अमरोहा में कॉटन वेस्ट के दो कारखानों में आग:ईदगाह के पास हादसा, दमकल की पांच गाड़ियां जुटीं
अमरोहा शहर के मोहल्ला इस्लामनगर में गुरुवार रात करीब 9 बजे कॉटन वेस्ट के दो कारखानों में भीषण आग लग गई। ईदगाह के पास हुई इस घटना से इलाके में अफरातफरी मच गई। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की पांच गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। आग इतनी भयानक थी कि कुछ ही देर में इसने विकराल रूप धारण कर लिया। आग की ऊंची लपटें दूर से दिखाई दे रही थीं, जिससे आसपास के लोगों में दहशत फैल गई। दमकल विभाग की टीमों के साथ-साथ अमरोहा नगर थाना पुलिस और रज्जाक पुलिस चौकी की टीम भी घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने स्थिति पर नजर बनाए रखी और आसपास के लोगों को एहतियात के तौर पर सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी। बताया जा रहा है कि ये कारखाने सईद और दानिश के हैं। समाचार लिखे जाने तक आग पर पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका था और दमकलकर्मी लगातार आग बुझाने में जुटे थे। आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चल सका है।
राजगढ़ जिला मुख्यालय पर पुलिस विभाग के जर्जर क्वार्टरों में जुआ संचालित होने का मामला सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। गुरुवार को प्रशासन और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की टीम जेसीबी के साथ मौके पर पहुंची और कार्रवाई शुरू करते हुए दो खाली क्वार्टरों को जमींदोज कर दिया। जिस क्वार्टर में जुआ संचालित किया जा रहा था, उसे फिलहाल नहीं तोड़ा गया है और उसमें रखा सामान हटाने के लिए दो दिन की मोहलत दी गई है। इसके अलावा नौ अन्य क्वार्टरों को भी खाली करने के निर्देश दिए गए हैं। जुआ पकड़ाए जाने के बाद शुरू हुई कार्रवाईबुधवार को कोतवाली पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर पुराना महल स्थित पानी की टंकी के पास बने पुलिस विभाग के जर्जर क्वार्टरों में दबिश दी थी। यहां लंबे समय से जुआ गतिविधि संचालित होने की पुष्टि हुई। पुलिस ने मौके से 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर 4 लाख 74 हजार 400 रुपए नकद और अन्य सामग्री जब्त की थी। पुलिस विभाग की संपत्ति में अवैध गतिविधि सामने आने के बाद प्रशासन पर सवाल उठे, जिसके बाद तत्काल कार्रवाई शुरू की गई। 12 क्वार्टर चिन्हित, दो तोड़े गएगुरुवार को एसडीएम निधि भारद्वाज के निर्देशन में पीडब्ल्यूडी की टीम मौके पर पहुंची। यहां कुल 12 क्वार्टर चिन्हित किए गए, जिनमें से दो पूरी तरह खाली पाए गए और उन्हें जेसीबी से ध्वस्त कर दिया गया। बाकी 10 क्वार्टरों में कहीं लोग रह रहे थे तो कहीं सामान रखा हुआ था। संबंधित लोगों को दो दिन का समय दिया गया है, जिसके बाद शेष जर्जर भवनों को भी तोड़ा जाएगा। डेढ़ साल पहले घोषित हुए थे ‘डेड’इन क्वार्टरों को लोक निर्माण विभाग ने करीब डेढ़ साल पहले ही जर्जर और अनुपयोगी घोषित कर दिया था। विभागीय रिकॉर्ड में ‘डेड’ घोषित होने के बावजूद इन्हें हटाने की कार्रवाई नहीं की गई। परिणामस्वरूप खाली और असुरक्षित भवनों पर कब्जा हो गया और कुछ स्थानों पर अवैध गतिविधियां शुरू हो गईं। जिम्मेदार विभागों की लापरवाही के कारण सरकारी संपत्ति असामाजिक तत्वों का ठिकाना बन गई। एसडीएम निधि भारद्वाज ने बताया कि चिन्हित जर्जर क्वार्टरों को चरणबद्ध तरीके से हटाया जाएगा। वहीं पीडब्ल्यूडी के एसडीओ एन. धनवाल ने कहा कि निर्धारित समय सीमा के बाद सभी डेड घोषित क्वार्टरों को ध्वस्त कर दिया जाएगा। पुलिस विभाग के जर्जर क्वार्टर में जुआ संचालित होने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था और सरकारी संपत्तियों की निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। प्रशासन की इस कार्रवाई से उम्मीद जताई जा रही है कि भविष्य में ऐसे असुरक्षित भवनों का दुरुपयोग नहीं हो सकेगा।
लखनऊ नगर निगम ने गुरुवार को भी अवैध होर्डिंगों के खिलाफ अभियान चलाया। इसमें उन लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई। जिन विज्ञापन एजेंसियों ने प्रचार शुल्क जमा नहीं किया। अभियान के दौरान अलग-अलग इलाकों से करीब 50 विज्ञापन पट हटाए गए और 1.05 करोड़ प्रचार शुल्क भी वसूला गया। नगर निगम के प्रचार अधीक्षक ओम प्रकाश सिंह और प्रचार निरीक्षक पंकज अवस्थी और कृष्ण मगन सिंह की अगुवाई में अभियान चलाया गया। जिसमें सुल्तानपुर रोड, शहीद पथ के आसपास और कानपुर रोड से अवैध विज्ञापन पट हटाए गए। 200 पट हटाए गए इस दौरान नगर निगम ने 1 करोड़ 5 लाख 08 हजार 546 रुपये प्रचार शुल्क भी जमा कराया। नगर निगम की ओर से यह कार्रवाई एक सप्ताह पहले की ओर से अवैध विज्ञापन पटों के खिलाफ चलाए गए अभियान की बाद की जा रही है। पिछले चार दिन से चल रहे अभियान के दौरान छोटे बड़े मिलाकर करीब 200 पट हटाए गए हैं।
राजस्थान में आबादी की जमीन पर बने सभी मंदिरों को राज्य सरकार पट्टे देगी। वहीं गांवों में मीट की दुकानों पर नए प्रतिबंध लगाने की घोषणा की गई है। अब बिना लाइसेंस गांवों में मीट की दुकानें नहीं चल सकेंगी। विधानसभा में पंचायतीराज की अनुदान मांगों पर गुरुवार को बहस का जवाब देते हुए पंचायतीराज मंत्री मदन दिलावर ने मंदिरों को पट्टे देने की घोषणा की। दिलावर ने कहा- हम सबको देने वाला भगवान बिना पट्टे बैठा है। भगवान हम सबको देता है तो हमारा कर्तव्य बनता है कि हम पट्टा दें। मंत्री बोले- हम अभियान चलाकर पट्टे देंगेदिलावर ने कहा- हम कोशिश करेंगे कि अभियान चलाकर आबादी पर बसे मंदिरों को पट्टा दें। मंदिर मूर्ति उस जगह की मालिक हो जाए। उसके बिना कई दिक्कतें आती है। मंदिर के नाम की डोली की जमीन अवाप्त हो जाए तो मंदिर मूर्ति के नाम होगा तो मुआवजा मिल सकता है। गांवों में शहरों की तर्ज पर बिना लाइसेंस मीट नहीं बेच सकेंगेपंचायतीराज मंत्री दिलावर ने शहरों की तर्ज पर गांवों में मीट की दुकानों पर शहरों वाले नियम लागू करने की घोषणा की है। दिलावर ने कहा कि गांवों में भी अब शहरों की तरह ही मीट की दुकानों पर नियम लागू होंगे। मांस की दुकान लगाने के लिए नियम बने हुए हैं, नियम यह है की कमर्शियल दुकान होगी उसमें ही वह अपनी मीट बेच सकता है, उसको लाइसेंस लेना पड़ेगा। फूड लाइसेंस लेना पड़ेगा। अब जानवर काटने के लिए वेटरनरी डॉक्टर का स्वास्थ्य प्रमाण पत्र लेना पड़ेगा। स्वास्थ्य प्रमाण पत्र के साथ उसका फोटो भी होगा ताकि एक जानवर का स्वास्थ्य प्रमाण पत्र लेकर 10 जानवर नहीं काट सके। मीट की दुकान चलाने अब पंचायत की एनओसी लेनी पड़ेगीदिलावर ने कहा- मीट की दुकान चलाने अब पंचायत की एनओसी लेनी पड़ेगी। आगे जाकर हम हमारे नियम बना लेंगे। आज के बाद में सभी अधिकारियों को निर्देश देता हूं कि कहीं भी राजस्थान में ग्रामीण क्षेत्र में मांस की दुकान नियमों के खिलाफ नहीं लगे।
दुर्ग जिले के छावनी थाना क्षेत्र स्थित औद्योगिक क्षेत्र की गणपति इंडस्ट्री में गुरुवार शाम करीब 5:30 बजे आग लग गई। बंद फैक्ट्री के भीतर रखे ऑयल के ड्रमों और वेस्ट मटेरियल में आग भड़कने से आसपास के क्षेत्र में हलचल मच गई। प्राथमिक जानकारी के अनुसार, फैक्ट्री परिसर में वेल्डिंग का काम चल रहा था। इसी दौरान निकली चिंगारी ऑयल ड्रमों और ज्वलनशील वेस्ट मटेरियल तक पहुंच गई, जिससे आग तेजी से फैलने लगी। फैक्ट्री के अंदर से धुआं और लपटें उठती देख तत्काल अग्निशमन कार्यालय दुर्ग को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही दुर्ग अग्निशमन दल तुरंत हरकत में आया। अग्निशमन कार्यालय से एक दमकल वाहन को मौके पर रवाना किया गया। 6 सदस्यीय टीम ने बिना देरी किए आग पर पानी की बौछार शुरू की और आग को फैक्ट्री के भीतर ही फैलने से रोक दिया। जिला सेनानी एवं जिला अग्निशमन अधिकारी नागेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि समय पर मिली सूचना और टीम की त्वरित कार्रवाई से स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया। उन्होंने कहा कि यदि आग ऑयल ड्रमों से बाहर फैलती तो बड़ा विस्फोट और व्यापक नुकसान हो सकता था। राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई।
भाजपा ने बागपत में लंबे इंतजार के बाद नीरज शर्मा को नया जिलाध्यक्ष नियुक्त किया है। पार्टी ने इस नियुक्ति के जरिए जिले में संगठनात्मक संतुलन साधने की कोशिश की है। नीरज शर्मा ब्राह्मण वर्ग के प्रमुख चेहरों में गिने जाते हैं। जिले में उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है। राजनीतिक जानकार इस फैसले को 2027 के विधानसभा चुनावों से जोड़कर देख रहे हैं। इससे पहले भी ब्राह्मण चेहरे को जिलाध्यक्ष बनाए जाने की चर्चाएं थीं। हालांकि तब वेदपाल उपाध्याय को दोबारा जिम्मेदारी दी गई थी। संगठन में लंबा अनुभव नीरज शर्मा पूर्व में भी जिलाध्यक्ष रह चुके हैं। उन्होंने 2007 और 2012 में भाजपा के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ा था। वे भाजपा युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य और खेलकूद प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक जैसे पदों पर भी कार्य कर चुके हैं। हाल ही में वे 2024 के लोकसभा चुनाव में मुजफ्फरनगर के लोकसभा प्रभारी की जिम्मेदारी निभा चुके हैं। नवनियुक्त जिलाध्यक्ष के सामने संगठन को एकजुट रखना, पार्टी की नीतियों को बूथ स्तर तक पहुंचाना और आगामी चुनावों के लिए कार्यकर्ताओं को तैयार करना प्रमुख चुनौतियां होंगी। नीरज शर्मा बागपत जनपद के गांव पुट्ठी धनोरा के निवासी हैं और उन्हें संगठनात्मक रूप से सक्रिय और अनुभवी नेता माना जाता है।
इंदौर के रावजी बाजार थाने क्षेत्र में गुरुवार रात जहरीली गैस से क्षेत्र में हडकंप मच गया है। बताया जाता है कि रात को थाने के पीछे कबाड की दुकान के पास गैस संबंधी कुछ अनैतिक काम किया रहा था। इसी दौरान गड़बड़ हुई और जहरीली गैस फैलने लगी। गैस के कारण लोगों को सांस लेने में तकलीफ और उल्टियां होने लगी। इससे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल हो गया। मामले में पांच लोगों को हॉस्पिटल रैफर किया गया है। यह खबर लगातार अपडेट की जा रही है…
अयोध्या के भाजपा जिलाध्यक्ष बने राधेश्याम त्यागी:कमलेश श्रीवास्तव फिर महानगर अध्यक्ष बनाए गए
भारतीय जनता पार्टी ने संगठनात्मक बदलाव के तहत राधेश्याम त्यागी को जिला अध्यक्ष नियुक्त किया है, जबकि महानगर अध्यक्ष की जिम्मेदारी एक बार फिर कमलेश श्रीवास्तव को सौंपी गई है। पार्टी नेतृत्व के इस निर्णय के बाद कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल देखा जा रहा है।राधेश्याम त्यागी अब तक जिला महामंत्री का दायित्व निभा रहे थे और संगठन में सक्रिय भूमिका के लिए जाने जाते हैं। लंबे समय से संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय रहने के कारण उन्हें जिले की कमान सौंपी गई है। बताया जाता है कि मिल्कीपुर उपचुनाव के दौरान टिकट न मिलने पर शीर्ष नेतृत्व द्वारा उन्हें संगठन में समायोजित करने का आश्वासन दिया गया था, जिसके क्रम में यह जिम्मेदारी दी गई है।वहीं, कमलेश श्रीवास्तव को दोबारा महानगर अध्यक्ष बनाए जाने को संगठनात्मक निरंतरता के रूप में देखा जा रहा है। उनके पिछले कार्यकाल में संगठन विस्तार और विभिन्न अभियानों के सफल संचालन को ध्यान में रखते हुए नेतृत्व ने उन पर पुनः भरोसा जताया है।पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने दोनों नवनियुक्त अध्यक्षों को बधाई देते हुए संगठन को और मजबूत बनाने का संकल्प व्यक्त किया। माना जा रहा है कि आगामी चुनावों और कार्यक्रमों को देखते हुए संगठन को नई ऊर्जा देने के उद्देश्य से यह फेरबदल किया गया है। पूर्व मेयर ऋषिकेश उपाध्यक्ष ने दोनों अध्यक्ष को उनके पद के लिए बधाई दी है।उन्होंने कहा कि इससे जिले में भाजपा को नई उर्जा मिली है और वह और मजबूत होकर सामने आएगी।
गोंडा जिले में वरिष्ठ भाजपा नेता अकबाल बहादुर तिवारी को तीसरी बार भाजपा का जिलाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। बेलसर विकासखंड के परसदा गांव निवासी तिवारी को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने गोंडा का नया जिलाध्यक्ष घोषित किया। यह नियुक्ति आज 26 फरवरी 2026 को हुई है अकबाल बहादुर तिवारी भारतीय जनता पार्टी के पुराने कार्यकर्ता और पदाधिकारी हैं। उन्हें पहली बार वर्ष 2007 से 2009 तक गोंडा भाजपा जिलाध्यक्ष बनाया गया था। इसके बाद वर्ष 2013 से 2015 तक उन्होंने दूसरी बार यह जिम्मेदारी संभाली। वह बेलसर ब्लॉक से पूर्व में भाजपा के ब्लॉक प्रमुख भी रह चुके हैं। वर्ष 2023 के निकाय चुनाव के दौरान उन्हें पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में छह माह के लिए निष्कासित कर दिया गया था। उन पर भाजपा प्रत्याशी के खिलाफ दूसरे प्रत्याशी को खड़ा करने का आरोप था। हालांकि, चुनाव संपन्न होने के बाद उनका निष्कासन वापस ले लिया गया और उन्हें पुनः पार्टी में शामिल कर लिया गया था। गोंडा में भाजपा संगठन पिछले आठ महीने से अधिक समय से जिलाध्यक्ष विहीन था। जिससे संगठनात्मक कार्यों में काफी दिक्कतें आ रही थीं। तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ने 11 जून को बड़ी कार्रवाई करते हुए अमर किशोर कश्यप को जिलाध्यक्ष पद से निष्कासित कर दिया था। लगभग आठ महीने 15 दिन बाद अब गोंडा भाजपा को नया जिलाध्यक्ष मिला है। अकबाल बहादुर तिवारी की नियुक्ति से पार्टी के संगठनात्मक कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है। अकबाल बहादुर तिवारी ने कहा कि मैं पार्टी नेतृत्व को बहुत-बहुत धन्यवाद देता हूं जिन्होंने एक बार फिर से मुझे काम करने का मौका दिया है। पार्टी द्वारा जो भी जिम्मेदारियां दी जाएगी उन जिम्मेदारियां का निर्वहन किया जाएगा पंचायत चुनाव को लेकर के अभी से तैयारी हम लोग शुरू कर देंगे क्योंकि अब पंचायत चुनाव में ज्यादा समय नहीं बचा है।
जालौन में राज्यमंत्री दानिश आजाद अंसारी ने अखिलेश यादव के ट्वीट पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। कहा कि समाजवादी पार्टी राजनीतिक निराशा और हताशा में बयानबाजी कर रही है। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में देश और प्रदेश विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं।मंत्री अंसारी ने कहा कि भारत की वैश्विक छवि मजबूत हुई है। आज दुनिया के कई देश भारत के साथ साझेदारी के लिए आगे आ रहे हैं। ऐसे में सपा नेताओं के बयान वास्तविकता से परे और जनता को भ्रमित करने वाले हैं। मंत्री अंसारी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में देश और प्रदेश विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि भारत की वैश्विक छवि मजबूत हुई है और कई देश भारत के साथ साझेदारी के लिए आगे आ रहे हैं। योजनाओं का किया उल्लेख मंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार गरीबों, किसानों, युवाओं और अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना और पीएम किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि इनसे करोड़ों लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। उन्होंने सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके शासनकाल में विकास केवल पोस्टर और नारों तक सीमित था, जबकि वर्तमान सरकार विकास को जमीनी स्तर पर उतार रही है। अखिलेश यादव के आरोपों को राजनीतिक स्टंट करार देते हुए मंत्री अंसारी ने कहा कि जनता अब सच्चाई समझ चुकी है और केवल बयानबाजी से भ्रमित नहीं होगी।
बीजापुर के दुगोली इकोपार्क में वन विभाग द्वारा रात के अंधेरे में बुलडोजर लगाकर बेशकीमती सागौन के पेड़ गिराए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि अब तक लगभग 20 पेड़ जमींदोज किए जा चुके हैं, जबकि कुल 35 पेड़ गिराने की योजना है। इस कार्रवाई का कारण नर्सरी विकसित करना और पेड़ों की छांव से पौधों को पर्याप्त रोशनी न मिलना बताया गया है। इस कार्रवाई को लेकर पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि न तो रेंजर, न एसडीओ और न ही सीसीएफ ने कोई आधिकारिक आदेश साझा किया है। विशालकाय पेड़ों को मशीनों से काटा जा रहा है और बुलडोजर से हटाया जा रहा है। रात के अंधेरे में की जा रही यह जल्दबाजी में की गई कार्रवाई संदेह के घेरे में है। डीएफओ ने दिया पेड़ गिराने का आदेश वन विभाग के एसडीओ देवेंद्र गोंड ने इस मामले पर टिप्पणी करते हुए कहा कि रात में कार्रवाई करने की आवश्यकता नहीं थी और यह दिन में भी की जा सकती थी। उन्होंने बताया कि पेड़ों को गिराने का आदेश डीएफओ द्वारा दिया गया है और सीसीएफ की अनुशंसा के लिए पत्र भेजा गया है। हालांकि, एसडीओ गोंड आदेश की प्रति उपलब्ध नहीं करा सके। वहीं, जगदलपुर के सीसीएफ आलोक तिवारी ने पुष्टि की कि उन्होंने ही पेड़ों को गिराने की अनुशंसा की थी। उन्होंने बताया कि पिछली बार दौरे के दौरान उन्होंने स्थिति का जायजा लिया था और पेड़ों को हटाने का निर्देश दिया था। सीसीएफ तिवारी ने यह भी बताया कि उनका कल फिर से क्षेत्र का दौरा है।
पूर्णिया में गुरुवार को बिहार ग्रामीण बैंक की रानीपतरा शाखा ने बकाया ऋण वसूली के लिए एक विशेष गिरफ्तारी अभियान चलाया। इस दौरान मुफस्सिल थाना पुलिस के साथ मिलकर बैंक अधिकारियों ने पूर्व से जारी गिरफ्तारी वारंट वाले ऋणियों के खिलाफ सघन छापेमारी की। यह अभियान दीवानगंज, नागदेही और घोरघट गांवों में एक साथ चलाया गया। डीओसीसी इंचार्ज कुणाल कुमार के नेतृत्व में कई वारंटी ऋणियों को गिरफ्तार किया गया। कुछ ऋणियों को मौके पर ही बकाया राशि जमा करने या भुगतान की प्रतिबद्धता जताने पर कानूनी प्रक्रिया के तहत निर्धारित समय देकर छोड़ दिया गया। बैंक सूत्रों के अनुसार, पिछले कुछ महीनों में नीलाम पत्र न्यायालय ने बैंक के लंबित ऋण मामलों में बड़ी संख्या में गिरफ्तारी वारंट और कुर्की-जब्ती आदेश जारी किए हैं। इन आदेशों को लागू करने के लिए जिले के विभिन्न थानों में लगातार विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि ऐसी कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य ऋण अनुशासन को मजबूत करना, बकाया वसूली में तेजी लाना और बैंकिंग प्रणाली में जवाबदेही सुनिश्चित करना है। बैंक पहले ऋणियों को नोटिस, समझौता और किस्त पुनर्निर्धारण जैसे कई अवसर देता है, लेकिन लगातार अनदेखी होने पर ही कानूनी कार्रवाई की जाती है। बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक प्रभात रंजन ने सभी ऋणियों से अपील की है कि वे समय पर अपनी किस्तों का भुगतान करें। उन्होंने कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए बैंक से संपर्क कर आपसी समाधान का रास्ता अपनाने का आग्रह किया। पुलिस प्रशासन ने भी स्पष्ट किया है कि न्यायालय द्वारा जारी वारंटों को लागू करने के लिए ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे।
जालंधर जिले के नकोदर में कानून-व्यवस्था को चुनौती देते हुए दो अज्ञात नकाबपोश लुटेरों ने बस स्टैंड के अंदर घुसकर फायरिंग की और एक मोटरसाइकिल छीनकर फरार हो गए। यह घटना तब हुई जब बस स्टैंड सवारियों से भरा हुआ था। गोली चलने की आवाज से इलाके में दहशत फैल गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है। नकोदर बस स्टैंड में सरेआम गुंडागर्दी नकोदर शहर के मुख्य बस स्टैंड पर आज उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब दो अज्ञात लुटेरों ने हथियारों के बल पर एक वारदात को अंजाम दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, लुटेरे मोटरसाइकिल छीनने के इरादे से आए थे। जब उन्हें प्रतिरोध का सामना करना पड़ा, तो उन्होंने दहशत फैलाने के लिए सीधे गोली चला दी। गनीमत यह रही कि इस फायरिंग में किसी व्यक्ति को गोली नहीं लगी, लेकिन गोली की आवाज सुनते ही पूरा बस स्टैंड गूंज उठा। हमलावर वारदात को अंजाम देने के बाद मोटरसाइकिल लेकर बड़ी आसानी से वहां से रफू-चक्कर होने में कामयाब रहे। 100 से ज्यादा सवारियां थीं मौजूद सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, जिस समय यह वारदात हुई, उस समय बस स्टैंड के अंदर 100 से ज्यादा यात्री मौजूद थे। महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग अपनी बसों का इंतजार कर रहे थे। अचानक हुई फायरिंग के कारण वहां भगदड़ मच गई। लोग अपनी सुरक्षा के लिए दुकानों और बसों के पीछे छिपने लगे। शहर के बीचों-बीच हुई इस वारदात ने पुलिस के सुरक्षा दावों की पोल खोल दी है। पुलिस जांच और सीसीटीवी फुटेज घटना की सूचना मिलते ही नकोदर पुलिस की टीम भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटना स्थल का मुआयना किया और वहां मौजूद चश्मदीदों के बयान दर्ज किए। पुलिस अब बस स्टैंड और उसके आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि आरोपियों के आने-जाने के रास्ते का पता लगाया जा सके। शहर के निवासियों और व्यापारियों में इस घटना के बाद काफी रोष और डर देखा जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि दिनदहाड़े हुई इस लूट और फायरिंग ने सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा और शहर में गश्त बढ़ाई जाएगी।
लखनऊ के आलमबाग इलाके में बुधवार देर रात टेंट हाउस मालिक के बेटे ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। बुधवार रात परिजन खाने के लिए बुलाने गए तब फंदे से लटका मिला। आनन-फानन में उसे नीचे उतारकर लोकबंधु अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। मधुबन नगर निवासी के.के. तिवारी की आशियाना के पकरी क्षेत्र में तिवारी टेंट हाउस के नाम से दुकान है। परिजनों ने बताया उनके बेटे वैभव तिवारी (25) की शादी आठ महीने पहले आशियाना निवासी आकांक्षा से हुई थी। तीन दिन पहले होली के चलते आकांक्षा अपने मायके गई हुई थी। बताया गया कि बुधवार रात करीब आठ बजे वैभव घर आया और अपने कमरे में चला गया। रात करीब नौ बजे परिवार के लोग उसे खाना खाने के लिए बुलाने पहुंचे, लेकिन वह कमरे में नहीं मिला। तलाश करते हुए परिजन मकान के ऊपरी हिस्से में पहुंचे, जहां टीन शेड में लगी लोहे की रॉड से दुपट्टे के सहारे वैभव का शव लटका मिला। यह देख परिवार में चीख-पुकार मच गई। परिजन तुरंत उसे नीचे उतारकर लोकबंधु अस्पताल ले गए। जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस में चौक पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। पुलिस का कहना है आत्महत्या करने के स्पष्ट कारण का पता नहीं चल सका है।
