'सत्येन्द्र जैन को एक बार फिर BJP ने गिरफ्तार करवा दिया', AAP नेता के अरेस्ट होने पर बोले केजरीवाल
दिल्ली जल बोर्ड के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट टेंडर घोटाले में एसीबी ने पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन को गिरफ्तार किया है। आम आदमी पार्टी ने इस गिरफ्तारी को भाजपा की राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया और इसकी कड़ी निंदा की।
पन्ना जिले के देवेन्द्रनगर में गाली-गलौज का विरोध करने पर एक युवक पर लाठी-डंडों और पत्थरों से हमला कर दिया गया। इस हमले में युवक बुरी तरह घायल हो गया, जिसे इलाज के लिए पन्ना जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जानकारी के मुताबिक, जनकपुर का रहने वाला 24 साल का राजेश आदिवासी दिल्ली के पास गुड़गांव में मजदूरी करता है। वह हाल ही में अपने भाई से मिलने देवेन्द्रनगर आया था। मंगलवार शाम करीब 7 बजे राजेश घर पर खाना बना रहा था, तभी आरोपी राजेश गोंड शराब के नशे में वहां पहुंचा और गाली-गलौज करने लगा। विरोध करने पर डंडों से पीटा जब राजेश ने उसे शांत होकर घर जाने को कहा, तो आरोपी भड़क गया। राजेश के बाहर आते ही आरोपी ने उस पर पत्थर फेंका और डंडों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया, जिससे उसके सिर में गंभीर चोट आई। लोगों ने बीच-बचाव करके राजेश की जान बचाई और आरोपी को भगाया। जिला अस्पताल में इलाज जारी घायल राजेश को तुरंत देवेन्द्रनगर स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक इलाज के बाद उसकी नाजुक हालत को देखते हुए पन्ना जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। फिलहाल उसका इलाज चल रहा है और पुलिस ने बयान दर्ज करके आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
शाहजहांपुर में बिना अनुमति मशाल जुलूस निकालने की तैयारी को लेकर मंगलवार शाम कांग्रेसियों और पुलिस के बीच विवाद हो गया। पुलिस ने कांग्रेस के अल्पसंख्यक जिलाध्यक्ष सईद अंसारी को करीब पांच घंटे तक थाने में रखा। शाम करीब 6 बजे कांग्रेस जिलाध्यक्ष रजनीश गुप्ता समेत अन्य पदाधिकारी थाने पहुंचे तो पुलिस और कांग्रेसियों के बीच धक्का-मुक्की हो गई। घटना का वीडियो रात करीब 8 बजे सामने आया। बिना अनुमति मशाल जुलूस निकालने की थी तैयारी पुलिस के मुताबिक, कांग्रेस की ओर से मंगलवार शाम मशाल जुलूस निकालने की तैयारी की जा रही थी। इसके लिए प्रशासन से अनुमति नहीं ली गई थी। सीओ सिटी देवव्रत वाजपेयी ने बताया कि क्षेत्र में धारा 144 लागू है। इसी के चलते कांग्रेस अल्पसंख्यक जिलाध्यक्ष सईद अंसारी को शाम करीब 4 बजे वार्ता के लिए थाने बुलाया गया था। पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिए जाने से इनकार किया है। कांग्रेस का आरोप- मोबाइल बंद कर थाने में बैठाया कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि सईद अंसारी को पहले चौकी और फिर थाने में वार्ता के नाम पर लाया गया। आरोप है कि उनका मोबाइल भी बंद करके रख लिया गया। इसकी जानकारी मिलने पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष रजनीश गुप्ता उर्फ मुन्ना शाम करीब 6 बजे अन्य पदाधिकारियों के साथ थाने पहुंचे। पुलिस और कांग्रेसियों में हुई धक्का-मुक्की कांग्रेसियों का आरोप है कि थाना प्रभारी के कार्यालय से बाहर निकलते ही पदाधिकारियों के साथ अभद्रता की गई। इसके बाद पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें पुलिसकर्मियों और कांग्रेस पदाधिकारियों के बीच धक्का-मुक्की होती दिखाई दे रही है। थाने में धरने पर बैठे कांग्रेसी विवाद के बाद आक्रोशित कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता थाने परिसर में ही धरने पर बैठ गए। उन्होंने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। करीब आधे घंटे तक थाने में हंगामे की स्थिति बनी रही। बाद में कुछ पुलिसकर्मियों ने कांग्रेस जिलाध्यक्ष को समझाकर बातचीत की। इसके बाद पुलिस ने सईद अंसारी को कांग्रेस जिलाध्यक्ष के साथ जाने दिया। पुलिस बोली- कानून व्यवस्था के चलते की गई कार्रवाई सीओ सिटी देवव्रत वाजपेयी ने कहा कि क्षेत्र में धारा 144 लागू है और बिना अनुमति मशाल जुलूस निकालने की तैयारी की जा रही थी। इसी वजह से सईद अंसारी को बातचीत के लिए थाने बुलाया गया था। उन्होंने हिरासत में लिए जाने के आरोप से इनकार किया।
श्रावस्ती में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की श्रावस्ती जिला इकाई ने सिरसिया निवासी मैनुद्दीन खां उर्फ हाजी दद्दन खां को पार्टी से निष्कासित कर दिया है। जिला अध्यक्ष दिनेश कुमार गौतम ने 18 अगस्त को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर इसकी जानकारी दी। पार्टी की ओर से निष्कासन की वजह पार्टी विरोधी गतिविधियां और अनुशासनहीनता बताई गई है। जिला अध्यक्ष दिनेश कुमार गौतम ने पत्र के माध्यम से बताया कि हाजी दद्दन खां को उनकी पार्टी विरोधी गतिविधियों और अनुशासनहीनता को लेकर कई बार चेतावनी दी गई थी। इसके बावजूद उनकी कार्यशैली में कोई सुधार नहीं हुआ। पार्टी और संगठन के हित को देखते हुए उन्हें बसपा से निष्कासित करने का निर्णय लिया गया। दद्दन खां बोले- सोशल मीडिया से मिली जानकारी निष्कासन के बाद हाजी दद्दन खां ने पार्टी के फैसले पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उन्हें भी सोशल मीडिया के माध्यम से ही अपने निष्कासन की जानकारी मिली। दद्दन खां ने कार्रवाई को 'षड्यंत्र' बताते हुए कहा कि वह पूरे मामले को बसपा सुप्रीमो मायावती के सामने रखेंगे और अपना पक्ष स्पष्ट करेंगे। 2024 में बसपा के टिकट पर लड़ा था लोकसभा चुनाव हाजी दद्दन खां का बसपा से पुराना जुड़ाव रहा है। उन्होंने वर्ष 2024 में बसपा के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ा था, हालांकि उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद वह आगामी विधानसभा चुनाव के लिए बसपा से टिकट की दावेदारी कर रहे थे और पिछले कई महीनों से इसकी तैयारी में जुटे थे। पहले सपा में भी सक्रिय रहे दद्दन खां हाजी दद्दन खां इससे पहले समाजवादी पार्टी में भी रहे हैं। सपा में रहते हुए वह काफी सक्रिय नेता माने जाते थे। बसपा में आने के बाद उन्होंने वर्ष 2024 का लोकसभा चुनाव पार्टी के टिकट पर लड़ा था। अब पार्टी से निष्कासन के बाद उनके अगले राजनीतिक कदम को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
सुकमा के चिंतलनार थाना क्षेत्र में सुरक्षा बलों ने नक्सलियों द्वारा जंगल में छिपाकर रखा गया विस्फोटक सामग्री का एक बड़ा जखीरा बरामद किया है। इस कार्रवाई में 25 जिलेटिन स्टिक और 2 इलेक्ट्रिक डेटोनेटर सहित कई अन्य नक्सली सामग्री जब्त की गई। पुलिस के मुताबिक, नक्सल प्रभावित रहे इलाकों में लगातार एरिया डोमिनेशन और सर्च ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं। इसी दौरान 18 अगस्त को इत्तलंका के जंगल में नक्सली सामग्री छिपाकर रखे जाने की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर, पुलिस अधीक्षक मयंक गुर्जर, 150वीं बटालियन सीआरपीएफ के कमांडिंग ऑफिसर राकेश चंद्र शुक्ला और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (नक्सल ऑप्स) रोहित शाह के समन्वय से एक संयुक्त तलाशी अभियान की योजना बनाई गई। एफ/150 बीएन सीआरपीएफ, क्यूएटी 150 बीएन सीआरपीएफ और चिंतलनार थाना पुलिस की संयुक्त टीम को जंगल में रवाना किया गया। इत्तलंका के जंगल में संदिग्ध बैग मिला टीम ने ग्राम इत्तलंका से करीब 300 मीटर दूर जंगल में संदिग्ध स्थान की घेराबंदी कर सघन तलाशी ली। संभावित आईईडी (IED) खतरे को देखते हुए बीडीडी (BDD) टीम की मदद से सुरक्षा मानकों के अनुरूप तलाशी अभियान चलाया गया। इस दौरान कपड़े में लिपटा एक संदिग्ध बैग मिला, जिसकी जांच करने पर उसमें नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखी गई विस्फोटक सामग्री और अन्य सामान बरामद हुआ। जंगल से जिलेटिन स्टिक-डेटोनेटर समेत कई सामान जब्त बरामद सामग्री में 25 जिलेटिन स्टिक (विष्णु पावर), 16 बीजीएल हेड, 25 डेटोनेटर केस, 12 मीटर कॉर्डेक्स वायर, 2 इलेक्ट्रिक डेटोनेटर, 6 बीजीएल प्लंजर, 5 मीटर फ्लेक्सिबल वायर, 1 चार्जिंग केबल, 1 बैटरी कनेक्टर, 1 बीजीएल रॉ मटेरियल, 1 बेल्ट, 3 रोल वेल्क्रो और 1 प्लास्टिक ड्रम शामिल हैं। पुलिस ने बरामद सभी सामग्री को अपने कब्जे में लेकर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। अभियान सफलतापूर्वक संपन्न होने के बाद संयुक्त टीम के सभी जवान सुरक्षित रूप से अपने कैंप लौट आए।
जालौन को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए नगर पालिका परिषद ने मंगलवार शाम अभियान चलाया। सिटी मजिस्ट्रेट सुनील कुमार के नेतृत्व में नगर पालिका की टीम ने जेल रोड पर रामकुंड से बस स्टैंड तक सड़क और फुटपाथ पर किए गए अवैध कब्जे हटाए। कार्रवाई शुरू होते ही अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मच गया। कई लोग खुद ही अपना सामान समेटते नजर आए। अभियान के दौरान सड़क और फुटपाथ पर कब्जा कर लगाई गईं रेहड़ी-पटरी और अस्थायी दुकानों को हटाया गया। इसके साथ ही सड़क किनारे अवैध रूप से लगाए गए होर्डिंग्स और फैला हुआ सामान भी हटाया गया। कर्मचारियों ने कई स्थानों पर सड़क के किनारे का रास्ता साफ कराया, जिससे आवागमन सुचारु हो सके। पहले दी गई थी अतिक्रमण हटाने की चेतावनी नगर पालिका प्रशासन की ओर से अभियान से पहले ही अतिक्रमणकारियों को चेतावनी दी गई थी। उनसे सड़क और सार्वजनिक स्थानों पर किए गए अवैध कब्जे खुद हटाने को कहा गया था। निर्धारित समय तक कई लोगों ने अतिक्रमण नहीं हटाया। इसके बाद मंगलवार शाम नगर पालिका की टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। कार्रवाई देख सामान समेटते नजर आए लोग अभियान की जानकारी मिलते ही कई दुकानदार और अतिक्रमणकारी अपना सामान समेटने लगे। टीम ने सड़क पर यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए भी प्रयास किया। कार्रवाई के दौरान जेल रोड के आसपास कुछ देर तक हलचल की स्थिति रही। अन्य अतिक्रमणकारियों में भी कार्रवाई को लेकर दहशत का माहौल रहा। शहर की प्रमुख सड़कों पर जारी रहेगा अभियान नगर पालिका प्रशासन ने स्पष्ट किया कि शहर की प्रमुख सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर किसी भी तरह का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अतिक्रमण हटाने का अभियान आगे भी जारी रहेगा। अधिकारियों ने अतिक्रमणकारियों को दोबारा सड़क या सार्वजनिक स्थान पर कब्जा न करने की चेतावनी दी है। दोबारा कब्जा मिला तो होगी कार्रवाई प्रशासन के अनुसार चेतावनी के बावजूद यदि किसी स्थान पर दोबारा अतिक्रमण पाया जाता है तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि अभियान का उद्देश्य प्रमुख मार्गों पर यातायात व्यवस्था बेहतर करना और आम लोगों को आवागमन में होने वाली परेशानी से राहत दिलाना है। ईओ समेत अधिकारी-कर्मचारी रहे मौजूद सिटी मजिस्ट्रेट सुनील कुमार के नेतृत्व में चले अभियान के दौरान नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी राम अचल कुरील सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। रामकुंड से बस स्टैंड तक अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई कर सड़क को अतिक्रमण मुक्त कराने का प्रयास किया गया। प्रशासन की कार्रवाई से शहरवासियों को मुख्य मार्गों पर आवागमन में राहत मिलने की उम्मीद है।
अपेक्स यूनिवर्सिटी, जयपुर में नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों के स्वागत के लिए दो दिवसीय ओरिएंटेशन कार्यक्रम ‘उड़ान-2026’ का मंगलवार को शुभारंभ हुआ। ढोल-नगाड़ों की गूंज, पारंपरिक तिलक और बैज के साथ हुए आत्मीय स्वागत के बीच करीब 3000 नवप्रवेशित विद्यार्थियों ने कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया। पूरे विश्वविद्यालय परिसर में दिनभर उत्साह, उमंग और उल्लास का माहौल नजर आया। कार्यक्रम की शुरुआत विद्यार्थियों के पारंपरिक स्वागत के साथ हुई। विश्वविद्यालय परिसर में प्रवेश करते ही नवप्रवेशित विद्यार्थियों का ढोल-नगाड़ों की थाप और भारतीय परंपरा के अनुरूप तिलक लगाकर स्वागत किया गया। विश्वविद्यालय में अपने नए सफर के पहले दिन विद्यार्थियों के चेहरों पर खुशी और भविष्य को लेकर उत्साह साफ नजर आया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त एयर मार्शल अनिल खोसला ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया। विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्होंने 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य का उल्लेख किया और कहा कि भारत की युवा आबादी देश की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने ‘भारत की शक्ति–युवा राष्ट्र’ की अवधारणा पर जोर देते हुए युवाओं को राष्ट्र निर्माण की महत्वपूर्ण शक्ति बताया। एयर मार्शल अनिल खोसला ने कहा कि आज के युवाओं में केवल किताबी ज्ञान ही नहीं, बल्कि समस्या समाधान, संकट प्रबंधन, समय प्रबंधन, सहनशीलता और आत्म-अनुशासन जैसे गुणों का होना भी बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 में जब भारत अपनी स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे करेगा, तब देश को सुरक्षित, समृद्ध, प्रगतिशील और तकनीक से सशक्त राष्ट्र के रूप में देखना हमारा लक्ष्य होना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से इस राष्ट्रीय लक्ष्य में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने युवाओं को अपनी क्षमताओं को पहचानने, लगातार सीखते रहने और चुनौतियों का सामना आत्मविश्वास के साथ करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि देश का भविष्य आज विश्वविद्यालयों में पढ़ रहे युवाओं के हाथों में है और उनकी सोच, कौशल तथा नेतृत्व क्षमता आने वाले भारत की दिशा तय करेगी। इस अवसर पर अपेक्स यूनिवर्सिटी के प्रेसिडेंट प्रो. डॉ. रघुवीर सिंह ने भी नवप्रवेशित विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने विद्यार्थियों को नए शैक्षणिक सफर के लिए शुभकामनाएं देते हुए अपने लक्ष्यों के प्रति निरंतर मेहनत और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय जीवन केवल डिग्री हासिल करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह विद्यार्थियों के व्यक्तित्व, कौशल और भविष्य को मजबूत बनाने का महत्वपूर्ण अवसर है। विश्वविद्यालय के डायरेक्टर वेदांशु जूनिवाल ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि ‘उड़ान-2026’ का उद्देश्य विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय के शैक्षणिक वातावरण, विभिन्न पाठ्यक्रमों, विभागों, सुविधाओं, गतिविधियों और परिसर की संस्कृति से परिचित कराना है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ व्यक्तित्व विकास, सांस्कृतिक एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों और भविष्य की व्यावसायिक संभावनाओं की जानकारी भी दी जा रही है। उन्होंने विद्यार्थियों से विश्वविद्यालय में उपलब्ध विभिन्न अवसरों का भरपूर लाभ उठाने और अपने ज्ञान, कौशल एवं प्रतिभा को लगातार विकसित करने का आह्वान किया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां ओरिएंटेशन कार्यक्रम का माहौल उस समय और भी जीवंत हो गया, जब विद्यार्थियों के लिए भारतीय लोकगीतों से लेकर बॉलीवुड संगीत तक की रंगारंग प्रस्तुतियां पेश की गईं। कलाकारों की शानदार प्रस्तुतियों पर नवप्रवेशित विद्यार्थी जमकर झूमे। कई प्रस्तुतियों के बाद पूरे परिसर में ‘वन्स मोर... वन्स मोर...’ की गूंज सुनाई देती रही। सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने विद्यार्थियों के उत्साह को और बढ़ा दिया। नए दोस्त, नया परिसर और विश्वविद्यालय जीवन की नई शुरुआत के बीच विद्यार्थियों ने कार्यक्रम में जमकर भागीदारी की।
फर्रुखाबाद के लोहिया अस्पताल महिला के एसएनसीयू में मंगलवार शाम एक नवजात की मौत हो गई। परिजनों ने आरोप लगाया कि बच्चे की हालत बिगड़ने के बाद उसे देखने के लिए एसएनसीयू में जाने की कोशिश की। गेट पर तैनात गार्ड ने उन्हें करीब 20 मिनट तक अंदर नहीं जाने दिया। इसी दौरान डॉक्टर मौके पर पहुंचे और बच्चे का उपचार शुरू किया, लेकिन शाम करीब 6:30 बजे उसे मृत घोषित कर दिया गया। सूचना पर पुलिस अस्पताल पहुंची और मामले की जानकारी ली। शाहजहांपुर निवासी मोहित भदौरिया की पत्नी तनु का 14 अगस्त को शहर के एक नर्सिंग होम में प्रसव हुआ था। परिजनों के मुताबिक, जन्म के समय नवजात रोया नहीं था और उसे झटके आने लगे थे। 15 अगस्त की रात परिवार बच्चे को लोहिया अस्पताल के एसएनसीयू लेकर पहुंचा, जहां उसे ऑक्सीजन पर रखा गया। ऑक्सीजन हटाते ही नीला पड़ गया था बच्चा मोहित के अनुसार, 17 अगस्त की दोपहर ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर ने बच्चे को छुट्टी देने की बात कही थी। ऑक्सीजन हटाते ही बच्चे का शरीर नीला पड़ने लगा, जिसके बाद छुट्टी का निर्णय रद्द कर दिया गया। मंगलवार दोपहर करीब 2 बजे बच्चे को दोबारा झटके आए। इस पर ड्यूटी डॉक्टर ने उसे देखा। परिजनों का आरोप- बच्चे में हलचल नहीं थी परिजनों के अनुसार, डॉक्टर ने शाम करीब 4:30 बजे बच्चे को देखा था और उसकी हालत ठीक बताई थी। मोहित का आरोप है कि 4:30 बजे के बाद परिवार के लोग बच्चे को देखने पहुंचे तो उसमें कोई हलचल नहीं थी। उन्होंने इसकी जानकारी अन्य परिजनों को दी। सभी लोग एसएनसीयू के बाहर पहुंचे तो गार्ड ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया। 20 मिनट बाद डॉक्टर ने शुरू किया उपचार परिजनों का आरोप है कि गार्ड ने करीब 20 मिनट तक उन्हें अंदर नहीं जाने दिया। इसी दौरान डॉक्टर भी मौके पर पहुंच गए और बच्चे का उपचार शुरू किया। काफी प्रयास के बाद भी उसकी हालत नहीं सुधरी और शाम करीब 6:30 बजे चिकित्सक ने नवजात को मृत घोषित कर दिया। गार्ड पर कार्रवाई की मांग नवजात की मौत के बाद परिवार ने कादरी गेट थाना पुलिस को सूचना दी। पुलिस लोहिया अस्पताल पहुंची और परिजनों से घटना की जानकारी ली। परिवार का कहना है कि बच्चे को समय पर देखने और अंदर जाने से रोकने वाले गार्ड के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। डॉक्टर बोले- लगातार निगरानी में था नवजात एसएनसीयू में नवजात की देखभाल कर रहे डॉक्टर शिवाशीष उपाध्याय ने बताया कि जन्म के समय बच्चा नहीं रोया था और उसे झटके आ रहे थे। उसकी लगातार निगरानी की जा रही थी। डॉक्टर के अनुसार, एसएनसीयू में 14 बेड हैं, जबकि मंगलवार को 31 नवजात भर्ती थे। 14 बेड पर 31 बच्चे भर्ती, ऑक्सीजन प्वाइंट भी सीमित डॉक्टर ने बताया कि मंगलवार रात करीब 8 बजे एक महिला अपने नाती को लेकर अस्पताल पहुंची थी। नवजात को भी झटके आ रहे थे। बताया गया कि उस समय ऑक्सीजन का कोई प्वाइंट खाली नहीं था। महिला ने बच्चे को भर्ती करने का अनुरोध किया। बाद में नवजात को एसएनसीयू में भर्ती कर लिया गया।
प्रतापगढ़। लीलापुर थाना क्षेत्र में आपूर्ति विभाग के कंप्यूटर ऑपरेटर हत्याकांड में फरार चल रहे दो आरोपियों पर पुलिस ने इनाम की राशि बढ़ा दी है। मंगलवार शाम प्रयागराज रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) अजय मिश्रा ने आरोपी दीपू सिंह और अमन तिवारी पर घोषित 25-25 हजार रुपए के इनाम को बढ़ाकर 50-50 हजार रुपए कर दिया। दोनों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। मामला 13 अगस्त की रात सिंधोरा गांव का है। यहां आपूर्ति विभाग के कंप्यूटर ऑपरेटर की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद पुलिस ने पूर्व ब्लॉक प्रमुख, उसके भाई और बेटे समेत छह नामजद और छह अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। मुख्य आरोपी समेत चार गिरफ्तार पुलिस ने 14 अगस्त को मामले के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया था। इसके बाद दो अन्य आरोपियों को भी पुलिस ने पकड़ लिया। 16 अगस्त को एसपी दीपक भूकर ने फरार चल रहे तीन आरोपियों पर 25-25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। उसी रात पुलिस ने इनमें से एक इनामिया आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। दो आरोपी अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर वर्तमान में दीपू सिंह और अमन तिवारी फरार हैं। दोनों की गिरफ्तारी के लिए एसपी दीपक भूकर ने तीन पुलिस टीमों का गठन किया है। पुलिस के मुताबिक दोनों शातिर किस्म के आरोपी हैं और वारदात के बाद से लगातार फरार चल रहे हैं। संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश पुलिस टीमें दोनों आरोपियों के संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि उनकी गिरफ्तारी के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। दोनों पर इनाम की राशि बढ़ाकर 50-50 हजार रुपए किए जाने के बाद उनकी तलाश और तेज कर दी गई है।
महराजगंज में सड़क हादसे में 4 की मौत:पिकअप ने दो बाइकों को मारी टक्कर, 10 मीटर दूर गिरे
महराजगंज में सड़क हादसे में चार युवकों की मौत हो गई। दो बाइकों को एक पिकअप ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी की बाइक सवार 10 मीटर दूर जा गिरे। हादसे में तीन की मौके पर मौत हो गई, जबकि एक की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। हादसा मंगलवार देर शाम शहर की भारत गैस एजेंसी के पास हुआ। आसपास के लोगों ने घटना की सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। साथ ही उनके परिजनों को घटना की सूचना दे दी है। देखिए 3 तस्वीरें… वाहन की तलाश में जुटी पुलिस पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी की फुटेज खंगालने के साथ ही प्रत्यक्षदर्शियों से भी जानकारी जुटा रही है। पुलिस के मुताबिक, हादसे के वास्तविक कारणों और मृतकों की पहचान से जुड़ी जानकारी जुटाई जा रही है।
