संभल में 44 डिग्री तापमान, AQI 153 दर्ज:भीषण गर्मी से लोग परेशान, सड़कों पर सन्नाटा
संभल में भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है, जहां तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) भी 153 दर्ज किया गया है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है। दोपहर में लगभग चार घंटे तक सड़कें सूनी रहती हैं। न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के साथ सुबह की शुरुआत हुई। सोमवार सुबह 9 बजे संभल का तापमान 35 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 10 से 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही गर्म हवाओं के थपेड़ों ने लोगों को परेशान किया। दोपहर 12 बजे से शाम 6 बजे तक तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है। पिछले पांच दिनों से जिले में इसी तरह की भीषण गर्मी पड़ रही है और मौसम विभाग के अनुसार, अगले कई दिनों तक यह स्थिति बनी रहेगी। तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की और वृद्धि हो सकती है। अप्रैल महीने में अधिकतम तापमान 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, जिसके मुकाबले वर्तमान तापमान 3 डिग्री सेल्सियस कम है। मई की शुरुआत में हुई बारिश और आंधी के कारण लगभग 15 दिनों तक मौसम सुहावना रहा था, जब अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। भीषण गर्मी के कारण जिला संयुक्त चिकित्सालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और अन्य अस्पतालों में पेट दर्द के मरीजों की संख्या में वृद्धि देखी जा रही है। डॉ. चमन प्रकाश ने गर्मी से बचाव के लिए सूती कपड़े पहनने, घर का बना पौष्टिक भोजन करने और शरीर में पानी की कमी न होने देने के लिए अधिक से अधिक पानी पीने की सलाह दी। उन्होंने बच्चों को बाहर के फास्ट फूड से बचने की भी हिदायत दी। स्थानीय निवासी सुरेश कुमार ने बताया कि मई महीने में पहले कभी इतनी गर्मी नहीं देखी गई। उनके अनुसार, महीने के शुरुआती 10-12 दिन बारिश के कारण मौसम अच्छा था। दुकानदार विशाल कुमार ने कहा कि अत्यधिक गर्मी के कारण लोग सुबह या देर शाम को ही खरीदारी के लिए बाजार आ रहे हैं, जिससे दोपहर के समय दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ कम रहती है।
दतिया के जिला स्वास्थ्य विभाग में एक कारण बताओ नोटिस से नया विवाद शुरू हो गया है। एनक्वास (NQAS) की बैठक में अनुपस्थित रहने पर सीएमएचओ डॉ. बीके वर्मा ने डॉ. एसएस बाथम को नोटिस जारी किया था। इसके जवाब में डॉ. बाथम ने अपने ही वरिष्ठ अधिकारी पर मानसिक प्रताड़ना और व्यक्तिगत द्वेष रखने के गंभीर आरोप लगाए हैं। अब दोनों अधिकारियों के बीच हुए पत्राचार सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। जानकारी के अनुसार, सीएमएचओ ने 18 तारीख को हुई बैठक में शामिल न होने पर डॉ. बाथम से तीन दिन में स्पष्टीकरण मांगा था। डॉ. बाथम ने अपने जवाब में पूछा कि उन्हें बैठक की जानकारी मौखिक या लिखित रूप से कब और कैसे दी गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई आदेश जारी हुआ था, तो उसकी प्रति नोटिस के साथ संलग्न की जानी चाहिए थी। उनका आरोप है कि छवि खराब करने के लिए उन्हें जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है। 'साहब मीटिंग में हैं' कहकर लौटाने का आरोप डॉ. बाथम ने पत्र में लिखा कि वे कई बार कार्यालय की समस्याओं और स्टाफ की उपलब्धता पर चर्चा करने पहुंचे, लेकिन हर बार यह कहकर लौटा दिया गया कि 'साहब मीटिंग में हैं।' उन्होंने सवाल उठाया कि आज तक समझ नहीं आया कि आखिर कौन सी मीटिंग लगातार चलती रहती है। डॉक्टर ने यह भी आरोप लगाया कि हाल ही में एक ग्रुप में साझा किए गए पत्राचार की तरह, पूर्व में भी अनर्गल पत्राचार कर उनकी छवि धूमिल करने की कोशिश की गई है। वैधानिक कार्रवाई की दी चेतावनी डॉक्टर ने सीएमएचओ पर पहले से ही पूर्वाग्रह से ग्रसित होने और लंबे समय से व्यक्तिगत द्वेष रखने का आरोप लगाया है। उन्होंने पत्र में चेतावनी दी है कि भविष्य में द्वेषभावना से भरा पत्राचार बंद किया जाए, अन्यथा इसे मानसिक प्रताड़ना मानकर वे वैधानिक कार्रवाई के लिए मजबूर होंगे। डॉ. बाथम ने अपने इस जवाब की प्रतिलिपि राज्य मानवाधिकार आयोग, कलेक्टर और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को भी भेज दी है।
लुधियाना मेयर कार्यालय, दिलजीत को बम से उड़ाने की धमकी:खालिस्तान नेशनल आर्मी ने ली जिम्मेदारी
लुधियाना शहर में उस वक्त भारी सनसनी फैल गई जब लुधियाना नगर निगम के उच्च अधिकारियों को एक धमकी भरा ईमेल प्राप्त हुआ। इस ईमेल में लुधियाना के मेयर ऑफिस और मशहूर पंजाबी गायक दिलजीत दोसांझ के घर को बम से उड़ाने की सीधी धमकी दी गई है। यह ईमेल सोमवार, 25 मई की सुबह नगर निगम कमिश्नर और अन्य सरकारी आईडी पर भेजा गया है। क्या लिखा है धमकी भरे ईमेल में? सुबह करीब 7:28 बजे जेनिफर सेनुटा (jenniferasenuta@gmail.com) नाम की ईमेल आईडी से यह संदेश भेजा गया, जिसका विषय B mb Blast - Mayor Office Ludhiana! रखा गया है।ईमेल में धमाकों का समय भी निर्धारित किया गया है। इसके मुताबिक:दोपहर 1:11 बजे: लुधियाना मेयर पर हमले की धमकी।रात 9:11 बजे: दिलजीत दोसांझ के लुधियाना स्थित घर पर धमाके की चेतावनी।हमलावरों ने स्पष्ट शब्दों में लिखा है कि कोई भी मदद दिलजीत दोसांझ करेगा, मारा जाएगा। 1984 के दंगों का जिक्र और 6 जून तक का अल्टीमेटम इस ईमेल में 1984 के सिख दंगों का हवाला देते हुए खून का बदला खून की बात लिखी गई है। धमकी देने वालों ने लिखा है कि 6 जून तक बम धमाकों के जरिए निशाना बनाया जाएगा।किसने भेजी है यह धमकी?ईमेल के अंत में इसे 'खालिस्तान नेशनल आर्मी' (KHALISTAN National ARMY) की तरफ से भेजा गया बताया गया है। इसमें भेजने वालों के रूप में दो नाम लिखे गए हैं:1. इंजीनियर गुरनख सिंह (रुकन शाहवाला)2. डॉ. गुरनिरवैर सिंह (खान राजादा)इस गंभीर और संवेदनशील धमकी के बाद पुलिस महकमा और साइबर सेल पूरी तरह अलर्ट पर है। ईमेल के आईपी एड्रेस और सेंडर को ट्रेस करने की त्वरित जांच शुरू कर दी गई है। मेयर कार्यालय और महत्वपूर्ण स्थानों की सुरक्षा कड़ी किए जाने की संभावना है।*(नोट: आपके इनपुट में 'यूपी म्यार' लिखा था, लेकिन संलग्न ईमेल के सबूत स्पष्ट रूप से 'लुधियाना मेयर' की जानकारी दे रहे हैं, इसलिए यह खबर सटीक तथ्यों के आधार पर तैयार की गई है।)*
गोंडा जिले के वजीरगंज थाना क्षेत्र स्थित अशोकपुर रौज़ा में हठीले शाह की दरगाह पर इस वर्ष भी रौज़ा मेले की अनुमति नहीं दी गई थी। इसके बावजूद बड़ी संख्या में श्रद्धालु दरगाह पर जियारत करने पहुंचे। प्रशासन अब इसे नियमों के उल्लंघन के रूप में देखते हुए पूरे मामले की जांच करा रहा है। यह मेला पिछले 50-55 वर्षों से जेठ माह में आयोजित होता रहा है। इसमें बहराइच की दरगाह शरीफ समेत आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में लोग शामिल होते रहे हैं। हालांकि पिछले वर्ष से प्रशासन ने मेले की अनुमति देना बंद कर दिया है। हाईवे किनारे लगने वाले मेले पर सुरक्षा का हवाला प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा कारणों और अत्यधिक भीड़ को देखते हुए इस बार भी मेले की अनुमति नहीं दी गई। दरअसल यह आयोजन गोंडा-अयोध्या हाईवे के किनारे होता है, जिससे यातायात प्रभावित होने और अव्यवस्था फैलने की आशंका रहती है। तरबगंज एसडीएम प्रदीप कुमार ने बताया कि मेले के आयोजन की कोई अनुमति नहीं दी गई थी। उन्होंने कहा कि लोगों ने अपनी धार्मिक परंपरा का पालन करते हुए दरगाह पर जियारत की है। “नियम टूटे तो होगी कार्रवाई” एसडीएम ने कहा कि यदि नियमों का उल्लंघन हुआ है तो पूरे मामले की जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी। वहीं सीओ तरबगंज उमेश्वर प्रताप सिंह ने बताया कि इस वर्ष भी मेले की अनुमति नहीं थी। हालांकि लोगों ने अपनी धार्मिक परंपरा के तहत दरगाह पहुंचकर जियारत की है। भारी पुलिस बल रहा तैनात सीओ ने बताया कि मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। प्रशासन ने मेला नहीं लगने दिया और लोगों को सख्त निर्देश दिए गए थे कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि पुलिस लगातार पूरे क्षेत्र में निगरानी बनाए हुए थी, ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न फैलने पाए।
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में पत्नी ने दूसरी महिला से अफेयर के शक में हंसिए से पति का प्राइवेट पार्ट काट डाला। गंभीर रूप से घायल पति को इलाज के लिए सिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं पुलिस ने आरोपी पत्नी के खिलाफ केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। घटना चकरभाठा थाना क्षेत्र की है। जानकारी के मुताबिक चकरभाठा बस्ती में रहने वाला राजेश कौशिक राजमिस्त्री का काम करता है। उसका पत्नी द्रौपती बाई के साथ आए दिन विवाद होता था। पत्नी को पिछले लंबे समय से शक था कि पति का किसी दूसरी महिला के साथ अफेयर है। इसी बात को लेकर पति-पत्नी के बीच आए दिन विवाद होता था। शुक्रवार की भी दंपती के बीच विवाद हुआ। बताया जा रहा है कि राजेश शराब के नशे में घर पहुंचा। इसी दौरान पत्नी से उसका झगड़ा हुआ, जिसके बाद खाना खाने के बाद वह सो गया। देर रात विवाद के बाद किया हमला देर रात करीब 1 बजे पति-पत्नी के बीच फिर से विवाद शुरू हो गया। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि गुस्से में आकर पत्नी ने हंसिया निकाल ली और पति पर हमला कर दिया। इस दौरान उसने अपने पति का प्राइवेट पार्ट काट दिया। चिल्लाते हुए खून से लथपथ बाहर निकला पति इस घटना के बाद खून से लथपथ राजेश चीखते-चिल्लाते हुए कमरे से बाहर निकला। उसकी हालत देखकर नाबालिग बेटे ने अपनी बुआ को घटना जानकारी दी। देखते ही देखते बाकी रिश्तेदारों की भी नींद खुल गई। उन्होंने फौरन घटना की जानकारी पुलिस को दी, जिसके बाद पुलिस भी मौके पर पहुंची। परिजनों ने घायल को अस्पताल में कराया भर्ती घटना के बाद रिश्तेदा घायल राजमिस्त्री और उसके कटे हुए अंग को लेकर सिम्स अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसका इलाज शुरू किया। उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है है। वहीं पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। आरोपी पत्नी से पूछताछ कर रही पुलिस पुलिस ने आरोपी पत्नी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में पारिवारिक विवाद और दूसरी महिला से अफेयर के शक को घटना की मुख्य वजह माना जा रहा है। पुलिस ने आरोपी पत्नी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। इस मामले में चकरभाठा थाने के टीआई भावेश शेंडे ने बताया कि अफेयर के शक में पत्नी ने घटना को अंजाम दिया है। घायल का बयान दर्ज करने के बाद मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। घटना में इस्तेमाल हंसिया भी जब्त कर लिया गया है। ……………………. इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… पत्नी ने दांतों से काटा पति का प्राइवेट-पार्ट...8 टांके लगे: ननंद से विवाद के बाद भड़की, हसबैंड को जमकर पीटा, नशे में धुत था युवक छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में पत्नी ने दांतों से पति का प्राइवेट पार्ट काट डाला। प्राइवेट पार्ट पर काटने से पति दर्द से कराहता रहा। प्राइवेट पार्ट पर 8 टांके लगे हैं। बताया जा रहा है कि नशे में धुत पति को पत्नी ने जमकर पीटा भी है। मामला लैलूंगा थाना क्षेत्र का है। पढ़ें पूरी खबर…
हाथरस के मुरसान कस्बे में दंपत्ति के साथ मारपीट कर उनकी कार छीनने और उसे रेलवे ट्रैक पर छोड़ने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। ट्रैक पर खड़ी कार से रामनगर-आगरा फोर्ट एक्सप्रेस ट्रेन टकरा गई, जिससे करीब एक घंटे तक रेल यातायात बाधित रहा और यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। घटना देर रात करीब 11 बजे मुरसान सब्जी मंडी के पास की है। मोहल्ला खाई निवासी रतनलाल अपनी पत्नी के साथ जट्टारी से लौट रहे थे। लाठी-डंडों से हमला कर छीनी कार रतनलाल के मुताबिक रास्ते में डेविड उर्फ शांतनु, भानु, मोना समेत 5-6 लोगों ने उनकी कार रोक ली। आरोप है कि हमलावरों ने दंपत्ति के साथ लाठी-डंडों से मारपीट की और कार को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। आसपास के लोगों के शोर मचाने पर कुछ आरोपी मौके से भाग गए। पीड़ित का आरोप है कि इसी दौरान भानु और मोना उनकी कार लेकर फरार हो गए। रेलवे ट्रैक पर खड़ी कर दी कार बताया जा रहा है कि आरोपी कार को मुरसान रेलवे स्टेशन के पास पूर्वोत्तर रेलवे ट्रैक पर खड़ा कर फरार हो गए। कुछ देर बाद मथुरा से हाथरस की ओर जा रही रामनगर-आगरा फोर्ट एक्सप्रेस ट्रैक पर खड़ी कार से टकरा गई। टक्कर के बाद ट्रेन को रोकना पड़ा, जिससे यात्रियों में खलबली मच गई। एक घंटे बाद बहाल हुआ रेल संचालन घटना की सूचना मिलते ही आरपीएफ, जीआरपी, रेलवे कर्मचारी और मुरसान पुलिस मौके पर पहुंच गई। रेलवे कर्मचारियों ने क्षतिग्रस्त कार को ट्रैक से हटाकर लाइन खाली कराई। करीब एक घंटे बाद ट्रेन को आगे रवाना किया जा सका। गेटमैन सूरज ने अधिकारियों को बताया कि वह अपनी केबिन में था और उसे कार के ट्रैक पर पहुंचने की जानकारी नहीं हो सकी। पुरानी रंजिश में वारदात का आरोप रतनलाल ने पुलिस को बताया कि 15-20 दिन पहले उनके बेटे का डेविड से विवाद हुआ था। तभी से आरोपी रंजिश मान रहा था और जान से मारने की धमकी दे रहा था। मुरसान पुलिस ने मामले में चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जयपुर में चलती कार में लगी आग, दो दोस्त फंसे:अचानक बंद होकर गेट हुए लॉक, विंडो ग्लास तोड़कर बचाई जान
जयपुर में रविवार रात चलती कार में धुआं उठने के बाद आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। पेट्रोल कार के अचानक बंद होकर गेट लॉक होने से उसमें दो दोस्त फंस गए। सांगानेर भाजपा मंडल अध्यक्ष ने लोगों की मदद से विंडो ग्लास तोड़कर दोनों दोस्तों को बाहर निकाल जान बचाई। मुहाना थाना पुलिस ने फायर बिग्रेड की एक गाड़ी की मदद से आग पर काबू पाया। पुलिस ने बताया- मुहाना मोड़ पर रात करीब 9:30 बजे चलती कार में अचानक धुआं उठने लगा। अजमेर से जयपुर आ रही पेट्रोल कार अचानक बंद हो गई। कार रुकने के साथ ही गेट लॉक हो गए। कार में बैठा युवक जयपुर में पढ़ने वाले दोस्त को मालवीय नगर छोड़ने जा रहा था। दोनों दोस्त कार के अंदर फंस गए। बाहर निकलने की कोशिश करने के दौरान खाना खाने के बाद टहल रहे सांगानेर भाजपा मंडल अध्यक्ष सुनील शर्मा ने उन्हें देखा। तुरंत स्थानीय लोगों के साथ मिलकर विंडो ग्लास तोड़कर दोनों को बाहर निकाला। कार में आग लगने की सूचना पर मुहाना थाना पुलिस और फायर बिग्रेड मौके पर पहुंची। पुलिस ने ट्रैफिक रुकवाकर फायर बिग्रेड की एक गाड़ी की मदद से करीब 10 मिनट की मशक्कत कर आग पर काबू पाया। आग से कार पूरी तरह जलकर कबाड़ में बदल गई।
सीतापुर के अटरिया थाना क्षेत्र में ग्राम प्रधान पर जानलेवा हमला किए जाने का मामला सामने आया है। घायल प्रधान ने गांव के ही तीन लोगों पर लोहे की रॉड से हमला कर हत्या का प्रयास करने का आरोप लगाया है। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल है, जबकि घायल प्रधान का अस्पताल में इलाज चल रहा है। महमूदपुर मजरा शिवरा निवासी ग्राम प्रधान अमरनाथ यादव ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि वह रविवार देर रात करीब 12:15 बजे फलासपुर मजरा हिम्मतनगर निवासी विश्वनाथ के यहां आयोजित एक निमंत्रण कार्यक्रम से लौट रहे थे। “पहले से घात लगाए बैठे थे आरोपी” प्रधान का आरोप है कि रास्ते में उसरी गांव निवासी गोलू पुत्र देशराज और विनोद पुत्र रामनरेश पहले से घात लगाए बैठे थे। दोनों ने अचानक उन पर लोहे की रॉड से हमला कर दिया। पीड़ित ने इस वारदात के पीछे चुनावी रंजिश बताई है। अमरनाथ यादव के मुताबिक आरोपियों ने उनके सिर पर कई वार किए, जिससे सिर में दो जगह गंभीर चोटें आईं और अत्यधिक रक्तस्राव होने लगा। “जान से मार दो…” कहकर उकसाने का आरोप पीड़ित ने आरोप लगाया कि घटना के दौरान मौके पर मौजूद हिम्मतनगर के प्रधान राघवेंद्र पुत्र आशोक सिंह ने कथित तौर पर हमलावरों को उकसाते हुए कहा, “इसे जान से मार दो, यह प्रधानी का चुनाव लड़ेगा।” प्रधान का कहना है कि इसके बाद तीनों आरोपियों ने मिलकर लगातार हमला किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर मौके पर बेहोश हो गए। दबंगों से जान का खतरा बताया घायल प्रधान ने आरोप लगाया कि विपक्षी दबंग और प्रभावशाली लोग हैं तथा भविष्य में भी उनकी जान को खतरा बना हुआ है। उन्होंने पुलिस से हत्या के प्रयास समेत अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। वहीं घायल प्रधान का सीएचसी में उपचार जारी है। पुलिस बोली- जांच के बाद होगी कार्रवाई मामले में थाना अटरिया प्रभारी ने बताया कि तहरीर प्राप्त हो गई है और पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
लखनऊ में भीषण गर्मी के बीच बिजली संकट बढ़ता जा रहा है। लगातार पांचवें दिन भी लोगों को हंगामा और विरोध जारी रहा। रविवार रात लोगों की भीड़ अप्ट्रॉन पावर हाउस पहुंचकर जमकर हंगामा किया। जानकीपुरम जीपीआरए उपकेंद्र के मिश्रपुर में रविवार दोपहर 1:30 बजे बिजली फॉल्ट ठीक करने के दौरान दबंगों ने संविदाकर्मियों को लाठी-डंडों से पीटा। गाजीपुर में ट्रांसफॉर्मर धू-धूकर जल गया। 3 तस्वीरें देखिए-
महराजगंज जनपद में डीजल और पेट्रोल की किल्लत ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। खरीफ सीजन शुरू होते ही किसान खेतों की जुताई और धान की नर्सरी तैयार करने में जुटे हैं, लेकिन ईंधन की कमी के कारण कृषि कार्य प्रभावित हो रहा है। जिले के कई पेट्रोल पंपों पर सुबह से ही किसानों और वाहन चालकों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। जिला मुख्यालय स्थित पंपों पर किसान गैलन और कृषि वाहनों के साथ घंटों इंतजार करते नजर आए। “घंटों लाइन में लगने के बाद भी नहीं मिल रहा डीजल” किसानों का कहना है कि लंबे इंतजार के बावजूद उन्हें पर्याप्त डीजल नहीं मिल पा रहा है। इसके चलते ट्रैक्टर और सिंचाई उपकरण बंद पड़े हैं, जिससे बोआई का काम बाधित हो रहा है। किसानों ने आशंका जताई कि समय पर खेत तैयार नहीं हुए तो खरीफ की फसल पर बुरा असर पड़ सकता है। कई किसानों ने बताया कि वे रात से ही पेट्रोल पंपों के बाहर लाइन लगाकर डीजल का इंतजार कर रहे हैं। सीमित मात्रा में मिल रहा ईंधन कुछ किसानों ने आरोप लगाया कि पेट्रोल पंपों पर सीमित मात्रा में ईंधन दिया जा रहा है। इसके कारण उन्हें बार-बार पंपों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। आम वाहन चालक भी पेट्रोल के लिए परेशान नजर आए। प्रशासन ने कमी से किया इनकार हालांकि जिला प्रशासन ने जनपद में किसी प्रकार की ईंधन कमी से इनकार किया है। जिला पूर्ति अधिकारी एपी सिंह ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि महराजगंज में डीजल और पेट्रोल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और आपूर्ति व्यवस्था सामान्य रूप से चल रही है। उन्होंने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और अनावश्यक भीड़ न लगाने की अपील की है। “स्टॉक पर्याप्त है तो कतारें क्यों?” प्रशासन के दावों के बावजूद जमीनी स्थिति अलग नजर आ रही है। पेट्रोल पंपों पर लगी लंबी कतारें और किसानों की परेशानी कई सवाल खड़े कर रही है। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि अधिकारी मौके पर पहुंचकर स्थिति का स्थलीय निरीक्षण करें और जल्द समाधान निकालें, ताकि खरीफ की खेती प्रभावित न हो।
भिवानी के गांव पुर में सर्व कल्याण मंच हरियाणा द्वारा 25 मई को प्रतिभा सम्मान समारोह एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें केंद्रीय ऊर्जा मंत्री श्री मनोहर लाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। कार्यक्रम को लेकर प्रशासन द्वारा भी काफी तैयार की गई है। वहीं सुरक्षा के लिहाज से पुलिस भी तैनात की गई है। कार्यक्रम में लोग भी पहुंचने शुरू हो गए हैं।
इंदौर के हीरानगर क्षेत्र में दंपती की मौत के मामले में नामजद आरोपी ने भी जहर खाकर आत्महत्या कर ली। आरोपी का शव खंडवा जिले के पंधाना क्षेत्र स्थित उसके गांव में मिला। सोमवार को उसका पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। पुलिस के मुताबिक पीथमपुर निवासी सतीश सावले को हीरानगर पुलिस तलाश रही थी। उस पर आरोप था कि वह अपनी नाबालिग भांजी को लेकर घर से फरार हो गया था। इसी मामले को लेकर रविवार को मेघदूत नगर स्थित कमरे में हल्केवीर पटेल और उसकी पत्नी रोशनी मृत मिले थे। प्रारंभिक जांच में सामने आया था कि हल्केवीर ने पहले पत्नी का गला घोंटा और बाद में खुद जहर खाकर आत्महत्या कर ली। बेसुध हालत में देखा और अस्पताल पहुंचाया जानकारी के अनुसार फरार होने के बाद सतीश सावले खंडवा जिले के घाटाखेड़ी गांव पंधाना पहुंचा था। यहां परिवार से मिलने के बाद उसने नाबालिग भांजी को राजौदा गांव में छोड़ा। इसके बाद उसने जहरीला पदार्थ खा लिया। शाम के समय गांव के लोगों ने उसे बेसुध हालत में देखा और अस्पताल पहुंचाया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। मामले में सतीश के फरार होने के दौरान के सीसीटीवी फुटेज भी सामने आए थे। फुटेज में वह स्कूटर से नाबालिग को लेकर जाता दिखाई दिया था। हीरानगर पुलिस मोबाइल लोकेशन के आधार पर उसकी तलाश कर रही थी, लेकिन उसने अपना मोबाइल बंद कर लिया था। सुसाइड नोट में भी सतीश सावले का नाम लिया था हल्केवीर पटेल ने आत्महत्या से पहले लिखे सुसाइड नोट में भी सतीश सावले का नाम लिया था। उसने नोट में आरोपी को कड़ी सजा देने की मांग की थी। वहीं हल्केवीर के परिजनों ने भी सतीश पर गंभीर आरोप लगाए थे। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
सिद्धार्थनगर में खेती-किसानी के सीजन के दौरान डीजल और पेट्रोल की बढ़ती मांग को देखते हुए जिला प्रशासन ने ईंधन वितरण व्यवस्था पर नई पाबंदियां लागू कर दी हैं। जिला पूर्ति अधिकारी ने सभी पेट्रोल पंपों पर डीजल और पेट्रोल बिक्री की अधिकतम सीमा तय कर दी है। प्रशासन ने साफ किया है कि तय सीमा से अधिक ईंधन बेचने वाले पेट्रोल पंप संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। जिला पूर्ति अधिकारी देवेंद्र प्रताप सिंह द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि जनपद में कृषि कार्यों के कारण डीजल की मांग लगातार बढ़ रही है। सभी उपभोक्ताओं तक समान रूप से ईंधन पहुंचाने और अव्यवस्था रोकने के लिए यह अस्थायी व्यवस्था लागू की गई है। अलग-अलग वाहनों के लिए तय हुई सीमा प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों के मुताबिक— प्रशासन का कहना है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य खेती और जरूरी सेवाओं के लिए ईंधन की उपलब्धता बनाए रखना है। सीमा से ज्यादा बिक्री पर होगी कार्रवाई जिला प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि किसी पेट्रोल पंप पर तय सीमा से अधिक ईंधन बेचने की शिकायत मिलती है तो संबंधित पंप की जांच कराई जाएगी। जांच में अनियमितता मिलने पर प्रोपराइटर और प्रबंधक के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होगी। प्रशासन ने यह भी साफ किया है कि कालाबाजारी, जमाखोरी और अनावश्यक भंडारण किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। स्टॉक और बिक्री पर रहेगी नजर सूत्रों के अनुसार प्रशासन अब पेट्रोल पंपों पर स्टॉक और बिक्री की निगरानी भी करेगा। जरूरत पड़ने पर औचक निरीक्षण और जांच अभियान चलाए जा सकते हैं। किसानों ने ग्रामीण इलाकों में पर्याप्त आपूर्ति की मांग उठाई प्रशासन के इस फैसले के बाद पेट्रोल पंप संचालकों में हलचल तेज हो गई है। वहीं आम लोगों के बीच भी आदेश को लेकर चर्चा है। किसानों का कहना है कि खेती के मौसम में डीजल की उपलब्धता सबसे जरूरी होती है, इसलिए ग्रामीण क्षेत्रों में पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जानी चाहिए।
बालाघाट में आज सोमवार सुबह एक युवती का शव रेलवे ट्रैक पर दो हिस्सों में बंटा मिला। घटना भटेरा और बैहर रोड रेलवे ट्रैक के बीच हुई, जहां ट्रेन से कटकर युवती की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, रेलवे ट्रैक 1044 के खम्बा नंबर 19 और 20 के बीच शव पाया गया। पुलिस घटनास्थल पर घटना के लगभग एक घंटे बाद पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि उन्हें घटना की सूचना अभी मिली है। दो हिस्सों में बंटा था शव युवती का धड़ के नीचे का हिस्सा ट्रैक के बीच मिला, जबकि सिर और धड़ का ऊपरी हिस्सा पटरी के किनारे पड़ा था। बताया जा रहा है कि सुबह करीब 6:30 बजे कटंगी से गोंदिया के बीच चलने वाली कटंगी-गोंदिया ट्रेन से यह हादसा हुआ। ट्रेन चालक ने इसकी सूचना रेलवे पुलिस को दी थी। युवती की पहचान नहीं हो पाई है फिलहाल, पुलिस ने शव को ट्रैक से बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। कोतवाली पुलिस युवती की पहचान सुनिश्चित करने के लिए सभी थानों से संपर्क कर रही है और आसपास के लोगों से भी जानकारी जुटाने का प्रयास कर रही है। युवती की शिनाख्त होना अभी बाकी है।
