रायपुर के टिकरापारा थानाक्षेत्र के संतोषी नगर मेन रोड पर रात में पत्नी के साथ टहल रहे कारोबारी से स्कूटी सवार दो युवकों ने मोबाइल झपट लिया। घटना 7 अक्टूबर की रात करीब 10:30 बजे अनंत ज्वेलर्स के सामने हुई। वारदात के बाद आरोपी तेज रफ्तार में स्कूटी लेकर फरार हो गए। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब पढ़े क्या है पूरा मामला पुलिस के मुताबिक पीड़ित राधाकृष्ण मंदिर के पास संजय नगर में रहता है और घर से ही ‘बुट हाउस’ नाम से दुकान चलाता है। रात में खाना खाने के बाद वह पत्नी जाहिदा चांगल के साथ टहलने निकला था। वह कारोबार से संबंधित ऑडियो सुनने के लिए अपना मोबाइल कान के पास लगाए हुए था। पीछे से आए, झपट्टा मारकर मोबाइल छीना पीड़ित के मुताबिक रात करीब 10:30 बजे वह पत्नी के साथ अनंत ज्वेलर्स के सामने पहुंचा था। इसी दौरान पीछे से स्कूटी सवार दो युवक आए। इससे पहले कि वह कुछ समझ पाता, आरोपियों ने झपट्टा मारकर उसके हाथ से मोबाइल छीन लिया और स्कूटी से तेजी से भाग निकले। लूटा गया मोबाइल Samsung Galaxy S25 है। इसमें जियो कंपनी का सिम लगा था। पीड़ित ने मोबाइल की कीमत करीब 30 हजार रुपए बताई है। शोर मचाकर पीछा किया, लेकिन आरोपी भाग निकले मोबाइल छीनने के बाद कारोबारी और उसकी पत्नी ने शोर मचाते हुए आरोपियों का पीछा किया। दोनों युवक तेज रफ्तार में स्कूटी चलाकर फरार हो गए। अचानक हुई वारदात और कम रोशनी के कारण पीड़ित स्कूटी का नंबर नहीं देख सका। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है, कि आरोपियों की पहचान और उनकी तलाश की जा रही है। उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
हथियारों की सप्लाई से जुड़े संदिग्ध बदमाशों की सूचना पर गंगनहर कोतवाली पुलिस और एसओजी की टीम ने देर रात कार्रवाई की।
UP News Today Live: उत्तर प्रदेश ब्रेकिंग न्यूज़, पढ़ें 9 अक्टूबर के मुख्य और ताजा समाचार
UP Breaking News Today Live - Read Uttar Pradesh latest and breaking news today in hindi at Amarujala. यहां पढ़ें, उत्तर प्रदेश की ताजा खबरें, राजनीति, खेल, मनोरंजन, धर्म, क्राइम और शिक्षा की खबरों का लाइव अपडेशन.
5 से 23 अक्तूबर तक रुड़की बीईजी केंद्र में चल रही अग्निवीर भर्ती प्रक्रिया में देशभर से रोजाना एक हजार से अधिक अभ्यर्थी पहुंच रहे हैं।
Chandigarh News: पशु कल्याण बोर्ड का पुनर्गठन, मुख्य सचिव होंगे अध्यक्ष
प्रशासन ने जारी की अधिसूचना, अधिकारियों के साथ पशु कल्याण विशेषज्ञों और संगठनों को भी मिली जगह
Chandigarh News: सुखना झील पर कांग्रेस का ब्लैक डे, चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन
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राजधानी में आगामी गरबा आयोजनों को लेकर पुलिस ने सुरक्षा और कानून व्यवस्था के लिए सख्ती बढ़ा दी है। डीसीपी सेंट्रल तारकेश्वर पटेल ने गरबा आयोजकों की बैठक लेकर आयोजन स्थलों की सुरक्षा, CCTV, पार्किंग, प्रवेश-निकास और भीड़ प्रबंधन की व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि अनुमति पत्र में दी गई सभी शर्तों का पालन अनिवार्य होगा। नियम तोड़ने या कानून व्यवस्था प्रभावित होने पर आयोजन की अनुमति रद्द कर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। तय समय तक ही बज सकेगा DJ डीसीपी ने कहा कि गरबा आयोजन निर्धारित स्थान और समय सीमा में ही होंगे। DJ और अन्य ध्वनि विस्तारक यंत्रों का इस्तेमाल अनुमति पत्र में तय समय और ध्वनि प्रदूषण के नियमों के अनुसार ही करना होगा। नियमों का उल्लंघन मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। CCTV और वालंटियर रहेंगे तैनात आयोजन स्थल पर पर्याप्त CCTV कैमरे और रिकॉर्डिंग की व्यवस्था अनिवार्य की गई है। पुरुष और महिला वालंटियर के साथ सुरक्षा गार्ड भी तैनात करने होंगे। इनकी जानकारी संबंधित थाने को देनी होगी। प्रवेश, निकास और आपातकालीन रास्ते खुले रखने के निर्देश दिए गए हैं। हथियार और नशे पर पूरी तरह रोक पुलिस ने गरबा स्थल पर हथियार, ज्वलनशील पदार्थ, मादक पदार्थ और अन्य प्रतिबंधित सामग्री ले जाने पर रोक लगाई है। आयोजकों को प्रवेश के दौरान सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी। पंडाल में अग्निशमन उपकरण और प्राथमिक चिकित्सा की सुविधा भी रखना जरूरी होगा। क्षमता से ज्यादा भीड़ नहीं गरबा स्थल की निर्धारित क्षमता से ज्यादा लोगों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था करनी होगी, ताकि सार्वजनिक मार्ग और यातायात प्रभावित न हो। आयोजकों को भीड़ नियंत्रण और आपात स्थिति से निपटने की तैयारी रखने को कहा गया है। भड़काऊ गतिविधियों पर भी रोक कार्यक्रम में अश्लील, आपत्तिजनक या भड़काऊ प्रस्तुति की अनुमति नहीं होगी। ऐसी गतिविधि पर रोक रहेगी, जिससे सांप्रदायिक सद्भाव प्रभावित होने की आशंका हो। प्रत्येक आयोजन में कम से कम दो जिम्मेदार पदाधिकारी मौजूद रहेंगे। किसी घटना की स्थिति में पुलिस और आपातकालीन सेवाओं को तत्काल सूचना देनी होगी। पुलिस ने साफ किया है कि शर्तों का उल्लंघन होने पर अनुमति रद्द करने के साथ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
डिप्टी सीएम के ओएसडी पर 50 लाख लेने का आरोप:930 करोड़ की ठगी के आरोपी के बयान की कॉपी आई सामने
करीब ₹930 करोड़ की ठगी के आरोपी मोहित गोगिया के बयान की एक कॉपी में मध्य प्रदेश के डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा के OSD दीपम रायचूरा का नाम सीधे तौर पर लिया गया है। बयान में गोगिया ने दावा किया है कि उसे तनुज सेठी ने दीपम रायचूरा से मिलवाया था और बताया था कि वे आबकारी विभाग में सहायक आयुक्त हैं। बयान की कॉपी सोशल मीडिया में भी वायरल हो रही है। कथित बयान के मुताबिक, दीपम रायचूरा ने गोगिया को दीपक दुबे से मिलवाया और बताया कि दीपक उनका पूरा काम देखता है। इसके बाद वर्ष 2024-25 में टीटी नगर में शराब की दो दुकानों का ठेका जसवंत कुमार के नाम पर दिलवाने का दावा किया गया है। शालीमार फोर्ट लेजा फ्लैट में दिए ₹50 लाख कथित बयान में गोगिया ने आरोप लगाया है कि शराब दुकानों का ठेका दिलाने के एवज में दीपम रायचूरा ने उससे ₹50 लाख नकद लिए। बयान में कहा गया है कि यह रकम दीपक दुबे ने शालीमार फोर्ट लेजा स्थित फ्लैट से ली थी। इसके साथ ही गोगिया ने दावा किया है कि शराब ठेके के लिए बैंक गारंटी की जरूरत थी। इसके लिए फर्जी बैंक एफडीआर को गलत तरीके से स्वीकृत कराने में दीपम रायचूरा ने मदद की। बिना लाइसेंस शराब बेचने का भी आरोप कथित बयान में गोगिया ने दीपम रायचूरा पर उसकी उक्त शराब दुकानों से शराब बिक्री में मदद करने का भी आरोप लगाया है। बयान के अनुसार, उसे बिना लाइसेंस शराब दिलाने में भी मदद की जाती थी। कथित बयान में एक मोबाइल नंबर का भी उल्लेख है, जिस पर गोगिया के मुताबिक दीपम रायचूरा उसके साथ कॉल और चैट करते थे। फर्जी एफडीआर मंजूर कराने में मदद का दावा कथित बयान के मुताबिक, वर्ष 2024-25 में भोपाल के टीटी नगर क्षेत्र में शराब की दो दुकानें जसवंत कुमार के नाम पर दिलाने में मदद की गई। इसके बदले ₹1 करोड़ के भुगतान का दावा किया गया है। बयान में कहा गया है कि इसमें से ₹50 लाख नकद होशंगाबाद रोड स्थित शालीमार फोर्ट लेजा के एक फ्लैट से दीपक दुबे के जरिए लिए गए। बाकी ₹50 लाख आईएसबीटी के पास स्थित एक होटल मालिक के बैंक खाते में ट्रांसफर कराने का आरोप लगाया गया है। कथित बयान में इन शराब दुकानों के लिए बैंक गारंटी के तौर पर इस्तेमाल की गई फर्जी एफडीआर को स्वीकृत कराने में भी OSD की भूमिका होने का दावा किया गया है। इस संबंध में दीपम रायचूरा और डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा की तरफ से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
सूरजपुर के बहुचर्चित मां-बेटी हत्याकांड में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने गुरुवार को मुख्य आरोपी कुलदीप साहू समेत तीन दोषियों को फांसी की सजा सुनाई। चौथे आरोपी आर्यन विश्वकर्मा को मृत्यु तक आजीवन कारावास की सजा दी गई। सजा का फैसला वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनाया गया। इस दौरान अंबिकापुर जेल में बंद कुलदीप के चेहरे पर तनाव और भय नजर आया। कुछ दिन पहले एक दूसरे मामले में 10 साल की सजा मिलने के बाद कुलदीप कोर्ट से बाहर निकलते समय मुस्कुराता नजर आया था। उसके वीडियो भी सामने आए थे। अब मां-बेटी हत्याकांड में फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद उसके चेहरे के भाव बदले हुए दिखाई दिए। अंबिकापुर से रायपुर जेल शिफ्ट करने की तैयारी फांसी की सजा के बाद कुलदीप साहू को अंबिकापुर केंद्रीय जेल से रायपुर जेल शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू होने की जानकारी सामने आई है। रायपुर जेल में फांसी की व्यवस्था होने के कारण आगे की कानूनी और जेल प्रक्रिया के तहत उसे यहां भेजने की तैयारी की जा रही है। जेल प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई कर रहा है। 29 सितंबर को दोषी करार दिए गए थे फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 29 सितंबर को कुलदीप साहू समेत चारों आरोपियों को हत्या, दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के तहत दोषी ठहराया था। इसके बाद सजा सुनाने के लिए 8 अक्टूबर की तारीख तय की गई थी। गुरुवार को अदालत ने तीन आरोपियों को फांसी और आर्यन विश्वकर्मा को मृत्यु तक आजीवन कारावास की सजा सुनाई। 13 अक्टूबर 2024 को हुई थी मां-बेटी की हत्या मामला 13 अक्टूबर 2024 का है। सूरजपुर थाने में पदस्थ प्रधान आरक्षक की पत्नी और उनकी 11 वर्षीय बेटी की हत्या कर दी गई थी। जांच में बच्ची के साथ दुष्कर्म की भी पुष्टि हुई थी। मामले की सुनवाई करीब दो साल चली। इसके बाद अदालत ने चारों आरोपियों को दोषी माना और सजा का ऐलान किया।
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कानपुर देहात के एक किसान को करीब छह साल तक प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की किस्तों से वंचित रखने पर कड़ी टिप्पणी करते हुए बकाया राशि का भुगतान मय ब्याज के 30 नवंबर 2026 तक करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज और 5,000 रुपये हर्जाना देने का भी निर्देश दिया है। न्यायमूर्ति जे.जे. मुनीर और न्यायमूर्ति इंद्रजीत शुक्ल की खंडपीठ ने विश्राम सिंह की रिट याचिका को स्वीकार करते हुए यह आदेश दिया। याचिकाकर्ता ने खुद ही पैरवी की याचिकाकर्ता विश्राम सिंह ने खुद पैरवी करते हुए कहा कि उनके बैंक शाखा का आई एफ एस सी कोड गलत दर्ज हो गया था। इस गलती के कारण वे योजना की 23 किस्तों से वंचित रहे। उन्होंने 8 जनवरी 2020 को उप कृषि निदेशक, कानपुर देहात को प्रार्थना पत्र देकर समस्या सुधारने की मांग की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उप कृषि निदेशक ने व्यक्तिगत हलफनामे में प्रार्थना पत्र मिलने से इन्कार नहीं किया। उनका कहना था कि उस समय वे इस पद पर नहीं थे, इसलिए शिकायत समय पर नहीं निपट सकी। विभाग के मुताबिक अब योजना का भुगतान आधार आधारित डीबीटी प्रणाली से होता है और केवल आई एफ एस सी कोड व खाता विवरण पर निर्भर नहीं है। पोर्टल रिकॉर्ड में याचिकाकर्ता की भूमि सीडिंग 29 अगस्त 2022 को और आधार सीडिंग 31 दिसंबर 2023 को सत्यापित दर्ज थी। भुगतान इसलिए रुका था क्योंकि ई-केवाईसी की स्थिति नहीं थी। कोर्ट ने दिया था अंतरिम आदेश कोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद अधिकारियों ने कार्रवाई की और 18 सितंबर 2026 को ई-केवाईसी तथा फार्मर रजिस्ट्री की औपचारिकताएं पूरी कर दी गईं। डेटा उसी दिन पोर्टल के जरिए भारत सरकार को भेजा गया। विभाग ने बताया कि अगली किस्त नवंबर 2026 में जारी होने की उम्मीद है और बकाया व नियमित किस्त उसी समय खाते में आएगी। पीठ ने कहा कि भले ही यह मान लिया जाए कि लाभ ई-केवाईसी लंबित होने से रुका, फिर भी विभाग के पास इसका कोई औचित्य नहीं है कि 8 जनवरी 2020 के प्रार्थना पत्र पर तत्परता से कार्रवाई कर औपचारिकताएं क्यों पूरी नहीं कराई गईं। कोर्ट ने माना कि याचिकाकर्ता को बिना किसी गलती के कोर्ट आने को मजबूर होना पड़ा और वह लगभग छह साल तक परेशान रहा। बकाया किश्तों के साथ हर्जाना दें कोर्ट ने कहा बकाया किस्तों का भुगतान 30 नवंबर 2026 तक किया जाए और आगे की किस्तें नियमित रूप से देय होने पर दी जाएं। हर किस्त पर उसकी देय तिथि से वास्तविक भुगतान की तारीख तक 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज मिलेगा। 5,000 रुपये हर्जाना बकाया किस्तों के साथ याचिकाकर्ता को दिया जाए।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश विधान परिषद के स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनाव की चुनौती में दाखिल जनहित याचिका खारिज कर दी है। मुख्य न्यायमूर्ति अरुण भंसाली और न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेंद्र की खंडपीठ ने यह आदेश दिया। अधिसूचना रद्द करने की मांग थी इलाहाबाद-झांसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के निवासी अक्षय उपाध्याय ने याचिका दाखिल कर 29 सितंबर 2026 की चुनाव अधिसूचना को रद्द करने की मांग की थी। उनका कहना था कि चुनाव 30 सितंबर 2025 की अधिसूचना के आधार पर बनी पुरानी मतदाता सूची पर कराए जा रहे हैं। याचिका में 5 स्नातक और 6 शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए नई मतदाता सूची बनवाने की भी मांग की गई थी। क्या दिया तर्क जानिये याचिकाकर्ता का तर्क था कि 2025 की सूची में योग्यता तिथि 1 नवंबर 2025 थी, जबकि चुनाव 23 अक्टूबर 2026 को होना है। इससे 2023 में स्नातक करने वाले युवा मतदाता सूची से बाहर रह गए हैं। आरोप लगाया कि 26 से 29 सितंबर 2026 के बीच मतदाता सूची तैयार करने की कवायद हुई और निर्वाचक पंजीकरण नियम, 1960 के नियम 31(4) के तहत अधिसूचना प्रकाशित नहीं की गई। निर्वाचन आयोग ने आधारहीन बताया निर्वाचन आयोग की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ने याचिका को आधारहीन बताया। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया 21 नवंबर 2025 की अधिसूचना से शुरू हुई थी और अंतिम प्रकाशन 6 जनवरी 2026 को हो चुका था। हाल की कवायद जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 23(3) के तहत नाम जोड़ने की प्रक्रिया है, जिसमें अखबारों में अधिसूचना छपवाने का कोई प्रावधान नहीं है। आयोग ने यह भी बताया कि याचिकाकर्ता की ऐसी ही एक याचिका 15 अक्टूबर 2025 को पहले ही खारिज हो चुकी है। साथ ही संविधान के अनुच्छेद 329 के तहत चुनाव प्रक्रिया में दखल पर रोक का हवाला दिया गया। कोर्ट ने तस्वीर साफ की खंडपीठ ने कहा कि मतदाता सूची की तैयारी, संशोधन और नाम जोड़ने से जुड़े प्रावधान 1950 अधिनियम की धाराओं 21, 22 और 23 में हैं। धारा 23(3) के अनुसार संबंधित क्षेत्र में नामांकन की अंतिम तिथि तक सूची में नाम जोड़े या संशोधित किए जा सकते हैं। इसलिए 26 से 29 सितंबर 2026 के बीच हुई कवायद में कोई खामी नहीं है। कोर्ट ने कहा कि याचिका धारा 21 और 23 के अंतर को न समझने के कारण उपजी गलत आशंका पर आधारित है। नियम 31 का संबंध धारा 21 के तहत सूची तैयार करने से है और यह धारा 23 पर लागू नहीं होता, इसलिए इसके उल्लंघन का तर्क निराधार है। चुनाव अधिसूचना को चुनौती पर पीठ ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, इसलिए अनुच्छेद 329 की रोक भी लागू होती है और अधिसूचना को चुनौती नहीं दी जा सकती। इन आधारों पर कोर्ट ने याचिका को सारहीन मानते हुए खारिज कर दिया।
तैयार रहिए! उत्तराखंड में आज जनजागरूकता के लिए सुबह 11 बजे बजाया जाएगा भूकंप का सायरन
उत्तराखंड में आज सुबह 11 बजे भूकंप का सायरन सायरन बजाया जाएगा। इसका मकसद लोगों को भूकंप को लेकर जागरूक करना है। सायरल मोबाइल पर बजेगा।
जनकपुरी महोत्सव के दूसरे दिन भावना एस्टेट रोड पर दिन में प्रभु श्रीराम के सम्मान में बढ़हार की दावत सजी, तो शाम को रथ पर राम-सीता और चारों भाइयों के स्वरूपों के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। राजा जनक अशोक कुमार गोयल और रानी सुनैना लता गोयल की ओर से आयोजित ज्यौनार में चांदी की थाल में विभिन्न व्यंजन परोसे गए। वहीं शाम को गोधूली बेला में कावेरी कौस्तुंभ से जनक महल पहुंचे राम, सीता, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न के स्वरूपों के दर्शन कर श्रद्धालु निहाल हो गए। पूरे आयोजन में भक्ति, संगीत और मिथिला की अतिथि-सत्कार परंपरा की झलक दिखाई दी। दिन में आयोजित बढ़हार की दावत में राजा जनक अशोक कुमार गोयल और रानी सुनैना लता गोयल ने राजा दशरथ के स्वरूप संजय सिंघल और रानी कौशल्या के स्वरूप नीता सिंघल का स्वागत किया। इसके बाद प्रभु श्रीराम, माता सीता सहित सभी स्वरूपों की आरती उतारी गई। जनक परिवार की ओर से चांदी की थाल में भोजन परोसा गया। वर के सम्मान में आयोजित इस पारंपरिक ज्यौनार में बड़ी संख्या में शहरवासी और गणमान्यजन शामिल हुए। दावत के दौरान इंडिया गॉट टैलेंट फेम छत्तीसगढ़ के 35 सदस्यीय रॉयल सिम्फनी बैंड ने रामधुनों और भजनों की प्रस्तुति दी। पूर्व और पश्चिमी संगीत के मेल से हुई प्रस्तुतियों पर श्रद्धालु झूमते नजर आए। रामनाम और जयकारों से पूरा परिसर गूंजता रहा। बढ़हार की दावत में केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल, कैबिनेट मंत्री कपिल देव अग्रवाल, राज्यसभा सांसद नवीन जैन, एमएलसी विजय शिवहरे, पूर्व सांसद राज बब्बर, विधायक एवं श्री रामलीला कमेटी अध्यक्ष पुरुषोत्तम खंडेलवाल सहित कई गणमान्यजन मौजूद रहे। इसके बाद शाम को गोधूली बेला में कावेरी कौस्तुंभ से जनक महल तक प्रभु श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न के स्वरूप रथ पर सवार होकर पहुंचे। रथ के दोनों ओर श्रद्धालु दर्शन के लिए खड़े रहे। रथ पर राम-सीता और चारों भाइयों के दर्शन से पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। राजा जनक और रानी सुनैना ने जनक महल पहुंचने पर सभी स्वरूपों की आरती उतारकर स्वागत किया। आरती के बाद सैकड़ों श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ किया। ‘जय हनुमान ज्ञान गुण सागर’ की गूंज के बीच भक्तिमय संध्या का शुभारंभ हुआ। इंडिया गॉट टैलेंट फेम द क्रेजी हॉकर्स प्रीति की टीम ने नृत्य प्रस्तुति दी। इसके बाद भजन गायक कुमार विशु ने रामायण की चौपाइयां, राम भजन और संत कबीर के दोहे प्रस्तुत किए। ‘मंगल भवन अमंगल हारी’ जैसी चौपाइयों पर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। सजे मार्ग, फूलों की सजावट और रोशनी के बीच रथ पर विराजे राम-सीता का दृश्य श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र रहा। ऐसा लगा मानो अयोध्या से रघुनंदन मिथिला पहुंचे हों। जनकपुरी महोत्सव आयोजन समिति के अध्यक्ष राजू यादव सहित समिति के पदाधिकारी और महिला समिति की सदस्य मौजूद रहीं। कार्यक्रम का संचालन डॉ. रुचि चतुर्वेदी और दीपक जैन ने किया।