बांदा। जिला न्यायालय ने मंगलवार को दो अलग-अलग आपराधिक मामलों में तीन दोषियों को सजा सुनाई। गैंगस्टर एक्ट के 11 साल पुराने मामले में पिता-पुत्र को पांच-पांच वर्ष के कठोर कारावास और छह-छह हजार रुपए अर्थदंड की सजा दी गई। वहीं, ससुराल में पत्नी, सास और साले से मारपीट व जानलेवा हमले के दोषी को तीन वर्ष के कारावास और 20 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई गई। विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट/अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीपाल सिंह की अदालत ने भुल्ली उर्फ शिवशरण यादव और उसके बेटे लाला यादव को उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम की धारा 3 के तहत दोषी माना। दोनों को पांच-पांच वर्ष के कठोर कारावास के साथ छह-छह हजार रुपए अर्थदंड से दंडित किया गया। अर्थदंड नहीं जमा करने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। 2015 में दर्ज हुआ था मुकदमा अभियोजन के अनुसार, बदौसा थाने में 25 जून 2015 को दोनों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट का मुकदमा दर्ज किया गया था। भुल्ली उर्फ शिवशरण यादव को गिरोह का सरगना और लाला यादव को सक्रिय सदस्य बताया गया था। आरोप था कि गिरोह अवैध गतिविधियों से आर्थिक लाभ कमाता था और क्षेत्र में भय का माहौल पैदा करता था। वन विभाग की टीम से मारपीट का भी आरोप अभियोजन ने गिरोह के आपराधिक इतिहास और आधारभूत मुकदमों को अदालत के सामने रखा। इनमें 13 जुलाई 2014 की घटना भी शामिल थी। आरोप के मुताबिक, बाबेरू रोड के उतरवा क्षेत्र में अवैध बालू खनन की सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम के साथ मारपीट और गाली-गलौज की गई थी। टीम को जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप था। 5 गवाह और दस्तावेजी साक्ष्यों से साबित हुआ केस मुकदमे में अभियोजन की ओर से पांच गवाहों के बयान दर्ज कराए गए। एफआईआर, गैंगचार्ट, तहरीर, आरोपपत्र और अभियोजन स्वीकृति समेत अन्य दस्तावेजी साक्ष्य अदालत में पेश किए गए। विशेष लोक अभियोजक गैंगस्टर एक्ट सौरभ सिंह की प्रभावी पैरवी के बाद अदालत ने दोनों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई। ससुराल में पत्नी और ससुरालियों से मारपीट के दोषी को 3 साल दूसरे मामले में विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट संजय कुमार सिंह की अदालत ने झांसी के टहरौली निवासी ओमप्रकाश को तीन वर्ष के कारावास और 20 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई। ओमप्रकाश पर ससुराल पहुंचकर पत्नी, सास और साले के साथ मारपीट करने और जानलेवा हमला करने का आरोप था। उस पर पत्नी को दहेज के लिए प्रताड़ित करने का आरोप भी लगाया गया था। 2023 में दर्ज हुआ था मुकदमा लोक अभियोजक के अनुसार, गिरवां थाना क्षेत्र निवासी श्यामसुंदर ने 14 अगस्त 2023 को ओमप्रकाश के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप था कि ओमप्रकाश ने ससुराल पहुंचकर पत्नी, सास और साले के साथ मारपीट की और उन पर जानलेवा हमला किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से पेश साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने उसे दोषी करार दिया। दो मामलों में तीन दोषियों को कुल 13 साल की सजा अदालत ने ओमप्रकाश को तीन वर्ष के कारावास के साथ 20 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई। वह पहले से जेल में निरुद्ध है, इसलिए उसके खिलाफ सजायावारंट बनाकर भेजा गया। इस तरह 18 अगस्त 2026 को बांदा की अदालतों ने दो अलग-अलग मामलों में तीन दोषियों को कुल 13 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई।
संभल में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान स्कूल का छज्जा गिरने से आठ साल के बच्चे की मौत हो गई थी, जबकि दो अन्य बच्चे घायल हो गए। हादसे का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) अंशुल कुमार की शिकायत पर असमोली थाना पुलिस ने मंगलवार को मौ. उवैस और वंश गुप्ता के खिलाफ BNS की धारा 125(बी) और 106(1) के तहत रिपोर्ट दर्ज की है। कार्यक्रम देखने पहुंचे थे बच्चे, छज्जे पर चढ़ गए घटना 15 अगस्त को असमोली थाना क्षेत्र के मदाला गांव स्थित अल हसनैन पब्लिक स्कूल में हुई। स्वतंत्रता दिवस पर ध्वजारोहण के बाद स्कूल में सांस्कृतिक कार्यक्रम चल रहा था। कार्यक्रम देखने के लिए आसपास के घरों से भी बच्चे पहुंचे थे। इसी दौरान कई बच्चे स्कूल के मुख्य गेट पर बने छज्जे पर चढ़ गए। अधिक भार पड़ने से अचानक छज्जा भरभराकर नीचे गिर गया। इसके मलबे में कई बच्चे दब गए। मलबे में दबने से 8 साल के निजामुद्दीन की मौत हुई थी हादसे में आठ वर्षीय निजामुद्दीन की मौत हो गई। वह किसान मोहम्मद नईम का बेटा था और लिटिल चिल्ड्रन पब्लिक स्कूल में कक्षा 3 का छात्र था। निजामुद्दीन अपने चचेरे भाइयों के स्कूल में आयोजित कार्यक्रम को देखने गया था। हादसे में 11 वर्षीय सैफ अली और 10 वर्षीय शैदाना भी घायल हुए। हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल मलबा हटाकर बच्चों को बाहर निकाला। कार्यक्रम छोड़कर मौके पर पहुंचे थे DM-SP हादसे की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक पुलिस लाइन में चल रहा कार्यक्रम छोड़कर मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों ने घटनास्थल का जायजा लिया और हादसे की जानकारी ली। मृतक बच्चे के पिता मोहम्मद नईम ने स्कूल के खिलाफ कार्रवाई कराने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि उनके बच्चे की जिंदगी यहीं तक थी और उन्हें सरकार से कोई मांग नहीं है। BEO की शिकायत पर दो लोगों के खिलाफ केस खंड शिक्षा अधिकारी अंशुल कुमार की शिकायत पर मंगलवार को असमोली थाना पुलिस ने मौ. उवैस और वंश गुप्ता के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस ने BNS की धारा 125(बी) और 106(1) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी सुधीर पंवार ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। चाचा बोले- छज्जे पर खड़े होने से हुआ हादसा निजामुद्दीन के चाचा मोहम्मद सुभान ने बताया कि परिवार के बच्चे हाथ में झंडा लेकर कार्यक्रम देखने गए थे। कार्यक्रम के दौरान बच्चे छज्जे पर खड़े हो गए और इसी वजह से छज्जा गिरने से हादसा हो गया।
इंदौर की राऊ विधानसभा के वार्ड 74 स्थित नानक नगर में सड़क, जलभराव और गंदगी की समस्या का निरीक्षण करने पहुंचे विधायक मधु वर्मा के वीडियो और फोटो अब कांग्रेस ने भी जारी किए हैं। विधायक ने निरीक्षण के दौरान समस्याओं का जायजा लेकर संबंधित अधिकारियों को निराकरण के निर्देश दिए थे। इसके बाद उन्होंने खुद निरीक्षण के फोटो-वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड किए थे। कांग्रेस ने इन्हीं पोस्ट को वायरल करते हुए भाजपा विधायक पर निशाना साधा है। कहा कि विधायक के वीडियो में खराब सड़क, जगह-जगह गड्ढे, सड़क पर जमा पानी और किनारे पड़ा कचरा नजर आ रहा है। एक वीडियो में विधायक का वाहन भी इसी खराब सड़क और जलभराव वाले हिस्से से निकलता दिखाई दे रहा है। कांग्रेस ने इन्हीं दृश्यों को आधार बनाकर कहा कि विधायक ने अपने ही क्षेत्र में विकास के दावों की हकीकत सामने ला दी है। कांग्रेस नेता ने कहा- पूरी विधानसभा में ऐसे दृश्य कांग्रेस के एआईसीसी मीडिया कोऑर्डिनेटर नीलाभ शुक्ला ने कहा कि विधायक ने वार्ड में पहुंचकर जलभराव, खराब सड़क और गड्ढों की तस्वीरें लीं और अधिकारियों को निर्देश दे दिए, लेकिन इससे समस्या का समाधान नहीं हो जाता। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यदि विधायक पूरी विधानसभा के प्रत्येक वार्ड का निरीक्षण करें तो ऐसे दृश्य कई जगह मिल जाएंगे। शुक्ला ने कहा कि गड्ढे, खुदी सड़कें और सड़कों पर पसरा ड्रेनेज का पानी भाजपा के कार्यकाल की जमीनी तस्वीर दिखा रहे हैं। शहर में गड्ढों से परेशान आम जनताबारिश के दौरान शहर की कई सड़कों पर गड्ढे और जलभराव वाहन चालकों के लिए परेशानी का कारण बन रहे हैं। कई इलाकों में सड़क किनारे जमा कचरे से भी लोगों को दिक्कत हो रही है। खराब सड़कों के कारण वाहन चालक हादसों का भी शिकार हो रहे हैं।
शिवपुरी में कार 20 फीट गहरी खाई में गिरी:पांच लोग बाल-बाल बचे, दतिया से खनियाधाना जा रहे थे
शिवपुरी के भौंती थाना क्षेत्र में मंगलवार दोपहर एक कार अनियंत्रित होकर नहर की पुलिया से करीब 20 फीट नीचे गहरी खाई में जा गिरी। हादसे में कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हालांकि, कार में सवार करीब पांच लोगों में से किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। सभी सुरक्षित बताए जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार के दुल्हई गांव के पास कार सवार सभी लोग दतिया से खनियाधाना मेडिकल संबंधी काम से जा रहे थे। दुल्हई गांव के पास नहर की पुलिया पर अचानक कार अनियंत्रित हो गई और पुलिया से नीचे खाई में जा गिरी। आस-पास के लोगों ने कार सवारों को निकालाहादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों ने कार में सवार लोगों की मदद की और उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कार पुलिया से करीब 20 फीट गहरी खाई में गिरी थी। हादसा किस वजह से हुआ, इसकी स्पष्ट जानकारी अभी सामने नहीं आई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
मंदसौर में बाइक चोरी का खुलासा:19 साल का आरोपी गिरफ्तार, 2.40 लाख की कीमत वाली 6 बाइक बरामद
मंदसौर की सिटी कोतवाली पुलिस ने मंगलवार को बाइक चोरी के मामले में 19 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने 6 चोरी की बाइक भी बरामद की हैं। इनकी कुल कीमत 2 लाख 40 हजार रुपए बताई गई है। दलौदा निवासी विकास सूर्यवंशी ने 4 अगस्त को कोतवाली थाने में शिकायत की थी। उन्होंने बताया कि उनकी हीरो स्प्लेंडर प्रो बाइक 2 अगस्त को सिद्धि विनायक अस्पताल की पार्किंग से चोरी हो गई थी। पुलिस ने केस दर्ज कर सीसीटीवी फुटेज की जांच शुरू की। इसके बाद आरोपी की पहचान अर्जुन (19), निवासी जवासिया, थाना भावगढ़, मंदसौर के रूप में हुई। एक बाइक की जांच से 6 बाइक मिलीं पुलिस ने अर्जुन को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में उसने अस्पताल से चोरी की बाइक के अलावा 5 और बाइक चोरी करने की बात बताई। पुलिस ने सभी बाइक बरामद कीं। इनमें स्प्लेंडर प्रो, पैशन प्लस, टीवीएस स्टार सिटी प्लस, होंडा एक्टिवा और दो हीरो एचएफ डीलक्स शामिल हैं। बाइकों की कीमत करीब 2.40 लाख रुपए है। थाना प्रभारी पुष्पेंद्र सिंह राठौर ने बताया कि आरोपी से अन्य वाहन चोरी की घटनाओं के बारे में भी पूछताछ की जा रही है।
कानपुर देहात के रनिया थाना क्षेत्र में कानपुर-इटावा हाईवे पर मंगलवार दोपहर बड़ा हादसा होते-होते टल गया। तेज रफ्तार ट्रक ने कार को टक्कर मार दी और उसे करीब 100 मीटर तक घसीटता हुआ ले गया। हादसे का पूरा घटनाक्रम पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया। गनीमत रही कि कार सवार सभी लोग सुरक्षित बच गए। कार को टक्कर मारने के बाद घसीटता रहा ट्रक सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दे रहा है कि कार कानपुर की ओर जा रही थी। इसी दौरान अचानक कार ट्रक के सामने आ गई। ट्रक चालक ने टक्कर से बचने के लिए ब्रेक लगाने की कोशिश की, लेकिन तब तक ट्रक कार से टकरा चुका था। टक्कर के बाद ट्रक कार को अपने आगे करीब 100 मीटर तक घसीटता हुआ ले गया। इस दौरान हाईवे पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। कार सवार बाल-बाल बचे हादसे में कार सवार किसी भी व्यक्ति को चोट नहीं आई। सभी लोग सुरक्षित बच गए। घटना के बाद कार और ट्रक चालक के बीच काफी देर तक बहस होती रही। दोनों एक-दूसरे पर लापरवाही का आरोप लगाते रहे। दोनों पक्षों में समझौता, पुलिस से शिकायत नहीं विवाद की जानकारी मिलने पर आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया। काफी देर तक चली बहस के बाद दोनों चालक अपने-अपने वाहन लेकर वहां से चले गए। फिलहाल किसी भी पक्ष ने रनिया थाने में घटना की शिकायत नहीं की है। हादसे का सीसीटीवी वीडियो सामने आने के बाद हाईवे पर यातायात सुरक्षा और वाहन चालकों की सावधानी को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
DM ने डुमरा PHC में 2 शेड का उद्घाटन किया:सीतामढ़ी में 50 TB मरीजों को फूड बास्केट भी बांटी गई
सीतामढ़ी में डुमरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में मंगलवार को मरीजों की सुविधा के लिए दो नए शेड का उद्घाटन किया गया। जिलाधिकारी (डीएम) रिची पांडे ने इन शेड का लोकार्पण किया। इस अवसर पर 50 यक्ष्मा (टीबी) मरीजों को फूड बास्केट भी वितरित की गईं। इनमें से एक शेड सामान्य मरीजों और उनके परिजनों के लिए है, जबकि दूसरा विशेष रूप से यक्ष्मा मरीजों के लिए बनाया गया है। इन शेड के निर्माण से पीएचसी में इलाज, जांच और दवा के लिए आने वाले मरीजों को बैठने और प्रतीक्षा करने में सुविधा मिलेगी। मरीजों की सुविधा के लिए पीएचसी में अलग-अलग शेड उद्घाटन के दौरान डीएम रिची पांडे ने कहा कि स्वास्थ्य केंद्रों में आने वाले मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा के साथ आवश्यक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि मरीजों और उनके परिजनों को प्रतीक्षा के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो, इसी उद्देश्य से इन शेड का निर्माण कराया गया है। डीएम ने यह भी कहा कि स्वास्थ्य केंद्रों में सुविधाओं के विस्तार से मरीजों को सीधा लाभ मिलेगा। कार्यक्रम के दौरान वितरित की गई फूड बास्केट में यक्ष्मा मरीजों के पोषण को ध्यान में रखते हुए खाद्य सामग्री शामिल थी। मरीजों को नियमित रूप से दवा लेने और चिकित्सकों की सलाह के अनुसार उपचार पूरा करने के लिए जागरूक भी किया गया। फूड बास्केट देकर नियमित इलाज और पोषण की जानकारी दी सिविल सर्जन डॉ. रविंद्र यादव ने इस अवसर पर कहा कि टीबी मरीजों के इलाज के साथ-साथ उनके पोषण पर भी विशेष ध्यान देना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग मरीजों को नियमित उपचार उपलब्ध करा रहा है। डॉ. यादव ने यह भी जोड़ा कि पीएचसी में सामान्य मरीजों और यक्ष्मा मरीजों के लिए अलग शेड बनने से उन्हें काफी सुविधा मिलेगी। उर्मिला देवी सदानंद गुरुकुल के सचिव डॉ. पंकज रमन ने बताया कि पीएचसी में आने वाले सामान्य मरीजों, उनके परिजनों और यक्ष्मा मरीजों को पहले बैठने व प्रतीक्षा करने में परेशानी होती थी। इसी को देखते हुए ट्रस्ट की ओर से दो अलग-अलग शेड का निर्माण कराया गया है, जिसका उद्देश्य मरीजों को स्वास्थ्य केंद्र में बेहतर सुविधा उपलब्ध कराना है। इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ. रविंद्र यादव सहित कई चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी और अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
कैमूर जिला प्रशासन में मंगलवार को प्रशासनिक फेरबदल हुआ। जिला पदाधिकारी के स्थानांतरण के बाद निवर्तमान डीएम ने उप विकास आयुक्त (डीडीसी) को जिले का संपूर्ण प्रभार विधिवत सौंप दिया। प्रभार हस्तांतरण की प्रक्रिया समाहरणालय स्थित डीएम के कार्यालय कक्ष में अपराह्न के दौरान पूरी की गई। डीडीसी संभालेंगे प्रशासनिक जिम्मेदारी प्रभार मिलने के बाद जिले के प्रशासनिक, विकासात्मक और जनहित से जुड़े कार्यों का दायित्व अब उप विकास आयुक्त संभालेंगे। प्रभार सौंपते समय निवर्तमान डीएम ने डीडीसी को जिले की कार्यप्रणाली और प्रमुख प्राथमिकताओं से संबंधित जानकारी दी। अधिकारियों ने निवर्तमान डीएम को दी शुभकामनाएं प्रभार हस्तांतरण के दौरान समाहरणालय सभागार में जिला प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी और विभिन्न विभागों के कर्मचारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने निवर्तमान डीएम के कार्यकाल के दौरान किए गए कार्यों की सराहना की और उन्हें उनके नए दायित्व के लिए शुभकामनाएं दीं। विकास योजनाओं की गति बनाए रखने पर जोर प्रभार ग्रहण के साथ यह सुनिश्चित किया गया कि जिले में चल रही लोक-कल्याणकारी योजनाओं, विकास कार्यों और कानून-व्यवस्था से जुड़े कार्यों पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। आम जनता से जुड़े प्रशासनिक कार्य नियमित रूप से जारी रहेंगे। अधिकारियों के अनुसार, विभिन्न विकास परियोजनाओं की गति बनाए रखना और उनका समय पर निष्पादन जिला प्रशासन की प्राथमिकता रहेगी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को कहा कि पत्रकारिता में सत्ता का विरोध हो सकता है, लेकिन देश का विरोध नहीं होना चाहिए। आज के ‘फेक न्यूज’ के दौर में युवाओं को ‘नेक न्यूज’ को आगे बढ़ाने वाला मीडिया कर्मी बनना चाहिए। हमारे लिए न्यूज से ऊपर नेशन होना चाहिए और देशहित सर्वोपरि रखना चाहिए। मुख्यमंत्री माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU) के नवागत विद्यार्थियों के तीन दिवसीय प्रबोधन कार्यक्रम ‘अभ्युदय-2026’ के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में प्रसिद्ध लेखक, गीतकार और अभिनेता पीयूष मिश्रा विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलगुरु विजय मनोहर तिवारी ने की। लव-कुश और नारद का उदाहरण देकर समझाया संचार का महत्व मुख्यमंत्री ने संचार के उत्कृष्ट उदाहरण के रूप में लव-कुश की कथा का उल्लेख किया। उन्होंने देवर्षि नारद को श्रेष्ठ संचारक बताते हुए कहा कि प्रभावी संचार समाज और व्यक्ति दोनों को दिशा देने का काम करता है। वीर सावरकर का उल्लेख करते हुए डॉ. यादव ने कहा कि सावरकर ने लंदन जाकर अंग्रेजों को चुनौती दी और 1857 के इतिहास को सामने रखते हुए इसे महज सिपाही विद्रोह नहीं, बल्कि स्वतंत्रता का आंदोलन बताया। उन्होंने कहा कि सावरकर ने हिंदी भाषा के लिए भी महत्वपूर्ण काम किया और संसदीय परंपरा में इस्तेमाल होने वाले कई शब्द दिए। मुख्यमंत्री ने गीतकार कवि प्रदीप का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने अपने गीतों के माध्यम से स्वतंत्रता की अलख जगाई। यही कारण था कि वे अंग्रेजों के निशाने पर रहे। उन्होंने कहा कि देश के साहित्यकारों ने भी अंग्रेजी शासन के खिलाफ अपने लेखन और रचनाओं के माध्यम से महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। नकारात्मकता से दूर रहें युवास्वागत भाषण में कुलगुरु विजय मनोहर तिवारी ने विद्यार्थियों को नकारात्मकता से दूर रहने की सीख दी। उन्होंने कहा कि युवाओं को अपने इतिहास के किरदारों से सीखना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज भी माता-पिता अपने बच्चों का नाम शकुनी या मंथरा नहीं रखते। यह बताता है कि समाज नकारात्मक किरदारों को स्वीकार नहीं करता। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि यदि किसी के अच्छे काम में सहयोग नहीं कर सकते तो कम से कम उसके काम में बाधा नहीं बनना चाहिए। पीयूष मिश्रा बोले- किताबों में खूब आनंद है कार्यक्रम में पीयूष मिश्रा के साथ टॉक शो आयोजित किया गया। इसमें 2009 बैच की पूर्व विद्यार्थी निशा थरानी और कुलगुरु विजय मनोहर तिवारी ने उनसे संवाद किया। विद्यार्थियों ने भी उनसे सवाल किए। पीयूष मिश्रा ने कहा कि कलाकार को अपनी कला का प्रदर्शन दिल से करना चाहिए। उन्होंने अपनी दिनचर्या साझा करते हुए बताया कि वे रोजाना करीब 40 मिनट वॉक करते हैं और 40 मिनट रियाज करते हैं। उन्होंने कहा कि इन दिनों वे नियमित रूप से ध्यान का अभ्यास भी कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि स्वामी विवेकानंद और महर्षि अरविंद का उनके जीवन पर प्रभाव रहा है। उन्होंने कहा कि जहां पॉलिटिक्स खत्म होती है, वहां से अध्यात्म शुरू होता है। आज की पीढ़ी बहुत स्मार्ट है जेन-जी पर पूछे गए सवाल पर पीयूष मिश्रा ने कहा कि आज की पीढ़ी बहुत स्मार्ट है। पीढ़ियों के बीच अंतर हमेशा रहा है, लेकिन हर पीढ़ी के युवाओं को भगत सिंह याद रहते हैं। युवाओं को स्वामी विवेकानंद को भी याद रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि भगत सिंह, महात्मा गांधी और सरदार पटेल के दौर में सोशल मीडिया होता तो संभव है कि उन्हें भी ट्रोल किया जाता। हमें अपने महापुरुषों को ट्रोल करने की प्रवृत्ति से बचना चाहिए। पीयूष मिश्रा ने विद्यार्थियों से कहा कि जमकर काम करें और काम करने में आनंद तलाशें। उन्होंने किताबें पढ़ने की आदत बढ़ाने की सलाह देते हुए कहा कि किताबों में खूब आनंद है। उन्होंने छात्रों से अपने काम में ‘एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी’ बनने का आह्वान किया। साथ ही असम में आई प्राकृतिक आपदा में जाकर सहयोग करने की अपील भी की। विद्यार्थियों के आग्रह पर उन्होंने अपने कुछ गीत भी सुनाए।
टीकमगढ़ जिले के बम्होरी कला थाना क्षेत्र के इटाइली गांव में मंगलवार दोपहर जमीनी विवाद को लेकर हुए झगड़े में 60 वर्षीय लल्लू कुशवाहा की मौत हो गई। पुलिस ने इस मामले को संदिग्ध बताया है। पुलिस के अनुसार, मौत के सही कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही होगा। मृतक के परिजनों ने लल्लू कुशवाहा की हत्या का आरोप लगाया है। उनके मुताबिक, घरेलू और पैतृक जमीन के पुराने विवाद को लेकर चचेरे भाइयों ने उन पर सब्बल और डंडों से हमला किया था, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं और उनकी मौत हो गई। मृतक के बेटे धनेंद्र कुशवाहा ने बताया कि उनके बड़े चाचा ने उनकी जमीन का रास्ता बंद कर दिया था। इसी बात को लेकर पिछले नौ महीने से विवाद चल रहा था। धनेंद्र के अनुसार, मंगलवार को चाचा और उनके चार बेटों ने मिलकर उनके पिता पर हमला किया और मारपीट की। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पलेरा भिजवाया, जहां पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की गई। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले में सभी पहलुओं से बारीकी से जांच की जा रही है। परिजनों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। पीएम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई करेंगे प्रभारी एसडीओपी राहुल कटरे ने बम्होरी कला थाना प्रभारी नीतू खटीक को मामले की निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और बयानों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। मृतक के बेटे ने मोहनलाल कुशवाहा, बिहारी कुशवाहा, मोहन, राजेश, सुरेंद्र, कमलेश कुशवाहा पर मारपीट के आरोप लगाए हैं।
