कानपुर में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिस उपायुक्त सेन्ट्रल श्री अतुल कुमार श्रीवास्तव ने गुरुवार को थाना बेकनगंज का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने थाना परिसर, कार्यालय अभिलेख, मालखाना, महिला हेल्प डेस्क, हवालात, सीसीटीवी व्यवस्था, साफ-सफाई, पुलिस बल की उपस्थिति एवं कानून-व्यवस्था से जुड़ी व्यवस्थाओं का गहन अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान पुलिस उपायुक्त ने थाना प्रभारी को लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण, अभिलेखों के अद्यतन रखरखाव तथा आमजन से शालीन, संवेदनशील और सहयोगात्मक व्यवहार बनाए रखने के निर्देश दिए। मुख्य बाजारों और संवेदनशील क्षेत्रों में पैदल गश्त निरीक्षण के उपरांत पुलिस उपायुक्त सेन्ट्रल ने सद्भावना चौकी से पुलिस बल के साथ पैदल गश्त प्रारंभ की। यह गश्त थाना बेकनगंज क्षेत्र के प्रमुख बाजारों और संवेदनशील स्थानों से होकर संपन्न हुई। गश्त के दौरान उन्होंने आम नागरिकों और व्यापारियों से संवाद स्थापित कर उनकी समस्याएं सुनीं। सतर्कता और शांति बनाए रखने का संदेश पैदल गश्त के दौरान पुलिस उपायुक्त ने क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस की सतर्कता का संदेश दिया। साथ ही पुलिस बल को सतत गश्त, कड़ी निगरानी और असामाजिक तत्वों पर प्रभावी नियंत्रण बनाए रखने के निर्देश भी दिए। इस दौरान सहायक पुलिस आयुक्त अनवरगंज अभिषेक कुमार राहुल एवं थाना प्रभारी बेकनगंज उपस्थित रहे।
कैंसर रिसर्च में बड़ी उपलब्धि:IIT कानपुर की प्रो. बुशरा अतीक को जी.डी. बिरला पुरस्कार मिला
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर (IIT कानपुर) के लिए यह गर्व का क्षण है। संस्थान की जैविक विज्ञान एवं जैव अभियांत्रिकी विभाग की प्रोफेसर और डीन (अंतरराष्ट्रीय संबंध) प्रो. बुशरा अतीक को जैविक विज्ञान के क्षेत्र में उत्कृष्ट शोध योगदान के लिए 35वां जी.डी. बिरला वैज्ञानिक अनुसंधान पुरस्कार–2025 से सम्मानित किया गया है। देश के सबसे प्रतिष्ठित वैज्ञानिक सम्मानों में शामिल वर्ष 1991 में के.के. बिरला फाउंडेशन द्वारा स्थापित यह पुरस्कार भारत के सबसे प्रतिष्ठित वैज्ञानिक सम्मानों में गिना जाता है। यह सम्मान 50 वर्ष से कम आयु के उन भारतीय वैज्ञानिकों को दिया जाता है, जिन्होंने विज्ञान और प्रौद्योगिकी के किसी भी क्षेत्र में मौलिक और उच्च प्रभाव वाला अनुसंधान किया हो। पुरस्कार के अंतर्गत ₹5 लाख की नकद राशि प्रदान की जाती है। कठोर चयन प्रक्रिया से होता है चयन जी.डी. बिरला वैज्ञानिक अनुसंधान पुरस्कार का चयन एक विशिष्ट चयन बोर्ड द्वारा किया जाता है, जिसकी अध्यक्षता भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी (INSA) के अध्यक्ष करते हैं। वर्तमान में यह दायित्व प्रो. अशुतोष शर्मा निभा रहे हैं। चयन प्रक्रिया को देश की सबसे कठोर और चयनात्मक प्रक्रियाओं में से एक माना जाता है। कैंसर अनुसंधान में उल्लेखनीय योगदान प्रो. बुशरा अतीक DBT–वेलकम ट्रस्ट इंडिया अलायंस की सीनियर फेलो हैं और IIT कानपुर में एक ट्रांसलेशनल बायोमेडिकल रिसर्च प्रोग्राम का नेतृत्व कर रही हैं। उनका शोध विशेष रूप से प्रोस्टेट और कोलोरेक्टल कैंसर पर केंद्रित है। उनके शोध से यह सामने आया कि एडवांस्ड प्रोस्टेट कैंसर में व्यापक रूप से प्रयुक्त कुछ एंटी-एंड्रोजन दवाएं नुकसानदेह हो सकती हैं। साथ ही उन्होंने केसिन किनेज़-1 अवरोधकों को प्रभावी सहायक उपचार के रूप में पहचाना। इसके अलावा WHO द्वारा अनुमोदित मलेरिया-रोधी दवा आर्टेमिसिनिन के पुनः उपयोग से कैस्ट्रेट-रेज़िस्टेंट प्रोस्टेट कैंसर में दवा संवेदनशीलता बहाल करने का मार्ग प्रशस्त किया। वैश्विक सहयोग में निभा रहीं अहम भूमिका अनुसंधान के साथ-साथ प्रो. अतीक IIT कानपुर में डीन (अंतरराष्ट्रीय संबंध) के रूप में वैश्विक शैक्षणिक साझेदारियों को मजबूत करने और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ सहयोग बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। बरेली से अंतरराष्ट्रीय पहचान तक का सफर प्रो. अतीक ने अपनी शैक्षणिक यात्रा उत्तर प्रदेश के बरेली से शुरू की। उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) से स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी की शिक्षा प्राप्त की। इसके बाद AIIMS, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इम्यूनोलॉजी, मैकगिल यूनिवर्सिटी (कनाडा) और यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन (अमेरिका)** में शोध कार्य किया। वर्ष 2013 में उन्होंने IIT कानपुर में सहायक प्रोफेसर के रूप में कार्यभार संभाला। कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से हो चुकी हैं सम्मानित कैंसर जीवविज्ञान में उनके योगदान के लिए प्रो. बुशरा अतीक को शांति स्वरूप भटनागर पुरस्कार, UNESCO–TWAS पुरस्कार, जे.सी. बोस फेलोशिप, टाटा इनोवेशन फेलोशिप सहित कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मान मिल चुके हैं। वे देश की सभी प्रमुख विज्ञान अकादमियों की निर्वाचित फेलो भी हैं। IIT कानपुर की शोध उत्कृष्टता को मिली नई पहचान जी.डी. बिरला वैज्ञानिक अनुसंधान पुरस्कार से सम्मानित होना न केवल प्रो. बुशरा अतीक की उपलब्धियों को रेखांकित करता है, बल्कि IIT कानपुर की अनुसंधान उत्कृष्टता को भी राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान देता है।
प्रयागराज में दस्तावेजों में हेरफेर कर दो पासपोर्ट बनवाने का मामला सामने आया है। करेली में रहने वाले एक शख्स ने दो डेट ऑफ बर्थ बताकर यह फर्जीवाड़ा किया। लखनऊ में पासपोर्ट मुख्यालय से कराई गई जांच में यह खेल पकड़ में आया। करेली पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। सुल्तानपुर भावा का रहने वालामो० बेलाल सुल्तानपुर भावा करेली का रहने वाला है। करेली थाना के एसआई विजय प्रकाश की ओर से दर्ज कराई गई एफआईआर में बताय गया है कि बेलाल ने अपनी जन्मतिथि 01.12.2005 अंकित करते हुए एक पासपोर्ट 2019 में बनवाया। यह 14.11.2019 को जारी हुआ और 13.11.2023 तक वैलिड रहा। 2024 में एक और पासपोर्ट बनवायाइसके बाद 2024 में एक और पासपोर्ट बनवाया। इसमें जन्मतिथि 01.12.2003 अंकित करते हुए पासपोर्ट 28.11.2024 को जारी किया गया। इसकी वैधता 27.11.2034 है। आरोप है कि मो० बेलाल ने अपनी जन्मतिथि व निवास स्थान में परिवर्तन करते हुए नियमविरुद्ध तरीके से दो पासपोर्ट बनवाए। लखनऊ में हुई गोपनीय जांचयह मामला तब खुला जब वरिष्ठ अधीक्षक (पॉलिसी) श्रेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय लखनऊ की ओर से गोपनीय जांच कराई गई। इसकी रिपोर्ट पासपोर्ट सेल कमिश्नरेट प्रयागराज को भेजी गई और वरिष्ठ अफसरों के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई। करेली पुलिस की ओर मामले में जांच शुरू कर दी गई है।15 दिन के भीतर दूसरा मामलाप्रयागराज में दस्तावेजों में हेरफेर कर दो पासपोर्ट बनवाने का यह 15 दिन के भीतर दूसरा मामला है। इससे पहले मुट्ठीगंज के एक शख्स की ओर से दो पासपोर्ट बनवाने की बात सामने आई थी और इस मामले में एफआईआर भी दर्ज कराई गई थी।
यूपी में पड़ रही कड़ाके की ठंड में बुधवार रात्रि से ही आजमगढ़ भीषण सर्दी से कांप रहा है। यही कारण है कि लगातार जिले में सर्दी और गलन बढ़ रही है। जिसके कारण आम जनमानस को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। गुरुवार की देर रात्रि तक जगह-जगह बड़ी संख्या में लोग अलाव के सामने बैठे नजर आए। गुरुवार को सुबह से लेकर रात तक भीषण सर्दी और गलन जारी रही। जिसके कारण लोगों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। लगातार जिले में बढ़ रही सर्दी के करण जगह-जगह अलाव जलाए गए हैं और बड़ी संख्या में लोग अलाव तापते नजर आ रहे हैं। गुरुवार को पूरे प्रदेश में जो सबसे ठंडा दो जिले हैं। उसमें आजमगढ़ और अयोध्या प्रमुख है। हालांकि कड़ाके की सर्दी को देखते हुए जिला प्रशासन ने कक्षा 8 तक के स्कूलों को बंद कर दिया है। जिससे कि स्कूल जाने वाले बच्चों को इस भीषण सर्दी में समस्या का सामना न करना पड़े। दो दिन पूर्व जिले में धूप निकलने से आम जनता को राहत मिली थी। पर रात्रि से ही तापमान में गिरावट होने लगी। और यही कारण है कि गुरुवार को भीषण सर्दी में सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। सर्दी के साथ चल रही बर्फीली हवाओं से और अधिक सर्दी बढ़ रही है। यही कारण है कि गुरुवार की शाम से ही सड़कों पर सन्नाटा पसर गया। वही मौसम विभाग का कहना है कि शुक्रवार को भी आसमान में बादल छाए रहेंगे। जिला प्रशासन ने दिए निर्देश जिले में लगातार पड़ रही कड़ाके की सर्दी को देखते हुए जिला प्रशासन ने जगह-जगह अलाव जलाने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही रैन बसेरे की भी व्यवस्था को सही रखने का निर्देश दिया गया है। जिले के सभी तहसीलों के एसडीएम और तहसीलदारो को अपने-अपने इलाकों में नजर रखने के निर्देश दिए हैं जिससे कि आम जनमानस को किसी तरह की समस्या का सामना न करना पड़े।
आजमगढ़ जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण SIR का कार्य लगभग पूरा हो गया है। 6 जनवरी को इसे पब्लिश भी कर दिया गया है। जिले में विभिन्न श्रेणी के 5 लाख, 66 हजार, 619 ऐसे वोटर मिले, जिनका नाम मतदाता सूची से हटा दिया जाएगा। जिसमें 1 लाख, 2 हजार, 383 मतदाता मृतक, 2 लाख, 63 हजार, 697 शिफ्टेड, 1 लाख, 23 हजार, 984 अनुपस्थित, 47 हजार 894 डबल और 28 हजार 650 अन्य मतदाता शामिल हैं। आजमगढ़ सदर में कटे सबसे अधिक मतदाताओं के नाम मतदाता पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत आजमगढ़ सदर में सबसे अधिक 86790 मतदाताओं के नाम काटे गए। इनमें से 10433 मतदाताओं की मौत हो चुकी है। जबकि 31480 मतदाता मौके पर नहीं मिले। और 3353 मतदाता शिफ्ट हो चुके हैं। वही आजमगढ़ की सगड़ी विधानसभा में 44973 मतदाताओं की कटौती की गई है जिनमें से 9171 मतदाताओं की मौत हो चुकी है। जबकि 8748 मतदाता मौके पर नहीं मिले और 21991 मतदाता शिफ्ट हो चुके हैं। इन विधानसभा क्षेत्र में इतने मतदाता हुए शिफ्ट जिले की अतरौलिया विधानसभा में 48594 मतदाताओं की कटौती की गई है। इनमें से 9032 मतदाताओं की मौत हो चुकी है। जबकि 7511 मतदाता मौके पर नहीं मिले जबकि 27967 मतदाता शिफ्ट हो चुके हैं। वहीं गोपालपुर विधानसभा में 51830 मतदाताओं की कटौती की गई है। जिले की मुबारकपुर विधानसभा में 57970 मतदाताओं की कटौती की गई है तो निजामाबाद में 48705 मतदाताओं की कटौती की गई है। जिले के फूलपुर पवई विधानसभा क्षेत्र में 47925 मतदाताओं के नाम की कटौती की गई है। इसके साथी दीदारगंज विधानसभा क्षेत्र में 56896 मतदाताओं के नाम काटे गए हैं। वहीं जिले की लालगंज विधानसभा में 66026 मतदाताओं के नाम काटे गए हैं जबकि मेंहनगर विधानसभा में 56970 मतदाताओं के नाम काटे गए हैं। जिसमें से 11274 मतदाताओं की मौत हो चुकी है।
आगरा में सराफा कारोबार से जुड़ा एक बड़ा टैक्स फर्जीवाड़ा सामने आया है। राज्य कर विभाग की विशेष अनुसंधान शाखा ने इंवर्टेड टैक्स क्रेडिट के नाम पर करोड़ों रुपये के गलत रिफंड का खुलासा किया है। जांच में डीआर चेंस एंड वायर प्रोडक्ट्स और माधव मुरारी ज्वैलर्स द्वारा करीब 7.60 करोड़ रुपये का फर्जी रिफंड लेने की बात सामने आई है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, दोनों फर्मों के ठिकानों पर तीन दिनों तक चली जांच में कई अहम दस्तावेज बरामद किए गए। पड़ताल के दौरान यह सामने आया कि कारोबारियों ने 18 प्रतिशत जीएसटी दर से कच्चा माल खरीदा और उससे इमीटेशन ज्वैलरी तैयार कर केवल तीन प्रतिशत टैक्स दर पर बिक्री दिखाई। टैक्स दरों के अंतर को आधार बनाकर शेष राशि को रिफंड के रूप में प्राप्त कर लिया गया।जांच टीम ने ई-वे बिल और वाहनों की आवाजाही का मिलान किया, जिसमें गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। रिकॉर्ड में दर्शाए गए सात वाहन कभी व्यापार स्थल पर पहुंचे ही नहीं। रेकी के दौरान पता चला कि इन वाहनों के जरिए माल सीधे प्रिंस इंडस्ट्रीज को सप्लाई दिखाया गया था। इसके अलावा, निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल की खरीद भी वास्तविक अनुपात में घोषित नहीं की गई।जांच के बाद डीआर चेंस एंड वायर प्रोडक्ट्स ने एक करोड़ रुपये जमा कराए हैं। वहीं माधव मुरारी ज्वैलर्स जांच के समय बंद मिला। यहां से चोरी-छिपे माल हटाए जाने की सूचना पर थाना जगदीशपुरा में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। इस फर्म से जुर्माने के तौर पर 35 लाख रुपये जमा कराए गए हैं। विभाग ने संकेत दिए हैं कि आगे भी कार्रवाई जारी रह सकती है।
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की ओर से गुरुवार को कार्यपरिषद की बैठक हुई। जिसकी अध्यक्षता कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने की। बैठक में विश्वविद्यालय के एकेडमिक और प्रशासनिक सुधार से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई। इस दौरान सेल्फ फाइनेंस डिपार्टमेंट में असिस्टेंट प्रोफेसर (संविदा) की नियुक्ति के प्रस्ताव को मंजूरी दे गई। स्वीकृत प्रस्ताव के अंतर्गत कुल 23 पदों पर असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति की जाएगी जिसमें कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (CSE) में 12 पद, फार्मेसी में 5 पद, कृषि में 4 पद और बी.कॉम. (बैंकिंग और इंश्योरेंस) में 2 पद शामिल है। स्टूडेंट्स को मिलेगा क्वालिटी एकेडमिक गाइडेंस इस अवसर पर कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि इन नियुक्तियों से सेल्फ फाइनेंस कोर्सेज में शिक्षण व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण अकादमिक मार्गदर्शन प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय रोजगारपरक और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के प्रभावी संचालन के लिए निरंतर प्रयासरत है और यह निर्णय अकादमिक गुणवत्ता को नई गति प्रदान करेगा। ‘प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस’ की होगी नियुक्तिबैठक में शासन के निर्देशों के अनुरूप ‘प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस’ की नियुक्ति प्रक्रिया से भी कार्यपरिषद को अवगत कराया गया। लोगो में विश्वविद्यालय के नाम लिखने में बदलाव इसके अतिरिक्त, कार्य परिषद ने विश्वविद्यालय के लोगो में विश्वविद्यालय के नाम के लेखन में महत्वपूर्ण परिवर्तन को भी स्वीकृति प्रदान की गई। अब विश्वविद्यालय का नाम DDU Gorakhpur University के स्थान पर Deen Dayal Upadhyaya Gorakhpur University लिखा जाएगा। 12 महाविद्यालयों को 28 पाठ्यक्रमों की स्थायी सम्बद्धताकार्यपरिषद ने सम्बद्धता समिति के निर्णय के क्रम में 12 महाविद्यालयों को कुल 28 पाठ्यक्रमों हेतु स्थायी सम्बद्धता प्रदान करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। साथ ही, एक महाविद्यालय को एक वर्ष का अस्थायी विस्तार भी स्वीकृत किया गया। यह निर्णय उच्च शिक्षा के मानकों को सुदृढ़ करने और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
मध्यप्रदेश विधानसभा में फर्जी प्रवेश पास को लेकर अंदर दाखिल होने पर यासीन अहमद उर्फ मछली को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। हाईकोर्ट ने इस मामले की गंभीरता और उसके आपराधिक रिकार्ड के मद्देनजर मछली की जमानत याचिका को ठुकरा दिया है। हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान यह भी पाया कि यासीन मछली गाड़ी में फर्जी विधानसभा का पार्किंग पास लगाकर घूमता था। यासीन अहमद उर्फ मछली की इस हरकत के बाद भोपाल के अरेरा थाना पुलिस ने उसके खिलाफ मामला दर्ज करते हुए गिरफ्तार किया था। दरअसल भोपाल पुलिस की गिरफ्तारी के बाद आरोपी ने जमानत याचिका हाईकोर्ट में दायर की थी। आरोपी मछली विधानसभा का फर्जी पत्रकार पार्किंग पास निजी वाहन में इस्तेमाल करता था, जिस पर भोपाल पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था। जस्टिस प्रमोद कुमार अग्रवाल की एकलपीठ ने कहा कि यह मामला सीधे विधानसभा की सुरक्षा से जुड़ा है, इसलिए इसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए। भोपाल के अरेरा हिल्स थाना क्षेत्र में दर्ज अपराध क्रमांक 131/2025 से संबंधित है। अभियोजन के मुताबिक, 25 जुलाई 2025 को प्राप्त शिकायत के बाद जांच शुरू की गई थी। जांच में सामने आया कि दिसंबर 2024 के विधानसभा सत्र के लिए पत्रकार गौरव शर्मा के नाम से जारी पार्किंग पास क्रमांक 433 को आरोपी यासीन अहमद उर्फ मछली ने कथित रूप से छेड़छाड़ कर अपनी निजी कार (एमपी 04 जेड एल 0999) में लगा लिया। जबकि यह पास किसी अन्य वाहन के लिए वैध रूप से जारी किया गया था।
किदवई नगर में एक कोचिंग संचालक ने हाईस्कूल की छात्रा से रेप की घटना को अंजाम दिया। आरोपी संचालक छात्रा को डरा-धमकाकर करीब एक महीने से कोचिंग सेंटर में शारीरिक संबंध बना रहा था। गुरुवार को छात्रा के कोचिंग जाने से इनकार करने पर उसने मां के सामने सच्चाई बयां की तो उनके होश उड़ गए। इसके बाद परिवार वाले छात्रा को लेकर थाने पहुंचे और पुलिस से शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने पिता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर आरोपी कोचिंग संचालक को गिरफ्तार कर लिया है। 15 वर्षीय पीड़िता ने कोचिंग जाने से किया इंकार बाबूपुरवा इलाके में रहने वाली छात्रा के पिता के मुताबिक उनकी 15 वर्षीय बेटी किदवई नगर स्थित एक स्कूल में 10वीं की छात्रा है। आरोपी देवेंद्र पटेल उसी स्कूल में पढ़ाता और इलाके में ही ब्राइट कोचिंग इंस्टीट्यूट भी चलाता है। उनकी बेटी उसकी कोचिंग में पढ़ने जाती थी। गुरुवार सुबह उनकी पत्नी ने बेटी कोचिंग जाने के लिए कहा तो उसने मना कर दिया। मां के दबाव बनाने पर बेटी ने रोते हुए कोचिंग संचालक की हरकत के बारे में बताया। पीड़िता ने कहा कि दिसंबर 2025 में देवेंद्र पटेल ने बहला-फुसला कर कोचिंग सेंटर में ही उसके साथ जबरन रेप किया। उसकी इस हरकत का विरोध किया तो आरोपी ने उसे माता-पिता और उसके छोटे भाई को जान से मारने की धमकी दी, जिससे बेटी बुरी तरह डर गई। इसके बाद से वह लगातार बेटी के साथ जबरन शारीरिक संबंध बना रहा था। इस बात की जानकारी होने पर उन्होंने कोचिंग पहुंचकर संचालक से विरोध जताया तो आरोपी ने बेटी पर झूठा आरोप लगाकर फंसाने की बात कही। इसके बाद पीड़ित ने मामले की शिकायत पुलिस से की। शुक्रवार को भेजा जाएगा जेल किदवई नगर थाना प्रभारी धर्मेंद्र कुमार राम ने बताया कि पीड़ित छात्रा के पिता की तहरीर पर आरोपी कोचिंग संचालक के खिलाफ रेप और पाक्सो एक्ट में मुकदमा दर्ज करके गिरफ्तार कर लिया गया है। छात्रा को मेडिकल के लिए भेजा गया है। शुक्रवार को आरोपी कोचिंग संचालक को जेल भेजा जाएगा।
करनाल में घरौंडा के गांव गुढ़ा में कब्रिस्तान की दीवार को गिराने और कब्रों को नुकसान पहुंचाने के आरोपों को लेकर विशेष समुदाय के लोगों में भारी रोष है। लोगों का कहना है कि यह कार्रवाई बिना अनुमति की गई और इससे धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। इसी को लेकर ग्रामीण एसडीएम कार्यालय पहुंचे और शिकायत सौंपी। साथ ही थाना घरौंडा में भी शिकायत दी गई है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है, फिलहाल कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है। शिकायतकर्ताओं का आरोप-जेसीबी से कब्रों को पहुंचा नुकसान गांव गुढ़ा के शिकायतकर्ता याशीन, अशोक कुमार उर्फ आसिफ अली, ग्रामीण पाला, श्याम लाल, याशीन, सलीम व अन्य ने बताया कि करीब 20 साल पहले तत्कालीन सरपंच ओम प्रकाश ने श्मशान की जगह के बदले कब्रिस्तान की दीवार बनवाई थी। उनका आरोप है कि गांव के वर्तमान सरपंच प्रतिनिधि दहिया अजय ने शाम के समय कब्रिस्तान की दीवार को गैरकानूनी तरीके से गिरवा दिया और जेसीबी से कई कब्रों को नुकसान पहुंचाया। ग्रामीणों का आरोप है कि इससे गांव का माहौल खराब करने का प्रयास किया गया। अदालत के आदेशों की अनदेखी का भी आरोप शिकायतकर्ताओं का कहना है कि इस विवाद को लेकर 10 मई 2018 को अदालत का फैसला कब्रिस्तान के पक्ष में आया था। फैसले में लोक निर्माण विभाग को आदेश दिए गए थे कि सड़क कब्रिस्तान से बाहर बनाई जाए। ग्रामीणों ने मांग की है कि अदालती आदेशों के उल्लंघन और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के मामले में सरपंच प्रतिनिधि और अन्य जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाए। साथ ही संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों से जवाबदेही तय की जाए। 250 फीट लंबी और 10 फीट ऊंची दीवार गिराने का दावा ग्रामीणों का कहना है कि कब्रिस्तान की करीब 250 फीट लंबी और 10 फीट ऊंची दीवार गिरा दी गई और सभी ईंटें सरपंच प्रतिनिधि अपने साथ ले गए। उन्होंने मांग की कि कब्रिस्तान की दोबारा निशानदेही कराई जाए और चारदीवारी फिर से बनवाई जाए, ताकि आवारा जानवर कब्रों को नुकसान न पहुंचा सकें। ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। सरपंच प्रतिनिधि का पक्ष: सड़क मोड़ के लिए जगह जरूरी थी इस मामले में सरपंच प्रतिनिधि अजय दहिया ने आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि कब्रिस्तान के सामने सड़क के मोड़ पर दिक्कत थी, जिसके लिए 10 फीट जगह की जरूरत थी। इस बारे में पहले भी समाज के लोगों से बातचीत हुई थी और पंचायत में प्रस्ताव भी पास हुआ था। उनका कहना है कि समझौते के तहत समाज के लोगों ने 10 फीट जमीन देने पर सहमति जताई थी और पंचायत ने पीछे की तरफ 10 फीट जमीन दे भी दी थी, जिस पर दीवार हटवाई गई थी। कब्जा न मिलने पर पंचायत की दीवार हटाने का दावा सरपंच प्रतिनिधि ने बताया कि जब पंचायत आगे वाली जमीन पर कब्जा लेने पहुंची तो समाज के लोगों ने कब्जा देने से इनकार कर दिया और विरोध कर दिया। इसके बाद पंचायत की ओर से पीछे वाली जमीन की दीवार हटाई गई, जो पंचायत की ही थी। उन्होंने साफ कहा कि किसी की कब्र को नुकसान नहीं पहुंचाया गया और सभी काम नियम के अनुसार व सभी की जानकारी में किए गए। पुलिस का बयान: बीडीपीओ कार्यालय से भी ली जाएगी जानकारी थाना घरौंडा प्रभारी दीपक कुमार ने बताया कि गांव गुढ़ा के कुछ लोगों की ओर से शिकायत मिली है। मामले को लेकर बीडीपीओ कार्यालय से भी जानकारी ली जाएगी। सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जाएगी और उसके बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी। फिलहाल जांच जारी है और दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जाएंगे।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सचिव बेसिक शिक्षा परिषद को 21 जनवरी को इस स्पष्टीकरण के साथ तलब किया है कि अंतर्जनपदीय तबादले में याची की ग़लती नही तो उसे किस तरह से समायोजित किया जाय। सचिव ने यह कहते हुए याची प्रधानाध्यापक प्राइमरी स्कूल नगला मुकुट फर्रुखाबाद की अंतर्जनपदीय तबादले की अर्जी अस्वीकार कर दी थी कि तकनीकी खामी के चलते उसकी अर्जी पर विचार नहीं किया जा सका था, और आफ लाइन विचार किए जाने का कानूनी उपबंध नहीं है। जिसे याचिका में चुनौती दी गई है। यह आदेश न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान ने असद उल्लाह खान की याचिका पर दिया है। याची के बी एस ए फर्रुखाबाद को अंतर्जनपदीय तबादले की अर्जी दी। जिस पर कोई अंतिम निर्णय नहीं हो सका तो उसने बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव को अर्जी दी।जिसे अस्वीकार कर दिया गया। कहा गया कि याची ने बी एस ए को दी गई अर्जी पर निर्णय का इंतजार करने के बजाय सचिव के पास चला गया। इसमें बी एस ए की कोई ग़लती नही है। दोनों अधिकारियों की तरफ से दी गई जानकारी को कोर्ट ने उचित नहीं माना और सचिव बेसिक शिक्षा परिषद को हाजिर होने का आदेश दिया है।
