अलीगढ़ में स्वाइन फ्लू यानी इन्फ्लुएंजा संक्रमण ने चिंता बढ़ा दी है। गुरुवार को दो और मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई। इनमें चंडौस क्षेत्र की करीब 45 वर्षीय महिला को नोएडा के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं लोधा क्षेत्र की 4 साल की बच्ची का भी इलाज शुरू कर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड में अब तक 5 संक्रमित और 3 संदिग्ध मरीज दर्ज हो चुके हैं। मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है। दीनदयाल संयुक्त अस्पताल में 10 बेड का आइसोलेशन वार्ड तैयार किया गया है। वहीं जेएन मेडिकल कॉलेज की पुरानी ओपीडी में 50 बेड का अलग फ्लू वार्ड तैयार है। जरूरत पड़ने पर यहां संक्रमित मरीजों को भर्ती कर इलाज दिया जाएगा। एनसीआर से सटे होने के कारण बढ़ी चिंता मौसम में बदलाव के साथ इन्फ्लुएंजा के मामले सामने आ रहे हैं। एनसीआर से सटा होने के कारण जिले में भी संक्रमित मरीज मिलने लगे हैं। इससे पहले तीन मरीजों में इन्फ्लुएंजा-ए की पुष्टि हो चुकी है। अब दो और मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। स्वास्थ्य विभाग के संक्रमण नोडल अधिकारी डॉ. शोएब के अनुसार, सरकारी और निजी अस्पतालों में फ्लू जैसे लक्षण वाले मरीजों की निगरानी की जा रही है। मरीजों को उनकी स्थिति के आधार पर अलग-अलग श्रेणियों में रखा जाता है। ए और बी श्रेणी के मरीजों का घर पर आइसोलेशन में इलाज हो सकता है, जबकि सी श्रेणी के मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत पड़ती है। 50 बेड का फ्लू वार्ड तैयार, 10 जांच किट भी आईं जेएन मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल प्रो. अंजुम परवेज ने बताया कि पुरानी ओपीडी में 50 बेड का फ्लू वार्ड तैयार है। जरूरत पड़ने पर संक्रमित मरीजों को यहां भर्ती किया जाएगा। संदिग्ध मरीजों की शुरुआती जांच के लिए 10 किट भी मंगाई गई हैं। एक किट से करीब 100 मरीजों की जांच की जा सकती है। इससे मरीजों की जांच तेजी से करने और संक्रमण की स्थिति का जल्द पता लगाने में मदद मिलेगी। दीनदयाल संयुक्त अस्पताल के सीएमएस डॉ. एमके माथुर ने बताया कि अस्पताल में 10 बेड का आइसोलेशन वार्ड तैयार किया गया है। मास्क लगाएं, भीड़ से बचें स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से घबराने के बजाय सावधानी बरतने की अपील की है। भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क लगाने, संक्रमित व्यक्ति से दूरी रखने और हाथ साफ रखने की सलाह दी गई है। खांसते या छींकते समय नाक-मुंह ढकने और बिना हाथ धोए आंख, नाक या मुंह को न छूने की सलाह दी गई है। ये लक्षण दिखें तो लापरवाही न करें फ्लू में आमतौर पर बुखार, खांसी, गले में खराश, नाक बहना या बंद होना, सिरदर्द, बदन दर्द और थकान जैसे लक्षण होते हैं। कुछ मरीजों में सांस लेने में परेशानी भी हो सकती है। सांस लेने में तकलीफ, लगातार तेज बुखार, ज्यादा कमजोरी या हालत बिगड़ने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। बच्चे-बुजुर्ग ज्यादा सावधान रहें 65 साल से अधिक उम्र के बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं, छोटे बच्चे और पहले से गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। हृदय, फेफड़े, किडनी या लीवर की बीमारी, मधुमेह, कैंसर और कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों में संक्रमण गंभीर हो सकता है। फ्लू से बचने के 5 आसान तरीके तेज बुखार या सांस लेने में परेशानी हो तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि जिले में इन्फ्लुएंजा के मामलों पर लगातार नजर रखी जा रही है। जरूरत पड़ने पर अस्पतालों में बेड और जांच की सुविधा बढ़ाई जाएगी।
शिवपुरी जिले के नरवर में पंकज राय हत्याकांड के आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से नाराज परिजन गुरुवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे। उन्होंने पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर हत्या के आरोपियों बांबी राय और अंकित ठाकुर को तुरंत गिरफ्तार करने की मांग की है। परिजनों ने वारदात में इस्तेमाल पिस्टल और बोलेरो वाहन जब्त करने के साथ ही परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराने की भी मांग की है। मृतक पंकज राय रचना राय शराब कंपनी नरवर में कार्यरत थे। उनके साथ बांबी राय और अंकित ठाकुर भी काम करते थे। मृतक के भाई हर्षित राय ने बताया कि 18 अगस्त को धर्मेंद्र राय उर्फ राहुल राय ने फोन पर सूचना दी थी कि बांबी राय और अंकित ठाकुर ने शराब के ठेके के बाहर बोलेरो कार में पंकज को गोली मार दी। इस घटना की सूचना नरवर थाना पुलिस को दी गई थी, जिसके बाद 19 अगस्त को मामला दर्ज किया गया। हर्षित राय का आरोप है कि घटना के बाद से वे लगातार थाना प्रभारी से संपर्क कर रहे हैं, लेकिन अभी तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वारदात में इस्तेमाल पिस्टल और बोलेरो वाहन को भी जब्त नहीं किया गया है। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि बांबी राय और अंकित ठाकुर के रिश्तेदार तथा अन्य लोग उन्हें धमकियां दे रहे हैं। उन पर मामले से नाम हटवाने और राजीनामा करने का दबाव बनाया जा रहा है। ऐसा न करने पर पंकज जैसा ही अंजाम भुगतने की धमकी दी जा रही है। हर्षित राय के अनुसार, बांबी राय झांसी में अपने रिश्तेदार के यहां छिपा हुआ है, जबकि अंकित ठाकुर पिछोर में है। हर्षित ने बताया कि इन धमकियों की जानकारी भी नरवर थाना प्रभारी को दी गई थी, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। इसी के चलते गुरुवार को परिजन पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी, हथियार व वाहन जब्त करने तथा परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग दोहराई।
हरदा के टिमरनी स्थित भाऊ साहब भुस्कुटे महाविद्यालय में गुरुवार को राष्ट्रीय खेल दिवस पर ‘खेलो इंडिया संवाद-खेल की बात पीएम मोदी के साथ’ कार्यक्रम हुआ। इसमें प्रधानमंत्री मोदी का युवाओं के साथ सीधा ऑनलाइन संवाद दिखाया गया। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री डी.डी. उइके, जिला पंचायत अध्यक्ष गजेंद्र शाह, समेत कई अधिकारी और विद्यार्थी मौजूद रहे। कार्यक्रम में पीएम मोदी ने कहा कि ओलंपिक के 20 से ज्यादा खेलों में भारत की भागीदारी नहीं रही। ओलंपिक में भारत की भागीदारी बढ़ानी होगी। 2036 ओलंपिक के लिए अभी से खिलाड़ी तैयार करें। मोदी ने कहा कि 15 अगस्त को देश के सामने स्पोर्ट्स विजन रखा। यह सिर्फ मेडल जीतने तक सीमित नहीं है, बल्कि विकसित भारत और देश की खेल शक्ति बढ़ाने का अभियान है। वहीं, केंद्रीय राज्य मंत्री डी.डी उइके ने कहा कि युवा देश के भविष्य के साथ वर्तमान में भी राष्ट्र निर्माण में भागीदार हैं। कार्यक्रम में उइके के साथ युवाओं और विद्यार्थियों ने नशामुक्ति की शपथ ली। उन्होंने खुद नशे से दूर रहने और समाज को नशामुक्त बनाने में भूमिका निभाने का संकल्प लिया। छात्रों ने दिए कई सुझाव एनएसएस छात्रा कश्यपी शर्मा ने प्रतिभावान खिलाड़ियों की समय पर पहचान के लिए व्यवस्थित व्यवस्था बनाने का सुझाव दिया। उन्होंने खिलाड़ियों को लगातार अवसर और मार्गदर्शन देने की बात कही। कृष्णिका अग्रवाल ने स्वयंसेवा को कौशल आधारित अवसरों से जोड़ने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि इससे युवा सामाजिक सेवा के साथ उपयोगी कौशल भी सीख सकेंगे। एनएसएस छात्र आयुष बौरासी ने प्रशासन में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने की बात कही। उन्होंने प्रशासनिक इंटर्नशिप शुरू करने और ‘वन कॉलेज, वन विलेज’ जैसी पहल का सुझाव दिया। पीएम के संवाद की 6 बड़ी बातें… नेशनल स्पोर्ट्स डे और मेजर ध्यानचंद पर- 29 अगस्त को नेशनल स्पोर्ट्स डे मनाया जाता है। यह महान हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद को याद करने का दिन है। करीब 100 साल पहले भारतीय सेना की हॉकी टीम न्यूजीलैंड गई थी, जिसमें ध्यानचंद भी शामिल थे। भारत-न्यूजीलैंड संबंधों को आज और मजबूत किया जा रहा है। ओलंपिक में नए खेलों पर- देश के हर जिले में खेल प्रतिभाएं हैं। ओलिंपिक के 20 से ज्यादा खेलों में भारत की भागीदारी नहीं रही है, जबकि दूसरे देश मेडल जीत रहे हैं। भारत को नए खेलों में भी आगे बढ़ना होगा। लंबी समुद्री तटरेखा के बावजूद सर्फिंग में भारत अभी पीछे है। खेलो इंडिया संवाद पर- सरकार मजबूत स्पोर्ट्स इकोसिस्टम बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। खेलो इंडिया संवाद में युवा खेल, गवर्नेंस और विकसित भारत पर सुझाव दे सकेंगे। उनके विचार देश को आगे बढ़ाएंगे। स्पोर्ट्समैन स्पिरिट पर- स्वस्थ समाज और मजबूत परिवार के लिए स्पोर्ट्समैन स्पिरिट जरूरी है। खेल हमें चैंपियन के साथ बेहतर प्रतियोगी बनना सिखाते हैं। पैरा एथलीट्स की सफलता समाज और परिवारों में नई उम्मीद जगाती है। शीतल और अवनी लेखरा की उपलब्धि पर- शीतल के आर्चरी मेडल और अवनी लेखरा के दो मेडल ने जम्मू-कश्मीर और देश को गौरवान्वित किया। झंडू कुमार समेत कई पैरा एथलीट प्रेरणा दे रहे हैं। फौजा सिंह ने 100 साल की उम्र के बाद भी फिटनेस की मिसाल पेश की।
हरियाणा के पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने नरवाना की विश्वकर्मा धर्मशाला में भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर महंगाई को लेकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई ने आम आदमी का जीवन मुश्किल कर दिया है। दुष्यंत चौटाला ने अपने संबोधन में कहा कि आज महंगाई ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है। रसोई का बजट लगातार बिगड़ रहा है, और रोजमर्रा की जरूरत की चीजें आम परिवार की पहुंच से बाहर होती जा रही हैं। बढ़ती महंगाई पर जवाब कौन देगा : चौटाला उन्होंने BJP पर हमला करते हुए कहा कि जिस चीनी की कीमत में महज दो रुपए की बढ़ोतरी पर कभी उनके नेता संसद तक में हंगामा करते थे, आज वही चीनी आम आदमी से दूर होती जा रही है। उन्होंने सवाल किया कि जब विपक्ष में रहते हुए छोटी-छोटी कीमतों पर सरकार को घेरा जाता था, तो आज बढ़ती महंगाई पर जवाब कौन देगा? दुष्यंत चौटाला ने आगे कहा कि आम आदमी के सामने घर का राशन चलाने, बच्चों की पढ़ाई कराने और अन्य जरूरी खर्च पूरे करने की चुनौती खड़ी है। उन्होंने जोर दिया कि महंगाई सिर्फ रसोई तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में भी खर्च बढ़ रहा है, जो मध्यम और गरीब परिवारों के लिए बड़ी चिंता का विषय है। सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग उन्होंने सरकार से आम जनता की परेशानी को समझने और महंगाई पर ठोस कदम उठाने की मांग की। अपनी पार्टी की प्राथमिकताओं का जिक्र करते हुए चौटाला ने कहा कि बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि प्रदेश के बच्चों को बेहतर शिक्षा और आगे बढ़ने के अवसर मिल सकें। नरवाना में दिए गए दुष्यंत चौटाला के बयान का मुख्य मुद्दा यह रहा कि महंगाई लगातार बढ़ रही है, लेकिन आम आदमी की आय और राहत उसी रफ्तार से क्यों नहीं बढ़ रही है।
बिजनौर में रक्षाबंधन के मौके पर उत्तर प्रदेश सड़क परिवहन निगम ने महिलाओं के लिए 27 से 29 अगस्त तक मुफ्त बस यात्रा की सुविधा दी है। महिलाओं के साथ यात्रा करने वाले सहयात्रियों को भी इस अवधि में मुफ्त सफर की सुविधा मिलेगी। त्योहार पर यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए बिजनौर समेत आसपास के डिपो से संचालित बसों के 180 से अधिक अतिरिक्त फेरे बढ़ाए गए हैं। इसके बावजूद गुरुवार दोपहर करीब 3 बजे बिजनौर रोडवेज परिसर में यात्रियों की भारी भीड़ दिखाई दी। बस के इंतजार में यात्री काफी देर तक खड़े रहे। बस पहुंचते ही उसमें सवार होने के लिए यात्रियों में जल्दी नजर आई।ट देखिए 2 तस्वीरें… दिल्ली-लखनऊ समेत प्रमुख रूटों पर बढ़े फेरे अतिरिक्त बसों के फेरे बिजनौर-मेरठ-दिल्ली, बिजनौर-बरेली-लखनऊ और बिजनौर-हरिद्वार जैसे प्रमुख मार्गों पर बढ़ाए गए हैं। इसके अलावा नजीबाबाद, नूरपुर, नगीना, धामपुर, चांदपुर, नूरपुर-अफजलगढ़, स्योहारा और नांगल सहित स्थानीय रूटों पर भी बसों की संख्या बढ़ाई गई है। निगम ने सभी ऑफ-रोड बसों को भी सेवा में वापस लिया है। चालकों, परिचालकों और तकनीकी कर्मचारियों के सामान्य अवकाश रद्द कर दिए गए हैं, ताकि त्योहार के दौरान अधिक से अधिक बसें संचालित की जा सकें। चार डिपो में कंट्रोल रूम यात्रियों की सुविधा और बस संचालन की निगरानी के लिए बिजनौर, धामपुर, चांदपुर और नजीबाबाद में कंट्रोल रूम बनाए गए हैं। कर्मचारियों की ड्यूटी का समय भी बढ़ाया गया है, ताकि यात्रियों को बसों के संचालन और रूट की जानकारी समय पर मिल सके। सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक अशोक कुमार ने बताया कि रक्षाबंधन के मद्देनजर विभिन्न रूटों पर बसों के 180 अतिरिक्त फेरे बढ़ाए गए हैं। यात्रियों को सभी डिपो पर जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। जरूरत पड़ने पर बसों के फेरे और बढ़ाए जाएंगे।
फतेहपुर में कक्षा-12 के छात्र तेजस उर्फ यशु की मौत के बाद स्कूल प्रबंधन पर सवाल उठे हैं। 26 अगस्त को परीक्षा के दौरान छात्र को अनुचित साधन का इस्तेमाल करते पकड़े जाने की बात सामने आई है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि इसके बाद छात्र पर 1500 रुपए का जुर्माना लगाया गया, उसे परीक्षा से निकाल दिया गया और उसके साथ मारपीट की गई। हालांकि, इन आरोपों की अभी पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस और जिला विद्यालय निरीक्षक की संयुक्त टीम पूरे मामले की जांच कर रही है। मामला सदर कोतवाली क्षेत्र के सरस्वती बाल मंदिर इंटर कॉलेज का है। सौंरा के पास अचेत मिला था छात्र एएसपी ज्ञान प्रकाश राय ने गुरुवार दोपहर 3:44 बजे बताया- 26 अगस्त को करीब 3 बजे मलवां पुलिस को सौंरा गांव के पास पुलिया के नीचे एक छात्र के अचेत पड़े होने की सूचना मिली थी। उसकी साइकिल भी पास में पड़ी थी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर छात्र को मेडिकल कॉलेज फतेहपुर पहुंचाया। आई-कार्ड से हुई पहचान छात्र के पास मिले स्कूल के आई-कार्ड से उसकी पहचान तेजस द्विवेदी के रूप में हुई। वह सरस्वती बाल मंदिर इंटर कॉलेज, शिवपुरी कॉलोनी में कक्षा-12 का छात्र था। पुलिस ने उसके परिजनों और स्कूल प्रशासन को सूचना दी। परिजन और स्कूल के लोग मेडिकल कॉलेज पहुंचे। कानपुर ले जाते समय हुई मौत मेडिकल कॉलेज में हालत में सुधार नहीं होने पर डॉक्टरों ने शाम करीब 6 बजे तेजस को कानपुर के हैलट अस्पताल रेफर कर दिया। परिजन उसे कानपुर ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई। इसके बाद शव को फतेहपुर लाकर मोर्चरी में रखवाया गया। पुलिस ने पंचायतनामा और पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू कर दी। परीक्षा में अनुचित साधन मिलने की बात पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि घटना वाले दिन परीक्षा के दौरान तेजस को अनुचित साधन का इस्तेमाल करते हुए पकड़ा गया था। पुलिस को उसके पहले से अस्वस्थ रहने की जानकारी भी मिली है। वहीं, परिजनों ने स्कूल प्रबंधन पर पिटाई और जुर्माना लगाने के आरोप लगाए हैं। संयुक्त टीम कर रही जांच पुलिस के मुताबिक, स्कूल से जुड़े आरोपों की भी गंभीरता से जांच की जा रही है। पुलिस और DIOS की संयुक्त टीम मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। अभी तक परिजनों की ओर से पुलिस को कोई तहरीर नहीं दी गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
9 अगस्त को मझौलीराज में सीएम योगी की जनसभा:300 करोड़ के विकास कार्यों का होगा लोकार्पण-शिलान्यास
देवरिया में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 29 अगस्त को सलेमपुर विधानसभा क्षेत्र के मझौलीराज में जनसभा को संबोधित करेंगे। मुख्यमंत्री सुबह करीब 10 बजे सभा को संबोधित करेंगे। कार्यक्रम में करीब 300 करोड़ रुपये के विकास कार्यों के लोकार्पण और शिलान्यास की तैयारी है। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। गुरुवार को मंडलायुक्त इंद्र विक्रम सिंह, डीआईजी गोरखपुर एस. चन्नप्पा, जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी और एसपी अभिजीत आर. शंकर ने कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मंच, जर्मन हैंगर पंडाल, हेलीपैड, पार्किंग, बिजली, पेयजल और शौचालय समेत अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। मंडलायुक्त ने सभी तैयारियां सुरक्षा मानकों के अनुसार समय से पूरा करने के निर्देश दिए। सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर जोर डीआईजी ने कार्यक्रम स्थल के साथ प्रमुख मार्गों की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने पार्किंग, रूट डायवर्जन, प्रवेश-निकास और भीड़ नियंत्रण की व्यवस्था को बेहतर रखने के निर्देश दिए। इससे पहले बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में डीएम और एसपी ने पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की थी। बैठक में कार्यक्रम स्थल की सुरक्षा, बैरिकेडिंग, वीआईपी आवागमन और यातायात व्यवस्था पर चर्चा हुई। आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए क्यूआरटी, अग्निशमन और चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। 300 करोड़ के विकास कार्यों की तैयारी प्रशासन के अनुसार, कार्यक्रम में करीब 300 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास प्रस्तावित है। विभागवार कार्यों की सूची तैयार की जा रही है। इसमें भाटपाररानी ब्लॉक कार्यालय का उद्घाटन, सीएचसी भवन और विभिन्न सड़कों के शिलान्यास समेत कई विकास कार्य शामिल किए जा सकते हैं। अंतिम सूची तैयार होने के बाद शिलापट्ट आदि की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। जर्मन हैंगर पंडाल लगाने का काम शुरू मुख्यमंत्री की जनसभा के लिए कार्यक्रम स्थल पर जर्मन हैंगर पंडाल लगाने का काम शुरू हो चुका है। कुर्सियां भी पहुंच गई हैं और रात में काम जारी रखने के लिए प्रकाश की व्यवस्था की गई है। हेलीपैड और बाहर से आने वाले वाहनों के लिए पार्किंग की व्यवस्था की जा रही है। कार्यक्रम स्थल की सफाई की जिम्मेदारी सलेमपुर और मझौलीराज नगर पंचायत को सौंपी गई है। प्रशासन का लक्ष्य कार्यक्रम से पहले सुरक्षा, यातायात और जनसुविधाओं से जुड़ी सभी तैयारियां पूरी करना है।
चरखी दादरी में बीती रात एक महिला का शव नहर से बरामद किया गया। गुरुवार को सिविल अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम होना था। इस दौरान मायके और ससुराल पक्ष के लोग अस्पताल पहुंचे। विवाहिता की संदिग्ध मौत के बाद दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। अस्पताल परिसर में काफी देर तक हंगामा और हाथापाई हुई, जिससे मरीजों और उनके परिजनों के बीच अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही दोनों पक्षों के ग्रामीण सिविल अस्पताल और पुलिस चौकी के आसपास जमा हो गए। देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया और दोनों ओर से तीखी बहस शुरू हो गई। आरोप-प्रत्यारोप के बीच बात इतनी बढ़ गई कि दोनों पक्ष आपस में भिड़ गए और हाथापाई हुई। मौके पर मौजूद अन्य लोगों ने हस्तक्षेप कर स्थिति को शांत करने का प्रयास किया। मृतका के मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि महिला के साथ पहले मारपीट की गई और फिर उसकी हत्या कर शव को नहर में फेंक दिया गया। मायके पक्ष ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, विवाहिता का शव संदिग्ध परिस्थितियों में नहर से मिला था। इसके बाद शव को कागजी कार्रवाई और पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल लाया गया। मौत की खबर फैलते ही मायके और ससुराल दोनों पक्षों के लोग अस्पताल परिसर में जमा हो गए। कहासुनी जल्द ही हिंसक झड़प में बदल गई। पुलिस और स्थानीय लोगों ने हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित किया। मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर हत्या का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज करने और कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
औरैया में मारपीट और जातिसूचक गाली देने के करीब 10 साल पुराने मामले में शुक्रवार को अदालत ने फैसला सुनाया। विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी एक्ट) विकास गोस्वामी ने दो भाइयों सरनाम सिंह और राघवेन्द्र सिंह को दोषी मानते हुए तीन-तीन साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। दोनों पर 16-16 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया है। मामला बेला थाना क्षेत्र के झबरा गांव का है। शराब के नशे में अभद्रता का आरोप अभियोजन पक्ष के एडीजीसी उमेश राजपूत ने बताया कि झबरा गांव निवासी शीलू कुमार दोहरे ने 30 अक्टूबर 2016 को बेला थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप था कि रात करीब 8 बजे सरनाम सिंह शराब के नशे में अभद्रता कर रहा था। विरोध करने पर मारपीट की शिकायत के अनुसार, टोका-टाकी करने पर सरनाम सिंह ने शीलू कुमार और उनके परिजनों को जातिसूचक गालियां दीं। इसके बाद लाठी-डंडे और पत्थर से मारपीट की गई। घटना में छह लोगों को चोटें आई थीं। पुलिस ने दोनों भाइयों के खिलाफ दाखिल की थी चार्जशीट मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच की। विवेचना पूरी होने के बाद सरनाम सिंह और उसके भाई राघवेन्द्र सिंह के खिलाफ आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया गया। इसके बाद मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश की अदालत में हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला शुक्रवार को अदालत में अभियोजन पक्ष ने दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की। वहीं बचाव पक्ष ने दोनों को निर्दोष बताया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने सरनाम सिंह और राघवेन्द्र सिंह को दोषी करार दिया और तीन-तीन साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने दोनों दोषियों पर 16-16 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। विचारण के दौरान जेल में बिताई गई अवधि को उनकी सजा में समायोजित किया जाएगा।
कानपुर डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने गुरुवार को एक छात्रा से राखी बंधवाने के बाद उसकी स्कूल की फीस भरी व साइकिल गिफ्ट की। जनता दर्शन के दौरान एक मां अपनी बेटी के साथ कलेक्ट्रेट पहुंची। मां ने बताया कि आर्थिक तंगी के कारण कई महीनों से बेटी की स्कूल फीस जमा नहीं हो सकी है। बेटी इशु यादव ने डीएम को राखी बांधने की इच्छा जताई और राखी बांधी। इसके बाद डीएम ने इशु की फीस जमा कराई, स्कूल आने-जाने के लिए उसे साइकिल दिलाई और अन्य उपहार भी दिया। मां घरों में करती है चौका बर्तन नौबस्ता के आवास विकास हंसपुरम निवासी ललिता यादव के पति प्रागी लाल यादव की वर्ष 2017 में मृत्यु हो गई थी। परिवार में दो बेटे और दो बेटियां हैं। एक बेटी की शादी हो चुकी है, जबकि दोनों बेटे अलग रहते हैं। ललिता ने अपने प्रार्थना पत्र में बताया कि बेटों से उन्हें कोई आर्थिक मदद नहीं मिलती। वह घरों में चौका-बर्तन कर घर का खर्च चलाने के साथ बेटी इशु की पढ़ाई का खर्च उठा रही हैं। 12वीं की छात्रा है इशु यादव पढ़ाई में मेधावी इशु नौबस्ता स्थित केपीवाई जन सहयोगी इंटर कॉलेज में कक्षा 12 की छात्रा है। आर्थिक तंगी के कारण उसकी फीस कई महीनों से जमा नहीं हो सकी थी और करीब 29 हजार रुपये बकाया हो गए थे। बेटी की पढ़ाई बीच में न छूट जाए, इसी चिंता में ललिता ने डीएम से मदद मांगी थी। मामला सामने आने पर डीएम ने विद्यालय के प्रधानाचार्य से बात की। बकाया रकम में आधी फीस स्वयं जमा कराई और शेष आधी प्रधानाचार्य से बात कर माफ कराई। डीएम ने इशु से पढ़ाई और स्कूल आने-जाने के बारे में भी पूछा। पता चला कि घर से स्कूल की दूरी करीब 2 किलोमीटर है और आने-जाने में काफी समय लगता है। इस पर उन्होंने इशु के लिए साइकिल खरीदवाई। गुरुवार को ही उसे साइकिल मिल गई और वह उसी से स्कूल से अपने घर लौटी। आईएएस अफसर बनने का है सपना इशु ने बताया कि वह आईएएस अधिकारी बनना चाहती है। अधिकारी बनकर वह भी लोगों की समस्याएं सुनेगी और जरूरतमंदों की मदद करेगी। डीएम ने इशु का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि वह पूरी लगन से पढ़ाई करे और आईएएस बनने के अपने सपने को पूरा करे। साथ ही डिप्टी कलेक्टर ज्योति शर्मा को इशु की मेंटरिंग की जिम्मेदारी दी।
