महराजगंज के निचलौल-सिसवा मार्ग पर शुक्रवार को नारायणी नहर में एक महिला ने छलांग लगा दी। महिला को डूबता देख मसीह सेवाश्रम इंटर कॉलेज के कक्षा 10 के दो छात्रों ने बिना अपनी जान की परवाह किए नहर में छलांग लगा दी। दोनों ने महिला को सुरक्षित पानी से बाहर निकाल लिया। घटना नारायणी नहर के सात पांच पुल के पास हुई। बताया गया कि कोठीभार थाना क्षेत्र के जहदा गांव की करीब 30 वर्षीय महिला किसी वजह से पुल पर पहुंची और नहर में कूद गई। सूझबूझ दिखाकर महिला को निकाला बाहर महिला को नहर में डूबते देख वहां से गुजर रहे छात्र कृष्णा गुप्ता और सद्दाम हुसैन ने तुरंत मदद के लिए छलांग लगा दी। कृष्णा गुप्ता सेखुई और सद्दाम हुसैन कोहड़वल के रहने वाले हैं। दोनों छात्रों ने सूझबूझ और साहस का परिचय देते हुए महिला को पानी से बाहर निकाल लिया। घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। प्रधानाचार्य बोले- छात्रों ने मानवता की मिसाल पेश की घटना की जानकारी मसीह सेवाश्रम इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य फादर प्रवीण पुलिंथनाथ को हुई तो उन्होंने दोनों छात्रों की सराहना की। उन्होंने कहा कि छात्रों ने साहस के साथ मानवता की मिसाल पेश की है। उनके इस कार्य से दूसरे छात्रों को भी जरूरतमंद लोगों की मदद करने की प्रेरणा मिलेगी। प्रधानाचार्य ने दोनों छात्रों को विद्यालय की असेंबली में सम्मानित करने की घोषणा की है। क्षेत्र में भी दोनों छात्रों के साहस की सराहना हो रही है। पुलिस बोली- घटना की जानकारी जुटा रहे कोठीभार थाने के एसओ योगेंद्र कुमार राय ने बताया कि घटना की उन्हें किसी ने सूचना नहीं दी है। उन्होंने कहा कि मामले की जानकारी जुटाई जा रही है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली को बाल भिक्षावृत्ति से मुक्त करना जरूरी है। बच्चों को भिक्षावृत्ति से निकालकर शिक्षा, कौशल और सम्मानजनक जीवन से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने शुक्रवार को दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग की बैठक की अध्यक्षता करते हुए बाल भिक्षावृत्ति मुक्त दिल्ली अभियान को जनभागीदारी से मजबूत करने के निर्देश दिए। सीएम ने कहा कि अभियान से इच्छुक गैर-सरकारी संगठनों, सिविल सोसायटी संगठनों और आरडब्ल्यूए को जोड़ा जाए, ताकि स्थानीय स्तर पर बच्चों तक पहुंच बढ़ाई जा सके। बैठक में डीसीपीसीआर अध्यक्ष डॉ. ओपी व्यास, आयोग के सदस्य और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। स्कूल स्टाफ का पुलिस सत्यापन जरूरीमुख्यमंत्री ने बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए पॉस्को कानून के प्रति जागरूकता अभियान को लगातार चलाने की सलाह दी। उन्होंने स्कूलों में कार्यरत कर्मचारियों के साथ स्कूल बस और वैन चालकों, अटेंडेंट व सफाई कर्मचारियों का अनिवार्य पुलिस सत्यापन सुनिश्चित करने पर जोर दिया, ताकि बच्चों की सुरक्षा में किसी स्तर पर लापरवाही न हो। मिड-डे मील और आंगनवाड़ी की जांचराष्ट्रीय पोषण माह के दौरान मुख्यमंत्री ने स्कूलों में मिड-डे मील तैयार करने वाली रसोइयों और आंगनवाड़ी केंद्रों पर बच्चों को दिए जाने वाले पोषण आहार की व्यवस्था का निरीक्षण करने के निर्देश दिए। कमी मिलने पर तत्काल रिपोर्ट देने को कहा गया। बैठक में आंगनवाड़ी और पालना केंद्रों की सुविधाओं तथा बच्चों के साथ कार्यकर्ताओं के व्यवहार की समीक्षा के लिए इंटर्न के माध्यम से रिपोर्ट तैयार कराने पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने सरकारी और निगम स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए करियर गाइडेंस की व्यवस्था मजबूत करने की सलाह दी।
शाजापुर में शुक्रवार शाम जिला कांग्रेस कार्यालय में 19 सितंबर को इंदौर आ रहे कांग्रेस नेता राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम को लेकर बैठक की गई। इसमें जिले से अधिक से अधिक छात्रों की भागीदारी सुनिश्चित करने और तैयारियों की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा हुई। युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष जयंत सिकरवार ने बताया कि राहुल गांधी के इस कार्यक्रम को लेकर युवाओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है। शाजापुर जिले से अब तक करीब 650 छात्रों का पंजीयन हो चुका है, जबकि संगठन ने जिले से लगभग 1300 छात्रों (विशेषकर Gen Z और अल्फा Gen Z युवाओं) को इंदौर ले जाने का लक्ष्य तय किया है। कार्यकर्ताओं को सौंपी जिम्मेदारी बैठक में मौजूद पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के छात्रों से संपर्क साधने की जिम्मेदारी सौंपी गई। इस दौरान नगर अध्यक्ष विपुल दीक्षित, विधानसभा अध्यक्ष इरशाद नागोरी, जिला महासचिव योगेंद्र वर्मा, सर्लेश चतुर्वेदी, शेफ, शैलेंद्र, आनंद, गोविंद, जुबेर और कबीर समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे और तैयारियों को लेकर अपने सुझाव दिए।
जयपुर के करधनी इलाके में पत्नी और 3 बेटियों की हत्या कर भागे युवक की तलाश जारी है। वहीं, पुलिस की जांच में अब तक सामने आया है कि परिवार की हत्या प्री प्लान बनाकर की गई। पहले खाने में जहर मिलाकर दिया गया। फिर आरोपी को शक हुआ की पत्नी और बेटियां जिंदा बच सकती हैं। इसके बाद पत्थर से सिर कुचल दिया। पुलिस CCTV फुटेजों के आधार पर हत्यारे का पीछा कर पकड़ने में जुटी है। DCP वेस्ट प्रशांत किरण ने बताया- गोविंद वाटिका में राहुल झा (45) ने अपनी पत्नी गीता झा (40), बेटी नंदनी (22), राधिका (17) और गिरीश उर्फ गौरी (14) की हत्या की है। पुलिस ने FSL टीम की मदद से साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए चारों शव को कांवटिया हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में रखवाया है। फरार आरोपी के भाई संजय कुमार झा की शिकायत पर करधनी थाने में हत्या का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस टीमें हत्या के मामले में फरार आरोपी राहुल झा की तलाश में दबिश दे रही है। पुलिस से बचने लिए हत्या के बाद राहुल अपना मोबाइल घर पर स्विच ऑफ कर छोड़ गया। पुलिस टीमें उसकी तलाश में CCTV फुटेजों को खंगाल पीछा कर रही है। परिवार को मारने का बनाया प्लान सूत्रों के मुताबिक, राहुल ने परिवार की हत्या का प्री-प्लान बनाया था। कर्ज में डूबे होने के चलते ही उसने ऐसा कदम उठाया। परिवार की हत्या के लिए जहर खरीदकर लाया था। रात को खाने में पत्नी और तीनों बेटियों को जहर मिलाकर खिला दिया। खाना खाने के बाद रोज की तरफ परिवार के मेंबर अपने-अपने कमरे में सोने चले गए। बेहोशी में पत्थर से सिर कुचला पहले मंजिल पर स्थित कमरे में राहुल भी अपनी पत्नी के साथ सोने के लिए चला गया। सुबह जल्दी उठकर राहुल ने पत्नी और बेटियों को चेक किया। उसे जहर देने के बाद भी पत्नी व बेटियों के जिंदा रहने का शक था। इसके चलते वह घर के बाहर रखी डेढ़ फीट की करीब 10 KG की सीमेंट की पट्टी उठाकर लाया। पहले अपने कमरे में जाकर पत्नी की हत्या की। इसके बाद तीनों बेटियों के सिर-चेहरे पर पट्टी से ताबड़तोड़ वार किए। खूने से सने कपड़े बदले पत्थर से चारों के सिर कुचलकर राहुल ने कपड़े से खून पोछा। राहुल ने खून से सने अपने कपड़ों को उतार दिया। फिर दूसरे कपड़े पहनकर। सुबह करीब 7 बजे दूध लेने के बाद जागे बुजुर्ग पिता लक्ष्मीनाथ झा (85) को चाय बनाकर पिलाई। उसके बाद तैयार होकर पिता को बाहर जाने के लिए कहा। लिस ने हत्यारे राहुल के खून से सने कपड़े बरामद कर लिए है। पुलिस उसके मोबाइल का भी डाटा खंगाल रही है। प्रत्यशदर्शी बोले- बेड पर खून ही खून था प्रत्यदर्शी सुशीला ने बताया- मेरा मकान राहुल कुमार झां के पास वाला ही है। आज हम सुबह 9 बजे सो कर उठे थे। मैं जब सुबह उठी तो दूध लेकर अंदर चली गई थी। राहुल के पिता लक्ष्मीनाथ झा सुबह 9.36 बजे घर के बाहर आकर खड़े हो गए थे। वो मुझे अपने घर के अंदर लेकर चले गए थे। इस दौरान मैं पति से वीडियो कॉल पर बात कर रही थी। जब मैं बाबा के साथ अंदर पहुंची तो बेड पर बच्ची का शव देखा। उसके चेहरे पर गंभीर चोट थी। बेड पर खून ही खून था। इतना देखकर मैं बाहर आ गई और कॉलोनी के लोगों को घटना और शव के बारे में बताया। हंसते खेलते परिवार में आज चार मौत के बाद माहौल गमगीन हो गया। परिवार की सबसे छोटी बच्ची गौरी और मेरा बेटा एक ही स्कूल में पढ़ते हैं। बच्ची गुरुवार सुबह सात बजे स्कूल की पिकनीक पर मेरे बेटे के साथ गई थी। इसके बाद दोनों शाम 7 बजे वापस घर आ गए थे। राहुल कुमार झां की भतीजी सिमरन ने बताया- गुरुवार शाम ही चाची गीता से फोन पर बात हुई थी। वो हंसकर अच्छे से बात कर रही थी। उनके पास कैश था। ऑनलाइन पैसे चाहिए थे। मैने भेज दिए थे। चाचा पर कर्जे की बात पर उन्होंने कहा कि चाचा ट्रेडिंग के काम के साथ टाइल्स का काम करते थे। ये भी पढ़ें… जयपुर-पत्थर से सिर कुचलकर पत्नी और तीन बेटियों की हत्या:फिर पिता को चाय पिलाई और फरार हो गया, अलग-अलग कमरों में मिली लाश जयपुर के करधनी इलाके में गुरुवार देर रात पति ने पत्नी और 3 बेटियों की हत्या कर दी। चारों की सिर पर पत्थर और मुंह पर वार कर हत्या की गई है। फिर शुक्रवार सुबह बुजुर्ग पिता को चाय पिलाकर आरोपी फरार हो गया। (पूरी खबर पढ़ें)
खगड़िया के परबत्ता थाना क्षेत्र स्थित लगार गांव में शुक्रवार को 15 वर्षीय नवनीत कुमार का अंतिम संस्कार किया गया। अपने इकलौते भाई को खोने के गम में डूबी छोटी बहन मनीषा कुमारी ने भाई की चिता को मुखाग्नि दी। यह दृश्य देखकर अंतिम संस्कार में मौजूद लोग भावुक हो उठे। देखें, मौके से आई तस्वीरें… गंगा में स्नान करने के दौरान डूबा था नवनीत लगार पंचायत के वार्ड संख्या-7 निवासी नवनीत कुमार गुरुवार को बाढ़ के पानी के बीच गंगा नदी में स्नान करने गया था। इसी दौरान वह गहरे पानी में डूब गया और लापता हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों ने प्रशासन को सूचना दी। आपदा मित्रों-ग्रामीणों ने चलाया अभियान नवनीत की तलाश में आपदा मित्रों और ग्रामीणों ने नदी में खोजबीन शुरू की। काफी प्रयास के बाद उसका शव बरामद किया गया। सूचना मिलने पर अंचलाधिकारी हरिनाथ राम और परबत्ता थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार भी मौके पर पहुंचे। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा शव पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए खगड़िया भेज दिया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। इसके बाद शुक्रवार को गांव में अंतिम संस्कार किया गया। पढ़ाई में होनहार था नवनीत, मैट्रिक में टॉप नवनीत उत्क्रमित उच्च विद्यालय टिमापुर लगार का छात्र था। वह पढ़ाई में होनहार था और मैट्रिक परीक्षा में स्कूल टॉप किया था। उसकी सफलता से परिवार के साथ गांव के लोग भी बेहद खुश थे। लेकिन बाढ़ के पानी में हुए हादसे ने महज 15 साल की उम्र में उसकी जिंदगी छीन ली। दिल्ली से पहुंचे पिता, शव देखकर फफके बेटे के डूबने की खबर मिलने के बाद उसके पिता ब्रजेश यादव शुक्रवार सुबह दिल्ली से घर पहुंचे। बेटे का शव देखते ही वे फफक पड़े। घर में चीख-पुकार मच गई। इसके बाद दोपहर में अंतिम संस्कार की तैयारी की गई। बहन ने दी भाई को अंतिम विदाई अंतिम संस्कार के दौरान छोटी बहन मनीषा ने अपने इकलौते भाई की चिता को मुखाग्नि दी। भाई को अंतिम विदाई देती बहन को देखकर वहां मौजूद हर शख्स भावुक हो गया। एक ओर माता-पिता के सामने जवान बेटे को खोने का दर्द था, वहीं दूसरी ओर मनीषा ने अपने बचपन के साथी और इकलौते भाई को हमेशा के लिए खो दिया। लगार में अंतिम संस्कार का यह भावुक दृश्य लंबे समय तक लोगों के जेहन में बना रहेगा।
कानपुर देहात में दैवीय आपदा में जान गंवाने वाले दो लोगों के परिवारों को प्रदेश सरकार की ओर से आर्थिक सहायता दी गई। शुक्रवार को उत्तर प्रदेश सरकार की राज्यमंत्री और सदर विधायक प्रतिभा शुक्ला ने राज्य आपदा मोचक निधि के तहत दोनों मृतकों के कानूनी वारिसों को 4-4 लाख रुपए की सहायता राशि दी। राज्यमंत्री ने ग्राम भीखर निवासी 44 वर्षीय पूरन सिंह की पत्नी चंद्रकली को 4 लाख रुपए का सहायता चेक दिया। पूरन सिंह पुत्र जंग बहादुर सिंह की दैवीय आपदा में मौत हुई थी। इसी तरह ग्राम बैरी दरियाव निवासी 87 वर्षीय शिव स्वरूप पुत्र सीता राम की बेटी साधना देवी को भी 4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी गई। प्रभावित परिवारों से मिलीं राज्यमंत्री सहायता राशि देने के दौरान प्रतिभा शुक्ला ने दोनों परिवारों से मुलाकात की और उन्हें सांत्वना दी। उन्होंने कहा कि परिवार के सदस्य को दैवीय आपदा में खोने का दुख बेहद कठिन होता है। ऐसे समय में सरकार प्रभावित परिवारों को अकेला नहीं छोड़ सकती। उन्होंने परिवारों को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। बोलीं- पात्र परिजनों को जल्द मिले सहायता राज्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार आपदा प्रभावित परिवारों के साथ संवेदनशीलता से खड़ी है। सरकार का प्रयास है कि दैवीय आपदा में जान गंवाने वाले लोगों के पात्र परिजनों को नियमानुसार आर्थिक सहायता जल्द उपलब्ध कराई जाए, ताकि मुश्किल समय में परिवार को कुछ राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि के तौर पर उनकी प्राथमिकता है कि सरकारी योजनाओं और सहायता का लाभ समय पर पात्र लोगों तक पहुंचे। प्रशासन को भी आपदा प्रभावित लोगों के मामलों में संवेदनशीलता और तेजी से कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। इस दौरान उपजिलाधिकारी प्रतिभा मिश्रा समेत संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
इंदौर के एरोड्रम थाना क्षेत्र में दिसंबर 2019 में हुई इंदर वर्मा की हत्या के मामले में जिला कोर्ट ने एक महिला सहित छह आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट 9 सितंबर को फैसला सुनाते हुए सभी आरोपियों को हत्या के मामले में दोषी पाया। प्रत्येक आरोपी को 7 साल के सश्रम कारावास और 8-8 हजार रुपए के अर्थदंड से भी दंडित किया गया है। 24 दिसंबर 2019 की सुबह अम्बिकापुरी कॉलोनी के बगीचे के पास एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिला था। मृतक के शरीर पर धारदार हथियार और मारपीट के चोटों के निशान थे। जांच के दौरान उसकी पहचान इंदर वर्मा (33) के रूप में हुई। पुलिस को जांच में यह भी पता चला कि हत्या किसी अन्य स्थान पर करने के बाद शव को वहां लाकर फेंका गया था। समझौते के बहाने बुलाया, फिर पीटा और शव ठिकाने लगा दिया जांच में सामने आया कि इंदर का लक्ष्मी से पुराना विवाद था। पुलिस पूछताछ में आरोपी संगीता और रोहित उर्फ लालू ने बताया कि 23 दिसंबर की रात इंदर को पुराने विवाद में समझौते के लिए बुलाया गया था। विवाद बढ़ने पर आरोपियों ने डंडों और चाकू से इंदर के साथ मारपीट की। गंभीर चोट लगने से वह बेहोश होकर गिर गया। इसके बाद आरोपियों ने इंदर के हाथ प्लास्टिक की पट्टी से बांध दिए और उसके मुंह व गले पर दुपट्टा बांधा। उसे एक्टिवा पर रखकर अम्बिकापुरी मेन रोड के पास खाली जमीन पर ले गए और शव फेंक दिया। छह आरोपी दोषी मामले में पुलिस ने संगीता पति गब्बर गौड़, रोहित उर्फ लालू, राजेश बौरासी, बबलू मालवीय, अजय उर्फ कालू भोई और करण उर्फ भूरी को आरोपी बनाया गया था। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज समेत अन्य साक्ष्य जुटाकर जांच पूरी की और न्यायालय में चालान पेश किया। सुनवाई के बाद कोर्ट ने सभी छह आरोपियों को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। शासन की ओर से पैरवी सुरेंद्र सिंह वास्केल (विशेष लोक अभियोजक) ने की।
प्रखंड प्रमुख के बेटे की रोड एक्सीडेंट में मौत:शादी के 5 महीने बाद बस ने मारी टक्कर, ड्राइवर भागा
मधुबनी जिले के मधेपुर प्रखंड प्रमुख गायत्री देवी और रमेश ठाकुर के इकलौते बेटे रौशन कुमार (27) की शुक्रवार सुबह सड़क हादसे में मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद रौशन का शव मधेपुर प्रखंड के बसीपट्टी गांव स्थित उनके घर पहुंचा, तो परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। मां और बहन सहित परिवार के दूसरे सदस्य शव से लिपटकर रोते रहे। बड़ी संख्या में ग्रामीण मृतक के घर पहुंच गए। रौशन कुमार अपने ससुराल गमहरिया से बाइक से मधेपुर स्थित अपने घर लौट रहे थे। सिंहेश्वर के पास एक तेज रफ्तार बस ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। बस बहुत तेज रफ्तार में थी - प्रत्यक्षदर्शी हादसे में वह सड़क पर गिर गए और घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और उन्हें इलाज के लिए मधेपुरा सदर अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। हादसे के बाद बस चालक मौके से भाग गया। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बस बहुत तेज रफ्तार में थी। रौशन कुमार की शादी इसी साल 19 अप्रैल को मधेपुरा जिले के चौसा प्रखंड के जीवछपुर गांव में हुई थी। शादी के सिर्फ पांच महीने बाद हुए इस हादसे से दोनों परिवारों में गहरा दुख है। पूरे इलाके में दुख का माहौल उनकी पत्नी का भी रो-रोकर बुरा हाल है। रौशन अपनी तीन बहनों के इकलौते भाई थे। ग्रामीणों ने बताया कि रौशन मिलनसार और सरल स्वभाव के युवक थे। वह अपनी मां गायत्री देवी के प्रखंड प्रमुख के कामों में भी मदद करते थे और इलाके के युवाओं के बीच उनकी अच्छी पहचान थी। उनके निधन की खबर फैलते ही मधेपुर प्रखंड कार्यालय समेत पूरे इलाके में दुख का माहौल छा गया।
बिहार में परीक्षाओं के प्रश्न-पत्र और दूसरी जरूरी सामग्री को सुरक्षित रखने के लिए अब अलग से मजबूत व्यवस्था तैयार की जाएगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश पर बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने राज्य के 29 जिलों में वज्रगृह/परीक्षा भवन बनाने की योजना को आगे बढ़ाया है। इसके लिए कुल करीब 33.07 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। पहले चरण में 12 जिलों में भवन निर्माण के लिए प्रशासनिक स्वीकृति दे दी गई है। प्रश्न-पत्र रखने से लेकर परीक्षा कराने तक की व्यवस्था होगी मजबूत इन वज्रगृह और परीक्षा भवनों में बोर्ड की ओर से आयोजित होने वाली विभिन्न परीक्षाओं के प्रश्न-पत्र और दूसरी जरूरी सामग्री को सुरक्षित रखा जाएगा। परीक्षा के दौरान भी इन भवनों का इस्तेमाल किया जा सकेगा। इससे प्रश्न-पत्रों की सुरक्षा के साथ परीक्षा संचालन की व्यवस्था भी बेहतर होगी। सरकार और बिहार विद्यालय परीक्षा समिति का उद्देश्य परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना और कदाचार मुक्त परीक्षा कराने में मदद करना है। 1 से डेढ़ एकड़ जमीन पर बनेगा भवन प्रस्तावित वज्रगृह/परीक्षा भवनों का निर्माण करीब एक से डेढ़ एकड़ जमीन पर किया जाएगा। भवन निर्माण के लिए तकनीकी रूप से तैयार किए गए प्राक्कलन के आधार पर पहले चरण के जिलों को प्रशासनिक मंजूरी दी गई है। पहले चरण में इन 12 जिलों में निर्माण पहले चरण में जिन 12 जिलों के लिए प्रशासनिक स्वीकृति मिली है, उनमें रोहतास, लखीसराय, बेगूसराय, सीतामढ़ी, पूर्वी चंपारण, वैशाली, कैमूर, नालंदा, जमुई, कटिहार, नवादा और मधेपुरा शामिल हैं। इन जिलों में अलग-अलग स्कूल और शैक्षणिक संस्थानों के परिसर में वज्रगृह/परीक्षा भवन बनाए जाएंगे। इन जगहों पर बनेगा वज्रगृह/परीक्षा भवन रोहतास में श्री शंकर उच्च माध्यमिक विद्यालय (+2), तकिया, सासाराम में निर्माण प्रस्तावित है। लखीसराय में +2 श्री ढ़ेरनाथ महादेव उच्च विद्यालय, शरमा, रामगढ़ चौक में भवन बनेगा। बेगूसराय में राजकीय बुनियादी विद्यालय, विष्णुपुर, जबकि सीतामढ़ी में मध्य विद्यालय, बरियारपुर, डुमरा में वज्रगृह/परीक्षा भवन बनाया जाएगा।. पूर्वी चंपारण में पीएम श्री जिला स्कूल, मोतिहारी और वैशाली में आदर्श उच्च विद्यालय, सराय, भगवानपुर को इसके लिए चुना गया है। कैमूर में उच्च माध्यमिक विद्यालय, रतवार, भभुआ, नालंदा में आरडीएस +2 विद्यालय, राजगीर और जमुई में +2 उच्च विद्यालय, जमुई बाजार में निर्माण होगा। कटिहार में दर्शन साह महाविद्यालय, नवादा में कन्हाई इंटर विद्यालय और मधेपुरा में भूपेन्द्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय के परिसर में वज्रगृह/परीक्षा भवन बनाया जाएगा। 29 जिलों में पूरी योजना, पहले चरण में 12 को मंजूरी बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने राज्य के कुल 29 जिलों में वज्रगृह/परीक्षा भवन बनाने की योजना तैयार की है। पूरी योजना पर करीब 33.07 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। फिलहाल 12 स्थानों पर निर्माण के लिए प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। आगे बाकी जिलों में भी निर्माण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। परीक्षा में गड़बड़ी रोकने में मिलेगी मदद नए भवन बनने के बाद प्रश्न-पत्रों और परीक्षा से जुड़ी दूसरी सामग्री को सुरक्षित रखने के लिए बेहतर और व्यवस्थित जगह उपलब्ध होगी। इससे प्रश्न-पत्रों की सुरक्षा बढ़ेगी और परीक्षा के दौरान सामग्री के रख-रखाव और वितरण की प्रक्रिया भी अधिक व्यवस्थित हो सकेगी। सरकार इसे परीक्षा व्यवस्था को सुरक्षित और कदाचार मुक्त बनाने की दिशा में अहम कदम मान रही है।
झांसी में गणेश उत्सव के लिए शुक्रवार को पुराने शहर के मानिक चौक बाजार में भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित की गई। प्रतिमा को पंडाल तक ले जाने के लिए पहली बार शोभायात्रा निकाली गई। इसमें सैकड़ों की संख्या में युवा शामिल हुए। छत्तीसगढ़ से आए मशहूर देव स्टूडियो डीजे पर बॉलीवुड गानों और भजनों की धुन बजते ही युवाओं का जोश बढ़ गया। डीजे के साथ चल रही भीड़ में बड़ी संख्या में युवा सड़क पर डांस करते नजर आए। शोभायात्रा देर शाम ग्वालियर रोड स्थित सिद्धेश्वर मंदिर से शुरू हुई। इससे पहले आयोजकों और सदर विधायक रवि शर्मा ने युवाओं से शोभायात्रा में शामिल होने की अपील की थी। वहीं, सोशल मीडिया पर भी शोभायात्रा में छत्तीसगढ़ के देव स्टूडियो डीजे के आने की जानकारी साझा की गई थी। इसके बाद युवाओं में डीजे को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। यात्रा सिद्धेश्वर मंदिर से शुरू होकर बीकेडी चौराहा, आंतियाताल, आशिक चौराहा, खांडेराव गेट, पंचकुइयां, कोतवाली और सिंधी तिराहा होते हुए देर रात मानिक चौक पहुंची। यहां पंडाल में विधि-विधान से भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित की गई।डीजे देखने उमड़ी भीड़, सड़क पर डांस करते रहे युवाशोभायात्रा में डीजे के पीछे युवाओं की बड़ी भीड़ चल रही थी। जैसे-जैसे यात्रा आगे बढ़ी, रास्ते में भी लोगों की भीड़ जुड़ती गई। डीजे पर कभी बॉलीवुड गाने तो कभी भजन बजाए गए। इस दौरान युवा सड़क पर ही डांस करते रहे। कई जगह भीड़ इतनी बढ़ गई कि यातायात व्यवस्था प्रभावित हो गई। एक किलोमीटर लंबा जाम, राहगीर परेशान शोभायात्रा में शामिल डीजे को देखने और उसके साथ चलने के लिए उमड़ी भीड़ का असर यातायात पर भी पड़ा। ग्वालियर रोड पर दोनों तरफ करीब एक किलोमीटर लंबा जाम लग गया। इससे राहगीर काफी देर तक जाम में फंसे रहे। वहीं, बीकेडी चौराहे से आंतियाताल जाने वाले मार्ग को भी शोभायात्रा के स्वागत के लिए बंद किया गया था। इससे आसपास के मार्गों पर यातायात का दबाव और बढ़ गया।पहली बार शोभायात्रा में आया देव डीजेगणेश उत्सव के दौरान मानिक चौक तक प्रतिमा ले जाने के लिए पहली बार इस तरह की शोभायात्रा निकाली गई। आयोजकों की ओर से इसे लेकर पहले से तैयारियां की गई थीं। युवाओं को जोड़ने के लिए सोशल मीडिया पर भी शोभायात्रा और डीजे को लेकर प्रचार किया गया था। इसी के चलते यात्रा में बड़ी संख्या में युवा शामिल हुए।
छिंदवाड़ा के सोनपुर क्षेत्र स्थित सोनपुर मल्टी में बीती रात चोरों ने कई वाहनों को निशाना बनाया। सुबह रहवासी घरों से बाहर निकले तो कई कारों से साउंड सिस्टम और बैटरियां गायब मिलीं। एक साथ कई वाहनों में चोरी का पता चलने से मल्टी में हड़कंप मच गया। रहवासी अपने-अपने वाहनों की जांच करने लगे। जानकारी के अनुसार, चोरों ने रात के अंधेरे में मल्टी में खड़े वाहनों से सामान निकाला। कुछ कारों से साउंड सिस्टम और बैटरियां चोरी की गईं। इसके अलावा एक ऑटो और चाबी बनाने वाली मशीन भी चोरी होने की जानकारी सामने आई है। चोरी का पता चलने के बाद रहवासियों ने कोतवाली पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने आसपास के क्षेत्र में जांच शुरू की और वारदात के कुछ घंटे के भीतर कुछ संदिग्ध युवकों को हिरासत में लिया। उनसे पूछताछ की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी देख रही है। इनके जरिए रात के समय संदिग्ध लोगों और वाहनों की गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा रही है। थाना निरीक्षक आशीष कुमार ने बताया कि मामले में संदिग्ध युवकों से पूछताछ की जा रही है। चोरी गया सामान बरामद करने की कार्रवाई भी की जा रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस जल्द मामले का खुलासा करेगी। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि चोरों ने कुल कितने वाहनों को निशाना बनाया और चोरी गए सामान की कुल कीमत कितनी है। वाहन मालिकों की शिकायतों के बाद चोरी की जानकारी सामने आ रही है। पुलिस शिकायतों और जांच के आधार पर वाहनों की संख्या और नुकसान का आकलन करेगी।