गोरखपुर में पुरुषोत्तम सत्संग मंडल की ओर से आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के चौथे दिन की कथा को आगे बढ़ाते हुए वाचक आचार्य ने भक्तों को बताया कि जीवन के किसी भी तहर के कष्ट आ जाए भगवान की भक्ति कभी नहीं छोड़नी चाहिए। कथा में श्रीकृष्ण जन्मलीला प्रसंग का वर्णन हुआ। इस दौरान जैसे ही श्रीकृष्ण के जन्म होने की बात कथावाचक ने कही और नंद के आनंद भयो जय कन्हैया लाल की जयकारे गूंजने लगे। लॉन में ज्यादा संख्या में भक्त मौजूद रहे। भजन और लीला से हर तरफ भक्तिमय माहौल बना रहा। भगवान धर्म और धरती की रक्षा के लिए अवतरित होते व्यास पीठ से कथामृत पान करते हुए कहा कि भक्ति ज्ञान वैराग्य को बढ़ाकर जो परम तत्व की प्राप्ति कारण वही भागवत है। उन्होंने कहा कि जब पृथ्वी लोक पर पाप बढ़ जाते हैं, तब भगवान धर्म और धरती की रक्षा के लिए अवतरित होते हैं। भगवान श्री कृष्ण की भक्ति से मनुष्य भवसागर पार हो जाता है लेकिन भक्ति में समर्पण का भाव होना चाहिए जो भगवान से मांग करता है, उसमें स्वार्थ का भाव होता है, इसलिए सत्य प्रेमी बनकर ईश्वर के पास जाओ तो उम्मीद से ज्यादा ईश्वर देता है। हर परिस्थिति में प्रभु को करें याद उन्होंने भक्तो को समझाते हुए कहा कि जीवन में कैसा भी दुख और कष्ट आए आप भक्ति मत छोड़िए, क्या कष्ट आने पर आप भोजन छोड़ देते हैं, नहीं क्योंकि भोजन छोड़ देंगे तो जिंदा नहीं रहेंगे। इस प्रकार सत्संग छोड़ देंगे तो कहीं के नहीं रहेंगे। इसलिए प्रत्येक परिस्थिति में प्रभु को याद कीजिए। गजेंद्र मोक्ष की कथा भी हमें यही शिक्षा प्रदान देता है। उसके बाद उन्होंने समुद्र मंथन की कथा शुरू की और बताया कि समुद्र से जब अमृत निकला तो उसे पीने के लिए दैत्य और देव में झगड़ा शुरू हो गया। अंततः अमृत देवता पी गए लेकिन जब जहर निकला तो उसे लेने कोई आगे नहीं आया। आखिर में शिव जी को बुलाकर उन्होंने जहर पीने का आग्रह किया। शिवजी हंसते-हंसते उसे जहर को पी गए। उससे उनका कंठ नीला हो गया और वे नीलकंठ कहलाए। भारतीय संस्कृति से जन्मदिन मनाने पर जोर दिया सुरक्षा आचार्य ने कृष्ण जन्म के प्रसंग सुनाते हुए कहा कि जन्मदिन भारतीय संस्कृति से मनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति में दीया जलाने की परंपरा है, बुझाने की नहीं है। बेटे के जन्मदिन पर उसे मंदिर ले जाओ, जो भी जन्मदिन हो उस पर उतने दीपक जलवाओ, भगवान की आरती करवाओ, बड़े बुजुर्गों के चरण स्पर्श, संत विप्रो को भोजन, दान- पुण्य कर आशीर्वाद दिलाओ। उसे अच्छे संकल्प दिलाओ यही नंद बाबा ने किया और भागवत भी यही सिखाती है। बधाई गीत पर झूमे भक्त वहीं श्री कृष्ण जन्म के प्रसंग के दौरान जैसे ही व्यास जी ने 'नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की' बधाई गीत गाया, पांडाल में जयकारे गुजरने लगे गाजे- बाजे और शहनाइयां की धुन पर भक्त नाचने लगे। पुष्प बरसात, उपहार लूटते हुए भगवान का जन्म उत्सव धूमधाम के साथ मनाया गया। प्रभु जन्म उत्सव की खुशी में ऐसा प्रतीत हो रहा था जैसे पूरा गोकुल नगरी गोरखपुर की धरती पर आकर हषउल्लास मना रही है भक्तों में हर्षो उल्लास का वातावरण था पूरे हाल में गुब्बारे से सजा हुआ था। माखन मिश्री का भोग लगाकर श्रद्धालु आपस में खुशियां मना रहे थे। इस अवसर पर पुरुषोत्तम सत्संग मंडल के अध्यक्ष राजेश कुमार द्विवेदी, यजमान परिवार प्रहलाद दास, रेखा गुप्ता, ध्रुव, नारायण, सुरेश, प्रमोद कुमार द्विवेदी रमाशंकर शुक्ल, अशोक मिश्रा, अलका रानी, कस्तूरी देवी और भारी संख्या भक्तों की भीड़ महिलाएं और पुरुष की थी।
दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (DVVNL) में बड़ा घोटाला सामने आया है। विभागीय सूत्रों की मानें तो आगरा के फतेहाबाद क्षेत्र में करोड़ों से अधिक का टेंडर घोटाला है। कई फर्मों को नियमों को ताक पर रखकर 80 से अधिक टेंडर दे दिए गए। इनमें से कई टेंडर तो पोर्टल पर चढ़ाए बिना ही फार्मों को आवंटित कर दिए गए।मामला संज्ञान में आने के बाद विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। विभाग में इंटरनल जांच भी कराई गई है। उसमें ये घोटाले सामने आए हैं।सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, जांच में वर्ष 2023-24 और 2024-25 में लगभग 52 ऐसे टेंडर पाए गए हैं, जिसके सापेक्ष निविदाएं प्रकाशित ही नहीं की गईं। वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 के अंतर्गत लगभग 7 ऐसे अनुबंध मिले हैं, जिसके सापेक्ष प्रकाशित निविदाएं ई-निविदा पोर्टल पर निरस्त प्रदर्शित हो रही हैं। इसके बावजूद इन टेंडर जारी किए गए। वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 के अंतर्गत 11 ऐसे अनुबंध मिले हैं, जिसके सापेक्ष प्रकाशित निविदाओं के ई-निविदा पोर्टल पर प्रथम/द्वितीय भाग खोले ही नहीं गए। फिर भी ये टेंडर जारी किए गए।कुछ ऐसे टेंडर भी थे, जिसमें प्रथम निविदादाता ने निविदा की धनराशि 15 लाख रुपये अंकित की गई लेकिन कार्यालय के घोटालेबाज बाबू ने इसको 28 लाख कर दिया। इसके बाद अनुबंध को 28 लाख में ही कर दिया।कुछ ऐसी भी निविदा प्रकाश में आई हैं, जिसमें टेंडर डाले ही नहीं गए, इसके बाद भी उन्हें अनुबंध कर दिया। प्रबंधन निदेशक नितिश कुमार ने घोर लापरवाही के लिए विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी है। FIR कराने के आदेश दिए हैं।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि नियुक्ति शून्य घोषित कर सेवा समाप्ति आदेश के खिलाफ याचिका खारिज कर दी गई और इस आदेश को विशेष अपील में चुनौती दी गई है तो लिए गये वेतन की वसूली कार्यवाही के खिलाफ दूसरी याचिका पोषणीय नहीं है। कोर्ट ने कहा एक ही मामले में बार बार याचिका दायर नहीं की जा सकती।वेतन वसूली आदेश सेवा समाप्ति आदेश के परिप्रेक्ष्य में जारी किया गया है।जिसे अलग से याचिका दायर करने के बजाय अपील में ही उठाना चाहिए। कोर्ट ने वसूली आदेश के खिलाफ दाखिल याचिका ग्राह्य न मानते हुए खारिज कर दी। यह आदेश न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान ने कृष्ण कांत की याचिका पर दिया है। 4 जुलाई 25 के आदेश से याची की नियुक्ति शून्य करार दी गई और 19 अगस्त 25 के आदेश ने इस दौरान लिए गए वेतन रूपये 71,10,614 की वसूली कार्यवाही शुरू की गई है। कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के हवाले से कहा एक ही वाद कारण को लेकर दुबारा याचिका दायर नहीं की जा सकती।यहां विबंध न्याय का सिद्धांत लागू हो जायेगा। एक ही मामले में बार बार याचिका दायर करने की कोर्ट ने आलोचना भी की है।और इसे न्यायिक प्रक्रिया का दुरूपयोग माना है। विशेष अपील विचाराधीन तो समानांतर कार्यवाही की अनुमति नहीं दी जा सकती। कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी।
विधानसभा चुनाव हारने और मंत्री पद जाने के बाद पात्रता खत्म होने के बावजूद अपने बंगलों में डटे हुए हैं। ऐसे नेताओं पर अब मोहन सरकार सख्ती बरतने जा रही है। बिना पात्रता के सरकारी घरों में रहने वाले पूर्व मंत्रियों और अफसरों से अब सख्ती से बंगले खाली कराए जाएंगे।बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष स्व. प्रभात झा के परिवार को भेजे गए नोटिस में इस बात का स्पष्ट उल्लेख है कि यदि 13 जनवरी तक बंगला खाली नहीं किया तो प्रशासन बल प्रयोग कर बेदखली की कार्रवाई करेगा। पद नहीं लेकिन बंगला बरकरारपूर्व राजस्व मंत्री रामपाल सिंह, पूर्व गृह मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा, पूर्व सहकारिता मंत्री अरविंद भदौरिया 2023 का विधानसभा चुनाव हार चुके हैं। इसके बावजूद वे बंगले में दो साल से डटे हुए हैं। वहीं, पूर्व मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया भी वर्तमान में विधायक न होने के बावजूद मंत्री रहते मिले बंगले को खाली नहीं कर रहीं हैं। ऐसी ही स्थिति भोपाल की पूर्व सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर की है। सांसद न होने के बाद भी वे सरकारी बंगले में डटी हुई हैं। संपदा संचालनालय से मिली जानकारी के मुताबिक, प्रभात झा के परिवार को पहले ही 6 जनवरी को नोटिस दिया गया था, जबकि रामपाल को इससे पहले नोटिस दिया जा चुका है। अब सरकार ने साफ कर दिया है कि पात्रता समाप्त होने के बाद किसी भी स्थिति में सरकारी आवास पर कब्जा नहीं रहने दिया जाएगा।मंत्रियों वाले बंगलों में रह रहे विधायक भारी-भरकम किराया वसूली होगीप्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि तय समय सीमा के बाद भी बंगला खाली नहीं किया गया तो भारी भरकम किराया वसूला जाएगा। नियमों के मुताबिक, पहले तीन महीने तक सामान्य किराया, इसके बाद अगले तीन महीनों के लिए 10 गुना किराया और इसके बाद भी आवास खाली नहीं होने पर 30 गुना तक किराया वसूलने का प्रावधान है। विधि विभाग ने इस तरह की वसूली को मंजूरी दे दी है। 7 अफसरों को भी बंगला खाली करने के नोटिस संपदा संचालनालय के अनुसार, राजधानी भोपाल में चार आईएएस अधिकारियों समेत कुल सात अफसरों को भी बेदखली नोटिस जारी किए गए हैं। इनमें कुछ आईपीएस और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल बताए जा रहे हैं। पात्रता से ऊपर की श्रेणी के बंगलों में रह रहे विधायकआमतौर पर मंत्रियों को बी और सी टाइप बंगले आवंटित किए जाते हैं। लेकिन, वर्तमान में बीजेपी और कांग्रेस के आधा दर्जन से ज्यादा विधायक ऐसे हैं जो पात्रता से ऊपर वाली श्रेणी के बंगलों में रह रहे हैं। इनमें अधिकांश ऐसे विधायक हैं जो पहले मंत्री रह चुके हैं।इन माननीयों के पास पात्रता से ऊपर वाले बंगले
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एस एस पी मेरठ को व्यापारी को बंधक बनाकर 28 लाख की लूट मामले की निष्पक्ष विवेचना सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति राजीव गुप्ता तथा न्यायमूर्ति अचल सचदेव की खंडपीठ ने जितेन्द्र वर्मा की याचिका पर दिया है। थाना क्षेत्र ट्रांसपोर्ट नगर के व्यापारी जितेंद्र वर्मा निवासी ठठेर वाड़ा ,मेरठ ने आकाश अग्रवाल व उनके बेटे अभिषेक अग्रवाल निवासी गुरु नानक नगर ,ट्रांसपोर्ट नगर मेरठ सहित जावेद उर्फ जय व अन्य के विरुद्ध अवैध तरीके से बंधक बनाकर 28 लाख की वसूली के आरोप में 12 अक्टूबर 25 को एफआईआर दर्ज कराई है। याची शिकायतकर्ता ने पुलिस पर अभी तक आरोपियों की गिरफ्तारी न करने व लचर विवेचना करने का आरोप लगाया है। याची का कहना था कि याची एक व्यापारी है। आरोपियों ने उसे अपने घर बुलाया और बंधक बना लिया ।डरा-धमकाकर 28 लाख रुपए की जबरन वसूली की । कोर्ट ने आरोपियों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट भी जारी किया है। किंतु सत्ताधारी पार्टी से जुड़े अभियुक्तों की हनक के चलते अभी तक गिरफ्तारी नहीं की गई है और वे शिकायतकर्ता के परिवार को धमका रहे है।
अगर आप कानपुर में रहते है, कहीं जाते है तो आप एक बार शहर का ट्रैफिक चेक कर लीजिए। क्योंकि कानपुर की यातायात व्यवस्था पूरी तरीके से चरमराई हुई है, दैनिक भास्कर ने कानपुर शहर में जाम लगने के कारण को देखा और समझा। आखिर ये जाम की स्थित क्यों बनी हुई है। हम आपको दिखा रहे है शहर में जाम की दस तस्वीरे। अगर आप स्वरूपनगर से चुन्नीगंज परेड नयागंज होते हुए बिरहाना रोड जाते है तो इसकी दूरी 5 किमी है लेकिन जाम के कारण आपको 60 मिनट लगेंगे। तस्वीरों में देखिए चुन्नीगंज, नयागंज में जाम की तस्वीरे परेड चौराहा सड़क के किनारे बेतरकीब से खड़े हुए ऑटो और ई रिक्शा सवारी बैठालने के लिए बीच सड़क पर वाहन रोक देते है। इस दौरान पास में खड़े यातायात पुलिस कर्मी भी कुछ नहीं कहते है, और जाम की स्थित बनी रहती है। अवैध अतिक्रमण मुख्य वजह शहर के मेस्टर्न रोड पर थाने के पास से सड़क के डिवाइडर के चारों किनारों पर अवैध रूप से बाइकें और कारें खड़ी रहती है, इस लिए जाम लगा रहता है। नयागंज में अवैध अतिक्रमण बना जाम की वजह नयागंज मार्केट में ACP के दफ्तर के पास से होते हुए बिरहाना रोड पर होते हुए जाते है तो आपको 40 मिनट से ज्यादा लगेंगे। इस सड़क के दोनों ओर भारी वाहन, पिकअप, रिक्शे, ई रिक्शे इत्यादि खड़े रहते है। साथ ही शहर में जाम का मुख्य कारण अवैध अतिक्रमण बना हुआ है। दो किमी की दूरी समय 30 मिनट अब हम बिरहाना रोड हुए जाम की पड़ताल करते हुए घंटाघर चौराहा होते हुए टाटमील चौराहे की तरफ से बस स्टैंड तक आए। यहां की दूरी 2 किमी है, यहां तक पहुँचने में भास्कर रिपोर्टर को 30 मिनट लगे। घंटाघर के पास बने रेलवे ओवर ब्रिज पर जाम लगा रहता है, इस पुल पर जाम लगने का मुख्य कारण टाटमिल चौराहे की रेडलाइट सिग्नल प्रणाली है। हालांकि इस चौराहे पर भी ई रिक्शा, टेंपो संचालक बीच सड़क पर खड़े हो कर सवारियां भरते रहते है। बस स्टैंड के आसपास सड़क पर सरकारी रोडवेज बसें खड़ी रहती है। झकरकट्टी पुल की लंबाई करीब 700 मीटर है, जो पूरे दिन जाम रहता है। झकरकट्टी पुल पर जाम की तस्वीरे... जरीब चौकी से बजरिया थाने की दूरी 2 किमी. समय 30 मिनट जरीब चौकी क्रासिंग से बजरिया थाने की दूरी 2 किमी है। यहां पहुचने की कुल दूरी लगभग 2 किमी है, लेकिन अविध पार्किंग और सड़क पर अतिक्रण की वजह से 30 मिनट लगेंगे। स्वरूप नगर में गाड़ियों में चलते रेस्ट्रो अगर आप रात में 8 बजे के लगभग में परिवार के साथ डिनर करने के लिए जाते है, तो मोतीझील मेट्रो स्टेशन से आर्यनगर चौराहे तक पहुचने में 10 मिनट लगेंगे, क्योंकि यहां बने रेस्टरों के बाहर गाड़ियां खड़ी रहती है। जहां रेस्ट्रोरेन्ट के मालिक गाड़ियों में खाने की प्लेट भिजवाते है। और लोग वहीं खाना खाते है। ये जाम एनर्जी स्टोर के आसपास ज्यादा रहता है। इस लिए मोतीझील मेट्रो स्टेशन से आर्यनगर चौराहे की 1 किमी की दूरी तय करने में 10 मिनट का समय लग जाता है। देखिए तस्वीरे स्वरूप नगर और आर्यनगर की
भोपाल में अमेरिका से पायलट की ट्रेनिंग लेकर लौटे एक 46 वर्षीय व्यक्ति ने नौकरी नहीं मिलने से परेशान होकर आत्महत्या कर ली। मामला बैरागढ़ थाना क्षेत्र का है। पुलिस के मुताबिक, मृतक के पास से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि लंबे समय से बेरोजगारी के चलते वह डिप्रेशन में था। बैरागढ़ थाना से एसआई सचिन वर्मा ने बताया कि मृतक दिलीप कुमार फुलवानी (46) पिता अशोक कुमार, वन ट्री हिल्स इलाके में पुलिस चौकी के पास रहते थे। दिलीप ने यूएसए से पायलट की ट्रेनिंग ली थी, लेकिन भारत लौटने के बाद उन्हें अपेक्षित नौकरी नहीं मिल पाई। इसी कारण वह मानसिक तनाव में रहने लगे थे। घटना के समय घर पर कोई मौजूद नहीं था। दिलीप के पिता का इलाज एम्स अस्पताल में चल रहा था, जिसके चलते माता-पिता अस्पताल गए हुए थे। पत्नी और बेटा स्कूल गए थे। इसी दौरान दिलीप ने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। परिजन के बयान और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
लखनऊ के गोमती नदी में मिले शव में युवक की शिनाख्त हो गई है। परिजनों ने मोर्चरी पहुंचकर गुरूवार को पहचान की। युवक निशातगंज इलाके से 1 जनवरी से लापता था। पत्नी से विवाद के बाद घर से निकला था। वहीं युवती का अभी कुछ पता नहीं चल सका है। पुलिस युवती की शिनाख्त में जुटी है।इंस्पेक्टर गोमतीनगर बृजेश चंद्र तिवारी ने बताया कि महानगर स्थित निशातगंज प्रेम बाजार पुरानी तकिया का रहने वाले दिनेश प्रताप कश्यप (38) शटरिंग का काम करते थे। परिवार ने बताया 1 जनवरी सुबह 9 बजे शराब की वजह से उनका पत्नी सरस्वती ने झगड़ा हो गया। दिनेश पत्नी से गाली गलौज करने लगा। इस पर घर के सामने अपने ससुराल में रह रहे युवक नदीम व उसके घरवालों ने जब मना किया तो उनसे लड़ाई करने लगा। इस पर नदीम ने दिनेश को पीट दिया।इसके बाद वह बिना बताए कहीं वहां से चला गया। शाम को जब पत्नी ने फोन किया तो मोबाइल स्विच ऑफ मिला। आसपास काफी तलाश किया लेकिन कुछ पता नहीं चल सका। इस पर पत्नी ने महानगर थाने में नदीम व अन्य दो के खिलाफ लड़ाई झगड़े मारपीट की शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। 4 जनवरी को महानगर थाने में दिनेश की गुमशुदगी दर्ज कराई गई। अखबार में खबर देखकर पहुंचा परिवारबुधवार को गोमती नगर स्थित एसीपी कार्यालय के पास गोमती नदी में एक युवक का शव मिला था। जिसकी गुरूवार को अखबार में खबर छपने के बाद एक परिचित ने परिवार को फोन करके बताया तो पत्नी महानगर थाने पहुंची। बताए गए हुलिए के हिसाब से पुलिस उन्हें पोस्टमार्टम हाउस ले गई। जहां घर वालों ने दिनेश प्रताप कश्यप की पहचान की। पत्नी ने जांच की मांग की है पत्नी सरस्वती का कहना है की नदीम व उसके साथ दो अन्य लोगों ने मारपीट की है फिर नदी में जाकर फेंक दिया। पत्नी के संदेह पर पुलिस मामले की जांच कर रही है।
यमुनानगर में एक डेढ़ साल का बच्चा छत से सिर के बल जमीन पर जा गिरा और गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजन उसे सेक्टर 17 स्थित प्राइवेट अस्पताल लेकर पहुंचे जहां पर इलाज के दौरान देर रात उसकी मौत हो गई। परिजनों ने बच्चे की मौत का कारण डॉक्टर की लापरवाही बताते हुए अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया। परिजनों का आरोप है कि जब वह बच्चे को अस्पताल लेकर पहुंचे तो वह उनसे बातचीत कर रहा था। डॉक्टर ने केस में गंभीरता नहीं दिखाती जिसके चलते उसकी मौत हो गई। सूचना मिलते ही डायल 112 और सेक्टर 17 से पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। करीब एक घंटे तक चले हंगामे के बाद परिजनों ने बच्चे का शव लेकर घर लौटे। 14 फुट ऊंचाई से सिर के बल नीचे गिरा रूप नगर निवासी घनश्याम ने बताया कि वह सेल्समैन का काम करता है और उसके पास दो बच्चे हैं, जिसमें पांच वर्षीय रूद्र और डेढ़ वर्षीय देव हैं। गुरुवार को वह काम पर गया हुआ था। बच्चे घर पर अपनी मां और अन्य परिजनों के साथ थे। दोपहर करीब 12 बजे देव अपने भाई रुद्र के साथ घर की छत पर खेल रहा था। इसी दौरान करीब 14 फुट की ऊंचाई से सिर के बल नीचे जा गिरा। रुद्र ने शोर मचाया तो परिजनों मौके पर पहुंचे और देखा कि देव के सिर में गहरी चोट आई है। दोपहर 2 बजे एडमिट कराया, 7 बजे तक कुछ नहीं बताया परिजन उसे तुरंत शहर के एक निजी अस्पताल लेकर गए। इतने में वह भी अपने भाई श्याम के साथ अस्पताल पहुंच गया। यहां पर डॉक्टर ने हालत गंभीर बताते हुए बड़े अस्पताल ले जाने की सलाह दी। जिसके बाद वे देव को सेक्टर 17 स्थित जिंदल अस्पताल लेकर आए। देव की हालत काफी गंभीर, लेकिन वह उनसे हल्की बातचीत भी कर रहा था। घनश्याम का आरोप है कि उन्होंने 2 बजे बच्चे को अस्पताल में एडमिट कराया था, जिसके बाद उनके बच्चे को लेकर अस्पताल प्रशासन ने कोई गंभीरता नहीं दिखाई। रात को करीब आठ बजे उनके पास डॉक्टर आए और कहने लगे कि हालत काफी सीरियस है। बच्चे को वेंटिलेटर पर डालना होगा। डॉक्टर पर इलाज को लेकर गंभीरता न दिखाने का आरोप घनश्याम ने कहा कि इसके कुछ ही देर बाद उन्हें पता चला कि उनके बच्चे की ताे मौत हो चुकी है। देव के चाचा श्याम ने कहा कि अगर बच्चे की हालत गंभीर भी और यहां के डॉक्टर उसका इलाज करने में असमर्थ थे तो उन्हें दोपहर को ही बता देते। ऐसे में वे अपने बच्चे को पीजीआई लेकर चले जाते। बच्चे की मौत के बाद रात करीब साढ़े 9 बजे परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। सूचना मिलते ही डॉयल 112 और सेक्टर 17 पुलिस थाने से टीम मौके पर पहुंची और परिजनों को समझाने का प्रयास किया। परिजनों ने अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। करीब एक घंटे चले हंगामे के बाद परिजन बच्चे के शव को लेकर घर लौटे। परिजनों को पहले ही सारी कंडीशन की थी क्लियर: डॉ. जिंदल जिंदल अस्पताल के निदेशक डॉ. योगेश जिंदल ने बताया कि परिजन जब बच्चे को लेकर अस्पताल आए तो उसकी हालत काफी गंभीर थी। बच्चे को एडमिट करते समय ही बता दिया था कि 72 घंटे तक कुछ भी हो सकता है। दोपहर दो बजे से शाम 7 बजे तक बच्चे की जैसे ही कंडीशन रही करीब 4 बार परिजनों से मीटिंग करके उन्हें बताया गया। अपने पूरे प्रयास के बाद भी जब वह बच्चे को नहीं बचा पाए और परिजनों को उसकी मौत की सूचना दी तो वे इस बात को भड़क गए। बच्चे की डेथ सिर पर गहरी चोट लगने से हुई है। परिजनों ने कोई शिकायत नहीं सौंपी: थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे सेक्टर 17 थाना प्रभारी प्रमोद वालिया ने बताया कि उन्हें अस्पताल में बच्चे की मौत पर हंगामे की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंचे तो परिजनों ने डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाया है। स्थिति कंट्रोल में है। फिलहाल पीड़ित परिवार की ओर से कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। बच्चे का शव परिजनों को सौंप दिया गया है, जिसे लेकर वे घर चले गए हैं।
प्रयागराज के झूंसी में बृहस्पतिवार को उस समय हड़कंप मच गया जब कलेक्ट्रेट के एक कर्मचारी पर सरेराह जानलेवा हमला कर दिया गया। घटना कटका चौराहे की है, जहां ड्यूटी जा रहे डीएम कार्यालय में तैनात कनिष्ठ सहायक आनन्द सिंह पर कुछ अराजक तत्वों ने अपहरण की नीयत से हमला कर दिया। इसमें वह गंभीर रूप से जख्मी हुए हैं। हमलावरों ने उन्हें कार में अगवा करने की भी कोशिश की। पुलिस ने अज्ञात में मुकदमा दर्ज किया है लेकिन देर रात तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी थी। दोस्त बोला, आटो से खींच लिया बाहर आनंद के दोस्त अमन ने बताया कि, आनन्द सिंह ऑटो से कार्यालय जा रहे थे। इसी दौरान अल्टो कार से आए 4–5 युवकों ने उन्हें जबरन ऑटो से बाहर खींच लिया और कार में बैठाने लगे। जब आनन्द ने विरोध किया तो हमलावरों ने धारदार हथियार से उन पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। हाथ टूटा, सिर भी फोड़ दिया हमले में आनन्द सिंह का हाथ टूट गया, सिर फट गया और शरीर पर गंभीर चोटें आईं। आरोप है कि हमलावर गाली-गलौज करते हुए उन्हें बेरहमी से पीटते रहे और जाते-जाते उनका मोबाइल फोन, बैग और हीरे की अंगूठी भी लूट ले गए। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस पहुंची और घायल कर्मचारी को अस्पताल में भर्ती कराया। प्रशासनिक अमले में हड़कंप दिनदहाड़े कलेक्ट्रेट कर्मी पर हुए इस हमले से प्रशासनिक महकमे में भी हड़कंप मच गया है। पीड़ित पक्ष ने वाहन मालिक और हमलावरों के खिलाफ अपहरण के प्रयास, लूट और जानलेवा हमले की धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई है। उधर घटना की जानकारी पर कलेक्ट्रेट में कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन किया और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग भी की। कहा कि जल्द गिरफ्तारी नहीं होती है तो कलेक्ट्रेट कर्मी प्रदर्शन के लिए बाध्य होंगे। थानाध्यक्ष बोले इस मामले में झूंसी थानाध्यक्ष महेश मिश्रा ने बताया कि तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। फिलहाल यह बात सामने आई है कि बाइक से टक्कर को लेकर यह विवाद हुआ। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और हमलावरों की तलाश की जा रही है।