मुजफ्फरनगर में शहर कोतवाली क्षेत्र में नाबालिग किशोरी के अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने गुरुवार दोपहर 3 बजे बड़ी कार्रवाई की। पुलिस ने सम्राट इंटर कॉलेज के प्रबंधक डॉ. इरशाद अली खान उर्फ डॉ. सम्राट को गिरफ्तार किया है। एसपी सिटी अमृत जैन ने गिरफ्तारी की पुष्टि की है। पुलिस अब मामले में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की तैयारी कर रही है। 18 अगस्त को मिली थी घटना की सूचना पुलिस के अनुसार, 18 अगस्त को मिमलाना रोड पर नाबालिग किशोरी के अपहरण और दुष्कर्म की सूचना मिली थी। शहर कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने करीब दो दिन के भीतर किशोरी को बरामद कर लिया था। कई आरोपी पहले ही हो चुके गिरफ्तार किशोरी की बरामदगी के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की। जांच के दौरान एक आरोपी को मुठभेड़ में घायल होने के बाद गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा चार अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। इनमें मुख्य आरोपी नाजिम और डॉ. आदिल समेत अन्य आरोपी शामिल हैं। पूछताछ के बाद डॉ. सम्राट गिरफ्तार जांच के दौरान पुलिस ने सम्राट इंटर कॉलेज के प्रबंधक डॉ. इरशाद अली खान उर्फ डॉ. सम्राट को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था। कई घंटे की पूछताछ और जांच के बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब मामले में उनकी भूमिका की जांच कर रही है। कॉलेज का नाम जांच में सामने आया पुलिस के मुताबिक, मामले की जांच के दौरान सम्राट इंटर कॉलेज का नाम सामने आया था। इसी आधार पर कॉलेज प्रबंधक से पूछताछ की गई। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि घटना में उनकी क्या भूमिका थी और मामले से जुड़े अन्य लोगों से उनका कोई संबंध है या नहीं। गैंगस्टर एक्ट के तहत होगी कार्रवाई एसपी सिटी अमृत जैन ने बताया कि पूरे मामले में शामिल आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। आरोपियों की संपत्तियों की भी जांच कराई जा रही है। यदि जांच में किसी संपत्ति का संबंध अपराध से अर्जित धन से पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस आपराधिक नेटवर्क की भी जांच कर रही पुलिस का कहना है कि मामले में जो भी व्यक्ति किसी भी स्तर पर शामिल पाया जाएगा, उसके खिलाफ साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। अब जांच केवल आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है। पुलिस उनके आपराधिक नेटवर्क, संपत्तियों और मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जानकारी जुटा रही है।
मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने दिवंगत कार्मिकों के आश्रितों को अनुकंपा आधार पर संविदा पदों पर नियुक्त किए गए 160 कर्मियों को नियमित नियुक्ति प्रदान की है।
गाजीपुर में रक्षाबंधन से एक दिन पहले गुरुवार को शहर में त्योहार की तैयारियां तेज हो गईं। महुआबाग में राखी के स्टॉल पर महिलाओं और युवतियों की भीड़ नजर आई। कोई भाई के लिए पसंद की राखी तलाशता दिखा तो कोई बच्चों के लिए राखियां खरीद रहा था। वहीं, रोडवेज बस स्टैंड पर भाई की कलाई पर राखी बांधने के लिए बनारस जाने वाली बहनों की भीड़ रही। महिलाओं के लिए निशुल्क बस यात्रा की सुविधा से उनका सफर आसान हुआ। महुआबाग में राखी खरीदने पहुंचीं शबनम ने बताया कि वह भाई और भतीजे के लिए राखियां ले रही हैं। उनका एक भाई आजमगढ़ और चचेरा भाई हैदराबाद में रहता है। उन्होंने बताया कि इस बार राखियां कुछ महंगी हैं, लेकिन भाई के लिए अच्छी राखी खरीदना प्राथमिकता है। ऑनलाइन राखियां उपलब्ध होने के बावजूद दुकान पर पहुंचकर राखियों को देखकर पसंद करने का अनुभव अलग है। खरीदार ज्योति वर्मा ने बताया कि वह भाई और बेटे दोनों के लिए राखी लेने आई हैं। बेटे के लिए हल्की राखी खरीदी है, जबकि भाई के लिए पहले से चांदी की राखी बनवा रखी है। उन्होंने कहा, “बहन के लिए भाई सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण होता है, बजट नहीं। राखी कितनी भी महंगी हो, बस भाई की कलाई पर अच्छी दिखनी चाहिए।” मिठाई की दुकानों पर भी बढ़ी भीड़ रक्षाबंधन को लेकर मिठाई की दुकानों पर भी ग्राहकों की संख्या बढ़ गई। महुआबाग के एक मिठाई दुकानदार ने बताया कि मोतीचूर के लड्डू, रसगुल्ले, गुलाब जामुन और घेवर की मांग सबसे ज्यादा है। राखी बांधने के बाद भाई को मिठाई खिलाने की परंपरा के चलते त्योहार से पहले बिक्री में तेजी आई है। निशुल्क बस सेवा से बहनों का सफर आसान रक्षाबंधन पर रोडवेज बसों में महिलाओं के लिए निशुल्क यात्रा की सुविधा का असर गुरुवार को बस स्टैंड पर भी दिखाई दिया। सकलेनाबाद निवासी बीना शर्मा अपने छोटे बेटे के साथ बनारस जा रही थीं। उन्होंने बताया कि वह हर साल सरकारी बस से ही भाई को राखी बांधने जाती हैं। निशुल्क यात्रा से आने-जाने का किराया बच जाता है और त्योहार के दूसरे खर्चों में राहत मिलती है। वह भाई के लिए मिठाई लेकर जा रही थीं और बनारस पहुंचकर गिफ्ट खरीदने की बात कही। बीना ने कहा, मुझे भाई से कोई गिफ्ट नहीं, मुझे सिर्फ अपना भाई चाहिए। सुसुंडी से ऑटो बुक कर रोडवेज बस स्टैंड पहुंचीं एक महिला अपनी बेटी के साथ बनारस जा रही थीं। उन्होंने कहा कि अगर सुसुंडी रूट पर भी सरकारी बस चलती तो वहां की महिलाओं को निशुल्क यात्रा का और बेहतर लाभ मिलता। उन्होंने कहा, भाई को राखी बांधने के बाद मुझे कुछ नहीं चाहिए। बस दुआ करूंगी कि भाई भी सलामत रहे और मैं भी सलामत रहूं। महाजन टोली निवासी वर्षा अग्रवाल भी अपनी बेटी के साथ बनारस रवाना हुईं। उन्होंने बताया कि बनारस में उनके दो भाई हैं और वह हर साल रक्षाबंधन पर सरकारी बस से उन्हें राखी बांधने जाती हैं। निशुल्क यात्रा से किराए का खर्च बच रहा है, जिससे त्योहार पर आर्थिक राहत मिलती है। नखास निवासी माधुरी देवी भी अपने दो भाइयों को राखी बांधने बनारस जा रही थीं। उन्होंने बताया कि वह हर साल रोडवेज बस से भाई के घर जाती हैं। इस बार भी बस आसानी से मिल गई और सीट उपलब्ध होने से सफर में सुविधा रही। बहनों के लिए गिफ्ट खरीद रहे भाई रक्षाबंधन को लेकर भाइयों में भी उत्साह नजर आया। महुआबाग स्थित गिफ्ट दुकानदार राजेश कुमार गुप्ता ने बताया कि कई बड़े भाई खुद दुकान पर पहुंचकर बहनों की पसंद का गिफ्ट खरीद रहे हैं। वहीं, छोटे भाई अभिभावकों के साथ पहुंचकर बहनों से छिपाकर गिफ्ट खरीद रहे हैं और उसे पैक करा रहे हैं, ताकि राखी के दिन बहन को सरप्राइज दिया जा सके। राजेश कुमार गुप्ता के मुताबिक, गिफ्ट की कीमत कम से शुरू होती है, लेकिन ज्यादातर भाई बहन के लिए 250 रुपये से कम का गिफ्ट नहीं लेना चाहते। अपनी क्षमता के अनुसार इससे महंगे गिफ्ट भी खरीदे जा रहे हैं। उनके अनुसार, त्योहार पर कीमत से ज्यादा बहन को खुश करने और उसे सरप्राइज देने की भावना नजर आ रही है।
बच्चों ने अधिकारियों को बांधी इको फ्रेंडली राखी:कलेक्टर, एसपी, एएसपी से लिया रक्षा का वचन
सवाई माधोपुर के दशहरा मैदान स्थित स्टेप बाय स्टेप स्कूल के बच्चों ने गुरुवार को अधिकारियों काे इको फ्रेंडली राखी बांधकर रक्षा का वचन लिया। इस अवसर पर सर्वप्रथम बच्चों ने पेड़ के पत्तियों और फूलो का प्रयोग कर इको फ्रेंडली राखी बनाई। पत्ती व फूलों से बनाई राखी बांधी इस दौरान गुरुवार सुबह स्कूली बच्चे ने जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। जहां उन्होंने कलेक्टर कानाराम को तिलक लगाकर राखी बांधकर नारियल भेंट किया। जिस पर कलेक्टर ने बच्चियों को मिठाई खिलाकर पेन और कापी भेंट की। उन्होंने बेटियों से भविष्य के सपनों के बारे में पूछा और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने संस्था निदेशक अरविंद को इस ईको फ्रेंडली राखी के लिए सराहना की और इसे सबके सामने लाकर जागरूक करने के लिए कहा गया। राखी प्रतियोगिता हुई कलेक्टर ने कहा कि राखी आज के समय के अनुसार बहुत ही सुंदर और श्रेष्ठ है। इसके बाद सभी बच्चियों ने सीईओ जिला परिषद मोहित, एसपी ज्येष्ठा मैत्रेयी, एएसपी राकेश राजौरिया, एसडीएम मांगीलाल को भी राखी बांधकर आशीर्वाद लिया। इससे पहले स्कूल में कक्षा एलकेजी से आठवीं तक के बच्चों के लिए प्रधानमंत्री मोदी के अनुसार अपने हांथों से राखी बनाकर राखी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमे लगभग 150 बच्चो ने विभिन्न प्रकार की राखी अपने हाथों से बनाकर प्रदर्शित की।
बहराइच में आगा खान फाउंडेशन के 'सफल शुरुआत' कार्यक्रम और सेंटर फॉर फ्रूटफुल इंडिया (सीएफआई) के संयुक्त तत्वावधान में गुरुवार को सघन फलदार पौधारोपण अभियान चलाया गया। शिक्षा विभाग और बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग के सहयोग से रिसिया और चित्तौरा विकासखंड के 10 प्राथमिक विद्यालयों तथा 10 आंगनबाड़ी केंद्रों में 800 से अधिक फलदार एवं पोषक पौधे रोपे गए। इस अभियान में बच्चों, शिक्षकों, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस दौरान आंवला, जामुन, सहजन (मोरिंगा), अमरूद और नींबू जैसे फलदार पौधे लगाए गए। आयोजकों का कहना है कि इन पौधों के बड़े होने पर स्थानीय स्तर पर ताजे और पोषणयुक्त फलों की उपलब्धता बढ़ेगी, जिससे बच्चों के दैनिक आहार में विविधता आएगी और उनके पोषण स्तर में सुधार होगा। आगा खान फाउंडेशन के प्रोग्राम ऑफिसर-हेल्थ एवं न्यूट्रिशन अशोक कुमार सिंह ने बताया कि 'एक पौधा आज, स्वस्थ बचपन और हरित भविष्य कल' के संदेश के साथ इस अभियान का उद्देश्य बच्चों को बचपन से ही पर्यावरण, जैव विविधता और पौधों के संरक्षण के प्रति जागरूक करना है। ग्रामीणों और अभिभावकों ने पौधों की नियमित देखभाल और संरक्षण का संकल्प भी लिया। इस अवसर पर मोहित, लवी, प्रमोद सिंह, प्रधानाध्यापिका प्रेम लता पाल, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पूनम देवी और रीना देवी सहित विद्यालय एवं आंगनबाड़ी केंद्रों के अन्य प्रतिनिधि मौजूद रहे।
कच्ची दीवार गिरने से बुजुर्ग की मौत:कानपुर देहात में भारी बारिश के दौरान चार लोग घायल
कानपुर देहात के अमराहट थाना क्षेत्र के महेशपुर गांव में भारी बारिश के कारण एक गुरुवार को सुबह 7 बजे कच्ची दीवार ढह गई। इस हादसे में मलबे में दबकर एक बुजुर्ग की मौत हो गई, जबकि चार अन्य लोग घायल हो गए। ग्रामीणों ने तत्काल बचाव कार्य शुरू किया और मलबे में दबे सभी पांच लोगों को बाहर निकाला। उन्हें उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिकंदरा ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने बुजुर्ग शिवसहाय को मृत घोषित कर दिया। घायलों में मृतक शिवसहाय के बेटे रामनरेश के साथ-साथ कमला, सुरेश और पप्पू शामिल हैं। कुछ लोगों को हल्की चोटें आईं, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हुए थे। ग्रामीणों ने बताया कि लगातार बारिश के कारण कच्ची दीवार कमजोर हो गई थी। दीवार अचानक गिरने से वहां मौजूद लोगों को संभलने का मौका नहीं मिला। हादसे की सूचना पर अमराहट थाना प्रभारी महेश कुमार पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने शिवसहाय के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इस घटना से पीड़ित परिवार और पूरे गांव में शोक का माहौल है। इस घटना ने लगातार बारिश के दौरान कच्चे और जर्जर मकानों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से ऐसे कमजोर मकानों की पहचान कर आवश्यक सुरक्षा उपाय करने की मांग की है।
पानीपत में अवैध हथियारों की तस्करी और आपराधिक गतिविधियों पर नकेल कसते हुए CIA-3 पुलिस टीम ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने चौटाला रोड पर पावर हाउस के पास दबिश देकर पीठू बैग में 5 देसी पिस्तौल और 10 जिंदा रौंद लेकर घूम रहे एक शातिर आरोपी को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान चुलकाना निवासी मनोज पुत्र सूरजभान के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी मनोज को गुरुवार को अदालत में पेश किया, जहां से उसे 3 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। CIA-3 प्रभारी ने बताया कि रिमांड के दौरान आरोपी से गहनता से पूछताछ की जाएगी ताकि उत्तर प्रदेश स्थित हथियार सप्लायर के ठिकानों का पता लगाकर उसे भी सलाखों के पीछे भेजा जा सके। गश्त के दौरान गुप्त सूचना पर हुई कार्रवाई सीआईए थ्री के प्रभारी सब इंस्पेक्टर सुभाष ने बताया कि SP भूपेंद्र सिंह के कड़े निर्देशों के तहत अवैध हथियारों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। बुधवार शाम को सीआईए थ्री की टीम चौटाला रोड पर गश्त पर थी। इसी दौरान गुप्त सूचना मिली कि चुलकाना निवासी मनोज पीठू बैग में अवैध असला लेकर कहीं भागने की फिराक में पावर हाउस के पास खड़ा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तुरंत मौके पर छापेमारी कर आरोपी को काबू कर लिया। पीठू बैग खंगाला तो निकले 5 पिस्तौल और 10 कारतूस पुलिस ने जब मौके पर आरोपी मनोज के पीठू बैग की तलाशी ली, तो उसमें से 5 देसी पिस्तौल और 10 जिंदा कारतूस बरामद हुए। जांच करने पर सभी पिस्तौल अनलोड पाई गईं। आरोपी के खिलाफ थाना औद्योगिक सेक्टर-29 में आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। हत्या केस में बेल पर था बाहर पुलिस पूछताछ में आरोपी मनोज ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए। उसने बताया कि गांव में उसकी पुरानी रंजिश चल रही है। वह साल 2023 में हत्या के एक मामले में जेल से जमानत पर बाहर आया था। गांव में चल रही इसी दुश्मनी और रंजिश के चलते वह कई महीने पहले उत्तर प्रदेश से किसी हथियार सप्लायर से 90 हजार रुपए में ये 5 देसी पिस्तौल और 10 कारतूस खरीदकर लाया था।
फरीदाबाद के सेक्टर-58 थाना क्षेत्र के सेक्टर-25 में गुरुवार दोपहर उस समय हड़कंप मच गया, जब एक स्कूल के दो छोटे बच्चों के किडनैप होने की खबर तेजी से फैली। बच्चों के अपहरण की सूचना मिलने के बाद लोगों में भी चिंता का माहौल बन गया। हालांकि, जब पुलिस ने मामले की जांच की तो सामने आया कि बच्चों को किसी अजनबी ने किडनैप नहीं किया था। दोनों बच्चों को उनकी मां ही स्कूल वैन से अपने साथ लेकर गई थी। पुलिस ने बच्चों के किडनैप होने की बात को अफवाह बताया है। पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि बच्चों के माता-पिता के बीच पिछले कुछ समय से पारिवारिक विवाद चल रहा है। बच्चों की मां अनीता पिछले करीब दो महीने से अपने मायके में रह रही थी। वहीं, दोनों बच्चे अपने पिता जितेंद्र के साथ रह रहे थे। जितेंद्र सरकारी कर्मचारी बताए जा रहे हैं। दोनों बच्चों में एक बेटा और एक बेटी है। बेटा नर्सरी और बेटी पहली कक्षा में पढ़ती है। बच्चों के घर पहुंचने से पहले मौजूद थी महिला पुलिस के मुताबिक, गुरुवार दोपहर करीब एक बजे स्कूल की वैन दोनों बच्चों को छोड़ने सेक्टर-25 स्थित उनके घर पहुंची। बच्चों को लेने के लिए उनकी मां अनीता और उनके माता-पिता यानी बच्चों के नाना-नानी पहले से वहां मौजूद थे। जैसे ही स्कूल वैन घर के पास आकर रुकी, अनीता ने वैन का गेट खोलकर दोनों बच्चों को अपने साथ ले लिया। इसके बाद वह बच्चों को लेकर वहां से चली गई। इस घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें बच्चों की मां द्वारा दोनों बच्चों को वैन से अपने साथ ले जाते हुए देखा जा सकता है। घटना के कुछ समय बाद जब बच्चों के पिता जितेंद्र को इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने पुलिस से संपर्क किया। जितेंद्र ने थाने पहुंचकर अपनी पत्नी अनीता के खिलाफ शिकायत दी और आरोप लगाया कि उनके दोनों बच्चों को किडनैप कर लिया गया है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की और बच्चों की मां से फोन पर संपर्क किया। पत्नी बोली- दोनों बच्चों को अपने पास रखना चाहती हूं पुलिस के अनुसार, अनीता ने फोन पर बताया कि दोनों बच्चे उसके पास हैं और पूरी तरह सुरक्षित हैं। उसने पुलिस को यह भी बताया कि वह अपने बच्चों को अपने पास रखना चाहती है। इसके बाद पुलिस को स्पष्ट हो गया कि मामला किसी बाहरी व्यक्ति द्वारा बच्चों के अपहरण का नहीं है, बल्कि पति-पत्नी के बीच चल रहे पारिवारिक विवाद से जुड़ा हुआ है। पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने कहा कि बच्चों के किडनैप होने की जो सूचना इलाके में फैली है, वह सही नहीं है। किसी अज्ञात व्यक्ति ने बच्चों का अपहरण नहीं किया है। बच्चों की मां ही उन्हें अपने साथ लेकर गई है। पुलिस अब पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है। दोनों पक्षों को थाने बुलाकर होगी बातचीत पुलिस दोनों पक्षों को थाने बुलाकर बातचीत करेगी और पारिवारिक विवाद से जुड़े सभी पहलुओं की जानकारी जुटाई जाएगी। बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह भी देखा जाएगा कि दोनों बच्चे फिलहाल किसके साथ रहेंगे और इस संबंध में आगे की कानूनी प्रक्रिया क्या होगी। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि बिना पुष्टि के बच्चों के किडनैप होने जैसी अफवाहें न फैलाएं। मामले की वास्तविक स्थिति सामने आने के बाद पुलिस ने साफ कर दिया है कि यह किडनैपिंग का मामला नहीं, बल्कि पारिवारिक विवाद से जुड़ा मामला है।
श्रावस्ती के सिरसिया थाना क्षेत्र में शादी का झांसा देकर युवती से दुष्कर्म करने और गर्भवती होने के बाद गर्भपात कराने के आरोप में वांछित चल रहे युवक को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस विभाग ने गुरुवार शाम 5 बजे के बाद गिरफ्तारी की जानकारी दी। आरोपी को भिनगा के सिविल लाइन क्षेत्र से पकड़ा गया। पुलिस के अनुसार, 7 अगस्त को सिरसिया थाना क्षेत्र की एक युवती ने शिकायत दर्ज कराई थी। युवती ने आरोप लगाया कि भिनगा कोतवाली क्षेत्र के मुजेहना निवासी आलोक यादव पुत्र नरेश यादव ने शादी का झांसा देकर उसके साथ दुष्कर्म किया। शिकायत के मुताबिक, गर्भवती होने के बाद आरोपी ने उसे दवा खिलाकर गर्भपात करा दिया और बाद में शादी करने से इनकार कर दिया। BNS की धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा मामले की गंभीरता को देखते हुए सिरसिया पुलिस ने आरोपी आलोक यादव के खिलाफ मु0अ0सं0 215/26 दर्ज किया। मुकदमे में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 69, 89 और 351(3) के तहत कार्रवाई शुरू की गई। पुलिस आरोपी की तलाश में लगातार दबिश दे रही थी। मुखबिर की सूचना पर सिविल लाइन में घेराबंदी थानाध्यक्ष सौरभ सिंह के नेतृत्व में उपनिरीक्षक राहुल यादव और पुलिस टीम ने 27 अगस्त को मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई की। टीम ने भिनगा के सिविल लाइन क्षेत्र में घेराबंदी कर आरोपी आलोक यादव को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी से पूछताछ की और आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी की। इसके बाद उसे नियमानुसार न्यायालय में पेश किया गया। पुलिस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
तरनतारन में साझा मुलाजिम मंच पंजाब के आह्वान पर विभिन्न विभागों के कर्मचारियों और पेंशनरों ने आज 27 अगस्त 2026 को प्रशासनिक कॉम्प्लेक्स में रोष रैली निकाली। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने पंजाब सरकार का पुतला भी फूंका। यह विरोध प्रदर्शन सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों की जायज मांगों पर सरकार द्वारा कोई सकारात्मक जवाब न दिए जाने के कारण किया गया। साझा मुलाजिम मंच ने पहले ही सरकार को अपनी मांगों को लेकर एक ज्ञापन सौंपा था। इन मांगों में 2.59 मल्टीप्लायर, कैशलेस स्कीम, पुरानी पेंशन योजना की बहाली, कच्चे कर्मचारियों को नियमित करना, डीए की बकाया किस्तें जारी करना, 15-01-2015 का पत्र रद्द करना, परिवीक्षा अवधि के दौरान पूरा वेतन और भात्ते देना शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, 17-07-2020 और 4,9,14 को जारी पत्रों के अनुसार केंद्रीय पैटर्न पर नई भर्ती के पत्र को रद्द करने और एसीपी योजना की बहाली की भी मांग की गई। मिड-डे मील और आशा वर्कर बहनों से संबंधित मांगें भी इसमें शामिल थीं। मिड डे मील और आशा वर्करों की मांगे भी पूरी नहीं रैली को संबोधित करते हुए विभिन्न संगठनों के नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि पंजाब सरकार ने कर्मचारियों, पेंशनरों, मिड-डे मील और आशा वर्कर बहनों की मांगों को पूरा नहीं किया, तो साझा मुलाजिम मंच पंजाब चंडीगढ़ द्वारा दिए गए अगले तीखे एक्शन प्रोग्राम को तरनतारन जिले में बिना किसी चूक के लागू किया जाएगा। इस अवसर पर सुखप्रीत सिंह पन्नू (जिला संयोजक), गुरसेवक सिंह सरां (अध्यक्ष), अंग्रेज सिंह रंधावा (महासचिव), तरसेम सिंह (वरिष्ठ उपाध्यक्ष), जसपाल सिंह (वित्त सचिव पीएसएमएस यूनियन तरनतारन), कुरविंदर सिंह चीमा (अध्यक्ष), शिवकरण सिंह चीमा (महासचिव डीसी ऑफिस क्लर्क यूनियन), बिक्रमजीत सिंह खैरा, निसान सिंह (अध्यक्ष), स्वराज सिंह (महासचिव), इकबाल सिंह और सरबजीत सिंह सहित कई नेता और सदस्य मौजूद रहे।
बलरामपुर। नेपाल सीमावर्ती क्षेत्र में थारू जनजाति की प्रतियोगी छात्राओं के लिए रक्षाबंधन का पर्व इस बार प्रेरणादायी अवसर बन गया। बिशुनपुर विश्राम क्षेत्र में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहीं इन छात्राओं ने गुरुवार दोपहर बलरामपुर फर्स्ट टीम के सदस्यों को राखी बांधी। इसके जवाब में संगठन ने उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उपयोगी पुस्तकें भेंट कीं, जो शिक्षा और आत्मनिर्भरता का प्रतीक थीं। मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग योजना के कोर्स कोऑर्डिनेटर सचिन कुमार सिंह, शिक्षक रवि मिश्रा, शिक्षक राहुल कुमार और आदिति त्रिपाठी को छात्राओं ने राखी बांधी। राखी बांधते समय छात्राओं के चेहरों पर खुशी और उम्मीद साफ झलक रही थी। पुस्तकें मिलने के बाद उनकी खुशी एक नए संकल्प में बदल गई, जिसमें उन्होंने मेहनत कर लक्ष्य हासिल करने की बात कही। हेमा, अनीशा, चांदनी, रंजना, नीलू, कल्पना और संजना सहित अन्य छात्राओं के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी आसान नहीं है। सीमित संसाधनों के बावजूद ये छात्राएं अपने भविष्य को संवारने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं। ऐसे में बलरामपुर फर्स्ट द्वारा दी गईं ये पुस्तकें उनके लिए केवल उपहार नहीं, बल्कि उनकी प्रतिभा पर जताया गया भरोसा और उनके सपनों को मिला एक मजबूत सहारा हैं। संगठन की ओर से यह संदेश दिया गया कि प्रतिभा किसी सुविधा की मोहताज नहीं होती। आवश्यकता केवल सही मार्गदर्शन, पर्याप्त संसाधन और उचित अवसरों की होती है। थारू समाज की बेटियों को शिक्षा से जोड़कर उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करना इसी सोच का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। बलरामपुर फर्स्ट के संयोजक सर्वेश कुमार सिंह ने बताया कि नेपाल सीमावर्ती क्षेत्र में रहने वाले थारू जनजाति के छात्र-छात्राओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। उन्हें केवल उचित मार्गदर्शन और संसाधन उपलब्ध कराने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि संगठन का लक्ष्य है कि थारू समाज की बेटियां शिक्षा के माध्यम से अपने सपनों को साकार करें, आत्मनिर्भर बनें और समाज के विकास में सक्रिय भूमिका निभाएं। सिंह ने जोर देकर कहा कि एक बेटी की शिक्षा केवल उसके व्यक्तिगत भविष्य को ही नहीं बदलती, बल्कि पूरे परिवार और समाज की दिशा बदलने की क्षमता रखती है। इसलिए, प्रतिभाशाली थारू छात्राओं को आगे बढ़ाने के लिए समाज के सक्षम लोगों और विभिन्न संगठनों को आगे आना चाहिए।
