केंद्रीय मंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की सन्यांस लेने की सलाह पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने पलटवार किया है। हुड्डा ने जवाब देते हुए कहा कि राजनीति से संन्यास लेने की सलाह मनोहर लाल खट्टर खुद को दे रहे हैं। उनके कार्यकाल में हरियाणा का भट्ठा बैठ गया। इतिहास लिखा जाएगा तो यह दर्ज होगा कि विकास में नंबर वन हरियाणा को मनोहर लाल के कार्यकाल में पूरी तरह बर्बाद कर दिया गया। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने वरिष्ठ कांग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा को अब सक्रिय राजनीति से संन्यास ले लेने की खुली सलाह दी है। उन्होंने कहा है कि हुड्डा के रहते कांग्रेस का प्रदेश में वापसी करना असंभव है, और पुरानी पीढ़ी के हटने पर ही पार्टी में नई पीढ़ी को मौका मिलेगा। हुड्डा बोले- घोटालों की सरकार चल रही चंडीगढ़ में प्रेस कान्फ्रेंस के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा है कि देश व प्रेदश में आज अपराध, महंगाई, बेरोजगारी, पेपर लीक और घोटालों की सरकार चल रही है। इन तमाम मुद्दों पर तथ्यों के साथ हुड्डा ने बीजेपी सरकार की कुनीतियों को उजागर किया। इस मौके पर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हुई बढ़ोतरी पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि आम आदमी चौतरफा महंगाई की मार झेल रहा है। जब देश के कई राज्यों में विधानसभा चुनाव चल रहे थे, तो केंद्र सरकार ने रेट में बढ़ोतरी नहीं की। लेकिन अब चुनाव खत्म होते ही दाम बढ़ा दिए गए हैं। भविष्य में और बढ़ोतरी की तैयारी है। पेट्रोल-डीजल की कमी नहीं, तो दाम क्यों बढ़ाए प्रधानमंत्री पेट्रोल-डीजल की बचत के बयान संकेत दे रहे हैं कि भविष्य में और बड़ी बढ़ोतरी हो सकती है। अमेरिका-ईरान तनाव चल रहा है, लेकिन इस बीच सरकार जनता से लगातार कई तथ्य छिपा रही है। उसको सच्चाई बतानी चाहिए। एक तरफ सरकार कहती है कि पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है, तो फिर दाम क्यों बढ़ाए? पिछले 11 साल में केंद्र सरकार ने पेट्रोल-डीजल से लाखों करोड़ रुपये कमाए हैं। प्रधानमंत्री बचत का संदेश देते हैं, लेकिन असम और पश्चिम बंगाल में बीजेपी के नए मुख्यमंत्रियों की ताजपोशी पर कितने जहाज पहुंचे, यह भी जनता को बताना चाहिए।MSP पर मामूली वृद्धि कर रही सरकारएक तरफ महंगाई लगातार बढ़ती जा रही है। वहीं, किसानों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में कोई उल्लेखनीय बढ़ोतरी नहीं हुई। खाद, बीज और डीजल महंगे हो रहे हैं, लेकिन MSP में मामूली वृद्धि की जा रही है। फसल खरीद के मौसम में धान और गेहूं के घोटाले हो रहे हैं। छोटे अधिकारियों को निलंबित या बर्खास्त कर दिया जाता है, लेकिन बड़े लोगों को सरकारी संरक्षण देकर बचा लिया जाता है। बैंक घोटालों में भी बड़े लोगों को बचाया जा रहा है।बीजेपी सरकार द्वारा किसानों को पहले “मेरी फसल मेरा ब्योरा” के नाम पर परेशान किया जाता है। इसके अलावा पटवारी वेरिफिकेशन, फोटो और बायोमेट्रिक कराए जाते हैं। इसके बावजूद MSP नहीं मिलता और घोटाले होते रहते हैं।सरकारी संरक्षण में कट रहीं अवैध कालोनियांहुड्डा ने सरकारी संरक्षण में काटी जा रही अवैध कॉलोनियों का मुद्दा भी उठाया। साथ ही राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के ताजा आंकड़ों का जिक्र करते हुए बताया कि हरियाणा में औसतन रोज 9 लोग आत्महत्या कर रहे हैं। इसका मुख्य कारण युवाओं में बढ़ती बेरोजगारी और सरकार से नाउम्मीदी है।कांग्रेस सरकार के समय हरियाणा निवेश और प्रति व्यक्ति आय में नंबर-एक था, लेकिन बीजेपी शासन में राज्य पीछे चला गया। कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। मात्र 20 हजार रुपये देकर सुपारी किलिंग हो रही है। संगठित अपराध में हरियाणा नंबर एक है।बाहरी लोगों को यहां मिल रही नौकरियांभूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि हरियाणा के उच्च पदों पर बीजेपी द्वारा साजिश के तहत बाहरी राज्यों के लोगों को नौकरियां दी जा रही हैं, जबकि हरियाणा के युवा दूसरे राज्यों में नौकरी ढूंढने को मजबूर हैं। इस सरकार में लगातार पेपर लीक हो रहे हैं और भर्तियां रद्द हो रही हैं, लेकिन सरकार कोई जवाबदेही नहीं ले रही। नीट परीक्षा लीक होना सिस्टम की पूरी नाकामी है।
फतेहाबाद में पुलिस के सामने भिड़े दो पक्ष:पति-पत्नी का चल रहा विवाद; घर के बाहर चले थप्पड़-मुक्के
फतेहाबाद शहर की ग्रीन पार्क कॉलोनी में शनिवार को पति-पत्नी के आपसी विवाद में पुलिस की मौजूदगी में ही मायका और ससुराल पक्ष भिड़ गए। दोनों ने एक-दूसरे पर थप्पड़-मुक्के बरसाए। दोनों पक्षों के तीन लोगों को नीचे गिराकर पीटा गया। इस दौरान एक महिला भी घायल हो गई। घायल महिला को सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। इस घटनाक्रम का वीडियो भी सामने आया है। जिसमें दोनों पक्ष लड़ते हुए नजर आ रहे हैं। इस मामले में मध्यस्तता कर रहे पार्षद निर्मल सिवाच ने बताया कि डायल 112 की टीम भी बुलाई गई। लड़की पड़ोसी के घर की छत से कूदकर नीचे आई और फिर भी मारपीट के आरोप लगाए गए। लड़का और लड़की पक्ष की दस बार पंचायत हो चुकी है। मगर लड़की को बसाने की बजाय मायके पक्ष के लोग मकान मांग रहे हैं। डेढ़ करोड़ रुपए की कोठी लड़की के नाम करवाने की मांग कर रहे हैं जबकि प्रॉपर्टी मां की है। इसलिए यह सारा विवाद बढ़ा हुआ है। इसी चक्कर में आज नौबत मारपीट तक पहुंच गई। जानिए…लड़के ने क्या कहा ग्रीन पार्क कॉलोनी निवासी अजय ने बताया कि उसकी शादी करीब चार साल पहले गांव ढाणी ईस्सर निवासी शर्मिला से हुई थी। पत्नी व ससुरालवालों ने उस पर 8 महीने पहले दहेज मांगने और घरेलू हिंसा के आरोप में केस दर्ज करवा दिए। कोर्ट ने हर महीने गुजारा खर्च देने के आदेश दिए थे। इसके बाद से वह हर महीने सात हजार रुपए खर्च पत्नी को दे रहा है। फिर भी पत्नी व ससुरालपक्ष के लोग हमारे मकान पर कब्जा करना चाहते हैं। मगर मकान मेरी मां के नाम है। मां फिलहाल गांव किशनगढ़ में रह रही है। अजय ने आरोप लगाया कि उसकी पत्नी के चाचा देवतराम और हनुमान ने पहले भी उस पर ईंट से हमला किया था। इन दोनों को बाउंड किया हुआ है कि वे उनकी गली में नहीं आएंगे। फिर भी ये लोग आ गए। उस समय उसकी पत्नी वहां मौजूद नहीं थी। वह पड़ोस के घर में बैठी थी। दीवार फांदकर वह घर की तरफ आई और आते ही लड़ने लगी। इसी दौरान मारपीट हो गई। मेरे भी कपड़े फाड़ दिए गए। जानिए…लड़की ने क्या कहा सिविल अस्पताल में दाखिल घायल शर्मिला ने बताया कि कोर्ट के आदेश के बाद आठ महीने से वह ससुराल के मकान के पॉर्च में रह रही है। मगर इस दौरान बुआ सास का लड़का और उसके साथी आकर गंदा बोलते हैं। छेड़खानी भी की गई। फिर पुलिस में एफआईआर भी दर्ज करवाई थी। उसने बताया कि उसका दो साल का बेटा है। दस दिन पहले वो बीमार रहने लग गया। इसलिए उसे मायके में भेजना पड़ा। शनिवार को वह घर से बाहर दवाई लेने के लिए गई थी। पीछे से ये लोग आ गए। पहले भी उसका सामान जला दिया गया था। इस बार भी उसे ऐसी ही आशंका थी, इसलिए उसने खुद पुलिस बुलाई थी। इस दौरान उसके साथ मारपीट की गई। उसने बताया कि वह अपना घर बसाना चाहती है, लेकिन ससुरालवाले मान नहीं रहे। वे घर में नहीं रहने देना चाह रहे। मकान नाम करवाने के आरोप झूठे हैं।
प्रदेश में एक मई से शुरू हुई मकानों की गणना का काम तेजी से चल रहा है। 30 मई तक होने वाली मकानों की गणना के लिए अभी 15 दिन का समय बाकी है, इस बीच 70 प्रतिशत मकान गणना का काम पूरा कर लेने की जानकारी दी गई है। सितंबर 2025 से रिक्त एमपी जनगणना डायरेक्टर के पद पर अब स्थायी अधिकारी संजीव श्रीवास्तव ने जॉइन कर लिया है। वे प्रतिदिन जनगणना रिपोर्ट की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। भारत सरकार के कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग द्वारा 23 मार्च 2026 को जारी सर्कुलर में मध्य प्रदेश कैडर के आईएएस अफसर संजीव श्रीवास्तव को जनगणना कार्य निदेशक, नागरिक पंजीकरण निदेशक के पद पर पदस्थ किया गया था। लोक निर्माण विभाग में अपर सचिव के पद पर पदस्थ संजीव श्रीवास्तव 2011 बैच के आईएएस अफसर हैं। उनकी पदस्थापना की गई तो वह चुनाव आयोग के निर्देश पर ऑब्जर्वर बनकर गए थे। 4 मई को चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद संजीव श्रीवास्तव ने एमपी में जॉइनिंग दी तो सामान्य प्रशासन विभाग ने उन्हें भारत सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के आदेश के पालन में जनगणना कार्य निदेशक मध्य प्रदेश के पद पर कार्यभार ग्रहण करने के लिए रिलीव किया है। श्रीवास्तव की सेवाएं 3 साल के लिए प्रतिनियुक्ति पर रहेंगी। श्रीवास्तव ने रिलीव किए जाने के बाद जनगणना कार्य निदेशक और नागरिक पंजीकरण निदेशक मध्य प्रदेश के पद पर जॉइनिंग दे दी है। डॉ निशा मिश्रा आवासीय आयुक्त कार्यालय दिल्ली में पदस्थ उधर सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी एक अन्य आदेश में नेत्र विशेषज्ञ और प्रभारी एक्जीक्यूटिव ऑफिसर आयुष्मान भारत एमपी डॉ निशा मिश्रा को पद सहित आवासीय आयुक्त कार्यालय नई दिल्ली पदस्थ किया गया है।
मैनपुरी के जनपद न्यायाधीश और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर गठित एक समिति ने आगरा स्थित राजकीय बालगृह (शिशु) का निरीक्षण किया। इस दौरान बालगृह में कई खामियां सामने आईं, जिस पर अधिकारियों ने तत्काल सुधार के निर्देश दिए। समिति में अपर जनपद न्यायाधीश एफटीसी-1 कुलदीप सिंह और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव नूतन चौहान शामिल थीं, जिन्होंने बालगृह का भौतिक निरीक्षण किया। समिति के अध्यक्ष तालेवार सिंह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। निरीक्षण के समय प्रभारी अधीक्षक बेटा सिंह भी मौजूद रहे। अधीक्षक ने बताया कि बालगृह में शून्य से दस वर्ष तक के बच्चों को आश्रय दिया जाता है। वर्तमान में यहां 0 से 6 वर्ष आयु वर्ग के 30 और 6 से 10 वर्ष आयु वर्ग के 15 बच्चे रह रहे हैं। इनमें मैनपुरी जनपद के दो बच्चे भी शामिल हैं। निरीक्षण के दौरान एक ऐसा बच्चा मिला जिसे आंखों से दिखाई नहीं देता, जिसका शरीर पूरी तरह काम नहीं करता और उसे मिर्गी के दौरे भी आते हैं। निरीक्षण के दौरान आरजू नाम की एक बच्ची शारीरिक रूप से बेहद कमजोर पाई गई। इस पर समिति ने उसे तत्काल अस्पताल के एनआरसी (पोषण पुनर्वास केंद्र) वार्ड में भर्ती कराने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने बच्चों के स्वास्थ्य और देखभाल को लेकर विशेष सतर्कता बरतने पर जोर दिया। बालगृह में लगे दो सीसीटीवी कैमरे खराब पाए गए, जिस पर प्रभारी अधीक्षक को जल्द से जल्द कैमरे ठीक कराने के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त, पाकशाला (रसोईघर) का निरीक्षण करने पर साफ-सफाई की स्थिति संतोषजनक नहीं मिली। समिति ने स्पष्ट निर्देश दिए कि बच्चों के रहने और भोजन व्यवस्था में स्वच्छता से किसी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए। निरीक्षण के बाद समिति ने बालगृह प्रशासन को सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने और बच्चों की बेहतर देखभाल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
इंदौर क्राइम ब्रांच ने एक मकान में दबिश देकर दो लोगों को गिरफ्तार किया। दोनों IPL का सट्टा संचालित कर रहे थे। दोनों ही जगदंबा बुक समूह के सदस्य है, जो एक स्पेशल सॉफ्टवेयर और एप्लीकेशन की मदद से सट्टे का अवैध कारोबार कर पैसा कमा रहे थे। क्राइम ब्रांच से मिली जानकारी के मुताबिक 15 मई की देर रात पुलिस ने रंगवासा स्थित लाभम पार्क के एक मकान में दबिश दी। यहां पर पुलिस को दो युवक मिले, जो फोन, टैबलेट और लैपटॉप पर चेन्नई सुपर किंग्स और लखनऊ के बीच चल रहे IPL मैच पर हार-जीत का दांव लगाकर अवैध रूप से ऑनलाइन सट्टा संचालित कर रहे थे। जब उन्हें पकड़कर पूछताछ की गई तो खुलासा हुआ कि ये दोनों जगदंबा बुक समूह के सदस्य है। ये दोनों आरोपी एक संगठित गिरोह का हिस्सा है, जो जगदंबा बुक समूह की लाइन से जुड़े हुए थे और अवैध रूप से लोगों से हार-जीत का दांव लगवाते थे। इसके लिए ये एक स्पेशल सॉफ्टवेयर और एप्लीकेशन का इस्तेमाल करते थे। पकड़ाए आरोपियों के नाम रोहित भंडारी (39) निवासी लोकनायक नगर, एयरपोर्ट रोड और अर्जुन गुप्ता (33) निवासी विधुर नगर हवा बंगला है। पासवर्ड प्रोटेक्टेड एप्लीकेशन का इस्तेमाल आरोपी लैपटॉप में सट्टे का हिसाब-किताब रखने के लिए 'ACC32' एप्लीकेशन का इस्तेमाल करते थे, जिसे खोलने के लिए एक पासवर्ड का इस्तेमाल किया जाता था। ऑनलाइन सट्टे का भाव देखने और दांव लगाने के लिए टैबलेट में 'स्वास्तिक सॉफ्टवेयर' का उपयोग किया जा रहा था। क्राइम ब्रांच ने इनके पास से 3 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, टैबलेट, पेनड्राइव, नेट के लिए कंपनी का वाई-फाई सहित 3 लाख का माल जब्त किया है। क्राइम ब्रांच ने मामले में दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों से पूछताछ कर और भी जानकारी निकाली जा रही है।
गाजियाबाद की छात्रा जाह्नवी गोयल ने अमेरिका की प्रतिष्ठित डेनिसन यूनिवर्सिटी में प्रवेश हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है। उन्हें इकोनॉमिक्स एंड ग्लोबल कॉमर्स में डबल मेजर कोर्स के लिए करीब 3 करोड़ रुपये की स्कॉलरशिप भी मिली है। जाह्नवी दिल्ली पब्लिक स्कूल में कक्षा 12 कॉमर्स सत्र 2025-26 की छात्रा हैं। जाह्नवी ने सीबीएसई कक्षा 12 में 96.2 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। इससे पहले भी वह कक्षा 10 के टॉपर्स में शामिल रह चुकी हैं। जाह्नवी ने बताया कि वह अपने लक्ष्य को लेकर बेहद गंभीर थीं और कई बार रोजाना करीब 12 घंटे तक पढ़ाई करती थीं। उनका कहना है कि लगातार मेहनत, सही टाइम मैनेजमेंट और खुद पर भरोसा ही सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है। लंबे समय से कर रही थीं तैयारीविदेश में पढ़ाई करना जाह्नवी का सपना था, जिसके लिए उन्होंने काफी पहले से तैयारी शुरू कर दी थी। पढ़ाई के साथ-साथ उन्होंने कम्युनिकेशन स्किल्स, एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटीज और ग्लोबल बिजनेस से जुड़े विषयों पर भी विशेष ध्यान दिया। इसी तैयारी का नतीजा रहा कि उन्हें अमेरिका की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी में इतनी बड़ी स्कॉलरशिप के साथ प्रवेश मिला। परिवार और स्कूल में खुशी का माहौलजाह्नवी की इस सफलता से परिवार में खुशी का माहौल है। उनके दोस्त और शिक्षक भी इस उपलब्धि को लेकर उत्साहित हैं। स्कूल की प्रधानाचार्या प्रीति वासन ने जाह्नवी और उनके परिवार को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि अन्य छात्रों के लिए भी प्रेरणा बनेगी। जाह्नवी गोयल की सफलता ने यह साबित कर दिया कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और ईमानदारी से मेहनत की जाए, तो बड़ी से बड़ी उपलब्धि हासिल की जा सकती है। उनकी यह कामयाबी अब हजारों छात्रों के लिए प्रेरणास्रोत बन गई है।
नर्मदापुरम में सेठानी घाट पर शनिवार को नर्मदा नदी में डूब रही महिला की होमगार्ड जवानों ने जान बचाई। घटना दोपहर करीब 12 बजे की है। महिला इंदौर की रहने वाली है। जो परिवार के साथ शनि अमावस्या पर स्नान के लिए आई थी। शनिवार दोपहर 12 बजे महिला और उसके परिवार के सदस्य स्नान कर रही थे। नहाते-नहाते महिला का पैर फिसला और वो गहरे पानी में चली गई। जिससे वो डूबने लगी। परिजनों बचाने के लिए चिल्लाने लगे। घाट पर तैनात एसडीईआरएफ जवान कर्मवीर गढ़वाल, होमगार्ड सैनिक श्याम सिंह राजपूत ने बचाने के लिए छलांग लगाई और महिला को बचाकर किनारे पर ले आएं। उसके पेट से पानी बाहर निकाला गया। महिला काफी घबरा गई थी। थोड़ी देर बाद सामान्य हालत होने पर महिला और उसके परिजनों ने जान बचाने के लिए दोनों जवानों को थैंक यू बोला। महिला और उसके परिजनों ने अपना नाम नहीं बताया। घाट पर नहाते समय लोग करते है लापरवाही नर्मदापुरम में सेठानी घाट पर तैनात होमगार्ड जवान लोगों को गहरे पानी में जाने से रोकते है। बार बार अनाउसमेंट भी कराया जाता है। बावजूद लोग नहाते समय लापरवाही करते है। को गहरे पानी में चले जाते है। इसके अलावा पोस्टऑफिस, हर्बल पार्क घाट पर रोजाना सैकड़ों की संख्या में लोग गहरे पानी में जाकर स्नान करते है।
पलवल में ग्रामीण सफाई कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर दो दिवसीय सांकेतिक हड़ताल शुरू कर दी है। हड़ताल के दूसरे दिन कर्मचारियों ने डीसी कार्यालय के बाहर जोरदार नारेबाजी कर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन की अगुवाई यूनियन के जिला प्रधान नरेश राजपूत ने की, जबकि संचालन जिला सचिव अर्जुन ने किया। सीआईटीयू के नेता रमेशचंद ने भी हड़ताल का समर्थन करते हुए सरकार से जल्द समाधान की मांग की। जिला प्रधान नरेश राजपूत ने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए प्रदेश सरकार की दलित और कर्मचारी विरोधी नीतियों की कड़ी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा भाजपा सरकार अंतिम पंक्ति में बैठे व्यक्ति के उत्थान की बात करती है, लेकिन वास्तव में बड़े पूंजीपतियों और ठेकेदारों की सेवा कर रही है। राजपूत ने लेबर कोड्स को लागू करने को इसी कड़ी का हिस्सा बताया। ग्रामीण सफाई कर्मचारियों की प्रमुख मांगें कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में विधानसभा में पॉलिसी बनाकर उन्हें पक्का करना, दिसंबर 2025 के उच्च न्यायालय के आदेश को लागू करना, 400 की आबादी पर एक कर्मचारी की तैनाती करना, मुख्यमंत्री द्वारा घोषित 26 हजार रुपए का वेतन लागू करना, एक्सग्रेसिया नीति बनाना और कर्मचारी की मृत्यु पर 50 लाख रुपए का मुआवजा देना शामिल है। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि सरकार लगातार उनकी मांगों को अनसुना कर रही है। सरकार की दलित हितैषी नीति पर उठाए सवाल कर्मचारी नेताओं ने सरकार की दलित हितैषी होने की बात पर सवाल उठाते हुए कहा कि मार्च 2024 के बजट सत्र में तत्कालीन मुख्यमंत्री ने एक हजार की आबादी पर एक ग्रामीण सफाई कर्मचारी की भर्ती की घोषणा की थी। हालांकि, यह घोषणा आज तक लागू नहीं की गई है, और ग्रामीण सफाई कर्मियों के 9700 पद अभी भी खाली पड़े हैं। विरोध प्रदर्शन को संबोधित करने वालों में जिला सचिव अर्जुन, सुरेश, सतपाल, जितेंद्र चौहान, बाबूराम, रमेश, अनिल बडौली, शशिकांत पृथला, राजेंद्र, मोहन होडल, राखी हसनपुर, प्रियंका और श्यामबती सहित कई अन्य कर्मचारी नेता शामिल थे।
उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार की जन विरोधी नीतियों और बढ़ती महंगाई, छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने की विरुद्ध सपा ने आज अयोध्या में जोरदार प्रदर्शन किया। समाजवादी पार्टी महानगर कमेटी ने पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडे पवन व महानगर अध्यक्ष श्याम कृष्ण श्रीवास्तव के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार की जन विरोधी नीतियों का विरोध किया। राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन जिला अधिकारी महोदय के माध्यम से सिटी मजिस्ट्रेट को सौपा गया। ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई है कि प्रदेश के लाखों मेघावी छात्र / छात्राओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। जिले की सभी 5 सीटों पर सपा का परचम लहराने जा रहा इस अवसर पर पवन पांडेय ने कहा कि हमने भाजपा की भ्रष्ट सरकार को उखाड़ फेंकने का संकल्प लिया है।इस सरकार में महिलाएं,छात्र और किसानों के साथ समाज का हर वर्ग परेशान है।जिले की सभी 5 सीटों पर सपा का परचम लहराने जा रहा है। 2027 में हम हर हाल में अखिलेश यादव को यूपी का सीएम बनाकर रहेंगे। स्मार्ट मीटर के नाम पर आम उपभोक्ताओं की जेब काटी जा रही नीट की परीक्षा में हुई धांधली और पेपर लीक की घटनाओं ने परीक्षा प्रणाली की सुचिता को समाप्त कर दिया है दोषियों पर कठोर कार्रवाई और छात्रों को न्याय दिलाने में सरकार अक्षम है, प्रदेश में बिजली के स्मार्ट मीटर के नाम पर आम उपभोक्ताओं की जेब काटी जा रही है । गैस सिलेंडर और पेट्रोल डीजल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी मीटर की तेज रफ्तार भारी भरकम बिलों ने मध्यम और गरीब वर्ग की कमर तोड़ दी है या सीधे तौर पर जनता के साथ खुली लूट है, घरेलू गैस सिलेंडर और पेट्रोल डीजल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी में आम जनता का बजट बिगाड़ दिया है सिलेंडर आज रसोई के कोनों में धूल फाक रहे हैं क्योंकि गरीब जनता गैस भरवाने में असमर्थ है। गरीब परिवार के लिए दो वक्त की रोटी का संकट आवश्यक वस्तुओं जैसे दूध दाल तेल और अन्य खाद्य सामग्रियों की कीमतों में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है कमर तोड़ महंगाई के कारण गरीब परिवार के लिए दो वक्त की रोटी का संकट खड़ा हो गया है प्रदेश में कानून व्यवस्था रोजगार से उत्तर प्रदेश सरकार पूरी तरह विफल है। प्रवक्ता राकेश यादव एडवोकेट ने बताया इस मौके पर सैकड़ो की संख्या में कार्यकर्ताओं पदाधिकारी और नेताओं ने एक स्वर में 2027 में भाजपा सरकार को प्रदेश से हटाकर और अयोध्या की पांचो विधानसभा सीटों से समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी को जिताकर प्रदेश में श्री अखिलेश यादव की सरकार बनाने का संकल्प लिया। इस मौके उपाध्यक्ष चौधरी श्रीचंद यादव, एडवोकेट शावेज जाफरी राकेश यादव एडवोकेट, संजय सिंह,रियाज अहमद, सूरज वर्मा आरौनी पासवान, जेपी यादव, दान बहादुर सिंह, जगन्नाथ यादव शक्ति जायसवाल वीरेंद्र गौतम, अंसार अहमद, अनिल यादव, शिवांशु तिवारी,अपर्णा जायसवाल गुड़िया राठौर, सीमा यादव, सीमा पासी,, शिवबरन यादव पप्पू,तरजीत गौड़ गोपीनाथ वर्मा अमृत राजपाल मौजूद रहे। बृजेश चौहान, विजय यादव, जगदीश यादव, आशीष वर्मा, पार्षद विशाल पाल राम भवन यादव , अर्जुन यादव, जगत नारायण यादव, सर्बजीत यादव, कृष्ण गोपाल यादव, अखिलेश पांडे धर्मवीर, नौशाद मामा, वकार अहमद, महेंद्र शुक्ला, राम अजोर यादव, वसी हैदर गुड्डू, औरंगजेब खान, राशिद सलीम घोसी, विनोद कनौजिया विद्याभूषण पासी, उमेश यादव, अली सईद, नूर बाबू,शिव शंकर शिवा, राजनाथ यादव, अजय यादव, ऋतुराज सिंह,सत्यम यादव, अभय त्रिवेदी,शशांक यादव, चंदन यादव, शहवाज लकी, अनस खान, इश्तियाक खान, शिवम तिवारी, जितेंद्र यादव सतीश वर्मा,,अजय मिश्रा, अनस आदि लोगों ने सरकार विरोधी नारे लगाए।
मथुरा में अतिक्रमण पर चला बुलडोजर:भूतेश्वर से स्टेट बैंक तक अभियान, अवैध पार्किंग पर भी कार्रवाई
मथुरा शहर में बढ़ती यातायात समस्या और सड़क किनारे हो रहे अतिक्रमण को लेकर शनिवार को नगर निगम और यातायात पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाया। यह कार्रवाई भूतेश्वर चौराहे से स्टेट बैंक तक की गई, जहां अवैध पार्किंग और दुकानों के बाहर किए गए अतिक्रमण के खिलाफ सख्ती दिखाई गई। सुबह करीब 10 बजे शुरू हुए इस अभियान में नगर निगम की टीम, यातायात पुलिस और प्रवर्तन दल शामिल रहा। टीम ने सड़क किनारे खड़े वाहनों की जांच की और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना लगाया। कई वाहनों को मौके से हटवाया गया। इसके अलावा दुकानों के बाहर रखा सामान, अस्थायी टीन शेड और सड़क तक फैले अतिक्रमण को भी हटाया गया। अभियान के दौरान इलाके में अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला। कई दुकानदार जल्दबाजी में अपना सामान हटाते नजर आए, जबकि वाहन मालिकों में भी हड़कंप मच गया। नगर निगम अधिकारियों ने लोगों को चेतावनी दी कि भविष्य में सड़क पर अतिक्रमण या अवैध पार्किंग मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। लगातार मिल रही थीं जाम की शिकायतेंराकेश त्यागी ने बताया कि शहर में लगातार जाम और अवैध अतिक्रमण की शिकायतें मिल रही थीं। नगर निगम की ओर से पहले जागरूकता अभियान भी चलाए गए थे, लेकिन बार-बार नियमों का उल्लंघन होने पर अब सख्त कार्रवाई की जा रही है। सहायक नगर आयुक्त ने कहा कि शहर को जाम मुक्त और व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। प्रशासन ने व्यापारियों और आम लोगों से सार्वजनिक स्थानों और सड़कों पर अतिक्रमण न करने की अपील की है।