जिले में आज से नौतपा की शुरुआत हो गई है, जिसके साथ अगले नौ दिन भीषण गर्मी पड़ने की संभावना है। इस दौरान तापमान में और वृद्धि दर्ज की जा सकती है। वर्तमान में जिले का अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 31 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में तापमान में 2 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है। रविवार को जिले में सूरज के तेवर तीखे रहे, जिससे तपिश और लू के थपेड़ों ने लोगों को परेशान किया। शनिवार को अधिकतम तापमान 44.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। सोमवार से शुरू हुए नौतपा के दौरान कम से कम अगले नौ दिनों तक आसमान से आग बरसने और झुलसा देने वाली पछुआ हवाएं चलने की आशंका है। ज्योतिष और मौसम विज्ञान के अनुसार, नौतपा के ये नौ दिन साल के सबसे गर्म दौर माने जाते हैं। मौसम विभाग ने शुरुआती तीन दिनों (सोमवार से बुधवार) में तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी और हीटवेव का असर बने रहने का पूर्वानुमान लगाया है। मई माह में उत्तर-पश्चिम भारत में सामान्य से अधिक गर्मी और हीटवेव की स्थिति बनी रहने की संभावना है। पिछले वर्षों के आंकड़ों को देखते हुए, 2024 में भी तीखी गर्मी पड़ने की आशंका जताई जा रही है। वर्ष 2024 में नौतपा की शुरुआत लगभग 45 डिग्री सेल्सियस तापमान से हुई थी, जो अधिकतम 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। जिले के वरिष्ठ डॉक्टर आईडी गौरव ने नौतपा के दौरान सीधे धूप से बचने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि बहुत जरूरी होने पर ही घरों से बाहर निकलें और बाहर निकलते समय चेहरे व शरीर को कपड़ों से ढककर रखें। साथ ही, नींबू पानी और छाछ का सेवन करते रहें।
रायबरेली में 14 दिन से गांव में बिजली आपूर्ति ठप:ग्रामीण परेशान, अधिकारियों से कार्रवाई की मांग
रायबरेली में 13 मई को आए भीषण आंधी-तूफान और बारिश के कारण जिले की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो गई थी। हालांकि, बिजली विभाग ने अधिकांश क्षेत्रों में आपूर्ति बहाल कर दी है, लेकिन ऊंचाहार विधानसभा के एक गांव में 14 दिन बीत जाने के बाद भी बिजली नहीं पहुंची है। इससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है और उन्होंने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। यह मामला गदागंज क्षेत्र के भगवतीपुर गांव का है। तूफान के कारण यहां 25 केवीए का ट्रांसफार्मर खंभे से नीचे गिर गया था। इसके अलावा, ट्रांसफार्मर से गांव में जाने वाली एलटी लाइनों के तार आपस में जुड़ गए, जिससे शॉर्ट सर्किट हो गया और गांव की विद्युत आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई। ग्रामीणों के अनुसार, बिजली न होने के कारण पेयजल का गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है, क्योंकि पानी की मोटरें और ट्यूबवेल नहीं चल पा रहे हैं। बुजुर्गों और बीमारों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मोबाइल चार्ज करने के लिए भी ग्रामीणों को गांव से बाहर चौराहों पर जाना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने विद्युत आपूर्ति बहाल करने के लिए अधिकारियों को कई बार शिकायतें की हैं, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। उनका आरोप है कि अधिकारियों ने इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया है। इस संबंध में विद्युत विभाग के अधिकारियों ने बताया कि लाइनें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई हैं। मरम्मत के लिए एक एस्टीमेट बनाकर बड़े अधिकारियों को भेजा गया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही गांव में विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।
बैतूल जिले में बीती रात ट्रैफिक पुलिस ने बिना वैध परमिट के बारात ले जा रही एक स्कूल बस को पकड़ा है। यह बस कुही क्षेत्र से आ रही थी, जिसे पुलिस टीम ने चेकिंग अभियान के दौरान रोक लिया। जांच में बस के पास जरूरी दस्तावेज नहीं मिले, जिसके बाद वाहन का पंचनामा बनाकर कार्रवाई की गई है। ट्रैफिक इंचार्ज गजेंद्र केन ने बताया कि बारातियों को रास्ते में परेशानी न हो, इसलिए उन्हें इसी बस से दुल्हन के घर भेजा गया है। सुरक्षा और बस की जब्ती सुनिश्चित करने के लिए वाहन के साथ दो सिपाहियों को भी भेजा गया। ये सिपाही बारातियों को उनके गंतव्य तक छोड़ने के बाद बस को वापस थाने लेकर आएंगे। सारणी के इंटरनेशनल स्कूल की है बसकार्रवाई की जद में आई बस (MP 48 PI 0712) सूखा ढाना, सारणी स्थित इंटरनेशनल स्कूल की बताई जा रही है। जांच के दौरान पुलिस टीम ने बस के फिटनेस, परमिट, बीमा, पैनिक बटन और इमरजेंसी डोर समेत अन्य अनिवार्य मानकों की पड़ताल की। इस दौरान बस चालक वैध परमिट पेश नहीं कर सका, जिसके चलते वाहन मालिक को जुर्माने की राशि जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। विशेष अभियान के तहत 40 बसों पर हो चुकी कार्रवाईयातायात नियमों और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए बैतूल पुलिस लगातार विशेष अभियान चला रही है। इस चेकिंग अभियान के तहत जिले में अब तक करीब 40 बसों पर कार्रवाई की जा चुकी है। यातायात पुलिस ने स्पष्ट किया है कि स्कूली बसों और यात्री वाहनों की जांच का यह सिलसिला आगे भी इसी तरह जारी रहेगा।
शाहजहांपुर में पालतू कुत्ते के हमले का मामला सामने आया है। कुत्ते ने एक युवक पर झपट्टा मारकर उसे जमीन पर गिरा दिया और कई जगह काट लिया। आसपास मौजूद दो युवकों ने ईंट उठाकर किसी तरह कुत्ते को भगाया, जिसके बाद युवक को बचाया जा सका। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो चौक कोतवाली क्षेत्र का बताया जा रहा है। देर रात करीब 12 बजे की इस घटना में एक युवक फोन पर बात करते हुए गली से गुजर रहा था। तभी काले रंग का पालतू कुत्ता अचानक उस पर टूट पड़ा। जमीन पर गिराकर कई जगह काटा वीडियो में दिख रहा है कि कुत्ते ने युवक को जमीन पर गिरा दिया और उसे कई जगह नोचना शुरू कर दिया। युवक दर्द से चीखने लगा। इसी दौरान पास में मौजूद दो युवकों ने हिम्मत दिखाते हुए ईंट उठाई और कुत्ते को भगाने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद कुत्ता वहां से भागा और युवक को बचाया जा सका। हमले के बाद युवक दर्द से कराहता नजर आया। सीसीटीवी में कैद हुई पूरी घटना पूरी घटना आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। इसके बाद एक मिनट 21 सेकंड का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। हालांकि अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि वीडियो कितना पुराना है और घायल युवक किस इलाके का रहने वाला है। दैनिक भास्कर वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है। एक दिन में कुत्तों के हमले की दूसरी घटना शाहजहांपुर में एक ही दिन में कुत्तों के हमले की यह दूसरी घटना है। इससे पहले रविवार सुबह ककरा स्थित ई-चार्जिंग स्टेशन के पास 11 वर्षीय बच्ची स्वालिहा पर आवारा कुत्तों के झुंड ने हमला कर दिया था। कुत्तों ने बच्ची को बुरी तरह नोच डाला था, जिससे उसकी मौत हो गई थी। इस घटना के बाद नगर निगम और प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल उठे थे।
गोरखपुर के रामगढ़ताल में बनेगा फ्लोटिंग वेटलैंड:GDA की नई पहल से पानी होगा साफ, बढ़ेगी हरियाली
रामगढ़ताल को साफ-सुथरा और पर्यावरण के लिहाज से बेहतर बनाने के लिए गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने एक नई पहल शुरू की है। अब ताल के एक हिस्से में “फ्लोटिंग वेटलैंड” विकसित किया जाएगा। इस योजना का उद्देश्य ताल के पानी की गुणवत्ता सुधारना, हरियाली बढ़ाना और पक्षियों के लिए बेहतर प्राकृतिक वातावरण तैयार करना है। जानकारी के अनुसार, जीडीए उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल ने 18 मई को रामगढ़ताल और ताल रिंग रोड क्षेत्र का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान कई खामियां सामने आई थीं। कुछ स्थानों पर गंदगी, जल प्रदूषण और रखरखाव से जुड़ी समस्याएं मिलीं। इसके बाद अधिकारियों ने ताल के संरक्षण और सौंदर्यीकरण के लिए फ्लोटिंग वेटलैंड विकसित करने का फैसला लिया। जानिए क्या होता है फ्लोटिंग वेटलैंड फ्लोटिंग वेटलैंड पानी की सतह पर तैरने वाला एक विशेष हरित प्लेटफॉर्म होता है, जिस पर विभिन्न प्रकार के पौधे लगाए जाते हैं। ये पौधे पानी में मौजूद गंदगी और हानिकारक तत्वों को प्राकृतिक तरीके से कम करने में मदद करते हैं। इससे पानी साफ होता है और जलाशय का पर्यावरण संतुलित बना रहता है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस तकनीक से पानी में ऑक्सीजन का स्तर भी बेहतर होता है, जिससे जलीय जीवों को फायदा मिलता है। साथ ही यह क्षेत्र प्रवासी और स्थानीय पक्षियों के लिए सुरक्षित व आकर्षक आवास के रूप में विकसित हो सकता है। पर्यावरण और पर्यटन दोनों को मिलेगा लाभ रामगढ़ताल पहले से ही गोरखपुर का प्रमुख पर्यटन स्थल माना जाता है। यहां बड़ी संख्या में लोग घूमने और प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने आते हैं। फ्लोटिंग वेटलैंड बनने से ताल की सुंदरता और बढ़ेगी। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। जीडीए का मानना है कि यह पहल शहर के पर्यावरण को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। आने वाले समय में ताल क्षेत्र में स्वच्छता और हरियाली बढ़ाने के लिए अन्य योजनाओं पर भी काम किया जा सकता है।
पटना पूर्वी इलाके में पुलिस सुखे नशे और इस धंधे से जुड़े माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। पुलिस ने शुक्रवार को रामकृष्णा नगर इलाके के न्यू श्री राम ट्रांसपोर्ट कंपनी के गोदाम से भारी मात्रा में नशीले इंजेक्शन और कफ सिरप बरामद किया था। जिसकी कीमत बाजार में 95 लाख रुपए आंकी गई थी। इस मामले में रामकृष्णा नगर के ऋषि और सुपौल के अब्दुल्ला को पुलिस ने पकड़ा था। इनके पास और निशानदेही से 33500 एम्पुल नशीले इंजेक्शन और 4000 पीस प्रतिबंधित कप सिरप बरामद किए गए थे। इन दोनों ने पुलिस की पूछताछ में कदमकुआं के रवि और ट्रांसपोर्ट गोदाम के ऑनर गिरीश का नाम बताया था। जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार रेड कर रही है। आज भी पुलिस की ओर से उनके ठिकानों पर छापेमारी की गई है। रामकृष्णा नगर के गोदाम में स्टॉक होती थी खेप ऋषि और अब्दुल्ला ने पुलिस को बताया है कि दूसरे राज्यों से नशीले इंजेक्शन और कफ सिरप की खेप मंगा कर रामकृष्णा नगर के गोदाम में बल्क में स्टॉक किए जाते थे। यहां से कार्टन में रखकर सीमांचल के सुपौल अररिया पूर्णिया समेत बॉर्डर इलाके में बस और निजी गाड़ियों के जरिए भेजे जाते थे। इसके अलावा राम कृष्ण नगर, चित्रगुप्त नगर, पत्रकार नगर, गोपालपुर, गौरीचक बहादुरपुर इलाके में अब्दुल्ला और उसके साथी कार्टून में रखकर ई-रिक्शा ऑटो से सप्लाई करते थे। स्पेशल टीम बनाई गई है पूर्वी इलाके में एसपी परिचय कुमार की ओर से एक स्पेशल टीम बनाई गई है। जो सिर्फ सुख नशे के खिलाफ कार्रवाई में शामिल है। इसमें सभी यंग SHO को रखा गया है। पत्रकार नगर SHO सोनू कुमार, चित्रगुप्त नागर SHO शंकर झा, बहादुरपुर SHO शुभम झा, समेत अन्य पदाधिकारी है।
मैहर जिले के रामनगर क्षेत्र में अवैध रेत खनन और परिवहन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है। पुलिस और खनिज विभाग की संयुक्त टीम ने चार हाइवा जब्त कर उन पर प्रकरण दर्ज किए हैं। इन पर शीघ्र ही जुर्माने के निर्धारण की कार्रवाई की जाएगी।वाहनों को जब्त कर रविवार देर शाम रामनगर थाने में खड़ा कराया गया है। सहायक खनिज अधिकारी आशुतोष मिश्रा ने बताया कि रविवार मुखबिर की सूचना पर ग्राम कुबरी में दबिश दी गई। जांच के दौरान एमपी 18 एच 5310, एमपी 18 जेडई 8653, डब्ल्यूबी 39बी 9283 और एक बिना नंबर का हाइवा रेत से लदा मिला। चारों वाहनों को जब्त कर थाने में खड़ा कराया वाहन चालकों से रेत खनन और परिवहन से संबंधित दस्तावेज मांगे जाने पर कोई वैध कागजात प्रस्तुत नहीं किए जा सके। इसके बाद चारों वाहनों को जब्त कर रविवार देर शाम रामनगर थाने में खड़ा कराया गया और खनिज अधिनियम के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किए गए। इन प्रकरणों के प्रतिवेदन शीघ्र ही कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी के समक्ष प्रस्तुत किए जाएंगे। इस कार्रवाई में रामनगर थाना इंचार्ज विजय त्रिपाठी और उनकी टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ग्राम कुबरी में लंबे समय से रेत के अवैध खनन और परिवहन की शिकायतें मिल रही थीं। इन शिकायतों पर पहले भी कार्रवाई की जा चुकी है।
लखीसराय जिले में बाईपास पुल क्षतिग्रस्त होने के कारण भारी वाहनों के आवागमन पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके चलते जिले की यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई है और सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव बढ़ गया है। प्रतिबंध के कारण ट्रक और अन्य बड़े वाहन विभिन्न प्रमुख सड़कों तथा संपर्क मार्गों पर अस्थायी रूप से खड़े होने लगे हैं। इससे कई इलाकों में यातायात बाधित हो रहा है और आम लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। सड़क किनारे खड़े इन वाहनों से जाम की स्थिति उत्पन्न होने की आशंका भी बढ़ गई है। ट्रैफिक पुलिस कर रही निरीक्षण स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने सक्रियता बढ़ा दी है। जिला पदाधिकारी के निर्देश पर परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस की एक संयुक्त टीम लगातार प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर रही है। डीटीओ मुकुल पंकज मनी और ट्रैफिक एसएसपी अजय कुमार के नेतृत्व में अधिकारी सड़क किनारे खड़े वाहनों, वैकल्पिक मार्गों और वर्तमान यातायात व्यवस्था का जायजा ले रहे हैं। प्रशासन का लक्ष्य भारी वाहनों के अस्थायी पड़ाव को व्यवस्थित करना है ताकि आम लोगों को अनावश्यक परेशानी न हो। ट्रैफिक डायवर्जन-वैकल्पिक मार्गों की हुई व्यवस्था इसके लिए ट्रैफिक डायवर्जन, वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था और संवेदनशील स्थलों पर निगरानी बढ़ाने जैसे उपाय किए जा रहे हैं। संबंधित अधिकारियों को यातायात व्यवस्था सुचारु बनाए रखने के लिए त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क किनारे भारी वाहनों के खड़े रहने से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। विशेषकर सुबह और शाम के समय लंबी जाम की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन ने नागरिकों से सहयोग की अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें और जारी निर्देशों के अनुसार ही यात्रा करें ताकि सड़क व्यवस्था सामान्य बनी रहे।
गुरुग्राम के मानेसर में लिवइन पार्टनर के रूम में ले जाकर पत्नी की हत्या के मामले में नया खुलासा हुआ है। जांच के दौरान पता चला है कि मृतक मधु घर से भागकर नहीं गई थी, बल्कि उसका पति अंकित उसे स्कूटी पर बैठाकर ले गया था। हत्या के बाद लाश को ठिकाने लगाने के बजाय, आरोपी ने उसे बाथरूम में बंद कर दिया और अपनी प्रेमिका के साथ फरार हो गया। पुलिस ने रविवार को जब बंद कमरे का दरवाजा तोड़ा, तो अंदर से मधु का सड़ा-गला शव बरामद हुआ। मधु के पिता अशोक ने आरोप लगाया है कि 21 मई को पति अंकित और उसके परिजनों ने उनके घर आकर झूठी कहानी बताई कि मधु ज्वैलरी लेकर फरार हो गई है। जब वे पुलिस में रिपोर्ट लिखवाने गए तो अंकित 22 मई को अचानक से लापता हो गया। अब डेडबॉडी मिलने के बाद पता चला कि मधु का बेरहमी से मर्डर किया गया है। शादी के 90 दिनों के भीतर खूनी अंतपरिजनों के अनुसार मृतका मधु की शादी इसी साल 19 फरवरी को मानेसर गांव के रहने वाले अंकित भगत के साथ हुई थी। अंकित कोई नौकरी नहीं करता और खेतीबाड़ी का काम करता है। शादी के बाद सब कुछ ठीक चल रहा था, लेकिन 21 मई को अचानक मधु संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई। जब मधु का कोई अता-पता नहीं चला, तो उसके मायके वाले परेशान हो गए। इस बीच, ससुराल वालों ने संवेदनशीलता की सारी हदें पार करते हुए मृतका के पिता अशोक को फोन कर एक घिनौना झूठ बोला। ससुराल वालों ने दावा किया कि आपकी बेटी घर से सारे सोने-चांदी के गहने और जेवरात लेकर किसी के साथ भाग गई है। पड़ोसियों की जानकारी से खुला राजससुराल वालों की बातों पर शक होने पर मायके वाले तुरंत 21 मई को ही मानेसर थाने पहुंचे और गुमशुदगी की जानकारी दी। इसके बाद मायके वालों ने अपने स्तर पर भी मधु की तलाश शुरू की। इसी दौरान पड़ोसियों ने बताया कि उन्होंने 21 मई को मधु को उसके पति अंकित के साथ स्कूटी पर बैठकर जाते हुए देखा था। इस सुराग के बाद पुलिस और मायके वालों का शक अंकित पर गहरा गया। जब अंकित के बैकग्राउंड की जांच की गई, तो पता चला कि उसने दो साल पहले मानेसर बस स्टैंड के पास एक कमरा किराये पर ले रखा था, जहां एक अन्य युवती उसके साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रहती थी। बाथरूम से आ रही थी असहनीय बदबूरविवार दोपहर को जब मानेसर थाना पुलिस उस किराये के मकान पर पहुंची, तो कमरा बाहर से बंद था। जैसे ही पुलिस ने दरवाजा तोड़ा, अंदर का नजारा देखकर अधिकारियों के होश उड़ गए। पूरे कमरे में तेज बदबू फैली हुई थी। पुलिस जब अंदर बने बाथरूम की तरफ बढ़ी, तो वहां मधु का बुरी तरह सड़ चुका शव बरामद हुआ। सूत्रों के मुताबिक 22 मई की रात को मकान के आसपास रहने वाले लोगों ने अंकित और उसकी प्रेमिका को हड़बड़ाहट में कमरे से भागते हुए देखा था। आशंका जताई जा रही है कि अंकित ने 21 या 22 मई की रात को ही वारदात को अंजाम दे दिया था। आरोपी जोड़े की तलाश में जुटी पुलिसइस रोंगटे खड़े कर देने वाले घटनाक्रम के बाद मायके वालों ने मानेसर थाना पुलिस को लिखित शिकायत देकर पति अंकित और उसकी प्रेमिका पर हत्या का सीधा आरोप लगाया है। दोनों आरोपी पिछले दो दिनों से पुलिस को चकमा दे रहे हैं। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस जांच कर रही मानेसर थाना पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के सही समय और सटीक कारणों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल पुलिस की कई टीमें फरार अंकित और उसकी प्रेमिका की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।
खंडवा जिले के मूंदी थाना क्षेत्र में रविवार रात करीब 10 बजे एक सड़क हादसे में बाइक सवार दो युवकों की मौत हो गई। केनुद रोड स्थित पेट्रोल पंप के पास एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। दोनों युवक सिंगाजी पावर प्लांट से अपनी ड्यूटी खत्म कर घर लौट रहे थे, तभी यह हादसा हुआ। मृतकों की पहचान ग्राम मोहद निवासी 25 वर्षीय धर्मेंद्र (पिता मुकेश) और ग्राम रणगांव निवासी 25 वर्षीय महेंद्र (पिता बलराम सिंह) के रूप में हुई है। दोनों युवक सिंगाजी पावर प्लांट की मेल्को कंपनी में कार्यरत थे। रविवार रात ड्यूटी के बाद रास्ते में एक होटल में खाना खाकर वे घर की ओर जा रहे थे। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों की घटनास्थल पर ही जान चली गई। सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिसघटना की सूचना मिलते ही मूंदी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भिजवाया। पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मूंदी थाना प्रभारी (टीआई) राजेंद्र नरवरिया ने बताया कि अज्ञात वाहन की पहचान के लिए पुलिस टीम घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। बचपन के दोस्त थे दोनों अविवाहित युवकग्रामीणों के मुताबिक, धर्मेंद्र और महेंद्र बचपन के दोस्त थे और लंबे समय से एक साथ ही नौकरी पर आते-जाते थे। दोनों युवक अविवाहित थे। उनकी एक साथ मौत की खबर से ग्राम मोहद और रणगांव में शोक का माहौल है। सोमवार सुबह बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने शोक संतप्त परिवारों से मिलकर सांत्वना दी और प्रशासन से आरोपी चालक को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की है।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी सोमवार सुबह पंचकूला स्थित ताऊ देवी लाल स्टेडियम पहुंचे, जहां हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) द्वारा आयोजित पुलिस भर्ती प्रक्रिया के तहत चल रहे फिजिकल मेजरमेंट टेस्ट (PMT) और फिजिकल टेस्ट में शामिल अभ्यर्थियों से उन्होंने सीधा संवाद किया। मुख्यमंत्री ने मैदान में पहुंचकर अभ्यर्थियों से उनकी तैयारियों, परीक्षा अनुभव और भर्ती प्रक्रिया को लेकर बातचीत की। इस दौरान उन्होंने उम्मीदवारों से पूछा कि प्रशासन द्वारा किए गए इंतजामों से वे संतुष्ट हैं या नहीं। कई अभ्यर्थियों ने सरकार द्वारा बनाए गए रेस्ट एरिया, पेयजल, मेडिकल सहायता और बैठने की व्यवस्था को बेहतर बताया। रेस्ट एरिया का भी किया निरीक्षण मुख्यमंत्री स्टेडियम परिसर के बाहर बनाए गए अस्थायी रेस्ट एरिया में भी पहुंचे, जहां अभ्यर्थियों के परिजन मौजूद थे। उन्होंने परिजनों से भी बातचीत कर व्यवस्थाओं का फीडबैक लिया। सीएम को अपने बीच पाकर युवा और उनके परिवार उत्साहित नजर आए। बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों और परिजनों ने मुख्यमंत्री के साथ सेल्फियां भी लीं। भर्ती प्रक्रिया को लेकर क्या बोले मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को बिना पर्ची-बिना खर्ची के पारदर्शी भर्ती देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि पुलिस भर्ती पूरी तरह मेरिट और निष्पक्ष प्रक्रिया के आधार पर कराई जा रही है ताकि योग्य युवाओं को अवसर मिल सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भर्ती प्रक्रिया के दौरान किसी भी अभ्यर्थी को परेशानी न हो और गर्मी को देखते हुए विशेष सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। यहां पढ़िए भर्ती से जुड़ा और इनपुट...हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग द्वारा आयोजित इस भर्ती अभियान के तहत बड़ी संख्या में पुलिस कांस्टेबल पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया चल रही है। लिखित परीक्षा के बाद अब अभ्यर्थियों के पीएमटी और फिजिकल स्क्रीनिंग टेस्ट आयोजित किए जा रहे हैं। स्पेशल ड्यूटी कर रहे पुलिसकर्मी सूत्रों के अनुसार, रोजाना हजारों अभ्यर्थी पंचकूला पहुंच रहे हैं, जिसके चलते जिला प्रशासन और पुलिस विभाग को विशेष ड्यूटी पर लगाया गया है। मुख्यमंत्री ने युवाओं से कहा कि मेहनत और अनुशासन के दम पर आगे बढ़ें तथा भर्ती प्रक्रिया को लेकर किसी अफवाह पर ध्यान न दें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि चयन प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से पूरी की जाएगी।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी सोमवार सुबह पंचकूला स्थित ताऊ देवी लाल स्टेडियम पहुंचे, जहां हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) द्वारा आयोजित पुलिस भर्ती प्रक्रिया के तहत चल रहे फिजिकल मेजरमेंट टेस्ट (PMT) और फिजिकल टेस्ट में शामिल अभ्यर्थियों से उन्होंने सीधा संवाद किया। मुख्यमंत्री ने मैदान में पहुंचकर अभ्यर्थियों से उनकी तैयारियों, परीक्षा अनुभव और भर्ती प्रक्रिया को लेकर बातचीत की। इस दौरान उन्होंने उम्मीदवारों से पूछा कि प्रशासन द्वारा किए गए इंतजामों से वे संतुष्ट हैं या नहीं। कई अभ्यर्थियों ने सरकार द्वारा बनाए गए रेस्ट एरिया, पेयजल, मेडिकल सहायता और बैठने की व्यवस्था को बेहतर बताया। रेस्ट एरिया का भी किया निरीक्षण मुख्यमंत्री स्टेडियम परिसर के बाहर बनाए गए अस्थायी रेस्ट एरिया में भी पहुंचे, जहां अभ्यर्थियों के परिजन मौजूद थे। उन्होंने परिजनों से भी बातचीत कर व्यवस्थाओं का फीडबैक लिया। सीएम को अपने बीच पाकर युवा और उनके परिवार उत्साहित नजर आए। बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों और परिजनों ने मुख्यमंत्री के साथ सेल्फियां भी लीं। भर्ती प्रक्रिया को लेकर क्या बोले मुख्यमंत्रीमुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को बिना पर्ची-बिना खर्ची के पारदर्शी भर्ती देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि पुलिस भर्ती पूरी तरह मेरिट और निष्पक्ष प्रक्रिया के आधार पर कराई जा रही है ताकि योग्य युवाओं को अवसर मिल सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भर्ती प्रक्रिया के दौरान किसी भी अभ्यर्थी को परेशानी न हो और गर्मी को देखते हुए विशेष सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। यहां पढ़िए भर्ती से जुड़ा और इनपुट...हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग द्वारा आयोजित इस भर्ती अभियान के तहत बड़ी संख्या में पुलिस कांस्टेबल पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया चल रही है। लिखित परीक्षा के बाद अब अभ्यर्थियों के पीएमटी और फिजिकल स्क्रीनिंग टेस्ट आयोजित किए जा रहे हैं। भर्ती प्रक्रिया के दौरान अभ्यर्थियों के लिए ये व्यवस्थाएं - स्टेडियम के बाहर रेस्ट एरिया- पेयजल और छाया की व्यवस्था- मेडिकल टीम और एंबुलेंस तैनात- सुरक्षा और ट्रैफिक प्रबंधन- अभ्यर्थियों और परिजनों के बैठने की अलग व्यवस्थास्पेशल ड्यूटी कर रहे पुलिसकर्मी सूत्रों के अनुसार, रोजाना हजारों अभ्यर्थी पंचकूला पहुंच रहे हैं, जिसके चलते जिला प्रशासन और पुलिस विभाग को विशेष ड्यूटी पर लगाया गया है। मुख्यमंत्री ने युवाओं से कहा कि मेहनत और अनुशासन के दम पर आगे बढ़ें तथा भर्ती प्रक्रिया को लेकर किसी अफवाह पर ध्यान न दें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि चयन प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से पूरी की जाएगी।
