UP News Today Live: उत्तर प्रदेश ब्रेकिंग न्यूज़, पढ़ें 1 सितम्बर के मुख्य और ताजा समाचार
UP Breaking News Today Live - Read Uttar Pradesh latest and breaking news today in hindi at Amarujala. यहां पढ़ें, उत्तर प्रदेश की ताजा खबरें, राजनीति, खेल, मनोरंजन, धर्म, क्राइम और शिक्षा की खबरों का लाइव अपडेशन.
FIR against Rahul Gandhi: राहुल गांधी पर हुई एफआईआर पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने हमला किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा दलित विरोधी है।
अपराध और असामाजिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने रायपुर कमिश्नरेट पुलिस का ऑपरेशन विश्वास जारी है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में 24 से 30 अगस्त तक उत्तर, पश्चिम और मध्य जोन में व्यापक अभियान चलाया गया। इस दौरान स्थायी वारंटियों की धरपकड़ से लेकर अवैध शराब, मादक पदार्थ और हथियारों के खिलाफ कार्रवाई की गई। पुलिस ने अलग-अलग मामलों में करीब 17 लाख 30 हजार रुपए की सामग्री जब्त की है। 82 वारंटी गिरफ्तार एक सप्ताह के अभियान में स्थायी वारंट के 82 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। आबकारी एक्ट के तहत 167 प्रकरण दर्ज कर 167 आरोपियों पर कार्रवाई की गई। इसके अलावा धारा 170 बीएनएस के तहत 203 और धारा 126/135 बीएनएस के तहत 211 प्रकरणों में कार्रवाई की गई। गांजा-नशीली गोलियां और हेरोइन जब्त पुलिस ने तीनों जोन में कार्रवाई के दौरान 273 पव्वा देशी शराब, 60.339 किलोग्राम गांजा, 1,590 प्रतिबंधित नशीली टेबलेट और 10.59 ग्राम हेरोइन बरामद की। पश्चिम जोन की कार्रवाई में सबसे बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ मिले। यहां गांजा, नशीली टेबलेट और हेरोइन के साथ 3 मोबाइल और एक स्कॉर्पियो वाहन भी जब्त किया गया। 20 चाकू और धारदार हथियार बरामद सार्वजनिक स्थानों पर हथियार लेकर घूमने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई। आर्म्स एक्ट के तहत 20 प्रकरण दर्ज कर 20 आरोपियों पर कार्रवाई की गई। इनके कब्जे से 20 चाकू और धारदार हथियार बरामद हुए। उत्तर जोन में 2, पश्चिम में 12 और मध्य जोन में 6 हथियार जब्त किए गए। गुंडा बदमाशों की चेकिंग पुलिस ने आदतन अपराधियों, गुंडा बदमाशों और निगरानी बदमाशों की भी चेकिंग की। उत्तर जोन में 62 गुंडा बदमाश और 32 निगरानी बदमाशों की जांच की गई। पुलिस के मुताबिक अपराधियों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
Weather in UP: यूपी में मानसूनी बरसात का सिलसिला जारी है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में अभी बरसात का क्रम चलता रहेगा।
उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में फिलहाल बारिश से राहत के आसार नहीं हैं। मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार सितंबर की शुरुआत भी तेज बारिश के साथ ही होगी।
स्वाइन फ्लू: सोलन का व्यक्ति चंडीगढ़ में पॉजिटिव, स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी
हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में पहला स्वाइन फ्लू का मामला सामने आया है। सोलन का एक व्यक्ति चंडीगढ़ में स्वाइन फ्लू पॉजिटिव पाया गया है।
राज्य सरकार विकास और उत्पादक योजनाओं एवं परियोजनाओं के नाम पर आज एक बार फिर कुल ₹3,600 करोड़ का कर्ज लेने जा रही है। इसके लिए सरकार 1 सितंबर को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI), मुंबई कार्यालय के माध्यम से दो अलग-अलग सरकारी सिक्योरिटी की नीलामी करेगी। अब कर्ज का कुल आंकड़ा चालू वित्त वर्ष में 51400 करोड़ रुपए हो जाएगा। वहीं नए कर्ज के बाद राज्य सरकार पर कुल कर्ज बढ़कर 5 लाख 40 हजार 114 करोड़ रुपए हो जाएगा। राज्य सरकार की ओर से अधिसूचना जारी कर दोनों कर्ज की अवधि, राशि, नीलामी और भुगतान की प्रक्रिया स्पष्ट की गई है। पहला कर्ज ₹1,600 करोड़ 18 साल के लिए होगा। नीलामी प्लेटफॉर्म RBI का Core Banking Solution (E-Kuber) होगा। इस राशि की ब्याज के साथ अदायगी सरकार जुलाई 2044 तक 7.61 प्रतिशत सालाना ब्याज पर करेगी। ब्याज का हर साल भुगतान 8 जनवरी और 8 जुलाई को किया जाएगा। दूसरा कर्ज ₹ 2,000 करोड़ रुपए का 30 साल के लिए लिया जा रहा है। इसकी मूलधन वापसी सितंबर 2056 तक नीलामी में तय होने वाली कट-ऑफ यील्ड ब्याज के जरिये की जाएगी। हर साल 2 मार्च और 2 सितंबर को ब्याज राशि का भुगतान होगा। किससे लिया जाएगा कर्ज यह कर्ज किसी एक बैंक से सीधे नहीं लिया जा रहा है। प्रदेश सरकार सरकारी सिक्योरिटीज बेचकर निवेशकों से पैसा जुटाएगी। इनकी नीलामी RBI के मुंबई कार्यालय से होगी। इसमें बैंक, वित्तीय संस्थान और पात्र निवेशक बोली लगा सकेंगे। इसके अलावा नॉन-कॉम्पिटिटिव बिडर्स के लिए भी सरकारी प्रतिभूतियों में हिस्सा लेने की व्यवस्था रखी गई है। नॉन-कॉम्पिटिटिव श्रेणी में पात्र व्यक्तियों और संस्थाओं को कुल नोटिफाइड राशि के 10% तक सिक्योरिटीज आवंटित की जा सकती हैं, जबकि एकल बोलीदाता के लिए अधिकतम सीमा नोटिफाइड राशि की 1% रखी गई है। सरकार को कर्ज की राशि का भुगतान 2 सितंबर 2026 को भुगतान करना होगा। 18 अगस्त को लिया था 2400 करोड़ का कर्ज इसके पहले मोहन सरकार ने 18 अगस्त को सिक्योरिटी की नीलामी के बाद 7.58% और 7.39% ब्याज दर पर 1,400 करोड़ और 1,000 करोड़ रुपए के दो कर्ज उठाए हैं। इन दोनों कर्ज की राशि पर सरकार जनवरी और जुलाई में छमाही आधार पर ब्याज का भुगतान करेगी। दोनों कर्ज की अवधि क्रमशः 12 साल और 8 साल है। अगस्त महीने में ही 4 अगस्त को 1,600 करोड़ और 2,000 करोड़ रुपए के कुल 3,600 करोड़ रुपए कर्ज लिए गए थे। 31 मार्च 2026 की स्थिति में राज्य सरकार पर 4 लाख 88 हजार 714 करोड़ रुपए का कर्ज था। एक सितम्बर को होने वाली नीलामी के बाद लिए गए कर्ज का कुल आंकड़ा चालू वित्त वर्ष में 51400 करोड़ रुपए हो जाएगा। नए कर्ज के बाद राज्य सरकार पर कुल कर्ज बढ़कर 5 लाख 40 हजार 114 करोड़ रुपए हो जाएगा।
CGPSC मुख्य परीक्षा का रिजल्ट जारी:608 कैंडिडेट्स हुए सिलेक्ट, 21 सितंबर से होगा इंटरव्यू
छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) ने राज्य सेवा परीक्षा 2025 की मुख्य लिखित परीक्षा का परिणाम जारी कर दिया है। मुख्य परीक्षा में सफल 608 कैंडिडेट्स को अब चयन प्रक्रिया के अगले चरण के लिए चुना गया है। आयोग ने चयनित कैंडिडेट की सूची अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड कर दी है। अभ्यर्थी वेबसाइट पर जारी सूची में अपना नाम, रोल नंबर, आवेदन क्रमांक और जन्मतिथि देखकर परिणाम की जानकारी ले सकते हैं। आयोग ने राज्य सेवा परीक्षा 2025 के लिए विज्ञापन क्रमांक 06/2025 के तहत परीक्षा प्रक्रिया आयोजित की थी। 21 सितंबर से इंटरव्यू मुख्य परीक्षा में चयनित कैंडिडेट्स के लिए अब इंटरव्यू का चरण महत्वपूर्ण होगा। आयोग के अनुसार इंटरव्यू की प्रक्रिया 21 सितंबर 2026 से शुरू होगी। चयनित कैंडिडेट्स को आयोग की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार आगे की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। वेबसाइट पर देख सकते हैं रिजल्ट CGPSC ने परिणाम के साथ चयनित कैंडिडेट्स की विस्तृत सूची भी जारी की है। इसमें अभ्यर्थियों से संबंधित जरूरी विवरण शामिल हैं। अभ्यर्थी आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर सूची डाउनलोड कर सकते हैं और उसमें अपना रोल नंबर चेक कर सकते हैं। दस्तावेज तैयार रखने की सलाह मुख्य परीक्षा में सफल कैंडिडेट्स को इंटरव्यू और दस्तावेज सत्यापन से संबंधित जरूरी प्रमाण-पत्र तैयार रखने की सलाह दी गई है। आयोग आगे की प्रक्रिया से जुड़ी सूचना, समय-सारणी और आवश्यक निर्देश आधिकारिक माध्यम से जारी करेगा। आयोग ने कैंडिडेट्स से कहा है कि वे परीक्षा से जुड़ी जानकारी के लिए केवल आधिकारिक वेबसाइट पर जारी सूचनाओं पर भरोसा करें। किसी अनधिकृत माध्यम से मिलने वाली जानकारी को सही न मानें। 608 कैंडिडेट्स के चयन के साथ राज्य सेवा परीक्षा 2025 की चयन प्रक्रिया अब अंतिम चरण की ओर बढ़ गई है। इंटरव्यू के बाद विभिन्न पदों पर अंतिम चयन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
शिक्षक पात्रता परीक्षा को लेकर कर्मचारी चयन मंडल द्वारा आवेदन बुलाए जाने और परीक्षा तिथि का ऐलान किए जाने के बीच एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट में विविध आवेदन दायर किया गया है। ट्राइबल वेलफेयर टीचर्स एसोसिएशन मध्यप्रदेश ने वर्ष 2005 से 2009 के बीच नियुक्त शिक्षकों को दोबारा शिक्षक पात्रता परीक्षा देने की अनिवार्यता से राहत दिलाने के लिए सर्वोच्च न्यायालय में यह विविध आवेदन दायर किया है। ट्राइबल वेलफेयर टीचर्स एसोसिएशन मप्र की ओर से दायर आवेदन का डायरी क्रमांक 53251/2026 है l स्कूल शिक्षा विभाग पहले ही इस मामले में याचिका लगा चुका है। ट्राइबल वेलफेयर टीचर्स एसोसिएशन मध्यप्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष डीके सिंगौर ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से पुनर्विचार याचिका में एक महत्वपूर्ण मुद्दा बहस के दौरान उठाया गया था, लेकिन वह आधार पुनर्विचार याचिका में उसी मजबूती और विस्तार से लिखित रूप में सामने नहीं आया। न्यायालय में मौखिक रूप से कही गई बात और याचिका में विधिवत उठाए गए कानूनी आधार का प्रभाव अलग होता है। सिंगौर ने कहा कि सरकार एक प्रतिवादी के रूप में कानून, प्रशासनिक व्यवस्था और अपने निर्णयों के दायरे में रहकर ही अपना पक्ष रख सकती है। इसके विपरीत प्रभावित शिक्षक अपने व्यक्तिगत अधिकारों, नियुक्ति की परिस्थितियों, वर्षों की सेवा, अर्जित अधिकारों और नौकरी पर पड़ने वाले वास्तविक प्रभाव को सीधे और व्यापक रूप से न्यायालय के समक्ष रख सकते हैं। यह याचिका नई दिल्ली में 30 अगस्त को शिक्षकों के देशव्यापी प्रदर्शन के बीच लगाई गई है। ट्राइबल वेलफेयर टीचर्स एसोसिएशन की याचिका में शिक्षकों का पक्ष एसोसिएशन का कहना है कि मध्यप्रदेश शासन की पुनर्विचार याचिका और ट्राइबल वेलफेयर टीचर्स एसोसिएशन द्वारा दायर विविध आवेदन में अंतर है। दोनों के उद्देश्य में कुछ समानता दिखाई दे सकती है, लेकिन प्रभावित पक्ष की स्थिति, नियुक्ति की वैधानिकता, उस समय प्राप्त पात्रता और बाद में लागू किए गए शिक्षक पात्रता परीक्षा के प्रावधानों के प्रभाव जैसे मुद्दों को एसोसिएशन ने शिक्षकों के दृष्टिकोण से व्यापक रूप से उठाया है। डीके सिंगौर ने कहा कि “हमारा उद्देश्य शिक्षक पात्रता परीक्षा का विरोध करना नहीं, बल्कि उन शिक्षकों के अधिकारों की रक्षा करना है, जिन्होंने उस समय लागू वैधानिक व्यवस्था के अनुसार नियुक्त होकर वर्षों तक शिक्षक के रूप में सेवा दी है। उनके ऊपर बाद में लागू व्यवस्था को किस सीमा तक प्रभावी किया जा सकता है, यही इस पूरे विवाद का महत्वपूर्ण प्रश्न है।” एसोसिएशन का कहना है कि जिन शिक्षकों ने उस समय लागू व्यवस्था के अंतर्गत पात्रता हासिल कर नियुक्ति पाई, वर्षों तक सेवा दी और अपने दायित्वों का निर्वहन किया, उनके मामले को बाद में लागू पात्रता व्यवस्था के संदर्भ में अलग दृष्टि से देखने की आवश्यकता है। जनजातीय कार्य विभाग और शिक्षा विभाग के लगभग 70 हजार शिक्षक इस कानूनी प्रयास से लाभान्वित हो सकते हैं, यदि सर्वोच्च न्यायालय प्रभावित शिक्षकों के पक्ष में उचित राहत प्रदान करता है।
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने गुजरात हाईकोर्ट के जस्टिस अल्पेश यशवंत कोगजे को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त करने की सिफारिश की है। 31 अगस्त 2026 को हुई कॉलेजियम की बैठक में विभिन्न हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस की नियुक्ति और स्थानांतरण पर फैसला लिया गया। कॉलेजियम की सिफारिश अब केंद्र सरकार के पास जाएगी। केंद्र की मंजूरी और जरूरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद नियुक्ति की अधिसूचना जारी होगी। इसके बाद जस्टिस कोगजे मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस का कार्यभार संभालेंगे। कॉलेजियम ने तीन जजों के नाम सुझाए
गोरखपुर के खोराबार के रानीडीह स्थित वर्ड विजन डायग्नोसिस सेंटर में सोमवार को सेंटर के एक कर्मचारी के सिर में गोली लग गई। घटना की सूचना मिलते ही खोराबार पुलिस मौके पर पहुंच गई। घायल कर्मचारी को तत्काल कैंट क्षेत्र स्थित राजवंशी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। पुलिस के अनुसार, उसकी हालत सामान्य बताई जा रही है। कर्मचारी ने ही खुद को गोली मारी है, पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है। गोली किस असलहे से चली है, पुलिस इसके बारे में जानकारी जुटा रही है। बताया जा रहा है कि शाम 6 बजे की घटना है। पुलिस को इसकी जानकारी रात करीब 9 बजे मिली। खुद को क्यों मारी गोली, जांच चल रही है घायल की पहचान सिकरीगंज थाना क्षेत्र के भीटी गांव निवासी विशाल चंद पुत्र बजरंगी चंद के रूप में हुई है। उम्र करीब 25 साल का विशाल रानीडीह स्थित वर्ड विजन डायग्नोसिस सेंटर में कर्मचारी है। सोमवार को सेंटर पर मौजूदगी के दौरान उसके सिर में गोली लगने की घटना हुई। गोली चलने की आवाज और युवक के घायल होने की जानकारी मिलते ही सेंटर के अन्य कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई।सेंटर के कर्मचारियों ने पुलिस को प्रारंभिक जानकारी दी कि विशाल ने खुद को गोली मार ली है। हालांकि, गोली किन परिस्थितियों में चली और उसने ऐसा कदम क्यों उठाया, यह अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। पुलिस घटना के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। नहीं दिया थाने पर प्रार्थना पत्रसूचना मिलने के बाद खोराबार पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कर्मचारियों से घटना के संबंध में जानकारी ली। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि घटना के समय सेंटर में कौन-कौन लोग मौजूद थे और गोली किस असलहे से चली। असलहे के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। घटनास्थल की परिस्थितियों और कर्मचारियों के बयानों के आधार पर पुलिस मामले की पड़ताल कर रही है। इधर, घायल विशाल का राजवंशी हॉस्पिटल में उपचार जारी है। पुलिस के मुताबिक उसकी हालत सामान्य है। घटना के संबंध में अभी तक विशाल के परिजनों की ओर से कोई प्रार्थना पत्र नहीं दिया गया है। इस संबंध में एसपी सिटी निमिष पाटील ने बताया कि जांच की जा रही है, इसके बाद ही घटना की पूरी स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
भोपाल में चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में पूर्व जिला न्यायाधीश गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह पर मुकदमा उसी अदालत में चलेगा, जहां से गिरिबाला को शुरुआत में बेल मिली थी। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार श्रीवास्तव ने इस मामले को विशेष न्यायाधीश (ओडब्ल्यू) पल्लवी द्विवेदी की अदालत में स्थानांतरित कर दिया है। वकील अंकुर पांडे के अनुसार, इसी विशेष कोर्ट ने गिरिबाला को अग्रिम जमानत दी थी, जिसे बाद में जबलपुर हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया था। इसके पश्चात सीबीआई ने कार्रवाई करते हुए गिरिबाला सिंह को हिरासत में लिया था और वे तब से जेल में ही हैं। उच्चतम न्यायालय के दिशा-निर्देशों के तहत, आरोप पत्र (चार्जशीट) पेश होने के बाद निचली अदालतों को 60 से 90 दिनों की तय समय-सीमा में आरोपियों पर फ्रेमिंग ऑफ चार्जेस (आरोप तय) करने का प्रयास करना अनिवार्य है। 17 अगस्त को दाखिल की गई थी चार्जशीट सीबीआई ने 17 अगस्त को भोपाल अदालत में गिरिबाला, उनके बेटे व ट्विशा के पति समर्थ के खिलाफ चालान दाखिल किया था। चार्जशीट के अनुसार, एम्स दिल्ली की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ट्विशा के शरीर पर किसी भी तरह की गंभीर चोट के निशान नहीं पाए गए थे। हालांकि, इससे पहले एम्स भोपाल की शुरुआती पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत से पूर्व शरीर पर छह चोटों के निशान दर्ज थे।
ग्वालियर में कंपू स्थित कैंसर पहाड़िया पर सोमवार सुबह मिली 17 वर्षीय नाबालिग की हत्या का पुलिस ने 12 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया। हत्या उसकी बॉयफ्रेंड ईशान खान ने अपने दोस्त और रिश्ते के भाई अरबाज खान के साथ मिलकर की थी। पुलिस ने सोमवार रात दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। वारदात में इस्तेमाल उधार ली गई बलेनो कार भी जब्त कर ली गई है। पुलिस जांच में सामने आया कि ईशान और नाबालिग के बीच करीब दो साल से प्रेम संबंध थे। दोनों परिवारों को भी रिश्ते की जानकारी थी, लेकिन हाल के दिनों में नाबालिग उससे दूरी बनाने लगी थी। परिजन उसका रिश्ता कहीं और तय कर रहे थे। इसी बात से नाराज ईशान ने हत्या की साजिश रची थी। शादी के लिए पूछा, इनकार पर गला घोंटापुलिस के मुताबिक, रविवार रात ईशान और अरबाज ने किशोरी को केआरजी कॉलेज के पास जबरन कार में बैठाया और कैंसर पहाड़िया ले गए। वहां ईशान ने उससे शादी करने के लिए कहा। किशोरी के इनकार करते ही अरबाज ने उसके दोनों हाथ पकड़ लिए और ईशान ने चुनरी से गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद दोनों शव को झाड़ियों में छोड़कर फरार हो गए। सुबह झाड़ियों में मिला था शव सोमवार सुबह कैंसर पहाड़िया की झाड़ियों में 17 वर्षीय नाबालिग का शव मिला था। उसके गले पर कसने के निशान थे। सूचना मिलते ही कंपू थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। फोरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। जांच में पता चला कि नाबालिग नया बाजार स्थित मणि साड़ी सेंटर में काम करती थी। रविवार रात उसके घर नहीं पहुंचने पर परिजनों ने कंपू थाने में गुमशुदगी और अपहरण की शिकायत दर्ज कराई थी। परिजनों ने सिटी सेंटर महलगांव निवासी ईशान खान पर संदेह जताया था। पहले अरबाज पकड़ा गया, फिर ईशान गिरफ्तार पुलिस ने ईशान और उसके दोस्त अरबाज की तलाश शुरू की। पहले अरबाज पुलिस के हाथ लगा और पूछताछ के बाद सोमवार रात ईशान को भी गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में सामने आया कि ईशान नाबालिग से शादी करना चाहता था। दोनों के बीच करीब दो साल से प्रेम संबंध था, लेकिन नाबालिग उससे दूरी बनाने लगी थी और परिजन उसका रिश्ता कहीं और तय कर रहे थे। ईशान ने पूछताछ में बताया कि उसने पहले ही तय कर लिया था कि यदि नाबालिग शादी के लिए तैयार नहीं हुई तो वह उसकी हत्या कर देगा। अरबाज ने हाथ पकड़े, ईशान ने गला घोंटा कैंसर पहाड़िया पहुंचने के बाद ईशान ने नाबालिग से शादी के लिए पूछा। उसके इनकार करते ही ईशान ने अरबाज के इशारे पर उसके दोनों हाथ पकड़ लिए। इसके बाद ईशान ने अपनी दोनों हाथों से नाबालिग के गले में पड़ी चुनरी कस दी। कुछ देर संघर्ष के बाद उसकी मौत हो गई। हत्या के बाद दोनों आरोपी शव को झाड़ियों के पास छोड़कर कार से फरार हो गए। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल कार भी जब्त कर ली है। उधार ली थी बलेनो कार पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर की सूचना के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई। फुटेज में कार का नंबर मिलने के बाद पुलिस कार मालिक तक पहुंची। पूछताछ में पता चला कि ईशान कार मांगकर ले गया था। पुलिस ने कार को जब्त कर लिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी धर्मवीर सिंह के निर्देशन में सीएसपी रोबिन जैन, सीएसपी रवि भदौरिया और थाना प्रभारी अमर सिंह सिकरवार के नेतृत्व में पुलिस टीमों का गठन किया गया था। एसएसपी बोले- 12 घंटे में खुलासा किया एसएसपी धर्मवीर सिंह ने बताया कि नाबालिग की हत्या का पुलिस ने 12 घंटे में खुलासा कर दिया। हत्या के आरोपी ईशान और उसके साथी अरबाज को गिरफ्तार किया गया है। ईशान नाबालिग से शादी करना चाहता था। उसके इनकार करने पर गला घोंटकर हत्या कर दी गई। दोनों आरोपियों से विस्तृत पूछताछ की जा रही है।