तेज रफ्तार करने कई लोगों को उड़ाया:टाटा की डेमो कार युवती चला रही थी, उछलकर दूसरी लाइन पर गाड़ी रुकी
लखनऊ के गाजीपुर थानाक्षेत्र में तेज रफ्तार कार में कई लोगों को उड़ा दिया। कार महिला चला रही थी। गाड़ी कर शोरूम की डेमो कर थी। जिसे वह शोरूम की तरफ लेकर जा रही थी। तभी हादसा हो गया।पुलिस के मुताबिक शनिवार दोपहर करीब 4:30 बजे तेज रफ्तार कार ने कई लोगों को टक्कर मार दी। अनियंत्रित कार करीब 100 मीटर तक लोगों को टक्कर मारती रही। जिसमें एक दंपती व उनका बच्चा सहित कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना में 6 दो पहिया वाहन और दो चार पहिया वाहन क्षतिग्रस्त हुए हैं। प्रत्यकदर्शियों का कहना है अनियंत्रित कार उछलकर दूसरी लेन में जाकर स्कॉर्पियो गाड़ी को टक्कर मारते हुए रुकी। टाटा गोल्ड ट्रक शोरूम की गाड़ीगाड़ी इंदिरा नगर के टाटा शोरूम की है। जिसमें दो लड़के व एक महिला कर्मचारी मौजूद थे। महिला कर्मचारी का नाम सुषमा सुनहार है। घटना के बाद कार में बैठे दोनों पुरुष कर्मचारी भाग निकले।
शाहजहांपुर में एक 40 वर्षीय होटल संचालक का अर्धनग्न शव मिला है। यह शव बरेली मोड़ के पास सड़क किनारे पड़ा मिला। मृतक की पहचान काशीराम कॉलोनी निवासी सोनू के रूप में हुई है, जिसका कृभको फैक्ट्री के पास खाने का होटल है। सोनू शुक्रवार शाम को अपने होटल से घर के लिए निकले थे, लेकिन वह अपने घर नहीं पहुंचे। शनिवार दोपहर करीब एक बजे स्थानीय लोगों ने सड़क किनारे अर्धनग्न शव देखा। शव के पास ही उसकी पैंट और शर्ट पड़ी थी, और शरीर पूरी तरह नीला पड़ चुका था। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से शव की शिनाख्त की। इसके बाद पुलिस ने मृतक के परिजनों को सूचना दी। सोनू अपनी पत्नी रेखा और तीन बच्चों का पालन-पोषण होटल चलाकर करते थे। परिजनों ने बताया कि सोनू शुक्रवार रात भर घर नहीं लौटे, जिसके बाद परिवार ने उनकी तलाश की। उनका मोबाइल भी बंद बताता रहा। परिजनों ने किसी से विवाद या कर्ज की बात से इनकार करते हुए कहा कि उनका होटल अच्छा चलता था। उन्होंने मौत के कारण पर अनभिज्ञता जताई, लेकिन शरीर नीला पड़ने की बात कही। परिजनों ने किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया है। चौक कोतवाली निरीक्षक प्रदीप कुमार राय ने बताया कि एक शव मिला है, जिसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का सही कारण स्पष्ट हो पाएगा।
रायबरेली में जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका और पुलिस अधीक्षक रवि कुमार ने आज बचत भवन में सर्राफा व्यापारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य व्यापारियों की समस्याओं को सुनना और उनकी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना था। बैठक के दौरान, सर्राफा व्यापारियों ने अपनी विभिन्न समस्याओं और सुरक्षा संबंधी सुझावों को प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों के सामने रखा। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने सभी समस्याओं को गंभीरता से सुना और उनके त्वरित समाधान का आश्वासन दिया। अधिकारियों ने व्यापारियों को शासन से प्राप्त आवश्यक दिशा-निर्देशों के बारे में भी जानकारी दी। पुलिस अधीक्षक रवि कुमार ने व्यापारियों को भरोसा दिलाया कि पुलिस प्रशासन उनकी सुरक्षा के लिए पूरी तरह मुस्तैद है और उन्हें व्यापार के लिए भयमुक्त माहौल प्रदान किया जाएगा। प्रशासन और पुलिस ने व्यापारियों को सुरक्षा व्यवस्था में हरसंभव पूर्ण सहयोग देने की बात दोहराई। इस बैठक में जिले के कई अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय सर्राफा व्यापारी उपस्थित रहे।
खंडवा प्रशासन ने शनिवार को इंदौर रोड स्थित आरटीओ कार्यालय और आसपास के क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने की बड़ी कार्रवाई की। प्रशासनिक अमले ने जेसीबी मशीनों की मदद से 16 टीनशेड दुकानों को हटाया। कार्रवाई सुबह से शुरू होकर शाम तक चली। इस दौरान प्रशासन को अतिक्रमणकारियों के विरोध का भी सामना करना पड़ा। जानकारी के अनुसार, आरटीओ कार्यालय और मेन हाईवे के आसपास की बेशकीमती सरकारी जमीन पर लंबे समय से अतिक्रमण किया गया था। लोगों ने टीनशेड डालकर होटल और दुकानें संचालित करना शुरू कर दिया था। छैगांवमाखन तहसीलदार शीतल रणधा ने बताया कि करीब दो महीने पहले सभी अतिक्रमण चिह्नित कर संबंधित लोगों को नोटिस जारी किए गए थे। कार्रवाई से एक सप्ताह पहले बेदखली आदेश जारी कर मुनादी भी कराई गई थी, लेकिन किसी ने स्वेच्छा से कब्जा नहीं हटाया। जेसीबी लेकर पहुंचा प्रशासनिक अमला शनिवार सुबह महिला तहसीलदार शीतल रणधा प्रशासनिक अमले और पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचीं। इसके बाद जेसीबी मशीनों से एक-एक कर सभी अवैध टीनशेड हटाए गए। कार्रवाई के दौरान क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल रहा और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए। तहसीलदार शीतल रणधा के मुताबिक, कार्रवाई के दौरान दुकानदार दीपू यादव ने हंगामा किया और प्रशासनिक अमले के साथ बदसलूकी की। इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लिया और शांतिभंग के मामले में जेल भेज दिया। व्यापारी ने लगाए रिश्वतखोरी के आरोप इधर, एक दिन पहले अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर कारोबारी सीताराम ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शनिवार को जारी वीडियो में उन्होंने कहा कि शहर में रजिस्ट्री, नामांतरण और बिल्डिंग परमिशन तक में रिश्वतखोरी का खुला खेल चल रहा है। उन्होंने दावा किया कि उनका निर्माण नियमों और अनुमति के अनुसार किया गया था, इसके बावजूद प्रशासन ने जेसीबी से कार्रवाई कर दी। व्यापारी सीताराम ने आरोप लगाया कि शहर के बड़े कारोबारियों को संरक्षण दिया जाता है, जबकि मध्यम वर्ग के व्यापारी संघर्ष करके कारोबार करते हैं तो उन्हें परेशान किया जाता है। उन्होंने कहा कि वह लोन लेकर कारोबार चला रहे हैं और करीब 100 लोगों को रोजगार दे रहे हैं, लेकिन प्रशासन जबरन कार्रवाई कर रहा है। उन्होंने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से शहर के विकास की दिशा में काम करने की अपील भी की।
बालोतरा शहर भीषण गर्मी की चपेट में है। तेज धूप और गर्म हवाओं ने आमजन की दिनचर्या को बुरी तरह प्रभावित किया है। दोपहर 1 बजे के बाद शहर की सड़कें लगभग सुनसान दिखाई देने लगी हैं, जिससे कर्फ्यू जैसे हालात बन गए हैं। लोग केवल आवश्यक कार्य होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। अधिकतम तापनाम 41 डिग्री रहा शनिवार को बालोतरा में अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तेज धूप और उमस के कारण लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। दोपहर के समय बाजारों और मुख्य मार्गों पर सामान्य दिनों की तुलना में काफी कम आवाजाही देखी गई। गर्मी के कारण सड़के सुनसान भीषण गर्मी के कारण दोपहर बाद शहर की सड़कें सूनी नजर आ रही हैं। जो लोग जरूरी काम से बाहर निकल रहे हैं, वे अपने चेहरे को कपड़े से ढककर चल रहे हैं। गर्मी से बचाव के लिए लोग छाते, गमछे और ठंडे पेय पदार्थों का सहारा ले रहे हैं। दोपहर के समय बाजारों में भी ग्राहकों की संख्या में कमी आई है। जिला प्रशासन ने भीषण गर्मी और हीट वेव को देखते हुए लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। प्रशासन ने नागरिकों को दोपहर के समय अत्यधिक आवश्यकता होने पर ही घरों से बाहर निकलने की सलाह दी है।
दलित युवक से मारपीट, 4 पर केस दर्ज:एक महीने बाद भी गिरफ्तारी नहीं, सुलह न करने पर मिल रही धमकी
फतेहपुर जिले में एक दलित युवक से मारपीट और लूटपाट का मामला सामने आया है। पीड़ित का आरोप है कि घटना के एक माह बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है और उसे सुलह न करने पर जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। यह घटना सदर कोतवाली क्षेत्र के उमरापुर गांव के बृजेश नामक युवक के साथ हुई। बृजेश ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि 10 अप्रैल की रात करीब 10:40 बजे वह शहर के नई तहसील चौराहे के पास अपनी सैलून की दुकान बंद कर घर लौट रहा था। तभी चार लोगों ने उसकी बाइक रोक ली और जबरन चाबी निकाल ली। विरोध करने पर आरोपियों ने लोहे की रॉड से हमला कर दिया, जिससे उसके मुंह में गंभीर चोट आई, दांत टूट गए और पैर में भी चोट लगी। हमलावर 10,000 रुपये नकद और सोने की चेन लूटकर फरार हो गए। पीड़ित बृजेश के अनुसार, उसने पहले कोतवाली पुलिस में शिकायत की, लेकिन मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। इसके बाद 21 अप्रैल को उसने पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाई, जिसके बाद उसी दिन एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। हालांकि, एक माह बीत जाने के बाद भी किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। बृजेश का आरोप है कि गिरफ्तारी न होने के कारण उसे लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। उसने यह भी बताया कि आरोपियों में से एक युवक पहले भी एक छात्रा से छेड़खानी के मामले में जेल जा चुका है। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि बयान दर्ज कराने के लिए सीओ कार्यालय बुलाए जाने पर वहां तैनात एक सिपाही ने उससे सवाल किया कि सैलून चलाने वाला सोने की चेन कैसे पहन सकता है और उसके पास 10,000 रुपये कहां से आए, जबकि वह (सिपाही) खुद सोने की चेन नहीं पहन पाता। बृजेश ने बताया कि वह तीन आरोपियों को पहचानता है, जबकि एक अज्ञात है।
गाजियाबाद के होटल में महिला मैनेजर से मारपीट:आरोपी हिरासत में, होटल के अंदर हुआ था विवाद
गाजियाबाद के इंदिरापुरम थाना क्षेत्र स्थित शक्ति खंड के होटल युवराज का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में शिवम नाम का युवक होटल की महिला मैनेजर के साथ मारपीट करता दिखाई दे रहा है। वीडियो सामने आने के बाद इलाके में चर्चा तेज हो गई और पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि घटना होटल युवराज के अंदर हुई, जहां किसी बात को लेकर आरोपी शिवम और महिला मैनेजर के बीच विवाद हो गया। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और आरोपी ने महिला के साथ मारपीट शुरू कर दी। मामले में पुलिस का कहना है कि पीड़िता की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपी शिवम को पुलिस हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। साथ ही पुलिस यह भी जांच कर रही है कि वायरल वीडियो कब का है और दोनों के बीच विवाद किस बात को लेकर हुआ था। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
युवक की संदिग्ध हालत में मौत:पत्नी के मायके जाने के बाद ससुराल पहुंचा था, पुलिस ने जांच शुरू की
कासगंज के अमांपुर थाना क्षेत्र के गांव जाटऊ निवासी एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में विषाक्त पदार्थ खाने से मौत हो गई। गंभीर हालत में उसे जिला अस्पताल लाया गया था, जहां से चिकित्सकों ने अलीगढ़ रेफर कर दिया। अलीगढ़ ले जाते समय रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम कराकर मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतक की पहचान अखिलेश (26) पुत्र भोले सिंह के रूप में हुई है, जो अमांपुर थाना क्षेत्र के गांव जाटऊ का निवासी था। उसकी शादी लगभग दो वर्ष पूर्व सहावर थाना क्षेत्र के नगला धूरी निवासी नीतू पुत्री जसवंत सिंह से हुई थी। दंपति की एक नौ माह की बेटी है। परिजनों के अनुसार, कुछ दिन पहले बच्ची की तबीयत खराब हो गई थी। इसी बात को लेकर पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ। आरोप है कि बच्ची के इलाज को लेकर हुए झगड़े के बाद नीतू अपनी बेटी को लेकर मायके चली गई थी। बताया गया कि वह बच्ची को दिखाने के लिए एटा गई हुई थी। इसके बाद अखिलेश अपनी पत्नी को लेने ससुराल पहुंचा। वहां पत्नी के न मिलने पर उसने कथित तौर पर विषाक्त पदार्थ का सेवन कर लिया। युवक की हालत बिगड़ने पर ससुराल पक्ष के लोग उसे तुरंत उपचार के लिए जिला अस्पताल ले गए। जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। परिजन युवक को अलीगढ़ ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उसकी मृत्यु हो गई। इसके बाद परिजन शव को लेकर वापस जिला अस्पताल पहुंचे। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। थाना पुलिस ने बताया कि मृतक के परिजनों की ओर से तहरीर दी गई है। मामले की जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मऊ में अवैध खनन पर कार्रवाई:8 गाड़ियों का चालान, 3 डंपर जब्त, विभाग ने की कार्रवाई
मऊ में अवैध खनन और ओवरलोडिंग के खिलाफ प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। जिला खनन विभाग ने स्टेट टीम के साथ मिलकर पिछले दो दिनों में अभियान चलाया। इस दौरान कुल 12 वाहनों का चालान किया गया, जिनमें से 3 डंपर जब्त कर दोहरीघाट थाने में खड़े कराए गए। शनिवार को 8 डंपर, ट्रेलर और ट्रकों का अवैध मिट्टी खनन और ओवरलोडिंग के आरोप में चालान किया गया। इनमें से पांच वाहन चालकों ने मौके पर ही चालान की राशि जमा कर दी, जिसके बाद उन्हें छोड़ दिया गया। शेष तीन डंपरों को दोहरीघाट थाने में खड़ा करा दिया गया। यह कार्रवाई नवागत जिलाधिकारी आनंद वर्धन और पुलिस अधीक्षक कमलेश बहादुर के सख्त निर्देशों के बाद की गई है। उन्होंने अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और शासन के राजस्व की रक्षा के लिए निरंतर चेकिंग अभियान चलाने के आदेश दिए थे। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध खनन, ओवरलोडिंग और बिना अनुमति खनिज परिवहन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अवैध खनन और ओवरलोडिंग पर अंकुश लगाने के लिए असिस्टेंट कमिश्नर लखनऊ एसडी यादव के नेतृत्व में एक स्टेट टीम भी मऊ पहुंची है। जनपद खनन विभाग और स्टेट टीम ने दोहरीघाट थाना क्षेत्र में दो दिनों से सड़कों पर अभियान चलाकर वाहनों को पकड़ा। एसडी यादव ने बताया कि दोहरीघाट क्षेत्र में कुल 12 वाहन नियम विरुद्ध पाए गए, जिनका चालान किया गया। इन 12 वाहनों में से नौ ने मौके पर ही चालान की धनराशि जमा कर दी और उन्हें छोड़ दिया गया। जबकि तीन डंपर चालकों ने चालान जमा नहीं किया, जिन्हें दोहरीघाट थाने में खड़ा करा दिया गया है। इस कार्रवाई से अवैध खनन करने वालों और ओवरलोडिंग वाहन चालकों में हड़कंप मच गया, और अन्य ओवरलोड वाहनों के पहिए थम गए।
बाड़मेर जिले में चार घंटे लाइट सप्लाई रविवार को बंद रहेगी। चौहटन इलाके के सावा 132 केवी ग्रिड सब-स्टेशन (GSS) पर मैनबेस के आवश्यक रख-रखाव मरम्मत के साथ नए ट्रांसफॉर्मर लगाने का कार्य किया जाएगा। इसके चलते 132 केवी जीएसएस चौहटन बंद रहेगा। लाइटें 17 मई, रविवार सुबह 6 बजे से 10 बजे तक गुल रहेगी। सहायक अभियंता धारा सिंह ने बताया- 132 केवी जीएसएस सावा का रखरखाव, नए ट्रांसफॉमर लगाने कार्य किया जाएगा। इसके चलते इससे निकलने वाले 33 केवी की समस्त लाइनें एवं इनसे जुड़ी हुई समस्त लाइट सप्लाई बंद रहेगी। इससे चौहटन, धनाऊ, एसकेवी सेड़वा, श्रीरामवाला, बिसारनिया, साता और बीएफएसल एवं इनके जुड़े ग्रामीण और शहरी इलाकों की बिजली चार घंटे बंद रहेगी। 132 केवी जीएसएस की सेड़वा की सप्लाई 220 केवी सांचौर से मिलेगी। साथ 132 केवी जीएसएस राणासर को 220 केवी जीएसएस धोरीमन्ना से मिलेगी। गौरतलब है कि 8 मई को 132 केवी जीएसएस से निकलने वाली 32 केवी लाइनों को रखरखाव के लिए बंद रखा गया था। इस भीषण गर्मी में लाइटों के काटने से लोग परेशान है।
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में गौरेला नगर पालिका की कथित लापरवाही के विरोध में टीकरकला और लोहराझोरकी गांवों के सैकड़ों ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुंचे। ग्रामीणों ने अपने गांवों को कचरा डंपिंग साइट बनाने के खिलाफ ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों का आरोप है कि, गौरेला नगरपालिका क्षेत्र का सारा कचरा टीकरकला और लोहराझोरकी गांवों की सीमा पर डंप किया जा रहा है। इस कारण गांवों की सड़कों और खाली मैदानों में हर जगह कचरा दिखाई देता है। गांव में फैल रही बीमारियां ग्रामीणों के अनुसार, इस गंदगी के कारण गांव में बीमारियां फैल रही हैं। मक्खियों की वजह से लोगों का खाना-पीना दूषित हो रहा है, जिसका सबसे अधिक प्रभाव छोटे बच्चों पर पड़ रहा है। ग्रामीणों ने दावा किया कि गंदगी और दूषित पानी के कारण गांव में उल्टी-दस्त का प्रकोप फैला है, जिससे कई लोगों की मौत भी हुई है। मौके पर कचरे के ढेरों के बीच बेसहारा मवेशी देखे गए, जो कचरा खा रहे थे। गंदगी के बीच एक मृत मवेशी का शव भी पड़ा मिला। समस्या का समाधान करने की मांग ग्रामीणों ने बताया कि, उन्होंने इस समस्या को लेकर नगर पालिका अधिकारियों से कई बार शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। कलेक्ट्रेट में ज्ञापन सौंपकर उन्होंने प्रशासन से इस समस्या का तत्काल समाधान करने की मांग की है।
जालौन के कोंच कोतवाली क्षेत्र में साल 2015 में हुई घर में घुसकर वृद्ध महिला पर फावड़े से जानलेवा हमला करने और नकदी व बैंक पासबुक चोरी करने के मुवीन पुत्र कल्लू कबाड़ी को कोर्ट ने 10 साल की सजा सुनाई है। साथ ही उसे 4 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया हैं। वह नया पटेलनगर, कोंच का रहने वाला है। अपर शासकीय अधिवक्ता हृदेश पांडेय के अनुसार नया पटेलनगर निवासी अनिल कुमार ने कोतवाली कोंच में तहरीर देकर बताया था कि 15 फरवरी 2015 की रात उसकी मां कुंवरबाई अपने कोंच नगर में बने मकान में अकेली थीं। रात करीब आठ बजे वह घर की कुंडी लगाकर शौच के लिए खेतों की ओर गई थीं। जब वह वापस लौटीं तो उन्होंने घर के अंदर मोहल्ले का ही रहने वाला मुवीन पुत्र कल्लू कबाड़ी को खड़ा देखा। महिला द्वारा पूछे जाने पर आरोपी ने कहा कि वह कंडे लेने आया है। इसी दौरान उसने अचानक फावड़े से महिला के सिर पर हमला कर दिया। हमले में कुंवरबाई गंभीर रूप से घायल होकर खून से लथपथ हो गईं। इसके बाद आरोपी घर में रखा बक्सा तोड़कर उसमें रखे 10 हजार रुपये और इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक की पासबुक लेकर मौके से फरार हो गया। घटना की जानकारी पड़ोसियों ने फोन के माध्यम से महिला के बेटे अनिल कुमार को दी थी। वह मौके पर पहुंचा और घायल मां को पहले कोंच के सरकारी अस्पताल तथा बाद में गंभीर हालत में झांसी उपचार के लिए ले गया। बताया गया कि महिला का करीब 15 दिनों तक इलाज चला। पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना के दौरान पुलिस ने आरोपी मुवीन को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से पासबुक, नकदी तथा घटना में प्रयुक्त फावड़ा बरामद किया। मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश सतीश चन्द्र द्विवेदी की अदालत में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से वादी अनिल कुमार, घायल कुंवरबाई समेत पांच गवाहों को अदालत में पेश किया गया। सभी साक्ष्यों, गवाहों के बयानों और बरामदगी के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी माना और आईपीसी धारा 459 के तहत 10 वर्ष का सश्रम कारावास की सजा और 2 हजार का जुर्माना धारा 380 के तहत 3 वर्ष का कारावास, 1 हजार का जुर्माना और धारा 411 के तहत 3 वर्ष का कारावास और 1 हजार रूपये का जुर्माना लगाया।कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों को सिद्ध करने में सफल रहा है। फैसले के बाद पीड़ित परिवार ने राहत की सांस ली और न्यायपालिका पर भरोसा जताया।
मुजफ्फरनगर जिला प्रशासन ने किरायेदारी व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए किरायेदारी सूचना पोर्टल लॉन्च किया है। यह पोर्टल उत्तर प्रदेश नगरीय परिसर किरायेदारी विनियमन अधिनियम, 2021 के तहत शुरू किया गया है। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा और अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) गजेन्द्र कुमार ने शनिवार को डिजिटल पोर्टल https://rca-mzn.in का शुभारंभ किया। प्रशासन के अनुसार, इस पोर्टल से मकान मालिकों और किरायेदारों को किरायेदारी की जानकारी जमा करने के लिए अब कलेक्ट्रेट या न्यायालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। पूरी प्रक्रिया घर बैठे ऑनलाइन पूरी की जा सकेगी। डीएम उमेश मिश्रा ने बताया कि पहले किरायेदारी की सूचना लिखित रूप में कार्यालय में जमा करनी पड़ती थी। अब जिले के सभी मकान मालिक और किरायेदार अपने मोबाइल या कंप्यूटर से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। ई-गवर्नेंस सेल मुज़फ़्फ़रनगर द्वारा विकसित इस पोर्टल पर आवेदन करते समय मकान मालिक, किरायेदार, संपत्ति प्रबंधक, मासिक किराया, बिजली-पानी शुल्क, फर्नीचर सूची और अनुबंध अवधि जैसी जानकारियां भरनी होंगी। इसके अतिरिक्त, रेंट एग्रीमेंट, पहचान पत्र और हस्ताक्षरयुक्त फोटो भी अपलोड करनी होगी। प्रशासन ने बताया कि दस्तावेजों की ऑनलाइन जांच के बाद न्यायालय अपर जिला मजिस्ट्रेट (वित्त एवं राजस्व) द्वारा डिजिटल हस्ताक्षरयुक्त किरायेदारी सूचना प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा। आवेदक इसे अपने लॉगिन से डाउनलोड कर सकेंगे। इस प्रमाणपत्र में एक विशेष QR कोड होगा। इसे स्कैन करके पुलिस या प्रशासनिक अधिकारी किरायेदार की पूरी जानकारी और प्रमाणपत्र की प्रामाणिकता तुरंत जांच सकेंगे। जिला प्रशासन का कहना है कि यह पोर्टल समय की बचत करेगा और जिले में रहने वाले किरायेदारों का एक प्रमाणिक डिजिटल डेटाबेस तैयार करेगा। इससे कानून व्यवस्था मजबूत करने में सहायता मिलेगी। प्रशासन ने सभी मकान मालिकों और किरायेदारों से अपील की है कि वे नए पोर्टल पर अपनी जानकारी दर्ज करें और डिजिटल प्रमाणपत्र प्राप्त करें।
अररिया नगर परिषद क्षेत्र के ओम नगर में कोल्ड स्टोर के सामने रानीगंज रोड से शुरू हो रही लगभग 1500 मीटर लंबी पीसीसी सड़क का निर्माण कार्य स्थानीय वार्डवासियों ने रोक दिया। ग्रामीणों ने निर्माण में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए पारदर्शिता की मांग की है। वार्डवासियों का कहना है कि सड़क किस योजना के तहत बनाई जा रही है, कुल लागत कितनी है, सड़क कहां से कहां तक बनेगी और इसके मापदंड क्या हैं, इसकी कोई जानकारी आम नागरिकों को नहीं दी गई है। निर्माण स्थल पर न तो एस्टीमेट बोर्ड लगाया गया है और न ही कोई सूचना पट्टिका। चौड़ाई और ढलाई की मोटाई को लेकर भी स्पष्टता नहीं स्थानीय लोगों ने बताया कि सड़क में पहले बैडमिसाली डाली गई, जिसकी मोटाई मात्र दो इंच है। जबकि नगर परिषद के इंजीनियर विकास कुमार ने स्पष्ट किया कि बैडमिसाली कम से कम छह इंच होनी चाहिए। सड़क की चौड़ाई और ढलाई की मोटाई को लेकर भी स्पष्टता नहीं है। वार्डवासियों ने आरोप लगाया कि साइड में छह-सात इंच की माप ली गई, लेकिन फिटिंग के बाद ढलाई मात्र चार से छह इंच की हो रही है। इस कार्य की संवेदक सुशीला साह हैं। संवेदक के पुत्र अंकित ने सवालों पर कोई जवाब देने से इनकार कर दिया और बोर्ड लगाने की बात पर सिर्फ लगवा देंगे कहकर टाल दिया। प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की आक्रोशित वार्डवासियों ने काम रोककर प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। उन्होंने जोर देकर कहा कि निर्माण एस्टीमेट के अनुसार ही होना चाहिए और गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने नगर परिषद से तुरंत एस्टीमेट, लागत और मापदंड सार्वजनिक करने की मांग की। स्थानीय लोगों ने नगर परिषद पर लूट का आरोप लगाते हुए महादेव चौक पर हाल ही में गिरे स्वागत द्वार का उदाहरण भी दिया। इस मामले में अब नगर परिषद प्रशासन और जिला प्रशासन की भूमिका पर सबकी नजर है। वार्डवासियों ने चेतावनी दी है कि बिना पूरी जानकारी और गुणवत्ता सुनिश्चित किए काम शुरू नहीं होने दिया जाएगा। इसके अलावे ओम नगर वार्ड संख्या 8 के पार्षद प्रतिनिधि राजेश पासवान ने बताया कि वार्ड वासियों की मांग जायज है। गुणवत्ता के साथ खिलवाड़ होने नहीं दिया जा सकता है। उन्होंने विभाग के इंजीनियर से गुणवत्तापूर्ण कार्य करने का अनुरोध किया है। वही इस मामले को लेकर नगर परिषद के कार्यपालक अभियंता चंद्र प्रकाश से पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि जांच कराई जाएगी।
