छिंदवाड़ा जिले में पेट्रोल और डीजल की भारी किल्लत शुरू हो गई है। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की सप्लाई चेन प्रभावित होने के कारण तेल कंपनियों ने बिक्री पर सख्त निगरानी शुरू कर दी है। कोयलांचल क्षेत्र परासिया में हालात इतने खराब हैं कि सोमवार को अधिकांश पेट्रोल पंप पूरी तरह से ड्राय (खाली) हो गए और लोगों को अपने वाहन धक्का लगाकर ले जाने पड़े। तेल कंपनियों ने डीलर्स को मौखिक निर्देश जारी कर तय सीमा से अधिक ईंधन बेचने पर रोक लगा दी है… ऑनलाइन मॉनिटरिंग: हर पेट्रोल पंप के स्टॉक और बिक्री की कंपनियों द्वारा सीधे ऑनलाइन निगरानी की जा रही है। मशीन लॉक का डर: डीलर्स को स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि निर्धारित लिमिट से ज्यादा पेट्रोल या डीजल बेचा गया, तो संबंधित रिफ्यूलिंग मशीन को तुरंत लॉक कर दिया जाएगा। सप्लाई में देरी: कंपनियों की ओर से नया टैंकर तभी भेजा जा रहा है, जब पंप का पुराना स्टॉक पूरी तरह से खत्म होने की कगार पर हो। वाहन चालकों के लिए लागू हुई राशनिंग व्यवस्था किल्लत को देखते हुए पंप संचालकों ने भी ग्राहकों को सीमित मात्रा में ईंधन देना शुरू कर दिया है। ज्यादा से ज्यादा उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए कई जगहों पर ग्राहकों को उनकी टैंक क्षमता का केवल 25 प्रतिशत ईंधन ही उपलब्ध कराया जा रहा है। वर्तमान में लागू की गई राशनिंग व्यवस्था: परासिया: संकट का सबसे ज्यादा असर यहीं दिखा। नगर क्षेत्र में संचालित पांचों पेट्रोल पंप सोमवार सुबह से ही ड्राय हो गए। पंपों के बाहर 'नो स्टॉक' और 'ड्राय' के बोर्ड लगने से वाहन चालक एक पंप से दूसरे पंप तक भटकते नजर आए। अन्य प्रभावित क्षेत्र: न्यूटन चिखली, रावनवाड़ा बाईपास मार्ग के दो पंप और खिरसाढोह स्थित पेट्रोल पंपों पर भी दिनभर उपभोक्ता परेशान हुए। शाम को जब स्टॉक पहुंचा, तो रात तक पेट्रोल भरवाने वालों की लंबी कतारें लगी रहीं। क्यों बने ऐसे हालात? मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) में बिगड़ते हालातों की आशंका के चलते कच्चे तेल की सप्लाई चेन पर असर पड़ा है। तेल कंपनियां फिलहाल इस व्यवस्था के जरिए कालाबाजारी और अनावश्यक स्टॉकिंग (जमाखोरी) को रोकने की कोशिश कर रही हैं। दूसरी ओर, ईंधन संकट की खबरों से आम जनता में भी चिंता बढ़ गई है और कई लोग एहतियातन अतिरिक्त पेट्रोल-डीजल स्टोर करने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे पंपों पर अचानक भीड़ बढ़ गई है।
भोजपुर में हेडमास्टर नीरज पाल हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। करीब एक माह से फरार चल रहे मुख्य आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। जिसकी पहचान तुलसी छपरा गांव निवासी कन्हैया पाल के रूप में हुई है। गिरफ्तारी टाउन थाना क्षेत्र से की गई। 23 अप्रैल की सुबह सिन्हा थाना क्षेत्र के तुलसी छपरा गांव स्थित बधार में नीरज कुमार पाल की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। अपराधियों ने उन्हें काफी नजदीक से गोली मारी थी। एक गोली सीने के दाहिने हिस्से में, जबकि दूसरी गर्दन के नीचे कंधे के पास लगी थी। मौके पर ही मौत हो गई थी। छह लोगों पर FIR प्रारंभिक जांच में नाली विवाद को लेकर हत्या किए जाने की बात सामने आई थी। घटना के बाद मृतक के भाई अनिल पाल ने गांव के ही कन्हैया पाल, उसके भाई शिवजी पाल समेत छह लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई थी। जिसके बाद से मुख्य आरोपी फरार चल रहा था। गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही थी। आखिरकार पुलिस ने तकनीकी और गुप्त सूचना के आधार पर उसे गिरफ्तार कर लिया।
लुधियाना के हैबोवाल डेयरी कॉम्प्लेक्स में पिछले 6 महीनों से चल रही जलभराव और सीवरेज की समस्या को लेकर डेयरी संचालकों का गुस्सा अब फूट पड़ा है। नगर निगम और प्रशासन की अनदेखी से परेशान डेयरी संचालकों ने मंगलवार को डीसी (DC) और प्रशासन को सीधा अल्टीमेटम दे दिया है। डेयरी मालिकों ने चेतावनी दी है कि अगर बुधवार (20 मई 2026) की दोपहर तक उनकी समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो वे अपनी गायों और भैंसों के साथ हंबड़ा रोड (Hambran Road) पर उतरकर चक्का जाम करेंगे। गंदे पानी में खड़े रहने को मजबूर हैं लाखों के पशु डेयरी संचालकों का कहना है कि कॉम्प्लेक्स में जलभराव के कारण हालात इतने बदतर हो चुके हैं कि हर डेयरी में गंदा पानी जमा है। संचालकों के मुताबिक हमारी तीन-चार लाख रुपये की कीमती गाएं और भैंसें लगातार गंदे पानी में खड़ी रहने को मजबूर हैं जिससे उनके बीमार होने का गंभीर खतरा पैदा हो गया है। संचालकों का कहना है कि पिछले डेढ़ साल तक सब कुछ ठीक चल रहा था लेकिन पिछले 6 महीनों से पानी की निकासी पूरी तरह ठप पड़ गई है। आए दिन संचालक खुद ही अस्थायी जुगाड़ करके पानी निकालने की कोशिश करते हैं,जो नाकाफी साबित हो रहा है। ईटीपी (ETP) प्लांट और ठेकेदार कंपनी पर गंभीर आरोप जलभराव का मुख्य कारण ईटीपी प्लांट को बताया जा रहा है।अधिकारियों का तर्क है कि प्लांट की क्षमता कम है जिस पर डेयरी संचालकों ने पलटवार करते हुए कहा कि हमने तो छोटा प्लांट लगाने के लिए नहीं कहा था। संचालकों ने नगर निगम और प्लांट का संचालन करने वाली कंपनी पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा है कि जानबूझकर पानी की निकासी रोकी गई है, जिससे सारा गंदा पानी डेयरियों और गलियों में वापस भर रहा है। ताजपुर रोड के प्रदर्शन का दिया हवाला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए डेयरी मालिकों ने याद दिलाया कि पिछले दिनों ताजपुर रोड के डेयरी संचालकों ने भी जलभराव से तंग आकर नगर निगम के जोन-डी (Zone-D) दफ्तर में गोबर फेंककर भारी विरोध दर्ज कराया था। इसके बावजूद प्रशासन नींद से नहीं जागा और समस्या जस की तस बनी हुई है। शहर में पशु लेकर घुसने की दी चेतावनी संचालकों ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि उन्होंने कई बार प्रशासन के आगे हाथ जोड़े और मिन्नतें कीं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अब उन्होंने ऐलान किया है कि अगर 20 मई की दोपहर तक उनकी समस्या का स्थायी हल नहीं निकाला गया तो हैबोवाल डेयरी कॉम्प्लेक्स और हंबड़ा रोड को पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। अगर चक्का जाम के बाद भी प्रशासन ने सुध नहीं ली तो वे अपने सभी पशुओं को लेकर लुधियाना शहर के अंदर घुस जाएंगे और सड़कों पर उतरेंगे। संचालकों ने साफ किया है कि इसके बाद बिगड़ने वाले हालात की पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और नगर निगम की होगी।
नोएडा में चलती कार में लगी आग:ड्राइवर ने कूदकर बचाई जान, शॉर्ट सर्किट से हादसा
नोएडा के सेक्टर-63 क्षेत्र में देर रात एक चलती हुई रेनॉल्ट कार में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते कार आग के गोले में बदल गई और पूरी तरह जलकर खाक हो गई। घटना FNG फ्लाईओवर बहलोलपुर के पास की है। गनीमत रही कि चालक समय रहते कार से कूद गया, जिससे उसकी जान बच गई और कोई जनहानि नहीं हुई। बताया जा रहा है कि घटना रात करीब 1:11 बजे की है। कार सेक्टर-63 के व्यस्त इलाके से गुजर रही थी, तभी अचानक वाहन से धुआं निकलने लगा। कुछ ही देर में आग ने पूरी कार को अपनी चपेट में ले लिया। आसपास मौजूद लोगों ने आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन लपटें इतनी तेज थीं कि कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची दमकल टीम घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। दमकलकर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि तब तक कार पूरी तरह जल चुकी थी और केवल उसका ढांचा ही बचा था। जिला दमकल अधिकारी प्रदीप कुमार ने बताया कि देर रात चलती हुई कार में आग लगने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही फायर स्टेशन से टीम को मौके पर भेजा गया। उन्होंने बताया कि रेनॉल्ट कार नंबर UP15DR0145 में आग लगी थी, जिसे पूरी तरह बुझा दिया गया है। शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका प्राथमिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। फिलहाल पुलिस और फायर विभाग पूरे मामले की जांच में जुटे हैं।
मुजफ्फरनगर के बुढाना कोतवाली पुलिस ने मंगलवार सुबह करीब 7:30 बजे अपनी टीम के साथ क्षेत्र में गश्त एवं संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग कर रहे थे। तभी एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए 15 हजार रुपये के इनामी बदमाश को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में बदमाश के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा एवं एसपी देहात अक्षय महादिक के निर्देशन में की गई। घटना से जुड़ी तीन तस्वीरें…. बुढाना कोतवाली पुलिस मंगलवार सुबह करीब 7:30 बजे बुढाना कोतवाली प्रभारी निरीक्षक सुभाष अत्री अपनी टीम के साथ क्षेत्र में गश्त एवं संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि मोबाइल टावरों से आरआरयू उपकरण चोरी करने वाला शातिर बदमाश इरफान विज्ञाना के जंगल में किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में घूम रहा है। बदमाश ने पुलिस टीम पर फायरिंग की सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर इलाके की घेराबंदी कर दी और आरोपी को रोकने का प्रयास किया। खुद को घिरता देख बदमाश ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए फायरिंग की, जिसमें बदमाश इरफान घायल हो गया। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के पास से खोखा कारतूस बरामद पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी किए गए आरआरयू उपकरण, एक तमंचा एवं एक खोखा कारतूस बरामद किया है। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम इरफान निवासी लिसाड़ी गेट, मेरठ बताया। पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में मोबाइल टावरों से उपकरण चोरी करने के दर्जनों मुकदमे दर्ज हैं। वह बुढाना थाने से भी वांछित चल रहा था। बुढाना क्षेत्राधिकारी गजेंद्र पाल सिंह ने बताया कि आरोपी इरफान बुढाना थाने से वांछित चल रहा था। बुधवार को मुखबिर से सूचना मिली कि वह विज्ञाना के जंगल में मौजूद है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने इलाके की घेराबंदी कर बदमाश को पकड़ने का प्रयास किया।
दुर्ग के सुपेला थाना क्षेत्र स्थित चंद्रा मौर्य चौक में रविवार दोपहर तेज रफ्तार कार ने रेड सिग्नल पर खड़े दोपहिया वाहनों को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में 16 साल के नूर खान और मनोहर कुमार गोनाडे की मौत हो गई, जबकि सलीम अली गंभीर रूप से घायल हो गया। उसका इलाज निजी अस्पताल में जारी है, लेकिन हालत नाजुक है। इस मामले में पुलिस ने आरोपी कार चालक सागर जायसवाल को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में सामने आया है कि आरोपी नशे की हालत में कार चला रहा था। उस पर पहले से भी नशे के कारोबार और नशा करने से जुड़े मामले दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार आरोपी को चिट्टा के साथ वैशाली नगर थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया जा चुका है। इसके अलावा उसके खिलाफ मोहन नगर थाना में अपराध क्रमांक 460/2025 के तहत एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 के अंतर्गत मामला भी दर्ज है। गर्मी की छुट्टियों में सीख रहा था AC रिपेयरिंग का काम यह हादसा 17 मई की दोपहर करीब 2:38 बजे का है। काले रंग की फोर्ड इकोस्पोर्ट कार (CG-07-BR-0571) चालक सागर जायसवाल दुर्ग से रायपुर की ओर जा रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कार तेज रफ्तार में थी। चालक ने रेड सिग्नल की अनदेखी करते हुए सिग्नल पर खड़े वाहनों को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि स्कूटी और बाइक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं और लोग कई फीट तक घिसटते चले गए। हादसे में सुपेला के साक्षरता चौक निवासी नूर खान की मौके पर ही मौत हो गई। वह पिछले चार-पांच दिनों से अपने मौसा सलीम अली के साथ एसी रिपेयरिंग का काम सीखने जा रहा था। रविवार को भी वह अपने मौसा के साथ स्कूटी से काम पर निकला था। दोपहर में हादसे की सूचना मिलने पर परिजन अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने नूर खान को मृत घोषित कर दिया। इस हादसे में मनोहर कुमार गोनाडे की भी मौत हो गई। घायल सलीम की हालत नाजुक, एक दिन पहले ही हुई थी बेटी इस हादसे में गंभीर रूप से घायल सलीम अली की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। परिवार के पास बेहतर इलाज के लिए पर्याप्त पैसे नहीं हैं। रिश्तेदार जनप्रतिनिधियों से मदद की गुहार लगा रहे हैं, लेकिन अब तक कोई सहायता नहीं मिल सकी है। बताया जा रहा है कि हादसे से एक दिन पहले ही सलीम के घर बेटी का जन्म हुआ था। उनकी पत्नी अस्पताल में भर्ती थी, तभी परिवार को एक्सीडेंट की सूचना मिली। रिश्तेदारों के मुताबिक, डॉक्टरों ने सलीम की हालत अब भी खतरे से बाहर नहीं बताई है। गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज पुलिस ने आरोपी सागर जायसवाल को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने हादसे में इस्तेमाल की गई फोर्ड कार और उससे जुड़े दस्तावेज भी जब्त कर लिए हैं। आरोपी के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया है। सुपेला थाना में सागर के खिलाफ धारा 105, 125(ए), 128 बीएनएस और 184 मोटर व्हीकल एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। ट्रैफिक पुलिस ने सिग्नल के भरोसे छोड़ा चौक इधर, शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर ट्रैफिक पुलिस केवल चालान काटने तक ही सीमित नजर आ रही है। चंद्रा-मौर्या चौक पर ट्रैफिक पुलिस के जवान कभी तैनात नहीं रहते। इस चौक को पूरी तरह सिग्नल के भरोसे छोड़ दिया गया है। ट्रैफिक पुलिस के जवान चालान काटने के लिए तय प्वाइंट्स पर मुस्तैदी से तैनात रहते हैं, लेकिन चौक-चौराहों की निगरानी नहीं होने से वाहन चालकों में ट्रैफिक नियमों का डर खत्म होता जा रहा है। वहीं, सुपेला क्षेत्र में शाम होते ही डंपर जैसे भारी वाहन भी बेखौफ आवाजाही करते नजर आते हैं, लेकिन इस ओर ट्रैफिक पुलिस का ध्यान नहीं है।
झज्जर केंद्रीय सहकारी बैंक के पूर्व वाइस चेयरमैन राजवीर ने अपने ऊपर लगे आरोपों को लेकर पहली बार मीडिया के सामने आकर सफाई दी। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह निराधार और झूठे हैं। राजवीर का कहना है कि बैंक में चल रही अनियमितताओं और गलत कार्यों का उन्होंने विरोध किया था, जिसके कारण उन्हें निशाना बनाया गया। राजवीर ने दावा किया कि बैंक में कार्यरत महिला कर्मचारी कई-कई दिनों तक अनुपस्थित रहती थी, लेकिन इसके बावजूद उस पर कोई कार्रवाई नहीं की जाती थी। उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर उन्होंने बैंक प्रबंधन के सामने भी सवाल उठाए थे। इसके अलावा बैंक में लगाई गई एक गाड़ी के नाम पर भी गलत तरीके से पैसे लिए जाने का आरोप लगाया। राजवीर के अनुसार उन्होंने इस पूरे मामले में पारदर्शिता की मांग की थी और खर्चों की जांच की बात कही थी। पूर्व वाइस चेयरमैन ने कहा कि जब उन्होंने इन मुद्दों का विरोध शुरू किया तो उनके खिलाफ माहौल बनाया गया। उनका आरोप है कि बैंक में अनियमितताओं को उजागर करने की वजह से उन्हें बदनाम करने का प्रयास किया गया। राजवीर ने कहा कि उन्होंने संबंधित मामले में पहले शिकायत दी थी, लेकिन उनकी शिकायत के करीब तीन दिन बाद ही उनके खिलाफ झूठी शिकायत कर दी गई। उन्होंने कहा कि सच्चाई सामने आने पर सभी आरोप अपने आप बेनकाब हो जाएंगे। राजवीर ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग भी उठाई। उनका कहना है कि यदि पूरे रिकॉर्ड और दस्तावेजों की जांच हो जाए तो वास्तविक स्थिति साफ हो जाएगी। क्या है मामला हाल ही में झज्जर केंद्रीय सहकारी बैंक के वाइस चेयरमैन राजवीर को निलंबित किए जाने का पत्र उप रजिस्ट्रार रोहतक की ओर से जारी किया गया था। उन पर बैंक कर्मचारी व भाजपा नेत्री से छेड़छाड़ और जातिसूचक शब्द कहने जैसे आरोप लगाए गए थे। मामले के सामने आने के बाद अब राजवीर ने मीडिया के सामने आकर अपनी सफाई दी है और खुद को निर्दोष बताया है।
सीकर में 94 पैसे महंगा हुआ पेट्रोल:अब 109.84 रुपए प्रति लीटर नई रेट, डीजल पर भी 91 पैसे बढ़े
देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में मंगलवार को बढ़ोतरी हुई है। सीकर में भी अब पेट्रोल 94 पैसे प्रति लीटर महंगा हो गया है। अब पेट्रोल की रेट 109.84 रुपए प्रति लीटर हो चुकी है। इतना ही नहीं डीजल पर भी करीब 91 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है। नई दरें आज से ही लागू हुई हैं। 7 दिनों के भीतर दूसरी बार पेट्रोल और डीजल के दामों में बढ़ोतरी हुई है। इससे पहले 15 मई को ही सीकर में पेट्रोल और डीजल में करीब 3-3 प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई। सीकर पेट्रोलियम डीलर्स संगठन के महासचिव अरुण फागलवा ने बताता कि आज से नई दरें सीकर में लागू भी हो चुकी हैं। देखिए पेट्रोल और डीजल के नए भाव पेट्रोल-डीजल की कीमतों में क्यों हुई बढ़ोतरी? इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव है। ईरान और अमेरिका की जंग शुरू होने से पहले क्रूड ऑयल के दाम 70 डॉलर थे जो अब बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गए हैं। क्रूड की कीमतें बढ़ने से तेल कंपनियां दबाव में थीं। इसलिए कंपनियों ने घाटे की भरपाई के लिए यह कदम उठाया है। अगर कच्चे तेल की कीमतों में लंबे समय तक तेजी बनी रहती है तो पेट्रोल-डीजल की कीमतें और भी बढ़ाई जा सकती हैं। पड़ोसी देशों में बढ़े दाम, भारत में अब हुआ इजाफा सरकार अब तक यह तर्क देती रही थी कि पश्चिम एशिया युद्ध के कारण वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतों में उछाल आया है। इसके चलते पाकिस्तान, नेपाल और श्रीलंका जैसे पड़ोसी देशों में पेट्रोल-डीजल की कीमतें 15% से 20% तक बढ़ गईं, लेकिन भारतीय उपभोक्ताओं पर इसका बोझ नहीं डाला गया। 2024 से दाम नहीं बदले थे, चुनाव से पहले कटौती हुई थी देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें मार्च 2024 से स्थिर बनी हुई थीं। लोकसभा चुनाव 2024 से ठीक पहले सरकार ने कीमतों में ₹2 प्रति लीटर की कटौती कर जनता को राहत दी थी। हालांकि, तकनीकी रूप से भारत में ईंधन की कीमतें विनियमित हैं और कंपनियां अंतरराष्ट्रीय क्रूड की 15 दिनों की औसत कीमत के आधार पर हर दिन रेट बदल सकती हैं, लेकिन राजनीतिक संवेदनशीलता के कारण इन्हें लंबे समय तक नहीं बदला गया। तेल कंपनियों को हर महीने 30 हजार करोड़ का घाटा हो रहा था सरकार के मुताबिक, इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी सरकारी कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के कारण घाटे में चल रही थीं । पेट्रोलियम मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा के अनुसार कंपनियों को पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की बिक्री पर हर महीने करीब ₹30,000 करोड़ का नुकसान हो रहा है। ---------------------- ये खबर भी पढ़िए सीकर में 3.25 रुपए महंगा हुआ पेट्रोल:डीजल में भी 3.02 रुपए की बढ़ोतरी; नई दरें आज से ही लागू पेट्रोलियम कंपनियों की ओर से पेट्रोल और डीजल की बढ़ी कीमतों को आज से ही लागू कर दिया गया है। अब सीकर में पेट्रोल 3.25 रुपए और डीजल 3.02 रुपए महंगा हो गया है।(पूरी खबर पढ़ें)
जमुई में सदर अस्पताल को जाने वाली मुख्य सड़क की हालत खराब है। महाराजगंज से सदर अस्पताल को जोड़ने वाला यह मार्ग केंद्रीय पुस्तकालय के पास पूरी तरह जर्जर हो चुका है। बड़े गड्ढे और उखड़ी सड़क के कारण मरीजों, एंबुलेंस चालकों और राहगीरों को परेशानी हो रही है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, यह सड़क जिले के सबसे व्यस्त मार्गों में से एक है। प्रतिदिन सैकड़ों मरीज इलाज के लिए इसी रास्ते से सदर अस्पताल पहुंचते हैं। लंबे समय से मरम्मत न होने के कारण सड़क की स्थिति लगातार बिगड़ रही है। बारिश में गड्ढों में पानी भर जाने से वाहन चालकों को सड़क की वास्तविक स्थिति का पता नहीं चल पाता, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। रात के समय कम रोशनी के कारण खतरा बढ़ता ऑटो, ई-रिक्शा और बाइक सवारों को इस मार्ग पर सबसे अधिक दिक्कतें आ रही हैं। कई बार वाहन गड्ढों में फंसकर अनियंत्रित हो जाते हैं, जिससे लोग घायल हो रहे हैं। मरीजों को ले जाने वाले एंबुलेंस चालकों को भी काफी परेशानी होती है। रात के समय कम रोशनी के कारण खतरा और बढ़ जाता है। सदर अस्पताल जिले का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों ने बताया कि उन्होंने कई बार प्रशासन और नगर परिषद को सड़क की खराब स्थिति के बारे में सूचित किया है। हालांकि, अब तक मरम्मत के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। लोगों का कहना है कि सदर अस्पताल जिले का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल है, जहां दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों से भी मरीज आते हैं। इसके बावजूद अस्पताल मार्ग की ऐसी स्थिति प्रशासनिक उदासीनता को दर्शाती है। नागरिकों ने जिला प्रशासन से जल्द से जल्द सड़क की मरम्मत कराने, गड्ढों को भरने और जल निकासी की व्यवस्था को ठीक करने की मांग की है, ताकि मरीजों और आम लोगों को राहत मिल सके।
