गुहार लगाई है। हालांकि, उनका आरोप है कि हर बार उन्हें केवल आश्वासन ही मिले और जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। तस्वीरें देखिए…. गंदगी के अलावा, मोहल्ले में बिजली की व्यवस्था भी चिंताजनक है। स्थानीय निवासी युनुस खान के अनुसार, पिछले दो साल से इलाके में बिजली के खंभे नहीं लगाए गए हैं। बिजली के तार घरों के ऊपर और गलियों में काफी नीचे लटक रहे हैं, जिससे आंधी-तूफान के दौरान तार टूटने और करंट लगने का खतरा बना रहता है। निवासियों का यह भी आरोप है कि शादी-ब्याह या अन्य सार्वजनिक कार्यक्रमों के दौरान भी नगर पालिका के कर्मचारी यहां सफाई के लिए नहीं आते। मोहल्ले की निवासी कुंवर और बप्पी ने बताया कि वे खुद अपने हाथों से नालियों की सफाई करने को मजबूर हैं। इसके अतिरिक्त, नगर पालिका की कचरा गाड़ी भी पूरे मोहल्ले में नियमित रूप से नहीं आती, जिससे कूड़ा निस्तारण की समस्या बनी हुई है। लोगों में विवाद होते हैं। नाराज नागरिकों ने अब प्रशासन को दो टूक चेतावनी दी है। यदि जल्द ही नालियों की सफाई, जलनिकासी और बिजली के खंभे लगाने की मांग पूरी नहीं हुई, तो वे सामूहिक रूप से प्रदर्शन के लिए मजबूर होंगे। अब देखना यह है कि कुंभकर्णी नींद में सोया पालिका प्रशासन कब जागता है।
वाराणसी नगर निगम जल्द ही काशी में नयी कार्ययोजनाएं शुरू करने जा रहा है। इसी क्रम में वाराणसी के कमच्छा स्थित ब्रिटिश काल में बने जलकल परिसर में काशीवासियों के लिए एक वर्ल्ड लेवल का पार्क बनाने जा रहा है। जिसका डीपीआर पास हो चुका है। इस पार्क की सबसे बड़ी खासियत इसके बीचों-बीच बनने वाला 130 फीट ऊंचा शिवलिंग है। जिसे लेकर नगर निगम ने तैयारियां शुरू कर दी हैं और अब इसका एक थ्रीडी वीडियो भी सामने आया है। जानकारों की मानें तो यह शिवलिंग विश्व का सबसे ऊंचा शिवलिंग होगा। इसके पहले दुनिया का सबसे बड़ा और ऊंचा अखंड (एक ही पत्थर से बना) शिवलिंग बिहार के पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) के कैथवलिया में विराट रामायण मंदिर में स्थापित है। इसकी ऊंचाई 33 फीट है। और वजन लगभग 210 मीट्रिक टन है। ऐसे में दैनिक भास्कर ने नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल से इस संबंध में बात की और इस पार्क और शिवलिंग बनाने के उद्देश्य और उसकी खासियत को जाना। पढ़िए रिपोर्ट… देखिये वाराणसी में बनने वाले 130 फीट शिवलिंग की पहली थ्रीडी तस्वीरें… अब जानिए नगर आयुक्त ने इस शिवलिंग और प्रोजेक्ट के बारे में क्या बताया? और कब तक तैयार होगा ये अत्याधुनिक पार्क ?… 20 एकड़ में बनेगा 100 करोड़ से पार्, शिवलिंग आइडेंटिटी भेलूपुर में जो जलकल परिसर है उसकी 20 एकड़ की भूमि पर एक भव्य अर्बन पार्क विकसित कराए जाने की नगर निगम की योजना है। जो 100 करोड़ से अधिक की लगता से बनकर तैयार होगा। जिसमें 130 फिट ऊंचा शिवलिंग भी स्थापित किए जाने का प्रस्ताव भी शामिल है। क्योंकि काशी महादेव की नगरी है। महादेव के लिए काशी नगर निगम की ओर से यह भव्य शिवलिंग स्थापित किया जाएगा। ये काशी की शिव नगरी होने की आइडेंटिटी को और भी मजबूत करेगा। वर्ल्ड क्लास सिटी पार्क की सभी सुविधाएं नगर आयुक्त ने बताया - इस पार्क में एक वर्ल्ड क्लास सिटी पार्क के अंदर जो सुविधाएं होनी चाहिये। वो सभी होंगी। पार्क में एक बहुत बड़ा सिंथेटिक पाथ वे होगा। बहुत बड़ा फ़ूड प्लाजा होगा। बच्चों के खेलने के लिए इक्यूपमेंट, बुजुर्गों के लिए लाइब्रेरी की व्यवस्था होगी। काशी के जितने भी महापुरुष रहे हैं। उन सभी जीवनी, भारत और काशी में योगदान के बारे में वाल म्यूरल के द्वारा दर्शाया जाएगा। पार्क में होगा काशी का सबसे बड़ा म्यूजियम नगर आयुक्त ने बताया - इस पार्क में काशी का एक म्यूजियम भी बनवाया जाएगा। जिसमें काशी से जुड़ी महत्वपूर्ण चीजें संजोई जाएगी। जिसमें वाराणसी का संगीत घराने, बनारसी खानपान का इतिहास, गंगा, श्रीकाशी विश्वनाथ धाम, काल भैरव मंदिर, संकटमोचन आदि से जुड़ी हुई महत्वपूर्ण चीजें लोगों को देखने को मिलेगी। बनाया जाएगा तारा मंडल नगर आयुक्त ने बताया - इस पार्क में हमारी शिवलिंग के अलावा सबसे बड़ी योजना तारा मंडल की है। ताकि काशीवासी यहां आएं तो कुछ घंटे अपने सभी टेंशन और परेशानियां भूलकर अपने परिवार के साथ यहां इंजॉय कर सकें ताकि भागदौड़ की इस दुनिया में उन्हें कुछ सुकून मिल सके। यह पार्क काशी के लोगों के लिए है और हम लोगों का लक्ष्य है कि काशी के नागरिकों को एक अच्छा सिटी पार्क मिल जाए। एक ऐसी सुविधा मिल जाए जिससे आने वाली पीढ़ी को वो काशी के बारे में बता सकें और काशीवासियों को एक पिकनिक स्पॉट मिल सके। इसके लिए इसका निर्माण किया जा रहा है।
शाहपुरकंडी बैराज बांध से कंडी क्षेत्र के किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने का कार्य नहरी विभाग ने शुरू कर दिया है। पंजाब सरकार के आदेशों के अनुसार, धान की रोपाई के लिए नहरों से खेतों की सिंचाई हेतु पानी छोड़ने की प्रक्रिया गत दिवस से अमल में लाई गई है। इस पहल के तहत, नहरी विभाग ने शाहपुरकंडी बैराज बांध की झील पर बने सात में से एक गेट को दो फीट ऊंचा उठाकर 10 क्यूसिक पानी का बहाव विभाग द्वारा बनाए गए सुओं में डाल दिया है। यह पानी गांव राजपुरा, कमुयाल, जैनी, बरकुला, जिंदराई, छन्नी और अन्य गांवों में सिंचाई के लिए छोड़ा गया है। इसके लिए नहरी विभाग ने ट्रायल भी शुरू कर दिया है।पांच हजार हेक्टेयर भूमि की होगी सिंचाईशाहपुरकंडी बैराज बांध प्रशासन के अनुसार, उनके विभाग ने नहरी विभाग को सुओं में पानी छोड़ने के लिए एक गेट खोलने का निर्देश दिया था। पावर हाउसों तक बनी नहर के किनारे से सुओं में पानी छोड़ा जा रहा है।यह योजना कंडी क्षेत्र के कई गांवों की पांच हजार हेक्टेयर भूमि को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने की है। वर्तमान में, पांच में से केवल तीन सुओं में ही पानी छोड़ा गया है। विभाग ने बताया कि शेष सुओं का निर्माण पूरा होने पर उनमें भी पानी छोड़कर बची हुई भूमि को सिंचाई के लिए पानी दिया जाएगा।झील का जलस्तर 401.38 मीटर पहुंचाशाहपुरकंडी बैराज बांध की झील का जलस्तर 401.38 मीटर तक पहुंच गया है, जबकि इसकी अधिकतम जल भंडारण क्षमता 404 मीटर है। वहीं, शाहपुरकंडी बैराज बांध से माधोपुर हेडवर्क्स की ओर दस हजार क्यूसिक पानी का बहाव छोड़ा जा रहा है।इस पानी को एमबी लिंक नहर में 3800 क्यूसिक, यूबीडीसी नहर में 5500 क्यूसिक, कश्मीर कैनाल में 500 क्यूसिक और इस्लामपुर फीडर में 200 क्यूसिक की मात्रा में निचले क्षेत्रों में सिंचाई के लिए वितरित किया जा रहा है।
कोचिंग हब कोटा में लोग भास्कर ‘समाधान’ में खुलकर अपने एरिया की लंबित समस्याओं के बारे में बता रहे हैं। बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी इन समस्याओं के बारे में लोगों का कहना है कि लगातार शिकायत करने के बावजूद कई समस्याएं तो सालों और महीनों से जस की तस बनी हुई हैं। कहीं कचरा समय पर नहीं उठ रहा तो किसी कॉलोनी में 15 साल से स्ट्रीट लाइट ही नही लग सकी है। कहीं लोग उधड़ी सड़कों से परेशान हैं तो कहीं अवैध रूप से मलबा डालकर सड़क का लेवल बिगड़ने से हादसे का खतरा बना हुआ है। हालांकि, भास्कर ‘समाधान’ के तहत जब इन समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया, तब कई मामलों में विभागों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए लोगों को राहत भी दी है। भास्कर एप पर समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक करिए... झालावाड़ रोड पर नालियों की सफाई न होने की समस्या झालावाड़ रोड रामबाड़ी चौक, इंद्रप्रस्थ इंडस्ट्रियल एरिया निवासी राजकुमार सैनी ने नालियों की सफाई न होने की शिकायत 'भास्कर समाधान' पर पोस्ट की है। पोस्ट में उन्होंने बताया कि नालियां गंदगी से अटी पड़ी हैं और इससे आसपास गंदगी फैल रही है। लेकिन संबंधित विभाग शिकायतों पर ध्यान नहीं दे रहा है। मानसून भी आने वाला है ऐसे में लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। सालों से बंद पड़ी हैं स्ट्रीट लाइट मिल्लत नगर के रहने वाले मोहम्मद तफ्सीर अंसारी ने पोस्ट कर बताया कि वो इस इलाके में बीते 15 सालों से रह रहे हैं लेकिन आज तक विभाग ने स्ट्रीट लाइट नहीं लगाई हैं। इतने सालों से किसी भी अधिकारी या जनप्रतिनिधी ने इस तरफ ध्यान ही नहीं दिया। रात को यहां से आने–जाने वालों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस समस्या के बारे में कई बार संबंधित विभाग को जानकारी दे चुके हैं, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हो सका है। खराब सड़क से दोपहिया चालक हो रहे घायल कोटा के लाडपुरा के मुकुन्दरा विहार के रहने वाले अनिल शर्मा ने पोस्ट कर अपने क्षेत्र की लंबे समय से चली आ रही परेशानी बताई। उन्होंने बताया कि उनके एरिया मुकुन्दरा विहार में हरे कृष्णा इस्कॉन टेम्पल के सामने वाला रोड पर सालों से रोड़ी–गिट्टी बिखरी हुई है। इस उधड़ी हुई सड़क से गुजरने वाले दोपहिया वाहन चालक कई बार स्लिप होकर गिर भी जाते हैं। इसका स्थायी समाधान किया जाना बहुत जरूरी है। मुख्य सड़क पर पड़ा मलबा, हादसे का डर बालाकुन्ड निवासी रामकुमार ने भी अपनी शिकायत पोस्ट की है। उन्होंने बताया कि उनके एरिया की मुख्य सड़क पर मलबा डालकर सड़क का लेवल खराब कर दिया गया है। अब रोड का लेवल ऊंचा हो गया है जिससे दोपहिया वाहन चालक और कार चालकों के दुर्घटनाग्रस्त होने का खतरा बना रहता है। इसे तुरंत समतल करवाया जाना जरूरी है नहीं तो किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है। हालांकि कुछ विभाग और अधिकारी–कर्मचारी लगातार पब्लिक की समस्याओं का समाधान भी कर रहे हैं। उनके प्रयास से लोगों की समस्याओं का समाधान भी हो रहा है। एक नजर ऐसे ही कुछ प्रयासों पर भी.. कचरा उठाने के बदले पैसे मांगे, हुई कार्रवाई महावीर नगर हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के रहने वाले अंकित ने भास्कर समाधान पर पोस्ट कर कचरा संग्रहण से जुड़ी एक बड़ी समस्या उजागर की। उन्होंने बताया कि उनके एरिया में कचरा उठाने वाली गाड़ी नियमित रूप से आती है लेकिन गाड़ी वाला उनसे कचरा उठाने के बदले में पैसे मांगता था। भास्कर समाधान पर पोस्ट होने के बाद संबंधित अधिकारी ने कार्रवाई करते हुए इस प्रैक्टिस को रुकवाया। अब लागों को कचरे के बदले पैसे नहीं देने पड़ते। पोस्ट होते ही कचरा संग्रहण हुआ सुचारु कोटा के तलवंडी सेक्टर एक से मंथन शर्मा ने कचरे के कुप्रबंधन से जुड़ी एक पोस्ट की थी। उन्होंने बताया कि ओम टॉवर के बाहर कचरे और मलबे काफी दिनों से पड़ा हुआ है। जिससे यहां से गुजरने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। गंदगी भी आसपास काफी रहती है जिसकी नियमित सफाई नहीं होती है। पार्षद योगेश बने आज ‘पब्लिक के स्टार’ तलवंडी सेक्टर एक से मंथन शर्मा ने समस्या बताते हुए पोस्ट की थी। उन्होंने बताया कि ओम टॉवर के बाहर कचरे और मलबे काफी दिनों से पड़ा हुआ है। जिससे यहां से गुजरने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। जानकारी मिलते ही स्थानीय पूर्व पार्षद योगेश अहलूवालिया ने इलाके के स्वास्थ्य निरीक्षक के सहयोग से मौके पर ट्रैक्टर ट्रॉली भिजवाकर इसे हटवा दिया गया है। साथ ही कर्मचारियों को निर्देश दिए हैं कि कहीं भी इस तरह की शिकायत मिलते ही तुरंत मौके पर एक्शन हो। इसलिए आज योगेश बने हैं ‘पब्लिक के स्टार’। आमजन की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। शहर में बदलाव का सकारात्मक प्रयास इस सेगमेंट को शुरू करने के पीछे भास्कर एप की सोच है कि आमजन और अधिकारियों के बीच सेतु का काम कर सकें। शहर के हर इलाके से आमजन की समस्याएं अधिकारियों तक पहुंचे, ये संभव नहीं है। ऐसे में दैनिक भास्कर एप के जरिए हर व्यक्ति अपनी छोटी-बड़ी समस्याएं पोस्ट कर सकता है। यदि सरकार और अधिकारी इसे सकारात्मक लेकर समाधान के लिए काम करेंगे तो शहर में बदलाव लाया जा सकता है। ये खबरें भी पढ़िए… राजस्थान के 5 और शहरों में 'भास्कर समाधान' लॉन्च: डिप्टी सीएम बैरवा, शिक्षा, कानून और वन मंत्री ने की शुरुआत, समस्या से समाधान तक ऑनलाइन (पूरी खबर पढ़ें…)
संभल में बच्चों के विवाद को लेकर हुई मारपीट के मामले में पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर दूसरे पक्ष के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज की है। यह घटना तहसील गुन्नौर के थाना जुनावई क्षेत्र के गांव रिबाड़ा में 13 मई को एक शादी समारोह के दौरान हुई थी। इस मामले में नौ लोगों को नामजद किया गया है, जबकि आठ से दस अज्ञात लोग भी शामिल हैं। जानकारी के अनुसार, 13 मई को गांव रिबाड़ा में बरात आई थी। इस दौरान बच्चों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया, जो बाद में दोनों परिवारों के सदस्यों के बीच मारपीट में बदल गया। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर लाठी-डंडों से हमला किया, जिसमें कई लोग घायल हुए थे। थाना पुलिस ने दोनों पक्षों का मेडिकल परीक्षण कराया था। घटना के अगले दिन, 14 मई को भारत सिंह की तहरीर पर पुलिस ने साबिर सहित आठ लोगों के खिलाफ जानलेवा हमला और अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया था। इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। हालांकि, साबिर के पक्ष ने भी अपनी ओर से रिपोर्ट दर्ज कराने का प्रयास किया, लेकिन उनकी शिकायत दर्ज नहीं की गई। इसके बाद साबिर की पत्नी मोबीना ने न्याय के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया। न्यायालय ने सुनवाई के बाद थाना पुलिस को मोबीना की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया। थाना प्रभारी धीरज कुमार ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर विपिन, निखिल, हीरा, सुनील, हरिकेश, मुकेश, विजेंद्र, टिंकू और भारत सहित आठ से दस अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इन पर घर में घुसकर जान से मारने की नीयत से धारदार हथियारों से मारपीट करने, जान से मारने की धमकी देने और महिलाओं के साथ अभद्रता व छेड़छाड़ करने का आरोप है।
सदगुरू नेत्र चिकित्सालय में 'आई एक्सल 3.0' कार्यशाला शुरू:देशभर से 50 नेत्र विशेषज्ञ हुए शामिल
चित्रकूट के अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त सदगुरू नेत्र चिकित्सालय में मंगलवार को तीन दिवसीय 'आई एक्सल 3.0 इंडिया कार्यशाला' का शुभारंभ हुआ। इस कार्यशाला में देश के विभिन्न प्रतिष्ठित नेत्र चिकित्सालयों और संस्थानों से करीब 50 विभागाध्यक्ष, प्रशासक और विशेषज्ञ शामिल हुए। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नेत्र चिकित्सालयों की टीमों को आधुनिक तकनीकों और उच्च गुणवत्ता वाले प्रशिक्षण के माध्यम से नेत्र सेवाओं को अधिक प्रभावी और बेहतर बनाना है। यह कार्यशाला भारत में पहली बार संत रणछोड़दास जी महाराज द्वारा स्थापित सदगुरू नेत्र चिकित्सालय में आयोजित की जा रही है। उद्घाटन समारोह की शुरुआत गुरु पूजन और दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इस अवसर पर श्री सदगुरू सेवा संघ ट्रस्ट के ट्रस्टी एवं निदेशक डॉ. इलेश जैन, सेवा फाउंडेशन के मुख्य ट्रेनर अरुण आचार्या, डॉ. आलोक सेन, डॉ. आशीष बजाज, सुबीश सहित विभिन्न संस्थानों के प्रतिभागी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में उपस्थित सभी प्रशिक्षकों का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया। अपने संबोधन में डॉ. इलेश जैन ने श्री सदगुरू सेवा संघ ट्रस्ट द्वारा संचालित विभिन्न सेवा प्रकल्पों की जानकारी दी। उन्होंने पद्मश्री स्वर्गीय डॉ. बी.के. जैन को श्रद्धापूर्वक याद करते हुए कहा कि वर्ष 1974 से उनके नेतृत्व में ट्रस्ट और नेत्र चिकित्सालय ने देश-दुनिया में सेवा और गुणवत्ता के नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। डॉ. जैन ने इस बात पर जोर दिया कि किसी भी संस्था या कार्य की सफलता के लिए उसका विजन और मिशन स्पष्ट होना चाहिए। उन्होंने प्रतिभागियों से आपसी अनुभव साझा करने और नेत्र चिकित्सा सेवाओं में नई तकनीकों एवं बेहतर गुणवत्ता को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने सभी से नेत्र रोगियों की ईमानदारी, संवेदनशीलता और गुणवत्ता के साथ सेवा करने का आग्रह किया। सेवा फाउंडेशन से आए मुख्य प्रशिक्षक अरुण आचार्या ने कहा कि कार्यशाला में केवल प्रशिक्षक ही नहीं, बल्कि सभी प्रतिभागी एक-दूसरे के लिए सीखने का माध्यम हैं। उन्होंने सभी से अपने अनुभव साझा कर नेत्र सेवा के क्षेत्र को और अधिक मजबूत बनाने का आग्रह किया। तीन दिनों तक चलने वाली इस कार्यशाला में देशभर से आए विशेषज्ञ नेत्र चिकित्सा प्रबंधन, नेतृत्व क्षमता, सेवा गुणवत्ता और आधुनिक प्रशिक्षण पद्धतियों पर गहन विचार-विमर्श करेंगे।
गोंडा के पांच परीक्षा केंद्रों पर आज बुधवार को उत्तर प्रदेश शिक्षक सेवा चयन आयोग द्वारा प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी) परीक्षा आयोजित की गई है। प्रथम पाली की परीक्षा के लिए लखीमपुर खीरी और सिद्धार्थनगर सहित कई जिलों से परीक्षार्थी पहुंचे हैं।परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थियों की भारी भीड़ देखी गई। त्रिस्तरीय सघन चेकिंग के बाद ही उन्हें प्रवेश की अनुमति दी जा रही है। परीक्षार्थियों को प्रवेश पत्र, फोटो पहचान पत्र और पेन के अलावा कोई अन्य वस्तु ले जाने की अनुमति नहीं है। गोंडा जिला प्रशासन की सख्ती के कारण किसी भी परीक्षा केंद्र पर परीक्षार्थियों का कलवा या मंगलसूत्र नहीं उतरवाया जा रहा है, न ही धर्म से संबंधित कोई अन्य वस्तु हटवाई जा रही है। यह परीक्षा गोंडा जिले में दो दिनों तक चार पालियों में आयोजित की जाएगी। कल बृहस्पतिवार को भी जिले के नौ परीक्षा केंद्रों पर टीजीटी परीक्षा होगी, जिसमें 10,000 से अधिक परीक्षार्थियों के शामिल होने की उम्मीद है। जिला प्रशासन ने स्टेटिक मजिस्ट्रेटों को परीक्षा केंद्रों पर समय से पहुंचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। 5 तस्वीरें देखिए- उन्हें प्रश्नपत्र वितरण, परीक्षा संचालन और उत्तर पुस्तिकाओं के संकलन पर निगरानी रखने को कहा गया है। परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की सघन जांच, सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी, विद्युत आपूर्ति और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर ली गई हैं। डीआईओएस डॉ. रामचंद्र ने बताया कि किसी भी प्रकार की अनियमितता रोकने के लिए विशेष सतर्कता बरती जाएगी। परीक्षा को लेकर के सभी परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक की जान दिए गए हैं सब इंस्पेक्टर के साथ-साथ महिला और पुरुष दोनों पुलिसकर्मियों की भी ड्यूटी लगाई गई है।
छतरपुर की शिव नगर कॉलोनी में एक महिला ने घरेलू विवाद और सालों के उत्पीड़न से तंग आकर पति की बेरहमी से हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी महिला करीब 8 घंटे तक उसकी लाश के पास बैठकर रोती और अफसोस करती रही। इसके बाद उसने शहर के एक प्रसिद्ध हनुमान मंदिर जाकर भगवान से अपने पाप की माफी मांगी और सीधे थाने पहुंचकर पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया। दैनिक भास्कर ने महिला के परिवार से बात की। पढ़िए रिपोर्ट क्या है पूरा मामला? 1 जून को सिविल लाइन थाने में रात करीब 8 बजे 27 वर्षीय नीलम कुशवाहा नाम की महिला बदहवास हालत में पहुंची। उसने ड्यूटी पर मौजूद पुलिस कर्मियों से कहा- मैंने अपने पति की हत्या कर दी है। उसकी लाश घर में पड़ी है। महिला की बात सुनते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची, जहां आंगन में नीलम के पति दीनदयाल कुशवाहा (30 वर्ष) का लहूलुहान शव पड़ा हुआ था। सिविल लाइन थाना प्रभारी आशुतोष श्रोत्रिय के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में सामने आया कि दीनदयाल शराब का आदी था। आए दिन पत्नी और बच्चों के साथ मारपीट करता था। मारपीट के कारण दीनदयाल के सिर, आंख और पैरों में गंभीर चोटें आई थीं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घर खर्च के लिए एक रुपया भी नहीं देता था परिजनों के अनुसार, नीलम और दीनदयाल की शादी 12 साल पहले 2014 में हुई थी। उनके दो बच्चे (7 साल की बेटी और 4 साल का बेटा) हैं। शादी के बाद से ही दीनदयाल, नीलम को लगातार प्रताड़ित कर रहा था। वह पेशे से मिस्त्री था, लेकिन घर के खर्च के लिए एक रुपया भी नहीं देता था। 4 साल की बच्ची को उलटा लटका दिया था नीलम की मां रानी कुशवाहा ने बताया कि दामाद बच्चों को भी बेरहमी से पीटता था। एक बार उसने अपनी 4 साल की बच्ची को उलटा लटका दिया था तो कभी बच्चों को बैग में भरकर ले जाने की कोशिश करता था। मायके में रह रही थी पत्नी, चल रहा तलाक का केस पति के इस जुल्म और प्रताड़ना से तंग आकर नीलम 5 साल पहले बच्चों को लेकर अपने पिता के घर आ गई थी। वह खुद मेहनत-मजदूरी कर बच्चों का पेट पाल रही थी। उसने करीब दो महीने पहले ही पति से हमेशा के लिए अलग होने के लिए कोर्ट में तलाक का केस भी दायर किया था। गाली-गलौज से शुरू हुआ विवाद मर्डर में बदला नीलम की मां ने बताया कि रविवार को परिवार के लोग एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए रिश्तेदारी में गए थे। बच्चे वहीं सो रहे थे, इसलिए उन्हें वहीं छोड़कर सोमवार को माता-पिता घर लौटे। घर पर नीलम अकेली थी। सुबह करीब 10 बजे दीनदयाल शराब के नशे में धुत होकर वहां पहुंचा। दरवाजा तोड़कर अंदर घुसा: नीलम ने उसे नशे में देखकर दरवाजा खोलने से मना किया और काम पर जाने की बात कही। इस पर दीनदयाल ने घर पर पथराव शुरू कर दिया और कुंडी तोड़कर जबरन अंदर घुस गया। बाल पकड़कर पीटा: अंदर आते ही उसने नीलम के बाल पकड़कर उसे पीटना शुरू कर दिया और उसकी बेटी के लिए बेहद गंदी और अपमानजनक गालियां देने लगा। आक्रोश में उठाया डंडा: 12 साल की प्रताड़ना और अपनी मासूम बेटी के लिए अपशब्द सुनकर नीलम का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। उसने खुद को छुड़ाया और पास पड़ा डंडा उठाकर पति पर ताबड़तोड़ वार करने शुरू कर दिए। वह पति पर तब तक डंडे बरसाती रही जब तक वह जमीन पर गिर नहीं गया। गिरने के बाद भी उसने करीब 10 मिनट तक उसे पीटा। 8 घंटे तक लाश के पास बैठी रही मारपीट के बाद नीलम को लगा कि उसका पति बेहोश हो गया है। वह पास ही एक तख्त पर बैठ गई। करीब 1 घंटे बाद जब उसके माता-पिता घर पहुंचे, तब तक दीनदयाल की सांसें थम चुकी थीं। यह देखकर पूरा परिवार सहम गया। दोपहर से लेकर शाम तक (करीब 8 घंटे) नीलम अपने पति की लाश के पास ही बैठी रही। शाम को रिश्तेदारों के समझाने पर कि इस गलती की सजा पूरे परिवार को न मिले, नीलम ने पुलिस के पास जाने का फैसला किया। पहले मंदिर पहुंची, 10 मिनट बैठकर माफी मांगती रही मां रानी ने बताया कि घर से पैदल ही थाने के लिए निकली नीलम सबसे पहले शहर के प्रसिद्ध मोटे के महावीर हनुमान मंदिर पहुंची। वहां करीब 10 मिनट बैठकर उसने रोते हुए भगवान से प्रार्थना की और कहा- बब्बा जी, जो मैं नहीं करना चाहती थी, वह धोखे से हो गया। 12 साल का गुस्सा और बच्चों का अपमान मैं सह नहीं पाई। मेरे इस गुनाह को क्षमा करना। इसके बाद वह सीधे थाने पहुंची और खुद को कानून के हवाले कर दिया। बच्चों को नहीं पता- पिता की मौत हो गई मां ने बताया कि बेटी ने कॉल किया तो हम घबरा गए। बच्चे सो रहे थे, इसलिए रिश्तेदारी में ही छोड़कर हम वापस आ गए थे। उन्हें तो पता ही नहीं कि पिता के साथ ऐसा हो गया है। अब मामा के पास रहेंगे। हम ही उन्हें पालेंगे। दामाद के घर वाले अच्छे होते तो ऐसा दिन हमें नहीं देखना पड़ता। …………………………. यह खबर भी पढ़िए पति को पीट-पीटकर मार डाला, सरेंडर करने थाने पहुंची छतरपुर की शिवनगर कॉलोनी में सोमवार को पारिवारिक विवाद के चलते एक महिला ने डंडे से पीट-पीटकर अपने पति की हत्या कर दी। वारदात के बाद आरोपी पत्नी स्वयं सिविल लाइन थाने पहुंची और पूरी जानकारी दी। घटना सिविल लाइन थाना क्षेत्र की है। पूरी खबर पढ़ें
अवैध शराब के साथ तस्कर गिरफ्तार:चंदौली में 42 लीटर शराब बरामद, 60 हजार से अधिक कीमत
चंदौली में पुलिस ने एक शराब तस्कर को गिरफ्तार किया है। अलीनगर थाना पुलिस ने जीटीआर ब्रिज के पास से आरोपी पंकज जायसवाल को हिरासत में लिया। उसके पास से विभिन्न ब्रांड की 42 लीटर अवैध शराब बरामद की गई, जिसकी अनुमानित कीमत 60 हजार रुपये से अधिक है। पुलिस टीम आरोपी को हिरासत में लेकर उसके नेटवर्क की जांच कर रही है। पुलिस को सूचना मिली थी कि एक संदिग्ध व्यक्ति जीटीआर ब्रिज के पास अवैध शराब की खेप लेकर मौजूद है। इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने सतर्कता दिखाते हुए उसे मौके से दबोच लिया। पूछताछ के दौरान संदिग्ध की पहचान मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र के वेस्टर्न बाजार निवासी पंकज जायसवाल के रूप में हुई। उसके पास मौजूद एक काले रंग के बैग की तलाशी लेने पर 42 लीटर अवैध शराब मिली। आरोपी पंकज जायसवाल ने पूछताछ में बताया कि वह लाइसेंसी दुकानों से शराब खरीदकर फुटकर में बेचता था। इससे उसे अच्छा मुनाफा होता था और उसके परिवार का जीवन यापन चलता था। अलीनगर थाना प्रभारी घनश्याम शुक्ला ने बताया कि आरोपी काफी समय से अवैध शराब तस्करी में संलिप्त था। गिरफ्तारी करने वाली टीम में थाना प्रभारी घनश्याम शुक्ला के साथ अमित सेन सिंह और श्रीकृष्ण शामिल थे।