अब टियर-2 शहरों में तेजी से हो रहे इंफ्रास्ट्रक्चर
नई दिल्ली। भारत में लग्ज़री हाउसिंग की चर्चा लंबे समय तक दिल्ली NCR, गुरुग्राम और मुंबई जैसे महानगरों तक ही सीमित रही। लेकिन अब टियर-2 शहरों में तेजी से हो रहे इंफ्रास्ट्रक्चर विकास, बेहतर कनेक्टिविटी और बदलती लाइफस्टाइल आकांक्षाओं के कारण प्रीमियम लिविंग की परिभाषा बदलती दिखाई दे रही है। लखनऊ भी अब इसी बदलाव का अहम हिस्सा बनता जा रहा है। रियल एस्टेट इंडस्ट्री से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि आज का होमबायर केवल बड़ा घर नहीं, बल्कि बेहतर लाइफस्टाइल, आकर्षक डिजाइन, खुले स्थान और आधुनिक सुविधाओं से युक्त रहने का अनुभव चाहता है। यही कारण है कि अब रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट्स में लाइफस्टाइल आधारित प्लानिंग और कम्युनिटी सेंट्रिक डेवलपमेंट पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसी बदलते दौर में ज़ीशान असलम एक ऐसे नाम के रूप में उभर रहे हैं, जो लखनऊ में लग्ज़री लिविंग को नए दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने की कोशिश कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में CCS INFRATECH द्वारा विकसित AMOR को एक ऐसे टाउनशिप कॉन्सेप्ट के रूप में देखा जा रहा है, जो टियर-1 शहरों जैसी आधुनिक और प्रीमियम लाइफस्टाइल को लखनऊ जैसे उभरते शहर में लाने का प्रयास करता है। AMOR में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, क्लब हाउस कल्चर, खूबसूरत लैंडस्केप ओपन स्पेसेज़, लाइफस्टाइल सुविधाएं और सुव्यवस्थित आवासीय वातावरण जैसी कई विशेषताओं को शामिल किया गया है। इंडस्ट्री ऑब्जर्वर्स का मानना है कि इस तरह के प्रोजेक्ट्स यह संकेत देते हैं कि अब लखनऊ जैसे शहरों में भी लोग केवल संपत्ति नहीं, बल्कि बेहतर और गुणवत्तापूर्ण जीवन अनुभव की तलाश कर रहे हैं। ज़ीशान असलम का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में होमबायर्स की अपेक्षाओं में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। “आज के खरीदार पहले से कहीं अधिक जागरूक और महत्वाकांक्षी हो चुके हैं। अब लग्ज़री केवल बड़े घरों या भव्यता तक सीमित नहीं रह गई है। लोग सुंदरता, सुविधा, आधुनिक लाइफस्टाइल और बेहतर रहने के अनुभव को अधिक महत्व दे रहे हैं,” ज़ीशान असलम ने कहा। लखनऊ के रियल एस्टेट बाजार में यह बदलाव बेहतर शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर, बढ़ती क्रय शक्ति और आधुनिक जीवनशैली के बढ़ते प्रभाव के कारण तेजी से देखने को मिल रहा है। ऐसे में विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में टियर-2 शहर भारत के प्रीमियम हाउसिंग सेक्टर को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इंडस्ट्री से जुड़े लोगों के अनुसार, AMOR जैसे प्रोजेक्ट्स लखनऊ के बदलते रियल एस्टेट परिदृश्य का हिस्सा बनते जा रहे हैं, जहां लग्ज़री लिविंग अब केवल एक सपना नहीं, बल्कि एक सुलभ और अनुभव आधारित वास्तविकता बनती दिखाई दे रही है।
रोहतक की नई अनाजमंडी के पीछे 6 मई को युवक का शव पड़ा मिला, जिसके पेट की आंत बाहर निकली हुई थी और गर्दन पर वार का निशान था। इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को काबू किया, जिन्होंने शराब पीने के दौरान हुई कहासुनी में युवक को मौत के घाट उतारा था। पुलिस आरोपियों को 5 दिन के रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है। पुलिस पीआरओ मनीष ने बताया कि 6 मई की सुबह नई अनाज मंडी स्थित दुकान नंबर 42/43 के पीछे कचरे में एक युवक का शव पड़ा मिला। सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। मृतक की पहचान मोहित उर्फ मंरिडा पुत्र नवीन निवासी सांपला हाल किरायेदार राम नगर रोहतक के रुप में हुई। पीआरओ मनीष ने बताया कि मृतक के भाई सचिन की शिकायत पर थाना शिवाजी कॉलोनी में केस दर्ज किया गया। जांच में सामने आया कि मोहित खत्री ढाबा आर्य नगर में काम करता था। 5 मई की रात को किला रोड की गीता मार्केट से निकलते हुए मोहित को चचेरे भाई गौरव ने देखा था, जो शराब के नशे में था। शराब पीने के दौरान हुई कहासुनी पुलिस पीआरओ मनीष ने बताया कि आरोपी अनाजमंडी की दीवार के पीछे बैठकर शराब पी रहे थे, जहां मोहित भी पहुंच गया। मोहित के साथ आरोपियों की किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई, जिसके कारण आरोपियों ने मोहित की हत्या करके शव को वहीं छोड़ दिया और मौके से फरार हो गए। बिहार व यूपी के रहने वाले आरोपी मोहित की हत्या के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को काबू किया, जिनकी पहचान राजन पुत्र शम्भु निवासी गांव रामपुर जिला समस्तीपुर बिहार हाल नई राजेंद्र कॉलोनी व अभय उर्फ अब्बू पुत्र राजेश निवासी गांव परोरे जिला बरेली उत्तर प्रदेश हाल किराएदार शेर विहार कॉलोनी के रूप में हुई। आरोपियों के खिलाफ बाइक चोरी का पहले केस दर्ज पुलिस पीआरओ मनीष ने बताया कि आरोपियों ने हत्या की वारदात में बाइक को शिवाजी कॉलोनी थाना एरिया से चोरी किया, जिसके बाद हत्या की वारदात को अंजाम दिया। आरोपियों के खिलाफ बाइक चोरी का मामला भी पहले से दर्ज है। पुलिस आरोपियों से रिमांड के दौरान पूछताछ कर रही है।
सहारनपुर में पिछले एक सप्ताह से गर्मी लगातार अपना रौद्र रूप दिखा रही है। रविवार को सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों को बेहाल कर दिया। आज से नौतपा शुरू हो रहा है और उससे पहले ही अधिकतम तापमान 43.3 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। दोपहर के समय चली लू ने लोगों को घरों में कैद रहने पर मजबूर कर दिया। हालांकि मौसम विभाग ने सोमवार को नौतपा के बावजूद तापमान में करीब एक डिग्री गिरावट की संभावना जताई है। रविवार को शहर के बाजारों और प्रमुख सड़कों पर दोपहर के समय सन्नाटा पसरा दिखाई दिया। जरूरी काम से बाहर निकलने वाले लोग चेहरे और शरीर को कपड़ों से ढंककर निकले। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार आने वाले दिनों में गर्मी का असर और बढ़ सकता है। 25 मई से शुरू हुए नौतपा के दौरान तापमान में और वृद्धि होने की संभावना है। अगले चार से पांच दिनों तक अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर बना रह सकता है। पश्चिमी विक्षोभ का असर कमजोर होने के कारण फिलहाल गर्मी से राहत मिलने के आसार कम बताए जा रहे हैं। रविवार को जिले का अधिकतम तापमान 43.3 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर के समय धूप में निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और लू से सावधानी बरतने की सलाह दी है। हीट स्ट्रोक के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट मोड पर है। किठौर सीएचसी, जिला अस्पताल और मेडिकल अस्पताल में कोल्ड रूम बनाए गए हैं, जहां हीट स्ट्रोक से प्रभावित मरीजों का तापमान सामान्य कर उपचार किया जा रहा है। सीएमओ डॉ. प्रवीण कुमार ने बताया कि गर्मी के दौरान लोगों को राहत देने के लिए सरकारी कार्यालयों और सार्वजनिक स्थानों पर ORS कॉर्नर स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों पर ओआरएस पैकेट के साथ बुखार, उल्टी और डिहाइड्रेशन से संबंधित जरूरी दवाएं उपलब्ध कराई गई हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत लोगों की मदद की जा सके। गर्मी में बरतें ये सावधानियांशरीर में पानी की कमी न होने दें। दिनभर पर्याप्त पानी, नींबू पानी, छाछ और ORS का सेवन करें।दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक तेज धूप में निकलने से बचें। बाहर जाते समय छाता, टोपी या गमछे का इस्तेमाल करें।ढीले और हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें ताकि शरीर ठंडा रहे और पसीना आसानी से सूख सके।ज्यादा तला-भुना और मसालेदार भोजन कम खाएं। तरबूज, खीरा, ककड़ी और मौसमी फलों का सेवन बढ़ाएं।चक्कर आना, तेज बुखार, उल्टी या कमजोरी महसूस होने पर तुरंत छांव में जाएं और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से संपर्क करें।
गयाजी पुलिस ने 24 घंटे के अंदर ई-रिक्शा ड्राइवर उपेंद्र यादव(40) हत्याकांड का खुलासा कर दिया है। अवैध संबंध में हत्या हुई थी। वारदात में शामिल 7 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है। जिसमें चार महिला भी शामिल है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। घटना बोधगया के रामपुर गांव की है। पुलिस के अनुसार, मृतक का एक महिला के साथ अवैध संबंध था। इसी बात को लेकर महिला के परिजन नाराज थे। आरोपियों ने बुलाकर उसकी हत्या की। इसके बाद शव को सड़क किनारे फेंक दिया। गिरफ्तार आरोपियों में रामपुर गांव निवासी गुलजार मांझी, चंदन मांझी उर्फ नीरू मांझी और विजय मांझी शामिल है। महिलाओं की पहचान उजागर नहीं की गई है। गांव से आधा किलोमीटर दूर मिला शव उपेंद्र बुधवार(21 मई 2026) दोपहर करीब 12 बजे घर से निकला था। देर शाम तक नहीं लौटे। काफी खोजबीन के बाद भी कहीं कुछ पता नहीं चला। थक-हारकर परिजनों ने थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस बीच गुरुवार की दोपहर गांव से करीब आधा किलोमीटर दूर महादलित टोला के पास झाड़ियों में शव बरामद हुआ। एक आंख फोड़ दी गई थी। शरीर पर बुरी तरह से मारपीट के निशान थे। पीठ के हिस्से पर गर्म पानी डालने जैसे निशान और फफोले मिले हैं। इस घटना के बाद से गांव के लोगों में काफी आक्रोश है। रीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर स्पेशल टीम का गठन मामले की गंभीरता को देखते हुए बोधगया थाना में कांड संख्या 287/26 दर्ज कर जांच शुरू की गई। गयाजी के वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर मामले के जल्द खुलासे के लिए विशेष टीम बनाई गई। टीम का नेतृत्व अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी ने किया। इसमें पुलिस और तकनीकी शाखा के पुलिसकर्मियों को भी शामिल किया गया। आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल किया पुलिस टीम ने तकनीकी जांच और आसूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए प्राथमिकी दर्ज होने के 24 घंटे के अंदर सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने हत्या में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली।
'एआई समिट में टेक्नोलॉजी से ज्यादा राजनीतिक माहौल दिखाई दिया, पर हमें नेताओं के भाषण से कुछ सीखने को नहीं मिला, क्योंकि वे लोग क्या जाने कि AI क्या होता है? वे लोग तो पढ़ाई से कोशों दूर रहते हैं। जब कोई एआई फाउंडर या टेक्नोलॉजी स्पीकर मंच पर आता था तो उसे बहुत कम समय में अपनी बात खत्म करने के लिए कहा जाता था, जबकि नेताओं और मंत्रियों के लंबे राजनीतिक भाषण चलते रहे। फेक आईडी से 15 हजार में बिक रहे थे टिकट, जबकि प्रोग्राम में फ्री एंट्री थी।' ये बातें बिहार एआई समिट में पहुंचे युवाओं ने कही हैं। बिहार एआई समिट की कैसी रही व्यवस्था, कार्यक्रम कितना हुआ सफल, छात्रों को कितना हुआ लाभ, युवाओं की प्रतिक्रिया सिलसिलेवार पढ़ें… कार्यक्रम की कुछ तस्वीरें… बिहार एआई समिट का कैसा रहा माहौल पटना में पहली बार ‘बिहार एआई समिट’ हुआ। आईटी विभाग ने दावा किया था समिट में देश-विदेश के 50 से अधिक एआई एक्सपर्ट्स, स्टार्टअप फाउंडर्स और टेक्नोलॉजी स्पीकर्स हिस्सा लेंगे, लेकिन कार्यक्रम स्थल पर एआई से ज्यादा राजनीति दिखी। बिहार सरकार के मंत्रियों-नेताओं के बड़े पोस्टर थे, पर एआई स्पीकर्स-टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट्स की स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। कई प्रतिभागियों ने कहा कि उन्हें यह तक पता नहीं चल पाया कि कार्यक्रम में कौन-कौन स्पीकर्स आने वाले हैं। रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया, फेक वेबसाइटों से टिकट बिक्री, एंट्री में अव्यवस्था और घंटों बाहर इंतजार पर लोगों में नाराजगी दिखी। कुछ लोगों को कार्ड और वेरिफिकेशन होने के बावजूद अंदर प्रवेश नहीं मिला। बिहार सरकार AI को कैसे इस्तेमाल करेगी लोगों को बताना चाहिए था रोहित राय कहते हैं रजिस्ट्रेशन-वेरिफिकेशन होने के बाद भी लोगों को काफी लंबे समय तक बाहर रखा गया। फेक और मिलती-जुलती वेबसाइट बनाकर पैसे लिए गए। अनजाने में भुगतान भी कर दिया था। स्लिप दिखाकर बाहर खड़ा रखा गया। शुरुआत में ही बता दिया जाता कि अंदर जगह नहीं है, एक-दो घंटे बाद बुलाया जाएगा, तो लोग इतनी भीड़ में परेशान नहीं होते, लेकिन ऐसी कोई व्यवस्था या सूचना नहीं थी। उन्होंने कहा कि यह मंच राजनीति का नहीं, बल्कि AI और टेक्नोलॉजी का होना चाहिए था। बिहार सरकार AI को कैसे इस्तेमाल करेगी, उसकी स्पष्ट नीति क्या है, यह लोगों को बताया जाना चाहिए था। उदाहरण के लिए AI का उपयोग हेल्थ डिपार्टमेंट, एजुकेशन, लॉ एंड ऑर्डर, ट्रैफिक कंट्रोल, सीवेज सिस्टम और अन्य सरकारी विभागों में किस तरह किया जाएगा, इस पर चर्चा होनी चाहिए थी। पहले युवाओं को स्किल्ड बनाना होगा रोहित राय ने कहा कि सबसे महत्वपूर्ण सवाल रोजगार का है। AI के कारण बिहार में कितने नए रोजगार होंगे, कितने निवेश आएंगे और कौन-कौन सी कंपनियां बिहार में काम शुरू करेंगी इस पर कोई ठोस जानकारी नहीं दी गई। अगर सरकार AI के जरिए कई विभागों में बदलाव लाएगी, तो यह भी बताना ज़रूरी है कि पहले से बेरोजगारी झेल रहे युवाओं के लिए नए अवसर कैसे तैयार होंगे। सिर्फ यह कह देना कि नई नौकरियां होंगी ये काफी नहीं है। पहले बिहार के युवाओं को स्किल्ड और तैयार बनाना होगा। अभी तक ऐसा कोई बड़ा कोर्स, डिप्लोमा या ट्रेनिंग प्रोग्राम देखने को नहीं मिला जो 10वीं-12वीं या ग्रेजुएट छात्रों को AI के क्षेत्र में प्रशिक्षित करे। सरकार को पहले शिक्षा और स्किल डेवलपमेंट पर ध्यान देना चाहिए, फिर बड़े स्तर पर AI इम्प्लीमेंटेशन की बात करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कई स्पीकर्स ने अच्छी और प्रेरणादायक बातें कहीं। बिहार के विकास, अर्बन डेवलपमेंट और टेक्नोलॉजी की संभावनाओं पर चर्चा हुई, लेकिन अच्छी बातें कहना और उन्हें जमीन पर लागू करना दोनों अलग बातें हैं। बिहार में लंबे समय से बड़े-बड़े वादे होते आए हैं, लेकिन उनका वास्तविक क्रियान्वयन अक्सर दिखाई नहीं देता। रोडमैप साफ होना चाहिए रोहित राय ने कहा कि बिहार औद्योगीकरण में अब तक पीछे रहा है। शायद अब समय आ गया है कि राज्य AI और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में आगे बढ़े। अच्छी बात यह है कि AI सेक्टर में पारंपरिक उद्योगों जितना भारी निवेश नहीं चाहिए। 200–500 करोड़ के निवेश में भी डेटा सेंटर जैसे बड़े प्रोजेक्ट शुरू किए जा सकते हैं, जो रोजगार के नए अवसर पैदा कर सकते हैं। 600 किलोमीटर दूर से आए, लेकिन अंदर जाने नहीं दिया संदीप ने बताया कि मैं 600 किलोमीटर से सिर्फ एआई समिट में शामिल होने के लिए आया हूं। मैं बिहार का रहने वाला हूं, लेकिन मेरा कॉलेज यूपी में है। हमने इस कार्यक्रम के लिए रजिस्ट्रेशन भी कराया था और यहां पहुंचने के बाद भी कार्ड बना, लेकिन मुझे अंदर जाने नहीं दिया गया। बहुत कोशिश करने के बाद शाम में एंट्री दी गई। यहां जितने भी स्टार्टअप वाले आए हैं, वह सब अपने प्रोडक्ट का प्रमोशन कर रहे हैं। मुझे लगता है कि इसके पहले AI के बारे में लोगों को एजुकेट करना जरूरी है। सरकार को बताना चाहिए कि AI क्या होता है? पहले AI से रिलेटेड कोई कोर्स बना दे, पेड या फ्री कोई भी कोर्स करवाए। जिससे पहले हम सीखें फिर जाकर लोगों को बताएं। कार्यक्रम में नेताओं के भाषण ज्यादा थे और माहौल किसी राजनीतिक रैली जैसा लग रहा था। हमारे मुख्यमंत्री ने भी कल कहा था कि “गमछे वाले गुंडे को भगा देंगे।” यह सुनकर हमें अच्छा नहीं लगा क्योंकि यह AI समिट है। अच्छे कॉलेज होंगे तभी बिहार डेवलप करेगा वरुण कुमार ने बताया कि मैं बिहार का रहने वाला हूं और मध्य प्रदेश में रहकर पढ़ाई करता हूं। यहां AI समिट कर रहे हैं, लेकिन इसके साथ में अच्छे कॉलेज भी होने चाहिए, ताकि हमें बाहर जाकर नहीं पढ़ाई करना पड़े। तभी तो बिहार डेवलप होगा। मैं देखना आया हूं कि बिहार में पहली बार यह कार्यक्रम हो रहा है तो उसमें क्या सिखाया जा रहा है। बिहार में अभी लोगों को यह नहीं सिखाया जा रहा है कि आने वाले समय में AI कितना महत्वपूर्ण रोल निभाएगा। बिहार सरकार को चाहिए कि हर गांव में जाकर प्रचार के जरिए लोगों को AI के बारे में जानकारी दे। AI का इवेंट करा रहे हैं तो AI की ही बातचीत करनी चाहिए थी रक्षित रंजन ने कहा कि इस मंच पर मुझे कुछ AI और प्रोग्रामिंग से रिलेटेड लोगों से मिलने का मौका मिला, लेकिन जिस ऑफिशियल वेबसाइट से हमने रजिस्ट्रेशन किया, उसके अलावा भी कई सारे फेक वेबसाइट बनाए गए थे। सभी के नाम भी सिमिलर थे। दूसरे वेबसाइट पर 15 या 20 हजार रुपए के टिकट मिल रहे थे। जबकि मैंने इंस्टाग्राम पेज पर देखा था कि इस कार्यक्रम के लिए हम फ्री में रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। सरकार को फेक वेबसाइट के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए थी। हमारे भारत को अपना AI मॉडल चाहिए। हम Chat GPT जैसे प्लेटफॉर्म इस्तेमाल करते हैं तो हमारा डेटा दूसरे देशों में जाता है। इस विषय पर गंभीर चर्चा होनी चाहिए थी। नेताओं के भाषण से कुछ सीखने को नहीं मिला आनंद प्रकाश ने कहा कि मैं जब कार्यक्रम के लिए रजिस्ट्रेशन करा रहा था तब दो-दो वेबसाइट सामने आ रही थीं। मैंने दो बार पेमेंट कर दिया। करीब ₹200 देकर रजिस्ट्रेशन कराया। इसमें बहुत कंफ्यूजन था कि किसमें पेमेंट करना है और ईमेल पर कुछ भी नहीं आ रहा था। समिट के पहले दिन इतना गैदरिंग हो गया कि मैं बाहर ही खड़ा रहा, मुझे अंदर भी नहीं आने दिया गया। यहां नेताओं ने भाषण दिया, उससे कुछ सीखने को नहीं मिला, क्योंकि वह लोग क्या जाने कि AI क्या होता है? वह लोग तो पढ़ाई से कोशों दूर रहते हैं। उन्हें सिर्फ पॉलिटिक्स पता होता है। बुक माय शो पर फिल्म की तरह टिकट बिक रहे थे मधुबनी से आए कुलजीत कुमार ने बताया कि जब मैंने AI समिट के लिए वेबसाइट पर सर्च किया तो देखा कि बुक माय शो पर टिकट मिल रहा था। जैसे हम फिल्म का टिकट बुक करते हैं वैसे ही इसका भी टिकट बुक कर लिया। जिसमें सिल्वर, जनरल और प्लैटिनम अलग-अलग तरह के टिकट्स उपलब्ध थे और अलग-अलग सुविधाएं भी लिखी गई थीं। एक टिकट 10 हजार रुपए के करीब था, लेकिन मैंने जनरल वाला लिया जो 540 रुपए का मिला। क्योंकि मुझे देखना था कि इस कार्यक्रम में क्या हो रहा है। यहां आकर देखा कि सब फ्री में एंट्री ले रहे हैं।
बाहुबली विधायक अनंत सिंह की जमानत याचिका पर आज गोपालगंज के सिविल कोर्ट स्थित विशेष MP-MLA कोर्ट में सुनवाई होगी। पटना हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता नरेश दीक्षित अनंत सिंह की ओर से पैरवी करने के लिए गोपालगंज पहुंच चुके हैं। यह मामला सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो से जुड़ा है। आरोप है कि इस वीडियो में कुछ लोग अवैध हथियारों का प्रदर्शन करते हुए अश्लील गानों पर डांस कर रहे थे। पुलिस जांच के बाद विधायक अनंत सिंह को भी इस मामले में नामजद आरोपी बनाया गया था। राजनीतिक द्वेष के कारण फंसाने का लगाया आरोप पुलिस का आरोप है कि इस घटनाक्रम और हथियारों के प्रदर्शन में अनंत सिंह की संलिप्तता रही है। हालांकि, बचाव पक्ष इन आरोपों को सिरे से खारिज करता रहा है। कानूनी जानकारों के अनुसार, बचाव पक्ष के वकील नरेश दीक्षित मुख्य रूप से यह दलील दे सकते हैं कि अनंत सिंह को राजनीतिक द्वेष के कारण फंसाया गया है। जमानत याचिका में वायरल वीडियो की सत्यता और हथियारों की उपस्थिति को लेकर तकनीकी पहलुओं पर सवाल उठाए जा सकते हैं। कोर्ट से गुहार लगाई जाएगी कि आरोपी को जेल में रखने का कोई ठोस आधार नहीं है, इसलिए उन्हें जमानत दी जाए। वहीं, पुलिस और अभियोजन पक्ष भी जमानत का विरोध करने के लिए पूरी तैयारी के साथ कोर्ट में मौजूद रहेंगे। सुरक्षा के लिहाज से सिविल कोर्ट परिसर में चाक-चौबंद इंतजाम किए गए हैं।
पिता की डांट पर घर से निकली 7-साल की बेटी:लखनऊ में 9 घंटे बाद पुलिस ने परिवार से मिलाया
लखनऊ में पिता की डांट से नाराज होकर 7 साल की मासूम बेटी घर छोड़कर निकल गई। अनजान शहर की गलियों में भटकती बच्ची करीब 9 घंटे तक परिवार से दूर रही। बाद में पुलिस और स्थानीय महिलाओं की मदद से बच्ची को सकुशल उसके माता-पिता से मिलाया गया। मूल रूप से बहराइच का रहने वाला परिवार कुछ दिन पहले ही खरगापुर विस्तार क्षेत्र में किराए के मकान में रहने आया था। रविवार शाम करीब 5 बजे पिता ने बेटी को डांट दिया। इससे नाराज होकर मासूम घर से बाहर निकल गई। बच्ची भटकते-भटकते राम आसरे पुरवा इलाके तक पहुंच गई। वहां मौजूद डिंपल सिंह और अंजली कनौजिया की नजर रोती हुई बच्ची पर पड़ी। दोनों महिलाओं ने बच्ची से घर और परिवार के बारे में पूछने की कोशिश की, लेकिन वह सिर्फ अपनी मां और भाइयों का नाम ही बता पा रही थी। इसके बाद दोनों महिलाएं बच्ची को लेकर विस्तार थाने पहुंचीं। इंस्पेक्टर सुधीर अवस्थी ने बच्ची को शांत कर उससे जानकारी लेने की कोशिश की, लेकिन वह लगातार मां को याद कर रोती रही। उधर बेटी के अचानक गायब होने से परिवार परेशान होकर उसकी तलाश में जुटा था। विस्तार पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से इलाके में लगातार खोजबीन की। करीब 9 घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस बच्ची के परिवार तक पहुंच गई।
अलवर में सोमवार को मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आया। सुबह 4 बजे से तेज धूल भरी आंधी चलने लगी। कई जगहों पर धूल का गुबार छा गया। जिससे लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग ने अलवर जिले में आज से 30 मई तक हीट वेव का अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान 46 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच सकता है। इसके साथ ही गर्म हवाएं और लू चलने की संभावना जताई गई है। पिछले करीब पांच दिनों से जिले में भीषण गर्मी का दौर लगातार बना हुआ है। कई बार अधिकतम तापमान 45 डिग्री से ऊपर दर्ज किया गया, जिससे लोगों को तेज गर्मी और उमस का सामना करना पड़ रहा है। भीषण गर्मी को देखते हुए प्रशासन भी अलर्ट मोड पर नजर आ रहा है। शहर में लोगों को राहत देने के लिए नगर निगम और प्रशासन की ओर से कई जगहों पर पानी का छिड़काव कराया जा रहा है। जिला अस्पताल परिसर में भी इन दिनों कंस्ट्रक्शन और सड़क निर्माण का कार्य चल रहा है। तेज हवा के चलते वहां धूल-मिट्टी ज्यादा उड़ रही है, जिसे नियंत्रित करने के लिए लगातार पानी का छिड़काव कराया जा रहा है ताकि मरीजों और अस्पताल आने वाले लोगों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। तेज धूप और गर्म हवा के कारण दिन के समय शहर की सड़कों और बाजारों में आवाजाही कम देखने को मिल रही है। लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। अधिकतर लोग गर्मी से बचाव के लिए छाता, गमछा और पानी की बोतल साथ लेकर निकल रहे हैं। शाम ढलने के बाद ही बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर रौनक बढ़ती दिखाई दे रही है।
अलवर में सोमवार को मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आया। सुबह 4 बजे से तेज धूल भरी आंधी चलने लगी। कई जगहों पर धूल का गुबार छा गया। जिससे लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग ने अलवर जिले में आज से 30 मई तक हीट वेव का अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान 46 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच सकता है। इसके साथ ही गर्म हवाएं और लू चलने की संभावना जताई गई है। पिछले करीब पांच दिनों से जिले में भीषण गर्मी का दौर लगातार बना हुआ है। कई बार अधिकतम तापमान 45 डिग्री से ऊपर दर्ज किया गया, जिससे लोगों को तेज गर्मी और उमस का सामना करना पड़ रहा है। भीषण गर्मी को देखते हुए प्रशासन भी अलर्ट मोड पर नजर आ रहा है। शहर में लोगों को राहत देने के लिए नगर निगम और प्रशासन की ओर से कई जगहों पर पानी का छिड़काव कराया जा रहा है। जिला अस्पताल परिसर में भी इन दिनों कंस्ट्रक्शन और सड़क निर्माण का कार्य चल रहा है। तेज हवा के चलते वहां धूल-मिट्टी ज्यादा उड़ रही है, जिसे नियंत्रित करने के लिए लगातार पानी का छिड़काव कराया जा रहा है ताकि मरीजों और अस्पताल आने वाले लोगों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। तेज धूप और गर्म हवा के कारण दिन के समय शहर की सड़कों और बाजारों में आवाजाही कम देखने को मिल रही है। लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। अधिकतर लोग गर्मी से बचाव के लिए छाता, गमछा और पानी की बोतल साथ लेकर निकल रहे हैं। शाम ढलने के बाद ही बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर रौनक बढ़ती दिखाई दे रही है।