धार की ऐतिहासिक भोजशाला में आज (मंगलवार) महासत्याग्रह और 'महाविजय महोत्सव' का आयोजन किया जा रहा है। हाल ही में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) द्वारा भोजशाला को लेकर दिए गए ऐतिहासिक फैसले के बाद हिंदू समाज में भारी उत्साह है। परंपरानुसार, मां वाग्देवी की पूजा-अर्चना और अखंड ज्योति की स्थापना के साथ इस महासत्याग्रह की शुरुआत हुई, जिसके समापन पर आतिशबाजी कर विजय महोत्सव मनाया जाएगा। हाई कोर्ट ने शुक्रवार को भोजशाला को मंदिर माना था, जिसके बाद शनिवार को ASI ने एक नया आदेश जारी कर हिंदू समाज को साल के 365 दिन यहां पूजन करने का अधिकार दे दिया। इस फैसले के बाद सोमवार सुबह से लेकर शाम तक बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे। भोज उत्सव समिति द्वारा भक्तों को भोजशाला के प्राचीन स्तंभों और शिलालेखों की विस्तृत जानकारी दी गई। श्रद्धालुओं ने इस ऐतिहासिक क्षण को सेल्फी लेकर अपने मोबाइल में कैद किया। धार के अलावा अन्य जिलों से भी लोग दर्शन करने के लिए पहुंच रहे हैं। लंदन से मूल प्रतिमा लाने की उठी मांगभोजशाला पहुंच रहे श्रद्धालुओं की जुबां पर बस एक ही बात है कि मां वाग्देवी की आत्मा तो यहां स्थापित हो चुकी है, अब जल्द ही लंदन से उनकी मूल प्रतिमा को लाकर भी यहां स्थापित किया जाना चाहिए। गौरतलब है कि रविवार को हिंदू समाज द्वारा भोजशाला में मां वाग्देवी के प्रतिकृति स्वरूप की स्थापना कर पूरे दिन अनुष्ठान किए गए थे। इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ जब पूरे 24 घंटे तक मां का स्वरूप भोजशाला में विराजमान रहा और अखंड ज्योति प्रज्वलित रही। अब समाज द्वारा प्रतिदिन यहां मां का पूजन किया जाएगा। घर से आतिशबाजी लेकर पहुंचेंगे श्रद्धालुभोज उत्सव समिति के गोपाल शर्मा ने बताया कि प्रति मंगलवार भोजशाला में सत्याग्रह होता है। इस ऐतिहासिक फैसले के बाद यह पहला मंगलवार है, इसलिए इसे 'महासत्याग्रह' के रूप में मनाया जा रहा है। समिति ने बड़ी संख्या में हिंदू समाज के लोगों से इस महासत्याग्रह में शामिल होने का आह्वान किया है। सत्याग्रह के पश्चात अखंड ज्योति मंदिर पर आतिशबाजी कर विजय महोत्सव मनाने का निर्णय लिया गया है। इस उत्सव को ऐतिहासिक बनाने के लिए समाज के लोग अपने-अपने घरों से पटाखे लेकर पहुंचेंगे। ये खबर भी पढ़ें… MP हाईकोर्ट ने धार भोजशाला को वाग्देवी मंदिर माना- अयोध्या केस को फैसले का आधार बनाया मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने धार की भोजशाला को वाग्देवी मंदिर माना है। शुक्रवार को दिए फैसले में हाईकोर्ट ने कहा- हमने पुरातात्विक और ऐतिहासिक तथ्यों, एएसआई की सर्वे रिपोर्ट पर विचार किया है। ASI एक्ट के प्रावधानों के साथ-साथ अयोध्या मामले को भी आधार माना। न्यूज वेबसाइट बार एंड बेंच के मुताबिक, हाईकोर्ट ने कहा…पूरी खबर पढ़ें
पूर्णिया के अमौर रेफरल अस्पताल की स्वास्थ्य सुविधाएं चरमराई दिख रही हैं। अस्पताल में गंदगी, अवैध वसूली, डॉक्टरों की लापरवाही और मूलभूत सुविधाओं की कमी से लोग परेशान हैं। हालात ऐसे हैं कि मरीज गंदे बेड पर इलाज कराने को मजबूर हैं, जबकि प्रसूति महिलाओं और बच्चों को घंटों फर्श पर बैठकर इंतजार करना पड़ रहा है। मरीजों का आरोप है कि सरकारी अस्पताल में मुफ्त इलाज के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति हो रही है और हर कदम पर पैसे की मांग की जा रही है। यहां इलाज कराने पहुंचे मरीज और उनके परिजन स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठा रहे हैं। कैंपस में गंदगी का अंबार मरीज मोहम्मद इरफान ने आरोप लगाया कि इलाज के दौरान उन्हें अधिकांश दवाइयां बाहर से खरीदनी पड़ीं। गरीब मुफ्त इलाज की उम्मीद लेकर अस्पताल आते हैं, लेकिन यहां हर कदम पर पैसे मांगे जाते हैं। अस्पताल परिसर में गंदगी का अंबार लगा है। पीने के पानी की व्यवस्था भी पूरी तरह ध्वस्त है। परिसर का कोई भी चापाकल सही तरीके से काम नहीं कर रहा, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। सरकारी मीनू के मुताबिक भोजन नहीं दिया जा रहा। नाश्ते के नाम पर केवल दूध और बिस्कुट देकर खानापूर्ति की जाती है, जबकि तय मीनू में अंडा, केला और पाव रोटी जैसी चीजें शामिल हैं। 500 से 600 रुपए तक वसूले जा रहे मरीज परिजन रुखसाना खातून ने आरोप लगाया कि डिलीवरी के नाम पर खुलेआम रुपए की मांग की जाती है। अस्पताल में डिलीवरी के दौरान अवैध वसूली के गंभीर आरोप भी सामने आए हैं। आशा कार्यकर्ताओं और मरीजों के परिजनों का कहना है कि बिना पैसे यहां कोई काम नहीं होता। किसी से 500 रुपए तो किसी से 600 रुपए तक वसूले गए। एक आशा कार्यकर्ता ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि एम्बुलेंस में प्रसव होने के बाद भी अस्पताल पहुंचते ही पैसे मांगे गए और 300 रुपए देने के बाद ही काम किया गया। आशा कार्यकर्ताओं का आरोप है कि स्वास्थ्य कर्मी खुलेआम कहते हैं कि पैसा ऊपर तक देना पड़ता है। ग्रामीणों ने डॉक्टरों की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए हैं। लोगों का आरोप है कि डॉक्टर तय समय पर अस्पताल में मौजूद नहीं रहते। कई बार इमरजेंसी के दौरान भी डॉक्टर ड्यूटी से गायब मिलते हैं। मरीजों का कहना है कि प्राथमिक इलाज करने के बजाय उन्हें तुरंत पूर्णिया या दूसरे बड़े अस्पतालों के लिए रेफर कर दिया जाता है, जिससे रास्ते में मरीजों की हालत और बिगड़ जाती है। सख्त कार्रवाई की मांग लगातार शिकायतों के बावजूद व्यवस्था में सुधार नहीं होने से ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों में भारी आक्रोश है। लोगों ने जिला प्रशासन और सिविल सर्जन से मामले की उच्च स्तरीय जांच कर दोषी स्वास्थ्य कर्मियों पर सख्त कार्रवाई और अस्पताल की व्यवस्था तत्काल सुधारने की मांग की है। मामले की जांच की जा रही है वहीं प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. एहतमामुल हक ने कहा कि अस्पताल से जुड़ी शिकायतों की जांच की जा रही है। जो भी कर्मी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
पश्चिमी राजस्थान के शुष्क ग्रामीण इलाकों में गर्मियों के दौरान वन्यजीवों और पशुओं के लिए पानी की कमी एक बड़ी समस्या बन जाती है। इस संकट को दूर करने के लिए ग्रीन डेजर्ट संस्था के सहयोग से पर्यावरण प्रेमी 'ग्रीनमैन' नरपतसिंह पिछले 7 वर्षों से लगातार जल सेवा का काम कर रहे हैं। इसी कड़ी में अब जैसलमेर जिले के सम क्षेत्र में एक नए विशाल जलकुंड का निर्माण कार्य शुरू किया गया है। यह इस अभियान का 12वां जलकुंड है, जो आने वाले दिनों में स्थानीय वन्यजीवों, पक्षियों और गोवंश को पानी की सुविधा देगा और उनके लिए पानी का मुख्य स्रोत बनेगा। बाड़मेर-जैसलमेर सहित 4 जिलों में फैला नेटवर्क नरपतसिंह ने बताया कि संस्था का मुख्य उद्देश्य गर्मी के मौसम में वन्यजीवों के जल संकट को कम करना है। इस अभियान के तहत अब तक बाड़मेर, जैसलमेर, जोधपुर और बालोतरा क्षेत्रों में 11 जलकुंडों का निर्माण पूरा किया जा चुका है। इन कुंडों से रोजाना बड़ी संख्या में जीव-जंतु अपनी प्यास बुझा रहे हैं। सम क्षेत्र में नए काम की शुरुआत के दौरान स्थानीय ग्रामीण मुसाखान और भगवानाराम भी मौजूद रहे। संस्था ने अब हर साल कम से कम 3 नए जलकुंड बनाने का लक्ष्य रखा है ताकि रेगिस्तान के सुदूर इलाकों में वन्यजीवों को पानी के लिए भटकना न पड़े। क्यों जरूरी हैं ये जलकुंड पश्चिमी राजस्थान के ग्रामीण इलाकों में गर्मियों के दिनों में प्राकृतिक पानी के स्रोत पूरी तरह सूख जाते हैं। पानी की तलाश में वन्यजीव अक्सर आबादी वाले क्षेत्रों या मुख्य सड़कों की तरफ आ जाते हैं, जिससे वे आवारा कुत्तों के हमले या सड़क हादसों का शिकार हो जाते हैं। सरकारी स्तर पर बनाई गई पानी की खेलियां भी कई बार खाली रह जाती हैं। ऐसे में ग्रीन डेजर्ट संस्था द्वारा बनाए जा रहे ये पक्के जलकुंड वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक आवास में ही पानी उपलब्ध करा रहे हैं। इन कुंडों में टैंकरों से नियमित पानी भरा जाता है, जिससे जीवों को भटकना नहीं पड़ता। बेजुबान प्यासे ना रहे- नरपतसिंह ग्रीन डेजर्ट संस्थान के संस्थापक, नरपतसिंह बताते हैं- शुष्क ग्रामीण इलाकों में गर्मियों में वन्यजीवों और मवेशियों के लिए पानी की कमी सबसे बड़ी समस्या है। इसे देखते हुए ही हमारी संस्था ने वन्यजीवों के लिए जल संकट को कम करने का संकल्प लिया है। हमारा लक्ष्य हर वर्ष कम से कम 3 नए जलकुंड बनाकर इस सेवा का विस्तार करना है, ताकि किसी भी बेजुबान को प्यासा न रहना पड़े। इस काम में स्थानीय ग्रामीणों और पर्यावरण प्रेमियों का भी पूरा सहयोग मिल रहा है।
बाड़मेर जिले की बायतु पुलिस ने गहने चोरी के दो शातिर चोर को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से चुराए सोने की धातु के 2 फूल बरामद किए है। इनका वजन 18 ग्राम है। चोर रात्रि जागरण में नाचने के बाद चोरी करते थे। फिलहाल पुलिस दोनों कलाकारों से अन्य चोरी की वारदात को लेकर पूछताछ कर रही है। पुलिस के अनुसार बायतु पनजी निवासी पदमाराम पुत्र तगाराम ने 10 मई को पुलिस थाना बायतु में रिपोर्ट दी थी। इसमें बताया- घर पर जसनाथ जी महाराज की रात को जागरण का आयोज था। इसमें भजन मंडली में आए कलाकार गोपालनाथ व दिनेशनाथ ने रात के समय में नींद में सोए पिताजी तगाराम के गले में पहना सोने का फूल चुरा लिया। 12 अप्रैल को पड़ोसी बाबुराम पुत्र आईदानराम के घर रात में जागरण में इन्ही चोरों ने बाबुराम के रिश्तेदार श्रवण कुमार के गले में पहना सोने का फूल चुरा लिया। रिपोर्ट पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू की। एसपी चूनाराम जाट ने बताया- पुलिस मुख्यालय और जोधपुर रेंज आईजी के निर्देशानुसार एएसपी नितेश आर्य, डीएसपी शिव नारायण चौधरी के सुपरविजन में बायतु थानाधिकारी मनोहर लाल विश्नोई के नेतृत्व में टीम बनाई गई। टीम ने गोपनीय तरीके से सूचना इकट्ठी की थी। आरोपी गोपालनाथ (19) पुत्र श्रीचंद, दिनेशनाथ पुत्र हडमाननाथ दोनों कलाकार,निवासी बंबलू पुलिस थाना जामसर जामसर, बीकानेर को डिटेन किया गया। पूछताछ करने पर चोरी की वारदात करना स्वीकार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों को कोर्ट में पेश कर पीसी रिमांड पर लिया गया रात में जागरण के दौरान तगाराम व श्रवण कुमार के चुराए सोने की धातु के 2 फूल खेतों में छुपाकर रखे थे। चोरों की निशानदेही पर बरामद किए गए। इसका वजन 18 ग्राम है। कार्रवाई में एएसआई चेलाराम, देवाराम, गोगाराम, अर्जुनराम, हुकमाराम, लाभुाम, श्यामलाल, भगवानराम शामिल रहे।
आजमगढ़ जिले के मुबारकपुर थाना क्षेत्र में पत्नी ने अपने पति के विरोधी शराब के नशे में धुत होकर जमकर मारपीट किए जाने का मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस को दिए शिकायती पत्र में पीड़िता प्रियंका चौहान ने आरोप लगाया कि मेरे पति हरिओम चौहान जिनसे हमारी शादी नव वर्ष पहले हुई है। हमारे एक लड़का भी है। हमारे पति हरिओम चौहान लंबे समय से शराब पीकर पिटाई करते हैं। इससे काफी परेशान हूं। परिवार और समाज के डर से कभी आवाज नहीं उठाई पर अब हद हो गई है। हरिओम चौहान ने शराब के नशे में विवाद किया जिसके बाद जान से मारने की नीयत से ईट डंडा से हमला कर दिया जिससे कई जगह चोट लगी और सिर्फ फट गया। पति द्वारा की गई इस मारपीट से मैं बेहोश हो गई इसके बाद पड़ोसियों ने इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया जहां इलाज के दौरान सिर में 13 टांके लगाए गए। पीड़िता की तहरीर पर दर्ज हुआ मुकदमा पुलिस को दिए शिकायती पत्र में पीड़िता ने आरोप लगाया कि पति द्वारा पिटाई के बाद ससुराल के लोग ना तो अस्पताल आए और ना ही दवा कराए। ऐसे में मायके के लोगों ने मेरा इलाज कराया। पीड़िता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
सुपौल जिले के राघोपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत सिमराही एनएच-27 स्थित मछली मार्केट के समीप सोमवार की रात करीब 11 बजे एक दर्दनाक सड़क हादसे में बाइक सवार युवक की मौत हो गई। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जुट गई। बताया जा रहा है कि किसी अज्ञात तेज रफ्तार वाहन ने बाइक सवार को कुचल दिया और मौके से फरार हो गया। मृतक की पहचान सिमराही नगर पंचायत के दिना दास टोला वार्ड संख्या-2 निवासी 29 वर्षीय राकेश पाण्डेय के रूप में हुई है। वह योगेन्द्र पाण्डेय के पुत्र थे। हादसे की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। राकेश अपने परिवार के इकलौते कमाऊ सदस्य थे, ऐसे में उनकी मौत से परिवार पूरी तरह टूट गया है। 3 बच्चों का था पिता बताया गया कि राकेश पाण्डेय अपने पीछे पत्नी सरिता देवी और तीन छोटे बच्चों को छोड़ गए हैं। बच्चों में 10 वर्षीय आदित्य कुमार, 10 वर्षीय अंकित कुमार और 7 वर्षीय प्रिया कुमारी शामिल हैं। पिता की मौत की खबर सुनते ही बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। घर में चीख-पुकार और मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है। मंगलवार सुबह जैसे ही हादसे की जानकारी गांव में फैली, मृतक के घर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। पत्नी सरिता देवी, मां माला देवी और पिता योगेन्द्र पाण्डेय गहरे सदमे में हैं। परिजन बार-बार बेसुध होकर राकेश को याद कर विलाप कर रहे थे। मां और पत्नी की दर्दभरी चीखों से माहौल गमगीन हो गया। परिवार की पूरी जिम्मेदारी संभालता था स्थानीय लोगों के अनुसार, राकेश परिवार की पूरी जिम्मेदारी संभालते थे और मेहनत-मजदूरी कर घर चलाते थे। उनकी असमय मौत से पूरे इलाके में शोक की लहर है। राघोपुर थानाध्यक्ष अमित कुमार राय ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया गया है। पुलिस अज्ञात वाहन की पहचान और मामले की जांच में जुटी हुई है।
सुपौल में डीएम सावन कुमार ने मनरेगा योजनाओं में अनियमितता को लेकर बड़ा प्रशासनिक एक्शन लिया है। जिला ग्रामीण विकास अभिकरण (डीआरडीए), सुपौल में कार्यरत जिला वित्त प्रबंधक विशाल कुमार की सेवा समाप्त कर दी गई है। उन पर डीपीसी लॉगिन का दुरुपयोग कर बिना सक्षम स्वीकृति के मनरेगा योजनाओं को ऑनलाइन मार्क करने का आरोप था। जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम का गठन किया गया था, जिसने वित्तीय वर्ष 2024-25 में डीपीसी लॉगिन से मार्क की गई योजनाओं की जांच की। जांच प्रतिवेदन में खुलासा हुआ कि विभिन्न श्रेणी की कुल 991 मनरेगा योजनाएं डीपीसी लॉगिन से ऑनलाइन मार्क की गई थीं। इनमें आंगनबाड़ी, बाढ़ नियंत्रण, ग्रामीण कनेक्टिविटी, जल संरक्षण और सूक्ष्म सिंचाई जैसी योजनाएं शामिल थीं। 899 योजनाओं को मनमाने ढंग से मार्क किया जांच में पाया गया कि 991 योजनाओं में से केवल 92 योजनाओं को ही संचिका के माध्यम से सक्षम प्राधिकार से अनुमोदन प्राप्त था, जबकि शेष 899 योजनाओं को बिना निर्धारित प्रक्रिया अपनाए मनमाने ढंग से मार्क किया गया। मामले में जिला वित्त प्रबंधक विशाल कुमार से स्पष्टीकरण भी मांगा गया, लेकिन तय समय सीमा के भीतर उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। डीएम सह जिला कार्यक्रम समन्वयक सावन कुमार ने इसे कर्तव्य में घोर लापरवाही, स्वेच्छाचारिता और उच्चाधिकारियों के आदेश की अवहेलना मानते हुए बिहार रूरल डेवलपमेंट सोसाइटी (BRDS) के नियमों के तहत अनुबंध रद्द कर सेवा समाप्त करने की कार्रवाई की। आदेश में यह भी कहा गया है कि संबंधित कर्मी 30 दिनों के भीतर ग्रामीण विकास विभाग के प्रधान सचिव के समक्ष अपील कर सकते हैं।
यमुनानगर में मंगलवार सुबह बड़ा हादसा हो गया। पश्चिम यमुना नहर में तीर्थनगर पुल के पास एक पोकलेन मशीन अचानक नहर में जा गिरी। हादसे के समय मशीन नहर के आसपास चल रहे कार्य में लगी हुई थी। मशीन के नहर में गिरते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास मौजूद लोगों में हड़कंप फैल गया। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से राहत कार्य शुरू किया गया। काफी मशक्कत के बाद मशीन के कैबिन में फंसे ड्राइवर को बाहर निकाला गया। चालक की हालत गंभीर होने के चलते उसे तुरंत सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार, उसकी स्थिति नाजुक बनी हुई है। बताया जा रहा है कि हादसा पश्चिम यमुना नहर के तीर्थनगर पुल के पास हुआ। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि मशीन अचानक कैसे नहर में गिरी। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है। खबर को अपडेट किया जा रहा है…
बरेली के मढ़ीनाथ पुल पर सुबह से ही हालात बेहद खराब नजर आए। मढ़ीनाथ पुलिया पर गाड़ियों का ऐसा रेला लगा कि देखते ही देखते पूरा इलाका चक्काजाम हो गया। जाम इस कदर बढ़ गया कि लोगों को घंटों एक ही जगह पर खड़ा रहना पड़ा। सुबह के वक्त लगे इस भीषण जाम ने नौकरीपेशा लोगों और राहगीरों का शेड्यूल पूरी तरह से बिगाड़ कर रख दिया है। पैदल स्कूल जाने को मजबूर हुए बच्चेइस जाम का सबसे बुरा असर स्कूली बच्चों पर पड़ा है। सड़कों पर स्कूली वैन, ऑटो और बसें जहां की तहां थम गईं। जाम में फंसकर बच्चे लेट न हों, इसलिए पेरेंट्स ने समझदारी दिखाई और बच्चों को मढ़ीनाथ पुल से काफी पहले ही गाड़ियों से उतार दिया। इसके बाद बच्चे भारी बस्ते लादे पैदल ही स्कूल की तरफ दौड़ते नजर आए। कई पेरेंट्स जो अपनी बाइक या कार से बच्चों को छोड़ने जा रहे थे, वे भी बीच रास्ते में फंसे रहे। चौपुला पुल बंद होने से बिगड़े हालातमढ़ीनाथ पर इस महाजाम की असली वजह चौपुला पुल का बंद होना है। रेलवे ओवरब्रिज (ROB) पर इस समय मरम्मत का काम चल रहा है, जिसके चलते प्रशासन ने इसे डेढ़ महीने के लिए पूरी तरह बंद कर दिया है। चौपुला पुल बदायूं रोड को जोड़ने वाला एक बेहद महत्वपूर्ण जरिया है। इसके बंद होते ही बदायूं की तरफ जाने वाली लाखों की आबादी का पूरा ट्रैफिक लोड मढ़ीनाथ और शांति विहार रोड पर शिफ्ट हो गया है। संकरी पुलिया नहीं झेल पा रही लोडमढ़ीनाथ की पुलिया पहले से ही काफी संकरी है, जहां सामान्य दिनों में भी अक्सर गाड़ियां फंस जाती हैं। अब जब शहर के एक बड़े हिस्से का ट्रैफिक इस सिंगल रूट पर आ गया, तो यहां की व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर चौपुला पुल के पास अंडरपास बना दिया गया होता, तो आज जनता को इस तरह की मुसीबत नहीं झेलनी पड़ती। अंडरपास न होने का खामियाजा अब पूरी जनता भुगत रही है। ट्रैफिक पुलिस के छूटे पसीने, ई-रिक्शा भी बैनजाम की सूचना मिलते ही मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। दर्जनों ट्रैफिक पुलिसकर्मी पसीना बहाते हुए व्यवस्था संभालने में जुटे रहे। जाम से निपटने के लिए प्रशासन ने मढ़ीनाथ रूट पर ई-रिक्शा के एंट्री को पूरी तरीके से बैन कर दिया है। पुलिस लगातार नए-नए प्रयोग कर रही है, लेकिन भारी ट्रैफिक लोड के आगे सारे इंतजाम नाकाफी साबित हो रहे हैं। सुबह और शाम के पीक आवर्स में स्थिति सबसे ज्यादा गंभीर बनी हुई है।
मैहर में पत्नी को तीन तलाक, बर्खास्त सिपाही गिरफ्तार:4 साल पहले हुआ था निकाह, आरोपी को भेजा जेल
मैहर जिले में पत्नी को तीन तलाक देने के आरोप में विशेष सशस्त्र बल (एसएएफ) के एक बर्खास्त सिपाही को गिरफ्तार किया गया है। ताला थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे जेल भेज दिया है। यह घटना केंद्र सरकार की ओर से 2019 में बनाए गए कानून का उल्लंघन है। ताला थाना प्रभारी महेंद्र मिश्रा ने बताया कि बंदरखा निवासी तहरून निशा (46) ने लगभग तीन-चार साल पहले फतेह मोहम्मद खान (72) से निकाह किया था। फतेह मोहम्मद खान विशेष सशस्त्र बल का बर्खास्त सिपाही है। एक महीने पहले मामूली बहस के बाद आरोपी ने अपनी पत्नी को तीन बार तलाक बोलकर छोड़ दिया था। 18 अप्रैल को थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई पीड़ित महिला ने बीते 18 अप्रैल को थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू की। प्राथमिक साक्ष्य मिलने पर मुस्लिम महिला (विवाह पर अधिकार संरक्षण) अधिनियम 2019 की धारा 4 के तहत मामला दर्ज किया गया। शिकायत के बाद से ही आरोपी फरार था और पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। लगातार तलाश के बाद, पुलिस ने सोमवार को आरोपी फतेह मोहम्मद खान को गिरफ्तार कर लिया। उसे मैहर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार, आरोपी फतेह मोहम्मद खान पहले विशेष सशस्त्र बल में सिपाही के पद पर कार्यरत था। हालांकि, खराब आचरण और अनुशासनहीनता के चलते उसे सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था।
बक्सर में भीषण गर्मी, 8वीं तक की क्लास बंद:जिलाधिकारी ने 19 से 31 मई तक प्रतिबंध का आदेश दिया
बक्सर में भीषण गर्मी और लू के मद्देनजर जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। जिलाधिकारी साहिला ने जिले के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों, प्री-स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों तथा कोचिंग संस्थानों में कक्षा एक से आठवीं तक की शैक्षणिक गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। यह आदेश 19 मई 2026 से 31 मई 2026 तक प्रभावी रहेगा। जारी आदेश में बताया गया है कि जिले में तापमान में लगातार वृद्धि हो रही है। दोपहर के समय भीषण गर्मी और लू की स्थिति बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है। मौसम विभाग की चेतावनी और स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों को देखते हुए प्रशासन ने यह एहतियाती कदम उठाया है। आठवीं से ऊपर की कक्षाओं का संचालन सुबह 11 बजे तक जिलाधिकारी द्वारा जारी नए आदेश के अनुसार, इससे पहले 16 मई को जारी निर्देश में सुबह 11:30 बजे तक कक्षाओं के संचालन की अनुमति दी गई थी। हालांकि, मौसम की गंभीर स्थिति को देखते हुए अब कक्षा एक से आठवीं तक की सभी शैक्षणिक गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। कक्षा आठवीं से ऊपर की कक्षाओं का संचालन सुबह 11 बजे तक जारी रहेगा। यह आदेश जिले के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों, प्री-स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों तथा कोचिंग संस्थानों पर समान रूप से लागू होगा। प्रशासन ने सभी संबंधित अधिकारियों को इस आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया है। अधिक से अधिक पानी पीने की सलाह दी जिला प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों को अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने दें। गर्मी से बचाव के लिए पर्याप्त पानी, हल्का भोजन और अन्य सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है। स्वास्थ्य विभाग ने भी लोगों को दोपहर के समय बाहर निकलने से बचने, धूप में सिर ढंककर रहने और अधिक से अधिक पानी पीने की सलाह दी है। बक्सर में पिछले कुछ दिनों से तापमान लगातार बढ़ रहा है, जिससे दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा है और गर्म हवाओं से जनजीवन प्रभावित हो रहा है। बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन का यह निर्णय महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बीकानेर जिले के अरजनसर-पल्लू मेगा हाईवे पर कैपमॉर एफएक्स ऑनलाइन ठगी मामले में गवाही देकर लौट रहे कर्नाटक के लोगों पर हुए जानलेवा हमले के मामले में घटना के दो दिन बाद भी पुलिस किसी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। जबकि पुलिस के पास उस फॉर्च्यूनर गाड़ी के नंबर भी मौजूद हैं, जिसमें सवार होकर बदमाश आए थे और पीड़ितों के साथ मारपीट की थी। मामला रविवार रात का है। करोड़ों रुपए की ऑनलाइन ठगी से जुड़े बहुचर्चित कैपमॉर एफएक्स प्रकरण में कर्नाटक के कुछ लोग श्रीगंगानगर में न्यायालय में गवाही देकर वापस लौट रहे थे। इसी दौरान अरजनसर-पल्लू मेगा हाईवे पर रानीसर के पास एक फॉर्च्यूनर गाड़ी ने उनका पीछा किया और रास्ता रोक लिया। पीड़ितों के अनुसार गाड़ी में सवार तीन-चार बदमाश नीचे उतरे और लाठियों से उनकी गाड़ी पर हमला कर दिया। अचानक हुए हमले से घबराए लोग अपनी गाड़ी वापस मोड़कर अरजनसर की तरफ भागे, लेकिन बदमाश लगातार पीछा करते रहे। रेलवे फाटक बंद मिला, खेतों में छिपकर बचाई जान जान बचाने के प्रयास में पीड़ित अरजनसर रेलवे फाटक तक पहुंचे, लेकिन वहां फाटक बंद मिला। इसके बाद वे गाड़ी को कच्चे रास्ते पर ले गए। आगे रास्ता बंद होने पर पीड़ित गाड़ी छोड़कर खेतों में छिप गए। बाद में सूचना मिलने पर महाजन पुलिस मौके पर पहुंची। करोड़ों की ऑनलाइन ठगी से जुड़ा है मामला जानकारी के अनुसार कैपमॉर एफएक्स कंपनी के खिलाफ गत वर्ष श्रीगंगानगर में करोड़ों रुपए की ऑनलाइन ठगी का मामला दर्ज हुआ था। आरोप है कि कंपनी ने कर्नाटक के लोगों से करीब चार से पांच करोड़ रुपए की ठगी की थी। हाल ही पुलिस द्वारा मामले में एफआर लगाए जाने से असंतुष्ट परिवादी न्यायालय में गवाही देने पहुंचे थे। पुलिस बोली- नंबर ट्रेस किए, तलाश जारी महाजन थाना प्रभारी भजनलाल लावा के अनुसार कर्नाटक निवासी कटप्पा की ओर से तीन-चार अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया है। हमलावरों ने चेहरे ढक रखे थे। पुलिस ने संदिग्ध फॉर्च्यूनर के नंबर ट्रेस कर लिए हैं और आरोपियों की तलाश की जा रही है। हालांकि घटना के दो दिन बाद भी किसी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है।
लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी इलाके में 22 वर्षीय युवती की हत्या कर शव जंगल में फेंकने का मामला सामने आया है। युवती की 14 मई को सगाई हुई थी। सोमवार को जब परिजन गुमशुदगी दर्ज कराने थाने पहुंचे, तब उन्हें इस वारदात की जानकारी मिली। बाद में मोर्चरी पहुंचकर उन्होंने शव की पहचान की। युवती के सिर पर चोट के निशान मिले हैं। पुलिस हत्या के एंगल से जांच कर रही है। गुमशुदगी दर्ज कराने पहुंचे परिजनों को पता चला सच पीजीआई थाना क्षेत्र में रहने वाला एक परिवार अपनी बेटी के लापता होने से परेशान था। युवती 17 मई की सुबह करीब 10 बजे घर से निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। सोमवार को जब परिजन गुमशुदगी दर्ज कराने थाने पहुंचे, तब पुलिस ने उन्हें एक अज्ञात शव की तस्वीर दिखाई। मां गीता ने तस्वीर देखते ही अपनी बेटी शिवानी सिंह (22) के रूप में पहचान की। सिर पर चोट के निशान, हत्या कर शव फेंके जाने की आशंका शुरुआती जांच में युवती के सिर पर चोट के गंभीर निशान पाए गए हैं। पुलिस को आशंका है कि उसकी हत्या कर शव को सुनसान जंगल में फेंका गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा, लेकिन हालात साफ तौर पर संदिग्ध हैं। 14 मई को हुई थी सगाई, घर में चल रही थीं तैयारियां शिवानी की 14 मई को प्रकाश नाम के लड़के से सगाई हुई थी। परिवार शादी की तैयारियों में जुटा था। ऐसे में सगाई के महज चार दिन बाद युवती की हत्या की खबर से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। इस घटना ने इलाके में सनसनी फैला दी है और कई सवाल खड़े कर दिए हैं। शिवानी की मां घरों में करती है झाड़ू-पोछा का काम शिवानी एल्डिको उद्यान, रक्षा खंड की रहने वाली थीं और दो बहनों में बड़ी थीं। उनकी मां गीता घरों में झाड़ू-पोछा का काम करती हैं, जबकि पिता शटरिंग का काम करते हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर है और वे किराए के मकान में रहते हैं। ऑफिस जाने की बात कहकर घर से निकली थी युवती मृतका की मां गीता सिंह ने बताया कि उनकी बेटी रविवार सुबह 10 बजे घर से ऑफिस जाने की बात कहकर निकली थी। शिवानी एक रियल एस्टेट कंपनी के ऑफिस में काम करती थी। देर रात तक घर वापस नहीं लौटने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की थी। बाद में पुलिस से सूचना मिलने पर परिवार को घटना की जानकारी हुई। पुलिस हर एंगल से जांच में जुटी, सीसीटीवी और कॉल डिटेल खंगाल रही डीसीपी साउथ अमित कुमार आनंद ने बताया कि शव की पहचान होने के बाद मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। पुलिस युवती की कॉल डिटेल, सीसीटीवी फुटेज और आखिरी लोकेशन के आधार पर सुराग जुटा रही है। फिलहाल हत्या के पीछे के कारण स्पष्ट नहीं हो सके हैं, लेकिन पुलिस जल्द ही मामले के खुलासे का दावा कर रही है। सगाई की मेहंदी फीकी पड़ने से पहले उजड़ गई जिंदगी परिजनों ने बताया कि कुछ दिन पहले ही युवती की सगाई हुई थी। हाथों की मेहंदी का रंग अभी फीका भी नहीं पड़ा था कि अचानक हुई मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। घर में कुछ दिन खुशीयां थी और अब मातम पसरा हुआ है।
फतेहाबाद जिने के जाखल शहर की नगरपालिका में 27 लाख रुपए का गबन हुआ है। जाखल पुलिस ने इस मामले में पूर्व अकाउंटेंट पर एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की है। अकाउंटेंट पर एफआईआर करवाने के लिए नगरपालिका सचिव ने अप्रैल महीने में शिकायत दी थी। अब एक महीने बाद केस दर्ज हुआ है। हालांकि, अकांउटेंट पहले ही सस्पेंड किया जा चुका है। जाखल नगरपालिका सचिव प्रवीण कुमार ने अपनी शिकायत में बताया कि पिछले वर्ष पूर्व अकाउंटें ने सचिव के फर्जी हस्ताक्षर कर 27 लाख रुपए की राशि एक निजी व्यक्ति के खाते में ट्रांसफर करवा दी थी। यह भुगतान 31 दिसंबर 2024 को नगरपालिका से जारी हुआ था। मामला संज्ञान में आते ही सचिव ने तुरंत कार्रवाई शुरू की और जाखल थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के अनुसार, आरोपी महेंद्र सिंह उस समय जाखल नगरपालिका में अकाउंटेंट के पद पर कार्यरत था, तब उसने गड़बड़ी की। करीब एक साल तक तो मामला अधिकारियों के संज्ञान में ही नहीं आ सका। सीए फर्म की जांच में सामने आया फ्रॉड सचिव की शिकायत के अनुसार नगरपालिका के रिकॉर्ड तैयार करने के दौरान सीए फर्म की जांच में सामने आया कि इंडसइंड बैंक के खाते से 31 दिसंबर 2024 को 27.63 लाख रुपए की राशि संदीप सिंह के खाते में ट्रांसफर की गई। जब भुगतान से संबंधित वाउचर की जांच की गई तो वह कार्यालय रिकॉर्ड में उपलब्ध नहीं मिला। इसके बाद प्रारंभिक जांच कर बैंक से संबंधित दस्तावेज मंगवाए गए। जांच में बैंक से प्राप्त चेक और नमूना हस्ताक्षर पत्र में सचिव के साइन वास्तविक साइनों से अलग पाए गए। शिकायत में आरोप लगाया गया कि चेक पर प्रथम और द्वितीय दोनों साइन तत्कालीन अकाउंटेंट महेंद्र सिंह द्वारा किए गए प्रतीत होते हैं। नगरपालिका प्रशासन की ओर से स्पष्टीकरण मांगे जाने के बावजूद कोई जवाब नहीं दिया गया। इसके बाद पुलिस को शिकायत भेजी गई। इकोनॉमिक सेल ने की थी जांच-एसएचओ जाखल थाना प्रभारी सुरेश कुमार ने बताया कि इस मामले की शिकायत मिलने के बाद पुलिस की इकोनॉमिक सेल ने जांच की थी। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद अब केस दर्ज किया गया है। जल्द ही आरोपी की गिरफ्तारी की जाएगी।
जालोर की एएनटीएफ टीम ने सिरोही जिले के रेवदर-आबूरोड मार्ग पर एक ट्रक से 10 किलो 900 ग्राम अफीम का दूध बरामद किया। यह खेप सांचौर पहुंचनी थी। बरामद अफीम की अनुमानित कीमत 55 लाख रुपए आंकी गई है। कार्रवाई के दौरान टीम ने ट्रक को घेराबंदी कर रोका और तलाशी में अफीम बरामद की। तस्कर ने पुलिस को चार बार रूट बदलकर चकमा देकर भागने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने लगातार 8 घंटे पीछा कर आखिरकार उसे दबोच लिया। गिरफ्तार तस्कर चित्तौड़गढ़ के नांदोली निवासी पूरण गायरी 8वीं पास है। आरोपी लंबे समय से मेवाड़ से मारवाड़ तक अफीम की बड़ी खेप सप्लाई कर रहा था। हर फेरे में 40 से 50 हजार रुपए कमा रहा था। ग्रामीण रूट, वर्चुअल व्हाट्सएप नंबर और बार-बार लोकेशन बदलकर पुलिस को चकमा देने की कोशिश करता रहा। सीमेंट की आड़ में चलता था तस्करी का नेटवर्क आईजी विकास कुमार ने बताया - आरोपी लंबे समय से मेवाड़ से मारवाड़ तक अवैध मादक पदार्थों की सप्लाई कर रहा था। वह निम्बाहेड़ा की सीमेंट फैक्ट्री से ट्रक में सीमेंट भरकर सांचौर आता था और रास्ते में तस्करों से संपर्क कर अफीम की खेप लेता था। इसके बाद वह जालोर-सांचौर इलाके में सप्लाई करता था। इसी सूचना के आधार पर एएनटीएफ टीम ने उसके मूवमेंट पर नजर रखना शुरू किया और फिर घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। खलासी की सूचना से खुला पूरा तस्करी नेटवर्क जांच में सामने आया कि आरोपी पूरण लंबे समय तक एक खलासी के साथ काम करता था, जिसने पूरे नेटवर्क और तस्करी के तरीके को करीब से देखा था। बाद में नशा मुक्ति अभियान से प्रभावित होकर खलासी ने एएनटीएफ से संपर्क कर गिरोह की जानकारी दी। इसी सूचना के बाद टीम एक्टिव हुई और मुखबिर इनपुट के आधार पर कार्रवाई को अंजाम दिया गया। 8 घंटे पीछा, चार बार चकमा देने की कोशिश निम्बाहेड़ा से निकलने के बाद टीम ने आरोपी का करीब 8 घंटे तक पीछा किया। इस दौरान उसने चार बार पुलिस को चकमा देने की कोशिश की। वह पहले भदसोडा में दिखा, फिर उदयपुर-गोगुंदा रूट पर गायब हो गया। बाद में स्वरुपगंज में नजर आया और ग्रामीण रास्तों से भागने की कोशिश करता रहा। इसके बाद वह आबूरोड-रेवदर मार्ग से होते हुए मंडार की तरफ भागने की कोशिश में था, लेकिन टीम ने पहले से घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। 8वीं पास आरोपी, वर्चुअल नंबर से बचता था पुलिस से पूछताछ में सामने आया कि आरोपी पूरण केवल 8वीं पास है, लेकिन उसने खुद को बचाने के लिए वर्चुअल व्हाट्सऐप नंबर और ग्रामीण रूट नेटवर्क का इस्तेमाल शुरू कर दिया था। वह लोकेशन छिपाने और पुलिस से बचने के लिए बार-बार रूट बदलता था। आरोपी ने बताया कि वह पिछले करीब 3 साल से तस्करी कर रहा था और हर फेरे में उसे 40 से 50 हजार रुपए मिलते थे। वह कई बार बड़ी खेप पहुंचा चुका था, लेकिन उसे याद नहीं कि कितनी बार और किसे माल दिया। उसने यह भी स्वीकार किया कि पिछले साल जनवरी में वह पिंडवाड़ा क्षेत्र में अफीम के साथ पकड़ा गया था, लेकिन 15 दिन में जमानत मिलने के बाद फिर से तस्करी में सक्रिय हो गया।
बिलासपुर के तखतपुर क्षेत्र के नेवरा में गौरव पथ योजना के तहत 36 लाख रुपए की लागत से बनाई गई सीसी रोड एक महीने के भीतर ही उखड़ने लगी है। सड़क से गिट्टियां बाहर निकल आई हैं, जबकि सीमेंट की जगह रेत की परतें दिखाई दे रही हैं। ग्रामीणों ने इसका वीडियो बनाकर कलेक्टर से शिकायत कर दोषी अफसर और ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। बिलासपुर-कोटा रोड स्थित ग्राम पंचायत नेवरा में बनी इस सड़क की खराब हालत को देखकर स्थानीय लोगों ने वीडियो बनाया है, जिसमें नवनिर्मित गौरव पथ में घटिया सामग्री के इस्तेमाल और स्तरहीन निर्माण कार्य को दिखाया गया है। निर्माण की खराब गुणवत्ता के कारण सड़क पर वाहन चलते ही गिट्टियां बाहर निकलने लगी हैं। महज एक महीने के भीतर ही सड़क की हालत जर्जर हो गई है। 36 लाख में 450 मीटर रोड का निर्माण 36 लाख रुपए की लागत से 450 मीटर सीसी रोड का निर्माण किया गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि गांव में मुख्यमंत्री गौरव पथ योजना के तहत यह राशि स्वीकृत हुई थी। पिछले चार-पांच महीनों से सड़क निर्माण कार्य चल रहा था, जो मार्च में पूरा हुआ, लेकिन निर्माण में कथित भ्रष्टाचार और घटिया सामग्री के इस्तेमाल के कारण सड़क की गुणवत्ता खराब रही। हालत यह है कि सड़क महज एक महीने के भीतर ही उखड़ने लगी है। गर्मी में जर्जर, तो बारिश में कैसी होगी हालत स्थानीय निवासी बिहारी सिंह टोडर ने आरोप लगाया कि सीसी रोड निर्माण में घटिया और स्तरहीन सामग्री का इस्तेमाल किया गया है। उन्होंने बताया कि निर्माण के दौरान नालियों का निर्माण भी नहीं किया गया, जिससे बारिश में सड़क की स्थिति और खराब होने की आशंका है। अफसर और ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग स्थानीय लोगों का कहना है कि शासन की योजनाओं के तहत बनने वाले सड़क जैसे मूलभूत निर्माण कार्यों का गुणवत्ता के आधार पर सही मूल्यांकन किया जाना चाहिए। उनका आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारियों ने ठेकेदार को लाभ पहुंचाने के लिए निर्माण कार्य की अनदेखी की, जिसके चलते ठेकेदार ने मनमाने तरीके से काम किया और मुख्यमंत्री गौरव पथ योजना भ्रष्टाचार का माध्यम बन गई। ग्रामीणों ने मांग की है कि सड़क का नए सिरे से गुणवत्तापूर्ण निर्माण कराया जाए और घटिया निर्माण के लिए जिम्मेदार अफसरों व ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। मस्तूरी में भी घटिया सड़क बनी बता दें कि इससे पहले मस्तूरी ब्लॉक के अमगांव में 1 करोड़ 40 लाख रुपए की लागत से बनी एक किलोमीटर लंबी सड़क कुछ ही दिनों में उखड़ने लगी थी। सड़क की डामर परत हाथ से ही निकल रही थी। स्थानीय लोगों ने घटिया निर्माण कार्य का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया और मामले की शिकायत कलेक्टर संजय अग्रवाल से की। लोगों का आरोप है कि सड़क निर्माण में मुरूम की जगह मिट्टी का उपयोग किया गया। वहीं, गुणवत्ता के अनुरूप डामर का इस्तेमाल नहीं होने के कारण सड़क की परत उखड़ रही है। ……………… इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… बनते ही उखड़ने लगी 1.40 करोड़ की सड़क,VIDEO: बिलासपुर में हाथ से निकल रही डामर की परत, मुरूम की जगह मिट्टी बिछाकर बनाई 1KM रोड छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में 1 करोड़ 40 लाख रुपए की लागत से बनी एक किलोमीटर की सड़क महज कुछ दिन में उखड़ने लगी है। हाथ से डामर की परत निकल रही है। घटिया सड़क निर्माण का स्थानीय लोगों ने वीडियो बनाकर वायरल किया है। पढ़ें पूरी खबर…
शाजापुर में 16 मई को यात्री बस में चार साल का अनय जैन जिंदा जल गया था। बताया जा रहा है कि बस में इमरजेंसी गेट नहीं खुलने से बच्चा बाहर नहीं निकल सका। इस रूट पर ज्यादातर बसों में नियमों का पालन नहीं किया जा रहा। इमरजेंसी गेट तो लात और हथौड़ा मारने पर भी नहीं खुल रहे। हादसे के बाद दैनिक भास्कर की टीमउस रेस्टोंरेंट के सामने पहुंची, जहां बस जली थी। यहां जलने की गंध आ रही है। इसके बाद हम इस उम्मीद से बस स्टैंड पहुंचे कि हादसे के बाद हालात कुछ बदले होंगे। लेकिन, यहां तो नजारा ऐसा था कि दो दिन पहले कुछ हुआ ही नहीं। पहले ये दो तस्वीरें देख लीजिए… अब नीचे जो तस्वीर लगी है, वो उस पिता की है, जिनका चार साल का बेटा दो दिन पहले शाजापुर में ग्वालियर जा रही बस में जिंदा जल गया। पहले इन्होंने दूसरों की मदद की, लेकिन बेटे को नहीं बचा पाए। पिता बोले- दूसरों को बचाया, बेटे को खो दिया मृतक अनय के पिता अभिषेक जैन ने बताया- मैं सबको बचा रहा था, लेकिन अपने चिराग को नहीं बचा पाया। ऐसे बस संचालकों और जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। अभिषेक जैन कहते हैं कि दूसरों की मदद के बाद में बेटे को निकालने दौड़ा, लेकिन आग इतनी तेजी से फैली कि बस में घुस ही नहीं सकता था। इमरजेंसी गेट खोलने का साधन नहीं था। पीछे खिड़की खोलने का साधन नहीं था। ड्राइनर क्लीनर आग लगते ही भाग गए। अगर कार्रवाई होती है, तो ऐसी होनी चाहिए जो नजीर बने, ताकि भविष्य में ऐसा हादसा न हो, कोई मेरे जैसा पिता न कहलाए। इमरजेंसी एग्जिट गेट आखिर खुला क्यों नहीं? 16 मई की रात करीब 9 बजे बस इंदौर से ग्वालियर के लिए रवाना हुई थी। रात करीब 12 बजे शाजापुर से करीब 20 किलोमीटर दूर रेस्टोरेंट पर ब्रेक के लिए रुकी थी। महिला यात्री मालती शर्मा कहती हैं कि बस में पहले वायरिंग जलने की गंध आई। इसके बाद बोनट से आग भड़की थी। यात्री कांच तोड़ और कूदकर भागे। लेकिन, 4 साल का मासूम अनय जैन अंदर ही फंस गया और जिंदा जल गया। सबसे बड़ा सवाल यह है कि बस में मौजूद इमरजेंसी एग्जिट गेट आखिर खुला क्यों नहीं? अगर बस छोड़कर भागने की जगह ड्राइवर, कंडक्टर और क्लीनर इमरजेंसी गेट खोलते तो संभव था अनय की जान बच जाती। भास्कर टीम ने 25 से 30 बसों की जांच की दैनिक भास्कर की टीम ने हादसे के बाद शाजापुर में 25 से 30 बसों की जांच की। इसमें चौंकाने वाली लापरवाही सामने आई। ज्यादातर बसों में इमरजेंसी गेट केवल दिखावे के लिए लगे मिले। कहीं गेट रस्सियों से बांध दिए गए थे, तो कहीं गेट के सामने सीट थी। कई बसों में इमरजेंसी गेट खोलने के लिए ड्राइवर या कंडक्टर से अलग चाबी लेनी पड़ती है। यानी हादसे के समय यात्री खुद अपनी जान नहीं बचा सकते। कई बसों में लात और हथौड़ी से भी इमरजेंसी गेट नहीं खुला। फायर फाइटर सिस्टम, फर्स्ट एड बॉक्स भी नहीं बसों में फायर फाइटर सिस्टम और फर्स्ट एड बॉक्स भी नहीं था। एक ड्राइवर ने साफ कहा कि “अभी हटाया है, सेठ बोले हैं, बाद में लगवा देंगे।” दूसरे ने कहा कि “छोटा अग्निशमन यंत्र है, बड़ा मंगवाएंगे।” यानी यात्रियों की सुरक्षा बस मालिकों और प्रशासन दोनों की प्राथमिकता में ही नहीं है। बस में सफर कर रहे यात्री जय वर्मा ने कहा कि बसों में क्षमता से ज्यादा सवारियां भरी जाती हैं। इमरजेंसी गेट केवल नाम के हैं। बाहर से सिम और रस्सियां बांध दी जाती हैं। यदि हादसा हो जाए तो यात्रियों के पास बचने का रास्ता नहीं रहता। बसों की सुरक्षा जांच में सामने आई बड़ी लापरवाही 1. कलजोरिया बस (ब्यावरा– इंदौर) शाजापुर आने का समय दोपहर 1:10 स्थिति: 42 सीटर बस होने के बावजूद क्षमता से अधिक यात्री सवार मिले। इमरजेंसी गेट के पास सीट लगी थी। आपातकालीन स्थिति में निकलने के लिए पर्याप्त जगह नहीं थी। 2. घनश्याम बस (शाजापुर – पोलायकला) शाजापुर बस स्टैंड पर आने का समय दोपहर 1 बजे स्थिति: 42 सीटर बस में अग्निशमन यंत्र नहीं मिला। जंग लगने के कारण इमरजेंसी गेट खुल नहीं रहा था। 3. मां राजराजेश्वरी बस (शाजापुर – उज्जैन) स्थिति: 42 सीटर बस का इमरजेंसी गेट खराब मिला। ड्राइवर को खुद जोर लगाकर गेट खोलना पड़ा। अग्निशमन यंत्र भी दिखाई नहीं दिया। 4. सर्राफ बस (आरोन गांव – इंदौर) शाजापुर आने का समय दोपहर 12 बजे स्थिति: 42 सीटर बस का एग्जिट गेट रस्सी से बंधा मिला। बस बाद में इंदौर के लिए रवाना हुई। ये खबर भी पढ़ें… AC बस में आग, 4 साल का बच्चा जिंदा जला शाजापुर जिला मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर दूर नेशनल हाईवे पर शुक्रवार रात दिल दहला देने वाला हादसा हो गया। इंदौर से ग्वालियर जा रही इन्टरसिटी एक्सप्रेस एयरकंडीशन बस (MP-07 ZL 9090) में शॉर्ट सर्किट के कारण भीषण आग लग गई। पढ़ें पूरी खबर…
पूर्णिया में विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर कथित तौर पर ठगी और मारपीट करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि गिरजा चौक स्थित एक वीजा कंपनी बेरोजगार युवाओं को दुबई और दूसरे देशों में नौकरी का सपना दिखाकर उनसे भारी रकम वसूल रही है। जब पीड़ित युवक ने अपने पैसे वापस मांगे तो उसके साथ मारपीट की गई। पुलिस में शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दी गई। पीड़ित की पहचान शहर के सहायक खजांची थाना क्षेत्र के चिमनी बाजार निवासी मो. अजहर के रूप में हुई है। ठगी और मारपीट का आरोप लगाते हुए के.हाट थाना में आवेदन दिया है। अजहर ने बताया कि 4 महीने पहले उसने फेसबुक पर विदेश में नौकरी से जुड़ा एड देखा था। इसमें दुबई में अच्छी नौकरी, बेहतर सैलरी और कम समय में वीजा मिलने का दावा किया गया था। इसी भरोसे में वो गिरजा चौक स्थित कंपनी के कार्यालय पहुंचा। वहां मौजूद लोगों ने उसे भरोसा दिलाया कि 8 दिनों के अंदर उसका वीजा और टिकट तैयार कर उसे दुबई भेज दिया जाएगा। कंपनी संचालकों ने प्रोसेसिंग, मेडिकल, वीजा और टिकट के नाम पर उससे 95 हजार रुपए की मांग की। उसने किसी तरह 50 हजार रुपए एडवांस के तौर पर जमा कर दिए। पैसे मांगने पर मारपीट की गई अजहर ने आगे बताया कि कंपनी के लोगों ने उससे पासपोर्ट और जरूरी कागजात भी ले लिए और जल्द विदेश भेजने का भरोसा दिया। शुरुआत में कंपनी के लोग लगातार संपर्क में रहे, लेकिन समय बीतने के साथ उनका रवैया बदलने लगा। 8 दिनों का वादा महीनों में बदल गया। जब भी वो दफ्तर जाता या फोन करता, हर बार नया बहाना बना दिया जाता। कभी कहा जाता कि वीजा प्रोसेसिंग चल रही है, कभी फ्लाइट नहीं मिलने की बात कही जाती, तो कभी दो दिन बाद या फिर अगले हफ्ते कहकर उसे टाल दिया जाता। करीब चार महीने बीत जाने के बाद जब उसे ठगी का एहसास हुआ तो वो अपने पैसे वापस मांगने कंपनी के कार्यालय पहुंचा। वहां मौजूद लोगों ने पहले उसके साथ अभद्र व्यवहार किया और फिर बाउंसर जैसे लोगों को बुलाकर उसके साथ मारपीट की। पीड़ित ने खुद की जान को खतरा बताया अजहर ने कहा कि उसे धक्का देकर कार्यालय से बाहर निकाल दिया गया। आरोप है कि इस दौरान उसके पास मौजूद कुछ पैसे भी छीन लिए गए। जब उसने कहा कि वह पुलिस में शिकायत करेगा तो कंपनी से जुड़े लोगों ने उसे जान से मारने की धमकी दी। उसे कहा गया कि ज्यादा भागदौड़ की तो अंजाम अच्छा नहीं होगा। पीड़ित का कहना है कि घटना के बाद वह काफी डरा हुआ है और उसे अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है। के.हाट थाना पहुंचकर पूरे मामले की लिखित शिकायत दी है। आवेदन में उसने कंपनी की जांच कराने, ठगी की रकम वापस दिलाने, मारपीट और धमकी देने वालों पर कड़ी कार्रवाई करने तथा अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बेरोजगार युवाओं को विदेश भेजने के नाम पर बड़े स्तर पर फंसाया जा रहा है। कंपनी के बाहर विदेश भेजने से जुड़े बड़े-बड़े बोर्ड और विज्ञापन लगाए गए हैं, जिससे युवा आसानी से उनके झांसे में आ रहे हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
बोकारो जिले के सेक्टर 12 थाना क्षेत्र में चाकूबाजी की एक सनसनीखेज घटना सामने आई। 12/D दुर्गा फील्ड के पास हुई इस वारदात में दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तुरंत सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। घटना की सूचना मिलते ही सेक्टर 12 थाना पुलिस अस्पताल पहुंची और पीड़ितों से पूछताछ कर मामले की जांच शुरू कर दी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हमलावरों ने पहले युवकों को बातचीत के बहाने बुलाया और फिर अचानक हमला कर दिया। भुजाली और बांस से किया गया हमला घायल युवकों ने पुलिस को बताया कि जय और सुजल नाम के युवकों ने उन्हें मिलने के लिए बुलाया था। जैसे ही वे निर्धारित स्थान पर पहुंचे, आरोपियों ने उन पर भुजाली और बांस से हमला कर दिया। अचानक हुए इस हमले से दोनों युवक संभल नहीं सके और गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से दोनों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस हमले के तरीके और इस्तेमाल किए गए हथियारों की भी जांच कर रही है। घायलों की हुई पहचान, हालत स्थिर घटना में घायल युवकों की पहचान आकाश कुमार (18) और पवन कुमार यादव (14) के रूप में हुई है। आकाश कुमार सेक्टर 2/B का निवासी है, जिसे पेट और हाथ में चाकू लगा है। वहीं पवन कुमार यादव सेक्टर 12 पटना खटाल का रहने वाला है, जिसके कमर के नीचे चाकू से वार किया गया है। डॉक्टरों के मुताबिक, दोनों की स्थिति फिलहाल स्थिर बनी हुई है, हालांकि उन्हें निगरानी में रखा गया है। घटना के बाद सेक्टर 12 थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हमले के पीछे के कारणों का अभी तक स्पष्ट खुलासा नहीं हो पाया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
