शिवपुर थाना क्षेत्र स्थित पुराने कांशीराम आवास योजना में गुरुवार शाम जर्जर छज्जा टूटने से 52 वर्षीय मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद उसे इलाज के लिए पंडित दीनदयाल उपाध्याय मंडलीय अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान रात करीब 8:30 बजे उसकी मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। पुलिस के अनुसार मृतक शीतल उर्फ शतालू (52) पुराने कांशीराम आवास के ब्लॉक नंबर 61, कमरा नंबर 11 का निवासी था। वह मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करता था। गुरुवार शाम करीब 5:30 बजे वह कपड़े सुखाने के लिए छत पर गया था। इसी दौरान तीसरे तल का जर्जर छज्जा अचानक भरभराकर टूट गया। छज्जा टूटने से शीतल नीचे दूसरे तल पर जा गिरा और गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग मौके पर जुट गए। स्थानीय लोगों ने घायल को तत्काल अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने उपचार शुरू किया, लेकिन करीब तीन घंटे बाद उसकी हालत बिगड़ गई और रात 8:30 बजे के आसपास उसकी मौत हो गई। शीतल की मौत की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। मृतक के तीन पुत्र और एक पुत्री हैं। हादसे के बाद कांशीराम आवास योजना के जर्जर भवनों को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि आवास परिसर में कई भवनों के छज्जे और अन्य हिस्से लंबे समय से जर्जर हैं। इसके बावजूद उनकी मरम्मत और सुरक्षा को लेकर प्रभावी कदम नहीं उठाए गए हैं। स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग से कांशीराम आवास योजना के सभी जर्जर भवनों, छज्जों और अन्य हिस्सों का तत्काल निरीक्षण कराने की मांग की है। उनका कहना है कि समय रहते मरम्मत नहीं कराई गई तो भविष्य में भी इस तरह के हादसे हो सकते हैं। सूचना मिलने पर शिवपुर पुलिस मौके पर पहुंची और घटना की जानकारी जुटाई। पुलिस मामले की आवश्यक जांच कर रही है।
Weather Update: मौसम प्रणालियां सक्रिय, 25 तक होती रहेगी बूंदाबांदी, मौसम विभाग ने की ये भविष्यवाणी
सक्रिय मौसम प्रणालियां बीच-बीच में मानसूनी गतिविधियों को तेज कर दे रही हैं। इससे बारिश हो रही है। मौसम विभाग का अनुमान है कि 25 अगस्त तक बूंदाबांदी होती रहेगी।
IPS officers transfer: उत्तर प्रदेश पुलिस महकमे में देर रात बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए शासन ने 9 आईपीएस अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं।
Baghpat News: शामली से दिल्ली जाते हुए बृहस्पतिवार तड़के तीन बजे बागपत में ट्रेन के काऊ कैंचर से टाइल्स टकराईं। चालक ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन रोकी।
महिला से अश्लीलता और धमकी देने के आरोपी सरसौल निवासी आशीष के टॉयलेट क्लीनर पीने के बाद नौबस्ता थाने की पुलिस के दिमाग ने काम करना बंद कर दिया है।
Baghpat News: बड़ौत की पट्टी चौधरान में 14 अगस्त 2022 की रात नशेड़ी अमरपाल ने अपने पिता ब्रजपाल और दो बहनों अनुराधा व ज्योति की हत्या कर दी थी। कोर्ट ने बृहस्पतिवार को उसे उम्रकैद की सजा सुनाई।
राजधानी के सदर बाजार स्थित वक्फ संपत्ति को अतिक्रमण मुक्त कराने की कार्रवाई शुरू हो गई है। छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ अधिकरण के आदेश के बाद राज्य वक्फ बोर्ड ने संबंधित दुकान पर नोटिस चस्पा किया है। इसमें कब्जाधारी को 45 दिनों के भीतर संपत्ति खाली कर संबंधित वक्फ संस्था को कब्जा सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। 28 जुलाई को अधिकरण ने सुनाया था आदेश मामले में छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ अधिकरण की पीठ ने 28 जुलाई 2026 को आदेश पारित किया था। पीठ में पीठासीन अधिकारी एवं जिला न्यायाधीश कमलेश कुमार जुर्री, सदस्य हामिद हुसैन खान और वीके राजपूत शामिल थे। अधिकरण के आदेश के मुताबिक, सदर बाजार में अंजुमन-ए-सैफी दाऊदी बोहरा जमात, रायपुर की पंजीकृत वक्फ संपत्ति पर कब्जे को लेकर मामला सामने आया था। संबंधित संपत्ति में मकान नंबर 923 और 924 की करीब 900 वर्गफुट जमीन के साथ मकान नंबर 523 और 524 में निर्मित दुकान और गोदाम शामिल हैं। वक्फ बोर्ड के अनुसार, संपत्ति पर सुभाष चंद्र जैन, पिता उत्तम चंद जैन, प्रोपराइटर सूरज ज्वेलर्स द्वारा कथित रूप से कब्जा किया गया था। बोर्ड ने वक्फ अधिनियम की धारा 54 के तहत कार्रवाई करते हुए संपत्ति से कब्जा हटाने के आदेश जारी किए थे। इस संबंध में बोर्ड की ओर से वर्ष 2022 में भी आदेश जारी किए गए थे। 45 दिन में संपत्ति खाली करने के निर्देश अधिकरण के आदेश के पालन में वक्फ बोर्ड की ओर से संबंधित दुकान पर नोटिस चस्पा किया गया। इसमें कब्जाधारी को 45 दिनों के भीतर वक्फ संपत्ति खाली कर संबंधित संस्था को कब्जा सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। बोर्ड अध्यक्ष बोले- अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई जारीछत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने कार्रवाई को वक्फ संपत्तियों को अतिक्रमण मुक्त कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में वक्फ संपत्तियों पर किए गए कथित अवैध कब्जों को हटाने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। बोर्ड का कहना है कि वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा और उन्हें अतिक्रमण मुक्त कराने का अभियान आगे भी जारी रहेगा।
उत्तर प्रदेश में ऐप और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए यात्री व डिलीवरी सेवाएं देने वाले एग्रीगेटर्स के लिए परिवहन विभाग ने लाइसेंस की प्रक्रिया ऑनलाइन कर दी है। एग्रीगेटर पॉलिसी के तहत विभाग ने upmyfleet.com पोर्टल शुरू किया है। अब एग्रीगेटर और डिलीवरी सेवा प्रदाताओं को लाइसेंस के लिए इसी पोर्टल पर आवेदन करना होगा। पहले से सेवाएं दे रही कंपनियों को भी जल्द लाइसेंस के लिए आवेदन करना होगा, जबकि नई कंपनी बिना लाइसेंस के एग्रीगेटर या डिलीवरी सेवा शुरू नहीं कर सकेगी। परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने बताया कि केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) की गाइडलाइन के तहत पोर्टल तैयार किया गया है। आवेदन के समय 25 हजार रुपये फीस देनी होगी। लाइसेंस जारी करने की फीस पांच लाख रुपये तय की गई है। ऑनलाइन आने वाले आवेदनों पर संबंधित प्राधिकरण फैसला करेगा। वाहनों की संख्या के हिसाब से देनी होगी सिक्योरिटी मनी पॉलिसी में एग्रीगेटर की फ्लीट के हिसाब से सिक्योरिटी मनी भी तय की गई है। 100 बसों या 1,000 अन्य मोटर वाहनों तक के लिए 10 लाख रुपये की सुरक्षा राशि देनी होगी। 1,000 बसों या 10 हजार अन्य वाहनों तक यह राशि 25 लाख रुपये होगी। इससे अधिक वाहनों की फ्लीट होने पर 50 लाख रुपये की सिक्योरिटी मनी जमा करनी होगी। ड्राइवर का चरित्र सत्यापन और मनोवैज्ञानिक परीक्षण यात्रियों, खासकर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर पॉलिसी में कई प्रावधान किए गए हैं। वाहनों की लाइव ट्रैकिंग के साथ प्रत्येक ऑनबोर्ड ड्राइवर का चरित्र सत्यापन और मनोवैज्ञानिक परीक्षण कराया जाएगा। ड्राइवरों को समय-समय पर रिफ्रेशर ट्रेनिंग भी दी जाएगी। यात्रियों की शिकायतों के निस्तारण के लिए हर एग्रीगेटर को ग्रीवांस रिड्रेसल ऑफिसर नियुक्त करना होगा। पॉलिसी में यात्रियों के लिए बीमा की व्यवस्था भी शामिल है। वहीं प्रत्येक चालक के कल्याण के लिए एग्रीगेटर को पांच लाख रुपये का हेल्थ इंश्योरेंस और 10 लाख रुपये का टर्म इंश्योरेंस उपलब्ध कराना होगा। बेस फेयर से 50% से ज्यादा नहीं बढ़ सकेगा किराया एग्रीगेटर कंपनियों की मनमानी किराया बढ़ोतरी पर भी रोक लगाने की व्यवस्था की गई है। डायनेमिक प्राइसिंग के दौरान निर्धारित बेस फेयर से अधिकतम 50 प्रतिशत ज्यादा किराया ही लिया जा सकेगा। वहीं ट्रिप बुक होने के बाद निर्धारित समय तक यात्री को पिकअप नहीं करने पर चालक पर 100 रुपये की पेनाल्टी लगेगी। इसका लाभ यात्री को अगली ट्रिप में दिया जाएगा। इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा, NCR में निगरानी पॉलिसी में वाहनजनित वायु प्रदूषण कम करने और एग्रीगेटर की फ्लीट को धीरे-धीरे इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की ओर ले जाने का प्रावधान भी किया गया है। खासकर एनसीआर में चलने वाले वाहनों की पोर्टल के जरिए लगातार निगरानी की जाएगी। इसके अलावा लाइसेंस की शर्तों या मोटर वाहन अधिनियम और नियमावली के प्रावधानों का उल्लंघन करने पर पेनाल्टी लगाई जा सकेगी। परिवहन विभाग के मुताबिक पॉलिसी का उद्देश्य यात्रियों को सुरक्षित, किफायती और आसानी से उपलब्ध परिवहन सेवा देना है। इसके दायरे में डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए कुरियर, पैकेज और पार्सल की डिलीवरी के लिए चालक को विक्रेता, ई-कॉमर्स इकाई या खरीदार से जोड़ने वाली सेवाएं भी शामिल होंगी।
स्मार्ट कार्ड ड्राइविंग लाइसेंस परियोजना में काम कर रहे कर्मचारियों को अब बिना नोटिस और उनका पक्ष सुने नौकरी से नहीं हटाया जा सकेगा। परिवहन विभाग ने कर्मचारियों की सेवा, तबादले और वेतन भुगतान को लेकर कार्यदायी संस्थाओं पर कई पाबंदियां लगाई हैं। विभाग ने साफ किया है कि किसी कर्मचारी को सेवा से हटाने से पहले उसे नोटिस देना और सुनवाई का मौका देना जरूरी होगा। परियोजना के तहत प्रदेश के अलग-अलग जिलों, सेंट्रलाइज्ड कार्ड प्रिंटिंग सेंटर (सीसीपीसी) और परिवहन मुख्यालय में कार्यदायी संस्थाओं के जरिए कर्मचारी तैनात हैं। परिवहन राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार दयाशंकर सिंह के मुताबिक, इन कर्मचारियों के सेवा संबंधी मामलों में मनमानी रोकने के लिए नई व्यवस्था लागू की गई है। मनमाने तबादले पर भी रोक विभाग ने कर्मचारियों के तबादले को लेकर भी स्थिति स्पष्ट कर दी है। किसी कर्मचारी को एक जिले या स्थान से दूसरे जिले या स्थान पर भेजने से पहले मुख्यालय को इसकी जानकारी देना और जरूरी होने पर अनुमति लेना अनिवार्य होगा। इसी तरह परियोजना में नए कर्मचारियों की नियुक्ति भी मुख्यालय को जानकारी दिए बिना नहीं की जा सकेगी। नई तैनाती में संबंधित कर्मचारी के अनुबंध की शर्तों और परिवहन आयुक्त की ओर से तय मैनपावर संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा। सात तारीख तक देना होगा वेतन का हिसाब कर्मचारियों के वेतन भुगतान को लेकर भी जवाबदेही तय की गई है। हर कर्मचारी को महीने में कितना वेतन दिया गया, इसका पूरा विवरण अगले महीने की सात तारीख तक मुख्यालय को उपलब्ध कराना होगा। विभाग की इस व्यवस्था से कर्मचारियों के वेतन भुगतान में देरी या गड़बड़ी पर भी निगरानी रखी जा सकेगी। परिवहन विभाग का जोर इस बात पर है कि स्मार्ट कार्ड ड्राइविंग लाइसेंस परियोजना में काम करने वाले कर्मचारियों के साथ सेवा संबंधी मामलों में पारदर्शी तरीके से कार्रवाई हो और कार्यदायी संस्थाएं अपने स्तर पर मनमाने फैसले न ले सकें।
छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की वर्ष 2003 की भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं का मामला 23 साल बाद एक बार फिर चर्चा में है। जोगी शासनकाल में हुई इस भर्ती प्रक्रिया में डिप्टी कलेक्टर और डीएसपी जैसे महत्वपूर्ण पदों पर चयन को लेकर उठे सवाल अब जांच और कानूनी कार्रवाई के अगले चरण में पहुंच गए हैं। आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) मामले में कोर्ट में चालान पेश करने की तैयारी कर रहा है। 15 से ज्यादा अधिकारी जांच के दायरे में इस प्रकरण में 15 से ज्यादा प्रशासनिक अधिकारी जांच के दायरे में बताए जा रहे हैं। भर्ती प्रक्रिया में मुख्य उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन और अंकों में कथित गड़बड़ी के आरोप लगे थे। आरोप था कि स्केलिंग सिस्टम में हेरफेर कर कुछ अभ्यर्थियों को अनुचित लाभ दिया गया, जिससे उनकी मेरिट प्रभावित हुई और उन्हें महत्वपूर्ण पदों पर चयन मिला। एक पेज लिखने वाले को 55 अंक देने का दावा दस्तावेजों के मुताबिक, एक अभ्यर्थी ने कथित तौर पर केवल एक पेज लिखा, फिर भी उसे 60 में से 55 अंक मिले। वहीं पूरी उत्तर पुस्तिका लिखने वाले कुछ अभ्यर्थियों को केवल 10 से 15 अंक मिलने की बात सामने आई। इसी तरह की विसंगतियों को लेकर चयन प्रक्रिया पर सवाल उठे। RTI से सामने आई जानकारी मामले में वर्ष 2005 के बाद तेजी आई। उम्मीदवार रविंद्र सिंह, वर्षा डोंगरे समेत अन्य अभ्यर्थियों ने RTI के जरिए परीक्षा और मूल्यांकन से जुड़ी जानकारी हासिल की। इसके बाद 2005 में हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई। हाईकोर्ट के नोटिस के बाद PSC ने कथित तौर पर चयन प्रक्रिया में गलती स्वीकार की थी। करीब 11 साल बाद 2016 में बिलासपुर हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ताओं के पक्ष में फैसला सुनाते हुए 2003 PSC मेंस के सभी वैकल्पिक विषयों की री-स्केलिंग और एंथ्रोपोलॉजी की उत्तर पुस्तिकाओं की दोबारा जांच कर संशोधित मेरिट सूची बनाने का आदेश दिया। 147 चयनित अधिकारियों का भविष्य प्रभावित हाईकोर्ट के फैसले से 147 चयनित अधिकारियों की नियुक्तियों पर असर पड़ने की स्थिति बनी। इसके खिलाफ तत्कालीन डिप्टी कलेक्टर पद्मिनी भोई, संजय चंदन त्रिपाठी समेत कई अधिकारियों ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल हाईकोर्ट के री-स्केलिंग संबंधी आदेश पर रोक लगा रखी है। मामला अभी सर्वोच्च न्यायालय में लंबित है। इसी बीच EOW की जांच और संभावित चालान से 23 साल पुराने इस मामले ने फिर तूल पकड़ लिया है।
पत्नी की हत्या के आरोप को हाईकोर्ट ने बरी किया:मुरादाबाद कोर्ट की आजीवन कारावस की सजा को रद्द किया
इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने अपनी पत्नी को आग लगाकर मारने के आरोप में गैर-इरादतन हत्या के दोषी ठहराए गए पति को सभी आरोपों से बरी कर दिया। न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा और न्यायमूर्ति अचल सचदेव की खंडपीठ ने मुरादाबाद की फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वारा 2018 में दी गई आजीवन कारावास की सजा के खिलाफ दायर अपील को स्वीकार करते हुए यह फैसला सुनाया। बयान के आधार पर दोषी नहीं ठहरा सकते उच्च न्यायालय ने माना कि पारिवारिक सदस्यों की मौजूदगी में दर्ज किए गए मृत्युपूर्व बयान पर पूरी तरह भरोसा नहीं किया जा सकता और केवल इसके आधार पर आरोपी को दोषी ठहराना उचित नहीं है। मामला 23 दिसंबर 2015 का है, जहाँ अपीलकर्ता जगन पर अपनी पत्नी त्रिवेनी पर केरोसिन छिड़ककर आग लगाने का आरोप लगा था। अस्पताल में डॉक्टरों द्वारा बयान के लिए स्वस्थ घोषित किए जाने के बाद पीड़िता का मृत्युपूर्व बयान दर्ज किया गया, जिसमें उसने पति पर आग लगाने का आरोप लगाया था। हालाँकि, जिरह के दौरान मृतक के भाई ने यह स्वीकार किया कि जब मजिस्ट्रेट बयान दर्ज कर रहे थे, तब पीड़िता का बेटा, उसकी पत्नी और बुआ सहित परिवार के अन्य सदस्य वहीं मौजूद थे। पीठ ने स्पष्ट किया कि जब मृत्युपूर्व बयान परिजनों की उपस्थिति में दर्ज कराया गया हो, तो उसमें सिखाए-पढ़ाए जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, इसलिए इसे कानूनी रूप से कोई विशेष महत्व नहीं दिया जा सकता। जलाने के प्रयास में खुद भी झुलसा, मामला उलझा न्यायालय ने मामले की अन्य परिस्थितियों और चिकित्सीय साक्ष्यों पर भी विशेष ध्यान दिया। साक्ष्यों से यह सिद्ध हुआ कि आरोपी पति ने अपनी पत्नी को बचाने का प्रयास किया था और इस प्रक्रिया में वह स्वयं भी काफी झुलस गया था। बचाव पक्ष के डॉक्टरों की गवाही ने भी इस बात की पुष्टि की कि पति को लगी चोटें जलते हुए व्यक्ति पर पानी डालने और बचाने के प्रयास के दौरान ही संभव हैं। इसके अतिरिक्त, पीड़िता को अस्पताल पहुँचाने का काम भी आरोपी की माँ ने ही किया था। अदालत ने घटना के पीछे के कारणों का विश्लेषण करते हुए पाया कि दोनों की शादी के 18 साल बीत चुके थे और उनके बीच दहेज जैसी कोई मांग नहीं थी। विवाद का मुख्य कारण बच्चे को गोद लेने को लेकर हुआ पारिवारिक झगड़ा था। इन सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए उच्च न्यायालय ने निष्कर्ष निकाला कि यह निश्चित रूप से नहीं कहा जा सकता कि आरोपी ने ही आग लगाई थी, और निचली अदालत के फैसले को रद्द करते हुए पति को बरी कर दिया।
आगरा में सिनेमा हाॅल की कैंटीन में ठंडी पेटीज देने का विरोध करना दर्शकों को भारी पड़ गया। कर्मचारियों ने उनके साथ मारपीट की। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। पीड़ित की शिकायत पर थाना हरीपर्वत पुलिस ने एनसीआर दर्ज की है। थाना एत्माद्दौला क्षेत्र के ज्ञान नगर कॉलोनी निवासी शिवम कुमार ने तहरीर देकर आरोप लगाया कि बुधवार को वह भगवान टॉकीज स्थित श्री टॉकीज में अपने साथियों के साथ रात 9:45 बजे की फिल्म का शो देखने आए थे। अंतराल में वह कैंटीन में पेटीज खाने गए। वहां कर्मचारी ने रुपये लेने के बाद उन्हें ठंडी पेटीज खाने को दी। उन्होंने गर्म देने का अनुरोध किया।इस बात पर कर्मचारी नाराज हो गए और गाली गलौज देने लगे। इसके बाद तीन कर्मचारी कैंटीन से बाहर आ गए। उनके और दोस्त विकास के साथ मारपीट की। जिससे सिर और पैर में चोट लग गई। शिवम के साथ फिल्म देखने गए राहुल राज जोशी के पास घटना का वीडियो होने के बाद भी पुलिस ने उचित कार्रवाई नहीं की है। इस तरह तो कैंटीन वाले किसी भी दर्शक के साथ मारपीट करेंगे।
छत्तीसगढ़ में पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल किया गया है। राज्य पुलिस स्थापना बोर्ड के निर्णय के बाद पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर ने गुरुवार को 35 पुलिस अधिकारियों के तबादले का आदेश जारी किया। इनमें 34 पुलिस निरीक्षक और एक उप निरीक्षक शामिल हैं। अधिकारियों को अलग-अलग जिलों और पुलिस इकाइयों में नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। डीजीपी ने जारी किया आदेश पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम के हस्ताक्षर से 20 अगस्त 2026 को जारी आदेश के मुताबिक, यह तबादला प्रशासनिक दृष्टिकोण से किया गया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि अधिकारियों की नवीन पदस्थापना आगामी आदेश तक अस्थायी रूप से प्रभावी रहेगी। तबादला सूची में प्रदेश के कई महत्वपूर्ण जिलों और पुलिस इकाइयों को शामिल किया गया है। कांकेर-राजनांदगांव से बड़ी संख्या में बदलाव तबादला सूची में सुकमा, कांकेर, राजनांदगांव, रायपुर, बिलासपुर, रायगढ़ और दुर्ग समेत कई जिलों में पदस्थ अधिकारियों को नई जिम्मेदारी दी गई है। खास तौर पर कांकेर और राजनांदगांव में तैनात कई निरीक्षकों का स्थानांतरण किया गया है। इन्हें सूरजपुर, सरगुजा, कोरिया, बलरामपुर-रामानुजगंज और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB) जैसे जिलों में भेजा गया है। प्रशासनिक जरूरत के हिसाब से पोस्टिंग पुलिस मुख्यालय के आदेश के मुताबिक, अधिकारियों की नई पदस्थापना प्रशासनिक आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए की गई है। तबादले के बाद संबंधित अधिकारियों को निर्धारित स्थान पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। आदेश जारी होने के साथ ही पुलिस महकमे में नई पोस्टिंग को लेकर हलचल तेज हो गई है। पढ़े आदेश की कॉपी
गुजरात के भावनगर में जहरीली शराब पीने के कारण हुई 9 लोगों की मौत के मामले में गुजरात पुलिस ने मामले के मुख्य आरोपी रईस को उज्जैन से गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि रईस की ससुराल भोपाल के करोंद इलाके में है। उसका नाम सामने आने के बाद से ही पुलिस उज्जैन और भोपाल में उसके संपर्कों पर लगातार निगरानी रख रही थी। मुरैना का नरेंद्र था एक्सपर्ट जांच के दौरान मुरैना निवासी नरेंद्र यादव उर्फ 'डॉक्टर' की भूमिका भी उजागर हुई है। पुलिस के अनुसार, रईस नरेंद्र की अवैध शराब बनाने में हासिल महारत से अच्छी तरह वाकिफ था, इसलिए उसने नरेंद्र को गुजरात आमंत्रित किया था। वहां दोनों ने भावनगर के स्थानीय शराब तस्कर गौतम सोलंकी के साथ हाथ मिला लिया। आरोप है कि नरेंद्र और उसके साथियों की मौजूदगी में जहरीली शराब की 25 पेटियां तैयार की गई थीं। यही शराब पीने की वजह से लोगों की जान गई। विडंबना यह रही कि खुद नरेंद्र ने भी वही शराब पी, जिससे उसकी भी मौत हो गई। FSL (फॉरेंसिक) जांच में भी पुष्टि हुई है कि जप्त किए गए शराब के नमूनों में 38.59% मिथाइल अल्कोहल (मेथनॉल) और मात्र 0.94% इथाइल अल्कोहल (एथेनॉल) पाया गया। नरेंद्र को कहते थे डॉक्टर मुरैना के डूंगरपुर किरार गांव का रहने वाला नरेंद्र नकली शराब तैयार करने में बेहद माहिर था, इसी कारण उसे 'डॉक्टर' कहा जाने लगा। हालांकि उसके परिवार का दावा है कि वह सामान्य मजदूर था और 15 अगस्त को पहली बार काम के सिलसिले में गुजरात गया था। मौत के बाद परिजन बिना पुलिस को सूचित किए उसका शव मुरैना ले आए थे। इस पर गुजरात पुलिस ने मुरैना पुलिस से शव वापस भेजने को कहा, लेकिन परिजनों के कड़े विरोध के बाद स्थानीय स्तर पर ही पोस्टमार्टम संपन्न कराया गया। 5 साल पहले मुरैना में भी हुई थीं 24 मौतें मुरैना जिले में 10 जनवरी 2021 को ज़हरीली शराब पीने से 24 लोगों ने अपनी जान गंवाई थी। अब भावनगर कांड में नरेंद्र का नाम जुड़ने से मध्य प्रदेश और गुजरात के बीच फैले इस नेटवर्क की जांच और संवेदनशील हो गई है। ये खबर भी पढ़ें… जहरीली शराब मामले में कांग्रेस का आबकारी कार्यालय पर धरना गुजरात में जहरीली शराब से हुई मौतों का मामला अब उज्जैन में भी राजनीतिक रंग ले चुका है। गुरुवार को उज्जैन जिला कांग्रेस ने रेलवे स्टेशन स्थित आबकारी कार्यालय पर धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं ने अधिकारियों से लगभग एक घंटे तक मामले को लेकर सवाल-जवाब किए।पूरी खबर पढ़ें