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने मांगी गई जानकारी देने में पुलिस अधिकारियों की लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाते हुए संत कबीर नगर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) को अगली सुनवाई पर व्यक्तिगत रूप से अदालत में हाजिर होने का आदेश दिया है। साथ ही आदेश की प्रति पुलिस महानिदेशक (डीजीपी), उत्तर प्रदेश को उचित कार्रवाई के लिए भेजने के निर्देश दिए गए हैं। यह आदेश न्यायमूर्ति अजय भनोट और न्यायमूर्ति दिवेश चंद्र सामंत की खंडपीठ ने रीमा यादव की आपराधिक याचिका संख्या की सुनवाई के दौरान पारित किया। आदेश का अनुपालन नहीं किया कोर्ट ने पाया कि 15 जुलाई 2026 को दिए गए आदेश के बावजूद पुलिस अधिकारियों की ओर से कोई जानकारी नहीं दी गई । अपर शासकीय अधिवक्ता (एजीए) ने बताया कि संत कबीर नगर के पुलिस अधिकारियों को पत्र भेजा गया था, लेकिन कोई जवाब नहीं आया। खंडपीठ ने अपने आदेश में टिप्पणी की कि अदालत यह देख रही है कि कई मामलों में शासकीय अधिवक्ता कार्यालय द्वारा पत्राचार किए जाने के बावजूद स्थानीय पुलिस अधिकारी राज्य के अधिवक्ताओं को जानकारी नहीं भेज रहे हैं। इसी को देखते हुए आदेश की प्रति डीजीपी को भेजने के निर्देश दिए गए हैं। याचिका की अगली सुनवाई 28 अक्टूबर को होगी ।
गोरखपुर में रोड चौड़ीकरण और विद्युत लाइनों की शिफ्टिंग के काम के चलते शुक्रवार कई इलाकों में चार घंटे तक बिजली आपूर्ति ठप रहेगी। इस दौरान सुबह 11:00 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक विद्युत उपकेंद्र राप्तीनगर ओल्ड से जुड़े 11 केवी फेस तीन और कृष्णानगर फीडर के अंतर्गत आने वाले मोती पोखरा, शिवनगर व राम जानकी नगर प्रभावित रहेंगे। इसके अलावा राप्तीनगर न्यू उपकेंद्र के 11 केवी रेल विहार व करीम नगर फीडर और पादरी बाजार उपकेंद्र के 11 केवी पादरी बाजार, सरस्वती पुरम व न्यू फीडर की बिजली आपूर्ति भी इस दौरान बाधित रहेगी। इसी तरह उपकेंद्र नईयापार से जुड़े 11 केवी रजही फीडर, इंडस्ट्रियल स्टेट उपकेंद्र और शाहपुर उपकेंद्र से जुड़े क्षेत्रों में भी 11:00 से 3:00 बजे तक बिजली बंद रहेगी। वहीं 6 लेन रोड चौड़ीकरण के चलते 11 केवी नौसढ़ फीडर की विद्युत आपूर्ति सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक बाधित रहेगी और जिसमें सड़क चौड़ीकरण का कार्य कराया जाना है, जिससे नौसढ़ के आसपास के सभी क्षेत्र प्रभावित रहेंगे । बिजली विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि निर्धारित समय से पहले पानी भरने और बिजली से जुड़े अन्य आवश्यक कार्य निपटा लें, ताकि बिजली कटौती के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो। काम पूरा होते ही सप्लाई बहाल कर दी जाएगी।
बुराड़ी के संत नगर में गौरव यादव नामक युवक ने आत्महत्या कर ली। आत्महत्या से पहले बनाए वीडियो में उसने प्रेमिका, उसके पति और एक सब इंस्पेक्टर पर ब्लैकमेलिंग व झूठे मुकदमे में फंसाने का आरोप लगाया।
दिल्ली सरकार में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 34 IAS-दानिक्स अफसरों का ट्रांसफर; स्वास्थ्य सचिव भी बदले गए
दिल्ली सरकार ने 34 आईएएस और दानिक्स अधिकारियों का तबादला किया है, जिसमें स्वास्थ्य सचिव रूपेश कुमार ठाकुर और एमसीडी के अतिरिक्त आयुक्त सत्येंद्र सिंह दुश्रावत जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं।
ग्वालियर के चिड़ियाघर में पति के साथ घूमने पहुंची 18 वर्षीय विवाहिता के गायब होने का मामला सामने आया है। महिला अपने पति को पार्किंग में बाइक लगाने के लिए भेजकर कथित रूप से अपने परिचित युवक के साथ बाइक पर बैठकर चली गई। घटना के करीब 48 घंटे बाद भी पुलिस महिला और युवक का पता नहीं लगा सकी है। दोनों के मोबाइल फोन बंद होने के कारण पुलिस अब उनके मोबाइल ऑन होने का इंतजार कर रही है। घटना 6 अक्टूबर मंगलवार दोपहर करीब 1:25 से 1:35 बजे के बीच की बताई जा रही है। शिवपुरी निवासी सुहाना रजक पत्नी करण रजक अपने पति के साथ ग्वालियर आई थी। पति के अनुसार, दोनों पहले किसी रिश्तेदार से मिलने आए थे। इसके बाद सुहाना ने चिड़ियाघर घूमने की बात कही और दोनों चिड़ियाघर पहुंचे। देखिए सीसीटीवी में कैसे बॉयफ्रेंड के साथ गई पत्नी… पति पार्किंग में गया, तभी बाइक पर बैठी सुहाना चिड़ियाघर पहुंचने के बाद करण बाइक पार्किंग में लगाने के लिए गया। इसी दौरान सुहाना बाहर खड़ी रही। पति जैसे ही बाइक पार्क करने गया, सुहाना कथित तौर पर अरमान खान की बाइक पर बैठ गई। करण जब बाइक खड़ी कर वापस आया तो उसने सुहाना को अरमान के साथ बाइक पर जाते हुए देखा। उसने पीछा करने की कोशिश की, लेकिन तब तक दोनों काफी दूर निकल चुके थे। चिड़ियाघर के बाहर लगे CCTV कैमरे में सुहाना के बाइक पर बैठकर जाने की घटना रिकॉर्ड हुई है। फुटेज में वह अरमान की बाइक पर बैठकर जाते हुए दिखाई देती है। बताया जा रहा है कि बाइक पर नंबर प्लेट भी नहीं लगी थी, जिससे उसकी पहचान करने में पुलिस को परेशानी हो रही है। महल गेट के बाद कैमरे नहीं, दो रास्तों में उलझी पुलिस पति ने काफी देर तक सुहाना की तलाश की। उसके और अरमान के मोबाइल नंबर पर संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन दोनों के फोन बंद मिले। इसके बाद करण पड़ाव थाने पहुंचा और शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने चिड़ियाघर से बाहर निकलने के बाद दोनों के संभावित रूट पर CCTV कैमरे खंगाले। हालांकि महल गेट के सामने से दो अलग-अलग रास्ते निकलते हैं और इस क्षेत्र में CCTV कैमरे नहीं लगे होने के कारण पुलिस को आगे कोई सुराग नहीं मिला। पड़ाव थाना प्रभारी शैलेंद्र भार्गव के अनुसार, महिला और उसके साथ गए युवक के मोबाइल नंबर ट्रेस पर लगाए गए हैं। दोनों के मोबाइल ऑन होने के बाद उनकी लोकेशन मिलने की उम्मीद है। पुलिस अन्य संभावित रास्तों और CCTV फुटेज भी खंगाल रही है। पुलिस के अनुसार, महिला की शादी कुछ महीने पहले ही हुई थी। घटना के बाद से परिवार भी उसकी तलाश में जुटा है। फिलहाल पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि चिड़ियाघर से निकलने के बाद सुहाना और अरमान आखिर किस रास्ते से गए और अब कहां हैं।
ग्वालियर में कोर्ट ने शिवपुरी के पिछोर से भाजपा विधायक प्रीतम लोधी के बेटे दिनेश लोधी का स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। दिनेश लोधी पुरानी छावनी में हत्या के प्रयास के मामले में लगभग दो साल से उपस्थित नहीं हुआ है। लगातार उसके गायब होने और कोर्ट में पुरानी छावनी पुलिस के यह बयान कि आरोपी आवारा किस्म का है। वह कई महीनों में एक या दो बार कुछ समय के लिए ग्वालियर आता है। ज्यादातर समय वह शिवपुरी पिछोर रहता है। यह सुनते ही हत्या के प्रयास (धारा 307) के गंभीर मामले में घिरे शिवपुरी जिले की पिछोर विधानसभा से भाजपा विधायक प्रीतम लोधी के बेटे दिनेश लोधी की मुश्किलें बढ़ती चली गईं हैं। अपर सेशन न्यायाधीश कपिल सोनी की अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए अभियुक्त दिनेश लोधी के खिलाफ स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया है। अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि आरोपी जब तक गिरफ्तार नहीं हो जाता, तब तक प्रकरण से जुड़े रिकॉर्ड और जब्त सामान को सुरक्षित रखा जाए। केस रिकॉर्ड पर लाल स्याही से लिखा- 'अभियुक्त फरार' कोर्ट ने सख्त हिदायत देते हुए निर्देश दिया है कि प्रकरण के मुख्य पृष्ठ (टाइटल पेज) पर लाल स्याही (Red Ink) से यह स्पष्ट दर्ज किया जाए कि अभियुक्त फरार है। इसके साथ ही यह आदेश भी दिया गया है कि केस रिकॉर्ड और पुलिस द्वारा जब्त की गई संपत्ति को किसी भी हाल में नष्ट न किया जाए। 22 जुलाई 2024 के बाद से कोर्ट से गायब अभियुक्त दिनेश लोधी 22 जुलाई 2024 के बाद से कभी भी व्यक्तिगत रूप से अदालत में हाजिर नहीं हुआ। 23 अगस्त 2024 से 16 मार्च 2026 तक वह लगातार अनुपस्थित रहा और केवल हाजिरी माफी के आवेदन लगाता रहा। इसके चलते कोर्ट ने 17 अप्रैल 2026 को उसकी जमानत और बंधपत्र निरस्त कर वारंट जारी किया था। पुलिस की रिपोर्ट-आवारा किस्म का है आरोपी पुरानी छावनी थाने के प्रधान आरक्षक रघुवीर सिंह के बयानों और पुलिस तस्दीक रिपोर्ट के आधार पर कोर्ट ने माना कि आरोपी जानबूझकर पुलिस और अदालत से बच रहा है। पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी आवारा किस्म का है और ज्यादातर समय दोस्तों के साथ बाहर ही रहता है। वह अपने गृह गांव जलालपुर में भी केवल महीने-दो महीने में कुछ देर के लिए ही आता है। जब तक पकड़ा नहीं जाएगा, तब तक गवाहों के बयान पर रोक अपर लोक अभियोजक आरपी पालीवाल ने स्पष्ट किया कि आरोपी की गैरमौजूदगी में अभियोजन के गवाहों के बयान दर्ज नहीं किए जाएंगे। कानून के मुताबिक गवाहों के कथन अभियुक्त के पकड़े जाने और कोर्ट में पेश होने के बाद ही रिकॉर्ड पर लिए जाएंगे। पुराना रिकॉर्ड भी दागदार, एट्रोसिटी कोर्ट से भी जारी हो चुका है वारंट दिनेश लोधी के खिलाफ ग्वालियर के पुरानी छावनी थाने में हत्या के प्रयास का मामला दर्ज है। इसके अलावा, इससे पहले एट्रोसिटी कोर्ट से भी उसके खिलाफ स्थायी वारंट जारी हो चुका है। पांच महीने में यह दूसरा मामला है जब भाजपा विधायक प्रीतम लोधी के बेटे दिनेश लोधी के खिलाफ कोर्ट ने यह बड़ा एक्शन लिया है। मुख्य घटनाक्रम और विवाद थार से टक्कर की घटना (अप्रैल 2026): 16 अप्रैल 2026 को शिवपुरी जिले के करैरा क्षेत्र में दिनेश लोधी पर आरोप लगा कि उन्होंने अपनी महिंद्रा थार गाड़ी से तीन लोगों की एक मोटरसाइकिल और दो पैदल चल रहे लोगों सहित कुल 5 लोगों को टक्कर मारकर घायल कर दिया। घटना के बाद सामने आए वीडियो में उन्हें यह कहते हुए सुना गया कि वे हॉर्न और सायरन दे रहे थे, लेकिन लोगों ने साइड नहीं दी। इस घटना के बाद पुलिस कार्रवाई और राजनीतिक विवाद भी खड़ा हुआ। फरार घोषित (जुलाई 2026): 10 जुलाई 2026 को ग्वालियर की विशेष अदालत (SC-ST कोर्ट) ने एक पुराने मामले (वर्ष 2023 के एक मारपीट मामले) में सुनवाई के दौरान पेश न होने पर दिनेश लोधी को फरार घोषित कर दिया और उनके खिलाफ स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी किया।
जबलपुर पहुंचे लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कांग्रेस और राहुल गांधी-प्रियंका गांधी पर जमकर निशाना साधा। प्रियंका गांधी के महिला पुलिसकर्मियों के साथ कथित धक्कामुक्की के वीडियो का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस एक तरफ ‘स्मैश द पैट्रियार्की’ यानी पितृसत्ता खत्म करने की बात करती है, लेकिन दूसरी तरफ कैमरे पर महिला पुलिसकर्मियों के साथ धक्कामुक्की और कोहनी मारते हुए दिखाई देती हैं। उन्होंने इसे कांग्रेस की कथनी और करनी का फर्क बताया। राकेश सिंह ने कहा कि इसका मतलब यह नहीं है कि किसी नेता या उसके परिवार को विशेषाधिकार हासिल है। पुलिस के जवान जनता की सुरक्षा के लिए हैं। उन पर हमला करना और सरकारी वाहनों व संपत्ति में तोड़फोड़ करना विरोध नहीं, बल्कि अराजकता है। कांग्रेस को बताना होगा कि क्या कानून तोड़ना ही उसकी राजनीति है। ‘संविधान की प्रति लहराना आसान, मर्यादा निभाना कठिन’ राकेश सिंह ने कहा कि बात-बात पर संविधान की प्रति लहराना आसान है, लेकिन उसकी मर्यादा निभाना कठिन है। उन्होंने चुनाव आयोग को लेकर कांग्रेस पर सवाल उठाते हुए कहा कि केरल और तमिलनाडु के चुनाव भी इसी चुनाव आयोग ने कराए हैं। वहां परिणाम कांग्रेस के अनुकूल आए तो चुनाव आयोग सही है और जहां परिणाम अनुकूल नहीं आए, वहां आयोग गलत हो गया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को सुविधा की राजनीति बंद करनी होगी। लंबे समय से पार्टी सत्ता से बाहर है, इसलिए विपक्ष में रहते हुए सवाल पूछना उसका अधिकार है। आंदोलन करना भी उसका अधिकार है, लेकिन लोकतंत्र में इसकी भी एक मर्यादा है। राकेश सिंह ने कहा कि कोई राजपुरुष नहीं है और न ही देश में राजतंत्र है। इसलिए लोकतंत्र की मर्यादाओं का पालन सभी को करना होगा।
इटावा में गुरुवार शाम करीब 5 बजे विशेष न्यायाधीश एंटी डकैती अशोक कुमार दुबे की अदालत ने 9 साल पुराने लूट के मामले में आरोपी को दोषी करार दिया। कोर्ट ने उसे 9 साल के कारावास और 5 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई। जुर्माना नहीं देने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। दवा लेकर लौटते समय हुई थी लूट औरैया के अछल्दा कस्बा स्थित हरी नगर निवासी अरशद ने पुलिस को तहरीर दी थी। उन्होंने बताया था कि 10 मई 2017 को वह पत्नी की दवा लेने आगरा गए थे। बाइक रेलवे स्टेशन के स्टैंड पर खड़ी की थी। दवा लेने के बाद वह बाइक से अछल्दा लौट रहे थे। तमंचे से हमला कर बाइक और रुपए लूटे अरशद के मुताबिक, बकेवर थाना क्षेत्र में हाईवे पर गोमती पंप के पास बाइक सवार तीन लुटेरों ने उन्हें ओवरटेक कर रोक लिया। बाइक रुकते ही एक लुटेरे ने तमंचे से उनकी नाक पर वार किया। इससे वह घायल हो गए। इसके बाद लुटेरे जेब में रखे रुपए और बाइक लूटकर फरार हो गए। लूटी बाइक के साथ आरोपी गिरफ्तार तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लुटेरों की तलाश शुरू की। विवेचना के दौरान पुलिस ने विपिन कुमार उर्फ विवेक यादव पुत्र मुनीश यादव निवासी घनश्यामपुरा, थाना जसवंतनगर को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से लूटी गई बाइक भी बरामद की गई। इसके बाद उसे जेल भेज दिया गया। गवाह और साक्ष्यों के आधार पर दोषी करार विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने लूट और माल बरामदगी से संबंधित धाराओं में आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया। मामले की सुनवाई विशेष एंटी डकैती कोर्ट में हुई। सरकार की ओर से विशेष लोक अभियोजक गौरव दीक्षित ने पैरवी की। कोर्ट में पेश किए गए गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर विशेष न्यायाधीश ने विवेक यादव उर्फ विपिन को दोषी करार दिया। उसे 9 साल के कारावास और 5 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई गई। जुर्माना न देने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
विधानसभा चुनाव नजदीक आने के साथ ही सरकारी कर्मचारी भी आंदोलित होने लगे हैं। वेतन विसंगतियों सहित विभिन्न मांगों को लेकर लेखपाल भी आंदोलन कर रहे हैं। उनके चरणबद्ध आंदोलन से अब जरूरी सेवाएं प्रभावित होने लगी हैं। नौकरी से लेकर छात्रवृत्ति तक, कई कार्यों में उपयोगी जाति, आय प्रमाण पत्र निर्गत नहीं हो रहे हैं। गोरखपुर सदर तहसील में अक्टूबर महीने में अब तक आए आवेदनों में से 98.40 प्रतिशत आवेदन लंबित हैं। लेखपाल धीरे-धीरे अपनी मांगों को लेकर कार्यबहिष्कार का दायरा बढ़ाते जाएंगे। 17 अक्टूबर से ऑफलाइन काम भी बंद कर दिया जाएगा और लेखपालों ने मांगें न माने जाने पर 24 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी है। हालांकि लेखपाल संघ ने निर्णय लिया है कि इलाज के लिए आर्थिक सहायता का आवेदन होगा या फिर मुख्यमंत्री राहत कोष से जुड़े कार्य करते रहेंगे। जिससे जरूरतमंद लोगों के इलाज में किसी प्रकार की बाधा न आने पाए। लेखपाल संघ सदर तहसील के अध्यक्ष अनिल राय ने कहा कि शासन से मांगों को लेकर हम आंदोलन कर रहे हैं। आम लोगों की हम परेशानी नहीं बढ़ाना चाहते। इसी कारण आर्थिक मदद से जुड़े आवेदनों को आंदोलन से बाहर रखा गया है। उन्होंने कहा कि सकारात्मक निर्णय नहीं हुआ तो सभी कार्य बंद करने की मजबूरी होगी। सदर तहसील में 7087 आवेदन लंबित ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के आंकड़ों के अनुसार एक से सात अक्टूबर के बीच सदर तहसील में आय और जाति प्रमाणपत्र के 7202 आवेदन आए। इनमें केवल 115 का निस्तारण हुआ, जबकि 7087 आवेदन लंबित हैं। आय प्रमाणपत्र के 4128 आवेदनों में छह का निस्तारण हुआ और 4122 लंबित हैं। वहीं जाति प्रमाणपत्र के 3074 आवेदनों में 109 का निस्तारण हुआ और 2965 लंबित हैं।जिलाध्यक्ष जगदीश प्रसाद के अनुसार आनलाइन और अतिरिक्त हल्कों के बहिष्कार से जिले की सभी तहसीलों में हजारों आवेदन लंबित हो चुके हैं। प्रमाणपत्रों के लिए ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले लोगों को भी परेशानी हो रही है। अनिल राय ने बताया कि गुरुवार से से आय, जाति, निवास, वरासत, किसान रजिस्ट्री और सत्यापन समेत आनलाइन कार्यों का पूर्ण बहिष्कार शुरू किया गया है। 2800 ग्रेड पे, अंतर्मंडलीय स्थानांतरण, पदोन्नति सूची और भत्तों में वृद्धि की मांगों पर शासनादेश जारी नहीं हुआ तो 17 अक्टूबर से आफलाइन काम भी बंद कर तहसील मुख्यालयों पर धरना दिया जाएगा। 24 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी गई है।
कानपुर के चकेरी के सनिगवां में गुरुवार रात निर्माणाधीन मकान में चोरी करने पहुंचे नाबालिग ई-रिक्शा चालक को लोगों ने रंगेहाथ दबोच लिया। आरोपी ई-रिक्शे से मकान में पहुंचा था और समरसेबल के कई पाइप निकाल चुका था। मौके पर लोहे के कई औजार भी मिले हैं। मकान मालिक की सूचना पर पहुंची पुलिस आरोपी को थाने ले गई। पीड़ित ने रात 9:30 बजे पुलिस से शिकायत की। सनिगवां निवासी शहनवाज खान वेल्डिंग की दुकान चलाते हैं। उनका मकान निर्माणाधीन है। गुरुवार रात 8:30 बजे उन्हें जानकारी मिली कि मकान के अंदर एक युवक चोरी कर रहा है। इस पर वह आसपास के लोगों के साथ मौके पर पहुंचे। मकान के अंदर एक नाबालिग ई-रिक्शा चालक समरसेबल के पाइप निकालता मिला। लोगों को देखते ही उसने भागने का प्रयास किया, लेकिन उसे दबोच लिया गया। मकान मालिक शाहनवाज ने बताया कि, आरोपी ने समरसेबल चोरी करने के लिए कई पाइप पहले ही निकाल लिए थे। इसके अलावा मौके से लोहे के कई औजार भी बरामद हुए हैं। ऐसे में आशंका है कि आरोपी पूरी तैयारी के साथ चोरी करने पहुंचा था। वह पाइप और अन्य सामान ई-रिक्शे में लादकर ले जाने की तैयारी में था, इससे पहले ही लोगों ने उसे पकड़ लिया। शहनवाज का आरोप है कि करीब दो महीने पहले भी उनके निर्माणाधीन मकान से करीब 10 हजार रुपये कीमत का सामान चोरी हो चुका है। गुरुवार को दोबारा चोरी की कोशिश की जानकारी मिलते ही उन्होंने स्थानीय लोगों के साथ मौके पर पहुंचकर आरोपी को पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। सूचना पर पहुंची चकेरी पुलिस आरोपी को थाने ले गई। कार्यवाहक थाना प्रभारी ने बताया कि नाबालिग से पूछताछ की जा रही है। मौके से मिले सामान और अन्य तथ्यों की जांच की जा रही है। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर लगातार तीसरे दिन देशव्यापी विरोध प्रदर्शन किया। राहुल गांधी के नेतृत्व में दिल्ली में राजघाट तक मार्च निकाला गया, वहीं पटना, लखनऊ और बेंगलुरु में भी प्रदर्शन हुए।
मुरादाबाद में लाइनपार रामलीला मैदान में गुरुवार को भव्य रामलीला के चौथे दिन जनकपुर की सैर, मीना बाजार, पुष्प वाटिका में भगवान श्रीराम के दर्शन और माता सीता के गौरी पूजन के प्रसंगों का मंचन किया गया। कलाकारों ने इन धार्मिक प्रसंगों को भावपूर्ण अंदाज में प्रस्तुत कर दर्शकों का मन मोह लिया। मंचन के दौरान पूरा रामलीला मैदान जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। रामलीला मंचन की शुरुआत भगवान श्रीगणेश की आराधना और विशेष पूजन के साथ हुई। इसके बाद कलाकारों ने जनकपुर में मीना बाजार और भगवान श्रीराम व लक्ष्मण के भ्रमण का दृश्य प्रस्तुत किया। कलाकारों की जीवंत अदाकारी ने दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। इसके बाद पुष्प वाटिका का प्रसंग मंचित किया गया। इसमें माता सीता के मां पार्वती के मंदिर में पहुंचकर श्रद्धापूर्वक गौरी पूजन करने का दृश्य दिखाया गया। इसी दौरान बगिया में भगवान श्रीराम और माता सीता का प्रथम मिलन हुआ। इस प्रसंग को कलाकारों ने भावपूर्ण तरीके से प्रस्तुत किया। राम और सीता के प्रथम दर्शन के दृश्य ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। रामलीला देखने के लिए मैदान में बड़ी संख्या में दर्शक और श्रद्धालु पहुंचे। कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल मुस्तैद रहा। पुलिसकर्मियों ने मैदान में व्यवस्था संभाली, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके। इस अवसर पर रामलीला समिति के अध्यक्ष सुरेंद्र अग्रवाल, मंत्री मयंक बंसल, रोहित बंसल, अतुल अग्रवाल, संदीप बंसल, प्रदीप बंसल, रॉबिन अग्रवाल और अंशुल अग्रवाल सहित समिति के पदाधिकारी, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