कोटपूतली के चिमनपुरा स्थित गोपालपुरा सड़क पर देर रात एक तेज रफ्तार कार बेकाबू होकर बिजली के हाईटेंशन पोल से टकरा गई। इस हादसे में कार का अगला और पिछला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। गनीमत रही कि कार सवार सुरक्षित बच गया और कोई जनहानि नहीं हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक गोपालपुरा रोड पर कार ने अचानक संतुलन खो दिया और सीधे सड़क किनारे लगे हाईटेंशन बिजली पोल से जा टकराई। टक्कर की तेज आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे। टक्कर से कार का अगला और पिछला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। हादसे के बाद मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। स्थानीय निवासी राकेश रावत ने बताया - घटना की सूचना बिजली विभाग को दे दी गई है, ताकि करंट फैलने के किसी भी खतरे को टाला जा सके। उन्होंने यह भी बताया कि स्थानीय लोगों ने बिजली विभाग और प्रशासन को सड़क मार्ग से इन बिजली के पोलों को हटाने के लिए कई बार ज्ञापन और शिकायतें दी हैं, लेकिन अब तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
गेटमैन को पीटा, मोबाइल फेंका:बाराबंकी में ट्रेन के लिए फाटक बंद करने पर केस दर्ज
बाराबंकी के लोनीकटरा थाना क्षेत्र में रेलवे फाटक बंद करने पर दो युवकों ने गेटमैन के साथ मारपीट की। युवकों पर गेटमैन का मोबाइल छीनकर फेंकने और उसे जमीन पर गिराकर पीटने का आरोप है। यह घटना ट्रेन गुजरने से पहले फाटक बंद किए जाने के बाद हुई। यह घटना गुरुदयाल पुरवा स्थित रेलवे समपार संख्या 167 A/C TEG-HGH पर हुई। शाम लगभग 6:47 बजे गेटमैन दिव्यांश कौशिक ड्यूटी पर तैनात थे। इसी दौरान ट्रेन संख्या 14021 के गुजरने के लिए रेलवे फाटक बंद किया गया था। तभी बाइक सवार दो युवक जबरन गेट बूम उठाकर निकलने का प्रयास करने लगे। जब गेटमैन ने उन्हें रोका और बताया कि ट्रेन आने वाली है, तो दोनों युवक आक्रोशित हो गए। आरोप है कि उन्होंने पहले गाली-गलौज और धमकी दी। गेटमैन द्वारा वीडियो बनाने की कोशिश करने पर युवकों ने उसका मोबाइल छीनकर दूर फेंक दिया। इसके बाद दोनों ने दिव्यांश कौशिक को पकड़कर मारपीट शुरू कर दी। इस मारपीट में गेटमैन के सिर, हाथ और पैरों में चोटें आई हैं। घटना की सूचना तुरंत रेलवे अधिकारियों को दी गई। इसके बाद आरपीएफ हैदरगढ़ और डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची। आरपीएफ टीम के पहुंचने के बाद एक आरोपी मोनू वर्मा को पकड़ लिया गया। आरोपी मोनू वर्मा तेजवापुर क्षेत्र का निवासी बताया जा रहा है, जबकि दूसरा आरोपी विनोद वर्मा अलमापुर गांव का रहने वाला है। दोनों युवक बाइक से घटनास्थल पर पहुंचे थे। मारपीट के दौरान मौके पर मौजूद एक राहगीर ने घटना का वीडियो बना लिया, जिसमें आरोपी युवक गेटमैन को पीटते हुए दिखाई दे रहे हैं। लोनीकटरा थानाध्यक्ष अभिमन्यु मल्ल ने बताया कि गेटमैन की तहरीर पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।
पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी-प्रयागराज रामबाग रेलखंड पर आरपीएफ ने विभूति एक्सप्रेस में एक बड़ा अभियान चलाया। ज्ञानपुर रोड रेलवे स्टेशन से गुजर रही इस ट्रेन में कार्रवाई करते हुए रेलवे पुलिस ने 304 बोतल अमानक पानी जब्त किया और तीन अवैध वेंडरों को गिरफ्तार किया। जब्त पानी की अनुमानित कीमत 6,080 रुपये बताई गई है। यह अभियान सोमवार को हावड़ा से रामबाग प्रयागराज के बीच चलने वाली विभूति एक्सप्रेस में आरपीएफ प्रभारी निरीक्षक डी.एस. यादव के नेतृत्व में चलाया गया। पकड़े गए वेंडरों की पहचान शुभम शर्मा, छोटू गिरी और अभिषेक राम के रूप में हुई है। जांच में सामने आया कि ये आरोपी आईआरसीटीसी की आड़ में ट्रेनों में अवैध रूप से पानी बेच रहे थे। अवैध वेंडर न केवल पानी बेच रहे थे, बल्कि ट्रेन की साइड पैंट्री कार में भी अमानक पानी की बोतलें लोड कर रहे थे। आरपीएफ टीम ने छापेमारी के दौरान सभी 304 बोतल पानी को कब्जे में ले लिया। आरोपियों के खिलाफ रेलवे एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। अधिकारियों ने बताया कि बिना अनुमति और मानक के पानी की बिक्री यात्रियों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है। आरपीएफ अधिकारियों ने यह भी जानकारी दी कि वाराणसी-प्रयागराज रेलखंड पर लगातार निगरानी की जा रही है और अवैध वेंडिंग करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त अभियान जारी रहेगा। पुलिस के अनुसार, पकड़े गए अवैध वेंडर हावड़ा, कोलकाता और बिहार के निवासी हैं। इस कार्रवाई के बाद स्टेशन परिसर और रेलखंड में अवैध वेंडरों के बीच हड़कंप मच गया है, जिससे अवैध कारोबार करने वालों में भय का माहौल है।
बिहार सरकार के ऊर्जा मंत्री और किशनगंज के प्रभारी मंत्री शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल आज से दो दिवसीय आधिकारिक दौरे पर किशनगंज पहुंच रहे हैं। प्रभारी मंत्री के रूप में यह उनका जिले का पहला दौरा है। इस दौरान वे आम जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए विभिन्न प्रखंडों में आयोजित 'सहयोग शिविरों' में भाग लेंगे और जिले के विकास कार्यों तथा ऊर्जा विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठकें करेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, मंत्री 19 मई, मंगलवार को सुबह 10:30 बजे किशनगंज प्रखंड कार्यालय में 'सहयोग शिविर' में शामिल होकर जनता से सीधा संवाद करेंगे और उनकी समस्याओं का मौके पर ही निवारण करेंगे। इसके बाद, वे 11:40 बजे पोठिया प्रखंड कार्यालय और दोपहर 12:50 बजे ठाकुरगंज प्रखंड कार्यालय में आयोजित 'सहयोग शिविरों' में भाग लेंगे, जहां वे स्थानीय जनसमस्याओं की सुनवाई कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देंगे। कलेक्ट्रेट में उच्च स्तरीय बैठकों का दौर रहेगा अगले दिन, 20 मई को कलेक्ट्रेट में उच्च स्तरीय बैठकों का दौर रहेगा। सुबह 11:00 बजे किशनगंज समाहरणालय सभागार में प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता में 'जिला कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति' की महत्वपूर्ण बैठक होगी। इस बैठक में जिले में चल रही विभिन्न लोक-कल्याणकारी और विकास योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की जाएगी। दोपहर 12:30 बजे, ऊर्जा मंत्री के रूप में वे नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (NBPDCL) के वरीय पदाधिकारियों और अभियंताओं के साथ एक विशेष समीक्षा बैठक करेंगे। इस बैठक का उद्देश्य जिले की विद्युत व्यवस्था को सुदृढ़ करना, निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना और उपभोक्ताओं की समस्याओं का त्वरित समाधान करना है। सुरक्षा और सुचारू संचालन की सभी आवश्यक तैयारियां पूरी प्रभारी मंत्री के इस पहले दौरे और कार्यक्रमों को लेकर जिला प्रशासन ने सुरक्षा और सुचारू संचालन की सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को जमीनी स्तर पर लागू करना और जनता की समस्याओं का मौके पर ही निपटारा करना है।
कौशांबी में पेड़ से लटका मिला युवक का शव:पुलिस और फोरेंसिक टीम जांच में जुटी, हत्या की आशंका
कौशांबी के कोखराज थाना क्षेत्र के अश्वां गांव में मंगलवार सुबह हड़कंप मच गया, जब एक 20 वर्षीय युवक का शव आम के बाग में पेड़ से लटका मिला। युवक ने प्लास्टिक की रस्सी से फांसी लगाई थी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। सुबह बाग में टहलने गए ग्रामीणों ने शव को पेड़ से लटका देखा, जिसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी। कोखराज थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव की पहचान गांव निवासी दिलीप उर्फ साहिल पुत्र स्व.गया प्रसाद के रूप में की। घटनास्थल पर शव के पास एक पिठ्ठू बैग भी मिला है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है। घटना की जानकारी मिलने पर फोरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंची और साक्ष्य जुटाए। कोखराज थाना प्रभारी सीबी मौर्य ने बताया कि मामले की जांच पड़ताल की जा रही है और अभी घटना के बारे में कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों से भी बातचीत की जा रही है। वहीं, घटनास्थल पर मौजूद कुछ ग्रामीणों ने युवक की हत्या की आशंका जताई है। प्रभारी निरीक्षक कोखराज ने दूरभाष पर मिली सूचना की पुष्टि करते हुए बताया कि ग्राम पंचायत मोहम्मदपुर असवां में एक युवक का शव पेड़ से लटका मिला है। पुलिस मौके पर पहुंचकर अग्रिम विधिक कार्यवाही कर रही है।
छेड़छाड़ के नौ साल पुराने मामले में सजा:फर्रुखाबाद में दोषी को तीन साल का कठोर कारावास
फर्रुखाबाद में नौ साल पुराने छेड़छाड़ के एक मामले में विशेष पॉक्सो न्यायालय ने रामकरन नामक व्यक्ति को दोषी ठहराया है। अदालत ने उसे तीन साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। दोषी पर पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है, जिसे अदा न करने पर उसे तीन महीने की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। यह मामला वर्ष 2017 का है। थाना मऊदरवाजा क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने उस समय प्राथमिकी दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, 23 फरवरी 2017 को दोपहर करीब दो बजे उसकी बहन और भाई की पत्नी बाजार से दवा लेकर लौट रही थीं। पशु बाजार के पास पीड़िता की बहन लघु शंका के लिए अंदर गई, जहां न्यामतपुर निवासी रामकरन पहले से मौजूद था। रामकरन ने उसे बुरी नीयत से पकड़ लिया और छेड़छाड़ करते हुए घसीटने लगा। पीड़िता और उसकी भाभी के शोर मचाने पर पास में काम कर रहा भाई मौके पर पहुंचा। भाई ने फोन पर घटना की जानकारी दी। जब वह मौके पर पहुंचा, तो आरोपी रामकरन और उसके पुत्र ने उसके साथ लाठी-डंडों से मारपीट की। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच के बाद न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। इस मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट एवं अपर सत्र न्यायाधीश रितिका त्यागी ने की। उन्होंने सभी साक्ष्यों और गवाहों पर विचार करने के बाद दोषी रामकरन को सजा सुनाई।
GRP जवान और थाना प्रभारी में वसूली पर विवाद:बस्ती में जवान ने मोबाइल हाथ में लेकर एसओ से की तीखी बहस
बस्ती रेलवे स्टेशन परिसर में वेंडरों से कथित वसूली को लेकर जीआरपी थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह और एक जवान के बीच विवाद का वीडियो सामने आया है। वीडियो में जवान अपने ही थाना प्रभारी से तीखी बहस करता दिखाई दे रहा है। वायरल वीडियो में जवान हाथ में मोबाइल लिए थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह से यह कहते हुए सुना जा रहा है, आप सिखाएंगे कि अवैध पैसा मांग रहे हैं। दोनों के बीच काफी देर तक नोकझोंक होती रही। वीडियो में हिरासत में लिए गए कई वेंडर भी दिख रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह विवाद स्टेशन परिसर में वेंडरों से वसूली को लेकर शुरू हुआ था। संबंधित जवान ने सफाई देते हुए कहा कि एक युवक संदिग्ध लग रहा था, इसलिए उससे केवल पूछताछ की जा रही थी। वीडियो सामने आने के बाद जीआरपी विभाग में हलचल तेज हो गई है। मामले को लेकर विभागीय स्तर पर जांच की चर्चा है, हालांकि अधिकारियों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। थाना प्रभारी भी अपने मोबाइल से जवान का वीडियो बनाते दिखे।
संभल में भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है, जहां मंगलवार को अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) भी 182 पर पहुंच गया है। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण आम जनजीवन प्रभावित हुआ है। सुबह का न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रहा। मंगलवार सुबह 8 बजे जनपद संभल का तापमान 32 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अनुमान है कि दोपहर 12 बजे से शाम 6 बजे के बीच यह 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाएगा। इस दौरान 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गर्म हवाएं चलेंगी और मौसम पूरी तरह साफ रहेगा। हाल ही में आंधी-बारिश के बाद मौसम ने करवट ली थी, और पिछले 5 दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी ने आम जनजीवन को मुश्किल कर दिया है। गर्मी के कारण जिला संयुक्त चिकित्सालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और निजी अस्पतालों में मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है। पेट दर्द, खांसी, जुकाम और बुखार के मरीज बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। सरकारी अस्पतालों में प्रतिदिन 300 से 400 नए मरीज सामने आ रहे हैं। हाल ही में हुई आंधी-बारिश से जनपद संभल में लगभग 25% मक्का और बाजरा की फसल खराब हो गई थी। हालांकि, अन्य किसानों की मक्का, बाजरा और मेंथा जैसी पानी वाली फसलों को बारिश से लाभ हुआ है। बिजली की ट्रिपिंग के कारण सिंचाई में आ रही बाधाओं से किसानों को राहत मिली है। सभासद राजेंद्र कुमार ने बताया कि 15 दिन तक मौसम सुहावना रहने के बाद पिछले 5 दिनों से चिलचिलाती गर्मी पड़ रही है। स्थानीय निवासी सुनील कुमार के अनुसार, दोपहर में अत्यधिक गर्मी के कारण लोग घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं, जिससे बाजारों में सुबह और शाम के समय ही चहल-पहल दिख रही है।
शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों पर कार्रवाई:एटा पुलिस ने की 1293 वाहनों की जांच, 369 का चालान
एटा पुलिस ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. इलामारन के निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक श्वेताभ पाण्डेय के पर्यवेक्षण में जनपद में सघन वाहन चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान 1293 वाहनों की जांच की गई, जिसमें से 369 का चालान किया गया और 72,500 रुपये का शमन शुल्क वसूला गया। यह अभियान सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने, यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित कराने और अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से चलाया गया। पुलिस ने बिना हेलमेट, सीट बेल्ट का प्रयोग न करने, गलत दिशा में वाहन चलाने और अन्य यातायात नियमों की अनदेखी करने वालों पर कार्रवाई की। इसके अतिरिक्त, जनपद पुलिस ने अपने विशेष अभियान 'ऑपरेशन कार बार' के तहत सार्वजनिक स्थानों, कार के अंदर या बोनट पर शराब पीने और शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की। इस अभियान में कुल 126 लोगों के विरुद्ध धारा 34 पुलिस अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई। थाना स्तर पर की गई कार्रवाई में सकरौली थाना क्षेत्र में सर्वाधिक 22 लोगों के खिलाफ कार्रवाई हुई। मिरहची में 15, मलावन में 13, अलीगंज में 12, तथा कोतवाली नगर और कोतवाली देहात में 10-10 लोगों पर कार्रवाई की गई। अन्य थाना क्षेत्रों में भी शराब पीकर वाहन चलाने और सार्वजनिक स्थानों पर शराब का सेवन करने वालों के विरुद्ध कानूनी कदम उठाए गए। जनपद पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे शराब पीकर वाहन न चलाएं, सार्वजनिक स्थानों और कार के अंदर शराब का सेवन न करें, तथा यातायात नियमों का पालन करें। पुलिस ने वाहनों में अवैध मॉडिफिकेशन, मॉडिफाइड साइलेंसर और प्रेशर हॉर्न के प्रयोग से बचने की भी सलाह दी, क्योंकि ये उपकरण ध्वनि प्रदूषण बढ़ाते हैं और असुविधा पैदा करते हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया कि जनहित और सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह अभियान लगातार जारी रहेगा।
धनबाद में पुलिस ने फरार चल रहे प्रिंस खान गिरोह से जुड़े एक कथित सफेदपोश सहयोगी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान गोविंदपुर निवासी मंजूर आलम उर्फ सोनू दर्जी के रूप में हुई है। वह कांग्रेस का पूर्व जिला महासचिव रह चुका है। बरवाअड्डा पुलिस ने उसके पास से दो पिस्टल और जिंदा गोलियां भी बरामद की हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपी गिरोह के लिए रंगदारी से वसूले गए पैसों को जमीन में निवेश कराने का काम करता था। पूछताछ में उसने कई अहम खुलासे किए हैं, जिससे पुलिस की जांच और तेज हो गई है। धनबाद-बंगाल में करोड़ों की संपत्ति का निवेश जांच में सामने आया है कि बीसीसीएल ठेकेदारों, आउटसोर्सिंग कंपनियों के संचालकों और स्थानीय व्यवसायियों से डराकर वसूली गई रकम को धनबाद और पश्चिम बंगाल में जमीन खरीदने में लगाया जाता था। आरोपी सिर्फ जमीन खरीद और एग्रीमेंट कराने में शामिल नहीं था। वह गिरोह के अपराधियों को हथियार उपलब्ध कराने में भी उसकी भूमिका सामने आई है। पुलिस को उसके पास से जमीन से जुड़े दस्तावेज और निवेश के प्रमाण भी मिले हैं। पूछताछ में मंजूर ने स्वीकार किया है कि गिरोह के जरिए करोड़ों रुपए का निवेश विभिन्न स्थानों पर किया गया है। पुलिस दबाव के बाद हुआ था भूमिगत पुलिस सूत्रों के अनुसार, जैसे ही धनबाद में प्रिंस खान गिरोह के खिलाफ कार्रवाई तेज हुई, मंजूर आलम भूमिगत हो गया था। लंबे समय तक उसकी लोकेशन का कोई सुराग नहीं मिल पाया था। बताया जाता है कि उसने कम समय में ही काफी संपत्ति अर्जित कर ली थी। हाल के दिनों में उसने महंगी गाड़ी खरीदी। अलीशान घर भी बनवाया था। राजनीतिक गतिविधियों में भी वह सक्रिय था। जिला परिषद चुनाव में अपनी किस्मत आजमा चुका है। उसके आवास पर कई राजनीतिक हस्तियों का आना-जाना भी चर्चा में रहा है। आर्म्स एक्ट के कई मामले पहले से दर्ज पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, मंजूर आलम के खिलाफ पहले से ही चोरी, डकैती और आर्म्स एक्ट के तहत कई मामले दर्ज हैं। गोविंदपुर और बलियापुर थाना में उसके खिलाफ दो-दो मामले दर्ज हैं, जबकि बरवाअड्डा थाना में एक केस दर्ज है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पुलिस अब उसे रिमांड पर लेकर और पूछताछ करने की तैयारी में है। इसके लिए अदालत में आवेदन भी दिया जाएगा, ताकि गिरोह के नेटवर्क और संपत्ति के पूरे खेल का खुलासा हो सके।
धौलपुर जिले की कंचनपुर थाना पुलिस ने हत्या के प्रयास के एक फरार आरोपी को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा शांति भंग के आरोप में 15 व्यक्तियों और 1 महिला को भी पकड़ा गया है। यह कार्रवाई एसपी विकास सांगवान के निर्देश पर की गई। पुलिस के अनुसार 15 अप्रैल को राहल गांव निवासी सुनील पर सरिया, लाठी और डंडों से हमला किया गया था, जिससे उसे गंभीर चोटें आई थीं। इस मामले में कंचनपुर थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी और आरोपी की तलाश जारी थी।पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए राहल निवासी आरोपी जितेंद्र सिंह (28) को गिरफ्तार कर लिया। इसके अलावा पुलिस ने विभिन्न स्थानों पर कार्रवाई करते हुए शांतिभंग करने के आरोप में 15 लोगों को गिरफ्तार किया। वहीं एक महिला को एक दिव्यांग व्यक्ति के खिलाफ रेप का झूठा मामला दर्ज कराने की कोशिश के आरोप में भी पकड़ा गया है।इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी रामकिशन यादव के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
उज्जैन में श्रीमद्भागवत कथा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील का असर देखने को मिला। कथा वाचक ने श्रद्धालुओं को पेट्रोल-डीजल का कम उपयोग करने और एक साल तक सोना नहीं खरीदने की शपथ दिलाई। जीवाजीगंज थाने के सामने स्थित संत लीलाशाह कॉन्वेंट हायर सेकेंडरी में 17 से 23 मई तक प्रतिदिन शाम 4:30 से 7:30 बजे तक श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। कथा के दूसरे दिन महाराष्ट्र के अमरावती से पहुंचे राष्ट्रीय संत डॉ. संतोष महाराज ने शिव-पार्वती विवाह, माता सती और राजा दक्ष प्रजापति के प्रसंग सुनाए। ई-स्कूटर, ई-रिक्शा और साइकिल का इस्तेमाल करें कथा के दौरान संतोष महाराज ने राष्ट्रहित और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने का संदेश देते हुए श्रद्धालुओं से पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सप्ताह या महीने में कम से कम एक दिन पेट्रोल-डीजल से चलने वाले वाहनों का उपयोग नहीं करें। इसके बजाय ई-स्कूटर, ई-रिक्शा और साइकिल का ज्यादा इस्तेमाल करें, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। संतोष महाराज ने श्रद्धालुओं को एक वर्ष तक सोना नहीं खरीदने की शपथ भी दिलाई। कथा में बड़ी संख्या में सिंधी समाज के लोग मौजूद रहे। सिंधी भाषा में श्रीमद्भागवत कथा सिंधी पंचायत के अध्यक्ष दौलत खेमचंदानी ने बताया कि उज्जैन में पहली बार सिंधी भाषा में श्रीमद्भागवत कथा आयोजित की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के आह्वान से प्रेरित होकर लोगों से सप्ताह में एक दिन पेट्रोल वाहन का उपयोग नहीं करने, एक वर्ष तक सोना नहीं खरीदने और संभव हो तो विदेश यात्रा टालने का संदेश दिया गया है।
प्रयागराज के औद्योगिक क्षेत्र थाना अंतर्गत व्योहरा गांव में सोमवार शाम घर के बाहर खेलते समय लापता हो गई थी। तलाश के बाद उसका शव छोटे बाबा मन्नीलाल के घर के भूसे वाले कमरे से बरामद हुआ। शव पर चोटों के निशान और गर्दन पर धारदार हथियार से वार मिला है। पुलिस दुष्कर्म की आशंका समेत कई बिंदुओं पर जांच कर रही है। घटना के बाद गांव में दहशत है। पुलिस ने तीन आरोपियों को हिरासत में लिया है, जबकि एक आरोपी फरार बताया जा रहा है। घटना की तस्वीरें… घर के बाहर खेलते समय हुई थी लापता पिता के अनुसार, सोमवार शाम करीब छह बजे जान्हवी घर के बाहर खेलते समय अचानक लापता हो गई। काफी तलाश के बाद भी उसका पता नहीं चलने पर परिवार ने पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी औद्योगिक कमलेश कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। छानबीन के दौरान बच्ची का शव उसके छोटे बाबा मन्नीलाल के घर के अंदर भूसे वाले कमरे से बरामद हुआ। बच्ची के शरीर पर मिले चोट के निशान पुलिस के मुताबिक बच्ची के शरीर पर कई जगह चोट के निशान मिले हैं। सिर और शरीर के अन्य हिस्सों पर गंभीर चोटें थीं, जबकि गर्दन पर धारदार हथियार से वार किए जाने के निशान भी पाए गए हैं। घटना के बाद गांव में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए। कक्षा 2 में पढ़ती थी मासूम मृत बच्ची की पहचान जानवी पुत्री सुनील कुमार चौधरी के रूप में हुई है। वह गांव के प्राथमिक विद्यालय व्योहरा में कक्षा दो की छात्रा थी। जानवी के पिता सुनील कुमार चौधरी राजमिस्त्री का काम करते हैं। परिवार में पत्नी इंदू देवी और चार बच्चे हैं। इनमें जानवी सबसे बड़ी थी। उसके बाद मानवी (6 वर्ष), सुमित (5 वर्ष) और शुभ्यान्शु (3 वर्ष) हैं। पिता ने जताई हत्या की आशंका मासूम की हत्या का आरोप बच्ची के पिता के चाचा, चाची और दो चचेरे भाइयों पर लगाया गया है। पुलिस ने तीन आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है, जबकि एक आरोपी मौके का फायदा उठाकर फरार हो गया। थाना प्रभारी कमलेश कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पुरानी रंजिश की बात सामने आई है। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है और जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किए जाने की बात कही है। पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव घटना की जानकारी मिलने पर एसीपी करछना सुनील कुमार सिंह, थाना प्रभारी करछना प्रवीण कुमार गौतम और फॉरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फॉरेंसिक टीम घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने में लगी रही।