मोतिहारी के बापू सभागार में मंगलवार को बिहार ग्रामीण बैंक के तत्वावधान में जनप्रतिनिधि समन्वय कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें जिले की विभिन्न पंचायतों के जनप्रतिनिधियों के साथ बिहार ग्रामीण बैंक की सभी 86 शाखाओं के शाखा प्रबंधकों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य बैंक और पंचायतों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर ग्रामीण क्षेत्रों के आर्थिक विकास को गति देना था। ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत करने पर जोर कार्यक्रम में बिहार ग्रामीण बैंक के महाप्रबंधक राजेश कुमार पांडेय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने विभागीय बैठक और जनप्रतिनिधि समन्वय कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बैंक की ओर से संचालित विभिन्न लाभकारी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए बैंक और ग्राम पंचायतों के बीच बेहतर समन्वय और साझेदारी जरूरी है। दोनों संस्थाएं मिलकर काम करें तो किसानों, महिलाओं, युवाओं और स्वयं सहायता समूहों तक सरकारी योजनाओं का लाभ अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सकता है। बैंकिंग सेवाओं को गांवों तक पहुंचाने की अपील क्षेत्रीय प्रबंधक मनीष कुमार ने बैंक और पंचायतों के बीच सहयोगात्मक संबंधों को और मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से ग्रामीण क्षेत्रों तक बैंकिंग सेवाओं की पहुंच बढ़ाने में सक्रिय सहयोग की अपील की। जनप्रतिनिधियों ने दिए सुझाव कार्यक्रम के दौरान खुले मंच का आयोजन भी किया गया। इसमें विभिन्न पंचायतों के मुखिया और अन्य जनप्रतिनिधियों ने बैंकिंग सेवाओं को सरल, पारदर्शी और ग्रामीण हितों के अनुरूप बनाने को लेकर अपने सुझाव रखे। बैंक अधिकारियों ने जनप्रतिनिधियों के सुझावों पर सकारात्मक पहल करने का भरोसा दिलाया। जनप्रतिनिधियों को किया गया सम्मानित कार्यक्रम के अंत में शामिल सभी जनप्रतिनिधियों को सम्मान चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर पूर्वी चंपारण मुखिया संघ के अध्यक्ष शशि भूषण सिंह सहित जिले की विभिन्न पंचायतों के मुखिया, जनप्रतिनिधि, बैंक अधिकारी और सभी 86 शाखाओं के शाखा प्रबंधक मौजूद रहे। कार्यक्रम सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। इसे ग्रामीण विकास के लिए बैंक और पंचायतों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना गया।
1500 का सूटकेस खरीदा, फिर बिहार से दिल्ली बुलाकर चचेरी बहन को मार डाला; कातिल भाई ने उगला सच
उत्तरी दिल्ली के बुराड़ी में झूठी शान के लिए चचेरी बहन की हत्या के आरोप में अविनाश को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी ने शव को ठिकाने लगाने के लिए 1500 रुपये का सूटकेस खरीदा और गला घोंटकर हत्या के बाद शव को झाड़ियों में फेंक दिया।
कैमूर में युवती को सांप ने डसा, मौत:झाड़-फूंक में देरी से बिगड़ी हालत, अस्पताल में डेड घोषित
कैमूर में रामपुर प्रखंड के बेलाव थाना क्षेत्र स्थित हुड़रा खुर्द गांव में सोमवार शाम एक युवती की जहरीले सांप के डसने से मौत हो गई। 22 वर्षीय मृतका की पहचान हुड़रा खुर्द निवासी संजय कुमार पासवान की बेटी अंशु कुमारी के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, अंशु सोमवार शाम अपने घर के मंदिर में नियमित पूजा कर रही थी। पूजा समाप्त होने के बाद जैसे ही उसने आरती की थाली फर्श पर रखी, वहां मौजूद किसी अज्ञात जहरीले सांप ने उसके हाथ में डस लिया। सांप के डसते ही युवती दर्द से चीखने लगी। प्राथमिक जांच के बाद डेड घोषित घटना के तुरंत बाद, परिजन उसे अस्पताल ले जाने के बजाय झाड़-फूंक कराने के लिए दूसरे गांव ले गए। झाड़-फूंक में काफी समय बीत गया, जिससे युवती के शरीर में जहर तेजी से फैल गया और उसकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई। स्थिति गंभीर होने पर परिजन मंगलवार को उसे सदर अस्पताल भभुआ लेकर पहुंचे। सदर अस्पताल के चिकित्सक डॉ. अभिलाष चंद्रा ने प्राथमिक जांच के बाद युवती को मृत घोषित कर दिया। शव परिजनों को सौंपा चिकित्सकों ने बताया कि यदि समय पर अस्पताल लाया जाता और उचित इलाज मिलता तो उसकी जान बचाई जा सकती थी। सूचना मिलने पर अस्पताल पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। इस घटना के बाद से मृतका के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में शोक का माहौल है।
बीजेपी ने उदयपुर संभाग के सभी नगर निगम, नगर परिषद और नगर पालिकाओं के लिए निकाय प्रभारियों की सूची जारी कर दी है। प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ के निर्देशानुसार प्रदेश महामंत्री और मुख्यालय प्रभारी श्रवण सिंह बगड़ी ने संभाग के कुल 28 निकायों के प्रभारियों के नामों की घोषणा की है। संगठन ने उदयपुर नगर निगम की जिम्मेदारी पूर्व सांसद कनकमल कटारा को सौंपी है। संगठन ने फतहनगर-सनवाड़ में भंवर सिंह पंवार, मावली में खूबीलाल पालीवाल, कानोड़ में दीपक शर्मा, भींडर में चन्द्रगुप्त सिंह चौहान और वल्लभनगर नगर पालिका में नरेन्द्र सिंह आसोलिया को प्रभारी बनाया गया है। वहीं नवगठित सलूंबर जिले की सलूंबर नगर परिषद के लिए तख्त सिंह शक्तावत और अतुल चण्डालिया को संयुक्त रूप से जिम्मेदारी दी गई है। प्रतापगढ़ जिले के धरियावद में जसपाल गुर्जर, प्रतापगढ़ नगर परिषद में धनसिंह रावत, छोटी सादड़ी में गणपत सुथार और अरनोद नगर पालिका में बद्री जाट को प्रभारी नियुक्त किया गया है। राजसमंद जिले में आमेट में नन्दलाल सिंघवी, नाथद्वारा में अजय सोनी, राजसमंद नगर परिषद में सुशील कटारा, देवगढ़ में मदन सिंह चौहान और भीम नगर पालिका में वीरेन्द्र पुरोहित को कमान सौंपी गई है। चित्तौड़गढ़ जिले के तहत चित्तौड़गढ़ नगर परिषद में धर्मनारायण जोशी, निम्बाहेड़ा में रविन्द्र श्रीमाली, बेगूं में अशोक नवलखा, रावतभाटा में ललित शारदा, बड़ी सादड़ी में भूपेन्द्र सिंह सोलंकी, कपासन में गब्बर सिंह अहीर और आकोला नगर पालिका में श्रवण सिंह राव को दायित्व सौंपा गया है। वही, बांसवाड़ा जिले में बांसवाड़ा नगर परिषद की जिम्मेदारी चुन्नीलाल गरासिया, कुशलगढ़ में भगवत पुरी और परतापुरगढ़ी नगर पालिका में देवेन्द्र कटारा को प्रभारी बनाया गया है। वहीं डूंगरपुर नगर परिषद के लिए वन्दना मीणा और सागवाड़ा नगर पालिका के लिए गोपीचन्द मीणा को प्रभारी घोषित किया गया है।
निकाय चुनावों की लॉटरी प्रक्रिया पूरी होते ही भाजपा पूरे चुनावी मोड में आ गई है। निकाय चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने जोधपुर समेत सभी संभाग के निकाय प्रभारी नियुक्त किए हैं। खास बात ये है कि इन निकाय चुनाव में भाजपा ने अपनी रणनीति के तहत उन पदाधिकारियों को फील्ड में उतारा है, जो पहले खुद नगर निगम, विधायक का चुनाव लड़ चुके हैं या फिर किसी बड़े राजनीतिक पद पर। इनमें जोधपुर से दो पूर्व डिप्टी मेयर रहे देवेंद्र सालेचा और राजेंद्र गहलोत का नाम भी शामिल है। देवेंद्र सालेचा को बालोतरा नगर परिषद के निकाय चुनाव का प्रभारी बनाया गया है। वहीं राजेंद्र गहलोत को माउंट आबू नगर पालिका क्षेत्र की जिम्मेदारी सौंपी गई है। बताया जा रहा है कि देवेंद्र सालेचा भी निकाय चुनाव के मैदान में उतर सकते हैं। वे मेयर पद की दौड़ में भी शामिल हैं। हालांकि आने वाले दिनों में संगठन की ओर से तय किया जाएगा कि मेयर का उम्मीदवार कौन रहेगा और किसे मैदान में उतारा जाएगा। वहीं हर संभाग के लिए संभागीय चुनाव संचालन समिति बनाई है। इस संचालन समिति में पूर्व पदाधिकारियों से लेकर पूर्व मंत्री, पूर्व सांसद, पूर्व विधायक और पूर्व नेता प्रतिपक्ष समेत पूर्व प्रदेशाध्क्ष तक शामिल है। जोधपुर निकाय चुनाव की कमान संभालेंगे देवल, भड़ाना को पाली की जिम्मेदारी जोधपुर निकाय चुनाव के लिए निकाय प्रभारी पूर्व विधायक और पूर्व प्रदेशा उपाध्यक्ष नारायण सिंह देवल को जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं देवनारायण बोर्ड अध्यक्ष ओमप्रकाश भड़ाना को पाली नगर निगम क्षेत्र का निकाय प्रभारी बनाया गया है। वहीं निकाय प्रभारियों की लिस्ट में प्रताप सिंह बीठिया, मंशाराम परमार, लक्ष्मीनारायण दवे, संजय ओझा, जगराम विश्नोई, रेवत सिंह और जुगल किशोर व्यास जैसे अनुभवी नेताओं को निकाय प्रभारी की कमान सौंपी गई हैं। वहीं जोधपुर के 100 वार्डों के लिए भी वार्ड प्रभारी नियुक्त किए हैं। इन वार्डों को विधानसभानुसार बांटा गया है। हर विधानसभा के अलग-अलग वार्डों में इन प्रभारियों की नियुक्ति की गई है। भाजपा ने बनाई चुनाव संचालन समिति, पदाधिकारियों का लेंगे फीडबैक भाजपा ने निकाय चुनाव को लेकर अपनी रणनीति बनानी शुरू कर दी है। संभाग से लेकर निकाय और वार्ड प्रभारी तक की नियुक्ति की गई है। जोधपुर संभाग के संभागीय चुनाव संचालन समिति की कमान राजस्थान धरोहर संरक्षण एवं प्रोन्नती प्राधिकरण अध्यक्ष ओंकार सिंह लखावत को सौंपी गई है। टिकट बंटवारे को लेकर 20 को होगी मीटिंग ओंकार सिंह लखावत के साथ पूर्व सांसद सीआर चौधरी और पूर्व विधायक हेमराज मीणा भी होंगे। तीनों पदाधिकारी बुधवार शाम को जोधपुर पहुंचेंगे। तीनों पदाधिकारी स्थानीय संगठन के पदाधिकारियों के साथ गुरुवार को बैठक लेंगे। बताया जा रहा है कि इस मीटिंग में मेयर पद समेत वार्डों में टिकट बंटवारे को लेकर चर्चा की जाएगी। इसके साथ ही फीडबैक भी लिया जाएगा। इधर, जोधपुर के अलावा जयपुर, उदयपुर, कोटा, बीकानेर, भरतपुर और अजमेर संभाग के लिए भी संभागीय चुनाव संचालन समिति का गठन किया गया है। संभागीय चुनाव संचालन समिति में पूर्व उपाध्यक्ष प्रसन्नचंद मेहता, पूर्व मंत्री प्रभुलाल सैनी, पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़, पूर्व सांसद जसकौर मीणा और नारायण पंचारिया, पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी, पूर्व मंत्री लालचंद कटारिया जैसे नाम शामिल हैं।
पत्नी के साथ हैवानियत, पति पर प्राइवेट पार्ट में डंडा डालने का आरोप
यूपी के बांदा में पत्नी के साथ हैवानियत की घटना सामने आई है। पत्नी ने पति पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पत्नी का आरोप है कि पति ने उसके प्राइवेट पार्ट में डंडा डाल दिया। यही नहीं मारपीट कर मेरा बेटा छीन मुझे घर से बाहर निकाल दिया।
लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के सांसद अरुण भारती ने जमुई के दो दिवसीय संसदीय क्षेत्र दौरे के दौरान बिहार और उत्तर प्रदेश की राजनीति को लेकर कई बयान दिए। मंगलवार को उन्होंने जमुई के जिलाधिकारी नवीन से मुलाकात कर जिले के विकास कार्यों और लंबित योजनाओं पर चर्चा की। इसके बाद समाहरणालय परिसर में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर निशाना साधा और बांकीपुर के नवनिर्वाचित विधायक प्रशांत किशोर की प्रशंसा की। छात्रों के मुद्दे पर तेजस्वी को दी सलाह अरुण भारती ने छात्रों के मुद्दे पर तेजस्वी यादव के सड़क पर उतरने को सकारात्मक बताया। हालांकि, उन्होंने कहा कि बिहार के व्यापक मुद्दों के समाधान के लिए तेजस्वी यादव को विधानसभा में भी सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। उनके अनुसार, नीतिगत फैसले और समस्याओं के समाधान की दिशा सदन के भीतर तय होती है। परीक्षा रद्द होने पर दोबारा परीक्षा का सुझाव सांसद ने कहा कि केवल शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करने से समस्या का समाधान नहीं होगा। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि परीक्षा रद्द होती है तो 30 दिनों के भीतर दोबारा परीक्षा कराने जैसे ठोस प्रस्तावों पर सरकार को विचार करना चाहिए। उन्होंने छात्रों के अधिकारों के साथ शिक्षा व्यवस्था में सुधार को भी प्राथमिकता देने की बात कही। प्रशांत किशोर की जमकर तारीफ बांकीपुर के नवनिर्वाचित विधायक प्रशांत किशोर की प्रशंसा करते हुए भारती ने राजनीति में युवाओं की बढ़ती भागीदारी का स्वागत किया। उन्होंने प्रशांत किशोर द्वारा अपने क्षेत्र के 10 हजार युवाओं को रोजगार देने की घोषणा की सराहना की। भारती ने कहा कि प्रशांत किशोर में तेजस्वी यादव की तुलना में मुद्दों को समझने और उन्हें प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने की अधिक क्षमता है। उन्होंने तेजस्वी यादव को खुद को अपडेट करने की सलाह भी दी। लोजपा (रामविलास) उत्तर प्रदेश में अकेले चुनाव लड़ेगी उत्तर प्रदेश चुनाव को लेकर सांसद ने कहा कि उनकी पार्टी पूरे समाज को साथ लेकर आगे बढ़ना चाहती है। उन्होंने कहा कि पहले समाज के मुद्दों पर बात होगी और उसके बाद सरकार गठन पर विचार किया जाएगा। भारती ने कहा कि यदि सीटों के बंटवारे को लेकर सहमति नहीं बनती है तो लोजपा (रामविलास) उत्तर प्रदेश में अकेले चुनाव लड़ेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी चिराग पासवान के नेतृत्व में चुनाव मैदान में उतरेगी। अखिलेश यादव पर भी साधा निशाना अरुण भारती ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव नजदीक आने पर अहिल्याबाई होल्कर के नाम पर राजनीति की जा रही है, जबकि लंबे समय तक सत्ता में रहने के दौरान उनके सम्मान को लेकर गंभीर पहल नहीं की गई। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी चाहती है कि अहिल्याबाई होल्कर को उचित सम्मान मिले। यूपी में मजबूत स्थिति बनाने का दावा सांसद ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में सपा और कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव के दौरान लोगों को भ्रमित कर वोट हासिल किया, जिसे अब जनता समझ चुकी है। उन्होंने कहा कि लोजपा (रामविलास) यूपी में अपनी स्थिति मजबूत करने की तैयारी कर रही है और समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चुनाव मैदान में उतरेगी। डीएम से विकास योजनाओं पर चर्चा दौरे के दौरान अरुण भारती ने जमुई के डीएम नवीन से मुलाकात कर जिले के विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर उठाए गए मुद्दों को सरकार के स्तर पर भी रखा जाएगा और लंबित विकास कार्यों को गति देने का प्रयास किया जाएगा।
बागपत में 45 वाहनों के चालान:सड़क सुरक्षा अभियान में 8 वाहन सीज, स्कूली वाहनों पर भी कार्रवाई
बागपत में सड़क सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए परिवहन विभाग ने एक सघन वाहन चेकिंग अभियान चलाया। जिलाधिकारी अस्मिता लाल के निर्देश पर एआरटीओ प्रवर्तन विपिन कुमार के नेतृत्व में टीम ने प्रमुख मार्गों, सार्वजनिक स्थानों और स्कूलों में वाहनों की जांच की। इस दौरान यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले 45 वाहनों के चालान किए गए और 8 वाहनों को सीज किया गया। अभियान के तहत रॉन्ग साइड वाहन चलाने, बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट और नो-पार्किंग में वाहन खड़े करने जैसे उल्लंघनों पर कार्रवाई की गई। अधिकारियों ने वाहन चालकों को यातायात नियमों का पालन करने और सड़क पर सावधानी बरतने के महत्व के बारे में जागरूक भी किया। 'मिशन सेफ फ्यूचर 2.0' के तहत स्कूलों में पहुंचकर स्कूली वाहनों की विशेष जांच की गई। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर दो स्कूली वाहनों को स्कूल परिसर में ही सीज कर दिया गया। इसके अतिरिक्त, स्कूली बच्चों के परिवहन में अनधिकृत रूप से इस्तेमाल किए जा रहे दो अन्य वाहनों को भी सीज किया गया। अभियान के दौरान क्षमता से अधिक भार लेकर चल रहे चार ओवरलोड वाहनों पर भी कार्रवाई की गई और उन्हें सीज किया गया। परिवहन विभाग ने इस बात पर जोर दिया कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा से जुड़ी किसी भी लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिकारियों ने वाहन चालकों से रॉन्ग साइड ड्राइविंग से बचने, हेलमेट और सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करने तथा नो-पार्किंग क्षेत्रों में वाहन खड़ा न करने की अपील की। परिवहन विभाग के अनुसार, सड़क सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ यह अभियान भविष्य में भी जारी रहेगा।
रीढ़ की हड्डी से जुड़ी बीमारियों के इलाज में तेजी से हो रहे तकनीकी बदलावों, आधुनिक सर्जरी और नई उपचार पद्धतियों पर मंथन के लिए भोपाल में पहली बार राष्ट्रीय स्तर की स्पाइन कॉन्फ्रेंस होने जा रही है। भोपाल स्पाइन रिसर्च सोसाइटी द्वारा एसोसिएशन ऑफ स्पाइन सर्जन्स ऑफ इंडिया के तत्वावधान में इन्स्ट्रक्शनल कोर्स इन स्पाइन-2026 का आयोजन 21 से 23 अगस्त तक किया जाएगा। सम्मेलन का मुख्य आयोजन ताज लेकफ्रंट होटल में होगा, जबकि एम्स भोपाल और एलएनएमसी में विभिन्न कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। इस तीन दिवसीय सम्मेलन की थीम ‘ट्रांसफॉर्मिंग स्पाइन ट्रॉमा एंड डिजेनरेटिव मैनेजमेंट : एविडेंस टू एक्सीलेंस’ रखी गई है। इसमें देशभर के वरिष्ठ स्पाइन सर्जन के साथ जर्मनी, सिंगापुर और कोरिया के विशेषज्ञ भी शामिल होंगे। आयोजकों के मुताबिक सम्मेलन में करीब 400 से 450 स्पाइन विशेषज्ञ और डेलीगेट्स शामिल होंगे। एंडोस्कोपी, नेविगेशन और रोबोटिक सर्जरी पर खास फोकस सम्मेलन में स्पाइन सर्जरी के क्षेत्र में तेजी से उभर रही एंडोस्कोपिक सर्जरी, नेविगेशन सिस्टम और रोबोटिक स्पाइन सर्जरी पर विशेष सत्र होंगे। विशेषज्ञ बताएंगे कि इन तकनीकों का उपयोग किन मरीजों में किस तरह किया जा सकता है और इनके जरिए सर्जरी को अधिक सटीक और कम इनवेसिव कैसे बनाया जा रहा है। इसके अलावा लंबर और सर्वाइकल डिजेनरेटिव डिजीज, स्पाइनल ट्रॉमा, स्पाइनल डिफार्मिटी और रीढ़ की हड्डी के संक्रमण जैसे गंभीर विषयों पर भी विशेषज्ञ अपने अनुभव और शोध साझा करेंगे। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और यूनिलेटरल बाइपार्टल एंडोस्कोपी जैसी आधुनिक तकनीकों पर भी चर्चा होगी। एम्स में सर्जिकल वर्कशॉप, एलएनएमसी में हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग 21 अगस्त को एम्स भोपाल में सर्जिकल वर्कशॉप आयोजित की जाएगी। इसमें अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ लाइव सर्जिकल तकनीकों और आधुनिक प्रक्रियाओं की जानकारी देंगे। जर्मनी के डा. क्लास जान स्नेक, सिंगापुर के डा. हे ह्वी वेंग डेनिस और कोरिया के डा. चोई इल समेत कई अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ इसमें हिस्सा लेंगे। 23 अगस्त को हैंड्स-ऑन वर्कशॉप आयोजित होगी। इसमें करीब 50 डेलीगेट्स और 25 फैकल्टी शामिल होंगे। प्रतिभागियों को आधुनिक स्पाइन सर्जरी तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। नॉलेज अपडेट प्रोग्राम’ की तरह काम करेगा सम्मेलन कंसल्टेंट स्पाइन सर्जन और असिस्टेंट प्रोफेसर डा. राघवेंद्र रघुवंशी ने बताया कि भोपाल स्पाइन रिसर्च सोसाइटी पहली बार मध्यप्रदेश में राष्ट्रीय स्तर की स्पाइन कॉन्फ्रेंस आयोजित कर रही है। इसका उद्देश्य प्रदेश के स्पाइन सर्जन और देश-विदेश के विशेषज्ञों के बीच नई तकनीकों और उपचार पद्धतियों का ज्ञान साझा करना है। उन्होंने कहा कि विदेशों और देश के बड़े अस्पतालों में इस्तेमाल हो रही नई तकनीकों की जानकारी मध्यप्रदेश के स्पाइन सर्जन तक पहुंचे, यही सम्मेलन का प्रमुख उद्देश्य है। इसे एक तरह का नॉलेज अपडेट प्रोग्राम कहा जा सकता है, जिससे डॉक्टरों को स्पाइन के क्षेत्र में हो रहे नए बदलावों की जानकारी मिलेगी और इसका फायदा भविष्य में मरीजों के इलाज में भी मिल सकेगा।
भारत सरकार के ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के तहत मंगलवार, 18 अगस्त को सहरसा के कहरा प्रखंड के मध्य विद्यालय रहुआमणि में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम की थीम ‘विकसित भारत के नशा मुक्त युवा’ रखी गई थी। कोसी क्षेत्र के पुलिस उप-महानिरीक्षक (डीआईजी) डॉ कुमार आशीष ने मुख्य अतिथि के रूप में इसमें भाग लिया। डीआईजी डॉ कुमार आशीष ने छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, अभिभावकों और ग्रामीणों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि युवा देश की सबसे बड़ी ताकत और भविष्य हैं। यदि युवा नशे की गिरफ्त में आते हैं, तो देश के विकास की गति प्रभावित होगी। सूचना पुलिस को देने की अपील की उन्होंने सशक्त, स्वस्थ और विकसित भारत के निर्माण के लिए युवाओं का नशामुक्त रहना बेहद जरूरी बताया। इस दौरान डीआईजी ने नशे के कारण होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक नुकसान की जानकारी दी और बच्चों को जीवनभर नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया। विद्यालय परिसर में मौजूद सभी छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, अभिभावकों और ग्रामीणों को सामूहिक रूप से नशा मुक्ति की शपथ दिलाई गई। डीआईजी ने लोगों से अपने आसपास नशीले पदार्थों की बिक्री और तस्करी जैसी गतिविधियों पर नजर रखने तथा इसकी सूचना पुलिस को देने की अपील की। प्रत्येक व्यक्ति की सहभागिता आवश्यक - DIG उन्होंने पुलिस द्वारा चलाए जा रहे ‘नशा मुक्त कोसी’ अभियान की जानकारी देते हुए विशेष हेल्पलाइन नंबर 9060384865 जारी किया। उन्होंने बताया कि कोई भी व्यक्ति इस नंबर पर कॉल, सामान्य मैसेज या व्हाट्सऐप के माध्यम से क्षेत्र में नशीले पदार्थों की बिक्री, तस्करी अथवा अन्य अवैध गतिविधियों की सूचना दे सकता है। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और प्राप्त सूचना के आधार पर पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई की जाएगी। डीआईजी ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सहभागिता आवश्यक है, जिससे सामूहिक प्रयास से कोसी क्षेत्र को नशामुक्त बनाया जा सके।
वंदे भारत पर अचानक चले पत्थर, अलग-अलग बोगियों के 6 शीशे टूटे; कौन था वो काली टीशर्ट वाला?