इंदौर के सयाजी होटल में एक साथ रखा वेज-नॉनवेज:कीचन में मिली गंदगी, मूंगफली में मिली फंगस
खाद्य विभाग की टीम ने गुरुवार को सयाजी होटल का निरीक्षण किया। इस दौरान किचन और स्टोरेज एरिया में खाद्य सामग्री के रखरखाव, तापमान, लेबलिंग, साफ-सफाई और लाइसेंस से जुड़ी कई खामियां मिलीं। टीम को करीब 66 किलो नॉनवेज खाद्य सामग्री बिना पैकिंग के मिली। कोल्ड स्टोरेज में वेज और नॉनवेज सामग्री एक साथ रखी थी। सी-फूड, चिकन और मटन के लिए भी अलग-अलग स्टोरेज की व्यवस्था नहीं मिली। निरीक्षण के दौरान खाद्य सामग्री के लिए निर्धारित तापमान का उचित रखरखाव नहीं पाया गया। पैक्ड कुल्फी पर मैन्युफैक्चरिंग डेट, एक्सपायरी डेट और बैच नंबर भी दर्ज नहीं थे। वहीं फ्रोजन डेजर्ट को मेन्यू में आइसक्रीम के रूप में दर्शाया गया था। मूंगफली में फंगस, सड़े टमाटर-आलू मिले खाद्य विभाग की टीम को स्टोर में मूंगफली में फंगस और सड़े हुए टमाटर व आलू मिले। कई खाद्य उत्पाद उचित लेबल के बिना रखे थे। टॉपिंग के कुछ टेट्रापैक लीक मिले, जिससे सामग्री के दूषित होने की आशंका सामने आई। किचन परिसर में कॉकरोच और चूहों की लीद भी मिली। टीम को चूहे दिखाई दिए और पैलेट के नीचे भी उनकी मौजूदगी के संकेत मिले। ड्राई स्टोरेज की दीवार और फर्श में दरारें मिलीं। गीले और सूखे कचरे के लिए अलग-अलग व्यवस्था भी नहीं थी। लाइसेंस में नॉनवेज, बेकरी और स्वीट्स दर्ज नहीं निरीक्षण में होटल के लाइसेंस से जुड़ी भी खामियां सामने आईं। होटल के लाइसेंस में नॉनवेज गतिविधि दर्ज नहीं है, जबकि मौके पर नॉनवेज सामग्री का इस्तेमाल पाया गया। इसी तरह लाइसेंस में बेकरी और स्वीट्स भी शामिल नहीं थे, जबकि होटल में इन-हाउस बेकरी और मिठाइयों का निर्माण किया जा रहा था। फाइव स्टार होटल के सेंट्रल लाइसेंस को लेकर भी खाद्य विभाग की टीम ने आपत्ति दर्ज की। टीम ने पनीर, कच्चे नॉनवेज, पैक्ड पनीर, सौंफ और ड्राई फ्रूट्स सहित अन्य खाद्य सामग्री के सैंपल लिए हैं। इनकी जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
भोपाल में शक्कर के रेट 66 से 67 रुपए किलो तक पहुंच गए हैं। इस तेजी ने आम उपभोक्ताओं से लेकर किराना व्यापारियों तक की चिंता बढ़ा दी है। व्यापारियों की माने तो रिटेल रेट और ज्यादा है।बाजार विशेषज्ञ विवेक साहू ने कहा कि शक्कर के भाव में लगातार हो रही तेजी के पीछे केवल मांग और आपूर्ति को ही कारण मानना पर्याप्त नहीं है। बाजार में सटोरियों की सक्रियता और भाव बढ़ने की चर्चाओं ने भी चिंता बढ़ाई है। उन्होंने कहा कि शक्कर जैसी आवश्यक वस्तु में यदि वास्तविक माल की खरीद-बिक्री से अधिक भाव की अटकलों और भविष्य में महंगा होने की उम्मीद पर कारोबार होने लगे तो इसका सीधा असर उपभोक्ता पर पड़ता है। ऐसे में सरकार और संबंधित विभागों को यह जांचना चाहिए कि कहीं कुछ कारोबारी या सटोरिए बड़ी मात्रा में शक्कर रोककर बाजार में कृत्रिम कमी तो पैदा नहीं कर रहे हैं। माल कम नहीं, फिर भी भाव लगातार ऊपर क्यों? बाजार विशेषज्ञ साहू ने बताया कि बाजार में सबसे बड़ा सवाल यही है कि वास्तविक स्टॉक, मिलों की सप्लाई और रोज की खपत की तुलना में कीमतों में इतनी तेज वृद्धि क्यों हो रही है। यदि किसी स्तर पर माल को रोककर रखा जा रहा है और बाद में अधिक भाव पर बेचने की कोशिश की जा रही है, तो यह उपभोक्ताओं के हित में नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार को चीनी मिलों से लेकर बड़े स्टॉकिस्ट, थोक मंडियों और बड़े कारोबारियों तक स्टॉक की जांच करनी चाहिए। किसके पास कितना माल है, कब खरीदा गया और किस भाव पर खरीदा गया। इसकी निगरानी से बाजार में कृत्रिम तेजी पैदा करने वालों की पहचान की जा सकती है। सटोरियों के कारण ईमानदार व्यापारी भी परेशान साहू ने कहा कि शक्कर में तेजी का असर केवल उपभोक्ताओं पर ही नहीं पड़ता, बल्कि ईमानदारी से कारोबार करने वाले थोक और रिटेल व्यापारियों को भी परेशानी होती है। जब बाजार में भाव लगातार बदलता है तो व्यापारी के लिए स्टॉक का मूल्यांकन, अगली खरीद और उपभोक्ता को उचित भाव पर बिक्री करना मुश्किल हो जाता है। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों की सट्टेबाजी या जमाखोरी के कारण पूरे किराना व्यापार को बदनाम करना उचित नहीं है। सरकार को वास्तविक व्यापार करने वाले व्यापारियों और सट्टेबाजी/कृत्रिम तेजी पैदा करने वालों के बीच स्पष्ट अंतर करते हुए कार्रवाई करनी चाहिए। सरकार को रखनी होगी निगरानी व्यापारियों ने कहा कि सरकार को शक्कर बाजार की रोजाना स्टॉक और कीमतों की निगरानी करनी चाहिए। बड़े स्टॉक रखने वालों का रिकॉर्ड देखा जाए, असामान्य खरीदारी और अचानक स्टॉक बढ़ने की जांच हो तथा यदि कहीं जमाखोरी, कालाबाजारी या सट्टेबाजी से कृत्रिम तेजी के प्रमाण मिलते हैं तो सख्त कार्रवाई की जाए। जरूरत पड़ने पर सरकार को बाजार में अतिरिक्त शक्कर उपलब्ध कराने, आयात संबंधी नीतिगत राहत देने और सप्लाई बढ़ाने जैसे विकल्पों पर भी विचार करना चाहिए। ताकि सटोरियों को कीमतों पर प्रभाव डालने का अवसर न मिले।
भारतीय जनता पार्टी ने मध्यप्रदेश में युवा मोर्चा संगठन को विस्तार देते हुए 12 जिलों में जिलाध्यक्ष और इनमें से 9 जिलों में जिला महामंत्री घोषित किए हैं। प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की सहमति से युवा मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष श्याम टेलर ने गुरुवार को नियुक्तियों की घोषणा की। नई नियुक्तियों में ग्वालियर ग्रामीण, मऊगंज, सतना, कटनी, पांढुर्णा, भोपाल ग्रामीण, धार ग्रामीण, बुरहानपुर, देवास, विदिशा, उज्जैन ग्रामीण और शाजापुर शामिल हैं। ग्वालियर ग्रामीण से शिवराज यादव, मऊगंज से प्रवीण सिंह ग्वालियर ग्रामीण में शिवराज यादव को जिलाध्यक्ष और मनोज गुर्जर को जिला महामंत्री बनाया गया है। मऊगंज में प्रवीण सिंह जिलाध्यक्ष तथा विवेक तिवारी महामंत्री होंगे। सतना में यश यादव को जिलाध्यक्ष और शुभम परिहार को महामंत्री की जिम्मेदारी दी गई है। कटनी में पारस जैन जिलाध्यक्ष तथा देवांश श्रीवास्तव महामंत्री बनाए गए हैं। पांढुर्णा, भोपाल ग्रामीण और धार ग्रामीण में नई जिम्मेदारी पांढुर्णा में विवेक रामचाकले को जिलाध्यक्ष और पंकज बंजारी को जिला महामंत्री नियुक्त किया गया है। भोपाल ग्रामीण में वीरेन्द्र सिंह राजपूत को जिलाध्यक्ष बनाया गया है। धार ग्रामीण में उज्ज्वल सोलंकी को जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली है। इन दोनों जिलों की सूची में जिला महामंत्री का नाम घोषित नहीं किया गया है। बुरहानपुर, देवास और विदिशा में अध्यक्ष- महामंत्री बुरहानपुर में भरत रावल जिलाध्यक्ष और अमित वास्कले जिला महामंत्री बनाए गए हैं। देवास में रजत पाल सिंह को जिलाध्यक्ष तथा मोहित जाट को महामंत्री बनाया गया है। विदिशा में अनुज मित्तल जिलाध्यक्ष और शिवेन्द्र सिंह राजपूत जिला महामंत्री होंगे। उज्जैन ग्रामीण में हरजीत सिंह, राहुल धाकड़ महामंत्री उज्जैन ग्रामीण में हरजीत सिंह को जिलाध्यक्ष और राहुल धाकड़ को जिला महामंत्री नियुक्त किया गया है। शाजापुर में हर्षवर्धन मंडलोई को जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। यहां भी महामंत्री की घोषणा नहीं हुई है। महिला मोर्चा में 15 संभागीय प्रभारियों की नियुक्ति भाजपा महिला मोर्चा ने भी प्रदेश में संगठनात्मक नियुक्तियां की हैं। प्रदेश अध्यक्ष एड. अर्चना परांजपे राजगढ़े की ओर से जारी सूची में चंबल संभाग की प्रभारी ज्योति तोमर, ग्वालियर की क्रांति जोशी, सागर की शालिनी खरबानी, रीवा की आशा गुप्ता, शहडोल की डॉ. स्वप्ना वर्मा और जबलपुर की डॉ. सारिका उपाध्याय को जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा छिंदवाड़ा की सीमा सिंह यादव, नर्मदापुरम की ज्योति दुबे, भोपाल की ममता गुप्ता, इंदौर की वंदना भोंडे, निमाड़ की माया पटेल, उज्जैन की चारुलता यादव और मंदसौर की मोना सुरतानी को संभागीय प्रभारी बनाया गया है। भोपाल मुख्यालय प्रभारी की जिम्मेदारी ज्योति सिंह राजपूत और सह प्रभारी की जिम्मेदारी ममता मालवीय को दी गई है।
भोपाल में आवासीय भवनों के कमर्शियल उपयोग पर सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद नगर निगम नोटिस दे रहा है। अब तक कुल 8 हजार से ज्यादा नोटिस जारी किए जा चुके हैं। कार्रवाई के विरोध में जहां दुकानदार सड़क पर उतर गए हैं तो समर्थन में रहवासी बड़े आंदोलन की रणनीति बना रहे हैं। शनिवार को गुलमोहर में बड़े स्तर पर टॉर्च रैली भी निकलेगी। इधर, निगम अफसरों का कहना है कि सुनवाई के बाद सीलिंग की कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम के मुताबिक, कुल नोटिस में से 3 दिन में अधिभोग उल्लंघन की अवधि समाप्त होने वाले 750 नोटिस हैं। अवैध निर्माण के लिए 85 नोटिस जारी हो रहे हैं। इनमें से 24 प्रकरण ऐसे हैं, जिनमें फाइनल ऑर्डर भी जारी कर दिया गया है। पिछले दो दिन में बैठक व अन्य व्यस्तता के चलते सीलिंग की कार्रवाई नहीं हो सकी। सुनवाई और परीक्षण करेंगे अफसरों ने बताया कि नोटिस के बाद अधिभोग उल्लंघन के मामलों में गुण-दोष पर परीक्षण करते हुए अंतिम आदेश पारित किया जाएगा और संबंधितों को सूचित करेंगे। उन्हें अधिभोग उल्लंघन बंद करने के लिए अंतिम सूचना पत्र जारी किए जाएंगे। सुनवाई के बाद फाइनल ऑर्डर होगा और फिर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई होगी। विरोध में सड़क पर उतर चुके विरोध नगर निगम की इस कार्रवाई के विरोध में मंगलवार को व्यापारी सड़क पर उतर चुके हैं। रोशनपुरा चौराहे पर चक्काजाम भी कर दिया था। व्यापारियों का कहना था कि एक साथ संस्थान बंद होने से रोजगार और आम लोगों की सेवाएं प्रभावित होंगी। उन्होंने सरकार से रहवासी क्षेत्रों के व्यावसायिक उपयोग के लिए नियमितीकरण की नीति बनाने की मांग की है। वहीं, शनिवार को रहवासी संघ गुलमोहर कॉलोनी में टॉर्च रैली निकालेंगे। पिछले सप्ताह वे सात नंबर मार्केट में भी रैली निकाल चुके हैं। रहवासियों का कहना है कि किसी भी हालत में रहवासी इलाकों में कमर्शियल एक्टिविटी नहीं होनी चाहिए। 62 हजार से ज्यादा प्रॉपर्टी लिस्टेड निगम के मुताबिक, 62 हजार से ज्यादा ऐसी प्रॉपर्टी लिस्टेड की गई है, जो रहवासी इलाके में हैं और कारोबार हो रहा है। 5 अगस्त से पहले तक 1018 रहवासियों को नोटिस दिए थे। सुप्रीम कोर्ट की नाराजगी के बाद निगम ने सर्वे का दायरा बढ़ाया और पूरे शहर में सर्वे शुरू किया। 5 से 12 अगस्त तक 1163, जबकि 13 अगस्त को 1135 नोटिस और दिए गए। 14 अगस्त को 1478 नोटिस और दिए गए। 16 अगस्त तक नरेला विधानसभा में 1470, हुजूर विधानसभा में 1032, गोविंदपुरा विधान सभा में 1250, मध्य विधानसभा में 1093, उतर विधानसभा में 371 और दक्षिण-पश्चिम विधानसभा में 652 नोटिए दिए जा चुके हैं। 17, 18, 19 और 20 अगस्त तक 8 हजार से ज्यादा नोटिस दिए जा चुके हैं। कारोबारियों में दहशत नए सर्वे में भवन से जुड़े दूसरे उल्लंघनों की भी जांच की जा रही है। अर्बन प्लानिंग के विशेषज्ञों के मुताबिक यदि समय पर मास्टर प्लान आता तो रहवासियों और कारोबारियों के सामने यह स्थिति नहीं खड़ी होती। रहवासी और व्यावसायिक इलाके अलग-अलग चिह्नित बनाए जाते। सख्ती के बाद शहर के उन इलाकों के कारोबारियों में दहशत है, जो रहवासी इमारतों में दुकानें चला रहे हैं। अवधपुरी, अयोध्या बायपास, गौतम नगर, अशोका गार्डन, लालघाटी समेत जैसे इलाकों में दुकानदार नोटिस के बाद कमर्शियल इलाकों में दुकानें तलाश रहे हैं। मुख्य मार्गों से सर्वे, नदी-तालाब किनारे भी जांच निगम ने मुख्य मार्गों के दोनों ओर और उनसे जुड़ी गलियों में सर्वे शुरू किया है। नदी-तालाब किनारे, ग्रीन बेल्ट, बफर जोन और कैचमेंट एरिया में बने भवन प्राथमिकता से जांचे जाएंगे। अवैध मैरिज गार्डन को भी नोटिस दिए जाएंगे। यह खबर भी पढ़ें… ‘सरकार को 3 ऑप्शन...वर्ना भोपाल बंद की चेतावनी’ सरकार को 3 ऑप्शन देते हैं। पहला- मास्टर प्लान लागू करें, दूसरा- गुजरात की तर्ज पर मिक्स लैंड यूज लागू करें और तीसरा- निगम की सीलिंग की कार्रवाई रोके। यदि ऐसा नहीं किया तो भोपाल को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर देंगे। सड़कें जाम करेंगे और सीएम हाउस का घेराव करेंगे।’ यह चेतावनी भोपाल के व्यापारियों ने सरकार को दी है। 10 नंबर मार्केट व्यापारी महासंघ के अध्यक्ष आनंद सोनी ने कहा कि हमें चैन की नींद सोने दिया जाए। उनके पेट पर लात नहीं मारें। पढ़े पूरी खबर
आगरा के थाना अछनेरा क्षेत्र में युवक की गोली मारकर हत्या करने वाले 3 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस टीम की संयुक्त कार्रवाई में पुलिस ने घटना में इस्तेमाल तमंचा और जिंदा कारतूस भी बरामद किए हैं। बता दें कि बुधवार कि रात को थाना अछनेरा में तहरीर दी गई थी कि वादी के साले की उसी दिन गांव के रिंकू, रोहित और जाकिर ने गोली मारकर हत्या कर दी। इस पर थाना अछनेरा में मुकदमा दर्ज किया गया। घटना के खुलासे के लिए कई टीमें गठित की गईं। मुखबिर की सूचना पर बृहस्पतिवार को चेकिंग के दौरान पुलिस टीम ने ग्राम सांथा स्थित गौशाला के पास से 3 आरोपियों को दबोच लिया ये है पूरा मामला आगरा के अछनेरा के ताजपुर नगरिया गांव में बुधवार रात जीजा के घर आए युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वारदात सोशल मीडिया स्टेटस को लेकर हुई रंजिश की वजह से हुई। पुलिस ने घटना के कुछ देर बाद ही तीनों नाबालिग आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया है। मृतक ओमप्रकाश (28) पुत्र राजस्थान के भरतपुर जिले के कुम्हेर का रहने वाला था। वह पिछले दो साल से अलीगढ़ में मजदूरी करता था। 8 दिन पहले वह अछनेरा के ताजपुर नगरिया स्थित अपने जीजा पूरन सिंह के घर आया था। स्टेटस पर हुआ था विवादपुलिस जांच में सामने आया कि एक सप्ताह पहले ओमप्रकाश के साथी विष्णु ने सोशल मीडिया पर एक स्टेटस लगाया था। इस स्टेटस को लेकर गांव के ही दो किशोरों से उनका विवाद हो गया था। इसी दौरान ओमप्रकाश ने एक 16 साल के किशोर को थप्पड़ मार दिया था। कुछ लोगों के बीच-बचाव से मामला उस वक्त शांत हो गया था, लेकिन किशोर इस बात की खुन्नस रखे हुए था। मंदिर के पास रची साजिशबुधवार रात करीब 8 बजे ओमप्रकाश गांव से टहलते हुए करीब एक किलोमीटर दूर कुलदेवी मंदिर के पास पहुंचे थे। इसी दौरान वही किशोर अपने एक नाबालिग साथी और तीसरे आरोपी के साथ वहां पहुंच गया। आरोप है कि पहले तीनों ने ओमप्रकाश से गाली-गलौज की और फिर एक आरोपी ने तमंचे से गोली चला दी। गोली लगते ही ओमप्रकाश की मौके पर ही मौत हो गई। गोली की आवाज सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे। उन्होंने भाग रहे आरोपियों के एक पिता को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।
अभिषेक बनाए गए गोंडा के नए एसपी:विनीत जायसवाल का तबादला, 976 दिनों का रहा कार्यकाल
उत्तर प्रदेश सरकार ने गुरुवार देर रात पुलिस विभाग में फेरबदल करते हुए 2014 बैच के आईपीएस अधिकारी विनीत जायसवाल का तबादला कर दिया। 18 दिसंबर 2023 से गोंडा के एसपी पद पर तैनात विनीत जायसवाल को अब सुल्तानपुर का नया पुलिस अधीक्षक बनाया गया है। वहीं, बिजनौर के एसपी 2015 बैच के आईपीएस अधिकारी अभिषेक को गोंडा की जिम्मेदारी सौंपी गई है। विनीत जायसवाल ने गोंडा में करीब 976 दिनों के कार्यकाल के दौरान अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को लेकर कई अहम कार्रवाई की। अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस विनीत जायसवाल के कार्यकाल में अपराधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की गई। उमरी बेगमगंज थाना क्षेत्र में शिवदीन की हत्या के मामले में आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने मुठभेड़ में कार्रवाई की थी। इसके बाद एसपी विनीत जायसवाल ने शिवदीन की बहन की शादी धूमधाम से कराई और उसका पूरा खर्च भी वहन किया। उनके इस कदम की काफी चर्चा हुई थी। लोकसभा चुनाव से लेकर कजरी तीज तक संभाली व्यवस्था वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव को शांतिपूर्ण और सकुशल संपन्न कराने में भी विनीत जायसवाल की अहम भूमिका रही। उनके नेतृत्व में गोंडा पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ अभियान चलाए। महिला अपराध के मामलों में आरोपियों पर कार्रवाई के साथ साइबर अपराध पर भी पुलिस ने शिकंजा कसा। साइबर ठगी के मामलों में पीड़ितों के करोड़ों रुपए वापस कराए गए। कई अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड का खुलासा कर आरोपियों को जेल भेजा गया। पुलिस लाइन को मॉडल बनाने पर जोर एसपी रहते हुए विनीत जायसवाल ने गोंडा पुलिस लाइन को मॉडल पुलिस लाइन के रूप में विकसित करने पर भी काम किया। यहां पुलिस कैफे, पुलिस जिम और पुलिसकर्मियों के बच्चों के लिए शिशु क्रेच की सुविधा विकसित की गई। भ्रष्टाचार के मामलों में भी कई पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। इसके अलावा वर्ष 2024 और 2025 में गोंडा के ऐतिहासिक कजरी तीज मेले को सकुशल संपन्न कराने में भी पुलिस प्रशासन की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इस मेले में 10 लाख से अधिक श्रद्धालु शामिल होते हैं। अब विनीत जायसवाल सुल्तानपुर की कमान संभालेंगे, जबकि अभिषेक गोंडा के नए पुलिस अधीक्षक के रूप में कार्यभार ग्रहण करेंगे।
केंद्रीय मंत्री डॉ. एल मुरुगन ने जागरण फिल्म फेस्टिवल का उद्घाटन करते हुए कहा कि ऑरेंज इकोनॉमी से 2030 तक 20 लाख रोजगार मिलेंगे।
प्रयागराज में नगर भूमि सीमारोपण कार्यालय की एक पुरानी वाद पत्रावली नहीं मिलने पर दो रिटायर कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। यह पत्रावली हाईकोर्ट में चल रहे एक मामले में जवाब दाखिल करने के लिए खोजी जा रही थी। कार्यालय में पुराने रिकॉर्ड का चार्ज लेने के बाद जब पत्रावली की तलाश की गई तो वह नहीं मिली। डीएम के निर्देश पर कार्यालय के लिपिक सद्दाम हुसैन की तहरीर पर कर्नलगंज थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। कोर्ट ने चार सप्ताह का दिया था समयमामला प्रेम चंद्र व अन्य बनाम उत्तर प्रदेश राज्य व अन्य से जुड़ा है। हाईकोर्ट ने 16 जुलाई 2026 को राज्य सरकार को चार सप्ताह के भीतर अपना जवाब दाखिल करने का आदेश दिया था। कोर्ट ने यह भी कहा था कि अगर तय समय में जवाब दाखिल नहीं किया गया तो जिलाधिकारी प्रयागराज को मूल रिकॉर्ड लेकर कोर्ट में खुद उपस्थित होना होगा। तब शुरू हुई तलाशइसके बाद कार्यालय में संबंधित पुराने रिकॉर्ड की तलाश शुरू हुई। एफआईआर के मुताबिक नगर भूमि सीमारोपण कार्यालय में पहले रिटायर सर्वेयर हरीश कुमार सक्सेना और रिटायर लेखपाल राजपाल सिंह के पास वाद पत्रावलियों का चार्ज था। बाद में इन पत्रावलियों का चार्ज लिपिक सद्दाम हुसैन और लिपिक विकास कुमार दुबे को दिया गया। तब डीएम को दी गई जानकारीचार्ज की जांच के दौरान हाईकोर्ट से जुड़े मामले की मूल पत्रावली नहीं मिली। काफी तलाश के बाद भी जब रिकॉर्ड नहीं मिला तो मामले की जानकारी जिलाधिकारी को दी गई।जिलाधिकारी ने 12 अगस्त को लिपिक सद्दाम हुसैन को दोनों रिटायर कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश दिए। इसके बाद 17 अगस्त को कर्नलगंज थाने में तहरीर दी गई। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। कर्नलगंज थाना प्रभारी संजय सिंह यादव का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद यह पता लगाया जाएगा कि मूल पत्रावली कब और किन परिस्थितियों में गायब हुई।
प्रयागराज में बारिश की छुट्टी का फर्जी आदेश वायरल:बीएसए ने एफआईआर के लिए लिखा पत्र
