वारंटी डॉक्टर मनोहर गोदारा गिरफ्तार, लोकायुक्त की कार्रवाई के बाद मॉब लिंचिंग का मामला
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सोशल मीडिया पर इन दिनों 80 के दशक के रेट्रो लुक वाली AI तस्वीरों का ट्रेंड तेजी से वायरल हो रहा है। आम लोगों के बाद अब यूपी के नेता भी इस ट्रेंड में शामिल हो गए हैं। AI की मदद से उनकी तस्वीरों को पुराने जमाने के कपड़ों, हेयरस्टाइल, रंगों और कैमरा इफेक्ट के साथ 80s वाला लुक दिया जा रहा है। डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने अपनी रेट्रो तस्वीर शेयर करते हुए लिखा- “1980 का दशक और हम।” रायबरेली सदर विधायक अदिति सिंह ने तस्वीर के साथ लिखा- “थोड़ा रेट्रो, भरपूर एटिट्यूड। हेलो, 80s।” देखें कुछ नेताओं की तस्वीरें….
यूपी कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग में जिला और शहर अध्यक्षों की जारी की गई नियुक्तियों को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया है। यह कार्रवाई राष्ट्रीय चेयरमैन इमरान प्रतापगढ़ी के निर्देश पर की गई है। दरअसल, सोशल मीडिया के माध्यम से सामने आया कि सोहेल अख़्तर अंसारी की ओर से 9 सितंबर 2026 को अल्पसंख्यक विभाग के जिला एवं शहर अध्यक्षों की एक सूची जारी की गई थी। आरोप है कि यह सूची प्रदेश प्रभारी रूबी खान को विश्वास में लिए बिना और राष्ट्रीय चेयरमैन की अनुमति के बगैर जारी की गई। निर्धारित कार्यप्रणाली के विपरीत जारी हुई सूचीसोहेल अख़्तर अंसारी को जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि राष्ट्रीय चेयरमैन के अनुमोदन के बिना की गई कोई भी नियुक्ति मान्य नहीं होगी। पत्र में कहा गया है कि विभाग की निर्धारित कार्यप्रणाली के विपरीत जारी की गई इन नियुक्तियों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाती है। 'नियुक्त किए गए लोग पदाधिकारी नहीं होंगे'यूपी कांग्रेस अल्पसंख्यक के संयोजक अमनदीप सिंह गंभीर ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि प्रदेश अध्यक्ष की ओर से जारी की गई नियुक्तियों को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया है।उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष अल्पसंख्यक कांग्रेस इमरान प्रतापगढ़ी के निर्देश पर यह फैसला लिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सूची में जिन लोगों को जिला या शहर अध्यक्ष बनाया गया था, वे अल्पसंख्यक कांग्रेस के पदाधिकारी नहीं माने जाएंगे। क्या है मामला?9 सितंबर 2026 को जिला और शहर अध्यक्षों की सूची जारी की गई।सूची जारी करने से पहले प्रदेश प्रभारी को विश्वास में नहीं लिया गया।राष्ट्रीय चेयरमैन की अनुमति भी नहीं ली गई।राष्ट्रीय चेयरमैन के निर्देश पर नियुक्तियों पर तत्काल रोक लगा दी गई।जारी सूची में शामिल सभी नियुक्तियां रद्द मानी जाएंगी।
कोरबा जिले के रजगामार चौकी क्षेत्र में आने वाले ठाकुर रवेला स्थित एक फार्म हाउस में चोरी हो गई है। अज्ञात चोरों ने फार्म हाउस में घुसकर लाखों का सामान चुरा लिया। चोर सीसीटीवी कैमरा, टीवी, फ्रिज और पालतू डॉग के पप्पी भी ले गए। पीड़ित ने रजगामार चौकी में लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है। रानी रोड कोरबा के 25 वर्षीय अक्षत शर्मा का यह फार्म हाउस ठाकुर रवेला में है। सुबह ग्रामीण रवि कुमार राठिया ने अक्षत को सूचना दी कि उनके फार्म हाउस से कुछ लोग सामान चोरी कर रहे हैं। जब अक्षत मौके पर पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि फार्म हाउस का ताला टूटा हुआ था और अंदर से कई सामान गायब थे। पीड़ित अक्षत शर्मा ने बताया कि उनके फार्म हाउस से पहले भी जर्मन शेफर्ड नस्ल के डॉग के पप्पी चोरी हो चुके हैं। इस बार चोर 6 पप्पी, सीसीटीवी कैमरा, टीवी, फ्रिज, स्माई मशीन, कंबल, गरम लकड़ी काटने के 3 बर्वट, पलंग, खाना बनाने के बर्तन और अन्य औजार चुरा ले गए। इसके अलावा लगभग 2.5 किलोमीटर 5 डी मीटर की केबल वायर और अन्य छोटे कीमती सामान भी चोरी हुए हैं। अक्षत शर्मा ने बताया कि वह कोरबा में रहते हैं और रोज फार्म हाउस आते-जाते हैं। उनके फार्म हाउस पर एक ऑफिस और एक कमरा था, जहां सामान रखा था। जब उन्होंने जाकर देखा, तो कमरे का ताला टूटा हुआ था और सारा सामान बिखरा पड़ा था। उन्होंने पुलिस में लाखों की चोरी की शिकायत दर्ज कराई है। पीड़ित ने बुधवार को रजगामार-ओमपुर चौकी प्रभारी को लिखित आवेदन दिया है। उन्होंने आवेदन में चोरी हुए सामानों की सूची देकर उचित कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने आवेदन के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। आसपास के ग्रामीणों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों का पता लगाकर सामान बरामद कर लिया जाएगा।
बीजेपी नेता संजय नरूका दी अलवर सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड के अध्यक्ष चुने गए हैं। वहीं, उपाध्यक्ष पर इंद्र यादव का चयन हुआ है। दोनों ही निर्विरोध चुनाव चुने गए। इस दौरान केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा- को-ऑपरेटिव बैंक में 70 साल से कांग्रेस का कब्जा था। हमारे दोनों नेतृत्व कर्ताओं के कारण यह समाप्त हो गया। दोनों के निर्वाचन के बाद केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने को-ऑपरेटिव बैंक के जरिए गांव के लोगों के जीवन में सुधार करने पर जोर दिया। केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा- अलवर को-ऑपरेटिव बैंक का बिजनेस 900 करोड़ रुपए का था। जबकि हमारे यहां पर सारस्वत को-ऑपरेटिव बैंक का बिजनेस करीब 1 लाख करोड़ रुपए का है। उसी मुकाम पर हम अलवर को-ऑपरेटिव व्यवसाय को लेकर जाएंगे। गांव-गांव में कॉपरेटिव के माध्यम से लोगों के जीवन में बदलाव लाने का काम करेंगे। केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा- अलवर में लंबे समय के बाद को-ऑपरेटिव बैंक का निर्वाचन हुआ है। संजय नरूका निविर्रोध चेयरमैन और युवा नेता इंद्र यादव डिप्टी चेयरमैन निर्वाचित हुए हैं। को-ऑपरेटिव, डेयरी, फॉर्मर प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन और एसएचजी इन चार मुकाम के जरिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था में बड़ा बदलाव ला सकते हैं। कांग्रेसियों का 70 साल से था कब्जा को-ऑपरेटिव बैंक में 70 साल से कांग्रेस का कब्जा था। हमारे दोनों नेतृत्व कर्ताओं के कारण यह समाप्त हो गया। एक तरह से अलवर को-ऑपरेटिव को भ्रष्टाचार की जकड़न से मुक्त कराया है। जैसे अलवर डेयरी की क्षमता को एक लाख लीटर से निकालकर तीन लाख लीटर पर लेकर जा रहे हैं। गृह मंत्री ने इसे 5 लाख लीटर लेकर जाने को कहा है।