एसपी सोनवाल ने ली क्राइम बैठक:अपराध नियंत्रण, पेंडिंग मामलों के निपटारे और यातायात सुधार पर जोर
करौली में सोमवार देर शाम एसपी कार्यालय में क्राइम बैठक हुई। इस बैठक में जिले में अपराध नियंत्रण, लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण, यातायात व्यवस्था में सुधार और फरार अपराधियों की गिरफ्तारी जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई। एसपी लोकेश सोनवाल ने अधिकारियों को कानून व्यवस्था सुदृढ़ बनाए रखने और अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इस दौरान एसपी सोनवाल ने लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने और गंभीर मामलों में त्वरित कार्रवाई करने पर जोर दिया। उन्होंने फरार अपराधियों की धरपकड़ के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश भी दिए। इसके अलावा शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने तथा नियमित गश्त बढ़ाने के लिए भी निर्देशित किया गया। इस बैठक में एएसपी महेश मीणा, जिले के सभी डीएसपी और थाना अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों से थाना स्तर पर की जा रही कार्रवाई की जानकारी ली गई और अपराध नियंत्रण को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।
अमेरिका, ईरान और इजरायल के बीच जारी तनाव का असर अब भारत में आम लोगों की जेब पर साफ दिखाई देने लगा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी के बीच केंद्र सरकार ने मंगलवार को पेट्रोल की कीमत में 94 पैसे और डीजल की कीमतों में 91 पैसे का एक बार फिर इजाफा कर दिया। महज 5 दिनों के भीतर ईंधन की कीमतों में दूसरी बार बढ़ोतरी होने से आम जनता, वाहन चालकों और ट्रांसपोर्ट कारोबारियों की चिंता बढ़ गई है। जयपुर में पेट्रोल 108 रुपए 91 पैसे हुआ नई दरें लागू होने के बाद राजस्थान की राजधानी जयपुर में पेट्रोल की कीमत 107 रुपए 97 पैसे प्रति लीटर से बढ़कर 108 रुपए 91 पैसे हो गई है। वहीं डीजल के दाम 93 रुपए 23 पैसे से बढ़कर 94 रुपए 14 पैसे प्रति लीटर पहुंच गए हैं। लगातार बढ़ रही कीमतों का असर अब रोजमर्रा के खर्चों पर भी पड़ने लगा है। दरअसल, खाड़ी देशों में लगातार बिगड़ते हालात और ईरान-इजरायल के बीच बढ़ते संघर्ष के कारण अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में अस्थिरता बनी हुई है। विशेषज्ञों के अनुसार कच्चे तेल की सप्लाई प्रभावित होने से वैश्विक स्तर पर कीमतों में तेजी आई है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में होने वाले बदलाव का सीधा असर घरेलू पेट्रोल-डीजल कीमतों पर पड़ रहा है। कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से बढ़े दाम सरकार की ओर से पहले ही लोगों से ईंधन का सीमित उपयोग करने और सार्वजनिक परिवहन को अपनाने की अपील की जा चुकी है। लेकिन हालात सामान्य नहीं होने और कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उछाल के चलते अब ईंधन के दाम बढ़ाना मजबूरी बनता जा रहा है। ट्रांसपोर्ट कारोबारी सुशील जैन का मानना है कि यदि मध्य पूर्व में तनाव लंबे समय तक जारी रहता है, तो आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है। इसका असर सिर्फ वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि ट्रांसपोर्ट महंगा होने से फल-सब्जियों, खाद्य सामग्री, निर्माण सामग्री और ऑनलाइन डिलीवरी जैसी सेवाओं की लागत भी बढ़ सकती है। इससे महंगाई का दबाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। राजस्थान में पेट्रोल की नई कीमत घरेलू बजट पूरी तरह बिगड़ रहा जयपुर में मंगलवार सुबह से ही पेट्रोल पंपों पर नए रेट लागू कर दिए गए। कई पेट्रोल पंपों पर वाहन चालकों की भीड़ भी देखने को मिली। लोगों का कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई के बीच पेट्रोल-डीजल के दामों में बार-बार हो रही बढ़ोतरी घरेलू बजट को पूरी तरह बिगाड़ रही है। किराया और मालभाड़ा भी बढ़ सकता है वहीं ट्रांसपोर्ट और टैक्सी ऑपरेटरों ने भी संकेत दिए हैं कि यदि डीजल की कीमतों में इसी तरह बढ़ोतरी जारी रही तो किराए और मालभाड़ा बढ़ाना पड़ सकता है। फिलहाल सभी की नजरें अंतरराष्ट्रीय हालात और केंद्र सरकार की आगामी रणनीति पर टिकी हुई हैं। ------------- ये खबर भी पढ़िए राजस्थान में पेट्रोल 109 रुपए लीटर से भी महंगा:हर जिले में 3 रुपए से ज्यादा बढ़ी दरें; डीजल 95 के करीब, प्रीमियम पेट्रोल भी महंगा पेट्रोलियम कंपनियों ने पेट्रोल-डीजल की रेट में बढ़ोतरी कर दी है। शुक्रवार से ही नई रेट लागू हो गई है। रेट बढ़ने के बाद राजधानी में जयपुर में पेट्रोल अब 107.97 रुपए प्रति लीटर हो गया है। (पढ़िए पूरी खबर)
पश्चिम रेलवे द्वारा अहमदाबाद-हिम्मतनगर रेलखंड पर तकनीकी कार्य के कारण रेल सेवाएं प्रभावित होंगी। इस कार्य के चलते उत्तर पश्चिम रेलवे की 2 ट्रेनें रद्द या आंशिक रूप से प्रभावित रहेंगी।असारवा-साबरमती 'ए' केबिन स्टेशनों पर कनेक्टिविटी के लिए कमीशनिंग कार्य किया जा रहा है। इस तकनीकी कार्य के लिए रेलखंड को ब्लॉक किया जाएगा। उत्तर—पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन ने बताया कि इस कार्य से 2 ट्रेनें प्रभावित होंगी। गाड़ी संख्या 69243, असारवा-चित्तौड़गढ़ रेल आज असारवा के बजाय नरोड़ा से रवाना होगी। यह ट्रेन असारवा-नरोड़ा के बीच आंशिक रूप से रद्द रहेगी।इसी प्रकार गाड़ी संख्या 01906, असारवा-कानपुर सेंट्रल रेल आज असारवा से अपने निर्धारित समय से 2 घंटे की देरी से चलेगी। इन परिवर्तनों से डूंगरपुर सहित कई यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ेगा।
किशनगंज जिले के ठाकुरगंज स्थित भातढाला पार्क में कथित अश्लील गतिविधियों की शिकायतों के बाद विधायक गोपाल अग्रवाल अचानक पार्क पहुंचे। उनके पहुंचने से इलाके में हलचल मच गई। स्थानीय लोगों और दुकानदारों ने विधायक को पार्क में हो रही गतिविधियों की जानकारी दी। स्थानीय लोगों ने बताया कि लंबे समय से यहां अश्लील हरकतें हो रही हैं, जिसका आसपास रहने वाले परिवारों और बच्चों पर गलत असर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि स्थिति इतनी खराब हो गई है कि अब यहां रहना मुश्किल लगने लगा है। विधायक गोपाल अग्रवाल ने पार्क संचालक को बुला लगाई फटकार शिकायतें सुनने के बाद विधायक गोपाल अग्रवाल ने तुरंत पार्क संचालक को बुलाया और कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्क में ऐसी गतिविधियां किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। विधायक ने चेतावनी दी कि भविष्य में ऐसी शिकायतें मिलने पर संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद विधायक ने पूरे पार्क का निरीक्षण किया। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था, निगरानी और साफ-सफाई सहित अन्य व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान कई कर्मचारियों के अनुपस्थित पाए जाने पर भी उन्होंने नाराजगी जताई। विधायक ने कहा कि इस मामले की शिकायत उच्च अधिकारियों से की जाएगी और पार्क व्यवस्था में तत्काल सुधार लाने के निर्देश दिए गए हैं। लगातार दूसरे दिन पार्क पहुंचकर निरीक्षण किया स्थानीय दुकान संचालक संजीव साह ने विधायक का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विधायक ने आम लोगों की समस्या को गंभीरता से लिया और लगातार दूसरे दिन पार्क पहुंचकर निरीक्षण किया। साह ने उम्मीद जताई कि अब पार्क का माहौल बेहतर होगा और परिवार तथा बच्चे भी बिना किसी डर के पार्क जा सकेंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में अक्षय पात्र फाउंडेशन अपना विस्तार करने जा रहा है। फाउंडेशन एक और मेगा किचेन स्थापित करने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए जमीन की तलाश की जा रही है। जिला प्रशासन से भी इसके लिए अनुमति मिल चुकी है। मौजूदा समय में वाराणसी के 6 विकासखंडों में पढ़ने वाले करीब एक लाख बच्चों को यहां से प्रतिदिन गर्म भोजन पहुंचाया जा रहा है। अब एक और किचेन बनने के बाद यह करीब 1.80 लाख बच्चों तक यहां का भोजन पहुंचेगा। वैसे यह फाउंडेशन वाराणसी समेत विभिन्न प्रदेशों में 72 माडल किचेन चला रहा है। लेकिन सभी शहरों में अभी तक महज एक ही किचेन संचालित हो रहा है लेकिन काशी में अक्षय पात्र का दूसरा हाइटेक किचेन बनाने की कवायद शुरू हो चुकी है। अक्षय पात्र फाउंडेशन के अध्यक्ष युधिष्ठर प्रभु बताते हैं कि इस कार्य के लिए जिला प्रशासन के साथ बैठक हो चुकी है। शीघ्र ही तैयार करने का प्रयास होगा। चार साल पहले PM मोदी ने की थी शुरूआत वाराणसी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चार साल पहले ही अक्षय पात्र किचेन का उद्घाटन किया था। यहां से जनपद के 6 ब्लाकाें के सभी परिषदीय स्कूलों में मिड-डे-मील की सप्लाई होती है। यहां पूरा भोजन हाईटेक मशीनों से तैयार किया जाता है। एक साथ 20 हजार रोटियां मशीन से तैयार की जाती है। पूरी पैकिंग के बाद वाहनों से स्कूलों में खाना भेजा जाता है। खास बात यह है कि भोजन में सफाई और गुणवत्ता पर विशेष फोकस किया जाता है।
कटिहार में 202 ग्राम स्मैक के साथ युवक गिरफ्तार:नशा तस्करी के खिलाफ पुलिस का बड़ी कार्रवाई
कटिहार नगर थाना पुलिस ने नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने भारी मात्रा में स्मैक के साथ एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से 202.25 ग्राम स्मैक और एक मोबाइल फोन बरामद किया गया है। कटिहार डीएसपी सद्दाम हुसैन ने बताया कि नगर थानाध्यक्ष को डहेरिया रेलवे फाटक के पास अवैध मादक पदार्थ की तस्करी की गुप्त सूचना मिली थी। सूचना के सत्यापन के लिए पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस को देखते ही संदिग्ध व्यक्ति ने भागने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस बल ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। 202.25 ग्राम स्मैक और एक मोबाइल फोन बरामद पूछताछ में आरोपी की पहचान पूर्णिया निवासी गोपाल कुमार (23 वर्ष) के रूप में हुई। विधिवत तलाशी के दौरान उसके पास से 202.25 ग्राम स्मैक और एक मोबाइल फोन बरामद किया गया। इस मामले में नगर थाना में एनडीपीएस एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस द्वारा आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। नशे के कारोबार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी का पूर्व में भी आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ पूर्णिया जिले के मरंगा थाना में आर्म्स एक्ट सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज है। कटिहार पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में नशे के कारोबार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और इसमें शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
भीलवाड़ा में नेशनल हाईवे-758 पर पिकअप और कार के बीच आमने-सामने की जोरदार भिड़ंत हो गई। हादसे में एक ही परिवार के 6 से ज्यादा लोग घायल हो गए। सभी लोग बच्चे के मुंडन संस्कार कार्यक्रम से लौट रहे थे। घायलों को तुरंत बिगोद हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल पांच लोगों को भीलवाड़ा के महात्मा गांधी हॉस्पिटल रेफर किया गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई। ओवरटेक के दौरान हुई आमने-सामने भिड़ंत मामला बिगोद थाना क्षेत्र का है। यहां नेशनल हाईवे-758 पर लाडपुरा हाईवे स्थित इच्छामणी होटल के पास भीलवाड़ा की ओर से आ रही कार को ओवरटेक करने के दौरान बिगोद की तरफ से आ रही पिकअप से आमने-सामने की टक्कर हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों वाहनों में सवार लोग घायल हो गए। सूचना मिलने पर बिगोद थाना पुलिस मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू कराया। घायलों को बिगोद से भीलवाड़ा रेफर किया गया घायलों को सामुदायिक अस्पताल बिगोद लाया गया। यहां पिकअप सवार पूजा (22) पत्नी नीरज वैष्णव, प्रेम देवी (60) पत्नी शिवलाल वैष्णव, लाली देवी (55) पत्नी भंवर वैष्णव, अपूर्वा (16) पुत्री प्रहलाद बैरागी निवासी होलिरडा और कार सवार पारस पुत्र अनमोलक जैन निवासी महुआ को गंभीर हालत में भीलवाड़ा रेफर किया गया, जहां उनका इलाज जारी है। कई घायलों का प्राथमिक उपचार कर छुट्टी वहीं लहरी देवी, जगदीश बैरागी, अनसुरिया बैरागी, प्रहलाद बैरागी, खुशी लोहार और कोमल गाडरी निवासी होलिरडा का प्राथमिक उपचार कर छुट्टी दे दी गई। हादसे के बाद हाईवे पर कुछ देर के लिए यातायात भी प्रभावित रहा। मुंडन कार्यक्रम से लौटते वक्त हुआ हादसा हादसे में घायल प्रह्लाद कुमार ने बताया कि उनके बच्चे का मुंडन कार्यक्रम रलायता में धूणी वाले बाबाजी के यहां रखा गया था। परिवार के लोग रातीजगा करने के बाद पिकअप से वापस लौट रहे थे। पिकअप में 13-14 लोग सवार थे। बिगोद के पास इच्छामणी होटल के नजदीक सामने से आ रही कार से टक्कर हो गई। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। इसके बाद सभी घायलों को पहले बिगोद और फिर भीलवाड़ा अस्पताल में भर्ती कराया गया।
दहेज हत्या में पति को उम्रकैद की सजा:अमरोहा कोर्ट ने सुनाया फैसला, सास-ससुर बरी
अमरोहा कोर्ट ने दहेज हत्या के मामले में पति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोषी पर 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। पर्याप्त साक्ष्य न मिलने पर सास, ससुर और जेठ को बरी कर दिया गया। यह मामला संभल जिले के सेवड़ा जसरत नंगला निवासी किसान राजवीर सिंह की बेटी गुड्डी से जुड़ा है। गुड्डी की शादी सैदनगली थाना क्षेत्र के दामपढ़ी बड़ी निवासी नौरंग से हुई थी। शादी के बाद से ही ससुराल वाले गुड्डी को परेशान कर रहे थे। पति उस पर मायके से भैंस और 50 हजार रुपये लाने का दबाव बनाता था, विरोध करने पर मारपीट भी की जाती थी। घटना 8 अगस्त 2018 की रात करीब 9 बजे की है। ससुराल वालों ने गुड्डी के भाई को फोन कर उसकी तबीयत खराब होने की सूचना दी। जब मायके पक्ष के लोग पहुंचे, तो गुड्डी का शव घर के बरामदे में पड़ा मिला। उसके गले पर दबाने के निशान थे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और पति नौरंग, सास रामवती, ससुर रामचंद्र और जेठ नंदराम के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर चालान किया था, जिन्हें बाद में अदालत से जमानत मिल गई थी। मुकदमे की सुनवाई जिला जज की अदालत में चल रही थी। अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता ने पैरवी की। ट्रायल के दौरान आरोपी पक्ष ने दावा किया कि महिला की मौत छत से गिरने से हुई थी। इस मामले में कई गवाह अपने बयानों से मुकर गए, जिन्हें अदालत ने पक्षद्रोही घोषित किया। सुनवाई के दौरान अदालत ने स्पष्ट किया कि गुड्डी की मौत छत से गिरने से नहीं, बल्कि गला दबाकर हत्या करने से हुई थी। अदालत ने सोमवार को मुकदमे की अंतिम सुनवाई की और पत्रावली व साक्ष्यों का गहनता से अवलोकन किया। इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर पति नौरंग को दोषी करार दिया गया। वहीं, साक्ष्यों के अभाव में अदालत ने सास रामवती, ससुर रामचंद्र और जेठ नंदराम को बरी कर दिया।
आगरा में लू के थपेड़ों और शरीर को झुलसा देने वाली धूप ने लोगों को बेहाल कर दिया है। दिन का तापमान सामान्य से 3.6C अधिक हो गया है। रात भी तपने लगी है। अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि न्यूनतम तापमान भी सामान्य से 2.3C अधिक है। लू और हीटवेव को देखते हुए डीएम मनीष बंसल के निर्देश पर डीआईओएस ने 19 मई को 12वीं तक के सभी स्कूल बंद करने का आदेश दिया है। मंगलवार सुबह से ही तेज धूप निकल रही है। रविवार की अपेक्षा सोमवार को अधिकतम तापमान में 1.2C की बढ़ोत्तरी हुई। वहीं, न्यूनतम तापमान में 1.6C की बढ़ोत्तरी हुई है। आगरा में दिन के साथ-साथ रात भी तप रही है। जमीन तपने लगी है। खुले में रहने वाले छांव की तलाश कर रहे हैं। जानिए पिछले दिनों के तापमान की स्थिति दोपहर में तेज धूप मंगलवार सुबह से ही तेज धूप निकली हुई है। हवा नहीं चल रही। ऐसे में गर्मी और ज्यादा परेशान कर रही है। पैदल या दोपहिया वाहन से सड़क पर चलना मुश्किल हो गया है। लोग छाता या गमछा लेकर चलने को मजबूर हैं। भीषण गर्मी को देखते हुए शहर-शहर में प्याऊ लगाए गए हैं। अभी कुछ दिन तक आंधी और बारिश की कोई संभावना नहीं है। ऐसे में तापमान में लगातार बढ़ोत्तरी होगी। दिन के साथ-साथ रात का भी तापमान बढ़ेगा। मौसम विभाग के अनुसार, इस सप्ताह में आगरा का तापमान 47C पार सकता है। हीटवेट का अलर्टमौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार को दिनभर गर्म हवाएं चलेंगी। तेज धूप रहेगी। तापमान में बढ़ोत्तरी होगी। 23 मई तक हीटवेव रहेंगी। इससे तापमान और बढ़ेगा। दिन ही नहीं, रात और तपने लगेगी। आने वाले दिनों के तापमान का अनुमान जानिए
छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी के बीच मौसम विभाग ने आज प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश की चेतावनी जारी की है। गरियाबंद, धमतरी, बस्तर और कोंडागांव जिले के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस हल्की बारिश से तापमान में कोई बड़ी राहत नहीं मिलेगी। अगले चार दिनों में प्रदेश के अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे आने वाले दिनों में लोगों को और ज्यादा झुलसाने वाली गर्मी का सामना करना पड़ेगा। पिछले 24 घंटे में बिलासपुर प्रदेश में सबसे गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान पेंड्रा रोड और अंबिकापुर में 24.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। रायपुर में उमस, गर्मी बढ़ेगी रायपुर में दिन के समय गर्मी और उमस रहेगी। अधिकतम तापमान 41.3C और न्यूनतम तापमान 29.1C रिकॉर्ड किया गया। येलो अलर्ट मौसम विभाग (IMD) द्वारा जारी खतरे की पहली चेतावनी होती है, जिसका मतलब है कि खतरे के प्रति सचेत रहें। इसका मतलब है कि वर्तमान में मौसम सामान्य या थोड़ा खराब है, लेकिन आगे चलकर स्थिति खतरनाक हो सकती है और आपको सावधानी बरतने की आवश्यकता है। मौसम के मिजाज के अनुसार येलो अलर्ट का मतलब अलग-अलग होता है गर्मियों में: जब भीषण लू (Heatwave) चलने की संभावना होती है या तापमान सामान्य से काफी ज्यादा बढ़ने लगता है, तब यह अलर्ट जारी किया जाता है। इसका मतलब है कि दोपहर में धूप में न निकलें और पर्याप्त पानी पिएं। बारिश या तूफान में: अगर आंधी-तूफान या मध्यम से भारी बारिश (जैसे 6.5 सेमी से 11.5 सेमी तक) की आशंका होती है, तब यह चेतावनी दी जाती है। इसमें आपको मौसम की अपडेट पर नजर बनाए रखनी होती है।
उदयपुर की फतहसागर झील में डूबे एक व्यापारी का शव 48 घंटे बाद तीसरे दिन मंगलवार सुबह बाहर निकाल लिया गया। बीते दो दिन से सिविल डिफेंस की टीम सुबह से शाम तक शव ढूंढने के प्रयास में लगी थी लेकिन कोई सुराग नहीं मिल पा रहा था। सुबह करीब 7 बजे मृतक ललित मेहता का शव झील में फाउंटेन के पास बरामद किया गया। जिसे अंबामाता थाना पुलिस को सुपुर्द किया। पुलिस पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सुपुर्द करेगी। अंबामाता थाना पुलिस के मुताबिक, अशोकनगर निवासी ललित मेहता(62) पिछले 20 सालों से तैराकी करते थे और कई लोगों को सिखाते भी थे। उनका धानमंड़ी में अनाज ट्रेडिंग का काम था। व्यापारी के झील पर कपड़े और सामान मिलाजानकारी अनुसार ललित मेहता रविवार सुबह करीब 8 बजे फतहसागर झील पहुंचे थे। जब करीब डेढ़ घंटे बाद भी फोन नहीं उठाने पर परिजनों को चिंता होने लगी थी। फिर परिजन उन्हें ढूंढते हुए झील पर पहुंचे तो वहां उनकी गाड़ी, कपड़े और कुछ सामान मिला। ललित मेहता को इधर-उधर काफी तलाशा लेकिन कहीं नहीं मिले। सूचना पर अंबामाता थाना पुलिस और नागरिक सुरक्षा विभाग की टीम मौके पर पहुंची। जहां करीब 7 घंटे तक झील के कई अलग-अलग संभावित क्षेत्र में उनकी तलाश की गई, लेकिन कुछ सुराग नहीं लग पाया था। 5 माह पहले हर्ट में स्टंट का आॅपरेशन हुआ थाखुद तैराकी में परफेक्ट और दूसरों को तैराकी सिखाने वाले ललित मेहता की आखिरकार डूबने से मौत कैसे हुई। फिलहाल इसके स्पष्ट कारणों का पता नहीं लगा है। माना जा रहा है कि ललित मेहता ने लंबी छलांग लगाई होगी और वे झील में आगे की तरफ गहराई में चले गए होंगे। इस कारण झाड़ियों में कहीं फंसने से डूब गए। झील किनारे लगे सीसीटीवी फुटेज को चेक करने पर पता चला कि रोजाना की तरह मेहता सुबह करीब 8 बजे फतहसागर पहुंचे थे, जहां उन्होंने व्यायाम किया और फिर पानी में उतर गए। सिविल डिफेंस के सदस्य कैलाश मेनारिया ने बताया कि मृतक के पेरेंट्स ने हमें बताया कि ललित मेहता के करीब 5 माह पहले ही हर्ट में स्टंट लगाने का आॅपरेशन हुआ था।
उदयपुर के चित्रकूट नगर स्थित भविष्य निधि (पीएफ) कार्यालय के बाहर लगे एक मोबाइल टावर में शनिवार दोपहर अचानक आग लगने के वीडियो आए जिसमें तेजी से आग आगे बढ़ रही थी। आग से क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। टावर से तेज लपटें और धुआं उठता देख कार्यालय कर्मचारियों ने तत्परता दिखाते हुए सबसे पहले बाहर निकले और कार्यालय के केयर टेकर कुलदीप सिंह राठौड़ एवं चन्द्र प्रकाश ने तुरंत अग्निशमन दल को सूचना दी। आग तेजी से फैलती देख दोनों कर्मचारियों ने घबराने के बजाय कार्यालय में उपलब्ध फायर फाइटिंग सिस्टम का उपयोग करते हुए आग पर काबू पाने के प्रयास शुरू कर दिए। उनकी सूझबूझ और त्वरित कार्रवाई के चलते आग को बढ़ने से रोका जा सका। इस बीच अग्निशमन दल भी मौके पर पहुंचा तथा आग पर पूर्णतया काबू पाया। पीएफ क्षेत्रीय आयुक्त-प्रथम प्रशान्त कुमार सिन्हा ने बताया कि यदि समय रहते स्थितियां संभाली नहीं जाती तो टावर के गिरने या आग के आसपास फैलने से बड़ा हादसा हो सकता था। घटना से जुड़ी तस्वीरें देखे….