सुप्रीम कोर्ट कमेटी ऑन रोड सेफ्टी के अध्यक्ष और सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति अभय मनोहर सप्रे ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए 4 ई यानी इंजीनियरिंग, इमरजेंसी केयर, इंफोर्समेंट और एजुकेशन पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने सड़कों पर पशुओं के कारण होने वाली दुर्घटनाओं और मौतों को रोकने के लिए समाज की भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया। इसके लिए स्थानीय स्तर पर समितियों का गठन कर उनकी मदद लेने और उन्हें प्रोत्साहन राशि देने की जरूरत बताई। मुख्य सचिव कार्यालय में हुई बैठक में यह भी तय किया गया कि प्रदेश में होने वाली सड़क दुर्घटनाओं का विश्लेषण किया जाएगा। इसके आधार पर दुर्घटना संभावित स्थलों पर भविष्य में हादसे रोकने के लिए कार्ययोजना तैयार कर समय-सीमा में उसका क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा। बैठक में इंदौर, भोपाल और उज्जैन में जीरो फैटेलिटी डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम शुरू करने पर सहमति बनी। वर्तमान में धार, सतना, रीवा, सागर, जबलपुर और खरगोन के साथ उज्जैन, भोपाल और इंदौर में भी यह कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। मध्य प्रदेश में अब ‘नो इंश्योरेंस, नो फ्यूल’ का नियम सख्ती से लागू होगा। यदि किसी वाहन का बीमा नहीं है तो उसे पेट्रोल या डीजल भी नहीं मिलेगा। प्रदेश में बगैर वैध थर्ड पार्टी इंश्योरेंस के सड़कों पर दौड़ रहे लाखों वाहनों पर सरकार शिकंजा कसने जा रही है। बैठक में इस नई व्यवस्था को हरी झंडी दी गई। सुप्रीम कोर्ट की कमेटी के सामने खुली पोल 1. ऑटोमेटिक फिटनेस सेंटर पर लापरवाही उजागर सुप्रीम कोर्ट कमेटी ऑन रोड सेफ्टी के अध्यक्ष जस्टिस अभय मनोहर सप्रे ने भोपाल बायपास स्थित ऑटोमेटिक फिटनेस सेंटर का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान वाहनों की जांच और पासिंग प्रक्रिया में भारी लापरवाही उजागर हुई। 2. टेक्नीशियन बोला पास, सिस्टम में निकली फेल निरीक्षण में एक वाहन की फिटनेस जांच हुई। जस्टिस सप्रे ने पूछा तो टेक्नीशियन ने कहा कि गाड़ी पास हो गई है। लेकिन जब उन्होंने कंप्यूटर सिस्टम पर रिपोर्ट चेक की तो गाड़ी हेडलाइट व हॉर्न में खराबी के कारण फेल दर्ज थी। 3. जस्टिस सप्रे ने लगाई- बिना फाइनल रिपोर्ट पास न करें जस्टिस सप्रे ने इस घालमेल पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने निर्देश दिए कि बिना सिस्टम की फाइनल रिपोर्ट आए मनमाने ढंग से गाड़ियां पास न की जाएं और किसी भी सूरत में अनफिट वाहनों को फिट का सर्टिफिकेट जारी न हो। टेक्नीशियन से फिटनेस की प्रक्रिया के बारे में पूछा अध्यक्ष सप्रे ने वाहनों का फिटफनेस किए जाने की संपूर्ण प्रक्रिया का अवलोकन किया। फिटनेस के दौरान वहां मौजूद एक वाहन की संपूर्ण फिटनेस प्रक्रिया कराई गई। फिटनेस टेक्नीशियन से जब पूछा गया कि क्या हुआ? तब टेक्नीशियन ने कहा कि यह वाहन पास हो गया है परंतु जब उक्त वाहन की सिस्टम पर रिपोर्ट देखी गई तो वह वाहन हेडलाइट और हॉर्न की कमी के कारण फेल दिखाया गया। सप्रे ने आपत्ति ली और निर्देश दिए कि जब तक रिपोर्ट कंप्लीट नहीं हो जाती तब तक इस प्रकार का निर्णय नहीं आना चाहिए। बाद में उन्होंने संपूर्ण प्रक्रिया का अवलोकन कर समझाईश दी और कहा कि किसी भी प्रकार का कोई कार्य ऐसा नहीं किया जाए जिससे अनफिट वाहनों को प्रक्रिया पूर्ण किए बिना फिट कर दिया जाए। कैमरों से पहचानकर रोकेंगे जानकारी के अनुसार, प्रोजेक्ट के तहत पंपों पर ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (एएनपीआर) कैमरे लगेंगे, जिन्हें केंद्र सरकार के वाहन पोर्टल से इंटीग्रेट किया जाएगा। जैसे ही वाहन पंप पर पहुंचेगा, कैमरे नंबर प्लेट स्कैन कर इंश्योरेंस वैलिडिटी जांच लेंगे। गैर-बीमित होने पर वाहन को ईंधन नहीं मिलेगा। सबसे ज्यादा अन-इंश्योर्ड वाहनों वाले जिले से पायलट प्रोजेक्ट शुरू होगा, फिर इसे पूरे प्रदेश में लागू करेगा। 4 ई फॉर्मूले पर फोकस न्यायमूर्ति सप्रे ने सड़क दुर्घटनाओं और इनमें होने वाली मौतों की संख्या कम करने के लिए 4 ई- इंजीनियरिंग, इमरजेंसी केयर, इंफोर्समेंट और एजुकेशन पर विशेष ध्यान देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राज्य शासन जरूरी वित्तीय प्रावधान सुनिश्चित करे। इसके लिए सीएसआर और तकनीकी संसाधनों की भी मदद ली जाए। उन्होंने पशुओं के कारण होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए लघु और दीर्घकालीन योजना बनाकर समय-सीमा में लागू करने के निर्देश दिए। बीमा नहीं तो ईंधन नहीं पर पायलट प्रोजेक्ट बैठक में पेट्रोल पंपों पर कैमरे लगाने और उन्हें वाहन पोर्टल से जोड़ने पर चर्चा हुई। इसके जरिए गैर-बीमित वाहनों की पहचान कर उन्हें ईंधन नहीं देने की व्यवस्था लागू करने की योजना है। न्यायमूर्ति सप्रे ने राज्य शासन को पहले एक जिले में इसकी पायलट परियोजना शुरू करने के निर्देश दिए। इसके लिए ऐसे जिले का चयन किया जाएगा, जहां सबसे ज्यादा गैर-बीमित वाहन संचालित हो रहे हैं। पायलट प्रोजेक्ट से मिले अनुभव के आधार पर इसे अन्य जिलों में भी लागू किया जाएगा। सड़क सुरक्षा के लिए जन-जागरूकता बढ़ेगी सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए शिक्षा विभाग का सहयोग लेने का निर्णय लिया गया। शिक्षण संस्थानों और अन्य एजेंसियों के माध्यम से सड़क सुरक्षा को लेकर जन-जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। बैठक में बताया गया कि प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने में औसतन 16 मिनट का समय लगता है। इस समय को कम करने के प्रयास किए जाएंगे। प्रदेश में हर साल औसतन 13 हजार लोगों की मौत सड़क दुर्घटनाओं में होती है। राज्य शासन के प्रयासों से वर्ष 2026 के पहले छह महीनों में वर्ष 2025 की इसी अवधि की तुलना में सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों में करीब 800 की कमी आई है। सरकार का लक्ष्य वर्ष 2026 में पिछले वर्षों की तुलना में सड़क दुर्घटनाओं और मौतों की संख्या में और कमी लाना है। राज्य सरकार ने पेश किए सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़े बैठक की शुरुआत में मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल ने सुप्रीम कोर्ट कमेटी ऑन रोड सेफ्टी के निर्देशों, केंद्र सरकार की सड़क सुरक्षा योजनाओं और प्रदेश सरकार द्वारा सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए लिए गए लघु एवं दीर्घकालीन निर्णयों की जानकारी दी। सचिव, परिवहन मनीष सिंह ने प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़ों और सड़क सुरक्षा के लिए किए जा रहे उपायों पर प्रस्तुतिकरण दिया। इसमें सड़क दुर्घटनाओं के तुलनात्मक आंकड़े, ब्लैक स्पॉट, हिट एंड रन मामलों और विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे सड़क सुरक्षा उपायों की जानकारी दी गई। राहवीर योजना और पीएम राहत योजना के प्रावधानों को भी प्रस्तुतिकरण में शामिल किया गया। बैठक में पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
प्रयागराज में राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर आयोजित जिला स्तरीय अंडर-18 बास्केटबॉल प्रतियोगिता का समापन हो गया। खेलो भारत, जीतो भारत थीम के तहत अमिताभ बच्चन स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में हुए इस तीन दिवसीय कार्यक्रम में बालिका वर्ग का खिताब जॉर्डन अकादमी ने जीता, जबकि बालक वर्ग में मेजबान अमिताभ बच्चन स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स की टीम विजयी रही। खेल निदेशालय के निर्देश पर 29 से 31 अगस्त 2026 तक चले इस आयोजन के अंतिम दिन बास्केटबॉल के मुकाबले मुख्य आकर्षण रहे। प्रतियोगिता में कुल 96 जूनियर बालक और बालिका खिलाड़ियों ने उत्साहपूर्वक अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का शुभारंभ महापौर गणेश केसरवानी ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर किया। इस दौरान सभी अतिथियों ने मेजर ध्यानचंद की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। प्रतियोगिता के खिताबी मुकाबलों ने दर्शकों में रोमांच भर दिया। बालिका वर्ग का फाइनल संस्कार इंटरनेशनल अकादमी और जॉर्डन अकादमी के बीच खेला गया। यह मुकाबला बेहद संघर्षपूर्ण रहा, जिसमें जॉर्डन अकादमी ने 15-14 के करीबी अंतर से जीत दर्ज कर खिताब अपने नाम किया। वहीं, बालक वर्ग के खिताबी मुकाबले में अमिताभ बच्चन स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, म्योहाल, प्रयागराज और मैरी लूकस स्कूल की टीमें आमने-सामने थीं। इस मैच में अमिताभ बच्चन स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स की टीम ने शुरुआत से ही दबदबा बनाए रखा और 42-30 के बड़े अंतर से जीत हासिल की। इन सभी मुकाबलों में श्री अमर सिंह ने निर्णायक की भूमिका निभाई। प्रतियोगिता के समापन पर मुख्य अतिथि महापौर गणेश केसरवानी ने विजेता टीमों और खिलाड़ियों को पुरस्कृत किया। इस अवसर पर क्रीड़ा अधिकारी शिव कुमार यादव ने मुख्य अतिथि को बुक भेंट की, मनीष गुप्ता ने बैज लगाया और अंतरराष्ट्रीय बास्केटबॉल खिलाड़ी आरएस बेदी ने शॉल पहनाकर उनका स्वागत किया। कार्यक्रम में पार्षद बबलू सिंह, अर्चना अब्दुल सैनी और मुकेश लारा सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
स्पाइसजेट को 50 करोड़ जमा करने में हुई देरी, दिल्ली हाई कोर्ट से मांगा अतिरिक्त समय
स्पाइसजेट और उसके प्रमोटर अजय सिंह ने दिल्ली हाई कोर्ट से कलानिधि मारन विवाद में 50 करोड़ रुपये जमा करने के लिए और समय मांगा है। एयरलाइन ने केंद्र सरकार से आपातकालीन क्रेडिट की दूसरी किस्त न मिलने को देरी का कारण बताया और चार सप्ताह का अतिरिक्त समय मांगा।
दिल्ली हाई कोर्ट ने ऋगवेद और कौटिल्य के अर्थशास्त्र का हवाला देते हुए दोहरे हत्याकांड के दोषी एक कैदी को 20 साल बाद समयपूर्व रिहा करने का आदेश दिया।
आगरा थाना सिकंदरा क्षेत्र के सेक्टर-10 आवास विकास कॉलोनी में मकान में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई थी। जिसमें अंदर सो रहे शिक्षक की जिंदा जलकर मौत हो थी। सोमवार को मृतक विनय बोस का पोस्टमार्टम कराया गया। जिसमें विनय बोस लकवा ग्रस्त होने की वजह खुद को बचा नहीं सके। बेड से न उठ पाने के कारण वह सोते हुए ही आग की चपेट में आ गए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह धुएं से दम घुटने और जिंदा जलने से बताई गई है। भाई और भांजी लापता, तलाश में पुलिसइस हादसे के बाद से मृतक के भाई और उसकी भांजी दोनों लापता हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है। आगरा पुलिस ने छत्तीसगढ़ पुलिस से संपर्क किया, लेकिन आधार कार्ड पर जो पता लिखा था, वहां उनका घर नहीं मिला। परिजनों का कोई सुराग न मिलने और पहचान करने वाला कोई न होने से अभी तक मृतक का अंतिम संस्कार भी नहीं हो सका है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करा दिया है। थाना सिकंदरा पुलिस मामले की जांच कर रही है। ये है पूरा मामला… आगरा में शनिवार रात एक मकान में आग से जलकर कोचिंग संचालक की मौत हो गई। रविवार सुबह करीब 8 बजे कामवाली ने दरवाजा खटखटाया तो अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। उसने मकान मालिक को जानकारी दी। मकान मालिक की सूचना पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़कर देखा तो बुजुर्ग का शव बेड पर पड़ा मिला। कोचिंग संचालक 70 वर्षीय विनय बोस मूल रूप से जगदलपुर, छत्तीसगढ़ के रहने वाले थे। विनय अपने छोटे भाई सुनील बोस के साथ फरवरी 2026 से सेक्टर-10 स्थित कृपाल सिंह के मकान में किराए पर रह रहे थे। दोनों भाई न्यू साईं एजुकेशन ट्यूशन एकेडमी के नाम से इंग्लिश स्पीकिंग समेत अन्य विषयों की कोचिंग चलाते थे। रक्षाबंधन पर आगरा से बाहर था छोटा भाई घटना के समय विनय घर में अकेले थे। पुलिस के मुताबिक उनका छोटा भाई सुनील बोस रक्षाबंधन के कारण आगरा से बाहर गया हुआ था। इसलिए घटना के वक्त घर में विनय के अलावा किसी अन्य व्यक्ति की मौजूदगी की पुष्टि नहीं हुई है। स्थानीय लोगों के मुताबिक दोनों भाइयों की कॉलोनी में लोगों से ज्यादा बातचीत नहीं थी। भांजी बताई जाने वाली महिला भी नहीं दिखी पड़ोसियों के मुताबिक, एक महिला सुबह-शाम दोनों भाइयों के घर टिफिन देने आती थी। दोनों उसे अपनी भांजी बताते थे। शनिवार शाम के बाद से वह महिला भी दिखाई नहीं दी। वहीं, छोटे भाई सुनील के बारे में भी पुलिस जानकारी जुटा रही है। शनिवार रात करीब 10 बजे मकान से धुआं निकलता दिखाई दिया था। हालांकि, आसपास के लोगों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। उन्हें लगा कि घर में पूजा-पाठ के कारण धुआं निकल रहा होगा। घर में चलती थी कोचिंग विनय और सुनील दोनों भाई सेक्टर 6 में रहने वाले कृपाल सिंह के मकान में किराए पर रहते थे। इसी मकान में कोचिंग चलाते थे। मकान में इंग्लिश स्पीकिंग समेत अन्य विषयों की कक्षाएं संचालित होती थीं। विनय खुद को शिक्षक बताते थे। वहीं सुनील अपने परिचय में पत्रकार बताते थे। हालांकि, पड़ोसियों का कहना है कि दोनों का स्थानीय लोगों से सीमित संपर्क था। पुलिस ने शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका जताई एसीपी हरिपर्वत अमीषा के अनुसार, पुलिस की प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट से आग लगने की बात सामने आ रही है। पुलिस घर में मौजूद सामान और बिजली के कनेक्शन समेत अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। फॉरेंसिक जांच और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से भी हत्या के केस में कुछ सामने आ सकता है।
मथुरा में छाता शुगर मिल को दोबारा शुरू कराने की मांग को लेकर चल रहे धरने में सोमवार देर रात माहौल गरमा गया। धरना स्थल पर अनशनकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच किसी बात को लेकर तीखी बहस हो गई। कहासुनी बढ़ने के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुटने लगी। अनशनकारियों ने आरोप लगाया कि धरना खत्म कराने के लिए पुलिस ने लाठी चलाई। बंद पड़ी छाता शुगर मिल को शुरू कराने की मांग को लेकर पिछले 15 दिन से धरना और अनशन चल रहा है। अनशनकारी लगातार प्रशासन से मिल के संचालन को लेकर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। सोमवार रात धरना स्थल पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे थे। इसी दौरान अनशनकारियों से किसी मुद्दे पर बातचीत के दौरान विवाद हो गया। कुछ ही देर में बातचीत तीखी बहस में बदल गई। इसके बाद धरना स्थल पर मौजूद लोगों में नाराजगी फैल गई। कर्मचारी बोले- लाठीचार्ज कर खदेड़ा विवाद की जानकारी मिलने पर आसपास के लोग भी धरना स्थल पर पहुंचने लगे। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें फेसबुक लाइव के जरिए लोगों से धरना स्थल पर पहुंचने की अपील की जा रही है। वीडियो में एक युवक पुलिस पर लाठी चलाने का आरोप लगाता नजर आ रहा है। मौके पर बढ़ी भीड़, प्रशासन अलर्ट विवाद के बाद धरना स्थल पर देर रात तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने स्थिति पर नजर बनाए रखी। अधिकारियों ने लोगों से संयम बरतने की अपील की। फिलहाल अनशनकारियों और प्रशासन के बीच बातचीत से कोई समाधान निकलता है या धरना आगे भी जारी रहता है, इस पर नजर बनी हुई है।
जामा मस्जिद परिसर में MCD का बड़ा एक्शन, हटाए गए अवैध कब्जे और अस्थायी निर्माण
एमसीडी ने दिल्ली उच्च न्यायालय के निर्देश पर जामा मस्जिद परिसर और आसपास के सार्वजनिक स्थानों से अवैध अतिक्रमण हटाए। इस अभियान में तीन प्रमुख पार्कों और सड़कों पर बने अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया गया, जिसमें सुरक्षा बल भी मौजूद रहे।
बहराइच में सोमवार को मैलानी-नानपारा रेलखंड पर भीराखेरी और पलिया कलां स्टेशनों के बीच पानी लीक के कारण 6 सवारी गाड़ियों को अगले आदेश तक रद्द कर दिया गया। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। इससे मैलानी, पलिया कलां, नानपारा और बिछिया क्षेत्र के यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। 31 अगस्त से 3 ट्रेनें रहेंगी रद्द रेलवे की ओर से जारी सूचना के मुताबिक, 31 अगस्त 2026 से चलने वाली गाड़ी संख्या 52262 और 52264 मैलानी-नानपारा सवारी गाड़ी तथा गाड़ी संख्या 52260 मैलानी-बिछिया सवारी गाड़ी का संचालन अगले आदेश तक निलंबित रहेगा। 1 सितंबर से ये ट्रेनें भी नहीं चलेंगी इसी तरह 1 सितंबर 2026 से चलने वाली गाड़ी संख्या 52261 और 52263 नानपारा-मैलानी सवारी गाड़ी तथा गाड़ी संख्या 52259 बिछिया-मैलानी सवारी गाड़ी भी अगले आदेश तक निरस्त रहेंगी। रेलखंड की स्थिति सामान्य होने पर होगा फैसला रेलवे प्रशासन के मुताबिक, भीराखेरी-पलिया कलां के बीच रेलखंड में पानी के रिसाव की स्थिति को देखते हुए एहतियातन ट्रेनों का संचालन रोका गया है। रेल यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। रेलखंड की स्थिति सामान्य होने और आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित होने के बाद ही ट्रेनों के संचालन पर आगे निर्णय लिया जाएगा। यात्रियों से पहले जानकारी लेने की अपील रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा से पहले अधिकृत रेलवे माध्यमों से ट्रेनों के संचालन की अद्यतन जानकारी जरूर प्राप्त कर लें। इससे अचानक होने वाली असुविधा से बचा जा सकेगा।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने कहा है कि उच्चीकृत होकर हाईस्कूल या इंटरमीडिएट कॉलेज बन चुके सहायता प्राप्त संस्थानों में जूनियर हाईस्कूल के सेवा नियमों के तहत सहायक अध्यापकों की भर्ती नहीं की जा सकती। न्यायमूर्ति सौमित्र दयाल सिंह और न्यायमूर्ति अरुण कुमार की खंडपीठ ने एकल पीठ के आदेश को बरकरार रखते हुए प्रदीप कुमार सिंह, प्रियंका पाल, मुकेश यादव समेत अन्य अभ्यर्थियों द्वारा दाखिल सभी विशेष अपीलों को खारिज कर दिया। जानिये क्या है मामला 3 नवंबर 2025 को राज्य के सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूलों में 1,262 सहायक अध्यापकों के पदों के लिए विज्ञापन जारी किया गया। चयन प्रक्रिया और काउंसिलिंग के बीच में राम कुमार भारद्वाज की याचिका पर एकल पीठ ने 19 फरवरी 2026 को आदेश दिया कि जो जूनियर हाईस्कूल उच्चीकृत होकर हाईस्कूल बन चुके हैं, उनके पदों को इस भर्ती प्रक्रिया से पृथक किया जाए। इसके पालन में शिक्षा विभाग ने मार्च 2026 में अधिसूचनाएं जारी कर उच्चीकृत संस्थानों के पदों को हटा दिया, जिससे पदों की संख्या घटकर 634 रह गई और 19 मार्च 2026 को नई चयन सूची जारी की गई। अपीलकर्ताओं का पक्ष था कि चयन प्रक्रिया के अंतिम दौर में पदों की संख्या घटाना खेल के बीच में नियम बदलने जैसा है, जो कानूनन गलत है। हालांकि, हाईकोर्ट ने माना कि जब कोई जूनियर हाईस्कूल उच्चीकृत होकर माध्यमिक स्कूल बन जाता है, तो उसकी जूनियर हाईस्कूल के रूप में स्वतंत्र कानूनी पहचान समाप्त हो जाती है। अदालत ने कहा कि उच्चीकृत संस्थानों के पदों को बाहर करना चयन के नियम बदलना नहीं, बल्कि विधिक स्थिति के अनुसार पदों की संख्या में किया गया सुधार है। केवल मेरिट लिस्ट या काउंसिलिंग में नाम आने से अभ्यर्थियों को उन पदों पर नियुक्ति का अटूट अधिकार नहीं मिलता जो कानूनन विज्ञापित ही नहीं किए जा सकते थे।
सोनभद्र में पिकअप ने 8 साल के बच्चे को कुचला:सड़क पार करते समय हादसा, ढाबे से सामान लेने जा रहा था
सोनभद्र में सोमवार शाम करीब 4 बजे रॉवाराणसी-शक्तिनगर मार्ग पर तेज रफ्तार पिकअप की टक्कर से 8 साल के बच्चे की मौत हो गई। हादसे के बाद पिकअप चालक गाड़ी लेकर फरार हो गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। रॉबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र का है। लोहरा गांव निवासी संतोष चौहान का 8 साल का बेटा विक्की सोमवार शाम गांव के पास एक ढाबे से सामान लेने निकला था। वह सड़क पार कर रहा था। इसी दौरान तेज रफ्तार पिकअप ने उसे टक्कर मार दी। टक्कर के बाद विक्की सड़क पर गिर गया और पिकअप उसे कुचलते हुए आगे निकल गया। मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों ने मृत घोषित किया हादसे की जानकारी मिलते ही परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। गंभीर रूप से घायल विक्की को तत्काल मेडिकल कॉलेज लोढ़ी ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। गांव में भी शोक का माहौल है। तीन बहनों और दो भाइयों में सबसे छोटा था परिजनों के मुताबिक, विक्की अपने माता-पिता के साथ ननिहाल में रहता था। वह तीन बहनों और दो भाइयों में सबसे छोटा था। उसकी मौत से परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर संभाली व्यवस्था हादसे की सूचना मिलते ही सुकृत चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल पर जमा भीड़ को हटाकर यातायात व्यवस्था सुचारु कराई। इसके बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। अज्ञात चालक के खिलाफ केस दर्ज रॉबर्ट्सगंज कोतवाल धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि बालक के शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। परिजनों की तहरीर के आधार पर अज्ञात पिकअप चालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस पिकअप और उसके चालक की तलाश कर रही है।