झुंझुनूं के बाकरा गांव में सिंचाई के दौरान करंट लगने से एक युवक की मौत हो गई। हादसा बुधवार सुबह हुआ। युवक खेत में लगे कुएं की मोटर चालू करने गया था। करंट लगने से वह मौके पर ही अचेत होकर गिर पड़ा। परिजन उसे बीडीके अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद परिवार में मातम छा गया। जानकारी के अनुसार- बाकरा गांव निवासी महेश कुमार खीचड़ पुत्र हरिसिंह बुधवार सुबह करीब 7 बजे खेत में सिंचाई करने गया था। महेश कुएं पर लगी मोटर चालू करने गया था। बताया जा रहा है कि जैसे ही उसने मोटर का स्टार्टर चालू किया, अचानक तेज करंट की चपेट में आ गया। करंट इतना तेज था कि वह वहीं गिरकर अचेत हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग और परिजन मौके पर पहुंचे। गंभीर हालत में महेश को तुरंत जिला मुख्यालय स्थित बीडीके अस्पताल लाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस अस्पताल पहुंची और शव को बीडीके अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया। पुलिस ने परिजनों की रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम की कार्रवाई के बाद शव परिजनों को सौंपा गया।
पीडब्ल्यूडी में रहें या सीपीडब्ल्यूडी लौटेंगे? अब दिल्ली सरकार के आधिकारिक निर्देश के बाद ही होगा तय
दिल्ली सरकार के इंजीनियरिंग कैडर को केंद्र से मंजूरी मिलने के बाद पीडब्ल्यूडी अभियंताओं में चर्चा है। अभियंताओं को दिल्ली कैडर में रहने या सीपीडब्ल्यूडी में लौटने का विकल्प मिलेगा।
खरगोन जिले के सेगांव में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले का 23 साल का एक युवक स्नैपचैट पर 16 साल की नाबालिग से दोस्ती कर उससे मिलने 1200 किलोमीटर दूर सेगांव पहुंच गया। पुलिस ने युवक को छेड़छाड़ और पॉक्सो एक्ट के तहत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपी अबूझर मुनीम अहमद कुछ महीने पहले उत्तर प्रदेश से सेगांव आया था। उस पर नाबालिग से स्नैपचैट पर संपर्क कर ऑनलाइन कोचिंग पढ़ाने के बहाने दोस्ती करने का आरोप है। मंगलवार देर शाम वह दूसरी बार नाबालिग के साथ लोनारा रोड स्थित सेगांव बाजार पहुंचा। एक मंचूरियन की दुकान पर ऑनलाइन पेमेंट के दौरान युवक के नाम से भुगतान हुआ, तो दुकानदार को शक हुआ। इसके बाद दूसरी दुकान पर भी ऐसे ही भुगतान होने पर लोगों का शक और बढ़ गया। स्थानीय लोगों के अनुसार, युवक नाबालिग के साथ घूम रहा था। लव जिहाद का शक होने पर कुछ हिंदू संगठन के लोगों ने रात में उसे पकड़ा और पूछताछ की। इसके बाद उसे सेगांव पुलिस को सौंप दिया। पूछताछ में युवक ने खुद को सहारनपुर जिले का बताया। आरोप है कि बातचीत के दौरान वह खुद को कभी सीआईडी अफसर, कभी डॉक्टर तो कभी कोचिंग टीचर बताता था। सेगांव पुलिस चौकी प्रभारी जीएस चौहान ने युवक को पुलिस को सौंपे जाने के बाद कार्रवाई की। ऊन थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को खरगोन कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। चौकी प्रभारी जीएस चौहान ने बताया कि आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट समेत कई धाराओं में केस दर्ज किया गया है और मामले के अन्य पहलुओं की जांच चल रही है।
मिर्जापुर में साइबर ठगी का शिकार हुए 39वीं वाहिनी पीएसी निवासी आशीष बिंद को राहत मिली है। कोतवाली कटरा पुलिस की साइबर सेल ने उनके खाते से UPI के जरिए निकाली गई 18,800 रुपये की पूरी रकम वापस करा दी है। पुलिस ने बैंक और मर्चेंट से तालमेल बिठाकर यह कार्रवाई की। आशीष बिंद के साथ ऑनलाइन साइबर ठगी हुई थी। किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनके बैंक खाते से UPI के जरिए तीन बार में कुल 18,800 रुपये निकाल लिए थे। रकम निकलने की जानकारी होते ही पीड़ित ने तुरंत कोतवाली कटरा की साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और इसे नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर दर्ज किया। साइबर सेल ने लेन-देन से जुड़ी जानकारी इकट्ठा की और रकम के ट्रांजेक्शन की जांच शुरू की। पुलिस टीम ने संबंधित बैंक और मर्चेंट से संपर्क करके ठगी की रकम को समय रहते होल्ड करा लिया। कोतवाली कटरा की साइबर सेल टीम की कार्रवाई के बाद बुधवार 9 सितंबर 2026 को होल्ड कराई गई 18,800 रुपये की धनराशि पीड़ित के बैंक खाते में वापस आ गई। रकम वापस मिलने के बाद आशीष बिंद थाना कोतवाली कटरा पहुंचे। उन्होंने पुलिस अधिकारियों और साइबर क्राइम टीम की कार्रवाई की सराहना करते हुए धन्यवाद दिया। पुलिस ने उन्हें साइबर अपराधों के प्रति जागरूक भी किया। टीम ने लोगों से अपील की कि वे किसी अनजान व्यक्ति के साथ बैंकिंग या UPI से जुड़ी जानकारी साझा न करें। ऑनलाइन ठगी होने पर बिना देरी किए संबंधित बैंक और साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। इस कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक नीरज पाठक, निरीक्षक रामप्रीत यादव, उपनिरीक्षक कृष्णकांत त्रिपाठी, कांस्टेबल इरफान अंसारी और साइबर सेल थाना कोतवाली कटरा की टीम शामिल रही।
राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य उपभोक्ता आयोग और जिला उपभोक्ता आयोगों में अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति नहीं होने पर नाराजगी जताई है। कोर्ट ने कहा- पहले दिए गए आदेशों का पालन नहीं हुआ है। न्यायाधीश उमा शंकर व्यास और न्यायाधीश चंद्र शेखर शर्मा की खंडपीठ ने सरकार को निर्देश दिए हैं कि वह 17 सितंबर तक आदेशों के पालन की प्रगति और मौजूदा स्थिति की रिपोर्ट पेश करें। अगर आदेशों का पालन नहीं होता है तो खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामलात विभाग और कार्मिक विभाग के प्रमुख सचिवों को अगली सुनवाई पर खुद कोर्ट में पेश होना होगा। राजस्थान हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता आनंद पुरोहित, अनिल भंडारी, सुशील सोलंकी और दिनेश चौधरी ने अपनी बात रखी। उन्होंने बताया- खंडपीठ ने 18 मार्च को आदेश दिया था। इसमें कहा गया था कि नई भर्ती होने तक मौजूदा अध्यक्ष और सदस्यों को हटाया न जाए। उन्हें काम करते रहने दिया जाए। साथ ही, जिन अध्यक्ष और सदस्यों को हटाया जा चुका है, उन्हें तय उम्र तक नियमों के हिसाब से दोबारा सेवा में लेने को भी कहा गया था। अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि विभाग सिर्फ उन्हीं अध्यक्ष और सदस्यों को सेवा विस्तार दे रहा है, जिन्होंने सिंगल बेंच में रिट याचिका लगाई है। इसे खंडपीठ के आदेश की अवहेलना बताया गया। सुनवाई के दौरान राज्य सेवा अपीलेट अधिकरण में सदस्य की नियुक्ति का मुद्दा भी उठा। जोधपुर में कार्यरत एक सदस्य की 31 जुलाई को मौत हो गई थी। इसके बाद हाईकोर्ट ने 5 अगस्त को जल्द नियुक्ति के निर्देश दिए थे, लेकिन अब तक कोई नियुक्ति नहीं हुई है। इससे अधिकरण में न्यायिक कामकाज पर असर पड़ रहा है। राज्य सरकार की तरफ से अतिरिक्त महाधिवक्ता राजेश पंवार ने बताया- आदेशों के पालन के लिए ऊंचे स्तर पर कार्रवाई चल रही है। उन्होंने कोर्ट से कुछ और समय देने की अपील की। इस पर खंडपीठ ने कहा कि 27 जनवरी, 24 फरवरी, 18 मार्च और 5 अगस्त को आदेश दिए गए थे, लेकिन इसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। कोर्ट ने 17 सितंबर तक रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए।
मोगा में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बाघा पुराना सब-डिवीजन पुलिस ने 2 से 8 सितंबर के बीच कार्रवाई करते हुए 5 मामले दर्ज किए और 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 129 ग्राम हेरोइन और 8,200 रुपए की ड्रग मनी बरामद की है। वहीं, नशे का सेवन करने वाले 2 लोगों को नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया गया। एसएसपी मोगा सरताज सिंह चहल ने बताया कि पुलिस ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ और ‘पिंडां दे पहरेदार’ अभियान के तहत लगातार कार्रवाई कर रही है। 8 सितंबर को सीएएसओ ऑपरेशन के दौरान बाघा पुराना सब-डिवीजन के विभिन्न क्षेत्रों में ड्रग हॉटस्पॉट की विशेष जांच की गई। इस दौरान नशे से जुड़े 5 मुकदमे दर्ज कर 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। SSP बोले- नशे के कारोबार के खिलाफ कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने 23 लोगों के खिलाफ BNSS की धारा 126/170 और 23 लोगों के खिलाफ धारा 172 के तहत कार्रवाई की। इसके अलावा यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले 109 वाहन चालकों के चालान किए गए। एसएसपी चहल ने कहा कि नशे के खिलाफ अभियान को सफल बनाने में आम लोगों की भागीदारी जरूरी है। पुलिस पंचायतों, स्पोर्ट्स क्लबों, मोहल्ला प्रमुखों और अन्य गणमान्य लोगों के साथ बैठकें कर लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक कर रही है। उन्होंने लोगों से अपील की कि नशा तस्करी से जुड़े संदिग्ध व्यक्तियों की जानकारी पुलिस को दें। उन्होंने कहा कि नशे के कारोबार के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।
सवाई माधोपुर नगर परिषद में 65.37% मतदान:सर्वाधिक मतदान बूथ नंबर 66 नामदेव भवन रामकुई में 84.66% रहा
सवाई माधोपुर नगर परिषद क्षेत्र में मतदान की अंतिम रिपोर्ट जारी हो गई है। कुल 94 मतदान केंद्रों पर 92,713 मतदाता दर्ज थे, जिनमें से 60,609 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। कुल मतदान प्रतिशत 65.37% रहा। इनमें पुरुष मतदाताओं का मतदान 34.33% और महिला मतदाताओं का 31.05% रहा। सबसे अधिक मतदान बूथ संख्या 66 पर हुआ बूथवार आंकड़ों पर नजर डालें तो मतदान प्रतिशत में काफी अंतर देखने को मिला। सबसे अधिक मतदान बूथ संख्या 66 (नामदेव भवन रामकुई, कमरा नंबर-2) पर 84.66% रहा। इसके बाद बूथ 64 (अंजूमन इस्लामिया उच्च माध्यमिक विद्यालय) में 84.14%, बूथ 59 (मदरसा तालीमुल कुरआन, देसवालियान, कमरा नंबर-2) में 83.66%, बूथ 60 में 80.61% और बूथ 41 में 78.68% मतदान हुआ। वहीं सबसे कम मतदान बूथ संख्या 74 (न्यू मॉडर्न पब्लिक उच्च माध्यमिक विद्यालय, पटेल नगर) पर 46.76% रहा। बूथ 32 (महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय, हाउसिंग बोर्ड) में 47.89%, बूथ 80 में 49.87%, बूथ 83 में 49.74% और बूथ 84 में 49.10% मतदान दर्ज किया गया। सवाई माधोपुर के इस मतदान पर इतने वोट पड़े
घाटमपुर थाने में तैनात इंस्पेक्टर के चालक द्वारा विधायक सरोज कुरील व उनके पीआरओ के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग करने पर विधायक सरोज कुरील बुधवार को समर्थकों के साथ थाने पहुंच गईं। विधायक ने इंस्पेक्टर मनोज भदौरिया से कड़ी नाराजगी जताई। इस दौरान उनकी विधायक के पीआरओ मनीष तिवारी से नोकझोंक भी हुई। घाटमपुर विधायक सरोज कुरील ने इंस्पेक्टर मनोज सिंह भदौरिया से कहा कि वह अपने जीप चालक व उसकी जबान को काबू में रखें। विधायक ने खरी खोटी सुनाने के साथ कहा चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्यवाही करें। अभद्र भाषा का प्रयोग करने को लेकर विधायक प्रतिनिधि मनीष तिवारी की भी थाना प्रभारी से काफी देर तक नोकझोंक होती रही। वहीं चालक अभद्र भाषा के प्रयोग से इन्कार करता रहा। जिसके सामने चालक ने अभद्र भाषा का प्रयोग किया था, जब विधायक ने उसे सबके सामने उसे पेश किया तो चालक ने उसे पहचानने से इंकार कर दिया। विधायक सरोज कुरील ने बताया कि चालक को हटाने के लिए अधिकारियों से शिकायत की गई। उन्होंने जल्द हटाने का आश्वासन भी दिया है।