नई दिल्ली में गुरुवार को डीबी एमिनेंस अवॉर्ड के सातवें सीजन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान और दैनिक भास्कर समूह के डिप्टी एमडी पवन अग्रवाल मौजूद रहे। कार्यक्रम में दैनिक भास्कर समूह ने मध्य प्रदेश के उन 45 दिग्गजों को सम्मानित किया, जो अपने कामों से देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। चिराग ने शिक्षा, ऑटोमोबाइल, रियल एस्टेट, सामाजिक सेवा, अन्य उद्योगों से जुड़े लोगों को डीबी एमिनेंस अवॉर्ड दिया। चिराग ने कहा- मैं भास्कर ग्रुप का समूह का दिल से हृदय से आभार प्रकट करूंगा। ये भी अपनी रूट से जुड़े रहे। भास्कर ग्रुप का उदय उसमें आप सबके शहर इंदौर की एक अहम भूमिका रही। कार्यक्रम से जुड़ी तस्वीरें… दैनिक भास्कर समूह हर साल लीडर्स को सम्मानित करता है दैनिक भास्कर समूह हर साल यह अवॉर्ड ऐसे लीडर्स को प्रदान करता है, जो अपने-अपने क्षेत्र में अतुलनीय काम कर रहे हैं। दैनिक भास्कर समूह के डिप्टी एमडी पवन अग्रवाल ने इस मौके पर सम्मानित हुए लोगों से कहा कि उन सभी ने अपने कामों से एक मिसाल कायम किया है। उन्होंने कहा कि दैनिक भास्कर का भी प्रयास होता है कि जैसा आप समाज में बदलाव कर रहे हैं, वैसा हम भी करें। समाज में कुछ ना कुछ नया करते रहें। आपके साथ यही जुगलबंदी है। इंदौर दैनिक भास्कर के लिए काफी खास जगह है। क्योंकि वहां 10 साल पहचान बनाने के बाद ही हिम्मत मिली कि पूरे देश में जाएं। डिप्टी एमडी ने कहा कि इस एंटरप्राइजिंग शहर (इंदौर) से ही हमें हिम्मत मिली। यहीं से हमें समझ आया था कि जब आप कुछ काम करते हैं तो उसकी कोई सीमा नहीं है। अगर आपके पास कल्पना है तो पूरा खुला आसमान है। चिराग पासवान ने अवॉर्ड पाने वाले लोगों को बधाई दी कार्यक्रम में केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान ने अवॉर्ड पाने वाले सभी 45 लोगों को बधाई दी और दैनिक भास्कर का धन्यवाद किया। उन्होंने वहां मौजूद उद्यमियों से फूड प्रोसेसिंग में इनोवेशन और निवेश करने की अपील की। चिराग ने आगे कहा- आज हर कोई विकसित भारत की चर्चा करता है, लेकिन बहुत कम लोग अपने योगदान के बारे में सोचते हैं। हम अक्सर सरकारों और प्रशासन से सवाल करते हैं कि विकसित भारत कैसे बनेगा, लेकिन आप वे लोग हैं जिन्होंने खुद से सवाल किया कि 'मेरा योगदान क्या होगा?' यदि देश की 140 करोड़ आबादी ईमानदारी से खुद से यह पूछने लग जाए, तो हम लक्ष्य के बहुत करीब होंगे। इसके अलावा इस कार्यक्रम में दैनिक भास्कर समूह के इंदौर के एग्जिक्यूटिव एडिटर अमित मंडलोई, इंदौर के यूनिट हेड दीपक किशोर और नेशनल पॉलिटिकल एडिटर धर्मेंद्र सिंह भदौरिया भी मौजूद थे। कार्यक्रम से जुड़े 5 वीडियो…
मध्यप्रदेश शासन के नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने टीकमगढ़ नगर पालिका अध्यक्ष अब्दुल गफ्फार के विरुद्ध सख्त रुख अख्तियार किया है। पद के दुरुपयोग और करोड़ों रुपए की आर्थिक अनियमितताओं के चलते विभाग ने उन्हें पद से हटाने के लिए 'कारण बताओ नोटिस' जारी किया है। जांच समिति की रिपोर्ट में 9 ऐसे गंभीर आरोप पाए गए हैं, जिनसे नगर पालिका को लाखों रुपए की वित्तीय क्षति हुई है। दुकान आवंटन और अवैध नियुक्तियों में धांधली जांच में सामने आया है कि माँ कर्माबाई मार्केट की दुकानों के आवंटन में नियमों को ताक पर रखकर ऑनलाइन के बजाय ऑफलाइन निविदाएं ली गईं। बाजार मूल्य से कम दाम पर दुकानें आवंटित करने से निकाय को लगभग 18.89 लाख रुपए का चूना लगा है। इसके अलावा, शासन द्वारा नियुक्तियों पर प्रतिबंध के बावजूद अध्यक्ष ने नियमों के विरुद्ध 15 से अधिक दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की भर्ती की, जिससे नगर पालिका निधि पर अतिरिक्त भार पड़ा। संजीवनी क्लीनिक और सामग्री खरीदी में भ्रष्टाचार पुरानी टेहरी में तालाब के डूब क्षेत्र में संजीवनी क्लीनिक का निर्माण कराना भी अध्यक्ष के लिए गले की हड्डी बन गया है। गलत स्थल चयन के कारण 21.42 लाख रुपए की राशि बर्बाद हुई और क्लीनिक वर्तमान में बंद पड़ा है। साथ ही, एलईडी लाइट, फिटकरी और पाइपलाइन विस्तार के लिए सामग्री की खरीदी बाजार दर से कहीं ऊँची कीमतों पर की गई। पसंदीदा फर्मों को फायदा और अधिकारों का उल्लंघन जांच रिपोर्ट के अनुसार, 66 में से 58 ठेके केवल दो फर्मों (मेसर्स तनु इंटरप्राइजेज और मेसर्स महाकाल इंडस्ट्रीज) को दिए गए, जो पिता-पुत्र की कंपनियां बताई जा रही हैं। अध्यक्ष ने अपनी वित्तीय सीमाओं का उल्लंघन करते हुए बिना पीआईसी (PIC) की स्वीकृति के भुगतान आदेश जारी किए। शासन ने माना है कि अब्दुल गफ्फार मध्य प्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1961 की धारा 51 के तहत अपने कर्तव्यों के निर्वहन में विफल रहे हैं। 15 दिन में मांगा जवाब, होगी वसूली नगरीय विकास विभाग के सचिव द्वारा जारी आदेश में अब्दुल गफ्फार को अपना पक्ष रखने के लिए 15 दिन का समय दिया गया है। शासन ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समय में संतोषजनक उत्तर नहीं मिला, तो धारा 41-क के तहत उन्हें पदमुक्त कर दिया जाएगा। साथ ही, उनके कार्यकाल में हुई आर्थिक हानि की वसूली भी उन्हीं से की जाएगी। देखें नोटिस
यूकेजी का एक छात्र बस चालक और स्टाफ की लापरवाही से गुरुवार को सात घंटे तक बस में बंद रहा। स्कूल पहुंचने से पहले ही रास्ते में बस खराब हो गई। दूसरी बस से बच्चों को स्कूल पहुंचाया गया, लेकिन उसे खराब बस में ही छोड़ दिया गया। स्कूल प्रबंधन ने ट्रांसपोर्टर और बस के कर्मचारी को निलंबित कर दिया है। सेक्टर-78 स्थित एक सोसाइटी में रहने वाले एक दंपति का पुत्र सेक्टर-44 के एमिटी इंटरनेशनल स्कूल में यूकेजी में पढ़ता है। परिजन के मुताबिक, सुबह उन्होंने बच्चे को सोसाइटी के गेट से स्कूल बस में बैठाया। कुछ देर बाद ही बच्चे को नींद आ गई। रास्ते में तकनीकी खराबी के कारण बस बंद हो गई। चालक की सूचना पर ट्रांसपोर्टर ने दूसरी बस भेजी। खराब बस को यार्ड में छोड़ा गया इस बस में बच्चों को बैठाकर स्कूल पहुंचाया गया। खराब बस को स्कूल से करीब 25 किलोमीटर दूर बने यार्ड में भेज दिया गया। परिजन का कहना है कि जब वह सोसाइटी के गेट पर बच्चे को लेने पहुंचे तो वह बसे में नहीं था। उन्होंने फौरन इसकी सूचना स्कूल को दी। स्कूल प्रबंधन के मुताबिक, बच्चा स्कूल नहीं पहुंचा था। यह सुनकर बच्चे के माता-पिता के पैरों तले जमीन खिसक गई। बच्चा बस में पसीने से लथपथ था उन्हें अनहोनी की आशंका होने लगी। बच्चे की खोजबीन शुरू हुई तो पता चला कि बस के रजिस्टर में उपस्थिति दर्ज थी, लेकिन स्कूल में अनुपस्थित था। फोन करने पर ट्रांसपोर्टर ने रास्ते में बस खराब होने की जानकारी दी। बच्चे को खोजते हुए अभिभावक यार्ड में पहुंचे, जहां बच्चा रो रहा था। माता-पिता ने बताया कि वह भूखा-प्यासा और पसीने से लथपथ था। उन्हें देखते ही लिपटकर रोने लगा। बच्चे को सकुशल देखकर अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन ने राहत की सांस ली। पुलिस के मुताबिक, इस संबंध में परिजन ने कोई शिकायत नहीं दी है। बच्चे की मां ने दर्द बयां किया बच्चे की मां ने सोशल मीडिया पर एक मैसेज पोस्ट किया है। उन्होंने कहा कि सुबह बेटे को बस में बैठाया। उसे हाथ हिलाकर विदा किया और रोजाना की तरह घर पहुंच गई। दोपहर में जब सोसाइटी के गेट पर पहुंचीं तो बेटा बस से नहीं उतरा। उन्होंने कहा कि माता-पिता होने के नाते वह बेहद गंभीर पीड़ा से गुजरे। वह उन घंटों के डर और बेबसी को शब्दों में बयान नहीं कर सकतीं। उन्होंने अभिभावकों से अपील की है कि वह खुद बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करें। स्कूल प्रबंधन ने दावों को खारिज किया स्कूल प्रबंधन की ओर से सविता मेहता का कहना है कि बस रास्ते में खराब हो गई थी। जब दूसरी बस से बच्चे स्कूल पहुंचे तो उनकी गिनती हुई, लेकिन एक बच्चा गायब था। स्कूल प्रबंधन ने कुछ ही देर में बच्चे को खराब हुई बस से ढूंढ निकाला और परिजन को इसकी सूचना दी। इस घटनाक्रम में थोड़ा समय लगा, लेकिन सात घंटे तक बस में बंद रहने और 25 किलोमीटर दूर यार्ड के दावे गलत हैं। स्कूल प्रबंधन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए ट्रांसपोर्टर और बस स्टाफ को निलंबित कर दिया है।
अयोध्या के बेनीगंज मोहल्ले स्थित श्री संकट मोचन हनुमान कमल मंदिर में 40 दिवसीय पौंडरिक महायज्ञ का विधिवत शुभारंभ गुरुवार को वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुआ। यह महायज्ञ हनुमानगढ़ी के महंत धर्मदास महाराज के संयोजन में तथा दक्षिण भारत के वैदिक विद्वान याजुल गुरु जी के निर्देशन में संपन्न हो रहा है। यह दुर्लभ महायज्ञ 4 अप्रैल तक चलेगा महंत धर्मदास महाराज ने बताया कि यह दुर्लभ महायज्ञ 26 फरवरी से प्रारंभ होकर 4 अप्रैल तक आश्रम परिसर में चलेगा। महायज्ञ में दक्षिण भारत के 40 तथा उत्तर भारत के 50 वैदिक विद्वान प्रतिदिन अनुष्ठान संपन्न करा रहे हैं। चतुर्वेद मंत्रों के उच्चारण के साथ प्रतिदिन 25 हजार आहुतियां समर्पित की जाएंगी। पूरे मंदिर परिसर को भव्य रूप से सजाया गया है और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है।आयोजन से जुड़े अंकित मिश्रा ने बताया कि पौडरिक महायज्ञ अत्यंत दुर्लभ अनुष्ठान है। मान्यता है कि प्रभु श्रीरामचंद्र ने भी अपने समय में इस यज्ञ का आयोजन किया था। प्राचीन काल में इसे ब्राह्मण, क्षत्रिय और वैश्य समाज द्वारा संपन्न कराया जाता था, किंतु मुगलकालीन आक्रमणों के बाद यह परंपरा लगभग समाप्त हो गई। महायज्ञ की सुरक्षा एवं सिद्धि के लिए भगवती दुर्गा की विशेष स्थापना करीब 300 वर्षों के अंतराल के बाद रामनगरी में पुनः इस महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है।उन्होंने बताया कि महायज्ञ की सुरक्षा एवं सिद्धि के लिए भगवती दुर्गा की विशेष स्थापना की गई है। दुर्गा सप्तशती पाठ एवं वैदिक मंत्रों के साथ मां दुर्गा, मां सरस्वती और मां काली की प्रतिष्ठा कर पूजन प्रारंभ किया गया है। उन्होंने बताया कि यज्ञ का उद्देश्य जगत कल्याण और समस्त जीवों का मंगल है।आयोजकों का मानना है कि यज्ञ से उत्पन्न सकारात्मक ऊर्जा और वातावरण शुद्धि से प्रकृति संतुलित होगी, वर्षा होगी और अन्न उत्पादन में वृद्धि होगी। उसी अन्न से पोषित मेधा और सद्बुद्धि के माध्यम से रामराज्य की स्थापना का मार्ग प्रशस्त होगा। श्रद्धालु पूरे उत्साह और भक्ति भाव से महायज्ञ में सहभागिता कर रहे हैं।
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में जिला बाल संरक्षण अधिकारी ने एक नाबालिग बालक का बाल विवाह रुकवाया है। जिला प्रशासन बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराई को समाप्त करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। यह घटना 24 फरवरी को ग्राम पंचायत सल्हेघोरी, थाना गौरेला में सामने आई। बैगा समाज के एक नाबालिग बालक के विवाह की सूचना मिलने पर, जिला कार्यक्रम अधिकारी (महिला एवं बाल विकास विभाग) अमित सिन्हा ने तत्काल संज्ञान लिया। उन्होंने जिला बाल संरक्षण अधिकारी वीरेंद्र कुर्रे को मामले की जांच के निर्देश दिए। कुर्रे ने तुरंत एक टीम का गठन किया। इस टीम में सेक्टर सुपरवाइजर, चाइल्ड हेल्पलाइन, जिला बाल संरक्षण इकाई के सदस्य, स्थानीय पुलिस, पंचायत सचिव, उप सरपंच और पंच शामिल थे। मार्कशीट जांच में सामने आई बालक की कम उम्र टीम ने मौके पर पहुंचकर बालक के उम्र संबंधी दस्तावेजों, विशेषकर उसकी मार्कशीट की जांच की। जांच में पाया गया कि बालक की आयु बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के तहत निर्धारित 21 वर्ष से लगभग 6 वर्ष कम थी। टीम ने बालक के माता-पिता और परिवार के सदस्यों को बाल विवाह निषेध अधिनियम के कानूनी प्रावधानों के बारे में विस्तार से बताया और उन्हें समझाया। इसके बाद, परिवार से एक घोषणा पत्र-पंचनामा पर हस्ताक्षर कराए गए। इसमें उन्होंने बालक के 21 वर्ष पूरे होने तक उसका विवाह न करने का वचन दिया। इस कार्रवाई के बाद, प्रस्तावित बाल विवाह को पूरी तरह से रोक दिया गया।
महोबा जिला अस्पताल में स्टाफ की कमी:इमरजेंसी वार्ड में मरीज बेहाल, परिजन खुद कर रहे इलाज
महोबा जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में स्टाफ की कमी के कारण मरीजों को इलाज के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। सामने आए वीडियो में देखा जा सकता है कि घायल मरीज बेड से नीचे गिर रहे हैं और उनके परिजन खुद ही मरहम-पट्टी करने को मजबूर हैं। यह स्थिति अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल उठाती है। जिला अस्पताल का इमरजेंसी वार्ड स्टाफ की भारी कमी से जूझ रहा है। वीडियो में सड़क हादसे में घायल हुए सोनू और पुष्पेंद्र नामक युवक आधे घंटे तक इलाज के लिए इंतजार करते दिखे। इस दौरान एक घायल मरीज बेड से नीचे गिर गया, लेकिन उसे उठाने के लिए कोई स्टाफ सदस्य मौजूद नहीं था। अस्पताल की इस स्थिति के कारण तीमारदार खुद ही मरीजों का इलाज करने को विवश हैं। सिरमौर गांव से आए घायल के परिजन दिलीप ने बताया कि वार्डबॉय की अनुपस्थिति में उन्होंने खुद ही मरीज के जख्मों पर पट्टी बांधी। पुष्पेंद्र के भाई शिवम और बीजा नगर के वीरेंद्र ने आरोप लगाया कि घंटों गुहार लगाने के बावजूद इमरजेंसी वार्ड में उनकी सुनवाई नहीं हुई। इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर नवीन चौहान ने भी स्टाफ की कमी को स्वीकार किया। उन्होंने बताया कि पूरे इमरजेंसी वार्ड की जिम्मेदारी मात्र दो-तीन कर्मचारियों पर है, जिससे एक साथ कई घायल आने पर स्थिति संभालना मुश्किल हो जाता है। डॉक्टर चौहान ने सीएमएस से स्टाफ बढ़ाने की मांग की है।
गया जंक्शन पर 8KG गांजा जब्त, एक तस्कर अरेस्ट:4.10 लाख रुपए कीमत, एक थैले-पिट्ठू बैग से बरामदगी
गया रेलवे स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और राजकीय रेल पुलिस (GRP) की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की है। विशेष अभियान 'नारकोश' के तहत गुरुवार को 8.200 किलोग्राम गांजा के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया गया। रेलवे थाना अध्यक्ष बनारसी यादव ने बताया कि पूर्व मध्य रेल के डी.डी.यू. मंडल के तहत रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट गया और अन्य सहयोगी इकाइयां स्टेशन परिसर में नियमित गश्त कर रही थीं। इसी दौरान प्लेटफॉर्म संख्या 01 बी (दिल्ली छोर) पर एक संदिग्ध व्यक्ति को रोका गया। एक थैले और पिट्ठू बैग से बरामदगी तलाशी के दौरान उसके पास मौजूद एक थैले और पिट्ठू बैग से कुल 8.200 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान जाकिर हुसैन दिवान (25 वर्ष) के रूप में हुई है। वह नेपाल के पर्सा जिले के बिन्दवासिनी गांव, वार्ड संख्या 04, प्रांत मधेश का निवासी है। बरामद गांजे की अनुमानित बाजार कीमत लगभग 4 लाख 10 हजार रुपये बताई गई है। आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद अभियुक्त को राजकीय रेल पुलिस थाना गया को सौंप दिया गया। उसके खिलाफ मु0अ0सं0 56/26 के तहत एनडीपीएस अधिनियम की धारा 08/20(b)(ii)(B) के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब इस तस्करी के स्रोत और इसमें शामिल संभावित नेटवर्क की जांच कर रही है। रेलवे सुरक्षा बल के अधिकारियों ने बताया कि रेल मार्ग से मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए 'ऑपरेशन नारकोश' जैसे अभियान लगातार चलाए जा रहे हैं। स्टेशन परिसर और ट्रेनों में निगरानी बढ़ा दी गई है, और संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अधिकारियों ने पुष्टि की कि रेल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और अवैध तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने के लिए ऐसी कार्रवाई भविष्य में भी जारी रहेगी। इस गिरफ्तारी को क्षेत्र में मादक पदार्थों के खिलाफ चल रहे अभियान की एक महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।
बागपत में खाद्य सुरक्षा विभाग ने होली के मद्देनजर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत चार क्विंटल मिलावटी मावा नष्ट किया है। इस मावे की अनुमानित कीमत करीब डेढ़ लाख रुपये बताई गई है। यह कार्रवाई दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर की गई। सहायक आयुक्त खाद्य डीपी सिंह के नेतृत्व में टीम ने दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान शामली, मुजफ्फरनगर और बागपत से दिल्ली ले जाए जा रहे मावा, खोया और पनीर के नमूने लिए गए। अब तक कुल 29 नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे जा चुके हैं। अधिकारियों ने एक कैंटर में ले जाए जा रहे चार क्विंटल मावे को दुर्गंधपूर्ण और मिलावटी पाया। इसके बाद जेसीबी की मदद से गड्ढा खुदवाकर मौके पर ही मावे को नष्ट कर दिया गया। खाद्य सुरक्षा विभाग का विशेष चेकिंग अभियान जारी है। अधिकारी लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह सतर्क हैं। सहायक आयुक्त खाद्य डीपी सिंह ने लोगों से होली के अवसर पर मिलावटी सामान से बचने की अपील की है। उन्होंने कहा कि पैकिंग वाले सामान की एक्सपायरी डेट देखकर ही खरीदें और अधिक चमकदार मिठाइयों का सेवन करने से बचें। विभाग की टीम लगातार विभिन्न क्षेत्रों में मिठाई की दुकानों पर भी जांच कर रही है। भेजे गए नमूनों की जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बागपत, शामली और मुजफ्फरनगर से बिक्री के लिए ले जाए जाने वाले मावा, खोया और पनीर पर भी लगातार नजर रखी जा रही है।
खैरथल-तिजारा अतिरिक्त जिला कलेक्टर शिवपाल जाट की अध्यक्षता में गुरुवार को जिला सचिवालय खैरथल-तिजारा में नार्को कोऑर्डिनेशन केंद्र की जिला स्तरीय कमेटी की बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान जिले में नशीले पदार्थों की तस्करी, ट्रामाडोल और कोडिन आधारित खांसी की दवाइयों की अवैध बिक्री, भांग के वैध ठेकों पर संचालित अवैध गतिविधियों की रोकथाम पर चर्चा हुई। इसके अलावा, पुलिस विभाग और अन्य विभागों द्वारा अब तक की गई कार्रवाई, एनडीपीएस अधिनियम के प्रावधानों और दवाइयों के हानिकारक प्रभावों के बारे में जागरूकता सहित विभिन्न बिंदुओं पर भी विचार-विमर्श किया गया। तस्करी के खिलाफ विशेष अभियान की दी जानकारी अतिरिक्त जिला कलेक्टर ने पुलिस विभाग को नशीले पदार्थों की तस्करी और बिक्री के विरुद्ध विशेष अभियान चलाकर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। खैरथल पुलिस ने 1 जनवरी 2026 से 25 फरवरी तक एनडीपीएस एक्ट के तहत 17 मामले दर्ज कर 17 आरोपियों को गिरफ्तार किया और 57 लीटर हथकढ़ शराब जब्त की। आबकारी विभाग ने 1 अप्रैल 2025 से 15 फरवरी 2026 तक 135 प्रकरण दर्ज किए। गत माह विभाग ने 27,000 लीटर वॉश नष्ट की, 85 लीटर हथकढ़ शराब जब्त की और 65 भट्टियों को ध्वस्त किया। बैठक में अतिरिक्त जिला कलेक्टर ने चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को कोरेक्स कफ सिरप की अवैध बिक्री पर मेडिकल संचालकों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने जिले में ड्रग की समस्या से निपटने के लिए युवाओं और महिलाओं की भागीदारी के साथ जागरूकता अभियान चलाने के भी निर्देश दिए। पुलिस अधिकारियों को स्कूलों में कार्यशालाएं आयोजित कर छात्र-छात्राओं को जागरूक करने को कहा गया। बैठक में ये रहे मौजूद इस बैठक में डिप्टी एसपी तिजारा शिवराज, समाज कल्याण अधिकारी रमेश दहमीवाल, खनिज अभियंता मनोज कुमार, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रक लेखराज अग्रवाल, जिला शिक्षा अधिकारी शकुंतला मीणा, सहायक आबकारी अधिकारी कुलभूषण मिश्रा सहित कई अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
शिवपुरी कोतवाली थाने में दर्ज धोखाधड़ी के मामले में होटल कमला हेरिटेज के मालिक और नेता नरेन्द्र जैन भोला के पुत्र हर्षित जैन (25) ने गुरुवार को कोर्ट में सरेंडर कर दिया। सुनवाई के दौरान सीजेएम कोर्ट ने जमानत निरस्त करते हुए उनका जेल वारंट जारी कर दिया। जेल भेजने से पहले आरोपी का जिला अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराया गया, जिसमें उसका ब्लड प्रेशर कम पाया गया। डॉक्टरों की सलाह पर उसे सीधे जेल भेजने के बजाय जिला अस्पताल के बंदी वार्ड में भर्ती कराया गया है। जमीन मामले में दर्ज हुआ था केसयह प्रकरण अक्टूबर 2024 में दर्ज किया गया था। पोहरी से विधायक चुनाव लड़ चुके प्रधुम्न वर्मा ने नरेन्द्र जैन भोला, उनके पुत्र हर्षित जैन और महेश शर्मा पर जमीन से जुड़े मामले में फर्जी शपथ पत्र देने का आरोप लगाते हुए धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई थी। मामले में पहले आरोपियों ने गिरफ्तारी पर रोक हासिल कर ली थी, लेकिन बाद में वह हट गई। साथ ही अग्रिम जमानत याचिका भी पूर्व में खारिज हो चुकी है। आज डीजे कोर्ट में जमानत अर्जी पर सुनवाईअब आरोपी की जमानत अर्जी पर शुक्रवार को डीजे कोर्ट में सुनवाई होगी। फिलहाल हर्षित जैन अस्पताल के बंदी वार्ड में चिकित्सकीय निगरानी में हैं।
पीलीभीत में भाजपा ने संगठन की कमान गोकुल प्रसाद मौर्य को सौंप दी है। पार्टी नेतृत्व ने उनकी जमीनी सक्रियता, संगठन के प्रति निष्ठा और धैर्य को देखते हुए उन्हें जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी है। टिकट की दावेदारी से संगठन की कमान तक बीते नगर पालिका चुनाव में गोकुल प्रसाद मौर्य ने अध्यक्ष पद के लिए टिकट की दावेदारी की थी। टिकट न मिलने पर उनके समर्थकों में नाराजगी देखी गई और उनके निर्दलीय चुनाव लड़ने की अटकलें भी लगीं। हालांकि, उन्होंने पार्टी अनुशासन को प्राथमिकता देते हुए चुनाव मैदान से दूरी बनाई। अब उसी निष्ठा और संयम का परिणाम उन्हें जिलाध्यक्ष पद के रूप में मिला है। संगठन में अनुभव और समीकरण वर्तमान में वे नगर पालिका के सभासद हैं और पूर्व में जिला उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी भी निभा चुके हैं। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या के करीबी माने जाने वाले गोकुल प्रसाद मौर्य की संगठन में मजबूत पकड़ बताई जाती है। उनकी नियुक्ति को जिले में पिछड़ा वर्ग (OBC) समीकरणों को साधने की रणनीति के रूप में भी देखा जा रहा है। कार्यकर्ताओं को संदेश भाजपा ने इस फैसले के जरिए स्पष्ट संकेत दिया है कि विपरीत परिस्थितियों में भी पार्टी के साथ खड़े रहने वाले कार्यकर्ताओं को समय आने पर सम्मान और जिम्मेदारी दी जाती है। नवनियुक्त जिलाध्यक्ष के सामने अब संगठन को एकजुट रखना, बूथ स्तर तक पार्टी की नीतियों को पहुंचाना और आगामी चुनावी चुनौतियों के लिए कार्यकर्ताओं को तैयार करना बड़ी जिम्मेदारी होगी।