यूपी में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर सपा ने गुरुवार को आगरा में जोरदार प्रदर्शन किया। लगभग 3 घंटे तक सुभाष पार्क से कलेक्ट्रेट के बीच सपाई पुलिस को छकाते रहे। इस बीच पुलिस और सपाइयों की पुलिस से नोकझोंक भी हुई। वहीं, सपा सांसद रामजीलाल सुमन सहित कई नेताओं को हाउस अरेस्ट कर लिया गया।CEC के इस्तीफे की मांग को लेकर सपाई सुबह लगभग 10.30 बजे सपाई सुभाष पार्क पर एकत्रित हुए। यहां उन्होंने प्रदर्शन किया। इस बीच कुछ सपाइयों की पुलिस से सड़क पर उतरने को लेकर नोकझोंक भी हुई। इस बीच कुछ सपाई मौका पाकर सड़क पर प्रदर्शन करने लगे। पुलिस ने रोकने का प्रयास किया लेकिन वे भाग कलेक्ट्रेट तक पहुंच गए। पहले देखिये प्रदर्शन की 3 तस्वीरें… पुलिस ने हिरासत में लिया प्रदर्शन को उग्र होता हुए देखते हुए सुभाष पार्क और कलेक्ट्रेट पर काफी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात कर दिए गए। प्रदर्शनकारी जब सड़क पर उतरने को लेकर काबू में नहीं आए पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। वाहनों में भरकर उन्हें पुलिस लाइन पहुंचाया गया। देखिये पुलिस हिरासत की 2 तस्वीरें… सपा सांसद को किया हाउस अरेस्ट पुलिस ने सुबह से ही कई सपा नेताओं के घरों पर पुलिस तैनात कर दी थी। सपा सांसद रामजीलाल सुमन को हाउस अरेस्ट कर लिया गया। उन्हें कलेक्ट्रेट पर होने वाले प्रदर्शन में शामिल नहीं होने दिया। हालांकि उनकी भी पुलिस से तीखी नोकझोंक हुई थी।
कोटा के अनंतपुरा थाना पुलिस ने क्रेशर बस्ती में मिले अज्ञात महिला के सड़े-गले शव के मामले का खुलासा करते हुए आरोपी देवा (29) को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी ने अपनी भाभी मति उर्फ निशा की गला दबाकर हत्या की थी। इसके बाद पहचान छिपाने के लिए शव को पानी से भरे एक प्लॉट में डालकर पत्थर से दबा दिया था। 29 सितंबर को क्रेशर बस्ती स्थित पानी से भरे प्लॉट में महिला का अर्धनग्न शव मिला था। पुलिस ने आसपास पूछताछ और मुखबिरों से जानकारी जुटाई। जांच में सामने आया कि घटनास्थल के पास एक मकान में देवा एक महिला के साथ रहता था। घटना के बाद मकान बंद मिला। पुलिस ने कनवास क्षेत्र में जानकारी जुटाई तो मृतका की पहचान मति उर्फ निशा के रूप में हुई। उसके दाहिने हाथ पर तीन स्टार का टैटू बना था, जिसके आधार पर परिजनों ने शव की पहचान की। परिजनों के अनुसार निशा का पति रवि कुमार करीब दो माह पहले मर चुका था। इसके बाद निशा अपने देवर देवा के साथ रहने लगी थी। पुलिस के मुताबिक 26 सितंबर की रात दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ। इसी दौरान देवा ने निशा का गला दबाकर हत्या कर दी। बाद में शव को क्रेशर बस्ती के पानी से भरे प्लॉट में फेंककर पत्थर से दबा दिया और मौके से फरार हो गया। आरोपी की तलाश में तकनीकी साक्ष्य और मुखबिर तंत्र सक्रिय किया गया। 8 अक्टूबर को सूचना मिली कि देवा कनवास के जंगल में छिपा है। पुलिस टीम ने दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी से पूछताछ और मामले में आगे की जांच जारी है।
प्रयागराज में दरोगा की अधिवक्ता पत्नी कंचन शर्मा की मौत के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पुलिस से स्टेटस रिपोर्ट तलब की है। न्यायमूर्ति तरुण सक्सेना की अदालत ने आरोपी पक्ष के लोगों को नोटिस जारी करने का भी निर्देश दिया है। कोर्ट ने पुलिस आयुक्त, प्रयागराज के शपथपत्र के साथ विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट अगली सुनवाई पर दाखिल करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 2 नवंबर को होगी। यह आदेश मृतका के पिता बैजनाथ शर्मा की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया गया है। याचिका में मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से कराने और पुलिस से हटाकर किसी स्वतंत्र एजेंसी, जैसे सीबीआई या सीबीसीआईडी, को सौंपने की मांग की गई है। साथ ही पति की गिरफ्तारी की मांग भी की गई है। 2020 से हाईकोर्ट में कर रही थीं प्रैक्टिस याचिका में कहा गया है कि 30 साल की कंचन 2020 से इलाहाबाद हाईकोर्ट में प्रैक्टिस कर रही थीं। शादी से पहले उन्होंने धूमनगंज थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि कोर्ट और अन्य जगहों पर जाते समय उन्हें आशंका होती थी कि कोई उनका पीछा कर रहा है। इस मामले का विवेचक थाने में तैनात सब इंस्पेक्टर जितेंद्र सिंह को बनाया गया था। विवेचक से शादी, बाद में दहेज उत्पीड़न का आरोपयाचिका में आरोप लगाया गया है कि मामले की विवेचना के दौरान जितेंद्र कंचन के करीब आए और उन्होंने शादी का प्रस्ताव रखा, जिसे कंचन ने स्वीकार कर लिया। दोनों की शादी 26 नवंबर 2025 को कानपुर नगर के मैनावती मार्ग स्थित होटल नारायणा में हिंदू रीति-रिवाज से हुई थी। आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद जितेंद्र ने कंचन को प्रताड़ित करना शुरू कर दिया और अतिरिक्त दहेज की मांग की। वह उसे मारते पीटते भी थे। बैचमेट ने भाई को फोन कर सुसाइड की दी जानकारयाचिका में कहा गया है कि कंचन की मौत की जानकारी उनके भाई को इंस्पेक्टर जितेंद्र सिंह के बैचमेट और आगरा में तैनात सब इंस्पेक्टर प्रशांत कुमार ने फोन करके दी। उसने कंचन के आत्महत्या करने की जानकारी दी और इससे संबंधित प्रमाण भी भेजे। याचिकाकर्ता की ओर से कोर्ट में यह भी दलील दी गई कि मामले में पुलिसकर्मी खुद आरोपी हैं। ऐसे में पुलिस विभाग के स्तर पर हो रही जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी को सौंपने का आदेश दिया जाए। गिरफ्तारी, जांच एजेंसी के अलावा यह भी मांगेंयाचिका में हाईकोर्ट से मुख्य रूप से चार राहत मांगी गई हैं। इनमें केस की जांच पुलिस से हटाकर सीबीआई या सीबीसीआईडी जैसी स्वतंत्र एजेंसी को सौंपना, आरोपी पति को गिरफ्तार करने का निर्देश देना, कंचन शर्मा के 20 सितंबर 2026 को हुए पोस्टमार्टम और इनक्वेस्ट की कॉपी उपलब्ध कराने का निर्देश तथा घटनास्थल को दोबारा रीक्रिएट कराने की मांग शामिल है।कंचन की मौत के बाद 19 सितंबर की रात धूमनगंज के पारसग्रीन अपार्टमेंट स्थित उनके फ्लैट में संदिग्ध हाल में हुई थी। उनका शव फंदे पर लटका मिला था। पुलिस कमिश्नर के शपथपथ के साथ पेश करें स्टेटस रिपोर्टहाईकोर्ट ने याचिका में की गई दलीलों और रिकॉर्ड पर उपलब्ध सामग्री को देखते हुए कहा कि मामले में विचार किए जाने की आवश्यकता है। कोर्ट ने आरोपी पक्ष के लोगों को संबंधित थाने के एसएचओ के माध्यम से नोटिस जारी करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि नोटिस की तामील के लिए एक सप्ताह के भीतर उचित कदम उठाए जाएं। साथ ही राज्य सरकार की ओर से पेश एजीए को पुलिस आयुक्त, प्रयागराज के शपथपत्र के साथ विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट अगली तारीख पर दाखिल करने का निर्देश दिया गया है। 2023 बैच के दरोगा हैं जीतेंद्र सिंहकंचन की मौत में आरोपी पति जितेंद्र सिंह 2023 बैच के दरोगा हैं। 19 सितंबर की रात 11:48 मिनट पर मायकेवालों को सूचना मिली थी जिसमें बताया गया कि उन्होंने सुसाइड कर लिया है। इससे पहले रात आठ बजे के करीब ही कंचन के माता-पिता तीन दिन रहने के बाद कानपुर लौटे थे। लाइन हाजिर किया गया थामायके पक्ष ने शादी के बाद से दहेज के लिए परेशान करने, मारपीट और धमकी देने के आरोप लगाए हैं। उधर आरोपी पति ने पुलिस को बताया था कि घटना के बाद वह दूसरे कमरे में था। रात 11:45 बजे के करीब उसे कंचन के सुसाइड की बात कॉमन फ्रेंड ने दी। इसके बाद उसने दरवाजा तोड़ा तो वह फंदे पर लटकी हुई थी। उसने शव नीचे उतारा, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। दरोगा को घटना के बाद ही लाइन हाजिर कर दिया गया था।
ग्वालियर में शासकीय योजनाओं और राजस्व कार्यों में हीलाहवाली करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ ग्वालियर जिला प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी दंडात्मक कार्रवाई की है। कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान के सख्त निर्देश के बाद जिला प्रशासन के अनुविभागीय अधिकारियों (SDM) ने 19 पटवारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। फार्मर रजिस्ट्री, स्वामित्व e-KYC की धीमी रफ्तार, सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के निराकरण में देरी और न्यायालयीन प्रकरणों में रिपोर्ट पेश न करने को लेकर यह गाज गिरी है। इन 4 बड़ी लापरवाहियों पर गिरी गाज फार्मर रजिस्ट्री व e-KYC में फिसड्डी: जिले में फार्मर रजिस्ट्री और स्वामित्व e-KYC के काम की प्रगति बेहद असंतोषजनक पाई गई। सीएम हेल्पलाइन में शिकायतों का अंबार: आमजन की शिकायतों और सीएम हेल्पलाइन प्रकरणों को लंबे समय से पेंडिंग रखा गया। अदालती काम में विलंब: राजस्व न्यायालयीन प्रकरणों में समय पर रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की जा रही थी।वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना: उच्च अधिकारियों द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन न करना और काम में टालमटोल करना। कलेक्टर की सख्त चेतावनी जनहित और शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं में किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी राजस्व कर्मचारी समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण काम सुनिश्चित करें, वरना आगे भी ऐसी ही सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। विभाग ने जारी की निलंबन सूची संबंधित एसडीएम द्वारा सभी 19 निलंबित पटवारियों की सूची और विस्तृत आदेश जारी कर दिए गए हैं। इस कार्रवाई के बाद से राजस्व अमले में हड़कंप मचा हुआ है।
भारत के 57% जिलों में रेड अलर्ट, अल नीनो से पड़ेगी भीषण गर्मी; 75% आबादी पर मंडराया खतरा
अल नीनो के मजबूत होने से दक्षिण एशिया में भीषण गर्मी का खतरा बढ़ गया है, जिसके चलते भारत समेत चारों देशों ने हीट एक्शन प्लान बनाए हैं।
दिल्ली: शराब में नींद की गोलियां मिलाकर पिलाई, फिर सिर पर रॉड से वार कर जीजा ने की हत्या
दक्षिणी दिल्ली के जैतपुर में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के पास मिले युवक के शव की गुत्थी पुलिस ने 24 घंटे में सुलझा ली है। पारिवारिक विवाद और शराब की आदत से परेशान होकर जीजा ने शराब में नींद की गोलियां मिलाकर और लोहे की रॉड से हमला कर बलबीर सिंह की हत्या की थी।
दो साल की मासूम अनाया की हत्या, पड़ोसन के घर बोरे में बंद मिली लाश; पुलिस फोर्स तैनात
पश्चिम चंपारण (बेतिया) जिले के मझौलिया में दो दिनों से गायब दो साल की मासूम बच्ची अनाया खातून की लाश गुरुवार देर शाम पड़ोस के मकान से मिली। इसके बाद इलाके में तनाव की स्थिति बन गई। मौके पर भारी पुलिस फोर्स तैनात की गई है।
उदयपुर शहर में टेकरी स्थित यूडीए की 30 हजार स्क्वायर फीट खाली जमीन पर आधुनिक फूड कोर्ट विकसित किया जाएगा। इससे उदयपुर बस स्टैंड व स्टेशन पर देर रात आने वाले यात्रियों को सुलभ भोजन मिल सकेगा। साथ ही पुरोहितों का तालाब रोड के बनाने के लिए अगले 15 दिनों में सड़क के दोनों तरफ से कब्जे और अतिक्रमण हटाकर रोड निर्माण का काम शुरू किया जाएगा। यह बात उदयपुर शहर विधायक ताराचंद जैन ने बताई। जैन ने आज उदयपुर विकास प्राधिकरण (यूडीए) अधिकारियों की बैठक लेकर शहर में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों की समीक्षा की। आयुक्त अभिषेक खन्ना के साथ बैठक में कई विषयों पर चर्चा की गई। यूडीए अधिकारियों ने अशोका ग्रीन शोभागपुरा रोड पर यूडीए द्वारा बनाया जा रहा चौराहा के बारे में बताया कि चौराहा का काम करीब पूरा हो गया है। ठोकर चौराहे की विस्तारीकरण पर यूडीए के अधिकारियों ने बताया कि वन विभाग से जमीन अधिग्रहित कर लिया है और चौराहा विस्तारीकरण का काम चल रहा है। यूनिवर्सिटी रोड से शोभागपुरा जाने वाली रोड पर यूडीए द्वारा सीज की गई दुकानों को लेकर यूडीए आयुक्त अभिषेक खन्ना, विधायक ताराचंद जैन और दुकान मालिकों के बीच वार्ता हुई। बैठक में यूडीए अधिकारियों ने दुकानदारों को अतिक्रमण हटाकर नियमन की फाइल लगाने के निर्देश दिए, जिस पर सभी दुकानदारों ने अपनी सहमति दे दी है। रानी रोड पर जाम से मिलेगी राहत, इंद्रलोक में बनेगी पार्किंगइसी तरह यूडीए के अधिकारियों से शहर विधायक ताराचंद जैन कि रानी रोड पर बोटिंग पॉइंट के पास पार्किंग की उचित व्यवस्था न होने से लगने वाले लगने वाले जाम पर चर्चा हुई। यूडीए अधिकारियों ने बताया कि इंद्रलोक गार्डन में पार्किंग चालू करने के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। आगामी दिनों में यहां पार्किंग शुरू कर दी जाएगी, जिससे पर्यटकों और आमजन को जाम से राहत मिलेगी। सुविवि के पास बॉटलनेक समस्या का होगा स्थायी समाधानमोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के पास से न्यू आरटीओ की तरफ जाने वाली 100 फीट सड़क पर एक प्लॉट बॉटलनेक के रूप में आ रहा है। इसको लेकर शहर विधायक ने कहा कि अब इस विषय में कुलगुूरु से चर्चा कर वर्षों पुरानी इस बॉटलनेक समस्या का स्थायी निस्तारण किया जाएगा।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संगठन सह-प्रभारी दीपक बालियान को कठूमर (अलवर) स्थित उनके आवास से पुलिस ने हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई है। CJP ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर दावा किया कि राजस्थान पुलिस बालियान को उनके घर से हिरासत में लेकर पुलिस स्टेशन ले गई। परिजनों के अनुसार, 8 अक्टूबर की रात लगभग 10 बजे दो पुलिस जीपें दीपक बालियान के घर पहुँचीं और उन्हें जबरन अपने साथ ले गईं। परिवार ने पुलिसकर्मियों को बताया कि दीपक के बाएँ पैर में फ्रैक्चर है, इसके बावजूद उन्हें कथित रूप से कॉलर पकड़कर घसीटा गया और जीप में डाल दिया गया। इस दौरान उनकी एक चप्पल भी वहीं छूट गई। परिजनों का यह भी कहना था कि, जब दीपक के छोटे भाई अनिरुद्ध ने पुलिस कार्रवाई का वीडियो बनाना शुरू किया, तो पुलिसकर्मियों ने उनके साथ भी मारपीट की और उन्हें शर्ट से पकड़कर घसीटने का प्रयास किया। दीपक की माँ सुमन देवी ने जब अपने बेटे को ले जाने से रोकने की कोशिश की, तो उन्हें भी एक पुरुष पुलिसकर्मी द्वारा धक्का दिए जाने का आरोप है। परिवार ने खेड़ली थाना क्षेत्र के दीवान पर भी दुर्व्यवहार और धक्का-मुक्की का आरोप लगाया है। परिजनों के अनुसार, स्थानीय पुलिस पहली बार लगभग रात 8 बजे उनके घर पहुँची थी। इस दौरान दीपक ने पुलिस कार्रवाई का Instagram Live किया था। परिवार का आरोप है कि पुलिस बाद में दोबारा आई और उनसे वीडियो हटाने को कहा। वीडियो नहीं हटाए जाने के बाद लगभग 10 बजे पुलिस दो जीपों में पहुँची और दीपक को अपने साथ ले गई। यह भी बताया गया है कि दीपक लगभग 15 दिनों बाद उसी दिन, 8 अक्टूबर की दोपहर में अपने घर लौटे थे और कुछ ही घंटों बाद यह कार्रवाई हुई। 10 अक्टूबर के दिल्ली प्रदर्शन से पहले कार्रवाई दीपक बालियान की हिरासत की खबर ऐसे समय सामने आई है। जब CJP ने 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर बड़ा विरोध प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। पार्टी की ओर से यह प्रदर्शन मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के मुद्दे को लेकर बुलाया गया है। CJP और उसके सहयोगी संगठन SIR को लेकर सवाल उठा रहे हैं और आरोप लगा रहे हैं कि मतदाता सूची में बदलाव से बड़ी संख्या में नागरिकों के मताधिकार पर असर पड़ सकता है। CJP ने कहा- संगठन 10 अक्टूबर का प्रदर्शन निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार करेगा और गिरफ्तारी या हिरासत के लिए भी तैयार है। आशुतोष रांका ने उठाए सवाल बालियान की हिरासत की खबर के बाद CJP नेता आशुतोष रांका ने पुलिस कार्रवाई पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या देश एक बार फिर आपातकाल की ओर बढ़ रहा है। पार्टी की ओर से दावा किया गया कि कार्रवाई के विरोध में किसान और कार्यकर्ता ट्रैक्टरों के साथ पुलिस स्टेशन की ओर बढ़ रहे हैं। बालियान ने बनाया वीडियो आशुतोष रांका ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर कहा- हमारे को-इंचार्ज दीपक बालियान के घर पर पुलिस भेज रखी है। इन्हें आप लाइव देखिए। वीडियो में उन्होंने बताया- बालियान के अलवर कठूमर स्थित आवास पर पुलिस आई हुई है। जहां पुलिसकर्मी उन्हें कह रहे हैं कि आप कठूमर थाने चलिए, साहब ने बुलाया है। आशुतोष रांका ने वीडियो कॉल पर दीपक बालियान को पुलिस के चेहरे दिखाने के लिए कहा। इस पर वीडियो कॉल पर दीपक बालियान ने बताया- इनका कहना है कि साहब ने बुलाया है। वीडियो में राजस्थान पुलिस के सिपाही पुलिस की पीसीआर में बैठे नजर आ रहे हैं। दीपक बालियान इस दौरान पुलिस वालों से इंचार्ज से बात करने की बात कहते नजर आ रहे हैं। आशुतोष रांका कहते हैं कि देश की जनता को इनको देखने दो। इस दौरान दीपक बालियान कहते नजर आते हैं कि देश की जनता को यह देखने दो कि आम जनता को आप इतनी रात को कैसे परेशान करते हो। इस दौरान आशुतोष रांका दीपक बालियान को कहते हैं कि उनकी नेम प्लेट पढ़ाओ। दीपक बालियान सिपाही का परिचय करते हैं कि यह पप्पू खान हैं। आशुतोष राय का सिपाही से बातचीत करते हुए कहते हैं कि पप्पू जी बताएं कि आप में आप किस आधार पर बात करने आए हैं। देश की जनता भी अभी ऑनलाइन देख रही आपकी करतूतें है। इस बीच सिपाही कहता है कि आपको कुछ गलत तो बोल ही नहीं। इस बीच दीपक बालियान कहते हैं कि आपको नहीं पता तो आप यहां से निकलो। इस दौरान सिपाही चाय का जिक्र करता है तो दीपक बालियान कहते हैं कि कोई चाय-वाय नहीं है। चाय पानी पीनी है तो दिन में आना। फिर कहते हैं आराम से निकलें, अबकी बार आओ तो साहब को साथ लेकर आना। साथी पूछना कि क्या कारण है। आशुतोष रांका कहते हैं कि गिरफ्तार करके दिखाओ। फिर देखना थाने पर क्या होता है। इसके बाद पुलिस के जवान गाड़ी में बैठकर रवाना हो जाते हैं। पीपुल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज PUCL राजस्थान इस पूरे मामले में निम्न मांगें की है। PUCL राजस्थान ने बयान जारी कर कहा है कि किसी भी नागरिक को केवल उसकी अभिव्यक्ति, चाहे, धरने पर जाने मंशा हो या वीडियो रिकॉर्ड करने या पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाने के कारण मनमाने ढंग से हिरासत में नहीं लिया जा सकता। किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी अथवा हिरासत यदि की गई है, तो वह कानून द्वारा निर्धारित प्रक्रिया, पारदर्शिता और संवैधानिक अधिकारों के अनुरूप होनी चाहिए। PUCL राजस्थान ने मांग की है कि राजस्थान पुलिस और जिला प्रशासन इस मामले में तत्काल स्पष्टीकरण दें और दीपक बालियान की सुरक्षा, स्वास्थ्य तथा उनके सभी कानूनी अधिकार सुनिश्चित करें। CJP में अहम जिम्मेदारी संभालते हैं बालियान दीपक बालियान CJP के संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभालते हैं। अगस्त 2026 में पार्टी ने उन्हें राष्ट्रीय संगठन सह-प्रभारी और नॉर्थ जोन प्रभारी नियुक्त किया था। इससे पहले वह राजस्थान में पार्टी के आंदोलनों में सक्रिय भूमिका निभा चुके हैं। दिल्ली प्रदर्शन को लेकर तनाव CJP ने 10 अक्टूबर के प्रदर्शन को लेकर दिल्ली में विरोध का आह्वान किया है। पार्टी ने कहा- उसका आंदोलन SIR और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर है। वहीं प्रदर्शन से ठीक पहले राजस्थान में दीपक बालियान को हिरासत में लिए जाने के दावे के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं और पुलिस प्रशासन के बीच तनाव बढ़ने की स्थिति सामने आई है। फिलहाल बालियान की हिरासत को लेकर पार्टी और पुलिस के दावों में अंतर है। मामले में पुलिस की ओर से हिरासत के कारणों और आगे की कार्रवाई को लेकर विस्तृत जानकारी का इंतजार है।