सीजेपी शिक्षक दिवस पर इंडिया गेट पर प्रदर्शन और मार्च करने पर अडिग है, जिसमें 50 हजार से अधिक युवाओं के जुटने की उम्मीद है। दिल्ली पुलिस की मंजूरी न मिलने के बावजूद, सीजेपी अपनी लंबित मांगों को लेकर प्रदर्शन जारी रखने को तैयार है।
पीलीभीत में वन विभाग के कर्मचारियों पर एक ग्रामीण को बंधक बनाकर पीटने और 50 हजार रुपए की रंगदारी मांगने का आरोप लगा है। पीड़ित ने बताया कि वह चूल्हे के लिए सड़क किनारे पड़ी सूखी टहनियां बीन रहा था। इसी दौरान वनकर्मी मौके पर पहुंचे और उसे जंगल के अंदर ले जाकर पेड़ से बांध दिया और उसे खूब पीटा फिर उससे 50 हजार रुपए भी मांगे। मामले में पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़ित का मेडिकल परीक्षण भी कराया गया है। पूरनपुर थाना क्षेत्र के रम्पुरा निवासी मेराज खां ने माधोटांडा थाने में शिकायत दी है। मेराज के मुताबिक, सोमवार शाम करीब 5 बजे वह अपने टुक-टुक से लौट रहा था। हल्दी डेंगा के पास सड़क किनारे पड़ी सूखी टहनियां देखकर उसने उन्हें चूल्हे के लिए उठाना शुरू किया। इसी दौरान पीलीभीत टाइगर रिजर्व के बीट वाचर विकास, गोकुल, सतविंदर पाल और भगवान दास वहां पहुंच गए। 'लकड़ियां छोड़ दीं, फिर भी जंगल में घसीट ले गए' मेराज का आरोप है कि उसने वनकर्मियों को पूरी बात बताई और लकड़ियां वहीं छोड़ दीं। इसके बावजूद चारों वनकर्मी उसे जंगल के अंदर घसीटकर ले गए और एक पेड़ से बांध दिया। शिकायतकर्ता के मुताबिक, वनकर्मियों ने उससे 50 हजार रुपए की मांग की। पैसे नहीं देने पर लकड़ी चोरी के मुकदमे में फंसाने की धमकी दी गई। लाठी और चमड़े के पट्टे से पीटने का आरोप मेराज का आरोप है कि जब उसने पैसे देने में असमर्थता जताई तो चारों वनकर्मियों ने लाठी और चमड़े के पट्टे से उसकी पिटाई शुरू कर दी। मारपीट में उसे गंभीर चोटें आईं। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि मारपीट के दौरान उससे उसकी जाति पूछी गई और इसके बाद उसके साथ दुर्व्यवहार किया गया। पुलिस ने कराया मेडिकल शिकायत मिलने के बाद माधोटांडा पुलिस ने पीड़ित का मेडिकल परीक्षण कराया। थाना अध्यक्ष अशोक पाल ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। किसान यूनियन के पदाधिकारी थाने पहुंचे ग्रामीण के साथ मारपीट की जानकारी मिलने के बाद भारतीय किसान यूनियन टिकैत के पदाधिकारी भी उसके समर्थन में माधोटांडा थाने पहुंचे। संगठन के पदाधिकारियों ने वन विभाग के कर्मचारियों के खिलाफ निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की। भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष नागेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि घटना वन विभाग की मनमानी और दबंगई को दर्शाती है। उन्होंने महोफ रेंजर को भी पद से हटाने की मांग की। नागेंद्र सिंह ने कहा कि किसी व्यक्ति को जाति पूछकर बंधक बनाना और उसके साथ मारपीट करना गंभीर मामला है। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है।
सीकर के रामगढ़ सेठान थाना इलाके में IPS अमित बुडानिया (झालावाड़ एसपी) के पिता महावीर जाट की सड़क हादसे में मौत हो गई। गाड़ी का टायर फटने के बाद गाड़ी सामने से ट्रॉले से जा टकराई। सूचना पर रामगढ़ पुलिस मौके पर पहुंची। 108 एंबुलेंस की सहायता से उन्हें फतेहपुर के धानुका अस्पताल लाया गया। जहां उन्हें डॉक्टर्स ने मृत घोषित कर दिया। यह हादसा सोमवार रात 8:30 बजे हुआ। जानकारी के अनुसार- रिटायर्ड आर्मी अफसर महावीर जाट (62) पुत्र गोपालराम जाट निवासी सीतसर जिला झुंझुनूं रात को फतेहपुर से अपने गांव की तरफ जा रहे थे। इसी दौरान दिल्ली-बीकानेर हाईवे पर सदीनसर में सरस्वती स्कूल के सामने उनकी डैटसन गो गाड़ी का टायर फटा और फिर गाड़ी ट्रॉले से टकराई। एक्सीडेंट की सूचना पर पुलिस और एंबुलेंस मौके पर पहुंची। इसके बाद एंबुलेंस के जरिए महावीर जाट को इलाज के लिए फतेहपुर के धानुका हॉस्पिटल लाया गया। यहां पर उन्हें डॉक्टर्स ने मृत घोषित कर दिया।
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा है कि किशोर न्याय कानून का उद्देश्य बाल अपराधियों को केवल दंडित करना नहीं, बल्कि उनके पुनर्वास, विकास और समाज में पुनर्स्थापना को सुनिश्चित करना है। न्यायालय ने कहा- किशोर न्याय अधिनियम 2015 ने कठोर दंडात्मक व्यवस्था से हटकर पुनर्वासात्मक न्याय की अवधारणा को अपनाया है। किशोर न्याय बोर्ड और बाल न्यायालयों को बच्चों के पुनर्वास और पुनर्स्थापना की जिम्मेदारी निभानी होगी। कासगंज और जालौन का मामला कासगंज और जालौन निवासी दो बाल अपचारियों की आपराधिक अपील स्वीकार हुए न्यायमूर्ति अजय भनोट ने यह आदेश दिया। अधीनस्थ न्यायालय ने पाक्सो एक्ट में आरोपित दोनों ही आरोपितों की जमानत अर्जी अस्वीकृत कर दी थी। वह हाईकोर्ट से मिली अंतरिम जमानत पर हैं। कोर्ट ने क्या कहा जानिएकोर्ट ने कहा भारत ने 11 दिसंबर 1992 को संयुक्त राष्ट्र के बाल अधिकार संबंधी कन्वेंशन को स्वीकार किया था, जिसके बाद बच्चों के सर्वोत्तम हित को ध्यान में रखते हुए किशोर न्याय कानून में व्यापक प्रावधान किए गए। न्यायालय ने किशोर न्याय अधिनियम की धारा 3 के तहत बच्चे के सर्वोत्तम हित, सकारात्मक उपाय, संस्थागत देखभाल को अंतिम विकल्प और न्यायिक प्रक्रिया से अलग वैकल्पिक उपाय जैसे सिद्धांतों को महत्वपूर्ण बताया। कहा, ‘हर निर्णय में बच्चे के सर्वोत्तम हित को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। उसकी क्षमताओं के पूर्ण विकास के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराया जाना चाहिए। कानून का मकसद बच्चों को दंड देकर समाज से अलग करना नहीं, बल्कि उन्हें सशक्त बनाकर मुख्यधारा में वापस लाना है। किशोर न्याय बोर्ड और बाल न्यायालय बच्चे के संरक्षक की भूमिका में भी कार्य करते हैं।’ पीठ का कहना था कि किशोर न्याय बोर्ड को यह सुनिश्चित करना होगा कि बच्चे और उसके माता-पिता की प्रक्रिया के प्रत्येक चरण में सूचित भागीदारी हो। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि बच्चे को रिहा किए जाने के बाद भी पुनर्वास और समाज में पुनर्स्थापना की प्रक्रिया समाप्त नहीं होती। किशोर न्याय बोर्ड को उसकी निगरानी और देखभाल जारी रखनी होगी। बच्चा केवल अपराध का आरोपित नहींकोर्ट ने कहा कि किशोर न्याय अधिनियम का पूरा ढांचा इस सोच पर आधारित है कि कानून से संघर्षरत बच्चा केवल अपराध का आरोपित नहीं है, बल्कि उसके विकास और भविष्य की भी चिंता की जानी चाहिए। अपीलकर्ता के जमानत के अधिकार को मनमाने शर्तों या जमानतदारों की अनावश्यक मांगों से बाधित नहीं किया जाना चाहिए। निर्णय की प्रतियां सभी बाल न्याय बोर्डों और बाल न्यायालयों को भेजे जाने का भी निर्देश कोर्ट ने दिया है। प्रकरण में राज्य सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता अनूप त्रिवेदी और एजीए प्रथम परितोष कुमार मालवीय ने पक्ष रखा। अदालत ने प्रकरण में सहयोग के लिए एमिकस क्यूरी (न्याय मित्र) विजेता सिंह की भी सराहना की।
गोली लगने से घायल किशोर की इलाज के दौरान मौत
कासना कोतवाली क्षेत्र में गोली लगने से घायल हुए 16 वर्षीय किशोर की सोमवार को इलाज के दौरान मौत हो गई
सोनभद्र में बारिश के कारण नदियों और बांधों का जलस्तर बढ़ने लगा है। भारी वर्षा और जलजमाव को देखते हुए जिलाधिकारी के निर्देश पर बीएसए ने मंगलवार को नर्सरी से कक्षा 8 तक के सभी स्कूल बंद रखने का आदेश जारी किया है। वहीं, नदी और बांध क्षेत्र में संभावित खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। बांधों के जलस्तर पर प्रशासन की नजर जिले में कनहर डैम के साथ रिहंद डैम, ओबरा डैम और सोन नदी में भी पानी की आवक लगातार बढ़ रही है। प्रशासन सभी जलस्रोतों के जलस्तर की लगातार निगरानी कर रहा है। आवश्यकता पड़ने पर संबंधित बांधों के फाटक खोले जा सकते हैं। इसके लिए निगरानी और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर कर्मचारियों की तैनाती की गई है। नदी किनारे गांवों में चलाया जागरूकता अभियान बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी नदी किनारे बसे ग्रामीण इलाकों का दौरा कर रहे हैं। ग्रामीणों को संभावित खतरे की जानकारी देकर सावधानी बरतने की अपील की जा रही है। ओबरा एसडीएम और सीओ के नेतृत्व में पुलिस बल क्षेत्र में लगातार भ्रमण कर रहा है। चकाड़ी समेत कई गांवों में पहुंची टीम रेणुका नदी के किनारे स्थित चकाड़ी, गुरुर, खैरटिया और ओबरा डैम के आसपास जागरूकता अभियान चलाया गया। ग्रामीणों से नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए नदी किनारे नहीं जाने की अपील की गई। प्रशासन ने विशेष रूप से बच्चों और पशुओं को नदी व बांध क्षेत्र से दूर रखने के लिए कहा है। तेज बहाव और जलभराव वाले क्षेत्र में जाने से बचें प्रशासन ने चेतावनी दी है कि लगातार बारिश के दौरान नदियों का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है। ऐसे में नदी किनारे जाना, तेज बहाव वाले स्थानों पर उतरना या जलभराव वाले क्षेत्रों में जाना जानलेवा साबित हो सकता है। लोगों से किसी भी आपात स्थिति में तत्काल प्रशासन या पुलिस को सूचना देने की अपील की गई है। कंट्रोल रूम से हो रही निगरानी जिला प्रशासन कंट्रोल रूम के माध्यम से बांधों और नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर रख रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, स्थिति की नियमित समीक्षा की जा रही है और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए जरूरत के मुताबिक सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
संभल में विवादित श्रीहरिहर मंदिर बनाम जामा मस्जिद प्रकरण से जुड़े इलाके में अवैध निर्माण के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई जारी है। जामा मस्जिद के आसपास चिह्नित किए गए 36 मकान और दुकानों के मालिकों को दिए गए नोटिस का समय सोमवार को पूरा हो गया। सोमवार को SDM कोर्ट में करीब 3 घंटे तक चली सुनवाई में दो भवन मालिकों ने अपने नक्शे दाखिल किए, जबकि 34 अन्य ने अपना पक्ष रखने के लिए और समय मांगा। अब मामले की अगली सुनवाई 17 सितंबर को होगी। मामला संभल कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला कोट पूर्वी और कोट गर्वी का है। महायोजना-2031 के तहत विनियमित क्षेत्र में बिना नक्शा पास कराए किए गए निर्माणों को चिह्नित कर प्रशासन ने नोटिस जारी किए थे। प्रशासन के मुताबिक, चंदौसी चौराहे से चौधरी सराय, जामा मस्जिद और टंडन चौराहे तक के इलाके में 36 मकान और दुकानें चिह्नित की गई हैं। 36 भवन मालिकों को दिए गए थे नोटिस बीते मंगलवार को सत्यव्रत पुलिस चौकी प्रभारी सतीश कुमार और विनियमित क्षेत्र के JE सचिन कुमार ने संबंधित भवन मालिकों को नोटिस दिए थे। नोटिस का समय सोमवार को पूरा होने के बाद SDM कोर्ट में मामले की सुनवाई हुई। सुनवाई करीब 3 घंटे तक चली। दो भवन मालिकों ने अपने निर्माण से संबंधित नक्शे कोर्ट में दाखिल किए, जबकि बाकी 34 ने जवाब दाखिल करने और सुनवाई के लिए अतिरिक्त समय मांगा। JE करेगा नक्शों की जांच SDM विकास चंद्र ने बताया कि दो भवन मालिकों की ओर से दाखिल किए गए नक्शों की जांच संबंधित JE से कराई जाएगी। यह देखा जाएगा कि मौके पर किया गया निर्माण स्वीकृत नक्शे के अनुरूप है या नहीं। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। SDM के मुताबिक, इन सभी मामलों में आरबीओ एक्ट की धारा 10 के तहत नोटिस जारी किए गए हैं। 'विनियमित क्षेत्र में कार्रवाई जारी रहेगी' SDM विकास चंद्र ने कहा कि विनियमित क्षेत्र में प्रवर्तन की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। नियमों के विपरीत पाए जाने वाले निर्माणों के संबंध में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। दुकानदार बोला- 1980 से बनी है दुकान मामले में दुकानदार उस्मान अली ने बताया कि उनकी दुकान वर्ष 1980 से बनी हुई है। उनका कहना है कि दुकान काफी पुरानी होने के कारण उसका नक्शा कहीं खो गया है। उस्मान अली के मुताबिक, प्रशासन की ओर से इलाके में करीब 35 से 40 दुकानों की नपाई भी की गई है। अब भवन मालिकों की ओर से दाखिल दस्तावेजों और नक्शों की जांच के बाद प्रशासन आगे की कार्रवाई करेगा।
चंदौली में सोमवार देर शाम एसपी आकाश पटेल ने 4 दराेगा के कार्यक्षेत्र में बदले हैं। स्थानांतरित किए गए उपनिरीक्षकों में सात चौकी प्रभारी भी शामिल हैं। एसपी ने सभी अधिकारियों को नई तैनाती वाले स्थानों पर निष्ठा और ईमानदारी से काम करने के निर्देश दिए हैं। लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। हाईवे मंडी और धरौली चौकी प्रभारी बदले सदर कोतवाली की हाईवे मंडी चौकी पर करीब तीन साल से तैनात रावेंद्र सिंह को सैयदराजा थाना क्षेत्र की धरौली चौकी का नया प्रभारी बनाया गया है। वहीं धरौली चौकी प्रभारी मारकंडेय सिंह को हाईवे मंडी चौकी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। देखें लिस्ट… पुलिस लाइन से अश्वनी कुमार को मिली जफरपुरवा की जिम्मेदारी पुलिस लाइन में तैनात अश्वनी कुमार सिंह को अलीनगर थाना क्षेत्र की जफरपुरवा चौकी का प्रभारी बनाया गया है। जफरपुरवा चौकी प्रभारी सतीश चंद्र सिंह को अब भुपौली चौकी की जिम्मेदारी दी गई है। भुपौली और ताराजीवनपुर चौकी में भी बदलाव भुपौली चौकी प्रभारी अमित कुमार सिंह को ताराजीवनपुर चौकी का नया प्रभारी बनाया गया है। वहीं ताराजीवनपुर चौकी पर तैनात पंकज कुमार सिंह को अलीनगर थाने से संबद्ध कर दिया गया है। मुगलसराय में भी चौकी प्रभारी बदले मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र की कस्बा चौकी प्रभारी विजय राज को शिवाला चौकी का प्रभारी बनाया गया है। वहीं शिवाला चौकी प्रभारी सतीश प्रकाश को मुगलसराय कस्बा चौकी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
उत्तर प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री और मौजूदा राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा- 'सपा, बसपा, आप और कांग्रेस केवल अपने लूट के एजेंडे को पूरा करने के लिए सत्ता पाना चाहते हैं। इनका जनता के हित से कोई लेना-देना नहीं है। विपक्षी सरकारें केवल दंगा कराने के लिए जानी जाती थीं। वे राजधानी लखनऊ के ऐशबाग स्थित ऐतिहासिक रामलीला मैदान में नवनिर्मित चहारदीवारी और दो भव्य द्वारों (पंडित बेनीमाधव केदारनाथ पाद्या जी द्वार एवं कन्हैया दास प्राग दास द्वार) के लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इसके साथ ही उन्होंने त्रिवेणी नगर स्थित जय भोले गेस्ट हाउस में आयोजित एक अन्य कार्यक्रम में सांसद निधि और त्वरित आर्थिक विकास योजना के तहत लगभग 7 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। दिनेश शर्मा बोले- ‘छद्मवेशी लोगों से रहें सावधान’ चुनावी माहौल की ओर इशारा करते हुए डॉ. दिनेश शर्मा ने विपक्ष के नेताओं पर ढोंग करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा- ‘चुनाव नजदीक आते ही हाथ में घंटी लिए और माथे पर नकली टीका लगाए छद्मवेशी लोग घूमने लगे हैं। यह वही लोग हैं जिन्होंने राम मंदिर निर्माण में रोड़े अटकाए, भगवान राम को काल्पनिक बताया और रामभक्तों पर गोलियां चलवाई थीं। आज जब उन्होंने सनातनियों की एकजुटता और ताकत देखी, तो उनका रंग बदल गया है।’ पूर्व डिप्टी सीएम ने कहा कि जो लोग वर्षों तक ब्राह्मण समाज का शोषण और अपमान करते रहे, वे आज सम्मान करने का नाटक कर रहे हैं। जनता को ऐसे तत्वों से सावधान रहना होगा जो समाज को बांटने की कोशिश कर रहे हैं। ‘लखनऊ की हर गली में अटल जी के विकास की गाथा’ पूर्व उपमुख्यमंत्री ने लखनऊ के विकास का श्रेय पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को देते हुए कहा कि आज लखनऊ के लोग सौभाग्यशाली हैं जो वे अटल जी के क्षेत्र के नागरिक हैं। उन्होंने कहा कि अटल जी ने विकास की जो नींव रखी थी, उसे देश के रक्षा मंत्री और स्थानीय सांसद राजनाथ सिंह तेजी से आगे बढ़ा रहे हैं। आज मोदी-योगी सरकार की बदौलत यूपी में विकास की गंगा बह रही है। बेहतर कनेक्टिविटी के कारण शहरों के बीच यात्रा का समय घटकर आधा रह गया है। उन्होंने जनता से भी अपील की कि वे अपने क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यों की गुणवत्ता पर निगरानी रखें। घटती आबादी और परिवार सिमटने पर जताई चिंता राजनीतिक बयानों से इतर डॉ. दिनेश शर्मा ने देश की बदलती जनसांख्यिकी और सामाजिक व्यवस्था पर भी गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सीमित होता परिवार भविष्य के लिए एक खतरे की घंटी है। देश में प्रजनन दर कम हो रही है, जिससे हिंदू आबादी में लगभग 8 प्रतिशत की कमी आई है। परिवार छोटे होने के कारण त्योहारों का उत्साह, उमंग और हमारी पुरानी परंपराएं समाप्त हो रही हैं। उन्होंने कहा कि दुख की बात है कि बच्चे पढ़ाई और अच्छे जीवन के नाम पर विदेशों का रुख कर रहे हैं। जिस देश ने उन्हें काबिल बनाया, उसे ही छोड़ रहे हैं। कर्म और असफलता पर जीवन दर्शन सार्वजनिक जीवन का अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा कि व्यक्ति के जीवन में दुख का असली कारण कर्म का अभाव है, जबकि सुख कर्म के प्रभाव से ही आता है। पद और प्रतिष्ठा आते-जाते रहते हैं, लेकिन जो व्यक्ति वर्तमान में निष्ठापूर्वक अच्छा कार्य करता है, वह जीवन में कभी असफल नहीं होता। कार्यक्रम में ये दिग्गज रहे मौजूद कार्यक्रम के दौरान विधायक नीरज बोरा, भाजपा अवध क्षेत्र के उपाध्यक्ष राजीव मिश्रा, पूर्व दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री सुधाकर त्रिपाठी, श्री रामलीला समिति के अध्यक्ष हरीश चंद अग्रवाल, भाजपा नेता रजनीश गुप्ता 'बॉबी', अपर नगर आयुक्त अरुण गुप्ता, मुख्य अभियंता महेश वर्मा, पार्षद दल के नेता देव शर्मा मिश्रा सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और नगर निगम के अधिकारी मौजूद रहे।
टोंक DST टीम ने एक बार फिर नशे के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई की है। पुरानी टोंक थाना क्षेत्र में 20 लाख कीमत की करीब 100 ग्राम अवैध मादक पदार्थ स्मैक के साथ तीन व्यक्तियों को पकड़ा है। इनके कब्जे से एक बाइक और खरीद फरोख्त की करीब डेढ़ लाख रुपए नगद राशि भी जब्त की है। यह कार्रवाई एसपी रोशन मीना के निर्देशन में की गई है। डीएसटी प्रभारी ओमप्रकाश चौधरी ने बताया किटोंक DST द्वारा नशे पर कड़ा प्रहार करते हुए पुरानी टोंक थाना क्षेत्र में बस स्टैंड के पास 3 आरोपी संदिग्ध नजर आए। डीएसटी टीम ने उनसे पूछताछ की तो वे डर गए और नाम पते बताने में झिझक पड़े। उनसे थोड़ा सख्ती से पूछताछ और उनकी तलाशी ली तो उनके पास करीब सौ ग्राम स्मैक मिली। इसकी अंतरराष्ट्रीय अनुमानित कीमत बीस लाख रुपए की है। बाद में उनके कब्जे स्मैक, बाइक और डेढ़ लाख रुपए जब्त कर लिए। तीनों आरोपियों को पुरानी टोंक थाना पुलिस के हवाले कर दिया। पुरानी टोंक थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धाराओं में प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। दो आरोपियों को पुलिस टोंक थाना पुलिस ने मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया, जबकि तीसरे आरोपी नाबालिक को निरुद्ध किया गया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों ने दिलशाद (25) पुत्र हमीद निवासी काली पलटन टोंक, सुनील (18) पुत्र राम कल्याण निवासी अकलेरा (झालावाड़) को गिरफ्तार कर लिया, जबकि तीसरे आरोपी नाबालिक को निरुद्ध किया है।