ट्रेन के ई-1 कोच में सफर कर रहे यात्री अरविंद राठौड़ ने बताया कि अचानक तेज धमाका हुआ और कोच का शीशा चकनाचूर हो गया। शीशे के टुकड़े उनकी ओर आने लगे। उनका कहना था कि पर्दा नहीं होता तो उन्हें चोट लग सकती थी। सूचना मिलते ही प्रयाग स्टेशन पोस्ट पर तैनात आरपीएफ की टीम सक्रिय हुई और जांच शुरू कर दी।
मिर्जापुर में बारिश के पूर्वानुमान और जलभराव की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने 19 अगस्त को कक्षा 1 से 8 तक के सभी विद्यालयों में छात्र-छात्राओं का अवकाश घोषित किया है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अनिल कुमार वर्मा ने इस संबंध में आदेश जारी किया है। यह आदेश जिले के सभी परिषदीय, सहायता प्राप्त, मान्यता प्राप्त, सीबीएसई, आईसीएसई और अन्य बोर्ड से संचालित कक्षा 1 से 8 तक के विद्यालयों पर लागू होगा। प्रशासन ने यह फैसला बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया है। शिक्षकों और कर्मचारियों को स्कूल पहुंचना होगा छात्रों के लिए विद्यालय बंद रहेंगे, लेकिन शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की उपस्थिति अनिवार्य रहेगी। उन्हें विद्यालय पहुंचकर विभागीय कार्यों को पूरा करना होगा। आदेश के अनुसार शिक्षक और कर्मचारी डीबीटी, यू-डायस, ड्रॉपबॉक्स, मुख्यमंत्री कैशलेस चिकित्सा योजना, उल्लास ऐप पर चिन्हांकन और कैचअप कार्यक्रम समेत अन्य विभागीय कार्यों को पूरा करेंगे। बीएसए ने सभी प्रधानाचार्यों, प्रधानाध्यापकों और विद्यालय प्रबंधन को आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। पिछले दिनों सात गांव हुए थे प्रभावित मिर्जापुर में पिछले दिनों हुई भारी बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा हुई थी। लालगंज तहसील क्षेत्र में अतिवृष्टि से सात गांव प्रभावित हुए थे, जबकि दिघुली गांव में एसडीआरएफ की टीम ने 45 लोगों को सुरक्षित निकालकर राहत शिविर पहुंचाया था। इसी को देखते हुए मौसम के पूर्वानुमान और संभावित जलभराव की स्थिति में बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए प्रशासन ने 19 अगस्त को कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए विद्यालय बंद रखने का निर्णय लिया है।
जमुई में जमीन की रजिस्ट्री प्रक्रिया को पेपरलेस करने के सरकारी फैसले के विरोध में दस्तावेज नवीस अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। बिहार दस्तावेज नवीस संघ सोसाइटी एक्ट 407/81 के आह्वान पर यह हड़ताल शुरू की गई है। मंगलवार को दोपहर दो बजे रजिस्ट्री कचहरी में दस्तावेज नवीसों ने जमीन की रजिस्ट्री से संबंधित सभी कार्य बंद कर दिए। उन्होंने सरकार के इस फैसले के खिलाफ विरोध जताते हुए स्पष्ट किया कि जब तक पेपरलेस व्यवस्था वापस नहीं ली जाती, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। आंदोलन जारी रखने की दी चेतावनी जमुई में यह आंदोलन अध्यक्ष अनिल कुमार वर्मा और सचिव मनोज कुमार सिन्हा के नेतृत्व में शुरू हुआ। अध्यक्ष अनिल कुमार वर्मा ने बताया कि 17 अगस्त से पूरे बिहार में पेपरलेस व्यवस्था के विरोध में अनिश्चितकालीन हड़ताल चल रही है। उन्होंने कहा कि दस्तावेज लेखक सरकार की इस नई नीति के तहत काम नहीं करेंगे। वर्मा ने जोर देकर कहा कि जब तक सरकार अपना फैसला वापस नहीं लेती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। रजिस्ट्री कचहरी में पूरे दिन सन्नाटा उन्होंने यह भी बताया कि आगे की आंदोलन रणनीति महासंघ के निर्देशों के अनुसार तय की जाएगी। दस्तावेज नवीसों की हड़ताल के कारण रजिस्ट्री कचहरी में पूरे दिन सन्नाटा पसरा रहा। जमीन की रजिस्ट्री कराने पहुंचे विक्रेता और खरीदार भी वहां नहीं दिखे। दस्तावेज नवीस कार्यालय परिसर में शांतिपूर्वक बैठकर सरकार के फैसले का विरोध करते रहे।
18 अगस्त, मंगलवार: कैमूर के बेलांव थाना क्षेत्र के हुड़रा कला गांव में 22 वर्षीया अंशु कुमारी की विषैले जंतु के काटने से मौत हो गई। पूजा के लिए माचिस ढूंढते समय जंतु ने काटा। परिजन इलाज के लिए अस्पताल ले जाने के बजाय झाड़फूंक कराते रहे, बाद में सदर अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित किया।
सीवान में डीएम विवेक रंजन मैत्रेय के तबादले के बाद मंगलवार को उन्होंने जिलाधिकारी का प्रभार उप विकास आयुक्त अमिताभ सिंह को सौंप दिया। नए जिलाधिकारी विजय प्रकाश मीणा के बुधवार को सीवान पहुंचकर पदभार ग्रहण करने की संभावना के बीच एक दिन पहले ही प्रभार सौंपे जाने को लेकर प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। राज्य सरकार की अधिसूचना के अनुसार विवेक रंजन मैत्रेय को पदस्थापना की प्रतीक्षा में सामान्य प्रशासन विभाग में योगदान देने का निर्देश दिया गया है। वहीं नगर विकास एवं आवास विभाग के अपर सचिव विजय प्रकाश मीणा को सीवान का नया जिला पदाधिकारी बनाया गया है। नए डीएम के आने से पहले प्रभार क्यों सौंपा? सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि जब नए डीएम के बुधवार को सीवान पहुंचने की संभावना थी, तो मंगलवार को ही प्रभार डीडीसी को सौंपने की जरूरत क्यों पड़ी। आखिर ऐसी कौन-सी प्रशासनिक परिस्थिति थी, जिसके कारण नए जिलाधिकारी के आने तक प्रभार अपने पास रखना उचित नहीं समझा गया? प्रभार हस्तांतरण में क्या है प्रक्रिया? प्रशासनिक व्यवस्था में किसी अधिकारी के तबादले के बाद प्रभार हस्तांतरण सरकारी आदेश और निर्धारित कार्यालयी प्रक्रिया के तहत किया जाता है। आईएएस अधिकारियों की नियुक्ति और पदस्थापना राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र में होती है। जिला पदाधिकारी का पद आईएएस कैडर के महत्वपूर्ण पदों में शामिल है। ऐसे में लंबित संचिकाओं, रिकॉर्ड और प्रशासनिक जिम्मेदारियों का विधिवत हस्तांतरण महत्वपूर्ण माना जाता है। नियम उल्लंघन का दावा नहीं, लेकिन सवाल बरकरार उपलब्ध नियमों के आधार पर यह कहना उचित नहीं होगा कि नए डीएम के आने से एक दिन पहले डीडीसी को प्रभार सौंपना अपने आप में नियमों का उल्लंघन है। हालांकि, इतनी जल्दी प्रभार हस्तांतरण किए जाने का स्पष्ट प्रशासनिक कारण सामने नहीं आने से सवाल जरूर उठ रहे हैं। हालिया विवादों के बीच बढ़ी चर्चा सीवान में हाल के विवादों के बाद प्रशासनिक फैसलों पर पहले से ही निगाहें टिकी हुई हैं। ऐसे में यह चर्चा भी है कि क्या मैत्रेय नए जिलाधिकारी विजय प्रकाश मीणा के साथ औपचारिक रूप से प्रभार हस्तांतरण नहीं करना चाहते थे या किसी अन्य प्रशासनिक, राजनीतिक अथवा विभागीय कारण से उन्हें तत्काल प्रभार छोड़ना पड़ा। आर्म्स लाइसेंस से जुड़े मामलों को लेकर भी चर्चाएं हैं, लेकिन इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में इन चर्चाओं को प्रभार हस्तांतरण से जोड़ना फिलहाल महज अटकल होगा। अब स्पष्टता का इंतजार फिलहाल सवाल प्रभार देने के अधिकार से ज्यादा उस जल्दबाजी को लेकर है। यदि प्रभार हस्तांतरण सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत हुआ है, तो सरकार और जिला प्रशासन की ओर से यह स्पष्ट किया जाना बाकी है कि नए डीएम के योगदान से महज एक दिन पहले डीडीसी को प्रभार सौंपने की आवश्यकता क्यों पड़ी। स्पष्ट प्रशासनिक कारण सामने आने से इस मामले को लेकर चल रही चर्चाओं पर विराम लग सकता है।
देशभक्ति समारोह में SSB बैंड की प्रस्तुति:लखनऊ के फन रिपब्लिक मॉल में मनाया गया स्वतंत्रता दिवस
लखनऊ। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर फन रिपब्लिक मॉल देशभक्ति और भारतीय संस्कृति के रंग में रंगा नजर आया। “फील लाइक ए सोल्जर–सीजन 3” के तहत आयोजित चार दिवसीय समारोह में शनिवार को सशस्त्र सीमा बल (SSB) के ब्रास बैंड ने शानदार प्रस्तुति देकर मॉल के एट्रियम को देशभक्ति के सुरों से गुंजायमान कर दिया। SSB के जवानों ने देशभक्ति और भारतीय संगीत की लोकप्रिय धुनों की प्रस्तुति दी। “हर कर्म अपना करेंगे, ऐ वतन तेरे लिए”, “मेरा मुल्क, मेरा देश, मेरा ये वतन” और “तेरी मिट्टी” जैसी धुनों ने माहौल में देशप्रेम और राष्ट्रीय गौरव की भावना को और गहरा कर दिया। वर्दी में जवानों की गरिमामयी उपस्थिति और बैंड की लयबद्ध प्रस्तुति ने बच्चों, युवाओं और परिवारों समेत हर आयु वर्ग के दर्शकों को आकर्षित किया। आयोजकों के मुताबिक, SSB के ब्रास बैंड की प्रस्तुति ने सैनिकों के साहस, अनुशासन और समर्पण को संगीत के माध्यम से लोगों तक पहुंचाया। कार्यक्रम ने यह भी संदेश दिया कि भारतीय संगीत भाषा, क्षेत्र और उम्र की सीमाओं से परे लोगों को एकजुट करने की ताकत रखता है। “फील लाइक ए सोल्जर–सीजन 3” का आयोजन 14 से 17 अगस्त 2026 तक किया जा रहा है। उत्सव की शुरुआत 14 अगस्त को आर्मी-स्टाइल ऑब्स्टेकल सेटअप के साथ हुई, जहां लोगों को शारीरिक क्षमता और दृढ़ संकल्प परखने का अवसर मिला। 15 अगस्त को लाइव देशभक्ति प्रस्तुतियों ने समारोह को सांस्कृतिक रंग दिया। आयोजक ने कहा कि यह आयोजन सिर्फ मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि सैनिकों के साहस और बलिदान को नमन करने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि देशभक्ति की धुनों पर एक साथ झूमते बच्चे, युवा और परिवार राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत करते हैं। चार दिवसीय आयोजन के अंतिम चरण में बच्चों और युवाओं के लिए देशभक्ति क्विज और इंटरऐक्टिव प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाएंगी। इनके जरिए नई पीढ़ी को स्वतंत्रता संग्राम, राष्ट्रीय प्रतीकों और सशस्त्र बलों के योगदान से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
मोहनिया अनुमंडल अस्पताल में कथित लापरवाही के कारण एक नवजात शिशु की मौत का मामला सामने आया है। प्रसव के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव से मां शाहनाज़ बेगम की हालत गंभीर हो गई थी। बाद में डॉक्टरों के प्रयास से उनकी जान बचाई गई। मामले को लेकर समहुता निवासी नसीमुद्दीन ने अस्पताल प्रशासन को लिखित शिकायत दी है। नसीमुद्दीन के अनुसार, वह रविवार सुबह करीब 8:30 बजे अपनी गर्भवती पत्नी को प्रसव के लिए मोहनिया अनुमंडल अस्पताल लेकर पहुंचे थे। उन्होंने ड्यूटी पर तैनात स्वास्थ्यकर्मियों और आशा कार्यकर्ता पर समय पर इलाज शुरू नहीं करने का आरोप लगाया है। उनका आरोप है कि इलाज शुरू करने के बजाय बाहर से दवाएं मंगवाई गईं और कई घंटे तक उचित देखभाल नहीं की गई। रात में बिगड़ी महिला की हालत परिजन के मुताबिक, रात करीब 10:30 बजे तक उचित उपचार नहीं मिलने के बाद शाहनाज़ बेगम को अत्यधिक रक्तस्राव शुरू हो गया। उनकी हालत गंभीर होने के बावजूद अस्पताल से एंबुलेंस उपलब्ध नहीं कराई गई। इसके बाद परिजन निजी वाहन से उन्हें पहले एक स्थानीय निजी क्लिनिक और फिर मुगलसराय स्थित अस्पताल लेकर गए। वहां इलाज, रक्त चढ़ाने और अन्य व्यवस्थाओं में करीब दो लाख रुपये खर्च होने की बात परिजन ने बताई है। मां की जान बची, गर्भ में नवजात की मौत मुगलसराय के अस्पताल में डॉक्टरों के प्रयास से शाहनाज़ बेगम की जान बच गई। हालांकि, परिजनों के अनुसार इलाज में हुई देरी के कारण गर्भ में ही नवजात शिशु की मौत हो गई। महिला की बच्चेदानी को भी गंभीर नुकसान पहुंचने की बात कही गई है। अस्पताल प्रशासन ने शुरू की जांच पीड़ित नसीमुद्दीन ने अस्पताल प्रबंधन से दोषियों की पहचान कर कार्रवाई और न्याय की मांग की है। मोहनिया अनुमंडल अस्पताल के प्रभारी डॉ. अविनाश सिंह ने बताया कि पीड़ित का आवेदन प्राप्त हुआ है और मामले की जांच की जा रही है। आशा कार्यकर्ता से स्पष्टीकरण मांगा गया है। अधिकारियों ने जांच के बाद उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
पीलीभीत में सावन का चौथे सोमवार 24 अगस्त को श्रद्धा, भक्ति और आस्था के साथ मनाया जाएगा। सावन के सोमवार को लेकर शिवभक्तों में खासा उत्साह है। उत्तर भारत में इस वर्ष सावन का समापन 28 अगस्त को होगा, ऐसे में अंतिम सोमवार का धार्मिक महत्व और बढ़ गया है। सुबह की पहली किरण के साथ ही जिले के शिवालयों में घंटे-घड़ियालों की गूंज सुनाई देगी। भक्त भगवान शिव का जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक करेंगे। श्रद्धालु बेलपत्र, फूल, दूध, जल और प्रसाद अर्पित कर महादेव की पूजा करेंगे। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के व्रत रखने और मंदिरों में दर्शन-पूजन के लिए पहुंचने की उम्मीद है। सावन के अंतिम सोमवार पर मंदिरों के आसपास भक्तिमय माहौल दिखाई देगा। कांवड़ यात्राओं से लौटे शिवभक्त भी भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे। मंदिरों में कतारें, भजन-कीर्तन और प्रसाद वितरण के साथ पूरे दिन आस्था का माहौल बना रहेगा। कई स्थानों पर श्रद्धालुओं के लिए सेवा शिविर भी लगाए जाएंगे। सावन केवल पूजा-पाठ का पर्व नहीं, बल्कि सेवा और सद्भाव का संदेश भी देता है। प्यासे को पानी पिलाना, कांवड़ियों की सेवा करना, जरूरतमंदों की मदद करना और मन में किसी के प्रति द्वेष न रखना भी शिव आराधना का ही हिस्सा माना जाता है। अंतिम सोमवार को शिवालयों में ‘हर हर महादेव’ और ‘ॐ नमः शिवाय’ के जयकारे गूंजेंगे। सावन का महीना भले ही समाप्त हो जाएगा, लेकिन शिवभक्तों के मन में महादेव के प्रति आस्था और भक्ति का भाव बना रहेगा।
दिल्ली की थोक मंडियों को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए चलाया गया अभियान, अवैध कब्जों को हटाया
दिल्ली कृषि विपणन बोर्ड परिषद ने आजादपुर, गाजीपुर सहित थोक मंडियों में अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया। इस दौरान चालान काटे गए, जुर्माना वसूला गया और सड़कों व फुटपाथों को अवैध कब्जों से मुक्त कराया गया।
पानीपत जिले के समालखा में सीआईए-2 टीम ने एक बुजुर्ग महिला को बातों में उलझा कर सोने की बालियां और नकदी ठगने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान दिल्ली के बवाना स्थित जेजे कॉलोनी निवासी सुरजीत, शंकर और राजबीर के रूप में हुई है। यह गिरफ्तारी सोमवार शाम को की गई। सीआईए टू प्रभारी सब इंस्पेक्टर अनिल पवार ने बताया कि उनकी टीम को सोमवार शाम गश्त के दौरान हलदाना मोड़ पर तीन संदिग्ध युवकों के खड़े होने की सूचना मिली थी। पुलिस टीम ने तुरंत मौके पर दबिश देकर तीनों युवकों को काबू कर लिया। समालखा बस स्टैंड पर दिया वारदात को अंजाम पूछताछ में आरोपियों ने 13 अगस्त को समालखा बस अड्डे पर हुई ठगी की वारदात को स्वीकार किया। उन्होंने बताया कि उन्होंने दिल्ली जाने के लिए बस का इंतजार कर रही एक बुजुर्ग महिला को ईको गाड़ी में लिफ्ट देने का झांसा दिया। समालखा फ्लाईओवर के पास महिला को सम्मोहित कर उससे सोने की बालियां और 500 रुपए ठग लिए थे। इस संबंध में गांव गोयला खुर्द निवासी किरण उर्फ चरणकौर की शिकायत पर थाना समालखा में मामला दर्ज किया गया था। आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे नशे के आदी हैं और नशे की लत पूरी करने के लिए उन्होंने यह वारदात अंजाम दी। कोर्ट ने दो को भेजा जेल, एक को रिमांड पर दिया पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ठगी गई नकदी में से बचे 400 रुपए बरामद किए हैं। तीनों आरोपियों को मंगलवार को पूछताछ के बाद कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने आरोपी शंकर और राजबीर को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया, जबकि आरोपी सुरजीत को एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। रिमांड के दौरान पुलिस सुरजीत से वारदात में प्रयुक्त ईको गाड़ी और ठगी गई सोने की बालियां बरामद करने का प्रयास करेगी। बता दें कि, किरण उर्फ चरणकौर ने अपनी शिकायत में बताया था कि वह 13 अगस्त को सुबह करीब 7:50 बजे दवाई लेने के लिए एम्स दिल्ली जा रही थी। वह सिवाह बस स्टैंड पर बस का इंतजार कर रही थी, तभी एक सफेद रंग की काले शीशों वाली ईको गाड़ी उसके पास आकर रुकी। दिल्ली जाने की बात कहकर महिला को गाड़ी में बैठाया गाड़ी में सवार तीन युवकों में से एक ने उसे दिल्ली जाने की बात कहकर ईको गाड़ी में बैठा लिया। गाड़ी चलने के बाद तीनों युवकों ने बातचीत के दौरान उसे अपनी बातों में उलझा लिया। समालखा फ्लाईओवर के पास रेलवे कट के सामने पहुंचने पर आरोपियों ने उसके कानों से 7 ग्राम वजनी सोने की दो बालियां व 500 रुपए ले लिए। इसके बाद तीनों आरोपी उसे बहाना बनाकर धर्म सिंह पेट्रोल पंप के सामने उतारकर ईको गाड़ी सहित फरार हो गए। आरोपी उसको गुमराह कर सोने की बालियां व 500 रूपए ठगी कर ले गए। थाना समालखा में किरण उर्फ चरणकौर की शिकायत पर बीएनएस की धारा 318(4) के तहत अभियोग दर्ज कर पुलिस ने मामले की जांच व आरोपियों की धरपकड़ शुरू कर दी थी।
छतरपुर के बकस्वाहा के जुझारपुर गांव में मंगलवार को गिट्टी से भरे ट्रक की चपेट में आने से 5 गायों की मौत हो गई। हादसे के बाद ग्रामीणों ने बकस्वाहा-दमोह मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। करीब दो घंटे बाद प्रशासन के आश्वासन पर जाम खत्म हुआ। ग्रामीणों का आरोप है कि ट्रक तेज गति से चल रहा था। चालक नशे में था। इसी दौरान सड़क पर बैठी गायें ट्रक की चपेट में आ गईं। हादसे के बाद ग्रामीण मौके पर जमा हो गए और विरोध शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने गांव के बीच से गुजरने वाली सड़क पर स्पीड ब्रेकर बनाने की मांग की। उनका कहना है कि तेज रफ्तार वाहनों से यहां लगातार हादसे का खतरा बना रहता है। अधिकारी पहुंचे, स्पीड ब्रेकर का आश्वासन चक्काजाम की सूचना पर थाना प्रभारी प्रशांत जैन पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। इसके बाद नायब तहसीलदार सुनील केवट भी वहां पहुंचे और ग्रामीणों से बात की। नायब तहसीलदार ने जल्द स्पीड ब्रेकर बनवाने और हादसे के जिम्मेदार ट्रक चालक पर कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने चक्काजाम खत्म कर दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
एशियन गेम्स 2026 की तैयारियों के लिए भारतीय निशानेबाजी टीम ने भोपाल में डेरा डाल दिया है। मध्यप्रदेश राज्य शूटिंग अकादमी में 14 से 25 अगस्त तक विशेष तैयारी शिविर आयोजित किया जा रहा है। इसमें मनु भाकर, ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर और ईशा सिंह समेत देश के 18 शीर्ष निशानेबाज प्रशिक्षण ले रहे हैं। खिलाड़ियों के साथ विदेशी कोच, राष्ट्रीय कोच और विशेषज्ञ सपोर्ट स्टाफ समेत 36 सदस्यीय दल भोपाल में है। कैंप में 9 पुरुष और 9 महिला निशानेबाज शामिल हैं। पुरुष वर्ग में पार्थ राकेश माने, हिमांशु ढिल्लों, रुद्राक्ष बालासाहेब पाटिल, ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर, नीरज कुमार, केदारलिंग बालकृष्ण उचागवने, कमलजीत, आकाश भारद्वाज और अनीश शामिल हैं। महिला वर्ग में इलावेनिल वालारिवन, सोनम उत्तम मस्कर, विदार्सा के. विनोद, आषी चौकसे, तिलोत्तमा सेन, सुरुचि, ईशा सिंह, मनु भाकर और राही सरनोबत कैंप का हिस्सा हैं। मनु भाकर समेत कई बड़े नाम कैंप में शामिल खिलाड़ियों का अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड भारतीय निशानेबाजी की मजबूती को बताता है। मनु भाकर ओलंपिक में 10 मीटर एयर पिस्टल महिला और 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम में कांस्य पदक जीत चुकी हैं। उनके नाम यूथ ओलंपिक का स्वर्ण, ISSF विश्व चैंपियनशिप का रजत और विश्व कप सहित कई अंतरराष्ट्रीय पदक हैं। 25 मीटर पिस्टल में वे विश्व रैंकिंग में शीर्ष पर हैं और इस स्पर्धा में उनके नाम विश्व रिकॉर्ड भी दर्ज है। मध्यप्रदेश के ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर भी कैंप के प्रमुख खिलाड़ियों में हैं। वे ISSF विश्व चैंपियनशिप, विश्व कप और एशियन चैंपियनशिप में कई पदक जीत चुके हैं। एशियन गेम्स में उनके नाम रजत और कांस्य पदक हैं। पेरिस ओलंपिक 2024 में उन्होंने 50 मीटर राइफल 3 पोजिशन में 11वां स्थान हासिल किया था। ईशा सिंह भी भारतीय टीम की अहम निशानेबाज हैं। कम उम्र में ही उन्होंने विश्व चैंपियनशिप, विश्व कप और एशियन चैंपियनशिप में कई पदक जीते हैं। एशियन गेम्स में वे दो रजत पदक हासिल कर चुकी हैं। पेरिस ओलंपिक में उन्होंने 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में हिस्सा लिया था। राइफल और पिस्टल दोनों पर फोकस शिविर में खिलाड़ियों को राइफल और पिस्टल दोनों वर्गों के विशेषज्ञ कोच प्रशिक्षण दे रहे हैं। विदेशी कोच थॉमस फार्निक राइफल और जलेना अरुनोविक पिस्टल की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। इनके अलावा समरेश जंग, विद्या जाधव, हरप्रीत सिंह, डीएस चंदेल, पूजा घाटकर, मनोज कुमार और सतगुरुदास समेत राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञ कोच खिलाड़ियों के साथ हैं। फिटनेस और मानसिक तैयारी पर भी जोर कैंप में केवल शूटिंग तकनीक ही नहीं, बल्कि खिलाड़ियों की फिटनेस, रिकवरी और मानसिक मजबूती पर भी काम किया जा रहा है। दल में हाई परफॉर्मेंस डायरेक्टर डॉ. पियरे ब्यूचैंप, हाई परफॉर्मेंस मैनेजर रौनक पंडित, तीन फिजियोथेरेपिस्ट, स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग ट्रेनर और स्पोर्ट्स साइकोलॉजिस्ट भी शामिल हैं। एक ही परिसर में शूटिंग से लेकर फिटनेस तक की सुविधा कैंप के लिए मध्यप्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण विभाग ने राज्य शूटिंग अकादमी की 10 मीटर, 25 मीटर और 50 मीटर शूटिंग रेंज उपलब्ध कराई हैं। इसके अलावा फाइनल रेंज और जिम की सुविधा भी खिलाड़ियों को दी जा रही है। इससे राष्ट्रीय टीम को एक ही परिसर में शूटिंग अभ्यास, फाइनल की तैयारी और फिटनेस ट्रेनिंग की सुविधा मिल रही है।
भभुआ में युवा खरवार महासभा का विश्व आदिवासी दिवस समारोह, शिक्षा-रोजगार व सरकारी योजनाओं पर विशेष जोर
18 अगस्त, मंगलवार: भभुआ शहर में युवा खरवार महासभा की जिला इकाई ने विश्व आदिवासी दिवस समारोह आयोजित किया। पूर्व विधायक अशोक सिंह व विधायक भरत बिंद सहित कई अतिथि शामिल हुए। वक्ताओं ने शिक्षा, रोजगार, सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने और संगठन को गांव-पंचायत स्तर तक मजबूत करने पर जोर दिया।
बेतिया के काली धाम मंदिर के समीप हो रहे निर्माण कार्य पर काली धाम पूजा समिति ने आपत्ति जताई है। समिति ने निर्माण कार्य पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। समिति का कहना है कि प्रस्तावित पार्क के निर्माण से श्रद्धालुओं की आस्था और धार्मिक स्थल की गरिमा प्रभावित हो सकती है। पूजा समिति के सदस्यों ने बताया कि काली धाम मंदिर शहर के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। मंदिर परिसर और आसपास का क्षेत्र श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र है। ऐसे में मंदिर के समीप किसी भी निर्माण से पहले धार्मिक और सामाजिक पहलुओं पर विचार किया जाना चाहिए। जांच कराने की मांग समिति का कहना है कि पार्क निर्माण से धार्मिक गतिविधियों और श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। सदस्यों ने संबंधित अधिकारियों से निर्माण कार्य पर तत्काल रोक लगाने और पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। नगर निगम बोर्ड में होगी चर्चा इस मामले में बेतिया नगर निगम की महापौर गरिमा देवी शिकारिया ने कहा कि मंदिर के पास हो रहे निर्माण को लेकर नगर निगम बोर्ड में चर्चा की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले में नगर निगम बोर्ड ही उचित निर्णय लेगा। बोर्ड की बैठक में निर्माण से जुड़े सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। बोर्ड की बैठक पर टिकी नजर पूजा समिति की आपत्ति और नगर निगम की ओर से बोर्ड में चर्चा की बात सामने आने के बाद अब आगामी नगर निगम बोर्ड की बैठक पर नजर है। समिति के सदस्य अपनी मांग पर कायम हैं और मंदिर की धार्मिक गरिमा तथा श्रद्धालुओं की आस्था को ध्यान में रखते हुए निर्माण कार्य पर रोक लगाने की मांग कर रहे हैं।