मिथिलांचल समेत पूरे उत्तर बिहार में सुहागिन महिलाओं का आस्था, श्रद्धा और समर्पण का महान पर्व वट सावित्री शनिवार को पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ हर्षोल्लासपूर्वक मनाया गया। पति की दीर्घायु, अखंड सौभाग्य और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना को लेकर विवाहित महिलाओं ने निर्जला एवं फलाहार व्रत रखकर वट वृक्ष की पूजा-अर्चना की। जिले के मंदिर परिसरों, गांवों के प्राचीन बरगद वृक्षों और सार्वजनिक पूजा स्थलों पर सुबह से ही महिलाओं की भीड़ उमड़ पड़ी। पारंपरिक लोकगीतों, मंगलगान और सावित्री-सत्यवान की कथा के पाठ से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। मिथिलांचल में यह पर्व लोक आस्था और सनातन परंपरा का प्रतीक माना जाता है। ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या को मनाए जाने वाले इस व्रत में नवविवाहिताओं से लेकर 85 वर्ष तक की वृद्ध महिलाएं भी शामिल दिखीं। महिलाओं ने अपने-अपने पतियों के दीर्घायु होने की कामना करते हुए वट वृक्ष की पूजा की और पारंपरिक विधि से परिक्रमा कर रक्षा सूत्र बांधा। वट वृक्ष को माना गया अक्षय और अमरत्व का प्रतीक धार्मिक मान्यता के अनुसार वट वृक्ष में त्रिदेवों का वास होता है। पंडितों के अनुसार इसकी जड़ में भगवान ब्रह्मा, तने में भगवान विष्णु और शाखाओं में भगवान शिव का निवास माना गया है। इसी कारण वट वृक्ष को अक्षय, अमरत्व और जीवनदायिनी शक्ति का प्रतीक कहा जाता है। मान्यता है कि इसके नीचे बैठकर पूजा करने, कथा सुनने और व्रत रखने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं तथा वैवाहिक जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है। आयुर्वेद और पर्यावरण की दृष्टि से भी बरगद का वृक्ष अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इसकी छाया और वातावरण को स्वास्थ्य के लिए लाभकारी बताया गया है। महिलाएं वृक्ष के नीचे बैठकर पूजा-अर्चना करती रहीं और परिवार की मंगलकामना करती नजर आईं। सात फेरे और रक्षा सूत्र के साथ संपन्न हुई पूजा धार्मिक विधान के अनुसार महिलाओं ने प्रातः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण किया और व्रत का संकल्प लिया। पूजा की थाली में फल, फूल, अक्षत, रोली, भीगा चना, धूप, दीप और प्रसाद सजाकर वट वृक्ष के समक्ष पूजा की गई। महिलाओं ने बरगद के तने पर कच्चा सूत लपेटते हुए सात अथवा 108 बार परिक्रमा की। इस दौरान सावित्री-सत्यवान की कथा का श्रवण और पाठ किया गया। पूजन के बाद महिलाओं ने अपने पतियों के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया और फिर व्रत खोला। कई स्थानों पर बांस से बने पारंपरिक पंखों से वट वृक्ष और पति को हवा देने की परंपरा भी निभाई गई, जिसे सेवा, समर्पण और सम्मान का प्रतीक माना जाता है। नवविवाहिताओं में दिखा विशेष उत्साह वट सावित्री को लेकर नवविवाहित महिलाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। महिलाएं लाल और पीले रंग की साड़ियों, पारंपरिक गहनों और ससुराल से मिले परिधानों में सजी-धजी नजर आईं। कई घरों में नवविवाहिताओं के लिए ‘भार-चंगेरा’ यानी सौगात, वस्त्र और पूजा सामग्री भेजने की परंपरा भी निभाई गई। पूजा के दौरान महिलाओं और युवतियों के बीच अंकुरित चना बांटने की परंपरा का भी पालन किया गया। महिलाओं ने सामूहिक रूप से लोकगीत गाते हुए पूजा की और एक-दूसरे को अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद दिया। सावित्री-सत्यवान की कथा से जुड़ी है मान्यता पौराणिक मान्यता के अनुसार देवी सावित्री ने अपने तप, श्रद्धा और अटूट पतिव्रता धर्म के बल पर यमराज से अपने पति सत्यवान के प्राण वापस प्राप्त किए थे। उसी स्मृति में यह व्रत रखा जाता है। महिलाओं का विश्वास है कि श्रद्धा और विधि-विधान से वट सावित्री व्रत करने से पति की आयु लंबी होती है और वैवाहिक जीवन सुखमय बना रहता है।
हिसार की अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुनील जिंदल की कोर्ट ने नाबालिग से रेप के चार साल पुराने मामले में आरोपी राकेश उर्फ काकू को दोषी करार दिया है। कोर्ट ने दोषी को 20 साल कैद की सजा सुनाई और उस पर 1 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है। यह मामला साल 2022 में 17 वर्षीय नाबालिग लड़की की शिकायत पर दर्ज किया गया था। पुलिस ने शुरुआत में अज्ञात युवक के खिलाफ रेप का मामला दर्ज कर जांच के लिए सदर भिवानी थाना भेजा था। बाद में यह मामला हिसार पुलिस के पास वापस आ गया। ईंट-भट्टे पर काम करती थी लड़की पीड़िता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि घटना से लगभग एक साल पहले वह अपने परिवार के साथ भिवानी के एक ईंट भट्ठे पर काम करने गई थी। अप्रैल 2021 की रात करीब 12 बजे जब वह पेशाब करने के लिए झुग्गी से बाहर निकली, तो एक अज्ञात युवक ने उसे पकड़कर रेप किया। उसके शोर मचाने पर आरोपी मौके से फरार हो गया था। पीड़िता ने बताया कि रेप करने वाला युवक करीब 27-28 साल का था, लेकिन अंधेरा होने के कारण वह उसे पहचान नहीं पाई थी। उसने बताया कि वह सलेट लिखने में इस्तेमाल होने वाली बरती खाती थी, जिसके कारण उसे लगा कि पेट दर्द उसी वजह से हो रहा है। पेट में दर्द की शिकायत, गर्भवती निकली गत 24 जनवरी की रात को जब पेट में अधिक दर्द हुआ, तो उसने अपनी मां को बताया। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने बताया कि वह गर्भवती है और जल्द ही बच्चे को जन्म देने वाली है। पीड़िता ने अप्रैल 2021 की रात हुए रेप के कारण ही गर्भवती होने की बात कही। इसके बाद पुलिस ने रेप और पॉक्सो अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया था।
खरगोन जिले के गोगावा क्षेत्र के दसनावल गांव में शनिवार दोपहर तेंदुए के हमले से हड़कंप मच गया। खेत में कपास की बुआई की तैयारी कर रहे तीन किसान भाइयों पर तेंदुए ने अचानक हमला कर दिया। हमले में तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उपचार जारी है। डॉक्टरों के मुताबिक तीनों की हालत फिलहाल खतरे से बाहर है। घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुआ पिछले करीब 15 दिनों से क्षेत्र में घूम रहा था, लेकिन वन विभाग ने समय रहते कोई कार्रवाई नहीं की। खेत में कचरा जलाते समय झाड़ियों से निकला तेंदुआ जानकारी के अनुसार, दसनावल गांव निवासी किसान भाई तेरसिंह डुडवे, गिरधर डुडवे और नरसिंह डुडवे शनिवार दोपहर अपने खेत में कपास की बुआई की तैयारी कर रहे थे। खेत में पड़े सूखे कचरे और झाड़ियों को जलाने का काम चल रहा था। इसी दौरान खेत के पास मौजूद घनी झाड़ियों में छिपा तेंदुआ अचानक बाहर निकल आया। पहले उसने तेरसिंह पर झपट्टा मारा। तेंदुए के हमले से तेरसिंह जमीन पर गिर पड़े। भाई को बचाने पहुंचे गिरधर और नरसिंह पर भी तेंदुए ने हमला कर दिया। सिर, गले और सीने पर किए वार हमले में तीनों किसानों के सिर, गले, सीने और कमर पर गंभीर चोटें आई हैं। ग्रामीणों के अनुसार, तेंदुआ काफी देर तक आक्रामक बना रहा। किसानों की चीख-पुकार सुनकर आसपास खेतों में काम कर रहे लोग मौके की ओर दौड़े। करीब 50 से ज्यादा ग्रामीणों के एकत्र होने और शोर मचाने के बाद तेंदुआ झाड़ियों की ओर भाग गया। इसके बाद घायलों को तत्काल वाहन से अस्पताल पहुंचाया गया। गांव में फैली दहशत, खेतों में जाने से डर रहे लोग घटना के बाद दसनावल और आसपास के गांवों में भय का माहौल बन गया है। ग्रामीणों का कहना है कि अब महिलाएं और मजदूर खेतों में जाने से डर रहे हैं। कई किसानों ने अकेले खेत में काम करना बंद कर दिया है। ग्रामीणों के मुताबिक, तेंदुआ पिछले 15 दिनों से क्षेत्र में लगातार दिखाई दे रहा था। इस दौरान वह कई बकरियों और कुत्तों का शिकार भी कर चुका है। वन विभाग पर लापरवाही के आरोप घायल किसानों और ग्रामीणों ने वन विभाग पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि कई बार विभाग को सूचना देने के बावजूद तेंदुए को पकड़ने के लिए न तो पिंजरा लगाया गया और न ही गश्त बढ़ाई गई। ग्रामीणों ने कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई की जाती, तो किसानों पर हमला नहीं होता। घटना की सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम गांव पहुंची। अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया और तेंदुए की गतिविधियों की जानकारी जुटाई। विभाग द्वारा अब क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने और तेंदुए को पकड़ने की तैयारी की जा रही है। ग्रामीणों ने मांग की है कि जल्द से जल्द तेंदुए को पकड़कर सुरक्षित स्थान पर भेजा जाए, ताकि लोगों में बना डर खत्म हो सके।
गोरखपुर में कई पंप ड्राई, तो कहीं पर्याप्त तेल:कल से कम भीड़ रही, ग्रामीण क्षेत्र में ज्यादा समस्या
गोरखपुर में पेट्रोल और डीजल की किल्लत का असर अब साफ तौर पर दिखाई देने लगा है। शहर के अलग-अलग पेट्रोल पंपों से ऐसी तस्वीरें सामने आ रही हैं, जहां रात होते-होते तेल खत्म हो जा रहा है। कई पेट्रोल पंप रात करीब 10 बजे तक ड्राई हो जा रहे हैं, जिसकी वजह से सुबह निकलने वाले लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। देखिए शहर के पंप की तस्वीरें हालांकि प्रशासन और पेट्रोल पंप संचालकों का कहना है कि सप्लाई लगातार जारी है और स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। शनिवार सुबह 9 बजे के बाद ट्रांसपोर्ट नगर स्थित भारत पेट्रोलियम और उसके आगे इंडियन ऑयल के पंप पर फिर से पेट्रोल और डीजल मिलना शुरू हो गया। इसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली। दोपहर के समय पेट्रोल पंपों पर भीड़ सामान्य दिखाई दी। लोग अपनी गाड़ियों में पेट्रोल-डीजल भरवाते नजर आए। कई जगहों पर मुश्किल से 6 से 8 लोग ही लाइन में दिखाई दिए। रेल म्यूजियम के सामने स्थित भारत पेट्रोलियम पंप पर भी सुबह के समय तेल खत्म हो गया था। बाद में जब सप्लाई वाली गाड़ी पहुंची, तब दोपहर बाद दोबारा पंप चालू किया गया। यहां भी करीब दोपहर 2 बजे के आसपास भीड़ सामान्य रही। लोगों का कहना है कि शहर में तेल की कमी महसूस की जा रही है। जरूरत होने पर ही लोग बाहर निकल रहे हैं, लेकिन कामकाज के कारण पेट्रोल की तलाश में कई पंपों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। गौरव पांडे ने बताया कि मैं मेडिकल से आ रहा हूं। लगभग तीन से चार पेट्रोल पंप पर जाने के बाद यहां पर पेट्रोल मुझे मिला। अगर देखा जाए तो कल की तुलना में आज भीड़ कम है, लेकिन कमी होने के नाते बहुत दूर तक पेट्रोल खोजना पड़ रहा है। एक अन्य व्यक्ति ने कहा- मेरा फील्ड वर्क है इसीलिए मैं टंकी फुल कर रहा हूं। मोदी जी से कहिए कि इलेक्ट्रिक गाड़ी का दाम सस्ता कर दें, हम लोग वही खरीद कर चलाएंगे। वहीं दोपहर करीब 3 बजे धर्मशाला स्थित पेट्रोल पंप पर भी स्थिति सामान्य दिखी। वहां केवल 5 से 7 लोग पेट्रोल-डीजल लेकर जाते दिखाई दिए। ट्रांसपोर्ट नगर स्थित भारत पेट्रोलियम के मैनेजर विजय भारती ने बताया, “कल भीड़ अधिक थी। लेकिन आज 12 हजार लीटर डीजल और 12 हजार लीटर पेट्रोल की गाड़ी आई है, जिससे लोगों को कोई दिक्कत नहीं होगा। ग्रामीण क्षेत्र में कई पंप बंद पड़े गोरखपुर के ग्रामीण इलाकों में कई पेट्रोल पम्प बंद पड़े हुए हैं। लोगों का कहना है कि 2 दिन से गाड़ी न आने से सप्लाई नहीं मिल पाती है। जिस वजह से हम लोग गाँव के अलग अलग पेट्रोल पंप पर भटकते रहते हैं। देखिए तस्वीरें इस पूरे मामले पर जिला पूर्ति अधिकारी रामेंद्र प्रताप सिंह ने कहा, शहर में डीजल-पेट्रोल की सप्लाई पूरी हो रही है। कुछ ग्रामीण क्षेत्रों में किसी टेक्निकल कारण की वजह से थोड़ी दिक्कत हो रही है। जल्द हम लोग उसको भी दूर कर सप्लाई को ठीक कर देंगे।
जौनपुर में जिलाधिकारी सैमुअल पॉल एन. की अध्यक्षता में तहसील सदर स्थित कलेक्ट्रेट प्रेक्षागृह में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान जिलाधिकारी ने आमजनमानस की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए। एक शिकायत में अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) न दिए जाने पर जिलाधिकारी ने एक्सईएन हाइडल के प्रति कड़ी नाराजगी व्यक्त की। धन्नोपुर शंकरमंडी निवासी इशरत ने शिकायत की थी कि विद्युत भुगतान के बावजूद विभाग द्वारा उन्हें एनओसी नहीं दिया जा रहा है। इस पर जिलाधिकारी ने एक्सईएन हाइडल को तत्काल मामले का निस्तारण करने का निर्देश दिया और उनकी कार्यप्रणाली पर असंतोष जताया। समाधान दिवस में जमीन विवाद, खतौनी और अन्य विद्युत संबंधी मामलों सहित कुल 81 शिकायत प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए। इनमें से 14 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। शेष प्रार्थना पत्रों को संबंधित विभागों के अधिकारियों को अग्रसारित करते हुए समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए गए। संपूर्ण समाधान दिवस के बाद जिलाधिकारी ने शासन की प्राथमिकताओं, जनसुनवाई, कार्यालय व्यवस्था और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में सभी अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को समय पर कार्यालय पहुंचने तथा अनुशासन एवं समयबद्धता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने पर जोर दिया। जिलाधिकारी ने जनसुनवाई को अत्यंत गंभीरता से संचालित करने का निर्देश देते हुए कहा कि सभी विभागाध्यक्ष प्रतिदिन सुबह 10 बजे से 12 बजे तक अपने कार्यालयों में प्रभावी रूप से जनसुनवाई करें। उन्होंने आम जनता की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सुनकर उनका समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा।जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जनसुनवाई, आईजीआरएस और सीएम हेल्पलाइन से प्राप्त शिकायतों को किसी भी दशा में लंबित न रखा जाए। लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने खराब पड़े उपकरणों और व्यवस्थाओं को तत्काल ठीक कराने के निर्देश दिए, साथ ही कार्यालयों में सीसीटीवी कैमरे क्रियाशील रखने और सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने पर भी जोर दिया।
जबलपुर से करीब 30 किलोमीटर दूर गोसलपुर स्थित ईको हार्वेस्ट बायो फ्यूल्स प्लांट में शुक्रवार शाम भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते पूरे प्लांट में अफरा-तफरी मच गई। घटना के वीडियो भी सामने आए हैं। आग पर काबू पाने के लिए देर रात तक दमकल की गाड़ियां मौके पर जुटी रहीं। बताया जा रहा है कि प्लांट संध्या राय और ममता जैन का है। यहां गेहूं की नरवाई से रोल गट्टे तैयार किए जाते हैं। प्लांट परिसर में बड़ी मात्रा में नरवाई से बने गट्टे खुले में रखे हुए थे, जिनमें अचानक आग लग गई। तेज हवा के कारण आग ने कुछ ही देर में विकराल रूप धारण कर लिया और करोड़ों रुपए का सामान जलकर खाक हो गया। घटना के बाद आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया। जिस स्थान पर प्लांट स्थित है, उसके पास ही पेट्रोल पंप और गैस गोदाम भी हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि आग कुछ मीटर और फैल जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था। सूचना मिलते ही कटनी, जबलपुर, सिहोरा, पनागर और मझौली से दमकल विभाग के वाहन और पानी के टैंकर मौके पर पहुंचे। दमकलकर्मियों ने कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाने का प्रयास किया। देर रात तक पुलिस और प्रशासन का अमला भी मौके पर मौजूद रहा। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। आग से मशीनों को भी भारी नुकसान हुआ प्लांट के बाहर खुले में रखे गेहूं की नरवाई के गठ्ठे देखते ही देखते जलकर खाक हो गए। आग धीरे-धीरे वेयरहाउस तक पहुंच गई, जहां प्लांट में मशीनों से तैयार किए गए प्लेट्स भी जल गए। इससे मशीनों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, प्लांट के चारों ओर करीब 10 फीट ऊंची बाउंड्रीवॉल और उसके ऊपर इरिगेशन ड्रिप सिस्टम होना चाहिए था, लेकिन मौके पर ऐसी कोई व्यवस्था नहीं मिली। जिस स्थान पर नरवाई के गठ्ठे रखे गए थे, उसके ऊपर से विद्युत केबल लाइन भी गुजर रही थी, जिसे सुरक्षा नियमों की गंभीर अनदेखी माना जा रहा है। प्लांट में आग से निपटने के लिए पर्याप्त इंतजाम भी नहीं थे घटना के समय प्लांट में आग से निपटने के लिए पर्याप्त इंतजाम भी नहीं थे। वहां न तो रेत से भरी बाल्टियां मौजूद थीं और न ही वाटर कैनन सिस्टम उपलब्ध था। बताया जा रहा है कि प्लांट में कोई साइट इंजीनियर भी तैनात नहीं था और अप्रशिक्षित कर्मचारियों से काम कराया जा रहा था। प्लांट प्रबंधन की लापरवाही से हुए इस अग्निकांड के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया। सूचना मिलने पर सिहोरा एसडीएम ज्योति परस्ते, तहसीलदार रूपेश्वरी कुंजाम, एसडीओपी आदित्य सिंघारिया, टीआई गाजीवती कोसाम और नायब तहसीलदार जयभान सिंह उइके मौके पर पहुंचे और पंचनामा कार्रवाई की।
धनबाद जिले के पूर्वी टुंडी प्रखंड स्थित कोरैया गांव में सर्पदंश से सगे भाई-बहन की मौत हो गई। इस घटना से पूरे इलाके में शोक फैल गया है। मृतकों की पहचान 6 वर्षीय महिमा सोरेन और 3 वर्षीय रितेश सोरेन के रूप में हुई है। ये दोनों दिहाड़ी मजदूर श्यामलाल सोरेन के बच्चे थे। जानकारी के अनुसार, यह घटना बीती रात की है, जब दोनों बच्चे घर में सो रहे थे। इसी दौरान किसी जहरीले सांप ने उन्हें डस लिया। रात में परिजनों को इसकी जानकारी नहीं हो सकी। सुबह जब बच्चों के मुंह से झाग निकलने लगा और उनकी तबीयत बिगड़ने लगी, तब परिवार को घटना का पता चला। बच्चों के पिता तमिलनाडु में करते हैं मजदूरी इसके बाद परिजन तत्काल बच्चों को लेकर धनबाद के शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद से परिवार में मातम पसरा हुआ है। बच्चों की मां गहरे सदमे में हैं। बच्चों के पिता श्यामलाल सोरेन तमिलनाडु में मजदूरी करते हैं। उन्हें फोन पर घटना की सूचना दी गई, जिसके बाद वे भी सदमे में हैं। घटना की सूचना मिलने पर स्थानीय प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। अंचल निरीक्षक चंदन कुमार सिंह ने बताया कि प्रशासन की ओर से आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
चतर सिंह बने भीमआर्मी एकता मिशन के जिलाध्यक्ष:2027 चुनाव को लेकर पार्टी ने सौंपी बड़ी जिम्मेदारी
मेरठ में भीम आर्मी भारत एकता मिशन ने चतर सिंह गौतम को अपना जिलाध्यक्ष नियुक्त किया है। पार्टी प्रमुख एडवोकेट विकास बाबू, प्रदेश महासचिव ने चतरसिंह जाटव को यह जिम्मेदारी सौंपी है। लंबे समय से चतर सिंह जाटव पार्टी में सक्रिय हैं। 2024 के चुनाव से लेकर उससे पहले और बाद में भी लगातार पार्टी के कार्यों में सक्रिय हैं। हाल ही में मेरठ में हुए पार्टी के आयोजनों में भी चतरसिंह जाटव ने अहम भूमिका निभाई थी। इनको देखते हुए पार्टी प्रमुख ने चतर सिंह जाटव को 2027 के चुनाव से पहले यह बड़ी जिम्मेदारी दी है। चतर सिंह ने इस जिम्मेदारी के लिए प्रदेश संयोजक डॉ. कुलदीप भार्गव व पार्टी प्रमुख एडवोकेट विकास बाबू को धन्यवाद दिया है।
मेरठ में ऑनलाइन दवाइयों की बिक्री के विरोध में दवा व्यापारियों ने बुधवार 20 मई 2026 को जिलेभर की मेडिकल दुकानों को बंद रखने का ऐलान किया है। व्यापारियों का कहना है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म जनहित और व्यापार हित दोनों के लिए नुकसानदायक साबित हो रहे हैं। दवा व्यापारियों का आरोप है कि ऑनलाइन कंपनियां भारी छूट और आकर्षक ऑफर देकर मरीजों को लुभा रही हैं, जबकि दवाइयों की गुणवत्ता और प्रमाणिकता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। उनका कहना है कि भारत सरकार के नियमों के अनुसार दवाइयां डॉक्टर के पर्चे और फार्मासिस्ट की देखरेख में ही दी जानी चाहिए, लेकिन कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म बिना वैध प्रिस्क्रिप्शन के भी दवाइयां सप्लाई कर रहे हैं। व्यापारियों ने कहा कि ऑनलाइन कंपनियां किस आधार पर इतनी भारी छूट दे रही हैं, यह भी जांच का विषय है। इससे देशभर के लाखों लाइसेंसधारी दवा विक्रेताओं का व्यापार प्रभावित हो रहा है और कई व्यापारी बंदी की कगार पर पहुंच गए हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से ऑनलाइन दवाइयों की बिक्री तत्काल बंद करने की मांग की है। दवा व्यापारियों ने यह भी कहा कि मेडिकल स्टोर केवल व्यापार का माध्यम नहीं हैं, बल्कि लोगों की जिंदगी बचाने का काम करते हैं। दवा कारोबार में नींद, बीपी, डिप्रेशन, एंग्जायटी और ऑपरेशन में उपयोग होने वाली संवेदनशील दवाइयां शामिल होती हैं, जिनका सही तरीके से वितरण बेहद जरूरी है। व्यापारियों ने नारकोटिक्स विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि जांच के नाम पर छोटे दुकानदारों को प्रताड़ित किया जा रहा है और कई मामलों में जेल तक भेजा जा रहा है। विभिन्न राज्यों से नोटिस भेजकर व्यापारियों को हजारों किलोमीटर दूर बुलाया जाता है, जिससे उन्हें आर्थिक और मानसिक परेशानी झेलनी पड़ती है। उन्होंने मांग की कि दवा व्यापार से नारकोटिक्स विभाग को अलग किया जाए और सभी प्रकार की जांच स्थानीय स्तर पर ड्रग विभाग के माध्यम से ही कराई जाए। व्यापारियों का कहना है कि दोष सिद्ध होने के बाद ही उचित कार्रवाई होनी चाहिए। इस मौके पर इंद्रपाल सिंह, घनश्याम मित्तल, राजेश अग्रवाल, अरुण त्यागी, प्रवीण दुआ, विकास मित्तल, गगन गुप्ता, सौरभ जैन, राहुल जैन, लोकेश सिंह, विवेक सिंघल, सुकेश शर्मा, संजय मलिक और कविराज मलिक सहित कई दवा व्यापारी मौजूद रहे।
जलंधर के पॉश कॉलोनी ग्रेटर कैलाश में चोरी की एक बड़ी वारदात सामने आई है, जहां चोरों ने तीन सगे भाइयों की निर्माणाधीन कोठियों को अपना निशाना बनाया। चोर तीनों मकानों के ताले तोड़कर बाथरूम की फिटिंग्स और अन्य कीमती सामान समेटकर फरार हो गए। पीड़ितों के मुताबिक चोरी हुए सामान की कुल कीमत करीब ढाई से तीन लाख रुपये है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। काम खत्म कर घर लौटे थे भाई, सुबह खुला राज ग्रेटर कैलाश कॉलोनी में रहने वाले सोनू अग्रवाल और उनके दो भाई इलाके में ही अपनी नई कोठियों का निर्माण करवा रहे हैं। तीनों भाइयों के मकान साथ-साथ ही बन रहे हैं। रोजाना की तरह बीती शाम जब लेबर का काम खत्म हुआ, तो तीनों भाई कोठियों को ताला लगाकर अपने पुराने घर चले गए थे। निर्माण कार्य चलने के कारण रात के समय वहां कोई मौजूद नहीं था। सुबह जब सोनू अग्रवाल और उनके भाई कंस्ट्रक्शन का काम देखने के लिए अपनी नई कोठियों पर पहुंचे, तो वहां का नजारा देखकर उनके होश उड़ गए। कोठियों के मुख्य दरवाजों और कमरों के ताले टूटे हुए थे। जब उन्होंने अंदर जाकर देखा तो सारा सामान बिखरा पड़ा था और बाथरूम में लगी महंगी फिटिंग्स गायब थीं। ढाई से तीन लाख की चोरी, पुलिस जांच में जुटी सोनू अग्रवाल ने बताया कि चोरों ने बड़ी चालाकी से तीनों कोठियों को निशाना बनाया। चोरों ने बाथरूम में लगे नल, शावर, कीमती प्लंबिंग का सामान और अन्य कंस्ट्रक्शन मटेरियल पर हाथ साफ कर दिया। पीड़ित परिवार के अनुसार, तीनों कोठियों से कुल मिलाकर करीब ढाई से तीन लाख रुपये का सामान चोरी हुआ है। घटना की जानकारी तुरंत संबंधित थाना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस की एक टीम तुरंत मौके पर पहुंची और घटनास्थल का मुआयना किया। पुलिस ने पीड़ित भाइयों के बयान दर्ज कर लिए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कॉलोनी और आसपास के रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की जा रही है, ताकि चोरों का सुराग लगाया जा सके और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