कौशांबी में अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट के मामले में पुलिस ने छह आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने एक महिला आरोपी शबाना को गिरफ्तार कर लिया है। हादसे में 11 लोगों की मौत हुई है, जबकि पांच लोग का इलाज चल रहा हैं। मामले में लापरवाही बरतने पर एसपी ने पिपरी थाना प्रभारी समेत पांच पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की है। मामला पिपरी थाना क्षेत्र के मनौरी बाजार का है। हादसा 31 अगस्त की दोपहर करीब 12 बजे मनौरी बाजार स्थित एक अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुआ था। विस्फोट इतना तेज था कि इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया। छह आरोपियों के खिलाफ मुकदमा पिपरी थाने में मामले में छह आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। इनमें शबाना पत्नी शकील और साइना पुत्री शकील, निवासी महमूदपुर मनौरी, थाना पिपरी के नाम सामने आए हैं। पुलिस ने शबाना को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू कर दी है। अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। थाना प्रभारी समेत पांच पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई घटना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक सत्यनारायण प्रजापत ने प्रथम दृष्टया ड्यूटी में लापरवाही और उदासीनता मिलने पर कार्रवाई की है। पिपरी थाना प्रभारी विकास सिंह, चायल चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक अमित द्विवेदी और पूर्व चायल चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक मनीष पाल को लाइन हाजिर कर दिया गया है। इसके अलावा पिपरी थाने में तैनात हेड कांस्टेबल जितेंद्र कुमार और आरक्षी कृष्ण कुमार को निलंबित किया गया है। इन पुलिसकर्मियों पर अपने पदीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरतने और अवैध पटाखा फैक्ट्री के संचालन से जुड़ी सूचना दर्ज न कराने का आरोप है। पांच घायल अस्पताल में भर्ती विस्फोट में कुल 11 लोगों की मौत हुई है, जबकि पांच अन्य घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस और प्रशासन की ओर से घटना की जांच के साथ ही हादसे के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मामले में जांच जारी है। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर अन्य आरोपियों और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
गाजियाबाद- पेट्रोल पंप पर कार ने चार को मारी टक्कर:आरोपी चालक गिरफ्तार, CCTV में कैद हुई घटना
गाजियाबाद में स्थित चौधरी पेट्रोल पंप पर रविवार देर कार चालक ने चार लोगों को टक्कर मार दी। इस घटना में पेट्रोल पंप के कर्मचारी सहित चार लोग घायल हो गए। टक्कर मारने के बाद कार चालक मौके से फरार हो गया। यह पूरी घटना पेट्रोल पंप पर लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई। घटना 30 अगस्त की रात लगभग 10 बजे सिल्वर सिटी के पास जीटी रोड स्थित चौधरी पेट्रोल पंप पर हुई। पुलिस को सूचना मिली कि एक कार ने कई लोगों को टक्कर मारकर फरार हो गई है। सूचना मिलते ही कोतवाली नगर पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। आरोपी चालक को गिरफ्तार कर लिया पुलिस की शुरुआती जांच और प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ में सामने आया कि एक सफेद रंग की स्विफ्ट कार पेट्रोल पंप पर आई थी। किसी बात को लेकर कार सवारों और वहां मौजूद लोगों के बीच विवाद हो गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घायलों को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। घटना के बाद कार चालक मौके से फरार हो गया था। पेट्रोल पंप पर लगे सीसीटीवी कैमरे में यह पूरी घटना रिकॉर्ड हो गई। वायरल वीडियो में कार लोगों को टक्कर मारते हुए आगे बढ़ती स्पष्ट दिखाई दे रही है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य उपलब्ध जानकारी के आधार पर आरोपी चालक की पहचान दीपू निवासी सूर्या एन्क्लेव के रूप में की। पुलिस ने सोमवार को आरोपी चालक को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने पीड़ित पक्ष से शिकायत प्राप्त कर मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि घटना से जुड़े सभी तथ्यों और वायरल सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आगे की जांच की जा रही है।
जिला बदर आदेशों पर सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: कलेक्टरों के लिए कड़े निर्देश
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प्रयागराज-कौशाम्बी सीमा के पास पिपरी थाना क्षेत्र के अंतर्गत पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट की घटना में जनहानि का समाचार प्राप्त होते ही उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने तत्काल संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्य तेज करने तथा प्रभावितों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। श्री मौर्य ने जिलाधिकारी प्रयागराज/कौशाम्बी, पुलिस आयुक्त प्रयागराज, पुलिस अधीक्षक, कौशाम्बी तथा प्रयागराज एवं कौशाम्बी के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों से तत्काल संपर्क कर घटना की जानकारी ली और घायलों को तत्काल समुचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि राहत एवं उपचार कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो तथा घायलों को बेहतर से बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।घटना में घायल लोगों का उपचार प्रयागराज के स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय में किए जाने की जानकारी मिलने पर उपमुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य तत्काल अस्पताल पहुंचे और घायलों से मुलाकात कर उनकी कुशलक्षेम जानी। उन्होंने चिकित्सकों एवं अस्पताल प्रशासन से घायलों की स्थिति एवं उपचार की जानकारी ली तथा घायलों के समुचित एवं प्रभावी उपचार के लिए आवश्यक सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उपमुख्यमंत्री ने घटना के कारणों की जांच एवं आवश्यक कार्रवाई के निर्देश देते हुए दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि घटना की जांच में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए और यदि किसी की लापरवाही अथवा नियमों के उल्लंघन की बात सामने आती है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए।
SIR के बाद दिल्ली की वोटर लिस्ट में बड़ा बदलाव, पुरुष-महिला मतदाताओं का फासला 9.51 लाख तक घटा
दिल्ली की मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण के बाद मतदाताओं की संख्या में 37.18% की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे कुल 57 लाख से अधिक मतदाता कम हो गए। इस पुनरीक्षण से पुरुष और महिला मतदाताओं के बीच का अंतर भी काफी कम हो गया है, जिससे महिलाओं की हिस्सेदारी बढ़ी है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने निफ्ट के दीक्षा समारोह में छात्रों से फैशन तकनीक को भारतीय संस्कृति से जोड़ने का आह्वान किया। उन्होंने पारंपरिक कारीगरों को आधुनिक बाजार से जोड़ने और महिलाओं की बढ़ती भागीदारी पर जोर दिया।
बेटी से दुष्कर्म के आरोपी पिता ने किया सुसाइड:संभल में जहर खाकर दी जान, मां ने दर्ज कराया था FIR
संभल के हजरतनगर गढ़ी थाना क्षेत्र में बेटी से दुष्कर्म के आरोपी पिता ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली। उसकी मौत अमरोहा के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान हुई। बताया जा रहा है कि मामले की सुनवाई पूरी हो चुकी थी और आरोपी को जल्द ही सजा सुनाई जानी थी। ग्रामीणों के अनुसार, संजय प्रजापति ने रविवार पूर्वाह्न करीब 11 बजे गांव में ट्यूबवेल पर जाकर जहरीला पदार्थ खा लिया। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे संभल के चंदौसी रोड स्थित एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उसे अमरोहा रेफर कर दिया। सोमवार सुबह करीब 10 से 11 बजे के बीच अमरोहा के निजी अस्पताल में उसकी मौत हो गई। मई 2025 में दर्ज हुई थी रिपोर्ट संजय पर करीब सवा साल पहले अपनी बेटी से दुष्कर्म करने का आरोप लगा था। पीड़िता की मां ने 23 मई 2025 को पति के खिलाफ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। घटना के बाद महिला अपने बच्चों के साथ मायके में रहने लगी थी। परिजनों के मुताबिक, मामले में न्यायालय में ट्रायल पूरा हो चुका था और आरोपी को जल्द सजा सुनाए जाने की उम्मीद थी। करीब 15 दिन पहले उसे इलाहाबाद हाईकोर्ट से नोटिस भी मिला था। बताया जा रहा है कि मामले में समझौते के प्रयास भी किए गए, लेकिन पीड़िता और उसके परिवार ने समझौता करने से इनकार कर दिया और मुकदमे में लगातार पैरवी करते रहे। पोस्टमार्टम के बाद गांव पहुंचा शव अमरोहा पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम कराया। इसके बाद सोमवार रात करीब आठ बजे शव गांव पहुंचा। हालांकि, पीड़िता, उसकी मां और भाई-बहन अंतिम संस्कार के लिए गांव नहीं पहुंचे। हजरतनगर गढ़ी थाना प्रभारी संजय कुमार ने बताया कि संजय की मौत जहरीला पदार्थ खाने के बाद अमरोहा के अस्पताल में इलाज के दौरान हुई है। पोस्टमार्टम की कार्रवाई के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। इंटरमीडिएट की छात्रा थी पीड़िता घटना के समय पीड़िता मुरादाबाद जनपद की नगर पंचायत महमूदपुर माफी स्थित एक इंटर कॉलेज में इंटरमीडिएट की पढ़ाई कर रही थी। वह तीन भाई-बहनों में दूसरे नंबर की थी। पिता पर लगे आरोपों के बाद से परिवार की स्थिति भी प्रभावित हुई थी।
बरेली में कान्हा उपवन में फिर गोवंश की मौत:गोरक्षकों का हंगामा, शवों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली रोकी
बरेली में सीबीगंज के नदोसी स्थित कान्हा उपवन गौशाला में सोमवार को गोवंशीय पशुओं की मौत के बाद फिर हंगामा हो गया। देर शाम गौशाला से मृत पशुओं के शव ट्रैक्टर-ट्रॉली में भरकर दफनाने के लिए ले जाए जा रहे थे। इसकी जानकारी मिलते ही राष्ट्रीय बजरंग दल के जिलाध्यक्ष रोहित गंगवार के नेतृत्व में बड़ी संख्या में गोरक्षक मौके पर पहुंच गए। उन्होंने शवों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली को घेरकर रोक दिया। इससे पहले शनिवार को भी इसी गौशाला में एक दर्जन से ज्यादा गोवंशों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। उस समय भी गोरक्षकों ने करीब तीन घंटे तक प्रदर्शन किया था। प्रशासनिक अधिकारियों के मौके पर पहुंचने और समझाने के बाद मामला शांत हुआ था। दो दिन बाद दोबारा गोवंशों के शव मिलने से गोरक्षकों का गुस्सा फिर भड़क गया। प्रदर्शनकारियों ने गौशाला में पशुओं की देखरेख को लेकर सवाल उठाए। पुलिस पहुंची, कार्रवाई की मांग हंगामे की सूचना मिलते ही सीओ सेकेंड नितिन कुमार और सीबीगंज इंस्पेक्टर विनोद सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे लोगों को समझाने की कोशिश की। राष्ट्रीय बजरंग दल के जिलाध्यक्ष रोहित गंगवार ने आरोप लगाया कि सोमवार सुबह भी कई गोवंशों की मौत हुई थी और इसे छिपाने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि जब तक नगर आयुक्त और गौशाला संचालकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं किया जाता, आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शन के दौरान अमित गंगवार, विजय मौर्य, निर्दोष राठौर, ऋषि देव, रिंकू, वर्षा और दीपा समेत बड़ी संख्या में गोरक्षक मौजूद रहे।
शिक्षा निदेशालय ने निजी स्कूलों के लिए मान्यता, विस्तार और उच्चीकरण हेतु न्यूनतम भूमि क्षेत्र की अनिवार्यता समाप्त कर दी है। हालांकि, स्कूलों को संबद्धता के लिए संबंधित बोर्ड के भूमि मानदंडों और अन्य शिक्षा कानूनों का पालन करना होगा।
प्रशांत किशोर विधानसभा की उस समिति के सदस्य बनाए गए, जिसके चेयरमैन हैं धूमल सिंह
जन सुराज पार्टी के नेता और बांकीपुर के विधायक प्रशांत किशोर को विधानसभा की उस समिति का सदस्य बनाया गया है, जिसके अध्यक्ष जेडीयू के दबंग विधायक मनोरंजन सिंह उर्फ धूमल सिंह हैं। समिति में पीके को लेकर 10 सदस्य हो गए हैं।
मथुरा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सोमवार शाम करीब 8 बजे भाजपा सरकार के खिलाफ मशाल मार्च निकाला। यह प्रदर्शन कांग्रेस नेताओं पर अभद्रता के आरोप में दर्ज की गई रिपोर्ट के विरोध में किया गया। कांग्रेस ने इसे राजनीतिक दबाव बनाने की कार्रवाई बताया। इस विरोध मार्च का नेतृत्व कांग्रेस महानगर अध्यक्ष यतेंद्र मुकद्दम ने किया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने भाजपा पर संविधान और दलित, शोषित वर्ग के सम्मान के खिलाफ काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का लगातार अपमान किया जा रहा है, जिसे संविधान प्रेमी लोग बर्दाश्त नहीं करेंगे। नेताओं के अनुसार, यह डॉ. भीमराव आंबेडकर द्वारा दिए गए संविधान और सामाजिक समानता की भावना का भी अपमान है। कांग्रेस नेताओं ने उत्तराखंड के हल्द्वानी में 8 अगस्त को हुई एक घटना का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि मल्लिकार्जुन खड़गे की 'विजय शंखनाद रैली' के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम स्थल का कथित 'शुद्धिकरण' कराया था। कांग्रेस ने इस कदम को छुआछूत और भेदभाव वाली मानसिकता को बढ़ावा देने वाला बताया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं की आवाज दबाने के लिए उनके खिलाफ अभद्रता के आरोप में रिपोर्ट दर्ज की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस कार्यकर्ता लोकतांत्रिक तरीके से जनता के मुद्दों को उठाते रहेंगे और किसी भी दबाव के आगे नहीं झुकेंगे। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सत्ताधारी दल की कथित तानाशाही, छात्रों, किसानों, मजदूरों और महिलाओं के उत्पीड़न के खिलाफ प्रदेश और देशभर में विरोध प्रदर्शन जारी रहेंगे। उन्होंने कांग्रेस नेताओं पर दर्ज रिपोर्ट वापस लेने और संविधान तथा सामाजिक समानता का अपमान करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
हापुड़ में पबला रोड पर सोमवार शाम रोडरेज के विवाद में 22 वर्षीय युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। स्कूटी की टक्कर के बाद शुरू हुआ विवाद कुछ ही देर में मारपीट में बदल गया। हमले में युवक के सिर में गंभीर चोट आई। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान छिद्दापुरी निवासी नीशू पुत्र अनिल कश्यप के रूप में हुई है। वह हापुड़ की एक कपड़ा फैक्ट्री में मजदूरी करता था। नीशू के पिता अनिल कश्यप के मुताबिक, उनका बेटा सोमवार शाम करीब 7 बजे ड्यूटी खत्म कर घर लौट रहा था। इसी दौरान पबला रोड पर स्कूटी सवार कुछ युवकों ने उसकी बाइक/स्कूटी को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद नीशू और स्कूटी सवार युवकों के बीच कहासुनी होने लगी। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर स्कूटी सवार युवकों ने अपने कुछ साथियों को बुला लिया और नीशू के साथ मारपीट शुरू कर दी। सिर में गंभीर चोट, अस्पताल में मौत मारपीट के दौरान नीशू के सिर में गंभीर चोट आई। आसपास के लोगों की मदद से उसे अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ कर घटना से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटाई। 8 महीने पहले हुई थी शादी नीशू की शादी करीब आठ महीने पहले शैली से हुई थी। घटना की सूचना मिलते ही सीओ मुनीश चंद्र और कोतवाली प्रभारी मनोज बालियान मौके पर पहुंचे। पुलिस मारपीट में शामिल लोगों की पहचान करने का प्रयास कर रही है। कोतवाली प्रभारी मनोज बालियान ने बताया कि युवक की मौत के मामले की जांच की जा रही है। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
लखनऊ के हजरतगंज के अशोक मार्ग स्थित टूलिप अपार्टमेंट निवासी प्रॉपर्टी डीलर दिनेश गांधी ने भाव्या क्रियेटर्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशकों समेत तीन लोगों पर 2.19 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। कोर्ट के आदेश पर हजरतगंज कोतवाली में कंपनी के निदेशक गाजियाबाद कौशांबी निवासी अंबरीश तिवारी, वर्णिका शर्मा और हुसैनगंज के छितवापुर भुईयन निवासी सोनी सोनकर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। दिनेश गांधी के मुताबिक आरोपियों ने विभूतिखंड में भाव्या कॉरपोरेट कमर्शियल टॉवर के प्लॉट नंबर टीसी-24 में दो ऑफिस आवंटित किए थे। साल 2016 से 2021 के बीच बिल्डिंग का निर्माण पूरा करने का भरोसा देकर उनसे 2.19 करोड़ रुपए ले लिए गए। आरोप है कि रकम लेने के बाद भी निर्माण कार्य पूरा नहीं किया गया। फर्जी NOC और प्रमाण पत्र दिखाने का आरोप पीड़ित का आरोप है कि आरोपियों ने उन्हें फायर विभाग की NOC, एलडीए बोर्ड का प्रमाण पत्र और NOC लिए जाने से संबंधित दस्तावेज दिखाए। बाद में जांच में ये सभी प्रमाण पत्र कूटरचित पाए गए। आरोप है कि जून 2026 तक पांच साल से अधिक समय बीतने के बावजूद बिल्डर ने संबंधित संपत्ति का एलडीए से पूर्णता प्रमाण पत्र हासिल नहीं किया। दिनेश गांधी के अनुसार, पड़ताल में यह भी सामने आया कि आरोपी बिल्डर पर एलडीए का करीब 21 करोड़ रुपए बकाया है। इसकी जानकारी होने पर उन्होंने अंबरीश तिवारी, वर्णिका शर्मा और सोनी सोनकर से रकम और संपत्ति के संबंध में पूछताछ की। आरोप है कि तीनों ने उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की। साथ ही धमकी भी दी। थाने और पुलिस कमिश्नर से शिकायत, कोर्ट के आदेश पर FIR पीड़ित ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए हजरतगंज थाने और पुलिस कमिश्नर को शिकायती पत्र दिया था। आरोप है कि सुनवाई नहीं होने पर उन्होंने कोर्ट की शरण ली। कोर्ट के आदेश के बाद हजरतगंज पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
अयोध्या। जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने सोमवार देर शाम प्रशासनिक व्यवस्था में फेरबदल करते हुए तीन अधिकारियों के कार्यक्षेत्र बदल दिए। सबसे बड़ा बदलाव सोहावल तहसील में किया गया है। प्रशिक्षु आईएएस अधिकारी आदित्य विक्रम अग्रवाल को सोहावल का नया एसडीएम बनाया गया है। अब तक सोहावल एसडीएम की जिम्मेदारी संभाल रहे गजेंद्र सिंह को मंदिर मजिस्ट्रेट बनाया गया है। मंदिर से जुड़े प्रशासनिक और व्यवस्थागत कामों को देखते हुए इस पद को अहम माना जा रहा है। लालकृष्ण को भू-अभिलेख का प्रभार फेरबदल में लालकृष्ण के कार्यक्षेत्र में भी बदलाव किया गया है। अब तक वह मंदिर मजिस्ट्रेट के साथ अतिरिक्त कनिष्ठ प्रभार भू-अभिलेख की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। अब उन्हें कनिष्ठ प्रभार भू-अभिलेख का दायित्व सौंपा गया है। सोहावल की प्रशासनिक व्यवस्था संभालेंगे प्रशिक्षु IAS आदेश के बाद तीनों अधिकारियों की नई जिम्मेदारियां तय हो गई हैं। आदित्य विक्रम अग्रवाल अब सोहावल तहसील की प्रशासनिक और राजस्व व्यवस्था संभालेंगे। वहीं गजेंद्र सिंह मंदिर मजिस्ट्रेट के रूप में काम करेंगे। प्रशासनिक कामकाज बेहतर करने की कवायद जिलाधिकारी के इस फेरबदल को प्रशासनिक कामकाज को बेहतर बनाने की कवायद माना जा रहा है। सोहावल में राजस्व और प्रशासन से जुड़े मामलों की जिम्मेदारी अब प्रशिक्षु आईएएस अधिकारी के पास होगी, जबकि गजेंद्र सिंह को मंदिर मजिस्ट्रेट की जिम्मेदारी दी गई है।
जालौन के कुठौंद थाना क्षेत्र में सोमवार रात तेज रफ्तार लोडर ने बाइक सवार दो युवकों को टक्कर मार दी। हादसे में बाइक सवार एक तिहाड़ी मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका साथी गंभीर रूप से घायल हो गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि घायल युवक का पैर शरीर से अलग हो गया। गंभीर हालत में घायल युवक को अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उसे कानपुर रेफर कर दिया। हादसे के बाद मौके पर काफी देर तक अफरा-तफरी और चीख-पुकार मची रही। जानकारी के मुताबिक, दोनों युवक तिहाड़ी मजदूरी करते थे। सोमवार रात दोनों बाइक से किसी काम के सिलसिले में जा रहे थे। जैसे ही वे कुठौंद थाना क्षेत्र के चंद्रपुरा गांव के पास पहुंचे, तभी तेज रफ्तार लोडर ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक क्षतिग्रस्त होकर सड़क पर गिर गई और दोनों युवक उछलकर दूर जा गिरे। एक ने मौके पर दम तोड़ा हादसे में एक युवक को गंभीर चोटें आईं। उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। वहीं, दूसरे युवक का पैर गंभीर रूप से जख्मी होने के कारण शरीर से अलग हो गया। सड़क पर घायल युवक को देखकर आसपास के लोग सहम गए। हादसे के बाद लोडर चालक मौके पर था या फरार हो गया, इसकी तत्काल जानकारी स्पष्ट नहीं हो सकी। ग्रामीणों ने पुलिस को दी सूचना हादसे के बाद आसपास के ग्रामीण और राहगीर मौके पर जुट गए। लोगों ने घायल युवक को संभाला और घटना की सूचना कुठौंद थाना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लेने के साथ हादसे की जानकारी जुटाई। मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई। घायल को कानपुर रेफर किया गंभीर रूप से घायल युवक को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत गंभीर देखते हुए उसे कानपुर रेफर कर दिया। डॉक्टरों के मुताबिक, युवक के पैर में गंभीर चोट लगी थी। हादसे के बाद उसकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है। हादसे की जानकारी मृतक के परिजनों को मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। रोते-बिलखते परिजन घटनास्थल और अस्पताल की ओर दौड़ पड़े। लोडर और चालक की तलाश में जुटी पुलिस पुलिस ने दुर्घटना में शामिल लोडर और उसके चालक के बारे में जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। घटनास्थल के आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस हादसे के कारण, वाहन की गति और चालक की भूमिका समेत अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि तहरीर और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