गोरखपुर में मरम्मत एवं अनुरक्षण कार्य के कारण शुक्रवार को सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक आपूर्ति बाधित रहेगी। इस अवधि में उपकेंद्र यूनिवर्सिटी से जुड़े सभी फीडर बंद रहेंगे। विद्युत विभाग ने स्पष्ट किया है कि कार्य जनहित में कराया जा रहा है। उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे अपने आवश्यक कार्य पूर्व निर्धारित समय से पहले पूर्ण कर लें और विभाग को सहयोग प्रदान करें। यूनिवर्सिटी और शहर के प्रमुख बाजार रहेंगे प्रभावितबिजली कटौती के चलते यूनिवर्सिटी, गोलघर, सिनेमा रोड, गांधी गली, गणेश चौक, विजय चौक, पूरदिलपर, खोवामंडी, भालोटिया मार्केट, पार्क रोड, सिविल लाइन और कचहरी चौक समेत आसपास के क्षेत्रों में आपूर्ति प्रभावित रहेगी। इन इलाकों में बाजार, कार्यालय और आवासीय उपभोक्ताओं को निर्धारित समय तक बिजली नहीं मिलेगी। खोराबार और लोहिया इंक्लेव क्षेत्र में होगी कटौतीइसी क्रम में रोड चौड़ीकरण एवं लाइन शिफ्टिंग कार्य को लेकर विद्युत उपकेंद्र खोराबार के 11 KV रामगढ़ और सूबाबाजार फीडर तथा विद्युत उपकेंद्र लोहिया इंक्लेव के 11 KV लालपुर टीकर फीडर की आपूर्ति भी सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक बाधित रहेगी। इससे खोराबार और आसपास के क्षेत्रों में भी उपभोक्ताओं को असुविधा का सामना करना पड़ेगा।
दुष्कर्म मामले में दोषी को 10 साल की कठोर सजा:बिजनौर कोर्ट ने सुनाया फैसला, दो आरोपी बरी
बिजनौर के अफजलगढ़ क्षेत्र में दुष्कर्म के एक मामले में नगीना कोर्ट के अपर जिला जज अनुपम सिंह ने मोहम्मद आरिफ को दोषी करार देते हुए 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इसी मामले में दो अन्य आरोपी शेर मोहम्मद और महताब जहां को पर्याप्त सबूतों के अभाव में दोषमुक्त कर दिया गया। एडीजीसी क्षितिज अग्रवाल ने बताया कि अफजलगढ़ क्षेत्र की एक विवाहिता ने इस संबंध में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पीड़िता ने बताया कि उसका पति बेंगलुरु में काम करता है। 7 जुलाई 2024 को पीड़िता अपनी दवा लेकर घर लौट रही थी। इसी दौरान आरोपी महताब जहां ने उसे फोन किया और कहा कि वह दुकान से उधार के 50 हजार रुपये ले जाए। पीड़िता जब दुकान पर पहुंची, तो आरोपियों ने उसे दुकान के पास बने एक कमरे में बैठा दिया। इसके बाद महताब जहां और शेर मोहम्मद कमरे से बाहर आ गए और उन्होंने बाहर से ताला लगा दिया। कमरे के अंदर मौजूद मोहम्मद आरिफ ने तमंचे के बल पर पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता ने बचाव में पास पड़ी ईंट से ताला तोड़ने की कोशिश की और चीख-पुकार मचाई, जिसके बाद मोहल्ले के लोगों ने उसे बचाया। इसी बीच, आरोपी ने पीड़िता का एक वीडियो बनाकर उसके पति के नंबर पर भेज दिया, जिसके कारण पीड़िता के पति ने उसे तलाक दे दिया। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए महिला के कोर्ट में बयान दर्ज कराए और आरोप पत्र दाखिल किया। गुरुवार को अदालत ने मोहम्मद आरिफ को दोषी पाते हुए सजा सुनाई, जबकि उसके भाई शेर मोहम्मद और मां महताब जहां को ठोस सबूतों के अभाव में बरी कर दिया।
गोरखपुर में बिजली कर्मियों पर की जा रही उत्पीड़नात्मक कार्रवाइयों और जबरन स्मार्ट मीटर लगाए जाने के विरोध में विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी है। समिति ने कहा है कि मांगें न मानी गईं तो मार्च और अप्रैल में चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के केंद्रीय पदाधिकारियों की 26 फरवरी को लखनऊ में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक में तय किया गया कि यदि शीघ्र ही सभी दमनात्मक कार्यवाहियां वापस नहीं ली गईं और जबरन स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया बंद नहीं की गई, तो पूरे प्रदेश में व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा। अप्रैल में होगा शक्ति भवन का घेरावसमिति ने घोषणा की है कि मार्च माह में सभी क्षेत्रीय एवं परियोजना मुख्यालयों पर बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे। इसके बाद अप्रैल में राजधानी लखनऊ स्थित शक्ति भवन पर विशाल प्रदर्शन आयोजित कर आगे की रणनीति की घोषणा की जाएगी। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि जिन अधिकारियों या कर्मचारियों द्वारा स्मार्ट मीटर न लगवाने वाले कर्मियों की बिजली काटने के निर्देश दिए गए हैं या अवैध रूप से विद्युत आपूर्ति बाधित की गई है, उनके विरुद्ध आवश्यक होने पर प्राथमिकी दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जाएगी। समिति के अनुसार 20 फरवरी को लखनऊ के प्राग नारायण मार्ग स्थित हाइडिल कॉलोनी की बिजली जबरन स्मार्ट मीटर लगाने के उद्देश्य से काट दी गई थी, जिससे परिवारों को परेशानी उठानी पड़ी। मार्च 2023 के आश्वासन का हवालासंघर्ष समिति ने कहा कि मार्च 2023 के आंदोलन के बाद ऊर्जा मंत्री ने पावर कॉरपोरेशन के चेयरमैन को उत्पीड़नात्मक कार्रवाइयां वापस लेने के निर्देश दिए थे। समिति का आरोप है कि लगभग तीन साल बीतने के बावजूद वे आदेश प्रभावी रूप से लागू नहीं किए गए हैं। समिति के अनुसार निजीकरण के विरोध में पिछले 15 महीनों से आंदोलन जारी है। इस दौरान संविदा कर्मियों को सेवा से हटाने, बड़े पैमाने पर तबादले करने और फेसियल उपस्थिति के नाम पर वेतन रोकने जैसी कार्रवाइयां की गई हैं। आंदोलन के 456 दिन पूरे होने पर प्रदेश के सभी जनपदों और परियोजनाओं में बिजली कर्मियों ने विरोध प्रदर्शन कर दमनात्मक नीतियां समाप्त करने की मांग उठाई।
विदिशा जिले में अवैध गैस रिफिलिंग और कालाबाजारी के खिलाफ प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। कलेक्टर अंशुल गुप्ता के निर्देश पर खाद्य विभाग की संयुक्त टीम ने अटारी खेजड़ा क्षेत्र में छापा मारा। इस दौरान बड़ी मात्रा में गैस सिलेंडर और रिफिलिंग उपकरण जब्त किए गए। जिला आपूर्ति अधिकारी अनिल तंतुवाय ने बताया कि कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी मिताली मेहरा और सहायक आपूर्ति अधिकारी पिंकी शाक्य के नेतृत्व में टीम ने राजेश कुमार दांगी के निवास पर दबिश दी। जांच में वहां अवैध रूप से गैस रिफिलिंग का कार्य संचालित होना पाया गया। कार्रवाई के दौरान कुल 22 गैस सिलेंडर जब्त किए गए। इनमें 11 भरे हुए घरेलू सिलेंडर, 4 आंशिक भरे घरेलू सिलेंडर, 3 व्यावसायिक सिलेंडर और 5 छोटे सिलेंडर शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, मौके से नोजल पाइप सहित 2 गैस रिफिलिंग मशीनें और 12 घरेलू गैस उपभोक्ताओं की पासबुक भी जब्त की गईं। जब्त की गई सामग्री का अनुमानित मूल्य लगभग 66 हजार रुपए बताया गया है। जिला आपूर्ति अधिकारी ने जानकारी दी कि जांच में आवश्यक वस्तु अधिनियम (ईसी एक्ट) के प्रावधानों का उल्लंघन पाया गया है। संबंधित व्यक्ति के खिलाफ प्रकरण दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि अवैध गैस रिफिलिंग, कालाबाजारी और उपभोक्ताओं की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। इसका उद्देश्य आम उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा सुनिश्चित करना है।
समस्तीपुर के विभूतिपुर थाना क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की का बाल विवाह रोका गया। प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) और रेस्क्यू टीम ने मौके पर पहुंचकर यह कार्रवाई की। इस दौरान सैकड़ों ग्रामीणों को बाल विवाह न करने की शपथ भी दिलाई गई। घटना विभूतिपुर थाना क्षेत्र के आलमपुर कोदरिया मुसहरी गांव की है। यहां मुसहर समुदाय के एक परिवार ने अपनी नाबालिग बेटी का बाल विवाह करने की पूरी तैयारी कर ली थी। एक निजी संस्था से मिली सूचना के आधार पर प्रखंड विकास पदाधिकारी सह बाल विवाह निषेध पदाधिकारी चंद्र मोहन पासवान और चाइल्ड हेल्पलाइन समस्तीपुर से मुन्ना कमलेश कुमार की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। टीम ने हस्तक्षेप कर विवाह को रुकवाया। बाल विवाह के दुष्परिणामों के बारे में समझाया प्रखंड विकास पदाधिकारी ने लड़की के माता-पिता को बाल विवाह के दुष्परिणामों के बारे में समझाया। उन्होंने माता-पिता से भविष्य में बाल विवाह न करने का लिखित वचन पत्र भी लिया। हालांकि, माता-पिता ने लड़के पक्ष का पता बताने से इनकार कर दिया। इस दौरान, बीडीओ ने गांव के सैकड़ों लोगों को बाल विवाह के खिलाफ जागरूक किया और सभी को इस कुरीति को रोकने की शपथ दिलाई। निजी संस्था के रेस्क्यू टीम इंचार्ज कमलेश कुमार ने बताया कि उनकी टीम को बाल विवाह की सूचना मिली थी, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई। बिहार सरकार बाल विवाह रोकने के लिए कई कठोर कानून बना चुकी है और समय-समय पर जागरूकता अभियान भी चलाती है। प्रशासनिक और सामाजिक संगठनों के ऐसे प्रयास बाल विवाह जैसी कुरीतियों को समाप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय 28 फरवरी को बिलासपुर के बिल्हा विकासखंड के ग्राम रहंगी में छत्तीसगढ़ स्तरीय कार्यक्रम में किसानों को धान खरीदी की प्रोत्साहन राशि वितरित करेंगे। इस दौरान राज्य के 25 लाख किसानों के बैंक खातों में 10 हजार करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि सीधे भेजी जाएगी। यह जानकारी बिल्हा विधायक और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक ने दी है। कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तेजी लाई गई है। गुरुवार को कलेक्टर संजय अग्रवाल और एसएसपी रजनेश सिंह ने संयुक्त रूप से कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। कार्यक्रम स्थल पर योजनाओं की प्रदर्शनी लगाई जाएगी कलेक्टर संजय अग्रवाल ने बताया कि कार्यक्रम स्थल पर राज्य सरकार की विभिन्न जनहितैषी योजनाओं की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। रहंगी के खेल मैदान में इस राज्य स्तरीय कार्यक्रम के लिए एक विशाल डोम तैयार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री यहां प्रोत्साहन राशि वितरण का शुभारंभ करने के साथ ही विभिन्न विभागों के करोड़ों रुपए के विकास एवं निर्माण कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन भी करेंगे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय हेलीकॉप्टर से रहंगी पहुंचेंगे। कलेक्टर ने कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने मुख्य सभामंच, सांस्कृतिक मंच, विभागीय स्टॉल, बैठक व्यवस्था, पेयजल, विद्युत, पार्किंग, हेलीपैड और सुरक्षा व्यवस्था के लिए स्थलों का चिन्हांकन किया। उन्होंने सभी तैयारियों को समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। खेल मैदान के पास ही हेलीपैड का निर्माण किया जाएगा। अधिकारियों ने प्रस्तावित पार्किंग स्थलों का भी अवलोकन कर यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने की योजना बनाई। एसएसपी ने सुरक्षा और ट्रैफिक की योजना बनाई एसएसपी रजनेश सिंह ने कार्यक्रम में बड़ी संख्या में संभावित भीड़ को देखते हुए सुरक्षा, ट्रैफिक नियंत्रण और प्रवेश-निकास व्यवस्था की विस्तृत योजना बनाने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी संदीप अग्रवाल सहित लोक निर्माण विभाग, कृषि विभाग और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
पीलीभीत में वन विभाग के एक कर्मचारी को रेत के ट्रकों से अवैध वसूली करते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। बरेली से आई भ्रष्टाचार निवारण संगठन (एंटी करप्शन) की टीम ने गुरुवार को माधोटांडा क्षेत्र के लालपुल बॉर्डर पर यह कार्रवाई की। इस गिरफ्तारी से पूरे वन विभाग में हड़कंप मच गया है। जानकारी के अनुसार, माधोटांडा थाना क्षेत्र के ग्राम पिपरिया संतोष निवासी ट्रक चालक फैय्याज ने शिकायत दर्ज कराई थी। फैय्याज का आरोप था कि जब भी वह उत्तराखंड से उत्तर प्रदेश की सीमा में प्रवेश करते हैं, तो महोफ रेंज के लालपुल बॉर्डर पर तैनात न्यूनतम वेतन कर्मी संजीव कुमार उनसे ट्रक पास करने के नाम पर अवैध वसूली करता है। टीम ने लालपुल चेक पोस्ट के पास बिछाया जाल ट्रक चालक फैय्याज ने बार-बार की प्रताड़ना से तंग आकर बरेली स्थित एंटी करप्शन ब्यूरो में इसकी लिखित शिकायत की थी। शिकायत मिलने के बाद एंटी करप्शन टीम ने गोपनीय जांच की और आरोपों को सही पाया। गुरुवार को ट्रैप प्रभारी निरीक्षक प्रवीण सान्याल के नेतृत्व में टीम ने लालपुल चेक पोस्ट के पास जाल बिछाया। जैसे ही संजीव कुमार ने ट्रक चालक से 5,000 रुपए की रिश्वत ली, टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया। उसके पास से रिश्वत की रकम भी बरामद कर ली गई। गिरफ्तारी के बाद आरोपी संजीव कुमार को माधोटांडा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले जाया गया, जहाँ उसका मेडिकल परीक्षण कराया गया। थाना प्रभारी अशोक पाल सिंह ने बताया कि एंटी करप्शन टीम की तहरीर के आधार पर आरोपी संजीव कुमार के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। पुलिस और एंटी करप्शन टीम अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस अवैध वसूली के खेल में और कौन-कौन से अधिकारी या कर्मचारी शामिल थे।
इंडियन ऑयल के बरौनी रिफाइनरी में आज भूकंप आधारित मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। मॉक ड्रिल का उद्देश्य था कि संभावित आपदा की स्थिति में आपातकालीन तैयारियों की प्रभावशीलता का आकलन करना और प्रतिक्रिया तंत्र को और सुदृढ़ बनाना। इसके लिए बरौनी रिफाइनरी की कैंटीन बिल्डिंग को चिन्हित किया गया। जहां परिदृश्य के अनुसार भवन के पश्चिमी हिस्से में गंभीर संरचनात्मक दरार उत्पन्न होने की संभावना दर्शाई गई। जिसमें अंदर कार्यरत कर्मियों के फंसने और घायल होने की स्थिति का आकलन किया गया। आपातकालीन सूचना मिलते ही रिफाइनरी का फायर एंड सेफ्टी विभाग तुरंत घटनास्थल पर पहुंचा। जहां कैंटीन का मुख्य प्रवेश द्वार गिरी हुई मेटल शीट के कारण अवरुद्ध पाया गया, जिसे रेस्क्यू टीम ने कटर की सहायता से हटाकर सर्च एवं रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। इसके साथ ही जिला प्रशासन को सूचना देते हुए समन्वित बहु-एजेंसी प्रतिक्रिया प्रणाली सक्रिय की गई। जिसमें इंडियन ऑयल की सुरक्षा एजेंसी CISF और DGR शामिल थी। टीम ने भी बचाव व सुरक्षा व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ड्रिल के तहत प्रभावित व्यक्तियों को बेगूसराय स्थित गांधी स्टेडियम ले जाया गया, जहां कमांड एंड कंट्रोल सेंटर और अस्थायी राहत शिविर की स्थापना की गई थी। आईओसीएल की ओर से केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल, डीजीआर की महत्वपूर्ण भूमिका रही। सूचना प्रणाली, तकनीकी सेवा, मानव संसाधन, इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल, स्वास्थ्य सुरक्षा व पर्यावरण, अग्नि एवं सुरक्षा और अधिगम व विकास विभागों की टीमों ने जिला प्रशासन के साथ प्रभावी समन्वय स्थापित किया। दो घंटे तक चले इस मॉक ड्रिल के बाद कैंटीन बिल्डिंग के असेंबली पॉइंट पर डी-ब्रीफिंग सत्र आयोजित किया गया। प्रबंधन प्राधिकरण के सचिव वर्चुअल माध्यम से जुड़े अंतिम डी-ब्रीफिंग गांधी स्टेडियम में अपर जिला दंडाधिकारी आपदा प्रबंधन की अध्यक्षता में हुई। जिसमें राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सचिव वर्चुअल माध्यम से जुड़े। कॉर्पोरेट संचार अधिकारी अर्पिता पटेल ने बताया कि यह मॉक ड्रिल बरौनी रिफाइनरी की आपातकालीन तैयारियों, अंतर-एजेंसी समन्वय तथा जन-धन की सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करती है।
ग्वालियर नगर निगम बैठक में हंगामा:पक्ष-विपक्ष में आरोप-प्रत्यारोप के बाद 2 मार्च तक स्थगित हुई परिषद
गुरुवार को ग्वालियर नगर निगम परिषद के विशेष सम्मेलन में पक्ष और विपक्ष के पार्षदों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के कारण सदन का माहौल गर्मा गया, जिसके बाद बैठक को 2 मार्च तक के लिए स्थगित कर दिया गया। बैठक के दौरान, कांग्रेस पार्षदों ने केंद्र की भाजपा सरकार पर सार्वजनिक संस्थानों को बेचने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार विभिन्न सरकारी उपक्रमों के निजीकरण की दिशा में तेजी से बढ़ रही है, जिससे आम जनता प्रभावित हो रही है। इस बयान पर भाजपा पार्षदों ने कड़ी आपत्ति व्यक्त की। भाजपा पार्षद दल के नेता हरिपाल ने कांग्रेस पार्षदों से आरोपों के समर्थन में साक्ष्य प्रस्तुत करने की मांग की। उन्होंने कहा कि सदन में बिना प्रमाण के ऐसे आरोप नहीं लगाए जाने चाहिए। इस मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच जोरदार बहस छिड़ गई, जिससे बैठक की कार्यवाही बाधित हुई और हंगामा बढ़ गया। स्थिति बिगड़ती देख सभापति मनोज तोमर ने हस्तक्षेप किया। उन्होंने दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने और सदन के नियमों का पालन करने की अपील की। उनके समझाने के बाद माहौल कुछ हद तक शांत हुआ और बैठक की कार्यवाही फिर से शुरू हुई। इसके बाद, भाजपा पार्षदों ने एक और मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि उन्हें बैठक के एजेंडों का अध्ययन करने के लिए पर्याप्त समय नहीं मिला है। पार्षदों का तर्क था कि कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा और पुनर्विचार आवश्यक है। इसलिए, उन्होंने बैठक को स्थगित कर किसी अन्य तिथि पर बुलाने की मांग की, ताकि सभी पार्षद पूरी तैयारी के साथ चर्चा में भाग ले सकें। सभापति मनोज तोमर ने सभी पार्षदों से राय लेने के बाद सर्वसम्मति से बैठक को 2 मार्च तक के लिए स्थगित करने की घोषणा की। इस दौरान लंबित मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
देवरिया में अनियंत्रित कार पेड़ से टकराई:चालक समेत पांच गंभीर घायल, मेडिकल कॉलेज रेफर
देवरिया जिले के बनकटा थाना क्षेत्र में गुरुवार शाम एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गई। इस हादसे में चालक समेत पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस के अनुसार, यह घटना महुवई गांव के पास पटेल चौराहा के समीप हुई। कार बनकटा से सोहनपुर की ओर जा रही थी, तभी अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे एक पेड़ से जा टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार सभी लोग अंदर फंस गए। देखें, हादसे की 5 तस्वीरें… हादसे की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। पुलिस और ग्रामीणों की सहायता से कार में फंसे घायलों को बाहर निकाला गया। उन्हें तत्काल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद सभी की गंभीर हालत को देखते हुए महर्षि देवराहा बाबा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। घायलों की पहचान नीतिश सिंह, विक्की सिंह, गोलू मिश्रा, सिक्की मिश्रा और सत्यम के रूप में हुई है। सभी घायलों का महर्षि देवराहा बाबा मेडिकल कॉलेज में उपचार जारी है और उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस ने दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और वाहन पर नियंत्रण खोना हादसे की मुख्य वजह मानी जा रही है। स्थानीय लोगों ने सोहनपुर मार्ग पर यातायात नियंत्रण और सुरक्षा उपायों को बढ़ाने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
प्रतापगढ़ में 5 साल की बच्ची की मौत:सौतेली मां पर हत्या का आरोप, पुलिस जांच में जुटी
प्रतापगढ़ के मानधाता थाना क्षेत्र के शोभीपुर गांव में पांच वर्षीय आयशा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। बच्ची की मां ने सौतेली मां पर गला दबाकर हत्या करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, आयशा के पिता नियाजुद्दीन पेशे से वाहन चालक हैं। करीब चार साल पहले उनका पहली पत्नी आसमां बानों से तलाक हो गया था। तलाक के बाद आसमां अपनी एक वर्षीय बेटी आयशा के साथ नगर कोतवाली क्षेत्र के दहिलामऊ स्थित अपने मायके में रहने लगी थीं। बाद में नियाजुद्दीन ने अपने ही गांव की साबिया बानों से दूसरी शादी कर ली, जिससे उनके तीन बच्चे हैं। परिजनों के मुताबिक, नियाजुद्दीन का अपनी पहली पत्नी आसमां से संपर्क बना हुआ था। लगभग एक सप्ताह पहले वह आसमां के पास गया और पांच वर्षीय आयशा को दादी से मिलवाने की बात कहकर अपने घर ले आया। घटना वाले दिन गुरुवार को नियाजुद्दीन वाहन लेकर बाहर गया हुआ था। उसी दिन शाम करीब 5 बजे आयशा घर की छत पर मृत पाई गई। आयशा की मौत की सूचना मिलते ही उसकी मां अपने पिता के साथ मौके पर पहुंचीं। उन्होंने सौतेली मां पर आयशा का गला दबाकर हत्या करने का आरोप लगाया। मांधाता थाना प्रभारी अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। परिजनों की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
कुर्था विधायक ने 3 लोगों पर FIR दर्ज कराई:पप्पू यादव से विवाद के बाद सोशल मीडिया पोस्ट पर कार्रवाई
अरवल की राजनीति में गरमाहट के बीच कुर्था से जदयू विधायक पप्पू कुमार वर्मा ने तीन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। यह कार्रवाई पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव से जुड़े एक विवाद और सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणियों के बाद हुई है। मामला एक हफ्ते पहले दिए गए एक बयान से शुरू हुआ था, जो अब कानूनी मोड़ ले चुका है। दरअसल, लगभग एक सप्ताह पूर्व विधायक पप्पू कुमार वर्मा ने सांसद पप्पू यादव पर भ्रष्टाचार, निजी अस्पतालों से रिश्वत लेने और रंगदारी मांगने जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। विधायक के इन बयानों के बाद राजनीतिक गलियारों में काफी हलचल मच गई थी। यह विवाद यहीं नहीं थमा। सांसद पप्पू यादव के समर्थन में कुछ व्यक्तियों ने सोशल मीडिया पर विधायक पप्पू कुमार वर्मा को जवाब दिया। इन लोगों ने विधायक के कथित पुराने कारनामों का भी जिक्र करते हुए कई आरोप सार्वजनिक किए। विधायक पप्पू कुमार वर्मा ने इन सोशल मीडिया पोस्ट और बयानों पर आपत्ति जताई। उन्होंने इसे अपनी छवि खराब करने की साजिश करार दिया। इसके बाद उन्होंने तीन लोगों के विरुद्ध थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। इस संबंध में शहर तेलपा थाना अध्यक्ष द्वारा बताया गया कि स्थानीय विधायक के द्वारा तीन लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई गई है जो कांड संख्या 20/26 के तहत बीएनएस के विभिन्न धाराओं में दर्ज मामले के आधार पर जांच उपरांत अग्रतर कार्रवाई की जा रही है।