रावतसर-हनुमानगढ़ मेगा हाईवे पर गुरुवार को कार और ट्रक की आमने-सामने की जोरदार टक्कर हो गई। हादसे में कार ड्राइवर की मौत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त होकर चकनाचूर हो गई और ड्राइवर उसमें फंस गया। राहगीरों ने काफी मशक्कत के बाद उसे बाहर निकाला और एम्बुलेंस से अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। कार में फंसे ड्राइवर को राहगीरों ने निकाला प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, टक्कर के बाद कार की हालत बेहद खराब हो गई थी और ड्राइवर अंदर फंस गया था। मौके पर मौजूद राहगीरों ने प्रयास कर ड्राइवर को कार से बाहर निकाला। इसके बाद उसे तत्काल एम्बुलेंस की मदद से अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टर उसे बचा नहीं सके। टिब्बी निवासी था मृतक हादसे की सूचना मिलने पर शेरगढ़ चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। शेरगढ़ थाने से एएसआई राजाराम ने भी घटनास्थल का दौरा किया और हादसे की जानकारी जुटाई। पुलिस के अनुसार, मृतक की पहचान टिब्बी निवासी निरंजन पुत्र रोहिताश के रूप में हुई है। हाईवे पर लगा वाहनों का जाम हादसे के बाद मेगा हाईवे पर यातायात प्रभावित हो गया और दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। इससे वाहन ड्राइवरों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को सड़क से हटवाया, जिसके बाद यातायात व्यवस्था सामान्य हो सकी। तेज रफ्तार को माना जा रहा हादसे का कारण पुलिस की प्रारंभिक जांच में हादसे की वजह तेज रफ्तार सामने आ रही है। हालांकि, दुर्घटना के वास्तविक कारणों की पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है और मामले की जांच जारी है।
फतेहपुर के जिला अस्पताल परिसर में गुरुवार दोपहर करीब 3 बजे 'आहार विहार मॉडल प्रेरणा कैंटीन' का शुभारंभ किया गया। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत शुरू की गई इस कैंटीन का उद्घाटन पशुधन एवं दुग्ध विकास राज्यमंत्री कृष्णा पासवान ने फीता काटकर किया। इस अवसर पर जिले के अधिकारी और स्वयं सहायता समूह की महिलाएं उपस्थित रहीं। इस कैंटीन का संचालन विकासखंड खजुहा की मातृभूमि संकुल स्तरीय समिति की छह महिला सदस्यों के 'एसोसिएशन ऑफ पर्सन (एओपी)' द्वारा किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य जिला अस्पताल आने वाले मरीजों, उनके तीमारदारों और आमजन को स्वच्छ एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है। स्थानीय स्तर पर रोजगार और आय के अवसर कैंटीन में सूक्ष्म जलपान, भोजन, लस्सी और कोल्ड ड्रिंक सहित विभिन्न खाद्य एवं पेय पदार्थ उचित मूल्य पर उपलब्ध होंगे। इस पहल का दोहरा उद्देश्य है: अस्पताल आने वाले लोगों को साफ-सुथरा और स्वादिष्ट भोजन प्रदान करना, साथ ही स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार और आय के अवसर उपलब्ध कराना। शुभारंभ के अवसर पर राज्यमंत्री कृष्णा पासवान ने कहा कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को रोजगार से जोड़कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने का एक प्रभावी माध्यम है। उन्होंने सुझाव दिया कि जिले के सभी विकासखंडों में इसी तरह की मॉडल कैंटीन संचालित की जानी चाहिए। राज्यमंत्री ने स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को कैंटीन में प्रतिदिन साफ-सफाई और भोजन-जलपान की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने दोहराया कि यह पहल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ आमजन को भी उचित मूल्य पर स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री सुनिश्चित करेगी।
जिले के जिलाधिकारी आलोक कुमार ने नेपाल में आई प्राकृतिक आपदा के मद्देनजर संत कबीर नगर जनपद के कई नागरिकों के फंसे होने या लापता होने की आशंका जताई है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने सहायता और समन्वय के लिए दिशा-निर्देश तथा आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। डीएम ने बताया कि स्थानीय स्तर पर किसी भी लापता नागरिक की सूचना दर्ज कराने के लिए जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) अथवा कलेक्ट्रेट कंट्रोल रूम से संपर्क किया जा सकता है। जनपद संत कबीर नगर आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के टोल फ्री नंबर 1070, 1077 और टेलीफोन नंबर 05547-297227 हैं। इसके अतिरिक्त, जिला आपदा विशेषज्ञ का मोबाइल नंबर 9598666578 है। उप जिलाधिकारी खलीलाबाद का मोबाइल नंबर 9454415925, उप जिलाधिकारी मेंहदावल का 9454415926 और उप जिलाधिकारी धनघटा का 9454415927 है। लापता व्यक्ति की सूचना दर्ज कराते समय कुछ आवश्यक जानकारी देनी होगी। इसमें लापता नागरिक का पूरा नाम, आयु, लिंग, आधार कार्ड नंबर और स्थायी पता (ग्राम/मोहल्ला, थाना, तहसील, जनपद संत कबीर नगर) शामिल है। साथ ही, नेपाल में उसकी अंतिम लोकेशन (जैसे काठमांडू, पोखरा, मुस्तांग आदि), आखिरी बार कब बात हुई थी, लापता व्यक्ति का मोबाइल नंबर और नेपाल में संभावित होटल/गाइड का विवरण भी देना होगा। सूचना देने वाले रिश्तेदार/परिचित का नाम, मोबाइल नंबर और लापता व्यक्ति से संबंध भी बताना अनिवार्य है। जिलाधिकारी ने नेपाल आपदा से संबंधित जनपद के परिजनों/व्यक्तियों से अफवाहों से बचने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर फैल रही असत्यापित खबरों पर ध्यान न दें और केवल जिला प्रशासन या भारतीय दूतावास की आधिकारिक सूचना पर ही भरोसा करें। अपने निकटतम थाने या तहसील कार्यालय में जाकर लापता व्यक्ति का विवरण तुरंत दर्ज कराएं, ताकि इसे राज्य स्तरीय राहत आयुक्त कार्यालय के माध्यम से विदेश मंत्रालय को भेजा जा सके। डीएम ने यह भी बताया कि नेपाल में कई स्थानों पर नेटवर्क बाधित हो सकता है। यदि फोन न लगे, तो इंटरनेट आधारित मैसेजिंग ऐप्स (जैसे WhatsApp/Telegram) पर संदेश भेजकर प्रतीक्षा करें। यदि लापता व्यक्ति की अंतिम लोकेशन या यात्रा का विवरण उपलब्ध हो, तो सही हेल्पलाइन से जुड़ने में सहायता मिल सकती है।
बदायूं में सावन पूर्णिमा और गंगास्नान पर्व को लेकर पुलिस ने यातायात व्यवस्था में बदलाव किया है। 27 अगस्त की रात 8 बजे से 28 अगस्त की रात 8 बजे तक कछला और अटैना घाटों के आसपास यातायात डायवर्जन लागू रहेगा। एसएसपी अंकिता शर्मा के निर्देश पर यह व्यवस्था श्रद्धालुओं को भीड़ और जाम से बचाने और हाईवे पर यातायात सुचारु रखने के लिए की गई है। बड़े वाहनों के लिए बदला रूट एसएसपी के अनुसार, बदायूं से हाथरस, अलीगढ़, मथुरा और राजस्थान की ओर जाने वाले ट्रक, ट्रॉला, डीसीएम, ट्रैक्टर-ट्रॉली और कार समेत अन्य वाहनों को उझानी बड़ा बाईपास से मुजरिया, सहसवान, जरीफनगर, गुन्नौर और बबराला होते हुए अलीगढ़ की ओर भेजा जाएगा। वहीं, बदायूं से कासगंज, एटा और आगरा जाने वाले वाहनों को नौशेरा तिराहा, कादरचौक और गंजडुंडवारा के रास्ते भेजा जाएगा। कछला जाने वाले रास्ते पर रोक मुजरिया चौराहे से कछला होकर कासगंज जाने वाले वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। इसी तरह सहसवान के कछला रोड से कछला होते हुए कासगंज की ओर सामान्य वाहनों का आवागमन भी वर्जित रहेगा। इन व्यवस्थाओं को लागू कराने के लिए नौशेरा तिराहा, राजकीय मेडिकल कॉलेज तिराहा, उझानी बड़ा बाईपास, मुजरिया चौराहा और सहसवान कछला रोड पर पुलिस और यातायात पुलिस बल तैनात रहेगा। श्रद्धालुओं के वाहनों पर लागू नहीं होगा डायवर्जन कछला और अटैना घाट पर गंगा स्नान के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के वाहनों पर यह डायवर्जन लागू नहीं होगा। पुलिस ने श्रद्धालुओं से निर्धारित मार्ग और पार्किंग व्यवस्था का ही इस्तेमाल करने की अपील की है। एसएसपी ने अधिकारियों को प्रमुख मार्गों और डायवर्जन प्वाइंट पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। पर्व के दौरान यातायात व्यवस्था की पूरी जिम्मेदारी एसपी सिटी अभिषेक सिंह को सौंपी गई है।
सिरसा बार एसोसिएशन के प्रधान सहित विभिन्न पदों के लिए 11 सितंबर को चुनाव होना है। इसके लिए नामांकन करने का आज वीरवार शाम को 3 बजे तक अंतिम समय था। प्रधान पद के लिए पांच उम्मीदवारों ने नामाकंन किया है, जिनमें बार के पूर्व प्रधान गंगाराम ढाका भी शामिल है, जो दोबारा से चुनावी मैदान में उतरे हैं। बार चुनाव को करवाने के लिए रिटर्निग ऑफिसर एडवोकेट विजय सिंह सहारण को बनाया गया है और सह रिटर्निंग ऑफिसर एडवोकेट अरविंदर सिंह वधवा व भूपेंद्र सिंह विनायक, अनिल कुमार वांधर को नियुक्त किया है। इस बार कुछ नए मतदाता भी चुनाव का हिस्सा होंगे, जो नई सोच और उम्मीदों के साथ कंडीडेंट का चयन करेंगे। रिटर्निग ऑफिसर विजय सहारण ने बताया, सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण के तहत पहली बार सिरसा बार एसोसिएशन में उप प्रधान पद को लेडी रिजर्व के लिए अतिरिक्त अलग से बना दिया गया है। चुनावी प्रक्रिया के चलते बार रूम में दिनभर वकीलों की हलचल रही और सभी अपने एजेंडों से एक-दूसरे के वोट पाने को साधने में जुटे हैं। इन पदों के लिए इन्होंने किया नामांकन प्रधान पद के लिए एडवोकेट भूपेंद्र खट्टर, गुरु रतन पाल सिंह किंगरा, गंगाराम ढाका, आदित्य राठौर और रघुवीर सिंह ने नामांकन पत्र दाखिल किया है। उप प्रधान जनरल पद के लिए गुरतेज सिंह बराड़, संजीव गर्ग, विकास ढिल्लों ने नामांकन किया है। उप प्रधान रिजर्व लेडी पद के लिए एडवोकेट अमनदीप कौर, मोनिका सिंह ने नामांकन दाखिल किया है। सचिव पद के लिए एडवोकेट कपिल देव और सह सचिव रिजर्व लेडी पद के लिए एडवोकेट संतोष रानी ने नामांकन पत्र दाखिल किया है। वकीलों को कई समस्याएं सिरसा बार एसोसिएशन के पूर्व प्रधान गंगाराम ढाका ने बताया, मेरे कार्याकाल के दौरान कई तरह की समस्याएं आई। वकील साथियों के साथ झगड़े या अन्य मामलों में प्रशासनिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी, जिसको बार एसोसिएशन की एकजुटता के साथ सुलझाने का काम किया। एक चुनौती भी आई, जिसे एलडीसी पॉलिसी कहते हैं। इसके लिए 17 जुलाई को चंडीगढ़ में बार एसोसिएशन की प्रेस कांफ्रेंस के लिए सिरसा एसोसिएशन को निमंत्रण दिया गया। सभी वकीलों का साथ मिला। पार्किंग और सीटों की समस्या है। लाइब्रेरी व बिजली व पानी की सुविधा दिलाई है। इस बार विजन क्लीयर है। पार्किंग की समस्या को लंबे समय तक दूर करने का प्लान पूर्व प्रधान बोले, पार्किंग की जो समस्या है, उसे मल्टीपार्किंग बनाया जाए। इसकी रूपरेखा भी बनाई थी और जज साहब को भी दिखाई थी। हमारी बिल्डिंग कमेटी को भी प्रपोजल भेजा था। उन्होंने 26 तारीख को सिरसा में आने का प्रोग्राम भी रखा था, पर वे किसी कारणवश नहीं आ सके। उन्होंने आश्वासत किया था कि ये काम हो जाएगा। सीनियर-जूनियर के लिए रखेंगे सेमिनार गंगाराम ढाका बोले, बार में सीनियर और जूनियर वकील है, उनके लिए एक ऐसा प्रोग्राम रखा जाए और सीनियर वकील अपने अनुभव साझा करे। जो नए एडवोकेट आ रहे हैं, उनको इस लाभ व प्रोफेशन के बारे में बताया जाए। ऐसे सेमिनार समय-समय पर होने चाहिए।
श्रावस्ती में यूनीसेफ के सहयोग से आंगनबाड़ी सुपरवाइजरों और आशा संगिनियों के लिए एक दिवसीय आपदा प्रबंधन कार्यशाला आयोजित की गई। बृहस्पतिवार को विभाग ने 5 बजे बताया कि इसका उद्देश्य आपदा के दौरान जमीनी स्तर पर त्वरित मदद और जागरूकता को प्रभावी बनाना था। कार्यशाला में प्रतिभागियों को आपदा जोखिम न्यूनीकरण के साथ-साथ आपदा के समय उनकी जिम्मेदारियों और व्यवहारिक भूमिका की जानकारी दी गई। कार्यशाला का उद्घाटन मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) शाहिद अहमद ने किया, जबकि रेडक्रास सचिव अरुण कुमार मिश्र ने इसका संचालन किया। सीडीओ अहमद ने बताया कि श्रावस्ती बाढ़ सहित विभिन्न आपदाओं से प्रभावित रहता है। ऐसे में फील्ड में कार्यरत आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं को आपदा के दौरान प्रभावी ढंग से कार्य करने की जानकारी होना अत्यंत आवश्यक है, जिससे आपदा के प्रभाव को कम किया जा सके। यूनीसेफ की कार्यक्रम निगरानी एवं मूल्यांकन विशेषज्ञ उर्वशी चंद्रा ने जानकारी दी कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और आशा कार्यकर्ताओं के लिए आपदा जोखिम न्यूनीकरण प्रशिक्षण मॉड्यूल श्रावस्ती से एक पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया गया है। यहां से मिलने वाले फीडबैक के आधार पर इसे अक्टूबर से पूरे प्रदेश में लागू करने की योजना है। प्रशिक्षण सत्र के दौरान यूनीसेफ के रवि नारायण ने व्यवहारिक भूमिका, प्रो. महावीर गुलेचा ने जलवायु परिवर्तन और अंकिता ने आपदा प्रबंधन चक्र जैसे विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर प्रतिभागियों को प्रशिक्षित किया।
कौशांबी में रैसिपी प्रतियोगिता आयोजित:बाल विकास विभाग के कार्यक्रम में 10 महिलाओं ने लिया भाग
कौशांबी के सरसवां ब्लॉक परिसर में गुरुवार को बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग ने एक रैसिपी प्रतियोगिता का आयोजन किया। इस प्रतियोगिता में ब्लॉक क्षेत्र की 10 महिलाओं ने हिस्सा लिया। महिलाओं ने अपनी पाक कला का प्रदर्शन करते हुए विभिन्न प्रकार के स्वादिष्ट और पौष्टिक पकवान बनाए। प्रतियोगिता की मुख्य विशेषता यह थी कि प्रतिभागियों द्वारा तैयार किए गए सभी पकवानों में अनुपूरक पुष्टाहार (THR) का अनिवार्य रूप से उपयोग किया गया था। इस आयोजन का उद्देश्य महिलाओं की पाक कला को बढ़ावा देने के साथ-साथ अनुपूरक पुष्टाहार के बेहतर और रचनात्मक उपयोग के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। बाल विकास परियोजना अधिकारी सुशील कुमार ने बताया कि यह प्रतियोगिता आईसीडीएस कौशांबी के तहत आयोजित की जा रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन महिलाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर प्रदान करते हैं और पौष्टिक आहार के महत्व के बारे में जागरूकता भी बढ़ाते हैं। कार्यक्रम में सेविका मधु शुक्ला, मुख्य सेविका श्वेता वर्मा, आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों, सहायिकाओं और मातृशक्ति ने सक्रिय रूप से भाग लिया। प्रतियोगिता में शामिल होने वाली महिलाओं और आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों, जिनमें साधना देवी (सरसवां), रोशनी मिश्रा (पुनवार) और निशा देवी (रक्सौली) शामिल थीं, को अधिकारियों द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
सिद्धार्थनगर में रक्षाबंधन के अवसर पर गुरुवार को विभिन्न विद्यालयों की छात्राओं ने जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन समेत अन्य अधिकारियों को राखी बांधी। डीएम कक्ष में आयोजित कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने अधिकारियों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर उनके स्वस्थ और सुखद जीवन की कामना की। इसके बाद अधिकारियों ने छात्राओं को उपहार दिए। कार्यक्रम में माई छोटा स्कूल, सेन्ट जेवियर्स इंटर कॉलेज और शमराइस स्कूल की छात्राएं शामिल हुईं। अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) गौरव श्रीवास्तव और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शैलेष कुमार ने भी छात्राओं से राखी बंधवाई। अधिकारियों ने छात्राओं से उनकी पढ़ाई, विद्यालय और भविष्य की योजनाओं के बारे में बातचीत की। देखिए 5 तस्वीरें…. बेटियां समाज और देश की ताकत डीएम शिवशरणप्पा जीएन ने कहा कि रक्षाबंधन भाई-बहन के स्नेह के साथ आपसी विश्वास, सम्मान और सामाजिक जिम्मेदारी का भी पर्व है। उन्होंने छात्राओं को मन लगाकर पढ़ाई करने और अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए लगातार मेहनत करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि बेटियां परिवार के साथ-साथ समाज और देश की ताकत हैं। शिक्षा के माध्यम से बेटियां अपने सपनों को पूरा करने के साथ समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकती हैं। उन्होंने छात्राओं को शिक्षा के साथ आत्मविश्वास और अनुशासन को भी जीवन का हिस्सा बनाने की सलाह दी। राखी बांधने के बाद छात्राओं को उपहार दिए गए। छात्राओं ने डीएम और अन्य अधिकारियों का आभार जताया। कार्यक्रम अधिकारियों और छात्राओं के बीच आत्मीय संवाद का माध्यम भी बना।
बिना लाइसेंस चल रही मिठाई की फैक्ट्री बंद:लखनऊ में 2 क्विंटल खराब मिठाई नष्ट; 180 लीटर तेल सीज
लखनऊ में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने गुरुवार को मिठाई बनाने वाली एक अवैध फैक्ट्री पर छापा मारकर कार्रवाई की। नीवा कासिम खेड़ा में रिंकू की मिठाई बनाने फैक्ट्री की जांच के दौरान करीब 2 क्विंटल मिठाई ऐसी मिली, जिसे खाने लायक नहीं पाया गया। टीम ने पूरी मिठाई को मौके पर ही नष्ट करा दिया। इसके अलावा 180 लीटर रिफाइंड सोयाबीन तेल भी संदिग्ध गुणवत्ता का मिलने पर सीज कर दिया गया। जांच में यह भी सामने आया कि इकाई बिना लाइसेंस के चल रही थी। इसके बाद अधिकारियों ने इकाई को तत्काल बंद करा दिया। जांच के लिए मिठाई और कच्चे माल के नमूने लिएखाद्य सुरक्षा विभाग को इकाई में गड़बड़ी की जानकारी मिली थी। इसके बाद अधिकारियों की संयुक्त टीम ने 27 अगस्त को अचानक पहुंचकर जांच शुरू की। टीम ने वहां तैयार हो रही मिठाइयों और इस्तेमाल किए जा रहे कच्चे माल की स्थिति देखी। खाद्य पदार्थों की क्वालिटी जांचने के लिए पेड़ा, एसएमपी, रिफाइंड सोयाबीन तेल और चांदी के वर्क के नमूने लिए गए। इन सभी नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जाएगा। रिपोर्ट आने के बाद यह पता चलेगा कि इनमें से किसी में मानकों का उल्लंघन हुआ है या नहीं। गंदी हालत में रखी थी 200 किलो मिठाई निरीक्षण के दौरान करीब 200 किलो मिठाई ऐसी जगह और ऐसी स्थिति में रखी मिली, जिसे अधिकारियों ने इंसानों के खाने के लिए पूरी तरह अनुपयुक्त माना। अधिकारियों के मुताबिक इसकी कीमत करीब 20 हजार रुपए है। मिठाई को बेचने या बाजार में पहुंचने से पहले ही टीम ने मौके पर नष्ट करा दिया। अधिकारियों का कहना है कि खराब तरीके से रखी खाद्य सामग्री लोगों की सेहत के लिए खतरा बन सकती थी। 40 हजार से ज्यादा का तेल किया सीज जांच के दौरान 180 लीटर रिफाइंड सोयाबीन तेल भी खराब मिली है। इसकी अनुमानित कीमत 40,860 रुपए बताई गई है। टीम ने तेल को सीज कर दिया और इसके नमूने भी लिए। अब प्रयोगशाला की रिपोर्ट के आधार पर तय होगा कि तेल में किस तरह की गड़बड़ी थी।लाइसेंस नहीं दिखा सका संचालककार्रवाई के दौरान मिठाई इकाई संचालक से खाद्य कारोबार के लिए जरूरी लाइसेंस मांगा गया, लेकिन वह वैध लाइसेंस प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत इकाई को बंद करा दिया गया। विभाग का कहना है कि बिना लाइसेंस खाद्य कारोबार करना नियमों का उल्लंघन है।
धौलपुर-बाड़ी रोड पर हुए एक सड़क हादसे में कैंटर ड्राइवर की मौके पर ही मौत हो गई। यह दुर्घटना मिट्टी से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली और कैंटर के बीच आमने-सामने की टक्कर के कारण हुई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि मिट्टी से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली और कैंटर आमने-सामने से आ रहे थे, तभी उनमें टक्कर हो गई। भिड़ंत इतनी भीषण थी कि कैंटर का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और ड्राइवर उसमें फंस गया। राहगीरों ने पुलिस को सूचित किया और ड्राइवर को बाहर निकालने का प्रयास किया, लेकिन गंभीर चोटों के कारण उसकी घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई। सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को सड़क से हटाकर यातायात बहाल किया। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल की मॉर्च्युरी में भेजा गया। मृतक की पहचान उदयपुर निवासी रमेश चंद भील पुत्र चोगा भील के रूप में हुई है। पुलिस ने उनके परिजनों को हादसे की सूचना दे दी है। पुलिस ने दोनों वाहनों को जब्त कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। गुरुवार दोपहर बाद मृतक के परिजन धौलपुर पहुंचे। उनकी रिपोर्ट के बाद शव का पोस्टमार्टम कराया गया और परिजनों को सौंप दिया गया।
उन्नाव जिला जेल में रक्षाबंधन पर्व की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। शुक्रवार को मनाए जाने वाले रक्षाबंधन पर जेल प्रशासन ने विशेष पहल की है। जेल में बंद महिला कैदियों ने अपने हाथों से राखियां तैयार की हैं, जिन्हें देश की सीमा पर तैनात सेना के जवानों के लिए भेजा गया है। जेल अधीक्षक नीरज देव के मुताबिक, यह पहल जिलाधिकारी घनश्याम मीणा के सुझाव पर की गई। रक्षाबंधन पर जेल में बंद भाइयों से मिलने आने वाली बहनों के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। मुलाकात के दौरान उन्हें चंदन, टीका, रोली, राखी का धागा और मिठाई उपलब्ध कराई जाएगी। जेल अधीक्षक ने बताया कि रक्षाबंधन जेल के लिए महत्वपूर्ण पर्व है, क्योंकि इस दिन बड़ी संख्या में बहनें अपने भाइयों को राखी बांधने पहुंचती हैं। 800 पुरुष बंदी, बड़ी संख्या में पहुंचेंगी महिलाएं वर्तमान में उन्नाव जिला जेल में करीब 800 पुरुष बंदी निरुद्ध हैं। रक्षाबंधन के मौके पर इनसे मिलने और राखी बांधने के लिए बड़ी संख्या में महिलाओं के पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए जेल प्रशासन ने भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा के लिए विशेष तैयारियां की हैं। 10 महिला पुलिसकर्मी और SI की मांग जेल अधीक्षक ने बताया कि जेल में महिला पुलिसकर्मियों की संख्या पर्याप्त नहीं है। इसे देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से अतिरिक्त पुलिस बल उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है। रक्षाबंधन के दौरान करीब 10 महिला पुलिसकर्मियों और एक महिला सब-इंस्पेक्टर को विशेष ड्यूटी पर तैनात करने की मांग की गई है। जांच से लेकर मुलाकात तक रहेगी निगरानी विशेष पुलिस बल की मौजूदगी में मुलाकाती महिलाओं की जांच, प्रवेश और अन्य व्यवस्थाएं व्यवस्थित तरीके से कराई जाएंगी। जेल कर्मियों को भी अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, ताकि राखी बांधने और मुलाकात की प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से पूरी हो सके। सुधार और सकारात्मक गतिविधियों का संदेश जेल अधीक्षक नीरज देव ने बताया कि महिला बंदियों द्वारा बनाई गई राखियां सीमा पर तैनात जवानों तक भेजने का उद्देश्य जेल के भीतर सुधार और सकारात्मक गतिविधियों का संदेश समाज और जवानों तक पहुंचाना है। प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा के साथ-साथ बहनों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसका भी विशेष ध्यान रखा जाएगा।
मैनपुरी में मारपीट के बाद व्यक्ति की मौत:मोबाइल चोरी के आरोप, कमरे में फंदे पर मिला शव
