अयोध्या/लखनऊ। उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी अयोध्या (Ayodhya) से इस वक्त की एक बेहद सनसनीखेज और बड़ी खबर सामने आ रही है। राम मंदिर आंदोलन में सदियों तक कानूनी और सामाजिक लड़ाई लड़ने वाले प्रतिष्ठित 'निर्मोही अखाड़े' (Nirmohi Akhara) ने एक अभूतपूर्व और कठोर कदम उठाया है। टीवी9 हिंदी की एक विशेष रिपोर्ट के मुताबिक, अखाड़े ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट (Ram Mandir Trust) के प्रतिष्ठित सदस्य महंत दिनेंद्र दास (Mahant Dinendra Das) को अखाड़े से पूरी तरह निष्कासित (Removed) कर दिया है। अयोध्या विवाद के सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के बाद बने सरकारी ट्रस्ट में निर्मोही अखाड़े के प्रतिनिधि के तौर पर महंत दिनेंद्र दास को शामिल किया गया था। ऐसे में अखाड़े द्वारा उन्हें बाहर का रास्ता दिखाए जाने के बाद अयोध्या के संत समाज और देश के धार्मिक-राजनीतिक हलकों में भारी हड़कंप मच गया है।क्यों की गई इतनी बड़ी कार्रवाई? सामने आई आंतरिक कलहसूत्रों और अखाड़े के वरिष्ठ संतों के हवाले से सामने आई जानकारी के मुताबिक, महंत दिनेंद्र दास के खिलाफ यह अनुशासनात्मक कार्रवाई अखाड़े के आंतरिक नियमों के उल्लंघन और ट्रस्ट की गतिविधियों से जुड़ी गंभीर शिकायतों के बाद की गई है:अखाड़े को नजरअंदाज करने का आरोप: अखाड़े के पंचों (शीर्ष परिषद) का आरोप है कि राम मंदिर ट्रस्ट का सदस्य बनने के बाद से महंत दिनेंद्र दास अखाड़े की मूल परंपराओं, फैसलों और पंचों की राय को लगातार नजरअंदाज कर रहे थे।पारदर्शिता और संवाद की कमी: अखाड़े के वरिष्ठ पदाधिकारियों का मानना है कि ट्रस्ट के भीतर निर्मोही अखाड़े के हितों और पक्ष को मजबूती से रखने की बजाय महंत दिनेंद्र दास व्यक्तिगत निर्णयों को प्राथमिकता दे रहे थे, जिससे अखाड़े की साख प्रभावित हो रही थी। इसी आंतरिक कलह और संवादहीनता के चलते पंचों ने सर्वसम्मति से उन्हें निष्कासित करने का बड़ा फैसला लिया।अब राम मंदिर ट्रस्ट की सदस्यता पर क्या पड़ेगा असर?महंत दिनेंद्र दास को निर्मोही अखाड़े से हटाए जाने के बाद अब सबसे बड़ा कानूनी और प्रशासनिक सवाल 'श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट' में उनकी सदस्यता को लेकर खड़ा हो गया है।सुप्रीम कोर्ट का आदेश: गौरतलब है कि साल 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या विवाद पर अपना ऐतिहासिक फैसला सुनाते समय केंद्र सरकार को जो ट्रस्ट बनाने का आदेश दिया था, उसमें स्पष्ट रूप से कहा गया था कि इस न्यास (Trust) में निर्मोही अखाड़े के एक प्रतिनिधि को अनिवार्य रूप से स्थान दिया जाएगा।बदलाव की मांग: अखाड़े के सूत्रों का कहना है कि वे जल्द ही केंद्र सरकार और ट्रस्ट के चेयरमैन को एक आधिकारिक पत्र भेजने जा रहे हैं। इस पत्र के जरिए सरकार को सूचित किया जाएगा कि दिनेंद्र दास अब अखाड़े का प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं, इसलिए उनकी जगह अखाड़े द्वारा नामित किसी अन्य योग्य संत को ट्रस्ट में शामिल किया जाए।अयोध्या के संत समाज की प्रतिक्रिया और आगे की राहइस अचानक हुए घटनाक्रम के बाद अयोध्या के विभिन्न अखाड़ों और राम मंदिर ट्रस्ट के अन्य सदस्यों के बीच विचार-विमर्श का दौर शुरू हो गया है। हालांकि, राम मंदिर ट्रस्ट की ओर से अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि चूंकि ट्रस्ट का गठन केंद्र सरकार के नोटिफिकेशन और सुप्रीम कोर्ट के गाइडलाइंस के तहत हुआ है, इसलिए अखाड़े के इस फैसले के बाद ट्रस्ट के डीड (नियमों) की समीक्षा की जाएगी। आने वाले दिनों में यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि क्या केंद्र सरकार निर्मोही अखाड़े की मांग को स्वीकार करते हुए ट्रस्ट में कोई नया चेहरा शामिल करती है या महंत दिनेंद्र दास की सदस्यता तकनीकी आधार पर बरकरार रहती है।
नंदवान में मिली जली हुई बॉडी:पुलिस ने मॉर्च्युरी में रखवाया शव; मौत के कारणों का पता लगा रही पुलिस
जोधपुर के विवेक विहार थाना क्षेत्र के नंदवान में एक व्यक्ति की आधी जली हुई बॉडी मिली। इससे इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और बॉडी को अपने कब्जे में लेकर जोधपुर के मथुरादास माथुर अस्पताल पहुंचाया। यहां बॉडी की शिनाख्त हो गई। परिजनों की ओर से रिपोर्ट देने पर पुलिस की ओर से आगे की कार्रवाई की जाएगी। यह वारदात रविवार शाम करीब 4 बजे हुई। बॉडी की शिनाख्त तेजाराम (48) पुत्र रावत राम जाट निवासी गोदारा की ढाणी नंदवान के तौर पर हुई है। विवेक विहार थाना अधिकारी बलवंत राम ने बताया- नंदवान गांव में शाम 4 बजे एक व्यक्ति की आधी जली हुई हालत में बॉडी मिलने की सूचना मिली थी। इस पर पुलिस मौके पर पहुंची। बॉडी को अपने कब्जे में लेकर मथुरादास माथुर हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी भिजवाया। प्रारंभिक पड़ताल में सामने आया कि तेजाराम का मानसिक संतुलन पिछले कुछ दिनों से ठीक नहीं था। हालांकि पुलिस सभी एंगल से जांच कर रही है।
रीवा में सरकारी स्कूलों की 450 बंडल मुफ्त किताबें गायब:एफआईआर दर्ज; भोपाल की टीम जांच में जुटी
रीवा के शासकीय विद्यालयों में विद्यार्थियों को नि:शुल्क वितरित की जाने वाली पाठ्य पुस्तकों के वितरण में रीवा में बड़े फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। पाठ्य पुस्तक निगम के गोदाम से करीब दो ट्रक के बराबर 450 बंडल किताबें गायब मिली हैं। इन किताबों की अनुमानित कीमत 35 से 36 लाख रुपए बताई जा रही है। मामले के सामने आते ही रीवा से लेकर भोपाल तक हड़कंप मच गया। मामले में चोरहटा थाने में एफआईआर दर्ज कर ली गई है, जबकि भोपाल से पहुंची टीम ने जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि दो दिन पहले ही शासकीय विद्यालयों में वितरित होने वाली किताबों में अनियमितता का मामला उजागर हुआ था। इसके बाद कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए किताबों के वितरण के निर्देश दिए। जब गोदाम के स्टॉक का मिलान किया गया तो बड़ी संख्या में किताबें गायब मिलीं। सूत्रों के अनुसार, जिन किताबों को सरकारी स्कूलों तक पहुंचना था, वे कई विद्यालयों में नहीं पहुंचीं। वहीं, इन्हीं किताबों के खुले बाजार में बिकने की शिकायतें भी सामने आई थीं। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि गोदाम में कुछ ऐसी किताबें रखी मिली हैं, जो रिकॉर्ड में पहले ही वितरित या समाप्त दर्शाई जा चुकी थीं। आशंका जताई जा रही है कि बदले हुए सिलेबस की पुस्तकों को बाद में वापस रखकर कागजी खानापूर्ति की गई हो। हालांकि, इसकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी। मामले की गंभीरता को देखते हुए भोपाल स्तर से अधिकारियों की टीम रीवा पहुंची है। टीम गोदाम के स्टॉक, वितरण रजिस्टर और अन्य दस्तावेजों की बारीकी से जांच कर रही है। जांच में और भी अनियमितताओं के सामने आने की संभावना जताई जा रही है। थाना प्रभारी पवन शुक्ला ने बताया कि पाठ्य पुस्तक निगम के गोदाम से 450 बंडल किताबें गायब मिली हैं, जिनकी अनुमानित कीमत 35 से 36 लाख रुपए है। इस संबंध में चोरहटा थाने में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और मामले की विवेचना की जा रही है। जांच के आधार पर आगे वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
मेरठ में युवक ने आम के पेड़ पर फांसी लगाई:नोएडा में नौकरी छूटने के बाद पत्नी से चल रहा था विवाद
मेरठ के बहसूमा क्षेत्र के सदरपुर गांव में रविवार देर शाम गृह क्लेश के चलते एक 34 वर्षीय युवक संजीव ने आम के पेड़ से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मेरठ मोर्चरी भेज दिया है। ट्यूबवेल के पास आम के पेड़ पर लटकी मिली लाश थाना प्रभारी रविंद्र कुमार पंवार ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि सदरपुर गांव के पास रामपाल की ट्यूबवेल पर एक युवक ने फांसी लगा ली है। जब पुलिस टीम मौके पर पहुंची, तो संजीव का शव आम के पेड़ की डाल पर तौलिया के फंदे से लटका हुआ था। पुलिस ने शव को नीचे उतारा, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। नौकरी छूटने के बाद मायके चली गई थी पत्नी मृतक संजीव के पिता सुनील और भाई संदीप ने बताया कि संजीव पिछले कई वर्षों से नोएडा में रहकर नौकरी करता था। वहां उसकी पत्नी सरिता और बच्चा लड्डू भी उसके साथ रहते थे। कुछ समय पहले संजीव की नौकरी छूट गई थी, जिसके बाद से घर में आर्थिक तंगी और गृह क्लेश शुरू हो गया। परिजनों के मुताबिक, नौकरी जाने के बाद पत्नी अक्सर संजीव से विवाद करती थी और कुछ दिन पहले वह उसे छोड़कर अपने गांव सैनी (मायके) जाकर रहने लगी थी। पत्नी के दूर जाने और बेरोजगारी के कारण संजीव पिछले कई दिनों से गहरे मानसिक तनाव से गुजर रहा था। जांच में जुटी पुलिस थाना प्रभारी ने बताया कि समाचार लिखे जाने तक परिजनों या किसी अन्य पक्ष की ओर से कोई लिखित तहरीर नहीं मिली है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की बारीकी से जांच कर रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कोरबा के पथरीपारा स्थित डेंगूनाला में मगरमच्छ दिखने की खबर से इलाके में हड़कंप मच गया। व्हाट्सएप ग्रुप पर एक फोटो वायरल होने के बाद बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए। सूचना मिलते ही वन विभाग की रेस्क्यू टीम भी पहुंची, लेकिन काफी देर तक तलाश के बाद भी मगरमच्छ का कोई पता नहीं चला। ऐसे में फोटो और सूचना को लेकर अफवाह की आशंका जताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक, पथरीपारा के कुछ युवक डेंगूनाला में मछली पकड़ने गए थे। उन्होंने नाले में मगरमच्छ देखने का दावा किया। इसके बाद उसकी फोटो खींचकर व्हाट्सएप ग्रुप में शेयर कर दी। देखते ही देखते फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई और बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए। वन विभाग ने चलाया सर्च ऑपरेशन सूचना मिलने के बाद वन विभाग की आरसीआरएस रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और नाले के आसपास गहन तलाश की। टीम के सदस्य अविनाश यादव ने बताया कि उन्हें व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए मगरमच्छ दिखने की जानकारी मिली थी। मौके पर मौजूद कुछ युवकों ने भी मगरमच्छ देखने की बात कही थी। इसके बाद पूरे इलाके में खोजबीन की गई, लेकिन काफी देर तक तलाश करने के बावजूद मगरमच्छ नहीं मिला। स्थानीय लोगों ने भी नहीं देखा मगरमच्छ स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें भी व्हाट्सएप पर फोटो मिलने के बाद ही जानकारी मिली थी। वे मौके पर पहुंचे, लेकिन उन्हें भी कहीं मगरमच्छ दिखाई नहीं दिया। कुछ लोगों का मानना है कि वायरल फोटो किसी दूसरे स्थान की हो सकती है या फिर उसे एडिट कर अफवाह फैलाई गई है। बारिश के बाद जताई गई थी आशंका स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ दिन पहले हुई भारी बारिश से नदी-नालों का जलस्तर बढ़ गया था। ऐसे में मगरमच्छ के बहकर इस क्षेत्र में आने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि, इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है। वन विभाग ने अफवाहों से बचने की अपील की वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि बिना पुष्टि की गई खबरों और सोशल मीडिया पर वायरल हो रही अफवाहों पर भरोसा न करें। किसी भी वन्यजीव के दिखने की जानकारी मिलने पर तुरंत वन विभाग को सूचना दें और अनावश्यक रूप से भीड़ न लगाएं।
रोहतक में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार के खिलाफ व बिहार में भरत तिवारी के एनकाउंटर को हत्या करार देते हुए मशाल जुलूस निकाला और भरत तिवारी को श्रद्धांजलि दी। पुराना आईटीआई मैदान से लेकर सुभाष चौक तक मशाल जुलूस निकालते हुए मोदी सरकार के इस्तीफे की मांग की। मशाल जुलूस से पूर्व शहीद मदन लाल धींगड़ा कम्युनिटी सेंटर में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया, जिसमें लोकसभा सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा, विधायक बीबी बतरा व विधायक कुलदीप वत्स शामिल हुए। श्रद्धांजलि सभा के दौरान सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने भाजपा सरकार को निशाने पर लेते हुए भरत तिवारी के एनकाउंटर को हत्या करार दिया। महापुरुषों के आदर्श व मूल्य बचाने की लड़ाई दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि आज महापुरुषों के आदर्शों व मूल्यों को बचाने की लड़ाई है। आज ऐसी सरकार बनी है, जिसने पूरे देश में संविधान को खतरे में डाल दिया है। लेकिन संविधान में स्वतंत्रता दी गई थी, जो आज खतरे में है। भरत तिवारी नागरिकों के हकों की लड़ाई लड़ते थे, जो भाजपा के गले नहीं उतरी। हर वर्ग की आवाज दबाने में लगी भाजपा दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि आज भाजपा हर वर्ग की आवाज दबाने में लगी हुई है। कोई भी वर्ग अपनी आवाज उठाता है तो भाजपा उसे दबाने में लग जाती है। जंतर मंतर पर छात्रों की बात उठाने पर भूख हड़ताल पर बैठे लोगों को उठा लिया। प्रजातंत्र व संविधान में सभी को अपने हक की लड़ाई लड़ने का अधिकार है, क्योंकि अभी तक यह देश तानाशाह डिक्लेयर नहीं हुआ। बिहार में भरत तिवारी के परिवार से मिले कुलदीप वत्सदीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि विधायक कुलदीप वत्स बिहार जाकर आए और भरत तिवारी के परिवार से मिले। उनके परिवार की आवाज को उठा रहे है। आज मशाल जुलूस के माध्यम से भरत तिवारी को श्रद्धांजलि दी गई है और उसके परिवार को न्याय दिलाने की मांग की है। भाजपा ने 12 साल में नहीं किया कोई काम दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि भारतीय जनताा पार्टी काम की बात तो तब करें, जब कोई काम किया हो। प्रधानमंत्री हरियाणा में आए और खाली हाथ लौट गए। पिछले 12 साल में एक भी बड़ा प्रोजेक्ट हरियाणा को नहीं दिया। एक ट्रेन देकर गए, जो किसी काम की नहीं निकली।
जोधपुर में सिजेरियन डिलीवरी के बाद 5 प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ गई थी। वहीं पिछले दो दिन में 5 प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ी है। इन सभी का इलाज उम्मेद हॉस्पिटल में चल रहा है। इनमें से 2 मरीज की स्वास्थ्य में सुधार हुआ है। डॉ. एस.एन. मेडिकल कालेज के प्रिंसिपल डॉ. बीएस जोधा ने प्रसूताओं के स्वास्थ्य को लेकर बुलेटिन जारी किया है। इसमें बताया कि कॉलेज से सम्बद्ध उम्मेद अस्पताल 24 घंटों में आईसीयू में भर्ती 5 मरीजों में से 2 मरीजों के स्वास्थ्य में सुधार होने पर उन्हें एचडीयू में शिफ्ट किया गया है। वर्तमान में आईसीयू में भर्ती 3 मरीजों में से 1 अभी वेंटीलेटर पर है। वहीं अन्य 2 मरीजों का स्वास्थ्य स्थिर है। इस अस्पताल में किसी प्रसूता की मृत्यु नहीं हुई है। एक प्रसूता की स्थिति गंभीर प्रिंसिपल डॉ. बीएस जोधा ने बताया- महात्मा गांधी अस्पताल के आईसीयू में भर्ती तीन मरीज, जिसमें से एक मरीज में मिसमैच ब्लड ट्रांस्फ्यूजन किया गया था, उसका डायलिसिस चल रहा है। वह स्थिर अवस्था में है। सामू नामक दूसरी मरीज का इलाज भी जारी है। 24 जून को सामू की गर्भाशय और पेशाब की थैली फटने पर वह अस्पताल में आई थी। सामू अभी वेंटीलेटर पर है और डायलिसिस भी हो रहा है। उसकी स्थिति गंभीर है। इसके अलावा तीसरी मरीज अत्यधिक ब्लड लॉस के कारण किडनी पर असर होने के कारण उम्मेद अस्पताल से 18 जुलाई को शिफ्ट किया गया था, उसका इलाज चल रहा है। इस मरीज का भी डायलिसिस किया गया है। मरीज हालत स्थिर है। जोधा ने बताया- सभी मरीजों का इलाज वरिष्ठ चिकित्सकों की देखरेख में किया जा रहा है। मरीजों के परिजनों को समय-समय पर उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी दी जा रही है। किसी भी मरीज की पिछले 24 घंटे में मृत्यु नहीं हुई है।
बक्सर जिले से एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक वृद्ध अपनी लकवाग्रस्त पत्नी को ठेले पर लादकर लगभग 27 किलोमीटर पैदल चला। यह घटना डुमरांव से बक्सर सदर अस्पताल तक की है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। वायरल वीडियो में एक युवक ने वृद्ध से बातचीत की। वृद्ध ने बताया कि उसे लगा कि एंबुलेंस या किसी अन्य वाहन से मरीज को लाने पर पैसे देने पड़ेंगे, इसलिए उसने मजबूरी में ठेले का सहारा लिया। युवक ने उसे सरकारी एंबुलेंस सेवा के निशुल्क होने की जानकारी दी, लेकिन वृद्ध के हाव-भाव से स्पष्ट था कि उसे इसकी जानकारी नहीं थी। मरीज के पहुंचने की कोई आधिकारिक सूचना नहींवृद्ध ने अपनी पत्नी का नाम उगना देवी बताया, जो लकवा से पीड़ित हैं। पहले उन्हें कोरानसराय के एक अस्पताल में दिखाया गया था, जहां से उन्हें डुमरांव रेफर किया गया। डुमरांव से बेहतर इलाज के लिए उन्हें बक्सर सदर अस्पताल जाने की सलाह दी गई, जिसके बाद वृद्ध अपनी पत्नी को ठेले पर लेकर बक्सर के लिए निकल पड़ा। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि यह वीडियो किस दिन बनाया गया था। यह भी पुष्टि नहीं हो पाई है कि मरीज को सरकारी अस्पताल से रेफर किया गया था या किसी निजी अस्पताल से। साथ ही, उन्हें एंबुलेंस सेवा उपलब्ध कराई गई थी या नहीं, इसकी भी जानकारी नहीं मिल सकी है। बक्सर सदर अस्पताल में भी मरीज के पहुंचने की कोई आधिकारिक सूचना नहीं है, जिससे यह संभावना जताई जा रही है कि उन्हें किसी अन्य अस्पताल में ले जाया गया होगा। घटना जागरूकता पर गंभीर सवाल खड़े करतीयह घटना स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और जागरूकता पर गंभीर सवाल खड़े करती है। यदि सरकारी एंबुलेंस सेवा उपलब्ध थी, तो वृद्ध तक इसकी जानकारी क्यों नहीं पहुंची? यदि सेवा उपलब्ध नहीं थी, तो यह स्वास्थ्य व्यवस्था की बड़ी चूक है। जानकारी के अभाव में एक गरीब वृद्ध का अपनी बीमार पत्नी को इतनी दूर तक ठेले पर ढोने को मजबूर होना, स्वास्थ्य सेवाओं के प्रचार-प्रसार और जागरूकता अभियान की कमी को उजागर करता है।
खैरथल-तिजारा जिले की मुण्डावर थाना पुलिस ने अवैध हथियारों के मुख्य सप्लायर अनिल कुमार उर्फ डूंगर (22) को गिरफ्तार किया है। अनिल कुमार भरतपुर के हिंगोटा, थाना खेड़ली मोड़ का निवासी है। पुलिस के अनुसार, आरोपी उत्तर प्रदेश से हथियार खरीदकर राजस्थान के भरतपुर, अलवर और जयपुर सहित कई जिलों में उनकी आपूर्ति करता था। अनिल कुमार उर्फ डूंगर के खिलाफ आर्म्स एक्ट सहित विभिन्न थानों में कुल 12 आपराधिक मामले दर्ज हैं। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक बृजेश ज्योति उपाध्याय के निर्देश पर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जया सिंह और किशनगढ़बास वृत्ताधिकारी लालसिंह यादव के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी मोहर सिंह के नेतृत्व में की गई। यह गिरफ्तारी 24 मई 2026 को तिनकीरूड़ी बस स्टैंड पर हुई एक पिछली कार्रवाई से जुड़ी है। उस दौरान मुखबिर की सूचना पर एक स्विफ्ट कार (RJ-02-CJ-7222) से लोकेश प्रजापत निवासी मातौर को गिरफ्तार किया गया था। उसके पास से दो अवैध 12 बोर देशी कट्टे और कार जब्त की गई थी। जांच में सामने आया था कि लोकेश प्रजापत गैंग रंजिश के चलते गैंगवार की तैयारी में भारी मात्रा में हथियार और कारतूस जुटा रहा था। इस मामले में पुलिस पहले ही गैंग सदस्य मनोज कुमार उर्फ मन्नू निवासी खुदनपुरी, अलवर को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। अनिल कुमार उर्फ डूंगर की गिरफ्तारी के साथ इस प्रकरण में अब तक कुल तीन आरोपी पकड़े जा चुके हैं, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस अनिल कुमार से अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त के नेटवर्क, सप्लाई चेन और इससे जुड़े अन्य आरोपियों के संबंध में गहन पूछताछ कर रही है। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि आरोपी लंबे समय से उत्तर प्रदेश से हथियार लाकर राजस्थान के विभिन्न जिलों में उनकी आपूर्ति कर रहा था। इस कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में थाना प्रभारी मोहर सिंह, सहायक उपनिरीक्षक रतनलाल, कांस्टेबल फूल सिंह और कांस्टेबल प्रेम कुमार शामिल थे।
सीवान पुलिस अधीक्षक ने अनुशासनहीनता पर सख्त रुख अपनाते हुए जिले के पांच थानाध्यक्षों का एक दिन का वेतन काटने का आदेश जारी किया है। सरकारी समीक्षा बैठक से बिना पूर्व अनुमति अनुपस्थित रहने पर यह कार्रवाई की गई है। एसपी की इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है और इसे अनुशासन बनाए रखने के लिए बड़ा संदेश माना जा रहा है। आर्म्स एक्ट से जुड़े मामलों की समीक्षा बैठक समाहरणालय स्थित सभागार में आयोजित आर्म्स एक्ट से जुड़े मामलों की समीक्षा बैठक में जिले के सभी संबंधित अधिकारियों को उपस्थित होना था। लेकिन दरौली थाना के थानाध्यक्ष अभिनव दुबे, बड़हरिया थाना के थानाध्यक्ष छोटन कुमार, जीबी नगर थाना के थानाध्यक्ष राजेश कुमार सिंह, सिसवन थाना के थानाध्यक्ष चितरंजन कुमार तथा चैनपुर थाना के थानाध्यक्ष विजय रंजन बैठक में अनुपस्थित पाए गए। पुलिस अधीक्षक ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए पांचों थाना प्रभारियों का एक दिन का वेतन काटने का आदेश जारी कर दिया। बिना पूर्व अनुमति अनुपस्थित नहीं रहने की चेतावनी एसपी ने सभी पांचों अधिकारियों को भविष्य में किसी भी सरकारी अथवा समीक्षा बैठक में बिना पूर्व अनुमति अनुपस्थित नहीं रहने की कड़ी चेतावनी भी दी है। साथ ही निर्देश दिया कि सभी अधिकारी अपने दायित्वों का पूरी जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करें, अन्यथा आगे और कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अनुसंधान की प्रगति,अभियुक्तों की जानकारी ली वहीं बैठक के दौरान आर्म्स एक्ट से संबंधित लंबित और विचाराधीन मामलों की भी विस्तृत समीक्षा की गई। प्रत्येक कांड की वर्तमान स्थिति, अनुसंधान की प्रगति,अभियुक्तों की जानकारी और अभियोजन से जुड़े लंबित बिंदुओं पर चर्चा करते हुए संबंधित अधिकारियों को मामलों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। पुलिस अधीक्षक ने अनुसंधान पदाधिकारियों और अभियोजन अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने, साक्ष्यों को प्रभावी ढंग से न्यायालय में प्रस्तुत करने तथा दोषियों को जल्द सजा दिलाने पर विशेष जोर दिया। साथ ही सभी थानाध्यक्षों को आर्म्स एक्ट के मामलों की नियमित मॉनिटरिंग करने और लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निष्पादित करने का निर्देश दिया। हालांकि इस समीक्षा बैठक की सबसे बड़ी चर्चा दरौली, बरहरिया, जीबी. नगर, सिसवन और चैनपुर थाना प्रभारियों पर हुई वेतन कटौती की कार्रवाई रही। पुलिस विभाग में इसे अनुशासन को लेकर एसपी के सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