टोंक जिला मुख्यालय पर मंगलवार को अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय दरबार में जिला स्तरीय साक्षरता दिवस कार्यक्रम किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत दरबार स्कूल एवं परिक्षेत्र के विद्यार्थियों की साक्षरता जागरूकता रैली से हुई। विद्यार्थी हाथों में साक्षरता संदेश लिखी तख्तियां थामे जोश से नारे लगाते हुए नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरे। अधिकारी बोले- साक्षरता अक्षर ज्ञान तक सीमित नहीं रैली के बाद आयोजित मुख्य समारोह में सहायक परियोजना अधिकारी अनिल कुमार चतुर्वेदी ने विभाग के एक्शन प्लान को लेकर कहा- साक्षरता केवल अक्षर ज्ञान तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह हर दृष्टिकोण से समझ विकसित करने और डिजिटल रूप से सक्षम बनाने का एक राष्ट्रीय मिशन है। कार्यक्रम में जिला साक्षरता एवं सतत शिक्षा अधिकारी तुलसीदास ने साक्षरता के विविध स्वरूपों को रेखांकित करते हुए इस कार्य को पूर्ण सेवा भाव से करने का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने चयनित शिक्षार्थियों (लर्नर्स) को ओपन स्कूल के माध्यम से कक्षा 10 वीं के फॉर्म भरवाकर आगे की पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रेरित किया। ब्लॉक समन्वयक पुरुषोत्तम जायसवाल ने टोंक ब्लॉक में संचालित साक्षरता गतिविधियों की प्रगति रिपोर्ट साझा की, वहीं प्रभारियों व नवसाक्षरों ने अपने अनुभव मंच से साझा किए। समारोह के अंत में साक्षरता क्षेत्र में सराहनीय योगदान देने वाले नवसाक्षरों, चयनित लर्नर्स, सर्वेयरों, साक्षरता प्रभारियों एवं ब्लॉक समन्वयक को अधिकारियों द्वारा प्रशस्ति पत्र एवं शील्ड प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर स्थानीय विद्यालय के प्रधानाचार्य, शिक्षकगण, सर्वेयर तथा बड़ी संख्या में नवसाक्षर उपस्थित रहे।
मैहर में अमरपाटन का गोरसरी पार कर चौरखरी पहुंचा हाथी ई-5, रामगढ़ की ओर बढ़ा मूवमेंट
गोरसरी-बरहा और आसपास के गांवों में वन विभाग की टीम ग्रामीणों को लगातार समझाइश दे रही है। लोगों से कहा जा रहा है कि वे अकेले जंगल अथवा खेतों की ओर न जाएं और हाथी के संभावित विचरण क्षेत्र में प्रवेश न करें।
उदयपुर में एक महिला ने अपने सगे भाई के खिलाफ तत्कालीन सरपंच की मिलीभगत से धोखाधड़ी से भूमि हड़पने का मामला दर्ज कराया है। प्रार्थिया मधु व्यास पत्नी स्व. सुरेंद्र कुमार व्यास निवासी कांकरोली ने बड़गांव थाने में शिकायत दी। इसमें बताया- मेरे स्व. पिता सुंदरलाल की बड़ी गांव में 2.315 हैक्टेयर भूमि है। मेरे भाई भूपेंद्र जोशी ने 17 जून 2003 को तत्कालीन सरपंच और राजस्व अधिकारियों के साथ मिलकर एक फर्जी नक्शा तैयार किया। इसमें यह झूठ दिखाया गया कि सुंदरलाल की कोई बेटी नहीं है। फिर धोखाधड़ी से पूरी जमीन का नामांतरण अपने नाम करवा लिया। जबकि हम 4 बहनें (दिनेश, गिरीजा, लीला, मधु) हैं और चारों जीवित हैं। हमारा इकलौता भाई भूपेंद्र है। शिकायत में बताया कि शक होने पर मैंने हाल ही नामांतरण की नकल विभाग से प्राप्त की तो धोखाधड़ी का पता लगा। मैंने भाई से इसका कारण पूछा तो वह कूटरचित दस्तावेजों को ही सही ठहराने लगा। प्रार्थिया का आरोप है कि मेरे भाई ने तत्कालीन सरपंच और राजस्व अधिकारियों की मिलीभगत से इस घटना को अंजाम दिया। उन्होंने पुलिस से मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की। वहीं मामले की जांच कर रहे डीएसपी मुकेश चौधरी ने बताया कि मामला दर्ज हुआ है। फिलहाल मैं चुनाव ड्यूटी में हूं। फ्री होकर इस मामले की जांच करूंगा।
संगठन ने काउंसिल कार्यालय पर तालाबंदी कर नर्सिंग शिक्षा संचालक बीनू कुशवाहा और रजिस्ट्रार उपेंद्र धोते को हटाने की मांग की।
संभल के डीएम अंकित खंडेलवाल ने बुधवार शाम गुन्नौर तहसील के जुनावई विकासखंड के बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा किया। उन्होंने बझांगी, उदिया नगला और तोतापुर गांव में बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता राजीव कुमार से जलस्तर की जानकारी ली और रिंग बांध की स्थिति को लेकर जरूरी निर्देश दिए। बझांगी में स्वास्थ्य शिविर लगाने के निर्देश डीएम ने शाम 6:30 बजे से रात 8:15 बजे तक प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। उनके साथ एडीएम सत्यप्रिय सिंह, सीडीओ गोरखनाथ भट्ट, सीएमओ तरुण पाठक और एसडीएम अवधेश कुमार मौजूद रहे। डीएम ने बझांगी और उसके मजरों में स्वास्थ्य शिविर लगाने के निर्देश दिए। संबंधित एमओआईसी को शिविरों में डॉक्टर और पर्याप्त दवाओं की व्यवस्था करने को कहा। फसलों के नुकसान पर बीमा शिविर लगाने को कहा डीएम ने बाढ़ से फसलों को हुए नुकसान की भी जानकारी ली। उन्होंने बझांगी और उसके मजरों में जल्द बीमा शिविर लगाकर किसानों को जरूरी जानकारी और सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। प्रभावित गांवों में नियमित फॉगिंग और एंटी लार्वा का छिड़काव कराने को कहा। पेयजल की व्यवस्था के लिए पानी के टैंकर, पानी की टंकी और अन्य जरूरी इंतजाम करने के निर्देश दिए गए। खराब हैंडपंपों को दोबारा बोर कराने को भी कहा गया। लेखपाल रोजाना करेंगे गांवों का दौरा डीएम ने राजस्व अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिया कि लेखपाल लगातार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करें और ग्रामीणों की समस्याओं की जानकारी लेते रहें। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को पशुओं के लिए पर्याप्त चारे और टीकाकरण की व्यवस्था करने को कहा गया। प्रभावित इलाकों में जरूरत के अनुसार नावों की उपलब्धता और संचालन सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए। बिजली और राशन व्यवस्था की भी समीक्षा डीएम ने प्रभावित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति की व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने सौर ऊर्जा से जुड़ी व्यवस्थाओं और भविष्य की योजनाओं को लेकर भी जरूरी दिशा-निर्देश दिए। राशन वितरण की जानकारी लेते हुए उन्होंने अंत्योदय राशन कार्ड धारकों समेत सभी पात्र लाभार्थियों को नियमानुसार राशन उपलब्ध कराने को कहा। बझांगी मार्ग पर गड्ढों के आसपास होगी बैरिकेडिंग डीएम ने बझांगी मार्ग की स्थिति का भी जायजा लिया। सड़क पर गड्ढों और निर्माण कार्यों को लेकर संबंधित अधिकारी को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गड्ढों के कारण कोई हादसा न हो, इसके लिए संवेदनशील स्थानों पर तत्काल बैरिकेडिंग कराई जाए।