प्रयागराज में 21 से 25 अगस्त तक विद्यालयों में अवकाश घोषित किए जाने का एक फर्जी आदेश सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) प्रयागराज के नाम से प्रसारित इस पत्र को कार्यालय ने पूरी तरह फर्जी बताया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए, बीएसए ने थाना कर्नलगंज के प्रभारी निरीक्षक को पत्र लिखकर अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और कानूनी कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। बीएसए ने स्पष्ट किया है कि 21 अगस्त को कोई छुट्टी नहीं रहेगी। बीएसए ने बताया कि बारिश के कारण जिलाधिकारी के निर्देश पर केवल 18, 19 और 20 अगस्त को अवकाश घोषित किया गया था। इसके बाद कार्यालय की ओर से 21 से 25 अगस्त तक अवकाश घोषित करने संबंधी कोई आदेश जारी नहीं किया गया था। इसके बावजूद, आदेश संख्या 421/2026-27 दर्शाते हुए एक पत्र सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से प्रसारित किया गया। इस फर्जी पत्र में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय का नाम, पत्रांक, दिनांक, पदनाम और हस्ताक्षर तक कूटरचित या भ्रामक रूप से इस्तेमाल किए गए हैं। बीएसए ने पुलिस से फर्जी पत्र तैयार करने और प्रसारित करने वाले व्यक्ति या व्यक्तियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। उन्होंने पत्र में फर्जी आदेश के प्रसारण में इस्तेमाल मोबाइल नंबर, ई-मेल, सोशल मीडिया अकाउंट, व्हाट्सएप ग्रुप और अन्य डिजिटल माध्यमों की तकनीकी जांच कराने तथा डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित करने को भी कहा है। विभाग ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि 21 से 25 अगस्त तक अवकाश घोषित करने वाला कोई भी आदेश उनके कार्यालय से जारी नहीं किया गया है।
प्रयागराज की राजकीय आईटीआई नैनी के प्रधानाचार्य निलंबित:सामूहिक नकल कराते एसटीएफ ने पकड़ा था
प्रयागराज के राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) नैनी के प्रधानाचार्य अशोक कुमार को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई 29 जुलाई को अखिल भारतीय व्यावसायिक परीक्षा के दौरान सामूहिक नकल कराने के आरोप में की गई है। परीक्षा केंद्र पर छापेमारी के दौरान प्रधानाचार्य समेत 11 लोगों को एसटीएफ ने पकड़ा था। शासन के आदेश के अनुसार, 29 जुलाई 2026 को अखिल भारतीय व्यावसायिक परीक्षा जुलाई-2026 के सैद्धांतिक विषयों की कंप्यूटर आधारित परीक्षा (सीबीटी) आयोजित की जा रही थी। इसी दौरान सामूहिक नकल की शिकायत मिलने पर एसटीएफ ने परीक्षा केंद्र पर छापा मारा। इस कार्रवाई में सॉल्वर सदस्यों के साथ राजकीय आईटीआई नैनी के प्रधानाचार्य अशोक कुमार और अन्य लोगों को गिरफ्तार किया गया। आदेश में बताया गया है कि गिरफ्तार किए गए सभी 11 लोगों को जेल भेज दिया गया था। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए शासन ने अशोक कुमार के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की है। उन्हें उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली, 1999 के प्रावधानों के तहत निलंबित किया गया है। उनका निलंबन 29 जुलाई 2026 से प्रभावी माना गया है। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि उन्हें निर्धारित शर्तों के अधीन महंगाई भत्ता और अन्य प्रतिकर भत्ते मिलेंगे। इसके लिए उन्हें यह प्रमाण-पत्र देना होगा कि वे किसी अन्य सेवायोजन, व्यापार या वृत्ति-व्यवसाय में संलिप्त नहीं हैं। सामूहिक नकल के इस मामले में एसटीएफ की कार्रवाई और नैनी आईटीआई के प्रधानाचार्य पर हुई निलंबन की कार्रवाई ने परीक्षा व्यवस्था की शुचिता पर भी सवाल खड़े किए हैं।
संभल एसपी कृष्ण कुमार समेत नौ आईपीएस अफसरों का तबादला, यूपी में देर रात बड़ा फेरबदल
यूपी में गुरुवार की देर रात पांच जिलों में एसपी समेत नौ आईपीएस अफसरों का तबादला कर दिया गया है। इनमें मेरठ और झांसी के एसएसपी भी शामिल हैं। इसके अलावा हरदोई और बाराबंकी जिले में एएसपी रहे अफसरों को पुलिस अधीक्षक के पद पर दूसरे जिलों में तैनात किया गया है।
मेरठ के मदरसे से आतंकी जफर का कनेक्शन सामने आने के बाद मामला तूल पकड़ता दिखाई दे रहा है। हिंदूवादी संगठनों ने ऐसे मदरसों पर बुल्डोजर कार्रवाई की मांग उठा दी है। उनका कहना है कि यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी गंभीर आरोप लगते रहे हैं। शासन को सख्त कदम उठाते हुए मदरसे पर तत्काल बुल्डोजर की कार्रवाई करनी चाहिए। यूपी एटीएस ने सोमवार को मोहम्मद जफर नाम के आतंकी को गिरफ्तार कर पाकिस्तानी फंडिंग का भंडाफोड़ किया था। जफर पाकिस्तान के आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद के लिए काम कर रहा था। उसका मुख्य कार्य फंड जुटाकर पाकिस्तान भेजना था ताकि जिहाद को बढ़ावा दिया जा सके। जब से एटीएस को जफर की जानकारी मिली थी, तब से उस पर नजर रखी जा रही थी। साक्ष्य मिलने के बाद एटीएस ने जफर को दबोच लिया। मेरठ के मदरसे से जुड़े थे तार एटीएस ने जो खुलासा किया, उसने सभी के होश उड़ा दिए। खुलासा हुआ कि आतंकी जफर करीब तीन वर्ष मेरठ में रहा। उसने कोतवाली क्षेत्र के मदरसा दारुल उलूम अरबिक कॉलेज में पढ़ाई की थी और वहीं पर रहता भी था। एटीएस को इसके साक्ष्य भी मदरसे से मिले हैं। वह यहां मस्जिद के नाम पर चंदा एकत्र कर रहा था। वर्ष 2018-19 के सोशन में उसने मदरसे में एडमिशन लिया था और वह 2021-22 तक यहां रहा। बीच में एक सेशन उसने मिस किया था। विरोध में खड़े हुए हिंदू संगठन हिंदू संगठन पूर्व से ही मदरसों की भूमिका पर सवाल उठाते रहे हैं। आतंकी जफर का मेरठ के मदरसे से कनेक्शन सामने आने के बाद एक बार फिर विवाद उठ खड़ा हुआ है। हिंदू संगठन मेरठ के मदरसे पर कार्रवाई करने की मांग उठा रहे हैं। इसके लिए मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर मदरसे को सील की मांग की गई है। बुलडोजर एक्शन की भी उठाई मांगअखिल भारतीय हिंदू सुरक्षा संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सचिन सिरोही ने जफर को पनाह देने वाले मदरसे पर बुलडोजर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि एक बार फिर यह साबित हो गया है कि मदरसों में आतंकी तैयार हो रहे हैं। गनीमत रही कि एटीएस ने जफर को दबोच लिया। जांच नहीं सीधे कार्रवाई हो मदरसों पर सचिन सिरोही ने कहा कि मेरठ के कोतवाली स्थित मदरसे का सीधा कनेक्शन जफर से निकलकर आया है। संगठन मांग करता है कि अब इन मदरसों की जांच में वक्त ना गवाया जाए। इनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। सचिन ने कहा कि हिंदू संगठन व हिंदूवादी नेता हमेशा से आतंकियों के निशाने पर रहे हैं। इस मामले का खुलासा होने के बाद हालात और ज्यादा गंभीर हो गए हैं। शिक्षा व्यवस्था पर भी उठाए सवाल सचिन सिरोही ने कहा कि यह बेहद संवेदनशील मामला है। कहने को इन मदरसों में पढ़ाई होती है लेकिन हालात कुछ और ही बयां कर रहे हैं। दूर दूर से बिना वेरिफिकेशन के छात्र इन मदरसों में लाए जाते हैं और वह उल्टे सीधे कृत्यों में लिप्त हो जाते हैं। सरकार बिना वेरिफिकेशन की इस व्यवस्था पर कार्रवाई करे।
मेरठ SSP अविनाश पांडेय हटाए गए:लखनऊ हेडक्वार्टर से किए गए अटैच, थप्पड़कांड से विवादों में आए थे
मेरठ के एसएसपी अविनाश पांडेय को हटा दिया गया है। उन्हें लखनऊ हेडक्वार्टर से अटैच किया गया है। देर रात शासन की ओर से यूपी में 9 आईपीएस अफसरों के तबादले की सूची जारी की गई है। इसमें मेरठ के एसएसपी अविनाश पांडेय सहित संभल एसएसपी केके विश्नोई का भी नाम है। अविनाश पांडेय को लखनऊ हेडक्वार्टर से अटैच किया गया है। उनके स्थान पर 2015 बैच के आईपीएस और इस समय झांसी में पोस्टेड बीबीजीटीएस मूर्ति को मेरठ का एसएसपी बनाया गया है। झांसी, कानपुर देहात और कासगंज में रह चुके कप्तान बीबीजीटीएस मूर्ति 2015 बैच के भारतीय पुलिस सेवा के उत्तर प्रदेश कैडर के अधिकारी हैं। अप्रैल 2025 से वे झांसी जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) के रूप में कार्यरत हैं। मूल रूप से हैदराबाद तेलंगाना के रहने वाले हैं। उन्होंने कंप्यूटर साइंस में बी.टेक और मार्केटिंग में एमबीए किया है। झांसी के एसएसपी के रूप में कार्यभार संभालने से पहले वे कासगंज और कानपुर देहात के एसपी पद पर रह चुके हैं। कासगंज में तैनाती के दौरान उन्होंने माफियाओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 100 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त की थी। डीजीपी ऑफिस से अटैच किए गए अविनाश पांडेलिस्ट के अनुसार, अविनाश पाण्डेय को मेरठ एसएसपी के पद से हटाकर पुलिस महानिदेशक मुख्यालय, उत्तर प्रदेश, लखनऊ से संबद्ध किया गया है। वहीं, झांसी के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के पद पर तैनात बीबीजीटीएस मूर्ति को अब मेरठ की कमान सौंपी गई है। अविनाश पाण्डेय ने मेरठ में एसएसपी की जिम्मेदारी संभालते हुए कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और पुलिसिंग से जुड़े कई महत्वपूर्ण मामलों में काम किया। उनके तबादले के बाद अब जिले की पुलिस व्यवस्था की कमान बीबीजीटीएस मूर्ति के हाथों में होगी। मेरठ में अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था बनाए रखना, यातायात व्यवस्था, साइबर अपराध पर अंकुश और पुलिस की कार्यप्रणाली को और प्रभावी बनाना नए एसएसपी के सामने प्रमुख चुनौतियां रहेंगी। 5 महीने पहले हुआ था तबादला एसएसपी अविनाश पांडेय 4 फरवरी 2026 को मेरठ जिले के कप्तान बने थे। विपिन ताडा के स्थान पर उनका तबादला मेरठ किया गया था। मेरठ में अविनाश पांडेय कुल 5 महीने कप्तान रहे। इस दौरान उन्होंने कानून व्यवस्था को लेकर काफी अहम कदम उठाए। ट्रैफिक मैनेजमेंट से लेकर क्राइम कंट्रोल पर काफी काम किया। मार्च में होली पर पैदल ही पुलिस लाइन तक जाने और कांस्टेबलों के कंधे पर बैठकर डांस करने का उनका वीडियो काफी चर्चाओं में रहा। पुलिस लाइन में समारोह के दौरान उनके गाना गाने का वीडियो भी काफी वायरल हुआ था। इसके बाद ललिता गौतम हत्याकांड में कलेक्ट्रेट के गेट पर धरनारत लोगों को थप्पड़ मारकर खदेड़ने के मामले में भी वो चर्चाओं में रहे। उनके इस वीडियो पर काफी विवाद भी हुआ था। इसकी शिकायत प्रभारी मंत्री असीम अरुण तक से की गई थी। हाल में संपन्न हुई कांवड़ यात्रा में भी उनके मैनेजमेंट को काफी सराहा गया है। यहां देखें पूरी ट्रांसफर लिस्ट..
अयोध्या के रामकोट स्थित रामलला सदन में गुरुवार को पवित्रोत्सव का शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर मंदिर में विराजमान भगवान तिरुपति के साथ श्रीराम, सीता, लक्ष्मण और हनुमानजी का पंचामृत समेत विभिन्न दिव्य द्रव्यों से वैदिक मंत्रोच्चार के बीच अभिषेक किया गया। आश्रम के प्रमुख जगद्गुरु रामानुजाचार्य डॉ. राघवाचार्य महाराज के सानिध्य और अध्यक्षता में हवन-पूजन के बाद भगवान को दिव्य माला धारण कराई गई। दक्षिण भारतीय वाद्य और मशालें समारोह में आकर्षण का केंद्र रहीं। श्रीवैष्णव परंपरा में विशेष महत्व जगद्गुरु रामानुजाचार्य डॉ. राघवाचार्य महाराज ने बताया कि श्रीवैष्णव संप्रदाय में पवित्रोत्सव भगवान की आराधना से जुड़ा विशेष वार्षिक उत्सव है। इसका उद्देश्य वर्षभर की नित्य और नैमित्तिक पूजा में अनजाने में रह गई मंत्र, तंत्र, क्रिया, समय या उपचार संबंधी न्यूनताओं के लिए प्रायश्चित्त और दोषों का निवारण करना है। पवित्रोत्सव में भगवान को विशेष रूप से तैयार किए गए पवित्र-सूत्र अर्पित किए जाते हैं। उत्सव के दौरान अंकुरार्पण, कलश स्थापना, यज्ञशाला में पूजा, होम और मंत्र-जप जैसे अनुष्ठान किए जाते हैं। इसके बाद भगवान के उत्सव विग्रह का विभिन्न द्रव्यों से अभिषेक और पवित्रारोपण किया जाता है। यह उत्सव भगवान की आराधना की पूर्णता और दोष-परिहार का प्रतीक माना जाता है। पवित्रोत्सव: भगवान की आराधना में हुई न्यूनताओं के प्रायश्चित्त का पर्व पवित्रोत्सव शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है-पवित्र और उत्सव। श्रीवैष्णव परंपरा में यहां पवित्र का अर्थ केवल शुद्धता से नहीं, बल्कि भगवान को अर्पित किए जाने वाले विशेष पवित्र-सूत्र से भी है। आगमिक परंपरा के अनुसार यह उत्सव मंदिर में पूरे वर्ष होने वाली नित्य और नैमित्तिक आराधना के दौरान अनजाने में रह गई मंत्र, तंत्र, क्रिया, समय या पूजा संबंधी न्यूनताओं के प्रायश्चित्त और दोष निवारण के लिए किया जाता है। इसी वजह से पवित्रोत्सव को केवल शुद्धि का पर्व नहीं माना जाता, बल्कि यह भगवान की आराधना को पूर्ण करने और पूजा में रह गई न्यूनताओं के प्रायश्चित्त का विशेष अनुष्ठान है। अंकुरार्पण से होती है शुरुआत पवित्रोत्सव की विधि मंदिर की आगमिक परंपरा के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। उत्सव की शुरुआत अंकुरार्पण से की जाती है। इसमें विधि-विधान से धान्य के बीज बोए जाते हैं। इनसे निकलने वाले अंकुर मंगल, समृद्धि और उत्सव की सफलता के प्रतीक माने जाते हैं। उत्सव के दौरान यज्ञशाला में कलश स्थापित किए जाते हैं। वैदिक और आगमिक मंत्रों के साथ कलशों का संस्कार और विभिन्न देव शक्तियों का आवाहन किया जाता है। इसके बाद विशेष होम और मंत्र-जप होते हैं। आचार्य और अर्चक भगवान की आराधना करते हुए विधि-विधान से आहुतियां अर्पित करते हैं। पंचामृत समेत कई द्रव्यों से अभिषेक पवित्रोत्सव के अलग-अलग चरणों में भगवान के उत्सव विग्रह का अभिषेक किया जाता है। परंपरा के अनुसार इसमें जल, दूध, दही, घी, शहद, चंदन समेत कई द्रव्यों का प्रयोग किया जाता है। इसका उद्देश्य आराधना में रह गई न्यूनताओं का परिहार और भगवान की प्रसन्नता की कामना करना होता है। पवित्रोत्सव का सबसे महत्वपूर्ण अनुष्ठान पवित्रारोपण माना जाता है। इसमें भगवान के विग्रह और उत्सव विग्रह को विशेष रूप से तैयार किए गए पवित्र-सूत्रों से सजाया जाता है। इन पवित्र-सूत्रों को भगवान को समर्पित करने के बाद उनके विग्रह, परिवार देवताओं और उत्सव में निर्धारित अन्य स्थानों पर विधिपूर्वक धारण कराया जाता है।
दिल्ली मास्टर प्लान 2047 में ट्रैफिक नियंत्रण, पार्किंग नियमों में सख्ती, यमुना कायाकल्प और अनधिकृत कॉलोनियों के पुनर्विकास जैसे कई महत्वपूर्ण बदलाव प्रस्तावित हैं।
सीतामढ़ी जिले के डुमरा में पड़ोस के घर से आया प्रसाद खाने के बाद एक ही परिवार के चार लोगों की तबीयत खराब हो गई। सभी अपने घर में बेहोश पाए गए। 6 साल की बच्ची की मौत हो गई, जबकि उसकी दादी आईसीयू में भर्ती हैं।
'स्पेशल 26' की तर्ज पर रोहिणी में CBI अधिकारी बनकर कथित छापेमारी की कोशिश, पुलिस की जांच जारी
रोहिणी में 'स्पेशल 26' की तर्ज पर कुछ संदिग्धों ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर एक कारोबारी के घर छापेमारी की कोशिश की, लेकिन घर की महिला की सतर्कता से उनका मंसूबा नाकाम रहा। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।
प्रयागराज पुलिस में बड़ा फेरबदल:IPS सागर जैन बने DCP City तो मनीष शांडिल्य को क्राइम की कमान
प्रयागराज शहर की कानून व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए पुलिस कमिश्नर पीयूष मोर्डिया ने बृहस्पतिवार को पुलिस महकमे में अहम बदलाव किया। उन्होंने 2019 बैच के आईपीएस अधिकारी सागर जैन को डीसीपी सिटी की जिम्मेदारी सौंपी है। वहीं, अब तक डीसीपी सिटी का दायित्व संभाल रहे मनीष कुमार शांडिल्य को डीसीपी क्राइम बनाया गया है। दोनों अधिकारियों की जिम्मेदारियों में यह बदलाव तत्काल प्रभाव से किया गया है। सागर जैन अभी तक डीसीपी क्राइम की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। अब उन्हें शहर की कानून व्यवस्था की कमान दी गई है। शहर के सभी थाना क्षेत्रों में पुलिसिंग, अपराध की रोकथाम, कानून व्यवस्था बनाए रखने और संवेदनशील मामलों में पुलिस की त्वरित कार्रवाई की निगरानी उनकी प्रमुख जिम्मेदारियों में होगी। अप्रैल में हुई थी प्रयागराज में तैनातीसागर जैन 2019 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। वह मूल रूप से होशंगाबाद, मध्य प्रदेश के रहने वाले हैं। अप्रैल 2026 में उनकी तैनाती प्रयागराज में हुई थी। प्रयागराज आने के बाद उन्हें डीसीपी क्राइम की जिम्मेदारी दी गई थी। करीब चार महीने तक उन्होंने इस पद पर रहते हुए जिले में अपराध से जुड़े मामलों और पुलिस की कार्रवाई की निगरानी की। प्रयागराज से पहले सागर जैन सहारनपुर, मुरादाबाद और वाराणसी में भी तैनात रह चुके हैं। अलग-अलग जिलों में पुलिसिंग का अनुभव रखने वाले सागर जैन को अब प्रयागराज शहर की कानून व्यवस्था की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। डीसीपी सिटी रहे मनीष शांडिल्य अब संभालेंगे क्राइमवहीं, अब तक डीसीपी सिटी की जिम्मेदारी संभाल रहे मनीष कुमार शांडिल्य को डीसीपी क्राइम बनाया गया है। शहर की कानून व्यवस्था की निगरानी के बाद अब उनके जिम्मे अपराध नियंत्रण और गंभीर आपराधिक मामलों की मॉनिटरिंग होगी।डीसीपी साइबर क्राइम की भी जिम्मेदारी भी उनके पास रहेगी। कानून व्यवस्था और अपराध नियंत्रण पर जोरपुलिस कमिश्नर पीयूष मोर्डिया की ओर से अधिकारियों की जिम्मेदारियों में किया गया यह बदलाव कानून व्यवस्था और अपराध नियंत्रण की व्यवस्था को और मजबूत करने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है। डीसीपी सिटी के तौर पर सागर जैन का फोकस शहर की कानून व्यवस्था, पुलिस की मौजूदगी, अपराध की रोकथाम और थाना स्तर की पुलिसिंग को प्रभावी बनाने पर रहेगा। वहीं डीसीपी क्राइम के रूप में मनीष शांडिल्य गंभीर अपराधों और अपराधियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की निगरानी करेंगे।
नारदानंद आश्रम से लापता 3 छात्र 17 घंटे बाद बरामद:सीतापुर से 10 फीट दीवार फांदकर लखनऊ पहुंचे
सीतापुर के नैमिषारण्य थाना क्षेत्र के नारदानंद आश्रम से गुरुवार सुबह लापता हुए तीन वेदपाठी छात्रों को पुलिस ने करीब 17 घंटे बाद सकुशल बरामद कर लिया। तीनों छात्र अपने साथी आर्यन गुप्ता के लखनऊ स्थित घर पहुंच गए थे। छात्रों के मिलने की सूचना पर पुलिस, परिजनों और आश्रम प्रबंधन ने राहत की सांस ली। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि तीनों छात्र आश्रम से निकलकर लखनऊ तक कैसे पहुंचे और उनके जाने की वजह क्या थी। श्री अध्यात्म विद्यापीठ ब्रह्मचर्य आश्रम आवासीय विद्यालय से आर्यन गुप्ता (11), अनुकेश (12) और हिमांशु पांडेय (करीब 13) गुरुवार सुबह अचानक लापता हो गए थे। आचार्य मोहित के अनुसार, सुबह करीब 4 बजे मंगल आरती के दौरान तीनों की गिनती हुई थी और वे आश्रम में मौजूद थे। करीब 6 बजे प्रार्थना के समय गिनती की गई तो तीनों गायब मिले। एक साथ तीन छात्रों के लापता होने की जानकारी पर आश्रम में हड़कंप मच गया। पुलिस और परिजनों ने संभावित रास्तों और ठिकानों पर तलाश शुरू की। लापता छात्रों में अनुकेश हरदोई के अल्लीपुर, हिमांशु पांडेय अयोध्या के आसरेवा और आर्यन गुप्ता लखनऊ के दुबग्गा रिंग रोड का निवासी है। बताया गया कि हिमांशु का इसी साल आश्रम में दाखिला हुआ था। तलाश के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि तीनों आर्यन के लखनऊ स्थित घर पहुंच गए हैं। पुलिस ने देर शाम उन्हें सकुशल बरामद कर लिया। प्रभारी निरीक्षक नवनीत मिश्रा ने बताया कि तीनों छात्र सुरक्षित मिल गए हैं। उनसे पूछताछ कर यह पता लगाया जा रहा है कि वे आश्रम से किस तरह लखनऊ पहुंचे और बिना बताए आश्रम छोड़ने की वजह क्या थी।
पेट में तीन फीट तक घुसी लाठी, चार घंटे तक चली सर्जरी, 10वीं के छात्र को मौत से बचा लाए डॉक्टर
यूपी के कानपुर में 10वीं के छात्र के पेट में तीन फीट तक लाठी घुस गई। लाठी पेट को चीरते हुए निकल गई थी, लेकिन डॉक्टरों की कड़ी मेहनत और कोशिश के चलते छात्र की सांसे थमने से पहले ही उसे निकाल लिया गया। छात्र अब पूरी तरह से स्वस्थ है।
फर्रुखाबाद में नवाबगंज के नगला जब्ब गांव में गुरुवार को चकबंदी की पैमाइश करने पहुंची राजस्व टीम को ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा। लेखपाल और कानूनगो के अनुसार, लाठी-डंडे लेकर पहुंचे ग्रामीणों ने टीम को घेर लिया। स्थिति बिगड़ने पर राजस्व कर्मियों ने एक कमरे में खुद को बंद कर लिया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और टीम को बाहर निकाला। हालांकि, प्रशासन ने टीम पर हमले की पुष्टि नहीं की है। ग्राम पंचायत बराकेशव के मजरा नगला जब्ब में चकबंदी लेखपाल महिपाल और कानूनगो शिवकुमार खेतों की पैमाइश कर रहे थे। कुछ खेतों की पैमाइश के बाद दोनों एक ग्रामीण के घर के बाहर बैठे थे। इसी दौरान दूसरे मजरे से करीब 30 से 40 महिला-पुरुष वहां पहुंच गए और चकबंदी प्रक्रिया का विरोध करने लगे। ग्रामीणों के हाथों में लाठी-डंडे थे। माहौल बिगड़ने पर टीम के सदस्य घर के एक कमरे में चले गए और दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। दो महिलाओं ने बीच-बचाव का प्रयास किया, जिनके साथ भी धक्का-मुक्की की बात सामने आई है। डायल-112 पुलिस के पहुंचने के बाद भी ग्रामीण नारेबाजी करते रहे। स्थिति को देखते हुए थाने से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया। पुलिस के पहुंचने पर विरोध कर रहे लोग मौके से चले गए। इसके बाद राजस्व टीम के सदस्यों और दोनों महिलाओं को सीएचसी ले जाकर चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया। थाना प्रभारी निरीक्षक राजीव कुमार ने बताया कि तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। चकबंदी को लेकर पहले से चल रहा विरोध ग्रामीणों और राजस्व कर्मियों के मुताबिक, चकबंदी प्रक्रिया को लेकर गांव में पहले से विरोध है। कुछ किसानों के पास अभिलेखों में कम जमीन दर्ज है, जबकि वे अधिक भूमि पर खेती कर रहे हैं। पैमाइश के बाद अतिरिक्त जोत वाली जमीन हाथ से निकलने की आशंका के चलते किसान चकबंदी का विरोध कर रहे हैं। एडीएम न्यायिक दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि चकबंदी प्रक्रिया का पहले भी विरोध हो चुका है और इसे लेकर हाईकोर्ट में रिट दाखिल हुई थी। प्रशासन की ओर से कोर्ट में चकबंदी प्रक्रिया पूरी कराने की बात कही गई थी। गुरुवार को पैमाइश के बाद लेखपाल और कानूनगो गांव में एक व्यक्ति के घर बैठे थे, तभी दूसरे मजरे से 30-40 महिला-पुरुष वहां पहुंचकर चकबंदी रोकने की मांग करने लगे। उन्होंने बताया कि टीम ने खुद को कमरे में बंद कर लिया था। यदि किसी राजस्व कर्मी के साथ मारपीट हुई है तो तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