यूपीसीडा के तीन अधिकारियों के खिलाफ विजिलेंस ने एफआईआर दर्ज की है। तीनों पर आरोप है कि वर्ष 2008-09 में सामान्य एवं बैकलॉग भर्ती में अनियमितता बरती गई। सालों चली जांच के बाद विजिलेंस की कार्रवाई से महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। एसपी विजिलेंस वैभव पांडे ने बताया कि जांच में अधिकारियों पर लगे आरोप सही पाए गए थे। वर्तमान में आरोपी अधिकारी कहां तैनात है या सेवानिवृत्त हो चुके हैं। फिलहाल इसकी जानकारी नहीं है। पदों पर अनियमितता बरतते हुए भर्ती की करीब 18 वर्ष पूर्व यूपीसीडा में की गई भर्ती पर कई सवाल उठे थे। इस पर शासन ने विजिलेंस को मामले की जांच सौंपी थी। सालों चली जांच के बाद अब तत्कालीन अधीक्षण अभियंता-प्रबंधक (कार्मिक) ओएसडी अजीत सिंह, तपेंद्र प्रसाद तत्कालीन संयुक्त प्रबंधक निदेशक और सुधीर कनौजिया सहायक प्रबंधक (कार्मिक) के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। एसपी ने बताया कि तीनों पर आरोप है कि मान चित्रकार, आशुलिपिक (टंकण), उप प्रबंधक (लेखा), उप प्रबंधक (सामान्य) व सहायक प्रबंधक (लेखा) के पदों पर अनियमितता बरतते हुए भर्ती की है। भर्ती में फर्जी व कूटरचित प्रपत्रों का इस्तेमाल निजी लाभ के लिए किया गया है। जांच में सभी आरोप सही पाए जाने पर शासन के निर्देश पर एफआईआर दर्ज की है। एसपी ने बताया कि कोई इस तरह की अनियमितता की शिकायत हेल्पलाइन नंबर 9454401866 पर की जा सकती है।
अखिलेश की चुनौती पर भाजपा नेता डॉ.रजनी सिंह का पलटवार:पूर्व मंत्री पवन पांडेय को दी खुली चुनौती
अयोध्या में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के अयोध्या दौरे के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर दिए गए बयान के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। मिल्कीपुर विधानसभा क्षेत्र के बहबरमऊ गांव निवासी भाजपा नेता डॉ. रजनी सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में वह अखिलेश यादव की चुनौती का जवाब देते हुए अयोध्या विधानसभा क्षेत्र से सपा नेता एवं पूर्व मंत्री पवन पांडेय को चुनाव में हराने की बात कहते नजर आ रहे हैं। डॉ. रजनी सिंह ने वीडियो में कहा कि अखिलेश यादव ने जनसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती दी है। उन्होंने कहा कि वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सबसे निचले पायदान के अंतिम सिपाही के तौर पर अखिलेश यादव को खुली चुनौती दे रहे हैं। उन्होंने कहा, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी मुझे आदेश दें तो आपके पवन पांडेय की अयोध्या विधानसभा से जमानत जब्त करवाकर भेजूंगा। उन्होंने इसे अखिलेश यादव और सपा के लिए खुला चैलेंज बताया। डॉ. रजनी सिंह ने कहा कि पवन पांडेय से उनकी कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं है। लेकिन जिस तरह से पवन पांडेय ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ललकारने और चुनौती देने की बात कही है, ऐसे में भाजपा कार्यकर्ता होने के नाते चुनौती का सामना करना उनका पहला कर्तव्य है। वीडियो सामने आने के बाद अयोध्या की सियासत में बयानबाजी को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
राजस्थान में जोजरी-बांडी-लूणी नदी के प्रदूषण और संरक्षण से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार और संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं। सुप्रीम कोर्ट जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने कहा- नदी तंत्र को प्रभावित करने वाली समस्याएं केवल व्यक्तिगत औद्योगिक इकाइयों के उल्लंघन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनके पीछे अपर्याप्त उपचार क्षमता, अवैध औद्योगिक गतिविधियां, भूमि उपयोग में अनियमितताएं और प्रभावी निगरानी की कमी जैसी व्यापक समस्याएं हैं। सुप्रीम कोर्ट ने नदी के पास बने इंडस्ट्री एरिया को भी किसी और जगह ट्रांसफर करने के लिए आकलन करने को कहा। इतना ही नहीं रेजिडेंशियल और एग्रीकल्चर जमीन पर संचालित होने वाली अवैध इंडस्ट्री यूनिट के पूरे नेटवर्क की जांच करने के लिए भी कहा है। सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि जिन अवैध या अनधिकृत डिस्चार्ज पॉइंट, बाइपास व्यवस्था, मैनहोल, चैंबर, पाइपलाइन और नालियों की पहचान कर उन्हें हटाने की अनुमति दी जा चुकी है। उन्हें बिना देरी सील, इंटरसेप्ट या हटाया जाए। इसके लिए व्यापक सर्वे पूरा होने का इंतजार नहीं किया जाएगा। संबंधित अधिकारियों को मौके पर कार्रवाई का भौतिक सत्यापन कर प्रत्येक 15 दिन में कार्रवाई रिपोर्ट समिति के सामने पेश करनी होगी। मामले की अगली सुनवाई 26 अक्टूबर को होगी।
अयोध्या में 3 दोषियों को 10-10 साल की सजा:कोर्ट ने 60-60 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया
अयोध्या के कुमारगंज थाना क्षेत्र में जानलेवा हमले के 12 साल पुराने मामले में कोर्ट ने तीन आरोपियों को दोषी करार दिया है। अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट न्यायालय संख्या-7 ने गुरुवार को तीनों को 10-10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने तीनों पर 60-60 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। मामला वर्ष 2014 का है। पुलिस के अनुसार, गीता के पति के साथ गाली-गलौज करने और जान से मारने की नीयत से कट्टे से फायर करने का आरोप था। मामले में कुमारगंज थाने में धारा 307 और 504 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचना पूरी करने के बाद पुलिस ने आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया। तीन आरोपियों को दोषी करार आठ अक्टूबर को कोर्ट ने उपलब्ध साक्ष्यों और अभियोजन पक्ष की प्रभावी पैरवी के आधार पर देवराज पासी पुत्र रामहरख, दुर्गा बक्श पुत्र नरपति सिंह और अमरजीत सिंह पुत्र रामदेव सिंह, निवासी गोयड़ी, थाना कुमारगंज को धारा 307 और 504 में दोषी करार दिया। कोर्ट ने तीनों को 10-10 वर्ष के कठोर कारावास और 60-60 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया। अभियोजन की ओर से अधिवक्ता श्रीधर मिश्रा ने पैरवी की। पुलिस के मुताबिक गुणवत्तापूर्ण विवेचना और प्रभावी पैरवी के चलते मामले में दोषियों को सजा दिलाने में सफलता मिली। विवेचक उपनिरीक्षक रमाकांत प्रसाद, पैरोकार कांस्टेबल विकास यादव, महिला कांस्टेबल सादिया फारुकी, कोर्ट मोहर्रिर, मॉनीटरिंग सेल और अन्य पुलिसकर्मियों का भी मामले की पैरवी में योगदान रहा।
एक करोड़ की 2 बीघा जमीन को लेकर हमला:युवक के सिर-हाथ और पैर में चोट; 8 के खिलाफ केस
संभल में सड़क किनारे करीब एक करोड़ रुपए की दो बीघा जमीन को लेकर चल रहे विवाद में ग्रामीण के साथ मारपीट की गई। उसके सिर, हाथ और पैर में चोट लगी है। घटना के बाद वह बेहोश हो गया था। करीब 24 घंटे बाद होश आने पर उसने पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने गुरुवार दोपहर 12:54 बजे आठ लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की। धान बेचकर लौटते समय होटल पर रुके थे घटना बहजोई थाना क्षेत्र के पाठकपुर गांव में बबराला रोड स्थित एक होटल के पास की है। गांव भागनगर निवासी विनोद पुत्र पंचम सिंह ने पुलिस को बताया कि वह 6 अक्टूबर की रात करीब 8:30 बजे अपने दोस्त कुवेर पुत्र मोहर सिंह के साथ मंडी समिति बहजोई से धान बेचकर लौट रहा था। उनके पास 95 हजार रुपए थे। भूख लगने पर दोनों होटल में खाना खाने के लिए रुक गए। दूसरे कमरे में बैठे युवक ने साथियों को बुलाया विनोद के मुताबिक, होटल के दूसरे कमरे में वीरेश पुत्र तारा सिंह भी खाना खा रहा था। आरोप है कि वीरेश ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। इसके बाद फोन कर अपने साथियों को भी बुला लिया। आरोप है कि साथ आए लोगों ने भी दोनों के साथ मारपीट की। 24 घंटे बाद आया होश, जिला अस्पताल में चल रहा इलाज मारपीट में विनोद गंभीर रूप से घायल हो गया। उसका दोस्त कुवेर भी घायल हुआ। दोनों को बहजोई के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां से विनोद को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। विनोद के मुताबिक, दो दिन से उसका इलाज चल रहा है और करीब 24 घंटे बाद उसे होश आया। एक करोड़ की जमीन को लेकर चल रहा विवाद विनोद का आरोप है कि सड़क किनारे उसकी दो बीघा जमीन है। इसकी कीमत करीब एक करोड़ रुपए है। आरोपियों की नजर उसकी जमीन पर है और वे जमीन हथियाना चाहते हैं। इसी को लेकर काफी समय से विवाद चल रहा है। इन लोगों पर दर्ज हुई रिपोर्ट थाना प्रभारी राजीव कुमार मलिक ने गुरुवार शाम 7:30 बजे बताया कि विनोद, वीरेश, राजकुमार पुत्र ताराचंद्र, अंकित व अमित पुत्र विनोद, रामसेवक पुत्र वदन सिंह, अखलेश पुत्र रामसेवक और हरवेश पुत्र नरेश निवासी भागनगर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
गोरखपुर में गुरुवार रात करीब 10 बजे एक फर्नीचर की दुकान में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते ऊंची लपटों ने पास की दो और दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और आसपास के लोगों ने भागकर अपनी जान बचाई। आग इतनी भयानक थी कि दूर-दूर से धुआं और लपटें साफ नजर आ रही थीं। स्थानीय लोगों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस और फायर ब्रिगेड को दी। मौके पर पहुंची टीम ने करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह से काबू पाया। मामला कोतवाली क्षेत्र के नक्खास चौराहे का है। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई भी व्यक्ति घायल नहीं हुआ। समय रहते सभी सुरक्षित बाहर निकल आए। फिलहाल फायर ब्रिगेड की टीम आग लगने की असली वजह तलाशने में जुटी है। इसके साथ ही पीड़ित दुकानदारों का कितना नुकसान हुआ है। इसका भी आकलन किया जा रहा है।
आगरा में सिलेंडर ब्लास्ट से मकान की छत उड़ी:खाना बनाते समय गैस लीक हुई; मां को बचाने में बेटा भी जला
आगरा में खाना बनाते समय गैस सिलेंडर में आग लग गई। लोगों ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन इसी दौरान सिलेंडर में ब्लास्ट हो गया। धमाका इतना तेज था कि मकान की छत उड़ गई। हादसे में दो महिलाएं आग में फंस गईं। एक महिला को बचाने के प्रयास में उसका बेटा भी झुलस गया। हादसा रात करीब 9 बजे हुआ। सूचना पर पहुंची फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पाया। हादसे में दो महिलाओं समेत एक युवक घायल हो गया। सभी घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना थाना लोहामंडी क्षेत्र के नगला गंगाराम की है। 3 तस्वीरें देखिए… अब पढ़िए पूरा मामला गंगाराम नगर में सोनू का मकान है। इसमें किराएदार बबलू अपने तीन भाइयों और परिवार के साथ रहता है। पुलिस के मुताबिक, गुरुवार रात करीब 9 बजे बबलू की पत्नी मंजू खाना बना रही थी। इसी दौरान गैस की पाइप लीक हो गई और रेग्युलेटर से तेजी से गैस निकलने लगी। पास में मकान मालिक की पत्नी रेनू भी खाना बना रही थी। वहीं बबलू की मां मिथलेश (75) भी बैठी थीं। रेनू के चूल्हे की आग से गैस सिलेंडर में आग लग गई। कुछ ही देर में कमरे में आग फैल गई और मिथलेश व रेनू आग की लपटों में फंस गईं। तभी मिथलेश का छोटा बेटा बबलू वहां पहुंचा। वह आग के बीच कमरे में घुसा और सबसे पहले अपनी मां मिथलेश को बाहर निकाला। इसके बाद वह रेनू को बचाने के लिए अंदर गया। रेनू की साड़ी में आग लगी हुई थी। बबलू ने उसे भी बाहर निकाल लिया। मां को बचाने में बबलू भी झुलसा मां और रेनू को बचाने के दौरान बबलू भी झुलस गया। शोर सुनकर पहुंचे पड़ोसियों ने आग बुझाने की कोशिश की। इसी दौरान तेज धमाके के साथ सिलेंडर फट गया। इसके बाद लोगों ने पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। दमकल कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाई। आग में घर का सामान भी जल गया। बबलू के बड़े भाई संजू ने बताया कि वह गुरुवार सुबह ही सिलेंडर भरवाकर लाया था। सिलेंडर घर पर रखकर काम पर चला गया। रात करीब 9 बजे बबलू ने फोन कर घर में आग लगने और मां के झुलसने की जानकारी दी। संजू ने बताया कि जब हम घर पहुंचे तो सब कुछ जल चुका था। मां को एसएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। वह करीब 90 फीसदी झुलस गई हैं। -------------------- यह खबर भी पढ़ें… ब्यूटीशियन पत्नी ने प्रेमी संग पति को मारा:हार्ट अटैक बताकर दफनाया; मेरठ में 10 दिन बाद कब्र से निकाला शव मेरठ में ब्यूटीशियन पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या कर दी थी। इसके बाद परिवार को फोन कर उसकी मौत हार्ट अटैक से होने की बात बताई। परिवार ने सामान्य मौत मानकर शव दफना दिया था। लेकिन 5 अक्टूबर को मृतक का मोबाइल मिलने के बाद परिजन को पत्नी पर शक हुआ। परिजनों ने सख्ती से पूछताछ की तो पत्नी ने हत्या की बात कबूल कर ली। पढ़ें पूरी खबर…
शहडोल एसपी डॉ. संजय कुमार अग्रवाल ने अलग-अलग मामलों में सोहागपुर के एएसआई जवाहरलाल राय और बुढ़ार थाने के प्रधान आरक्षक चेतराम कौशिक को निलंबित किया है। दोनों को ब्यौहारी थाने से संबद्ध किया गया है। दोनों मामलों की जांच डीएसपी स्तर के अधिकारियों को सौंपी गई है। हाईवे पर रुपए लेने का वीडियो सामने आया एएसआई जवाहरलाल राय के खिलाफ वायरल वीडियो के आधार पर कार्रवाई की गई है। वीडियो में वे हाईवे पर एक पिकअप वाहन को रोककर चालक से कथित तौर पर रुपये लेते दिखाई दे रहे हैं। मामले की जांच शुरू कर दी गई है। वारंटी की तलाश में लापरवाही का आरोप प्रधान आरक्षक चेतराम कौशिक पर वारंटी की तलाश में लापरवाही का आरोप है। बताया गया कि उन्होंने थाना प्रभारी को बताए बिना रवानगी दर्ज कराई, लेकिन वारंटी की तलाश नहीं की। इस मामले में रिपोर्ट भी दर्ज नहीं की गई। महिला के साथ वीडियो भी हुआ था वायरल चेतराम कौशिक से जुड़ा एक अन्य वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसमें वे एक महिला के साथ रेस्टोरेंट में बैठे दिखाई दे रहे हैं। इसी दौरान महिला का पति वहां पहुंचता है और वीडियो बनाते हुए कई आरोप लगाता है। इसके बाद उसने वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है। डीएसपी स्तर के अधिकारियों को जांच दोनों मामलों की जांच डीएसपी स्तर के अधिकारियों को सौंपी गई है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बालाघाट पुलिस ने सराफा कारोबारियों से लूट के दो मामलों में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से 70 ग्राम सोना और करीब 2.8 किलो चांदी बरामद की है। दोनों वारदात 28 जून को कपिल आसटकर और 5 अगस्त को गेंदलाल करंडे के साथ हुई थीं। पुलिस के मुताबिक, वारदात की रैकी करने वाले चिरंजीवी उर्फ शुभम यादव की 15 सितंबर को सड़क हादसे में मौत हो चुकी है। छत्तीसगढ़ और ओडिशा से तीन आरोपी गिरफ्तार गिरफ्तार आरोपियों में छत्तीसगढ़ के महासमुंद निवासी रोशन ध्रुव और सचिन ध्रुव तथा ओडिशा के जाजपुर निवासी नरसिम्हा उर्फ पुतरो प्रधान शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, दोनों घटनाओं को दूसरे राज्यों से जुड़ी ऐरागोल्ला गैंग ने अंजाम दिया था। 14 टीमों ने 21 जिलों में की जांच पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा ने बताया कि जांच के लिए 14 टीमें बनाई गई थीं। टीमों ने 65 दिनों तक 21 जिलों में करीब 22 हजार 270 किलोमीटर का सफर किया। इस दौरान 190 लोगों और 6 जेलों में बंद आरोपियों से पूछताछ की गई। 250 से 300 कैमरों की फुटेज खंगाली पुलिस ने करीब 250 से 300 सीसीटीवी कैमरों की जांच की। इसके साथ 6 लाख 24 हजार 588 टेलीफोन रिकॉर्ड भी खंगाले गए। पुलिस के 76 जवानों ने 149 दिनों तक जांच में काम किया। टीम में 9 निरीक्षक, 6 उपनिरीक्षक, 2 एएसआई, 9 प्रधान आरक्षक और करीब 50 आरक्षक शामिल थे। बिना नंबर प्लेट की स्पोर्ट्स बाइक से वारदात पुलिस के मुताबिक, आरोपी हेलमेट पहनकर स्पोर्ट्स बाइक से वारदात करते थे। बाइक पर नंबर प्लेट नहीं लगाते थे और घटना के बाद बाइक और कपड़े बदल लेते थे। आरोपी व्यक्तिगत या नियमित हैंडसेट का इस्तेमाल नहीं करते थे, बल्कि इंटरनेट कॉलिंग से संपर्क करते थे। दूरस्थ इलाके में करते थे माल का बंटवारा पुलिस के अनुसार, आरोपी वारदात के बाद दूरस्थ और सुरक्षित इलाकों में पहुंचकर लूटे गए माल का बंटवारा करते थे। पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए आरोपी महिलाओं को आगे कर बाधा पैदा करते थे। पुलिस टीम को आंध्र प्रदेश और ओडिशा में ऐसी स्थिति का सामना करना पड़ा। रैकी के बाद आरोपियों को दी थी जानकारी पुलिस के मुताबिक, दोनों घटनाओं में चिरंजीवी उर्फ शुभम यादव ने रैकी की थी। उसने सराफा कारोबारियों की भौगोलिक स्थिति और स्थानीय गतिविधियों की जानकारी जुटाकर आरोपियों से साझा की थी। इसके बाद वारदात को अंजाम दिया गया। चिरंजीवी की 15 सितंबर को सड़क हादसे में मौत हो गई थी और उसे भी मामले में आरोपी बनाया गया है।
राजस्थान हाईकोर्ट ने जोधपुर नगर निगम उत्तर के पुराने वार्ड 51 और 57 में बने दो सामुदायिक भवनों को निजी संस्थाओं को सौंपने का 23 अगस्त 2022 का आदेश रद्द कर दिया है। जस्टिस विनीत कुमार माथुर व जस्टिस चंद्रशेखर शर्मा की खंडपीठ ने यह फैसला सुनाया। कोर्ट ने निर्देश दिया कि इन भवनों का रखरखाव और प्रबंधन नगर निगम खुद करेगा। सभी फैसले राजस्थान नगरपालिका अधिनियम-2009 और संबंधित नियमों के अनुसार लिए जाएंगे। हिरेंद्र सिंह चौहान की याचिका पर यह आदेश आया। उन्होंने 23 अगस्त 2022 के आदेश को चुनौती दी थी, क्योंकि निगम के सामुदायिक भवनों को निजी संस्थाओं को सौंपने का कोई कानूनी नियम नहीं है। सुनवाई में निगम ने जवाब दिया कि सामुदायिक भवन किसी निजी संस्था को नहीं दिए जाएंगे। रखरखाव निगम स्वयं करेगा। सभी निर्णय कानून के तहत होंगे। कोर्ट ने निगम का यह रुख स्वीकार किया। याचिकाकर्ता ने सार्वजनिक भवनों के सर्वे, अतिक्रमण हटाने और समान उपयोग सुनिश्चित करने जैसी अन्य मांगों को अभी नहीं उठाया। कोर्ट ने उन्हें भविष्य में इन मुद्दों को उठाने की अनुमति दी।