जबलपुर के शहपुरा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और स्थानीय निवासियों ने जबलपुर-नरसिंहपुर मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। यह प्रदर्शन शहपुरा स्थित रेलवे ओवरब्रिज के लंबे समय से क्षतिग्रस्त होने और अन्य अव्यवस्थाओं के विरोध में किया गया। इस दौरान सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। चक्काजाम के कारण यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। हालांकि, जाम में फंसी एक एम्बुलेंस को पुलिस और स्थानीय युवाओं की मुस्तैदी से तुरंत रास्ता देकर सुरक्षित निकाला गया। वहीं, जाम में फंसे अन्य वाहन चालकों ने हॉर्न बजाकर विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पांच सूत्रीय मांगें रखीं। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में जुआ और सट्टा खुलेआम चल रहा है, जिससे अपराधियों को संरक्षण मिल रहा है। किसानों को एक बोरी यूरिया खाद के लिए पांच-पांच दिन भटकना पड़ रहा है, जबकि शराब की होम डिलीवरी धड़ल्ले से जारी है। प्रदर्शन में मांग की गई कि डीएपी और यूरिया खाद किसानों की बही के हिसाब से तुरंत वितरित की जाए। बिजली का बढ़ा हुआ लोड कम किया जाए। इसके अतिरिक्त, एशिया में हरे मटर की बंपर पैदावार वाले शहपुरा में बायपास के पास एक मटर मंडी स्थापित की जाए। एक अन्य प्रमुख मांग ब्लैक स्पॉट दुर्घटनाओं को रोकने के लिए नए ओवरब्रिज की लंबाई बढ़ाने और वैकल्पिक रूप से पौड़ी रेल फाटक को फिर से खोलने की थी, क्योंकि मौजूदा रेलवे ओवरब्रिज लंबे समय से क्षतिग्रस्त है। मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों को प्रदर्शनकारियों ने घेर लिया और समस्याओं के समाधान की मांग की। हालांकि, प्रशासनिक अधिकारी सीधे जवाब देने से बचते नजर आए। एसडीएम ने बताया कि पौड़ी रेल फाटक को दोबारा चालू कराने के संबंध में रेलवे बोर्ड से लगातार बातचीत चल रही है। एसडीएम ने यह भी स्पष्ट किया कि ओवरब्रिज का निर्माण कार्य रातों-रात या बहुत जल्दी पूरा नहीं किया जा सकता। मटर मंडी के निर्माण के लिए स्थानीय जमीन मालिकों से बात की जाएगी और यदि वे अपनी भूमि देने को तैयार होते हैं, तभी आगे की प्रक्रिया शुरू होगी।
18 अगस्त, मंगलवार: भोजपुर के पीरो में सावन महोत्सव का आयोजन किया गया, जिसका उद्घाटन एसडीओ और डीएसपी ने संयुक्त रूप से किया। लोकगायिका सजोली पांडेय ने कजरी गीतों की प्रस्तुति दी, जिस पर श्रोता झूम उठे। कार्यक्रम में सावन की लोक संस्कृति और संगीत की रंगारंग झलक देखने को मिली।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने राज्य सूचना आयोग के 13 कर्मचारियों के नियमितीकरण पर निर्णय न होने पर मुख्य सचिव शशि प्रकाश गोयल को अवमानना नोटिस जारी किया है। न्यायालय ने उन्हें 10 सितंबर को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का आदेश दिया है। न्यायमूर्ति सौरभ लवानिया की एकल पीठ ने राना प्रताप और 12 अन्य की अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। पीठ ने मुख्य सचिव से पूछा है कि हाईकोर्ट के आदेश का पालन न करने पर उनके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई क्यों न की जाए। दरअसल, न्यायालय ने 14 अक्टूबर 2025 को राज्य सरकार को इन कर्मचारियों के नियमितीकरण के मामलों पर विचार करने का निर्देश दिया था। कोर्ट ने यह प्रक्रिया सीधी भर्ती से पहले पूरी करने और नियमितीकरण पर निर्णय होने तक संबंधित पदों पर सीधी भर्ती रोकने का भी आदेश दिया था। सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि राज्य मुख्य सूचना आयुक्त ने 28 जुलाई 2026 को नियमितीकरण का प्रस्ताव मुख्य सचिव को भेजा था। न्यायालय ने टिप्पणी की कि इससे स्पष्ट है कि मामला अभी मुख्य सचिव के स्तर पर लंबित है।
दिल्ली में औद्योगिक और शहरी विकास व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए उद्योग विभाग आंध्र प्रदेश के अमरावती कैपिटल रीजन के एकीकृत नियोजन मॉडल का अध्ययन करेगा। उद्योग मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा के नेतृत्व में दिल्ली सरकार के अधिकारियों के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को विजयवाड़ा का दौरा किया। इसमें उद्योग विभाग के एसीएस सज्जन सिंह यादव सहित वरिष्ठ अधिकारी और दिल्ली राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम के अधिकारी शामिल रहे। प्रतिनिधिमंडल ने कैपिटल रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी के अधिकारियों के साथ बैठक कर अमरावती के नियोजन और औद्योगिक विकास की रणनीति समझी। इस दौरान एकीकृत शहरी नियोजन, बुनियादी ढांचे, भूमि प्रबंधन, निवेश सुगमता, भविष्य की तकनीक और दीर्घकालिक विकास को लेकर विस्तृत प्रस्तुति दी गई। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने सीआरडीए क्षेत्र का फील्ड विजिट भी किया। मंत्री सिरसा ने आंध्र प्रदेश के मंत्री नारा लोकेश और टीजी भरत के साथ भी बैठक की। नारा लोकेश के साथ रियल टाइम गवर्नेंस, शिक्षा, क्लस्टर आधारित आर्थिक विकास और पाठ्यक्रम विकास पर चर्चा हुई। उभरते उद्योगों की जरूरत के अनुरूप शिक्षा और कौशल विकास को तैयार करने पर जोर दिया गया। टीजी भरत के साथ बैठक में आंध्र प्रदेश की औद्योगिक नीतियों, निवेश सुगमता तंत्र और औद्योगिक इकोसिस्टम की जानकारी ली गई। अमरावती के ग्रीनफील्ड मॉडल का जायजाफील्ड विजिट के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने अमरावती में विकसित हो रहे ग्रीनफील्ड राजधानी शहर का जायजा लिया। राज्य विधानसभा, हाई कोर्ट और प्रस्तावित पांच आइकॉनिक टावरों की विकास योजना भी देखी। अमरावती करीब 217 वर्ग किमी में विकसित की जा रही है, जबकि कैपिटल रीजन करीब 8,352 वर्ग किमी में फैला है। प्रतिनिधिमंडल को इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर की कार्यप्रणाली की जानकारी भी दी गई। सिरसा बोले- दिल्ली के अनुरूप ही अपनाएंगे मॉडल मंत्री सिरसा ने कहा कि सरकार विभिन्न शहरों के सफल औद्योगिक और शहरी विकास मॉडल का अध्ययन कर रही है। अमरावती से एकीकृत नियोजन, भूमि प्रबंधन, हरित बुनियादी ढांचे, बाढ़ प्रबंधन और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकास की सीख मिल सकती है। उन्होंने कहा कि दिल्ली की जरूरतों, सीमाओं और संभावनाओं के अनुरूप उपयोगी प्रक्रियाओं को ही अपनाया जाएगा।
लखीसराय के टाउन थाना क्षेत्र स्थित औरैया गांव में एक बच्चे की मौत का मामला सामने आया है। मृतक की पहचान अभय राज उर्फ लड्डू के रूप में हुई है। परिजनों ने पड़ोस के दो बच्चों पर अभय को जबरन ले जाकर मारपीट करने और तालाब में डुबोकर हत्या करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। परिजनों के अनुसार, यह घटना 29 जुलाई की है, जब अभय घर से बाहर निकला था। आरोप है कि पड़ोस के दो बच्चे उसे जबरन अपने साथ ले गए। इसके बाद उन्होंने अभय के साथ मारपीट की और उसे घर के पीछे स्थित एक गड्ढे में फेंक दिया। शरीर पर कई चोट के निशान थे - परिजन जानकारी मिलने पर परिजन मौके पर पहुंचे और बच्चे को गड्ढे से बाहर निकाला। उसे तुरंत इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। कई दिनों तक चले इलाज के बावजूद अभय की हालत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। परिजनों का दावा है कि बच्चे के शरीर पर कई चोट के निशान थे और उसे जानबूझकर पानी में डुबोया गया था। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने शव को अपनी निगरानी में पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विस्तृत जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। पुलिस आरोपों की भी गहनता से जांच कर रही है और घटना में शामिल लोगों की भूमिका का पता लगा रही है।
हरियाणा के नारनौंद विधानसभा क्षेत्र में कोथ कलां से खानपुर तक की सड़क की विशेष मरम्मत और सुदृढ़ीकरण के लिए सरकार ने 2 करोड़ 45 लाख 92 हजार रुपए की प्रशासनिक मंजूरी दे दी है। लंबे समय से खराब स्थिति में रही इस सड़क के सुधार की प्रक्रिया अब आगे बढ़ेगी। कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा ने बताया कि ग्राम पंचायत की मांगों को ध्यान में रखते हुए सड़क के एक हिस्से में पहले प्रस्तावित सीसी ब्लॉक के स्थान पर सीसी पेवमेंट का प्रावधान किया गया है। इसी बदलाव के कारण कार्य की संशोधित प्रशासनिक मंजूरी 245.92 लाख रुपए की राशि के साथ जारी की गई है। आसपास के गांवों के लोगों को मिलेगी बेहतर सुविधा कोथ कलां से खानपुर तक की यह सड़क क्षेत्र के ग्रामीणों के लिए एक महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। इसकी मरम्मत और सुदृढ़ीकरण से कोथ कलां, खानपुर और आसपास के गांवों के लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी। इससे दैनिक यात्रियों, किसानों और अन्य वाहन चालकों को बेहतर सड़क सुविधा उपलब्ध होगी। कैबिनेट मंत्री गंगवा ने कहा कि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क संपर्क व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रशासनिक मंजूरी मिलने के बाद अब सड़क की विशेष मरम्मत एवं सुदृढ़ीकरण से संबंधित आवश्यक आगामी कार्रवाई की जाएगी। लगभग 2.46 करोड़ रुपए की लागत से होने वाले इस कार्य से सड़क की मजबूती बढ़ने के साथ-साथ क्षेत्र के लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन मिलेगा।
खंडवा में 11 साल के बच्चे की पानी में डूबने से मौत हो गई। मृतक की पहचान अजीम के रूप में हुई है। वह सोमवार दोपहर से लापता था। देर रात चीरा खदान के गड्ढे के पास उसके कपड़े और चप्पल मिले। इसके बाद परिजनों और रहवासियों को उसके पानी में डूबने की आशंका हुई। मंगलवार को स्थानीय लोगों ने खदान के गहरे गड्ढे में तलाश शुरू की। काफी मशक्कत के बाद अजीम का शव पानी के अंदर मिला। उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद इलाके में मातम है। रहवासियों में प्रशासन के खिलाफ नाराजगी भी है। दोपहर से लापता था, रात में मिले कपड़े और चप्पल परिजनों के अनुसार, अजीम सोमवार दोपहर घर से निकला था। इसके बाद वह वापस नहीं लौटा। काफी देर तक घर नहीं पहुंचने पर परिवार ने आसपास के मोहल्लों, रास्तों और संभावित जगहों पर उसकी तलाश की, लेकिन उसका पता नहीं चला। रात में चीरा खदान के गड्ढे के पास अजीम के कपड़े और चप्पल मिले। इससे परिजनों को उसके पानी में गिरने की आशंका हुई। पुलिस को भी सूचना दी गई। परिजनों का आरोप है कि रात में तलाश करने के बजाय सुबह तलाश करने की बात कही गई। इसके बाद स्थानीय लोग खुद गड्ढे में उतरकर उसकी तलाश में जुट गए। पानी में उतरकर लोगों ने खोजा शव रात में अंधेरा होने और गड्ढे में ज्यादा पानी होने से तलाश करना मुश्किल था। इसके बावजूद मोहल्ले के लोगों ने पानी में उतरकर खोजबीन की। काफी प्रयास के बाद अजीम पानी के अंदर मिला। उसे बाहर निकालकर जिला अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बारिश में तालाब जैसा हो जाता है गड्ढा घटना के बाद चीरा खदान के गड्ढे की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय निवासी छोटे खान ने आरोप लगाया कि खदान के दोनों तरफ अब कॉलोनियां विकसित हो चुकी हैं। बड़ी संख्या में लोग यहां रहते हैं, लेकिन गहरे गड्ढे को अब तक सुरक्षित नहीं किया गया है। रहवासियों के मुताबिक, बारिश में गड्ढे में पानी भर जाता है और यह तालाब जैसा दिखाई देने लगता है। आसपास रहने वाले बच्चों के लिए यह खतरा बना रहता है। लोगों का कहना है कि गड्ढे के आसपास पर्याप्त बैरिकेडिंग भी नहीं है। खदान में पहले भी हादसे हुए स्थानीय लोगों का दावा है कि चीरा खदान के इस गड्ढे में पहले भी डूबने की घटनाएं हो चुकी हैं। लोगों की जान जाने के बावजूद गड्ढे को बंद कराने या सुरक्षित करने के लिए स्थायी कदम नहीं उठाए गए। अजीम की मौत के बाद रहवासियों ने प्रशासन से मौके का निरीक्षण कर गड्ढे को सुरक्षित कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि ऐसे खुले और पानी से भरे गड्ढों की पहले से पहचान कर सुरक्षा व्यवस्था की जानी चाहिए।
मुजफ्फरपुर में दिनदहाड़े डबल मर्डर, प्रॉपर्टी डीलर और पोती की हत्या; 'खूनी' भतीजे को भीड़ ने पीटा
मुजफ्फरपुर के साहेबगंज में मंगलवार को दिनदहाड़े घर में घुसकर प्रॉपर्टी डीलर और उनकी 7 साल की मासूम पोती की निर्मम हत्या कर दी गई। हत्या के आरोपी भतीजे को भीड़ ने पकड़कर जमकर पिटाई की। आरोपी ने अपने चचेरे भाई को भी अधमरा कर दिया।
चित्तौड़गढ़ शहर के गांधीनगर इलाके में देर रात दो सगे भाइयों पर उनके ही घर के अंदर तलवार और डंडों से हमला कर दिया गया। हमले में दोनों भाई गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें इलाज के लिए हॉस्पिटल में भर्ती कराना पड़ा। पुलिस ने मामले में दोनों मुख्य आरोपियों को राजस्थान-मध्यप्रदेश सीमा से गिरफ्तार कर लिया। पीड़ित परिवार का कहना है कि वारदात सिर्फ दो लोगों ने नहीं की थी, बल्कि इसमें अन्य लोग भी शामिल थे। परिवार ने एसपी ऑफिस पहुंचकर ज्ञापन सौंपा और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के साथ सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है। बचाने गया भाई भी हुआ घायल कोतवाली थानाधिकारी रजनीश कुमार ने बताया कि गांधीनगर निवासी चित्रांश घारू ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। उसने बताया कि रविवार रात वह घर के बाहर बने हॉल में सो रहा था, जबकि उसका बड़ा भाई हिमांशु अंदर कमरे में आराम कर रहा था। उस समय माता-पिता घर पर नहीं थे। देर रात अचानक भाई के चिल्लाने की आवाज सुनाई दी। चित्रांश दौड़कर कमरे में पहुंचा तो देखा कि नितिन लोठ और उसका रिश्तेदार जितेंद्र छपरीबंद पहले से कमरे के अंदर मौजूद थे और हिमांशु के साथ मारपीट कर रहे थे। आरोप है कि नितिन के हाथ में तलवार थी और उसने हिमांशु के सिर पर वार कर दिया, जबकि जितेंद्र डंडे से हमला कर रहा था। चित्रांश ने बीच-बचाव की कोशिश की तो दोनों आरोपियों ने उस पर भी हमला कर दिया। तलवार से उसके हाथ और छाती पर वार किए गए और धक्का देकर नीचे गिरा दिया। दोनों भाइयों के शरीर पर कई गंभीर चोटें आईं। शोर सुनकर आसपास के लोग बाहर निकले तो आरोपी मौके से भाग गए। डेढ़ साल पुराना विवाद बना हमले की वजह पीड़ित परिवार का कहना है कि यह हमला अचानक नहीं हुआ। करीब डेढ़ साल पहले भी दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ था और उसका मामला अभी कोर्ट में चल रहा है। परिवार का आरोप है कि उसी रंजिश को लेकर यह हमला किया गया। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि आरोपी जाते समय हिमांशु के गले से सोने की चेन भी तोड़कर ले गए। घटना के बाद पड़ोसियों ने तुरंत दोनों घायलों को सांवलियाजी अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज शुरू किया गया। इस घटना के बाद इलाके में भी काफी चर्चा रही, क्योंकि घर के अंदर घुसकर इस तरह का हमला लोगों के लिए चिंता का विषय बन गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय पर पड़ोसी नहीं पहुंचते तो घटना और भी गंभीर हो सकती थी। मध्यप्रदेश भागने की तैयारी में थे आरोपी, पकड़े गए घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी मध्यप्रदेश की ओर भागने की कोशिश कर रहे हैं। इसके बाद पुलिस टीमों ने पीछा किया और राजस्थान-मध्यप्रदेश बॉर्डर पर दोनों को पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गांधीनगर निवासी नितिन लोठ और रेलवे लोको कॉलोनी निवासी जितेंद्र छपरीबंद के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। हालांकि, पीड़ित परिवार का कहना है कि हमले में केवल यही दो लोग शामिल नहीं थे। परिवार का आरोप है कि अन्य लोगों की भी भूमिका थी, लेकिन उनके खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसी मांग को लेकर मंगलवार को परिवार के सदस्य एसपी ऑफिस पहुंचे और ज्ञापन देकर सभी आरोपियों की गिरफ्तारी और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। फिलहाल पुलिस दोनों गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि अब तक सामने आए साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की गई है और जांच के दौरान यदि अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
रुदौली विधानसभा क्षेत्र के नैपुरा पंपिंग स्टेशन के निर्माण कार्यों में तेजी आई है। मंगलवार देर शाम विधायक रामचंद्र यादव ने स्टेशन का स्थलीय निरीक्षण किया। इस पंपिंग स्टेशन के अगस्त माह में शुरू होने से क्षेत्र के 3000 किसानों को जलभराव की समस्या से राहत मिलेगी, जिससे 855 हेक्टेयर भूमि प्रभावित होती है। निरीक्षण के दौरान विधायक ने निर्माण कार्यों की प्रगति और मोटरों की टेस्टिंग का जायजा लिया। उन्होंने अधिशासी अभियंता (नलकूप) शशांक यादव से विस्तृत जानकारी प्राप्त की। अधिकारियों ने बताया कि मोटरों की टेस्टिंग का कार्य तेजी से चल रहा है। एडीओ (नलकूप) अंकित शुक्ला महाराष्ट्र के पुणे में मोटरों की टेस्टिंग के लिए मौजूद हैं। अधिकारियों के अनुसार, एक मोटर की टेस्टिंग मंगलवार को सफलतापूर्वक पूरी कर ली गई है, जबकि शेष मोटरों की टेस्टिंग अगले तीन दिनों में पूरी होने की उम्मीद है। विधायक रामचंद्र यादव ने बताया कि अधिकारियों ने उन्हें आश्वासन दिया है कि अगस्त माह के भीतर नैपुरा पंपिंग स्टेशन का समस्त निर्माण कार्य पूरा कर इसे संचालित कर दिया जाएगा। इस स्टेशन के शुरू होने से क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही जल निकासी की समस्या का स्थायी समाधान होगा। इससे जलभराव के कारण किसानों की फसलों को होने वाले नुकसान से भी राहत मिलेगी। विधायक ने कहा कि किसानों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान कराना उनकी प्राथमिकता है और विकास कार्यों को गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
पटना के गोपालपुर में केमिकल गोदाम में भीषण आग, पेंट और कच्चा माल जलकर राख
18 अगस्त, मंगलवार: पटना के गोपालपुर थाना क्षेत्र के चक बैरिया कर्णपुरा में केमिकल गोदाम में भीषण आग लग गई। आग में पेंट, केमिकल, कच्चा माल और तैयार सामान जलकर राख हो गया। प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका है। करीब 50 लाख रुपये के नुकसान की आशंका है।
कन्नौज में भ्रष्टाचार की शिकायतों को लेकर मंगलवार शाम करीब 6 बजे समाज कल्याण मंत्री और सदर विधायक असीम अरुण ने संकल्प सभा आयोजित की। रोमा स्मारक स्थित मुक्ता काशी मंच पर आयोजित सभा में डीएम-एसपी समेत जिले के सभी थाना-चौकी प्रभारी और पुलिसकर्मी मौजूद रहे। इसी दौरान भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अधिकारियों के सामने ही पुलिस पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। आरोप सुनकर मंच पर मौजूद पुलिस अधिकारी असहज नजर आए। पुलिस पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए संकल्प सभा में मंत्री असीम अरुण ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायतों की जानकारी मांगी। इसके बाद वरिष्ठ भाजपा नेता एवं बार एसोसिएशन अध्यक्ष रामेंद्र त्रिवेदी, अधिवक्ता नवीन द्विवेदी, भाजयुमो जिलाध्यक्ष अभिमन्यु सिंह, अजय मिश्रा और शिवेंद्र कुमार समेत कई लोगों ने अलग-अलग मामलों का हवाला देते हुए पुलिसकर्मियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। भाजपा नेताओं और अधिवक्ताओं की शिकायतें सुनकर कार्यक्रम में मौजूद पुलिस अधिकारी असहज नजर आए। करीब डेढ़ घंटे तक चले कार्यक्रम में पुलिस विभाग से जुड़ी शिकायतों पर चर्चा हुई। डीएम-एसपी समेत जिले के पुलिस अधिकारी रहे मौजूद कार्यक्रम में मंत्री असीम अरुण के साथ डीएम आशुतोष मोहन अग्निहोत्री, एसपी बिनोद कुमार, भाजपा जिलाध्यक्ष वीरसिंह भदौरिया, एएसपी अजय कुमार और सीओ सिटी शिल्पा वर्मा मौजूद रहीं। इसके अलावा जिले के सभी थाना प्रभारी, चौकी प्रभारी, ट्रैफिक प्रभारी और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी भी सभा में शामिल हुए। मंत्री ने पुलिसकर्मियों को दिलाया ईमानदारी का संकल्प मंत्री असीम अरुण ने पुलिसकर्मियों को ईमानदारी से ड्यूटी करने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को बिना किसी लालच के अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। उन्होंने कहा कि ईमानदारी से काम करने से पुलिस की छवि बेहतर होगी और आम लोगों का पुलिस पर भरोसा मजबूत होगा। बिजली विभाग के अधिकारियों के साथ भी हुई थी संकल्प सभा भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए मंत्री असीम अरुण ने 14 अगस्त की शाम रोमा स्मारक में बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ भी इसी तरह की संकल्प सभा की थी। उस दौरान उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से ईमानदारी से काम करने की अपील की थी। मंत्री ने स्पष्ट कहा था कि कार्यशैली में सुधार नहीं होने पर संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बिलासपुर में किन्नरों के दो गुटों के विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। मारपीट और विवाद के बाद पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। अब सोमवार को रजिया गुट के किन्नर शिकायत लेकर एसपी कार्यालय पहुंचे और पूजा किन्नर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि गुटबाजी और मर्डर के बाद उनके समुदाय में दहशत का माहौल है। रजिया किन्नर गुट के सदस्यों ने आरोप लगाया कि पूजा किन्नर और उसके साथियों की ओर से उनके साथ मारपीट और डराने-धमकाने की घटनाएं की जा रही हैं। उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं, जिससे वे अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई करने की मांग की। गुटबाजी और मर्डर के बाद दहशत का माहौल एसपी ऑफिस पहुंचे किन्नरों ने कहा कि दोनों गुटों के बीच काफी समय से विवाद चल रहा है। पहले भी विवाद के बाद पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर मामले दर्ज किए थे। इसके बावजूद विवाद पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। किन्नर रजिया ने बताया कि उनकी शिकायत के बाद पुलिस अधिकारियों ने मामले की जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। पिछले महीने सकरी क्षेत्र में एक किन्नर की हत्या कर दी गई थी। इस गुटबाजी और मर्डर के बाद किन्नर समुदाय के सदस्यों में दहशत का माहौल है।
नवादा में मंगलवार को संत रविदास जी के सम्मान और उनके जीवन-विचारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन की ओर से कलश यात्रा निकाली गई। उप विकास आयुक्त (डीडीसी) नीलिमा साहू ने साहब कोठी मंदिर परिसर से कलश यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। डीडीसी नीलिमा साहू ने बताया कि आयोजन का मुख्य उद्देश्य संत रविदास जी की जीवनी, उनके विचारों और समाज के प्रति उनके योगदान को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से सामाजिक जागरूकता बढ़ती है और संत रविदास जी के संदेश लोगों तक पहुंचते हैं। शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरी यात्रा कलश यात्रा साहब कोठी मंदिर से शुरू होकर मुख्य मार्ग, प्रसाद बिगहा, भगत सिंह चौक और थाना रोड से गुजरी। इसके बाद यात्रा पुनः साहब कोठी मंदिर पहुंचकर समाप्त हुई। यात्रा में जिला प्रशासन के अधिकारी, पुलिस पदाधिकारी, स्थानीय नागरिक और भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता व समर्थक बड़ी संख्या में शामिल हुए। जगह-जगह लोगों ने किया स्वागत कलश यात्रा को लेकर पहले से ही व्यापक तैयारियां की गई थीं। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में उत्साह देखा गया। शहर में जगह-जगह लोगों ने यात्रा का स्वागत किया। सुरक्षा के लिए पुलिस बल रहा तैनात नवादा शहर में यात्रा को लेकर प्रशासन की ओर से विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। यातायात व्यवस्था और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया था। प्रशासन की निगरानी में यात्रा शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हुई। इस आयोजन के माध्यम से संत रविदास जी के सामाजिक समरसता और मानवता के संदेश को लोगों तक पहुंचाने पर जोर दिया गया।
रिटायर्ड फौजी ने साले पर गोलियां बरसाकर की हत्या, किस बात पर हुआ था विवाद?