शाहजहांपुर में एक सड़क हादसे में बाइक सवार 27 वर्षीय युवक की मौत हो गई। यह हादसा जलालाबाद क्षेत्र में हुआ, जहां एक पिकअप ने बाइक को टक्कर मार दी। मृतक की पहचान जलालाबाद के याकूबपुर निवासी अमन तिवारी के रूप में हुई है। हादसे में अमन का चचेरा भाई सोनू तिवारी गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अमन तिवारी बरेली में अपने चचेरे भाई सोनू के साथ एक पुल निर्माण में मजदूरी करता था। करीब ढाई महीने पहले अमन के एक और चचेरे भाई मोनू तिवारी का बीमारी से निधन हो गया था। अमन अपने चचेरे भाई के निधन के बाद पहली होली पर अपने घर लौट रहा था। यह हादसा जलालाबाद क्षेत्र के खाईखेड़ा चौराहा के पास हुआ जो अमन के घर से महज छह किलोमीटर दूर है ।जलालाबाद से कटरा जा रही एक पिकअप ने सामने से बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार दोनों युवक उछलकर दूर जा गिरे। हादसे के बाद पिकअप चालक वाहन लेकर मौके से फरार हो गया। राहगीरों ने घायलों को देखकर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) भेजा। डॉक्टरों ने अमन तिवारी को मृत घोषित कर दिया, जबकि सोनू तिवारी का इलाज जारी है और उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस ने मृतक के शव का पंचनामा भरकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। बाइक भी क्षतिग्रस्त हो गई है। हादसे की सूचना मिलते ही परिजन अस्पताल पहुंच गए। मृतक अमन की मां अनीता तिवारी और बहन मनीषा का रो-रोकर बुरा हाल था। मां अनीता तिवारी रो रोकर कहे रही है कि उन्होंने अमन को पढ़ाई करने के लिए कहा था ताकि वह उनके पास रह सके। स्ट्रेचर पकड़कर मां बोल रही है कि मेरा बेटा कहां चला गया। थाना प्रभारी राजीव तोमर ने बताया कि शव पंचनामा भरने की कार्रवाई की जा रही है। चालक की तलाश की जा रही है।
प्रयागराज में गंगा तट पर मिला युवक का शव:दोनों पैर बंधे, चेहरा टी-शर्ट से ढका
मेजा क्षेत्र के दूबेपुर गंगा तट पर गुरुवार को एक युवक का शव उतराता हुआ मिला। शव मिलने से स्थानीय ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। पुलिस के अनुसार, युवक का शव नग्न अवस्था में था और उसकी उम्र लगभग 40 वर्ष बताई जा रही है। उसके दोनों पैरों में करीब 50 मीटर लंबी रस्सी बंधी हुई थी, जबकि चेहरा टी-शर्ट से ढका हुआ था। ग्रामीणों ने पहले पुलिस को सूचना नहीं दी थी। बाद में, शाम करीब 8 बजे मेजा के सिरसा चौकी अंतर्गत दूबेपुर गंगा तट पर शव मिलने की जानकारी पुलिस को दी गई। प्रभारी निरीक्षक मेजा दीनदयाल सिंह ने बताया कि शव बुरी तरह से सड़ चुका है। पुलिस टीम गंगा नदी से शव को निकालने का प्रयास कर रही है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
दरभंगा के कुशेश्वरस्थान थाना क्षेत्र के ब्रह्मपुर गांव में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन देसी कट्टा, पांच जिंदा कारतूस और अन्य आपत्तिजनक सामग्री के साथ दो बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बरना गांव निवासी गंगा राम मुखिया के बेटे मुकेश्वर मुखिया और राहुल मुखिया के रूप में हुई है। दोनों सहोदर भाई बताए जा रहे हैं। प्रभाकर तिवारी ने बताया कि 25 फरवरी को जमालपुर थाना क्षेत्र में फायरिंग की घटना हुई थी। इस मामले में कांड संख्या 22/26 दर्ज कर जांच शुरू किया गया। जांच के दौरान सूचना मिली कि घटना में शामिल अपराधी ब्रह्मपुर गांव में छिपे हुए हैं। पुलिस ने 5 मोबाइल फोन किया जब्त सूचना मिलते ही कुशेश्वरस्थान थाना और जमालपुर थानाध्यक्ष क्रमशः गौरव प्रसाद और मुकेश कुमार के संयुक्त नेतृत्व में पुलिस टीम ने मालती देवी (पति दीनबंधु मुखिया) के घर में छापेमारी की। छापेमारी के दौरान दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने मौके से तीन देसी कट्टा, पांच जिंदा कारतूस, एक खोखा और पांच मोबाइल फोन बरामद किए हैं। एसडीपीओ ने बताया कि पूछताछ में दोनों आरोपियों ने जमालपुर फायरिंग कांड में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया की जा रही है। छापेमारी दल में दारोगा दीपक चौधरी (जमालपुर), मानव शंकर (कुशेश्वरस्थान) सहित भारी संख्या में पुलिस बल शामिल थे।
रायबरेली में लखनऊ-प्रयागराज राजमार्ग पर बल्दीखेड़ा गांव के पास गुरुवार शाम एक अनियंत्रित कार ने पंचर बना रहे दो लोगों को टक्कर मार दी। इस हादसे में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। यह घटना 26 फरवरी को शाम 6:00 बजे के आसपास घटित हुई। मृतक की पहचान कानपुर के अकबरपुर निवासी गिरिजेश कुमार पुत्र पटवारी के रूप में हुई है। घायल व्यक्ति बल्दीखेड़ा निवासी रामफल पुत्र कंधई है, जिसकी हाईवे किनारे परचून और पंचर की दुकान है। घटना के समय गिरिजेश अपनी साइकिल का पंचर बनवाने रामफल की दुकान पर मौजूद था। रायबरेली से लखनऊ की ओर जा रही तेज रफ्तार कार ने दोनों को टक्कर मारी और चालक वाहन समेत मौके से फरार हो गया। हालांकि, कार का पीछा कर रहे एक अन्य वाहन चालक ने पुलिस को सूचना दी। स्थानीय पुलिस ने घेराबंदी कर कार को टोल प्लाजा पर रोक लिया, लेकिन चालक वाहन छोड़कर भागने में सफल रहा। घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने एंबुलेंस की मदद से घायलों को बछरावां स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने गिरिजेश को मृत घोषित कर दिया। रामफल की गंभीर हालत को देखते हुए उसे ट्रामा सेंटर लखनऊ रेफर किया गया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की विधिक कार्यवाही शुरू कर दी है। मृतक गिरिजेश अपने परिवार के साथ किराए पर रहकर गुब्बारे बेचने का काम करता था। उसके परिवार में पत्नी सुनीता और तीन बच्चे, 9 वर्ष के जुड़वा बेटे राम व श्याम और 1 वर्ष की बेटी लक्ष्मी हैं।
बांदा में गुरुवार को एक युवक को संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लग गई। दशरथ राजपूत (35) को उसके घर में बाईं जांघ में गोली लगी। गोली चलने की आवाज सुनकर पड़ोसी मौके पर पहुंचे और उसे घायल अवस्था में पाया। लोगों ने घायल को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में भर्ती कराया। मामला कमासिन थाना क्षेत्र के मवई गांव का है। ससुर पर लगाया गोली मारने का आरोप जानकारी के अनुसार, घटना के समय दशरथ घर में अकेला था, जबकि उसके पिता शिवचंद्र और अन्य परिजन खेतों में गए थे। गोली चलने की आवाज सुनकर पड़ोसी मौके पर पहुंचे और उसे घायल अवस्था में पाया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायल को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में भर्ती कराया। अस्पताल में दशरथ ने पुलिस को बताया कि पत्नी से विवाद के चलते उसके ससुर ने तमंचे से गोली मार दी। उसके अनुसार, वारदात के बाद ससुर अपने एक साथी के साथ मौके से फरार हो गया। ससुर ने आरोपों से किया इनकार पुलिस जांच में सामने आया कि बुधवार शाम दशरथ अपनी ससुराल लौहाई गांव गया था और पत्नी सपना को साथ लेकर मवई लौटा था। रात में दोनों के बीच किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ, जिसकी जानकारी सपना ने अपने पिता राकेश राजपूत को दी। गुरुवार सुबह राकेश मवई पहुंचा और अपनी बेटी को साथ लेकर मायके चला गया। घटना के बाद पुलिस ने सपना और उसके पिता राकेश को थाने बुलाकर पूछताछ की। राकेश ने आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि दशरथ अक्सर उनकी बेटी से झगड़ा करता है और उन्हें फंसाने के लिए खुद को गोली मारी है। दशरथ और सपना की शादी पिछले वर्ष हुई थी। गोली चलने की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सिर में घुसी कील के साथ युवक पहुंचा एसएसपी ऑफिस:फिरोजाबाद में की शिकायत, मेडिकल न होने का भी आरोप
फिरोजाबाद के नारखी थाना क्षेत्र स्थित नगला सौंठ गांव में एक युवक ने अपने परिजनों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। युवक का कहना है कि उसके माता-पिता, भाई और भाभी ने मारपीट कर उसके सिर में कील ठोंक दी। पीड़ित ने इस मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है। नगला सौंठ निवासी सुनील बघेल पुत्र हरी सिंह ने आरोप लगाया है कि उसके पिता ने दो प्लॉट का बैनामा उसकी भाभी रेखा पत्नी अजय के नाम कर दिया था। जब सुनील ने इस संबंध में परिवार से जानकारी मांगी, तो उसे कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला। सुनील के अनुसार, 26 फरवरी की तड़के करीब दो बजे जब वह घर में सो रहा था, तभी उसके माता-पिता, भाई और भाभी ने उसके साथ मारपीट की। आरोप है कि उन्होंने जान से मारने की नीयत से उसके सिर में लगभग दो इंच की कील ठोंक दी गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर बेहोश हो गया। होश में आने के बाद सुनील थाने पहुंचा, लेकिन उसका आरोप है कि पुलिस ने न तो उसका मेडिकल परीक्षण कराया और न ही कोई कार्रवाई की। पीड़ित सुनील ने एसएसपी को एक प्रार्थना पत्र सौंपकर अपना मेडिकल परीक्षण कराने और आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। एसएससी सौरभ दीक्षित के निर्देश पर पीड़ित का मेडिकल कराया गया है। थानाध्यक्ष राकेश कुमार गिरी का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।
भिंड के सुरपुरा थाना क्षेत्र के सोई गांव मौजे में गुरुवार शाम खेत की मेढ़ को लेकर पुराना विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। लाठी-डंडों से की गई मारपीट में 65 वर्षीय सोवरन बघेल की मौत हो गई। घटना शाम चार से पांच बजे के बीच की बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार सोवरन बघेल पुत्र बद्रीप्रसाद, निवासी रहावली थाना अटेर, का खेत की मेढ़ को लेकर लालजीत बघेल से विवाद चल रहा था। गुरुवार को दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। आरोप है कि लालजीत और उसके परिजनों ने सोवरन पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल बुजुर्ग करीब एक घंटे तक घटनास्थल पर ही पड़े रहे। ग्रामीणों ने बीच-बचाव कर परिजनों को सूचना दी। परिजन घायल को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां रात करीब आठ बजे डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम हाउस में रखवा दिया। शुक्रवार सुबह पीएम कराया जाएगा। मृतक के बेटे कमल सिंह ने आरोप लगाया है कि आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से उनके पिता पर हमला कर हत्या की है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश की जा रही है।
जिला अस्पताल के सामने निर्माणाधीन कंपोजिट बिल्डिंग परिसर में सूखे पत्तों में आग लगने से पूरे इलाके में धुएं का गुबार फैल गया। इस घटना से जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि निर्माणाधीन कंपोजिट बिल्डिंग के परिसर में जमा सूखे पत्तों और कचरे में किसी अज्ञात व्यक्ति ने आग लगा दी। देखते ही देखते घना धुआं उठने लगा, जिससे जिला अस्पताल परिसर में मौजूद मरीजों, उनके परिजनों और राहगीरों को सांस लेने में दिक्कत हुई। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह परिसर जिला अस्पताल और जिलाधिकारी कार्यालय से कुछ ही दूरी पर स्थित है। इसके बावजूद, यहां सुरक्षा और निगरानी की उचित व्यवस्था न होने के कारण असामाजिक तत्व सक्रिय रहते हैं। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि निर्माणाधीन परिसर की नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही, असामाजिक तत्वों पर अंकुश लगाने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
दमोह में थाना प्रभारी सहित दो चौकी प्रभारी हटाए:पुलिस अभिरक्षा से चोरी का आरोपी भागने के बाद एक्शन
दमोह एसपी श्रुत कीर्ति सोमवंशी ने गुरुवार शाम पुलिस अधिकारियों के ट्रांसफर सूची जारी की है। इस सूची में देहात थाना प्रभारी सहित दो चौकी प्रभारी शामिल हैं। यह कार्रवाई चोरी के एक आरोपी के पुलिस अभिरक्षा से भागने की घटना के बाद हुई है, जो अभी तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। जारी सूची के अनुसार, देहात थाना प्रभारी रचना मिश्रा को पुलिस लाइन भेजा गया है, और उनकी जगह अमित गौतम को देहात थाना की कमान सौंपी गई है। इसी तरह, देहात थाना अंतर्गत आने वाली सागर नाका चौकी के प्रभारी रोहित द्विवेदी को देहात थाना ट्रांसफर किया गया है और विक्रम दांगी को सागर नाका चौकी का प्रभार दिया गया है। जबलपुर नाका चौकी प्रभारी प्रसीता कुर्मी को भी पुलिस लाइन भेजा गया है, और प्रियंका पटेल को जबलपुर नाका चौकी का प्रभारी बनाया गया है। नई टीम तैयार की एसपी ने इस स्थानांतरण को एक 'रूटीन ट्रांसफर' बताया है, हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि आरोपी के भागने में लापरवाही उजागर हुई थी। इस घटना के बाद एक नई टीम तैयार की गई है।इन प्रमुख स्थानांतरणों के अलावा, 13 अन्य पुलिसकर्मियों का भी तबादला किया गया है। इन्हें अलग-अलग थाना क्षेत्रों में पदस्थ किया गया है, जबकि कुछ को पुलिस लाइन भेजा गया है।
बरनाला जिले में एक चेक बाउंस मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार की कोर्ट ने चिमन लाल नामक दोषी को एक साल कैद की सजा सुनाई है। बता दे कि चिमन लाल मोगा के सैदोके का निवासी है। दरअसल यह मामला कुलविंदर सिंह निवासी वाजिदके कला से जुड़ा है। कुलविंदर सिंह ने बताया कि चिमन लाल ने 14 सितंबर 2017 को उनसे डेढ़ लाख रुपये उधार लिए थे। इसके भुगतान के लिए चिमन लाल ने उन्हें एक चेक दिया था।जब कुलविंदर सिंह ने यह चेक बैंक में जमा किया, तो खाते में पर्याप्त धनराशि न होने के कारण चेक बाउंस हो गया। दोषी को कोर्ट ने सुनाई सजा इसके बाद कुलविंदर सिंह ने अपने वकील एडवोकेट दर्शन सिंह सिद्धू के माध्यम से कोर्ट में मामला दायर किया। कोर्ट में लंबे समय तक चली सुनवाई के दौरान, एडवोकेट दर्शन सिंह सिद्धू द्वारा प्रस्तुत दलीलों से सहमत होते हुए, न्यायिक मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार ने चिमन लाल को दोषी ठहराया और एक साल की कैद का आदेश सुनाया।
छतरपुर में भारतीय जनता पार्टी के जिला उपाध्यक्ष राम मनोहर तिवारी पदभार संभालने के बाद ग्राम खैरा में आयोजित स्वागत कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। इस दौरान कार्यकर्ताओं द्वारा माला पहनाकर उनका स्वागत किया जा रहा था। स्वागत जुलूस के बीच जैसे ही वे समर्थकों के साथ आगे बढ़े, अचानक उनका पैर फिसल गया और वे सड़क किनारे बनी नाली के गड्ढे में जा गिरे। घटना का वीडियो मौके पर मौजूद किसी व्यक्ति ने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नाली खुली हुई थी और आसपास पानी जमा था। संतुलन बिगड़ने के कारण वे सीधे गड्ढे में जा गिरे। हालांकि, पास में मौजूद कार्यकर्ताओं ने तुरंत उन्हें बाहर निकाल लिया। दो तस्वीरें देखिए गंभीर चोट नहीं, स्थानीय लोगों ने उठाए सवालबताया जा रहा है कि इस घटना में उन्हें कोई गंभीर चोट नहीं आई। कार्यक्रम के दौरान हुई इस अप्रत्याशित घटना को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि गांव में कई स्थानों पर खुली नालियां और गड्ढे दुर्घटनाओं को आमंत्रित कर रहे हैं, जिनकी समय रहते मरम्मत की जानी चाहिए।
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह गुरुवार को दो दिवसीय प्रवास पर बालाघाट पहुंचे। यहां उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से संवाद किया और विभिन्न राष्ट्रीय व प्रदेश स्तरीय मुद्दों पर मीडिया से चर्चा की। सिंह ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील से लेकर प्रदेश की आर्थिक स्थिति और शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े विवादों पर सरकार को आड़े हाथों लिया। भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर जताई चिंता दिग्विजय सिंह ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर गंभीर आशंका जताते हुए कहा कि इस समझौते से भारतीय किसानों का हक मारा गया है। उन्होंने कहा कि अब हमारे किसान अमेरिकी किसानों पर निर्भर हो जाएंगे। सिंह के अनुसार, किसानों की खेती की लागत तो बढ़ गई है लेकिन उपज के दाम नहीं बढ़े। साथ ही, उन्होंने मजदूरों की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि न्यूनतम मजदूरी लागू न होने से मजदूरों को आज भी 12 साल पुरानी दर पर ही काम करना पड़ रहा है। कॉर्पोरेट जगत को लाभ और बढ़ती आर्थिक असमानता भाजपा सरकार पर कॉर्पोरेट घरानों का पक्ष लेने का आरोप लगाते हुए सिंह ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में छोटे व्यापारियों या किसानों का कर्ज माफ नहीं हुआ, जबकि बड़े कॉर्पोरेट घरानों का 16 लाख करोड़ रुपए का कर्ज माफ कर दिया गया। उन्होंने आंकड़ा देते हुए बताया कि देश की 40 प्रतिशत संपत्ति केवल 200 लोगों के पास सिमट गई है, जो भविष्य में बड़े सामाजिक और आर्थिक तनाव का कारण बनेगी। कर्ज के बोझ तले मध्य प्रदेश प्रदेश की वित्तीय स्थिति पर सवाल उठाते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि 2003 में जब उन्होंने सरकार छोड़ी थी, तब प्रदेश पर 23 हजार करोड़ रुपये का कर्ज था, जो आज बढ़कर 5 लाख करोड़ रुपए हो गया है। उन्होंने इसे कर्ज के मापदंडों का खुला उल्लंघन बताया और कहा कि सरकार के पास अब बुनियादी इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए भी पैसा नहीं बचा है। शंकराचार्य विवाद को बताया राजनीतिक साजिश शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद महाराज पर दर्ज मामले को सिंह ने पूरी तरह राजनीतिक करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि महाराज पर झूठा प्रकरण दर्ज किया गया है। उन्होंने सरकार की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक ओर शंकराचार्य पर कार्रवाई हो रही है, वहीं दूसरी ओर प्रतापगढ़ की युवती की शिकायत के बावजूद उत्तम स्वामी महाराज पर अब तक कोई मामला दर्ज क्यों नहीं किया गया।
लखनऊ के जिलाधिकारी विशाख जी. की अध्यक्षता में बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय उद्योग बंधु की बैठक आयोजित हुई। बैठक में निवेश मित्र पोर्टल पर लंबित मामलों से लेकर औद्योगिक क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं की प्रगति तक की विस्तृत समीक्षा की गई। डीएम ने समयसीमा में कार्य पूरा न होने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ चार्जशीट जारी करने की चेतावनी दी। निवेश मित्र पोर्टल पर लंबित मामलों की समीक्षाबैठक की शुरुआत निवेश मित्र पोर्टल पर विभागवार लंबित प्रकरणों की समीक्षा से हुई। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्धारित समयसीमा से अधिक लंबित प्रकरणों का तत्काल निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि औद्योगिक निवेश को गति देने के लिए ऑनलाइन स्वीकृतियों में देरी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। अमौसी-नादरगंज में 31 मार्च तक पूरे हों निर्माण कार्यऔद्योगिक क्षेत्र अमौसी और नादरगंज में अवस्थापना सुविधाओं की प्रगति पर विशेष चर्चा हुई। अधिशासी अभियंता यूपीसीडा ने बताया कि क्षेत्र में नाला, कलवर्ट और मीडियन निर्माण कार्य प्रगति पर हैं। इस पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि 31 मार्च तक सभी निर्माण कार्य हर हाल में पूरे कर लिए जाएं। समयसीमा का पालन न होने पर संबंधित अधिशासी अभियंता के विरुद्ध चार्जशीट जारी कर कार्रवाई शुरू करने के निर्देश भी दिए गए। गोयला औद्योगिक क्षेत्र में बिजली कार्य पर नाराजगीगोयला औद्योगिक क्षेत्र में एलटी लाइन उपलब्ध कराने की प्रगति संतोषजनक न पाए जाने पर जिलाधिकारी ने विद्युत विभाग पर कड़ी नाराजगी जताई। स्वीकृत बजट के सापेक्ष व्यय और कार्य की धीमी रफ्तार पर असंतोष व्यक्त करते हुए संबंधित अधिशासी अभियंता के विरुद्ध चार्जशीट जारी कर प्रबंध निदेशक, विद्युत विभाग को प्रेषित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों में निर्बाध बिजली आपूर्ति प्राथमिकता पर सुनिश्चित की जाए। उद्योग प्रतिनिधियों ने रखीं समस्याएंबैठक में विभिन्न औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों और उद्यमियों ने क्षेत्रीय समस्याओं को रखा। प्रदूषण नियंत्रण, नगर निगम, लखनऊ विकास प्राधिकरण और यूपीसीडा से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ समस्याओं का समाधान करने के निर्देश दिए।बैठक में अपर जिलाधिकारी नगर पूर्वी, अपर नगर आयुक्त, उपायुक्त उद्योग, क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, क्षेत्रीय प्रबंधक यूपीसीडा, एलडीए, नगर निगम सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि औद्योगिक विकास में किसी भी स्तर पर शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और समयबद्ध कार्यप्रणाली ही प्राथमिकता होगी।
मवाना तहसील के ग्राम फिटकरी में वन विभाग की टीम ने एक साथ तीन अत्यंत विषैले रसल वाइपर (Russell’s Viper) सांपों का सुरक्षित रेस्क्यू किया। ये सांप गोबर के एक बिटोडे (भंडारण स्थल) में छिपे हुए पाए गए थे। इस रेस्क्यू अभियान का नेतृत्व बीट प्रभारी अतुल दुबे ने किया। उनके साथ श्री सीताराम और श्री किशोरी वाचरों ने सहयोग दिया। टीम ने पूरी सावधानी बरतते हुए तीनों सांपों को पकड़ा और उन्हें हस्तिनापुर रेंज कार्यालय लाया गया। बाद में, सभी सांपों को कौरव वन ब्लॉक के जंगल क्षेत्र में उनके प्राकृतिक आवास में सुरक्षित छोड़ दिया गया। रसल वाइपर, जिसका वैज्ञानिक नाम Daboia russelii है, स्थानीय रूप से चेन वाइपर के नाम से भी जाना जाता है। यह एक अत्यंत विषैला और जानलेवा सांप है। इसकी पहचान इसके शरीर पर मौजूद गोल या अंडाकार चेन जैसे धब्बों से होती है, जिसका रंग भूरा या पीला-भूरा होता है। इसका सिर त्रिकोणीय आकार का होता है और कभी-कभी यह अजगर जैसा प्रतीत होता है। हालांकि, अजगर गैर-विषैला होता है, जबकि रसल वाइपर अत्यधिक विषैला होता है, और इनकी पहचान में भ्रम जानलेवा साबित हो सकता है। वन विभाग ने जनसामान्य के लिए कुछ सावधानियां भी बताई हैं। लोगों को गोबर, भूसे, लकड़ी या कचरे के ढेर में हाथ डालने से पहले सतर्क रहना चाहिए। सांप दिखने पर उसे छेड़ने या मारने का प्रयास न करें, बल्कि तुरंत वन विभाग या स्थानीय प्रशासन को सूचित करें। सांप काटने की स्थिति में झाड़-फूंक के बजाय तत्काल नजदीकी अस्पताल में उपचार कराएं। वन विभाग ने नागरिकों से वन्यजीव संरक्षण में सहयोग करने और किसी भी प्रकार की जानकारी तुरंत विभाग को देने की अपील की है। समय पर दी गई सूचना से जनहानि को रोका जा सकता है।