त्योहारों के दौरान शहर में बढ़ने वाली भीड़ और आवाजाही को देखते हुए नगर निगम ने व्यवस्थाएं दुरुस्त करने की तैयारी शुरू कर दी है। गुरुवार को निगम मुख्यालय में महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने टीएल बैठक में विकास कार्यों के साथ पानी, सड़क, ड्रेनेज, पार्किंग, रोशनी, अतिक्रमण और आगामी नवरात्रि-दीपावली की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को त्योहारों से पहले जरूरी काम हर हाल में पूरा करने और सभी कार्यों की लगातार मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। फूटी कोठी ब्रिज की सर्विस रोड से हटेगा अतिक्रमण फूटी कोठी ब्रिज की सर्विस रोड पर दुकानों के कारण यातायात प्रभावित होने और दुर्घटना की आशंका को देखते हुए अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए। प्रमुख सड़कों पर त्योहारों से पहले डामरीकरण और जरूरी मरम्मत कार्य भी पूरे करने को कहा गया। 30 हजार घरों में लगी डिजिटल एड्रेस प्लेट शहर में अब तक 30 हजार घरों पर डिजिटल एड्रेस प्लेट लगाई जा चुकी हैं। शेष घरों में भी प्लेट लगाने का काम तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए गए। बैठक में नए सीएनजी प्लांट के लिए जमीन की तलाश कर जल्द लोकेशन तय करने को भी कहा गया। 25 में से 12 स्मार्ट टॉयलेट का काम शुरू शहर में प्रस्तावित 25 स्मार्ट टॉयलेट में से 12 का काम शुरू हो चुका है। बाकी टॉयलेट का काम भी जल्द शुरू कर तय समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए गए। गरबा पंडालों में चलेगा पानी बचाने का संदेश नवरात्रि के दौरान गरबा पंडालों और प्रमुख आयोजन स्थलों पर जल संरक्षण को लेकर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। वहीं, गर्मी से पहले वॉटर एटीएम और प्याऊ की तैयारी शुरू करने, पानी की गुणवत्ता पर ध्यान देने और नए पानी के टैंकरों की खरीदी की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए। ड्रेनेज के बाद सड़क का होगा रेस्टोरेशन अमृत योजना के तहत ड्रेनेज लाइन बिछाने का काम पूरा होने के बाद सड़कों और अन्य स्थानों को पूर्व स्थिति में लाने के निर्देश दिए गए। त्योहारों से पहले प्रमुख सड़कों की मरम्मत और बड़े पंडालों के आसपास जरूरी काम भी पूरे किए जाएंगे। दीपावली से पहले प्रमुख पोलों पर लगेंगी लाइटें दीपावली से पहले शहर के प्रमुख पोलों पर लाइट लगाने और शहर की रोशनी व्यवस्था बेहतर करने के निर्देश दिए गए। नई निगम बिल्डिंग के निर्माण की टाइमलाइन तय कर नियमित मॉनिटरिंग करने को कहा गया। पार्किंग व्यवस्था पर भी फोकस नई पार्किंग व्यवस्था और नए पार्किंग टेंडर के तहत महाराजा कॉम्प्लेक्स और सरवटे बस स्टैंड से जुड़े कामों की समीक्षा की गई। बैठक में सरदार पटेल और अटल प्रतिमा से जुड़े कार्यों की प्रगति की भी जानकारी ली गई। जोन 13 और 22 के काम जल्द पूरे होंगे मानव वाटिका सहित जोन 13 और 22 में चल रहे कार्यों को पूरा करने के निर्देश दिए गए। योग सेट के बाकी शेड का निर्माण भी जल्द पूरा करने को कहा गया।
अयोध्या में गुरुवार को पौराणिक रामलीला का विधिवत शुभारंभ हुआ। भगवदाचार्य स्मारक सदन में शंखनाद और मंगलाचरण के बीच रामलीला के पहले दिन का मंचन शुरू हुआ। भगवान श्रीराम की लीला देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। संत श्रीतुलसीदास रामलीला समिति के अध्यक्ष बिंदुगाद्याचार्य महंत देवेंद्रप्रसादाचार्य महाराज, कार्यकारी अध्यक्ष रसिक पीठाधीश्वर श्रीमहंत जनमेजय शरण महाराज, श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के ट्रस्टी महंत दिनेंद्र दास और महामंत्री स्वामी संजय दास ने रामलीला का शुभारंभ किया। इस दौरान बड़ा भक्तमाल पीठाधीश्वर श्रीमहंत अवधेश कुमार दास, प्राचार्य महंत डॉ. महेश दास, नागा राम लखन दास और श्रृंगी ऋषि पीठाधीश्वर महंत हेमंत दास समेत बड़ी संख्या में साधु-संत मौजूद रहे। महंत देवेशाचार्य, महंत मुकेश दास, महंत उपेंद्र दास, महंत शशिकांत दास, महंत मनीष दास, महंत धनुषधारी शुक्ला, तीर्थ पुरोहित अध्यक्ष राजेश पांडेय, रघुपति पांडेय, राजीव रंजन पांडेय, अंबिका दास, विराट दास, घनश्याम दास, तन्मय दास, पृथ्वी दास, शशि दास, प्रह्लाद सिंह और समिति के सचिव शिवम श्रीवास्तव समेत अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे। रामलीला के मंचन के साथ भगवदाचार्य स्मारक सदन में धर्म, संस्कृति और लोक परंपरा का रंग दिखाई दिया। रामकथा के पात्रों के मंच पर आते ही श्रद्धालु भक्ति में डूबे नजर आए।
बड़वानी पुलिस ने गुरुवार रात होटल जलसा रिसोर्ट में सर्व समाज विचार संगोष्ठी आयोजित की। आगामी त्योहारों, धार्मिक जुलूसों और सामाजिक रैलियों को शांतिपूर्ण तरीके से कराने को लेकर हुई बैठक में करीब 400 लोग शामिल हुए। चर्चा के बाद शादी, त्योहार और रैलियों में डीजे के शोर पर नियंत्रण रखने और कोर्ट के निर्देशों का पालन करने पर सर्वसम्मति बनी। सभी धर्मों के प्रतिनिधि हुए शामिल एसपी पदम विलोचन शुक्ल की पहल पर हुई संगोष्ठी में जनप्रतिनिधियों, सभी धर्मों के गुरु और सामाजिक प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। सांसद गजेंद्र पटेल, विधायक राजन मंडलोई, पूर्व गृह मंत्री बाला बच्चन, पूर्व मंत्री प्रेमसिंग पटेल समेत पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहे। सामाजिक जिम्मेदारी से नियम पालन की अपील एसपी पदम विलोचन शुक्ल ने कहा कि नियमों का पालन केवल कानून के डर से नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी के तहत होना चाहिए। उन्होंने त्योहारों और सामाजिक आयोजनों में शांतिपूर्ण व्यवस्था बनाए रखने पर जोर दिया। समाजों ने ध्वनि नियंत्रण पर दिए सुझाव सिख समाज के देवेंद्र पाल सिंह भाटिया और जैन समाज के जितेंद्र जैन ने ध्वनि नियंत्रण को लेकर सुझाव दिए। मुस्लिम समाज के नूरुलजमा शेख ने शांतिपूर्ण जुलूस निकालने का भरोसा दिया। डीजे संचालकों का डाटा तैयार कर रही पुलिस आगामी दुर्गा पूजा, नवरात्रि और दशहरा को देखते हुए पुलिस और जिला प्रशासन जनप्रतिनिधियों, पूजा समितियों, डीजे संचालकों और सामाजिक संगठनों के साथ बैठकें कर रहे हैं। पुलिस सभी डीजे संचालकों और उनके वाहनों का थानावार और बीटवार विवरण तैयार कर रही है, ताकि उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जा सके।
लघु उद्योग भारती बिहार की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक पटना स्थित कार्यालय में आयोजित हुई। बैठक में संगठन के राष्ट्रीय संगठन मंत्री प्रकाश चंद ने शिरकत की और बिहार के विभिन्न क्षेत्रों से आए कार्यकर्ताओं और सदस्यों का मार्गदर्शन किया। इस दौरान उद्योग जगत से जुड़ी समस्याओं, कठिनाइयों और सुझावों पर चर्चा की गई। विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों को केंद्रीय स्तर पर समाधान एवं निष्पादन के लिए संज्ञान में लिया गया। उद्योगों से जुड़े कई मुद्दों पर हुई चर्चा बैठक को संबोधित करते हुए लघु उद्योग भारती बिहार प्रदेश के अध्यक्ष श्याम सुन्दर भीमसरिया ने संगठन की हाल की उपलब्धियों और बिहार के औद्योगिक वातावरण में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बिहार में उद्योगों के लिए बेहतर और उद्यमी-अनुकूल वातावरण बनाने की दिशा में लघु उद्योग भारती लगातार सक्रिय भूमिका निभा रही है। संगठन की ओर से Land Allotment Policy में सुधार, Leasehold से Freehold की दिशा में पहल, MSME Act, Maintenance Charge की समाप्ति, Exit Policy और Cancelled Industrial Units के मामलों में Amnesty Scheme जैसे मुद्दे लगातार सरकार के सामने उठाए जा रहे हैं। सरकार और उद्यमियों के बीच सेतु की भूमिका श्याम सुन्दर भीमसरिया ने कहा कि लघु उद्योग भारती का उद्देश्य केवल समस्याओं को उठाना नहीं है, बल्कि सरकार और उद्यमियों के बीच प्रभावी सेतु बनकर समस्याओं के व्यावहारिक समाधान की दिशा में ठोस पहल करना है। उन्होंने कहा कि बिहार के औद्योगिक विकास और छोटे एवं मध्यम उद्यमियों के हित में संगठन आगे भी लगातार काम करता रहेगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मिला प्रतिनिधिमंडल प्रदेश कार्यसमिति की बैठक के बाद प्रदेश कार्यसमिति के सदस्यों और अखिल भारतीय पदाधिकारियों के प्रतिनिधिमंडल ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने बिहार के औद्योगिक विकास में लघु उद्योग भारती के योगदान की सराहना की और संगठन को औद्योगिक विकास का एक मजबूत स्तंभ बताया। पटना और मुजफ्फरपुर में स्किल सेंटर के लिए जमीन का आश्वासन मुलाकात के दौरान बिहार के युवाओं को कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रस्तावित लघु उद्योग भारती के दो स्किल सेंटर पटना और मुजफ्फरपुर के लिए भूमि उपलब्ध कराने का आश्वासन मुख्यमंत्री की ओर से दिया गया। संगठन के अनुसार, इन स्किल सेंटरों के माध्यम से युवाओं को उद्योगों की जरूरत के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। ये पदाधिकारी रहे मौजूद बैठक में लघु उद्योग भारती बिहार प्रदेश के अध्यक्ष श्याम सुन्दर भीमसरिया, राष्ट्रीय संगठन मंत्री प्रकाश चन्द्र, अखिल भारतीय संयुक्त सचिव नरेश पारीक, आशीष रहटोगी (प्रदेश महासचिव), श्रद्धा रॉय (प्रदेश कोषाध्यक्ष), नितिन बंसल एवं सुमन शेखर (अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य), प्रतीक श्रॉफ (प्रदेश संयुक्त सचिव) सहित प्रदेश कार्यसमिति के अन्य सदस्य और विभिन्न क्षेत्रों से आए संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। औद्योगिक विकास के लिए प्रयास जारी रखने का संकल्प लघु उद्योग भारती, बिहार ने संकल्प व्यक्त किया कि राज्य में उद्योगों के लिए सरल, पारदर्शी और उद्यमी-अनुकूल वातावरण बनाने और बिहार को औद्योगिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में संगठन के प्रयास लगातार जारी रहेंगे।
पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाबचंद कटारिया 10 से 14 अक्टूबर तक उदयपुर के प्रवास पर रहेंगे। इस दौरान वे विभिन्न सामाजिक, धार्मिक एवं सार्वजनिक कार्यक्रमों में शामिल होंगे। 13 अक्टूबर को वे अपना 83वां जन्मदिवस सादगी के साथ मनाएंगे। भाजपा मीडिया संभाग प्रभारी चंचल कुमार अग्रवाल ने बताया- कटारिया 10 अक्टूबर को सुबह 11:25 बजे डबोक स्थित महाराणा प्रताप हवाई अड्डे पहुंचेंगे। यहां प्रशासन की ओर से उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाएगा। भाजपा सहित विभिन्न सामाजिक एवं संगठनों की ओर से उनका स्वागत-अभिनंदन किया जाएगा। इसके बाद 11 अक्टूबर को कटारिया विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे। कृषि उपज मंडी स्थित एग्रो टावर में आयोजित निशुल्क चिकित्सा शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। दोपहर बाद एमबी कॉलेज के ग्राउंड नंबर-ए में आयोजित एडवोकेट प्रीमियर लीग के फाइनल मैच के पुरस्कार वितरण समारोह में शिरकत करेंगे। कटारिया 12 अक्टूबर को सुबह 7 बजे जोधपुर के लिए रवाना हो जाएंगे और शाम को उदयपुर लौटेंगे। त्रयंबकेश्वर महादेव मंदिर में करेंगे पूजा-अर्चना 13 अक्टूबर को जन्मदिवस पर कटारिया सुबह माछला मगरा स्थित त्रयंबकेश्वर महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना और अभिषेक करेंगे। इसके बाद सर्वऋतु विलास स्थित सगसजी बावजी के स्थानक और फतहसागर रोड स्थित नीलकंठ महादेव मंदिर जाएंगे। दिनभर उनके जन्मदिन के कार्यक्रम होंगे। 14 अक्टूबर को दोपहर 12:15 बजे कटारिया सेक्टर-4 हिरण मगरी स्थित राजस्थान साहित्य अकादमी में अदबी उड़ान संस्थान के 11वें राष्ट्रीय पुरस्कार एवं सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इसके बाद 15 अक्टूबर को सुबह सड़क मार्ग से अजमेर के लिए रवाना होंगे।
दिल्ली सरकार छात्रों के पेइंग गेस्ट (पीजी) आवासों की सुरक्षा और सुविधाओं का डिजिटल ब्योरा तैयार करने के लिए एक ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च करेगी।
मंदसौर में शुक्रवार को 4 घंटे बिजली सप्लाई बंद रहेगी। बिजली लाइनों के मानसून मेंटेनेंस के चलते मंदसौर के 2 नंबर फीडर पर सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक शटडाउन रहेगा। इससे चंबल कॉलोनी उपकेंद्र से जुड़े कई इलाकों में बिजली सप्लाई प्रभावित होगी। इन इलाकों में रहेगी बिजली बंद शटडाउन के दौरान आदिनाथ विहार, इंदिरा कॉलोनी, जनता कॉलोनी, किटियानी, नूर कॉलोनी, चौधरी कॉलोनी, पाटिल कॉलोनी और कंबल केंद्र रोड सहित आसपास के इलाकों में बिजली बंद रहेगी। बिजली कंपनी के अनुसार, इससे करीब 2933 उपभोक्ता प्रभावित होंगे। कंपनी ने लोगों से बिजली से जुड़े जरूरी काम शटडाउन से पहले करने की अपील की है। समय से पहले शुरू हो सकती है सप्लाई कंपनी ने बताया कि मेंटेनेंस का काम पूरा होने पर बिजली सप्लाई तय समय से पहले भी शुरू की जा सकती है। शटडाउन के कारण होने वाली असुविधा के लिए कंपनी ने नागरिकों से माफी मांगी है।
सहरसा शहर के पश्चिम गंगजला मुख्य मार्ग पर स्थित ए.के. ट्रेडर्स में चोरों ने दुकान के पिछले हिस्से का चदरा काटकर करीब 1.10 लाख रुपये के सामान और नकदी पर हाथ साफ कर दिया। चोरों ने अपनी पहचान छिपाने के लिए दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों को भी तोड़ दिया। गुरुवार को चोरी की वारदात का वीडियो सामने आने के बाद मामले ने और तूल पकड़ लिया है। दुकानदार धीरज कुमार सिंह ने सदर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। रात में दुकान बंद कर घर लौटे, सुबह खुला चोरी का राज दुकानदार धीरज कुमार सिंह ने बताया कि बुधवार रात करीब 10 बजे वह दुकान बंद कर घर चले गए थे। गुरुवार सुबह करीब 9:30 बजे दुकान खोलने पहुंचे तो अंदर सामान बिखरा पड़ा था। जांच करने पर पता चला कि चोरों ने दुकान के पिछले हिस्से का चदरा काटकर अंदर प्रवेश किया और चोरी की वारदात को अंजाम दिया। CCTV कैमरे तोड़े, चदरा काटकर दुकान में घुसे चोर चोरों ने दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों को तोड़ दिया, ताकि उनकी पहचान सामने नहीं आ सके। चदरा काटे जाने के कारण बारिश का पानी भी दुकान के अंदर घुस गया, जिससे कई सामान खराब हो गए। पुलिस अब सामने आए वीडियो और घटनास्थल से मिले सुरागों के आधार पर चोरों की पहचान में जुटी है। सरसों-धारा तेल और सुपारी-जर्दा समेत सामान चोरी दुकानदार के अनुसार चोरों ने कैश काउंटर से खुले रुपये के अलावा करीब 1,10,248 रुपये का किराना सामान चोरी किया। इसमें करीब 40 हजार रुपये का सरसों व धारा तेल, 35 हजार रुपये की रजनीगंधा, तुलसी, मयूर सुपारी और जर्दा शामिल है। इसके अलावा करीब 25 हजार रुपये का पतंजलि घी, एवरेडी घी, काजू और टाटा गोल्ड चायपत्ती भी चोरी हुई है। चोरी के बाद व्यापारियों में सुरक्षा को लेकर चिंता मुख्य मार्ग स्थित दुकान में चोरी की घटना के बाद आसपास के व्यापारियों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। व्यापारियों का कहना है कि रात के समय बाजार क्षेत्र में पुलिस गश्त और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किए जाने की जरूरत है। पुलिस ने कार्रवाई का दिया आश्वासन दुकानदार की शिकायत पर सदर थाना पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। सदर थानाध्यक्ष अजय कुमार पासवान ने कार्रवाई का आश्वासन दिया है। पुलिस चोरी के सामने आए वीडियो, सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
बिहार के एक और सरकारी इंजीनियर नारद दास की काली कमाई का भंडाफोड़ हुआ है। ईओयू की छापेमारी में इंजीनियर के ठिकानों से 52 लाख रुपये के नोटों की गड्डियां और सास के नाम डेढ़ करोड़ का मकान के अलावा गहने और निवेश के कई दस्तावेज बरामद हुए हैं।
राजस्थान हाईकोर्ट ने नागौर में एसपी पद पर आईपीएस अधिकारी की नियुक्ति की मांग वाली जनहित याचिका खारिज कर दी। यह याचिका नगर निकाय और पंचायत चुनाव को निष्पक्ष कराने के लिए दायर की गई थी। कोर्ट ने माना कि राज्य सरकार ने निर्वाचन आयोग की सिफारिश पर जरूरी कार्रवाई कर दी है। मुख्य न्यायाधीश संजय कुमार अग्रवाल और न्यायाधीश बलजिंदर सिंह संधू की बेंच ने राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) की याचिका पर सुनवाई की। इसमें नागौर के खाली एसपी पद पर आईपीएस अधिकारी लगाने की मांग थी। आशाराम चौधरी को नागौर एसपी का अतिरिक्त प्रभार राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता राजेश पंवार ने कोर्ट को बताया कि निर्वाचन आयोग की 3 सितंबर की सिफारिश के बाद सरकार ने 7 अक्टूबर को आदेश जारी किया। इसके तहत आरपीएस अधिकारी आशाराम चौधरी को नागौर एसपी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। बेंच ने कहा कि सरकार ने आयोग की सिफारिश पर कार्रवाई करते हुए एसपी पद का अतिरिक्त प्रभार दे दिया है। ऐसे में याचिका पर आगे सुनवाई का कोई आधार नहीं बचता। इसी आधार पर कोर्ट ने जनहित याचिका खारिज कर दी।
मध्यप्रदेश पटवारी संघ के बैनर तले जबलपुर के पटवारियों ने कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन स्वामित्व योजना में व्यक्तिगत पहचान के इस्तेमाल और साथी पटवारियों के निलंबन के विरोध में था। उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। संघ के प्रतिनिधियों राजेश मेहरा और मुक्ता चौकसे ने बताया कि स्वामित्व रजिस्ट्री में पटवारियों को निष्पादक बनाया जा रहा है। इसमें आधार कार्ड, फोटो और ओटीपी का उपयोग निजता का उल्लंघन है। उन्होंने मांग की कि रजिस्ट्री में व्यक्ति की जगह सिर्फ 'पटवारी' पदनाम का जिक्र हो। पटवारियों ने शासन पर दबाव का आरोप लगाया। देवास में 4 नए पटवारियों को नौकरी से निकाला गया है, जबलपुर में कुछ निलंबित हैं। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि कार्रवाई वापस नहीं हुई, तो प्रदेश के सभी 27 हजार पटवारी हड़ताल पर चले जाएंगे। प्रशासनिक अधिकारी रिंकी सिंगारे ने ज्ञापन लिया, जांच और नियमानुसार कार्रवाई का भरोसा दिया। शाम को संगठन की अधिकारियों के साथ बैठक हुई, कल कलेक्टर से भी मिलने की उम्मीद है।
जिला कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर कांग्रेस और 'इंडिया' गठबंधन के कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेड परिसर का घेराव किया। 8 सितंबर को उन्होंने सिर पर काली पट्टी बांधकर 'काला दिवस' मनाया। प्रदर्शनकारी नेताओं ने लोकतंत्र को कुचलने और चुनावों में धांधली की साजिश का आरोप लगाया। उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त से मिलने गए नेताओं को हिरासत में लेने की निंदा की। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के साथ दिल्ली में हुई धक्का-मुक्की पर नाराजगी जताई गई। नगर महिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रियंका सोनी समेत अन्य महिला नेताओं ने कलेक्ट्रेट का घेराव कर गुस्सा जताया। उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। कांग्रेस ने सभी चुनाव बैलेट पेपर से कराने और मतदाता सूचियों में गड़बड़ी रोकने की मांग रखी। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं और चुनाव आयोग निष्पक्ष तरीके से काम नहीं करता, यह आंदोलन जारी रहेगा। जबलपुर में कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी के नेतृत्व में संघर्ष को और तेज करने का ऐलान किया।
बांका के रजौन थाना क्षेत्र के दयालपुर गांव में पुलिस ने गुरुवार शाम गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर एक देसी कट्टा, एक जिंदा कारतूस और तीन खोखा बरामद किए। हथियार मिलने के बाद पुलिस ने इसे लेकर जांच तेज कर दी है। हथियार रखने का आरोपित सन्नी यादव पुलिस के पहुंचने से पहले ही मौके से फरार हो गया। गुप्त सूचना पर बांस के पास पहुंची पुलिस थानाध्यक्ष अभय शंकर के अनुसार पुलिस को सूचना मिली थी कि दयालपुर निवासी सन्नी यादव ने अपने बांस के पास अवैध हथियार छिपाकर रखा है। पुलिस अधीक्षक अमितेश कुमार के निर्देश पर थानाध्यक्ष के नेतृत्व में एसआई पवन कुमार, विनोद कुमार, प्रभात कुमार समेत पुलिस बल ने बताए गए स्थान पर छापेमारी की। तलाशी में कट्टा, कारतूस और तीन खोखा मिला पुलिस ने बांस के पास तलाशी ली तो वहां से एक देसी कट्टा, एक जिंदा कारतूस और तीन खोखा बरामद हुआ। हथियार और कारतूस मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी की तलाश में उसके घर पर भी छापेमारी की, लेकिन वह वहां नहीं मिला। आपराधिक घटना की तैयारी की आशंका पुलिस के अनुसार, प्रथम दृष्टया आशंका है कि अवैध हथियार को किसी आपराधिक घटना को अंजाम देने के उद्देश्य से छिपाकर रखा गया था। हालांकि, हथियार का इस्तेमाल किस घटना में किया जाना था, इसे लेकर पुलिस की जांच जारी है। फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दबिश एसडीपीओ इंद्रजीत बैठा ने बताया कि आरोपी सन्नी यादव की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। पुलिस अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि बरामद हथियार और खोखा आरोपी तक कैसे पहुंचा और इसका इस्तेमाल पहले किसी आपराधिक घटना में हुआ है या नहीं।