यूपी के प्रतापगढ़ में रिटायर्ड फौजी ने साले की गोली मारकर हत्या कर दी। परिजनों ने हमलावर बहनोई को भी पकड़ लिया और उसकी जमकर पिटाई की। पुलिस ने आरोपी को पकड़कर लिया है। जांच पड़ताल की जा रही है।
खगड़िया में श्री गुरु संत रविदास की 650वीं जयंती के उपलक्ष्य में 'समरसता संकल्प अभियान' चलाया जाएगा। इसके तहत, 19 और 20 अगस्त को जिले के सभी महादलित टोलों में कलश यात्रा निकाली जाएगी। यह अभियान अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग और बिहार महादलित मिशन के निर्देश पर आयोजित हो रहा है। इस अभियान के अंतर्गत, जिले के सभी अनुसूचित जाति टोलों में 15 फरवरी 2027 तक विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कलश यात्रा के सफल आयोजन के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। कार्यक्रम के सुचारू संचालन की जिम्मेदारी जिला कल्याण पदाधिकारी रत्नेश कुमार सिंह को नोडल पदाधिकारी और जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी घनश्याम कुमार को सहायक नोडल पदाधिकारी नियुक्त किया गया है। इन्हें सभी आवश्यक तैयारियां समय पर पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र के महादलित टोलों में निर्धारित तिथि पर कलश यात्रा आयोजित कराने का निर्देश मिला है। प्रखंड कल्याण पदाधिकारियों को संबंधित बीडीओ से समन्वय स्थापित कर कलश यात्रा का रूट मैप तैयार करने और कार्यक्रम के सुचारू संचालन की जिम्मेदारी दी गई है। यात्रा में जीविका दीदियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी, जिसके लिए जिला परियोजना प्रबंधक, जीविका को निर्देश दिए गए हैं। समन्वय स्थापित कर कार्यक्रम को सफल बनाने का निर्देश साथ ही, जनप्रतिनिधियों और विभिन्न समितियों के सदस्यों को भी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया जाएगा। कलश यात्रा के दौरान विधि-व्यवस्था और यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए भी प्रशासन ने तैयारी की है। अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, अंचल अधिकारी और थानाध्यक्षों को आवश्यकतानुसार दंडाधिकारी और पुलिस पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति कर विधि-व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस उपाधीक्षक, यातायात को निर्धारित मार्गों पर यातायात सुचारू बनाए रखने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया है। इसके अतिरिक्त, जिला परिवहन पदाधिकारी को आवश्यकतानुसार वाहनों की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा सभी प्रखंडों के वरीय पदाधिकारियों को संबंधित अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर कार्यक्रम को सफल बनाने का निर्देश दिया गया है। जिला प्रशासन ने जिलेवासियों से समरसता, सामाजिक सद्भाव और आपसी सहभागिता की भावना के साथ समरसता संकल्प अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की है।
अशोकनगर में मंदिर से प्रतिमा बाहर फेंकने का आरोप:ग्रामीणों ने पुलिस से शिकायत की; दो आरोप गिरफ्तार
अशोकनगर के नईसराय थाना क्षेत्र के भैंसा गांव में काली माता मंदिर से प्रतिमा बाहर फेंकने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों की शिकायत पर पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ग्रामीणों के अनुसार, 17 अगस्त की रात करीब 12 बजे धर्मसिंह केवट और गुड्डा केवट मंदिर पहुंचे। आरोप है कि दोनों ने काली माता की प्रतिमा मंदिर से बाहर फेंक दी। सुबह ग्रामीणों को घटना की जानकारी मिली तो वे मंदिर पहुंचे। वहां प्रतिमा परिसर में पड़ी मिली। इसके बाद ग्रामीण नईसराय थाने पहुंचे। दोनों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार किया शिकायत के बाद पुलिस ने धर्मसिंह केवट और गुड्डा केवट को गिरफ्तार कर लिया। ग्रामीणों ने इस दौरान गांव में अवैध शराब बिकने की शिकायत भी की। थाना प्रभारी आशुतोष गुप्ता ने कहा कि अवैध शराब की शिकायत पर पुलिस कार्रवाई कर रही है। भैंसा गांव पर भी विशेष नजर रखी जाएगी।
साबरमती-जम्मूतवी एक्सप्रेस का श्रीमाता वैष्णो देवी कटरा तक विस्तार होने के कारण जोधपुर मंडल से जुड़ी दो ट्रेनों के रूट में कुछ स्टेशनों पर संचालन समय में आंशिक बदलाव किया गया है। संशोधित समय सारणी 19 अक्टूबर से लागू होगी। उत्तर-पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक हितेश यादव के अनुसार- ट्रेन संख्या 14661 बाड़मेर-जम्मूतवी शालीमार एक्सप्रेस 19 अक्टूबर से बाड़मेर से निर्धारित समय पर रवाना होगी। यह जम्मूतवी स्टेशन पर पहले सुबह 5:40 बजे पहुंचती थी। अब परिवर्तित समयानुसार सुबह 6 बजे पहुंचेगी। इसी तरह ट्रेन संख्या 19108 शहीद कप्तान तुषार महाजन रेलवे स्टेशन-भावनगर टर्मिनस एक्सप्रेस के भी मार्ग में कुछ स्टेशनों के समय में बदलाव किया गया है। यह ट्रेन 19 अक्टूबर से शहीद कप्तान तुषार महाजन रेलवे स्टेशन से निर्धारित समय पर रवाना होगी। इसके बाद फिरोजपुर कैंट स्टेशन पर सुबह 5:20 बजे पहुंचेगी और 5:50 बजे रवाना होगी। फरीदकोट स्टेशन पर 6:16 बजे आगमन और 6:18 बजे प्रस्थान तथा बठिंडा स्टेशन पर 7:50 बजे आगमन और 7:55 बजे रवाना होगी। इसके बाद ट्रेन निर्धारित समयानुसार संचालित होगी। दिल्ली-जैसलमेर ट्रेन के मार्ग परिवर्तन में संशोधन उत्तर-पश्चिम रेलवे के फुलेरा-रींगस-रेवाड़ी रेलखंड के कुंड, पाली और खोरी स्टेशनों के बीच दोहरीकारण कार्य के लिए ब्लॉक लिया जा रहा है। इसके चलते दिल्ली-जैसलमेर ट्रेन के पूर्व में परिवर्तित मार्ग में संशोधन किया जा रहा है। मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी के अनुसार- गाड़ी संख्या 14087 दिल्ली-जैसलमेर ट्रेन 21 अगस्त से 24 सितंबर तक दिल्ली से रवाना होगी। वह पूर्व में बदले रूट रेवाड़ी-अलवर-जयपुर-फुलेरा के स्थान पर अब रेवाड़ी-महेंद्रगढ़-लोहारू-सीकर और रींगस होकर संचालित होगी। इस रूट में यह ट्रेन महेंद्रगढ़, लोहारू, चिड़ावा, झुंझुनूं, नवलगढ़ और सीकर स्टेशनों पर ठहराव करेगी। आगासोद और बीना स्टेशन पर यार्ड रिमॉडलिंग कार्य के चलते ये ट्रेनें होंगी प्रभावित उत्तर-मध्य रेलवे के आगासोद और पश्चिम-मध्य रेलवे के बीना स्टेशनों के बीच तीसरी लाइन डालने के साथ बीना स्टेशन पर यार्ड रिमॉडलिंग कार्य के लिए ब्लॉक लिया जा रहा है। मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी के अनुसार- इस कार्य के चलते निम्न ट्रेनें प्रभावित रहेंगी। इन ट्रेनों का रूट बदला अहमदाबाद के स्थान पर साबरमती स्टेशन पर ठहराव की अवधि में विस्तार रेलवे द्वारा अहमदाबाद स्टेशन पर रेल भूमि विकास प्राधिकरण से संबंधित कार्य किया जा रहा है। इसके चलते इन ट्रेनों का अहमदाबाद के स्थान पर साबरमती स्टेशन पर ठहराव की अवधि में विस्तार किया जा रहा है।
नागौर कृषि उपज मंडी में मंगलवार को जिंसों के भाव में मिला-जुला रुख रहा। पिछले दिन के मुकाबले मसाला और कुछ अन्य जिंसों में अच्छी तेजी देखने को मिली, जबकि मूंग के अधिकतम भाव में गिरावट आई। नागौर मंडी में आज सौंफ और इसबगोल सबसे मजबूत जिंसों में रहे। जबकि ग्वार, ज्वार, तारामीरा और सिंधी सुवा में भी तेजी दिखाई दी। जीरा ऊंचे स्तर पर स्थिर रहा। दूसरी ओर मूंग में सबसे उल्लेखनीय गिरावट दर्ज हुई। मंडी में भाव गुणवत्ता, आवक और बोली के आधार पर बदल सकते हैं, इसलिए किसानों को बिक्री से पहले उसी दिन की बोली की पुष्टि करना जरूरी है। सौंफ में सबसे ज्यादा तेजी मंडी के आज के औसत भाव में जीरा 18,500 रुपए, सौंफ 10,200 रुपए और इसबगोल 11,000 रुपए प्रति क्विंटल रहा। जीरा आज स्थिर रहा। पिछले दिन इसका अधिकतम भाव 20,300 रुपए था और आज भी अधिकतम भाव 20,300 रुपए ही रहा। हालांकि आज न्यूनतम भाव 16,000 और औसत 18,500 रुपए रहा। यानी जीरे में फिलहाल बड़ी तेजी या गिरावट के बजाय ऊंचे स्तर पर स्थिरता दिखाई दी। सबसे ज्यादा तेजी सौंफ में रही। पिछले दिन अधिकतम भाव करीब 9,800 रुपए प्रति क्विंटल था, जो आज बढ़कर 12,500 रुपए पहुंच गया। यानी अधिकतम भाव में करीब 2,700 रुपए की तेजी आई। आज सौंफ का न्यूनतम भाव 7,000 और औसत भाव 10,200 रुपए रहा। इसबगोल में भी बाजार मजबूत रहा। पिछले दिन अधिकतम भाव 10,800 रुपए के आसपास था, जो आज बढ़कर 12,800 रुपए हो गया। इसमें 2,000 रुपए की तेजी दर्ज हुई। आज इसका औसत भाव 11,000 रुपए और न्यूनतम भाव 9,000 रुपए रहा। ग्वार में सुधार, ज्वार में तेजी ग्वार के भाव में भी सुधार हुआ। पिछले दिन अधिकतम भाव करीब 5,050 रुपए था, जो आज बढ़कर 5,800 रुपए प्रति क्विंटल पहुंच गया। यानी अधिकतम भाव में 750 रुपए की तेजी रही। आज ग्वार का औसत भाव 5,600 रुपए और न्यूनतम भाव 5,400 रुपए रहा। ज्वार और तारामीरा में भी तेजी देखने को मिली। ज्वार का अधिकतम भाव पिछले दिन 3,600 रुपए के आसपास था, जो आज बढ़कर 5,500 रुपए हो गया। यानी करीब 1,900 रुपए की तेजी। तारामीरा में भी अधिकतम भाव 5,000 से बढ़कर 6,200 रुपए पहुंच गया, जबकि आज इसका औसत भाव 6,000 रुपए रहा। दाना मेथी का भाव स्थिर सिंधी सुवा और असालिया भी मजबूत रहे। सिंधी सुवा का अधिकतम भाव 7,000 से बढ़कर 7,800 रुपए और असालिया का 5,800 से बढ़कर 6,000 रुपए हुआ। दाना मेथी का अधिकतम भाव 6,500 रुपए पर स्थिर रहा। आज दाना मेथी का औसत भाव 6,250 रुपए रहा। चना में आज नरमी दिखाई दी। पिछले दिन अधिकतम भाव करीब 5,450 रुपए था, जबकि आज अधिकतम भाव 5,700 रुपए दर्ज हुआ। वहीं आज इसका न्यूनतम भाव 5,400 और औसत भाव 5,500 रुपए रहा। मूंग के भाव में दिखा उल्टा रुख मूंग में उल्टा रुख रहा। पिछले दिन अधिकतम भाव 8,600 रुपए तक पहुंचा था, लेकिन आज मंडी के अधिकतम भाव में यह 7,400 रुपए रह गया। यानी करीब 1,200 रुपए की गिरावट। हालांकि मूंग का आज औसत भाव 6,400 रुपए रहा और अच्छी क्वालिटी की मूंग के भाव में अलग-अलग बोली के अनुसार अंतर बना हुआ है। सरसों में भी तेजी का रुख नहीं रहा। आज सरसों (रायड़ा) का भाव 40 प्रतिशत तेल के आधार पर अधिकतम 7,900 रुपए प्रति क्विंटल रहा। वहीं आज काला तिल अधिकतम 11,000 और सफेद तिल 11,500 रुपए तक बिका।
AAP नेता सत्येंद्र जैन सहित छह गिरफ्तार, कथित दिल्ली जल बोर्ड घोटाले में ACB की कार्रवाई
दिल्ली सरकार की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) ने दिल्ली जल बोर्ड के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट टेंडर में कथित अनियमितताओं और रिश्वतखोरी के मामले में पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन सहित छह लोगों को गिरफ्तार किया है।
इंदौर के प्रेमाश्रय वृद्धाश्रम में बुजुर्गों के साथ मारपीट और दुर्व्यवहार के वायरल वीडियो के बाद हाई कोर्ट की इंदौर बेंच द्वारा लिए गए संज्ञान के मामले में मंगलवार को सुनवाई हुई। पिछली सुनवाई में राज्य सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया था कि प्रेमाश्रय वृद्धाश्रम के सभी बुजुर्गों को विभिन्न सरकारी आश्रय गृहों में स्थानांतरित कर दिया गया है। इस पर कोर्ट ने पूछा कि इन आश्रय गृहों की कुल क्षमता कितनी है और वहां कितने लोगों को रखा जा सकता है। इस पर सरकारी पक्ष तत्काल जानकारी उपलब्ध नहीं करा सका। मामले हाईकोर्ट ने निर्देश दिए थे कि अगली सुनवाई तक इंदौर संभाग के सभी आश्रय गृहों और वृद्धाश्रमों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की जाएं। इसमें यह बताया जाएं कि इंदौर संभाग में कुल कितने वृद्धाश्रम संचालित हैं, प्रत्येक की क्षमता कितनी है और वर्तमान में वहां कितने बुजुर्ग रह रहे हैं? कोर्ट ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DALSA) के सचिव को भी निर्देश दिए थे कि वे उन सभी आश्रय गृहों का निरीक्षण करें, जहां प्रेमाश्रय वृद्धाश्रम के बुजुर्गों को भेजा गया है और वहां की व्यवस्थाओं एवं उनकी वर्तमान स्थिति पर रिपोर्ट प्रस्तुत करें। मंगलवार को जस्टिस सुबोध अभ्यंकर और जस्टिस आलोक अवस्थी की बेंच के समक्ष सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता सोनल गुप्ता ने बताया कि सरकार की ओर से 6 अगस्त को रिपोर्ट पहले ही दाखिल की जा चुकी है। हाईकोर्ट ने इस रिपोर्ट को रिकॉर्ड पर ले लिया। कोर्ट ने अपने 3 अगस्त के आदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि सचिव, DALSA को शेल्टर होम का निरीक्षण कर रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए गए थे। कोर्ट ने एक बार फिर सचिव को निर्देश दिया कि वे दो सप्ताह के भीतर निरीक्षण रिपोर्ट दाखिल करें। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने मामले को दो सप्ताह बाद सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया।
जयपुर हाईकोर्ट ने संविदा आधारित भर्ती–2025 के तहत अस्पताल प्रशासक का एक पद याचिकाकर्ता के लिए रिक्त रखने का आदेश दिया है। साथ ही चिकित्सा विभाग से जवाब तलब किया। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता हितेष बागड़ी ने कोर्ट को बताया कि याचिकाकर्ता का चयन संविदा अस्पताल प्रशासक भर्ती, 2025 मे संविदा अस्पताल प्रशासक के पद पर हुआ था। यह भर्ती राज्य कर्मचारी चयन बोर्ड के द्वारा निकाली गई थी। जो अलग अलग पदो पर भर्ती के लिए राजकीय अस्पतालों के लिए थी। चयनित होने के बाद 24 अतिरिक्त विचारित अभ्यर्थियो जिसमे याचिकाकर्ता का नाम भी शामिल था। दस्तावेज सत्यापन होना था। लेकिन याचिकाकर्ता को किसी प्रकार के ईमेल या एसएमएस द्वारा दस्तावेज सत्यापन के कार्यक्रम के बारे मे जानकारी नहीं दी। न ही किसी अन्य माध्यम से प्रार्थी को दस्तावेज सत्यापन की जानकारी हुई। इसके कारण वह दस्तावेज सत्यापन से वंचित रह गया जो एक मानवीय भूल है, तथा उसके प्रार्थना पत्र का भी विभाग ने कोई जवाब नहीं दिया। इस पर कोर्ट ने संविदा अस्पताल प्रशासन का एक पद रिक्त रखने के आदेश जारी कर चिकित्सा विभाग से जवाब तलब किया।
ब्यावर जिले में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने करीब 4.25 करोड़ रुपए कीमत का 85 किलो 380 ग्राम अफीम का दूध जब्त किया है। कार्रवाई में जैतारण थाना पुलिस भी शामिल रही। ANTF को सूचना मिली थी कि मादक पदार्थ की बड़ी खेप मेवाड़ से जोधपुर ले जाई जा रही है। सूचना पर टीम ने जैतारण थाना पुलिस के साथ हाईवे-25 पर बिन्नावड़ी के पास नाकाबंदी की। इस दौरान संदिग्ध स्कॉर्पियो को रुकने का इशारा किया गया, लेकिन तस्कर ड्राइवर नाकाबंदी तोड़कर भागने लगा। पुलिस ने स्टॉप स्टिक से स्कॉर्पियो का टायर ब्लास्ट किया, इसके बावजूद तस्कर स्कॉर्पियो को खिन्नावड़ी-फुलमाल के कच्चे रास्ते पर ले गया। पुलिस टीम ने पीछा किया तो तस्कर जंगल में गाड़ी छोड़कर फरार हो गया। तलाशी लेने पर स्कॉर्पियो की सीट के नीचे प्लास्टिक के कट्टों में 85 किलो 380 ग्राम अफीम का दूध मिला। वाहन से तीन अलग-अलग नंबरों की छह नंबर प्लेट भी बरामद हुईं। पुलिस ने अफीम का दूध, स्कॉर्पियो और नंबर प्लेट जब्त कर ली हैं। फरार तस्कर की तलाश जारी है।
हिन्दुस्तान जिंक के चंदेरिया लेड जिंक स्मेल्टर में मंगलवार को पायरो प्लांट के प्रोपेन भंडारण क्षेत्र में गैस रिसाव हुआ। गैस रिसाव से दो कर्मचारियों के प्रभावित हुए। चारों तरफ हड़कंप मच गया। जानकारी पर जिंक प्रबंधन की फायर टीम, एम्बुलेंस और रेस्क्यू दल तुरंत मौके पर पहुंच गया। जिला कलेक्टर डॉ. मंजू और पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह को भी सूचना दी गई, जिसके बाद प्रशासन और पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे। कुछ देर तक पूरे परिसर में आपात स्थिति जैसा माहौल बना रहा। लेकिन बाद में पता चला कि यह किसी रियल हादसे की नहीं, बल्कि आपदा से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए आयोजित इमरजेंसी रिस्पॉन्स मॉक ड्रिल थी। इसके बाद सभी ने राहत की सांस ली। सूचना मिलते ही शुरू हुआ रेस्क्यू, जिला प्रशासन को भी किया अलर्ट मॉक ड्रिल के दौरान पायरो यूनिट में प्रोपेन गैस रिसाव की सूचना दी गई। इसके बाद हिन्दुस्तान जिंक की आपदा प्रबंधन टीम ने तुरंत मोर्चा संभाल लिया। जिला कलेक्टर डॉ. मंजू और जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह को घटना और की जा रही कार्रवाई की जानकारी दी गई। साथ ही जरूरत पड़ने की स्थिति को देखते हुए बिरला सीमेंट वर्क्स और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल), जालमपुरा से भी सहायता मांगी गई। गैस रिसाव के बाद संभावित हालात को देखते हुए सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। स्प्रिंकलर सिस्टम, फायर हाइड्रेंट नेटवर्क और अग्निशमन वाहनों की मदद से आग और गैस रिसाव पर नियंत्रण करने की प्रैक्टिस की गई। बाहरी एजेंसियां पूरी तरह सक्रिय होने से पहले ही कम्पनी की टीम ने स्थिति पर नियंत्रण पाने का प्रदर्शन किया। कंट्रोल रूम से निगरानी, कई विभागों ने निभाई जिम्मेदारी पूरे अभियान का संचालन चंदेरिया लेड जिंक स्मेल्टर के लोकेशन हेड एवं साइट इमरजेंसी कंट्रोलर आलोक रंजन और महेश कन्नन ने कंट्रोल रूम से किया। घटनास्थल पर हिन्दुस्तान जिंक के सुरक्षा प्रमुख विजय गोयल, सीएलजेडएस सुरक्षा प्रमुख बालचंद पाटीदार, फायर ऑफिसर विनय और इंसिडेंट कंट्रोलर पुष्पेंद्र मीणा लगातार टीमों को दिशा-निर्देश देते रहे। ड्रिल के दौरान वरिष्ठ निरीक्षक, कारखाना एवं बॉयलर्स विभाग से हिम्मत सिंह भाटी, जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय से सहायक कलेक्टर मुद्रा रहेजा तथा पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह के निर्देश पर गंगरार के उप पुलिस अधीक्षक उदय सिंह चुंडावत भी मौके पर पहुंचे। गंगरार थाने से एएसआई फूलचंद और पुलिस कंट्रोल रूम का जाब्ता भी मौजूद रहा। इसके अलावा गंगरार तहसीलदार रजनी चौधरी, चंदेरिया, गंगरार और चित्तौड़गढ़ पुलिस, श्री सांवलियाजी सामान्य चिकित्सालय की एम्बुलेंस, बिरला सीमेंट की फायर सर्विस, 108 एम्बुलेंस, गंगरार एम्बुलेंस, चित्तौड़गढ़ अग्निशमन सेवा और सिविल डिफेंस टीम ने भी अभ्यास में भाग लिया। अधिकारियों ने बताया सफल अभ्यास, सुरक्षा तैयारी को बताया जरूरी ड्रिल पूरी होने के बाद मौजूद अधिकारियों ने इसे सफल और उपयोगी अभ्यास बताया। उन्होंने कहा कि किसी भी औद्योगिक आपदा के समय सबसे जरूरी बात समय पर प्रतिक्रिया और सभी एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय होता है। ऐसे अभ्यास से कर्मचारियों और प्रशासन की तैयारी मजबूत होती है और वास्तविक आपात स्थिति में नुकसान को कम किया जा सकता है। मॉक ड्रिल के दौरान आईओसीएल के उपप्रबंधक (सुरक्षा) अंकित कुलहारी, हिन्दुस्तान जिंक से राकेश दुर्गावत, सुनील कुमार, संदीप पालीवाल, अजीत सिंह, प्रियजित दास, श्याम गोस्वामी, अश्विनी भट्ट, मुकेश कुमार जैन, आर. पी. सिंह, अविष्कार ओझा, महिपाल सिंह, जी. मलेशम, अमरीश कुमार और देवराज मौजूद रहे। सुरक्षा विभाग से अभिषेक कोठारी, शुभम साहू, उषा शर्मा, भगवती पालीवाल, रेणु श्रिंगी और दीपक पटेल भी पूरे प्रैक्टिस के दौरान एक्टिव रहे।
फतेहाबाद जिले के रतिया शहर में मोबाइल छीनने का एक मामला सामने आया है। महाराजा रेस्टोरेंट के पास बाइक सवार दो युवकों ने राह चलते एक युवक से मोबाइल फोन छीन लिया और फरार हो गए। यह पूरी वारदात पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसके आधार पर पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है। जानकारी के अनुसार, यह घटना सोमवार को हुई थी। पीड़ित युवक गांव रताखेड़ा का रहने वाला बताया जा रहा है। सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि बाइक पर सवार दो युवक एक राह चलते युवक के पास पहुंचते हैं, उसका मोबाइल छीनते हैं और तेजी से भाग निकलते हैं। पुलिस के पास नहीं पहुंची शिकायत इस मामले में अभी तक पुलिस के पास कोई लिखित शिकायत नहीं पहुंची है। रतिया सिटी थाना प्रभारी अशोक कुमार ने बताया कि पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान करने और उन्हें पकड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि वे इस वारदात से जुड़े सभी पहलुओं की गहनता से जांच कर रहे हैं।
सिद्धार्थनगर के उसका बाजार थाना क्षेत्र में करीब नौ साल पुराने नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में विशेष पॉक्सो कोर्ट ने मंगलवार को फैसला सुनाया। अदालत ने आरोपी बलराम साहनी पुत्र फौजदार साहनी को दोषी करार देते हुए दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के तहत 8 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा अन्य धाराओं में भी सजा और कुल 45 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया। मां के साथ शौच के लिए गई थी किशोरी मामला 21 मई 2017 की शाम करीब 8 बजे का है। रीवांकार गांव निवासी करीब 16 वर्षीय किशोरी अपनी मां के साथ गांव के उत्तर दिशा में सड़क किनारे शौच के लिए गई थी। आरोप है कि मां से अलग होते ही वहां पहले से मौजूद बलराम साहनी और एक अन्य व्यक्ति ने किशोरी को पकड़ लिया। इसके बाद उसे जबरन मोटरसाइकिल पर बैठाकर ले जाने लगे। किशोरी के शोर मचाने पर परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक आरोपी उसे लेकर उत्तर दिशा की ओर फरार हो चुके थे। शिकायत के बाद घर उजाड़ने की धमकी का आरोप घटना के बाद परिजनों ने पुलिस से शिकायत कर किशोरी की बरामदगी और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। आरोप है कि विरोध करने पर किशोरी को धमकी भी दी गई थी। परिजनों ने आरोपी पक्ष के लोगों पर घर पहुंचकर गाली-गलौज करने और शिकायत करने पर घर उजाड़ने की धमकी देने का भी आरोप लगाया था। परिजनों ने 25 मई 2017 को थाना प्रभारी को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद 29 मई को दोपहर 2:10 बजे उसका बाजार थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। मामले में किशोरी को जबरन ले जाने, दुष्कर्म और धमकी समेत संबंधित धाराओं में कार्रवाई शुरू हुई। घटना का स्थान रीवांकार गांव बताया गया, जो उसका बाजार थाना मुख्यालय से करीब आठ किलोमीटर पश्चिम दिशा में है। विवेचना के बाद पहुंचा न्यायालय मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। विवेचना की जिम्मेदारी तत्कालीन उप पुलिस अधीक्षक विश्वजीत सौर्यान को दी गई। जांच पूरी होने के बाद आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया, जहां विशेष पॉक्सो कोर्ट में मामले की सुनवाई हुई। दुष्कर्म में 8 साल की सजा, कुल 45 हजार जुर्माना विशेष पॉक्सो न्यायाधीश वीरेंद्र कुमार ने 18 अगस्त 2026 को बलराम साहनी को दोषी ठहराया। उसे 8 साल की सजा और 45 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। करीब नौ साल बाद आया फैसला मामले में जिला मॉनिटरिंग सेल, अभियोजक पवन कुमार कर पाठक और उसका बाजार थाने के न्यायालय पैरोकार हेड कांस्टेबल श्रीनिवास की पैरवी का योगदान रहा। 21 मई 2017 की घटना के करीब नौ साल बाद 18 अगस्त 2026 को अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।
