लखनऊ के पास निजी यूनिवर्सिटी में वर्चस्व की जंग:सीनियर छात्रों ने जूनियर्स को पीटा, दो गंभीर घायल
लखनऊ से सटे रामस्वरूप यूनिवर्सिटी में छात्रों के दो गुटों के बीच हिंसक झड़प हुई है। इस घटना में बीटेक द्वितीय वर्ष के दो छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए। आरोप है कि सीनियर छात्रों ने उन पर लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से हमला किया। यह घटना माती थाना क्षेत्र के देवा रोड पर हुई। बाराबंकी जिले के छात्र शशांक उपाध्याय और उनके दोस्त वरुण पांडेय कॉलेज से लौट रहे थे, तभी रास्ते में घात लगाकर बैठे हमलावरों ने उन पर हमला कर दिया। पीड़ितों ने बताया कि 15 से 20 सीनियर छात्रों ने अचानक उन पर हमला किया और बेरहमी से पिटाई की। हमले में दोनों छात्रों को गंभीर चोटें आई हैं। आरोपियों ने शशांक को अधमरा समझकर छोड़ दिया और मौके से फरार हो गए। वरुण के चेहरे पर गहरी चोटें आई हैं, जिसके लिए डॉक्टरों को 14 टांके लगाने पड़े। उसकी हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है। दोनों घायल छात्रों को पहले जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां से गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। पीड़ित शशांक उपाध्याय ने आरोप लगाया है कि यूनिवर्सिटी में सीनियर छात्र जूनियर्स पर अपना वर्चस्व कायम करने के लिए उन्हें प्रताड़ित करते हैं। उनका कहना है कि यह हमला भी इसी प्रताड़ना का हिस्सा है। शशांक ने शिवम पाल, राधे कृष्णा पांडेय, ओम सिंह राजपूत, मोहम्मद युसूफ शेख सहित कई अन्य छात्रों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। माती थाने के इंस्पेक्टर अजय त्रिपाठी ने बताया कि घायल छात्रों का इलाज चल रहा है और आरोपियों की तलाश जारी है।
बाबरी गैंगवार में पुलिस ने खुद दर्ज किया मुकदमा:मौके से एक भी खोखा नहीं मिला, कार्रवाई पर उठे सवाल
शामली के बाबरी थाना क्षेत्र में युवकों के दो गुटों के बीच हुई गैंगवार के मामले में पुलिस ने अपनी ओर से मुकदमा दर्ज किया है। इस मामले में छह नामजद और एक अज्ञात युवक के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने अपनी शिकायत में दोनों गुटों द्वारा गोलीबारी करने का दावा किया है। हालांकि, घटनास्थल से पुलिस को एक भी जिंदा कारतूस या खाली खोखा बरामद नहीं हुआ है, जिससे पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं। गैंगवार में घायल हुए एक युवक को हरियाणा पुलिस द्वारा दर्ज दो मुकदमों में वांछित बताया जा रहा है। इस मामले में अभी तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। यह घटना गुरुवार देर रात करीब 2 बजे बाबरी कस्बे में हुई थी। बताया जा रहा है कि युवकों के दोनों गुटों ने एक-दूसरे पर जान से मारने की नीयत से कई राउंड फायरिंग की थी। जहां पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल में सामने पाया कि थाना भवन के रहने वाले गौरव और थानां भवन गांव के रहने वाले राघव उप लाला पुत्र शिव कुमार के बीच बीती ईद के दौरान झगड़ा हुआ था।जिसको लेकर दोनों गुटों में एक दूसरे से बदला लेने ओर सबक सिखाने की होड़ लगी थी। जिसके चलते गुरुवार रात्रि के समय गौरव को फोन कर बुलाया गया । जहां गौरव अपने साथी सावेज और परवेज के साथ बाइक से जाने लगा तो उनके रास्ते में राघव उर्फ लाला ने अपने साथियों के साथ मिलकर पीछा करना शुरू कर दिया। गौरव अपने साथियों के साथ अपनी जान को खतरा देखते हुए बाबरी कस्बे की तरफ फरार होने लगा। जहां आरोपियों ने उसका पीछा किया और कस्बा बाबरी में गिरकर उसके ऊपर गोलियां चलानी शुरू कर दी। पुलिस की माने तो दोनों दोनों तरफ से कहीं राउंड गोलियां चली हैं जिसमें एक व्यक्ति गौरव पुत्र ऋषि पाल निवासी थाना भवन घायल हुआ है आरोपी और घायल गौरव की तरफ से कोई तहरीर ना आने के चलते स्थानीय कस्बा इंचार्ज दरोगा राजेश कुमार की तरफ से पुलिस ने गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। लेकिन जहां पुलिस अपनी तहरीर में दोनों तरफ से गोलीबारी होने की बात कह रही है जबकि मौके से पुलिस की तहरीर अनुसार एक भी खोखा मोके से पुलिस बरामद नहीं कर पाई।वहीं पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दो गुटों के बीच हुई गोलीबारी में घायल युवक गौरव हरियाणा राज्य में लिखे दो मुकदमों में वांछित चल रहा था। पुलिस ने मुकदमा लिखकर अब अग्रिम कार्रवाई शुरू कर दिए हैं हालांकि अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई।
रेवाड़ी में एक्सीडेंट के 28 दिन बाद घर पहुंचा युवक:पौते की हालत देख दादी की मौत, अब युवक ने भी मौत
रेवाड़ी के गांव चांदुवास निवासी जसबीर एक्सीडेंट में घायल युवक 28 दिन बाद अस्पताल से घर पहुंचा। एक्सीडेंट के बाद घर पहुंचे पौते की हालत वृद्ध दादी से देखी नहीं गई और घर पहुंचने के तीसरे दिन 21 अप्रैल को 70 वर्षीय दादी सौभाग्यवती उर्फ रेशमी की मौत हो गई। अभी दादी की चिता ठीक से ठंडी भी नहीं हुई थी। दिल्ली-जयपुर हाइवे के ओडी कट के पास 21 मार्च की शाम मोटरसाइकिल सवार जसबीर एक्सीडेंट में घायल हुआ। 18 अप्रैल को अस्पताल से घर पहुंचा और घर पहुंचने के पांच दिन बाद 23 अप्रैल को मौत हो गई। शिकायत मिलने के बाद बावल थाना पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। 6 माह पहले बड़े भाई की शादी गांव चांदुवास निवासी रामनिवास कंपनी में काम करता है। छोटा बेटा जसबीर कंपनी और बड़ा बेटा शेयर मार्केट का काम करता है। रामनिवास ने 6 माह पहले ही अपने बड़े बेटे की शादी की। जसबीर ने 12वीं पास करने के बाद करीब डेढ़ साल पहले कंपनी ज्वाइंन की थी। घर में अब माता-पिता, भाई-भाभी और बुजुर्ग दादा हैं। परिजन को आशंका है कि सांस की नली में रूकावट से उसकी मौत हुई है। ऐसे समझें पूरा घटनाक्रम 21 मार्च की शाम दिल्ली-जयपुर हाइवे पर ओडी कट के पास चांदुवास निवासी करीब 25 साल के जसबीर की बाइक को अज्ञात वाहन ने टक्कर मारी। हादसा उस समय हुआ, जब युवक बाइक पर सवार होकर गांव से कंपनी जा रहा था। एक्सीडेंट में जसबीर के सिर में भी चोट लगी थी। एक्सीडेंट में घायल जसबीर को बावल के एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया। जहां उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे रेवाड़ी रेफर कर दिया। रेवाड़ी के एक निजी अस्पताल में करीब दो घंटे रखा और फिर गुरुग्राम भेज दिया। गुरुग्राम में 21 से 30 मार्च तक जसबीर का इलाज चला। जहां उसका इलाज चला। सिर के ऑपरेशन के लिए एम्स जाने की सलाह दी। जिसके बाद परिजन उसे उसे जयपुर के एक निजी अस्पताल ले गए। जहां सिर का ऑपरेशन होने के बाद उसे 18 अप्रैल को डिस्जार्च कर घर भेज दिया। 18 अप्रैल को गले में सांस और पेशाब की लगी नली के साथ जसबीर जयपुर से चांदुवास अपने घर पहुंचा। पौते की ऐसी हालत वृद्ध दादी बर्दाश्त नहीं कर पाई और 21 अप्रैल को उसकी मौत हो गई। इसके दो दिन बाद 23 अप्रैल को जसबीर की भी मौत हो गई। जसबीर की मौत सांस की नली में रूकावट से होने की आशंका जताई जा रही है। फोन पर बात की, सीसीटीवी भी नहीं देखे मृतक जसबीर के चाचा राकेश ने कहा कि पुलिस को तत्काल एक्सीडेंट की सूचना मिल गई थी। पुलिस ने उसने फोन पर तो बात की, परंतु एक बार भी अस्पताल पहुंचकर जसबीर या उसके परिजनों के बयान लेने का प्रयास नहीं किया। एक्सीडेंट स्पॉट का पता चलने के बाद पास के पेट्रोल पंप से सीसीटीवी लेने का भी प्रयास नहीं किया। जिससे एक्सीडेंट करने वाला का पता लगाया जा सकता था। कभी भी होश में ही नहीं आया जांच अधिकारी एसआई नितिन कुमार ने बताया कि जसबीर एक्सीडेंट के बाद से मृतक कभी होश में ही नहीं आया। अस्पताल से मिली डिस्चार्ज समरी में भी यही लिखा हुआ है। हाइवे पर जिस जगह एक्सीडेंट हुआ। उसके आसपास कोई सीसीटीवी ही नहीं है। पता चलने के बाद हमने परिवार से संपर्क बनाए रखा। चाचा की शिकायत पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पानीपत शहर के कुटानी रोड स्थित न्यू दलबीर नगर में देर रात एक चोर ने एक घर को निशाना बनाया। चोर घर की अलमारी का ताला खोलकर सोने-चांदी के कीमती आभूषण और करीब 20 हजार रुपए की नकदी चोरी कर ले गया। जब घर की महिला की आंख खुली और उसने शोर सुना, तो आरोपी मौके से भागने में सफल रहा। रात 3 बजे हुई वारदात पीड़िता कविता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह न्यू दलबीर नगर में रहती है और एक गृहिणी है। 23 और 24 अप्रैल की दरमियानी रात करीब 3 बजे उसे घर में कुछ अजीब आवाजें सुनाई दीं। जब वह उठकर कमरे से बाहर आई, तो उसने देखा कि एक अनजान व्यक्ति उसके घर से नीचे की तरफ भाग रहा था। बिखरा मिला सामान, गायब थे गहने कविता ने जब कमरे में जाकर अपनी अलमारी देखी, तो उसके होश उड़ गए। अलमारी का ताला खुला हुआ था और सारा सामान फर्श पर बिखरा पड़ा था। जांच करने पर पता चला कि चोर अलमारी से काफी सामान ले गया है। पुलिस कार्रवाई पीड़िता ने तुरंत मामले की सूचना थाना किला पुलिस को दी। पुलिस ने कविता की शिकायत पर अज्ञात चोर के खिलाफ चोरी और घर में घुसपैठ की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।
प्रतापगढ़ में पुलिस अभिरक्षा से फरार चल रहे एक आरोपी को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। मानिकपुर पुलिस द्वारा की गई जवाबी कार्रवाई में आरोपी के दोनों पैरों में गोली लगी है। पुलिस को ग्राम करेंटी क्षेत्र में मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक फरार अभियुक्त अवैध असलाह के साथ शहजादपुर (जनपद कौशाम्बी) से करेंटी गंगा पुल के रास्ते अपने वकील से मिलने आ रहा है। इस सूचना पर पुलिस टीम ने करेंटी तिराहे के पास सघन चेकिंग अभियान शुरू किया। चेकिंग के दौरान एक संदिग्ध व्यक्ति आता दिखा। पुलिस ने उसे रुकने का इशारा किया, लेकिन उसने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी। पुलिस ने आरोपी को आत्मसमर्पण की चेतावनी दी, जिसके बावजूद उसने दोबारा फायरिंग की। आत्मरक्षा में पुलिस ने जवाबी फायरिंग की, जिसमें आरोपी घायल होकर गिर पड़ा। उसके दोनों पैरों में गोली लगी। घायल आरोपी की पहचान जलालुद्दीन उर्फ डब्बू (उम्र करीब 50 वर्ष), पुत्र मोहिउद्दीन, निवासी नई बाजार रहवई, थाना कुंडा, जनपद प्रतापगढ़ के रूप में हुई है। उसके पास से एक अवैध तमंचा और कारतूस बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपी जलालुद्दीन के खिलाफ थाना मानिकपुर में गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज है। उसे गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया था, लेकिन वह 21 अप्रैल 2026 को प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल से इलाज के दौरान फरार हो गया था। उसकी फरारी के संबंध में कोतवाली नगर, कमिश्नरेट प्रयागराज में भी एक मुकदमा दर्ज है। घायल अभियुक्त को तत्काल उपचार के लिए सीएचसी कालाकांकर भेजा गया, जहां से उसे जिला अस्पताल प्रतापगढ़ रेफर कर दिया गया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की हालत अब खतरे से बाहर है।
होमगार्ड भर्ती परीक्षा कड़ी सुरक्षा में शुरू:लखीमपुर खीरी में 16 केंद्रों पर 27 अप्रैल तक आयोजन
लखीमपुर खीरी में तीन दिवसीय होमगार्ड भर्ती परीक्षा शनिवार से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शुरू हो गई है। यह परीक्षा जनपद के 16 केंद्रों पर आयोजित की जा रही है, जो 27 अप्रैल तक चलेगी। सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसी कैमरों की निगरानी में पारदर्शी तरीके से परीक्षा कराई जा रही है। परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को केंद्रों पर सघन तलाशी के बाद ही प्रवेश दिया जा रहा है। हालांकि परीक्षा का समय सुबह 10 बजे निर्धारित है, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए चेकिंग प्रक्रिया समय से पहले ही शुरू कर दी गई थी। देखिए तस्वीरें… प्रत्येक पाली में 6528 अभ्यर्थी परीक्षा दे रहे हैं। इस प्रकार तीन दिनों में कुल छह पालियों में 39,168 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे। परीक्षा केंद्रों पर स्टेटिक और सेक्टर मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है, जो व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी कर रहे हैं। परीक्षा दो पालियों में आयोजित हो रही है। पहली पाली सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक निर्धारित है। प्रशासन ने परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं।
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा आयोजित यूपी होमगार्ड भर्ती की लिखित परीक्षा बिजनौर में आज, 25 अप्रैल से शुरू हो गई है। यह परीक्षा 27 अप्रैल तक चलेगी। जनपद के 13 स्कूलों को परीक्षा केंद्र बनाया गया है, जहां नकल विहीन और शांतिपूर्ण परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। जिले में होमगार्ड भर्ती की लिखित परीक्षा के लिए कुल 34,272 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं। प्रत्येक पाली में 5,712 परीक्षार्थी शामिल होंगे। यह परीक्षा तीन दिनों में छह पालियों में आयोजित की जाएगी। परीक्षा की पहली पाली सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक होगी, जबकि दूसरी पाली दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक संपन्न होगी। प्रत्येक केंद्र पर एक-एक सेक्टर मजिस्ट्रेट और स्टेटिक मजिस्ट्रेट नियुक्त किए गए हैं ताकि परीक्षा सुचारु रूप से संचालित हो सके। परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और स्मार्ट वॉच ले जाने पर प्रतिबंध है। महिला अभ्यर्थियों को अंगूठी, ईयर टॉप, ईयर रिंग और नोज रिंग पहनकर परीक्षा केंद्र में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। परीक्षा के लिए बनाए गए 13 केंद्रों में आर्य वैदिक कन्या इंटर कॉलेज बिजनौर, जीआईसी बिजनौर, बिजनौर इंटर कॉलेज, जीजीआईसी बिजनौर, वर्धमान कॉलेज बिजनौर, किसान इंटर कॉलेज पीली चौकी, हत्यानंद सार्वजनिक इंटर कॉलेज झालू, किसान इंटर कॉलेज मड़ावली आरजेपी इंटर कॉलेज, पीएमश्री राजकीय बालिका इंटर कॉलेज झालू, केपीएस कन्या इंटर कॉलेज बिजनौर, आरबीडी महिला महाविद्यालय बिजनौर और गुरु गृह इंटर कॉलेज विदुर कुटी बिजनौर शामिल हैं।
हनुमानगढ़ में 3 दिन हीटवेव का अलर्ट:28-29 को आंधी-बारिश से मिलेगी राहत
हनुमानगढ़ में भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है। मौसम विभाग ने जिले में अगले 3 दिनों के लिए हीटवेव का अलर्ट जारी किया है, जिसमें तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है। हालांकि, 28 और 29 अप्रैल को आंधी-बारिश से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। शुक्रवार को जिले का अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिससे दिनभर तेज गर्मी और लू जैसे हालात बने रहे। शनिवार को भी तापमान ऊँचा रहने का अनुमान है। 25 अप्रैल को अधिकतम तापमान 42 डिग्री और न्यूनतम 32 डिग्री रहने की संभावना है। 45 डिग्री तक पहुंच सकता है तापमानमौसम विभाग के अनुसार, 26 और 27 अप्रैल को तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जिसके चलते हीटवेव का अलर्ट जारी किया गया है। इन दिनों दोपहर के समय बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है। रात में भी गर्मी से राहत नहीं मिल रही है। राहत की बात यह है कि 28 और 29 अप्रैल को मौसम में बदलाव के संकेत हैं। इन दिनों आंधी और बारिश की संभावना है, जिससे तापमान में गिरावट आ सकती है और लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है। 30 अप्रैल को मौसम फिर से साफ रहने का अनुमान है। दोपहर में सड़कें हो जाती है सूनींमौसम विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिमी राजस्थान और आसपास के क्षेत्रों में शुष्क और गर्म हवाओं का प्रभाव बना हुआ है, जिससे तापमान में लगातार वृद्धि हो रही है। तेज धूप और लू के कारण दोपहर के समय सड़कों पर आवाजाही कम हो गई है। जिले में भीषण गर्मी के बावजूद अभी तक स्कूलों का समय नहीं बदला गया है। वहीं, गेहूं की खरीद धीमी होने के कारण किसानों को भी मंडी में लंबे समय तक रुकना पड़ रहा है, जिससे उन्हें गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि दोपहर में बाहर निकलने से बचें, पर्याप्त पानी पिएं और सिर को ढककर रखें। बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
हरियाणा के नारनौल शहर के महाबीर चौकी क्षेत्र में एक युवती को कोर्ट परिसर में गवाही देने के दौरान जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जिला के अटेली थाना क्षेत्र के गांव खैराणी निवासी एक युवती 24 अप्रैल को एक पॉक्सो (POCSO) मामले में गवाही देने के लिए अदालत पहुंची थी। यह मामला सरकार बनाम संदीप के नाम से चल रहा है। रितिका ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह अपने वकील के चैंबर के बाहर बैठी हुई थी, तभी अचानक आरोपी संदीप का भाई उसके पास आया। जान से मारने की धमकी दी आरोप है कि उसने युवती को धमकाते हुए कहा कि यदि उसने उसके भाई के पक्ष में गवाही नहीं दी, तो कोर्ट से बाहर निकलते ही उसे जान से मार दिया जाएगा। रितिका के अनुसार, आरोपी का नाम उसे ज्ञात नहीं है, लेकिन वह उसे पहचान सकती है। उसने बताया कि आरोपी हरे रंग की टी-शर्ट और गहरे रंग की पैंट पहने हुए था तथा उसकी यह हरकत कोर्ट परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों में भी कैद हो सकती है। भयभीत है युवती शिकायत में यह भी बताया गया है कि जब वह अपने ताऊ व वकील के साथ बाहर आई और आरोपी को रोकने का प्रयास किया, तो वह मौके से फरार हो गया। घटना के बाद युवती काफी भयभीत है और उसने अपनी जान की सुरक्षा की गुहार लगाई है। पुलिस कर रही जांच पुलिस ने शिकायत के आधार पर थाना शहर नारनौल में मुकदमा नंबर 134 दर्ज कर लिया है। मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 232(1) और 351(3) के तहत दर्ज किया गया है। मामले की जांच एएसआई प्रीतम को सौंपी गई है।
सीतापुर में उत्तर प्रदेश होमगार्ड भर्ती परीक्षा आज पहले दिन शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने में प्रशासनिक अमला जुटा हुआ है। जनपद के कुल 7 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित इस परीक्षा में कुल 17,856 अभ्यर्थी तीन दिनों में शामिल होंगे। प्रत्येक पाली में 2,976 अभ्यर्थियों के बैठने की व्यवस्था की गई है। परीक्षा को नकलविहीन और पारदर्शी बनाने के लिए प्रशासन द्वारा कड़े इंतजाम किए गए हैं। केंद्रों पर प्रवेश से पहले महिला और पुरुष अभ्यर्थियों की सघन तलाशी ली जा रही है। अभ्यर्थियों को कलावा, जेवरात,जूते मोजे, बेल्ट और अन्य संदिग्ध वस्तुएं बाहर ही उतरवाने के बाद ही प्रवेश दिया जा रहा है। इससे परीक्षा की शुचिता बनाए रखने में मदद मिल रही है। परीक्षा दो पालियों में आयोजित हो रही है। पहली पाली सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक, जबकि दूसरी पाली दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक चल रही है। सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों के जरिए कंट्रोल रूम से लगातार निगरानी की जा रही है, जिससे किसी भी तरह की गड़बड़ी पर तुरंत कार्रवाई संभव हो सके। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए 7 स्टेटिक मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। इसके अलावा 3 सीओ, 21 इंस्पेक्टर सहित 234 पुलिस कर्मियों को विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर लगाया गया है, जो परीक्षा की निष्पक्षता और शांति बनाए रखने में जुटे हुए हैं। जिला प्रशासन ने अभ्यर्थियों से समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचने और सभी नियमों का पालन करने की अपील की है। डीएम एसपी भी लगातार भ्रमणशील है।
महापौर प्रमिला पांडेय और नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय ने शुक्रवार को जोन-5 सरायमीता, सीएम ग्रिड रोड और जोन-6 वार्ड-40 क्षेत्र का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर अवैध कब्जे, गंदगी और निर्माण कार्यों में कमियां मिलने पर अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए गए। सबसे पहले विजय नगर सब्जी मंडी स्थित रफाका नाले की सफाई व्यवस्था देखी गई। यहां नाले की सफाई मशीन से कराई जा रही थी। वहीं मछली बाजार और पुलिया क्षेत्र में अवैध अतिक्रमण पाए गए। इस पर महापौर ने नाराजगी जताते हुए कब्जेदारों को एक सप्ताह में अतिक्रमण हटाने के नोटिस जारी करने को कहा। समय पर कब्जा न हटाने पर नगर निगम कार्रवाई करेगा। सरायमीता स्थित पार्क के पास भी अवैध कब्जा मिला। अधिकारियों को इसे तुरंत हटाने और नगर निगम संपत्ति का बोर्ड लगाने के निर्देश दिए गए। नवाबगंज कांजी हाउस के निरीक्षण में भूमि संबंधी दस्तावेज उपलब्ध कराने और कानूनी कार्रवाई करने को कहा गया। सरायमीता पनकी क्षेत्र में जगह-जगह कूड़े के ढेर मिले और सफाई व्यवस्था खराब पाई गई। इस पर नगर आयुक्त ने सफाई पर्यवेक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी करने और दो कर्मचारियों का एक दिन का वेतन रोकने के निर्देश दिए। माता स्वरूप रानी मार्ग पर चल रहे सीएम ग्रिड निर्माण कार्य का भी निरीक्षण किया गया। यातायात व्यवस्था को देखते हुए फुटपाथ की चौड़ाई कम करने और धूल रोकने के लिए नियमित पानी छिड़काव कराने को कहा गया। वार्ड-40 कंपनी बाग चौराहे से नवाबगंज थाने तक भी गंदगी मिली। इस पर सफाई निरीक्षक और सफाई नायक को नोटिस जारी किया गया। दो कर्मचारियों का वेतन भी रोका गया है।
कोतवाली थाना क्षेत्र के महावीर पुरा इलाके में गुरुवार (23 अप्रैल) दोपहर दिनदहाड़े एक सूने घर से बाइक चोरी का मामला सामने आया है। दो बाइक सवार बदमाश कौशल दंडोतिया के घर में घुसे और गैरेज में खड़ी काले रंग की हीरो स्प्लेंडर बाइक (MP 06 ZK 7924) चोरी कर ले गए। पूरी वारदात पड़ोस और कॉलोनी में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है। वर्तमान में पुलिस ने फरियादी की शिकायत दर्ज कर ली है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अज्ञात चोरों की पहचान व तलाश शुरू कर दी है। दोपहर 3:09 बजे आए चोर, सूना घर देख गैरेज में घुसे जानकारी के अनुसार, महावीर पुरा इलाके की महावीर गली में रहने वाले कौशल दंडोतिया (पुत्र उपेंद्र दंडोतिया) के घर पर गुरुवार दोपहर 3:09 बजे दो बाइक सवार बदमाश पहुंचे। उन्होंने पहले घर को सुनसान देखा और अपनी बाइक दरवाजे पर रोक दी। इसके बाद वे आराम से घर के अंदर घुसे और गैरेज में रखी काले रंग की हीरो स्प्लेंडर बाइक को बाहर निकालकर फरार हो गए। पड़ोस और कॉलोनी के CCTV में बाइक ले जाते दिखे बदमाश दिनदहाड़े हुई चोरी की यह पूरी घटना पड़ोस में लगे एक सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। फुटेज में दोनों चोर स्पष्ट रूप से घर के पास रुकते, अंदर घुसते और बाइक बाहर निकालकर ले जाते हुए दिखाई दे रहे हैं। वारदात के बाद जब कॉलोनी के अन्य स्थानों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, तो दोनों बदमाश चोरी की गई बाइक को लेकर जाते हुए कैमरे में कैद मिले हैं। टीआई बोले- फुटेज मिले हैं, पुलिस टीम तलाश में जुटी घटना के बाद बाइक मालिक कौशल दंडोतिया ने कोतवाली थाने पहुंचकर मामले की शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज को जांच में लिया है। मामले को लेकर कोतवाली टीआई अमित भदौरिया ने बताया, बाइक चोरी की शिकायत मिली है। सीसीटीवी भी आया है, अन्य सीसीटीवी भी खंगाले हैं। चोर दिखाई दे रहे हैं। अभी पहचान नहीं हुई है। पुलिस टीम चोरों की तलाश में जुटी है।
पंजाब अपडेट्स:पठानकोट में लव मैरिज पर हंगामा, ससुराल में घुसकर सास से मारपीट; लड़की को उठा ले गए
पठानकोट के गांव सिहोड़ा कलां में लव मैरिज के बाद हंगामा हो गया। शादी के 23 दिन बाद नाराज लड़की के परिजनों पर लड़के के घर में घुसकर मारपीट करने और अपनी बेटी (बहू) को जबरन साथ ले जाने के गंभीर आरोप लगे हैं। आरोप है कि लड़की के परिजनों ने लड़के की मां और बहन के साथ धक्कामुक्की की और उन्हें थप्पड़-मुक्के मारे। मामला पुलिस के पास पहुंच चुका है। पुलिस ने परिवार के बयानों के आधार पर लड़की के माता-पिता और भाई के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पढ़ें पूरी खबर…