रिटायर्ड होने के बाद एक पालिकाकर्मी के मादक पदार्थों के धंधे में शामिल होने का मामला सामने आया है। सूचना मिलने पर ANTF और बाली पुलिस ने मिरगेश्वर निवासी हकाराम के ठिकाने पर दबिश दी। आरोपी ने भैंसों के बाड़े में भूसे के अंदर अफीम का दूध छिपाकर रखा था। पुलिस ने तलाशी के दौरान 1.302 किलो अफीम दूध बरामद कर 64 साल के रिटायर्ड नगर पालिकाकर्मी को गिरफ्तार कर लिया। भूसे के अंदर प्लास्टिक थैली में छिपा रखा था पुलिस के अनुसार, ANTF टीम को सूचना मिली थी कि मिरगेश्वर निवासी हकाराम के घर के सामने स्थित बाड़े में अफीम दूध छिपाकर रखा गया है। सूचना की पुष्टि के बाद ANTF टीम स्थानीय पुलिस के साथ मौके पर पहुंची और कार्रवाई की। मौके पर बाड़े के चारों ओर जालीदार तारबंदी थी और वहां भैंसें बंधी हुई थीं। बाड़े के एक किनारे कच्चा ढालिया बना हुआ था, जिस पर तिरपाल और लोहे की टीन लगी थी। ढालिये के अंदर गेहूं का भूसा भरा हुआ था। पुलिस ने भूसे की तलाशी ली तो उसके अंदर एक प्लास्टिक की थैली में छिपाकर रखा 1.302 किलो अफीम दूध मिला। पुलिस ने मादक पदार्थ जब्त कर मौके से 64 साल के हकाराम पुत्र डूंगाराम निवासी बेरा डोली, मिरगेश्वर, बाली को गिरफ्तार कर लिया। वहीं, पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। जांच में अफीम दूध की खरीद-फरोख्त और इससे जुड़े नेटवर्क के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है।
जहानाबाद NEET छात्रा की मौत के मामले में सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट सामने आने के बाद मृतका की मां ने नाराजगी जताई है। घटना के करीब 10 महीने बाद भी न्याय नहीं मिलने से परिवार गहरे सदमे में है। मां ने कहा कि बेटी की मौत की सच्चाई सामने लाने और उसे न्याय दिलाने के लिए वह आखिरी सांस तक कानूनी लड़ाई लड़ेंगी। बिहार पुलिस-सीबीआई की मिलीभगत का आरोप मृतका की मां ने बिहार पुलिस और सीबीआई पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि दोनों की मिलीभगत के कारण उनकी बेटी को न्याय नहीं मिल सका। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मां ने कहा कि उन्हें कोर्ट पर पूरा भरोसा है और उम्मीद है कि न्यायपालिका से उनकी बेटी को इंसाफ जरूर मिलेगा। डॉक्टर बनने का सपना लेकर पटना भेजा था मां ने भावुक होकर कहा कि बड़े सपने के साथ बेटी को पढ़ाई के लिए पटना भेजा था। वह डॉक्टर बनना चाहती थी। परिवार को उम्मीद थी कि बेटी अपने सपने पूरे करेगी और एक दिन उसकी शादी की डोली घर से उठेगी। लेकिन हालात ऐसे बने कि बेटी की अर्थी घर से उठानी पड़ी। 10 महीने बाद भी नहीं मिला न्याय घटना को करीब 10 महीने बीत चुके हैं, लेकिन मां का कहना है कि अब तक बेटी की मौत की सच्चाई सामने नहीं आई। सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट ने परिवार की उम्मीदों को और झटका दिया है। मां ने साफ कहा कि वह रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं हैं और न्याय के लिए हर कानूनी विकल्प का सहारा लेंगी। कातिलों को सामने लाने की आखिरी लड़ाई मां ने कहा कि बेटी के कातिलों को सामने लाने के लिए वह पीछे नहीं हटेंगी। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो हर कानूनी दरवाजा खटखटाएंगी। भावुकता में उन्होंने हथियार उठाने की बात भी कही, हालांकि न्याय पाने के लिए वह कानूनी रास्ते से लड़ाई जारी रखने पर जोर दे रही हैं।
सीकर में चुनावी रंजिश को लेकर जिला हैंडबॉल के सचिव का सिर फोड़ दिया गया। आरोपी गांव के मार्केट में बैठे इस्लाम खान पर पाइप से हमला कर भाग गया। घटना के बाद से ही आरोपी फरार है। घटना सदर थाना इलाके के दूजोद गांव की गुरुवार शाम की है। आनन-फानन में लोगों ने घायल को अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है। फिलहाल पुलिस आरोपी की तलाश में जुट गई है। घायल को एसके अस्पताल में भर्ती कराया वार्ड नंबर 38 के पार्षद प्रतिनिधि महेंद्र ने बताया कि आज(गुरुवार) गांव के ही रहने वाले इस्लाम खान गांव के मार्केट में बैठे हुए थे। इसी दौरान वहां पर गांव का रहने वाला बलबीर सिंह आया और पाइप से उन पर हमला कर दिया। घटना में इस्लाम खान घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए एसके हॉस्पिटल में एडमिट करवाया गया है। कांग्रेस प्रत्याशी का समर्थन करने से खफा था आरोपी घटना में घायल इस्लाम खान ने बताया कि मैं वर्तमान में जिला हैंडबॉल संघ में सचिव हूं। इस बार उनका गांव सीकर नगर परिषद के वार्ड 39 में शामिल हो गया था। इस बार चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी भरतसिंह का समर्थन कर रहा था। इसी बात को लेकर गांव का ही रहने वाला बलबीर सिंह शेखावत मुझसे रंजिश रखने लगा। कांग्रेस प्रत्याशी की जीत के बाद से ही वह लगातार खफा था। इसी चुनावी रंजिश को लेकर आज उसने हमला कर दिया।
झांसी में जिस घर में कुछ दिन बाद बेटी की शादी की खुशियां आने वाली थीं, वहां बुधवार दोपहर मातम पसर गया। सीपरी बाजार के आईटीआई इलाके में 19 साल की चंचल रायकवार की घर के आंगन में गोली मारकर हत्या कर दी गई। परिवार का आरोप है कि उसका पीछा करने वाला कमल रायकवार घर में घुसा और कनपटी से तमंचा सटाकर गोली मार दी। करीब छह घंटे बाद पुलिस ने आरोपी को झांसी एम्पायर के पास मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया। जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी। शादी का सामान और नई बाइक रह गई चंचल की शादी 12 दिसंबर को होनी थी। पिता सोनू रायकवार ने बेटी को देने के लिए नई बाइक खरीदी थी। शादी का सामान भी घर में रखा था। अब मां सपना इन्हीं सामानों को देखकर रो पड़ती हैं। उन्होंने पुलिस कार्रवाई पर असंतोष जताते हुए मुख्यमंत्री से आरोपी को फांसी की सजा दिलाने की मांग की। दादी शीला ने बताया कि वह सुबह काम पर गई थीं। दोपहर करीब 3:30 बजे लौटने पर दरवाजा अंदर से बंद मिला। पड़ोसी ने बताया कि कमल गोली मारकर भाग गया है। चाचा मोनू दीवार फांदकर अंदर गए तो चंचल आंगन में खून से लथपथ पड़ी थी। स्कूल बदला, फिर भी पीछा नहीं छूटा परिवार के मुताबिक, कमल करीब चार साल से चंचल के संपर्क में था। करीब दो साल पहले उसका स्कूल बदल दिया गया और मां उसे साथ लेकर आने-जाने लगीं। 12 साल के भाई शिवा का आरोप है कि कमल उसे चंचल को गिफ्ट देने के लिए धमकाता था। पुलिस के अनुसार, कमल चंचल की दूसरी जगह शादी से नाराज था। सोमवार को उसने साथ चलने को कहा, लेकिन चंचल ने इनकार कर दिया। मंगलवार को उसने घर की रेकी की। बुधवार को तमंचा लेकर पहुंचा और उसकी कनपटी से सटाकर गोली मार दी। पोस्टमार्टम में गोली आर-पार होने की पुष्टि हुई है। आरोपी से तमंचा बरामद हुआ है। गुरुवार को उसे जेल भेज दिया गया। परिवार अब कड़ी सजा की मांग कर रहा है।
सोनीपत से इस वक्त की बड़ी खबर। वार्ड नंबर 19 और 21 के निवासियों के लिए राहत भरी खबर है। इन दोनों वार्डों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए करीब 80 लाख रुपये की लागत से बिटुमिन की सड़कों और गलियों का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। गुरुवार को सोनीपत के विधायक निखिल मदान और मेयर राजीव जैन ने संयुक्त रूप से इस निर्माण कार्य का शुभारंभ किया। इस विकास कार्य से स्थानीय लोगों को जर्जर रास्तों से मुक्ति मिलेगी और उनका आवागमन सुगम होगा। यह निर्माण कार्य वार्ड नंबर 19 के अंतर्गत आने वाले सेक्टर-23, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी और वार्ड नंबर 21 के विभिन्न हिस्सों में करवाया जा रहा है। लंबे समय से स्थानीय निवासी इन खस्ताहाल सड़कों के पुनर्निर्माण की मांग कर रहे थे। इस अवसर पर वार्ड 19 के पार्षद राजेश मलिक, वार्ड 21 की पार्षद दीपमाला और जिला पार्षद संजय बड़वासनी सहित भारी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे। समारोह को संबोधित करते हुए विधायक निखिल मदान ने कहा कि शहर के प्रत्येक वार्ड में मूलभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि वार्ड 19 और 21 के लोगों ने जर्जर गलियों के निर्माण की मांग उठाई थी, जिसे गंभीरता से लेते हुए तुरंत टेंडर प्रक्रिया पूरी की गई और आज धरातल पर काम शुरू करवा दिया गया है। वहीं, मेयर राजीव जैन ने नगर निगम की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि शहर के विकास को लगातार गति दी जा रही है। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखा जाए और इसे समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए। इस उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान कई गणमान्य लोग और नगर निगम के अधिकारी मौजूद रहे।
सुपौल के छातापुर थाना क्षेत्र में महज 10 हजार रुपये और मोबाइल फोन के लिए दोस्तों ने ही अपने दोस्त सुलचन मुखिया की हत्या कर दी। 5 अक्टूबर से लापता सुलचन को आरोपियों ने पार्टी करने के बहाने बुलाया था। पार्टी के दौरान मजदूरी के रुपये को लेकर विवाद हुआ। इसके बाद आरोपियों ने गमछे से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी और शव को रानीपट्टी नहर के पास फेंक दिया। पुलिस ने मामले में दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पार्टी के बहाने बुलाया, पैसों को लेकर हुआ विवाद एसडीपीओ दिलीप कुमार ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि सुलचन मुखिया के पास मजदूरी के करीब 10 हजार रुपये थे। आरोपी उसे पार्टी करने के बहाने अपने साथ ले गए। पार्टी के दौरान रुपयों को लेकर सुलचन और आरोपियों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। विवाद बढ़ने पर आरोपियों ने गमछे से उसका गला घोंट दिया। हत्या के बाद जेब से निकाले 10 हजार और मोबाइल पुलिस के अनुसार हत्या के बाद आरोपियों ने सुलचन की जेब से करीब 10 हजार रुपये नकद और मोबाइल फोन निकाल लिया। इसके बाद साक्ष्य छिपाने की नीयत से शव को घसीटकर रानीपट्टी नहर के पास ले गए और वहां फेंक दिया। 6 अक्टूबर को नहर किनारे से सुलचन का शव बरामद किया गया था। एसपी ने संभाली कमान, 48 घंटे में दो आरोपी गिरफ्तार घटना की गंभीरता को देखते हुए एसपी शरथ आरएस ने खुद घटनास्थल का निरीक्षण किया। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एसआईटी गठित की गई। एफएसएल टीम, स्वान दस्ता और जिला तकनीकी शाखा की मदद से घटनास्थल से वैज्ञानिक व तकनीकी साक्ष्य जुटाए गए। सर्विलांस और मानवीय सूचना के आधार पर पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई और 48 घंटे के भीतर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। छातापुर के आकाश और विकास गिरफ्तार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान छातापुर वार्ड नंबर-11 निवासी आकाश कुमार, पिता मोहन मुखिया और वार्ड नंबर-14 निवासी विकास कुमार, पिता धीरेन्द्र राम के रूप में हुई है। मृतक की पत्नी के आवेदन पर छातापुर थाने में कांड संख्या 301/26 दर्ज किया गया है। मामले में चार नामजद आरोपियों के अलावा 4-5 अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है। 10 हजार और मोबाइल की बरामदगी के लिए छापेमारी पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है। हत्या में शामिल अन्य लोगों और उनके सहयोगियों की भूमिका भी खंगाली जा रही है। पुलिस मृतक से छीने गए 10 हजार रुपये, मोबाइल फोन और हत्या में इस्तेमाल सामान की बरामदगी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। छापेमारी टीम में एसडीपीओ दिलीप कुमार, छातापुर थानाध्यक्ष प्रमोद झा, एसआई भास्कर भारती, एसआई प्रयाग साह, जिला तकनीकी शाखा के सिपाही और छातापुर थाना के सशस्त्र बल के जवान शामिल थे।
GST परिषद की 57वीं बैठक में व्यापारियों को राहत देने वाले कई बड़े बदलावों की सिफारिश की गई है। इनमें गिरफ्तारी के नियम में बदलाव, इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का दायरा बढ़ाना, ट्रकों की जांच आसान करना, रिफंड जल्दी देना और छोटे व्यापारियों को लेट फीस व जुर्माने में राहत जैसे प्रस्ताव शामिल हैं। नई दिल्ली में हुई बैठक में छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी भी शामिल हुए। उन्होंने कहा कि इन बदलावों से व्यापारियों को GST की प्रक्रिया आसान होगी और कारोबार करना आसान होगा। GST के मामले में गिरफ्तारी का प्रावधान हटाने की सिफारिश GST परिषद ने GST कानून में गिरफ्तारी से जुड़े धारा 69 को हटाने की सिफारिश की है। इसके साथ ही मुकदमा चलाने के लिए टैक्स की सीमा 1 करोड़ से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपए करने का प्रस्ताव है। सामान्य मामलों में जुर्माने की अधिकतम राशि भी 25 हजार से घटाकर 10 हजार रुपए करने की सिफारिश की गई है। इसका फायदा छोटी गलती या कागजी काम में हुई चूक के मामलों में व्यापारियों को मिल सकता है। हालांकि जानबूझकर टैक्स चोरी या धोखाधड़ी करने वालों पर कार्रवाई जारी रहेगी। ट्रक को बेवजह नहीं रोक सकेंगे मंत्री ओपी चौधरी ने बताया कि ई-वे बिल की जांच के नियम भी आसान करने का प्रस्ताव है। अब किसी ट्रक या दूसरे मालवाहक वाहन को जांच के लिए रोकने से पहले ठोस वजह या जानकारी होना जरूरी होगा। इसके अलावा संयुक्त आयुक्त या उससे बड़े अधिकारी की मंजूरी भी जरूरी होगी। सिर्फ रास्ते में पड़ने वाले राज्य में जांच के नाम पर ट्रक रोकने की व्यवस्था भी खत्म करने का प्रस्ताव है। इससे ट्रकों को बेवजह रोकने से होने वाली देरी कम होगी और सामान जल्दी पहुंच सकेगा। रिफंड जल्दी मिलेगा GST में फंसा रिफंड भी जल्दी देने की तैयारी है। इलेक्ट्रॉनिक कैश लेजर में जमा अतिरिक्त पैसा सिस्टम के जरिए अपने आप वापस करने का प्रस्ताव है। इसके लिए अधिकारी की अलग मंजूरी की जरूरत नहीं होगी। निर्यात से जुड़े मामलों में रिफंड की 90 फीसदी राशि तुरंत देने का प्रस्ताव है। रिफंड आवेदन की जांच का समय भी 15 दिन से घटाकर 10 दिन करने की सिफारिश की गई है। इससे व्यापारियों का पैसा लंबे समय तक नहीं अटकेगा। GST रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया आसान होगी GST रजिस्ट्रेशन में बदलाव करना भी आसान करने का प्रस्ताव है। मुख्य कारोबार की जगह से जुड़ी जानकारी को छोड़कर दूसरी जानकारियों में बदलाव पोर्टल के जरिए किया जा सकेगा। GST रजिस्ट्रेशन रद्द कराने की प्रक्रिया भी आसान करने की सिफारिश की गई है। ऑनलाइन सामान बेचने वाले छोटे व्यापारियों को भी राहत मिल सकती है। उन्हें हर राज्य में अलग ऑफिस खोलने की जरूरत से राहत देने का प्रस्ताव है। ITC का फायदा ज्यादा कारोबारियों को मिलेगा वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने बताया कि GST परिषद ने इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का दायरा बढ़ाने की भी सिफारिश की है। प्रस्ताव के मुताबिक पात्रता पूरी होने पर आउटडोर कैटरिंग, स्वास्थ्य और जीवन बीमा, टेलीकॉम टावर और फैक्ट्री परिसर के बाहर लगी पाइपलाइन पर भी ITC का लाभ मिल सकेगा। ITC का मतलब है कि कारोबारी खरीदारी के दौरान दिए गए GST का क्रेडिट अपने टैक्स भुगतान में ले सकता है। इसका दायरा बढ़ने से एक ही चीज पर बार-बार टैक्स लगने का असर कम होगा। इससे उद्योगों और कारोबारियों की लागत घटाने में मदद मिल सकती है। वित्त मंत्री ने कहा कि लागत कम होने से उद्योगों में निवेश, उत्पादन और नए कारोबार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। 10 हजार रुपए से कम टैक्स वाले मामलों में नोटिस नहीं छोटे कारोबारियों को कानूनी और आर्थिक परेशानी से राहत देने के लिए भी कई प्रस्ताव रखे गए हैं। इसके तहत 10 हजार रुपये से कम की कर राशि वाले मामलों में नोटिस जारी नहीं करने की सिफारिश की गई है। वहीं, ऐसे मामलों में जिनमें धोखाधड़ी शामिल नहीं है, अगर कारोबारी तय समय के भीतर बकाया टैक्स और ब्याज जमा कर देता है तो सिर्फ 5 प्रतिशत जुर्माना लगाने का प्रस्ताव है। इससे छोटी रकम से जुड़े सामान्य टैक्स मामलों में कारोबारियों पर लगने वाला कानूनी और आर्थिक बोझ कम होगा। 5 करोड़ तक टर्नओवर वालों को लेट फीस में राहत छोटे व्यापारियों के लिए रिटर्न दाखिल करने को लेकर भी राहत का प्रस्ताव है। 5 करोड़ रुपए तक सालाना टर्नओवर वाले कारोबारी अगर किसी महीने का रिटर्न देर से दाखिल करते हैं, लेकिन संबंधित महीने के अंत तक अपना रिटर्न जमा कर देते हैं, तो उन्हें विलंब शुल्क यानी लेट फीस से छूट देने की सिफारिश की गई है। वित्त मंत्री ने कहा कि कई बार कारोबारियों से सामान्य प्रक्रियागत गलती या देरी हो जाती है। ऐसे मामलों में अनावश्यक जुर्माना और फीस से राहत मिलने पर छोटे व्यापारी अपने कारोबार पर ज्यादा ध्यान दे सकेंगे। 1 अप्रैल 2027 से लागू करने की तैयारी ओपी चौधरी ने बताया कि इन बदलावों को जरूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद 1 अप्रैल 2027 से लागू करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि GST 2.0 के तहत टैक्स दरों में राहत के बाद अब टैक्स अनुपालन, GST पंजीयन, रिफंड, ई-वे बिल की जांच और जुर्माने से जुड़े नियमों को आसान करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। इससे व्यापारियों को कम कागजी काम करना पड़ेगा और कारोबार में आने वाली दिक्कतें कम होंगी। छत्तीसगढ़ के व्यापारियों को भी फायदा वित्त मंत्री ने कहा कि इन बदलावों का फायदा छत्तीसगढ़ के व्यापारियों, उद्योगों, ट्रांसपोर्ट कारोबारियों और छोटे-बड़े कारोबारियों को मिलेगा। GST की प्रक्रिया आसान होने से कारोबार और निवेश को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि इन सुधारों से व्यापारियों का भरोसा बढ़ेगा और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को भी मजबूती मिलेगी।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान युवतियों से बदसलूकी पर NHRC सख्त, दिल्ली पुलिस से मांगी रिपोर्ट
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान तीन युवतियों से बदसलूकी और यौन उत्पीड़न के आरोपों पर दिल्ली पुलिस आयुक्त को नोटिस भेजा है।