मैनपुरी में 19 साल पुराने उपभोक्ता विवाद मामले में जिला उपभोक्ता आयोग ने कड़ा रुख अपनाया है। आयोग ने अपने आदेश का पालन न करने पर ट्यूबवेल डिवीजन, नहर कॉलोनी के अधिशासी अभियंता का वेतन रोकने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने वरिष्ठ कोषाधिकारी को पत्र भेजकर अगले आदेश तक अधिशासी अभियंता का वेतन जारी न करने को कहा है। यह मामला वर्ष 2005 में दायर उपभोक्ता वाद और वर्ष 2007 से लंबित निष्पादन वाद से संबंधित है। शहूरवती बनाम अधिशासी अभियंता नलकूप मामले में आयोग के आदेश के बावजूद पूरी धनराशि का भुगतान नहीं किया गया था। आयोग के समक्ष पेश पत्रावली के अनुसार, विपक्षी विभाग ने नेफ्ट के माध्यम से 17,200 रुपए आयोग के खाते में जमा कराए हैं, जिसकी प्रविष्टि 30 मार्च 2026 को पासबुक में दर्ज हुई है। सुनवाई के दौरान विभाग की ओर से एक प्रार्थना पत्र दाखिल किया गया, जिसमें बताया गया कि 17,200 रुपए जमा कर दिए गए हैं, जबकि शेष 62,800 रुपए के भुगतान के लिए बजट आवंटन की प्रक्रिया चल रही है। विभाग ने आयोग से जून 2026 तक का समय मांगा और आश्वासन दिया कि बजट मिलते ही शेष धनराशि जमा करा दी जाएगी। हालांकि, डिक्रीधारक शहूरवती ने इस पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। उनका कहना था कि उन्हें ब्याज सहित पूरी धनराशि तत्काल दिलाई जाए। आयोग ने सुनवाई के दौरान पुराने अभिलेखों का अवलोकन किया तो पाया कि मामले में पहले राज्य उपभोक्ता आयोग में अपील दायर की गई थी, जहां से स्थगन आदेश मिला था। बाद में 4 सितंबर 2024 को राज्य आयोग ने अपील खारिज कर दी थी। राज्य आयोग द्वारा अपील निरस्त किए जाने के बाद भी लगभग एक वर्ष आठ माह का समय बीत चुका है, लेकिन विभाग ने भुगतान के प्रति गंभीरता नहीं दिखाई। आयोग ने यह भी उल्लेख किया कि 29 जनवरी 2026 को अधिशासी अभियंता प्रकाश चंद्र स्वयं उपस्थित हुए थे और उन्होंने लिखित रूप से आश्वासन दिया था कि धनराशि आवंटित होते ही भुगतान कर दिया जाएगा, इसके बावजूद भुगतान नहीं किया गया। आयोग ने टिप्पणी करते हुए कहा कि डिक्रीधारक और उनके अधिवक्ता हर तारीख पर उपस्थित हो रहे हैं, जबकि विभाग की ओर से केवल समय मांगा जा रहा है। इससे यह प्रतीत होता है कि आयोग और राज्य आयोग के आदेशों के प्रति विभाग गंभीर नहीं है। आयोग ने माना कि अब बाध्यकारी कार्रवाई का समय आ गया है। इसी के तहत जिला उपभोक्ता आयोग ने वरिष्ठ कोषाधिकारी मैनपुरी को निर्देश जारी किया कि अधिशासी अभियंता, ट्यूबवेल डिवीजन नहर कॉलोनी, मैनपुरी का वेतन तत्काल प्रभाव से रोका जाए और आयोग की अगली सूचना मिलने तक वेतन जारी न किया जाए। मामले की अगली सुनवाई के लिए 2 जून 2026 की तिथि नियत की गई है।
काशी नरेश विश्वविद्यालय, भदोही की कुलपति प्रोफेसर उमा श्रीवास्तव ने आज राजनीति विज्ञान, अर्थशास्त्र, मनोविज्ञान, हिंदी और चित्रकला विभाग के विभागाध्यक्षों एवं प्राध्यापकों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने विभागीय कार्यप्रणाली, शैक्षणिक गतिविधियों तथा शोध कार्यों की समीक्षा की। बैठक में कुलपति प्रोफेसर श्रीवास्तव ने शिक्षकों से उनके शोध विषयों, विशेषज्ञता के क्षेत्रों और वर्तमान शोध कार्यों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण एवं समाजोपयोगी शोध को बढ़ावा देने पर विशेष बल दिया। राजनीति विज्ञान विभाग के साथ चर्चा में समसामयिक राजनीतिक एवं सामाजिक विषयों पर शोध को प्रोत्साहित करने की बात कही गई। मनोविज्ञान विभाग के साथ संवाद के दौरान मनोविज्ञान के विभिन्न आयामों, समकालीन शोध प्रवृत्तियों तथा विद्यार्थियों को शोध एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण से जोड़ने पर विचार-विमर्श हुआ। हिंदी विभाग की समीक्षा करते हुए कुलपति ने हिंदी परिषद के माध्यम से साहित्यिक एवं पाठ्य-सहगामी गतिविधियों के आयोजन, भाषा प्रयोगशाला की स्थापना तथा विभागीय पुस्तकालय के विकास पर बल दिया। वहीं, अर्थशास्त्र विभाग के शिक्षकों से उनके विशेषज्ञता क्षेत्रों एवं शोध कार्यों की जानकारी प्राप्त करते हुए पाठ्यक्रम को अधिक समकालीन एवं रोजगारोन्मुख बनाने हेतु इकोनोमेट्रिक्स एवं सांख्यिकी संबंधी पाठ्यक्रमों को सुदृढ़ करने का सुझाव दिया गया। चित्रकला विभाग की समीक्षा के दौरान विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित विश्वविद्यालय लोगो प्रतियोगिता पर भी चर्चा हुई। कुलपति ने विद्यार्थियों एवं कलाकारों से विश्वविद्यालय की पहचान को प्रतिबिंबित करने वाले सृजनात्मक एवं मौलिक लोगो के निर्माण में सहभागिता का आह्वान किया। बैठक के अंत में प्रोफेसर उमा श्रीवास्तव ने सभी विभागों से अकादमिक उत्कृष्टता, शोध संस्कृति के विकास तथा विद्यार्थियों के समग्र शैक्षिक उन्नयन के लिए समन्वित प्रयास करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, शोध एवं नवाचार के माध्यम से विश्वविद्यालय को एक उत्कृष्ट शैक्षणिक संस्थान के रूप में विकसित किया जाएगा।
सोनभद्र पुलिस ने साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने और पीड़ितों को राहत दिलाने के लिए सक्रियता दिखाई है। पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देश पर चलाए गए विशेष अभियान के तहत, साइबर धोखाधड़ी के तीन मामलों में कुल 88,684.68 रुपये की राशि पीड़ितों के बैंक खातों में वापस कराई गई है। पहला मामला थाना अनपरा से संबंधित है। यहां की साइबर टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए काशी मोड़, अनपरा निवासी संजय शर्मा के खाते से धोखाधड़ी कर निकाली गई 62,220.68 रुपये की राशि सफलतापूर्वक वापस कराई। दूसरा मामला थाना रायपुर का है। एनसीआरपी पोर्टल पर प्राप्त शिकायत के आधार पर, रायपुर साइबर टीम ने जांच की और आवश्यक साक्ष्य जुटाए। इसके परिणामस्वरूप, चंदौली जनपद के बबुरी निवासी शशिकांत केशरी की साइबर ठगी में गई 6,464 रुपये की रकम उनके खाते में वापस दिलाई गई। तीसरा मामला पिपरी थाना क्षेत्र से जुड़ा है। राधा हिंडाल्को कॉलोनी, रेणुकूट निवासी राहुल सिंह के साथ अज्ञात साइबर अपराधियों ने धोखाधड़ी कर उनके खाते से धनराशि ट्रांसफर कर ली थी। शिकायत मिलने पर, पिपरी की साइबर टीम ने संबंधित बैंक से पत्राचार किया और निर्धारित प्रक्रिया के तहत नोटिस भेजकर धोखाधड़ी की गई राशि को होल्ड कराया। पुलिस की प्रभावी कार्रवाई के बाद, राहुल सिंह के मूल बैंक खाते में 20,000 रुपये सफलतापूर्वक वापस आ गए। इन तीनों मामलों में त्वरित कार्रवाई और तकनीकी जांच के माध्यम से कुल 88,684.68 रुपये की धनराशि पीड़ितों को वापस मिली। राशि प्राप्त होने पर, तीनों पीड़ितों ने पुलिस अधीक्षक, अपर पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) और संबंधित थाना साइबर टीमों के प्रति आभार व्यक्त किया। पुलिस अधिकारियों ने आमजन से साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहने और किसी भी ऑनलाइन ठगी की स्थिति में तत्काल साइबर हेल्पलाइन या एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने की अपील की है।
कन्नौज में खतौनी नकल अब जनसेवा केंद्रों पर:तहसील के चक्कर नहीं लगाने होंगे, ऑनलाइन भी मिलेगी सुविधा
कन्नौज में खतौनी की प्रमाणित नकल लेने के लिए अब तहसील के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। इसके लिए सरकार ने नई व्यवस्था की है। अब किसी भी सीएससी और जनसेवा केंद्र से प्रमाणित खतौनी की नकल निकलवा सकते हैं। ईडीएम की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार अब नागरिकों को प्रमाणित खतौनी की नकल प्राप्त करने के लिए केवल तहसील कार्यालय पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। नई व्यवस्था के तहत प्रमाणित खतौनी की नकल कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) अथवा जनसेवा केंद्रों से भी प्राप्त की जा सकेगी। पहले यह सुविधा केवल तहसील स्तर पर उपलब्ध थी, जिसके कारण आम नागरिकों को समय एवं संसाधनों की अतिरिक्त आवश्यकता पड़ती थी। अब नागरिक अपने निकटतम जनसेवा केंद्र पर जाकर अथवा खुद ऑनलाइन माध्यम से प्रमाणित खतौनी की नकल प्राप्त कर सकते हैं। ऑनलाइन सुविधा के लिए नागरिक upbhulekh.gob.in तथा edistrict.up.gov.in का उपयोग कर सकते हैं। जनसेवा केंद्र के माध्यम से प्रमाणित खतौनी की नकल प्राप्त करने पर 30 रुपये का शुल्क देना होगा, जबकि स्वयं ऑनलाइन आवेदन कर दस्तावेज प्राप्त करने पर मात्र 15 रुपये का शुल्क निर्धारित किया गया है। इस नई व्यवस्था से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के नागरिकों को राजस्व अभिलेख प्राप्त करने में अधिक सुविधा मिलेगी, साथ ही तहसीलों में अनावश्यक भीड़ कम होगी और सेवाओं की उपलब्धता में तेजी आएगी।
उदयपुर शहर और आसपास के क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी कई समस्याएं लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई हैं। कहीं गंदे नाले का पानी सीधे नदी में मिल रहा है, तो कहीं सड़कों की जर्जर हालत से आमजन को रोजाना कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। गिरवा क्षेत्र में लंबे समय से साफ-सफाई के अभाव में नाला प्रदूषण और बीमारियों का कारण बनता जा रहा है। वहीं एयरपोर्ट रोड स्थित नाकोड़ा नगर में पेयजल लाइन का वॉल खुला होने से स्वच्छ पेयजल की गुणवत्ता पर खतरा मंडरा रहा है। सविना रुरल क्षेत्र में करीब दो किलोमीटर लंबी सड़क गड्ढों में तब्दील हो चुकी है, जिससे विशेषकर बारिश के दिनों में आवागमन बेहद मुश्किल हो जाता है। दूसरी ओर पहाड़ा इलाके में कचरे के कारण नाला जाम होने से गंदा पानी सड़क पर बह रहा है, जिससे स्थानीय लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। हालांकि इन समस्याओं के बीच कुछ राहत भी सामने आई हैं। बड़गांव रोड और कृष्णापुरा क्षेत्र में बिजली संबंधी शिकायतों पर संबंधित विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए समाधान कर दिया। विशेष रूप से टूटे बिजली पोल की शिकायत पर तुरंत कार्रवाई कर समस्या का निस्तारण करवाने वाली एवीवीएनएल की जेईएन शिवानी पुजारी को आज की 'पब्लिक की स्टार' चुना गया है। भास्कर एप पर समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक करिए... नदी में मिल रहा गंदे नाले का पानीउदयपुर के गिरवा क्षेत्र से सुंदरलाल सुथार ने दैनिक भास्कर के ‘समाधान’ सेगमेंट पर नाले की समस्या पोस्ट की है। जिसमें सुंदरलाल ने लिखा कि खेड़ा कानपुर चौराहे से कानपुर रोड को जाने वाला 1 किलोमीटर का नाला नदी ने गिरता है। जिसकी लंबे समय से साफ-सफाई भी नहीं हुई है। इस कारण से लोगों को कई तरह की बीमारियों का भी भय बना रहता है। एयरपोर्ट रोड पर खुला पड़ा पानी का वॉलउदयपुर के नाकोड़ा नगर, एयरपोर्ट रोड से ऋतुराज ने पानी के वॉल को सुरक्षित करने को लेकर समस्या पोस्ट की है। ऋतुराज ने बताया कि पीने के पानी की सरकारी लाइन का वॉल खुला हुआ है, जिससे उसके अंदर गंदगी और कचरा जा सकता है। उन्होंने मांग की है कि ढक्कन लगा कर इसे बंद किया जाए, ताकि लोगों तक साफ पानी पहुंचे। गिरवा क्षेत्र में जर्जर हालत में सड़कगिरवा क्षेत्र के सविना रुरल के रम्य रिसॉर्ट रोड से भरत ने बताया कि क्षेत्र में सड़क की हालत काफी खराब है, जगह-जगह गड्ढे हो रहे है। बारिश के समय में तो स्थिति काफी खराब हो जाती है। 2 किलोमीटर तक सड़क की यहीं हालत है, जिससे लोगों को आवागमन में भी असुविधा होती है। सड़क पर बह रहा नाले का गंदा पानीपहाड़ी इलाके के शोभागपुरा बाईपास मार्ग से देवेश माहेश्वरी ने लिखा कि मीरा नगर में सिल्वर पैराडाइज अपार्टमेंट के पीछे की तरफ खाली प्लॉट में कचरा जमा होने से इलाके का बड़ा नाला पूरी तरह बंद हो गया है। जिसकी वजह से उस नाले का पानी सड़क पर आने लगा है। लोगों ने मांग की है कि मानसून के आने से पहले इस नाले की सफाई कर लोगों को बरसात में परेशानी से बचाया जाए। बिजली की समस्या का हुआ समाधानबड़गांव रोड के खुमानपुरा इलाके की महावीर कॉलोनी से भवानी सिंह ने दैनिक भास्कर के ‘समाधान’ सेगमेंट पर बिजली की समस्या पोस्ट की थी। जिसपर संबंधित विभाग के तुरंत एक्शन लेते हुए समाधान करवा दिया है। जिससे लोगों को काफी राहत मिली है। एक पोस्ट से ठीक हुआ टूटा बिजली का पोलउदयपुर शहर के कृष्णापुरा इलाके के रोड नंबर 2 से श्यामलाल शिशोदिया ने बिजली का खम्भा टूटा हुआ होने की समस्या पोस्ट की थी। जिसमें उन्होंने बताया था कि रात को आंधी तूफान आने की वजह से खम्भा टूट कर लटक गया है। इसके गिरने से कभी भी कोई हादसा हो सकता है। समस्या पोस्ट होने के कुछ ही समय में एवीवीएनएल की जेईएन ने टीम को भेजकर समाधान करवा दिया है। जिसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली है। जेईएन शिवानी पुजारी बनीं आज 'पब्लिक की स्टार'कृष्णापुरा इलाके के रोड नंबर 2 से बिजली का खंबा टूटा हुआ होने की समस्या सामने आई थी। जिसमें क्षेत्रवासी श्यामलाल शिशोदिया ने बताया था कि आंधी आने की वजह से खंबा टूट कर लटक गया है और कभी भी गिर कर हादसा हो सकता है। ये पोस्ट आने के बाद एवीवीएनएल की जेईएन शिवानी पुजारी ने तुरंत कार्रवाई कर टीम के भेजकर समाधान करवा दिया है। आमजन की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। शहर में बदलाव का सकारात्मक प्रयास इस सेगमेंट को शुरू करने के पीछे भास्कर एप की सोच है कि आमजन और अधिकारियों के बीच सेतु का काम कर सकें। शहर के हर इलाके से आमजन की समस्याएं अधिकारियों तक पहुंचे, ये संभव नहीं है। ऐसे में दैनिक भास्कर एप के जरिए हर व्यक्ति अपनी छोटी-बड़ी समस्याएं पोस्ट कर सकता है। यदि सरकार और अधिकारी इसे सकारात्मक लेकर समाधान के लिए काम करेंगे तो शहर में बदलाव लाया जा सकता है। ये खबरें भी पढ़िए… राजस्थान के 5 और शहरों में 'भास्कर समाधान' लॉन्च: डिप्टी सीएम बैरवा, शिक्षा, कानून और वन मंत्री ने की शुरुआत, समस्या से समाधान तक ऑनलाइन (पूरी खबर पढ़ें…)
रोहतक में भालौठ सब ब्रांच नहर की तली पक्की करने के विरोध में आसपास के गांवों से ग्रामीण लामबंद हो गए है। ग्रामीणों ने भविष्य में पीने के पानी की होने वाली किल्लत को देखते प्रशासन से नहर की तली को कच्चा रखने की मांग की । साथ ही चेतावनी दी कि अगर नहर की तली पक्की की गई तो वह बड़ा आंदोलन करने पर विवश हो जाएंगे। मायना गांव के सरपंच परवीन ने बताया कि सरकार पीछे से भालौठ सब ब्रांच की तली को आरसीसी से पक्की कर रही थी, जिसका ग्रामीणों ने विरोध किया। अब इधर झज्जर सब ब्रांच की तली को पक्की करने के विरोध में भी ग्रामीण एकजुट हो गए। नहर की तली को पक्की करने के विरोध में काम को रोकने की मांग की गई है। नहरों के नजदीक नलकों पर निर्भर ग्रामीण अखिल भारतीय किसान सभा के जिला उपाध्यक्ष प्रीत सिंह ने बताया कि नहर से पहले ही पीने का पानी कम होता जा रहा है, जिसके कारण आसपास की ज्यादातर आबादी नहरों के नजदीक नलकों के पानी पर निर्भर है। नहर के पक्का होने से भू जल स्तर बहुत नीचे चला जाएगा और पानी का संकट खड़ा हो जाएगा, इसलिए भूमिगत जल को बचाने की जरूरत है। इन गांवों के ग्रामीण हुए एकजुट भालौठ सब ब्रांच को पक्का करने के खिलाफ गांव मायना, शिमली, करोंथा, डीघल, धांधलॉन, काहनी, भालौठ, रिठाल सहित अन्य गांवों के ग्रामीण एकजुट हो गए है। सभी ग्रामीण मिलकर नहर की तली पक्की करने का विरोध कर रहे हैं, ताकि नहर किनारे लगे ट्यूबवैल व नल को बचाया जा सके।
उन्नाव में गंगा नदी का जलस्तर कम होने के बावजूद मिश्रा कॉलोनी क्षेत्र में कटान जारी है। इसे रोकने के लिए सिंचाई विभाग ने व्यापक स्तर पर कार्य शुरू कर दिया है। विभाग मिश्रा कॉलोनी बस्ती के सामने गंगा किनारे सुरक्षा कार्य करा रहा है। सिंचाई विभाग की टीम ने कटान प्रभावित स्थल पर परक्यूपाइन (लोहे और कंक्रीट से निर्मित विशेष संरचनाएं) लगाने का कार्य तेज कर दिया है। इन संरचनाओं का उद्देश्य नदी की धारा की गति को नियंत्रित कर तटों को सुरक्षित करना है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, पुराने यातायात पुल से लेकर मिश्रा कॉलोनी के आगे स्थित टॉवर तक लगभग 350 मीटर क्षेत्र में कटान रोकने की योजना पर काम चल रहा है। अधिकारियों ने जानकारी दी कि अब तक लगभग 250 परक्यूपाइन लगाए जा चुके हैं, और इतनी ही संख्या में और परक्यूपाइन लगाए जाने हैं। कुल 350 मीटर क्षेत्र में इन संरचनाओं को स्थापित करने का लक्ष्य है। वर्तमान में लगभग 150 मीटर क्षेत्र में कार्य पूरा हो चुका है, और शेष हिस्से में निर्माण कार्य तेजी से जारी है। कटान रोकने के लिए परक्यूपाइन के साथ-साथ नदी किनारे झाड़-झंखाड़ और अन्य प्राकृतिक अवरोधक सामग्री भी डाली जाएगी। इन उपायों से नदी के बहाव की तीव्रता कम होगी और मिट्टी के कटाव पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकेगा। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) गगन शुक्ला ने बताया कि यह कार्य मिश्रा कॉलोनी से मुक्ता घाट होते हुए रेलवे पुल के नीचे तक कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विभाग की प्राथमिकता बारिश शुरू होने से पहले संपूर्ण कार्य को पूरा करना है, ताकि मानसून के दौरान गंगा के बढ़ते जलस्तर और तेज बहाव से कोई क्षति न हो। कटान प्रभावित क्षेत्र के निवासियों ने विभागीय कार्रवाई का स्वागत किया है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते यह कार्य पूरा हो जाता है तो उनकी बस्ती और संपत्तियां सुरक्षित रह सकेंगी। फिलहाल मौके पर मजदूरों और मशीनों की मदद से तेजी से कार्य जारी है।
बदायूं में उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा आयोजित प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी) परीक्षा बुधवार को शुरू हुई। जिले के 13 परीक्षा केंद्रों पर हजारों अभ्यर्थी समय से पहले पहुंच गए, जिससे केंद्रों के बाहर लंबी कतारें लग गईं। परीक्षा शुरू होने से पहले ही केंद्रों के आसपास कड़ी सुरक्षा व्यवस्था देखी गई। प्रशासन के दिशा-निर्देशों के अनुसार, अभ्यर्थियों को कई चरणों की जांच के बाद ही प्रवेश दिया गया। केंद्रों के प्रवेश द्वारों पर पुलिसकर्मी और परीक्षा स्टाफ अभ्यर्थियों की तलाशी ले रहे थे। पहचान पत्रों, प्रवेश पत्रों और बायोमेट्रिक सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही उन्हें परीक्षा कक्षों में जाने की अनुमति मिली। सुबह से ही केंद्रों के बाहर युवाओं में परीक्षा को लेकर उत्साह और हल्की बेचैनी दोनों दिखाई दी। कई अभ्यर्थी अपने प्रवेश पत्रों की जांच करते दिखे, जबकि कुछ अंतिम समय तक नोट्स दोहरा रहे थे। निर्धारित समय से पहले प्रवेश बंद होने के कारण अभ्यर्थी अपनी औपचारिकताएं जल्द पूरी करने में लगे रहे। परीक्षा को नकलविहीन और पारदर्शी बनाने के लिए सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है। प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस टीमों ने भी केंद्रों का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। केंद्रों के आसपास अनावश्यक भीड़ जमा न हो, इसके लिए भी विशेष प्रबंध किए गए थे। जिले में दो दिनों तक चलने वाली इस परीक्षा में कुल 14,115 अभ्यर्थी शामिल होंगे। प्रशासन ने परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए हर स्तर पर कड़ी निगरानी का दावा किया है।
अमृतसर स्थित दुर्ग्याणा मंदिर एक बार फिर बेअदबी का एक मामला सामने आया । मंदिर की परिक्रमा में एक युवक और युवती द्वारा पंजाबी गाने पर रील बनाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसके बाद हिंदू संगठनों ने इस घटना पर कड़ी आपत्ति जताई है। इस मामले में बाबा अश्नील महाराज ने मरणाव्रत पर बैठने की धमकी दे दी है। बाबा का कहना है कि यदि 10 तारीख से पहले इस मुद्दे पर ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो मैं दुर्ग्याणा कमेटी के दफ्तर के बाहर मरणाव्रत पर बैठ जाऊंगा। बाबा का कहना है कि धार्मिक स्थलों की अपनी गरिमा, मर्यादा और पवित्रता होती है, जिसका सम्मान करना हर श्रद्धालु का कर्तव्य है। उनका कहना है कि इस तरह की गतिविधियां धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाती हैं और आस्था के केंद्रों की पवित्रता पर सवाल खड़े करती हैं। उन्होंने कहा कि इस घटना के लिए केवल रील बनाने वाले लोग ही जिम्मेदार नहीं हैं, बल्कि दुर्ग्याणा मंदिर कमेटी की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठते हैं। बाबा के अनुसार, मंदिर परिसर में निगरानी व्यवस्था पर्याप्त नहीं दिखाई देती। उनका कहना है कि यह कोई पहला मामला नहीं है, इससे पहले भी मंदिर परिसर में इसी तरह की विवादित घटनाएं सामने आ चुकी हैं। सुरक्षा और निगरानी बढ़ाने की मांग बाबा अशनील ने कहा कि जब बार-बार इस प्रकार की घटनाएं हो रही हैं, तो यह साफ संकेत है कि निगरानी और अनुशासन को लेकर गंभीर कदम उठाने की आवश्यकता है। उन्होंने मंदिर प्रबंधन से अपील की कि परिसर में सुरक्षा और निगरानी को और मजबूत किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
प्रयागराज में बालू व्यवसायी की पत्थर से सिर कूचकर हत्या:घूरपुर के भीटा गांव में सड़क किनारे मिला शव
प्रयागराज के घूरपुर भीटा गांव में बुधवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई जब एक व्यक्ति का शव गांव से करीब सौ मीटर दूर सड़क किनारे पड़ा मिला। मृतक की पहचान भीटा निवासी राजेश प्रजापति (पुत्र गम लाल प्रजापति) उम्र 32 वर्ष के रूप में हुई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार अज्ञात हमलावरों ने पत्थर से सिर कूचकर उनकी निर्मम हत्या कर दी। घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्र में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए। बताया जा रहा है कि बुधवार सुबह लगभग पांच बजे गांव के कुछ लोग रोज की तरह टहलने के लिए निकले थे। इसी दौरान उनकी नजर सड़क किनारे पड़े एक शव पर पड़ी। पास जाकर देखने पर शव की पहचान राजेश प्रजापति के रूप में हुई। घटना की जानकारी तत्काल परिजनों को दी गई, जिसके बाद परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों ने तुरंत घूरपुर थाना पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही घूरपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया। टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए और हत्या के कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है तथा घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की भी तलाश की जा रही है ताकि आरोपियों तक पहुंचा जा सके। मृतक राजेश प्रजापति क्षेत्र के जाने-माने बालू व्यवसायी बताए जाते हैं। वह ट्रक के स्वामी थे और बालू के कारोबार से जुड़े हुए थे। उनके पास स्वयं का ट्रक था, जिसके माध्यम से वह बालू परिवहन और व्यापार का कार्य करते थे। उनकी अचानक हुई हत्या से व्यापारिक और सामाजिक क्षेत्र में भी शोक की लहर दौड़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि राजेश का स्वभाव मिलनसार था और उनकी किसी से खुली दुश्मनी की जानकारी नहीं है। हालांकि पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। राजेश अपने परिवार के मुखिया थे। उनके परिवार में पत्नी पार्वती देवी, एक पुत्र और एक पुत्री हैं। घटना के बाद पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है।
धौलपुर में जन अभियोग समिति के 9 सदस्य मनोनीत:भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा में भी 2 को मिला पद
धौलपुर जिले के सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र के लिए मंगलवार का दिन महत्वपूर्ण रहा। राज्य सरकार ने जन अभियोग निराकरण समिति में 9 गैर-सरकारी सदस्यों को मनोनीत किया है, जबकि भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा ने भी जिले के 2 नेताओं को प्रदेश स्तर पर जिम्मेदारी सौंपी है। सरकार के जन अभियोग निराकरण विभाग ने धौलपुर जिले के 9 कार्यकर्ताओं को जिला जन अभियोग एवं सतर्कता समिति का गैर-सरकारी सदस्य मनोनीत किया है। इनमें भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष सत्येंद्र पाराशर, मदनलाल कोली, जगमोहन सिंह बघेल, रामवती, बहादुर त्यागी, जाहिद कुरैशी, दिनेश राणा, विवेक रावत और दुर्ग सिंह अंदाना शामिल हैं। अल्पसंख्यक मोर्चा ने जाहिद कुरैशी को प्रदेश मंत्री बनायाइसी क्रम में भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा ने जाहिद कुरैशी को प्रदेश मंत्री और नाजिया खान को आईटी सेल का प्रदेश प्रभारी नियुक्त किया है। इन नियुक्तियों पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने सभी मनोनीत सदस्यों का स्वागत और सम्मान किया।सम्मान समारोह के दौरान पूर्व जिलाध्यक्ष सत्येंद्र पाराशर ने कहा कि भाजपा संगठन कार्यकर्ताओं की निष्ठा और समर्पण का सम्मान करता है। इस अवसर पर जिला महामंत्री मदन कोली, जिला उपाध्यक्ष अविनाश शर्मा, केशव राणा, शैलेंद्र यादव, अकील अहमद बॉबी, रामवीर त्यागी, मांगे कंसाना, संजय गुर्जर एडवोकेट, वसीम खान, नितिन शर्मा, लालू कंसाना, पवन शर्मा, संजू त्रिवेदी और संग्राम सिंह राणा सहित बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