गोपालगंज सदर अस्पताल में मौसम में तेजी से हो रहे बदलाव और उमस भरी गर्मी के कारण मरीजों की संख्या अचानक बढ़ गई है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में रोजाना 300 से ज्यादा मरीज वायरल फीवर, सर्दी, खांसी और बदन दर्द की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। दवा वितरण केंद्र पर भी मरीजों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। डॉक्टरों का कहना है कि इसका सबसे ज्यादा असर छोटे बच्चों और बुजुर्गों पर पड़ रहा है। वायरल इंफेक्शन तेजी से फैलने के कारण सदर अस्पताल का इमरजेंसी वार्ड पूरी तरह भरा हुआ है। अब 300 से ज्यादा आ रहे मरीज कई बार नए मरीजों को बेड खाली होने का इंतजार करना पड़ता है। सदर अस्पताल के मेडिकल ऑफिसर रणधीर कुमार ने लोगों को घबराने की बजाय कुछ जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दी है। उन्होंने बताया कि फिलहाल वायरल फीवर के मरीजों की संख्या काफी बढ़ी हुई है। पहले जहां 200-250 मरीज आते थे, अब 300 से ज्यादा आ रहे हैं। उन्होंने बासी और बाहर का खुला खाना खाने से पूरी तरह बचने को कहा। हल्का, ताजा और आसानी से पचने वाला भोजन लेने की सलाह दी। घर के आसपास पानी जमा नहीं होने देने की अपील मौसम बदलने के समय पानी से होने वाले संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए पानी को उबालकर या सही तरीके से फिल्टर करके ही पीएं। शरीर में पानी की कमी न होने दें। धूप या गर्मी से तुरंत आकर फ्रिज का ठंडा पानी न पीएं और न ही सीधे एसी या पंखे के ठीक नीचे बैठें। शरीर के तापमान में अचानक बदलाव से वायरल फीवर का खतरा बढ़ता है। डेंगू और मलेरिया के सीजन को देखते हुए घर के आसपास पानी जमा न होने दें। सोते समय मच्छरदानी या मॉस्किटो रिपेलेंट का इस्तेमाल करें। बुखार या बदन दर्द होने पर बिना डॉक्टर की सलाह के मेडिकल स्टोर से एंटीबायोटिक या कोई भी मनमानी दवा न खरीदें। लक्षण दिखते ही नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या डॉक्टर से संपर्क करें।
वाराणसी में बुधवार शाम 55 साल के शख्स की पीटकर हत्या कर दी गई। पिटाई से घायल आजाद मिश्रा को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही चौबेपुर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी के साथ तनाव का माहौल बन गया। परिजनों के मुताबिक, आजाद मिश्रा बिहार में काम करते थे और करीब चार दिन पहले ही घर लौटे थे। उनकी पत्नी मधु मिश्रा करीब 50 वर्ष की हैं। दंपती की कोई संतान नहीं है। परिजनों ने पड़ोसी चचेरे भाई नागेंद्र मिश्रा (40) पर आजाद के साथ मारपीट कर हत्या करने का आरोप लगाया है। मामला चौबेपुर थाना क्षेत्र के रुस्तमपुर गांव के मिश्रा मोहल्ले का है। पहले से चल रहा था विवाद, परिजनों ने शिकायतों का किया दावा परिजनों का कहना है कि आजाद और नागेंद्र पक्ष के बीच पहले से विवाद चल रहा था। परिवार का आरोप है कि नागेंद्र पक्ष की ओर से आए दिन विवाद किए जाने की शिकायत भी की गई थी। परिजनों ने दावा किया कि नागेंद्र के खिलाफ चिरईगांव पुलिस चौकी में पहले भी कई बार शिकायत की गई थी। परिवार का आरोप है कि पूर्व में दी गई शिकायतों पर समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि यदि शिकायतों को गंभीरता से लिया गया होता तो घटना को टाला जा सकता था। परिजनों ने चौकी पर शिकायत लेकर पहुंचने वाले लोगों की सुनवाई और कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठाए हैं। शाम 4:30 से 5 बजे के बीच की घटना परिजनों के अनुसार घटना बुधवार शाम करीब 4:30 से 5 बजे के बीच हुई। सूचना मिलने के बाद चौबेपुर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास के लोगों से पूछताछ कर घटना से जुड़ी जानकारी जुटाई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस घटना के कारणों और मारपीट की परिस्थितियों के साथ इसमें शामिल लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। पूर्व शिकायतों पर कार्रवाई की भी होगी जांच घटना के बाद पूरा गांव सकते में है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आजाद मिश्रा और आरोपी पक्ष के बीच विवाद की वजह क्या थी और घटना के समय मौके पर कौन-कौन मौजूद था। वहीं, परिजनों की ओर से पूर्व में दी गई शिकायतों पर कार्रवाई नहीं होने के आरोपों की भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
रिंग बांध सड़क पर अतिक्रमण हटाने की तैयारी तेज:DM के निर्देश पर दोबारा मापी शुरू, जल्द चलेगा बुलडोजर
रिंग बांध सड़क पर अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। रविवार को डीएम तनय सुल्तानिया ने सड़क निर्माण का निरीक्षण किया था। उन्होंने अधिकारियों को सरकारी जमीन की दोबारा मापी कराकर अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया था। अब डीएम के निर्देश पर सड़क की दोबारा मापी शुरू हो गई है। मापी के दौरान सड़क और सरकारी जमीन की सीमा तय की जा रही है। इसके बाद अतिक्रमण वाले हिस्सों को चिह्नित किया जाएगा। मापी पूरी होने पर अतिक्रमणकारियों को सरकारी जमीन खाली करने का निर्देश दिया जाएगा। चरणबद्ध तरीके से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई निर्देश न मानने वालों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई होगी। ऐसे अतिक्रमित हिस्सों पर जल्द ही बुलडोजर चलाया जाएगा। इससे रिंग बांध सड़क अतिक्रमण मुक्त होगी और निर्माण कार्य को भी रफ्तार मिलेगी। डीएम के निरीक्षण और दोबारा मापी शुरू होने से सड़क किनारे अतिक्रमण करने वालों में हड़कंप है। प्रशासन अब मापी के आधार पर अतिक्रमण की सूची बना रहा है। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी। रिंग बांध सड़क के निर्माण और अतिक्रमण हटने के बाद लोगों को आवागमन में भी राहत मिलने की उम्मीद है।
चंडीगढ़ में STA का एक्शन:63 वाहनों के 7.5 लाख रुपए के चालान, पांच जब्त; आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी
चंडीगढ़ में चार प्रमुख कैब एग्रीगेटर कंपनियों के लाइसेंस छह महीने के लिए सस्पेंड किए जाने के बाद बुधवार को स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (STA) एक्शन में आ गई। शहर में चेकिंग के दौरान 63 वाहनों के चालान किए गए, जबकि पांच वाहन जब्त किए गए। इस दौरान करीब साढे सात लाख रुपए के चलान किए गए है। यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।पहले ही ड्राइवरों को किया था अलर्ट STA ने इससे पहले जिन कंपनियों के लाइसेंस सस्पेंड किए थे उनसे जुड़े चालकों को ऐप के जरिए सवारियां नहीं उठाने की हिदायत दी थी। इसके बावजूद नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जा रही है। ऑटो, टैक्सी या बस बिना वैध परमिट के चलती पकड़ी गई तो मोटर व्हीकल एक्ट के तहत 10 हजार रुपए तक का चालान हो सकता है। इसके अलावा परमिट की शर्तों का उल्लंघन करने पर भी चालान और वाहन जब्त करने की कार्रवाई की जा सकती है।बार-बार नोटिस के बाद भी ढिलाई: प्रशासन ने जिन कंपनियों के लाइसेंस सस्पेंड किए। उन्हें पहले कारण बताओ नोटिस और रिमाइंडर जारी किए, लेकिन उनकी ओर से दिए गए जवाब संतोषजनक नहीं पाए गए। स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (STA) के सचिव नितीश सिंगला (PCS) द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि कंपनियों को नियमों का पालन करने के पर्याप्त अवसर दिए गए थे। इसके बावजूद सुधार नहीं होने पर 'चंडीगढ़ एडमिनिस्ट्रेशन मोटर व्हीकल्स एग्रीगेटर्स रूल्स, 2025' के नियम 17 के तहत दोनों कंपनियों के लाइसेंस 6 महीने के लिए निलंबित किए गए हैं।