प्रयागराज में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के उस बयान पर पलटवार किया, जिसमें उन्होंने सपा की बागी विधायक पूजा पाल को उपमुख्यमंत्री बनाए जाने की मांग की थी।केशव ने कहा कि पूजा पाल वरिष्ठ नेता हैं। वह दो बार विधायक रह चुकी हैं और उनका भविष्य उज्ज्वल है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव जो बातें कह रहे हैं, उनके पीछे का उद्देश्य भी समझना चाहिए।डिप्टी सीएम भारतीय जनता पार्टी की जमुनापार इकाई के प्रशिक्षण वर्ग-2026 के उद्घाटन के लिए प्रयागराज पहुंचे हैं। वह दो दिनों तक शहर में रहेंगे। रविवार को वह प्रयागराज महानगर और गंगापार इकाई के कार्यकर्ता प्रशिक्षण वर्ग का उद्घाटन करेंगे।
बेतिया जिले के बलिराम भवन के सभागार में शनिवार को बिहार राज्य आशा संघ एटक की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। संघ की जिला अध्यक्ष साधना देवी ने बैठक की अध्यक्षता की। इस कार्यक्रम में पश्चिम चंपारण जिले के विभिन्न प्रखंडों से सैकड़ों आशा कार्यकर्ताओं ने भाग लिया और अपनी लंबित मांगों को लेकर एकजुट होकर आवाज उठाई। बैठक के दौरान आशा कर्मियों ने बताया कि वे वर्षों से स्वास्थ्य सेवाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने का कार्य निष्ठापूर्वक कर रही हैं। इसके बावजूद उन्हें उचित मानदेय और समय पर प्रोत्साहन राशि नहीं मिल पा रही है। कई आशा कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही और कथित अनियमितताओं के कारण उन्हें आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ''समस्याओं के समाधान के प्रति गंभीर नहीं दिख रही सरकार'' आशा कार्यकर्ताओं ने गर्भवती महिलाओं की देखभाल, टीकाकरण अभियान, परिवार नियोजन, पोषण कार्यक्रम और विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं के क्रियान्वयन में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन सब के बावजूद सरकार उनकी समस्याओं के समाधान के प्रति गंभीर नहीं दिख रही है। वक्ताओं ने बताया कि कई महीनों से प्रोत्साहन राशि का भुगतान लंबित है, जिससे आशा कर्मियों के समक्ष आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने की मांग बैठक में कार्यस्थल पर सुरक्षा, सम्मान और आवश्यक सुविधाओं की कमी का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। आशा कार्यकर्ताओं ने मांग की कि उन्हें सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए और न्यूनतम मानदेय सुनिश्चित किया जाए। इसके अतिरिक्त, लंबित भुगतान जल्द जारी करने, कार्य के अनुरूप उचित पारिश्रमिक देने और विभागीय स्तर पर हो रही अनियमितताओं की जांच कराने की मांग भी की गई। संघ की नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार और स्वास्थ्य विभाग द्वारा उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक पहल नहीं की गई तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा। बैठक के अंत में आशा कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की और सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग की।
फर्रुखाबाद में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का दो दिवसीय जिला प्रशिक्षण वर्ग शनिवार को संपन्न हो गया। पांचाल घाट स्थित नारायण आश्रम में आयोजित इस वर्ग के अंतिम दिन विभिन्न सत्रों में कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित किया गया। इसमें प्रदेश उपाध्यक्ष देवेश कोरी, प्रदेश प्रवक्ता संजय चौधरी, साहित्य प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक वीरेंद्र तिवारी, कन्नौज के पूर्व जिलाध्यक्ष व वर्ग जिला प्रभारी नरेंद्र राजपूत और जिला संगठन प्रभारी शिव महेश दुबे ने मुख्य वक्ताओं के रूप में संबोधित किया। सत्र को संबोधित करते हुए भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष देवेश कोरी ने कहा कि जिला व मंडल कार्यसमिति पूर्ण होने के बाद कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित करने के लिए ऐसे शिविर आयोजित किए जाते हैं। उन्होंने प्रशिक्षण वर्ग को पार्टी की एक प्रमुख संगठनात्मक और वैचारिक पहल बताया। कोरी ने कहा कि भाजपा देश का सबसे बड़ा राजनीतिक दल है और उसके कार्यकर्ता ही उसके स्तंभ हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से 2027 के विधानसभा चुनाव जीतने के लिए पूरी तैयारी के साथ जुटने का आह्वान किया। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता संजय चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि एक सक्षम कार्यकर्ता ही सशक्त संगठन का निर्माण करता है। उन्होंने पार्टी की संगठनात्मक कार्यप्रणाली और भाजपा के विचारों को मजबूत करने के लिए कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षित होने को आवश्यक बताया। साहित्य प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक वीरेंद्र तिवारी ने आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के मद्देनजर कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण को अनिवार्य बताया। उन्होंने संगठन और नेतृत्व क्षमता को मजबूत करने की दिशा में कार्य करने पर जोर दिया। जिला संगठन प्रभारी शिव महेश दुबे ने कहा कि प्रशिक्षण से कार्यकर्ताओं को न केवल संगठनात्मक कार्यशैली का ज्ञान मिलता है, बल्कि उनमें राष्ट्र हित के प्रति समर्पण और सेवा भाव भी विकसित होता है। जिला प्रशिक्षण वर्ग प्रभारी नरेंद्र राजपूत ने भाजपा की पहचान को एक कैडर आधारित, अनुशासित और वैचारिक संगठन के रूप में बताया। उन्होंने कहा कि इस पहचान को मजबूत बनाए रखने में प्रशिक्षण की महत्वपूर्ण भूमिका है। भाजपा जिलाध्यक्ष फतेहचंद वर्मा ने धन्यवाद प्रस्ताव देते हुए कार्यकर्ताओं से प्रशिक्षण को आत्मसात कर संगठन के विस्तार और समाज सेवा में सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया। प्रशिक्षण वर्ग का संचालन जिला महामंत्री गोपाल राठौर ने किया। इस अवसर पर सांसद मुकेश राजपूत सदर विधायक मेजर सुनील दत्त द्विवेदी, अमृतपुर विधायक सुशील शाक्य, पूर्व जिला अध्यक्ष सत्यपाल सिंह, दिनेश कटियार, रूपेश गुप्ता, भूदेव सिंह राजपूत, पूर्व विधायक कुलदीप गंगवार, संकिसा पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि राहुल राजपूत, शिक्षक प्रकोष्ठ के प्रदेश सहसंयोजक भास्कर दत्त द्विवेदी, पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ के प्रदेश सह संयोजक वीरेंद्र सिंह राठौड़, जिला महामंत्री हिमांशु गुप्ता, जिला महामंत्री अमरदीप दीक्षित, जिला उपाध्यक्ष जितेंद्र सिंह, वीरेंद्र कठेरिया, अनुराग दुबे, श्वेता दुबे, महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष बबीता पाठक, जिला मंत्री अनुराग सिंह, जिला उपाध्यक्ष संदेश, जिला उपाध्यक्ष सर्वेश कुशवाहा, अभिषेक बाथम मनोज गंगवार राजपूत, जिला मंत्री शिव मोहन सिंह, पंकज पाल, डॉ विनीत मिश्रा, प्रतिभा राजपूत, जिला मीडिया प्रभारी शिवांग रस्तोगी, तोषित प्रीत सिंह, सोशल मीडिया प्रमुख सुशील राजपूत आईटी सेल संयोजक रजनीश मिश्रा, आदित्य मिश्रा, ममता सक्सेना, चित्रा अग्निहोत्री आदि लोग मौजूद रहे।
फर्रुखाबाद जनपद के शमशाबाद थाना क्षेत्र के नरूआ नगला गांव में शनिवार को एक मकान का लेंटर तोड़ते समय हादसा हो गया। इस दौरान लेंटर गिरने से उसके नीचे दबकर एक मजदूर की मौत हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। यह घटना नरूआ नगला निवासी जय शरन राजपूत के मकान में हुई। शनिवार सुबह लेंटर तोड़ने का काम चल रहा था। इसी दौरान अचानक लेंटर भरभराकर गिर गया। लेंटर तोड़ने के लिए शाहजहांपुर जनपद के मिर्जापुर थाना क्षेत्र के कुनिया नजीर गांव निवासी 50 वर्षीय सुरेश और रामवीर आए हुए थे। वे शुक्रवार रात को ही ई-रिक्शा से यहां पहुंचे थे। हादसे में 50 वर्षीय सुरेश लेंटर के मलबे में दब गए। जब तक उन्हें बाहर निकालकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम कराया। सुरेश के दो बेटे और चार बेटियां हैं। उनकी दो बेटियों की शादी हो चुकी है, जबकि पत्नी का पहले ही निधन हो चुका था। सुरेश मजदूरी करके अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे।
पानीपत जिले में शनिवार को यमुना नदी में स्नान करते वक्त पिता-पुत्री की डूबने से मौत हो गई। दरअसल, परिवार की सबसे छोटी बेटी नहाते वक्त पानी में डूब रही थी। जिसे बचाते हुए पिता का संतुलन बिगड़ गया। इसके बाद असंतुलित पिता को बचाने के लिए बड़ी बेटी भी संतुलन खो बैठी। इसके बाद दोनों पानी में डूब गए। जिन्हें करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद पानी से बाहर निकाला। आनन-फानन में दोनों को वहां से सिविल अस्पताल ले जाया गया। जहां चेकअप के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद दोनों के शवों का पंचनामा भरवा कर शवगृह में रखवा दिया गया। पुलिस मामले की आगामी कार्रवाई कर रही है। बिहार का रहने वाला है पीड़ित परिवार जानकारी के अनुसार, मृतक मनोज (45) मूल रूप से पटना, बिहार के रहने वाले थे। वह पिछले कई सालों से अपने परिवार के साथ पानीपत में रह रहे थे। मनोज और उनके परिवार के अन्य वयस्क सदस्य पानीपत की ही एक निजी कंपनी में काम कर अपना गुजारा करते थे। शनिवार को छुट्टी होने के चलते परिवार के सभी सदस्य एक साथ समय बिताने और स्नान करने के लिए यमुना नदी के तट पर पहुंचे थे। किसी को अंदाजा नहीं था कि यह पिकनिक कुछ ही समय में मातम में बदल जाएगी। छोटी बेटी को बचाने में बिगड़ा पिता का संतुलन प्रत्यक्षदर्शियों और पारिवारिक के लोगों के अनुसार, यमुना नदी में नहाते समय अचानक पानी की गहराई का अंदाजा न होने के कारण मनोज की छोटी बेटी कैरा (6 वर्ष) डूबने लगी। बेटी को पानी में डूबता और मदद के लिए चिल्लाता देख पिता मनोज ने बिना अपनी जान की परवाह किए नदी में छलांग लगा दी। मनोज ने बेहद सूझबूझ और बहादुरी का परिचय देते हुए किसी तरह अपनी छोटी मासूम बेटी कैरा को पानी से बाहर निकाला और सुरक्षित किनारे पर पहुंचा दिया। लेकिन, अपनी लाडली की जान बचाते-बचाते मनोज खुद बुरी तरह थक चुके थे और किनारे के पास आते ही अचानक उनका संतुलन बिगड़ गया। वह खुद को संभाल नहीं पाए और तेज बहाव के कारण गहरे पानी की तरफ खींचते चले गए। पिता को डूबता देख बड़ी बेटी ने लगाई छलांग, दोनों डूबे अपने पिता को पानी में संघर्ष करते और डूबते देख किनारे पर खड़ी उनकी बड़ी बेटी चांदनी (13 वर्ष) से रहा नहीं गया। वह अपने पिता को बचाने के लिए तुरंत नदी में आगे बढ़ी। चांदनी तैरकर अपने पिता तक पहुंच भी गई और उन्हें पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन पानी का बहाव तेज और गहराई बहुत ज्यादा थी। वहां उन दोनों का संतुलन पूरी तरह बिगड़ गया। पिता को बचाने की कोशिश में 13 साल की मासूम चांदनी भी पानी के भंवर में फंस गई और देखते ही देखते दोनों पिता-पुत्री आंखों के सामने गहरे पानी में विलीन हो गए। दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद मिले शव हादसे के बाद मौके पर मौजूद परिवार के अन्य सदस्यों और राहगीरों में चीख-पुकार मच गई। तुरंत स्थानीय पुलिस और प्रशासन को मामले की सूचना दी गई। सूचना मिलते ही गोताखोरों की विशेष टीमों को मौके पर बुलाया गया। गोताखोरों ने तुरंत यमुना नदी के गहरे पानी में सर्च ऑपरेशन शुरू किया। करीब दो घंटे की बेहद कड़ी मशक्कत और तलाश के बाद गोताखोरों की टीम दोनों पिता-पुत्री को पानी के भीतर से बाहर निकालने में कामयाब रही। अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित किया नदी से बाहर निकालने के तुरंत बाद पुलिस और परिजनों की मदद से दोनों को अचेत अवस्था में पानीपत के सिविल अस्पताल (सामान्य अस्पताल) ले जाया गया। वहां एमरजेंसी वार्ड में तैनात डॉक्टरों की टीम ने दोनों का गहन स्वास्थ्य परीक्षण किया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
NEET-UG की परीक्षा लीक होने के बाद रद्द होने से पूरे देश में विरोध के स्वर सुनाई दे रहे हैं। MHRD डिपार्टमेंट ने भी इसे फेलियोर बताया है और जांच के आदेश दिए हैं। जिसके बाद CBI जांच कर रही है। NTA का विरोध कम होने का नाम नहीं ले रहा है। इसी क्रम में प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में हरिश्चंद्र महाविद्यालय के छात्रों ने NTA का पुतला फूंका और जमकर विरोध किया। इस दौरान उन्होंने NTA को शिक्षा का राक्षस बताया। इस दौरान MHRD मिनिस्टर धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई। देखिये तस्वीरें… मुख्य द्वार पर फूंका पुतला हरिश्चंद्र महाविद्यालय के छात्रों ने तय कार्यक्रम के अनुसार NTA का विरोध किया। NTA का पुतला बनाकर पहले कैंपस में लेकर घूमे और उसे गेट से बाहर ले जाने की कोशिश की पर कोतवाली पुलिस ने उन्हें गेट के अंदर ही रोक लिया। जहां छात्रों और पुलिसकर्मियों में नोकझोक भी हुई। इसके बाद गेट के अंदर ही छात्रों ने पुतले को आग लगाईं और जमकर नारेबाजी की। छात्रों ने कहा कि NTA अब नॉन ट्रस्टेड एजेंसी बनता जा रहा है। शिक्षा का राक्षस है NTA छात्र नेता अभय यादव ने कहा - NTA के द्वारा कराए जा रहे एग्जाम लगातार लीक हो रहे हैं। छात्रों का इससे भविष्य खराब हो रहा है। एक ही परीक्षा उन्हें दो दो बार देनी पड़ रही है। जिससे उनका कंसन्ट्रेशन खराब हो रहा है। और पास होने वाले छात्र भी फेल हो जा रहे हैं। हाल ही में हुई NEET की परीक्षा का पेपर लीक हुआ और उसे रद्द करना पड़ा। ऐसे में यह प्रतीत होता है की NTA शिक्षा का राक्षस है और यह शिक्षा को धीरे-धीरे ख़त्म कर रहा है क्योंकि परीक्षाएं लीक होंगीं तो अभ्यर्थियों का मन पढ़ाई में नहीं लगेगा। नॉन ट्रस्ट एजेंसी बन गयी है NTA, सरकार खत्म करे छात्र नेता अभिषेक यादव ने कहा - NTA अब नॉन ट्रस्टेड एजेंसी बन गयी है। इसपर भरोसा नहीं किया जा सकता। ऐसे में सरकार को चाहिए की इसे खत्म कर दे। छात्र लाखों रुपए लगाकर तैयारी करते हैं। फिर परेशान होकर अपने घरों से कई 100 किलोमीटर दू धक्के खाकर परीक्षाएं देने जाते हैं और परीक्षा के 10 दिन बाद कहा जाता है कि परीक्षा रद्द कर दी जा रही क्योंकि पेपर लिक हो गया। ऐसे में NTA की भूमिका की जांच होनी चाहिए।
चित्रकूट जिले की ग्राम पंचायत बरगढ़ को जनपद का पहला 'सोलर विलेज' बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। शनिवार को जिलाधिकारी पुलकित गर्ग और पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने केंद्र सरकार की 'पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना' का शुभारंभ किया। इस योजना के तहत ग्रामीणों को मात्र 27 हजार रुपए के निवेश पर 2 किलोवाट का सोलर प्लांट उपलब्ध कराया जाएगा। जिलाधिकारी ने बताया कि जिले की 350 ग्राम पंचायतों में से बरगढ़ का चयन सर्वप्रथम किया गया है। इस पहल का लक्ष्य गांव के हर घर के साथ-साथ सरकारी कार्यालयों, स्कूलों, अस्पतालों और आंगनबाड़ी केंद्रों को भी सौर ऊर्जा से जोड़ना है। इससे बिजली के खर्च में कमी आएगी और पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता घटेगी। डीएम के अनुसार, 2 किलोवाट के सोलर प्लांट की कुल लागत लगभग ₹1.30 लाख है। इसमें केंद्र सरकार द्वारा ₹90 हजार की सब्सिडी सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाएगी। इसके अतिरिक्त, जिला प्रशासन की ओर से 10 प्रतिशत की अतिरिक्त छूट प्रदान की जा रही है। इस प्रकार, लाभार्थी को केवल ₹27 हजार का भुगतान करना होगा। योजना के तहत लगाए जाने वाले प्लांट पर 25 साल की वारंटी मिलेगी और 10 साल तक आसान किश्तों पर ऋण सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। जिलाधिकारी ने बताया कि इस सोलर सिस्टम से उपभोक्ताओं को लंबे समय तक बिजली बिल से राहत मिलेगी। गरीब और वंचित परिवारों को प्राथमिकता देने के लिए एक विशेष सर्वेक्षण भी कराया जाएगा। शुभारंभ कार्यक्रम के दौरान, योजना के लिए सबसे पहले पंजीकरण कराने वाले नसीमुद्दीन को जिलाधिकारी और एसपी ने सम्मानित किया। इस अवसर पर यूपी नेडा के जिला प्रभारी रजनीश कुमार पांडेय, सीडीपी सोलर सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिनिधि, ग्राम प्रधान और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
धार जिले के बरमंडल में शुक्रवार देर रात बस स्टैंड स्थित मां भवानी हार्डवेयर दुकान में चोरी की वारदात सामने आई है। अज्ञात चोर दुकान का ताला तोड़कर हजारों रुपए का सामान और नकदी चुराकर फरार हो गए। घटना के बाद व्यापारियों और ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। दुकान संचालक रामचंद्र मारू ने बताया कि सुबह दुकान खोलने पहुंचे तो शटर के ताले टूटे मिले। अंदर जाकर देखा तो सामान बिखरा पड़ा था। चोर दुकान से तीन ग्लाइडर मशीनें, स्टील के नल, प्रोफाइल लाइट, लाइट स्ट्रिप, छत पंखे और दीवार पंखे सहित अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान ले गए। गल्ले में रखे करीब 4 से 5 हजार रुपए नकद भी गायब मिले। CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस घटना की सूचना मिलने पर डायल-112 पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर पंचनामा बनाया और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है, ताकि आरोपियों का सुराग मिल सके। इसी बीच बरमखेड़ी गांव से भी चोरी का मामला सामने आया है। यहां पूर्व सरपंच कैलाश मेड़ा के घर से अज्ञात चोर दो बोरी सोयाबीन चुराकर ले गए। क्षेत्र में लगातार हो रही चोरी की घटनाओं से ग्रामीणों और व्यापारियों में चिंता बढ़ गई है। लोगों ने पुलिस प्रशासन से रात्रि गश्त बढ़ाने और जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की है।
गुरुग्राम साइबर क्राइम पुलिस ने सोशल मीडिया के जरिए लोगों को ठगी का शिकार बनाने वाले एक अंतरराष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस मामले में तीन नाइजीरियाई नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान चिनेडु, जेम्स संडे और जूल्स ककाओ के रूप में हुई है। पुलिस ने तीनों आरोपियों को 14 मई को उत्तर प्रदेश के नोएडा से गिरफ्तार किया। उन्हें कोर्ट में पेश कर एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस ने इनके कब्जे से 19 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप और 18 भारतीय व अंतर्राष्ट्रीय सिम कार्ड बरामद किए हैं। इंस्टाग्राम पर हुई थी लड़की से मुलाकात एक शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि उसकी पहचान इंस्टाग्राम पर एक लड़की से हुई थी। बातचीत के दौरान लड़की ने उसे बताया कि वह भारत आ चुकी है और मुंबई एयरपोर्ट पर उसका बैंक चेक इंडियन करेंसी में बदलवाने के लिए रजिस्ट्रेशन फीस के तौर पर 69 हजार 900 रुपए की आवश्यकता है। शिकायतकर्ता ने लड़की के बताए बैंक खाते में रकम ट्रांसफर कर दी। जब लड़की ने और पैसे मांगे, तो पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ और उसने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी सोशल मीडिया पर लड़कियों की फर्जी आईडी बनाकर लोगों से संपर्क करते थे। वे भारत आने, गिफ्ट भेजने या पैसे एक्सचेंज करवाने का झांसा देकर रजिस्ट्रेशन फीस, एंटी मनी लॉन्ड्रिंग शुल्क और अन्य बहानों से रकम ट्रांसफर करवाते थे। बांग्लादेश के रास्ते अवैध रुप से भारत आया युवक शुरुआती जांच में यह भी पता चला कि आरोपी जेम्स संडे वर्ष 2022 में बांग्लादेश के रास्ते अवैध रूप से भारत आया था। वहीं, चिनेडु वर्ष 2018 और जूल्स वर्ष 2017 में स्टडी वीजा पर भारत आए थे। पुलिस को इनके पास से कोई वैध वीजा या पासपोर्ट नहीं मिला, जिसके चलते मामले में पासपोर्ट एक्ट और फॉरेनर एक्ट की धाराएं भी जोड़ी गई हैं।
पन्ना जिले के सिमरिया में सांटा बुद्ध सिंह गांव में जमीन के लालच में एक 72 साल की बुजुर्ग विधवा महिला के साथ बेरहमी से मारपीट की गई। हद तो तब हो गई जब अस्पताल पहुंचने पर बुजुर्ग महिला को बेड तक नसीब नहीं हुआ और उन्हें जमीन पर लेटना पड़ा। पीड़ित बुजुर्ग महिला हरचटिया लुहार के पास उनके पिता की दी हुई पैतृक जमीन है। आरोप है कि उनके रिश्ते का भाई पंछी लुहार इसी जमीन को हड़पना चाहता है। शनिवार 16 मई को जब महिला ने जमीन पर कब्जे का विरोध किया, तो आरोपी ने लाठी-डंडों और कुल्हाड़ी के हत्थे से उन पर हमला कर दिया। इस हमले में वृद्धा को काफी गंभीर चोटें आई हैं। अस्पताल में बेड नहीं, जमीन पर लेटी रहीं बुजुर्ग घायल बुजुर्ग महिला को जब इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, तो वहां के इंतजामों की पोल खुल गई। अस्पताल प्रबंधन ने यह कहकर महिला को जमीन पर लिटा दिया कि वार्ड में पलंग खाली नहीं है। प्रबंधन का तर्क था कि उन्हें सिर्फ इंजेक्शन लगाना था, इसलिए नीचे लिटाया गया। बाद में हालत गंभीर देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल पन्ना रेफर कर दिया गया। बीच-बचाव करने आए भाई को भी पीटा जब पीड़िता का इकलौता भाई अपनी बहन को बचाने आया, तो आरोपी ने उसे भी नहीं छोड़ा और उसके साथ भी मारपीट की। आरोपी ने दोनों को जान से मारने की धमकी देते हुए कहा, तुम्हें काटकर फेंक देंगे। साथ ही पुलिस के पास जाने पर बुरा अंजाम भुगतने की चेतावनी भी दी। एसपी दफ्तर पहुंचे पीड़ित आरोपी की धमकियों से डरे हुए भाई-बहन न्याय की मांग लेकर सीधे पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय पहुंचे। उन्होंने एसपी के नाम ज्ञापन देकर आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और खुद की जान बचाने की गुहार लगाई है। पुलिस फिलहाल मामले की जांच कर रही है।
संभल में व्यापार मंडल ने की बैठक:देशहित और विकास पर जोर, सोना न खरीदने की अपील
संभल के कोट गर्बी में अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। नगर अध्यक्ष नाजिम सैफी के आवास पर हुई इस बैठक का मुख्य उद्देश्य व्यापारियों के बीच समन्वय स्थापित करना और देश-प्रदेश के विकास से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श करना था। बैठक की अध्यक्षता हाजी अशरफ शालीमार ने की, जबकि संचालन सलमान खान ने किया। बैठक में हाजी एहतेशाम अहमद ने देश के सर्वांगीण विकास के लिए प्रधानमंत्री के निर्देशों के अनुरूप संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने विशेष रूप से पेट्रोल और डीजल के अनावश्यक उपयोग से बचने की अपील की। साथ ही, उन्होंने सोने-चांदी के आभूषणों की अनावश्यक खरीद से भी बचने का आग्रह किया, ताकि आर्थिक संतुलन बना रहे और राष्ट्रीय संसाधनों का सही उपयोग हो सके। नगर अध्यक्ष नाजिम सैफी ने कहा कि विकास कार्यों में लगे राज्य कर्मचारियों को आवश्यक जानकारी देकर सहयोग करना सभी नागरिकों की जिम्मेदारी है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि पारदर्शिता और सहयोग की भावना से कार्य करने पर प्रदेश और देश विकास के पथ पर तेजी से आगे बढ़ेंगे। इस दौरान व्यापार मंडल के विभिन्न पदाधिकारियों ने भी अपने विचार व्यक्त किए और संगठन को मजबूत करने पर जोर दिया। सभी उपस्थित सदस्यों ने एकमत होकर समाजहित और देशहित में कार्य करने का संकल्प लिया। बैठक शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुई। बैठक में मीडिया प्रभारी अजीम अब्बासी, फुरकान वारसी, मोहतासिम राजा, शाहनवाज अंसारी, सोमनाथ खुराना, दीपक वर्मा, रेहान वारसी, मो. जुहैब, मो. नईम, आदिल उर्फ बिट्टू वारसी, शान एडवोकेट, शाहनवाज अख्तर, अतीक सैफी, मो. रेहान वारसी, मो. अमान सहित कई पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे।