CJP के संसद मार्च पर दिल्ली पुलिस की सख़्ती: न अनुमति मांगी, न हमने दी, धारा 163 लागू
संसद के मानसून सत्र से ठीक पहले दिल्ली पुलिस ने साफ़ कर दिया है कि 20 जुलाई को प्रस्तावित CJP संसद मार्च को किसी भी हाल में अनुमति नहीं दी जाएगी
मुजफ्फरपुर पुलिस ने 8 साल से फरार हत्याकांड के आरोपी को गिरफ्तार किया है। उसने 2018 में अपनी पत्नी का मर्डर किया था। पुलिस के अनुसार आरोपी का अवैध संबंध था, जिसका पत्नी हमेशा विरोध करती थी। इसी बात पर उसकी हत्या कर दी। जिले में टॉप-10 वांटेड की लिस्ट में उसे शामिल किया गया था। सदर थाना की पुलिस ने सीतामढ़ी से उसे गिरफ्तार किया है। मृतका के भाई ने सदर थाना में हत्या की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। एफआईआर में पति राजेश कुमार यादव, उसकी मां और एक अन्य महिला को नामजद आरोपी बनाया गया था। मामला सदर थाना क्षेत्र के नंदपुरी मोहल्ले का है। एफएसएल रिपोर्ट में हुई थी पुष्टि जांच के दौरान एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लैब) की रिपोर्ट में एल्यूमिनियम फॉस्फाइड सहित अन्य रासायनिक पदार्थों के इस्तेमाल की पुष्टि हुई थी। इसके बाद पुलिस ने हत्या के मामले में कार्रवाई तेज की, लेकिन मुख्य आरोपी राजेश कुमार यादव लगातार फरार रहा। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए न्यायालय से वारंट जारी किया गया था। लंबे समय तक फरार रहने के कारण उसे मुजफ्फरपुर पुलिस की टॉप-10 वांटेड सूची में शामिल किया गया था। विशेष पुलिस टीम लगातार उसके संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही थी। इसी दौरान सूचना मिली कि वह सीतामढ़ी जिले में छिपा हुआ है, जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। दो अन्य आरोपी अब भी फरार एसडीपीओ टाउन-2 बिनीता सिन्हा ने बताया कि हत्या के मुख्य आरोपी राजेश कुमार यादव को गिरफ्तार कर लिया गया है। पूछताछ के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है। मामले में नामजद 2 अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
कुशीनगर में गेहूं लदा ट्रेलर पलटा, चालक की मौत:घंटों की मशक्कत के बाद हाइड्रा से निकाला गया शव
कुशीनगर के कसया नगर में रविवार शाम गेहूं से लदा एक ट्रेलर अनियंत्रित होकर सड़क किनारे गड्ढे में पलट गया। हादसे में ट्रेलर चालक केबिन में बुरी तरह फंस गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। चालक को बाहर निकालने के लिए पुलिस और स्थानीय लोगों को घंटों मशक्कत करनी पड़ी। पहले जेसीबी की मदद से ट्रेलर उठाने का प्रयास किया गया, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद हाइड्रा मशीन मंगाई गई, जिसकी मदद से चालक के शव को बाहर निकाला जा सका। हादसा कसया नगर के रामकोला मार्ग पर सेमरी गांव के पास रविवार शाम हुआ। मृतक की पहचान भठही बाबू निवासी अर्जुन यादव (35) पुत्र सुरेंद्र यादव के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि अर्जुन यादव रविवार शाम गेहूं से भरा ट्रेलर लेकर घर से निकले थे। मोड़ पर अचानक अनियंत्रित हुआ ट्रेलर जानकारी के अनुसार, ट्रेलर में शुरुआत में चालक समेत दो लोग सवार थे। हालांकि, दूसरा व्यक्ति रास्ते में ही उतर गया था। इसके बाद अर्जुन यादव अकेले ट्रेलर लेकर आगे बढ़ रहे थे। सेमरी गांव के पास मोड़ पर पहुंचते ही अचानक ट्रेलर अनियंत्रित हो गया और सड़क किनारे बने गड्ढे में जा पलटा। हादसा इतना भीषण था कि ट्रेलर के चारों पहिए ऊपर हो गए और चालक केबिन के अंदर बुरी तरह फंस गया। मौके पर मौजूद लोगों को उसका एक पैर केबिन से बाहर दिखाई दे रहा था। जेसीबी से नहीं निकला चालक, हाइड्रा से निकाला शव हादसे की सूचना मिलते ही कसया पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने पहले जेसीबी की मदद से ट्रेलर को उठाकर चालक को बाहर निकालने का प्रयास किया, लेकिन ट्रेलर की स्थिति और चालक के केबिन में फंसे होने के कारण सफलता नहीं मिली। इसके बाद हाइड्रा मशीन मंगाई गई। पुलिस और स्थानीय लोगों ने घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद ट्रेलर को उठाकर चालक को बाहर निकाला। इसके बाद उसे तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) कसया ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। कसया थाना प्रभारी इत्यानंद पांडेय ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मामले में आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।
सोनौली में साइबर ठग गिरोह का भंडाफोड़:तीन गिरफ्तार, भारी मात्रा में सिम और फर्जी आधार कार्ड बरामद
महराजगंज में साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई की गई है। रविवार शाम को साइबर क्राइम थाना महराजगंज, एसओजी और स्वाट टीम ने सोनौली क्षेत्र से एक संगठित साइबर ठग गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया। इनके पास से बड़ी संख्या में सक्रिय और निष्क्रिय सिम कार्ड, फर्जी आधार कार्ड और मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुनील (25), पुत्र राधेश्याम, निवासी गुरुद्दीनपुरवा लौकही, थाना ईसानगर, जनपद खीरी के रूप में हुई है। अन्य दो आरोपी रोहित कुमार (25), पुत्र रमाकांत, निवासी गिरधारीपुर, थाना धौरहरा, जनपद खीरी और मोहम्मद अकील (31), पुत्र मोहम्मद हनीफ, निवासी विरसिंगपुर, थाना ईसानगर, जनपद खीरी हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि ये आरोपी सक्रिय सिम कार्ड उपलब्ध कराते थे। इसके बाद संगठित गिरोह के सदस्य लोगों को फोन कर आकर्षक ऑफर और विभिन्न प्रलोभनों का झांसा देकर साइबर ठगी करते थे। पुलिस को सोनौली क्षेत्र में मोबाइल लोकेशन आधारित संदिग्ध साइबर गतिविधियों की सूचना लंबे समय से मिल रही थी, जिसके आधार पर यह कार्रवाई की गई। छापेमारी के दौरान पुलिस ने तीन मोबाइल फोन, सात सक्रिय सिम कार्ड, तीन निष्क्रिय सिम कार्ड (एयरटेल, जियो और वोडाफोन), 79 नए निष्क्रिय सिम कार्ड और तीन फर्जी आधार कार्ड बरामद किए। बरामद सामग्री से संकेत मिलता है कि यह गिरोह एक बड़े साइबर ठगी नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है। इस मामले में साइबर क्राइम थाना महराजगंज में मुकदमा संख्या 46/2026 दर्ज किया गया है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), भारतीय दूरसंचार अधिनियम-2023 और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (आईटी एक्ट) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला पंजीकृत किया गया है। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।
मधेपुरा के बाबा सिंहेश्वरनाथ मंदिर की पार्किंग बंदोबस्ती का विवाद अब पटना हाईकोर्ट पहुंच गया है। मामले में न्यायालय की ओर से नोटिस जारी होने के बाद सिंहेश्वर मंदिर न्यास समिति ने साइकिल स्टैंड एवं अन्य वाहनों की पार्किंग बंदोबस्ती की प्रक्रिया रद्द कर दी है। इसके संबंध में न्यास समिति के सचिव सह उप विकास आयुक्त की ओर से सार्वजनिक सूचना जारी की गई है। जानकारी के अनुसार पार्किंग बंदोबस्ती रद्द किए जाने के खिलाफ पूर्व संवेदक विजय कुमार सिंह ने पटना हाईकोर्ट में सीडब्ल्यूजेसी संख्या-10211/2026 दायर की है। मामले की सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति ए. अभिषेक रेड्डी की एकलपीठ ने संबंधित पक्षों से जबाव तलब करते हुए नोटिस जारी किया है। न्यायालय में मामला विचाराधीन रहने के कारण न्यास समिति ने पार्किंग बंदोबस्ती की निर्धारित तिथि रद्द करने का निर्णय लिया है। अन्य वाहनों की पार्किंग बंदोबस्ती फिलहाल नहीं होगीन्यास समिति की ओर से जारी सूचना में कहा गया है कि न्यायिक वाद लंबित रहने के कारण साइकिल स्टैंड एवं अन्य वाहनों की पार्किंग बंदोबस्ती फिलहाल नहीं होगी। हालांकि, वाहन पूजा रोस्टर, मंदिर हाट-कंपाउंड एवं चुंगी की वसूली तथा शिवगंगा पोखर में मत्स्य पालन की बंदोबस्ती पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 23 जुलाई को होगी। आवश्यकता पड़ने पर 24 और 25 जुलाई को भी खुली डाक आयोजित की जाएगी। समिति ने यह भी बताया कि तीन साल के लिए सुपरवाइजर, सुरक्षा गार्ड और सफाईकर्मियों की आउटसोर्सिंग के लिए जीईएम (GeM) पोर्टल पर 7 जुलाई को प्रकाशित निविदा को भी अपरिहार्य कारणों से रद्द कर दिया गया है। पार्किंग बंदोबस्ती रद्द करने का आदेश जारी कर दियापार्किंग बंदोबस्ती को लेकर न्यास समिति के भीतर भी मतभेद उभरकर सामने आए थे। समिति के सदस्य रौशन कुमार ठाकुर, विजय कुमार सिंह, योग नारायण और धीरेन्द्र मंडल ने बंदोबस्ती रद्द करने के निर्णय पर अपनी असहमति दर्ज कराई थी। इसके बावजूद 19 जून को न्यास समिति के सचिव ने पार्किंग बंदोबस्ती रद्द करने का आदेश जारी कर दिया था। इसी आदेश को चुनौती देते हुए संवेदक विजय कुमार सिंह ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। अब मंदिर की पार्किंग व्यवस्था और नई बंदोबस्ती प्रक्रिया पर आगे का निर्णय पटना हाईकोर्ट के आदेश के बाद ही लिया जाएगा।
प्रयारगाज के इलाहाबाद संग्रहालय में रविवार को संगम आर्काइव के दूसरे दिन को फोटोग्राफी और सांस्कृतिक संरक्षण पर प्रदर्शनी सत्र आयोजित किया। कार्यक्रम में शहर के वरिष्ठ फोटोग्राफर, कला प्रेमी और शोधकर्ता शामिल हुए। उन्होंने पिक्चर डॉक्यूमेंटेशन के माध्यम से शहर की विरासत व विकास को रिकॉर्ड करने की आवश्यकता पर चर्चा की। शुरूआत वरिष्ठ फोटोग्राफर एस. के. यादव के स्पीच से हुई। जिनका शीर्षक था आज की तस्वीरें, कल का इतिहास। उन्होंने रघु राय, रघुबीर सिंह और प्रबुद्ध दासगुप्ता जैसे दिग्गजों के काम का जिक्र करते हुए बताया कि कैसे फोटोग्राफी ने न केवल कलात्मक मूल्य दिए बल्कि शहरों और समाज के बदलाव को भविष्य के लिए संरक्षित किया। उन्होंने आर्काइविंग में प्रमाणिकता और व्यवस्थित संरक्षण के महत्व पर जोर दिया। स्पीच के बाद शहर में फोटोग्राफी का विकास और फोटोग्राफिक दस्तावेजीकरण विषय पर पैनल चर्चा हुई। पैनल में शामिल फोटोग्राफरों विवेक सिंह,संजय बनौधा,कमल किशोर और एस. के. यादव ने अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा किए। विवेक सिंह ने क्षेत्रीय परियोजनाओं से डॉक्यूमेंटेशन के व्यावहारिक पहलुओं पर बात की। वहीं संजय बनौधा ने प्रयागराज की भू-स्थानिक विविधता और सामाजिक ताने-बाने को दर्ज करने के अपने वर्षों के अनुभव बताए। कमल किशोर ने प्रदर्शनी की तस्वीरों के रचनात्मक एवं तकनीकी विश्लेषण पर चर्चा की। डॉ. धनंजय चोपड़ा ने कहा कि नई टेक्नोलॉजी के आगमन ने युवाओं को शहर की पहचान दर्ज करने में सशक्त बना दिया है। मोबाइल फोटोग्राफी, ड्रोन, जीआईएस और डिजिटल आर्काइविंग से तेज, सटीक और व्यापक डॉक्यूमेंटेशन संभव हुआ है। इससे न केवल भौतिक परिवर्तन रिकॉर्ड होते हैं बल्कि सामाजिक-आर्थिक कहानियां, सामुदायिक स्मृतियां और स्थानीय कलात्मक अभिव्यक्तियां भी संरक्षित होती हैं। इसलिए शहर को जानने और उसकी वैरायटी समझने के लिए व्यवस्थित डॉक्यूमेंटेशन अनिवार्य है। यह नयी पीढ़ी को इतिहास से जोड़ता है। आयोजकों ने कहा कि इन चर्चाओं का उद्देश्य युवा फोटोग्राफरों को प्रेरित करना और फोटोग्राफी को ऐतिहासिक संरक्षण के रूप में मान्यता दिलाना है। कार्यक्रम में डॉ. धनंजय चोपड़ा, डॉ. उर्मी, डॉ. प्रबल नियोगी, तथा फोटोग्राफर आशीष और विवेक यादव समेत कई अतिथि मौजूद रहे।
ग्वालियर में साइबर ठगों ने एक किसान को ऐसा निशाना बनाया कि मोबाइल बंद होने की मामूली परेशानी, एक लाख रुपए की बड़ी ठगी में बदल गई। ठगों ने पहले किसान का मोबाइल हैक किया फिर उसके बैंक खाते से पूरे एक लाख रुपए उड़ा दिए। हैरानी की बात यह है कि पीड़ित को दो दिन तक इस साइबर सेंधमारी की भनक तक नहीं लगी। मुरार थाना क्षेत्र के मुर्गी फार्म इलाके में रहने वाले 32 वर्षीय किसान दीपक राजपूत का 11 जून को अचानक मोबाइल बंद हो गया। उन्होंने इसे तकनीकी खराबी समझकर नजरअंदाज कर दिया। जब दो दिन बाद मोबाइल रिपेयर कराने पहुंचे तो मैकेनिक ने बताया कि मोबाइल किसी ने फॉर्मेट कर दिया है। पुलिस पता लग रही किन खातों में हुई रकम ट्रांसफर यहीं से किसान को शक हुआ और वह सीधे यूनियन बैंक की बड़ागांव शाखा पहुंचा। बैंक स्टेटमेंट निकलवाते ही उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। खाते से एक लाख रुपए गायब थे। अज्ञात साइबर ठग ऑनलाइन ट्रांजैक्शन कर रकम निकाल चुके थे। प्रारंभिक जांच में पुलिस का मानना है कि किसान के मोबाइल में किसी तरह एपीके फाइल डाउनलोड हो गई होगी। इसी के जरिए ठगों ने मोबाइल का एक्सेस हासिल किया और बैंक खाते तक पहुंच बनाकर पूरी वारदात को अंजाम दिया। फरियादी ने 1930 पर तत्काल की मामले की शिकायत पीड़ित ने तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद मुरार थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर साइबर एक्सपर्ट की मदद से जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि मोबाइल कैसे हैक हुआ और ठगी की रकम किन खातों में ट्रांसफर की गई।
गुरुग्राम में पॉश सोसाइटियों के निवासियों को भी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। उद्योग नगरी मानेसर नगर निगम के अंतर्गत आने वाले सेक्टर-82 स्थित वाटिका विला सोसाइटी इसका एक उदाहरण है, जहां करोड़ों रुपए के विला खरीदने वाले लोग बदहाल स्थिति का सामना कर रहे हैं। सोसाइटी के मुख्य प्रवेश मार्ग पर लंबे समय से जलभराव और कीचड़ की गंभीर समस्या बनी हुई है। सड़क पर करीब 2 से 3 फीट तक पानी भरा रहता है, जिससे यह दलदल में बदल गई है। निवासियों को रोजाना इसी रास्ते से गुजरना पड़ता है, जिससे उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों ने इस समस्या के समाधान के लिए बिल्डर और नगर निगम प्रशासन से कई बार शिकायतें की हैं। हालांकि, उन्हें हर बार केवल आश्वासन मिला है और आज तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है, जिससे समस्या जस की तस बनी हुई है। विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी सोसाइटी के लोगों का कहना है कि उन्होंने बेहतर सुविधाओं और सुरक्षित जीवन की उम्मीद में करोड़ों रुपए खर्च कर यहां घर खरीदे थे। लेकिन अब उन्हें पानी से भरी सड़क, कीचड़ और अव्यवस्थित बुनियादी ढांचे का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के दिनों में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जिससे बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं के लिए आवागमन मुश्किल हो जाता है। लोगों ने बिल्डर और नगर निगम प्रशासन से जल्द से जल्द मुख्य सड़क का निर्माण करवाने, जल निकासी की उचित व्यवस्था करने और समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो वे बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
सीतामढ़ी जिले के सुप्पी थाना को रविवार को एक नया और आधुनिक भवन मिला। रीगा विधायक बैद्यनाथ प्रसाद और पुलिस अधीक्षक अमित रंजन ने संयुक्त रूप से फीता काटकर नवनिर्मित थाना भवन का उद्घाटन किया। उद्घाटन के बाद, दोनों ने भवन में प्रवेश कर विभिन्न कक्षों, कार्यालयों, अभिलेख कक्ष और आगंतुक कक्ष सहित अन्य सुविधाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने भवन की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। आधारभूत संरचनाओं का विकास कर रहीइस अवसर पर विधायक बैद्यनाथ प्रसाद ने कहा कि राज्य सरकार पुलिस व्यवस्था को सुदृढ़ और जनहितकारी बनाने के लिए लगातार आधारभूत संरचनाओं का विकास कर रही है। उन्होंने बताया कि नए भवन से पुलिसकर्मियों को बेहतर कार्य वातावरण मिलेगा और आम लोगों को समस्याओं के समाधान के लिए अधिक सुविधाजनक माहौल उपलब्ध होगा। पुलिस अधीक्षक अमित रंजन ने कहा कि आधुनिक संसाधनों से युक्त यह भवन पुलिसिंग को नई मजबूती देगा। उन्होंने विश्वास जताया कि बेहतर आधारभूत संरचना मिलने से पुलिसकर्मियों के कार्य निष्पादन में तेजी आएगी और जनता को अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी पुलिस सेवा मिल सकेगी। गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहेएसपी ने आगे कहा कि थाना भवन का उद्देश्य केवल बेहतर कार्यालय उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि पुलिस और आम लोगों के बीच विश्वास को मजबूत करना भी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि नए भवन से क्षेत्र में विधि-व्यवस्था बनाए रखने, अपराध नियंत्रण और त्वरित पुलिस कार्रवाई में उल्लेखनीय सुधार होगा। उद्घाटन समारोह में पुलिस पदाधिकारी, कर्मी, जनप्रतिनिधि, स्थानीय गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। लोगों ने नए भवन के निर्माण को क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
पीलीभीत में सरकारी वाहन के दुरुपयोग का एक बड़ा मामला सामने आया है। सदर तहसीलदार के लिए वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर लाई गई एक इनोवा कार (UP32 GL 2796) विवादों में घिर गई है। इस गाड़ी पर MAGISTRATE का बोर्ड और नीली बत्ती लगी थी, लेकिन इसका इस्तेमाल कथित तौर पर गलत तरीके से किया जा रहा था। रविवार शाम करीब 6 बजे सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया, जिसमें यह इनोवा कार सड़ा गांव स्थित एक शराब भट्टी के पास रुकी हुई दिखाई दी। वीडियो में साफ दिख रहा है कि गाड़ी रुकने के बाद दो युवक उसमें आकर बैठते हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, उस समय गाड़ी में कोई भी प्रशासनिक अधिकारी मौजूद नहीं था। बिना अधिकारी के, मजिस्ट्रेट लिखी और नीली बत्ती लगी सरकारी गाड़ी का इस तरह शराब भट्टी पर जाना चर्चा का विषय बन गया है। इस पूरे मामले पर विवाद बढ़ने के बाद सदर तहसीलदार विदेह सिंह ने अपनी सफाई पेश की। उन्होंने बताया कि तहसीलदार कार्यालय की आधिकारिक बोलेरो गाड़ी खराब हो गई थी, जिसके कारण इस इनोवा कार को सिर्फ एक दिन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर उपलब्ध कराया गया था। तहसीलदार विदेह सिंह ने आगे कहा कि यदि उनकी अनुपस्थिति में चालक नीली बत्ती लगाकर गाड़ी को कहीं और लेकर गया है और उसका गलत इस्तेमाल हुआ है, तो मामले की जांच कराकर दोषी चालक के खिलाफ सख्त विधिक कार्रवाई की जाएगी।
दिल्ली के जहांगीरपुर में पिता पर 13 साल की नाबालिग बेटी के यौन उत्पीड़न का आरोप, आरोपी की तलाश
दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाके में एक व्यक्ति पर अपनी ही 13 साल की बेटी के यौन उत्पीड़न करने का आरोप है। पुलिस फरार आरोपी की तलाश कर रही है।
किसान छत से गिरा, रात भर बेहोश पड़ा रहा:मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान मौत, पैर फिसलने से हादसा
कन्नौज के एक गांव में छत पर लेटने गए किसान का पैर फिसल गया। जिससे वह छत से नीचे जा गिरे। रात भर वह बेहोसी की हालत में पड़े रहे। सुबह परिजनों ने उन्हें मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया, जहां इलाज कर दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। घटना सदर कोतवाली क्षेत्र के मानपुर गांव का है। जहां के रहने वाले धनीराम वाथम (50) पुत्र शंकर वाथम गांव के बाहर बने मकान की छत पर शनिवार की रात में सोए हुए थे। यहां रात में वह लघु शंका कर लिए उठे तो बूंदाबांदी के कारण छत गीली थी। ऐसे में उनका पैर फिसल गया और वह छत से नीचे गिर गए। जहां वह रात भर बेहोसी की हालत में पड़े रहे। रविवार सुबह जब वह घर नहीं पहुंचे तो परिजन गांव के बाहर मकान में देखने गए। जहां वह बेहोसी की हालत में पड़े मिले। ऐसे में परिजनों ने उन्हें तत्काल तिर्वा स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया। जहां डॉक्टरों ने उनका इलाज किया। रविवार देर रात इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। किसान की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी।
मोतिहारी। जनता दल (यूनाइटेड) की नई प्रदेश समिति की सूची जारी होने के बाद पूर्वी चंपारण में उत्साह देखा गया। जिले के वरिष्ठ जदयू नेता अमरेंद्र सिंह को पार्टी का प्रदेश सचिव मनोनीत किया गया है। इस मनोनयन पर कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने प्रसन्नता व्यक्त की। इसी क्रम में मोतिहारी की सामाजिक संस्था 'ग्रीन एंड क्लीन' ने ऐतिहासिक सत्याग्रह पार्क में एक सम्मान समारोह आयोजित किया। इस अवसर पर नवनियुक्त प्रदेश सचिव अमरेंद्र सिंह का स्वागत किया गया। समारोह में संस्था के सदस्य, जदयू कार्यकर्ता और स्थानीय गणमान्य व्यक्ति बड़ी संख्या में उपस्थित थे। अनुभव का लाभ अब प्रदेश स्तर पर पार्टी को मिलेगाकार्यक्रम के दौरान समर्थकों ने अमरेंद्र सिंह को नई जिम्मेदारी के लिए बधाई दी। वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि अमरेंद्र सिंह लंबे समय से संगठन के प्रति समर्पित रहे हैं। उनके अनुभव का लाभ अब प्रदेश स्तर पर पार्टी को मिलेगा। वक्ताओं ने यह भी उल्लेख किया कि अमरेंद्र सिंह के प्रदेश सचिव बनने से पूर्वी चंपारण का राजनीतिक महत्व बढ़ा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि अमरेंद्र सिंह संगठन को और मजबूती प्रदान करेंगे तथा पार्टी की नीतियों को आम जनता तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। समारोह का समापन अमरेंद्र सिंह के आभार व्यक्त करने के साथ हुआ। उन्होंने कहा कि वे पार्टी नेतृत्व के भरोसे पर खरा उतरने का हर संभव प्रयास करेंगे।
लखनऊ विश्वविद्यालय की LLB प्रवेश परीक्षा में अनुचित साधनों के इस्तेमाल का मामला सामने आया है। विश्वविद्यालय के प्रॉक्टोरियल बोर्ड ने स्मार्ट चश्मा पहनकर परीक्षा देने पहुंचे एक अभ्यर्थी समेत दो नकलचियों को पकड़ा है। दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए पुलिस को तहरीर दी गई है। स्मार्ट आई-वियर के साथ पकड़ा गया रविवार को विश्वविद्यालय के सेकेंड कैंपस में LLB प्रवेश परीक्षा (सत्र 2026-27) आयोजित की गई। प्रबंधन विज्ञान संस्थान के परीक्षा केंद्र पर सुबह 10:30 से दोपहर 12 बजे की पाली में परीक्षा दे रहे मोहम्मद ताबिश खान को स्मार्ट आई-वियर के साथ पकड़ा गया। कक्ष निरीक्षक ने सुबह करीब 10:45 बजे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त कर लिया। परीक्षा केंद्र में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाने पर रोक के बावजूद अभ्यर्थी स्मार्ट चश्मा पहनकर परीक्षा देने पहुंचा था। मोबाइल लेकर पहुंचा था अभ्यर्थी इसी तरह विधि संकाय के परीक्षा केंद्र के कक्ष संख्या 303 में परीक्षा दे रहे योगेंद्र कुमार राज को मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते पकड़ा गया। कक्ष निरीक्षक ने परीक्षा समाप्त होने से कुछ समय पहले करीब 11:45 बजे मोबाइल फोन जब्त कर लिया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने दोनों मामलों को गंभीरता से लेते हुए थाना जानकीपुरम विस्तार में FIR दर्ज कराने के लिए पत्र भेजा है। अपर कुलानुशासक की ओर से दोनों अभ्यर्थियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए लिखा गया है। नकल करने वालों के खिलाफ होगा सख्त एक्शन विश्वविद्यालय प्रवक्ता प्रो.मुकुल श्रीवास्तव ने बताया कि परीक्षा में किसी भी तरह की नकल या अनुचित साधनों का इस्तेमाल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले अभ्यर्थियों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कानपुर में चोरी का ऑटो बरामद, चोर गिरफ्तार:चालक की लापरवाही से हुई वारदात, पुलिस ने 5 दिन में पकड़ा