आगरा पुलिस कमिश्नरेट में बड़ा फेरबदल:3 एसीपी के सर्किल बदले, अमीषा बनीं एसीपी सदर
आगरा पुलिस कमिश्नरेट में प्रशासनिक कसावट और कार्य व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार ने तीन एसीपी के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया है। जारी आदेश के तहत कई अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। पुलिस कमिश्नर के आदेशानुसार, एसीपी हरिपर्वत अमीषा को अब एसीपी सदर का प्रभार सौंपा गया है। वहीं, अब तक सदर सर्किल की जिम्मेदारी संभाल रहे रामप्रवेश गुप्ता को एसीपी सोशल मीडिया, एसीपी लॉ एंड ऑर्डर और यक्ष ऐप का प्रभार दिया गया है। इसी क्रम में नवागत आईपीएस अधिकारी बजरंग प्रसाद को एसीपी हरिपर्वत के साथ-साथ एसीपी लाइंस की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है। खेरागढ़ और ऑफिस प्रभार में भी बदलावकमिश्नरेट द्वारा जारी आदेश के तहत एसीपी खेरागढ़ प्रीता को एसीपी ऑफिस का दायित्व दिया गया है। वहीं, अब तक एसीपी ऑफिस का प्रभार संभाल रहीं सुनीता चौहान को एसीपी खेरागढ़ नियुक्त किया गया है। नई जिम्मेदारियां संभालेंगे अधिकारीपुलिस कमिश्नरेट में हुए इस फेरबदल के बाद संबंधित अधिकारी अपने-अपने नए कार्यभार का जिम्मा संभालेंगे। अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में बदलाव को प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सौरभ हत्याकांड में 20 गवाहों के बयान एक्सटेंड:मेरठ में पीड़ित पक्ष के वकील ने अदालत में जिरह की
मेरठ के चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड में सोमवार को पीड़ित पक्ष की तरफ से अदालत में गवाहों के बयान एक्सटेंड किए गए। सौरभ के परिवार की ओर से किए गए निजी वकील सीनियर एडवोकेट विजय बहादुर सिंह ने गवाहों के बयानों को एक्सटेंड किया। इस मामले में अब तक कुल 20 गवाहों के बयानों को रखा जा चुका है। कुल 2 गवाहों के बयान रखने बाकी हैं। 2 गवाहों के बयान रखने बाकीसीनियर एडवोकेट विजय बहादुर सिंह ने बताया कि सोमवार को अंशुल कुमार फील्ड यूनिट इंचार्ज मेरठ की गवाही को एक्स्टेंड किया है। उन्होंने ही मोच्ररी पर ड्रम काटते वक्त उसकी वीडियोग्राफी की थी वो वहां मौजूद थे। सौरभ की हत्या में इस्तेमाल हुए चाकू उस्तरा आलाकत्ल ड्रम के अंदर से मिले थे। वो हत्या वाले दिन ही सुबह 3 मार्च 2025 को खरीदे गए थे। ये आलाकत्ल सौरभ की हत्या से रिलेट करते हैं। अंशुल कुमार ने क्राइम स्पॉट का बारीकी से निरीक्षण किया था, ब्लड सैंपल लिए थे उनको फोरेंसिक लैब भेजा था। वो मानवरक्त था वो सौरभ की ही खून होने की पुष्टि हुई है। वो कोई सार्वजनिक स्थान या सड़क नहीं थी बल्कि एक मकान था। इन्होंने ही पंचायतनामा भरा गया था उसकी सारी सिचुएशन को बताया गया। केस को एक्सप्लेन किया है। हमने अब तक 20 गवाह एडमिट कर लिए हैं। बस अब दो गवाह कर्मवीर और रमाकांत पचौरी बचे हैं। केस में अब मंगलवार को डेट लगी है।
वंदे भारत पर पत्थरबाजी, संदिग्ध हिरासत में:50 CCTV फुटेज से पहचान, मानसिक रूप से अस्वस्थ; आगरा रेफर
कानपुर के चंदारी स्टेशन के पास वंदे भारत एक्सप्रेस के कोच पर पत्थर लगने की घटना का रेलवे सुरक्षा बल (RPF), राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) और क्राइम ब्रांच ने खुलासा कर दिया है। जांच के दौरान चंदारी होम सिग्नल के पास से एक संदिग्ध युवक को हिरासत में लिया गया। 50 CCTV फुटेज और लोको पायलट सहित तकनीकी स्टाफ की पहचान के आधार पर उसकी भूमिका की पुष्टि हुई। मेडिकल जांच में डॉक्टरों ने युवक को मानसिक रूप से अस्वस्थ घोषित किया। इसके बाद आरपीएफ ने सोमवार रात 8 बजे आरोपी को आगे के मेडिकल परीक्षण और उपचार के लिए आगरा रेफर कर दिया। आरपीएफ प्रभारी एसएन पाटीदार ने बताया कि रविवार को सूचना मिली थी कि गाड़ी संख्या 22436 वंदे भारत एक्सप्रेस कानपुर सेंट्रल से चंदारी की ओर जा रही थी। चंदारी होम सिग्नल के पास अचानक ट्रेन के एक कोच पर पत्थर आकर लगा। घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। आरपीएफ, जीआरपी और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर आसपास के इलाके में सघन तलाशी अभियान शुरू किया। जांच टीम ने घटनास्थल के आसपास मौजूद लोगों से जानकारी जुटाई और संदिग्ध की तलाश शुरू की। लोको पायलट और संबंधित तकनीकी स्टाफ से मिले इनपुट को आधार बनाकर संभावित स्थानों पर तलाशी की गई। लगातार अभियान और 50 सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद एक संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लिया गया। आरपीएफ के अनुसार, युवक प्रथम दृष्टया मानसिक रूप से अस्वस्थ प्रतीत हुआ। वह अपना नाम-पता भी स्पष्ट रूप से नहीं बता पा रहा था। उसकी स्थिति को देखते हुए टीम ने पूछताछ के बजाय मानवीय दृष्टिकोण अपनाया और उसे चिकित्सकीय परीक्षण के लिए केपीएम अस्पताल ले जाया गया। केपीएम अस्पताल में चिकित्सकीय परीक्षण और मनोचिकित्सा विशेषज्ञ से परामर्श कराया गया। डॉक्टरों ने युवक को आवश्यक मनोचिकित्सीय उपचार और आगे की जांच के लिए आगरा रेफर कर दिया। सीसीटीवी फुटेज में मिले दृश्यों और उपलब्ध जानकारी के आधार पर युवक की पहचान की गई, जिसकी पुष्टि ट्रेन के लोको पायलट और संबंधित तकनीकी स्टाफ ने भी की। इसके बाद आरपीएफ ने इस घटना का सफलतापूर्वक पता लगाया।
डूसू सचिव कुणाल चौधरी पर पीजीडीएवी कॉलेज में दाखिले के दौरान शिक्षकों से बदतमीजी का आरोप है। यह विवाद एक छात्र के ओबीसी प्रमाणपत्र में खामियों को लेकर हुआ।
बदायूं में सफाईकर्मी को जातिसूचक शब्द कहे:कर्मचारियों ने लावेला चौक पर जाम लगाया, पुलिस चौकी घेरी
बदायूं में सोमवार रात एक दुकानदार और सफाईकर्मी के बीच विवाद हो गया। आरोप है कि दुकानदार ने सफाईकर्मी को जातिसूचक शब्द कहे, जिसके बाद सफाईकर्मियों ने लावेला चौक पर जाम लगा दिया और पुलिस चौकी का घेराव किया। यह घटना सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के लावेला चौक पर रात करीब 9:30 बजे हुई। सफाई के दौरान दुकान में धूल जाने को लेकर दुकानदार और सफाईकर्मी के बीच कहासुनी हुई थी। जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में सफाईकर्मी मौके पर जमा हो गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। आक्रोशित सफाईकर्मियों ने लावेला चौक पर लगभग 20 मिनट तक जाम लगाया, जिससे यातायात बाधित हुआ। इसके बाद वे रोडवेज चौकी के सामने पहुंचे और करीब आधे घंटे तक घेराव कर प्रदर्शन किया। इस दौरान चौक और आसपास के इलाकों में यातायात प्रभावित रहा। प्रदर्शन की सूचना मिलते ही सिविल लाइंस थाना पुलिस मौके पर पहुंची और सफाईकर्मियों को समझाने का प्रयास किया। पुलिस की मौजूदगी में दुकानदार ने सफाईकर्मियों से माफी मांगी, जिसके बाद प्रदर्शनकारी शांत हो गए और जाम हटा लिया। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित कर यातायात सुचारु कराया। पुलिस के अनुसार, दोनों पक्षों की सहमति से विवाद सुलझा लिया गया है। फिलहाल मौके पर शांति व्यवस्था बनी हुई है।
केशव प्रसाद मौर्य ने जनपद कौशाम्बी के सिराथू ब्लॉक के ग्राम उदहीन खुर्द में कच्चे मकान की छत गिरने के कारण श्री जुग्गी लाल की पत्नी श्रीमती कलुई की हुई मृत्यु की दुखद घटना का तत्काल संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी, कौशाम्बी को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने निर्देशित किया कि सक्षम अधिकारियों को तत्काल मौके पर भेजकर घटना की पूरी जानकारी प्राप्त की जाए तथा नियमानुसार आवश्यक राहत एवं सहायता की कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।श्री मौर्य ने कहा कि वर्षा ऋतु में प्रशासन की जिम्मेदारी और अधिक बढ़ जाती है। ऐसे में जिलाधिकारी एवं जनपद स्तरीय अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सतर्कता बनाए रखें और आपदा की किसी भी स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही न होने दें। विशेष रूप से कच्चे एवं जर्जर मकानों,जलभराव वाले क्षेत्रों तथा संवेदनशील स्थानों पर आवश्यक सतर्कता बरती जाए, ताकि संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सके।
सीतापुर में दिनभर तेज धूप और उमस से परेशान लोगों को सोमवार देर शाम मौसम ने राहत दी। रात करीब नौ बजे अचानक मौसम बदला और शहर समेत आसपास के इलाकों में झमाझम बारिश शुरू हो गई। करीब 30 मिनट तक हुई बारिश से तापमान में गिरावट आई और मौसम सुहावना हो गया। इस दौरान सड़कों पर आवाजाही कर रहे कई लोग बारिश में भीगते नजर आए। सोमवार सुबह से ही आसमान में बादलों और धूप की आवाजाही बनी हुई थी। धूप निकलने के कारण दिनभर गर्मी और उमस का असर रहा। सुबह अधिकतम तापमान करीब 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। उमस के कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। शाम होते-होते मौसम ने करवट लेना शुरू किया और रात करीब नौ बजे तेज बारिश शुरू हो गई। करीब आधे घंटे तक हुई बारिश के बाद लोगों ने राहत की सांस ली। बारिश के दौरान बाजार और प्रमुख सड़कों पर मौजूद लोग दुकानों और अन्य स्थानों पर शरण लेते नजर आए। वहीं, जरूरी काम से निकले लोग बारिश में भीगते हुए अपने गंतव्य की ओर जाते दिखाई दिए। भारी बारिश का अलर्ट मौसम विभाग ने अगले पांच घंटे के दौरान सीतापुर और आसपास के इलाकों में भारी बारिश की आशंका जताई है। लगातार बारिश होने पर शहर के निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। ऐसे में प्रशासन और लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। बारिश के बाद सड़क किनारे और निचले स्थानों पर पानी जमा होने की संभावना भी बढ़ गई है।
बेतिया जिले में सोमवार की देर शाम अज्ञात अपराधियों ने एक स्वर्ण व्यवसायी को गोली मारकर घायल कर दिया। व्यवसायी के सीने में गोली लगी है। गंभीर रूप से घायल व्यवसायी को तत्काल इलाज के लिए जीएमसीएच बेतिया में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। घायल व्यवसायी की पहचान सिरिसिया थाना क्षेत्र के गरभुआ गांव निवासी गोविंदा साह के रूप में हुई है। गोविंदा साह मनुआपुल स्थित अपनी सोने-चांदी की दुकान बंद कर सोमवार देर शाम बाइक से अपने घर गरभुआ लौट रहे थे। रास्ते में घात लगाए अपराधियों ने मारी गोली इसी दौरान रास्ते में घात लगाए अज्ञात अपराधियों ने उन्हें निशाना बनाकर गोली चला दी। गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े। गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास के लोग और परिजन मौके पर पहुंचे। लोगों और परिजनों ने पहुंचाया अस्पताल स्थानीय लोगों और परिजनों की मदद से घायल गोविंदा साह को तुरंत जीएमसीएच, बेतिया ले जाया गया। अस्पताल में चिकित्सकों ने उनका इलाज शुरू किया। उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास से जानकारी जुटाने के साथ ही अपराधियों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि वारदात के पीछे क्या कारण था और इसमें कितने अपराधी शामिल थे। फिलहाल गोली मारने के कारणों का स्पष्ट खुलासा नहीं हो सका है। रंजिश और लूट समेत सभी एंगल पर जांच पुलिस व्यवसायी के साथ किसी पुरानी रंजिश, लूट या अन्य आपराधिक कारण समेत सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। पुलिस ने बताया कि जांच के बाद घटना से जुड़े तथ्यों का खुलासा किया जाएगा और अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई की जा रही है।
इंदौर जोन-4 के डीसीपी सुनील मेहता ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के लिए जून 2026 में शासन को पत्र लिखा था। राज्य शासन ने उनका आवेदन मंजूर कर लिया है। सोमवार को उन्हें स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति की अनुमति से संबंधित आदेश मिल गया। भोपाल से सोमवार रात जारी आदेश में सुनील मेहता को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति की अनुमति दी गई है। उन्होंने 1 जून 2026 को शासन को पत्र लिखकर पारिवारिक कारणों के चलते सेवानिवृत्ति देने का अनुरोध किया था। उन्होंने 31 अगस्त तक इसकी अनुमति दिए जाने की मांग की थी। पुलिस विभाग की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि सेवानिवृत्ति के बाद एक साल तक सुनील मेहता किसी भी व्यावसायिक पद पर नियुक्त नहीं हो सकेंगे। उनका सेवाकाल करीब दो साल से अधिक बचा हुआ था।
महोबा में सोमवार रात 8:30 बजे भकाली माता मंदिर के पास निजी भूमि पर बनीं अवैध सीमेंट की दीवार को प्रशासन ने बुलडोजर से ढहा दिया। दीवार निर्माण को लेकर काली माता मंदिर के पुजारी ने शिकायत की थी। स्थानीय लोगों के विरोध के बाद एसडीएम सदर शिवध्यान पांडेय, सीओ रविकांत गौड़ और कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। जांच के दौरान दीवार किसने बनवाई, यह स्पष्ट नहीं हो सका। मामला टीपुरा मोहल्ले का है। लंबे समय से रास्ते के रूप में इस्तेमाल होती रही जमीन एसडीएम शिवध्यान पांडेय ने बताया कि यह स्थान लंबे समय से लोगों के आने-जाने के रास्ते के तौर पर इस्तेमाल होता रहा है। ताजिया और अन्य मेलों के दौरान भी यहां आयोजन होते रहे हैं। प्रशासन को सूचना मिली थी कि एक जुलूस के दौरान किसी व्यक्ति ने सीमेंट की पटिया रखकर जमीन पर कब्जे का प्रयास किया था। इसके बाद मौके पर स्थिति को देखते हुए कार्रवाई की गई। बिना मालिकों को बुलाए कार्रवाई पर उठे सवाल कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि जमीन निजी भूमिधरी है, इसके बावजूद वास्तविक मालिक और सहखातेदारों को मौके पर बुलाए बिना ही दीवार गिरा दी गई। लोगों ने भूमि की स्थिति स्पष्ट किए जाने और सभी पक्षों को सुनने की मांग की। पैमाइश के बाद होगा विवाद का समाधान एसडीएम ने स्पष्ट किया कि दीवार गिराने की कार्रवाई फौरी तौर पर विवाद को टालने के लिए की गई थी। उन्होंने बताया कि अब भूमि के स्वामियों और सभी पक्षकारों को बुलाकर जमीन की पैमाइश कराई जाएगी। इसके बाद राजस्व रिकॉर्ड और मौके की स्थिति के आधार पर विवाद का विधिवत समाधान किया जाएगा।
बुढ़ाना में करोड़ों की चोरी का खुलासा:मुठभेड़ के बाद दो सगे भाई गिरफ्तार, शत-प्रतिशत माल बरामद
मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना पुलिस ने करोड़ों रुपये की चोरी का खुलासा करते हुए दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई सोमवार देर रात मंदवाड़ा मार्ग पर हुई एक मुठभेड़ के बाद की गई, जिसमें एक बदमाश और एक दरोगा घायल हो गए। पुलिस ने चोरी का शत-प्रतिशत माल बरामद करने का दावा किया है। यह मामला तीन दिन पहले बुढ़ाना तहसील के पीछे स्थित रिटायर्ड दरोगा देशपाल के घर हुई चोरी से संबंधित है। बदमाशों ने देशपाल के घर से करोड़ों रुपये का सामान चोरी कर लिया था। घटना के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी थी। सोमवार देर रात पुलिस को मंदवाड़ा मार्ग पर बदमाशों की मौजूदगी की सूचना मिली। पुलिस टीम ने घेराबंदी की तो बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में गोली लगने से एक बदमाश घायल हो गया। इसके बाद पुलिस ने चोरी में शामिल शहजाद पुत्र रईस और शाहनवाज पुत्र रईस को गिरफ्तार कर लिया। मुठभेड़ के दौरान घायल बदमाश के अलावा, दरोगा सूर्य प्रताप को भी गोली लगी है। पुलिस ने गिरफ्तार किए गए आरोपियों के कब्जे से चोरी किया गया शत-प्रतिशत माल बरामद करने का दावा किया है। इस कार्रवाई में बुढ़ाना थाना प्रभारी सुभाष अत्री, एसओजी टीम और कस्बा इंचार्ज ललित कसाना सहित पुलिस टीम शामिल थी। पुलिस दोनों आरोपियों से चोरी की वारदात के संबंध में आगे की पूछताछ कर रही है।
औरैया में महिला को मारी गोली, घायल:पुरानी रंजिश में तीन आरोपियों पर केस दर्ज; इलाज जारी
औरैया में दिबियापुर थाना क्षेत्र के भियापुर मोड़ के पास सोमवार देर शाम एक महिला को गोली मारकर घायल कर दिया गया। महिला के पेट में गोली लगी है। सूचना मिलते ही सीओ सिटी शैलेंद्र सिंह और थाना प्रभारी सत्य प्रकाश सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और जांच पड़ताल की। कंचौसी बाजार की रहने वाली नीतू पत्नी राजू तिवारी सोमवार सुबह अपने मायके भियापुर आई थीं। देर शाम करीब आठ बजे वह अपने ससुराल लौट रही थी। आरोप है कि भियापुर मोड़ के पास गांव के ही शिवम तिवारी, सागर तिवारी और देवर पंकज तिवारी ने उन्हें रोककर गोली मार दी। वारदात के बाद तीनों आरोपी मौके से फरार हो गए। परिजनों ने उन्हें उपचार के लिए सौ शैय्या अस्पताल चिचौली में भर्ती कराया। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने बेहतर इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज सैफई रेफर कर दिया। गोली लगने के बाद नीतू ने वहां से गुजर रहे एक ग्रामीण से परिजनों को घटना की सूचना देने को कहा। जानकारी मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और उन्हें अस्पताल ले गए। चिकित्सकों के अनुसार, महिला की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। सीओ सिटी शैलेंद्र सिंह ने बताया कि महिला के भाई अभिषेक तिवारी ने पुलिस को घटना की सूचना दी थी। महिला ने पूछताछ में शिवम तिवारी, सागर तिवारी और पंकज तिवारी पर गोली मारने का आरोप लगाया है। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। उनकी तलाश कर रही है। सीओ ने यह भी बताया कि दोनों परिवारों के बीच पुरानी रंजिश चल रही है और दोनों पक्षों पर कई मुकदमे दर्ज हैं।
उन्नाव पुलिस के 5 जवानों को 'शौर्य सम्मान':लूट की घटनाओं का खुलासा करने पर किया गया सम्मानित
उन्नाव में लूट की घटनाओं का सफल अनावरण कर आरोपियों की गिरफ्तारी में अहम भूमिका निभाने वाले उन्नाव पुलिस के पांच अधिकारियों और कर्मचारियों को ‘शौर्य सम्मान’ से सम्मानित किया गया। सोमवार को लखनऊ में आयोजित समारोह में उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक और अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) ने उत्कृष्ट कार्य के लिए पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया। सम्मान पाने वालों में अपर पुलिस अधीक्षक (उत्तरी) अखिलेश सिंह, स्वाट टीम प्रभारी निरीक्षक जयप्रकाश यादव, सर्विलांस टीम के हेड कांस्टेबल सुदीप कटियार, स्वाट टीम के कांस्टेबल विकास सिंह और नितीश यादव शामिल हैं। जिले में लूट की घटनाओं पर प्रभावी कार्रवाई के लिए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष टीमें गठित की गई थीं। स्वाट और सर्विलांस टीमों ने तकनीकी साक्ष्यों और अन्य महत्वपूर्ण सुरागों का विश्लेषण कर आरोपियों की पहचान की और उनकी गिरफ्तारी में सफलता हासिल की। लूट की वारदातों के खुलासे में टीम के बेहतर समन्वय, तत्परता और साहस को देखते हुए इन पुलिसकर्मियों के नाम शौर्य सम्मान के लिए चुने गए थे। सोमवार को लखनऊ में आयोजित समारोह में प्रदेश के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में उन्हें यह सम्मान प्रदान किया गया। सम्मान मिलने के बाद उन्नाव पुलिस विभाग में खुशी का माहौल है। पुलिस अधिकारियों ने सम्मानित कर्मियों के कार्य की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के सम्मान से पुलिस बल का मनोबल बढ़ता है और अपराध नियंत्रण के लिए बेहतर कार्य करने की प्रेरणा मिलती है। उन्नाव पुलिस का कहना है कि अपराध नियंत्रण, पीड़ितों को न्याय दिलाने और गंभीर घटनाओं का शीघ्र खुलासा करने के लिए पुलिस टीमें लगातार सक्रिय हैं। शौर्य सम्मान को पुलिस की कर्तव्यनिष्ठा, साहस, टीमवर्क और उत्कृष्ट पुलिसिंग का सम्मान बताया गया।