दिल्ली सरकार महिलाओं और बालिकाओं की शिकायतों के लिए अलग ग्रिवांस सेल बनाएगी।मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री जनसेवा सदन में दिल्ली महिला आयोग की उच्चस्तरीय बैठक में सुरक्षा, साइबर अपराध और डिजिटल सशक्तिकरण को लेकर अधिकारियों को कई निर्देश दिए। बैठक में आयोग की अध्यक्ष लता गुप्ता, सदस्य और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा सिर्फ कानून बनाने से सुनिश्चित नहीं होगी, बल्कि उन्हें अपने अधिकारों और उपलब्ध सुरक्षा उपायों के प्रति जागरूक करना भी जरूरी है। उन्होंने महिलाओं से जुड़ी ऑनलाइन शिकायत व्यवस्था को सरल और प्रभावी बनाने के साथ आयोग की जमीनी स्तर पर सक्रियता बढ़ाने के निर्देश दिए। सीएम ने कॉलेजों में विशेष जागरूकता अभियान चलाने को कहा। इसमें छात्राओं को ऑनलाइन उत्पीड़न, सोशल मीडिया के दुरुपयोग, साइबर ठगी और अन्य डिजिटल अपराधों से बचाव के उपाय बताए जाएंगे। साथ ही, किसी घटना के बाद शिकायत कहां और किस तरह दर्ज कराई जाए, इसकी जानकारी भी दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने स्कूल-कॉलेजों में पॉस्को अधिनियम के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने बालिकाओं को यौन अपराध और शोषण से सुरक्षा के लिए उपलब्ध कानूनी प्रावधानों तथा शिकायत व्यवस्था की जानकारी देने के निर्देश दिए। इसके अलावा सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए पात्र किशोरियों तक एचपीवी टीकाकरण का लाभ पहुंचाने और इसके प्रति जागरूकता बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।
खगड़िया जिले में गंगा और गंडक नदी की बाढ़ से हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए शुक्रवार को महागठबंधन की एक टीम ने कई इलाकों का दौरा किया। सीपीआईएम, राजद और कांग्रेस के नेताओं वाली इस टीम ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं। टीम ने सरकार और जिला प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे राहत कार्यों की भी जानकारी ली। टीम ने परबत्ता, गोगरी, खगड़िया और मानसी प्रखंड के कई बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा किया। उन्होंने खेतों में लगी खरीफ फसलों के नुकसान, पानी में डूबे घरों और लोगों के सामान की क्षति का जायजा लिया। नेताओं ने बताया कि अचानक घरों में पानी घुसने से बड़ी संख्या में लोग अपने घर छोड़कर सड़क, बांध और ऊंचे स्थानों पर पॉलीथिन शीट के नीचे रहने को मजबूर हैं। गंदगी के पास भोजन कराने पर चिंता जताई इससे भोजन, पीने का पानी, शौचालय, पशु चारा और आने-जाने जैसी समस्याएं बढ़ गई हैं। संजय कुमार ने कहा कि गंगा नदी में हर साल आने वाली बाढ़ से खगड़िया की स्थिति गंभीर हो जाती है। इस बार की बाढ़ में खगड़िया, गोगरी और परबत्ता समेत कई प्रखंडों की बड़ी आबादी प्रभावित हुई है। उन्होंने राहत व्यवस्था को और मजबूत करने की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि कई सामुदायिक किचन में क्षमता से ज्यादा लोग हैं, इसलिए इनकी संख्या बढ़ाने की जरूरत है। संजय कुमार ने सलारपुर बांध के नीचे, खगड़िया कुम्हरचक्की और दुर्गापुर के सामुदायिक किचन में सड़क किनारे गंदगी के पास भोजन कराने पर चिंता जताई और व्यवस्था सुधारने की मांग की। मृतक के घर जाकर परिजनों को सांत्वना दी महागठबंधन के नेताओं ने मध्य रहीमपुर के चम्मन टोला में अब तक सामुदायिक किचन शुरू न होने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने प्रभावित आबादी के हिसाब से नावों की संख्या बढ़ाने, पर्याप्त पशु चारा और पीने का पानी उपलब्ध कराने की भी मांग की। दौरे के दौरान टीम को लगार में 18 साल के छात्र नवनीत कुमार के डूबने से मौत की खबर मिली। इसके बाद महागठबंधन की टीम परबत्ता अस्पताल पहुंची और बाद में मृतक के घर जाकर परिजनों को सांत्वना दी। क्षतिपूर्ति और मुआवजा उपलब्ध कराने की मांग टीम ने तेमथा करारी, नयागांव, माधवपुर, लगार, सलारपुर, बिसौनी, शिरोमणि टोला, चौधा बन्नी, नवटोलिया, भदले, बोरने, झिटकिया, रामपुर, रहीमपुर दक्षिणी-मध्य-उत्तरी, मटिहानी, जालिमबाबू टोला और पूरबी ठाठा सहित कई अन्य क्षेत्रों में बाढ़ से हुए नुकसान का भी जिक्र किया। महागठबंधन ने जिले के व्यापक रूप से प्रभावित क्षेत्रों को बाढ़ग्रस्त क्षेत्र घोषित करने तथा सरकारी प्रावधानों के अनुसार सभी प्रभावित परिवारों को क्षतिपूर्ति और मुआवजा उपलब्ध कराने की मांग की। दौरे में सीपीआईएम जिला सचिव सुरेन्द्र प्रसाद महतो, हरेराम चौधरी, नवीन चौधरी, राजद नेता अखिलेश्वर दास, प्रमोद यादव, कांग्रेस नेता प्रभाकर यादव, नवल यादव, सीपीआईएम नेता पियूष कुमार पंकज, अर्जुन सिंह और संजीव कुमार सहित अन्य नेता शामिल रहे।
सुपौल जिला जदयू कार्यालय में शुक्रवार को पिपरा विधायक रामविलास कामत ने ‘नीतीश संवाद’ कार्यक्रम के तहत फरक्का जल संधि को लेकर प्रेस वार्ता की। उन्होंने केंद्र सरकार से दिसंबर 2026 में समाप्त हो रही भारत-बांग्लादेश फरक्का जल संधि के नवीनीकरण पर बिहार के हितों को ध्यान में रखते हुए पुनर्विचार करने की मांग की। फरक्का बराज को बताया बाढ़ की प्रमुख वजह रामविलास कामत ने कहा कि फरक्का बराज के कारण गंगा नदी में लगातार गाद जमा हो रही है। इससे नदी का तल ऊंचा हो रहा है और पानी का प्राकृतिक प्रवाह भी प्रभावित हुआ है। बारिश या जलस्तर बढ़ने पर गंगा का पानी तेजी से खतरे के निशान के आसपास पहुंच जाता है, जिसका असर उत्तर बिहार के गंगा किनारे बसे जिलों पर पड़ता है। बिहार में आने जितना पानी, उतना आगे छोड़ा जाए विधायक ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं की ओर से गंगा किनारे स्थित जिलों में लोगों को फरक्का जल संधि के प्रभावों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। जदयू की मांग है कि बिहार में गंगा में जितना पानी प्रवेश करता है, उतनी ही मात्रा में पानी आगे छोड़ा जाए। कोसी समेत अन्य नदियों के पानी के उपयोग की मांग उन्होंने कहा कि कोसी समेत बिहार की अन्य नदियों के जल का उपयोग राज्य की जरूरतों के अनुसार किया जाना चाहिए। उनके अनुसार जल संसाधनों का बेहतर उपयोग सिंचाई, पेयजल और विकास कार्यों में किया जा सकता है। 12 दिसंबर 1996 को हुई थी संधि कामत ने बताया कि भारत और बांग्लादेश के बीच 12 दिसंबर 1996 को गंगा जल बंटवारे को लेकर 30 वर्षों के लिए फरक्का जल संधि हुई थी। इसकी अवधि दिसंबर 2026 में समाप्त हो रही है। उन्होंने दावा किया कि संधि के कारण बिहार को तीन दशकों से पर्यावरणीय और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। नीतीश कुमार भी उठा चुके हैं मुद्दा विधायक ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कई बार फरक्का बराज से बिहार को होने वाले नुकसान का मुद्दा उठा चुके हैं। जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने भी राज्यसभा में फरक्का जल संधि को बिहार के हित में नहीं होने की बात कही है। प्रेस वार्ता में जदयू जिलाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद यादव, पूर्व जिलाध्यक्ष अमर कुमार चौधरी समेत कई पार्टी नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
भोपाल में चोरी की एक्टिवा लेकर शहर में पुलिस की वर्दी पहनकर घूम रहे शातिर वाहन चोर को कोहेफिजा पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान देवलाल बरकडे उर्फ मोनू के रूप में हुई है। उसके कब्जे से चोरी की एक्टिवा, आईफोन-16 और पुलिस की वर्दी बरामद हुई है। कुल बरामद माल की कीमत करीब 1.80 लाख रुपए है। मामला 22 अगस्त का है। इंद्रविहार कॉलोनी निवासी नीलू साहू अपनी एक्टिवा क्रमांक MP04YY5579 से हमीदिया अस्पताल परिसर स्थित मेट्रून ऑफिस पहुंची थीं। सुबह करीब 8.30 से दोपहर 1.40 बजे के बीच अज्ञात चोर उनकी एक्टिवा चोरी कर ले गया। एक्टिवा में रखा आईफोन-16 भी चोर अपने साथ ले गया। शिकायत पर कोहेफिजा पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की। चालान घर पहुंचा तो खुला बड़ा राज पुलिस चोरी की एक्टिवा और आरोपी की तलाश में सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही थी। इसी दौरान 2 सितंबर को वाहन मालिक के पास ट्रैफिक सिग्नल जंप करने का ई-चालान पहुंचा। चालान में लगी फोटो देखकर पुलिस भी चौंक गई। चोरी की एक्टिवा चलाने वाला युवक खाकी रंग की पुलिस वर्दी पहने हुए था। फोटो मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी के रूट की तलाश शुरू की। शहर में लगे करीब 100 से 150 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। अलग-अलग स्थानों की फुटेज को जोड़ते हुए पुलिस आरोपी तक पहुंची और उसे गिरफ्तार कर लिया। वर्दी, बेल्ट और जूते भी मिले पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक्टिवा और आईफोन-16 बरामद करने के साथ पुलिस की वर्दी, शर्ट, पैंट, बेल्ट और जूते भी जब्त किए हैं। पूछताछ में पुलिस वर्दी के इस्तेमाल को लेकर भी जानकारी जुटा रही है। पुलिस ने इस संबंध में मामले में वैधानिक धाराएं बढ़ाई हैं। पुलिस के अनुसार आरोपी देवलाल बरकडे उर्फ मोनू मूल रूप से परासिया, छिंदवाड़ा का रहने वाला है और वर्तमान में छोला मंदिर इलाके में रह रहा था। आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया है। बरामदगी: एक्टिवा ₹95 हजार, आईफोन-16 ₹85 हजार और पुलिस की वर्दी समेत कुल ₹1.80 लाख का माल।
अजमेर नगर निगम के दूसरे चरण में शुक्रवार को 80 वार्डों के लिए मतदान हुआ। शाम 6 बजे वोटिंग खत्म होने तक 63.65% मतदान दर्ज किया गया। यानी शहर की सरकार चुनने के लिए करीब दो-तिहाई मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। 360 प्रत्याशियों का भविष्य अब EVM में कैद है। मतदान प्रतिशत ने भाजपा और कांग्रेस दोनों की धड़कनें बढ़ा दी है, क्योंकि पिछली बार 2021 में 66.17% वोटिंग हुई थी। इस बार मतदान 2.52 प्रतिशत अंक कम रहा है। 2010 के मुकाबले 8.85 प्रतिशत ज्यादा वोटिंग अजमेर नगर निगम के चुनावी इतिहास में 2026 का 63.65% मतदान 2005 के बाद तीसरा सबसे ज्यादा है। 2005 में 57.80%, 2010 में 54.80%, 2015 में 62.78% और 2021 में 66.17% मतदान हुआ था। यानी 2010 के बाद लगातार दो चुनाव में वोटिंग बढ़ी, लेकिन इस बार फिर गिरावट आई। यानी 2010 के 54.80% के मुकाबले इस बार मतदान करीब 8.85 प्रतिशत अंक ज्यादा है, लेकिन 2021 के रिकॉर्ड 66.17% से पीछे रह गया। खास बात यह है कि इस बार मुकाबला कई वार्डों में कांटे का माना जा रहा है। ऐसे में कुछ वार्डों में कुछ दर्जन या कुछ 100 वोटों का अंतर भी जीत-हार तय कर सकता है। कम मतदान वाले वार्डों में यह अंतर और ज्यादा महत्वपूर्ण हो सकता है। 2021 के मुकाबले 2.52% कम वोटिंग, लेकिन तस्वीर आसान नहीं 2021 में 66.17% मतदान हुआ था और भाजपा ने 80 में से 79 वार्डों के चुनाव में 47 सीटें जीती थीं। कांग्रेस को 18, निर्दलीयों को 13 और रालोपा को 1 सीट मिली थी। एक वार्ड में भाजपा प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित हुई थीं। इस बार भाजपा ने 80 में से 79 वार्डों में प्रत्याशी उतारे हैं, जबकि कांग्रेस के 77 प्रत्याशी मैदान में हैं। बाकी सीटों पर निर्दलीय और अन्य दलों के प्रत्याशी मुकाबले में हैं। टिकट वितरण के बाद दोनों दलों में बगावत और निर्दलीय प्रत्याशियों की मौजूदगी ने कई वार्डों का मुकाबला बहुकोणीय बना दिया है। यही वजह है कि निर्दलीय अहम यदि भाजपा या कांग्रेस बहुमत से कुछ सीट पीछे रह जाती है तो निर्दलीय पार्षद बोर्ड बनाने में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं। इस बार मैदान में बड़ी संख्या में निर्दलीय प्रत्याशी होने के कारण परिणाम के बाद राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल सकते हैं। खासकर उन वार्डों पर नजर रहेगी जहां भाजपा-कांग्रेस के साथ बागी या मजबूत निर्दलीय प्रत्याशी भी मुकाबले में हैं। यदि ऐसे उम्मीदवार जीतते हैं तो बोर्ड बनाने के लिए उनकी राजनीतिक कीमत बढ़ सकती है। 36 साल से भाजपा का बोर्ड, 2010 में कांग्रेस का मुखिया लेकिन बोर्ड भाजपा का अजमेर निकाय की राजनीति में पिछले साढ़े तीन दशक से भाजपा का दबदबा रहा है। 1990 में तत्कालीन नगर परिषद में भाजपा के रतनलाल यादव सभापति बने थे। इसके बाद 1995 में वीर कुमार, 2000 में अनिता भदेल और 2005 में धर्मेंद्र गहलोत सभापति बने। 2010 में कांग्रेस के कमल बाकोलिया सीधे निर्वाचन प्रक्रिया से मेयर बने, लेकिन उस समय भी बोर्ड में भाजपा का बहुमत था। 2015 में धर्मेंद्र गहलोत मेयर बने और 2021 में भाजपा की ब्रजलता हाड़ा अजमेर नगर निगम की पहली महिला मेयर बनीं। महापौर पद महिला के लिए अनारक्षित, इसलिए बढ़ेगी जोड़-तोड़ इस बार महापौर पद अनारक्षित महिला के लिए आरक्षित है। ऐसे में परिणाम आने के बाद सिर्फ बहुमत का आंकड़ा ही महत्वपूर्ण नहीं होगा, बल्कि किस दल के पास मजबूत महिला पार्षदों का समीकरण है, यह भी मायने रखेगा। 14 सितंबर को मतगणना के बाद तस्वीर साफ होगी। यदि किसी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला तो परिणाम और महापौर चुनाव के बीच का समय बेहद अहम हो जाएगा। संभावित विजयी पार्षदों को एकजुट रखने के लिए दोनों दल रणनीति बना सकते हैं। हालांकि अभी तक किसी दल ने आधिकारिक तौर पर बाड़ेबंदी की घोषणा नहीं की है।
बांसवाड़ा नगर परिषद चुनाव के बाद भाजपा ने अपने पार्षद प्रत्याशियों की बाड़ेबंदी शुरू कर दी है। जोड़-तोड़ की आशंका को देखते हुए भाजपा ने अपने 60 पार्षद उम्मीदवारों को गुजरात के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल सारंगपुर बालाजी धाम भेज दिया है। सभी पार्षदों को गुरुवार को जिला पार्टी ऑफिस से एक निजी बस से रवाना किया गया था। शुक्रवार को इन पार्षद प्रत्याशियों का मंदिर परिसर में दर्शन करते हुए एक वीडियो भी सामने आया है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, सभी को एक साथ रहने के निर्देश दिए गए हैं।
मेरठ में शुक्रवार को बहुजन समाज पार्टी के नेता देववृत्त त्यागी ने बसपा से इस्तीफा दे दिया है। दवा कारोबारी देववृत्त त्यागी ने 2024 में बसपा के टिकट पर मेरठ में लोकसभा चुनाव लड़ा था। हालांकि वो चुनाव जीत नहीं पाए थे। लेकिन मायावती के करीबियों में शामिल रहे हैं। शुक्रवार को अचानक देववृत्त त्यागी ने बसपा से इस्तीफा दे दिया है जिसे 2027 चुनाव से पहले बड़ा झटका माना जा रहा है। लगातार फेरबदल को बताया इस्तीफे का कारण देववृत्त त्यागी का कहना है कि आगामी विस चुनाव की तैयारियों के समय संगठन को मजबूत करने की बजाय लगातार फेरबदल किए जाने से कार्यकर्ताओं में असमंजस और अविश्वास की स्थिति पैदा हो रही है। उनका आरोप है कि पार्टी मुख्यालय में बैठे कुछ लोग ऐसे निर्णय ले रहे हैं, जिससे संगठन कमजोर हो रहा है। संगठन को बनाया जा रहा कमजोरदेववृत्त का कहना है कि विस चुनाव का बिगुल बजने के बाद बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने, कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और चुनावी रणनीति बनाने पर ध्यान देना चाहिए। लेकिन, पार्टी में लगातार उठापटक चल रही है। आकाश आनंद को चुनावी तैयारियों के बीच पार्टी से बाहर किया जाना उचित नहीं है। इससे कार्यकर्ताओं में गलत संदेश जा रहा है। अभी तो और कार्यकर्ता भी इस्तीफा देंगे देववृत्त त्यागी के अनुसार बसपा में जिस तरह लगातार फेरबदल जारी हैं वो कुछ समझ नहीं आ रहे। कहा कि अब 2027 विधानसभा चुनाव का समय है लेकिन यहां रोजाना बदलाव हो रहे हैं। कहा केवल आकाश ही नहीं, बल्कि जिला अध्यक्ष, मंडल प्रभारी, पश्चिमी उत्तर प्रदेश प्रभारी से लेकर प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर तक पदाधिकारियों में बार-बार बदलाव से संगठन प्रभावित हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि मेरठ में कई पुराने बसपाई पार्टी की मौजूदा कार्यप्रणाली से नाराज हैं और पार्टी छोड़ने का मन बना चुके हैं। जल्द ही उनके भी इस्तीफे भी सामने आ सकते हैं।बसपाइयों ने बैठक कर बनाई रणनीति देववृत्त त्यागी समेत कुछ नाराज बसपाइयों ने एक दिन पहले संयुक्त रूप से बैठक की थी। बैठक में संगठन की मौजूदा स्थिति और आकाश आनंद को पार्टी से बाहर किए जाने सहित कई मुद्दों पर चर्चा हुई। बताया जा रहा है कि सभी सपा के एक पदाधिकारी से भी मिले। इसके बाद देववृत्त त्यागी ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और पद से इस्तीफा देने का फैसला किया। हालांकि, लोकसभा चुनाव के बाद से देववृत्त त्यागी की पार्टी संगठन में सक्रियता पहले जैसी नहीं थी। उनके इस्तीफे के बाद बसपा के अंदर की राजनीतिक हलचल एक बार फिर चर्चा में आ गई है।जिलाध्यक्ष बोले, कोई बड़ा नेता नहीं जा रहा जिलाध्यक्ष मोहित जाटव का कहना है कि देववृत्त त्यागी लोकसभा चुनाव के बाद से पार्टी कार्यालय नहीं आए हैं। वर्तमान में संगठन में उनके पास कोई पद भी नहीं था। इसलिए उनके जाने से पार्टी संगठन पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि कुछ अन्य लोगों के पार्टी छोड़ने की चर्चा थी, जो कि गलत है। सभी बसपा के सच्चे सिपाही हैं और संगठन के साथ जुड़े हुए हैं।जिला कार्यकारिणी की बैठक आजबसपा जिला संगठन की बैठक शनिवार को फूलबाग कॉलोनी स्थित पार्टी के जिला कार्यालय पर बुलाई गई है। जिलाध्यक्ष मोहित जाटव के अनुसार बैठक में पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को कैडर कैंप की जिम्मेदारियां दी जाएंगी। इसके साथ ही आगामी संगठनात्मक कार्यक्रमों पर चर्चा होगी। हालांकि, पार्टी के भीतर चल रही चर्चाओं के बीच बैठक को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। माना जा रहा है कि संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी कार्यकर्ताओं और पुराने नेताओं से संवाद कर उनकी नाराजगी दूर करने का प्रयास करेंगे।
बुरहानपुर जिले में 12 सितंबर को नेशनल लोक अदालत लगेगी। इसके साथ ही नगर निगम सेवा सदन विधि लॉ कॉलेज में भी लोक अदालत लगाएगा। नगर निगम आयुक्त संदीप श्रीवास्तव ने एक वीडियो संदेश जारी कर बताया कि शहर के सभी 48 वार्डों में भी लोगों को टैक्स जमा करने की सुविधा मिलेगी। नगर निगम सहायक आयुक्त स्वर्णिका वर्मा ने जानकारी दी कि लोक अदालत सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगी। शहर के लोगों की सहूलियत के लिए नगर निगम ने सभी 48 वार्डों में टैक्स जमा करने के लिए काउंटर बनाए हैं। निगम आयुक्त संदीप श्रीवास्तव ने बताया कि लोक अदालत से नागरिकों को बकाया संपत्ति कर और जलकर चुकाने का अच्छा मौका मिलेगा। इससे उन्हें पेनल्टी और कानूनी प्रक्रियाओं से भी राहत मिलेगी। उन्होंने बताया कि इस लोक अदालत में संपत्ति कर, जलकर, अधिभार और सरचार्ज में छूट दी जा रही है। पुराने बकाया कर पर अधिभार में भी छूट मिलेगी। आयुक्त ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे नेशनल लोक अदालत में अपने टैक्स की राशि जमा कर छूट का फायदा उठाएं।
मऊ में अक्टूबर 2012 में हुए अधिवक्ता अफजल अली हत्याकांड में शुक्रवार को अदालत ने फैसला सुनाया। एडीजे दीपनारायण तिवारी की अदालत ने मामले में दो आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। दोनों पर कुल 21 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। दोषी धर्मेंद्र और अजित को सजा सुनाई गई है। धर्मेंद्र हरिजन बस्ती, जीयनपुर, आजमगढ़ का रहने वाला है, जबकि अजित रानीपुर थाना क्षेत्र के ताहिरपुर का निवासी है। कोर्ट ने आदेश दिया कि जुर्माना जमा नहीं करने पर दोनों दोषियों को दो-दो साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इसके अलावा मृतक अधिवक्ता की पत्नी जहांआरा को 20 हजार रुपए मुआवजा देने का भी आदेश दिया गया है। संपत्ति विवाद में हत्या का आरोप मामला शहर कोतवाली थाना क्षेत्र का है। 9 अक्टूबर 2012 को हट्ठी मदारी निवासी शौकत अली ने अधिवक्ता अफजल अली की हत्या की FIR दर्ज कराई थी। आरोप था कि संपत्ति विवाद के चलते अधिवक्ता की हत्या की गई। मामले में शहर कोतवाली में कुल 13 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। अभियोजन ने पेश किए 8 गवाह मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अनिल कुमार पाण्डेय ने 8 गवाह पेश किए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने धर्मेंद्र और अजित को हत्या का दोषी माना। कोर्ट ने धर्मेंद्र पर 11 हजार रुपए और अजित पर 10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया। 10 आरोपी बरी, एक की मौत मामले में आरोपी नन्हे उर्फ असलम, अमीर हमजा, नसीम, समसुद्दीन, मोबिन, अशफाक अहमद, अफजल अलंकार, संजय यादव, प्रमोद गोंड़ और पंकज यादव को अदालत ने साक्ष्यों के आधार पर बरी कर दिया। एक अन्य आरोपी पंकज यादव की मौत हो चुकी है। उसकी मौत के कारण उसके खिलाफ चल रही कार्रवाई समाप्त कर दी गई।
बिहार के कृषि मंत्री और जिले के प्रभारी विजय कुमार सिन्हा गोपालगंज पहुंचे। उन्होंने स्थानीय सर्किट हाउस में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान कृषि मंत्री ने बताया कि 'आशीर्वाद का दीया' नाम का एक खास अभियान शुरू किया जा रहा है। यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन और उनके सार्वजनिक जीवन में निस्वार्थ सेवा के 25 साल पूरे होने के मौके पर आयोजित किया जा रहा है। इसका मुख्य संदेश है, “जिसने जीवन संवारा, उसे आशीर्वाद हमारा है।” बिहार में 2 करोड़ 50 लाख लोगों तक पहुंचने का लक्ष्य मंत्री विजय सिन्हा ने बताया कि यह अभियान 17 सितंबर से शुरू होकर 7 अक्टूबर तक चलेगा। 17 सितंबर को शाम 7 बजे पूरे प्रदेश में एक साथ दीये जलाए जाएंगे। इस अभियान के तहत पूरे देश में 25 करोड़ और बिहार में 2 करोड़ 50 लाख लोगों तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास रहेगा कि बिहार के गांव-गांव और घर-घर तक प्रधानमंत्री के प्रति जनता का स्नेह और आशीर्वाद पहुंचे। यह सिर्फ दीये जलाने का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि देश को विकास की नई दिशा देने वाले जननायक का आभार जताने का एक तरीका है। अभियान को लोगों तक पहुंचाने के लिए नीचे से ऊपर, आपूर्ति ऊपर से नीचे का तरीका अपनाया गया है। 10 मुख्य जगहों को पहचान कर सामूहिक दीप प्रज्वलन दीयों का वितरण सरकारी राशन की दुकानों, आंगनबाड़ी केंद्रों और स्वयं सहायता समूहों के जरिए किया जाएगा। संगठन के जिला, मंडल और बूथ स्तर के कार्यकर्ता, विभिन्न एनजीओ और सहकारी संस्थाओं के साथ मिलकर इस काम को तेज करेंगे। व्यक्तिगत रूप से घर-घर दीये जलाने के अलावा, हर जिले में 10 मुख्य जगहों को पहचान कर सामूहिक दीप प्रज्वलन का आयोजन होगा। इसमें मुख्य रूप से प्रधानमंत्री आवास योजना की कॉलोनियां, अमृत सरोवर, नए पुल, जन औषधि केंद्र, आयुष्मान अस्पताल, शिक्षण संस्थान, मंदिर-घाट और पंचायत भवन शामिल होंगे। प्रदेश कार्यालय को भेजा जाएगा फोटो या वीडियो अभियान को सोशल मीडिया और डिजिटल माध्यमों से भी बड़े स्तर पर जोड़ा जाएगा। लोग दीये जलाने की फोटो, वीडियो, सेल्फी और रील बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर करेंगे। सांसद, विधायक और वरिष्ठ नेता होर्डिंग के जरिए इसका प्रचार करेंगे। हर बूथ से कम से कम एक सामूहिक दीप प्रज्वलन का फोटो या वीडियो प्रदेश कार्यालय को भेजा जाएगा, जिसकी प्रगति रिपोर्ट जिला और प्रदेश स्तर पर बनेगी। मंत्री ने अंत में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 25 वर्षों का सार्वजनिक जीवन निरंतर देश सेवा को समर्पित रहा है और यह अभियान उसी ऐतिहासिक यात्रा के प्रति जनता का सच्चा आभार है।
लुधियाना के काराबारा इलाके में शुक्रवार को नगर निगम की टीम ने एक बिल्डिंग पर कार्रवाई की। टीम ने वहां चल रहे निर्माण कार्य को रोक दिया। शिकायतकर्ता हरजिंदर पाल सिंह ने बताया कि काराबारा इलाके में उनकी करीब 600 गज पुश्तैनी जमीन है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ भू-माफिया से जुड़े लोग उनकी जमीन पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे थे। हरजिंदर पाल सिंह ने इस मामले में पुलिस, नगर निगम कमिश्नर और संबंधित अधिकारियों को शिकायत दी थी। उन्होंने कार्रवाई की मांग की थी। उनकी शिकायत पर ही नगर निगम की टीम शुक्रवार सुबह वहां पहुंची और बिल्डिंग का निर्माण रुकवा दिया। 6 लोगों के खिलाफ केस दर्ज हरजिंदर पाल सिंह ने बताया कि जमीन को लेकर विवाद पहले से चल रहा है। उन्होंने प्रशासन से इस मामले में दखल देने की मांग की थी। उन्होंने यह भी बताया कि पुलिस ने भी इस मामले में कार्रवाई की है। शिकायत के आधार पर 6 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। आरोप है कि आरोपियों पर गंभीर धाराओं में केस दर्ज हुआ है। शिकायतकर्ता ने प्रशासन और पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने अपनी पुश्तैनी जमीन को कब्जे से बचाने और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की भी मांग की है।