दिल्ली सरकार ने बुधवार को 200 नई इलेक्ट्रिक बसें सड़कों पर उतारीं, जिनमें महिलाओं और छात्राओं के लिए 56 विशेष बस सेवाएं शामिल हैं। इन बसों से सार्वजनिक परिवहन मजबूत होगा और दिल्ली-करनाल रूट पर भी नई एसी इलेक्ट्रिक बस सेवा शुरू होगी।
बालाघाट जिले के लांजी आबकारी वृत्त के ग्राम कोचेवाही में आबकारी विभाग ने एक घर से भारी मात्रा में अवैध देसी और विदेशी शराब जब्त की है। मंगलवार को की गई इस कार्रवाई में कुल 118.6 लीटर शराब बरामद हुई, जिसकी अनुमानित कीमत 50 हजार रुपए बताई जा रही है। मामले में एक आरोपी निखिलेश गेडाम को गिरफ्तार किया गया है। सूचना मिलने पर आबकारी विभाग की टीम ने कोचेवाही स्थित एक घर पर छापा मारा। टीम को वहां अलग-अलग दराजों में देसी और विदेशी शराब मिली। इसके अलावा, फ्रीजर में ठंडी बीयर और शराब की पेटियां भी रखी हुई थीं। यह घर अवैध शराब दुकान के रूप में संचालित किया जा रहा था। कार्रवाई के दौरान सामने आए एक वीडियो में घर और दुकान पर अलग-अलग व्यक्ति दिखाई दे रहे थे। हालांकि, आबकारी पुलिस ने इस मामले में निखिलेश गेडाम को मुख्य आरोपी बनाया है। वीडियो में कार्रवाई करने वाली टीम के सदस्यों की आवाज भी सुनाई दे रही है, जिसमें वे किसी दूसरी जगह का जिक्र कर रहे हैं। घर में अवैध रूप से रखी थी शराब आबकारी उपनिरीक्षक कौस्तुब नेताम ने बताया कि कोचेवाही के एक घर से अवैध रूप से रखी गई देसी-विदेशी शराब बरामद की गई है। उन्होंने पुष्टि की कि निखिलेश गेडाम को गिरफ्तार कर लिया गया है और आगे की कार्रवाई जारी है। विभाग शराब के स्रोत और उससे जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रहा है। इस कार्रवाई में आबकारी उपनिरीक्षक कौस्तुब नेताम के साथ आरक्षक राहुल महोबिया और आरक्षक कपिल टांडेकर शामिल थे। आबकारी विभाग ने अवैध शराब के निर्माण, परिवहन और बिक्री के विरुद्ध अपने अभियान के तहत भविष्य में भी ऐसी कार्रवाई जारी रखने की बात कही है।
रानीतालाब मोहल्ले में खाद्य विभाग की टीम ने नकली मिठाई बनाने की फैक्ट्री पर छापा मारा। टीम ने यहां से करीब 2 क्विंटल मिठाई जब्त की है। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि मावा की जगह मैदे का इस्तेमाल कर अलग-अलग तरह की मिठाइयां तैयार की जा रही थीं। तैयार मिठाई शहर की अलग-अलग दुकानों में सप्लाई किए जाने की जानकारी सामने आई है। देखें कार्रवाई की तस्वीरें… गंदगी के बीच तैयार हो रही थी मिठाई खाद्य विभाग की टीम जब फैक्ट्री पहुंची तो वहां कई तरह की मिठाइयां तैयार होती मिलीं। परिसर में साफ-सफाई की स्थिति खराब थी। खाद्य सामग्री तैयार करने और रखने वाली जगह पर भी गंदगी मिली। फैक्ट्री के पास कई भैंसें बंधी थीं। वहां भैंसों की धुलाई भी की जा रही थी। इसी जगह के पास मिठाई तैयार किए जाने से खाद्य सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। मावा की जगह मैदे का इस्तेमाल प्रारंभिक जांच में पता चला कि फैक्ट्री में मावा की जगह मैदे से मिठाई तैयार की जा रही थी। तैयार मिठाई को शहर की अलग-अलग मिठाई दुकानों में सप्लाई किया जाता था। बताया जा रहा है कि फैक्ट्री चलाने वाले लोग झारखंड से आकर यहां मिठाई बनाने का कारोबार कर रहे थे। खाद्य विभाग अब फैक्ट्री से जुड़े लोगों और मिठाई की सप्लाई के बारे में जानकारी जुटा रहा है। घरेलू गैस सिलेंडर का भी इस्तेमाल खाद्य अधिकारी अमरीश दुबे ने बताया कि कार्रवाई के दौरान करीब 2 क्विंटल मिठाई जब्त की गई है। यहां मावा की जगह मैदे से मिठाई तैयार किए जाने की जानकारी मिली है। परिसर में साफ-सफाई खराब थी और घरेलू गैस सिलेंडर का इस्तेमाल किया जा रहा था। टीम ने मिठाइयों के नमूने भी लिए हैं। इन्हें जांच के लिए भेजा जाएगा। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल खाद्य विभाग फैक्ट्री से जुड़े दस्तावेज, मिठाई की सप्लाई और संचालकों की जानकारी जुटा रहा है। अधिकारियों के अनुसार जांच के बाद मिठाई में इस्तेमाल की गई सामग्री के बारे में स्थिति स्पष्ट होगी।
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए SAGA ग्रुप से जुड़े ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया है। ED के हेडक्वार्टर यूनिट नई दिल्ली ने मुंबई और भोपाल में समीर अग्रवाल तथा उनके सहयोगियों से जुड़े कई आवासीय और कमर्शियल कैम्पर पर छापेमारी की है। छापेमारी के दौरान ED ने बड़ी मात्रा में आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए। इनमें ₹30 करोड़ से अधिक मूल्य के लिस्टेड शेयर और सिक्योरिटीज, म्यूचुअल फंड, LIC पॉलिसियां, बैंक खातों में मौजूद रकम तथा 9 हाई-एंड वाहन शामिल हैं। इस कंपनी ने निवेशकों को 3 से 5 साल में रकम दोगुनी या तिगुनी होने तथा कार जैसे उपहार देने का भरोसा देकर झांसा दिया था। संपत्तियों को किया फ्रीज इसके अलावा ED ने 13 से 16 अगस्त 2026 के बीच की गई सर्चिंग के दौरान ₹1.53 करोड़ नकद, करीब ₹35 लाख की विदेशी मुद्रा तथा ₹5.25 करोड़ मूल्य के सोने के आभूषण और चांदी की बुलियन भी जब्त की है। इसके अलावा अपराध से जुटाई गई कई संपत्तियों को फ्रीज किया गया। ईडी के अनुसार यह मामला लोनी अर्बन मल्टी स्टेट क्रेडिट एंड थ्रिप्ट को-ऑपरेटिव सोसाइटी (LUCC) और उससे जुड़ी अन्य सहकारी समितियों के माध्यम से SAGA ग्रुप पोंजी घोटाले से संबंधित है। ED के अनुसार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और अन्य राज्यों में पुलिस द्वारा LUCC और उससे जुड़ी सहकारी समितियों के खिलाफ दर्ज कई FIR के आधार पर जांच शुरू की गई थी। ₹10 हजार करोड़ से अधिक की संपत्ति जुटाने का आरोप जांच के दौरान यह पाया है कि वर्ष 2009 से SAGA ग्रुप द्वारा संचालित रिकरिंग डिपॉजिट, फिक्स्ड डिपॉजिट और मंथली इनकम जैसी योजनाओं में लोगों को निवेश के लिए कथित तौर पर आकर्षित किया गया। निवेशकों को 3 से 5 साल में रकम दोगुनी या तिगुनी होने तथा कार जैसे उपहार देने का भरोसा दिया गया। ED के अनुसार इन वादों के पीछे वास्तविक कारोबार का पर्याप्त आधार नहीं था और कथित तौर पर फर्जी बैंकिंग इंफ्रास्ट्रक्चर तथा अवास्तविक रिटर्न के वादों के जरिए जनता से ₹10,000 करोड़ से अधिक की रकम जुटाई गई। निवेश की रकम कथित तौर पर दूसरी जगह भेजी गई जांच एजेंसी के मुताबिक शुरुआत में कुछ निवेशकों को भुगतान किया गया, लेकिन निवेश की अधिकांश रकम को कथित तौर पर समीर अग्रवाल और उनके सहयोगियों ने निजी लाभ तथा एजेंटों और सहयोगियों को मार्केट कमीशन के रूप में इस्तेमाल किया। ईडी का कहना है कि जनता से मुख्य रूप से नकद में रकम जुटाई जाती थी। इसके बाद इसे क्षेत्रीय कैश-चेस्ट के जरिए आगे भेजा जाता था। इस धन का इस्तेमाल भारत और विदेशों में चल-अचल संपत्तियों में निवेश के लिए किया गया। 50 से अधिक शेल कंपनियों का नेटवर्क तलाशी के दौरान हुई जांच में ED को कथित तौर पर 50 से अधिक शेल कंपनियों का एक नेटवर्क मिला है। इन कंपनियों को उसके द्वारा चिन्हित ऑपरेटरों के नियंत्रण में संचालित किया जा रहा था और धन को शेल कंपनियों तथा हवाला चैनलों के माध्यम से इधर-उधर किए जाने के संकेत मिले हैं। SAGA ग्रुप के प्रमुख पर भी कार्रवाई ED के अनुसार समीर अग्रवाल SAGA ग्रुप का सीएमडी और प्रमुख नियंत्रक बताया गया है। जांच एजेंसी का कहना है कि वह देश छोड़ चुका है और फरार है। इस मामले में ED पहले ही दो अलग-अलग Provisional Attachment Orders के तहत संपत्तियों की अस्थायी कुर्की की कार्रवाई कर चुका है। वहीं, ग्रुप के एक प्रमुख कार्यकारी रवि शंकर तिवारी को 14 जुलाई 2026 को PMLA के तहत गिरफ्तार किया गया था। ED ने इस मामले में 24 जुलाई 2026 को विशेष अदालत के समक्ष Prosecution Complaint भी दाखिल की है।
ब्राह्मण वोट के लिए क्या है अखिलेश का 'PDA' दांव? 2027 से पहले UP में नई सियासी चाल
लखनऊ में छोटे लोहिया जनेश्वर मिश्र की जयंती पर आयोजित ब्राह्मण सम्मेलन में अखिलेश ने एक नया शिगूफा छोड़ दिया। उन्होंने कहा कि उनके 'PDA' में 'PD' का मतलब अब 'पंडित' और 'पीड़ित' भी है।
राजेवाल के आरोपों पर पंढेर का पलटवार:कहा- सबूत हैं तो सार्वजनिक बहस के लिए सामने आएं
पंजाब के किसान संगठनों के बीच चल रहा विवाद अब खुलकर सामने आ गया है। भारतीय किसान यूनियन के नेता बलबीर सिंह राजेवाल द्वारा किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के नेता सरवन सिंह पंढेर पर लगाए गए आरोपों पर कमेटी ने कड़ा पलटवार किया है। कमेटी ने राजेवाल की बयानबाजी को तथ्यहीन बताते हुए उन्हें सार्वजनिक बहस की चुनौती दी है। किसान मजदूर संघर्ष कमेटी ने मंगलवार को एक बयान जारी कर कहा कि पिछले लगभग पांच वर्षों से उनके संगठन के खिलाफ अधूरी जानकारी या किसी एजेंडे के तहत बयानबाजी की जा रही है। इससे किसान संगठनों की एकता प्रभावित हो रही है और संगठन की छवि को भी नुकसान पहुंच रहा है। कमेटी ने राजेवाल से ऐसी बयानबाजी से बचने और किसान-मजदूर संघर्ष की एकता को कमजोर न करने की अपील की। कमेटी ने राजेवाल के उस दावे को सिरे से खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के कार्यकर्ता 2020 के किसान आंदोलन के दौरान लगभग 20 दिन बाद सिंघू बॉर्डर पहुंचे थे। कमेटी के नेताओं ने दावा किया कि उनके संगठन के ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के काफिले 27 नवंबर 2020 को अमृतसर से दिल्ली के लिए रवाना हुए थे और 29 नवंबर को सिंघू बॉर्डर पहुंच गए थे। इसके समर्थन में उन्होंने उस समय की अखबारों की खबरों, सुर्खियों और वीडियो फुटेज का हवाला दिया। उन्होंने 29 नवंबर 2020 को दिल्ली के अलीपुर थाने में दर्ज एफआईआर नंबर 813 का भी जिक्र किया। कमेटी ने यह भी कहा कि वे बीकेयू एकता उगराहां के अध्यक्ष जोगिंदर सिंह उगराहां की 29 नवंबर को सिंघू बॉर्डर पर किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के मंच पर पहुंचने की तस्वीर और वीडियो क्लिप भी जारी करेंगे। राजेवाल द्वारा किसान मजदूर संघर्ष कमेटी पर सरकार के साथ मिलीभगत कर 'बत्तियां वाले चौक' पहुंचने के आरोप पर भी कमेटी ने जवाब दिया। नेताओं ने कहा कि यदि राजेवाल के पास इस संबंध में कोई ठोस सबूत है तो वह उसे सार्वजनिक करें। कमेटी ने दोहराया कि वह हर तथ्य की जांच और सार्वजनिक चर्चा के लिए तैयार है। 26 जनवरी की घटना पर भी दी सफाई 26 जनवरी 2021 की घटनाओं को लेकर कमेटी ने कहा कि इस मामले में भी तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है। नेताओं के मुताबिक, संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से कार्यक्रम में लगातार बदलाव के बाद रिंग रोड पर जाने की जो कॉल दी गई थी, उसी के अनुसार संगठन ने कार्रवाई की थी। कमेटी ने कहा कि इस मामले को बार-बार अलग रूप में पेश कर लोगों को गुमराह करना बंद किया जाना चाहिए। ‘मोगा रैली के एकता प्रस्ताव’ का दिया हवाला किसान मजदूर संघर्ष कमेटी ने मोगा रैली के दौरान संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा पारित एकता प्रस्ताव का भी हवाला दिया। नेताओं ने कहा कि प्रस्ताव में स्पष्ट था कि एकता बनाए रखने के लिए कोई भी पक्ष सार्वजनिक तौर पर पिछली घटनाओं को लेकर दूसरे संगठन के खिलाफ टिप्पणी नहीं करेगा। कमेटी का आरोप है कि राजेवाल लगातार इस भावना के विपरीत बयान दे रहे हैं। नेताओं ने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा को भी इस मामले का संज्ञान लेना चाहिए। दो साल पहले बातचीत की कोशिश का दावा कमेटी ने कहा कि करीब दो साल पहले भी राजेवाल तक तथ्य पहुंचाने और इन मुद्दों पर बातचीत करने का प्रयास किया गया था, लेकिन उस समय भी उन्होंने बातचीत के लिए सहमति नहीं दी। इसके बावजूद सार्वजनिक मंचों से संगठन के खिलाफ बयानबाजी जारी रही। नेताओं ने आरोप लगाया कि अंदरूनी बैठकों में एकता को नुकसान पहुंचाने वाली बयानबाजी से बचने की बात की जाती है, लेकिन सार्वजनिक मंचों पर इसके विपरीत बयान दिए जाते हैं। ऐसी दोहरी नीति किसान आंदोलन के लिए नुकसानदायक है। अब चुप नहीं रहेगा संगठन किसान मजदूर संघर्ष कमेटी ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में किसान-मजदूर एकता और संघर्ष के बड़े हित में संगठन ने सार्वजनिक रूप से हर आरोप का जवाब देने से जानबूझकर परहेज किया। लेकिन यदि इसी तरह की बयानबाजी जारी रही तो संगठन तथ्यों और सबूतों के साथ अपना पक्ष और मजबूती से सार्वजनिक करने के लिए मजबूर होगा। राजेवाल को खुली बहस की चुनौती कमेटी ने अंत में बलबीर सिंह राजेवाल को मीडिया की मौजूदगी में आमने-सामने बैठकर सभी मुद्दों पर खुली चर्चा करने का न्योता दिया। नेताओं ने कहा कि यदि राजेवाल अपने आरोपों पर कायम हैं तो वह सार्वजनिक बहस के लिए सामने आएं और दोनों पक्ष अपने-अपने सबूत जनता के सामने रखें। कमेटी ने कहा कि किसान संगठनों की एकता पंजाब और देश के हित में जरूरी है। इस एकता को कमजोर करने वाली हर बयानबाजी और कोशिश का तथ्यों के साथ जवाब दिया जाएगा।
कोरबा में एसईसीएल की मानिकपुर विस्तार परियोजनाओं को लेकर प्रभावित ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। 21 अगस्त को प्रस्तावित पर्यावरणीय जनसुनवाई के विरोध में दादर खुर्द वार्ड क्रमांक 34 के ग्रामीणों और भू-विस्थापित संगठन ने घर-घर जाकर लोगों से जनसुनवाई में शामिल नहीं होने की अपील की है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक वर्षों से लंबित पुनर्वास, मुआवजा और रोजगार से जुड़े मामलों का समाधान नहीं होता, तब तक वे परियोजना विस्तार का विरोध जारी रखेंगे। 1964 में हुआ था जमीन का अधिग्रहण प्रभावित ग्रामीणों के मुताबिक, उनकी जमीन का अधिग्रहण 1964 में बेहद कम मुआवजे पर किया गया था। छह दशक से अधिक समय बीतने के बावजूद कई परिवार आज भी पुनर्वास, उचित मुआवजा और रोजगार के लिए संघर्ष कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ परिवारों की जमीन पर खदान शुरू हो चुकी है, जबकि शेष जमीन का अधिग्रहण करीब 6.50 लाख रुपए प्रति एकड़ की दर से किए जाने की तैयारी है। आठ गांवों के ग्रामीणों से मिले जय सिंह अग्रवाल पूर्व मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता जय सिंह अग्रवाल ने मंगलवार को मानिकपुर परियोजना से प्रभावित आठ गांवों के ग्रामीणों से मुलाकात की। ग्रामीणों ने उन्हें अपनी समस्याओं से अवगत कराया। अग्रवाल ने कहा कि जिस जमीन पर लोगों की पीढ़ियां गुजर गईं, उस जमीन से जुड़े परिवार आज भी अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। पुराने मामलों का समाधान किए बिना खदान विस्तार की जनसुनवाई करना प्रभावित परिवारों के साथ अन्याय है। उन्होंने एसईसीएल के सीएमडी हरीश दुहन को पत्र लिखकर 21 अगस्त की जनसुनवाई स्थगित करने और पहले प्रभावित ग्रामीणों के साथ बातचीत कर समस्याओं का समाधान करने की मांग की है। 500 विस्थापितों को निजी कंपनियों में रोजगार पर सहमति इधर, पार्षदों और बीएमएस यूनियन के प्रतिनिधियों ने मानिकपुर के महाप्रबंधक सुशील गर्ग से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने मांग रखी कि मानिकपुर क्षेत्र में आने वाली निजी कंपनियों में सबसे पहले भूमि विस्थापितों को रोजगार दिया जाए। चर्चा के दौरान करीब 500 भूमि विस्थापितों को निजी कंपनियों में नौकरी देने और उन्हें ठेकेदारी में प्राथमिकता देने पर सहमति बनी। प्रतिनिधिमंडल ने क्षेत्र की खराब सड़कों, पुल-पुलियों की मरम्मत और बढ़ते प्रदूषण पर नियंत्रण की मांग भी रखी। ग्रामीण बोले- विकास का विरोध नहीं, अन्याय का विरोध पूर्व मंत्री जय सिंह अग्रवाल ने कहा कि वे विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन विकास की कीमत प्रभावित परिवारों के साथ अन्याय करके नहीं चुकाई जा सकती। ग्रामीणों का कहना है कि पहले उनके वर्षों पुराने पुनर्वास, मुआवजा और रोजगार के मामलों का निराकरण किया जाए, इसके बाद ही परियोजना विस्तार को लेकर आगे की प्रक्रिया की जाए।
नूंह जिले के पिनगवां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में फरीदाबाद एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने मंगलवार शाम रिश्वतखोरी के आरोप में एक डॉक्टर और एक हेल्थ वर्कर को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान AMO डॉ. वीरपाल और मल्टीपर्पज हेल्थ वर्कर मोनू शर्मा के रूप में हुई है। यह मामला पिनगवां थाने में दर्ज एक मुकदमे से संबंधित है। ACB अधिकारियों के अनुसार, पलवल जिले के होडल तहसील के एक गांव निवासी शिकायतकर्ता ने ब्यूरो को बताया था कि उसके बेटे के खिलाफ पिनगवां थाने में एक केस दर्ज है। इसी मामले में उसके बेटे के पक्ष में मेडिकल ओपिनियन देने और समझौता कराने के लिए साढ़े तीन लाख रुपए की रिश्वत मांगी गई थी। पहले लिए थे 15 हजार रुपए शिकायतकर्ता के अनुसार, साढ़े तीन लाख रुपए में सौदा तय हुआ था। आरोप है कि रिश्वत की यह रकम पहले भी करीब 15 हजार रुपए ऑनलाइन और कुछ नकद के रूप में ली जा चुकी थी। इसके बाद शिकायतकर्ता ने एंटी करप्शन ब्यूरो से संपर्क किया। शिकायत का सत्यापन करने के बाद फरीदाबाद ACB ने मंगलवार शाम पिनगवां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जाल बिछाया। आरोप है कि तय रकम की किश्त के रूप में ढाई लाख रुपए लिए जा रहे थे, तभी ACB टीम ने मोनू शर्मा को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। इस मामले में डॉक्टर वीरपाल को भी गिरफ्तार किया गया है। दोनों आरोपियों से की जा रही पूछताछ ACB अधिकारियों ने बताया कि मोनू शर्मा की भूमिका रिश्वत की रकम लेने में सामने आई है। ब्यूरो अब दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रहा है ताकि यह पता चल सके कि इस मामले में कोई और व्यक्ति शामिल है या नहीं। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ होगी।
मेवाड़ के कृष्णधाम श्री सांवलियाजी मंदिर में श्रद्धालुओं की आस्था एक बार फिर करोड़ों रुपए की दानराशि के रूप में सामने आ रही है। श्रावण मास कृष्ण पक्ष चतुर्दशी पर 11 अगस्त को खोली गई भंडार दानपेटी की काउंटिंग अब अपने अंतिम दौर तक पहुंच गई है। मंगलवार को हुए पांचवें राउंड में 73 लाख 32 हजार रुपए की गिनती हुई। इसके साथ ही अब तक पांच राउंड में कुल 27 करोड़ 64 लाख 42 हजार 100 रुपए की दानराशि सामने आ चुकी है। मंदिर प्रशासन के अनुसार दानपेटी में अभी कुछ राशि की काउंटिंग बाकी है, जिसे बुधवार 19 अगस्त को छठे राउंड में पूरा किया जाएगा। हर राउंड में करोड़ों की दानराशि श्री सांवलिया जी के भंडार दानपेटी की काउंटिंग एक ही दिन में पूरी नहीं होती। बड़ी मात्रा में दानराशि होने के कारण इसे अलग-अलग राउंड में गिना जा रहा है। बीच में अमावस्या, स्वतंत्रता दिवस और रविवार की छुट्टी के कारण काउंटिंग भी रोकनी पड़ी। इसके बावजूद हर राउंड में बड़ी रकम सामने आती रही। पहले तीन राउंड में ही 24 करोड़ रुपए से ज्यादा की गिनती हो गई थी। चौथे राउंड में 2 करोड़ 11 लाख रुपए मिले, जबकि पांचवें राउंड में 73 लाख 32 हजार रुपए निकले। अब अगला राउंड बुधवार को होगा। अब तक किस दिन कितनी हुई काउंटिंग - अब तक कुल: पांच राउंड में 27 करोड़ 64 लाख 42 हजार 100 रुपए की दानराशि गिनी जा चुकी है। अब आखिरी राउंड पर टिकी सबकी नजर मंदिर प्रशासन ने बताया कि दानपेटी में बची हुई राशि की काउंटिंग 19 अगस्त को छठे राउंड में की जाएगी। इसके बाद पूरी प्रक्रिया समाप्त होने पर कुल दानराशि का अंतिम आंकड़ा सार्वजनिक किया जाएगा। इसके अलावा ऑनलाइन और चेक के माध्यम से मिली राशि की भी गिनती होगी। सोने चांदी का तौल भी होगा।