दौसा विधायक दीनदयाल बैरवा और तहसीलदार गजानंद मीणा के बीच बहसबाजी के मामले में नया मोड़ आ गया है। बुधवार को तहसीलदार की सोशल मीडिया वॉल का कथित स्क्रीनशॉट वायरल हुआ था। जिसके बाद एक ओर विधायक ने विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की है तो वहीं दूसरी ओर तहसीलदार ने सोशल मीडिया पर फर्जी आईडी से उसके नाम का दुरुपयोग करने की शिकायत कोतवाली थाने में दर्ज कराई है। इसके बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। यह था पूरा विवाद दरअसल, 2 फरवरी को जयपुर रोड पर ट्रक यूनियन के सामने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान विधायक और तहसीलदार के बीच तकरार हो गई थी। तहसीलदार के व्यवहार से नाराज विधायक ने विधानसभा में मुद्दा उठाते हुए अधिकारियों पर जनप्रतिनिधियों का सम्मान नहीं करने का आरोप लगाया और कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने तहसीलदार को तलब किया था। कांग्रेस विधायक दल ने भी मामले को लेकर कार्रवाई की मांग की थी। विधानसभा स्पीकर में पढ़ा था माफीनामा इसके बाद 2 दिन पहले विधानसभा अध्यक्ष ने सदन में तहसीलदार का माफीनामा पढ़कर सुनाया था, जिसमें तहसीलदार द्वारा मामले को लेकर खेद प्रकट किया गया था। लेकिन इसके दूसरे ही दिन फिर से तहसीलदार गजानंद मीणा के नाम से सोशल मीडिया पर डाली गई एक पोस्ट वायरल हुई। FIR दर्ज कराई जिसमें लिखा हुआ था- 'माफी वाफ़ी कुछ नहीं मैने केवल खेद प्रकट किया था वो भी माननीय विधानसभा अध्यक्ष महोदय से'। इसे फर्जी बताते हुए तहसीलदार में कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया कि मेरी आईडी बंद है, मैंने कोई पोस्ट नहीं किया। कोई मेरे नाम से फर्जी आईडी बनाकर दुरुपयोग कर रहा है। विधायक से सरकारी अधिकारियों के विवाद की ये खबरें भी पढ़िए… कांग्रेस विधायक से तहसीलदार बोले- फालतू बात नहीं,गलत हो जाएगा:जमीन सरकारी, मुझे आदेश कौन देगा; अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई रुकवाने पहुंचे थे बैरवा विधायक से महिला पटवारी ने कहा-आप धमकी दे रहे हो:दिक्कत है तो ट्रांसफर करवा देना, डीडी बैरवा बोले- गरीबों को परेशान मत करो
जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी रत्नेश प्रपन्नाचार्य जी महाराज के संयोजन में आयोजित नौ दिवसीय श्रीरामायणवेला प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में संपन्न हो रहा है। इस अवसर पर कैसरगंज के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह सहित सैकड़ो संत महंत उपस्थित रहे। दिव्य प्रबंध पाठ और नयनोन्मिलन जैसे महत्वपूर्ण अनुष्ठान विधि-विधान से हुए महोत्सव के अंतर्गत विविध वैदिक अनुष्ठानों का आयोजन कर सनातन परंपराओं की गरिमा को सजीव रूप दिया जा रहा है।महोत्सव के दौरान सर्वबिंब प्रतिष्ठा, चतुस्स्थान पूजन, दिव्य प्रबंध पाठ और नयनोन्मिलन जैसे महत्वपूर्ण अनुष्ठान विधि-विधान से संपन्न हुए। इसके साथ ही सप्त पूजा, कन्या पूजा, दम्पति पूजा, ब्राह्मण पूजा एवं आचार्य पूजा का आयोजन कर धर्माचार्यों ने वैदिक संस्कृति की महत्ता को रेखांकित किया। 108 कलशों विभिन्न नदियों और औषधीय के जल से वैदिक मंत्रोच्चार के बीच अभिषेक किया गया, जिससे पूरा परिसर भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालुओं ने जय श्रीराम के उद्घोष के साथ अनुष्ठानों में सहभागिता की। वहीं भगवान श्रीराम, माता जानकी और हनुमान जी महाराज की प्राण-प्रतिष्ठा 27 फरवरी, शुक्रवार को हवन-पूजन के साथ संपन्न होगी। इसको लेकर मंदिर परिसर में विशेष तैयारियां की जा रही हैं। दूर-दराज से संत-महात्मा और श्रद्धालु बड़ी संख्या में अयोध्या पहुंच रहे हैं।प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव के अवसर पर आयोजित श्री वाल्मीकि रामायण कथा में जगद्गुरु रत्नेशप्रपन्नाचार्य महाराज ने श्रीराम-सीता के आदर्श दांपत्य जीवन पर प्रकाश डाला। श्रीराम-सीता से प्रेरणा लेकर जीवन को प्रेम, त्याग और मर्यादा से परिपूर्ण बनाएं उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में श्रीराम और माता सीता आदर्श दंपति के रूप में पूजनीय हैं। श्रीराम ने मर्यादा का पालन कर आदर्श पति और पुरुषोत्तम का पद प्राप्त किया, वहीं माता सीता ने अपने पतिव्रता धर्म के पालन का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया। सीताराम विवाह प्रसंग का विस्तार से वर्णन किया उन्होंने उपस्थित दंपतियों से आह्वान किया कि वे श्रीराम-सीता के जीवन से प्रेरणा लेकर अपने दांपत्य जीवन को प्रेम, त्याग और मर्यादा से परिपूर्ण बनाएं।कथा के दौरान जगदगुरु ने ने प्रभु सीताराम विवाह प्रसंग का विस्तार से वर्णन किया। स्वयंवर, धनुष भंग और वैदिक रीति से संपन्न दिव्य विवाह का भावपूर्ण चित्रण सुनकर उपस्थित श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए। कथा पंडाल ‘सीताराम’ के जयघोष से गूंज उठा।
छत्तीसगढ़ के धमतरी में एक यात्री बस में लगभग 4-5 माह का एक बच्चा लावारिस मिला है। बताया जा रहा है कि एक महिला बच्चे को बस की सीट पर छोड़कर फरार हो गई। यात्रियों की सूचना पर पुलिस और चाइल्ड लाइन की टीम मौके पर पहुंची और बच्चे को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। यह घटना गुरुवार को धमतरी शहर के बस स्टैंड पर हुई। रायपुर से धमतरी आ रही एक यात्री बस में एक महिला बच्चे को सीट पर सुलाकर उतर गई। जब काफी देर तक बच्चे का कोई अभिभावक नहीं दिखा, तो यात्रियों ने पुलिस को सूचना दी। बच्चे को महिला एवं बाल विकास विभाग को सौंपा जाएगा सूचना मिलते ही पुलिस और चाइल्ड लाइन की टीम ने बच्चे को जिला अस्पताल पहुंचाया। जांच के बाद डॉ. अखिलेश देवांगन ने बच्चे को स्वस्थ बताया। डॉ. देवांगन ने कहा कि बच्चे की पारंपरिक जांच की जा रही है और उसके बाद उसे महिला एवं बाल विकास विभाग को सौंपा जाएगा। पुलिस मामले की जांच में जुटी चाइल्ड लाइन की नीलम साहू ने बताया कि यह एक लड़का है, जिसकी उम्र लगभग 4 से 5 माह है और वह पूरी तरह स्वस्थ है। महिला कौन थी और उसने ऐसा क्यों किया, यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। फिलहाल बच्चा बाल कल्याण समिति (CWC) के अधीन है। उसे विशेष दत्तक ग्रहण एजेंसी कांकेर को सौंपा जाएगा, जिसके बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
पटना में भूकंप आपदा से निपटने का अभ्यास,:सात प्रमुख स्थानों पर मॉक ड्रिल, मलबे से निकाले गए घायल
पटना में भूकंप जैसी आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए आज जिला प्रशासन की ओर से बड़े स्तर पर मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। यह अभ्यास राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA), बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और आपदा प्रबंधन विभाग, बिहार सरकार के दिशा-निर्देशों के तहत किया गया। इसका मकसद यह देखना था कि अगर सच में भूकंप आए तो प्रशासन, सुरक्षा बल और आम लोग मिलकर कितनी जल्दी और कितनी सही तरीके से हालात को संभाल सकते हैं। इससे पहले कल पटना समाहरणालय में भूकंप पर आधारित टेबल टॉप एक्सरसाइज किया गया था, जिसमें अधिकारियों ने कागज पर आपदा की स्थिति बनाकर अपनी रणनीति और तैयारियों की समीक्षा की। आज उसी अभ्यास को ज़मीन पर उतारते हुए मॉक ड्रिल कराई गई। सात जगहों पर हुआ अभ्यास आज के मॉक ड्रिल के लिए पटना के सात प्रमुख स्थानों को चुना गया था। इनमे पटना समाहरणालय, जेडी वीमेंस कॉलेज और उसका छात्रावास, बिस्कोमान भवन, सिटी सेंटर मॉल, जेपी सेतु, गांधी मैदान और आईजीआईएमएस शामिल थे। इन सभी जगहों पर भूकंप के बाद की स्थिति का वास्तविक जैसा दृश्य बनाया गया। कहीं इमारत को नुकसान दिखाया गया, कहीं आग लगने का सीन रचा गया, तो कहीं लोगों के मलबे में फंसे होने और घायल होने का अभ्यास कराया गया। सभी विभागों ने मिलकर किया काम इस मॉक ड्रिल में स्थानीय लोग, आपदा मित्र, सिविल डिफेंस, एनसीसी, भारतीय सेना, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, रैपिड एक्शन फोर्स, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम, पीएचईडी, बिजली विभाग, अग्निशमन सेवा और बीएसएनएल समेत सभी संबंधित विभागों ने हिस्सा लिया। हर सिमुलेशन स्थल पर वरीय नोडल अधिकारी और प्रभारी अधिकारी तैनात किए गए थे, ताकि राहत और बचाव कार्य सही ढंग से हो सके। घायल लोगों को सुरक्षित निकालने, प्राथमिक इलाज देने, आग बुझाने, संचार व्यवस्था बहाल करने और भीड़ को नियंत्रित करने का अभ्यास किया गया। पूरा माहौल बिल्कुल असली आपदा जैसा बनाया गया ताकि किसी भी तरह की कमी सामने आ सके। पटना भूकंप के लिहाज़ से संवेदनशील पटना के जिलाधिकारी ने कहा कि पटना भूकंप के लिहाज से संवेदनशील इलाका है और यह सिस्मिक जोन-4 में आता है। ऐसे में किसी भी समय आपदा की स्थिति बन सकती है। इसलिए पहले से तैयारी करना बहुत जरूरी है। मॉक ड्रिल और टेबल टॉप एक्सरसाइज का मुख्य उद्देश्य यही है कि आपात स्थिति में जिले की तैयारी, त्वरित प्रतिक्रिया और सभी विभागों के बीच तालमेल की जांच की जा सके। जिलाधिकारी ने कहा कि इन अभ्यासों से यह समझने में मदद मिलती है कि कौन सा विभाग क्या भूमिका निभाएगा और किस तरह आम लोगों की जान-माल की रक्षा की जाएगी। राज्य सरकार के निर्देश के अनुसार समय-समय पर ऐसे प्रशिक्षण कार्यशालाएं, मॉक ड्रिल और जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। लोगों को किया जा रहा जागरूक जिला प्रशासन की ओर से भूकंप के समय क्या करें और क्या न करें (Do’s and Don’ts) का बड़े पैमाने पर प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। लोगों को सिखाया जा रहा है कि भूकंप आने पर घबराएं नहीं, सुरक्षित जगह पर जाएं और अफवाहों से बचें। साथ ही सामुदायिक स्तर पर आपदा से लड़ने की क्षमता बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है ताकि नुकसान को कम से कम किया जा सके। जिला प्रशासन ने साफ कहा कि घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सतर्क रहना बेहद जरूरी है। ऐसे अभ्यासों से ही यह सुनिश्चित किया जा सकता है कि किसी असली आपदा की स्थिति में समय पर और सही तरीके से मदद पहुंचाई जा सके।
क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी (आरपीओ) आईएफएस विपुल देव अब जयपुर के साथ कोटा आरपीओ का कामकाज भी संभालेंगे। विदेश मंत्रालय ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। 2014 बैच के भारतीय विदेश सेवा के अधिकारी विपुल देव राजस्थान के सीकर जिले के निवासी हैं। उन्होंने जयपुर के आयोजन स्कूल ऑफ आर्किटेक्चर से वास्तुकला में स्नातक की डिग्री हासिल की है। इससे पहले, वे विदेश मंत्रालय में विकास साझेदारी प्रशासन विंग में डिप्टी सेक्रेटरी के पद पर कार्यरत थे, जहां वे पड़ोसी देशों में भारत की विकास सहयोग परियोजनाओं की देखरेख करते थे। विपुल देव न्यूयॉर्क में भारतीय वाणिज्य दूतावास, इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग और ब्यूनस आयर्स में भारतीय दूतावास में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि उन्हें बाहरी मामलों की अच्छी जानकारी है। जयपुर आरपीओ में उनकी अच्छी कार्यप्रणाली को देखते हुए ही उन्हें कोटा की भी जिम्मेदारी दी गई है।
पंजाब के मोहाली में नशा तस्करी रोकने के लिए गठित एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) में तैनात असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर हरविंदर सिंह का अपहरण कर मारपीट की गई। आरोपी जाते हुए उन्हें गाड़ी से फेंक गए। इस मामले में अब सोहाना थाने में केस दर्ज हुआ है। पुलिस ने तुरंत एक्शन लेकर पांच आरोपियों को काबू किया है। आरोपियों की पहचान नवदीप, संजू, बलविंदर उर्फ बिल्ला, रमनीत और जगदीप उर्फ जगी के रूप में हुई है। आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 109 (हत्या का प्रयास), 140(1) (हत्या के लिए अपहरण), 115(2) (चोट पहुंचाना), 191(3) (हथियारबंद दंगा) और 190 (गैरकानूनी जमावड़ा) के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने नवदीप, संजू, बलविंदर उर्फ बिल्ला, रमनीत और जगदीप उर्फ जगी को गिरफ्तार किया है। इस तरह हमला हुआ है घटना 24-25 फरवरी की रात की है। सब-इंस्पेक्टर हरविंदर सिंह उस रात खाना खरीदने निकले थे। तभी एक ग्रे स्विफ्ट डिजायर कार उनके पास आकर रुकी। कार में बैठे लोगों ने एयरपोर्ट का रास्ता पूछा। जैसे ही वह कार के पास पहुंचे, उन्हें जबरन अंदर खींच लिया गया। कार सवारों ने उन्हें पीटा और धमकाया कि चिट्टा (सिंथेटिक ड्रग्स) के मामलों में उनके साथियों के खिलाफ कार्रवाई करने की सजा दी जा रही है। आगे ऐसे मामले दर्ज न करने की चेतावनी दी गई। आखिर में उन्हें बेहोश समझकर सड़क पर फेंक दिया। तीन ब्लंट इंजरी लोगों ने उन्हें वहां देखकर अस्पताल पहुंचाया। मेडिकल रिपोर्ट में तीन ब्लंट इंजरी दर्ज आई हैं। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। हालांकि नए साल में यह अपनी तरह का पहला मामला है। इससे पहले भी इस तरह का हमला हुआ था।
बठिंडा में भाई से लड़ाई करके नहर में कूदी बहन:बचाने आया मामा हुआ लापता, राहगीरों ने लड़की को निकाला
बठिंडा में भाई-बहन के झगड़े के बाद लड़की ने नहर में छलांग लगा दी। उसे बचाने के लिए पीछे से आ रहे उसके मामा ने भी नहर में कूद गए। एक राहगीर ने लड़की को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन मामा पानी के तेज बहाव में लापता हो गए। मौके पर एनडीआरएफ और पुलिस प्रशासन मौजूद है और लापता मामा की तलाश जारी है। जानकारी के अनुसार, यह घटना बठिंडा में हुई। जब लड़की नहर में कूदी, तो उसके 35 वर्षीय मामा पंकज दास उसे बचाने के लिए तुरंत नहर में कूद गए। राहगीर ने तत्परता दिखाते हुए लड़की को बचा लिया, लेकिन पंकज दास पानी के तेज बहाव में बह गए और लापता हो गए। मामा की चल रही तलाश घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और तत्काल बचाव अभियान शुरू किया गया। फिलहाल, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीमें भी घटनास्थल पर तैनात हैं और लापता पंकज दास को ढूंढने के लिए सघन तलाशी अभियान चला रही हैं। डीएसपी संदीप सिंह भाटी ने अपने आधिकारिक बयान में बताया कि लड़की को मेडिकल जांच के लिए अस्पताल भेजा गया है और उसकी हालत स्थिर है। उन्होंने कहा कि लापता व्यक्ति की तलाश के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं और नहर में लगातार सर्च ऑपरेशन जारी है। एनडीआरएफ के डिप्टी कमांडर संजीव रतन ने बताया कि उन्हें कंट्रोल रूम से सूचना मिली थी कि कुछ लोग पानी में डूब गए हैं, जिनमें से कुछ को मौके पर ही बचा लिया गया। हालांकि, एक व्यक्ति पानी में लापता हो गया। उन्होंने पुष्टि की कि उनकी अलग-अलग टीमें लापता व्यक्ति की तलाश में जुटी हुई हैं।
सुपौल के सरायगढ़ भपटियाही अंचल क्षेत्र अंतर्गत मुरली पंचायत के वार्ड संख्या 6 में गुरुवार दोपहर भीषण आग लगने से छह परिवारों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। चूल्हे से निकली चिंगारी ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया, जिससे सात फूस के घर, अनाज, कपड़ा और बर्तन समेत चार लाख रुपये से अधिक की संपत्ति जलकर राख हो गई। पहले देखें तस्वीरें… घटना के संबंध में बताया गया कि सबसे पहले गुनीलाल शर्मा के घर में चूल्हे की चिंगारी से आग लगी। तेज हवा के कारण आग तेजी से फैलती चली गई और गुनीलाल शर्मा के दो फूस के घर पूरी तरह जल गए। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि आसपास के घर भी इसकी चपेट में आ गए। देखते ही देखते दिनेश शर्मा, बबीता देवी, महेश चौपाल, रमेश चौपाल और विकास शर्मा के फूस के घर भी आग की जद में आकर जल गए। स्थानीय ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका, लेकिन तब तक काफी नुकसान हो चुका था। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरातफरी का माहौल बन गया। आगलगी की सूचना मिलते ही अंचल अधिकारी (सीओ) धीरज कुमार मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने पीड़ित परिवारों से मिलकर नुकसान का आकलन किया। तत्काल राहत के तौर पर सीओ धीरज कुमार और पूर्व मुखिया विजेंद्र प्रसाद यादव के हाथों सभी छह पीड़ित परिवारों के बीच पॉलीथिन शीट का वितरण किया गया। सीओ धीरज कुमार ने बताया कि आग से प्रभावित सभी परिवारों को सरकारी प्रावधान के तहत जल्द ही मुआवजा राशि उपलब्ध कराई जाएगी। प्रशासन द्वारा आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
हरियाणा के यमुनानगर जिले में स्थित श्री गुरु नानक गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल में 10वीं क्लास के एग्जाम में नकल करवाने के आरोप में इंविजिलेटर (परीक्षा निरीक्षक) पर गाज गिरी। इस मामले में DC प्रीति ने तुरंत सख्त एक्शन लेते हुए परीक्षा केंद्र के इंविजिलेटर पंकज नागरा को हटा दिया। बुधवार को भी DC ने नकल करवाते हुए 2 सुपरवाइजर को पकड़ा था। जानकारी के मुताबिक, सीटीएम पीयूष गुप्ता फ्लाइंग स्क्वॉड की टीम के साथ परीक्षा केंद्र पर अचानक पहुंचे। जांच के दौरान पंकज नागरा को कुछ स्टूडेंट्स की एग्जाम में मदद करते हुए पकड़ा गया। वे छात्रों को नकल करने में सहायता कर रहे थे, जिसकी वजह से परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल उठे। विभागीय जांच और बोर्ड को रिपोर्ट सीटीएम ने तुरंत मामले की सूचना DC प्रीति तक पहुंचाई। इसे DC ने इंविजिलेटर पंकज नागरा की लापरवाही मानते हुए मामले की विस्तृत रिपोर्ट हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड को भेज दी, ताकि बोर्ड नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई कर सके। साथ ही संबंधित कर्मचारी के खिलाफ विभागीय जांच शुरू करने की सिफारिश भी की गई। नकल बर्दाश्त नहीं- DC DC प्रीति ने कहा कि बोर्ड परीक्षाओं को पूरी तरह नकल मुक्त और पारदर्शी रखना हमारी जिम्मेदारी है। किसी भी तरह की अनियमितता या नकल को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी परीक्षा केंद्रों के अधीक्षकों और इंविजिलेटरों को सख्त हिदायत दी है कि वे अपने फर्ज निभाएं और नियमों का पालन पूरी ईमानदारी से करें। लापरवाही पर सख्त कार्रवाई होगी। कल दो सुपरवाइजर पकड़े गए कल यानी बुधवार को 12वीं क्लास के इंग्लिश के एग्जाम में 2 सुपरवाइजर को नकल करवाते हुए पकड़ा गया था। इस संबंध में DC प्रीति ने शिक्षा विभाग और हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी को कार्रवाई की सिफारिश की थी। साथ ही DC ने दोनों सुपरवाइजर सुरेन्द्र कुमार और अमित कुमार को ड्यूटी से हटा दिया था। जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश DC प्रीति ने जिला शिक्षा अधिकारी को तुरंत निर्देश दिए हैं कि वे सभी परीक्षा केंद्रों के अधीक्षकों को बुलाकर मीटिंग करें। उन्हें दोबारा सचेत किया जाए कि परीक्षा की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए हर कदम सावधानी से उठाएं। अन्य केंद्रों पर भी फ्लाइंग स्क्वॉड की निगरानी बढ़ा दी गई है, ताकि ऐसी कोई घटना दोबारा न हो।
मोगा जिले में दिनदहाड़े लूट की एक वारदात सामने आई है। यहां जलालाबाद निवासी शिक्षक सुखपाल सिंह के घर से दो अज्ञात लुटेरे सोने के गहने और अन्य कीमती सामान लूटकर फरार हो गए। इस घटना से इलाके में दहशत का माहौल है। जानकारी के अनुसार, यह घटना दोपहर के समय हुई जब सुखपाल सिंह की पत्नी मनजीत कौर घर पर मौजूद थीं मनजीत कौर घर से ही बुटीक का काम करती हैं। इसी दौरान दो अज्ञात युवक उनके घर में घुस आए। आरोप है कि लुटेरों ने मनजीत कौर के साथ धक्का-मुक्की की और उन्हें धमकाते हुए सोने के गहने तथा अन्य कीमती सामान लूट लिया। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों लुटेरे मौके से फरार हो गए। पुलिस ने स्थानीय लोगों से की पूछताछ घटना की सूचना मिलते ही डीएसपी धर्मकोट जसविंदर सिंह और थाना प्रभारी इंस्पेक्टर लछमन सिंह पुलिस दल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और आसपास के लोगों से पूछताछ की। सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही पुलिस डीएसपी जसविंदर सिंह ने बताया कि पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि करीब डेढ़ वर्ष पहले भी इसी परिवार के साथ इसी प्रकार की घटना हो चुकी है। पुलिस इस पहलू को भी अपनी जांच में शामिल कर रही है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके। जल्द आरोपियों को किया जाएगा गिरफ्तार अधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि जल्द ही अहम सुराग मिलेंगे और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर गुरुवार, 26 फरवरी को रघुनाथ गर्ल्स पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज के वनस्पति विज्ञान विभाग द्वारा एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार का विषय था— “प्राचीन ज्ञान से आधुनिक नवाचार की ओर: विकसित भारत 2047 के निर्माण में भारतीय ज्ञान परंपरा की भूमिका”। कार्यक्रम महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. निवेदिता कुमारी के निर्देशन में संपन्न हुआ। संगोष्ठी का प्रायोजन वनस्पति विज्ञान पुरातन छात्र संगठन, चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय द्वारा किया गया। कार्यक्रम आईक्यूएसी, आईकेएस, आरडीसी सेल, इनोवेशन काउंसिल एवं प्लांट कंजरवेशन सोसायटी के सहयोग से आयोजित हुआ। सेमिनार में देश के सात राज्यों से लगभग 200 प्रतिभागियों ने ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से सहभागिता की। सेमिनार का प्रथम सत्र प्रख्यात वनस्पतिशास्त्री प्रो. वी. पुरी की पावन स्मृति तथा द्वितीय सत्र प्रो. वाई.एस. मूर्ति की स्मृति को समर्पित रहा। मुख्य अतिथि डीन-साइंस प्रो. हरे कृष्णा ने भारतीय ज्ञान परंपरा की देश के विकास में भूमिका पर प्रकाश डाला। प्रथम सत्र में मुख्य वक्ता प्रो. संजीव कुमार शर्मा (भौतिकी विभाग, चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय) ने ‘सतत विकास एवं स्वस्थ जीवन हेतु स्वदेशी तकनीक’ विषय पर व्याख्यान देते हुए कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा स्वास्थ्य और प्रकृति के संतुलन पर आधारित है। उन्होंने भस्म के औषधीय गुणों की चर्चा करते हुए विकसित भारत 2047 के संदर्भ में इसकी प्रासंगिकता बताई। दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रो. अभिनीत श्रीवास्तव ने भारतीय ज्ञान परंपरा को विकसित भारत 2047 का उत्प्रेरक बताया। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त डॉ. राहुल अरोड़ा ने ‘न्यूरोडीजेनेरेशन में होस्ट माइक्रोबायोम अंतःक्रिया हेतु आयुर्वेदिक सूचना विज्ञान’ विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने पार्किंसन और अल्जाइमर जैसी मस्तिष्क संबंधी बीमारियों के समाधान में भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक तकनीक की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। साथ ही हल्दी को देसी घी और काली मिर्च के साथ सेवन करने के वैज्ञानिक आधार भी प्रस्तुत किए। द्वितीय तकनीकी सत्र में 110 शोध पत्र एवं शोध पोस्टर प्रस्तुत किए गए। सत्र की अध्यक्षता प्रो. अश्विनी गोयल (पूर्व जॉइंट सेक्रेटरी, हायर एजुकेशन) ने की। जूरी में प्रो. राजेश कुमार शर्मा (पूर्व प्राचार्य, एसएसवी कॉलेज, हापुड़), प्रो. संजीव कुमार शर्मा (वनस्पति विज्ञान विभागाध्यक्ष, मुजफ्फरनगर) एवं डॉ. सुशील कुमार (सह-आचार्य, चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय) शामिल रहे। अंतिम सत्र की अध्यक्षता प्रो. विजय मलिक (वनस्पति विज्ञान विभाग, चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय) ने की तथा प्रतिभागियों को सम्मान पत्र प्रदान किए। उद्घाटन सत्र में सेमिनार की सारांश पत्रिका का विमोचन भी किया गया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में महाविद्यालय के प्राध्यापकों, आयोजन समिति, तकनीकी टीम एवं एल्युमनी बॉटनी एसोसिएशन का विशेष योगदान रहा। अंत में प्रो. अमिता शर्मा ने सभी अतिथियों, प्रतिनिधियों एवं प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापित किया।