झाबुआ के पेटलावद क्षेत्र में शुक्रवार शाम आवारा पशुओं को बचाने के लिए सड़क पर रुकी कार को पीछे से यात्री बस ने टक्कर मार दी। हादसा सारंगी चौकी क्षेत्र के पत्थरपाड़ा में हुआ। टक्कर के बाद कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त होकर सड़क किनारे जा गिरी, लेकिन उसमें सवार दोनों लोग मामूली चोटों के साथ बच गए। बस चालक समय पर ब्रेक नहीं लगा सका आष्टा से झाबुआ जा रही कार के सामने अचानक आवारा पशु आ गए थे। चालक ने पशुओं को बचाने के लिए कार रोक दी। इसी दौरान उज्जैन से झाबुआ जा रही यादव ट्रेवल्स की बस पीछे से आ गई। चालक के समय पर ब्रेक नहीं लगा पाने से बस कार से जा टकराई। कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त टक्कर से कार (MP09 CP 9926) बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और सड़क किनारे जा गिरी। कार में सवार दोनों लोगों को मामूली चोटें आईं। बस में सवार सभी यात्री सुरक्षित रहे। पुलिस ने हटवाए दोनों वाहन हादसे की सूचना मिलते ही सारंगी चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क से हटवाया, जिसके बाद यातायात सामान्य हो गया।
पीलीभीत जिला पंचायत में नियमों के उल्लंघन और करोड़ों रुपए की निविदाएं जारी करने का मामला सामने आया है। विनायक कंस्ट्रक्शन की शिकायत के बाद जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी (एएमए) धर्मेंद्र कुमार के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। डीएम के निर्देश पर मामले की जांच मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) की अध्यक्षता में तीन ला जिस्तरीय अधिकारियों की समिति को सौंपी गई है। जिलाधिकारी के मुताबिक, जांच रिपोर्ट के बाद करीब 20 करोड़ रुपए की निविदाएं निरस्त कर दी गई हैं। एएमए के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भी भेजा गया है। ग्रांट मिले बिना जारी किए ई-टेंडर आरोप है कि एएमए धर्मेंद्र कुमार ने 16वें वित्त आयोग के तहत केंद्र सरकार से कोई ग्रांट मिले बिना ही करोड़ों रुपए के ई-टेंडर जारी कर दिए। राज्य सरकार की ओर से भी इस बजट के इस्तेमाल को लेकर कोई निर्देश जारी नहीं किए गए थे। पंचायती राज विभाग के नियमों के मुताबिक ई-टेंडर जारी करने से पहले संबंधित कार्ययोजना को ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर अपलोड करना जरूरी है। आरोप है कि इन निविदाओं को जारी करते समय इस प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। नोटिस के बाद भी डीएम के सामने नहीं हुए पेश मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएम ने एएमए को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। प्रशासन के मुताबिक, इसके बावजूद एएमए ने डीएम के निर्देश का पालन नहीं किया और उनके सामने पेश होने से बचते रहे। इसके बाद जिला प्रशासन ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित कर दी। 3.35 करोड़ के 8 हेल्थ सेंटरों के टेंडर भी रद्द जांच का दबाव बढ़ने के बाद 3.35 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले आठ हेल्थ सेंटरों की निविदाएं भी रद्द कर दी गईं। प्रशासन के मुताबिक, इन स्वास्थ्य उपकेंद्रों के निर्माण के लिए भी डीएम से जरूरी प्रशासनिक मंजूरी नहीं ली गई थी। जिला प्रशासन ने एएमए के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए शासन को दोबारा पत्र भेजा है। 2025 में भी 25 करोड़ की टेंडरिंग में सामने आया था नाम एएमए धर्मेंद्र कुमार इससे पहले भी विवादों में रहे हैं। वर्ष 2025 में 25 करोड़ रुपए की ई-टेंडरिंग में अनियमितता के मामले में उनके दोषी पाए जाने का दावा किया गया था। उस समय गन्ना राज्यमंत्री संजय सिंह गंगवार ने मामले की शिकायत मुख्यमंत्री से की थी। अब मौजूदा मामले में भी जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू होने के बाद एएमए पर शासन स्तर से कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। डीएम बोले- जांच रिपोर्ट के बाद निविदाएं निरस्त जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि करीब 20 करोड़ रुपए की निविदाओं को जांच रिपोर्ट के बाद निरस्त कर दिया गया है। जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखा गया है।
देवास में मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के तहत कलेक्टर ऋतु राज सिंह ने शुक्रवार को टोंकखुर्द विकासखंड के कई गांवों का दौरा किया। उन्होंने स्कूल, छात्रावास, आंगनवाड़ी, राशन दुकान और सहकारी सोसायटी का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई जगहों पर व्यवस्थाओं में लापरवाही मिली। इस पर कलेक्टर ने अधिकारियों को फटकार लगाई और जांच के आदेश दिए। कलेक्टर ने किसानों से भी मुलाकात की। उन्होंने सोयाबीन की फसल देखी और उनकी समस्याएं सुनीं। देवली के सरकारी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के निरीक्षण में कलेक्टर ने शिक्षकों की हाजिरी और पढ़ाई की स्थिति देखी। छात्राओं से बात करने पर पता चला कि उन्हें गणित में दिक्कत आ रही है। इस पर उन्होंने अतिथि शिक्षक रंजना मवार को बुलाया। कलेक्टर ने कहा कि बच्चों की पढ़ाई में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने जरूरत पड़ने पर बच्चों को अतिरिक्त ट्रेनिंग देने के भी निर्देश दिए। स्कूल में गंदगी और पानी की समस्या मिलने पर अधिकारियों को तुरंत व्यवस्था ठीक करने को कहा गया। किताबों की जांच में सामने आया कि पिछले साल की किताबें बच्चों को बांटी ही नहीं गई थीं। इस पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई और एसडीएम को मामले की तुरंत जांच करने के आदेश दिए। स्कूल परिसर में बने आंगनवाड़ी केंद्र में बच्चों की हाजिरी और पोषण आहार की जानकारी ली गई। मिड-डे मील की व्यवस्था में भी लापरवाही मिली। पता चला कि खाना स्कूल के बजाय रसोइये के घर पर बनाया जा रहा था। इस पर कलेक्टर ने साफ निर्देश दिए कि खाना स्कूल परिसर में ही तैयार किया जाए। उन्होंने रसोईघर की पुताई कराने को भी कहा। किसानों के बीच पहुंचे, खेत में देखी सोयाबीनस्थानीय किसानों ने कलेक्टर को पानी की कमी और सोयाबीन में पीले मोजेक रोग के प्रकोप की समस्या बताई। किसानों की शिकायत सुनने के बाद कलेक्टर सीधे खेत में पहुंचे और प्रभावित फसल का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को किसानों को फसल संबंधी उचित तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। छात्रावास में खराब भवन और रास्ते की समस्या मिलीदेवली के शासकीय विमुक्त, घुमंतू एवं अर्धघुमंतू जनजाति बालक आश्रम में कलेक्टर ने बच्चों से बातचीत कर भोजन, आवास और पढ़ाई की जानकारी ली। बच्चों को निःशुल्क कोचिंग दिए जाने की जानकारी भी ली। आश्रम तक पहुंचने के रास्ते की समस्या पर उन्होंने पटवारी को भू-स्वामियों से चर्चा कर रास्ता निकालने के निर्देश दिए। भवन की पुताई कराने को भी कहा। सोसायटी में खाद उठाव में देरी, निजी निर्माण की होगी जांचचौबराधीरा की बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्था में कलेक्टर ने ई-टोकन, खाद स्टॉक और कार्य प्रक्रिया की जानकारी ली। खाद का समय पर उठाव नहीं होने पर जवाब-तलब किया। सोसायटी परिसर में निजी निर्माण का मामला सामने आने पर एसडीएम को जांच के निर्देश दिए। शासकीय सीनियर बालक छात्रावास के भवन की खराब स्थिति मिलने पर भवन निर्माण से संबंधित जानकारी लेकर जांच के आदेश दिए। राशन दुकान में ऑनलाइन और भौतिक स्टॉक मिलायाकलेक्टर ने स्व-सहायता समूह द्वारा संचालित राशन दुकान का भी औचक निरीक्षण किया। पीओएस मशीन में दर्ज ऑनलाइन डेटा और दुकान में उपलब्ध भौतिक स्टॉक का मिलान किया। समूह की महिलाओं से गेहूं, चावल सहित अन्य खाद्यान्न के वितरण और वर्तमान स्टॉक की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने पौधारोपण भी किया।
लखनऊ के आलमबाग स्थित नटखेड़ा सड़क के गड्ढों से व्यापारी परेशान है। स्थानीय लोगों ने नगर निगम रातों-रात सड़क खोदकर गड्ढा किए जाने का आरोप लगाया। सड़क खराब होने से व्यापारियों और राहगीरों की परेशानी बढ़ गई है। युवा व्यापार मंडल के अध्यक्ष मनीष अरोड़ा ने कहा कि सड़के खराब होने से विकास कि रफ्तार स्लो हो गई है। नगर निगम पर सड़क उखाड़ने का आरोप व्यापारियों का आरोप है कि बुधवार देर रात नगर निगम ने बिना किसी पूर्व सूचना के सड़क पर गड्ढा खोद दिया। दो दिन गुजरने के बाद भी निर्माण नहीं हो सका , यहां से गुजरने वाले स्कूली वैन, राहगीरों और व्यापारियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। सड़क की स्थिति ऐसी हो गई कि वाहनों की बात तो दूर, लोगों का पैदल निकलना भी मुश्किल हो गया। टूटी सड़क से स्थानीय परेशान व्यापारियों ने कहा कि नटखेड़ा रोड क्षेत्र में सुबह के समय स्कूली बच्चों और स्थानीय लोगों की आवाजाही अधिक रहती है। सड़क पर अचानक गड्ढा खोद दिए जाने से हादसे का खतरा भी बढ़ गया है। स्कूली वैन चालकों को भी यहां से गुजरने में दिक्कत हो रही है। व्यापारियों का कहना है कि यदि जल्द ही गड्ढे को भरकर सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई तो किसी भी वक्त बड़ा हादसा हो सकता है। ‘अधिकारियों कि दिलचस्पी विकास के कम में नहीं’ मनीष अरोड़ा ने कहा कि खाने को तो लखनऊ स्मार्ट सिटी है मगर सड़कों की हालत ऐसी है कि पैदल चलना मुश्किलहै। सिर्फ कागजों में ही स्मार्ट नजर आता है। सबसे ज्यादा दुख की बात यह है कि यह जनप्रतिनिधि है शिकायतों को लगातार नजरअंदाज कर रहे हैं। नगर निगम के अधिकारी भी क्षेत्र के विकास कार्यों में दिलचस्पी नहीं लेते। बिना अधिकारियों के दिलचस्पी के का विकास होना संभव नहीं।
दमोह नगर पालिका में निर्माण कार्य और अन्य गड़बड़ियों की शिकायतों की जांच के लिए भोपाल से अधिकारियों की एक टीम शुक्रवार शाम नगर पालिका कार्यालय पहुंची। टीम ने सीएमओ राजेंद्र सिंह से मुलाकात की और शिकायतों से जुड़े दस्तावेज देखे, साथ ही जानकारी भी ली। जांच अधिकारियों ने मीडिया से ज्यादा बात नहीं की। उन्होंने बताया कि पूरी स्टडी के बाद ही वे अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपेंगे। नगर पालिका में हुई इन गड़बड़ी की शिकायत दमोह विधायक जयंत मलैया ने नगरीय प्रशासन विभाग भोपाल में की थी। अधिकारी क्या बोले? नगरीय प्रशासन विभाग भोपाल से आए अनिल कुमार गोंड ने बताया कि नगर पालिका की शिकायत करीब सात मुद्दों को लेकर हुई है। इसी की जांच के लिए वे दमोह पहुंचे हैं। उन्होंने शिकायतों से संबंधित दस्तावेज देखे हैं और संबंधित अधिकारियों के बयान भी दर्ज किए हैं। गोंड ने बताया कि प्रमुख रूप से पीआईसी के रजिस्टर और निर्माण कार्यों को लेकर शिकायतें की गई थीं। उन्होंने कहा कि पूरी जांच और स्टडी के बाद ही रिपोर्ट शासन को सौंपी जाएगी, जिसके बाद ही कुछ स्पष्ट रूप से कहा जा सकेगा।
वर्ल्ड फिजियोथेरेपी दिवस पर मेरठ के फिजियोथेरेपिस्ट डॉक्टरों ने नमस्ते मेरठ रेस्टोरेंट में कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें शहर के कई फिजियोथेरेपिस्ट शामिल हुए। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ऑर्थो सर्जन डॉ. रविंद्र सिंह रहे। मेरठ इंडियन एसोसिएशन ऑफ फिजियोथेरेपिस्ट के सचिव डॉ. अतुल चौहान ने उनका सम्मान किया। डॉ. रविंद्र सिंह ने फिजियोथेरेपी को प्रभावी चिकित्सा पद्धति बताया। उन्होंने कहा कि आज सर्जन और फिजियोथेरेपिस्ट मिलकर एक टीम की तरह काम कर रहे हैं। मरीजों के बेहतर उपचार में दोनों की भूमिका महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉ. रविंद्र सिंह ने सभी फिजियोथेरेपिस्ट को सम्मानित किया। इस दौरान डॉक्टरों ने अपने प्रोफेशन को बेहतर बनाने और उसमें मौजूद कमियों को दूर करने को लेकर चर्चा की। कार्यक्रम में मनोरंजन के लिए गेम्स भी खेले गए। अंत में मेरठ इंडियन एसोसिएशन ऑफ फिजियोथेरेपिस्ट के सचिव डॉ. अतुल चौहान ने सभी डॉक्टरों को वर्ल्ड फिजियोथेरेपी दिवस की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में डॉ. विपुल, डॉ. हिमांशु, डॉ. ईमेनुअल, डॉ. आरिफ, डॉ. रविंद्र, डॉ. स्तुति, डॉ. रोहिणी, डॉ. महक, डॉ. सीमा, डॉ. राकेश, डॉ. मुस्कान, डॉ. नीतीश सहित अन्य फिजियोथेरेपिस्ट मौजूद रहे।
इंदौर में खाद्य तेल क्षेत्र की प्रमुख कंपनी कृति न्यूट्रिएंट्स लिमिटेड के ट्रेडमार्क, ट्रेड ड्रेस और कॉपीराइट के कथित उल्लंघन के मामले में बड़ी कानूनी कार्रवाई की गई। दिल्ली की कमर्शियल कोर्ट के आदेश पर एसडीए कंपाउंड, उद्योग नगर, मूसाखेड़ी स्थित मेसर्स मां सरस्वती एंटरप्राइजेज के परिसर में तलाशी और जब्ती की कार्रवाई की गई। आरोप है कि मां सरस्वती एंटरप्राइजेज द्वारा कृति न्यूट्रिएंट्स लिमिटेड के चर्चित ब्रांड ‘कृति’ से मिलते-जुलते नाम ‘कीर्ति डिलाइट’ का इस्तेमाल कर खाद्य तेल की पैकेजिंग और बिक्री की जा रही थी। कंपनी की ओर से इसे ट्रेडमार्क, पैकेजिंग और बौद्धिक संपदा अधिकारों का उल्लंघन बताया गया है। ‘कृति’ से मिलता-जुलता नाम और पैकेजिंग इस्तेमाल करने का आरोपकृति न्यूट्रिएंट्स लिमिटेड के मुताबिक मां सरस्वती एंटरप्राइजेज द्वारा खाद्य तेल के लिए ‘कीर्ति डिलाइट’ नाम और ऐसी पैकेजिंग का इस्तेमाल किया जा रहा था, जिससे उपभोक्ताओं के बीच ब्रांड को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती थी। कंपनी का आरोप है कि उसके रजिस्टड्र ट्रेडमार्क ‘कृति’, ट्रेड ड्रेस और कॉपीराइट से मिलते-जुलते नाम एवं प्रस्तुतीकरण के जरिए बाजार में उत्पाद बेचने की कोशिश की जा रही थी। इसी मामले को लेकर कंपनी ने न्यायालय का रुख किया था। कोर्ट के आदेश पर लोकल कमिश्नर ने की तलाशीमामले में दिल्ली कोर्ट के के आदेश के तहत एडवोकेट समृद्धि वत्स को लोकल कमिश्नर नियुक्त किया गया था। कोर्ट के आदेश के अपालन में लोकल कमिश्नर ने पुलिस की सहायता से एसडीए कम्पाउंड, पालदा, उद्योग स्थित मां सरस्वती एंटरप्राइजेज के परिसर में तलाशी ली। कार्रवाई के दौरान ट्रेडमार्क उल्लंघन से जुड़ी विभिन्न सामग्रियों को चिन्हित किया गया। 15 और 2 लीटर के तेल के डिब्बे मिलेतलाशी के दौरान परिसर से ‘कीर्ति डिलाइट’ नाम और लेबल वाले खाद्य तेल के 15 लीटर और 2 लीटर क्षमता के भरे हुए तथा खाली डिब्बे मिले। इसके अलावा पैकेजिंग से जुड़ी सामग्री, लेबल और प्रचार सामग्री भी मौके पर मौजूद मिली। कार्रवाई के दौरान इन सभी सामग्रियों को चिन्हित कर विधिवत जब्त और सील किया गया। लोकल कमिश्नर की कार्रवाई रिपोर्ट में भी मां सरस्वती एंटरप्राइजेज द्वारा ‘कीर्ति डिलाइट’ नाम से खाद्य तेल की पैकेजिंग और बिक्री किए जाने का उल्लेख किए जाने की बात कंपनी की ओर से कही गई है। कंपनी के वकील और अधिकृत प्रतिनिधि भी रहे मौजूदतलाशी और जब्ती की कार्रवाई के दौरान कृति न्यूट्रिएंट्स लिमिटेड की ओर से कंपनी के एडवोकेट रोशन कुमार मौजूद रहे। कंपनी के अधिकृत प्रतिनिधि कुणाल देवमुरार और आलोक भट्ट भी कार्रवाई के दौरान मौके पर उपस्थित थे। कंपनी की ओर से कहा गया कि कोर्ट के आदेश के तहत की गई कार्रवाई में कथित ट्रेडमार्क उल्लंघन से संबंधित सामग्री को सुरक्षित किया गया है। ब्रांड और साख की सुरक्षा के लिए कानूनी कार्रवाई जारी रहेगीएडवोकेट रोशन कुमार ने कहा कि कंपनी अपने ब्रांड, ट्रेडमार्क और वर्षों में बनाई गई साख की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि समान नाम, पैकेजिंग या अन्य ऐसे तरीकों का इस्तेमाल, जिससे उपभोक्ताओं में भ्रम पैदा हो, उसके खिलाफ उपलब्ध कानूनी उपायों के तहत कार्रवाई जारी रखी जाएगी। कंपनी का कहना है कि बौद्धिक संपदा अधिकारों की सुरक्षा और उपभोक्ताओं को वास्तविक ब्रांड की पहचान सुनिश्चित कराना उसके लिए महत्वपूर्ण है। इसी उद्देश्य से कथित ट्रेडमार्क उल्लंघन के मामले में न्यायालय के समक्ष कार्रवाई की गई थी। मां सरस्वती एंटरप्राइजेज के संचालक रवि भाटिया का कहना है कि सारे आरोप निराधार हैं। कोर्ट के आदेश पर सीधे आकर कार्रवाई की गई जबकि इस संबंध में कोई नोटिस नहीं मिला।
दुबग्गा थाना क्षेत्र के बरावन कलां में शुक्रवार शाम सड़क किनारे झाड़ियों में एक सड़ा-गला शव मिला। यह शव 5 दिन से लापता ट्रक ड्राइवर जगदीश (45) का था। शव से तेज दुर्गंध आने पर ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव की पहचान बरावन कलां निवासी जगदीश के रूप में की। शव के पास शराब का खाली पाउच और एक पुड़िया भी मिली। पुलिस ने दोनों चीजों को कब्जे में लेकर शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। मृतक की पत्नी मंजू रावत ने बताया कि उनके पति जगदीश ट्रक ड्राइवर थे। वे शराब पीने के आदी थे। रविवार शाम करीब चार बजे जगदीश घर से सब्जी लेने की बात कहकर निकले थे। इसके बाद वह देर रात तक घर नहीं लौटे। काफी तलाश के बाद भी उनका कोई पता नहीं चला। मंगलवार को मंजू ने दुबग्गा थाने में पति की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। झाड़ियों से तेज दुर्गंध आने पर पता चला शुक्रवार शाम को ग्रामीणों को सड़क किनारे झाड़ियों से तेज दुर्गंध आई। लोगों ने झाड़ियों में जाकर देखा तो वहां एक युवक का शव पड़ा था। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को बाहर निकलवाया। शव काफी सड़ चुका था, इसलिए मौके पर उसकी पहचान करना मुश्किल था। बाद में परिजनों ने कपड़ों के आधार पर शव की पहचान जगदीश के रूप में की। पुलिस के मुताबिक, शव के पास शराब का खाली पाउच और जहर की एक पुड़िया मिली है। इससे यह आशंका है कि युवक ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या की होगी। हालांकि, मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगी। पुलिस मामले की जांच अन्य पहलुओं को ध्यान में रखकर कर रही है। दो बेटे और एक बेटी हैं मृतक जगदीश के परिवार में पत्नी मंजू, बेटे शिवा और सिद्धार्थ और बेटी मानसी हैं। इस घटना के बाद से परिजनों का बुरा हाल है। दुबग्गा इंस्पेक्टर श्रीकांत राय ने बताया कि शव के पास मिले शराब के पाउच और जहर की पुड़िया को कब्जे में ले लिया गया है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कटिहार जिले में बाढ़ की स्थिति के बीच प्रभारी मंत्री डॉ. प्रमोद चंद्रवंशी ने राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने विकास भवन के सभागार में जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक की। इस बैठक में पूर्व डिप्टी सीएम और सदर विधायक तारकिशोर प्रसाद, जनप्रतिनिधि, जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी और पुलिस अधीक्षक परिचय कुमार सहित कई अधिकारी मौजूद थे। बैठक के दौरान प्रभारी मंत्री ने जिले में बाढ़ की मौजूदा स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने राहत और बचाव कार्यों के साथ-साथ बाढ़ प्रभावित लोगों को दी जा रही सुविधाओं की भी समीक्षा की। मंत्री ने जिला प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे सेवा शिविरों में उपलब्ध व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। प्रशासन पूरी मुस्तैदी से काम करे - प्रभारी मंत्री प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद को सिर्फ सरकारी ड्यूटी न समझें, बल्कि सेवा भावना से काम करें। मंत्री ने जोर देकर कहा कि आपदा के इस समय में अधिकारियों को घड़ी देखकर नहीं, बल्कि जरूरतमंदों की जरूरत देखकर काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि बाढ़ पीड़ितों को कोई परेशानी न हो, इसके लिए प्रशासन पूरी मुस्तैदी से काम करे। ''मुश्किल समय में बाढ़ पीड़ितों के साथ खड़ा रहना है'' मंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में भोजन, राहत सामग्री और दूसरी जरूरी सुविधाएं समय पर पहुंचाई जाएं। उन्होंने साफ किया कि राहत और बचाव कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मंत्री ने कहा कि प्रशासन का मुख्य मकसद बाढ़ से प्रभावित लोगों को हर संभव मदद देना और इस मुश्किल समय में उनके साथ खड़ा रहना है। बैठक में अधिकारियों ने प्रभारी मंत्री को बाढ़ प्रभावित इलाकों में चल रहे राहत और बचाव कार्यों की जानकारी दी। मंत्री ने जरूरत के हिसाब से व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के निर्देश भी दिए।
आईआईटी अमहरा थाना पुलिस ने कारगिल वीर आवास सोसायटी फर्जीवाड़ा मामले में एक नामजद आरोपी को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान धर्मेंद्र कुमार उर्फ धर्मेंद्र सिंह के रूप में हुई है। वह साउथ द्वारका के द्वारका सेक्टर-10, नई दिल्ली का रहने वाला है। पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ आईआईटी अमहरा थाना में 5 सितंबर 2026 को कांड संख्या 226/26 दर्ज किया गया था। उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 316(2), 338, 336(3) और 3(5) के तहत केस दर्ज है। मामले के जांच अधिकारी एसआई राजेश्वर कुमार ने पुलिस टीम के साथ साउथ द्वारका स्थित आरोपी के घर पर छापेमारी कर उसे गिरफ्तार किया। 69 लोगों से फर्जी रजिस्ट्री का आरोप पुलिस के मुताबिक, कारगिल वीर आवास सोसायटी में जमीन दिखाकर करीब 69 लोगों से कथित तौर पर फर्जी रजिस्ट्री कराई गई। इस दौरान करोड़ों रुपये के गबन का भी आरोप है। मामला दर्ज होने के बाद पुलिस नामजद अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है। थाना प्रभारी रौशन कुमार राज ने शुक्रवार रात धर्मेंद्र की गिरफ्तारी की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि दिल्ली से गिरफ्तार करने के बाद आरोपी को पटना लाया गया। यहां दानापुर कोर्ट में पेशी के बाद उसे फुलवारी जेल भेज दिया गया। पुलिस अब फर्जी रजिस्ट्री और आर्थिक फर्जीवाड़े से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है। साथ ही, मामले में नामजद अन्य आरोपियों की भूमिका भी खंगाली जा रही है। दिल्ली में हुई छापेमारी के दौरान एसआई राम सहोदर भी पुलिस टीम में मौजूद थे।
उधारी के विवाद में युवक से मारपीट:मऊगंज में जमीन पर गिराकर पीटा, गर्दन और हाथ-पैर में आई चोटें
मऊगंज जिले के नईगढ़ी थाना क्षेत्र अंतर्गत नकटा गांव में उधारी के पुराने विवाद को लेकर एक 19 वर्षीय युवक के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। शुक्रवार शाम को पीड़ित युवक ने थाने पहुंचकर आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, 11 सितंबर की शाम पूजा स्कूल के पास नकटा निवासी रिषी सिंह (19) का रवी साकेत से उधारी के पैसों को लेकर विवाद हो गया। बहस बढ़ने पर आरोपी ने रिषी के साथ हाथापाई करते हुए उसे जमीन पर पटककर पीटना शुरू कर दिया। युवक के चिल्लाने पर उसके परिजन और आसपास के लोगों ने मौके पर पहुंचकर बीच-बचाव किया। अस्पताल में कराया गया मेडिकल मारपीट की इस घटना में रिषी सिंह की गर्दन, बाएं हाथ और बाएं पैर में गंभीर चोटें आई हैं। शुक्रवार शाम को परिजन घायल युवक को नईगढ़ी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां उसका प्राथमिक इलाज और मेडिकल परीक्षण कराया गया। डॉक्टरों के मुताबिक युवक के शरीर पर सूजन और अंदरूनी चोटों के निशान मिले हैं। मामला दर्ज, जांच में जुटी पुलिस पीड़ित की शिकायत और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर नईगढ़ी पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। थाना पुलिस का कहना है कि घटना की बारीकी से जांच की जा रही है और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अररिया जिला पुलिस ने अपराध नियंत्रण और नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अगस्त महीने में विशेष अभियान चलाकर बड़ी कार्रवाई की है। पूरे जिले में अलग-अलग मामलों में पुलिस ने 834 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा। इस दौरान भारी मात्रा में गांजा, स्मैक, शराब, अवैध हथियार, कारतूस, बाइक, मोबाइल और भारतीय-नेपाली करेंसी बरामद की गई। 852 किलो गांजा और 2.5 किलो स्मैक बरामद पुलिस की कार्रवाई में अगस्त महीने में 852 किलो 742 ग्राम गांजा और 2 किलो 515 ग्राम स्मैक जब्त किया गया। नशीले पदार्थों की इतनी बड़ी बरामदगी को पुलिस ने तस्करी के खिलाफ अभियान की अहम सफलता बताया है। 10 हजार लीटर से ज्यादा विदेशी शराब जब्त शराब तस्करी के खिलाफ भी पुलिस ने व्यापक कार्रवाई की। अभियान के दौरान 10,117 लीटर विदेशी शराब, 2,024 लीटर नेपाली शराब और 481.5 लीटर देशी शराब बरामद की गई। इसके अलावा 889 लीटर प्रतिबंधित कफ सिरप भी जब्त किया गया। हथियार और कारतूस भी बरामद अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 5 अवैध हथियार, 5 जिंदा कारतूस और 4 खोखा बरामद किए। पुलिस ने अपराधियों के नेटवर्क पर कार्रवाई के साथ अवैध हथियारों की आवाजाही पर भी शिकंजा कसने का दावा किया है। बाइक, मोबाइल और लाखों की करेंसी जब्त अभियान में 66 मोटरसाइकिल और 36 मोबाइल फोन भी पुलिस के हाथ लगे। वहीं, 2 लाख 55 हजार 638 रुपये भारतीय करेंसी और 17 लाख 95 हजार 605 रुपये नेपाली करेंसी बरामद की गई। नौ पुलिस अधिकारियों को मिला सम्मान बेहतर प्रदर्शन करने वाले पुलिस अधिकारियों को एसपी जितेंद्र कुमार ने सम्मानित किया। फारबिसगंज के पर्यवेक्षी पदाधिकारी मुकेश कुमार को लंबित कांडों के त्वरित निष्पादन के लिए पुरस्कृत किया गया। जोकीहाट थानेदार राजीव कुमार झा को अंग्रेजी शराब की बड़ी बरामदगी, जोगबनी थानेदार घन प्रसाद को शराब और मादक पदार्थों के खिलाफ उत्कृष्ट कार्रवाई के लिए सम्मान मिला। बैरगाछी थानेदार नवदीप गुप्ता और अपर थानेदार ज्वाला प्रसाद, अररिया आरएस थानेदार अंकुर, कुर्साकाटा थानेदार रोहित कुमार को मादक पदार्थों की उल्लेखनीय बरामदगी के लिए पुरस्कृत किया गया। बसमतिया थानेदार सुनील कुमार को नेपाली करेंसी की जब्ती और फुलकाहा थानेदार विकास कुमार मौर्य को मादक पदार्थ तथा चोरी की बाइक बरामद करने के लिए सम्मानित किया गया। डीआईयू टीम की भी अहम भूमिका मादक पदार्थों की सफल बरामदगी में अहम भूमिका निभाने वाली डीआईयू टीम के सदस्यों को भी एसपी ने पुरस्कृत किया। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, अभियान के दौरान टीमों की सक्रियता से नशे के कारोबार और अन्य अवैध गतिविधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की गई। एसपी बोले- अपराधियों को नहीं बख्शेंगे एसपी जितेंद्र कुमार ने कहा कि जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने, नशे के कारोबार पर लगाम लगाने और अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए पुलिस लगातार अभियान चला रही है। अगस्त में मिली सफलता पुलिस टीमों की मुस्तैदी और मेहनत का परिणाम है। उन्होंने कहा कि नशे और अपराध के कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। अवैध गतिविधियों के खिलाफ अभियान आगे भी पूरी सख्ती के साथ जारी रहेगा। बेहतर काम करने वाले पुलिसकर्मियों को सम्मानित करने से बल का मनोबल बढ़ता है और अन्य अधिकारियों को भी बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरणा मिलती है।