सीकर और उसके आसपास के क्षेत्रों से बिजली, सीवरेज, सड़क और सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़ी कई समस्याएं सामने आई हैं। लोगों का कहना है कि ये समस्याएं नई नहीं हैं, बल्कि कई जगहों पर महीनों और वर्षों से बनी हुई हैं। बार-बार शिकायत करने और संबंधित विभागों को अवगत कराने के बावजूद कई मामलों में अब तक स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। कहीं बिजली लाइनों की खराब स्थिति किसानों के लिए नुकसान का कारण बन रही है तो कहीं टूटे सीवर चैंबर और फेरो कवर राहगीरों के लिए हादसों का खतरा पैदा कर रहे हैं। कई क्षेत्रों में सीवरेज लाइन बिछाने के बाद सड़क निर्माण अधूरा छोड़ दिया गया है, जिससे लोगों को रोजाना धूल, गड्ढों और खराब रास्तों से जूझना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात के मौसम में ये समस्याएं और अधिक गंभीर हो जाती हैं, क्योंकि जलभराव, कीचड़ और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। नागरिकों का कहना है कि मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं का समय पर समाधान होना चाहिए, लेकिन कई मामलों में लंबे समय तक सुनवाई नहीं होने से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। इन समस्याओं को लोगों ने ‘भास्कर समाधान’ के माध्यम से उठाया है और उम्मीद जताई है कि संबंधित विभाग जल्द कार्रवाई कर राहत प्रदान करेंगे। भास्कर एप पर समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक करिए... सालों से टूटी सड़क की समस्या झेल रहे लोग कंवरपुरा रोड स्थित हरिजन बस्ती से हीरालाल कुमावत ने पोस्ट किया कि वार्ड नंबर-22 में लंबे समय से सड़क की समस्या बनी हुई है। क्षेत्र की सड़क काफी खराब हालत में है, जिससे लोगों को रोजाना आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क जगह-जगह से उखड़ी हुई है और कई हिस्सों में गहरे गड्ढे बन चुके हैं। बारिश के दिनों में स्थिति और खराब हो जाती है, जिससे पैदल चलना और वाहन लेकर निकलना मुश्किल हो जाता है। क्षेत्रवासियों ने कई बार सड़क निर्माण की मांग की, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। लोगों ने संबंधित विभाग से जल्द सड़क का निर्माण करवाने की मांग की है। 5 महीने से टूटा पड़ा है सीवर चैंबर वसंत विहार, गली नंबर-1 से महेश कुमार ने पोस्ट किया कि उनकी कॉलोनी में रास्ते के बीचोंबीच सीवर चैंबर का ढक्कन टूटा हुआ है। पिछले करीब पांच महीनों से यह स्थिति बनी हुई है, लेकिन अब तक इसकी मरम्मत नहीं करवाई गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि चैंबर सड़क के बीच में होने के कारण बच्चों, बुजुर्गों और दोपहिया वाहन चालकों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है। रात के समय पर्याप्त रोशनी नहीं होने से हादसे का खतरा और बढ़ जाता है। लोगों ने जल्द से जल्द चैंबर की मरम्मत कराने की मांग की है। टूटा फेरो कवर बना हादसे का कारण तेवीपुरा तिराहा, शांति नगर से सुनील सैनी ने पोस्ट किया कि पीएनबी एटीएम के सामने लगा फेरो कवर पिछले दो महीनों से टूटा हुआ है। यह स्थान बाजार और आवागमन की दृष्टि से व्यस्त क्षेत्र माना जाता है, जहां दिनभर लोगों की आवाजाही बनी रहती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार राहगीर और वाहन चालक अचानक सामने आए इस टूटे कवर के कारण असंतुलित हो जाते हैं। बरसात के दिनों में यह खतरा और अधिक बढ़ जाता है। लोगों ने संबंधित विभाग से जल्द नया कवर लगाने की मांग की है। सीवरेज काम के बाद अधूरी छोड़ दी सड़क राज नगर से गौरव धाभाई ने पोस्ट किया कि उनके वार्ड में करीब एक वर्ष पहले सीवरेज लाइन डालने का कार्य किया गया था। इसके लिए सड़क को खोदा गया, लेकिन कार्य पूरा होने के बाद सड़क का पुनर्निर्माण नहीं किया गया। आज भी सड़क जगह-जगह से टूटी और उबड़-खाबड़ स्थिति में है। स्थानीय लोगों का कहना है कि धूल, गड्ढों और खराब रास्ते के कारण रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ता है। बरसात के दौरान सड़क पर कीचड़ और जलभराव की समस्या भी बढ़ जाती है। लोगों ने अधूरी सड़क का काम जल्द पूरा कराने की मांग की है। बिजली तारों से लगने वाली आग की समस्या सुलझी जाटों का मोहल्ला, सीकर से रामपाल दहिया ने पोस्ट किया था कि उनके खेतों के पास से गुजर रहे बिजली के तार आपस में टकरा जाते थे, जिससे कई बार चिंगारी निकलने के कारण खेतों में खड़ी फसल में आग लग जाती थी। इससे किसानों का काफी नुकसान होने का खतरा बना रहता था। भास्कर समाधान पर शिकायत सामने आने के बाद संबंधित विभाग ने मौके पर पहुंचकर बिजली लाइन की जांच की और आवश्यक सुधार कार्य करवाया। इसके बाद तारों की समस्या दूर कर दी गई, जिससे खेतों में आग लगने का खतरा नहीं रहा। किसानों को भी इससे काफी राहत मिली है। बिजली आपूर्ति बहाल होने से मिली राहत नवलगढ़ रोड स्थित रामनगर कॉलोनी से रामपाल ने पोस्ट किया था कि शाम करीब 7 बजे से पूरे क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बंद थी। बिजली नहीं होने से लोगों को अंधेरे में रहना पड़ रहा था और घरेलू कार्य भी प्रभावित हो रहे थे। शिकायत के बाद संबंधित विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई की। बाद में रामपाल ने स्वयं कमेंट कर जानकारी दी कि बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई है और समस्या का समाधान हो गया है। बिजली आने के बाद क्षेत्रवासियों ने राहत की सांस ली और विभाग की कार्रवाई पर संतोष जताया। आज ‘पब्लिक के स्टार’ बने विवेक ओला नवलगढ़ रोड स्थित रामनगर कॉलोनी से रामपाल ने पोस्ट किया था कि शाम करीब 7 बजे से पूरे क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बंद थी। बिजली नहीं होने से लोगों को अंधेरे में रहना पड़ रहा था और घरेलू कामकाज भी प्रभावित हो रहे थे। क्षेत्रवासियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। शिकायत सामने आने के बाद विवेक ओला (CSD-III) ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित टीम से समन्वय किया और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करवाई। इसके बाद बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई, जिससे क्षेत्रवासियों को राहत मिली और उनकी दिनचर्या सामान्य हो सकी। आमजन की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। शहर में बदलाव का सकारात्मक प्रयास इस सेगमेंट को शुरू करने के पीछे भास्कर एप की सोच है कि आमजन और अधिकारियों के बीच सेतु का काम कर सकें। शहर के हर इलाके से आमजन की समस्याएं अधिकारियों तक पहुंचे, ये संभव नहीं है। ऐसे में दैनिक भास्कर एप के जरिए हर व्यक्ति अपनी छोटी-बड़ी समस्याएं पोस्ट कर सकता है। यदि सरकार और अधिकारी इसे सकारात्मक लेकर समाधान के लिए काम करेंगे तो शहर में बदलाव लाया जा सकता है। ये खबरें भी पढ़िए… राजस्थान के 5 और शहरों में 'भास्कर समाधान' लॉन्च: डिप्टी सीएम बैरवा, शिक्षा, कानून और वन मंत्री ने की शुरुआत, समस्या से समाधान तक ऑनलाइन (पूरी खबर पढ़ें…)
हरिद्वार में जयपुर की ट्रैवल्स बस बीच हाईवे पर आग का गोला बन गई। बस में सवार 32 श्रद्धालु सवार थे, जो ऋषिकेश से आ रहे थे। हादसा बहादराबाद थाना क्षेत्र अंतर्गत शांतरशाह चौकी के पास देर रात हुआ। जानकारी के अनुसार, एक निजी ट्रैवल्स कंपनी की बस ऋषिकेश से हरिद्वार होते हुए दिल्ली और जयपुर जा रही थी। हरिद्वार से निकलने के कुछ समय बाद जैसे ही बस शांतरशाह चौकी के पास पहुंची, तभी बस में अचानक स्पार्किंग होने लगी। चालक ने हालात की गंभीरता को समझते हुए तुरंत बस को सड़क किनारे रोक दिया और यात्रियों को नीचे उतरने के निर्देश दिए। यात्री बस से उतर ही पाए थे कि आग ने तेजी से पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया। मौके पर अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई। अधिकांश यात्रियों का सामान बस के भीतर ही रह गया, जो देखते ही देखते आग में जलकर राख हो गया। घटना की सूचना मिलते ही बहादराबाद थाना पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक बस पूरी तरह जल चुकी थी। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि दूर-दूर तक दिखाई दे रही थीं। विदेशी यात्रियों के पासपोर्ट और जरूरी दस्तावेज भी जले बस में कुछ विदेशी नागरिक भी यात्रा कर रहे थे। आग की इस घटना में उनका सामान, पासपोर्ट और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज भी जल गए। इससे विदेशी यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन उनकी सहायता के लिए आवश्यक कदम उठा रहा है। बाहादराबाद क्षेत्राधिकारी (सीओ) संजय चौहान ने बताया कि घटना रात करीब एक बजे की है। प्रारंभिक जांच में बस में स्पार्किंग होने की जानकारी मिली है। चालक ने समय रहते बस रोककर सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। पुलिस और अग्निशमन विभाग आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाने में जुटे हैं। तकनीकी विशेषज्ञों की सहायता से जांच की जा रही है कि आग शॉर्ट सर्किट, इंजन की खराबी या किसी अन्य कारण से लगी थी। घटना के बाद कुछ समय के लिए हाईवे पर यातायात प्रभावित हुआ, जिसे बाद में सामान्य कर दिया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि चालक समय रहते बस नहीं रोकता और यात्रियों को बाहर नहीं निकालता, तो यह हादसा एक बड़ी त्रासदी में बदल सकता था। चालक की सतर्कता और त्वरित निर्णय ने 32 लोगों की जान बचा ली।
कानपुर देहात के रनिया थाना क्षेत्र स्थित एक मंदिर में माता दुर्गा की प्रतिमा क्षतिग्रस्त पाई गई है। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में आक्रोश फैल गया। सूचना मिलते ही विभिन्न हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और पुलिस से मामले में कठोर कार्यवाही की मांग की घटना रनिया थाना क्षेत्र के चिरौरा गांव में स्थित दिवाइन छियनमाता मंदिर की है। बताया जा रहा है कि मंदिर में स्थापित माता दुर्गा की प्रतिमा को खंडित किया गया। सुबह जब ग्रामीण और श्रद्धालु पूजा के लिए मंदिर पहुंचे, तो प्रतिमा की स्थिति देखकर हैरान रह गए। घटना के बाद से स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है। श्रद्धालुओं ने इसे अपनी धार्मिक आस्था पर हमला बताया और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने भी मौके पर पहुंचकर पुलिस प्रशासन से तत्काल कार्रवाई करने का आग्रह किया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर विश्व हिंदू परिषद कानपुर देहात नामक एक हैंडल पर पूरे मामले को लिख कर भी पुलिस से कार्यवाही करने की बात कही है स्थानीय लोगों द्वारा एक व्यक्ति पर इस घटना में संलिप्तता का आरोप लगाया जा रहा है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक किसी की गिरफ्तारी या आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और आसपास के लोगों से पूछताछ के साथ-साथ अन्य साक्ष्य भी जुटाए जा रहे हैं। प्रतिमा क्षतिग्रस्त होने की इस घटना के बाद क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। पुलिस स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि जांच के आधार पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।श्रद्धालु दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और मंदिर में नई प्रतिमा की स्थापना की मांग कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही इस मामले में कोई निष्कर्ष निकाला जा सकेगा। वहीं पूरे मामले में डिप्टी एसपी संजय सिंह ने बताया कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
गोंडा जिले के देहात कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत इमलिया मिश्र ग्राम पंचायत के जरवलिया गांव में देर रात रास्ते के विवाद को लेकर दो पक्षों में जमकर मारपीट हुई। इस घटना में देहात कोतवाली का हिस्ट्रीशीटर मुकेश तिवारी घायल हो गया, जिसे इलाज के लिए गोंडा मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है कि मुकेश तिवारी महेश मिश्रा के आने-जाने वाले रास्ते को बंद कर रहा था। महेश मिश्रा और उनके परिवार के सदस्य इसी रास्ते का उपयोग करते थे। रास्ता बंद करते देख महेश मिश्रा ने इसका विरोध किया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच पहले कहासुनी और गाली-गलौज हुई, फिर लाठी-डंडों से मारपीट शुरू हो गई। गोंडा मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी अफसर डॉ. अतुल सिंह ने बताया कि मारपीट के दौरान मुकेश तिवारी के सिर में चोट लगी है। उन्हें इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती किया गया है और डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही है। उनकी हालत खतरे से बाहर बताई गई है। देहात कोतवाल शमशेर बहादुर सिंह ने जानकारी दी कि उन्हें फायरिंग और मारपीट की सूचना मिली थी। 3 तस्वीरें देखिए… मौके पर जांच करने पर पता चला कि फायरिंग नहीं हुई थी, बल्कि लाठी-डंडों से मारपीट हुई थी। उन्होंने बताया कि मुकेश तिवारी का महेश मिश्रा से विवाद हुआ था क्योंकि वह उनके घर जाने का रास्ता बंद कर रहे थे। पुलिस के अनुसार, मुकेश तिवारी देहात कोतवाली का हिस्ट्रीशीटर है और उसके खिलाफ थाने में कई मुकदमे दर्ज हैं। यह भी बताया गया है कि मुकेश तिवारी द्वारा अपनी ग्राम पंचायत में हुए भ्रष्टाचार के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया गया था, जिसके कारण उसका गांव के ग्राम प्रधान से भी विवाद चल रहा है। देहात कोतवाली पुलिस सभी बिंदुओं पर गहनता से जांच कर रही है।
संभल में पारा 39 डिग्री पहुंचा, AQI 171:तेज धूप और गर्म हवाएं, उमस भरी गर्मी से लोग परेशान
संभल में पांच दिन सुहावने मौसम के बाद अब उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। बुधवार सुबह न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 171 रहा। जिले में 10-12 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज धूप के साथ गर्म हवाएं चल रही हैं। बुधवार सुबह 8 बजे संभल का तापमान 31 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो मंगलवार के मुकाबले 2 डिग्री अधिक है। दोपहर 12 बजे से शाम 6 बजे के बीच अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है। इससे पहले, आंधी के साथ हुई बारिश के कारण 1 जून को तापमान 35 डिग्री और 2 जून को 37 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। मई महीने की शुरुआत में 15 दिनों तक भीषण गर्मी का प्रकोप रहा था, जिससे दोपहर में सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता था। हालांकि, बुधवार दोपहर के बाद बादल छाए रहने और शाम 7 बजे के बाद मौसम साफ रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, इस बार मानसून जल्दी आने की उम्मीद है। अगले तीन से चार दिनों तक मौसम ऐसा ही रहने का अनुमान है। लगातार चार दिनों तक हुई बारिश से किसानों को बड़ी राहत मिली है। किसान पहले बिजली की ट्रिपिंग और खेती के लिए पर्याप्त पानी न मिलने से परेशान थे। जिला संयुक्त चिकित्सालय में ओपीडी में मरीजों की संख्या 1000 के पार पहुंच गई है। सीएमएस डॉ. राजेंद्र सैनी ने बताया कि अधिकतर मरीज गर्मी के कारण पेट दर्द की शिकायत लेकर आ रहे हैं। मौसम में बदलाव से खांसी, जुकाम और बुखार के मरीजों की संख्या में भी वृद्धि हुई है। सीएमएस ने गर्मी के मौसम में सूती कपड़े पहनने की सलाह दी है। गांव भवानीपुर निवासी किसान देवेंद्र चौधरी ने बताया कि हाल की बारिश से फसलों को फायदा हुआ है, लेकिन पिछली बार हुई बारिश से किसानों को काफी नुकसान भी हुआ था। स्थानीय निवासी दुष्यंत कुमार ने कहा कि 15 दिनों की भीषण गर्मी के बाद चार दिनों की बारिश से मौसम में कुछ नरमी आई थी, लेकिन अब फिर से उमस भरी गर्मी महसूस हो रही है।
देवरिया में टीजीटी परीक्षा शुरू:पहली पाली में 2,380 अभ्यर्थी शामिल, कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड की प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी) परीक्षा बुधवार और गुरुवार को जिले के 11 परीक्षा केंद्रों पर होगी। दो दिनों तक चलने वाली यह परीक्षा चार पालियों में आयोजित की जा रही है, जिसमें कुल 12,510 अभ्यर्थी शामिल होंगे।पहले दिन की प्रथम पाली में जिले के छह परीक्षा केंद्रों पर 2,380 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी, जबकि दूसरी पाली में आठ केंद्रों पर 3,044 अभ्यर्थी शामिल हुए। शेष अभ्यर्थी गुरुवार को आयोजित होने वाली दोनों पालियों में परीक्षा देंगे।त्रिस्तरीय जांच के बाद मिला प्रवेश परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए सभी केंद्रों पर त्रिस्तरीय जांच व्यवस्था लागू की गई थी। अभ्यर्थियों को सबसे पहले प्रवेश पत्र और पहचान पत्र की जांच से गुजरना पड़ा। इसके बाद बायोमेट्रिक सत्यापन और सुरक्षा जांच की प्रक्रिया पूरी की गई। जांच के बाद ही उन्हें परीक्षा कक्ष में प्रवेश दिया गया। महिला अभ्यर्थियों की अलग से जांच की व्यवस्था की गई थी। परीक्षा केंद्रों के गेट पर महिलाओं के आभूषण, कान के कुंडल गले की माला बिछिया तक उतरवायी गई, चूड़ियां और अन्य प्रतिबंधित सामान बाहर ही उतरवाने पड़े। कई केंद्रों पर अभ्यर्थियों को मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य सामग्री जमा करानी पड़ी।सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में हो रही है परीक्षा जिले के सभी 11 परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी की जा रही है। परीक्षा कक्षों के साथ-साथ केंद्र परिसर और प्रवेश द्वारों पर भी कैमरे लगाए गए थे। कंट्रोल रूम से लगातार गतिविधियों पर नजर रखी गई।जिला प्रशासन ने प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट की तैनाती की है, जबकि सेक्टर मजिस्ट्रेट विभिन्न केंद्रों का निरीक्षण करते रहे। इसके अलावा पर्याप्त संख्या में पुलिस बल भी तैनात किया गया था। प्रशासनिक अधिकारियों ने कई केंद्रों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। नकलविहीन परीक्षा पर प्रशासन का फोकस परीक्षा को पूरी तरह नकलविहीन बनाने के लिए केंद्र व्यवस्थापकों को विशेष निर्देश दिए गए थे। किसी भी प्रकार की अनियमितता, संदिग्ध गतिविधि या नियमों के उल्लंघन पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए गए थे। परीक्षा केंद्रों के आसपास अनावश्यक भीड़ एकत्र न हो, इसके लिए भी विशेष व्यवस्था की गई।अधिकारियों ने बताया कि परीक्षा के दौरान किसी भी अभ्यर्थी को प्रतिबंधित सामग्री के साथ पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। सभी केंद्रों पर उत्तर पुस्तिकाओं के वितरण से लेकर जमा करने तक की प्रक्रिया पर विशेष निगरानी रखी गई। कल भी जारी रहेगी परीक्षा जिला प्रशासन के अनुसार टीजीटी परीक्षा का आयोजन गुरुवार को भी दो पालियों में किया जाएगा। सभी केंद्रों पर वही सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था लागू रहेगी। प्रशासन ने अभ्यर्थियों से समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचने, प्रवेश पत्र एवं वैध पहचान पत्र साथ लाने तथा परीक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।अधिकारियों का कहना है कि परीक्षा को पूरी पारदर्शिता, सुरक्षा और निष्पक्षता के साथ संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। जिले में परीक्षा का पहला दिन शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न होने के बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली है।
श्योपुर जिले के देहात थाना क्षेत्र में मंगलवार रात कलमी ककरधा माता मंदिर के पास सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई। एक अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। दोनों बाइक से गांव लौट रहे थे, तभी उनकी बाइक अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। जानकारी के मुताबिक, ग्राम दांती निवासी रामअवतार आदिवासी और विरमदेव आदिवासी ककरधा गांव से अपने घर दांती लौट रहे थे। कलमी ककरधा माता मंदिर के पास उनकी बाइक अचानक अनियंत्रित होकर सड़क पर गिर गई। हादसे में रामअवतार आदिवासी को गंभीर चोटें आईं और उनकी मौके पर ही मौत हो गई, जबकि विरमदेव आदिवासी घायल हो गए। मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू दुर्घटनास्थल से गुजर रहे पूर्व विधायक सीताराम आदिवासी ने घायलों की सहायता की। उन्होंने स्थानीय लोगों की मदद से दोनों को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों ने रामअवतार आदिवासी को मृत घोषित कर दिया। विरमदेव आदिवासी का इलाज जारी है। हादसे की सूचना मिलते ही देहात थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा। देहात थाना पुलिस ने इस मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में दुर्घटना का कारण बाइक का अनियंत्रित होना बताया जा रहा है। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है, जिसके बाद दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।
कोटपूतली के अजीतपुरा-कुजोता में आबादी क्षेत्र के पास लाइम स्टोन खान में ब्लास्टिंग और खनन के विरोध में 295 दिनों से चल रहा धरना मंगलवार रात समाप्त हो गया। ग्रामीणों और प्रशासन के अधिकारियों के बीच देर तक चली समझौता वार्ता के बाद मांगों पर सहमति बनी। समझौते के तहत, ग्रामीणों के खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस लेने और एक ब्लॉक में खनन कार्य बंद करने पर सहमति जताई गई। फायरिंग, पथराव, लाठी-डंडों से हमले का आरोप एक दिन पहले सोमवार को ब्लास्टिंग के विरोध में फिर से धरने पर बैठने जा रहे लोगों पर खनन हितों से जुड़े कुछ लोगों ने कथित तौर पर हवाई फायर, पथराव और लाठी-डंडों से हमला कर दिया था। इस घटना में 10 से अधिक लोग घायल हो गए थे, जिनमें से चार गंभीर घायलों को जयपुर रेफर किया गया था। उनकी हालत में सुधार हो रहा है। इस हमले के बाद ग्रामीणों ने रात को फिर से धरना शुरू कर दिया था। ग्रामीणों की ओर से शीशराम जाट ने सरूण्ड थाने में फायरिंग, पथराव और लाठियों से हमले का मामला दर्ज कराया था। समझौता वार्ता के दौरान पुलिस उप अधीक्षक राजेंद्र बुरडक, एसडीएम योगेश सिंह देवल, सहायक खनि अभियंता अमीचंद दहुारियाव और तहसीलदार सहित पांच थानों का पुलिस जाप्ता तैनात रहा। एक नंबर ब्लॉक में खनन बंद करने पर सहमति समझौते में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर सहमति बनी। इनमें खान क्षेत्र में आबादी के निकट एक नंबर ब्लॉक में पूरी तरह से खनन बंद करना, ग्रामीणों के खिलाफ दर्ज मुकदमों पर मेरिट के आधार पर कार्रवाई करना, सोमवार को ग्रामीणों की ओर से दर्ज कराए गए मामले में दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई करना, खान पर कार्य करने वाले श्रमिकों का पुलिस सत्यापन करना और आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों को खान पर कार्य करने से रोकना शामिल है। इसके अतिरिक्त, बी ब्लॉक में 300 मीटर की दूरी तक कोई खनन कार्य नहीं करने पर भी सहमति बनी। धरना संयोजक नेतराम ने स्पष्ट किया कि यदि समझौते की पालना नहीं की जाती है, तो ग्रामीणों की ओर से वापस धरना शुरू किया जाएगा। ये रहे मौजूदपूर्व संसदीय सचिव रामस्वरूप कसाना, रामनिवास यादव, पूर्व सरपंच नेतराम, मुकेश गोयल, मंजू रावत, जगदीश मीणा सुभाष घोघड़, राधेश्याम शुक्लाबास, दिनेश मीणा, हनुमान बेनीवाल की टीम के छुटटन यादव, प्रभाती लाल जाट, शंकरलाल, कालूराम, जयराम ताखर, राधेश्याम तंवर व विनेद कसाना आदि मौजूद रहे।