इंदौर में अब आम लोगों को जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए बार-बार नगर निगम के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। नई व्यवस्था के तहत जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र संबंधित जोन कार्यालयों से जारी किए जाएंगे और नागरिकों को 48 घंटे के भीतर प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। महापौर पुष्यमित्र भार्गव और आयुक्त क्षितिज सिंघल के निर्देश पर यह व्यवस्था लागू की गई है। निगम मुख्यालय से जारी होने वाले प्रमाण पत्र अब जोन क्रमांक 1 से 22 के माध्यम से जारी किए जाएंगे। सभी जोन कार्यालयों को आवेदनों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। परिजन के मोबाइल नंबर पर मिलेगी PDF जोन क्षेत्र के निजी अस्पतालों और मुक्तिधाम/कब्रिस्तान से जन्म-मृत्यु की सूचना मिलते ही CRS पोर्टल पर उसकी प्रविष्टि और अनुमोदन की प्रक्रिया यथासंभव उसी दिन पूरी की जाएगी। अनुमोदन के बाद संबंधित परिजन के मोबाइल नंबर पर जन्म या मृत्यु प्रमाण पत्र की PDF भेजी जाएगी। इसके लिए जोन क्षेत्र के सभी निजी अस्पतालों को जन्म-मृत्यु से संबंधित डेटा प्रतिदिन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए जाएंगे। संबंधित कर्मचारियों को भी अस्पतालों से रोजाना जानकारी प्राप्त करनी होगी। ऑफलाइन आवेदन ऐसे करें जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए ऑफलाइन आवेदन मिलने पर उसे कार्यालय की आवक में दर्ज कर आवेदक को आवक क्रमांक और तारीख दी जाएगी। इसके बाद कंप्यूटर ऑपरेटर इंदौर 311 एप के माध्यम से आवेदन की ऑनलाइन प्रविष्टि करेगा। जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र में संशोधन के लिए प्राप्त आवेदनों के साथ संलग्न दस्तावेजों की जांच कर यथासंभव 24 घंटे के भीतर आवश्यक सुधार किया जाएगा। सड़क किनारे पेड़-पौधों को कंक्रीट और पेवर ब्लॉक से करेंगे मुक्त पेड़-पौधों को नया जीवन देने के उद्देश्य से नगर निगम ने एक और पहल शुरू की है। इसके तहत सड़कों के किनारे लगे पेड़-पौधों के आसपास से कंक्रीट और पेवर ब्लॉक हटाकर पर्याप्त खुली जगह उपलब्ध कराई जाएगी। पहले चरण के काम के लिए 21 लाख रुपए के टेंडर आमंत्रित किए गए हैं। उद्यान विभाग प्रभारी राजेंद्र राठौर ने बताया कि पेड़ों के आसपास कंक्रीट और पेवर ब्लॉक होने से बारिश और सिंचाई का पानी पर्याप्त मात्रा में जड़ों तक नहीं पहुंच पाता। नई व्यवस्था के तहत पेड़ों के आसपास आवश्यक जगह की कार्विंग कर कंक्रीट और पेवर ब्लॉक हटाए जाएंगे। इसके बाद प्रत्येक पेड़ के चारों ओर करीब एक-एक फीट का थाला विकसित किया जाएगा।
मॉडल स्कूलों में पढ़ाई-अटेंडेंस जांचेंगे अफसर, सम्राट ने हर स्कूल पर एक अधिकारी लगाने को कहा
बिहार के सरकारी मॉडल स्कूलों में पढ़ाई और शिक्षा व्यवस्था की बेहतर सुविधा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी शिक्षा विभाग के अधिकारियों की होगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने हर मॉडल स्कूल की जिम्मेदारी एक अधिकारी को सौंपने का निर्देश दिया है।
'बिहारी' कहकर चिढ़ाता तो मार डाला; शव जलाकर भूसे में छिपाया, डेयरीकर्मी हत्याकांड में खुलासा
अमरोहा के नौगावां सादात में पशुशाला कर्मचारी प्रदीप की हत्या का पुलिस ने 24 घंटे में खुलासा कर सहकर्मी नितेश को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक, गाली-गलौज और ‘बिहारी’ कहकर चिढ़ाने से नाराज नितेश ने तेजधार हथियार से हमला किया। शव छिपाकर आग लगाने की कोशिश की गई।
नारायणा में किराए के विवाद ने ली थी युवक की जान, कैब चालक समेत तीन हिरासत में
नारायणा में नग्न अवस्था में मिले युवक के शव मामले में कैब चालक समेत तीन संदिग्ध हिरासत में लिए गए हैं। पुलिस जांच में पता चला है कि कैब किराए के विवाद में मारपीट के बाद युवक की मौत हुई थी।
कानपुर प्राणि उद्यान (जू) की ऐतिहासिक झील में मछलियों की अचानक मौत से प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है। बीते एक महीने के भीतर झील में दो बार बड़ी संख्या में मछलियों के मरने की घटना सामने आ चुकी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जू प्रशासन अब अलर्ट मोड पर आ गया है। झील के पानी में प्रदूषण और मछलियों की मौत की सही वजह जानने के लिए जू प्रशासन ने हरकोर्ट बटलर टेक्निकल यूनिवर्सिटी (HBTU) की विशेषज्ञ टीम से पानी की जांच कराने की मांग की है। HBTU को भेजा गया रिमाइंडर, 3-4 दिन में आएगी जांच रिपोर्ट जू के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पिछले हफ्ते HBTU को पानी के सैंपल की जांच के लिए पत्र भेजा गया था, जिसके बाद बुधवार को एक रिमाइंडर लेटर भी जारी किया गया है। HBTU के विशेषज्ञों से हुई बातचीत के आधार पर अगले 3 से 4 दिनों में जांच रिपोर्ट आने की उम्मीद जताई जा रही है। जांच के जरिए यह पता लगाया जाएगा कि आसपास के नालों से झील में किस तरह का जहरीला पानी या हैवी मेटल आ रहा है, जिसकी वजह से पानी में ऑक्सीजन का स्तर अचानक गिर जाता है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। ऑक्सीजन बढ़ाने के लिए O2 मैक्स दवा और टॉक्सीमार का इस्तेमाल मछलियों के जीवन को बचाने और पानी को शुद्ध करने के लिए एहतियात के तौर पर कई जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। पानी में ऑक्सीजन का स्तर बनाए रखने के लिए 'O2 Max' दवा का छिड़काव किया जा रहा है, जबकि जहरीले तत्वों के असर को कम करने के लिए 'टॉक्सीमार' (Toximar) दवा का प्रयोग हो रहा है। नांव और लोहे के कांटों से हटाई जा रही जलीय घास झील की सफाई का काम भी युद्धस्तर पर जारी है। सफाई कार्य के लिए झील में दो नावें उतारी गई हैं। पानी के अंदर उगी अनचाही जलीय घास और कचरे को बाहर निकालने के लिए लोहे के विशेष बड़े-बड़े कांटे और पंजे बनवाए गए हैं। इन लोहे के कांटों की मदद से खींचकर घास को बाहर निकाला जा रहा है, ताकि पानी में सूरज की किरणें और हवा आसानी से पहुंच सकें और पानी स्वच्छ बना रहे। जू प्रशासन का कहना है कि भविष्य में इस तरह की घटना न दोहराई जाए, इसके लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
राजस्थान में लंबे समय से स्थायी आश्रय के लिए संघर्ष कर रहे घुमंतू, अर्ध-घुमंतू और विमुक्त समुदायों के 473 परिवारों को अब अपना पक्का घर मिल गया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 13 अगस्त को लाभार्थी परिवारों को आवास आवंटन सौंपे। स्थायी पता नहीं होने से इन परिवारों को सरकारी योजनाओं और बुनियादी सुविधाओं तक पहुंच में परेशानी होती थी। आवास मिलने के बाद अब इन समुदायों के बच्चों की शिक्षा और रोजगार के अवसर बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। घर से शिक्षा तक, घुमंतू परिवारों को मुख्यधारा से जोड़ने की पहल राजस्थान सरकार की यह आवासीय पहल उन परिवारों के लिए अहम मानी जा रही है, जो लंबे समय से सामाजिक और आर्थिक रूप से हाशिये पर रहे हैं। स्थायी घर मिलने से उन्हें न केवल सुरक्षित आश्रय मिलेगा, बल्कि स्थायी पते से दस्तावेज, शिक्षा, स्वास्थ्य और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं तक पहुंच आसान होने की उम्मीद है। न्यूयॉर्क स्थित राजस्थान एसोसिएशन ऑफ नॉर्थ अमेरिका (RANA) के अध्यक्ष और चंद्रा–के.के. मेहता फैमिली फाउंडेशन के एडवाइजरी बोर्ड के चेयरमैन प्रेम भंडारी ने सरकार के इस कदम का स्वागत किया है। उन्होंने जमीनी स्तर पर लंबे समय से काम कर रहे सामाजिक कार्यकर्ताओं के योगदान को भी रेखांकित किया। दुर्गादास जी के प्रयासों की सराहना प्रेम भंडारी ने घुमंतू जाति उत्थान न्यास के राष्ट्रीय प्रमुख दुर्गादास के कार्यों की विशेष रूप से सराहना की। उनके अनुसार दुर्गादास जी एक दशक से ज्यादा समय से घुमंतू, अर्ध-घुमंतू और विमुक्त समुदायों के कल्याण के लिए काम कर रहे हैं। इन समुदायों को सामाजिक और आर्थिक मुख्यधारा से जोड़ने के प्रयासों में उनकी लंबे समय से चली आ रही जमीनी सेवा को महत्वपूर्ण बताया गया है। ब्रिटिश दौर के कलंक का असर आज भी घुमंतू और विमुक्त समुदायों का इतिहास सामाजिक भेदभाव से भी जुड़ा रहा है। ब्रिटिश शासन के दौरान एक कानून के तहत इन्हें ऐतिहासिक रूप से ‘अपराधी जनजातियों’ की श्रेणी में रखा गया था। यह कानून 1952 में निरस्त कर दिया गया, लेकिन इससे जुड़ा सामाजिक कलंक और आर्थिक पिछड़ापन लंबे समय तक बना रहा। आज भी कई परिवारों के पास स्थायी घर, औपचारिक दस्तावेज और सरकारी योजनाओं तक पर्याप्त पहुंच नहीं है। ऐसे में आवास उपलब्ध कराना इनके पुनर्वास और मुख्यधारा से जुड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पहले भी हुए रोजगार और जागरूकता से जुड़े प्रयास इन समुदायों के लिए पिछले कुछ वर्षों में राजस्थान में सामाजिक और कल्याणकारी स्तर पर कई गतिविधियां हुई हैं। जनवरी 2025 में जयसिंहपुरा खोर की चेतना बस्ती में दो दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इसका उद्देश्य सामाजिक और आध्यात्मिक जागरूकता बढ़ाना था। इसके बाद 29 नवंबर 2025 को रोजगार मेले का आयोजन किया गया। इसमें उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने सैकड़ों परिवारों को आजीविका से जुड़े साधन वितरित किए। आयोजकों के मुताबिक, इस कार्यक्रम को प्रेम भंडारी ने RANA और चंद्रा–के.के. मेहता फैमिली फाउंडेशन की ओर से व्यक्तिगत रूप से प्रायोजित किया था। RANA के सचिव रवि जारगढ़ भी कार्यक्रम में मौजूद रहे। स्वच्छता के बाद अब बच्चों की शिक्षा पर फोकस इन संगठनों की ओर से स्वच्छ भारत मिशन के उद्देश्यों के अनुरूप स्वच्छता प्रोत्साहन अभियान को भी समर्थन दिया गया। आयोजकों का कहना है कि इससे बस्तियों में स्वच्छता की स्थिति सुधारने में मदद मिली। अब प्रेम भंडारी का फोकस इन परिवारों के बच्चों की शिक्षा पर है। उन्होंने कहा कि वह इन समुदायों के बच्चों को डॉक्टर, इंजीनियर और सिविल सेवक बनते देखना चाहते हैं। RANA और चंद्रा–के.के. मेहता फैमिली फाउंडेशन योग्य और जरूरतमंद बच्चों की पहचान कर उनकी शिक्षा का खर्च उठाने की योजना पर काम करेंगे। सरकार की योजना के खर्च का विवरण अभी सार्वजनिक नहीं यह पहल सरकारी योजनाओं के साथ सामाजिक संगठनों और प्रवासी भारतीय समुदाय की भागीदारी का उदाहरण भी है। हालांकि, राजस्थान सरकार ने अभी तक 473 फ्लैटों की योजना की कुल लागत और लाभार्थियों के चयन के विस्तृत मानदंड सार्वजनिक नहीं किए हैं। ऐसे में योजना के आर्थिक पक्ष और चयन प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी सामने आना अभी बाकी है।
'ये लव लेटर नहीं चलेगा, कल लाखों छात्र बुला लेंगे’, JPSC मामले में CM सोरेन को छात्रों की चेतावनी
झारखंड हाईकोर्ट द्वारा JPSC की 11वीं से 13वीं परीक्षाओं और नियुक्तियां रद्द करने के राज्य सरकार के आदेश पर रोक लगाए जाने के बाद छात्रों ने सरकार के खिलाफ आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है।
मध्यप्रदेश के कटनी की नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) नेहा पच्चीसिया के खिलाफ गुरुवार को धोखाधड़ी, पद के दुरुपयोग और आपराधिक सांठगांठ के आरोप में FIR दर्ज हुई है। भोपाल सतर्कता शाखा की शिकायत पर जबलपुर जोन के निर्देशानुसार कुठला थाने में यह कार्रवाई की गई। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट से याचिका खारिज होने के बाद FIR दर्ज की गई है। 82 लाख की जमीन 18.20 लाख में खरीदीमामला कुठला थाना क्षेत्र की खसरा नंबर 2618/1 की जमीन से जुड़ा है। शासकीय गाइडलाइन के मुताबिक जमीन की कीमत 82 लाख 86 हजार रुपए से अधिक थी। आरोप है कि पुलिसिया दबाव बनाकर इसकी रजिस्ट्री सिर्फ 18.20 लाख रुपए में कराई गई। इसमें 15 लाख रुपए चेक और 3.20 लाख रुपए नकद दर्शाए गए। रजिस्ट्री के दिन दूसरे खातों से आए 15 लाख जबलपुर की ASP अनु बेनीवाल की जांच में सामने आया कि कागजों में खरीदार बने मारूफ अहमद हनफी के बैंक खाते में पर्याप्त राशि नहीं थी। 15 अप्रैल 2026 को रजिस्ट्री के दिन उसके खाते में 'शाइन पार्टनर्स' से 10 लाख और क्षितिज राज बारापात्रे के खाते से 5 लाख रुपए ट्रांसफर किए गए थे। जांच में दोनों खातों में एक पैन नंबर मिला जांच में दोनों खातों में एक ही PAN नंबर दर्ज होने की बात भी सामने आई। पुलिस ने इसे संदिग्ध सांठगांठ और फर्जीवाड़े से जोड़ते हुए संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। बता दें CSP नेहा पर ट्रांसफर से अवैध वसूली के आरोप लगने के बाद कटनी SP ने उनसे 3 थानों का प्रभार छीन लिया था। हाईकोर्ट से नहीं मिल सकी थी राहत CSP नेहा पच्चीसिया ने FIR के खिलाफ मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका खारिज होने के बाद भोपाल सतर्कता शाखा की शिकायत पर कुठला थाने में FIR दर्ज की गई। पुलिस ने अब मामले में आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। यह खबर भी पढ़ें… कटनी CSP नेहा पच्चीसिया से छीना तीन थानों का प्रभार:अवैध वसूली और विभागीय लापरवाही के लगे गंभीर आरोप कटनी की नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) नेहा पच्चीसिया इस समय गंभीर प्रशासनिक संकट और कानूनी जांच के घेरे में हैं। उन पर अवैध वसूली और विभागीय लापरवाही के गंभीर आरोप लगे हैं। एयर इंडिया में एयर होस्टेस की नौकरी छोड़कर राज्य प्रशासनिक सेवा के माध्यम से पुलिस विभाग में आईं नेहा पच्चीसिया का करियर अब सवालों के घेरे में है। पढ़ें पूरी खबर
कमिश्नर इंद्र विक्रम सिंह गुरुवार को विरासत गलियारा का निरीक्षण करने पहुंचे थे। सीएम ने इस परियोजना का काम जल्द से जल्द पूरा करने का निर्देश दिया है। निरीक्षण के दौरान कई जगह काम बंद पाया गया। इसका कारण पूछने पर कार्यदायी संस्था PWD के अधिकारी कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे पाए। इसपर कमिश्नर नाराज हो गए। उन्होंने PWD के अधिकारियों को जमकर फटकारा। उन्होंने पूछा कि न आंधी आयी है, न बारिश ही हो रही है। सबकुछ ठीक है तो काम क्यों नहीं हो रहा? इस सवाल के जवाब में PWD के अधिकारियों के पास सर नीचे झुका लेने के अलावा कोई विकल्प नहीं था। कमिश्नर ने कहा कि 15 सितंबर तक हर हाल में काम पूरा हो जाना चाहिए। इसमें देरी हुई तो संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी। नाले को देखकर पूछा, बारिश का पानी इसमें कैसे जाएगा निरीक्षण के दौरान कमिश्रर ने सड़क पर निकले बिजली के तार पर भी सवाल खड़े किए। नाले बनाए गए थे लेकिन उसमें छेद नहीं किया गया था। कमिश्नर ने पूछा कि बारिश का पानी इसमें कैसे जाएगा? दस बात का PWD के अधिकारियों न ही ठेकेदार के पास कोई जवाब था। इन कमियों पर ठेकेदार ने कुछ तर्क रखने की कोशिश की, जिसे सुनकर कमिश्नर ने कहा कि आधी मूंछ रखकर तुम वैसे ही दिखोगे, जैसी यह महत्वपूर्ण परियोजना दिख रही है। उन्होंने निर्माण स्थल की नियमित सफाई करने, अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया। विरासत गलियारा के बाद कमिश्नर ने परहमंस योगानंद की जन्मस्थली पर चल रहे पर्यटन विकास कार्यों का निरीक्षण किया। कमिश्नर ने मैनपावर बढ़ाकर पूरी गुणवत्ता के साथ समय से काम पूरा करने का निर्देश दिया। शहीद बंधू सिंह स्मृति पार्किंग का भी उन्होंने निरीक्षण किया। उन्होंने यहां जल्द पार्किंग शुरू करने का निर्देश दिया। उन्होंने हर्बर्ट बांध से माधोपुर बांध तक बन रही फोरलेन सड़क और डोमिनगढ़ से माधोपुर बांध को जोड़ने वाले निर्माणाधीन रेल ओवरब्रिज का निरीक्षण किया और समय से काम पूरा करने को कहा। निरीक्षण के दौरान जीडीए उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल, नगर आयुक्त अजय जैन आदि उपस्थित रहे।
दिल्ली में टीबी का कहर, 42 दिन में मिले 12 हजार से अधिक नए मरीज
दिल्ली में विशेष स्क्रीनिंग अभियान के दौरान 42 दिनों में 12,078 नए टीबी मरीज सामने आए, जिनमें 42% एक्स्ट्रा-पल्मोनरी टीबी से पीड़ित थे। शहर में लगातार तीन वर्षों से टीबी के एक लाख से अधिक मामले दर्ज हो रहे हैं।
देवरिया में सदर कोतवाली क्षेत्र में गोरखपुर रोड स्थित शर्मा ढाबा के पास तीन दिन पहले हुए हमले में गंभीर रूप से घायल अमित शर्मा (37) की गुरुवार रात करीब 9 बजे गोरखपुर में इलाज के दौरान मौत हो गई। अमित की मौत के बाद पुलिस हत्या के प्रयास के मुकदमे को हत्या की धारा में तरमीम करेगी। मामले में दो नामजद समेत नौ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज है। गौरी बाजार थाना क्षेत्र के बलुआ गांव निवासी अमित शर्मा सोमवार शाम कार से बैतालपुर पहुंचे थे। वहां से उन्होंने अपने दोस्त रामशरण सिंह (42), निवासी रामनगर वार्ड नंबर 10 बैतालपुर, को साथ लिया और दोनों देवरिया-गोरखपुर रोड स्थित शर्मा ढाबा के पास खाना खाने गए थे। कार से उतरते ही हमला करने का आरोप रामशरण सिंह की तहरीर के मुताबिक, दोनों शाम करीब सात बजे कार संख्या UP52CM8670 से जा रहे थे। ढाबे से कुछ दूरी आगे अमित कार से लघुशंका के लिए उतरे। आरोप है कि इसी दौरान पीछे से आए अशोक यादव निवासी बेलडरिया, विपुल पुत्र राजेंद्र निवासी बेलडरिया और छह-सात अन्य लोगों ने पुरानी रंजिश को लेकर दोनों पर हमला कर दिया। हमलावरों ने लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से मारपीट की। जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप है। हमले में अमित और रामशरण गंभीर रूप से घायल हो गए। राहगीरों ने बीच-बचाव कर बचाया शोर सुनकर पीछे से आ रहे वीरेंद्र यादव, हरेंद्र यादव और अन्य राहगीर मौके पर पहुंचे और बीच-बचाव किया। इसके बाद हमलावर मौके से भाग गए। सूचना पर डायल-112 पुलिस पहुंची और दोनों घायलों को महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज पहुंचाया। गोरखपुर में तीन दिन चला इलाज अमित की हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उसे बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर रेफर कर दिया। वहां तीन दिन तक उसका इलाज चला। गुरुवार शाम करीब 9 बजे उपचार के दौरान अमित की मौत हो गई। मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। दो नामजद समेत नौ के खिलाफ दर्ज है केस रामशरण सिंह की तहरीर पर सदर कोतवाली पुलिस ने अशोक यादव, विपुल समेत नौ लोगों के खिलाफ हत्या के प्रयास और अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। तहरीर में पुरानी रंजिश को हमले की वजह बताया गया है। मौत के बाद हत्या की धारा बढ़ाएगी पुलिस पुलिस के अनुसार, अमित की मौत के बाद मुकदमे में हत्या की धारा बढ़ाई जाएगी। पुलिस हमले के कारणों, आरोपियों की भूमिका और घटना में शामिल अन्य लोगों की पहचान की जांच कर रही है। उपलब्ध साक्ष्यों और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
भोपाल की शांति होम्स कॉलोनी में कश्मीरी छात्रों से रूम खाली करने को कहा तो पुलिस बुला ली
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संभल में मैगी खाने के बाद एक ही परिवार के पांच सदस्यों की तबीयत बिगड़ गई। सभी को 15 मिनट के भीतर उल्टी, चक्कर, जी मिचलाने और घबराहट की शिकायत हुई। घटना के करीब 20 घंटे बाद भी उनकी हालत पूरी तरह सामान्य नहीं हो सकी है। यह मैगी गांव की एक दुकान से ₹5 में खरीदी गई 'सोबिस्को यम-यम' ब्रांड की थी। यह पूरा घटनाक्रम संभल तहसील के असमोली थाना क्षेत्र के गुमसानी गांव का है। गांव निवासी ज्ञान सिंह ने बताया कि बुधवार शाम करीब आठ बजे वह परिवार के अन्य सदस्यों के साथ बिजनौर के जहानाबाद धाम पर गए थे। इस दौरान घर पर उनकी सास सोनाबती, समधन अनेकबती, बेटियां सुआली और निशा, तथा बेटा विशेष मौजूद थे। ज्ञान सिंह के अनुसार, बुधवार रात करीब नौ बजे उनकी बेटी सुआली पड़ोस की दुकान से मैगी के पैकेट लेकर आई। घर पर मैगी बनाकर सभी पांच लोगों ने खाई। मैगी खाने के कुछ ही देर बाद पांचों की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। उन्हें उल्टी, चक्कर, जी मिचलाने और घबराहट की शिकायत हुई। हालत इतनी खराब हो गई कि कुछ लोगों के लिए चारपाई से उठना भी मुश्किल हो गया। पड़ोसियों ने रात 12 बजे ज्ञान सिंह को फोन कर घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही ज्ञान सिंह गुरुवार सुबह नौ बजे घर लौट आए। इसके बाद उन्होंने पांचों को गांव के ही निजी डॉक्टर को दिखाया। डॉक्टर ने बताया कि लगातार उल्टी और चक्कर आने के कारण उनका ब्लड प्रेशर काफी कम हो गया है। डॉक्टर ने सभी को किसी अच्छे चिकित्सक से दिखाने की सलाह दी। ज्ञान सिंह ने बताया कि घटना के करीब 20 घंटे बाद भी पांचों लोगों को चक्कर की शिकायत बनी हुई है। हालत यह है कि उन्हें शौचालय और अन्य जरूरी कामों के लिए सहारा देकर ले जाना पड़ रहा है। फिलहाल सभी का निजी डॉक्टर से उपचार जारी है। तबीयत में सुधार नहीं होने पर उन्हें किसी बड़े चिकित्सक को दिखाया जाएगा।