बेटी की हत्या का केस दर्ज होते ही आरोपी फरार:घर पर ताला लटका मिला, पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी
रामपुर में बेटी की हत्या के आरोप में मुकदमा दर्ज होने के बाद नामजद आरोपी परिवार घर से फरार हो गया। शुक्रवार शाम करीब 6 बजे सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के अजीतपुर स्थित उनके मकान पर ताला लटका मिला। पुलिस आरोपियों की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। मोहल्ले के लोगों के मुताबिक, हबीब अहमद का परिवार करीब 15 साल से अजीतपुर में रह रहा था। 20 अगस्त को बेटी आशिया की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद से ही परिवार के लोग घर पर नजर नहीं आए। अब हत्या का मुकदमा दर्ज होने के बाद मकान पर ताला मिलने से उनके फरार होने की बात सामने आई है। एक साल पहले की थी कोर्ट मैरिज आशिया ने करीब एक साल पहले मुरादाबाद के दलपतपुर निवासी हमजा से कोर्ट मैरिज की थी। शादी के बाद दोनों दिल्ली के मालवीय नगर में रह रहे थे। आशिया गाजियाबाद के यशोदा अस्पताल में नर्स थी। पति हमजा के मुताबिक, 18 अगस्त को आशिया दिल्ली से अपने मायके आई थीं। इसके दो दिन बाद 20 अगस्त को उनकी मौत हो गई। आरोप है कि मायके वालों ने हमजा को सूचना दिए बिना शव को भोट थाना क्षेत्र के पैतृक गांव तराना में दफना दिया। पति की शिकायत के बाद कब्र से निकाला शव आशिया की मौत की जानकारी मिलने के बाद हमजा ने डीआईजी मुनिराज से शिकायत की। डीआईजी के आदेश पर हुई जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई शुरू की। इसके बाद डीएम की अनुमति लेकर पुलिस टीम ने कब्र से शव निकलवाया। गुरुवार को शव का पोस्टमार्टम कराया गया। पति के मुताबिक, पोस्टमॉर्टम में सिर में चोट की बात सामने आने के बाद मायके पक्ष के लोगों पर हत्या का मुकदमा दर्ज कराया गया। पिता-मां समेत चार पर FIR सिविल लाइंस पुलिस ने हमजा की तहरीर पर आशिया के पिता हबीब अहमद, मां समीना बेगम और दोनों भाइयों अलीशान व फैजुल उर रहमान के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज की है। सीओ सिटी अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि मामले की गहनता से विवेचना की जा रही है। आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
बिजनौर में शुक्रवार दोपहर नगीना अदालत ने जीशान हत्याकांड में नाजिम उर्फ नजीबुद्दौला को दोषी ठहराया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मोहम्मद शारिक सिद्दीकी ने उसे उम्रकैद की सजा सुनाई। कोर्ट ने 31 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। प्रेम-प्रसंग को लेकर रखता था रंजिश एडीजीसी क्षितिज अग्रवाल के मुताबिक, गांव कोट कादर निवासी इकबाल ने 4 जून 2022 को नगीना देहात थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि उनका 21 वर्षीय बेटा जीशान, शकील उर्फ डॉलर की बेटी से प्रेम करता था। इसी बात को लेकर शकील उर्फ डॉलर का बेटा नाजिम उर्फ नजीबुद्दौला जीशान से रंजिश रखता था। आरोप है कि उसने जीशान को जान से मारने की धमकी भी दी थी। घर से बुलाकर अपने साथ ले गया 4 जून 2022 की रात नाजिम उर्फ नजीबुद्दौला जीशान को घर से बुलाकर अपने साथ ले गया। इसके बाद जीशान के भाई अफसर और चाचा साबिर उसकी तलाश में निकल पड़े। कुछ लोगों ने उन्हें बताया कि जीशान और नाजिम नई बस्ती कोलिया पुलिया की तरफ गए हैं। दोनों वहां पहुंचे तो उन्हें जीशान के चिल्लाने की आवाज सुनाई दी। धारदार हथियार से गला रेतकर नाले में फेंका अफसर और साबिर ने मौके पर पहुंचकर देखा कि नाजिम ने धारदार हथियार से जीशान का गला रेत दिया था। इसके बाद वह जीशान को गंदे नाले में फेंककर मौके से फरार हो गया। परिजनों ने जीशान को नाले से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। चाकू भी बरामद किया गया था मामले में नाजिम उर्फ नजीबुद्दौला के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया था। आरोपी नगीना देहात थाना क्षेत्र के गांव मनसा का रहने वाला है। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल चाकू भी बरामद किया था। अदालत ने साक्ष्यों के आधार पर सुनाई सजा मामले की सुनवाई के दौरान पेश किए गए साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने नाजिम उर्फ नजीबुद्दौला को दोषी माना। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मोहम्मद शारिक सिद्दीकी ने उसे उम्रकैद और 31 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई।
झालावाड़ जिले के खानपुर में शुक्रवार को निकाय चुनाव के दूसरे चरण का मतदान शांतिपूर्ण तरीके से पूरा हुआ। सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक 25 वार्डों में 47,185 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। खानपुर में पहली बार नगर पालिका के रूप में शहरी सरकार चुनने के लिए मतदान हुआ, जिससे यह चुनाव भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बन गया है। भाजपा-कांग्रेस ने झोंकी पूरी ताकत दोनों प्रमुख दलों ने चुनाव में पूरी ताकत लगाई और अपने-अपने बोर्ड बनने का दावा किया। भाजपा की ओर से पूर्व संसदीय सचिव और पूर्व विधायक नरेंद्र नागर ने चुनाव की कमान संभाली, जबकि कांग्रेस की ओर से खानपुर विधायक सुरेश गुर्जर ने मोर्चा संभाला। मतदान खत्म होने के बाद दोनों नेताओं ने अपनी-अपनी पार्टी के पक्ष में माहौल होने का दावा किया। मतदान केंद्रों पर दिखा उत्साह सुबह से ही मतदान केंद्रों पर मतदाताओं में उत्साह नजर आया। कई केंद्रों पर मतदाता कतारों में अपनी बारी का इंतजार करते दिखाई दिए। मुख्य बाजार क्षेत्र के मतदान केंद्रों के आसपास दिनभर विभिन्न राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता मौजूद रहे। प्रत्याशी और उनके समर्थक मतदान की स्थिति पर नजर बनाए रहे। खानपुर को नगर पालिका बनने के बाद पहला चुनाव खानपुर के इस चुनाव की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि नगर पालिका बनने के बाद यहां पहली बार शहरी सरकार के लिए मतदान हुआ। इससे पहले खानपुर ग्राम पंचायत था। राज्य सरकार द्वारा खानपुर को नगर पालिका बनाए जाने के बाद यह पहला निकाय चुनाव है। ऐसे में चुनाव को लेकर मतदाताओं के साथ राजनीतिक दलों में भी खास उत्साह देखने को मिला। संवेदनशील केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा चारों निकायों में कुल 22 संवेदनशील मतदान केंद्र चिन्हित किए गए थे। इन केंद्रों पर विशेष पुलिस जाप्ते की व्यवस्था की गई। महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त निगरानी रखते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए। द्वितीय चरण के मतदान के लिए 7 अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं पुलिस उपाधीक्षक सहित कुल 940 पुलिस अधिकारी, कर्मचारी, आरएसी और पुलिस जवानों की तैनाती की गई। पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने मतदान दिवस पर कानून-व्यवस्था की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी। 14 सितंबर को खुलेगा जीत-हार का पत्ता खानपुर में भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला माना जा रहा है। मतदान के बाद दोनों दल अपने-अपने बोर्ड बनने का दावा कर रहे हैं, लेकिन असली तस्वीर 14 सितंबर को होने वाली मतगणना के बाद साफ होगी। इसी दिन तय होगा कि खानपुर की पहली शहरी सरकार की कमान भाजपा के हाथ आती है या कांग्रेस के।
दमोह के हटा सिविल अस्पताल में बुधवार रात ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर चेतन साहू से मारपीट की गई। रात करीब 11:30 बजे तीन घायलों का इलाज करने के दौरान अनिल पुरानी ड्यूटी कक्ष में पहुंचा और डॉक्टर से गाली-गलौज कर मारपीट शुरू कर दी। घटना का वीडियो शुक्रवार शाम सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू कर दी। बीच-बचाव करने आए कर्मचारी से भी मारपीट डॉक्टर के साथ सपोर्ट स्टाफ मनीष श्रीवास्तव भी मौजूद थे। उन्होंने बीच-बचाव करने की कोशिश की तो आरोपी ने उनके साथ भी मारपीट की। अस्पताल के दूसरे कर्मचारी मौके पर पहुंचे तो आरोपी अपने साथियों के साथ वहां से भाग गया। डॉक्टर ने शिकायत में बताया कि जाते समय आरोपी ने जान से मारने की धमकी भी दी। शासकीय कार्य में बाधा समेत धाराओं में केस हटा थाना प्रभारी सुधीर बेगी ने बताया कि डॉक्टर की शिकायत पर अनिल पुरानी के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने और मारपीट का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने बीएनएस की धारा 132, 296, 115 और 391 के तहत केस दर्ज किया है। सीसीटीवी फुटेज से दूसरे आरोपियों की पहचान होगी पुलिस ने अस्पताल प्रबंधन से घटना का सीसीटीवी फुटेज मांगा है। पुलिस के मुताबिक फुटेज में जो लोग घटना में शामिल दिखाई देंगे, उनके आधार पर धाराएं बढ़ाई जाएंगी और अन्य आरोपियों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया जाएगा। फिलहाल मुख्य आरोपी फरार है और उसकी तलाश की जा रही है।
विवाहिता प्रेमी के साथ जाने की जिद पर अड़ी:थाने के गेट पर किया ड्रामा, महिलाओं में मारपीट और हंगामा
पीलीभीत के गजरौला थाना क्षेत्र में शुक्रवार शाम एक विवाहिता प्रेमी के साथ जाने की जिद पर थाने पहुंच गई। उसके थाने पहुंचने की जानकारी मिलते ही मायके और ससुराल पक्ष के लोग भी वहां पहुंच गए। इसके बाद थाने के मुख्य गेट पर करीब एक घंटे तक हंगामा चलता रहा। मौके पर भीड़ जुटने से पास के हाईवे पर भी यातायात प्रभावित हो गया। गजरौला क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली महिला की शादी करीब एक साल पहले गजरौला कलां क्षेत्र के एक गांव में हुई थी। बताया जा रहा है कि उसका दियोरिया थाना क्षेत्र के एक गांव के युवक से प्रेम प्रसंग चल रहा था। शुक्रवार शाम करीब 6:30 बजे महिला अचानक गजरौला थाने पहुंची। उसने पुलिस के सामने कहा कि वह अपने प्रेमी के साथ ही जाएगी। थाने के गेट पर तीनों पक्ष आए आमने-सामने महिला की बात की जानकारी मिलते ही उसके मायके और ससुराल पक्ष के लोग थाने पहुंच गए। कुछ देर बाद युवक के परिजन भी वहां आ गए। थाने के मुख्य गेट पर ही तीनों पक्षों के बीच बातचीत शुरू हो गई। परिजन करीब एक घंटे तक विवाहिता को समझाने का प्रयास करते रहे, लेकिन वह अपनी बात पर अड़ी रही। महिलाओं में कहासुनी के बाद मारपीट इसी दौरान वहां मौजूद कुछ महिलाओं के बीच कहासुनी हो गई। देखते ही देखते विवाद मारपीट में बदल गया। मौके पर मौजूद किसी व्यक्ति ने घटना का वीडियो बना लिया। अब यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में थाने के गेट पर भीड़ और महिलाओं के बीच विवाद होता दिखाई दे रहा है। हंगामे के कारण थाने के बाहर हाईवे पर काफी देर तक यातायात प्रभावित रहा। पुलिस ने तीनों पक्षों को अलग किया मामले की जानकारी मिलने पर पुलिस ने बीच-बचाव कर तीनों पक्षों को अलग किया। पुलिस ने सभी को समझाकर मामला शांत कराया। इसके बाद भीड़ को वहां से हटाकर घर भेज दिया गया और हाईवे पर यातायात सुचारु कराया गया। पुलिस के मुताबिक, फिलहाल स्थिति सामान्य है। मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
गोपालगंज जिले में विकास और निर्माण योजनाओं की प्रगति को लेकर एक समीक्षा बैठक हुई। यह बैठक समाहरणालय सभाकक्ष में बिहार सरकार के कृषि मंत्री और प्रभारी मंत्री विजय कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में हुई। इसमें विभिन्न विभागों की योजनाओं की मौजूदा स्थिति, काम पूरा होने की तारीख और आ रही बाधाओं पर चर्चा की गई। मंत्री ने अधिकारियों को बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य, शिक्षा और सड़क निर्माण के कामों को समय पर और अच्छी गुणवत्ता के साथ पूरा करने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं को लागू करने में कोई ढिलाई नहीं होनी चाहिए। निर्माणधीन योजनाओं को तय समय में पूरा करने के लिए संबंधित विभाग नियमित रूप से निरीक्षण करें। 7 नवंबर 2026 तक काम पूरा होने की उम्मीद जिन योजनाओं में जमीन, वन स्वीकृति, बिजली के खंभे या लाइन हटाने, जलजमाव या अन्य तकनीकी कारणों से काम रुका है, उन्हें संबंधित विभागों से बात करके जल्द सुलझाने को कहा गया। समीक्षा के दौरान कुचायकोट स्थित सैनिक स्कूल में बन रहे ऑडिटोरियम की प्रगति की जानकारी ली गई। इसकी अनुमानित लागत 813.37 लाख रुपये है। काम 8 अगस्त 2025 को शुरू हुआ था और 7 नवंबर 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है। अभी निर्माण कार्य स्टेज लेवल पर है। इसी सैनिक स्कूल में शिक्षण स्टाफ के लिए G+2 भवन, एक ब्लॉक में 12 क्वार्टर और कक्षा-4 कर्मचारियों के लिए आवास भी बन रहे हैं। वर्तमान में फिनिशिंग का कार्य प्रगति पर इसकी अनुमानित लागत 1187.63 लाख रुपये है। काम 29 अप्रैल 2025 को शुरू हुआ था और 31 दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है। अभी निर्माण कार्य पहले फ्लोर तक पहुंच चुका है। स्वास्थ्य विभाग की एक अहम परियोजना, हथुआ में 100 बेड वाले अनुमंडलीय अस्पताल के निर्माण की भी समीक्षा की गई। BMSICL की इस योजना की प्राक्कलित राशि 26.06 करोड़ रुपये है। कार्य 04 दिसंबर 2024 को प्रारंभ हुआ था तथा 20 अक्टूबर 2026 तक पूरा करने की संभावित तिथि निर्धारित है। प्रतिवेदन के अनुसार अस्पताल का निर्माण कार्य 82 प्रतिशत पूरा हो चुका है और वर्तमान में फिनिशिंग का कार्य प्रगति पर है। हाई लेवल ब्रिज और बॉक्स कल्वर्ट का निर्माण पथ निर्माण विभाग की योजनाओं की समीक्षा के दौरान गोपालगंज बाईपास से संबंधित करीब 12.60 किलोमीटर लंबी सड़क परियोजना की प्रगति की जानकारी ली गई। इस योजना की प्राक्कलित राशि 10351.30 लाख रुपये है। कार्य 03 अक्टूबर 2025 को शुरू हुआ था तथा 02 अप्रैल 2027 तक पूरा करने की संभावित तिथि निर्धारित है। परियोजना के तहत अर्थवर्क, GSB, WMM, DGBM, BC के साथ हाई लेवल ब्रिज एवं बॉक्स कल्वर्ट का निर्माण शामिल है। विजयीपुर प्रखंड में अमवा घाट से खुथा पथ पर खनुआ नदी पर H.L. ब्रिज निर्माण की योजना भी समीक्षा के दायरे में रही। इसकी प्राक्कलित राशि 958.59 लाख रुपये है। कार्य 11 जून 2025 को शुरू हुआ था तथा 10 जून 2027 तक पूरा करने की संभावित तिथि है। संबंधित प्रक्रियाओं के कारण बाधाओं पर भी चर्चा प्रतिवेदन के अनुसार DPR के पुनरीक्षण के बाद कार्य आगे बढ़ाया गया है और दो पाइल का कार्य पूर्ण हो चुका है। जलजमाव के कारण कार्य प्रभावित होने की जानकारी भी दी गई। सारण नहर प्रमंडल, भोर की दुलारपुर वितरणी एवं उससे निर्मित वितरण प्रणाली के पुनर्स्थापन से संबंधित योजना की भी समीक्षा की गई। योजना की प्राक्कलित राशि 5036 लाख रुपये है और इसकी भौतिक प्रगति 82.03 प्रतिशत दर्ज है। बैठक में विद्युत पोल विस्थापन तथा वन विभाग से संबंधित प्रक्रियाओं के कारण आ रही बाधाओं पर भी चर्चा हुई। प्रभारी मंत्री ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि सरकारी योजनाओं का लाभ आम लोगों तक समय पर पहुंचना चाहिए। इसके लिए विभाग आपसी समन्वय से कार्य करते हुए लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन करें। उन्होंने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने तथा योजनाओं की लगातार निगरानी करने पर जोर दिया। बैठक में अधिकारियों ने संबंधित योजनाओं की अद्यतन स्थिति से प्रभारी मंत्री को अवगत कराया।
शहर की बदहाल सड़कों को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहीं रील्स और मीम्स से हो रही फजीहत के बाद मंडलायुक्त के. विजयेंद्र पांडियन शुक्रवार को अफसरों की टीम के साथ सड़कों पर उतरे। उन्होंने शहर के प्रमुख मार्गों का निरीक्षण किया। नगर निगम, PWD व NHAI के अधिकारियों को सड़कें दुरुस्त करने का अल्टीमेटम दिया। PWD और NH खंड के मार्गों पर पैचवर्क नहीं मिलने पर मंडलायुक्त ने नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित अधिशासी अभियंता को दो दिन में पैचवर्क पूरा कर सड़कों को मोटरेबल बनाने के निर्देश दिए। साथ ही लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की चेतावनी दी। मंडलायुक्त ने रामादेवी से IIT मार्ग, मैनावती मार्ग, सिंहपुर-कल्याणपुर मार्ग और स्वरूप नगर-नवाबगंज मार्ग समेत शहर के प्रमुख रास्तों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सड़कों की स्थिति, क्षतिग्रस्त हिस्सों और गड्ढों के साथ उन स्थानों को भी देखा, जहां तत्काल पैचवर्क की जरूरत है। PWD के अफसर को फटकार, 2 दिन में सड़क बनाने के निर्देश पीडब्ल्यूडी और एनएच खंड से संबंधित मार्गों पर आवश्यक पैचवर्क नहीं होने पर मंडलायुक्त ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने अधिशासी अभियंता ए.के. जयंत को फटकार लगाई। कहा कि संबंधित मार्गों पर पैचवर्क का काम युद्धस्तर पर कराया जाए। हर हाल में दो दिन के भीतर काम पूरा कर सड़कें मोटरेबल की जाएं। मुख्य मार्गों पर गड्ढों और क्षतिग्रस्त हिस्सों के कारण यातायात प्रभावित नहीं होना चाहिए। नगर निगम की सड़कों पर भी तत्काल पैचवर्क निरीक्षण के दौरान मंडलायुक्त ने नगर निगम के अधिकारियों को भी प्रमुख सड़कों की स्थिति सुधारने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नगर निगम के अधीन आने वाले सभी मार्गों का निरीक्षण कर गड्ढों और क्षतिग्रस्त हिस्सों को चिह्नित किया जाए। इसके बाद प्राथमिकता के आधार पर पैचवर्क कराया जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सिर्फ कागजों में गड्ढामुक्त सड़कें नहीं चाहिए। सड़क इस तरह दुरुस्त होनी चाहिए कि लोगों को आवागमन में किसी तरह की परेशानी न हो और रास्ता पूरी तरह मोटरेबल रहे। गुणवत्ता पर भी नजर, लापरवाही पर होगी कार्रवाई मंडलायुक्त ने सभी संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सड़क मरम्मत के काम में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। जहां सड़क खराब है, वहां तत्काल काम शुरू कराया जाए। साथ ही पैचवर्क की गुणवत्ता की भी जांच की जाए। उन्होंने कहा कि शहर की प्रमुख सड़कों को बेहतर स्थिति में रखना संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है। आम लोगों को आवागमन में परेशानी हुई या तय समय में काम पूरा नहीं हुआ तो जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम, PWD और NH खंड को अपने-अपने हिस्से की सड़कों का मरम्मत कार्य निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए गए।
खगड़िया में बाढ़ की स्थिति के बीच जिला प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिया है। जिले में अब तक 1,63,159 लोग और 37,955 परिवार बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। प्रभावित इलाकों में भोजन, स्वास्थ्य, आवागमन और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन की ओर से लगातार काम किया जा रहा है। देखें, मौके से आई तस्वीरें… 50 सामुदायिक किचेन में दो समय का भोजन बाढ़ प्रभावित परिवारों को भोजन उपलब्ध कराने के लिए जिले में 50 सामुदायिक किचेन संचालित किए जा रहे हैं। यहां लोगों को प्रतिदिन दो समय का भोजन दिया जा रहा है। वहीं, दो राहत शिविरों में रह रहे लोगों के लिए नाश्ते के साथ दोपहर और रात के भोजन की व्यवस्था की गई है। 165 नावों से राहत सामग्री पहुंचाई जा रही पानी से घिरे इलाकों में लोगों की आवाजाही और राहत सामग्री पहुंचाने के लिए 165 नावें चलाई जा रही हैं। प्रशासन जरूरत के अनुसार नावों के संचालन और संसाधनों की उपलब्धता की लगातार समीक्षा कर रहा है। इमरजेंसी के लिए 8 बोट एंबुलेंस तैनात बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारु रखने के लिए 8 बोट एंबुलेंस तैनात की गई हैं। मेडिकल टीमें भी दवाओं और फर्स्ट एड की सुविधा के साथ प्रभावित इलाकों में पहुंच रही हैं। आपात स्थिति में मरीजों को तत्काल इलाज उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। सत्यापन के बाद मिलेगी जीआर की राशि बाढ़ प्रभावित परिवारों को जीआर (अनुग्रह राशि) देने की प्रक्रिया भी चल रही है। अधिकारी और संबंधित कर्मचारी प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर पात्र परिवारों और उनके विवरण का मौके पर सत्यापन कर रहे हैं। सत्यापन पूरा होने के बाद योग्य परिवारों को सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी। आश्रय स्थलों पर बच्चों के लिए स्कूल और गेम जोन विस्थापित परिवारों के लिए बनाए गए आश्रय स्थलों पर रहने और भोजन के साथ अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। बच्चों की पढ़ाई जारी रखने के लिए अस्थायी स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र बनाए गए हैं। उनके लिए गेम जोन की भी व्यवस्था की गई है। महिलाओं को सिलाई-कढ़ाई की ट्रेनिंग आश्रय स्थलों में महिलाओं के लिए ट्रेनिंग सेंटर चलाए जा रहे हैं। यहां उन्हें सिलाई, कढ़ाई और अन्य रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है, ताकि राहत शिविरों में रहते हुए भी वे उपयोगी गतिविधियों में शामिल रह सकें। सुबह-शाम योग से तनाव कम करने की पहल बाढ़ के कारण विस्थापित लोगों के स्वास्थ्य और मानसिक तनाव को ध्यान में रखते हुए आश्रय स्थलों में सुबह और शाम योगाभ्यास कराया जा रहा है। प्रशासन का जोर राहत सामग्री उपलब्ध कराने के साथ लोगों को सुरक्षित, व्यवस्थित और सम्मानजनक माहौल देने पर है। जरूरत के अनुसार बढ़ाए जाएंगे संसाधन जिला प्रशासन राहत और बचाव कार्यों की लगातार निगरानी कर रहा है। प्रभावित इलाकों की जरूरत के अनुसार नाव, स्वास्थ्य सेवा, भोजन और अन्य संसाधनों को बढ़ाने की कार्रवाई की जा रही है।
बालाघाट में पुलिस ने अवैध शराब के खिलाफ शुक्रवार को 6 थाना क्षेत्रों में चलाए गए अभियान में 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया। उनके पास से 409 लीटर अवैध शराब और दो मोटरसाइकिलें जब्त की गईं। पुलिस ने अवैध रूप से कच्ची शराब बनाने के लिए जंगलों में छिपाकर रखे गए महुला लहान को भी जब्त कर नष्ट किया। आरोपियों में मंगेझरी के मलमटोला निवासी बुधराम मर्सकोले, नैतरा निवासी घनश्याम उपवंशी और हेतराम सौलखे शामिल हैं। इनके अलावा आमगांव निवासी संजय उर्फ मंगल नगपुरे, मोहरई झिंगरटोला निवासी फूलसिंह तेकाम, मुरझड़ कौड़िया निवासी बलीराम पंचेश्वर, लालपुर भीतरीपाली निवासी सुधराम मेरावी और धापेवाड़ा निवासी अनिल कुमार मालाधारी को भी पकड़ा गया है। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ आबकारी एक्ट की धारा 34(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अवैध शराब के खिलाफ इस विशेष अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए लोगों को जागरूक भी कर रही है। इसके लिए महिलाओं और स्वयंसेवकों को जमीनी स्तर पर तैयार किया जा रहा है।
लुधियाना में आज जिला बार एसोसिएशन के वर्ष 2026-27 के चुनाव में एडवोकेट विपिन सग्गड़ ने अध्यक्ष पद पर बड़ी जीत दर्ज की है। उन्होंने कुल 2,009 वोट हासिल कर अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी जसविंदर सिंह सिब्बल को 1,503 वोटों के भारी अंतर से शिकस्त दी। अध्यक्ष पद के घोषित परिणाम के मुताबिक जसविंदर सिंह सिब्बल को 506, विकास गुप्ता को 397 और राजेश खन्ना को 16 वोट मिले। वहीं 12 वोट रद्द घोषित किए गए। इस तरह विपिन सग्गड़ ने चार प्रत्याशियों के बीच हुए मुकाबले में स्पष्ट बढ़त के साथ अध्यक्ष पद अपने नाम किया। जीत की घोषणा होते ही समर्थकों ने मनाया जश्नविपिन सग्गड़ की जीत की घोषणा होते ही उनके समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई। जिला कचहरी परिसर में समर्थकों ने एक-दूसरे को बधाई दी और जमकर जश्न मनाया। कई समर्थक हाथों से विक्ट्री साइन बनाकर जीत की खुशी जाहिर करते नजर आए। सुबह 9 से शाम 5 बजे तक हुआ मतदानडीबीए चुनाव के लिए मतदान सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक हुआ। अध्यक्ष पद के लिए इस बार चार प्रत्याशी मैदान में थे। मतदान के बाद वोटों की गिनती की गई और परिणाम घोषित किए गए। विपिन सग्गड़ की बड़ी जीत के बाद अब अधिवक्ताओं की नजरें डीबीए लुधियाना के अन्य पदों के परिणामों पर टिकी हैं। नई कार्यकारिणी के गठन के साथ ही एसोसिएशन की आगामी कार्यप्रणाली को लेकर भी तस्वीर साफ होगी।