हरदोई में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए पिछड़ा वर्ग के शिक्षित बेरोजगार युवक-युवतियों को 'ओ' लेवल और 'सीसीसी' कंप्यूटर प्रशिक्षण देने वाली संस्थाओं के चयन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। उत्तर प्रदेश के निदेशक, पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के निर्देशों पर यह सूचना जारी की गई है। जिले में संचालित भारत सरकार की अधिकृत संस्था नीलिट से मान्यता प्राप्त सभी कंप्यूटर प्रशिक्षण संस्थाएं इस योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं। इस योजना के तहत अन्य पिछड़ा वर्ग के इंटरमीडिएट उत्तीर्ण युवक-युवतियों को कंप्यूटर प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 20 मई 2026 से शुरू होकर 3 जून 2026 तक चलेगी। इच्छुक एवं पात्र संस्थाएं backwardwelfareup.gov.in और obccomputertraining.upsdc.gov.in पर उपलब्ध लिंक के माध्यम से आवेदन कर सकेंगी। आवेदन के साथ संस्थाओं को अपनी मान्यता से संबंधित दस्तावेज, आधारभूत संरचना का विवरण और निर्धारित प्रारूप पर नोटरी शपथ-पत्र ऑनलाइन अपलोड करना होगा। इसके अतिरिक्त, आवेदन की हार्ड कॉपी जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी, हरदोई के कार्यालय में 3 जून 2026 की शाम 5 बजे तक जमा कराना अनिवार्य है। विभाग ने बताया है कि आवेदन प्रक्रिया और योजना से संबंधित किसी भी जानकारी के लिए मोबाइल नंबर 9076600582 पर संपर्क किया जा सकता है।
गिरिडीह जिले के निमियाघाट थाना क्षेत्र में शनिवार को उस समय अफरातफरी मच गई, जब एक युवक अपनी मांग पूरी नहीं होने पर 100 फीट ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ गया। युवक की जिद थी कि उसकी शादी उसके भाई की साली से कराई जाए। इधर, इस हाई वोल्टेज ड्रामे को देखने के लिए मौके पर लोगों की भारी भीड़ जुट गई। घटना निमियाघाट स्थित पुराने थाना भवन के पीछे लगे मोबाइल टावर की है। शनिवार सुबह करीब नौ बजे टावर के टेक्निशियन मशीन की जांच करने पहुंचे थे। युवक किसी की बात सुनने को तैयार नहीं हुआइसी दौरान उनकी नजर टावर पर चढ़े युवक पर पड़ी। टेक्निशियन ने उसे नीचे उतरने के लिए कहा, लेकिन युवक किसी की बात सुनने को तैयार नहीं हुआ। घटना की सूचना मिलते ही निमियाघाट थाना प्रभारी सुमन कुमार के निर्देश पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची। सहायक अवर निरीक्षक सतेंद्र कुमार समेत अन्य पुलिसकर्मी घंटों तक युवक को समझाने का प्रयास करते रहे, लेकिन युवक अपनी मांग पर अड़ा रहा। पुलिस की ओर से उसे खाना भी दिया गया, मगर उसने खाने से भी इनकार कर दिया। धनबाद के गोविंदपुर क्षेत्र का है रहने वालामामले की जानकारी मिलते ही जिला परिषद सदस्य धनंजय कुमार भी मौके पर पहुंचे और युवक को समझाने की कोशिश की। पूछताछ में पता चला कि युवक धनबाद जिले के गोविंदपुर क्षेत्र का रहने वाला है और उसका नाम सुनील है। युवक पहले से शादीशुदा है, लेकिन वह अपने भाई की साली से दूसरी शादी करना चाहता है। जिस युवती से शादी की बात कही जा रही है, वह बोकारो जिले के नावाडीह क्षेत्र की रहने वाली है। युवक का मोबाइल नीचे ही पड़ा मिला, जिसके जरिए उसके परिजनों को घटना की सूचना दी गई। स्थानीय लोगों के अनुसार युवक सुबह से ही टावर पर चढ़ा हुआ था। आसपास के ग्रामीण और मवेशी चरा रही महिलाएं भी उसे नीचे उतरने के लिए कहती रहीं, लेकिन वह लगातार अपनी मांग दोहराता रहा।
बदायूं में एक जूनियर हाईस्कूल के सहायक अध्यापक पर आठवीं कक्षा की छात्रा से छेड़छाड़ का आरोप लगा है। पुलिस ने छात्रा के पिता की तहरीर पर सहायक अध्यापक प्रेमवीर सिंह के खिलाफ छेड़छाड़ और धमकाने का मामला दर्ज कर लिया है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है। यह घटना उसहैत थाना क्षेत्र के एक गांव की है। पीड़ित नाबालिग छात्रा गांव के ही जूनियर हाईस्कूल में पढ़ती है। छात्रा के पिता ने पुलिस को बताया कि उनकी बेटी आज स्कूल गई थी, जहां सहायक अध्यापक प्रेमवीर सिंह ने उसके साथ छेड़छाड़ और अशोभनीय हरकत की। छात्रा ने घर पहुंचकर परिजनों को पूरी घटना बताई। परिवार के सदस्यों के अनुसार, इस घटना के बाद छात्रा मानसिक रूप से परेशान है। परिजन और गांव वाले स्कूल पहुंचे और शिक्षक से शिकायत भी की आरोप है कि वहां शिक्षक ने गलती मानने की जगह दबाव बनाना शुरू कर दिया। एसएचओ देवेंद्र सिंह ने बताया कि आरोपी सहायक अध्यापक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और पीड़िता को मेडिकोलीगल जांच के लिए भेजा गया है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।
देवास में नाली किनारे मिला युवक का शव:2 दिन पुराना होने की आशंका, पहचान के लिए किए जा रहे हैं प्रयास
देवास के औद्योगिक थाना क्षेत्र में एक कंपनी के पास नाली किनारे अज्ञात युवक का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। शुक्रवार रात स्थानीय लोगों ने शव पड़े होने की सूचना पुलिस को दी, जिसके बाद औद्योगिक थाना पुलिस मौके पर पहुंची। जानकारी के अनुसार, शव औद्योगिक क्षेत्र में एक कंपनी के पास नाली किनारे पड़ा मिला। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जिला अस्पताल भिजवाया। प्रारंभिक जांच में शव करीब दो दिन पुराना बताया जा रहा है। शव की हालत खराब होने के कारण मृतक की पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस अब युवक की शिनाख्त के लिए सोशल मीडिया पर फोटो जारी कर उसकी पहचान कराने का प्रयास कर रही है। शर्ट पर मिला कंपनी का नाम पुलिस को मृतक की शर्ट पर एक कंपनी का नाम लिखा मिला है। इसके आधार पर आशंका जताई जा रही है कि युवक किसी कंपनी में काम करता हो सकता है। फिलहाल युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसका खुलासा नहीं हो सका है। औद्योगिक थाना police पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है।
रायबरेली में कैबिनेट मंत्री मनोज कुमार पांडे ने पदभार संभालने के बाद अपनी पहली प्रेस वार्ता की। इस दौरान उन्होंने रायबरेली के समग्र विकास, कानून व्यवस्था और हाल ही में आए चक्रवात से प्रभावित परिवारों को दी गई सहायता पर विस्तार से चर्चा की। मंत्री पांडे ने बताया कि हाल ही में आए चक्रवात से रायबरेली में भारी तबाही हुई थी। इसमें कई घर क्षतिग्रस्त हुए, पशु हताहत हुए और बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए। उन्होंने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस आपदा का संज्ञान लेते हुए तुरंत आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की थी। इसके तहत, मृतक परिवारों को उचित मुआवजा और अन्य प्रभावितों को राहत पैकेज प्रदान किया गया। मंत्री ने स्वयं पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को सुना और उचित सहायता सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया। प्रेस वार्ता के दौरान मनोज कुमार पांडे ने रायबरेली के विकास कार्यों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू कर क्षेत्र का तेजी से विकास किया जाएगा। मंत्री ने कानून व्यवस्था को और मजबूत बनाने का संकल्प लेते हुए कहा कि कोई भी अपराधी बिना सजा के नहीं बचेगा। मंत्री ने स्थानीय समस्याओं के समाधान, युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने और किसानों की आय बढ़ाने संबंधी योजनाओं सहित अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा की। मनोज कुमार पांडे ने पत्रकारों से विकास कार्यों में सहयोग करने और जन समस्याओं को उजागर कर सरकार तक पहुंचाने में मदद करने की अपील की। उन्होंने कहा, “रायबरेली का विकास हमारी प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश और क्षेत्र दोनों तरक्की कर रहे हैं।” यह प्रेस वार्ता कैबिनेट में शामिल होने के बाद मंत्री की पहली औपचारिक बातचीत थी, जिसमें उन्होंने स्थानीय मुद्दों पर सक्रिय रुख प्रदर्शित किया।
बहराइच-नानपारा मार्ग पर शनिवार दोपहर एक निजी यात्री बस अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गई। इस हादसे में चालक सहित कुल 23 लोग घायल हो गए। सूचना मिलने पर मटेरा चौकी इंचार्ज पुलिस कर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे और घायलों को एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया। बस बहराइच के प्राइवेट बस स्टैंड से यात्रियों को लेकर मिहिपुरवा जा रही थी। मटेरा थाना क्षेत्र के भवनियापुर के पास पहुंचने पर बस अनियंत्रित हो गई और सड़क किनारे लगे बबूल के पेड़ से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस में बैठे यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। घायलों में बूंदीलाल, फूलकुमारी, मीरा, मोनू, दीपिका, वर्तिका, कुंती, अनीता, हनीफ, ममता और अनूप सहित कुल 23 लोग शामिल हैं। मटेरा चौकी प्रभारी गोपाल तिवारी ने बताया कि सभी घायलों को एंबुलेंस की सहायता से नानपारा स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है।
बारां जिले में जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा 'जनजाति गरिमा उत्सव' का आयोजन किया जा रहा है। यह उत्सव 10 मई से 9 जून तक चलेगा। इसके तहत जिले में 18 से 25 मई के बीच विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन होगा। जिला कलेक्टर बाल मुकुन्द असावा ने बताया कि 18 से 25 मई तक 'जन भागीदारी-सबसे दूर, सबसे पहले' अभियान के तहत सैच्यूरेशन कैंप लगाए जाएंगे। ये कैंप 'धरती आबा जनजाति ग्राम उत्कर्ष अभियान' और 'पीएम जनमन' से कवर होने वाले गांवों के आदि सेवा केंद्रों पर आयोजित होंगे। इन कैंपों में 'धरती आबा जनजाति ग्राम उत्कर्ष अभियान' से जुड़े 17 विभागों के अधिकारी अपनी सहभागिता सुनिश्चित करेंगे। इस अभियान के सुचारु संचालन के लिए शाहबाद के अतिरिक्त कलेक्टर और सहरिया विकास परियोजना अधिकारी जब्बर सिंह को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
नमस्कार,ये है, इंदौर में आज की 10 बड़ी खबरें। अब आप एक ही जगह पर शहर की दिनभर की बड़ी खबरें रोज शाम 5 बजे पढ़ सकते हैं। इंदौर में कब क्या हुआ, इसकी सारी जानकारी यहां मिलेगी। राजनीति से लेकर हर दिन होने वाले बड़े इवेंट, हादसे, कार्यक्रम सबकुछ मिलेगा… 1. दिग्विजय सिंह बोले- मैं घोर सनातनी हूं मैं घोषणा करता आया हूं और आज फिर कह रहा हूं कि मैं घोर सनातन धर्म का मानने वाला हूं। मेरे कहने के बाद ही आपने सनातन धर्म को स्वीकार किया, पहले आप लोग सिर्फ हिंदू-हिंदू धर्म करती थीं। पढ़ें पूरी खबर.. 2. भोजशाला मामले में हिंदू पक्ष पहुंचा सुप्रीम कोर्ट धार के चर्चित भोजशाला मामले में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर पीठ द्वारा हिंदुओं के पक्ष में फैसला सुनाए जाने के बाद अब मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। हिंदू पक्ष ने संभावित कानूनी चुनौती को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट में केविएट दाखिल कर दी है। पढ़ें पूरी खबर.. 3. प्लास्टिक दाना बनाने वाली फैक्ट्री में आग धार रोड स्थित प्लास्टिक का दाना बनाने वाली फैक्ट्री डीयू ड्रॉप एरिगेशन में शनिवार सुबह करीब 7 बजे आग लग गई। आग इतनी भीषण थी कि उसका काला धुआं और गुब्बार कई किलोमीटर दूर से देखा गया। घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाना शुरू किया। पढ़ें पूरी खबर.. 4. पुलिस कमिश्नर का एक्शन, 9 बदमाश जिलाबदर क्राइम कंट्रोल को लेकर इंदौर पुलिस कमिश्नर ने बदमाशों को पर एक्शन लिया है। उन्होंने 14 शातिर बदमाशों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है, वहीं 9 कुख्यात बदमाशों को जिलाबदर कर दिया है। पढ़ें पूरी खबर.. 5. पारा 2 डिग्री गिरा, फिर भी भीषण गर्मी मई के तीसरे हफ्ते में दिन के तापमान में हल्की गिरावट है। शुक्रवार को दिन का तापमान 2 डिग्री कम होकर 41.8 (+2) डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इसके बावजूद काफी गर्मी रही और लोग हलाकान होते रहे। रात का तापमान 3 डिग्री लुढ़ककर 25.5 (+1) डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। पढ़ें पूरी खबर.. 6. थाने से निकलते हुए रील बनाई-‘बल्लू तुम्हारी जेल से फरार एक युवक को थाने से बाहर निकलते हुए रील बनाना महंगा पड़ गया। रील बनाकर उसने सोशल मीडिया पर पोस्ट की तो पुलिस ने उसके घर दस्तक दे दी और उसे पकड़ लिया। पकड़ने के बाद उसने कान पकड़कर कहा कि ऐसी गलती फिर नहीं करूंगा। पढ़ें पूरी खबर.. 7. खुले चैम्बर में युवक का पैर फंसा वर्ल्ड कप चौराहा के पास शनिवार सुबह खुले और असुरक्षित चेंबर की वजह से बड़ा हादसा होते-होते टल गया। एक युवक का पैर अचानक चेंबर के भीतर फंस गया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। पढ़ें पूरी खबर.. 8. इंदौर-खंडवा मार्ग पर 18 मई तक भारी वाहनों पर रोक ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में शनिश्चरी अमावस्या और रविवार के अवकाश के चलते श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन ने विशेष ट्रैफिक प्लान लागू किया है। पढ़ें पूरी खबर.. 9. इंफोबिंस को-फाउंडर बोले- AI नौकरी नहीं छीन सकता आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर आज पूरी दुनिया दो धड़ों में बंटी नजर आती है। एक वो जो इसे भविष्य मानते हैं और दूसरे वो जो इससे आशंकित हैं। एक्सपर्टस का मानना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बड़ते उपयोग से इंदौर सहित मप्र की कई कंपनियों में रोजगार का संकट पैदा हो गया है। पढ़ें पूरी खबर.. 10. एमडी ड्रग बेचने वाले तस्कर पकड़ाए इंदौर के रहने वाले तीन बदमाशों को मंदसौर पुलिस ने करीब 1 किलो एमडी ड्रग के साथ पकड़ा है। आरोपी इंदौर से माल की डिलीवरी लेने पहुंचे थे। बदमाशों से एक कार भी मिली है। जानकारी के मुताबिक वे खजराना और आजाद नगर इलाके में माल सप्लाई करते थे। पढ़ें पूरी खबर..
नरसिंहपुर जिला अस्पताल में शनिवार को एंबुलेंस व्यवस्था की बड़ी लापरवाही सामने आई। ग्राम सूरवारी निवासी 65 वर्षीय शम्मो बी को हार्ट अटैक के बाद जबलपुर रेफर किया गया था। परिजनों का आरोप है कि एंबुलेंस कर्मी ने सिलेंडर में पर्याप्त ऑक्सीजन न होने की बात कहकर मरीज को ले जाने में देरी की। 150 मीटर तक कंधे पर उठाकर गेट तक पहुंचे एंबुलेंस में करीब आधे घंटे तक ऑक्सीजन का इंतजार करने के बाद परिजनों ने वृद्धा को वाहन से उतार लिया। वे मरीज को कंधे पर उठाकर अस्पताल परिसर से 150 मीटर दूर मुख्य गेट तक ले गए। वहां से ऑटो रिक्शा के जरिए सुभाष पार्क स्थित एक निजी अस्पताल पहुंचे, जहां इलाज के दौरान वृद्धा की मौत हो गई। सीएमएचओ बोले- मामले की जांच करेंगे मामले में सीएमएचओ डॉ. मनीष मिश्रा ने बताया कि एंबुलेंस कर्मियों की मनमानी को लेकर पूर्व में भी पत्राचार किया गया है। उन्होंने कहा कि शिकायत मिलने पर इस मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाएगी और दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। एंबुलेंसकर्मियों ने आरोपों को बताया निराधार दूसरी ओर, एंबुलेंस कर्मियों ने कहा कि वाहन में पर्याप्त ऑक्सीजन उपलब्ध थी। कर्मियों का दावा है कि परिजन मरीज को जबलपुर के बजाय निजी अस्पताल ले जाने की बात कह रहे थे। फिलहाल, एंबुलेंस सेवाओं की कार्यप्रणाली और समन्वय को लेकर अस्पताल प्रबंधन पर सवाल उठ रहे हैं।
मधेपुरा के डीएम अभिषेक रंजन ने शनिवार को मुरलीगंज प्रखंड कार्यालय परिसर में आयोजित सहयोग शिविर एवं फार्मर रजिस्ट्री कैम्प के सफल संचालन को लेकर सभी प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों और कर्मियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में शिविर की तैयारियों, आमजनों को मिलने वाली सुविधाओं तथा फार्मर रजिस्ट्री अभियान की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि सहयोग शिविर में आने वाले लोगों की समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। निबंधन का अभियान 30 जून तक चलाया जाएगा उन्होंने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लाभुकों तक समयबद्ध तरीके से पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है। किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। फार्मर रजिस्ट्री कैम्प की समीक्षा करते हुए डीएम ने बताया कि किसानों के निबंधन का अभियान 30 जून तक चलाया जाएगा। शिविर को सफल बनाने पर जोर दिया उन्होंने अधिकारियों को किसानों के रजिस्ट्रेशन कार्य में तेजी लाने, आवश्यक दस्तावेजों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा अधिक से अधिक किसानों को जागरूक कर शिविर तक लाने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने सभी विभागीय कर्मियों एवं अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए शिविर को सफल बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसानों एवं आमजनों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए तथा शिविर में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाए। बैठक में अनुमंडल पदाधिकारी सहित विभिन्न विभागों के जिलास्तरीय पदाधिकारी, कर्मी एवं संबंधित प्रखंड स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
कानपुर देहात के शनिवार को भोगनीपुर तहसील सभागार में एसडीएम देवेंद्र कुमार की अध्यक्षता में तहसील दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। तहसील दिवस में क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं से संबंधित कुल 120 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से पांच का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। तहसील क्षेत्र के टुटुईचांद गांव निवासी मुकेश कुमार ने शिकायत की कि उनके खेत से बने चकरोड की मिट्टी को एक ईंट भट्ठा संचालक ने जबरन खोदकर उठा लिया है। इसी तरह, बरगवां गांव की सरोजनी देवी ने आरोप लगाया कि उनकी अनुपस्थिति में लेखपाल अनुरागिनी ने रास्ते में खूंटे गड़वा दिए हैं, जिससे आवागमन बाधित हो रहा है और ग्रामीणों को परेशानी हो रही है। नगसिया गांव के वीरेंद्र सिंह ने बताया कि उनके गांव में कुछ समय पहले बिजली का खंभा टूट गया था और विद्युत तार नीचे लटक रहे हैं। उन्होंने किसी बड़े हादसे की आशंका जताते हुए विद्युत पोल बदलवाने और आपूर्ति बहाल करने की मांग की। सिथरा बुजुर्ग गांव निवासी हरिओम ने गांव में बदहाल सफाई व्यवस्था की शिकायत की। उन्होंने बताया कि सफाईकर्मी के नियमित रूप से न आने के कारण गांव में गंदगी फैली हुई है और नालियां बजबजा रही हैं, जिससे दुर्गंध फैल रही है। हरिओम ने गांव में नियमित सफाई कराने की मांग उठाई। एसडीएम देवेंद्र कुमार ने प्राप्त सभी शिकायतों को संबंधित विभागों के अधिकारियों को सौंपते हुए उनके शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए।
हरदोई में जननायक मदारी पासी की प्रस्तावित प्रतिमा के अनावरण से पहले विवाद उत्पन्न हो गया। भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने प्रशासन पर प्रतिमा की पहचान छिपाने का आरोप लगाते हुए शनिवार शाम को प्रदर्शन किया।शहर के एक चौराहे का सौंदर्यीकरण किया गया था और स्थानीय निवासियों को बताया गया था कि यहां जननायक मदारी पासी की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। प्रतिमा का अनावरण कार्यक्रम शनिवार शाम लगभग 6 बजे निर्धारित था। अनावरण कार्यक्रम से लगभग 2 घंटे पहले, भीम आर्मी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन और नगर पालिका ने अंतिम समय तक यह जानकारी गोपनीय रखी कि किस व्यक्ति की प्रतिमा का अनावरण किया जाना है। भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष करण पासी ने दावा किया कि प्रशासन जानबूझकर प्रतिमा की पहचान छिपा रहा है। उन्होंने कहा कि उन्हें मिली जानकारी के अनुसार, चौराहे पर स्थापित की गई प्रतिमा मदारी पासी की नहीं है। इस आरोप के बाद कार्यकर्ताओं ने सड़क किनारे बैठकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि वहां जननायक मदारी पासी की प्रतिमा स्थापित नहीं की गई, तो एक बड़ा आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। उन्होंने अधिकारियों से संतोषजनक जवाब न मिलने का भी आरोप लगाया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए, प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने भीम आर्मी कार्यकर्ताओं को समझाने का प्रयास किया। हालांकि, खबर लिखे जाने तक प्रतिमा की पहचान को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी थी। यह सवाल बना हुआ है कि एक सार्वजनिक कार्यक्रम में प्रतिमा की पहचान अंतिम समय तक गोपनीय क्यों रखी गई।
सोनभद्र मे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ऊर्जा संरक्षण की अपील का असर अब जमीनी स्तर पर दिखने लगा है। शुक्रवार को सदर विधायक भूपेश चौबे अपने निजी वाहन का उपयोग छोड़कर समर्थकों और सुरक्षा कर्मियों के साथ ई-रिक्शा से बिजली विभाग कार्यालय पहुंचे।विधायक के इस कदम ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया और ऊर्जा संरक्षण का एक बड़ा संदेश दिया। बिजली विभाग कार्यालय पहुंचने के बाद विधायक ने हाल ही में आए आंधी-तूफान से प्रभावित विद्युत आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक में खराब बिजली व्यवस्था,फाल्ट और उपभोक्ताओं की शिकायतों पर नाराजगी व्यक्त की।विधायक ने अधिकारियों को शीघ्र समाधान के निर्देश दिए और चेतावनी दी कि लापरवाही बरतने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। बैठक के दौरान विधायक की नजर एक अधिकारी के एसी टेबल पर रखे भगवा कपड़े पर पड़ी।उन्होंने अधिकारी को नसीहत देते हुए कहा कि भगवा त्याग,तपस्या और सेवा का प्रतीक है।इसलिए केवल दिखावे के बजाय जनता की सेवा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।उन्होंने अधिकारियों से आम लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने को कहा। कार्यालय से लौटते समय विधायक भूपेश चौबे ने कर्मचारियों और अधिकारियों से ईंधन चालित वाहनों का कम से कम प्रयोग करने और सार्वजनिक परिवहन को अपनाने की अपील की।उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में पूरी दुनिया ऊर्जा संकट की गंभीर चुनौती से जूझ रही है और इसका प्रभाव भारत पर भी पड़ रहा है।ऐसे में ऊर्जा संरक्षण अब विकल्प नहीं बल्कि एक आवश्यकता बन चुका है। विधायक ने यह भी कहा कि इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित हो रही है।इसका असर आने वाले दिनों में और अधिक दिखाई दे सकता है।उन्होंने जोर दिया कि पेट्रोल-डीजल की खपत कम करना समय की मांग है और हर नागरिक को इसमें अपनी भूमिका निभानी चाहिए। राहुल गांधी पर कसा तंज कांग्रेस नेता राहुल गांधी के पुराने बयान को लेकर पूछे गए सवाल पर विधायक ने तीखी प्रतिक्रिया दी।उन्होंने कहा- राहुल गांधी क्या बोलते हैं,कब बोलते हैं और क्यों बोलते हैं, इसका शायद उन्हें खुद भी पता नहीं रहता। प्रधानमंत्री की ऊर्जा संरक्षण और विदेशी मुद्रा बचाने की अपील का उपहास उड़ाना उनकी पुरानी आदत बन चुकी है।