9 साल की वंशिका यादव 'बालक राम' का दर्शन करने अयोध्या पहुंची है। कड़ाके की ठंडक और घने कोहरे के बीच यह बालिका शिकोहाबाद बाद से स्केटिंग करते हुए अयोध्या पहुंची है। वह अयोध्या तक की स्केटिंग पर 3 जनवरी को निकली थी और लगभग 450 किलोमीटर की दूरी बुधवार की रात को पूरी कर ली। तिलयानी फिरोजाबाद की रहने वाली वंशिका के आगे पीछे उसके पिता शिव शंकर यादव व चाचा कार से चल रहे थे। उसके वीडियो दिखाते है कि वह सड़क पर दूरी व स्थान को प्रदर्शित करने वाले पत्थरों पर पड़ी धूल या उसे ढके झाड़ियों को भी साफ करती आयी है। अयोध्या पहुंचने के बाद वंशिका ने पिता के साथ रामलला का दर्शन किया। वह भव्य राम मंदिर और रामलला की मनमोहक स्वरूप को देख कर बेहद भावुक हो उठी।वह करीब 45 मिनट तक राम मंदिर में रही।उसकी बहादुरी और रामलला के प्रति उसकी भक्ति को देखते हुए राम मंदिर ट्रस्ट ने उनकी प्रसंशा की है। राम मंदिर के ट्रस्टी डाक्टर अनिल मिश्र ने वंशिका का राम मंदिर परिसर मे रामलला का प्रसाद और रामनाम देकर स्वागत किया और बहादुरी की प्रसंशा की।उन्होंने कहा कि इस सर्द मौसम में स्केटिंग कर अयोध्या आने का वंशिका का संकल्प बेहद बहादुरी वाला भावुक कर देने वाला है। हम उसके इस साहस और संकल्प की जोरदार प्रसंशा करते हैं। उन्होंने कहा कि वंशका नहीं बल्कि उसके इस संकल्प में साथ देने वाले उसके पिता और पूरा परिवार बधाई का पात्र है।
बरेली में पंजाबी महासभा ने हवेली रिज़ॉर्ट में लोहड़ी महोत्सव का आयोजन किया। यह आयोजन केवल एक पारंपरिक पर्व नहीं था, बल्कि बेटी और बेटे में समानता का संदेश देने का एक मंच भी बना। लोहड़ी का उत्सव आग के चारों ओर रेवड़ी, गुड़ और मूंगफली अर्पित कर मनाया गया, जो सर्दी की विदाई और नई फसल के स्वागत का प्रतीक था। रंग-बिरंगी पंजाबी पोशाकों में सजे बच्चों और महिलाओं ने गिद्धा और भांगड़ा प्रस्तुत किए। इस दौरान 148 पारंपरिक व्यंजनों के स्टॉल भी आकर्षण का केंद्र रहे। कार्यक्रम की मुख्य विशेषता लोहड़ी की शाम बेटियों के नाम पहल रही। इसके तहत पंजाबी महासभा ने पुत्रों के साथ-साथ पुत्रियों की लोहड़ी मनाने की परंपरा को आगे बढ़ाया। नवजन्मी बच्चियों को उपहार देकर सम्मानित किया गया, जिससे यह संदेश दिया गया कि बेटी का जन्म भी उत्सव का विषय है। महासभा के अध्यक्ष संजय आनंद ने बताया कि बेटा और बेटी में कोई भेद स्वीकार्य नहीं है। इसी सोच के साथ हर साल नवजन्मी बेटियों की पहली लोहड़ी सामूहिक रूप से मनाई जाती है। उन्होंने कहा कि यह पहल समाज की मानसिकता में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास है। कार्यक्रम में लकी ड्रॉ के जरिए टेलीविजन, वाशिंग मशीन और माइक्रोवेव जैसे पुरस्कार दिए गए। प्रसिद्ध गायक नवाब साहब की पंजाबी प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। अतिथियों का स्वागत पारंपरिक मखाने की माला से किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसमें मुख्य अतिथि शशांक भाटिया (प्रान्त संघ चालक, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ), डॉ. अरुण कुमार सक्सेना (मंत्री, वन एवं पर्यावरण, उत्तर प्रदेश सरकार), दुर्विजय सिंह शाक्य, बलदेव सिंह औलख और अति विशिष्ट अतिथि रमित शर्मा (अपर पुलिस महानिदेशक, बरेली जोन) सहित कई जनप्रतिनिधि और समाजसेवी उपस्थित रहे।
सहारनपुर में नशा तस्कर अरेस्ट:10 लाख की 50.33 ग्राम स्मैक बरामद, ऑपरेशन सवेरा के तहत हुई कार्रवाई
सहारनपुर पुलिस ने गुरुवार को एक नशा तस्कर को अरेस्ट किया है। उसके पास से 50.33 ग्राम अवैध स्मैक बरामद की गई, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 10 लाख रुपये बताई जा रही है। यह कार्रवाई गंगोह थाना पुलिस ने 'ऑपरेशन सवेरा' अभियान के तहत की है। आरोपी की पहचान सद्दाम पुत्र जीशान निवासी गांव बाढ़ी माजरा थाना गंगोह के रूप में हुई है। सद्दाम शातिर किस्म का अपराधी है। एसपी देहात सागर जैन ने बताया कि नशे के खिलाफ चलाए जा रहे 'ऑपरेशन सवेरा' अभियान के तहत गंगोह पुलिस को यह सफलता मिली है। पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल एक तस्कर को पकड़ा है। पुलिस के अनुसार, आरोपी को गंगोह थाना क्षेत्र में नकुड़ रोड स्थित बाढ़ी माजरा तिराहे के पास से गश्त चेकिंग के दौरान अरेस्ट किया है। तलाशी में उसके पास से अवैध स्मैक मिली है। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि आरोपी लंबे समय से नशे के अवैध कारोबार में सक्रिय था और युवाओं को स्मैक की आपूर्ति कर रहा था। पुलिस अधीक्षक ग्रामीण ने बताया कि आरोपी के फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंक खंगाले जा रहे हैं। इसका उद्देश्य स्मैक की आपूर्ति के स्रोत और आगे के वितरण नेटवर्क का पता लगाना है। इस मामले में अन्य लोगों की गिरफ्तारी भी जल्द होने की संभावना है। आरोपी का आपराधिक इतिहास भी रहा है। वह पहले लूट, चोरी, एनडीपीएस एक्ट, महामारी अधिनियम और आबकारी अधिनियम जैसे विभिन्न मामलों में शामिल रहा है। पुलिस इसे एक पेशेवर अपराधी मान रही है। फिलहाल, आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे कोर्ट में पेश किया जा रहा है। पुलिस ने दोहराया है कि 'ऑपरेशन सवेरा' जारी रहेगा और नशे के कारोबार में लिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
सहारनपुर में प्रतिबंधित चाइनीज मांझे के खिलाफ पुलिस का अभियान तेज हो गया है। गुरुवार शाम थाना मंडी पुलिस ने चाइनीज मांझा बेचते हुए एक दुकानदार को रंगे हाथों गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई डीआईजी/एसएसपी आशीष तिवारी के निर्देश पर की गई। एसपी सिटी व्योम बिंदल ने बताया कि पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी। इसमें बताया गया था कि रानी बाजार क्षेत्र में एक दुकानदार चोरी-छिपे प्रतिबंधित चाइनीज मांझे की बिक्री कर रहा है। सूचना के आधार पर थाना मंडी पुलिस टीम ने तुरंत रानी बाजार के पास दबिश दी और मौके से आरोपी दीपक को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से भारी मात्रा में प्रतिबंधित चाइनीज मांझा बरामद किया। बरामद माल में 69 गिट्टी और 10 गुच्छी पतंग का चाइनीज मांझा शामिल है, जिसका कुल वजन लगभग 40 ग्राम है। यह मांझा बेहद खतरनाक होता है। इससे पहले भी कई बार राहगीरों, दोपहिया वाहन चालकों और बच्चों के घायल होने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। एक युवक की गला कटने से मौत भी हो चुकी है। पुलिस के अनुसार, आरोपी रानी बाजार इलाके में पतंग और उससे संबंधित सामान बेचने का कारोबार करता है। त्योहारी सीजन और खास मौकों पर वह अधिक मुनाफे के लालच में प्रतिबंध के बावजूद चाइनीज मांझे की गुप्त रूप से बिक्री कर रहा था। हालांकि, आरोपी का कोई बड़ा आपराधिक रिकॉर्ड सामने नहीं आया है, लेकिन पुलिस उसके नेटवर्क और सप्लाई चेन की भी जांच कर रही है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई पूरी कर उसे कोर्ट में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। एसपी सिटी ने बताया कि प्रतिबंधित चाइनीज मांझे का इस्तेमाल न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह आमजन की जान के लिए भी गंभीर खतरा है। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं भी चाइनीज मांझे की बिक्री या उपयोग की सूचना मिले तो तत्काल पुलिस को सूचित करें। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ऐसे खतरनाक और अवैध कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
कुशीनगर न्यायालय ने दो दोषियों को सुनाई सजा:एक को 20 साल कठोर कारावास, दूसरे को 2 साल सश्रम कारावास
कुशीनगर न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण फैसले में दो अभियुक्तों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई है। 8 जनवरी 2026 को सुनाए गए इस फैसले के तहत विशाल कुशवाहा को 20 वर्ष का कठोर कारावास और 2,35,000 रुपये का अर्थदंड दिया गया है। वहीं, अरमान उर्फ अजहरुद्दीन को 2 वर्ष का सश्रम कारावास और 10,000 रुपये का अर्थदंड भुगतना होगा। यह मामला 8 अप्रैल 2024 को हुई एक घटना से संबंधित है। उस समय पीड़िता की उम्र 14 वर्ष थी। उसने अपने बयान में बताया था कि घटना के समय वह स्कूल जा रही थी। पीड़िता के अनुसार, जब वह बगहवां इनार (करदह मोड़) के पास पहुंची, तो वहां पहले से मौजूद विशाल कुशवाहा ने उसे धमकी दी। विशाल ने पीड़िता को चीनी मिल के पास आने को कहा और चेतावनी दी कि यदि वह ऐसा नहीं करती है तो उसके भाई की हत्या कर दी जाएगी। डरकर पीड़िता चीनी मिल के पास पहुंची, जहां उसे अरमान उर्फ अजहरुद्दीन नाम का एक और लड़का मिला। विशाल ने पीड़िता को एक जीन्स और टॉप दिया और उसे चुपचाप पहनने को कहा। विशाल ने पीड़िता की स्कूल ड्रेस अपने पास रख ली। इसके बाद, विशाल ने बाइक स्टार्ट की और पीड़िता को धमकी देकर उस पर बैठने के लिए मजबूर किया। वे पीड़िता को इटहिया मंदिर ले गए, लेकिन वह अंदर नहीं गई। फिर वे पास के एक ढाबे पर रुके, जहां विशाल ने उसे पानी पीने को दिया। पानी पीने के बाद पीड़िता को चक्कर आने लगा। इसके बाद, दोनों अभियुक्त पीड़िता को पास के एक जंगल में ले गए। विशाल का दोस्त उन्हें उसी जंगल में छोड़कर चला गया। पीड़िता ने अपने बयान में बताया कि विशाल ने उसी जंगल में उसके साथ दुष्कर्म किया था। न्यायालय ने सभी साक्ष्यों और बयानों के आधार पर दोनों अभियुक्तों को दोषी पाया और उन्हें उपरोक्त सजा सुनाई।
रामपुर में महिला सुरक्षा दावों की खुली पोल:वन स्टॉप सेंटर के निरीक्षण में खुले में सोती महिलाएं
रामपुर में महिला सुरक्षा के सरकारी दावों पर सवाल उठ गए हैं। प्रशासन के वन स्टॉप सेंटर की प्रभारी ने सिविल लाइंस क्षेत्र में खुले आसमान के नीचे सो रही महिलाओं को नहीं पाया, जबकि भास्कर की पड़ताल में कई महिलाएं खुले में रात गुजारती मिलीं। यह स्थिति सरकारी निरीक्षणों की औपचारिकता पर प्रश्नचिह्न लगाती है। वन स्टॉप सेंटर की प्रभारी ने सिविल लाइंस क्षेत्र, रेलवे स्टेशन और बस स्टेशन का दौरा किया था। उनके निरीक्षण के बाद दावा किया गया कि इन स्थानों पर कोई भी महिला खुले में नहीं सो रही है। हालांकि, भास्कर की टीम ने इन्हीं क्षेत्रों में रात के समय गहन पड़ताल की, तो जमीनी हकीकत दावों से बिल्कुल अलग पाई गई। भास्कर टीम को सिविल लाइंस क्षेत्र में कई महिलाएं मिलीं, जो वर्षों से खुले आसमान के नीचे रातें बिताने को मजबूर हैं। पायल होटल के सामने एक बुजुर्ग महिला सालों से मकान के छज्जे के नीचे सोती मिली। रेलवे स्टेशन के ठीक सामने गुरुनानक भोजनालय के पास, दुकानें बंद होने के बाद कई महिलाएं ठंड में दुकानों के छज्जों के नीचे रात गुजार रही थीं। बीपी कॉलोनी में मस्जिद के सामने भी महिलाएं दुकानों के बाहर सोती पाई गईं। यह स्थिति प्रशासनिक निरीक्षणों और जमीनी हकीकत के बीच बड़े अंतर को दर्शाती है। इससे यह सवाल उठता है कि क्या ये निरीक्षण केवल कागजी औपचारिकताएं हैं, या खुले में रात बिताने को मजबूर महिलाओं तक राहत पहुंचाने के लिए कोई ठोस और संवेदनशील कदम उठाए जाएंगे।
ग्रेटर नोएडा के सेक्टर डेल्टा वन में दूषित पानी की समस्या सामने आई है, जिसके कारण आठ लोगों के बीमार होने का दावा किया गया। निवासियों के अनुसार, सी ब्लॉक में पीने के पानी में सीवर का पानी मिल रहा था। इस शिकायत के बाद ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर लीकेज को ठीक कराया। यह मामला सोमवार को तब शुरू हुआ जब सी ब्लॉक के एक मकान में सुबह के समय गंदा और बदबूदार पानी आया। निवासियों ने इसका वीडियो बनाकर वायरल कर दिया। उन्होंने बताया कि कुछ अन्य घरों में भी ऐसा ही पानी आया, जिससे लोगों को उल्टी, दस्त और बुखार जैसी शिकायतें हुईं। हालांकि, किसी भी व्यक्ति को अस्पताल में भर्ती कराने की आवश्यकता नहीं पड़ी। आरडब्ल्यूए उपाध्यक्ष पंकज नागर ने बताया कि इस संबंध में प्राधिकरण से शिकायत की गई थी। बुधवार और गुरुवार को प्राधिकरण की टीम सेक्टर में पहुंची और दो स्थानों पर खुदाई की गई। जांच में पाया गया कि सीवर लाइन का पानी पेयजल आपूर्ति लाइन में मिल रहा था। प्राधिकरण ने इस समस्या को ठीक कर दिया है। इसी बीच, स्वास्थ्य विभाग की टीम ने भी सेक्टर में एक कैंप लगाया। टीम ने लगभग 158 घरों का डोर-टू-डोर सर्वे किया, जिसमें सात लोग बीमार पाए गए। इनमें से कुछ को उल्टी-दस्त और कुछ को बुखार की शिकायत थी। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि यह आवश्यक नहीं है कि बीमारी दूषित पानी के कारण ही हो; यह मौसम या खान-पान से भी संबंधित हो सकती है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ सुनील कुमार सिंह ने बताया कि उन्होंने स्वयं जल विभाग की टीम के साथ मौके का जायजा लिया। उन्होंने आश्वासन दिया कि समस्या का समाधान कर दिया गया है और अब लोगों को दूषित पानी की समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा। कई घरों से पानी के नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं।
गोरखपुर में प्रदेश सरकार के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने सर्किट हाउस में पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठक की। संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने ग्रामीण रोजगार योजना मनरेगा में मौजूद कमियों को दूर करने और उसकी जवाबदेही बढ़ाने के उद्देश्य से ‘विकसित भारत जी राम जी’ विधेयक संसद से पारित कराया है। उन्होंने इसे विकसित भारत के लक्ष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण सुधार बताया। संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि सरकार की योजनाओं एवं नए विधेयकों की विशेषताओं को सीधे जनता तक पहुंचाना आवश्यक है, ताकि लाभ और उद्देश्य स्पष्ट रूप से समझ में आए। उन्होंने पदाधिकारियों से विधेयक की खूबियों को जन जन तक पहुंचाने का आग्रह किया। मनरेगा ढांचे में बदलाव और कार्यप्रणाली पर प्रभाव बैठक में विधेयक के बाद मनरेगा से जुड़े ढांचे और कार्यप्रणाली में संभावित बदलावों पर भी चर्चा हुई। पदाधिकारियों ने सवाल पूछे और ग्रामीण क्षेत्रों में उसके क्रियान्वयन से संबंधित बिंदुओं पर जानकारी ली। संसदीय कार्य मंत्री ने संगठन और प्रशासन के बीच समन्वय को आवश्यक बताया और कहा कि केंद्र सरकार पारदर्शिता, नियमन और उत्तरदायित्व के साथ योजनाओं के क्रियान्वयन पर फोकस कर रही है। स्वागत और अभिनन्दन से हुई शुरुआत बैठक की शुरुआत जिलाध्यक्ष जनार्दन तिवारी और महानगर संयोजक राजेश गुप्ता के नेतृत्व में स्वागत एवं अभिनन्दन से हुई। पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने संसदीय कार्य मंत्री को पुष्पगुच्छ भेंट किया। बैठक में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने पर चर्चा हुई, जिनमें विधेयक से जुड़े प्रावधानों और उद्देश्यों को सहज भाषा में जनता तक पहुंचाने पर जोर दिया गया। पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद बैठक में महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, विधायक बिपिन सिंह, पूर्व विधायक शीतल पाण्डेय, पूर्व जिलाध्यक्ष युधिष्ठिर सिंह, पूर्व महानगर अध्यक्ष राहुल श्रीवास्तव, सिद्धार्थ शंकर पाण्डेय, क्षेत्रीय मीडिया प्रभारी डॉ. बच्चा पाण्डेय नवीन, क्षेत्रीय सह मीडिया प्रभारी राहुल तिवारी, जिला मीडिया प्रभारी के. एम. मझवार, महानगर मीडिया प्रभारी चंदन आर्या, ओमप्रकाश शर्मा, विनय कुमार सिंह, शशिकांत सिंह, अच्युतानंद शाही, अजय श्रीवास्तव, ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि रणविजय सिंह मुन्ना, सुरेंद्र चौबे, राजकुमार सिंह, शुभम सिंह और अरुण सिंह सहित पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
बरेली में 11 जनवरी को हिन्दू संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम अंतरराष्ट्रीय हिन्दू परिषद और राष्ट्रीय बजरंग दल द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया जा रहा है। प्रातः 10 बजे से शुरू होने वाले इस कार्यक्रम में डॉ. प्रवीण तोगड़िया मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। आयोजकों के अनुसार, इस वर्ष का कार्यक्रम सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्र निर्माण से जुड़े विषयों पर केंद्रित रहेगा। इसका मुख्य उद्देश्य हिन्दू समाज के विभिन्न वर्गों, जैसे युवा, किसान, मातृ शक्ति और छात्रों के बीच संवाद को मजबूत करना है। साथ ही, समकालीन सामाजिक चुनौतियों पर सकारात्मक विमर्श को बढ़ावा देना भी इसका लक्ष्य है। अंतरराष्ट्रीय हिन्दू परिषद एवं राष्ट्रीय बजरंग दल के संस्थापक एवं अध्यक्ष डॉ. प्रवीण तोगड़िया इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। वे समाज से जुड़े विविध विषयों पर अपने विचार साझा करेंगे और उपस्थित जनसमूह को संबोधित करेंगे। कार्यक्रम में राष्ट्रीय बजरंग दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज सिंह का भी संबोधन प्रस्तावित है। वे संगठनात्मक दृष्टि और युवाओं की भूमिका पर अपने विचार प्रस्तुत करेंगे, जिससे संगठन के कार्यकर्ताओं और युवाओं को मार्गदर्शन मिल सके। प्रेस वार्ता में अंतरराष्ट्रीय हिन्दू परिषद के जिला अध्यक्ष अमित गंगवार ने बताया कि कार्यक्रम की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित रूप देने के लिए एक विस्तृत योजना बनाई गई है। वहीं, राष्ट्रीय बजरंग दल के जिला अध्यक्ष रोहित गंगवार ने कहा कि कार्यक्रम की सफलता सुनिश्चित करने के लिए पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को अलग-अलग दायित्व सौंपे गए हैं। प्रेस वार्ता में संगठन के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिन्होंने आयोजन को लेकर उत्साह दिखाया। आयोजकों को उम्मीद है कि यह कार्यक्रम समाज में संवाद, विचार-विमर्श और जागरूकता को एक नई दिशा प्रदान करेगा।
5 लाख की स्मैक के साथ 4 गिरफ्तार:बलरामपुर में स्विफ्ट डिजायर कार जब्त, तस्करी गिरोह का भंडाफोड़
बलरामपुर पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर कोतवाली देहात पुलिस ने स्मैक तस्करी के एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। प्रभारी निरीक्षक गिरिजेश तिवारी के नेतृत्व में कोतवाली देहात पुलिस टीम ने सेखुईया तिराहा के पास वाहन चेकिंग की। मुखबिर की सटीक सूचना पर बहराइच से आ रही एक सफेद स्विफ्ट डिजायर कार (UP32 HF 6075) को रोका गया। तलाशी के दौरान कार से 49.15 ग्राम स्मैक पाउडर बरामद हुआ। बरामद स्मैक की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 5 लाख रुपए बताई जा रही है। पुलिस को स्मैक तौलने में इस्तेमाल होने वाला एक इलेक्ट्रॉनिक तराजू भी मिला है। पुलिस ने मौके से तीन पुरुष और एक महिला सहित कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। बरामदगी के आधार पर थाना कोतवाली देहात में मु0अ0सं0 07/26 धारा 8/21 एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे स्मैक बहराइच से लाकर बलरामपुर में बेचने जा रहे थे। पुलिस का मानना है कि इस कार्रवाई से जिले में नशे के अवैध कारोबार को बड़ा झटका लगा है। इस गिरफ्तारी अभियान में प्रभारी निरीक्षक गिरिजेश तिवारी सहित कोतवाली देहात की पुलिस टीम शामिल थी। पुलिस अधीक्षक ने टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे ही सख्त अभियान जारी रखने के निर्देश दिए हैं।
गोरखपुर महोत्सव को लेकर तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं। अधिकारियों ने गुरुवार को कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया। एडीजी जोन मुथा अशोक जैन ने कहा कि गोरखपुर महोत्सव में बड़ी संख्या में वाहन लेकर लोग आएंगे। इसलिए उनके वाहनों को खड़ा करने के लिए पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था की जाए।कमिश्नर अनिल ढींगरा कहा कि सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन किया जाए। उन्होंने कहा कि महोत्सव में तीनों दिन भारी भीड़ होगी, इसलिए भीड़ नियंत्रण का पर्याप्त व्यवस्था की जाए। इसके साथ ही आपातकालीन व्यवस्था पर भी ध्यान दिया जाए। जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएं।डीआईजी रेंज एस चनप्पा, जिलाधिकारी दीपक मीणा, एसएसपी राजकरन नैय्यर, जीडीए के उपाध्यक्ष आनन्द वर्द्धन ने भी तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने महोत्सव स्थल पर चल रही तैयारियों को भी देखा। अधिकारियों ने कहा कि महोत्सव के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था न होने पाए। आम लोगों को सुरक्षित एवं सुगम वातावरण प्रदान किया जाए। मण्डलायुक्त अनिल ढींगरा ने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि महोत्सव स्थल पर सभी बुनियादी सुविधाएं समय से पूरी कर ली जाएं। उन्होंने साफ-सफाई, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और शौचालयों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया। साथ ही कहा कि महोत्सव जनसुविधाओं के उच्च मानकों के अनुरूप आयोजित किया जाना चाहिए। अधिकारियों ने पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाए। संवेदनशील स्थानों की पहचान कर वहां अतिरिक्त सतर्कता बरतने के भी निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी दीपक मीणा ने प्रशासनिक तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि महोत्सव के सफल आयोजन के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवाओं और अग्निशमन व्यवस्था को लेकर भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।महोत्सव के नोडल अधिकारी आनंद वर्धन ने अधिकारियों को अब तक की गई तैयारियों की जानकारी दी। जीडीए सचिव पुष्पराज सिंह ने अवसंरचना विकास एवं सौंदर्यीकरण से संबंधित कार्यों की प्रगति से अवगत कराया।