लुधियाना के थाना मोती नगर के बाहर पीड़ित परिवार ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जोरदार धरना दिया। परिवार का गंभीर आरोप है कि हमले की घटना के कई दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस नामजद आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रही है। पीड़ित कृष्णा ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि वह 7 सितंबर की रात वर्धमान क्षेत्र में मेला देखने गया था। वहां किसी बात को लेकर कुछ स्थानीय युवकों के साथ उसकी कहासुनी हो गई, जिसने जल्द ही हिंसक रूप ले लिया। आरोप है कि दूसरे पक्ष के युवकों ने अपने अन्य साथियों को मौके पर बुला लिया और धारदार हथियारों से उस पर जानलेवा हमला कर दिया। बचाने पहुंचे भाई को भी किया जख्मी हमले के दौरान जब कृष्णा ने मदद के लिए अपने भाई आकाश को फोन कर बुलाया, तो हमलावरों ने उस पर भी हमला कर दिया। इस वारदात में दोनों भाई गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए तुरंत अस्पताल भर्ती कराया गया था। पीड़ित पक्ष का कहना है कि पुलिस में शिकायत देने के बावजूद जब कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो उन्हें मजबूरन थाने के बाहर धरना देना पड़ा। थाना प्रभारी का बयान थाना मोती नगर के इंचार्ज भूपिंदर सिंह ने बताया कि मामला आज ही उनके संज्ञान में आया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की गहनता से जांच शुरू कर दी है और दोषियों के खिलाफ जल्द से जल्द सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सहरसा में शुक्रवार शाम व्यवहार न्यायालय के समीप उस वक्त हंगामा मच गया, जब दो शादीशुदा प्रेमी-प्रेमिका कथित तौर पर कोर्ट मैरिज के लिए पहुंचे। दोनों के कोर्ट पहुंचने की भनक उनके जीवनसाथियों को लग गई। इसके बाद महिला का पति और पुरुष की पत्नी अपने-अपने परिजनों के साथ न्यायालय परिसर के पास पहुंच गए। दोनों पक्षों के आमने-सामने आते ही जमकर बहस और नोकझोंक शुरू हो गई। कोर्ट पहुंचने की खबर मिलते ही पीछे आए पति-पत्नी जानकारी के अनुसार, महिला और पुरुष दोनों पहले से शादीशुदा हैं और अपने-अपने परिवार के साथ रह रहे हैं। बताया जा रहा है कि दोनों काफी समय से एक-दूसरे के संपर्क में थे। धीरे-धीरे उनकी नजदीकियां बढ़ीं और दोनों ने शादी करने का फैसला लिया। शुक्रवार को दोनों के घर से निकलकर कोर्ट जाने की जानकारी उनके जीवनसाथियों को मिल गई। इसके बाद दोनों के पति-पत्नी अपने परिजनों के साथ उनका पीछा करते हुए व्यवहार न्यायालय के समीप पहुंच गए। आमना-सामना होते ही शुरू हुई तीखी नोकझोंक कोर्ट परिसर के पास दोनों पक्षों का आमना-सामना होते ही माहौल गरमा गया। पति-पत्नी ने दोनों को साथ पकड़ लिया। इसके बाद आरोप-प्रत्यारोप और तीखी बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते मौके पर लोगों की भीड़ जुटने लगी। फाइल छोड़ तमाशा देखने लगे मुवक्किल और अधिवक्ता कोर्ट परिसर के समीप हुए इस हंगामे को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। वहां मौजूद मुवक्किल और अधिवक्ता भी कुछ देर के लिए अपनी फाइलें छोड़कर पूरे घटनाक्रम को देखने लगे। मौके पर काफी देर तक हाई-वोल्टेज ड्रामा चलता रहा। मीडिया के सवालों पर चुप रहा प्रेमी जोड़ा मौके पर मौजूद मीडिया ने जब महिला और पुरुष से पूरे मामले को लेकर बातचीत करने की कोशिश की, तो दोनों ने कुछ भी बताने से इनकार कर दिया। दोनों के कोर्ट पहुंचने की वास्तविक वजह और वे किस कानूनी प्रक्रिया के तहत वहां पहुंचे थे, यह स्पष्ट नहीं हो सका। वीडियो बनाए जाने की भी चर्चा घटनाक्रम के दौरान मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने मोबाइल फोन से वीडियो भी बनाए। बताया जा रहा है कि घटना का वीडियो स्थानीय स्तर पर चर्चा में है। हालांकि, वीडियो की सत्यता और उसमें दिख रहे पूरे घटनाक्रम की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। पुलिस को नहीं मिला लिखित आवेदन मामले को लेकर सहरसा सदर थाना अध्यक्ष अजय कुमार पासवान ने बताया कि ऐसी किसी घटना की लिखित जानकारी फिलहाल पुलिस को नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि आवेदन प्राप्त होने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि दोनों वास्तव में कोर्ट मैरिज की प्रक्रिया के लिए पहुंचे थे या किसी अन्य कानूनी काम से न्यायालय आए थे। साथ ही, हंगामे के बाद किसी पक्ष की ओर से थाने या अदालत में शिकायत दी गई है या नहीं, इसकी भी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
रतलाम के शिवगढ़ थाना क्षेत्र के नयाखेड़ा गांव में शुक्रवार सुबह 36 वर्षीय महिला का शव उसके घर के बरामदे में संदिग्ध परिस्थितियों में मिला। शव जमीन पर खून से लथपथ पड़ा था। महिला के सिर पर धारदार हथियार से वार के निशान मिले हैं। पुलिस ने प्रारंभिक जांच में हत्या की आशंका जताई है। मृतका की पहचान देवीबाई पति स्व. रायसिंह डामोर निवासी नयाखेड़ा के रूप में हुई। शव मिलने की सूचना पर शिवगढ़ थाना प्रभारी आरके मकवाना, सब इंस्पेक्टर प्रतापसिंह भदौरिया और पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस ने जांच के बाद पंचनामा बनाया और शव को पोस्टमार्टम के लिए रतलाम मेडिकल कॉलेज भेज दिया। देखें मौके की तस्वीरें… खेत पर जाते समय ग्रामीण ने देखा शव गांव का अन्नुसिंह शुक्रवार सुबह रोज की तरह खेत पर काम करने जा रहा था। रास्ते में वह देवीबाई के घर के सामने से निकला। देवीबाई रोज बरामदे में खाट पर सोती थी, लेकिन सुबह वह जमीन पर पड़ी दिखाई दी। अन्नुसिंह ने पास जाकर देखा तो देवीबाई खून से लथपथ थी। उसके सीधे कान के पास सिर पर गहरी चोट थी। उसने इसकी सूचना देवीबाई के देवर भूरालाल डामोर को दी। पुलिस और एफएसएल टीम ने की जांच महिला की मौत की सूचना पर रतलाम से एएसपी राकेश पंद्रों, एफएसएल अधिकारी डॉ. अतुल मित्तल, रावटी और सरवन थाना प्रभारी भी मौके पर पहुंचे। टीम ने घटनास्थल की जांच की और आसपास के लोगों से पूछताछ कर जानकारी जुटाई। शिवगढ़ थाना प्रभारी आरके मकवाना ने बताया कि प्रारंभिक जांच में हत्या की आशंका है। महिला की मौत के कारणों का पता लगाया जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत का कारण स्पष्ट होगा। 11वीं में पढ़ता है बेटा, बेटी हॉस्टल में देवीबाई का बेटा गोलू रतलाम में कक्षा 11वीं में पढ़ाई करता है। बेटी काजल सैलाना के हॉस्टल में रहकर सीएम राइज स्कूल में पढ़ती है। महिला का मायका सरवन थाना क्षेत्र के सेमलखेड़ा में है। महिला के पति रामसिंह डामर की वर्ष 2012-13 में मौत हो चुकी है। देवीबाई गांव में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के पद पर पदस्थ थी। पुलिस महिला की मौत की परिस्थितियों की जांच कर रही है।
अररिया में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण पदाधिकारी संघ (बिसवा) के आह्वान पर कल्याण संवर्ग के अधिकारियों ने सात सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन शुरू कर दिया है। शुक्रवार को अररिया जिले के सभी प्रखंड और अनुमंडल कल्याण अधिकारियों ने काली पट्टी बांधकर शांतिपूर्ण विरोध जताया। हालांकि, विरोध के दौरान अधिकारियों ने अपने कार्यालयीय कार्य जारी रखे। संसाधनों की कमी से काम प्रभावित होने का आरोप संघ के अधिकारियों का कहना है कि राज्य की करीब 20 प्रतिशत अनुसूचित जाति एवं जनजाति आबादी के विकास की जिम्मेदारी कल्याण अधिकारियों पर है। इसके बावजूद मूलभूत संसाधनों की कमी और प्रशासनिक उपेक्षा के कारण अधिकारी अपने संवैधानिक दायित्वों का प्रभावी ढंग से निर्वहन नहीं कर पा रहे हैं। सरकार को पहले भी सौंप चुके हैं मांगों का पत्र अधिकारियों के मुताबिक, संघ की ओर से पहले भी जिला प्रशासन के माध्यम से सरकार और विभाग को मांगों से संबंधित पत्र दिया जा चुका है। विभागीय सचिव और मंत्री से मुलाकात कर भी समस्याओं और मांगों से अवगत कराया गया था। इसके बावजूद अब तक अपेक्षित सकारात्मक निर्णय नहीं होने पर आंदोलन का रास्ता अपनाया गया है। सात सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन बिसवा की प्रमुख मांगों में अधिकारियों को मूलभूत संसाधन उपलब्ध कराना, अनधिकृत कार्रवाइयों से मुक्ति और नियमानुसार समय पर प्रोन्नति देना शामिल है। बिना सक्षम अनुशासनिक अधिकारी के शुरू की गई गैर-समानुपाती विभागीय कार्रवाइयों को रद्द करने की भी मांग की गई है। मुख्यालय प्रतिनियुक्ति में पारदर्शिता की मांग संघ ने मुख्यालय प्रतिनियुक्ति में पारदर्शिता बरतने और तीन साल की चक्रीय नीति लागू करने की मांग की है। इसके साथ ही अव्यवहारिक अनुश्रवण कोषांग को भंग करने की मांग भी रखी गई है। क्षेत्रीय दौरे के लिए वाहन या भत्ता मांगा कल्याण अधिकारियों ने क्षेत्रीय निरीक्षण और दौरे के लिए वाहन अथवा उचित भत्ता उपलब्ध कराने की मांग की है। विद्यालय और छात्रावास प्रबंधकों की नियुक्ति में हो रही देरी को दूर करने की भी मांग की गई है। राजपत्रित दर्जा और पारदर्शी तबादला नीति की मांग संघ ने संवर्ग नियमावली में सुधार कर अधिकारियों को राजपत्रित दर्जा देने तथा आसान और पारदर्शी स्थानांतरण नीति लागू करने की मांग की है। मांगें नहीं मानीं तो सामूहिक अवकाश की चेतावनी संघ के प्रदेश संयुक्त सचिव सह भरगामा प्रखंड कल्याण पदाधिकारी नरेश कुमार, अररिया के प्रखंड कल्याण पदाधिकारी प्रवीण कुमार, पलासी के प्रिंस कुमार, सिकटी के मनीष भारद्वाज, रानीगंज के कैसर आलम, अनुमंडल कल्याण पदाधिकारी अररिया रंजीत कुमार वर्मा और फारबिसगंज के बसंत कुमार ने संयुक्त रूप से कहा कि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं हुआ तो बिसवा राज्य स्तर पर सामूहिक अवकाश पर जाने को बाध्य होगा। अधिकारियों ने कहा कि आंदोलन फिलहाल शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहेगा। मांगों की अनदेखी होने पर आंदोलन को और तेज किया जा सकता है।
शाजापुर के इलेक्ट्रॉनिक व्यवसायी सुनीलकुमार सोनी के बैंक खाते से चार बार में 1 लाख 22 हजार 935 रुपए निकल गए। 5 सितंबर को इंदौर से लौटते समय उनका मोबाइल बंद हो गया था। उन्होंने जेल रोड की एक मोबाइल शॉप से फोन ठीक कराया। मोबाइल चालू होने के बाद बैलेंस चेक किया तो खाते से रकम निकलने की जानकारी मिली। चार ट्रांजेक्शन में निकली रकम खाते से 73 हजार 935 रुपए, 15 हजार रुपए, 16 हजार रुपए और 18 हजार रुपए के चार ट्रांजेक्शन हुए। सुनील कुमार का कहना है कि इनमें से कोई भी ट्रांजेक्शन उन्होंने नहीं किया। मोबाइल ठीक कराने के लिए दिए थे 1500 रुपए सुनीलकुमार इंदौर में अपनी दुकान के लिए सामान खरीदने गए थे। लौटते समय मोबाइल ने काम करना बंद कर दिया। उन्होंने जेल रोड स्थित एक मोबाइल दुकान पर फोन ठीक कराया और दुकानदार को 1500 रुपए दिए। अनजान लिंक पर क्लिक करने से किया इनकार व्यवसायी ने बताया कि उन्होंने किसी अनजान लिंक पर क्लिक नहीं किया था। मोबाइल ठीक होने के बाद ही उन्हें खाते से रकम निकलने का पता चला। पुलिस मोबाइल और बैंक रिकॉर्ड खंगाल रही सुनीलकुमार ने कोतवाली और साइबर पुलिस में शिकायत की है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। मोबाइल और बैंक खाते से हुए ट्रांजेक्शन की जानकारी जुटाई जा रही है।
बागपत शहर कोतवाली क्षेत्र के गौरीपुर गांव में शुक्रवार शाम बाइक चोरी करने पहुंचे एक आरोपी को ग्रामीणों ने पकड़ लिया। बताया जा रहा है कि आरोपी एक मोटरसाइकिल के पास पहुंचा और उसे चोरी करने की कोशिश की, लेकिन बाइक का लॉक नहीं खुला। आसपास मौजूद ग्रामीण पहले से उसकी गतिविधियों पर नजर रखे हुए थे। उन्होंने आरोपी को घेरकर पकड़ लिया। ग्रामीणों ने आरोपी से पूछताछ की। उसके जवाबों से संतुष्ट नहीं होने पर उसकी पिटाई कर दी और बाद में पुलिस को सौंप दिया। पुलिस कस्टडी में लेकर कर रही पूछताछ सूचना पर पहुंची पुलिस आरोपी को कोतवाली ले गई और पूछताछ शुरू कर दी। पकड़ा गया आरोपी हरियाणा का रहने वाला बताया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ में बाइक चोरी की अन्य वारदातों का भी खुलासा हो सकता है। पुलिस आरोपी से उसके साथियों और पहले की घटनाओं के बारे में भी जानकारी जुटा रही है। पुलिस बोली- जांच के बाद होगी कार्रवाई कोतवाली इंचार्ज मनोज चाहल ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। आरोपी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों ने आरोपी पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
कोटा नगर निगम के चुनाव में 373 प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम में कैद हो गई है। शहर की सरकार तय करने के लिए इस बार 64.78% वोटिंग हुई है। जो पिछले चुनाव से लगभग 2% कम है। वोटिंग प्रतिशत ने दोनों प्रमुख दलों की धड़कनें बढ़ा दी है। दोनों ही पार्टियां अब बागियों पर मनाने में जुट गई हैं। हालांकि 14 सितंबर को परिणामों के बाद तस्वीर साफ हो जाएगी। कोटा में साल 2014 में सबसे ज्यादा 67 प्रतिशत वोट पड़े थे। सम्भवतया वोटिंग प्रतिशत बढ़ने का कारण मोदी लहर का असर था। कोटा में मतदान की रफ्तार शुरू से ही धीमी रही। सुबह 10 बजे तक पहले 3 घंटे में 18% मतदान हुआ। इसके बाद अगले 3 घंटे (1 बजे तक) में 20% बोट पड़े। दोपहर 1 से 3 बजे के बीच 12% ही मतदान हुआ। दोपहर 3 से शाम 6 बजे तक 13 % मतदान हुआ। दोनों प्रमुख दलों की टीमों ने वोटर्स को घर निकालने में पूरी ताकत झोंक दी। उसके बाद भी मतदान की रफ्तार नहीं बढ़ी। पिछली बार के मुकाबले वोटिंग प्रतिशत कम होना, दोनों दलों की चिंता बढ़ा रहा हैं। साल 2020 से अलग स्थिति हालांकि पिछले बार (2020) के चुनाव के मुकाबले इस बार स्थिति अलग है। पिछली बार उत्तर व दक्षिण निगम में कुल 150 वार्ड थे। साल 2025 में कैथून नगर पालिका व आसपास के गांव शामिल होने से नगर निगम सीमा का विस्तार हुआ। लेकिन निगम एक हो गया। परिसीमन के बाद वार्ड 100 हो गए। जबकि करीब डेढ़ लाख वोटर बढ़ गए। पिछली बार कोटा में दो नगर निगम थे। दोनों में 65% से ऊपर मतदान हुआ था। कोटा नगर निगम के क्षेत्र में देश व प्रदेश के कई बड़े नेताओं का वोट यहीं डला है। इनमें प्रमुख रूप से लोक सभा स्पीकर ओम बिरला, शिक्षा मंत्री मदन दिलावर, ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर, कोटा उत्तर विधायक व पूर्व यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल, प्रहलाद गुंजल सहित अनेक पार्टी व संगठन के नेता शामिल हैं। दोनों ही दल मेयर की कुर्सी के लिए रणनीति बना रहे हैं। पिछली बार कोटा दक्षिण में किंग मेकर बने थे निर्दलीय साल 2020 में दोनों निगमों में 150 वार्ड मेंसे 17 निर्दलीय जीते थे। कोटा उत्तर में 9 व दक्षिण में 8 निर्दलीय जीते थे। कोटा उत्तर में कांग्रेस को बंपर जीत मिली। आसानी से मेयर बनाया। लेकिन दक्षिण में कांग्रेस व बीजेपी को 36-36 वार्डो में जीत मिली। सत्ता की चाबी निर्दलीयों के हाथ में रही। कांग्रेस ने निर्दलीयों की मदद से मेयर के पद पर कब्जा किया था। इस बार भी दोनों दलों के बागियों ने ताल ठोकी। वोटिंग से पहले ही कांग्रेस व बीजेपी बागियों को मनाने में जुट गई थी। दोनों पार्टियों ने बागियों की रिपोर्ट प्रदेश मुख्यालय भेज दी। लेकिन कांग्रेस व बीजेपी ने बागियों के खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया। इस चुनाव में भी दोनों ही दलों के बागी मैदान में डटे रहे। कड़ी टक्कर दी। बीजेपी के कुछ बड़े चेहरों की सीट फंसी हैं। वोटिंग ट्रेंड को देखने से ऐसा लगता है कि इस बार मुकाबला कांटे का हैं। हालांकि पिछले बार के मुकाबले इस बार निर्दलीयों की संख्या कम रह सकती हैं। कोटा में 4 बार भाजपा, 2 बार कांग्रेस का कब्जा कोटा नगर निगम में अब तक के इतिहास में ज्यादातर मेयर बीजेपी के खेमें के रहे हैं। 1994 से 2020 तक 4 बार मेयर की कुर्सी पर भाजपा का कब्जा रहा। जबकि साल 2009 व साल 2020 में ( कोटा उत्तर व कोटा दक्षिण ) में कांग्रेस के मेयर बने। लोकसभा चुनाव से पहले कोटा दक्षिण के मेयर बीजेपी में शामिल हो गए। कोटा दक्षिण मेयर पद पर बीजेपी का कब्जा हो गया। इस बार कोटा में मेयर हाईब्रिड सिस्टम से भी बनाया जा सकता है, यानी पार्षद का चुनाव लड़े बिना भी मेयर का नाम सामने आ सकता है। एक प्रमुख दल में ओबीसी वर्ग से जुड़े नेता की पत्नी का नाम चर्चाओं में हैं। कांग्रेस से मेयर की दौड़ में 5 प्रमुख दावेदार कांग्रेस में अमोलक देवी, देवबाई गुर्जर, आईना महक, सीमा यादव व सविता सुवालका मेयर पद की दौड़ में हैं। अमोलक देवी ( वार्ड 57) 2004 और 2009 में पार्षद रह चुकी हैं। साल 2020 में मामूली मतों से हारने के बाद भी मनोनीत पार्षद बनाया। अब चौथी बार मैदान में हैं। आईना महक (वार्ड 6) कैथून नगरपालिका की पूर्व चेयरपर्सन रही हैं। विधायक प्रत्याशी नईमुद्दीन गुड्डू गुट से हैं। देवबाई गुर्जर (वार्ड 2) पूर्व पार्षद धनराज चाची की पत्नी है। प्रहलाद गुंजल गुट की समर्थक हैं। पार्टी गुर्जर समाज के बड़े ज़नाधार को साधकर कर मेयर पद पर दाव खेल खेलती है तो देवबाई की दावेदारी मजबूत होगी। सीमा यादव (वार्ड 84,)पूर्व पार्षद एडवोकेट ज्ञान यादव की पत्नी हैं। एम.ए., बी.एड. तक पढ़ी-लिखी हैं। सविता सुवालका (वार्ड 71) पूर्व पार्षद राजेंद्र सुवालका की पत्नी और पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष व कांग्रेस नेता रामेश्वर सुवालका की भाभी हैं। परिवार का राजनीतिक रसूख ताकत है। कोटा उत्तर विधायक शांति धारीवाल खेमें से हैं। भाजपा की 5 प्रमुख दावेदार सीमा चौधरी (वार्ड 83)- लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला इसी वार्ड से हैं। पति धीरेंद्र चौधरी पूर्व पार्षद रहे हैं। बिरला के नजदीकी रणनीतिकारों में है। अनुसुइया गोस्वामी (वार्ड 98,) संगठन में कई अहम पदों पर जिम्मेदारी संभाल चुकीं हैं। वे लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की भरोसेमंद मानी जाती हैं। प्रतिभा सुमन (वार्ड 64) इनकी सास और ससुर दोनों पार्षद रह चुके हैं। पति पुलिस में हैं। लाड़पुरा क्षेत्र में प्रभावशाली माली समाज को साधने के लिहाज से पार्टी इन पर दांव खेल सकती है। पुष्पा चौधरी (वार्ड 87) पिछले कार्यकाल में पार्षद रह चुकी हैं। इनके पति देवेंद्र चौधरी दो बार पार्षद रहे हैं। इस बार महापौर बनने के लिए चुनावी मैदान में हैं। बिरला परिवार के नजदीकी माने जाते हैं। दीपा आर्य (वार्ड 77) पहली बार चुनावी मैदान में हैं इनके पति आत्मदीप आर्य सर्राफा बोर्ड व्यापार संघ के अध्यक्ष हैं। जिलाध्यक्ष के नजदीकियों में इनकी गिनती होती है।
सलूम्बर नगर परिषद के आम चुनाव-2026 में शहर के 25 वार्डों में मतदान शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। अंतिम मतदान रिपोर्ट के अनुसार नगर परिषद क्षेत्र में कुल 15,614 मतदाता थे, जिनमें 7,766 पुरुष और 7,848 महिलाएं शामिल थीं। इनमें से 12,286 मतदाताओं ने वोट डाला। कुल मतदान प्रतिशत 78.69 फीसदी रहा। इस बार पुरुषों के मुकाबले महिलाओं ने अधिक मतदान किया। 6,060 पुरुषों के मुकाबले 6,226 महिलाओं ने वोट डाले। यानी महिलाओं ने पुरुषों से 166 ज्यादा वोट डाले। वार्ड-5 में सबसे ज्यादा 93.30% मतदान वार्डवार आंकड़ों में वार्ड-5 में सबसे ज्यादा मतदान हुआ। यहां 463 में से 432 मतदाताओं ने वोट डाला। मतदान प्रतिशत 93.30 फीसदी रहा। इसके बाद वार्ड-1 में 93.15 फीसदी, वार्ड-6 में 91.34 फीसदी, वार्ड-23 में 87.37 फीसदी और वार्ड-21 में 85.16 फीसदी मतदान हुआ। वहीं वार्ड-15 में सबसे कम 57.68 फीसदी मतदान दर्ज किया गया। यहां 723 में से 417 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। पहले 9 वार्डों में मतदान का आंकड़ा वार्ड-10 से 17 तक मतदान वार्ड-10 में 898 में से 673 मतदाताओं ने वोट डाले। यहां मतदान प्रतिशत 74.94 रहा। वार्ड-11 में 991 में से 800 वोट पड़े और मतदान 80.73 फीसदी रहा। वार्ड-12 में 662 में से 508 मतदाताओं ने मतदान किया, जबकि प्रतिशत 76.74 रहा। वार्ड-13 में 685 में से 504 वोट पड़े और मतदान 73.58 फीसदी रहा। वार्ड-14 में 430 में से 310 मतदाताओं ने वोट डाला और मतदान 72.09 फीसदी रहा। वार्ड-15 में 723 में से 417 वोट पड़े और यह 57.68 फीसदी के साथ सबसे कम रहा। वार्ड-16 में 864 में से 635 मतदाताओं ने मतदान किया, जिसका प्रतिशत 73.50 रहा। वार्ड-17 में 866 में से 637 वोट पड़े और मतदान 73.56 फीसदी रहा। वार्ड-18 से 25 तक मतदान वार्ड-18 में 630 में से 479 मतदाताओं ने वोट डाला और मतदान 76.03 फीसदी रहा। वार्ड-19 में 598 में से 457 वोट पड़े, जबकि मतदान प्रतिशत 76.42 रहा। वार्ड-20 में 500 में से 415 मतदाताओं ने मतदान किया और प्रतिशत 83.00 रहा। वार्ड-21 में 465 में से 396 वोट पड़े और मतदान 85.16 फीसदी रहा। वार्ड-22 में 681 में से 574 मतदाताओं ने वोट डाला, जिससे मतदान प्रतिशत 84.29 रहा। वार्ड-23 में 689 में से 602 मत पड़े और मतदान 87.37 फीसदी रहा। वार्ड-24 में 997 में से 800 मतदाताओं ने मतदान किया और प्रतिशत 80.24 रहा। वार्ड-25 में 564 में से 463 मतदाताओं ने वोट डाला और मतदान 82.09 फीसदी रहा। सबसे ज्यादा और सबसे कम मतदान वाले वार्ड अंतिम आंकड़ों के मुताबिक, वार्ड-5 में 93.30 फीसदी मतदान सबसे अधिक रहा। इसके बाद वार्ड-1 में 93.15, वार्ड-6 में 91.34, वार्ड-23 में 87.37 और वार्ड-21 में 85.16 फीसदी मतदान हुआ। वहीं वार्ड-15 में 57.68 फीसदी मतदान सबसे कम रहा। कुल मिलाकर 25 वार्डों में 15,614 में से 12,286 मतदाताओं ने मतदान किया, जिससे नगर परिषद क्षेत्र का अंतिम मतदान प्रतिशत 78.69 फीसदी रहा।
बीकानेर शहर के कई इलाकों में बिजली के ट्रासंफार्मरों के मेंटेनेंस के लिए शनिवार 12 सितम्बर को बिजली गुल रहेगी। सुबह 7:00 से 11:00 बजे तक सुबह 7:00 बजे से 09:00 बजे तक केसर देसर चौक, दैनिक भास्कर के पास, महिला मंडल स्कूल के पास, पिंक मॉडल स्कूल के पास, कुचिलपुरा के पास, आरके कॉम्प्लेक्स, जूनागढ़ किले के पीछे, पंचमुख हनुमान मंदिर के पास, आदि का क्षेत्र। सुबह 9:00 बजे से 11:00 बजे तक प्रातः 7:30 बजे से 11:00 बजे तक दोपहर 3:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक
जमुई के चिहरा थाना क्षेत्र की बरमोरिया पंचायत स्थित गुहिया जंगल में सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के पुराने डंप का खुलासा किया है। गुप्त सूचना पर चलाए गए सर्च ऑपरेशन के दौरान जमीन में छिपाकर रखी गई 250 जिलेटिन की छड़ें बरामद की गईं। बड़ी मात्रा में विस्फोटक मिलने के बाद इलाके में सुरक्षा बढ़ाते हुए आसपास के जंगल की भी तलाशी ली गई। गुप्त सूचना पर जंगल में चला सर्च ऑपरेशन चिहरा थानाध्यक्ष रिंकू रजक के नेतृत्व में एसटीएफ और स्थानीय पुलिस बल ने गुहिया जंगल में अभियान चलाया। जवानों ने संदिग्ध स्थानों पर तलाशी शुरू की। इसी दौरान जमीन के अंदर छिपाकर रखी गई जिलेटिन की छड़ें बरामद हुईं। पुलिस के अनुसार, विस्फोटक नक्सलियों के पुराने दौर में छिपाकर रखे गए होने की आशंका है। मौके पर पहुंची बीडीडीएस टीम विस्फोटक बरामद होने की सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई। इसके बाद जमुई से बम निरोधक दस्ता मौके पर पहुंचा। बीडीडीएस टीम ने बरामद जिलेटिन की छड़ों को सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय करने की कार्रवाई शुरू की। इसके साथ ही सुरक्षाबलों ने आसपास के इलाके की घेराबंदी कर सघन तलाशी ली। 20 जून को भी मिला था नक्सली डंप गुहिया जंगल में नक्सली सामग्री मिलने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले 20 जून को भी सुरक्षाबलों ने इसी इलाके में भारी मात्रा में विस्फोटक और नक्सली सामान बरामद किया था। पुलिस के अनुसार, दुर्गम जंगल का इस्तेमाल पहले नक्सलियों के ट्रेनिंग सेंटर के रूप में किया जाता था। पहले बरामद हुई थी बड़ी मात्रा में सामग्री 20 जून की कार्रवाई में नक्सलियों की काली वर्दी के 55 बेल्ट, इंसास और एके-47 राइफल की 23 सीलिंग कड़ी, एसएलआर और थ्री नॉट थ्री राइफल की 30 सीलिंग कड़ी बरामद हुई थी। इसके अलावा राइफल साफ करने की सामग्री, 850 नक्सली पंपलेट, चार नक्सली साहित्य की किताबें, प्रतिबंधित संगठन भाकपा माओवादी की रसीद बुक और नोटपैड भी मिले थे। पुराने ठिकानों की लगातार हो रही तलाश थानाध्यक्ष रिंकू रजक ने बताया कि नक्सली प्रभाव कम होने के बावजूद जंगल में छिपाकर रखे गए पुराने विस्फोटक और अन्य सामग्री खतरा बन सकते हैं। सुरक्षाबल ऐसे संभावित पुराने ठिकानों को चिह्नित कर लगातार सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं। अभियान में अवर निरीक्षक महेश सिंह, एसटीएफ टीम और चिहरा थाना के सशस्त्र बल के जवान शामिल रहे।