हापुड़ में निजी अस्पताल में बुधवार शाम करीब 6 बजे इलाज के दौरान एक बुजुर्ग की मौत हो गई। मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा किया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने परिजनों को समझाकर शांत कराया। मामला कोतवाली देहात क्षेत्र में मेरठ रोड का है। इलाज के दौरान बिगड़ी तबीयत मजीदपुरा निवासी छन्नू खां को मेरठ रोड के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों के मुताबिक, बुधवार शाम करीब 6 बजे इलाज के दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन उनकी मौत हो गई। परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाया बुजुर्ग की मौत की जानकारी मिलते ही परिजन आक्रोशित हो गए। उन्होंने अस्पताल पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। इसके बाद अस्पताल में हंगामा शुरू हो गया। कुछ देर तक परिजन अस्पताल में मौजूद रहे। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर संभाला मामला हंगामे की सूचना मिलते ही कोतवाली देहात पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने परिजनों से घटना की जानकारी ली। इसके बाद उन्हें समझाकर शांत कराया। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद स्थिति सामान्य हो गई। लिखित शिकायत मिलने पर होगी जांच थाना प्रभारी पारस मलिक ने बताया कि मेरठ रोड स्थित निजी अस्पताल में इलाज के दौरान एक बुजुर्ग की मौत हुई है। इसके बाद परिजनों ने हंगामा किया था। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली। उन्होंने बताया कि अभी तक परिजनों की ओर से कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिलने पर मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
कानपुर नगर निगम ने बुधवार को शहर के प्रमुख बाजार क्षेत्र में अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया गया। फूलबाग चौराहे से बिरहाना रोड होते हुए नयागंज चौराहे तक अभियान चलाया गया।अभियान के दौरान सड़क और फुटपाथ पर किए गए अस्थाई अतिक्रमण को हटाया गया। इस दौरान करीब 90 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया। कार्रवाई के दौरान अतिक्रमण करने वालों में कार्रवाई को लेकर अफरा-तफरी मच गई। कई दुकानदार अपना ठेला और सामान छोड़कर मौके से फरार हो गए, जबकि कुछ ने खुद ही अपना सामान हटाना शुरू कर दिया। 90 हजार रुपये का जुर्माना वसूला नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय ने बताया कि शहर में यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने और सड़क-फुटपाथ को अतिक्रमण मुक्त रखने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। नगर निगम की टीम ने कार्रवाई करते हुए करीब 90 हजार रुपये का जुर्माना वसूल किया। वहीं, करीब 100 अस्थाई अतिक्रमण हटाए गए। कार्रवाई के दौरान दुकानदारों और अतिक्रमण करने वालों को दोबारा सड़क और फुटपाथ पर कब्जा न करने की चेतावनी भी दी गई। पुलिस फोर्स मौके पर रही मौजूद लंबे समय से जाम से जूझ रहे आम लोगों की शिकायतों और खबरों का संज्ञान लेते हुए प्रशासन ने यह सख्त कदम उठाया था, ताकि सड़कों को खाली कराकर आवागमन को सुगम बनाया जा सके। अभियान में जोनल अधिकारी विद्याधर यादव, जोन-1 के राजस्व निरीक्षक राम सागर कुशवाहा समेत नगर निगम की टीम मौजूद रही। इसके अलावा थाना फीलखाना क्षेत्र की फूलबाग पुलिस चौकी के प्रभारी पुलिस बल, पीएसी और महिला पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद रहे।
महराजगंज जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में इन दिनों मौसमी बीमारियों से पीड़ित मरीजों की संख्या काफी बढ़ गई है। उल्टी-दस्त, खांसी-जुकाम, टाइफाइड और बुखार जैसी बीमारियों के मरीज इलाज के लिए अस्पताल पहुंच रहे हैं। अचानक मरीजों की संख्या बढ़ने से इमरजेंसी वार्ड में भीड़ लगी हुई है। अस्पताल आने वाले मरीजों में बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग भी शामिल हैं। डॉक्टर मरीजों की जांच कर रहे हैं और उनकी हालत के हिसाब से इलाज और जरूरी दवाएं दे रहे हैं। मौसम में बदलाव और बारिश के बाद संक्रमण का खतरा बढ़ गया है, जिससे लोग अलग-अलग बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार, मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। यह जानकारी सर्वेश कुमार सिंह ने दी। उन्होंने लोगों से अपने स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहने की अपील की है। लोगों को दूषित पानी और खुले में रखे खाने से बचने और साफ-सफाई का खास ध्यान रखने की सलाह दी गई है। साथ ही, लक्षण दिखने पर समय पर डॉक्टर की सलाह लेने को कहा गया है
यूट्यूबर अजीत भारती ने सांसद चंद्रशेखर आजाद पर टिप्पणी मामले में एससी/एसटी और आईटी एक्ट के तहत दर्ज केस में अग्रिम जमानत से इंकार के ट्रायल कोर्ट के फैसले को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी है।