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की ईंधन बचाओ अपील का असर जनप्रतिनिधियों पर साफ देखा जा रहा है। बुलंदशहर की जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ अंतुल तेवतिया ने प्रधानमंत्री की अपील के बाद अपने साथ लगी एस्कॉर्ट और अन्य गाड़ियों का काफिला अब रुकवा दिया है। उन्होंने अब नई इलेक्ट्रिक कार खरीद ली है और खुद ही उसे चलाकर कार्यक्रम में जा रही हैं। सोशल मीडिया पर उनका यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वहीं सांसद ने इलेट्रिक कार और विधायक का बुलेट सवार वीडियो भी तेजी से वायरल है। प्रधानमंत्री की अपील के बाद बुलंदशहर में भाजपा सांसद से लेकर, विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष समेत अन्य जनप्रतिनिधियों द्वारा काफिला छोड़ने का दावा किया जा रहा है। बुलंदशहर की जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ अंतुल तेवतिया ने प्रधानमंत्री की अपील के बाद एमजी हैक्टर की इलेक्ट्रिक कार खरीद ली है। मंगलवार सुबह उन्होंने इसका एक वीडियो भी सोशल मीडिया साइट्स पर अपलोड किया, जो काफी तेजी से वायरल भी हुआ। इससे पहले बुलंदशहर सांसद डॉ भोला सिंह भी इलेक्ट्रिक कार से सफर करते देखे गए। वहीं सिकन्दराबाद विधायक लक्ष्मीराज सिंह अपने क्षेत्र में बुलेट पर सवार होकर ईंधन बचाने का संदेश देते नजर आए। विधायकों का वीडियो वायरल लखनऊ की सड़कों पर ई रिक्शा से घूमने वाले दो विधायकों का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ है। दोनों विधायक सीपी सिंह और देवेन्द्र लोधी लखनऊ की सड़कों पर ई रिक्शा से रील बनवा रहे हैं लेकिन उनका वीडियो शूट फॉर्च्यूनर गाड़ी में बैठकर किया जा रहा है।
रायपुर जिले में बाल विवाह मुक्त ग्राम पंचायत और नगरीय निकाय घोषित करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। महिला-बाल विकास विभाग की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार उन पंचायतों और नगरीय निकायों को बाल विवाह मुक्त घोषित किया जाएगा, जहां पिछले दो सालों में एक भी बाल विवाह का मामला सामने नहीं आया है। जिले की 408 ग्राम पंचायतों में से 332 ग्राम पंचायतों ने खुद को बाल विवाह मुक्त घोषित करने के लिए अनुशंसा भेजी है। वहीं 11 नगरीय निकायों में से 8 निकायों के नाम भी प्रस्तावित किए गए हैं। संबंधित संस्थाओं ने प्रमाणित किया है कि उनके क्षेत्र में पिछले दो साल में कोई बाल विवाह प्रकरण सामने नहीं आया। महिला-बाल विकास कार्यालय में देना होगा आवेदन प्रशासन की ओर से इन पंचायतों और नगरीय निकायों को बाल विवाह मुक्त घोषित करने की कार्रवाई की जा रही है। प्रस्तावित सूची कलेक्टर कार्यालय रायपुर, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला-बाल विकास कार्यालय और अलग-अलग परियोजना कार्यालयों में अवलोकन के लिए रखी गई है। लोग वहां जाकर सूची देख सकते हैं। इसमें आरंग, अभनपुर, धरसींवा-01, धरसींवा-02, रायपुर शहरी-01, रायपुर शहरी-02, तिल्दा और मंदिर हसौद के परियोजना कार्यालय शामिल हैं। विभाग ने आम लोगों, संस्थाओं और संगठनों से भी सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं। यदि किसी व्यक्ति या संस्था को किसी पंचायत या नगरीय निकाय को लेकर आपत्ति है, या किसी क्षेत्र में बाल विवाह का मामला जानकारी में है, तो वे 18 मई से 28 मई 2026 तक लिखित दावा या आपत्ति जमा कर सकते हैं। इसके लिए जरूरी दस्तावेजों के साथ जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला-बाल विकास कार्यालय रायपुर में आवेदन देना होगा।
लुधियाना के थाना मेहरबान क्षेत्र के गांव जीवनपुर में 32 वर्षीय विवाहिता ने ससुराल वालों से परेशान होकर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों के धरने के बाद पुलिस ने जेठ, जेठानी और एक अन्य खिलाफ मामला दर्ज कर 2 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मृतका के भाई गुरमुख सिंह चौहान ने पुलिस को बताया कि पूजा की शादी 2017 में सुरजन सिंह से हुई थी। उनके 3 बच्चे हैं। पति पिछले करीब 2 साल से ग्रीस में है। आरोप है कि उसके विदेश जाने के बाद से जेठ-जेठानी पूजा को लगातार परेशान करते थे और घर छोड़ने का दबाव बनाते थे। शिकायत के अनुसार, 18 मई को पूजा ने फोन कर बताया था कि उसके साथ मारपीट हुई है और वह प्रताड़ना से परेशान है। कुछ देर बाद मासी नसीब कौर ने सूचना दी कि पूजा ने घर में फंदा लगाकर जान दे दी। (पढ़ें पूरी खबर) पठानकोट में इमिग्रेशन कंसल्टेंट को रंगदारी की धमकी, लॉरेंस गैंग के नाम पर मांगे 10 करोड़ पठानकोट में लॉरेंस गैंग के एक कथित सदस्य ने शहर के मशहूर इमिग्रेशन कंसलटेंट से 10 करोड़ रुपए की रंगदारी मांगी है। रकम न देने पर पीड़ित को जान से मारने की धमकी दी गई है। कथित गैंगस्टर ने कंसलटेंट को उसके कार्यालय और घर का बकायदा एड्रेस भी बताया। कंसलटेंट ने थाना डिवीजन नंबर 2 में शिकायत दर्ज करवाई तो पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस को दी शिकायत में पठानकोट निवासी सचिन ने पुलिस को दिए बयान में इस पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया। सचिन पठानकोट के पॉश एरिया में इमीग्रेशन कंसल्टेंसी का काम करते हैं। (पढ़ें पूरी खबर)
रायगढ़ में सूखा और गीला कचरा अलग-अलग लेने के लिए डोर-टू-डोर कलेक्शन वाहन संचालित किए जा रहे हैं। इसके बावजूद शहर में कई प्रतिष्ठानों की ओर से मिक्स कचरा दिया जा रहा है। इसे लेकर नगर निगम ने कार्रवाई करते हुए तीन होटलों पर जुर्माना लगाया है। शहर में स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों का पालन सुनिश्चित कराने निगम लगातार अभियान चला रहा है। इसी कड़ी में गांधी चौक से अग्रसेन चौक के बीच स्वच्छता सुपरवाइजरों की टीम ने होटल, दुकान और घरों में कचरा पृथक्करण की जांच की गई। जांच के दौरान नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर पंडित भोजनालय, अन्नपूर्णा रेस्टोरेंट और शिवम होटल पर 2-2 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया। कार्रवाई के दौरान होटल संचालकों को निर्देश दिए गए कि वे सूखा और गीला कचरा अलग-अलग कर डोर-टू-डोर कलेक्शन वाहन में ही दें। साथ ही चेतावनी दी गई कि दोबारा मिक्स कचरा देने या सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंककर गंदगी फैलाने पर 5 हजार रुपए तक का जुर्माना लगाया जाएगा। सूखा-गीला कचरा अलग देने निगम की अपील नगर निगम की स्वच्छता दीदियों ने शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में स्वच्छता जागरूकता अभियान भी चलाया। इस दौरान लोगों को सूखा और गीला कचरा अलग-अलग देने के लिए जागरूक किया गया। निगम प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे घरों और प्रतिष्ठानों से निकलने वाले कचरे को अलग-अलग देकर स्वच्छता व्यवस्था में सहयोग करें। सार्वजनिक स्थानों पर कचरा न फेंकें नगर निगम आयुक्त बृजेश सिंह क्षत्रिय ने कहा कि शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने के लिए प्रत्येक नागरिक और व्यावसायिक प्रतिष्ठान की सहभागिता जरूरी है। उन्होंने कहा कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों का पालन नहीं करने वालों पर निगम प्रशासन लगातार कार्रवाई करेगा। आयुक्त ने लोगों से अपील की कि वे गीला और सूखा कचरा अलग-अलग करें, निर्धारित कलेक्शन वाहन में ही कचरा दें और सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकने से बचें।
कैथल के कलायत में तालाब में डूबने से दो युवतियों की मौत हो गई। दोनों लड़कियां एक ही परिवार से हैं और सगी बहनें हैं। जानकारी के अनुसार, दोनों लड़कियां सुबह कपिल मुनि तालाब पर सैर के लिए गई थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। जब परिवार वाले उन्हें ढूंढते हुए तालाब पर पहुंचे तो पता चला कि लड़कियां तालाब में डूब गई है। घटना मंगलवार सुबह करीब 5 बजे की है। उन्होंने तुरंत लड़कियों की तलाश शुरू कर दी। आसपास के लोगों ने जैसे ही परिजनों को देखा तो तुरंत तालाब में कूद पड़े। करीब डेढ़ घंटे की तलाश के बाद दोनों लड़कियों के शव तालाब से बरामद हो गए, जिन्हें कैथल के नागरिक अस्पताल में पहुंचाया। डॉक्टर ने मृत बतायासरकारी अस्पताल में जांच के बाद डॉक्टर ने दोनों लड़कियों को मृत घोषित कर दिया। दोनों लड़कियां कलायत की रहने वाली है, जिनमें से एक करीब 18 वर्षीय परमजीत व एक का नाम पलक है, जो करीब 20 साल की है। पुलिस जांच में जुटी कलायत थाना एसएचओ सुभाष चंद्र ने बताया कि घटना सुबह करीब 5 बजे की है। पुलिस को सूचना मिली थी कि तालाब में दो लड़कियां डूब गई हैं। उनकी टीम मौके पर पहुंची। मौके पर मौजूद लोगों की सहायता से दोनों के शवों को बाहर निकाल कर एम्बुलेंस के जरिए कैथल नागरिक अस्पताल में पहुंचाया गया। जहां पर दोनों को डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। मृतक युवतियों के शवों का पोस्टमार्टम करवा कर परिजनों को सौंपा जाएगा। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच के आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
कंटेनर में पीछे से घुसी तेज रफ्तार एंबुलेंस:पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर हुआ हादसा, 6 लोग गंभीर घायल
गाजीपुर के कासिमाबाद कोतवाली क्षेत्र में मंगलवार तड़के पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर एक तेज रफ्तार एंबुलेंस कंटेनर ट्रक से टकरा गई। इस हादसे में एंबुलेंस में सवार छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। जानकारी के अनुसार, लखनऊ की ओर जा रही एंबुलेंस चैनेज नंबर 315 किलोमीटर के पास आगे चल रहे कंटेनर ट्रक में पीछे से जा घुसी। टक्कर इतनी भीषण थी कि एंबुलेंस का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के बाद एक्सप्रेसवे पर अफरा-तफरी मच गई। राहगीरों ने तत्काल पुलिस और यूपीडा की टीम को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस और राहत दल ने सभी घायलों को एंबुलेंस से बाहर निकाला। घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। सभी घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है। शुरुआती जांच में हादसे का कारण तेज रफ्तार और चालक को नींद की झपकी आना बताया जा रहा है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। इस दुर्घटना के कारण कुछ समय के लिए एक्सप्रेसवे पर यातायात भी प्रभावित रहा।
खंडवा में भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के जिलाध्यक्ष पद को लेकर गुटीय राजनीति चरम पर पहुंच गई है। अध्यक्ष पद के मुख्य दावेदार सागर आरतानी के खिलाफ ब्राह्मण समाज की महिला विंग ने मोर्चा खोल दिया है। महिलाओं ने भाजपा जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह तोमर को ज्ञापन सौंपकर सागर आरतानी को यह जिम्मेदारी न देने की मांग की है। ब्राह्मण समाज का आरोप है कि सागर आरतानी के पिता अनिल आरतानी ने पूर्व में समाज की महिलाओं (विशेषकर शर्मा सरनेम वाली) पर अभद्र और अश्लील टिप्पणी की थी। इस मामले में अनिल आरतानी के खिलाफ मोघट रोड थाने में पुलिस प्रकरण भी दर्ज किया गया था। ज्ञापन में स्पष्ट कहा गया है कि महिलाओं की गरिमा पर आघात करने वाले किसी भी व्यक्ति या उसके परिवार से जुड़े लोगों को सार्वजनिक और राजनीतिक जिम्मेदारियों से दूर रखा जाना चाहिए। समाज की चेतावनी- 'जिम्मेदारी मिली तो करेंगे पुरजोर विरोध'ब्राह्मण समाज ने भाजपा से मांग की है कि सागर आरतानी को भविष्य में पार्टी में कोई भी संगठनात्मक या राजनीतिक पद न दिया जाए, ताकि समाज में सकारात्मक संदेश जाए। महिला विंग ने चेतावनी दी है कि यदि आरतानी परिवार को कोई जिम्मेदारी मिलती है, तो ब्राह्मण समाज भाजपा का कड़ा विरोध करेगा और इसकी पूरी जिम्मेदारी पार्टी जिलाध्यक्ष की होगी। गुटीय राजनीति का प्रभाव: विरोधी गुट की नेत्री भी रहीं मौजूदइस पूरे घटनाक्रम में गुटीय राजनीति साफ नजर आई। जिलाध्यक्ष को ज्ञापन सौंपने पहुंची महिला विंग में भाजपा की मंडल अध्यक्ष स्नेहा पाराशर भी शामिल थीं। गौरतलब है कि स्नेहा पाराशर और सागर आरतानी भाजपा के दो अलग-अलग धड़ों का प्रतिनिधित्व करते हैं। हालांकि, स्नेहा पाराशर वहां राजनीतिक नहीं, बल्कि सामाजिक दृष्टिकोण से उपस्थित थीं। क्या कहते हैं राजनीतिक जानकार?राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पिता पर लगे आरोपों की सजा बेटे को नहीं दी जा सकती है। हाल ही में ओंकारेश्वर ट्रस्ट से जुड़े एक मामले में कोर्ट ने भी यह अहम टिप्पणी की थी कि 'रक्त कलंकित नहीं हो सकता'। यानी, यदि कोई गुनाह पिता ने किया है, तो उसका खामियाजा बेटा क्यों भुगते। इसे पूरी तरह से पार्टी की अंदरूनी खींचतान और पॉलिटिक्स का हिस्सा माना जा रहा है।
नालंदा के पैरा पावरलिफ्टर झंडू कुमार का चयन कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के लिए भारतीय टीम में हुआ है। जिला पारा स्पोर्ट्स एसोसिएशन के सचिव कुंदन कुमार पांडेय ने इस उपलब्धि को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि झंडू कुमार ने अपनी अदम्य इच्छाशक्ति, कड़ी मेहनत और कड़े अनुशासन के बल पर आज विश्व पटल पर अपनी जगह बनाई है। पूरा भरोसा जताया कि झंडू ग्लासगो में तिरंगा लहराकर देश का नाम रोशन करेंगे। इस विशेष अवसर पर एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. अरविंद कुमार सहित प्रमोद कुमार, रवि कुमार, सतनाम कबीर, ज्ञानेश, संजू, चंद्रा और 'रॉकस्टार जिम' के कोच गौतम सिंह व आकाश कुमार ने भी उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। माता-पिता आज भी बेचते हैं सब्जी झंडू कुमार की सफलता की कहानी किसी फिल्मी पटकथा जैसी लगती है, जो संघर्ष और कभी न हार मानने वाले जज्बे की अनूठी मिसाल है। कमर से नीचे के दोनों पैरों से शत-प्रतिशत दिव्यांग होने के बावजूद झंडू ने कभी अपनी शारीरिक अक्षमता को अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया, बल्कि अपनी मानसिक और शारीरिक ताकत को अपना सबसे बड़ा हथियार बनाया। उनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि बेहद साधारण है। उनके माता-पिता आज भी बिहार के हरनौत बाजार में फुटपाथ पर सब्जी बेचकर अपना जीवन यापन करते हैं, जबकि उनके चार भाई भी बेहद मेहनतकश हैं और परिवार की आजीविका के लिए सब्जी बेचने का ही काम करते हैं। सपनों की खातिर बेच दिया अपना एकमात्र सहारा साल 2019 से पहले तक झंडू कुमार खुद भी हरनौत की सड़कों पर ठेला लगाकर सब्जी बेचा करते थे, ताकि परिवार को आर्थिक मदद मिल सके। उनके जीवन में सबसे बड़ा बदलाव तब आया जब नालंदा पारा स्पोर्ट्स एसोसिएशन के कुंदन कुमार पांडे की पारखी नजरों ने उनके भीतर छिपे एक पावरलिफ्टर को पहचाना। इसके बाद खेल के प्रति झंडू का जुनून इस कदर परवान चढ़ा कि उन्होंने पेशेवर ट्रेनिंग और प्रतियोगिताओं का खर्च उठाने के लिए अपना एकमात्र सहारा, अपना टेंपो और सब्जी का ठेला तक बेच दिया और खुद को पूरी तरह खेल के मैदान में झोंक दिया। इस मुश्किल सफर में रॉकस्टार जिम के कोच गौतम सिंह ने उन्हें निशुल्क ट्रेनिंग देकर उनके सपनों को पंख दिए। मैदान पर दमदार रिकॉर्ड, अब ग्लासगो में गोल्ड पर नजर पैरा पावरलिफ्टिंग के कठिन बेंच प्रेस इवेंट में महारत हासिल करने वाले झंडू कुमार ने अपनी छाती, कंधों और हाथों की ताकत के दम पर लगातार सफलता के झंडे गाड़े हैं। साल 2019 में नेशनल पैरा पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप में पहला नेशनल मेडल जीतकर सुर्खियों में आए थे। इसके बाद उन्होंने साल 2023 और 2025 के 'खेलो इंडिया पैरा गेम्स' में लगातार शानदार प्रदर्शन करते हुए पदक अपने नाम किए। अंतरराष्ट्रीय मंच पर उन्होंने पहली बार साल 2025 में वर्ल्ड कप में भारत के लिए मेडल जीतकर अपनी धमक दिखाई। साल 2026 में हाल ही में आयोजित 'वर्ल्ड पैरा चैंपियनशिप' में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर उन्होंने दुनिया के सर्वश्रेष्ठ एथलीटों में अपना नाम शुमार करा लिया। बिहार से पैरा पावरलिफ्टिंग जैसे कठिन खेल में अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने वाले वे विरले खिलाड़ियों में से एक हैं और अब ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेल 2026 उनके करियर का सबसे बड़ा मंच बनने जा रहा है, जहां पूरा देश उनसे गोल्ड मेडल की उम्मीद लगाए बैठा है।
फिरोजाबाद के थाना मक्खनपुर क्षेत्र के अरमरा जट गांव में पत्नी से छेड़छाड़ का विरोध करने पर पति और उसके भाई पर हमला किया गया। लोहे की सरिया और धारदार हथियार से हुए इस हमले में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि गांव के कुछ लोग उसकी पत्नी से लगातार छेड़छाड़ और अभद्रता कर रहे थे। सोमवार रात को जब उसने इसका विरोध किया, तो आरोपियों ने अपने साथियों के साथ मिलकर उन पर हमला कर दिया। आरोपियों ने लोहे की सरिया और तेज धारदार हथियार से पति और उसके भाई पर वार किए, जिससे वे गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़े। चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे, जिसके बाद आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही थाना मक्खनपुर पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को तत्काल इलाज के लिए अस्पताल भिजवाया। पीड़ित पक्ष ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज करने की तैयारी कर रही है।
दिल्ली हाई कोर्ट ने भारतीय कुश्ती संघ (WFI) को पहलवान विनेश फोगाट पर लगे प्रतिबंध और शोकॉज नोटिस के मामले में 6 जुलाई तक अंतिम फैसला लेने का निर्देश दिया है। जस्टिस पुरुषेंद्र कुमार कौरव की पीठ ने यह आदेश जारी किया। कोर्ट ने WFI से कहा है कि वह 6 जुलाई तक इस पूरे प्रकरण पर अपना अंतिम निर्णय ले और उस दिन सुनवाई के दौरान रिकॉर्ड के रूप में कोर्ट को सूचित करे। साथ ही, विनेश फोगाट को भी 6 जुलाई तक कुश्ती संघ द्वारा मांगे गए सभी सवालों का जवाब देने का निर्देश दिया गया है। हाई कोर्ट ने इस मामले में भारतीय कुश्ती संघ को नोटिस भी जारी किया है और दो सप्ताह के भीतर विनेश फोगाट के आरोपों पर जवाब दाखिल करने को कहा है। दरअसल, भारतीय कुश्ती संघ ने विनेश फोगाट को आगामी खेलों से प्रतिबंधित करते हुए अनुशासनहीनता के आरोप में 15 बिंदुओं पर जवाब मांगा था। यह कार्रवाई तब हुई जब विनेश एशियन गेम्स के लिए आयोजित चयन ट्रायल्स में बिना सीनियर नेशनल ओपन रैंकिंग कुश्ती चैंपियनशिप खेले शामिल होना चाहती थीं।WFI ने 30 और 31 मई को लखनऊ में एशियन गेम्स के लिए चयन ट्रायल्स का आयोजन किया था। विनेश फोगाट पहले भी 11 मई को गोंडा में एक प्रतियोगिता में शामिल होने आई थीं, लेकिन प्रतिबंध के चलते हिस्सा नहीं ले पाई थीं। लखनऊ में होने वाली प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए विनेश ने दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया था। हाई कोर्ट ने तत्काल राहत देने से इनकार कर दिया था, यह कहते हुए कि वह भारतीय कुश्ती संघ को सुने बिना कोई फैसला नहीं दे सकता। हालांकि, कोर्ट ने WFI को 6 जुलाई तक अंतिम फैसला लेने का निर्देश देकर विनेश को एक तरह की राहत प्रदान की है।
मेवाड़ के कृष्णधाम श्री सांवलियाजी मंदिर में खुले भगवान के भंडार की गणना के दूसरे राउंड में सोमवार को 5 करोड़ 77 लाख 50 हजार रुपए की राशि गिनी गई। इसके साथ ही इस महीने अब तक मंदिर के भंडार से कुल 17 करोड़ 07 लाख 50 हजार रुपए की दान राशि प्राप्त हो चुकी है। हालांकि अभी भी बड़ी मात्रा में नोटों, चिल्लर और सोने-चांदी की गिनती बाकी है। राजभोग आरती के बाद शुरू हुई गणना मंदिर मंडल की ओर से सोमवार सुबह राजभोग आरती के बाद भंडार में निकली दान राशि की गणना का दूसरा चरण शुरू किया गया। मंदिर परिसर में सुरक्षा और निगरानी के बीच कर्मचारियों और बैंक प्रतिनिधियों की मौजूदगी में नोटों की गिनती की गई। दिनभर चली इस प्रक्रिया में करोड़ों रुपए की राशि सामने आई। गणना पूरी होने के बाद राशि को अलग-अलग बैंकों में जमा करवाया गया। मंदिर में हर महीने बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं और अपनी श्रद्धा अनुसार दान अर्पित करते हैं। यही कारण है कि सांवलियाजी मंदिर का भंडार हर बार करोड़ों की राशि देता है। पहले चरण में भी निकले थे करोड़ों रुपए मंदिर प्रशासन के अनुसार भंडार गणना के पहले राउंड में ही 11 करोड़ 30 लाख रुपए की राशि सामने आ चुकी थी। अब दूसरे राउंड में 5 करोड़ 77 लाख 50 हजार रुपए और जुड़ने से कुल राशि 17 करोड़ 07 लाख 50 हजार रुपए तक पहुंच गई है। अभी कई थैलों में रखे नोटों की गिनती बाकी है। इसके अलावा बड़ी मात्रा में जमा चिल्लर की अलग से गणना की जाएगी। मंदिर में श्रद्धालु नकद राशि के साथ-साथ सोना और चांदी भी दान करते हैं, जिसका वजन और मूल्यांकन अभी बाकी है। देशभर से पहुंचते हैं श्रद्धालु श्री सांवलियाजी मंदिर मेवाड़ ही नहीं बल्कि देशभर के श्रद्धालुओं की आस्था का बड़ा केंद्र माना जाता है। यहां हर महीने लाखों श्रद्धालु भगवान सांवलिया सेठ के दर्शन करने पहुंचते हैं। व्यापारियों और आम लोगों में यह मान्यता है कि सांवलिया सेठ उनकी मनोकामनाएं पूरी करते हैं, इसलिए यहां बड़ी मात्रा में दान चढ़ाया जाता है। अमावस्या, पूर्णिमा और विशेष पर्वों पर मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। मंदिर मंडल की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए लगातार व्यवस्थाएं भी बढ़ाई जा रही हैं। अभी जारी रहेगी गणना प्रक्रिया मंदिर प्रशासन का कहना है कि भंडार से निकली राशि की गणना का काम अभी आगे भी जारी रहेगा। नोटों और सिक्कों की पूरी गिनती होने के बाद ही अंतिम आंकड़ा सामने आएगा। वहीं सोने-चांदी का वजन और उसकी कीमत का आकलन भी बाद में किया जाएगा।
इंदौर के एमजीएम मेडिकल कॉलेज के बॉयज हॉस्टल में रविवार देर रात पीजी डॉक्टर अमन पटेल की पांचवीं मंजिल से गिरने से मौत के मामले में शुरुआती जांच आत्महत्या की ओर इशारा कर रही है। पुलिस को अब तक रैगिंग या किसी विवाद जैसे ठोस कारण नहीं मिले हैं, जबकि घटनास्थल से मिले परिस्थितिजन्य साक्ष्यों और कुछ इनपुट के आधार पर प्रेम प्रसंग के एंगल पर भी पुलिस काम कर रही है। जानकारी के मुताबिक डॉ. अमन पटेल शांत स्वभाव और होनहार छात्र माने जाते थे। उनका पीजी कोर्स करीब छह महीने बाद पूरा होने वाला था। सोमवार को मेडिकल कॉलेज में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में साथी डॉक्टरों और शिक्षकों ने गहरा दुख जताया, लेकिन मौत के कारणों पर कोई खुलकर बोलने को तैयार नहीं हुआ। पहले सीधे होस्टल पहुंचे परिजन रविवार रात करीब ढाई बजे पुलिस, कॉलेज प्रबंधन और साथियों ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए एमवायएच भेजा। सोमवार दोपहर जबलपुर से परिजन पहले हॉस्टल पहुंचे और घटनास्थल देखकर भावुक हो गए। बाद में वे मर्चुरी पहुंचे, जहां पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पूरी की गई। जांच के दौरान पुलिस और फोरेंसिक टीम ने हॉस्टल की छत का निरीक्षण किया। वहां दो गेट मिले, जिनमें एक पर ताला लगा था जबकि दूसरा खुला था। पुलिस को आशंका है कि डॉ. अमन रात में छत पर गए और बाहर से दरवाजा बंद कर छलांग लगा दी। मौके पर खून के निशान और अन्य परिस्थितियों से भी आत्महत्या की संभावना मजबूत मानी जा रही है। कई ब्लॉकों में सीसीटीवी कैमरे नहीं जांच में यह भी सामने आया कि हॉस्टल के कई ब्लॉकों में सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे हैं या खराब पड़े हैं। सुरक्षा व्यवस्था भी सीमित है। छात्रों और कर्मचारियों ने बताया कि छत और आसपास शराब की बोतलें भी पड़ी रहती हैं। शव के पास से डॉक्टर का टूटा हुआ मोबाइल मिला पुलिस को शव के पास से डॉक्टर का टूटा हुआ मोबाइल मिला है। मोबाइल की कॉल डिटेल और चैटिंग की जांच की जा रही है। करीबी साथियों के मुताबिक घटना से पहले डॉ. अमन किसी महिला मित्र से वीडियो कॉल पर बात कर रहे थे और उसके बाद तनाव में दिखाई दिए। कुछ साथियों के पास बाद में एक महिला का फोन भी आया था, जिसमें अमन के बारे में पूछा गया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। परिजनों की मौजूदगी में डॉक्टर का कमरा खोला सोमवार शाम परिजनों की मौजूदगी में डॉक्टर का कमरा खोला गया। पुलिस और परिजन ने कमरे में रखी कॉपियां, किताबें और अन्य सामान खंगाला, लेकिन कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। देर शाम परिजन शव को लेकर जबलपुर रवाना हो गए। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। ये खबर भी पढ़िए… इंदौर में पांचवीं मंजिल से गिरे जूनियर डॉक्टर की मौत इंदौर के एमजीएम मेडिकल कॉलेज के बॉयज हॉस्टल में रविवार देर रात एक पीजी डॉक्टर की मौत हो गई। डॉक्टर का शव हॉस्टल की पांचवीं मंजिल से गिरने के बाद परिसर में मिला। पुलिस आत्महत्या और हादसा, दोनों पहलुओं से जांच कर रही है। पढ़ें पूरी खबर…
मुजफ्फरनगर में दिल्ली-देहरादून नेशनल हाईवे पर स्थित छपार टोल प्लाजा पर यातायात पुलिस ने शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया। लगातार दो रात चलाए गए “स्पेशल ड्रंक एंड ड्राइव अभियान” में पुलिस ने 48 वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई की। SSP संजय कुमार वर्मा के निर्देशन में पुलिस अधीक्षक यातायात अतुल कुमार चौबे, क्षेत्राधिकारी यातायात रविंद्र प्रताप सिंह और यातायात प्रभारी राकेश कुमार के नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान के दौरान हाईवे पर बैरिकेडिंग कर वाहनों की सघन चेकिंग की गई। पुलिस विभाग की तरफ से जारी बयान के मुताबिक, टोल प्लाजा पर रात के समय गुजरने वाले चालकों की ब्रेथ एनालाइजर मशीन से जांच की गई, ताकि शराब पीकर वाहन चलाने वालों को चिन्हित किया जा सके। पुलिस का कहना है कि सड़क हादसों में बढ़ती मौतों और घायलों की संख्या को कम करने के उद्देश्य से यह विशेष अभियान चलाया गया। इसके साथ ही जनपदभर में मॉडिफाइड साइलेंसर, प्रेशर हॉर्न, हूटर, बिना हेलमेट और बिना एचएसआरपी नंबर प्लेट वाले वाहनों के खिलाफ भी सख्त चेकिंग अभियान चलाया गया। इस कार्रवाई के दौरान कुल 239 वाहनों के चालान काटे गए। यातायात पुलिस ने साफ कहा है कि शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ आगे भी लगातार अभियान जारी रहेगा और नियम तोड़ने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बिजनौर आई केयर सेंटर में चोरी का प्रयास:एसी की कॉपर वायर निकालने की कोशिश, आरोपी CCTV में कैद
बिजनौर शहर कोतवाली के सिविल लाइन क्षेत्र स्थित देव दृष्टि आई केयर सेंटर में सोमवार सुबह एसी की कॉपर वायर चोरी करने का प्रयास किया गया। यह घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। क्लीनिक संचालक डॉ. दिनेश कुमार डिमरी ने बताया कि मंडावर रोड स्थित जजी चौक के निकट उनके सेंटर में एक अज्ञात व्यक्ति घुस आया। आरोपी ने क्लीनिक में लगे एसी की आउटर यूनिट से कॉपर वायर निकालने की कोशिश की। इसी दौरान किसी के आने की आहट सुनकर आरोपी घबरा गया और वायर को तोड़-मरोड़ कर मौके से फरार हो गया। डॉ. डिमरी ने आशंका जताई कि यदि समय रहते आहट न होती तो आरोपी वायर चोरी कर ले जाता। इस घटना से आउटर यूनिट को नुकसान पहुंचा है, जिससे एसी प्रभावित हुआ है। डॉ. दिनेश कुमार डिमरी ने मामले की जानकारी पुलिस को दे दी है। शहर कोतवाली थानाध्यक्ष रामप्रताप सिंह ने बताया कि पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से आरोपी की पहचान करने में जुटी है और मामले में विधिक कार्रवाई की जा रही है।