बालाघाट जिले की स्वास्थ्य सेवाओं में कोताही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर कलेक्टर मृणाल मीणा ने कार्रवाई की है। गुरुवार को जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में कार्यों की समीक्षा के दौरान, लक्ष्य से कम प्रदर्शन पाए जाने पर कलेक्टर ने कुल 34 स्वास्थ्य कर्मियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इन कारणों से हुई कड़ी कार्रवाई कलेक्टर ने यह कार्रवाई गर्भवती माताओं के एएनसी (ANC) पंजीकरण, स्वास्थ्य जांच, हाई रिस्क महिलाओं के चिन्हांकन और आयरन-सुक्रोज वितरण जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में लापरवाही के चलते की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अनमोल पोर्टल पर गर्भवती माताओं का पंजीकरण अनिवार्य है और किसी भी तरह की गलत एंट्री बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही आयुष चिकित्सकों और स्टाफ की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए उनकी जियोलॉजिकल लोकेशन ट्रैकिंग के निर्देश भी दिए गए। 8 बीएमओ को कारण बताओ नोटिस लापरवाही के मामले में बैहर व परसवाड़ा के डॉ. हरीश मशराम, बिरसा के डॉ. सुनील सिंह, कटंगी के डॉ. विनोद भलावी, लालबर्रा के डॉ. रितु धुर्वे, लामता के डॉ. थैलेश गड़पाले, लांजी के डॉ. अक्षय उपराड़े, किरनापुर के डॉ. वर्षा चौबे और खैरलांजी के डॉ. खिलेन्द्र पाल को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। बीपीएम और बीसीएम का कटा वेतन, एएनएम पर भी गिरी गाज कार्य में उदासीनता बरतने पर 9 ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर (BPM) और 7 ब्लॉक कम्युनिटी मोबिलाइजर (BCM) का एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए गए हैं। वेतन कटौती का सामना करने वालों में बैहर, बिरसा, कटंगी, लालबर्रा, लांजी, खैरलांजी, लामता, परसवाड़ा और किरनापुर के संबंधित अधिकारी शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, पंजीकरण और डेटा एंट्री में संतोषजनक कार्य न करने पर जिले की 9 एएनएम (ANM) के विरुद्ध भी कार्रवाई सुनिश्चित की गई है। इनमें बालाघाट, मझगांव, कटंगी, लालबर्रा, किरनापुर और बैहर क्षेत्र की एएनएम शामिल हैं। कलेक्टर ने चेतावनी दी है कि बच्चों के कुपोषण और सुरक्षित प्रसव जैसे संवेदनशील मामलों में किसी भी स्तर पर ढिलाई मिलने पर आगे और भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
आरा शहर के नवादा थाना क्षेत्र स्थित बिहारी मिल छठिया घाट के पास बुधवार की शाम पैसे के विवाद को लेकर मां-बेटे की बेरहमी से पिटाई कर दी गई। घटना में दोनों गंभीर रूप से जख्मी हो गए, जिन्हें इलाज के लिए आरा सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है और स्थानीय लोगों में आक्रोश भी देखा जा रहा है। घायल महिला की पहचान उत्तर प्रदेश के बलिया जिला अंतर्गत सातवार थाना क्षेत्र के असवान टोठा गांव निवासी 55 साल हीरामुनी देवी और उनके 29 साल के बाद बिट्टू नट के रूप में हुई है। मां-बेटा फिलहाल नवादा थाना क्षेत्र के बिहारी मिल छठिया घाट के पास किराए के मकान में रहकर जीविकोपार्जन करते हैं। जबरन पांच हजार रुपये की मांग करने का आरोप घायल बिट्टू नट ने आरोप लगाया कि मोहल्ले के दो युवक नशे की हालत में उसके घर पहुंचे और जबरन पांच हजार रुपये की मांग करने लगे। जब उसने पैसा देने से इनकार किया तो आरोपियों ने डंडे से उसकी जमकर पिटाई कर दी। शोर सुनकर जब उसकी मां हीरामुनी देवी उसे बचाने पहुंची, तो आरोपियों ने उनके साथ भी मारपीट की और दोनों को गंभीर रूप से घायल कर दिया। घटना को लेकर पीड़ितों ने स्थानीय निवासी ढकेलु और उसके एक साथी पर जबरन रंगदारी मांगने और विरोध करने पर लाठी-डंडों से हमला करने का आरोप लगाया है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।
जयपुर के सवाई मानसिंह इंडोर स्टेडियम में गुरुवार से 20वीं ऑल इंडिया हनुमान सिंह विमेंस हैंडबॉल चैंपियनशिप की शुरुआत हुई। तीन दिवसीय राष्ट्रीय प्रतियोगिता का उद्घाटन युवा मामले और खेल विभाग मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि राजस्थान में खेलों का माहौल तेजी से विकसित हो रहा है। राज्य के हैंडबॉल खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने कहा- राजस्थान के कई हैंडबॉल खिलाड़ी भारतीय टीम का हिस्सा हैं और सरकार का प्रयास है कि खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और आधुनिक संसाधन मिलें, ताकि वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश और प्रदेश का नाम रोशन कर सकें। 10 टीमें लेंगी हिस्साराजस्थान राज्य हैंडबॉल संघ के मानद सचिव यश प्रताप सिंह ने बताया- प्रतियोगिता का आयोजन हैंडबॉल एसोसिएशन इंडिया के तत्वावधान में राजस्थान राज्य हैंडबॉल संघ और हनुमान सिंह फाउंडेशन द्वारा किया जा रहा है। इसमें मेजबान राजस्थान सहित देश की 10 शीर्ष टीमें हिस्सा ले रही हैं। इनमें हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, नॉर्दर्न रेलवे, बीएसएफ, सीआईएसएफ और एलपीयू फगवाड़ा शामिल हैं। इस मौके पर राज्य हैंडबॉल संघ अध्यक्ष ललित कुमार कलाल और भारतीय महिला हैंडबॉल टीम के हेड कोच सचिन चौधरी भी मौजूद रहे।
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर राज्य ललित कला अकादमी, संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश एवं इस्माईल नेशनल महिला पीजी कॉलेज के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय ‘अस्तित्व’ महिला कला प्रदर्शनी का भव्य उद्घाटन हुआ। मुख्य अतिथि पूर्व राज्यसभा सांसद कांता कर्दम, मुख्य विकास अधिकारी नूपुर गोयल, विशिष्ट अतिथि महिला आयोग सदस्य मीनाक्षी भराला एवं नामिता गुप्ता ने फीता काटकर प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन से हुई, जिसके बाद अतिथियों ने प्रदर्शनी में लगी कलाकृतियों का अवलोकन किया। 180 आवेदन, कई जिलों की भागीदारीकार्यक्रम संयोजिका डॉ. दिशा दिनेश (सदस्य, राज्य ललित कला अकादमी) ने बताया कि प्रदर्शनी के लिए मेरठ व सहारनपुर मंडल सहित गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, बागपत, शामली, मुजफ्फरनगर, बुलंदशहर, बिजनौर, हापुड़, मेरठ, सहारनपुर व देवबंद आदि जिलों से कुल 180 आवेदन प्राप्त हुए। समयाभाव के कारण कुछ कलाकार अपनी पेंटिंग मेरठ नहीं पहुंचा सकीं, जिससे कुछ कृतियां प्रदर्शित नहीं हो पाईं। प्रदर्शनी में प्रदर्शित कृतियों में से तीन चयनित कलाकृतियां 8 मार्च को लखनऊ स्थित राज्य ललित कला अकादमी में प्रदर्शित की जाएंगी। 15 वरिष्ठ कलाकारों का सम्मानकार्यक्रम में 15 वरिष्ठ महिला कलाकारों को अंगवस्त्र, सम्मान पत्र व प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। सम्मानित कलाकारों में प्रो. नीलिमा गुप्ता, डॉ. उषा किरण, डॉ. मधु बाजपेई, प्रो. अलका तिवारी, प्रो. किरण प्रदीप, प्रो. नीतू वशिष्ठ, प्रो. वंदना वर्मा, प्रो. अंजू चौधरी, प्रो. अर्चना रानी, डॉ. लता वर्मा, डॉ. रेनू यादव, तारा शर्मा, डॉ. पूनम वर्मा, डॉ. ममता दीक्षित व डॉ. वंदना शर्मा शामिल रहीं।महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. अनिता राठी, आईक्यूएसी को-ऑर्डिनेटर प्रो. दीप्ति कौशिक, प्रो. दीपा त्यागी, प्रो. वंदना शर्मा सहित महाविद्यालय परिवार की वरिष्ठ प्रवक्ताओं की उपस्थिति रही। आयोजन को सफल बनाने में योगेंद्र अग्रवाल, अमित गुप्ता, अजय कुमार व महाविद्यालय परिवार का विशेष सहयोग रहा।
सुपौल शहर के महावीर चौक स्थित आभूषण दुकानों में हुई चोरी की वारदात का पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उद्भेदन कर लिया है। गुरुवार देर शाम पुलिस अधीक्षक शरथ आर.एस. ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि 24/25 फरवरी की रात सुपौल थाना क्षेत्र में ज्वेलर्स की दुकानों में चोरी की घटना सामने आई थी, जिसे गंभीरता से लेते हुए विशेष टीम गठित की गई। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कार्रवाई एसपी के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में गठित टीम ने त्वरित कार्रवाई शुरू की। इस संबंध में सुपौल थाना में कांड दर्ज कर वैज्ञानिक एवं तकनीकी अनुसंधान के साथ-साथ सीसीटीवी फुटेज का गहन अवलोकन किया गया। आसूचना संकलन के आधार पर पुलिस ने संदिग्ध अपराधकर्मी की पहचान सुनिश्चित की। आरोपी की निशानदेही पर आभूषण बरामद छापामारी के दौरान पुलिस ने चोरी की घटना में संलिप्त विक्रम कुमार (पिता–मदन मल्लिक), निवासी नगर परिषद वार्ड संख्या-25, थाना व जिला सुपौल को सूचना प्राप्त होने के आठ घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार आरोपी की निशानदेही पर चोरी किए गए आभूषण एवं अन्य सामान भी बरामद कर लिए गए हैं। पूछताछ में गिरफ्तार अभियुक्त ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है। पुलिस ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जबकि मामले के अन्य पहलुओं की जांच अभी जारी है। एसपी बोले-आरोपियों की संलिप्तता की जांच जारी एसपी ने बताया कि गिरफ्तार विक्रम कुमार का पूर्व आपराधिक इतिहास भी रहा है। उसके विरुद्ध सुपौल थाना कांड संख्या 544/24, धारा 334(1) एवं 305 बीएनएस के तहत मामला दर्ज है। पुलिस शेष संभावित आरोपियों की संलिप्तता को लेकर भी जांच कर रही है।
औरंगाबाद में स्कॉर्पियो और ट्रक की आमने-सामने टक्कर में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि सात अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल हो गया। सभी शादी समारोह से आज लौट रहे थे। ड्राइवर को झपकी आने के कारण हादसा हुआ है। घटना मुफस्सिल थाना क्षेत्र अंतर्गत देव मोड़ के पास की है। मृतकों की पहचान बलिया निवासी स्वर्गीय प्रभुनाथ गुप्ता के लगभग 50 साल के बेटे तेज नारायण गुप्ता और धनबाद के बाघमारा निवासी डोमन चौहान के लगभग 30 साल के बेटे विकास कुमार चौहान के रूप में की गई है। घायलों में धनबाद के बरोड़ा निवासी तरुण कुमार का बेटा अमित कुमार, धनु बाबरी का बेटा दिलीप कुमार, राजेश कुमार, बाघमारा निवासी चालक स्वर्गीय भगवान साव के बेटे दीनबंधु प्रसाद, उनकी पत्नी फुलवंती देवी है। इनके अलावा पवन कुमार का बेटा शिवशंकर कुमार और मृतक तेज नारायण गुप्ता की पत्नी निशा देवी जख्मियों में शामिल हैं। डॉक्टरों ने घायलों का प्राथमिक उपचार किया, लेकिन स्थिति गंभीर देखते हुए बेहतर इलाज के लिए हायर हेल्थ सेंटर रेफर कर दिया। कुछ घायलों को सरकारी एंबुलेंस से तो कुछ को निजी एंबुलेंस से भेजा गया। जिप सदस्य ने सभी घायलों को पहुंचाया अस्पताल प्रत्यक्ष दर्शियों के अनुसार ट्रक पहले से ही ब्रेकडाउन हुआ था। तेज रफ्तार स्कॉर्पियो का चालक ने झपकी आने के कारण गाड़ी पर से अपना नियंत्रण खो दिया और स्कॉर्पियो ट्रक से जा टकराई।घटना के बाद स्थानीय लोगों ने राहत काम शुरू किया। संयोगवश औरंगाबाद से लौट रहे जिला पार्षद शंकर यादवेंदु भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने घायलों को तत्काल सदर अस्पताल भिजवाने में मदद की। पुलिस और अस्पताल प्रशासन को सूचना दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि तेज नारायण गुप्ता और विकास कुमार चौहान गाड़ी में बुरी तरह फंस गए थे। काफी प्रयास के बावजूद उन्हें समय पर बाहर नहीं निकाला जा सका और घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गई। सूचना मिलते ही मुफस्सिल थाना की पुलिस पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद दोनों शवों को बाहर निकालकर हाईवे एंबुलेंस की मदद से सदर अस्पताल भेजा। मुफस्सिल थाना पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर शवों का पोस्टमार्टम कराया। शादी समारोह में शामिल होकर लौट रहा था परिवार सदर अस्पताल में घायल चालक दीनबंधु प्रसाद ने बताया कि वह अपने परिवार के साथ धनबाद से उत्तर प्रदेश के बलिया स्थित एक होटल में भगीनी की शादी में शामिल होने गए थे। 24 फरवरी की रात वे धनबाद से निकले और 25 फरवरी की सुबह बलिया पहुंचे। शादी समारोह में शामिल होने के बाद गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे वे वापस धनबाद के लिए रवाना हुए। ड्राइवर ने बताया कि शादी की थकान और नींद पूरी नहीं होने के कारण रास्ते में उनकी आंख लग गई, जिससे स्कॉर्पियो ट्रक से टकरा गई। सदर अस्पताल की गलत व्यवस्था पर भड़के जिप सदस्य सदर अस्पताल में समुचित व्यवस्था नहीं होने पर जिला पार्षद शंकर यादवेंदु भड़क गए। उन्होंने फोन पर सिविल सर्जन, उपाधीक्षक और अस्पताल प्रबंधक से नाराजगी जताई और जिला पदाधिकारी से बात करने की बात कही। बाद में प्रभारी उपाधीक्षक आशुतोष कुमार और डीपीएम अनवर आलम अस्पताल पहुंचे और व्यवस्था में सुधार का आश्वासन दिया।
कोटपूतली के पावटा कस्बे में एक पागल कुत्ते ने अलग-अलग जगहों पर अचानक हमला कर 13 लोगों को घायल कर दिया। इनमें से तीन की हालत गंभीर होने पर उन्हें बेहतर उपचार के लिए जयपुर रेफर किया गया है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुत्ते ने प्रभात कॉलोनी और नाई के मोहल्ले सहित कई जगहों पर राहगीरों पर हमला किया। शोर मचाने पर कुत्ता मौके से भाग गया, लेकिन तब तक कई लोग घायल हो चुके थे। स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को तत्काल उपजिला अस्पताल पावटा पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने सभी घायलों का प्राथमिक उपचार कर एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगाए। घिसी देवी मीणा (60), विकास सिंह (40) और शांति देवी मीणा (72) की हालत गंभीर होने पर उन्हें जयपुर रेफर कर दिया गया। 13 लोगों को घहरे घाव, जयपुर रेफर उपजिला अस्पताल पावटा के डॉक्टर रवि बंसल और डॉ. राजेश डूचानिया ने बताया- अस्पताल में कुल 13 मरीज लाए गए थे, जिन्हें आवश्यक उपचार और एंटी-रेबीज वैक्सीन दी गई। तीन मरीजों को गहरे घाव और ज्यादा खून बहने के कारण जयपुर के एसएमएस अस्पताल रेफर किया गया है। सूचना मिलते ही प्रशासन हुआ अलर्ट पावटा एसडीएम डॉ. साधना शर्मा ने घटना को गंभीर बताते हुए कहा- कस्बे में पागल कुत्ते द्वारा कई लोगों को काटने की सूचना मिलते ही प्रशासन अलर्ट हो गया है। नगर पालिका और चिकित्सा विभाग को तुरंत आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। कुत्तों को पकड़ने के लिए कार्रवाई तेज प्रभावित क्षेत्रों में टीम भेजकर आवारा कुत्तों को पकड़ने की कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने आमजन से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध पशु की सूचना तुरंत प्रशासन को देने की अपील की। घायलों को समुचित उपचार उपलब्ध करवाया जा रहा है। नगर पालिका की टीम कर रही कुत्ते की तलाश पावटा प्रागपुरा नगर पालिका अधिशासी अधिकारी फतेह सिंह मीणा ने बताया- घटना की जानकारी मिलते ही नगर पालिका की टीम को मौके पर भेजा गया। पागल कुत्ते को पकड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया गया। प्रभावित इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है। आवारा कुत्तों की धरपकड़ और टीकाकरण अभियान को और तेज किया जाएगा, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। उन्होंने आमजन से सहयोग की अपील की। …. ये खबर भी पढ़ें: आकरा भट्टा में आवारा कुत्ते का हमला, दुकानदार घायल:लोगों कर रहे प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग
रायबरेली में एक मुस्लिम युवती ने हिंदू धर्म अपनाकर अपने प्रेमी विकास से विवाह कर लिया। विवाह मंदिर में हिंदू रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुआ, जहां दोनों ने सात फेरे लिए। विवाह से पहले युवती नाजिया ने हिंदू धर्म स्वीकार कर अपना नाम बदलकर मीनाक्षी रख लिया। विवाह समारोह के दौरान विकास ने उनकी मांग में सिंदूर भरा और वरमाला पहनाई। दो साल से चल रहा था प्रेम-प्रसंग जानकारी के अनुसार, विकास और नाजिया पिछले दो वर्षों से एक-दूसरे को जानते थे। विकास ने बताया कि दोनों की मुलाकात एक मकान निर्माण कार्य के दौरान हुई थी, जिसके बाद यह परिचय प्रेम संबंध में बदल गया। विवाह शहर के एक शिव मंदिर में पंडित की मौजूदगी में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में दोनों पक्षों के परिवारीजन भी उपस्थित रहे। लड़के पक्ष से विकास के पिता रामबाबू और लड़की पक्ष से नाजिया उर्फ मीनाक्षी की दादी कल्लो मौजूद थीं। विकास पेशे से श्रमिक हैं। नाजिया उर्फ मीनाक्षी शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला शेखवाड़ा किला बाजार की निवासी हैं, जबकि विकास मिलएरिया थाना क्षेत्र के ग्राम धौरहरा के रहने वाले बताए गए हैं। स्थानीय स्तर पर विवाह को लेकर चर्चा का माहौल है।
नीमच जिले के काली कोटड़ी गांव में गुरुवार दोपहर भाजपा नेता उमराव सिंह गुर्जर के भाई गोपाल गुर्जर और उनके करीब 60 साथियों ने दलित बस्ती पर हमला कर दिया। इस दौरान हमलावरों ने घरों में तोड़फोड़ की और महिलाओं से मारपीट की। हमले में एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई, जबकि एक अन्य महिला ने अपनी जान बचाने के लिए घर की पहली मंजिल से छलांग लगा दी। गुरुवार दोपहर करीब 2:30 बजे लोडिंग टेंपो और पांच कारों में सवार होकर आए हमलावरों ने मनीष नायक, पुष्कर और अर्जुन नायक के घरों को निशाना बनाया। उन्होंने घरों में घुसकर जमकर तोड़फोड़ की। मनीष नायक की पत्नी पूजा मेघवाल पर पत्थर से हमला किया गया, जिससे उनके सिर में गंभीर चोट आई। यहां से शुरू हुआ विवाद यह विवाद 24 फरवरी की रात को शुरू हुआ था, जब दीपेश गुर्जर ने अपनी बिना नंबर की थार गाड़ी से मनीष नायक की बाइक को टक्कर मार दी थी। इस हादसे में मनीष घायल हो गए थे। पीड़ितों का आरोप है कि मेडिकल जांच के बावजूद पुलिस ने प्रभावशाली लोगों के दबाव में आकर उन्हें ही झूठे मामलों में फंसाने की धमकी दी थी। हमसे टकराने का अंजाम बुरा होगा पीड़ितों के अनुसार, गोपाल गुर्जर, सरदार सिंह, दीपेश और उनके साथियों ने जातिगत गालियां देते हुए धमकी दी कि इस इलाके में हमारा आतंक है और हमसे टकराने का अंजाम बुरा होगा। घटना के बाद डरे-सहमे पीड़ित परिवार शाम को नीमच पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और न्याय की गुहार लगाई। दहशत में परिवार ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि आरोपी मछली पालन के बड़े ठेकेदार हैं और उनके राजनीतिक रसूख के कारण पुलिस कार्रवाई करने से बच रही है। पीड़ितों ने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं की गई और उन्हें सुरक्षा नहीं मिली, तो उनके परिवार की जान को खतरा बना रहेगा।
जमुई-लखीसराय मुख्य मार्ग पर गुरुवार देर शाम एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने हरनाहा पेट्रोल पंप के पास सड़क पर जा रहे भाई-बहन को टक्कर मार दी। अनियंत्रित स्कॉर्पियो इसके बाद सड़क किनारे खड़ी पांच बाइकों को कुचलते हुए एक चाय की दुकान में जा घुसी। इस हादसे में भाई-बहन समेत कुल पांच लोग घायल हो गए, जबकि पांच बाइकें और दुकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। घटना पास लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। देखें,मौके से आई तस्वीरें… 19 वर्षीय खुशी घायल, भाई दयानंद चोटिल घायलों में सोनो प्रखंड के चपरी गांव निवासी काशी यादव की 19 वर्षीय पुत्री खुशी कुमारी गंभीर रूप से घायल हुई हैं, जबकि उनका भाई दयानंद कुमार भी चोटिल हुआ है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर इतनी भीषण थी कि खुशी स्कॉर्पियो के अंदर जा गिरी, वहीं दयानंद सड़क किनारे जा गिरा। खुशी को तुरंत एक निजी क्लीनिक में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। हादसे में तीन अन्य लोगों को भी हल्की चोटें आई हैं। दुर्घटना में पांच बाइकें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं दुर्घटना में सड़क किनारे खड़ी पांच बाइकें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं; तीन स्कॉर्पियो के नीचे फंस गईं, जबकि दो बाहर गिरकर टूट गईं। बाइक मालिक प्रशांत कुमार ने बताया कि वे सामान खरीद रहे थे, तभी तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने उनकी बाइक समेत अन्य गाड़ियों को रौंद दिया और दुकान से टकरा गई। उन्होंने आरोप लगाया कि चालक नशे की हालत में था और वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका। चाय दुकान संचालिका बोली- दुकान को नुकसान हुआ चाय दुकान संचालिका रानी कुमारी ने बताया कि वाहन अचानक उनकी दुकान की ओर आया और टकरा गया, जिससे दुकान को काफी नुकसान हुआ। इस घटना में उनके पांच वर्षीय बेटे के हाथ में भी चोट लगी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज में हादसे का दृश्य बेहद भयावह दिख रहा है। दुर्घटनाग्रस्त स्कॉर्पियो पर लोजपा (आर) का झंडा लगा था। वाहन मालिक शिबू सिंह ने बताया कि वे देवघर से पूरे परिवार के साथ एक शादी समारोह से लौट रहे थे। उनके अनुसार, एक बाइक सवार अचानक सामने आ गया, जिसे बचाने के प्रयास में स्टेयरिंग मुड़ गया और यह हादसा हो गया। उन्होंने शराब पीने के आरोप से इनकार करते हुए कहा कि घटना में जिनका नुकसान हुआ है, उनकी भरपाई की जाएगी। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा रहा है।