आईआईएम बोध गया ने 31 अगस्त को अपना स्थापना दिवस मनाया। इस अवसर पर संस्थान के 11 साल पूरे हुए। इस दौरान कार्यकारी पीएचडी कार्यक्रम के पहले बैच का शुभारंभ किया गया और इंटीग्रेटेड प्रोग्राम इन मैनेजमेंट (आईपीएम) के छठे बैच का स्वागत किया गया। यह कार्यक्रम नए विद्यार्थियों की शैक्षणिक यात्रा की औपचारिक शुरुआत का प्रतीक था। संस्थान ने इस साल कुल 207 विद्यार्थियों का स्वागत किया, जिनमें 70 छात्राएं और 137 छात्र शामिल हैं। कार्यकारी पीएचडी कार्यक्रम के पहले बैच में 14 शोधार्थियों ने प्रवेश लिया, जिनमें 12 पुरुष और 2 महिला शोधार्थी हैं। पारंपरिक प्रगति तक सीमित न रहने रहने की अपील ओरिएंटेशन कार्यक्रम का शुभारंभ गणेश वंदना और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद, पीएचडी कार्यक्रम के अध्यक्ष प्रो. अविरल कुमार तिवारी ने कार्यकारी पीएचडी कार्यक्रम का परिचय दिया, जबकि आईपीएम कार्यक्रम की अध्यक्ष प्रो. अर्चना पात्रो ने आईपीएम कार्यक्रम के बारे में जानकारी दी। निदेशक प्रो. विनिता एस. सहाय ने आईपीएम के नए बैच का स्वागत किया और उन्हें शुभकामनाएं दी। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए बोध गया के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने क्षेत्र की सबसे बड़ी ताकत, यहां के लोगों पर ध्यान केंद्रित करते हुए मानव पूंजी में निवेश की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की आबादी इसके सबसे अनमोल संसाधनों में से एक है। प्रो. सहाय ने युवा विद्यार्थियों से कहा कि युवाओं की ऊर्जा नवाचार और सकारात्मक बदलाव की सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने उनसे पारंपरिक प्रगति तक सीमित न रहने, बल्कि बड़े सपने देखने और साहसिक कदम उठाने का आग्रह किया। उन्होंने विद्यार्थियों को 'लीपफ्रॉग' की भावना के साथ आगे बढ़ने, नए अवसरों का लाभ उठाने और क्षेत्र के विकास के लिए नई दिशाएं तय करने के लिए प्रेरित किया। 1,700 से अधिक स्टार्टअप्स को स्वीकृति नगर विकास एवं आवास और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री नितीश मिश्रा समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने बिहार के बढ़ते स्टार्टअप इकोसिस्टम पर प्रकाश डालते हुए बताया कि वर्तमान में बिहार सरकार की ओर से 1,700 से अधिक स्टार्टअप्स को स्वीकृति और वित्तीय सहायता प्रदान की जा चुकी है, जबकि राज्य का व्यापक स्टार्टअप इकोसिस्टम लगभग 5,000 स्टार्टअप्स तक पहुंच चुका है। उन्होंने यह भी कहा कि आईआईएम बोध गया बिहार राज्य में शैक्षणिक उत्कृष्टता का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभरा है। उन्होंने बिहार की बदलती तस्वीर को रेखांकित करते हुए कहा, “यह वह पुराना बिहार नहीं है, जिसकी चर्चा पुरानी सुर्खियों में होती थी। यह वह बिहार है जो अपने भविष्य का निर्माण कर रहा है, नए उद्यम स्थापित कर रहा है और अपने विकास के लिए स्वयं संसाधन जुटा रहा है।”सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईओरिएंटेशन कार्यक्रम के बाद स्थापना दिवस समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें पारंपरिक केक कटिंग समारोह और आईआईएम बोध गया शैक्षणिक समुदाय की प्रतिभा, रचनात्मकता एवं उत्साह को प्रदर्शित करने वाली विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां शामिल रहीं। इस अवसर पर राष्ट्रीय खेल दिवस के विजेताओं को भी सम्मानित किया गया और उनके परिश्रम, दृढ़ता और खेल भावना का उत्सव मनाया गया।
भारतीय प्रशासनिक सेवा की 2013 बैच की आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने महज दो लाइन का इस्तीफा दिया है। उन्होंने त्यागपत्र में इस्तीफा देने की वजह निजी पारिवारिक कारण बताया है। दो लाइन के इस्तीफे से दिव्या मित्तल ने 13 साल की सेवा का अंत किया है। दिव्या मित्तल का इस्तीफा सोमवार को नियुक्ति एवं कार्मिक विभाग को मिल गया। विभाग की ओर से दिव्या मित्तल के खिलाफ विचाराधीन जांच या कोर्ट में लंबित मामलों की पड़ताल की गई। सूत्रों के मुताबिक उनके खिलाफ कोई विभागीय जांच या चार्जशीट लंबित नहीं है। उनके खिलाफ कोई मुकदमा भी लंबित नहीं है। अब नियुक्ति एवं कार्मिक विभाग इस्तीफा स्वीकृति का प्रस्ताव मुख्यमंत्री के समक्ष पेश करेगा, मुख्यमंत्री ही इस विभाग के मंत्री हैं। मुख्यमंत्री की सहमति से यह प्रस्ताव भारत सरकार के नियुक्ति एवं कार्मिक विभाग को भेजा जाएगा। विभाग की सहमति के बाद विभागीय मंत्री (प्रधानमंत्री) नरेंद्र मोदी की सहमति ली जाएगी। मोदी की सहमति के बाद इस्तीफा मंजूर करने के लिए राष्ट्रपति भवन भेजा जाएगा, राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद उनका इस्तीफा स्वीकार माना जाएगा। सोमवार को दफ्तर पहुंचीं दिव्या इस्तीफा देने के बाद दिव्या मित्तल सोमवार को दोपहर एनेक्सी स्थित अपने दफ्तर पहुंची। उनके दफ्तर पहुंचते ही उनके निजी स्टॉफ सहित राजस्व विभाग के कर्मचारी मायूस हो गए। कुछ कर्मचारियों अधिकारियों ने उनसे मुलाकात भी की। थोड़ी देर दफ्तर में बैठने के बाद दिव्या वापस लौट गईं।
पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी के सिंडिकेट का पर्दाफाश करने और भारत में अव्यवस्था फैलाने की साजिश को नाकाम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले बिजनौर पुलिस अधिकारियों को शौर्य सम्मान मैडल से सम्मानित किया गया है। सोमवार को लखनऊ के गोमतीनगर स्थित एक होटल में आयोजित समारोह में एडीजी कानून-व्यवस्था अमिताभ यश ने बिजनौर के एएसपी सिटी डॉ. कृष्ण गोपाल सिंह को शौर्य सम्मान मैडल प्रदान किया। सम्मान मिलने के बाद पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने उन्हें बधाई दी। सिंडिकेट के खिलाफ की थी प्रभावी कार्रवाई पुलिस के अनुसार, पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी के इशारे पर भारत में अव्यवस्था फैलाने की साजिश रच रहे एक सिंडिकेट के खिलाफ बिजनौर पुलिस ने प्रभावी कार्रवाई की थी। जांच के दौरान सिंडिकेट से जुड़े लोगों की गतिविधियों और उनके नेटवर्क के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई थी। पुलिस की कार्रवाई से कथित साजिश को नाकाम करने में सफलता मिली। इस कार्रवाई में एएसपी सिटी डॉ. कृष्ण गोपाल सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इसी उल्लेखनीय पुलिस कार्य के लिए उन्हें शौर्य सम्मान से नवाजा गया। दो अन्य पुलिस अधिकारियों को भी सम्मान सिंडिकेट के खिलाफ कार्रवाई में योगदान देने वाले नजीबाबाद के तत्कालीन क्षेत्राधिकारी अंजनी कुमार चतुर्वेदी और सर्विलांस एवं एसओजी प्रभारी सचिन मलिक को भी शौर्य सम्मान प्रदान किया गया। इन दोनों अधिकारियों को उत्तर प्रदेश के डीजीपी राजीव कृष्ण ने सम्मानित किया। पुलिस विभाग ने इसे टीम की सतर्कता, साहस और बेहतर समन्वय का परिणाम बताया। सम्मान मिलने से बिजनौर पुलिस महकमे में खुशी का माहौल है।
उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी और कथक केंद्र की ओर से प्रसिद्ध कथकाचार्य पं. लच्छू महाराज की स्मृति में दो दिवसीय कथक समारोह ‘नमन-परंपरा कथक की’ सोमवार से शुरू हो गया हैं । गोमती नगर के विपिन खंड स्थित अकादमी परिसर के संत गाडगेजी महाराज प्रेक्षागृह में समारोह 31 अगस्त और 1 सितंबर को आयोजित किया जा रहा है। पहली शाम कथक केंद्र की प्रस्तुतियों से शुरुआत हुई। इसके बाद लखनऊ की देविका देवेंद्र एस. मंगलामुखी, पुणे की आभा औटी, प्रयागराज की उर्मिला शर्मा और अहमदाबाद के मौलिक शाह ने कथक की अलग-अलग शैलियां प्रस्तुत कीं। मुख्य अतिथि पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात रहे। नायिका के भावों ने जीता दिल कथक केंद्र की कलाकारों ने ‘नायिका प्रसंग’ में प्रेम, विरह, मान, प्रतीक्षा और मिलन जैसे भावों को कथक के जरिए मंच पर उतारा। प्रस्तुति का निर्देशन नीता जोशी ने किया। इसके बाद मीरा के भजन ‘पायो जी मैंने राम रतन धन पायो’ पर कलाकारों ने नृत्य प्रस्तुत किया। चक्कर, तिहाई, पदसंचालन और भाव पक्ष को दर्शकों ने खूब सराहा। ‘कृष्ण नमन’ में छात्राओं ने कृष्ण स्तुति, कवित्त, टुकड़े, तिहाई और परन पेश किए। इसका निर्देशन रजनी वर्मा ने किया। चार कलाकारों ने दिखाई कथक की अलग छटा देविका देवेंद्र एस. मंगलामुखी ने कवित्त और परन से शुरुआत की। ‘डमरू हर कर बाजे’ में लय और ऊर्जा का शानदार मेल दिखा। ठुमरी के भाव पक्ष ने भी दर्शकों को प्रभावित किया। पुणे की आभा औटी ने गणेश वंदना ‘सिंदूर वदना’ से प्रस्तुति शुरू की। उन्होंने साढ़े सात मात्रा की विशेष रचना ‘नील’ और दोहे की परंपरा पर आधारित प्रस्तुति दी। ‘देखो होरी के खिलैया’ के जरिए उत्तर प्रदेश की होली परंपरा को जीवंत किया। प्रयागराज की उर्मिला शर्मा ने शिव वंदना के बाद पारंपरिक कथक प्रस्तुत किया। महाराज बिंदादीन की ठुमरी ‘डगर चलत देखो श्याम कर गहियां’ पर उनकी भावपूर्ण प्रस्तुति को सराहना मिली। अहमदाबाद के मौलिक शाह ने शिव स्तुति के बाद तीन ताल में कथक पेश किया। ठुमरी ‘पीत पटवारे ने मरोड़ डारी बहियां’ पर भावों की प्रभावी प्रस्तुति दी।
मैहर जिले में लगातार हो रही तेज बारिश और नदी-नालों के उफान को देखते हुए कलेक्टर विदिशा मुखर्जी ने 1 सितंबर को सभी स्कूलों में छुट्टी का ऐलान किया है। बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। नर्सरी से 12वीं तक के सभी स्कूल रहेंगे बंद जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी आदेश के मुताबिक, मंगलवार (1 सितंबर) को जिले के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूल बंद रहेंगे। यह नियम सीबीएसई, आईसीएसई, नवोदय और केंद्रीय विद्यालयों समेत सभी मान्यता प्राप्त स्कूलों के नर्सरी से 12वीं तक के बच्चों पर लागू होगा। रास्ते बंद होने और जोखिम से बचाने के लिए लिया फैसला जिले में लगातार बारिश के कारण कई जगह रास्तों पर पानी भर गया है और नदी-नाले उफान पर हैं। ऐसे में बच्चों को आने-जाने में कोई खतरा न हो, इसलिए प्रशासन ने छुट्टी का कदम उठाया है। प्रशासन की अपील: जलभराव वाली जगहों से दूर रहें कलेक्टर ने अधिकारियों को बारिश के हालात पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए हैं। साथ ही आम लोगों से भी अपील की गई है कि वे तेज बारिश के दौरान उफनते नदी-नालों और पानी भरी जगहों पर जाने से बचें। ध्यान दें कि 1 सितंबर को सिर्फ छात्रों के लिए छुट्टी रहेगी, बाकी व्यवस्थाएं विभाग के नियमों के मुताबिक चलती रहेंगी।
बिलासपुर जिले के पचपेड़ी क्षेत्र में नशे के खिलाफ अभियान चलाने वाली महिलाओं की समूह ने नदी में छिपाकर रखे महुआ लहान को निकाल लिया। जिसके बाद पुलिस को बुला लिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने बड़ी मात्रा में बोरियों में रखे लहान को महिला के साथ मिलकर नष्ट कर दिया। महुआ लहान को कच्ची शराब बनाने के लिए यहां छिपाकर रखा गया था। अब इस मामले में पुलिस शराब बनाने वालों की तलाश कर रही है। ग्राम सोन में महिलाओं की समूह मिलकर नशे के खिलाफ अभियान चला रही हैं। इसके चलते गांव में शराब बेचने वालों की जानकारी तत्काल पुलिस को मिल जाती है। वहीं, महिलाएं रात में गांव में घूमकर शराब पीकर उत्पात मचाने वालों को भी पकड़कर पुलिस के हवाले कर देती हैं। महिलाओं की टीम पुलिस के साथ मिलकर लगातार यह काम कर रही हैं, जिसके चलते अवैध शराब बेचने वालों के हौसले पस्त हो गए हैं। नदी में छिपाकर रखा था महुआ लहान पचपेड़ी थाना प्रभारी कमला पुसाम ने बताया कि नशे के खिलाफ अभियान चला रहीं इन महिलाओं को पता चला कि नीलागर नदी किनारे महुआ लहान को छिपाकर रखा गया है, जिससे महुआ शराब बनाकर आसपास के गांव में खपाया जाता है। खबर मिलते ही महिलाएं नदी किनारे पहुंच गई। इस दौरान महिलाओं ने नदी किनारे जमीन पर गड़ा कर रखे महुआ लहान को निकाल लिया। जिसके बाद घटना की जानकारी पुलिस को दी। खबर मिलते ही टीआई पुसाम अपनी टीम के साथ पहुंच गई। उन्होंने बड़ी मात्रा में बोरियों में रखे महुआ लहान को नष्ट कराया। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर महुआ शराब बनाने वाले आरोपियों की तलाश कर रही है।
कानपुर में तात्याटोपे नगर स्थित मां विंध्येश्वरी हास्पिटल एंड ट्रामा सेंटर में महिला की मौत हो गई। इस पर परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा किया। सूचना पर पहुंची गुजैनी पुलिस ने स्थिति संभाली और महिला को गंभीर हालत में हैलट अस्पताल रेफर कराया। वहां डाॅक्टर ने जांच के बाद महिला को मृत घोषित कर दिया। सोमवार तड़के कराया था एडमिट कानपुर देहात के डेरापुर के डिडौलिया गांव निवासी नीरज कटियार पुणे में एक निजी कंपनी में नौकरी करते हैं। उनकी 39 वर्षीय पत्नी एकता दो बेटों कृष्णा और अक्ष के साथ तात्याटोपे नगर में किराए पर रहती थीं। एकता के भाई सोनू ने बताया कि सोमवार सुबह करीब 5:30 बजे अचानक पेट में तेज दर्द होने पर बहन को मां विंध्येश्वरी हास्पिटल एंड ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया था। दोपहर तक वह परिजनों से बातचीत कर रही थीं। सोनू के मुताबिक, शाम को डाॅक्टर ने एकता की हालत बिगड़ने की जानकारी दी। उन्हें आईसीयू में भर्ती कर लिया। करीब 6 बजे हालत और गंभीर बताते हुए रेफर करने की बात कही। इस पर परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। अस्पताल प्रशासन की सूचना पर पुलिस पहुंची और एंबुलेंस से महिला को हैलट अस्पताल भेजा गया। हैलट में डॉक्टरों ने मृत घोषित किया सोनू का आरोप है कि हैलट अस्पताल पहुंचने पर डाक्टर ने जांच के बाद बताया कि एकता की मौत काफी पहले हो चुकी थी। वहीं मां विंध्येश्वरी हास्पिटल एंड ट्रामा सेंटर के डा. आरएन द्विवेदी ने बताया कि महिला को गंभीर हालत में लाया गया था। उसका हीमोग्लोबिन और बीपी दोनों कम थे। गंभीर स्थिति में रेफर करने की बात कहने पर परिजनों ने हंगामा किया, जिसके चलते पुलिस बुलानी पड़ी। गुजैनी थानाप्रभारी राजन शर्मा ने बताया कि परिजनों के आरोपों के आधार पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
नरसिंहपुर जिले के साईंखेड़ा जनपद स्थित मेहरागांव के सरकारी स्कूल में बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी सामने आई है। 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) द्वारा चलाए जा रहे 'स्कूल ठीक करो अभियान' के तहत किए गए सोशल ऑडिट में स्कूल की बदहाली का खुलासा हुआ। बिजली, पानी और शौचालय तक की व्यवस्था नहीं ऑडिट के दौरान पाया गया कि स्कूल में बच्चों के लिए न तो शौचालय की सही व्यवस्था है और न ही पीने का पानी। इसके अलावा क्लासरूम में बच्चों के बैठने के लिए बेंच, पंखे और लाइट जैसी बुनियादी सुविधाएं भी गायब मिलीं। एक कमरे में पहली से पांचवीं तक के बच्चे सबसे हैरान करने वाली बात यह सामने आई कि पहली से लेकर पांचवीं कक्षा तक के सभी बच्चों को एक ही कमरे में बिठाकर पढ़ाया जा रहा है। इससे बच्चों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। परिसर में शराब की बोतलें और गंदगी का अंबार स्कूल परिसर के बाहर गोबर और मच्छरों का जमावड़ा तो था ही, साथ ही परिसर के अंदर शराब की खाली बोतलें भी बिखरी मिलीं। इससे स्कूल के माहौल और सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। अभियान की टीम और ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग से तुरंत सुधार करने की मांग की है।
सुकमा जिले में कभी माओवाद प्रभावित रहे पालाचलमा पंचायत के मेटागुड़ा गांव के करीब 30 ग्रामीण अपनी समस्याएं लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। ग्रामीणों ने प्रशासन को आवेदन देकर गांव तक सड़क बनाने के साथ बिजली, स्कूल, आंगनबाड़ी और स्वास्थ्य सुविधा शुरू करने की मांग की। ग्रामीणों के मुताबिक, मेटागुड़ा में करीब 60 परिवार रहते हैं। गांव में आज भी सड़क, बिजली, स्कूल, आंगनबाड़ी और अस्पताल जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। खासकर बारिश के दिनों में गांव तक पहुंचना काफी मुश्किल हो जाता है। कच्चे रास्ते कीचड़ में बदल जाते हैं, जिससे लोगों का आना-जाना बंद जैसा हो जाता है। इसका सबसे ज्यादा असर बच्चों की पढ़ाई और मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क नहीं होने के कारण किसी के बीमार पड़ने पर उसे अस्पताल ले जाना भी बड़ी चुनौती बन जाता है। ट्रैक्टर से निकले, रास्ते में रात बिताई ग्रामीणों ने बताया कि वे रविवार दोपहर करीब 2 बजे ट्रैक्टर से मेटागुड़ा से निकले थे। खराब और लंबे रास्ते के कारण उन्हें रात डब्बाकोंता में रुकना पड़ा। इसके बाद सोमवार को वे कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। रास्ते में खाने की परेशानी न हो, इसलिए ग्रामीण अपने साथ राशन भी लेकर आए थे। माड़वी जोगा, पदाम हड़मा और बारसे रामा ने बताया कि गांव की समस्याओं को लेकर कई बार प्रशासन से उम्मीद रही, लेकिन अब वे खुद अपनी बात रखने कलेक्टर कार्यालय आए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अगर गांव तक पक्की सड़क बन जाती है तो आवागमन आसान होगा। साथ ही बच्चों को पढ़ाई और ग्रामीणों को इलाज सहित दूसरी जरूरी सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा। ग्रामीणों ने कलेक्टर से मेटागुड़ा तक सड़क बनाने के साथ बिजली, स्कूल, आंगनबाड़ी और स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है। उनका कहना है कि इलाके में माओवाद का असर कम होने के बाद अब वे बिना डर अपनी समस्याएं प्रशासन के सामने रखने के लिए पहुंच पा रहे हैं।
हरदोई में टीचर की पिटाई से घायल छात्रा की इलाज के दौरान मौत हो गई। उसके दाएं हाथ में फ्रैक्चर हो गया था। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां रविवार को उसने दम तोड़ दिया। मौत से पहले छात्रा का आखिरी वीडियो सामने आया है। इसमें वह बता रही है कि गुरुजी ने उसे बुरी तरह पीटा था। बीएसए प्रभात मिश्रा ने सोमवार को प्रधानाध्यापक और आरोपी टीचर को निलंबित कर दिया। बीईओ ने स्कूल पहुंचकर मामले की जांच की। छात्रा के पिता ने पुलिस को शिकायत दी है। मामला भरखनी ब्लॉक के साहुआपुर स्थित संविलियन विद्यालय का है। अब जानिए पूरा मामला… पचदेवरा थाना क्षेत्र के साहुआपुर के रहने वाले उमेश दीक्षित किसान हैं। उनकी 13 साल की बेटी क्षमा दीक्षित कक्षा-8 में पढ़ती थी। पिता उमेश दीक्षित के मुताबिक, 20 अगस्त को स्कूल में क्षमा का एक छात्रा से विवाद हो गया था। क्षमा ने इसकी शिकायत शिक्षक राजेंद्र कुमार गंगवार से की। आरोप है कि शिकायत के बाद शिक्षक ने क्षमा को ही डंडों से पीट दिया। पिटाई से उसके हाथ में फ्रैक्चर हो गया। घर पहुंचकर क्षमा ने घरवालों को पूरी घटना बताई। इसके बाद घरवाले उसे सीएचसी ले गए। जांच में हाथ में फ्रैक्चर की पुष्टि हुई। डॉक्टरों ने उसके हाथ पर प्लास्टर चढ़ा दिया। टीचर ने इलाज का आश्वासन दिया था छात्रा की पिटाई की जानकारी मिलने पर पिता उमेश दीक्षित स्कूल पहुंचे। उन्होंने बताया कि उस समय टीचर राजेंद्र कुमार गंगवार ने बच्ची का इलाज कराने का आश्वासन दिया था। हालांकि, बाद में वह अपने वादे से मुकर गए। 26 अगस्त को क्षमा की हालत बिगड़ गई। इसके बाद परिजन उसे फर्रुखाबाद के अस्पताल ले गए। वहां उसे भर्ती कराया गया। 30 अगस्त को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।बेटी की मौत के बाद 30 अगस्त को पिता उमेश दीक्षित ने पुलिस को शिकायत दी। उन्होंने आरोपी शिक्षक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। प्रधानाध्यापक और शिक्षक निलंबित मामला सामने आने के बाद बीएसए ने सोमवार को प्रधानाध्यापक अक्षत और सहायक अध्यापक राजेंद्र कुमार गंगवार को निलंबित कर दिया। दोपहर करीब एक बजे खंड शिक्षा अधिकारी डॉ. सुनील सिंह जांच के लिए स्कूल पहुंचे। उन्होंने बच्चों, शिक्षकों और अन्य स्टाफ के बयान दर्ज किए। पुलिस बोली- पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई करेंगे मामला सामने आने के बाद बीएसए ने सोमवार को प्रधानाध्यापक अक्षत और सहायक अध्यापक राजेंद्र कुमार गंगवार को निलंबित कर दिया। दोपहर करीब एक बजे खंड शिक्षा अधिकारी डॉ. सुनील सिंह जांच के लिए स्कूल पहुंचे। उन्होंने बच्चों, शिक्षकों और अन्य स्टाफ के बयान दर्ज किए। फर्रुखाबाद में छात्रा का पोस्टमार्टम कराया गया है। अब पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। पचदेवरा थानाध्यक्ष राकेश यादव ने बताया कि पिता की शिकायत के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ------------------ यह खबर भी पढ़ें… प्रयागराज एयरफोर्स स्टेशन के पास पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट:11 की मौत, इनमें 8 बच्चे; तड़पते घायलों को चारपाई पर लेकर भागे लोग यूपी में सोमवार को प्रयागराज और कौशांबी बॉर्डर पर एक पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट हो गया। इस हादसे में 8 बच्चों समेत 11 लोगों की मौत हो गई, जबकि 5 झुलस गए। पुलिस के मुताबिक, विस्फोट इतना भीषण था कि पूरी फैक्ट्री जमींदोज हो गई। 100 मीटर के दायरे में बने 8 मकान क्षतिग्रस्त हो गए। इनमें से 3 ढह गए। हादसा सोमवार दोपहर साढ़े 12 बजे कौशांबी जिले के मोहम्मदपुर गांव में हुआ। यह गांव प्रयागराज बॉर्डर पर है। यहां से मनौरी स्थित एयरफोर्स स्टेशन 2 किमी है। पढ़ें पूरी खबर…