शिवपुरी के लक्ष्मीबाई रोड निवासी अभिषेक जैन ने अपने 4 वर्षीय बेटे की मौत के बाद सोशल मीडिया पर की गई अभद्र और भड़काऊ टिप्पणियों को लेकर कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई है। आहत पिता की शिकायत और सौंपे गए स्क्रीनशॉट के आधार पर पुलिस ने फेसबुक और इंस्टाग्राम के तीन अकाउंट धारकों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अभिषेक जैन के मुताबिक, उनके 4 वर्षीय बेटे अनय जैन की 15 मई 2026 की रात तराना थाना क्षेत्र में एक बस में आग लगने की दर्दनाक घटना में मृत्यु हो गई थी। इस भीषण हादसे के बाद से ही पूरा परिवार गहरे सदमे में है। इसी बीच कुछ असामाजिक तत्वों ने इस संवेदनशील घटना से जुड़े वीडियो पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक और इंस्टाग्राम पर भड़काऊ और आपत्तिजनक टिप्पणियां करना शुरू कर दिया। इन सोशल मीडिया अकाउंट्स से किए गए कमेंट्सअभिषेक जैन ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि फेसबुक आईडी धारक राकेश जी और केदार सिंह गुर्जर के साथ-साथ इंस्टाग्राम आईडी धारक शुभम राजपूत ने घटना के वीडियो पर अमर्यादित टिप्पणियां कीं। पीड़ित पिता ने इन सभी आपत्तिजनक कमेंट्स के स्क्रीनशॉट भी पुलिस को सबूत के तौर पर सौंपे हैं ताकि आरोपियों पर सख्त कार्रवाई हो सके। भावनाएं आहत करने और माहौल बिगाड़ने का आरोपशिकायतकर्ता का कहना है कि इन अमर्यादित टिप्पणियों से उनके परिवार के अलावा दिगंबर जैन समाज, अग्रवाल समाज और शहर के नागरिकों की भावनाएं भी गहरी आहत हुई हैं। इन भड़काऊ टिप्पणियों के जरिए समाज में असंतोष फैलाने और शहर का शांतिपूर्ण माहौल खराब करने का प्रयास किया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 353(2) और 3(5) के तहत अपराध दर्ज कर आरोपियों की तलाश और आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
ज्येष्ठ महीने का आज तीसरा बड़ा मंगल है। इस अवसर पर जिले में 1000 से ज्यादा भंडारे होंगे। नगर निगम में करीब 330 लोगों ने भंडारे के लिए रजिस्ट्रेशन करवाया है। इन भंडारों में नगर निगम फ्री में पानी और सफाई-व्यवस्था कराएगा। इसके लिए नगर निगम ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। नगर निगम के वन ऐप पर भंडारे का रजिस्ट्रेशन किया जा सकता है। ट्रैफिक पुलिस ने शहर के बड़े मंदिरों पर होने वाली भीड़ के मद्देनजर कई प्रमुख सड़कों पर रूट डायवर्जन लागू किया है। 3 देखिए तस्वीरें… भंडारों के पल-पल अपडेट्स के लिए लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…
शाजापुर के शहरी हाईवे पर सोमवार देर रात करीब 12 बजे बड़ा हादसा टल गया। शमशान घाट के पास सड़क किनारे खड़ी बाइक के पास मौजूद तीन लोगों को तेज रफ्तार ट्रक ने टक्कर मार दी। घटना में दो बच्चे और एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद ट्रक चालक वाहन लेकर मौके से फरार हो गया। उसी समय वहां से गुजर रहे भारतीय जनता युवा मोर्चा के नगर महामंत्री चेतन कुशवाह और उनकी टीम ने घायलों की मदद की। टीम ने ट्रक चालक को रोकने और उसका पीछा करने का प्रयास भी किया, लेकिन चालक तेज रफ्तार में भाग निकला। घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया घायलों को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक इलाज के बाद परिजन उन्हें शाजापुर के एक निजी अस्पताल ले गए। फिलहाल तीनों का इलाज जारी है। घायलों की पहचान कृष्णपाल सिंह राजपूत (पिता भगवत सिंह), देवपाल (पिता महिपाल सिंह) और विश्वेंद्र सिंह (पिता कृष्णपाल सिंह) के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि हादसे में घायलों को गंभीर चोटें आई हैं। घटना के बाद क्षेत्र में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मामले की सूचना पुलिस को दे दी गई है और फरार ट्रक चालक की तलाश की जा रही है।
राजगढ़ जिले के खिलचीपुर क्षेत्र में समर्थन मूल्य पर खरीदे जा रहे गेहूं के भंडारण में बड़ी लापरवाही सामने आई है। स्थानीय स्तर पर 13 हजार मीट्रिक टन क्षमता के वेयरहाउस खाली होने के बावजूद उपज को करीब 50 किलोमीटर दूर ब्यावरा भेजा जा रहा है। इस अव्यवस्था के कारण शासन पर लाखों रुपए का अतिरिक्त परिवहन खर्च बढ़ने की आशंका है। मामले में अधिकारियों और परिवहन ठेकेदारों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। खिलचीपुर क्षेत्र के छापीहेड़ा, माचलपुर, कोडक्या और भाटखेड़ा उपार्जन केंद्रों पर किसानों से गेहूं खरीदा जा रहा है। नियमानुसार खरीदी गई उपज को परिवहन खर्च कम करने के लिए पहले नजदीकी वेयरहाउस में सुरक्षित रखा जाना चाहिए। इसके विपरीत, खिलचीपुर ब्रांच के श्री गणेश किसान केंद्र बड़बेली और शिवहरे वेयरहाउस बड़बेली में करीब 13 हजार मीट्रिक टन की क्षमता खाली पड़ी है, लेकिन माचलपुर, कोडक्या और भाटखेड़ा का गेहूं सीधे ब्यावरा भेजा जा रहा है। कमीशन और अधिक भुगतान के लिए मिलीभगत का आरोपइस पूरी व्यवस्था के पीछे अधिकारियों और परिवहन ठेकेदारों की मिलीभगत होने की आशंका जताई जा रही है। आरोप है कि लंबी दूरी के परिवहन में अधिक भुगतान और मोटा कमीशन मिलता है, जिसके चलते जानबूझकर गेहूं दूरस्थ गोदामों में भेजा जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर यही स्थिति बनी रही, तो शासन को भारी आर्थिक नुकसान होगा। लोगों ने इस मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। मैपिंग में सुधार के लिए लिखा गया पत्रमध्य प्रदेश वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक्स कॉर्पोरेशन (MPWLC) खिलचीपुर-छापीहेड़ा के शाखा प्रबंधक वसंत देवड़े ने स्थानीय स्तर पर गोदाम खाली होने की बात स्वीकार की है। उन्होंने बताया, वर्तमान में करीब 13 हजार मीट्रिक टन क्षमता के गोदाम रिक्त हैं। उपार्जन समितियों द्वारा जिस गोदाम की मैपिंग की जाती है, उसी के अनुसार गेहूं भेजा जाता है। कुछ की मैपिंग स्थानीय वेयरहाउस में है, जबकि कुछ का स्टॉक ब्यावरा भेजा जा रहा है। शाखा प्रबंधक ने यह भी माना कि नियमानुसार पहले नजदीकी गोदामों को भरा जाना चाहिए। उन्होंने कहा, इस संबंध में जिला आपूर्ति अधिकारी और कॉर्पोरेशन को पत्र लिखकर स्थिति से अवगत कराया गया है। हमने मैपिंग में सुधार कर स्थानीय स्तर पर भंडारण सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।
ऐतिहासिक और पौराणिक नगरी राजगीर में आयोजित विश्व प्रसिद्ध मलमास मेले के दूसरे दिन सोमवार को आस्था का एक अनूठा नजारा देखने को मिला। पुरुषोत्तम मास के इस पावन अवसर पर देश-विदेश से आए करीब 80 हजार श्रद्धालुओं के जनसैलाब से पूरी धर्मनगरी धर्ममय हो उठी। सुबह से ही पवित्र कुंडों और नदियों में स्नान करने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। चारों तरफ भक्ति का माहौल नजर आया। इस दौरान सबसे अद्भुत और आकर्षक दृश्य पवित्र वैतरणी नदी के तट पर देखने को मिला, जहां सदियों पुरानी सनातन परंपरा को जीवंत करते हुए हजारों श्रद्धालुओं ने गाय की पूंछ पकड़कर नदी पार की और अपने जीवन के लिए मोक्ष की कामना की। सनातन परंपरा का निर्वहन और मोक्ष की अनूठी चाह धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सनातन धर्म में वैतरणी नदी को पौराणिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है। ऐसी मान्यता है कि मृत्यु के पश्चात आत्मा को परलोक जाते समय वैतरणी नदी पार करनी पड़ती है। गाय को इस भवसागर से पार लगाने वाली मोक्षदायिनी माना गया है। इसी अटूट विश्वास के साथ सुबह से लेकर देर शाम तक वैतरणी तट पर महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं की लंबी कतारें लगी रही। महिलाओं में इस अनुष्ठान को लेकर विशेष उत्साह देखा गया, जिनका मानना है कि इस विधि-विधान से परिवार में सुख-समृद्धि आती है और जाने-अनजाने में हुए पापों से मुक्ति मिलती है। पुरोहितों के अनुसार पुरुषोत्तम मास में किया गया कोई भी जप, तप, दान और स्नान सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना अधिक फलदायी होता है, जिससे इस परंपरा का महत्व और भी बढ़ जाता है। श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ पड़ा मेले के दूसरे दिन ब्रह्ममुहूर्त से ही राजगीर की फिजां पूरी तरह बदल चुकी थी। तड़के तीन बजे से ही श्रद्धालुओं की टोली ब्रह्मकुंड, सप्तधारा, सूर्यकुंड और पवित्र सरस्वती नदी की ओर बढ़ने लगी थी। सुबह चार बजते-बजते कुंडों के रास्तों पर बने जिग-जैग बैरिकेडिंग में कतारें इतनी लंबी हो गईं कि पैर रखने की जगह नहीं बची। पूरे मेला क्षेत्र में 'हर-हर महादेव' और 'राधे-राधे' के गगनभेदी जयघोष गूंजते रहे, जिससे पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो गया। दोपहर के समय तीखी धूप और उमस भरी गर्मी के कारण कुछ देर के लिए भीड़ की रफ्तार जरूर थमी, लेकिन जैसे ही सूरज ढला, शाम होते ही कुंडों पर एक बार फिर श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ पड़ा। मठ-मंदिरों में चौबीस घंटे महाभंडारा इतनी भारी भीड़ के बावजूद इस बार मेला क्षेत्र में प्रशासन की सक्रियता और मुस्तैदी साफ तौर पर देखने को मिल रही है। भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा, साफ-सफाई से लेकर पेयजल और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए प्रशासनिक स्तर पर पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। चप्पे-चप्पे पर दंडाधिकारियों और पुलिस बल की तैनाती के साथ ही सीसीटीवी कैमरों से पूरी गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है। दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने भी प्रशासनिक व्यवस्थाओं की जमकर तारीफ की। राजगीर के तमाम मठ-मंदिरों में भी रौनक बढ़ गई है। झुमकी बाबा मंदिर, फलाहारी बाबा आश्रम, कैलाश आश्रम, हनुमानगढ़ी, कबीर मठ और रजौली संगत जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं के लिए चौबीस घंटे मुफ्त महाभंडारे का संचालन किया जा रहा है, जहां दिन-रात लोग पूरे प्रेमभाव से प्रसाद ग्रहण कर रहे हैं।
रायपुर में बीजेपी विधायक और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक से मोबाइल लूटने वाले वाले आरोपी को पुलिस ने महज 8 घंटे के भीतर अरेस्ट कर लिया। लूट की गुत्थी को सुलझने के लिए पुलिस उपायुक्त, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त, सहायक पुलिस आयुक्त, क्राइम और साइबर सेल के 40 से ज्यादा पुलिसकर्मी लगे हुए थे। पुलिस अधिकारियों की टीम ने घटनास्थल के आसपास लगे CCTV फुटेज खंगाले। केनाल रोड के सीसीटीवी कैमरे में लुटेरे के फरार होने का फुटेज पुलिस को मिला। कपड़ों के आधार पर आरोपी की पहचान की गई। इसके बाद पुलिस ने गाड़ी नंबर के जरिए आरोपी का पता लगाकर उसे खम्हारडीह थाना क्षेत्र के राजीव नगर से पकड़ा। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम मणिकांत ध्रुव (19) बताया। वह रैपिडो राइडर है। आरोपी पहले किसी आपराधिक वारदात में शामिल रहा है या नहीं, इसकी जांच में पुलिस अधिकारी जुटे हुए हैं। वहीं इस मामले में कांग्रेस नेता विकास उपाध्याय ने कहा कि आम जनता के मामले में तेजी क्यों नहीं दिखाई जाती। बता दें कि लूट का मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र के पीडब्ल्यूडी ब्रिज के पास का है। विकास उपाध्याय बोले- आम लोग अब भी इंतजार में धर्मलाल कौशिक का मोबाइल लूटने वाले आरोपी की गिरफ्तारी के बाद कांग्रेस नेता विकास उपाध्याय ने बयान जारी किया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ पुलिस ने कुछ ही घंटों में मोबाइल खोज निकाला। मामले में 2 डीसीपी, 2 एडीसीपी, 3 टीआई समेत करीब 30 जवान तुरंत एक्टिव हो गए। उन्होंने सवाल उठाया कि आम लोगों के चोरी या गुम हुए मोबाइल मामलों में ऐसी तेजी क्यों नहीं दिखाई जाती? आम नागरिकों को अक्सर सिर्फ शिकायत नंबर, तारीख और इंतजार ही मिलता है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के लोगों को भी अपने खोए हुए मोबाइल वापस दिलाने की मांग करनी चाहिए। छत्तीसगढ़ में डेढ़ लाख से ज्यादा मोबाइल चोरी केंद्र सरकार के संचार मंत्रालय और दूरसंचार विभाग की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार छत्तीसगढ़ में 1,53,374 मोबाइल चोरी या गुम हुए हैं। इनमें से 1,09,089 मोबाइल ट्रैक किए जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ पुलिस ने अब तक 48,960 मोबाइल रिकवर किए हैं, लेकिन बड़ी संख्या में पीड़ितों को अब भी उनके मोबाइल वापस नहीं मिल पाए हैं। लोगों से अलर्ट रहने की अपील इधर, रायपुर मध्य क्षेत्र पुलिस उपायुक्त उमेश प्रसाद गुप्ता ने मॉर्निंग वॉक पर निकलने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि रायपुर कमिश्नर के निर्देश पर अलसुबह पेट्रोलिंग बढ़ाई जा रही है, लेकिन लोगों को भी सतर्क रहतना चाहिए। लोग सतर्क रहेंगे तो इस तरह की घटना का शिकार नहीं होंगे। ………………….. इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… रायपुर में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष कौशिक से लूट, आरोपी अरेस्ट:मॉर्निंग वॉक के समय मोबाइल छीनकर भागा था, भूपेश बोले- ‘सुशासन’ पर तमाचा रायपुर में बीजेपी विधायक और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक मॉर्निंग वॉक के दौरान मोबाइल लूट का शिकार हो गए। सिविल लाइन थाना क्षेत्र के पीडब्ल्यूडी ब्रिज के पास बाइक सवार बदमाशों ने इस वारदात को अंजाम दिया। पढ़ें पूरी खबर…
अजमेर के दरगाह थाना क्षेत्र में लॉ स्टूडेंट पर जानलेवा हमले का मामला सामने आया है। आरोप है कि आधा दर्जन से ज्यादा युवकों ने दरगाह बाजार स्थित एक बिरयानी दुकान पर युवक को घेरकर मारपीट की, चाकू से हमला किया और आईफोन व नकदी छीनकर फरार हो गए। पूरी घटना दुकान पर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। पुलिस ने 8 लोगों के खिलाफ नामजद मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मुस्लिम मोची मोहल्ला निवासी सैयद शहजाद अली ने दरगाह थाने में रिपोर्ट देकर बताया कि वह फिलहाल मुस्लिम मोची मोहल्ला, दरगाह बाजार में रहकर लॉ की पढ़ाई कर रहा है। उसने आरोप लगाया कि बीर गांव के ही सैयद दिलनवाज अली सहित अन्य युवक पिछले कई दिनों से उसे जान से मारने की धमकियां दे रहे थे। पीड़ित ने बताया कि 16 मई को दोपहर करीब 12 बजे वह दरगाह बाजार स्थित मोनू भाई की बिरयानी दुकान पर दोस्तों के साथ नाश्ता कर रहा था। इसी दौरान आरोपी एक साथ वहां पहुंचे और उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। बीच-बचाव करने आए उसके दोस्त युसुफ अली और शाहरुख अली के साथ भी मारपीट की गई। पीड़ित ने आरोप लगाया कि सैयद दिलनवाज अली ने धारदार चाकू से हमला कर दिया, जिससे उसके गाल और शरीर पर गंभीर चोट आईं। वहीं एक अन्य आरोपी ने हाथ में पहनने वाले पंच से हमला किया। पीड़ित का आरोप है कि मारपीट के दौरान जेब में रखे करीब 5 हजार रुपए और आईफोन 16 प्रो मैक्स भी छीन लिया गया। घटना के बाद आसपास अफरा-तफरी मच गई। दुकान पर लगे सीसीटीवी कैमरों में पूरी वारदात रिकॉर्ड हुई है। पुलिस अब फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी में जुटी है। दरगाह थाना पुलिस ने पीड़ित की रिपोर्ट पर विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सोनभद्र जनपद में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने और अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा सड़क पर उतरे। उन्होंने भारी पुलिस बल के साथ वाराणसी-शक्तिनगर हाईवे पर पैदल गश्त कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान पुलिस ने संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ की और आने-जाने वाले वाहनों की सघन चेकिंग की। यातायात नियमों का पालन न करने वालों को सख्त हिदायत देते हुए नियमों का पालन करने के निर्देश दिए गए। एसपी अभिषेक वर्मा ने मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देशित किया कि जनपद में लगातार गश्त और चेकिंग अभियान चलाकर अपराध एवं अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण बनाए रखा जाए। उन्होंने महिला एवं बालिका सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने, मिशन शक्ति अभियान को और प्रभावी बनाने, रात्रि गश्त बढ़ाने तथा संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने पर जोर दिया। एसपी ने बताया कि वाराणसी-शक्तिनगर मार्ग पर कई रेस्टोरेंट, ढाबे और अन्य दुकानें हैं, जिनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह फुट मार्च किया गया। पुलिस अधीक्षक सोनभद्र ने आमजन से अपील की कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि या व्यक्ति की सूचना तत्काल स्थानीय पुलिस को दें और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करें। पुलिस की इस सक्रिय कार्यवाही से क्षेत्र में सुरक्षा का वातावरण मजबूत हुआ है और आमजन में पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ा है। कुछ और तस्वीरें देखिए
बुरहानपुर में गहराते जल संकट के बीच नगर निगम ने अवैध नल कनेक्शनों और पानी की बर्बादी रोकने के लिए सख्त अभियान शुरू कर दिया है। बिना अनुमति पानी बहाने वालों पर अब सीधे स्पॉट फाइन लगाकर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। निगम आयुक्त संदीप श्रीवास्तव ने एमआईसी हॉल में आयोजित जल विभाग की बैठक में अधिकारियों को यह सख्त निर्देश दिए हैं। आयुक्त ने बैठक में स्पष्ट किया कि बिना मीटर और बिना टैक्स दिए पानी का उपयोग करने वाले सभी अवैध कनेक्शन तुरंत काटे जाएं। उन लोगों पर विशेष कार्रवाई होगी जो मोटर लगाकर सीधे मुख्य पाइपलाइन से पानी खींचते हैं या जिनके अवैध व क्षतिग्रस्त नलों से पानी बहता रहता है। इसके अलावा, खुले नल या टूटी पाइपलाइन से पानी बर्बाद करने वालों को भी इस अभियान के तहत बख्शा नहीं जाएगा। वैध उपभोक्ताओं को मिलेगा पूरा पानीगर्मियों के मौसम में शहर में पानी की मांग काफी बढ़ गई है और जल स्तर भी लगातार नीचे जा रहा है। ऐसे में टैक्स भरने वाले वैध उपभोक्ताओं को समान रूप से जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया गया है। निगम ने अपील की है कि नागरिक अपने क्षेत्र में पानी की बर्बादी से जुड़ी शिकायतें सीधे नगर निगम की टीम को दर्ज करा सकते हैं। बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूदजल विभाग की इस महत्वपूर्ण बैठक में नगर निगम और संबंधित एजेंसियों के कई अधिकारी शामिल हुए। इनमें सहायक यंत्री अशोक पाटिल, उपयंत्री सुनील चौहान और एमएमपीयूडीसी के राहुल पवार व सुरेश डोडीयार मौजूद थे। इनके साथ ही संतोष सुखदाने और जेएमसी कंपनी के अधिकारी-कर्मचारी भी इस बैठक में उपस्थित रहे।
शाजापुर शहर के विजयनगर क्षेत्र में सोमवार रात करीब 8 बजे एक ट्रांसफार्मर में आग लग गई। सांदीपनी स्कूल के पास हुई घटना से इलाके में कुछ देर के लिए बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। आग लगते ही ट्रांसफार्मर से तेज चिंगारियां निकलने लगीं, जिससे आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शी रोहित ने बताया कि अचानक आग भड़क उठी और लोगों को बड़े हादसे की आशंका थी। ट्रांसफार्मर के नीचे अक्सर सूखी से भड़की आग सूचना मिलने पर बिजली कंपनी के कर्मचारी तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सुधार कार्य शुरू किया और कुछ देर बाद बिजली आपूर्ति बहाल कर दी। स्थानीय लोगों ने बताया कि ट्रांसफार्मर के नीचे अक्सर सूखी घास, कचरा और अन्य ज्वलनशील सामग्री जमा रहती है, जिससे आग लगने की घटनाएं बढ़ रही हैं। उन्होंने बिजली कंपनी से ट्रांसफार्मरों के आसपास नियमित साफ-सफाई कराने की मांग की है, ताकि गर्मी के मौसम में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
गुना जिले के राघौगढ़ इलाके स्थित भैंसाना गांव में सोमवार से 11 दिवसीय श्रीराम महायज्ञ की शुरुआत हो गई है। पहले दिन सुबह तूमन खेड़ी से भैंसाना तक निकाली गई कलश यात्रा में 25 हजार से ज्यादा श्रद्धालु शामिल हुए। वहीं, सोमवार देर शाम अभिनेता आशुतोष राणा, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और विधायक जयवर्धन सिंह ने यज्ञशाला पहुंचकर आहुतियां दीं और भगवान राम की आरती की। महायज्ञ के पहले दिन सुबह तूमन खेड़ी स्थित पार्वती नदी के घाट से कलश यात्रा शुरू हुई। यहां सभी श्रद्धालुओं ने कलश में जल भरा और भैंसाना गांव तक पदयात्रा की। इस दौरान नागरिक अपने सिर पर भागवत जी और महिलाएं कलश धारण कर चल रही थीं। यज्ञशाला पहुंचने के बाद सभी ने आयोजन स्थल की परिक्रमा की। आशुतोष राणा और दिग्विजय सिंह ने दी आहुतियांसोमवार देर शाम अभिनेता आशुतोष राणा, पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह और राघौगढ़ विधायक जयवर्धन सिंह कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने सबसे पहले आयोजन स्थल का जायजा लिया और भागवत जी का पूजन किया। इसके बाद तीनों ने यज्ञशाला पहुंचकर यज्ञ में आहुतियां दीं और भगवान राम की आरती में हिस्सा लिया। 'हम दशरथ की ओर यात्रा करें या रावण की ओर, यह हम पर निर्भर'आयोजन को संबोधित करते हुए अभिनेता आशुतोष राणा ने भगवान राम के चरित्र पर बात की। उन्होंने कहा, हमारे पास दशरथ भी है और दशमुख भी है। अब ये हमारे ऊपर है कि हम दशरथ की ओर यात्रा करें या फिर दशानन अर्थात रावण की ओर यात्रा करें। पांच ज्ञानेंद्रियों और पांच कर्मेंद्रियों से बना ये हमारा शरीर दशरथ कहलाता है। राणा ने आगे कहा, “मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम ऊपर निराकार से नीचे साकार की बिरादरी में आए ही इसीलिए थे, ताकि वो हमें नीचे से ऊपर उठा सकें। अब यह हम पर निर्भर करता है कि हम उनके चित्र, चरित्र और चिंतन के माध्यम से अपने व्यक्तित्व को ऊपर उठाने का प्रयास करते हैं या नहीं।” 'महादेव ने अपने पास केवल राम नाम रखा'भगवान शिव की स्तुति करते हुए उन्होंने कहा, महादेव इतने विलक्षण हैं कि जिसने बनाया वो उसी के हो जाते हैं और जहां बनाया वो वहीं के हो जाते हैं। जब राम ने बनाया तो रामेश्वर हो गए और हमारे प्रिय भाई जयवर्धन ने उनका निर्माण किया तो वे जयवर्द्धनेश्वर महादेव हो गए। महादेव ऐसे हैं जो स्वयं अपने लिए कुछ नहीं रखते, लेकिन जिसने उन्हें अपनाया उसे अमर कर देते हैं। राणा ने कहा, शिव केवल देव नहीं, बल्कि त्याग, करुणा और समर्पण की सर्वोच्च चेतना हैं। महादेव ने सारी संपत्ति बांट दी, लेकिन अपने पास केवल दो अक्षर रखे— ‘रा’ और ‘म’। इसी राम नाम की शक्ति से हलाहल विष महादेव के कंठ में रुक गया और वे नीलकंठ कहलाए। जीवन में जब भी अमृत यानी सुख पाने की कोशिश होती है, तो सबसे पहले विष ही निकलता है। जो उस विष को धारण कर लेता है, वही अमृत तक पहुंचता है। 'संस्कार और संस्कृति के क्षेत्र में माने जाते हैं राणा'मंच से पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने अभिनेता का स्वागत किया। उन्होंने कहा, आज हमारे बीच में एक ऐसी शख्सियत हैं, जो संस्कार और संस्कृति के क्षेत्र में माने जाते हैं। आप सब आशुतोष राणा जी का स्वागत करें। दिग्विजय सिंह ने उनके नाटक का जिक्र करते हुए कहा, आजकल वे 'हमारे राम' नाम का एक नाटक कर रहे हैं। इसमें उन्होंने स्वयं को रावण का पात्र बनाया है। कल ग्वालियर में उनका ये नाटक देखा, जो अद्भुत है। तस्वीरों में देखिए आयोजन...
औरैया में नेशनल हाईवे-19 पर सोमवार-मंगलवार रात करीब 1.30 बजे तेज रफ्तार ट्रक ने ट्रैक्टर-ट्रॉली को टक्कर मार दी। ट्रैक्टर-ट्रॉली पहलटने से 2 लोगों की मौत हो गई, जबकि 13 लोग गंभीर रूप से घायल है। सूचना पर पहुंची पुलिस, फायर ब्रिगेड और राहत टीम ने ग्रामीणों की मदद से घायलों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया। सभी घायलों का जिला अस्पताल में इलाज जारी है। सभी पीड़ित अछल्दा के गढ़ चंद्रपुरा गांव के रहने वाले हैं, जो एक रिश्तेदार की शोकसभा में शामिल होने जा रहे थे। अछल्दा थाना क्षेत्र के ग्राम गढ़ चंद्रपुरा के ग्रामीण ट्रैक्टर-ट्रॉली से अयाना थाना क्षेत्र के ग्राम तिवरलालपुर जा रहे थे। गांव निवासी तिलक सिंह के दामाद साकेत के निधन पर आयोजित शोकसभा में शामिल होने के लिए एक साथ निकले थे। नेशनल हाईवे-19 पर इमलिया ओवरब्रिज से पहले मंगलवार रात करीब 1.30 बजे पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रक ने ट्रैक्टर में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गया। ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवार लोग उसके नीचे दब गए। इस हादसे में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकी 13 लोग गंभीर रूप से घायल है। पढ़ें पूरी खबर गाजियाबाद में दरोगा समेत 10 पुलिसकर्मी सस्पेंड:ड्यूटी और जांच में लापरवाही समेत अलग-अलग मामलों में हुई कार्रवाई गाजियाबाद पुलिस कमिश्नरेट में ड्यूटी में लापरवाही और भ्रष्टाचार के मामलों में बड़ा एक्शन लिया गया है। अलग-अलग मामलों में 10 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया है। इनमें दरोगा, हेड कांस्टेबल और सिपाही शामिल हैं। कार्रवाई चेन स्नैचिंग की घटनाओं में लापरवाही, जनसुनवाई में उदासीनता और पुलिसकर्मियों से अवैध वसूली जैसे मामलों में की गई है। पुलिस कमिश्नर जे रविंदर गौड ने साफ कहा है कि ड्यूटी में लापरवाही और भ्रष्टाचार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में सीधे निलंबन की कार्रवाई होगी। पुलिस लाइन ऑफिस में तैनात हेड कांस्टेबल राजीव कुमार और लिपिकीय कार्य देख रहे एसआई हरेंद्र सिंह को निलंबित कर दिया गया है। जांच में सामने आया कि राजीव कुमार पुलिसकर्मियों से खुलेआम पैसे वसूलता था। आरोप है कि उसने एक पुलिसकर्मी का फर्जी मेडिकल लगवाकर ड्यूटी में मदद भी कराई थी। पढ़ें पूरी खबर नोएडा में मुठभेड़ में दो बदमाश गिरफ्तार:पैसे के विवाद में 20 साल के युवक की हत्या की थी, वारदात के बाद से फरार थे नोएडा के थाना सेक्टर-63 क्षेत्र में हत्या के आरोपियों और पुलिस के बीच देर रात मुठभेड़ हो गई। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दो बदमाश गोली लगने से घायल हो गए, जबकि दो बाल अपचारियों को भी हिरासत में लिया गया है। सभी आरोपी एक युवक की हत्या के मामले में फरार चल रहे थे। पुलिस के अनुसार चोटपुर कॉलोनी निवासी 20 साल के दीपक का अमन और पीयूष से पैसों को लेकर विवाद हुआ था। विवाद बढ़ने पर आरोपियों ने दीपक पर चाकू से हमला कर दिया। गंभीर हालत में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। इसके बाद पुलिस ने दर्ज मुकदमे में हत्या की धारा बढ़ा दी। पढ़ें पूरी खबर मऊ में स्कॉर्पियो के आगे थार लगाई, हिस्ट्रीशीटर पर फायरिंग, पूर्व मंत्री के घर तेरहवीं में आए थे मऊ में भाजपा के पूर्व मंत्री यशवंत सिंह के घर से लौट रहे दो हिस्ट्रीशीटर बदमाश आमने-सामने आ गए। आरोपी ने स्कॉर्पियो के सामने थार लगाकर गाड़ी रोक ली। पुरानी रंजिश और ओवरटेक को लेकर दोनों के बीच बहस हुई, जिसके बाद कई राउंड फायरिंग हुई। फायरिंग में एक हिस्ट्रीशीटर को तीन गोलियां गोली लगी हैं। घायल को गंभीर हालत में आजमगढ़ रेफर किया गया है। दोनों आरोपी आजमगढ़ जिले के अपराधी हैं और उन पर पहले से कई केस दर्ज हैं। पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित कर दी है। चिरैयाकोट थाना क्षेत्र का पूरा मामला है। पढ़ें पूरी खबर… आजमगढ़ में पिकअप की टक्कर से माता-पिता और बेटे की मौत, शादी में शामिल होने मुंबई से आया था परिवार आजमगढ़ में पिकअप ने बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में बाइक सवार माता-पिता और बेटे की मौत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक चला रहे फर्नीचर कारोबारी उछलकर एक्सप्रेसवे से 10 फीट नीचे सर्विस रोड पर जा गिरे और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। वहीं, बेटा और पत्नी गंभीर रुप से घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और यूपीडा की टीम मौके पर पहुंची। दोनों घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया। यहां इलाज के दौरान मां-बेटे की मौत हो गई। पढ़ें पूरी खबर….