भदोही में इंदिरा मिल रेलवे क्रॉसिंग के पास गुरुवार शाम एक दर्दनाक ट्रेन हादसे में 45 वर्षीय महिला की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि महिला अपने बेटे के पीछे रेलवे ट्रैक तक पहुंची थी। बेटे को बचाने के प्रयास में वह खुद ट्रेन की चपेट में आ गई। हादसे में महिला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका 20 वर्षीय बेटा घायल हो गया। घायल युवक को महाराजा बलवंत सिंह अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मृतका की पहचान शिवकुमारी देवी पत्नी रामसागर राजभर, निवासी चक भुईधर, चौरी के रूप में हुई है। हादसे में उनके बेटे विशाल राजभर के दाहिने पैर में चोट आई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस घटना के कारणों और पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। बताया गया है कि शिवकुमारी देवी की बेटी का प्रसव भदोही के एक निजी अस्पताल में हुआ था। शिवकुमारी देवी और उनका 20 वर्षीय बेटा विशाल राजभर अस्पताल में मौजूद थे। इसी दौरान किसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, विशाल कथित तौर पर नशे की हालत में था। विवाद के बाद वह ट्रेन से कटने की बात कहते हुए अस्पताल से निकल गया। बेटे के इस तरह चले जाने के बाद शिवकुमारी देवी भी उसके पीछे-पीछे पहुंचीं। विशाल इंदिरा मिल रेलवे क्रॉसिंग के पास रेलवे ट्रैक पर पहुंच गया। इसी दौरान ट्रेन आने पर शिवकुमारी देवी ने बेटे को बचाने का प्रयास किया। इस दौरान विशाल तो ट्रेन की चपेट में आने से बच गया, लेकिन उसकी मां ट्रेन की चपेट में आ गईं। हादसे में उनकी मौके पर ही मौत हो गई। बेटे का अस्पताल में चल रहा इलाज हादसे में विशाल के दाहिने पैर में चोट लगी है। घटना के बाद उसे उपचार के लिए भदोही स्थित महाराजा बलवंत सिंह अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। पुलिस घायल विशाल से पूछताछ कर घटना से पहले हुए विवाद और हादसे की परिस्थितियों की जानकारी जुटा रही है। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। कारपेट सिटी चौकी प्रभारी संतोष कुमार सिंह ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। विवाद के कारणों की जांच की जा रही है। वहीं, कोतवाली प्रभारी शैलेश कुमार राय ने बताया कि घायल विशाल से पूछताछ जारी है। घटना की जानकारी मिलने के बाद मृतका के पति रामसागर राजभर समेत अन्य परिजन भी मौके पर पहुंच गए। पुलिस पूरे मामले की जांच-पड़ताल कर रही है।
डराने लगीं यूपी की नदियां, बाढ़ को लेकर प्रशासन अलर्ट, राहत-बचाव कार्यों में जुटी योगी सरकार
पहाड़ों पर पिछले कुछ दिनों से हो रही बारिश ने यूपी की नदियों का जलस्तर बढ़ा दिया। प्रदेश की अधिकतर नदियों का पानी आबादी तक पहुंच गया है। जिससे ग्रामीणों में बाढ़ की चिंता सताने लगी है।
सवाई माधोपुर में रणथंभौर टाइगर रिजर्व से सटे दूमोदा गांव में घर में खेल रहे 3 साल के बच्चे को लेपर्ड उठाकर ले गया। मां ने लेपर्ड के पीछे भागकर बेटे को बचाने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हो सकी और सदमे में बेहोश हो गई। घटना के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग की चौकी पर पहुंचकर जानकारी दी। वनकर्मियों ने मौके पर पहुंचने का आश्वासन दिया, लेकिन करीब 2.30 घंटे तक कोई नहीं आया। इसके बाद ग्रामीणों ने जंगल में जाकर तलाश शुरू की। इस दौरान पहाड़ी पर बच्चा लहूलुहान हालत में मिला। ग्रामीण उसे जिला हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टर ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। बच्चे की मौत के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने फलौदी रेंज चौकी पर पहुंचकर प्रदर्शन किया। इस दौरान वहां खड़ी एक बाइक को आग लगा दी। मामला गुरुवार शाम करीब 7 बजे का है। देखिए…घटनाक्रम से जुड़ी 3 तस्वीरें… सूचना देने के बाद भी नहीं आए वनकर्मी प्रत्यक्षदर्शी रामकेश गुर्जर ने बताया - संजय बैरवा का 3 साल का बेटा दिलखुश घर में खेल रहा था। इसी दौरान लेपर्ड उसे उठाकर ले गया। लेपर्ड को बेटे को ले जाते देख मां बेहोश हो गई। ग्रामीणों ने वन चौकी पर इसकी जानकारी दी। वनकर्मियों ने कहा कि हम कुछ देर में पहुंच रहे हैं, लेकिन दो-ढाई घंटे बाद भी कोई नहीं आया। इस पर ग्रामीणों ने अलग-अलग ग्रुप बनाकर जंगल में बच्चे की तलाश की। इस दौरान पहाड़ी परबच्चा घायल हालत में मिला। बच्चे को हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, लेकिन उसकी मौत हो चुकी थी। बच्चे की मौत की सूचना पर बड़ी संख्या में ग्रामीण हॉस्पिटल पहुंच गए और हंगामा कर दिया। सूचना पर मानटाउन और कोतवाली थाना पुलिस हॉस्पिटल पहुंची और लोगों से बात कर स्थिति संभाली। आक्रोशित ग्रामीणों ने वन चौकी पर हंगामा किया उधर, बच्चे की मौत की सूचना के बाद गांव में मौजूद लोगों में आक्रोश फैल गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण फलौदी रेंज वन चौकी पहुंचे और हंगामा किया। आक्रोशित ग्रामीणों ने वन चौकी के बाहर खड़ी वनकर्मी की बाइक को आग लगा दी। हंगामे की सूचना पर रवांजना डूंगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। गुस्साए लोगों ने वनकर्मी की बाइक को आग लगाई फलोदी क्षेत्रीय वन अधिकारी राज बहादुर मीणा ने बताया- पेरीफेरी वाले इलाकों में अक्सर लेपर्ड का मूवमेंट बना रहता है। दूमोदा गांव की बैरवा बस्ती से लेपर्ड एक बच्चे को उठा ले गया। ग्रामीणों ने बच्चे को बचाने का प्रयास भी किया, लेकिन सफल नहीं हुए। घटना के बाद गुस्साए लोगों ने चौकी में एक बाइक में आग लगा दी। --- संबंधित ये खबर भी पढ़ें … ढाई साल के बच्चे को खा गया लेपर्ड:मां के साथ सोते समय घर से उठाकर ले गया, 2KM दूर जंगल में सिर्फ सिर मिला मां पास सो रहे ढाई साल के बच्चे का लेपर्ड ने शिकार कर लिया। मासूम को मां के पास से उठाकर जंगल लेकर गया और खा गया। पूरी खबर पढ़ें जयपुर में मासूम को घर से दबोच ले गया लेपर्ड:मां रोती-पुकारती पीछे-पीछे दौड़ती रही; जंगल में छोड़कर भागा, मौत वन विभाग की लापरवाही के कारण जयपुर में एक लेपर्ड ने मासूम की जान ले ली। घर में मां के पास खेलते बच्चे को लेपर्ड मुंह में दबोच कर भाग गया। पूरी खबर पढ़ें
दुष्कर्म मामले में दोषी को 25 साल की सजा:बिजनौर कोर्ट ने 65 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया
बिजनौर में किशोरी से दुष्कर्म के मामले में पॉक्सो कोर्ट की विशेष न्यायाधीश कल्पना पांडे ने दोषी जुबैद को 25 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 65 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। हालांकि, कोर्ट ने जुबैद को एससी/एसटी एक्ट के आरोप से बरी कर दिया। विशेष लोक अभियोजक योगेंद्र कुमार के अनुसार, यह घटना 22 जुलाई 2025 को नूरपुर थाना क्षेत्र में हुई थी। पीड़ित के पिता ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनकी नाबालिग बेटी दोपहर करीब दो बजे कोल्ड ड्रिंक लेने दुकान पर गई थी, लेकिन काफी देर तक घर नहीं लौटी। बेटी को ढूंढते हुए पिता गांव में एक खाली पड़े मकान के पास पहुंचे, जहां से उन्हें अपनी बेटी के रोने की आवाज सुनाई दी। घर लौटने पर किशोरी ने बताया कि दुकान पर जुबैद पहले से मौजूद था। उसने उसे बहला-फुसलाकर खाली घर में ले जाकर दुष्कर्म किया और उसके कपड़े फाड़ दिए। किशोरी के चिल्लाने पर आरोपी जुबैद वहां से भागते समय उसे जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि जुबैद ने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए गाली-गलौज की थी। पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया, जिसमें दुष्कर्म की पुष्टि हुई। इसके बाद आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई और विवेचना के उपरांत पुलिस ने जुबैद के खिलाफ आरोप पत्र कोर्ट में पेश किया। इस मामले में सुनवाई के बाद न्यायाधीश कल्पना पांडे ने आरोपी जुबैद को दोषी पाया और उसे 25 वर्ष के कठोर कारावास तथा 65 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
बांदा में बीएल विद्या मंदिर आवासीय विद्यालय में दो छात्रों की मौत के बाद खाद्य विभाग की जांच की रफ्तार पर सवाल उठ रहे हैं। घटना के तीन दिन बाद भी विद्यालय की रसोई से लिए गए खाद्य पदार्थों के छह नमूने लखनऊ स्थित खाद्य प्रयोगशाला में जमा नहीं हो सके। नमूने बुधवार देर रात कानपुर रेलवे स्टेशन पहुंचे और गुरुवार सुबह लखनऊ पहुंच गए, लेकिन देर शाम तक अलीगंज स्थित प्रयोगशाला में इन्हें जमा नहीं कराया जा सका। इससे जांच रिपोर्ट आने और छात्रों की मौत के कारण स्पष्ट होने में देरी हो रही है। खाद्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक पर्याप्त स्टाफ नहीं होने के कारण नमूनों को कर्मचारी के माध्यम से लखनऊ नहीं भेजा जा सका। इन्हें रेलवे पार्सल के जरिए भेजा गया। दो छात्रों की मौत जैसे गंभीर मामले में नमूनों को प्राथमिकता के आधार पर तत्काल प्रयोगशाला तक पहुंचाने की व्यवस्था नहीं होने पर सवाल उठ रहे हैं। ठेले से मोमोज और फिंगर फ्राई खाने की भी नहीं हो रही जांच जांच में यह बात भी सामने आई है कि छात्रों ने महाराणा प्रताप चौराहे के पास एक ठेले से मोमोज और फिंगर फ्राई खरीदकर खाए थे। इसके बावजूद घटना के चार दिन बाद तक खाद्य विभाग और पुलिस ठेला संचालक तक नहीं पहुंच सकी। सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय जयप्रकाश तिवारी के अनुसार ठेला संचालक मौके से फरार है और उसकी तलाश की जा रही है। सवाल यह भी है कि घटना की जानकारी मिलते ही छात्रों और उनके साथियों से पूछताछ कर ठेले की पहचान, संचालक का पता और वहां बिकने वाले खाद्य पदार्थों के नमूने तत्काल सुरक्षित क्यों नहीं किए गए। यदि बाहर से खरीदा गया खाद्य पदार्थ छात्रों की तबीयत बिगड़ने से जुड़ा है तो देरी जांच को प्रभावित कर सकती है। चटनी का नमूना नहीं लिया, अहम कड़ी छूटी छात्रों द्वारा फिंगर फ्राई के साथ चटनी खाने की जानकारी भी सामने आई थी। घटना के बाद मेस में रखी चटनी की प्लेट हटा दी गई और उसे साफ कर दिया गया। सोमवार को खाद्य विभाग की टीम ने विद्यालय की रसोई से छह नमूने लिए। इनमें तैयार रोटी, पका चावल, सब्जी, मूंग दाल, रिफाइंड और आटा शामिल हैं। हालांकि छात्रों द्वारा खाई गई फास्ट फूड की चटनी का नमूना नहीं लिया जा सका। ऐसे में बाहर से खरीदे गए खाद्य पदार्थों और चटनी के नमूने सुरक्षित नहीं किए जाने को जांच की महत्वपूर्ण कड़ी के छूटने के तौर पर देखा जा रहा है। हजारों ठेले, कार्रवाई सीमित घटना के बाद खाद्य विभाग ने स्कूलों, होटल और जंक फूड की दुकानों की जांच शुरू की है, लेकिन कार्रवाई की रफ्तार भी सवालों के घेरे में है। शहर में बड़ी संख्या में जंक फूड के ठेले संचालित होने के बावजूद मंगलवार को केवल एक ठेले से फिंगर फ्राई और चटनी के नमूने लिए गए। इससे पहले तीन माध्यमिक विद्यालयों में मध्यान्ह भोजन की जांच की गई। बुधवार को जवाहर नवोदय विद्यालय से अरहर दाल, गरम मसाला और सूजी के नमूने लिए गए। करीब 25 से 30 होटलों की जांच में बस स्टैंड स्थित एसएस रेजीडेंसी में गंदा फर्श और स्वास्थ्य परीक्षण रिपोर्ट उपलब्ध नहीं होने पर सुधार नोटिस दिया गया। गुरुवार को डीएम के निर्देश पर तीन परिषदीय विद्यालयों का भी निरीक्षण किया गया। जिले में 1,725 परिषदीय विद्यालय हैं। ऐसे में दो छात्रों की मौत जैसी गंभीर घटना के बाद खाद्य जांच का दायरा बढ़ाने के साथ नमूनों को सुरक्षित तरीके से तत्काल प्रयोगशाला पहुंचाना भी जरूरी है।
मनेन्द्रगढ़ के मेट्रो हॉस्पिटल में ऑपरेशन के बाद एक महिला की मौत का मामला सामने आया है। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज और ऑपरेशन में लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने सिटी कोतवाली में शिकायत दर्ज कराते हुए अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। गर्भाशय के ऑपरेशन के बाद बिगड़ी तबीयत, मौत मृतिका के पति के अनुसार, सिरौली निवासी 35 वर्षीय नीतू सिंह को पेट दर्द की शिकायत पर मेट्रो हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों ने जांच के बाद गर्भाशय के ऑपरेशन की सलाह दी। ऑपरेशन के बाद नीतू सिंह को होश नहीं आया और उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। स्थिति गंभीर होने पर अस्पताल प्रबंधन ने उन्हें आनन-फानन में सूरजपुर स्थित एक निजी अस्पताल रेफर कर दिया। वहां इलाज के दौरान नीतू सिंह की मौत हो गई। महिला की मौत के बाद परिजन और ग्रामीण मनेन्द्रगढ़ सिटी कोतवाली पहुंचे। उन्होंने पुलिस से पूरे मामले की शिकायत की और ऑपरेशन में कथित लापरवाही की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। शिकायत मिलने के बाद कोतवाली पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। स्वास्थ्य विभाग की टीम भी अस्पताल पहुंची और आवश्यक दस्तावेज जब्त कर जांच कर रही है। अधिकारी उपचार से संबंधित रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों की गहनता से जांच कर रहे हैं। शिकायत के बाद OPD बंद मनेन्द्रगढ़ स्थित 220 बिस्तरीय शासकीय अस्पताल के अधीक्षक डॉ. स्वप्निल तिवारी ने बताया कि मेट्रो हॉस्पिटल से महिला के इलाज और ऑपरेशन से संबंधित सभी दस्तावेज जब्त कर लिए गए हैं। जिला प्रशासन के निर्देश पर फिलहाल मेट्रो हॉस्पिटल की ओपीडी बंद कर दी गई है। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि महिला की मौत चिकित्सकीय लापरवाही के कारण हुई या कोई अन्य वजह थी। प्रशासन की कार्रवाई और जांच रिपोर्ट का इंतजार है।
मैहर में 21 अगस्त को स्कूलों में अवकाश:नदी-नालों के उफान और जलभराव के कारण कलेक्टर ने जारी किए आदेश
मैहर जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और नदी-नाले उफान पर है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने विद्यार्थियों की सुरक्षा के मद्देनजर 21 अगस्त (शुक्रवार) को जिले के सभी स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया है। कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी ने देर रात इस संबंध में आदेश जारी किए। नर्सरी से 12वीं तक के सभी बोर्ड के स्कूलों पर लागू होगा आदेश कलेक्टर द्वारा जारी आदेश के अनुसार, जिले में संचालित सभी शासकीय एवं अशासकीय स्कूलों के साथ-साथ केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय, सीबीएसई और आईसीएसई से संबद्ध सभी शैक्षणिक संस्थानों में नर्सरी से 12वीं कक्षा तक के छात्रों के लिए छुट्टी रहेगी। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया निर्णय कलेक्टर ने बताया कि जिले के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति और उफनते नदी-नालों के कारण विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए यह कदम उठाया गया है। प्रशासन ने सभी स्कूल संचालकों को इस आदेश का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं।
लखनऊ में बुधवार दोपहर ICICI बैंक की रिलेशनशिप मैनेजर दिव्या मिश्रा की उसके पति मानस बाजपेयी ने गोली मारकर हत्या कर दी। गोमती नगर जैसे पॉश इलाके में दिनदहाड़े हुई हत्या का एक्सक्लूसिव CCTV दैनिक भास्कर ने खोज निकाला। फुटेज में दिव्या बैंक के अंदर जाती दिख रही हैं। गेट पर पति मानस बाजपेयी पहले से मौजूद था। उसने दिव्या को रोका। दोनों के बीच किसी बात पर बहस हुई। तभी मानस, दिव्या को पीटने लगता है। मारपीट देखकर बैंक के गार्ड और कर्मचारी दिव्या को बचाने दौड़े। इसी बीच मानस ने दिव्या के माथे पर गोली मार दी। गोली लगते ही दिव्या सड़क पर गिर पड़ी। दहशत में गार्ड और कर्मचारी भी पीछे हट गए। हत्या के बाद मानस वहां से भाग निकला। वह सीधे 2 किमी दूर अपने घर पहुंचा। जहां उसने बहन शीबा की भी हत्या कर दी और आखिर में खुद को भी गोली मार ली। मानस SBI में फील्ड ऑफिसर था। हत्या से जुड़ी 2 तस्वीरें देखिए… अब विस्तार से पढ़िए… सड़क पर भीड़, बेखौफ मानस ने गोली मारी ICICI बैंक में लगे ज्यादतर CCTV का एंगल अंदर की ओर है। सिर्फ एक CCTV का एंगल बाहर की तरफ है, उसमें ये घटना कैद हुई। फुटेज में देख सकते हैं कि बैंक के बाहर गाड़ियां आ-जा रही हैं। सड़क पर भीड़ है। इन सब की परवाह किए बगैर मानस वारदात को अंजाम देता है। CCTV के अनुसार, दिव्या गुरुवार दोपहर 12:20 बजे बैंक के अंदर जा रही थीं। बैंक के बाहर ही मानस उन्हें रोककर पीटता है। 1 मिनट के अंदर ही गोली मारकर भाग जाता है। उसके जाने के बाद बैंक के गार्ड और अन्य कर्मचारी दिव्या के पास पहुंचते हैं। टीवी पर तेज आवाज में हनुमान चालीसा चलाई, बहन को गोली मारी, सुसाइड किया पत्नी दिव्या की हत्या करने के बाद मानस ने वॉट्सएप स्टेटस लगाया। इसमें लिखा- ‘मैंने अपनी पत्नी की हत्या कर दी, क्योंकि उसने मुझे धोखा दिया। अब मुझे खुद को और अपनी बहन को भी मारना है। उसकी (दिव्या की) बहन प्रज्ञा और उनके (प्रज्ञा के) पति भरत यादव को सब कुछ पता है।’ मानस ने अपनी बहन शीबा को भी गोली मार दी। उसने घर में टीवी पर तेज आवाज में हनुमान चालीसा चला दी थी, ताकि गोली की आवाज बाहर न जाने पाए। शीबा मानसिक बीमार थी। उसका इलाज चल रहा था। मानस को डर था कि उसके मरने के बाद बहन की देखभाल कौन करेगा? इसके बाद मानस ने खुद को भी गोली मार ली। दो गोली चलने की आवाज सुनकर पड़ोसी भागकर पहुंचे और दरवाजा तोड़ दिया। अंदर भाई-बहन की खून से लथपथ लाश पड़ी थी। दिव्या ने एक साल पहले पति से तलाक की अर्जी दाखिल की थी दिव्या मिश्रा (33) यूट्यूबर प्रज्ञा मिश्रा की बहन थीं। दिव्या की शादी 2018 में मानस से हुई थी। यह अरेंज मैरिज थी। हालांकि, दोनों के अभी कोई बच्चा नहीं था। दिव्या ने एक साल पहले पति मानस बाजपेयी (35) से तलाक के लिए कोर्ट में अपील दायर की थी। इसके बाद वह आलमबाग के श्रंगार नगर स्थित अपने मायके में रहने लगी थीं। कुछ दिन पहले दिव्या ने पारा के बुद्धेश्वर में अपना मकान बना लिया था। फिलहाल इसी घर में वह अपने माता-पिता के साथ रहती थीं। दिव्या के पिता सरकारी नौकरी से रिटायर हैं, जबकि मां हाउसवाइफ हैं। वहीं, पति मानस हुसड़िया चौराहे के पास अपनी बहन शीबा बाजपेयी (28) के साथ किराए के मकान में रहता था। वह SBI की इंजीनियरिंग कॉलेज ब्रांच में फील्ड ऑफिसर था। मानस के पिता भी बैंककर्मी थे। करीब 6 साल पहले उनकी मौत हो गई थी। मां की भी मौत हो चुकी है। डीसीपी बोलीं- पुलिस ने गोली के खोखे बरामद किए डीसीपी-ईस्ट डॉ. दीक्षा शर्मा ने बताया कि पुलिस ने मौके से गोली के खोखे बरामद किए हैं। फोरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए हैं। आसपास के सीसीटीवी की फुटेज भी खंगाली गई हैं। पढ़ें पूरी खबर…
अमरदीप लाटीयान बने जाट महासभा के युवा जिला प्रभारी:शामली में समाजसेवा के लिए मिली जिम्मेदारी
अखिल भारतीय जाट महासभा ने शामली निवासी अमरदीप लाटीयान को युवा जिला प्रभारी नियुक्त किया है। यह मनोनयन समाजसेवा और संगठन के प्रति उनके योगदान को देखते हुए किया गया है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष कैप्टन अमरिंदर सिंह और राष्ट्रीय महासचिव चौधरी युद्धवीर सिंह की सहमति से यह निर्णय लिया गया। महासभा के राष्ट्रीय सचिव एवं उत्तर प्रदेश प्रभारी चौधरी धर्मवीर खोखर ने 20 अगस्त 2026 को मनोनयन पत्र जारी किया। मनोनयन पत्र में बताया गया कि अमरदीप लाटीयान पुत्र सुरेश पाल, निवासी जिले सिंह वाली गली, रेलपार, शामली को समाज के प्रति उनकी सेवा और उत्थान में योगदान के लिए यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। महासभा ने उम्मीद जताई है कि अमरदीप लाटीयान जाट समाज को एकजुट करने, सामाजिक कुरीतियों को दूर करने, समाज को जागरूक करने और संगठन को मजबूत बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। अमरदीप लाटीयान के युवा जिला प्रभारी बनने पर समाज के लोगों ने उन्हें बधाई दी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि लाटीयान युवाओं को संगठन से जोड़कर सामाजिक गतिविधियों को गति देंगे। मनोनयन की प्रतिलिपि राष्ट्रीय महासचिव चौधरी युद्धवीर सिंह और उत्तर प्रदेश प्रदेश अध्यक्ष प्रताप सिंह चौधरी को भी भेजी गई है।