महिला से छेड़छाड़-मारपीट का आरोपी गिरफ्तार:ब्लाइंड केस का 7 दिन में हुआ खुलासा
धौलपुर पुलिस ने महिला से छेड़छाड़ और मारपीट के एक ब्लाइंड केस का खुलासा करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने यह कार्रवाई 7 दिनों में की। यह घटना 11 अप्रैल की सुबह करीब 5:30 बजे हुई थी। एक तलाकशुदा महिला काम पर जा रही थी, तभी शहर की एक सुनसान गली में एक युवक ने उसे जबरन पकड़ लिया। विरोध करने पर आरोपी ने महिला का गला दबाकर मारपीट की और अश्लील हरकतें कीं। महिला के शोर मचाने पर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, जिसके बाद आरोपी फरार हो गया। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दबोचा आरोपीइस संबंध में 15 अप्रैल को महिला थाना धौलपुर में मामला दर्ज किया गया था। एसपी विकास सांगवान ने मामले में त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।एएसपी वैभव शर्मा और एडीएफ बाड़ी कमल कुमार जांगिड़ के पर्यवेक्षण में महिला थाना पुलिस ने जांच शुरू की। थानाधिकारी सहीराम यादव के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया, जिसने कई दर्जन सीसीटीवी फुटेज खंगाले और मानवीय आसूचना के आधार पर संदिग्धों की पहचान की। नशे की हालत में की थी वारदातजांच के दौरान आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने नशे की हालत में इस वारदात को अंजाम दिया था।पुलिस ने बताया कि इस मामले में विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
उन्नाव में होमगार्ड भर्ती परीक्षा आज 9 केंद्रों पर आयोजित की जा रही है। जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के शामिल होने की संभावना को देखते हुए व्यापक तैयारियां की हैं। परीक्षा दो पालियों में होगी। पहली पाली सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगी। प्रत्येक पाली में 2448 अभ्यर्थी शामिल होंगे, जिससे कुल 4896 परीक्षार्थी एक ही दिन में परीक्षा देंगे। परीक्षा केंद्र शहर के अटल बिहारी इंटर कॉलेज जीआईसी सहित विभिन्न प्रमुख विद्यालयों में बनाए गए हैं। शुक्लागंज क्षेत्र में ओपीजेडी को भी एक केंद्र बनाया गया है ताकि स्थानीय अभ्यर्थियों को सुविधा मिल सके। सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर जोनल, सेक्टर और स्टैटिक मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। पर्याप्त पुलिस बल भी मौजूद रहेगा। केंद्रों के अंदर और बाहर दोनों जगह कड़ी सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी जाएगी ताकि परीक्षा निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके। जिला प्रशासन के निर्देश पर सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए उड़नदस्ते भी सक्रिय रहेंगे। स्थानीय थाना पुलिस को भी अपने-अपने क्षेत्रों में सतर्क रहने और नियमित गश्त करने के निर्देश दिए गए हैं। परीक्षा देने पहुंची अभ्यर्थी श्रद्धा ने बताया कि उन्होंने दरोगा भर्ती परीक्षा भी दी थी। अटल बिहारी परीक्षा केंद्र पर नीरज नामक अभ्यर्थी ने बताया कि उन्होंने पोस्ट ग्रेजुएशन तक पढ़ाई की है और दरोगा भर्ती परीक्षा भी दी है। वे पूरी तैयारी के साथ होमगार्ड भर्ती परीक्षा देने आए हैं।
बीकानेर के विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य और सही करियर चयन के उद्देश्य से दैनिक भास्कर एवं ईवा क्लासेज के संयुक्त तत्वावधान में 26 अप्रैल को रविंद्र रंगमंच में ‘सपनों की उड़ान’ करियर काउंसलिंग सेमिनार आयोजित किया जाएगा। यह सेमिनार विद्यार्थियों को करियर की दिशा तय करने, सही विषय चुनने और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मार्गदर्शन प्रदान करेगा। ईवा क्लासेज के डायरेक्टर डॉ. जालुराम मोटसरा ने बताया कि यह सेमिनार हजारों विद्यार्थियों के करियर में मील का पत्थर साबित होगा। इसमें विशेष रूप से SSC और CUET जैसी प्रमुख परीक्षाओं पर फोकस किया जाएगा। साथ ही विद्यार्थियों को केवल परीक्षा की तैयारी ही नहीं, बल्कि सफलता के व्यावहारिक सूत्र भी बताए जाएंगे। प्रवेश नि:शुल्क, 25 अप्रैल तक रजिस्ट्रेशन सेमिनार में प्रवेश पूरी तरह नि:शुल्क रखा गया है। इच्छुक विद्यार्थी 25 अप्रैल 2026 तक अपना पंजीकरण करा सकते हैं। रजिस्ट्रेशन के लिए 9413388280 और 8619406514 पर संपर्क किया जा सकता है। इंग्लिश और फॉरेन लैंग्वेज की बढ़ती जरूरत डॉ. मोटसरा ने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में उत्कृष्ट अंग्रेजी और एक विदेशी भाषा का ज्ञान अंतरराष्ट्रीय करियर के लिए बेहद आवश्यक हो गया है। उन्होंने बताया कि अमेरिका, जापान, चीन और जर्मनी जैसे देशों में शोध और अवसरों के लिए स्थानीय भाषा के साथ अंग्रेजी का ज्ञान अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि ईवा क्लासेज विद्यार्थियों के ‘इंग्लिश फोबिया’ को दूर करने में विशेष दक्षता रखता है। साथ ही जनरल नॉलेज, जनरल साइंस और रीजनिंग जैसे विषयों को भी सरल और प्रभावी तरीके से पढ़ाया जाता है। क्यों जरूरी है करियर काउंसलिंग? दसवीं के बाद विषय चयन विद्यार्थियों के जीवन का सबसे महत्वपूर्ण निर्णय होता है। अक्सर विद्यार्थी और अभिभावक आर्ट्स, साइंस, कॉमर्स या अन्य विकल्पों को लेकर असमंजस में रहते हैं। ऐसे में करियर काउंसलिंग सही दिशा दिखाने का काम करती है। यह सेमिनार विद्यार्थियों को उनकी रुचि, क्षमता और भविष्य की संभावनाओं के आधार पर सही स्ट्रीम और कोर्स चुनने में मदद करेगा। इससे वे आगे चलकर बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे और अपने लक्ष्य तक पहुंचने का रास्ता स्पष्ट कर पाएंगे। ईवा क्लासेज के विद्यार्थियों ने रचे सफलता के नए आयाम ईवा क्लासेज के कई विद्यार्थियों ने एक ही तैयारी के दम पर विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। इनमें शिवम सियाग, गणपत गोदारा, हर्षित कुमार कावरा, जयंत चौधरी, दीनदयाल गोदारा और भगीरथ महिया जैसे नाम शामिल हैं, जिन्होंने SSC, SBI, IBPS, DSSSB, पुलिस और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में शानदार प्रदर्शन किया है।
कन्नौज कलक्ट्रेट में विकास कार्यों की समीक्षा बैठक के दौरान तिर्वा विधायक कैलाश राजपूत ने बिजली विभाग के अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने स्मार्ट मीटर लगाने के तरीके और उनसे जुड़ी शिकायतों को लेकर भी विभाग को चेतावनी दी है। कलक्ट्रेट सभागार में भाजपा विधायक कैलाश राजपूत ने स्पष्ट किया कि उपभोक्ताओं की सहमति के बिना उनके घरों में स्मार्ट मीटर न लगाए जाएं। उन्होंने यह भी मांग की कि स्मार्ट मीटर से संबंधित सभी शिकायतों का तत्काल समाधान किया जाए। विधायक ने तिर्वा एसडीओ के खिलाफ भी शिकायत की, आरोप लगाया कि वे फोन नहीं उठाते और अक्सर स्विच ऑफ रखते हैं, जिससे बिजली संबंधी समस्याओं का समाधान नहीं हो पाता। विधायक की शिकायत पर जिले की प्रभारी मंत्री रजनी तिवारी ने बिजली विभाग को निर्देश दिए कि शिकायतों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस दौरान बिजली विभाग ने बताया कि जिले में अब तक 82 हजार स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। विभाग ने यह भी जानकारी दी कि स्मार्ट मीटर से संबंधित शिकायतों के समाधान के लिए विभिन्न स्थानों पर कैंप आयोजित किए जा रहे हैं।
बाड़मेर में अप्रैल के लास्ट वीक में गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिया है। इस सीजन पहली तापमान 44 डिग्री से पार पहुंचा है। वहीं बढ़ती गर्मी को देखते हुए जिला प्रशासन ने आगनवाड़ी और प्राइमेरी स्कूल का समय बदल दिया है। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में हिटवेव का अलर्ट जारी किया है। दरअसल, हर साल अप्रैल के शुरूआती दिनों में गर्मी तेज हो जाती है। लेकिन बैक-टू-बैक पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव होने के कारण गर्मी का असर कम रहा था। लेकिन अप्रैल के आखिरी वीक में गर्मी तेज होने लगी है। बाड़मेर इस सीजन में अब तक कई बार प्रदेश का सबसे गर्म स्थान दर्ज किया गया है। शुक्रवार को बाड़मेर का अधिकतम तापमान 44.1 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। जो इस साल अब तक का सबसे अधिक तापमान रहा है। मौसम विभाग के अनुसार थार के इस रेगिस्तानी इलाके में गर्म हवाओं और साफ आसमान के चलते सूरज की किरणें सीधे धरातल पर पड़ रही हैं, जिससे तापमान में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। बढ़ते तापमान का सीधा असर बाड़मेर के जनजीवन पर दिखाई दे रहा है। आंगनवाड़ी और प्राइमेरी स्कूल का समय अब 11:30 बजे तक एडीएम राजेंद्र सिंह चांदावत ने बताया- भीषण गर्मी और हीटवेव की संभावना को देखते हुए बाड़मेर जिले के समस्त सकारी और प्राइवेट स्कूलों में पढ़ने वाले कक्षा प्री प्राईमरी, कक्षा 1 से 8 तक तथा आंगनबाड़ी केन्द्रो के बच्चों का समय बदला गया है। 25 अप्रैल से अग्रिम आदेश तक समय प्रातः 07:30 से 11:30 बजे तक किया गया है। मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी कृष्णसिंह महेचा ने बताया कि इस दौरान संबंधित विद्यालयों में कार्यरत शैक्षणिक एवं गैर शैक्षणिक कार्मिको को पूर्ववत विभागीय समयानुसार उपस्थिति देनी होगी l मनरेगा का समय बदला जिला परिषद सीओ रवि कुमार ने बताया- वर्तमान में प्रदेश में प्रचंड गर्मी के दृष्टिगत मनरेगा कार्यों का समय सुबह 6 बजे से दोपहर 1 बजे तक करने के निर्देश दिए गए है। यदि कोई श्रमिक समूह समय से पूर्व निर्धारित टास्क के अनुसार कार्य पूर्ण कर लेता है। वह कार्य की माप मेट के पास उपलब्ध मस्टररोल में दर्ज टास्क प्रपत्र में करवाने एवं समूह के मुखिया के हस्ताक्षर के बाद एनएमएमएस की निर्धारित प्रकियानुसार दूसरी पारी की हाजरी दर्ज करवाने के बाद कार्य स्थल छोड़ सकता है।
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच से जुड़े विवादित आदेशों के मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच ने पूर्व में सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने के निर्देश को वापस लेते हुए अब पूरे मामले को प्रशासनिक समिति के हवाले कर दिया है। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में ग्वालियर बेंच के जस्टिस राजेश कुमार गुप्ता के कथित विवादित आदेशों को लेकर चल रही सुओ मोटू कार्यवाही में अहम मोड़ आ गया है। चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच ने इस मामले में 22 सितंबर 2025 को पारित उस आदेश को निरस्त कर दिया है, जिसमें रजिस्ट्रार जनरल को सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका (SLP) दायर करने के निर्देश दिए गए थे। दरअसल, यह मामला तब शुरू हुआ था जब जस्टिस अतुल श्रीधरन की अध्यक्षता वाली डिवीजन बेंच ने जस्टिस गुप्ता द्वारा पारित दो आदेशों पर आपत्ति जताई थी। इन आदेशों में शिवपुरी के एडीशनल जज विवेक शर्मा के खिलाफ की गई टिप्पणियों को न्यायिक अधिकार क्षेत्र से परे बताया गया था। जस्टिस श्रीधरन की पीठ ने माना था कि न्यायिक अनुशासन के चलते हाईकोर्ट स्वयं इन आदेशों में हस्तक्षेप नहीं कर सकता, इसलिए उनकी समीक्षा केवल सुप्रीम कोर्ट ही कर सकता है। इसी आधार पर रजिस्ट्रार जनरल को एसएलपी दायर करने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि, बाद में जस्टिस श्रीधरन के इलाहाबाद हाईकोर्ट ट्रांसफर के बाद मामले की फाइलें फिर से तलब की गईं और प्रिंसिपल रजिस्ट्रार विजिलेंस से रिपोर्ट मांगी गई। इसके बाद पूरा मामला हाईकोर्ट की प्रशासनिक समिति को भेज दिया गया। सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच ने सुप्रीम कोर्ट के 9 अप्रैल 2026 के एक महत्वपूर्ण आदेश का भी हवाला दिया, जिसमें स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी न्यायिक आदेश में त्रुटि या कमी नजर आती है, तो पहले उसे हाईकोर्ट के इन-हाउस मैकेनिज्म के तहत ही देखा जाना चाहिए। इसी आधार पर कोर्ट ने कहा कि मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में पहले से ही ऐसी व्यवस्था मौजूद है, जिसके तहत न्यायाधीशों के आदेशों में की गई टिप्पणियों या सिफारिशों की समीक्षा प्रशासनिक समिति करती है। डिवीजन बेंच ने स्पष्ट किया कि चूंकि मामला पहले से ही प्रशासनिक समिति के विचाराधीन है, इसलिए सुओ मोटू कार्यवाही को यहीं समाप्त किया जाता है। अब आगे की कार्रवाई समिति की सिफारिश और सक्षम प्राधिकारी के निर्णय के अनुसार होगी। ये था मामला 12 सितंबर 2025 को जस्टिस राजेश कुमार गुप्ता ने एक आदेश पारित कर शिवपुरी एएसजे विवेक शर्मा के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की थी। यह मामला एक धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार से जुड़ा था, जिसमें एएसजे शर्मा ने आरोपी के खिलाफ आरोप तय किए थे। बाद में आरोपी ने जमानत याचिका दायर की थी, जिसकी सुनवाई जस्टिस गुप्ता की बेंच में हुई। जस्टिस अतुल श्रीधरन की आपत्ति जस्टिस अतुल श्रीधरन ने जस्टिस गुप्ता के आदेश पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि यह आदेश बिना अधिकार क्षेत्र के पारित किया गया है। उन्होंने इस आदेश पर स्वतः संज्ञान लेते हुए कहा कि जस्टिस गुप्ता की टिप्पणियां अभद्र और अनुचित थीं। जस्टिस श्रीधरन ने यह भी उल्लेख किया कि सुप्रीम कोर्ट पहले ही यह स्पष्ट कर चुका है कि निचली अदालतों के जजों पर इस तरह की टिप्पणियां नहीं की जानी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट जाने का निर्देश जस्टिस श्रीधरन की बेंच ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वह 10 दिनों के भीतर सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका (SLP) दायर करे, ताकि जस्टिस गुप्ता के आदेश को चुनौती दी जा सके।
मुजफ्फरपुर के बगलामुखी मंदिर में 'बगलामुखी प्रकटोत्सव' के पावन अवसर पर मां की विशेष आराधना की गई। माता का षोडशोपचार पूजन, महाश्रृंगार और भव्य महाआरती का आयोजन हुआ। महोत्सव का मुख्य आकर्षण महाहवन रहा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने आहुतियां देकर विश्व कल्याण की कामना की। माता को पीतांबरा भी कहा जाता है मंदिर के महंत देवराज ने बताया कि वैशाख माह की शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मां बगलामुखी का प्राकट्योत्सव मनाया जाता है। दसों महाविद्याओं में आठवीं महाविद्या हैं। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, मां का प्राकट्य गुजरात के सौराष्ट्र क्षेत्र में हल्दी के रंग के जल से हुआ था, जिसके कारण उन्हें 'पीतांबरा' भी कहा जाता है। जो भक्त शत्रु बाधा, कोर्ट-कचहरी के विवादों या मुकदमों से घिरे होते हैं, उनके लिए मां की विशेष पूजा और अनुष्ठान सफलता का अचूक मार्ग है। उनकी आराधना से साधक को विजय प्राप्त होती है और शत्रु पराजित होते हैं। शास्त्रों के अनुसार, बगलामुखी शब्द संस्कृत के 'वल्गा' का अपभ्रंश है, जिसका अर्थ 'दुल्हन' होता है। माता को उनकी अलौकिक सुंदरता और 'स्तंभन शक्ति' (शत्रु को जड़ कर देने की शक्ति) के कारण यह नाम मिला है। मां को दही और हल्दी चढ़ाने का विशेष विधान है, जिससे भक्तों के सभी दुखों और कष्टों का नाश होता है। भक्तों ने माता के दर्शन किए उत्सव के दौरान मंदिर परिसर 'जय मां पीतांबरा' के जयघोष से गूंजता रहा। इस धार्मिक आयोजन में मंदिर के पुजारी रंजय झा, पंडित देवनारायण मिश्र और भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी प्रभात मालाकार सहित सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे। सभी ने कतारबद्ध होकर माता के दर्शन किए और प्रसाद ग्रहण किया।
मध्य प्रदेश में गेहूं उपार्जन में आ रही समस्याओं को लेकर भारतीय किसान संघ (BKS) जिला धार ने प्रदेशभर में बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है। संघ का कहना है कि 7 से 24 अप्रैल तक केवल छोटे किसानों के स्लॉट बुक होने से 2 हेक्टेयर से अधिक जमीन वाले किसानों को समर्थन मूल्य (MSP) से 300 से 400 रुपए कम दाम पर मंडी में गेहूं बेचना पड़ रहा है। वर्तमान में संघ के प्रदेश अध्यक्ष कमल सिंह अंजना ने शनिवार को अल्टीमेटम दिया है कि यदि सरकार ने खरीदी नीति स्पष्ट कर बड़े किसानों का गेहूं नहीं खरीदा, तो 30 अप्रैल के बाद जिला और तहसील मुख्यालयों पर गेहूं से भरी ट्रॉलियां लाकर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। 10 अप्रैल से शुरू हुई खरीदी, केवल छोटे किसानों के स्लॉट बुक संघ के पदाधिकारियों के अनुसार, इस बार गेहूं उपार्जन प्रक्रिया पूरी तरह अव्यवस्थित रही है। सरकार ने 16 मार्च 2026 से लगातार तारीखें बढ़ाईं और अंततः 10 अप्रैल से खरीदी शुरू की गई। इसके बावजूद 7 अप्रैल से 24 अप्रैल तक केवल छोटे किसानों के स्लॉट ही बुक किए जा रहे हैं। खरीदी केंद्रों पर भी उपज की मात्रा सीमित कर दी गई है। स्लॉट बुक नहीं होने के कारण बड़े किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। 300 से 400 रुपए कम में मंडी में गेहूं बेचने को मजबूर किसान किसान संघ ने मांग रखी है कि 2 हेक्टेयर से अधिक पंजीयन वाले किसानों का भी गेहूं न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदा जाए। सरकार को सभी पंजीकृत किसानों की उपज का पूरा उपार्जन सुनिश्चित करना चाहिए। संघ का कहना है कि स्लॉट बुक न होने के कारण कई किसान मजबूरी में मंडियों में समर्थन मूल्य से 300 से 400 रुपए कम दाम पर अपना गेहूं बेच रहे हैं, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। बोनस और नरवाई के मुद्दों पर भी असंतोष, 30 के बाद उग्र आंदोलन भारतीय किसान संघ के प्रदेश अध्यक्ष कमल सिंह अंजना ने शनिवार को कहा कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो संगठन पूरे मध्य प्रदेश में आंदोलन करेगा। इसी कड़ी में धार जिले में भी 30 अप्रैल 2026 के बाद जिला और तहसील मुख्यालयों पर गेहूं से भरी ट्रॉलियां लाकर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। संघ ने स्पष्ट किया है कि गेहूं पर कम बोनस, लैंड पूलिंग और नरवाई जलाने पर कार्रवाई जैसी समस्याओं को लेकर किसानों की लगातार अनदेखी की जा रही है। समय रहते समाधान नहीं होने पर आंदोलन तेज होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। चेतावनी देने के दौरान जिला अध्यक्ष यशवंत मुकाती, जिला मंत्री अमोल पाटीदार, राजेंद्र पाटीदार और विष्णु मुकाती सहित बड़ी संख्या में किसान व कार्यकर्ता मौजूद रहे।
उत्तर प्रदेश होमगार्ड-2025 की लिखित परीक्षा शनिवार से कौशांबी जिले में शुरू हो गई है। यह परीक्षा तीन दिनों तक चलेगी। जिले के छह परीक्षा केंद्रों पर कुल 12,384 अभ्यर्थी इसमें शामिल होंगे। जिला प्रशासन ने परीक्षा को सकुशल संपन्न कराने के लिए सुरक्षा और निगरानी के कड़े इंतजाम किए हैं। कौशांबी में होमगार्ड भर्ती परीक्षा 25, 26 और 27 अप्रैल को आयोजित की जाएगी। यह परीक्षा प्रतिदिन दो पालियों में होगी। पहली पाली सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक निर्धारित है। प्रत्येक पाली में 2064 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। पूरी प्रक्रिया लगभग 240 सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में संपन्न कराई जाएगी। प्रत्येक कक्ष और परिसर पर कैमरों से लगातार नजर रखी जाएगी। जिले में होमगार्ड लिखित परीक्षा के लिए छह केंद्र बनाए गए हैं। इनमें करारी इंटर कॉलेज करारी, कस्तूरबा गांधी बालिका इंटर कॉलेज भरवारी, महात्मा ज्योतिबा फुले राजकीय पॉलिटेक्निक टेवा, नेशनल इंटर कॉलेज भरवारी, एसएवी इंटर कॉलेज सिराथू और श्री हुबलाल इंटर कॉलेज चायल शामिल हैं। परीक्षा केंद्रों पर शिक्षकों और अधिकारियों की पर्याप्त तैनाती की गई है। प्रत्येक कक्ष में एक कक्ष निरीक्षक और एक सहायक कक्ष निरीक्षक नियुक्त किया गया है। इसके अतिरिक्त, सभी केंद्रों पर केंद्र व्यवस्थापक, सहायक केंद्र व्यवस्थापक, सेक्टर मजिस्ट्रेट और स्टैटिक मजिस्ट्रेट भी तैनात रहेंगे। कुल 105 कक्ष निरीक्षकों की नियुक्ति की गई है। सुरक्षा के मद्देनजर सभी केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहेगा। अभ्यर्थियों को सघन जांच के बाद ही परीक्षा केंद्र में प्रवेश दिया जाएगा। जिला प्रशासन ने नकल विहीन परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं।
सतना में बच्चे के प्राइवेट पार्ट में घुसा सरिया:मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर जान बचाई
सतना के टिकरिया गांव में शुक्रवार को खेलते समय एक 6 साल के बच्चे के शरीर में लोहे का सरिया घुस गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजन उसे तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने इमरजेंसी ऑपरेशन कर बच्चे की जान बचा ली। फिलहाल बच्चा अस्पताल में भर्ती है और उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, टिकरिया गांव निवासी अमन रावत अपने घर के बाहर खेल रहा था। इसी दौरान वह लोहे की सरिया के संपर्क में आया और अचानक संतुलन बिगड़ने से उस पर गिर पड़ा। गिरते ही सरिया उसके शरीर के एक नाजुक हिस्से में घुस गया। इस वजह से बच्चे को तेज दर्द हुआ और वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के तुरंत बाद परिजनों ने बच्चे को मझगवां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां उसे प्राथमिक उपचार दिया गया। गंभीर हालत में किया गया रेफर डॉक्टरों ने बच्चे की हालत गंभीर देखते हुए उसे तुरंत जिला अस्पताल सतना रेफर कर दिया, ताकि बेहतर इलाज मिल सके। जिला अस्पताल पहुंचते ही मेडिकल कॉलेज की टीम ने बिना समय गंवाए बच्चे का इलाज शुरू कर दिया। उसे तुरंत इमरजेंसी में लिया गया। तुरंत लिया गया ऑपरेशन का फैसला सर्जरी विभाग के एचओडी डॉ. अनुराग जैन के नेतृत्व में डॉक्टरों की टीम ने स्थिति को देखते हुए तुरंत ऑपरेशन करने का निर्णय लिया। डॉ. आनंद गुप्ता, डॉ. नीलेश पांडेय और डॉ. सौहार्द जैन की टीम ने करीब आधे घंटे तक जटिल सर्जरी की। इस दौरान सरिया को सावधानीपूर्वक बाहर निकाला गया। समय पर इलाज से बची जान डॉक्टरों के अनुसार, यदि इलाज में थोड़ी भी देरी होती तो अधिक रक्तस्राव या संक्रमण के कारण बच्चे की जान को खतरा हो सकता था। फिलहाल बच्चे को सर्जिकल वार्ड में भर्ती कर डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है। उसकी हालत स्थिर है और लगातार उपचार जारी है।
रायसेन के सांची रोड स्थित कोड़ी के पास भोपाल-रायसेन-विदिशा औद्योगिक कॉरिडोर के तहत बन रही फोरलेन सड़क वाहन चालकों के लिए परेशानी का सबब बन गई है। निर्माण कंपनी द्वारा किए गए अव्यवस्थित डायवर्जन और गलत बैरिकेडिंग के कारण चालक लगातार रास्ता भटक रहे हैं। यहां बनाए गए अस्थायी तिराहे पर स्पष्ट संकेतक बोर्ड (Signage) न होने से भोपाल, सांची, सागर और विदिशा जाने वाले लोगों में भ्रम की स्थिति बनी हुई है, जिससे उन्हें अपनी यात्रा में 10 से 15 मिनट का अतिरिक्त समय लग रहा है। संकेतक बोर्ड के अभाव में रास्ता भटक रहे चालक औद्योगिक कॉरिडोर के निर्माण के दौरान कंपनी ने सांची-रायसेन मार्ग को डायवर्ट किया है। हालांकि, यह डायवर्जन व्यवस्थित नहीं होने के कारण चालकों के लिए भ्रम पैदा कर रहा है। कोड़ी के पास बने अस्थायी तिराहे पर न तो बैरिकेडिंग सही दिशा में की गई है और न ही दिशा सूचक बोर्ड लगाए गए हैं। इसके परिणामस्वरूप, भोपाल से विदिशा या सागर की ओर जाने वाले वाहन चालक गलत दिशा में मुड़ रहे हैं और काफी आगे निकलने के बाद वापस लौटने को मजबूर हो रहे हैं। शादी सीजन में बढ़ी मुसीबत, 15 मिनट की देरी वर्तमान में शादियों का सीजन होने के कारण इस मार्ग पर ट्रैफिक का दबाव काफी ज्यादा है। रायसेन से विदिशा जाने वाले चालक रास्ता समझ न आने पर सांची की ओर पहुंच जाते हैं। इस अव्यवस्था के कारण हर वाहन चालक को करीब 10 से 15 मिनट की देरी हो रही है। राह चलते लोगों को रास्ता पूछने के लिए रुकना पड़ रहा है, जिससे सड़क पर ट्रैफिक जाम जैसी स्थिति भी बन रही है। स्थानीय लोगों ने की स्पष्ट बैरिकेडिंग की मांग अव्यवस्थित डायवर्जन को लेकर स्थानीय लोगों और राहगीरों में नाराजगी है। लोगों ने निर्माण कंपनी से मांग की है कि मोड़ और तिराहे पर बड़े और स्पष्ट संकेतक बोर्ड लगाए जाएं। साथ ही, बैरिकेडिंग को इस तरह व्यवस्थित किया जाए जिससे वाहन चालक स्वतः सही दिशा में मुड़ सकें। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही सुधार नहीं किया गया, तो रात के समय यहां दुर्घटना की संभावना भी बढ़ सकती है।