सरहदी जिले जैसलमेर में गुरुवार को देश की तीनों सर्वोच्च शक्तियों का समागम देखने को मिला। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के आगमन से पूरा शहर छावनी में तब्दील नजर आया। पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज में होने वाले वायुसेना के युद्धाभ्यास ‘वायु शक्ति-2026’ में कल राष्ट्रपति मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। शाम को VVIP विजिट से बढ़ी हलचल जैसलमेर के सिविल और वायुसेना स्टेशन पर गुरुवार शाम को हलचल तेज रही। भाजपा नेता कंवराज सिंह चौहान द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार सीएम भजनलाल शर्मा विशेष विमान से सबसे पहले जैसलमेर पहुंचे। उनके साथ विमान में जैसलमेर विधायक छोटू सिंह भाटी, पोकरण विधायक महंत प्रतापपुरी और राज्य मंत्री केके विश्नोई भी मौजूद रहे। राज्यपाल का आगमन सीएम के बाद राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े जैसलमेर पहुंचे। शाम 7 बजे के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का विमान वायुसेना स्टेशन पर उतरा। यहां मुख्यमंत्री और राज्यपाल ने उनकी अगवानी की और गर्मजोशी से स्वागत किया। स्वागत के बाद अलग-अलग दिशाओं में निकले काफिले। राष्ट्रपति के आगमन और औपचारिक स्वागत के बाद तीनों विशिष्ट अतिथियों के काफिले अलग-अलग दिशाओं में रवाना हुए: राष्ट्रपति: वायुसेना स्टेशन से सीधे आर्मी कैंट के लिए रवाना हुईं, जहां वे रात्रि विश्राम करेंगी। राज्यपाल: राज्यपाल का काफिला रात्रि विश्राम के लिए BSF सेक्टर हेडक्वार्टर की ओर निकला। मुख्यमंत्री: राष्ट्रपति को रिसीव करने के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा विशेष विमान से वापस जयपुर के लिए रवाना हो गए। कल दिखेगा आसमान में शौर्य कल, 27 फरवरी को शाम 5 बजे पोकरण रेंज में 'वायु शक्ति-2026' का आयोजन होगा। इस कार्यक्रम में राष्ट्रपति मुर्मू के साथ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और राज्यपाल भी मौजूद रहेंगे। भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान अपनी मारक क्षमता का प्रदर्शन करेंगे।
आमने-सामने से टकराईं बाइक, दो की मौत:छिंदवाड़ा में पिकअप से अस्पताल लाए; दो का उपचार चल रहा
छिंदवाड़ा में दो बाइक आमने-सामने से टकरा गईं। हादसे में दो युवकों की मौत हो गई। वहीं दो का इलाज चल रहा है। हादसा गुरुवार शाम अमरवाड़ा थाना क्षेत्र की सिंगोड़ी चौकी अंतर्गत हुआ। मृतकों की पहचान आकाश चंद्रवंशी, निवासी खामी थाना अमरवाड़ा और कित चंद्रवंशी, निवासी खकरा चौरई के रूप में हुई है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दो बाइक पर दो-दो लोग सवार थे। तेज रफ्तार और अचानक सामने आने के कारण दोनों वाहनों का संतुलन बिगड़ गया और जोरदार टक्कर हो गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। पहले तस्वीरें देखिए… एंबुलेंस नहीं मिली, पिकअप से पहुंचाया अस्पतालघटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने घायलों की मदद की, लेकिन समय पर एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हो सकी। ऐसे में ग्रामीणों ने मानवता दिखाते हुए घायलों को पिकअप वाहन से जिला अस्पताल छिंदवाड़ा पहुंचाया, जहां सभी को भर्ती कर उपचार शुरू किया गया। इलाज के दौरान दो की मौतडॉक्टरों के अनुसार, घायलों में से आकाश चंद्रवंशी और कित चंद्रवंशी की मौत हो गई, जबकि अन्य दो घायलों का उपचार जारी है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार को दुर्घटना की मुख्य वजह माना जा रहा है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की पड़ताल कर रही है।
कोहना में FORTUNER और BMW में जोरदार भिड़ंत:100 की स्पीड में भाग रही थी कार, 42 बार हो चुका है चालान
वीआईपी रोड पर बुधवार देर रात कोहना थानाक्षेत्र में भैरोघाट चौराहे के पास 100 से ज्यादा स्पीड में भाग रही फार्च्यूनर की बीएमडब्ल्यू से जोरदार भिड़ंत हो गई। बड़ी बात यह है कि फार्च्यूनर का हाल के महीनों में 42 बार चालान हो चुका है और 82 हजार रुपए जुर्माना भी बकाया है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कार सवार दोनों लोग काफी नशे में थे। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों कारों के एयरबैग तक खुल गए, जिससे उनकी जान बच गई। गनीमत रही कि इनकी चपेट में कोई राहगीर नहीं आया वरना उसकी जान चली जाती। भैरोघाट चौराहे के पास हुआ हादसा वीआईपी रोड पर भैरोघाट चौराहे के पास रात करीब 2 बजे 100 से ज्यादा की रफ्तार से आ रही बीएमडब्ल्यू और फार्च्यूनर कार में भिड़ंत हो गई, जिससे वह सड़क किनारे खंभे से जा भिड़ी टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों ही कारों के एयरबैग तक खुल गए, जिससे किसी को चोट नहीं आई। बताया जा रहा है कि दोनों कारों में सवार लोग नशे की हालत में थे। कुछ देर में दो कारें आई जिसमें बैठकर सभी चले गए। किसी के घायल न होने पर पुलिस को देखकर लौट गई। फार्च्यूनर कार कन्नौज जनपद के जीटी रोड स्थित जसोदा कोल्ड स्टोरेज प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर पंजीकृत है। इस कार में कुल 42 चालान हैं, जिसमें 82 हजार रुपये का जुर्माना किया गया है जिसका अब तक भुगतान नहीं किया गया है। ज्यादातर चालान मानक से तेज रफ्तार से वाहन चलाने के मामले में किए गए हैं। वहीं बीएमडब्ल्यू कार शहर के चुन्नीगंज स्थित स्काईलार्क काम्लेक्स स्थित गौतमी आयल एन केमिकल्स प्राइवेट लिमिटेड फर्म के नाम पर पंजीकृत है। इस पर भी दो 2250 रुपये के दो चालान हैं। दोनों पक्षों ने किया समझौता हादसे के बाद बदनामी से बचने के लिए दोनों कारों के मालिक अपने परिजन और कर्मचारियों की मदद से रात में ही दूसरी कार से रस्सी बांधकर उसे खींचकर वहां से ले गए। कोहना थाना प्रभारी प्रतीक सिंह ने बताया कि दोनों कारों के मालिक एक दूसरे की कारों में हुए नुकसान की भरपाई को लेकर समझौता करके चले गए, किसी ने कोई तहरीर नहीं दी है।
विधान पार्षद अशोक कुमार अग्रवाल ने बिहार विधान परिषद् में कटिहार शहर के विजय बाबू पोखर औद्योगिक प्रांगण से उद्यमियों के पलायन का मुद्दा उठाया। उन्होंने सदन को बताया कि सरकार का पूर्ण सहयोग न मिलने के कारण उद्यमी अपना उद्यम छोड़कर चले गए हैं। अग्रवाल ने बताया कि विजय बाबू पोखर औद्योगिक प्रांगण में दर्जनों उद्यमी लगभग 50 वर्षों से उद्योग चला रहे थे। बियाडा की ओर से सहयोग न मिलने के कारण कई औद्योगिक इकाइयों को रद्द करना पड़ा, जिससे इन उद्यमियों को बेरोजगारी का सामना करना पड़ा। उद्योगों को पुनर्जीवित करने, सहयोग प्रदान करने और सुविधाएं उपलब्ध कराने के संबंध में सरकार ने सदन को जानकारी दी। सरकार के अनुसार, विजय बाबू पोखर औद्योगिक प्रांगण कुल 24.31 एकड़ भूमि में स्थित है और वर्तमान में 32 इकाइयां सफलतापूर्वक संचालित हो रही हैं। बंद पड़ी या रद्द हुई इकाइयों के लिए एग्जिट नीति और एमनेस्टी नीति 2025 का लाभ प्रदान किया जा रहा है। सरकार ने यह भी बताया कि भूमि आवंटन के नियम व शर्तों का उल्लंघन करने पर पर्याप्त अवसर देने के बाद बियाडा अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाती है।
765 केवी लाइन से केबल चोरी का सरगना गिरफ्तार:2 क्विंटल तार और वाहन जब्त किया, 4 आरोपी पहले पकड़े गए
बालोतरा की पचपदरा थाना पुलिस ने हाई ट्रांसमिशन लाइन से एल्युमिनियम केबल चोरी करने वाले गिरोह के मुख्य सरगना को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से करीब 2 क्विंटल एल्युमिनियम तार और एक बिना नंबर का गेटवे वाहन जब्त किया। इससे पहले, पुलिस इसी गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार कर 7.5 क्विंटल एल्युमिनियम तार और दो वाहन बरामद कर चुकी है। 4 फरवरी को मामला दर्ज हुआ था 4 फरवरी को दर्ज कराए मामले में स्टरलाइट कंपनी के सलाहकार मुरलीधर गौड़ ने पुलिस को बताया था कि फतेहगढ़ से ब्यावर तक बिछाई जा रही 765 केवी हाई ट्रांसमिशन लाइन से 2 फरवरी की रात राजीव नगर-नवातला क्षेत्र में लगभग 1900 मीटर (करीब 3500 किलोग्राम) एल्युमिनियम केबल चोरी कर ली गई थी। कंपनी की ओर से यह कार्य केईसी द्वारा किया जा रहा था। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। पुलिस अधीक्षक रमेश कुमार के निर्देश पर जिले में चोरी की वारदातों के खुलासे के लिए 'ऑपरेशन अश्ववेग' चलाया गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हरफूल सिंह और पुलिस उपाधीक्षक विकास कुमार के सुपरविजन में पचपदरा थानाधिकारी अचलाराम के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने सूचना और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर इलियास खान, मूलाराम, मुकेश और रोशन खान को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में चोरी करना और माल खरीदना स्वीकार किया पूछताछ में आरोपियों ने फतेहगढ़-3 ब्यावर 765 केवी लाइन से एल्युमिनियम तार चोरी करना और चोरी का माल खरीदना स्वीकार किया। उनकी निशानदेही पर करीब 6 क्विंटल एल्युमिनियम तार और घटना में प्रयुक्त एक बिना नंबर की फॉर्च्यूनर कार बरामद की गई। बाद में, रोशन खान की गिरफ्तारी के साथ 1.5 क्विंटल तार और एक बोलेरो वाहन भी जब्त किया गया। मुख्य सरगना आसीन उर्फ कोजे खान गिरफ्तार जांच के दौरान पुलिस ने गिरोह के मुख्य सरगना आसीन उर्फ कोजे खान पुत्र सुभान खान निवासी सुनगरियानाडा, गंगापुरा (पचपदरा) को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से 2 क्विंटल एल्युमिनियम तार और बिना नंबर की गेटवे वाहन बरामद की गई। आरोपी को कोर्ट में पेश करने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। पुलिस अन्य फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है।
कटिहार ट्रैफिक पुलिस ने हेलमेट बांटे:चालान काटने की बजाय सुरक्षा का संदेश दिया
बिहार पुलिस सप्ताह के अवसर पर कटिहार में ट्रैफिक पुलिस ने एक अनूठी पहल की। आमतौर पर यातायात नियम तोड़ने पर चालान काटे जाते हैं, लेकिन इस बार पुलिस ने सख्ती के बजाय जागरूकता का रास्ता अपनाया। कटिहार यातायात थाना पुलिस ने अमर जवान चौक सहित शहर के व्यस्त चौराहों पर वाहन जांच अभियान चलाया। इस दौरान बिना हेलमेट बाइक चला रहे युवाओं और सीट बेल्ट नहीं लगाने वाले चारपहिया वाहन चालकों को रोका गया। पुलिस ने उन्हें दंडित करने के बजाय हेलमेट भेंट किए और यातायात नियमों का पालन करने का संदेश दिया। अभियान के दौरान ट्रिपलिंग कर रहे बाइक सवारों को विशेष रूप से समझाया गया कि यह सड़क हादसों का एक प्रमुख कारण है। मौके पर ही कई लोगों को सीट बेल्ट लगाने की भी हिदायत दी गई। ट्रैफिक डीएसपी सद्दाम हुसैन ने बताया कि हेलमेट और सीट बेल्ट केवल जुर्माने से बचने के लिए नहीं, बल्कि अपनी और परिवार की सुरक्षा के लिए आवश्यक हैं। पुलिस की इस पहल की स्थानीय लोगों ने भी सराहना की। उनका कहना था कि ऐसी मुहिम से यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ती है।
गुरुग्राम में पुलिस और नगर निगम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए सरकारी जमीन पर किए गए अवैध कब्जे को ध्वस्त कर दिया है। यह कार्रवाई सेक्टर-63A में नगर निगम की लगभग दो कनाल भूमि पर की गई, जहां अवैध रूप से दुकानें बनाई गई थीं। यह अभियान अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे सख्त अभियान का हिस्सा है, जिसके तहत अपराध से अर्जित अवैध संपत्तियों पर रोक लगाने और कानून-व्यवस्था को मजबूत करने का लक्ष्य है। पुलिस ऐसे आदतन अपराधियों की पहचान कर रही है जो अवैध तरीकों से संपत्ति अर्जित करते हैं। दो अपराधियों के कब्जों पर कार्रवाई की 24 फरवरी को पुलिस थाना सेक्टर-65 की टीम ने गांव कादरपुर निवासी दो अपराधी विनय और संजू के अवैध कब्जे के खिलाफ यह कार्रवाई की। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, ये दोनों आरोपी लड़ाई-झगड़ा, लोगों में भय फैलाने, हत्या के प्रयास और अवैध हथियार रखने जैसे गंभीर मामलों में शामिल रहे हैं और कई बार जेल जा चुके हैं। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने सेक्टर-63A स्थित नगर निगम की दो कनाल सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा कर टीन शेड डालकर दुकानें बना रखी थीं। इन दुकानों से वे अनुचित लाभ कमा रहे थे। कई अधिकारी मौजूद रहे इस कार्रवाई में नगर निगम अधिकारी आर.के. मोंगिया, इंस्पेक्टर रामबीर और थाना सेक्टर-65 की पुलिस टीम मौके पर मौजूद रही। बुलडोजर चलाकर अवैध दुकानों को ध्वस्त किया गया और पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।
भागलपुर पुलिस को अवैध शराब के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। बरारी थाना क्षेत्र के विक्रमशिला टीओपी के पास वाहन जांच के दौरान एक टैंकर से भारी मात्रा में विदेशी शराब बरामद की गई है। जब्त शराब की कुल मात्रा 3773.625 लीटर बताई जा रही है। इस कार्रवाई में दो तस्करों को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि भागलपुर से एक टैंकर में अवैध विदेशी शराब लोड कर नवगछिया की ओर भेजी जा रही है। इस सूचना पर सिटी एसपी शैलेंद्र सिंह के निर्देश पर विक्रमशिला टीओपी के पास सघन वाहन जांच अभियान चलाया गया। जांच के दौरान, 'भारत पेट्रोलियम' लिखे एक सफेद रंग के संदिग्ध टैंकर को रोका गया। पुलिस ने जब टैंकर की तलाशी ली, तो उसके अंदर विशेष रूप से छिपाकर रखी गई भारी मात्रा में विदेशी शराब मिली। शराब को इस तरह से छिपाया गया था कि पहली नजर में टैंकर सामान्य पेट्रोलियम वाहन लगे। बरामद शराब की मात्रा 3773.625 लीटर है, जिसकी बाजार कीमत लाखों रुपये आंकी गई है। मौके से दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। ये दोनों आरोपी मुजफ्फरपुर जिले के निवासी बताए जा रहे हैं। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए दोनों व्यक्ति पहले भी शराब के अवैध कारोबार के मामलों में जेल जा चुके हैं और दोबारा इस धंधे में संलिप्त पाए गए हैं। सिटी एसपी शैलेंद्र सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है, ताकि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि जिले में अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और तस्करों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस की इस कार्रवाई से शराब तस्करों में हड़कंप मच गया है। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
दिल्ली की जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी(JNU) में स्टूडेंट यूनियन के प्रदर्शन के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली पुलिस पर पत्थर फेंके, पुलिसवालों को दांत से काटा और जूते फेंके। पुलिस ने कहा कि इसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं। पुलिस ने इसके बाद कई लोगों को हिरासत में ले लिया है। जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी स्टूडेंट यूनियन(JNUSU) UGC रेगुलेशन लागू करने की मांग को लेकर मार्च निकाल रहा था। ये मार्च शिक्षा मंत्रालय तक निकाला जाना था लेकिन पुलिस ने इसे बीच में ही रोक दिया। पुलिस का आरोप है कि मार्च रोकने के बाद कुछ प्रोटेस्टर्स ने उनपर हमला कर दिया। इसके बीच यूनिवर्सिटी का भी बयान आया। JNU ने कहा कि यह मांग माननीय सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश का उल्लंघन है जिसने रेगुलेशन पर स्टे जारी किया था। JNU के वाइस चांसलर या रजिस्ट्रार के पास रेगुलेशन पर कोई अधिकार नहीं है। पुलिस पर हमले की 3 तस्वीरेंं… छात्रसंघ अध्यक्ष, पूर्व प्रेसिडेंट व अन्य लोग हिरासत में लिए गए पुलिस ने बताया कि जब प्रोटेस्ट करने वालों ने कैंपस से रैली निकालने की कोशिश की तो कॉलेज गेट पर स्टूडेंट्स की पुलिस से झड़प हो गई। उन्होंने कहा कि JNUSU प्रेसिडेंट अदिति मिश्रा, पूर्व प्रेसिडेंट नीतीश कुमार और कई अन्य लोगों को हिरासत में लिया गया। पुलिस ने कहा कि स्टूडेंट्स ने जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी कैंपस से शिक्षा मंत्रालय तक लॉन्ग मार्च का आह्वान किया था। यह मार्च यूनिवर्सिटी के VC के हाल ही में एक पॉडकास्ट पर UGC के नियमों को लागू करने, JNUSU के पदाधिकारियों को निकालने और प्रस्तावित रोहित एक्ट पर दिए गए बयानों के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शनों का हिस्सा था। प्रदर्शनकारियों का आरोप- पुलिस कुछ लोगों को अनकन्फर्म जगह पर ले गई प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया है कि उनके खिलाफ बहुत ज्यादा बल इस्तेमाल किया गया, झड़प में कई छात्र घायल हुए और उनमें से कुछ को पुलिस अनकन्फर्म जगहों पर ले गई। पुलिस के मुताबिक, JNU एडमिनिस्ट्रेशन ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों को बताया था कि कैंपस के बाहर किसी भी विरोध प्रदर्शन की इजाजत नहीं दी गई है। इसके बावजूद, लगभग 400-500 छात्र कैंपस में इकट्ठा हुए और विरोध मार्च शुरू किया। पुलिस ने कहा कि दोपहर लगभग 3.20 बजे, प्रदर्शनकारी मेन गेट से बाहर निकले और मिनिस्ट्री की ओर बढ़ने की कोशिश की। एक सीनियर पुलिस ऑफिसर ने कहा- जैसे-जैसे हालात बिगड़े, कैंपस के बाहर लगे बैरिकेड्स टूट गए। प्रोटेस्ट करने वालों ने बैनर और डंडे फेंके, जूते फेंके और मारपीट की। हाथापाई के दौरान कुछ पुलिसवालों को दांत से काटा गया, जिससे मौके पर तैनात कई ऑफिसर घायल हो गए। JNU ने कहा- हमारी सरकार को जवाबदेही JNU ने सोशल मीडिया X पर एक पोस्ट में कहा कि JNU एक पब्लिक यूनिवर्सिटी है इसलिए सरकार, पार्लियामेंट और भारतीय टैक्सपेयर्स के प्रति जवाबदेह है। यह बहुत बुरा है कि एक महिला OBC वाइस चांसलर पर झूठे आरोप लगाकर हमला किया जा रहा है, सिर्फ पब्लिक प्रॉपर्टी की हिंसा और तोड़-फोड़ के मुद्दे से ध्यान भटकाने के लिए। टीचर्स एसोसिएशन ने पुलिस कार्रवाई की निंदा की जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन (JNUTA) ने पुलिस कार्रवाई की निंदा की है। एसोसिएशन ने आरोप लगाया कि महिलाओं समेत कई स्टूडेंट घायल हुए हैं। JNUTA ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस की कार्रवाई का मकसद स्टूडेंट्स को मार्च करने के उनके डेमोक्रेटिक अधिकार का इस्तेमाल करने से रोकना था। एसोसिएशन ने हिरासत में लिए गए सभी स्टूडेंट्स को तुरंत रिहा करने की मांग की। पहले इस पूरे मामले को समझें UGC के नए कानून का नाम है- 'प्रमोशन ऑफ इक्विटी इन हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशन रेगुलेशन्स, 2026।' इसके तहत कॉलेजों और यूनिवर्सिटी में SC, ST और OBC छात्रों के खिलाफ जातीय भेदभाव रोकने के लिए कई निर्देश दिए गए थे। नए नियमों के तहत, कॉलेजों और यूनिवर्सिटी में विशेष समितियां, हेल्पलाइन और मॉनिटरिंग टीमें बनाने का निर्देश दिया गया। ये टीमें SC, ST और OBC छात्रों की शिकायतों को देखेंगी। सरकार का कहना है कि ये बदलाव उच्च शिक्षा संस्थानों में निष्पक्षता और जवाबदेही लाने के लिए किए गए हैं। हालांकि, सवर्ण जाति के स्टूडेंट्स का आरोप है कि UGC ने जाति आधारित भेदभाव की गैर-समावेशी परिभाषा अपनाई है और इससे कॉलेजों में अराजकता पैदा होगी। सवर्ण जाति के स्टूडेंट्स का आरोप है कि नए नियमों में सवर्ण छात्र ‘स्वाभाविक अपराधी’ बना दिए गए हैं। इनसे उनके खिलाफ भेदभाव को बढ़ावा मिलेगा। 30 जनवरी: सुप्रीम कोर्ट ने UGC के नए नियमों पर रोक लगाई सुप्रीम कोर्ट ने 30 जनवरी को यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) के नए नियमों पर अगले आदेश तक रोक लगा दी थी। CJI सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या की बेंच ने कहा कि इसके प्रावधान स्पष्ट नहीं हैं और इनका गलत इस्तेमाल हो सकता है। कोर्ट ने यह टिप्पणी मृत्युंजय तिवारी, एडवोकेट विनीत जिंदल और राहुल दीवान की याचिकाओं पर की, जिनमें आरोप लगाया गया है कि नए नियम जनरल कैटेगरी के छात्रों के साथ भेदभाव करते हैं। UGC ने 13 जनवरी को अपने नए नियमों को नोटिफाई किया था। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और UGC को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। साथ ही नियमों का ड्राफ्ट फिर से तैयार करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा कि इस मामले में अगली सुनवाई अब 19 मार्च को होगी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि फिलहाल 2012 के UGC नियम देशभर में लागू रहेंगे। ------------ ये खबर भी पढ़ें… 'करप्शन इन ज्यूडीशियरी' वाली NCERT किताब पर SC का बैन:कहा- हार्ड कॉपी वापस लें, डिजिटल कॉपी हटाएं सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को ‘न्यायपालिका में भ्रष्टाचार’ चैप्टर वाली NCERT के 8वीं क्लास की सोशल साइंस की किताब बैन कर दी है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि जो किताबें छप चुकी हैं, उसे जब्त कीजिए और डिजिटल कॉपियों को भी हटाइए। पूरी खबर पढ़ें…
कानपुर में आज से बिठूर महोत्सव का भव्य शुभारंभ हो गया है। कार्यक्रम की शुरुआत देशभक्ति गीत से हुई। स्क्रीन पर तिरंगा लहराया। ‘वंदे मातरम’ के दौरान पूरे पंडाल में “भारत माता की जय” के नारे लगे। गायक पलाश सेन के मंच पर आते ही माहौल पूरी तरह संगीतमय हो गया। जैसे ही उन्होंने अपने लोकप्रिय गीत गाने शुरू किए, कनपुरिया दर्शक खुद को रोक नहीं पाए और स्टेज के पास पहुंचकर उनके साथ झूमने लगे। पलाश सेन ने भी दर्शकों के उत्साह का भरपूर जवाब दिया। उन्होंने कहा- कानपुर की धरती पर आना मेरा सौभाग्य है। यहां के कनपुरियों के साथ नाचने का अलग ही आनंद है। तीन दिवसीय बिठूर महोत्सव का शुभारंभ प्रभारी मंत्री योगेंद्र उपाध्याय समेत जनप्रतिनिधियों ने स्वस्तिवाचन के बीच दीप प्रज्वलन कर किया। मुख्य अतिथि ने बिठूर की ऐतिहासिक व सांस्कृतिक धरा को नमन करते हुए कहा- ऐसे आयोजन विरासत को नई चेतना देते हैं और कलाकारों को मंच प्रदान करते हैं। दीप प्रज्वलन के बाद “जय हो धरा बिठूर” गीत की प्रस्तुति ने समां बांधी। वहीं भोपाल कत्थक समिति की अनुराधा सिंह ने शास्त्रीय नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति देकर दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया। तस्वीरें देखिए…. बिठूर महोत्सव की पल-पल की अपडेट के लिए नीचे लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए….