मेरठ के सदर बाजार स्थित क्वींस-2 बार रेस्टोरेंट में गुरुवार शाम शराब के बिल को लेकर नशे में धुत युवकों ने बखेड़ा कर दिया। आठ हजार रुपये का बिल होने के बाद युवक 50 प्रतिशत छूट की मांग पर अड़ गए। स्टाफ ने बार स्वामी से फोन पर बात कराकर पहले युवकों को उनकी मांग के अनुसार छूट भी दिला दी, लेकिन इसके बाद भी युवक दबंगई दिखाने लगे। आरोप है कि उन्होंने स्टाफ से गाली-गलौज और मारपीट की, बार में सामान उठाकर फेंका और बाहर निकलकर ईंट से हमला कर गेट के शीशे तोड़ दिए। विरोध करने पर गोली मारने की धमकी देते हुए आरोपी फरार हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने एक स्कूटी कब्जे में ली है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान में जुटी है। बीयर पी, घंटों बिताए, बिल देने की बात पर आनाकानी शीलकुंज निवासी मुकेश गुप्ता का बेगमपुल रोड पर क्विंस-2 बार रेस्टोरेंट है। गुरुवार शाम करीब चार बजे सात-आठ युवक बार में पहुंचे थे। सभी ने बीयर पी और कई घंटे बिताए। काफी देर बाद जब बिल देने की बात आई तो युवक आनाकानी करने लगे। करीब आठ हजार रुपये का बिल बना था। युवकों ने इसमें छूट की मांग शुरू कर दी। मामला बढ़ने पर बार स्टाफ ने मुकेश गुप्ता से फोन पर उनकी बात कराई। इसके बाद युवकों के कहने पर बिल में छूट भी कर दी गई। छूट के बाद भी नहीं माने, स्टाफ से मारपीटआरोप है कि छूट मिलने के बावजूद युवक 50 प्रतिशत डिस्काउंट की मांग करने लगे। उन्होंने बार स्टाफ के साथ अभद्रता शुरू कर दी। कर्मचारियों ने समझाने का प्रयास किया तो युवक गाली-गलौज पर उतर आए। देखते ही देखते मामला मारपीट तक पहुंच गया। इससे बार के अंदर अफरातफरी मच गई। आरोपियों ने वहां रखा सामान उठाकर फेंकना शुरू कर दिया। स्टाफ ने इसका विरोध किया तो विवाद और बढ़ गया। ईंट से हमला, गेट के शीशे चकनाचूरबार के अंदर हंगामा करने के बाद आरोपी युवक बाहर की तरफ भागे। आरोप है कि बाहर निकलने के बाद भी उन्होंने कर्मचारियों को गालियां दीं। इसी दौरान एक युवक ने ईंट उठाकर बार की तरफ हमला कर दिया। ईंट लगने से बार के गेट के शीशे चकनाचूर हो गए। स्टाफ ने शोर मचाते हुए युवकों को पकड़ने का प्रयास किया तो आरोपी गोली मारने की धमकी देकर वहां से भाग निकले। गोली चलने की सूचना पर दौड़ी पुलिसघटना के दौरान बार में मौजूद मुकेश गुप्ता के बेटे प्रियांशु ने पुलिस को सूचना दी। किसी व्यक्ति ने पुलिस को गोली चलने की भी सूचना दे दी। इसके बाद सदर बाजार पुलिस कुछ ही देर में मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने बार स्टाफ से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। हालांकि बार स्टाफ ने मौके पर गोली चलने की बात से साफ इनकार किया। पुलिस ने स्थिति सामान्य होने के बाद बार में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी देखी और आरोपियों की पहचान के प्रयास शुरू किए। स्कूटी छोड़कर भागे आरोपीपुलिस के पहुंचने से पहले ही आरोपी फरार हो चुके थे। मौके पर मिली एक स्कूटी को पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया। बार स्टाफ का कहना है कि यह स्कूटी आरोपियों में से किसी एक युवक की है। पुलिस अब स्कूटी और सीसीटीवी फुटेज के जरिए आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। पुलिस ने बार स्वामी से तहरीर देने को कहा है। सीसीटीवी से होगी आरोपियों की पहचानएसएचओ सदर बाजार अखिलेश कुमार मिश्रा ने बताया कि- बताया कि बार स्वामी की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची थी। तब तक आरोपी युवक भाग चुके थे। मौके से एक स्कूटी कब्जे में ली गई है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
राजनांदगांव कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने छुरिया विकासखंड के कई गांवों का दौरा किया। उन्होंने आंगनबाड़ी, स्वास्थ्य केंद्र, बुनकर समिति और ग्रामीण विकास से जुड़े कामों का निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों को जरूरी सुधार जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। कल्लूबंजारी के आंगनबाड़ी केंद्र में कलेक्टर ने बच्चों के पोषण और सुविधाओं की जानकारी ली। एक बच्चा मध्यम कुपोषित मिला। कलेक्टर ने उसकी नियमित निगरानी और फॉलोअप करने के निर्देश दिए। उन्होंने वजन त्यौहार और बाल विकास से जुड़े कार्यक्रमों की भी समीक्षा की। 40 बुनकरों से मिले, सफाई और फेंसिंग के निर्देश बुचाटोला में आदिवासी बुनकर सहकारी समिति का कलेक्टर ने निरीक्षण किया। उन्होंने करीब 40 बुनकरों से बातचीत कर उनकी समस्याएं जानीं। कार्यस्थल की तुरंत सफाई, पंखे लगाने और परिसर में फेंसिंग कराने के निर्देश दिए। गांव में लोगों को नशे से दूर रखने के लिए नशामुक्ति शिविर लगाने को भी कहा। स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर की पदस्थापना के निर्देश बुचाटोला के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में कलेक्टर ने स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने यहां एक एमबीबीएस डॉक्टर की पदस्थापना करने और छत से हो रहे सीपेज की मरम्मत कराने के निर्देश दिए। लंबे समय से बंद कोविड भवन को मरीजों के परिजनों के लिए प्रतीक्षालय के रूप में इस्तेमाल करने को कहा। सूर्यघर योजना की दी जानकारी केशोटोला में आयोजित ‘सूर्य सभा’ में ग्रामीणों को प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना की जानकारी दी गई। ग्रामीणों को सब्सिडी, लोन और पंजीयन की प्रक्रिया समझाई गई। अधिकारियों के मुताबिक जिले में अब तक 5,036 सौर संयंत्र लगाए जा चुके हैं, जबकि 3,575 हितग्राहियों को सब्सिडी मिल चुकी है। 200 फलदार पौधे लगाए केशोटोला में आवास वाटिका अभियान के तहत आम, अमरूद और आंवला समेत 200 फलदार पौधे लगाए गए। पौधों की सुरक्षा के लिए फेंसिंग भी की गई है। कलेक्टर ने ग्रामीणों से पौधों की नियमित देखभाल करने की अपील की। उन्होंने अधिकारियों को बाकी काम जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। इस दौरे के दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष किरण वैष्णव, पद्मश्री फूलबासन यादव समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
NCERT की नई टीम पर NSUI ने उठाया सवाल, राजनीतिक विज्ञान की किताबों पर घमासान; समिति भंग करने की मांग
एनएसयूआई ने एनसीईआरटी की 11वीं-12वीं की राजनीतिक विज्ञान की किताबों के लिए गठित टीम पर सवाल उठाए हैं, आरोप है कि इसमें आरएसएस और उससे जुड़े संगठनों के सदस्य शामिल हैं।
'बच्चों के लिए इंटरनेट मीडिया पर रोक लगाना केंद्र का काम', दिल्ली हाई कोर्ट की टिप्पणी
दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि बच्चों द्वारा सोशल मीडिया के इस्तेमाल को विनियमित करना या उस पर रोक लगाना केंद्र सरकार की नीति का विषय है। अदालत ने इस संबंध में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई से इनकार करते हुए केंद्र को इसे प्रतिवेदन के तौर पर विचार करने का निर्देश दिया।
भोपाल में गुरुवार को विशेष म्युनिसिपल मजिस्ट्रेट ने मोबाइल कोर्ट का आयोजन किया। इस दौरान 11 प्रकरण में 51 हजार रुपए का जुर्माना वसूला गया। रात तक कार्रवाई जारी रही। चलित न्यायालय ने आईएसबीटी क्षेत्र के विभिन्न प्रतिष्ठानों पर खाद्य पदार्थों में शुद्धता सहित खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 और मप्र नगर पालिक निगम अधिनियम के अनुसार व्यवस्थाओं की जांच की। मानक स्तर की व्यवस्थाएं न पाए जाने पर 24 प्रकरण को विशेष म्युनिसिपल मजिस्ट्रेट (प्रथम श्रेणी) तरुणेंद्र प्रताप सिंह के समक्ष प्रस्तुत किए। इनमें से 11 प्रकरण में 51 हजार रुपए का जुर्माना किया गया। बाकी में नोटिस जारी करके कोर्ट में पेश होने को कहा गया। इसके अतिरिक्त निगम अमले ने 40 हजार रुपए की राशि स्पॉट फाइन के रूप में भी वसूल की। कार्रवाई के दौरान निगम के उपायुक्त हिरेंद्र सिंह कुशवाह सहित खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग, निगम के स्वास्थ्य, अतिक्रमण व अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद थे। इनकी हुई जांचआईएसबीटी व्यवसायिक क्षेत्र के आसपास स्थित होटल फर्न, होटल राजहंस, मयूर होटल, एलएन होटल, कॉफी-चाय, होटल ग्रैंड आशीर्वाद सहित अन्य प्रमुख होटलों व खान-पान स्थलों का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान नगर निगम एवं खाद्य एवं औषधि प्रशासन के अधिकारियों द्वारा खाद्य पदार्थों के नमूने जांच हेतु लिए। शुक्रवार को भी चलित न्यायालय लगेगी।
राजस्थान हाईकोर्ट ने बड़ी सादड़ी तहसील क्षेत्र में औद्योगिक अपशिष्ट डंप किए जाने के आरोपों पर संबंधित भूमि की जांच के निर्देश दिए हैं। यह निर्देश रणजीत सिंह द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान दिए गए। याचिका में आरोप लगाया गया है कि हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड की दरीबा माइंस/स्मेल्टिंग यूनिट से निकलने वाले औद्योगिक कचरे को स्कूलों के खेल मैदानों, कृषि भूमि, खुली जमीन और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर डंप किया गया है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा और न्यायाधीश संजीत पुरोहित की खंडपीठ ने इस मामले में नोटिस जारी किए। कोर्ट ने तहसीलदार और संबंधित अधिकारी को प्रभावित भूमि से मिट्टी के नमूने लेने का निर्देश दिया। इन नमूनों को राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल के समक्ष परीक्षण के लिए प्रस्तुत किया जाएगा। इस मामले की अगली सुनवाई 9 सितंबर 2026 को निर्धारित की गई है। 9 सितंबर 2026 को अगली सुनवाई हाईकोर्ट ने प्रदूषण नियंत्रण मंडल को नमूनों की जांच कर अगली सुनवाई से पहले अदालत में रिपोर्ट पेश करने को कहा है। याचिका में यह भी कहा गया है कि अपशिष्ट हटाने के बावजूद उसके अवशेष मिट्टी और भूजल को प्रभावित कर सकते हैं। याचिकाकर्ता ने प्रभावित क्षेत्रों की वैज्ञानिक जांच और पर्यावरणीय बहाली की मांग की है। कोर्ट ने मामले के शेष प्रतिवादियों को भी नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अदिति मोड़ ने पैरवी की।
हाईकोर्ट ने क्लर्कों के लिए नियम सख्त किए:10 दिन में रजिस्ट्रेशन के निर्देश; बिना वैध आईडी काम नहीं
राजस्थान हाईकोर्ट ने कोर्ट परिसर की सुरक्षा और गरिमा बनाए रखने के लिए एडवोकेट क्लर्कों और लॉ इंटर्न के प्रवेश, पहचान और आचरण संबंधी नियमों को सख्त कर दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि बिना रजिस्ट्रेशन या वैध अस्थायी पहचान-पत्र के किसी भी व्यक्ति को एडवोकेट क्लर्क के रूप में कार्य करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। जस्टिस रवि चिरानिया ने निर्देश दिए कि वर्तमान में कार्यरत सभी पात्र अपंजीकृत एडवोकेट क्लर्क 10 दिन में आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन जमा करें। रजिस्ट्रार प्रशासन को रजिस्ट्रार न्यायिक के समन्वय से 45 दिन में रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी करने का प्रयास करना होगा। आवेदकों का पुलिस सत्यापन भी अनिवार्य किया गया है। 330 से अधिक लोग क्लर्क के रूप में कर रहे काम कोर्ट को बताया गया कि जोधपुर में लगभग 163 एडवोकेट क्लर्क पंजीकृत हैं, जबकि 330 से अधिक लोग क्लर्क के रूप में काम कर रहे हैं। वर्ष 2019 के बाद कोई नया रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ था। कोर्ट ने चेतावनी दी कि बिना वैध आईडी के काम करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। नए नियमों के तहत, स्थायी पहचान-पत्र में क्यूआर कोड होगा। क्लर्कों के लिए निर्धारित वर्दी पहनना अनिवार्य होगा। कोर्ट रूम में ईयरफोन का उपयोग, मोबाइल का अनुचित इस्तेमाल और अनुशासनहीन व्यवहार पर भी रोक रहेगी। लॉ इंटर्न के लिए भी निर्धारित ड्रेस कोड, कॉलेज आईडी और हाईकोर्ट पास अनिवार्य किया गया है। इस आदेश की अनुपालना पर अगली सुनवाई 28 अक्टूबर को होगी।
सोनीपत में लव मैरिज करने के बाद घरेलू विवाद में पत्नी की गला दबाकर हत्या करने के मामले में कोर्ट ने आरोपी पति को कठोर सजा सुनाई है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. जसबीर सिंह की कोर्ट ने मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद आरोपी रवि को पत्नी मोनिका की हत्या का दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। कोर्ट ने दोषी पर 50 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना जमा नहीं करने पर उसे 6 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। जानकारी के अनुसार, आरोपी ने परिवार की मर्जी के खिलाफ प्रेम विवाह किया था। शादी के बाद दोनों करीब 7 साल तक हिसार में किराए के मकान में रहे और उनके दो बेटे भी हैं। घटना से करीब 15 दिन पहले ही पत्नी और दोनों बच्चों को लेकर अपने गांव वापस आया था। घर लौटने के बाद पति-पत्नी के बीच विवाद रहने लगा और इसी दौरान हुई कहासुनी में रवि ने मोनिका का गला दबाकर उसकी हत्या कर दी थी। परिवार की मर्जी के खिलाफ की थी लव मैरिज पुलिस जांच के अनुसार, रवि ने वर्ष 2016 में महमूदपुर गांव निवासी मोनिका से प्रेम विवाह किया था। दोनों की पहचान रवि की बहन के महमूदपुर में विवाहित होने के कारण हुई थी। इसके बाद दोनों ने परिवार की सहमति के बिना घर से भागकर शादी कर ली थी। शादी के बाद दोनों हिसार में किराए के मकान में रह रहे थे। 7 साल बाद गांव लौटने पर बढ़ा विवाद रवि और मोनिका के दो बेटे हैं। घटना से करीब 15 दिन पहले रवि पत्नी और दोनों बच्चों को लेकर अपने घर आया था। पुलिस जांच में सामने आया कि गांव लौटने के बाद दोनों के बीच घरेलू बातों को लेकर विवाद रहने लगा था। घटना वाले दिन भी पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी। कहासुनी के दौरान दबाया पत्नी का गला विवाद बढ़ने पर रवि ने कथित तौर पर आवेश में आकर मोनिका का गला दबा दिया। इससे उसकी मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलने पर परिजन मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू की थी। नंबरदार ने दी थी पुलिस को सूचना 16 जून 2024 को गांव मल्हा माजरा निवासी नंबरदार राजेश ने सदर थाना पुलिस को मामले की जानकारी दी थी। राजेश ने पुलिस को बताया था कि उनकी बुआ कमला की शादी गांव बैंयापुर खुर्द में हुई है। उनके फुफेरे भाई रवि ने मोनिका से प्रेम विवाह किया था। घटना की जानकारी रवि के पिता प्रेम से मिलने के बाद वह मौके पर पहुंचे थे और पुलिस को सूचित किया था। गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर दोषी करार मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कोर्ट के समक्ष साक्ष्य और गवाह पेश किए गए। सुनवाई पूरी होने के बाद अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. जसबीर सिंह ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर रवि को पत्नी मोनिका की हत्या का दोषी माना और उसे उम्रकैद की सजा सुनाई। कोर्ट ने उम्रकैद की सजा के साथ दोषी रवि पर 50 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। कोर्ट के आदेश के अनुसार जुर्माना राशि अदा नहीं करने की स्थिति में दोषी को 6 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।
सीकर के जीणमाता थाना इलाके में शराब के नशे में एक युवक थार गाड़ी से झील एरिया में स्टंट कर रहा था। युवक की गाड़ी पानी के फंस गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने थार गाड़ी को जब्त करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। जीणमाता SHO राकेश कुमार मीणा ने बताया कि आज (गुरुवार) शाम को सूचना मिली कि थार गाड़ी से एक युवक रैवासा झील एरिया में स्टंट कर रहा था। जिसकी गाड़ी पानी के बीच फंस गई। सूचना पर टीम मौके पर पहुंची और गाड़ी को बाहर निकलवाया गया। थार गाड़ी को चलाने वाला युवक अपनी गाड़ी से स्टंट कर रहा था। आरोपी युवक जितेंद्र (21) पुत्र मदनलाल निवासी दूजोद शराब के नशे में था। सोशल मीडिया पर फेमस होने के लिए वह रील बना रहा था। ऐसे में 185 एमवी एक्ट में गाड़ी को जब्त करते हुए आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया गया। बता दें कि मानसून सीजन में रैवासा झील में पहले भी इस तरह की कई घटनाएं सामने आ चुकी है। हालांकि, जीणमाता पुलिस समय-समय पर अभियान चलाकर ऐसे वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए वाहन जप्त करती है।
तुम मम्मी का बेटा थी, काश हम लोग... बहन दिव्या को यादकर भावुक हुईं प्रज्ञा मिश्रा, कई दावे किए
लखनऊ में ICICI बैंक की मैनेजर दिव्या मिश्रा की हत्या के बाद बहन प्रज्ञा मिश्रा ने सोशल मीडिया पोस्ट में पति मानस पर रेकी कर हत्या करने का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि दिव्या पति से अलग रह रही थीं। पुलिस तलाक, स्त्रीधन और अन्य कानूनी विवादों की जांच कर रही है।
हरसूद में ग्राहकों से लोन के लिए लिए गए दस्तावेजों का कथित तौर पर गलत इस्तेमाल कर फर्जी बैंक खाते खुलवाने और उनके जरिए श्रीराम फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड से लोन करवाकर राशि हड़पने का मामला सामने आया है। हरसूद पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। तीनों को कोर्ट में पेश करने के बाद पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस के अनुसार, मामले में कुल छह लोगों के शामिल होने की बात सामने आई है। तीन अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। 40 लोगों के नाम पर खुलवाए फर्जी बैंक खाते श्रीराम फाइनेंस के लीगल डिपार्टमेंट एरिया हेड संजय पिता विनोद तंवर, निवासी पटेल मार्ग, पंधाना ने हरसूद थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि कंपनी के पूर्व सेल्स एग्जीक्यूटिव (टू-व्हीलर लोन) विपुल ठाकुर और उसके पांच साथियों ने लोन के लिए आने वाले ग्राहकों के दस्तावेज अपने पास लिए। पुलिस के अनुसार, इन्हीं दस्तावेजों का इस्तेमाल कर ग्राहकों के नाम पर फर्जी बैंक खाते खुलवाए गए। इसके बाद इन खातों के जरिए कथित तौर पर फर्जी तरीके से लोन स्वीकृत करवाया गया और कंपनी की राशि का गबन किया गया। जांच में करीब 40 लोगों के नाम पर फर्जी बैंक खाते खुलवाने की बात सामने आई है। इन खातों के जरिए श्रीराम फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड को कुल 22 लाख 88 हजार 567 रुपए की आर्थिक क्षति पहुंचने की बात पुलिस ने कही है। पूर्व सेल्स एग्जीक्यूटिव समेत 3 गिरफ्तार शिकायत के बाद हरसूद पुलिस ने अपराध क्रमांक 283/26 दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(2), 318, 336(3), 338 और 61(2)(A) के तहत मामला दर्ज किया। जांच के दौरान पुलिस ने विपुल पिता पदमसिंह ठाकुर (32), निवासी सेक्टर नंबर-6, हरसूद; श्यामसिंह पिता नत्थुसिंह सांवनेर, निवासी इंदौर नाका के पीछे, खंडवा और शिवम पिता सेवकराम महाजन, निवासी ग्राम चमाटी को गिरफ्तार किया। तीनों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से पुलिस रिमांड मिला। पुलिस आरोपियों से फर्जी खाते खुलवाने, लोन की प्रक्रिया और राशि के इस्तेमाल को लेकर पूछताछ कर रही है। पुलिस के अनुसार मामले में देवीराज पिता भानूप्रताप सिंह निवासी देशगांव, विशाल कोचले पिता शिवचरण कोचले निवासी ग्राम सिरसोद और विजयराज पिता प्रहलादसिंह ठाकुर निवासी मथानी बुजुर्ग के नाम भी सामने आए हैं। तीनों की तलाश की जा रही है। ऐसे किया गया फर्जीवाड़ा टीआई जगदीश सिंधिया ने बताया कि लोन के लिए ग्राहक कंपनी के पास पहुंचते थे और सेल्स एग्जीक्यूटिव उनके दस्तावेज लेते थे। पुलिस के अनुसार, इन्हीं दस्तावेजों से फर्जी बैंक खाते खुलवाए गए और उनके जरिए लोन कराया गया। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि 40 ग्राहकों के दस्तावेजों का इस्तेमाल किस तरह किया गया। साथ ही फर्जी खातों और लोन की पूरी प्रक्रिया में सभी आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है।
पाली में नगर निकाय चुनाव को लेकर प्रशासन ने जिला स्तरीय 24 घंटे का कंट्रोल रूम शुरू कर दिया है। 23 सितंबर तक निषेधाज्ञा लागू की गई है। कलेक्टर कार्यालय के कमरा नंबर 126 में बने नियंत्रण कक्ष में तीन पारियों में कर्मचारी तैनात रहेंगे। चुनाव के दौरान सार्वजनिक जगहों पर हथियार लेकर चलने और उनका प्रदर्शन करने, बिना अनुमति सभा-रैली निकालने के साथ सोशल मीडिया पर धार्मिक उन्माद, जातिगत द्वेष या दुष्प्रचार फैलाने वाली सामग्री साझा करने पर रोक रहेगी। तीन पारियों में 24 घंटे चलेगा कंट्रोल रूम जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. रविन्द्र गोस्वामी ने बताया - उप पंजीयन अधिकारी, पाली प्रथम शिवराज बावरी को नियंत्रण कक्ष का प्रभारी अधिकारी बनाया गया है। जिला परिषद के अतिरिक्त विकास अधिकारी मदन और सार्वजनिक निर्माण विभाग के अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी सोमप्रकाश को सहायक प्रभारी अधिकारी नियुक्त किया गया है। नियंत्रण कक्ष का फोन नंबर 02932-225380 है। 23 सितंबर तक हथियार लेकर चलने पर रोक नगर निगम पाली सहित जिले की नगरपालिकाओं में चुनाव को देखते हुए जिला मजिस्ट्रेट ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू की है। यह आदेश 19 अगस्त की मध्यरात्रि से 23 सितंबर 2026 तक प्रभावी रहेगा। आदेश के तहत सार्वजनिक स्थानों पर आग्नेय शस्त्र, विस्फोटक पदार्थ, तलवार, भाला, गंडासा, फरसा, चाकू, छुरी, लाठी सहित अन्य घातक और धारदार हथियार लेकर चलने या उनका प्रदर्शन करने पर प्रतिबंध रहेगा। अधिकृत पुलिस, सुरक्षा बल और संबंधित कर्मचारियों को इससे छूट दी गई है। सिख समुदाय को धार्मिक परंपरा के अनुसार कृपाण रखने की अनुमति रहेगी। भड़काऊ भाषण और सोशल मीडिया पोस्ट पर भी रोक चुनाव के दौरान साम्प्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने वाले भाषण, नारे, पोस्टर, पेम्पलेट और चुनावी सामग्री के प्रकाशन व प्रसार पर भी रोक रहेगी। सोशल मीडिया पर धार्मिक उन्माद, जातिगत द्वेष या दुष्प्रचार फैलाने वाली सामग्री साझा करना प्रतिबंधित रहेगा। बिना अनुमति सभा, रैली और जुलूस निकालने की भी अनुमति नहीं होगी। लाउडस्पीकर, एम्पलीफायर और अन्य ध्वनि प्रसारक यंत्रों के इस्तेमाल के लिए पहले से अनुमति लेना जरूरी होगा। शादी और शवयात्रा को छूट निषेधाज्ञा में विवाह समारोह और शवयात्रा को छूट दी गई है। हालांकि, इन आयोजनों में भी आदर्श आचार संहिता और निर्वाचन आयोग के निर्देशों की पालना करना अनिवार्य रहेगा।