यूपी के मऊ में भीषण सड़क हादसा, पांच लोगों की मौत
उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में शनिवार देर रात एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा सामने आया। इस हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई है
गाजियाबाद पुलिस लाइन में कमिश्नरेट गाजियाबाद में कुल 582 रंगरूटों की 9 महीने की ट्रेनिंग पूरी हो गई। इन सभी का प्रशिक्षण पूरा होने पर कल 26 अप्रैल को को पासिंग आउट परेड कार्यक्रम है। इसके लिए सभी तैयारी पूरी कर ली गईं हैं। पुलिस लाइन ग्राउंड को सजाया गया है। परेड स्थल पर बाहरी लोगों को आवागमन पर पूरी तरह से रोक लगाई गई है। मैदान में बीच में हरी घास तैयार की गई है, वहीं चारों तरफ मिट्टी को समतल कर लिपाई की गई है। रात में सामूहिक भोज का आयोजन पासिंग आउट परेड के उपलक्ष्य में शुक्रवार रात ट्रेनिंग करने वाले सभी रंगरूटों के साथ अधिकारियों द्वारा सामूहिक भोज का आयोजन किया गया। पुलिस कमिश्नर जे. रविंदर गौड, एडिशनल पुलिस कमिश्नर मुख्यालय केशव कुमार चौधरी, एडिशनल पुलिस कमिश्नर लॉ एंड ऑर्डर राज करन नैयर, डीसीपी धवल जासवाल, डीसीपी एसएन तिवारी, एसीपी प्रियाशीपाल आरआई चंद्रभान सिंह, आरआई धर्मेंद्र सिंह ने सभी को भोजन परोसकर उन्हें पुलिस सेवा की परम्पराओं, अनुशासन तथा सेवा भावना का प्रत्यक्ष अनुभव कराया गया। अलग अलग कार्यक्रमों का आयोजन कार्यक्रम में प्रशिक्षुओं द्वारा अलग अलग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गई। जिसमें प्रशिक्षुओं द्वारा नृत्य, संगीत, नाटक, कवितापाठ और लोकगीत जैसी विधाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया गया। प्रशिक्षुओं द्वारा पारम्परिक लोकनृत्य, आधुनिक नृत्य एवं गीतों के माध्यम से युवाओं की ऊर्जा और रचनात्मकता को दर्शाया। सामूहिक भोज का आयोजन न केवल प्रशिक्षु सिपाहियों के लिए एक सौहार्दपूर्ण वातावरण तैयार करने के लि किया गया, बल्कि इसका उद्देश्य उन्हें पुलिस सेवा की गरिमा, अनुशासन और परंपराओं का अनुभव कराना भी था। हमेशा अनुशासन में रहें एडिशनल पुलिस कमिश्नर राजकरण नैय्यर ने सभी को संबोधित करते हुए कहा कि पुलिस सेवा केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि समाज के प्रति उत्तरदायित्व और समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने यह भी बताया कि अनुशासन, ईमानदारी और सेवा भावना ही पुलिस बल की असली पहचान है। पुलिस कमिश्नर जे. रविंदर ने कहा कि हमेशा अनुशासन में रहें। पहचान एक दिन में नहीं बनती। ऐसा कोई काम न करें जिससे पुलिस की छवि पर सवाल उठें।
बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) द्वारा आयोजित एकीकृत 71वीं संयुक्त मुख्य (लिखित) प्रतियोगिता परीक्षा शनिवार से शुरू हो गई है। यह परीक्षा 25 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक पटना के 22 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जा रही है, जिसमें कुल 13,024 अभ्यर्थी शामिल हो रहे हैं। इस परीक्षा के माध्यम से बिहार प्रशासनिक सेवा, बिहार पुलिस सेवा समेत कुल 1298 पदों पर नियुक्ति की जाएगी। पहले दिन दो पालियों में परीक्षा परीक्षा के पहले दिन शनिवार को दो पालियों में परीक्षा आयोजित हो रही है— पहली पाली: सामान्य हिन्दी (सुबह 9:30 बजे से 12:30 बजे तक) दूसरी पाली: निबंध पत्र (दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक) BPSC मेंस एग्जाम का पूरा शेड्यूल देखिए 27 अप्रैल: सामान्य अध्ययन (प्रथम पत्र) – सुबह 10 से दोपहर 1 बजे तक 28 अप्रैल: सामान्य अध्ययन (द्वितीय पत्र) – सुबह 10 से दोपहर 1 बजे तक 29 अप्रैल: ऐच्छिक विषय – सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक 30 अप्रैल: वित्तीय प्रशासनिक पदाधिकारी से संबंधित ऐच्छिक विषय – सुबह 10 से दोपहर 1 बजे तक इन पदों पर होगी भर्तीइस परीक्षा के जरिए विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर बहाली की जाएगी, जिनमें प्रमुख हैं— 100 सीनियर डिप्टी कलेक्टर 14 डीएसपी 79 वित्तीय प्रशासनिक पदाधिकारी (FAO) 459 प्रखंड अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी 502 प्रखंड सहकारिता पदाधिकारीसहित अन्य पद शामिल हैं। 22 परीक्षा केंद्रों पर कड़े सुरक्षा इंतजाम आयोग ने परीक्षा को निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और कदाचारमुक्त कराने के लिए आयोग और जिला प्रशासन द्वारा सख्त व्यवस्था की गई है। सभी 22 परीक्षा केंद्रों पर पुलिस बल की तैनाती की गई है। निगरानी के लिए विशेष टीम के साथ ही सीसीटीवी कैमरे, जैमर और अन्य तकनीकी साधनों का उपयोग किया जा रहा है। ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पर नजर रखी जा सके। कड़ाई से जांच के बाद मिलेगी एंट्री, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स बैन परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की कड़ाई से जांच की जा रही है। प्रवेश पत्र और पहचान पत्र की जांच के बाद ही अभ्यर्थियों को अंदर जाने की अनुमति दी जा रही है। इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स, मोबाइल फोन और अन्य प्रतिबंधित वस्तुओं को पूरी तरह प्रतिबंधित रखा गया है। प्रशासन भी लगातार मॉनिटरिंग कर रहा है, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता न हो।
पानीपत के थाना सनौली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव नन्हेड़ा में जमीनी विवाद को लेकर समालखा बार एसोसिएशन के प्रधान और उनके दो भाइयों पर जानलेवा हमला करने का मामला सामने आया है। आरोपियों ने अपने 10-12 अन्य साथियों के साथ मिलकर खेत में घुसकर गंडासी, लोहे की रॉड और डंडों से हमला किया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। खेत में पानी चलाने गए भाई को दी धमकी समालखा बार एसोसिएशन के प्रधान और पेशे से वकील अशोक कुमार निवासी नन्हेड़ा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 21 अप्रैल 2024 की शाम करीब 7:30-8:00 बजे वह अपने भाई संसार और पहल सिंह के साथ जलालपुर-बापौली रोड स्थित अपने खेतों में गए थे। जब उनका भाई पहल सिंह खेत में पानी चलाने गया, तो पड़ोसी अनिल और जॉनी ने उनके खेत में जबरन गेहूं और भूसा निकाल रखा था। विरोध करने पर आरोपियों ने देख लेने की धमकी दी। मोटरसाइकिलों पर आए 10-12 हमलावर शिकायत के अनुसार, कुछ ही देर में मोटरसाइकिलों पर सवार होकर करीब 10-12 लोग वहां पहुंचे। अनिल हाथ में गंडासी लेकर ललकारते हुए आया और संसार के सिर पर सीधा वार कर दिया। इसके बाद जॉनी ने लोहे की रॉड से संसार और पहल सिंह के हाथों पर हमला किया। सोनू ने डंडों से ताबड़तोड़ वार किए। आरोपियों के साथ आए बिट्टू (निवासी नन्हेड़ा) और सतपाल (निवासी जलालपुर) ने भी लाठी-डंडों से अशोक कुमार और उनके भाइयों को बुरी तरह पीटा। यमुना पार के खेतों को लेकर चल रहा है विवाद अशोक कुमार ने बताया कि हमलावर मारपीट करते हुए धमकी दे रहे थे कि यमुना पार वाले खेतों पर कानूनी कार्रवाई बंद कर दो, वरना जान से मार देंगे। पीड़ित वकील का आरोप है कि आरोपी अनिल पहले भी कई बार उन्हें जान से मारने की धमकी दे चुका था। घटना वाले दिन भी हल्का पटवारी के दफ्तर में अनिल ने उन्हें धमकी दी थी, जिसकी शिकायत उन्होंने तुरंत एसडीएम समालखा को दी थी। पुलिस कार्रवाई मारपीट में घायल हुए वकील और उनके भाइयों का उपचार करवाया गया है। सनौली थाना पुलिस ने अशोक कुमार की शिकायत पर अनिल, जॉनी, सोनू, बिट्टू, सतपाल और 10-12 अन्य अज्ञात हमलावरों के खिलाफ जानलेवा हमला करने, बंधक बनाने और धमकी देने सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है।
लुधियाना के हैबोवाल जवंद विहार संधू नगर इलाके में एक होजरी फैक्ट्री के भीतर हुए सनसनीखेज हत्याकांड में पुलिस ने आज बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने आरोपी चाचा के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। जांच में सामने आया है कि वारदात वाली रात शराब के नशे में शुरू हुई मामूली बहस ने खूनी मोड़ ले लिया और चाचा ने अपने ही भतीजे को मौत के घाट उतार दिया। पुलिस ने इस मामले में आज औपचारिक रूप से धारा 103 (BNS) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस की शुरुआती जांच में यह साफ हो गया है कि यह कोई सुनियोजित हत्या नहीं थी बल्कि नशे की हालत में उपजे गुस्से का खौफनाक अंजाम था। पुलिस ने आरोपी बच्चे लाल को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी यूपी के जिला श्रावस्ती के गांव गलगल कोटिया का रहने वाला है। खुलासा: शराब के दौर के बाद हुई गाली-गलौज और कत्ल पुलिस ने बताया कि वारदात वाली रात फैक्ट्री में चाचा बच्चे लाल और उसका भतीजा एक साथ बैठकर शराब पी रहे थे। शराब के नशे में दोनों के बीच किसी बात को लेकर बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते दोनों एक-दूसरे को गालियां देने लगे। गाली-गलौज से गुस्साए चाचा बच्चे लाल ने तैश में आकर पास पड़ा लकड़ी का भारी स्टूल उठाया और भतीजे के सिर पर दे मारा। सिर पर गंभीर चोट लगने के कारण भतीजे ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। क्या था पूरा मामला? यह घटना संधू नगर स्थित एक होजरी फैक्ट्री की है। फैक्ट्री मालिक उमी लाली के अनुसार, रात करीब 2:30 बजे उन्हें ठेकेदार राहुल का फोन आया कि फैक्ट्री में रह रहे लड़कों के बीच झगड़ा हो गया है। जब मालिक और पुलिस मौके पर पहुंचे, तो खून से लथपथ शव पड़ा मिला।बताया जा रहा है कि आरोपी भतीजे खुद ही करीब एक महीना पहले अपने चाचा को काम दिलाने के लिए लुधियाना लेकर आया था। उसे क्या पता था कि जिस चाचा का वह सहारा बन रहा है वही उसे मोत के पास ले जाएगा ।
बिलासपुर नगर निगम के वार्ड नंबर 29 तारबाहर में उपचुनाव से पहले मतदाता सूची जारी कर दी गई है। इसमें बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। जारी वोटर लिस्ट से 201 मतदाताओं के नाम गायब हैं, जिस पर कांग्रेस ने जिला प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और इसे बीजेपी का षडयंत्र बताया है। कांग्रेस नेताओं ने कलेक्टर से शिकायत कर काटे गए नामों को जोड़ने की मांग की है। शहर कांग्रेस अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा ने बताया कि एसआईआर के बाद प्रकाशित भाग संख्या 201 और 203, जिन्हें अब नगर निगम नामावली में भाग संख्या 6 और 8 के रूप में शामिल किया गया है। उनमें से 201 मतदाताओं के नाम त्रुटिपूर्वक विलोपित कर दिए गए हैं। पहली नजर में यह मामला बीएलओ की लापरवाही लगता है। इसी कारण इन मतदाताओं के नाम गलत तरीके से वार्ड नंबर 28 में डाल दिए गए हैं, जबकि वे सभी वार्ड 29 के ही रहने वाले हैं। बीएलओ ने किया था सत्यापन, प्रमाण के साथ की शिकायत सिद्धांशु मिश्रा ने बताया कि 22 अप्रैल को हल्का पटवारी, बीएलओ और अन्य अधिकारी घर-घर जाकर सत्यापन भी कर चुके हैं, जिसमें स्पष्ट हुआ कि सभी 201 मतदाता वार्ड 29 के ही निवासी हैं। इसके अलावा 17 अप्रैल को दावा-आपत्ति की प्रक्रिया के तहत विधिवत आपत्ति भी दर्ज कराई जा चुकी है। पार्षद चुनाव में जीत-हार तय करने के लिए किया गया षडयंत्र उन्होंने कहा कि वार्ड चुनाव में जीत-हार का अंतर बेहद कम वोटों से होता है, ऐसे में 201 मतदाताओं के नाम हटाकर अन्य वार्ड में जोड़ना लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है। उन्होंने इस सत्ताधारी दल भाजपा का षडयंत्र बताया है। उनके नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर संजय अग्रवाल को ज्ञापन सौंपकर तत्काल सुधार की मांग की। साथ ही काटे गए मतदाताओं के नाम नहीं जोड़ने पर उग्र आंदोलन करने की चेतावनी दी है। ज्ञापन सौंपने के दौरान भरत कश्यप, शिबली मिराज, संतोष गर्ग, मोहम्मद आजम, तरुण यादव, विक्की यादव, सुजल खरे, नरेंद्र टंडन, जयपाल निर्मलकर, दीपक कौशिक, तस्लीम खान सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
होमगार्ड भर्ती परीक्षा:कानपुर में 53 केन्द्रों पर सुबह 8 बजे से इंट्री शुरू, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
कानपुर में आज से तीन दिवसीय होमगार्ड भर्ती परीक्षा का पहला दिन है। शनिवार को शहर के 53 केंद्रों पर अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे। शहर में सबसे ज्यादा 1,947 पदों पर भर्ती होनी है, जो प्रदेश के 75 जिलों में सबसे अधिक है। परीक्षा दो पालियों में कराई जा रही है। पहली पाली सुबह 10 बजे से 12 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 2 बजे से 4 बजे तक आयोजित हो रही है।प्रत्येक पाली में करीब 19,400 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। तीन दिनों में कुल 1,16,400 अभ्यर्थियों के शामिल होने की संभावना है।परीक्षा के लिए शहर में 53 केंद्र बनाए गए हैं। इनमें सबसे ज्यादा 20 केंद्र पूर्वी जोन में, 16 साउथ जोन में, 10 सेंट्रल जोन में और सबसे कम 7 केंद्र पश्चिम जोन में बनाए गए हैं।परीक्षा को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से कराने के लिए 250 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। सभी केंद्रों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। शहर के जीआईसी राजकीय इंटर कॉलेज, जीजीआईसी, बीएनएसडी चुन्नीगंज, डीएवी, कैलाश नाथ इंटर कॉलेज और हरीशचंद्र इंटर कॉलेज बजरिया समेत केंद्रों पर परीक्षा के बड़े केन्द्र हैं। सुबह 8 बजे से ही अभ्यर्थियों की एंट्री शुरू कर दी गई। परीक्षा को सकुशल संपन्न कराने के लिए करीब 1800 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। हर केंद्र पर औसतन 30 पुलिसकर्मी और 15 होमगार्ड लगाए गए हैं। इसके साथ ही 27 इंस्पेक्टर, 26 सब-इंस्पेक्टर और प्रत्येक केंद्र पर 4 महिला कांस्टेबल भी तैनात की गई हैं।
ईश्वर शरण डिग्री कॉलेज में छात्रा यौन उत्पीड़न के आरोपी प्रोफेसर को महाविद्यालय प्रशासन ने बर्खास्त कर दिया। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) के नेतृत्व में छात्रों के प्रदर्शन के दबाव में यह फैसला लिया गया। साथ ही, पीड़ित छात्रा पर दबाव बनाने वाले सहयोगी शिक्षकों को कोर्स कोऑर्डिनेटर के पद से हटा दिया गया। पीड़ित छात्रा पिछले दो माह से न्याय की लड़ाई लड़ रही थी। उसने पीएमओ और यूजीसी तक गुहार लगाई थी। अभाविप महानगर मंत्री प्रतीक मिश्र ने इसे 'सत्य की जीत' बताते हुए कहा कि यह कार्रवाई शिक्षण संस्थानों में नैतिकता व छात्र सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम है। प्रोफेसर पर कार्रवाई अनुशासन समिति के निर्णय पर आधारित है। हालांकि, छात्रों के विरोध के बाद प्रशासन ने मामले पर पुनर्विचार की मांग स्वीकार कर ली। प्राचार्य प्रो. आनंद शंकर सिंह ने बताया कि इसे सोमवार को समिति के समक्ष दोबारा रखा जाएगा, जहां छात्रा के पक्ष की समीक्षा के बाद अंतिम फैसला होगा। फिलहाल, छात्रों से शांति बनाए रखने की अपील की गई है। प्रोफेसर समर्थक छात्रों ने जताया विरोध कॉलेज परिसर में प्रोफेसर के समर्थन में बड़ा छात्र गुट उतर आया। समर्थकों ने आरोपों को 'बेबुनियाद' व 'शिक्षक की छवि धूमिल करने की साजिश' करार दिया। उन्होंने प्रोफेसर को ससम्मान बहाल करने की मांग की। कॉलेज में दो गुटों के बीच तनाव बढ़ गया है। प्रशासन ने वार्ता का प्रयास किया, लेकिन गतिरोध बरकरार है।
कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे का इंतजार हुआ लंबा! 29 अप्रैल को नहीं होगा चालू, NHAI ने बताई नई तारीख
नालंदा में ससुराल में संदिग्ध हालत में युवक की मौत हो गई। परिजनों ने सास-ससुर और पत्नी पर गला दबाकर मारने का आरोप लगाया है। मृतक विश्वविजय (21) थरथरी के गुलरिया बीघा गांव का रहने वाला था। गुजरात में स्पोर्ट्स कंपनी में काम करता था। छह दिन पहले ही घर लौटा था। घटना अमेरा खरज्मा की है। भाई विष्णु कुमार ने बताया कि मेरी भाभी स्वीटी कुमारी मुंडन संस्कार के बहाने जबरन अपने मायके ले गई थी शुक्रवार रात करीब 12 बजे ससुराल वालों ने फोन करके बताया कि विश्वविजय के मुंह से खून निकल रहा है। उसे अस्पताल लेकर जा रहे हैं। जब बिहार शरीफ सदर अस्पताल पहुंचे, तो वहां का नजारा हृदय विदारक था। शव बाहर में लावारिस हालत में पड़ा हुआ था। वहां कोई नहीं था। पति-पत्नी के बीच लंबे समय से अनबन चल रही थी। गुजरात में रहने के दौरान भी दोनों के बीच अक्सर फोन पर विवाद होता था। पत्नी का किसी अन्य युवक के साथ संबंध था, जिसके कारण इस साजिश को अंजाम दिया गया। विश्वविजय शांत स्वभाव का था। किसी भी तरह के नशे की लत नहीं थी। उसे साजिश के तहत मारा गया है। तीनों से पूछताछ की जा रही है वहीं, इस संबंध में डीएसपी-1 शैलजा नेबताया कि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मृतक की पत्नी, सास और ससुर को हिरासत में लिया है। तीनों से पूछताछ की जा रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो पाएगा।
अलीगढ़ में सुबह से मौसम गर्म, यलो अलर्ट जारी:शनिवार को 44.0°C से अधिक तापमान रहने की संभावना
अलीगढ़ में भीषण गर्मी ने आम जनजीवन पर प्रभाव डालना शुरू कर दिया है। सुबह से ही सूरज निकलने के साथ ही तापमान में गर्म होना शुरू हो जाता है। लगातार बढ़ रहे तापमान को देखते हुए मौसम विभाग ने जिले के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि शनिवार को अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के पार जा सकता है। अगर ऐसा होता है तो अप्रैल के महीने में साल 2010 के बाद यह पहली बार होगा जब पारा इस स्तर तक पहुंचेगा। सुबह से ही बढ़ने लगी गर्मी शुक्रवार को अधिकतम तापमान 43.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा और बाजारों की रफ्तार लगभग थम गई। लोग चेहरे पर स्कार्फ बांधकर और सिर ढककर ही बाहर निकलने की हिम्मत जुटा पा रहे हैं। शनिवार को सुबह से ही तापमान में गर्मी है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक 18 अप्रैल 2010 को अलीगढ़ में 44.8 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया था, जो अब तक का ऑल टाइम हाई है। वर्तमान स्थितियों को देखते हुए लू का यह असर रविवार तक बने रहने की संभावना है। अलीगढ़ के क्लाइमेट स्कोर में भारी गिरावट इस बदलाव के पीछे जलवायु परिवर्तन के कुछ आंकड़े सामने आए हैं। नई दिल्ली स्थित जलवायु परिवर्तन और मानव स्वास्थ्य राष्ट्रीय कार्यक्रम के अनुसार पिछले 16 वर्षों में अलीगढ़ के क्लाइमेट स्कोर में 36.6 प्रतिशत की भारी गिरावट आई है। औद्योगिक गतिविधियों, घटते हरित क्षेत्र और बढ़ते शहरीकरण के कारण जिले के तापमान में लगभग 13.08% का असंतुलित परिवर्तन दर्ज किया गया है। वर्तमान में गर्मी की तीव्रता का स्तर 76 तक पहुंच चुका है। दोपहर में बाहर निकलने से बचें डॉ. मोहम्मद शाकिर का कहना है कि दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच बाहर निकलने से बचें, क्योंकि लू लगने पर चक्कर आना, उल्टी, तेज बुखार और बेहोशी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। शरीर में पानी की कमी न होने दें और नींबू पानी या छाछ का निरंतर सेवन करते रहें। बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह मौसम विशेष रूप से चुनौतीपूर्ण है, इसलिए उन्हें ठंडी और छायादार जगहों पर ही रखें।
यात्रियों की सुविधा एवं समर वेकेशन के दौरान बढ़ती भीड़ को ध्यान में रखते हुए रेलवे तीन जोड़ी स्पेशल अनारक्षित ट्रेन चलाने जा रहा है। यह ट्रेनें रतलाम रेल मंडल से होकर चलेगी। गाड़ी संख्या 09007 उधना दानापुर स्पेशल 26 अप्रैल रविवार को उधना से 1.30 बजे चलेगी। अगले दिन 12 बजे दानापुर पहुंचेगी। इस ट्रेन का रतलाम (08.17/08.18 रविवार) एवं उज्जैन 10.47/10.57) बजे आगमन-प्रस्थान होगा। गाड़ी संख्या 09008 दानापुर उधना स्पेशल 27 अप्रैल सोमवार को दानापुर से 15 बजे चलेगी। अगले बुधवार को 1.15 बजे उधना रेलवे स्टेशन पहुंचेगी। इस ट्रेन का उज्जैन (17.17/17.20, मंगलवार) एवं रतलाम (19.40/19.45) बजे आगमन-प्रस्थान होगा। उधना-जयनगर-उधना गाड़ी संख्या 09003 उधना जयनगर स्पेशल 26 अप्रैल रविवार को उधना से 00.30 बजे चलेगी। सोमवार को 20 बजे जयनगर पहुंचेगी। इस ट्रेन का रतलाम (07.17/07.27, रविवार) एवं उज्जैन (09.47/09.57) बजे आगमन-प्रस्थान होगा। गाड़ी संख्या 09004 जयनगर उधना स्पेशल 27 अप्रैल सोमवार को जयनगर से 23 बजे चलेगी। बुधवार को 16.30 बजे उधना पहुँचेगी। इस ट्रेन का उज्जैन (08.29/08.32) एवं रतलाम (10.52/10.57) बजे आगमन-प्रस्थान होगा। उधना-दानापुर-उधना गाड़ी संख्या 09021 उधना दानापुर स्पेशल 26 अप्रैल रविवार को उधना से 14.30 बजे चलेगी। मंगलवार को रात्रि 1 बजे दानापुर पहुंचेगी। इस ट्रेन का रतलाम (21.17/21.27 रविवार) एवं उज्जैन (23.47/23.57) बजे आगमन प्रस्थान होगा। गाड़ी संख्या 09022 दानापुर उधना स्पेशल 27 अप्रैल सोमवार को दानापुर से 4 बजे चलेगी। अगले दिन 14.15 बजे उधना रेलवे स्टेशन पहुंचेगी। इस ट्रेन का उज्जैन (06.17/06.20, मंगलवार) एवं रतलाम (08.40/08.45) बजे आगमन-प्रस्थान होगा।
यूपी होमगार्ड के करीब 42 हजार पदों को भरने के लिए होमगार्ड भर्ती परीक्षा आज से हो रही है। यह परीक्षा शनिवार से सोमवार तक होगी। परीक्षा में करीब 25 लाख अभ्यर्थी शामिल होंगे। परीक्षा दो पालियों में सुबह 10 से 12 और शाम 3 से 5 बजे तक होगी। शनिवार की परीक्षा में शामिल होने के लिए अभ्यर्थी परीक्षा केंद्रों तक आने शुरू हो गए हैं। परीक्षा के दौरान 3 दिन तक प्रदेश पुलिस अलर्ट पर रहेगी। उप्र पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड के अध्यक्ष एसबी शिरडकर ने बताया- श्रावस्ती को छोड़कर अन्य सभी जिलों में एक हजार से अधिक परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा के सकुशल आयोजन के लिए नोडल अधिकारियों की तैनाती की गई है, जिनकी देखरेख में प्रश्नपत्र जिलों के स्ट्रॉन्ग रूम में कड़ी सुरक्षा में पहुंच चुके हैं। परीक्षा के दौरान सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त रहेंगे। होमगार्ड भर्ती परीक्षा से जुड़े लाइव अपडेट्स के लिए नीचे ब्लाग से गुजर जाइए…
रसोई गैस की बढ़ती मांग और पैनिक बुकिंग को देखते हुए तेल कंपनियों ने बुकिंग के नियम सख्त कर दिए हैं। अब अगर कोई ग्राहक गैस सिलिंडर बुक करता है, तो उसे 10 दिनों के भीतर सिलिंडर लेना जरूरी होगा। अगर इस अवधि में सिलिंडर नहीं लिया गया, तो गैस एजेंसी की सिफारिश पर कंपनी उस बुकिंग को रद्द कर देगी। इसके बाद ग्राहक को फिर से नई बुकिंग करनी पड़ेगी। हालांकि राहत की बात यह है कि दोबारा बुकिंग कराने पर 25 या 45 दिन का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। ग्राहक जैसे ही नई बुकिंग करेंगे, उन्हें तुरंत डिलीवरी अथेंटिकेशन कोड (DAC) मिल जाएगा और सिलिंडर की डिलीवरी प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। जानिए क्यों लागू हुआ यह नियम इन दिनों गैस की किल्लत के डर से लोग जरूरत से पहले ही सिलिंडर बुक करा रहे हैं। शहरों में जहां 25 दिन का गैप होता है। वहीं ग्रामीण इलाकों में यह अवधि 45 दिन की है। ग्रामीण क्षेत्रों में तो अक्सर इस तय सीमा के अंदर सिलिंडर खाली हो जाता है। लेकिन शहरों में छोटे परिवारों का सिलिंडर 25 दिन में खत्म नहीं होता। इसके बावजूद लोग समय पूरा होते ही बुकिंग करा देते हैं। समस्या कैसे बढ़ रही है बुकिंग के बाद 1-2 दिन में डिलीवरी बॉय सिलिंडर लेकर घर पहुंच जाता है। लेकिन कई घरों में पुराना सिलिंडर अभी खाली नहीं होता, इसलिए ग्राहक डिलीवरी टाल देते हैं। इससे एजेंसियों पर बैकलॉग बढ़ जाता है। इसके अलावा कई उपभोक्ताओं का शिकायत है कि डीएसी नंबर आने के बाद उन्हें कई कई दिनों तक एजेसी की तरफ से न फोन आता है न ही डिलीवरी की जाती है। ऐसे में हम जैसे कस्टमर घंटों लाइन में लगे रहते हैं। खासतौर पर उन घरों में यह समस्या ज्यादा है, जहां सिर्फ एक ही सिलिंडर कनेक्शन है। जिला पूर्ति अधिकारी रामेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि लोग घबराहट में बुकिंग तो कर रहे हैं, लेकिन समय पर सिलिंडर नहीं ले रहे हैं। इससे सप्लाई सिस्टम पर दबाव बढ़ रहा है। उन्होंने साफ कहा कि सिर्फ जरूरत होने पर ही बुकिंग कराएं, ताकि सभी को समय पर गैस मिल सके। कस्टमर ने हाकर पर लगाया गड़बड़ी का आरोप कई गैस उपभोक्ताओं ने कुछ गैस एजेंसियों के डिलीवरी बॉय भी इस स्थिति का फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं। वे कम खपत वाले ग्राहकों से DAC कोड मांग रहे हैं और वादा कर रहे हैं कि जरूरत पड़ने पर किसी और के कोड से सिलिंडर दिला देंगे। हालांकि यह तरीका नियमों के खिलाफ है और अधिकांश ग्राहक अब ऐसे ऑफर से बच रहे हैं।