किशनगंज में मध्याह्न भोजन योजना (MDM) के वेंडरों का करीब पांच माह से भुगतान लंबित रहने का मामला तूल पकड़ने लगा है। भुगतान नहीं होने से नाराज बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ की जिला इकाई ने जिलाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (PM-POSHAN) को ईमेल के माध्यम से पत्र भेजकर तत्काल बकाया भुगतान कराने की मांग की है। वेतन और निजी पैसे से सितंबर तक चला भोजन संघ के जिलाध्यक्ष रागीबुर रहमान ने गुरुवार को पत्रांक BRPSS-KNE/55/2026 के जरिए भेजे पत्र में कहा कि विभाग की ओर से MDM वेंडरों को करीब पांच माह से भुगतान नहीं किया गया है। इसके बावजूद विद्यालय प्रधानों ने अपने वेतन और निजी व्यवस्था से सितंबर तक बच्चों के लिए मध्याह्न भोजन संचालित कराया। भुगतान के लिए वेंडरों की ओर से लगातार तकादा किए जाने से प्रधान आर्थिक और मानसिक दबाव में हैं। 1 अक्टूबर से भोजन बंद करने की दी थी सूचना संघ के अनुसार, करीब डेढ़ पखवाड़ा पहले विद्यालय प्रधानों ने विभाग को स्थिति से अवगत कराते हुए कहा था कि बकाया भुगतान नहीं होने पर 1 अक्टूबर से भोजन संचालित करना मुश्किल होगा। प्रधानों ने विभाग से बकाया राशि का भुगतान कराने के साथ MDM को NGO या किसी अन्य वैकल्पिक व्यवस्था के जरिए संचालित कराने का अनुरोध किया था। भुगतान नहीं हुआ, उल्टे स्पष्टीकरण का पत्र संघ का आरोप है कि सूचना दिए जाने के बावजूद अब तक भुगतान नहीं किया गया और न ही कोई वैकल्पिक व्यवस्था की गई। इसके विपरीत DPO की ओर से पत्रांक 652 जारी कर संबंधित विद्यालयों से स्पष्टीकरण मांगा गया और भोजन संचालित रखने का दबाव बनाया गया। संघ ने इसे प्रधानों पर अतिरिक्त दबाव और प्रताड़ना जैसा बताया है। कायाकल्प के खर्च पर भी संघ ने उठाए सवाल पत्र में दीपावली से पहले विद्यालयों के कायाकल्प और रंग-रोगन के लिए प्रधानों को अपने स्तर से खर्च करने के निर्देश पर भी सवाल उठाया गया है। संघ ने भागलपुर में एक प्रधान द्वारा विभागीय दबाव में आत्महत्या किए जाने और किशनगंज में पूर्व में हुई घटनाओं का हवाला देते हुए विभाग से संवेदनशीलता बरतने की मांग की है। साथ ही MDM और निर्माण कार्य BSEIDC के माध्यम से कराने की मांग की गई है। DEO बोले- नई व्यवस्था लागू होने से हुई देरी जिला शिक्षा पदाधिकारी नासिर अहमद ने कहा कि यह पूरे बिहार का मामला है। पहले की व्यवस्था में बदलाव कर अब नई व्यवस्था लागू की गई है। राशि की निकासी अब ट्रेजरी और CFMS के माध्यम से होगी। इसकी प्रक्रिया में कई महीने लगे हैं, लेकिन जल्द से जल्द सभी वेंडरों का भुगतान कर दिया जाएगा। उन्होंने विद्यालय प्रधानों से अपील की कि बच्चों को भोजन खिलाते रहें, सभी बकाया राशि का भुगतान कर दिया जाएगा।
पेट्रोल पंपों पर UPI लेन-देन पर लगने वाले MDR के विरोध में पाली पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन ने बड़ा निर्णय लिया है। एसोसिएशन के अनुसार 10 अक्टूबर सुबह 5 बजे से पाली जिले के सभी पेट्रोल पंपों पर UPI के जरिए भुगतान स्वीकार नहीं किया जाएगा। मांगें नहीं माने जाने तक यह निर्णय जारी रखने की बात कही गई है। एसोसिएशन के मुताबिक यह निर्णय जिले के करीब 300 पेट्रोल पंपों पर लागू होगा। ऐसे में पेट्रोल-डीजल खरीदने वाले ग्राहकों को UPI के बजाय नकद या पेट्रोल पंप पर उपलब्ध अन्य भुगतान माध्यमों का इस्तेमाल करना होगा। MDR को लेकर डीलर्स में नाराजगी पाली पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष कार्तिकेय श्रोत्रिय ने बताया कि पेट्रोलियम डीलर्स लंबे समय से डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने में सहयोग करते आए हैं। इसके बावजूद पेट्रोल पंप डीलर्स पर MDR का आर्थिक भार बना हुआ है। सरकार की ओर से MDR को पूरी तरह समाप्त नहीं किए जाने से डीलर्स में असंतोष है। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार पेट्रोल पंप डीलर्स पर लगने वाले MDR को पूरी तरह समाप्त करने को लेकर स्पष्ट और ठोस निर्णय नहीं लेती, तब तक एसोसिएशन अपने निर्णय पर कायम रहेगा। निजी भुगतान कंपनियों के चार्ज पर भी सवाल एसोसिएशन ने आरोप लगाया कि विभिन्न निजी भुगतान कंपनियों के माध्यम से होने वाले UPI लेन-देन में राशि काटे जाने और इसकी स्पष्ट जानकारी नहीं मिलने से डीलर्स को आर्थिक नुकसान और असमंजस का सामना करना पड़ रहा है। अन्य निजी भुगतान माध्यमों से जुड़े MDR और चार्ज की व्यवस्था को लेकर भी डीलर्स ने नाराजगी जताई है। अध्यक्ष कार्तिकेय श्रोत्रिय ने बताया कि पाली जिले के पेट्रोलियम डीलर्स का यह सामूहिक निर्णय है। 10 अक्टूबर सुबह 5 बजे से जिले के पेट्रोल पंपों पर UPI भुगतान स्वीकार नहीं किया जाएगा। ग्राहकों से नकद रखने की अपील एसोसिएशन ने पेट्रोल-डीजल खरीदने वाले ग्राहकों से अपील की है कि 10 अक्टूबर से पेट्रोल पंप पर आने से पहले नकद या अन्य उपलब्ध भुगतान माध्यम की व्यवस्था रखें, ताकि UPI भुगतान बंद रहने के कारण उन्हें परेशानी का सामना न करना पड़े।
मध्य प्रदेश में 27 पटवारी बर्खास्त, 21 सस्पेंड, अभी तो कार्रवाई शुरू हुई है
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दिल्ली पुलिस ने शैक्षणिक संस्थानों में दाखिले के लिए फर्जी दिव्यांगता प्रमाणपत्र बनाने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है।
पंजाब के मानसा में 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और भारत के चुनाव आयोग के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए एक विशाल विरोध मार्च निकाला। यह प्रदर्शन मुख्य रूप से 'एसआईआर' (SIR) प्रक्रिया के विरोध में आयोजित किया गया था। प्रदर्शनकारियों ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए भारत के चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर देशद्रोह का मामला दर्ज करने की पुरजोर मांग की है। इस विशाल विरोध प्रदर्शन में क्षेत्र के कई दिग्गज नेता और विभिन्न जन-संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। पूर्व विधायक नाजर सिंह मानशाहिया, कॉमरेड हरदेव अर्शी (वरिष्ठ नेता) कुलवंत राय सिंगला (जिला अध्यक्ष) राजविंदर राणा कृष्ण चौहान ने कहा कि अगर व्यवस्था नहीं बदली तो देश भर में बड़ा आदोलन किया जाएगा। चुनाव आयुक्त की गिरफ्तारी तक मामला शांत नहीं होगा। 13 करोड़ से अधिक वोट काटने का आरोप प्रदर्शन के दौरान गठबंधन के नेताओं ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि 'एसआईआर' के नाम पर एक सोची-समझी साजिश के तहत देश भर में 13 करोड़ से अधिक वैध मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से काट दिए गए हैं। नेताओं ने कहा कि यह सीधे तौर पर लोकतंत्र की हत्या और नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों पर डाका है। प्रदर्शनकारियों ने मोदी सरकार और चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कठपुतली बन चुका है चुनाव आयोग विरोध मार्च को संबोधित करते हुए गठबंधन के वरिष्ठ नेताओं ने कहा कि चुनाव आयोग जैसी स्वायत्त संस्था अब निष्पक्ष नहीं रह गई है। नेताओं ने आरोप लगाया, चुनाव आयोग अब पूरी तरह से एक राजनीतिक दल की कठपुतली बन चुका है और उसी के इशारे पर काम कर रहा है। उन्होंने मांग की कि 'एसआईआर' की इस विवादित प्रक्रिया को तुरंत प्रभाव से बंद किया जाए। दिल्ली में बड़े आंदोलन की चेतावनी प्रदर्शन के अंत में नेताओं ने केंद्र सरकार को कड़ा संदेश देते हुए चेतावनी दी कि यदि 'एसआईआर' की प्रक्रिया को तुरंत नहीं रोका गया और चुनाव आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई, तो यह आंदोलन केवल पंजाब तक सीमित नहीं रहेगा। आने वाले दिनों में देश की राजधानी दिल्ली में एक बड़ा और राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
कानपुर के पनकी-शताब्दी नगर स्थित केडीए की हिमालय भवन आवासीय योजना में फ्लैट का फर्श करीब एक फीट धंसने के बाद केडीए प्रशासन हरकत में आया है। गुरुवार को केडीए ने फ्लैट में मरम्मत का काम शुरू करा दिया है। जोन-2 के अधिशासी अभियंता ने मौके का निरीक्षण किया और फ्लैट में मरम्मत कार्य शुरू करा दिया। इसके साथ ही मरम्मत पूरी होने तक प्रभावित परिवार को योजना में ही दूसरे फ्लैट में अस्थायी रूप से रहने की व्यवस्था देने को कहा गया है। केडीए ने शुरू कराया फ्लैट के मरम्मत का काम हिमालय भवन के ग्राउंड फ्लोर स्थित फ्लैट नंबर डी-13/3 के बेडरूम का फर्श धंसने की शिकायत के बाद केडीए अधिकारियों ने मौके पर जांच की। जांच में सामने आया कि बाथरूम से निकलने वाले पानी की समुचित निकासी नहीं हो रही थी। पानी लगातार जमीन में रिसने के कारण फर्श के नीचे की मिट्टी कमजोर हो गई और बेडरूम का फर्श धंस गया। केडीए सचिव अभय पांडेय ने बताया कि मरम्मत के साथ जल निकासी की समस्या को भी दूर किया जा रहा है, जिससे आगे कभी ऐसी घटना दोबारा न हो। लीगल नोटिस देने के बाद केडीए ने शुरू कराया काम वहीं, फ्लैट में रहने वाले वंशवीर गुप्ता ने बताया कि उन्होंने साल 2024 में अपनी मां सुनीला गुप्ता के नाम पर 22.50 लाख रुपए में यह फ्लैट खरीदा था। उनका आरोप है कि 27 सितंबर की रात करीब दो बजे उनकी मां और पिता कमरे में सो रहे थे। इसी दौरान बेड के चारों ओर की टाइल्स अचानक टूट गईं और फर्श करीब एक फीट नीचे धंस गया था, जिससे बेड भी धंसे हुए हिस्से में चला गया। वंशवीर का आरोप है कि निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने बताया कि मामले की शिकायत आईजीआरएस पर कई बार की गई, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। जब उन्होंने केडीए को लीगल नोटिस भेजा उसके बाद दो कमरों के फर्श की मरम्मत का काम शुरू कराया गया है।
सीतापुर में गुरुवार शाम रानी तालाब के पास किराए के कमरे में रह रहे लकड़ी कारोबारी का शव मिला। इजमाल (42) मूल रूप से बाड़ी के रहने वाले थे। पिछले कुछ समय से सिधौली में अकेले रहकर लकड़ी का कारोबार कर रहे थे। कमरे में उनका शव मिलने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। मामला सिधौली कोतवाली क्षेत्र के सिद्धेश्वर नगर मोहल्ले का है। मजदूर मिलने पहुंचे तो बिस्तर पर पड़ा था शव जानकारी के मुताबिक, गुरुवार देर शाम लकड़ी काटने वाले कुछ मजदूर इजमाल से मिलने उनके कमरे पर पहुंचे थे। उस समय इजमाल बिस्तर पर रजाई ओढ़कर लेटे हुए थे। मजदूरों ने उन्हें आवाज दी, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। संदेह होने पर उन्होंने इजमाल को हिलाकर देखा तो वह मृत मिले। इसके बाद मजदूरों ने पुलिस और परिजनों को सूचना दी। फोरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और कमरे का निरीक्षण किया। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने के लिए फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया। पुलिस के मुताबिक, इजमाल की मौत किन परिस्थितियों में हुई, यह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। परिजनों ने जताई हत्या की आशंका इधर, परिजनों ने इजमाल की मौत को सामान्य नहीं मानते हुए हत्या की आशंका जताई है। उनका कहना है कि कुछ महीने पहले पैसों के लेनदेन को लेकर इजमाल का एक कबाड़ कारोबारी से विवाद हुआ था। इसी विवाद को लेकर परिजनों ने मामले की गहराई से जांच की मांग की है। हालांकि, पुलिस ने अभी हत्या की पुष्टि नहीं की है। कश्मीर की युवती से की थी शादी परिजनों के मुताबिक, इजमाल ने कई वर्ष पहले अपनी मर्जी से कश्मीर की एक युवती से शादी की थी। बाद में वह किसी अन्य युवक के साथ चली गई थी। वर्तमान में परिवार में उनके पिता इरफान उर्फ अब्बन और उनसे बड़े एक भाई हैं। परिजनों ने यह भी बताया कि इजमाल मधुमेह और उच्च रक्तचाप से पीड़ित थे। सीओ बोले- जांच के बाद होगी कार्रवाई क्षेत्राधिकारी वेद प्रकाश श्रीवास्तव ने बताया कि घटनास्थल पर फोरेंसिक टीम को बुलाया गया है। मामले की जांच की जा रही है। तहरीर मिलने पर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
देवास में बैंक नोट प्रेस पुलिस ने गुरुवार को लुटेरी दुल्हन गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस ने गिरोह की दुल्हन समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह शादी के नाम पर लोगों को झांसे में लेकर पैसे ठगता था। जांच में सामने आया कि जिस युवती ने देवास में शादी की थी, वह पहले भी दो शादियां कर लोगों को ठग चुकी थी। देवास में शादी के लिए गिरोह ने शिकायतकर्ता से करीब डेढ़ लाख रुपए लिए थे। महाराष्ट्र के एक मंदिर में शादी के बाद दुल्हन देवास से भाग गई थी। पुलिस ने 5 लोगों को पकड़ा भागने के बाद उसने झाबुआ में एक और युवक से शादी कर ली। उसके साथ रहने लगी। पुलिस ने झाबुआ पहुंचकर उसे गिरफ्तार किया। गिरोह के चार अन्य आरोपियों को महाराष्ट्र से पकड़ा गया है। बैंक नोट प्रेस थाने में शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने तकनीकी सबूतों और जानकारी के आधार पर जांच शुरू की। इसी जांच में गिरोह का महाराष्ट्र से जुड़ाव भी सामने आया।
आगरा में बुजुर्ग अधिवक्ता साइबर ठगों के जाल में फंसने से तो बच गया, लेकिन उनकी रकम फिर से खाते से निकल गई। उनकी बैंक एफडी तोड़कर शातिरों ने 22 लाख रुपए ट्रांसफर कर लिए। बैंक से मैसेज आने के बाद बुजुर्ग को जानकारी हुई। उन्होंने साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। अब पढ़िए पूरा मामलारकाबगंज निवासी बुजुर्ग अधिवक्ता का फेडरल बैंक में खाता है। उन्होंने पुलिस को बताया कि 29 सितंबर को उनके पास एक फोन कॉल आई। कॉलर ने खुद को ग्रीन गैस कंपनी का अधिकृत कर्मचारी बताया। कहा कि आपके खाते पर सब्सिडी की रकम दी जानी है। इसके लिए आपको 12 रुपये का भुगतान करना होगा। उन्होंने एक साल पहले ही अपना पीएनजी कनेक्शन बंद किया था, इसलिए उन्हें शक हो गया। उन्होंने तुरंत कॉल काट दी। अगले दिन अपनी रकम सुरक्षित करने के लिए बैंक गए और बचत खातों में जमा 22.88 लाख रुपये की एफडी करवा दी। लेकिन, 2 अक्टूबर को वह एफडी तुड़वा ली गई। बैंक से संदेश आने पर उन्हें इस बड़ी सेंधमारी की जानकारी मिली। एफडी की जानकारी केवल बैंक कर्मचारियों एफडी की जानकारी केवल बैंक कर्मचारियों के पास थी। ऐसे में एफडी टूटने और रकम ट्रांसफर होने के पीछे अंदरूनी मिलीभगत की आशंका से फिलहाल इन्कार नहीं किया जा सकता है। आशंका यह भी है कि बुजुर्ग के मोबाइल में कोई एपीके फाइल डाउनलोड करा दी गई हो, जिससे अपराधियों को रिमोट एक्सेस मिल गया और बैंक के ओटीपी उन तक आसानी से पहुंच गए। ग्रीन गैस के बंद कनेक्शन निशाने परग्रीन गैस के नाम पर धोखाधड़ी का यह पहला मामला नहीं है। कंपनी के आगरा में कुल 1.10 लाख कनेक्शन हैं, जिनमें से 75,000 चालू और 35,000 बंद पड़े हैं। साइबर ठग इन्हीं कनेक्शनों का डाटा इस्तेमाल कर लोगों को निशाना बना रहे हैं। अब तक 20 से 25 लोग ठगी का शिकार हो चुके हैं लेकिन पुलिस आरोपियों को पकड़ने में नाकाम रही है
लखनऊ के ठाकुरगंज इलाके में नाबालिग बच्चे से गाली-गलौज का विरोध करना एक परिवार को भारी पड़ गया। आरोप है कि किराना व्यापारी ने अपने दो बेटों और साथियों के साथ मिलकर पहले व्यापारी को रास्ते में रोककर पीटा। इसके बाद करीब 30 लोगों के साथ उसके घर पर पथराव किया। दरवाजा तोड़कर घर में घुसे और तोड़फोड़ करते हुए व्यापारी, उसकी पत्नी और नाबालिग बच्चों की पिटाई की। आरोपित जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से भाग निकले। महिला की तहरीर पर ठाकुरगंज पुलिस ने बलवा, मारपीट, धमकी, घर में जबरन घुसने और शांतिभंग समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है। हॉर्न बजाने को लेकर हुआ था विवाद न्यू हैदरगंज रिंग रोड निवासी खुर्रम इलेक्ट्रॉनिक शो-रूम चलाते हैं। उनकी पत्नी जुलैखा ने पुलिस को बताया कि बुधवार रात करीब 9:15 बजे उनका 10 वर्षीय बेटा हुजैफा घर के बाहर खेल रहा था, जबकि दूसरा बेटा हसन (14) गाड़ी चला रहा था। इसी दौरान हॉर्न बजाने को लेकर किराना व्यापारी शकील ने हसन से गाली-गलौज शुरू कर दी। सूचना मिलने पर जुलैखा मौके पर पहुंचीं तो आरोप है कि शकील ने उनके साथ भी अभद्रता की। स्थानीय लोगों ने बीच-बचाव कर मामला शांत करा दिया। शो-रूम से लौट रहे खुर्रम को रास्ते में रोका आरोप है कि देर रात खुर्रम शो-रूम से घर लौट रहे थे। रास्ते में शकील, उसके दो बेटों और साथी नोमान व मूसा ने उन्हें रोक लिया और मारपीट शुरू कर दी। खुर्रम किसी तरह वहां से भागकर घर पहुंचे। इसके बाद आरोपित करीब 30 साथियों के साथ उनके घर पहुंच गए और पथराव शुरू कर दिया। दरवाजा तोड़कर घर में घुसे, बच्चों को भी पीटा जुलैखा का आरोप है कि हमलावरों ने घर का दरवाजा तोड़ दिया और जबरन अंदर घुसकर तोड़फोड़ की। खुर्रम को लाठी-डंडों से पीटा गया। बीच-बचाव करने पहुंचे नाबालिग बच्चों के साथ भी मारपीट की गई। आरोप है कि जुलैखा को घूंसे मारे गए और उनका हाथ मरोड़ दिया गया। शोर सुनकर आसपास के लोग जुटे तो आरोपी जानमाल की धमकी देते हुए वहां से भाग निकले। पुलिस बोली- जांच के बाद होगी कार्रवाई जुलैखा ने पति और बच्चों का प्राथमिक उपचार कराने के बाद ठाकुरगंज थाने में तहरीर दी। ठाकुरगंज थाना सेकेंड इंचार्ज प्रदीप कुमार ने बताया कि आरोपितों के खिलाफ बलवा, शांतिभंग, मारपीट, धमकी और घर में जबरन घुसने समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है। मामले की जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
महराजगंज के बृजमनगंज थाना क्षेत्र के महुलानी टोला ओलीनगर गांव में गुरुवार शाम कहासुनी के बाद विवाद इतना बढ़ गया कि युवकों और महिलाओं के बीच मारपीट शुरू हो गई। आरोप है कि कुछ युवकों ने महिलाओं के साथ डंडे से मारपीट की। घटना के दौरान किसी ग्रामीण ने पूरी घटना का वीडियो बना लिया, जो अब सामने आने के बाद चर्चा में है। युवकों और महिलाओं के बीच हुई कहासुनी बताया गया कि विवाद गुरुवार शाम करीब 5 बजे शुरू हुआ। पहले युवकों और महिलाओं के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हुई। देखते ही देखते मामला हाथापाई तक पहुंच गया। वीडियो में मारपीट का घटनाक्रम दिखाई दे रहा है। हालांकि, वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। थानाध्यक्ष मदन मोहन मिश्रा ने बताया- पुलिस ने वायरल वीडियो का संज्ञान लिया है। घटना की जांच की जा रही है। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
संभल में गुरुवार को रात्रि 8:30 बजे नवरात्रि और रामलीला मंचन से पहले संभल पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। एसपी विकास चंद्र त्रिपाठी के नेतृत्व में पांच थानों की पुलिस और पीएसी के जवानों ने सांसद जियाउर्रहमान बर्क के मोहल्ला दीपा सराय समेत शहर के प्रमुख इलाकों में करीब तीन किलोमीटर लंबा फ्लैग मार्च किया। पुलिस ने संवेदनशील क्षेत्रों में पैदल गश्त कर स्थिति का जायजा लिया और लोगों से बातचीत की। वहीं, शुक्रवार को होने वाली जुमे की नमाज और मुल्ला अफरोज की सुनवाई को लेकर भी पुलिस को अलर्ट किया गया है। एसपी विकास चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि 11 तारीख से नवरात्रि का पर्व शुरू हो रहा है। इसके मद्देनजर मंदिरों और महत्वपूर्ण क्षेत्रों में पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जा रहा है। श्रद्धालुओं के आवागमन में किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए यातायात व्यवस्था पर भी विशेष नजर रखी जाएगी। पुलिस ने जिलेभर के करीब पांच हजार अपराधियों का सत्यापन कराया है। इनमें हिस्ट्रीशीटर, असामाजिक तत्व और अन्य अपराधी शामिल हैं। पुलिस ने उनका डोजियर भी तैयार कराया है। अब दूसरे चरण में उनकी गतिविधियों का आकलन कर सक्रिय अपराधियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। एसपी ने पुलिसकर्मियों को आगामी धार्मिक आयोजनों को लेकर ब्रीफिंग भी दी। साथ ही मिशन शक्ति अभियान के फेज-6 को लेकर सभी थानों में बनाए गए मिशन शक्ति केंद्रों को और सक्रिय व मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं। फ्लैग मार्च के दौरान एएसपी सुमित सुधाकर रामटेके, सीओ संभल कुलदीप कुमार, सीओ असमोली अमन कुमार समेत थाना प्रभारी और पुलिस-पीएसी के जवान मौजूद रहे।