भोपाल स्थित सीएम हाउस में गुरुवार को पालतू कुत्ते ने दो कर्मचारियों पर हमला कर दिया। इसमें डॉग ट्रेनर रंजीत और कुक कृपाशंकर मिश्रा घायल हो गए। दोनों को तत्काल जेपी अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद एंटी रेबीज वैक्सीन लगाई गई। सूत्रों के मुताबिक, डॉग ट्रेनर रंजीत रोजाना की तरह कुत्ते को संभाल रहे थे, इसी दौरान वह बेकाबू हो गया और उन पर हमला कर दिया। उन्हें बचाने पहुंचे कुक कृपाशंकर मिश्रा पर भी कुत्ता झपट पड़ा। कुक के हाथ-पैर में 3-4 जगह गहरे जख्म आए हैं। यह घटना ऐसे समय सामने आई है, जब देशभर में कुत्तों के हमलों को लेकर सुप्रीम कोर्ट सख्त टिप्पणी कर चुका है। सिंघार बोले- जहर दे रहे हैं तो कुत्ते हमला करेंगे हीसीएम हाउस में डॉग बाइट की इस घटना पर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने तंज कसा है। उन्होंने भोपाल में कहा- अब जो जहर दे रहे हैं, तो कुत्ते हमला करेंगे ही। मामले से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए... सुप्रीम कोर्ट बोला- कुत्ते इंसानी डर पहचानते हैं, इसलिए काटते हैं सुप्रीम कोर्ट में आवारा कुत्तों से जुड़े मामलों पर गुरुवार को लगातार दूसरे दिन ढाई घंटे सुनवाई हुई। कोर्ट ने कुत्तों के बिहेवियर को लेकर चर्चा की। जस्टिस नाथ ने कहा कि कुत्ते इंसानों का डर पहचान लेते हैं इसलिए काटते हैं। इस पर एक वकील (कुत्तों के फेवर वाले) ने इनकार किया। फिर जस्टिस ने जवाब दिया कि अपना सिर मत हिलाइए, ये बात मैं पर्सनल एक्सपीरियंस से बोल रहा हूं। पढ़ें पूरी खबर... 40 लोगों को काटने के बाद पागल कुत्ते की मौत उज्जैन के महिदपुर में बुधवार को एक कुत्ते ने 40 लोगों को काटा। सभी एक-एक कर अस्पताल पहुंचे। जानकारी मिलते ही नगर पालिका की टीम हरकत में आई। कुत्ते को घेराबंदी कर पकड़ा। इसके कुछ ही देर बाद कुत्ते की मौत हो गई। इसका पता लगते ही इलाके में दहशत फैल गई। जिन लोगों को कुत्ते ने काटा था, वे दोबारा अस्पताल पहुंचने लगे। पढ़ें पूरी खबर...
कानपुर में महापौर प्रमिला पांडेय और बीजेपी पार्षदों का विवाद मुख्यमंत्री की चौखट तक पहुंच गया। प्रभारी मंत्री की पंचायत के बाद भी मामला शांत नहीं हुआ। इसके बाद गुरुवार को महापौर प्रमिला पांडेय ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। उन्होंने अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा कि शहर की कई समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री जी से मुलाकात हुई। भगवान ने सभी समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया है…। विवाद के बाद से महापौर ने पूरे मामले में चुप्पी साध रखी है। प्रभारी मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय भी नहीं समझाने में हुए नाकाम कानपुर में महापौर के खिलाफ भाजपा के ही छह पार्षदों ने मोर्चा खोल रखा है। इसमें से वार्ड-4 के पार्षद अंकित मौर्य और वार्ड-37 के पार्षद पवन गुप्ता ने नगर निगम सदन में विकास के मुद्दों को उठाते हुए हंगामा किया। इसके बाद महापौर ने दोनों को सस्पेंड कर दिया था। इसके बाद से दोनों पार्षदों ने महापौर के खिलाफ एकजुट होकर मोर्चा खोल दिया। अंकित और पवन के बाद उनके साथ पार्षद आलोक पांडेय, लक्ष्मी कोरी और वार्ड 79 के पार्षद विकास जायसवाल समेत अन्य ने भी मोर्चा खोल दिया था। मेयर और उनके बेटे अमित पांडेय उर्फ बंटी से जुड़े एक के बाद एक घपले-घोटालों का खुलासा करना शुरू कर दिया। बवाल बढ़ा तो मामले में दोनों पक्षों को समझौता कराने के लिए कैबिनेट मंत्री व कानपुर के प्रभारी मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय को कानपुर भेजा गया था। प्रभारी मंत्री ने भी दो राउंड दोनों पक्षों की बैठक कराई, लेकिन मामला शांत नहीं हुआ। इसके बाद अब गुरुवार शाम को महापौर प्रमिला पांडेय ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की है। इसके बाद से वह अपनी चुप्पी साधे हुए हैं। सीएम से मिलने के बाद भी उन्होंने मीडिया में कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। फेसबुक पोस्ट में फोटो साझा करते हुए दो लाइनें लिखीं।
यमुनानगर में एक डेढ़ साल का बच्चा छत से सिर के बल जमीन पर जा गिरा और गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजन उसे सेक्टर 17 स्थित प्राइवेट अस्पताल लेकर पहुंचे जहां पर इलाज के दौरान देर रात उसकी मौत हो गई। परिजनों ने बच्चे की मौत का कारण डॉक्टर की लापरवाही बताते हुए अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया। परिजनों का आरोप है कि जब वह बच्चे को अस्पताल लेकर पहुंचे तो वह उनसे बातचीत कर रहा था। डॉक्टर ने केस में गंभीरता नहीं दिखाती जिसके चलते उसकी मौत हो गई। सूचना मिलते ही डायल 112 और सेक्टर 17 से पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। करीब एक घंटे तक चले हंगामे के बाद परिजनों ने बच्चे का शव लेकर घर लौटे। 14 फुट ऊंचाई से सिर के बल नीचे गिरा रूप नगर निवासी घनश्याम ने बताया कि वह सेल्समैन का काम करता है और उसके पास दो बच्चे हैं, जिसमें पांच वर्षीय रूद्र और डेढ़ वर्षीय देव हैं। गुरुवार को वह काम पर गया हुआ था। बच्चे घर पर अपनी मां और अन्य परिजनों के साथ थे। दोपहर करीब 12 बजे देव अपने भाई रुद्र के साथ घर की छत पर खेल रहा था। इसी दौरान करीब 14 फुट की ऊंचाई से सिर के बल नीचे जा गिरा। रुद्र ने शोर मचाया तो परिजनों मौके पर पहुंचे और देखा कि देव के सिर में गहरी चोट आई है। दोपहर 2 बजे एडमिट कराया, 7 बजे तक कुछ नहीं बताया परिजन उसे तुरंत शहर के एक निजी अस्पताल लेकर गए। इतने में वह भी अपने भाई श्याम के साथ अस्पताल पहुंच गया। यहां पर डॉक्टर ने हालत गंभीर बताते हुए बड़े अस्पताल ले जाने की सलाह दी। जिसके बाद वे देव को सेक्टर 17 स्थित जिंदल अस्पताल लेकर आए। देव की हालत काफी गंभीर, लेकिन वह उनसे हल्की बातचीत भी कर रहा था। घनश्याम का आरोप है कि उन्होंने 2 बजे बच्चे को अस्पताल में एडमिट कराया था, जिसके बाद उनके बच्चे को लेकर अस्पताल प्रशासन ने कोई गंभीरता नहीं दिखाई। रात को करीब आठ बजे उनके पास डॉक्टर आए और कहने लगे कि हालत काफी सीरियस है। बच्चे को वेंटिलेटर पर डालना होगा। डॉक्टर पर इलाज को लेकर गंभीरता न दिखाने का आरोप घनश्याम ने कहा कि इसके कुछ ही देर बाद उन्हें पता चला कि उनके बच्चे की ताे मौत हो चुकी है। देव के चाचा श्याम ने कहा कि अगर बच्चे की हालत गंभीर भी और यहां के डॉक्टर उसका इलाज करने में असमर्थ थे तो उन्हें दोपहर को ही बता देते। ऐसे में वे अपने बच्चे को पीजीआई लेकर चले जाते। बच्चे की मौत के बाद रात करीब साढ़े 9 बजे परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। सूचना मिलते ही डॉयल 112 और सेक्टर 17 पुलिस थाने से टीम मौके पर पहुंची और परिजनों को समझाने का प्रयास किया। परिजनों ने अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। करीब एक घंटे चले हंगामे के बाद परिजन बच्चे के शव को लेकर घर लौटे। परिजनों को पहले ही सारी कंडीशन की थी क्लियर: डॉ. जिंदल जिंदल अस्पताल के निदेशक डॉ. योगेश जिंदल ने बताया कि परिजन जब बच्चे को लेकर अस्पताल आए तो उसकी हालत काफी गंभीर थी। बच्चे को एडमिट करते समय ही बता दिया था कि 72 घंटे तक कुछ भी हो सकता है। दोपहर दो बजे से शाम 7 बजे तक बच्चे की जैसे ही कंडीशन रही करीब 4 बार परिजनों से मीटिंग करके उन्हें बताया गया। अपने पूरे प्रयास के बाद भी जब वह बच्चे को नहीं बचा पाए और परिजनों को उसकी मौत की सूचना दी तो वे इस बात को भड़क गए। बच्चे की डेथ सिर पर गहरी चोट लगने से हुई है। परिजनों ने कोई शिकायत नहीं सौंपी: थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे सेक्टर 17 थाना प्रभारी प्रमोद वालिया ने बताया कि उन्हें अस्पताल में बच्चे की मौत पर हंगामे की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंचे तो परिजनों ने डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाया है। स्थिति कंट्रोल में है। फिलहाल पीड़ित परिवार की ओर से कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। बच्चे का शव परिजनों को सौंप दिया गया है, जिसे लेकर वे घर चले गए हैं।
खगड़िया के जिलाधिकारी नवीन कुमार ने आज बेलदौर प्रखंड के सभी सरकारी कार्यालयों का व्यापक निरीक्षण किया। इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य पंचायत और प्रखंड स्तर पर शासन व्यवस्था को मजबूत करना तथा सरकारी कार्यालयों की कार्यसंस्कृति में सुधार लाना था। निरीक्षण के दौरान, जिलाधिकारी ने पूर्व में दिए गए निर्देशों के अनुपालन और प्रगति की गहन समीक्षा की। उन्होंने कार्यालयों की साफ-सफाई, आगंतुकों के बैठने की समुचित व्यवस्था, आगंतुक पंजी का संधारण, अभिलेखों एवं रजिस्टरों का सुव्यवस्थित रख-रखाव, सीसीटीवी कैमरों की स्थापना और सभी पदाधिकारियों के नाम व मोबाइल नंबर उनके कक्ष के बाहर प्रदर्शित किए जाने की स्थिति का जायजा लिया। संबंधित पदाधिकारियों को त्वरित सुधार एवं निराकरण के स्पष्ट निर्देश दिए गए इस क्रम में पशुपालन कार्यालय, सीडीपीओ कार्यालय और सामाजिक सुरक्षा कार्यालय सहित अन्य संबंधित कार्यालयों का भी अवलोकन किया गया। जहां-जहां कमियां पाई गईं, वहां संबंधित पदाधिकारियों को त्वरित सुधार एवं निराकरण के स्पष्ट निर्देश दिए गए। इसके उपरांत, जिलाधिकारी ने प्रखंड परिसर में आयोजित जन समाधान शिविर में स्वयं उपस्थित होकर आम नागरिकों की समस्याएं सुनीं। कई मामलों का मौके पर ही समाधान किया गया, जबकि शेष आवेदनों को 7 दिन, 15 दिन और 30 दिन की समय-सीमा में निष्पादित करने हेतु वर्गीकृत कर संबंधित पदाधिकारियों को निर्देशित किया गया। जांच और आवश्यक कार्रवाई के लिए अंचलाधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी गई शिविर में मुख्य रूप से आवागमन हेतु सड़क निर्माण और बासगीत पर्चा से संबंधित आवेदन प्राप्त हुए। इनकी जांच और आवश्यक कार्रवाई के लिए अंचलाधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी गई। इसके अतिरिक्त, बेलदौर में एक उद्योग संवाद का भी आयोजन किया गया, जिसमें बैंकरों, उद्यमियों और आम नागरिकों ने भाग लिया। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने स्थानीय स्तर पर उद्योग स्थापना को बढ़ावा देने पर जोर दिया तथा प्रशासन द्वारा उपलब्ध विभिन्न सरकारी योजनाओं, सुविधाओं एवं ऋण सहायता की विस्तृत जानकारी दी। जिला मुख्यालय का अनावश्यक चक्कर न लगाना पड़े निरीक्षण और कार्यक्रमों के दौरान, जिलाधिकारी नवीन कुमार ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सरकार की मंशा के अनुरूप आम जनता की अधिकतम समस्याओं का समाधान पंचायत और प्रखंड स्तर पर ही सुनिश्चित किया जाए, ताकि नागरिकों को छोटी-छोटी समस्याओं के लिए जिला मुख्यालय का अनावश्यक चक्कर न लगाना पड़े। उन्होंने कहा कि पंचायत एवं प्रखंड स्तर के सभी पदाधिकारी जनसमस्याओं के त्वरित, पारदर्शी एवं प्रभावी निष्पादन के लिए पूर्ण रूप से उत्तरदायी होंगे, जिससे शासन व्यवस्था और अधिक जनोन्मुखी एवं मजबूत बन सके।
जमुई में कार-ट्रक की टक्कर, ड्राइवर भागा:ओवरटेक करते समय हुआ एक्सीडेंट, पुलिस जांच में जुटी
जमुई में तेज रफ्तार और लापरवाही के कारण एक सड़क हादसा सामने आया है। जमुई की ओर से आ रहे एक ट्रक ने एक कार को जोरदार टक्कर मार दी। इस दुर्घटना में कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई, हालांकि गनीमत रही कि किसी को गंभीर चोटें नहीं आईं। टक्कर के बाद ट्रक चालक मौके से वाहन लेकर फरार हो गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना तब हुई जब कार जमुई के इस्लामनगर से बाबूडीह होते हुए सोनो जा रही थी। उसी दिशा से आ रहे ट्रक चालक ने ओवरटेक करने का प्रयास किया, लेकिन लापरवाही के कारण कार को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के अगले हिस्से को काफी नुकसान पहुंचा। आसपास के स्थानीय लोग मौके पर जमा हो गए हादसे के तुरंत बाद ट्रक चालक बिना रुके मौके से फरार हो गया। घटना की तेज आवाज सुनकर और क्षतिग्रस्त कार को देखकर आसपास के स्थानीय लोग मौके पर जमा हो गए। उन्होंने तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और क्षतिग्रस्त कार का मुआयना करते हुए मामले की जांच शुरू कर दी। सख्त कदम उठाने की मांग की पुलिस अब आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ कर रही है और फरार ट्रक चालक की पहचान कर उसे पकड़ने के प्रयास कर रही है। स्थानीय निवासियों ने बताया कि इस मार्ग पर अक्सर तेज रफ्तार और गलत तरीके से ओवरटेक करने के कारण दुर्घटनाएं होती रहती हैं। उन्होंने प्रशासन से सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सख्त कदम उठाने की मांग की है।
सीधी जिले में लगातार गिरते तापमान और शीतलहर को देखते हुए कलेक्टर स्वरोचिष सोमवंशी ने आदेश जारी कर नर्सरी से कक्षा 8वीं तक के सभी सरकारी, निजी, सीबीएसई, आईसीएसई और अन्य बोर्ड के स्कूलों में अवकाश 10 जनवरी 2026 तक बढ़ा दिया है। इससे पहले शीतलहर के कारण 6 जनवरी से 8 जनवरी तक स्कूल बंद किए गए थे। लेकिन मौसम की स्थिति में कोई सुधार नहीं होने और ठंड के लगातार बने रहने के कारण प्रशासन ने अवकाश को 9 और 10 जनवरी तक बढ़ाने का निर्णय लिया। मौसम का हाल और स्कूलों पर असर जिले में कई दिनों से न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी नीचे है। सुबह के समय घना कोहरा, तेज ठंडी हवाएं और ठिठुरन छोटे बच्चों के स्वास्थ्य के लिए खतरा बन रही हैं। हालांकि अधिकांश स्कूल सुबह 9 या 10 बजे से खुलते थे, लेकिन ठंड का असर कम नहीं हुआ। परीक्षाएं नियमित रहेंगी कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि यह अवकाश केवल विद्यार्थियों के लिए है। सभी शिक्षक अपने-अपने स्कूलों में नियमित रूप से उपस्थित रहेंगे और शासकीय कार्य जारी रहेंगे। परीक्षाएं और अन्य जरूरी शैक्षणिक गतिविधियां पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार होंगी। अभिभावकों को मिली राहत छुट्टी बढ़ाने की सूचना से अभिभावकों और बच्चों को राहत मिली है। कई माता-पिता ने कहा कि कड़ाके की ठंड में छोटे बच्चों को स्कूल भेजना स्वास्थ्य के लिहाज से जोखिमपूर्ण होता है।
बागपत में ऑनलाइन गेम खेलते हुए एक 15 वर्षीय किशोर ने आत्महत्या कर ली। यह घटना उस समय हुई जब उसका परिवार एक निर्माण स्थल पर मजदूरी कर रहा था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। किशोर एक कमरे में मोबाइल पर ऑनलाइन गेम खेल रहा था। कुछ देर बाद जब परिवार के सदस्य कमरे में पहुंचे, तो उन्होंने उसे फांसी के फंदे पर लटका पाया। बताया गया है कि किशोर लगातार मोबाइल पर गेम खेलता था। मृतक का परिवार मूल रूप से मध्य प्रदेश का निवासी है और बागपत में एक निजी अस्पताल के निर्माण कार्य में मजदूरी करके अपना जीवन यापन करता है। वह अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, और स्थानीय लोग उन्हें सांत्वना दे रहे हैं। पुलिस जांच में जुटी पुलिस ने बताया कि शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है और पूरे मामले की गहनता से जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि किशोर ने यह कदम क्यों उठाया। इस घटना पर बागपत जिला अस्पताल के मनोचिकित्सक डॉ. अजय कुमार ने चिंता व्यक्त की है। उन्होंने अभिभावकों को सलाह दी है कि वे अपने बच्चों पर पूरी नजर रखें और देखें कि वे मोबाइल पर क्या कर रहे हैं। डॉ. कुमार ने कहा कि बच्चों को ऐसे गेम खेलने से रोकना चाहिए जिनसे उन्हें लत लग जाए। मनोचिकित्सक ने बच्चों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए फिजिकल एक्टिविटी पर ध्यान देने की भी सलाह दी।
रायसेन में महादेव पानी रोड पर ऑटो पलटा:गंभीर चोट से ड्राइवर की मौत
रायसेन के भोपाल रोड स्थित महादेव पानी पर गुरुवार रात एक ऑटो पलटा होने की सूचना पुलिस को मिली थी। इस हादसे में ऑटो चालक की गंभीर चोटों के कारण मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, ऑटो सड़क किनारे खाई में पलट गया था। हादसे के बाद हाईवे एम्बुलेंस मृतक मसरूर (पिता मकसूद) को जिला अस्पताल लेकर पहुंची। मसरूर भोपाल के बुधवारा निवासी थे। जिला अस्पताल में ड्यूटी डॉक्टर वैभव सिंघाई ने जांच के बाद मसरूर को मृत घोषित कर दिया। शव को जिला अस्पताल की मर्चूरी में रखवाया गया है। करवई चौकी पुलिस को घटना की सूचना मिली थी। पुलिस ने मृतक के पास मिले दस्तावेजों और मोबाइल के आधार पर परिजनों को सूचित किया। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि मसरूर ऑटो चालक महादेव पानी कैसे पहुंचा और वह किस काम से वहां आया था। मसरूर के शरीर पर चोटों के निशान पाए गए हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
गुरुवार रात राऊ-खलघाट फोरलेन के गणपति घाट ब्रिज पर एक ट्राला बेकाबू होकर गिर गया। ट्राला ब्रिज की रेलिंग तोड़ते हुए करीब 50 फीट नीचे जा गिरा, लेकिन गनीमत रही कि कोई बड़ा जनहानि नहीं हुई। चालक ने वाहन से कूदकर अपनी जान बचाई। जानकारी के अनुसार, ट्राला (एमपी09एचएच5955) पीथमपुर से माल लेकर गुजरात जा रहा था। हादसे के समय वाहन में चालक मुकेश सवार था। ट्राला चालक गौरव उर्फ मुकेश लोहारी (कुक्षी निवासी) वाहन से कूदने के दौरान घायल हो गए। उन्हें तुरंत टोल एम्बुलेंस से धामनोद अस्पताल पहुंचाया गया। बड़ा हादसा टला ट्राला जिस स्थान पर गिरा, वहां से करीब 20 फीट दूर एक डीपी (ट्रांसफार्मर) लगा हुआ था। अगर ट्राला डीपी पर गिरता, तो बड़ा हादसा हो सकता था। काकड़दा पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घायल चालक को अस्पताल पहुंचाया और दुर्घटना की जांच शुरू कर दी है।
देवास में संस्कृति विभाग, जिला प्रशासन और नगर निगम के सहयोग से गुरुवार को दो दिवसीय 'उस्ताद रजब अली - अमानत अली खां' स्मरण संगीत समारोह का शुभारंभ हुआ। मल्हार स्मृति मंदिर में आयोजित इस समारोह के पहले दिन तीन संगीत सभाएं हुईं। समारोह का उद्घाटन महापौर प्रतिनिधि दुर्गेश अग्रवाल और परियोजना अधिकारी स्मिता रावल ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया। अतिथियों ने कलाकारों का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। पहले दिन की पहली प्रस्तुति इंदौर के प्रशांत मोघे के गायन की रही। उनके साथ तबले पर राहुल बेने, हारमोनियम पर दीपक खसरावल और तानपुरे पर पीयूष भट्ट ने संगत दी। दूसरी प्रस्तुति उज्जैन की रुचा बेडेकर ने सरोद वादन के रूप में दी, जिसमें रामेंद्र सिंह सोलंकी ने तबले पर संगत की। पहले दिन की अंतिम प्रस्तुति वृंदावन की गायिका आस्था गोस्वामी के गायन की थी। उनके साथ तबले पर हितेंद्र दीक्षित और हारमोनियम पर दीपक खसरावल ने संगत दी। समारोह के दूसरे दिन, 9 जनवरी को, इंदौर की वर्षा बंसीवाल का शास्त्रीय गायन होगा। इसके बाद ग्वालियर के संगीत गुरु भरत नायक सितार वादन प्रस्तुत करेंगे। अंतिम प्रस्तुति सरोद, सैक्सोफोन, वायलिन और तबला वाद्यवृंद की होगी, जिसे आमिर खान, प्रियंक कृष्णा, फिल स्कार्फ और अभिजीत द्वारा प्रस्तुत किया जाएगा।
हत्या मामले में 25 हजार का इनामी गिरफ्तार:शाहबाद में फरार आरोपी को कोर्ट ने जेल भेजा
रामपुर जिले के शाहबाद थाना क्षेत्र में हत्या के एक मामले में पुलिस ने 25 हजार रुपये के इनामी फरार आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। यह मामला जानलेवा हमले के बाद घायल की मौत से हत्या में बदल गया था। पुलिस के अनुसार, कुछ समय पहले शाहबाद थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति पर जानलेवा हमला हुआ था। हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गया था, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान घायल व्यक्ति की मौत हो गई, जिसके बाद पुलिस ने मुकदमे में हत्या की धाराएं जोड़ दी थीं। इस मामले में एक आरोपी को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका था, जबकि दूसरा आरोपी घटना के बाद से फरार था। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर शाहबाद पुलिस और सर्विलांस टीम लगातार फरार आरोपी की तलाश कर रही थी। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस गिरफ्तारी से मामले की पूरी कड़ी जुड़ गई है और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की भी गहन जांच की जा रही है। पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखने का दावा किया है।
कासगंज में प्रसव से पहले जच्चा-बच्चा की मौत:जिला अस्पताल में महिला को मृत घोषित किया
कासगंज के अशोकनगर में प्रसव से पहले एक 24 वर्षीय महिला और उसके गर्भस्थ शिशु की मृत्यु हो गई। मृतका की पहचान अहरौली निवासी रीना देवी (पत्नी हुकुम सिंह) के रूप में हुई है, जो लगभग एक वर्ष से किराए के मकान में रह रही थीं। उन्हें गुरुवार सुबह करीब 11 बजे प्रसव पीड़ा के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जानकारी के अनुसार, शांता पुरी कॉलोनी निवासी आशा खुशबू ने रीना देवी को अशोकनगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएससी) में भर्ती कराया था। डॉक्टरों ने शुरुआत में उनकी हालत सामान्य बताई थी। हालांकि, गुरुवार शाम को प्रसूता की हालत बिगड़ने लगी। महिला को अशोकनगर सीएससी से जिला अस्पताल रेफर किया गया। जिला अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने रीना देवी को मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना तत्काल पुलिस को दी गई। पुलिस ने मृतका के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि महिला के पति द्वारा अभी तक कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। पुलिस फिलहाल मामले की जांच-पड़ताल कर रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने असम प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के साथ बैठक की। इस बैठक में दोनों राज्यों के बीच वन्य जीवों के आदान-प्रदान पर सहमति बनी है। 3 साल में तीन ग्रुप में आएंगे 50 जंगली भैंसेसमझौते के तहत असम से आगामी तीन वर्षों में तीन समूहों में 50 जंगली भैंस, एक जोड़ा गेंडा और तीन कोबरा मध्यप्रदेश लाए जाएंगे। इन वन्य जीवों को प्रारंभिक रूप से वन विहार राष्ट्रीय उद्यान, भोपाल में रखा जाएगा। इसके बदले मध्यप्रदेश असम को एक जोड़ा टाइगर और छह मगरमच्छ देगा। सीएम बोले- जंगली भैसों की आबादी सौ साल से पहले खत्म हुईमुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चीता पुनर्स्थापना की सफलता के बाद अब जंगली भैंसों की वापसी प्रदेश के वन्य जीव संरक्षण इतिहास में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ेगी। मध्यप्रदेश पहले ही ‘टाइगर स्टेट’ और ‘लेपर्ड स्टेट’ के रूप में देश में पहचान बना चुका है। जंगली भैंसों की आबादी प्रदेश में सौ वर्षों से अधिक पहले समाप्त हो चुकी थी और वर्तमान में देश में इनकी प्राकृतिक आबादी मुख्य रूप से असम तक सीमित है। कान्हा सबसे उपयुक्त क्षेत्र देहरादून स्थित भारतीय वन्य जीव संस्थान के वैज्ञानिक अध्ययन में यह निष्कर्ष निकला है कि कान्हा टाइगर रिजर्व जंगली भैंसों के पुनर्स्थापन के लिए सबसे उपयुक्त क्षेत्र है। अध्ययन में घास के मैदानों की गुणवत्ता, जल स्रोत, मानव हस्तक्षेप की न्यूनता और अन्य शाकाहारी जीवों के दबाव जैसे पहलुओं का मूल्यांकन किया गया। राज्य सरकार ने इस परियोजना के लिए केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण और भारत सरकार से आवश्यक अनुमतियां लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुनर्स्थापन को चरणबद्ध और सुरक्षित तरीके से किया जाएगा, ताकि प्राकृतिक प्रजनन और दीर्घकालिक संरक्षण सुनिश्चित हो सके। ‘सिल्क विलेज’ सुआलकुची पहुंचे मुख्यमंत्री, मूगा रेशम की बुनाई देखी असम प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुवाहाटी के समीप स्थित ऐतिहासिक सुआलकुची का भ्रमण किया। ‘पूर्व का मैनचेस्टर’ कहलाने वाला यह गांव विश्व-प्रसिद्ध असमिया रेशम उद्योग का केंद्र है। मुख्यमंत्री ने बुनकरों के घरों और कार्यशालाओं का अवलोकन करते हुए मूगा (सुनहरा), पैट और एरी रेशम की पारंपरिक बुनाई प्रक्रिया को करीब से देखा। उन्होंने कहा कि सुआलकुची की हथकरघा परंपरा न केवल सांस्कृतिक विरासत का उत्कृष्ट उदाहरण है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था की मजबूत रीढ़ भी है। सीएम ने वस्त्रा उद्यान देखाभ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री ने ‘बस्त्रा उद्यान’ और ‘आमार सुआलकुची’ संग्रहालय का भी दौरा किया, जहां मेखला-चादर, साडियां, कुर्ते और गमछों की निर्माण प्रक्रिया प्रदर्शित की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि अन्य राज्यों की श्रेष्ठ पारंपरिक कलाओं और कुटीर उद्योगों से सीख लेकर मध्यप्रदेश के हथकरघा और शिल्प क्षेत्र को भी नई दिशा दी जाएगी।