कुरुक्षेत्र जिले के झांसा के गोरखा गांव में पोल्ट्री फार्म के बाहर खेल रहे 19 महीने के बच्चे को जहरीले सांप ने डस लिया। सांप के डसने के बाद बच्चे की तबीयत बिगड़ गई। परिजन उसे इलाज के लिए कुरुक्षेत्र के LNJP अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतक बच्चे की पहचान आरभ के रूप में हुई है। आरभ का बड़ा भाई आरुस (6) है। आरभ का परिवार मूल रूप से नेपाल के मोरंग जिले के रतुआमाई गांव का रहने वाला है, लेकिन करीब 6 साल से गोरखा गांव में किसान के पोल्ट्री फार्म पर रहकर लेबर का काम करत है। बेटे की मौत ने परिवार को इकझोर के रख दिया। जोर-जोर से चिल्लाया बेटा रीकु ने बताया कि उसका छोटा बेटा आरभ शाम करीब 4 बजे पोल्ट्री फार्म के बाहर खेल रहा था। इसी दौरान एक सांप ने उसे डस लिया। सांप के डसने के बाद बच्चा जोर-जोर से चिल्लाने लगा। हालांकि किसी ने सांप को नहीं देखा, लेकिन कुछ देर बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। LNJP अस्पताल में तोडा दम वे बच्चे को तुरंत इलाज के लिए LNJP अस्पताल कुरुक्षेत्र लेकर पहुंचे। अस्पताल में डॉक्टरों ने उसका इलाज शुरू किया, लेकिन इलाज के दौरान आरभ की मौत हो गई। हालांकि डॉक्टरों ने बच्चे के शरीर पर सांप के डसने के निशाने थे। उसका शरीर भी नीला पड़ा चुका था। वाइपर सांप के काटने की आशंका झांसा पुलिस ने रीकू के दिए बयान पर इत्तफाकिया रिपोर्ट दर्ज कर पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिवार के हवाले कर दिया। उधर, फोरेंसिक एक्सपर्ट डॉ. नरेश सैनी ने बताया कि बच्चे को किसी वाइपर सांप के काटने की आशंका है। उसके शरीर पर करीब डेढ़ सेंटीमीटर दूर डसने के निशान थे।
मुजफ्फरपुर में ट्रक चालक को फर्जी ट्रांसपोर्टर बनकर 30 टन मक्का यूपी पहुंचाने का झांसा दिया गया। इसके बाद उसे रामदयालुनगर बुलाकर एक युवक ट्रक में सवार हो गया। रास्ते में उसने चालक को जूस पीने के लिए दिया। जूस पीने के कुछ देर बाद ही चालक को चक्कर आने लगा और वह बेहोश हो गया। इसी दौरान युवक उसकी जेब से 17 हजार रुपए और दो मोबाइल निकालकर फरार हो गया। कुछ देर बाद चालक को होश आया तो उसने किसी तरह ट्रक चलाया, लेकिन तुर्की थाना क्षेत्र में ट्रक आगे चल रहे वाहन से टकरा गया। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने चालक को तुर्की पुलिस के हवाले कर दिया। बुधवार को परिजनों के साथ सदर थाने पहुंचे चालक ने पूरी घटना की लिखित शिकायत की। पुलिस अब मामले की जांच में जुटी है। फोन कर खुद को बताया ट्रांसपोर्टर, मक्का पहुंचाने की बात कही पीड़ित चालक जितेंद्र कुमार उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले के गुरबक्सगंज गांव का रहने वाला है। उसने पुलिस को बताया कि वह तीन दिन पहले हरियाणा के झज्जर से अलकतरा लदा ट्रक लेकर बिहार आया था। बीबीगंज में अलकतरा खाली करने के बाद उसने ट्रक मझौलिया में खड़ा कर दिया था। इसी दौरान उसके मोबाइल पर एक व्यक्ति का फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को ट्रांसपोर्टर बताते हुए कहा कि उसे 30 टन मक्का लोड कर यूपी के उन्नाव पहुंचाना है। चालक को इसके लिए रामदयालुनगर स्थित मलंग स्थान के पास बुलाया गया। मलंग स्थान के पास ट्रक में सवार हुआ युवक जितेंद्र के अनुसार, वह बताए गए स्थान पर पहुंचा तो एक युवक उसके ट्रक में सवार हो गया। युवक ने मक्का लोड कराने की बात कहते हुए चालक को आगे चलने के लिए कहा। कुछ दूर जाने के बाद उसने जितेंद्र को जूस पीने के लिए दिया। जितेंद्र ने पुलिस को बताया कि जूस पीने के कुछ ही देर बाद उसे चक्कर आने लगा। इसके बाद वह बेहोश हो गया। इसी दौरान ट्रक में सवार युवक ने उसकी जेब से 17 हजार रुपए और दो मोबाइल निकाल लिए और रास्ते में उतरकर फरार हो गया। होश आया तो ट्रक चलाया, तुर्की में हो गया हादसा चालक के अनुसार, कुछ समय बाद उसे हल्का होश आया। इसके बाद उसने किसी तरह ट्रक को आगे बढ़ाया। इसी दौरान तुर्की थाना क्षेत्र में ट्रक आगे चल रहे वाहन से टकरा गया। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने चालक को पकड़ लिया और तुर्की पुलिस को सौंप दिया। जितेंद्र के मुताबिक, वह पूरी रात तुर्की थाने में रहा। बुधवार को जब उसे पूरी तरह होश आया तो उसने पुलिस को अपने साथ हुई घटना की जानकारी दी। परिजनों के साथ पहुंचा सदर थाना, जांच में जुटी पुलिस घटना की जानकारी मिलने के बाद जितेंद्र के परिजन तुर्की थाने पहुंचे। इसके बाद वे चालक को लेकर सदर थाना पहुंचे, जहां उसने लिखित शिकायत दी। सदर पुलिस अब फोन करने वाले व्यक्ति और उसके साथ ट्रक में सवार हुए युवक की पहचान में जुटी है। पुलिस घटना वाले स्थान और संभावित रास्तों के सीसीटीवी फुटेज के साथ फोन नंबरों की जांच कर रही है। जूस में क्या मिलाया गया था, इसकी भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।
सीकर में नशे के सप्लायर गिरफ्तार:एक को मध्यप्रदेश और दूसरे को बारां से पकड़ा, अब मुख्य आरोपी की तलाश
सीकर की नेछवा थाना पुलिस ने 2 स्मैक सप्लायर को गिरफ्तार किया है। एक आरोपी को पुलिस ने मध्यप्रदेश और दूसरे को बारां में दबिश देकर पकड़ा। पुलिस अब दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है। नेछवा थाना SHO रमेश मीणा ने बताया- थाना इलाके में एनडीपीएस एक्ट मामले में 22 अगस्त और 5 सितंबर को दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस पूछताछ में उन्होंने जो नाम बताएं उसके आधार पर सप्लायर बंटी कुमार (27) पुत्र राम सिंह मीणा निवासी बारां और लक्ष्मी नारायण (32) नानूराम निवासी जिला मंदसौर, मध्य प्रदेश को घर से गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों से अब तक की इन्वेस्टीगेशन में सामने आया कि इनके लोकल सप्लायर माल खरीदने और फिर थाना इलाके में उसकी सप्लाई करते थे। अब आरोपियों से पूछताछ जारी है की मुख्य आरोपी कौन है। इससे माल खरीदकर लोकल गुर्गों को सप्लाई किया जाता था। यह खबर भी पढ़ें : सीकर में दो युवतियां लापता:युवक के साथ 2 लाख रुपए की साइबर ठगी, पढ़ें क्राइम की अन्य खबरें सीकर से 2 युवतियों के लापता होने और एक युवक के साथ 2 लाख रुपए की साइबर ठगी के अलग-अलग मामले सामने आए हैं। पुलिस ने तीनों मामलों में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।(पूरी खबर पढ़ें)