बुरहानपुर जिले में इंदौर-इच्छापुर हाईवे पर कटी घाटी के पास घने जंगल में सोमवार को एक अधेड़ व्यक्ति का शव पेड़ से लटका मिला है। निंबोला थाना पुलिस ने बरसाती नाले के समीप कहू के पेड़ से सुतली की रस्सी के फंदे पर लटकी यह लाश बरामद की है। पुलिस के मुताबिक, यह शव करीब 20 दिन पुराना है और फिलहाल इसकी शिनाख्त नहीं हो सकी है। प्रधान आरक्षक गगन वाणी ने बताया कि सोमवार को कुछ मजदूर जंगल में तेंदू पत्ता तोड़ने के लिए गए हुए थे। इसी दौरान उनकी नजर कहू के पेड़ पर लटकते एक अधेड़ पुरुष के शव पर पड़ी। मजदूरों ने बिना देरी किए इस घटना की सूचना तुरंत निंबोला थाने में दी। पुलिस ने पंचनामा बनाकर मर्ग कायम कियाघटना की जानकारी मिलते ही थाना प्रभारी राहुल कांबले अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। इस टीम में एएसआई दिनेश सोलंकी, प्रधान आरक्षक प्रमोद चौधरी, गगन वाणी और आरक्षक रामलाल मेहता शामिल थे। पुलिस टीम ने घटनास्थल की बारीकी से जांच कर शव का पंचनामा बनाया और आधिकारिक तौर पर मर्ग कायम कर लिया है। शिनाख्त के लिए 3 दिन मर्चुरी में रखा जाएगा शवशुरुआती जांच में सामने आया है कि फांसी लगाने के लिए सुतली की रस्सी का इस्तेमाल किया गया था। मृतक की पहचान सुनिश्चित करने के लिए शव को आगामी तीन दिनों तक जिला अस्पताल की मर्चुरी में सुरक्षित रखा गया है। फिलहाल पुलिस अज्ञात मृतक की शिनाख्त करने और उसके परिजनों का पता लगाने के प्रयास में जुटी हुई है।
भोजपुर में करंट लगने से अधेड़ की मौत हो गई। बिजली बोर्ड में प्लग लगाते समय हादसा हुआ है। मृतक की पहचान मसाढ़ गांव निवासी सगुनी राम के पुत्र सुरेश राम(50) के तौर पर हुई है। घटना गजराजगंज ओपी क्षेत्र की है। परिजन ने बताया कि सोमवार को घर के कमरे में इलेक्ट्रिक बोर्ड में प्लग लगा रहे थे। अचानक झटका लगा, जमीन पर गिर गए। आनन-फानन में इलाज के लिए सदर अस्पताल लेकर गए। जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। जिसके बाद बिना पोस्टमार्टम कराए शव वापस घर लेकर चले गए। घर में मचा कोहराम मृतक तीन भाई-बहन में सबसे बड़ा था। तीन शादी हुई थी, लेकिन कोई पत्नी साथ नहीं रहती थी। कोई संतान भी नहीं है। भाई और भतीजे के साथ रहता था। घटना के बाद मृतक के घर में कोहराम मच गया। परिवार के सभी सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है
राजधानी भोपाल के नजीराबाद थाना क्षेत्र में शादी के नाम पर ढाई लाख रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। गिरोह ने युवक की मंदिर में शादी कराई और 10 दिन बाद दुल्हन फरार हो गई। पुलिस ने महिला समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। रिश्तेदार बनकर किया संपर्कग्राम आमल्या निवासी रामचंदर मीना ने शिकायत दर्ज कराई कि उनके छोटे भाई सरवन मीना की शादी नहीं हो रही थी। इसी दौरान मंडीदीप निवासी रूप सिंह रैकवार ने रिश्तेदार बनकर संपर्क किया और शादी कराने का भरोसा दिलाया। नकद लेते ही कराई शादीआरोपियों ने शादी कराने के बदले ढाई लाख रुपए मांगे। 30 अप्रैल को रकम लेने के बाद महिला को आमल्या लाया गया और उसी दिन मंदिर में शादी करा दी गई। 10 दिन बाद घर से भागी महिलाशादी के बाद महिला परिवार के साथ रहने लगी। 10 मई की रात वह बिना बताए घर से चली गई। परिवार ने आरोपियों से संपर्क किया तो उन्होंने महिला को वापस लाने से इनकार कर दिया। तीन आरोपी गिरफ्तारनजीराबाद थाना प्रभारी दुर्जन सिंह वरकड़े ने बताया कि आरोपी रवि कुशवाह, रूप सिंह रैकवार और सरोज उईके को गिरफ्तार किया गया है। वारदात में इस्तेमाल हुंडई ऑरा कार भी जब्त की गई है। पहले भी ठगी की आशंकापुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह शादी का झांसा देकर ठगी करता था। महिला दुल्हन बनती थी, जबकि दोनों आरोपी ड्राइवर हैं। पुराने रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं।
नागपुर रेल मंडल के घोड़ाडोंगरी रेलवे स्टेशन पर सोमवार रात सिकंदराबाद-दानापुर एक्सप्रेस (12791) के S-7 स्लीपर कोच के पहियों से अचानक धुआं उठने लगा। ब्रेक बाइंडिंग के कारण हुई इस घटना से यात्रियों में दहशत फैल गई और कई लोग ट्रेन से नीचे उतर आए। हालांकि, आरपीएफ और रेलवे स्टाफ ने तत्परता दिखाते हुए फायर एक्सटिंग्विशर की मदद से स्थिति पर काबू पा लिया, जिसके बाद ट्रेन को सुरक्षित आगे रवाना किया गया। सोमवार रात करीब 9:48 बजे ट्रेन जैसे ही घोड़ाडोंगरी स्टेशन पहुंची, S-7 कोच के पहियों से तेज धुआं निकलता दिखा। मौके पर गश्त कर रहे आरपीएफ जवान आंतरिक शर्मा ने तुरंत इसकी सूचना डिप्टी स्टेशन अधीक्षक को दी। आरपीएफ पोस्ट बैतूल के प्रभारी राजेश बनकर ने बताया कि स्टेशन पर मौजूद फायर सिलेंडर और पेंट्री कार के अग्निशमन उपकरणों का उपयोग कर गर्म पहियों की कूलिंग की गई। सुरक्षा जांच के बाद 19 मिनट बाद रवाना हुई ट्रेनघटना की सूचना मिलते ही पॉइंट्समैन और अन्य रेलवे कर्मचारी भी घटनास्थल पर पहुंच गए। कर्मचारियों ने तकनीकी खराबी को सुधारा और ब्रेक पैड को सामान्य स्थिति में लाया। पूरी सुरक्षा जांच सुनिश्चित करने के बाद रात 10:07 बजे ट्रेन को आगे के लिए रवाना किया गया। इस पूरी प्रक्रिया के चलते ट्रेन लगभग 19 मिनट तक स्टेशन पर खड़ी रही। घाट सेक्शन में लगातार ब्रेक लगाने से हुई 'ब्रेक बाइंडिंग'रेलवे अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह घटना 'ब्रेक बाइंडिंग' (ब्रेक पैड चिपकना) के कारण हुई थी। दरअसल, मरामझिरी, धाराखोह और घोड़ाडोंगरी के घाट सेक्शन में लगातार डाउन ग्रेड (ढलान) होने के चलते ट्रेनों में बार-बार ब्रेक का इस्तेमाल करना पड़ता है। लगातार घर्षण के कारण पहिए अत्यधिक गर्म हो जाते हैं और धुआं उठने लगता है। गर्मी के मौसम में तकनीकी रूप से यह सामान्य स्थितिरेलवे के तकनीकी जानकारों के मुताबिक, आधुनिक कंप्यूटराइज्ड ब्रेक सिस्टम में गर्मी के मौसम में यह स्थिति कई बार बन जाती है। अत्यधिक तापमान के कारण ब्रेक पैड जरूरत से ज्यादा गर्म होकर धुआं छोड़ने लगते हैं, लेकिन कुछ समय बाद यह स्वतः ही सामान्य हो जाता है। राहत की बात यह रही कि इस पूरी घटना में किसी भी यात्री को कोई शारीरिक या आर्थिक नुकसान नहीं हुआ है।
राजस्थान यूनिवर्सिटी की कुलगुरु प्रोफेसर अल्पना कटेजा को फोन पर धमकी देने का मामला सामने आया है। आरोप है कि यूनिवर्सिटी के एक कर्मचारी के क्रेडिट कार्ड बकाया की वसूली के लिए एजेंटों ने कुलगुरु को कॉल कर धमकाया। मामले में गांधी नगर थाने में आज शिकायत दर्ज करवाई गई है। पुलिस के अनुसार राजस्थान यूनिवर्सिटी कर्मचारी धरम गुर्जर ने करीब पांच साल पहले एक क्रेडिट कार्ड बनवाया था। बताया जा रहा है कि करीब 5-6 महीने पहले उन्होंने कार्ड से लगभग 70 हजार रुपए खर्च किए थे, लेकिन भुगतान समय पर नहीं कर पाए। इसके बाद पेनल्टी और अन्य चार्ज जोड़कर बकाया राशि बढ़कर करीब 1.34 लाख रुपए हो गई। शिकायत के मुताबिक वसूली एजेंट लगातार कर्मचारी को कॉल कर दबाव बना रहे थे। कर्मचारी ने रकम किश्तों में चुकाने की बात कही थी। आरोप है कि इसके बाद एजेंटों ने कुलगुरु प्रोफेसर अल्पना कटेजा को भी कॉल करना शुरू कर दिया।
भिंड जिले में सांप के साथ क्रूरता करने के मामले में फरार आरोपी देशराज धारिया को भीम आर्मी ने चंबल संभाग का संयोजक नियुक्त किया है। वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज होने के बाद से वन विभाग उसकी सरगर्मी से तलाश कर रहा है। वन विभाग की कार्रवाई से बच रहे इस फरार आरोपी को संगठन में अहम पद दिए जाने पर स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है। कुछ दिन पहले जिले के सोनेलाल का पुरा गांव में देशराज धारिया का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इस वीडियो में वह सांप के एक बच्चे को पैरों से कुचलते और लहूलुहान हालत में उल्टा लटकाकर तमाशा बनाते नजर आया था। आरोप है कि इस दौरान उसने एक समाज विशेष को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां भी की थीं। घटना का वीडियो सामने आने के बाद अटेर रेंज के वन अमले ने उसके खिलाफ वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया था। घर पर लगातार दबिश, फिर भी गिरफ्त से बाहरमामला दर्ज होने के बाद से ही वन विभाग की टीम आरोपी की गिरफ्तारी के लिए उसके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है। सोनेलाल का पुरा स्थित उसके निवास पर भी कई बार तलाशी ली गई, लेकिन वह अब तक पकड़ में नहीं आया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस व्यक्ति पर वन्यजीव क्रूरता जैसे गंभीर आरोप हों, उसे संगठन में जिम्मेदार पद देना समाज में गलत संदेश देता है। अस्पताल और ब्लड डोनेशन कैंप में आया था नजरहाल ही में एक सरपंच पति अवधेश पर हुए हमले के बाद भीम आर्मी के पदाधिकारी जिला अस्पताल पहुंचे थे। उन्होंने घायल को भर्ती कराकर उसकी स्थिति पर फेसबुक लाइव भी किया था। इसके अगले दिन आयोजित ब्लड डोनेशन कैंप में नव नियुक्त संयोजक देशराज धारिया भी शामिल हुआ और उसने रक्तदान किया। सरेआम सार्वजनिक कार्यक्रमों में शामिल होने के बावजूद उसकी गिरफ्तारी नहीं होने से सवाल उठ रहे हैं। कलेक्टर ने लिया संज्ञान, रेंजर बोलीं- जल्द भेजेंगे जेलफरार आरोपी के खुलेआम घूमने और नया पद मिलने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। पूरे घटनाक्रम पर भिंड कलेक्टर किरोड़ी लाल मीणा ने संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के सख्त निर्देश दिए हैं। वहीं, वन विभाग की रेंजर कृतिका शुक्ला ने कहा, आरोपी की लगातार तलाश की जा रही है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर जेल भेजने की कार्रवाई की जाएगी।
लुधियाना में एक बेहद चौंकाने वाला और शर्मनाक मामला सामने आया है। यहां एक जूता कारोबारी ने पारिवारिक विवाद और रंजिश में सारी हदें पार कर दीं। आरोपी ने अपनी ही 7 साल की भतीजी (साले की बेटी) और एक अन्य जानकार की पत्नी की तस्वीरों से छेड़छाड़ कर उन्हें पोर्न तस्वीरों (डीपफेक) में बदल दिया। इसके बाद वह इन तस्वीरों को वायरल करने की धमकी देकर परिवार को ब्लैकमेल करने लगा। शिकायत के आधार पर मोती नगर थाना पुलिस ने आरोपी जूता कारोबारी के खिलाफ बीएनएस,आईटी एक्ट,पॉक्सो एक्ट और आर्म्स एक्ट की संगीन धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है। सोशल मीडिया पर वीडियो डालने की थी आदत पुलिस को दी गई शिकायत में चंडीगढ़ रोड स्थित शेरपुरा के रहने वाले सुखविंदर पाल सिंह ने बताया कि उसकी बहन की शादी साल 2024 में फोकल पॉइंट निवासी जूता कारोबारी गुरविंदर सिंह उर्फ प्रिंकल के साथ हुई थी। सुखविंदर के मुताबिक प्रिंकल सोशल मीडिया का आदी है। वह आए दिन घर में काम करती हुई अपनी पत्नी की वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डालता रहता था जिससे परिवार असहज था। हनी सेठी से हुआ था विवाद एफआईआर के मुताबिक इसी बीच आरोपी प्रिंकल का हनी सेठी नाम के एक व्यक्ति से किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया। इस विवाद के बाद प्रिंकल ने सोशल मीडिया पर हनी सेठी के घर की महिलाओं को लेकर भद्दी और अश्लील टिप्पणियां कर दीं। अपने पति की इन ओछी हरकतों और विवादों से परेशान होकर प्रिंकल की पत्नी (शिकायतकर्ता की बहन) उसे छोड़कर अपने मायके वापस आ गई। 7 साल की बच्ची को बनाया निशाना पत्नी के मायके जाने से बौखलाए जूता कारोबारी ने सारी हदें पार कर दीं। जुलाई 2024 में आरोपी ने अपने साले सुखविंदर को फोन किया। आरोपी ने सुखविंदर की 7 वर्षीय बेटी और हनी सेठी की पत्नी की सामान्य तस्वीरों को एडिट करके उन्हें चाइल्ड पोर्नोग्राफी और अश्लील तस्वीरों में तब्दील कर दिया। आरोपी ने अपने मोबाइल नंबर (96463-###88) से सुखविंदर के नंबर (95010-###75) पर कॉल कर हथियार दिखाए और धमकाया कि वह इन अश्लील तस्वीरों को हर किसी के मोबाइल पर भेजकर वायरल कर देगा। इन धाराओं में मामला दर्ज, पुलिस कर रहे जांच सुखविंदर की शिकायत पर जांच के बाद मोती नगर पुलिस ने 18 मई को आरोपी गुरविंदर सिंह उर्फ प्रिंकल के खिलाफ BNS: 351(2), 79, IT ACT: 67, 67(A), POCSO ACT: 12, 13, 14,ARMS ACT: 25 मामला दर्ज कर ली है।
छिंदवाड़ा में कार चालक ने 3 वाहनों को मारी टक्कर:एक युवक की मौत, दूसरा गंभीर, नशे में था ड्राइवर
छिंदवाड़ा: शहर के खजरी रोड मार्ग पर सोमवार देर शाम तेज रफ्तार और शराब के नशे ने एक युवक की जान ले ली। यहां एक बेकाबू कार ने सड़क पर चलते तीन वाहनों को टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि बाइक सवार एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका साथी गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और सड़क पर लंबा जाम लग गया। शराब के नशे में चला रहा था कार जानकारी के मुताबिक कार क्रमांक MP 28 CA 5558 का चालक राहुल श्रीवास शराब के नशे में धुत था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार वह तेज रफ्तार में लापरवाही से वाहन चला रहा था। इसी दौरान उसकी कार ने सामने से आ रही बाइक क्रमांक MP 28 MJ 8333 को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक सवार एक युवक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि दूसरा युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका उपचार जारी है। देर रात तक मृतक और घायल युवक की पहचान नहीं हो सकी थी। तीन गाड़ियों को लिया चपेट में स्थानीय लोगों के मुताबिक हादसे के बाद भी कार अनियंत्रित होकर आगे बढ़ती रही और कुल तीन वाहनों को अपनी चपेट में ले लिया। दुर्घटना के बाद घटनास्थल पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। गुस्साए लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया, जिससे खजरी रोड पर दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई और यातायात प्रभावित रहा। पुलिस ने चालक को हिरासत में लिया घटना की सूचना मिलते ही देहात थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए दुर्घटनाग्रस्त कार को जब्त कर लिया और आरोपी चालक राहुल श्रीवास को हिरासत में ले लिया।देहात थाना प्रभारी जी.एस. राजपूत ने बताया कि “सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी। आरोपी चालक नशे की हालत में मिला है। वाहन को जब्त कर लिया गया है और मामले की जांच की जा रही है।”
मंगलवार भस्म आरती दर्शन:त्रिनेत्रधारी बाबा महाकाल का पंचामृत अभिषेक, पूजन और भस्म अर्पण कर श्रृंगार
विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में मंगलवार तड़के चार बजे भस्म आरती के दौरान मंदिर के कपाट खोले गए। भगवान महाकाल का हरिओम जल से अभिषेक करने के बाद दूध, दही, घी, शक्कर, शहद और फलों के रस से बने पंचामृत से पूजन किया गया। भगवान महाकाल का रजत चंद्र, त्रिशूल, त्रिपुंड और ड्रायफ्रूट से राजा स्वरूप में श्रृंगार किया गया। नंदी हॉल में नंदी जी का स्नान, ध्यान और पूजन किया गया। भगवान महाकाल ने शेषनाग का रजत मुकुट, रजत की मुंडमाला, रुद्राक्ष की माला के साथ-साथ सुगंधित पुष्पों से बनी माला धारण की। फल और मिष्ठान का भोग लगाया गया। झांझ, मंजीरे और डमरू की ध्वनि के साथ भगवान महाकाल की भस्म आरती की गई। भस्म आरती में बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल का आशीर्वाद लिया। महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से भगवान महाकाल को भस्म अर्पित की गई। मान्यता है कि भस्म अर्पित करने के बाद भगवान निराकार से साकार रूप में दर्शन देते हैं।
उमरिया जिले के उद्यानिकी विभाग में बड़ी लापरवाही सामने आई है। किसानों के लिए खरीदी गई दवाएं एक्सपायर हो गईं, जिसके बाद विभाग उन्हें कचरे में फेंक रहा है। मामले की जानकारी मिलने पर सहायक संचालक झनक सिंह मरावी ने जांच के निर्देश दिए हैं। घटना ऐसे समय में हुई है जब देश और प्रदेश में इस वर्ष को 'किसान वर्ष' के रूप में मनाया जा रहा है। ये दवाएं किसानों को उनकी फसलों की उत्पादन क्षमता बढ़ाने और सब्जियों व पौधों को बीमारियों से बचाने के लिए उपलब्ध कराई गई थीं। मामले में सख्त कार्रवाई की मांग दवाओं के वितरण न होने के संबंध में जब उद्यानिकी विभाग के सहायक संचालक से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि दवाएं जिला कार्यालय से विकासखंड स्तर पर भेजी जाती हैं और फिर किसानों को बांटी जाती हैं। उन्होंने कहा कि विकासखंड स्तर पर अधिकारियों से बात की जाएगी कि दवाएं क्यों नहीं बांटी गईं। हालांकि, वे इस पूरे मामले पर जवाब देने से बचते नजर आए। पूर्व विधायक अजय सिंह ने किसानों को दवाएं न मिलने को बड़ी लापरवाही बताया है। उन्होंने इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है। विभाग ने कचरे में फेकी स्टॉक जानकारी के अनुसार, जिला मुख्यालय से लगभग 5 किलोमीटर दूर डबरौआ स्थित उद्यानिकी विभाग की नर्सरी में ये दवाएं रखी गई थीं। इस नर्सरी में फलदार और छायादार पौधे तैयार किए जाते हैं, और यहीं विभाग की दवाएं व अन्य उपयोगी सामान भी संग्रहीत किए जाते हैं। वर्ष 2024-25 में खरीदी गई ये दवाएं स्टॉक में रखी गईं, लेकिन विभाग के अधिकारियों की ओर से इन्हें किसानों तक नहीं पहुंचाया गया। परिणामस्वरूप, दवाएं एक्सपायर हो गईं और उन्हें फेंकना पड़ा। किसानों के हित में आई इन दवाओं का उन तक न पहुंचना एक गंभीर मुद्दा बन गया है। यह पहली बार नहीं है जब जिले का उद्यानिकी विभाग इस तरह की लापरवाही के कारण सुर्खियों में आया है।
इटारसी के पास बालाजी वेयरहाउस स्थित सरकारी गेहूं खरीदी केंद्र पर सोमवार शाम भ्रष्टाचार की शिकायत की जांच करने सिटी मजिस्ट्रेट देवेंद्र प्रताप सिंह किसान के भेष में पहुंचे। लोअर, टी-शर्ट और गमछा पहनकर पहुंचे अफसर के साथ केंद्र प्रभारी और सर्वेयर ने बदसलूकी करते हुए पूरी प्रशासनिक टीम के काम में बाधा डाली। मामले में दोनों आरोपियों को पुलिस के हवाले कर देर रात एफआईआर दर्ज कराई गई है और उन्हें जेल भेजने की कार्रवाई की जा रही है। क्रांतिकारी किसान मजदूर संगठन ने सोमवार को कलेक्टर सोमेश मिश्रा से शिकायत की थी कि बालाजी वेयरहाउस केंद्र पर किसानों से एफएक्यू (FAQ) गेहूं पास कराने के नाम पर 5 से 6 हजार रुपए की अवैध वसूली की जा रही है। इस शिकायत की सत्यता परखने के लिए कलेक्टर के निर्देश पर सिटी मजिस्ट्रेट शाम करीब छह बजे एक आम ग्रामीण के रूप में वहां पहुंचे। उन्होंने मौके का मुआयना किया और केंद्र प्रभारी व सर्वेयर से बातचीत कर जमीनी हकीकत जानी। जांच टीम के पहुंचते ही भड़के आरोपी, की बदतमीजीकुछ देर बाद वेयरहाउस पर नागरिक आपूर्ति निगम (नान) के कमल किशोर शुक्ला, विनोद बिसरे और कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी जुबेर काजी की संयुक्त जांच टीम भी पहुंच गई। जैसे ही अफसरों ने गेहूं के स्टॉक और दस्तावेजों का मिलान शुरू किया, केंद्र प्रभारी मुकेश साहू (रायपुर) और सर्वेयर सूरज सराठे (बाबई) भड़क गए। उन्होंने प्रशासनिक दल से अभद्रता करते हुए शासकीय कार्य में सीधा हस्तक्षेप किया और टीम को डराने का प्रयास किया, ताकि जांच रिपोर्ट न बन सके। नमूनों की जांच में सामने आई गड़बड़ी, भेजा जाएगा जेलअधिकारियों ने मौके पर गेहूं के नमूनों का परीक्षण किया, जिसमें पाया गया कि सर्वेयर द्वारा गेहूं को एफएक्यू घोषित करने में भेदभाव और भारी अनियमितता बरती जा रही थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सिटी मजिस्ट्रेट ने दोनों आरोपियों को इटारसी थाना पुलिस के हवाले कर दिया। दोनों के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा डालने का मामला दर्ज कर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 170 के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है। मंगलवार को इन्हें कोर्ट में पेश कर जेल भेजा जाएगा। महिला समूह के केंद्र का संचालन कर रहे थे पुरुषशासन द्वारा महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए इस खरीदी केंद्र की जिम्मेदारी 'तपस्या आजीविका महिला स्व सहायता समूह' को दी गई थी। नियम के अनुसार यहां केंद्र प्रभारी और ऑपरेटर के पद पर महिलाएं ही होनी चाहिए। इसके बावजूद जांच में यह बात सामने आई कि बालाजी वेयरहाउस पर केंद्र का पूरा संचालन मुकेश साहू नामक व्यक्ति कर रहा था, जो नियमों का खुला उल्लंघन है। 'भ्रष्टाचार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं'कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने इस पूरी कार्रवाई पर कहा, गेहूं खरीदी केंद्र से शिकायत मिली थी कि वहां किसानों से गेहूं पास करने के लिए 5 से 6 हजार रुपए मांगे जा रहे हैं। इसी सच्चाई को जानने के लिए सिटी मजिस्ट्रेट को भेजा गया था। किसानों के हितों के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही, भ्रष्टाचार या अवैध वसूली को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। केंद्र प्रभारी, सर्वेयर के खिलाफ अपराध दर्ज इटारसी थाना टीआई गौरव बुंदेला ने बताया कनिष्ठ खाद्य आपूर्ति अधिकारी ने एफआईआर दर्ज कराई है। बालाजी वेयर हाउस में गेहूं खरीदी कर रहे केंद्र प्रभारी और सर्वेयर ने टीम के साथ अभद्रता करते हुए शासकीय काम में बाधा उत्पन्न की और जान से मारने की धमकी दी। दोनों आरोपी को पकड़ लिया है।