मऊ के भीटी स्थित वार्ड नंबर-02 में निर्माणाधीन विसर्जन घाट/सौंदर्यीकरण कार्य का मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) विवेक कुमार श्रीवास्तव ने निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि यह कार्य लगभग 75 प्रतिशत पूरा हो चुका है। सीडीओ श्रीवास्तव ने कार्यदायी संस्था से निर्माण कार्य की प्रगति के बारे में जानकारी ली। संस्था ने बताया कि धनराशि देर से मिलने के कारण कार्य निर्धारित समय पर पूरा नहीं हो सका था, लेकिन अब राशि प्राप्त हो गई है। इस पर मुख्य विकास अधिकारी ने कार्यदायी संस्था को युद्ध स्तर पर मजदूरों और मिस्त्रियों की संख्या बढ़ाकर कार्य को तत्काल पूरा करने का निर्देश दिया। मौके पर निरीक्षण के दौरान घाट पर लाल बलुआ पत्थर का कार्य, यात्री शेड में फिनिशिंग और टाइल्स का कार्य तथा टॉयलेट का निर्माण पूरा पाया गया। हालांकि, टॉयलेट में फिटिंग और टाइल्स लगाने जैसे कुछ कार्य अभी भी अधूरे थे। सेफ्टी टैंक और सोक पिट का कार्य पूर्ण हो चुका था, जबकि गजीबो का प्लिंथ स्तर तक का कार्य भी पूरा पाया गया। टॉयलेट में लगे रोशनदान को असुरक्षित मानते हुए, सीडीओ ने कार्यदायी संस्था को इसे बाहर से सुरक्षित कराने और पूरे निर्माणाधीन कार्य को तुरंत पूरा करने के निर्देश दिए।
आजमगढ़ में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर बिहार से दिल्ली जा रही तेज रफ्तार स्विफ्ट कार आगे चल रहे ट्रेलर जा घुसी। हादसे में कार में बैठे 5 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। कार के परखच्चे उड़ गए। मामले की जानकारी मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने सभी डेड बॉडी को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। इसके साथ ही सभी मृतकों के पहचान के प्रयास किया जा रहे हैं। यह हादसा दोपहर 3:00 बजे के करीब कंधरापुर थाना क्षेत्र में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के माइलस्टोन नंबर 238 के पास हुआ है। मरने वालों में 2 बच्चियां और एक महिलामरने वालों में 2 पुरुष एक महिला और दो बच्चियां शामिल हैं। पुलिस को घटनास्थल से मनीष श्रीवास्तव नाम की एक आईडी मिली है, जिसमें एक पता गुड़गांव के फरीदाबाद का है, जबकि एक पता बिहार के सिवान जिले का है। इस बारे में अभी पुलिस सभी डेड बॉडी की पहचान के प्रयास में जुटी हुई है। हादसे में मृतक फरीदाबाद वाले घर पर ताला लगा है। बाकी आजमगढ़ पुलिस बिहार के सिवान से संपर्क कर रही है, जिससे कि सभी मृतकों की पहचान हो सके। इस पूरी घटना के बारे में बताने वाला भी कोई नहीं बचा है। एसपी ट्रैफिक पंकज कुमार श्रीवास्तव ने बताया- आज डायल 112 के माध्यम से पुलिस को सूचना प्राप्त हुई थी कि एक चलती हुई कंटेनर ट्रक में एक स्विफ्ट डिजायर गाड़ी पूर्वांचल एक्सप्रेसवे 238 माइल पर एक स्विफ्ट डिजायर गाड़ी घुस गई है। इस सूचना पर तत्काल थाना कंधरापुर की टीम, सीओ सिटी आजमगढ़ और सीसी टीम, फायर की टीम और एम्बुलेंस और मैं स्वयं मौके पर पहुंचा। तत्काल सभी मृतकों को एम्बुलेंस से मोर्चरी भिजवाया गया। मृतकों के परिजनों से संपर्क किया जा रहा है। खबर अपडेट की जा रही है।
राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) आयुष खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग, उत्तर प्रदेश, दयाशंकर मिश्र दयालु ने शनिवार को बलिया के विकास भवन सभागार में एक समीक्षा बैठक की। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के मार्गों और सेतु निर्माण कार्यों की वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना तथा अन्य विकास कार्यों की जनप्रतिनिधियों और जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ समीक्षा की। बैठक के दौरान पीडब्ल्यूडी और जल निगम नगरीय के अधिकारी अनुपस्थित पाए गए। इस पर प्रभारी मंत्री ने इन अधिकारियों का एक दिन का वेतन रोकने का निर्देश दिया। विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों के विकास कार्यों, सड़कों, पुलों, नहरों, विद्युत व्यवस्था और नगर विकास से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। विधानसभा बलिया क्षेत्र में वैना से बाईपास कॉरिडोर निर्माण पर अधिकारियों ने बताया कि जून माह से किसानों का पंजीकरण शुरू किया जाएगा। मंत्री ने नगरा से बरौली मार्ग और एनएच-31 देवरिया से हल्दी तक सड़क निर्माण कार्य को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए। परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने माल्देपुर से बन रहे बाईपास को महावीर घाट तक लगभग दो किलोमीटर जोड़ने हेतु एस्टीमेट तैयार करने के निर्देश दिए। मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने सिंचाई विभाग को सुखपुरा नहर से बसंतपुर तक जाने वाली सड़क के चौड़ीकरण और सुखपुरा टंकी से गांव तक जाने वाली सड़क की मरम्मत कराने को कहा। बसंतपुर नहर से सुखपुरा तक सड़क की खराब स्थिति पर नाराजगी जताते हुए दोबारा निर्माण कराने के निर्देश दिए गए। चिलकहर ब्लॉक के ग्राम सवरा में निर्माणाधीन पुल को चौड़ा करने, सिकंदरपुर-मनियर-लालगंज मार्ग को शीघ्र पूर्ण कराने और बिहार से चांदपुर मार्ग पर अधूरे पुल निर्माण कार्य को पूरा करने के निर्देश भी दिए गए। बाढ़ खंड विभाग की वर्तमान में संचालित नौ परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए प्रभारी मंत्री ने बांध निर्माण कार्य को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने सिंचाई विभाग की कार्यदायी संस्था को नहरों की सफाई में लापरवाही पर फटकार लगाई और जिले की सभी नहरों की साफ-सफाई सुनिश्चित करने तथा उसकी सूची उपलब्ध कराने को कहा। जिला पंचायत राज अधिकारी को बांसडीह तहसील क्षेत्र में सरकारी जमीन पर हुए कब्जों को हटाने के निर्देश दिए गए। नगर पालिका को बरसात से पहले शहर के सभी नालों की सफाई, पार्कों, स्मारकों और मूर्तियों की साफ-सफाई सुनिश्चित करने को कहा गया। परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने शहर में सीसीटीवी कैमरे नहीं लगाए जाने पर नाराजगी जताई।उन्होंने कहा कि इसके लिए उनकी निधि से पांच करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं,इसलिए कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। बैठक में अनुपस्थित पीडब्ल्यूडी और जल निगम नगरीय अधिकारियों के बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने पर जिलाधिकारी ने उनका एक दिन का वेतन रोकने के आदेश दिए। वहीं बेल्थरारोड मार्ग पर जल निकासी की समस्या से किसानों की फसल बर्बाद होने पर समाधान निकालने के निर्देश भी दिए गए। प्रभारी मंत्री ने सीएमओ को जिला अस्पताल में एमआरआई मशीन स्थापना हेतु प्रस्ताव तैयार करने को कहा। बैठक में बांसडीह विधायिका केतकी सिंह,एमएलसी रविशंकर पप्पू, जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह,एसपीओमवीर सिंह,सीडीओ ओजस्वी राज,जिलाध्यक्ष संजय मिश्रा एवं जिला स्तरीय अधिकारीगण उपस्थित रहे।
शाहजहांपुर में एक विवाहिता ने अपने मायके में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना जलालाबाद थाना क्षेत्र के मनोरथपुर सहसोवारी गांव की है। मृतका की पहचान 21 वर्षीय राजकुमारी के रूप में हुई है। राजकुमारी की शादी दो साल पहले थाना गढ़िया रंगीन क्षेत्र के भटियन गांव निवासी शरदन से हुई थी। शादी के बाद से वह बीमार रहने लगी थी। पति की सहमति से वह पिछले दो साल से अपने मायके में रहकर इलाज करा रही थी। परिजनों के अनुसार, वह मानसिक रूप से भी परेशान थी। बीती रात राजकुमारी ने अपने मकान का गेट अंदर से बंद कर बरामदे में फांसी लगा ली। देर रात जब उसकी मां घर लौटीं, तो दरवाजा नहीं खुला। पड़ोसियों की मदद से घर में प्रवेश करने पर उन्होंने राजकुमारी का शव फंदे से लटका देखा। परिजनों ने बताया कि फांसी लगाते समय घर में कोई अन्य व्यक्ति मौजूद नहीं था। चीख-पुकार सुनकर स्थानीय लोग इकट्ठा हुए और पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को फंदे से उतारा और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिजनों ने इस मामले में किसी तरह का कोई आरोप नहीं लगाया है। मृतका सबसे छोटी थी; उसके दो भाई दिल्ली और गुजरात में काम करते हैं, जबकि एक बहन की शादी हो चुकी है। परिवार में शोक का माहौल है।
जींद में राष्ट्रीय राजमार्ग-352 पर शनिवार की सुबह एक सड़क हादसे में एक स्विफ्ट कार ड्राइवर की मौके पर ही मौत हो गई। यह दुर्घटना भीड़ताना टोल प्लाजा के पास हुई, जहां लाल रंग की स्विफ्ट कार की आगे चल रहे एक ट्रक से टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि स्विफ्ट कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और ड्राइवर गाड़ी के अंदर फंस गया। आसपास के लोगों ने काफी मशक्कत के बाद उसे बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। समालखा के जौरासी गांव का रहने वाला था मृतक मृतक की पहचान 23 वर्षीय नरेश उर्फ फौजी छिकारा के रूप में हुई है, जो समालखा के जौरासी गांव का निवासी था। नरेश एक प्रतिभाशाली जूडो खिलाड़ी थे, जिन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीता था और चार बार नेशनल प्लेयर रह चुके थे। उनके परिवार में तीन भाई हैं, जिनमें से दो खिलाड़ी हैं और एक खेती का काम करता है। नरेश जींद में अपने किसी दोस्त से मिलने आ रहे थे। हादसे के बाद शव को जींद के नागरिक अस्पताल में रखवाया गया है, जहां पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि स्विफ्ट कार तेज रफ्तार में थी और आगे चल रहे ट्रक के अचानक ब्रेक लगाने या रुकने के कारण यह टक्कर हुई। मामले की विस्तार जांच जारी है।
सुल्तानपुर में विद्युत वितरण खंड प्रथम के केएनआई उपखंड कार्यालय में तैनात कार्यकारी सहायक को पद से हटाकर अधिशाषी अभियंता कार्यालय से अटैच कर दिया गया है। उस पर लगे भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों की जांच के लिए मुख्य अभियंता के निर्देश पर तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। इस कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। इलाहाबाद उच्च न्यायालय के अधिवक्ता अर्पित सिंह ने केएनआई उपखंड कार्यालय के कार्यकारी सहायक पंकज सेठ पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा था कि पंकज सेठ अपने पद और अधिकारों का दुरुपयोग करते हुए बकाया बिलों की धनराशि को मनमाने ढंग से घटाकर सरकार को राजस्व का नुकसान पहुंचा रहे हैं। बीते दिनों अधिवक्ता अर्पित सिंह ने इस मामले की शिकायत मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक से की थी। दैनिक भास्कर डिजिटल ने इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था, जिसके बाद आरोपी कार्यकारी सहायक पंकज सेठ को एक्सईएन ऑफिस से अटैच कर दिया गया। अधिशाषी अभियंता (प्रथम) कार्यालय के कार्यकारी सहायक एमपी सिंह को केएनआई उपखंड कार्यालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। अयोध्या मंडल के मुख्य अभियंता बृजेश कुमार ने आज इस कार्रवाई की पुष्टि की है।
अंबेडकरनगर में जिला सड़क सुरक्षा समिति की मासिक बैठक परिवहन कार्यालय में संपन्न हुई। बैठक में स्कूली बच्चों के सुरक्षित परिवहन और सड़क दुर्घटनाओं को नियंत्रित करने पर विशेष जोर दिया गया। जिलाधिकारी के निर्देश पर वाहन चालकों और परिचालकों के चरित्र सत्यापन को अनिवार्य किया गया। इस बैठक में विद्यालय प्रबंधकों, प्रधानाचार्यों, संचालकों और यातायात उप निरीक्षक सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। प्रधानमंत्री के संदेश का उल्लेख करते हुए देशहित में निजी वाहनों का कम उपयोग करने और सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता देने का अनुरोध किया गया। समिति ने विद्यालयों से संबद्ध सभी वाहनों के लिए फिटनेस, परमिट, बीमा, प्रदूषण प्रमाण पत्र और चालक के ड्राइविंग लाइसेंस जैसे सभी दस्तावेजों की वैधता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। वैध दस्तावेज होने पर ही वाहनों के संचालन की अनुमति होगी। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर परिवहन विभाग और यातायात पुलिस ने संयुक्त रूप से एक स्कूल चेकिंग अभियान चलाया। इस अभियान के तहत 18 वाहनों का चालान किया गया और 2 वाहनों को जब्त किया गया। एक अन्य संयुक्त स्कूल चेकिंग अभियान 11 मई से 25 मई तक जारी है। 11 से 16 मई, 2026 तक चले अभियान में परिवहन विभाग ने 11 वाहनों का चालान किया और 3 वाहनों को जब्त किया। जब्त किए गए वाहनों को दस्तावेज वैध होने के बाद छोड़ दिया गया। जिलाधिकारी के निर्देशानुसार, अभियान के तहत वाहन चालकों और परिचालकों के चरित्र सत्यापन पर भी जोर दिया गया। विद्यालय प्रबंधकों और संचालकों से अपेक्षा की गई है कि वे 'मिशन भरोसा' मॉडल की तर्ज पर स्कूली बच्चों से संबंधित सभी वाहनों के चालक और परिचालक का शत-प्रतिशत चरित्र सत्यापन सुनिश्चित करें। बैठक में उपस्थित प्रबंधकों ने बताया कि चरित्र सत्यापन के लिए वर्तमान में ऑनलाइन आवेदन किए जा रहे हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि चरित्र सत्यापन प्रमाण पत्र प्राप्त होते ही उन्हें उपलब्ध करा दिया जाएगा।
श्रावस्ती में विदेशी मुद्रा के संरक्षण और आर्थिक संतुलन बनाए रखने के उद्देश्य से प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग और पुलिस अधीक्षक राहुल भाटी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में सर्राफा व्यापारियों के साथ एक बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने वैश्विक स्तर पर विदेशी मुद्रा पर बढ़ते दबाव का उल्लेख किया। उन्होंने मध्य-पूर्व में युद्ध जैसी स्थितियों और कच्चे तेल के आयात पर होने वाले भारी खर्च को इसका मुख्य कारण बताया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि भारत को प्रतिवर्ष कच्चे तेल के आयात पर बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा खर्च करनी पड़ती है, जिसका सीधा असर देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। इस पृष्ठभूमि में, प्रशासन ने सर्राफा व्यापारियों से स्वेच्छा से सोने की बुलियन, गोल्ड बार, सिक्के और ठोस सोने की खरीद-बिक्री से बचने की अपील की। उनसे केवल आभूषणों की बिक्री को बढ़ावा देने का आग्रह किया गया, ताकि सोने के आयात पर होने वाले अत्यधिक विदेशी मुद्रा व्यय को कम किया जा सके। बैठक में मौजूद सर्राफा व्यापारी एसोसिएशन और स्थानीय व्यापारियों ने प्रशासन की इस पहल का स्वागत किया। उन्होंने एकजुटता दिखाते हुए आश्वासन दिया कि वे वैश्विक संकट की इस घड़ी में सरकार के साथ खड़े रहेंगे और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में हर संभव सहयोग करेंगे। उपायुक्त राज्य कर, आनंद कुमार राय ने बताया कि देश में सोने का उत्पादन सीमित मात्रा में होता है, जबकि इसकी बड़ी मात्रा आयात करनी पड़ती है। इस आयात पर प्रतिवर्ष अरबों डॉलर की विदेशी मुद्रा खर्च होती है। इस बैठक में सहायक आयुक्त राज्य कर प्रदीप कुमार, जिलाध्यक्ष उद्योग व्यापार मंडल श्रावस्ती दीनानाथ गुप्ता, अध्यक्ष सर्राफा व्यापारी संगठन राजा सोनी, जिला महामंत्री राजेश रस्तोगी और बड़ी संख्या में सर्राफा व्यवसायी उपस्थित थे।
पूर्व मंत्री व भाजपा नेता राजेश मूणत से जुड़े बहुचर्चित सीडी केस में विनोद वर्मा पर आरोप तय करने सत्र न्यायालय के आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। इस मामले की सुनवाई के बाद जस्टिस राधाकिशन अग्रवाल ने सीबीआई को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। बता दें कि इस केस में पूर्व सीएम भूपेश बघेल को भी दोषी माना गया है। प्रदेश की बहुचर्चित सेक्स सीडी कांड 2017 और 2018 में सुर्खियों में रहा है। तत्कालीन मंत्री राजेश मूणत से जुड़े अश्लील क्लिप वाली सीडी को बनाने और बंटवाने के आरोप में पुलिस ने प्रदेश कांग्रेस कमेटी के तत्कालीन अध्यक्ष भूपेश बघेल और उनके मीडिया सलाहकार विनोद वर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। इसके एक दिन पहले एक और एफआईआर भाजपा कार्यकर्ता प्रकाश बजाज की शिकायत पर अज्ञात व्यक्ति के नाम पर दर्ज की गई थी। पहली एफआईआर में भयादोहन कर धन संपत्ति वसूलने का अपराध कायम हुआ था, दूसरी एफआईआर में आईटी एक्ट के तहत अश्लील वीडियो प्रसारित करने का आरोप था। एफआईआर के बाद 26 -27 अक्टूबर 2017 की रात को गाजियाबाद में विनोद वर्मा के घर पर पुलिस की रेड हुई थी और उन्हें गिरफ्तार किया गया था, उसके विरोध में दूसरे दिन 27 अक्टूबर 2017 को भूपेश बघेल ने प्रेस कांफ्रेंस कर, तथाकथित सीडी का वितरण पत्रकारों को किया गया था। सीबीआई जांच के लिए सौंप दिया था मामला बाद में दोनों एफआईआर को सीबीआई को ट्रांसफर कर दिया गया। सीबीआई निर्धारित अवधि में चालान पेश नहीं कर पाई, जिसके आधार पर विनोद वर्मा को दिसंबर 2017 में 63 दिन बाद जमानत मिल गई थी। अक्टूबर 2018 में सीबीआई द्वारा प्रस्तुत चालान में न केवल विनोद वर्मा और भूपेश बघेल बल्कि भारतीय जनता पार्टी से जुड़े कैलाश मुरारका, विजय पांडे और भिलाई के व्यापारी विजय भाटिया को आरोपी बनाया गया था। झूठी रिपोर्ट के आधार पर पड़ा था छापा हाईकोर्ट में शुक्रवार को इस मामले की सुनवाई हुई। इस दौरान विनोद वर्मा की ओर से वकीलों ने कहा, खुद सीबीआई ने अपने चालान यह स्पष्ट किया है कि याचिकाकर्ता विनोद के घर जिस रिपोर्ट के आधार पर छापा पड़ा था वह रिपोर्ट ही झूठी थी और स्वयं रिपोर्टकर्ता प्रकाश बजाज ने स्वीकार किया है। इसके अलावा भाजपा से जुड़े कैलाश मुरारका एवं उनके साथी विजय पांडेय और रिंकू खनूजा के द्वारा एक अश्लील सीडी मुंबई में बनवाई गई थी, जिसमें तत्कालीन मंत्री राजेश मूणत का चेहरा जोड़ा गया था। आरोपों को बताया गलत, बरी करने की मांगयाचिका में बताया गया है कि सीडी बनाने का काम अगस्त 2017 में हुआ था और इसकी जानकारी तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह के ओएसडी अरुण बिसेन को भी थी। उनके द्वारा मुंबई जाकर यह सीडी देखने की बात स्वीकार की गई है। इस कारण तत्कालीन मंत्री राजेश मूणत की एक नकली अश्लील सीडी बनाने का आरोप उन पर नहीं मढ़ा जा सकता। वहीं, दूसरी ओर उस सीडी को असली मानकर पत्रकारों के बीच वितरण कर आम जनता में अश्लील सीडी प्रसारित करने का अपराध नहीं बनता है। इन दोनों कारणों से उन पर जो अभियोग लगाए गए हैं वह अभियोग सही नहीं है और उन्हें इस मामले में पूरी तरह बरी किया जाना चाहिए। कोर्ट ने भूपेश बघेल पर भी किया है आरोप तयरायपुर की निचली अदालत में विनोद वर्मा के तर्कों को स्वीकार नहीं किया है और सीबीआई के तर्क को स्वीकार किया है। कैलाश मुरारका के द्वारा बनाए गए आपराधिक षड्यंत्र में वह किस स्तर पर शामिल हुए यह महत्वपूर्ण नहीं है, लेकिन क्योंकि अपराध की कड़ियां एक दूसरे से जुड़ती हैं, इसलिए उन्हें भी सभी तरह के अपराध का आरोपी माना गया है। इस प्रकरण में मजिस्ट्रेट न्यायालय ने भूपेश बघेल को आरोपों से बरी कर दिया था। लेकिन, सत्र न्यायालय ने उस निर्णय को पलट कर उन पर भी यह अभियोग लगा दिया है।
फरीदाबाद में जनगणना कार्य में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कनरे की तैयारी कर रहा है। ड्यूटी पर न पहुंचने वाले 22 एन्यूमेरेटर पर एफआईआर दर्ज कराने के लिए संबधित थानों में पत्र जारी किया है। इससे पहले भी 9 कर्मचारियों पर केस दर्ज कराया जा चुका है। 9 कर्मचारियों पर केस दर्ज कराया जा चुका है नगर निगम से मिली जानकारी के अनुसार ये कार्रवाही उन कर्मचारियों पर की जा रही है जिनकी डयूटी जनगणना कार्य में लगाई गई है। लेकिन वह अपनी डयूटी पर नही पहुंच रहे है। ऐसे कर्मचारिोयं की संख्या ओल्ड जॉन में 1,एनआईटी से 9 ,बल्लभगढ़ और चंदावली जॉन 12 है। यह लोग अपने उच्च अधिकारियों की बिना परमिशन के डयूटी पर गैर हाजिर चल रहे है। गैर हाजिर होने के कारण जनगणना कार्य प्रभावित किया नगर निगम के ए़डिशनल कमीश्नर गौरव अंतिल ने बताया कि इन कर्मचारियों की गैर हाजिर होने के कारण जनगणना कार्य प्रभावित किया है। उन्होंने कहा कि सभी जॉइंट कमिश्नर कम एडिशनल सिटी सेन्सस ऑफ़िसर द्वारा सबंधित थानों में पत्र लिखकर एफआईआर दर्ज करने का अनुरोध किया गया है। संबधित थानों को लिखा गया पत्र उन्होंने कहा कि जनगणना कार्य राष्ट्रीय दायित्व है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनुपालन न करने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि ऐसे मामलों में कानून के अनुसार शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
करनाल में सीआईए-2 स्टाफ की टीम ने एक ऐसे आरोपी को गिरफ्तार किया है, जो पैरोल पर बाहर आने के बाद वापस जेल नहीं लौटा था। पुलिस को उसकी लंबे समय से तलाश थी। गुप्त सूचना और तकनीकी जांच के आधार पर आरोपी को पंजाब के राजपुरा से पकड़ा गया। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया और कोर्ट ने आरोपी को जेल में भेज दिया है। पुलिस टीम ने ऐसे पकड़ा आरोपीजिला पुलिस द्वारा पीओ और बेल जंपरों की धरपकड़ के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसी के तहत सीआईए-2 टीम ने सब इंस्पेक्टर देवेंद्र सिंह के नेतृत्व और एएसआई फ़कीर चंद की अध्यक्षता में कार्रवाई करते हुए आरोपी को काबू किया। पुलिस टीम ने विधि अनुसार आरोपी को गिरफ्तार किया। गुरु नानकपुरा का रहने वाला है कुलजीतगिरफ्तार आरोपी की पहचान गुरु नानकपुरा निवासी कुलजीत उर्फ बिल्ला पुत्र स्वर्गीय सुरेश सिंह के रूप में हुई है। वह फिलहाल पंजाब के इस्लामपुर क्षेत्र में रह रहा था और लंबे समय से पुलिस से बचता फिर रहा था। 2016 में दर्ज हुआ था मामलाजानकारी के अनुसार आरोपी के खिलाफ 22 दिसंबर 2016 को थाना वूमेन करनाल में पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया था, जहां से 06 दिसंबर 2017 को उसे 10 साल की सजा सुनाई गई थी। इसके बाद वह जिला जेल करनाल में सजा काट रहा था। पैरोल पर आया और नहीं लौटामामले में आरोपी को 4 सप्ताह की पैरोल पर अस्थायी रूप से रिहा किया गया था। उसे निर्देश दिया गया था कि तय समय पूरा होने के बाद वह जिला जेल करनाल में आत्मसमर्पण करे। लेकिन कुलजीत उर्फ बिल्ला वापस नहीं लौटा और फरार हो गया। फरार होने पर दर्ज हुआ नया केसआरोपी की गैरहाजिरी को गंभीरता से लेते हुए 03 मई 2022 को थाना रामनगर में उसके खिलाफ मुकदमा नंबर 157 दर्ज किया गया। इसके बाद से पुलिस लगातार उसकी तलाश कर रही थी। अब भेजा गया न्यायिक हिरासत मेंपुलिस टीम ने गहन जांच और सूचना के आधार पर आरोपी को राजपुरा, पंजाब से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद उसे अदालत में पेश किया गया, जहां से न्यायालय ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
गांव के कुएं में मां-बेटे के शव मिलने के बाद सनसनी फैल गई। महिला अपने पांच साल के बेटे के साथ खेत पर गई थी। मामला भीलवाड़ा जिले के करेड़ा थाना के पिपलिया गांव में शनिवार दोपहर तीन बजे का है। करीब एक घंटे की मशक्त के बाद दोनों के शवों को बाहर निकाला गया। ग्रामीणों ने बातया कि-मृतक महिला संतोष ((27) ने आठ महीने पहले ही बच्ची को जन्म दिया था। उनका दावा है कि बेटे को बचाने में ये हादसा हुआ है। हालांकि पुलिस सुसाइड, हत्या और हादसे तीनों एंगल पर जांच कर रही है। सुबह 8 बजे अपने बेटे के साथ खेत पर निकली थी जानकारी के अनुसार संतोष देवी पत्नी देवी सिंह अपने बेटे खुशवंत सिंह के साथ शनिवार सुबह 8 बजे खेत के लिए निकली थी। घर से खेत की दूरी करीब तीन किलोमीटर की है। दोपहर 12 बजे तक जब दोनों मां-बेटे नहीं लौटे तो पति देवी सिंह समेत सभी लोग ढूंढने निकले। इस बीच परिवार के लोग खेत में भी गए लेकिन दोनों वहां नहीं मिले। करीब तीन घंटे तक दोनों को ढूंढा गया लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। कुएं के पास निकल रहे लोगों ने देखा खुशवंत का शव इसी बीच दोपहर तीन बजे कुएं के पास से गुजर रहे लोगों ने एक बच्चे का शव तैरता हुआ देखा। इस पर बड़ी संख्या में लोग वहां शामिल हो गए। इस दौरान पुलिस को भी सूचना देकर मौके पर बुलाया गया। मासूम को निकालने की तैयारी हो रही थी, तभी कुएं के पास महिला की चप्पल नजर आई। ऐसे में अंदेशा हो गया कि महिला भी कुएं में ही है। ऐसे में गोताखोरों और ग्रामीणों की मदद से दोनों के शवों को बाहर निकाला गया। बेटे को बचाने में गई दोनों की जान गांव वालों का कहना है कि महिला आज सुबह अपने 5 साल के बेटे के साथ घर से खेत पर जाने के लिए निकली थी। ऐसी आशंका जताई जा रही है कि बच्चा कुएं में गिर गया होगा। बच्चे को बचाने के लिए मां ने भी कुएं में छलांग लगा दी और दोनों की डूबने से मौत हो गई। गांव वालों ने बताया कि दोनों पति-पत्नी बीच में कोई लड़ाई-झगड़ा या विवाद जैसी बात नहीं आई है । महिला के पति देवी सिंह का कहना है कि बेटा और पत्नी संतोष घर से खेत जाने के लिए निकले थे। जब काफी देर बाद भी जब नहीं लौटे तो उनकी तलाश में निकले। इसी बीच गांव वालों ने किसी महिला और बच्चे के कुएं में डूबने की सूचना दी। और हम भी मौके पर पहुंचे। हमारा कोई लड़ाई-झगड़ा नहीं हुआ, सब राजी खुशी था। वहीं शिवपुरी चौकी प्रभारी रेवत सिंह ने बताया- शवों को कुएं से बाहर निकलवा पोस्टमार्टम में लिए भिजवाया है। इनकी मौत कैसे ही यह पोस्टमॉर्टम की रिपोर्ट के बाद ही पता चल पाएगा।