गोमती नगर में सुंदरकांड पाठ:सनातन समिति ने ओंकारेश्वर पार्क में किया आयोजन
गोमती नगर के विनीत खंड-2 स्थित ओंकारेश्वर पार्क में सनातन समिति उत्तर प्रदेश द्वारा सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया गया। इस दौरान पार्क और मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। 'जय श्रीराम' के उद्घोष से वातावरण गूंज उठा। सुंदरकांड पाठ के दौरान हनुमान चालीसा, चौपाइयों और आरती का गायन किया गया, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया। कार्यक्रम में स्थानीय निवासियों के साथ-साथ कई गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद रहे। भजन-कीर्तन में सभी आयु वर्ग के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में एकता का माध्यम समिति के पदाधिकारी सुरेंद्र नाथ शुक्ला ने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य सनातन धर्म के संरक्षण और संवर्धन का संदेश देना था। समिति के सदस्यों ने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में संस्कार, एकता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं।कार्यक्रम का समापन सामूहिक आरती और जयघोष के साथ हुआ। इसके बाद प्रसाद वितरण किया गया। श्रद्धालुओं ने आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव किया और स्थानीय लोगों ने इस आयोजन की सराहना की। सनातन समिति उत्तर प्रदेश सनातन धर्म की सुरक्षा, संरक्षण और विस्तार के लिए निरंतर सक्रिय है। समिति नियमित रूप से धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन करती है। इसके अतिरिक्त, हिंदू एकता और जन-जागरूकता के लिए विभिन्न कार्यक्रम भी चलाए जाते हैं।वर्तमान में समिति से लगभग 2000 सदस्य जुड़े हुए हैं। ये सभी सदस्य सनातनी परंपराओं की रक्षा और समाज सेवा के लिए प्रतिबद्ध हैं। समिति संगठनात्मक मजबूती के साथ अपनी सामाजिक जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रही है। 351 कंबलों का निःशुल्क वितरण किया गया सुरेंद्र नाथ शुक्ला ने यह भी बताया कि पिछले एक माह में समिति ने 351 कंबलों का निःशुल्क वितरण किया गया। यह वितरण गरीबों, निर्धनों, वंचितों और असहायों के बीच किया गया। समिति सेवा कार्यों को प्राथमिकता देती है।इसके अलावा, समिति द्वारा गायों को हरा चारा खिलाना, हिंदू एकता के लिए रैली निकालना, दीप यज्ञ और तुलसी पूजन जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किए गए हैं। समिति आगे भी ऐसे आयोजनों को निरंतर जारी रखने की बात कहती है।
राजगढ़ के जयपुर-जबलपुर नेशनल हाईवे पर गुरुवार रात एक लापरवाही भरे हादसे ने एक किसान की जान ले ली। राजगढ़-ब्यावरा के बीच पीपलबे आश्रम के पास तेज रफ्तार और बेकाबू कार ने खेत से गाय भगा रहे किसान को टक्कर मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने हाईवे जाम कर दिया, जिससे करीब आधे घंटे तक दोनों ओर यातायात पूरी तरह ठप रहा। जानकारी के अनुसार मृतक भगवान सिंह राजपूत (60) निवासी पीपलबे, देर रात अपने खेत में घुसी गाय को बाहर भगाने गए थे। इसी दौरान राजगढ़ से नरसिंहगढ़ की ओर जा रही एक कार अनियंत्रित होकर उन्हें जोरदार टक्कर मारते हुए पलट गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि भगवान सिंह ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। कार पलटी, चालक फरार; एक युवक को भीड़ ने पीटाहादसे के तुरंत बाद कार ड्राइवर मौके से फरार हो गया। कार में सवार एक अन्य युवक को गुस्साई भीड़ ने पकड़ लिया और उसकी जमकर पिटाई कर दी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को भीड़ से सुरक्षित निकालकर थाने पहुंचाया। पुलिस ने क्रेन की मदद से दुर्घटनाग्रस्त कार को सड़क से हटवाकर जब्त कर लिया है। फरार ड्राइवर के खिलाफ मामला दर्ज कर तलाश शुरू कर दी गई है। गोवंश की समस्या को लेकर फूटा ग्रामीणों का आक्रोशकिसान की मौत से गुस्साए ग्रामीणों ने पीपलबे आश्रम के पास राजगढ़-ब्यावरा मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। ग्रामीणों का कहना था कि क्षेत्र में लंबे समय से गोवंश सड़कों और खेतों में भटक रहा है। बारिश के मौसम में स्थिति और गंभीर हो जाती है, जिससे हादसे लगातार हो रहे हैं और किसानों की फसलें तबाह हो रही हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गांव में न तो कोई गोशाला है और न ही गोवंश के लिए कोई स्थायी आश्रय स्थल। प्रशासन पहले भी समाधान के दावे करता रहा है, लेकिन आज तक कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई। ग्रामीणों ने साफ कहा कि यदि खेत में गाय नहीं घुसी होती, तो भगवान सिंह खेत में जाते ही नहीं और यह हादसा भी नहीं होता। आधे घंटेभर ठप रहा हाईवे, दोनों ओर लगी वाहनों की कतारचक्काजाम के कारण जयपुर-जबलपुर नेशनल हाईवे पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। राजगढ़ और ब्यावरा में ही वाहनों को रोकना पड़ा। यह हाईवे भोपाल और कोटा को जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग होने के कारण यातायात पर व्यापक असर पड़ा। सूचना पर देहात थाना ब्यावरा, सिटी कोतवाली राजगढ़ सहित पुलिस लाइन और करीब दस थानों का पुलिस बल मौके पर पहुंचा। अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाइश दी और गोवंश की समस्या के स्थायी समाधान के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कर जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया। करीब आधे घंटे बाद ग्रामीणों ने जाम हटाया, जिसके बाद यातायात बहाल हो सका।
उदयपुर मार्ग के बड़लिया गांव के पास गुरुवार शाम एक बड़ा हादसा टल गया, लेकिन क्रेन की चपेट में आने से एक स्कूटी सवार महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। हादसे के बाद मौके पर पहुंची रोडवेज बस के चालक ने मानवता दिखाते हुए बस रोककर घायल महिला को अस्पताल पहुंचाया। क्रेन ने मारी टक्कर, पैर में आई गंभीर चोट मिली जानकारी के अनुसार, नागदला निवासी सकु पत्नी हुरजी अपने पति के साथ स्कूटी पर जा रही थीं। बड़लिया नाके के पास पति-पत्नी व बच्ची के साथ खड़े थे इसी दौरान पीछे से आई एक क्रेन ने स्कूटी को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में सकु के पैर में गंभीर चोट आई और वह सड़क पर तड़पने लगी। बस अस्पताल ले गया रोडवेज ड्राइवर हादसे के समय गनोड़ा से बांसवाड़ा आ रही बांसवाड़ा डिपो की रोडवेज बस वहां से गुजरी। बस चालक महेंद्र सिंह चौहान ने घायल महिला को सड़क पर तड़पते देखा तो तुरंत बस रोकी। उन्होंने सवारियों की मौजूदगी में ही घायल महिला को बस में बैठाया और देर शाम को करीब महात्मा गांधी (एमजी) अस्पताल लेकर पहुंचे। एमजी अस्पताल में डॉक्टरों ने महिला का प्राथमिक उपचार किया। हालांकि, पैर की चोट गंभीर होने के कारण उसे बेहतर वार्ड में भर्ती कर लिया गया। इस सजगता और मानवीय पहल की अस्पताल परिसर में मौजूद लोगों ने सराहना की।
शेखपुरा के चेवाड़ा प्रखंड की सभी पंचायतों में किसानों के फार्मर रजिस्ट्रेशन के लिए विशेष शिविरों का आयोजन किया गया। इन शिविरों में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया और अपना ई-केवाईसी तथा फार्मर रजिस्ट्रेशन आईडी (एफआर आईडी) बनवाया। यह शिविर बृहस्पतिवार शाम 6:00 बजे शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुए। प्रखंड कृषि पदाधिकारी बिजय कुमार दास ने बताया कि सिकंदरा/चकंदरा पंचायत में कुल 160 किसानों का ई-केवाईसी और 50 किसानों का एफआर आईडी बनाया गया। चेवाड़ा नगर पंचायत क्षेत्र में 93 किसानों का ई-केवाईसी और 52 किसानों का एफआर आईडी तैयार किया गया। इसी तरह, एकरामा पंचायत में 81 किसानों का ई-केवाईसी और 20 किसानों का एफआर आईडी बना। छठियारा पंचायत में 91 किसानों का ई-केवाईसी और 35 किसानों का एफआर आईडी, लोहान पंचायत में 55 किसानों का ई-केवाईसी और 22 किसानों का एफआर आईडी तथा सियानी पंचायत में 91 किसानों का ई-केवाईसी और 50 किसानों का एफआर आईडी बनाया गया। प्रखंड कृषि पदाधिकारी ने आगे बताया कि किसानों की सुविधा को देखते हुए 9 जनवरी को भी शिविर का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने किसानों से अपील की है कि वे आवश्यक दस्तावेजों के साथ शिविर में पहुंचकर अपना पंजीकरण अवश्य कराएं ताकि अधिक से अधिक किसान इस योजना का लाभ उठा सकें।
बाराबंकी में जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी रैन बसेरों में स्वच्छता, समुचित प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, शौचालय और सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं। साथ ही, अलाव स्थलों पर नियमित रूप से जलावन की उपलब्धता बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए, ताकि ठंड से बचाव में कोई लापरवाही न हो। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अलाव स्थलों पर मौजूद लोगों से सीधा संवाद किया। उन्होंने अलाव जलने की स्थिति, समयबद्धता और व्यवस्थाओं के संबंध में प्रतिक्रिया प्राप्त की। रैन बसेरों में ठहरे जरूरतमंदों से भी उपलब्ध सुविधाओं, कंबल वितरण और रात्रि प्रवास की व्यवस्थाओं की जानकारी ली गई। डीएम ने निर्देशित किया कि कोई भी व्यक्ति खुले में, फुटपाथों, सड़कों या रेलवे पटरियों पर सोता हुआ न मिले। इसके लिए नगर निकायों और संबंधित विभागों को सक्रिय रहकर ऐसे व्यक्तियों को चिन्हित कर रैन बसेरों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए। इस दौरान रेलवे स्टेशन परिसर, छाया चौराहा और बंकी ब्लॉक के सामने स्थापित अस्थायी रैन बसेरों का निरीक्षण किया गया। विभिन्न सार्वजनिक स्थलों पर जल रहे अलावों का भी अवलोकन किया गया। डीएम ने जोर देकर कहा कि शीतलहर के दौरान मानव जीवन की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
लुधियाना शहर के पॉश इलाके टैगोर नगर (बी-ब्लॉक) में देर शाम उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई जब पुलिस की एक टीम ने मशहूर चार्टर्ड अकाउंटेंट अश्विनी शर्मा के ऑफिस 'अश्विनी एंड एसोसिएट्स' पर अचानक दबिश दी। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद लुधियाना के सीए समुदाय में भारी रोष है। देर रात तक ऑफिस के बाहर जमकर हंगामा और नारेबाजी चलती रही। पुलिस ने देर शाम अश्विनी शर्मा के ऑफिस में तलाशी शुरू की परिजनों और सहयोगियों का आरोप है कि पुलिस वहां से जरूरी कागजात लैपटॉप और सीसीटीवी का DVR तक अपने साथ ले गई है।
लखीमपुर खीरी के पुलिस अधीक्षक संकल्प शर्मा ने प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से बड़े पैमाने पर पुलिसकर्मियों के तबादले किए हैं। इन तबादलों के तहत कई पुलिसकर्मियों को पुलिस लाइन से मैदानी तैनाती दी गई है, जबकि विभिन्न थानों से कुछ कर्मियों को पुलिस लाइन भेजा गया है। तबादला सूची के अनुसार, निरीक्षक मनबोध तिवारी को पुलिस लाइन से हटाकर प्रभारी डीसीआरबी बनाया गया है। उप निरीक्षक अरविंद तिवारी, जो पहले चौकी प्रभारी बरबर, थाना पसगंवा थे, और उप निरीक्षक सुशील तिवारी, जो चौकी प्रभारी फत्तेपुर, थाना मैगलगंज थे, उन्हें पुलिस लाइन भेजा गया है। वहीं, उप निरीक्षक नरेंद्र कुमार को पुलिस लाइन से चौकी प्रभारी बरबर, थाना पसगंवा नियुक्त किया गया है। उप निरीक्षक मनोज कुमार सिंह को पुलिस लाइन से चौकी प्रभारी फत्तेपुर, थाना मैगलगंज भेजा गया है, और उप निरीक्षक कमरुद्दीन खां को पुलिस लाइन से थाना शारदानगर में तैनात किया गया है। इसके अतिरिक्त, मुख्य आरक्षी वी. कुमार को हेड मोहाना उचौलिया से थाना खीरी भेजा गया है। हेड कांस्टेबल सिंह को पुलिस लाइन से थाना गोला स्थानांतरित किया गया है, और कांस्टेबल (कंटागार) को थाना टीफन्टा से थाना हैदराबाद भेजा गया है। टीओ शरज को कोतवाली सदर से थाना गोला भेजा गया है। कांस्टेबल उर्वेश हुसैन, कांस्टेबल इमरान और कांस्टेबल शहाबुद्दीन को विभिन्न थानों से पुलिस लाइन में स्थानांतरित किया गया है। कांस्टेबल अंकित हुड्डा को कोतवाली सदर से थाना खीरी, कांस्टेबल चंद्रमोहन त्यागी को पुलिस लाइन से थाना मितौली, और कांस्टेबल अरविंद कुमार को थाना एएचटी से थाना पहुआ में तैनात किया गया है।
कुशीनगर में युवक का देशी कट्टा लहराते वीडियो:पुलिस को देख आरोपी फरार, बाइक-कट्टा बरामद
कुशीनगर जिले के कुबेरस्थान थानाक्षेत्र में दो युवकों का देशी कट्टा लहराते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। वीडियो में युवक अपाचे बाइक के हेड पर कट्टा रखे और हाथों में लहराते दिख रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस सक्रिय हो गई। दैनिक भास्कर की पड़ताल में सामने आया कि इरफान इंसरी नामक एक फेसबुक यूजर ने यह वीडियो अपनी सोशल मीडिया स्टोरी पर पोस्ट किया था। बुधवार को पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। सूत्रों के अनुसार, बुधवार देर शाम पुलिस को आरोपियों का लोकेशन मिला। दरोगा राजकुमार ने अकेले ही चौरिया पुल के पास स्प्लेंडर बाइक से जा रहे आरोपियों को पकड़ने का प्रयास किया। इस दौरान एक आरोपी ने दरोगा के हाथ को दांत से काट लिया, जिससे उनकी पकड़ ढीली पड़ गई और आरोपी मौके से फरार हो गए। हालांकि, आरोपी अपनी स्प्लेंडर बाइक (नंबर UP 57 BZ 1284) और देशी कट्टा मौके पर ही छोड़कर भाग गए। पुलिस ने दोनों चीजें बरामद कर ली हैं और उन्हें थाने ले आई है। इस मामले पर जब कुबेरस्थान थानाध्यक्ष संदीप सिंह से संपर्क किया गया, तो उन्होंने पहले ऐसी किसी घटना से इनकार किया। लेकिन दरोगा का नाम और घटना स्थल बताने पर उन्होंने जानकारी जुटाने की बात कही। कुछ देर बाद थानाध्यक्ष ने पुष्टि करते हुए बताया कि दी गई जानकारी में कुछ सच्चाई है। आरोपी को पकड़ने की कवायद चल रही है। घटना के 24 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी आरोपी अभी तक पुलिस की गिरफ्त में नहीं आ पाए हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, आरोपी पचरुखिया और आसपास के ही रहने वाले हैं।
सीतापुर के कोतवाली लहरपुर क्षेत्र के ग्राम मरसंडा में गुरुवार देर शाम एक स्कूली छात्रा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। ग्राम मरसंडा निवासी प्रेम कुमार की 15 वर्षीय पुत्री लवली क्षेत्र के जनता इंटर कॉलेज लालपुर में कक्षा 9 की छात्रा थी। गुरुवार को रोज की तरह स्कूल से पढ़ाई कर घर लौटी थी। बताया जा रहा है कि स्कूल से आने के बाद वह घर के एक कमरे में चली गई। कुछ समय बाद परिजनों ने जब कमरे की ओर ध्यान दिया तो लवली को कमरे के कुंडे से रस्सी के सहारे लटका हुआ पाया। घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों में अफरा-तफरी मच गई। आनन-फानन में परिजन उसे नीचे उतारकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लहरपुर लेकर पहुंचे। यहां मौजूद चिकित्सकों ने छात्रा को मृत घोषित कर दिया। चिकित्सकों के अनुसार छात्रा की मौत पहले ही हो चुकी थी। मृतका के परिजनों ने बताया कि लवली सामान्य स्वभाव की थी और किसी प्रकार की कोई पारिवारिक या अन्य परेशानी की जानकारी सामने नहीं आई है। आत्महत्या के कारणों का अभी तक कोई स्पष्ट पता नहीं चल सका है। बताया जा रहा है कि छात्रा ने स्कूल ड्रेस में ही यह आत्मघाती कदम उठाया, जिससे यह अंदेशा लगाया जा रहा है कि घटना स्कूल से लौटने के तुरंत बाद की है। सूचना मिलने पर कोतवाली लहरपुर पुलिस मौके पर पहुंची। कोतवाली प्रभारी अरविंद सिंह ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस को अस्पताल भेजा गया है। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है। उन्होंने बताया कि फिलहाल मामले में कोई आरोप-प्रत्यारोप नहीं है और न ही कोई तहरीर प्राप्त हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
पीलीभीत-उत्तराखंड सीमा पर अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई:3000 लीटर लहन नष्ट, 6 भट्ठियां ध्वस्त की गई
उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध शराब के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए दोनों राज्यों की पुलिस और आबकारी विभाग ने एक बड़ी संयुक्त कार्रवाई की। पीलीभीत के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक तथा बरेली प्रभार के उप आबकारी आयुक्त के निर्देशन में चलाए गए इस अभियान से शराब माफियाओं को बड़ा झटका लगा है। गुरुवार को जिला आबकारी अधिकारी कल्पनाथ रजक के नेतृत्व में यह संयुक्त टीम गठित की गई। इसमें पीलीभीत के आबकारी निरीक्षक (क्षेत्र 1, 4 और 5), खटीमा (उधमसिंह नगर) के आबकारी कर्मचारी, तथा न्यूरिया (पीलीभीत) और खटीमा (उत्तराखंड) थानों की पुलिस शामिल थी। संयुक्त टीम ने उत्तराखंड के खटीमा थाना क्षेत्र के अंतर्गत ढाकी ग्राम, डीऊनी डैम के जंगल और देवहा नदी के किनारे स्थित संदिग्ध ठिकानों पर दबिश दी। दुर्गम रास्तों और घने जंगलों में टीम ने लगभग 6 किलोमीटर तक सघन तलाशी अभियान चलाया। छापेमारी के दौरान जंगलों के भीतर अवैध शराब बनाने की बड़ी इकाइयां संचालित पाई गईं। टीम ने मौके से लगभग 120 लीटर तैयार कच्ची शराब जब्त की। इसके अतिरिक्त, शराब बनाने के लिए तैयार किया गया लगभग 3000 लीटर लहन बरामद कर उसे मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। मौके पर धधक रही 6 शराब की भट्ठियां और शराब बनाने के भारी उपकरण भी बरामद किए गए, जिन्हें पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया। इस संबंध में आबकारी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत तीन अभियोग पंजीकृत किए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार, दोनों राज्यों की इस संयुक्त कार्रवाई से अंतर्राज्यीय सीमा पर सक्रिय शराब तस्करों में हड़कंप मच गया है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध शराब के निर्माण, परिवहन और बिक्री के विरुद्ध शून्य सहिष्णुता की नीति भविष्य में भी जारी रहेगी।
कानपुर देहात में एक रेलवे कर्मचारी के आत्महत्या का मामला सामने आया है। शव मिलने से पहले मृतक ने एक वीडियों जारी करके खुद के ऊपर लगे चोरी के आरोपों को निराधार बताया था। उसके कुछ देर बाद ही गांव के बाहर फांसी के फंदे पर लटका उसका शव देखकर ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। वहां मौजूद ग्रामीणों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। मौके पर मृतक के परिजनों ने पहुंचकर शव को नीचे उतारा। पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाकर मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना से जुड़ी देखिए दो तस्वीरें... पढ़िए सिलसिलेवार पूरी घटना... यह घटना गजनेर थाना क्षेत्र के हृदयपुर गांव में गुरुवार सुबह 9 बजे हुआ। मृतक की शिनाख्त विजय पाल (45) पुत्र मुन्नी लाल के रूप में हुई है, जो भारतीय रेलवे में सहायक इलेक्ट्रीशियन के पद पर कार्यरत थे। पुलिस को डायल 112 पर सूचना मिलने के बाद प्रभारी निरीक्षक पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। शव रनिया-पामा रोड पर एक खेत के पास सुबह 9 बजे मिला था। परिजनों ने शव को मौके पर ही नीचे उतार लिया था। फील्ड यूनिट को बुलाकर साक्ष्य जुटाए गए और आवश्यक कागजी कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला मोर्चरी भेजा गया है। जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि मृतक ने अपनी मौत से पहले एक वीडियो बनाया था। इस वीडियो में उन्होंने कुछ लोगों पर प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए कहा कि मैने चोरी नही की है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद मामले की जांच तेज कर दी गई है। थाना गजनेर प्रभारी जनार्दन प्रताप सिंह ने कहा कि वायरल वीडियो सहित सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, मौके पर कानून-व्यवस्था की स्थिति सामान्य है और पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही मौत के कारणों का स्पष्ट खुलासा हो पाएगा।
संभल में होमगार्ड मंत्री एवं जिला प्रभारी मंत्री धर्मवीर प्रजापति ने ग्राम चौपाल में भाग लिया। उन्होंने गाय को गुड़ खिलाया और उपस्थित लोगों को संबोधित किया। मंत्री ने कहा कि केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार की योजनाएं अंतिम पंक्ति में खड़े हर व्यक्ति तक पहुंच रही हैं। इस अवसर पर बीजेपी जिलाध्यक्ष चौधरी हरेंद्र सिंह रिंकू, सीडीओ गोरखनाथ भट्ट, सीएमओ डॉ. तरुण पाठक, बीएसए अलका शर्मा भी मौजूद रहे। गुरुवार को मंत्री प्रजापति ने संभल की तहसील चंदौसी के गांव भुलावई में आयोजित ग्राम चौपाल में लोगों को संबोधित किया। इसके बाद उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चंदौसी का निरीक्षण कर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने मुख्यमंत्री के ग्राम चौपाल अभियान को पूरे प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय बताया, जिसका उद्देश्य गांवों का विकास करना और ग्रामीणों, विशेषकर मातृशक्ति को आत्मनिर्भर बनाना है। अवैध कब्जों पर बुलडोजर की कार्रवाई के संबंध में मंत्री ने कहा कि अवैध कार्यों का निस्तारण होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन न्यायालय के निर्देशों का पालन करता है। मंत्री ने पिछली सरकारों के कार्यकाल में हुए अवैध निर्माणों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि जिन लोगों ने जमीनों और प्लॉटों पर कब्जा किया, उन्हें अब परेशानी हो रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने उन लोगों के दर्द को समझा जिनकी जमीनें कब्जाई गई थीं, और अब उन पर कार्रवाई हो रही है। मंत्री धर्मवीर प्रजापति ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि साढ़े पांच सौ वर्षों के बाद मंदिर बनने से पूरे विश्व से लोग दर्शन के लिए आ रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि 2027 में भाजपा 2017 से भी अधिक सीटों के साथ सरकार बनाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि जनता के वोट से सरकार बनती है और केंद्र तथा राज्य सरकारें मिलकर जनता के हित में कार्य कर रही हैं। देखें कार्यक्रम की फोटो...