गंगा एक्सप्रेस-वे: 29 अप्रैल को पीएम मोदी करेंगे उद्घाटन, 120 kmph की रफ्तार से दौड़ेंगे वाहन
कटनी में बारातियों और लड़की वालों की पिटाई करने वाले दो सब इंस्पेक्टर को लाइन अटैच किया गया है। लेकिन पुलिस की धमकी से दोनों परिवार डरे हुए हैं। शादी वाले घरों में खुशी का माहौल नहीं है। दूल्हा-दुल्हन समेत परिवार सदमे में है। 20 अप्रैल की रात बारात मैहर जिले के अमदरा से आई थी, जो कटनी से 50 किमी दूर है। दुल्हन का घर कटनी के इंदिरा नगर में है। घर में मेहमान हैं, लेकिन शादी जैसी खुशी नहीं है। दो दिन पहले दूल्हा बने राजाराम डरे हुए दिखे। उनकी पत्नी ऋचा चौधरी के चेहरे पर भी डर और गुस्सा है। दैनिक भास्कर ने दूल्हे राजाराम वर्मा और पत्नी ऋचा से बात की। दो तस्वीरों में देखिए 20 अप्रैल का घटनाक्रम… दुल्हन बोली- पुलिस ने हमारी सारी खुशियां छीन लीं ऋचा कहती हैं- अपनी शादी की खुशी किसे नहीं होती, लेकिन पुलिस ने हमारी खुशियां छीन लीं। लोग शादी को जिंदगीभर याद रखते हैं, पर मैं पुलिस की मारपीट याद करूंगी। उन्होंने मेरे पति को पीटा, मुझे धक्का दिया और गालियां दीं। परिवार को भी चोट आई। मैंने हाथ जोड़कर रोका, लेकिन मुझे भी धक्का दिया ऋचा कहती हैं- 20 अप्रैल को शादी थी। रात में बारात आने वाली थी। मैं घर के अंदर सहेलियों के साथ सजी बैठी थी। बैंड-बाजे की आवाज आई तो सबने कहा बारात आ गई है। घर के लोग बारातियों की ओर गए। बताया गया कि बारातियों और पुलिस में बहस हुई है। कुछ देर बाद बाराती खाना खा रहे थे। करीब एक-डेढ़ घंटे बाद पुलिस ने बच्चों, बड़ों और महिलाओं को लाठी से पीटना शुरू कर दिया। पुलिस ने टेबल पर रखा खाना फेंक दिया। पिटाई में आकाश गिर गए और उन्हें घसीटकर ले जाने लगे। मैं बाहर आई और हाथ जोड़कर रोका, लेकिन मुझे धक्का दिया। फिर हमें गाड़ी में जबरन बैठा लिया। मैंने कहा- हमें जाने दें, लेकिन वे धमकी देते रहे ऋचा कहती हैं- हमें पीछे के रास्ते से थाने ले जाया गया। अंधेरे कमरे में मुझे और भाई को खड़ा किया। कई पुलिसवाले गालियां दे रहे थे। मैंने कहा, आज मेरी शादी है, जाने दें, लेकिन उन्होंने गालियां दीं और अपमान किया। वे नशे में थे। मैंने कहा कि पिता कर्ज लेकर शादी कर रहे हैं, हमें जाने दें, लेकिन वे धमकी देते रहे। छोड़ तो दिया पर आगे क्या होगा, यह डर बना है ऋचा कहती हैं- थोड़ी देर में बड़े अधिकारी आए। उन्होंने पूछा और मेरी बात सुनकर हमें छोड़ने को कहा। एक एसआई भाई को रोकना चाहता था, लेकिन मैंने मना किया, फिर तीनों को छोड़ने का आदेश हुआ। तड़के करीब पौने चार बजे हमें चौराहे पर छोड़ दिया गया। हम किसी तरह घर पहुंचे। अब आगे क्या होगा, यह डर बना है। छोड़ते समय धमकी दी- शादी हो जाने दो, फिर देखेंगे राजाराम की शादी दो दिन पहले हुई थी, लेकिन उनके चेहरे पर खुशी नहीं है। वे कहते हैं- बारात चौराहे से लगनी थी। तैयारी के बीच पुलिस आई और चली गई। बाद में बाराती खाना खा रहे थे, तभी पुलिस लाठी लेकर आई और लोगों को पीटना शुरू कर दिया। राजाराम कहते हैं- रात करीब दो बजे हमें गाड़ी में बैठाकर पीछे के रास्ते से थाने ले गए। वहां बदतमीजी की और मुझे पीटा। दुल्हन के साथ भी अभद्र व्यवहार हुआ और कोई महिला पुलिस नहीं थी। उन्होंने गालियां दीं और मोबाइल छीनकर रीसेट कर दिया। छोड़ते समय धमकी दी- शादी हो जाने दो, फिर देखेंगे। घर सजा है, लेकिन परिवार के चेहरों पर खुशी नहीं नीली दीवारों वाले घर की चौखट पर ‘शुभ विवाह’ लिखा है और तोरण लगा है। दीवार पर ऋचा-राजाराम का नाम है। घर सजा है, लेकिन परिवार के चेहरों पर खुशी नहीं है। ऋचा के पिता परसद्दी लाल चौधरी मजदूरी करते हैं। उनकी तीन बेटियां और एक बेटा है। उन्होंने बेटी की शादी के लिए तीन लाख रुपए कर्ज लिया था। वे कहते हैं- शादी धूमधाम से करने की तैयारी की थी, लेकिन पुलिस ने सब बिगाड़ दिया। हम अनुसूचित जाति के हैं, हमारे साथ ज्यादती हुई परसद्दी लाल कहते हैं- प्रीतिभोज के दौरान पुलिस आई और लाठीचार्ज किया। बेटे, समधी और दामाद को पीटा, समधी का कंधा टूट गया। पत्नी को भी मारा। दूल्हा-दुल्हन को जबरन थाने ले गए। उन्होंने कहा- सरकार ने कानून बनाए हैं, लेकिन पुलिस ही तोड़ रही है। हमने एसपी और अजाक थाने में शिकायत दी है और आरोपियों पर SC/ST Act में FIR की मांग की है। दुल्हन की मां के हाथ पर लाठी मारी गई भाग्यवती चौधरी कहती हैं- मैं मेहमानों को बचाने हाथ जोड़ रही थी, लेकिन पुलिस ने मुझे पीटा। बुलाए गए मेहमान घायल होकर भूखे लौट गए। पुलिस के कारण शादी की रस्में पूरी नहीं हो सकीं। तड़के 4 बजे छोड़ने के बाद जल्दी में बाकी रस्में कर विदाई हुई। अब जानिए किस बात को लेकर विवाद हुआ था…? आकाश ने बताया- रात 12:30 बजे बारात लग रही थी। पुलिस ने डीजे बंद करने को कहा, बारातियों ने समय मांगा। पुलिस चली गई, लेकिन एक घंटे बाद लौटकर लाठीचार्ज किया। बाद में दो एसआई को लाइन हाजिर किया गया और कुछ लोगों पर केस दर्ज हुआ। ASP बोले- लोग नशे में थे, पुलिस पर पथराव किया एएसपी संतोष कुमार डेहरिया ने कहा कि पड़ोसियों की शिकायत पर पुलिस पहुंची। वहां लोग नशे में थे और पुलिस पर पथराव किया, जिसमें कुछ पुलिसकर्मी घायल हुए। ये भी पढ़ें- शादी वाले घर में घुसी पुलिस, बारातियों को पीटा VIDEO कटनी में कुठला थाना पुलिस शादी वाले घर में घुसी। बारातियों और घरवालों पर लाठियां बरसाईं। रात ढाई बजे दूल्हा, दुल्हन और उसके भाई को थाने ले गई। काफी मिन्नतों के बाद सुबह चार बजे छोड़ा, जिसके बाद शादी हो पाई। पढ़ें पूरी खबर…
झांसी में एक पिता ने अपने 3 साल के मासूम बेटे की गला रेतकर हत्या कर दी। फिर खुद भी सुसाइड कर लिया। बच्चा अपनी मां के पास सोया था। आरोपी पिता पड़ोसी की शादी से देर रात लौटकर आया। शराब के नशे में वह बच्चे को उठाकर कमरे में ले गया। कमरा बंद करके वारदात को अंजाम दिया। देर रात 2 बजे पत्नी जागी तो बच्चा गायब था। कमरा अंदर से बंद था। जब खिड़की से झांककर देखा तो बच्चे का शव नीचे पड़ा था और पति फंदे पर झूल रहा था। सूचना पर परिजन आ गए और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। पूरा मामला रक्सा थाना क्षेत्र के ढिमरपुरा गांव का है। खबर को लगातार अपडेट किया जा रहा है।
लखनऊ एक्सप्रेसवे पर टोल वसूली में बड़ा 'खेल': हल्के वाहनों से वसूला जा रहा भारी टैक्स
जयपुर शहर के कई इलाकों में बुनियादी सुविधाओं की बदहाल स्थिति लोगों की परेशानी का बड़ा कारण बनी हुई है। कहीं महीनों से कचरा नहीं उठ रहा, तो कहीं सीवर लाइन उफान पर है। कई क्षेत्रों में रोड लाइट बंद होने से लोग अंधेरे में रहने को मजबूर हैं, वहीं खुले ट्रांसफॉर्मर और गंदगी से बीमारियों व हादसों का खतरा लगातार बना हुआ है। दैनिक भास्कर के ‘समाधान सेगमेंट’ पर शहर के अलग-अलग इलाकों से आई शिकायतों ने प्रशासन को हरकत में ला दिया है। कुछ जगहों पर तुरंत कार्रवाई कर राहत पहुंचाई गई, जबकि कई गंभीर समस्याएं अब भी समाधान की राह देख रही हैं। बड़ी चौपड़ क्षेत्र में बंद पड़ी रोड लाइट को तुरंत ठीक करवाने पर नगर निगम के JEN संदीप मीणा को आज का ‘पब्लिक के स्टार’ चुना गया है। आमजन से जुड़ी जनसमस्या और शहर की जमीनी हकीकत को पोस्ट करने के लिए यहां क्लिक करें। नेहरू नगर में 2 महीने से नहीं आ रही कचरा गाड़ी जयपुर के नेहरू नगर, लेन नंबर-1 से मोनिका शर्मा ने बताया कि पिछले करीब दो महीनों से इलाके में कचरा लगातार जमा हो रहा है। नगर निगम की कचरा गाड़ी नियमित रूप से नहीं आने के कारण स्थानीय लोगों को गंदगी के बीच रहना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि सड़कों पर कचरा जमा रहने से बदबू फैल रही है और मच्छरों की संख्या भी बढ़ गई है, जिससे बीमारियों का खतरा बना हुआ है। आगरा रोड पर सड़कों पर बह रहा सीवर का पानी आगरा रोड के प्रेम नगर से राकेश शर्मा ने ‘समाधान सेगमेंट’ पर पोस्ट कर बताया कि JDA कॉलोनी की ओर जा रही सीवर लाइन उफान पर है। सीवर का गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है, जिससे क्षेत्र में भारी बदबू और गंदगी फैल रही है। आसपास के लोगों का कहना है कि गंदा पानी जमा होने से डेंगू, मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है और बच्चों व बुजुर्गों के लिए स्थिति ज्यादा गंभीर हो गई है। सुभाष कॉलोनी में गंदगी और करंट का खतरा झोटवाड़ा रोड स्थित सुभाष कॉलोनी से देवप्रसाद ने बताया कि कॉलोनी के एक स्कूल के बाहर लोग लगातार कचरा डाल रहे हैं। इससे बच्चों को काफी परेशानी हो रही है और पूरे क्षेत्र में हर समय गंदगी बनी रहती है। इसी स्थान पर एक ट्रांसफॉर्मर भी खुला पड़ा है, जिससे करंट का डर बना रहता है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि यहां नियमित सफाई करवाई जाए और ट्रांसफॉर्मर को जाली से कवर किया जाए, ताकि किसी हादसे से बचा जा सके। 3 साल से अंधेरे में नारायण वाटिका धावास रोड स्थित नारायण वाटिका से अजय सिंह तंवर ने बताया कि इलाके में पिछले तीन वर्षों से रोड लाइट नहीं लगी है। कई बार बिजली विभाग को शिकायत देने के बावजूद अब तक कोई समाधान नहीं हुआ। अंधेरे के कारण रात के समय लोगों को आने-जाने में भारी परेशानी होती है और सुरक्षा को लेकर भी डर बना रहता है। स्थानीय लोगों ने जल्द समाधान की मांग की है। इंदिरा बाजार में कचरे की समस्या का समाधान जयपुर के इंदिरा बाजार की न्यू कॉलोनी से सोनू ने क्षेत्र में कचरे की समस्या को लेकर पोस्ट किया था। उन्होंने बताया कि लगातार जमा हो रहे कचरे से लोगों को परेशानी हो रही थी। समस्या सामने आने के बाद संबंधित विभाग ने तुरंत संज्ञान लिया और सफाई अभियान चलाकर क्षेत्र को साफ करवाया। इससे स्थानीय लोगों को काफी राहत मिली। बड़ी चौपड़ में ठीक हुई रोड लाइट बड़ी चौपड़ के परशुराम मार्ग से आनंद कुमार पांडे ने रोड लाइट बंद होने की समस्या ‘समाधान सेगमेंट’ पर साझा की थी। उन्होंने बताया कि पिछले एक महीने से रोड लाइट बंद थी, जिससे पूरे क्षेत्र में अंधेरा रहता था। शिकायत सामने आने के बाद नगर निगम के JEN ने तुरंत कार्रवाई कर रोड लाइट ठीक करवाई। इससे स्थानीय लोगों को राहत मिली और क्षेत्र में सुरक्षा की भावना भी बढ़ी। आज के ‘पब्लिक के स्टार’ बने JEN संदीप मीणा बड़ी चौपड़ के परशुराम मार्ग की रोड लाइट समस्या पर त्वरित कार्रवाई करते हुए नगर निगम के JEN संदीप मीणा ने समाधान सुनिश्चित किया। उनके निर्देश पर टीम ने मौके पर पहुंचकर बंद पड़ी लाइट को ठीक किया।लोगों को तुरंत राहत पहुंचाने और संवेदनशीलता के साथ काम करने के कारण JEN संदीप मीणा को आज का ‘पब्लिक के स्टार’ चुना गया है। दैनिक भास्कर का ‘समाधान सेगमेंट’ लगातार जनता और प्रशासन के बीच एक मजबूत सेतु बनता जा रहा है, जहां शिकायतें सिर्फ दर्ज नहीं होतीं, बल्कि उन पर कार्रवाई भी दिखाई देती है। पब्लिक की आवाज बन रहा “भास्कर समाधान” ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सामने रखने के लिए मदद कर रहा है। लोगों से मिले शानदार रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अधिकारियों को सीधे मिल रही समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपना एक्शन बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उसके अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहेंगे तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे भी कॉल कर सकेंगे। भास्कर एप से समस्याओं के समाधान की ये खबरें भी पढ़िए… 1.जयपुर में लापरवाह सिस्टम दे रहा हादसों को न्योता:कहीं खुला सीवर, तो कहीं झूलते बिजली तार, एक्शन में आईं XEN निधि जैन 2.भास्कर समाधान पर शिकायत के बाद जनता को मिली राहत:स्ट्रीट लाइट और पार्क की समस्याओं का हुआ समाधान, JEN संगीता बनीं ‘पब्लिक की स्टार’ 3.जयपुर में भास्कर समाधान का बड़ा असर:जनता को मूलभूत समस्याओं से मिली राहत, मनोज मुदगल बने आज के ‘पब्लिक के स्टार’ 4.जयपुर में मूलभूत सुविधाओं के लिए जनता परेशान:अंधेरा, गंदगी और जाम सीवर के बीच कई इलाकों में हुआ समाधान, संदीप मीणा बने आज के पब्लिक के स्टार 5.जयपुर में जलभराव, खुले सीवर से हादसे का खतरा:भास्कर समाधान पर शिकायतों का हुआ समाधान, संगीता बनीं आज की ‘पब्लिक के स्टार’ 6.जयपुर में मूलभूत सुविधाएं नहीं होने से जनता परेशान:पावर हाउस रोड का खतरनाक पोल ठीक; संदीप मीणा बने ‘पब्लिक के स्टार’ 7.जयपुर में सीवर समस्या से आम जनता परेशान:भास्कर समाधान पर शिकायत के बाद कई इलाकों में राहत; दशरथ सिंह बने ‘पब्लिक के स्टार’ 8.भास्कर समाधान का असर, महीनों से खराब लाइट हुई ठीक:कई इलाकों में सड़क, सफाई और सुविधाओं पर शुरू हुआ सुधार; जनता को मिली राहत 9.जयपुर में कचरा-सीवर की समस्या बरकरार:भास्कर समाधान का असर, आमेर-चांदपोल में स्ट्रीट लाइट दुरुस्त; JEN संदीप मीणा बने ‘पब्लिक के स्टार’ 10.भास्कर समाधान का असर, 7 दिन से बंद लाइट ऑन:शिकायतों के बाद कई इलाकों में शुरू हुआ सुधार; संदीप मीणा बने पब्लिक के स्टार
कमिश्नर राजेश प्रकाश ने जताई नाराजगी, दिया अल्टीमेटम:'ए' श्रेणी न मिलने पर कठोर कार्रवाई की चेतावनी
मिर्जापुर। विन्ध्याचल मण्डल के मण्डलायुक्त राजेश प्रकाश की अध्यक्षता में शुक्रवार को आयुक्त कार्यालय सभागार में एक विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में विकास प्राथमिकता कार्यक्रमों, निर्माणाधीन परियोजनाओं, छोटी एवं सहायक नदियों के पुनरोद्धार, राजस्व, चकबन्दी, कर तथा वन भूमि से प्रभावित परियोजनाओं की समीक्षा की गई। मण्डल के तीनों जनपदों मिर्जापुर, भदोही और सोनभद्र के वरिष्ठ प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे। समीक्षा के दौरान बताया गया कि सीएम डैशबोर्ड पर विकास कार्यों की 66 योजनाओं में मण्डल को 'ए' श्रेणी प्राप्त हुई है। इस पर संतोष व्यक्त करते हुए मण्डलायुक्त ने 'बी' व 'सी' श्रेणी में आने वाले विभागों के अधिकारियों के प्रति नाराजगी जताई। उन्होंने निर्देश दिए कि अगले माह तक हर हाल में प्रगति सुधार कर 'ए' श्रेणी सुनिश्चित की जाए, अन्यथा कठोर कार्रवाई की जाएगी। जिन योजनाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन रहा, उनमें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, मनरेगा, आवास योजनाएं, छात्रवृत्ति योजनाएं, स्वच्छ भारत मिशन, पशुपालन, सड़क निर्माण और एंबुलेंस सेवाएं प्रमुख रूप से शामिल हैं। राजस्व संबंधी 35 मदों में भी मण्डल को 'ए' श्रेणी प्राप्त हुई, जिसमें भूलेख, नामांतरण, आय-जाति प्रमाण पत्र, डिजिशक्ति, राइट ऑफ वे, आपदा प्रबंधन और अन्य ऑनलाइन सेवाएं प्रमुख रहीं। मण्डलायुक्त ने आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की और अधिकारियों को समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से सप्ताह में तीन दिन शिकायतकर्ताओं से संवाद कर फीडबैक लेने को भी कहा। निर्माणाधीन परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए अधूरी परियोजनाओं को समय सीमा में पूरा करने, तकनीकी जांच के बाद हैंडओवर करने तथा विलंबित परियोजनाओं के लिए समय विस्तार हेतु शासन को प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए गए। 'हर घर जल' योजना की खराब परियोजनाओं की सूची उपलब्ध कराने और उन्हें प्राथमिकता से पूरा करने का भी निर्देश दिया गया। वहीं, 'पीएम सूर्य घर' योजना की धीमी प्रगति पर भी असंतोष जताते हुए लक्ष्य पूर्ति के निर्देश दिए गए। बैठक में मण्डलायुक्त ने छोटी नदियों के पुनरोद्धार, चकबन्दी और वन भूमि से प्रभावित परियोजनाओं की भी बिंदुवार समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए।
सोनभद्र में रॉबर्ट्सगंज कोतवाली पुलिस ने दुष्कर्म और एससी-एसटी एक्ट समेत गंभीर धाराओं में फरार चल रहे आरोपी सूरज कश्यप को गिरफ्तार कर लिया है। मुखबिर की सूचना पर हुई इस कार्रवाई के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस ने वार्ड नंबर-10, हमीद नगर पूरब मोहल्ला निवासी सूरज कश्यप पुत्र गुलाब को घुवास मोहल्ला क्षेत्र से घेराबंदी कर पकड़ा। यह गिरफ्तारी जघन्य अपराधों में वांछित अभियुक्तों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई। पीड़िता ने 1 अप्रैल को रॉबर्ट्सगंज कोतवाली में तहरीर दी थी। उसने बताया कि 29 मार्च की रात नशे का आदी सूरज उसके घर में घुस आया और उसके साथ जोर-जबरदस्ती की। शोर मचाने पर पड़ोसी और उसका बेटा आए, जिसके बाद आरोपी धमकी देकर फरार हो गया। पीड़िता ने यह भी बताया कि जब वह अपने पति और बेटे के साथ आरोपी के घर शिकायत करने गई, तो सूरज ने हथौड़ी से उसके पति का सिर फोड़ दिया। इस हमले में पीड़िता को भी चोटें आईं। पुलिस जांच में मामला दुष्कर्म का निकला, जिसके बाद संबंधित धाराओं में वृद्धि की गई। प्रभारी निरीक्षक रामस्वरूप वर्मा ने बताया कि आरोपी सूरज कश्यप का आपराधिक इतिहास है। उसके खिलाफ रॉबर्ट्सगंज कोतवाली में 2011 से अब तक मारपीट, आर्म्स एक्ट, एनडीपीएस एक्ट, गुंडा एक्ट और महिला अपराध से जुड़े सात मामले दर्ज हैं। आरोपी को गिरफ्तार करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक रामस्वरूप वर्मा, उपनिरीक्षक अमित कुमार सिंह, हेड कांस्टेबल अशोक कुमार और कांस्टेबल अशोक यादव शामिल रहे।
बलिया में फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी कर रहे एक सहायक अध्यापक को बर्खास्त कर दिया गया है। बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) मनीष कुमार सिंह ने यह कार्रवाई की है। शिक्षक पर 21 वर्षों तक अनुसूचित जनजाति का फर्जी प्रमाण पत्र लगाकर वेतन लेने का आरोप है। बर्खास्त किए गए शिक्षक का नाम सुनील कुमार है, जो शिक्षा क्षेत्र नगरा के कंपोजिट विद्यालय बाराडीह लवाईपट्टी में तैनात थे। बीएसए ने खंड शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिया है कि सुनील कुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाए और उनसे प्राप्त किए गए पूरे वेतन की रिकवरी की प्रक्रिया शुरू की जाए। सुनील कुमार सीयर ब्लॉक के क्रिडिहरापुर के निवासी हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने वर्ष 2004 की बीटीसी चयन प्रक्रिया के तहत शिक्षक पद हासिल करने के लिए अनुसूचित जनजाति का फर्जी प्रमाण पत्र इस्तेमाल किया था। जबकि वह वास्तव में अनुसूचित जाति से संबंधित हैं। इस मामले की शिकायत हरींद्र प्रसाद ने वर्ष 2015 में मुख्यमंत्री, जिलाधिकारी और बीएसए को पत्र लिखकर की थी। शिकायत के बाद हुई जांच में यह सच्चाई सामने आई कि सुनील कुमार ने फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर 21 वर्षों तक सरकारी वेतन प्राप्त किया। जांच रिपोर्ट के आधार पर बीएसए मनीष कुमार सिंह ने तत्काल प्रभाव से सुनील कुमार की सेवा समाप्त कर दी।
मेवात में 18 शातिर ठग गिरफ्तार:3 लग्जरी गाड़ियां बरामद, जंगलों में 4 घंटे चलाया सर्च ऑपरेशन
डीग जिला पुलिस ने मेवात क्षेत्र में संगठित अपराध और साइबर ठगी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। 'ऑपरेशन एंटी-वायरस' और 'वज्र प्रहार' अभियान के तहत जुरहरा थाना क्षेत्र के कलतरिया के जंगलों और भंडारा गांव की सीमा में 4 घंटे तक सघन सर्च ऑपरेशन चलाया गया। इस मेगा कार्रवाई में पुलिस ने 18 शातिर अपराधियों को गिरफ्तार कर ठगी के एक बड़े नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया। गिरफ्तार किए गए 18 आरोपियों में से 11 नकली सोने की ईंट दिखाकर ठगी करने वाले गिरोह के सदस्य हैं। 4 आरोपी ऑनलाइन साइबर फ्रॉड से जुड़े हैं, जबकि 3 लंबे समय से फरार चल रहे वांछित अपराधी हैं।पुलिस ने आरोपियों के पास से ठगी की कमाई से खरीदी गई 3 लग्जरी गाड़ियां (थार, स्कॉर्पियो और हैरियर), नकली पीतल की ईंटें, चार एंड्रॉयड मोबाइल और सात फर्जी सिम कार्ड जब्त किए हैं। एसपी शरण गोपीनाथ ने बताया कि आरोपी पीतल की ईंटों पर पॉलिश करके उन्हें 'खुदाई में निकला प्राचीन सोना' बताकर लोगों को ठगते थे। साइबर ठग फर्जी आईडी और सोशल मीडिया चैट के माध्यम से लोगों को ब्लैकमेल करते थे।पुलिस अब गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों के बैंक खातों और उनके नेटवर्क की गहन जांच कर रही है। इस जांच से कई और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।
बलिया के वीर लोरिक स्पोर्ट्स स्टेडियम में आयोजित 75वीं अन्तर्जनपदीय पुलिस फुटबॉल प्रतियोगिता (पुरुष वर्ग) का समापन हो गया है। इस प्रतियोगिता में जौनपुर की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए विजेता का खिताब अपने नाम किया, जबकि मेजबान बलिया की टीम उपविजेता रही। जनपद बलिया द्वारा आयोजित इस प्रतियोगिता का फाइनल मैच जौनपुर और बलिया की टीमों के बीच खेला गया। शुक्रवार देर शाम पुलिस अधीक्षक ओमवीर ने विजेता और उपविजेता टीमों को पुरस्कार व ट्रॉफी वितरित कर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। देखिए तस्वीरें… इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य पुलिस बल में शारीरिक फिटनेस, अनुशासन, आपसी सौहार्द और खेल भावना को बढ़ावा देना था। इसमें मंडल के विभिन्न जिलों की पुलिस टीमों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। समापन समारोह को संबोधित करते हुए पुलिस अधीक्षक ओमवीर ने कहा, खेल न केवल शारीरिक फिटनेस के लिए जरूरी हैं, बल्कि ये पुलिस कर्मियों में टीम वर्क और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता को भी बढ़ाते हैं। पुलिस का काम चुनौतीपूर्ण है, और ऐसे आयोजन मानसिक तनाव को कम करने में सहायक होते हैं। प्रतियोगिता में शामिल सभी प्रतिभागियों ने पेशेवर खेल भावना का परिचय दिया। आयोजक टीम ने सभी पुलिस टीमों, रेफरी और आयोजक मंडल का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक दक्षिणी संजय वर्मा, अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी दिनेश कुमार शुक्ल, क्षेत्राधिकारी नगर मो0 उस्मान, क्षेत्राधिकारी पुलिस लाइन अक्षय कुमार, प्रतिसार निरीक्षक बलिया सहित कई अन्य अधिकारी और कर्मचारीगण मौजूद रहे।
प्रतापगढ़ में मानिकपुर पुलिस ने पुलिस अभिरक्षा से फरार चल रहे वांछित अपराधी को मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की जवाबी फायरिंग में आरोपी के दोनों पैरों में गोली लगी है। 21 अप्रैल को इलाज के दौरान प्रयागराज के एसआरएन (SRN) अस्पताल से चकमा देकर फरार हो गया था। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से अवैध असलहा और कारतूस भी बरामद किए हैं। अस्पताल से दुष्कर्म का फरार आरोपी गिरफ्तार मानिकपुर पुलिस क्षेत्र में अपराधियों की धरपकड़ के लिए चेकिंग अभियान चला रही थी। इसी बीच मुखबिर से सूचना मिली कि पुलिस कस्टडी से फरार एक शातिर अपराधी अवैध हथियार के साथ करेंटी गंगा पुल के रास्ते गुजरने वाला है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने करेंटी तिराहे के पास घेराबंदी कर दी। संदिग्ध के आने पर जब पुलिस ने उसे रुकने का इशारा किया, तो उसने सरेंडर करने के बजाय पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस मुठभेड़ में दोनों पैर में लगी गोली पुलिस की चेतावनी के बाद भी आरोपी लगातार गोलियां चलाता रहा। आत्मरक्षा में पुलिस द्वारा की गई जवाबी फायरिंग में आरोपी घायल होकर गिर पड़ा। अभियुक्त की पहचान कुण्डा निवासी जलालुद्दीन उर्फ डब्बू के रूप में हुई है। पुलिस ने मौके से देशी तमंचा, कारतूस और एक खोखा बरामद किया है। 21 अप्रैल को अस्पताल से हुआ था फरार आरोपी जलालुद्दीन पर पहले से ही कई गंभीर मामलो में मुकदमे दर्ज हैं। वह न्यायिक अभिरक्षा में था, लेकिन 21 अप्रैल को इलाज के दौरान प्रयागराज के एसआरएन (SRN) अस्पताल से चकमा देकर फरार हो गया था। तब से पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। मुठभेड़ में घायल आरोपी को तत्काल सीएचसी कालाकांकर ले जाया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों के मुताबिक आरोपी की हालत अब खतरे से बाहर है। अभियुक्त ने गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस टीम पर जानलेवा हमला किया था। जवाबी कार्रवाई में वह घायल हुआ है। पुलिस कस्टडी से फरार होने के बाद से ही इसकी तलाश की जा रही थी। मामले में अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है। घटना से जुड़ी तस्वीरें…