लखनऊ में अखिलेश यादव के दिवंगत भाई प्रतीक यादव की आत्मा की शांति के लिए आज यानी 25 मई को त्रयोदशी संस्कार का आयोजन किया जा रहा है। पत्नी अपर्णा यादव समेत परिवार ने श्रद्धांजलि सभा में शामिल होने की अपील की है। वहीं, शहर के कई चौराहों पर त्रयोदशी को लेकर होर्डिंग भी लगे हैं। बीते 13 मई की सुबह प्रतीक यादव का निधन हो गया था। उनका अगले दिन लखनऊ के बैकुंठ धाम श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। दो दिन बाद हरिद्वार के वीवीआईपी घाट पर उनकी अस्थियां विसर्जित की गईं। 2 तस्वीरें देखिए- शहर के अलग-अलग इलाकों में लगे होर्डिंग त्रयोदशी संस्कार को लेकर लखनऊ के विभिन्न इलाकों और प्रमुख चौराहों पर होर्डिंग लगाए गए हैं। इन होर्डिंग के माध्यम से परिवार की ओर से लोगों से कार्यक्रम में शामिल होकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए श्रद्धांजलि देने की अपील की गई है। दोपहर 12 बजे होगा त्रयोदशी संस्कार दिवंगत की आत्मा की शांति के लिए त्रयोदशी संस्कार आज यानी सोमवार 25 मई 2026 को दोपहर 12 बजे आयोजित किया जाएगा। यह कार्यक्रम लखनऊ के विक्रमादित्य मार्ग स्थित उनके निजी आवास पर संपन्न होगा। परिवार ने श्रद्धांजलि देने की अपील की परिवार की ओर से सभी शुभचिंतकों, परिचितों और समाज के लोगों से कार्यक्रम में शामिल होकर दिवंगत को श्रद्धांजलि अर्पित करने का अनुरोध किया गया है। कार्यक्रम में अपर्णा यादव, अखिलेश यादव, शिवपाल सिंह यादव, आदित्य यादव, धर्मेंद्र यादव सहित परिवार के अन्य सदस्य और शुभचिंतक मौजूद रहेंगे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
गोमती नदी में नहाने गया युवक डूबा:SDRF ने निकाला, डॉक्टरों ने ट्रॉमा सेंटर में मृत घोषित किया
लखनऊ के सैरपुर थाना क्षेत्र में रविवार को गोमती नदी में नहाते समय एक युवक डूब गया, जिससे उसकी मौत हो गई। वह अपने दोस्तों के साथ नदी में नहाने गया था। अचानक गहरे पानी में जाने से वह डूबने लगा। उसके साथियों ने शोर मचाया, जिसके बाद आसपास के लोगों ने पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। SDRF टीम और स्थानीय गोताखोरों की मदद से युवक की तलाश शुरू की गई। काफी मशक्कत के बाद युवक को नदी से बाहर निकाला गया। उसे तत्काल इलाज के लिए ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान 22 वर्षीय निर्मल कुमार के रूप में हुई है। वह रामनरेश का पुत्र और शेरवानी नगर, थाना मड़ियांव का निवासी था। निर्मल मूल रूप से सीतापुर जिले के बिसवां थाना क्षेत्र के दरियाना गांव का रहने वाला था। पुलिस के अनुसार, यह हादसा सरौरा गांव के पास गोमती नदी में हुआ। घटना की सूचना मिलते ही परिवार में शोक छा गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
जालोर के नर्सिंग कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. पवन ओझा पर राज्य स्तरीय नर्सेज दिवस सम्मान हासिल करने के लिए फर्जी अनुशंसा पत्र तैयार करने का आरोप लगा है। आरोप है कि उन्होंने कलेक्टर की अध्यक्षता दिखाकर जिला स्तरीय चयन समिति बनाई, कागजों में बैठक होना दर्शाया और फर्जी हस्ताक्षर कर खुद के नाम की अनुशंसा कर दी। इसी अनुशंसा के आधार पर 12 मई 2026 को उन्हें राज्य स्तरीय नाइटेंगल फ्लोरेंस अवार्ड दिया गया। मामले में कलेक्टर और सीएमएचओ ने भी दस्तावेजों पर किए गए हस्ताक्षरों को फर्जी बताया है। कलेक्टर की अध्यक्षता दिखाकर बनाई समिति राज्य स्तरीय नर्सेज दिवस सम्मान के लिए बनाई गई जिला स्तरीय चयन समिति में कुल 6 सदस्यों को शामिल किया गया। इसमें अध्यक्ष के तौर पर कलेक्टर का नाम था। इसके अलावा सीएमएचओ, पीएमओ, नर्सिंग अधीक्षक, नर्सिंग कॉलेज प्रिंसिपल और जीएनएम ट्रेनिंग सेंटर प्रिंसिपल को सदस्य बनाया गया था। इन 6 सदस्यों में से 2 पद खुद डॉ. पवन ओझा के पास ही थे। आरोप है कि उन्होंने खुद ही दोनों पदों के जरिए अपने नाम की अनुशंसा कर दी। कागजों में बैठक दिखाई, फर्जी साइन कर भेजा प्रस्ताव अनुशंसा पत्र में दर्शाया गया कि समिति की बैठक हुई और उसमें डॉ. पवन ओझा के नाम की सिफारिश की गई। इसके बाद 29 अप्रैल 2026 को यह प्रस्ताव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं विभाग के निदेशक को भेजा गया। 6 पेज के इस अनुशंसा पत्र में सीएमएचओ के साइन सिर्फ 2 पेज पर हैं, जबकि बाकी 4 पेज पर फर्जी स्टाम्प लगाकर साइन किए गए बताए जा रहे हैं। पीएमओ और नर्सिंग ऑफिसर ने सभी 6 पेज पर हस्ताक्षर किए। 12 मई को मिला राज्य स्तरीय सम्मान फर्जी अनुशंसा के आधार पर 12 मई 2026 को डॉ. पवन ओझा को राज्य स्तरीय नाइटेंगल फ्लोरेंस अवार्ड से सम्मानित किया गया। सम्मान मिलने के बाद विभागीय स्तर पर अंदरुनी फर्जीवाड़े की जानकारी सामने आई। जानकारी सामने आने के बाद भी सीएमएचओ की ओर से अब तक किसी कार्रवाई की अनुशंसा नहीं की गई और ना ही उनके सील-साइन के दुरुपयोग का मामला दर्ज कराया गया रोटरी क्लब के काम को बताया अपना खर्च अनुशंसा पत्र में कार्य मूल्यांकन के दौरान डॉ. ओझा ने लिखा कि उन्होंने मातृ एवं शिशु चिकित्सालय में मरीजों और उनके परिजनों के बैठने के लिए टीन शेड और 8 बेंच लगवाईं। जबकि यह कार्य रोटरी क्लब द्वारा कराया गया था। हॉस्पिटल परिसर में लगे टीन शेड पर लगी पट्टिका में भी रोटरी क्लब का नाम दर्ज है। वहीं 8 बेंच में से केवल एक पर ही डॉ. ओझा का नाम लिखा है, बाकी पर हॉस्पिटल के अन्य डॉक्टरों द्वारा भेंट की गई जानकारी दर्ज है। कलेक्टर बोले- बैठक ही नहीं हुई जिला कलेक्टर डॉ. प्रदीप के गवांडे ने कहा कि उनकी अध्यक्षता में इस समिति की कोई बैठक नहीं हुई। उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसी किसी समिति की जानकारी भी नहीं है और दस्तावेजों पर किए गए हस्ताक्षर भी फर्जी हैं। सीएमएचओ ने कहा- सिर्फ 2 पेज पर किए साइन जालोर सीएमएचओ डॉ. भैराराम जाणी ने बताया कि 6 पेज के पत्र में उन्होंने सिर्फ 2 पेज पर हस्ताक्षर किए हैं। बाकी पेज पर लगे साइन उनके नहीं हैं। पीएमओ बोले- साइन फर्जी होने की जानकारी नहीं पीएमओ डॉ. वीपी मीणा ने कहा कि डॉ. पवन ओझा उनके संस्थान में कार्यरत हैं, इसलिए अनुशंसा की गई थी। उन्होंने कहा कि सीएमएचओ के फर्जी साइन की बात सुनी है, लेकिन इसकी सच्चाई की जानकारी नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि अनुशंसा पत्र में दो जगह डॉ. ओझा ने खुद भी साइन किए हैं। डॉ. पवन ओझा ने कहा- कमेटी पहले से बनकर आती है नर्सिंग कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. पवन ओझा ने कहा कि कमेटी पहले से बनी हुई आती है। कलेक्टर को शायद बैठक और अनुशंसा की जानकारी नहीं होगी। उन्होंने यह भी कहा कि सीएमएचओ के साइन वाला पत्र एडिटेड भी हो सकता है।
सिंगरौली जिले के चितरंगी थाना क्षेत्र में पुलिस ने अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। रविवार देर रात सोन नदी से रेत से भरे चार ट्रैक्टर जब्त किए गए। यह कार्रवाई ग्राम गांगी क्षेत्र में हुई, जहां अवैध खनन से घड़ियाल, मगरमच्छ और अंतरराष्ट्रीय प्रवासी पक्षियों के प्राकृतिक आवास को नुकसान पहुंच रहा था। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि कुछ लोग रात के अंधेरे में सोन नदी के घाटों से अवैध रूप से रेत निकालकर उसका परिवहन कर रहे हैं। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी निरीक्षक सुधेश तिवारी के नेतृत्व में एक पुलिस टीम ने नदी क्षेत्र में घेराबंदी की। अंधेरे में आरोपी मौके से फरार पुलिस की मौजूदगी देखकर आरोपी अंधेरे और जंगल का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए। हालांकि, पुलिस ने मौके से चार बिना नंबर के स्वराज ट्रैक्टर-ट्रॉली रेत सहित जब्त कर लिए। पुलिस ने बताया कि इस समय मगरमच्छ और घड़ियाल का प्रजनन काल चल रहा है। वहीं, बांग्लादेश से आने वाला इंडियन स्किमर पक्षी भी अप्रैल से जून तक सोन नदी के रेतीले तटों पर अंडे देता है। अवैध खनन से इन वन्यजीवों और पक्षियों की प्रजनन प्रक्रिया प्रभावित हो रही थी। पुलिस ने चार अलग-अलग प्रकरण दर्ज किए थाना प्रभारी सुधेश तिवारी ने बताया कि सोन नदी क्षेत्र में अवैध उत्खनन किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वन विभाग के साथ लगातार समन्वय बनाकर कार्रवाई की जा रही है। जब्त वाहनों पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत भी कार्रवाई होगी और फरार आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस ने चार अलग-अलग प्रकरण दर्ज किए हैं। खान एवं खनिज अधिनियम, वन्य जीव संरक्षण अधिनियम और भारतीय वन अधिनियम की धाराओं में मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है। जब्त किए गए ट्रैक्टरों की कुल कीमत लगभग 20 लाख 18 हजार रुपए बताई गई है।
दमोह के बेलाताल तालाब पर सोमवार सुबह गंगा दशमी के अवसर पर जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत श्रमदान किया गया। इस दौरान पशुपालन राज्यमंत्री लखन पटेल, विधायक जयंत कुमार मलैया, भाजपा जिलाध्यक्ष श्याम शिवहरे और कलेक्टर प्रताप नारायण यादव सहित अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और अधिकारी मौजूद रहे। इस अवसर पर राज्यमंत्री लखन पटेल ने बताया कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में गंगा दशहरा के मौके पर पूरे प्रदेश में यह आयोजन किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य प्रदेश की जल संरचनाओं को संरक्षित करना और जल स्रोतों को पुनर्जीवित करना है। बावड़ियों के संरक्षण से जल स्रोत होंगे पुनर्जीवित उन्होंने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान पिछले साल डेढ़ महीने तक चला था, लेकिन इस साल इसे तीन महीने के लिए विस्तारित किया गया है। यह अभियान पूरे प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर चलाया जा रहा है, जिसका लक्ष्य प्राचीन बावड़ियों और कुओं जैसे जल स्रोतों को फिर से सक्रिय करना है। मंत्री पटेल ने जिले में मौजूद कई ऐसी संरचनाओं का जिक्र किया, जैसे किशनगंज में तीन-चार बावड़ियां और पटेरा में एक प्राचीन बावड़ी। उन्होंने बताया कि पटेरा की बावड़ी में कचरा भरा हुआ मिला था और उन्होंने उसकी सफाई में सहयोग की बात कही थी। इस पूरे अभियान का मुख्य उद्देश्य अपने आसपास की जल संरचनाओं को सहेजकर और संरक्षित करके लोगों को उनका लाभ दिलाना है। देखिए तस्वीरें… जल संरचनाएं सुरक्षित रहेंगी तो भविष्य खुशहाल बनेगा कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने कहा कि गंगा दशहरा का पर्व प्रकृति के प्रति प्रेम और कर्तव्य के भाव को याद दिलाता है। हम अपनी जल संरचना को सुरक्षित रखेंगे तभी हमारी पीढ़ी खुशहाल रह पाएगी। विधायक जयंत मलैया ने कहा की सरकार का पूरा प्रयास है कि हमारे जो प्राचीन जल स्रोत है उनको संरक्षित किया जाए। ताकि आने वाले समय में लोगों को इन संरचनाओं का लाभ मिल सके। कहीं कोई पानी की समस्या ना रहे यही इस जल गंगा संवर्धन अभियान का मुख्य उद्देश्य है।
कोडरमा जिले के सतगांवां थाना क्षेत्र के मीरगंज पंचायत अंतर्गत पचौरी गांव में 22 मई को हुआ एक प्रेम विवाह अब विवादों में घिर गया है। पचौरी गांव की काजल कुमारी और इटाय गांव के रोशन कुमार के बीच इंस्टाग्राम पर बातचीत के दौरान प्रेम संबंध शुरू हुआ था। दोनों के बीच मुलाकातों का सिलसिला भी चलता रहा। 21 मई की रात जब रोशन काजल से मिलने उसके गांव पहुंचा, तो ग्रामीणों ने दोनों को देख लिया। इसके बाद पूरे गांव में मामला चर्चा का विषय बन गया। ग्रामीणों ने तत्काल दोनों की शादी कराने का फैसला लिया। मंदिर में घंटों चला हाई वोल्टेज ड्रामा ग्रामीणों की मौजूदगी में स्थानीय मंदिर में दोनों की शादी कराई गई, लेकिन इस दौरान काफी हंगामा हुआ। बताया जा रहा है कि रोशन शादी करने को तैयार नहीं था, लेकिन ग्रामीणों के दबाव के कारण उसे मजबूरन विवाह करना पड़ा। घंटों चले इस हाई वोल्टेज ड्रामे के बाद हिंदू रीति-रिवाज से दोनों का विवाह संपन्न हुआ। इसके बाद नवविवाहित जोड़े को काजल के घर लाया गया, जहां आगे की रस्में पूरी की जानी थीं। शादी के बाद फरार हुआ दूल्हा काजल कुमारी ने अपने आवेदन में बताया कि शादी के बाद जब घर में रस्में चल रही थीं, तभी रोशन बहाना बनाकर वहां से फरार हो गया। कुछ समय बाद रोशन के परिवार के लोग, जिनमें उसकी मां और मौसी सहित सात-आठ लोग शामिल थे, काजल के घर पहुंचे। आरोप है कि उन्होंने काजल के परिजनों के साथ गाली-गलौज की और दहेज में 10 लाख रुपए की मांग की। विरोध करने पर परिजनों को धमकी देकर वे लोग वहां से चले गए। थाने में मामला दर्ज, पुलिस ने शुरू की जांच घटना के बाद काजल के परिजन दो दिनों तक रोशन के लौटने का इंतजार करते रहे, लेकिन जब वह वापस नहीं आया तो काजल ने सतगांवां थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई। मामले की जानकारी देते हुए थाना प्रभारी बबलू सिंह ने बताया कि काजल कुमारी के आवेदन के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस पूरे प्रकरण की जांच में जुट गई है।
आजमगढ़ के महाराजगंज थाना क्षेत्र में वोटर सत्यापन के दौरान जमकर मारपीट किए जाने का मामला सामने आया है। खंड विकास अधिकारी महाराजगंज के निर्देश पर वोटर लिस्ट सत्यापन का कार्य हो रहा था। इसी दौरान जय सिंह, रामप्रीत पटेल, संतराम पटेल, रामकिशन, शिवम शुभम मौके पर आया और प्रार्थी और उसके भाई अशोक को मां बहन की गालियां देते हुए लाठी डंडे से जमकर पिटाई शुरू कर दी। आरोपियों द्वारा किए गए हमले में प्रार्थी और उसका भाई अशोक गंभीर रूप से घायल हो गया और बेहोश हो गया। दोनों भाइयों को आरोपियों द्वारा किए गए हमले में कई जगह चोट भी आई हैं। आसपास के लोगों की मदद से एंबुलेंस बुलाकर इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां घायलों का इलाज चल रहा है। दर्ज हुआ मुकदमा जांच में जुटी पुलिस आजमगढ़ जिले के महाराजगंज थाना क्षेत्र में वोटर लिस्ट सत्यापन के दौरान हुई मारपीट के मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है पुलिस मामले की विवेचना कर रही है। पुलिस का कहना है की घटना में शामिल आरोपियों के विरुद्ध जल्द कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही इस घटना के कारणों और आरोपों की सत्यता की भी जांच की जाएगी।
पंजाब में एक बार फिर सियासी हलचल तेज हो गई है। मुक्तसर जिले के गिद्दड़वाहा में नगर कौंसिल चुनाव प्रचार थमने के बाद भी कथित रूप से प्रचार करने के मामले में पंजाब कांग्रेस कमेटी के प्रधान एवं लुधियाना के सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को रिटर्निंग अफसर (RO) SDM कार्यालय की ओर से नोटिस जारी किया गया है। जानकारी के अनुसार प्रशासन ने चुनाव आचार संहिता और शाम 5 बजे प्रचार बंद होने के नियमों के उल्लंघन को लेकर यह कार्रवाई की है। आरोप है कि प्रचार का समय समाप्त होने के बावजूद राजा वड़िंग ने गिदड़बाहा क्षेत्र में चुनावी गतिविधियां जारी रखीं। PR बोलीं-हमें अभी नहीं मिला नोटिस हालांकि कांग्रेस की ओर से इस मामले पर अलग रुख सामने आया है। वड़िंग की मीडिया PR आयूषी से इस संबंधी बातचीत की तो उन्होंने कहा कि अभी तक उन्हें किसी तरह का आधिकारिक नोटिस प्राप्त नहीं हुआ है। खबरों में ही सुना है। उन्होंने कहा कि नोटिस मिलने के बाद ही पार्टी अपना पक्ष स्पष्ट करेगी। वीडियो फुटेज और अन्य रिकॉर्ड की जांच कर रहा प्रशासन सूत्रों के मुताबिक प्रशासन पूरे मामले की वीडियो फुटेज और अन्य रिकॉर्ड की जांच कर रहा है। यदि नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों के तहत आगे की कार्रवाई की जा सकती है। उधर इस घटनाक्रम के बाद पंजाब की सियासत में आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी शुरू हो गया है। विपक्षी दल इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस पर निशाना साध रहे हैं, जबकि कांग्रेस नेताओं का कहना है कि उन्हें राजनीतिक तौर पर घेरने की कोशिश की जा रही है।
बस्ती में बेकाबू फॉर्च्यूनर और ट्रॉली की टक्कर में दो लोगों की मौत हो गई। टीन लोग गंभीर घायल हैं। रविवार रात करीब 11 बजे हादसे में ट्रैक्टर ट्रॉली बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। कार के परखच्चे उड़ गए। कार में मौजूद दो लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। अन्य घायलों को मौके पर मौजूद लोगों ने बाहर निकाला। सभी को अस्पताल में भर्ती करया गया है। लोगों ने बताया कि हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। कड़ी मशक्कत के बाद गाड़ी का लोहा काटकर घायलों को बाहर निकाला। ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना के बाद भी पुलिस 30 मिनट और एम्बुलेंस करीब 45 मिनट देरी से पहुंची। वहां कई घायल तड़पते रहें। जैसे-तैसे लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। देर रात करीब 2 बजे प्राथमिक उपचार के बाद सभी घायलों को जिला अस्पताल रेफर किया गया है। जहां तीन की हालत नाजुक बनी हुई है। मृतक और घायल स्थानीय गांवों के निवासी बताए जा रहे हैं। फिलहाल पुलिस टीम ने जांच शुरू कर दी है। मामला रुधौली थाना क्षेत्र के भितेहरा गांव का बताया जा रहा है। 3 तस्वीरें देखिए- फॉर्च्यूनर पर महाराष्ट्र की नंबर प्लेट बस्ती जनपद के रुधौली थाना क्षेत्र के भितेहरा गांव में सोमवार रात 11 एक सड़क हादसा हुआ। एक फॉर्च्यूनर और ट्रॉली की टक्कर में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह घटना पंचायत भवन के सामने हुई। भानपुर की ओर से आ रही महाराष्ट्र नंबर की फॉर्च्यूनर ने दसिया की तरफ जा रही ट्रॉली को टक्कर मारी। टक्कर इतनी भीषण थी कि फॉर्च्यूनर का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और ट्रॉली को भी भारी नुकसान पहुंचा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों ने वाहनों में फंसे लोगों को निकालने के लिए काफी प्रयास किए। कुछ घायलों को खींचकर बाहर निकाला गया, जबकि कुछ को वाहन का लोहा काटकर बाहर निकालना पड़ा। 30 मिनट बाद पहुंची पुलिस टीम स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि पुलिस हादसे के लगभग 30 मिनट बाद पहुंची, और एम्बुलेंस को पहुंचने में करीब 45 मिनट लगे। गंभीर रूप से घायल लोग देर रात तक मौके पर तड़पते रहे। प्राथमिक उपचार के बाद, घायलों को रात करीब 2 बजे जिला अस्पताल रेफर किया गया। सूत्रों के मुताबिक, हादसे में कुल पांच लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। इनमें से गनवरिया कला निवासी मल्हर और रामस्वरूप की मौत हो गई है। अन्य घायल आसपास के गांवों के निवासी बताए जा रहे हैं, और तीन घायलों की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और देर रात तक घटनास्थल पर भारी भीड़ जमा रही। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
आगरा के थाना लोहामंडी में एक और बोगस फर्म बनाकर इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) चोरी का मामला सामने आया है। फर्म संचालक ने बिना वास्तविक आपूर्ति के 4.31 करोड़ रुपये का आईटीसी चोरी की। विभाग को जांच में मौके पर फर्म से संबंधित कोई. जानकारी नहीं मिल सकी। राज्यकर अधिकारी रूर्देश कुमार चौबे ने प्राथमिकी दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया कि 2017-18 में विभाग में पंजीकृत फर्म कार्तिक मेटल एंड एलय शाहदरा, नुनिहाई ने 23.90 करोड़ रुपये की आउटवर्ड सप्लाई घोषित की। जांच में सामने आया कि कार्तिक मेटल ने अस्तित्वहीन फर्म से बिना वास्तविक आपूर्ति हासिल किए केवल दस्तावेज का आदान-प्रदान करते हुए बोगस इन्वर्ड सप्लाई घोषित की गई। इस बोगस सप्लाई के सापेक्ष अर्जित आईटीसी का क्लेम किया गया। उन्होंने बताया कि फर्म ने व्यापारी ने वित्तीय वर्ष 2017-18 में 44 लाख और वर्ष 2018-19 में 3.86 करोड़ रुपये की राजस्व की क्षति की है। इस फर्म की मालिक घटिया आजम खां की श्वेता बंसल हैं। जब राज्य कर विभाग की टीम ने फर्म की जांच की तो पता चला कि दर्ज पते पर इस तरह की कोई फर्म संचालित नहीं हो रही है। एसीपी लोहा मंडी गौरव सिंह का कहना है कि शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। पहले भी सामने आ चुके हैं कई मामलेजीएसटी चोरी का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी थाना लोहा मंडी में कई मामले आ चुके हैं। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 15 लोगों को जेल भी भेजा है। इसके बावजूद कई फर्जी फर्मों की जानकारी सामने आ रही है।
सोनीपत में बंद कट्टे में मिली महिला की डेडबॉडी:पति पर हत्या का शक; मकान की नींव में शव डालकर फरार
सोनीपत में एक के बाद एक हत्या का सिलसिला रूकने का नाम नहीं ले रहा। जहां सोनीपत के गोहाना की नई सब्जी मंडी क्षेत्र में रविवार देर रात उस समय सनसनी फैल गई, जब एक महिला का शव कट्टे में बंद हालत में मकान की नींव में पड़ा मिला। जहां स्थान के लोगों ने पुलिस को सूचना दी तो मौके पर पुलिस पहुंची। महिला की हत्या करने के बाद उसे किसी कट्टे में डालकर उसे मकान की एक नींव में डालकर फरार हो गए। मौके पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। शव को ठिकाने लगाने की कोशिश गोहाना सिटी थाना पुलिस को कंट्रोल रूम को रात करीब 11:10 बजे सूचना मिली कि वन विभाग वाली गली गोहाना में रहने वाली महिला प्रियंका उर्फ सीमा की संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या कर शव को ठिकाने लगाने की कोशिश की गई है। सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया और मौके पर डीसीपी गोहाना, थाना शहर गोहाना के एसएचओ व कोर्ट कॉम्प्लेक्स चौकी इंचार्ज पुलिस टीम के साथ पहुंचे। शुरुआती जांच में महिला के पति संदीप पर हत्या कर शव छिपाने का आरोप सामने आया है। पुलिस ने मौके को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस जानकारी के अनुसार नई सब्जी मंडी गोहाना के पीछे एक निर्माणाधीन मकान की नींव में कट्टे के अंदर महिला शव पड़ा होने की सूचना पुलिस को मिली थी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और आसपास के क्षेत्र को घेर लिया। जब कट्टे को बाहर निकालकर जांच की गई, तो उसमें महिला का शव मिला। हत्या की वजह जानने का प्रयास जारी मौके पर मौजूद लोगों ने पुलिस को बताया कि महिला प्रियंका उर्फ सीमा पत्नी संदीप, मूल रूप से गांव घड़वाल की रहने वाली थी और फिलहाल वन विभाग गली गोहाना में रह रही थी। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार संदीप ने कथित तौर पर घर में ही अपनी पत्नी की हत्या की और बाद में शव को कट्टे में बंद कर साथ लगते प्लॉट की नींव में डाल दिया। हत्या करने के पीछे वजह को जानने की कोशिश में पुलिस जुटी है। घटना की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी गोहाना, थाना शहर गोहाना के एसएचओ और कोर्ट कॉम्प्लेक्स चौकी प्रभारी मौके पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास के लोगों से पूछताछ की। एफएसएल टीम को भी मौके पर बुलाया गया ताकि घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए जा सकें। पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भिजवाया शव पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल भिजवा दिया है। प्रारंभिक जांच में मामला घरेलू विवाद से जुड़ा माना जा रहा है, हालांकि पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है। आरोपी पति की तलाश की जा रही है और जल्द ही मामले में बड़ा खुलासा होने की संभावना जताई जा रही है।
MSP पर होगी मूंग और उड़द की खरीदी:मध्य प्रदेश में 25 मई से 15 जून तक पंजीयन; फेस ऑथेंटिकेशन अनिवार्य
मध्य प्रदेश में ग्रीष्मकालीन मूंग और उड़द की फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर उपार्जन किया जाएगा। भारत सरकार की 'प्राइस सपोर्ट स्कीम' के तहत विपणन वर्ष 2026-27 (फसल वर्ष 2025-26) के लिए किसानों के पंजीयन की प्रक्रिया 25 मई से शुरू हो गई है, जो 15 जून 2026 तक चलेगी। कृषि विभाग ने इस संबंध में विस्तृत निर्देश जारी कर दिए हैं। खरीदी केंद्रों पर अपनी उपज बेचने से पहले किसानों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए 'फेस ऑथेंटिकेशन' (चेहरे का सत्यापन) को अनिवार्य किया गया है। यह सत्यापन आधार आधारित पीओएस (POS) मशीन या मोबाइल ऐप के माध्यम से किया जाएगा, ताकि सही किसान को योजना का लाभ मिल सके। किसान की गैरमौजूदगी में प्रतिनिधि बेच सकेंगे उपजयदि कोई किसान स्वयं खरीदी केंद्र पर उपस्थित होने में असमर्थ है, तो वह पंजीयन के समय अपने अधिकतम तीन अधिकृत व्यक्तियों के नाम और आधार विवरण दर्ज करा सकता है। ये प्रतिनिधि किसान की ओर से उपज बेच सकेंगे। सीधे बैंक खाते में आएगा पैसा, बने 23 पंजीयन केंद्रउपज बेचने के बाद फसल का भुगतान सीधे पंजीकृत किसान के बैंक खाते में ट्रांसफर किया जाएगा। किसानों की सुविधा के लिए जिला उपार्जन समिति द्वारा ई-उपार्जन पोर्टल पर कुल 23 पंजीयन केंद्र स्थापित किए गए हैं। प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना निर्धारित समय-सीमा में अपनी फसल का पंजीयन अवश्य करा लें।