सिरसा जिले के डबवाली में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के बीच शहर में संक्रमण फैलने की आशंका को देखते हुए नगर परिषद प्रशासन और हड़ताली कर्मचारियों ने मिलकर पहल की है। नगर परिषद चेयरमैन टेकचंद छाबड़ा, ईओ सुरेंद्र कुमार और सफाई कर्मचारी यूनियन के बीच सहमति बनी, जिसके बाद कूड़े के ढेरों को व्यवस्थित करने और उनके आसपास सैनिटाइजर व दवाइयों का छिड़काव शुरू किया गया। जेसीबी की मदद से कूड़े को एक स्थान पर एकत्रित किया चेयरमैन टेकचंद छाबड़ा ने बताया कि हड़ताल के कारण शहर में जगह-जगह कूड़े के ढेर जमा हो गए थे, जिससे आवागमन में भी बाधा आ रही थी। लोगों की परेशानी को देखते हुए, सफाई कर्मचारियों की सहमति से जेसीबी की मदद से कूड़े को एक स्थान पर इकट्ठा किया गया, ताकि सड़कें और रास्ते बाधित न हों। इसके बाद, हड़ताली सफाई कर्मचारियों ने भी संक्रमण रोकने के उद्देश्य से सहयोग करना शुरू किया। रामलीला ग्राउंड सहित शहर के विभिन्न स्थानों पर जमा कूड़े के ढेरों के आसपास सैनिटाइजर और आवश्यक दवाइयों का छिड़काव किया जा रहा है। मच्छरों और संक्रमण फैलाने वाले तत्वों को नियंत्रित करने के लिए फॉगिंग भी की जा रही है। दवाई का छिड़काव करने से मिलेगी राहत : चेयरमैन चेयरमैन ने जोर दिया कि हड़ताल के बावजूद नगर परिषद का लक्ष्य है कि शहरवासियों को स्वास्थ्य संबंधी कोई परेशानी न हो। कूड़े को एकत्र करने और दवाइयों का छिड़काव करने से लोगों को राहत मिलेगी और संक्रमण फैलने का खतरा कम होगा। नगर परिषद प्रशासन और सफाई कर्मचारियों की इस पहल से फिलहाल शहरवासियों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, शहर की नियमित सफाई व्यवस्था पूरी तरह बहाल होने के लिए सफाई कर्मचारियों की हड़ताल समाप्त होना जरूरी है। शहरवासियों की नजर अब सरकार और सफाई कर्मचारी संगठनों के बीच होने वाली बातचीत तथा मांगों के समाधान पर टिकी हुई है।
'समलैंगिक जोड़ों की याचिका पर एक साल बाद भी क्यों नहीं दाखिल किया जवाब', हाई कोर्ट ने पूछा
दिल्ली हाई कोर्ट ने समलैंगिक जोड़ों की याचिका पर केंद्र सरकार से एक साल बाद भी जवाब न देने पर सवाल किया। याचिका में मेडिकल इलाज के दौरान समलैंगिक पार्टनर को प्रतिनिधि के तौर पर मान्यता देने की मांग की गई है।
गौतम हत्याकांड में बड़ा ऐक्शन, मुख्य आरोपी समीर के घर पर चला बुलडोजर, पल भर में पूरा मकान ध्वस्त
यूपी में एक बार फिर बुलडोजर कार्रवाई की है। शाहजहांपुर में गौतम हत्याकांड के मुख्य आरोपी समीर के मकान को प्रशासन ने बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। पलभर में पूरा मकान जमीदोज हो गया।
कोरबा। पाली थाना क्षेत्र के ग्राम बतरा में जमीन विवाद को लेकर खड़ी धान की फसल बर्बाद करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि कुछ लोगों ने खेत में हल और ट्रैक्टर चलाकर 3-4 इंच बढ़ चुकी धान की फसल नष्ट कर दी। पीड़ित परिवार ने जमीन की हेराफेरी का आरोप लगाते हुए कोरबा एसपी कार्यालय पहुंचकर शिकायत की है। पति के नाम दर्ज है जमीन ग्राम दोदीपारा बतरा निवासी सोनबाई पति फूल सिंह (50) ने शिकायत में बताया कि खसरा नंबर 614/1 और 608/1 की कुल 0.608 हेक्टेयर जमीन उनके पति फूल सिंह के नाम दर्ज है। इसी जमीन पर 1010 किस्म के धान की बुआई की गई थी। पीड़िता का आरोप है कि गांव के कुछ लोग एकजुट होकर हल और ट्रैक्टर लेकर खेत में पहुंचे और खड़ी फसल पर नागर चलाकर उसे पूरी तरह नष्ट कर दिया। विरोध करने पर धमकी देने का आरोप परिवार ने जब फसल नष्ट करने का विरोध किया तो आरोपियों ने कथित तौर पर उन्हें गांव से बहिष्कृत करने की धमकी दी। सोनबाई ने आरोप लगाया कि मालिक राम और चैतराम उराव ने लाठी लेकर मारने का प्रयास किया और दोबारा खेत में आने पर जान से मारने की धमकी दी। इस दौरान गाली-गलौज करने का भी आरोप है। पीड़िता के बेटे समार सिंह का कहना है कि जमीन उनके परिवार के नाम होने के बावजूद लगातार परेशान किया जा रहा है। फसल बर्बाद करने के बाद विरोध करने पर धमकियां दी जा रही हैं, जिससे परिवार को अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता है। डायल 112 पर सूचना के बाद SP से शिकायत पीड़िता के अनुसार, घटना की जानकारी पहले डायल 112 को दी गई थी, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर उन्हें थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने की बात कही गई। इसके बाद परिवार ने एसपी कार्यालय पहुंचकर लिखित शिकायत दी। पीड़ित परिवार ने फसल नुकसान, मारपीट के प्रयास, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी के आरोपों में एफआईआर दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
रामानुजगंज में कृषि मंत्री रामविचार नेताम की पत्नी पुष्पा नेताम ने अपने गृह ग्राम सनवाल में जैविक खेती को बढ़ावा देने की पहल की है। उन्होंने खुद खेत में जैविक तरीके से खेती शुरू कर ग्रामीणों को भी प्राकृतिक और जैविक खेती अपनाने का संदेश दिया। जैविक खेती शुरू करने से पहले गांव की परंपरा के अनुसार एक कार्यक्रम रखा गया। इस दौरान खेत में काम करने वाली महिलाओं के सुखी और समृद्ध जीवन की कामना की गई। महिलाओं को तेल, सिंदूर और अनाज भी बांटा गया। ग्रामीण मान्यताओं के अनुसार खेती शुरू करने से पहले इन चीजों का वितरण शुभ माना जाता है। पुष्पा नेताम के खुद जैविक खेती शुरू करने से किसानों को रासायनिक खाद और कीटनाशकों का इस्तेमाल कम करने की प्रेरणा मिलने की उम्मीद है। इस पहल का उद्देश्य प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना और पारंपरिक खेती के तरीकों को आधुनिक जैविक तकनीक से जोड़ना है। ग्रामीणों ने भी इस पहल की सराहना की। उनका कहना है कि मंत्री के परिवार की ओर से खुद जैविक खेती अपनाना किसानों के लिए अच्छी मिसाल है। इससे मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने और फसलों की गुणवत्ता बेहतर करने में मदद मिल सकती है।
तो दिल्ली से करोड़ों के वकील आते… CM हेमंत सोरेन पर बुरी तरह भड़का JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच
जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच ने झारखंड हाई कोर्ट के फैसले के बाद कहा है कि कोर्ट रूम में सरकारी वकील चुप्पी साधे हुए थे। छात्र नेता ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा है कि यह सीधे तौर पर छात्रों के साथ धोखा है।
आध्यात्मिक गुरु रवि शंकर के साथ देश के 1,300 से अधिक उच्च शिक्षण संस्थानों के हजारों स्टूडेंट्स ने ऑनलाइन संवाद किया। इनमें IIT, IIM, NIT और AIIMS जैसे प्रतिष्ठित संस्थान भी शामिल रहे। इसमें एम्स (AIIMS) जोधपुर और एमएनआईटी (MNIT) जयपुर ने भी हिस्सा लिया। इसके माध्यम से राजस्थान के विद्यार्थियों को इस विशेष संवाद में देशभर के अपने सहपाठियों से जुड़ने और विचार साझा करने का अवसर मिला। यह संवाद आर्ट ऑफ लिविंग के यूथ डेस्क की ओर से आयोजित 7वें नेशनल इंडक्शन प्रोग्राम के दौरान हुआ। रवि शंकर ने युवाओं से कहा- वे उन गुणों को कभी न खोएं, जो युवावस्था को जीवंत बनाते हैं। उन्होंने कहा- शरारती बने रहिए। यही युवावस्था की पहचान है। उन्होंने कहा- आप गतिशील और शरारती अवश्य रहें, लेकिन आपकी शरारत किसी दूसरे के लिए पीड़ा का कारण नहीं बननी चाहिए। पूरी दुनिया के युवाओं में चल रहा संघर्ष, बाहर निकलें इस दौरान एक विद्यार्थी ने पूछा- जीवन में ‘सिचुएशनशिप’ चुननी चाहिए या ‘सोलमेट’ की तलाश करनी चाहिए, तो रवि शंकर ने सवाल को एक नई दृष्टि दे दी। उन्होंने पूछा- अपने आपको उस दूसरे व्यक्ति के स्थान पर रखकर देखिए। यदि आप किसी को अपना जीवनसाथी चुनें और वह आपको केवल एक ‘सिचुएशनशिप’ के रूप में देखना चाहे, तो आपको कैसा लगेगा? तब आप क्या चुनेंगे?” कश्मीर की एक छात्रा ने कहा- जीवन में सब कुछ ठीक होते हुए भी अंदर एक प्रकार की निरर्थकता का अनुभव होता है। रवि शंकर ने कहा- यह सवाल आज पूरी दुनिया के युवाओं के भीतर चल रहे संघर्ष को अभिव्यक्त करता है। उन्होंने अकेलेपन से बाहर निकलने और जीवन में पुनः अर्थ और उद्देश्य खोजने की ओर संकेत किया। जीवन में थोड़ा हास्य रखिए रवि शंकर ने कहा- जीवन में थोड़ा हास्य रखिए। उन्होंने स्मरण कराया कि क्रोध वह दंड है, जो स्वयं को दिया जाता है। जब क्रोध उठे, तो कुछ गहरी सांसें लें, परिस्थिति से थोड़ा पीछे हटें, स्वयं को देखें और संभव हो तो उसी परिस्थिति को हास्य में बदल दें। सोशल मीडिया और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के इस युग में उन्होंने युवाओं को विवेकपूर्ण दृष्टि अपनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा- सोशल मीडिया पर जो कुछ भी आता है, उसे सच मत मान लीजिए। बहुत-सी चीज़ें झूठी होती हैं और आज उनमें से बहुत कुछ AI द्वारा निर्मित भी हैं।
लखनऊ के डॉ.श्यामा प्रसाद मुखर्जी सिविल अस्पताल के डॉक्टरों ने चोकिंग की शिकार महिला की जान बचाने में सफल रहे। महिला की श्वास नली में भोजन के अंश और प्लास्टिक का टुकड़ा फंस गया था। जिसके चलते तेजी से उसकी कंडीशन बिगड़ रही थी। इस बीच आनन फानन में परिजन उसे लेकर नजदीकी अस्पताल पहुंचे। जहां डॉक्टरों ने पहले CPR देकर फिर सक्शन पंप से अंदर फंसे प्लास्टिक के टुकड़े को निकाला। इसके बाद ICU में शिफ्ट कर उसकी जांच बचाने में कामयाब रहे। इमरजेंसी में गंभीर कंडीशन में लाई गई थी महिला हर्षिता के पति विक्की मयानी ने बताया कि शाम करीब छह बजे उन्हें अचानक उल्टियां शुरू हुईं थी। इसके बाद उसे लेकर सिविल अस्पताल पहुंचे। यहां इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर डॉ. अनिल ने जांच के बाद जरूरी इंजेक्शन दिए। पर उसकी कंडीशन में सुधार नहीं हुआ। कुछ देर बाद हर्षिता को सांस लेने में परेशानी होने लगी। इस बीच निदेशक डॉ.जीपी गुप्ता अपने कार्यालय से इमरजेंसी की ओर जा रहे थे। इसी दौरान उन्होंने हर्षिता नाम की महिला मरीज को गंभीर हालत में इमरजेंसी में देखा। उन्होंने तुरंत मरीज की जांच की। मरीज में नाड़ी और सांस के संकेत नहीं मिल रहे थे। बिना देर किए CPR देना शुरू किया। साथ ही तत्काल मरीज को ICU में शिफ्ट किया गया। सांस की नली में मिला प्लास्टिक मरीज की सांस की नली में पाइप डालकर जांच की गई तो उसमें प्लास्टिक का टुकड़ा फंसा मिला। सक्शन मशीन से उसे निकालने की कोशिश की गई, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद उसे पेट की ओर खिसकाया गया। जांच में यह भी सामने आया कि उल्टी के दौरान दाल का पानी फेफड़ों में पहुंच गया था। मशीन से साफ किए फेफड़े, अब हालत सामान्य डॉक्टरों ने मशीन की मदद से सांस की नली और फेफड़ों में पहुंचा दाल का पानी बाहर निकाला। इसके बाद हर्षिता की हालत धीरे-धीरे सुधरने लगी। अब वह सामान्य रूप से सांस ले रही हैं। डॉ.जीपी गुप्ता ने बताया कि सांस की नली में कोई बाहरी वस्तु फंसने या उल्टी का पदार्थ फेफड़ों में जाने पर स्थिति गंभीर हो सकती है। ऐसे में तुरंत चिकित्सा सहायता लेना जरूरी है।
संत रविदास मंदिर में भाजपा ने किया कलश स्थापित:650वीं जयंती के अवसर पर समरसता का दिया संदेश
रोहतास। रोहतास प्रखंड के तुंबा बाजार स्थित संत शिरोमणि रविदास मंदिर में गुरुवार को भाजपा कार्यकर्ताओं ने संत रविदास के जन्मस्थल से लाई गई पवित्र मिट्टी और कलश स्थापित किया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा ग्रामीण मंडल रोहतास के अध्यक्ष विवेक बहादुर ने की। संत शिरोमणि रविदास की 650वीं जयंती के अवसर पर भाजपा द्वारा विभिन्न स्थानों पर उनके जन्मस्थल की मिट्टी और कलश स्थापित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में तुंबा बाजार स्थित मंदिर में भी कलश स्थापित कर सामाजिक समरसता और एकता का संदेश दिया गया। मंडल अध्यक्ष विवेक बहादुर ने इस अवसर पर कहा कि संत रविदास एक महान संत और समाज सुधारक थे। उन्होंने समाज में समानता, भाईचारे और समरसता का संदेश दिया। विवेक बहादुर ने यह भी उल्लेख किया कि संत रविदास की भक्ति से प्रसन्न होकर मां गंगा स्वयं उनकी कठौती में प्रकट हुई थीं। उन्होंने लोगों से संत रविदास के विचारों को अपनाकर समाज में आपसी भाईचारा और समरसता मजबूत करने की अपील की। इस अवसर पर राजेश राम, संजय कुमार सहित कई भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।
प्राथमिक शिक्षक भर्ती विवाद: ABVP के नेता कमिश्नर के ऑफिस में घुस गए, नारेबाजी की
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टोंक जिला निर्वाचन अधिकारी टीना डाबी ने कलेक्ट्रेट सभागार में गुरुवार को मीडियाकर्मियों और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। उन्होंने सोशल मीडिया पर आचार संहिता का उल्लंघन करने वाली पोस्ट और वीडियो पर कार्रवाई की चेतावनी दी। साथ ही मीडिया को बूथ के अंदर कवरेज की अनुमति नहीं होने की जानकारी दी और युवाओं से ज्यादा से ज्यादा मतदान करने की अपील की। जिले के 10 नगर निकायों में 9 और 11 सितंबर को दो चरणों में मतदान होगा, जिसके लिए 405 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। बैठक में चुनाव को स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से कराने के लिए मतदान केंद्रों, मतदान दलों, चुनाव सामग्री और सुरक्षा व्यवस्था की तैयारियों पर भी चर्चा हुई। सोशल मीडिया पर आचार संहिता तोड़ने पर होगी कार्रवाई बैठक में जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि चुनाव के दौरान सोशल मीडिया पर आचार संहिता का उल्लंघन करने वाली किसी भी पोस्ट या वीडियो को गंभीरता से लिया जाएगा। अगर कोई व्यक्ति ऐसी पोस्ट या वीडियो अपलोड करता है, जिससे आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन होता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि जिले में संवेदनशील और अतिसंवेदनशील मतदान केंद्रों की संख्या अभी तय नहीं हुई है। इस संबंध में चर्चा चल रही है और कुछ दिनों में इन केंद्रों को भी चिन्हित कर लिया जाएगा। बूथ के अंदर मीडिया कवरेज की अनुमति नहीं टीना डाबी ने मीडियाकर्मियों से चुनाव आयोग की गाइडलाइन के अनुसार मतदान केंद्रों पर कवरेज करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि मीडिया को बूथ के अंदर जाकर कवरेज करने की अनुमति नहीं होगी। हालांकि, मतदान केंद्र परिसर में फोटो लेने और वीडियो बनाने की अनुमति रहेगी। उन्होंने युवा मतदाताओं से भी ज्यादा से ज्यादा संख्या में मतदान करने और चुनाव प्रक्रिया में अपनी भागीदारी निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि मतदान में युवाओं की भागीदारी लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करने में अहम है। 9 और 11 सितंबर को दो चरणों में होगा मतदान जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से जारी चुनाव कार्यक्रम के अनुसार जिले के नगर निकायों में दो चरणों में 9 और 11 सितंबर को मतदान होगा। इसके लिए जिले के 10 नगर निकायों में कुल 405 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। इससे पहले जिला निर्वाचन अधिकारी टीना डाबी ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ भी बैठक की। इसमें आदर्श आचार संहिता की पालना, शांतिपूर्ण चुनाव प्रक्रिया और निर्वाचन संबंधी नियमों को लेकर जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए। प्रशासन ने सभी राजनीतिक दलों से चुनाव प्रक्रिया में सहयोग करने और आचार संहिता का पूरी तरह पालन करने की अपील की।
प्रयागराज में गुरुवार सुबह किराए के कमरे में 26 साल की महिला की गला रेतकर हत्या कर दी गई। हत्या करने वाला महिला के पति का दूर का रिश्तेदार है। उसने एक दिन पहले महिला के सामने शादी का प्रस्ताव रखा। महिला ने न सिर्फ इनकार कर दिया, बल्कि उसे गाली देकर घर से बाहर निकाल दिया। इससे वह रातभर सो नहीं सका। सुबह बाजार से 30 रुपए का चाकू खरीदा और महिला के घर पहुंचकर बेटी सामने उसे गोद डाला। यह पूरी कहानी आरोपी ने पुलिस से पूछताछ में बताई। 2 तस्वीरें देखिए… पहले जानिए पूरा मामला हनुमानगंज के कोटवां रोड स्थित जैतपुर गांव में दिनेश कुमार पत्नी ऊषा और 4 साल की बेटी स्वीटी के साथ किराए के मकान में रहता है। उसने 11 अगस्त को ही अनिल स्वर्णकार के घर की दूसरी मंजिल पर किराए का कमरा लिया था। दिनेश मूल रूप से प्रयागराज के उतरांव का रहने वाला है। वह मुंबई में ऑटो रिक्शा चलाता था। करीब 5 साल पहले मुंबई में ऊषा से उसकी मुलाकात हुई। ऊषा जौनपुर की रहने वाली थी। दोनों ने लव मैरिज कर ली थी। गुरुवार सुबह 11 बजे दिनेश की बेटी स्वीटी की जोर-जोर से रोने की आवाज आई, तो पड़ोसी उसके घर पहुंचे। उन्होंने देखा कि ऊषा खून से लथपथ मृत पड़ी हुई थी। उन लोगों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस को ऊषा के गले पर गंभीर चोट के निशान मिले। महिला के पति का रिश्तेदार है हत्यारोपी पहली नजर में गला रेतकर हत्या किए जाने की बात सामने आई थी। इसके बाद पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी की फुटेज खंगाली। मकान के नीचे मकान मालिक अनिल स्वर्णकार की ज्वेलरी की दुकान है। दुकान पर लगे सीसीटीवी के फुटेज में एक युवक सुबह घर में आता और कुछ देर बाद वहां से निकलता दिखाई दिया। पुलिस ने वह फुटेज दिनेश को दिखाई, तो उसने उसकी पहचान आशीष के रूप में की। इसके बाद पुलिस टीम ने आशीष को सराय इनायत इलाके से हिरासत में ले लिया। पूछताछ में उसने हत्या करने की बात कबूल कर ली। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। आशीष, दिनेश का दूर का रिश्तेदार भी है। अब पढ़िए आरोपी का कबूलनामा सुबह चाकू खरीदकर पहुंचा ऊषा के घर आशीष ने पुलिस को बताया- मुझे मालूम था कि ऊषा का पति दिनेश घर पर नहीं है। इसी का फायदा उठाकर सुबह करीब 9:15 बजे उसके घर पहुंच गया। इससे पहले मैंने हनुमानगंज बाजार से 30 रुपए का चाकू खरीदा। ऊषा कमरे में अपनी बेटी स्वीटी के साथ थी। वह मैगी बना रही थी और बच्ची वहीं खेल रही थी। पीछे से दबोचा, पहले शरीर पर किए वार, फिर गला रेता मैं कमरे के अंदर पहुंचा और पीछे से ऊषा को पकड़ लिया। उसने खुद को छुड़ाने की कोशिश की। लेकिन, मैंने चाकू निकालकर उसके शरीर पर कई वार कर दिए। इसके बाद उसका गला रेत दिया। इससे ऊषा खून से लथपथ होकर जमीन पर गिर पड़ी। इसी दौरान उसकी बेटी स्वीटी चीखने लगी, तो मैंने उसे डांटकर चुप करा दिया। इसके बाद मैं वहां से भाग गया। चाकू भी वहीं छोड़ दिया। एक दिन पहले तक ऊषा को पाने की उम्मीद थी आशीष ने बताया- मैं पेंटर का काम करता हूं। मेरी पत्नी कई साल पहले मुझे छोड़कर चली गई थी। इसके बाद से अकेला रह रहा था। 11 अगस्त को दिनेश अपनी पत्नी ऊषा और बेटी के साथ प्रयागराज आया था। उसको मैंने ही किराए का कमरा दिलाया था। दीपक के बहनोई ने मुझसे दिनेश को कमरा दिलाने की बात की थी। पहली मुलाकात में ही ऊषा पर फिदा हो गया जब दीपक अपने परिवार के साथ प्रयागराज आया, तो मैंने पहली बार ऊषा को देखा था। पहली नजर में ही मैं उसे पसंद करने लगा था। इसके बाद मैं उसके करीब जाने की कोशिश करने लगा। दिनेश जब काम पर चला जाता, तो मैं किसी न किसी बहाने से ऊषा के कमरे पर पहुंच जाता था। शुरुआती दिनों में उन लोगों के पास गैस सिलेंडर भी नहीं था। मैंने 2 दिन पहले तक उनके खाने का इंतजाम भी किया था। एक दिन पहले ही मैंने उनके घर में गैस सिलेंडर पहुंचाया था। मुझे उम्मीद थी कि ऊषा मेरे साथ जाने के लिए तैयार हो जाएगी। मुझे लगा था कि ऊषा मुझे पसंद करने लगेगी। मैं उसे अपने साथ कहीं ले जाना चाहता था। मैं उसकी बेटी को भी साथ रखने को तैयार था, लेकिन वह नहीं मानी। बुधवार को आखिरी बार शादी की बात कही पुलिस के अनुसार, बुधवार शाम आशीष इसी इरादे से ऊषा के कमरे पर गया था। उसे पता था कि दिनेश दोपहर में ही अपने गांव चला गया है और अगले दिन लौटने वाला है। घर में ऊषा अकेली थी। आशीष ने उससे शादी करने की बात कही, लेकिन ऊषा ने साफ इनकार कर दिया। दोनों के बीच झगड़ा हुआ और ऊषा ने उसे गालियां देकर घर से निकाल दिया। इसके बाद आशीष घर लौट गया, लेकिन उसके मन में गुस्सा बढ़ता गया। रातभर वह सो नहीं सका। सुबह उसने चाकू खरीदा और वारदात को अंजाम देने पहुंच गया। --------------------------- ये खबर भी पढ़िए- प्रयागराज में बारिश में गृहस्थी बर्बाद; लोग बोले- 3 दिन से चूल्हा नहीं जला, लाई-चना खा रहे प्रयागराज में रविवार रात 1 बजे से शुरू हुई बारिश तीसरे दिन भी जारी रही। तीन दिनों में कुल 209 मिमी बारिश दर्ज की गई। लगातार बारिश से हजारों घरों में पानी भर गया है। मुंडेरा की मीना जायसवाल ने बताया कि घर में खाना बनाने की जगह नहीं बची है। लाई-चना मंगाकर खाना पड़ रहा है। पढ़ें पूरी खबर...