कासगंज में महिला की मौत के बाद बवाल:शव देखते ही भड़के मायके वाले, ससुरालियों को लाठी-डंडों से पीटा
कासगंज जिले के ढोलना थाना क्षेत्र के नगला चौखंडा गांव में एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद तनाव फैल गया। शुक्रवार को 30 वर्षीय प्रभा देवी, पत्नी अमित कश्यप, का निधन हो गया था। घटना की सूचना मिलते ही प्रभा देवी के मायके पक्ष के लोग गांव पहुंचे। शव देखते ही वे आक्रोशित हो गए और उन्होंने ससुराल पक्ष के लोगों पर हमला कर दिया। मायके पक्ष के लोगों ने लाठी-डंडों से ससुराल पक्ष के सदस्यों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। इस अचानक हुई मारपीट से गांव में अफरा-तफरी मच गई। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है। सूचना मिलने पर ढोलना थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए काफी मशक्कत की और दोनों पक्षों को अलग कर मामला शांत कराया। इस दौरान लाठी लगने से एक व्यक्ति घायल हो गया, जिसे प्राथमिक उपचार दिया गया। ढोलना इंस्पेक्टर जगदीशचंद्र ने बताया कि महिला की मौत के बाद मायके पक्ष के लोग उत्तेजित हो गए थे, जिसके कारण मारपीट हुई। पुलिस मामले की जांच कर रही है। उन्होंने यह भी बताया कि यदि किसी पक्ष की ओर से तहरीर दी जाती है, तो रिपोर्ट दर्ज कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फर्रुखाबाद में होमगार्ड भर्ती परीक्षा आज से शुरू हो गई है। जिले में इसके लिए 19 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। पहले दिन अभ्यर्थियों को कड़ी चेकिंग के बाद ही केंद्रों में प्रवेश दिया जा रहा है। परीक्षा सुबह 10 बजे से शुरू हुई, लेकिन अभ्यर्थियों को सुबह 8 बजे से ही प्रवेश दिया जाने लगा था। केंद्रों पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं, जिसमें मेटल डिटेक्टर से जांच भी शामिल है। इसके बाद बायोमेट्रिक कराई गई। यह भर्ती परीक्षा 25, 26 और 27 अप्रैल तक यानी तीन दिनों तक चलेगी। इसमें इटावा, औरैया, कानपुर देहात, कानपुर नगर, कन्नौज सहित अन्य जनपदों से भी अभ्यर्थी शामिल होने आए हैं। जनपद में तीन दिनों में कुल 42,624 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे, जिनमें से एक पाली में 7,104 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। अभ्यर्थी सुबह 7 बजे से ही केंद्रों के बाहर पहुंचना शुरू हो गए थे। इटावा से आए राम मोहन ने बताया कि वे देर रात अपने घर से रोडवेज बस से फर्रुखाबाद पहुंचे और सुबह 5 बजे ही आ गए थे। उन्होंने परीक्षा की बेहतर तैयारी होने की बात कही। परीक्षा को पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए पुलिस लाइन में एक कंट्रोल रूम बनाया गया है। यहां से सभी परीक्षा केंद्रों की गतिविधियों पर सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से लगातार निगरानी रखी जा रही है।
गोंडा जिले के 14 परीक्षा केंद्रों पर उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा तीन दिवसीय यूपी होमगार्ड भर्ती परीक्षा का आयोजन शुरू हो गया है। आज पहले दिन की पहली पाली में परीक्षा देने पहुंचे अभ्यर्थियों को सघन जांच के बाद ही प्रवेश की अनुमति दी गई। सभी परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थियों की भारी भीड़ देखी गई। प्रवेश के लिए केवल प्रवेश पत्र, पेन और आधार कार्ड ले जाने की अनुमति थी। अन्य किसी भी वस्तु को अंदर ले जाने की इजाजत नहीं दी गई। कई परीक्षार्थियों ने बताया कि वे स्नातक पास हैं, लेकिन नौकरी न मिलने के कारण अब होमगार्ड भर्ती परीक्षा दे रहे हैं। हालांकि परीक्षार्थी अपनी पहचान उजागर होने की डर से कमरे पर कुछ भी बोलने से इनकार कर दिए है। आज प्रथम पाली की परीक्षा में कुल 5520 परीक्षार्थी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच 14 परीक्षा केंद्रों पर शामिल हुए। पूरी परीक्षा प्रक्रिया की निगरानी सीसीटीवी कैमरों से की जा रही है। परीक्षा को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। इसमें 14 सेक्टर मजिस्ट्रेट, 14 स्टैटिक मजिस्ट्रेट, दो अपर पुलिस अधीक्षक, तीन क्षेत्राधिकारी, 40 निरीक्षक और 101 उप निरीक्षक सहित कुल 450 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में फोटोकॉपी और किताबों की दुकानें बंद रखी गई हैं। यह परीक्षा 27 अप्रैल तक गोंडा जिले के 14 केंद्रों पर कुल तीन दिनों में छह पालियों में आयोजित की जाएगी, जिसमें कुल 33,120 परीक्षार्थी शामिल होंगे। उत्तर प्रदेश एसटीएफ और स्थानीय अभिसूचना इकाइयां भी सभी परीक्षा केंद्रों पर लगातार नजर रख रही हैं।गोंडा पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने बताया कि 14 परीक्षा केंद्रों पर आज यूपी होमगार्ड भर्ती परीक्षा शुरू हो गई है। जहां प्रथम पाली में 5520 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे सघन चेकिंग के बाद परीक्षार्थियों को प्रवेश की अनुमति की अनुमति दी जा रही है। किसी भी परीक्षा केंद्र पर परीक्षार्थियों को परीक्षा के दौरान किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होने दी जाएगी सभी परीक्षा केंद्रों पर लगे सीसीटीवी कैमरे की निगरानी पुलिस लाइन में बने कंट्रोल रूम से की जा रही है।
जबलपुर में देर रात दर्दनाक सड़क हादसे में बाइक सवार युवक की मौके पर ही मौत हो गई। खमरिया थाना क्षेत्र में तेज रफ्तार एंबुलेंस ने बाइक को टक्कर मार दी, जिससे 36 वर्षीय असीम दुबे ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। हादसा रात करीब डेढ़ बजे का है, जब असीम दुबे रांझी से अपने गृहग्राम पिपरिया लौट रहे थे। खमरिया अस्पताल तिराहे के पास शहडोल से जबलपुर की ओर आ रही एंबुलेंस ने उनकी बाइक (MP-20-ZA-1445) को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। टक्कर के बाद एंबुलेंस भी अनियंत्रित होकर सड़क किनारे उतर गई और पेड़ से जा टकराई। घटना के बाद राहगीरों ने तुरंत पुलिस और 108 एंबुलेंस को सूचना दी। हादसे की सूचना मिलते ही खमरिया पुलिस मौके पर पहुंची। एंबुलेंस चालक के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। एंबुलेंस में सवार मरीज को पुलिस और सुरक्षा गार्ड की मदद से दूसरे वाहन से अस्पताल भेजा गया। शादी से लौट रहे थे, एआईडीईएफ से जुड़े थे मृतक जानकारी के मुताबिक, असीम दुबे रात करीब एक बजे एक शादी समारोह से लौट रहे थे। हादसे में उनके सिर, सीने, हाथ और पैर में गंभीर चोटें आईं, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। मृतक असीम दुबे ऑल इंडिया डिफेंस एंप्लाई फेडरेशन की व्हीकल फैक्ट्री कार्य समिति के सचिव थे। उनकी मौत की खबर से कर्मचारियों में शोक की लहर है। शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद असीम दुबे का अंतिम संस्कार उनके गृह ग्राम पिपरिया में किया जाएगा। हादसे की तस्वीरें…
फिरोजाबाद के टोल प्लाजा पर एक आयशर कैंटर चालक ने नियमों का उल्लंघन करते हुए गलत दिशा से प्रवेश किया और टोल बैरियर तोड़कर फरार हो गया। इस दौरान ड्यूटी पर तैनात एक कर्मचारी ने कूदकर अपनी जान बचाई। यह पूरी घटना टोल प्लाजा पर लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है। टोल प्रशासन ने वाहन चालक के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। टोल प्रबंधक किरण शिवाजीराव जानुगडे ने बताया कि यह घटना 22 अप्रैल की दोपहर करीब दो बजे हुई। फिरोजाबाद से आगरा जा रहा एक आयशर कैंटर निर्धारित दिशा का पालन न करते हुए तेज रफ्तार में गलत लेन में घुस आया। यह लेन (संख्या सात) आगरा से फिरोजाबाद आने वाले वाहनों के लिए निर्धारित है। ड्यूटी पर तैनात टोल कर्मचारी मनोज उर्फ सीटू ने कैंटर को गलत लेन में आते देख चालक को रुकने का इशारा किया और सुरक्षा के लिए स्टॉपर भी लगा दिया। हालांकि, चालक ने वाहन की रफ्तार कम करने के बजाय उसे और तेज कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, तेज रफ्तार कैंटर सीधे कर्मचारी मनोज की ओर बढ़ा। कर्मचारी ने फुर्ती दिखाते हुए एक ओर छलांग लगाकर अपनी जान बचाई। इसके बाद कैंटर चालक टोल बैरियर को तोड़ते हुए मौके से फरार हो गया। इस घटना से टोल प्लाजा पर कुछ देर के लिए स्थिति तनावपूर्ण हो गई। यदि कर्मचारी समय रहते छलांग नहीं लगाता, तो गंभीर दुर्घटना हो सकती थी। यह पूरी घटना टोल प्लाजा पर लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गई है। सोशल मीडिया पर सामने आई सीसीटीवी फुटेज में स्पष्ट दिख रहा है कि वाहन तेज रफ्तार में गलत लेन से आता है, कर्मचारी उसे रोकने का प्रयास करता है, लेकिन चालक बिना रुके बैरियर तोड़कर आगे निकल जाता है। सीसीटीवी फुटेज अब पुलिस को सौंपने की तैयारी की जा रही है ताकि वाहन नंबर के आधार पर चालक की पहचान कर गिरफ्तारी की जा सके।मामले में टोल उप प्रबंधक धीरेंद्र कुमार उपाध्याय की ओर से वाहन चालक के खिलाफ तहरीर दिए जाने की बात कही गई है। हालांकि थाना पुलिस का कहना है कि अभी तक औपचारिक तहरीर प्राप्त नहीं हुई है।थाना प्रभारी अनिल कुमार सिंह ने बताया कि तहरीर मिलते ही सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
लखनऊ के गुरुकुल में यातनाओं से हुई 11 साल के छात्र की मौत, सामने आई बर्बरता की पराकाष्ठा
गुरुकुल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों और अन्य छात्रों से पूछताछ के आधार पर पुलिस को कई अहम जानकारी मिली है। जांच में यह संकेत मिला कि छात्र के साथ लगातार मारपीट की जा रही थी। हालांकि, जांच जारी है और पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए साक्ष्य जुटा रही है।
अमेठी में हीटवेव से बचाव को एडवाइजरी जारी:डीएम के निर्देश पर आमजन से सतर्क रहने की अपील
अमेठी में बढ़ते तापमान (40 से 43 डिग्री सेल्सियस) के मद्देनजर भीषण गर्मी और लू से बचाव के लिए विस्तृत एडवाइजरी जारी की गई है। जिलाधिकारी के निर्देश पर अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) अर्पित गुप्ता ने यह एडवाइजरी जारी की। इसमें सभी संबंधित विभागों को दिशा-निर्देश दिए गए हैं और आमजन से सतर्क रहने की अपील की गई है। एडवाइजरी में घरों को गर्म हवाओं से बचाने के उपाय बताए गए हैं। इसके तहत खिड़कियों को एलुमिनियम पन्नी, गत्ते या रिफ्लेक्टर से ढकने की सलाह दी गई है, ताकि बाहरी गर्मी घर में प्रवेश न कर सके। जिन खिड़कियों और दरवाजों से दोपहर में गर्म हवा आती है, वहां काले परदे लगाने को कहा गया है। लोगों से स्थानीय मौसम पूर्वानुमान पर भी ध्यान देने और तापमान में संभावित बदलाव के प्रति सजग रहने की अपील की गई है। बाहर निकलते समय सिर और शरीर को कपड़े, टोपी या छतरी से ढकना अनिवार्य बताया गया है। भोजन के संबंध में संतुलित, हल्का और ताजा आहार लेने की सलाह दी गई है। बासी भोजन और मादक पदार्थों से परहेज करने को भी कहा गया है। लू से बचाव के लिए शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी न हो, इसके लिए लस्सी, छाछ, मट्ठा, बेल का शर्बत, नींबू पानी, नमक-चीनी का घोल और आम का पना जैसे पेय पदार्थों का नियमित सेवन करने की सलाह दी गई है। एडवाइजरी में हीटवेव (लू) को परिभाषित किया गया है। इसके अनुसार, जब तापमान सामान्य से 3-4 डिग्री अधिक हो जाता है, तो उसे हीटवेव कहा जाता है। मार्च से जून के बीच तापमान अधिक रहने की संभावना है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा इस संबंध में जनजागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है। लू लगने के लक्षणों में गर्म, लाल और शुष्क त्वचा, पसीना न आना, तेज नाड़ी, सांस लेने में तेजी, सिरदर्द, चक्कर आना, उल्टी, भ्रम की स्थिति और कमजोरी शामिल हैं। ऐसी स्थिति में तत्काल चिकित्सकीय सहायता लेने की सलाह दी गई है। एडवाइजरी में कुछ विशेष समूहों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। इनमें 5 वर्ष से कम आयु के बच्चे, 65 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्ति, गर्भवती महिलाएं, श्रमिक, खिलाड़ी, बीमार और मोटापे से ग्रस्त व्यक्ति शामिल हैं।
छिंदवाड़ा में शुक्रवार कों बड़ा हादसा होते-होते टल गया। बस स्टैंड स्थित बालक शाला परिसर में लगे पुराने नीलगिरी के पेड़ की भारी-भरकम डाली अचानक टूटकर नीचे गिर गई। डाली पास की एक दुकान की छत से टकराते हुए सड़क पर खड़े तीन बच्चों पर जा गिरी, जिससे वे घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने की मदद गनीमत रही कि बच्चों को गंभीर चोट नहीं आई। स्थानीय लोगों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर बच्चों को संभाला और प्राथमिक उपचार दिलाया। फिलहाल सभी बच्चे खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जिस समय यह घटना हुई, उस वक्त स्कूल की छुट्टी हो चुकी थी। यदि यह डाली स्कूल समय में गिरती, तो बड़ी संख्या में बच्चे इसकी चपेट में आ सकते थे और गंभीर हादसा हो सकता था। घटना की पूरी तस्वीर आसपास लगे CCTV कैमरों में कैद हो गई है, जिसमें डाली के अचानक गिरने और मौके पर अफरा-तफरी का मंजर साफ देखा जा सकता है। सरपंच पहुंचे मौके पर सूचना मिलते ही सरपंच कपिल ठाकुर मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्राम पंचायत के कर्मचारियों को बुलाकर जेसीबी मशीन की मदद से गिरी हुई डाली को तुरंत हटवाया। साथ ही आश्वासन दिया कि इस पुराने और जर्जर पेड़ को जल्द हटाया जाएगा। स्थानीय दुकानदारों और राहगीरों ने प्रशासन से मांग की है कि बस स्टैंड क्षेत्र में लगे पुराने और खतरनाक पेड़ों की जल्द पहचान कर उन्हें हटाया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।
बॉलीवुड एक्टर सोनू सूद ने मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह से वीडियो कॉल पर बात की। सोनू सूद ने अनंत सिंह को मुंबई आने का न्योता दिया। जिस पर बाहुबली ने अपने अंदाज में कहा- आवेंगे। दोनों की बातचीत का एक क्लिप सोशल मीडिया पर शेयर हो रहा है। बता दें कि एक्टर सोनू सूद अनंत सिंह के फैन हैं, उनके बोलने के अंदाज के वो कायल हैं और पहले भी बाहुबली की तारीफ कर चुके हैं। सोनू सूद ने पहले ही कहा था, अनंत सिंह का व्यक्तित्व उन्हें बेहद इंट्रेस्टिंग लगता है और उनके कैरेक्टर से वह अपनी फिल्म के लिए प्रेरित भी हुए हैं। पहले जानिए सोनू सूद और अनंत सिंह ने वीडियो कॉल पर क्या बातें की वीडियो कॉल के क्लिप में सोनू सूद अनंत सिंह से कहते नजर आते हैं, “मुंबई आइए न हमारे पास।” इस पर अनंत सिंह जवाब देते हैं, “ आवेंगे (आएंगे)।” बातचीत के दौरान सोनू सूद आगे कहते हैं, “मैं भी आऊंगा आपके पास, आपके घर आऊंगा। आपके घर पर लिट्टी-चोखा खाने आऊंगा।” इस पर अनंत सिंह भी मुस्कुराते हुए उन्हें आने का न्योता देते हैं। दोनों के बीच हुई यह बातचीत सोशल मीडिया पर काफी शेयर हो रही है। अनंत सिंह के फैन हैं सोनू सूद यह पहली बार नहीं है, जब सोनू सूद ने अनंत सिंह को लेकर अपनी दिलचस्पी जाहिर की हो। अनंत को चाहने वालों की कतार में अब बॉलीवुड एक्टर सोनू सूद का नाम पहले से जुड़ा हुआ है। दो महीने पहले एक पोडकास्ट में उन्होंने कहा था कि बिहार के मोकामा विधायक अनंत सिंह का व्यक्तित्व उन्हें बेहद दिलचस्प लगता है। सोनू सूद ने बताया कि, मैं अपनी फिल्म के लिए लिखता रहता हूं। आपको पता होगा एक फेमस पॉलिटिशियन हैं, बिहार के मोकामा के अनंत सिंह। वह मुझे बहुत ज्यादा इंट्रेस्टिंग लगते हैं। जब मैं पटना गया था तो उनके बेटे मुझसे मिलने आए थे। उसी दौरान उन्होंने अनंत सिंह के व्यक्तित्व को करीब से समझा और महसूस किया कि उनका अंदाज फिल्मों के लिए काफी प्रभावशाली है। भोजपुरी इंडस्ट्री और बिहार से खास लगाव भोजपुरी इंडस्ट्री और बिहार से सोनू सूद को खास लगाव है। वो एक इंटरव्यू में कह चुके हैं, बिहार से मेरा रिश्ता पुराना है। मेरे पसंदीदा कलाकारों में पवन सिंह, मनोज तिवारी और खेसारी लाल यादव शामिल हैं। सोनू सूद ने बताया था, उनकी आने वाली फिल्म नंदी में बिहार का टच देखने को मिलेगा। इस फिल्म में पवन सिंह ने गाना भी गाया है ‘आईए ना, हमारा बिहार में।’ सोनू सूद ने बताया कि फिल्म नंदी जल्द रिलीज होने वाली है। इस फिल्म में बिहार की संस्कृति और माहौल को खास तौर पर दिखाया गया है। अब जानिए बाहुबली अनंत सिंह कौन हैं अनंत सिंह बिहार की राजनीतिक के वो चेहरे हैं जो अक्सर विवादों के साथ सुर्खियों में बने रहते हैं। मोकामा अनंत सिंह का गढ़ माना जाता है। वो 2025 में यहां से पांचवी बार विधायक बने हैं। चुनाव के दौरान दुलारचंद नाम के बाहुबली की हत्या के आरोप में वो फिलहाल पटना के बेऊर जेल में हैं। अब पढ़िए अनंत सिंह के रोचक किस्से जब जज को देनी पड़ी थी तलाशी साल 1990 का वक्त। पटना में तैनात डिस्ट्रिक्ट जज किसी काम से पटना जिले के बाढ़ कस्बे के पास नदवां गांव जा रहे थे। बाढ़ रेलवे स्टेशन पर ट्रेन से उतरे, जहां पहले से ही सरकारी गाड़ी उनका इंतजार कर रही थी। जज साहब गाड़ी में बैठ गए और नदवां की ओर चल पड़े। गाड़ी नदवां पहुंचने ही वाली थी कि ड्राइवर ने कहा, ‘जज साहब, गाड़ी का शीशा नीचे कर लीजिए…आगे चेकिंग होगा।’ जज साहब सोच में पड़ गए और बोले, ‘डिस्ट्रिक्ट जज की तलाशी कौन ले सकता है।’ ड्राइवर ने कहा, ‘नदवां अनंत सिंह का गांव है सरजी। मुहाने पर हथियारों से लैस उसके लोग 24 घंटा बैठे रहते हैं। अनंत सिंह की सिक्योरिटी खातिर हर आने-जाने वाले की चेकिंग करते हैं।’ जज साहब को यकीन ही नहीं हुआ। गाड़ी जब नदवां पहुंची तो उन्होंने देखा, लकड़ी के बड़े से लट्ठे से फाटक बनाया गया था। 12-13 आदमी बंदूकें लिए वहां खड़े हुए थे और सभी गाड़ियों की तलाशी ले रहे थे। जज साहब ने चुपचाप अपनी गाड़ी की तलाशी दी और नदवां में दाखिल हुए। साधु बनने के लिए 9 साल की उम्र में घर छोड़ा 5 जनवरी 1967, बिहार का पटना जिला। बाढ़ कस्बे के पास नदवां गांव में चंद्रदीप सिंह के घर अनंत सिंह का जन्म हुआ। चार भाइयों में वो सबसे छोटा था। उनका मन पढ़ाई-लिखाई में कतई नहीं लगता था। इसलिए चौथी क्लास के बाद पढ़ाई छोड़ दी। मन पूजा-पाठ, धर्म और आध्यात्मिकता में ज्यादा लगता था, सो 9 साल की उम्र में घर छोड़ दिया। वो हरिद्वार जाकर साधुओं के बीच रहने लगे। साधुओं की सेवा करना और दिनभर पूजा-पाठ में लीन रहना, उनका बस यही काम था। एक दिन कुछ साधु आपस में झगड़ा करने लगे। नौबत मारपीट तक पहुंच गई। अनंत ये देखकर दंग रह गए और वैराग्य की जिंदगी से उनका मोह भंग हो गया। इसके बाद वो अपने गांव लौट गए। भाई की हत्या हुई तो कहा- खुद इंसाफ करूंगा गर्मी की एक दोपहर वो अपने घर में बैठकर खाना खा रहे थे। तभी एक नौकर हांफता हुआ उनके पास पहुंचा और बोला, ‘सरकार, बिराची सिंह जी मार दिए गए हैं….।’ अनंत के बड़े भाई बिराची सिंह को किसी ने गांव के चौक पर ही गोली मार दी थी। अनंत फौरन ही भाई को देखने दौड़ गए। वहां पहुंचते ही बोले, ‘ये जिसका भी काम है, उसे मैं छोड़ूंगा नहीं…’ अनंत सिंह का परिवार इलाके के बड़े जमींदारों में आता था। उस वक्त बिहार में माओवादी संगठनों का आतंक था। आए दिन उनका संघर्ष जमींदारों के साथ होता। घटना के बाद अनंत सिंह ने पूरे गांव में पूछताछ की। हर घर में जाकर पूछा। पता चला माओवादी संगठन के सरगना ने बिराची सिंह की हत्या की है। किसी ने बताया, ‘वो ढूंढकर बड़े जमींदारों की हत्या करता है। कहता है कि सदियों पुराना हिसाब कर रहा है…।’ राजेश सिंह अपनी किताब बाहुबलीज ऑफ इंडियन पॉलिटिक्स में लिखते हैं, कि अनंत आग-बबूला हो गए। उनके सिर पर धुन सवार हो गई कि भाई के हत्यारे को ठिकाने लगाना है, लेकिन परिवार ने समझाया, ‘पुलिस हमारा न्याय करेगी, तुम चिंता मत करो…।’ महीनों बीत गए, लेकिन पुलिस ने कुछ नहीं किया। फिर अनंत ने फैसला किया कि अब वो खुद ही इंसाफ करेंगे। एक दिन उनके मुखबिर ने आकर बताया, ‘सरकार, आपके गांव के पास से जो गंगा बहती है, उसी के पार डेरा डाला है वो… बहन को ससुराल छोड़ कर लौटा है। सुने हैं, संगी-साथी भी कम ही हैं।’ अनंत फौरन नदी किनारे पहुंचे। एक साथी ने कहा, 'सरकार अभी कोई हथियार वगैरह तो है नहीं। नदी पार करना भी मुश्किल लग रहा है। किसी और दिन हिसाब कीजिएगा...।' वो बात पूरी भी नहीं कर पाया था कि अनंत ने नदी में छलांग लगा दी। वो तैरकर ही नदी पार करने लगे। साथी घबराकर वहीं रुक गए। पानी में घंटों हाथ-पैर मारने के बाद अनंत आखिरकार नदी के दूसरी ओर पहुंचे। घने जंगल के बीच वो अपने भाई के हत्यारे को ढूंढने लगे। वो नदी पार कर थक चुके थे, लेकिन बदले की धुन सवार थी। आखिरकार उनका सामना अपने भाई के हत्यारे से हुआ। कोई हथियार नहीं था तो पत्थर हाथ में उठा लिया। उन्होंने पत्थर सिर पर मारकर पहले अपने दुश्मन को बेहोश कर दिया और फिर एक बड़े पत्थर से उसका सिर कुचल डाला। वो खून से सने हाथ लिए नदी पार कर वापस नदवां लौट गए। इस घटना के बारे में एक इंटरव्यू में अनंत सिंह ने कहा था, 'इंसाफ होना जरूरी था।' पड़ोसी ने किया जानलेवा हमला, बहनोई मारे गए नदवां गांव में विवेका पहलवान और अनंत सिंह पड़ोसी थे, जिनके घर की दीवार एक ही थी। दोनों परिवार की रंजिश बहुत पुरानी थी। चूंकि गांव में अनंत सिंह का दबदबा ज्यादा रहा, इसलिए विवेका पहलवान ने गांव छोड़ दिया था। बाहर जाकर वो अनंत सिंह के दुश्मनों से मिला और उन्हें इकट्ठा करने लगा। एक बार सभी रात में गांव में घुस आए और अनंत सिंह पर हमला कर दिया। अनंत सतर्क थे, सो उन्होंने भी जवाबी हमला किया। दोनों ओर से हजारों राउंड गोलियां चलीं। अनंत के बहनोई भूषण सिंह इस हमले में मारे गए। इसके बाद ये दुश्मनी और खूनी हो गई। 1990 में मोकामा का चुनाव अनंत के बड़े भाई दिलीप सिंह जीत गए। दोनों भाई चाहते थे कि बाढ़ पर भी उन्हीं का कब्जा हो, सो वहां से उन्होंने अपने तीसरे भाई सच्चिदानंद सिंह उर्फ फाजो सिंह को निर्दलीय चुनाव लड़ाया, लेकिन बाढ़ से जीत लालू यादव की पार्टी के विजयकिशन की हुई। किडनैप व्यापारी को छुड़ाने के लिए पूरे गांव पर धावा बोला इसी दौरान बाढ़ से एक बनिया जाति के एक व्यापारी का अपहरण कर लिया गया। पुलिस इस मामले में कुछ नहीं कर पा रही थी। ऐसे में लोग शिकायत लेकर नदवां गांव अनंत सिंह के पास पहुंचे। अनंत सिंह ने छानबीन कराई तो पता चला कि भावनचक के बच्चू सिंह ने अपहरण किया है। अनंत अपने दलबल के साथ सीधे बच्चू सिंह के गांव में घुस गए। घंटों गोलीबारी हुई और व्यापारी को छुड़ा लिया गया। बच्चू सिंह इस बात से भड़क गया और इलाके में मारकाट शुरू हो गई। इस लड़ाई में सभी राजपूत बच्चू सिंह की तरफ और सभी भूमिहार अनंत सिंह की तरफ हो गए थे। दोनों ओर से लाशें गिरने लगीं। आखिरकार साल 2000 में एक गैंगवार में बच्चू सिंह मारा गया। पुलिस रिपोर्ट में हत्या के मुख्य आरोपी अनंत सिंह ही थे। पूरे गांव को बनाया अपना किला पत्रकार ज्ञानेश्वर बताते हैं, अनंत सिंह का सुरक्षा का इंतजाम बेहद मजबूत था। उन्होंने पूरे गांव को अपना अभेद्य किला बना रखा था। किला ऐसा जहां पुलिस-प्रशासन के लोग तक बिना इजाजत घुस नहीं सकते थे। उनके पास 100 से ज्यादा घोड़े और टम-टम थे, जिन्हें उन्होंने गांव के जरूरतमंदों को बांट रखा था। ये लोग दिन में टम-टम चलाकर कमाई करते और रात में अनंत सिंह के घर के आसपास सभी टम-टम पार्क कर देते। पास ही घोड़ों को भी बांध देते। अनंत समय-समय पर गांव के लोगों की मदद भी करते रहते थे। इससे उन्होंने लोगों का भरोसा जीत लिया। सालों तक उन्होंने गांव के लिए जाने वाली सड़क को पक्की नहीं होने दिया, ताकि कोई गांव तक गाड़ी दौड़ाता हुआ ना आ सके। एक बार बाढ़ के ASP अनंत सिंह को अरेस्ट करने नदवां गांव पहुंच गए। वो बिना फोर्स के ही गांव में दाखिल हो गए। हमेशा की तरह अनंत तक इसकी खबर पहुंच गई। हवेली तक पहुंचते ही ASP को बंधक बना लिया गया। कई दूसरे अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद ASP को छोड़ा गया। हिंदी फिल्मों के बैड-मैन वाली छवि बनाई सफेद रंग के कपड़े, आंखों पर काला चश्मा, माथे पर लंबा तिलक, रौबदार मूछें, जिसे वो समय-समय पर घुमाते रहते और मुंह में दबी सिगरेट- ये अनंत सिंह के सिग्नेचर स्टाइल बन गए। उन्होंने अपने घर में एक अजगर और एक हाथ मिलाने वाला हाथी भी पाला हुआ था। वो अक्सर अपने घर पर डांस पार्टियों का आयोजन करने लगे। ऐसी ही एक पार्टी का वीडियो खूब चर्चा में रहा जिसमें अनंत सिंह किसी डांसर के साथ हाथ में AK-47 लेकर झूमते नजर आ रहे थे। हालांकि, इस वीडियो के बारे में मीडिया में जब सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘वीडियो नकली है, मेरे विरोधियों की साजिश है।’ उनकी छवि इलाके में रॉबिनहुड जैसी थी। वो कभी साड़ियां बांटते, तो कभी जरूरतमंदों के लिए भोज का आयोजन करते। रमजान के महीने में इफ्तार करवाते और सावन में भंडारे। भूमिहार जाति का पूरा सपोर्ट उनके पास था। सीनियर जर्नलिस्ट ज्ञानेश्वर के मुताबिक वो जब भी किसी पर हमला करने जाते तो सोने का मुकुट पहनकर जाते। लोग उन्हें छोटे सरकार कहकर बुलाने लगे थे। नीतीश का साथ मिला और चुनाव जीतते गए लालू यादव से अलग होने के बाद नीतीश कुमार पर राजनीतिक संकट मंडराता नजर आ रहा था। राजेश सिंह की किताब बाहुबलीज ऑफ इंडियन पॉलिटिक्स के अनुसार, 1996 के लोकसभा चुनाव में बाढ़ लोकसभा से गाड़ी पार करना नीतीश कुमार को चुनौती जैसा लग रहा था। ऐसे में उनकी नजर अनंत सिंह पर पड़ी। अनंत सिंह ने नीतीश से हाथ मिला लिया। अनंत सिंह की ही बदौलत नीतीश कुमार 1996, 1998 और 1999 में लोकसभा चुनाव जीते और अटल सरकार में मंत्री भी रहे। 2004 के लोकसभा चुनाव में प्रचार के दौरान बाढ़ में एक जनसभा की गई। इस दौरान अनंत सिंह ने नीतीश कुमार को चांदी के सिक्कों से तौल दिया। इसका एक वीडियो भी उन दिनों कई मीडिया चैनलों ने चलाया। ये अनंत सिंह की राजनीति में औपचारिक एंट्री थी। इसके बाद 2005 में उन्होंने जदयू के टिकट पर मोकामा से विधानसभा चुनाव जीता। इसी साल नीतीश कुमार मुख्यमंत्री बने और उन्होंने जनता से वादा किया कि वो बिहार को जंगल राज से मुक्ति दिलाएंगे और लॉ एंड ऑर्डर को ठीक करेंगे। इस दौरान कई बाहुबलियों और अपराधियों को पुलिस ने निशाना बनाया। दर्जनभर से ज्यादा मामले अनंत सिंह के खिलाफ दर्ज हुए, लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। घायल अनंत सिंह को गिरफ्तार करने अस्पताल पहुंची पुलिस 2 जुलाई 2004, बिहार के सीनियर जर्नलिस्ट ज्ञानेश्वर के अनुसार, सवेरे उठकर अनंत सिंह अपने घर की बैठक में शेविंग करवा रहे थे। तभी विवेका पहलवान के घर की खिड़की खुली। किसी को समझ नहीं आया कि ऐसा क्यों हुआ। अचानक खिड़की से Ak-47 से फायरिंग शुरू हो गई। एक गोली अनंत सिंह की छाती में लगी। जवाब में अनंत सिंह के लोग दौड़कर विवेका पहलवान के घर पहुंचे और दरवाजा तोड़कर अंदर घुसे, लेकिन अंदर उन्हें कोई नहीं मिला। हमला करने वाले सभी लोग घर के पीछे के दरवाजे से अब तक भाग चुके थे। दूसरी ओर अनंत सिंह का काफी खून बह चुका था। उन्हें तुरंत गाड़ी में बैठाकर पटना ले जाया गया। आलोक नर्सिंग होम की इमरजेंसी में डॉ. नरेंद्र प्रसाद ने इलाज शुरू किया। डॉ. प्रसाद ने कहा, 'खून काफी बह चुका है और अनंत सिंह जी की इंजरी भी बहुत क्रिटिकल है। इन्हें बचाना मुश्किल है…।' अनंत के भाई दिलीप सिंह ने डॉक्टर की कनपट्टी पर पिस्तौल रख दी, बोले 'ऐसे कैसे बचाना मुश्किल है… अगर हमरे भाई को कुछ हुआ तो तू भी अपने परिवार का मुंह नहीं देख सकेगा डॉक्टर…।' इसके बाद पूरा नर्सिंग होम अनंत सिंह की सेवा में लग गया। कई घंटे की सर्जरी के बाद आखिरकार अनंत सिंह की जान बच गई। कई दिनों तक उन्हें अस्पताल में रहना पड़ा। यहीं पर उन्हें पुलिस गिरफ्तार करने आ गई। अस्पताल से छूटने पर उन्हें सीधा जेल ले जाया गया। इस घटना के बाद अनंत सिंह ने नदवां गांव में रहना छोड़ दिया और वो पटना में सरकारी आवास में रहने लगे। महिला ने CM को लिखी चिट्ठी, कुछ ही दिन में लाश मिली बात 2006 की है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, एक सुबह CM नीतीश कुमार, बिहार के सीनियर पुलिस अधिकारियों और राज्य के बड़े मीडिया चैनलों को एक चिट्ठी मिली। ये चिट्ठी एक मुसलमान महिला ने लिखी थी। चिट्ठी में उसने आरोप लगाया था कि अनंत सिंह ने उसके साथ बलात्कार किया। चिट्ठी मिलने के कुछ ही दिन बाद उस महिला की लाश विधायक अनंत सिंह के पटना आवास के नजदीक मिली। चिट्ठी के सामने आने और महिला की हत्या से हड़कंप मच गया। जनता अब मुख्यमंत्री से सवाल करने लगी। दबाव में नीतीश कुमार ने इस मामले को CBI को सौंप दिया। उन्होंने वादा किया कि न्याय होगा। मामला यहीं खत्म नहीं हुआ। दो पत्रकार अनंत सिंह के बंगले पर पहुंचे और महिला की हत्या और बलात्कार के मामले में उनसे सवाल पूछने लगे। किताब के अनुसार, पत्रकारों के सवाल सुनकर अनंत सिंह ने उन्हें इतना पिटवाया कि उन्हें अस्पताल में महीनों भर्ती रहना पड़ा। घटना के विरोध में कई अन्य पत्रकार मार्च निकालते हुए अनंत सिंह के बंगले पर पहुंचे। उन्हें भी पीट-पीटकर वहां से भगा दिया गया। नीतीश कुमार समझ चुके थे कि अब हद हो चुकी है। उन्होंने अनंत सिंह को गिरफ्तार करने का ऑर्डर दे दिया। अनंत को दो हफ्तों की पुलिस रिमांड पर भी भेजा गया। हालांकि, पुलिस ने मामले की जांच कर अनंत सिंह को क्लीन चिट दे दी। मामले में एक बिल्डर अनिल शर्मा को आरोपी बना दिया गया। लेखक और शिक्षाविद् मिलन वैष्णव के अनुसार, ‘अनंत सिंह हत्यारा नहीं है, लेकिन हत्याएं मैनेज करता है।’ लालू यादव का घोड़ा खरीदा, बग्घी से पहुंचे विधानसभा साल 2007 की बात है। सोनपुर के पशु मेले में लालू यादव का घोड़ा बिकने के लिए आया। अनंत सिंह को घोड़े रखने का बहुत शौक था। उनके पास 100 घोड़े हुआ करते थे। अनंत ने लालू यादव का घोड़ा खरीदने का मन बना लिया, लेकिन वो जानते थे कि लालू यादव उन्हें घोड़ा नहीं बेचेंगे। उन्होंने एक किसान को घोड़ा खरीदने भेजा और घोड़ा खरीद भी लिया गया। इसके बाद अनंत सिंह वही घोड़ा लेकर सोनपुर मेला घूमने पहुंच गए। अनंत सिंह जब विधायक बन गए तो घोड़ा-बग्घी पर सवार होकर विधानसभा जाते। बग्घी भी आम नहीं; इसमें लाइटें और म्यूजिक सिस्टम लगा था और सुंदर लाल कपड़े से सजावट की गई थी।
झज्जर के बादली हल्के की राजनीति में लंबे समय से चल रही बयानबाजी अब कानूनी लड़ाई में बदलती नजर आ रही है। मौजूदा कांग्रेस विधायक कुलदीप वत्स ने पूर्व विधायक नरेश शर्मा को 5 करोड़ रुपये का मानहानि का लीगल नोटिस भेजा है। इस नोटिस में सोशल मीडिया पर लगाए गए आरोपों को पूरी तरह झूठा, मनगढ़ंत और बेबुनियाद बताते हुए सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। राज्यसभा चुनाव को लेकर लगाए गए आरोप नोटिस के अनुसार, 16 मार्च 2026 को हुए राज्यसभा चुनाव को लेकर नरेश शर्मा द्वारा सार्वजनिक मंचों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक और यूट्यूब पर ऐसे आरोप लगाए गए, जिनमें विधायक कुलदीप वत्स पर कथित तौर पर राज्यसभा चुनाव में पैसे लेकर वोट प्रभावित करने या रद्द करवाने जैसी गंभीर बातें कही गईं। विधायक पक्ष का कहना है कि इन आरोपों का कोई तथ्यात्मक आधार नहीं है और यह केवल उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से फैलाए गए हैं। सोशल मीडिया पोस्ट बनी विवाद की जड़ कानूनी नोटिस में 17 मार्च, 19 मार्च और 5 अप्रैल 2026 को की गई फेसबुक पोस्ट और यूट्यूब वीडियो का विशेष रूप से उल्लेख किया गया है। आरोप है कि इन पोस्ट और वीडियो के जरिए लगातार एक ही तरह के आरोप दोहराए गए, जिससे न केवल विधायक की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची, बल्कि आम जनता के बीच भ्रम की स्थिति भी उत्पन्न हुई। नोटिस में इसे सुनियोजित तरीके से छवि धूमिल करने की कोशिश बताया गया है। 48 घंटे में माफी और 5 करोड़ हर्जाने की मांग नोटिस के माध्यम से पूर्व विधायक नरेश शर्मा को 48 घंटे के भीतर सभी कथित आपत्तिजनक पोस्ट और वीडियो हटाने, सार्वजनिक रूप से बिना शर्त माफी मांगने और 5 करोड़ रुपये का हर्जाना अदा करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि तय समय सीमा के भीतर इन शर्तों का पालन नहीं किया गया, तो उनके खिलाफ दीवानी और आपराधिक मुकदमा दायर किया जाएगा। पुराना सियासी टकराव फिर सतह पर बादली हल्के की राजनीति में कुलदीप वत्स और नरेश शर्मा के बीच टकराव कोई नया नहीं है। कुलदीप वत्स कांग्रेस से दो बार विधायक रह चुके हैं, जबकि नरेश शर्मा भी इसी हल्के से दो बार विधायक रहे हैं—एक बार निर्दलीय और एक बार कांग्रेस से। दोनों नेताओं के बीच लंबे समय से राजनीतिक प्रतिस्पर्धा और बयानबाजी चलती रही है। दीपेंद्र हुड्डा के चुनाव में भी हुआ था विवाद बताया जाता है कि दीपेंद्र सिंह हुड्डा के लोकसभा चुनाव के दौरान भी दोनों नेताओं के बीच खुला टकराव देखने को मिला था, जिसमें आरोप-प्रत्यारोप और तीखी बयानबाजी ने राजनीतिक माहौल को गर्म कर दिया था। मौजूदा घटनाक्रम को उसी कड़ी का विस्तार माना जा रहा है। अब नजर नरेश शर्मा के जवाब पर इस पूरे मामले में अब सभी की नजर पूर्व विधायक नरेश शर्मा के जवाब पर टिकी हुई है। आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि वे इस नोटिस का किस तरह से जवाब देते हैं—क्या वे अपने आरोपों पर कायम रहते हैं या फिर माफी का रास्ता अपनाते हैं। फिलहाल, इस नोटिस के बाद बादली हल्के की राजनीति एक बार फिर गर्मा गई है और सियासी हलकों में इस मुद्दे को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। नरेश शर्मा से हुई बातचित में बताया कि आने वाले दो दिन में बयाज समेत जवाब देगें।
उमरिया में एक सड़क हादसे में दो चचेरे भाइयों की मौत हो गई। इस घटना में दो अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा अमहा के पास खेरमाई मंदिर के नजदीक हुआ, जहां बाइक सवार युवक एक खड़े ब्रेकडाउन ट्रक से टकरा गए। हादसा शुक्रवार देर रात का है। हादसे में दो चचेरे भाइयों की मौत मृतकों की पहचान नौरोजाबाद थाना क्षेत्र के बरही निवासी सनन (18) पिता सुखराम बैगा और अभिषेक (20) पिता बाबूलाल बैगा के रूप में हुई है। दोनों चचेरे भाई थे। उन्हें जिला अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। दो गंभीर घायल, शहडोल रेफर हादसे में घायल हुए शिवम (10) पिता दादू राम बैगा और छोटू (25) पिता आशाराम बैगा निवासी कंचनपुर की हालत गंभीर बनी हुई है। प्राथमिक इलाज के बाद दोनों को शहडोल रेफर किया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। शिवम की स्थिति अधिक गंभीर बताई जा रही है। शादी में शामिल होने जा रहे थे बाइक सवार जानकारी के अनुसार, सभी युवक ग्राम किरनताल में एक वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। हाईवे पर खड़े एक ब्रेकडाउन ट्रक (MP20ZH 7833) से उनकी बाइक अनियंत्रित होकर टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि चारों बाइक सवार सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने 108 एम्बुलेंस की सहायता से सभी घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया। वहां से गंभीर घायलों को शहडोल रेफर किया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मुज़फ़्फ़रनगर जनपद के चरथावल थाना क्षेत्र में एक पब्लिक स्कूल के चौकीदार की हत्या का मामला सामने आया है। छपार-रोहना रोड स्थित किड्स हेवन पब्लिक स्कूल परिसर में चौकीदार का खून से लथपथ शव मिला। मृतक की पहचान करीब 50 वर्षीय राजू के रूप में हुई है, जो कस्बे की दलित बस्ती का निवासी था और स्कूल में चौकीदार के पद पर कार्यरत था। वह शुक्रवार रात अपनी ड्यूटी पर था। आशंका है कि देर रात अज्ञात हमलावरों ने स्कूल परिसर में घुसकर धारदार हथियार से उसकी गर्दन पर वार कर हत्या कर दी। शनिवार सुबह स्कूल स्टाफ के पहुंचने पर राजू का शव खून से लथपथ मिला। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरा और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना स्थल पर स्कूल परिसर और आसपास के इलाके में भारी भीड़ जमा हो गई। मृतक के परिजन भी मौके पर पहुंचे। पुलिस के अनुसार, हत्या के कारणों का अभी तक स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। क्षेत्राधिकारी सदर डॉ. रवि शंकर मिश्रा ने बताया कि घटनास्थल के पास एग्जिट पॉइंट पर खून के निशान मिले हैं, जिनकी जांच डॉग स्क्वायड की मदद से की जा रही है। पुलिस स्कूल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और सभी संभावित पहलुओं पर जांच कर रही है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही इस हत्याकांड का खुलासा किया जाएगा और आरोपियों को गिरफ्तार कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उज्जैन में संन्यास को लेकर उठे विवाद पर स्वामी हर्षानंद गिरि (पूर्व में हर्षा रिछारिया) ने संतों के आरोपों का जवाब दिया है। उन्होंने वीडियो जारी कर कहा- महाराज जी, मैं अभी उज्जैन में हूं। इससे पहले मैं 2019 से उत्तराखंड में थी। क्या आपको पता है मैं वहां क्या कर रही थी? अपना काम छोड़कर वहां क्यों थी? मैं कौन सी साधना, कौन सी तपस्या और किस गुरु के सानिध्य में कर रही थी? कौन कितने साल तपस्या करके यहां संत बना है। किसी को कुछ नहीं पता है, महाराज जी। लेकिन कुछ लोगों के जब रिकॉर्ड निकलते हैं, तो वो रिकॉर्ड काफी डरावने होते हैं। अब यह मत कह दीजिएगा कि हर्षा रिछारिया ने संतों का अपमान किया। महाराज जी आप यह साबित कर दीजिए कि मुझे विदेश से फंडिंग हो रही है। अगर आप गलत साबित हुए, तो आपको मुझे मानहानि के रूप में 1 करोड़ रुपए देना होगा। बता दें कि महाकुंभ 2024 से सुर्खियों में आई हर्षा रिछारिया ने हाल ही में संन्यास लिया है वह अब स्वामी हर्षानंद गिरि के नाम से जानी जाएंगी। वे आधिकारिक रूप से संन्यास ले चुकी हैं। उज्जैन के मौनी तीर्थ आश्रम में उन्हें महामंडलेश्वर सुमनानंदजी महाराज ने दीक्षा दिलाई। हालांकि, उनके संन्यास पर मध्य प्रदेश संत समिति के अध्यक्ष महाराज अनिलानंद को ऐतराज जताया था। यूनिवर्सिटी के एक संत भाग रहे थे तब महाराज जी कहां थे हर्षा रिछारिया का शुक्रवार को वीडियो सामने आया। उन्होंने कहा- हर्षा रिछारिया लेंस लगाए। हर्षा रिछारिया मेकअप कर ले। हर्षा रिछारिया नजर का चश्मा लगाए, जो डॉक्टर ने दिया है और जो धूप में काला हो जाता है, क्योंकि मुझे दिन की रोशनी से आंखों में दिक्कत हो रही है। हर्षा रिछारिया ने फैशनेबल चश्मा लगा लिया है, मतलब हर्षा रिछारिया अपनी सेहत का ख़याल आपकी सोच के हिसाब से करे, है न पूजनीय महाराज जी? अगर इस लड़की ने संन्यास लिया है तो इसे 10 साल तक हिमालय पर तपस्या करनी पड़ेगी। महाराज जी मैंने तब विरोध किया, जब अशोक खेराज जैसे लोग अरेस्ट हुए। उनके वीडियो सामने आए। आपने तब हंगामा किया, जब किसी यूनिवर्सिटी के एक संत भागते-भागते फिर रहे थे। यौन शोषण के मामले में जब लड़कियां थाने तक पहुंच गई थीं। तब आपने विरोध किया था क्या? मुझे याद नहीं आ रहा महाराज जी। महाराज जी बताएं, मैंने कहां अपनी सीमाएं लांघीं? आज आप एक लड़की का विरोध कर रहे हैं कि ये संत कैसे बन गई। संत मैं अपने जीवन में बनी हूं। अपने जीवन का मैंने यहां पिंडदान किया है। आपको कुछ गलतफहमी हुई है। मेरा विरोध करने से पहले मेरे बारे में जानिए तो। मैंने कब कहा कि मैं संन्यासी हूं, मैं साध्वी हूं? प्रयागराज कुंभ से पहले या बाद में, मैंने तो मीडिया के जरिये पचासों बार इससे इनकार किया है। मुझे लगता है कि एक समझदार और बुद्धिमान व्यक्ति वही होता है, जो किसी पर आरोप लगाने से पहले पूरी जानकारी हासिल करता है। आप बार-बार कह रहे हैं कि मैंने प्रयागराज कुंभ को खराब किया। मैंने जाकर किसका अपमान किया? मैंने किसका विरोध किया? किसे अपमानित किया? कहां अपनी सीमाएं लांघीं? कहां अपने संस्कारों से हटी? मैं सनातन धर्म में मैं पैदा हुई हूं महाराज जी। ब्राह्मण परिवार, वशिष्ठ गोत्र में मेरा जन्म हुआ। अब मेरा गोत्र अच्युत है। जो सच्चा साधु-संत का होता है। फॉरेन फंडिंग को साबित करें, मैं मीडिया के सामने बैंक डिटेल्स रखूंगी उन्होंने कहा- जहां तक फॉरेन फंडिंग की बात है। महाराज जी आप यह साबित कर दीजिए कि मुझे विदेश से फंडिंग हो रही है। भारतीय संस्कृति को नुकसान पहुंचाने के लिए। मैं अपनी पूरी बैंक डिटेल्स, प्रयागराज महाकुंभ से अब तक की सारी जानकारी, मीडिया और देश के सामने रखने को तैयार हूं। अगर यह साबित हो जाता है कि मुझे विदेश से या देश के भीतर से भी लाखों-करोड़ों की कोई बड़ी फंडिंग मिली है। तो मैं अपनी पूरी संपत्ति आपके चरणों में अर्पित कर दूंगी। लेकिन अगर आप गलत साबित हुए, तो आपको मुझे मानहानि के रूप में 1 करोड़ रुपए देना होगा। आरोप गलत हुए तो मुझे एक करोड़ रुपए दें क्योंकि अपमान आपने जरूरत से ज्यादा किया है। पहला आरोप, मैंने दो बार संन्यास लिया, जो पूरी तरह गलत है। दूसरा आरोप आपने नचनिया-कुदनिया जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया, जो एक लड़की के लिए अपमानजनक है। तीसरा फॉरेन फंडिंग का झूठा आरोप लगया और चौथा कि मैं महाकुंभ को खराब करने आई हूं। भारतीय संस्कृति को नुकसान पहुंचा रही हूं। आप ऐसे आरोप लगाकर उन लोगों के मन में भी भ्रम और नफरत पैदा कर रहे हैं, जो संतों में ईश्वर को देखते हैं। अब आप बताइए, मैं कब मीडिया के सामने अपनी बैंक डिटेल्स रखूं? कब पूरी सच्चाई बताऊं? ये खबर भी पढ़ें अनिलानंद ने कहा-900 चूहे खाकर बिल्ली हज को नहीं जा सकतीं महाराज अनिलानंद ने कहा- यह पूरा घटनाक्रम गलत और सनातन धर्म की मर्यादा के विपरीत है। 900 चूहे खाकर बिल्ली हज को नहीं जा सकती। प्रयागराज कुंभ के दौरान हर्षा ने संन्यास लेने का दावा किया, लेकिन बाद में सनातन धर्म के खिलाफ अपमानजनक बातें कहीं। ऐसे व्यक्ति का संन्यास लेना स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि हर्षा को दीक्षा दिलाने वाले सुमनानंदजी महाराज की जांच हो। यहां पढ़ें पूरी खबर…
कोटा में महिला की हत्या के करीब 21 महीने पुराने मामले में कोर्ट (अपर सेशन न्यायाधीश क्रम 4) ने फैसला सुनाया है। कोर्ट ने हत्या के आरोपी दूसरे पति मुकेश वाल्मीकि को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। कोर्ट ने माना की FSL रिपोर्ट पूरी घटना को आरोपी से जोड़ने में असमर्थ है। केवल एक लिंक पर्याप्त नहीं है। मामले में FIR देने वाला मृतका का बेटा विकास से लेकर मृतका का भाई, बहनोई व अन्य रिश्तेदार और गवाह के भी बयान बदल गए हैं। FSL जांच में मृतका का डीएनए आरोपी दूसरे पति की शर्ट पर मिले खून में पाया गया था। लेकिन मृतका के शरीर व कपड़ों में मिला सैम्पल आरोपी के डीएनए से मैच नहीं हुआ। मतलब मृतका का खून आरोपी की शर्ट पर मिला है, लेकिन आरोपी द्वारा मृतका के साथ रेप करने संबंधी कोई प्रमाण नहीं मिला। अलग-अलग जगह पर एक से ज्यादा पुरुषों का डीएनए मिला है। आरोपी से बरामद पत्थर पर भी मृतका के खून से संबधित सबूत नहीं मिले। कोर्ट ने 20 अप्रैल को सुनाए फैसले में सबूत के अभाव में आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए बरी किया। कोर्ट में 19 गवाहों के बयान हुए और 31 दस्तावेज पेश किए गए। ये था मामला पहले पति की मौत के बाद महिला 6-7 साल से दूसरे पति के साथ रह रही थी। दोनों कचरा व थैली बीनने का काम करते थे। 5 जुलाई 2024 को एक खाली प्लॉट में महिला का लहूलुहान हालत में शव मिला था। उसके सिर पर चोट के निशान थे। शव को छिपाने के लिए 20 से 30 फीट दूर पत्थर व कचरे वाली जगह पर पटक दिया था। सूचना पर पुलिस, एफएसएल और डॉग स्क्वॉयड टीम ने मौके पर जाकर जांच की। FSL टीम को मौके पर एक जोड़ी चप्पल,एक जोड़ी पायल, दो खाली सादा शराब के नींबू के प्लास्टिक के पव्वा,एक सादा देशी शराब का पव्वा और लाल व नीले रंग के ढक्कन मिले थे। हत्या के बाद महिला के बेटे ने मुकेश पर हत्या का शक जताते हुए पुलिस को रिपोर्ट दी थी। पुलिस ने जांच के बाद दूसरे पति को गिरफ्तार किया।उसकी निशान देही पर खून लगी शर्ट व वारदात में काम में लिया पत्थर जब्त किया था।
फतेहपुर जिले के खागा विधानसभा क्षेत्र में हरदो और त्रिलोचनपुर के बीच 'औलिया दरगाह' के पास बिजली के शॉर्ट सर्किट से गेहूं के खेत में आग लग गई। दोपहर करीब 1 बजकर 45 मिनट पर लगी इस आग में लगभग दो बीघा गेहूं की फसल जलकर नष्ट हो गई। आग तेजी से आसपास के क्षेत्र में फैलने लगी। मौके पर मौजूद कुछ लोगों और ग्रामीणों ने मिलकर आग पर काबू पाने का प्रयास किया। पास के एक घर से पानी उपलब्ध कराया गया, जिससे आग बुझाने में मदद मिली। समाजवादी पार्टी के खागा विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी राम तीरथ परमहंस अपने साथियों के साथ विधानसभा क्षेत्र का दौरा कर रहे थे, तभी उन्होंने खेतों में आग लगी देखी। उन्होंने तुरंत अपने साथियों और ग्रामीणों की मदद से आग बुझाने का अभियान शुरू किया। करीब डेढ़ से दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया गया। परमहंस ने बताया कि यदि समय रहते आग पर नियंत्रण न पाया जाता, तो सैकड़ों बीघा गेहूं की फसल जलकर खाक हो सकती थी। अग्निकांड की सूचना मिलने पर राजस्व और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने नुकसान का आकलन करने और घटना की जांच पड़ताल शुरू कर दी है।
नर्मदापुरम में 20 करोड़ रुपए से बनने वाला में नर्मदा लोक का कार्य अधर में लटक गया है। भूमिपूजन के तीन माह बीतने के बाद पहले चरण का शुरू हुआ। लेकिन रफ्तार धीमी है। नपाध्यक्ष नीतू यादव का कहना है कि ठेकेदार नगर पालिका की नहीं सुन नहीं रहा। धीमी रफ्तार और नहीं सुनने की वजह से नगर पालिका ने कुशल गुरु कंस्ट्रक्शन के ठेकेदार पवन शर्मा को दिया टेंडर निरस्त करने का निर्णय ले लिया है। जिसका पत्र भी नगर पालिका ने ठेकेदार को मेल कर दिया है। जल्द ऑनलाइन टेंडर निरस्त होगा। खास बात यह है कि नर्मदा लोक का टेंडर लेने वाली फर्म के ठेकेदार पवन शर्मा भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष भी है। टेंडर निरस्त के निर्णय की जानकारी मिलते ही राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। विधायक और प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद टेंडर निरस्त करने की बात फिलहाल टल गई है। साथ ही आज शनिवार को कलेक्ट्रेट में इस संबंध में बैठक बुलाई गई है। बैठक में जनप्रतिनिधियों व कलेक्टर की मौजूदगी में नपा और एजेंसी दोनों अपना-अपना पक्ष रखेंगे। इस बैठक के बाद ही नर्मदा लोक के संबंध में कोई ठोस हल निकलेगा। 4 बार दिए नोटिस, कार्य में तेजी नहीं नर्मदा जयंती पर 25 जनवरी 2026 मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा किए नर्मदा लोक का भूमिपूजन किया था। तीन माह बाद भी पर्यटन घाट के पास पार्किंग के लिए धीमी गति से कार्य शुरू हुआ। जिसके चलते नगर पालिका अध्यक्ष, परिषद और अधिकारियों ने टेंडर को निरस्त का निर्णय लिया। जिसका पत्र भी ठेकेदार को 22 अप्रैल को मेल किया। ऑनलाइन टेंडर निरस्त होने की प्रक्रिया शेष है। सीएमओ हेमेश्वरी पटले ने बताया कि ठेकेदार को करीब 4 नोटिस दिए थे, लेकिन काम नहीं होने के कारण टेंडर को निरस्त कर रहे है। नपाध्यक्ष नीतू यादव ने ठेकेदार द्वारा नहीं सुनने की अपनी पीड़ा भी बताई है। उनका आरोप है कि बार बार पत्र लिखने के बावजूद ठेकेदार नगर पालिका की नहीं सुन रहे। ठेकेदार पवन शर्मा का कहना है कि हमारा काम चल रहा है। नगर पालिका उन्हें सहयोग नहीं कर रही। हमें परेशान कर रही है। नपाध्यक्ष के मन की बात; लोकार्पण हमारे हाथों हो नगर पालिका अध्यक्ष नीतू महेंद्र यादव ने कहा मां नर्मदा जन्मोत्सव पर जल मंच से 3 साल पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नर्मदा लोक की घोषणा की थी। 3 साल पूरे हो चुके हैं, चौथे साल में 25 जनवरी को मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव के हाथ से भूमिपूजन कराया। जिसे तीन महीने पूरे हो गए। एक प्रतिशत काम भी ठेकेदार द्वारा नहीं किया गया। नपा अध्यक्ष नीतू यादव की दिल की बात जुंबा पर आई, उन्होंने कहा हमारा सपना है कि जब भूमिपूजन हमने किया तो लोकार्पण भी हम ही करें। लेकिन कार्य नहीं होगा तो वह अधूरा ही रहेगा। यही कारण है कि हमने उसके टेंडर निरस्त ठेकेदार नगर पालिका की नहीं सुन राज इसलिए टेंडर निरस्त करने का निर्णय लिया है। हमारा काम चालु है, नपा नहीं कर रही सहयोग नर्मदा लोक बनाने का कुशल गुरु कंस्ट्रक्शन को ठेका मिला है। जिसके ठेकेदार पवन शर्मा और दिलीप मेहतो है। उनका कहना है कि दिसंबर 2025 टेंडर हुआ। हमें काम शुरू करने के लिए भूमिपूजन तक का इंतजार बोला गया। 25 जनवरी को भूमिपूजन हुआ। 18 महीने में नर्मदा लोक का काम पूरा करना है। जो डिजाइन दी, उसमें बदलाव किया। नगरीय प्रशासन ईएनसी ने कहा कि काम चालू होने के पहले रेड स्टोन की जगह ब्लैक पत्थर लगाने के लिए रिवाइज की स्वीकृति ली जाएं। लेकिन आज दिनांक तक नगर पालिका ने न डिजाइन बनवाई और न ब्लैक पत्थर के रिवाइज की स्वीकृति कराई। हमने कोरी घाट पर काम शुरू कर दिया है। करीब 50 डंपर मिट्टी डाली है। बहाव अधिक होने से मिट्टी बह रही थी, इसलिए पाइप भेजे। नगर पालिका पूरा दोष हम पर थोप रही। द्वेषपूर्ण भावना से काम कर रहे है, शायद मन पसंद ठेकेदार को काम देने की तैयारी हैं। सारी गलतियां नगर पालिका की है। बुधवार को जब हमने एक पत्र भेज तो दूसरे दिन हमें निरस्त करने का नोटिस दिया। घाटों के किनारे मजबूत होंगे, पक्के घाट बनेंगे नर्मदा लोक के तहत 20 करोड़ से पहले चरण में कई प्रमुख काम होना है। मंगलवारा घाट से लेकर पर्यटन घाट तक एक दूसरे को जोड़ना है। इसमें मंगलवारा से लेकर काले महादेव तक घाट ही नहीं बना है। यहां गैबियन स्ट्रक्चर से घाटों को किनारे को बचाने का काम पहले हुआ है। इसलिए अब मंगलवारा घाट को सबसे पहले सेठानीघाट से जोड़ना है। घाटों और किनारों को मजबूती देने के लिए बनाया जा रहा है।