मैनपुरी में मोबाइल चोरी के आरोप और मारपीट के बाद एक राजमिस्त्री की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। गुरुवार सुबह उसका शव घर के कमरे में फांसी के फंदे पर लटका मिला। परिजनों ने गांव के एक युवक पर मोबाइल चोरी का आरोप लगाकर चंद्रपाल के साथ मारपीट करने और उसकी मौत के लिए जिम्मेदार होने का आरोप लगाया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है। मामला कोतवाली क्षेत्र के पियारपुर गांव का है। मृतक की पहचान पियारपुर गांव निवासी चंद्रपाल पुत्र पोतीराम के रूप में हुई है। परिजनों के मुताबिक, गांव के गौरव पुत्र फूल सिंह का मोबाइल चोरी हो गया था। गौरव ने चंद्रपाल पर मोबाइल चोरी करने का शक जताया। आरोप है कि इसी बात को लेकर गुरुवार सुबह करीब 6 बजे चंद्रपाल के साथ मारपीट की गई। परिजनों का कहना है कि मारपीट के करीब ढाई घंटे बाद सुबह 8:30 बजे चंद्रपाल का शव उसके कमरे में फंदे पर लटका मिला। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को नीचे उतरवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। भाई ने लगाया मारपीट का आरोप मृतक के बड़े भाई रूपलाल ने आरोप लगाया कि मोबाइल चोरी के शक में चंद्रपाल को पीटा गया था। इसके बाद ही उसकी मौत हुई है। हालांकि, मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। परिजनों के अनुसार, चंद्रपाल राजमिस्त्री का काम करता था और इसी से परिवार का भरण-पोषण करता था। उसके दो बेटे और एक बेटी हैं, जो सभी नाबालिग हैं। परिजनों ने बताया कि चंद्रपाल शराब का सेवन करता था और इसी वजह से पत्नी से अक्सर विवाद होता था। घटना के समय उसकी पत्नी मायके में थी। जानकारी मिलने के बाद वह पोस्टमार्टम हाउस पहुंची और आरोपी युवक पर चंद्रपाल की हत्या का आरोप लगाया। पुलिस का कहना है कि मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत की वजह स्पष्ट होने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मिर्जापुर जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में एक समीक्षा बैठक की। इस दौरान बैठक से अभिहित अधिकारी खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन और परियोजना अधिकारी डूडा के अनुपस्थित रहने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व को दोनों अधिकारियों का एक दिन का वेतन रोकने का निर्देश दिया। समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने सीएम डैशबोर्ड राजस्व की 32 मदों और योजनाओं में जिले को 'ए' श्रेणी मिलने पर संतोष जताया। वहीं, उन्होंने 'सी' और 'डी' श्रेणी वाले विभागों की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्हें अगले माह तक सुधार लाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि अपेक्षित सुधार न होने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जिन 32 मदों में जिले को 'ए' श्रेणी प्राप्त हुई, उनमें डिजिशक्ति, राइट ऑफ वे, राजस्व लक्ष्य, भवन मानचित्रों की स्वीकृति, मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना सहायता योजना, मंडी आय व आवक, औषधि विक्रय लाइसेंस, खाद्य एवं औषधि नमूना कार्रवाई, अमृत-2, पीएम स्वनिधि, ट्रेड सर्टिफिकेट, कृषि भूमि से गैर कृषि, आय, जाति व अधिवास प्रमाण पत्र, एंटी भू-माफिया, भूलेख और निर्विवाद उत्तराधिकार शामिल हैं। खनन विभाग में निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष शत-प्रतिशत राजस्व प्राप्ति न होने पर जिलाधिकारी ने जिला खान अधिकारी को लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए। सभी उपजिलाधिकारियों को अंश निर्धारण के लंबित आवेदनों का अभियान चलाकर निस्तारण कराने को कहा गया। उन्होंने दैवीय आपदा में बेघर हुए लोगों की तहसीलवार समीक्षा कर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आवास के लिए संस्तुति भेजने के निर्देश भी दिए। आकाशीय बिजली प्रभावित क्षेत्रों में सर्वे कराकर लाइटनिंग अरेस्टर लगवाने और एंटी भू-माफिया अभियान तेज करने के निर्देश दिए गए। जाति प्रमाण पत्र के लंबित मामलों को प्राथमिकता से निस्तारित करने तथा 31 अगस्त तक सभी निर्विवाद उत्तराधिकार के लंबित मामलों को समाप्त करने के निर्देश भी दिए गए। इसके बाद कर-करेत्तर राजस्व की समीक्षा की गई, जिसमें स्टाम्प, आबकारी, विद्युत और परिवहन सहित विभिन्न विभागों की वसूली की स्थिति देखी गई। कम वसूली पर नाराजगी जताते हुए बड़े बकायेदारों को नोटिस जारी कर शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के निर्देश दिए गए। बैठक में अपर जिलाधिकारी विनोद कुमार सिंह, देवेंद्र प्रताप सिंह सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
रक्षाबंधन से एक दिन पहले ही गुरुवार को चित्तौड़गढ़ रोडवेज बस स्टैंड पर त्योहार की हलचल दिखाई देने लगी। सुबह से ही बड़ी संख्या में महिलाएं और परिवार बस स्टैंड पहुंचने लगे। इस बार राज्य सरकार ने महिलाओं और बालिकाओं के लिए 28 और 29 अगस्त को रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा दी है। हालांकि, फ्री यात्रा शुक्रवार से शुरू होगी, लेकिन गुरुवार को भी कई महिलाएं पहले ही सफर पर निकल गईं। कुछ महिलाएं भीड़ से बचने के लिए एक दिन पहले रवाना हुईं, जबकि कई लोग फ्री यात्रा शुरू होने से पहले बसों की स्थिति और भीड़ का अंदाजा लगाने बस स्टैंड पहुंचे। दो दिन फ्री में सफर कर सकेंगे चित्तौड़गढ़ आगार के प्रशासन प्रबंधक नरेश कुमार बोरीवाल ने बताया कि मुख्यालय के निर्देशानुसार 28 और 29 अगस्त को महिलाओं और बालिकाओं को रोडवेज की साधारण, एक्सप्रेस और डीलक्स बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलेगी। पहले यह सुविधा सिर्फ एक दिन के लिए रहती थी, लेकिन इस बार इसे बढ़ाकर दो दिन कर दिया गया है। इससे महिलाओं को अपनी सुविधा के अनुसार यात्रा करने का मौका मिलेगा और एक ही दिन ज्यादा भीड़ होने की संभावना भी कम होगी। हर साल रक्षाबंधन पर बड़ी संख्या में महिलाएं अपने मायके या भाई के घर जाने के लिए रोडवेज बसों का उपयोग करती हैं। जरूरत पड़ने पर और बसें भेजी जाएगी रोडवेज प्रशासन के अनुसार, चित्तौड़गढ़ की 72 बसें अलग-अलग रूटों पर नियमित रूप से चल रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि सभी प्रमुख रूटों पर लगातार नजर रखी जा रही है। जिस रूट पर यात्रियों की संख्या ज्यादा होगी, वहां तुरंत अतिरिक्त बसें भेजी जाएंगी। इसके लिए पहले से तैयारी कर ली गई है ताकि किसी भी यात्री को लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़े। डिपो प्रशासन का कहना है कि त्योहार के दौरान बसों का संचालन यात्रियों की संख्या के अनुसार किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त चालक और बसों की व्यवस्था भी की जाएगी। रोडवेज ने पूरी की तैयारी बोरीवाल ने बताया- सबसे ज्यादा भीड़ शुक्रवार और शनिवार को रहेगी, क्योंकि इन्हीं दो दिनों में महिलाओं को मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलेगी। ऐसे में चित्तौड़गढ़ से उदयपुर, भीलवाड़ा, निम्बाहेड़ा, प्रतापगढ़, कोटा और अन्य प्रमुख रूटों पर यात्रियों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में काफी ज्यादा रहने की संभावना है। रोडवेज ने सभी रूटों पर निगरानी बढ़ा दी है। अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुविधा उनकी पहली प्राथमिकता है। राजस्थान में ही लागू होगी यह व्यवस्था रक्षाबंधन पर महिलाओं और बालिकाओं को 28 अगस्त रात 12 बजे से 29 अगस्त रात 12 बजे तक राजस्थान राज्य की सीमा के अंदर रोडवेज की साधारण, एक्सप्रेस और ब्लू लाइन बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा मिलेगी। यह सुविधा सिर्फ राजस्थान में सफर करने तक ही मान्य होगी। अगर कोई महिला रोडवेज बस से दूसरे राज्य में यात्रा करती है तो राजस्थान की सीमा पार करने के बाद का किराया देना होगा। वहीं लग्जरी और वोल्वो जैसी प्रीमियम बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा नहीं मिलेगी। इन बसों में महिलाओं को किराए में 50 प्रतिशत की छूट दी जाएगी।
भागलपुर में एक वीडियो सामने आया है, जिसमें पुलिस एक शख्स की लाठी-डंडे और लात-मुक्के से पिटाई करती दिख रही है। मामला सजौर थाना क्षेत्र के सजौर बाजार स्थित वार्ड संख्या 6, शिव मंदिर के पास का है। आरोप है कि डायल 112 की टीम ने माता-पिता के साथ खड़े युवक की पिटाई की, जिसका सीसीटीवी फुटेज सामने आया है। 7 सेकंड में दरोगा विकास ने मुक्के से चार बार शख्स के चेहरे पर वार किया। वहीं, डायल 112 के ड्राइवर मनोज कुमार शख्स की लाठी से पिटाई करता दिखा। मारपीट के बाद पुलिस ने शख्स को हिरासत में ले लिया और थाना ले आई। दरअसल, मुख्तार शाह के घर में किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। उनके परिजनों ने डायल 112 की पुलिस को बुलाई थी। तभी पुलिस मुख्तार के घर से 20 मीटर पहले रुकी। दरवाजे पर पिता नरेश शाह, और माता के साथ खड़े अभिषेक को बुलाया। दरोगा अपनी पुलिस वाहन से नीचे उतरा और बिना कुछ बोले उसकी पिटाई शुरू कर दी। 7 सेकंड में दरोगा ने चार बार मुक्के से मारा, जबकि ड्राइवर मनोज जानवर की तरह लाठी से पीटता रहा। इस दौरान युवक गिर गया। घायल का भाई बोला- बिना किसी बात के जानवरों की तरह पीटा गया अभिषेक के भाई गोपाल शाह ने बताया कि अभिषेक माता-पिता के साथ घर के दरवाजे पर खड़ा था। पुलिस की गाड़ी मुख्तार शाह के घर जा रही थी। तभी मेरे भाई को पुलिस ने इशारा कर बुलाया। जब मेरा भाई पुलिस के पास गया तो उसे जानवर की तरह पीटने लगा। बाद में उसे अपने साथ थाना ले गई। आरोप है कि थाना में भी गौतम कुमार नाम के दारोगा ने उसकी जमकर पिटाई की, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। भाई ने आगे बताया की हम लोग 3 बजे थाना पर पहुंचे। जब पुलिसकर्मियों से गुहार लगाई कि भाई की कोई गलती नहीं है, उन्हें छोड़ दें, तब पुलिसकर्मी बार-बार धमकी देते रहे। साथ ही एक आवेदन लिखवाया, जिसमें कहा कि डायल 112 पुलिस पर कमेंट किया। इसी के आरोप में इसे डिटेन कर पूछताछ के लिए थाना पर लाया गया था। घायल अभिषेक का अस्पताल में चल रहा इलाज घायल अभिषेक का इलाज भागलपुर के मायागंज में चल रहा है। शरीर के कई हिस्सों में उन्हें चोट लगी है। भाई अरुण शाह ने बताया कि आज भाई का इलाज करा लेता हूं। कल मामले को लेकर SSP, आईजी और CM तक पत्र लिखकर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करेंगे। साथी ही CJM कोर्ट में मुकदमा भी दर्ज करवाएंगे। उन्होंने कहा कि भाई ने रात में खाना नहीं खाया, सिर्फ रो रहा है। शरीर के कई हिस्सों में चोट लगने के कारण उसकी स्थिति क्रिटिकल कंडीशन में बनी हुई है। मामले पर थानेदार से पक्ष जानने की कोशिश की। उन्होंने रिपोर्टर से ही कहा कि वीडियो भेज दीजिए। मुझे इस बात की जानकारी नहीं है।
फरीदकोट पुलिस ने 522 ग्राम हेरोइन के साथ गिरफ्तार किए गए तस्कर से अब 9 एमएम पिस्टल और 2 कारतूस भी बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार आरोपी से पूछताछ में सामने आए इनपुट के आधार पर हथियार बरामद किया गया है। इससे मामले में नशा तस्करी के साथ हथियारों के नेटवर्क की भी जांच शुरू हो गई है। एसएसपी गुरबंस सिंह बैंस ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि गिरफ्तार आरोपी की पहचान मोहनीबीर सिंह पुत्र अमरजीत सिंह, निवासी गांव राजोके, थाना खालड़ा, जिला तरनतारन के रूप में हुई थी। उसे सीआईए स्टाफ की टीम ने 24 अगस्त को गांव क्लेर के पास एनएच-54 स्थित बस स्टॉप से काबू कर उसके कब्जे से 522 ग्राम हेरोइन और बिना नंबर का काला एचएफ डीलक्स मोटरसाइकिल बरामद हुआ था। बैकवर्ड व फारवर्ड लिंक की जांच कर रही है: एसएसपी एसएसपी गुरबंस सिंह बैंस ने बताया कि पुलिस द्वारा आरोपी को अदालत में पेश कर रिमांड हासिल किया गया। रिमांड के दौरान पूछताछ में आरोपी की निशानदेही पर एक 9 एमएम पिस्टल और 2 कारतूस बरामद किए गए। पुलिस अब हथियार की सप्लाई और आरोपी के नशा तस्करी नेटवर्क से जुड़े बैकवर्ड व फारवर्ड लिंक की जांच कर रही है।
सोनभद्र में कनहर डैम से प्रभावित परिवारों की भूमि, पुनर्वास और अन्य लंबित मामलों के निस्तारण को लेकर जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक की। उन्होंने कनहर विभाग और संबंधित राजस्व अधिकारियों को प्रभावित परिवारों के मामलों का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध निस्तारण करने के निर्देश दिए। डीएम ने उप जिलाधिकारी ओबरा और दुद्धी को प्रभावित क्षेत्रों में भूमि की रजिस्ट्री, सत्यापन और अन्य औपचारिकताओं से जुड़े लंबित प्रकरणों को जल्द निस्तारित कराने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पात्र परिवारों को नियमानुसार मिलने वाले लाभ में किसी तरह की अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। बैठक में नहर निर्माण के लिए किसानों की भूमि क्रय से जुड़ी समस्याओं पर भी चर्चा हुई। डीएम ने अधिकारियों को भूमि क्रय से संबंधित मामलों का परीक्षण कर नियमानुसार समाधान कराने के निर्देश दिए। उन्होंने 1 से 15 सितंबर तक कनहर डैम से प्रभावित गांवों में राजस्व और कनहर विभाग की संयुक्त चौपालें आयोजित करने को कहा। चौपालों में अधिकारी मौके पर ग्रामीणों और प्रभावित परिवारों की भूमि, रजिस्ट्री, सत्यापन, पुनर्वास समेत अन्य समस्याएं सुनेंगे। मौके पर समाधान योग्य मामलों का निस्तारण किया जाएगा, जबकि अन्य प्रकरणों की निगरानी कर उन्हें समय से निपटाया जाएगा। डूब क्षेत्र से प्रभावित शेष 252 परिवारों को पुनर्वास पैकेज देने के लिए डीएम ने सत्यापन प्रक्रिया जल्द पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने सत्यापन में पारदर्शिता और निर्धारित प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित करने को कहा। डीएम ने कनहर डैम के शेष निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की और उन्हें जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने बांध की सुरक्षा के लिए आवश्यक पुलिस व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा स्थानीय लोगों के आवागमन के लिए उपयुक्त स्थान पर पुल निर्माण की संभावनाओं का सर्वे कराने को भी कहा। बैठक में मुख्य अभियंता कनहर, अधीक्षण अभियंता, अधिशासी अभियंता समेत राजस्व और कनहर विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
गोंडा के 17 वर्षीय क्रिकेटर लक्ष्य राय चंदानी को भारतीय अंडर-19 क्रिकेट टीम का कप्तान नियुक्त किया गया है। भाजपा नेता राजेश राय चंदानी के बेटे लक्ष्य ने गुरुवार शाम यह उपलब्धि हासिल की। कप्तान बनने की खबर मिलते ही परिवार और गोंडा के क्रिकेट प्रेमियों में खुशी की लहर दौड़ गई। इससे पहले लक्ष्य भारतीय अंडर-19 टीम में उप-कप्तान की भूमिका निभा चुके हैं। श्रीलंका में आयोजित अंडर-19 क्रिकेट टूर्नामेंट में उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए दोहरा शतक लगाया था। इस प्रदर्शन के बाद गोंडा लौटने पर परिवार और स्थानीय लोगों ने उनका जोरदार स्वागत किया था। लक्ष्य ने बताया कि बचपन से ही उनका सपना क्रिकेट के जरिए देश और माता-पिता का नाम रोशन करना था। उन्होंने 8 साल की उम्र में उत्तराखंड जाकर क्रिकेट अकादमी में प्रशिक्षण शुरू किया। उनके कोच अभिषेक कुमार ने उनके क्रिकेट करियर को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। राजनीतिक परिवार से ताल्लुक, खेल को बनाया करियर लक्ष्य राय चंदानी राजनीतिक परिवार से आते हैं। उनके बाबा तुलसीदास चंदानी भाजपा से जुड़े रहे हैं और गोंडा के पूर्व विधायक भी रह चुके हैं। उनकी मां लक्ष्मी राजेश राय चंदानी भी भाजपा से जुड़ी हैं। पिता राजेश राय चंदानी भी भाजपा नेता हैं। हालांकि, लक्ष्य ने राजनीति के बजाय क्रिकेट को अपना करियर चुना और अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं। लक्ष्य के भारतीय अंडर-19 टीम का कप्तान बनने पर गोंडा के जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों ने सोशल मीडिया के माध्यम से उन्हें और उनके परिवार को बधाई दी। पिता राजेश राय चंदानी ने कहा कि उनके बेटे ने श्रीलंका में शानदार प्रदर्शन कर परिवार और जिले का नाम रोशन किया था। अब कप्तान के रूप में वह देश का नाम भी रोशन करेगा। उन्होंने लक्ष्य को हर संभव सहयोग देने की बात कही। युवा क्रिकेटरों को दिए थे टिप्स बीते दिनों लक्ष्य के गोंडा पहुंचने पर जिले में क्रिकेट सीख रहे कई बच्चे उनसे मिलने पहुंचे थे। इस दौरान लक्ष्य ने बच्चों से बातचीत कर उन्हें क्रिकेट से जुड़े जरूरी टिप्स दिए थे। अब उनके भारतीय अंडर-19 टीम की कप्तानी संभालने से जिले के युवा क्रिकेटरों में भी उत्साह है।
मेरठ में रक्षाबंधन से पहले रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा शुरू होते ही गुरुवार को यात्रियों की भीड़ बढ़ गई। शहर से बाहर जाने वाली बसों के साथ शहर में आने वाली बसों में भी यात्रियों की संख्या सामान्य दिनों के मुकाबले अधिक रही। कई बसों में सीट पाने के लिए यात्रियों के बीच मारामारी जैसी स्थिति दिखाई दी। बस अड्डों पर सुबह से ही यात्रियों की भीड़ लगी रही। रक्षाबंधन पर बहनों के मायके जाने का सिलसिला शुरू होने के कारण बसों में सबसे ज्यादा दबाव नजर आया। मेरठ से दिल्ली, गाजियाबाद, हापुड़, बुलंदशहर, मुजफ्फरनगर, बिजनौर समेत आसपास के रूटों पर जाने वाली बसें यात्रियों से भरी रहीं। बस आते ही सीट के लिए दौड़ते दिखे यात्री बस अड्डे पर बस पहुंचते ही यात्री सीट पाने के लिए जल्दी चढ़ते नजर आए। सुबह के समय कई रूटों पर बसों में पैर रखने तक की जगह मुश्किल से मिली। वहीं, मेरठ आने वाली बसों में भी बड़ी संख्या में यात्री दिखाई दिए। मुफ्त यात्रा के कारण सामान्य दिनों की तुलना में बसों में यात्रियों की संख्या बढ़ी है। रोडवेज अधिकारियों के मुताबिक रक्षाबंधन को देखते हुए यात्रियों की सुविधा के लिए प्रमुख रूटों पर अतिरिक्त फेरे लगाए जा रहे हैं। ज्यादा भीड़ वाले रूटों पर बढ़ेंगे फेरे यात्रियों की संख्या पर रोडवेज अधिकारी लगातार नजर रख रहे हैं। जिन रूटों पर यात्रियों का दबाव अधिक है, वहां जरूरत के अनुसार बसों की संख्या और फेरे बढ़ाए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचाने के लिए अतिरिक्त व्यवस्था की जा रही है। रक्षाबंधन को देखते हुए गुरुवार के साथ शुक्रवार को भी बसों में यात्रियों की संख्या बढ़ने की संभावना है। ऐसे में बस अड्डों पर भीड़ और प्रमुख रूटों पर बसों में दबाव और बढ़ सकता है। रोडवेज की टीमें यात्रियों की संख्या के अनुसार बसों का संचालन सुनिश्चित करने में जुटी हैं।
दतिया जिले में हाईरिस्क गर्भवती महिलाओं के सुरक्षित प्रसव के लिए स्वास्थ्य विभाग अब संभावित डिलीवरी डेट से पहले ही उन्हें अस्पताल में भर्ती कराने की तैयारी करेगा। सुमन हेल्प डेस्क से प्रसव की संभावित तारीख से करीब 7 दिन पहले महिला के मोबाइल पर फोन कर अस्पताल में भर्ती होने की जानकारी दी जाएगी। इसका उद्देश्य प्रसव के दौरान अचानक होने वाली जटिलता की स्थिति में महिला को तत्काल उपचार उपलब्ध कराना है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, पिछले तीन साल में जिले में प्रसव के दौरान 58 मातृ मृत्यु दर्ज हुई हैं। इस साल अब तक 5 मातृ मृत्यु हो चुकी हैं। वहीं अगस्त तक 81 नवजात शिशुओं की मौत दर्ज की गई है। इन आंकड़ों के बाद हाईरिस्क गर्भवतियों की निगरानी बढ़ाई गई है। अनमोल पोर्टल से मिलेगी संभावित डिलीवरी डेटगर्भवती महिलाओं की जानकारी अनमोल पोर्टल पर दर्ज की जा रही है। महिला की आखिरी माहवारी की तारीख दर्ज करने पर पोर्टल संभावित प्रसव तारीख निकालता है। दो या उससे अधिक डिलीवरी हो चुकी महिलाओं, खून की कमी या बढ़े हुए बीपी वाली गर्भवतियों को हाईरिस्क श्रेणी में रखा जाता है। पोर्टल करीब 15 दिन पहले संभावित डिलीवरी डेट उपलब्ध करा देता है। इसके बाद टीम महिला से संपर्क कर करीब 7 दिन पहले अस्पताल में भर्ती कराने की तैयारी करती है। डेढ़ महीने में 200 हाईरिस्क प्रसवस्वास्थ्य विभाग का दावा है कि व्यवस्था का असर दिख रहा है। पिछले करीब डेढ़ महीने में 200 हाईरिस्क गर्भवती महिलाओं के सुरक्षित संस्थागत प्रसव कराए गए हैं। अस्पताल में पहले से भर्ती होने पर जटिलता आने पर डॉक्टर तत्काल उपचार शुरू कर सकते हैं और जरूरत पड़ने पर महिला को उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर किया जा सकता है। व्हाट्सएप ग्रुप से रियल टाइम निगरानीहाईरिस्क गर्भवतियों के लिए डीपी हेल्थ नाम से सोशल मीडिया ग्रुप बनाया गया है। इसमें संभावित डिलीवरी डेट वाली महिलाओं की जानकारी साझा होती है। जिला अस्पताल के चार नर्सिंग स्टाफ इसकी निगरानी करते हैं। किसी डिलीवरी सेंटर पर महिला के भर्ती होते ही ग्रुप में अपडेट किया जाता है। महिला अस्पताल नहीं पहुंचती तो टीम उससे संपर्क करती है। कलेक्टर इसकी निगरानी कर रहे हैं। मातृ या शिशु मृत्यु होने पर केस की समीक्षा भी की जाती है। सोमवार को टीएल बैठक के बाद स्वास्थ्य विभाग की अलग समीक्षा होती है। 20 बेड का अतिरिक्त वार्ड तैयार जिला अस्पताल की तीन मंजिला मेटरनिटी विंग में अतिरिक्त व्यवस्था की गई है। भूतल पर प्रसव पूर्व भर्ती होने वाली महिलाओं के लिए वार्ड तैयार है, जबकि प्रथम तल पर प्रसव के बाद महिलाओं के लिए 20 बेड का अतिरिक्त वार्ड बनाया गया है। इससे प्रसव पूर्व भर्ती के लिए बेड उपलब्ध रखने और प्रसव के बाद महिलाओं को अतिरिक्त वार्ड में शिफ्ट करने में मदद मिलेगी। शिशु मृत्यु दर 28 से घटकर 27डीआईओ डॉ. डीके सोनी के अनुसार, पिछले साल शिशु मृत्यु दर 28 थी, जो इस साल अगस्त तक 27 रही। पिछले साल पूरे वर्ष में करीब 280 बच्चों की मौत दर्ज हुई थी, जबकि इस साल अगस्त तक जन्म के समय या उसके बाद 81 शिशु मृत्यु दर्ज हुई हैं। सिविल सर्जन डॉ. केसी राठौर, जिला अस्पताल दतिया ने बताया कि हाईरिस्क गर्भावस्था में प्रसव के दौरान जटिलता का खतरा अधिक रहता है। घर पर प्रसव होने पर जोखिम और बढ़ जाता है। विभाग की कोशिश है कि संभावित प्रसव से पहले महिला अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों की निगरानी में प्रसव कराया जा सके और जरूरत पड़ने पर समय रहते उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर किया जा सके।
बलिया में मुख्यमंत्री के 29 अगस्त को प्रस्तावित जनपद दौरे के मद्देनजर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में गुरुवार दोपहर करीब दो बजे जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह और पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने तहसील बांसडीह अंतर्गत ग्राम गलाफरपुर स्थित प्रस्तावित कार्यक्रम स्थल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान, जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था, मुख्यमंत्री के स्वागत, कार्यक्रम की अन्य व्यवस्थाओं तथा हेलीपैड निर्माण की तैयारियों की विस्तृत जानकारी संबंधित अधिकारियों से ली। अधिकारियों ने मौके पर चल रहे विभिन्न कार्यों का निरीक्षण करते हुए उनकी प्रगति का भी अवलोकन किया। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यक्रम से जुड़ी सभी तैयारियां निर्धारित समय-सीमा में पूरी कर ली जाएं। उन्होंने कार्यक्रम स्थल पर व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित एवं सुचारु रखने के साथ-साथ सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखने को कहा। वहीं, पुलिस अधीक्षक ने सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने हेलीपैड निर्माण सहित कार्यक्रम स्थल पर चल रहे कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता पर विशेष जोर दिया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे को लेकर किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए और सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य पूरा करें। निरीक्षण के दौरान जिला प्रशासन के विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं संबंधित कर्मचारी उपस्थित रहे।
गोरखपुर के खोराबार थाना क्षेत्र में 19 साल की युवती के साथ साइबर क्राइम और छेड़खानी का मामला सामने आया है। आरोप है कि मौसेरी बहन के जरिए युवक से दोस्ती का दबाव बनाया गया और जब युवती ने मना किया। तब उसकी फोटो एडिट कर फर्जी इंस्टाग्राम आईडी से वायरल कर दी गई। इसके बाद से ही युवती स्कूल नहीं जा पा रही है। बताया जा रहा है कि वह इंटर की छात्रा है। पीड़िता की तहरीर पर बुधवार को खोराबार थाने में गंभीर धाराओं में मौसेरी बहन और उसके परिचित युवक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। ननिहाल में मिली मौसी की लड़कीखोराबार क्षेत्र की पीड़ित युवती ने बताया कि होली त्योहार में ननिहाल गई थी। वहां उसकी मुलाकात मौसी की लड़की से हुई। आरोप है कि वहां क्षेत्र का ही एक लड़का अक्सर मौसेरी बहन से मिलने आता-जाता था। मौसेरी बहन युवती पर पर युवक से बात करने का दबाव बनाने लगी। युवती ने मना कर उसे डांट दिया और अपने घर चली आई। स्कूल आते-जाते करता था पीछाआरोप है कि इसके बाद भी युवक ने पीछा नहीं छोड़ा। स्कूल आते-जाते रास्ते में छेड़खानी करने लगा। जब युवती नहीं मानी तो उसकी मौसेरी बहन के साथ मिलकर युवक ने साजिश रची। मौसेरी बहन ने युवती की फोटो युवक को दे दी। दोनों ने मिलकर उसके नाम से फर्जी इंस्टाग्राम आईडी बनाई। फोटो एडिट कर उस पर गंदे मैसेज लिखकर वायरल कर दिया। कॉल कर बना रहा शारीरिक संबंध का दबावपीड़िता ने बताया कि अलग-अलग नंबरों से उसे लगातार फोन कर युवक अश्लील बातें करता है। शारीरिक संबंध बनाने का भी दबाव बना रहा है। विरोध करने पर धमकी दे रहा है कि तुम्हारा रेप कर दूंगा, हत्या कर दूंगा। जब पीड़िता ने मौसेरी बहन से शिकायत की तो उसने कहा कि इंस्टा पर जो फोटो वायरल हुई है, वो तो सिर्फ ट्रेलर है, पिक्चर अभी बाकी है। अगर बात नहीं मानी तो और बदनाम कर दूंगी। स्कूल जाना छोड़ाइंस्टाग्राम पर गंदी फोटो वायरल होने के बाद युवती मानिसक रूप से परेशान हो गई। वह शर्म के मारे घर से बाहर नहीं निकल पा रही है और स्कूल जाना भी बंद कर दिया है। पुलिस ने दर्ज किया केसपीड़िता ने जनसुनवाई पोर्टल और थाने पर शिकायत की। खोराबार थानाध्यक्ष सुधांशु सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए FIR दर्ज किया। इस मामले की गहनता से जांच शुरू कर दी है।