रेल यात्रियों के साथ स्थानीय जनता की सहूलियतों, सुविधाओं और विकास कार्यों के लिए आयोजित रेलवे बोर्ड की बैठक में पूर्वांचल के सांसदों को रुचि नहीं है। उनके पास 6 महीने या वर्ष में होने वाली इस रेलवे बोर्ड प्लानिंग मीटिंग के लिए समय नहीं है। पूर्वांचल में फैले पूर्वोत्तर रेलवे के नेटवर्क की वार्षिक बैठक से लापता रहे। बैठक में आमंत्रित 11 सांसदों ने सक्रिय भागीदारी की लेकिन यूपी से लेकर बिहार तक के 14 सांसदों ने इसे औपचारिक बना दिया। उन्होंने अन्य मीटिंगों की तरह इसमें अपने प्रतिनिधि भेजकर कोरम पूरा कर दिया। वार्षिक और अद्धवार्षिक बैठक पूर्व केंद्रीय मंत्री और सांसद राजीव प्रताप रूढ़ी की अध्यक्षता में हुई लेकिन सत्तादल के सांसद ही लापता रहे। इसमें केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष पंकज चौधरी और सांसद रविकिशन जैसे तमाम नाम शामिल हैं। पहले जानिए कहां और किसलिए थी रेलवे बोर्ड मीटिंग वाराणसी के पूर्वोत्तर रेलवे मंडल कार्यालय में जीएम उदय बोरवणकर के निर्देशन में पूरे एनईआर के जनपदों के सांसदों को आमंत्रित किया गया था। इस क्षेत्र में निवास करने वाले लोकसभा और राज्यसभा के सभी 25 सांसद बुलाए गए थे। काशी के सांसद और प्रधानमंत्री को भी औपचारिक आमंत्रण भेजा गया था। मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय के भारतेंदु सभाकक्ष में प्लानिंग और डेवलपमेंट के लिए आयोजित बैठक में सेवित क्षेत्रों के 11 संसद सदस्यों ने भागीदारी की, वहीं 14 सांसद प्रतिनिधियों के साथ बैठक शुरू हुई। महाप्रबंधक उदय बोरवणकर और मंडल रेल प्रबंधक आशीष जैन सहित पूर्वोत्तर रेलवे मुख्यालय के प्रमुख विभागाध्यक्षों एवं मंडल के शाखा अधिकारियों ने बैठक में भाग लिया। इन सांसदों के प्रतिनिधि मीटिंग में आए सांसद एवं केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल मिर्जापुर के प्रतिनिधि श्री संजय पटेल, सांसद उज्ज्वल रमण सिंह के प्रतिनिधि विनय कुशवाहा, सांसद बलिया सनातन पाण्डेय के प्रतिनिधि हिमान्शु त्रिपाठी, सांसद मछलीशहर सुश्री प्रिया सरोज के प्रतिनिधि सूरज सरोज मीटिंग में पहुंचे। सांसद लालगंज दरोगा प्रसाद सरोज के प्रतिनिधि सृहरेंद्र प्रसाद सरोज, सीवान सांसद विजय लक्ष्मी देवी के प्रतिनिधि रवि रंजन, गोरखपुर के सांसद रवि किशन शुक्ला के प्रतिनिधि गुड्डू पाण्डेय आए। भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी के प्रतिनिधि दिनेश त्रिपाठी बैठक में शामिल हुए। राज्यमंत्री और बांसगांव के सांसद कमलेश पासवान के प्रतिनिधि सुनील पासवान, सांसद कुशीनगर विजय कुमार दूबे के प्रतिनिधि रामानुज मिश्रा, सांसद आजमगढ़ धर्मेंद्र यादव के प्रतिनिधि विपिन कुमार ने भागीदारी की। उधर, पड़ोसी जनपद भदाेही के सांसद डा विनोद कुमार बिन्द के प्रतिनिधि श्री दिनेश, सांसद फूलपुर प्रवीन पटेल के प्रतिनिधि संजय गौतम देवरिया सांसद शशांक मणि त्रिपाठी के प्रतिनिधि श्री प्रिंस ने अपने-अपने क्षेत्र के स्टेशनों से सम्बंधित सुझाव दिए । सांसदों की कम संख्या पर धीमी रही चर्चाएं सांसद राजीव प्रताप की अध्यक्षता में 11 सांसदों और 14 सांसदों के प्रतिनिधियों ने जनसुविधा के साथ ट्रेनों के संचालन और स्टेशनों के मुद्दे उठाए। हालांकि सांसदों की कम संख्या भी चर्चा में रही और गैरमौजूदगी पर खामोश सवाल उठते रहे। पूर्वोत्तर रेलवे के मंडल कार्यालय में यूपी, बिहार और पूर्वांचल के विभिन्न जिलों के सांसदों ने अपने क्षेत्र में नई ट्रेनें मांगी। कई सांसदों ने नए ठहराव मांगे तो कई सांसद स्टेशन की बदइंतजामियों पर खफा दिखे। अंडरपास में जलभराव की समस्याएं हर सांसद की सूची में दिखी। वहीं स्टेशनों पर स्वच्छ पेयजल और शौचालयों के बेहतर इंतजाम की बात भी गूंजी। सांसदों ने बनारस से लखनऊ चलने वाली शटल को कानपुर तक विस्तार दिए जाने की मजबूत मांग रखी। इससे तमाम यात्रियों की आवश्कता को जोड़ा गया। कोरोना काल से स्टेशनों पर बंद किए गए ठहराव को फिर से शुरू करने की बात पर जल्द अमल का आश्वासन दिया गया। कामायनी एक्सप्रेस एवं बलिया-नई दिल्ली सुपरफास्ट छपरा तक मांगी सांसद राजीव प्रताप रूडी ने छपरा स्टेशन पर कोरोना काल से बंद मौर्य एक्सप्रेस, बाघ एक्सप्रेस एवं लिच्छवी एक्सप्रेस के ठहराव को पुनः बहाल करने की बात कही। कामायनी एक्सप्रेस एवं बलिया-नई दिल्ली सुपरफास्ट ट्रेन को छपरा तक विस्तारित करने छपरा-सिवान एवं बलिया से पटना के लिए डीएमयू-मेमू का प्रस्ताव दिया। राज्यसभा सांसद सीमा द्विवेदी ने प्रयागराज एक्सप्रेस एवं लखनऊ एक्सप्रेस की तर्ज पर बनारस से चलने वाली शिवगंगा एक्सप्रेस एवं बनारस-नई दिल्ली सुपरफास्ट एक्सप्रेस ट्रेन के प्रस्थान के समय वातानुकूलित प्रथम श्रेणी में बेड रोल लगाकर रखे जाने का प्रस्ताव दिया। वरुणा एक्सप्रेस की तर्ज पर उसके स्थान पर संचालित शटल एक्सप्रेस को कानपुर तक विस्तार देने का सुझाव दिया। रेलवे स्टेशनों एवं ट्रेनों में सेनेटरी नैपकिन की उपलब्धता हेतु डिस्पेन्सर मशीनों और वेंडरों द्वारा सेनेटरी नैपकिन विक्रय कराने का प्रस्ताव दिया। सांसद अफजाल अंसारी ने शहीरों के नाम मांगा स्टेशन गाजीपुर सांसद अफजाल अंसारी ने गाजीपुर सिटी-मऊ नई लाइन परियोजना की प्रगति की जानकारी मांगी, हालांकि काम की लेटलतीफी पर अफसर टालते रहे। गाजीपुर घाट- शाहबाजकुली के मध्य ग्राम-सादिकपुर,लखीमपुर में रेलवे ओवर ब्रिज बनाने, महाराजगंज रेलवे क्रासिग पर ओवरब्रिज, युसुफपुर के पूर्वी क्रासिंग और गाजीपुर सिटी के पश्चिम फुल्लानपुर रेलवे क्रासिंगो पर रेल ओवर ब्रिज बनाने का प्रस्ताव दिया। आजादी के आन्दोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले और आठ शहीदों के बलिदान देने वाले युसुफपुर रेलवे स्टेशन को अमृत भारत स्टेशन पुनर्विकास योजना में शामिल कर विकसित करने तथा युसुफपुर स्टेशन पर कोरोना काल से बंद स्वतंत्रा सेनानी के ठहराव बहाल करने की बात कही। चंदौली के सांसद वीरेंद्र सिंह ने बनारस से डिब्रूगढ़ वाया न्यू जलपाईगुड़ी एवं गुवाहाटी के लिए नई गाड़ी संचालित किये जाने का प्रस्ताव दिया। चन्द्रवती रेलवे क्रासिंग पर अंडर पास बनाने का प्रस्ताव दिया। अंडर पास बनाने के लिए वाटर लेवल की पुनः जाँच कराने का अनुरोध किया । जौनपुर के सांसद बाबू सिंह कुशवाहा ने जौनपुर सिटी स्टेशन पर हरिहरनाथ एक्सप्रेस,ओखा एक्सप्रेस समेत विभिन्न लम्बी दूरी की एक्सप्रेस गाड़ियों को ठहराव देने एवं वाराणसी-लखनऊ शटल एक्सप्रेस को कानपुर तक विस्तार देने का प्रस्ताव दिया । इस दौरान सांसद राजीव प्रताप रूडी, राज्यसभा सांसद श्रीमती साधना सिंह, सलेमपुर के सांसद रमाशंकर राजभर, घोसी के सांसद राजीव राय, महराजगंज (बिहार) के सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल, बलिया निवासी राज्यसभा सांसद नीरज शेखर, गाजीपुर निवासी राज्यसभा सांसद डा संगीता बलवन्त ने अपने प्रस्ताव दिए। एनईआर जीएम ने बताई उपलब्धियां और कार्य पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक उदय बोरवणकर ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में कुल 47.93 किमी. मल्टी-ट्रैकिंग का कार्य पूर्ण किया गया। 49.64 किमी. ऑटोमेटिक ब्लॉक सिगनलिंग का कार्य पूर्ण कर अधिक ट्रेनों का संचालन सम्भव होगा। 28 समपार फाटकों के इंटरलॉकिंग का कार्य भी पूर्ण किया गया। दुर्गा पूजा/दिवाली/छठ के दौरान 27 स्पेशल ट्रेन, माघ मेला में 09 स्पेशल ट्रेन एवं होली पर्व के दौरान 11 स्पेशल ट्रेन परिचालित की गईं, जिनके कुल 560 फेरे हुए। साथ ही, इस वर्ष छपरा-आनंद विहार अमृत भारत, छपरा-अमृतसर साप्ताहिक, बनारस-खजुराहो वंदे भारत, बनारस-सियालदह अमृत भारत एवं थावे-पटना फास्ट पैसेंजर जैसी नई सेवाओं का शुभारंभ किया गया। मंडल के 11 विभिन्न स्टेशनों पर महत्वपूर्ण ट्रेनों के अतिरिक्त ठहराव प्रदान किए गए। गाजीपुर सिटी-रामेश्वरम साप्ताहिक, आजमगढ़-बांद्रा साप्ताहिक एवं मऊ-मैसूर साप्ताहिक जैसी नई ट्रेनों के प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को स्वीकृति हेतु भेजे गए हैं। वाराणसी मंडल के कुल 203 स्टेशनों में से 154 स्टेशनों पर दिव्यांगजन सुविधाएँ उपलब्ध करायी गई हैं। पूर्वोत्तर रेलवे के 58 अमृत स्टेशनों में से वाराणसी मंडल में 19 स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है। थावे एवं सुरेमनपुर का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। अगले छह महीने में सलेमपुर, देवरिया सदर, सिवान, मऊ, आजमगढ़, बेल्थरा रोड और भटनी के कार्य पूर्ण होगा।
3 दिवसीय दौरे पर गोरखपुर आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को जनता दर्शन में 200 लोगों की समस्या सुनी। गोरखनाथ मंदिर परिसर में आयोजित जनता दर्शन में सुबह से ही लोग पहुंच गए थे। कुछ फरियादियों ने अपने मकान, जमीन पर अवैध कब्जे की बात कही तो मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि उन्हें उनके मकान में कब्जा दिलाएं और अवैध कज्बा करने वालों पर सख्ती बरतें। कई लोग अपने परिजनों के इलाज में आर्थिक मदद की गुहार लेकर पहुंचे थे। सीएम ने उन्हें भी मदद का भरोसा दिया। सभी फरियादियों को कुर्सियों पर बैठाया गया था। एक-एक कर सीएम सभी के पास पहुंचे और उनसे आवेदन लिया। उसे पढ़ा और समस्या के बारे में पूछा। एक महिला ने मकान पर कब्जा न मिलने की बात कही, जिसपर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि उन्हें मकान पर कब्जा दिलाया जाए। एक महिला ने घर में हुई चोरी का खुलासा न करने की बात कही। मुख्यमंत्री ने उससे घटना के बारे में पूछा और पुलिस के अधिकारियों को उसका अनावरण करने को कहा। एक महिला अपनी मां के इलाज के लिए आर्थिक मदद दिलाने की मांग लेकर पहुंची थी। सीएम ने आर्थिक मदद का भरोसा देते हुए उनकी मां का आयुष्मान कार्ड बनवाने का निर्देश अधिकारियों को दिया। इसी तरह इलाज के लिए कई और लोग भी आर्थिक मदद की गुहार लेकर आए थे। मुख्यमंत्री ने सभी से इस्टीमेट बनवाकर लाने को कहा। उन्होंने कहा कि इलाज में सरकार मदद करेगी। कई मामले पारिवारिक विवाद के आए, जिसे सीएम ने हल कराने का निर्देश दिया। कुछ फरियादी जमीन से जुड़े मामले लेकर पहुंचे थे, सीएम ने उनकी समस्या का हल निकालने का निर्देश अधिकारियों को दिया। बच्चों को दुलारा, चॉकलेट दिया जनता दर्शन से पहले गोरखनाथ मंदिर परिसर भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री को कई बच्चे दिखे। उन्होंने सभी को अपने पास बुला लिया। बच्चों ने सीएम का पैर छूकर आशीर्वाद लिया। मुख्यमंत्री योगी ने उनका नाम और क्लास पूछा। उनसे मन लगाकर पढ़ने को कहा। सीएम ने सभी को चॉकलेट दी। गोशाला में गायों की सेवा की इससे पहले सीएम गोरखनाथ मंदिर स्थित गोशाला पहुंचे। वहां गायों को दुलारा और उन्हें गुड़-रोटी खिलाया। गायों को सहलाकर उन्हें दुलार किया। गोशाला का प्रबंधन देखने वालों को गायों के समुचित देखभाल का निर्देश दिया।
अम्बेडकरनगर में भारतीय जनता पार्टी ने लंबे इंतजार के बाद देव पटेल को जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंप दी है। संगठन में सक्रिय रहे युवा चेहरे को कमान मिलने के बाद स्वागत और अभिनंदन का दौर भी पूरा हो चुका है, लेकिन इसके साथ ही संगठन के भीतर उठ रहे कुछ सवाल नए जिलाध्यक्ष के लिए शुरुआती चुनौती बनते दिखाई दे रहे हैं। जिलाध्यक्ष के जनपद आगमन पर हुए स्वागत समारोह में लगे कुछ नारों ने कार्यकर्ताओं को असहज कर दिया। तख्त बदल दो, ताज बदल दो, बेईमानों का राज बदल दो जैसे नारों को लेकर कार्यकर्ताओं के बीच चर्चा रही कि जब प्रदेश से लेकर केंद्र तक भाजपा की सरकार है तो आखिर यह नारा किसके खिलाफ था। कई कार्यकर्ताओं ने इसे कार्यक्रम में शामिल बाहरी समर्थकों की राजनीतिक संस्कृति का असर बताया। क्षत्रिय समाज से जुड़े कार्यकर्ताओं में भी नाराजगी देखने को मिली। उनका कहना है कि जिले में विधानसभा टिकट से लेकर संगठन के प्रमुख पदों तक उनकी भागीदारी लगातार घटती जा रही है। ऐसे में जनपद प्रवेश के दौरान मार्ग में स्थित महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर माल्यार्पण न करना भी चर्चा का विषय बन गया। कार्यकर्ताओं का मानना है कि यह अवसर सामाजिक समरसता का संदेश देने का था, जो चूक गया। सबसे ज्यादा चर्चा जिलाध्यक्ष के उस बयान की रही जिसमें उन्होंने संगठन को शून्य से शिखर तक पहुंचाने की बात कही। पार्टी के कई पुराने कार्यकर्ताओं ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा कि जिले में भाजपा का विधायक, एमएलसी, जिला पंचायत अध्यक्ष, ब्लॉक प्रमुख और कई निकाय प्रतिनिधि हैं। ऐसे में संगठन को शून्य बताना कार्यकर्ताओं की वर्षों की मेहनत को नजरअंदाज करने जैसा है। स्वागत कार्यक्रम के दौरान कुछ वरिष्ठ नेताओं के साथ हुए व्यवहार को लेकर भी असंतोष सामने आया। कार्यकर्ताओं का कहना है कि संगठन में नई ऊर्जा का स्वागत है, लेकिन अनुभव और वरिष्ठता के सम्मान की परंपरा भी बनी रहनी चाहिए। नए जिलाध्यक्ष को पद संभालते ही यह संदेश मिल गया है कि सिर्फ स्वागत मालाओं से संगठन नहीं चलता।उन्हें नाराज कार्यकर्ताओं को साधना होगा, सामाजिक संतुलन बनाना होगा और शब्दों व व्यवहार दोनों में परिपक्वता दिखानी होगी।
दरभंगा में 4 से 6 जून तक लगेगा जॉब कैंप:100 पदों पर होगी बहाली, हर महीने 16 हजार रुपए मिलेगी सैलरी
दरभंगा में 4, 5 और 6 जून को जॉब कैंप लगेगा। कैंप युवा रोजगार एवं कौशल विकास विभाग की ओर से लगाया जाएगा। जिसका आयोजन विभिन्न प्रखंडों में होना है। सहायक निदेशक नियोजन एवं प्रादेशिक नियोजन, दरभंगा के अनुसार 04 जून (गुरुवार) को एसडीसी (केवाईपी सेंटर) जाले, 05 जून (शुक्रवार) को बीएसडीसी (केवाईपी सेंटर) हनुमाननगर और 6 जून (शनिवार) को एसडीसी (केवाईपी सेंटर) केवटी में जॉब कैंप आयोजित होगा। सुबह 11:00 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक कैंप लगेगा।जॉब कैंप में Elite Foods Private Limited की ओर से Trainee Production, Manufacturing Process और Trainee Packing पदों के लिए कुल 100 रिक्तियों पर साक्षात्कार लिया जाएगा। 10वीं-12वीं पास वालों के मौका इन पदों के लिए 10वीं, 12वीं और आईटीआई उत्तीर्ण महिला-पुरुष अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं। अभ्यर्थियों की आयु सीमा 18 से 42 वर्ष निर्धारित की गई है।कंपनी की ओर से चयनित अभ्यर्थियों को 16 हजार रुपए (CTC) प्रतिमाह वेतन दिया जाएगा। विभाग ने अधिक से अधिक योग्य अभ्यर्थियों से जॉब कैंप में भाग लेकर रोजगार के अवसर का लाभ उठाने की अपील की है। 5 फोटो साथ ले जाए जॉब कैंप में भाग लेने के लिए नियोजनालय में निबंधन अनिवार्य है। इच्छुक अभ्यर्थी भारत सरकार के NCS पोर्टल पर पंजीकरण कर सकते हैं या नियोजनालय कार्यालय पहुंचकर भी अपना निबंधन करा सकते हैं।अभ्यर्थियों को अपने साथ बायोडाटा, सभी शैक्षणिक प्रमाण पत्र, 5 रंगीन पासपोर्ट साइज फोटो, आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य आवश्यक प्रमाण पत्रों की फोटो कॉपो लेकर आने का निर्देश दिया गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जॉब कैंप में भाग लेना पूरी तरह निःशुल्क है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी आज कई महत्वपूर्ण बैठकों और कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। उद्योग, खेल, सामाजिक विकास, जनसेवा और ऊर्जा क्षेत्र से संबंधित कार्यक्रमों में भाग लेते हुए वे कई विभागों की कामों की समीक्षा करेंगे और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देंगे। दिनभर चलने वाले इस कार्यक्रम में राज्य में निवेश बढ़ाने, खेल प्रतिभाओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने, सामाजिक क्षेत्र की योजनाओं को प्रभावी बनाने और अक्षय ऊर्जा को प्रोत्साहित करने जैसे विषय प्रमुख रूप से केंद्र में रहेंगे। इसके अलावा मुख्यमंत्री गेट्स फाउंडेशन के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर विभिन्न विकासात्मक क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर भी चर्चा करेंगे। 11 बजे- उद्योग विभाग की समीक्षा बैठक मुख्यमंत्री सुबह 11 बजे उद्योग विभाग की समीक्षा बैठक करेंगे। बैठक में राज्य में औद्योगिक विकास, निवेश प्रस्तावों, नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना, रोजगार सृजन और निवेशकों को दी जा रही सुविधाओं की प्रगति की समीक्षा की जाएगी। विभागीय योजनाओं और परियोजनाओं की स्थिति पर भी चर्चा होगी। 11:30 बजे- खेल विभाग की योजनाओं का जायजा लेंगे उद्योग विभाग की समीक्षा के बाद मुख्यमंत्री सुबह 11:30 बजे खेल विभाग की समीक्षा बैठक में शामिल होंगे। इस दौरान राज्य में खेल सुविधाओं के विस्तार, खेल अवसंरचना के विकास, खिलाड़ियों के प्रशिक्षण और विभिन्न खेल योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की जाएगी। आगामी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारियों पर भी चर्चा होने की संभावना है। 12:30 बजे- गेट्स फाउंडेशन के प्रतिनिधियों से मुलाकात दोपहर 12:30 बजे मुख्यमंत्री गेट्स फाउंडेशन के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे। बैठक में स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, महिला एवं बाल विकास समेत विभिन्न सामाजिक क्षेत्रों में चल रही परियोजनाओं और संभावित सहयोग पर चर्चा हो सकती है। राज्य में विकास कार्यक्रमों को और प्रभावी बनाने के मुद्दों पर भी विचार-विमर्श होगा। 1 बजे- सहयोग शिविर पर प्रस्तुतीकरण कार्यक्रम में शामिल होंगे मुख्यमंत्री दोपहर 1 बजे सहयोग शिविर से जुड़े प्रस्तुतीकरण कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। कार्यक्रम में आम नागरिकों को सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने, शिकायतों के त्वरित निपटारे और प्रशासनिक सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए चलाए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी जाएगी। 5 बजे- कैबिनेट बैठक में लेंगे हिस्सा शाम 5 बजे मुख्यमंत्री राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में शामिल होंगे। कैबिनेट की बैठक में विभिन्न विभागों के प्रस्तावों पर चर्चा और महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णय लिए जाने की संभावना है। कई नई योजनाओं और प्रशासनिक प्रस्तावों को मंजूरी मिल सकती है। 6:30 बजे- पीएम सूर्य घर योजना की समीक्षा बैठक में जुड़ेंगे दिन के अंतिम कार्यक्रम के तहत मुख्यमंत्री शाम 6:30 बजे प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना से संबंधित बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शामिल होंगे। बैठक में रूफटॉप सोलर परियोजनाओं की प्रगति, लाभार्थियों की संख्या, योजना के क्रियान्वयन और अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए उठाए जा रहे कदमों की समीक्षा की जाएगी।
लखीमपुर खीरी में तेज रफ्तार कार ने रौंदा:दो चचेरे भाइयों की मौत, कोयला लोडिंग करते समय हुआ हादसा
लखीमपुर खीरी के पसगवां ब्लॉक क्षेत्र में सोमवार को एक सड़क हादसे में दो मजदूरों की मौत हो गई। बरवर-औरंगाबाद रोड स्थित गोमती मोड़ के पास कोयला लोडिंग का काम कर रहे इन मजदूरों को एक तेज रफ्तार कार ने टक्कर मार दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गोमती मोड़ के निकट क्रेशर परिसर में वाहन पर कोयला लोड किया जा रहा था। इसी दौरान पीछे से आई एक स्विफ्ट डिजायर कार अनियंत्रित होकर मजदूरों को टक्कर मारते हुए निकल गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि एक मजदूर की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। सूचना मिलने पर डायल-112 पुलिस मौके पर पहुंची। गंभीर रूप से घायल दूसरे मजदूर को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) मोहम्मदी भेजा गया, लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतकों की पहचान 28 वर्षीय हरिओम पुत्र रामनाथ निवासी रहेजनिया और संदीप के रूप में हुई है। बताया गया कि दोनों चचेरे भाई थे और मजदूरी करके अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। हरिओम अपने पीछे पत्नी जूली देवी, एक पुत्र और दो पुत्रियों को छोड़ गए हैं। वह परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। संदीप भी विवाहित थे और उनके दो छोटे बच्चे हैं। घटना के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन मौके पर जमा हो गए। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और फरार कार चालक की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही है।
जनसमस्याओं को सिर्फ उठाने नहीं, बल्कि उनके समाधान तक पहुंचाने की दिशा में दैनिक भास्कर का विशेष अभियान ‘भास्कर समाधान’ लगातार विस्तार कर रहा है। इस पहल के जरिए अजमेर के लोग अपने क्षेत्र की सड़क, सीवर, पानी, सफाई, स्ट्रीट लाइट, अतिक्रमण और अन्य सिविक समस्याओं को ‘भास्कर समाधान’ के जरिये सीधे प्रशासन तक पहुंचा पा रहे हैं। इतना ही नहीं, इन शिकायतों को संबंधित विभागों तक पहुंचाने के साथ-साथ उनके समाधान की राह भी खुल रही है। उद्देश्य यही है कि आमजन की आवाज जिम्मेदार अधिकारियों तक पहुंचे और समस्याओं का तय समय में समाधान हो सके। ‘भास्कर समाधान’ अब केवल एक जरिया नहीं, बल्कि जनता और प्रशासन के बीच संवाद का ऐसा मजबूत माध्यम बन रहा है, जो शिकायतों को कार्रवाई और समस्या को समाधान तक पहुंचाने का काम कर रहा है। भास्कर एप पर समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक करिए... 10 साल से सड़क-नाली की सुविधा का इंतजार सिलावट मोहल्ला, अजमेर से मोहम्मद मुजाहिद ने पोस्ट किया कि वार्ड नंबर-13 स्थित त्रिपोलिया गेट क्षेत्र में पिछले करीब 10 वर्षों से सड़क ही नहीं बनी है। उन्होंने बताया कि इलाके में नालियों की भी उचित व्यवस्था नहीं है, जिससे गंदे पानी की निकासी नहीं हो पाती। बरसात के दौरान यहां स्थिति और खराब हो जाती है तथा लोगों को कीचड़ और जलभराव से होकर गुजरना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई वर्षों से यह समस्या बनी हुई है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं हुआ। टूटी सड़क और कचरे से भरा नाला बना परेशानी का कारण पृथ्वीराज मार्ग से विजय कुमार जैन ने पोस्ट किया कि रामसेतु ब्रिज के पास सड़क काफी समय से टूटी हुई है। इसके साथ ही पास स्थित नाले में लगातार कचरा जमा रहता है, जिससे पानी का बहाव प्रभावित होता है। उन्होंने बताया कि बरसात के दौरान नाले का पानी सड़कों पर फैल जाता है और आवागमन मुश्किल हो जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क की मरम्मत और नाले की नियमित सफाई नहीं होने से समस्या लगातार बढ़ रही है। 25 साल से खराब नालियों की समस्या से जूझ रही कॉलोनी चौहानों का कुआं क्षेत्र से ओमप्रकाश ने पोस्ट किया कि उनकी कॉलोनी में करीब 25 वर्षों से नालियों की स्थिति बेहद खराब है। कई जगह नालियां टूटी हुई हैं और पानी की निकासी भी सही तरीके से नहीं हो पाती। इसके कारण गंदगी और बदबू की समस्या बनी रहती है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि वर्षों से इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया, जिससे यहां आम नागरिकों का जीना दूभर होता जा रहा है। नालियों की नियमित सफाई नहीं होने से बढ़ रही दिक्कत पंचवटी कॉलोनी, विज्ञान नगर से दिनेश नागवाल ने पोस्ट किया कि उनके क्षेत्र में नालियों की नियमित सफाई नहीं हो रही है। उन्होंने बताया कि कई स्थानों पर नालियों के ढक्कन नीचे धंस चुके हैं, जबकि कुछ ढक्कन टूटे हुए हैं। इससे हादसे का खतरा भी बना रहता है। लोगों का कहना है कि सफाई के अभाव में नालियों में गंदगी जमा हो रही है और बारिश के दौरान जलभराव की आशंका बढ़ जाती है। बिजली कटौती और कम वॉल्टेज की समस्या से मिली राहत दयानंद कॉलोनी से ऋषभ कंदोई ने पोस्ट किया था कि उनके क्षेत्र में रोजाना शाम के समय बिजली कटौती हो जाती थी। इसके साथ ही वॉल्टेज के बार-बार उतार-चढ़ाव (फ्लक्चुएशन) की समस्या भी बनी हुई थी, जिससे घरेलू उपकरणों के खराब होने का डर बना रहता था। वहीं नौतपे की भीषण गर्मी में लोगों को काफी परेशानी हो रही थी। शिकायत सामने आने के बाद संबंधित विभाग ने मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की। इसके बाद बिजली आपूर्ति व्यवस्था में सुधार किया गया, जिससे क्षेत्र में बिजली कटौती और वॉल्टेज फ्लक्चुएशन की समस्या का समाधान हो गया। अब क्षेत्रवासियों को राहत मिली है। बिजली आपूर्ति बहाल होने से क्षेत्रवासियों को मिली राहत गड्डी मालियान, अजमेर से राजरानी गहलोत ने पोस्ट किया था कि उनके क्षेत्र में दोपहर करीब 3 बजे से बिजली आपूर्ति बंद थी। बिजली नहीं होने के कारण लोगों को गर्मी और दैनिक कार्यों में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। उन्होंने बताया कि संबंधित विभाग में शिकायत दर्ज कराने के बावजूद शाम 7 बजे तक कोई कार्रवाई नहीं हुई थी, जिससे क्षेत्रवासियों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही थी। भास्कर समाधान पर मामला सामने आने के बाद संबंधित अधिकारियों ने इसे गंभीरता से लिया। शिकायत की जानकारी मिलने पर टीम ने मौके पर आवश्यक कार्रवाई कर बिजली आपूर्ति को बहाल करवाया। बिजली आने के बाद क्षेत्र के लोगों को राहत मिली और उनकी दिनचर्या फिर से सामान्य हो सकी। आज पब्लिक के स्टार बने लक्ष्मीकांत शर्मा गड्डी मालियान क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बाधित होने की समस्या के समाधान में लक्ष्मीकांत शर्मा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। शिकायत सामने आने के बाद उन्होंने संबंधित अधिकारियों से समन्वय कर मामले की जानकारी ली और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करवाई। उनके प्रयासों से क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बहाल हुई और लोगों को लंबे इंतजार के बाद राहत मिली। लोगों को समाधान का इंतजार अजमेर के विभिन्न इलाकों से सामने आई इन शिकायतों से साफ है कि सड़क, नाली और जल निकासी जैसी मूलभूत सुविधाओं को लेकर नागरिकों में असंतोष है। लोगों का कहना है कि वर्षों पुरानी समस्याओं का स्थायी समाधान किया जाए ताकि उन्हें रोजाना होने वाली परेशानियों से राहत मिल सके। भास्कर समाधान के माध्यम से नागरिकों ने उम्मीद जताई है कि जिम्मेदार विभाग इन मुद्दों पर गंभीरता से ध्यान देकर जल्द कार्रवाई करेंगे। शहरवासियों ने ‘भास्कर समाधान’ पहल को सकारात्मक कदम बताया है। लोगों का कहना है कि यह मंच उनकी आवाज को सीधे जिम्मेदार विभागों तक पहुंचाने का काम कर रहा है। नागरिकों का मानना है कि यदि जनहित से जुड़े मुद्दों को इसी तरह लगातार उठाया जाता रहा और उन पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित हुई, तो शहर की बुनियादी व्यवस्थाओं में सुधार के साथ आमजन को भी बड़ी राहत मिलेगी। न्यू सेगमेंट की पांच खास बातें….अधिकारी कॉल कर सकेंगे 1.इस सेगमेंट के जरिए जयपुर के लोग कभी भी कहीं से भी जन समस्याओं से जुड़ी पोस्ट शेयर कर सकते हैं। 2.अधिकारी अपने विभाग से जुड़ी सभी समस्याएं एक साथ देख सकेंगे। एप के जरिए ये बता सकेंगे कि उन्होंने क्या एक्शन लिया है। यदि काम जारी है तो इसके बारे में भी बता सकेंगे। 3.एप में लोकेशन देखने और कॉलिंग का भी फीचर है, जरूरत पड़ने पर अधिकारी यूजर को सीधे कॉल कर सकेंगे। 4.समाधान होने पर यूजर बता सकेंगे कि उनकी समस्या का समाधान हो चुका है। 5.यूजर अपने एरिया की समस्याओं से जुड़ी सभी पोस्ट फिल्टर कर एक साथ देख सकते हैं। स्टार ऑफिसर बनने का मौका इस सेगमेंट के तहत जन समस्याओं का जिम्मेदारी के साथ समाधान करवाने वाले अधिकारियों को प्रोत्साहित भी किया जाएगा। जनता से जुड़ने वाले अधिकारियों की न्यूज स्टार ऑफिसर के रूप में दैनिक भास्कर एप और अखबार में पब्लिश की जाएगी। इसका मकसद यही है कि ज्यादा से ज्यादा अधिकारी शहरवासियों से जुड़ सकें। शहर में बदलाव का सकारात्मक प्रयास इस सेगमेंट को शुरू करने के पीछे भास्कर एप की सोच है कि आमजन और अधिकारियों के बीच सेतु का काम कर सकें। शहर के हर इलाके से आमजन की समस्याएं अधिकारियों तक पहुंचे, ये संभव नहीं है। ऐसे में दैनिक भास्कर एप के जरिए हर व्यक्ति अपनी छोटी-बड़ी समस्याएं पोस्ट कर सकता है। यदि सरकार और अधिकारी इसे सकारात्मक लेकर समाधान के लिए काम करेंगे तो शहर में बदलाव लाया जा सकता है। ये खबरें भी पढ़िए… राजस्थान के 5 और शहरों में 'भास्कर समाधान' लॉन्च: डिप्टी सीएम बैरवा, शिक्षा, कानून और वन मंत्री ने की शुरुआत, समस्या से समाधान तक ऑनलाइन (पूरी खबर पढ़ें…)