कानपुर के कल्याणपुर पुलिस ने ऑटो चोरी की वारदात का खुलासा करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर चोरी किया गया ऑटो बरामद कर लिया। चालक की एक छोटी-सी लापरवाही का फायदा उठाकर आरोपी ऑटो लेकर फरार हो गया था। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, मुखबिर की सूचना और घेराबंदी के जरिए आरोपी को दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद रविवार शाम करीब पांच बजे जेल भेज दिया गया। चाबी लगी देख ऑटो ले उड़ा था शातिर चौबेपुर निवासी समसुद्दीन ऑटो चालक हैं। बीते मंगलवार को वह कल्याणपुर स्थित एक ऑटो एजेंसी में अपने वाहन की आरसी लेने पहुंचे थे। उन्होंने एजेंसी के बाहर ऑटो खड़ा किया। लेकिन जल्दबाजी में चाबी वाहन में ही लगी छोड़ दी। इसी दौरान एक शातिर युवक मौके का फायदा उठाकर ऑटो लेकर फरार हो गया। कुछ देर बाद जब समसुद्दीन बाहर आए तो ऑटो गायब मिला। आसपास काफी तलाश करने के बाद भी वाहन का कोई सुराग नहीं लगा। इसके बाद उन्होंने कल्याणपुर थाने पहुंचकर अज्ञात के खिलाफ चोरी की तहरीर दी। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। जांच के दौरान रविवार को पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि चोरी का ऑटो लेकर एक युवक बुद्धा पार्क रोड के पास खड़ा है। सूचना मिलते ही कल्याणपुर थाने का फ़ोर्स मौके पर पहुंचा। पुलिस को देखते ही आरोपी ऑटो लेकर भागने लगा, लेकिन टीम ने घेराबंदी कर उसे कुछ ही दूरी पर दबोच लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम राहुल निवासी रसूलाबाद बताया। उसकी निशानदेही पर चोरी किया गया ऑटो बरामद कर लिया गया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ विधिक कार्रवाई पूरी करते हुए उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। डीसीपी वेस्ट एस एम क़ासिम अबिदी ने बताया कि शातिर को कैमरो की मदद और मुखबिर की सटीक सूचना पर शातिर को धर दबोचा पकड़ा गया आरोपी शातिर वाहन चोर है। पकड़े गए आरोपी को पुलिस ने रविवार को जेल भेज दिया।
गोरखपुर में हो रही बारिश ने रविवार को शहर की ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह बिगाड़ दी। सुबह से ही सड़कों पर वाहनों का दबाव बढ़ने लगा और देखते ही देखते शहर के प्रमुख चौराहों और मुख्य मार्गों पर लंबा जाम लग गया। हालात ऐसे रहे कि दो से तीन किलोमीटर का सफर तय करने में भी लोगों को एक से डेढ़ घंटे तक का समय लग गया। देर शाम तक ट्रैफिक सामान्य नहीं हो सका और हजारों लोग सड़क पर ही फंसे रहे। बारिश के कारण कई सड़कों पर पानी भर गया। जलभराव की वजह से वाहन चालकों को बहुत धीमी गति से चलना पड़ा। जगह-जगह पानी जमा होने से गड्ढे दिखाई नहीं दे रहे थे, इसलिए लोग सावधानी से वाहन चला रहे थे। कई दोपहिया वाहन पानी में बंद हो गए, जबकि कुछ चारपहिया वाहन भी बीच सड़क पर खराब हो गए। इससे पहले से लगे जाम की स्थिति और गंभीर हो गई। शहर के इन इलाकों में सबसे ज्यादा रही परेशानी सबसे अधिक ट्रैफिक जाम गोलघर, कचहरी चौराहा, विजय चौक, मोहद्दीपुर, असुरन, धर्मशाला बाजार, पैडलेगंज, नौसढ़, रेलवे स्टेशन रोड, मेडिकल कॉलेज रोड, शास्त्री चौक, अंबेडकर चौराहा, टीपी नगर, बशारतपुर, रुस्तमपुर, इंजीनियरिंग कॉलेज चौराहा, यूनिवर्सिटी चौराहा, गोरखनाथ, चरगांवा रोड और रामगढ़ताल क्षेत्र में देखने को मिला। कई जगह चारों दिशाओं से आने वाले वाहन एक-दूसरे के सामने फंस गए, जिससे ट्रैफिक काफी देर तक रुका रहा। ऑफिस, बाजार और अस्पताल जाने वाले सबसे ज्यादा परेशान जाम का सबसे ज्यादा असर नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों, मरीजों, छात्रों और दूसरे जिलों से आने-जाने वाले यात्रियों पर पड़ा। कई कर्मचारी समय पर अपने कार्यालय नहीं पहुंच सके। अस्पताल जाने वाले मरीजों और उनके परिजनों को भी काफी परेशानी उठानी पड़ी। बाजारों में खरीदारी के लिए निकले लोग भी लंबे समय तक वाहनों में फंसे रहे। कई एंबुलेंस को भी जाम के बीच धीरे-धीरे रास्ता बनाकर निकलना पड़ा। शाम के समय हालात और बिगड़ेदोपहर बाद बारिश का दौर तेज होने और शाम को दफ्तरों की छुट्टी होने के बाद ट्रैफिक का दबाव अचानक बढ़ गया। गोलघर, कचहरी, मोहद्दीपुर, असुरन, नौसढ़ और रेलवे स्टेशन के आसपास जाम की स्थिति सबसे ज्यादा गंभीर रही। कई लोग मुख्य सड़क छोड़कर गलियों से निकलने की कोशिश करते रहे, लेकिन वहां भी वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। बारिश के बीच ट्रैफिक पुलिस और स्थानीय पुलिसकर्मी दिनभर प्रमुख चौराहों पर तैनात रहे। पुलिसकर्मी पानी में खड़े होकर वाहनों को निकालने की कोशिश करते रहे, लेकिन लगातार बढ़ते ट्रैफिक और जलभराव के कारण व्यवस्था पूरी तरह सामान्य नहीं हो सकी। देर शाम तक कई प्रमुख मार्गों पर वाहन रुक-रुककर चलते रहे। बारिश से राहत भी, परेशानी भीलगातार हो रही बारिश से लोगों को गर्मी और उमस से राहत जरूर मिली है, लेकिन इसके साथ ही शहर की ट्रैफिक व्यवस्था और जलनिकासी की चुनौतियां भी सामने आ गई हैं। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों तक बारिश जारी रहने की संभावना है। ऐसे में यदि जलभराव वाले इलाकों से जल्द पानी नहीं निकाला गया और ट्रैफिक प्रबंधन को मजबूत नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में भी शहरवासियों को इसी तरह जाम और परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
कोरबा में रविवार को कांग्रेस नेताओं ने प्रेस वार्ता कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर गंभीर आरोप लगाए। नेताओं ने कहा कि भाजपा भगवान श्रीराम के नाम पर राजनीति करती है। साथ ही अयोध्या राम मंदिर निर्माण और मंदिर के चढ़ावे में वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाते हुए मामले की जांच की मांग की। 'राम के नाम पर राजनीति करती है भाजपा' पूर्व विधायक जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि भाजपा ने पूरे देश में भगवान श्रीराम के नाम पर राजनीति की है। उनका आरोप है कि भाजपा धर्म और जाति के नाम पर लोगों को बांटने का काम करती है। चुनाव के समय भाजपा नेता राम के नाम पर वोट मांगते हैं और राम मंदिर निर्माण को अपनी सबसे बड़ी उपलब्धि बताते हैं। 'भगवान राम सबके हैं' जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि भगवान श्रीराम किसी एक दल के नहीं, बल्कि सभी श्रद्धालुओं के हैं। उन्होंने कहा कि करोड़ों लोगों ने आस्था के साथ अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा दिया, जिससे मंदिर का निर्माण हुआ है। जमीन खरीद में भ्रष्टाचार का आरोप कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण शुरू होने से पहले जमीन खरीद में करोड़ों रुपये का भ्रष्टाचार हुआ। जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि उस समय जमीन खरीद में गड़बड़ी के आरोप उठे थे, लेकिन मंदिर निर्माण के दौरान यह मामला दब गया। चढ़ावे में अनियमितता का दावा कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि अब मंदिर में मिले चढ़ावे के उपयोग को लेकर भी वित्तीय अनियमितताओं और गबन के आरोप सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि इससे लोगों की आस्था जुड़ी हुई है, इसलिए पूरे मामले की पारदर्शी जांच होनी चाहिए। भाजपा से मांगा जवाब कांग्रेस नेताओं ने भाजपा से इन आरोपों पर जवाब देने की मांग की। उन्होंने कहा कि जनता की आस्था से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बिहार सरकार ने सरकारी विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए 'सरस्वती विद्या निकेतन (आदर्श विद्यालय)' योजना शुरू की है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को राज्य स्तरीय कार्यक्रम के माध्यम से इस महत्वाकांक्षी योजना का शुभारंभ किया।इसी क्रम में बांका जिले के सभी 11 प्रखंडों में एक-एक आदर्श विद्यालय का उद्घाटन किया गया। जिले के चयनित विद्यालयों में एमडीएन उच्च विद्यालय डुमरामा (अमरपुर),आरएमके उच्च विद्यालय बांका,एसएनएस उच्च विद्यालय मोहनपुर (बाराहाट),उच्च माध्यमिक विद्यालय टेंगरा (बेलहर), श्री दुर्गा उच्च विद्यालय शक्तिनगर (बौंसी),प्रोजेक्ट कन्या उच्च विद्यालय भैरोगंज(चान्दन), एसएलजीपीए उच्च विद्यालय पटवा श्रीपाथर (धोरैया),राष्ट्रीय उच्च विद्यालय धौनी(रजौन),उच्च विद्यालय कटोरिया और उच्च विद्यालय कुर्माडीह (शंभुगंज)शामिल हैं।इन सभी विद्यालयों में राज्य स्तरीय शुभारंभ कार्यक्रम का सीधा प्रसारण दिखाया गया,जिसमें जनप्रतिनिधि,प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षक, अभिभावक और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। शिक्षा पदाधिकारी सहित अन्य अधिकारियों ने भाग लियाआरएमके उच्च विद्यालय,बांका में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में जिलाधिकारी अंशुल अग्रवाल,उप विकास आयुक्त और जिला शिक्षा पदाधिकारी सहित अन्य अधिकारियों ने भाग लिया। इस अवसर पर विद्यालय की छात्राओं ने स्वागत गान और सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर अतिथियों का स्वागत किया। आदर्श विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशिक्षित शिक्षकों की नियुक्ति की गई है।विज्ञान,गणित और कंप्यूटर सहित विभिन्न प्रयोगशालाओं को सुदृढ़ किया गया है।विद्यालय भवनों का रंग-रोगन कर उन्हें आकर्षक स्वरूप दिया गया है,तथा प्रत्येक विद्यालय में आधुनिक सुविधाओं से युक्त एक मॉडल कक्षा विकसित की गई है। इन मॉडल कक्षाओं में राष्ट्रीय आय एवं योग्यता आधारित छात्रवृत्ति योजना (एनएमएमएस) के तहत और पोषक क्षेत्र के मेधावी विद्यार्थियों का मेरिट के आधार पर चयन किया गया है।प्रत्येक विद्यालय में 40 विद्यार्थियों का नामांकन किया गया है। विद्यालयों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की दिशा में प्रेरणा मिलेगी सरस्वती विद्या निकेतन राष्ट्रीय उच्च विद्यालय धौनी (मॉडल स्कूल)का उद्घाटन बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को वर्चुअल माध्यम से किया। इस अवसर पर बीडीओ अंतिमा कुमारी,बीईओ स्वयं चक्रपाणि कनिष्क,प्रधानाध्यापक राकेश रंजन, मुखिया प्रतिनिधि टिंकू सिंह सहित शिक्षक और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। शिक्षा विभाग के अनुसार आदर्श विद्यालय योजना का उद्देश्य ग्रामीण एवं कस्बाई क्षेत्रों के विद्यार्थियों को निजी विद्यालयों के समान गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षा उपलब्ध कराना है। इस पहल से सरकारी विद्यालयों में शैक्षणिक वातावरण बेहतर होगा तथा जिले के अन्य विद्यालयों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की दिशा में प्रेरणा मिलेगी।
1090 पर शिकायत के बाद भी उत्पीड़न जारी:कानपुर में महिला को अश्लील तस्वीरें भेजने वाले पर FIR दर्ज
कानपुर के कल्याणपुर थाना क्षेत्र में एक महिला को लंबे समय तक अश्लील संदेश, आपत्तिजनक तस्वीरें और धमकियां भेजकर परेशान करने का मामला सामने आया है। पीड़िता का आरोप है कि 1090 महिला हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराने के बाद भी आरोपी अपनी हरकतों से बाज नहीं आया। वह अलग-अलग मोबाइल नंबरों से व्हाट्सएप, एसएमएस और कॉल कर अश्लील संदेश भेजता रहा। विरोध करने पर दुष्कर्म कराने की धमकी भी दी। पुलिस ने पीड़िता की तहरीर पर रविवार दोपहर करीब 3 बजे मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायत के बाद भी नहीं माना आरोपी करता रहा अश्लील मैसेज पीड़िता के अनुसार आरोपी काफी समय से व्हाट्सएप, एसएमएस और व्हाट्सएप कॉल के जरिए उसे परेशान कर रहा था। शुरुआत में उसने इन हरकतों को नजरअंदाज किया, लेकिन बाद में आरोपी ने अश्लील और आपत्तिजनक संदेशों के साथ बेहद अश्लील तस्वीरें भेजनी शुरू कर दीं। जब उसने इसका विरोध किया तो आरोपी ने दुष्कर्म कराने की धमकी दी, जिससे वह दहशत में आ गई। महिला का कहना है कि लगातार हो रहे उत्पीड़न से परेशान होकर उसने 25 जून को 1090 महिला हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बावजूद आरोपी ने अलग-अलग मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल कर अश्लील संदेश भेजना और धमकियां देना जारी रखा। आखिरकार उसने कल्याणपुर थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। थाना प्रभारी कल्याणपुर केशव तिवारी ने बताया कि महिला की शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है। पुलिस मोबाइल नंबरों की जांच की जा रही है।जल्द ही पुलिस आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजेगी
महोबा में फर्जी इंस्टाग्राम आईडी बनाकर बदनाम करने और शादी का दबाव बनाने के कारण एक युवती ने आत्महत्या कर ली थी। न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने आरोपी युवक के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। कोतवाली क्षेत्र के एक गांव की निवासी महिला ने बताया कि उनकी बड़ी बेटी की शादी हरियाणा के सोनीपत में हुई है। छह महीने पहले दामाद के साथ एक युवक उनके घर आया था। इस दौरान उसने उनकी छोटी बेटी का मोबाइल नंबर ले लिया और कुछ तस्वीरें भी खींच लीं। बाद में, उस युवक ने बेटी के नाम से एक फर्जी इंस्टाग्राम आईडी बनाई और उस पर आपत्तिजनक पोस्ट करने लगा। वह युवती पर शादी का दबाव भी बना रहा था। उसने धमकी दी थी कि यदि युवती ने उससे शादी नहीं की, तो वह उसकी अश्लील वीडियो और तस्वीरें पोस्ट कर उसे बदनाम कर देगा। बदनामी के डर से युवती ने 14 मार्च 2026 की रात घर पर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। मां का आरोप है कि बेटी के मोबाइल में आरोपी के साथ हुई अंतिम बातचीत की रिकॉर्डिंग मिली हैं, जिससे पता चलता है कि उसने आरोपी की प्रताड़ना और बदनामी के डर से यह कदम उठाया था। पीड़िता की मां ने पहले पुलिस से शिकायत की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने न्यायालय का सहारा लिया। न्यायालय के आदेश पर आरोपी विनय शर्मा, निवासी सोनीपत, हरियाणा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
मेरठ में साइकल ट्रैक पर मिला शव:CCTV में खुद लेटता दिखा व्यक्ति, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
मेरठ के मेडिकल थाना क्षेत्र के मंगल पांडेय नगर में रविवार शाम को साइकल ट्रैक पर एक व्यक्ति का शव मिला। सुबह टहलने निकले लोगों ने शव देखकर पुलिस को सूचना दी। मेडिकल थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेजा। प्रारंभिक जांच में शरीर पर किसी चोट या संघर्ष के निशान नहीं मिले हैं। मृतक की पहचान राजीव गांधी नगर निवासी उत्तम के रूप में हुई है, जो ई-रिक्शा चलाता था। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में उत्तम खुद ई-रिक्शा चलाकर घटनास्थल पर आता और साइकल ट्रैक पर लेटता हुआ दिखाई दे रहा है। इसके बाद वह दोबारा उठता नहीं दिखा। पुलिस के अनुसार, फुटेज में उसके साथ किसी अन्य व्यक्ति की मौजूदगी या कोई संदिग्ध गतिविधि नहीं दिखी। जांच में परिजनों ने पुलिस को बताया कि उत्तम लंबे समय से शराब का आदी था। अत्यधिक शराब के सेवन से उसकी तबीयत अक्सर खराब रहती थी। इस जानकारी के आधार पर पुलिस प्रारंभिक तौर पर बीमारी या स्वास्थ्य संबंधी कारणों से मौत की आशंका मानकर जांच कर रही है। हालांकि, मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी। परिजनों ने फिलहाल पुलिस को कोई तहरीर या शिकायत नहीं दी है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है। मेडिकल थाना प्रभारी सतवीर सिंह ने बताया कि सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। उन्होंने पुष्टि की कि प्रथम दृष्टया शरीर पर कोई बाहरी चोट नहीं मिली है और सीसीटीवी फुटेज में मृतक अकेले घटनास्थल पर आता दिख रहा है। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही मौत के वास्तविक कारण का खुलासा होगा।
भूमि संबंधी समस्या को लेकर सकलडीहा तहसील परिसर में आमरण अनशन पर बैठे नायब तहसीलदार हिम्मत बहादुर ने 26 घंटे बाद रविवार दोपहर अनशन समाप्त कर दिया। एसडीएम आकांक्षा सिंह के निर्देश पर तहसीलदार अनुराग सिंह ने लंबित भूमि रिपोर्ट भेजने का आश्वासन दिया, जिसके बाद नायब तहसीलदार ने आंदोलन खत्म किया। शनिवार सुबह से तहसील परिसर में बैठे थे अनशन पर सदर कोतवाली क्षेत्र के नवही गांव निवासी हिम्मत बहादुर वर्तमान में हमीरपुर जिले की सदर तहसील में नायब तहसीलदार पद पर तैनात हैं। भूमि संबंधी समस्या के समाधान की मांग को लेकर वह शनिवार सुबह करीब 10 बजे सकलडीहा तहसील परिसर में आमरण अनशन पर बैठ गए थे। उन्होंने आरोप लगाया था कि उनकी भूमि से जुड़ी पत्रावली लंबे समय से लंबित है और शिकायतों के बावजूद राजस्व विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। सवा दो बिस्वा जमीन को लेकर चल रहा विवाद हिम्मत बहादुर के अनुसार, उन्होंने मार्च 2025 में मिलजुला आराजी नंबर 344 मी में सवा दो बिस्वा जमीन की रजिस्ट्री कराई थी। इस भूमि में कुल 18 लोगों के नाम दर्ज हैं। उन्होंने जुलाई 2025 में विभाजन अंश के लिए धारा 30(2) के तहत नख्सा तरबीन की कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी के समक्ष आवेदन किया था। उनका कहना है कि यह पत्रावली पिछले एक साल से सकलडीहा तहसील में संबंधित लेखपाल के पास लंबित पड़ी है। राजस्व अधिकारियों पर लगाए लापरवाही के आरोप नायब तहसीलदार का आरोप है कि कई बार लिखित और मौखिक शिकायत करने के बाद भी उनकी समस्या का समाधान नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि राजस्व अधिकारियों की मिलीभगत से 7 जुलाई 2026 से उक्त भूमि पर कब्जे का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने क्षेत्रीय कानूनगो और लेखपाल से भी शिकायत की, लेकिन कार्रवाई न होने पर उन्हें मजबूर होकर आमरण अनशन का रास्ता अपनाना पड़ा। पूरी रात अंधेरे में गुजारी, प्रशासन में मची हलचल अनशन के दौरान हिम्मत बहादुर ने शनिवार की पूरी रात तहसील परिसर में बिताई। उनके आंदोलन की जानकारी मिलने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों में हलचल बढ़ गई। रविवार दोपहर तहसीलदार अनुराग सिंह राजस्व अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे और नायब तहसीलदार से बातचीत की। तहसीलदार ने मौके पर पहुंचकर किया निरीक्षण तहसीलदार अनुराग सिंह ने राजस्व टीम के साथ संबंधित भूमि का निरीक्षण किया। उन्होंने लंबित रिपोर्ट को जिला प्रशासन के माध्यम से भेजने का आश्वासन दिया। आश्वासन मिलने के बाद हिम्मत बहादुर ने अनशन समाप्त किया और प्रशासन की पहल पर संतोष जताया। अधिकारियों की मौजूदगी में खत्म हुआ आंदोलन तहसीलदार अनुराग सिंह ने बताया कि लंबित भूमि रिपोर्ट को जिला प्रशासन के माध्यम से भेजने का आश्वासन देकर नायब तहसीलदार का आमरण अनशन समाप्त कराया गया है। इस दौरान नायब तहसीलदार राजेंद्र प्रसाद, कानूनगो अखिलेश मिश्रा, लेखपाल सुशील सिंह, अखिलेश यादव, सुनील यादव और मिथिलेश सहित अन्य राजस्वकर्मी मौजूद रहे।
गोंडा में में 45 साल के ग्रामीण की रविवार शाम करीब छह बजे गोंडा के एक निजी अस्पताल में मौत हो गई। आर्थिक तंगी के कारण परिजनों ने गांव वालों से चंदा इकट्ठा कर इलाज, कफन और पोस्टमार्टम की व्यवस्था की। बेटी ने गांव के ही ओमप्रकाश नामक व्यक्ति पर पिता पुत्तन की हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। बेटी का आरोप है कि 9 दिन पहले शाम करीब सात बजे ओमप्रकाश उनके घर आया। उनके पिता को मोटरसाइकिल से अपने साथ ले गया। आरोप है कि वहां उन्हें शराब पिलाई गई और मारपीट की गई। इसके बाद घटना को सड़क हादसा दिखाने का प्रयास किया गया। मामला करनैलगंज कोतवाली क्षेत्र के बरबटपुर गांव का है। रात में मिली हादसे की सूचना बेटी के मुताबिक, उसी रात करीब 12 बजे फोन पर पिता के सड़क हादसे में घायल होने की सूचना मिली। अगले दिन जानकारी करने पर संतोषजनक जवाब नहीं मिला। बाद में पता चला कि पुत्तन को गोंडा जिला अस्पताल में लावारिस हालत में भर्ती कराया गया था। गंभीर हालत होने पर उन्हें लखनऊ ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया, लेकिन वहां से वापस भेज दिया गया। गांव वालों ने चंदा जुटाकर कराया इलाज परिजनों ने पुत्तन को घर लाने के बाद गांव वालों की मदद से चंदा इकट्ठा किया और पांच दिन पहले उन्हें आर.एन. पांडे अस्पताल में भर्ती कराया। अस्पताल प्रबंधन ने उपचार के दौरान 25 हजार रुपये का बिल भी माफ कर दिया। इसके बावजूद रविवार शाम इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। भाई बोला- पुरानी रंजिश में मारपीट की गई मृतक के भाई पवन कुमार ने आरोप लगाया कि पुरानी रंजिश के चलते उनके भाई को घर से बुलाकर ले जाया गया और मारपीट की गई। उन्होंने दावा किया कि बाद में इसे सड़क दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की गई। पवन कुमार ने बताया कि मृतक के परिवार में पत्नी, तीन साल का बेटा और पांच बेटियां हैं। अब बड़ी बेटी ही पूरे परिवार का सहारा है। परिजनों का कहना है कि उन्होंने 14 जुलाई को ही पूरे मामले की शिकायत पुलिस अधीक्षक गोंडा से की थी। अब पुत्तन की मौत के बाद उन्होंने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस बोली- सभी पहलुओं की जांच जारी करनैलगंज कोतवाली प्रभारी नरेंद्र प्रताप राय ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत का कारण स्पष्ट होगा। परिजनों की तहरीर के आधार पर सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
सीवान में बिजली गिरने से पशु टीका कर्मी की मौत:घर लौटते समय हुआ हादसा, गांव में मातम, मुआवजे की मांग