गुरुग्राम में सेक्टर-71 स्थित सीएचडी एवेन्यू सोसाइटी में रहने वाली एक महिला ने संदिग्ध परिस्थितियों में सुसाइड कर लिया है। मृतका की पहचान कीर्तिमई मिश्रा के रूप में हुई है। वह रियल एस्टेट कंपनी स्मार्ट वर्ल्ड में काम करती थी और अपने पति युवराज शर्मा के साथ रहती थीं। उनके पति 'एयर इंडिया ट्रेनिंग एकेडमी' में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। यह दंपत्ति मूल रूप से ओडिशा के भुवनेश्वर का निवासी है। सूचना मिलने पर बादशाहपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लिया। बादशाहपुर थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है। पुलिस मृतका के पति से पूछताछ कर रही है ताकि घटना के पीछे के संभावित कारणों को समझा जा सके। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने और परिजनों से बातचीत के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। पुलिस मृतका के कार्यस्थल और व्यक्तिगत जीवन से जुड़े विभिन्न पहलुओं की भी जांच कर रही है। इस खबर को अपडेट किया जा रहा है……………
रक्षाबंधन से पहले मैहर के बाजारों में उमड़ी भीड़:जगह-जगह लगा जाम, ओवरब्रिज पर वाहनों की लंबी कतार
मैहर में रक्षाबंधन पर्व से एक दिन पहले गुरुवार को बाजारों में भारी भीड़ उमड़ पड़ी। दोपहर बाद खरीदारों की संख्या बढ़ने से सड़कों पर वाहनों का दबाव बढ़ गया, जिससे कई स्थानों पर यातायात प्रभावित हुआ और जाम लग गया। शुक्रवार को रक्षाबंधन होने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग गुरुवार को ही मैहर खरीदारी के लिए पहुंचे। बहनें अपने भाइयों के लिए राखी, मिठाई और अन्य आवश्यक सामान खरीदने बाजारों में आई थीं। सुबह से ही बाजारों में चहल-पहल शुरू हो गई थी, जो दोपहर बाद और तेज हो गई। शहर के एसबीआई चौक से ओवरब्रिज, कटरा बाजार और घंटाघर चौराहा सहित प्रमुख बाजारों में लोगों की भीड़ और वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। एसबीआई चौक से ओवरब्रिज तक वाहनों के अत्यधिक दबाव के कारण यातायात व्यवस्था कुछ समय के लिए पूरी तरह ठप हो गई। पैदल चलने वालों को भी भीड़ के कारण आवागमन में परेशानी हुई। जाम की सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिसकर्मियों ने यातायात व्यवस्था को संभाला और वाहनों को व्यवस्थित तरीके से निकलवाया। पुलिस की कड़ी मशक्कत के बाद ही यातायात को सुचारु रूप से बहाल किया जा सका। रक्षाबंधन के चलते शुक्रवार को भी बाजारों में भीड़ बढ़ने की संभावना है। ऐसे में शहर के प्रमुख बाजारों और चौराहों पर यातायात व्यवस्था बनाए रखना पुलिस और प्रशासन के लिए एक चुनौती रहेगा।
मिर्जापुर पुलिस ने अंतर्राज्यीय मादक पदार्थ तस्कर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। जिगना थाना पुलिस और एसओजी सर्विलांस की संयुक्त टीम ने गुरुवार को दो तस्करों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 40.545 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद किया। तस्करी में इस्तेमाल की गई एक चोरी की बोलेरो और एक अतिरिक्त नंबर प्लेट भी जब्त की गई। बरामद गांजा और बोलेरो की कुल अनुमानित कीमत लगभग 30 लाख रुपये बताई जा रही है। त्योहारों के मद्देनजर जिले में अपराधियों और मादक पदार्थों की तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए सघन वाहन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में 26 अगस्त की रात जिगना थाना पुलिस और एसओजी टीम प्रयागराज-मिर्जापुर हाईवे पर गोसीपुर नहर पुलिया के पास वाहनों की जांच कर रही थी। इस दौरान मिर्जापुर से प्रयागराज की ओर जा रही एक बोलेरो संदिग्ध प्रतीत हुई, जिसे पुलिस ने रोककर उसमें सवार दोनों व्यक्तियों से पूछताछ की। बोलेरो की तलाशी लेने पर उसकी छत में एक विशेष बॉक्स बनाकर गांजा छिपाया गया था। इस बॉक्स से 20 बंडलों में रखा 40.545 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। वाहन के भीतर सीट पर OD05AA0327 नंबर की एक पीली नंबर प्लेट भी मिली। आरोपियों के पास से दो मोबाइल फोन और 1,200 रुपये नकद भी जब्त किए गए। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान अंजनी लाल श्रीवास्तव (32) पुत्र स्व. रामचंदर लाल, निवासी शेरपुर, थाना औद्योगिक क्षेत्र, बक्सर, बिहार, और रविंद्र पांडेय (47) पुत्र स्व. लालदेव पांडेय, निवासी गुरुदास मठिया, थाना मुफस्सिल, बक्सर, बिहार के रूप में हुई है। पुलिस जांच में पता चला कि बोलेरो पर लगा नंबर उसके चेसिस और इंजन नंबर से मेल नहीं खा रहा था। गहन जांच के बाद वाहन का वास्तविक नंबर UP44AM3221 पाया गया। पुलिस के अनुसार, यह बोलेरो अप्रैल 2025 में अमेठी जिले के पीपरपुर थाना क्षेत्र से चोरी हुई थी, जिसके संबंध में पीपरपुर थाने में मुकदमा दर्ज है। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे चोरी की इस बोलेरो में गांजा छिपाकर छत्तीसगढ़ के प्रतापपुर से मांड़ा, प्रयागराज ले जा रहे थे। उन्होंने बताया कि वाहन मालिक ने उन्हें प्रयागराज में एक व्यक्ति से मिलने के लिए कहा था।
जहानाबाद में करंट लगने से लड़की की मौत:खेत से गुजर रही थी, ट्रांसफार्मर के स्ट्रेचर की चपेट में आई
जहानाबाद में बिजली के करंट लगने से एक 14 वर्षीय लड़की की मौत हो गई। यह घटना हुलासगंज थाना क्षेत्र के मिर्जापुर गांव में हुई। लड़की खेत के बगल से गुजर रही थी, तभी ट्रांसफार्मर के स्ट्रेचर में प्रवाहित बिजली की चपेट में आ गई। मृतक की पहचान कमलेश पासवान की पुत्री अनुष्का कुमारी (14 वर्ष) के रूप में हुई है। उसके चाचा दयानंद पासवान ने बताया कि अनुष्का के माता-पिता खेत में धान की निकोनी कर रहे थे। सदर अस्पताल जहानाबाद भेजा शव अनुष्का खेत के बगल से जा रही थी, जब वह ट्रांसफार्मर के स्ट्रेचर के संपर्क में आई। करंट लगने से अनुष्का खेत में गिर गई। आसपास खेत में काम कर रहे लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और उसे उठाकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हुलासगंज ले गए। हालांकि, डॉक्टरों ने वहां उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना स्थानीय पुलिस को दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल जहानाबाद भेज दिया। इस घटना के बाद अनुष्का के परिवार में मातम छा गया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। तारों को सही ढंग से व्यवस्थित नहीं किया - परिजन परिवार में रक्षाबंधन की तैयारियां चल रही थीं, लेकिन पर्व से एक दिन पहले हुई इस दुखद घटना ने पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ा दी है। मृतक के परिवार ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि ट्रांसफार्मर तो लगा दिया गया है, लेकिन उसके तारों को सही ढंग से व्यवस्थित नहीं किया गया है, जिसके कारण ऐसी घटनाएं हो रही हैं। परिजनों ने यह भी बताया कि उन्होंने बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों से इस संबंध में कई बार शिकायत की थी, लेकिन उनकी शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
पलामू जिले के हरिहरगंज थाना क्षेत्र में गुरुवार को एक तेज रफ्तार पिकअप वाहन की चपेट में आने से 10 वर्षीय स्वीटी कुमारी की मौत हो गई। यह घटना कौवाखोह स्थित मधुबन होटल के समीप एनएच-139 पर हुई। मृत बच्ची पिरोजी गांव निवासी मुकेश राम की पुत्री थी। श्रावण पूर्णिमा के अवसर पर बांसों-पिरोजी गांव से श्रद्धालु जल यात्रा निकाल रहे थे। यात्रा में शामिल लोग कटैया-बटाने नदी से जल लेकर सैकड़ों श्रद्धालुओं के साथ वापस लौट रहे थे, तभी यह हादसा हुआ। हरिहरगंज की ओर से छतरपुर जा रहे पिकअप ने जल यात्रा में शामिल स्वीटी को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बच्ची सड़क से दूर जा गिरी और गंभीर रूप से घायल हो गई। जल यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं और आसपास के लोगों ने तत्काल घायल बच्ची को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पहुंचाया। वहां ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ. राजेश कुमार ने जांच के बाद बच्ची को मृत घोषित कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पिकअप काफी तेज गति से आ रहा था। लोगों ने चालक को वाहन रोकने का इशारा भी किया, लेकिन उसने वाहन नहीं रोका। हादसे के बाद आक्रोशित लोगों ने वाहन को रोककर चालक को पकड़ लिया और उसकी पिटाई कर दी। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने चालक को भीड़ से बचाकर इलाज के लिए अस्पताल भेजा। घटना से आक्रोशित लोगों ने मुआवजे की मांग को लेकर नेशनल हाईवे जाम कर दिया। इस दौरान कई राजनीतिक दलों के नेता, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए। सूचना मिलने पर अंचलाधिकारी (सीओ) और थाना प्रभारी दल-बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने लोगों को समझाकर जाम हटवाया, जिसके बाद लगभग तीन घंटे बाद आवागमन बहाल हो सका।
महेंद्रगढ़ पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने करीब 1.99 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए पांचवें आरोपी दमन कपूर निवासी मंडी (हिमाचल प्रदेश) को मोहाली (पंजाब) से गिरफ्तार किया है। आरोपी को अदालत में पेश कर तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया, जिसके दौरान उसने 5 लाख रुपए लौटाए, जबकि शेष 15 लाख रुपए वापस करने का लिखित एग्रीमेंट दिया। रिमांड अवधि पूरी होने के बाद अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया। फैक्ट्री लगाने का दिया झांसा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक फैजल खान ने बताया कि मामले की शिकायत 25 फरवरी 2026 को झगड़ौली निवासी विनोद कुमार ने दर्ज कराई थी, जो राजकीय आईटीआई नारनौल में प्रधानाचार्य हैं। शिकायतकर्ता के अनुसार मीर सिंह, उसके पुत्र आशुतोष और उनके साथियों ने उन्हें अच्छी जमीन दिलाने, एमएसएमई योजना के तहत बैंक से लोन दिलवाने और फैक्ट्री स्थापित कराने का झांसा दिया। आरोपियों ने भरोसा दिलाया कि यदि जमीन नहीं मिली तो पूरी रकम ब्याज सहित लौटा दी जाएगी। जमीन में निवेश का लालच दिया शिकायतकर्ता ने बताया कि आरोपियों ने बाद में कोलकाता स्थित 'एंजल इंडस्ट्री' में निवेश का लालच भी दिया और बेहतर मुनाफे का दावा किया। जमीन, निवेश और अन्य योजनाओं के नाम पर शिकायतकर्ता और उसके परिवार से करीब 1 करोड़ 99 लाख रुपए ले लिए। जब रकम वापस मांगी गई तो आरोपी संपर्क से बचने लगे और कथित रूप से जान से मारने व परिवार का अपहरण करने की धमकी भी दी। 20 लाख हुए थे ट्रांसफर जांच में सामने आया कि शिकायतकर्ता की दी गई राशि में से 20 लाख रुपए दमन कपूर के बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए थे। पुलिस इससे पहले मीर सिंह, उसके पुत्र आशुतोष, राकेश और सुमित कुमार को गिरफ्तार कर चुकी है। अब दमन कपूर की गिरफ्तारी के साथ इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या पांच हो गई है। मुख्य आरोपी के खिलाफ 15 मामले पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपियों के खिलाफ महेंद्रगढ़ जिले में धोखाधड़ी के पांच मामले दर्ज हैं, जबकि हरियाणा के अन्य जिलों और पड़ोसी राज्यों में भी करीब 10 अन्य मुकदमे लंबित हैं। पुलिस आरोपियों की संपत्तियों, वित्तीय लेन-देन और कोलकाता स्थित कंपनी से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। साथ ही आमजन से अपील की गई है कि किसी भी प्रकार की आर्थिक या साइबर ठगी होने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें, ताकि समय रहते कार्रवाई कर धनराशि की रिकवरी सुनिश्चित की जा सके।
अंबेडकरनगर के कृषि विभाग में प्राविधिक सहायकों की कमी से जूझ रहे जिले को बड़ी राहत मिली है। विभाग में 40 नए प्राविधिक सहायकों की तैनाती की गई है। इससे जिले में कार्यरत प्राविधिक सहायकों की संख्या 26 से बढ़कर 66 हो जाएगी। नई तैनाती से किसानों तक कृषि योजनाओं और तकनीकी जानकारी पहुंचाने के काम में तेजी आने की उम्मीद है। जिले में प्राविधिक सहायकों के कुल 110 पद स्वीकृत हैं। इसके मुकाबले अब तक केवल 26 सहायक ही तैनात थे। कर्मचारियों की कमी के कारण विभागीय कार्यों के साथ किसानों को तकनीकी सलाह और सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाने में भी दिक्कत आ रही थी। 44 पद अभी भी खाली 40 नए सहायकों की तैनाती के बाद भी जिले में 44 पद रिक्त रहेंगे। हालांकि, नई नियुक्तियों से मैदानी स्तर पर कृषि विभाग की कार्यप्रणाली को काफी मजबूती मिलने की उम्मीद है। प्राविधिक सहायकों के माध्यम से किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक, बीज और उर्वरकों के उचित इस्तेमाल, फसल में कीट एवं रोग नियंत्रण और सरकार की विभिन्न कृषि योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। इससे किसानों को योजनाओं का लाभ लेने और खेती से जुड़ी समस्याओं के समाधान में भी मदद मिलेगी। उप कृषि निदेशक अश्वनी कुमार सिंह ने गुरुवार को बताया कि 40 नए प्राविधिक सहायकों की तैनाती से कर्मचारियों की कमी काफी हद तक दूर होगी। इससे किसानों तक विभागीय सेवाएं और योजनाओं की जानकारी अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचाई जा सकेगी।
नेपाल में आई बाढ़ में भिवानी के गांव बड़सी निवासी डॉक्टर प्रियंका चौधरी लापता हो गई। जिसके पिता रमेश ओला जिला परिषद के पूर्व चेयरमैन रहे हैं। वहीं डॉ. प्रियंका अपने साथी डॉक्टरों की टीम के साथ घूमने के लिए गई थी। वहीं लापता होने से करीब एक-डेढ़ घंटे पहले परिवार से वीडियो कॉल पर बात भी हुई थी। उस दौरान डॉ. प्रियंका ने परिवार को बताया था कि वह कई स्थानों पर घूम चुकी हैं और अब दूसरे स्थानों पर घूमने के लिए जाएंगी। डॉ. प्रियंका के चचेरे भाई गांव बड़सी निवासी विनोद ओला ने बताया कि उसके ताऊ भिवानी जिला परिषद के पूर्व चेयरमैन रमेश ओला फिलहाल छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में रहते हैं। उसके ताऊ को 2 बच्चे (छोटा बेटा व बड़ी बेटी हैं)। बेटी प्रियंका चौधरी फिनलैंड में डॉक्टर हैं और वहां पर ही शादीशुदा हैं। जो अपने 60-70 डॉक्टरों की टीम के साथ 13 अगस्त को नेपाल घूमने के लिए आई थी। डॉ. प्रियंका की लापता होने से करीब एक-डेढ़ घंटे पहले परिवार के साथ वीडियो कॉल पर बात हुई थी। लेकिन बाढ़ आने के बाद से कोई भी संपर्क नहीं हो पा रहा। विनोद ओला ने बताया कि डॉ. प्रियंका रक्षाबंधन पर घर आनी थी। उनकी 26 अगस्त को टिकट भी थी और वह रक्षाबंधन पर अपने घर बिलासपुर (छत्तीसगढ़) पहुंचनी थी। डॉक्टरों की टीम के साथ घूमने आई थीपूर्व जिला परिषद अध्यक्ष बरसी निवासी रमेश ओला की बेटी डॉ. प्रियंका चौधरी जो कि अपने 60 से 70 डॉक्टरों की टीम के साथ नेपाल में घूमने के लिए आई थी। बाढ़ के बाद उनसे कोई संपर्क नहीं हो रहा। जिसके चलते परिजनों में बेचैनी है। डॉ. प्रियंका चौधरी का मोबाइल स्विच ऑफ आ रहा है। विनोद ने बताया कि घरवालों को चिंता सता रही है कि कहीं कोई अनहोनी न घट जाए। वहीं विनोद ने बताया कि डॉ. प्रियंका चौधरी पिछले कुछ सालों से अपने परिवार सहित फिनलैंड में रह रही थी।
नेपाल में आई आपदा के बाद गाजियाबाद जिला प्रशासन ने कंट्रोल रूम जारी किया है। यह उन लोगों की मदद के लिए कंट्रोल रूम शुरू किया है, जो नेपाल में फंसे हो सकते हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि यदि उनके कोई परिजन नेपाल में हैं, या फंसे हैं या उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है तो तुरंत कंट्रोल रूम को सूचना दें। इन नंबरों पर कॉल करें मदद के लिए टोल-फ्री नंबर 1077 जारी किया गया है। इसके अलावा 0120-2989032 और 0120-2989034 लैंडलाइन नंबरों पर भी संपर्क किया जा सकता है। जरूरत पड़ने पर 9971465532 मोबाइल नंबर पर भी जानकारी दी जा सकती है। जिला प्रशासन का कहना है कि प्राप्त होने वाली हर सूचना को तत्काल उच्च स्तर और संबंधित राहत टीमों तक पहुंचाया जाएगा, ताकि नेपाल में फंसे गाजियाबाद के नागरिकों को जल्द से जल्द जरूरी सहायता मिल सके। प्रशासन ने प्रभावित परिवारों से धैर्य बनाए रखने और किसी भी आपात स्थिति में दिए गए नंबरों पर संपर्क करने की अपील की है। एडीएम वित्त अंजनी कुमार ने सभी से अपील करते हुए कहा कि सभी धैर्य बनाए रखें और किसी भी आपात स्थिति में इन नंबरों पर संपर्क करें।
राजस्थान में निकाय चुनाव की तैयारियां जोरों पर हैं। राज्य निर्वाचन आयोग ने निर्धारित नामांकन प्रक्रिया गुरुवार से शुरू हो गई है। आयोग ने 27 से 31 अगस्त तक नामांकन की तारीख तय की गई है। लेकिन बीच में रक्षाबंधन और रविवार का अवकाश होने के कारण नामांकन केवल तीन दिनों 27, 29 और 31 अगस्त को ही दाखिल किए जा सकेंगे। 31 अगस्त लास्ट डेट है। श्रीगंगानगर में बनाए तीन काउंटर श्रीगंगानगर जिला परिषद में नामांकन पत्र जमा करवाने के लिए तीन काउंटर बनाए गए हैं। एक काउंटर पर करीब 20 वार्ड, दूसरे पर लगभग 20 वार्ड और तीसरे पर करीब 25 वार्डों के प्रत्याशियों के नामांकन लिए जा रहे हैं। पहले दिन (गुरुवार) को शाम 4 बजे तक उमीदवारों ने सिर्फ नामांकन पत्र भरने के लिए ही लिए, शुल्क दिया और रसीद ली। इसके बाद फार्म भरने का तरीका समझा। पहले दिन भीड़, सुरक्षा कड़ी नामांकन शुरू होते ही जिला परिषद परिसर में चुनावी सरगर्मी दिखी। पहले दिन नामांकन पत्र लेने वालों की अच्छी-खासी भीड़ उमड़ी। प्रत्याशी और उनके समर्थक तैयारियों के साथ परिसर पहुंचे। प्रशासन ने प्रक्रिया को व्यवस्थित रखने के लिए जरूरी इंतजाम किए। परिसर और आसपास पुलिस का पर्याप्त बल तैनात है। नामांकन के दौरान किसी तरह की अव्यवस्था न हो, इसके लिए सुरक्षा पर विशेष नजर रखी जा रही है। नामांकन के लिए तीन दिन मिलने से प्रत्याशियों के सामने औपचारिकताएं तेजी से पूरी करने की चुनौती है। राजनीतिक दलों के आधिकारिक उम्मीदवारों के साथ-साथ स्वतंत्र दावेदार भी सक्रिय हो गए हैं।
पलवल के फाटनगर गांव में एक ग्रामीण सफाई कर्मचारी और उसके परिवार पर हमला करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि ड्यूटी के दौरान जातिसूचक गालियां देने का विरोध करने पर पहले सफाई कर्मचारी से मारपीट की गई, फिर हथियारबंद भीड़ ने उसके घर पर पथराव किया। इस घटना में परिवार के कई सदस्य घायल हुए हैं। हसनपुर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हसनपुर थाना प्रभारी इमरोज हैदर के अनुसार, फाटनगर निवासी धर्मवीर ने शिकायत में बताया कि वह गांव में सफाई कर्मचारी के पद पर कार्यरत है। सुबह जब वह गांव में साफ-सफाई कर रहा था, तभी गांव के चरण, भजन और भरत सिंह ने उस पर जातिसूचक टिप्पणी करते हुए अभद्रता की। आरोपियों ने उसे गालियां दीं और थप्पड़ों व लात-घूंसों से मारपीट की। रात को एकत्रित होकर पहुंचे 25-30 लोग, किया पथराव शोर सुनकर आसपास के लोगों ने बीच-बचाव कर धर्मवीर को बचाया, जिसके बाद आरोपी जान से मारने की धमकी देकर चले गए। इसी रंजिश के चलते रात के समय जब धर्मवीर परिवार के साथ सोने की तैयारी कर रहा था, तभी करीब 25 से 30 लोग लाठी-डंडे, फरसे, बल्लम और अवैध हथियार लेकर उसके घर में जबरन घुस आए। हमलावरों ने घर में मौजूद लोगों पर हमला कर दिया और ईंट-पत्थरों से जमकर पथराव किया। इस हमले में धर्मवीर के भाई सतवीर और भाभी इन्द्रवती गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि बच्चों सहित परिवार के अन्य सदस्यों को भी चोटें आईं। पीड़ित परिवार ने तत्काल डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घायलों को बचाया। हालांकि, आरोपी पुलिस के सामने ही भविष्य में जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।
पंजाब सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों और लंबे समय से लंबित मांगों को पूरा न करने के खिलाफ 'मुलाजिम-पेंशनर संयुक्त तालमेल कमेटी' के आह्वान पर विभिन्न कर्मचारी संगठनों का गुस्सा फूट पड़ा। वीरवार को बड़ी संख्या में एकत्रित हुए कर्मचारियों ने धर्मकोट के तहसील कॉम्प्लेक्स में एकत्रित होकर पंजाब सरकार के खिलाफ जोरदार रोष प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने सरकार की वादाखिलाफी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और पंजाब सरकार का पुतला फूंका। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए प्रमुख मुलाजिम नेताओं प्रगटजीत सिंह किशनपुरा, जज्जपाल सिंह बाजेके, सोहन सिंह और गुरमीत सिंह ढोलेवाला ने पंजाब सरकार पर तीखे आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सरकार कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की जायज मांगों को हल करने की बजाय लगातार टालमटोल की नीति अपना रही है। चुनाव से पहले किए गए वादों को अमलीजामा न पहनाने के कारण आज पूरे सूबे के कर्मचारी वर्ग में भारी रोष और निराशा का माहौल है। प्रमुख मांगें-जिन पर रहा जोर मांगें न मानने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी मुलाजिम नेताओं ने पंजाब सरकार को दो टूक शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की इन जायज मांगों का जल्द से जल्द कोई ठोस समाधान नहीं निकाला गया, तो इस संघर्ष को आने वाले दिनों में और अधिक उग्र तथा तेज किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी पंजाब सरकार और प्रशासन की होगी। इस विशाल प्रदर्शन में शिक्षा विभाग सहित विभिन्न सरकारी विभागों के कर्मचारियों और महिला साथियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। मौके पर रणजीत सिंह, हरलीन सिंह, पवनदीप सिंह, जगदीप सिंह, गुरविंदर शादिवाला, गुरमीत सिंह धर्मकोट, बलजीत सिंह, सुरेश कुमार, गुरिंदरजीत सिंह, सोनिया, हरप्रीत कौर, मनजिंदर कौर, बलराज कौर, मनप्रीत कौर, मनदीप कौर, अमरदीप शर्मा, अमनदीप सिंह, सुजेस मिश्रा, गनीश पब्बी, प्रभदीस कौर, मदन गोपाल, मनप्रीत सिंह, परवीन कुमार, इंद्रप्रीत सिंह, अमित कुमार, पवन कुमार, संदीप सिंह, सरप्रीत सिंह, आशू गांधी, गुलाब सिंह, पंकज सेतिया, साजन ग्रोवर, हरजिंदर सिंह, अनमोल सिंह, जगमीत सिंह, सुखविंदर सिंह, दर्शन सिंह, करण सिंह, हीना रानी, सरबजीत कौर, कृष्णा रानी और नेहा रानी सहित बड़ी संख्या में मुलाजिम साथी उपस्थित रहे।
जौनपुर के उच्च प्राथमिक विद्यालय कबिरुद्दीनपुर में गुरुवार को रक्षाबंधन का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। दोपहर करीब 1 बजे जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) समीर के विद्यालय पहुंचने पर छात्र-छात्राओं में उत्साह देखने को मिला। बच्चों ने बीएसए की कलाई पर राखी बांधकर रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं। बच्चों के स्नेह से अभिभूत बीएसए समीर ने उन्हें आशीर्वाद देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने छात्र-छात्राओं से संवाद कर शिक्षा के प्रति सजग रहने, अनुशासन का पालन करने और मेहनत के साथ जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। देखिए 3 तस्वीरें… बीएसए ने कहा कि बच्चों को पढ़ाई के साथ अच्छे संस्कार और अनुशासन को भी अपने जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए। उनके प्रेरणादायी संबोधन से बच्चों में उत्साह नजर आया। विद्यालय परिवार ने बीएसए के आगमन को प्रेरणादायी क्षण बताया। इस दौरान विंध्यवासिनी उपाध्याय, पूर्व ईआरपी महेंद्र यादव और प्रधानाध्यापक अचल हरिमूर्ति समेत विद्यालय परिवार के अन्य सदस्य मौजूद रहे। इस कार्यक्रम के अंत में विद्यालय परिवार की ओर से क्षेत्रवासियों, अभिभावकों और बच्चों को रक्षाबंधन पर्व की शुभकामनाएं दी गईं।
खगड़िया में मिनी गन फैक्ट्री का खुलासा:मुंगेर के 2 समेत 3 गिरफ्तार, हथियार और उपकरण बरामद