कानपुर शहर के आधा दर्जन इलाकों में बुधवार को बिजली विभाग की ओर से शटडाउन लिया जाएगा। इस दौरान 2 से 5 घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। केस्को कर्मचारियों द्वारा आईएमयू और रिकंडक्टरिंग का कार्य कराया जाएगा। कार्य को सुचारु रूप से पूरा कराने के लिए 28 कर्मचारियों को फील्ड में तैनात किया गया है।इन इलाकों में रहेगा शटडाउन> स्वराज इंडिया और द्विवेदी नगर में सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी।> ओल्ड गुजैनी, कस्टम कॉलोनी और न्यू गुजैनी क्षेत्र में सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक बिजली नहीं रहेगी।> दबौली और आसपास के क्षेत्रों में सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक बिजली आपूर्ति बंद रहेगी।> तात्या टोपे नगर उपकेन्द्र के अन्तर्गत, सीपीडब्ल्यूडी और फेस-3 में सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1 बजे तक शटडाउन रहेगा।आईएमयू और रिकंडक्टरिंग का होगा कार्यबिजली विभाग के अनुसार निर्धारित क्षेत्रों में आईएमयू और रिकंडक्टरिंग का कार्य किया जाएगा। शटडाउन के दौरान कर्मचारियों की टीम फील्ड में रहकर कार्य को पूरा करेगी, ताकि उपभोक्ताओं को कम से कम असुविधा हो।विभाग की अपीलबिजली विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे निर्धारित समय से पहले अपने जरूरी बिजली संबंधी कार्य निपटा लें। विभाग का कहना है कि मरम्मत और तकनीकी कार्य पूरा होते ही संबंधित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।
प्रयागराज में सुबह से बादल छाए, बारिश की चेतावनी:पड़ रही भीषण गर्मी से राहत, तापमान 36°C
शहर में बुधवार सुबह से ही मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आया। आसमान में बादल छाए रहने से लोगों को तेज गर्मी से राहत मिली है। पिछले दो दिनों से मौसम विभाग द्वारा आंधी और बारिश की चेतावनी जारी की गई थी, जिसके चलते धूप भी कमजोर रही और तापमान में कमी दर्ज की गई। सुबह से बादलों की आवाजाही बनी हुई है, जिससे मौसम सुहाना बना हुआ है। तेज धूप नहीं निकलने के कारण लोगों को उमस और गर्मी का सामना कम करना पड़ रहा है। सड़कों और बाजारों में भी मौसम का असर साफ दिखाई दे रहा है। मौसम विभाग के अनुसार अगले एक-दो दिनों तक मौसम का यही रुख बना रह सकता है। इस दौरान तेज हवाएं चलने के साथ कुछ इलाकों में हल्की बारिश होने की भी संभावना है। विभाग ने लोगों को मौसम में होने वाले अचानक बदलाव को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है। बुधवार को प्रयागराज का अधिकतम तापमान करीब 36 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है, जो पिछले दिनों की तुलना में कम है। बादलों और हवाओं के कारण लोगों को फिलहाल भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। गर्मी से कैसे बचें, ग्राफिक से समझिए
दिनदहाड़े महिलाओं के साथ लूट की वारादात को अंजाम देने वाले दो बदमाशों को पुलिस ने सीसीटीवी के माध्यम से पकड़ा है। बदमाशों ने रतलाम व रावटी में महिलाओं के नाक से सोने की नथ छिन कर भाग गए थे। पुलिस ने वारदात के 10 घंटे में बदमाशों को पकड़ लिया। थाना माणकचौक क्षेत्र में 1 जून को जगदीश मईड़ा ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया कि दोपहर लगभग 12.30 बजे बाजना बस स्टैंड क्षेत्र में दो अज्ञात बाइक सवार बदमाशों ने उसकी पत्नी को डराकर नाक में पहनी सोने की नथ छीन मौके से फरार हो गए। पुलिस केस दर्ज कर अज्ञात बदमाशों की तलास में जुटी। बदमाशों की धरपकड़ को लेकर एसपी अमित कुमार आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी के निर्देश दिए। थाना प्रभारी विक्रमसिंह चौहान के नेतृत्व में टीम बनाई। टीम द्वारा घटनास्थल एवं आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य एवं मुखबिर तंत्र का सक्रिय उपयोग करते हुए संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान की। सायबर टीम ने सीसीटीवी खंगाले। सीसीटीवी के माध्यम से पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। जिन्होंने बाजना बस स्टैंड क्षेत्र में महिला से सोने की नथ लूटने की वारदात स्वीकार की। रावटी में छिनी थी नथ पूछताछ के दौरान आरोपियों ने 30 मई को थाना रावटी क्षेत्र में भी एक महिला की नाक से सोने की नथ छीनने की घटना को अंजाम देना स्वीकार किया। महिला की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज किया था। आरोपियों द्वारा रावटी की घटना में लूटी गई नथ को 30 हजार रुपए में गिरवी रख दिया था। पुलिस ने आरोपियों के बताई कई जगह से नथ को बरामद कर लिया। इन्हें किया गिरफ्तार पुलिस ने विष्णु (19)पिता बागजी मईड़ा निवासी ग्राम नरसिंग नाका व मोहन (19)पिता शैतान भाभर, निवासी मलवासी नाका, थाना रावटी जिला रतलाम को पकड़ा। आरोपियों के पास से माणकचौक थाना क्षेत्र से छिनी गई सोने की नाक की नथ 5 ग्राम, कीमत लगभग 80 हजार को जप्त कर लिया है। इसके साथ ही घटना में प्रयुक्त बाइक क्रमांक MP 43 ZN 7458, नकद राशि 26,150 व दो एंड्रॉयड मोबाइल फोन जप्त किए है। एसपी अमित कुमार के अनुसार दोनों बदमाश अपने शौक, मौज के लिए वारदात को अंजाम देते थे। इनके अन्य आपराधिक रिकॉर्ड भी तलाशे जा रहे है। आरोपियों की तलाश में निजी सीसीटीवी कैमरो की अहम भूमिका रही है। जिन लोगों ने अपने यहां सीसीटीवी कैमरे लगा रखे है जिनसे बदमाशों को पकड़ने में सफलता मिली है, उन्हें सम्मानित किया जाएगा।
वाहन ने पैदल जा रहे शख्स को मारी टक्कर:घायल की पहचान नहीं हो सकी; चालक मौके से फरार
शाजापुर जिले के मक्सी के पास नेशनल हाईवे-52 पर मंगलवार रात करीब 10 बजे सड़क हादसा हुआ। शिव शक्ति कोल्ड स्टोरेज के पास एक अज्ञात तेज रफ्तार वाहन ने पैदल जा रहे शख्स को टक्कर मार दी। हादसे में व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे की सूचना मिलते ही डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची। डायल-112 के पायलट विजय और आरक्षक राहुल मालवीय ने घायल को तत्काल सहायता प्रदान की। उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए एंबुलेंस बुलाई गई और 108 एंबुलेंस की मदद से उसे शाजापुर जिला अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में उसे भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया गया है। घायल शख्स की पहचान नहीं हो पाई पुलिस के अनुसार, घायल व्यक्ति की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। उसके पास से कोई पहचान संबंधी दस्तावेज नहीं मिले हैं, जिससे उसके नाम और पते की जानकारी नहीं मिल सकी है। पुलिस घायल के होश में आने का इंतजार कर रही है, ताकि उसकी पहचान और परिजनों के बारे में जानकारी मिल सके। हादसे के बाद टक्कर मारने वाला वाहन चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस अज्ञात वाहन और उसके चालक की तलाश कर रही है। आसपास के क्षेत्रों से भी जानकारी जुटाई जा रही है।
थार के मरुस्थल में मौसम के रौद्र रूप ने सीमावर्ती इलाके में भारी तबाही मचाई है। मंगलवार रात जैसलमेर में उठे रेतीले बवंडर ने ऐतिहासिक सोनार दुर्ग को आगोश में ले लिया, जिससे रात में ही 'काली परत' छा गई। वहीं रामगढ़ सहित पूरे जिले में लगातार तीसरे दिन मूसलाधार बारिश और तूफानी हवाओं से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। इस बवंडर ने बिजली निगम के दावों की पोल खोल दी है; जिले भर में करीब 1500 बिजली के पोल धराशायी हो गए हैं, जबकि ग्रामीण इलाकों के 96 सब-स्टेशन और 11 केवी के 556 फीडर ठप हो गए हैं। थईयात और लाठी क्षेत्र में 132 केवी लाइन के 3 बड़े टावर गिरने और 2 सब-स्टेशन क्षतिग्रस्त होने से पूरा इलाका 'ब्लैकआउट' के अंधेरे में डूब गया है। रामगढ़ में तीसरे दिन भी कहर: मूसलाधार बारिश से थमी जिंदगी मौसम विभाग के 'ऑरेंज अलर्ट' के बीच सीमावर्ती कस्बे रामगढ़ और आसपास के ग्रामीण इलाकों में लगातार तीसरे दिन कुदरत का कहर जारी रहा। मंगलवार को क्षेत्र में तेज तूफानी हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश दर्ज की गई। रविवार को आई काली-पीली आंधी और सोमवार की बारिश के बाद मंगलवार को आए इस तीसरे तूफान ने स्थानीय बाशिंदों की चिंताएं बेहद बढ़ा दी हैं। आसमान में घने काले बादलों का डेरा है और बिजली चमकने का सिलसिला लगातार जारी है। आंधी-तूफान से भारी नुकसान, बिजली-पानी संकट गहराया तेज हवाओं के कारण क्षेत्र में कई स्थानों पर पेड़ों की शाखाएं टूट गईं और अस्थायी ढांचों (टीन-टप्परों) को भारी नुकसान पहुंचा है। सबसे बड़ा संकट बिजली को लेकर खड़ा हो गया है, रामगढ़ कस्बे में पिछले 24 घंटे से भी अधिक समय से विद्युत आपूर्ति पूरी तरह ठप है। आंधी के कारण चरमराए विद्युत तंत्र की वजह से पूरा कस्बा अंधेरे में डूबा हुआ है, जिससे पेयजल आपूर्ति और लोगों के दैनिक कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। मौसम विभाग की अपील: घरों में रहें, सतर्क रहें मौसम विभाग ने आगामी कुछ घंटों के लिए भी क्षेत्र में तेज हवाओं, मेघगर्जना और भारी बारिश की संभावना जताई है। प्रशासन और मौसम केंद्र ने आमजन से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें और सुरक्षित स्थानों पर रहें। थार के इस बवंडर ने एक बार फिर मरुस्थल के मौसम की अनिश्चितता और उसकी ताकत का अहसास करा दिया है। 1500 पोल गिरे, 96 सब-स्टेशन व 556 फीड बंद जैसलमेर में आई भीषण तूफानी आंधी ने विद्युत व्यवस्था को भारी नुकसान पहुंचाया है। तेज हवाओं के कारण जिले में बिजली का बुनियादी ढांचा बुरी तरह प्रभावित हुआ है और सैकड़ों गांवों की विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई है। जोधपुर डिस्कॉम जैसलमेर के SE भेराराम चौधरी के अनुसार प्रारंभिक आकलन में करीब 1500 बिजली के पोल गिरने की सूचना है। अधिकारियों का कहना है कि दूरदराज के क्षेत्रों से रिपोर्ट मिलने के बाद नुकसान का आंकड़ा और बढ़ सकता है। आंधी के चलते ग्रामीण क्षेत्रों के 96 सब-स्टेशन बंद हो गए हैं, जबकि 11 केवी के 556 फीडर भी ठप पड़े हैं। तूफान का असर प्रसारण व्यवस्था पर भी पड़ा है। थईयात और लाठी क्षेत्र में 132 केवी लाइन के तीन टावर गिर जाने से चांधन और मोहनगढ़ क्षेत्र की बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है। दो सब-स्टेशन भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। डिस्कॉम और प्रसारण निगम की टीमें युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य में जुटी हैं। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बिजली लाइनों की पेट्रोलिंग की जा रही है, ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना न हो। अधिकारियों का कहना है कि मौसम अनुकूल रहने पर प्रभावित क्षेत्रों में चरणबद्ध तरीके से बिजली आपूर्ति बहाल करने का प्रयास किया जाएगा। हल्के तूफान में ही उखड़ गए खंभे एक हल्के से तूफान ने डिस्कॉम (बिजली निगम) के दावों और उनके काम की गुणवत्ता की पूरी पोल खोलकर रख दी है। जगह-जगह धराशायी होते बिजली के पोल साफ बयां कर रहे हैं कि न तो जमीन में इनका फाउंडेशन सही था और न ही इस्तेमाल किया गया मटीरियल मजबूत था। जब एक सामान्य आंधी में पूरा सिस्टम वेंटिलेटर पर आ जाता है, तो कल को अगर कोई बड़ा चक्रवात या तूफान आ गया तो इस सीमावर्ती क्षेत्र का क्या होगा? हर साल मेंटेनेंस के नाम पर लाखों-करोड़ों रुपए स्वाहा कर दिए जाते हैं, लेकिन धरातल पर काम शून्य है। घटिया निर्माण और लापरवाही पर आज तक कोई बड़ा एक्शन नहीं होना डिस्कॉम की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
बूंदी में उपभोक्ता मामले मंत्री सुमित गोदारा के निर्देश पर गैस एजेंसियों पर छापेमारी की गई। जांच में सामने आया कि 3 गैस एजेंसियां उपभोक्ताओं को कम गैस दे रही थीं और उनके तोल कांटे भी सत्यापित नहीं थे। इस कार्रवाई में तीनों एजेंसियों पर कुल 17 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया। विधिक माप विज्ञान विभाग ने मंगलवार देर शाम यह कार्रवाई की। जांच के दौरान अरुण गैस एजेंसी के घरेलू सिलेंडर में 940 ग्राम गैस कम पाई गई। यह कमी उपभोक्ताओं को आर्थिक नुकसान पहुंचा रही थी। तोल कांटे बिना सत्यापन के मिलेछापेमारी में अमर शहीद सुभाष शर्मा भारत गैस, अरुण गैस एजेंसी और मां गायत्री भारत गैस, तीनों के तोल कांटे बिना सत्यापन के पाए गए। अरुण गैस एजेंसी पर असत्यापित कांटा, प्रमाण पत्र न दिखाने और सिलेंडर में कम गैस देने के लिए सर्वाधिक 12,500 रुपए का जुर्माना लगाया गया। मां गायत्री भारत गैस पर 2,500 रुपए और अमर शहीद सुभाष शर्मा भारत गैस पर 2,000 रुपए का जुर्माना किया गया। कुल मिलाकर तीनों एजेंसियों से 17 हजार रुपए का जुर्माना वसूला गया। शिकायतों के बाद की कार्रवाईविधिक माप विज्ञान अधिकारी ने बताया कि यह कार्रवाई विधिक माप विज्ञान अधिनियम 2009 के तहत की गई है। इसका उद्देश्य उपभोक्ताओं को सही माप-तौल और गुणवत्ता सुनिश्चित करना है। विभाग को लगातार मिल रही शिकायतों के बाद यह अभियान चलाया गया। अधिकारियों ने उपभोक्ताओं को सलाह दी है कि सिलेंडर लेते समय तोल कांटे का सत्यापन जांचें और सिलेंडर का वजन अवश्य करवाएं। एक भरे हुए 14.2 किलोग्राम के घरेलू सिलेंडर का कुल वजन लगभग 29.5 किलोग्राम होना चाहिए। यदि वजन कम पाया जाता है, तो तुरंत शिकायत दर्ज कराएं।
सिंगरौली जिले के बरगवां और जियावन थाना क्षेत्रों में अवैध रेत परिवहन के खिलाफ कार्रवाई के बाद विवाद सामने आया है। पुलिस ने अवैध रेत से लदे एक टिपर को जब्त कर वाहन मालिक और चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया है। वहीं, इस कार्रवाई से नाराज कुछ लोगों ने कंपनी के कर्मचारी के साथ मारपीट कर वाहन में तोड़फोड़ की, जिस पर भी प्रकरण दर्ज किया गया है। जानकारी के अनुसार, मंगलवार रात सहकार ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड के फ्लाइंग स्क्वाड कर्मचारी विवेक सिंह ने बरगवां क्षेत्र के चेक पोस्ट पर अवैध रेत परिवहन कर रहे टिपर क्रमांक MP66ZJ0223 को रोका था। जांच में अवैध रेत पाए जाने पर वाहन मालिक सुमित उर्फ शनि पाठक और चालक के खिलाफ बरगवां थाने में खान और खनिज अधिनियम की धारा 4/21 और भारतीय न्याय संहिता की सुसंगत धाराओं 303(2) और 317(5) के तहत मामला दर्ज कर टिपर जब्त कर लिया गया। वाहन के शीशे तोड़, जान से मारने की धमकी दी बताया गया है कि इसी कार्रवाई से नाराज होकर मंगलवार देर रात करीब 10:30 बजे जियावन थाना क्षेत्र में सुमित उर्फ शनि पाठक और उसके सहयोगियों ने कंपनी के सर्कल प्रभारी सुशील कुमार मिश्रा की गाड़ी रोक ली। आरोप है कि आरोपियों ने उनके साथ मारपीट की, वाहन के शीशे तोड़ दिए और जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित की शिकायत पर जियावन थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। देवसर एसडीओपी गायत्री मिश्रा ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी। उन्होंने कहा कि दोनों मामलों में शिकायत के आधार पर प्रकरण दर्ज कर लिया गया है और विवेचना प्रारंभ कर दी गई है। पुलिस द्वारा आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
जयपुर शहर में बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं एक बार फिर लोगों के धैर्य की परीक्षा ले रही हैं। कहीं गलियों में जमा कचरा बदबू और संक्रमण का कारण बन रहा है, तो कहीं टूटी सड़कों और जलभराव ने आमजन का आवागमन मुश्किल कर दिया है। आमेर क्षेत्र में सड़क पर फैले कीचड़ और गंदे पानी के कारण लोगों को रोजाना परेशानी झेलनी पड़ रही है, जबकि पावर हाउस रोड स्थित सैन कॉलोनी में बेसहारा पशुओं के भय से स्थानीय निवासियों, खासकर बच्चों के लिए चिंता बनी रहती है। वहीं, आदर्श नगर क्षेत्र में महीनों से बदहाल सड़कें प्रशासनिक उदासीनता की कहानी बयां कर रही हैं। हालांकि इन समस्याओं के बीच कुछ राहत भरी तस्वीरें भी सामने आई हैं। शिवपुर स्थित आरकेपुरम कॉलोनी में लंबे समय से खराब पड़ी सड़क का निर्माण कार्य पूरा होने से क्षेत्रवासियों को बड़ी राहत मिली है। इसी तरह धौलाई क्षेत्र में बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों को दुरुस्त कर अंधेरे की समस्या का समाधान किया गया है। इन सकारात्मक प्रयासों ने यह साबित किया है कि समय पर कार्रवाई हो तो नागरिक समस्याओं का प्रभावी समाधान संभव है। वहीं, रोड लाइट की समस्या का तुरंत समाधान करवाने वाले XEN प्रदीप शर्मा को आज के 'पब्लिक के स्टार' के रूप में सम्मानित किया गया है, जिनकी पहल से क्षेत्रवासियों को बड़ी राहत मिली। भास्कर एप पर समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक करिए... बदबू और बीमारियों की आशंका जयपुर के नामदेव चौक लॉटरी वाली गली से राम चरण जोशी ने दैनिक भास्कर के ‘समाधान’ सेगमेंट पर कचरे की समस्या के बारे में पोस्ट किया है। जिसमें राम चरण ने लिखा कि माताजी के मंदिर के पास वाली गली के अंदर काफी सारा कचरा जमा हुआ है। जिसके कारण मच्छर पैदा हो रहे है। बदबू से लोगों को सांस लेने में तकलीफ हो रही है तो मक्खी मच्छरों से घर-घर मौसमी संक्रमण फैलने का डर बना हुआ है। आमेर में कीचड़ से होकर निकलने को मजबूर आमेर क्षेत्र से दिलीप कुमार झा ने सड़क पर जलभराव की समस्या के बारे में लिखा कि सड़क पूरी तरह से टूटी हुई है और गंदा पानी रोड पर बह रहा है। जिसके कारण लोगों को आने-जाने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कीचड़ से होकर लोगों को निकलना पड़ता है। लोगों का कहना है कि इस मामले में शिकायतों के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई है। सैन कॉलोनी में लोगों को काट रहे स्ट्रीट डॉग पॉवर हाउस रोड के सैन कॉलोनी से मोहम्मद सैफ ने बेसहारा पशुओं के अचानक हमला करने की संवेदनशील समस्या उठाई है। सैफ ने बताया कि गली में आवारा पशुओं के कारण डर का माहौल बना हुआ है। यहां गली के बेसहारा कुत्ते अचानक हमलाकर लोगों को काट रहे हैं। जिसकी वजह से बच्चों का तो बाहर आना-जाना मुश्किल हो गया है। 6 महीने से टूटी सड़क की मरम्मत तक नहीं आदर्श नगर के नाथमाल जी का कटला इलाके से भी सड़क की भारी समस्या सामने आई है। क्षेत्रवासी दिनेश कुमार टिक्कीवाल ने लिखा कि इस क्षेत्र में रोड दोनों ही तरफ से टूटी हुई है। जिसके कारण पिछले 6 महीनों से लोग दिक्कत का सामना करने को मजबूर है। हर समय टूटी रोड पर पानी भर जाता है तो कभी कचरे की समस्या हो जाती है। सड़क से निकलने पर दोपहिया वाहन चालकों को काफी परेशान होना पड़ रहा है। आरकेपुरम कॉलोनी के लोगों को मिली नई सड़क जयपुर शहर के शिवपुर इलाके के आरकेपुरम कॉलोनी से दयाराम मीना ने दैनिक भास्कर के समाधान सेगमेंट पर क्षेत्र की टूटी-फूट और गड्ढों से भरी सड़क की समस्या पोस्ट की थी। समस्या पोस्ट होने के बाद संबंधित विभाग ने सड़क को ठीक कर समाधान करवा दिया है। जिससे लोगों को अब गड्ढों और कीचड़ से छुटकारा मिल गया है। धौलाई क्षेत्र में ठीक हुई स्ट्रीट लाइट शहर के धौलाई क्षेत्र के पत्रकार रोड से अर्जुन लाल शर्मा ने निमड़े वाले बालाजी मंदिर रोड पर बंद और खराब रोड लाइट की समस्या पोस्ट की थी। जिसमें उन्होंने लिखा था कि जब से रोड लाइट लगीं है, उसके कुछ ही दिनों बाद से बंद पड़ी है। जिसके कारण पूरे इलाके में अंधेरा रहता था, लेकिन समाधान सेगमेंट पर पोस्ट होने के बाद XEN की मदद से सभी को ठीक किया गया है। प्रदीप शर्मा बने आज ‘पब्लिक के स्टार’ धौलाई क्षेत्र से अर्जुन लाल शर्मा ने बंद और खराब रोड लाइट के बारे में पोस्ट किया है। जिसमें उन्होंने बताया कि लंबे समय से निमड़े वाले बालाजी मंदिर रोड पर सभी रोड लाइट बंद और खराब है। समस्या पोस्ट होने के बाद XEN प्रदीप शर्मा ने समस्या का समाधान करवा दिया है। जिससे क्षेत्र में लोगों को काफी राहत मिली है। आमजन की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। भास्कर एप से समस्याओं के समाधान की ये खबरें भी पढ़िए… 1.भास्कर समाधान से सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं शिकायतें:खबर पोस्ट होते ही ले रहे एक्शन, ओम थानवी बने ‘पब्लिक के स्टार’ 2.भास्कर समाधान का असर: ओवरफ्लो सीवर लाइन से मिली राहत:कचरा नहीं उठने और पानी भरने से लोग परेशान; भास्कर की पोस्ट से हुआ समस्याओं का समाधान 3.जयपुर में सेवा सदन मार्ग से नहीं उठ रहा कचरा:रीको इंडस्ट्रीयल एरिया में सीवर ओवरफ्लो से बढ़ी परेशानी;रविन्द्र सिंह बने आज के ‘पब्लिक के स्टार’ 4.भास्कर समाधान पर उठ रही आवाज:सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं जयपुर की समस्याएं, गंदे पानी की निकासी हुई; ओम थानवी बने पब्लिक के स्टार 5.जयपुर के हालातों में नहीं हो रहा सुधार:भास्कर समाधान पर आ रही शिकायतें; कहीं सीवर का सैलाब, कहीं सड़क पर खतरा, बदहाल तस्वीर आई सामने 6.जयपुर में भास्कर समाधान का असर:जगदंबा नगर में हटा मलबा, चमकीं स्ट्रीट लाइटें; थानवी लोगों की समस्या दूर कर बने ‘पब्लिक के स्टार’ 7.भास्कर ‘समाधान’ असर, कई समस्याओं का हुआ समाधान:एक पोस्ट में भरा दो साल पुराना गड्ढा, मलबा हटा तो रास्ता हुआ सुगम 8.भास्कर समाधान का असर, सीवर-कचरे की समस्या हुई दूर:बंद पड़ी रोड लाइट, कहीं सीवर बना मुसीबत; ओम थानवी बने ‘पब्लिक के स्टार’ 9.भास्कर 'समाधान' असर: 48 घंटे में ठीक हुई सीवर समस्या:साफ पानी मिलने लगा, ओम थानवी बने आज के ‘पब्लिक के स्टार’ 10.जयपुर में भास्कर समाधान का असर:शिकायत के बाद नगर निगम ने उठाया कचरे का ढेर, मनोज भीवाल बने 'पब्लिक के स्टार'
अयोध्या धाम रेलवे स्टेशन पर एक युवक सियालदह एक्सप्रेस ट्रेन की बोगी के ऊपर चढ़ गया। युवक को बचाने के लिए कुछ ट्रेन के ऊपर चढ़े। जीआरपी और आरपीएफ की मदद से युवक को नीचे उतारा गया। इस दौरान ट्रेन करीब 20 मिनट तक खड़ी रही। जानकारी के अनुसार, रामघाट थाना क्षेत्र का रहने वाला युवक ट्रेन से ही 7 बजकर 15 मिनट पर अयोध्या आया था। इसके बाद वह गाड़ी से उतरकर बोगी के ऊपर चढ़ गया। हाईटेंशन तारों के बीच वह बोगी पर दौड़ता रहा। जीआरोपी ने लोगों की मदद से उसे नीचे उतारा। जीआरपी के निरीक्षक अनिल प्रताप सिंह ने बताया कि आरोपी युवक को आरपीएफ के हवाले कर दिया है। इसके बाद आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। खबर अपडेट की जा रही है….