सोनीपत में ककरोई रोड पर देर शाम एक बेकाबू ट्रैक्टर की चपेट में आने से 11 वर्षीय बच्ची की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि सीवरेज सफाई कार्य में लगे ट्रैक्टर-ट्रॉली काफी तेज रफ्तार में थे, जिसकी चपेट में आने से चौथी कक्षा की छात्रा ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया है। आरोपी की तलाश में पुलिस जुट चुकी है। बच्ची की मौत के बाद परिवार में मातम को माहौल है। परिजनों ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि वे दहिया कॉलोनी की गली नंबर पांच में रहते हैं। उनकी 11 वर्षीय खुशी उर्फ ओमश्री (चौथी की छात्रा) बुधवार शाम अपने घर के पास मौजूद थी। इसी दौरान कालूपुर की तरफ से सीवरेज साफ करने वाला एक ट्रैक्टर-ट्रॉली ककरोई रोड की दिशा में तेजी से आ रहा था। गली नंबर-5 के पास चालक ने लापरवाही से वाहन चलाते हुए खुशी को सीधी टक्कर मार दी। टक्कर के बाद मौके पर ही बच्ची की मौत हादसा इतना भीषण था कि गंभीर रूप से घायल बच्ची ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हादसे की आवाज सुनते ही आसपास के लोग तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़े, लेकिन तब तक मासूम की सांसें थम चुकी थीं। सूचना मिलते ही मृतका के परिजन भी वहां पहुंचे। बच्ची का शव देखकर परिजनों में चीख-पुकार मच गई और देखते ही देखते मौके पर भारी भीड़ लग गई। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा, जांच जारी हादसे की जानकारी तुरंत स्थानीय पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही सिटी थाना पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति को संभाला। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर नागरिक अस्पताल के शवगृह में पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है। पुलिस ने परिजनों की शिकायत पर केस दर्ज किया परिजनों के बयानों के आधार पर संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है। ट्रैक्टर-ट्रॉली को कब्जे में लेकर चालक के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
सुकमा के माओवाद खत्म होने के बाद अब पुलिस सुकमा के अंदरूनी गांवों तक पहुंच रही है। गुरुवार को एसपी मयंक गुर्जर और एएसपी रोहित शाह भारी बारिश के बीच नदी-नाले पार कर पोलमपल्ली क्षेत्र के अरलमपल्ली गांव पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों से उनकी समस्याएं सुनीं और बच्चों को पढ़ाई का सामान बांटा। वहीं, कोंटा में प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए मॉक ड्रिल कर राहत और बचाव का अभ्यास किया। उफनता नाला पार कर अरलमपल्ली पहुंचे एसपी ‘निवा दुवड़ ते’ यानी पुलिस तुम्हारे द्वार पर अभियान के तहत एसपी मयंक गुर्जर और एएसपी रोहित शाह अरलमपल्ली पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। ग्रामीणों ने बताया कि माओवाद खत्म होने के बाद गांव में विकास कार्य तेजी से हो रहे हैं। हालांकि, उन्होंने सड़क, पुल-पुलिया और आवागमन से जुड़ी समस्याएं भी अधिकारियों के सामने रखीं। पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं के समाधान के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि पुलिस सिर्फ सुरक्षा देने तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीणों की मदद और सेवा के लिए भी उनके साथ खड़ी है। बच्चों को बांटी शैक्षणिक सामग्री सिविक एक्शन कार्यक्रम के तहत गांव में बच्चों को स्कूल बैग, कॉपी, पेन और पेंसिल बांटे गए। बच्चों को नियमित स्कूल जाने और मन लगाकर पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया गया। महिलाओं को साड़ी और चप्पल, ग्रामीणों को मिठाई और युवाओं को खेल सामग्री भी दी गई। कोंटा में बाढ़ से निपटने की मॉक ड्रिल इधर, कोंटा में बुधवार को राज्य स्तरीय बाढ़ आपदा मॉक ड्रिल आयोजित की गई। शबरी नदी और सामुदायिक भवन परिसर में हुए इस अभ्यास में प्रशासन, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस, स्वास्थ्य, राजस्व और फायर ब्रिगेड की टीमों ने हिस्सा लिया। मॉक ड्रिल में बाढ़ में फंसे लोगों को मोटरबोट से सुरक्षित निकालने का अभ्यास किया गया। गहरे पानी में फंसे लोगों को बचाने के लिए स्कूबा टीम ने भी रेस्क्यू ऑपरेशन किया। मलबे में दबे व्यक्ति को एयर लिफ्टिंग जैकेट की मदद से निकालने का अभ्यास भी किया गया। स्थानीय सामान से बचाव का तरीका बताया अधिकारियों ने ग्रामीणों को बताया कि बाढ़ जैसी आपदा के समय घर में मौजूद सामान से भी अस्थायी लाइफ सेविंग उपकरण बनाए जा सकते हैं। बांस, प्लास्टिक की बोतल और घरेलू बर्तनों की मदद से पानी में बचाव का तरीका समझाया गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने भी मौके पर प्राथमिक उपचार, सीपीआर और एंबुलेंस की व्यवस्था का अभ्यास किया। साथ ही बाढ़ प्रभावित लोगों तक भोजन, दवाइयां और जरूरी सामान पहुंचाने की तैयारियों को भी परखा गया। कलेक्टर अमित कुमार ने कहा कि ऐसे अभ्यास से आपदा के समय राहत और बचाव कार्य तेजी से करने में मदद मिलती है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक टीमों के बीच बेहतर तालमेल और लोगों में जागरूकता से बाढ़ जैसी स्थिति में जनहानि को काफी हद तक रोका जा सकता है।
राजस्थान हाईकोर्ट ने वकील की सुरक्षा हटाने पर जयपुर पुलिस कमिश्नर को अवमानना नोटिस जारी करते हुए उनसे जवाब मांगा है। जस्टिस गणेशराम मीणा की अदालत ने यह आदेश अधिवक्ता आर एस राघव की अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। याचिका में कहा गया था कि उन्हें हाईकोर्ट के आदेश से सुरक्षा मिली थी। हाईकोर्ट के आदेश में सुरक्षा जारी रखने के स्पष्ट निर्देश होने के बावजूद उनकी सुरक्षा वापस ले ली गई और बाद में रिप्रजेंटेशन के बावजूद भी सुरक्षा बहाल नहीं की गई। इस पर कोर्ट ने पुलिस कमिश्नर को 2 सितंबर तक जवाब पेश के निर्देश दिए। जानबूझकर आदेश की अवहेलना का आरोप दरअसल, अधिवक्ता आरएस राघव साल 2014 से मार्च 2019 तक हाईकोर्ट में लोक अभियोजक के रूप में कार्यरत रहे थे। उन्होंने 4 अगस्त 2015 को सरकार की ओर से एक जमानत याचिका का विरोध किया था। जमानत का विरोध करने के दौरान आरोपी पक्ष की ओर से राघव को धमकी दी गई थी। जिसके बाद उन्होने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर सुरक्षा मांगी थी। 20 अगस्त 2015 को हाईकोर्ट ने उन्हें सुरक्षा देने के निर्देश दिए थे। अवमानना याचिका में पुलिस कमिश्नर पर आरोप लगाया गया है कि हाईकोर्ट के आदेश की जानकारी होने के बावजूद सुरक्षा वापस ले ली। उन्होंने इसे सिविल अवमानना बताते हुए कंटेम्प्ट ऑफ कोर्ट्स एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग की है।
दिल्ली-NCR में पेट्रोल-डीजल और CNG मालवाहक वाहनों के नए रजिस्ट्रेशन पर बैन, अगले साल से नियम लागू
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने घोषणा की है कि 1 जनवरी 2027 से दिल्ली में केवल इलेक्ट्रिक N1 मालवाहक वाहनों का पंजीकरण होगा, जिसका विस्तार NCR के अन्य शहरों में भी होगा।
मैहर जिले में भारी बारिश के कारण बीहर नदी का जलस्तर बढ़ गया। इस दौरान गुरुवार को बिधुई पुल के ऊपर पानी बहने के बावजूद एक बस चालक ने जोखिम उठाकर बस नदी में उतार दी। नदी के बीच में पहुंचते ही बस बंद हो गई, जिससे यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। घटना के तुरंत बाद चालक यात्रियों को छोड़कर मौके से भाग निकला। पुलिस और ग्रामीणों ने ट्रैक्टर से सुरक्षित निकाली बस हादसे की सूचना मिलते ही ताला थाना प्रभारी महेंद्र मिश्रा पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। स्थानीय ग्रामीणों की मदद से ट्रैक्टर के जरिए कड़ी मशक्कत के बाद बस को नदी के उफान से सुरक्षित बाहर निकाला गया। गनीमत रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई। बस चालक पर गैर इरादतन हत्या के प्रयास का केस मैहर एसपी अवधेश प्रताप सिंह ने इस कृत्य को गंभीर और जानलेवा मानते हुए कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। एसपी के निर्देश पर ताला थाना पुलिस ने आरोपी चालक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 110 (गैर इरादतन हत्या का प्रयास) के तहत मामला दर्ज कर लिया है और जांच जारी है।
बिलासपुर जिले के कोरी डैम में अचानक जलस्तर बढ़ने या बोटिंग के दौरान किसी हादसे की स्थिति से निपटने के लिए SDRF और होमगार्ड की टीम ने मॉक रेस्क्यू ऑपरेशन किया। डैम के पानी में बोट चलाकर जवानों ने उसी तरह बचाव का अभ्यास किया, जैसा वास्तविक हादसे के समय किया जाएगा। कलेक्टर संजय अग्रवाल और एसएसपी रजनेश सिंह की मौजूदगी में हुए इस अभ्यास में राहत और बचाव दल ने अपनी तैयारी परखी। इस दौरान सूचना मिलने से लेकर मौके पर पहुंचने, स्थिति समझने और पानी में फंसे व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालने तक की पूरी प्रक्रिया का प्रदर्शन किया गया। बाढ़ में फंसे व्यक्ति को निकालने का किया अभ्यास मॉक एक्सरसाइज में आपदा जैसी स्थिति बनाई गई। इसके बाद SDRF और होमगार्ड के जवानों ने बोट के जरिए घटनास्थल तक पहुंचकर बचाव कार्य शुरू किया। जवानों ने रेस्क्यू उपकरणों का इस्तेमाल कर पानी में फंसे व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालने का अभ्यास किया। इस दौरान यह भी देखा गया कि आपात स्थिति में टीम कितनी जल्दी मौके पर पहुंच सकती है और उपलब्ध संसाधनों का कितनी प्रभावी तरीके से इस्तेमाल किया जा सकता है। रेस्क्यू उपकरणों की लगाई प्रदर्शनी अभ्यास के दौरान आपदा प्रबंधन में इस्तेमाल होने वाले अलग-अलग उपकरणों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। कलेक्टर और एसएसपी ने उपकरणों का निरीक्षण किया और उनके इस्तेमाल की जानकारी ली। कलेक्टर बोले- बेहतर तालमेल से बचाई जा सकती है जान कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कहा कि आपदा के समय समय पर कार्रवाई और टीमों के बीच बेहतर तालमेल सबसे जरूरी है। प्रशासन, पुलिस, SDRF, होमगार्ड और स्थानीय अमले के बीच समन्वय मजबूत होना चाहिए। उन्होंने कहा कि मॉक एक्सरसाइज से वास्तविक हादसे के दौरान आने वाली परेशानियों को पहले ही समझने और तैयारियों को बेहतर करने में मदद मिलती है। एसएसपी ने जवानों को सतर्क रहने के दिए निर्देश एसएसपी रजनेश सिंह ने कहा कि बाढ़ या किसी भी आपदा के समय पुलिस और रेस्क्यू टीम की त्वरित कार्रवाई महत्वपूर्ण होती है। नियमित अभ्यास से जवानों को मुश्किल परिस्थितियों में काम करने का अनुभव मिलता है। उन्होंने जवानों से आपदा के दौरान धैर्य, सतर्कता और सावधानी के साथ रेस्क्यू करने के निर्देश दिए। मॉक एक्सरसाइज में अपर कलेक्टर ज्योति पटेल, एडिशनल एसपी मधुलिका सिंह, होमगार्ड डीआईजी एलपी वर्मा, डिवीजनल कमांडेंट नरसिंह नेताम, एसडीएम प्रवेश पैकरा, डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट एवं SDRF प्रभारी दीपांकुर नाथ समेत संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी और रेस्क्यू टीम के जवान मौजूद रहे।
कोरबा जिले के 33/11 केवी सब-स्टेशनों में ठेका कर्मियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बालको सब-स्टेशन का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें लाइन सुधारने पहुंचे कर्मचारियों के सामने एक जहरीला सांप खंभे पर चढ़ता दिखाई दे रहा है। कर्मचारियों की सतर्कता से बड़ा हादसा टल गया। बालको सब-स्टेशन के यार्ड में ट्रांसफॉर्मर के आसपास घनी झाड़ियां और जंगल उगा हुआ है। बरसात के मौसम में यहां जहरीले सांप और अन्य जीव-जंतुओं का खतरा बढ़ गया है। ट्रांसफॉर्मर के आसपास घनी झाड़ियां सब-स्टेशन ऑपरेटर ललित किशोर बरेठ के मुताबिक, यार्ड में कई प्रजातियों के सांप मिलते हैं। उन्होंने बताया कि बरसात से पहले सफाई कराने के लिए ठेकेदार और अधिकारियों को कई बार जानकारी दी गई थी। ऑपरेटर के अनुसार, स्पिन चार्ज करने, परमिट देने और उसे रद्द करने जैसे जरूरी कामों के लिए यार्ड में जाना पड़ता है। ऐसे में जहरीले जीव-जंतुओं की मौजूदगी के कारण कर्मचारियों में लगातार डर बना रहता है। 60 सब-स्टेशनों की सफाई का एक ही ठेका CSPDCL के अनुसार, जिले में करीब 60 सब-स्टेशन हैं। इन सभी की साफ-सफाई का ग्लोबल टेंडर एक ही एजेंसी को दिया गया है। ठेकेदार को हर महीने सब-स्टेशनों की सफाई करनी होती है। कुछ दिन पहले अधीक्षण अभियंता ने संबंधित ठेकेदार को पत्र जारी कर सभी 33/11 केवी सब-स्टेशनों में नियमित सफाई और ठेका कर्मियों को ESIC सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। अधिकारी बोले- 2-3 दिन में होगी सफाई अधीक्षण अभियंता जे. कुमार सोनकर ने बताया कि बरसात के कारण कुछ स्थानों पर नियमित सफाई प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि जहां आपात स्थिति है, वहां काम कराया जा रहा है। बालको सब-स्टेशन की स्थिति उनके संज्ञान में आ गई है और 2-3 दिन में सफाई करा दी जाएगी। वहीं, कर्मचारियों का कहना है कि बरसात शुरू होने से पहले ही सफाई करा दी जाती तो ऐसी स्थिति नहीं बनती। सब-स्टेशन में काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए नियमित सफाई और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की जरूरत है।
80 साल की बुजुर्ग का गला काटकर लूट, आरोपी गिरफ्तार:खेत में छुपकर बैठा था, गेट खुलते ही किया था अटैक
राजसमंद के देवगढ़ थाना क्षेत्र 80 साल की बुजुर्ग महिला का गला काटकर सोने के मादलिये लूटने के मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया है। दो सोने के मादलिये और वारदात में इस्तेमाल चाकू बरामद किया है। घटना 16 अगस्त की सुबह लसानी गांव में हुई थी। पुलिस के अनुसार, कर्ज में डूबे आरोपी ने लालच में वारदात की थी। उसने पहले मकान की रेकी की थी। सुबह मकान के पीछे का गेट खुलते ही चाकू से हमला कर उनका गला काट दिया और तीन मादलिये तोड़कर भाग गया। आरोपी को संदिग्ध मानकर हिरासत में लेकर पूछताछ की तो पहले वह पुलिस को गुमराह करता रहा, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर वारदात कबूल कर ली। थानाधिकारी हॉस्पिटल में भर्ती घायल महिला से मुलाकात कर आरोपी के पकड़े जाने की जानकारी दी। यह सुनकर महिला के चेहरे पर खुशी नजर आई। पढ़िए … सिलसिलेवार पूरा घटनाक्रम दरवाजा खुलते ही चाकू से हमला कर तीन मादलिये तोड़े पुलिस के अनुसार, देवगढ़ थाना क्षेत्र के लसानी गांव में 16 अगस्त की सुबह करीब साढ़े 4 बजे देवीलाल मकान के पीछे खेतों की तरफ से पहुंचा था। चंपाबाई (80) अपने बेटे के मकान में अकेली रहती थीं। आरोपी उनके मकान के पीछे वाले दरवाजे के खुलने का इंतजार करने लगा। जैसे ही चंपाबाई ने दरवाजा खोला, आरोपी ने पीछे से चाकू से हमला कर उनका गला काट दिया और गले में पहने तीन सोने के मादलिये तोड़ लिए। इनमें से एक मादलिया मौके पर गिर गया, जबकि दो मादलिये लेकर आरोपी फरार हो गया। चिल्लाने की आवाज सुनकर पहुंचे परिजन, खून से लथपथ मिलीं चंपाबाई के चिल्लाने की आवाज सुनकर परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन मकान का दरवाजा अंदर से बंद था। महिला ने जैसे-तैसे दरवाजा खोला तो वह खून से लथपथ मिलीं। उनके गले पर चाकू के कई घाव थे। परिजन उन्हें तुरंत हॉस्पिटल लेकर गए, जहां उनका इलाज कराया गया। पुलिस को गुमराह करता रहा आरोपी, सख्ती से पूछताछ में कबूली वारदात घटना के बाद पुलिस ने एफएसएल और डॉग स्क्वॉड को मौके पर बुलाकर साक्ष्य जुटाए। आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए और स्थानीय स्तर पर भी जानकारी जुटाई गई। जांच में देवीलाल रेगर संदिग्ध सामने आया। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की तो वह पहले वारदात से अनजान होने की बात कहकर पुलिस को गुमराह करता रहा। सख्ती से पूछताछ करने पर उसने वारदात कबूल कर ली। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने वारदात से पहले मकान की रेकी की थी। कर्ज में दबा था आरोपी, दो मादलिये और चाकू बरामद पुलिस के अनुसार, देवीलाल कर्ज में दबा हुआ था और लालच में उसने बुजुर्ग महिला को निशाना बनाया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही पर लूटे गए सोने के दोनों मादलिये और वारदात में इस्तेमाल चाकू बरामद कर लिया। उससे अन्य संपत्ति संबंधी अपराधों के बारे में भी पूछताछ की जा रही है। थानाधिकारी मुकेश चौधरी ने हॉस्पिटल में भर्ती चंपाबाई से मुलाकात कर आरोपी के पकड़े जाने की जानकारी दी। यह सुनकर उनके चेहरे पर खुशी नजर आई।
हिसार जिले के गांव प्रभुवाला में लितानी मोड़ के पास लोगों को रुपए कई गुना बढ़ाकर देने का लालच देकर करीब चार लाख रुपए की ठगी करने वाले गिरोह का उकलाना पुलिस ने पर्दाफाश किया है। ठगी को अंजाम देने के लिए आरोपियों ने बाकायदा पुलिस का रूप धारण कर ऐसा माहौल तैयार किया, जिससे पीड़ितों को यह लगे कि पुलिस ने उनकी रकम जब्त कर ली है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है। इनमें एक आरोपी फर्जी पुलिस वर्दी में वारदात में शामिल बताया जा रहा है। रकम कई गुना करने का दिया लालच जानकारी के अनुसार, गिरोह के सदस्यों ने लितानी मोड़ के पास लोगों को रकम कई गुना करने का झांसा दिया और इसके बाद करीब चार लाख रुपए की ठगी कर ली। योजना के तहत गिरोह के एक सदस्य ने पुलिस की फर्जी वर्दी पहन रखी थी, जबकि एक गाड़ी को भी इस तरह पेश किया गया कि वह पुलिस की गाड़ी लगे। आरोपियों ने कथित तौर पर पुलिस का डर दिखाकर लोगों को यह विश्वास दिलाने का प्रयास किया कि उनकी रकम पुलिस ने अपने कब्जे में ले ली है। लोगों को शक हुआ तो दी पुलिस को जानकारी हालांकि, फर्जी पुलिसकर्मी की गतिविधियों को लेकर लोगों को शक हो गया। इसके बाद उन्होंने उसका पीछा किया और मामले की सूचना थाना उकलाना प्रभारी कुलदीप सिंह व राजेश पातड़ को दी। सूचना मिलते ही उकलाना पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई शुरू करते हुए आरोपियों का पीछा किया। पुलिस टीम ने गांव प्रभुवाला में घेराबंदी कर गिरोह के 3 सदस्यों को काबू कर लिया। पुलिस ने मौके से उस गाड़ी को भी कब्जे में लिया, जिसे आरोपी पुलिस वाहन के रूप में प्रदर्शित कर रहे थे। पुलिस की एक अन्य टीम गिरोह में शामिल बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए रवाना हो गई है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर ठगी की पूरी साजिश, रकम की बरामदगी तथा गिरोह के अन्य सदस्यों की भूमिका का पता लगाया जा रहा है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपियों ने इससे पहले इसी तरह की अन्य वारदातों को तो अंजाम नहीं दिया। पुलिस की तत्परता से खुला फर्जीवाड़ा लोगों द्वारा समय रहते पुलिस को सूचना देने और उकलाना पुलिस की त्वरित कार्रवाई से ठगी करने वाले गिरोह का मामला सामने आया। पुलिस का कहना है कि मामले में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