दुर्ग पुलिस ने सार्वजनिक स्थानों से बाइक चोरी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस गिरोह में एक नाबालिग समेत कुल 5 आरोपी शामिल हैं। आरोपी भीड़भाड़ वाले इलाकों में खड़ी दोपहिया वाहनों को निशाना बनाते थे और चोरी के बाद उन्हें भिलाई नगर रेलवे स्टेशन के पास स्थित गौठान की झाड़ियों में छिपाकर रख देते थे। आरोपियों के पास से 6 चोरी के वाहन भी बरामद किए गए हैं, जिनमें 5 स्प्लेंडर और 1 एक्टिवा शामिल है। आरोपी बाइक और स्कूटी को ही निशाना बनाते थे। पुलिस ने चारों आरोपियों को जेल भेज दिया है और एक नाबालिग को अभिरक्षा में रखा गया है। मामला सुपेला थाना क्षेत्र का है। सुपेला के लक्ष्मी नगर से संदेह के आधार पर लिया हिरासत में पुलिस ने बताया कि लक्ष्मी नगर क्षेत्र से संदिग्धों को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि वे मिलकर अलग-अलग जगहों से वाहन चोरी करते थे और बाद में उन्हें छिपा देते थे। इस पूरे मामले की शुरुआत तब हुई, जब भिलाई के मदर टेरेसा नगर कैंप-01 निवासी सुखदेव पाण्डेय ने थाना सुपेला में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि 25 दिसंबर 2025 को नेहरू नगर स्थित अटल प्रतिमा के पास से उनकी स्प्लेंडर बाइक चोरी हो गई थी। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। बिना नंबर के भी दो बाइक बरामद जांच के दौरान पुलिस को अहम सुराग मिले और 24 अप्रैल 2026 को मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए आरोपियों को पकड़ा गया। आरोपियों की निशानदेही पर भिलाई नगर रेलवे स्टेशन के पास गौठान क्षेत्र की झाड़ियों से 6 चोरी के वाहन बरामद किए गए। लंबे समय से चोरी की वारदात में संलिप्त थे आरोपी पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी लंबे समय से इस तरह की चोरी की घटनाओं को अंजाम दे रहे थे। वे भीड़भाड़ वाले और सार्वजनिक स्थानों को निशाना बनाते थे, जहां से आसानी से गाड़ी चुराकर निकल सकें। चोरी के बाद वे वाहनों को सुनसान जगहों पर छिपा देते थे और मौका मिलने पर उन्हें बेचने की फिराक में रहते थे। पुलिस का कहना है कि इस गिरोह से जुड़े अन्य मामलों की भी जांच की जा रही है।
पंजाब के खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह को आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अजनाला अदालत में फिर से पेश किया जाएगा। पिछली बार उन्हें 2 दिन का पुलिस रिमांड मिला था, जो अब समाप्त हो चुका है। यह जानकारी उनके केस की कानूनी पैरवी कर रहे एडवोकेट करमवीर सिंह ने दी। गौरतलब है कि पंजाब पुलिस की एक विशेष टीम 21 अप्रैल को असम की डिब्रूगढ़ सेंट्रल जेल पहुंची थी, जहां अमृतपाल सिंह राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत बंद थे। उनकी NSA के तहत नजरबंदी 22 अप्रैल को समाप्त हो चुकी है, जिसके बाद पुलिस ने पुराने मामले में कार्रवाई तेज कर दी है। अमृतपाल सिंह के वकील एडवोकेट ऋतुराज सिंह ने बताया तब बताया था कि NSA समाप्त हो चुका है, लेकिन FIR नंबर 39 के तहत कानूनी कार्रवाई जारी है। इस मामले में धारा 307 समेत कई गंभीर आरोप दर्ज हैं। उनके अनुसार, इस केस में शामिल अन्य सहयोगियों की पहले ही अदालत में पेशी हो चुकी है। मोगा के रोड़े गांव से गिरफ्तार किया गया था अमृतपाल गौरतलब है कि अमृतपाल को अप्रैल 2023 में मोगा के रोड़े गांव से गिरफ्तार किया गया था। इससे पहले फरवरी 2023 में अजनाला पुलिस थाने पर बड़ा विवाद हुआ था, जब अमृतपाल अपने समर्थकों के साथ बैरिकेड्स तोड़कर थाने में घुस गए थे। इस दौरान पुलिस और समर्थकों के बीच झड़प भी हुई थी, जिसका मकसद एक गिरफ्तार साथी को छुड़ाना बताया गया था। अमृतपाल सिंह सहित कुल 41 लोगों के खिलाफ आरोप दर्ज इस मामले में अमृतपाल सिंह सहित कुल 41 लोगों के खिलाफ हत्या के प्रयास, सरकारी कर्मचारियों पर हमला, आपराधिक साजिश और दंगा जैसे गंभीर आरोप दर्ज किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, अमृतपाल इस केस के मुख्य आरोपी हैं।
शहर में भीषण गर्मी के बीच मासूम बच्चों की सेहत को लेकर एक बड़ा अलर्ट सामने आया है। अब साधारण लू के साथ-साथ 'ड्राई हीट' बच्चों के लिए नया और जानलेवा खतरा बन रही है। बाल रोग विभाग के अध्यक्ष डॉ. शैलेंद्र कुमार गौतम ने चेतावनी दी है कि यदि बच्चे का शरीर आग की तरह तप रहा है और उसे पसीना नहीं आ रहा, तो यह उसके शरीर के 'कूलिंग सिस्टम' के फेल होने का संकेत है। ऐसी स्थिति में बच्चे के अंगों को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है या वह बेहोश हो सकता है, इसलिए इसे मामूली बुखार समझने की गलती न करें। पसीना न आना है शरीर के सिस्टम फेल होने का इशारा अक्सर माता-पिता को लगता है,कि यदि बच्चे को पसीना आ रहा है, तो वह गर्मी झेल पा रहा है। लेकिन ड्राई हीट के मामले में शरीर इतना गर्म हो जाता है कि दिमाग का वह हिस्सा, जो तापमान को कंट्रोल करता है, काम करना बंद कर देता है। इसका सीधा असर यह होता है कि शरीर झुलसने लगता है लेकिन पसीना आना पूरी तरह बंद हो जाता है। डॉ. गौतम के मुताबिक, पसीना न आना इस बात का साफ संकेत है कि बच्चे का शरीर अब अंदरूनी गर्मी को बाहर निकालने में पूरी तरह अक्षम हो चुका है। बेहोशी और झटकों का खतरा, स्थाई नुकसान की आशंका बाल रोग विभाग के विभागध्यक्ष डॉ. शैलेंद्र कुमार गौतम ने बताया कि,ड्राई हीट की चपेट में आने पर बच्चे को सिर्फ तेज बुखार ही नहीं होता, बल्कि उसे चक्कर आने लगते हैं और आँखों के सामने धुंधलापन छा सकता है। गंभीर मामलों में बच्चा बेहोश हो सकता है या उसे झटके (सीज़र) भी आ सकते हैं। ऐसी हालत में की गई जरा सी भी देरी बच्चे के नाजुक अंगों को स्थाई रूप से नुकसान पहुंचा सकती है। सरकारी अस्पतालों में बच्चों के लिए खास AC वार्ड सक्रियभीषण गर्मी और ड्राई हीट से निपटने के लिए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने सरकारी अस्पतालों में व्यापक इंतजाम किए हैं। हर बड़े अस्पताल में विशेष 'हीट वेव वार्ड' बनाए गए हैं, जो पूरी तरह से वातानुकूलित (AC) हैं। यहां इलाज की सभी आधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं। मैटरनिटी विंग में जहां 20 बेड आरक्षित किए गए हैं, वहीं पीडियाट्रिक विभाग के वार्ड नंबर 8 में बच्चों के लिए विशेष रूप से 6 बेड सुरक्षित रखे गए हैं, जहां डॉक्टरों की टीम चौबीसों घंटे तैनात है।डॉक्टर ने बताया बचाव का तरीका,धूप से तौबा और भरपूर पानीडॉ. शैलेंद्र कुमार गौतम ने माता-पिता को सलाह दी है,कि छोटे बच्चों को दोपहर 12 से शाम 4 बजे के बीच घर से बाहर बिल्कुल न निकालें। यदि बाहर जाना बहुत आवश्यक हो, तो बच्चे के हाथ, पैर और मुंह को सूती कपड़े से अच्छी तरह ढक कर रखें। बच्चा प्यासा न भी हो, तब भी उसे थोड़ी-थोड़ी देर में पानी, ओआरएस या घर के बने तरल पदार्थ पिलाते रहें ताकि शरीर में नमी बनी रहे। यदि बच्चे में अत्यधिक सुस्ती या पसीना न आने जैसे लक्षण दिखें, तो बिना समय गंवाए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या सरकारी अस्पताल ले जाएं।
प्रयागराज में अप्रैल के महीने ने ही भीषण गर्मी का अहसास करा दिया है। शुक्रवार को शहर का तापमान 45.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया, जो इस सीजन के लिए एक नया रिकॉर्ड माना जा रहा है। इसके साथ ही प्रयागराज प्रदेश का सबसे गर्म जिला बन गया। सुबह से ही तेज और चिलचिलाती धूप ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया। ऐसा महसूस हो रहा था मानो आसमान से आग बरस रही हो। दोपहर होते-होते सड़कों पर सन्नाटा छा गया और लोग घरों में रहने को मजबूर दिखे। जरूरी काम के अलावा कोई भी बाहर निकलने से बचता नजर आया। गर्मी का असर शहर की दिनचर्या पर साफ दिख रहा है। बाजारों में ठंडे पेय पदार्थों की मांग अचानक बढ़ गई है। जूस, शिकंजी और नारियल पानी की दुकानों पर लोगों की भीड़ उमड़ रही है। हर कोई किसी न किसी तरह से गर्मी से राहत पाने की कोशिश में लगा है। धूप से बचने के लिए लोग अलग-अलग उपाय अपना रहे हैं। कोई गमछा और टोपी का सहारा ले रहा है, तो कोई छाता लेकर निकल रहा है। बावजूद इसके, तेज लू और तपती धूप ने जनजीवन को काफी प्रभावित कर दिया है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में भी गर्मी से राहत मिलने के आसार कम हैं। ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने और अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने की सलाह दी जा रही है।
खरगोन में 51 बटुकों का सामूहिक यज्ञोपवीत संस्कार:पर्यावरण का संदेश दिया, 5 हजार से ज्यादा लोग जुड़े
खरगोन जिले के कसरावद में नार्मदीय ब्राह्मण समाज द्वारा सामूहिक यज्ञोपवीत संस्कार का आयोजन किया गया। इस अवसर पर 51 बटुकों को वैदिक मंत्रोच्चार के साथ निःशुल्क जनेऊ धारण कराई गई। इस आयोजन के साक्षी बनने के लिए 5 हजार से अधिक समाजजन उपस्थित रहे। यह संस्कार मां नर्मदा संस्कृत पाठशाला महेश्वर के आचार्य दिलीप सोहनी और भगवताचार्य देवेंद्र शास्त्री के सान्निध्य में संपन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत श्रीगणेश पूजन से हुई, जिसके बाद मुंडन संस्कार किया गया। बटुकों को पारंपरिक ब्राह्मण वेश में तैयार किया गया। मंगला अष्टक पाठ, काशी पठन की शोभायात्रा और मां गायत्री की तस्वीर भेंट करने के बाद वैदिक विधि-विधान से यज्ञोपवीत धारण कराया गया। इस आयोजन में बमनाला गुरुगादी के महंत, गुलाबड सरकार, पं. संकल्प चौकड़े, सत्यधाम आश्रम से पं. गोरेलाल शर्मा और आनंद स्वरूप मलतारे सहित कई विद्वान संतों ने सहभागिता की। उपनयन संस्कार के माध्यम से बालकों को गायत्री मंत्र की दीक्षा दी गई और धार्मिक साहित्य भी भेंट किया गया। यह समारोह पूरी तरह पर्यावरण के अनुकूल रहा। भोजन के लिए प्लास्टिक डिस्पोजल की जगह पलाश के पत्तों से बनी पत्तलों का उपयोग किया गया, और पानी तांबे के लोटों में परोसा गया। नार्मदीय ब्राह्मण नगर अध्यक्ष मनोज जोशी ने बताया कि एक बटुक के यज्ञोपवीत संस्कार में सामान्यतः 4 से 5 लाख रुपये का खर्च आता है। सामूहिक आयोजन से समाज के लगभग 2 करोड़ रुपये की बचत हुई। समाज ने मिलकर इस आयोजन में सहयोग किया, जिसका मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को संस्कारों से जोड़ना और उनमें ब्रह्मत्व की भावना जागृत करना था।
गयाजी में भाई ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर बहन को मार डाला। उसके आचरण पर शक था, जिसके बाद उसने हत्या की साजिश रची। महिला का शव सिंगरा स्थान पहाड़ी के पास मिला था। पुलिस ने मुख्य आरोपी भाई को गिरफ्तार कर लियाहै। बाइक और मोबाइल बरामद हुआ है। डीएसपी धर्मेंद्र भारती ने बताया कि घटना 4 अप्रैल 2026 की है। रामपुर थाना को सूचना मिली थी कि पहाड़ी के पास एक महिला की हत्या कर शव फेंक दिया गया है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। इलाके को घेरा गया। साक्ष्य सुरक्षित किए थे। शव को पोस्टमार्टम के लिए एएनएमसीएच भेजा गया। इस मामले में रामपुर थाना कांड संख्या 193/26 दर्ज कर जांच शुरू हुई। छापेमारी कर आरोपी को दबोचा मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक ने स्पेशल टीम बनाई। टीम का नेतृत्व नगर-2 के डीएसपी को दिया गया। रामपुर थाना पुलिस और तकनीकी शाखा को भी इसमें जोड़ा गया। इसके बाद लगातार छापेमारी शुरू हुई। आखिरकार पुलिस ने एक आरोपी को पकड़ लिया। परिवार की समाज में बदनामी का डर गिरफ्तार आरोपी की पहचान शंकर कुमार के रूप में हुई है। वह शेरघाटी थाना क्षेत्र के दक्षिण खाप गांव का रहने वाला है। पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासा हुए। आरोपी ने बताया कि शादीशुदा बहन के आचरण को लेकर वह नाराज था। उसे लगा कि इससे परिवार की समाज में बदनामी हो रही है। इसी गुस्से में उसने अपने साथियों के साथ मिलकर साजिश रची। गले में रस्सी डालकर मार डाला पुलिस के मुताबिक, आरोपी अपनी बहन को बहला-फुसलाकर सिंगरा स्थान ले गया। वहां गले में रस्सी डालकर उसकी हत्या कर दी। चेहरा पर तेजाब डाल दिया था। इसके बाद शव को झाड़ियों में फेंक दिया। इसके बाद सभी मौके से फरार हो गए। वारदात में शामिल आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही बाकी आरोपियों को भी पकड़ लिया जाएगा।
वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय (पूविवि) ने खेल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसी शैक्षणिक सत्र से परिसर में बैचलर ऑफ फिजिकल एजुकेशन एंड स्पोर्ट्स (बीपीईएस) पाठ्यक्रम शुरू करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही, परिसर में खेल सुविधाओं के विस्तार और अधीसंरचना को मजबूत करने की कार्ययोजना भी तैयार की जा रही है। अब तक यह पाठ्यक्रम केवल गाजीपुर स्थित पीजी कॉलेज में संचालित हो रहा था, जो विश्वविद्यालय से संबद्ध है। जौनपुर जनपद में इसकी व्यवस्था न होने के कारण खेल शिक्षा में रुचि रखने वाले विद्यार्थियों को अन्य जिलों का रुख करना पड़ता था। विश्वविद्यालय परिसर में यह पाठ्यक्रम शुरू होने से जौनपुर सहित आसपास के जिलों के छात्रों को बड़ी राहत मिलेगी। उन्हें स्थानीय स्तर पर ही खेल शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। कुलपति प्रो. वंदना सिंह की पहल पर विश्वविद्यालय में खेल अधीसंरचना को सुदृढ़ करने की दिशा में भी काम शुरू कर दिया गया है। इस कवायद के तहत खेल मैदानों के विकास, विभिन्न खेलों के लिए आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता, इंडोर व आउटडोर खेल गतिविधियों के लिए संसाधनों का विस्तार तथा प्रशिक्षित खेल प्रशिक्षकों की व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल अकादमिक शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के समग्र विकास पर भी जोर देना है। उन्होंने कहा, खेल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए बीपीईएस पाठ्यक्रम परिसर में शुरू किया जा रहा है, जिससे छात्र-छात्राओं को खेल के क्षेत्र में बेहतर अवसर मिल सकें। विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि बीपीईएस पाठ्यक्रम शुरू होने से परिसर में खेल संस्कृति को नया प्रोत्साहन मिलेगा। इससे विद्यार्थियों को खेल शिक्षा के क्षेत्र में व्यवस्थित प्रशिक्षण प्राप्त हो सकेगा और विश्वविद्यालय स्तर पर खिलाड़ियों के प्रदर्शन में भी सुधार की उम्मीद है।
रोहतक पुलिस की कस्टडी में आरोपी की मौत:परिवार का थर्ड डिग्री देने का आरोप; इलाज के दौरान तोड़ा दम
रोहतक जिला सीआईए-2 पुलिस की हिरासत में एक 51 वर्षीय आरोपी की मौत हो गई। मृतक के परिवार ने पुलिस पर थर्ड डिग्री टॉर्चर करने का आरोप लगाया। वहीं पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए डेड हाउस में रखवा दिया। मृतक का आज पोस्टमॉर्टम करवाया जाएगा। मृतक की पहचान गांव टिटोली के नरेश कुमार के रूप में हुई। मृतक नरेश कुमार को सीआईए-2 टीम ने देर शाम को उठाया था और रात को तबीयत बिगड़ने के बाद प्राइवेट अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए शवगृह में रखवा दिया। थर्ड डिग्री टॉर्चर का लगाया आरोप मृतक नरेश के परिजनों ने सीआईए-2 टीम पर थर्ड डिग्री टॉर्चर करने का आरोप लगाया और कहा कि पुलिस ने सख्ती के साथ पूछताछ करते हुए गंभीर चोट मारी। जिसके कारण ही उसकी मौत हुई है। परिजनों ने सीआईए टीम पर कार्रवाई करने की मांग की। दुष्यंत चौटाला ने सीआईए पर उठाए सवाल पूव्र डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने कल ही प्रेस कांफ्रेंस में सीआईए टीम पर गुंडागर्दी करने के आरोप लगाए थे। दुष्यंत चौटाला ने कहा था कि सीआईए टीम बिना वर्दी, बिना नंबर प्लेट की गाड़ी पर काले शीशे लगाकर घूमती है। आम लोगों के साथ आतंकवादियों जैसा व्यवहार किया जाता है। रोहतक सीआईए टीम को लेकर भी सवाल उठाया था। हार्टअटैक के कारण हुई मौत सीआईए-2 इंचार्ज का कहना है कि आरोपी को हार्टअटैक आया है। जिसके कारण रात के समय आरोपी को निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। इलाज के दौरान आरोपी की मौत हुई है। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए शवगृह में भेजा हुआ है।
कुशीनगर में आज से होमगार्ड भर्ती परीक्षा शुरु:10,358 अभ्यर्थी होंगे शामिल, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
कुशीनगर में उत्तर प्रदेश होमगार्ड भर्ती परीक्षा-2026 आज से शुरू हो रही है। यह परीक्षा 25, 26 और 27 अप्रैल को दो पालियों में आयोजित की जाएगी, जिसमें कुल 10,358 अभ्यर्थी शामिल होंगे। प्रशासन ने परीक्षा को सकुशल, पारदर्शी और नकलविहीन संपन्न कराने की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। जनपद में इसके लिए चार परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां प्रत्येक पाली में 1,728 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। इन केंद्रों में उदित नारायण इंटरमीडिएट कॉलेज पडरौना, स्योबाई कमला देवी टिबड़ेवाल कन्या इंटरमीडिएट कॉलेज पडरौना, किसान इंटरमीडिएट कॉलेज पडरौना और बुद्ध इंटरमीडिएट कॉलेज कुशीनगर शामिल हैं। परीक्षा से पूर्व एडीएम वैभव मिश्र और एएसपी सिद्धार्थ वर्मा की मौजूदगी में विकास भवन सभागार में अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर और पुलिस अधीक्षक केशव कुमार ने भी परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। सभी केंद्रों पर सीसीटीवी निगरानी, पर्याप्त पुलिस बल, स्टेटिक और सेक्टर मजिस्ट्रेट की तैनाती सुनिश्चित की गई है। प्रवेश द्वार पर सघन चेकिंग की जाएगी ताकि परीक्षा की शुचिता बनी रहे। प्रशासन ने अभ्यर्थियों से समय से परीक्षा केंद्र पहुंचने की अपील की है। उन्हें निर्देश दिया गया है कि वे अपने साथ केवल एडमिट कार्ड और एक वैध फोटो पहचान पत्र ही लेकर केंद्र पर पहुंचें। मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ डिवाइस, कैलकुलेटर या किसी भी प्रकार की इलेक्ट्रॉनिक सामग्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। प्रवेश द्वार पर अभ्यर्थियों की सघन फ्रिस्किंग के साथ एडमिट कार्ड और पहचान पत्र का मिलान किया जाएगा, जिसके बाद ही उन्हें अंदर जाने की अनुमति मिलेगी। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे परीक्षा शुरू होने से कम से कम एक घंटे पहले केंद्र पर पहुंच जाएं, क्योंकि निर्धारित समय के बाद गेट बंद कर दिए जाएंगे और विलंब से आने वालों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
नगर निगम के कोतवाली जोन में पराड़कर भवन के पास हाल ही में बने शौचालय के बंद होने पर महापौर ने सख्ती दिखाई है। महापौर के निरीक्षण में शौचालय बंद मिला तो उन्होंने जिम्मेदारों से जानकरी ली पर कोई संतोषजनक जवाब न मिलने पर उन्होंने संचालक पर 5000 रुपए जुर्माना लगाने का निर्देश दिया है। इसके आलावा कोतवाली इलाके में जगह-जगह जल जमाव मिलने पर उन्होंने कड़ी नाराजगी व्यक्त कर व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने का निर्देश दिया है। बंद मिला शौचालय तो की कार्रवाई महापौर अशोक तिवारी सप्ताहव्यापी महा-अभियान चला रहे हैं। इसी क्रम में उन्होंने मैदागिन स्थित कोतवाली जोन का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान क्षेत्र में फैली गंदगी, जलजमाव और अतिक्रमण को देखकर महापौर ने नाराजगी जताई और अधिकारियों को तत्काल व्यवस्था सुधारने का निर्देश दिया। वहीं पराड़कर भवन के पीछे नवनिर्मित शौचालय बंद मिलने पर महापौर ने कड़ी कार्रवाई करते हुए 5000 रुपये का जुर्माना लगाने का आदेश दिया। नाली पर अतिक्रमण पर दिखाई सख्ती महापौर ने इस दौरान मैंदागिन चौराहे पर संकटहरण महादेव मंदिर के सामने हुए जलजमाव को साफ करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही कोतवाली चौकी के बगल में टाउनहॉल बाउंड्री से सटी सड़क को चौड़ा करने का निर्देश दिया गया। अग्रसेन कन्या इंटर कालेज के सामने नाली पर वाहनों के अतिक्रमण और नाली जाम होने की समस्या पर महापौर ने सख्त नाराजगी जताई और तत्काल अतिक्रमण हटवाने व सफाई के निर्देश दिए। कालेज के बगल में स्थित एक बिल्डिंग संबंधित को तत्काल नोटिस देकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। दिए ये निर्देश महापौर ने इसके अलावा गोदौलिया से चौक रोड के नाले और गलीपीट की तत्काल सफाई व मरम्मत। बाबू नंदन चौरसिया पान दुकान के सामने और पराड़कर भवन के सामने नाली व गलीपीट की स्थिति सुधारने। काल भैरव मंदिर के पास सीवर चेंबर की सिल्ट सफाई कराने। टाउन हाल के पीछे दुकान द्वारा रेलिंग लगाकर किए जा रहे अवैध कब्जे को हटवाने। टाउन हाल के पीछे अवैध रूप से रेलिंग लगाकर रोड कब्जा करने का प्रयास पर तत्काल कार्रवाई करने।क्षेत्र में साफ-सफाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया ताकि आमजन कोई असुविधा न हो सके।
पीलीभीत में घनी आबादी वाले क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित एक कोल्ड स्टोरेज पर जिला प्रशासन ने कार्रवाई की है। जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इस प्लांट को तुरंत सील करने का आदेश दिया है। यह कार्रवाई गौरी शंकर मंदिर रोड स्थित अग्रवाल कोल्ड स्टोरेज एवं आइस फैक्ट्री पर की गई। प्रशासनिक जांच में सामने आया कि यह कोल्ड स्टोरेज बिना किसी वैध लाइसेंस और अनिवार्य एनओसी (NOC) के संचालित किया जा रहा था। रिहाइशी इलाके के बीचों-बीच अमोनिया गैस का उपयोग किया जा रहा था, जिससे स्थानीय निवासियों की सुरक्षा को गंभीर खतरा था। उद्यान विभाग की छापेमारी के दौरान कोल्ड स्टोरेज के अंदर गुप्त रूप से बनाए गए चैंबरों में भारी मात्रा में फलों और सब्जियों का भंडारण मिला। संचालक के पास इस भंडारण से संबंधित कोई वैध दस्तावेज नहीं थे। अवैध संचालन के साथ-साथ यह मामला अब जीएसटी विभाग की जांच के दायरे में भी आ गया है। जिलाधिकारी ने विभाग को निर्देश दिए हैं कि कोल्ड स्टोरेज के पिछले सभी रिकॉर्ड की जांच की जाए, ताकि संभावित टैक्स चोरी का पता लगाया जा सके। प्रशासन का मानना है कि बिना पंजीकरण के व्यापार कर सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाया जा रहा था। उत्तर प्रदेश कोल्ड स्टोरेज अधिनियम के उल्लंघन के मामले में संचालक को स्पष्टीकरण देने का अवसर दिया गया था, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसके बाद अब कठोर कार्रवाई की जा रही है। जांच में कई विभागों की ओर से अनदेखी सामने आई है। अग्निशमन विभाग की ओर से अग्नि सुरक्षा के इंतजामों का अभाव पाया गया। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से संचालन हेतु आवश्यक सहमति (CTE/CTO) नहीं ली गई थी। साथ ही, विद्युत विभाग से बिना औद्योगिक कनेक्शन के भारी लोड का उपयोग किया जा रहा था। जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने कहा कि शहर के बीचों-बीच बिना सुरक्षा मानकों के चल रहे ऐसे अवैध व्यापार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोल्ड स्टोर सील किया जाएगा और कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