ज्येष्ठ मास में भीषण गर्मी के 9 दिन का नौतपा मंगलवार को पूरा हो गया। इसके शुरूआती 3 दिनों में प्रचंड धूप और भीषण गर्मी ने लोगों को दुबकने को मजबूर कर दिया था, लेकिन चौथे दिन से मौसम में अचानक आए बदलाव के बाद जिले भर में अधंड़ के साथ बारिश हुई। इस बार नौतपा में हल्की बारिश होने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई। इससे नौपता के बीच लोगों को सावन जैसा अहसास होने से गर्मी से राहत मिली। नौतपा में लगातार दूसरे साल बारिशइस बार नौतपा में 4 दिन हल्की बारिश हुई, जबकि 4 दिन भीषण गर्मी व एक दिन मौसम सामान्य रहा। हालांकि, वर्ष 2023 में नौतपा में लगातार सात दिन बारिश हुई थी। वर्ष 2025 में भी तीन दिन हल्की बारिश हुई थी। इस बार 29 मई से 4 दिन लगातार हल्की बारिश हुई। मंगलवार को नौतपा के अंतिम दिन सबसे कम 35.9 डिग्री तापमान रहा। इस बार नौतपा में दिन के तापमान में भी गिरावट देखने को मिली। पहले दिन 25 मई को दिन का तापमान 43.2 और रात का तापमान 30.1 डिग्री था। जबकि मंगलवार को गिरकर अधिकतम 35.9 व न्यूनतम तापमान 23.5 डिग्री सेल्सियस रहा। तापमान बढ़ेगा, बारिश का अलर्टबुधवार को अधिकतम तापमान 4 डिग्री बढोतरी के साथ 39 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है। वहीं दूसरी ओर मौसम विभाग की ओर से 4 जून को मेघगर्जन, तेज हवा और बारिश का ऑरेंज और 5 व 6 जून का यलो अलर्ट जारी किया है। ऐसे में तेज हवाओं के साथ तेज बारिश का पूर्वानुमान है।
बांग्लादेश युद्ध के हीरो अब्दुल गफूर आजाद, जिन्हें 'फौजी अब्बा' के नाम से भी जाना जाता था, का 85 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्हें मंगलवार शाम असनावर में नमाज के बाद करीब 6:30 बजे बाद सुपुर्दे खाक किया गया। वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे और 4 दिन पहले ही अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद असनावर लाए गए थे। जानकारी के अनुसार अब्दुल गफूर 1971 के बांग्लादेश युद्ध में आर्मी की ASC (MT) यूनिट में तैनात थे। युद्ध के दौरान वे सिलीगुड़ी में पदस्थ थे। एक ऑपरेशन के दौरान उन्हें अपने 12 सीनियर सैनिकों के साथ बांग्लादेशी फौजियों ने कैद कर लिया था। 22 दिनों तक बांग्लादेशी फौजियों की कैद में रहे थेगफूर आजाद और उनके साथी 22 दिनों तक कैद में रहे, लेकिन वे सभी 12 सैनिकों के साथ बच निकलने में कामयाब रहे। इस दौरान उन्होंने कई बांग्लादेशी सैनिकों को भी मार गिराया और उनके पैर में गोली भी लगी थी। बाद में, मेजर प्रीतम सिंह ने इन सभी 12 सैनिकों को मेडल देकर सम्मानित किया था। गंभीर बीमारी के कारण आर्मी मेडिकल बोर्ड ने अब्दुल गफूर को स्वास्थ्य कारणों से सेवानिवृत्त कर दिया था। अपने जीवन के अंतिम दिनों में उन्होंने अभावों में जीवन बिताया। वे पिछले 20 साल से कोटा जिले के रामगंजमंडी स्थित गरीब नवाज कॉलोनी में किराए के मकान में रह रहे थे और एक कंपनी में चौकीदार की नौकरी भी की। परिवार को मदद की मांगपरिजनों ने बताया कि नौकरी से संबंधित कुछ दस्तावेज नहीं होने के कारण वे सेवानिवृत्त सैनिकों को मिलने वाले लाभ के लिए आवेदन नहीं कर पाए। उनका परिवार आर्थिक रूप से सक्षम नहीं है और अब घर में उनकी पत्नी और एक बेटा है। उनकी देश सेवा के जज्बे को देखते हुए, कई सामाजिक संस्थाएं और लोग उनके परिवार को आर्थिक मदद दिलाने की मांग कर रहे हैं। हमदर्द हेल्पिंग हैंड वेलफेयर सोसायटी बनी सहारा रामगंजमंडी की हमदर्द हेल्पिंग हैंड वेलफेयर सोसायटी जो पिछले लंबे समय से उनकी राशन ओर अन्य तरह की मदद कर रही थी, ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए जनवरी माह में दुनिया के सामने उनकी कहानी रखी और उन्हें अपने अंतिम दिनों में उचित सम्मान दिलाने की कोशिश की। लेकिन फौजी अब्बा ने झालावाड़ जिले के असनावर में अपने पेंशनर भाई के यहां अपनी अंतिम सांस ली और सदा के लिए अमर हो गए। असनावर में हो सुपुर्दे खाक होने की थी अंतिम इच्छाअब्दुल गफूर के भतीजे नईम पठान उर्फ लक्की ने बताया कि वह लंबे समय से रामगंजमंडी में रहते थे, लेकिन एक महीने पहले उनकी तबीयत खराब होने पर उनको झालावाड़ लेकर आ गए थे। ऐसे में उनके बड़े भाई असनावर निवासी शकूर मास्टर के यहां मंगलवार दोपहर में अंतिम सांस ली, उनकी अंतिम इच्छा उनके गांव असनावर में ही सुपुर्द ए खाक होने की थी, इसलिए उन्हें असनावर लाया गया।
नमस्कार लखनऊ, मुस्कुराइए, आज 3 जून, दिन बुधवार है... हम आपके लिए आज के इवेंट और आपसे जुड़ी काम की बातों को लेकर आए हैं। इसमें बता रहे हैं कि शहर में कहां और क्या-क्या हो रहा है। बिजली किन इलाकों में कटेगी, पानी किन इलाकों में नहीं आएगा। संगीत-संस्कृति, आर्ट, ड्रामा के इवेंट्स कहां हो रहे हैं। शहर का मौसम, सिटी का ट्रैफिक, सिनेमा, स्कूल-कॉलेज से जुड़ी जानकारियां भी हैं। पढ़िए क्या कुछ हैं, आपके काम की बातें... शहर में आपसे जुड़ी सुविधाएं और इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर- दैनिक भास्कर लखनऊ रिपोर्टिंग टीम से संपर्क करें- यदि आपके पास लखनऊ में किसी इवेंट, कार्यक्रम, आयोजन या किसी समस्या से जुड़ी कोई जानकारी है, जो आप दैनिक भास्कर ऐप पर प्रकाशित करवाना चाहते हैं, तो आप हमारे फोन नंबर- 9454292638 पर वॉट्सऐप मैसेज कर सकते हैं। लखनऊ टुडे को और बेहतर बनाने के लिए आप हमें अपना कीमती फीडबैक भी दे सकते हैं। इसके अलावा कहीं कोई घटना/दुर्घटना होती है, तो उसकी जानकारी भी आप हमें ऊपर दिए वॉट्सऐप नंबर पर मैसेज के जरिये दे सकते हैं।
वाराणसी में आधी रात करीब 12 बजे प्रशासन ने 200 साल पुरानी अजगैब शहीद मस्जिद को ढहा दिया। महज 22 मिनट में 5 बुलडोजरों ने 42 फीट ऊंची मस्जिद को तोड़ दिया। मंगलवार रात 12 बजे प्रशासन 1000 से अधिक जवानों के साथ मौके पर पहुंचा। डीसीपी काशी गौरव बंसवाल और एडीसीपी वैभव बांगर ने मस्जिद के चारों ओर बेरिकेडिंग करवाई। लोगों के आने-जाने पर रोक लगा दी गई। मस्जिद गिराने के बाद रात में ही मलबा ट्रकों में भरकर हटा दिया गया। प्रशासन का कहना है कि मस्जिद रेलवे की जमीन पर बनी थी। यहां काशी मॉडल रेलवे स्टेशन बनाया जाना है, इसी वजह से यह कार्रवाई की गई। बुलडोजर एक्शन की 3 तस्वीरें देखिए… जानिए पूरा मामला --------------- ये खबर भी पढ़िए- IITian बाबा कहता- मैं कृष्ण हूं, राधारानी सपने में आतीं:तुम्हारे साथ गलत करूंगा तो क्या कर लोगी; मथुरा में पीड़ित लड़की की आपबीती इंस्टाग्राम से अभिषेक ने मेरा नंबर लिया। इसके बाद जूम के जरिए जोड़ लिया। अभिषेक से इतना प्रभावित हो गई कि पश्चिम बंगाल से आकर मथुरा में रहने लगी। एक दिन अभिषेक ने बोला कि तुम्हारे साथ गलत करूंगा तो क्या कर लोगी।’ यह कहना है IIT पास साधु अभिषेक मिश्रा की शिकार दूसरी पीड़िता कविता का (बदला नाम)। पढ़िए पूरी खबर
बूंदी शहर में आज साढ़े चार घंटे बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। सुबह 10 बजे से दोपहर 2:30 बजे तक शहर की 52 कॉलोनियों में बिजली गुल रहेगी। यह शटडाउन नए चित्तौड़ रोड जीएसएस से फीडर चार्जिंग के कार्य के कारण लिया गया है। विद्युत विभाग के अनुसार, 132 केवी जीएसएस से निकलने वाले 11 केवी के फीडर नंबर 1, 2, 3, 4, 5 और 6 को नए 33/11 केवी चित्तौड़ रोड जीएसएस से चार्ज किया जाएगा। इस तकनीकी कार्य को पूरा करने के लिए बिजली आपूर्ति बंद रखना आवश्यक है। यह इलाके रहेंगे प्रभावितइस दौरान जमाली कॉलोनी, सिलोर रोड, रिलायंस पेट्रोल पंप एरिया, राणावत भवन, मेडिकल कॉलोनी, खटीक भवन, विष्णु विहार, बीएसएनएल कॉलोनी, लंकागेट, धानमंडी रोड, विकास नगर, मालियों की गली, देवदाल मिल की गली, गुरुनानक कॉलोनी, चित्तौड़ रोड, न्यू मानसरोवर कॉलोनी, आरटीओ, बीएसएनएल ऑफिस, मिस्त्री मार्केट, मदीना मस्जिद, बाईपास रोड, मोरड़ीपाड़ा, बालचंदपाड़ा, सथूरगेट चुंगीनाका, सूरजजी का बड़, नाहर का चोहटा, बटक भैरूपाड़ा, नाला का ढाबा, बोहरा मोहल्ला, तिलक चौक, पुरानी कोतवाली, शीतला गली रोड, शिव कॉलोनी, आंबेडकर कॉलोनी, उंदालिया की डूंगरी, एसई ऑफिस, 132 केवी जीएसएस के आसपास का एरिया, सोमानी कॉलोनी, विनायक नगर 1-2, स्वीट होम कॉलोनी, माया हॉस्पिटल एरिया, तिरुपति विहार 1-2, पार्श्वनाथ कॉलोनी, कुंभानगर, त्रिमूर्ति कॉलोनी, शक्ति नगर, पूजाविहार, मातृ छाया, डॉक्टर गुप्ता की गली, कुंभा स्टेडियम एरिया, केशव नगर और श्रीनाथपुरम में बिजली आपूर्ति प्रभावित रहेगी।
मंदसौर जिले के मल्हारगढ़ विकासखंड के ग्राम बालागुड़ा स्थित नक्षत्र गार्डन परिसर में आयोजित रात्रि चौपाल में कलेक्टर अदिति गर्ग ने ग्रामीणों के बीच बिछात पर बैठकर उनकी समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को तत्काल समाधान के निर्देश दिए। चौपाल में सीईओ जिला पंचायत अनुकूल जैन सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित रहे। ग्रामीणों से सीधा संवाद, समस्याओं के समाधान पर जोर मंगलवार रात कलेक्टर ने चौपाल के दौरान ग्रामीणों से सीधे संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं और मांगों को विस्तार से सुना और मौके पर मौजूद अधिकारियों से चर्चा कर समस्याओं के शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए। साथ ही विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने ग्रामीणों को शासन की योजनाओं की जानकारी देकर उनका लाभ लेने की प्रक्रिया समझाई। कुपोषण मुक्त गांव बनाने पर दिया विशेष जोर चौपाल में कलेक्टर ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं से चर्चा करते हुए टेक होम राशन का नियमित वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कुपोषित बच्चों की पहचान कर उन्हें पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कर उपचार उपलब्ध कराने को कहा। साथ ही ग्रामीणों से बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने, अधिक से अधिक बच्चों का आंगनबाड़ियों में पंजीयन कराने तथा उन्हें गुणवत्तापूर्ण पोषण और शिक्षा उपलब्ध कराने का आह्वान किया। दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए संयुक्त शिविर लगाने के निर्देश ग्रामीणों की आजीविका को मजबूत करने के उद्देश्य से कलेक्टर ने पशुपालन विभाग और सहकारिता बैंक को निर्देशित किया कि गांव में दूध उत्पादन एवं पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए संयुक्त रूप से विशेष शिविर आयोजित किए जाएं। इन शिविरों के माध्यम से पशुपालकों को ऋण, तकनीकी मार्गदर्शन और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने पशुपालन विभाग को इस विषय पर विशेष ग्राम सभा आयोजित करने के निर्देश भी दिए। स्वच्छता व्यवस्था सुधारने पंचायत को दिए निर्देश ग्राम में स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कलेक्टर ने पंचायत निधि से कचरा संग्रहण वाहन की व्यवस्था करने के निर्देश दिए।
चंडीगढ़ में डिजिटल अरेस्ट के नाम पर साइबर ठगी का मामला सामने आया है। सेक्टर-47 में रहने वाले एक बुजुर्ग दंपति को साइबर ठगों ने 15 दिनों तक मानसिक दबाव में रखा और उनसे 2 करोड़ 15 लाख 50 हजार रुपए की ठगी कर ली। ठग खुद को CBI अधिकारी बताते रहे और दंपति को गिरफ्तारी व कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर उनकी जीवनभर की जमा पूंजी हड़प ली। साइबर थाना पुलिस के अनुसार बैंक से सेवानिवृत्त बुजुर्ग को करीब 15 दिन पहले एक फोन कॉल आई। कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को मुंबई CBI का अधिकारी बताते हुए कहा कि उनके बैंक खाते का इस्तेमाल ड्रग्स तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे अपराधों में हुआ है। ठगों ने दावा किया कि उनके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है और उन्हें गिरफ्तार भी किया जा सकता है। आरोपियों ने दंपति को धमकाते हुए कहा कि इस मामले की जानकारी किसी रिश्तेदार, मित्र या पड़ोसी को न दें। साथ ही यह धमकी भी दी गई कि यदि उन्होंने किसी को कुछ बताया तो तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी। गिरफ्तारी के डर से दंपति पूरी तरह ठगों के झांसे में आ गए। रिश्तेदारों से उधार और सोना बिकवाया ठगों ने जांच से बचाने के नाम पर दंपति से रकम जमा करवानी शुरू की। पहले घर में रखी नकदी अलग-अलग खातों में RTGS और अन्य माध्यमों से ट्रांसफर करवाई गई। इसके बाद दंपति ने रिश्तेदारों से पैसे उधार लेकर भी आरोपियों के बताए खातों में जमा करा दिए। जब इतनी रकम भी खत्म हो गई तो ठगों ने उन्हें घर में रखा सोना बेचने के लिए कहा। दंपति ने आभूषण बेचकर भी बड़ी रकम साइबर ठगों को भेज दी। इस तरह 15 दिनों के भीतर 2.15 करोड़ रुपए से अधिक की राशि आरोपियों तक पहुंच गई। मकान गिरवी रखने को कहा तब हुआ शक ठगी का सिलसिला तब टूटा जब आरोपियों ने दंपति पर मकान के दस्तावेज गिरवी रखकर बैंक से लोन लेने और वह रकम भी जमा कराने का दबाव बनाया। अपनी पूरी जमा पूंजी और सोना गंवा चुके दंपति ने ऐसा करने से इनकार कर दिया। इसके बाद ठगों ने उनसे संपर्क बंद कर दिया। संपर्क टूटने पर दंपति को शक हुआ कि उनके साथ ठगी हुई है। उन्होंने परिजनों को पूरी बात बताई और साइबर थाना पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने मामला दर्ज कर बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल ट्रांजैक्शन की जांच शुरू कर दी है। बुजुर्ग दंपति का बेटा नौकरी के कारण शहर से बाहर रहता है। दंपति चंडीगढ़ में अकेले रह रहे थे। ठगों ने इसी का फायदा उठाकर उन्हें लगातार डराया और मानसिक दबाव बनाकर करोड़ों रुपए की ठगी को अंजाम दिया। जानिए क्या है डिजिटल अरेस्ट डिजिटल अरेस्ट कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं है। साइबर ठग खुद को CBI, ED, पुलिस, कस्टम या अन्य जांच एजेंसियों का अधिकारी बताकर लोगों को वीडियो कॉल या फोन पर डराते हैं। फिर गिरफ्तारी, जांच या कानूनी कार्रवाई का भय दिखाकर उनसे पैसे ऐंठ लेते हैं।
अवैध हथियार बनाने के आरोपी को राहत नहीं:दतिया कोर्ट ने जमानत याचिका खारिज की
दतिया में अवैध कट्टे बनाकर बेचने के मामले में गिरफ्तार आरोपी अब्दुल रसीद उर्फ पप्पू बेल्डर को अदालत से राहत नहीं मिली है। अपर सत्र न्यायालय दतिया ने आरोपी की जमानत याचिका निरस्त कर दी है। जिला अभियोजन कार्यालय के अनुसार, अपर सत्र न्यायाधीश राजेश भण्डारी ने थाना उनाव में दर्ज अपराध क्रमांक 81/2026 के मामले में सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया। प्रकरण में अभियोजन की ओर से एडीपीओ पंकज द्विवेदी ने पैरवी की। अभियोजन के मुताबिक 20 मई 2026 को उनाव थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि एक युवक मोटरसाइकिल से अवैध हथियार बेचने के उद्देश्य से जा रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर एक युवक को पकड़ा। तलाशी के दौरान उसके पास से तीन देशी कट्टे, एक 32 बोर पिस्टल तथा दो जिंदा कारतूस बरामद किए गए। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम नवलकिशोर झा निवासी सरसई बताया और हथियार अब्दुल रसीद उर्फ पप्पू बेल्डर से खरीदना स्वीकार किया। इसके बाद पुलिस ने आरोपी अब्दुल रसीद को गिरफ्तार कर उसके ठिकाने पर छापा मारा। वहां से एक अधूरी पिस्टल, तीन कट्टे, दो अधबने कट्टे, लोहे की नाल, फनर, रेती, ड्रिल मशीन, लोहे की चादरें तथा हथियार बनाने में प्रयुक्त अन्य सामग्री बरामद की गई। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। जमानत आवेदन पर सुनवाई के दौरान अभियोजन ने अपराध की गंभीरता और बरामद सामग्री का हवाला देते हुए जमानत का विरोध किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने आरोपी अब्दुल रसीद उर्फ पप्पू बेल्डर की जमानत याचिका खारिज कर दी।
भीलवाड़ा में जमीन के विवाद को लेकर थाने पहुंचे परिवादी के साथ थानेदार ने गाली-गलौच की। परिवादी का आरोप है कि मुझे पांच घंटे थाने में बंद रखा गया। इसके बाद पाबंद कर छोड़ा गया। दूसरे पक्ष को कहा-तुमने कोई चूड़ियां पहन रखी हैं... खंभे गाड़ के जाली लगा दो... इसके घर के सामने आज अगर करना है तो कर लेना। दोबारा मेरे सामने मत आना। मामले का वीडियो सामने आने के बाद बनेड़ा थाना प्रभारी बच्छराज चौधरी को लाइन हाजिर कर जांच एएसपी को सौंपी है। शिकायत दर्ज कराने के बाद परिवादी को थाने बुलाया जानकारी के अनुसार, बबराणा निवासी प्रभुलाल कुम्हार ने 13 मई को परिवाद पेश किया था। उन्होंने शिकायत में आरोप लगाया कि पड़ोसियों ने उनकी जमीन पर रोड़ी डालकर रास्ता बंद कर दिया है। शिकायत मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और प्राथमिक जांच में शिकायत को सही पाया। इसके बाद 22 मई को प्रभुलाल कुम्हार को बनेड़ा थाने बुलाया गया। वे सुबह करीब 10 बजे थाने पहुंचे। दोपहर करीब 12 बजे थानाधिकारी बच्छराज चौधरी थाने पहुंचे और उन्हें अपने चैंबर में बुलाया गया। शिकायत सुनने के बजाय गाली-गलौज और धमकी के आरोपपरिवादी का आरोप है कि चैंबर में शिकायत सुनने के बजाय थानाधिकारी ने उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया और गाली-गलौज की। जब उन्होंने कानून की बात की तो एसएचओ भड़क गए और बोले कि वे डराकर काम करेंगे और थाने में बंद करने की धमकी दी। शांति भंग में बंद कर तहसीलदार के समक्ष पाबंद कराया गयाइसके बाद प्रभुलाल कुम्हार को शांति भंग के मामले में दोपहर 1 बजे से शाम 6 बजे तक थाने में बंद रखा गया। शाम 6:30 बजे उन्हें तहसीलदार के समक्ष पेश कर पाबंद कराया गया। एसपी को दी शिकायत में प्रभुलाल कुम्हार ने आरोप लगाया कि जमीन विवाद में न्याय की गुहार लेकर थाने आने पर उनके साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया गया। वायरल वीडियो, कब्जे को लेकर बातचीत और आरोप-प्रत्यारोपपरिवादी का आरोप है कि उन्हें थाने के कमरे में बैठाकर रखा गया और इसी दौरान विपक्षी पक्ष को उनकी जमीन पर कब्जे के लिए प्रोत्साहित किया गया। जब उन्होंने मामले की शिकायत उच्च अधिकारियों तक पहुंचाने की बात कही तो उन्हें धमकाया गया। वायरल वीडियो में कथित तौर पर थानाधिकारी दूसरे पक्ष से जमीन कब्जे को लेकर बातचीत करते और आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग करते दिखाई देते हैं। वायरल वीडियो में कथित बयान और ‘आज जो करना है कर लो’ टिप्पणीवायरल वीडियो में कथित तौर पर थानाधिकारी यह कहते हुए सुनाई देते हैं- तुमने कोई चूड़ियां पहन रखी हैं... खंभे गाड़ के जाली लगा दो... इसके घर के सामने आज अगर करना है तो कर लेना। परिवादी का आरोप है कि इस तरह की टिप्पणियों से विपक्षी पक्ष को जमीन पर कब्जे के लिए प्रोत्साहन मिला। मामले की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट होने की बात कही जा रही है। थाना प्रभारी का पक्ष और वीडियो पर सफाईथाना प्रभारी बच्छराज चौधरी ने बताया - बबराणा गांव में प्रभुलाल कुम्हार अपने बाड़े-खेत का गेट मुकेश कुमार के घर के बाहर निकाल रहा था, जिस बात को लेकर विवाद हुआ। प्रभुलाल को थाने में बुलाकर समझाइश की गई थी। नहीं मानने पर 170 बीएनएस में पाबंद किया गया। वीडियो प्रभुलाल ने बनाया है और वह एडिट किया हुआ है। समझाइश के दौरान कोई अपशब्द नहीं कहे गए।
स्कॉर्पियो सवार युवकों ने पत्थरबाजी के बाद चलाई गोली:सतना में 7 लोगों पर एफआईआर, वाहन जब्त
सतना के कोलगवां थाना क्षेत्र में टिकुरिया टोला-बाइपास पर एक ईंट-भट्टे के पास स्कॉर्पियो सवार युवकों ने मजदूरों से गाली-गलौज की और फिर पिस्टल से फायर कर दिया। इस घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अपराध दर्ज कर लिया है, वाहन जब्त कर लिया है और एक आरोपी को हिरासत में ले लिया है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार देर शाम करीब 7:30 बजे विनोद प्रजापति (52), बबला कुशवाहा, गुडिय़ा प्रजापति, विजय प्रजापति, सतीश प्रजापति और मोतीलाल प्रजापति टिकुरिया टोला-बाइपास स्थित ईंट-भट्टे के पास बैठकर बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान स्कॉर्पियो क्रमांक एमपी 19 सीबी 1665 वहां आकर रुकी। गाड़ी से एक युवक उतरकर पेशाब करने लगा, जिस पर गुडिय़ा प्रजापति ने आपत्ति जताई। आरोपी ने गाली-गलौज करते हुए पत्थर मार दिया, जिससे महिला घायल हो गई। इसके बाद स्कॉर्पियो से 5-6 अन्य लोग भी नीचे उतर आए और विवाद में शामिल हो गए। इनमें से प्रभु सिंह परिहार नामक व्यक्ति ने विनोद प्रजापति को जान से मारने और आग लगा देने की धमकी देते हुए उन पर पिस्टल से फायर कर दिया। विनोद प्रजापति के समय रहते नीचे झुक जाने से उनकी जान बच गई। घटना के बाद शोर-शराबा सुनकर आसपास के लोग जमा हो गए। भीड़ को देखकर आरोपी अपनी गाड़ी छोड़कर भागने लगे। हालांकि, जनता ने एक युवक को पकड़ लिया और मौके पर पहुंची पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। सुरक्षा कारणों से पुलिस ने स्कॉर्पियो को क्रेन की मदद से थाने भिजवा दिया है। इस मामले में आरोपी प्रभु सिंह परिहार सहित कुल 7 लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 296(ए), 109(1), 351(3), 191(2) और आर्म्स एक्ट की धारा 25/27 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस फरार अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है।
केजीके कॉलेज में तीन विषयों के शिक्षक पद खाली:दो सेमेस्टर से पढ़ाई प्रभावित, छात्र परेशान
मुरादाबाद के केजीके कॉलेज में तीन विषयों के लिए शिक्षकों के पद लंबे समय से खाली हैं। इससे संबंधित विभागों में नियमित शिक्षण व्यवस्था प्रभावित हो रही है और छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कॉलेज को एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय से एमएसडब्ल्यू और गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय से गृह विज्ञान तथा कला विषय संचालित करने की अनुमति मिली हुई है। पिछले शैक्षिक सत्र में एमएसडब्ल्यू में 18, गृह विज्ञान में 56 और कला विषय में 36 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया था। शिक्षकों की कमी के कारण इन विषयों का शैक्षणिक कार्य फिलहाल अन्य विभागों के अध्यापकों द्वारा संभाला जा रहा है। कॉलेज प्रशासन के अनुसार, शिक्षकों की भर्ती के लिए मार्च माह में विज्ञापन जारी किया गया था। चयन प्रक्रिया पूरी करने के लिए विश्वविद्यालय से विषय विशेषज्ञ उपलब्ध कराने का अनुरोध भी किया गया, लेकिन विशेषज्ञों की नियुक्ति अब तक नहीं हो पाई है। इसके चलते भर्ती प्रक्रिया रुकी हुई है। प्रभारी प्राचार्य प्रो. विनोद पांडेय ने बताया कि वर्तमान में कॉलेज में परीक्षाएं और ग्रीष्मकालीन अवकाश चल रहा है। उन्होंने आश्वस्त किया कि नए सत्र की शुरुआत के साथ ही रिक्त पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। वहीं, गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सचिन माहेश्वरी ने स्पष्ट किया कि शिक्षकों की नियुक्ति की प्राथमिक जिम्मेदारी कॉलेज प्रशासन की है। कॉलेज द्वारा चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही विश्वविद्यालय स्तर पर आगे की औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी। शिक्षकों के रिक्त पदों के कारण छात्रों की पढ़ाई लगातार प्रभावित हो रही है। विद्यार्थियों को उम्मीद है कि नए सत्र से पहले नियुक्तियां पूरी कर शैक्षणिक व्यवस्था को सुचारु किया जाएगा।
मां विंध्यवासिनी धाम आने वाले श्रद्धालुओं के लिए मंगलवार शाम 'विंध्य प्रसादम' और 'विंध्य गिफ्ट शॉप' का शुभारंभ किया गया। विंध्य कॉरिडोर परिसर में अमूल पार्लर के समीप स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा संचालित इन सुविधाओं का उद्घाटन नगर विधायक पं. रत्नाकर मिश्र, जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार, मुख्य विकास अधिकारी विशाल कुमार और पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक ने संयुक्त रूप से किया। इस पहल का दोहरा उद्देश्य है। एक ओर यह श्रद्धालुओं को मां विंध्यवासिनी से जुड़े आकर्षक और व्यवस्थित प्रसाद पैकेज उपलब्ध कराएगा, वहीं दूसरी ओर स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाएगा। उद्घाटन के दौरान जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने महिलाओं के इस प्रयास की सराहना की। उन्होंने कहा कि इससे स्थानीय उत्पादों को नई पहचान मिलेगी और महिलाओं की आय में वृद्धि होगी। 'विंध्य प्रसादम' के तहत श्रद्धालुओं को तीन श्रेणियों में प्रसाद पैकेट मिलेंगे, जिनकी कीमत 500 रुपये, 800 रुपये और 1200 रुपये निर्धारित की गई है। प्रत्येक पैकेट में मां विंध्यवासिनी मंदिर का आकर्षक प्रतिरूप, पूजन सामग्री और प्रसाद शामिल होगा। इससे बाहर से आने वाले श्रद्धालु मां का आशीर्वाद और धाम की स्मृति स्वरूप विशेष उपहार अपने साथ ले जा सकेंगे। इसके अतिरिक्त, 'विंध्य गिफ्ट शॉप' में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा तैयार किए गए विभिन्न उत्पाद बिक्री के लिए उपलब्ध होंगे। इनमें दैनिक उपयोग की घरेलू सामग्री, हस्तनिर्मित वस्तुएं, धार्मिक स्मृति चिह्न और महिलाओं द्वारा निर्मित साड़ियां प्रमुख हैं। नगर विधायक पं. रत्नाकर मिश्र ने बताया कि यह पहल प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के महिला सशक्तिकरण और 'वोकल फॉर लोकल' अभियान की भावना के अनुरूप है। इससे श्रद्धालुओं को एक ही स्थान पर प्रसाद, पूजा सामग्री और स्थानीय उत्पाद मिलेंगे। साथ ही, स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को रोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में नया अवसर प्राप्त होगा। उद्घाटन के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु, स्थानीय नागरिक, समूह की महिलाएं और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