इंदौर में एक युवक को थाने से बाहर निकलते हुए रील बनाना महंगा पड़ गया। रील बनाकर उसने सोशल मीडिया पर पोस्ट की तो पुलिस ने उसके घर दस्तक दे दी और उसे पकड़ लिया। पकड़ने के बाद उसने कान पकड़कर कहा कि ऐसी गलती फिर नहीं करूंगा। दरअसल, यह मामला इंदौर के परदेशीपुरा थाना क्षेत्र का है। यहां कुछ दिन पहले पुलिस ने एक युवक को चेकिंग के दौरान रोका था। वह गाड़ी के कागज नहीं बता पाया था, जिसके चलते पुलिस ने उस पर कार्रवाई करते हुए उसे छोड़ दिया। जब वह थाने से बाहर निकल रहा था तो उसने एक रील बनाई। थाने से निकलते ही बनाई ‘बल्लू जेल से फरार’ रील इस रील में वह थाने से बाइक बाहर निकालते हुए नजर आ रहा है। बैकग्राउंड में म्यूजिक के साथ आवाज आ रही है- “मुश्किल से मुश्किल छह महीने, 10 अक्टूबर रात के 10 बजे… बल्लू तुम्हारी जेल से फरार।” यहां से निकलने के बाद उसने रील बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दी। वीडियो पुलिस की सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल तक पहुंची तो पुलिस ने उसके घर दस्तक दे दी। कान पकड़कर मांगी माफी रील पोस्ट करने वाले युवक को पुलिस ने दोबारा पकड़ा। उसका माफी मांगने वाला वीडियो भी सामने आया। वह कान पकड़कर माफी मांग रहा है। वह कह रहा है कि उसने सोशल मीडिया पर एक ‘टुच्ची’ वीडियो डाली थी। ऐसी गलती वह फिर नहीं करेगा और एक अच्छा इंसान बनना चाहेगा। उसने लोगों से भी ऐसी गलती नहीं करने की अपील करते हुए माफी मांगी। पुलिस के मुताबिक, युवक का नाम वैष्णव पिता राजेश कुशवाह, निवासी स्कीम नंबर-78 है। मामले में एडिशनल डीसीपी प्रियंका डूडवे ने बताया कि युवक के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
बांसवाड़ा के सेनावासा गांव में महादेव मंदिर के पास शनिवार को कुत्तों ने मोर पर हमला कर दिया। मौके पर मौजूद लोगों ने उसे बचाया और वक्त पर इलाज की व्यवस्था की। जानकारी के मुताबिक- महादेव मंदिर के पास कुत्तों के झुंड ने मोर को घेरकर उसके हमला कर दिया। मोर की आवाज सुनकर वहां मौजूद लक्ष्मण लाल मकवाना, राकेश मकवाना और विदेश निनामा दौड़े। उन्होंने पत्थरों और लाठियों से कुत्तों को खदेड़ा। इसके बाद घायल मोर को सेनावासा वेटरनरी हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। उपसरपंच ने निजी वाहन से पहुंचाया अस्पताल घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय उप सरपंच व समाजसेवी हरिश्चंद्र कलाल, प्रिंस कलाल और वन चौकी से वनरक्षक भी सेनावासा हॉस्पिटल पहुंचे। वेटरनरी डॉक्टर मांगीलाल डामोर ने घायल मोर का प्राथमिक उपचार किया। मोर की गंभीर हालत को देखते हुए डॉ. डामोर ने उसे बेहतर इलाज के लिए बांसवाड़ा जिला वेटरनरी हॉस्पिटल ले जाने का आग्रह किया। इस पर हरिश्चंद्र कलाल ने बिना समय गंवाए अपनी कार से घायल मोर को जिला मुख्यालय के हॉस्पिलट ले गए। डॉक्टर पांडे ने किया इलाज, अब सुरक्षित बांसवाड़ा जिला वेटरनरी हॉस्पिटल में डॉ. पांडे ने घायल मोर का गहन परीक्षण कर आवश्यक और विस्तृत उपचार किया। समय पर इलाज मिलने से मोर की हालत अब खतरे से बाहर है। उपचार के बाद वन विभाग की टीम की देखरेख में मोर को घाटोल वन नर्सरी भेज दिया गया। जहां उसे निगरानी में रखा गया है।
मैनपुरी में एक बीएसएफ जवान की पत्नी अपनी जमीन बचाने के लिए पिछले 30 घंटे से भूख हड़ताल पर बैठी है। महिला का आरोप है कि उनके पति देश की सेवा में त्रिपुरा में तैनात हैं, जबकि यहां कुछ लोग उनकी जमीन पर अवैध कब्जा कर रहे हैं। कई बार शिकायतें और न्यायालय के आदेशों के बावजूद कार्रवाई न होने से नाराज महिला ने यह कदम उठाया है। दन्नाहार थाना क्षेत्र के लालपुर मौजा सथिनी निवासी मधु पत्नी सुरेश चंद्र का कहना है कि उनके पति बीएसएफ में तैनात हैं और वर्तमान में त्रिपुरा में देश की सेवा कर रहे हैं। महिला के अनुसार, उनके पति ने वर्ष 2009 में गाटा संख्या 257 की जमीन खरीदी थी, जिस पर अब कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है। मधु का आरोप है कि कोल्ड स्टोर संचालक मनोज कुमार ने उनकी जमीन पर बाउंड्री और गेट बनाकर कब्जा कर लिया है। यह निर्माण कार्य उस समय किया गया, जब उनके पति सीमा पर ड्यूटी कर रहे थे। इस मामले में विरोध के बाद एसडीएम न्यायालय में पैमाइश भी हुई थी, लेकिन इसके बावजूद कब्जा नहीं हटाया गया। पीड़िता ने बताया कि न्यायालय से उनके पक्ष में आदेश आने के बावजूद आरोपियों ने दोबारा जमीन पर मिट्टी डालकर कब्जा शुरू कर दिया। महिला ने पुलिस पर भी सुनवाई न करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि कई बार शिकायत करने और स्टे ऑर्डर दिखाने के बावजूद निर्माण कार्य नहीं रुकवाया गया। अपनी जमीन बचाने के लिए महिला पिछले 30 घंटे से भूख हड़ताल पर है। शुक्रवार को उपजिलाधिकारी (एसडीएम) धरनास्थल पहुंचे और सात दिन के भीतर कार्रवाई का आश्वासन दिया। शनिवार को महिला सर्किट हाउस पहुंची और पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह से मुलाकात कर न्याय की गुहार लगाई। महिला ने प्रशासन से अवैध कब्जा हटवाने, फर्जी पट्टों की जांच कराने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। इस संबंध में एसडीएम सदर अभिषेक कुमार का कहना है कि तिकोनिया पार्क पहुंचकर महिला से मामले की जानकारी ली गई और कार्रवाई का भी आश्वासन दिया गया है। जांच करके कार्रवाई की जाएगी।
भोपाल के जिंसी चौराहा स्थित संत रविदास मंदिर इलाके से गुजर रही मेट्रो लाइन को लेकर नया विवाद सामने आया है। मंदिर के कोशाध्यक्ष माधव सिंह अहिरवार के मुताबिक मेट्रो परियोजना के तहत संत रविदास मंदिर की करीब ढाई हजार स्क्वायर फीट जमीन अधिग्रहण क्षेत्र में आ रही है, जिससे मंदिर हटाए जाने की आशंका जताई जा रही है। वहीं, इलाके के कई घर और दुकानें भी अधिग्रहण की जद में हैं। रहवासियों का आरोप है कि बिना सहमति मुआवजे की राशि सीधे खातों में ट्रांसफर की जा रही है। दरअसल, भोपाल मेट्रो के दूसरे फेज का काम शुरू हो चुका है। यह ऑरेंज लाइन मेट्रो परियोजना है, जो सुभाष नगर से करोंद तक प्रस्तावित है। इसी रूट के तहत जिंसी चौराहा और संत रविदास मंदिर क्षेत्र में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। लोगों का यह भी आरोप है कि मेट्रो परियोजना के लिए जमीन की नपाई तय मानकों के अनुसार नहीं की जा रही। उनके मुताबिक अधिकारी अलग-अलग जगहों पर कभी 6 मीटर, कभी 9 मीटर तो कहीं 15 मीटर तक जमीन की नपाई कर रहे हैं, जिससे भ्रम की स्थिति बन रही है। डबल सर्विस लेन कहीं और शिफ्ट की जाए जिंसी चौराहे पर दुकान चलाने वाले जमीरुद्दीन ने आरोप लगाया कि मेट्रो लाइन के अधिकारियों ने 200 फीट रोड का विकल्प छोड़कर प्रभावशाली लोगों की दुकानों को बचाने के लिए जानबूझकर लाइन को इस इलाके से निकाला है। उनका कहना है कि प्रस्तावित डबल सर्विस लेन को किसी अन्य स्थान पर शिफ्ट किया जाना चाहिए। जमीरुद्दीन ने कहा कि यदि ये लाइन यहां से निकलती है तो 40 से ज्यादा घर और दुकानें इसकी जद में जाएंगे। हजारों लोग इस परियोजना से प्रभावित होंगे। बिना जानकारी दिए खातों में रुपए डाले जा रहे वहीं, धन लक्ष्मी मार्बल के संचालक मनीष साहू का आरोप है कि बिना पूर्व सूचना दिए उनके खातों में मुआवजे की राशि डाली जा रही है। उन्हें यह भी नहीं बताया जा रहा कि उनकी कितनी जमीन अधिग्रहित की जा रही है और मुआवजे का निर्धारण किस आधार पर किया गया है। अधिकारी घर तोड़ने की चेतावनी दे रहे वर्षा साहू का आरोप है कि अधिकारी घर तोड़ने की चेतावनी देकर चले जाते हैं, लेकिन न तो सही जानकारी देते हैं और न ही मुआवजे की दर स्पष्ट करते हैं। उनका कहना है कि उनसे एमपी नगर के हिसाब से टैक्स लिया जाता है, जबकि मुआवजा ओल्ड भोपाल के रेट पर देने की बात कही जा रही है। बिना सहमति उनके खातों में राशि भी जमा कर दी गई। अधिकारियों से सहयोग नहीं मिलने पर उन्होंने हाईकोर्ट का रुख किया है। -------------------- ट्रिप घटी, टाइमिंग बदली...फिर भी मेट्रो खाली:सुभाषनगर से RKMP तक सिर्फ भास्कर रिपोर्टर ही बैठे भोपाल और इंदौर में मेट्रो को यात्रियों की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है। ट्रिप कम करने और समय-सारिणी में बदलाव के बाद भी मेट्रो ट्रैक पर लगभग खाली ही दौड़ रही है। भोपाल में वीकेंड को छोड़ दें तो एक दिन में 200 यात्री भी मेट्रो से सफर नहीं कर रहे। पूरी खबर पढ़ें…
मुजफ्फरनगर के प्रतिष्ठित सर्विसेज क्लब की प्रबंध समिति का चुनाव निर्विरोध संपन्न हो गया है। क्लब के वरिष्ठ और गणमान्य सदस्यों के प्रयासों से सर्वसम्मति का फॉर्मूला सफल रहा। 17 मई 2026 को प्रस्तावित चुनाव से पहले, नामांकन वापसी की अंतिम तिथि 15 मई को सभी प्रत्याशियों ने अपने नामांकन पत्र वापस ले लिए। गौरव स्वरूप, अनिल रॉयल, भीमसेन कंसल, राघव स्वरूप, शंकर स्वरूप, अशोक अग्रवाल और अशोक सरीन की समिति ने सैकड़ों सदस्यों से विचार-विमर्श के बाद नई कार्यकारिणी का गठन किया। इस नई कार्यकारिणी में सुनील कुमार सिंघल उपाध्यक्ष, विजय वर्मा सचिव और आशीष सरीन कोषाध्यक्ष पद पर निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। अन्य पदों पर भी निर्विरोध निर्वाचन हुआ। डॉ. देवेंद्र सिंह मलिक टेनिस प्रतिनिधि, हिमांशु महेश्वरी बैडमिंटन प्रतिनिधि, मनु गुप्ता बिलियर्ड्स प्रतिनिधि और अतुल जैन कार्ड्स प्रतिनिधि चुने गए। साधारण सदस्य के रूप में अजय स्वरूप, डॉ. दीपक गोयल, गिरीश अग्रवाल और अमित मित्तल निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए गए। चुनाव अधिकारी राधेश्याम गौड़ (तहसीलदार सदर) को अन्य प्रत्याशियों ने भी अपने नामांकन वापसी पत्र सौंपे। नामांकन वापस लेने वालों में हिमांशु गर्ग, देवेन्द्र कुमार गर्ग, सतीश लाटियान एडवोकेट, अंशुल गर्ग, शंशाक जैन, कुश पुरी, सुरेंद्र अग्रवाल, गिरिराज किशोर, अतुल जैन और राजकुमार कपूर प्रमुख रहे। नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने कहा कि क्लब में खेल सुविधाओं और अन्य व्यवस्थाओं को आधुनिक और बेहतर बनाया जाएगा। उनका उद्देश्य अधिक से अधिक सदस्यों को क्लब की गतिविधियों से जोड़ना और उन्हें सुविधाओं का लाभ दिलाना है।
भिवानी में रेवाड़ी के चोरी के 2 आरोपी पकड़े:दो दिन के रिमांड पर पूछताछ, चुराए गए गहने बरामद
भिवानी की सीआईए स्टाफ-2 ने सेवा नगर में घर का ताला तोड़कर चोरी करने के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों को न्यायालय में पेश कर दो दिन के पुलिस रिमांड पर हासिल। सेवा नगर निवासी एक महिला ने थाना शहर भिवानी में शिकायत दर्ज करवाई थी कि 5 मार्च को वह अपने परिवार सहित खाटू श्याम मंदिर (राजस्थान) दर्शन के लिए गई हुई थी। इसी दौरान रात्रि लगभग 2 बजे अज्ञात व्यक्तियों ने उनके मकान का ताला तोड़कर घर में प्रवेश किया। वहां से नकदी, सोने-चांदी के आभूषण तथा एक स्कूटी चोरी कर ले गए। शिकायत के आधार पर थाना शहर भिवानी में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। मामले में कार्रवाई करते हुए सीआईए स्टाफ-2 भिवानी के मुख्य सिपाही अजय कुमार ने न्यायालय से प्रोडक्शन वारंट हासिल कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रेवाड़ी के गोकलगढ़ निवासी राकेश पुत्र प्रकाश व मनोज पुत्र पीतांबर के रूप में हुई है। चोरी किया सामान बरामदपुलिस टीम ने आरोपियों को न्यायालय में पेश करके दो दिन के पुलिस रिमांड पर हासिल किया। रिमांड अवधि के दौरान आरोपियों से एक जोड़ी चांदी की पाजेब व चार चांदी की अंगूठी बरामद की गई हैं। दोनों आरोपियों पर पहले भी कई चोरी के अभियोग दर्ज हैं। इससे पूर्व में पुलिस टीम के द्वारा आरोपी गौतम को गिरफ्तार कर आरोपी से 50000 रुपए , चोरी की गई एक स्कूटी व सोने चांदी के आभूषणों को पिंघलाकर तैयार की गई धातु बरामद की गई थी।
बहराइच में दो मादक पदार्थ तस्कर गिरफ्तार:10 किलो अफीम बरामद, कीमत 51 लाख रुपये
बहराइच में रूपईडीहा पुलिस और एएनटीएफ बाराबंकी की संयुक्त टीम ने दो मादक पदार्थ तस्करों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 10 किलो 50 ग्राम अफीम बरामद हुई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 51 लाख रुपये बताई जा रही है। आरोपियों के खिलाफ मादक पदार्थ अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया गया। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि रूपईडीहा थाना क्षेत्र के बाबागंज इलाके में दो तस्कर मादक पदार्थ के साथ मौजूद हैं। इस सूचना पर एएनटीएफ बाराबंकी के उपनिरीक्षक पुरुषोत्तम विश्वकर्मा, उपनिरीक्षक करुणेश पांडे, मनीष दुबे, रूपईडीहा थाना प्रभारी रमेश सिंह रावत और उपनिरीक्षक जीतेश सिंह की टीम गठित की गई। संयुक्त टीम ने बाबागंज मल्हीपुर मार्ग पर स्थित रेलवे क्रॉसिंग के पास घेराबंदी की और दो संदिग्ध युवकों को हिरासत में ले लिया। तलाशी के दौरान उनके पास से कुल 10 किलो 50 ग्राम अफीम बरामद हुई। थाना प्रभारी रमेश रावत ने बताया कि गिरफ्तार किए गए तस्करों की पहचान नेपाल निवासी खिम बहादुर कार्की और बहराइच के बाबागंज निवासी पंकज वर्मा के रूप में हुई है।
मिर्जापुर। नीट परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर राष्ट्रवादी मंच ने केंद्र सरकार और परीक्षा एजेंसी पर गंभीर सवाल उठाए हैं। मंच के अध्यक्ष मनोज श्रीवास्तव ने इसे राष्ट्र और जनहित के खिलाफ बताया और राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) के चेयरमैन प्रदीप जोशी को तत्काल बर्खास्त करने की मांग की। शुक्रवार को आयोजित एक प्रेस वार्ता में श्रीवास्तव ने कहा कि नीट परीक्षा का पेपर दोबारा लीक होना देश की शिक्षा व्यवस्था पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न है। इससे लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है, जिनकी कड़ी मेहनत और त्याग पर पानी फिर गया है। उन्होंने बताया कि एनटीए द्वारा आयोजित परीक्षा रद्द होने से लगभग 22 लाख छात्रों की मेहनत और सपनों को धक्का लगा है। कई अभिभावकों ने अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए कर्ज लिया या गहने बेचे, लेकिन छात्रों को बदले में पेपर लीक जैसी घटनाओं का सामना करना पड़ रहा है। मनोज श्रीवास्तव ने आरोप लगाया कि यह केवल लापरवाही नहीं, बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में एक संगठित भ्रष्टाचार है। उनका कहना था कि ईमानदार और मेहनती छात्र लगातार इसका खामियाजा भुगत रहे हैं, जबकि पेपर माफिया हर बार बच निकलते हैं। यदि छात्रों का भविष्य मेहनत और प्रतिभा के बजाय पैसे और पहुंच से तय होगा, तो गरीब और सामान्य परिवार के प्रतिभाशाली बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो जाएगा। उन्होंने सरकार पर हर बार जांच के आदेश देकर मामले को शांत करने का प्रयास करने का आरोप लगाया, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं होती। श्रीवास्तव ने जोर देकर कहा कि एनटीए चेयरमैन प्रदीप जोशी को तुरंत पद से हटाया जाना चाहिए, तभी निष्पक्ष जांच संभव हो सकेगी। अन्यथा, उन्होंने मामले में लीपापोती की आशंका जताई। इस दौरान प्रेस वार्ता में मंच के आनंद अग्रवाल, रवि पुरवार, अखिलेश अग्रहरी, दीपक श्रीवास्तव, आशीष पाण्डेय और मनोज दमकल सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
BSA कार्यालय में प्रधान लिपिक का धरना:वेतन रोकने, उत्पीड़न के आरोपों पर बीएसए के खिलाफ खोला मोर्चा
मुज़फ़्फ़रनगर के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) कार्यालय में उस समय हड़कंप मच गया, जब प्रधान लिपिक और उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद कर्मचारी एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष अशोक कुमार ने BSA संदीप कुमार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। अशोक कुमार ने कार्यालय परिसर में शांतिपूर्ण धरना शुरू कर दिया है, जिसमें उन्होंने वेतन रोकने और उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं। धरने पर बैठे कर्मचारी नेता अशोक कुमार ने बताया कि पिछले लगभग एक साल से उनका वेतन दुर्भावनापूर्ण तरीके से रोका गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि अपने अधिकारों की बात करने पर उनके साथ लगातार अभद्र व्यवहार किया गया और उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता रहा है। अशोक कुमार के अनुसार, 25 जून 2025 को उनका स्थानांतरण विकास खंड कार्यालय में कर दिया गया था, जबकि बीएसए को ऐसा करने का अधिकार नहीं था। इस आदेश को चुनौती देने के बाद, बेसिक शिक्षा परिषद प्रयागराज के सचिव ने 30 अक्टूबर 2025 को स्थानांतरण आदेश निरस्त कर दिया था। कर्मचारी नेता का आरोप है कि उच्चाधिकारियों के आदेश के बावजूद बीएसए की कार्यशैली में कोई बदलाव नहीं आया। उन्हें कार्यालय में उपस्थिति दर्ज करने तक नहीं दी जा रही है। इसके अलावा, बीएसए पर उनके कक्ष का ताला तुड़वाकर अपना ताला लगवाने और कर्मचारी संगठन के बैनर हटवाने का भी आरोप है। इस मामले को लेकर कर्मचारी संघ ने अब आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया है। अशोक कुमार ने कहा कि जब तक उनका रोका गया वेतन जारी नहीं किया जाता और शासनादेश के अनुसार कर्मचारियों के साथ बैठकें शुरू नहीं होतीं, तब तक उनका धरना जारी रहेगा। उन्होंने पूरे मामले की शिकायत जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को भी भेजी है।
ग्वालियर के सांसद भारत सिंह कुशवाह भी शनिवार को इलेक्ट्रिक कार से निरीक्षण करने पहुंचे। सांसद ने ऐलिवेटेड रोड फेज-2 सहित शहर की कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्यों में देरी और लापरवाही को लेकर उन्होंने अधिकारियों और ठेकेदारों पर नाराजगी जताई। सांसद भारत सिंह कुशवाह ने स्वर्ण रेखा नदी क्षेत्र में चल रहे ऐलिवेटेड रोड निर्माण का ग्राउंड जीरो पर निरीक्षण किया। इस दौरान सामने आया कि पिलर निर्माण के दौरान मुख्य सीवेज लाइन क्षतिग्रस्त हो गई है। मौके पर नदी के भीतर भारी मात्रा में मिट्टी और मलबा जमा मिला, जिससे पानी का प्राकृतिक बहाव प्रभावित हो रहा था। सांसद ने पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को तत्काल मलबा हटाने के निर्देश दिए और लापरवाही पर सख्त कार्रवाई करने को कहा। PWD सेतु विभाग के ईई जोगिंदर यादव ने निरीक्षण के बाद संबंधित ठेकेदार कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया।चेतावनी दी गई कि यदि जल्द मलबा नहीं हटा तो कंपनी को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा। चंबल जल परियोजना में देरी पर फूटा गुस्सा ग्वालियर की महत्वाकांक्षी ‘चंबल-ग्वालियर जल परियोजना’ की समीक्षा बैठक में सांसद भारत सिंह कुशवाह अधिकारियों पर खासे नाराज नजर आए। उन्होंने नगर निगम अधिकारियों से पूछा कि आखिर तय समय के बाद भी शहरवासियों को चंबल का पानी क्यों नहीं मिल पा रहा है। सांसद ने अधिकारियों को आपसी समन्वय बेहतर करने और निर्धारित समयसीमा के भीतर परियोजना पूरी करने के निर्देश दिए। सांसद बोले- ईंधन बचाना सभी की जिम्मेदारी ईवी कार के उपयोग को लेकर सांसद भारत सिंह कुशवाह ने कहा कि देश एक परिवार की तरह है और परिवार के मुखिया द्वारा लिया गया निर्णय देशहित में होता है। उन्होंने कहा कि जब एक वाहन में चार लोग आसानी से यात्रा कर सकते हैं, तो अलग-अलग गाड़ियों और बड़े काफिलों की आवश्यकता नहीं है। सांसद ने लोगों से ईंधन बचाने और इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग की दिशा में कदम बढ़ाने की अपील की।
बरनाला जिला पुलिस ने शहर में आतंक का पर्याय बने एक बेहद शातिर और हिंसक लुटेरा गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरोह के मुख्य सरगना समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। इस गिरोह ने पिछले महज पांच दिनों के भीतर बरनाला शहर के अलग-अलग इलाकों में लूटपाट और झपटमारी (स्नैचिंग) की करीब 14 वारदातों को अंजाम देकर कानून व्यवस्था को चुनौती दे रखी थी। शहर में लगातार बढ़ रही इन हिंसक और दुस्साहसिक वारदातों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया। इसके लिए तुरंत अलग-अलग विशेष टीमों का गठन किया गया। थाना सिटी-2 बरनाला के एसएचओ एसआई शरीफ खान और एएसआई राजीव कुमार के नेतृत्व वाली टीम ने मुखबिरों और तकनीकी इनपुट की मदद से मुस्तैदी दिखाई और घेराबंदी करके गिरोह के चारों सदस्यों को दबोच लिया। पुलिस उनको दो दिन के रिमांड पर लिया गया हैपुलिस दो दिन के रिमांड पर लिया, मोबाइल, बाइक नकदी बरामद पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से विभिन्न वारदातों के दौरान छीने गए कुछ मोबाइल फोन, नकदी और अपराध में इस्तेमाल की गई चोरी की एक मोटरसाइकिल बरामद कर ली है। सभी आरोपियों को अदालत में पेश कर दो दिन का पुलिस रिमांड हासिल िया गया है। युवक का हाथ काटने वाले मामले में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ इरादा-ए-कतल (अटेंप्ट टू मर्डर) और स्नैचिंग की गंभीर धाराएं जोड़ी हैं, जबकि पार्षद पर हुए हमले के मामले में स्नैचिंग और असॉल्ट की धाराएं दर्ज की गई हैं। बड़े शातिर तरीके से करते वारदात, जानिए पूरा खेल दो वारदतों से जानिए कितने खतनाक हैं आरोपी बरनाला के ही रहने वाले हैं आरोपी, स्नेचिंग ही मुख्य पेशा पुलिस हिरासत में आए आरोपियों की पहचान हर्षदीप सिंह उर्फ काका (मुख्य सरगना), प्रदीप सिंह उर्फ चपली, साहिल और रोहित शर्मा के रूप में हुई है। पुलिस की प्राथमिक पूछताछ में यह बात सामने आई है कि ये चारों आरोपी किसी बाहरी इलाके के नहीं, बल्कि बरनाला शहर के ही मूल निवासी हैं और शहर में घूम-घूम कर लूटपाट व स्नैचिंग करना ही इनका मुख्य पेशा बन चुका था। अन्य अपराधों का रिकार्ड खंगाल रही है पुलिस, पीडि़तों से किया संपर्क पुलिस गिरोह द्वारा की गई 14 वारदातों के पीड़ितों से संपर्क साध रही हैस ताकि उनके बयानों कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। इसके साथ ही, पुलिस यह भी जांच कर रही है कि गिरोह ने अन्य जिलों में भी वारदात की है। क्या इस आपराधिक खेल के पीछे उनके कुछ और मददगार या साथी शामिल हैं। पुलिस अधिकारियों को उम्मीद है कि रिमांड के दौरान पूछताछ में कई और बड़े खुलासे और सामान की बरामदगी हो सकती है।
लखनऊ के चिनहट इलाके में शादी का झांसा देकर युवती के शोषण और अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने का मामला सामने आया है। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने हिंदू नाम बताकर दोस्ती की। बाद में धर्म परिवर्तन कर निकाह का दबाव बनाने लगा। विरोध करने पर आरोपी और उसके परिवार ने मारपीट की। पीड़िता ने पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है। नौबस्ता कला निवासी युवती ने बताया उसकी मुलाकात एक युवक से हुई थी, जिसने अपना नाम राजू बताया था। आरोप है कि युवक ने शादी का भरोसा देकर उसके साथ संबंध बनाए। कुछ दिन बाद पता चला कि आरोपी मुस्लिम है और उसका असली नाम आमिर है। इसके बाद उसने बातचीत बंद कर दी। अश्लील वीडियो से करने लगा ब्लैकमेल पीड़िता का आरोप है कि आमिर ने चोरी से उसके अश्लील फोटो और वीडियो बना लिए थे। वह फोटो और वीडियो वायरल करने की धमकी देकर लगातार दबाव बनाता रहा। आरोपी पहले से शादीशुदा है और उस पर मुस्लिम धर्म अपनाकर निकाह करने का दबाव बना रहा था। 10 मई की रात आरोपी ने उसे घर बुलाकर कहा कि 25 हजार रुपए देने पर वह वीडियो डिलीट कर देगा। युवती पैसे लेकर आरोपी के घर पहुंची लेकिन रुपए लेने के बाद भी उसने वीडियो डिलीट नहीं किया। मारपीट कर भगा दिया। शोर मचाने पर आरोपी के माता-पिता, भाई और बहन भी मौके पर आ गए और गाली-गलौज करते हुए मारपीट की। पीड़िता का आरोप है कि हमले में उसे चोटें आईं। घटना के बाद उसने तकरोही चौकी पहुंचकर शिकायत दी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। मामले में चिनहट इंस्पेक्टर दिनेश चंद्र मिश्रा का कहना है मुकदमा दर्ज करके मामले की जांच की जा रही है।