आज हीटवेव का अलर्ट, कल से 5 दिन बूंदाबांदी:44.0°C पहुंचा आगरा का तापमान, कल से मिलेगी गर्मी से राहत
भीषण गर्मी के बीच आगरा का तापमान 44.0C पहुंच गया है। लू ने लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल कर दिया है। आज भी हीटवेव रहेंगी। गर्म हवा के झोंके त्वचा को झुलसा देंगे। तापमान और बढ़ेगा। शनिवार को इसके 45C पार करने की संभावना जताई गई है। मगर, 26 अप्रैल से एक बार फिर मौसम पलटेगा। मौसम विभाग ने 26 से 30 अप्रैल तक बूंदाबांदी और बादल छाये रहने की संभावना जताई है। इसके बाद गर्मी से थोड़ी राहत मिलेगी। तापमान में गिरावट आएगी। गुरुवार की अपेक्षा शुक्रवार को दिन के तापमान में 0.8C की बढ़ोत्तरी हुई। गुरुवार को अधिकतम तापमान जहां 43.2C था वहीं, शुक्रवार को 44C पर पहुंच गया। हालांकि न्यूनतम तापमान में 0.4C की गिरावट आई है। गुरुवार को न्यूनतम तापमान 24.3C था वहीं, शुक्रवार को 23.9C पर आ गया। जानिए 13 दिनों की तापमान की स्थिति… आज दोपहर में संभलकर निकलेंशनिवार को दिन में गर्म हवाएं चलेंगी। ऐसे में दोपहर के समय संभलकर निकलें। गर्म हवाएं न सिर्फ त्वचा को झुलसा सकती हैं बल्कि बीमारी कारण भी बन सकती हैं। जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर निकलें। स्थिति ये है कि शाम को भी गर्मी कम नहीं हो रही। शाम के समय भी गर्म हवाएं बेचैन कर रही हैं। पानी का छिड़काव, फिर भी नहीं मिल रही राहतनगर निगम द्वारा सड़कों पर पानी का छिड़काव कराया जा रहा है, लेकिन भीषण गर्मी के सामने यह प्रयास नाकाफी साबित हो रहा है। सुबह से ही तेज धूप और शांत हवा के कारण गर्मी का अहसास और बढ़ गया है। 27 से तापमान में गिरावटमौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 26 से 30 अप्रैल तक तक बूंदाबांदी की संभावना है। बादल भी छाये रहेंगे। इससे तापमान में गिरावट आएगी। मौसम विभाग ने 27 अप्रैल से तापमान में गिरावट का अनुमान लगाया है। 25 और 26 को तापमान 45C पहुंच सकता है। ये रह सकती है तापमान की स्थिति
सोनभद्र में शादी से लौट रही बारातियों की कार अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई और चार लोग घायल हो गए। हादसा वाराणसी-शक्तिनगर राजमार्ग पर लोढ़ी स्थित टाटा मोटर्स एजेंसी के पास शनिवार सुबह 4 बजे हुआ। मृतकों की पहचान दिलीप पासवान, नीतीश यादव और जितेंद्र साहनी के रूप में हुई है। बताया गया कि तीनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। कार में चालक सहित कुल आठ लोग सवार थे। घायलों में एक की हालत गंभीर बताई जा रही है। गंभीर रूप से घायल चालक छोटेलाल साहनी को बेहतर इलाज के लिए वाराणसी ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया है। अन्य घायलों का इलाज जिला अस्पताल में जारी है। मृतकों को मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सभी बाराती खलियारी बैनी रायपुर से कन्हौरा लौट रहे थे, तभी यह दुर्घटना हुई। अचानक वाहन के अनियंत्रित होकर पलटने से यह बड़ा हादसा हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया। दुर्घटनाग्रस्त वाहन को सड़क किनारे हटाकर यातायात बहाल कराया गया। खबर लगातार अपडेट की जा रही है।
डीग जिले के कामां थाना इलाके में आंगन में खेल रहे दो मासूम भाई बहन के ऊपर एक दीवार गिर गई। मलबे में दबने से दोनों की मौत हो गई। घटना के दौरान परिवार के लोग पशुओं के बाड़े में थे। दीवार गिरने के बाद आसपास के लोगों ने शोर मचाया तो, परिवार के लोग भागकर अपने घर पहुंचे। जिसके बाद दोनों भाई बहनों को मलबे के नीचे से निकाला गया। मिट्टी और ईंटों से खड़ी की थी दीवार साहिल निवासी लेवड़ा गांव ने बताया कि पशुओं का बाड़ा घर से 5 सौ मीटर की दूरी पर है। साहिल अपने पत्नी अरफीना और बेटी अनाया के साथ पशुओं के बाड़े पर चारा डालने के लिए गया था। साहिल की बेटी जिनस्ता (5) और बीटा रानीश (4) आंगन में खेल रहे थे। पास में ही में रसोई है। उसकी दीवार मिट्टी से बनी हुई है। शोर की आवाज सुन परिवार के लोग पहुंचे घर पशुओं के बाड़े में जाने के करीब 30 मिनट के बाद शोर होने लगा। तब साहिल अपनी पत्नी और बेटी के साथ तुरंत घर पर पहुंचा। वहां पर रसोई की कच्ची मिट्टी की दीवार ढही हुई थी। उसके नीचे जिनस्ता और रानीश दबे हुए थे। आसपास के लोगों ने तुरंत मलबे को हटाया। अस्पताल पहुंचने से पहले बच्ची ने तोड़ा दम मलबे के नीचे से जिनस्ता और रानीश को निकाला गया। जिसके बाद दोनों को अस्पताल लेकर जाया गया। जहां रानीश को मृत घोषित कर दिया गया और, जिनस्ता को भरतपुर के आरबीएम अस्पताल रेफर किया गया लेकिन, अस्पताल पहुंचने से पहले जिनस्ता की भी मौत हो गई। बिना नीव डाले खड़ी की थी दीवार साहिल ने बताया कि रसोई की दीवार ईंट मिट्टी की चिनाई से तैयार की गई थी। रसोई के ऊपर छाया के लिए सीमेंट की चादर डाली हुई थी। दीवार खड़ी करने से पहले नींव नहीं खुदवाई गई थी। इसलिए दीवार कमजोर थी और, वह ढह गई।
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने विवाहित पुरुष के पक्ष में अहम फैसला सुनाया है। जस्टिस संजय एस अग्रवाल ने कहा अगर महिला को पहले से पता हो कि पुरुष शादीशुदा है और उसके साथ संबंध बनाती है, तो बाद में वह उस पर शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने या धोखाधड़ी का आरोप नहीं लगा सकती। हाईकोर्ट ने इस टिप्पणी के साथ निचली अदालत से आरोपी को बरी करने के फैसले को बरकरार रखा है। साथ ही महिला की अपील को खारिज कर दी है। इस मामले में महिला ने खुद पैरवी की। जानिए क्या है पूरा मामला ? डोंगरगढ़ की रहने वाली महिला ने अनुसार उसकी शादी 8 मई 2008 को महेश गंजीर के साथ हुई थी और 21 जनवरी 2009 को शादी का इकरारनामा भी तैयार किया गया था। महिला का दावा था कि इसके बाद दोनों पति-पत्नी की तरह रह रहे थे। इस दौरान उनके बीच शारीरिक संबंध भी बने। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि उसने अलग-अलग यात्राओं पर 85 हजार रुपए खर्च किए, लेकिन जब उसने और पैसे देने से मना किया तो पति महेश ने उसे घर से निकाल दिया, जिसके बाद महिला ने महेश पर धोखाधड़ी करने का आरोप लगाते हुए निचली अदालत में मामला पेश किया था। निचली अदालत ने आरोपी को किया बरी कोर्ट ने पाया कि महिला के दावों में कई विरोधाभास थे। रिकॉर्ड के अनुसार महिला की ओर से पहले दिए गए नोटिस और पुलिस शिकायत में शादी की निश्चित तारीख का जिक्र नहीं था, बल्कि उसमें केवल यह कहा गया था कि आरोपी ने शादी के बहाने मई से सितंबर 2008 के बीच शारीरिक संबंध बनाए। इसके अलावा महिला के एक अन्य नोटिस से यह स्पष्ट होता है कि वह अच्छी तरह जानती थी कि महेश पहले से शादीशुदा है। महिला को उसकी पहली पत्नी का नाम भी पता था। लिहाजा कोर्ट ने आरोपी को बरी कर दिया। पहली पत्नी जीवित, इसलिए धोखाधड़ी नहीं महिला ने निचली अदालत के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की थी। केस की सुनवाई के दौरान अपील करने वाली महिला ने खुद पैरवी की। सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने फैसले में कहा कि आईपीसी की धारा 493 के तहत अपराध का मुख्य तत्व धोखाधड़ी है, जिसमें पुरुष महिला को यह विश्वास दिलाता है कि वह उसकी वैध पत्नी है। जब महिला और पुरुष दोनों को पता हो कि वे कानूनी रूप से विवाहित नहीं हैं। पुरुष की जीवित पत्नी है तो धोखाधड़ी का सवाल ही नहीं उठता। क्योंकि महिला को महेश के विवाहित होने की जानकारी थी, इसलिए कोर्ट ने माना कि शादी का इकरारनामा हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 5 और 11 के तहत पहले ही शून्य था। ……………………….. इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… 'दूसरी शादी के लिए पहले पति से तलाक जरूरी': डिवोर्स लिए बिना की दूसरी शादी, फिर मांगने लगी गुजारा-भत्ता, हाईकोर्ट में महिला की अपील खारिज 'दूसरी शादी करने के लिए पहले पति से तलाक लेना जरूरी है। पहली शादी के कानूनी रूप से अस्तित्व में रहते हुए दूसरी शादी करना, फिर दूसरे पति से गुजारा भत्ता की मांग करना उचित नहीं है।' छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने गुजारा भत्ते की मांग करते हुए लगाई गई महिला की अर्जी खारिज कर दी है। पढ़ें पूरी खबर…
नागौर जिला सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में देश का अग्रणी जिला बन गया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के सहयोग से तैयार जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा एक्शन प्लान को पूरा करने वाला नागौर, देश के चिन्हित 100 सर्वाधिक दुर्घटना वाले जिलों में पहले स्थान पर है। शासन सचिव (परिवहन) के निर्देशानुसार तैयार इस प्लान का मुख्य उद्देश्य सड़क हादसों और उनमें होने वाली मौतों की दर को न्यूनतम करना है। सेफ सिस्टम अप्रोच : गलती इंसान करे, पर सिस्टम जान बचाए इस एक्शन प्लान में सड़क सुरक्षा को महज विभाग का काम न मानकर 'पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी' माना गया है। खास बात यह है कि इसमें ‘सेफ सिस्टम्स अप्रोच’ अपनाई गई है। इसका मतलब है कि यदि सड़क पर चालक से मानवीय त्रुटि हो भी जाए, तो सड़क की इंजीनियरिंग और सुरक्षा ढांचा ऐसा हो कि वह गलती मौत का कारण न बने। 2026 के लिए 'मिशन मोड' लक्ष्य जिला प्रशासन और परिवहन विभाग ने आगामी वर्ष के लिए कड़े माइलस्टोन तय किए हैं: सख्ती: ओवरस्पीडिंग पर रोज 200 ई-चालान और ड्रंक एंड ड्राइव पर हर थाने में कम से कम एक चालान रोज। सुरक्षा: हेलमेट पहनने की दर को 85% तक पहुंचाना और 11 खतरनाक ब्लैक स्पॉट्स को ठीक करना। जांच: सभी बस और स्कूल वैन चालकों का 100% विजन टेस्ट और टोल प्लाजा पर 5000 बड़े वाहन चालकों का हेल्थ चेकअप। एजुकेशन: जिले में 50 'सेफ स्कूल जोन' विकसित किए जाएंगे। इलाज में देरी नहीं : अपग्रेड होंगे ट्रॉमा सेंटर हादसे के बाद 'गोल्डन ऑवर' में जान बचाने के लिए मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जा रहा है: रिस्पॉन्स टाइम: शहर में 20 और गांवों में 30 मिनट के भीतर एम्बुलेंस पहुंचेगी। अपग्रेडेशन: नागौर के जेएलएन अस्पताल समेत मेड़ता सिटी और खींवसर के ट्रॉमा सेंटर्स को लेवल-2 में उन्नत किया जाएगा, ताकि गंभीर घायलों को तुरंत बेहतर इलाज मिल सके। निगरानी के लिए बना ‘साप्ताहिक चक्र’ एक्शन प्लान केवल कागजों तक सीमित न रहे, इसके लिए पुलिस थाना स्तर पर हर सप्ताह समीक्षा होगी। इसमें देखा जाएगा कि 24 घंटे के भीतर दुर्घटना का डेटा (e-DAR) पोर्टल पर फीड हुआ या नहीं। जिला स्तर पर हर महीने कलेक्टर और सड़क सुरक्षा समिति इसकी प्रगति की जांच करेंगे।
लुधियाना में अवैध निर्माण को लेकर बड़ी कार्रवाई सामने आई है। नगर निगम की शिकायत पर एक व्यक्ति के खिलाफ सील तोड़कर दुकानों का निर्माण करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। अधिकारी इस मामले की जांच कर रहे हैं। रिहायशी एरिया के अंदर अवैध रूप से दुकानों का निर्माण किया शिकायतकर्ता निरवाण सहायक नगर योजनाकार (एस्सिटेंट टाउन प्लानर) जोन-बी, नगर निगम लुधियाना ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 16 अप्रैल 2026 को PGD नंबर 792991/792768 के तहत जांच के दौरान सामने आया कि मनीष कुमार ने न्यू शिवाजी नगर इलाके में रिहायशी एरिया के अंदर अवैध रूप से दुकानों का निर्माण कर रखा है। नगर निगम द्वारा उक्त दुकानों पर सील लगाई गई थी आरोप है कि नगर निगम द्वारा उक्त दुकानों पर सील लगाई गई थी, लेकिन आरोपी ने नियमों की अवहेलना करते हुए सील को तोड़ दिया और निर्माण कार्य जारी रखा। अधिकारियों को जब सूचना मिली तो उन्होंने मौके देख तुरंत पुलिस को सूचित किया। मामले में आरोपी की पहचान मनिष कुमार निवासी गली नंबर-4, न्यू शिवाजी नगर, लुधियाना के रूप में हुई है। मामले की जांच जारी, पुलिस ने दर्ज किया केस थाना डिवीजन नंबर-3 की पुलिस ने आरोपी के खिलाफ BNS की धारा 223, 221 और 329 के तहत केस दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।
हम्मीर पुलिया पर बड़ा हादसा होने से टला:महिला और बच्चों से भरी ट्रॉली का ट्रैक्टर से संपर्क टूटा
सवाई माधोपुर की हम्मीर पुलिया पर शुक्रवार शाम एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। यहां शुक्रवार शाम को एक ट्रैक्टर-ट्रॉली हम्मीर पुलिया से गुजर रहा था जिसमें एक दर्जन से अधिक महिलाएं और बच्चे सवार थे। सभी लोग किसी कार्यक्रम से लौट रहे थे, तभी अचानक ट्रैक्टर और ट्रॉली के बीच का कनेक्शन टूट गया। तेज आवाज से सहमे लोग प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कनेक्शन टूटते ही तेज धमाके की आवाज आई और ट्रॉली ट्रैक्टर से अलग हो गई। कुछ पल के लिए मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि ट्रॉली अनियंत्रित होने के बावजूद पलटी नहीं, वरना बड़ा हादसा हो सकता था और कई लोगों की जान खतरे में पड़ सकती थी। घटना के बाद आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे। यहां पहुंचकर लोगों ने ट्रॉली में सवार महिलाओं और बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला। इस दौरान गनीमत यह रही कि इस घटना में किसी के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं है। हलांकि इस घटना के कारण कुछ समय के लिए सड़क पर यातायात भी बाधित रहा। जिसे बाद में स्थानीय लोगों, प्रशासन व यातयात पुलिस की मदद से स्थिति को संभाला गया और रास्ता फिर से चालू किया गया। जिससे यहां यातायात सुचारू हो सका।
छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी से राहत के आसार नहीं है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले 48 घंटों में अधिकतम तापमान 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है। वहीं 25 से 27 अप्रैल तक मध्य छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में हीटवेव चलने की चेतावनी जारी की गई है। सबसे ज्यादा तापमान राजनांदगांव में 44.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि अंबिकापुर सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 20.5 डिग्री रिकॉर्ड हुआ। मौसम विभाग के अनुसार राजधानी रायपुर में शुक्रवार को हीटवेव की स्थिति बन सकती है। यहां अधिकतम तापमान 44 डिग्री और न्यूनतम 28 डिग्री रहने का अनुमान है। इसके अलावा मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के बाद प्रदेश के कुछ इलाकों में हल्की बारिश, गरज-चमक और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है। हालांकि, इसके बावजूद अलग-अलग स्थानों पर लू का असर बना रह सकता है। अब देखिए ये तस्वीरें- क्यों बढ़ रही गर्मी? मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक विदर्भ से लेकर दक्षिण भारत तक ट्रफ लाइन और बंगाल-ओडिशा क्षेत्र में ऊपरी हवा के चक्रवाती प्रभाव के चलते गर्म और शुष्क हवाओं का असर बना हुआ है। इसी वजह से तापमान में बढ़ोतरी हो रही है। परीक्षाओं के समय में बदलाव भीषण गर्मी को देखते हुए बिलासपुर में व्यापम की प्रतियोगी परीक्षाओं के समय में बदलाव किया गया है। अब परीक्षाएं सुबह 10 बजे से होंगी, जो पहले दोपहर 12 बजे से आयोजित होती थीं। 26 अप्रैल को मंडी बोर्ड उप निरीक्षक, 14 मई को एसएससी नर्सिंग और पीईटी, तथा 21 मई को पीपीएचटी परीक्षा सुबह 10 बजे से आयोजित की जाएगी।
लखनऊ में शनिवार सुबह से तेज चटक धूप निकली है। तापमान सुबह 8 बजे 30 डिग्री पहुंच गया। मौसम विभाग का अनुमान है कि लखनऊ का अधिकतम तापमान 43 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री के आसपास दर्ज किया जाएगा। दिन में गर्म हवा के थपेड़े चलते रहेंगे। लू का अलर्ट है। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 42.5 डिग्री रहा। यह सामान्य से 3.4 डिग्री अधिक रहा। न्यूनतम तापमान 22.6 डिग्री रहा। यह सामान्य से 0.4 डिग्री अधिक रहा। अधिकतम आर्द्रता 53 फीसदी और न्यूनतम आर्द्रता 11 फीसदी रही। लखनऊ में लू का अलर्ट राजधानी लखनऊ में 25 और 26 अप्रैल को लू चलने की संभावना है। मौसम विभाग का कहना है कि शुक्रवार को पश्चिमी यूपी के मेरठ, आगरा, शाहजहांपुर और अलीगढ़ के साथ पूर्वांचल के हरदोई, वाराणसी और प्रयागराज में लू की स्थिति दर्ज की गई। अगले 2-3 दिनों में तापमान में मामूली बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे प्रदेश के कई हिस्सों में लू का असर बना रहेगा। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर गर्म रातें भी पड़ सकती हैं। हल्की बारिश के बाद मिलेगी राहत मौसम विभाग का अनुमान है कि 26 अप्रैल से मौसम बदलने के आसार हैं। एक पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हल्की बारिश शुरू हो सकती है, जो धीरे-धीरे पूर्वी यूपी की ओर बढ़ेगी। इससे तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है। इससे 27 अप्रैल के बाद लू से राहत मिलने की उम्मीद है।
सतना के झिंगोदर में गांजा की खेती का खुलासा:325 हरे पौधों के साथ एक आरोपी गिरफ्तार
सतना जिले के जसो थाना क्षेत्र के झिंगोदर में पुलिस ने गांजा की खेती का खुलासा किया है। पुलिस ने मौके से 325 हरे पौधे जब्त किए और एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। थाना प्रभारी बृजभान सिंह ने बताया कि नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत मुखबिर से सूचना मिली थी। झिंगोदर की नईबस्ती निवासी रामनरेश पुत्र लख्खू कोल (60 वर्ष) के खेत पर स्थित बगिया में दबिश दी गई। तलाशी के दौरान वहां गांजा के पौधे लहलहाते पाए गए। पुलिस टीम ने कुल 325 हरे पौधों को उखाड़कर जब्त कर लिया। इन पौधों का कुल वजन 9 किलो 500 ग्राम था, जिसकी अनुमानित कीमत 47 हजार 500 रुपए आंकी गई है। आरोपी रामनरेश कोल को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। उसे शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। इस कार्रवाई में एएसआई प्रहलाद कुशवाहा, प्रधान आरक्षक आशीष तिवारी, विनोद मिश्रा, अर्पित सेन, आरक्षक रवीन्द्र रैकवार और भरत बागरी की अहम भूमिका रही।
सिरसा जिले में ग्राम सरपंच पद का दुरुपयोग कर एवं ब्लैकमेलिंग और झूठा मामला दर्ज कराने के षड्यंत्र मामले में गिरफ्तार महिला सरपंच के भतीजे सुरेंद्र ने पुलिस पूछताछ में कई खुलासे किए हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपी भतीजे सुरेंद्र ने बताया, गांव का मोहन लाल बार-बार आरटीआई लगा रहा था। उसे सबक सिखाना था, इसीलिए महिला के जरिए मोह के जाल में फंसाने की चाचा के साथ मिलकर योजना बनाई थी। इसके लिए गांव की ही एक महिला को चुना और अपने साथ शामिल किया। महिला के जरिए मोहन लाल से संपर्क करवाया। दोनों ही सोशल मीडिया या व्हाटसप पर बातचीत होने लगी और महिला के मोह में वह फंस गया। इस पर उन्होंने मोहन पर दबाव बनाया और झूठा केस दर्ज करा झांसे में लेने को भी कहा। महिला ने उनके बीच बातचीत के कुछ स्क्रीनशॉट भी ले लिए। पुलिस के अनुसार, सुरेंद्र महिला के लगातार संपर्क में था और उन स्क्रीनशॉट के आधार पर मोहन को केस दर्ज कराने तक की भी धमकी दी। मगर मोहन नहीं माना और उसने आरटीआई लगाना भी बंद नहीं किया। इससे वह और चाचा सरपंच प्रतिनिधि परेशान हो गए थे। ऐसे में ये षडयंत्र का मोहन को पता चल गया। उनके बीच इस बारे में झगड़ा भी हुआ और मामला पुलिस के पास जा पहुंचा। 30 वर्षीय महिला भी इसमें संलिप्त, वो भी फरार यह मामला संज्ञान में आने पर पुलिस ने जमाल गांव के भतीजे सुरेंद्र को गिरफ्तार कर लिया, महिला की तलाश जारी है। थाना प्रभारी सब इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार के अनुसार, इस षडयंत्र में आशा नाम की महिला संलिप्त है, जो गांव की ही है। वह इस मामले के बाद फरार है। महिला की उम्र करीब 30 साल है। उसको पकड़ने को दाबिश जारी है। आरोप है कि सरपंच पद के दुरुपयोग से जुड़े मामले में आरटीआई के जवाब न देने एवं शिकायतकर्ता को महिला के जरिए मोह के जाल में फंसाकर दबाव बनाना है। अब नाथूसरी चौपटा थाना पुलिस आरोपी को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया। इसे लेकर गांव जमाल निवासी मोहन लाल ने पुलिस को शिकायत दी थी। मोहन लाल ने आरोप लगाया था कि उसने 18 जनवरी 2026 को आरटीआई के जरिए गांव के विकास कार्यों और सरपंच की शैक्षणिक योग्यता के बारे में डीसी कार्यालय सिरसा और सीएम कार्यालय से जानकारी मांगी थी। जानिए शिकायत में आगे क्या बताया शिकायत में मोहन ने आगे बताया, इस जानकारी मांगने से नाराज होकर गांव की महिला सरपंच, सरपंच प्रतिनिधि और अन्य व्यक्तियों ने मोहन लाल को झूठे मामले में फंसाने की साजिश रची। शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने गांव की एक महिला को मोहन लाल के मोबाइल पर वीडियो कॉल के माध्यम से अश्लील बातचीत करने के लिए उकसाया। आरोपियों ने महिला को मीठी बातों में फंसाकर मोहन लाल के खिलाफ झूठा मामला दर्ज करवाने की योजना बनाई थी। इस साजिश का उद्देश्य मोहन लाल को ब्लैकमेल करना था। गिरफ्तार आरोपी को अदालत में पेश कर एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। रिमांड के दौरान आरोपी से गहन पूछताछ की जा रही है, ताकि इस पूरे षड्यंत्र का पर्दाफाश हो सके। पुलिस ने बताया कि जांच जारी है और मामले में जो भी व्यक्ति संलिप्त पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
दरभंगा से बीजेपी सांसद गोपालजी ठाकुर शुक्रवार को 13 साल पुराने मामले में MP-MLA कोर्ट में पेश हुए। वकील पंकज कुमार सिंह ने बताया कि 12 अगस्त 2013 को चन्द्रधारी संग्रहालय के प्रवेश द्वार पर धरना, नारेबाजी और सड़क जाम का कार्यक्रम था। इस मामले में तत्कालीन विधायक गोपालजी ठाकुर और संजय सरावगी समेत कई लोगों के खिलाफ नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज हुई थी। कोर्ट ने इस मामले में अलग-अलग धाराओं के तहत संज्ञान लिया था। यह मामला मुख्य रूप से अभियुक्तों की उपस्थिति को लेकर लंबित था। अदालत ने त्वरित निष्पादन के निर्देश दिए हैं। जमानत याचिका खारिज वहीं, दूसरे मामले में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश आनन्द कुमार सिंह द्वितीय की अदालत ने बहादुरपुर थाना क्षेत्र के डरहार निवासी नीरज कुमार चौधरी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। लोक अभियोजक अमरेन्द्र नारायण झा ने बताया कि आरोपी ने अपने फेसबुक अकाउंट पर सांसद गोपालजी ठाकुर के स्थानीय आवास पर गैस सिलेंडर वितरण के बारे में झूठी अफवाह फैलाई थी। जिसकेबाद स्थानीय सांसद के घर के बाहर भारी भीड़ जमा हो गई। जिसे लेकर लहेरियासराय थाना में भाजपा कार्यकर्ता कुमार कृष्ण कन्हैया उर्फ कन्हैया पासवान ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
होमगार्ड भर्ती परीक्षा आज से शुरू होगी:3 दिन चलेगी, लखनऊ में 55 केंद्रों पर 1.33 लाख अभ्यर्थी
उत्तर प्रदेश होमगार्ड भर्ती परीक्षा आज से शुरू होगी। यह परीक्षा 3 दिन 25, 26 और 27 अप्रैल को होगी। हर दिन 2 पालियों में परीक्षा होगी। पहली पाली की परीक्षा सुबह 10 से दोपहर 12 बजे और दूसरी की दोपहर 3 से शाम 5 बजे तक होगी। आज पहली पाली की परीक्षा में शमिल होने वाले अभ्यर्थी परीक्षा केंद्रों पर पहुंचने लगे हैं। चेकिंग के बाद उन्हें परीक्षा केंद्र में प्रवेश दिया जा रहा है। लखनऊ में करीब 1.33 लाख अभ्यर्थियों के लिए 55 केंद्र बनाए गए हैं। एक पाली में करीब 22 हजार अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे। प्रशासन और पुलिस ने परीक्षा को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। देखिए 2 तस्वीरें… ------------ पल-पल के अपडेट के लिए लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…