बलिया के दोकटी थाना क्षेत्र की लालगंज चौकी पर तैनात सिपाही पर कोचिंग से घर लौट रही नाबालिग छात्रा से छेड़खानी करने का आरोप लगा है। छात्रा के शोर मचाने पर ग्रामीणों ने सिपाही का पीछा किया। इस दौरान सिपाही बाइक छोड़कर मौके से भाग गया। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी सिपाही के खिलाफ केस दर्ज कर उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। मामले में विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। तीन दिन से परेशान करने का आरोप छात्रा ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया कि पंकज गुप्ता नाम का सिपाही पिछले तीन दिनों से उसे अकेला देखकर छेड़खानी करने का प्रयास कर रहा था। उसका मोबाइल नंबर मांग रहा था। छात्रा के मुताबिक, उसने पहले दो दिनों तक किसी को इसकी जानकारी नहीं दी। शुक्रवार शाम वह कोचिंग से साइकिल से घर लौट रही थी। आरोप है कि सुनसान स्थान पर सिपाही ने उसे अकेला देखकर साइकिल रोक ली और छेड़खानी करने लगा। छात्रा ने पुलिस को बताया कि इस दौरान सिपाही ने उसके शरीर को भी छुआ। शोर मचाने पर बाइक छोड़कर भागा छात्रा के शोर मचाने पर उसके पिता और आसपास के कुछ ग्रामीण मौके पर पहुंचे और सिपाही को पकड़ने के लिए उसका पीछा किया। ग्रामीणों के पहुंचने से पहले ही सिपाही अपनी बाइक छोड़कर मौके से फरार हो गया। घटना की सूचना मिलने पर क्षेत्राधिकारी, थानाध्यक्ष और पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह भी मौके पर पहुंचे। इसके बाद पुलिस चौकी पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। सपा नेता अंगद मिश्र, भाजपा नेत्री, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि अमित सिंह और विजय लक्ष्मी समेत कई लोग वहां मौजूद रहे। केस दर्ज होने के बाद निलंबन सीओ बैरिया आलोक कुमार गुप्ता ने बताया कि 11 सितंबर को दोकटी थाने पर सूचना मिली थी कि लालगंज चौकी पर तैनात सिपाही पंकज गुप्ता ने कोचिंग से साइकिल से घर लौट रही बालिका के साथ छेड़खानी की है। तहरीर के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि सिपाही को कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही, अनुशासनहीनता, स्वेच्छाचारिता और अकर्मण्यता के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। मामले में विभागीय जांच और अन्य कार्रवाई भी प्रचलित है। कार्रवाई के आश्वासन पर हटी भीड़ पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह ने आरोपी सिपाही के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने, निलंबन और विभागीय जांच की मांग की। प्राथमिकी दर्ज होने और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई के आश्वासन के बाद चौकी पर जुटी भीड़ वहां से हट गई।
सिंगरौली के गन्नई गजरहिया गांव में जनविश्वास अभियान शिविर खत्म होने के बाद ग्रामीणों ने देवसर एसडीएम श्रीकृष्णा की गाड़ी के सामने हंगामा किया। ग्रामीणों ने लाठी लेकर एसडीएम की गाड़ी का रास्ता रोक दिया। वे अपने मोहल्ले के जर्जर स्कूल और आंगनबाड़ी की समस्या मौके पर आकर देखने को कह रहे थे। अचानक हुए हंगामे पर एसडीएम श्रीकृष्णा गाड़ी से नीचे उतरे। उन्होंने ग्रामीणों से बात की और उन्हें समझाया। ग्रामीणों ने बताया कि उनके मोहल्ले का स्कूल खराब हालत में है। बारिश में स्कूल में सीलन आने से बच्चों को दिक्कत होती है। ग्रामीण चाहते थे कि अधिकारी खुद मौके पर पहुंचकर स्कूल की हालत देखें। एसडीएम ने ग्रामीणों की बात सुनी और मौके पर जाकर स्कूल का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को स्कूल की समस्या तुरंत ठीक करने के निर्देश दिए। दैनिक भास्कर से बात करते हुए एसडीएम श्रीकृष्णा ने बताया कि शाम को कार्यक्रम खत्म होने के बाद वे वहां से निकल रहे थे। तभी कुछ ग्रामीण जमा हो गए और उन्होंने स्कूल की समस्या बताई। इसके बाद वे खुद मौके पर पहुंचे और स्कूल का निरीक्षण किया। एसडीएम ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया है कि बारिश खत्म होने के बाद दो-तीन दिन के अंदर स्कूल में सीलन समेत दूसरी दिक्कतें ठीक कराई जाएंगी। ग्रामीणों के हंगामे के बाद प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर उनकी समस्या सुनी और कार्रवाई का भरोसा दिलाया। अब देखना होगा कि अधिकारियों के निर्देश के बाद जर्जर स्कूल की समस्या कितनी जल्दी ठीक होती है।
छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित CGPSC घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के एडिशनल कलेक्टर चेतन बोरघारिया को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद उन्हें विशेष कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने चेतन बोरघारिया को 6 दिन की ED रिमांड पर भेज दिया है। ED ने कोर्ट में CGPSC घोटाले के आरोपी उत्कर्ष चंद्राकर के साथ चेतन बोरघारिया की व्हाट्सऐप चैट मिलने की जानकारी दी। इसी आधार पर कोर्ट ने पूछताछ के लिए ED को उनकी 6 दिन की रिमांड दी है। अब ED उनसे CGPSC गड़बड़ी मामले में पूछताछ करेगी। बतादें कि 6 दिन पहले ED आरोपी उत्कर्ष चंद्राकर को कोर्ट में पेश किया। ED ने आरोपी उत्कर्ष की रिमांड बढ़ाने के लिए आवेदन नहीं दिया। सुनवाई के बाद कोर्ट ने आरोपी उत्कर्ष को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। इधर, CGPSC घोटाले की जांच में अभ्यर्थियों को परीक्षा के पेपर उपलब्ध कराने के नाम पर लाखों रुपए लेने की बात सामने आई है। ED के वकील सौरभ पांडेय के मुताबिक, उत्कर्ष चंद्राकर मामले में गिरफ्तार की भूमिका अभ्यर्थियों तक प्रीलिम्स और मेन्स के पेपर पहुंचाने से जुड़ी थी। महिला कैंडिडेट ने बताया- प्रीलिम्स का पेपर 100% मैच हुआ CGPSC मामले की जांच को लेकर सौरभ पांडेय ने बताया कि जांच के दौरान एक महिला कैंडिडेट का बयान दर्ज किया गया है। उसके मुताबिक, उसे प्रीलिम्स परीक्षा का पेपर पहले उपलब्ध कराया गया था। परीक्षा में पूछे गए 100 प्रतिशत सवाल उस पेपर से मैच हुए। इसके बाद मेन्स परीक्षा का पेपर उपलब्ध कराने के नाम पर उससे करीब 70 लाख रुपए लिए गए। महिला को कथित तौर पर मेन्स का पेपर दिखाकर उपलब्ध कराया गया, लेकिन जब वास्तविक परीक्षा हुई तो वह पेपर मैच नहीं हुआ। सौरभ पांडेय के मुताबिक, जांच में ऐसे और अभ्यर्थियों से पैसे लिए जाने की जानकारी भी सामने आई है। कई लोगों को भेजे गए समन जांच के दौरान ऐसे लोगों को भी समन जारी किए गए हैं, जिनका मामले से सीधे या अप्रत्यक्ष रूप से जुड़ाव सामने आया है। हालांकि, जांच जारी होने के कारण अभी उनके नाम सार्वजनिक नहीं किए जा रहे हैं। सौरभ पांडेय ने बताया कि समन किए गए लोगों के बयान दर्ज किए जाएंगे। यदि किसी व्यक्ति के खिलाफ ऐसा साक्ष्य मिलता है, जिसके आधार पर हिरासत में लेकर पूछताछ जरूरी हो, तो उसकी कस्टडी मांगी जाएगी। 60 दिन में जांच पूरी करने का दावा जांच एजेंसी का लक्ष्य करीब 60 दिन में जांच पूरी कर प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट दाखिल करने का है। जांच में सामने आने वाले बयानों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। सौरभ पांडेय ने कहा कि स्टेट सर्विस परीक्षा की तैयारी करने वाले अभ्यर्थी कई साल तक मेहनत करते हैं। परिवार भी उनकी पढ़ाई और तैयारी में आर्थिक और मानसिक रूप से सहयोग करता है। ऐसे में परीक्षा के पेपर के नाम पर पैसे लेकर उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ करना गंभीर मामला है। ……………………….. इससे जुड़ी ये खबर भी पढ़ें…. CGPSC भर्ती घोटाला…ED ने 30 लोगों को दिया नोटिस:3 करोड़ से ज्यादा की वसूली का दावा; जमानत पर बाहर आरोपियों से भी होगी पूछताछ छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) भर्ती घोटाले की जांच में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कार्रवाई तेज कर दी है। एजेंसी ने कथित कैश सिंडिकेट की पड़ताल के लिए करीब 30 लोगों को पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया है। इनमें विवादित अभ्यर्थियों के साथ एनजीओ, एक बड़ी कंपनी और रिसार्ट संचालकों से जुड़े लोग भी शामिल हैं। पढ़ें पूरी खबर…
सिरोही सदर थाना क्षेत्र में ब्यावर-पिंडवाड़ा फोर लेन पर शनि धाम मंदिर के पास एक तेज रफ्तार बाइक अचानक फिसल गई। इस हादसे में बाइक पर सवार तीन युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलने पर 108 एंबुलेंस मौके पर पहुंची और घायलों को सिरोही सरकारी अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर ले गई। जानकारी के मुताबिक, लोटाना निवासी रामलाल पुत्र रचना राम, महेंद्र गरासिया और रेशमा राम गरासिया सिरोही से पिंडवाड़ा की तरफ बाइक पर जा रहे थे। शनि धाम मंदिर के पास अचानक बाइक से चालक का नियंत्रण हट गया और बाइक सड़क पर फिसल गई। हादसे में तीनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। 108 एंबुलेंस के पायलट सुरेंद्र सिंह देवड़ा और मेल नर्स ने मौके पर पहुंचकर घायलों को प्राथमिक उपचार दिया। इसके बाद उन्हें सिरोही सरकारी अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया गया। सिरोही सदर थाने के एएसआई नरपत सिंह अपनी टीम के साथ अस्पताल पहुंचे और घायलों के परिजनों को सूचना दी। ट्रॉमा सेंटर में डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने उनका इलाज शुरू कर दिया है। अस्पताल में सिर्फ एक ट्रॉली मैन होने की वजह से एंबुलेंस 108 के पायलट और मेल नर्स को तीनों गंभीर घायलों को स्ट्रेचर की मदद से ट्रॉमा सेंटर के वार्ड में बेड तक पहुंचाना पड़ा। उस समय ट्रॉली मैन एक दूसरे मरीज को सिरोही के आईसीयू वार्ड में भर्ती कराने गया हुआ था।
अंबिकापुर शहर की बदहाल और जर्जर सड़कों को लेकर कांग्रेस ने 15 सितंबर मंगलवार को चक्काजाम का ऐलान किया है। नेशनल हाईवे की सड़कें चलने लायक नहीं बची हैं। शुक्रवार को भारत माता चौक के पास एक युवक सड़क किनारे गड्ढे में गिर गया। उसे लोगों ने बाहर निकाला। मामले का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। अंबिकापुर में नेशनल हाईवे, स्टेट हाईवे और नगर निगम की सड़कों की दुर्दशा हो गई है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष बालकृष्ण पाठक एवं नगर निगम नेता प्रतिपक्ष शफी अहमद ने कहा कि जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढों और क्षतिग्रस्त सड़कों के कारण आए दिन दुर्घटनाओं की स्थिति बन रही है। कई स्थानों पर ऑटो रिक्शा के पलटने, दुपहिया वाहन चालकों के गिरकर घायल होने और वाहनों के गड्ढों में फंसने की घटनाएं सामने आ रही हैं। भारत माता चौक में स्थिति सर्वाधिक खराब भारत माता चौक से रायगढ़ रोड स्थित फ्लाईओवर तक सड़क की स्थिति बेहद खराब है। यहां गड्ढों में चारपहिया वाहन फंस जा रहे हैं। बाइक सवार गड्ढों में गिर जा रहे हैं। शुक्रवार को एक बाइक सवार युवक सड़क किनारे गड्ढे में गिर गया। यहां करीब 4 फुट पानी भरा है। लोगों ने युवक को खींचकर बाहर निकाला। इसका सोशल मीडिया में वीडियो भी वायरल हो रहा है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि इसी तरह अंबेडकर चौक से रेलवे स्टेशन तक भी खराब सड़कों एवं गड्ढों के कारण लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। बारिश में गड्ढों में पानी भरने के बाद उनकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता और वाहन चालक दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं। इसका खामियाजा मरीजों, महिलाओं, बुजुर्गों और स्कूली बच्चों को भुगतना पड़ रहा है। एंबुलेंस और मरीजों को अस्पताल तक पहुंचने में परेशानी होती है। दुपहिया वाहनों पर स्कूल जाने वाले बच्चों और उनके अभिभावकों के लिए गड्ढों से भरी सड़कें लगातार खतरा बनी हुई हैं। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि शहर के अंदरूनी मोहल्लों और गलियों की सड़कें भी जगह-जगह पूरी तरह टूट चुकी हैं। शफी अहमद ने कहा कि करीब दो महीने पहले बनाई गई कई सड़कें पहली ही बरसात में उखड़ने और धुलने लगी हैं। इससे गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। चक्काजाम में शामिल होने की अपील कांग्रेस जिलाध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों से 15 सितंबर मंगलवार को दोपहर 1 बजे एमजी रोड स्थित विशुनपुर चौक, माखन विहार के पास आयोजित चक्काजाम में शामिल होने की अपील की है।
लखनऊ के मलिहाबाद में एक LIC एजेंट को घेरकर उस पर कुछ लोगों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। ढेंढेमऊ गांव के पास पेट्रोल पंप के सामने एजेंट पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर हमलावर भाग गए। फायरिंग में बीमा एजेंट गंभीर रूप से घायल हो गया है। एक गोली सिर को छूकर निकल गई, एक गोली हाथ में भी लगी है। LIC एजेंट समेंद्र कुमार (36) सैफलपुर काकोरी का रहने वाला है। वह पेट्रोल पंप गया था। घात लगाए बैठे लोगों ने उसे पेट्रोल पंप के सामने घेर लिया और गोली चला दी। सूचना पर एजेंट के घरवाले ही मौके पर पहुंच गए। सड़क पर घायल पड़े समेंद्र को मलिहाबाद सीएचसी ले गए। वहां फर्स्ट एड कर उसे ट्रॉमा सेंटर के लिए रेफर कर दिया गया। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस, दहशत का माहौल सरेराह हुई इस फायरिंग की घटना से स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। घटना की सूचना मिलते ही मलिहाबाद थाना पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना कर हमलावरों की तलाश शुरू कर दी है। एसीपी मलिहाबाद ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि युवक को गोली लगी है। परिवार उसके साथ में है। परिजनों से बात की जा रही है। उनसे शिकायत लेकर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। गोली लगने से गंभीर रूप से घायल युवक शादीशुदा है। खबर अपडेट की जा रही है…
उत्पाद एवं मद्यनिषेध मंत्री मदन सहनी ने शराबबंदी को लेकर जन सुराज प्रमुख प्रशांत किशोर के बयान पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि बिहार में शराबबंदी के खिलाफ सवाल उठाने वाले लोग वास्तव में समाज के गरीब और महिला वर्ग के हितों का विरोध कर रहे हैं। मंत्री ने कहा कि “प्रशांत किशोर जो सर्टिफिकेट बांट रहे हैं, जो लोग शराबबंदी का विरोध करते हैं, निश्चित रूप से वह समाज के निम्न तबके, गरीब तबके और महिलाओं के विरोधी हैं।” मदन सहनी ने कहा कि बिहार में 2016 में तत्कालीन मुख्यमंत्री ने शराबबंदी और नशाबंदी लागू की थी। इसके बाद समाज में कई बदलाव आए हैं। उन्होंने कहा कि कोई भी कानून लागू होने के बाद उसमें शत-प्रतिशत सफलता नहीं मिल सकती। चोरी, डकैती और हत्या जैसे अपराधों से जुड़े करीब 100 साल पुराने कानून भी अपराध को पूरी तरह खत्म नहीं कर पाए हैं। ऐसे में शराबबंदी से शत-प्रतिशत सफलता की उम्मीद करना सही नहीं है। “जिस उद्देश्य से शराबबंदी की गई थी, उस उद्देश्य में हम लोग सफल मानते हैं और आगे भी यह जारी रहेगा।” शराबबंदी को ठिकाने लगाने की कोशिश नाकाम होगी मंत्री ने कहा कि शराबबंदी कानून को कमजोर करने या इसे ठिकाने लगाने की कोशिश करने वालों की कोशिश सफल नहीं होगी। सरकार लगातार कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि सूखा नशा में इस्तेमाल होने वाले चरस, अफीम, हेरोइन और स्मैक की भारी मात्रा में बरामदगी हो रही है और विभाग इसकी लगातार समीक्षा कर रहा है। उन्होंने कहा कि अब बिहार में पकड़ी जाने वाली विदेशी शराब को लेकर भी सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। “जो भी विदेशी शराब बिहार के अंदर आती है और पकड़ी जाती है, उस कंपनी पर भी हम लोग एफआईआर करेंगे। इसका काम शुरू कर दिया गया है।” मंत्री ने कहा कि शराबबंदी को प्रभावी बनाए रखने के लिए विभाग स्तर पर लगातार कार्रवाई और समीक्षा की जा रही है। शहीद का दर्जा दिलाने के लिए मुख्यमंत्री से मिलेंगे मदन सहनी शुक्रवार को मुजफ्फरपुर के पारू निवासी क्रांतिकारी छकौड़ी लाल शाह के शहादत दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि छकौड़ी लाल शाह ने देश की आजादी के लिए शहादत दी, लेकिन उनका नाम अभी बिहार गजट में शहीद के दर्जे के रूप में शामिल नहीं है। वैश्य समाज और कार्यक्रम के आयोजकों ने उनके नाम को बिहार गजट में शहीद के रूप में शामिल कराने के लिए प्रयास करने का अनुरोध किया है। मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को इस संबंध में पत्र के माध्यम से अनुरोध किया गया है। कार्यक्रम के बाद वे पटना जाकर मुख्यमंत्री से मिलेंगे और छकौड़ी लाल शाह को शहीद का दर्जा दिलाने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि उनकी जीवनी का प्रकाशन भी कराया जाएगा, ताकि नई पीढ़ी उनके संघर्ष और शहादत के बारे में जान सके।
संतकबीरनगर में गोवध पर दरोगा-सिपाही सस्पेंड:एसपी ने लिया एक्शन, विभागीय जांच के आदेश
संतकबीरनगर में गोवध की एक घटना सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन ने कार्रवाई की है। काम में लापरवाही बरतने के आरोप में एक उपनिरीक्षक और एक आरक्षी को निलंबित कर दिया गया है। एसपी संदीप कुमार मीना ने शुक्रवार को यह कार्रवाई की। उपनिरीक्षक वीर बहादुर यादव और आरक्षी प्रवीण कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन के दौरान उपनिरीक्षक वीर बहादुर यादव और आरक्षी प्रवीण कुमार को पुलिस लाइन से जोड़ा गया है। साथ ही, दोनों के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू की जाएगी। एसपी संदीप कुमार मीना ने साफ कहा है कि अपराध रोकने, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और पुलिस की जिम्मेदारियों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ये है पूरा मामला संतकबीरनगर के धनघटा थाना क्षेत्र के खटकरा (मैली) गांव में गुरुवार को गौकशी की सूचना मिलने से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया था। गांव के बाहर एक छप्पर से हड्डी और मांस के टुकड़े मिलने की सूचना पर एडिशनल एसपी, एसडीएम और सीओ धनघटा मौके पर पहुंच जांच शुरू कर दी। रात में अचानक गायब हो गया बछड़ा खटकरा (मैली) निवासी अजय चौहान ने गांव के बाहर छप्पर बना रखा है, जहां वह पशु पालते हैं। पालतू पशुओं की रखवाली के लिए रात में अजय की दादी और बहन वहीं रहती हैं। बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात छप्पर से उनका एक बछड़ा अचानक गायब हो गया। सुबह परिजनों को इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने आसपास काफी तलाश की, लेकिन बछड़े का पता नहीं चल सका। मोबाइल चार्ज करने गई बहन ने देखा मांस गुरुवार सुबह अजय की बहन पास में जहूर पुत्र गेना के घर मोबाइल चार्ज करने गई थी। वहां घर के अंदर हड्डी और मांस के टुकड़े दिखाई देने पर उसे शक हुआ। उसने तत्काल इसकी जानकारी अपने परिजनों को दी। इसके बाद कुछ ही देर में यह खबर पूरे गांव और आसपास के इलाके में फैल गई। एक आरोपी हिरासत में लियाधनघटा पुलिस ने मामले में एक आरोपी को हिरासत में ले लिया था, जबकि दो अन्य आरोपियों के फरार हो गए थे। हालांकि बरामद हड्डी और मांस के टुकड़े किस पशु के हैं, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही होगी। पुलिस ने बरामद सामग्री को परीक्षण के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
मुंगेर शहर के महावीर स्थान स्थित रानी सती मंदिर में चल रहे तीन दिवसीय भादवा महोत्सव के दूसरे दिन शुक्रवार को मंदिर परिसर भक्तिरस में डूबा रहा। दोपहर में 100 से अधिक महिलाओं ने सामूहिक रूप से श्री रानी दादी सती का मंगल पाठ किया। मारवाड़ी समाज की महिलाएं एक जैसे परिधान में मंगल पाठ में शामिल हुईं, जिससे पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय नजर आया। देखें, मौके से आई तस्वीरें… पटना से पहुंचीं गायिकाओं ने कराया मंगल पाठ पटना से आईं गायिका रेखा मोहिनी और आस्था श्री ने श्रद्धालुओं के साथ मंगल पाठ कराया। मंगल पाठ के दौरान श्री रानी सती दादी की प्रतिमा का आगमन हुआ। इसके साथ ही बाल स्वरूप जन्मोत्सव की झांकी निकाली गई। झांकी देखकर श्रद्धालु भावुक हो उठे और मंदिर परिसर में दादी के जयकारे गूंजने लगे। गुलाल लगाकर मनाया जन्मोत्सव जन्मोत्सव के मौके पर महिलाओं ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर खुशी जताई। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के बीच टॉफियां भी बांटी गईं। लोगों ने एक-दूसरे को श्री रानी सती दादी के जन्मोत्सव की शुभकामनाएं दीं। देर शाम तक चली भजन संध्या मंगल पाठ समाप्त होने के बाद देर शाम तक भजन संध्या का आयोजन हुआ। कलाकारों ने रानी सती दादी के भक्ति गीत और भजन प्रस्तुत किए। भजनों पर श्रद्धालु देर तक झूमते रहे। पहले दिन नृत्य-नाटिका ने मोहा मन इससे पहले गुरुवार को महोत्सव के पहले दिन कलाकार हर्ष खेतान और प्रियंका प्रकाश (प्रिया) ने मधुर भजनों की प्रस्तुति दी। बाल कलाकारों ने भावपूर्ण नृत्य-नाटिका प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। महोत्सव को लेकर मंदिर को कच्चे फूलों से आकर्षक ढंग से सजाया गया है। दिनभर श्रद्धालुओं के मंदिर पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। आयोजन में समाज के लोग रहे मौजूद कार्यक्रम में अध्यक्ष राजकुमार खेमका राजू, उपाध्यक्ष सुनील अग्रवाल, सचिव राजेश चमड़िया, कोषाध्यक्ष अनूप भगेरिया, कार्यक्रम संयोजक उमेश राजगढ़िया, दिलीप सर्राफ, प्रदीप वर्मा, शंभूनाथ पोद्दार, कुमार गौतम, संतोष बंसल, संदीप जालान, शिवनाथ खंडेलिया, सुनील डोकानिया, सुशील खेमका और उत्तम सरावगी समेत समाज के कई महिला-पुरुष मौजूद रहे।
जिस इंजीनियर के घर SVU की रेड में 16 प्लॉट मिले, उसे EOU की धमकी देने में जेल गए थे दो ठेकेदार
एसवीयू को छापेमारी में जिस इंजीनियर राजेंद्र कुमार के ठिकाने से 16 प्लॉट, कैश और गहनों की जानकारी मिली है, उन्हें ईओयू जांच की धमकी देने के आरोप में पिछले दिनों दो ठेकेदारों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
भिंड के रौन में जन-विश्वास अभियान के तहत आयोजित शिविर में ग्रामीणों की 65 समस्याएं और आवेदन सामने आए। इनमें से 20 का मौके पर ही निराकरण किया गया। शेष आवेदनों को समय-सीमा में निपटाने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए। शासकीय वेयरहाउस रौन में आयोजित जनसंवाद एवं समाधान शिविर में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला और कलेक्टर ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। अलग-अलग विभागों से आए आवेदनों पर अधिकारियों से जानकारी ली गई। जिन मामलों का मौके पर समाधान संभव था, उनका तत्काल निराकरण कराया गया। ग्रामीण विकास कार्यों की गुणवत्ता पर रखें नजरमंत्री राकेश शुक्ला ने ग्रामीणों से गांव में चल रहे विकास कार्यों और सरकारी योजनाओं की निगरानी करने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसी योजना के तहत काम शुरू होने पर ग्रामीण उसकी गुणवत्ता देखें। काम पूरा होने के बाद उसके रखरखाव की जिम्मेदारी भी समझें। उन्होंने जल जीवन मिशन के काम को लेकर भी ग्रामीणों को जागरूक करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। मंत्री ने कहा कि नल-जल योजना पूरी होने के बाद उसकी देखरेख और संरक्षण जरूरी है। इससे योजना का लाभ लंबे समय तक ग्रामीणों को मिल सकेगा। गांवों में पहुंचकर समस्याएं सुन रहे अधिकारीमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर चल रहा जन-विश्वास अभियान शासन और ग्रामीणों के बीच सीधे संवाद का माध्यम है। अधिकारी गांवों में पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुन रहे हैं। इससे ग्रामीणों को अपनी समस्याओं के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि गांवों के भ्रमण के दौरान लोगों को सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जाए और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना जाए। ग्रामीण भी अपने गांव और मोहल्ले की समस्याएं सामने लाएं, ताकि उनका समय पर समाधान हो सके। इन विभागों से जुड़े आवेदन आएशिविर में राजस्व, श्रम, मध्याह्न भोजन, सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, महिला एवं बाल विकास, शिक्षा, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, ऊर्जा, आधार कार्ड और योजना मंडल से संबंधित आवेदन आए। इस दौरान अपर कलेक्टर, एसडीएम लहार, जनपद पंचायत रौन के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
अनूपपुर के चचाई थाना क्षेत्र में 7 वर्षीय किशोरी से छेड़छाड़ के आरोपी को पुलिस ने शुक्रवार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। 32 वर्षीय आरोपी उत्तर प्रदेश के जौनपुर का रहने वाला है और बरगवां की सोडाफैक्ट्री में मजदूरी करने आया था। परिजनों ने आरोपी को दोबारा देखा तो उसकी पहचान कर पुलिस को सूचना दी। 7 सितंबर की घटना में दर्ज हुआ केस थाना प्रभारी फूलवती अहिरवार ने बताया कि आरोपी बृजभान उर्फ चंद्रभान (32) ओरिएंट पेपर मिल (ओपीएम) की कास्टिक सोडा यूनिट में काम करने आया था। वह सोडाफैक्ट्री बरगवां में रह रहा था। पुलिस के मुताबिक 7 सितंबर को आरोपी एक सूने घर में घुसा और किशोरी से छेड़छाड़ की। घटना के बाद परिवार ने पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराई थी। दोबारा दिखा तो पहचान लिया हाल ही में आरोपी परिजनों को दोबारा दिखाई दिया। परिवार ने उसे पहचान लिया, जिसके बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। कुछ लोगों ने आरोपी को पकड़कर उसके साथ मारपीट भी की। सूचना मिलने पर चचाई पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को लोगों से छुड़ाकर थाने ले गई। इसके बाद किशोरी की मां के आवेदन पर मामला दर्ज किया गया। पॉक्सो समेत कई धाराओं में केस पुलिस ने आरोपी के खिलाफ BNS की धारा 331(3), 74, 75(2), पॉक्सो एक्ट की धारा 7/8 और एससी/एसटी एक्ट की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। कोर्ट से जिला जेल भेजा गया एसपी विक्रांत मुराब ने बताया कि शिकायत मिलते ही पुलिस ने कार्रवाई की। आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जिला जेल भेज दिया गया।