लुधियाना शहर में वाहन चोरों के हौसले लगातार बुलंद होते जा रहे हैं। ताज़ा मामला थाना बस्ती जोधेवाल इलाके का है जहाँ एक फैक्ट्री के बाहर से अज्ञात चोरों ने एक या दो नहीं बल्कि तीन स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिलें चोरी कर लीं। पुलिस ने शिकायतकर्ता के बयानों के आधार पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। काकोवाल रोड स्थित गगनदीप कॉलोनी के रहने वाले 70 वर्षीय बुजुर्ग ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया कि 11 मई 2026 को उन्होंने अपनी मोटरसाइकिल बाबा बंदा सिंह बहादुर नगर स्थित एम.एस. गारमेंट फैक्ट्री के बाहर लॉक करके खड़ी की थी। वह सामान लेने गए थे जब वह कुछ समय बाद वापस आए तो उनकी मोटरसाइकिल वहां नहीं थी। किसी अज्ञात चोर ने लॉक तोड़कर उनकी बाइक चोरी कर ली थी। एक ही जगह से चोरी हुई तीन बाइकें शिकायतकर्ता काबल चंद ने पुलिस को बताया कि जब उन्होंने अपनी बाइक की तलाश शुरू की तो उन्हें पता चला कि उसी जगह से दो अन्य लोगों की मोटरसाइकिलें भी चोरी हुई हैं। चोरों ने एक ही कंपनी (हीरो स्प्लेंडर प्लस) की तीन अलग-अलग बाइकों को अपना निशाना बनाया। पहली बाइक:स्प्लेंडर प्लस (ग्रे और काला रंग), नंबर PB10GT-3433 (मॉडल 2018)। यह बाइक शिकायतकर्ता काबल चंद की थी। दूसरी बाइक: स्प्लेंडर प्लस (काला रंग), नंबर PB10JR-5908 (मॉडल 2024)। इस बाइक की आर.सी. दलीप कुमार के नाम पर दर्ज है। तीसरी बाइक: स्प्लेंडर प्लस (काला रंग), नंबर PB07AT-4438 (मॉडल 2014)। इस बाइक की आर.सी. सीमा रानी के नाम पर दर्ज है। पुलिस की कार्रवाई: थाना बस्ती जोधेवाल की पुलिस ने काबल चंद के बयानों के आधार पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 303(2) के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है। इस मामले की जांच हेड कांस्टेबल (HC) जसविंदर पाल को सौंपी गई है। पुलिस अब घटनास्थल और उसके आसपास लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि अज्ञात चोरों की पहचान कर उन्हें जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जा सके।
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के खिलाफ वाराणसी के अपर जिला जज एमपी-एमएलए कोर्ट संख्या पंचम में मामले की आज सुनवाई होगी। कोर्ट से जारी दो नोटिस के बावजूद राहुल गांधी की ओर से कोई अधिवक्ता अब तक पेश नहीं हुआ, साथ ही राहुल गांधी की ओर से कोई जवाब भी दाखिल नहीं किया गया। विशेष न्यायाधीश (एमपी-एमएलए) यजुर्वेद विक्रम सिंह ने राहुल गांधी को अगली सुनवाई के लिए आज यानि 25 मई 2026 को तलब किया है। आज पक्षकारों की ओर से दलीलें रखे जाने की संभावना है। उन्हें कोर्ट में हाजिर होने के लिए समन भी भेजा गया है, इस पर उन्हें फिजिकली बुलाया है। राहुल गांधी पर अमेरिका के न्यूयॉर्क में ब्राउन यूनिवर्सिटी में भगवान राम को काल्पनिक कहने का आरोप है। राहुल ने भगवान श्रीराम को लेकर विवादित बयान दिए थे। उन्होंने भगवान राम को 'पौराणिक' बताया था और उस युग पर बताई जाने वाली कहानियों को काल्पनिक कहा था। इस मामले में वकील हरिशंकर पांडेय ने पुनरीक्षण याचिका दाखिल की है। राहुल गांधी पिछली तारीख पर भी वाराणसी कोर्ट नहीं पहुंचे थे, इस वजह से उनके मामले की सुनवाई नहीं हो सकी। अब आज कोर्ट इस परिवार पर फिर सुनवाई करेगा। अदालत ने संकेत दिया है कि आज राहुल गांधी उपस्थित नहीं होते हैं तो आगे की संवैधानिक कार्रवाई की जाएगी। वकील हरीशंकर की दलीलहरीशंकर शंकर पाण्डेय एडवोकेट ने 12 मई 2025 को याचिका दायर की थी। इसमें उन्होंने दावा किया था कि राहुल गांधी 21 अप्रैल को अमेरिका के बोस्टन गए थे। यहां पर ब्राउन यूनिवर्सिटी में स्टूडेंट्स के साथ उनका एक सेशन था। कोर्ट में कहा- राहुल गांधी 'राम द्रोही' हैं और भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाकर देश की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है। उनकी सरकार ने राम मंदिर का विरोध किया और वह विदेश में जाकर भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठा रहे हैं। आरोप लगाया कि राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी लगातार सनातन धर्म के पूर्व अवतारों और महान प्रतीकों पर अनाप-शनाप बयान देकर हिंदुओं को अपमानित कर रही। उन्होंने कोर्ट से राहुल के इन स्टेटमेंट पर केस दर्ज किया जाए। कोर्ट में याचिकाकर्ता की मेंटेनिबिलिटी (मानसिकता) पर पहले बहस होगी इसके बाद तय होगा कि राहुल गांधी के खिलाफ केस चलाया जाए या नहीं। हालांकि इससे पहले MP-MLA कोर्ट ने आवेदन देखने के बाद एडवोकेट को 16 मार्च डेट दी थी। कोर्ट ने ऑर्डर रिजर्व रख लिया और बाद में याचिका को खारिज कर दिया। 12 मई को पहली याचिका, फिर 26 सितंबर को रिवीजन पिटीशनहरिशंकर पांडेय ने अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एमपी-एमएलए) की अदालत में परिवाद दायर किया था। सुनवाई बाद विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एमपी-एमएलए) की अदालत ने परिवाद को 12 मई, 2025 को निरस्त कर दिया था। इसके खिलाफ हरिशंकर पांडेय ने 26 सितंबर को जिला जज की कोर्ट में पुनरीक्षण याचिका दायर की थी। राहुल ने कहा था- BJP का दृष्टिकोण नफरत फैलाने वालाराहुल गांधी से पूछा गया था कि हिंदू राष्ट्रवाद के दौर में धर्मनिरपेक्ष राजनीति कैसी होनी चाहिए? क्या महात्मा गांधी के विचारों को इसके खिलाफ इस्तेमाल किया जा सकता है? जवाब में राहुल गांधी ने कहा था- भारत के सभी महान सुधारक और विचारक, जैसे बुद्ध, गुरु नानक, गांधी और अंबेडकर बिना भेदभाव के रहे। ये लोग क्षमाशील, दयालु और सहिष्णु थे। लेकिन, भाजपा का दृष्टिकोण हिंदू धर्म का प्रतिनिधित्व नहीं, नफरत फैलाने वाला है।
सरकार की ओर से 2026 के पद्म पुरस्कारों के लिए नामित बीएचयू के दो प्रोफसरों को आज राष्ट्रपति अलंकृत करेंगी। काशी को गौरवान्वित करने वाले दोनों प्रोफेसरों को आज पद्म पुरस्कारों से सम्मानित किया जाएगा। राष्ट्रपति भवन में आज नागरिक अलंकरण समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सभी विजेताओं को सम्मानित करेंगी। इसमें बनारस हिंदू विश्वविद्यालय आईएमएस के मेडिसिन विभाग में मानद प्रोफेसर प्रो. श्याम सुन्दर और संगीत की पूर्व प्रोफेसर मंगला कपूर को पदमश्री अवार्ड दिया जाएगा। प्रो. श्याम सुंदर को कालाजार के निदान और उपचार में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए इस बार पद्मश्री सम्मान जा रहा है। इसके पूर्व राष्ट्रपति द्वारा 'विजिटर पुरस्कार' और 'डा. पीएन राजू ओरेशन' सम्मान से सम्मानित किया गया है। बीएचयू के संगीत विभाग की पूर्व प्रोफेसर डॉ. मंगला कपूर को भी पदम श्री से नवाजा जाएगा। प्रोफेसर मंगला कपूर एक प्रसिद्ध शास्त्रीय गायिका, शिक्षाविद और एसिड अटैक सर्वाइवर हैं। 12 वर्ष की उम्र में हुए जानलेवा एसिड हमले और 36 सर्जरी के असहनीय दर्द को झेलने के बाद उन्होंने शिक्षा और संगीत को अपनी ढाल बनाया। सबसे पहले जानिए प्रो. श्याम सुंदर के बारे में बीएचयू के चिकित्सा विज्ञान संस्थान (IMS) के मेडिसिन विभाग में प्रसिद्ध प्रोफेसर श्याम सुंदर ने लिपोसोमल एम्फोटेरिसिन बी की एक खुराक से कालाजार के उपचार की विधि विकसित की है, जो कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा मान्यता प्राप्त है। लिपोसोमल एम्फोटेरिसिन बी को डब्ल्यूएचओ ने अनुमोदित किया। पेरेमोमाइसीन और मिल्टेफोसीन दवा भारत, नेपाल और बांग्लादेश समेत दुनिया भर में इस्तेमाल की जा रही है। प्रो. श्याम ने ही सबसे पहले आरके-39 स्ट्रीप जांच का परीक्षण किया था। संक्रामक रोगों विशेषकर कालाजार जैसे उपेक्षित उष्णकटिबंधीय रोग के अनुसंधान का वैश्विक केंद्र स्थापित किया है। 2022 में एसोसिएशन ऑफ फिजिसियन्स ऑफ इंडिया के अध्यक्ष रहे। उन्हें 2002 में रैनचेक्सी रिसर्च फाउंडेशन अवार्ड तथा वर्ष 2010 में स्विट्ज़रलैंड का एन्त्री मारेर केशिनी फाउंडेशन अवार्ड भी प्रदान किया गया है। 40 सालों तक लड़ाई के बाद खत्म हुई बीमारी 1980 में ‘कालाजार’ से जूझ रहे पूर्वांचल के लोगों की जान बचाने के लिए डॉक्टर श्याम सुंदर अग्रवाल ने काम शुरू किया। करीब 4 दशक यानी 40 सालों तक लम्बी मेहनत के बाद अब इस खतरनाक बीमारी को लगभग जड़ से खत्म किया जा सका। उन्होंने कालाजार जैसी खतरनाक बीमारी को डायग्नोज करने के लिए उन्होंने ऐसी तकनीक इजाद की, जिससे 10 मिनट में इसका पता लगाया जा सकता है। उस वक्त इस जांच के लिए 300 से 400 रुपये खर्च होते थे, लेकिन अब इस तकनीक के जरिए सिर्फ 50 रुपये खर्च होते हैं। इस बीमारी से बचाव के लिए टैबलेट भी बनाई जिसे साल 2002 में भारत सरकार ने एप्रूव्ड कर दिया। इसके पहले इस बीमारी के लिए इंजेक्शन का प्रयोग होता था, 2010 में उन्होंने इस बीमारी की सिंगल डोज दवा को भी तैयार किया, जिसके बाद काफी हद तक इस बीमारी के इलाज में मदद मिली। इस सिंगल डोज दवा के बाद कालाजार जैसी बीमारी में भी मरीज शाम को हॉस्पिटल आता और 10 मिनट में उसकी जांच और फिर इस दवा को देकर अगले दिन उसे छुट्टी मिल जाती है. उनकी इस तकनीक को साल 2014 में नेपाल और बांग्लादेश में भी अपनाया गया। मूलत: बिहार के निवासी डॉ. श्याम सुंदर अग्रवाल डॉ. श्याम सुंदर अग्रवाल मूलतः बिहार के मुज्जफरपुर के निवासी हैं। उनकी माने तो कभी भी अवॉर्ड के लिए काम नहीं किया बल्कि देश और अपनी जन्मभूमि के बारे में हमेशा सोचा। देश-विदेश में इसके पहले भी उन्हें कई अवॉर्ड मिले हैं लेकिन पदम अवार्ड हम सबका गौरव बढ़ाएगा। अब आइए जानते हैं कौन हैं प्रोफेसर मंगला बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के संगीत विभाग की पूर्व प्रोफेसर डॉ. मंगला कपूर प्रसिद्ध शास्त्रीय गायिका, शिक्षाविद और एसिड अटैक सर्वाइवर हैं। 12 वर्ष की उम्र में हुए जानलेवा एसिड हमले और 36 सर्जरी के असहनीय दर्द को झेलने के बाद उन्होंने शिक्षा और संगीत को अपनी ढाल बनाया। उन्होंने बीएचयू से स्नातक, परास्नातक और पीएचडी पूरी की। इसके बाद वे उसी विश्वविद्यालय में संगीत की प्रोफेसर बनीं और लगभग 30 वर्षों तक संगीत शिक्षा का प्रसार किया। ग्वालियर घराने से प्रो. मंगला कपूर जुड़ी शास्त्रीय संगीत की शिक्षिका हैं। सेवानिवृत्ति (2019) के बाद भी डॉ. कपूर नि:शुल्क संगीत सिखाती हैं । संगीत में योगदान के लिए उन्हें 1982 में 'तरंग' संस्था की ओर से काशी की लता और राज्यसभा की ओर से रोल मॉडल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उनके संघर्ष, साहस और कला-शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को देखते हुए भारत सरकार ने उन्हें प्रतिष्ठित पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित करने की घोषणा की। 12 साल में परिवार की व्यापारिक रंजिश में फेंका गया तेजाब प्रो. मंगला कपूर ने अपनी जीवन यात्रा में बताया कि 12 साल की थी जब मुझ पर तेजाब फेंका गया, मेरी कोई गलती नहीं थी। बिजनेस की रंजिश में प्रतिद्वंदियों के इशारे पर मेरे नौकर ने ही मुझ पर तेजाब फेंका था। आज भी शरीर गलाने वाली तेजाब की घटना को याद करती हूं तो आंखों में आंसू आ जाते हैं। शरीर में सिहरन होने लगती है, छह साल तक इलाज चला। 6 साल मेरे लिए घुटन, अवसाद और कुढ़न में बीते। किसी से न मिलना और एक कमरे में सिकुड़े रहना जैसे मेरे जीवन का हिस्सा बन गया था। उनके जीवन पर आधारित मंगला नाम की एक मराठी फिल्म भी बनी है। पेरेंट्स ने दी हिम्मत की खुराक, फिर संगीत को बनाया वह बताती हैं कि- पिता जी की दी हुई हिम्मत को जुटाते हुए संगीत में ग्रेजुएशन, पोस्ट ग्रेजुएशन और फिर पीएचडी की। इस समय तक घर की आर्थिक स्थिति भी बिगड़ चुकी थी। मुझे पैदल कॉलेज जाना पड़ता। पढ़ाई के लिए बहुत संघर्ष करना पड़ा। लोग मजाक बनाते थे, लेकिन पेरेंट्स ने इतनी हिम्मत दी कि आगे बढ़ पाई। संगीत को प्रोफेशन का हिस्सा इसलिए चुना, क्योंकि पिता जी सितार बजाते थे और मेरी आवाज भी अच्छी थी। बीएचयू में 30 साल पढ़ाया 1989 में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में पढ़ाना शुरू किया और 30 साल विद्यार्थियों को संगीत पढ़ाया। वर्षों तक बीएचयू में पढ़ाने के साथ-साथ कई मौके मिले जहां मैं अपनी आवाज दूसरों को सुना सकती थी। संगीत मेरे जीवन की संजीवनी बना। कॉलेज की पढ़ाई के दौरान ही एक बार एक मंदिर में लोगों ने मुझे भजन गाते हुए सुना और उसके बाद मुझे स्टेज परफॉर्मेंस मिलने लगीं। प्रोफेसर कपूर निशुल्क संगीत शिक्षा प्रदान करती हैं, जिससे वे समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास कर रही हैं।
उन्नाव में 29वीं अंतरजनपदीय पुलिस फुटबॉल प्रतियोगिता सोमवार से शुरू हो गई। लखनऊ जोन की यह प्रतियोगिता जिले के ग्राम सरैंया स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी मिनी स्टेडियम में आयोजित की जा रही है। इसका उद्देश्य खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देना और पुलिस कर्मियों के बीच खेल भावना विकसित करना है। प्रतियोगिता का उद्घाटन सोमवार सुबह पुलिस अधीक्षक जय प्रकाश सिंह ने किया। उद्घाटन के साथ ही शुभारंभ मैच खेला गया। इस तीन दिवसीय प्रतियोगिता में लखनऊ जोन के विभिन्न जनपदों से महिला और पुरुष दोनों वर्गों की पुलिस टीमें हिस्सा ले रही हैं। आयोजन समिति के अनुसार, प्रतियोगिता का समापन और पुरस्कार वितरण समारोह 27 मई को शाम 6 बजे होगा। जिलाधिकारी घनश्याम मीणा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। विजेता और उपविजेता टीमों को ट्रॉफी एवं पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा। इस प्रतियोगिता को लेकर जिले के खेल प्रेमियों और पुलिस विभाग में काफी उत्साह है। आयोजकों का कहना है कि ऐसी प्रतियोगिताएं पुलिस कर्मियों में शारीरिक दक्षता, अनुशासन और टीम भावना को मजबूत करती हैं। सफल आयोजन के लिए मैदान की सजावट, खिलाड़ियों के ठहरने और सुरक्षा व्यवस्था की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। पुलिस विभाग के अधिकारियों ने बताया कि खिलाड़ियों और दर्शकों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। स्टेडियम परिसर में चिकित्सा, पेयजल और सुरक्षा की समुचित व्यवस्था की गई है। प्रतियोगिता के आयोजन में प्रतिसार निरीक्षक सचिन राय, क्षेत्राधिकारी लाइन विनी सिंह और अपर पुलिस अधीक्षक अखिलेश सिंह सहित कई अधिकारी सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं। पुलिस प्रशासन ने जिलेवासियों से प्रतियोगिता में पहुंचकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करने की अपील की है।
देवास में शादी के नाम पर एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। सामूहिक विवाह सम्मेलन के बहाने प्रदेश के कई जिलों से 42 दूल्हों को देवास बुलाया गया था, लेकिन रविवार 25 अप्रैल को दुल्हनें नहीं पहुंचीं। इस घटना के बाद दूल्हों और उनके परिजनों ने हंगामा किया। फर्जीवाड़े को अंजाम देने वालों ने प्रत्येक दूल्हे से 12 हजार से 20 हजार रुपए तक की राशि ली थी। उन्हें सोशल मीडिया पर खूबसूरत मॉडलों की तस्वीरें दिखाकर दुल्हनें पसंद करवाई गईं। दूल्हों को बताया गया था कि दुल्हनें इंदौर के अनाथ आश्रम से आएंगी और सम्मेलन में दहेज का सामान भी दिया जाएगा। भोपाल, शाजापुर सहित कई जिलों से 42 दूल्हे शादी के सपने संजोए अपने परिवारों के साथ रविवार 25 अप्रैल की सुबह देवास पहुंचे। यहां उन्हें एक पुरुष और एक महिला मिले, जिन्होंने उन्हें शादी के लिए बुलाया था। इन दोनों ने सुबह से ही दूल्हों को यह कहकर इंतजार करवाया कि दुल्हनें इंदौर से जल्द आ जाएंगी। रात 10 बजे तक जब कोई दुल्हन नहीं आई, तो दूल्हों और उनके परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। सूचना मिलने पर बीएनपी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और सभी को थाने ले गई। दूल्हों ने पुलिस को बताया कि उन्हें 24 अप्रैल को देवास पहुंचने और 25 अप्रैल को सामूहिक विवाह सम्मेलन होने की जानकारी दी गई थी। कई दूल्हे किराए की कार लेकर आए थे और उन्हें बताया गया था कि उन्हें कुछ भी लाने की जरूरत नहीं है, दहेज सहित सभी सामग्री यहीं से दी जाएगी। कई दूल्हों ने तो अपने गांवों में शादी के लिए मेहमान भी बुला लिए थे।एक दूल्हे अशोक ने बताया कि उनसे 12 हजार रुपए लिए गए थे। वे रविवार सुबह 8 बजे देवास पहुंचे थे, जहां उन्हें बताया गया कि कोई मैडम आ रही हैं, लेकिन रात 12 बजे तक कोई नहीं आया। इंदौर के अनाथ आश्रम से दुल्हन आने का कहा था राहुल मीणा ने बताया कि हम हरनियाकलां से आए हैं। यहां पर एक मैडम से संपर्क हुआ था, भोपाल शाजापुर भी लोग आए। हम से 2500-2500 रुपए लिए गए। हमें बताया गया था इंदौर के अनाथ आश्रम से दुल्हन आएगी। इंदौर का मातृ छाया आश्रम बताया जा रहा है। कहा था कि हल्दी मत लगाना भोपाल से आए दूल्हे ओमप्रकाश प्रजापति ने बताया कि हमें महिला और पुरूष ने कहा था कि देवास में दुल्हन आएंगी। माता टेकरी पर शादी होगी। खूबसूरत लड़कियों के फोटो हमें सोशल मीडिया पर दिखाए थे, जिन्हें देखकर हमने दुल्हन पसंद की थी। राजकुमारी ने बताया कि भाई रोहित को लेकर आए थे, हमें कहा था कि हल्दी लगाकर नहीं आना है, ऑनलाइन कागज जमा करवाएं थे। कौन है आरोपी आरोपी का नाम मुकेश दास बैरागी जो कि विदिशा का रहने वाला है, उसका भाई इंदौर में एक कंपनी में काम करता है उसी ने विवाह के लिए मुकेश से कहा था कि इंदौर की लड़कियों से विवाह कर देंगे। करीब 1 महीने से यह कवायद कर रहे थे और सभी लोगों से ऑनलाइन पैसे और दस्तावेज दिए गए थे। एक दो लोग परिचित थे उन्हीं के थ्रू एक-एक कर सभी लोगों से संपर्क और परिचय कराया गया, सभी ऑनलाइन संपर्क हुआ था। बीएनपी थाना प्रभारी प्रीति कटारे ने बताया कि दो लोगों पर केस दर्ज किया गया और अभी जांच जारी है, इसमें आरोपी और बढ़ सकते हैं। पैसे लेने वाले ने कहा- भाई ने कहा था शादी करवाएं मुकेश दास ने बताया कि मेरे सगे भाई दिलीप दास बैरागी ने बुलाया था, इंदौर में काम करते हैं। उन्होंने कहा था कि इंदौर के अनाथ आश्रम की लड़कियां हैं। अपने परिचितों की उन से शादी कर देंगे। हमें कहा था कि दूल्हों को माता टेकरी पर बुला लेना, वहीं शादी करेंगे। मेरे सगे भाई ने लड़कियों के फोटो दिखाए थे, अभी भाई का फोन बंद आ रही है। पहली बार शादी करवा रहे है। बीएनपी पुलिस मामले की जांच कर रही है।
सरगुजा जिले में नेशनल हाईवे-130 (अंबिकापुर-बिलासपुर मुख्य मार्ग) पर जजगा के पास तेज रफ्तार कार ने बाइक सवार 2 ग्रामीणों को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में दोनों युवक उछलकर सड़क पर गिर गए और कई मीटर तक घिसटते चले गए। मौके पर ही दोनों की मौत हो गई। दोनों ग्रामीण मेहमानी में जजगा आए थे और रात करीब 10 बजे वापस लौट रहे थे। घटना लखनपुर थाना क्षेत्र की है। जानकारी के मुताबिक जजगा की ओर से आ रहे बाइक सवार जैसे ही ग्रामीण सड़क से नेशनल हाईवे-130 पर पहुंचे, तभी बिलासपुर से अंबिकापुर की ओर जा रही तेज रफ्तार कार ने उन्हें टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए। हादसे में दोनों बाइक सवार सड़क पर गिरकर कई मीटर तक घिसटते रहे, जिससे उनके सिर में गंभीर चोटें आईं और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। फिलहाल, पुलिस ड्राइवर की तलाश में जुट गई है। अस्पताल पहुंचने से पहले हुई मौत, कार सवार मौके से फरार हादसे की सूचना मिलते ही लखनपुर पुलिस मौके पर पहुंची और एम्बुलेंस की मदद से दोनों घायलों को अस्पताल भेजा गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बाइक से टक्कर के बाद कार का इंजन भी डैमेज हो गया, जिससे वाहन घटनास्थल पर ही बंद हो गया। इसके बाद कार सवार मौके से फरार हो गए। मृतकों की पहचान जय सिंह (50) और रामकुमार (60), निवासी महुआटिकरा थाना दरिमा के रूप में हुई है। दोनों जजगा में मेहमानी करने आए थे और रात में खाना खाने के बाद वापस अपने गांव लौट रहे थे। आशंका जताई जा रही है कि बाइक सवार शराब के नशे में थे। वहीं लखनपुर थाना प्रभारी संपत पोटाई ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए मॉर्च्युरी में रखवा दिया गया है और परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है।
नीट (NEET) पेपर लीक से आहत होकर सुसाइड करने वाले छात्र प्रदीप मेघवाल के घर रविवार शाम पूर्व मंत्री राजेंद्र गुढा पहुंचे। इस दौरान उन्होंने पीड़ित परिवार की मौजूदगी में सीकर जिला कलेक्टर को फोन लगाया और क्षेत्र में प्रशासनिक संवेदनहीनता को लेकर उन्हें जमकर खरी-खोटी सुनाई। बातचीत का एक वीडियो सामने आता है। जिसमें गुढा और पीड़ित के पिता अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं। पॉलिटिकल टूरिज्म चल रहा है, कलेक्टर को सुध नहीं पूर्व मंत्री राजेंद्र गुढा ने फोन पर कलेक्टर से नाराजगी जताते हुए कहा कि पूरे देश में इस घटना की वजह से सीकर बदनाम हो रहा है, लेकिन जिला कलेक्टर ने अब तक पीड़ित परिवार से मिलकर उन्हें सांत्वना देने की जहमत नहीं उठाई। गुढा ने तीखे शब्दों में कहा, “अंग्रेज अफसर भी आपसे ठीक थे। आप लोगों के अंदर इतनी संवेदना भी नहीं बची है। आप लोग क्यों सरकार की ऐसी-तैसी करने में लगे हुए हैं?” जब कलेक्टर ने सफाई देते हुए कहा कि उनके अधिकारी लगातार परिवार के संपर्क में थे और पल-पल की अपडेट ले रहे थे, तो गुढा ने इस बात को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि मौके पर एक पटवारी तक नहीं पहुंचा है। पीड़ित के पिता का छलका दर्द, अधिकारियों पर लगाया प्रताड़ना का आरोप बातचीत के दौरान राजेंद्र गुढा ने फोन रोते-बिलखते पीड़ित छात्र के पिता को थमा दिया। पिता ने रोते हुए कलेक्टर से कहा, सर, आप बोल रहे हो कि आपके अधिकारी ने नहीं धमकाया? अधिकारी सुनील जांगिड़ और राजेश बुड़ानिया ने हमें इतना प्रताड़ित किया है जिसकी कोई हद नहीं है। राजेश बुड़ानिया ने तो मुझे यहाँ तक धमकी दी कि मैं तेरी जांच तेरे घर से ही चालू करवा देता हूँ। पूर्व मंत्री ने याद दिलाया पुराना कार्यकाल, निष्पक्ष कार्रवाई की मांग पीड़ित पिता की बात सुनने के बाद कलेक्टर ने तुरंत मामले को संभालते हुए कहा, “मैं इस बात की जांच करवाता हूँ। आपने जो दो नाम बताए हैं, उन पर कार्रवाई होगी।” इसके बाद गुढा ने दोबारा फोन अपने हाथ में लिया और पिछली सरकारों का उदाहरण देते हुए कहा, “कांग्रेस के समय जब रीट (REET) का पेपर आउट हुआ था, तो सरकार को परीक्षा रद्द करने में 6 महीने लग गए थे। इस सरकार ने तो 6 दिन में फैसला लिया और गिरफ्तारियां भी कीं। लेकिन आप जैसे अधिकारी यहाँ बैठकर सब खराब कर रहे हैं। आप जिले के सबसे बड़े अधिकारी हैं, आपकी जवाबदेही बनती है।” गुढा ने अंत में कलेक्टर को सख्त हिदायत देते हुए कहा कि वे केवल जांच का भरोसा न दें, बल्कि खुद आकर पीड़ित परिवार के आंसू पोंछें और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें। पूर्व मंत्री राजेन्द्र गुढ़ा और सीकर कलेक्टर की बातचीत राजेन्द्र गुढा: मेरा तो निवेदन यह है कि... यह जो प्रदीप है, नीट के एग्जाम के इस बच्चे का सुसाइड हुआ। कलेक्टर: हां। राजेन्द्र गुढा: लोगों ने तो यहाँ 'पॉलिटिकल टूरिज्म' बना रखा है। और आप जिला कलेक्टर हो यार, अभी तक आप यहाँ आना, इनसे संपर्क करना... इस परिवार से कि कोई... जिस पूरे नेशनल लेवल पर सीकर हमारा बदनाम हुआ है पूरे देश में। और इसमें आपने कोई संपर्क ही नहीं किया इस परिवार को सांत्वना देना, ये करना... क्या है ये? कलेक्टर: नहीं सर ऐसा नहीं है, मेरे ऑफिसर्स संपर्क में थे। राजेन्द्र गुढा: कौन अधिकारी थे? और आप मुझे कलेक्टर साहब, आप एक बात बताना... अंग्रेज अफसर भी आपसे ठीक थे। क्या है? आपने इतनी संवेदना भी नहीं है आप लोगों के अंदर कि आज इस परिवार को आके... पूरे देश के अंदर लोगों ने... क्यों सरकार की ऐसी-तैसी करने में लगे हुए हो आप लोग? आपको नहीं संभालना चाहिए था? नहीं आना चाहिए था यहाँ? कलेक्टर: सर, ऐसा ऐसा... मेरे ऑफिसर्स लगे हुए थे सर। राजेन्द्र गुढा: ऑफिसर क्या कर गए यार? इस परि... इस परि... आपके अधिकारियों ने धमकाया है इनको। कलेक्टर: एक-एक मिनट... एक-एक मिनट की अपडेट थी और किसी ने कोई धमकाया नहीं है। राजेन्द्र गुढा: कलेक्टर साहब! डिप्टी साहब ने धमकाया है। इनके परिजनों के, मैं घर में बैठा हूँ इनके घर। उनके पिता से, दादा से... घर में एक अकेला बच्चा था, और इस मामले के अंदर... आप ये कितनी दूर है आपके सीकर से ये? कितनी दूर है? आप उस दिन मौके पर चले जाते, ठीक है उन्होंने दाह संस्कार कर दिया, हम इस पे राजनीति नहीं करना चाह रहे। और ये... जिसका राज है, इस तरीके की स्थिति चलती रहती है… कलेक्टर: सर, ऑफिसर्स लगातार इनके संपर्क में थे। राजेन्द्र गुढा: मेरी माँ... आपको बताऊँ... उस लड़के... उस उस बच्चे के दादा मेरे पास बैठे हैं, उसके पिता बैठे हैं। यहाँ एक भी आपका पटवारी नहीं आया, आप ऑफिसर की बात कर रहे हो? गजेटेड की, नॉन-गजेटेड की। आप उसके पिता... आप उसके पिताजी से बात करो, किस लेवल पर मामला चल रहा है। आप लो... (गुढा पास बैठे पीड़ित के पिता को फोन थमाते हैं) (पीड़ित के पिता फोन पर बात करना शुरू करते हैं) पीड़ित के पिता: हेलो… राजेन्द्र गुढा (पीछे से): हाँ, बोल तू। पीड़ित के पिता: सर वो... आप क्या बोल रहे हो? राजेन्द्र गुढा (पीछे से): कलेक्टर साहब बोल रहे हैं। पीड़ित के पिता: हेलो... हेलो... आप बोल रहे हो कि हमारे अधिकारी ने किसी को ये धमकाया नहीं है? उस सुनील... सुनील जांगिड़ और राजेश बुड़ानिया ने इतना प्रताड़ित किया है हमें... जिसकी हद नहीं है। कह रहे हैं 'सख्त से सख्त जांच करेंगे कलेक्टर साहब'। और उसने यह भी बोला है कि 'मैं तेरी जांच घर से चालू करवा देता हूँ', राजेश बुड़ानिया ने। कलेक्टर: … पीड़ित के पिता (गुढा को फोन वापस देते हुए): नहीं थी इससे... इससे बड़ी... साथ में ही थे। (राजेन्द्र गुढा दोबारा फोन अपने हाथ में लेते हैं) कलेक्टर: ...मैं जांच करवाता हूँ, मैं जांच करवाता हूँ। बिल्कुल, आपने जो दो नाम बताए हैं… राजेन्द्र गुढा: कलेक्टर साहब, मुझे एक... एक मेरी बात सुनिए... मेरी बात सुनना आप। यह मामला इस लेवल पर है... सरकार के... मुझे पता है सरकारों के अंदर क्या होता है। पर, रीट का एग्जाम कांग्रेस के टाइम में... कांग्रेस के टाइम में रीट का एग्जाम रद्द हुआ था, पेपर आउट हुआ था। और उनको पेपर रद्द करने में 6 महीने लग गए थे। इस सरकार ने तो 6 दिन में कर दिया! गिरफ्तारियां भी की हैं। लेकिन आप जैसे अधिकारी यहाँ बैठकर ऐसी-तैसी कर रहे हैं। आपकी जिम्मेदारी नहीं बनती क्या? आप जिले के सबसे बड़े अधिकारी नहीं हो क्या? मैं खुद दो बार सरकार में मंत्री रहा हूँ कलेक्टर साहब। किस तरीके से... गरीबों को... आप उन... उनके खिलाफ कार्रवाई कीजिए। कलेक्टर: मैं जांच करवाता हूँ, मैं जांच करवाता हूँ। बिल्कुल, आपने जो दो नाम बताए हैं… राजेन्द्र गुढा: जांच भी कराइये और आप संवेदनाओं के लिए आके और कोई परिवार के आंसू पोंछ के जाइये। (इसके बाद गुढा फोन काट देते हैं)