खगड़िया के महेशखूंट थाना क्षेत्र के हरदयाल नगर बन्नी में पुलिस ने एक अवैध मिनी गन फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में मुंगेर जिले के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के टिकारामपुर बिहारी मरर टोला निवासी नवीन कुमार यादव, मिर्जापुर बरदह निवासी मो. बाबर और महेशखूंट थाना क्षेत्र के हरदयाल नगर बन्नी निवासी सुलेखा देवी शामिल हैं। खगड़िया एसपी भानु प्रताप सिंह ने बताया कि जिले में अवैध हथियारों के निर्माण और तस्करी के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में पुलिस को हरदयाल नगर बन्नी में मिनी गन फैक्ट्री संचालित होने की गुप्त सूचना मिली थी। 6,300 रुपए कैश भी जब्त किए गए सूचना के आधार पर डीआईयू और स्थानीय थाना पुलिस की टीम ने सुलेखा देवी के घर और उसके पीछे स्थित केलाबाड़ी में छापेमारी की। छापेमारी के दौरान पुलिस ने एक देसी कट्टा, दो अर्धनिर्मित पिस्टल, दो पिस्टल बैरल, पिस्टल के चार स्प्रिंग और हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाली भट्टी, ड्रिल मशीन, दो लेथ मशीन, रेलवे की कटी हुई लोहे की पटरी, रेती, आरी, लोहे का कटर, पिलास, हथौड़ी, ड्रिल रॉड सहित बड़ी संख्या में उपकरण बरामद किए। इसके अतिरिक्त, तीन मोबाइल फोन, एक मोटरसाइकिल और 6,300 रुपये नकद भी जब्त किए गए हैं। एसपी ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में नवीन कुमार यादव को इस मिनी गन फैक्ट्री का मुख्य सरगना बताया गया है। मो. बाबर के खिलाफ पहले से चार आपराधिक मामले दर्ज - SP उसने मो. बाबर को हथियार बनाने के लिए काम पर रखा था। पुलिस के अनुसार, बाबर लंबे समय से हथियार बनाने वाले कारीगर के रूप में सक्रिय था। पूछताछ में यह भी सामने आया है कि तैयार हथियारों को खगड़िया, मुंगेर और बेगूसराय जैसे आसपास के जिलों में सप्लाई किया जाता था। एसपी ने यह भी बताया कि मो. बाबर के खिलाफ पहले से चार आपराधिक मामले दर्ज हैं और वह पूर्व में जेल जा चुका है। उसके खिलाफ मुंगेर के मुफ्फसिल व बरियारपुर तथा लखीसराय के सूर्यगढ़ा थाने में आर्म्स एक्ट समेत अन्य धाराओं में मामले दर्ज हैं। सप्लाई से जुड़े नेटवर्क की जानकारी जुटा रही पुलिस अन्य दोनों आरोपियों के आपराधिक इतिहास की भी पुलिस जांच कर रही है। पुलिस के मुताबिक इस तरह की मिनी गन फैक्ट्री किसी स्थायी स्थान पर लंबे समय तक संचालित नहीं की जाती। इसे आमतौर पर 10 से 15 दिनों के लिए अस्थायी रूप से चलाने के बाद दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया जाता है। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर हथियार निर्माण और सप्लाई से जुड़े नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है। इस मामले में महेशखूंट थाना कांड संख्या 157/26, दिनांक 26 अगस्त 2026 दर्ज किया गया है। आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है। तीनों गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय के माध्यम से जेल भेजने की कार्रवाई की जा रही है। छापेमारी दल में महेशखूंट थानाध्यक्ष सह पुलिस निरीक्षक मिथलेश कुमार, पुलिस अवर निरीक्षक प्रमोद कुमार, डीआईयू खगड़िया, एसटीएफ (SOG-03) की टीम तथा सशस्त्र बल शामिल रहे।
नालंदा के करायपरसुराय थाना पुलिस ने अवैध हथियारों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक मिनी गन फैक्ट्री पकड़ी है। पुलिस ने अगारपर गांव में छापेमारी कर भारी मात्रा में हथियार बनाने के उपकरण, अर्द्धनिर्मित राइफल और अन्य सामग्री बरामद की है। इस मामले में पुलिस ने अवैध हथियारों का निर्माण और खरीद-बिक्री करने वाले मुख्य आरोपी रंजीत बिंद को गिरफ्तार कर लिया है। हिलसा डीएसपी रंजन कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि देर रात करायपरसुराय थानाध्यक्ष सुशील पासवान को गुप्त सूचना मिली थी कि अगारपर गांव निवासी रंजीत बिंद अपने घर में छुपकर अवैध रूप से देसी हथियारों का निर्माण कर रहा है और उसे बेचने का गोरखधंधा चला रहा है। इस सटीक सूचना के बाद थानाध्यक्ष ने सशस्त्र बल के साथ आरोपी के घर की घेराबंदी कर सघन तलाशी अभियान चलाया। बालू और मिट्टी में गाड़ कर रखे गए थे हथियार और औजार छापेमारी के दौरान पुलिस को चकमा देने के लिए आरोपी ने हथियार बनाने के सामान को बालू और मिट्टी में गाड़ कर रखा था। पुलिस ने जब खुदाई कर तलाशी ली तो वहां से 24 प्रकार के हथियार बनाने के औजार और कलपुर्जे बरामद हुए। बरामद सामानों में मुख्य रूप से एक लोहे की अर्द्धनिर्मित राइफल (मैगजीन लगी हुई), लोहे के 6 बैरल, लकड़ी के 3 राइफल बट, राइफल की बॉडी, 2 लोहे की मैगजीन, 6 मैगजीन स्प्रिंग शामिल हैं। इसके अलावा हथियारों पर नंबर गुदवाने के लिए A से Z तक और '' मार्क वाले 27 लोहे के पंच भी मिले हैं। पुलिस ने मौके से एक हैंड ब्लोअर, बॉश कंपनी की कटर मशीन, रेती, हथौड़ी, रुखानी, छेनी, मास्टर रिंच और अन्य छोटे-बड़े कलपुर्जे भी जब्त किए हैं। आर्म्स एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज, पुलिस टीम को मिली कामयाबी डीएसपी रंजन कुमार ने बताया कि इस मामले में रंजीत बिंद को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके खिलाफ करायपरसुराय थाने में शस्त्र अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर इस गिरोह से जुड़े अन्य तस्करों की जानकारी जुटा रही है। इस सफल छापेमारी दल का नेतृत्व थानाध्यक्ष सुशील पासवान कर रहे थे। टीम में सब-इंस्पेक्टर राजेश कुमार यादव, एएसआई संतन कुमार, सिपाही नीरज सहनी, राजा कुमार सहित कई अन्य सशस्त्र बल शामिल थे।
लखीसराय के उरैन में ईद-ए-मिलाद-उन-नबी का आयोजन, मौलाना अमानुल्लाह कासमी ने दिया शांति का संदेश
27 अगस्त, गुरुवार: लखीसराय के उरैन में ईद-ए-मिलाद-उन-नबी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मौलाना अमानुल्लाह कासमी ने भाईचारे, शांति और आपसी सौहार्द का संदेश दिया। आयोजन में बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया और समाज में अमन-चैन बनाए रखने की अपील की।
इटावा के विधि छात्र प्रबल प्रताप सिंह ने जेल से रिहा होने के बाद गुरुवार दोपहर करीब 1 बजे पहली बार मीडिया से बातचीत की। उन्होंने न्यायिक व्यवस्था में बदलाव और न्यायिक भ्रष्टाचार खत्म करने की मांग को लेकर राष्ट्रीय न्याय व्यवस्था परिवर्तन यात्रा निकालने की घोषणा की। यात्रा 4 सितंबर 2026 को प्रयागराज से शुरू होकर करीब 1000 किलोमीटर की दूरी तय करेगी और 4 नवंबर को नई दिल्ली के फिरोजशाह कोटला मैदान में समाप्त होगी। सुप्रीम कोर्ट में प्रदर्शन के बाद गए थे जेल प्रबल प्रताप करीब एक महीने पहले सुप्रीम कोर्ट में साइबर फ्रॉड से जुड़े मुद्दे को लेकर चर्चा में आए थे। आरोप है कि अदालत की कार्यवाही के दौरान उन्होंने तत्कालीन सीजेआई को अपशब्द कहे और पेपर फेंका था। मामले में उनके खिलाफ कार्रवाई की गई और उन्हें जेल भेज दिया गया था। जेल से बाहर आने के बाद उन्होंने अपने उस कदम और आगे की रणनीति को लेकर मीडिया से बातचीत की। भगत सिंह से जोड़ा अपना विरोध प्रबल प्रताप ने कहा कि उन्होंने अपनी बात देशभर तक पहुंचाने के उद्देश्य से सुप्रीम कोर्ट में विरोध दर्ज कराया था। उन्होंने अपने कदम की तुलना भगत सिंह के विरोध से करते हुए कहा कि जिस तरह भगत सिंह ने अपनी आवाज देश तक पहुंचाने के लिए संसद में प्रतीकात्मक विरोध किया था। इसी तरह वह भी न्याय व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को देशभर के लोगों तक पहुंचाना चाहते थे। हालांकि, उनके इस कदम के बाद एक सिपाही की ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया और उन्हें जेल जाना पड़ा। 4 सितंबर से शुरू होगी पदयात्रा अब प्रबल प्रताप राष्ट्रीय न्याय व्यवस्था परिवर्तन यात्रा के जरिए न्यायिक व्यवस्था में बदलाव की मांग को लेकर लोगों के बीच जाएंगे। उनके अनुसार, यात्रा 4 सितंबर को प्रयागराज के चंद्रशेखर आजाद पार्क से शुरू होगी। करीब 60 दिनों तक चलने वाली पदयात्रा का समापन 4 नवंबर को दिल्ली के फिरोजशाह कोटला मैदान में प्रस्तावित है। इन जिलों से होकर गुजरेगी यात्रा यात्रा प्रयागराज से शुरू होकर प्रतापगढ़, रायबरेली, लखनऊ, हरदोई, शाहजहांपुर, बरेली, रामपुर, मुरादाबाद, अमरोहा, बिजनौर, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर से होकर आगे बढ़ेगी। इसके बाद यात्रा हरियाणा में प्रवेश करेगी। कुरुक्षेत्र, करनाल, पानीपत और सोनीपत होते हुए पदयात्रा दिल्ली पहुंचेगी। आयोजकों के दस्तावेज में यात्रा की कुल दूरी करीब 1000 किलोमीटर बताई गई है। अदालतों और शिक्षण संस्थानों में करेंगे संपर्क यात्रा के दौरान रास्ते में आने वाले जिलों के जिला एवं सत्र न्यायालयों, तहसीलों और गांवों में लोगों से संपर्क किया जाएगा। विश्वविद्यालयों और डिग्री कॉलेजों सहित उच्च शिक्षण संस्थानों में भी अधिवक्ताओं, कानून के छात्रों और आम लोगों के बीच न्याय व्यवस्था से जुड़े मुद्दे उठाए जाएंगे। आयोजकों का कहना है कि अभियान के जरिए इन मुद्दों पर जनसमर्थन जुटाने का प्रयास किया जाएगा। न्याय व्यवस्था में बदलाव प्रमुख मांग यात्रा के दस्तावेज में न्यायपालिका में लोकतांत्रिक व्यवस्था स्थापित करने, न्यायपालिका को संसद के बराबर ताकतवर बनाने और न्यायिक भ्रष्टाचार खत्म करने को प्रमुख उद्देश्य बताया गया है। यात्रा के दौरान इन मुद्दों को लेकर जनजागरण अभियान चलाने की बात कही गई है। आयोजकों ने सभी कार्यक्रम शांतिपूर्ण और कानूनसम्मत तरीके से आयोजित करने का दावा किया है। चार चरणों में पूरी होगी यात्रा यात्रा को चार चरणों में बांटा गया है। पहले चरण में प्रयागराज से लखनऊ, दूसरे चरण में लखनऊ से शाहजहांपुर होते हुए सहारनपुर, तीसरे चरण में हरियाणा के विभिन्न जिलों से होते हुए दिल्ली और अंतिम चरण में नई दिल्ली के फिरोजशाह कोटला मैदान में समापन प्रस्तावित है। प्रबल प्रताप सिंह ने कहा कि उनका उद्देश्य न्याय व्यवस्था से जुड़े अपने विचारों को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाना है।
धौलपुर में दो स्थानों पर चुनाव बहिष्कार की घोषणा:टाइगर रिजर्व रद्द करने और गली की बदहाली पर नाराजगी
धौलपुर में आगामी नगरपालिका और पंचायती राज चुनावों के बहिष्कार का निर्णय लिया गया है। यह फैसला धौलपुर-करौली टाइगर रिजर्व को रद्द करने की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच सर्व समाज की बैठक में लिया गया। आंदोलनकारियों का कहना है कि समस्याओं का समाधान न होने पर चुनाव बहिष्कार के जरिए विरोध दर्ज कराया जाएगा। आंदोलनकारियों का आरोप है कि वन विभाग की पाबंदियों के कारण नगरपालिका क्षेत्र में मकान, दुकान और प्लॉट के पट्टे जारी नहीं हो पा रहे हैं। उन्हें टाइगर रिजर्व परियोजना के नाम पर जमीनों के अधिग्रहण की भी आशंका है। लोगों का कहना है कि यह आंदोलन केवल जमीन बचाने तक सीमित नहीं है, बल्कि मकान, दुकान, जमीन और क्षेत्र की सभ्यता-संस्कृति को बचाने की लड़ाई है। बसंतपुरा मोड़ पर चल रहे धरना-प्रदर्शन को मजबूती देने के लिए चुनाव बहिष्कार का आह्वान किया गया है। इसी बीच, धौलपुर नगर परिषद के वार्ड संख्या 8 में भी कॉलोनीवासियों ने मतदान बहिष्कार का ऐलान किया है। वे गली की बदहाल स्थिति से नाराज हैं। स्थानीय लोगों ने विरोध दर्ज कराने के लिए गली के दोनों छोरों पर बड़े-बड़े बैनर लगाए हैं। कॉलोनीवासियों के अनुसार, गली में निकलने का रास्ता नहीं बचा है। कीचड़ और गंदगी के कारण आवागमन में भारी परेशानी हो रही है। बारिश में स्थिति और बिगड़ जाती है। लोगों का आरोप है कि कई बार शिकायत के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया है। इस प्रकार, एक ओर टाइगर रिजर्व के मुद्दे पर क्षेत्र के लोगों ने चुनाव बहिष्कार का निर्णय लिया है, वहीं दूसरी ओर वार्ड 8 के निवासियों ने स्थानीय विकास कार्यों में अनदेखी से नाराज होकर मतदान से दूरी बनाने की चेतावनी दी है। दोनों ही मामलों में लोगों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी समस्याओं पर गंभीरता से विचार नहीं किया जाता, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।
छतरपुर के जनक विहार कॉलोनी में सागर रोड की सड़क बारिश के बाद खराब हो गई है। जमुनिया पुल के पास कच्ची सड़क पर गहरे गड्ढे हैं। इनमें पानी और कीचड़ भरा है। इससे रहवासियों और स्कूली बच्चों को परेशानी हो रही है। हाल ही में इस रास्ते से गुजर रही एक स्कूल वैन गहरे गड्ढे में फंस गई। वैन को निकालने के लिए चालक के साथ स्कूली बच्चों को भी धक्का लगाना पड़ा। बारिश के कारण सड़क पर जगह-जगह कीचड़ है। पानी भरने से गड्ढों की गहराई का पता नहीं चलता। इससे वाहन चालकों को परेशानी होती है और हादसे का खतरा बना रहता है। कुछ गड्ढे चार फीट तक गहरे रहवासियों के अनुसार, इस रास्ते से रोजाना स्कूल वैन, बाइक और पैदल लोग गुजरते हैं। उनका कहना है कि कई जगह गड्ढे चार फीट तक गहरे हो गए हैं। जनक विहार कॉलोनी में 200 से ज्यादा मकान हैं। इनमें 100 से ज्यादा मकानों के लिए नगर पालिका से अनुमति भी ली गई है। इसके बावजूद कॉलोनी की मुख्य सड़क अब तक पक्की नहीं हुई है। सड़क पक्की कराने की मांग रहवासियों ने प्रशासन से सड़क की मरम्मत कराने की मांग की है। उन्होंने सड़क को पक्का कराने की भी मांग की है। उनका कहना है कि इससे स्कूली बच्चों और आम लोगों को बारिश में होने वाली परेशानी से राहत मिलेगी।
सासाराम में पहाड़ चीरकर बनाई जाएगी टनल, वाराणसी-कोलकाता एक्सप्रेसवे का एलाइनमेंट फिर बदलेगा?
वाराणसी-कोलकाता एक्सप्रेसवे का बिहार में अलाइनमेंट फिर बदलने वाला है। बिहार सरकार ने सासाराम में पहाड़ काटकर टनल बनाने का प्रस्ताव दिया है। इस प्रोजेक्ट की शुरुआत में भी टनल बनाने का प्रस्ताव था, लेकिन उसे ड्रॉप करके पहाड़ के बगल से सड़क गुजारने का फैसला लिया गया था।
शैक्षणिक सत्र 2024 और 2025 में रेवाड़ी के 9 टीचर स्टेट अवार्ड के लिए चुने गए हैं। जिनमें शामिल 3 महिलाओं में जिला में सबसे कम उम्र की प्राचार्या माया यादव भी शामिल है। 2024 में जब स्टेट अवार्ड के लिए नाम भेजे गए, तब कोसली स्कूल में कार्यरत माया देवी अब भाकली स्कूल की प्राचार्या हैं। स्टेट अवार्ड के लिए चुनी गई बाकी दो महिलाएं प्राइमरी टीचर्स हैं। एक साथ आई 2 साल की सूची हरियाणा शिक्षा निदेशालय ने 26 अगस्त को 2024 और 2025 स्टेट अवार्डियों शिक्षकों की दो सूची जारी की। 2025 में 38 और 2024 में की सूची में 40 शिक्षकों को चुना गया है। जिनमें 2025 में रेवाड़ी के एक महिला सहित 3 और 2024 में दो महिलाओं सहित 6 नाम शामिल है। जानिए किस स्कूल से किसे चुना शिक्षा निदेशालय की 2024 के स्टेट अवार्डियों की सूची में जिला में सबसे कम उम्र की राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय भाकली स्कूल की प्राचार्या माया यादव, राजकीय माध्यमिक विद्यालय भठसाना के टीजीटी साइंस विनोद कुमार, राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल ततारपुर इस्तमुरार के टीजीटी हिंदी मुकेश कुमार, शहीद धर्म सिंह सीनियर सेकेंडरी स्कूल लूखी के सी$वी मुकेश, राजकीय प्राथमिक पाठशाला चांदूवास के राज कुमार और राजकीय प्राइमरी स्कूल की टीचर टीना कुमारी का नाम शामिल है। 2025 की सूची में शहीद रावस्वरूप सीनियर सेकेंडरी स्कूल कंवाली के पीजीटी पोल्टिकल साइंस प्रदीप कुमार, राजकीय मॉडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल बीकानेर के टीजीटी अंग्रेजी मुकेश कुमार और प्राइमरी स्कूल मामड़िया अहीर की शिक्षिका स्नेहता शामिल हैं। ्र नृत्य एवं संगीत में विशेष रूचि गांव जुड्डी निवासी प्राचार्या माया यादव के पति रविंद्र कुमार शिक्षा विभाग में कार्यरत हैं। संस्कृत प्रवक्ता के पद पर रहते हुए छात्राओं को विभिन्न प्रतियोगिताओं में स्टेट लेवल तक पहुंचाने में अहम योगदान रहा। नृत्य एवं संगीत में विशेष रूचि है। कोसली स्कूल में इंचार्ज रहते हुए स्कूल के सौदर्यकरण के लिए निजी कोष से एक लाख रुपए देने के साथ अन्य का भी सहयोग लिया। 2019 में भटसाना स्कूल आए गांव पाल्हावास निवासी विनोद कुमार 2019 में भटसाना स्कूल में आए। उसी साल स्कूल सौदर्यकरण में प्रथम रहा। 21-22 में स्कूल इंजार्च रहे। स्कूल स्वच्छता में प्रथम, विज्ञान प्रदर्शनी में टॉप 5 स्कूलों में शामिल रहा। 2019 व 2025 में मुख्यमंत्री सौंदर्यकरण में जिले में प्रथम रहा। 21 में जिला सतर पर स्वच्छ विद्यालय प्रतियोगिता में जिले में प्रथम रहा। अपने कार्यकाल में स्कूल में ग्रामीणों के सहयोग से 4 लाख रुपए खर्च किए। मीडिल स्कूल होते हुए यहां उच्च श्रेणी की साइंस लैब है।
छिंदवाड़ा में बढ़ती महंगाई के विरोध में कांग्रेस ने गुरुवार को प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने शहर के प्रमुख मार्गों से रैली निकाली और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ‘वाह रे मोदी तेरा खेल, खा गया शक्कर, पी गया तेल’ जैसे नारे लगाए। नेताओं ने महंगाई के विरोध में दुकानदारों के बीच चुटकी भर शक्कर भी बांटी और सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। गैस, पेट्रोल और शक्कर के दाम बढ़ने का आरोप कांग्रेस शहर अध्यक्ष सोनू मांगो ने कहा कि रसोई गैस, पेट्रोल और शक्कर सहित रोजमर्रा की जरूरतों की चीजों के दाम बढ़ने से आम जनता परेशान है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार महंगाई पर नियंत्रण करने में विफल रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय गैस सिलेंडर के दाम में मामूली बढ़ोतरी पर भी भाजपा नेता प्रदर्शन करते थे। उस समय स्मृति ईरानी सिलेंडर लेकर प्रदर्शन करती थीं और पेट्रोल के दाम बढ़ने पर शिवराज सिंह चौहान साइकिल चलाते थे। अब महंगाई बढ़ने के बावजूद भाजपा नेता चुप हैं। दाम कम नहीं हुए तो बड़े आंदोलन की चेतावनी कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यदि सरकार रसोई गैस, पेट्रोल और शक्कर के दाम कम नहीं करती है तो आने वाले दिनों में आम जनता के साथ मिलकर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। सोनू मांगो ने कहा कि कांग्रेस महंगाई के मुद्दे को लेकर आगे भी सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करेगी। प्रदर्शन में महिला कांग्रेस जिला अध्यक्ष सरला सिसोदिया श्रीवास्तव, एनएसयूआई जिला अध्यक्ष अपेक्षा सूर्यवंशी, किरण चौधरी, जिला प्रवक्ता नितिन उपाध्याय सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
चिन्मय मिशन के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में चिन्मय अमृत यात्रा गुरुवार को पुणे से लखनऊ पहुंची। विपुल खंड स्थित आईएमआरटी कॉलेज परिसर में श्रद्धालुओं ने स्वागत किया। यात्रा का उद्देश्य स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती के ज्ञान, दर्शन और संदेश को जन-जन तक पहुंचाना है। यात्रा 295 दिनों की है और गुरुवार को इसका 240वां दिन रहा। अब यात्रा के 55 दिन शेष हैं। करीब 35 हजार किलोमीटर की यह यात्रा देश के 23 राज्यों से होकर विभिन्न चिन्मय मिशन केंद्रों तक पहुंच रही है। इसका समापन 25 अक्टूबर को दिल्ली में होगा। कौशिक चैतन्य महाराज ने बताया कि यात्रा में चार वाहन शामिल हैं। इनमें चिन्मय अमृत वाहिनी और टेम्पल ऑन व्हील्स प्रमुख हैं। टेम्पल ऑन व्हील्स में स्वामी चिन्मयानंद से जुड़ी स्मृतियां सुरक्षित रखी गई हैं। इनमें उनके वस्त्र, पादुका, छड़ी, घड़ी, डायरी और अन्य स्मृति-चिह्न शामिल हैं। वही, यात्रा के स्वागत बाद कॉलेज परिसर में श्रीमद्भगवद्गीता के महत्व पर भी चर्चा हुई। गीता के 700 श्लोकों के ज्ञान को सरल और जनसुलभ बनाने के लिए गीता पंचामृत सहित विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। सनातन वैदिक धर्म के लिए अतुलनीय कार्य किया कौशिक चैतन्य महाराज ने कहा कि चिन्मय वाहिनी यात्रा चिन्मय मिशन की 75 वर्ष की गौरवशाली यात्रा हैं। पूज्य गुरुदेव स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती के योगदान को यात्रा के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि गुरुदेव ने भारत और सनातन वैदिक धर्म के लिए अतुलनीय कार्य किया। यात्रा भारत के साथ दुनिया के विभिन्न चिन्मय मिशन केंद्रों तक भी पहुंच रही है। इस मौके पर सुधीर चैतन्य, तारिणी चैतन्य, पंकज अग्रवाल और प्रदीप कुमार मिश्रा समेत सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
आजमगढ़ के कुशहा गांव में घर के बाहर गोबर फेंकने को लेकर विवाद हो गया। देखते ही देखते कहासुनी गाली-गलौज और फिर मारपीट में बदल गई। आरोप है कि तीन लोगों ने पहले मोहम्मद तैय्यब के साथ मारपीट की। पिता को पीटने की जानकारी मिलने पर पहुंचे बेटे मोहम्मद सैफ पर भी लाठी-डंडों से हमला कर दिया गया। हमले में उसके सिर में गंभीर चोट आई। आरोपियों ने जान से मारने की धमकी भी दी। मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। उनके पास से घटना में इस्तेमाल लाठी-डंडे भी बरामद किए गए हैं। गोबर फेंकने से रोका, गाली-गलौज के बाद पीटा कुशहा गांव निवासी मोहम्मद सैफ ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसके पिता मोहम्मद तैय्यब घर से भैंस का गोबर बाहर फेंक रहे थे। इसी दौरान अबू हम्जा ने उन्हें गोबर बाहर फेंकने से मना किया। इसी बात को लेकर गाली-गलौज शुरू हो गई। आरोप है कि विरोध करने पर अबू हम्जा, अतिकुर्रहमान उर्फ अतीक और मोहम्मद उमर ने मोहम्मद तैय्यब के साथ मारपीट कर दी। पिता को पीटने की खबर मिली तो बेटा पहुंचा सैफ को जब पिता के साथ मारपीट की जानकारी हुई तो वह अपने दोस्त मोहम्मद सारिक के साथ मौके पर पहुंचा। उसने आरोपियों से घटना के बारे में पूछताछ की। आरोप है कि इससे नाराज तीनों आरोपियों ने सैफ पर भी लाठी-डंडों से हमला कर दिया। हमले में सैफ के सिर में गंभीर चोट आई। ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर बीच-बचाव किया, जिसके बाद आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए वहां से भाग गए। दो आरोपी गिरफ्तार, हथियार बरामद पीड़ित की तहरीर पर फूलपुर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की। पुलिस के मुताबिक, मोहम्मद उमर और अतिकुर्रहमान उर्फ अतीक को इब्राहिमपुर मोड़ के पास से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने दोनों आरोपियों के कब्जे से घटना में इस्तेमाल हथियार भी बरामद किए हैं। पुलिस दोनों को न्यायालय में पेश कर रही है, जहां से उन्हें जेल भेजा जाएगा। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
गणपति नाका पुलिस ने अर्टिगा चोरी का खुलासा किया है। पुलिस ने एक आरोपी को मुंबई के कुर्ला से गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से चोरी की कार भी बरामद हुई है। कार की कीमत करीब 7 लाख रुपए है। वारदात में शामिल उसका साथी अभी फरार है। गेट का ताला काटकर चुराई थी कार घटना 22 अगस्त की है। जयस्तंभ निवासी सहजीम खान ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उनकी सफेद अर्टिगा (एमएच 47 एएस 2405) आरके ऑटो डील में खड़ी थी। बदमाशों ने गेट का ताला कटर से काट दिया। इसके बाद कार चोरी कर ले गए। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया। सीसीटीवी से मिला सुराग एसपी आशुतोष बागरी ने जांच के लिए टीम बनाई। टीआई कमल सिंह पवार के नेतृत्व में टीम ने जांच शुरू की गई। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले और तकनीकी साक्ष्य भी जुटाए। फुटेज में दो संदिग्ध नजर जो बस स्टैंड स्थित जनता होटल में रुके थे। यहां से उन्होंने कार की रेकी की थी। पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई। इसके बाद मुंबई के कुर्ला से शेख नासीर अली को पकड़ा गया। वह मूल रूप से चांदपुर, बिजनौर का रहने वाला है। वर्तमान में मुंब्रा, मुंबई में रहता है। पुराने मालिक के यहां करता था काम पूछताछ में नासीर ने चोरी कबूल कर ली। उसने साथी के साथ वारदात करना बताया। जांच में पता चला कि अर्टिगा के पुराने मालिक शेख मोहम्मद के यहां नासीर काम करता था। उसने करीब डेढ़ साल पहले नौकरी छोड़ दी थी। नौकरी छोड़ने से पहले उसने कार की डुप्लीकेट चाबी बनवा ली थी। जीपीएस की मदद से चोरी आरोपी ने चोरी से पहले कार का जीपीएस एक्टिवेट कराया। इसके बाद उसने कार की लोकेशन पता की। वह करीब सात-आठ दिन पहले बुरहानपुर आया था। एक लॉज में रुक कर उसने कई दिनों तक कार डील की रेकी की। इसके बाद अपने साथी के साथ मिलकर चोरी की। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर अर्टिगा बरामद कर ली है। कार की कीमत करीब 7 लाख रुपए है। साथी अभी फरार वारदात में शामिल इनायत उल्ला अभी फरार है। उसकी उम्र 40 साल है। वह कुर्ला फिनिक्स मॉल चाल, मुंबई का रहने वाला है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ जारी है।