सीवान के सिसवन थाना क्षेत्र के मोरवन गांव में रविवार को आकाशीय बिजली गिरने से एक पशु टीका कर्मी की दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई, जबकि मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। मृतक की पहचान मोरवन गांव निवासी लाल बहादुर यादव के रूप में हुई है। वे पशुपालन विभाग से जुड़े पशु टीका कर्मी के रूप में कार्यरत थे और गांव-गांव जाकर पशुओं का टीकाकरण करते थे। रविवार को भी वे अपने निर्धारित क्षेत्र में टीकाकरण का कार्य पूरा कर घर लौट रहे थे। इसी दौरान अचानक मौसम ने करवट ली। तेज गर्जना और बारिश के बीच अचानक आकाशीय बिजली उनके ऊपर गिर गई, जिससे वे गंभीर रूप से झुलस गए। घटना के बाद आसपास मौजूद ग्रामीण तत्काल मौके पर पहुंचे और गंभीर हालत में उन्हें नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले गए।हालांकि चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों की इस घोषणा के साथ ही परिवार में कोहराम मच गया और गांव में मातम छा गया। आकाशीय बिजली की चपेट में आने से मौत हो गई ग्रामीणों ने बताया कि लाल बहादुर यादव बेहद मेहनती, ईमानदार और मिलनसार व्यक्ति थे। पशुओं के टीकाकरण अभियान में उनकी अहम भूमिका रहती थी और वे हमेशा लोगों की मदद के लिए तत्पर रहते थे। उनकी असामयिक मौत से पूरे गांव में शोक का माहौल है।ग्रामीणों ने सरकार से पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा और सहायता देने की मांग भी की है। घटना की सूचना मिलते ही सिसवन थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल, सीवान भेज दिया। सिसवन थाना प्रभारी चितरंजन कुमार ने बताया कि स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र से सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति की आकाशीय बिजली की चपेट में आने से मौत हो गई है। सूचना मिलते ही पुलिस पदाधिकारी को मौके पर भेजा गया। घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया गया है। पुलिस मामले में अग्रेतर कार्रवाई कर रही है। लगातार बदलते मौसम और वज्रपात की घटनाओं के बीच प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, खेतों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें तथा मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करें, ताकि ऐसी दुखद घटनाओं से बचा जा सके।
शेखपुरा में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) द्वारा आयोजित विवेकानंद क्वेस्ट 2026 सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता रविवार को संपन्न हुई। यह प्रतियोगिता स्थानीय संजय गांधी स्मारक महिला महाविद्यालय में शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से आयोजित की गई। इस महा-क्विज़ में 565 परीक्षार्थी शामिल हुए, जबकि कदाचार के आरोप में 14 विद्यार्थियों को तुरंत निष्कासित कर दिया गया। एबीवीपी के जिला संयोजक निशांत यादव ने बताया कि जिले भर के छात्र-छात्राओं ने इस प्रतियोगिता में उत्साहपूर्वक भाग लिया। उन्होंने कॉलेज प्रशासन, शिक्षकों और कार्यकर्ताओं के सामूहिक सहयोग से परीक्षा को सफल और कदाचारमुक्त बताया। परीक्षा को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने में अनुभवी शिक्षाविदों और प्रशासनिक अधिकारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। केंद्राधीक्षक के रूप में महिला कॉलेज के रामाधार प्रसाद शर्मा, ऑब्जर्वर अंजनी कुमार, स्टैटिक मजिस्ट्रेट अमरजीत कुमार, गुड्डू कुमार, सतीश कुमार, और फ्लाइंग स्क्वॉड के सदस्य अनिल कुमार, रोहित कुमार, विवेक सिंह, सृष्टि सृजन ने अपनी भूमिका निभाई। संगठन के लगभग छह दर्जन कार्यकर्ताओं के उत्कृष्ट प्रबंधन से पूरी परीक्षा बिना किसी व्यवधान के सफल रही। एबीवीपी के छात्र नेता आकाश कश्यप ने विस्तृत आंकड़े साझा करते हुए बताया कि इस प्रतियोगिता के लिए कुल 610 से अधिक विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया था। परीक्षा के दिन 565 परीक्षार्थी अपनी मेधा का प्रदर्शन करने के लिए उपस्थित हुए। उन्होंने बताया कि परीक्षा को पूरी तरह से निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए पूरे परिसर और परीक्षा हॉल की सघन वीडियोग्राफी कराई गई थी। परीक्षा समिति ने अनुशासनहीनता और कदाचार (चीटिंग) को लेकर 'जीरो टॉलरेंस' की सख्त नीति अपनाई। इसी कड़े पहरे के बीच, कदाचार करते पकड़े जाने पर 14 विद्यार्थियों को तुरंत प्रभाव से परीक्षा से निष्कासित कर दिया गया। परीक्षा समाप्त होने के बाद, सभी उत्तर पुस्तिकाओं को सुरक्षित रूप से सील कर दिया गया है और मूल्यांकन का कार्य तेज गति से शुरू किया जा रहा है। कॉपियों की जांच पूरी होते ही बहुत जल्द परीक्षा के परिणाम सार्वजनिक किए जाएंगे। इसके पश्चात, एक भव्य समारोह आयोजित कर विजेता मेधावी छात्रों को लैपटॉप, स्मार्ट टैबलेट और स्पोर्ट्स साइकिल सहित अन्य विशेष पुरस्कारों से सम्मानित किया जाएगा।
बिहार सरकार की सात निश्चय-3 योजना के तहत किशनगंज शहर के इंटर हाई स्कूल परिसर में नवनिर्मित सरस्वती विद्या निकेतन सह मॉडल स्कूल का उद्घाटन रविवार को किया गया। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इसका उद्घाटन किया। इस अवसर पर किशनगंज जिला मुख्यालय में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल मुख्य अतिथि थे। उनके साथ स्थानीय कांग्रेस विधायक कमरुल होदा, डीएम नवीन कुमार, डीडीसी प्रदीप कुमार झा, एसडीएम अनिकेत कुमार, डीईओ और सांसद के निजी सहायक एहसान हसन सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी व गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास सरकार की प्राथमिकताकार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक सुविधाएं और विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि यह नया मॉडल स्कूल क्षेत्र की नई पीढ़ी को बेहतर भविष्य की ओर ले जाएगा। उन्होंने शिक्षित, आत्मनिर्भर और समृद्ध बिहार के निर्माण में सभी वर्गों से सक्रिय सहभागिता निभाने की अपील की। इस मॉडल स्कूल के माध्यम से सीमांचल क्षेत्र के बच्चों को स्मार्ट क्लास, आधुनिक लैब और बेहतर खेल सुविधाएं मिलेंगी। जानकारी के अनुसार, इस स्कूल में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा प्रदान की जाएगी, जिससे जिले में शिक्षा के स्तर में सुधार होगा।
कानपुर के कल्याणपुर ब्लॉक स्थित भिसार गांव के श्री राधाकृष्ण विराजमान मंदिर परिसर में रविवार को विधायक अभिजीत सिंह सांगा ने पर्यटन विभाग की 1.80 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया। योजना के तहत श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अतिथि गृह, स्नानगृह, शौचालय, पेयजल और सौर ऊर्जा आधारित सुविधाएं विकसित की जाएंगी। परियोजना के तहत मंदिर परिसर में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए अतिथि गृह, स्नानगृह, शौचालय, स्वच्छ पेयजल व्यवस्था तथा सौर ऊर्जा आधारित सुविधाओं का निर्माण कराया जाएगा। इसका उद्देश्य मंदिर परिसर में मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाना और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना है। विधायक बोले- धार्मिक पर्यटन को मिलेगी नई पहचान शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक अभिजीत सिंह सांगा ने कहा कि प्रदेश सरकार धार्मिक और पर्यटन स्थलों के समग्र विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि आधुनिक सुविधाएं विकसित होने से श्रद्धालुओं को बेहतर व्यवस्थाएं मिलेंगी और क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलेगी। साथ ही स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आर्थिक गतिविधियों के अवसर भी बढ़ेंगे। श्रद्धालुओं को मिलेगी बेहतर सुविधा विधायक ने कहा कि अतिथि गृह बनने से बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के ठहरने की सुविधा मिलेगी। वहीं स्नानगृह, शौचालय और स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था से मंदिर परिसर अधिक व्यवस्थित और सुविधाजनक बनेगा। सौर ऊर्जा आधारित व्यवस्था से ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। पूजा-अर्चना के साथ हुआ शुभारंभ कार्यक्रम की शुरुआत मंदिर परिसर में विधिवत पूजा-अर्चना के साथ हुई। इसके बाद विकास कार्यों का शिलान्यास किया गया। स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने इस पहल का स्वागत करते हुए इसे क्षेत्र के धार्मिक और पर्यटन विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। कार्यक्रम में मंदिर के महंत सुधीर कुमार उर्फ झाला महाराज, संदीप सिंह, अवधेश सिंह, उमाकांत शुक्ला, कमलेश शुक्ला, ओम प्रकाश शर्मा, शिववरण कुशवाहा, रामऔतार कुरील, नरेश तिवारी सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और श्रद्धालु मौजूद रहे।
संभल के हजरतनगर गढ़ी थाने में रविवार शाम किन्नरों के दो गुटों के बीच बधाई क्षेत्र के विवाद को लेकर जमकर हंगामा हुआ। पुलिस द्वारा बातचीत के लिए बुलाए जाने के बाद एक किन्नर ने थाने के अंदर नग्न होकर प्रदर्शन किया, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। यह विवाद बधाई क्षेत्र के बंटवारे को लेकर पिछले चार-पांच सालों से चल रहा है। पुलिस ने 18 दिन पहले एक पक्ष की शिकायत पर दूसरे पक्ष के खिलाफ मारपीट का मामला दर्ज किया था। इसी मामले में दोनों पक्षों को रविवार शाम 4 बजे थाने बुलाया गया था। लगभग एक घंटे की बातचीत के बाद, आरोपी किन्नर पक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया। वे पहले थाने से बाहर चले गए, लेकिन करीब सवा घंटे बाद शाम 6 बजे वापस लौटे और फिर से प्रदर्शन करने लगे। इस दौरान एक किन्नर ने थाने परिसर के अंदर नग्न होकर हंगामा किया। यह प्रदर्शन करीब 40 मिनट तक चला। यह घटना तहसील संभल के थाना हजरतनगर गढ़ी परिसर की है। मुरादाबाद के मैनाठेर क्षेत्र की नगर पंचायत महमूदपुर माफी निवासी किन्नर बबली और मुमताज उर्फ यूनुस के बीच लंबे समय से विवाद है। 1 जुलाई को किन्नर बबली की शिकायत पर किन्नर मुमताज उर्फ यूनुस, मोहिनी और सलीम के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। बबली किन्नर की शिकायत पर मुमताज पक्ष के लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। आज उन्हें बातचीत के लिए बुलाया गया था, इसी दौरान मुमताज पक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया। घटना का वीडियो भी सामने आया है। थाना प्रभारी संजय कुमार ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच बधाई क्षेत्र को लेकर विवाद है। किन्नर बबली ने बताया कि किन्नर मुमताज पर हत्या एवं अन्य मुकदमे भी दर्ज हैं। गांव बराही में किन्नर मुमताज ने अफवाह फैलाते हुए कहा कि किन्नर बबली की सड़क हादसे में मौत हो गई है। मेरे द्वारा पुलिस को शिकायत देकर मानसिक एवं शारीरिक शोषण कर मारपीट करने का आरोप लगाया गया था।
मिर्जापुर में 404 गांव बाढ़ संवेदनशील चिन्हित:SDRF और PAC तैनात, प्रशासन ने तेज की राहत की तैयारी
मिर्जापुर में संभावित बाढ़ के मद्देनजर जिला प्रशासन ने राहत और बचाव की तैयारियां तेज कर दी हैं। जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार के निर्देश पर अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व विनोद कुमार सिंह के मार्गदर्शन में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए तहसील सदर और चुनार में एसडीआरएफ और पीएसी की टीमें तैनात की गई हैं। प्रशासन ने पिछले वर्षों के बाढ़ के आंकड़ों के आधार पर जनपद के 404 गांवों को बाढ़ के प्रति संवेदनशील चिन्हित किया है। इनमें सदर तहसील के 220 और चुनार तहसील के 184 गांव शामिल हैं। इसी क्रम में रविवार को तहसील चुनार में तैनात पीएसी ने बालू घाट, चुनार पर राहत एवं बचाव कार्यों का मॉक ड्रिल आयोजित किया। उपजिलाधिकारी अनेग सिंह की उपस्थिति में हुए इस अभ्यास में जवानों ने उपलब्ध संसाधनों का परीक्षण किया और बाढ़ के दौरान बचाव अभियान की विभिन्न तकनीकों का अभ्यास किया। इस मॉक ड्रिल में जनपद के आपदा मित्रों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई। जिला प्रशासन ने बताया कि संभावित बाढ़ की स्थिति में किसी भी आपदा से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी की जा रही हैं।
गोपालगंज जिले में रविवार को हुई बारिश के बाद सदर अस्पताल परिसर में जलजमाव हो गया है। इससे अस्पताल की व्यवस्थाएं पूरी तरह चरमरा गई हैं, और मरीजों के साथ-साथ उनके परिजनों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हर साल मॉनसून से पहले अस्पताल प्रशासन द्वारा जलजमाव से निपटने के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं। हालांकि, इस बार की बारिश ने इन दावों की हकीकत उजागर कर दी है, जिससे स्वास्थ्य विभाग की तैयारियों पर सवाल उठ रहे हैं। अस्पताल के मुख्य भवन और इमरजेंसी वार्ड के सामने पानी भर गया है। गंभीर मरीजों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को वार्ड तक पहुंचने में काफी दिक्कतें आ रही हैं। कई बार परिजनों को मरीजों को गोद में उठाकर या स्ट्रेचर को पानी के बीच से धकेलते हुए ले जाना पड़ रहा है। अस्पताल के स्वास्थ्यकर्मी और चिकित्सक भी परेशान जलजमाव के कारण परिसर में संक्रमण फैलने का खतरा भी बढ़ गया है। गंदे पानी के बीच से गुजरने के कारण मरीजों में त्वचा संबंधी रोग और अन्य मौसमी बीमारियों का डर सता रहा है, जो उनकी स्वास्थ्य स्थिति को और बिगाड़ सकता है। सदर अस्पताल परिसर में जलजमाव का मुख्य कारण नालियों की नियमित सफाई न होना और ड्रेनेज सिस्टम का लचर होना बताया जा रहा है। पानी निकासी का उचित प्रबंध न होने से बारिश का सारा पानी परिसर में ही जमा हो जाता है। इलाज कराने आए नरेश यादव ने बताया, हम यहां बीमारी का इलाज कराने आए हैं, लेकिन यहां के हालात देखकर लगता है कि स्वस्थ इंसान भी बीमार पड़ जाएगा। प्रशासन को इस समस्या का स्थायी समाधान निकालना चाहिए। इस गंभीर स्थिति से अस्पताल के स्वास्थ्यकर्मी और चिकित्सक भी परेशान हैं। यदि जल्द ही पंप लगाकर पानी की निकासी नहीं की गई और जलजमाव की समस्या का स्थायी समाधान नहीं ढूंढा गया, तो आने वाले दिनों में स्थिति और भी खराब हो सकती है।
एनसीसी कैडेट्स ने दिया ट्रैफिक पुलिस का साथ:ट्रेनिंग के बाद चौराहों पर संभाली ट्रैफिक व्यवस्था
सड़क सुरक्षा और यातायात प्रबंधन, यातायात नियमों के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से रविवार को इंदौर ट्रैफिक पुलिस ने एनसीसी कैडेट्स के साथ विशेष जागरूकता अभियान चलाया। इस दौरान एडिशनल डीसीपी विक्रम सिंह रघुवंशी के नेतृत्व में 1 एसपी गर्ल्स बटालियन की एनसीसी कैडेट्स व स्टाफ ने शाम 4 बजे से रात 7 बजे तक शहर के प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक संभाला। इसमें मुख्य रूप से व्हाइट चर्च चौराहा, पलासिया चौराहा, गिटार तिराहा, एलआईजी चौराहा, रसोमा चौराहा व विजय नगर चौराहे पर ट्रैफिक पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में ट्रैफिक संभाला और सड़क सुरक्षा जागरूकता एक्टिविटि में ट्रैफिक पुलिस का सहयोग किया। पहले ट्रैनिंग दी, फिर चौराहे पर संभाली व्यवस्था इस दौरान एनसीसी कैडेट्स को ट्रैफिक संचालन के संकेत, सावधानियां आदि की ट्रेनिंग भी दी गई। इसके बाद चौराहों पर ट्रैफिक संकेतों का पालन करने, रेड लाइट जंप न करने, गलत दिशा में वाहन नहीं चलाने और सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित किया। ट्रैफिक पुलिस के साथ एनसीसी की विभिन्न इकाई आगे भी ट्रैफिक प्रबंधन और जागरूकता में अपना योगदान देंगी।
मंदसौर के अंबाबाड़ी क्षेत्र में भाजपा मंडल मीडिया प्रभारी के घर चोरी का प्रयास किया गया। यह घटना शनिवार-रविवार की दरमियानी रात करीब 2 बजे हुई, जब एक बदमाश पाइप के सहारे मकान में घुसा। घर में आहट होने पर बदमाश भागने लगा। इसी दौरान वह जिस पाइप के सहारे ऊपर चढ़ा था, वह टूट गया और बदमाश नीचे खड़ी कार पर जा गिरा। यह पूरी वारदात घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि भागने के प्रयास में चोर का संतुलन बिगड़ा और वह सीधे कार की छत पर गिरा। इस हादसे में कार की विंडशील्ड और अन्य हिस्से क्षतिग्रस्त हो गए। हालांकि, चोर को कोई गंभीर चोट नहीं आई और वह घटना स्थल से फरार हो गया। तीन तस्वीरों में देखिए घटना… परिवार घर के पिछले हिस्से मे सो रहा थामकान मालिक और भाजपा मंडल मीडिया प्रभारी पंकज जोशी ने बताया कि घटना के समय उनका परिवार घर के पिछले हिस्से में सो रहा था। बदमाश छत के रास्ते घर में घुसा और कमरों में रखी अलमारियों को खंगाला। उसे कोई कीमती सामान नहीं मिला, जिसके बाद वह खिड़की के रास्ते बाहर निकलने लगा। जैसे ही उसने पाइप पर पैर रखा, वह टूट गया और चोर नीचे खड़ी कार पर गिर गया। पास के मकान में भी चोरी की कोशिश कीपंकज जोशी के मुताबिक, कार पर गिरने के बाद बदमाश मौके से भाग गया था। हालांकि, लगभग 15 से 20 मिनट बाद वह फिर उसी इलाके में लौटा और पीछे स्थित एक अन्य मकान में घुसने का प्रयास किया। स्थानीय निवासियों ने बताया कि बदमाश करीब आधे घंटे तक क्षेत्र में घूमता रहा। लोगों को आशंका है कि आरोपी आसपास का ही रहने वाला हो सकता है, क्योंकि उसे इलाके की पूरी जानकारी थी और वह एक के बाद एक मकानों में घुसने की कोशिश कर रहा था। इस घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद मकान मालिक और स्थानीय लोगों ने आरोपी की जल्द पहचान कर गिरफ्तारी की मांग की है। पुलिस ने मामले की जानकारी ली है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि फुटेज के आधार पर आरोपी की तलाश की जा रही है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
सीधी में दो बाइक की भिड़ंत, दो युवक घायल:दोनों के चेहरे-सिर में चोटें, जिला अस्पताल में भर्ती कराया
सीधी जिले के रजडिया गांव में रविवार रात को दो बाइकों की आमने-सामने की जोरदार टक्कर हो गई। इस हादसे में दोनों बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तुरंत जिला अस्पताल सीधी में भर्ती कराया गया। यह हादसा रविवार रात करीब 8 बजे हुआ। वहां मौजूद लोगों ने बताया कि दोनों मोटरसाइकिलें बहुत तेज रफ्तार में थीं, जिसकी वजह से उनके बीच आमने-सामने की भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों युवक सड़क पर गिर गए और उन्हें गंभीर चोटें आईं। घायलों में से एक की पहचान 25 साल के लाल बहादुर कुशवाहा के रूप में हुई है, जबकि दूसरे घायल युवक का नाम अभी पता नहीं चल पाया है। हादसे की खबर मिलते ही डायल-108 एंबुलेंस के ड्राइवर महेंद्र मिश्रा अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। सिर और हाथ में आईं गंभीर चोटें एंबुलेंस ड्राइवर महेंद्र मिश्रा ने बताया कि दोनों घायलों की हालत काफी खराब थी। एक घायल का हाथ टूटने की आशंका थी और दोनों के सिर में भी गहरी चोटें थीं। मौके पर ही उन्हें शुरुआती इलाज देने के बाद बिना समय गंवाए तुरंत जिला अस्पताल सीधी ले जाया गया। अस्पताल में इलाज जारी, हालत खतरे से बाहर जिला अस्पताल के डॉक्टर बृजेश पांडे ने बताया कि दोनों घायलों का इलाज चल रहा है। जांच करने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कर लिया गया है। उनके सिर में गंभीर चोटें जरूर हैं, लेकिन अच्छी बात यह है कि अभी दोनों की जान खतरे से बाहर है। पुलिस को भी इस हादसे की खबर दे दी गई है और पुलिस मामले की जांच कर रही है। गांव के लोगों का कहना है कि तेज रफ्तार और लापरवाही से गाड़ी चलाने की वजह से ही ऐसे सड़क हादसे होते हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे रास्तों पर ट्रैफिक नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाए, साथ ही वाहन चालकों से भी सावधानी से गाड़ी चलाने की अपील की है।
बिहार सरकार की सात निश्चय-3 योजना 'उन्नत शिक्षा, उज्ज्वल भविष्य' के तहत 19 जुलाई 2026 को कटिहार जिले के सभी 16 प्रखंडों में सरस्वती विद्या निकेतन (आदर्श विद्यालय) का उद्घाटन किया गया। राज्यस्तरीय मुख्य समारोह बेगूसराय में आयोजित हुआ, जहां मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य के 551 सरस्वती विद्या निकेतन (आदर्श विद्यालयों) का एक साथ लोकार्पण किया। कटिहार जिले में आयोजित कार्यक्रमों में जिला पदाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने फलका प्रखंड के शिव नारायण सर्वोदय एच एस बरेटा विद्यालय में शिरकत की। कटिहार जिले के कुल 16 प्रखंडों में सरस्वती विद्या निकेतन खोले गए हैं। इनमें हाई स्कूल हफ़ला गंज (कटिहार), राजेंद्र हाई स्कूल धनपाड़ा (मनसाही), एल.एस.एच.एस नवाबगंज (मनिहारी), उत्क्रमित माध्यमिक स्कूल कटारिया (कुर्सेला), एस.जे.एन.सी हाई स्कूल बरेटा (बरारी), शिवनारायण सर्वोदय हाई स्कूल बरेटा (फलका), उत्क्रमित हाई स्कूल जनता गोपालपुर (अहमदाबाद), उत्क्रमित हाई स्कूल कल्याण गांव (बलरामपुर), उत्क्रमित हाई स्कूल दिघरि (कोढ़ा), उत्क्रमित हाई स्कूल परभेली (कदवा), उत्क्रमित माध्यमिक स्कूल मल्हारिया (समेली), हाई स्कूल आबादपुर (बारसोई), आरके हाई स्कूल (आजमनगर), उत्क्रमित हाई स्कूल पदमपुर (हसनगंज), उत्क्रमित हाई स्कूल टिकली (दंडखोरा) और उत्क्रमित माध्यमिक स्कूल बुधनगर (प्राणपुर) शामिल हैं। इन आदर्श विद्यालयों का मुख्य उद्देश्य सरकारी स्कूलों में बुनियादी ढांचे, स्मार्ट क्लास, खेल और प्रयोगशाला सुविधाओं को बेहतर बनाकर छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना है। सात निश्चय-3 योजना के तहत राज्य सरकार का लक्ष्य प्रत्येक प्रखंड में एक आदर्श विद्यालय स्थापित करना है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चे भी आधुनिक सुविधाओं के साथ शिक्षा प्राप्त कर सकें। उद्घाटन समारोह में स्थानीय जनप्रतिनिधि, शिक्षक, अभिभावक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