दरभंगा में जीविका से जुड़कर ग्रामीण महिलाएं अब आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ सामुदायिक नेतृत्व की मिसाल भी कायम कर रही हैं। स्वयं सहायता समूहों से शुरू हुआ महिलाओं का सफर अब संगठन संचालन, वित्तीय प्रबंधन और सामुदायिक विकास तक पहुंच चुका है। इसी क्रम में डीपीएम डॉ. ऋचा गार्गी के नेतृत्व में जिले में जीविका महिला विकास स्वावलंबी सहकारी समितियों की वार्षिक आमसभाओं का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में किरतपुर प्रखंड स्थित कमला जीविका महिला विकास स्वावलंबी सहकारी समिति लिमिटेड की प्रथम वार्षिक आमसभा उत्साहपूर्ण वातावरण में आयोजित की गई। आमसभा में बड़ी संख्या में जीविका दीदियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में वर्षभर की गतिविधियों और उपलब्धियों की समीक्षा के साथ समिति की आगामी कार्ययोजना पर सामूहिक रूप से विचार-विमर्श किया गया।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बीपीएम कृष्णदेव ठाकुर ने कहा कि जीविका ने ग्रामीण महिलाओं को केवल आर्थिक रूप से मजबूत बनाने का काम नहीं किया है, बल्कि उन्हें सामाजिक और सामुदायिक नेतृत्व का सशक्त मंच भी उपलब्ध कराया है। आज महिलाएं परिवार की जिम्मेदारियां निभाने के साथ स्वयं सहायता समूह, ग्राम संगठन और संकुल संघ की गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। कार्यक्रम के दौरान बेहरतर कार्य करने वाली जीविका दीदियों को सम्मानित किया गया। महिलाएं अपनी जिम्मेदारियां निभा रहींसंचार प्रबंधक राजा सागर ने कहा कि संकुल संघ जीविका के सामुदायिक संगठन की महत्वपूर्ण कड़ी है। इसके माध्यम से महिलाएं अब केवल समूह की सदस्य नहीं रह गई हैं, बल्कि संगठन के संचालन, वित्तीय प्रबंधन और सामुदायिक विकास की जिम्मेदारियां भी प्रभावी ढंग से संभाल रही हैं। छोटे स्तर पर बचत से शुरू हुई यह यात्रा ग्रामीण महिलाओं की बदलती आर्थिक भूमिका और बढ़ते आत्मविश्वास की कहानी है। गतिविधियों का किया गया मूल्यांकनवार्षिक आमसभा में वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान समिति की ओर से किए गए कार्यों और गतिविधियों की विस्तृत जानकारी सदस्यों के समक्ष रखी गई। बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की सदस्य दीदियों ने वर्षभर की उपलब्धियों और संगठनात्मक गतिविधियों पर विस्तार से चर्चा की।इस दौरान सदस्यों ने समिति को और प्रभावी बनाने के लिए कई सुझाव और प्रस्ताव रखे। महिलाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों का विस्तार, आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने और सामुदायिक संगठन को और मजबूत बनाने जैसे मुद्दों पर विशेष रूप से चर्चा हुई। आमसभा में विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन करने वाली जीविका दीदियों ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि जीविका से जुड़ने के बाद उन्हें अपनी क्षमता पहचानने और उसे आर्थिक गतिविधियों में बदलने का अवसर मिला। सामूहिक बचत, आपसी सहयोग और प्रशिक्षण ने उनके आत्मविश्वास को नई दिशा दी। महिला सशक्तिकरण का दिया संदेश उपस्थित सदस्यों ने सम्मानित दीदियों के प्रयासों की सराहना करते हुए इसे अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणादायक बताया।कार्यक्रम के समापन पर महिला सशक्तिकरण से जुड़े गीत और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। जीविका दीदियों ने उत्साहपूर्वक इसमें भाग लिया और महिला सशक्तिकरण एवं सामूहिक एकजुटता का संदेश दिया।इस अवसर पर बीपीएम कृष्णदेव ठाकुर, क्षेत्रीय समन्वयक ब्रजेश कुमार, जीविकोपार्जन विशेषज्ञ सुमित सौरभ, सामुदायिक समन्वयक मीरा कुमारी, दुर्गानंद सिंह, निखिल झा, जीतन कुमार, लेखापाल शारदानंद झा सहित दर्जनों कैडर रिंकी सिंह, अजित कुमार, मो. मंसूर आलम एवं सैकड़ों जीविका दीदियां मौजूद थीं।
बलिया के दोकटी में 15 साल की किशोरी से छेड़छाड़ के आरोप में लालगंज चौकी के सिपाही पर केस दर्ज किया गया है। किशोरी के मुताबिक, सिपाही कई दिनों से उसे परेशान कर मोबाइल नंबर मांग रहा था। शुक्रवार को उसने रास्ते में किशोरी की साइकिल रोककर छेड़छाड़ की। शोर सुनकर पिता और ग्रामीण मौके की ओर दौड़े तो सिपाही बाइक छोड़कर भाग गया। शिकायत के बाद पुलिस ने सिपाही को निलंबित कर दिया। देखिए 2 तस्वीरें… जानिए मामला किशोरी के मुताबिक, वह 8 सितंबर को ट्यूशन पढ़ने लालगंज गई थी। लौटते समय सिपाही पंकज गुप्ता ने उसे अकेला देखकर मोबाइल नंबर मांगा। आरोप है कि 9 और 10 सितंबर को भी कोचिंग से लौटते समय सिपाही ने टिप्पणी करते हुए नंबर मांगा। किशोरी ने बाद में यह बात परिजनों को बताई। शुक्रवार को किशोरी साइकिल से घर लौट रही थी। आरोप है कि रास्ते में सिपाही ने उसकी साइकिल रोककर छेड़छाड़ की। किशोरी के शोर मचाने पर पिता और ग्रामीण मौके की ओर दौड़े। इसी दौरान सिपाही अपनी मोटरसाइकिल छोड़कर भाग गया। बड़ी संख्या में लोग लालगंज चौकी पर जुटे सूचना पर सीओ बैरिया, दोकटी थाना प्रभारी समेत पुलिस टीम मौके पर पहुंची। घटना के बाद बड़ी संख्या में लोग लालगंज चौकी पर जुट गए। लोगों ने केस दर्ज करने, निलंबन और विभागीय कार्रवाई की मांग की। पुलिस के कार्रवाई के आश्वासन के बाद लोग शांत हुए। सीओ आलोक कुमार के अनुसार, किशोरी की शिकायत पर केस दर्ज कर लिया गया है। सिपाही को निलंबित किया जा रहा है। मामले की जांच की जा रही है।
कन्नौज में 50 लाख की शराब से भरी DCM पकड़ी:हरियाणा से बिहार ले जाकर करते थे सप्लाई, ड्राइवर गिरफ्तार
कन्नौज के सदर कोतवाली पुलिस ने शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे शराब से भरी DCM पकड़ी। वाहन में 545 पेटियों में 4,836 लीटर शराब लदी थी। पुलिस ने शराब की कीमत करीब 50 लाख रुपए आंकी है। शराब हरियाणा से बिहार ले जाई जा रही थी। पुलिस ने DCM चालक को हिरासत में लेकर उसके खिलाफ आबकारी अधिनियम और मोटर व्हीकल एक्ट के तहत केस दर्ज किया है। पाल चौराहे पर घेराबंदी कर पकड़ी DCM कोतवाली प्रभारी जितेंद्र प्रताप सिंह को मुखबिर से शराब तस्करी की सूचना मिली थी। इसके आधार पर पुलिस ने शहर के पाल चौराहे पर घेराबंदी कर DCM को रोक लिया। तलाशी लेने पर उसमें शराब की पेटियां मिलीं। इसके बाद पुलिस चालक और शराब लदी DCM को सदर कोतवाली ले आई। 545 पेटियों में मिली 4,836 लीटर शराब पूछताछ में चालक ने अपना नाम जयसिंह पुत्र चेनाराम निवासी विसारनिया, बाड़मेर, राजस्थान बताया। पुलिस के मुताबिक, DCM में 170 पेटी रॉयल स्टैग, 185 पेटी इम्पीरियल ब्लू हाफ और 190 पेटी इम्पीरियल ब्लू क्वार्टर मिले हैं। कुल 545 पेटियों में 4,836 लीटर शराब बरामद हुई है। पुलिस ने चालक के पास से एक मोबाइल फोन और 10,200 रुपए नकद भी बरामद किए हैं। सोनीपत का युवक भेजता था शराब पूछताछ में चालक ने पुलिस को बताया कि हरियाणा के सोनीपत जिले के खरखोंदा निवासी सोनू अक्सर इसी DCM से शराब बिहार भेजता है। उसके मुताबिक, वह पहले भी कई बार शराब बिहार ले जा चुका है और इस काम से मिलने वाले पैसों से अपना और परिवार का खर्च चलाता है। आबकारी अधिनियम में केस दर्ज एसपी बिनोद कुमार ने बताया कि बरामद शराब की कीमत करीब 50 लाख रुपए है। चालक जयसिंह के खिलाफ सदर कोतवाली में आबकारी अधिनियम की धारा 60, 63 और 72 तथा 207 एमवी एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है। पुलिस मामले में आगे की जांच कर रही है।
जोधपुर शहर के करीब आधे हिस्से में 13 सितंबर को पेयजल सप्लाई बंद रहेगी, जिससे लोगों को पानी की परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) के अनुसार, फिल्टर प्लांट, पंप हाउस और पाइपलाइनों की जरूरी सफाई और रखरखाव कार्य के कारण यह क्लोजर लिया गया है। PHED नगर वृत्त जोधपुर के अधीक्षण अभियंता(SE) राजेंद्र मेहता के अनुसार, शहर के सभी फिल्टर हाउसों से जलापूर्ति अस्थाई रूप से बंद रखी जाएगी। इसके चलते कई इलाकों में पानी की सप्लाई का शेड्यूल एक दिन आगे बढ़ा दिया गया है। इन इलाकों का बदला सप्लाई शेड्यूल कायलाना, चौपासनी और सूरपुरा फिल्टर हाउस- इन फिल्टर हाउस से जुड़े सभी क्षेत्रों में 13 सितंबर को होने वाली पानी की सप्लाई 14 सितंबर को और 14 सितंबर को होने वाली जलापूर्ति 15 सितंबर को की जाएगी। झालामंड और तख्त सागर फिल्टर हाउस- इन फिल्टर हाउस से जुड़े क्षेत्र (सरस्वती नगर, कुड़ी भगतासनी हाउसिंग बोर्ड के विभिन्न सेक्टर, पाल बाईपास और शिल्पग्राम के आसपास) में 13 सितंबर को 10 बजे तक की जाने वाली जलापूर्ति सामान्य रूप से होगी। इसके बाद इन क्षेत्रों में 14 सितंबर को की जाने वाली जलापूर्ति 15 सितंबर को और 15 सितंबर को होने वाली जलापूर्ति 16 सिंतबर को होगी।
भोपाल पुलिस भी गजब है! खाली कारतूस मिला लेकिन CCTV में रिकॉर्ड नहीं हुआ इसलिए FIR नहीं लिखी
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गोपालगंज में जिला नागरिक परिषद की बैठक, आपदा प्रबंधन और स्वयंसेवकों की भूमिका पर चर्चा
11 सितंबर, शुक्रवार, गोपालगंज: समाहरणालय सभाकक्ष में प्रभारी मंत्री विजय कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में जिला नागरिक परिषद की बैठक हुई। बाढ़, भूकंप और आगजनी जैसी आपदाओं में बचाव कार्य व भीड़ नियंत्रण पर चर्चा हुई। आपदा मित्र, एनसीसी, एनएसएस, स्काउट और नागरिक सुरक्षा नेटवर्क मजबूत करने पर जोर दिया गया।
इंदौर में सांची पॉइंट पर स्टीमर ब्लास्ट:गर्म मावा उछलने से एक कर्मचारी की मौत, दूसरा गंभीर
इंदौर के मांगलिया स्थित सांची पॉइंट पर हादसा हो गया, जिसमें एक कर्मचारी की मौत हो गई, जबकि दूसरा घायल हुआ है। बताया जा रहा है कि ज्यादा गर्म होने से स्टीमर में ब्लास्ट हुआ था। इसमें पेड़े बनाने की कड़ाही का गर्म मावा कर्मचारियों पर उछल गया। एसीपी पराग सैनी के मुताबिक, मांगलिया इलाके में सांची दुग्ध संघ में शुक्रवार शाम पेड़े बनाने की यूनिट में हादसा हुआ। इसमें दो कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे में विनोद कुमार चडार निवासी सागर की मौत हो गई, जबकि तेज सिंह पुत्र सज्जन सिंह निवासी सिंगापुर टाउनशिप गंभीर रूप से घायल हुआ है। पुलिस ने विनोद के शव को बॉम्बे अस्पताल भेजा है। वहीं, तेज सिंह का अस्पताल में उपचार चल रहा है। सांची संघ के सीईओ विशाल मिश्रा ने बताया कि यह एक हादसा है, जहां भाप ज्यादा होने से कढ़ाई अचानक पलट गई। इसमें दो कर्मचारी घायल हुए थे। हालांकि, हादसे में एक कर्मचारी की मौत हो चुकी है, वहीं दूसरे का उपचार बाम्बे अस्पताल में चल रहा है। हादसे के समय अन्य कर्मचारी भी वहां मौजूद थे, लेकिन किसी को चोट नहीं आई। लापरवाही की बात से किया इनकार सीईओ ने सांची दूध संघ में लापरवाही की बात से इनकार किया है। उनका कहना है कि हर माह मशीनों का मेंटेनेंस किया जाता है। पूर्व में किसी कर्मचारी द्वारा किसी तरह की लापरवाही या मशीन पुरानी होने की शिकायत नहीं की गई थी।
सहरसा सदर थाना क्षेत्र के बाबाजी चौक पर शुक्रवार को बदमाशों ने दिनदहाड़े रिटायर्ड सीडीपीओ दंपती को निशाना बनाकर करीब साढ़े चार से पांच लाख रुपये के सोने के जेवरात लूट लिए। दो युवक जेवर चमकाने वाली कंपनी के प्रतिनिधि बनकर घर पहुंचे थे। आरोप है कि बदमाशों ने रिटायर्ड सीडीपीओ राजकुमारी सिंह के चेहरे पर नशीला स्प्रे छिड़ककर उन्हें बेहोश कर दिया। इसके बाद गले से सोने की चेन और अंगूठियां लेकर फरार हो गए। कंपनी का प्रतिनिधि बनकर घर में घुसे जानकारी के अनुसार, रिटायर्ड कर्मी ललन सिंह और उनकी पत्नी राजकुमारी सिंह घर पर थे। इसी दौरान दो अज्ञात युवक उनके घर पहुंचे। दोनों ने खुद को नई कंपनी का प्रतिनिधि बताया और सोना-चांदी के जेवर चमकाने वाले केमिकल का प्रचार करने की बात कही। अंगूठी साफ करने के बहाने बनाया शिकार बदमाशों ने बातचीत के दौरान राजकुमारी सिंह को अपने झांसे में ले लिया। उन्होंने उनकी दो अंगूठियां साफ करने के लिए मांगीं। इसके बाद अंगूठियों पर केमिकल लगाने के दौरान अचानक राजकुमारी सिंह के चेहरे पर नशीला स्प्रे कर दिया। 25-30 मिनट तक बेहोश रहीं महिला स्प्रे के असर से राजकुमारी सिंह बेहोश हो गईं। इसी दौरान बदमाशों ने उनके गले से सोने की चेन निकाल ली और दोनों अंगूठियां लेकर घर से फरार हो गए। करीब 25 से 30 मिनट बाद महिला को होश आया तो उन्हें जेवर लूटे जाने की जानकारी हुई। 30 ग्राम की चेन और दो अंगूठियां गायब पीड़िता के अनुसार, बदमाश करीब 30 ग्राम की सोने की चेन, जिसकी कीमत करीब 2.5 से 3 लाख रुपये बताई गई है, और कीमती पत्थरों से जड़ी दो सोने की अंगूठियां ले गए। दोनों अंगूठियों की अनुमानित कीमत 1.5 से 2 लाख रुपये बताई जा रही है। आसपास के लोगों ने की बदमाशों की तलाश घटना की जानकारी मिलते ही परिजन और आसपास के लोग बदमाशों की तलाश में जुट गए, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिला। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। CCTV फुटेज खंगालने की मांग स्थानीय लोगों ने पुलिस से आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालकर आरोपियों की पहचान करने और उन्हें गिरफ्तार करने की मांग की है। लोगों को आशंका है कि बदमाश पहले से इलाके की रेकी कर रहे होंगे। पुलिस ने आवेदन मिलने पर कार्रवाई की बात कही सहरसा सदर थाना अध्यक्ष अजय कुमार पासवान ने बताया कि आवेदन मिलने पर मामले में कार्रवाई की जाएगी। पुलिस के सामने अब बदमाशों की पहचान और घटना में इस्तेमाल नशीले स्प्रे की जांच अहम होगी।
भोपाल में मेडिकल इंटर्न छात्रों के तीन दिन के आंदोलन के दौरान 7 सितंबर को हमीदिया अस्पताल परिसर में छात्रों पर वाटर कैनन के इस्तेमाल के मामले की प्रशासनिक जांच शुरू हो गई है। मध्य प्रदेश शासन के गृह विभाग ने सचिव शिल्पा गुप्ता को इस मामले का जांच अधिकारी नियुक्त किया है। जांच में पता चलेगा- जरूरत से ज्यादा बल तो नहीं लगाया9 सितंबर को जारी शासन के आदेश के मुताबिक जांच का मुख्य बिंदु यह है कि 7 सितंबर को मेडिकल इंटर्न एवं छात्रों के प्रदर्शन के दौरान आवश्यकता से अधिक बल का प्रयोग किया गया था या नहीं। यदि जांच में अनुपातहीन बल प्रयोग पाया जाता है तो इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों का विवरण भी जांच में शामिल किया जाएगा। जांच अधिकारी को एक सप्ताह के भीतर राज्य शासन को जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करना है। जांच टीम ने हमीदिया अस्पताल में किया निरीक्षणप्रदर्शन समाप्त होने के बाद वाटर कैनन के इस्तेमाल और बल प्रयोग की परिस्थितियों की जांच के लिए शासन ने जांच अधिकारी नियुक्त किया। इसी जांच के तहत शुक्रवार को टीम हमीदिया अस्पताल पहुंची। टीम ने अस्पताल के अलग-अलग स्थानों पर जाकर घटनाक्रम से जुड़े पहलुओं की अपने स्तर पर जांच की। मीडिया से बनाई दूरी, नहीं दी जांच की जानकारीजांच के दौरान टीम के सदस्य अस्पताल में अलग-अलग जगहों पर जाकर निरीक्षण करते नजर आए। हालांकि, इस दौरान जांच टीम ने मीडिया से दूरी बनाए रखी और जांच से जुड़ी कोई जानकारी साझा नहीं की। अब जांच रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगा कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा किया गया बल प्रयोग निर्धारित परिस्थितियों के अनुरूप था या आवश्यकता से अधिक। वाटर कैनन चलने के बाद कमला पार्क के सामने सड़क पर बैठे छात्रआंदोलन के पहले दिन हमीदिया अस्पताल परिसर में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस-प्रशासन ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया था। इसके बाद छात्रों का गुस्सा बढ़ गया और वे कमला पार्क के सामने वाली सड़क पर धरने पर बैठ गए थे। प्रदर्शन के दौरान छात्रों और पुलिस-प्रशासन के बीच स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी। तीन दिन चला प्रदर्शन, स्टाइपेंड बढ़ाने की थी मांगमेडिकल इंटर्न छात्रों ने स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर 7 से 9 सितंबर तक तीन दिनों तक धरना-प्रदर्शन किया था। छात्रों को पहले ₹14,337 प्रति माह स्टाइपेंड मिलता था। आंदोलन के तीसरे और अंतिम दिन 9 सितंबर को उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल के साथ हुई बैठक के बाद सरकार ने स्टाइपेंड में 50 प्रतिशत बढ़ोतरी को मंजूरी दी। इसके बाद स्टाइपेंड बढ़कर करीब ₹21,500 प्रति माह हो गया।
भोपाल के करीब 35 इलाकों में शनिवार को 3.30 से 6 घंटे तक बिजली कटौती होगी। इन इलाकों में बिजली कंपनी मेंटेनेंस करेगी। इसके चलते सप्लाई पर असर पड़ेगा। जिन इलाकों में बिजली बंद रहेगी, उनमें मीनाल, शिव नगर, जवाहर कॉलोनी, विदिशा रोड, बर्रई, भानपुर समेत कई बड़े इलाके भी शामिल हैं। ऐसे में बिजली संबंधित जरूरी काम पहले से निपटा लें। ताकि परेशानी का सामना न करना पड़े। इन इलाकों में पड़ेगा असर
मोतिहारी के पताही थाना क्षेत्र के जिहुली गांव में मामूली विवाद में हुए दोहरे हत्याकांड के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। मवेशी को नहलाने के दौरान गिरे पानी को लेकर हुए विवाद में देवर जमी अहमद और उनकी भौजाई मनीना खातून की चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी। वारदात के बाद गांव में तनाव का माहौल है। वहीं, पीड़ित परिवार आरोपियों की गिरफ्तारी और न्याय की मांग कर रहा है। पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचा राजद का प्रतिनिधिमंडल घटना की जानकारी मिलने के बाद राजद जिलाध्यक्ष मनोज यादव के नेतृत्व में पार्टी का एक दल शुक्रवार को जिहुली गांव पहुंचा। राजद नेताओं ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली और उन्हें हरसंभव मदद का भरोसा दिया। तेजस्वी यादव से कराई वीडियो कॉल पर बात इस दौरान राजद नेताओं ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव से पीड़ित परिवार की वीडियो कॉल पर बातचीत कराई। वीडियो कॉल पर मृतक जमी अहमद की पत्नी अपने पति की हत्या का जिक्र करते हुए भावुक हो गईं और तेजस्वी यादव से न्याय की गुहार लगाई। महिला ने रोते हुए कहा, हुजूर, मेरे पति को चाकू मारकर मार दिया है, मुझे न्याय दिला दीजिए। तेजस्वी बोले- घबराइए नहीं, न्याय मिलेगा तेजस्वी यादव ने पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाते हुए न्याय का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि परिवार के लोग घबराएं नहीं, उन्हें न्याय मिलेगा। तेजस्वी ने कहा कि इसी वजह से पार्टी ने अपने प्रतिनिधि को पीड़ित परिवार के पास भेजा है और वह इस मामले को मजबूती से उठाएंगे। बेटी ने कहा- आप एक बार जरूर आइए वीडियो कॉल के दौरान मृतका मनीना खातून की बेटी भी भावुक हो गई। उसने तेजस्वी यादव से कहा, आप नहीं आइएगा, आप एक बार आ जाइए। बेटी की इस भावुक अपील पर तेजस्वी यादव ने जल्द मिलने का भरोसा दिया। राजद ने प्रशासन की कार्यशैली पर उठाए सवाल राजद जिलाध्यक्ष मनोज यादव ने दोहरे हत्याकांड को प्रशासन की नाकामी बताया। उन्होंने कहा कि मामूली विवाद में दो लोगों की हत्या होना गंभीर स्थिति है। इससे अपराधियों में कानून का डर खत्म होने का संकेत मिलता है। उन्होंने प्रशासन से सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने के साथ ही पीड़ित परिवार को सुरक्षा और मुआवजा देने की मांग की। पुलिस बोली- तीन आरोपी गिरफ्तार इधर, पताही थानाध्यक्ष बबन कुमार ने बताया कि मामले में तीन आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई कर रही है। थानाध्यक्ष ने जल्द ही अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार करने की बात कही है।
सीकर शहर में फतेहपुर गेट स्थित सिद्धपीठ श्रीविजय गणेश मंदिर में आज(शुक्रवार) से 4 दिवसीय गणेश चतुर्थी महोत्सव हो गया है। पहले दिन विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ दुग्धाभिषेक हुआ। गणेश चतुर्थी महोत्सव को लेकर मंदिर परिसर को स्पेशल लाइटिंग, फूल मालाओं और रंग-बिरंगी झालरों से सजाया जा रहा है। महंत सीताराम पुजारी ने बताया कि विद्वान पंडितों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच आज दोपहर सवा 12 बजे भगवान गणेश का 108 किलो दूध से दुग्धाभिषेक किया। इसके बाद भगवान गणेश को नई पोशाक पहनाकर विशेष पूजा-अर्चना की गई। भगवान गणेश के 1008 नामों का जाप, लगेगा लड्डुओं का भोग 12 सितंबर को भगवान गणेश के 1008 नामों का जाप कर दोपहर सवा 11 बजे 1008 लड्डुओं का भोग लगेगा। 13 सितंबर को सिंजारा मनाया जाएगा और शाम सवा 5 बजे भगवान गणेश को मेहंदी लगाकर मेहंदी भक्तों बांटी जाएगी, इसके बाद शाम 7 बजे 56 भोग लगाकर विशेष आरती की जाएगी। महोत्सव का मुख्य मेला 14 सितंबर को होगा। दोपहर 12 बजे भगवान गणेश के जन्मोत्सव की महाआरती होगी। शाम 4 बजे मंदिर परिसर से भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी, जो शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए वापस मंदिर पहुंचेगी। 14 सितंबर की रात भव्य जागरण होगा। इसमें शेखावाटी क्षेत्र के प्रमुख संत-महात्मा मौजूद रहेंगे। गणेश चतुर्थी महोत्सव को लेकर मंदिर परिसर में जोर-शोर से तैयारियां चल रही हैं और मंदिर की सजावट की जा रही है।
जोधपुर नगर निगम के 100 वार्डों पर वोटिंग पूरी हो चुकी है। जोधपुर निगम में हुए चार चुनाव की वोटिंग का रिकॉर्ड टूटा है। साल 2004 से लेकर 2020 तक हुए निकाय चुनाव के बाद पहली बार है, जब मतदान प्रतिशत 71.10 प्रतिशत तक पहुंचा है। वहीं प्रत्याशियों का सियासी भविष्य ईवीएम में कैद हो चुका है। अब 14 सितंबर को स्थिति स्पष्ट हो जाएगी कि कौनसे वार्ड में किस प्रत्याशी की जीत होगी। जोधपुर में 2004 से लेकर अब तक हुई वोटिंग वोटिंग प्रतिशत ने भाजपा-कांग्रेस दोनों दलों में बढ़ाई हलचल दरअसल, इस बार वोटिंग प्रतिशत बढ़ने का सबसे बड़े दो कारण रहे हैं। पहला परिसीमन और दूसरा नए वार्ड। परिसीमन में ग्रामीण क्षेत्रों के भी कई वार्डों को शामिल किया गया। ऐसे में इन वोटिंग प्रतिशत को लेकर माना जा रहा है कि इस बार के बोर्ड में निर्दलीयों की भी भूमिका रहेगी। इससे पहले जोधपुर में दो नगर निगम थे। इनमें उत्तर में 62.64 प्रतिशत वोटिंग हुई थी, जबकि दक्षिण में 58.76 प्रतिशत हुई थी। ऐसे में एक मेयर बीजेपी का था और एक कांग्रेस का। जोधपुर नगर निगम के चुनाव में इस बार भाजपा और कांग्रेस के दो बड़े नेताओं की चर्चा काफी रही। इनमें एक केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत तो दूसरे पूर्व सीएम अशोक गहलोत रहे। 2004 में सबसे कम रहा था वोटिंग प्रतिशत साल 2004 से लेकर अब तक हुए निकाय चुनाव को देखें तो साल 2004 में सबसे कम 49.64 प्रतिशत वोटिंग हुई थी। इसके बाद साल 2009 में 58.53 प्रतिशत मतदान हुआ। इसके बाद साल 2014 में जब मोदी लहर थी, तब वोटिंग प्रतिशत 63 प्रतिशत तक रहा था। वहीं साल 2020 के चुनाव में वोटिंग प्रतिशत गिर गया था। हालांकि उस समय दो नगर निगम थे, लेकिन दोनों में साल 2014 की तुलना में मतदान प्रतिशत कम ही रहा था। सुबह और शाम में हुई सबसे ज्यादा वोटिंग जोधपुर नगर निगम के सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक का वोटिंग ट्रेंड देखें तो सुबह और शाम में सबसे ज्यादा वोट पड़े। सुबह 10 बजे तक 19.97% और दोपहर 1 बजे तक 43.51 प्रतिशत तक वोटिंग हुई। इस दौरान वोटिंग प्रतिशत 23 प्रतिशत तक बढ़ा। दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक वोटिंग महज 12.19 प्रतिशत तक ही बढ़ी। इसके बाद दोपहर 3 बजे से लेकर शाम 6 बजे तक वोटिंग प्रतिशत 14.68 प्रतिशत तक बढ़ा। निर्दलीयों की भूमिका रहेगी, दोनों दलों को लेना पड़ सकता है सहारा हालांकि बोर्ड किसका बनेगा और कौन मेयर बनेगा, इसमें समय है। जिस हिसाब से शहर में वोटिंग हुई है, उसके अनुसार इस बार निर्दलीयों की भूमिका काफी रहेगी। इधर, दोनों दलों ने वोटिंग के बाद प्रत्याशियों और फील्ड पर काम कर रहे कार्यकर्ताओं से फीडबैक लेना शुरू कर दिया है। माना जा रहा है कि दोनों दलों की नजर जिताऊ निर्दलीय उम्मीदवारों पर भी है। ऐसे में यदि जरूरत पड़ी तो दोनों दल निर्दलीय प्रत्याशियों को भी बाड़ेबंदी में ले सकती है। इस बार दोनों के सामने चुनौती जोधपुर नगर निगम में साल 2004 से लेकर साल 2020 तक जोधपुर में तीन बार कांग्रेस और दो बार भाजपा के मेयर रहे। 2004 और 2009 में कांग्रेस का बोर्ड बना था। साल 2015 में भाजपा का बोर्ड बना था। इसके बाद गहलोत सरकार में साल 2020 में नगर निगम को दो हिस्सों में बांट दिया गया था। इसमें उत्तर नगर निगम की मेयर कुंती देवड़ा बनी थीं, जबकि दक्षिण की मेयर विनिता सेठ बनी थीं। इस ट्रेंड को देखा जाए तो इस बार भी दोनों पार्टियों के लिए मेयर बनाना इतना आसान नहीं है। हालांकि दोनों ही दल पूर्ण बहुमत का दावा कर रहे हैं, लेकिन वोटिंग के अनुसार इस बार भी ट्रेंड बदलता हुआ नजर आ रहा है। दोनों पार्टियों के कई दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर, पूर्व डिप्टी मेयर से लेकर जिलाध्यक्ष तक दौड़ में इन निकाय चुनाव में सबसे ज्यादा शहर के मेयर को लेकर चर्चा हो रही है। इस बार मेयर के लिए अनारक्षित सीट रिजर्व हुई है। कुछ वार्ड ऐसे हैं, जहां भाजपा और कांग्रेस दोनों के मेयर पद के दावेदार आमने-सामने चुनाव लड़ रहे हैं। इनमें वार्ड नंबर 42 से भाजपा के देवेंद्र सालेचा का मुकाबला कांग्रेस के नरेशचंद्र जोशी से हुआ है। वहीं 40 नंबर वार्ड से भाजपा के प्रत्याशी पूर्व राज्यमंत्री मेघराज लोहिया और कांग्रेस शहर जिलाध्यक्ष ओमकार वर्मा चुनावी मैदान में हैं। इधर, वार्ड नंबर 25 से पूर्व न्यासी और भाजपा प्रत्याशी कमलेश पुरोहित भी मैदान में हैं। उनके सामने जेन-जी प्रत्याशी और कांग्रेस नेता का बेटा आनंद राठी हैं। वहीं कांग्रेस में मेयर पद के दावेदार में प्रदीप गांग भी चुनावी मैदान में है। उनके सामने जोधपुर के सर्जन डॉक्टर रामगोयल की बेटी डॉ. सुगंधा गोयल को बीजेपी ने उतारा है। ये खबर भी पढ़ें… बोलेरो कैंपर से स्टंट करने पर तोड़े कांच:पूर्व सीएम के पैर छूने पर विवाद; आमने-सामने हुए समर्थक, बुजुर्गों को गोद में उठाया; 71.10 प्रतिशत वोटिंग जोधपुर नगर निगम के 100 वार्डों में पार्षदों के लिए शुक्रवार को मतदान पूरा हुआ। शाम 6 बजे तक रिकॉर्ड 71.10 प्रतिशत वोटिंग रिकॉर्ड की गई। पाल बालाजी एरिया में बीजेपी कार्यकर्ताओं की ओर से बोलेरो कैंपर में स्टंट करने पर कांग्रेस कार्यकर्ता भड़क गए। वे पत्थर और लाठी लेकर पीछे दौड़े। (यहां पढ़ें पूरी खबर)