उत्तराखंड पुलिस द्वारा लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज किए गए केस के विरोध में सोमवार रात बड़वानी के कारंजा चौराहे पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जमकर प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष नानेश चौधरी और स्थानीय विधायक राजन मंडलोई की अगुवाई में कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की और बाद में नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। खड़गे की रैली के बाद 'शुद्धिकरण' पर भड़की कांग्रेस कांग्रेस जिलाध्यक्ष नानेश चौधरी ने आरोप लगाया कि हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद भाजपा नेताओं ने कार्यक्रम स्थल का कथित 'शुद्धिकरण' किया था। उन्होंने इसे दलित समाज और सामाजिक न्याय का सीधा अपमान बताया। राहुल गांधी पर केस दर्ज करना लोकतंत्र की हत्या विधायक राजन मंडलोई ने कहा कि जब राहुल गांधी ने इस घटना के विरोध में आवाज उठाई, तो उत्तराखंड सरकार के इशारे पर उनके खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज कर लिया गया। उन्होंने इसे सत्ता का दुरुपयोग और लोकतंत्र की हत्या करार दिया। मामला वापस लेने और भाजपा कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई की मांग कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि झूठी एफआईआर से राहुल गांधी की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। ज्ञापन के जरिए मांग की गई है कि राहुल गांधी पर दर्ज राजनीति से प्रेरित केस तुरंत वापस लिया जाए और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाले भाजपा कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई की जाए।
दरभंगा में माधवेश्वर, कामेश्वरनगर स्थित राज परिसर में श्री श्री 108 मां रुद्रेश्वरी काली मंदिर और श्री श्री 108 मां कामेश्वरी श्यामा मंदिर का जीर्णोद्धार कार्य सोमवार को संपन्न हुआ। कामेश्वर धार्मिक न्यास के ट्रस्टी कुमार राजेश्वर सिंह और कुमार कपिलेश्वर सिंह के सौजन्य से दोनों ऐतिहासिक मंदिरों के जीर्णोद्धार का कार्य कराया गया। जीर्णोद्धार के बाद आयोजित समारोह में धार्मिक अनुष्ठान, विशेष पूजा-अर्चना और आरती के साथ मंदिरों में श्रद्धालुओं ने दर्शन-पूजन किया। कार्यक्रम के समापन पर भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।समारोह का उद्घाटन कामेश्वर धार्मिक ट्रस्ट के ट्रस्टी कुमार कपिलेश्वर सिंह, उनकी पत्नी रानी कविता कुमारी सिंह और बेटे कुमार अरिहंत सिंह ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम की शुरुआत माता की विशेष पूजा से हुई। शंखवादक विपिन मिश्रा की ओर से मंत्रोच्चारण और आरती की गई। धार्मिक वातावरण के बीच श्रद्धालुओं ने मां रुद्रेश्वरी काली और मां कामेश्वरी श्यामा के दर्शन किए। महाराजा रुद्र सिंह की समाधि पर स्थापित है मां रुद्रेश्वरी काली कामेश्वर धार्मिक ट्रस्ट के ट्रस्टी कुमार कपिलेश्वर सिंह ने दरभंगा राजवंश के इतिहास और अपने पूर्वजों के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि खंडवाला राजवंश के महाराजा छत्र सिंह के ज्येष्ठ बेटे महाराजा रुद्र सिंह की समाधि स्थल पर मां रुद्रेश्वरी काली विराजमान हैं। महाराजा रुद्र सिंह दरभंगा राज के 18वें अधिपति थे। उनका कार्यकाल भले ही अल्पकालिक रहा, लेकिन दूरदर्शिता, विद्यानुराग और शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान के कारण इतिहास में उनका विशिष्ट स्थान है। महाराजा रुद्र सिंह ने मिथिला में आधुनिक शिक्षा के प्रचार-प्रसार और विकास की मजबूत आधारशिला रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कुमार कपिलेश्वर सिंह के अनुसार, 1835 में महाराजा रुद्र सिंह ने मुजफ्फरपुर में अंग्रेजी शिक्षा के प्रथम संस्थानों में से एक 'एंग्लो वर्नाक्युलर स्कूल' की स्थापना के लिए 5 हजार रुपए और भूमि दान दिया था। इसके अलावा मुंगेर और दरभंगा में अंग्रेजी विद्यालयों की स्थापना के लिए भी उन्होंने आर्थिक सहयोग प्रदान किया था।उन्होंने बताया कि महाराजा रुद्र सिंह की समाधि पर स्थित मां रुद्रेश्वरी काली मंदिर का निर्माण 1855 में उनके बेटे महाराजा महेश्वर सिंह ने करवाया था। राज परिवार की विरासत से जुड़ना सौभाग्य- कुलपतिकामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति लक्ष्मीविलास पाण्डेय ने कहा कि दरभंगा राज धर्म जागरण के लिए पूरे देश में जाना जाता है। उन्होंने कहा कि कुलपति होने के नाते मैं खुद राज परिवार की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर से जुड़ा हूं।उन्होंने कहा कि दरभंगा राज का योगदान शिक्षा, खेल, कला, स्वास्थ्य सहित समाज के लगभग हर क्षेत्र में रहा है। राज परिवार के पूर्वजों ने जिस तरह समाज और क्षेत्र के विकास में अपनी भूमिका निभाई, उसी परंपरा को आगे बढ़ाने का काम कुमार कपिलेश्वर सिंह भी कर रहे हैं।कुलपति ने कहा कि वे ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि कुमार कपिलेश्वर सिंह को ऊर्जा और शक्ति मिले, ताकि वे आगे भी धर्म जागरण, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और समाज उत्थान के कार्य करते रहें। कार्यक्रम में ये रहे मौजूदकार्यक्रम का मंच संचालन डॉ. संतोष कुमार ने किया। समारोह में डॉ. हेमपति झा, वरिष्ठ प्रचारक डॉ. विनोद यादव, भाजपा के वरिष्ठ नेता रंगनाथ ठाकुर, दरभंगा राज के मुख्य प्रबंधक आशुतोष दत्ता, अमरकांत झा, भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश महामंत्री मीना झा, मंजेश चौधरी, निखिल खेरिया, प्रियांशु झा, प्रदीप गुप्ता, ठाकुर भूपेंद्र किशोर, डॉ. गोपाल ठाकुर, संजीव झा, लक्ष्मीनारायण झा, लम्बोदर झा, रमेश झा, आशीष झा, बबलू त्रिगुणायत, संतोष सिंह, राजीव प्रकाश मधुकर, सत्यम सिंह, मनोज साह, आयुष वैभव, नंदू पासवान, सुनील राय, राजू मंडल, मुरली शंकर, राम कृष्ण लाल दास, जितेंद्र ठाकुर, अशोक मंडल, मुकेश झा, प्रभाकर कुमार सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे।मंदिरों के जीर्णोद्धार के साथ राज परिवार की ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने की इस पहल की श्रद्धालुओं ने सराहना की।
मध्य प्रदेश में सात साल पहले सामने आए चर्चित हनी ट्रैप कांड की परछाई एक बार फिर सत्ता और प्रशासन के गलियारों तक पहुंचती नजर आ रही है। इंदौर से जुड़े ब्लैकमेलिंग कांड की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे पुराने हनी ट्रैप प्रकरण से जुड़े नाम भी सामने आ रहे हैं। जांच में श्वेता विजय जैन और सागर की रेशू चौधरी के बीच संपर्क की कड़ी सामने आने का दावा किया जा रहा है। दरअसल इस मामले में पुलिस ने 14 अगस्त को कोर्ट में चालान पेश किया है। इसमें अब तक की जो जांच की गई है उससे जुड़े तथ्य और मामले से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां हैं। मामला शराब कारोबारी हितेंद्र सिंह चौहान उर्फ चिंटू ठाकुर से कथित ब्लैकमेलिंग और आपत्तिजनक फोटो-वीडियो वायरल करने की धमकी से जुड़ा है। मामले में अभी भी क्राइम ब्रांच की जांच जारी है, लेकिन पूरक चालान में उल्लेख है कि हनी ट्रैप-1 की सरगना श्वेता जैन ने जेल में ही संगठित गिरोह तैयार कर लिया था। पुलिस जांच में रेशू चौधरी को इस नेटवर्क की प्रमुख कड़ी माना जा रहा है। मामले में रेशू सहित कई आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और उनसे पूछताछ जारी है। पहले हनी ट्रैप से जुड़े नाम की फिर एंट्री जांच की सबसे अहम कड़ी यह है कि ब्लैकमेलिंड कांड जांच के दौरान पहले चर्चित हनी ट्रैप मामले की आरोपी श्वेता विजय जैन का नाम भी सामने आया। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, जांच एजेंसियां रेशू और श्वेता के बीच संपर्क तथा पूरे नेटवर्क में उनकी भूमिका को खंगाल रही हैं। पुलिस की जांच का फोकस अब यह पता लगाने पर है कि कथित नेटवर्क में कौन-कौन लोग जुड़े थे, किस तरह रसूखदार लोगों से संपर्क बनाया जाता था और फोटो-वीडियो का इस्तेमाल किस तरह दबाव बनाने के लिए किया जाता था। नेताओं और अफसरों से जुड़े वीडियो की भी जांच मामले ने राजनीतिक हलकों में इसलिए भी हलचल पैदा की है क्योंकि जांच के दौरान कई रसूखदार लोगों से जुड़े फोटो और वीडियो होने की बात सामने आई है। हालांकि, इन वीडियो की वास्तविकता, उनमें मौजूद लोगों की पहचान और उनका किसी अपराध से संबंध है या नहीं, यह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा। पुलिस डिजिटल डिवाइस और अन्य साक्ष्यों की पड़ताल कर रही है। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि मोबाइल फोन, लैपटॉप और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से नेटवर्क की गतिविधियों और संपर्कों से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं। एक करोड़ की मांग से शुरू हुआ मामला ब्लैकमेलिंग का मामला 18 मई को शराब कारोबारी हितेंद्र सिंह चौहान उर्फ चिंटू ठाकुर की शिकायत के बाद सामने आया था। आरोप है कि उनकी आपत्तिजनक फोटो-वीडियो सार्वजनिक नहीं करने के बदले एक करोड़ रुपए की मांग की गई थी। पुलिस जांच आगे बढ़ने पर अलका दीक्षित, उसके बेटे जयदीप, लाखन चौधरी, हेड कांस्टेबल विनोद शर्मा, जितेंद्र पुरोहित समेत अन्य नाम सामने आए। बाद में रेशू चौधरी और श्वेता जैन की कथित भूमिका भी जांच के दायरे में आई। राजनीतिक कनेक्शन ने बढ़ाई हलचल रेशू चौधरी के राजनीतिक संपर्कों को लेकर भी चर्चा तेज है। रिपोर्टों के मुताबिक वह पहले भाजपा से जुड़ी रही हैं और वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में टिकट की दावेदारी भी कर चुकी थीं। हालांकि, किसी राजनीतिक दल से जुड़ाव अपने आप में अपराध में लिप्तता का प्रमाण नहीं है। मामले में उनकी भूमिका का निर्धारण जांच और न्यायिक प्रक्रिया में सामने आने वाले साक्ष्यों से ही होगा। फिलहाल पुलिस की जांच का दायरा आरोपों और ब्लैकमेलिंग नेटवर्क से जुड़े लोगों तक बढ़ रहा है। आने वाले दिनों में डिजिटल साक्ष्यों की जांच से यह स्पष्ट हो सकता है कि नेटवर्क कितना बड़ा था और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही। पूरक चालान में उल्लेख है कि हनी ट्रैप-1 की सरगना श्वेता जैन ने जेल में ही संगठित गिरोह तैयार कर लिया था। जमानत पर बाहर आते ही राजनीति से जुड़ी महत्त्वाकांक्षी युवती सागर की रेशू के साथ मिलकर राजनेताओं, प्रॉपर्टी कारोबारियों, बड़े बिजनेसमैन और शराब कारोबार से जुड़े लोगों को टारगेट कर रही थी।
देवास में नवरात्रि के दौरान माताजी टेकरी पर आने वाली भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। कलेक्टर ऋतु राज सिंह ने सोमवार रात टेकरी का निरीक्षण किया। उन्होंने रात में श्रद्धालुओं की आवाजाही, रोशनी, सुरक्षा और निर्माण कार्यों का जायजा लिया। इसके बाद अधिकारियों के साथ बैठक कर नवरात्रि से पहले सभी व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने भीड़ नियंत्रण और आपात स्थिति में तुरंत संपर्क के लिए लंबी रेंज के वॉकी-टॉकी खरीदने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि टेकरी पर अलग-अलग स्थानों पर तैनात अधिकारियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच तुरंत सूचना पहुंचना जरूरी है। लंबी रेंज के वॉकी-टॉकी से आपात स्थिति में सूचना संबंधित टीम तक तेजी से पहुंचाई जा सकेगी। नवरात्रि के दौरान भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर भी जोर दिया गया। पूरे मार्ग पर स्थायी लाइटिंग के निर्देश रात के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने टेकरी के विभिन्न मार्गों और परिसर में प्रकाश व्यवस्था देखी। उन्होंने पूरे मार्ग पर स्थायी लाइटिंग लगाने के निर्देश दिए, ताकि रात में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी न हो। परिक्रमा पथ से अनावश्यक पोल और बिजली के तार हटाने के साथ जैन मंदिर में भी स्थायी लाइट के पोल लगाने के निर्देश दिए गए। टेकरी पर आकर्षक लाइटिंग करने के लिए भी कहा गया। ढलान वाले रास्तों पर नॉन-स्लिप स्ट्रिप्स लगेंगी श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ढलान वाले रास्तों पर तत्काल नॉन-स्लिप स्ट्रिप्स लगाने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर ध्यान देने को कहा। टीन शेड, परिक्रमा पथ और रपट मार्ग सहित सभी सिविल कार्य नवरात्रि शुरू होने से एक माह पहले पूरे करने की समय-सीमा तय की गई है।
कोंडागांव जिले की होनहार तीरंदाज सुशीला नेताम को राष्ट्रीय खेल दिवस पर बड़ी उपलब्धि मिली है। रायपुर में आयोजित राज्य खेल अलंकरण समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने उन्हें तीरंदाजी में शानदार प्रदर्शन के लिए मुख्यमंत्री ट्रॉफी से सम्मानित किया। सुशीला कोंडागांव के ग्राम बोटी कनेरा की रहने वाली हैं। वह फिलहाल खेलो इंडिया तीरंदाजी प्रशिक्षण केंद्र कोंडागांव में अभ्यास कर रही हैं। 38वें राष्ट्रीय खेल में जीता कांस्य सुशीला ने 38वें राष्ट्रीय खेल में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व किया था। देहरादून में 1 से 7 फरवरी 2025 तक हुए इन खेलों में छत्तीसगढ़ की महिला तीरंदाजी टीम ने कांस्य पदक जीता था। सुशीला भी इस टीम का हिस्सा थीं। इसके अलावा दिसंबर 2024 में जमशेदपुर में हुई राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता में उन्होंने इंडियन राउंड टीम इवेंट में रजत पदक भी जीता था। कक्षा 8वीं से शुरू किया तीरंदाजी का अभ्यास सुशीला ने कक्षा 8वीं से तीरंदाजी सीखना शुरू किया था। शुरुआत में उन्हें खेल के बारे में ज्यादा जानकारी और सुविधाएं नहीं मिल पाती थीं। इसके बावजूद परिवार, शिक्षकों और प्रशिक्षकों के सहयोग से उन्होंने अभ्यास जारी रखा और धीरे-धीरे राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई। राज्य खेल अलंकरण समारोह में वर्ष 2023-24, 2024-25 और 2025-26 के खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को सम्मानित किया गया। इस दौरान कुल 666 खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को पुरस्कार और प्रोत्साहन राशि दी गई। सुशीला ने कहा कि ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व करना उनका सपना नहीं, बल्कि लक्ष्य है। ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्र से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने वाली सुशीला की सफलता से क्षेत्र के युवाओं में भी खेल के प्रति उत्साह बढ़ा है।
सहरसा सदर थाना क्षेत्र के मौसमात पोखर से सोमवार को 55 वर्षीय एक व्यक्ति का शव संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद किया गया। मृतक की पहचान चंदन भूषण सिंह (55) के रूप में हुई है, जो सहरसा शहर के अली नगर वार्ड नंबर-22 में किराए के मकान में अकेले रहते थे। वह पिछले 10 वर्षों से पेंटिंग का काम कर रहे थे। स्थानीय लोगों के अनुसार, चंदन भूषण सिंह पोखर में नहाने गए थे, जहां डूबने से उनकी मौत होने की आशंका जताई जा रही है। पड़ोसी दानिस ने बताया कि वह नहाने के लिए पोखर गए थे और वहीं डूब गए होंगे। मृतक के तीन बेटे थे, जिनमें से एक की पहले ही मृत्यु हो चुकी है। उनकी पत्नी लक्ष्मी देवी शादी के बाद उन्हें छोड़कर जम्मू-कश्मीर में किसी अन्य व्यक्ति के साथ रहने लगी थीं। इधर, मृतक के कथित बेटे साहिल ने बताया कि सोमवार दोपहर करीब 12 बजे उनकी चंदन भूषण सिंह से फोन पर बात हुई थी। इसके कुछ समय बाद उन्हें पिता की मौत की सूचना मिली। साहिल ने हत्या की आशंका जताते हुए मामले की गहन जांच की मांग की है। घटना की सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को पोखर से निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। सदर थाना थानाध्यक्ष अजय कुमार पासवान ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारण का पता चल पाएगा। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।
कानोड़ नगरपालिका चुनाव के लिए राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। नामांकन की अंतिम तिथि पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), कांग्रेस और बजरंग सेना ने अपने-अपने वार्डवार प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी है। भाजपा और कांग्रेस ने सभी 20 वार्डों में उम्मीदवार उतारे हैं, जबकि बजरंग सेना ने सात वार्डों में प्रत्याशियों की घोषणा की है। कांग्रेस ने जिन प्रत्याशियों को मैदान में उतारा है, उनमें गोपाल लाल खींची, शंकर मीणा, प्रकाश मीणा, सौरभ सेन, हर्षित शर्मा, सुगना मेघवाल, रेखा मीणा, शांतनु लौहार, ज्योति सोनी, दीपक भाणावत, बाबूलाल रेगर, रोनक सोनी, मनोरमा धींग, नरेश स्वर्णकार, नीतेश खटीक, मुख्तियार अहमद, उमा कोठारी, दिलीप सिंह सोलंकी, दिनेश कुमार प्रजापत और भारती देवी शामिल हैं। इसी तरह, भाजपा के प्रत्याशियों में मुकेश कुमार मेघवाल, गुलाब मीणा, रणजीत मीणा, हितेन्द्र सुथार, विनोद जोशी, रामी बाई मेघवाल, सुमित्रा कुमारी मीणा, चेतन कुमार मेनारिया, सुमित्रा ओड़, अरुण भाणावत, बृजेश रेगर, मुकेश लक्षकार, प्रेम कुंवर चौहान, चेतन सोनी, जितेन्द्र जांगीड़, जुल्फिकार अहमद, गुणबाला कुदाल, अनुप श्रीमाली, दौलत राम भोई और प्रेमलता कुंवर झाला के नाम हैं। बजरंग सेना ने सात वार्डों में अपने उम्मीदवार घोषित किए हैं। इनमें वार्ड 1 से जया खोखावत, वार्ड 6 से माधुरी मेघवाल, वार्ड 13 से राजकुमारी कामरिया, वार्ड 14 से बजरंग दास वैष्णव, वार्ड 15 से कोमल चौधरी, वार्ड 17 से अंशु चौधरी और वार्ड 19 से विपुल प्रजापत शामिल हैं। तीनों प्रमुख संगठनों द्वारा प्रत्याशियों की सूची जारी होने के बाद चुनावी मुकाबला स्पष्ट हो गया है। जिन वार्डों में भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला माना जा रहा था, वहां बजरंग सेना की उपस्थिति से त्रिकोणीय संघर्ष की संभावना बन गई है। सभी प्रत्याशी अब नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद चुनाव प्रचार और जनसंपर्क अभियान में जुटेंगे।
गोपालगंज सदर अस्पताल जलमग्न, 55 मिमी बारिश दर्ज:शहर की सड़कें बनीं ताल-तलैया, जनजीवन अस्त-व्यस्त
गोपालगंज में हुई मूसलाधार बारिश ने नगर परिषद के जल निकासी के दावों की पोल खोल दी है। तेज वर्षा के कारण पूरा शहर जलमग्न हो गया है, जिसमें सदर अस्पताल परिसर से लेकर विभिन्न गली-मोहल्ले और सड़कें तालाब में तब्दील हो गई हैं। पिछले 24 घंटों में जिले में 55 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जिससे आम लोगों और मरीजों की परेशानियां काफी बढ़ गई हैं। आपातकालीन वार्ड के मार्ग पर दो फीट पानी बारिश के बाद सदर अस्पताल परिसर की स्थिति गंभीर हो गई है। आपातकालीन वार्ड के संपर्क मार्ग पर एक से दो फीट तक पानी भर गया है, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। दूर-दराज से इलाज के लिए आए मरीजों और उनके परिजनों को गंदे पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है। स्ट्रेचर और व्हीलचेयर ले जाने में स्वास्थ्यकर्मियों को भी भारी मशक्कत करनी पड़ रही है। परिजनों का आरोप है कि हर साल बरसात में अस्पताल परिसर में ऐसी ही जलजमाव की स्थिति बनती है, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं किया जाता। बंजारी मोड़ और पुरानी चौक में लगा पानी अस्पताल के अलावा, शहर की प्रमुख सड़कें जैसे बंजारी मोड़, स्टेशन रोड और पुरानी चौक भी जलमग्न हो गई हैं। कई रिहाइशी मोहल्लों में भी नाले का पानी सड़कों पर बह रहा है। दुकानों और निचले इलाकों के कई घरों में पानी घुस जाने से लोगों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा है। नाले जाम होने के कारण जलजमाव की समस्या और विकराल हो गई है। अधिकतम तापमान 31C दर्ज मौसम विभाग के अनुसार, इस बारिश के बाद जिले के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। अधिकतम तापमान 31C और न्यूनतम तापमान 26C रहा। हालांकि बारिश से लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली है, लेकिन शहर में व्यापक जलजमाव ने जनजीवन को बुरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है।