चंदौली जिले के रहने वाले अंतरराष्ट्रीय ओलंपियन खिलाड़ी शिवपाल सिंह को जेल भेजे जाने का मामला तूल पकड़ने के बाद पुलिस अधिकारियों ने बचाव में मोर्चा संभाल लिया है। रविवार शाम अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) अनंत चंद्रशेखर ने पूरे प्रकरण पर बयान जारी कर पुलिस का पक्ष रखा। एएसपी ने बताया कि 21 जुलाई को बलुआ थाना क्षेत्र में कुछ लोगों द्वारा एक व्यापारी के साथ मारपीट, चेन छीनने और अवैध असलहे का प्रदर्शन करने की घटना सामने आई थी। इस मामले में मुकदमा दर्ज कर आरोपी शिवपाल सिंह, नंदकिशोर सिंह और सुधांशु सिंह उर्फ छोटू को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। उन्होंने कहा कि इसके बाद सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से यह प्रचारित किया गया कि ओलंपियन शिवपाल सिंह के खिलाफ गलत तरीके से कार्रवाई की गई है। जबकि घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज में शिवपाल सिंह, उनके भाई नंदकिशोर सिंह और अन्य साथियों के साथ एक व्यापारी की पिटाई करते हुए स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। एएसपी के अनुसार, घटना के दौरान शिवपाल सिंह के भाई नंदकिशोर सिंह के पास अवैध असलहा था, जिसका उल्लेख एफआईआर में भी किया गया है। आरोप है कि उसने असलहा लहराकर क्षेत्र में भय और आतंक का माहौल बनाया। बाद में नंदकिशोर सिंह के कब्जे से वह अवैध असलहा भी बरामद कर लिया गया। पुलिस का कहना है कि दोनों भाइयों से जुड़ी यह पहली घटना नहीं है। विवेचना के दौरान एक अन्य घटना भी सामने आई है, जिसमें दोनों भाई एक साथ मौजूद थे। आरोप है कि उस दौरान नंदकिशोर सिंह ने एक पिकअप चालक के साथ मारपीट की और अवैध असलहा लहराकर लोगों में दहशत फैलाने की कोशिश की। इस घटना का भी सीसीटीवी फुटेज पुलिस के पास उपलब्ध है। एएसपी अनंत चंद्रशेखर ने कहा कि दोनों घटनाओं से यह स्पष्ट होता है कि ओलंपियन शिवपाल सिंह और उनके भाई नंदकिशोर सिंह घटनास्थलों पर एक साथ मौजूद थे। उनका कहना है कि यदि शिवपाल सिंह का इन गतिविधियों से कोई संबंध नहीं होता, तो उनसे अपेक्षा थी कि वह अपने भाई के पास अवैध असलहा होने और उसके सार्वजनिक प्रदर्शन की जानकारी पुलिस को देते। इसके विपरीत, उपलब्ध साक्ष्यों से यह स्पष्ट है कि वह विभिन्न घटनाओं के दौरान अपने भाई के साथ मौजूद रहे और उसके कृत्यों का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से साथ दिया।
कटिहार के आजमनगर प्रखंड अंतर्गत गायघट्टा पंचायत के वार्ड संख्या 1 स्थित जंघीपुर गांव में 15वें वित्त आयोग योजना के तहत कराए जा रहे विकास कार्यों में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगा है। ग्रामीणों ने सरकारी राशि के दुरुपयोग और जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों की कथित मिलीभगत का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी से कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों के अनुसार, पंचायत में नाला निर्माण के लिए 6 लाख 50 हजार रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है। हालांकि, योजना में बेहद घटिया गुणवत्ता वाली सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। आरोप है कि बिना ईंट बिछाए, गंदे और मिट्टी युक्त पानी में स्थानीय ब्रांड का सरिया, मिट्टी युक्त गिट्टी और सफेद बालू मिलाकर लगभग 2 इंच मोटी ढलाई कर दी गई है। विकास कार्य के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रहीग्रामीणों का कहना है कि कागजों पर योजना को पूरा दिखाया जा रहा है, जबकि धरातल पर विकास कार्य के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब जनप्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों की मिलीभगत से हो रहा है। कई बार संबंधित विभाग और प्रखंड कार्यालय के अधिकारियों से शिकायत करने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी कटिहार से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच, योजना का भौतिक सत्यापन और दोषी जनप्रतिनिधियों, संवेदकों व संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई कर सरकारी राशि की वसूली सुनिश्चित करने की मांग की है। साथ ही, भविष्य में सभी विकास योजनाओं को पारदर्शी तरीके से संचालित करने और गुणवत्ता की नियमित निगरानी कराने की भी मांग की गई है। विकास योजनाओं का लाभ आम जनता तक पहुंच सकेस्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने प्रभावी कदम नहीं उठाया तो वे लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने को बाध्य होंगे ग्रामीणों ने उम्मीद जताई है कि जिला प्रशासन मामले को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करेगा, ताकि सरकारी धन का सही उपयोग हो सके और विकास योजनाओं का लाभ आम जनता तक पहुंच सके। वहीं उक्त पंचायत के पंचायत सचिव मनीष कुमार ने योजना में हुई अनियमिताओं को लेकर स्वीकार करते हुए कहा है की गंदे तथा मिट्टी युक्त पानी में ईंट का टुकड़ों को डालने के बाद ही ढलाई की जा रही है सीमेंट एवं सरिया किस ब्रांड का है पूछे जाने पर उन्होंने चुप्पी साथ और कुछ भी कहने से इंकार कर दिया। वहीं दूसरी ओर उक्त पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि शाहनूर ने दूरभाष पर जानकारी देते हुए कहा कि गुणवत्ता से संबंधित कोई भी जानकारी हम नहीं दे सकते हैं जो भी जानकारी चाहिए पंचायत के तकनीकी सहायक(जेई)सोनू मोरिया से पूछिए। वहीं पंचायत के तकनीकी सहायक(जेई)सोनू मोरिया से दूरभाष पर संपर्क साधा गया संपर्क नहीं होने के कारण उनका पक्ष नहीं रखा गया है।
पानीपत जिले में पुलिस ने लकड़ी ठेकेदार दिलावर के अपहरण मामले में फरार चल रहे 7वें आरोपी अनुज उर्फ काला को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को शनिवार देर शाम सिवाह बाईपास से पकड़ा गया। पुलिस ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। सीआईए-2 प्रभारी इंस्पेक्टर वीरेंद्र ने बताया कि उनकी टीम ने वारदात के कुछ घंटों के भीतर ही सोनीपत के श्याम नगर से अपहृत ठेकेदार दिलावर (35) को सकुशल छुड़ा लिया था। इस दौरान मौके से 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में तिहाड़ खुर्द निवासी रोहित, श्याम नगर निवासी मनोज, बरोटा निवासी नीरज, मोई निवासी सूरज, इसराना निवासी अनुज उर्फ छोटू और पलड़ी निवासी जतिन शामिल थे। गांव के अड्डे किया था अपहरण थिराना निवासी राजेंद्र पुत्र प्रभु राम ने मतलौडा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 9 जुलाई की रात करीब 9:15 बजे उनका बेटा दिलावर गांव के अड्डे पर खड़ा था। तभी एक काले रंग की स्कॉर्पियो गाड़ी आई और उसमें सवार 4-5 युवक दिलावर को जबरन गाड़ी में डालकर ले गए। राजेंद्र की शिकायत पर मतलौडा थाने में मामला दर्ज किया गया था। रिटायर्ड पिता की वर्दी पहनकर आया था आरोपी पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया था कि आरोपी मनोज ने दिल्ली पुलिस से सेवानिवृत्त अपने पिता की वर्दी पहनी हुई थी। उन्होंने फरार चल रहे अपने दो साथियों, इसराना निवासी अनुज उर्फ काला और एक अन्य आरोपी के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया था। पुलिस ने उनके कब्जे से स्कॉर्पियो गाड़ी और दिल्ली पुलिस सब-इंस्पेक्टर की वर्दी बरामद की थी। फरार साथियों की तलाश जारी गिरफ्तार आरोपियों को माननीय न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया था। इसके बाद से ही अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी थी।गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने शनिवार शाम करीब 6 बजे रोहतक-पानीपत बाईपास से अनुज उर्फ काला निवासी इसराना को गिरफ्तार किया। पूछताछ के बाद उसे भी न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
झांसी में रविवार को 17 साल की लड़की ने सुसाइड कर लिया। मां खेत पर गई थी, जबकि पिता रिश्तेदार को देखने के लिए अस्पताल आए थे। सुबह लगभग 10 बजे भाई घर पहुंचा तो कमरा अंदर से बंद था। खिड़की से देखा तो बहन फंदे पर लटकी हुई थी। परिजन सुसाइड के कारणों की जानकारी नहीं दे पाए। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। पूरा मामला बड़ागांव थाना क्षेत्र के पाली परसर गांव का है। 10वीं के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी मृतका का नाम सितारा उर्फ मुन्नू (17) पुत्र संजेश अहिरवार था। वह बड़ागांव के पाली परसर गांव की रहने वाली थी। मृतका के ताऊ लखन कुमार ने बताया- मेरा छोटा भाई संजेश अहिरवार खेती किसानी करता है। उसकी दो बेटी और एक बेटा है। बड़ी बेटी चांदनी की शादी हो चुकी है। उसकी छोटी बेटी सितारा ने एक साल पहले दसवीं के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी। बेटा समर 10वीं में पढ़ रहा है। आज सुबह छोटा भाई रिश्तेदार को देखने के लिए अस्पताल गया था। उसकी पत्नी मालती और बेटा समर खेत पर चले गए। सितारा से साथ चलने के लिए कहा तो बोली कि खाना लेकर आ रहे हैं। कमरा अंदर से बंद था ताऊ ने आगे बताया- समर ने खेत पर पेड़ लगाया और फिर घर चला गया। जब घर पहुंचा तो बहन नजर नहीं आई। कमरा अंदर से बंद था। आवाज देने पर बहन ने कोई जबाव नहीं दिया। तब उसने खिड़की से झांककर देखा। तब बहन सितारा पंखे के हुक पर फंदा बनाकर लटकी थी। चीखने चिल्लाने पर परिजन और आसपास के लोग आ गए। किसी तरह दरवाजा तोड़ा, लेकिन तब तक सितारा की मौत हो चुकी थ्ज्ञी। तब पुलिस को सूचना दी गई। ताऊ ने बताया- सितारा के सुसाइड के बारे में पता नहीं चल पाया। उसको घर पर न तो किसी ने डांटा और न ही कोई झगड़ा हुआ। सुबह सबकुछ ठीक था। सितारा के पास मोबाइल भी नहीं था। पता नहीं क्यों उसने फांसी लगाई है। जांच कर रहे हैं बड़ागांव थाना प्रभारी बलराज शाही ने बताया कि सितारा ने फांसी लगाकर आत्महत्या की है। उसके पास मोबाइल भी नहीं था। परिजन सुसाइड के कारणों के बारे में जानकारी नहीं दे पाए। पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया। पूरे मामले की छानबीन की जा रही है।
बड़वानी जिले के पाटी थाना इलाके के लाईझापी गांव में रविवार शाम को कुएं से मोटर निकालते समय पानी में डूबने से एक व्यक्ति की जान चली गई। जानकारी के मुताबिक, लाईझापी गांव के रहने वाले मांगीलाल (50 वर्ष) कुएं में लगी मोटर को बाहर निकालने के लिए नीचे उतरे थे। जब वे काफी देर तक बाहर नहीं आए, तो घर वालों और गांव के लोगों ने उन्हें आवाज लगाई, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। पुलिस और ग्रामीणों ने मिलकर निकाला बाहर होने अनहोनी की आशंका के चलते तुरंत पुलिस को खबर दी गई। सूचना मिलते ही पाटी थाना प्रभारी आर.डी. यादव पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। कुआं गहरा होने और मुश्किलें ज्यादा होने के बावजूद पुलिस और गांव के लोगों ने मिलकर काफी मेहनत की और मांगीलाल को कुएं से बाहर निकाला। हालांकि, तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने शुरू की जांच पुलिस ने मौके पर जाकर कागजी कार्रवाई पूरी की और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भिजवाया। मृतक की पहचान मांगीलाल पिता छोटू (जाति बारेला, उम्र 50 वर्ष, निवासी लाईझापी) के रूप में हुई है। पुलिस ने मर्ग दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
बाइक मैकेनिक की कार की टक्कर से मौत:मोटरसाइकिल से घर लौट रहा था, शनि मंदिर के पास हादसा
कानपुर देहात के रसूलाबाद थाना क्षेत्र में रविवार शाम करीब 6 बजे एक सड़क हादसे में 23 वर्षीय बाइक मैकेनिक तेज रफ्तार कार की टक्कर से गंभीर रूप से घायल हो गया युवक को इलाज के लिए कानपुर ले जाया गया, जहां हैलट अस्पताल में करीब 8 बजे डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान मकरंदपुर कहिंजरी गांव निवासी अमित कुमार उर्फ कालू सोनकर के रूप में हुई है। अमित कहिंजरी बस स्टॉप पर बाइक रिपेयरिंग की दुकान चलाता था। रविवार शाम करीब छह बजे वह रसूलाबाद से बाइक पर अपने गांव लौट रहा था। रसूलाबाद-कानपुर मार्ग पर माल का पुरवा स्थित शनि मंदिर के पास एक कार ने उसकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि अमित सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना मिलने पर परिजन मौके पर पहुंचे और उसे तत्काल इलाज के लिए कानपुर ले गए। परिजनों के अनुसार, रास्ते में दो अस्पतालों ने घायल को भर्ती करने से इनकार कर दिया। इसके बाद उसे हैलट अस्पताल ले जाया गया, जहां रात करीब आठ बजे डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अमित की मौत की खबर मिलते ही परिवार में शोक छा गया। मां जयदेवी और पिता ओमप्रकाश सहित अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में भी गम का माहौल है। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने दुर्घटना में शामिल कार को कब्जे में ले लिया है। कहिंजरी चौकी प्रभारी प्रवीण कृष्णा मिश्र ने बताया कि वाहन को हिरासत में ले लिया गया है। परिजनों से तहरीर मिलने के बाद मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
आम आदमी पार्टी (AAP) के कार्यकर्ताओं ने रविवार शाम मैहर के घंटाघर चौराहे पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। उन्होंने शिक्षाविद और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का साथ देते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। यह मांग प्रतियोगी परीक्षाओं में हुए पेपर लीक के मामलों को लेकर उठाई गई। इस प्रदर्शन की अगुवाई प्रदेश सह-सचिव उमेश चौधरी ने की। इसमें महेंद्र सनाढ्य, राजेश शुक्ला, एडवोकेट आनंद श्रीवास्तव समेत पार्टी के दूसरे पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। कार्यकर्ताओं ने बताया कि सोनम वांगचुक शिक्षा व्यवस्था में सुधार और परीक्षाओं में पारदर्शिता (साफ-सुथरे तरीके) के लिए लंबे समय से शांतिपूर्ण भूख हड़ताल पर बैठे थे। उन्होंने हाल ही में वांगचुक को आंदोलन वाली जगह से अस्पताल ले जाने की घटना पर चिंता जताई, जिससे देश भर के छात्रों और युवाओं के बीच फिक्र का माहौल है। 'पेपर लीक बंद करो' के लगे नारे प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने शिक्षा मंत्री इस्तीफा दो और पेपर लीक बंद करो जैसे नारे लगाए। उन्होंने परीक्षा के पूरे सिस्टम को साफ-सुथरा और निष्पक्ष बनाने की मांग की। यह प्रदर्शन शांति से खत्म हुआ। कार्यकर्ताओं ने सरकार से अपील की कि वे छात्रों के भले के लिए ठोस कदम उठाएं।
बेतिया जिले के बैरिया प्रखंड अंतर्गत ताधवानंदपुर पंचायत में एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतका की पहचान 27 वर्षीय मनीषा कुमारी के रूप में हुई है। मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर हत्या का आरोप लगाते हुए बैरिया थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। मृतका के भाई राहुल कुमार ने बताया कि मनीषा का विवाह वर्ष 2019 में ताधवानंदपुर निवासी संतोष पटेल से हुआ था। उनके अनुसार, शादी के कुछ समय बाद से ही ससुराल पक्ष के लोग दहेज में मोटरसाइकिल की मांग करने लगे थे और मनीषा को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। संतोष पटेल ने फोन पर मनीषा की मौत की सूचना दीराहुल कुमार ने बताया कि 19 जुलाई की दोपहर करीब दो बजे उनके बहनोई संतोष पटेल ने फोन पर मनीषा की मौत की सूचना दी। जब परिजन ताधवानंदपुर स्थित ससुराल पहुंचे, तो मनीषा घर पर नहीं थीं और ससुराल पक्ष के सभी सदस्य घर छोड़कर फरार हो चुके थे। इससे परिजनों का संदेह और गहरा गया। मायके वालों ने मनीषा के पति संतोष पटेल, ससुर हीरालाल पटेल, सास चंदा देवी और ननद पुष्पा देवी के खिलाफ हत्या का आरोप लगाते हुए बैरिया थाने में प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने सभी आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। मृतका मनीषा अपने पीछे दो छोटे बेटों को छोड़ गई हैं। इस घटना के बाद परिवार में शोक का माहौल है और परिजन न्याय की मांग कर रहे हैं। बैरिया पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा जांच और चिकित्सीय रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।
पुलिस और आमजन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से रविवार को झुंझुनूं जिले के सभी पुलिस थानों में कम्युनिटी लायजन ग्रुप (CLG) की बैठकें आयोजित की गईं। बैठकों में पुलिस अधिकारियों ने स्थानीय नागरिकों से संवाद कर कानून-व्यवस्था, यातायात, साइबर अपराध, नशामुक्ति और महिला सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की। जिला मुख्यालय स्थित कोतवाली थाना परिसर में हुई बैठक की अध्यक्षता एसपी कावेन्द्र सिंह सागर ने की। बैठक में शहर के प्रबुद्ध नागरिक, व्यापारी, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और सीएलजी सदस्य मौजूद रहे। एसपी बोले- पुलिस और जनता में बातचीत जरूरीएसपी ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस और जनता के बीच बेहतर संवाद और सूचनाओं का समय पर आदान-प्रदान बेहद आवश्यक है। उन्होंने शहर की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने, बढ़ते साइबर ठगी के मामलों के प्रति लोगों को जागरूक रहने, युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए जन-जागरूकता अभियान चलाने और महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया। इस दौरान एसपी ने उपस्थित लोगों की समस्याएं और सुझाव भी सुने। साथ ही उनके शीघ्र समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सीएलजी सदस्य समाज और पुलिस के बीच एक मजबूत सेतु का कार्य करते हैं, जिनके सहयोग से अपराधों की रोकथाम और शांति व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलती है। उधर, जिले के अन्य सभी पुलिस थानों में भी संबंधित वृत्त अधिकारियों और थाना प्रभारियों की अध्यक्षता में सीएलजी बैठकें आयोजित की गईं। बैठकों में स्थानीय समस्याओं पर चर्चा की गई और लोगों से संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तत्काल पुलिस को देने की अपील की गई। बैठक के अंत में एसपी कावेन्द्र सिंह सागर ने सभी सीएलजी सदस्यों और नागरिकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज के सहयोग और विश्वास के बिना अपराधमुक्त वातावरण की कल्पना संभव नहीं है। उन्होंने लोगों से सतर्क रहने और पुलिस का सहयोग करने की अपील की ताकि जिले में शांति, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जा सके।
बांका जिले के बेलहर प्रखंड अंतर्गत जिलेबिमोड़ थाना क्षेत्र के चित्रसेन गांव में रविवार की संध्या एक 35 वर्षीय महिला द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या किए जाने का मामला सामने आया है। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है। सूचना मिलने पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा तैयार किया और पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल बांका भेज दिया। विवाद के बाद सविता घर से बाहर चली गई मृतका की पहचान चित्रसेन गांव निवासी सविता देवी के रूप में हुई है। परिजनों और ग्रामीणों के अनुसार, घर में प्लास्टिक से छप्पर ढंकने को लेकर पति घनश्याम दास और उनकी पत्नी के बीच मामूली कहासुनी हुई थी। विवाद के बाद सविता देवी घर छोड़कर हनुमाना डैम की ओर चली गई थीं। जानकारी मिलने पर पति और ग्रामीणों ने उन्हें समझा-बुझाकर सुरक्षित घर वापस लाया। ग्रामीणों ने दरवाजा तोड़कर उन्हें नीचे उतारा बताया जाता है कि संध्या में जब उनके पति नदी की ओर गए हुए थे, उसी दौरान सविता देवी ने घर के अंदर लकड़ी के धरण में दुपट्टे का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। कुछ देर बाद उनकी 14 वर्षीय पुत्री सुनैना कुमारी ने मां को फंदे से लटका देखा और शोर मचाया। इसके बाद पति और ग्रामीणों ने दरवाजा तोड़कर उन्हें नीचे उतारा तथा तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बेलहर पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। थानाध्यक्ष बोले-मामले की जांच की जा रही घटना के बाद मृतका के पति घनश्याम दास, पुत्री सुनैना कुमारी सहित पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में भी घटना को लेकर शोक और मायूसी का माहौल है। जिलेबिमोड़ थाना अध्यक्ष राजू कुमार ठाकुर ने बताया कि पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है तथा आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
पत्नी से विवाद के बाद युवक ने खाया जहर:भिंड जिला अस्पताल से ग्वालियर रेफर, रास्ते में मौत
भिंड के देहात थाना क्षेत्र के मानपुरा गांव में गृहक्लेश के चलते 27 वर्षीय एक युवक ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्मघाती कदम उठा लिया। तबीयत बिगड़ने पर वह पत्नी के साथ बाइक से जिला अस्पताल पहुंचा, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसे ग्वालियर रेफर कर दिया। लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान प्रमोद पिता कैलाश नरवरिया (27) निवासी मानपुरा, थाना देहात के रूप में हुई। घटना रविवार की है। बताया गया है कि प्रमोद का किसी बात को लेकर पत्नी अंजलि से विवाद हो गया था। विवाद के बाद उसने घर के अंदर रखा कोई जहरीला पदार्थ खा लिया। जहर खाने के बाद उसकी हालत बिगड़ने लगी। इसके बाद प्रमोद और उसकी पत्नी बाइक से जिला अस्पताल पहुंचे। यहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार किया, लेकिन हालत गंभीर होने पर दोपहर करीब 2 बजे उसे ग्वालियर रेफर कर दिया। ग्वालियर ले जाते समय रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। पत्नी के साथ अलग रहता थाप्रमोद के ताऊ देवेंद्र पिता अमर सिंह नरवरिया ने बताया कि पति-पत्नी के बीच विवाद के बाद प्रमोद ने जहरीला पदार्थ खा लिया था। प्रमोद दो भाइयों में एक था और दोनों अलग-अलग रहते थे। अपने पीछे वह पत्नी अंजलि और एक बेटी को छोड़ गया है। देहात थाना पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। पुलिस ने मर्ग कायम कर घटना के कारणों और जहरीले पदार्थ की पुष्टि के लिए जांच शुरू कर दी है।
मिर्जापुर पुलिस ने एक अंतर्राज्यीय और अंतरजनपदीय वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है। चुनार थाना पुलिस ने इस मामले में पांच शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से चोरी की नौ मोटरसाइकिलें, 11 मोबाइल फोन, एक अवैध तमंचा और एक जिंदा कारतूस बरामद किया गया है। पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक के निर्देश पर अपर पुलिस अधीक्षक ऑपरेशन राजकुमार मीणा और क्षेत्राधिकारी चुनार गायत्री यादव के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई। चुनार थाना पुलिस टीम ने 18 जुलाई की रात दीक्षितपुर गांव में एक चाय की दुकान के पास से इन आरोपियों को पकड़ा। इस कार्रवाई से वाहन चोरी के दो मामलों का खुलासा हुआ। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान विशाल बिंद (थाना पड़री), विकास बिंद (अलीनगर, चंदौली), चंद्रमा उर्फ बाबू (अदलहाट), गुलशन कुमार (अहरौरा) और लोकनाथ उर्फ लोकू (अहरौरा) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, मौके से चोरी की दो मोटरसाइकिलें बरामद की गईं। पूछताछ के दौरान आरोपियों की निशानदेही पर विभिन्न स्थानों से चोरी की गई सात अन्य मोटरसाइकिलें भी मिलीं। कुल मिलाकर, पुलिस ने नौ चोरी की मोटरसाइकिलें और 11 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। आरोपी विशाल बिंद के पास से एक 315 बोर का अवैध तमंचा और एक जिंदा कारतूस भी मिला। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उनका एक संगठित गिरोह है। वे विभिन्न क्षेत्रों में मौका देखकर मोटरसाइकिलें चुराते थे। चोरी के बाद वे वाहनों की नंबर प्लेट हटाकर उन्हें छिपा देते थे और बाद में बेचकर मिली रकम आपस में बांट लेते थे। इसी पैसे से वे अपना और अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। पुलिस जांच में पता चला है कि बरामद की गई मोटरसाइकिलें मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी और सोनभद्र जनपदों के विभिन्न थाना क्षेत्रों से चोरी की गई थीं। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ पहले से ही कई थानों में वाहन चोरी के मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने बरामदगी के आधार पर विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और चोरी के इस नेटवर्क की भी गहनता से जांच की जा रही है।