रामपुर रज़ा पुस्तकालय एवं संग्रहालय में श्री गुरु गोविंद सिंह जी महाराज की जयंती (प्रकाश पर्व) पर एक संगोष्ठी और गुरबाणी (शबद-कीर्तन) कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह आयोजन रंग महल सभागार में दीप प्रज्वलन के साथ शुरू हुआ, जिसमें गुरु साहिब के जीवन, बलिदान और मानवतावादी विचारों पर प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता रज़ा पुस्तकालय के निदेशक डॉ. पुष्कर मिश्र ने की, जबकि उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री (कृषि) बलदेव सिंह औलख मुख्य अतिथि थे। डॉ. मिश्र ने अपने संबोधन में कहा कि गुरु गोविंद सिंह जी का जीवन धर्म, साहस और सामाजिक समरसता का जीवंत उदाहरण है। उन्होंने “देहु शिवा वर मोहि इहे…” पंक्तियों का उल्लेख करते हुए बताया कि जयंती का उद्देश्य कर्मकांड नहीं, बल्कि महापुरुषों के आदर्शों को आत्मसात करना है। उन्होंने सिख पंथ के त्याग और बलिदान को भारत की साझा विरासत बताया। राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख ने गुरु गोविंद सिंह जी के साहस और सामाजिक न्याय के संदेश को वर्तमान समय में अत्यंत प्रासंगिक बताया। उन्होंने गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहीदी शताब्दी का जिक्र करते हुए कहा कि धर्म और मानवता की रक्षा के लिए उनका बलिदान इतिहास में अद्वितीय है। औलख ने 1699 में खालसा पंथ की स्थापना को समानता और आत्मसम्मान का प्रतीक भी बताया। विशिष्ट अतिथियों में निर्मल सिंह कंग, दर्शन सिंह खुराना, शिवांजलि के. बरार, सतनाम सिंह मट्टू, चरनजीत सिंह और मंदीप कौर शामिल थे। इन सभी वक्ताओं ने गुरु साहिब को निर्भीकता, सेवा और समानता का संदेशवाहक बताया। उन्होंने यह भी कहा कि गुरु गोविंद सिंह जी एक विद्वान, कवि, दार्शनिक और महान योद्धा थे, जिनकी शिक्षाएं आज भी समाज को सही दिशा प्रदान करती हैं।
सिद्धार्थनगर में कड़ाके की ठंड और शीतलहर के प्रकोप को देखते हुए प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। छात्रों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शुक्रवार, 9 जनवरी को कक्षा आठवीं तक के सभी विद्यालय बंद रखने का आदेश जारी किया गया है। यह आदेश परिषदीय, सहायता प्राप्त, मान्यता प्राप्त और निजी, सभी प्रकार के विद्यालयों पर समान रूप से लागू होगा। बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) शैलेश कुमार ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर इसकी जानकारी दी। बीएसए ने बताया कि सुबह और देर शाम के समय अत्यधिक ठंड, कोहरा और ठंडी हवाओं के कारण छोटे बच्चों के बीमार पड़ने की आशंका बढ़ जाती है। इसी कारण कक्षा एक से आठ तक के छात्रों को विद्यालय आने से राहत दी गई है, ताकि उन्हें ठंड से होने वाली संभावित बीमारियों से सुरक्षित रखा जा सके। एक दिन की छुट्टी बीएसए ने स्पष्ट किया कि यह निर्णय पूरी तरह से छात्रों के हित में लिया गया है। सभी विद्यालय प्रबंधन को इस आदेश का कड़ाई से पालन करना अनिवार्य होगा। यदि कोई विद्यालय आदेश की अवहेलना करते हुए कक्षाएं संचालित करता है, तो संबंधित प्रधानाध्यापक और विद्यालय प्रबंधन के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी, जिसमें मान्यता निरस्तीकरण जैसी दंडात्मक कार्रवाई भी शामिल हो सकती है। उन्होंने यह भी बताया कि विद्यालय बंद रहने की अवधि में शिक्षक और अन्य कर्मचारी विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुसार अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे। साथ ही, विद्यालय प्रबंधन को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि अभिभावकों और छात्रों को इस आदेश की जानकारी समय पर दी जाए, ताकि किसी प्रकार की असुविधा न हो। उधर, जिला प्रशासन ने भी लोगों से अपील की है कि वे ठंड के मौसम में विशेष सावधानी बरतें। खासकर छोटे बच्चों और बुजुर्गों को ठंड से बचाने के लिए गर्म कपड़ों का उपयोग करें और अनावश्यक रूप से सुबह-शाम बाहर निकलने से बचें। मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक ठंड का असर बना रह सकता है। ऐसे में प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और आवश्यकता पड़ने पर आगे भी उचित निर्णय लिए जा सकते हैं।
गाजियाबाद में दुहाई में नॉनवेज रेस्टोरेंट में थूक लगाकर तंदूरी रोटी बनाई जा रहीं थी। आज यहां जब लोग खाना खाने पहुंचे तो आरोपी की घिनौनी करतूत देखते हुए वीडियो बना ली। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। वीडियो के आधार पर थाना प्रभारी मधुबन बापूधाम अखिलेश सिंह मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी ली। पुलिस ने आरोपी जावेद को हिरासत में लिया है। जिसके खिलाफ तहरीर के आधार पर केस दर्ज की कार्रवाई की जा रही है। यह है पूरा मामला गाजियाबाद के मधुबन बापूधाम थाना क्षेत्र के दुहाई रेपिड पिलर नंबर 750 के सामने चिकन प्वाइंट के नाम से रेस्टोरेंट है। आज शाम को दुहाई के लोग यहां खाना खाने पहुंचे थे। इस बीच एक कारीगर को देखा कि वह रोटी सेंकते हुए थूक लगा रहा था। लोगों ने कई बार ऐसा करते हुए देखा। जिसके बाद वीडियो बना ली। वीडियो पुलिस को भेजी। आरोपी की पहचान जावेद पुत्र चांद मोहम्मद के रुप में हुई। जिसके बाद पुलिस ने आराेपी को अरेस्ट कर लिया। इससे पहले यहां हर्ष चौधरी और अन्य लोगों ने खाना खाने से मना कर दिया। वीडियो पुलिस को भेजी गई। जिसके बाद पुलिस पहुंची और रात में ही आरोपी को पकड़कर थाने लाया गया। जिससे पुलिस पूछताछ कर रही है। केस दर्ज किया जा रहा ACP कविनगर सूर्यबली मौर्य ने बताया कि एक वीडियो सामने आया है। कि दुकान पर काम करने वाले युवक ने थूक लगाकर रोटी बनाई जा रही। वीडियो का संज्ञान लिया गया है। जहां जावेद अंसारी पुत्र चांद निवासी मुरादनगर को अरेस्ट किया गया है। जांच में पता चला कि इवन चिकन प्वाइंट वसीम निवासी मुरादनगर के नाम से है। जिसमें पुलिस केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई कर रही है।
छतरपुर जिले के खजुराहो स्थित गौतम रिसॉर्ट में हुए फूड पॉइजनिंग मामले को लेकर गुरुवार को मृतकों के परिजन दिन में पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे। परिजनों ने एसपी को आवेदन देकर न्याय की मांग की और आरोप लगाया कि घटना के एक महीने बाद भी रिसॉर्ट मालिक के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हुई है। परिजनों का कहना था कि 8 दिसंबर 2025 को रिसॉर्ट में जहरीला भोजन खाने से पांच कर्मचारियों की मौत हो गई थी। एफएसएल रिपोर्ट में भी भोजन में कीटनाशक और खतरनाक फॉस्फेट कंपाउंड की पुष्टि हो चुकी है, इसके बावजूद कार्रवाई में देरी हो रही है। इसी को लेकर परिजन एसपी ऑफिस पहुंचे और निष्पक्ष व तेज जांच की मांग की। पीड़ितों ने आरोप लगाया कि एक महीने बाद भी रिसॉर्ट बिना किसी रोक-टोक के चालू है। प्रशासन ने सहायता राशि स्वीकृत कीपरिजनों के आवेदन देने के बाद शाम को जिला प्रशासन हरकत में आया। कलेक्टर के निर्देश पर मृतकों के परिवारों को विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत सहायता प्रदान की गई। प्रशासन की ओर से अंत्येष्टि सहायता, रेडक्रॉस सोसायटी से आर्थिक मदद और संबल योजना के तहत अनुग्रह राशि स्वीकृत की गई है। विधवा पेंशन, संबल कार्ड जैसी स्कीम का लाभप्रशासन ने बताया कि मृतकों के परिजनों को 5 हजार रुपए की अंत्येष्टि सहायता, 20 हजार रुपए की रेडक्रॉस सहायता और संबल 2.0 योजना के तहत 4 लाख रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। इसके अलावा पात्र परिजनों को विधवा पेंशन, राशन पर्ची, संबल कार्ड और प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत ऋण का लाभ भी दिया गया है। मामले में एक 13 वर्षीय नाबालिग बच्चा भी शामिल है, जिसके माता-पिता दोनों की मौत हो चुकी है। प्रशासन ने उसकी स्थिति को देखते हुए नियमों के अनुसार सहायता की प्रक्रिया शुरू की है। पांच कर्मचारियों की हुई थी मौतगौरतलब है कि 8 दिसंबर को गौतम रिसॉर्ट में खाना खाने के बाद 11 कर्मचारी बीमार हुए थे, जिनमें से पांच की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और रिसॉर्ट का लाइसेंस भी रद्द किया जा चुका है। हालांकि परिजन अभी भी दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं।
फार्मर रजिस्ट्री के दौरान जनसेवा केंद्र पर बवाल:नोकझोंक के बाद तहसीलदार-संचालक में मारपीट
शोहरतगढ़ तहसील क्षेत्र के ग्राम नकाही स्थित सहज जनसेवा केंद्र पर गुरुवार को फार्मर रजिस्ट्री वितरण और भरने को लेकर विवाद हो गया। केंद्र संचालक और तहसीलदार के बीच हुई नोकझोंक के बाद मामला मारपीट तक पहुंच गया। घटना के बाद गांव में कुछ देर के लिए तनाव की स्थिति बनी, जिसे पुलिस ने मौके पर पहुंचकर नियंत्रित किया। जानकारी के अनुसार, तहसीलदार प्रकाश सिंह यादव राजस्व टीम के साथ ग्राम नकाही के सहज जनसेवा केंद्र पर फार्मर रजिस्ट्री के कार्य के लिए पहुंचे थे। इसी दौरान लेखपाल के पति ऋषभ सिंह और केंद्र संचालक जीतू चौधरी के बीच काम को लेकर कहासुनी हुई। आरोप है कि नोकझोंक के दौरान तहसीलदार ने केंद्र संचालक को थप्पड़ मार दिया, जिसके बाद वहां मौजूद लोग भड़क उठे और भीड़ जमा हो गई। बताया गया कि जनसेवा केंद्र में लगे सीसीटीवी कैमरे में पूरी घटना रिकॉर्ड हो गई थी। इसके बाद कैमरा और डीवीआर हटाने का प्रयास किया गया, जिसका ग्रामीणों ने विरोध किया। विरोध के दौरान स्थिति बिगड़ गई और कुछ लोगों ने तहसीलदार सहित राजस्व टीम के साथ मारपीट की। इस घटना में तहसीलदार को चोटें आईं। सूचना मिलने पर एसडीएम विवेकानंद मिश्रा और थानाध्यक्ष नवीन कुमार सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने भीड़ को शांत कर तहसीलदार और राजस्व टीम को थाने पहुंचाया। इसके बाद तहसीलदार के अर्दली राम प्रकाश ने केंद्र संचालक जीतू चौधरी और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ मारपीट, सरकारी वाहन व कागजात फाड़ने के आरोप में थाने में तहरीर दी। थानाध्यक्ष नवीन कुमार सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है। एसडीएम विवेकानंद मिश्रा ने कहा कि गांव में शांति व्यवस्था बनी हुई है। पुलिस ने पुष्टि की है कि पूरे प्रकरण की जांच तथ्यों के आधार पर की जाएगी।
गुजरात हिला, धरती ने दी हल्की दस्तक!