जोधपुर नगर निगम के वार्डों में भारतीय जनता पार्टी में कई चौंकाने वाले नाम सामने आए है। भाजपा ने फुटबॉल नेशनल प्लेयर को इस चुनावी मैदान में उतारा है। इसके अलावा पार्टी ने पूर्व पार्षदों, युवा मोर्चा में काम कर चुके कार्यकर्ताओं और कई पूर्व पार्षदों की पत्नियों को भी टिकट दिया है। इतना ही नहीं तीन बच्चों की बाध्यता हटने के बाद पार्टी के दो पुराने कार्यकर्ताओं को भी पहली बार चुनाव लड़ने का मौका मिला है। इसके अलावा हाउस वाइफ, प्रॉपर्टी बिजनेसमैन, प्रोड्यूसर को भी चुनाव लड़ने का मौका दिया है। पढ़ें भाजपा प्रत्याशियों की प्रोफाइल… विकास रागवानी नेशनल फुटबॉल प्लेयर, पहली बार मिला मौका भाजपा ने वार्ड नंबर 28 से विकास रागवानी को पहली बार चुनावी मैदान में उतारा है। विकास फुटबॉल के नेशनल प्लेयर रह चुके हैं। इसके अलावा स्टेट भी खेल चुके हैं। वे मार्बल व्यवसायी भी है। जनसंघ के समय उनके दादा पहली बार वार्ड अध्यक्ष बने थे। उन्होंने साल 2006 में पार्टी की सदस्यता ली थी। इसके बाद से वे लगातार संगठन में सक्रिय है। उनका मुकाबला कांग्रेस के सीनियर नेता राकेश कल्ला से होगा। तीन बच्चों की बाध्यता हटी तो प्रोड्यूसर और बिजनेसमैन को मिला मौका भाजपा ने वार्ड नंबर 14 से सोनिया रामचंदानी और वार्ड नंबर 19 से घनश्याम वैष्णव को टिकट दिया है। दोनों 2008 से पार्टी में लगातार सक्रिय है। लेकिन, तीन बच्चों की बाध्यता के चलते इन्हें टिकट नहीं मिल पाया था। लेकिन, इस बार जब ये बाध्यता हटी तो पार्टी ने दोनों को मौका दिया। सोनिया रामचंदानी राजस्थान टूरिज्म से जुड़े वीडियो शूट करती है और वे प्रोड्यूसर हैं। जबकि घनश्याम वैष्णव युवा मोर्चा में वार्ड अध्यक्ष रह चुके हैं। इसके साथ ही प्रॉपर्टी और कूलर व्यवसायी है। भाजपा से चार दिग्गज मैदान में, चारों मेयर की दौड़ में शामिल भाजपा से चार बड़े दिग्गज चुनावी मैदान में हैं। इनमें पूर्व डिप्टी मेयर देवेंद्र सालेचा, पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष प्रसन्नचंद मेहता, पूर्व राज्यमंत्री मेघराज लोहिया और पूर्व यूआईटी चेयरमैन कमलेश पुरोहित पार्षद का चुनाव लड़ेंगे। ये चारों मेयर की दौड़ में शामिल है। हालांकि इन चारों में से देवेंद्र सालेचा और पूर्व राज्यमंत्री के वार्ड का सबसे रोचक मुकाबला है। युवा मोर्चा से जुड़े कार्यकर्ताओं को भी मौका, मार्बल फिटिंग ठेकेदार, किराना व्यापारी को टिकट भाजपा ने इस बार युवा मोर्चा और पार्टी में सक्रिय रहने वाले कार्यकर्ताओं और उनके परिवार से भी टिकट दिए है। इसके अलावा वैभव पुरोहित, राकेश बागरेचा और राजेश सिंह जो युवा मोर्चा में काम कर चुके हैं, उन्हें भी मौका दिया है। इनमें राजेश सिंह और राकेश बागरेचा पहले भी पार्षद का चुनाव लड़ चुके हैं। जबकि वैभव पुरोहित को पहली बार मौका मिला है। इसके अलावा पार्टी ने वार्ड नंबर 31 से अब्दुल सकील को मौका दिया है। अब्दुल मार्बल फिटिंग का काम करते हैं और ठेकेदार है। वहीं वार्ड नंबर 53 से मनीष चौधरी को मैदान में उतारा है। मनीष चौधरी की किराना की दुकान है। इसके अलावा हितेश गौड़ का होम स्टे का बिजनेस है। मनीष और हितेश दोनों को पहली बार मौका मिला है। पार्टी ने पहली बार महिलाओं को भी दिया मौका पार्टी ने इस बार महिलाओं उम्मीदवारों को भी मौका दिया है। अधिकांश महिलाओं को पहली बार चुनावी मैदान में उतारा है। इनमें प्रियंका बाहेती सोशल वर्कर है। वहीं डॉ. नुपूर पुरोहित खांडा फलसा मंडल अध्यक्ष अरविंद पुरोहित की पत्नी हैं। उन्हें भी पार्टी ने पहली बार चुनावी मैदान में उतारा है। इसके अलावा पूर्व पार्षद दीपक माथुर की पत्नी दीपिका माथुर को भी टिकट दिया गया है। वे योगा सेंटर ऑनर है। पार्टी ने इस बार गृहणियों को भी दिए टिकट वार्ड नंबर 99 से निकिता को पहली बार चुनावी मैदान में उतारा है। लेकिन, उनके पति संदीप और उनका परिवार पिछले 27 साल से भाजपा में सक्रिय भूमिका के तौर पर काम कर रहा है। संदीप वार्ड प्रभारी और मंडल अध्यक्ष रह चुके हैं। निकिता का मुकाबला कांग्रेस से पूर्व मेयर कुंती देवड़ा से होगा। वहीं वार्ड नंबर 33 से रेहाना बानो को मैदान में उतारा है। रेहाना बानो हाउस वाइफ है। इसके अलावा प्रियंका बाहेती, स्वीटी चावड़ा और नुपूर पुरोहित को भी पहली बार मौका दिया है। --------- ये खबरें भी पढ़िए… महिला कांग्रेस प्रदेश महासचिव ने आरएलपी से भरा नामांकन:घूंघट में नॉमिनेशन करने पहुंचीं पूर्व सरपंच; कांग्रेस ने डायरेक्ट सिंबल जमा करवाए जोधपुर में पूर्व-राज्यमंत्री और कांग्रेस जिलाध्यक्ष के बीच होगी टक्कर:भाजपा और कांग्रेस के दो-दो मेयर चेहरे आमने-सामने; अलग-अलग वार्ड से चचेरे भाई-बहन लड़ेंगे चुनाव पीपाड़, बिलाड़ा नगर पालिका में बीजेपी ने जारी की लिस्ट:नए लोगों को भी मौका; जानें किसे मिला किस वार्ड से मौका जानिए आपका घर किस वार्ड में आता है:परिसीमन के बाद 160 से घटकर 100 वार्ड, 11 सितंबर को होगी वोटिंग; देखें वार्डों की लिस्ट
चौसा में ट्रक की टक्कर से युवक की मौत:अखौरीपुर गोला के पास हादसा, चालक वाहन लेकर फरार
बक्सर जिले के चौसा-कोचस मार्ग पर अखौरीपुर गोला के समीप एक सड़क हादसे में बाइक सवार युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई। युवक को एक तेज रफ्तार ट्रक ने टक्कर मार दी थी। घटना के बाद ट्रक चालक वाहन सहित फरार हो गया। मृतक की पहचान उत्तर प्रदेश के करीमुद्दीन थाना क्षेत्र के रजौली गांव निवासी शशिकांत राय के 30 वर्षीय पुत्र अभिनव राय के रूप में हुई है। अभिनव मोबाइल स्क्रीन के ऑर्डर लेने और सामग्री पहुंचाने का काम करता था। वह चौसा क्षेत्र में काम पूरा कर अपने घर लौट रहा था। विपरीत दिशा से आ रहे ट्रक ने मारी टक्कर बताया गया कि शाम को जब अभिनव की बाइक अखौरीपुर गोला स्थित आरओबी के पास पहुंची, तभी विपरीत दिशा से राजपुर की ओर जा रहे एक तेज रफ्तार ट्रक ने उसकी बाइक में सामने से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि अभिनव गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर गया। हादसे के बाद मौके पर भीड़ जमा हो गई, लेकिन ट्रक चालक वाहन लेकर फरार हो गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायल अभिनव को तत्काल सदर अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे पटना रेफर कर दिया। परिजन उसे पटना ले गए, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। युवक की मौत की सूचना मिलते ही पुलिस ने उसके परिजनों को जानकारी दी। थानाध्यक्ष बोले- मामले की जांच की जा रही अपर थानाध्यक्ष चंदन कुमार ने बताया कि सड़क हादसे में घायल युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और फरार ट्रक चालक का पता लगाने के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। हादसे की वास्तविक स्थिति और ट्रक की पहचान के लिए घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। ट्रक की पहचान कर चालक की गिरफ्तारी के लिए पुलिस कार्रवाई में जुटी है।
सुपौल के किशनपुर थाना क्षेत्र में सोमवार को पुलिस ने शराब तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक स्वीफ्ट कार से 1680 बोतल नेपाली देसी शराब बरामद की। पुलिस ने मौके से एक तस्कर को गिरफ्तार किया, जबकि उसका एक साथी भागने में सफल रहा। बरामद शराब 14 प्लास्टिक के बोरों में रखी हुई थी। सोमवार रात 9 बजे किशनपुर थानाध्यक्ष ज्ञान रंजन कुमार ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि कार के जरिए नेपाली देसी शराब की खेप ले जाई जा रही है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने अभुआर पलार के समीप जरौली रोड पर वाहन जांच शुरू की। इसी दौरान पुलिस ने एक स्वीफ्ट कार को रोकने का प्रयास किया। पुलिस को देखते ही कार सवार तस्करों में अफरातफरी मच गई। पुलिस ने कार को कब्जे में लेकर उसकी तलाशी ली। 14 बोरों में मिलीं शराब की बोतलें तलाशी के दौरान कार में 14 प्लास्टिक के बोरे मिले। बोरे खोलकर जांच करने पर उनमें नेपाली देसी शराब की बोतलें मिलीं। पुलिस के अनुसार, कुल 1680 बोतल शराब बरामद हुई। कार्रवाई के दौरान भपटियाही थाना क्षेत्र के गढ़िया गांव निवासी रामशंकर कुमार को गिरफ्तार किया गया। वहीं, उसका एक साथी पुलिस को चकमा देकर मौके से फरार हो गया। शराब लदी कार जब्त, फरार तस्कर की तलाश पुलिस ने शराब लदी स्वीफ्ट कार (WB06C0550) को भी जब्त कर लिया है। गिरफ्तार तस्कर से पूछताछ कर शराब की खेप के स्रोत और इसे कहां पहुंचाया जाना था, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। फरार तस्कर की पहचान और गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। शराब तस्करी से जुड़े नेटवर्क की जांच थानाध्यक्ष ने बताया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। शराब तस्करी से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। क्षेत्र में अवैध शराब के कारोबार पर रोक लगाने के लिए पुलिस लगातार वाहन जांच और गश्त अभियान चला रही है।
मध्य प्रदेश मौसम का पूर्वानुमान: अगले 7 दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी!
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हिसार में 4 जगहों पर चलीं गोलियां:दो बाइकों पर आए थे 4 युवक; महिला बोली- फायरिंग की, ईंटें भी बरसाई
हिसार में सोमवार रात 4 जगहों पर गोलियां चलने से पूरा इलाका दहशत में आ गया। दरअसल 12 क्वार्टर की गली नंबर-9 और पड़ाव चौक पर शीतला माता मंदिर गली में गोलियां चलीं। वहीं रात 10 बजे के आसपास सुर्य नगर और भारत नगर में भी गोलियां चली हैं, जिसकी ज्यादा जानकारी सामने नहीं आई। इससे आसपास के लोग घबरा गए। बताया जा रहा है कि रंजिशन यह गोलियां चलाई गई हैं। आसपास के लोगों ने बताया कि गोलियां चलने के बाद डायल 112 को फोन किया मगर फोन नहीं उठाया गया। वहीं लोगों ने कहा कि बदमाश गोलियां चलाकर बड़ी आराम से निकल गए। वहीं सूचना मिलने पर बारह क्वार्टर चौकी इंचार्ज राकेश कुमार पहुंचे और पूरे मामले की जांच की। राकेश कुमार का कहना है कि बदमाशों को पकड़ने के लिए पूरे शहर में नाकाबंदी कर जांच की जा रही है। आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। परिवार घर में बैठा था, अचानक चली गोलियां वहीं, 12 क्वार्टर निवासी कविता ने बताया कि हम घर पर बैठे थे और दो बाइक पर चार युवक आए और उन्होंने फायर किए और घर पर ईंटें बरसानी शुरू कर दी। महिला ने बताया कि एक सप्ताह पहले भी युवकों ने उनके घर पर ईंट फेंके थे। इस बारे में पुलिस को शिकायत दी थी मगर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। महिला ने बताया कि करीब एक सप्ताह पहले हुई फायरिंग में उसके बेटे का नाम घसीटा जा रहा है, पुलिस उसे पकड़कर ले गई है। जबकि बेटा कोर्ट में बाइक के कागज बनवाने जा रहा था और उसने एक युवक को लिफ्ट दी थी, जिसने गोली चला दी। इस घटना में मेरे बेटे का कोई कसूर नहीं था, पुलिस ने उसे पकड़ लिया मगर असली आरोपी अब भी फरार हैं। पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। अगर कार्रवाई करती तो आज हमला नहीं होता। वहीं करीब 7:15 बजे हिसार के पड़ाव चौक में भी एक घर के बाहर फायरिंग हुई। मकान मालिक सुनील ने बताया कि कुछ दिन पहले उसके बेटे विनय के साथ झगड़ा हुआ था करीब एक सप्ताह पहले हुई फायरिंग में उसका बेटा शामिल था। इसी रंजिश जिसके चलते उसके घर के बाहर भी फायरिंग की गई है। उसका बेटा विनय फिलहाल अभी जेल में है। उसके बेटे पर भी दो-तीन केस दर्ज हैं। मेरी पत्नी सुनीता ने पुलिस को शिकायत दी है।
तरनतारन के गाँव मालिय खुर्द में शाम के समय एक फर्नीचर की दुकान पर अज्ञात बाइक सवार हमलावरों द्वारा सरेआम गोलीबारी करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस जानलेवा हमले में दुकान मालिक अमरजीत सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत इलाज के लिए तरनतारन के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका उपचार जारी है। घटना शाम करीब 7 बजे की है। दुकान पर मौजूद एक कर्मचारी ने चश्मदीद के तौर पर बताया कि एक मोटरसाइकिल पर सवार होकर तीन नकाबपोश युवक दुकान के बाहर पहुंचे। उनमें से एक हमलावर सीधे दुकान के भीतर दाखिल हुआ और उसने मालिक अमरजीत सिंह पर पिस्तौल तान दी। जब अमरजीत सिंह ने अपना बचाव करने का प्रयास किया, तो हमलावर ने उन पर एक राउंड फायर झोंक दिया। गोली सीधे अमरजीत सिंह की टांग में जा लगी। वारदात को अंजाम देने के तुरंत बाद आरोपी अपनी बाइक पर सवार होकर मौके से फरार हो गए। पुलिस तफ्तीश और गिरफ्तारी का दावा घटना की सूचना मिलते ही थाना सिटी पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुँची और घटनास्थल का जायजा लेकर जांच शुरू की। थाना प्रभारी परमजीत सिंह विरदी ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि गोलीबारी करने वाले आरोपी फिलहाल फरार हैं। पुलिस ने अज्ञात हमलावरों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और विभिन्न सुरागों के आधार पर उनकी तलाश की जा रही है। थाना प्रभारी ने दावा किया कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। सुरक्षा व्यवस्था और कैमरा प्रोजेक्ट पर उठे गंभीर सवाल तरनतारन और आसपास के इलाकों में लगातार बढ़ रही गोलीबारी और लूटपाट की घटनाओं ने स्थानीय प्रशासन को कटघरे में खड़ा कर दिया है। शहर में सुरक्षा के मद्देनजर लाखों रुपये की लागत से सीसीटीवी कैमरा प्रोजेक्ट लगाए गए हैं, ताकि अपराधियों पर नज़र रखी जा सके। इसके बावजूद नकाबपोश अपराधी सरेआम वारदातों को अंजाम देकर आसानी से रफूचक्कर हो रहे हैं। इस घटना के बाद शहरवासियों में डर का माहौल है और प्रशासनिक स्तर पर लगे इन कैमरों की प्रभावशीलता और पुलिस गश्त पर गंभीर सवाल उठने शुरू हो गए हैं।
बेमेतरा जिले में 26वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता-2026 का सोमवार को शुभारंभ हुआ। बेमेतरा को पहली बार राज्य स्तरीय भारोत्तोलन प्रतियोगिता की मेजबानी मिली है। प्रतियोगिता के पहले ही दिन बारिश के कारण खिलाड़ियों को परेशानी हुई। बारिश में भीगने के बाद एक बालिका अचानक बेहोश होकर गिर गई, जिसे तुरंत इलाज के लिए ले जाया गया। प्रतियोगिता का आयोजन पंडित जवाहरलाल नेहरू कला एवं विज्ञान महाविद्यालय परिसर में किया जा रहा है। इसमें 17 और 19 वर्ष आयु वर्ग के बालक-बालिका खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। उद्घाटन दुर्ग सांसद विजय बघेल ने किया। उन्होंने खेल ध्वज फहराया, खिलाड़ियों से परिचय लिया और सभी को प्रतियोगिता के लिए शुभकामनाएं दीं। बारिश में खुले में खड़े रहे खिलाड़ी कार्यक्रम के लिए पंडाल लगाया गया था, लेकिन बारिश के दौरान कई खिलाड़ी खुले में खड़े रहे। बारिश में भीगने के कुछ देर बाद एक बालिका अचानक बेहोश होकर गिर गई। उसे तुरंत उपचार के लिए ले जाया गया। 160 खिलाड़ी ले रहे हिस्सा प्रतियोगिता में सरगुजा, बिलासपुर, रायपुर और दुर्ग संभाग के करीब 160 बालक-बालिका खिलाड़ी शामिल हो रहे हैं। प्रतियोगिता 31 अगस्त से 3 सितंबर तक चलेगी। सांसद बोले- खेल अनुशासन और मेहनत सिखाते हैं सांसद विजय बघेल ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि खेल हमें अनुशासन, ईमानदारी और लक्ष्य के प्रति मेहनत करना सिखाते हैं। उन्होंने खिलाड़ियों से हार से सीख लेकर आगे बढ़ने की बात कही। उन्होंने कहा कि शालेय खेल प्रतियोगिताओं से ग्रामीण इलाकों की प्रतिभाओं को राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने का मौका मिलता है। कार्यक्रम में साजा विधायक ईश्वर साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे। सांसद विजय बघेल और अन्य जनप्रतिनिधियों ने पॉवर लिफ्टिंग उठाकर खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया। सिंघोरी विद्यालय की छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया।
प्रतापगढ़ नगर परिषद में कांग्रेस ने अपने प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी है। प्रतापगढ़ नगर परिषद में कुल 40 वार्ड हैं। प्रतापगढ़ नगर परिषद का सभापति पद महिला के लिए आरक्षित किया गया है। नामांकन दाखिल करने का समय आज दोपहर 3 बजे खत्म हो चुका है। प्रतापगढ़ नगर परिषद की लिस्ट
गोपालगंज जिले के जादोपुर थाना क्षेत्र में मजदूरी का बकाया पैसा मांगने पर एक मजदूर की कथित तौर पर पिटाई कर दी गई। गंभीर रूप से घायल मजदूर को इलाज के लिए गोपालगंज सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया है। घायल मजदूर की पहचान जादोपुर मौजे वार्ड नंबर 9 निवासी मो. कलामुद्दीन के बेटे परवेज आलम के रूप में हुई है। डॉक्टरों की देखरेख में उसका इलाज सदर अस्पताल में जारी है। परवेज आलम ने बताया कि लगभग एक महीने पहले उसने अपने पड़ोसियों के घर में बिजली वायरिंग का काम किया था। इस काम के लिए 10,000 रुपये मजदूरी तय हुई थी। काम पूरा होने के बाद जब भी उसने पैसे मांगे, तो आरोपी उसे टालते रहे। बेड ठीक करने के बहाने कमरे में बुलाया पैसे न मिलने के कारण परवेज काम की तलाश में जिले से बाहर चला गया था। हाल ही में घर लौटने पर वह फिर से बकाया मांगने पड़ोसियों के पास पहुंचा। परवेज के अनुसार, आरोपियों ने उसे बेड ठीक करने के बहाने अपने घर के एक कमरे में बुलाया। जैसे ही वह कमरे में दाखिल हुआ, आरोपियों ने दरवाजा बंद कर दिया और लाठी-डंडों से उस पर हमला कर दिया। मारपीट करने वालों में पुरुष और महिलाएं दोनों शामिल थे। किसी तरह आरोपियों के चंगुल से भागा चीख-पुकार के बीच परवेज किसी तरह आरोपियों के चंगुल से छूटकर भागा और अपने परिजनों को घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और लहूलुहान हालत में उसे तत्काल सदर अस्पताल लेकर आए।
सहरसा। कोसी प्रक्षेत्र के डीआईजी डॉ. कुमार आशीष ने सोमवार को पुलिस लाइन का दौरा किया। उन्होंने प्रशिक्षण ले रहे 178 प्रशिक्षु सिपाहियों से सीधा संवाद किया और उन्हें पूरी लगन व अनुशासन के साथ ट्रेनिंग पूरी करने के लिए प्रेरित किया। डीआईजी ने बताया कि पुलिस मुख्यालय और डीजीपी के निर्देश पर कोसी रेंज के सहरसा, मधेपुरा और सुपौल जिलों के प्रशिक्षण केंद्रों का लगातार जायजा लिया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य जवानों से सीधा संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं को समझना और उनका तत्काल समाधान करना है। उन्होंने यह भी बताया कि इंडोर और आउटडोर दोनों सत्रों में प्रशिक्षुओं को आधुनिक पुलिसिंग, विधि व्यवस्था और अनुशासन की बारीकियों से अवगत कराया जा रहा है। इसका लक्ष्य उन्हें फील्ड में जनता की सेवा के लिए पूरी तरह तैयार करना है। पुलिस लाइन के निरीक्षण के बाद डीआईजी डॉ. कुमार आशीष ने अपने द्वारा गोद लिए गए सदर थाने की पुलिसिंग व्यवस्था की गहन समीक्षा की। उन्होंने अनुसंधानकर्ताओं और थानाध्यक्ष को लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन करने का कड़ा निर्देश दिया। डीआईजी ने स्पष्ट किया कि चालू माह में सदर थाना क्षेत्र के कम से कम 200 लंबित मामलों के निष्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए अधिकारियों को तेजी से कार्रवाई करने को कहा गया है। डीआईजी ने विधि-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए क्षेत्र में रात्रि गश्ती (नाइट पेट्रोलिंग) को और अधिक प्रभावी बनाने का निर्देश दिया। उन्होंने जोर दिया कि वारंटियों की गिरफ्तारी और असामाजिक तत्वों पर कड़ी नजर रखना पुलिस की प्राथमिकता होनी चाहिए। इस अवसर पर सहरसा के पुलिस अधीक्षक (एसपी) विक्रम सिहाग सहित जिला पुलिस बल के कई वरीय पुलिस पदाधिकारी और कर्मी उपस्थित थे।