बिहार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश कुमार 'संगठन सृजन अभियान' के तहत आज से दो दिवसीय कटिहार दौरे पर हैं। इस दौरान राजेंद्र आश्रम स्थित जिला कांग्रेस कार्यालय में 3 और 4 जून 2026 को विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। शहर में उनके स्वागत के लिए जगह-जगह होर्डिंग्स लगाए गए हैं। इन होर्डिंग्स पर राष्ट्रीय नेताओं राहुल गांधी, सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार तथा स्थानीय नेताओं के चित्र प्रदर्शित हैं। इन पर कटिहार की पावन धरती पर हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन संदेश लिखा गया है। 'संगठन सृजन अभियान' का हिस्सा है दौरा कांग्रेस जिला प्रवक्ता पंकज तंबाकूवाला ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार का यह दौरा 'संगठन सृजन अभियान' का हिस्सा है। इस दौरान वे राजेंद्र आश्रम में जिला, प्रखंड और पंचायत स्तर के कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करेंगे। बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करना, आगामी चुनावों की रणनीति तैयार करना और सदस्यता अभियान की समीक्षा करना इस दौरे का मुख्य एजेंडा है। इस कार्यक्रम में प्रदेश स्तर के कई वरिष्ठ नेता, पूर्व सांसद, विधायक और जिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी भी शामिल होंगे। होर्डिंग्स में स्थानीय नेताओं की तस्वीरें भी प्रमुखता से लगाई गई हैं, जिससे कार्यकर्ताओं में उत्साह देखा जा रहा है। प्रदेश अध्यक्ष दोपहर में पहुंचेंगे कटिहार 3 जून को प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार पूर्णिया से सड़क मार्ग द्वारा दोपहर बाद कटिहार पहुंचेंगे। रोतारा टोल प्लाजा के पास कांग्रेस जिलाध्यक्ष संजय सिंह के नेतृत्व में उनका स्वागत किया जाएगा। राजेंद्र आश्रम में स्वागत के बाद वे वरिष्ठ नेताओं के साथ एक बंद कमरे में बैठक करेंगे। शाम को वे कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करेंगे और उसके बाद प्रेस वार्ता करेंगे। 4 जून को सुबह 10 बजे से वे प्रखंड अध्यक्षों और अग्रिम संगठनों के पदाधिकारियों के साथ अलग-अलग बैठकें कर फीडबैक लेंगे। जिला कांग्रेस अध्यक्ष संजय सिंह और नगर अध्यक्ष राजेश रंजन मिश्रा ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष के दौरे के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। 'संगठन सृजन अभियान' के तहत जिले के हर बूथ को सक्रिय करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
शारीरिक शिक्षा अध्यापक (पीटीआई) सीधी भर्ती-2022 से जुड़े अभ्यर्थियों के लिए शिक्षा विभाग ने महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। हालांकि जिन अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की जांच पूरी हो चुकी है, उनके वेतन नियमितीकरण और स्थायीकरण का रास्ता साफ किया गया है, लेकिन बड़ी संख्या में ऐसे अभ्यर्थी भी हैं जिनकी पात्रता पर अंतिम निर्णय अभी बाकी है। ऐसे मामलों को लेकर विभाग ने नई प्रक्रिया तय की है। राज्य स्तरीय समिति करेगी अंतिम निर्णय माध्यमिक शिक्षा निदेशालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार जिन अभ्यर्थियों की पात्रता को लेकर अभी भी विवाद या संशय बना हुआ है, उनसे जुड़े सभी दस्तावेज, साक्ष्य और जांच रिकॉर्ड आगामी राज्य स्तरीय समिति की बैठक में प्रस्तुत किए जाएंगे। समिति इन दस्तावेजों का परीक्षण कर अंतिम निर्णय लेगी। कई मामलों में अब भी जांच जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि जिन प्रकरणों की जांच अभी लंबित है, उनकी जांच पूरी कर 20 जून 2026 तक रिपोर्ट निदेशालय को भेजनी होगी। वहीं जिन विश्वविद्यालयों से अभ्यर्थियों के सत्यापन संबंधी आवश्यक सूचनाएं प्राप्त नहीं हुई हैं, उनकी जानकारी 15 जून तक भेजने के निर्देश दिए गए हैं। पात्र अभ्यर्थियों को मिलेगी राहत विभाग ने यह भी कहा है कि जिन अभ्यर्थियों की योग्यता और दस्तावेजों का सत्यापन संतोषजनक पाया गया है तथा जिनके खिलाफ कोई विभागीय कार्रवाई या अन्य प्रकरण लंबित नहीं है, उनके वेतन नियमितीकरण और स्थायीकरण की कार्रवाई नियमानुसार की जाएगी। भर्ती प्रक्रिया पर टिकी नजरें पीटीआई भर्ती-2022 से जुड़े अभ्यर्थी लंबे समय से अपने भविष्य को लेकर असमंजस की स्थिति में हैं। अब राज्य स्तरीय समिति के समक्ष लंबित मामलों के दस्तावेज पेश होने के बाद पात्रता पर अंतिम फैसला होने की उम्मीद बढ़ गई है। ऐसे में हजारों अभ्यर्थियों की नजरें आगामी निर्णय पर टिकी हुई हैं।
सुनसान सड़क, रात का सन्नाटा और पिछली सीट से अचानक गर्दन पर चाकू रखकर बालोतरा और आसपास के जिलों में टैक्सी ड्राइवरों के साथ हो रही लूट और कीडनैप की वारदातों का बालोतरा पुलिस ने खुलासा किया है। टीम ने मुख्य आरोपी समेत चार जनों को गिरफ्तार किया है। वहीं एक नाबालिग को पुलिस संरक्षण में लिया है। वहीं दो लूटी कारों को भी बरामद कर लिया है। एसपी रमेश के निर्देशन में चल रहे ऑपरेशन अश्ववेग के तहत पुलिस ने एक ऐसी अंतराज्जीय गैंग को पकड़ा है जो टैक्सी ड्राइवरों को बंधक बनाकर गाडिया लूटती थी। पुलिस ने गैंग के सरगना हुकमाराम और एक नाबालिग को पकड़ा है। बदमाश ऐसे बिछाते थे लूटने का जाल पूछताछ में गैंग के काम करने का तरीका सामने आया है। वह बेहद ही शातिराना था। कम समय में अमीर बनने और ऐशो-आराम की जिंदगी जीने के लिए हुकमाराम ने अपने किशोर साथी को भी अपराध के दलदल में धकेल दिया था। आरोपी अलग-अलग शहरों के टैक्सी स्टैंड पर जाकर रैकी करते थे। ये जानबुझकर बुजुर्ग, कमजोर या दुबले-पतले ड्राइवरों को चुनते थे। वे विरोध न कर सके। किसी धार्मिक स्थल पर दूर-दूराज जाने का बहाना नबाकर टैक्सी किराए पर लेते थे। इसके बाद रात के समय सुनसान इलाको आते ही ड्राइवर को चाकू या एयर पिस्टल दिखाते थे। गमछे से ड्राइवर के हाथ-पैर बांधकर उसे कार की पिछली सीट के पास पटक देते थे। नकदी और गाडी लूटने के बाद ड्राइवर को किसी सुनसान जगह सड़क किनारे पटक देते थे। पेड़ से बांधकर फरार हो जाते थे। नई वारदात करने जाने के दौरान पुलिस ने दबोचा लगातार हो रही इन वारदातों के बाद एएसपी हरफूल सिंह और पचपदरा डीएसपी विकास कुमार के सुपरविजन में कल्याणपुर थानाधिकारी भंवरसिंह के नेतृत्व में टीम बनाई गई। पुलिस ने तकनीकी मदद और मुखबिरों की सूचना पर जाल बिछाया। हैरानी की बात यह है कि जब पुलिस ने दोनों आरोपियो को दबोचा, तब भी वे किी नई लूट की वारदात को अंजाम देने की फिराक में ही जा रहे थे। 30 हजार का इनामी बदमाश गिरफ्तार 30 हजार रुपए के इनामी मुख्य आरोपी हुकमाराम, निवासी पतासर मंडली और किशोर साथी को पकड़ा गया। लूटी गई कारें खरीदने वाले जोधपुर निवासी भोमेश कुमार, इरफान अली और मोहम्मद इरफान को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने बालोतरा, सांचौर और गुजरात से जुडी लूट व किडनैप की तीन सनसनीखेज वारदातें कबूली है। लूटी गई गाड़ियों को ओने-पौने दाम में खरीदने वाले जोधपुर के तीन खरीददारों को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर दो स्विफ्ट कारें बरामद की है। ऐसे करते थे घटनाएं…. पेड़ से बांधकर लूटी कार और 15 हजार कैश ले गए 1 मई 2026 को पाली के टैक्सी ड्राइवर रमेश वैष्णव को आरेापियों ने कल्याणपुर जाने के लिए बुक किया। नागाणा रोड पर सुनसान जगह देखकर रमेश की गर्दन पर चाकू रख दिया। हाथ-पैर बांधकर उनसे 15 हजार रुपए और कार छीन ली। रात के अंधेरे में उन्हे भाटोलाई चारणान गांव के पास खेतों में एक पेड़ में बांध दिया। जान से मारने की धमकी दी। फिर फरार हो गए। गन पॉईट पर बंधक बनाया, सड़क किनारे फेंका 20 मई 2026 को जालोर के ड्राइवर हनुमानाराम की स्विफ्ट डिजायर का कार को समदड़ी के सुरपुरा के लिए किराए पर लिया। सुरपुरा के आगे सुनसान इलाके में पीछे बैठे। व्यक्ति ने पिस्टल तान दी। आगे बैठे व्यक्ति ने ड्राइवर के हाथ-पैर बांध दिए। 15 हजार रुपए कार लूटने के बाद ड्राइवर को चारलाई कला गांव के कच्चे रास्ते पर पटककर भाग गए। पूछताछ में सामने आया कि 8 दिसंबर को 2025 को गुजरात के धानेरा से भी इन्होंने एक इंको कार किराए पर ली थी। सांचौर इलाके में चालक को बंधकर बनाकर कार व नकदी लूटी ली थी।
छत्तीसगढ़ के चर्चित पीएससी भर्ती घोटाले से जुड़े मामले में आज सुबह रिटायर्ड आईएएस अधिकारी जेके ध्रुव के भिलाई स्थित निवास पर छापेमार कार्रवाई की गई है। तड़के 2 बजे दो गाड़ियों में अफसरों की टीम सेक्टर-10 स्थित उनके घर पहुंची है और दस्तावेजों की जांच कर रही है। फिलहाल यह साफ नहीं हो पाया है कि यह कार्रवाई सीबीआई, ईडी या ईओडब्ल्यू की टीम कर रही है, क्योंकि जांच एजेंसी की ओर से अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। पहले देखिए ये 2 तस्वीरें- जानिए क्या है पूरा मामला ? दरअसल, इन अधिकारियों पर अपने रिश्तेदारों और रसूखदारों के करीबियों को लाभ पहुंचाने के लिए पेपर लीक करने और चयन प्रक्रिया में धांधली करने का गंभीर आरोप है। इस मामले की सीबीआई जांच भी चल रही है। सीबीआई ने दलील दी कि, साल 2020 से 2022 के बीच आयोजित राज्य सेवा परीक्षा में बड़े स्तर पर अनियमितताएं की गईं। आरोप है कि तत्कालीन अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए रिश्तेदारों और करीबी लोगों को अनुचित लाभ पहुंचाया। जांच में सामने आया कि एक निजी कंपनी से सीएसआर मद के तहत 45 लाख रुपए एक एनजीओ को दिए गए। जिसकी अध्यक्ष सोनवानी की पत्नी थीं। इसके बदले प्रश्नपत्र लीक किए गए। प्रश्न पत्र लीक करने में रही प्रमुख भूमिका सीबीआई का यह भी आरोप है कि, परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक और डिप्टी परीक्षा नियंत्रक ललित गनवीर ने अध्यक्ष के निर्देश पर उद्योगपति श्रवण गोयल को प्रश्नपत्र उपलब्ध कराए। जिन्होंने आगे यह प्रश्नपत्र अपने बेटे और बहू को दिए। दोनों का चयन डिप्टी कलेक्टर पद पर हुआ। वहीं, सोनवानी के भतीजों का चयन डिप्टी कलेक्टर और डिप्टी एसपी पद पर हुआ। हाईकोर्ट ने कहा- जमानत देना ठीक नहीं आरोपियों की ओर से दलील दी गई कि वे निर्दोष हैं, जांच लगभग पूरी हो चुकी है और सह-आरोपियों को जमानत मिल चुकी है। इसलिए समानता के आधार पर उन्हें भी राहत दी जाए। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के मनीष सिसोदिया बनाम प्रवर्तन निदेशालय फैसले का हवाला भी दिया। हालांकि, कोर्ट ने सीबीआई की दलीलों को स्वीकार करते हुए कहा कि दोनों आरोपी इस षड्यंत्र में सक्रिय भूमिका निभाते प्रतीत होते हैं और मामले की आगे की जांच अभी शेष है। इसलिए वर्तमान चरण में जमानत देना न्यायोचित नहीं है। इस तरह हाईकोर्ट ने दोनों मामलों में दूसरी जमानत याचिकाएं खारिज कर दी है। टॉप-20 में 13 से ज्यादा ‘रिश्तेदार’ CBI जांच में सामने आया कि, CGPSC 2021 के टॉप-20 चयनित अभ्यर्थियों में से 13 से ज्यादा किसी न किसी अधिकारी, नेता या प्रभावशाली कारोबारी के बेटे, बहू या रिश्तेदार थे। इसी आधार पर चयन सूची को चुनौती देते हुए कोर्ट में याचिका दायर की गई थी, जिसके बाद मामला CBI को सौंपा गया। आरती वासनिक की अहम भूमिका CBI ने चार्जशीट में स्पष्ट किया है कि, तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक की प्रश्नपत्र लीक कराने में बड़ी भूमिका रही। पेपर लीक से लेकर चयन प्रक्रिया तक आंतरिक मिलीभगत के सबूत मिलने का दावा किया गया है। फाइनल चार्जशीट दाखिल किए जाने के बाद मामले में जल्द ही ट्रायल शुरू होने की संभावना है। CBI की जांच में क्या सामने आया ? CBI के मुताबिक, टामन ने परीक्षा के पर्चे अपने घर पर साहिल, नीतेश, उसकी पत्नी निशा कोसले और दीपा आडिल को दिए। इसके बाद उप परीक्षा नियंत्रक ललित गणवीर ने लीक हुआ पेपर बजरंग पावर एंड इस्पात कंपनी के डायरेक्टर श्रवण गोयल को सौंपा। श्रवण गोयल के बेटे शशांक और बहू भूमिका ने इसी लीक पेपर से तैयारी की। परिणामस्वरूप दोनों डिप्टी कलेक्टर बन गए। कोलकाता से रायपुर तक साजिश प्रश्नपत्र छापने का काम कोलकाता की एक प्रिंटिंग कंपनी को दिया गया था। जनवरी 2021 में कंपनी का कर्मचारी महेश दास 7 सेट प्रश्नपत्र लेकर रायपुर आया। उसने ये सभी पर्चे आरती वासनिक को सौंपे। आरती पर्चे घर ले गईं, जहां टामन और ललित के साथ मिलकर उनकी कॉपी की गई। इसके बाद पर्चों को दोबारा सील कर प्रिंटिंग के लिए वापस भेज दिया गया। जानिए क्या है CGPSC घोटाला यह मामला 2020 से 2022 के बीच हुई भर्ती प्रक्रियाओं से जुड़ा है। आरोप है कि आयोग की परीक्षाओं और इंटरव्यू में पारदर्शिता को दरकिनार कर राजनीतिक और प्रशासनिक रसूख वाले परिवारों के उम्मीदवारों को उच्च पदों पर चयनित किया गया। इस दौरान योग्य अभ्यर्थियों की अनदेखी कर डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी और अन्य राजपत्रित पदों पर अपने नजदीकी लोगों को पद दिलवाने का खेल हुआ। प्रदेश सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच सीबीआई को सौंपी। जांच एजेंसी ने छापेमारी में कई दस्तावेज और आपत्तिजनक साक्ष्य बरामद किए हैं। 171 पदों के लिए हुई थी भर्ती परीक्षा CGPSC परीक्षा 2021 में 171 पदों के लिए भर्ती परीक्षा आयोजित की गई थी। प्री-एग्जाम 13 फरवरी 2022 को कराया गया। इसमें 2 हजार 565 पास हुए थे। इसके बाद 26, 27, 28 और 29 मई 2022 को हुई मेंस परीक्षा में 509 अभ्यर्थी पास हुए। इंटरव्यू के बाद 11 मई 2023 को 170 अभ्यर्थियों की सिलेक्शन लिस्ट जारी हुई थी। ........................................ इससे संबंधित यह खबर भी पढ़िए... CGPSC घोटाला, एग्जाम से पहले होटल पहुंचा था पेपर:कोचिंग संचालक ने बारनवापारा में कराई थी तैयारी, 400 पन्नों की फाइनल चार्जशीट पेश छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) भर्ती घोटाला 2021 मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने करीब 400 पन्नों का फाइनल चार्जशीट दाखिल कर दिया है। CBI ने इस हाई-प्रोफाइल मामले में कुल 29 लोगों को आरोपी बनाया है। पढ़ें पूरी खबर…
रतलाम से रावटी जा रहे भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप उपाध्याय की कार पर रास्ते में पत्थर से हमला हो गया। हमले से कार का कांच फूट गया। वहीं एक कार्यकर्ता घायल हो गया। कार में सवार भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप उपाध्याय व जिलाउपाध्यक्ष जुबिन जैन दोनों बाल-बाल बच गए। भाजपा जिलाध्यक्ष उपाध्याय, उपाध्यक्ष जैन व एक कार्यकर्ता चिराग नाहर कार से रावटी में आयोजित क्रिकेट टूर्नामेंट कार्यक्रम में शामिल होने उपाध्यक्ष जैन की कार से जा रहे थे। सोमवार रात करीब 8 बजे मोरवानी के पास आमलीपाड़ा गांव के आसपास उनकी कार पर अचानक से पत्थर आकर लगा। पत्थर ड्रायवर के पीछे वाली सीट के कांच पर आकर सीधे लगा। इस साइड बैठे कार्यकर्ता चिराग नाहर को सिर पर पत्थर लगा। जिलाध्यक्ष कार में आगे बैठे थे पीछे की सीट पर उपाध्यक्ष बैठे थे। यह दोनों हमले में बच गए। स्थिति को देखते हुए वहां से कुछ दूरी पर गांव में जाकर कार रोकी। फिर डीडी नगर थाना पुलिस को सूचना दी। रात में पुलिस अधिकारी क्षेत्र में मौके पर पहुंचे। आसपास क्षेत्रों में सर्चिंग की। लेकिन देर रात तक कोई नहीं मिला। घायल को रतलाम लाकर कराया उपचार रात में ही घायल कार्यकर्ता को रतलाम लाकर इलाज कराया। जिला उपाध्यक्ष जुबिन जैन ने बताया कि गोफन से पत्थर मार कार पर हमला किया है। एक कार्यकर्ता को सिर पर पत्थर आकर लगा है। उसका इलाज कराया गया। डीडी नगर थाना प्रभारी अनुराग यादव ने बताया बदमाशों की तलाश की जा रही है।
हरियाणा के फतेहाबाद जिले में मंगलवार देर रात बदमाशों ने एक युवक की तेजधार हथियारों से वार कर हत्या कर दी। घटना भूना शहर की है। बाइक पर जा रहे युवक को कुछ लोगों ने घेर लिया और उसके साथ मारपीट की। इसके बाद आरोपियों ने उस पर तेजधार हथियारों से कई वार किए। इतना ही नहीं, हमलावरों ने उस पर गाड़ी भी चढ़ा दी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। डीएसपी नरसिंह और सीआईए टीम ने भी घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू की। फिलहाल पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हत्या का आरोप विक्रम भांभू गैंग के सदस्यों पर लगा है। बताया जा रहा है कि गैंग को शक था कि युवक उनकी गतिविधियों की मुखबिरी करता था। गुरुग्राम में करता था नौकरी सचिन कुमार (23) भूना के वार्ड नंबर-5 का रहने वाला था। उसके पिता राजबीर सिंह मजदूरी करते हैं। परिवार में दो बेटे और एक बेटी हैं। सचिन तीन भाई-बहनों में दूसरे नंबर पर था। सबसे बड़ी बहन है, जबकि सबसे छोटा भाई सुनील कुमार है। तीनों अविवाहित हैं। परिजनों के अनुसार, सचिन पहले भूना कॉलेज में बीए की पढ़ाई कर रहा था। बाद में उसने पढ़ाई बीच में छोड़ दी और गुरुग्राम की एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करने लगा। कुछ दिन पहले वह अपने भतीजे के जन्मोत्सव कार्यक्रम में शामिल होने के लिए घर लौटा था। बदमाशों ने पीछा कर अगवा कियामंगलवार रात साढ़े 10 बजे सचिन अपने साथी पवन कुमार के साथ बाइक पर भूना शहर में जा रहा था। इसी दौरान शहीद उधम सिंह चौक के पास से भांभू गैंग के बदमाशों ने उसका पीछा शुरू कर दिया। आरोप है कि वाल्मीकि चौक पर बदमाशों ने उसे घेर लिया और जबरन अपने साथ ले गए। हिसार रोड पर ले जाकर पिटाई की इसके बाद हिसार रोड पर ले जाकर उसकी बेरहमी से पिटाई की गई। हमलावरों ने उसके हाथ-पैर तोड़ दिए और गर्दन व छाती पर तेजधार हथियारों से कई वार किए। आरोप है कि वारदात के बाद बदमाशों ने उसके ऊपर गाड़ी भी चढ़ा दी, जिससे उसकी मौत हो गई। हत्या के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। स्थानीय लोगों ने डायल-112 पर सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। 25 लोगों के खिलाफ हत्या का केस भूना थाना SHO ओमप्रकाश ने बताया कि सचिन के पिता राजबीर की शिकायत पर भूना थाना पुलिस ने 10 नामजद आरोपियों समेत कुल 25 लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है। नामजद आरोपियों में भांभू गैंग के जगजीत उर्फ जज, पिन्नी, चिड़ी, कार्तिक, सौरभ, प्रवीण, बिल्ला, अमन, सुरजी और कुशाल शामिल हैं। फिलहाल पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। भांभू गैंग के सरगना पर भूना में 22 केस फतेहाबाद के भूना क्षेत्र में कई आपराधिक गैंग सक्रिय हैं। इनमें विक्रम भांभू गैंग भी शामिल है। विक्रम भांभू गांव नाढ़ोडी का रहने वाला है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, वह पहले लॉरेंस गैंग से जुड़े छात्र संगठन सोपू (SOPU) के संपर्क में था। बाद में उसने भूना और आसपास के क्षेत्रों में अपना अलग गैंग खड़ा कर लिया। पुलिस के अनुसार, विक्रम भांभू के खिलाफ अकेले भूना थाने में ही 22 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें हत्या, हत्या के प्रयास, लूटपाट, छीनाझपटी और अन्य गंभीर अपराधों के मामले शामिल हैं।
लुधियाना से ठगी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। शिंगार सिनेमा के नजदीक स्थित मनी ट्रांसफर की दुकान पर मंगलवार देर शाम एक शातिर ठग ने दुकानदार को झांसे में लेकर 10 हजार रुपए की ठगी कर ली। यह ठग मनी ट्रांसफर दुकानों को टारगेट बनाता है आरोपी पूरी वारदात को अंजाम देकर मौके से फरार हो गया। लुटेरे को पकड़ने के लिए दुकानदार उसके पीछे भी भागा, लेकिन वह फरार हो गया। घटना की सीसीटीवी फुटेज भी सामने आई है। ठग ने 10 हजार रुपए आनलाइन खाते में डलवाए दुकानदार अमन सभ्रवाल ने कहा कि एक्टिवा पर सवार होकर ठग दुकान पर आया। उसने कहा कि उसे 10 हजार रुपए आनलाइन भेज दे। उसने जब उस ठग से पैसे मांगे तो उसने कहा कि वह कही भाग नहीं रहा। वह पैसे उसे दे रहा है। अमन ने कहा कि जैसे ही उसने पैसे उसके खाते में डाले और स्क्रीन शाट दिखाया तो ठग अपनी जेब चेक करने लगा। फिर वह बोला की वह एक्टिवा की डिग्गी से पैसे निकाल कर दे रहा है। ठग ने अपनी एक्टिवा कुछ दूरी पर स्टार्ट रखी और तुरंत उस पर सवार होकर भाग गया। सीसीटीवी में कैद हुई घटना वहीं पूरी घटना दुकान के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है। पीड़ित दुकानदार अमन ने मामले की शिकायत पुलिस को दे दी है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान कर उसकी तलाश में जुट गई है। शिंगार रोड नजदीक मनी ट्रांसफर की दुकान करने वाले एक अन्य दुकानदार सचिन ने कहा कि उसके पास भी यही ठग करीब 3 से 4 दिन पहले आया था। उसने उससे भी 10 हजार रुपए आनलाइन डलवाए और तुरंत एक्टिवा पर भाग गया।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में सुरक्षा मानकों और श्रम कानूनों की अनदेखी करने वाले 5 उद्योगों पर श्रम न्यायालय ने कड़ी कार्रवाई की है। अलग-अलग मामलों में सुनवाई के बाद न्यायालय ने इन उद्योगों पर कुल 5 लाख 25 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। औद्योगिक स्वास्थ्य-सुरक्षा विभाग के उप संचालक राहुल पटेल ने बताया कि जिले के अलग-अलग उद्योगों के निरीक्षण के दौरान कारखाना अधिनियम-1948, छत्तीसगढ़ कारखाना नियमावली-1962, भवन और अन्य सन्निर्माण कर्मकार अधिनियम-1996 के प्रावधानों का उल्लंघन पाया गया था। इसके बाद संबंधित उद्योगों के खिलाफ श्रम न्यायालय में आपराधिक केस दर्ज किए गए थे। मामलों की सुनवाई के बाद श्रम न्यायालय ने सभी मामलों का निराकरण करते हुए संबंधित उद्योगों पर कुल 5.25 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। जिले में संचालित उद्योगों का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है, ताकि सुरक्षा मानकों और श्रम कानूनों का पालन सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने चेतावनी दी कि औद्योगिक सुरक्षा में लापरवाही बरतने वाले उद्योगों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। इन उद्योगों पर हुई कार्रवाई
हाईकोर्ट में अभिजीत दिपके पर याचिका खारिज:लखनऊ खंडपीठ ने कहा- मामला क्षेत्राधिकार में नहीं
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने अभिजीत दिपके के खिलाफ जांच की मांग वाली जनहित याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया है। न्यायालय ने क्षेत्राधिकार न होने का हवाला देते हुए याचिकाकर्ता को इसे वापस लेने की अनुमति दे दी। न्यायमूर्ति शेखर बी. सराफ और न्यायमूर्ति ए.के. चौधरी की अवकाशकालीन पीठ ने यह टिप्पणी एस. विग्नेश शिशिर द्वारा दायर आपराधिक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान की। पीठ ने स्पष्ट किया कि मामले का लखनऊ या उत्तर प्रदेश से कोई सीधा संबंध नहीं है, इसलिए याचिका यहां पोषणीय नहीं है। याचिका में अमेरिका में रह रहे महाराष्ट्र के पुणे निवासी अभिजीत दिपके के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए गए थे। इसमें राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) से जांच कराने की मांग की गई थी। याचिकाकर्ता का दावा पार्टी राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में शामिल याचिकाकर्ता ने दावा किया था कि दिपके द्वारा संचालित कथित गैर-पंजीकृत संगठन 'कॉकरोच जनता पार्टी' विदेशी फंडिंग के माध्यम से राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में शामिल है। यह भी आरोप लगाया गया था कि फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब, व्हाट्सएप, टेलीग्राम और एक्स जैसे सोशल मीडिया मंचों के जरिए युवाओं को प्रभावित और भड़काने का प्रयास किया जा रहा है। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने पाया कि याचिकाकर्ता स्वयं बेंगलुरु का निवासी है। पीठ ने कहा कि याचिका में ऐसा कोई ठोस तथ्य नहीं है, जिससे यह साबित हो कि विवाद का कोई हिस्सा उत्तर प्रदेश में उत्पन्न हुआ है। केवल लखनऊ से कुछ शिकायतें भेजे जाने के आधार पर लखनऊ खंडपीठ का क्षेत्राधिकार नहीं बनता। न्यायालय के रुख को देखते हुए, याचिकाकर्ता ने सक्षम न्यायालय में नई याचिका दायर करने की स्वतंत्रता के साथ वर्तमान याचिका वापस लेने का अनुरोध किया। हाईकोर्ट ने इस अनुरोध को स्वीकार करते हुए याचिका का निस्तारण कर दिया।