फिरोजाबाद में रविवार रात को भगवान महर्षि परशुराम की ऐतिहासिक शोभायात्रा निकाली गई। जिला ब्राह्मण महासभा पंजीकृत के तत्वावधान में आयोजित इस शोभायात्रा में हजारों श्रद्धालु उमड़े। पूरे शहर में 'जय श्री परशुराम' के जयकारे गूंजते रहे और देर रात तक भक्तिमय माहौल बना रहा। शोभायात्रा की एक प्रमुख विशेषता गंगा-जमुनी तहजीब और भाईचारे का प्रदर्शन रही। शहर के कई स्थानों पर मुस्लिम समाज के लोगों ने शोभायात्रा का स्वागत किया। उन्होंने श्रद्धालुओं को मालाएं पहनाईं और पुष्पवर्षा कर सामाजिक एकता का संदेश दिया, जिसकी लोगों ने सराहना की। शोभायात्रा का शुभारंभ रसूलपुर क्षेत्र स्थित राजा दाल मिल से हुआ। राज्य महिला आयोग की सदस्य रेनू गौड़ और नगर विधायक मनीष असीजा ने संयुक्त रूप से इसे हरी झंडी दिखाई। आयोजन अध्यक्ष सुनील वशिष्ठ और संयोजक लक्ष्मण तिवारी के नेतृत्व में, शोभायात्रा में भगवान परशुराम, राम दरबार, राधा-कृष्ण सहित विभिन्न देवी-देवताओं की एक दर्जन से अधिक आकर्षक झांकियां शामिल थीं। शोभायात्रा नालबंद चौराहा, गली बोहरान स्थित राधा-कृष्ण मंदिर, छोटा चौराहा, घंटाघर, शास्त्री मार्केट, सेंटर चौराहा, बर्फखाना और डाकखाना मार्ग से गुजरी। यह रामलीला मैदान स्थित महर्षि भगवान परशुराम शिविर पर पहुंचकर संपन्न हुई। मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं द्वारा पुष्पवर्षा, जलपान और स्वागत की व्यवस्था की गई थी। समाजवादी पार्टी, भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के नेताओं ने भी विभिन्न स्थानों पर स्टॉल लगाकर शोभायात्रा का स्वागत किया। उन्होंने श्रद्धालुओं के लिए जलपान की व्यवस्था भी कराई। यात्रा में शामिल लोगों का उत्साह उल्लेखनीय था। शोभायात्रा में महिलाओं की भी बड़ी भागीदारी देखी गई। एक समान आकर्षक वेशभूषा में शामिल महिलाओं ने यात्रा की भव्यता बढ़ाई। अखाड़ा कलाकारों ने पारंपरिक युद्ध कला और करतब दिखाकर दर्शकों को रोमांचित किया। भगवान परशुराम के जीवन प्रसंगों पर आधारित झांकियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। जिला ब्राह्मण महासभा के जिलाध्यक्ष शिवकुमार शर्मा के नेतृत्व में समाज के बड़ी संख्या में महिला-पुरुष, युवा और बुजुर्ग शोभायात्रा में शामिल हुए। सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए शहर के प्रमुख चौराहों और मार्गों पर कई थानों की पुलिस बल तैनात किया गया था।
बाड़मेर, राजस्थान के सबसे गर्म शहरों में से एक… बाड़मेर इस महीने लगातार 3 दिन देश के सबसे गर्म शहरों में से एक था। 12 मई को तो तापमान 48.3 डिग्री पहुंच गया था, जब बाड़मेर राज्य का सबसे गर्म जिला रहा। वहीं बाड़मेर फलोदी, जैसलमेर, बीकानेर और श्रीगंगानगर के साथ राजस्थान के टॉप-5 जिलों में रहता है। इस बॉर्डर इलाके में गर्मी ने लोगों का बाहर निकलना मुश्किल कर दिया है। यहां की पहचान अजरक प्रिंट का कारोबार भी घट गया है। ऐसे में फैक्ट्रियों में माल भी घटाया गया है। आज से नौतपा की शुरुआत हो गई है। ये 9 दिन सबसे गर्म होते हैं। सड़कों पर सन्नाटा पसरा है। ट्रैफिक पुलिस कैप लगाकर तैनात है। शहर में समाजसेवी संस्थाओं ने जगह-जगह छाछ और नींबू पानी की व्यवस्था की है। वहीं निगम ने सड़कों पर शेड लगा कर आमजन को गर्मी से बचाने की तैयारी की है। पढ़िए ये रिपोर्ट दोपहर में बाजारों में सन्नाटा लोग सुबह-सुबह खरीदारी कर अपने घरों में चले जाते हैं। 10 बजे बाद बाजारों में सन्नाटा पसर जाता है। इन दिनों दोपहर में इक्के-दुक्के लोग और नौकरीपेशा ही सड़कों पर नजर आ रहे हैं। मेन बाजार में किराने की दुकान चलाने वाले दिनेश कुमार ने बताया- मई-जून में दुकान का समय बदलना पड़ता है। सुबह जल्दी दुकान खोलनी पड़ती है। दोपहर के समय ग्राहकी बिल्कुल नहीं होती। लोग 10 बजे से पहले ही सामान ले जाते हैं। इसके बाद अंधेरा होने पर 7 बजे के बाद ही आते हैं। ऐसे में सुबह 10 से शाम 6-7 बजे तक बहुत कम लोग ही दुकान पर आते हैं। गर्मी की वजह से कई बार तो दुकान बढ़ा (बंद) कर घर ही चले जाते हैं। अब तस्वीरों में देखें बाड़मेर के हालात… लोग बोले- दिन में घर में रहना ही ठीक 30% गिरा अजरक का उत्पादन बाड़मेर में अजरक प्रिंट का काम करने वाले फैक्ट्री ओनर राणामल खत्री ने बताया- ये हमारा पुश्तैनी काम है। गर्मी के दिनों में एक तो टूरिस्ट कम आते हैं, दूसरा अब काम भी ढीला है। राणामल खत्री ने बताया- गर्मी में प्रोडक्शन 30% घट जाता है। मजदूर भी भट्टी पर काम करना पसंद नहीं करते। भट्टी इतनी तेज तप रही होती है कि इसके पास जाना आसान नहीं होता है। सुबह 5 से लेकर 10 बजे तक ही भट्टी में काम हो पाता है। ऐसे में माल भी कम बन पाता है। दरअसल, अजरक प्राकृतिक रंगों का काम है। गर्मी के समय पेड़ सूख जाते हैं। ऐसे में नेचुरल रंगों की कमी रहती है। इसके चलते रॉ मटेरियल मिलना मुश्किल हो जाता है। वहीं प्रोसेसिंग भी धीमी हो जाती है। 5 दिन हीटवेव चलने की आशंका मौसम विभाग ने 25 से 29 मई तक हीटवेव चलने की आशंका जताई है। वहीं तापमान 45 डिग्री से ज्यादा रहने का अनुमान है। … ये खबर भी पढ़ें… राजस्थान में बारिश के साथ ओले गिरने की संभावना:नौतपा आज से, 47 डिग्री के पार जाएगा पारा, आज 19 जिलों में लू का अलर्ट रात में भी 'भट्ठी' की तरह तप रहा जयपुर:दिन में दुबई-अबू धाबी से ज्यादा गर्मी, हीटस्ट्रोक से फेल हो सकते हैं शरीर के कई अंग
महोबा में बहुचर्चित नीट छात्रा के अपहरण और दुष्कर्म मामले में पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। पुलिस अधीक्षक शशांक सिंह के निर्देश पर एसओजी और सर्विलांस टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए फरार चल रहे मुख्य आरोपी मोहित श्रीवास और हल्लू को गिरफ्तार कर लिया है। इन दो गिरफ्तारियों के साथ, इस मामले में अब सभी पांचों नामजद आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं। हालांकि, इस मामले में उस वक्त एक नया मोड़ आ गया, जब पीड़िता का मुख्य आरोपी मोहित के साथ शादी करने का एक वीडियो और मैरिज सर्टिफिकेट सोशल मीडिया पर सामने आया। पुलिस अब सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है। महोबा जनपद का यह नीट छात्रा अपहरण और दुष्कर्म मामला इन दिनों चर्चा में बना हुआ है। हाल ही में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने भी महोबा पहुंचकर स्थानीय पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की थी। इसके बाद पुलिस अधीक्षक शशांक सिंह के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक वन्दना सिंह और क्षेत्राधिकारी अरुण कुमार सिंह के पर्यवेक्षण में पुलिस ने कार्रवाई की। कोतवाली पुलिस, एसओजी और सर्विलांस की संयुक्त टीम ने फरार चल रहे मुख्य आरोपी मोहित श्रीवास और हल्लू उर्फ अजेश को पसवारा मोड़ से गिरफ्तार किया। ये दोनों आरोपी पीड़िता के ही गांव के रहने वाले हैं। पीड़िता के बयान के आधार पर पुलिस तीन आरोपियों को पहले ही जेल भेज चुकी थी। पूरा मामला बीते 30 अप्रैल का है, जब मध्य प्रदेश के छतरपुर की रहने वाली 25 वर्षीय छात्रा, जो महोबा में रहकर नीट की तैयारी कर रही थी, कोचिंग से लौटते समय लापता हो गई थी। परिजनों की तहरीर पर 1 मई को महोबा कोतवाली में मुकदमा दर्ज हुआ था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की चार विशेष टीमों ने 16 मई को छात्रा को सकुशल बरामद किया। अस्पताल में भर्ती पीड़िता ने बंधक बनाकर प्रताड़ित करने और दुष्कर्म का आरोप लगाया, जिसके बाद मुकदमे में बीएनएस और एससी/एसटी एक्ट की धाराएं जोड़ी गईं।
उमरिया जिले के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व क्षेत्र में शनिवार देर रात आंगन में सो रही महिला पर बाघ ने हमला कर दिया था, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। इसके बाद बाघ को पकड़ने के लिए ट्रैंकुलाइज किया गया था लेकिन उसके ओवर डोज के कारण बाघ की भी मौत हो गई थी। मामले में मृत बाघ के व्यवहार की गंभीर जांच की जा रही है। बाघ के असामान्य बर्ताव को देखते हुए उसके शव का आज दोबारा पोस्टमार्टम कराया जाएगा। संचालक बोले-दोबारा लौटना बाघ का असामान्य व्यवहार बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक अनुपम सहाय ने बताया कि बाघ का व्यवहार सामान्य नहीं था। उन्होंने स्पष्ट किया कि आमतौर पर बाघ हमला करने के बाद दोबारा उसी स्थान पर नहीं लौटता, लेकिन इस मामले में बाघ ने पहली बार हमला करने के बाद फिर वापस आकर दो लोगों को घायल किया और उसी घर में डेरा जमा लिया। आज दोबारा बाघ के शव का होगा पोस्टमॉर्टम वन प्रबंधन के अनुसार, बाघ की मौत के बाद प्रोटोकॉल के तहत शव परीक्षण किया गया था। हालांकि, वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर अब पुनः पोस्टमार्टम कराया जाएगा। नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी (NTCA) के क्षेत्रीय कार्यालय नागपुर के एआईजी की मौजूदगी में आज सोमवार को तीन विशेषज्ञ पशु चिकित्सकों की टीम शव का परीक्षण करेगी। इस टीम में डॉ. निधि राजपूत (एसडब्ल्यूएफएच जबलपुर), डॉ. अभय सांगेर (मुकुंदपुर) और डॉ. प्रशांत देशमुख (डब्ल्यूसीटी) शामिल हैं। बाघ के शव को सुरक्षित रूप से एसडब्ल्यूएफएच जबलपुर पहुंचाकर डीप फ्रीजर में रखा गया है, जहां दोबारा परीक्षण किया जाएगा। ये खबर भी पढ़े… बाघ ने 3 पर किया हमला, महिला को मार डाला: ट्रैंकुलाइज के बाद टाइगर की मौत उमरिया जिले के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व क्षेत्र में शनिवार देर रात आंगन में सो रही महिला पर बाघ ने हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद बाघ ने दो अन्य ग्रामीणों पर भी अटैक कर दिया। दोनों घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। पढ़े पूरी खबर…
हमीरपुर कलेक्ट्रेट में राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) पर लगातार हो रहे हादसों और मौतों को लेकर हुए प्रदर्शन के मामले में प्रशासन ने कार्रवाई की है। इस प्रदर्शन में शामिल भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के जिलाध्यक्ष सहित 16 नामजद और 35 से 40 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। यह प्रदर्शन 21 मई को हुआ था, जहां आंदोलनकारियों की अधिकारियों से नोंकझोंक हुई थी। 21 मई को हुए इस प्रदर्शन में भाजपा, कांग्रेस, समाजवादी पार्टी (सपा) और आजाद समाज पार्टी समेत विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता शामिल थे। इन सभी ने आंबेडकर पार्क से कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च निकाला था। प्रदर्शनकारी जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपना चाहते थे, लेकिन जिलाधिकारी द्वारा ज्ञापन न लिए जाने पर वे कार्यालय के सामने तपती धूप में धरने पर बैठ गए थे। धरने के दौरान आंदोलनकारियों की कलेक्ट्रेट में मौजूद अधिकारियों से तीखी नोंकझोंक हुई थी। इसी मामले में प्रशासन ने सदर कानूनगो अशोक निगम की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कराया है। मुकदमे में भाजयुमो जिलाध्यक्ष आकाश त्रिपाठी, भाजपा नेता बउवा ठाकुर, रामभक्त नीशू गुप्ता, अशोक निषाद, शिवेंद्र सिंह, दीपा तिवारी, वंदना तिवारी, सपा नेता युगांक मिश्रा, रणवीर सिंह लाल, कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष दिनेश सिंह व नीलम निषाद, कांग्रेस नेता उज्ज्वल पाठक, अमर धुरिया, आशीष कुमार, आजाद समाज पार्टी के नेता हसन खान गोली और रवींद्र भारतवंशी सहित 35 से 40 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है। इन सभी के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने की धारा में मुकदमा दर्ज किया गया है।
बिजनौर में लू का अलर्ट जारी:डीएम ने मौसम विभाग की चेतावनी पर एडवाइजरी जारी की
बिजनौर की जिलाधिकारी जसजीत कौर ने आगामी दिनों में संभावित लू और गर्म हवाओं के मद्देनजर एक एडवाइजरी जारी की है। यह एडवाइजरी मौसम विभाग (आईएमडी) लखनऊ द्वारा जारी चेतावनी के आधार पर जारी की गई है। मौसम विभाग ने बताया है कि संभाग में उष्ण लहर (लू) चलने की संभावना है। विशेष रूप से, बिजनौर जिले में 27 मई तक दक्षिणी भाग में कहीं-कहीं लू चलने का अनुमान है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने आमजन, किसानों और पशुपालकों के लिए आवश्यक सावधानियां और दिशा-निर्देश जारी किए हैं। एडवाइजरी में कहा गया है कि दोपहर के समय अनावश्यक रूप से धूप में निकलने से बचें और हल्के रंग के सूती वस्त्र पहनें। बाहर निकलते समय सिर को कपड़े, टोपी या छतरी से ढककर रखें। शरीर में पानी की कमी न होने दें और अधिक मात्रा में पानी, छाछ, नींबू पानी तथा ओआरएस का सेवन करें। जिलाधिकारी ने बच्चों, बुजुर्गों और गंभीर बीमारियों से ग्रसित व्यक्तियों का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए हैं। किसानों को सलाह दी गई है कि वे फसलों में हल्की सिंचाई कर पर्याप्त नमी बनाए रखें और कटाई के बाद फसल को खेत में अधिक समय तक न छोड़ें। पशुपालकों को अपने पशुओं को छायादार स्थान पर रखने और पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। एडवाइजरी में यह भी कहा गया है कि दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक तेज धूप में बाहर जाने से बचें। बच्चों और जानवरों को बंद वाहनों में अकेला न छोड़ें तथा अधिक तैलीय एवं बासी खाद्य पदार्थों के सेवन से परहेज करें। जिलाधिकारी ने आमजन से अपील की है कि वे मौसम विभाग और प्रशासन द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और लू से बचाव संबंधी सावधानियां अपनाएं।
लखीमपुर खीरी में नौतपा की भीषण गर्मी का असर अब वन्यजीवों पर भी साफ दिखाई देने लगा है। दुधवा नेशनल पार्क से सामने आए वीडियो और तस्वीरों में जानवर गर्मी से राहत पाने के लिए पानी के स्रोतों का सहारा लेते नजर आ रहे हैं। पार्क घूमने पहुंचे पर्यटकों ने गैंडे, भालू और वनराज की गतिविधियों को अपने कैमरों में कैद किया। एक गैंडा वॉटर होल में नहाता दिखाई दिया, जबकि भालू पानी में मस्ती करता नजर आया। वहीं जंगल का राजा शेर भी पानी के किनारे प्यास बुझाते हुए कैमरे में कैद हुआ। तस्वीरें देखिए… बढ़ते तापमान से वन्यजीव परेशान लगातार बढ़ रहे तापमान के कारण वन्यजीव ज्यादातर समय पानी के स्रोतों के आसपास ही बिता रहे हैं। नौतपा की तेज धूप और गर्म हवाओं से बेजुबान जानवर भी बेहाल हैं। वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक गर्मी के मौसम में जानवरों को पानी की कमी न हो, इसके लिए जंगल में बने वॉटर होल और अन्य जल स्रोतों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनी गतिविधियां दुधवा नेशनल पार्क में इन दिनों वन्यजीवों की ऐसी गतिविधियां पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। पानी में अठखेलियां करते और प्यास बुझाते वन्यजीवों को देखने के लिए पर्यटक खासा उत्साहित नजर आ रहे हैं।
करनाल के गांव डाबरथला में मामूली कहासुनी के बाद विवाद बढ़ गया। एक पक्ष के लोगों ने घर में घुसकर पूरे परिवार पर हमला कर दिया। हमले में पति-पत्नी सहित चार बेटियां घायल हो गईं। सभी को अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने कई गंभीर चोटें पाई हैं। पुलिस ने शिकायत के आधार पर 8 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गांव डाबरथला निवासी सोनिया पत्नी मनोज कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि कल शाम करीब 7 बजे वह समर्सीबल पर कपड़े धोने गई थी। इसी दौरान उसकी हसीना खातून और जमीला के साथ कहासुनी हो गई। इसके बाद वह करीब 7:45 बजे वापस अपने घर आ गई। रात में घर में घुसकर किया हमला सोनिया के अनुसार रात करीब 8:15 बजे असगर अली, अख्तर अली, साहिल, साजिद, फिरदौस, हसीना, जमीला और सुरेखा एक साथ डंडे लेकर उनके घर में घुस आए। सभी ने मिलकर उसके पति मनोज कुमार, बेटियों जीनत, जन्नत, सना और उसे बुरी तरह पीटा। आरोप है कि अख्तर अली ने जन्नत के सिर में लोहे की पाइप मारी, जबकि असगर अली, साहिल और साजिद ने बेटियों को डंडों से पीटा, जिससे उनके सिर में चोटें आईं और खून बहने लगा। डॉक्टरों ने कई चोटें बताई, ज्यादातर ब्लंट इंजरी घायलों को अस्पताल ले जाया गया, जहां मेडिकल रिपोर्ट में कई चोटें दर्ज की गईं। जन्नत के सिर पर 2 सेंटीमीटर की गहरी चोट पाई गई और खोपड़ी का एक्स-रे व सर्जरी की सलाह दी गई। सोनिया के शरीर पर पांच चोटें पाई गईं, जिनमें पैर, कूल्हे, हाथ और सिर पर दर्द व सूजन शामिल है। सना के हाथ में चोट मिली, जबकि जन्नत के शरीर पर खरोंच और पीठ पर कई निशान पाए गए। मनोज कुमार को सबसे ज्यादा चोटें आई हैं। उनके चेहरे पर सूजन, जबड़े में दर्द, नाक से खून बहना, आंख के नीचे चोट और पैर में सूजन पाई गई है। सभी चोटें डॉक्टरों ने ठोस वस्तु से लगने वाली बताई हैं। केस दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस पुलिस चौकी नीलोखेड़ी में शिकायत दी गई। जिसके बाद 23 मई की रात को ही मामला दर्ज कर लिया गया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर असगर अली, अख्तर अली, साहिल, साजिद, फिरदौस, हसीना, जमीला और सुरेखा के खिलाफ घर में घुसकर हमला करने और चोट पहुंचाने के आरोप में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
पंजाब के गुरदासपुर में एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक शातिर चोर ने आस्था और अपराध का एक अजीब नजारा पेश किया। गुरदासपुर के पंडोरी रोड पर स्थित गांव कृष्णा नगर और जट्टूवाल के कुल चार मंदिरों को एक ही रात में निशाना बनाया गया। चोर ने चारों मंदिरों के दानपात्र के ताले तोड़कर उनमें रखी हजारों रुपये की नकदी पर हाथ साफ कर दिया। लेकिन इस पूरी वारदात में सबसे हैरान करने वाली बात चोर की 'श्रद्धा' रही। चोर मंदिर में दाखिल होने से पहले अपनी चप्पलें बाहर उतारता है, पूरी श्रद्धा के साथ भगवान के आगे माथा टेकता है और फिर चोरी की वारदात को अंजाम देता है। इतना ही नहीं, चोरी करने के बाद भी वह दोबारा माथा टेककर आराम से बाहर निकल जाता है। यह पूरी घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है। सीसीटीवी में बैग और औजारों के साथ दिखा चोरगांववासियों के अनुसार, यह वारदात रात के करीब 2 बजे की है। सीसीटीवी फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि चोर कंधे पर एक बैग टांगे हुए गली में आता है। उस बैग में वह ताले तोड़ने वाले औजार लेकर आया था। उसने पूरे पेशेवर ढंग से मंदिरों के दरवाजे और गालों के ताले तोड़े, लेकिन साथ ही वह धार्मिक मर्यादा (जूते उतारना और माथा टेकना) का पालन करना भी नहीं भूला। इन मंदिरों को बनाया निशानाचोर ने गांव कृष्णा नगर के तीन और जट्टूवाल के एक मंदिर में चोरी की। उसने कृष्णा नगर स्थित राधा कृष्ण मंदिर, शिव मंदिर, जठेरों का मंदिर और जट्टूवाल के शिव मंदिर को निशाना बनाया। जट्टूवाल मंदिर के पुजारी नरेंद्र कुमार शर्मा, कृष्णा नगर के सरपंच राकेश कुमार और ग्रामीण गोवर्धन शर्मा ने बताया कि चोर चारों मंदिरों के दानपात्र तोड़कर अनुमानित 60-70 हजार रुपये की नकदी चुरा ले गया है। ग्रामीणों में भारी रोष, पुलिस से गुहारधार्मिक स्थलों पर हुई इस चोरी के बाद इलाके के लोगों में भारी गुस्सा है। ग्रामीणों ने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा की है। मामले की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस को दे दी गई है। ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर इस अनोखे और शातिर चोर को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और सलाखों के पीछे भेजा जाए।
वाराणसी के लालपुर-पांडेयपुर थानाक्षेत्र के प्रेमचंद नगर कालोनी में एक बार फिर पति-पत्नी के रिश्तों और साथ जीने मरने की कसमों का उदहारण देखने को मिला। जब बीमार पत्नी की मौत की खबर सुनकर पति ने भी दम तोड़ दिया। बेटा जब मां का शव घर लेकर पहुंचा तो दरवाज बंद मिला। पुलिस बुलाई गयी। पुलिस ने दरवाजा तोड़ा तो पिता का शव घर के बाथरूम में मिला। फिलहाल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। बता दें की बेटा सैयद कमाल जाफरी पेशे से अधिवक्ता है। और पिता हाजी सैयद कासिम अहमद रिटायर्ड डाककर्मी थे। मां को आया था पैरालाइज का अटैक मां और पिता की लाश देखकर रो रहे बेटे कमाल जाफरी ने बताया - मां सैयदा बेगम(75) को पैरालाइज का अतीक आया था। उन्हें सुबह में लेकर दीन दयाल अस्पताल गया था। घर में पिता कासिम जाफरी(85) मौजूद थे। मां को दीन दयाल से हालत नाजुक देखते हुए बीएचयू रेफर किया गया था। इस बात की जानकारी मैंने पिता को दी थी। उसके बाद से उनका कई बार फोन मां के हालचाल के लिए आया था और वो काफी परेशान लग रहे थे। शाम में मां की हो गयी मौत कमाल ने बताया - शाम में मां सैयदा बेगम की बीएचयू में मौत हो गयी। जिसकी सूचना मैंने अपनी लखनऊ में रहने वाली बहन फीरोजा जाफरी और रामनगर में रहने वाली बहन तमन्ना जाफरी को दी और शव को लेकर घर जाने की प्रक्रिया में लग गया। तमन्ना जाफिर भी रामनगर से बीएचयू आगयी। हमने पिता को भी इस बात की सूचना दी थी। करीब 2 घंटे बाद हम शव लेकर घर पहुंचे। पुलिस ने तोड़ा दरवाजा तो मृत मिले पिता पेशे से अधिवक्ता कमाल ने रोते हुए बताया - हम घर पहुंचे तो दरवाजा अंदर से बंद मिला। हमने कई बार आवाज दी पर अंदर से कोई हलचल नहीं हुई। पड़ोसियों ने डायल 112 पर सूचना दे दी और पुलिस पहुंची तो पुलिस ने भी पहले दरवाजा खटखटाया लेकिन कोई रिस्पॉन्स न आने पर दरवाजा तोड़ा गया। अंदर पिता हाजी सैयद कासिम जाफरी(85) जो की रिटायर्ड डाककर्मी थे बाथरूम में मृत मिले। यह कहकर कमाल रोने लगे। पुलिस ने पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा शव मौके पर पुलिस ने शव का पंचनाम कराया तो परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इंकार किया पर पुलिस ने संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का हवाला देते हुए बुजुर्ग का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। जहां आज पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा।
तेल कंपनियों ने आज 25 मई को फिर से पेट्रोल डीजल के दाम बढ़ा दिए हैं। इस बढ़ोतरी के बाद कोटा में अब एक लीटर पेट्रोल की कीमत 112.21 रुपए व डीजल की कीमत 97.36 रूपए हो गई है। तेल कंपनियों ने पेट्रोल के दाम में 2.83 रूपए, डीजल के दाम 2.72 रूपए और प्रीमियम पेट्रोल के दाम 2.83 रुपए प्रति लीटर बढ़ाए हैं। 11 दिन में चौथी बार बढ़े पेट्रोल डीजल के दाम 11 दिनों में तेल कंपनियों ने चौथी बार पेट्रोल डीजल के दाम बढ़ाए हैं। इससे पहले 23 मई को पेट्रोल 93 पैसे, डीजल के 92 पैसे बढ़ाए थे। 19 मई को पेट्रोल के दाम 94 पैसे, डीजल के दाम 91 पैसे की बढ़ोतरी हुई थी, जबकि 15 मई को पेट्रोल 3.25 रुपए, डीजल 3.02 रूपए प्रति लीटर का इजाफा किया था। 11 दिन में 7.94 रूपए प्रति लीटर महंगा हुआ प्रीमियम पेट्रोल प्रीमियम पेट्रोल भी 11 दिन में 7.94 रूपए प्रति लीटर महंगा हो गया है। 15 मई को 3 रुपए 24 पैसे बढ़कर 117.18 रुपए व 19 मई से 118.13 रुपए प्रति लीटर व 23 मई से 119.06 रूपए प्रति लीटर मिल रहा था। आज से प्रीमियम पेट्रोल की रेट 2.83 रूपए प्रति लीटर बढ़कर 121.88 रूपए प्रति लीटर हो गया। कोटा पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन के अध्यक्ष तरूमीत सिंह बेदी ने बताया कि शहर के करीब 47 पेट्रोल पंप पर पेट्रोल डीजल की बढ़ी हुई कीमत लागू हो गई है। इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव है। मिडिल ईस्ट में स्थाई समाधान नहीं होने तक ऐसा मानना है कि रेट बढ़ेगी। राजस्थान में पेट्रोल की नई कीमतें राजस्थान में डीजल की नई कीमतें