अमेठी में दुर्गा पूजा और प्रतिमा विसर्जन को लेकर पुलिस प्रशासन अलर्ट है। पुलिस अधीक्षक सरवणन टी. ने देर शाम मुसाफिरखाना थाना क्षेत्र के इसौली घाट का जायजा लिया। एसपी ने विसर्जन के दौरान घाट पर पुलिस बंदोबस्त के निर्देश दिए। उन्होंने गहरे पानी में लोगों को जाने से रोकने के लिए मजबूत बैरिकेडिंग और चेतावनी बोर्ड लगाने को कहा। घाट पर रोशनी, पीने का पानी और गोताखोरों की तैनाती के भी निर्देश दिए। आज शाम साढ़े 7 बजे इसौली घाट पहुँचे पुलिस अधीक्षक ने ट्रैफिक व्यवस्था ठीक रखने, भीड़ को काबू करने और पार्किंग के इंतजाम मजबूत बनाने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विसर्जन के समय कोई लापरवाही न हो। निरीक्षण के दौरान मुसाफिरखाना के क्षेत्राधिकारी अतुल कुमार सिंह समेत अन्य अधिकारी-कर्मचारी भी मौजूद थे। पुलिस प्रशासन दुर्गा पूजा और विसर्जन को शांतिपूर्ण व सुरक्षित तरीके से कराने की तैयारी में है।
फिरोजाबाद की लेबर कॉलोनी में सनातन धर्म रामलीला महोत्सव समिति के तत्वावधान में गुरुवार रात भगवान श्रीराम की भव्य रामबारात निकाली गई। रात करीब 8:30 बजे शुरू हुई शोभायात्रा में आकर्षक झांकियां और बैंड शामिल रहे। पूरे मार्ग को रंग-बिरंगी विद्युत झालरों से सजाया गया था। जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर रामबारात का स्वागत किया। इस दौरान भगवान श्रीराम के जयघोष से माहौल भक्तिमय हो गया। आरती के बाद शुरू हुई शोभायात्रा रामबारात का शुभारंभ अतिथियों ने भगवान श्रीराम और लक्ष्मण के स्वरूप की आरती उतारकर किया। शोभायात्रा चंद्रवार गेट स्थित माता पथवारी मंदिर से शुरू होकर अग्रवाल धर्मशाला, कोटला मोहल्ला, रेलवे स्टेशन और रेलवे पुल होते हुए लेबर कॉलोनी स्थित जनकपुरी पहुंची। गणेश जी की झांकी सबसे आगे शोभायात्रा में सबसे आगे विघ्नहर्ता भगवान गणेश का डोला चल रहा था। इसके पीछे शंकर जी, राधा-कृष्ण, महाकाल, खाटू श्याम, मां दुर्गा और पंचमुखी हनुमान की झांकियां शामिल रहीं। राजा दशरथ और वशिष्ठ मुनि के साथ भरत-शत्रुघ्न का डोला भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहा। सबसे पीछे विश्वामित्र के साथ भगवान श्रीराम और लक्ष्मण के स्वरूप विराजमान थे। रामबारात में नासिक बैंड, घोड़ा बैंड और काली अखाड़े ने विशेष आकर्षण बिखेरा। रास्ते में लोगों ने पुष्पवर्षा कर बारात का स्वागत किया और भगवान श्रीराम के स्वरूप की आरती उतारी। बड़ी संख्या में श्रद्धालु रामबारात में शामिल हुए। इस दौरान समिति अध्यक्ष श्रीनिवास शर्मा, रामबारात संयोजक रंजीत शर्मा, महंत रमेशानंद गिरी, पंकज भारद्वाज, लक्ष्मीकांत शुक्ला, संपत्त सुथार, गौरी शंकर शर्मा, मोहित सिंह, रोहित शर्मा, मधुरिमा वशिष्ठ, किशन यादव, पूरन चंद्र वर्मा, सुनील वर्मा, मुकेश शुक्ला, रणजीत सिंह, तेजेंद्र यादव, कैलास गोस्वामी, कौशल शर्मा और धीरज गुप्ता समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
जयपुर के श्याम नगर थाना क्षेत्र स्थित शिव शक्ति नगर अजमेर रोड में पड़ोसियों के बीच मामूली बात को लेकर विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि एक पक्ष ने दूसरे पक्ष के युवक और उसके भाई के साथ लाठी से मारपीट कर दी। घटना 6 अक्टूबर की सुबह करीब साढ़े 5 बजे की है। मारपीट का वीडियो भी सामने आया है। इसमें एक महिला युवक को बचाने का प्रयास करती नजर आ रही है। पूजा के दौरान अगरबत्ती लगाने को लेकर हुआ विवाद परिवादी रूपनारायण परेवा निवासी शिव शक्ति नगर अजमेर रोड जयपुर ने श्याम नगर थाने में मुकदमा दर्ज करवाया है। परिवाद के अनुसार- वह सुबह अपने घर पर पूजा-पाठ कर रहा था।सामने अगरबत्ती लगा रहा था। आरोप है कि पड़ोसी राधेश्याम निर्वाण ने अगरबत्ती लगाने का विरोध किया। इसके बाद रूप नारायण ने अगरबत्ती नहीं लगाई। इसके बाद राधेश्याम अपने घर के सामने स्कूटी धोने लगा। रूपनारायण और उसके परिवार ने घर के सामने स्कूटी धोने से मना किया तो विवाद बढ़ गया। आरोप है कि राधेश्याम ने गाली-गलौज शुरू कर दी। परिवार के कई लोग पहुंचे, डंडे से मारपीट की रूप नारायण के अनुसार- विवाद के दौरान राधेश्याम के दोनों बेटे आयुष और लकी भी मौके पर आ गए। इसके बाद राधेश्याम का बड़ा भाई गोपाल निर्वाण, उसका बेटा और विशाल निर्वाण भी वहां पहुंच गए। आरोप है कि सभी ने मिलकर रूपनारायण के साथ मारपीट शुरू कर दी। कुछ लोग लकड़ी और डंडे लेकर आए और उसके साथ मारपीट की। इस दौरान उसके शरीर पर कई चोटें आईं। भाई को बचाने पहुंचे राजेंद्र से भी मारपीट रूप नारायण के भाई राजेंद्र खटीक ने बताया कि घटना के समय वह दुकान पर था। उसके छोटे भाई रूप नारायण ने फोन कर विवाद की जानकारी दी, जिसके बाद वह मौके पर पहुंचा। राजेंद्र का आरोप है कि जब वह विवाद शांत कराने पहुंचा तो आरोपियों ने उसके साथ भी मारपीट की। राजेंद्र के मुताबिक- मारपीट के दौरान मेरे भाई को इतना पीटा गया कि उसके पैर पर नील के निशान पड़ गए। महिला ने बचाने का प्रयास किया, फिर भी डंडे से पीटा वीडियो में एक युवक के साथ मारपीट होती दिखाई दे रही है। इस दौरान एक महिला युवक को बचाने के लिए बीच में आती नजर आती है। आरोप है कि इसके बावजूद युवक के साथ डंडे से मारपीट की गई। पड़ोसियों की ओर से बीच-बचाव का प्रयास भी किया गया, लेकिन विवाद में शामिल लोगों ने युवक और उसके भाई को घेरकर पीटा। पुलिस में परिवाद देकर कार्रवाई की मांग परिवादी ने पुलिस से गोपाल निर्वाण, राधेश्याम निर्वाण, रवि निर्वाण, विशाल निर्वाण, आयुष निर्वाण, लकी निर्वाण और अन्य लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। श्याम नगर थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
तरनतारन के डिप्टी कमिश्नर राहुल और मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. तेजबीर सिंह भंगू के दिशा-निर्देशों के तहत उप-मंडल पट्टी के गांव शहीद में एक दिवसीय किसान प्रशिक्षण शिविर (Farmer Training Camp) का आयोजन किया गया। कृषि विभाग द्वारा यह विशेष कैंप फसल अवशेष प्रबंधन (Crop Residue Management) को बढ़ावा देने और किसानों को खेतों में पराली जलाने से रोकने के उद्देश्य से लगाया गया। शिविर के दौरान ब्लॉक कृषि अधिकारी डॉ. भूपिंदर सिंह ने किसानों से पराली न जलाने की भावुक अपील की। उन्होंने पराली प्रबंधन के वैज्ञानिक तरीकों के लाभ बताते हुए कहा कि फसल अवशेषों को खेत में ही मिलाने से मिट्टी में लंबे समय तक नमी बरकरार रहती है, खरपतवार (Weeds) का प्रकोप कम होता है और जमीन की प्राकृतिक उर्वरता (Soil Fertility) में भारी सुधार होता है। पर्यावरण और स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक है धुआं डॉ. भूपिंदर सिंह ने किसानों को सचेत करते हुए कहा कि पराली में आग लगाने से उठने वाला जहरीला धुआं इंसानों, मवेशियों, पक्षियों और पूरे पर्यावरण के लिए बेहद घातक है। इससे सांस और फेफड़ों से जुड़ी गंभीर बीमारियां फैलती हैं और पर्यावरण का संतुलन भी बिगड़ता है। बीज उपचार और सरकारी सब्सिडी की दी गई जानकारी कार्यक्रम के दौरान डॉ. परमिंदर कौर ने किसानों को बीज उपचार (Seed Treatment) और फसल सुरक्षा के आधुनिक उपायों के बारे में विस्तार से बताया। वहीं, डॉ. हरमदीप कौर ने मिट्टी की जांच प्रक्रिया और पराली प्रबंधन से जुड़ी कृषि मशीनरी पर मिलने वाली सरकारी सब्सिडी की विस्तृत जानकारी साझा की। शिविर के अंत में उपस्थित किसानों को सब्जियों की उन्नत बीज किटें और खेती से संबंधित विभागीय साहित्य वितरित किया गया।
छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव अपने सरगुजा प्रवास के दौरान बलरामपुर जाते समय प्रतापपुर में रुके और क्षेत्र के विकास कार्यों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने प्रतापपुर-अंबिकापुर मार्ग पर महान नदी के जर्जर पुल की बदहाली को देखकर कड़ी नाराजगी जताई और जिम्मेदार अधिकारियों को तुरंत फटकार लगाते हुए पुल की तत्काल मरम्मत कराने के निर्देश दिए। उनके साथ सरगुजा सांसद चिंतामणि महाराज भी मौजूद रहे।
नीमच जिले की जावद तहसील के मोड़ी गांव स्थित महामाया मोड़ी माताजी मंदिर का दानपात्र गुरुवार को करीब दो महीने बाद खोला गया। मंदिर समिति के पदाधिकारियों और सदस्यों की मौजूदगी में हुई गिनती में दानपात्र से 3 लाख 5 हजार 563 रुपए मिले। समिति की मौजूदगी में हुई गिनती मंदिर समिति के पदाधिकारियों और सदस्यों की मौजूदगी में दानपात्र खोला गया। स्थानीय निवासी मंगल राठौर ने बताया कि दानपात्र खोलने और राशि की गिनती की प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ की गई। नवरात्रि में भी आते हैं श्रद्धालु मोड़ी माताजी मंदिर को आरोग्य तीर्थधाम के रूप में जाना जाता है। यहां रोजाना और नवरात्रि के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन और स्वास्थ्य लाभ के लिए आते हैं। समिति के पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे दानपात्र खोलने और गिनती के दौरान मंदिर समिति अध्यक्ष मुकेश पाटीदार, कोषाध्यक्ष युवराज सिंह, सचिव वीरम सिंह सिसोदिया, लाइनमैन राजेश पाटीदार, प्रहलाद पवार, मोहन लाइनमैन, गोविंद रेगर, दिनेश मेघवाल, घनश्याम राठौर, राजू राठौर, रोहित शर्मा, संदीप पाल, कार्यालय प्रमुख सुंदर लाल व्यास और शांतिलाल चौकीदार सहित कई लोग मौजूद रहे।
अभिनेता और आगरा के पूर्व सांसद राजबब्बर गुरुवार को जनकपुरी के कार्यक्रम में आए। इस दौरान वो अपने सह-अभिनेता और मित्र नाना पाटेकर के निधन की चर्चा पर भावुक हो गए। उन्होंने कहाकि नाना का जाना मेरे लिए व्यक्तिगत क्षति और दुख है। मैंने एक बेहतरीन कलाकार, साथी और मित्र खो दिया। नाना के साथ अपने जुड़ाव को याद करते हुए अभिनेता राजबब्बर ने बताया कि वर्ष 1982 में नाना ने आर्ट फिल्म से शुरुआत की थी और तभी से हमारा संपर्क हुआ। बाद में हम दोनों ने अंधा युद्ध, आज की आवाज और आवाम फिल्मों में काम किया। नाना मेरे करीबी मित्र भी थेनाना बेहतरीन अभिनेता के साथ मेरे करीबी मित्र भी थे। उनके साथ काम करने से बेहतर करने की ऊर्जा मिलती थी। नाना की अभिनय शैली और सादे व प्रभावी व्यक्तित्व पर कहा कि सीन में नाना बहुत स्पेस लेते थे और दर्शकों का ध्यान उन्हीं पर रहता था। इस बात पर हम दोनों के बीच नोकझोंक होती भी थी, लेकिन रिश्ते हमेशा आत्मीय बने रहे। नाना के जीवन के उतार-चढ़ाव की छाप उनके अभिनय में दिखती थी। उनका स्वभाव सरल तथा सामाजिक था। नाना अस्पतालों में जाकर चुपचाप लोगों और मरीजों की मदद करते थे। उनके निधन की खबर पर विश्वास नहीं हो रहा कि इतने अनुशासित व्यक्ति को भी हार्ट अटैक आ सकता है। नाना का जाना फिल्म जगत के साथ मेरी व्यक्तिगत क्षति है।
हाथरस के रेल यात्रियों के लिए राहत की खबर है। रेल मंत्रालय ने दो महत्वपूर्ण ट्रेनों को वाया हाथरस जंक्शन चलाने की मंजूरी दी है। सांसद अनूप प्रधान वाल्मीकि के मुताबिक, उन्होंने क्षेत्र के यात्रियों की लंबे समय से चली आ रही मांग को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के सामने रखा था। इसके बाद मंत्रालय ने 19427/19428 भुज-बरौनी अमृत भारत एक्सप्रेस और 14153/14154 कानपुर सेंट्रल-आनंद विहार (टर्मिनल) मेल को वाया हाथरस जंक्शन चलाने की मंजूरी दी है। भुज-बरौनी अमृत भारत एक्सप्रेस का मिलेगा लाभ 19427/19428 भुज-बरौनी अमृत भारत एक्सप्रेस हाथरस जंक्शन होकर चलेगी। इससे कच्छ (गुजरात) और बरौनी (बिहार) के बीच रेल संपर्क में हाथरस भी जुड़ेगा। कानपुर-अनंद विहार मेल भी वाया हाथरस 14153/14154 कानपुर सेंट्रल-आनंद विहार (टर्मिनल) मेल को भी वाया हाथरस जंक्शन चलाने की मंजूरी मिली है। यह रोजाना चलने वाली मेल ट्रेन होने के कारण क्षेत्र के यात्रियों को दिल्ली-एनसीआर की यात्रा में सुविधा मिलने की उम्मीद है। रेल मंत्रालय के मुताबिक, यात्रियों की सुविधा और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए रेल सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। इस फैसले से हाथरस, अलीगढ़ और सिकंदराराऊ समेत आसपास के क्षेत्र के यात्रियों को लाभ मिलेगा। सांसद अनूप प्रधान वाल्मीकि ने क्षेत्र की मांग स्वीकार किए जाने पर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार जताया है।
बीकानेर में युवकों पर बोलेरो कैंपर चढ़ाने के प्रयास की घटना से हड़कंप मच गया। हालांकि यह बदमाशों के दो गुटों के आपसी टकराव का मामला था। घटना शहर के मुक्ताप्रसाद नगर थाना इलाके के बंगलानगर इलाके में गुरुवार दोपहर 2 बजे हुई। घटना में एक युवक बाल-बाल बच गया। इस दौरान फायरिंग किए जाने की बात भी कही जा रही है। मुक्ताप्रसाद नगर थाना के कार्यवाहक थाना प्रभारी महेंद्र सिंह ने बताया- फायरिंग की घटना होने की जानकारी सामने आई है लेकिन अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से कोई मामला दर्ज नहीं कराया है। 1. पहले ईंटों से हमला 2. फिर रौंदने की कोशिश 3. गाड़ियों को ठोका और फरार दो गुटों के बीच आपसी टकराव सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक शहर में बदमाशों के दो गुटों के बीच यह वर्चस्व की जंग जैसा हमला था। एक गुट मुक्ताप्रसाद नगर थाना इलाके के बंगलानगर इलाके में रहने वाले बदमाशों का है, जिन पर हमले के वीडियो सामने आए हैं। बताया जा रहा है कि बंगलानगर के बदमाश गुरुवार सुबह 11 बजे दूसरे गुट के इलाके में पहुंचे थे। दूसरे गुट के बदमाश नया शहर थाना के मुरलीधरव्यास नगर इलाके में रहते हैं। वहां परशुराम द्वार पर खड़े उनके वाहनों में बदमाशों ने जमकर तोड़फोड़ मचाई और भागकर अपने इलाके (बंगलानगर) में आ गए। बोलेरो कैंपर में पीछा करते हुए आया दूसरा गुट बदमाशों का पीछा करते हुए दूसरे गुट के बदमाश दोपहर 2 बजे बोलेरो कैंपर में बंगलानगर इलाके में पहुंचे। वहां पहुंचने पर लड़कों ने उन पर ईंटों, पत्थरों और लाठियों से हमला कर दिया। बोलरो कैंपर सवार बदमाशों ने पहले तो कार को पीछे लिया, इसके बाद स्पीड बढ़ाते हुए कार लड़कों की तरफ दौड़ा दी। बदमाशों ने भागकर जान बचाने की कोशिश की लेकिन युवक बोलेरो की चपेट में आ गया। गनीमत रही कि सीढियां आने से उसकी जान बच गई। इस दौरान रोड पर खड़ी स्कूटी उछलकर दूर जाकर गिरी। बोलेरो कैंपर रुकी तो बदमाश फिर एकजुट हुए और कार पर अटैक कर दिया। कार सवार ने गाड़ी को बैक लेकर दो खड़ी कारों को ठोक दिया। इसके बाद तेज रफ्तार से वहां से फरार हो गया। बदमाश लाठी डंडे लेकर कार के पीछे भागते नजर आ रहे हैं। पुलिस CCTV के आधार पर करेगी कार्रवाई बताया जा रहा है कि लंबे समय से दोनों गुटों में रंजिश चल रही है। इस मामले में पुलिस ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है। पुलिस को दोनों पक्षों ने कोई एफआईआर भी नहीं दी है। हालांकि पुलिस ने सीसीटीवी एकत्र कर लिए हैं और अपने स्तर पर कार्रवाई की तैयारी कर रही है।
तख्त श्री दमदमा साहिब के जत्थेदार ज्ञानी टेक सिंह ने लुधियाना स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री मंझी साहिब पातशाही दसवीं (आलमगीर) के लंगर हॉल पर हुए हमले पर गहरा रोष जताया है। उन्होंने कुछ शरारती तत्वों द्वारा लंगर हॉल पर ईंट-पत्थरों से किए गए हमले की सख्त शब्दों में निंदा की। गुरु घर पर हमला बर्दाश्त से बाहर, प्रशासन करे सख्त कार्रवाई जत्थेदार ज्ञानी टेक सिंह ने स्पष्ट किया कि पावन गुरु घर पर इस तरह का हमला किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने पंजाब सरकार और लुधियाना जिला प्रशासन से मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत कड़ा संज्ञान लेने और इस घिनौनी वारदात में शामिल दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की पुरजोर मांग की। कीमती जमीन पर कब्जे को बताया प्रशासन की गंभीर लापरवाही मामले के अन्य पहलुओं पर बात करते हुए जत्थेदार ने कहा कि बाहरी व्यक्तियों द्वारा गुरुद्वारा साहिब से संबंधित कीमती जमीन पर कब्जा करने का प्रयास प्रशासनिक व्यवस्था की एक गंभीर चूक है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पंजाब की पवित्र धरती पर किसी भी गैर-कानूनी तत्व को इस तरह की असामाजिक गतिविधियों में शामिल होने की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए। 'सरबत दा भला' की परंपरा कायम, पर हमले बर्दाश्त नहीं ज्ञाता टेक सिंह ने कहा कि सिख कौम हमेशा 'सरबत दा भला' (सभी के कल्याण) के सिद्धांत पर चलती है और गुरु घर के लंगर के दरवाजे हर जरूरतमंद के लिए बिना किसी भेदभाव के 24 घंटे खुले रहते हैं। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि सिख समुदाय लंगर हॉल या गुरु घर की मर्यादा पर किसी भी तरह के सीधे हमले या अनादर को कतई सहन नहीं करेगा।
SGPGI में लिवर ट्रांसप्लांट के बाद 32 वर्षीय मरीज की हालत में सुधार होने पर गुरुवार को उसे छुट्टी दे दी गई। मरीज को 30 अगस्त को लिवर ट्रांसप्लांट किया गया था। यह लिवर लोहिया संस्थान में ब्रेन डेड घोषित मरीज के अंगदान से मिला था। लोहिया संस्थान में भर्ती बाराबंकी निवासी 35 वर्षीय मनुज मिश्रा को घर में नहाते समय गिरने के बाद अस्पताल लाया गया था। जांच में ब्रेन हेमरेज की पुष्टि हुई। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे ब्रेन डेड घोषित किया। इसके बाद परिजनों ने अंगदान का फैसला लिया। एक लिवर और दो किडनी से तीन मरीजों को मिली जिंदगी मनुज मिश्रा का एक गुर्दा लोहिया संस्थान में एक महिला मरीज को ट्रांसप्लांट किया गया। वहीं दूसरा गुर्दा SGPGI में एक महिला मरीज को लगाया गया। उनका लिवर SGPGI में भर्ती 32 वर्षीय युवक को ट्रांसप्लांट किया गया। SGPGI में पिछले दो साल में तीन जीवित दाताओं और दो ब्रेन डेड दाताओं से लिवर ट्रांसप्लांट किए गए हैं। इस दौरान तीन ब्रेन डेड मरीजों के अंग ट्रांसप्लांट के लिए निकाले भी गए। लिवर ट्रांसप्लांट नोडल अधिकारी डॉ.सुप्रिया शर्मा के निर्देशन में गैस्ट्रो सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ.अनु, डॉ.राहुल सिंह, डॉ.प्रदीप और डॉ.सारंगी की टीम ने ट्रांसप्लांट किया। मरीज को छुट्टी मिलने पर SGPGI निदेशक डॉ.आरके धीमन ने पूरी टीम को बधाई दी।
मेरठ नगर निगम की समस्याओं और मांगों को लेकर गुरुवार को वार्ड-06 के पार्षद प्रशांत कसाना के नेतृत्व में निगम परिसर में धरना दिया गया। सुबह 10 बजे से शाम 6:30 बजे तक धरना चलने के बावजूद अधिकारियों की ओर से सुनवाई नहीं होने पर पार्षदों और समर्थकों ने नगर निगम से कमिश्नर कार्यालय तक मशाल जुलूस निकालने का निर्णय लिया। मशाल जुलूस नगर निगम से शुरू होकर कमिश्नर कार्यालय की ओर बढ़ा। जुलूस घंटाघर चौराहे से पहले ही पहुंचा था कि नगर निगम के अधिकारी और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की और उनकी सभी मांगों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया। प्रदर्शनकारियों के अनुसार, अधिकारियों ने मांगों के निस्तारण के लिए 15 दिन से एक माह का समय दिया। इसका लिखित आश्वासन भी दिया गया। इसके बाद पार्षदों और समर्थकों ने मशाल जुलूस समाप्त कर धरना खत्म कर दिया। वार्ड 6 के लोगों ने निगम के गेट पर बैठ कर दिन भर प्रदर्शन किया इस दौरान उन्होंने अन्य लोगों को भी अंदर निगम में नहीं जाने दिया जिसके चलते उनको परेशानी भी हुई। वहीं पार्षद प्रशांत कसाना के समर्थक और सत्ता पक्ष के एक पार्षद के निगम में अंदर जाने को लेकर बहस भी हुई। धरने और प्रदर्शन में पार्षद कीर्ति घोपला वार्ड-31, पार्षद आशीष चौधरी वार्ड-36, पूर्व पार्षद गजेंद्र सिंह, कर्मवीर सिंह, ईशु पुट्ठा, प्रवीण एडवोकेट, रितिक कसाना, निखिल छोक्कर, रामसिंह नेताजी, महकार मास्टर और शोभाराम समेत अन्य लोग बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