बिजनौर में 7 अगस्त को करोड़ों की संपत्ति के मालिक की हत्या का पुलिस ने खुलासा किया। अनिल हत्याकांड के आरोप में 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच के दौरान एक अधिवक्ता का नाम भी हत्या की साजिश में सामने आया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान निशा उर्फ अंजुम परवीन, अलीमुद्दीन, सुभाष और हीना के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके कब्जे से 28,240 रुपए नकद और हत्या में इस्तेमाल किया गया काला नाड़ा बरामद करने का दावा किया है। मामला शहर कोतवाली क्षेत्र का है। जमीन विवाद से जुड़ी बताई जा रही साजिश पुलिस के मुताबिक, 7 अगस्त को अनिल सोती के भांजे आलोक शर्मा ने शहर कोतवाली में गौरव सोती, प्रॉपर्टी डीलर शैलेंद्र खन्ना, सुनील खन्ना और नावेद समेत अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। जांच के दौरान निशा उर्फ अंजुम, अलीमुद्दीन, सुभाष, हीना और अधिवक्ता राजनारायण के नाम सामने आए। इसके बाद मुकदमे में साजिश से संबंधित धाराएं बढ़ाई गईं। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार निशा ने पूछताछ में बताया कि वह करीब एक साल से अधिवक्ता राजनारायण के यहां क्लर्क के तौर पर काम कर रही थी। पुलिस का कहना है कि अधिवक्ता के मुवक्किल गौरव सोती की जमीन, अनिल सोती की जमीन से लगी हुई थी। अनिल सोती की कोई संतान नहीं थी और दोनों पक्षों के बीच जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। पुलिस के मुताबिक, भूमि विवाद का समाधान नहीं होने से गौरव सोती अधिवक्ता से नाराज था। पुलिस का दावा है कि मुवक्किल को खोने के डर से अधिवक्ता ने पहले अनिल सोती को झूठे मुकदमे में फंसाने की योजना बनाई। योजना सफल नहीं होने पर कथित तौर पर हत्या की साजिश रची गई। 10 लाख रुपए में हत्या की सुपारी देने का आरोप पुलिस के अनुसार, पूछताछ में निशा ने बताया कि अधिवक्ता ने उसे अनिल सोती की हत्या के लिए 10 लाख रुपये देने का प्रस्ताव दिया था और कथित तौर पर 80 हजार रुपये पेशगी दिए गए। इसके बाद निशा ने अपने भाई अलीमुद्दीन, बहन हीना और परिचित सुभाष को पैसे का लालच देकर कथित साजिश में शामिल कर लिया। रेकी के बाद घर में घुसकर हत्या का दावा पुलिस के मुताबिक, 1 अगस्त को अलीमुद्दीन ने अनिल सोती के घर की रेकी की। इसके बाद 6 अगस्त को निशा, अलीमुद्दीन और हीना टैक्सी से दिल्ली से बिजनौर पहुंचे और सुभाष को भी बुलाया गया। पुलिस का दावा है कि अलीमुद्दीन, हीना और सुभाष बाहर निगरानी कर रहे थे, जबकि निशा अनिल सोती की कोठी के अंदर गई। आरोप है कि वहां काले नाड़े से गला घोंटकर अनिल सोती की हत्या कर दी गई। वारदात के बाद चारों आरोपी नूरपुर पहुंचे और वहां से टैक्सी के जरिए दिल्ली चले गए। मुकदमा दर्ज होने की जानकारी मिलने के बाद अधिवक्ता से मिलने के लिए दोबारा बिजनौर आने पर पुलिस ने चारों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने मामले में नामजद गौरव सोती समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ भी साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई जारी रखने की बात कही है। पुलिस के अनुसार, विवेचना में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
झुंझुनूं कलेक्टर डॉ. अरुण गर्ग ने कहा कि आज की सबसे बड़ी जरूरत पर्यावरण को बचाना है। जिला कलेक्टर मंगलवार को जिले की अलीपुर ग्राम पंचायत के सरकारी स्कूल में हरियालो राजस्थान मिशन और वन महोत्सव के तहत हुए पौधारोपण कार्यक्रम में बोल रहे थे। इस दौरान पुलिस महानिदेशक (एटीएस) राजेश सिंह भी मौजूद थे। कार्यक्रम के दौरान स्कूल परिसर और आसपास के इलाके में करीब एक हजार पौधे लगाए गए। इस पहल को 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान से भी जोड़ा गया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने पर्यावरण बचाने का संकल्प लिया। कलेक्टर बोले- पर्यावरण संरक्षण समाज की भी जिम्मेदारी कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला कलेक्टर डॉ. अरुण गर्ग ने कहा- पर्यावरण की रक्षा केवल सरकार या किसी एक विभाग के बस की बात नहीं है, बल्कि इसमें समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है। पौधे लगाने के साथ-साथ उनकी नियमित मॉनिटरिंग और संरक्षण सुनिश्चित किया जाए, तभी ऐसे अभियानों का वास्तविक उद्देश्य सफल होगा। राजेश सिंह बोले-पौधारोपण को कार्यक्रम तक सीमित न रखें कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे पुलिस महानिदेशक (एटीएस) राजेश सिंह ने कहा- पर्यावरण संरक्षण आज के समय की सबसे बड़ी जरूरतों में से एक है। आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ हवा, पानी और बेहतर पर्यावरण उपलब्ध कराना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। पौधारोपण को केवल एक रस्म या कार्यक्रम तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए, बल्कि लगाए गए प्रत्येक पौधे को पेड़ बनने तक उसकी पूरी देखभाल की जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए। बच्चे और ग्रामीण मिलकर अभियान को एक 'जनआंदोलन' का रूप दें और अपने जीवन के हर महत्वपूर्ण अवसर को पौधारोपण से जोड़ें। एक पेड़ आने वाली कई पीढ़ियों के लिए जीवन और पर्यावरण का मजबूत आधार बनता है। कार्यक्रम संयोजक विशंभर पूनिया ने बताया कि अलीपुर क्षेत्र में हरियाली का दायरा बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और रोपे गए पौधों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। ये रहे मौजूद कार्यक्रम में एसपी कावेंद्र सागर, डीएफओ काविया पीबी, चिड़ावा तहसीलदार बलवीर, चिड़ावा विकास अधिकारी अनीषा, डालमिया सेवा संस्थान भूपेंद्र पालीवाल, चिड़ावा सीबीईओ उम्मादत झाझड़िया, स्कूल प्रिंसिपल अशोक शर्मा, बगड़ एसएचओ मुकेश चौधरी, पंचायत प्रशासक अजीत भांबू आदि मौजूद रहे।
कैमूर जिले में जमीन रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल और पेपरलेस होने के बाद निबंधन कार्यालयों की कार्यप्रणाली में बड़ा बदलाव आया है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद 14 दिनों में सिर्फ 10 जमीनों की रजिस्ट्री हुई है। इससे कार्यालयों में लगने वाली भीड़ में भी भारी कमी आई है। कैमूर के मोहनिया और भभुआ स्थित अवर निबंधन कार्यालयों में 3 अगस्त से पेपरलेस व्यवस्था शुरू की गई थी। 17 अगस्त से इसे पूरी तरह अनिवार्य कर दिया गया है। नई व्यवस्था के तहत खरीदार और विक्रेता को स्टांप पेपर समेत अनावश्यक कागजी प्रक्रिया से मुक्ति मिल गई है। ई-निबंधन पोर्टल से तैयार हो रहा डीड जमीन की खरीद-बिक्री के लिए पक्षकारों को सबसे पहले ई-निबंधन पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होता है। इसके बाद सॉफ्टवेयर स्वतः डीड का प्रारूप तैयार करता है। निर्धारित तिथि पर खरीदार और विक्रेता को आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन और अन्य जरूरी औपचारिकताओं के लिए कार्यालय पहुंचना पड़ता है। मोबाइल पर मिलेगी डिजिटल कॉपी रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी होने के बाद डीड की डिजिटल पीडीएफ कॉपी दोनों पक्षों के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर भेज दी जाती है। इससे दस्तावेजों को संभालकर रखने की प्रक्रिया भी आसान हो गई है। बिचौलियों की मनमानी पर लगाम पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होने से निबंधन कार्यालयों में अनावश्यक भीड़ और कागजी प्रक्रिया कम हुई है। साथ ही, डिजिटल व्यवस्था से बिचौलियों की मनमानी पर भी लगाम लगने की उम्मीद है। आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन से रजिस्ट्री प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है।
देवास पुलिस ने मंगलवार को 42 टन शक्कर गायब होने के मामले में तीन आरोपियों को कानपुर से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने 21.9 टन यानी 438 बोरी शक्कर, तीन वाहन, फर्जी नंबर प्लेट और 4 लाख रुपए बरामद किए हैं। मामला 30 जुलाई का है। महाराष्ट्र की एक निजी कपंनी से 840 बोरी शक्कर इंदौर के पाल्दा स्थित गोदाम के लिए भेजी गई थी। इसकी कीमत करीब 18.32 लाख रुपए थी। शक्कर ट्रक से भेजी गई। लेकिन गोदाम तक नहीं पहुंची। इसके बाद ट्रक चालक का मोबाइल भी बंद हो गया। इसकी शिकायत पर औद्योगिक क्षेत्र थाना पुलिस ने केस दर्ज किया। टोल से गुजरने के बाद बदली दी नंबर प्लेट जांच में पता चला कि आरोपी शक्कर लेकर निकले थे फिर ट्रक के टोल से गुजरने के बाद उन्होंने उसकी नंबर प्लेट बदल दी। जांच महाराष्ट्र से मध्य प्रदेश होते हुए उत्तर प्रदेश तक पहुंची। पुलिस ने 12 अगस्त को कानपुर में दबिश देकर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। मुख्य आरोपी की तलाश जारी पुलिस के अनुसार, उपेन्द्र भदौरिया को मामले का मुख्य आरोपी माना जा रहा है। गौरव सिंह, मोहित सिंह और अभय सिंह की भूमिका की भी जांच हो रही है। ये आरोपी फिलहाल फरार हैं और उनकी तलाश की जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों में अनुज सिंह (24), गोविंद औमर (34) और विशाल साहू (19) शामिल हैं।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने अयोध्या में प्रस्तावित एक होटल परियोजना से संबंधित जमीन अधिग्रहण के आवास विकास परिषद के फैसले को रद्द कर दिया है। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि सरकार की निवेश और पर्यटन नीति के तहत किसी परियोजना को मंजूरी मिलने के बाद संबंधित विभागों को अपने ही पूर्व के फैसलों के विपरीत कार्य नहीं करना चाहिए। न्यायमूर्ति आलोक माथुर और न्यायमूर्ति अमिताभ कुमार राय की खंडपीठ ने आवास आयुक्त द्वारा 29 मई 2024 को जारी आदेश को निरस्त किया। पीठ ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वह छह सप्ताह के भीतर इस भूमि को अधिग्रहण से मुक्त करने पर कानून के अनुसार निर्णय ले। यह मामला कुड़ाकेशवपुर उपरहार गांव में स्थित 2530 वर्ग मीटर जमीन से जुड़ा है। अयोध्या विकास प्राधिकरण ने 17 जुलाई 2023 को इस जमीन पर होटल निर्माण के लिए नक्शा मंजूर किया था। हालांकि, इसके बाद आवास विकास परिषद ने 19 अगस्त 2023 को इसी जमीन के अधिग्रहण के लिए अधिसूचना जारी कर दी। न्यायालय ने अपनी सुनवाई में पाया कि होटल का नक्शा मंजूर होने और परियोजना का निर्माण कार्य शुरू होने के बाद अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की गई थी। कोर्ट ने जोर दिया कि सरकारी विभागों को निवेश को बढ़ावा देने वाली नीतियों के तहत किए गए वादों और लिए गए निर्णयों का ईमानदारी से पालन करना चाहिए।
देवरिया जिले के सदर कोतवाली क्षेत्र में मंगलवार शाम छह बजे ई-रिक्शा और बाइक की टक्कर के बाद दो युवकों में विवाद हो गया। यह विवाद जल्द ही चाकूबाजी में बदल गया, जिसमें दोनों ने एक-दूसरे पर हमला कर दिया। दोनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें देवरिया मेडिकल कॉलेज के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। सूचना मिलने पर सदर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और घटना की जांच शुरू की। घटना मंगलवार शाम करीब छह बजे चकियवां ढाला के पास हुई। बरियारपुर थाना क्षेत्र के गंभीरपुर गांव निवासी अभिषेक यादव (20) पुत्र चंद्रभान यादव अपनी बाइक से देवरिया मुख्यालय से घर लौट रहे थे। इसी दौरान रामगुलाम टोला निवासी अमित श्रीवास्तव (18) पुत्र ज्ञान प्रकाश श्रीवास्तव अपने ई-रिक्शा के साथ वहां पहुंचे, और दोनों वाहनों में टक्कर हो गई। टक्कर के बाद अभिषेक और अमित के बीच कहासुनी शुरू हो गई। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर दोनों ने एक-दूसरे पर चाकू से हमला कर दिया। हमले में दोनों युवक गंभीर रूप से घायल होकर मौके पर गिर पड़े। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई, जिसके बाद आसपास के लोगों ने घायलों को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज पहुंचाया। देवरिया मेडिकल कॉलेज के ट्रॉमा सेंटर में दोनों घायलों का उपचार जारी है। सदर कोतवाली पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर दोनों युवकों से घटना के संबंध में जानकारी ली और उनका मेडिकल परीक्षण कराया। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में ई-रिक्शा और बाइक की टक्कर के बाद हुए विवाद के कारण यह घटना सामने आई है। पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है। प्राप्त तहरीर और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पटियाला के SST नगर में मंदिर विवाद के बाद हिंदू संगठनों द्वारा हनुमान चालीसा पाठ की कॉल दिए जाने पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस ने जिला पीस कमेटी के साथ मिलकर दोनों समुदायों के प्रतिनिधियों से बातचीत कर स्थिति को शांत करवाया। यह विवाद मंदिर पर कब्जे को लेकर एक विशेष समुदाय और हिंदू संगठनों के बीच चल रहा है। हिंदू संगठनों ने आज मंदिर में पहुंचकर हनुमान चालीसा का पाठ करने की घोषणा की थी, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई की और स्थिति को संभाला। पटियाला के एसएसपी वरुण शर्मा ने लोगों से अपील की कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखने में सहयोग करें, क्योंकि बातचीत से मसले को सुलझा लिया गया है। स्थिति को देखते हुए SST नगर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया। मौके पर पटियाला के एसएसपी वरुण शर्मा, एसपी सिटी मोहित अग्रवाल के साथ-साथ कई थानों के प्रभारी और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी मौजूद रहे। पुलिस ने किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। इलाके में लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि स्थिति बिगड़ने न पाए और शांति बनी रहे।
वकीलों के मुंशियों के लिए कल्याण कोष बने:लखनऊ हाईकोर्ट ने सरकार को नई कमेटी बनाने का निर्देश दिया
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने अधिवक्ताओं के मुंशियों के कल्याण का रास्ता साफ कर दिया है। न्यायालय ने राज्य सरकार को अधिवक्ता लिपिकों (मुंशी) की समस्याओं पर विचार के लिए चार सप्ताह के भीतर एक नई कमेटी गठित करने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति आलोक माथुर और न्यायमूर्ति अमिताभ कुमार राय की खंडपीठ ने वर्ष 2017 में सुशील कुमार श्रीवास्तव द्वारा दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए पारित किया। न्यायालय ने जनवरी 2021 में गठित पुरानी कमेटी की सिफारिशों को खारिज कर दिया। न्यायालय ने कहा कि पुरानी कमेटी के अधिकांश सदस्यों को अधिवक्ता लिपिकों के काम और न्यायिक व्यवस्था में उनकी भूमिका की पर्याप्त जानकारी नहीं थी। याचिका में बताया गया था कि मुंशी मुकदमों की फाइलिंग, कोर्ट रजिस्ट्री से समन्वय, प्रमाणित प्रतियां लेने और याचिकाओं की कमियां दूर कराने जैसे महत्वपूर्ण कार्य करते हैं। इन महत्वपूर्ण कार्यों के बावजूद, उन्हें चिकित्सा, पेंशन और सामाजिक सुरक्षा जैसी आवश्यक सुविधाएं नहीं मिलतीं। न्यायालय ने राज्य सरकार के इस तर्क को भी अस्वीकार कर दिया कि कल्याणकारी योजना से वित्तीय बोझ बढ़ेगा। न्यायालय ने सुझाव दिया कि वकालतनामा पर लगने वाले टिकट या स्टांप से निर्धारित राशि कल्याण कोष में जमा की जा सकती है, जिसका उपयोग मुंशियों के हित में किया जाएगा। नई कमेटी में महाधिवक्ता या उनके नामित अनुभवी अपर महाधिवक्ता, इलाहाबाद और लखनऊ पीठ से एक-एक वरिष्ठ अधिवक्ता, तथा बार काउंसिल के चेयरमैन द्वारा नामित सदस्य शामिल होंगे।
खंडवा स्कूल परिसर में घुसकर महिला शिक्षिका से छेड़छाड़ करने, हाथ पकड़ने, शासकीय रिकॉर्ड फाड़ने और जान से मारने की धमकी देने के मामले में कोर्ट ने आरोपी गोलू निहाल को 5 साल की सजा सुनाई है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पुष्पक पाठक ने आरोपी पर 2 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना नहीं भरने पर एक माह की अतिरिक्त जेल की सजा भुगतनी होगी। अदालत ने मामले को गंभीर मानते हुए कहा कि प्राथमिक शाला भवन विद्या का मंदिर है। यहां बच्चे शिक्षा ग्रहण करते हैं। ऐसे स्थान पर महिला शिक्षिका के साथ इस तरह का कृत्य गंभीर अपराध है। दोषी किसी तरह की नरमी का पात्र नहीं है। मामले में शासन की ओर से अतिरिक्त लोक अभियोजक रविंद्र पवार ने पैरवी की। एक महीने से शिक्षिका का पीछा कर रहा था अभियोजन के अनुसार, पीड़ित महिला शिक्षिका ग्राम चिखलीखेड़ा की प्राथमिक शाला में पदस्थ हैं। वह रोज खिरकिया से स्कूल आना-जाना करती थीं। आरोपी गोलू निहाल करीब एक महीने से उनका पीछा कर परेशान कर रहा था। 22 अगस्त 2024 को शिक्षिका ने आरोपी को स्कूल के पास समझाया था। उन्होंने पीछा नहीं करने और परेशान न करने की चेतावनी दी थी। इसके बावजूद आरोपी नहीं माना। स्कूल में घुसकर पकड़ा हाथ 23 अगस्त 2024 की सुबह करीब 10 बजे शिक्षिका स्कूल पहुंचीं। इसी दौरान आरोपी स्कूल परिसर में घुस आया। आरोप है कि उसने बुरी नीयत से शिक्षिका का हाथ पकड़ लिया और उनके साथ अभद्रता की। शिक्षिका ने विरोध करते हुए शोर मचाया तो आरोपी स्कूल के कमरे में चला गया। इसके बाद आरोपी ने वहां रखा सरकारी दाखिल-खारिज रजिस्टर फाड़ दिया। जाते समय उसने शिक्षिका को धमकी दी कि अगर उन्होंने घटना के बारे में किसी को बताया या पुलिस में शिकायत की तो वह उन्हें गांव में नौकरी नहीं करने देगा। आरोपी ने जान से मारने की धमकी भी दी। परिचित के साथ थाने पहुंचीं शिक्षिका घटना के बाद शिक्षिका डर गईं। उन्होंने अपने परिचित के साथ थाना किल्लौद पहुंचकर पुलिस को लिखित शिकायत दी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल से फटा हुआ शासकीय रजिस्टर जब्त किया और पंचनामा बनाया। जांच पूरी होने के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में चालान पेश किया गया। कोर्ट ने कहा- ऐसे दोषी पर नरमी नहीं दिखा सकते सुनवाई के दौरान अभियोजन ने शिक्षिका के बयान सहित अन्य साक्ष्य कोर्ट में पेश किए। अभियोजन ने आरोपी के कृत्य को गंभीर बताते हुए उचित सजा की मांग की। वहीं, बचाव पक्ष ने आरोपी की कम उम्र, आर्थिक स्थिति और परिवार की जिम्मेदारियों का हवाला देकर सजा में नरमी की मांग की। कोर्ट ने यह दलील स्वीकार नहीं की। कोर्ट ने कहा ऐसे दोषी पर नरमी नहीं दिखा सकते। अदालत ने कहा कि सजा का उद्देश्य केवल दोषी को सुधारना नहीं है। गंभीर अपराधों में समाज के सामने उदाहरण पेश करना भी इसका एक उद्देश्य है।
जयपुर में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा- कांग्रेस में नंबर एक बनने की दौड़ अब दो नेताओं के बीच नहीं रही, बल्कि चार लोग इसमें शामिल हो गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा- कांग्रेस नेता प्रदेश में विकास दिखाई नहीं देने की बात कहते हैं, लेकिन उनकी दृष्टि ही ठीक नहीं है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा- आपकी आंखें ठीक नहीं हो सकतीं। मैं आपको चश्मा जरूर लगा सकता हूं, लेकिन आपकी दृष्टि नहीं बदल सकता। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मंगलवार को जयपुर के ओटीएस ग्राउंड में यह कहा। इस दौरान स्वायत्त शासन विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न शहरों को 3 हजार 466 करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं की मुख्यमंत्री ने शुरुआत की। इनमें कुल 1 हजार 421 विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास मुख्यमंत्री ने किया। सड़क, मेट्रो, चिकित्सा और शहरी आधारभूत सुविधाओं से जुड़े कई प्रोजेक्ट शामिल हैं। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश के 7 शहरों के लिए 71 पीएम ई-बसों का शुभारंभ भी किया। जयपुर और भीलवाड़ा की 24 ई-बसों को जयपुर से हरी झंडी दिखाई गई, जबकि अलवर, अजमेर, जोधपुर, कोटा और उदयपुर की 47 ई-बसों का वर्चुअल शुभारंभ किया गया। कहा- कांग्रेस के समय युवाओं के साथ हुआ अन्याय मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा- कांग्रेस सरकार में युवाओं के साथ अन्याय हुआ। पेपर लीक के मामलों ने युवाओं को नुकसान पहुंचाया। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता विधानसभा छोड़कर भाग जाते हैं। अब विकास के मुद्दे पर सवाल उठा रहे हैं। कार्यक्रम में श्रम विभाग की विभिन्न योजनाओं के तहत 1 लाख 32 हजार 421 श्रमिकों और उनके आश्रितों को 154 करोड़ रुपए से अधिक की सहायता राशि डीबीटी से हस्तांतरित की गई। श्रमिकों को डिजिटल गैस डिटेक्टर और फायर रेस्क्यू किट भी बांटे गए। जयपुर नगर निगम के स्वास्थ्य निरीक्षकों को गैस डिटेक्टर और फायरमैन को सुरक्षा व बचाव उपकरण दिए गए। यमुना के पानी को लेकर भी कांग्रेस को घेरा मुख्यमंत्री भजनलाल ने कहा- कांग्रेस सरकार के समय यमुना का पानी राजस्थान लाने के लिए कोई प्रभावी प्रयास नहीं किया गया। उन्होंने कहा- वर्तमान सरकार प्रदेश के हित में लगातार काम कर रही है। राजस्थान के विकास के लिए बड़ी परियोजनाओं को बढ़ाया जा रहा है। वंदे मातरम विवाद पर भी निशाना भजनलाल शर्मा ने कांग्रेस नेताओं पर वंदे मातरम के कथित अपमान को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा- सोनिया गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने वंदे मातरम के साथ किस तरह व्यवहार किया, यह सभी ने देखा है। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया। कांग्रेस की 4800 घोषणाओं का जिक्र मुख्यमंत्री भजनलाल ने कांग्रेस के पिछले शासनकाल की घोषणाओं को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा- कांग्रेस ने अपने शासनकाल में करीब 4,800 घोषणाएं की थीं, लेकिन इनमें से लगभग 1,800 घोषणाएं ही पूरी हो पाई। भजनलाल शर्मा ने कहा- हमारी सरकार जो घोषणाएं कर रही है, उन्हें पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। सरकार की प्राथमिकता सिर्फ घोषणाएं करना नहीं, बल्कि उन्हें जमीन पर उतारकर प्रदेश की जनता तक उनका लाभ पहुंचाना है।