हिंदू धर्म में नौतपा का विशेष धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व माना जाता है। मान्यता है कि इन दिनों में सूर्य देव अपनी सबसे तीव्र ऊर्जा के साथ पृथ्वी पर प्रभाव डालते हैं, जिससे गर्मी अपने चरम पर पहुंच जाती है। ज्योतिष शास्त्र में नौतपा को भगवान सूर्य की प्रचंड ऊर्जा का प्रतीक माना गया है। इस वर्ष नौतपा 25 मई यानी आज से शुरू होकर 2 जून तक रहेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इन नौ दिनों में किए गए दान-पुण्य का फल कई गुना बढ़ जाता है और सूर्य देव की कृपा से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है। क्या है नौतपा ? हिंदू पंचांग के अनुसार जब सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करते हैं, तभी नौतपा की शुरुआत होती है। सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करने के बाद के पहले नौ दिन अत्यंत महत्वपूर्ण माने जाते हैं। इन्हें ही नौतपा कहा जाता है। मान्यता है कि इन दिनों सूर्य की किरणें सीधे पृथ्वी पर पड़ती हैं, जिसके कारण भीषण गर्मी पड़ती है। यह भी कहा जाता है कि जितना अधिक नौतपा तपता है, मानसून के दौरान उतनी ही अच्छी बारिश होती है। सूर्य देव को प्रसन्न रखने के उपाय ज्योतिषाचार्य पंडित विकास के अनुसार नौतपा के दौरान नियमित रूप से सूर्य देव को अर्घ्य देना चाहिए। इसके लिए रोज सुबह सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करें और तांबे के लोटे में जल, लाल चंदन, कुमकुम और लाल फूल डालकर सूर्य देव को अर्पित करें। अर्घ्य देते समय “ॐ घृणि सूर्याय नमः” मंत्र का जाप करना शुभ माना जाता है। जल और शीतल वस्तुओं का दान श्रेष्ठ नौतपा के दौरान भीषण गर्मी में प्यासे लोगों को पानी पिलाना सबसे बड़ा पुण्य माना गया है। राहगीरों के लिए प्याऊ लगवाना, मिट्टी के घड़े, तरबूज, आम, सत्तू और पंखों का दान करना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इससे कुंडली में सूर्य और चंद्रमा दोनों मजबूत होते हैं। आदित्य हृदय स्तोत्र का करें पाठ पंडित विकस के अनुसार जिन लोगों की कुंडली में सूर्य कमजोर हो या नौकरी में परेशानियां चल रही हों, उन्हें नौतपा के नौ दिनों तक प्रतिदिन आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करना चाहिए। इसे आरोग्यता और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त करने का प्रभावी उपाय माना गया है। साथ ही गायत्री मंत्र का प्रतिदिन कम से कम 108 बार जाप करने से मानसिक शांति और बुद्धि की प्रखरता बढ़ती है।
राम की पैड़ी स्थित भाजपा नेता दुर्गा पांडेय के मंदिर से बेशकीमती मूर्तियों की चोरी के मामले में पुलिस 2 दिनों बाद भी खाली हाथ है। चोरी गई दोनों की मूर्तियां 100 से ज्यादा पुरानी हैं।इसमें एक मूर्ति अष्टधातु है जबकि दूसरी पीतल की। राधा बिहारी भवन से सौ साल पुरानी अष्टधातु की मूर्ति चोरी से लोग चकित है। पीड़ित परिवार क्षेत्र का प्रभावशाली है।पीड़ितों में 3 भाई सरयू महाआरती के पुजारी हैं। योगेंद्र पांडेय मुख्य अर्चक हैं जबकि मोहन पांडेय और दयासिंधु पांडेय सहायक पुजारी हैं। चोरी की सूचना के बाद फॉरेंसिक टीम सहित सीओ और कोतवाल मौके पर पंहुचे और जांच पड़ताल शुरू किए। क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरे को खंगाला जा रहा है। मंदिर के पुजारी और शिकायतकर्ता राजेंद्र प्रसाद पांडे उर्फ मोहन पांडेय ने बताया कि वह प्रतिदिन की तरह शनिवार की सुबह चार बजे उठे और सरयू स्नान करने के बाद करीब 5 बजे भगवान के मंदिर पहुंचे तो उन्होंने देखा कि राधा- कृष्ण की मूर्ति नही है। उन्होंने तत्काल इसकी सूचना परिजनों को दी। बताया जाता है कि इससे पहले परिवार के एक सदस्य सुबह 4 बजे उठे और वे खटका वाली कुंढी लगाकर सरयू तट चले गए। करीब एक घंटे के अंदर चोरों ने इस चारदात को अंजाम दिया। पीड़ित परिवार के अनुसार दोनों मूर्तियां लगभग 9 इंच की थी। चोरों ने मुख्य गेट के बगल लगे साइड गेट काताला तोड़कर वारदात को अंजाम दिया। सीओ आशुतोष तिवारी, कोतवाल पंकज सिंह और फॉरेंसिक टीम जांच में जुटी रही। कोतवाल ने बताया कि सीसीटीवी कैमरे को खंगाला जा रहा है। बताते चले कि करीब 10 साल पहले ऐतिहासिक लक्ष्मण मंदिर के करीब आधा दर्जन मूर्तियों की चोरी की गई।जिसका आज तक पता नहीं चल सका।इसी क्षेत्र से डेढ़ दशक पहले सरयू मंदिर के पुजारी नेत्रजा प्रसाद मिश्र के घर से रिवाल्वर और चांदी की इत्रदानी चोरी कर बेंच दिया गया था। पुलिस की सक्रियता इस मामले का खुलासा किया गया था। राम की पैड़ी जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में नशा और नशेड़ियों की भरमार हैं।पुलिस के प्रयास के बावजूद नशेड़ियों का आतंक थमता नहीं नजर आ रहा है।चोर आए दिन छत और अन्य रास्तों से लोगों में घर में घुस रहे हैं।पिछले एक सप्ताह में कम से कम दो ऐसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं। कोतवाली प्रभारी पंकज कुमार सिंह ने बताया कि मूर्तियों की तलाश जारी है। पर इस संबंध में अभी कोई ठोस सफलता नहीं मिल सकी है।
फरीदाबाद के बीके अस्पताल में देर रात 11 बजे मुख्य सिविल सर्जन (CMO) डॉ. जयंत आहूजा ने औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाए है। उन्होंने कहा कि जो काम उन्होंने शुरू कराए है, साजिश के तहत उन कामों को बंद किया जा रहा है। इतना ही नही CMO को मरीज बिना बेडशीट वाले बेड पर लेटे हुए मिले। जिसके बाद सीएमओ खुद से एक मरीज के लिए बेडशीट बिछाते हुए नजर आए। उन्होंने कहा कि लंबे समय से एक स्थान पर डयूटी करने वाले कर्मचारी अपनी मनमानी कर रहे है। अब वह चुप रहने वाले नही है जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलफ कार्रवाही को लेकर वह विभाग के उच्च अधिकारियों को लैटर लिखकर देंगे। डॉ जयंत आहूजा रविवार की देर रात बीके अस्पताल में औचक निरीक्षण के पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने आईसीयू, जनरल वार्ड, बच्चों का आईसीयू, जच्चा-बच्चा वार्ड सहित दूसरी जगहों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उनको कई खांमियां मिली। जिसको लेकर वह भड़क गए और कर्मचारियों को जमकर खरी-खोटी सुनाई। बिजली सप्लाई काटने का आरोप सीएमओ ने कहा कि जो काम उन्होंने हाल में ही अस्पताल में मरीजों के लिए शुरू कराए थे। स्टाफ मिलकर उनको बंद करने का काम कर रहा है। मरीजों और लोगों के पीने के लिए ठंडे पानी के लिए कूलर और RO लगवाया था। लेकिन उन्होंने उसकी बिजली का तार काटकर सप्लाई को ठप्प किया हुआ है। इसकी जिम्मेदारी सुपरवाइजर की होती है, लेकिन वो ही डयूटी से गायब है। 17-18 सालों से कर रहे मनमानी उन्होंने कहा कि ये अस्पताल के कई कर्मचारी साजिश करके इन कामों को बंद करा रहे है। ये लोग 17-18 साल से यहीं एक स्थान पर बैठे हुए है। जब इनके खिलाफ कार्रवाही की जाती है, तो ये लोग मजमा लगाकर धरना देने बैठ जाते है, वो इनके खिलाफ विभाग के उच्च अधिकारियों को शिकायत करेंगे। मरीज के बेड पर नही मिली बेडशीट डॉ जयंत आहूजा को इमरजेंसी वार्ड में निरीक्षण के दौरान महिला मरीज बिना बेडशीट के बेड पर बैठी हुई मिली। जिसके बाद सीएमओ साहब ने स्टाफ की खींचाई की। जिसके बाद स्टाप आनन-फानन में बेडशीट लाई गई। इतना बी नही सीएमओ खुद से बेडशीट बिछाते हुए नजर आए। सीएमओ ने स्टाफ से कहा कि तुमको दिक्कत है, तो मैं बिछा देता हूं। उन्होंने वार्ड में कूलर ना लगाए जाने पर भी महिला स्टाफ नर्स को डांट लगाई और जल्दी कूलर लगाने की बात कही। अस्पताल में दूसरे वार्डों में बेड पर बेडशीट दिखाई नही दी। मरीजों को बिना बेडशीट के लिटाया गया था। सीएमओ ने कहा कि इसको लेकर वह विभाग को लैटर लिखेंगे। रेफर को लेकर परेशान हुए सीएमओ ने इमरजेंसी वार्ड मे पहुंचकर मौके पर मौजूद स्टाफ का डांटते हुए कहा कि आपको मरीज को रेफर करने की सबसे ज्यादा जल्दी होती है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि वो जल्द ही इस सिस्टम को सुधार ले, क्योंकि वो आगे कड़ी कार्रवाई की तैयारी कर रहे है। स्टाफ डयूटी से मिला गायब सीएमओ को निरीक्षण के दौरान लेबर वार्ड से काफी स्टाफ गायब मिला। जिसको लेकर वो भड़क उठे, महिला कर्मचारियों को सुनाते हुए कहा कि जब स्टाफ दिया हुआ है, तो मौजूद क्यों नही है। ऐसा नही होगा कि बिना डयूटी के काम चल जाएगा। इसके लिए कौन जिम्मेदार है, ये कोई सिस्टम पूरी तरह से गलत है। सभी को घर से बुलाओ और डयूटी लगाए। एचडीयू बिना स्टाफ के नही रहेगा।
पलामू के हैदरनगर रेलवे गुमटी के समीप सोमवार की रात करीब तीन बजे भीषण आग लगने से इलाके में हड़कंप मच गया। आग की शुरुआत एक टायर दुकान से हुई, जो देखते ही देखते आसपास की कई दुकानों में फैल गई। स्थानीय लोगों के अनुसार, आग इतनी तेजी से फैली कि दुकान में रखे हवा भरने वाले टंकी और घरेलू गैस सिलेंडर में जोरदार विस्फोट हो गया। धमाके की आवाज सुनकर आसपास के घरों में सो रहे लोग घबराकर बाहर निकल आए। रेलवे लाइन के किनारे अवैध रूप से बनी कई दुकानें आग की चपेट में आ गईं। सभी पूरी तरह जलकर राख हो गईं। घंटों की मशक्कत के बाद आग पर पाया काबू घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत करते हुए कई घंटों बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक दुकानों में रखा अधिकांश सामान जल चुका था। प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक इस आगजनी में पांच लाख रुपए से अधिक की संपत्ति का नुकसान हुआ है। हालांकि वास्तविक क्षति का आकलन अभी किया जा रहा है। आग की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि आसपास के लोगों को अपनी जान बचाने के लिए घर छोड़कर भागना पड़ा। बिजली तार टूटने से आपूर्ति ठप आग के दौरान ऊपर से गुजर रहा 11 हजार वोल्ट का बिजली का तार भी इसकी चपेट में आ गया और टूटकर जमीन पर गिर गया। इससे पूरे इलाके की बिजली आपूर्ति ठप हो गई और लोगों में दहशत फैल गई। एहतियात के तौर पर प्रशासन ने लोगों को घटनास्थल से दूर रहने की अपील की। साथ ही जपला-हैदरनगर मुख्य सड़क पर दोनों ओर से बड़े वाहनों के आवागमन को रोक दिया गया, जिससे सड़क पर लंबा जाम लग गया। आग लगने का प्रारंभिक कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है, हालांकि प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुट गया है।
जौनपुर के वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय ने विभिन्न पाठ्यक्रमों के परिणाम घोषित कर दिए हैं। यह घोषणा वर्तमान में चल रही परीक्षाओं के बीच की गई है। विश्वविद्यालय ने परीक्षा और मूल्यांकन कार्य में तेजी दिखाई है। विश्वविद्यालय परिसर के बीटेक आठवें सेमेस्टर के इंफार्मेशन टेक्नोलाजी, इलेक्ट्रानिक कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग, मैकेनिकल इंजीनियरिंग और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के परिणाम जारी किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, एमएससी द्वितीय एवं चतुर्थ सेमेस्टर भूगर्भ विज्ञान, भौतिक विज्ञान और गणित के परीक्षाफल भी समर्थ पोर्टल पर अपलोड कर दिए गए हैं। एमटेक इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग का परिणाम भी घोषित किया गया है। संबद्ध महाविद्यालयों के बीएससी एग्रीकल्चर के अंतिम यानी आठवें सेमेस्टर का परिणाम भी घोषित किया गया है। परिणाम जारी होने के बाद छात्र-छात्राएं विश्वविद्यालय की वेबसाइट और समर्थ पोर्टल पर अपने अंक देख रहे हैं। परीक्षा नियंत्रक डॉ. विनोद कुमार सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय प्रशासन समयबद्ध तरीके से परीक्षा और मूल्यांकन कार्य पूरा कराने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि वे विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना परिणाम देख सकते हैं।
गोंडा जिले में चोरी की एक बड़ी वारदात सामने आई है जहां कटरा बाजार थाना क्षेत्र के उर्दी गोंडा गांव में एक कपड़े व्यापारी के घर से लाखों रुपये की नकदी और सोने-चांदी के जेवरात चोरी हो गए। यह घटना तब हुई जब परिवार भीषण गर्मी के कारण छत पर सो रहा था। पीड़ित आरिफ कपड़े की दुकान चलाते हैं और दुकान के पीछे अपने परिवार के साथ रहते हैं। रविवार देर रात, भीषण गर्मी के चलते आरिफ और उनका परिवार मकान की छत पर सो रहा था। इसी दौरान अज्ञात चोर छत के रास्ते से घर में घुस गए। चोरों ने घर के अंदर बक्से और अलमारी का ताला तोड़कर लाखों रुपये के सोने-चांदी के आभूषण और लाखों रुपये की नकदी चुरा ली। यह नकदी कपड़े की दुकान की बिक्री से जमा की गई थी। सोमवार सुबह जब परिवार के सदस्य नीचे आए, तो उन्होंने कमरों में सामान बिखरा हुआ पाया और चोरी का पता चला। आरिफ ने तत्काल कटरा बाजार थाने को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया है। कटरा बाजार थाने के अतिरिक्त प्रभारी निरीक्षक कमलाकांत त्रिपाठी ने बताया कि चोरी की सूचना मिली है और मामले की जांच की जा रही है। त्रिपाठी ने आगे कहा कि परिवार द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। चोरी की इस घटना का खुलासा करने के लिए कई पुलिस टीमें गठित की गई हैं और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।
एटा में तीन घरों में आग:फायर ब्रिगेड और स्थानीय लोगों ने ढाई घंटे में पाया काबू
एटा जिले के कोतवाली नगर क्षेत्र के बाबूगंज मोहल्ले में रविवार देर रात तीन घरों में भीषण आग लग गई। इस घटना में लाखों रुपये का सामान जलकर राख हो गया, हालांकि कोई जनहानि नहीं हुई। आग पर काबू पाने में फायर ब्रिगेड और स्थानीय लोगों को ढाई घंटे से अधिक का समय लगा। अज्ञात कारणों से लगी यह आग एक घर से शुरू हुई और तेजी से तीनों घरों में फैल गई, जिससे विकराल रूप धारण कर लिया। आग लगते ही बाबूगंज मोहल्ले में अफरा-तफरी मच गई और सैकड़ों स्थानीय लोग अपने निजी संसाधनों से आग बुझाने का प्रयास करने लगे। सूचना मिलने पर कोतवाली नगर पुलिस और फायर ब्रिगेड को तत्काल सूचित किया गया। मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल और अग्निशमन विभाग के कर्मचारी पहुंचे। राहत और बचाव कार्य तुरंत शुरू किया गया। आग बुझाने के लिए अग्निशमन विभाग के साथ-साथ मलावन स्थित जवाहर तापीय परियोजना पावर प्लांट से भी सात फायर टेंडर गाड़ियां बुलाई गईं। पुलिस के अनुसार, घटना रविवार देर रात 9:45 बजे हुई। करीब ढाई घंटे के राहत और बचाव कार्य के बाद आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया गया। अपर पुलिस अधीक्षक श्वेताभ पांडे ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि शुरुआती जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट प्रतीत हो रहा है और यह तीनों घरों के ऊपरी हिस्से में लगी थी। उन्होंने पुष्टि की कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई है। प्रशासन के अधिकारी फिलहाल आग से हुए नुकसान का आकलन कर रहे हैं। लाखों रुपये का कीमती सामान जलकर राख हो गया है। सूचना मिलने पर भाजपा के जिला अध्यक्ष प्रमोद गुप्ता भी मौके पर पहुंचे।
हरियाणा के सिरसा में आज सोमवार को किसान एवं मजदूरों की महापंचायत बुलाई गई है। इसमें हरियाणा और निकटवर्ती राजस्थान के कई किसान नेता एवं भादरा के पूर्व विधायक कामरेड बलवान सिंह पूनिया व किसान नेता मंगेज चौधरी शामिल होंगे। यह महापंचायत जिले के गांव शक्कर मंदोरी में होगी और सुबह करीब 11 बजे किसान मजदूर एकत्रित होंगे। महापंचायत में मुख्य रूप से सेमनाले की सफाई, जल भराव की समस्या और फसल खराबे के मुआवजे जैसे मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए सरकार से मांग की जाएगी। चौपटा के शक्कर मंदोरी सहित अन्य गांव में सेन नाले यानी घग्गर ड्रेनेज से जलभराव की काफी समस्या रहती है। इस महापंचायत में किसान नेता संदीप धीरणवास और सरपंच संतोष बेनीवाल सहित कई स्थानीय किसान नेता पहुंचेंगे। इसे लेकर किसान नेता दीवान सहारण ने वीडियो जारी कहा, नाथूसरी चोपटा क्षेत्र के करीब 20 गांवों में सेम की गंभीर समस्या है। बारिश के मौसम में सेम नाले का पानी ओवरफ्लो होने से फसलें डूब जाती हैं और किसानों को भारी नुकसान होता है। यह समस्या प्रतिवर्ष बनी रहती है, लेकिन प्रशासन द्वारा समय पर कोई समाधान नहीं किया जाता। सेमनाले को लेकर बुलाई मीटिंग इसी समस्या के समाधान के लिए चोपटा क्षेत्र के गांव शक्कर मंदोरी के मेन चौक में यह महापंचायत बुलाई गई है। किसान नेता सरकार से मांग करेंगे कि बारिश का मौसम आने से पहले सेमनाले की सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और पिछले साल जल भराव से खराब हुई फसलों का मुआवजा जल्द दिया जाए। इस महापंचायत में हरियाणा के पैतालिसा क्षेत्र के किसान मजदूर और राजस्थान के नोहर तथा भादरा से भी किसान नेता और मजदूर शामिल होंगे।
पिपलिया मीरा में मैदा मिल में लगी भीषण आग:ऑटो और कृषि यंत्र जलकर खाक, लाखों का नुकसान; जनहानि टली
सीहोर जिले के ग्राम पिपलिया मीरा में बीती रात एक मैदा मिल में अचानक भीषण आग लग गई। आग ने इतनी तेजी से विकराल रूप धारण किया कि उसने आसपास की कई चीजों को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। इस अग्निकांड में लाखों रुपये का नुकसान हुआ है, हालांकि गनीमत रही कि हादसे में किसी तरह की कोई जनहानि नहीं हुई है। चश्मदीदों के मुताबिक, आग की लपटें इतनी तेज थीं कि मिल के पास खड़ा एक ऑटो पूरी तरह से जलकर खाक हो गया। इसके अलावा, मिल परिसर में रखे कई कीमती कृषि उपकरण भी आग की चपेट में आ गए और बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। घटना में भारी आर्थिक नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। दमकल की कड़ी मशक्कत के बाद पाया गया काबूआग लगने की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मदद के लिए दौड़े और फायर ब्रिगेड (दमकल) को इसकी सूचना दी। मौके पर पहुंची दमकल की गाड़ियों ने ग्रामीणों की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया। समय रहते आग बुझा लिए जाने से यह और अधिक नहीं फैल सकी, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। कारणों का पता नहीं, पुलिस कर रही जांचमिल में आग किन कारणों से लगी, यह अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीम मामले की जांच में जुट गई है। फिलहाल इस बात का पता लगाया जा रहा है कि आग किसी शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी थी या इसके पीछे कोई अन्य कारण था।
भोजपुर जिले के चरपोखरी थाना क्षेत्र के मदई गांव में जमीन विवाद को लेकर हुए दोहरे हत्याकांड में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। दोनों पक्षों के आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। शुक्रवार की रात महज डेढ़ फीट जमीन को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते खूनी संघर्ष में बदल गया था, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई थी। जबकि 11 लोग घायल हो गए थे। दोनों पक्ष से 36 लोगों पर केस दर्ज पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में एक पक्ष से लाल बाबू सिंह, अवधेश सिंह, राकेश कुमार और गोरखनाथ सिंह शामिल हैं। दूसरे पक्ष से जितेंद्र सिंह, हरेराम सिंह, सत्यनारायण सिंह एवं जलंधर सिंह की गिरफ्तारी हुई है। जितेंद्र सिंह और जलंधर सिंह आपस में सगे भाई हैं। मामले में दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। एक पक्ष से लाल बाबू सिंह के बयान पर 20 लोगों को नामजद किया गया है, जबकि दूसरे पक्ष से जलंधर सिंह के बयान पर 16 लोगों के खिलाफ केस दर्ज हुआ है। हिंसक झड़प में 2 लोगों की मौत शुक्रवार की रात मदई गांव में डेढ़ फीट जमीन के कब्जे को लेकर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए थे। विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों ओर से लाठी-डंडे और लोहे के रॉड चलने लगे। मारपीट गांव से शुरू होकर चरपोखरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर तक पहुंच गई, जहां भी दोनों पक्ष भिड़ गए। इस हिंसक संघर्ष में एक पक्ष के राजनाथ सिंह और दूसरे पक्ष के सत्यनारायण सिंह के पुत्र राधेश्याम सिंह(30) की मौत हो गई। दोहरे हत्याकांड के बाद गांव में पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मामले में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और फरार लोगों की गिरफ्तारी के लिए लगातार कार्रवाई जारी है।
मऊ में रेलवे ट्रैक किनारे मिला शव:पुलिस ने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा, जांच जारी
मऊ जिले के घोसी कोतवाली क्षेत्र में सोमवार सुबह घोसी-मधुबन मार्ग स्थित रेलवे फाटक के पास एक व्यक्ति का शव मिला। मृतक की पहचान ताजपुर नदवासराय निवासी राजेश गोंड (पुत्र सोमनाथ गोंड) के रूप में हुई है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा और मामले की जांच शुरू कर दी है। राजेश गोंड राजमिस्त्री का काम करते थे और मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनके परिवार में पत्नी के अलावा चार बच्चे हैं, जिनमें दो लड़के और दो लड़कियां शामिल हैं। सोमवार सुबह रेलवे लाइन के किनारे शव मिलने की सूचना पर घटनास्थल पर भारी भीड़ जमा हो गई थी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया। प्रारंभिक जांच में शव की पहचान नहीं हो सकी थी, लेकिन बाद में परिजनों के पहुंचने पर मृतक की शिनाख्त राजेश गोंड के रूप में हुई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मौके पर मौजूद लोगों के बीच घटना को लेकर विभिन्न तरह की चर्चाएं होती रहीं। पुलिस मामले की जांच कर रही है और मौत के सही कारणों का पता लगाने में जुटी हुई है। मृतक के भाई सोनू गोंड सहित परिजनों में दुख का माहौल है। गांव के लोगों ने भी इस घटना पर अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं।
आगर-मालवा में गंगा दशमी के अवसर पर जल संरक्षण का संदेश देने के लिए एक जल कलश यात्रा निकाली गई। यात्रा सोमवार सुबह मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के तत्वावधान में 'जल गंगा संवर्धन अभियान' के तहत आयोजित की गई। नगर विकास प्रस्फुटन समिति ने ब्लॉक समन्वयक सत्यनारायण सोनी के मार्गदर्शन में इसे संपन्न कराया। सुबह रेस्ट हाउस परिसर से शुरू हुई यह यात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए मनकामनेश्वर मंदिर पहुंची, जहां इसका समापन हुआ। यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। महिलाएं और युवतियां सिर पर जल से भरे कलश लेकर चल रही थीं, जबकि पुरुष वर्ग भजन-कीर्तन करते हुए साथ चल रहा था। जल संरक्षण-स्रोतों के संवर्धन का संदेश यात्रा के दौरान पूरे मार्ग में जल संरक्षण और जल स्रोतों के संवर्धन का संदेश दिया गया। आयोजकों ने बताया कि 'जल गंगा संवर्धन अभियान' का मुख्य उद्देश्य समाज को जल के महत्व के प्रति जागरूक करना है। इसका लक्ष्य वर्षा जल संरक्षण, जल स्रोतों की सुरक्षा और जल के सदुपयोग के लिए लोगों को प्रेरित करना भी है। गंगा दशमी जैसे धार्मिक पर्व पर आयोजित इस यात्रा ने लोगों को आस्था के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी का भी संदेश दिया। समापन पर जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया गया। इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष प्रदीप सोनी, विधायक प्रतिनिधि दीपक राठौर, सामाजिक कार्यकर्ता सुनील शर्मा, राकेश बिकुन्दिया, दुर्गावाहिनी की कार्यकर्ता रोशनी माली और ज्योति माली सहित कई श्रद्धालु और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
आज जिलेभर में गंगा दशहरा का पर्व मनाया जा रहा है। इस अवसर पर आहार, अवंतिका देवी, अनूपशहर, नरोरा और राजघाट सहित जिले के सभी गंगा घाटों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के उमड़ने की उम्मीद है। पुलिस प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। इसके अलावा जगह जगह श्रद्धालुओं को शरबत बांटा जा रहा है। पर्व के मद्देनजर कानून-व्यवस्था बनाए रखने और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) अंतिरक्ष जैन और क्षेत्राधिकारी अनूपशहर विकास प्रताप सिंह चौहान ने सुबह अनूपशहर स्थित मस्तराम घाट, आहार स्थित अवंतिका घाट और सिद्ध बाबा घाट का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान, अधिकारियों ने घाटों पर बैरिकेडिंग, प्रकाश व्यवस्था, गोताखोरों और नावों की उपलब्धता, सीसीटीवी व्यवस्था तथा पुलिस बल की तैनाती का बारीकी से जायजा लिया। संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए गए कि वे श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें, भीड़ और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखें, तथा किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें। जनपद पुलिस द्वारा गंगा दशहरा के अवसर पर समुचित सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं और समस्त कार्यक्रम को सकुशल संपन्न कराने हेतु लगातार निगरानी रखी जा रही है। इस बीच, श्रद्धालुओं द्वारा जगह-जगह मीठा शरबत भी वितरित किया जा रहा है। विधायक संजय शर्मा ने मीठा शरबत श्रद्धालुओं को वितरित किया। इस मौके पर सभासद मनमोहन अग्रवाल, आदेश शर्मा, अजय कौशिक आदि मौजूद रहे। तस्वीरें देखिए…