खगड़िया में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (AISF) की परबत्ता अंचल इकाई ने रविवार को शिक्षा से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। अंचल अध्यक्ष बिट्टू मिश्रा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का प्रतीकात्मक पुतला दहन किया। यह मार्च तोरण द्वार गेट से शुरू होकर बाजार और थाना चौक होते हुए प्रखंड कार्यालय के सामने तक निकाला गया। प्रदर्शन के दौरान AISF नेताओं ने शिक्षा के निजीकरण, विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और छात्रों की समस्याओं को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग की। कई परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक हुए संगठन ने सरकार से छात्रों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने और परीक्षाओं को निष्पक्ष एवं पारदर्शी बनाने की मांग की। अंचल सह सचिव नीतीश कुमार ने आरोप लगाया कि सरकार के कार्यकाल में कई परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक हुए हैं, लेकिन इस पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों की आवाज उठाने वालों के साथ दमनकारी रवैया अपनाया जा रहा है। अंचल सचिव ऋषि कुमार शर्मा ने चेतावनी दी कि प्रदर्शनकारियों और छात्रों के साथ कथित दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि सरकार छात्रों की मांगों पर ध्यान नहीं देती है, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। छात्र हितों की अनदेखी स्वीकार नहीं की जाएगीअंचल अध्यक्ष बिट्टू मिश्रा ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित विभिन्न परीक्षाओं में लगातार अनियमितताओं का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन और वैज्ञानिकों के धरने को दबाने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन AISF का आंदोलन जारी रहेगा। अंचल उपाध्यक्ष रितेश शर्मा ने सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि छात्र हितों की अनदेखी स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने जोर दिया कि संगठन लोकतांत्रिक तरीके से अपना आंदोलन जारी रखेगा। इस कार्यक्रम में संजय कुमार, अमृत कुमार, प्रकाश कुमार, राहुल कुमार, कृष्णा, अंकित, मोहित, प्रिंस, संदीप, सुंदर शर्मा सहित बड़ी संख्या में AISF कार्यकर्ता और छात्र मौजूद रहे।
मथुरा- ट्रेन की चपेट में आने से युवक की मौत:भूतेश्वर रेलवे स्टेशन के पास हुआ हादसा, जांच जारी
मथुरा के शहर कोतवाली क्षेत्र में रविवार शाम करीब 5 बजे एक युवक की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। यह घटना भूतेश्वर रेलवे स्टेशन के पास अमरनाथ स्कूल के समीप रेलवे लाइन पर हुई। सूचना मिलते ही जीआरपी और शहर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने मृतक की तलाशी ली, जिसके बाद उसके पास मिले दस्तावेजों से उसकी पहचान पंकज अग्रवाल पुत्र रामनारायण अग्रवाल, निवासी अंतापाड़ा, मथुरा के रूप में हुई। पुलिस ने परिजनों को घटना की सूचना दी, जिसके बाद वे मौके पर पहुंचे। घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जमा हो गई थी। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित कर शव को कब्जे में लिया। पंचनामा भरने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। जीआरपी और स्थानीय पुलिस ने मौके से आवश्यक साक्ष्य भी जुटाए हैं। शहर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक विनोद बाबू मिश्रा ने बताया कि प्रथम दृष्टया युवक की मौत ट्रेन की चपेट में आने से हुई है। हालांकि, यह हादसा कैसे हुआ, इसका कारण अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है। पुलिस ने परिजनों से भी घटना के संबंध में जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए आसपास के लोगों से भी पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
सेवानिवृत शिक्षक संघ की बैठक पूरी हुई:प्रदेश अध्यक्ष ने कहा- समस्याओं के समाधान तक जारी रहेगा आंदोलन
उत्तर प्रदेश की सेवानिवृत प्राथमिक शिक्षक कल्याण परिषद की बैठक रविवार शाम 5:00 बजे ज्ञानपुर मुख्यालय पर संपन्न हुई। इसमें प्रदेश अध्यक्ष सत्यदेव सिंह मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। जिला अध्यक्ष कल्लू राम यादव के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने प्रदेश अध्यक्ष का फूल-मालाओं से जोरदार स्वागत किया। स्वागत भाषण में जिला अध्यक्ष ने जनपद की समस्याओं से अवगत कराया और शिक्षक भवन के निर्माण की मांग की। इस पर प्रदेश अध्यक्ष सत्यदेव सिंह ने कहा कि यह शिक्षकों की महत्वपूर्ण मांग है। इसे आंदोलन के तहत जिले से लेकर प्रदेश स्तर तक के अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि जब तक जिले की समस्याएं समाप्त नहीं हो जातीं, तब तक सेवानिवृत शिक्षक संघ समय-समय पर अधिकारियों को अवगत कराता रहेगा। साथ ही, आंदोलन के माध्यम से इन मांगों को शासन-प्रशासन तक पहुंचाया जाएगा। इस अवसर पर मनीराम, राधेश्याम, भानु प्रताप, सत्यराम, शिवपूजन, माता प्रसाद, कंचन राम, नानक राम सहित जिले के ब्लॉक के पदाधिकारी और अन्य शिक्षक उपस्थित रहे।
भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रोहित मिश्रा के स्वागत कार्यक्रम से गाजियाबाद शहर में चारों तरफ लोगों ने जाम झेला। अलग अलग स्थानों पर कार्यकर्ताओं ने काफिले का स्वागत किया। इस दौरान काफिले में 50 से 100 गाड़ियां रही। ट्रैफिक पुलिस ने डायवर्जन किया था, लेकिन उसके बाद भी वाहन चालकों को परेशानी उठानी पड़ी। गाजियाबाद पहुंचे रोहित मिश्रा ने कहा कि हर कार्यकर्ता 2027 के चुनाव की तैयारी में जुट जाए। बूथ स्तर पर सभी की जिम्मेदारी तय की जाएगी। पूरी ताकत से हमें चुनाव लड़ना है। ट्रैफिक पुलिस ने किया था डायवर्जन कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं व वाहनों की संख्या रही। इसको लेकर पहले ही पुलिस ने ट्रैफिक की ड्यूटी तो लगाई, लेकिन काफिले की भीड़ के आगे पुलिस के इंतजाम भी बौने पड़ गए। कमिश्नरेट गाजियाबाद द्वारा ट्रैफिक पुलिस ने कहीं वाहनों को रोका तो कहीं दूसरी जगह से वाहनों को डायर्जन कर दिया। दोपहर 3 बजे से लेकर देर शाम तक शिव मंदिर लालकुआ से आईटीएस कॉलेज मोहननगर तक डायर्जन भी रहा। शहर में इन मुख्य स्थानों पर हुआ स्वागत रोहित मिश्रा भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद पहली गार गाजियाबाद पहुंचे। जहां लालकुआ पर सैकड़ों की संख्या में उनका स्वागत किया। इस दौरान जय श्रीराम और भाजपा जिंदाबाद के नारे लगाए। यहां आधा घंटे तक जाम की स्थिति बनी रही। लाल कुआ अंडर पास पर भी कार्यकर्ताओं ने पुष्प व फूल मालाओं से स्वागत किया। हुडंई शोरूम से होते हुए पंचवटी, चौधरी मोड, ओपलेंट मॉल, घंटाघर, नया बस अड्डा व मेरठ मोड पर चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा के समीम पहुंचकर स्वागत किया। इसके बाद साईं वाटिका, अर्थला मेट्रो स्टेशन, आईटीएस कॉलेज तक स्वागत किया। 2027 के चुनाव में जुट जाएं कार्यकर्ता गाजियाबाद महानगर अध्यक्ष मयंक गोयल व युवा मोर्चा अध्यक्ष सचिन डेढ़ा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने पूरे जोश और उत्साह के साथ प्रदेश अध्यक्ष का भव्य स्वागत किया। जहां कार्यकर्ताओं ने पुष्पवर्षा, माल्यार्पण एवं जयघोष के साथ उनका अभिनंदन किया। वहीं बैठक को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रोहित मिश्रा ने वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को लक्ष्य बनाते हुए प्रत्येक कार्यकर्ता से बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति भारतीय जनता पार्टी की सबसे बड़ी ताकत है और युवाओं के उत्साह, समर्पण एवं परिश्रम के बल पर वर्ष 2027 में भाजपा ऐतिहासिक विजय प्राप्त करेगी। इस अवसर पर युवा मोर्चा के पदाधिकारी, मंडल अध्यक्ष, कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में भाजपा समर्थक उपस्थित रहे। इस अवसर पर सुखविंदर सोम क्षेत्रीय अध्यक्ष,अमल खटीक प्रदेश मंत्री, अंजलि चौहान प्रदेश मंत्री, नरेंद्र भाटी, अरुण यादव, महानगर महामंत्री पंकज भारद्वाज,गौरव चोपड़ा, अनुज कश्यप, काजल त्यागी, मीडिया प्रभारी नीरज शर्मा और अन्य रहे।
राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर बेंच ने रिटायरमेंट से ठीक पहले शिक्षिका के खिलाफ निकाली गई वेतन रिकवरी पर रोक लगा दी। जस्टिस आनंद शर्मा की अदालत ने यह आदेश शिक्षिका दलजीत कौर की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। याचिका में कहा गया था कि साल 1993 में शिक्षिका पद पर नियुक्ति हुई थी। करीब 10 साल की सेवा पूरी करने के बाद उसे साल 2013 में नियमित करते हुए वेतन फिक्सेशन किया गया था। अब वह रिटायर होने वाली है तो शिक्षा विभाग ने उसके फिक्सेशन को गलत मानते हुए 12 साल की वार्षिक वेतन वृद्धि रद्द करते हुए उसके खिलाफ रिकवरी निकाल दी। जबकि उसका फिक्सेशन नियमों के तहत ही किया गया था। उसे सुनवाई का मौका दिए बिना उसके खिलाफ रिकवरी के आदेश निकाल दिए गए। सरकार ने आदेश वापस लिया, रिकवरी निकाली याचिकाकर्ता के अधिवक्ता नगेंद्र शर्मा ने बताया- साल 2002 में सरकार ने आदेश निकाला था कि जिस शिक्षक को सेवा में 10 साल हो गए हैं, उसे प्रशिक्षित मानकर उसे नियमित करते हुए उसके वेतन का फिक्सेशन किया जाए। इसके कारण याचिकाकर्ता को साल 2013 में नियमित करते हुए फिक्सेशन का लाभ दिया गया। बाद में सरकार ने यह आदेश वापस ले लिया। ऐसे में अब जब शिक्षका रिटायर होने वाली है तो विभाग ने साल 2013 से अब तक उन्हें मिली वार्षिक वेतन वृद्धियों को रद्द कर दिया। उन्हें दिए गए वेतन की रिकवरी निकाल दी। इसे हमने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। अदालत ने हमारे पक्ष को जानने के बाद शिक्षिका को अंतरिम राहत देते हुए वेतन रिकवरी आदेश पर रोक लगा दी।
कपूरथला थाना सदर पुलिस ने एक युवक को अवैध पिस्टल के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी को गुप्त सूचना के आधार पर पकड़ा गया। पुलिस ने उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। जांच अधिकारी एएसआई जतिंदरपाल सिंह ने बताया कि आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। रिमांड के दौरान उससे हथियार के स्रोत और अन्य संबंधित पहलुओं के बारे में पूछताछ की जा रही है। एएसआई जतिंदरपाल सिंह के अनुसार, पुलिस टीम गश्त पर थी जब उन्हें एक मुखबिर से सूचना मिली। मुखबिर ने बताया कि श्री आनंदपुर साहिब अकादमी, लक्खन कला के पास बाबा दो रुखा की जगह, लक्खन कला डेरे के पास एक स्विफ्ट कार (नंबर PB-65V-6637) खड़ी है। पुलिस जांच में जुटी इस कार में गांव लक्खन खुर्द निवासी गुरमेज सिंह उर्फ लाडी सवार था। सूचना के मुताबिक, उसके पास एक अवैध पिस्टल थी और वह किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में था। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तुरंत मौके पर छापा मारा और आरोपी को पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से एक अवैध पिस्टल और एक मैगजीन बरामद हुई। मैगजीन में कोई कारतूस नहीं मिला। आरोपी हथियार का कोई वैध लाइसेंस पेश नहीं कर सका, जिसके बाद पुलिस ने आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
जयपुर में आरटीओ की कार्रवाई से नाराज बस मालिक ने खुद पर डीजल डाल लिया। इसके बाद माचिस लेकर आग लगाने की कोशिश भी की। यह घटना सिंधीकैंप बस स्टैंड के सामने रविवार शाम करीब 5 बजे हुई। स्लीपर बसों के खिलाफ लगातार चल रही कार्रवाई के लिए आरटीओ सिंधीकैंप बस अड्डे के बाहर पहुंचे थे। यहां ग्वालियर रूट की एक बस को आरटीओ की उड़नदस्ता टीम ने नियमों का हवाला देते हुए जब्त करने के लिए कहा तो मालिक हाकिम सिंह चौधरी ने पहले चालान जमा करने के लिए कहा। हाकिम सिंह ने कहा- मैंने अफसरों से कहा कि मुझे सवारी लेकर जाना है और अगर कोई कमी है तो चालान कर दें, लेकिन बस जब्त नहीं करें। मैंने अधिकारियों से हाथ जोड़कर और पैर पकड़कर भी गुहार लगाई, लेकिन मेरी बात नहीं सुनी। इसके बाद बस से डीजल निकालते हुए खुद पर डाल लिया। फिर आग लगाने की कोशिश की। मौके पर मौजूद लोगों ने हाकिम सिंह को रोक लिया। घटना के बाद धौलपुर निवासी हाकिम सिंह चौधरी से भास्कर टीम ने बात की। हाकिम सिंह रोते हुए बोले- मेरी उम्र 61 साल है। मैं हार्ट का मरीज हूं। हर महीने दवाइयों पर 18 से 20 हजार रुपए खर्च होते हैं। इसी वजह से मैं अपनी ही बस में कंडक्टर का काम करता हूं, ताकि किसी दूसरे कर्मचारी की तनख्वाह न देनी पड़े। पहले देखें विवाद की PHOTOS बस मालिक बोला- मकान गिरवी, अपनी बस में बनता हूं कंडक्टर हाकिम सिंह चौधरी ने बताया- मैं अपनी बस लेकर सिंधी कैंप पहुंचा था। इसी दौरान आरटीओ उड़नदस्ता टीम ने बस की जांच की। इसके बाद नियमों का हवाला देते हुए बस जब्त करने के लिए कहा। हाकिम ने बताया- मेरा मकान गिरवी रखा है। मुझ पर करीब 25 लाख रुपए का कर्ज है। मेरे पास दो बसें हैं। दोनों बसें फाइनेंस पर हैं, जिनकी हर महीने किस्त चुकानी पड़ती है। अगर बसें नहीं चलेंगी तो किस्त, दवाइयों और घर का खर्च कैसे चलेगा। ‘कल 12 हजार की रसीद कटवाई, आज भी 15 हजार देने को तैयार था’ हाकिम सिंह ने बताया- मैं 30 साल से जयपुर-आगरा और जयपुर-ग्वालियर रूट पर बस चला रहा हूं। उन्होंने बताया- मैं राजस्थान सरकार को 50 हजार रुपए टैक्स देता हूं। उसकी रसीदें भी मेरे पास हैं। उन्होंने कहा- एक दिन पहले ही 18 जुलाई को मैंने 12 हजार रुपए की रसीद कटवाई थी। आज भी मैं 15 हजार रुपए तक की रसीद कटवाने को तैयार था, लेकिन अधिकारियों ने मेरी बात नहीं सुनी। उन्होंने बताया- आरटीओ इंस्पेक्टर ने आते ही कहा- 1.20 लाख रुपए जुर्माना जमा कराओ, नहीं तो बस सीज कर देंगे। हाकिम ने बताया- मैंने अफसरों से कहा कि मेरी गाड़ी बंद कर देंगे तो मेरी दवा कैसे आएगी, घर कैसे चलेगा। इससे अच्छा तो मैं खुद को खत्म कर लूं। इसी परेशानी में मैंने खुद पर डीजल डाल लिया। बस में कोई बड़ी कमी नहीं है हाकिम सिंह ने कहा- मेरी बस सभी जरूरी मानकों के अनुसार चल रही है। यदि कोई छोटी-मोटी कमी है तो उसे भी तुरंत ठीक कराने के लिए तैयार हूं। उन्होंने कहा- बस में ऐसी कोई बड़ी खामी नहीं थी, जिसके कारण उसे जब्त किया जाए। पहले कंडक्टर था, मेहनत से खरीदी बस हाकिम सिंह ने बताया- मैंने करियर की शुरुआत कंडक्टर के रूप में की थी। कई साल मेहनत करने के बाद पैसे जोड़कर पहली बस खरीदी। अब उम्र बढ़ने और बीमारी के बावजूद मैं खुद बस में कंडक्टर का काम करता हूं, ताकि परिवार और कर्ज की जिम्मेदारियां पूरी कर सकें। उन्होंने बताया- मेरे दो बेटे हैं, जो प्राइवेट नौकरी करते हैं। अपने-अपने परिवार की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। ऐसे में बस ही मेरी आय का मुख्य साधन है। आरटीओ की कार्रवाई को लेकर उठे सवाल स्लीपर बसों के खिलाफ चल रही कार्रवाई को लेकर पहले भी बस ऑपरेटर विरोध जता चुके हैं। इस घटना के बाद एक बार फिर कार्रवाई के तरीके पर सवाल उठने लगे हैं। वहीं घटना के बाद सिंधीकैंप बस स्टैंड के बाहर वनस्थली मार्ग पर काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल रहा। बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए और आरटीओ अधिकारियों पर मनमानी करने का आरोप लगाते हुए विरोध जताया। आरटीओ बोले- कार्रवाई से बचने के लिए मालिक ने यह किया जयपुर आरटीओ प्रथम चंपालाल जीणगर ने बताया- हाईकोर्ट के आदेश की पालना के लिए आरटीओ की फ्लाइंग ड्यूटी पर थी। इसी दौरान UP नंबर की बस सिंधीकैंप पर रुकी, जो बस बॉडी कोड के अनुरूप नहीं थी। इसे लेकर ही आरटीओ इंस्पेक्टर जयंत ने जुर्माना लगाने की बात कही। इस पर बस कंडक्टर-मैनेजर ने आग लगाने की कोशिश की। यह पूरा मामला कार्रवाई से बचने के लिए है।
चैनपुर थाना क्षेत्र के रामगढ़ गांव में शनिवार को धान रोपनी के दौरान एक महिला को जहरीले सांप ने काट लिया। समय पर चिकित्सकीय इलाज न मिलने और झाड़-फूंक के चक्कर में महिला की मौत हो गई। मृतका की पहचान रामगढ़ निवासी शंभू राजभर की 41 वर्षीय पत्नी सुर्भकला देवी के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, शनिवार को सुर्भकला देवी गांव से दक्षिण दिशा में स्थित खेत में धान की रोपनी कर रही थीं। इसी दौरान एक विषैले सांप ने उन्हें डस लिया। सांप काटने के बाद परिजन उन्हें डॉक्टरी इलाज के लिए अस्पताल ले जाने के बजाय उत्तर प्रदेश के अमवा स्थित सती माता मंदिर में झाड़-फूंक के लिए ले गए। शरीर में जहर फैल गयामंदिर में कथित तौर पर हालत में सुधार होने के बाद परिजन महिला को घर वापस ले आए। हालांकि, घर पहुंचने के कुछ ही देर बाद सुर्भकला की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी और उनके शरीर में जहर फैल गया। स्थिति गंभीर होते देख परिजन उन्हें इलाज के लिए चंदौली (उत्तर प्रदेश) ले जाने लगे, लेकिन दुर्भाग्यवश उन्होंने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। रविवार को परिजन शव को लेकर सदर अस्पताल पहुंचे। सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा तैयार किया और सदर अस्पताल में उसका पोस्टमार्टम कराया।
जशपुर जिले के पत्थलगांव थाना क्षेत्र में अवैध हथियार रखने वालों के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक युवक को देसी कट्टा और दो जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि हथियार उसे कहां से मिला और इसके पीछे कोई संगठित नेटवर्क तो सक्रिय नहीं है। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने की घेराबंदी पुलिस के अनुसार, 17 जुलाई की शाम करीब 3 बजे सूचना मिली कि मुकेश सिंह सिदार (32) निवासी ग्राम ढोढ़ी टिकरा, थाना पत्थलगांव, अवैध देसी कट्टा लेकर चिड़रापारा क्षेत्र में घूम रहा है। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की। तलाशी में मिला देसी कट्टा और कारतूस गवाहों की मौजूदगी में तलाशी लेने पर आरोपी के कब्जे से एक देसी कट्टा और दो जिंदा कारतूस बरामद हुए। पुलिस ने हथियार और कारतूस जब्त कर आरोपी को हिरासत में ले लिया। आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज प्रारंभिक पूछताछ और जांच के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 27 के तहत अपराध दर्ज किया। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। हथियार कहां से आया, पुलिस कर रही जांच पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी ने देसी कट्टा कहां से प्राप्त किया। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि हथियार किसी से खरीदा गया था, खुद तैयार कराया गया था या इसके पीछे कोई अवैध हथियार सप्लाई करने वाला गिरोह सक्रिय है। एडिशनल एसपी ने कहा एडिशनल एसपी राकेश कुमार पटनवार ने बताया कि पत्थलगांव पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को अवैध हथियार और कारतूस के साथ गिरफ्तार किया है। बरामद हथियार के स्रोत और उससे जुड़े अन्य पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है। जिले में कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
पठानकोट में धड़ल्ले से बन रहीं अवैध कॉलोनियां:बहुमंजिला निर्माण जारी, नगर निगम की चुप्पी पर उठे सवाल
पठानकोट शहर में इन दिनों अवैध कॉलोनियों और बिना अनुमति के बहुमंजिला इमारतों का निर्माण तेजी से हो रहा है। शहर के अलग-अलग इलाकों में नियमों का उल्लंघन कर यह कार्य खुलेआम चल रहा है, लेकिन नगर निगम के अधिकारी इस पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि जिन इमारतों और कॉलोनियों के निर्माण के लिए आवश्यक मंजूरी और नक्शा पास होना चाहिए, वहां बिना किसी बाधा के काम जारी है। दिन-रात निर्माण सामग्री पहुंचाई जा रही है और मजदूर काम कर रहे हैं, जबकि प्रशासन कार्रवाई को लेकर पूरी तरह मौन है। लोगों का कहना है कि यदि कोई आम नागरिक अपने घर में छोटा निर्माण भी करता है, तो नगर निगम की टीम तुरंत पहुंच जाती है। हालांकि, बड़े पैमाने पर हो रहे अवैध निर्माणों पर अधिकारी आंखें मूंदे हुए हैं। इससे यह सवाल उठ रहा है कि इन अवैध निर्माणों को किसका संरक्षण प्राप्त है। शहरवासियों ने चिंता व्यक्त की शहरवासियों ने चिंता व्यक्त की है कि अवैध कॉलोनियों के कारण भविष्य में सड़क, सीवरेज, पानी और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं पर गंभीर असर पड़ सकता है। बिना किसी योजना के हो रहा यह निर्माण शहर की व्यवस्था और सुरक्षा दोनों के लिए चिंता का विषय बन गया है। लोगों ने नगर निगम प्रशासन से मांग की है कि पूरे शहर में विशेष अभियान चलाकर अवैध निर्माणों की जांच की जाए। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो और भविष्य में ऐसे निर्माणों पर तत्काल रोक लगाई जाए। अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या नगर निगम प्रशासन इन अवैध निर्माणों पर कार्रवाई करेगा, या अधिकारी इसी तरह चुप्पी साधे रहेंगे और नियमों का उल्लंघन जारी रहेगा। शहरवासी अब प्रशासन से जवाब और ठोस कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं।