उत्तर पश्चिम रेलवे ने साबरमती रेलवे स्टेशन पर चल रहे पुनर्विकास कार्यों के चलते जोधपुर-साबरमती-जोधपुर ट्रेन को आंशिक रूप से रद्द करने का निर्णय लिया है। यह बदलाव 27 और 28 फरवरी के लिए लागू रहेगा, जिससे इस मार्ग पर यात्रा करने वाले यात्रियों को अपनी यात्रा योजना में बदलाव करना पड़ सकता है। आबू रोड तक ही होगा संचालन उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन ने बताया- साबरमती स्टेशन पर विकास कार्यों के लिए रेलवे द्वारा ब्लॉक लिया जा रहा है। इसके प्रभाव से गाड़ी संख्या 14821, जोधपुर-साबरमती रेल सेवा जो 27 फरवरी को जोधपुर से प्रस्थान करेगी, वह केवल आबू रोड तक ही संचालित होगी। यह ट्रेन आबू रोड और साबरमती के मध्य आंशिक रूप से रद्द रहेगी। वापसी में भी साबरमती नहीं जाएगी ट्रेन इसी तरह वापसी मार्ग पर भी ट्रेन साबरमती स्टेशन से रवाना नहीं होगी। गाड़ी संख्या 14822, साबरमती-जोधपुर रेल सेवा 28 फरवरी को साबरमती के बजाय आबू रोड स्टेशन से संचालित की जाएगी। यानी, साबरमती और आबू रोड के मध्य इस ट्रेन का संचालन पूरी तरह से रद्द रहेगा। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे असुविधा से बचने के लिए यात्रा से पूर्व ट्रेन की स्थिति की जानकारी अवश्य ले लें।
खगड़िया में कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा, गरिमा और समान अवसर सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक दिवसीय जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला समाहरणालय सभाकक्ष में महिला एवं बाल विकास निगम, खगड़िया द्वारा आयोजित की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाधिकारी नवीन कुमार ने की। कार्यशाला में राज्य परियोजना प्रबंधक श्रीमती अंकिता कश्यप ने कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम के प्रावधानों पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सभी सरकारी और गैर-सरकारी संस्थानों में आंतरिक समिति (IC) का गठन अनिवार्य है। असंगठित क्षेत्र की शिकायतों के लिए जिला स्तर पर स्थानीय समिति (LC) कार्यरत है। अधिनियम के तहत, समिति का गठन नहीं करने पर 50,000 रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। कार्यशाला से जुड़ी तस्वीरें… हर कार्यस्थल की संस्कृति होनी चाहिएजिलाधिकारी नवीन कुमार ने सभी विभागों को निर्देश दिया कि वे अपने कार्यालयों में आंतरिक समिति का शीघ्र गठन सुनिश्चित करें। उन्होंने महिलाओं के लिए सुरक्षित, सम्मानजनक और संवेदनशील कार्य वातावरण उपलब्ध कराने पर जोर दिया। जिलाधिकारी ने कहा, समानता और सम्मान केवल शब्द नहीं, बल्कि हर कार्यस्थल की संस्कृति होनी चाहिए। इस अवसर पर आईसीडीएस की जिला कार्यक्रम पदाधिकारी श्रीमती अमृता रंजन, महिला एवं बाल विकास निगम, खगड़िया के जिला परियोजना प्रबंधक श्री विजय कुमार, मनोवैज्ञानिक परामर्शदाता श्रीमती अन्नु कुमारी और कार्यालय सहायक सुश्री रूपा कुमारी सहित महिला विकास एवं आईसीडीएस, खगड़िया की टीम उपस्थित रही। अधिकारियों और कर्मियों ने अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के प्रति सक्रिय सहभागिता और प्रतिबद्धता व्यक्त की। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य जिले के सभी कार्यस्थलों को सुरक्षित, लैंगिक रूप से संवेदनशील और कानूनसम्मत वातावरण प्रदान करना है।
कटिहार में भूकंप जैसी आपदा से निपटने की तैयारियों का आकलन करने के लिए एक बड़ा अभ्यास किया गया। राज्य स्तरीय मॉडल के तहत आयोजित इस मॉक ड्रिल में जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी भी मौजूद रहे। यह विशेष मॉक ड्रिल हरिशंकर नायक विद्यालय परिसर में आयोजित की गई। इसमें भूकंप की एक काल्पनिक स्थिति बनाई गई, ताकि यह प्रदर्शित किया जा सके कि आपदा के समय प्रशासन और राहत एजेंसियां किस प्रकार मिलकर त्वरित कार्रवाई करती हैं। इस अभ्यास में आपदा प्रबंधन टीम, स्वास्थ्य विभाग, पुलिस और अन्य संबंधित विभागों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। भूकंप का सायरन बजते ही, इमारत में मौजूद लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। कुछ प्रतिभागियों को घायल मानते हुए उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया और एंबुलेंस के माध्यम से अस्पताल भेजने की प्रक्रिया का भी अभ्यास किया गया। जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने बताया कि इस तरह के अभ्यास का मुख्य उद्देश्य आपदा के दौरान घबराहट को कम करना और राहत-बचाव कार्यों को अधिक तेज एवं प्रभावी बनाना है। मॉक ड्रिल के माध्यम से यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि सतर्कता, बेहतर समन्वय और समय पर की गई कार्रवाई से जान-माल के नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है। मॉक ड्रिल की तस्वीरें…
बठिंडा में रेलवे लाइन के पास मिला शव:मोबाइल से हुई पहचान, सामाजिक संस्था ने परिजनों को दी सूचना
बठिंडा जिले में गंगानगर रेलवे लाइन के पास एक व्यक्ति का शव मिला है। थर्मल प्लांट के पीछे रेलवे ट्रैक के पास मिले इस शव की पहचान योगेश कुमार बंगा निवासी बीबी वाला रोड के रूप में हुई है। जीआरपी पुलिस मामले की जांच कर रही है। शव मिलने की सूचना सहारा जन सेवा की लाइफ सेविंग ब्रिगेड हेल्पलाइन टीम संदीप गिल को मिली, जिसके बाद वे घटनास्थल पर पहुंचे। वहां जीआरपी और आरपीएफ के अधिकारी भी मौजूद थे। मृतक के पास से एक मोबाइल फोन मिला, जिससे पुलिस और सहारा टीम को उसकी शिनाख्त करने में मदद मिली। परिजनों को दी गई सूचना सहारा टीम ने मृतक के परिजनों को सूचना दे दी है। पुलिस की कार्रवाई पूरी होने के बाद सहारा टीम ने शव को अस्पताल की मोर्चरी में पहुंचाया। सहारा अध्यक्ष गौतम गोयल ने बताया कि प्रत्येक अज्ञात शव को 72 घंटे तक सुरक्षित रखा जाता है और उसकी पहचान के लिए हर संभव प्रयास किए जाते हैं। पहचान न होने पर सहारा टीम द्वारा पूरे सम्मान के साथ उसका अंतिम संस्कार किया जाता है। मामले की जांच में जुटी पुलिस थाना जीआरपी के अधिकारी एएसआई गुरमीत सिंह ने बताया कि उन्हें इस घटना की सूचना मिली थी और उनकी टीम मौके पर पहुंची थी। उन्होंने कहा कि व्यक्ति की पहचान हो चुकी है, लेकिन आगे की जांच जारी है। फिलहाल, शव को 72 घंटों के लिए मोर्चरी में रखा गया है, जिसके बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
नगर परिषद चित्तौड़गढ़ द्वारा हाल ही में 18.27 करोड़ रुपए की घर-घर कचरा संग्रहण का टेंडर जारी किया गया है, जिस पर अब विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस के निवर्तमान सभापति संदीप शर्मा और पूर्व पार्षदों ने इस निविदा को तुरंत निरस्त करने की मांग की है। उन्होंने प्रमुख शासन सचिव, स्थानीय निकाय विभाग रवि जैन को पत्र लिखकर और परिषद के प्रशासक से मिलकर आरोप लगाया कि पूरी प्रक्रिया में भारी अनियमितताएं और भ्रष्टाचार हुआ है। आरोप- फर्म को फायदा पहुंचाने के लिए टेंडर संदीप शर्मा और पूर्व पार्षदों का कहना है कि हरिओम ट्रेडर्स नाम की फर्म को लाभ पहुंचाने के लिए नियमों को नजरअंदाज किया गया। पूर्व सभापति संदीप शर्मा के अनुसार यह फर्म तकनीकी रूप से योग्य नहीं है और उसे इस काम का कोई अनुभव भी नहीं है, फिर भी उपापन समिति ने उसे सफल घोषित कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह फैसला राजनीतिक दबाव में लिया गया है और इससे नगर परिषद को करोड़ों रुपए का नुकसान होगा। बोले- ऊंची दर मंजूर करना संदेह पैदा कर रहा कांग्रेस नेताओं ने कहा कि इस निविदा में 141.51 रुपए प्रति घर तय की गई है, जो अब तक राजस्थान में सबसे ज्यादा बताई जा रही है। उनका कहना है कि एकल निविदा होने के बावजूद इतनी ऊंची दर मंजूर करना संदेह पैदा करता है। उन्होंने यह भी कहा कि दिसंबर 2025 में नगर परिषद निंबाहेड़ा ने 3 करोड़ रुपए की निविदा में इसी फर्म को अयोग्य मानकर बाहर कर दिया था, लेकिन अब चित्तौड़गढ़ में उससे छह गुना बड़ी निविदा में उसे सफल मान लिया गया। कांग्रेस का आरोप है कि यह मामला जांच का विषय है और इसमें बड़े स्तर पर गड़बड़ी की आशंका है। उनका कहना है कि यदि इस फर्म को तीन साल के लिए काम दे दिया गया तो शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह खराब हो सकती है और जनता के पैसों का गलत उपयोग होगा। आयुक्त ने आरोप खारिज किए वहीं नगर परिषद आयुक्त कृष्ण गोपाल माली ने इन आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने बताया कि टेंडर से पहले बिड मीटिंग रखी गई थी, जिसमें छह-सात ठेकेदार शामिल हुए थे। सभी सुझावों को ध्यान में रखकर निविदा की शर्तों में संशोधन किया गया और पोर्टल पर अपलोड भी किया गया। बाद में जब निविदा खोली गई तो सिर्फ एक ही फर्म ने भाग लिया। आयुक्त के अनुसार ठेकेदारों का भाग लेना या न लेना उनका अपना फैसला है। उन्होंने कहा कि तकनीकी मूल्यांकन में फर्म को 75 प्रतिशत अंक मिले हैं और इसकी जांच उपापन समिति ने की है। अंतिम फैसला राज्य स्तरीय समिति करेगी और फाइल जयपुर भेज दी गई है। इस दौरान जो शिकायत भी मिली है फर्म को लेकर वो भी राज्य स्तरीय समिति को भेजी गई है। अगर राज्य सरकार अनुमति देती है तो एक अप्रैल से नया ठेका लागू किया जाएगा, अन्यथा पुराने ठेकेदार की अवधि बढ़ानी पड़ेगी या फिर नए टेंडर खोले जाएंगे। आयुक्त ने कहा कि शहर में कचरा न रुके, इसके लिए परिषद के पास यही दो विकल्प हैं और जो भी फैसला होगा, वह शहर के हित में लिया जाएगा।
कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान के तहत जिले में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। गुरुवार को महाराजगंज एवं बसंतपुर में आयोजित विधानसभा स्तरीय बैठकों में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं की व्यापक भागीदारी देखी गई। अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी के पर्यवेक्षक एवं हिमाचल प्रदेश के इंदौरा विधानसभा के विधायक मलेन्द्र राजन ने महाराजगंज और गोरियाकोठी विधानसभा क्षेत्र के कार्यकर्ताओं के साथ संवाद कर संगठन की मजबूती पर विस्तार से चर्चा की। बैठक को संबोधित करते हुए केंद्रीय पर्यवेक्षक मलेन्द्र राजन ने कहा कि देश के कई राज्यों में कांग्रेस का संगठन सृजन अभियान चल रहा है और बिहार भी इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया का हिस्सा है। उन्होंने बताया कि वे छह दिनों के सीवान प्रवास पर हैं। इस दौरान वे पार्टी संगठन की मजबूती और पुनर्गठन को लेकर जमीनी स्तर पर रायशुमारी करेंगे। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं, सिविल सोसायटी के प्रतिनिधियों और विभिन्न वर्गों से संवाद कर संगठन को और अधिक सक्रिय एवं प्रभावी बनाने की दिशा में सुझाव एकत्र किए जा रहे हैं। पर्यवेक्षक ने कहा कि संगठन की मजबूती ही पार्टी की वास्तविक ताकत होती है। बूथ स्तर से लेकर जिला स्तर तक सक्रिय और समर्पित कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करना इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे आपसी समन्वय और एकजुटता के साथ पार्टी को मजबूत बनाने में योगदान दें। जिलाध्यक्ष सुशील कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि पार्टी की लड़ाई एक प्रतिबद्ध समूह से है और इसे पूरी तन्मयता एवं रणनीति के साथ लड़ना होगा। उन्होंने कहा कि मजबूत संगठन और समर्पित कार्यकर्ता ही कांग्रेस की असली पूंजी हैं। विगत दिनों सीवान में कांग्रेस की सक्रिय उपस्थिति दर्ज कराई गई है और आगे भी सामूहिक नेतृत्व के बल पर संगठन को नई दिशा दी जाएगी। बैठक के दौरान कार्यकर्ताओं ने भी संगठन के विस्तार, नए सदस्यों को जोड़ने तथा आगामी चुनावी रणनीति को लेकर अपने विचार रखे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय पदाधिकारी और सक्रिय कार्यकर्ता मौजूद रहे। बताया गया कि 27 फरवरी को केंद्रीय पर्यवेक्षक दरौली एवं जीरादेई विधानसभा क्षेत्र के कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करेंगे, जहां संगठन सुदृढ़ीकरण को लेकर आगे की रणनीति पर मंथन होगा।
महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार को गुरुवार को सर्वसम्मति से सत्तारूढ़ नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (NCP) का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया। NCP के कार्याध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल ने मुंबई में हुई पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के बाद यह घोषणा की। उन्होंने बताया कि सुनेत्रा पवार के इस्तीफे से खाली हुई राज्यसभा सीट के लिए पार्थ पवार को नामित किया जाएगा। पार्थ अजित पवार और सुनेत्रा के बड़े बेटे हैं। अजित पवार की 28 जनवरी को बारामती में प्लेन क्रैश में निधन हो गया था। वह पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और महाराष्ट्र के डिप्टी CM थे। उनकी मौत के तीसरे दिन, 31 जनवरी को सुनेत्रा पवार को उपमुख्यमंत्री बनाया गया, जिसके चलते उन्होंने राज्यसभा सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। सुनेत्रा पवार जून 2024 में लोकसभा चुनाव में हार के बाद NCP की ओर से राज्यसभा सदस्य निर्विरोध चुनी गई थीं। NCP महाराष्ट्र सरकार में महायुति गठबंधन का हिस्सा है। इसमें भाजपा और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना भी शामिल है। पार्थ पवार 2019 में लोकसभा चुनाव लड़ चुके अजित पवार के बेटे पार्थ पवार ने 2019 के लोकसभा चुनाव से सक्रिय राजनीति में एंट्री ली थी। उन्होंने महाराष्ट्र की मावल लोकसभा सीट से NCP उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा। हालांकि उन्हें इस चुनाव में हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद वे राजनीति में कम सक्रिय दिखाई दिए, लेकिन पार्टी के संगठनात्मक कार्यों और युवा कार्यकर्ताओं के साथ जुड़े रहे। हाल ही में पुणे में मुंडवा की 40 एकड़ सरकारी जमीन की विवादित बिक्री को लेकर पार्थ पवार विवादों में आए थे। महाराष्ट्र की 7 राज्यसभा सीटों पर 16 मार्च को चुनाव महाराष्ट्र में 7 राज्यसभा सीटों के लिए 16 मार्च 2026 को चुनाव होंगे। चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 5 मार्च 2026 है। उसके बाद नामों की जांच 6 मार्च और नाम वापसी 9 मार्च तक हो सकती है। राज्य में NCP (SP) प्रमुख शरद पवार सहित सात राज्यसभा सदस्यों का कार्यकाल अप्रैल में समाप्त होने वाला है। शरद पवार ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि वे दोबारा चुनाव लड़ेंगे या नहीं। इधर, सूत्रों ने PTI को बताया कि भाजपा राज्यसभा चुनाव में चार उम्मीदवार उतार सकती है। महाराष्ट्र विधानसभा में 288 सीटें हैं, जिनमें से भाजपा के पास 132 सीटें, शिवसेना शिंदे के पास 57 और अजित पवार की NCP के पास 41 विधायक हैं। राज्यसभा की एक सीट के लिए 37 वोटों की जरूरत होती है। -------------------------- अजित पवार से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… DGCA ने VSR के 4 लियरजेट विमान ग्राउंड किए:उड़ानों पर रोक लगी; अजित पवार की मौत के बाद कंपनी के सेफ्टी ऑडिट में खामियां मिलीं महाराष्ट्र के बारामती प्लेन क्रैश के बाद नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने VSR वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी पर सख्त कार्रवाई की है। DGCA ने मंगलवार को बताया कि कंपनी के चार लियरजेट 40/45 कैटेगरी के 4 चार्टर्ड प्लेन तत्काल प्रभाव से ग्राउंड कर दिए गए हैं। पूरी खबर पढ़ें… अजित पवार लियरजेट- 45 प्लेन में सवार थे: VSR वेंचर्स के इसी मॉडल का प्लेन 2023 में क्रैश हुआ था, मुंबई रनवे पर दो टुकड़े हुए थे अजित 'लियरजेट 45' प्रीमियम बिजनेस जेट में सवार थे, इसकी ऑपरेटर कंपनी VSR वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड है। इसी कंपनी का 'लियरजेट 45' प्लेन 2023 में मुंबई एयरपोर्ट पर भी क्रैश हो गया था और दो हिस्सों में टूट गया था। पायलट, को-पायलट और 6 यात्रियों को चोटें आई थीं। पूरी खबर पढ़ें…
ग्वालियर की इंदरगंज पुलिस ने एक मसाला कारोबारी को गिरफ्तार किया है। पुलिस टीम ने तलाशी के दौरान उसके फ्लैट से 21 पेटी अवैध देसी शराब जब्त की है। यह कार्रवाई गुरुवार दोपहर फालका बाजार स्थित रामा अपार्टमेंट में की गई। अवैध शराब के साथ पकड़े गए आरोपी की पहचान 42 वर्षीय रूप किशोर गुप्ता, पुत्र गुलाबचंद गुप्ता के रूप में हुई है, जो मूल रूप से डबरा का निवासी है। वह पिछले डेढ़ महीने से ग्वालियर में किराए के फ्लैट में रहकर मसाले बेचने का कारोबार कर रहा था। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने होली के त्योहार पर बेचने के लिए यह शराब जमा की थी। मुखबिर की सूचना पर इंदरगंज पुलिस ने गुरुवार को उसके फ्लैट नंबर 61 पर छापा मारा। तलाशी के दौरान कमरे में मसालों के साथ छिपाकर रखी गई 21 पेटी शराब मिली। जब्त शराब की अनुमानित कीमत 1 लाख रुपए से अधिक बताई जा रही है। इंदरगंज थाना सर्किल के सीएसपी रॉबिन जैन ने बताया कि पुलिस ने कारोबारी रूपकिशोर गुप्ता को 21 पेटी अवैध शराब के साथ पकड़ा है और उससे पूछताछ की जा रही है। पुलिस शराब के स्रोत और इसे लाने वाले लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि यह शराब उसके भतीजे राज गुप्ता, निवासी कोटेश्वर की है, जो उसे उसके फ्लैट पर रख गया था। पुलिस अब उसके भतीजे राज की भी तलाश कर रही है।