जौनपुर की 18 पंचायतों में प्रशासक नियुक्त:सहायक विकास अधिकारी संभालेंगे विकास कार्यों की जिम्मेदारी
जौनपुर की 18 ग्राम पंचायतों में अब सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) प्रशासक की भूमिका निभाएंगे। इन अधिकारियों को इन पंचायतों के विकास कार्यों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह निर्णय ग्राम पंचायतों के अस्थाई संचालन को सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है। दरअसल, शासन के निर्देशानुसार, 26 मई को कार्यकाल पूरा होने के बाद अधिकांश ग्राम पंचायतों में संबंधित ग्राम प्रधानों को ही प्रशासक नियुक्त किया गया है। हालांकि, वे नीतिगत निर्णय नहीं ले सकते। लेकिन, जौनपुर की इन 18 ग्राम पंचायतों में ग्राम प्रधानों की जगह समितियां कार्यरत थीं। इन पंचायतों में कुछ प्रधानों का निधन हो चुका है, जबकि कुछ के खिलाफ अनियमितता के आरोप हैं। इस स्थिति को देखते हुए, इन ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए सहायक विकास अधिकारियों को प्रशासक नियुक्त किया गया है। इस व्यवस्था से यह सुनिश्चित होगा कि प्रभावित गांवों में विकास कार्य बाधित न हों। सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) रमेश यादव को बक्शा के पिपरी और मछलीशहर के छाछो गांव का प्रशासक नियुक्त किया गया है। इसी क्रम में, अवधेश नारायण को रामनगर के दामोदरा, इब्राहिमाबाद, महराजगंज के घुसकुरी और बनवारीपुर का प्रशासक बनाया गया है। सहायक विकास अधिकारी राम कृष्ण यादव सुइथाकलां के जुनेदपुर, करंजाकला के खम्हौरा और शाहगंज के मानीकला ग्राम पंचायत का कार्यभार संभालेंगे। रजनीश पांडेय को बदलापुर ब्लॉक के सुतौली, पट्टीदयाल और खुटहन के मरहट का प्रशासक नियुक्त किया गया है। वहीं, प्रदीप कुमार बरसठी विकास खंड के महमदपुर, भदराव और मड़ियाहूं के भरथानी ग्राम पंचायत के प्रशासक होंगे। जिला पंचायत राज अधिकारी नवीन सिंह ने बताया कि जिलाधिकारी के आदेश पर यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है।
कानपुर देहात में भीषण गर्मी में मूंग की कटाई तेज:तेज धूप और गर्म हवाओं के बीच किसान खेतों में जुटे
कानपुर देहात सहित आसपास के क्षेत्रों में भीषण गर्मी का असर अब खेतों में भी साफ दिखाई देने लगा है। बढ़ते तापमान के बीच किसानों ने मूंग की फसल की कटाई तेज कर दी है। सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं के बावजूद किसान खेतों में जुटे हुए हैं। उनका लक्ष्य है कि समय रहते फसल की कटाई और मड़ाई का काम पूरा किया जा सके। किसानों के अनुसार, मूंग की फसल पककर तैयार हो चुकी है। मौजूदा मौसम को देखते हुए कटाई का काम तेजी से निपटाना आवश्यक है। खेतों से फसल काटने के बाद उसे मशीनों में डालकर दाने अलग किए जा रहे हैं। कुछ किसान पारंपरिक तरीकों से भी खेत में फसल फैलाकर मड़ाई का काम कर रहे हैं। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण किसानों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गर्मी से बचने के लिए वे सिर पर गमछा और कपड़ा बांधकर काम कर रहे हैं। सुबह के समय ही तापमान इतना बढ़ जाता है कि खेतों में काम करना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। हालांकि, फसल को सुरक्षित घर पहुंचाने की चिंता उन्हें लगातार काम करने के लिए प्रेरित कर रही है। किसान उम्मीद कर रहे हैं कि मौसम साफ बना रहे, ताकि कटाई और मड़ाई का काम बिना किसी बाधा के पूरा हो सके।
प्रयागराज के साउथ मलाका के हीवेट रोड पर करोड़पति व्यापारी वीरेंद्र कुमार वैश्य के परिवार के चार सदस्यों की निर्मम हत्या ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। व्यापारी वीरेंद्र वैश्य और उनकी पत्नी अनीता, बेटी मीनाक्षी और बेटे अभिषेक के शव घर के अलग-अलग हिस्सों से मिलने के बाद पुलिस अब इस हत्याकांड की तह तक पहुंचने के लिए कई दिशाओं में जांच कर रही है।घटनास्थल से मिले एक गत्ते पर लिखे शब्द बंटी, बबली और बहू ने मारा ने पूरे मामले को और उलझा दिया है। पुलिस फिलहाल चार बड़े एंगल पर जांच आगे बढ़ा रही है। पहला एंगल: जेल में बंद बेटे और उसकी कथित पत्नी पर शकजांच का सबसे अहम बिंदु मृतक व्यापारी का छोटा बेटा अश्विनी है, जो इस समय कौशांबी जेल में बंद है। परिवार के करीबी लोगों के मुताबिक वीरेंद्र वैश्य ने अश्विनी को अपनी संपत्ति से बेदखल कर दिया था और उससे लगभग सभी संबंध खत्म कर लिए थे।अश्विनी की कथित पत्नी रितु भी धोखाधड़ी के एक मामले में उसके साथ जेल गई थी, हालांकि फिलहाल वह जमानत पर बाहर है। पुलिस इस संभावना की भी जांच कर रही है कि कहीं संपत्ति और पारिवारिक विवाद के चलते अश्विनी और रितु ने किसी के जरिए पूरे परिवार की हत्या की साजिश तो नहीं रची।रितु की तलाश में पुलिस की कई टीमें जुटी हुई हैं और उससे पूछताछ को जांच के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। घटना से जुड़ीं तस्वीरें देखिए… दूसरा एंगल: करोड़ों की संपत्ति के लिए रची गई साजिश?हीवेट रोड पर स्थित दो मंजिला मकान की कीमत 10 से 15 करोड़ रुपये के बीच बताई जा रही है। अश्विनी के बेदखल होने के बाद परिवार की संपत्ति के संभावित वारिस बड़े बेटे अभिषेक और बेटी मीनाक्षी ही थे।दोनों अविवाहित थे। ऐसे में जांच में लगी टीमें यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि कहीं किसी करीबी रिश्तेदार या संपत्ति पर नजर रखने वाले व्यक्ति ने पूरे परिवार को रास्ते से हटाने की साजिश तो नहीं रची।पुलिस पारिवारिक संबंधों, संपत्ति से जुड़े पुराने विवादों और संभावित वारिसों की भूमिका की भी जांच कर रही है।तीसरा एंगल: कर्ज, मारपीट और पूरे परिवार को खत्म करने की धमकीजांच के दौरान एक बेहद अहम जानकारी भी सामने आई है। सूत्रों के अनुसार अभिषेक ने किसी व्यक्ति से लाखों रुपये का कर्ज लिया था। समय पर पैसा वापस न मिलने पर कर्ज देने वालों ने कुछ समय पहले अभिषेक की पिटाई की थी और उसे रास्ते से उठा भी ले गए थे।बाद में बहन मीनाक्षी ने रकम का इंतजाम किया और अभिषेक को छुड़ाकर घर लाई थी। बताया जा रहा है कि इस घटना के बाद अभिषेक का अपने पिता वीरेंद्र वैश्य से भी गंभीर विवाद हुआ था।सबसे महत्वपूर्ण बात यह सामने आई है कि उस दौरान कथित तौर पर धमकी दी गई थी कि यदि पैसा वापस नहीं मिला तो पूरे परिवार को खत्म कर दिया जाएगा। अब पुलिस यह खंगाल रही है कि क्या उस धमकी और चार लोगों की हत्या के बीच कोई संबंध है। चौथा एंगल: अभिषेक की गतिविधियां और अनसुलझे रिश्तेपुलिस का चौथा एंगल अभिषेक के निजी जीवन और उसके संपर्कों से जुड़ा है। पड़ोसियों और कुछ रिश्तेदारों ने पुलिस को बताया है कि अभिषेक की संगत को लेकर परिवार में अक्सर विवाद होता रहता था। पिता से कई बार उसका झगड़ा हुआ और इसकी मकान में किराये पर दुकान चलाने वालों ने भी पुष्टि की है। आशंका यह भी है कि जिस तरह से बेहद सुनियोजित तरीके से पूरे परिवार को निशाना बनाया गया, उससे साफ है कि वारदात के पीछे कोई गंभीर कारण या पुराना विवाद हो सकता है।अभिषेक के मोबाइल फोन, कॉल डिटेल, ट्रांजक्शन डिटेल और उसके संपर्क में रहने वाले लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या किसी व्यक्तिगत रंजिश ने इस हत्याकांड का रूप लिया।सबसे बड़ा सवाल: कातिल का सुराग या गुमराह करने की कोशिशपूरे मामले में सबसे रहस्यमय कड़ी वह गत्ता है जिस पर लिखा मिला, बंटी, बबली और बहू ने मारा। फिलहाल यह पता लगाने में पुलिस टीेमें जुटी हैं कि मौत से पहले परिवार के चारों सदस्यों में से किसी ने इसे लिखा या यह पुलिस को गुमराह करने की कोशिश है? कहीं ऐसा तो नहीं कि जांच को भटकाने के लिए जानबूझकर यह सुराग छोड़ा गया। फिलहाल पुलिस इस पर भी जांच में जुटी है। यह कहा जा रहा है कि गत्ते पर लिखे इस मैसेज की पहेली इस हत्याकांड को सुलझाने में बेहद अहम कड़ी साबित हो सकती है। अफसर बोलेएडिशनल सीपी लॉ एंड ऑर्डर डॉ. अजयपाल शर्मा का कहना है, घटना के पीछे के हर संभावित बिंदु पर जांच कराई जा रही है। अलग-अलग पांच टीमें गठित की गई हैं। छोटे बेटे अश्वनी की कथित पत्नी के बारे में भी पता लगाया जा रहा है।
जिला प्रशासन मंगलवार देर शाम को मध्यप्रदेश बार्डर पर सटे सवाई माधोपुर के अंतिम गांव कुरेड़ी पहुंचा। यहां जिला कलेक्टर समेत आला अधिकारियों ने रात्रि चौपाल लगाकर लोगों की समस्याओं को सुना और संबंधित अधिकारियों को समस्याओं के समाधान के निर्देश दिए। चौपाल में 22 से अधिक परिवादों पर हुई सुनवाई प्रशासन की पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मंगलवार रात्रि को पंचायत समिति खंडार की ग्राम पंचायत कुरेड़ी में जिला कलेक्टर कानाराम की अध्यक्षता में रात्रि चौपाल आयोजित की गई। चौपाल के दौरान जिला कलेक्टर ने ग्रामीणों की समस्याएं गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही समाधान के निर्देश प्रदान किए। रात्रि चौपाल के दौरान उपखंड अधिकारी वर्षा मीणा, विकास अधिकारी जगदीश मित्तल, तहसीलदार जयप्रकाश सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। चौपाल में 22 से अधिक परिवाद प्राप्त हुए, जिनमें पेयजल, बिजली, रास्ता, अतिक्रमण, श्मशान घाट विकास, वन भूमि, सड़क, हेल्थ एवं अन्य जनसमस्याओं से जुड़े प्रकरण शामिल रहे। जिनपर तुरंत सुनवाई की गई। प्राकृतिक खेती की दी जानकारी कलेक्टर ने किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने, गोबर खाद के उपयोग को बढ़ावा देने तथा डीएपी एवं यूरिया के दुष्प्रभावों को कम करने के लिए रासायनिक उर्वरकों का प्रयोग धीरे-धीरे कम करने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती से भूमि की उर्वरक क्षमता बढ़ेगी तथा आने वाली पीढ़ी को स्वस्थ जीवन मिलेगा। इस दौरान पशुपालन विभाग द्वारा मुख्यमंत्री मंगल पशु बीमा योजना, कृत्रिम गर्भाधान योजना एवं पशुओं के लिए जारी ग्रीष्मकालीन एडवाइजरी की जानकारी दी गई। कृषि विभाग द्वारा फसल बीमा योजना के तहत 1 जून से रजिस्ट्रेशन करवाने की अपील करते हुए बताया गया कि गत वर्ष जिले के किसानों को 45 करोड़ रुपये से अधिक का फसल बीमा लाभ मिला। परिवादों पर मौके पर दिए निर्देश रात्रि चौपाल में ग्रामीणों ने वन विभाग द्वारा खातेदारी भूमि पर कब्जे, बैरवा बस्ती में श्मशान घाट विकास, मंदिर मार्ग पर मोरम डलवाने, पेयजल आपूर्ति एवं विद्युत समस्या सहित विभिन्न परिवाद प्रस्तुत किए। जिला कलक्टर ने वन भूमि प्रकरण में नक्शा तलब कर सेटलमेंट सर्वे कराने, श्मशान घाट विकास हेतु गुरु गोवलंकर योजना अंतर्गत प्रस्ताव भिजवाने तथा रास्ते के कार्य को करवाने के निर्देश दिए। PHED विभाग द्वारा नई ट्यूबवेल खुदाई पूर्ण होने की जानकारी देते हुए शीघ्र पेयजल आपूर्ति शुरू करने का आश्वासन दिया गया। विद्युत आपूर्ति बाधित रहने की शिकायत पर संबंधित अधिकारियों को तत्काल सुधार कार्य करवाने के निर्देश दिए गए। *
छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज फिलहाल बदला हुआ ही रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में अगले पांच दिनों तक अलग-अलग जगहों पर गरज-चमक, तेज हवाओं (50-60 किमी रफ्तार) और हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। हालांकि, अगले दो दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है, लेकिन इसके बाद तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के तापमान में कोई बड़ा उलटफेर दर्ज नहीं किया गया। इस दौरान सबसे ज्यादा तापमान 41 डिग्री सेल्सियस राजनांदगांव में रिकॉर्ड किया गया, जबकि सबसे कम तापमान 23.6 डिग्री सेल्सियस पेंड्रा रोड में दर्ज हुआ। वहीं, सुकमा जिले में 2 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है। इधर, दंतेवाड़ा जिले के चंदेनार इलाके में चल रहे जात्रा (मेला) में मंगलवार शाम बिजली गिरने से 12 ग्रामीण इसकी चपेट में आ गए। इनमें से एक महिला की मौत हो गई, जबकि 11 लोग घायल हैं। सभी घायलों को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कोरबा में भी आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ बारिश हुई। तेज हवाओं के कारण कई जगह बैनर-पोस्टर उड़ गए और पेड़ों की डालियां टूटकर सड़कों पर गिर पड़ीं, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। दो दिन 50-60 किमी रफ्तार से हवा चलेगी अगले दो दिनों के दौरान भी प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इस दौरान कुछ जगहों पर गरज-चमक के साथ 50-60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। रायपुर का मौसम राजधानी में आज बादल छाए रहने, गरज-चमक, धूलभरी आंधी और हल्की बारिश की संभावना है। शहर का अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। अचानक बदल सकता है मौसम, सतर्क रहें मौसम विभाग के मुताबिक दोपहर की गर्मी बनी रहेगी, लेकिन शाम के समय मौसम बदल सकता है। कई जिलों में तेज हवा चल सकती है और बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं। किसानों को कटाई और खुले में रखी उपज की सुरक्षा के लिए सतर्क रहने की सलाह। तेज हवा के दौरान पेड़, होर्डिंग और बिजली लाइनों के पास सावधानी बरतने की जरूरत है।
लखीमपुर खीरी के भीरा वनरेंज क्षेत्र में भीरा-कुकरा जंगल के पास आबादी के नजदीक एक टाइगर देखा गया। बीती रात सड़क पर टहलते हुए टाइगर को राहगीरों ने अपने मोबाइल में कैद कर लिया, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। पलिया निवासी सतेंद्र कुमार अपनी टीम के साथ गोला से एक धार्मिक अनुष्ठान के बाद लौट रहे थे। रात करीब 10 बजे जब वे भीरा के पास पहुंचे, तो उनकी गाड़ी के सामने एक वयस्क टाइगर आ गया। टाइगर को देखकर सतेंद्र ने तुरंत गाड़ी रोक दी। उन्होंने उसके जंगल की ओर जाने का इंतजार किया और इस दौरान मोबाइल से टाइगर की तस्वीरें व वीडियो बना लिए। सतेंद्र के अनुसार, टाइगर काफी देर तक सड़क पर टहलता रहा और फिर शांति से जंगल में चला गया। इस घटना के बाद से आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग से आबादी के पास गश्त बढ़ाने की मांग की है। वन क्षेत्राधिकारी ने बताया कि एक टीम को मौके पर भेजा गया है। पगमार्क के आधार पर टाइगर की गतिविधियों पर नज़र रखी जा रही है। ग्रामीणों से रात में अकेले बाहर न निकलने की अपील भी की गई है।
दुर्ग जनपद पंचायत के CEO रूपेश कुमार पांडेय के सस्पेंड के बाद राजनीति गरमा गया है। सोमवार को सस्पेंशन आदेश जारी होने के कुछ ही देर बाद रूपेश पांडेय पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मुलाकात करने पहुंचे, जिसे लेकर भाजपा ने सवाल उठाए हैं। हालांकि रूपेश पांडेय ने इसे केवल औपचारिक भेंट बताया है। रूपेश पांडेय ने कहा कि मुझे पहले से ही टारगेट किया जा रहा था। उन्होंने संभाग आयुक्त की ओर से की गई निलंबन की कार्रवाई को एकपक्षीय बताया। साथ ही उन्होंने कहा कि वह अपने निलंबन के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील करेंगे इधर, इस मुलाकात को लेकर भाजपा प्रवक्ता अमित चिमनानी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर निलंबित सीईओ और पूर्व मुख्यमंत्री के वीडियो को साझा करते हुए लिखा कि रूपेश पांडेय निष्पक्ष नहीं थे। इस मुलाकात से उन्होंने खुद साबित कर दिया है। अमित चिमनानी ने कहा कि हर अधिकारी को निष्पक्ष रहकर काम करना चाहिए। किसी विचारधारा से जुड़ा होना गलत नहीं है, लेकिन उसका असर कामकाज पर पड़ना उचित नहीं है। बता दें कि इस पूरे मामले में आचरण संबंधी गड़बड़ी पाए जाने पर रूपेश कुमार पांडेय को सस्पेंड किया गया है। भूपेश बघेल से मुलाकात की 2 तस्वीरें- निलंबित CEO बोले- यह केवल औपचारिक मुलाकात थी पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मुलाकात को लेकर निलंबित सीईओ रूपेश पांडेय ने कहा कि वे पहले पाटन जनपद पंचायत में सीईओ के पद पर पदस्थ रह चुके हैं, जिसके चलते उनका भूपेश बघेल से पूर्व परिचय और संपर्क रहा है। उन्होंने बताया कि भूपेश बघेल दुर्ग आए हुए थे, इसलिए उन्होंने उनसे केवल औपचारिक मुलाकात की थी। रूपेश पांडेय ने स्पष्ट किया कि इस भेंट का किसी भी राजनीतिक घटनाक्रम या गतिविधि से कोई संबंध नहीं है। पहले मुख्य सचिव के पास करेंगे अपील, फिर हाईकोर्ट जाएंगे रूपेश पांडेय ने कहा कि उन्हें पहले से ही निशाना बनाया जा रहा था। उन्होंने बताया कि उन्होंने केवल इतना कहा था कि तमीज से बात करिए, जिसके बाद जो कुछ हुआ वह प्रतिक्रिया स्वरूप हुआ। उनका कहना है कि मैंने अपमानजनक तरीके से बात नहीं की। निलंबन की कार्रवाई पर पांडेय ने आरोप लगाया कि संभागायुक्त ने एकपक्षीय एक्शन लिया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपना पक्ष और जवाब पेश किया था, लेकिन उसे संतोषजनक नहीं माना गया। अब वे इस मामले में पहले मुख्य सचिव के समक्ष अपील करेंगे और आवश्यकता पड़ने पर हाईकोर्ट का भी रुख करेंगे। विवाद के देखिए ये 2 तस्वीरें- बीजेपी नेता और उनकी पत्नी के खिलाफ वसूली के मामले लंबित रूपेश पांडेय ने बताया कि अंडा-निकुम मंडल के बीजेपी महामंत्री पुराण देशमुख की पत्नी साल 2015 से 2020 तक सरपंच थीं। उनके खिलाफ 2 लाख 40 हजार 105 रुपए की वसूली का मामला लंबित है। वहीं, खुद पुराण देशमुख के खिलाफ भी 75 हजार रुपए की वसूली का केस चल रहा है। जिस भवन को लेकर विवाद खड़ा किया गया, उसका स्टे जनवरी में हटा रूपेश पांडेय ने कहा कि बीजेपी नेता पुराण देशमुख सामुदायिक भवन की राशि को विवाद का कारण बता रहे हैं, जबकि उस मामले में किसी प्रकार का स्टे प्रभावी नहीं था। उन्होंने बताया कि नायब तहसीलदार की कोर्ट ने जनवरी 2025 में ही स्टे हटा दिया था। इसके बाद भवन निर्माण कार्य पूरा हुआ और नियमानुसार राशि जारी की गई। पांडेय का आरोप है कि इसी बात से नाराज होकर उनके खिलाफ माहौल बनाया गया। उन्होंने सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को भी अधूरा बताया। उनका कहना है कि सोशल मीडिया पर केवल 7 सेकेंड का वीडियो जारी किया गया, जबकि पूरी रिकॉर्डिंग करीब 55 सेकेंड की है। वीडियो में सिर्फ उनकी प्रतिक्रिया दिखाई गई है, जबकि उससे पहले दूसरी ओर से लगातार अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया था। ये है पूरा मामला सुशासन तिहार के तहत दुर्ग के थनौद में जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया था। शिविर के दौरान सामुदायिक भवन के लिए राशि जारी करने को लेकर बीजेपी नेता पुराण देशमुख ने आपत्ति जताई थी। इसी बात को लेकर उनकी और जनपद पंचायत के सीईओ रूपेश पांडेय के बीच बहस शुरू हो गई, जो देखते ही देखते तीखी नोकझोंक में बदल गई। वायरल वीडियो में रूपेश पांडेय को जो करना है कर लो कहते हुए भी सुना गया था। वीडियो सामने आने के बाद संभागायुक्त ने उन्हें निलंबित कर दिया। साथ ही जनपद पंचायत दुर्ग के सीईओ का अतिरिक्त प्रभार जिला पंचायत में पदस्थ प्रभारी सहायक परियोजना अधिकारी महेंद्र कुमार जांगड़े को सौंप दिया गया है। ……………… इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… 'जो करना है कर लो' कहने वाले जनपद CEO सस्पेंड: सुशासन तिहार में भाजपा नेता को उंगली दिखाई, चिल्लाए, राशि जारी करने को लेकर विवाद छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के जनपद पंचायत CEO रूपेश कुमार पांडेय को सस्पेंड कर दिया गया है। कुछ दिन पहले उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें वे ‘सुशासन तिहार’ के दौरान बीजेपी ग्रामीण महामंत्री पुराण देशमुख से बहस करते नजर आए थे। यह पूरा विवाद विधायक ललित चंद्राकर की मौजूदगी में हुआ था। पढ़ें पूरी खबर…
आगरा में मंगलवार तड़के हुई मूसलाधार बारिश के बाद बुधवार सुबह मौसम एक बार फिर बदल गया है। सुबह से धूप खिली हुई है और दिनभर मौसम साफ रहने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार, आज मौसम सामान्य रहेगा, लेकिन 4 से 6 जून के बीच आंधी और बारिश की संभावना बनी हुई है। इससे तापमान और मौसम में फिर बदलाव देखने को मिल सकता है। बारिश के बाद तापमान में हल्का उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया है। दिन के तापमान में 0.2 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हुई है, जबकि रात के तापमान में 1.8 डिग्री की गिरावट आई है। मंगलवार को अधिकतम तापमान 35.6 डिग्री और न्यूनतम 21.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। खास बात यह है कि 29 मई के बाद से तापमान 38 डिग्री से ऊपर नहीं गया है। जानिए पिछले दिनों के तापमान की स्थिति मंगलवार की बारिश ने मचाई तबाही मंगलवार तड़के हुई मूसलाधार बारिश से आगरा शहर पूरी तरह प्रभावित हुआ था। करीब 55 जगहों पर जलभराव की स्थिति बन गई थी, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। बिजलीघर स्थित शिवाजी मार्केट में व्यापारियों का लाखों रुपये का सामान खराब हो गया। वहीं राजामंडी बाजार में भी पानी भर गया, जिससे व्यापार पूरी तरह प्रभावित हुआ। सड़कें धंसीं, मकान गिरे आवास विकास सेक्टर-4 में फुटपाथ धंसने से एक ट्रॉली उसमें समा गई। इंदिरा नगर में जगह-जगह सड़क धंसने से कई वाहन फंस गए। छिपीटोला क्षेत्र में चार मकान ढह गए, हालांकि गनीमत रही कि उस समय कोई भी अंदर मौजूद नहीं था। देखिए जलभराव की 2 तस्वीरें… आंधी-बारिश की संभावना मौसम विभाग के अनुसार, 3 जून को मौसम साफ रहेगा। मगर, 4 से 6 जून के तक एक बार फिर से मौसम बदलेगा। मौसम विभाग ने इस बीच आंधी और बारिश की संभावना जताई है। इस दौरान तापमान में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा। आने वाले दिनों के तापमान का अनुमान जानिए
मुरादाबाद में उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा आयोजित टीजीटी भर्ती परीक्षा आज (3 जून) है। यह परीक्षा जिले के 23 केंद्रों पर 3 और 4 जून को आयोजित की जा रही है। जिला प्रशासन ने परीक्षा को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए व्यापक तैयारियां की हैं। 3 जून को 11,122 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हो रहे हैं, जबकि 4 जून के लिए 14,146 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया है। दोनों दिन परीक्षा दो सत्रों में आयोजित की जाएगी। पहला सत्र सुबह 9:30 बजे से 11:30 बजे तक और दूसरा सत्र दोपहर 2:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक होगा। आयोग के निर्देशों के अनुसार, परीक्षा शुरू होने से 45 मिनट पहले परीक्षा केंद्रों में प्रवेश बंद कर दिया जाएगा। अभ्यर्थियों को समय से पहले पहुंचने की सलाह दी गई है। उन्हें अपने साथ प्रवेश पत्र, एक वैध फोटो पहचान पत्र और तीन पासपोर्ट साइज फोटो लाना अनिवार्य है। एडीआईओएस शतानंद शर्मा ने बताया कि परीक्षा के दौरान जिले में 25 हजार से अधिक अभ्यर्थियों की आवाजाही रहेगी। इसे देखते हुए सभी केंद्रों पर सुरक्षा, पेयजल, बिजली और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। परीक्षा संचालन के लिए केंद्र व्यवस्थापक, सह केंद्र व्यवस्थापक, कक्ष निरीक्षक, स्टेटिक मजिस्ट्रेट और सेक्टर मजिस्ट्रेटों की तैनाती की गई है। प्रशासन का दावा है कि परीक्षा को पूरी पारदर्शिता और नकलविहीन वातावरण में संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए गए हैं।
अमेठी में एक महिला द्वारा मंगलसूत्र लूट की दी गई सूचना फर्जी निकली। मंगलवार को दुर्गापुर मार्ग पर गुंगवाछ के पास एक महिला ने डायल 112 पर फोन कर बाइक सवार बदमाशों द्वारा तमंचे के बल पर लूट की जानकारी दी थी। हालांकि, पुलिस की जांच में यह घटना झूठी पाई गई। लूट की सूचना मिलने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया था। तिवारीपुर गूंजवाछ गांव की निवासी सोनी गुप्ता ने डायल 112 पर बताया था कि वह अपनी बहन के साथ टीकरमाफी बाजार से घर लौट रही थीं। गुंगवाछ के पास बाइक सवार तीन बदमाशों ने तमंचा दिखाकर उनका मंगलसूत्र लूट लिया और मौके से फरार हो गए। सूचना मिलते ही डायल 112 और कोतवाली पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ की और रास्ते में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली। हालांकि, जांच में लूट की घटना की पुष्टि नहीं हो सकी। न तो किसी ने बदमाशों को देखा और न ही सीसीटीवी में कोई संदिग्ध गतिविधि रिकॉर्ड हुई। सीओ मनोज कुमार मिश्र ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि डायल 112 पर मिली सूचना के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी। आसपास के लोगों से पूछताछ और सीसीटीवी फुटेज की जांच के बाद भी घटना की पुष्टि नहीं हो रही है। प्रथम दृष्टया यह मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा है। कोतवाली पुलिस अभी भी मामले की जांच कर रही है। सीओ ने बताया कि जांच पूरी होने के बाद तथ्यों के आधार पर आवश्यक विधिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि बिना पुष्टि के किसी भी तरह की अफवाह न फैलाएं।