बीकानेर के खाजूवाला अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर के पास पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए हथियारों की खेप गिराने के मामले में पुलिस ने पंजाब के फाजिल्का से सहयोगी आरोपी करण को राउंडअप किया है। इससे पहले पुलिस ड्रोन ड्रॉपिंग के मुख्य आरोपी सोनू उर्फ सुखविंदर को गिरफ्तार कर चुकी है। अब सहयोगी आरोपी करण सिंह को गिरफ्तार किया है। उससे पूछताछ के जरिए पूरे नेटवर्क और अन्य आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। 26 फरवरी को मिली थी हथियारों की खेप26 फरवरी को खाजूवाला अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास बीएसएफ और पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई में पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए भेजी गई हथियारों की बड़ी खेप बरामद की थी। जब्त सामग्री में मेड इन चाइना पिस्टल और 326 कारतूस शामिल थे। मामले की जांच एसपी मृदुल कच्छावा के निर्देशन में सीओ अनुष्ठा कालिया कर रही हैं। पुलिस का मानना है कि पूछताछ में इस नेटवर्क से जुड़ी कई और कड़ियां सामने आ सकती हैं।
हरदोई में भारतीय जनता पार्टी के नवनियुक्त क्षेत्रीय अध्यक्ष (अवध क्षेत्र) अवधेश द्विवेदी ने रविवार को हरदोई जनपद में अपने प्रथम आगमन पर विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास कोई नीति या विजन नहीं है और वह केवल नकारात्मकता तथा भ्रम फैलाने की राजनीति कर रहा है, जिसे देश की जनता ने पूरी तरह नकार दिया है। जिला कार्यालय में स्वागत के दौरान उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी भी पहुंची। जनपद में क्षेत्रीय अध्यक्ष का रविवार दोपहर से लेकर देर शाम करीब 6:30 बजे तक भव्य स्वागत किया गया। जिले की सीमाओं, प्रमुख चौराहों और जिला कार्यालय सहित कई स्थानों पर कार्यकर्ताओं ने उनका अभिनंदन किया। इस दौरान उन्होंने बैठक भी की। जिला कार्यसमिति की बैठक को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए क्षेत्रीय अध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे विपक्ष के हर झूठे प्रोपेगैंडा का जवाब तथ्यों के साथ जनता के बीच जाकर दें। उन्होंने कहा कि हालिया चुनावी नतीजों ने साबित कर दिया है कि प्रधानमंत्री के प्रति जनता का विश्वास अडिग है। क्षेत्रीय अध्यक्ष ने जोर दिया कि जनता भली-भांति जानती है कि राष्ट्र का विकास, सुरक्षा और अंत्योदय का संकल्प केवल भाजपा ही पूरा कर सकती है। बताया कि चुनाव की तैयारियों के लिए पन्ना प्रमुख और बूथ स्तर के कार्यकर्ता सबसे बड़ा हथियार हैं, जिन्हें केंद्र व राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को घर-घर तक पहुँचाना है। इस जिला बैठक की अध्यक्षता भाजपा जिलाध्यक्ष अजीत सिंह बब्बन ने की। बैठक में सांसद जय प्रकाश, विधायक अलका अर्कवंशी, रामपाल वर्मा, श्याम प्रकाश, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रेमावती, पूर्व जिलाध्यक्ष श्रीकृष्ण शास्त्री, परेश लोहिया, आयुष सिंह, सौरभ मिश्र, मधुर मिश्रा, प्रखर अग्निहोत्री, शोभना सिंह और निधि सिंह सहित प्रमुख पदाधिकारी मौजूद रहे। संचालन जिला महामंत्री सत्येंद्र राजपूत ने किया। बैठक के समापन के पश्चात, सांगठनिक गतिविधियों को गति देने के लिए क्षेत्रीय अध्यक्ष ने एक विशेष बैठक की। इसमें उन्होंने वर्तमान सांसदों, विधायकों और वरिष्ठ नेताओं के अनुभवों को साझा करते हुए आगामी सांगठनिक कार्यक्रमों की रूपरेखा पर गंभीर मंथन किया। इस अवसर पर क्षेत्रीय पदाधिकारी नीरज वर्मा, संजय गुप्ता व विमल सिंह भी मंच पर उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को वर्चुअल कार्यक्रम के तहत बिहार के विभिन्न जिलों में मॉडल स्कूलों (सरस्वती विद्या निकेतन) का शुभारंभ किया गया। इसी क्रम में मधेपुरा जिले के सभी 13 प्रखंडों में एक-एक मॉडल स्कूल की शुरुआत हुई। जिला स्तरीय मुख्य कार्यक्रम शहर के रासबिहारी उच्च माध्यमिक विद्यालय में आयोजित किया गया, जिसमें डीएम अभिषेक रंजन समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे। राजद नेता और लोगों ने किया विरोध कार्यक्रम के दौरान रासबिहारी उच्च माध्यमिक विद्यालय के नाम के साथ 'सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूल' जोड़े जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया। पूर्व मुख्यमंत्री बीपी मंडल के पोते और राजद नेता आनंद मंडल समेत स्थानीय लोगों ने इसका विरोध करते हुए जिला पदाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि स्वतंत्रता सेनानी रासबिहारी प्रसाद मंडल के नाम पर स्थापित विद्यालय की ऐतिहासिक पहचान से छेड़छाड़ की जा रही है। विरोध करने वालों का कहना है कि रासबिहारी प्रसाद मंडल ने स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी और शिक्षा के प्रसार के लिए इस संस्थान की स्थापना में योगदान दिया था। ऐसे में विद्यालय के नाम के साथ नया नाम जोड़ने से लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं। भविष्य में मूल नाम हटाने की कोशिश आनंद मंडल ने कहा कि उनके दादा बीपी मंडल ने रासबिहारी मंडल के नाम पर विद्यालय के लिए पांच बीघे से अधिक जमीन दान दी थी। उन्होंने आशंका जताई कि फिलहाल विद्यालय के नाम के आगे 'सरस्वती विद्या निकेतन' जोड़ा गया है, लेकिन भविष्य में मूल नाम हटाने की कोशिश हो सकती है। उन्होंने सरकार के इस कदम का विरोध करते हुए आंदोलन की चेतावनी दी। जिला शिक्षा पदाधिकारी संजय कुमार ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि रासबिहारी उच्च माध्यमिक विद्यालय के मूल नाम में कोई बदलाव नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की मॉडल स्कूल योजना के तहत सभी ऐसे विद्यालयों के साथ 'सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूल' नाम जोड़ा गया है। जिले के किसी भी मॉडल स्कूल के मूल नाम से छेड़छाड़ नहीं की गई है। 13 मॉडल स्कूलों में कक्षा 9 से पढ़ाई शुरू जिले के सभी 13 मॉडल स्कूलों में फिलहाल कक्षा 9 से पढ़ाई शुरू की गई है। प्रत्येक विद्यालय में 40-40 छात्रों का नामांकन किया जाएगा। विभागीय मानकों के अनुसार प्रत्येक मॉडल स्कूल में 23 से 24 शिक्षकों की आवश्यकता है, जबकि फिलहाल पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं। शिक्षा विभाग का कहना है कि जल्द ही शिक्षकों की नियुक्ति और अन्य आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था की जाएगी।
बैतूल में आम आदमी पार्टी (आप) ने रविवार शाम को नीट-यूजी पेपर लीक मामले के विरोध में शहर में पैदल मार्च निकाला। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की और शिक्षा व्यवस्था में लगातार हो रहे पेपर लीक पर सरकार को घेरा। पार्टी ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के आंदोलन का भी समर्थन किया। यह प्रदर्शन प्रदेशव्यापी आंदोलन का हिस्सा था, जिसका नेतृत्व प्रदेश प्रभारी एवं दिल्ली सरकार के पूर्व कानून मंत्री जितेंद्र सिंह तोमर ने किया। आप कार्यकर्ताओं ने काली पट्टी बांधकर कोतवाली थाना के सामने से पैदल मार्च शुरू किया। यह मार्च लल्ली चौक और बस स्टैंड होते हुए अंबेडकर चौक पहुंचा, जहां उन्होंने अपनी मांगें रखीं। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि नीट-यूजी सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक होने से लाखों विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने सरकार से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय करने की मांग की। सोनम वांगचुक के आंदोलन का भी समर्थन कियाआप नेताओं ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के आंदोलन का भी समर्थन किया। उन्होंने जंतर-मंतर से उन्हें हटाए जाने की कार्रवाई की आलोचना की। पार्टी ने 20 जुलाई से शुरू होने वाले संसद सत्र के दौरान प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने का भी निर्णय लिया। इस प्रदर्शन में प्रदेश उपाध्यक्ष एवं नर्मदापुरम जोन प्रभारी अजय सोनी, प्रदेश संयुक्त सचिव विजेंद्र चौहान, जिला अध्यक्ष विनोद जगताप, अजीज खान, शंकर पेंदाम, श्रीराम मानकर और राकेश चढ़ोकार सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
जालंधर कमिश्नरेट पुलिस ने नशे और आपराधिक गतिविधियों के खिलाफ अपनी मुस्तैदी बढ़ाते हुए शेर सिंह कॉलोनी में एक व्यापक CASO (कॉर्डन एंड सर्च ऑपरेशन) अभियान चलाया। इस औचक कार्रवाई से इलाके के संदिग्ध तत्वों में हड़कंप मच गया। ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने पांच संदिग्ध व्यक्तियों को हिरासत में लिया है, जिनसे गहन पूछताछ की जा रही है। कार्रवाई के दौरान पुलिस बल ने रणनीतिक रूप से पूरी शेर सिंह कॉलोनी को चारों ओर से सील कर दिया, ताकि कोई भी संदिग्ध भाग न सके। अभियान के तहत पुलिस टीमों ने रास्ते से गुजरने वाले संदिग्ध राहगीरों और बाइक सवारों को रोककर कड़ी पूछताछ की। संदिग्ध ठिकानों और दर्जनों वाहनों की बारीकी से तलाशी ली। दस्तावेजों में कमी और संदिग्ध पाए जाने पर कई वाहनों को मौके पर ही जब्त कर लिया। शिकायतों के बाद एक्शन में आई पुलिस मामले की जानकारी देते हुए एडिशनल डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (ADCP) राकेश यादव ने बताया कि पुलिस विभाग को पिछले कुछ समय से शेर सिंह कॉलोनी और उसके आसपास के इलाके से संबंधित कुछ गंभीर शिकायतें मिल रही थीं। इन इनपुट्स के आधार पर ही कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और शरारती तत्वों को कड़ा संदेश देने के लिए यह सर्च ऑपरेशन प्लान किया गया था। आगे भी जारी रहेगा अभियान: ADCP की जनता से अपील ADCP राकेश यादव ने स्पष्ट किया कि अपराधियों और अवैध गतिविधियों के खिलाफ पुलिस का यह सख्त रुख आगे भी इसी तरह जारी रहेगा। शहर में शांति और सुरक्षा का माहौल बनाए रखने के लिए ऐसे कॉर्डन एंड सर्च ऑपरेशन आने वाले दिनों में अन्य इलाकों में भी चलाए जाएंगे । एडीसीपी ने जालंधर के निवासियों से अपील की है कि वे पुलिस के 'आंख और कान' बनें। यदि उनके इलाके में कोई भी संदिग्ध व्यक्ति दिखाई देता है या किसी भी प्रकार की अवैध व नशीली गतिविधियों का पता चलता है, तो उसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें। सूचना देने वाले की पहचान गुप्त रखी जाएगी और दोषियों के खिलाफ तत्काल व सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
अयोध्या के रुदौली कोतवाली क्षेत्र के महगूपुरवा गांव में 26 वर्षीय विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। रविवार तड़के उसका शव घर के अंदर फंदे से लटका मिला। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना के बाद मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर दहेज के लिए हत्या करने का आरोप लगाया है। मृतका राधा मूल रूप से गोण्डा जिले के नवाबगंज थाना क्षेत्र के सखीपुर गांव की रहने वाली थीं। उनके भाई अखिलेश यादव ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया कि करीब तीन वर्ष पहले हुई शादी के समय ससुराल पक्ष ने बोलेरो की मांग की थी। परिवार ने अपनी क्षमता के अनुसार करीब 1.50 लाख रुपये नकद और एक पल्सर मोटरसाइकिल दी, लेकिन इसके बावजूद बोलेरो की मांग खत्म नहीं हुई। आरोप है कि मांग पूरी न होने पर राधा के साथ आए दिन मारपीट और मानसिक प्रताड़ना की जाती थी। परिजनों के मुताबिक कुछ समय पहले भी राधा के साथ मारपीट हुई थी। उस समय गांव के प्रधान की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच समझौता कराया गया और उसे दोबारा ससुराल भेज दिया गया। इसके बाद भी वह अपनी मां को फोन कर प्रताड़ना की जानकारी देती रहती थी। मायके पक्ष का कहना है कि रविवार तड़के करीब तीन बजे ससुराल से फोन आया कि राधा ने फांसी लगा ली है। परिजनों का आरोप है कि उसकी हत्या कर घटना को आत्महत्या का रूप देने का प्रयास किया गया। उन्होंने मोबाइल कॉल डिटेल और अन्य साक्ष्यों की भी जांच कराने की मांग की है। रुदौली के क्षेत्राधिकारी अरविंद सोनकर ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम करा लिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक साक्ष्यों और विवेचना में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
लखनऊ खंडपीठ के हाईकोर्ट ने लगभग 39 साल पुराने हत्या के एक मामले में दो अभियुक्तों की उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा है। न्यायालय ने इस मामले में दर्ज मृत्युपूर्व बयान को एक महत्वपूर्ण साक्ष्य माना। हत्या के आरोप में उनकी अपील खारिज कर दी गई, जबकि बलवा के आरोप से दोनों को दोषमुक्त कर दिया गया। यह फैसला न्यायमूर्ति रजनीश कुमार और न्यायमूर्ति बबिता रानी की खंडपीठ ने राम लाल व अन्य द्वारा दायर अपील पर सुनाया। यह मामला हरदोई जिले के हरपालपुर थाना क्षेत्र से संबंधित है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, सूबेदार नामक व्यक्ति पर आग्नेयास्त्रों और लाठियों से हमला किया गया था। गंभीर रूप से घायल सूबेदार का मृत्युपूर्व बयान दर्ज किया गया, जिसमें उसने हमलावरों पर जानलेवा हमला करने का आरोप लगाया था। बाद में सूबेदार की मृत्यु हो गई थी। निचली अदालत ने बटेश्वर और राम नरेश को हत्या के आरोप में उम्रकैद की सजा सुनाई थी। इस फैसले के खिलाफ दायर अपील की सुनवाई के दौरान, अपीलार्थी राम लाल और फुल्ला का निधन हो गया। इसके बाद, हाईकोर्ट ने शेष अभियुक्तों बटेश्वर और राम नरेश की अपील पर सुनवाई की। न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों और मामले के तथ्यों की गहन समीक्षा के बाद हत्या के आरोप में दोनों अभियुक्तों की सजा को उचित पाया। हालांकि, उन्हें बलवा के आरोप से बरी कर दिया गया। चूंकि दोनों अभियुक्त जमानत पर थे, न्यायालय ने उन्हें निचली अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण करने का भी आदेश दिया है।
औरंगाबाद में रविवार को जमीन विवाद में 70 साल के बुजुर्ग की लाठी से पीटकर हत्या कर दी गई। मृतक के बेटे ओम प्रकाश साव की पत्नी संगीता देवी ने बताया कि गांव के सीताराम साव के साथ विवाद चल रहा था। ससुर किशोरी साव रविवार को खेत जा रहे थे। आरोप है कि पहले से घात लगाकर बैठे लोगों को देखकर वह वापस लौटने लगे। इसी दौरान मुख्य आरोपित सीताराम साव अपने अन्य साथियों के साथ बाइक से पीछा करने लगा और लाठी-डंडों से हमला कर दिया। हमले में किशोरी साव गंभीर रूप से घायल हो गए। ग्रामीणों ने सीएचसी पहुंचाया। जहां से औरंगाबाद सदर अस्पताल रेफर कर गिया गया। जहां उनकी इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना गोह थाना क्षेत्र के घाटों गांव की है। गांव में पुलिस कर रही कैंप किशोरी साव अपने पीछे तीन बेटे सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस लगातार इलाके में कैंप कर रही है। गिरफ्तारी के लिए हो रही छापेमारी गोह थाना अध्यक्ष राजीव कुमार ने बताया कि परिजनों के बयान पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। एफआईआर में सीताराम साव सहित चार लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है। थानाध्यक्ष ने बताया कि आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है और जल्द ही आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। गांव में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है।
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के कोटमी-पेंड्रा मुख्य मार्ग पर रविवार शाम बड़ा हादसा टल गया। सकोला-सोननदी घाट के पास वर्षों पुराना विशाल नीलगिरी का पेड़ अचानक सड़क पर गिर पड़ा। घटना के समय मार्ग से गुजर रहे कई वाहन और राहगीर बाल-बाल बच गए। हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। पेड़ गिरने के बाद कोटमी-पेंड्रा मुख्य मार्ग पूरी तरह बाधित हो गया। सड़क के दोनों ओर बसें, कारें और अन्य छोटे-बड़े वाहनों की लंबी कतार लग गई। अचानक मार्ग बंद होने से यात्रियों को काफी देर तक परेशानी झेलनी पड़ी। पुलिस ने संभाला मोर्चा, घंटों बाद खुला रास्ता घटना की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचा। पुलिस ने यातायात को नियंत्रित करते हुए पेड़ को काटकर हटाने का काम शुरू कराया। काफी मशक्कत के बाद सड़क से पेड़ हटाया गया, जिसके बाद मार्ग पर यातायात धीरे-धीरे सामान्य हो सका। चंद सेकंड की देरी होती तो हो सकता था बड़ा हादसा स्थानीय लोगों के अनुसार, जिस समय पेड़ गिरा, उसी दौरान कई वाहन वहां से गुजर रहे थे। वाहन चालकों की सतर्कता और किस्मत अच्छी रही कि कोई वाहन पेड़ की चपेट में नहीं आया। लोगों का कहना है कि यदि कुछ सेकंड का भी अंतर होता तो बड़ा हादसा हो सकता था।
मंदसौर में आम आदमी पार्टी (आप) की जिला इकाई ने रविवार शाम को विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन शिक्षाविद एवं वैज्ञानिक सोनम वांगचुक को दिल्ली के जंतर-मंतर से पुलिस द्वारा हटाए जाने के विरोध में था। कार्यकर्ताओं ने हाथों पर काली पट्टी बांधकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग उठाई। विरोध मार्च गांधी चौराहे से शुरू होकर बस स्टैंड और घंटाघर होते हुए वापस गांधी चौराहे पर समाप्त हुआ। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए और इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन बताया। आप पदाधिकारियों ने कहा कि देशभर में लगातार हो रहे पेपर लीक मामलों से युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार और अन्य मुद्दों को लेकर शांतिपूर्ण अनशन कर रहे सोनम वांगचुक को बलपूर्वक हटाना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। पार्टी ने कहा कि वह इस तरह की कार्रवाई का विरोध करती रहेगी। इस प्रदर्शन में प्रदेश संगठन मंत्री यशवंत धाकड़, जिला अध्यक्ष गंगाराम पाटीदार, मीडिया प्रभारी प्रकाश दोसावत, संगठन सचिव जितेंद्र कारपेंटर, मजदूर यूनियन अध्यक्ष असलम शेख, उपाध्यक्ष धर्मेंद्र सोनगरा, अल्पसंख्यक मोर्चा शहर अध्यक्ष कमरुद्दीन नियारगर और मयंक परमार सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए।
शेखपुरा जिले में मानसून लगातार दूसरे दिन भी सक्रिय रहा। शनिवार रात और रविवार सुबह जिले के विभिन्न क्षेत्रों में मध्यम से तेज बारिश दर्ज की गई, जिससे तापमान में गिरावट आई और लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली। न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया। सबसे अधिक बारिश आधी रात को हुई, जब तेज गरज और चमक के साथ मूसलाधार वर्षा ने लोगों को जगा दिया। सुबह होने पर खेतों और खलिहानों में पानी भर गया। शहरी क्षेत्रों में कई सरकारी कार्यालयों और आवासीय परिसरों के आसपास भी जलजमाव देखा गया। हालांकि, रविवार होने के कारण आम लोगों को आवागमन में विशेष परेशानी नहीं हुई। बारिश से जुड़ी तस्वीरें.. बरबीघा प्रखंड में 4.2 मिलीमीटर दर्ज की गईसरकारी सूत्रों के अनुसार, आधी रात में सबसे ज्यादा 38.4 मिलीमीटर बारिश घाटकुसुंभा प्रखंड क्षेत्र में दर्ज की गई। चेवाड़ा प्रखंड में 26.4 मिलीमीटर, सदर प्रखंड शेखपुरा में 25.6 मिलीमीटर और अरियरी प्रखंड में 18.6 मिलीमीटर वर्षा हुई। सबसे कम बारिश शेखोपुरसराय प्रखंड में 8.2 मिलीमीटर और बरबीघा प्रखंड में 4.2 मिलीमीटर दर्ज की गई। जून माह में औसत से काफी कम बारिश के बाद, जुलाई के बीसवें दिन तक पूरे जिले में औसतन 100 मिलीमीटर बारिश दर्ज की जा चुकी है। हालांकि, जुलाई माह के लिए शेखपुरा में औसत 260 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए। रविवार देर शाम भी आसमान में काले बादल छाए रहे और मौसम विभाग ने आगे भी बारिश की संभावना जताई है। लगातार बूंदाबांदी के कारण मौसम सुहावना बना हुआ है। जिले का न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है।
पूर्व मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता मोहम्मद अकबर ने रायपुर के ग्राम नकटी की सार्वजनिक उपयोग (चारागाह) भूमि को विधायक कॉलोनी के लिए आवंटित करने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ हो सकता है। मोहम्मद अकबर ने कहा कि 10 मार्च 2011 को प्रमुख सचिव, राजस्व और आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी कलेक्टरों और संभागायुक्तों को पत्र जारी किया था। यह आदेश सुप्रीम कोर्ट के 24 जनवरी 2011 के फैसले के पालन में जारी हुआ था। सार्वजनिक जमीन सुरक्षित रखने के थे निर्देश सरकारी आदेश में कहा गया था कि सार्वजनिक उपयोग की जमीनों की सूची बनाई जाए, उन्हें चिन्हित कर सुरक्षित रखा जाए और भविष्य में ऐसी जमीन किसी दूसरे काम के लिए आवंटित न की जाए। नकटी की चारागाह भूमि पर चल रही प्रक्रिया अकबर ने कहा कि 4 अक्टूबर 2024 को आवास एवं पर्यावरण विभाग के निर्देश के बाद रायपुर कलेक्टर की ओर से नकटी की चारागाह भूमि को हाउसिंग बोर्ड को देने की प्रक्रिया चल रही है। उनके अनुसार, यदि ऐसा होता है तो यह सुप्रीम कोर्ट की अवमानना का मामला बन सकता है। हालांकि, अवमानना हुई है या नहीं, इसका फैसला अदालत ही करेगी। छत्तीसगढ़ में अब तक नहीं हुई अवमानना की सजा उन्होंने कहा कि साल 2000 में छत्तीसगढ़ बनने के बाद अब तक न्यायालय की अवमानना के किसी मामले में किसी अधिकारी को सजा नहीं हुई है। राज्य बनने से पहले जबलपुर हाईकोर्ट ने रायपुर के संयुक्त पंजीयक सहकारिता को 15 दिन की सजा सुनाई थी। अधिकारियों की कार्रवाई पर जताई हैरानी मोहम्मद अकबर ने कहा कि 2011 का सरकारी आदेश आज भी लागू है। इसके बावजूद अधिकारियों द्वारा नकटी की चारागाह भूमि खाली कराकर हाउसिंग बोर्ड को सौंपने की तैयारी की जा रही है, जो हैरानी की बात है।
बिलासपुर शहर के तारबाहर थाना क्षेत्र में फिल्मी स्टाइल का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। एक तेज रफ्तार कार घर का मुख्य गेट तोड़ते हुए सीधे मकान के अंदर जा घुसी। कार ने दरवाजे और खिड़कियों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। उस समय बरामदे में मौजूद परिवार के लोगों ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई। पुलिस ने शिकायत मिलते ही आरोपी चालक को गिरफ्तार कर कार जब्त कर ली। गेट तोड़ते हुए घर के अंदर घुसी कार घटना 17 जुलाई की रात करीब 8 बजे की है। पीड़ित संजय अग्रवाल ने तारबाहर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि कार क्रमांक MP-04-CX-6273 का चालक आशीष तिवारी जान से मारने की नीयत से कार लेकर उनके घर में घुस गया। कार ने मुख्य गेट तोड़ते हुए मकान के दरवाजे और खिड़कियों को नुकसान पहुंचाया। बरामदे में मौजूद लोग भागकर बचाए जान शिकायत के अनुसार, हादसे के समय परिवार के सदस्य बरामदे में मौजूद थे। कार को अपनी ओर आते देख सभी लोग तुरंत वहां से हट गए। यदि वे समय रहते नहीं भागते तो बड़ा हादसा हो सकता था। चालक उत्तराखंड का निवासी पुलिस के मुताबिक आरोपी आशीष तिवारी (45) उत्तराखंड के बद्रीपुर रोड, नेहरूग्राम, आंशिक धर्मपुर, जिला देहरादून का रहने वाला है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने उसका मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया है। आरोपी गिरफ्तार, कार जब्त तारबाहर थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 109(1) के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल कार भी जब्त कर ली है। पुलिस कर रही कारणों की जांच तारबाहर थाना प्रभारी रविंद्र अनंत ने बताया कि आरोपी ने ऐसा क्यों किया, इसकी जांच की जा रही है। फिलहाल घटना के पीछे के कारणों का खुलासा नहीं हुआ है। पुलिस सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है।