गुरुवार रात गुजरात के राजकोट जिले में हल्के भूकंप के झटके दर्ज किए गए। उपलेटा और जेतपुर तालुका के कई इलाकों में लोग अचानक हिलती ज़मीन से कुछ क्षणों के लिए घबराए
बाराबंकी के सिरौलीगौसपुर में 10 दिन पहले संदिग्ध हालात में लापता हुई विवाहिता का शव गुरुवार को शारदा सहायक नहर में अद्रापुल के पास मिला। पुलिस ने इस मामले का खुलासा करते हुए बताया पति ने जमीन हड़पने की नीयत से पत्नी की हत्या की थी। आरोपी पति को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। दरियाबाद थाना क्षेत्र के कोडरा गांव निवासी मोहिनी ने बताया उनकी बेटी सुनीता (26) की शादी साल 2016 में असंद्रा थाना क्षेत्र के सूरजपुर गांव निवासी मनोज कुमार रावत से हुई थी। सुनीता के पहले पति केशवराम की मौत के बाद करीब 12 बीघा जमीन उसके नाम दर्ज हो गई थी। आरोप है कि इसी जमीन को अपने नाम कराने के लिए मनोज सुनीता को लगातार प्रताड़ित कर रहा था। पीड़िता की मां के अनुसार, 30 दिसंबर को सुनीता अपने पति मनोज के साथ कोटवाधाम मंदिर दर्शन के लिए गई थी। वहां से वह संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई। पहले आरोपी के छोटे भाई उमेश ने असंद्रा थाने में भाई-भाभी की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। बाद में सुनीता की मां ने दामाद मनोज, उसके भाई उमेश और अन्य परिजनों पर 12 बीघा जमीन के लालच में बेटी की हत्या का आरोप लगाते हुए तहरीर दी। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी पति मनोज ने कोटवाधाम से लौटते समय अद्रा पुल के पास सुनीता को शारदा सहायक नहर में धक्का दे दिया था। पूछताछ के दौरान मनोज ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसकी निशानदेही पर सिरौलीगौसपुर क्षेत्र से गुजर रही नहर से सुनीता का शव बरामद किया गया। असंद्रा पुलिस ने बुधवार को इस संबंध में मुकदमा दर्ज किया। गुरुवार को आरोपी मनोज कुमार को सूरजपुर फार्म तिराहे से गिरफ्तार कर लिया गया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।
कैराना में दो पक्षों में मारपीट, वीडियो वायरल:पुलिस ने 10 लोगों पर दर्ज किया मुकदमा, जांच जारी
शामली जिले के कैराना कोतवाली क्षेत्र के मन्ना माजरा गांव में दो पक्षों के बीच हिंसक झड़प हुई। आपसी विवाद के बाद लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से जमकर मारपीट की गई। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है। वीडियो में दोनों पक्षों के लोग एक-दूसरे पर हमला करते दिख रहे हैं। वीडियो वायरल होने के बाद कैराना कोतवाली पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया। पुलिस ने वीडियो के आधार पर जांच शुरू की और आरोपियों की पहचान की। इस मामले में 10 लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस के मुताबिक, खतीजा, जावेद, अनवर, आलिम, फरमान, जुनेद, सुहेब, शादाब, आरिफ और जाबिर सहित 10 लोगों को नामजद किया गया है। इन सभी के खिलाफ बलवा, मारपीट और जानलेवा हमले की धाराओं में केस दर्ज किया गया है। कोतवाली प्रभारी समय पाल अत्रि ने बताया कि मामले की निष्पक्ष जांच जारी है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है। गांव में किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए एहतियातन पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कानून हाथ में लेने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बरनाला जिले के महल कलां इलाके में चोरों के हौसले बुलंद हैं। बुधवार रात चोरों ने बरनाला-लुधियाना मुख्य मार्ग पर स्थित कस्बा महल कलां और गांव सहजड़ा में तीन दुकानों को निशाना बनाकर लाखों रुपए के सामान और नकदी पर हाथ साफ कर दिया। मेडिकल स्टोर और वर्कशॉप में सेंधमारी: महल कलां अनाज मंडी के सामने स्थित 'दुर्गा ट्रेडिंग कंपनी' (दवा की दुकान) का दरवाजा तोड़कर चोर अंदर दाखिल हुए। दुकान मालिक वरिंदर कुमार के अनुसार, चोर दुकान से लगभग 20,000 रुपए की नकदी, इन्वर्टर-बैटरी और अन्य कीमती सामान ले उड़े। वर्कशॉप में चोरी , गांव सहजड़ा के बस स्टैंड पर स्थित दो इलेक्ट्रिकल वर्कशॉप में भी बड़ी चोरी को अंजाम दिया गया। दुकान मालिक सुरजीत सिंह ने बताया कि चोरों ने एक दुकान के पीछे से और दूसरी का शटर तोड़कर वारदात को अंजाम दिया। चोरों ने दोनों वर्कशॉप से कुल मिलाकर 4 सबमर्सिबल मोटर, 32 पंखे, बिजली के तार, टायर रिम, ड्रिल कटर और भारी मात्रा में औजार चुरा लिए। : घटना की सूचना मिलते ही महल कलां थाने के एसएचओ सरबजीत सिंह ने मौका-मुआयना किया। उन्होंने बताया कि पुलिस ने इलाके में लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज कब्जे में ले ली है। एसएचओ ने दुकानदारों को आश्वासन दिया कि संदिग्धों की पहचान की जा रही है और उन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
सीकर जिले में सकराय स्थित प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां शाकंभरी मंदिर में 2 दिवसीय महामंगल कार्यक्रम संपन्न हुआ। 2 दिनों तक सकराय में हुए सहस्र आयोजन में राजस्थान के अलावा हरियाणा, गुजरात, दिल्ली, उत्तराखंड, पंजाब, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, असम, कर्नाटक, आंध्रप्रदेश और तेलंगाना के हजारों श्रद्धालु शाकंभरी पहुंचे। संयोजक मोनू ढंढारिया ने बताया कि दूसरे दिन महंत दयानाथ महाराज के सान्निध्य में सुबह से शाम तक मां शाकंभरी के संगीतमय मंगलपाठ हुए। गायिका प्रियंका गुप्ता और रिया शर्मा ने भजनों के साथ मंगलपाठ का वाचन किया। मंगलपाठ के दौरान चुनरी उत्सव, मेहंदी उत्सव, गजरा उत्सव, सवामणी, फूलों की होली खेली गई तथा शाकंभरी माता का विशेष दरबार सजाया गया। आज कार्यक्रम के अंतिम दिन महामंगल पाठ के बाद महाआरती की गई। इससे पहले शाकम्भरी परिवार सेवा ट्रस्ट के सौजन्य से हुए कार्यक्रम में रितेश वर्णवाल और संजय शर्मा ने भजनों की प्रस्तुती दी। पोद्दार गेस्ट हाऊस से माता के दरबार तक गाजे बाजे के साथ निशान शोभायात्रा निकाली गई। माता के दरबार का विशेष श्रृंगार करके ज्योति जलाई। कार्यक्रम में मंदिर के निज पुजारी पवन शर्मा, अंकित शर्मा तथा विकास शर्मा, राजेंद्र शर्मा का ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने विशेष स्वागत-सत्कार किया। इस दौरान दिलीप बागला, अंबिका ढंढारिया, राजेंद्र मोदी, मुकेश जोशी, हर्ष जोशी, जीतू चिरानिया, अभिषेक शाह, मोना हरभजनका, ज्योति शर्मा, सौरभ शाह, मुरारी अग्रवाल, अमित क्याल, पायल टेकरीवाल, अमिता जोशी, पीयूष क्याल, अमन चिरानिया, अभिलाषा अग्रवाल समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
औरंगाबाद शहर के गेट स्कूल मैदान में गोल्ड कप फुटबॉल टूर्नामेंट आयोजित हुआ। इसके पांचवें दिन दर्शकों को एक रोमांचक मुकाबला देखने को मिला, जहां छत्तीसगढ़ की टीम ने सीवान को 1-0 से शिकस्त देकर जीत दर्ज की। दोनों टीमों के बीच कड़ा मुकाबला हुआ, लेकिन अंतिम समय में किए गए गोल ने मैच का फैसला छत्तीसगढ़ के पक्ष में कर दिया। मैच का उद्घाटन श्री सीमेंट के यूनिट हेड अतुल शर्मा और एचआर हेड राकेश सिंह ने संयुक्त रूप से किया। उद्घाटन के मौके पर अतुल शर्मा ने कहा कि औरंगाबाद में खेलों के विकास के लिए श्री सीमेंट लगातार सहयोग करती आ रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यहां से निकलने वाले खिलाड़ी आगे चलकर राज्य और देश का नाम रोशन करेंगे। एचआर हेड राकेश सिंह ने कहा कि कंपनी भविष्य में भी खिलाड़ियों के प्रशिक्षण और खेल सुविधाओं के विकास में हरसंभव सहयोग करती रहेगी। दोनों टीमों ने आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया मैच की शुरुआत से ही दोनों टीमों ने आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया। सीवान और छत्तीसगढ़ की टीमों ने गोल करने के लिए कई मौके बनाए, लेकिन मजबूत डिफेंस और गोलकीपर की सतर्कता के कारण पहले हाफ तक कोई टीम गोल नहीं कर सकी। दूसरे हाफ में खेल और अधिक तेज हो गया। मैच के अंतिम क्षणों में छत्तीसगढ़ टीम के खिलाड़ी मोहम्मद कादिर ने शानदार मूव बनाते हुए गोल दाग दिया, जो मैच का एकमात्र और निर्णायक गोल साबित हुआ। छत्तीसगढ़ की टीम ने 1-0 से जीत दर्ज कर ली गोल के बाद सिवान की टीम ने बराबरी के लिए भरपूर प्रयास किए, लेकिन छत्तीसगढ़ की मजबूत रक्षा पंक्ति के सामने उनकी एक न चली। निर्धारित समय समाप्त होते ही छत्तीसगढ़ की टीम ने 1-0 से जीत दर्ज कर ली। मैच समाप्ति के बाद आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह में बतौर मुख्य अतिथि नबीनगर विधायक चेतन आनंद और उनकी पत्नी डॉ. आयुषी सिंह तोमर उपस्थित रहीं। खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए काम विधायक चेतन आनंद ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि बिहार सरकार खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए लगातार काम कर रही है। खेल के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सरकार द्वारा सीधी नौकरी दी जा रही है, जिससे युवाओं का मनोबल बढ़ा है। इस अवसर पर विधायक ने मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार मोहम्मद कादिर को प्रदान किया और अपनी ओर से पांच हजार रुपए की नगद राशि भी दी। कार्यक्रम में कुश्ती संघ अध्यक्ष उदय तिवारी, आफताब राणा ने रोचक कमेंट्री कर दर्शकों को पूरे मैच के दौरान बांधे रखा। वार्ड पार्षद खुर्शीद अहमद, कुंदन सिंह, आयोजन समिति के सचिव फखरुद्दीन, मनोज कुमार उर्फ गुरुजी, सत्येंद्र सिंह सरपंच और बैडमिंटन संघ अध्यक्ष मरगूब आलम समेत कई खेल प्रेमी और गणमान्य लोग मौजूद रहे।
शेखपुरा जिले के चेवाड़ा प्रखंड के करने गांव स्थित कस्तूरबा बालिका विद्यालय में एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण महाअभियान सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। मुख्यमंत्री बालिका कैंसर प्रतिरक्षण योजना के तहत गुरुवार को 265 बालिकाओं को वैक्सीन की दूसरी खुराक दी गई। यह महाअभियान जिले के सभी प्रखंडों के छह कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में आयोजित किया गया। जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. संजय कुमार शर्मा और जिला वैक्सीन कोल्ड चेन प्रबंधक परमानंद कुमार ने अभियान की सघन निगरानी की। उन्होंने चेवाड़ा, शेखपुरा और बरबीघा प्रखंडों का दौरा कर टीकाकरण व्यवस्था का जायजा लिया। डॉ. संजय कुमार शर्मा ने बताया कि सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में एक गंभीर बीमारी है, जिससे एचपीवी टीकाकरण के माध्यम से बचाव संभव है। इस योजना के तहत 9 से 14 वर्ष आयु वर्ग की बालिकाओं को निशुल्क टीकाकरण उपलब्ध कराया जा रहा है। जिला वैक्सीन कोल्ड चेन प्रबंधक परमानंद कुमार ने टीकाकरण के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि यह अभियान चरणबद्ध तरीके से जिले के सभी सरकारी और गैर-सरकारी विद्यालयों में संचालित किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक बालिकाएं लाभान्वित हो सकें। कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग के अधिकारी, शिक्षक, टीकाकर्मी और छात्राएं उपस्थित रहीं। यह अभियान बृहस्पतिवार की शाम 5:00 बजे संपन्न हुआ।
किशनगंज के खगड़ा मेला ग्राउंड में आग:उद्घाटन से 4 दिन पहले घटना, कोई जनहानि नहीं
किशनगंज के सदर थाना क्षेत्र स्थित ऐतिहासिक खगड़ा मेला ग्राउंड में बुधवार देर शाम आग लग गई। यह घटना मेले के उद्घाटन से ठीक चार दिन पहले हुई, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। आग लगते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचना दी। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। टाउन थाना पुलिस भी घटना स्थल पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। आग बुझने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली। गनीमत रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, हालांकि मेले की तैयारियों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। ग्राउंड में मेले की तैयारियां जोर-शोर से चल रही थीं बताया गया है कि खगड़ा मेला ग्राउंड में मेले की तैयारियां जोर-शोर से चल रही थीं, जिसमें पंडाल और स्टॉल लगाए जा रहे थे। आग लगने का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं। कभी एशिया का दूसरा सबसे बड़ा पशु मेला हुआ करता था खगड़ा मेला किशनगंज की एक ऐतिहासिक पहचान है। यह मेला सदियों से लगता आ रहा है और कभी एशिया का दूसरा सबसे बड़ा पशु मेला हुआ करता था। इस वर्ष मेले का उद्घाटन 12 जनवरी को होना प्रस्तावित है। उद्घाटन से ठीक पहले हुई इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। मेले जैसे बड़े आयोजन में आगजनी की रोकथाम के लिए पर्याप्त इंतजामों और फायर सेफ्टी उपकरणों की उपलब्धता पर प्रश्नचिह्न लग गया है। स्थानीय लोगों ने तैयारियों में लगे सामान की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है।
नीमच में राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह का शुभारंभ हो गया है। यह अभियान “सड़क सुरक्षा–जीवन रक्षा” थीम पर पूरे जनवरी माह तक चलेगा। एसपी अंकित जायसवाल के निर्देशन में यातायात पुलिस सड़क हादसों को रोकने के लिए लगातार कार्रवाई कर रही है। गुरुवार को यातायात पुलिस ने करीब 100 से 150 ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और ट्रकों पर रेडियम रिफ्लेक्टर लगाए। पुलिस का कहना है कि रात के समय सड़क पर चलने या खड़े भारी वाहनों पर रिफ्लेक्टर नहीं होने से हादसे होते हैं। रेडियम लगाने से वाहन दूर से दिखाई देंगे और हादसों में कमी आएगी। हुड़दंग और नियम तोड़ने वालों पर सख्ती अभियान के दौरान पुलिस ने साफ किया है कि शराब पीकर वाहन चलाने वालों, बुलेट बाइक से पटाखे जैसी आवाज निकालने वालों, स्टंट करने वालों और नाबालिग वाहन चालकों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए ब्रेथ एनालाइजर मशीन से जांच की जा रही है और नियम तोड़ने वालों के मामले सीधे न्यायालय में भेजे जा रहे हैं। तेज रफ्तार और ब्लैक फिल्म पर भी नजर पुलिस तेज गति से वाहन चलाने वालों और ब्लैक फिल्म लगे वाहनों पर भी कड़ी नजर रखे हुए है। सड़क पर लापरवाही करने वालों के खिलाफ लगातार चालानी कार्रवाई की जा रही है। सार्वजनिक स्थानों पर लगाए बैनर लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए शहर के चौराहों, बसों, ऑटो और सार्वजनिक स्थानों पर बैनर और फ्लैक्स लगाए गए हैं। डिजिटल माध्यम से भी प्रचार किया जा रहा है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग नियमों का पालन करें। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें और अपनी व दूसरों की जान की सुरक्षा करें। यह अभियान पूरे जनवरी माह तक जारी रहेगा।
लद्दाख के एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. अंगमो ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि उनके पति का भाषण हिंसा फैलाने के लिए नहीं, बल्कि हिंसा को रोकने के लिए था। उन्होंने आरोप लगाया कि तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया और वांगचुक को अपराधी की तरह दिखाने की कोशिश की जा रही है। गुरुवार को हुई सुनवाई में वांगचुक की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने वांगचुक के भाषण का वीडियो चलाकर कहा कि यह भाषण अनशन तोड़ते समय दिया गया था, जिसमें वांगचुक ने साफ कहा था कि वे किसी भी तरह की हिंसा स्वीकार नहीं करते और लोगों से हिंसा रोकने की अपील कर रहे थे। सिब्बल ने कहा कि महात्मा गांधी ने भी चौरी-चौरा कांड के बाद इसी तरह हिंसा के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया था। वांगचुक को उनकी हिरासत के पूरे आधार नहीं बताए गए और न ही उन्हें इसके खिलाफ सही तरीके से अपनी बात रखने का मौका दिया गया। 24 सितंबर को लेह में हुए हिंसक प्रदर्शन के बाद वांगचुक को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत 26 सितंबर को गिरफ्तार किया गया था। सोनम फिलहाल जोधपुर सेंट्रल जेल में हैं। इस मामले में अगली सुनवाई 12 जनवरी को होगी। सिब्बल बोले- हिरासत का कारण 28 दिन देरी से बताया सिब्बल ने यह भी कहा कि हिरासत के आधार वांगचुक को करीब 28 दिन की देरी से दिए गए, जो संविधान के अनुच्छेद 22 का स्पष्ट उल्लंघन है। अनुच्छेद 22 मनमानी गिरफ्तारी और हिरासत से नागरिकों की सुरक्षा करता है। उन्होंने दलील दी कि अगर हिरासत के आधार और सबूत समय पर नहीं दिए जाएं, तो हिरासत का आदेश अपने-आप गलत हो जाता है। इससे पहले लेह के जिला मजिस्ट्रेट ने सुप्रीम कोर्ट में दायर हलफनामे में कहा था कि सोनम वांगचुक ने राज्य की सुरक्षा, सार्वजनिक व्यवस्था और आवश्यक सेवाओं के खिलाफ गतिविधियां कीं, इसलिए उन्हें NSA के तहत हिरासत में लिया गया। प्रशासन का कहना है कि उन्हें सभी जरूरी दस्तावेज दिए गए और हिरासत गैरकानूनी नहीं है। गीतांजलि ने कहा- सोनम हिंसा के लिए जिम्मेदार नहीं गीतांजलि अंगमो ने अपनी याचिका में कहा कि 24 सितंबर 2025 को लेह में हुई हिंसा के लिए सोनम वांगचुक को किसी भी तरह जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने बताया कि वांगचुक ने खुद सोशल मीडिया के जरिए हिंसा की निंदा की थी और कहा था कि हिंसा से लद्दाख की शांतिपूर्ण तपस्या और पिछले पांच सालों का संघर्ष विफल हो जाएगा। उनके मुताबिक, वह दिन वांगचुक के जीवन का सबसे दुखद दिन था। सोनम की गिरफ्तारी के बाद पत्नी के 3 रिएक्शन...
किशनगंज में नेपाल से हाथियों के झुंड अक्सर प्रवेश कर फसलों और संपत्ति को नुकसान पहुंचाते हैं। इस समस्या के समाधान के लिए वन विभाग ने जिले की हाथी-प्रभावित पंचायतों में जागरूकता अभियान शुरू किया है। इसका मुख्य उद्देश्य मानव-हाथी संघर्ष को कम करना, ग्रामीणों को हाथियों के व्यवहार की सही जानकारी देना और सुरक्षित सह-अस्तित्व को बढ़ावा देना है। इस अभियान को वैज्ञानिक और व्यावहारिक रूप से प्रभावी बनाने के लिए किशनगंज वन विभाग ने बेंगलुरु के प्रसिद्ध हाथी विशेषज्ञ डॉ. रुद्रादित्य को आमंत्रित किया है। डॉ. रुद्रादित्य पूर्व में असम, नागालैंड, कर्नाटक, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में मानव-हाथी संघर्ष से जुड़े जागरूकता कार्यक्रमों में अपनी विशेषज्ञ सेवाएं दे चुके हैं। फसल पकने के साथ ही नेपाल से हाथियों का किशनगंज जिले में आगमन यह अभियान विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि प्रत्येक वर्ष दिसंबर में मक्के की फसल पकने के साथ ही नेपाल से हाथियों का किशनगंज जिले में आगमन बढ़ जाता है। इससे फसल, संपत्ति और जान-माल के नुकसान की आशंका बढ़ जाती है। इसी कारण यह जागरूकता अभियान समय पर और अत्यंत आवश्यक माना जा रहा है। 'क्या करें और क्या न करें' के बारे में बताया जा रहा अभियान के अंतर्गत ग्रामीणों को हाथियों का सामना होने पर 'क्या करें और क्या न करें' के बारे में बताया जा रहा है। उन्हें अफवाहों से बचने, रात में सतर्क रहने, सामूहिक समन्वय स्थापित करने और हाथियों की उपस्थिति की सूचना तत्काल वन विभाग को देने जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जागरूक किया जा रहा है। वन विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे हाथियों को उकसाने या उनका पीछा करने से बचें। लोगों से धैर्य बनाए रखने और विभाग के साथ सहयोग करते हुए मानव-हाथी संघर्ष को रोकने में सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया गया है।
पंजाब में फरीदकोट जिला पुलिस ने पुलिस लाइन में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान करीब 32 लाख रुपए मूल्य के 135 गुम हुए मोबाइल फोन उनके असली मालिकों को वापस किए। एसएसपी डॉ. प्रज्ञा जैन की अगुवाई में आयोजित इस कार्यक्रम में आईजी फरीदकोट रेंज निलांबरी जगदले विशेष रूप से उपस्थित रहीं। मोबाइल फोन वापस मिलने पर नागरिकों ने फरीदकोट पुलिस की कार्यप्रणाली और सराहनीय प्रयासों की भरपूर प्रशंसा की गई। इस मौके पर आईजी निलांबरी जगदले ने बताया कि फरीदकोट पुलिस ने सीईआईआर पोर्टल की मदद से तकनीकी ट्रैकिंग और तेज सर्विलांस के जरिए इन मोबाइल फोन को ट्रेस कर बरामद किया है। यह अभियान थाना साइबर क्राइम, तकनीकी सेल और जिले के सभी थानों के संयुक्त प्रयास से चलाया गया। एक साल के दौरान करीब 500 मोबाइल फोन किए गए रिकवर-एसएसपी एसएसपी डॉ. प्रज्ञा जैन ने कहा कि पुलिस का उद्देश्य केवल वित्तीय नुकसान की भरपाई करना ही नहीं, बल्कि लोगों के संवेदनशील निजी डेटा की सुरक्षा भी सुनिश्चित करना है। उन्होंने बताया कि पिछले एक वर्ष के दौरान फरीदकोट पुलिस द्वारा लगभग 1 करोड़ 17 लाख रुपए मूल्य के 500 से अधिक गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद कर उनके मालिकों को लौटाए जा चुके हैं। इसके साथ ही पिछले समय के दौरान साइबर ठगी का शिकार हुए लोगों के विभिन्न मामलों में कार्रवाई करते हुए एक करोड़ 27 लाख रुपए से अधिक की राशि वापस करवाई है और 10 मामलों में 10 लाख रुपए की राशि वापसी से संबंधित मामले कोर्ट में विचाराधीन हैं।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में न्यायिक ढांचे के विस्तार से संबंधित एक जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। इस दौरान अपर मुख्य सचिव, वित्त ने न्यायालय को बताया कि 900 नई अदालतों और संबंधित पदों के सृजन के लिए बजट उपलब्ध है, जिसका प्रावधान इसी वित्तीय वर्ष में कर लिया जाएगा। न्यायालय के समक्ष उपस्थित होकर अपर मुख्य सचिव, वित्त दीपक कुमार ने जानकारी दी कि पहले चरण में 900 अदालतों के सृजन के लिए बजट उपलब्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल इसका प्रावधान होना बाकी है, जिसे चालू वित्त वर्ष में ही पूरा कर लिया जाएगा। इस पर न्यायालय ने टिप्पणी की कि 31 मार्च के लिए अधिक समय नहीं बचा है, इसलिए सरकार को इस संबंध में जल्द निर्णय लेना चाहिए। न्यायालय ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 23 फरवरी की तारीख तय की है। साथ ही, इस तिथि पर प्रमुख सचिव, विधि को उपस्थित रहने का भी आदेश दिया गया है। न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति राजीव भारती की खंडपीठ ने यह आदेश न्यायिक ढांचे के विस्तार को लेकर स्वतः संज्ञान से दर्ज की गई जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए पारित किया।
लोहारू में अवैध हथियार सप्लायर गिरफ्तार:सीआईए स्टाफ प्रथम भिवानी ने की कार्रवाई, कोर्ट ने भेजा जेल
भिवानी जिले में पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार के निर्देशों के बाद, सीआईए स्टाफ प्रथम भिवानी ने अवैध हथियार सप्लाई करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई बिना लाइसेंस वाले हथियारों की रोकथाम के लिए की गई है। बता दे कि इससे पहले, सीआईए स्टाफ प्रथम भिवानी की टीम ने 12 दिसंबर 2025 को मानहेरू के रहने वाले विनोद को अवैध पिस्तौल और दो जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया था। इस संबंध में थाना सदर भिवानी में शस्त्र अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था। 10 हजार में खरीदा था हथियार पूछताछ के दौरान, आरोपी विनोद ने खुलासा किया कि उसने यह अवैध हथियार भिवानी के मानहेरू का रहने वाला राजेश से 10,000 रुपए में खरीदा था।इस जानकारी के आधार पर, सीआईए स्टाफ प्रथम भिवानी की टीम ने 7 जनवरी को अवैध हथियार सप्लायर आरोपी राजेश गिरफ्तार कर लिया। कोर्ट ने भेजा जेल बता दे कि राजेश को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जिला कारागार भेज दिया गया है।जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी राजेश के खिलाफ पहले भी शस्त्र अधिनियम के तहत मामले दर्ज हैं। भिवानी जिला पुलिस अवैध हथियारों के नेटवर्क को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है और ऐसे अपराधों में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखेगी।