नशा तस्करों की अवैध कमाई से अर्जित संपत्तियों पर शिकंजा कसते हुए टिब्बी पुलिस ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई की। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट की धारा 68 एफ के तहत ग्राम पंचायत गुड़िया में नशा तस्कर सिकंदर खान के भाई सुहेल खान के नाम दर्ज 249 वर्गगज क्षेत्रफल के रिहायशी मकान को फ्रीज कर दिया। अब पुलिस प्रशासन की अनुमति के बिना इस संपत्ति का किसी भी प्रकार का लेन-देन नहीं किया जा सकेगा। खरीद-फरोख्त और गिरवी रखने पर रोक पुलिस के अनुसार, गुड़िया गांव में स्थित यह रिहायशी मकान करीब 249 वर्गगज क्षेत्रफल में बना है। संपत्ति फ्रीज किए जाने के बाद इसे पुलिस प्रशासन की अनुमति के बिना बेचना, खरीदना, गिरवी रखना या किसी अन्य व्यक्ति के नाम उपहार में देना गैर-कानूनी होगा। आदेश का उल्लंघन करने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सिकंदर पर दर्ज हैं करीब आधा दर्जन मामले टिब्बी थानाधिकारी राकेश सांखला ने बताया कि कार्रवाई का उद्देश्य नशा तस्करी से अर्जित धन से बनाई गई संपत्तियों पर रोक लगाना और तस्करों की आर्थिक गतिविधियों को कमजोर करना है। नशा तस्कर सिकंदर खान के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत करीब आधा दर्जन मामले दर्ज हैं। पुलिस अब तस्करी से जुड़े नेटवर्क और उससे अर्जित अन्य संपत्तियों की भी गहन जांच कर रही है। पुलिस प्रशासन की अनुमति के बिना नहीं होगा लेन-देन संपत्ति फ्रीज करने की कार्रवाई थानाधिकारी राकेश सांखला के नेतृत्व में की गई। पुलिस के इस कदम से संबंधित संपत्ति पर मालिकाना हक के सामान्य इस्तेमाल के बजाय उसके हस्तांतरण और वित्तीय लेन-देन पर कानूनी रोक प्रभावी हो गई है। नशा तस्करों की संपत्तियां रडार पर एसपी बी. आदित्य के निर्देशन में जिले में नशा तस्करों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि एनडीपीएस मामलों में आरोपियों की अवैध कमाई और उससे बनाई गई संपत्तियों को चिन्हित कर नियमानुसार कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
कैथल के गांव बरसाना में हत्या के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने शराब पीकर झगड़ा करके अपने दोस्त की छाती में चाकू मारकर हत्या कर दी थी। झगड़ा पत्नी को अपशब्द कहने पर हुआ था। बाद में वह मौके से फरार हो गया था। पकड़े गए आरोपी की पहचान शेरोपट्टी वार्ड नंबर 3 जिला सीतामढ़ी बिहार निवासी विजय साहनी के रूप में हुई है। सभी पी रहे थे शराब गांव बरसाना निवासी सोहन लाल कि शिकायत अनुसार उसके खेत में ट्यूबवेल कमरा व बरामदा बना हुआ है। जहां बिहार से मजदूरी करने के लिए आए मजदूर रहते हैं। उसके खेत में काम करने वाले मजदूरों में जिला सीतामढ़ी बिहार रंजीत साहनी, मनोज दाश, अभिमन्यु साहनी, विजय साहनी व सुबोध साहनी रहते थे। 24 अगस्त को शाम करीब साढ़े सात बजे वह अपने खेत में फसल देखने गया था। उस समय सभी मजदूर आपस में शराब पी रहे थे। सुबोध साहनी व विजय साहनी अलग बैठकर शराब पी रहे थे। शराब पीते समय किसी बात को लेकर सुबोध साहनी व विजय साहनी में झगड़ा हो गया और वे एक-दूसरे को थप्पड़-मुक्के मारने लगे। इसी दौरान विजय साहनी ने अपने हाथ में लिए हुए चाकू से सुबोध साहनी की छाती पर वार कर दिया। चाकू लगने से सुबोध नीचे गिर गया। उसके शोर मचाने पर विजय साहनी चाकू सहित मौके से जीरी की फसल में से भाग गया। उसने व अन्य मजदूरों ने आरोपी को पकड़ने का प्रयास किया। वारदात में प्रयुक्त चाकू बरामद इसके बाद उसने गांव के सरपंच व अन्य मौजिज व्यक्तियों को उक्त वारदात की सूचना देने पहुंचा तथा पुलिस को भी घटना की जानकारी दी। जिसके बाद सुबोध साहनी के पास पहुंचे और देखा कि सुबोध की मृत्यु हो चुकी हैं। इस बारे में थाना पूंडरी में मामला दर्ज कर लिया गया। आरोपी के कब्जे से वारदात में प्रयुक्त चाकू को बरामद कर लिया गया। पुलिस प्रवक्ता प्रवीन श्योकंद ने बताया कि आरोपी विजय साहनी ने पूछताछ के दौरान बताया कि शराब पीते समय सुबोध साहनी ने उसकी पत्नी के बारे में गलत शब्द बोले व गाली गलौच की थी। इस कारण उनके बीच झगड़ा हो गया तथा उसने विजय साहनी को चाकू मारा था। आरोपी के कब्जे से वारदात में प्रयुक्त चाकू बरामद कर लिया गया। आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
टीकमगढ़ में गुरुवार को कांग्रेस ने बढ़ती महंगाई के विरोध में भाजपा सरकार के खिलाफ गांधी चौराहे पर प्रदर्शन किया। यह विरोध प्रदर्शन विधायक यादवेंद्र सिंह के नेतृत्व में आयोजित किया गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इस दौरान गैस सिलेंडर के बढ़े दामों का विरोध किया। उन्होंने आमजन के बीच शक्कर की पुड़िया बांटकर महंगाई के मुद्दे पर सरकार के प्रति अपना आक्रोश व्यक्त किया। शक्कर की पुड़िया को बताया रक्षा बंधन गिफ्ट विधायक यादवेंद्र सिंह ने लोगों को शक्कर की पुड़िया देते हुए कहा कि यह भाजपा सरकार की ओर से रक्षाबंधन का उपहार है। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने बताया कि लगातार बढ़ती महंगाई से आम आदमी का घरेलू बजट बिगड़ गया है। रसोई गैस और रोजमर्रा की जरूरतों की वस्तुओं के बढ़ते दामों ने मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गांधी चौराहे पर भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए महंगाई पर नियंत्रण करने की मांग की। विधायक यादवेंद्र सिंह ने सरकार से आम जनता की परेशानियों को गंभीरता से लेते हुए महंगाई से राहत देने के लिए ठोस कदम उठाने का आग्रह किया। इस प्रदर्शन में जिला कांग्रेस अध्यक्ष नवीन साहू, संगठन महासचिव संजय नायक, ब्लॉक अध्यक्ष अनीस अहमद, नगर कांग्रेस अध्यक्ष गौरव शर्मा, इसरार मोहम्मद, लक्ष्मण रैकवार, अंकित जैन, राजीव जैन, नीतेश बिलगैया, फरीद खान, सनी सोनी, कर्मेंद्र व्यास, देवी अहिरवार, विजय यादव और अभिषेक जैन सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
नूंह जिले के तावडू उपमंडल में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने बिजली निगम के एक असिस्टेंट लाइनमैन (ALM) को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान बावल निवासी राकेश के रूप में हुई है, जो हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) के तहत बिजली विभाग में कार्यरत था। एसीबी इंस्पेक्टर मदन कुमार के अनुसार, आरोपी ALM ने तावडू क्षेत्र में एक टायर पेस्टिंग की दुकान में थ्री-फेस बिजली मीटर लगवाने के लिए 50 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। शिकायतकर्ता से बातचीत के बाद यह सौदा 45 हजार रुपए में तय हुआ। एसीबी की टीम ने जांच की, बिछाया जाल शिकायत मिलने के बाद एसीबी टीम ने मामले की जांच शुरू की और आरोपी को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। तय योजना के तहत शिकायतकर्ता ने आरोपी को 20 हजार रुपए की रिश्वत दी। जैसे ही आरोपी ने यह रकम ली, एसीबी टीम ने मौके पर पहुंचकर उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई के दौरान डीएचओ अब्दुल रज्जाक ड्यूटी मजिस्ट्रेट के रूप में मौजूद रहे। एसीबी टीम ने आरोपी के कब्जे से रिश्वत की रकम बरामद कर ली है और उसे हिरासत में लेकर आगे की पूछताछ शुरू कर दी है। आरोपी से पूछताछ कर रही टीम एसीबी अब इस बात की जांच कर रही है कि थ्री-फेस मीटर लगवाने के लिए आरोपी ने किस आधार पर रिश्वत की मांग की थी। साथ ही, यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस पूरे मामले में बिजली विभाग के किसी अन्य कर्मचारी या अधिकारी की कोई भूमिका है या नहीं। एसीबी की इस कार्रवाई के बाद बिजली विभाग में हड़कंप मच गया है। एसीबी ने स्पष्ट किया है कि सरकारी काम के बदले रिश्वत मांगने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
कैमूर के ग्राम कबार में संत शिरोमणि गुरु रविदास की 650वीं जयंती पर 'श्री गुरु संत रविदास विकास शिविर' का आयोजन किया गया। जिला पदाधिकारी (डीएम) ने बेतरी पंचायत के अंतर्गत आयोजित इस शिविर का औपचारिक उद्घाटन किया। शिविर के उद्घाटन के अवसर पर डीएम ने गुरु रविदास के विचारों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि गुरु रविदास ने समानता, मानवता और भेदभाव रहित समाज की शिक्षा दी थी। देखें, मौके से आई तस्वीरें… उनके आदर्शों को साकार करने के लिए समाज के प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना आवश्यक है। इस विकास शिविर में कुल 22 महत्वपूर्ण सरकारी योजनाओं और सेवाओं को शामिल किया गया है। इनमें राशन कार्ड, आयुष्मान भारत, उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री आवास, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, नल-जल, शिक्षा, मनरेगा, जीविका और बीमा जैसी योजनाएं प्रमुख हैं। डीएम ने अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए कि शिविर का उद्देश्य केवल आवेदन प्राप्त करना नहीं है, बल्कि पात्र लाभार्थियों की पहचान कर समयबद्ध तरीके से योजनाओं का निष्पादन सुनिश्चित करना है। उन्होंने विकास मित्र, आंगनबाड़ी सेविका और पंचायत स्तरीय कर्मियों को घर-घर जाकर यह सुनिश्चित करने का दायित्व सौंपा कि कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति जानकारी के अभाव में वंचित न रहे। जिला पदाधिकारी ने नागरिकों से अपील की कि वे इस शिविर का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। उन्होंने समतामूलक और आत्मनिर्भर समाज के निर्माण में सहयोग देने का आह्वान भी किया।
वाना गांव से नेशनल हाईवे-48 स्थित श्री मालेश्वर महादेव मंदिर तक कांवड़ यात्रा निकाली गई। इस यात्रा में सैकड़ों शिवभक्तों ने भाग लिया। कांवड़ियों ने पवित्र गंगाजल के साथ मंदिर पहुंचकर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया। इस कांवड़ यात्रा में वाना के साथ-साथ मेनार, बांसड़ा, डांगीखेड़ा, कीर की चौकी, खेड़ली, रुंडेड़ा, हिंता, ढूंढिया, अमरपुरा और बामनिया गांवों के श्रद्धालु शामिल हुए। यात्रा के शुभारंभ से पूर्व, सुबह से ही गांव में धार्मिक गतिविधियां शुरू हो गईं। श्रद्धालुओं और ग्रामवासियों ने श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की। इसके बाद कांवड़ यात्रा का शुभारंभ हुआ, जिसमें कांवड़िए भगवा ध्वज लिए भगवान शिव के जयकारे लगाते हुए मालेश्वर महादेव की ओर बढ़े। शिवभक्त पूरे रास्ते धार्मिक भजनों और जयकारों के साथ आगे बढ़ते रहे। श्री मालेश्वर महादेव मंदिर पहुंचने पर भगवान भोलेनाथ के दरबार में विशेष पूजा-अर्चना की गई। कांवड़ियों ने अपने साथ लाए पवित्र गंगाजल से भगवान शिव का जलाभिषेक किया। इसके उपरांत बिल्वपत्र, दूध, दही और पंचामृत अर्पित कर विधिवत पूजन-अर्चन संपन्न हुआ। श्रद्धालुओं ने भगवान महादेव से क्षेत्र में सुख-समृद्धि, अच्छी बारिश और शांति की कामना की। मंदिर परिसर में भी 'हर-हर महादेव' के जयकारे गूंजते रहे। कांवड़ यात्रा के समापन के बाद श्रद्धालुओं और कांवड़ियों के लिए भोजन प्रसादी की व्यवस्था की गई, जिसे सभी शिवभक्तों ने ग्रहण किया।
झज्जर के बेरी सरकारी स्कूल में शिक्षक की जिम्मेदारी सिर्फ बच्चों को पाठ्यक्रम पढ़ाने तक सीमित नहीं होती, बल्कि विद्यार्थियों के भविष्य को संवारने और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने में भी शिक्षक की बड़ी भूमिका होती है। झज्जर जिले की प्राथमिक शिक्षिका बबीता ने इसी सोच के साथ शिक्षा के क्षेत्र में करीब 28 वर्षों से सेवाएं दी हैं। अब उनकी वर्षों की मेहनत और कर्तव्यनिष्ठा को राज्य स्तर पर सम्मान मिलने जा रहा है। बबीता का नाम स्टेट अवॉर्ड के लिए चयनित हुआ है। बबीता मूल रूप से झज्जर जिले के धांधलान गांव की रहने वाली हैं और पिछले करीब 9 वर्षों से बेरी स्कूल में शिक्षण कार्य कर रही हैं। स्टेट अवॉर्ड के लिए सूची में अपना नाम देखने और इस संबंध में ई-मेल मिलने के बाद उनकी आंखें नम हो गईं। उन्होंने कहा कि वर्षों से बच्चों के लिए की गई मेहनत को राज्य स्तर पर पहचान मिलना उनके लिए बेहद खुशी और भावुक करने वाला पल है। 5 मई 1999 को हुई थी ज्वाइनिंग, माजरा गांव से शुरू हुआ सफर बबीता ने बताया कि उनकी 5 मई 1999 को शिक्षा विभाग में ज्वाइनिंग हुई थी। उनकी पहली पोस्टिंग एमपी माजरा गांव में हुई। इसके बाद अलग-अलग स्कूलों में सेवाएं देते हुए वह वर्तमान में बेरी स्कूल में पहुंचीं, जो उनकी चौथी पोस्टिंग है। शिक्षा विभाग में करीब 28 साल के सेवाकाल के दौरान उन्होंने हजारों बच्चों के साथ काम किया और उन्हें शिक्षा के साथ-साथ बेहतर भविष्य के लिए प्रेरित किया। बेरी स्कूल में 9 साल से बच्चों को पढ़ा रहीं बबीता पिछले करीब 9 वर्षों से बेरी स्कूल में सेवाएं दे रही हैं। इस दौरान विद्यार्थियों के साथ उनका जुड़ाव सिर्फ कक्षा तक सीमित नहीं रहा। वह बच्चों की जरूरतों और उनकी परिस्थितियों को समझते हुए उन्हें आगे बढ़ाने पर जोर देती रही हैं। उनके लिए शिक्षक होना केवल नौकरी नहीं, बल्कि बच्चों के भविष्य को बेहतर बनाने की जिम्मेदारी है। यही सोच उनके लंबे सेवाकाल में भी दिखाई देती है। स्टेट अवॉर्ड की खबर मिली तो आंखें नम हो गईं बबीता ने बताया कि जब स्टेट अवॉर्ड के लिए जारी सूची में उन्हें अपना नाम दिखाई दिया और ई-मेल के माध्यम से भी इसकी जानकारी मिली तो वह भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि यह पल उनके लिए इसलिए खास है क्योंकि शिक्षा के क्षेत्र में वर्षों तक पूरी निष्ठा से काम करने के बाद उन्हें यह सम्मान मिलने जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्षों की मेहनत सफल होने जैसी खुशी हुई। पति भी शिक्षा विभाग में, परिवार में शिक्षा का माहौल बबीता के पति भी शिक्षा विभाग से जुड़े हुए हैं और वर्तमान में चरखी दादरी जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में असिस्टेंट के पद पर कार्यरत हैं। परिवार में शिक्षा के क्षेत्र से जुड़ाव होने के कारण बबीता के लिए विद्यार्थियों और शिक्षा के प्रति समर्पण का भाव और मजबूत रहा है। बेटा IIT मंडी से पढ़ा, बेटी इंजीनियर बबीता ने अपने बच्चों की उपलब्धियों का भी जिक्र किया। उनका बेटा आदर्श IIT मंडी से पढ़ाई कर चुका है, जबकि उनकी बेटी इंजीनियर है। बच्चों की सफलता को लेकर बबीता का कहना है कि उनके लिए यह गर्व का विषय है, लेकिन शिक्षक के रूप में सबसे बड़ी खुशी तब मिलती है जब उनके पढ़ाए विद्यार्थी भी अपने जीवन में आगे बढ़ते हैं। बोलीं- सम्मान का श्रेय मेरे विद्यार्थियों और अभिभावकों को स्टेट अवॉर्ड के लिए चयनित होने पर बबीता ने अपनी सफलता का श्रेय खुद लेने के बजाय अपने विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को दिया। उन्होंने कहा कि बच्चों के सहयोग, उनकी मेहनत और अभिभावकों के विश्वास के बिना शिक्षक भी अपने प्रयासों को पूरी तरह सफल नहीं बना सकता। बबीता के मुताबिक, शिक्षक और विद्यार्थी का रिश्ता केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं होना चाहिए। बच्चों की प्रतिभा को पहचानना, उनकी कमियों को दूर करना और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना भी शिक्षक के कर्तव्यों का हिस्सा है। कर्तव्य के प्रति निष्ठा को माना सबसे बड़ा आधार करीब तीन दशक के सेवाकाल में बबीता ने कर्तव्य के प्रति निष्ठा को अपनी प्राथमिकता बताया। उनका मानना है कि शिक्षक के हाथ में बच्चों का भविष्य होता है, इसलिए हर दिन स्कूल में पूरी जिम्मेदारी और ईमानदारी से काम करना जरूरी है। अब राज्य स्तर पर मिलने वाला यह सम्मान उनके 28 वर्षों के सेवाकाल में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में जुड़ने जा रहा है। झज्जर जिले की शिक्षिका बबीता का चयन न केवल उनके परिवार, बल्कि उनके विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षा विभाग के लिए भी गर्व का विषय है।
बलिया में जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय और किसान पीजी कॉलेज, रतसर में गुरुवार को ‘खेलो इंडिया संवाद’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्रीय सेवा योजना प्रकोष्ठ, जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय और मेरा युवा भारत के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में 100 से अधिक छात्र-छात्राओं और युवाओं ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद नीरज शेखर मुख्य अतिथि और विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नरेंद्र कुमार शुक्ल विशिष्ट अतिथि रहे। सांसद नीरज शेखर ने कहा कि नियमित खेल और शारीरिक गतिविधियां स्वस्थ जीवनशैली के लिए जरूरी हैं। इससे रक्तचाप और मधुमेह जैसी बीमारियों का जोखिम कम करने में मदद मिलती है। उन्होंने युवाओं से खेल को केवल प्रतियोगिता तक सीमित न रखकर इसे दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की। देखें, 4 तस्वीरें.. कुलपति प्रो. नरेंद्र कुमार शुक्ल ने विश्वविद्यालय परिसर में खेलों से जुड़ी सुविधाओं के विकास की जानकारी दी। उन्होंने युवाओं को नशामुक्त भारत की शपथ दिलाते हुए स्वस्थ और नशामुक्त समाज के निर्माण में युवाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। कार्यक्रम में स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) से जुड़े खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों ने भी हिस्सा लिया। खिलाड़ी शौर्य सिंह और शालिनी तथा कोच अजय राज सिंह ने खेल और प्रशिक्षण से जुड़े अपने अनुभव युवाओं के साथ साझा किए। इस दौरान युवाओं ने सांसद और कुलपति के समक्ष खेलों से संबंधित सुझाव और अपेक्षाएं रखीं। बताया गया कि देशभर के 1600 से अधिक महाविद्यालयों से जुड़े 10 लाख से अधिक युवाओं ने प्रधानमंत्री का संबोधन सुना। कार्यक्रम के अंत में युवाओं का मेरा युवा भारत पोर्टल पर पंजीकरण कराया गया। इस मौके पर जिला युवा अधिकारी रवि कुमार मिश्रा, राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. कृष्ण कुमार सिंह, डॉ. संजीव सिंह समेत विश्वविद्यालय के शिक्षक और अधिकारी मौजूद रहे। जिला युवा अधिकारी रवि कुमार मिश्रा ने आभार व्यक्त किया।
एटा के डीएम ने 18 बार कॉल करने पर भी महिला कल्याण मंत्री बेबी रानी मौर्य का फोन नहीं उठाया। इस पर मंत्री भड़क गईं। उन्होंने डीएम अरविंद सिंह से नाराजगी जताते हुए कहा- नहीं, गलत बात है। यह नहीं चलेगा। आपको फोन उठाना चाहिए। मंत्री ने कहा कि वह व्यवस्थाओं की जानकारी लेने के लिए फोन कर रही थीं। जानना चाहती थीं कि क्या कार्यक्रम है? इतना ही नहीं, नाराज मंत्री ने कार्यक्रम में डीएम की ओर से दिए जाने वाला बुके लेने से भी इनकार कर दिया। इससे कार्यक्रम स्थल पर कुछ देर असहज स्थिति बनी रही। बुधवार को हुई इस घटना का वीडियो गुरुवार दोपहर 12 बजे सामने आया। मंत्री ने व्यवस्थाओं को लेकर जताई आपत्ति मंत्री बेबी रानी ने डीएम से कहा- हम आपसे पूछना चाह रहे थे क्या व्यवस्थाएं हैं? आप हमसे बात ही नहीं कर रहे हैं। इसके बाद उन्होंने डीएम के रवैए और प्रोटोकॉल को लेकर भी सवाल किया। मंत्री ने पूछा- आप प्रोटोकॉल में हमसे बड़े हैं? इसलिए आप बात नहीं करेंगे हमसे? सहयोगी के बार-बार फोन करने का किया जिक्र मंत्री बेबी रानी मौर्य ने बातचीत के दौरान आरडी यादव का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आरडी यादव बेचारा बार-बार हमें फोन कर रहा है। बताया जा रहा है कि इससे पहले झांसी में भी बेबी रानी मौर्य के साथ अधिकारियों के रवैए को लेकर ऐसा मामला सामने आया था। 2015 के IAS हैं अरविंद सिंह एटा के जिलाधिकारी अरविंद सिंह यूपी कैडर के 2015 बैच के आईएएस अफसर हैं। उन्होंने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीटेक किया है। इसके बाद IIM लखनऊ से बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में पीजी डिप्लोमा किया। 21 अप्रैल को संभाली थी एटा की कमान: अप्रैल- 2026 में हुए प्रशासनिक फेरबदल में अरविंद सिंह को एटा का डीएम बनाया गया था। इससे पहले वह राजस्व परिषद में अपर भूमि व्यवस्था आयुक्त के पद पर तैनात थे। कई अहम पदों पर कर चुके हैं काम: अरविंद सिंह इससे पहले बलरामपुर के जिलाधिकारी रह चुके हैं। इसके अलावा कानपुर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष और लखीमपुर खीरी के मुख्य विकास अधिकारी जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भी जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। एटा में अवैध खनन पर की सख्ती: डीएम बनने के बाद अरविंद सिंह ने अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई को लेकर सख्त रुख अपनाया। प्रशासन की टीम ने जेसीबी और ट्रैक्टर समेत कई वाहन जब्त किए। ------------------------- यह खबर भी पढ़ेंः- कानपुर में विमान क्रैश, पायलट और ट्रेनी की मौत, प्लेन में अचानक धमाका हुआ, फिर नीचे गिरा; दोनों बाहर नहीं निकल पाए यूपी के कानपुर में ट्रेनिंग विमान क्रैश हो गया। हादसे में पायलट और ट्रेनी की मौत हो गई। विमान ने गुरुवार सुबह 11:30 बजे उड़ान भरी थी। 11:50 बजे यानी उड़ान के महज 20 मिनट बाद गंगा बैराज के पास 5 फीट ऊंची बाउंड्री वॉल से टकराकर खेत में जा गिरा। पढ़ें पूरी खबर
डिंडौरी में गुरुवार को आकांक्षी विकासखंड बजाग में विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। जिला पंचायत सीईओ दिव्यांशु चौधरी ने जनपद पंचायत सभाकक्ष में यह बैठक ली। सीईओ ने स्पष्ट किया कि आकांक्षी विकासखंड कार्यक्रम शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है, इसलिए किसी भी योजना में लापरवाही या अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, कृषि, पशुपालन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी और आजीविका मिशन सहित विभिन्न विभागों के कार्यों से जुड़े 38 प्रमुख संकेतकों की समीक्षा हुई। बेहतर प्रदर्शन वाले क्षेत्रों और सुधार की आवश्यकता वाले संकेतकों पर चर्चा कर आगामी कार्ययोजना तैयार की गई। सीईओ ने स्वास्थ्य विभाग को गर्भवती एवं धात्री महिलाओं की नियमित निगरानी, कम वजन वाले बच्चों की संख्या घटाने और टीबी मरीजों को निक्षय पोषण किट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। कुपोषित बच्चों की पहचान कर उन्हें पोषण पुनर्वास केंद्रों में भर्ती कराने पर भी जोर दिया गया। शिक्षा विभाग को 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम सुधारने के लिए विशेष रणनीति बनाने के निर्देश दिए गए। साथ ही, 60 प्रतिशत से कम अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के लिए उपचारात्मक कक्षाएं (रेमेडियल क्लास) संचालित करने को कहा गया। समीक्षा के दौरान 'हर घर नल-जल योजना', स्व-सहायता समूहों के विस्तार, जन्म-मृत्यु पंजीकरण, मलेरिया नियंत्रण और एफएमडी टीकाकरण की प्रगति भी जांची गई। अधिकारियों को सभी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित कर निर्धारित समय-सीमा में लक्ष्य हासिल करने के निर्देश दिए गए।
अशोकनगर पुलिस अधीक्षक राजीव कुमार मिश्रा ने रक्षाबंधन के अवसर पर जिले की सभी महिला पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को अवकाश देने की घोषणा की है। यह पहल उन्हें अपने परिवार और भाई-बहनों के साथ त्योहार मनाने का अवसर प्रदान करेगी। महिला पुलिसकर्मियों के अवकाश के दौरान पुलिसिंग और कार्यालयीन कार्य प्रभावित न हों, इसके लिए पुरुष पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को उनके दायित्व संभालने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस अधिकारियों ने पुष्टि की है कि कानून-व्यवस्था और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं पूर्ववत संचालित होती रहेंगी। इस पहल को यादगार बनाने के उद्देश्य से, जिले की महिला पुलिस अधिकारी और कर्मचारी पुलिस अधीक्षक कार्यालय में राखियां पोस्ट करेंगी। इन राखियों को बाद में कार्यालय परिसर में आकर्षक ढंग से प्रदर्शित किया जाएगा। पुलिस विभाग का मानना है कि यह कदम पुलिस परिवार के बीच आपसी स्नेह, भाईचारे और पारिवारिक भावनाओं को बढ़ावा देगा। एसपी राजीव कुमार मिश्रा ने बताया कि महिला अधिकारी और कर्मचारी भी अपने परिवार का अभिन्न हिस्सा हैं और त्योहारों पर उन्हें परिजनों के साथ समय बिताने का अवसर मिलना आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस की जिम्मेदारियां निरंतर चलती रहती हैं, इसलिए महिला कर्मचारियों की अनुपस्थिति में पुरुष अधिकारी और कर्मचारी उनके कर्तव्यों का निर्वहन करेंगे।