धौलपुर शहर के एक निजी अस्पताल की लापरवाही से प्रसव के दौरान प्रसूता और नवजात की मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल में हंगामा कर दिया। मामला जिला कलेक्टर तक पहुंचने पर स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया और जांच के बाद अस्पताल को सील कर दिया गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि महिला में खून की भारी कमी होने के बावजूद ऑपरेशन किया गया था। ऑपरेशन के बाद बिगड़ी हालत, सुबह हो गई मौत जानकारी के अनुसार बिजौली निवासी अंगूरी पत्नी ओमप्रकाश (36) को 13 मई को प्रसव के लिए शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शुक्रवार रात डॉक्टरों ने ऑपरेशन के जरिए डिलीवरी कराई, लेकिन नवजात मृत पैदा हुआ। परिजनों का आरोप है कि डिलीवरी के बाद महिला की हालत लगातार बिगड़ती रही, लेकिन अस्पताल प्रशासन ने समय रहते उचित इलाज नहीं किया। शनिवार सुबह अंगूरी की भी मौत हो गई। महिला और नवजात की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। अस्पताल में परिजनों का हंगामा, प्रशासन मौके पर पहुंचा घटना से गुस्साए परिजनों ने अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला कलेक्टर श्रीनिधि बीटी स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ अस्पताल पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी ली। कलेक्टर ने अस्पताल प्रबंधन से जवाब-तलब किया। इसके बाद अस्पताल में भर्ती तीन अन्य प्रसूताओं को तत्काल जिला अस्पताल में शिफ्ट कराया गया, ताकि किसी अन्य मरीज की जान जोखिम में न पड़े। सीएमएचओ बोले- खून की कमी के बावजूद किया ऑपरेशन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) धर्म सिंह मीणा ने मौके पर पहुंचकर जांच की। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि प्रसूता के शरीर में खून की काफी कमी थी, इसके बावजूद अस्पताल द्वारा ऑपरेशन किया गया। सीएमएचओ ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए अस्पताल को सील करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि अस्पताल के अवैध तरीके से संचालित होने की आशंका भी जताई जा रही है, जिसकी विस्तृत जांच कराई जाएगी। पुलिस जांच में जुटी, मोर्चरी में रखवाया शव महिला के शव को जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है। कोतवाली थाना पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। वहीं, परिजन दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। घटना के बाद इलाके में निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली को लेकर भी कई सवाल खड़े हो गए हैं। अब सभी की नजर प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।
सीधी जिले के अमिलिया गांव में शनिवार दोपहर करीब 1 बजे बड़ा मन वीर मंदिर के सामने एक स्कॉर्पियो और बोलेरो के बीच जोरदार टक्कर हुई, जिसका वीडियो सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया है। अब यह वीडियो सोशल मीडिया पर काफी पोस्ट हो रहा है। बताया जा रहा है कि सड़क पर आगे चल रही बोलेरो गाड़ी मंदिर के पास बने स्पीड ब्रेकर (जंप) पर अचानक धीमी हुई और ड्राइवर ने ब्रेक लगा दिए। इसी बीच पीछे से काफी रफ्तार में आ रही स्कॉर्पियो बेकाबू होकर सीधे बोलेरो से जा भिड़ी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों गाड़ियों के परखच्चे उड़ गए। एक युवक घायल, अस्पताल में भर्ती इस एक्सीडेंट में बोलेरा चालक राहुल दुबे नाम का एक शख्स घायल हुआ है। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने उसे संभाला और अस्पताल पहुंचाया, जहां फिलहाल उसका इलाज चल रहा है। सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि गाड़ियों की रफ्तार कितनी तेज थी और भिड़ंत कितनी खतरनाक थी। वहीं टक्कर मारने के बाद स्कॉर्पियो चालक मौके से भाग गया। लोगों में नाराजगी हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ लग गई। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सड़क पर बने जंप, गाड़ियों की ओवरस्पीड और अचानक ब्रेक मारना आए दिन होने वाले इन हादसों की बड़ी वजह है। लोगों ने मांग की है कि यहां ट्रैफिक व्यवस्था सुधारी जाए और गाड़ियों की रफ्तार पर लगाम लगाई जाए। पुलिस का कहना अमिलिया थाना प्रभारी राकेश बैस ने बताया कि अभी तक किसी भी पक्ष की तरफ से शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिलने पर मामले की जांच की जाएगी। शुरुआती तौर पर यह हादसा तेज रफ्तार और लापरवाही का मामला लग रहा है।
भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय के भूमि संसाधन विभाग के सचिव नरेंद्र भूषण ने धमतरी जिले में 'नक्शा प्रोजेक्ट' का निरीक्षण किया। उन्होंने नगर पालिक निगम धमतरी क्षेत्र के आकाशगंगा कॉलोनी और गोकुलपुर में चल रहे कार्यों का जायजा लिया। सचिव ने मौके पर सर्वे, रिकॉर्ड ऑफ राइट्स (आरओआर) निर्माण और डिजिटल भू-अभिलेख तैयार करने की प्रक्रिया का अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों को समयबद्ध और त्रुटिरहित कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सर्वे टीम से एक प्रविष्टि में लगने वाले समय, दर्ज भूमि और वास्तविक कब्जे की भूमि में अंतर के निराकरण, शासकीय भूमि संरक्षण, ग्राउंड ट्रूथिंग, प्लॉट करेक्शन तथा विभिन्न विभागों के समन्वय के संबंध में जानकारी प्राप्त की गई। शहरी भू-अभिलेखों के डिजिटलीकरण से बढ़ेगी पारदर्शिता और सुविधा सचिव भूषण ने कहा कि शहरी भू-अभिलेखों का सटीक डिजिटलीकरण भविष्य में नागरिक सुविधाओं, पारदर्शिता और विवादों के त्वरित निराकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। केंद्रीय सचिव ने प्रोजेक्ट के तहत अधिकार अभिलेख तैयार होने के बाद ड्राफ्ट प्रकाशन, दावा-आपत्ति और उनके निराकरण की प्रक्रिया की भी समीक्षा की। उन्होंने जोर दिया कि नागरिकों की सहभागिता और पारदर्शिता इस योजना की सफलता की आधारशिला है। कार्य की गति और गुणवत्ता बनाए रखने के लिए उन्होंने कलेक्टर को सर्वेक्षण टीमों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए। जिले में आधुनिक तकनीक से तेज हो रहा सर्वे कार्य कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने बताया कि जिले में आधुनिक तकनीक आधारित सर्वे कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। आम नागरिकों को भू-अधिकार संबंधी सेवाएं सरल और पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराने की दिशा में काम हो रहा है। मिश्रा ने निगम क्षेत्र में लागू की जा रही डिजिटल डोर नंबरिंग (डीडीएन) सुविधा की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भविष्य में इसके माध्यम से ऑनलाइन टैक्स भुगतान, यूटिलिटी बिल भुगतान तथा नागरिक सेवाओं का एकीकृत डिजिटल प्रबंधन संभव हो सकेगा। यह पहल स्मार्ट और व्यवस्थित शहरी प्रशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। अधिकारियों ने नक्शा पोर्टल की तकनीकी कार्यप्रणाली, फील्ड में आने वाली चुनौतियों के विधिक समाधान, ग्राउंड ट्रूथिंग, प्लॉट वेरिफिकेशन तथा रिकॉर्ड ऑफ राइट्स निर्माण की विस्तृत जानकारी दी। धमतरी निगम क्षेत्र में ग्राउंड ट्रूथिंग का कार्य लगभग पूरा हो चुका है और यहां सर्वाधिक अधिकार अभिलेखों के ड्राफ्ट तैयार किए गए हैं।
कोटा में प्रसूताओं की मौत और तबीयत बिगड़ने के मामले को लेकर कोटा उत्तर विधायक व पूर्व मंत्री शांति धारीवाल ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। धारीवाल ने कहा कि कोटा और जयपुर स्तर पर जांच कमेटियों का गठन किया गया, लेकिन एक भी कमेटी यह नहीं बता सकी कि आखिर प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने का कारण क्या था। धारीवाल ने डॉक्टरों के निलंबन पर सवाल उठाते हुए कहा कि अब तक जांच में कुछ सामने नहीं आया है। इसके बाद भी डॉक्टरों को निलंबित और बर्खास्त क्यों किया गया? उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार एक तरफ जांच पूरी नहीं होने की बात कह रही है और दूसरी तरफ कार्रवाई कर पीड़ित परिवारों को गुमराह करने का प्रयास कर रही है। सरकार को मामले की निष्पक्ष जांच कर सार्वजनिक कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। धारीवाल बोले- मामले को केवल लंबा खींचा जा रहा धारीवाल ने कहा कि सरकार जांच कमेटियों के नाम पर केवल परिजनों, आमजनों के गुस्से को शांत करने का असफल प्रयास कर रही है, जबकि अब तक घटना की वास्तविक वजह सामने नहीं लाई जा सकी है। उन्होंने कहा कि अब दिल्ली से विशेषज्ञ टीम भी बुलाई गई है ताकि मामले को लंबा खींचा जा सके ओर लोग धीरे-धीरे घटनाक्रम को भूल जाए। उन्होंने एम्स से आई टीम को लेकर कहा कि क्या एम्स की टीम कुछ वजह बताकर जाएगी या फिर दूसरी जांच कमेटियों की तरह ही जांच ही करती रहेगी। चिकित्सा मंत्री केवल जांच कमेटी का हवाला देकर लौटे धारीवाल ने आरोप लगाया कि पीड़ित परिवार अब तक न्याय का इंतजार कर रहे हैं। बीजेपी नेताओं ने हॉस्पिटल पहुंचकर औपचारिकता जरूर निभाई लेकिन व्यवस्थाओं में सुधार और जिम्मेदारी तय करने को लेकर कोई ठोस पहल नहीं की। धारीवाल ने कहा कि स्पीकर और दो-दो मंत्रियों के शहर में इतना संवेदनशील मामला होने के बावजूद सरकार ने गंभीरता नहीं दिखाई। चिकित्सा मंत्री भी घटना के करीब 10 दिन बाद पहुंचे और जांच कमेटी की रिपोर्ट का हवाला देकर लौट गए।
बरेली के शेरगढ़ कस्बे में एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहां पड़ोसी युवक ने घर में घुसकर सो रहे पूरे परिवार पर तेजाब फेंक दिया। घटना में पति-पत्नी समेत दो मासूम बच्चे गंभीर रूप से झुलस गए। वारदात के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। घटना मोहल्ला डूंगरपुर की है। पीड़ित हर प्रसाद अपनी पत्नी लक्ष्मी और दो बेटों 2 वर्षीय अभिषेक और 4 वर्षीय आनंद के साथ घर में सो रहे थे। आरोप है कि पड़ोस में रहने वाला उमेश कश्यप देर रात करीब 4 बजे छत के रास्ते घर में घुस आया और मच्छरदानी में सो रहे पूरे परिवार पर तेजाब डाल दिया। तेजाब पड़ते ही परिवार चीखने लगा। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया। महिला पर शादी का बना रहा था दबावपीड़िता लक्ष्मी ने बताया कि आरोपी उमेश कश्यप उनका पड़ोसी है। वह पहले से शादीशुदा है और उसके पांच बच्चे भी हैं। इसके बावजूद वह लक्ष्मी पर जबरदस्ती शादी करने का दबाव बना रहा था। लक्ष्मी के मुताबिक, जब उन्होंने उसकी मांग ठुकरा दी, तो आरोपी रंजिश मानने लगा। आरोप है कि इसी वजह से उसने पूरे परिवार पर तेजाब डालकर हमला किया। लक्ष्मी ने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। मासूम बच्चे भी बुरी तरह झुलसेतेजाब हमले में हर प्रसाद और दोनों मासूम बच्चों के शरीर पर गंभीर जलन हुई है। परिवार का कहना है कि बच्चे दर्द से तड़पते रहे, लेकिन उन्हें समय पर समुचित इलाज नहीं मिला। घटना के बाद जिला अस्पताल की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठे हैं। पीड़ित परिवार का आरोप है कि सुबह 6 बजे से अस्पताल पहुंचने के बावजूद डॉक्टरों ने सिर्फ हर प्रसाद को भर्ती किया, जबकि महिला और दोनों बच्चों को उचित इलाज नहीं दिया गया। परिजनों का कहना है कि बच्चों के शरीर पर सिर्फ एक ट्यूब लगाकर छोड़ दिया गया और वे सुबह से अस्पताल के बाहर बेंच पर बैठे रहे। आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण परिवार निजी अस्पताल में इलाज कराने में भी असमर्थ है। पुलिस ने दर्ज किया मुकदमाघटना की सूचना मिलते ही पुलिस अस्पताल पहुंची और पीड़िता के बयान दर्ज किए। सत्य सिंह ने बताया कि आरोपी उमेश कश्यप के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और मामले की गहन जांच की जा रही है।
सुपौल सदर प्रखंड अंतर्गत बकौर पंचायत के हरिजन उच्च माध्यमिक विद्यालय सिहे परिसर में शनिवार को स्वर्गीय लड्डूलाल मंडल की प्रतिमा का भव्य अनावरण समारोह आयोजित किया गया। बिहार सरकार के उपमुख्यमंत्री सह स्थानीय विधायक बिजेंद्र प्रसाद यादव ने फीता काटकर प्रतिमा का अनावरण किया और स्व. मंडल के समाज एवं शिक्षा के क्षेत्र में दिए गए योगदान को याद करते हुए उन्हें प्रेरणास्रोत बताया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण, छात्र-छात्राएं एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। उपमुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार सिहे पहुंचे श्री यादव का स्थानीय लोगों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। इस अवसर पर स्व. लड्डूलाल मंडल के पुत्र एवं स्थानीय जिला परिषद सदस्य महेश्वरी प्रसाद यादव तथा विद्यालय के प्रधानाध्यापक ने उन्हें पाग, चादर और बुके भेंट कर सम्मानित किया। युवाओं से शिक्षा के प्रति समर्पित रहने की अपील की अपने संबोधन में उपमुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय लड्डूलाल मंडल ने समाज सेवा और शिक्षा के क्षेत्र में जो योगदान दिया, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा। उन्होंने कहा कि समाज को आगे बढ़ाने में शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका होती है और ऐसे व्यक्तित्वों की स्मृति को संरक्षित करना समाज के लिए गर्व की बात है। उन्होंने युवाओं से शिक्षा के प्रति समर्पित रहने और समाजहित में कार्य करने की अपील की। समारोह में सांसद दिलेश्वर कामैत, निर्मली विधायक अनिरुद्ध प्रसाद यादव, पिपरा विधायक रामविलास कामत, जदयू जिलाध्यक्ष राजेन्द्र प्रसाद यादव सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। विद्यालय परिसर में सांस्कृतिक और स्वागत कार्यक्रम भी कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर में सांस्कृतिक और स्वागत कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। स्थानीय ग्रामीणों एवं विद्यार्थियों ने उपमुख्यमंत्री का स्वागत फूल-मालाओं के साथ किया। समारोह में मौजूद लोगों ने उम्मीद जताई कि स्व. लड्डूलाल मंडल की प्रतिमा आने वाली पीढ़ियों को शिक्षा, समाज सेवा और मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती रहेगी। समारोह शांतिपूर्ण और उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम के अंत में अतिथियों ने विद्यालय परिसर का भ्रमण भी किया और शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
मंदसौर शहर में शुक्रवार शाम एक दंपती ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली। उनकी पहचान दुष्यंत सोनी और उनकी पत्नी उष्मिता सोनी के रूप में हुई है। दोनों ने शहर से कुछ दूरी पर स्थित देव डूंगरी माताजी मंदिर के समीप कार में बैठकर जहर खाया था। गंभीर हालत में उन्हें प्राइवेट अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान आज (शनिवार) पहले उष्मिता सोनी और बाद में दुष्यंत सोनी ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने शवों का पोस्टमार्टम करवाया। वायडी नगर थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। परिचितों से कॉल कर कहा- “हमारे कार्यक्रम में जरूर आना”जानकारी के मुताबिक, जहर खाने के दौरान दंपती ने अपने कुछ परिचितों को फोन और वीडियो कॉल किए थे। बातचीत के दौरान उन्होंने कहा था कि “कल हमारे कार्यक्रम में आना।” इस दौरान कुछ परिचितों ने उनकी लोकेशन जानने की कोशिश भी की, लेकिन दंपती ने स्पष्ट जानकारी नहीं दी। बाद में उनकी स्थिति बिगड़ने पर उन्हें निजी अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। सुसाइड नोट में लिखा- किसी को परेशान न करेंवायडी नगर थाना प्रभारी शिवांशु मालवीय के अनुसार, रात में तहसीलदार और पुलिस टीम ने मृत्यु से पूर्व दुष्यंत सोनी के बयान दर्ज किए थे। इसी दौरान उन्होंने कार में सुसाइड नोट रखे होने की जानकारी दी थी। पुलिस को मौके से मिले सुसाइड नोट में लिखा था- “हम दोनों दुष्यंत और उष्मिता अपनी परेशानियों और निजी कारणों से तंग आकर आत्महत्या कर रहे हैं। इसमें हमारे परिवार या अन्य किसी व्यक्ति का कोई लेना-देना नहीं है। हम अपनी इच्छा से यह कदम उठा रहे हैं। हमारे द्वारा हमारे प्रियजनों को आखिरी कॉल कर बात भी की जा रही है। उन्हें कुछ पता नहीं है, इसलिए हमारे बाद उन्हें परेशान नहीं किया जाए।” बेटी दिल्ली में UPSC की तैयारी कर रही, बेटा 12वीं का छात्रदंपती अपने पीछे दो बच्चों को छोड़ गए हैं। जानकारी के अनुसार, उनकी बेटी दिल्ली में रहकर UPSC की तैयारी कर रही है, जबकि बेटा 12वीं कक्षा का स्टूडेंट है।
पंजाब यूनिवर्सिटी मामले में चंडीगढ़ पुलिस की ऑपरेशन सेल ने विदेश में बैठे गैंगस्टर डोनी बल और शगनप्रीत गैंग से जुड़े 4 मुख्य शूटरों को अरेस्ट किया है। आरोपियों के कब्जे से 3 अत्याधुनिक ऑटोमैटिक पिस्टल और 16 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी से पंजाब के दो चर्चित मर्डर केस और खन्ना फायरिंग केस की गुत्थी भी सुलझ गई है। इनमें गोपी निज्जर हत्याकांड और अमृतसर में 12वीं के छात्र अमरजोत सिंह की हत्या का मामला शामिल है। आरोपियों को डीआईजी राजीव रंजन सिंह की सुपरविजन में ऑपरेशन सेल के इंस्पेक्टर हरिंदर सेखों और इंस्पेक्टर सतविंदर सिंह की अगुवाई में पकड़ा गया। आरोपियों की पहचान गौरव उर्फ गोला, रजत उर्फ गुड्डा, रवि निज्जर उर्फ काली और आर्यन के रूप में हुई है। सभी आरोपी पंजाब और हरियाणा के रहने वाले हैं। SOPU प्रधान पर की फायरिंग पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने खुलासा किया कि विदेशी गैंगस्टर शगनप्रीत सिंह के निर्देश पर उन्होंने पंजाब यूनिवर्सिटी में SOPU प्रधान जशन जवांधा को निशाना बनाने की योजना बनाई थी। इसके लिए आरोपी गौरव उर्फ गोला, रजत, जसप्रीत सिंह उर्फ गुज्जर और रवि उर्फ काली यूनिवर्सिटी कैंपस में हथियारों के साथ पहुंचे थे। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने पहले से रेकी कर रखी थी और कैंपस में जशन जवांधा की मूवमेंट पर नजर रखी जा रही थी। वारदात को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी पंजाब यूनिवर्सिटी के पिछले गेट की तरफ से भाग निकले ताकि पुलिस और सुरक्षा कर्मियों से बचा जा सके। भागते समय आरोपियों ने यूनिवर्सिटी के बाहर मंदिर के पास एक व्यक्ति को गन पॉइंट पर रोक लिया। आरोपियों ने हथियार दिखाकर उससे बुलेट मोटरसाइकिल छीनी और उसी बाइक पर मोहाली की तरफ फरार हो गए। पुलिस ने इस संबंध में लूटपाट और आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत केस दर्ज किया था। आरोपी विदेशी गैंगस्टर शगनप्रीत सिंह के संपर्क में थे जांच में यह भी सामने आया कि वारदात के दौरान आरोपी लगातार विदेशी गैंगस्टर शगनप्रीत सिंह के संपर्क में थे। वे एन्क्रिप्टेड सोशल मीडिया एप्लीकेशन के जरिए निर्देश ले रहे थे ताकि उनकी बातचीत ट्रेस न हो सके। पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि फरारी के दौरान उन्हें ड्रग्स खरीदने और छिपने के लिए भी पैसे भेजे गए थे। यह रकम अलग-अलग माध्यमों और QR कोड के जरिए पहुंचाई जाती थी। जांच एजेंसियां अब इस फंडिंग नेटवर्क और गैंग के अन्य सहयोगियों की पहचान में जुटी हैं। गोपी निज्जर और अमरजोत मर्डर केस सुलझा आरोपी आर्यन को इंस्पेक्टर हरिंदर सेखों ने पकड़ा। उसे पंजाब पुलिस भी तलाश रही थी और वह मर्डर केस में भगोड़ा चल रहा था। इस बार आरोपी को चंडीगढ़ पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों ने कबूल किया कि कपूरथला के चर्चित गोपी निज्जर हत्याकांड में भी उनकी सीधी भूमिका थी। जांच में सामने आया है कि यह हत्या विदेशी गैंगस्टर डोनी बल और शगनप्रीत सिंह के इशारे पर करवाई गई थी। आरोपियों को विदेश में बैठे गैंगस्टरों से लगातार निर्देश मिल रहे थे। वारदात से पहले टारगेट की रेकी करवाई गई और फिर सही मौके पर हमला करने को कहा गया। पूछताछ में आरोपी गौरव उर्फ गोला ने खुलासा किया कि उसने अपने अन्य हथियारबंद साथियों के साथ मिलकर गोपी निज्जर पर फायरिंग की थी। वारदात के दौरान गैंगस्टर उन्हें एन्क्रिप्टेड ऐप्स के जरिए निर्देश दे रहे थे। पुलिस के अनुसार यह हत्या गैंगवार और वर्चस्व की लड़ाई से जुड़ी हो सकती है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हत्या की साजिश कहां रची गई और इसमें और कौन-कौन लोग शामिल थे। इसके अलावा अमृतसर में 12वीं के छात्र अमरजोत सिंह की हत्या में भी आरोपियों की भूमिका सामने आई है। पुलिस के मुताबिक पूछताछ में आरोपी रजत उर्फ गुड्डा ने खुलासा किया कि 3 मई 2025 को विदेशी गैंगस्टर शगनप्रीत सिंह के निर्देश पर उसने अपने भाई आर्यन और साथी बॉबी के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया था। रजत ने बताया कि बॉबी नामक आरोपी उन्हें ऑटोमैटिक पिस्टल और कारतूस उपलब्ध करवाकर जलाल गांव की तरफ ले गया था। रास्ते में टारगेट की लोकेशन मिलने के बाद आरोपियों ने हमला किया। पुलिस के अनुसार सबसे पहले रजत उर्फ गुड्डा ने गोली चलाई, जिसके बाद बॉबी ने लगातार कई राउंड फायर किए। इस फायरिंग में अमरजोत सिंह को गोली लगी और उसकी मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी तुरंत मौके से फरार हो गए थे और लगातार अपने विदेशी हैंडलर्स के संपर्क में बने हुए थे। अब पुलिस इस मामले में अन्य फरार आरोपियों और गैंग से जुड़े नेटवर्क की तलाश कर रही है। गौरव उर्फ गोला ने पूछताछ में बताया कि उसने आर्यन और सोनू उर्फ शंगा के साथ मिलकर खन्ना की मंडी में एक आढ़ती की दुकान की रेकी की थी। इसके बाद विदेशी गैंगस्टर शगनप्रीत के कहने पर दुकान पर फायरिंग की गई। एन्क्रिप्टेड एप्स के जरिए गैंगस्टरों से संपर्क जांच में खुलासा हुआ कि गिरफ्तार आरोपी लंबे समय से विदेशी गैंगस्टर डोनी बल और शगनप्रीत सिंह के सीधे संपर्क में थे। दोनों गैंगस्टर विदेश में बैठकर पंजाब और चंडीगढ़ में अपने नेटवर्क को ऑपरेट कर रहे थे। आरोपी उनसे सीधे फोन कॉल के बजाय एन्क्रिप्टेड सोशल मीडिया एप्लीकेशन के जरिए संपर्क करते थे, ताकि पुलिस उनकी बातचीत ट्रैक न कर सके। आरोपियों को अलग-अलग टास्क दिए जाते थे। इनमें टारगेट की रेकी करना, मूवमेंट की जानकारी जुटाना, फायरिंग करना और टारगेट किलिंग जैसी वारदातों को अंजाम देना शामिल था। आरोपी पहले इलाके की रेकी करते थे और फिर गैंगस्टरों को लोकेशन, फोटो और गतिविधियों की जानकारी भेजते थे। इसके बाद उन्हें वारदात को अंजाम देने के निर्देश मिलते थे। गैंगस्टर आरोपियों को खर्च और हथियारों के इंतजाम के लिए पैसे भेजते थे। यह रकम सीधे बैंक ट्रांसफर की बजाय अलग-अलग लोगों और QR कोड के जरिए भेजी जाती थी, ताकि लेन-देन का रिकॉर्ड आसानी से पकड़ में न आए। पुलिस अब इस फंडिंग नेटवर्क और इस्तेमाल किए गए अकाउंट्स की जांच कर रही है। आरोपी सोशल मीडिया और आपराधिक संपर्कों के जरिए गैंग के संपर्क में आए थे। आसान पैसे, गैंगस्टर लाइफस्टाइल और विदेश में बैठे अपराधियों के प्रभाव में आकर वे गिरोह के लिए सक्रिय रूप से काम करने लगे। उन्हें लगातार यह निर्देश दिए जाते थे कि किस व्यक्ति को निशाना बनाना है, कहां फायरिंग करनी है और वारदात के बाद किस रास्ते से फरार होना है।