ललितपुर में पांच साल पुराने युवक की हत्या के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायालय (पॉक्सो) ने मृतक की पत्नी दीपमाला और उसके प्रेमी जयराम सेन को हत्या का दोषी करार दिया है। न्यायालय ने दोनों को दोषी मानते हुए सजा सुनाने के लिए 13 जनवरी की तारीख तय की है। अपर जिला एवं शासकीय अधिवक्ता नरेंद्र सिंह गौर ने बताया कि घटना 15 दिसंबर 2020 की सुबह सामने आई थी, जब कोतवाली सदर क्षेत्र अंतर्गत बुधवार नहर के पास एक युवक का शव मिला था। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की और शव की शिनाख्त कराई। काशीराम आवास कॉलोनी, गल्ला मंडी निवासी शुभम खरे ने शव की पहचान अपने मामा मनोज निगम (38 वर्ष), पुत्र रामबाबू निगम के रूप में की थी। शुभम ने पुलिस को बताया था कि 14 दिसंबर की रात मनोज को मोहल्ले में देखा गया था, जिसके बाद वह घर नहीं लौटे। पुलिस की जांच में हुआ खुलासा विवेचना के दौरान मृतक की पत्नी दीपमाला और उसके प्रेमी जयराम सेन का नाम सामने आया। पुलिस जांच में सामने आया कि जयराम सेन शादानशाह क्षेत्र स्थित एक फैक्ट्री में काम करता था, जहां दीपमाला भी कार्यरत थी। इसी दौरान दोनों के बीच प्रेम संबंध बन गए थे। पूछताछ में जयराम ने बताया कि दीपमाला ने ही उसे हत्या की योजना के बारे में बताया था। 14 दिसंबर की रात वह मोटरसाइकिल लेकर मनोज के घर पहुंचा और फूफा को हार्ट अटैक आने का बहाना बनाकर उसे भोपाल ले जाने की बात कहकर बुधवार नहर तक ले गया। नशे की हालत में की हत्या जयराम ने बताया कि नहर की पुलिया पर उसने मनोज को बैठाकर शराब पिलाई। नशे की हालत में आने के बाद उसने धारदार हथियार से मनोज के सिर और गर्दन पर हमला कर उसकी हत्या कर दी। वारदात के दौरान जयराम को भी चोटें आई थीं। हत्या के बाद वह शव को पुलिया के पास छोड़कर दीपमाला के पास पहुंचा और मनोज की हत्या की जानकारी दी। पुलिस ने इसके बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था और विवेचना पूर्ण कर चार्जशीट न्यायालय में दाखिल की थी। गुरुवार को हुई अंतिम सुनवाई के दौरान प्रस्तुत गवाहों के बयान, चिकित्सकीय रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर न्यायाधीश नवनीत कुमार भारती ने दीपमाला और जयराम सेन को मनोज निगम की हत्या का दोषी पाया। अब दोनों आरोपियों को 13 जनवरी को सजा सुनाई जाएगी।
लखनऊ में साइबर ठगों ने खुद को सरकारी एजेंसियों का अधिकारी बताकर रिटायर्ड प्रोफेसर से 92 लाख रुपए की ठगी कर ली। ठगों ने पीड़ित को मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने और गिरफ्तारी वारंट जारी होने का डर दिखाकर रकम अपने खातों में ट्रांसफर करा ली। इसके बाद और रुपए का दबाव बनाने लगे। ऋषिता मैनहैटन, गोमतीनगर विस्तार के रहने वाले जयन्त कुमार सिंह ने बताया- 19 दिसंबर 2025 को उनके पास एक महिला का फोन आया। महिला ने कहा- उनके सिम का मिसयूज हो रहा है और उससे अवैध मैसेज भेजे जा रहे हैं। इसके बाद कॉल को पीआरओ अरुण कुमार के पास ट्रांसफर करने को कहा गया। बताए गए नंबर पर कॉल किया जयन्त ने बताए गए नंबर पर कॉल किया तो खुद को अरुण कुमार बताने वाले व्यक्ति ने कहा कि उनका सिम मुंबई से मिसयूज हो रहा है और मामला आगे भेजा जा रहा है। इसके बाद वॉट्सऐप कॉल के जरिए एक अन्य व्यक्ति ने आधार नंबर लेकर जांच की बात कही। बताया कि पीड़ित का नाम मनी लॉन्ड्रिंग केस में आ रहा है। जिसकी सुनवाई पीएमएलए कोर्ट में होती है। सीनियर सिटिजन होने की वजह से राहत का झांसा दिया कुछ देर बाद कॉल कर खुद को इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर संदीप राव बताया। और कहा- फाइल एनसीआरबी और फिर सीबीआई डायरेक्टर तक भेजी जा रही है। इसके बाद डायरेक्टर बनने वाले व्यक्ति ने कहा कि पीड़ित के नाम से गिरफ्तारी वारंट जारी हो चुका है, लेकिन सीनियर सिटीजन होने के कारण राहत दिलाने की कोशिश की जाएगी। ठगों ने पीड़ित को यह कहकर भरोसे में लिया कि वह जांच में सहयोग कर रहे हैं और सर्विलांस रिपोर्ट पॉजिटिव है। इसके बाद सभी बैंक खातों, एफडी और फंड की जानकारी लेकर एफडी तुड़वाने को कहा गया। जांच के नाम पर रकम ठगों ने बताए गए खातों में ट्रांसफर कराने को कहा। बोला जांच पूरी होने के बाद आरबीआई पैसा वापस कर देगी। 15 लाख रुपए फ्रीज हुए विश्वास में आकर पीड़ित ने आरटीजीएस के माध्यम से अलग-अलग तारीखों में करीब 92 लाख रुपए विभिन्न खातों में ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद भी लगातार और पैसों की मांग होने लगी। जिससे पीड़ित को शक हुआ। परिवार से चर्चा करने पर ठगी का एहसास हुआ। इंस्पेक्टर साइबर थाना बृजेश यादव ने बताया कि ट्रांसफर कराए रुपए पश्चिम यूपी, तेलंगना, उत्तराखंड और हरियाणा के खाते में गए हैं। 15 लाख फ्रीज किया गया है। आरोपियों की तलाश की जा रही है।
बेंगलुरु से जयपुर आ रही इंडिगो एयरलाइंस की फ्लाइट संख्या 6E - 469 में गुरुवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब विमान में सवार एक यात्री की अचानक तबीयत बिगड़ गई। उड़ान के दौरान यात्री को तेज पेट दर्द की शिकायत होने लगी, जिसके बाद क्रू मेंबर्स ने तत्काल पायलट को सूचना दी। पायलट ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जयपुर एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को यात्री की तबीयत खराब होने की जानकारी दी। जैसे ही विमान जयपुर एयरपोर्ट पर लैंड हुआ, मेडिकल टीम को अलर्ट कर दिया गया। विमान के रनवे पर पहुंचते ही यात्री को तुरंत एयरपोर्ट टर्मिनल बिल्डिंग में लाया गया। एयरपोर्ट स्थित मेडिकल रूम में मौजूद चिकित्सकों ने यात्री की प्राथमिक जांच और उपचार किया। डॉक्टरों के अनुसार यात्री को पेट दर्द की गंभीर समस्या थी, जिसके चलते आगे के इलाज की जरूरत बताई गई। इसके बाद यात्री को एंबुलेंस के जरिए EHCC अस्पताल रेफर कर दिया गया। एयरपोर्ट सूत्रों के अनुसार समय रहते सूचना मिलने और त्वरित कार्रवाई के चलते यात्री को समय पर मेडिकल सहायता मिल सकी। फिलहाल यात्री का अस्पताल में इलाज जारी है और उसकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
छतरपुर में मोबाइल बुकिंग के नाम पर 4500 की ठगी:ऑफर के लालच में फोन की जगह जूते और खाली डिब्बे मिले
छतरपुर के गौरिहार क्षेत्र में ऑनलाइन मोबाइल बुकिंग के नाम पर एक व्यक्ति से 4500 रुपए की धोखाधड़ी हो गई। कंदैला गांव निवासी हरपाल नामदेव ने ओप्पो ए-7 मोबाइल फोन बुक किया था, लेकिन डिलीवरी में उन्हें मोबाइल की जगह जूते और खाली डिब्बे मिले। पीड़ित ने आज (गुरुवार) लवकुशनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। हरपाल नामदेव, जो लवकुशनगर में पुट्टी-पुताई का काम करते हैं, ने बताया कि उन्हें एक कॉल आया था जिसमें ओप्पो ए-7 मोबाइल सस्ते दाम पर ऑफर किया गया। लगभग 4499 रुपए की कम कीमत सुनकर उन्होंने यह मोबाइल बुक कर लिया। कुछ दिनों बाद उनका पार्सल सरबई पोस्ट ऑफिस पहुंचा। हरपाल ने डिलीवरी लेते समय 4500 रुपए नकद जमा किए। घर जाकर जब उन्होंने बॉक्स खोला, तो उसमें मोबाइल फोन की जगह दो अलग-अलग तरह के जूते, एक लकड़ी का डिब्बा और एक कागज का खाली डिब्बा निकला। च्चों के इलाज के लिए पैसे जोड़े थेहरपाल ने पुलिस को बताया कि उन्होंने बच्चों के इलाज के लिए पैसे जोड़े थे और खुद के पास मोबाइल न होने के कारण यह ऑफर स्वीकार कर लिया था। अब मोबाइल न मिलने से वे काफी परेशान हैं। पुलिस ने उनकी शिकायत दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
मेरठ की सरधना विधानसभा क्षेत्र में कपसाड़ गांव में एक युवक द्वारा दलित समाज की बेटी को जबरन उठाकर ले जाते समय बीच में आई युवती की मां पर बेरहमी से बलकटी से हमला कर दिया। जिसके बाद उस महिला ने लगभग आठ घंटे बाद दम तोड़ दिया। डॉक्टर ने महिला की मौत का कारण स्पष्ट किया जिसमें कई प्वांइट मुख्य रहे। डॉक्टर द्वारा जारी मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी पारस ने सुनीता के सिर पर एक ही जगह कई बार वार किया हुआ था। आरोपी ने जिस प्रकार से हमला किया उसमें साफ दिखता है कि उसने जान लेने के नीयत से ही यह किया था एक ही जगह पर उसने तब तक वार किया जब तक मृतक की सिर की हड्डी चकनाचूर नहीं हो गई। भारी मात्रा में बह गया था खून डॉक्टर की रिपोर्ट के मुताबिक जब घायल महिला को मोदीपुरम के एसडीएस ग्लोबल अस्पताल में लेकर आया गया तो उस समय तक उसका काफी ब्लड लॉस हो चुका था जिस कारण शुरुआती रूप से ही उसकी जान खतरे में देखी जा रही थी। ऑपरेशन की स्थिति में नहीं था मरीज डॉक्टर के मुताबिक मरीज का खून बहाने से वह टेबल नहीं था उसका ब्लड प्रेशर भी काफी कम था जिस कारण उसे समय उसका ऑपरेशन नहीं किया जा सकता था और उसको स्टेबल करने की कोशिश की जा रही थी हालांकि हर संभव कोशिश की गई लेकिन मरीज को नहीं बचाया जा सकता। मौत से पहले मां बोली- विरोध करने पर आरोपी ने फरसे से मारासुनीता अपनी बेटी रूबी के साथ सुबह करीब 8 बजे खेत जा रही थी। रास्ते में पहले से बैठे कंपाउंडर ने दोनों रोक लिया। मां और बेटी से बदतमीजी की। जब मां ने विरोध किया तो आरोपी गाली-गलौज करने लगा। तभी कंपाउंडर महिला के सिर पर फरसे से हमला कर दिया। इसके बाद आरोपी लड़की को जबरन बाइक पर बिठाकर भाग गया। महिला के शोर मचाने पर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। उन्होंने तत्काल सुनीता को मोदीपुरम के एसडीएस ग्लोबल हॉस्पिटल में भर्ती करवाया। उसके सिर में गहरा घाव था। डॉक्टर ऑपरेशन करने की तैयारी कर रहे थे। लेकिन मौत हो गई। मौत से पहले सुनीता ने बयान दिया है। उसने कहा- चोट लगने से मैं मौके पर ही गिर गई। इसके बाद पारस राजपूत मेरी बेटी को जबरन किडनैप करके ले गया। कंपाउंडर है आरोपी पारस राजपूतआरोपी कपसाड़ गांव में रहने वाला पारस है। वह गांव में ही एक डॉक्टर के यहां कंपाउंडर है। बताया जा रहा है कि पारस और लड़की दोनों पहले से एक-दूसरे को अच्छी तरह से जानते हैं। पारस के परिवार में पिता, माता, दादा और दादी हैं। वह तीन भाइयों में सबसे छोटा है। तीनों भाइयों की अभी शादी नहीं हुई है। घटना के बाद से आरोपी पारस के माता-पिता और दोनों भाई फरार हैं, जिनका अभी तक कोई पता नहीं चल सका है। पुलिस पूछताछ के लिए आरोपी के दादा-दादी को अपने साथ थाने ले गई है।
सड़क हादसे में बेटी की गंभीर हालत देख उसकी मां का रो-रो कर बुरा हाल था। अपनी छाती पीट-पीट कर वह बार-बार यही कह रही थी या अल्ला मेरी बेटी को बचा, मुझे उठा ले। बड़ी मुश्किल से उसे बड़ा किया और बदहाल हालत में इधर-उधर घूम रही थी। रिश्तेदार बड़ी मुश्किल से उसे संभाल पा रहे थे। दरअसल परिवार में शादी होने के चलते एक परिवार पिकअप लेकर पाली खरीदारी करने आया था। जो वापस सामन खरीदकर गागुड़ा (शिवपुरा) जा रहे थे। इस दौरान सरदारसमंद के पास सड़क पर अचानक आए मवेशी को देख ड्राइवर ने ब्रेक लगाए। जिससे पिकअप असंतुलित होकर पलट गई। हादसे में चार जने घायल, महिला जोधपुर रेफरइस हादसे में पिकअप में सवार गागुड़ा (शिवपुरा) निवासी 28 साल की शरीफा पत्नी हनीफ भाई मैरासी, 26 साल की अंगुरी पत्नी जाकीर, 30 साल का शबीर पुत्र ढगलाजी, 50 साल की चन्दू पत्नी ढगलाजी घायल हो गए। सभी को इलाज के लिए पाली के बांगड़ हॉस्पिटल लाया गया। जहां से गंभीर हालत में शरीफा को जोधपुर रेफर किया गया। परिवार में है 11 जनवरी को शादी जानकारी के अनुसार घायलों के परिवार में गागुड़ा गांव में 11 जनवरी को फारूख की शादी है। इसी को लेकर वे शादी का सामान खरीदने पाली आए थे। वापस गागुड़ा गांव जाते समय यह हादसा हो गया। इस दौरान हॉस्पिटल में दूल्हा फारूख भी घायलों को भर्ती करवाने में जुटा रहा।
सिंगरौली जिले की नगर परिषद सरई अध्यक्ष अनुराधा सिंह के एक सोशल मीडिया पोस्ट से राजनीतिक हलचल मच गई है। इस पोस्ट के बाद भाजपा के भीतर की खींचतान सामने आई है। अध्यक्ष ने सरई के मंडल अध्यक्ष और क्षेत्रीय विधायक पर आदिवासी होने के कारण मानसिक उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं। अनुराधा सिंह ने नगर परिषद चुनाव गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के टिकट पर लड़ा था और सरई की अध्यक्ष चुनी गई थीं। बाद में वह कई पार्षदों के साथ भाजपा में शामिल हो गईं। अब उन्होंने सार्वजनिक रूप से भाजपा में असहजता महसूस करने की बात कही है। अपने पोस्ट में उन्होंने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। व्यवहार से मनोबल प्रभावित अनुराधा सिंह का कहना है कि वह पार्टी के लिए पूरी निष्ठा से काम करना चाहती हैं, लेकिन इस तरह का व्यवहार उनके मनोबल को प्रभावित कर रहा है। राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि एक पार्षद नगर परिषद अध्यक्ष को मोहरा बनाकर भाजपा नेतृत्व पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है। इस ताजा विवाद को बीती रात हुए एक सड़क हादसे से भी जोड़ा जा रहा है, जिसके बाद आरोप-प्रत्यारोप और तेज हो गए हैं। इसी घटनाक्रम के बीच, एक पार्षद ने सरई मंडल अध्यक्ष रामधनी पर भी कई आरोप लगाए हैं। मामले पर नजर रखे हैं इस मामले में भाजपा जिलाध्यक्ष सुंदर शहर से बताया कि हम लगातार इस मामले में नजर रखे हुए हैं। इस संबंध में जानकारी हासिल कर आपको अवगत कराएंगे।
गोंडा स्टेशन रोड पर बेकाबू हुई कार, VIDEO:कार ने बाइक को टक्कर मारी, गाड़ी से टकराई, बाल-बाल बचे लोग
गोंडा के नगर कोतवाली क्षेत्र के स्टेशन रोड पर शाम 7 बजे एक बेकाबू कार ने जमकर उत्पात मचाया। अनियंत्रित तेज रफ्तार कार ने पहले एक बाइक सवार को टक्कर मारी और फिर गोल घूमते हुए एक लोडिंग वाहन से जा टकराई। इस घटना में कई लोग बाल-बाल बच गए। रहमानिया मस्जिद के पास हुई यह पूरी घटना पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। स्टेशन रोड पर यातायात सामान्य था, तभी एक तेज रफ्तार कार अचानक चालक के नियंत्रण से बाहर हो गई। बेकाबू कार ने सबसे पहले अपने आगे चल रहे एक बाइक सवार को पीछे से जोरदार टक्कर मारी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार सड़क के किनारे जा गिरा, हालांकि गनीमत रही कि वह कार के नीचे आने से बच गया। इसके बाद कार रुकी नहीं, बल्कि सड़क पर ही गोल घूमते हुए एक लोडिंग गाड़ी से जा टकराई। कार की गति और उसके अनियंत्रित होकर घूमने का तरीका इतना अचानक था कि आसपास के दुकानदारों और राहगीरों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। इस पूरे घटनाक्रम में राहत की बात यह रही कि इतनी बड़ी टक्कर के बावजूद किसी की जान नहीं गई। बाइक सवार को मामूली चोटें आई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि कार की चपेट में कोई पैदल यात्री या ई-रिक्शा आ जाता, तो बड़ा हादसा हो सकता था। कार के लोडिंग वाहन से टकराने के बाद ही उसकी रफ्तार थमी, जिसके बाद लोगों ने दौड़कर चालक को पकड़ा। वायरल वीडियो को देखकर लोग शहर में वाहनों की तेज रफ्तार और यातायात नियमों की अनदेखी पर सवाल उठा रहे हैं। सूचना पाकर मौके पर पहुंची नगर कोतवाली पुलिस और स्थानीय पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हादसा कार में तकनीकी खराबी के कारण हुआ या चालक नशे की हालत में था। सूचना पाकर मौके पर पहुंची नगर कोतवाली पुलिस और स्थानीय पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हादसा कार में तकनीकी खराबी के कारण हुआ या चालक नशे की हालत में था।
पूर्व पार्षद एवं चेयरमैन अजय यादव को भाजपा का जयपुर शहर जिला उपाध्यक्ष बनाए जाने पर समाचार पत्र वितरक महासंघ के पदाधिकारियों, स्थानीय निवासियों एवं कार्यकर्ता बंधुओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत एवं सम्मान किया। इस अवसर पर अजय यादव को साफा पहनाकर, माला व शॉल ओढ़ाकर अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम में मौजूद सभी गणमान्य लोगों ने अजय यादव को नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। वितरक बंधुओं ने नेतृत्व पर विश्वास जताते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ एवं जयपुर शहर जिला अध्यक्ष अमित गोयल का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर निवर्तमान महापौर कुसुम यादव, कोषाध्यक्ष हनुमान सैनी, सावंत सिंह राठौड़, घनश्याम यादव, टीकम यादव, राजेश यादव, बी.एल. मीणा, अनिल यादव, गजेंद्र सिंह, जुगल बागड़ा, राजेंद्र सैनी, मुकेश सैनी, कैलाश मीणा, गोविंद गुर्जर, संजय यादव, सत्यनारायण शर्मा, नरेश शर्मा, अक्षय यादव सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ, जहां सभी ने संगठन को और मजबूत करने का संकल्प दोहराया।
लखनऊ हाईकोर्ट की बेंच ने सहारा इंडिया कॉरपोरेशन लिमिटेड से वापस ली गई सहारा शहर की जमीन के उपयोग को लेकर लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) और नगर निगम से स्पष्टीकरण मांगा है। न्यायालय ने कहा- इस आदेश से सहारा के कानूनी अधिकार प्रभावित नहीं होंगे, क्योंकि भूमि वापसी से संबंधित सहारा की याचिका भी विचाराधीन है। मामले की अगली सुनवाई 19 जनवरी को निर्धारित की गई है। यह आदेश न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति एके चौधरी की खंडपीठ ने गोमतीनगर जन कल्याण महासमिति द्वारा वर्ष 2008 में दायर जनहित याचिका पर दिया। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता बीके सिंह ने अदालत को बताया कि सहारा के कब्जे वाली भूमि को अब एलडीए और नगर निगम ने वापस ले लिया है। उन्होंने तर्क दिया कि मास्टर प्लान में पूरी भूमि को ग्रीन बेल्ट के रूप में चिन्हित किया गया है, लेकिन एलडीए और नगर निगम की आगे की कार्रवाई स्पष्ट नहीं है। पूरी भूमि ग्रीन बेल्ट के रूप में चिन्हित नहीं सहारा की ओर से याचिका का विरोध करते हुए दलील दी गई कि पूरी भूमि ग्रीन बेल्ट के रूप में चिन्हित नहीं है। इसके अतिरिक्त, सहारा ने नगर निगम और एलडीए द्वारा भूमि को वापस लेने के खिलाफ हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की है, जो वर्तमान में विचाराधीन है। सुनवाई की तारीख न्यायालय को सूचित करने का निर्देश न्यायालय ने वर्तमान जनहित याचिका और सहारा की याचिका को एक साथ सुनवाई के लिए संबद्ध किया। अदालत ने एलडीए और नगर निगम को याचिकाकर्ता के अधिवक्ता के बयान के आलोक में निर्देश प्राप्त करने और अगली सुनवाई की तारीख पर न्यायालय को सूचित करने का निर्देश दिया।
भिवानी जिले में नववर्ष 2026 के अवसर पर जिला बार एसोसिएशन पदाधिकारियों ने पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार से उनके कार्यालय में शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान एसोसिएशन ने एसपी सुमित कुमार को सम्मान पत्र भेंट कर सम्मानित किया। जिला बार एसोसिएशन भिवानी के प्रधान संदीप तंवर ने बताया कि एसपी सुमित कुमार ने अगस्त माह में भिवानी जिले के पुलिस कप्तान का कार्यभार संभाला था। उस समय जिले में संगठित गिरोहों द्वारा कई आपराधिक वारदातों को अंजाम दिया जा रहा था। अपराधियों की पहचान कर किया गिरफ्तार एसपी सुमित कुमार के कुशल नेतृत्व में जिला पुलिस ने कड़ी मेहनत और निष्ठा के साथ अपराधियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया। उनके विरुद्ध प्रभावी कानूनी कार्रवाई करते हुए उन्हें जेल भेजा गया।एसोसिएशन ने यह भी जानकारी दी कि पिछले कुछ महीनों में एसपी के नेतृत्व में जिले में आपराधिक गतिविधियों में उल्लेखनीय कमी आई है। पदाधिकारी और वकील रहे उपस्थित इससे आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है।इस अवसर पर जिला बार एसोसिएशन भिवानी के प्रधान संदीप तंवर, सचिव विनोद कुमार भारद्वाज सहित अन्य पदाधिकारी और वकील उपस्थित रहे।वहीं पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार ने जिला बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों का आभार व्यक्त किया। बदमाशों पर सख्त कार्रवाई का भरोसा सुमित कुमार आश्वासन दिया कि जिले में विद्यार्थियों, आम नागरिकों, व्यापारियों और सभी वर्गों के लोगों को अपराधियों से डरने की कोई आवश्यकता नहीं है।उन्होंने कहा कि जिला पुलिस भविष्य में भी अपराधियों के विरुद्ध कठोर, निष्पक्ष और निर्णायक कार्रवाई करते हुए उन्हें कानून के अनुसार जेल भेजेगी। बिना डरे अपराधियों की शिकायत करने की कही बात एसपी ने यह भी अपील की कि यदि किसी भी नागरिक या व्यापारी को कोई शिकायत है, तो वे बिना किसी भय या संकोच के संबंधित पुलिस थाने में अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। दोषियों के विरुद्ध तत्परता से सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
जमुई में युवक ट्रेन की चपेट में आया, मौत:हेडफोन लगाए होने से नहीं सुनी ट्रेन की आवाज
जमुई के मलयपुर थाना क्षेत्र में गुरुवार सुबह एक दर्दनाक रेल हादसे में 32 साल के युवक की मौत हो गई। यह घटना झंझरी पुल के समीप पोल संख्या 393/28 और 393/29 के बीच डाउन लाइन पर हुई। युवक के कान में हेडफोन लगे होने के कारण वह ट्रेन की आवाज नहीं सुन पाया और उसकी चपेट में आ गया। मृतक की पहचान झारखंड के धनबाद जिले के बसेरा निवासी रमेश यादव उर्फ बिशु के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, रमेश गुरुवार सुबह खैरा थाना क्षेत्र के बेला मानपुर स्थित अपने ससुराल से मलयपुर थाना क्षेत्र के बरियारपुर गांव निवासी अपने मौसा भज्जू यादव के घर आया था। हेडफोन लगाए होने के कारण ट्रेन की आवाज नहीं सुन सका वहां से वह रेलवे ट्रैक के रास्ते पैदल जमुई स्टेशन की ओर जा रहा था। इसी दौरान हेडफोन लगाए होने के कारण वह ट्रेन की आवाज नहीं सुन सका और उसकी चपेट में आ गया। इस हादसे में मृतक का दायां हाथ कंधे से अलग हो गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही जीआरपी थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। चूंकि घटनास्थल मलयपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आता है, इसलिए जीआरपी द्वारा मलयपुर थाना को मेमो दिया गया। दल-बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और मामले की जांच की इसके बाद मलयपुर थाना के नवपदस्थापित थानाध्यक्ष शेखर सौरभ दल-बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और मामले की जांच की। मृतक के स्वजनों के पहुंचने के बाद आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया गया। घटना के बाद मौके पर पहुंची मृतक की मौसी का रो-रोकर बुरा हाल था। बताया गया कि मृतक शादीशुदा था और उसके तीन छोटे बच्चे हैं। मलयपुर थानाध्यक्ष शेखर सौरभ ने बताया कि शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है और पूरे मामले की जांच की जा रही है।
शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर) के अध्यक्ष सिमरनजीत सिंह मान ने 8 जनवरी को अबोहर का दौरा किया। उन्होंने घोषणा की कि आगामी नगर निगम चुनावों में पार्टी शहर के सभी 50 वार्डों में अपने उम्मीदवार उतारेगी। इस दौरान अबोहर से पार्टी के हलका इंचार्ज इंद्रजीत बुलंदी भी उनके साथ मौजूद थे। मान ने अबोहर नगर निगम में कथित 700 करोड़ रुपए के घोटाले पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि नगर निगम के कार्यकाल में यह बड़ा घोटाला हुआ है। उन्होंने मांग की कि कमिश्नर को इसकी विजिलेंस जांच करवानी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आने पर सीबीआई इस मामले को अपने हाथ में लेकर जांच कर सके। सभी वार्डों में चुनाव लड़ने का ऐलान उन्होंने बताया कि आगामी निगम चुनावों में उनके 50 प्रत्याशी इन सीटों पर चुनाव लड़ेंगे। मान ने अबोहर क्षेत्र को पार्टी के लिए 'खास' बताया, क्योंकि यह अंतरराज्यीय और अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं से सटा हुआ है। उन्होंने इस क्षेत्र की स्वच्छता और सुशासन को महत्वपूर्ण बताया। विदेशों में सिखों की मौत के लिए मोदी की नीति जिम्मेदार विदेशों में सिखों की मौतों के मुद्दे पर सिमरनजीत सिंह मान ने भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने आरोप लगाया कि इन्हीं नीतियों के कारण अमेरिका सहित अन्य देशों में सिखों का 'कत्लेआम' हो रहा है। 2027 के विधानसभा चुनावों में शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के साथ गठबंधन की संभावना पर उन्होंने कहा कि वह भी चाहते हैं कि सभी अकाली दल एकजुट होकर चुनाव लड़ें और राजनीति में कुछ भी संभव है।
बैतूल के प्रभारी मंत्री और चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल गुरुवार शाम अचानक बडोरा मंडी पहुंच गए। इस दौरान उन्होंने व्यापारियों और मंडी प्रबंधन को सख्त चेतावनी दी कि किसानों को किसी भी तरह की परेशानी हुई तो जिम्मेदार पर तत्काल कार्रवाई होगी। एक किसान की शिकायत के बाद उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि जो किसान को परेशान करेगा उसका धंधा बंद करवा दूंगा। निरीक्षण के दौरान मंत्री किसानों से सीधे मिले और उनकी समस्याएं सुनीं। एक किसान ने शिकायत की कि मंडी में उपज की तुलाई क्रम से नहीं हो रही है, जिस पर मंत्री नाराज हो गए। उन्होंने मंडी सचिव को निर्देश दिए कि उपज की तुलाई और नीलामी क्रमवार और पारदर्शी तरीके से हो। उन्होंने मौके पर ही मंडी निरीक्षक को सस्पेंड करने की चेतावनी दी। कहा- लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगीमंत्री ने मंडी शेड में रखे व्यापारियों के माल के उठाव ने होने पर निर्देश दिए कि जिन व्यापारियों पर जुर्माना लगाया गया है, उनसे रकम दो दिन में वसूल की जाए, अन्यथा उनके लाइसेंस निलंबित कर माल जब्त किया जाए। उन्होंने कहा कि मंडी में किसानों की उपज का उसी दिन उठाव हो और व्यवस्थाओं में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