किऊल-गया रेलखंड पर 2 श्रावणी स्पेशल ट्रेनें:श्रद्धालुओं के लिए 27 जुलाई से शुरू होगा परिचालन
शेखपुरा। सावन महीने में झारखंड के देवघर जाकर जलाभिषेक करने वाले श्रद्धालुओं के लिए भारतीय रेलवे ने दो विशेष श्रावणी मेला ट्रेनों का परिचालन शुरू करने का निर्णय लिया है। ये ट्रेनें क्यूल-शेखपुरा-नवादा-गया रेलखंड से होकर गुजरेंगी और 27 जुलाई से इनका परिचालन शुरू हो जाएगा। यह व्यवस्था श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए की गई है, ताकि उनकी यात्रा सुगम हो सके। इन विशेष ट्रेनों से सुल्तानगंज जाकर गंगाजल लेकर देवघर जाने वाले आसपास के लोगों को सुविधा मिलेगी और नियमित ट्रेनों पर यात्रियों का दबाव भी कम होगा। रेलवे सूत्रों के अनुसार, गया-मालदा टाउन श्रावणी मेला एक्सप्रेस और रांची-मालदा टाउन श्रावणी मेला एक्सप्रेस का परिचालन 27 जुलाई से शुरू होगा। रांची-मालदा स्पेशल ट्रेन सप्ताह में चार दिन चलेगी, जबकि गया-मालदा स्पेशल ट्रेन सप्ताह में दो दिन इस रेलखंड पर संचालित होगी। गया-मालदा टाउन श्रावणी एक्सप्रेस स्पेशल ट्रेन में कुल 16 कोच होंगे। इनमें दो एसी द्वितीय श्रेणी, एक एसी तृतीय श्रेणी और छह सामान्य श्रेणी के कोच शामिल हैं। वहीं, रांची-मालदा टाउन श्रावणी मेला स्पेशल ट्रेन में कुल 20 कोच लगाए जाएंगे। इनमें दो एसी द्वितीय श्रेणी, एक एसी तृतीय श्रेणी, तेरह स्लीपर और चार सामान्य श्रेणी के कोच शामिल होंगे। रेलवे ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि मेले के दौरान अत्यधिक भीड़ की संभावना को देखते हुए वे अपनी यात्रा के लिए अग्रिम आरक्षण करा लें, ताकि बिना किसी बाधा के यात्रा पूरी हो सके।
अधारताल थाना क्षेत्र में कॉपीराइट उल्लंघन का एक मामला सामने आया है। पुलिस ने खजरी खिरिया बाईपास स्थित विजय श्री सेल्स कंपनी पर छापा मारा है। कंपनी पर दूसरे ब्रांड के मशहूर रेडी-टू-ईट स्नैक्स की हूबहू नकल करने का आरोप है। यह मामला करीब 10 दिन पहले शुरू हुआ, जब टेमर भीठा स्थित 'गंगा फूड्स' कंपनी के संचालक योगेश और विनोद उपाध्याय ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि बाजार में उनके उत्पादों जैसे सामान सस्ते दामों पर बेचे जा रहे हैं, जिससे उनकी बिक्री प्रभावित हो रही है। शिकायतकर्ताओं ने अधारताल पुलिस को पुख्ता सबूत दिए थे कि उनके लोकप्रिय रेडी-टू-ईट स्नैक्स 'एबीसीडी', 'दाल चावल' और 'बिरयानी' की न केवल पैकिंग की नकल की जा रही थी, बल्कि उनके स्वाद (फ्लेवर) को भी कॉपी किया जा रहा था। इन सबूतों के आधार पर पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया। प्राप्त साक्ष्यों और शिकायत की प्रारंभिक जांच के बाद, अधारताल पुलिस की टीम ने दोपहर 3 बजे खजरी खिरिया बाईपास स्थित आकाश गौतम की विजय श्री सेल्स इंटरप्राइजेज फैक्ट्री पर छापा मारा। पुलिस ने कॉपीराइट उल्लंघन से जुड़े संदिग्ध उत्पादों, मशीनों और पैकिंग सामग्रियों की जांच की। पुलिस ने इन सामग्रियों को कब्जे में लेते हुए फैक्ट्री को सील कर दिया। अधारताल थाना प्रभारी विपिन ताम्रकार के अनुसार, प्रथम दृष्टया कॉपीराइट कानून का स्पष्ट उल्लंघन पाया गया है, जिसके कारण यह त्वरित कार्रवाई की गई। पुलिस ने पीड़ित कंपनी की शिकायत पर माल जब्त कर फैक्ट्री सील कर दी है। आगे की वैधानिक और दंडात्मक कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
मधेपुरा में रविवार को जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में राम मंदिर निर्माण के लिए जुटाए गए चंदे में कथित अनियमितता के आरोपों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया गया। कांग्रेस नेताओं ने इस मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराने के साथ-साथ दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस अध्यक्ष संतोष कुमार सौरव ने कहा कि राम मंदिर करोड़ों हिंदुओं की आस्था का केंद्र है। देशभर के लोगों ने मंदिर निर्माण के लिए विश्वास के साथ आर्थिक सहयोग दिया था। उन्होंने जोर दिया कि यदि चंदे के उपयोग में कोई अनियमितता या भ्रष्टाचार हुआ है, तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। सौरव ने कहा कि आस्था से जुड़े मामलों में पारदर्शिता आवश्यक है और दोषियों पर कानून के अनुसार कार्रवाई हो। बिहार प्रदेश कांग्रेस के सचिव शलेंद्र यादव ने इस दौरान कहा कि आस्था के नाम पर जनता के विश्वास के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस पूरे मामले में जवाबदेही और पारदर्शिता की मांग करती है। यादव ने सरकार से लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता के धन और विश्वास की रक्षा करने की जिम्मेदारी निभाते हुए, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई देश के सामने लाने का आग्रह किया। आस्था से जुड़े मामलों में भावनाएं आहत हुईं कांग्रेस नेताओं ने इस बात पर भी जोर दिया कि धार्मिक आस्था से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की अनियमितता लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाती है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। पार्टी ने प्रदर्शन के माध्यम से संबंधित एजेंसियों से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग दोहराई। इस विरोध प्रदर्शन में वरिष्ठ कांग्रेसी समीम अशरफ, पुरैनी प्रखंड अध्यक्ष अशोक मंडल, उदाकिशुनगंज प्रखंड अध्यक्ष फौखा सिंह, घैलाढ़ के वरिष्ठ नेता संजय यादव, युवा कांग्रेस के सौरभ यादव और एनएसयूआई के निरंजन यादव, सुमित सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे। नेताओं ने मांग की कि जांच पूरी होने तक इस मामले की लगातार निगरानी की जानी चाहिए।
देवास के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में रविवार को एक सड़क हादसे में 65 वर्षीय महिला की मौत हो गई। महिला उज्जैन में महाकाल के दर्शन कर अपनी महिला साथियों के साथ खरगोन लौट रही थी, तभी सिंगावदा के पास एक रेस्टोरेंट के सामने सड़क पार करते समय एक कार ने उन्हें टक्कर मार दी। मृतका की पहचान खरगोन जिले के बहगांव पुनर्वास गांव निवासी गहना केवट (65) के रूप में हुई। परिजनों ने बताया कि गहनाबाई अपनी कुछ महिला साथियों के साथ कार से महाकाल मंदिर के दर्शन करने उज्जैन गई थीं। दर्शन के बाद सभी वापस घर लौट रहे थे। रेस्टोरेंट पर खाने के लिए रुके थेरास्ते में सिंगावदा के पास एक रेस्टोरेंट पर भोजन के लिए रुकने के दौरान यह हादसा हुआ। सड़क पार करते समय तेज रफ्तार कार ने गहना केवट को टक्कर मार दी। उन्हें तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है। मृतका के परिजन रविंद्र के अनुसार, हादसे के बाद मौके पर कार की नंबर प्लेट मिली है, जिससे पता चला है कि वाहन इंदौर का है। सिविल लाइन पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और वाहन ड्राइवर की तलाश कर रही है।
सिंहस्थ महापर्व की तैयारियों के बीच ओंकारेश्वर में निर्माणाधीन घाटों की गुणवत्ता को लेकर कांग्रेस ने सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस जिलाध्यक्ष उत्तमपालसिंह ने शनिवार को पदाधिकारी और जनप्रतिनिधियों के साथ निर्माणाधीन घाटों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद उन्होंने दावा किया कि घाट निर्माण में गुणवत्ता संबंधी गंभीर खामियां दिखाई दी हैं। उन्होंने प्रशासन से पूरे निर्माण कार्य की निष्पक्ष तकनीकी जांच कराकर तय मानकों के अनुरूप निर्माण सुनिश्चित करने की मांग की है। उत्तमपालसिंह ने कहा कि ओंकारेश्वर दौरे के दौरान स्थानीय लोगों ने घाट निर्माण में घटिया गुणवत्ता की शिकायतें की थीं। इन्हीं शिकायतों के आधार पर उन्होंने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्हें एंकरिंग की गहराई (डेप्थ) पर्याप्त नहीं लगी, जिससे भविष्य में नर्मदा में बाढ़ आने की स्थिति में घाटों के उखड़ने या क्षतिग्रस्त होने की आशंका बनी रह सकती है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि निर्माण कार्य में उपयोग की जा रही सामग्री की गुणवत्ता भी संतोषजनक नहीं दिखाई दी। बता दें कि, ओंकारेश्वर देश के प्रमुख धार्मिक और आस्था केंद्रों में शामिल है, जहां हर वर्ष लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। आगामी सिंहस्थ के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना बढ़ जाएगी। ऐसे में घाटों का मजबूत और सुरक्षित होना बेहद जरूरी है। निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही भविष्य में बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। तकनीकी और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप हो निर्माणउत्तमपालसिंह ने कहा कि, मां नर्मदा में जब बाढ़ आती है तो उसका जलस्तर और बहाव काफी तेज होता है। ऐसी स्थिति में मजबूत निर्माण भी चुनौती का सामना करते हैं। यदि वर्तमान में निर्माण मानकों से समझौता किया गया तो आने वाले समय में घाटों के क्षतिग्रस्त होने का खतरा बढ़ जाएगा। उन्होंने पूर्व में आई बाढ़ के दौरान घाट की दीवार को हुए नुकसान का उल्लेख करते हुए कहा कि उस अनुभव से सीख लेते हुए इस बार निर्माण कार्य पूरी गुणवत्ता और तकनीकी मानकों के अनुरूप किया जाना चाहिए। उन्होंने प्रशासन और निर्माण एजेंसी से निर्माण कार्य की स्वतंत्र तकनीकी जांच कराने, गुणवत्ता की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने तथा यदि कहीं भी लापरवाही या मानकों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित एजेंसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की।
नूंह जिले के तिगांव गांव में रविवार को खेत पर ट्यूबवेल चलाने गए एक 16 वर्षीय किशोर की करंट लगने से मौत हो गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अल आफिया अस्पताल, मांडीखेड़ा भेज दिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, तिगांव निवासी अयान (16) रविवार दोपहर लगभग 2 बजे अपने खेत में लगी सब्जी की फसल की सिंचाई के लिए ट्यूबवेल चलाने गया था। इसी दौरान वह बिजली के करंट की चपेट में आ गया। जब अयान काफी देर तक घर नहीं लौटा, तो परिजनों को चिंता हुई। परिवार के सदस्य और ग्रामीण खेत पर पहुंचे, जहां अयान अचेत अवस्था में मिला। ट्यूबवेल चालू करते वक्त लगा करंट ग्रामीणों ने तत्काल उसे बचाने का प्रयास किया और करंट से अलग कर उपचार के लिए ले जाने की कोशिश की, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना पर पुलिस चौकी चांदड़ाका की टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए अल आफिया अस्पताल, मांडीखेड़ा भिजवाया। फसल में पानी लगाने के लिए गया था मृतक के दादा जमालुद्दीन ने बताया कि उनके खेत में सब्जी की खेती की जाती है। रविवार को अयान फसल में पानी लगाने के लिए अकेले खेत गया था और ट्यूबवेल चलाते समय करंट की चपेट में आ गया। उन्होंने यह भी बताया कि अयान 7 भाई-बहनों में दूसरे नंबर पर था और पढ़ाई के साथ-साथ खेती के काम में भी परिवार की मदद करता था। चांदड़ाका चौकी प्रभारी राकेश ने बताया कि उन्हें घटना की शिकायत मिल गई है। शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया जाएगा। मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है और हादसे के कारणों की जांच भी जारी है।
बालाघाट पुलिस ने पिछले साल सितंबर में कोतवाली थाना इलाके में हुई लाखों रुपए की चोरी के मामले में साउथ इंडिया के शातिर 'शेट्टी गैंग' से जुड़े आरोपी वेंकटेशन पिता रंगनाथन को 10 महीने बाद हैदराबाद से गिरफ्तार किया है। रविवार को मामले का खुलासा करते हुए एसपी आदित्य मिश्रा ने बताया कि कोतवाली पुलिस ने हैदराबाद में लगातार 21 दिनों तक डेरा डालकर आरोपी को खोज निकाला। पुलिस ने इस मामले में आरोपी के रिश्तेदार प्रभु सानिपति (निवासी चंद्रपुर, महाराष्ट्र) को भी गिरफ्तार किया है, जबकि एक अन्य आरोपी राकेश सानिपति अभी फरार है। सूने मकान से साफ किए थे 12.57 लाख यह पूरी वारदात पिछले साल 18 से 20 सितंबर के बीच कोतवाली थाना क्षेत्र के प्रभुत्तम नगर में हुई थी। चोरों ने आकाश बिसेन के सूने मकान का ताला तोड़कर सोने-चांदी के गहनों समेत 57 हजार रुपए पार कर दिए थे। कुल मिलाकर करीब 12.57 लाख की चोरी हुई थी। पुलिस को गोंदिया से हैदराबाद वापस जाने के लिए काटी गई आरोपी की रिटर्न ट्रेन टिकट से अहम सुराग मिला था, जिसके बाद से उसकी तलाश की जा रही थी। चोरी का हुनर देखकर हुआ था विवाह, जीता था लग्जरी लाइफ जांच में सामने आया है कि आरोपी वेंकटेशन का ससुराल चंद्रपुर में है और उसका पूरा ससुराल पक्ष भी चोरी की वारदातों में शामिल है। चौंकाने वाली बात यह है कि वेंकटेशन की शादी भी उसके शातिर तरीके से चोरी करने के 'गुण' को देखकर ही की गई थी। आरोपी और उसका परिवार बेहद लग्जरी जिंदगी जीता था। बालाघाट से चुराए गए सोने को उसने बिना कागजात के लोन देने वाली एक फाइनेंस कंपनी में रखा और उस रकम से एक मालवाहक गाड़ी और 2 लाख रुपये की एक महंगी बाइक खरीद ली, जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया है। 7 राज्यों की पुलिस को थी तलाश एसपी आदित्य मिश्रा ने बताया कि आरोपी वेंकटेशन के खिलाफ बेंगलुरु, चेन्नई, छत्तीसगढ़ समेत देश के 7 राज्यों में चोरी के कई मामले दर्ज हैं। इन राज्यों की पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश कर रही थी, लेकिन बालाघाट पुलिस ने हैदराबाद में लंबा वक्त बिताकर उसे पकड़ा। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर आगे की जांच में जुटी है।
करौली में अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान (विद्यालय शिक्षा) की जिला साधारण सभा संपन्न हुई। इस बैठक में संगठन विस्तार, कार्यकर्ता निर्माण और आगामी कार्ययोजना पर चर्चा की गई। सर्वसम्मति से गोविंद देव मीणा को जिलाध्यक्ष चुना गया। बैठक की अध्यक्षता निवर्तमान जिलाध्यक्ष गिरधारी लाल नामा ने की। प्रदेश नेतृत्व के निर्देशानुसार प्रेमराज मीणा (सपोटरा) को वरिष्ठ उपाध्यक्ष और इंदिरा गुर्जर को महिला उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया। जिला प्रवक्ता राजेंद्र दीवान ने बताया कि प्रथम सत्र में प्रदेश संयोजक (अभिलेखागार प्रकोष्ठ) शिवशंकर शर्मा ने संगठन के उद्देश्यों, कार्यप्रणाली और विस्तार की रणनीति पर मार्गदर्शन दिया। द्वितीय सत्र में प्रदेश संयुक्त मंत्री देवेंद्र कुमार शर्मा ने संगठन के लिए कार्यकर्ता निर्माण विषय पर व्याख्यान दिया, जिसमें समर्पित कार्यकर्ताओं की भूमिका पर प्रकाश डाला गया। तृतीय सत्र में राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों की भूमिका पर चर्चा हुई। नव नियुक्त जिलाध्यक्ष गोविंद देव मीणा ने नई जिला कार्यकारिणी की घोषणा करते हुए संगठन को जिले के प्रत्येक विद्यालय तक मजबूत करने का आह्वान किया। यह बैठक रामस्नेही कीर्तिराम आदर्श विद्या मंदिर में आयोजित हुई, जिसमें जिलेभर के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। बैठक का संचालन रघुनंदन दत्त शर्मा ने किया।
खेरोदा में पेट्रोल पंप से डंपर चोरी:अज्ञात कार सवार बदमाश सीसीटीवी में कैद, पुलिस जांच में जुटी
वल्लभनगर उपखंड के खेरोदा थाना क्षेत्र में बामनिया स्थित एक पेट्रोल पंप से देर रात अज्ञात बदमाशों ने एक डंपर चोरी कर लिया। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। पीड़ित की शिकायत पर खेरोदा थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मिली जानकारी के अनुसार, बामनिया स्थित पेट्रोल पंप परिसर में तीन डंपर खड़े थे। देर रात अज्ञात कार में सवार होकर आए बदमाशों ने पहले पेट्रोल पंप और आसपास की गतिविधियों की रेकी की। इसके बाद मौका पाकर बदमाशों ने तीन डंपरों में से एक डंपर चुराया और मौके से फरार हो गए। सुबह वाहन मालिक को डंपर मौके पर नहीं मिला, तब चोरी की घटना का पता चला। घटना की सूचना मिलने पर पीड़ित ने खेरोदा थाने में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कराया। पुलिस ने पेट्रोल पंप पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली है, जिसमें संदिग्ध कार और बदमाशों की गतिविधियां कैद हुई हैं। पुलिस फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान करने और चोरी हुए डंपर की तलाश में जुटी है।
बिहार सरकार के सात निश्चय-3 (2025-2030) के तहत उन्नत शिक्षा, उज्ज्वल भविष्य अभियान के अंतर्गत रविवार को सीवान जिले के सभी 19 प्रखंडों में सरस्वती विद्या निकेतन (आदर्श विद्यालय) का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर जिले के सभी विद्यालयों में उत्साहपूर्ण माहौल रहा। कार्यक्रम के दौरान बेगूसराय में आयोजित राज्यस्तरीय समारोह का सीधा प्रसारण सभी प्रखंडों के सरस्वती विद्या निकेतन में दिखाया गया, जिसे जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, शिक्षकों, अभिभावकों, छात्र-छात्राओं और स्थानीय लोगों ने देखा। राज्यस्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य के 551 सरस्वती विद्या निकेतन (आदर्श विद्यालयों) का एक साथ लोकार्पण किया। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह, उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी तथा शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी भी उपस्थित रहे। सीवान जिले का मुख्य कार्यक्रम सरस्वती विद्या निकेतन, सीवान सदर में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिला परिषद अध्यक्ष संगीता देवी, नगर परिषद की उपसभापति किरण गुप्ता, उप विकास आयुक्त, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (माध्यमिक शिक्षा) सहित कई प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षाविद, शिक्षक, छात्र-छात्राएं एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। सरस्वती विद्या निकेतन (आदर्श विद्यालय) का उद्देश्य सरकारी विद्यालयों को आधुनिक संसाधनों से सुसज्जित उत्कृष्ट शिक्षण संस्थानों के रूप में विकसित करना है, ताकि विद्यार्थियों को निजी विद्यालयों के समान गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध हो सके। इन विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) आधारित शिक्षा, अत्याधुनिक विज्ञान एवं कंप्यूटर प्रयोगशालाएं, समृद्ध पुस्तकालय, खेलकूद की बेहतर सुविधाएं तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण व्यक्तित्व विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके अलावा आधुनिक शैक्षणिक संसाधनों से पढ़ाई को अधिक प्रभावी और तकनीक आधारित बनाया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने कहा कि सरकार का लक्ष्य सरकारी विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना है, जिससे ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के विद्यार्थियों को समान अवसर मिल सकें। इस पहल से शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव आने की उम्मीद जताई गई। जिला प्रशासन ने कार्यक्रम में शामिल सभी जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों, अभिभावकों और नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त किया। प्रशासन ने विश्वास जताया कि सरस्वती विद्या निकेतन (आदर्श विद्यालय) सीवान जिले में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के नए मानक स्थापित करेंगे और विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी शिक्षा योजना के तहत रविवार का दिन अररिया जिले के लिए महत्वपूर्ण रहा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने वर्चुअल माध्यम से जिले के नौ प्रखंडों में विकसित किए गए मॉडल स्कूलों का उद्घाटन किया। इस पहल को जिले में गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षा की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। उद्घाटन के बाद जिले के विभिन्न मॉडल स्कूलों में समारोह आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में शिक्षक-शिक्षिकाओं, छात्र-छात्राओं, अभिभावकों और स्थानीय ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। उपस्थित लोगों ने मॉडल स्कूलों की शुरुआत को क्षेत्र के विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। समर्पण के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षण कार्य करने की अपील कीग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को अब आधुनिक सुविधाओं और बेहतर शैक्षणिक माहौल में पढ़ाई का अवसर मिलेगा। समारोह में वक्ताओं ने शिक्षकों से निष्ठा और समर्पण के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षण कार्य करने की अपील की। विद्यार्थियों को भी मन लगाकर पढ़ाई करने, अनुशासन बनाए रखने और शिक्षा के माध्यम से क्षेत्र व राज्य का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया गया। इस अवसर पर जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (डीपीओ) एसएसए प्रवीण कुमार ने जानकारी दी कि अररिया जिले में कुल 12 मॉडल स्कूल स्थापित किए गए हैं। इनमें से नौ मॉडल स्कूलों का उद्घाटन रविवार को मुख्यमंत्री द्वारा वर्चुअल माध्यम से किया गया। औपचारिक उद्घाटन फिलहाल नहीं हो सकाडीपीओ प्रवीण कुमार ने बताया कि शेष तीन मॉडल स्कूलों का चयन हाल ही में हुआ है। इन विद्यालयों में अभी कुछ आवश्यक कार्य और संसाधनों की पूर्ति की प्रक्रिया चल रही है, जिसके कारण उनका औपचारिक उद्घाटन फिलहाल नहीं हो सका है। उन्होंने आश्वस्त किया कि बाकी तीनों मॉडल स्कूलों में भी जल्द सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर दी जाएंगी और उन्हें नियमित रूप से संचालित किया जाएगा। वर्तमान में उद्घाटन किए गए नौ मॉडल स्कूल जिले के नौ अलग-अलग प्रखंडों में शुरू हो चुके हैं। इससे बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण और प्रतिस्पर्धी शिक्षा का लाभ मिलेगा। बिहार सरकार की इस पहल से जिले की शिक्षा व्यवस्था को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।