खंडवा के पंधाना क्षेत्र में करीब एक माह से पर्याप्त बारिश नहीं होने से खरीफ फसलों पर संकट गहरा गया है। खेतों की नमी खत्म होने से सोयाबीन, मक्का और कपास समेत अन्य फसलें सूखने की स्थिति में पहुंच गई हैं। फसल उत्पादन प्रभावित होने की आशंका से किसान चिंतित हैं। किसानों की समस्या को लेकर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी पंधाना ने शुक्रवार को एसडीएम के नाम ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस ने प्रभावित गांवों में तत्काल फसल क्षति का सर्वे कराने की मांग की। साथ ही नुकसान के आधार पर किसानों को राहत और मुआवजा देने की मांग की। जिन किसानों ने फसल बीमा कराया है, उन्हें योजना के तहत जल्द क्लेम दिलाने की मांग भी ज्ञापन में की गई। किसानों के सामने आर्थिक नुकसान का खतरा किसानों ने खरीफ सीजन में खाद-बीज, कीटनाशक, दवाइयों और अन्य कृषि सामग्री पर बड़ी राशि खर्च की है। लंबे समय से बारिश नहीं होने से खेतों में नमी लगातार कम हो रही है। फसल तैयार होने के समय बारिश की कमी से किसानों के सामने आर्थिक नुकसान का खतरा है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष उत्तमपालसिंह ने कहा कि प्रभावित गांवों में जल्द फसल सर्वे शुरू किया जाना चाहिए। सर्वे के आधार पर शासन के नियमों के अनुसार किसानों को राहत और मुआवजा दिया जाए। उन्होंने फसल बीमा कराने वाले किसानों के क्लेम की प्रक्रिया जल्द पूरी कर राशि दिलाने की मांग की। रबी सीजन के लिए डीएपी-यूरिया की उपलब्धता की मांग ज्ञापन में आगामी रबी सीजन के लिए खाद की उपलब्धता का मुद्दा भी उठाया गया। कांग्रेस नेताओं ने सोसायटियों और खाद दुकानों पर पर्याप्त मात्रा में डीएपी, यूरिया और एनपीके उपलब्ध कराने की मांग की। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि खाद वितरण के लिए टोकन व्यवस्था लागू होने के बावजूद किसानों को आसानी से टोकन नहीं मिल पा रहे हैं। उन्होंने रबी सीजन में किसानों को परेशानी से बचाने के लिए पर्याप्त खाद उपलब्ध कराने की मांग की। बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहेब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष संजीव पटेल ने कहा कि फसल खराब होने की स्थिति में किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो सकता है। इसलिए खेतों का सर्वे बिना देरी के कराया जाना जरूरी है। ज्ञापन के दौरान कांग्रेस संगठन महासचिव धर्मेंद्र सिंह राठौड़, पंधाना विधानसभा प्रभारी हरचरण सिंह भाटिया, जिला उपाध्यक्ष सत्येंद्रसिंह दीवाल, रूपाली बारे, सचिन बारे, जिला पंचायत सदस्य मनोज भरतकर, आशाराम ठाकुर, जिला उपाध्यक्ष मनोज पटेल, वीरेंद्र सिंह, डॉ. मुरली महाजन, पलाश जैन, रविंद्र घाटे, नूपुर जैन, सदाशिव महाजन, यशराज सिंह सोलकी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
जमुई के खैरा गढ़ स्थित नवीन प्राथमिक विद्यालय में बारिश शुरू होते ही जलभराव की समस्या गंभीर हो गई है। लगातार बारिश के बाद स्कूल परिसर और कमरों में घुटनों तक पानी जमा हो गया। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए फिलहाल उन्हें पास के दूसरे भवन में शिफ्ट कर पढ़ाया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि हर साल बारिश में स्कूल का यही हाल होता है, लेकिन अब तक जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था नहीं की गई है। देखें, मौके से आई तस्वीरें… नीची जगह पर बना है स्कूल, चारों ओर से आता है पानी विद्यालय के शिक्षक रंजीत कुमार ने बताया कि स्कूल नीची जगह पर बना हुआ है। आसपास का पानी बहकर सीधे विद्यालय परिसर में जमा हो जाता है। पानी निकालने की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश के दौरान स्थिति बिगड़ जाती है। पानी उतरने के बाद भी परिसर में लंबे समय तक कीचड़, गंदगी और काई जमा रहती है। किचन, शौचालय और पानी की सप्लाई बंद जलभराव के कारण स्कूल का किचन शेड, शौचालय, मोटर और पानी की सप्लाई भी प्रभावित हो गई है। बच्चों के लिए शौचालय का इस्तेमाल करना मुश्किल हो गया है। ऐसे में पढ़ाई के साथ-साथ बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी हुई है। विभाग को कई बार दी गई जानकारी शिक्षक के अनुसार जलभराव की समस्या की जानकारी विभागीय अधिकारियों को कई बार दी जा चुकी है। इसके बावजूद पानी निकालने की स्थायी व्यवस्था नहीं हो सकी है। हर साल बारिश के दौरान स्कूल को इसी परेशानी से गुजरना पड़ता है। आंगनबाड़ी जाने वाले छोटे बच्चों की भी परेशानी विद्यालय के पास बने दूसरे भवन की ऊपरी मंजिल पर आंगनबाड़ी केंद्र भी संचालित होता है। केंद्र का अपना भवन नहीं होने के कारण छोटे बच्चों को भी पानी भरे परिसर से होकर गुजरना पड़ता है। कई अभिभावक अपने बच्चों को खुद केंद्र तक छोड़ने और वापस लेने आते हैं। जहरीले कीड़े-मकोड़ों का भी डर शिक्षकों और ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय तक पानी जमा रहने से जहरीले कीड़े-मकोड़ों के आने का खतरा भी बना रहता है। छोटे बच्चों के लिए पानी भरे परिसर से होकर गुजरना सुरक्षित नहीं है। दूसरे भवन में पढ़ाई फिलहाल वैकल्पिक व्यवस्था है, लेकिन इससे समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा। स्कूल ऊंचा करने और नाला बनाने की मांग ग्रामीणों ने कहा कि जब तक स्कूल परिसर को ऊंचा नहीं किया जाता और पानी की निकासी के लिए पक्का नाला या प्रभावी ड्रेनेज सिस्टम नहीं बनाया जाता, तब तक हर साल बारिश में यही स्थिति बनेगी। ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग से जल्द स्थायी समाधान कराने की मांग की है।
लखनऊ में भरभराकर गिरी पानी की टंकी:लोग बोले- जलकल विभाग के अधिकारी लापरवाह, 2 साल से गिरा रहे थे
लखनऊ के राजाजीपुरम में देर शाम पानी की टंकी गिर गई। इससे एक मकान के घर का गेट, दरवाजे और एसी क्षतिग्रस्त हो गए। शुक्रवार शाम करीब 5:15 बजे सेंट जेवियर स्कूल के पास विशाल सिंह के घर के सामने यह हादसा हुआ है। गनीमत रही कि इसमें कोई हताहत नहीं हुआ। स्थानीय पार्षद गौरी सांवरिया के साथ स्थानी लोगों ने कहा कि जलकल विभाग के अधिकारी लापरवाह हैं। उन्हीं की वजह से यह हादसा हुआ है। 2 साल से टंकी को तोड़कर गिरा रहे थे। टंकी को तोड़ने के दौरान नियमों और सुरक्षा मानकों का कोई पालन नहीं किया गया। 3 तस्वीरें देखिए- इसकी जगह दूसरी टंकी बनाई जाएगी जलकल संस्थान के महाप्रबंधक कुलदीप सिंह ने बताया कि यह टंकी क्षतिग्रस्त हो गई थी। इसके चलते इसे तोड़ने का काम जारी था। इसकी जगह पर दूसरी टंकी बनाई जाएगी। लापरवाही बरतने के आरोप पर उन्होंने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। मौके पर जाकर इस बात का निरीक्षण करेंगे।
उदयपुर नगर निगम के चुनाव में 220 प्रत्याशियों का सियासी भविष्य ईवीएम में कैद हो गया है। शहरी सरकार तय करने के लिए इस बार पिछले चुनाव 2019 से ज्यादा वोटिंग हुई है और यह करीब 12 फीसदी ज्यादा है। इसस पहले वोटिंग में 11% से ज्यादा का इजाफा 2009 में हुआ था। तब भाजपा को एक तरफा जीत मिली थी, लेकिन कांग्रेस की सीटों में भी इजाफा हुआ था। इसकी वजह से वोटिंग ने दोनों प्रमुख दलों की धड़कनें बढ़ा दी है। वोटिंग के साथ बीजेपी की चिंता परिणामों से ज्यादा मेयर और डिप्टी मेयर के चयन को लेकर हो गई है। उदयपुर के 80 वार्डों में भाजपा ने पूरी ताकत लगाकर चुनाव लड़ा। भाजपा ने कहा कि सातवां बोर्ड में भी कमल खिलेगा। वहीं कांग्रेस ने कहा कि इस बार उदयपुर में भाजपा का किला ढहाएंगे। उदयपुर नगर निगम के चुनाव में 2019 में 57.81 प्रतिशत मतदान हुआ, जबकि इस बार करीब 68.78 प्रतिशत से ज्यादा वोटिंग हुई। 17 साल पहले वोटिंग 11% बढ़ी तो कांग्रेस की सीटों में इजाफा हुआ उदयपुर में हर बार भाजपा का ही बोर्ड रहा है। कांग्रेस का अब तक यहां खाता नहीं खुला है। इससे पहले वोटिंग प्रतिशत में इतना बड़ा उछाल 2009 में आया था। तब 2004 के मुकाबले शहर में 11 फीसदी ज्यादा वोटिंग हुई थी। 2004 में 50 वार्ड के लिए 50.15% वोटिंग हुई थी, इस चुनाव में भाजपा को एकतरफा जीत मिली और 36 वार्ड जीते, जबकि कांग्रेस 11 वार्ड पर जीती। वहीं, 2009 में 55 वार्ड के लिए वोटिंग का रिकॉर्ड 11 फीसदी बढ़कर 61.47% पहुंच गया। भारी वोटिंग के बाद बोर्ड तो भाजपा का ही बना, लेकिन 2004 के मुकाबले कांग्रेस की सीटें बढ़ गईं। इस चुनाव में भाजपा को 34 और कांग्रेस को 18 सीट मिली। पहली बार वोट डालने नहीं आए गुलाबचंद कटारिया उदयपुर शहर में पहली बार पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया वोट डालने नहीं आए, जबकि राज्यपाल बनने के बाद भी वे विधानसभा और लोकसभा चुनाव में यहां वोट डालने जरूर आए थे। यह भी एक चर्चा का विषय है। शहर में परिणाम के नतीजों के साथ ही उनके दोनों दामाद के भाई अतुल चंडालिया और आकाश वागरेचा के वार्ड पर भी सबकी उत्सकुता बनी हुई है। हालांकि, दोनों जगह कांग्रेस के प्रत्याशियों के साथ कड़ा मुकाबला रहा है। वहीं, पूर्व डिप्टी मेयर पारस सिंघवी, भाजपा सहकारिता प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक प्रमोद सामर की जीत से सभी कार्यकर्ता पूरी तरह आश्वस्त है। पूर्व शहर अध्यक्ष दिनेश भटट के वार्ड में भी निर्दलीय प्रत्याशी ने आखिरी वक्त तक उनकी चिंता बढ़ा रखी, लेकिन उनका पलड़ा भारी दिख रहा है। कांग्रेस के शहर जिलाध्यक्ष की पत्नी का पलड़ा भारी इधर, कांग्रेस के शहर जिलाध्यक्ष फतहसिंह राठौड़ की पत्नी डा. पूनम कुंवर भी मुकाबले में भारी है। इस वार्ड में पत्नी को उतारने के बाद अध्यक्ष पूरे 80 वार्डों को कवर नहीं कर पाए और पत्नी के लिए दिन-रात एक किए। उनकी मेहनत का असर भी दिखा है। पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. गिरिजा व्यास के भाई की बहू डॉ. हितांशी शर्मा का पलड़ा भी भारी दिखा। वहीं पहली बार निगम में शामिल हुए तीन प्रमुख गांवों के वार्ड पूरी तरह चर्चा में रहे। बड़गांव के वार्ड 1 से भाजपा के छात्रसंघ नेता रहे दीपक शर्मा और पूर्व सरपंच कांग्रेस नेता संजय शर्मा के बीच कड़ा मुकाबला रहा। हालांकि, आखिरी दो दिनों में कांग्रेस भारी दिखी। भाजपा की डॉ. कविता और कांग्रेस की इंद्रा डांगी के बीच टक्कर बेदला के वार्ड 80 में भाजपा के मंडल अध्यक्ष और पूर्व उप प्रधान प्रताप सिंह राठौड़ कांग्रेस के योगेश पुष्करना आखिरी समय ताकत लगाते रहे। पलड़े में यहां भाजपा भारी नजर आई। वहीं शोभागपुरा वाले वार्ड 76 में भाजपा महिला मोर्चा की पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ. कविता जोशी और कांग्रेस की इंद्रा डांगी के बीच कांटे की टक्कर नजर आई और यहां परिणाम चौंकाने वाले हो सकते है। पूर्व डिप्टी मेयर महेंद्र सिंह शेखावत भी वार्ड 75 में कड़े मुकाबले में फंसे रहे और यहां पर भी परिणाम को लेकर अलग-अलग तर्क आते रहे। पूर्व शहर भाजपा अध्यक्ष और पूर्व यूआईटी चेयरमैन रवींद्र श्रीमाली के भतीजे जतिन श्रीमाली की वार्ड 33 में की मेहनत जीत में बदलती नजर आ रही है। भाजपा बाड़ाबंदी की तैयारी में जुटी, 80 प्रत्याशियों को होटल में ठहराया इधर, मतदान के बाद भाजपा और कांग्रेस ने अपने उम्मीदवारों के साथ बैठकर जीत हार का गुणा भाग निकाल रहे हैं। दूसरी तरफ भाजपा ने अपने सभी 80 उम्मीदवारों को देर शाम एक होटल में बुलाया है, जहां से बाड़ाबंदी की तैयारी की जा रही है। मेयर के दावेदार अपनी गणित में जुटे भाजपा के मेयर के दावेदार प्रमोद सामर, दिनेश भट्ट, अतुल चंडालिया, पारस सिंघवी अपनी गणित बिठाने के लिए भी लॉबिंग को तेज कर दिया है। मेयर को लेकर पार्टी पार्षदों के साथ चर्चा करेगी और सर्वसम्मति से नाम का ऐलान करेगी, लेकिन ये नेता अपने नाम के लिए पूरी ताकत जयपुर से दिल्ली तक लगा रहे है। दूसरी तरफ कांग्रेस भी बोर्ड बनाने के दावे के साथ पूनम कुंवर, हितांशी शर्मा रेस में आगे है, तो अरुण टांक पिछले बार की तरह इस बार भी मेयर के चुनाव को लेकर लॉबिंग कर रहे हैं। -------- निकाय चुनाव से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… मिनी पाकिस्तान वाले बयान पर भाजपा विधायक को रोका:कांग्रेस समर्थक बूथ सीमा में पहुंचे तो बीजेपी ने जताया विरोध; उदयपुर में 67.26%, कानोड़ में 82.55% वोटिंग उदयपुर नगर निगम के 80 वार्डों में पार्षद चुनने के लिए मतदान जारी है। यहां दोपहर 3 बजे तक 52.13% मतदान हुआ। इस दौरान वार्ड नंबर 23 में हंगामा हो गया। यहां कांग्रेस समर्थकों के बूथ की निर्धारित सीमा के अंदर जाने पर भाजपा ने विरोध किया। पुलिस ने तुरंत एक्शन लेते हुए सभी को बाहर किया। (पूरी खबर पढ़ें…)
पूर्णिया विश्वविद्यालय के नए परीक्षा नियंत्रक डॉ. मोहम्मद जमीरुल आलम ने अररिया कॉलेज में शुक्रवार को यूजी चौथे सेमेस्टर की परीक्षा का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने परीक्षा केंद्र की व्यवस्थाओं का जायजा लेने के साथ परीक्षा कक्षों का भी निरीक्षण किया। शांतिपूर्ण और कदाचार-मुक्त मिली परीक्षा निरीक्षण के दौरान परीक्षा शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और कदाचार-मुक्त पाई गई। परीक्षा नियंत्रक ने कक्षों में जाकर छात्रों की गतिविधियों का जायजा लिया। इस दौरान किसी भी छात्र को नकल करते हुए नहीं पाया गया। उन्होंने केंद्र पर परीक्षा से जुड़े नियमों के पालन पर संतोष जताया। ओएमआर शीट की भी जांच डॉ. जमीरुल आलम ने छात्रों की ओएमआर शीट की जांच की। उन्होंने पाया कि छात्रों ने रोल नंबर, रजिस्ट्रेशन नंबर समेत अन्य जरूरी जानकारियां सही तरीके से भरी थीं। उन्होंने परीक्षा से जुड़े कर्मचारियों को आवश्यक निर्देश भी दिए। प्राचार्य और वीक्षकों की सराहना परीक्षा नियंत्रक ने अररिया कॉलेज के प्राचार्य प्रोफेसर डॉ. राम दयाल पासवान की सराहना की। उन्होंने केंद्र पर बेहतर तरीके से कदाचार-मुक्त परीक्षा संचालित कराने के लिए प्राचार्य, कॉलेज के परीक्षा नियंत्रक और सभी वीक्षकों के कार्य की प्रशंसा की। नकल पकड़े जाने पर होगी सख्त कार्रवाई डॉ. जमीरुल आलम ने स्पष्ट किया कि परीक्षा में किसी भी तरह की नकल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नकल करते पकड़े जाने वाले छात्र के खिलाफ परीक्षा अधिनियम व नियमावली, 1981 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। पहचान-पत्र के बिना प्रवेश नहीं उन्होंने छात्रों को निर्देश दिया कि परीक्षा केंद्र पर प्रवेश के समय एडमिट कार्ड के साथ आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस या अन्य वैध पहचान-पत्र अनिवार्य रूप से लाएं। पहचान-पत्र की जांच के बाद ही परीक्षा केंद्र में प्रवेश दिया जाएगा।
शिवहर में बाढ़ और आपदा की आशंका को देखते हुए समाज कल्याण मंत्री डॉ. श्वेता गुप्ता ने शुक्रवार को बेलवा डैम का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने डैम के जलस्तर, तटबंधों की स्थिति और संभावित आपात परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों की जानकारी ली। डैम और तटबंधों की लगातार निगरानी का निर्देश मंत्री ने संबंधित अधिकारियों से डैम और आसपास के इलाकों की मौजूदा स्थिति की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने कहा कि डैम और तटबंधों की लगातार निगरानी की जाए और संवेदनशील स्थानों पर विशेष नजर रखी जाए। संभावित खतरे को देखते हुए जरूरी कार्रवाई की तैयारी पहले से पूरी रखने का निर्देश दिया। आपदा के बाद नहीं, पहले से मजबूत रखें तैयारी डॉ. श्वेता गुप्ता ने कहा कि किसी भी आपात स्थिति में लोगों की सुरक्षा और तत्काल राहत सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को आपदा आने के बाद कार्रवाई करने के बजाय पहले से तैयारी मजबूत रखने को कहा, ताकि जरूरत पड़ने पर राहत और बचाव कार्य तुरंत शुरू किया जा सके। विभागों में बेहतर तालमेल पर जोर निरीक्षण के दौरान डैम और आसपास के क्षेत्रों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी अधिकारियों से जानकारी ली गई। मंत्री ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने और किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए हर स्तर पर तैयार रहने का निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान 20 सूत्री उपाध्यक्ष, उप विकास आयुक्त (DDC), सहायक आपदा पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी (SDO), संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO), अंचलाधिकारी (CO) समेत जिले के अन्य अधिकारी और गणमान्य लोग मौजूद रहे। मंत्री ने स्पष्ट किया कि जनता की सुरक्षा, तटबंधों की निगरानी और आपदा प्रबंधन की तैयारियों में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
प्रदेश में बारिश का दौर थमते ही बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है। पिछले पांच दिनों में बिजली की अधिकतम मांग 23 हजार से बढ़कर 28 हजार मेगावाट तक पहुंच चुकी है। इस बीच अलग-अलग स्थानों पर करीब आधा दर्जन उत्पादन इकाइयां ठप हैं। इससे करीब 2500 मेगावाट बिजली की कमी पड़ रही है। इस कमी के चलते ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की कटौती की जा रही है। पांच दिन में इस तरह 28 हजार मेगावाट तक पहुंची मांग पावर एक्सचेंज में भी पर्याप्त बिजली उपलब्ध नहीं उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश वर्मा के मुताबिक मौजूदा समय में पावर एक्सचेंज पर भी बिजली की उपलब्धता काफी कम है। ऐसे में मांग बढ़ने पर अतिरिक्त बिजली खरीदकर आपूर्ति बनाए रखना आसान नहीं है। इसका सबसे ज्यादा असर ग्रामीण क्षेत्रों में देखने को मिल रहा है। शुक्रवार को सुबह बिजली की अधिकतम मांग 28 हजार मेगावाट को पार कर गया। 2500 मेगावाट की उपलब्धता कम थी। इसके चलते ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे भी औसत बिजली नहीं दे पाए। बरसात में बिजली कटौती से सुरक्षा का खतरा भी वर्मा ने बरसात के मौसम में ग्रामीण इलाकों में बिजली की पर्याप्त आपूर्ति को सुरक्षा से भी जोड़ते हुए कहा कि इस मौसम में कीड़े, सांप और दूसरे जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में गांवों में रात के समय बिजली की उपलब्धता बेहद जरूरी है। लगातार बिजली कटौती और ब्रेकडाउन से ग्रामीणों के दैनिक कामकाज पर असर पड़ने के साथ उनकी सुरक्षा भी प्रभावित हो रही है। खासतौर पर रात में लंबे समय तक बिजली नहीं रहने से ग्रामीण इलाकों में परेशानी बढ़ जाती है। बंद इकाइयों को तत्काल चालू कराने की मांग वर्मा ने सरकार और बिजली विभाग से मांग की है कि जिन उत्पादन इकाइयों के बंद होने से करीब 2500 मेगावाट की कमी पैदा हुई है, उनकी तत्काल समीक्षा की जाए। तकनीकी या अन्य कारणों से बंद इकाइयों को प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द चालू कराया जाए।
प्रयागराज से दिल्ली जा रहे अलायंस एयर के विमान में शुक्रवार दोपहर हवा में तकनीकी खराबी आ गई। विमान के दो इंजनों में से एक ने काम करना बंद कर दिया। इसके बाद दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट (IGI) पर विमान की इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। विमान में क्रू मेंबर्स समेत 40 लोग सवार थे। अलायंस एयर की फ्लाइट संख्या 9I- 698 ने दोपहर करीब 12:33 बजे प्रयागराज से नई दिल्ली के लिए उड़ान भरी थी। मेरठ के आसपास पहुंचने पर पायलट को एक इंजन में तकनीकी खराबी का पता चला। पायलट ने इसकी जानकारी तुरंत एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को दी। दिल्ली में इमरजेंसी लैंडिंग की अनुमति मांगी। सूचना मिलते ही IGI एयरपोर्ट पर इमरजेंसी अलर्ट किया गया। विमान की सुरक्षित लैंडिंग के लिए एयरपोर्ट पर सभी जरूरी इंतजाम किए गए। दोपहर करीब 2:15 बजे विमान की सुरक्षित लैंडिंग कराई गई। सुबह बिलासपुर से प्रयागराज पहुंचा था विमान सूत्रों के मुताबिक, जिस विमान में इंजन में तकनीकी खराबी आई, वह शुक्रवार सुबह 10:45 बजे बिलासपुर से प्रयागराज के लिए रवाना हुआ था। विमान सुबह करीब 11:58 बजे प्रयागराज एयरपोर्ट पहुंचा। कुछ देर रुकने के बाद विमान ने दोपहर 12:33 बजे प्रयागराज से दिल्ली के लिए उड़ान भरी। इसके बाद तकनीकी खराबी सामने आई। घटना के बाद विमानन नियामक संस्था DGCA ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं। दो सप्ताह में अलायंस एयर के विमान से जुड़ी दूसरी गंभीर घटना अलायंस एयर के विमान में तकनीकी खराबी की यह करीब दो सप्ताह में दूसरी गंभीर घटना है। इससे पहले 28 अगस्त को दिल्ली से बिलासपुर पहुंची अलायंस एयर की फ्लाइट 9I 613 के साथ हादसा होते-होते बचा था। बिलासपुर के बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान विमान का बायां टायर फट गया था। टायर फटने के बाद रनवे पर चिंगारी निकली और तेज घर्षण हुआ। हालांकि, पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए विमान को सुरक्षित रोक लिया। विमान में 37 यात्री और 4 क्रू मेंबर्स सवार थे। सभी सुरक्षित रहे। दो सप्ताह के भीतर सामने आई इन दोनों घटनाओं के बाद अलायंस एयर के विमानों के रखरखाव और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। सरकारी एयरलाइन है अलायंस एयर अलायंस एयर भारत की एक प्रमुख क्षेत्रीय एयरलाइन है। देश की ज्यादातर एयरलाइंस निजी कंपनियों की हैं। वहीं, अलायंस एयर सरकारी कंपनी है। इसकी शुरुआत 1996 में इंडियन एयरलाइंस की सहायक कंपनी के तौर पर हुई थी। बाद में अलायंस एयर, एयर इंडिया की सहायक कंपनी बन गई। 2021-22 में केंद्र सरकार ने एयर इंडिया को टाटा ग्रुप को बेच दिया। हालांकि, अलायंस एयर इस सौदे में शामिल नहीं थी। -------------------------- कल इंडिगो फ्लाइट की अहमदाबाद में हुई थी इमरजेंसी लैंडिंग लखनऊ से सऊदी अरब के दम्माम जा रही इंडिगो की फ्लाइट में गुरुवार को बम की धमकी मिली। इसके बाद अहमदाबाद एयरपोर्ट पर प्लेन की इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। उड़ान के दौरान क्रू मेंबर को विमान के टॉयलेट में एक टिश्यू पेपर मिला, जिस पर अंग्रेजी में ‘बम’ लिखा था। पूरी खबर पढ़ें…
लखनऊ में बीजेपी की कोर कमेटी की बैठक चल रही है। इसमें यूपी प्रभारी विनोद तावड़े, प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष और महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह शामिल हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक भी बैठक में मौजूद हैं। कोर कमेटी के बाद बीएल संतोष प्रदेश के सभी महामंत्रियों और क्षेत्रीय प्रभारियों के साथ बैठक करेंगे, जिसमें विधानसभा चुनावों की रणनीति और संगठनात्मक जिम्मेदारियों का खाका तैयार किया जाएगा। अवध-कानपुर की 134 सीटों पर पैनी नजर 2024 के आम चुनाव में बीजेपी को अवध क्षेत्र (82 विधानसभा सीटें) और कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र (52 विधानसभा सीटें) में भारी नुकसान झेलना पड़ा था। यही वजह है कि केंद्रीय नेतृत्व ने इन दोनों क्षेत्रों पर अपना पूरा ध्यान केंद्रित कर दिया है। शनिवार को बीएल संतोष कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र के दौरे पर रहेंगे। वहां परिचय बैठक के जरिए स्थानीय नेताओं के साथ चुनावी रणनीति को धार दी जाएगी। नितिन नवीन का कार्यक्रम बदल सकता है : बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के सीधे कानपुर पहुंचने की संभावना है। हालांकि, 12 और 13 सितंबर को प्रस्तावित उनका मेरठ दौरा रद्द कर दिया गया है। प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े 15 से 20 सितंबर के बीच फिर से यूपी के प्रवास पर रहेंगे। केंद्रीय कमान का लगातार यूपी में डेरा बीजेपी का केंद्रीय संगठन पिछले कुछ महीनों से यूपी की हर छोटी-बड़ी गतिविधि पर सीधी नजर बनाए हुए है- जमीनी पकड़ का लिया जाएगा रिपोर्ट कार्ड बीएल संतोष अपने इस प्रवास के दौरान संगठन द्वारा चलाए जा रहे अभियानों की प्रगति का पूरा हिसाब-किताब भी लेंगे। संत रविदास जयंती के उपलक्ष्य में 29 जुलाई से 20 फरवरी 2027 तक चलने वाले 6 महीने के अभियान की समीक्षा होगी। अगस्त में पूरे हुए 'तिरंगा अभियान' की उपलब्धियों और आगामी 'सेवा संकल्प माह' की तैयारियों का पूरा ब्योरा केंद्रीय नेतृत्व के सामने रखा जाएगा। ------------ ये भी पढ़ें- आलोक कुमार हो सकते हैं UP के अगले मुख्य सचिव:वीना कुमारी का नाम भी रेस में, एसपी गोयल के सेवा विस्तार पर सस्पेंस 2027 विधानसभा चुनाव से पहले यूपी को नया मुख्य सचिव मिल सकता है। मौजूदा मुख्य सचिव शशि प्रकाश (एसपी) गोयल 31 जनवरी, 2027 को रिटायर हो रहे हैं। नए मुख्य सचिव की दौड़ में औद्योगिक विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार का नाम सबसे आगे है। पढ़िए पूरी रिपोर्ट..