नवादा में IIT सेकेंड ईयर के स्टूडेंट की संदेहास्पद हो गई है। मृतक की पहचान धर्मराज कुमार(21) के रूप में हुई है। वो रुड़की IIT से बीटेक की पढ़ाई करता था। सेकंड ईयर का पेपर देकर 2 महीने की छुट्टी पर अपने घर नवादा आया था। धर्मराज के पिता हेमंत राज CRPF में हैं और वो असम में पोस्टेड हैं। पिता का कहना है कि उनके बेटे की हत्या की गई है। इस मामले में CBI जांच होनी चाहिए। रविवारा को धर्मराज के परिवार वालों और स्थानीय लोगों ने कैंडिल मार्च निकाल कर धर्मराज को न्याय दिलाने की मांग भी की है। अब सिलसिलेवार ढंग से पढ़िए पूरी घटना धर्मराज रुड़की आईआईटी से इलेक्ट्रॉनिक में बीटेक कर रहा था। वो सेंकेड ईयर का पेपर देने के बाद 17 मई को 2 महीनों की छुट्टी में नवादा आया था। 19 मई (मंगलवार) की शाम करीब 5 बजे धर्मराज कुमार अपने दो दोस्तों के साथ ककोलत जलप्रपात घूमने गया था। जलप्रपात बंद होने के कारण तीनों दोस्त जंगल के रास्ते करीब आधा किलोमीटर पैदल चलकर प्रतिबंधित अमझर कुंड पहुंच गए और कुंड के किनारे पहुंचकर स्नान करने लगे। इसी दौरान धर्मराज गहरे पानी में डूब गया। इसके बाद उसके दोस्तों ने पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही थाली थाना पुलिस और वन विभाग की टीम स्थानीय गोताखोरों के साथ मौके पर पहुंची। गोताखोरों की टीम ने 48 घंटे बाद धर्मराज के शव को कुंड से बाहर निकाला। परिवार का आरोप है धर्मराज के कुछ दोस्तों ने जलन की वजह से साजिश रचकर धर्मराज की हत्या कर दी है। CBI जांच की मांग कर रहे पिता मृतक के पिता हेमंत राज ने बताया कि 2 लड़के मेरे बेटे को घर से बुलाकर ले गए और उसकी हत्या कर दी। इस मामले में प्रशासन कुछ भी नहीं कर रहा है। मौत से पर्दा हटाने के लिए SIT गठित धर्मराज के परिवार वालों के आरोप के बाद पुलिस ने उसके दोनों दोस्तों से पूछताछ की है। पुलिस का कहना है कि, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद सही जानकारी मिली पाएगी कि मौत की वजह क्या है। इसके साथ ही SIT का भी गठन किया गया है। परिवार वालों ने निकाला कैंडिल मार्च 24 मई को घटना के विरोध में जिला परिषद डाक बंगला से शहीद चंदन चौक तक कैंडल मार्च निकाला गया। इसमें सैकड़ों स्थानीय युवा, महिलाएं और आम नागरिक शामिल हुए। बीजेपी की पूर्व विधायक अरुणा देवी भी मार्च में मौजूद रहीं। प्रदर्शनकारियों ने “धर्मराज को न्याय दो” और “हत्या के दोषियों पर कार्रवाई हो” जैसे नारे लगाए। लोगों ने हाथों में मोमबत्तियां जलाकर दिवंगत छात्र को श्रद्धांजलि दी और उसकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। सांसद ने निष्पक्ष जांच का दिया आश्वासन नवादा लोकसभा सांसद विवेक ठाकुर सहित कई जनप्रतिनिधियों ने धर्मराज के परिवार से मुलाकात कर निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है। परिवार न्याय की मांग पर अड़ा हुआ है और स्थानीय स्तर पर लगातार प्रदर्शन व आंदोलन की तैयारी चल रही है।
धार जिले के सरदारपुर सिविल अस्पताल में अव्यवस्थाओं को लेकर 18 मई को प्रकाशित खबर के बाद अस्पताल प्रबंधन हरकत में आ गया है। इस खबर के असर से अस्पताल की व्यवस्थाओं में तेजी से सुधार देखने को मिल रहा है, जिससे भीषण गर्मी में मरीजों और स्टाफ को बड़ी राहत मिली है। प्रभारी बीएमओ (BMO) डॉ. सचिन द्विवेदी ने खबर पर तत्काल संज्ञान लेते हुए पुरानी बिल्डिंग में लंबे समय से बंद पड़े कूलर, पंखे और एसी (AC) को ठीक कराया और उन्हें इमरजेंसी तथा जनरल वार्ड में शिफ्ट करवा दिया है। इसके साथ ही, अस्पताल परिसर में महीनों से बंद पड़े सीसीटीवी कैमरों को भी सुधार कर दोबारा चालू कर दिया गया है। ऑक्सीजन, आरओ प्लांट और 'पॉयजन वॉश रूम' की तैयारीडॉ. द्विवेदी के अनुसार, बंद पड़े ऑक्सीजन प्लांट को जल्द शुरू करने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा की गई है। पीने के शुद्ध पानी के लिए पुराने भवन में लगे आरओ (RO) प्लांट को नई बिल्डिंग में शिफ्ट करने की तैयारी चल रही है। इसके अलावा, जहर खाने (पॉयजन) के मामलों के बेहतर इलाज के लिए अस्पताल में अलग से 'पॉयजन वॉश रूम' की व्यवस्था भी की जा रही है। अस्पताल में अब भी बनी हैं ये बड़ी समस्याएंतमाम सुधारों के बावजूद अस्पताल में कई प्रमुख स्वास्थ्य सुविधाएं अब भी नदारद हैं, जिससे मरीजों को परेशानी उठानी पड़ रही है… सोनोग्राफी सेवा: तकनीशियन (ऑपरेटर) के अभाव में सोनोग्राफी मशीन धूल खा रही है। स्त्री रोग विशेषज्ञ की कमी: अस्पताल में लंबे समय से स्त्री रोग विशेषज्ञ का पद खाली पड़ा है। हब लैब नहीं: अस्पताल में हब लैब की सुविधा न होने के कारण मरीजों को जांच रिपोर्ट के लिए 4 से 5 दिन तक लंबा इंतजार करना पड़ता है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को ज्ञापन सौंपने की तैयारीसूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के धार दौरे के दौरान स्थानीय लोगों का एक प्रतिनिधिमंडल उनसे मुलाकात कर सकता है। यह प्रतिनिधिमंडल सिविल अस्पताल में सोनोग्राफी सेवा शुरू करने, स्त्री रोग विशेषज्ञ की तत्काल नियुक्ति, हब लैब सुविधा और ऑक्सीजन प्लांट चालू करवाने जैसी प्रमुख मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपेगा।
देशभर में तेल कंपनियों ने फिर पेट्रोल डीजल के रेट बढ़ा दिए हैं। आज, 25 मई को पेट्रोल ₹2.61 प्रति लीटर और डीजल ₹2.71 प्रति लीटर महंगा कर दिया है। इस बढ़ोतरी के बाद छत्तीसगढ़ के कई जिलों में पेट्रोल का प्राइज 109 रुपए प्रति लीटर के पार पहुंच गया है। सरगुजा संभाग के जिलों में भी पेट्रोल के दाम काफी ऊंचे हैं। इस बढ़ोतरी के बाद राजधानी रायपुर में अब 1 लीटर पेट्रोल की कीमत ₹107.96 प्रति लीटर हो गई है। जाने अपने शहर में पेट्रोल डीजल का प्राइज… सरगुजा संभाग में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी ताजा रेट के मुताबिक, बस्तर और सरगुजा संभाग के जिलों में सबसे ज्यादा कीमत दर्ज की गई है। वहीं, रायपुर और कोरबा जैसे शहरों में बाकी जिलों की तुलना में थोड़ी राहत है। नारायणपुर में पेट्रोल की कीमत ₹109.65 प्रति लीटर, जगदलपुर में ₹109.64, दंतेवाड़ा में ₹109.60 और बीजापुर में ₹109.59 प्रति लीटर पेट्रोल बिक रहा है। सरगुजा संभाग के जिलों में भी पेट्रोल के दाम काफी ऊंचे हैं। जशपुर में पेट्रोल ₹109.52, सूरजपुर में ₹109.39 और अंबिकापुर में ₹109.09 प्रति लीटर, रायगढ़ में 109.3 रुपए दर्ज किया गया। बता दें कि इस महीने चौथी बार फ्यूल के रेट में इजाफा हुआ है। दुर्ग में पेट्रोल ₹108.29, धमतरी में ₹108.45, महासमुंद में ₹108.64 और बिलासपुर में ₹108.65 प्रति लीटर पहुंच गया है। रायपुर में 108 रुपए से नीचे, लेकिन राहत सीमित राजधानी रायपुर में पेट्रोल की कीमत ₹107.96 प्रति लीटर रिकॉर्ड की गई है। प्रदेश के बड़े शहरों में यह दर अपेक्षाकृत कम है, लेकिन हालिया बढ़ोतरी के बाद यहां भी वाहन चालकों पर अतिरिक्त बोझ बढ़ा है। कोरबा में सबसे कम कीमत प्रदेश में सबसे कम पेट्रोल कीमत कोरबा में दर्ज की गई, जहां पेट्रोल ₹107.63 प्रति लीटर बिक रहा है। इसके अलावा जांजगीर में ₹108.21 और कवर्धा व रायगढ़ में ₹108.86 प्रति लीटर रेट सामने आया है। दूरस्थ जिलों में ज्यादा कीमत की वजह जानकारों के मुताबिक, बस्तर और सरगुजा संभाग के दूरस्थ इलाकों में ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट अधिक होने के कारण पेट्रोल की कीमतें ज्यादा रहती है। वहीं बड़े शहरों और औद्योगिक जिलों में सप्लाई बेहतर होने से कीमतों में थोड़ा अंतर देखने को मिलता है। आम लोगों और ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर असर लगातार बढ़ती पेट्रोल कीमतों का असर अब रोजमर्रा के खर्च पर भी दिखाई देने लगा है। ट्रांसपोर्ट कारोबारियों का कहना है कि डीजल और पेट्रोल महंगा होने से माल ढुलाई और यात्री किराए पर भी असर पड़ सकता है। वहीं आम लोग भी लगातार बढ़ते ईंधन खर्च से परेशान नजर आ रहे हैं। ब्लैक मार्केटिंग पर नजर, शिकायत के लिए नंबर जारी ईंधन संकट और बढ़ती कीमतों के बीच प्रशासन भी अलर्ट मोड पर है। रायपुर कलेक्टर ने पेट्रोल-डीजल की ब्लैक मार्केटिंग रोकने के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। शहर में कहीं भी अधिक कीमत वसूली या अवैध बिक्री की जानकारी मिलने पर लोग 9977222564, 9977222574, 9977222584 और 9977222594 पर शिकायत कर सकते हैं। ऐसे तय होती है पेट्रोल-डीजल की कीमत भारत अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है। अंतरराष्ट्रीय कीमत, डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति, रिफाइनिंग खर्च, केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी, डीलर कमीशन और राज्य सरकार के वैट को जोड़ने के बाद पेट्रोल-डीजल की अंतिम कीमत तय होती है। अलग-अलग राज्यों में टैक्स की दरें अलग होने के कारण हर शहर में ईंधन के रेट भी अलग-अलग रहते हैं। पेट्रोल-डीजल की कीमतों में क्यों हुई बढ़ोतरी? इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव है। ईरान और अमेरिका की जंग शुरू होने से पहले क्रूड ऑयल के दाम 70 डॉलर थे जो अब बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गए हैं। क्रूड की कीमतें बढ़ने से तेल कंपनियां दबाव में थीं। इसलिए कंपनियों ने घाटे की भरपाई के लिए यह कदम उठाया है। अगर कच्चे तेल की कीमतों में लंबे समय तक तेजी बनी रहती है तो पेट्रोल-डीजल की कीमतें और भी बढ़ाई जा सकती हैं। बेस प्राइस से चार गुना तक बढ़ जाती है कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर के मुकाबले रुपए की स्थिति के आधार पर देश में ईंधन के दाम तय किए जाते हैं। सरकारी तेल कंपनियां 'डेली प्राइस रिवीजन' यानी डायनेमिक प्राइसिंग सिस्टम के तहत हर दिन सुबह 6 बजे नए रेट अपडेट करती हैं। उपभोक्ता तक पहुंचने से पहले तेल की कीमतों में कई तरह के टैक्स और खर्च जुड़ते हैं, जिसे हम आसान भाषा में समझ सकते हैं: ………………….. इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… रायपुर में पेट्रोल 105.19 रुपए लीटर, डीजल भी महंगा: पेट्रोल 87 पैसे और डीजल के 91 पैसे बढ़े दाम, 9 दिन में तीसरी बार इजाफा रायपुर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में शनिवार को फिर बढ़ोतरी हो गई है। तेल कंपनियों ने फ्यूल के दाम करीब 90 पैसे प्रति लीटर बढ़ा दिए हैं। इससे पहले 15 मई और 19 मई को भी पेट्रोल-डीजल के दाम 3-3 रुपए और 90-90 पैसे प्रति लीटर बढ़ाए गए थे। पढ़ें पूरी खबर…
लखनऊ में एक्सीडेंट में 2 लड़कों की मौत:दूसरी बाइक की टक्कर लगने पर पोल से टकराए, मौके पर ही दम तोड़ा
लखनऊ के बंथरा थाना क्षेत्र में रविवार देर रात हुए एक सड़क हादसे में बाइक सवार दो लड़कों की मौत हो गई। यह घटना कानपुर रोड पर हनुमान मंदिर के पास हुई, जब एक अज्ञात बाइक ने उनकी मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी, जिससे वे अनियंत्रित होकर सड़क किनारे एक पोल से जा टकराए। मृतकों की पहचान सरोजनीनगर की हाइडिल कॉलोनी निवासी कमल (18) और बंथरा के लाला खेड़ा निवासी दीपांशु रावत (19) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, दोनों युवक रविवार रात करीब 10 बजे बाइक से सरोजनी नगर की ओर जा रहे थे। हादसे में गंभीर रूप से घायल दोनों युवकों को राहगीरों की मदद से सरोजनी नगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। फरार हुआ टक्कर मारने वाला घटना की सूचना मिलते ही बंथरा पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। टक्कर मारने वाला अज्ञात बाइक सवार मौके से फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि आरोपी की पहचान की जा सके।
सीकर में पेट्रोल 113 रुपए पार:11 दिन में 4 बार बढ़े दाम,डीजल पर 7.57 रुपए बढ़ाए, जानिए नए रेट
11 दिन में आज चौथी बार सीकर जिले में पेट्रोल और डीजल के दामों में बढ़ोतरी हुई है। सीकर में पेट्रोल पर 2.82 और डीजल पर 2.72 रुपए बढ़ाए गए हैं। सीकर में अब पेट्रोल के नए भाव 113.59 रुपए प्रति लीटर और डीजल के भाव 110.77 रुपए प्रति लीटर हो चुके हैं। आज से नई दरों से पेट्रोल-डीजल की बिक्री चालू है। इसके अलावा पावर और टरबो ईंधन पर भी 2 से 3 रुपए की बढ़ोतरी हुई है। 11 दिनों के भीतर यह चौथा मौका है जब पेट्रोल और डीजल के दामों में बढ़ोतरी हुई हो। इससे पहले 15,19 और 23 मई को पेट्रोल-डीजल के दामों में बढ़ोतरी हुई थी। 4 बार में पेट्रोल पर कुल 7.94 और डीजल पर 7.57 रुपए की बढ़ोतरी हुई है। सीकर पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन के महासचिव अरुण फागलवा बताते हैं कि धीरे-धीरे पेट्रोल और डीजल के दामों में बढ़ोतरी हो रही है। आगामी दिनों में और बढ़ोतरी भी हो सकती है। देखिए सीकर में पेट्रोल-डीजल के नए भाव ईंधन की कीमतों में इस महीने में यह चौथी बढ़ोतरी है… पेट्रोल-डीजल की कीमतों में क्यों हुई बढ़ोतरी? इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव है। ईरान और अमेरिका की जंग शुरू होने से पहले क्रूड ऑयल के दाम 70 डॉलर थे जो अब बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गए हैं। क्रूड की कीमतें बढ़ने से तेल कंपनियां दबाव में थीं। इसलिए कंपनियों ने घाटे की भरपाई के लिए यह कदम उठाया है। अगर कच्चे तेल की कीमतों में लंबे समय तक तेजी बनी रहती है तो पेट्रोल-डीजल की कीमतें और भी बढ़ाई जा सकती हैं। अन्य चीजों के दाम भी बढ़ सकते हैं…
फतेहाबाद जिले के रतिया शहर में दोस्तों के साथ अपने जीजा को पीटने वाले साले के खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। साले और उसके पांच साथियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोप है कि आरोपियों ने पहले घर में तोड़फोड़ की। इसके बाद ढूंढते हुए उन्हें चौक के पास रोककर पीटा। हमले के बाद बगलोल ग्रुप रतिया के नाम से बनी इंस्टाग्राम आईडी पर स्टेट्स भी लगाया गया। स्टेट्स में लिखा गया कि-ले लिया बदला बगलोल भाई का। सबकी बारी आएगी। वेट एंड वॉच, कर दिया सेट, राम-राम। रतिया सिटी थाना पुलिस ने घायल पवन कुमार की शिकायत पर आरोपी अनमोल, विक्रम, अर्पण, राहुल, महावीर व एक अन्य के खिलाफ बीएनएस की धारा 190, 191(2), 191(3), 115(2), 126(2), 324(5),333, 303(2) के तहत केस दर्ज कर लिया है। बचाव के लिए दादी के घर जा रहे थे पुलिस को दी शिकायत में रतिया के वार्ड नंबर 15 निवासी पवन कुमार ने बताया कि उसकी अपने साले अनमोल व उसके दोस्त विक्रम के साथ अनबन चल रही है। उसे अंदेशा था कि रात के समय अनमोल व उसके साथी हमारे घर पर अटैक कर सकते हैं। जिस कारण हम अपने बचाव में दादी के घर जा रहे थे। 18-19 मई की रात को करीब 12 बजे वह अपनी पत्नी रेनु, दो भतीजों व छोटी बेटी को लेकर दादी के घर जा रहे थे। लुहारी चौक पर पहुंचे, तो सामने से तीन बाइकों पर अनमोल, विक्रम, अर्पण, राहुल सुखमनपुर, महावीर मुंशीवाली व एक अन्य व्यक्ति सवार होकर आए। उन्होंने रास्ता रोककर डंडे, लोहे की राड, कुल्हाड़ी से उस पर हमला बोल दिया। पहले घर जाकर गाड़ी तोड़ी, फिर ढूंढा पवन कुमार ने आरोप लगाया कि इन लोगों ने उसको इन हथियारों से जमकर पीटा। आरोपियों ने उसका बाइक भी तोड़ दिया। विक्रम, अनमोल ने पहले घर पर अटैक किया। मगर उस समय हम घर नहीं थे, इसलिए उसकी गाड़ी तोड़ डाली। बाद में ये आरोपी ढूंढते हुए लुहारी चौक के पास पहुंचे और रोककर चोटें मारी।
उन्नाव में लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर सोमवार तड़के करीब 3:30 बजे सड़क हादसे में ट्रक ड्राइवर और हेल्पर की मौत हो गयी। यह हादसा उस समय हुआ जब ड्राइवर और हेल्पर टायर की हवा जांच करने नीचे उतरे थे। पीछे से आए ट्रक ने उन दोनों को रौंद दिया। हादसे की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। टायर की हवा चेक करने के दौरान मारी टक्कर जानकारी के मुताबिक, ट्रक मक्का लेकर जा रहा था। ट्रक चालक बिजनौर निवासी रईस पुत्र मोहम्मद समीम अपने हेल्पर जैनुल के साथ ट्रक के टायर की हवा जांचने के लिए सड़क किनारे नीचे उतरे थे। इसी दौरान लखनऊ की ओर से आ रहा ट्रक अनियंत्रित होकर पीछे से खड़े ट्रक में जा घुसा। झपकी आने ट्रक ने खोया नियंत्रण बताया जा रहा है कि दूसरे ट्रक का चालक रहमत खान निवासी अलवर राजस्थान को चलते समय नींद की झपकी आ गई थी। जिसकी वजह से ट्रक नियंत्रण खोने के कारण उसका ट्रक सीधे खड़े वाहन से टकरा गया। हादसे के समय रईस और जैनुल ट्रक के पीछे मौजूद थे, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला मोर्चरी उन्नाव भेज दिया। पुलिस ने मृतकों के परिजनों को हादसे की जानकारी दे दी है। आरोपी चालक गिरफ्तार हादसे के बाद पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त दोनों ट्रकों को एक्सप्रेसवे से हटवाकर यातायात सामान्य कराया। टक्कर मारने वाले ट्रक और उसके चालक रहमत खान को हिरासत में ले लिया गया है।
15 मई 2026 को सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने एक याचिका पर सुनवाई के दौरान युवाओं पर टिप्पणी की थी। लाइव लॉ के मुताबिक, CJI सूर्यकांत ने कहा, ‘कॉकरोच की तरह ऐसे युवा हैं, जिन्हें इस पेशे में रोजगार नहीं मिल रहा है। इनमें से कुछ मीडिया, कुछ सोशल मीडिया और कुछ RTI और दूसरे तरह के एक्टिविस्ट बन रहे हैं। ये हर किसी पर हमला करना शुरू कर देते हैं।’ सीजीएआई के बयान के बाद बनी “कॉकरोज पार्टी” ने इंस्टाग्राम और ट्विटर पर एक ही रात में भारत की दो प्रमुख राष्ट्रीय पार्टियों भाजपा और कांग्रेस से ज्यादा फॉलोअर्स जुटा लिए और जेन-जी की पार्टी बनकर उभरी है। आइए जानते हैं भोपाल के लोगों की इस पार्टी को लेकर क्या राय है…
कटनी जिले के बड़वारा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम चिरहुली चांदन में रविवार शाम जमीन नापने के दौरान विवाद हो गया। गांव के कुछ दबंगों ने वेंकटेश्वर मंदिर के प्रमुख मठ के महंत और उनके सेवादारों के साथ गाली-गलौज की और लाठी-डंडों से हमला कर दिया। इस मारपीट का एक वीडियो भी सामने आया है। पीड़ित पक्ष की शिकायत पर बड़वारा पुलिस ने चार नामजद आरोपियों के खिलाफ विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना में शामिल आरोपी खुलेआम गुंडागर्दी करते नजर आ रहे हैं। मंदिर की 5 एकड़ जमीन पर शुरू हुआ विवाद जानकारी के अनुसार, यूपी के प्रयागराज में स्थित वेंकटेश्वर मठ के महंत राजेंद्र प्रसाद शुक्ल रविवार शाम को बड़वारा के चिरहुली चांदन ग्राम में स्थित मंदिर व संस्था की जमीन का सीमांकन कराने पहुंचे थे। मौके पर राजस्व विभाग की टीम, ग्राम कोटवार और स्थानीय लोग भी मौजूद रहे। जब शासकीय औपचारिकताएं चल रही थीं, तभी मंदिर की जमीन से सटी भूमि के स्वामी हरि प्रसाद उर्फ भोला पांडेय और अवधेश पांडेय वहां पहुंचे और विवाद करने लगे। महंत राजेंद्र प्रसाद शुक्ल ने पुलिस को बताया कि ग्राम चांदन हार में संस्था की करीब 5 एकड़ जमीन खसरा नंबर 38, 39 है। जमीन विवाद में कर्मचारी पर लाठी-डंडों से हमला इस जमीन की देखरेख के लिए उन्होंने स्थानीय निवासी संतलाल विश्वकर्मा और अरुण सिंह को अधिकार पत्र दिया है। विवाद के दौरान आरोपी हरि प्रसाद और अवधेश पांडेय ने कहा कि इस जमीन पर सिर्फ मैं खेती करूंगा, किसी और को नहीं करने दूंगा और मां-बहन की गंदी गालियां देने लगे। आरोपियों ने फोन करके अपने परिवार के अन्य सदस्यों को भी मौके पर बुला लिया। इसके बाद पहुंचे बाबू पांडेय और सचिन पांडेय ने संस्था के कर्मचारी संतलाल विश्वकर्मा पर लाठी-डंडों और लात-घूसों से हमला कर दिया। महंत का आरोप है कि चारों आरोपियों ने मिलकर उनका और संतलाल का गला दबाकर जान से मारने का प्रयास भी किया। बीच-बचाव करने आए अंशु पांडेय, प्राचल मिश्रा और अरुण सिंह के कारण बमुश्किल उनकी जान बच सकी। इस हमले में कर्मचारी संतलाल के गले, मुंह और दोनों पैरों की जांघों में गंभीर चोटें आई हैं। पुलिस ने दर्ज की FIR, आरोपियों की तलाश जारी घटना के बाद पीड़ित पक्ष ने बड़वारा थाने पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। मामले की गंभीरता और सामने आए वीडियो साक्ष्यों के आधार पर बड़वारा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है। पुलिस ने आरोपी हरी प्रसाद उर्फ भोला पांडेय, अवधेश पांडेय, बाबू पांडेय और सचिन पांडेय के खिलाफ धारा 296,115(2),351(2), 3(5) जमीन विवाद को लेकर मारपीट का मामला सामने आया है। फरियादी की शिकायत पर चार आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की सुसंगत धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। मामले को विवेचना में लिया गया है।
बांसवाड़ा जिले की आनंदपुरी थाना पुलिस ने मंदिर के बोरवेल से सबमर्सिबल मोटर चोरी के मामले का खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी की गई 2 एचपी की सबमर्सिबल मोटर और केबल पाइप बरामद कर लिया। पुलिस के अनुसार आरोपी ने शराब और मौज-शौक की जरूरत पूरी करने के लिए चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। फिलहाल आरोपी से अन्य मामलों को लेकर पूछताछ की जा रही है। मंदिर के बोरवेल से चोरी हुई थी मोटर पुलिस के अनुसार केसरपुरा ओबला निवासी मोहन (60) पुत्र रावजी खांट ने आनंदपुरी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में बताया गया कि 16 मई की रात अज्ञात चोर मंदिर के बोरवेल से 2 एचपी की सबमर्सिबल पंप मोटर और केबल पाइप चोरी कर ले गए। पीड़ित ने बताया कि यह मोटर करीब 6 साल पहले मंदिर पर लगाई गई थी। पुलिस ने संदिग्ध युवक पर रखी नजर मामले में थानाधिकारी कपिल पाटीदार के नेतृत्व में पुलिस ने जांच शुरू की। पुलिस ने मुखबिर तंत्र और अन्य सूत्रों से जानकारी जुटाई। जांच के दौरान गांव के ही युवक राकेश पर शक हुआ। इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। पूछताछ में आरोपी ने कबूला जुर्म पुलिस के अनुसार शुरुआत में आरोपी पूछताछ में आनाकानी करता रहा। बाद में पुलिस ने मनोवैज्ञानिक तरीके से पूछताछ की तो आरोपी टूट गया और चोरी की वारदात स्वीकार कर ली। आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसने शराब पीने और अपने मौज-शौक पूरे करने के लिए चोरी की थी। आरोपी से अन्य मामलों में पूछताछ जारी गिरफ्तार आरोपी की पहचान राकेश (19) पुत्र महेश, जाति खिहुरी निवासी केसरपुरा थाना आनंदपुरी के रूप में हुई है। पुलिस टीम में थानाधिकारी कपिल पाटीदार, हेड कांस्टेबल मोहनलाल, हेड कांस्टेबल पुष्पराज सिंह और कांस्टेबल नोमिल सिंह शामिल रहे। पुलिस फिलहाल आरोपी से अन्य वारदातों के संबंध में पूछताछ कर रही है।
ग्वालियर के नाका चंद्रवदनी इलाके में पड़ोसी महिला को बंधक बनाकर दुष्कर्म करने के आरोपी विजय सोनी को झांसी रोड थाना पुलिस ने रविवार रात गिरफ्तार कर लिया। वारदात के बाद से आरोपी फरार था और पुलिस लगातार उसकी तलाश कर रही थी। घेराबंदी कर पकड़ा गया आरोपी झांसी रोड थाना पुलिस ने संभावित ठिकाने पर घेराबंदी कर विजय सोनी को दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को थाने लाकर पूछताछ की गई। पूछताछ में कबूला अपराध पुलिस पूछताछ में आरोपी ने महिला से दुष्कर्म करने की बात स्वीकार की। उसने पुलिस को बताया कि वारदात के समय वह नशे में था। पुलिस उसके बयान की पुष्टि कर रही है। शनिवार रात हुई थी वारदात घटना शनिवार रात करीब 1:30 बजे की है। आरोपी और पीड़िता नाका चंद्रवदनी स्थित एक मकान के अलग-अलग हिस्सों में किराए से रहते हैं। आरोपी ने किसी काम का बहाना बनाकर महिला को अपने कमरे पर बुलाया। पड़ोसी होने के कारण महिला वहां चली गई। महिला के कमरे में पहुंचते ही आरोपी ने उसे दबोच लिया। विरोध करने पर थप्पड़ मारकर उसका मुंह दबा दिया और तड़के चार बजे तक जबरदस्ती करता रहा। थाने जाने पर दी धमकी घटना के बाद आरोपी ने महिला को थाने जाने पर जान से मारने की धमकी दी। सुबह महिला ने पति को घटना की जानकारी दी। शिकायत पर दर्ज हुआ केस पति के साथ पहुंची महिला की शिकायत पर झांसी रोड थाने में दुष्कर्म, मारपीट और जान से मारने की धमकी की धाराओं में केस दर्ज किया गया। मेडिकल परीक्षण भी कराया गया। कोर्ट में पेशी की तैयारी पुलिस आरोपी से विस्तृत पूछताछ कर रही है। पूछताछ पूरी होने के बाद उसे कोर्ट में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा जाएगा। थाना प्रभारी शक्ति सिंह यादव ने बताया कि फरार आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
जबलपुर में भाजपा पार्षद और वरिष्ठ भाजपा नेता का एक कथित बीयर पार्टी वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद शहर के राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। वायरल वीडियो में भाजपा पार्षद अपने कुछ साथियों के साथ बैठे नजर आ रहे हैं, जहां टेबल पर बीयर की बोतलें दिखाई दे रही हैं। मामला अधारताल थाना क्षेत्र अंतर्गत सुभाष चंद्र वार्ड के भाजपा पार्षद महेश सिंह राजपूत से जुड़ा है। रविवार को वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद लोगों ने भाजपा और उसके जनप्रतिनिधियों की कार्यशैली पर सवाल उठाने शुरू कर दिए। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने पार्टी की नैतिकता और अनुशासन को लेकर प्रतिक्रिया दी। पार्टी के अनुशासन और संस्कार पर उठने लगे सवाल भारतीय जनता पार्टी खुद को संस्कार और अनुशासन की राजनीति करने वाली पार्टी बताती रही है। ऐसे में पार्षद का कथित शराब पार्टी वीडियो वायरल होने के बाद विपक्ष को भाजपा पर हमला बोलने का मौका मिल गया है। राजनीतिक हलकों में यह चर्चा भी तेज हो गई है कि पार्टी इस मामले में कोई कार्रवाई करेगी या फिर इसे नजरअंदाज किया जाएगा। वीडियो को पूरी तरह फर्जी बताया हालांकि भाजपा पार्षद महेश सिंह राजपूत ने वायरल वीडियो को पूरी तरह फर्जी बताया है। दैनिक भास्कर से बातचीत में उन्होंने कहा कि यह वीडियो एआई से तैयार किया गया है। उनका कहना है कि उन्होंने जीवन में कभी बीयर या शराब का सेवन नहीं किया। पार्षद ने दावा किया कि वीडियो में दिखाई दे रही टी-शर्ट भी उनके पास कभी नहीं रही, जिससे साफ है कि वीडियो बनाया गया है। जांच की मांग को लेकर आज एसपी से मिलेंगे पार्षद पार्षद ने आरोप लगाया कि उनकी छवि खराब करने के लिए सुनियोजित तरीके से यह वीडियो वायरल कराया गया है। उन्होंने कहा कि सोमवार को एसपी कार्यालय पहुंचकर मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की जाएगी, ताकि सच्चाई सामने आ सके।