बेगूसराय में पेड़ से लटका मिला युवक का शव: परिजनों ने जताया अपहरण के बाद हत्या का शक
27 अगस्त, गुरुवार: बेगूसराय: जगदीशपुर दियारा में 22 वर्षीय युवक का शव पेड़ से लटका मिला। परिजनों ने अपहरण के बाद हत्या कर शव को आत्महत्या का रूप देने का आरोप लगाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
गोरखपुर के पक्कीबाग स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में गुरुवार को रक्षाबंधन का त्योहार धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम में नन्हे बच्चों ने खुद से रंग-बिरंगी इको-फ्रेंडली राखियां बनाईं, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं और एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर रक्षासूत्र बांधा। समारोह के मुख्य अतिथि शिशु शिक्षा समिति गोरक्ष प्रांत के प्रदेश निरीक्षक राम सिंह रहे। छात्राओं और शिक्षिकाओं ने उनका तिलक कर कलाई पर रक्षासूत्र बांधा। कार्यक्रम में मातृभारती की सदस्याएं भी मौजूद रहीं। देखिए तस्वीरें… कहानियों से समझाई संस्कृति इस दौरान महिला शिक्षकों ने कहानियों के जरिए बच्चों को भारतीय संस्कृति व भाई-बहन के प्रेम का महत्व समझाया। नन्हे-मुन्नों ने मनमोहक एकल व सामूहिक नृत्य पेश किए, वहीं आचार्याओं ने रक्षाबंधन के गीत गाए। इस मौके पर विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. राजेश सिंह, शिशु वाटिका प्रमुख मीनाक्षी सिंह राजपूत, मीडिया प्रभारी अंशिका गौड़ और मंजरी यादव समेत पूरा विद्यालय परिवार उपस्थित रहा।
भूत पिपरिया में सड़क बदहाल:मुश्किल से निकाली गई शवयात्रा, डेढ़ किलोमीटर दलदल में अर्थी उठाकर चले
नरसिंहपुर जिले के भूत पिपरिया गांव से सड़क की बदहाली का एक वीडियो गुरुवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। यह गांव ग्राम पंचायत बांसखेड़ा के अंतर्गत आता है। वीडियो में ग्रामीण करीब डेढ़ किलोमीटर दलदल भरी सड़क से अर्थी लेकर मुक्तिधाम जाते दिख रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, बारिश के मौसम में यह रास्ता बेहद खराब हो जाता है, जिससे आवागमन में भारी परेशानी होती है। सबसे गंभीर स्थिति तब उत्पन्न होती है, जब किसी की मृत्यु होने पर अर्थी को इसी कीचड़ और दलदल भरे रास्ते से मुक्तिधाम तक ले जाना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि वे लंबे समय से मुक्तिधाम तक सड़क निर्माण की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक इस समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं हुआ है। वीडियो वायरल होने के बाद पंचायत की कार्यप्रणाली और ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क सुविधाओं को लेकर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द सड़क निर्माण कराने की मांग की है। अब देखना होगा कि संबंधित अधिकारी इस गंभीर समस्या का संज्ञान लेकर कब तक ग्रामीणों को राहत प्रदान करते हैं।
गुरुग्राम में पटौदी के पास खंडेवला मोड़ के पास एक ट्रक ने बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। इस भीषण दुर्घटना में बाइक सवार 50 वर्षीय महिला की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उसका बेटा और गर्भवती बहू गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। राहगीरों की मदद से पुलिस ने घायलों को तुरंत पटौदी के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनका इलाज जारी है। मृतका की पहचान 50 वर्षीय रेखा के रूप में हुई है।परिजनों से मिली जानकारी के मुताबिक घर में नए मेहमान के आने की खुशियों की तैयारियां चल रही थीं। मृतका रेखा की बहू पम्मी गर्भवती है और आज उसकी डिलीवरी की तारीख तय थी। घर में सभी बेहद उत्साहित थे। दोपहर के समय पम्मी को अचानक लेबर पेन शुरू हुई। स्थिति को देखते हुए सास रेखा और बेटा जगप्रवेश तुरंत पम्मी को मोटरसाइकिल पर बैठाकर पास के अस्पताल के लिए रवाना हुए। वे जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचना चाहते थे ताकि पम्मी को समय पर इलाज मिल सके। खंडेवला मोड़ पर काल बनकर आया ट्रकजैसे ही जगप्रवेश अपनी मां और पत्नी को लेकर पटौदी के खंडेवला मोड़ के पास पहुंचा, तभी सामने से आ रहे एक अनियंत्रित और तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी मोटरसाइकिल को सीधी टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि मोटरसाइकिल के परखच्चे उड़ गए और तीनों सड़क पर दूर जा गिरे। दुर्घटना के दौरान रेखा सीधे ट्रक के भारी टायरों की चपेट में आ गई, जिससे मौके पर ही उसने दम तोड़ दिया। वहीं जगप्रवेश और पम्मी गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर तड़पने लगे। पुलिस जांच में जुटीआसपास मौजूद लोगों ने तुरंत हादसे की सूचना स्थानीय पुलिस और एम्बुलेंस को दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और दोनों घायलों को तुरंत पटौदी के सरकारी अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों के अनुसार, गर्भवती महिला और उसके पति का इलाज किया जा रहा है और उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। हादसे के बाद आरोपी ट्रक चालक वाहन समेत मौके से फरार होने में कामयाब रहा। पुलिस ने ट्रक चालक के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने और हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस दुखद घटना के बाद से पूरे परिवार और इलाके में शोक की लहर है।
मुरादाबाद जिला अस्पताल के ट्रामा सेंटर में विभू चतुर्वेदी मैमोरियल ट्रस्ट की ओर से जलशाला का निर्माण कराया गया है। इसमें मरीजों और उनके तीमारदारों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए आरओ भी लगवाया गया है। गुरुवार को जिलाधिकारी डॉ. राजेन्द्र पैंसिया ने इसका उद्घाटन किया। मुरादाबाद जिला अस्पताल में आने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों (परिजनों) के लिए एक राहत भरी खबर है। अस्पताल परिसर में अब उन्हें पीने के साफ और शुद्ध पानी के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। जिला अस्पताल के ट्रामा सेंटर में विभू चतुर्वेदी मैमोरियल ट्रस्ट की ओर से एक आधुनिक जलशाला का निर्माण कराया गया है। गुरुवार को मुरादाबाद के जिलाधिकारी (DM) डॉ. राजेन्द्र पैंसिया ने फीता काटकर इस जलशाला का विधिवत उद्घाटन किया। इस जलशाला में लोगों को चौबीसों घंटे शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए हाई-कैपेसिटी आरओ (RO) सिस्टम भी लगवाया गया है। मरीजों और तीमारदारों को मिलेगी बड़ी राहत अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों के परिजनों को अक्सर पीने के साफ पानी के लिए परेशान होना पड़ता था या बाहर से महंगे दामों पर पानी खरीदना पड़ता था। विभू चतुर्वेदी मैमोरियल ट्रस्ट की इस पहल से अब अस्पताल आने वाले हजारों लोगों को मुफ्त और शुद्ध पेयजल मिल सकेगा। जिलाधिकारी डॉ. राजेन्द्र पैंसिया ने ट्रस्ट के इस सामाजिक कार्य की सराहना की और कहा कि समाज के विकास में ऐसी संस्थाओं का योगदान अनुकरणीय है। कार्यक्रम में इस दौरान मुरादाबाद के सीएमओ डॉ. कुलदीप सिंह, भाजपा नेता और कोठीवाल डेंटल कॉलेज के डायरेक्टर केके मिश्रा, सीनियर फिजिशियन डॉ. राकेश कुमार समेत शहर के तमाम चिकित्सक मौजूद रहे। इसके अलावा जिला अस्पताल के तमाम वरिष्ठ चिकित्सक, स्वास्थ्य कर्मी और शहर के गणमान्य नागरिक भी इस सेवा कार्य के साक्षी बने। सभी ने ट्रस्ट के इस प्रयास को जनहित में एक बड़ा कदम बताया।
मिर्जापुर में भाकपा (माले) कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को जिला मुख्यालय पर सरकार की कथित तानाशाही और उत्पीड़न के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन भाकपा (माले) नेत्री जीरा भारती के नेतृत्व में किया गया। कार्यकर्ताओं ने वासलीगंज से एक जुलूस निकाला, जो विभिन्न मार्गों से होते हुए कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचा। यहां प्रदर्शनकारियों ने सरकार विरोधी नारे लगाए और अपना विरोध दर्ज कराया। कलेक्ट्रेट परिसर में जुलूस एक सभा में बदल गया। इस दौरान वक्ताओं ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाने वाले लोगों पर दमनकारी कार्रवाई की जा रही है। प्रदर्शनकारियों ने जनता के अधिकारों और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया। देखें, 4 तस्वीरें… भाकपा (माले) नेत्री जीरा भारती के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा। इस ज्ञापन के माध्यम से सरकार की कथित तानाशाही, उत्पीड़न और लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन जैसे मुद्दों को उठाया गया। सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने सरकार से जनता की समस्याओं और जनहित के मुद्दों पर गंभीरता से ध्यान देने का आग्रह किया। उन्होंने आरोप लगाया कि आम लोगों, मजदूरों, किसानों और कमजोर वर्गों की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। कार्यकर्ताओं ने लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा और उत्पीड़न पर रोक लगाने की मांग दोहराई। प्रदर्शन के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर में काफी देर तक नारेबाजी जारी रही, जिसमें भाकपा (माले) के कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद थे।
रक्षाबंधन के पर्व को लेकर बाजारों में रौनक है। बहनों में राखी खरीदने को लेकर भारी उत्साह देखा जा रहा है। बाजारों में 50 से लेकर 500 रुपए तक की राखियां उपलब्ध हैं। 500 रुपए वाली फैंसी राखियों की मांग काफी अधिक है। ये राखियां खूबसूरत डिब्बों में पैक होकर आती हैं और देखने में बहुत आकर्षक लगती हैं। इसके अलावा जड़ी और स्टोन वर्क वाली राखियों को भी ग्राहक खूब पसंद कर रहे हैं। इनकी भी डिमांड अधिक है। इस बार रक्षाबंधन पर सिर्फ भाइयों के लिए ही नहीं, बल्कि भाभियों के लिए भी राखी बांधने का ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है। बाजार में इसके लिए खास 'पेयर राखी' (भैया-भाभी सेट) उपलब्ध हैं। इन सेटों में भैया और भाभी दोनों की राखियां एक साथ मैचिंग डिजाइन में जुड़ी होती हैं। महिलाएं इस नए पैटर्न को काफी पसंद कर रही हैं। 20 दिनों से सज रहे हैं स्टॉल दुकानदार अमित पांडे ने बताया कि वे हर साल रक्षाबंधन पर बड़ा स्टॉल लगाते हैं। इस बार भी उनका स्टॉल पिछले 20 दिनों से लगा हुआ है। इस समय बिक्री अपने चरम पर है। त्यौहार के दिन भी सुबह 2 से ढाई घंटे तक स्टॉल खुला रहेगा ताकि अंतिम समय में आने वाले ग्राहक अपनी खरीदारी पूरी कर सकें। शुभ मुहूर्त और बदलता ट्रेंड इस साल भद्रा काल के साए के कारण शुभ मुहूर्त को लेकर बहनों में थोड़ा भ्रम सा है। आमतौर पर भद्रा काल में राखी बांधना वर्जित माना जाता है। सुबह के समय राखी बांधे जाने की होड़ लगेगी। कई लोग अगले दिन पूर्णिमा तिथि में राखी बांधने की योजना बना रहे हैं। रक्षाबंधन का त्योहार सिर्फ सूती धागों तक सीमित नहीं रहा है। अब बाजार में इको-फ्रेंडली राखियां, जैसे 'सीड राखी' का चलन भी बढ़ गया है। इन्हें इस्तेमाल के बाद गमले में लगाने से पौधा उग आता है। वहीं बच्चों के लिए कार्टून कैरेक्टर और लाइट वाली राखियां पहली पसंद बनी हुई हैं। मिठाइयों की दुकानों पर भी उमड़ी भीड़ राखियों के साथ साथ पारंपरिक मिठाइयों की बिक्री भी बढ़ गई है। डाक और कूरियर सेवाओं के जरिए दूर रहने वाले भाइयों को राखियां भेजने का काम लगभग पूरा हो चुका है। अब स्थानीय बाजारों में केवल वही लोग पहुंचे हैं जो प्रत्यक्ष रूप से मिलकर त्योहार मनाने वाले हैं। बाजारों की यह चहल-पहल भाई-बहन के इस अटूट प्यार और विश्वास के पर्व को और अधिक खास बना रही है। इस बार भद्रा की बाधा नहीं, सूर्योदय से पहले ही हो जाएगी समाप्त रक्षाबंधन पर राखी बांधते समय भद्रा काल का विशेष ध्यान रखा जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार भद्रा काल में राखी बांधने से बचा जाता है। इस साल राहत की बात यह है कि पंचांग की गणना के अनुसार भद्रा 28 अगस्त को सूर्योदय से पहले ही समाप्त हो जाएगी। इसलिए सुबह राखी बांधने के समय भद्रा की बाधा नहीं रहेगी। यही कारण है कि 28 अगस्त की सुबह का समय राखी बांधने के लिए सर्वोत्तम है। शास्त्रों के अनुसार, भद्रा का साया न होने के कारण वैकल्पिक तौर पर बहनें दिन में 12 बजकर 28 मिनट से 2 बजकर 2 मिनट तक अपने भाइयों की कलाई पर स्नेह का रक्षासूत्र बांध सकेंगी। पंडितों की मान्यता-तिथि और भद्रा, दोनों का ध्यान रखना जरूरी आचार्य नंदकुमार चौबे के अनुसार, रक्षाबंधन का पर्व श्रावण पूर्णिमा पर मनाया जाता है। राखी बांधने के समय दो बातों का ध्यान रखा जाता है पहला, पूर्णिमा तिथि हो और दूसरा, भद्रा काल न हो। इस साल 28 अगस्त की सुबह दोनों स्थितियां अनुकूल हैं और भद्रा सूर्योदय से पहले समाप्त हो चुकी है। इसलिए सुबह का समय राखी बांधने के लिए सबसे उपयुक्त माना जा रहा है। पूजा की थाली में रखें राखी, रोली, चावल और मिठाई राखी बांधने से पहले पूजा की थाली तैयार की जा सकती है। इसमें राखी, रोली या कुमकुम, अक्षत यानी चावल, दीपक, मिठाई और फूल रखे जाते हैं। कई परिवार अपनी परंपरा के अनुसार नारियल, मौली, फल और पानी का कलश भी रखते हैं। पहले भगवान की पूजा की जाती है। इसके बाद भाई को तिलक लगाया जाता है, चावल लगाए जाते हैं और आरती करने के बाद उसकी कलाई पर राखी बांधी जाती है। भारत में नहीं दिखेगा चंद्र ग्रहण,बेफिक्र होकर मनाएं त्योहार ज्योतिषाचार्य डॉ. नवीन चंद्र जोशी ने स्पष्ट किया कि 28 अगस्त को चंद्र ग्रहण भी लग रहा है, लेकिन यह ग्रहण भारत में दृश्यमान (दिखाई देने योग्य) नहीं होगा। भारत में दिखाई न देने के कारण यहां इसका कोई सूतक काल या धार्मिक प्रभाव मान्य नहीं होगा। श्रद्धालु बिना किसी संशय के पूरे उत्साह और विधान के साथ रक्षाबंधन का पर्व मना सकते हैं।
रायसेन और सांची में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बढ़ती महंगाई के विरोध में गुरुवार को प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने खाली गैस सिलेंडर और चाय की केतली लेकर सड़कों पर रैली निकाली। रायसेन में कांग्रेस कार्यालय से शुरू हुई यह रैली गांधी प्रतिमा तक पहुंची। इस दौरान ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष मनोज अग्रवाल, कांग्रेस नेता जीसी गौतम, प्रवक्ता जावेद अहमद और हकीमुद्दीन मंसूरी सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे। गांधी प्रतिमा पर कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर महंगाई का विरोध किया। इसके बाद वे एसडीएम कार्यालय पहुंचे और एसडीएम मनीष शर्मा को ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने रसोई गैस, पेट्रोल, शक्कर और बिजली के बढ़ते दामों को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने पेट्रोल में एथेनॉल मिलाए जाने और उसकी बढ़ती कीमतों पर भी सवाल उठाए। इसी तरह का प्रदर्शन सांची में भी किया गया। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष अंकित मेहतो के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने नगर में रैली निकाली। उन्होंने हाथ ठेले पर खाली गैस सिलेंडर रखकर और हाथों में शक्कर की थैलियां लेकर महंगाई के खिलाफ नारेबाजी की। पोस्टर-बैनर के माध्यम से भाजपा सरकार के खिलाफ विरोध जताते हुए महंगाई पर नियंत्रण की मांग की गई।
रायबरेली में रक्षाबंधन के अवसर पर स्कूली छात्राओं ने पुलिस अधीक्षक रवि कुमार को राखी बांधकर पर्व की शुभकामनाएं दीं। छात्राओं का समूह एसपी कार्यालय पहुंचा और उनकी कलाई पर रक्षा सूत्र बांधा। एसपी ने भी बच्चों को रिटर्न गिफ्ट देकर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। छात्राओं ने एसपी को राखी बांधने के बाद मिठाई खिलाकर रक्षाबंधन की बधाई दी। इस दौरान पुलिस अधीक्षक ने बच्चों से बातचीत की और उनकी पढ़ाई व भविष्य को लेकर जानकारी ली। एसपी रवि कुमार ने छात्राओं को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने और मेहनत के साथ अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं, इसलिए उन्हें पूरी लगन से पढ़ाई करनी चाहिए। पुलिस अधीक्षक और स्कूली बच्चों के बीच हुई इस आत्मीय मुलाकात से पुलिस और आमजन के बीच विश्वास व सौहार्द का संदेश गया। कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी बच्चों का उत्साह बढ़ाया।
फरीदाबाद नगर निगम के सफाई कर्मचारी अब आंदोलन को और तेज करने की तैयारी में हैं। सफाई कर्मचारी 1 सितंबर से 3 सितंबर तक कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल के घर का लगातार तीन दिन घेराव करेंगे। इससे पहले 30 अगस्त को राज्यव्यापी बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें आंदोलन को और तेज करने की अगली रणनीति तय की जाएगी। कर्मचारियों ने साफ कर दिया है कि मांगें पूरी होने तक उनका आंदोलन थमने वाला नहीं है। नगर निगम के सफाई कर्मचारियों की हड़ताल को 22 दिन पूरे हो चुके हैं। गुरुवार को प्रेस वार्ता में राज्य प्रधान नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा नरेश कुमार शास्त्री ने कहा कि 31 अगस्त तक सभी सफाई कर्मचारी धरने पर बैठे रहेंगे। इसके बाद 1 से 3 सितंबर तक रोजाना कुछ घंटे कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल के घर पहुंचकर घेराव किया जाएगा। इस दौरान कर्मचारी अपनी लंबित मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन करेंगे। 13 मई के समझौते को सरकार स्वीकार लेती तो नहीं होती हड़ताल : नरेश नरेश शास्त्री ने कहा कि कोई भी कर्मचारी अपनी मर्जी से हड़ताल पर नहीं बैठता, बल्कि सरकार की अनदेखी और मांगों पर ठोस फैसला नहीं होने के कारण कर्मचारियों को यह कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा है। उनका कहना है कि यदि 13 मई को हुई बातचीत में सरकार कर्मचारियों की सभी मांगों को गंभीरता से स्वीकार कर लेती तो आज सफाई कर्मचारियों को सड़क पर उतरने की जरूरत नहीं पड़ती। उन्होंने आरोप लगाया कि कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल की ओर से कर्मचारियों की मांगों को लेकर अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। कर्मचारियों के साथ बातचीत के लिए कई बार दूसरे मंत्रियों और प्रतिनिधियों को भेजा गया, लेकिन इससे समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। 22 अगस्त की वार्ता में उपस्थित नहीं हुए निकायम मंत्री विपुल गोयल नरेश शास्त्री ने बताया कि 22 अगस्त को हुई बैठक में भी विपुल गोयल मौजूद नहीं थे। उनकी जगह कृष्ण बेदी ने कर्मचारियों के साथ बातचीत की। हालांकि, यह वार्ता भी किसी ठोस नतीजे तक नहीं पहुंच सकी। कर्मचारी नेताओं का कहना है कि बैठक में कुछ मांगों पर केवल सैद्धांतिक सहमति की बात की गई, लेकिन सैद्धांतिक सहमति से कर्मचारियों की समस्या हल नहीं होती। कर्मचारियों को लिखित और लागू होने वाला फैसला चाहिए। नरेश शास्त्री के अनुसार उनकी प्रमुख मांगों में कच्चे कर्मचारियों को पक्का करना, ठेका प्रथा समाप्त करना और सफाई कर्मचारियों तथा सीवरमैन की नियमित भर्ती करना शामिल है। नरेश शास्त्री ने सरकार के उस दावे पर भी सवाल उठाया जिसमें कहा गया था कि सफाई कर्मचारियों की मांगें मान ली गई हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से मीडिया के माध्यम से यह बताया गया कि कर्मचारियों की मांगें पूरी कर दी गई हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और है। उनका कहना है कि करीब 10 वर्ष पुरानी कुछ मांगों पर जरूर काम हुआ है, लेकिन वर्तमान समय में कर्मचारियों की जो प्रमुख मांगें हैं, वे अभी तक पूरी नहीं हुई हैं। दूसरे संगठनों के कर्मचारी भी साथ खड़े होने को तैयार आंदोलन को व्यापक बनाने के लिए अब हरियाणा के दूसरे कर्मचारी संगठन भी सफाई कर्मचारियों के साथ खड़े होने की तैयारी में हैं। कर्मचारी नेताओं के अनुसार बिजली विभाग, रोडवेज, मैकेनिकल वर्कर, हुडा विभाग, क्लर्क यूनियन, शिक्षक संगठनों सहित करीब 150 विभागों से जुड़े कर्मचारी अलग-अलग दिनों में आंदोलन में शामिल होंगे। स्वास्थ्य और जनस्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी भी आंदोलन का समर्थन करेंगे। सरकारी और अर्द्धसरकारी विभागों के कर्मचारियों को जिला स्तर पर आंदोलन से जोड़ने की तैयारी की जा रही है। 1 से 3 सितंबर तक होने वाले मंत्री आवास घेराव में फरीदाबाद के अग्निकांड में जान गंवाने वाले फायर कर्मचारी के परिवार के सदस्य भी शामिल होंगे। कर्मचारी नेताओं का आरोप है कि मृतक कर्मचारी के परिवार को सरकार की ओर से दिया जाने वाला मुआवजा अभी तक नहीं मिला है। परिवार भी आंदोलन के दौरान सरकार के सामने अपनी मांग रखेगा। पुलिस के जरिए आंदोलन दबाने का आरोप नरेश शास्त्री ने सरकार पर पुलिस के जरिए आंदोलन दबाने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों को कथित तौर पर जबरन थानों में ले जाया जाता है, धमकाया और परेशान किया जाता है। उन्होंने चेतावनी दी कि पुलिसिया दबाव से कर्मचारी पीछे हटने वाले नहीं हैं। उन्होंने बताया कि 30 अगस्त को 87 शहरों और 103 दमकल केंद्रों के कर्मचारी तथा विभिन्न मजदूर-कर्मचारी संगठन राज्यव्यापी बैठक करेंगे। इस बैठक में सरकार के रवैये, पुलिस कार्रवाई और कर्मचारियों की मांगों पर चर्चा के बाद आंदोलन को और तेज करने की रणनीति तय की जाएगी। फिलहाल सफाई कर्मचारियों का धरना जारी है। 31 अगस्त तक धरना चलने के बाद 1 से 3 सितंबर तक मंत्री आवास का घेराव किया जाएगा। कर्मचारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि अब केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा। उनका कहना है कि जब तक नियमित भर्ती, कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने और ठेका प्रथा खत्म करने सहित प्रमुख मांगों पर ठोस फैसला नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
निवाड़ी जिले में पिछले 2 दिनों से तेज बारिश हो रही है। इससे कई नदी-नालों का जलस्तर बढ़ गया है। ग्रामीण इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी है। कई रास्तों पर आवागमन प्रभावित हुआ है। इसी बीच सेंदरी थाना क्षेत्र में घर में फंसे एक युवक को पुलिस ने सुरक्षित बाहर निकाला। कई नदी-नालों का जलस्तर बढ़ा लगातार बारिश से पठाराम की झिन्ना नदी और बिनवारा की नैना नदी का जलस्तर बढ़ गया है। धमना, ग्वावली और बम्हौरी शीतल क्षेत्र की नदियों में भी पानी बढ़ा है। तेज बहाव के कारण निचले इलाकों में पानी भर गया है, जिससे ग्रामीणों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। पठाराम गांव में झिन्ना नदी का पानी गांव के आसपास पहुंच गया है। कई निचले स्थानों पर जलभराव है। पठाराम निवासी करन यादव ने बताया कि उनके घर सहित गांव के कई निचले हिस्से पानी से घिरे हैं। घर में फंसे युवक को पुलिस ने किया रेस्क्यू सेंदरी थाना क्षेत्र में अंकित पिता प्रहलाद यादव बारिश के पानी के कारण अपने घर में फंस गए थे। उनके घर के चारों तरफ पानी भर गया था। पानी बढ़ने से उनके लिए बाहर निकलना मुश्किल हो गया था। सूचना मिलने पर थाना प्रभारी रामबाबू शर्मा के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस टीम ने मौके की स्थिति देखकर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और अंकित यादव को सुरक्षित घर से बाहर निकाला। टीम में कांस्टेबल मनोज शर्मा, कांस्टेबल शशिभूषण यादव और कांस्टेबल केशव सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे। बारिश के कारण उरदौरा-टेहरका मार्ग बंद बिनवारा क्षेत्र में नैना नदी समेत दूसरे नदी-नालों में भी पानी का बहाव तेज है। धमना, ग्वावली और बम्हौरी शीतल क्षेत्र में भी लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। उरदौरा में भी बारिश के कारण स्थिति प्रभावित हुई है। स्थानीय निवासी योगेश आचार्य ने बताया कि उरदौरा से टेहरका जाने वाला मार्ग बारिश के कारण बंद है। इसके चलते पुलिस को मौके पर व्यवस्था संभालनी पड़ रही है। प्रशासन से निगरानी बढ़ाने की मांग लगातार बारिश और जलभराव को देखते हुए ग्रामीण नदी-नालों के आसपास जाने से बच रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने की मांग की है। उन्होंने जलभराव वाले स्थानों पर जरूरी इंतजाम करने और प्रभावित रास्तों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की मांग की है।