बांदा में आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज जनशिकायतों के निस्तारण में लापरवाही जिले के 21 अधिकारियों पर भारी पड़ी है। शिकायतों की गुणवत्ता और शिकायतकर्ताओं से मिले फीडबैक की समीक्षा के बाद जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों का सितंबर 2026 का वेतन रोकने के निर्देश दिए हैं। शिकायतों के निस्तारण में मिली कमियां जिलाधिकारी ने आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा की। इसमें सामने आया कि कुछ अधिकारियों ने शिकायतों का अपेक्षित गुणवत्ता के साथ निस्तारण नहीं किया। कई मामलों में शिकायतकर्ताओं से भी संतोषजनक फीडबैक नहीं मिला। इस पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि आईजीआरएस की शिकायतों का निस्तारण सिर्फ औपचारिकता पूरी करने के लिए न किया जाए। शिकायत के प्रत्येक बिंदु की गंभीरता से जांच कर तथ्यों के आधार पर समयबद्ध समाधान किया जाए। इन 21 अधिकारियों का वेतन रोका खराब फीडबैक और अपेक्षित सुधार नहीं मिलने पर इन अधिकारियों का सितंबर माह का वेतन रोका गया है- अधिशासी अभियंता विद्युत, बांदा ग्रामीण अधिशासी अभियंता, उत्तर प्रदेश जल निगम ग्रामीण सहायक विकास अधिकारी पंचायत, कमासिन जिला समाज कल्याण अधिकारी सहायक विकास अधिकारी पंचायत, महुआ एलडीएम, बांदा एसडीएम, अतर्रा एसडीएम, पैलानी जिला कार्यक्रम अधिकारी प्रभारी चिकित्साधिकारी, कमासिन बाल विकास परियोजना अधिकारी, नरैनी सहायक विकास अधिकारी पंचायत, बड़ोखर खुर्द तहसीलदार, अतर्रा एसडीएम, बबेरू प्रभागीय वन अधिकारी, बांदा खंड विकास अधिकारी, नरैनी तहसीलदार, बबेरू जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी सहायक विकास अधिकारी पंचायत, तिंदवारी तहसीलदार, नरैनी सहायक विकास अधिकारी पंचायत, बबेरू शिकायतकर्ता से फीडबैक लेना भी जरूरी डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायत का निस्तारण करने के साथ ही शिकायतकर्ता से संपर्क कर यह सुनिश्चित करें कि उसकी वास्तविक समस्या का समाधान हुआ है या नहीं। उन्होंने कहा कि शिकायतों को लंबित रखना या बिना वास्तविक समाधान के उनका निस्तारण दिखाना स्वीकार नहीं किया जाएगा। डीएम ने सभी अधिकारियों को जनशिकायतों के निस्तारण को प्राथमिकता देने और शिकायतकर्ता को पुख्ता एवं संतोषजनक समाधान उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
गोंडा में बुधवार शाम करीब 7 बजे बच्चों के विवाद को लेकर दो गुटों में मारपीट हो गई। पहले बच्चों के बीच कहासुनी और गाली-गलौज हुई थी। इसके बाद बच्चों ने घर पहुंचकर अपने परिजनों को जानकारी दी। इसी बात को लेकर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। मारपीट का वीडियो भी सामने आया है। पुलिस वीडियो के आधार पर मामले की जांच कर रही है। मामला खरगूपुर थाना क्षेत्र के बैदौरा बाजार सिसई जंगल का है। बच्चों के विवाद के बाद आमने-सामने आए लोग जानकारी के मुताबिक, जमाल और इरशाद के बच्चों के बीच पहले कहासुनी हुई थी। दोनों पक्षों के बच्चों ने एक-दूसरे को गाली दी। इसके बाद उन्होंने अपने-अपने घर जाकर घटना की जानकारी दी। बुधवार शाम करीब 7 बजे दोनों पक्षों के लोग बच्चों की बात को लेकर पूछताछ करने लगे। इसी दौरान कहासुनी बढ़ गई और मारपीट शुरू हो गई। चप्पल और मुक्कों से मारपीट का वीडियो वायरल वायरल वीडियो में कुछ लोग एक-दूसरे पर चप्पल, मुक्के और थप्पड़ बरसाते नजर आ रहे हैं। कुछ महिलाएं और युवक बीच-बचाव करते भी दिखाई दे रहे हैं। इसके बावजूद दोनों पक्षों के लोग काफी देर तक आपस में झगड़ते रहे। मारपीट में जमाल को चोट आई। परिवार के लोग उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खरगूपुर ले गए। यहां उनका इलाज कराया गया। घटना के दौरान मौके पर काफी लोग जुट गए थे। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद खरगूपुर पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया। पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है। थाना अध्यक्ष राजेश तिवारी ने बताया कि बच्चों की बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच पूछताछ के दौरान मारपीट हुई थी। वायरल वीडियो की जांच कराई गई है। दोनों पक्षों के लोगों को थाने बुलाकर कार्रवाई की जा रही है।
भभुआ में मजदूर यूनियन ने दिया धरना, बंदोपाध्याय आयोग की अनुशंसा लागू करने समेत कई मांगें
9 सितंबर, बुधवार: भभुआ में बिहार प्रांतीय खेतिहर एवं ग्रामीण मजदूर यूनियन ने जनसमस्याओं को लेकर प्रखंड व अंचल कार्यालय के समक्ष धरना दिया। यूनियन ने बंदोपाध्याय आयोग की अनुशंसा लागू करने समेत कई मांगें उठाईं। मांगों को लेकर 5 अक्टूबर से 10 लोग भूख हड़ताल करेंगे।
खगड़िया के पसराहा थाना क्षेत्र के बन्देहरा चौक स्थित हरिवंश नारायण उच्च विद्यालय के गेट के पास बुधवार शाम बदमाशों ने एक युवक को गोली मार दी। गंभीर हालत में गोगरी अनुमंडल अस्पताल ले जाए गए युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतक की पहचान बन्देहरा गांव के वार्ड नंबर-6 निवासी राजा कुमार उर्फ प्रेम कुमार के रूप में हुई है। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। पुलिस अज्ञात हमलावरों की तलाश में जुटी है। देखें, मौके से आई तस्वीरें… चाय दुकान के पास हुई वारदात ग्रामीण सोनू कुमार के अनुसार, घटना शाम करीब सात बजे की है। वह स्कूल के गेट के पास रंजीत की चाय दुकान पर चाय पीने गया था। इसी दौरान दुकानदार ने आवाज देकर बताया कि किसी युवक को गोली मार दी गई है। सोनू मौके पर पहुंचा तो राजा कुमार घायल अवस्था में स्कूल गेट के पास पड़ा था। ग्रामीणों ने अस्पताल पहुंचाया घायल राजा कुमार को ग्रामीणों की मदद से तत्काल गोगरी अनुमंडल अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने उसका इलाज शुरू किया, लेकिन कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही पसराहा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। फोन पर बात करते हुए जा रहा था युवक ग्रामीणों के मुताबिक, राजा कुमार घटना से कुछ देर पहले पैदल जा रहा था और फोन पर किसी से बात कर रहा था। ग्रामीणों ने बताया कि वह पढ़ाई करता था और गांव में उसका किसी से कोई विवाद नहीं था। प्रेम-प्रसंग की बात से भी ग्रामीणों ने इनकार किया है। हालांकि, हत्या के पीछे की असली वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है। हमलावरों की तलाश में जुटी पुलिस पसराहा थानाध्यक्ष राजीव रंजन कुमार ने बताया कि युवक को गोली मारे जाने की सूचना मिली थी। पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। हमलावरों की पहचान और घटना के कारणों का पता लगाने के लिए पुलिस कार्रवाई कर रही है।
बुरहानपुर में फैक्ट्री के बाहर मिला नवजात का शव मिला:15 दिन में दूसरा मामला, CCTV खंगाल रही पुलिस
बुरहानपुर में 15 दिन के भीतर दूसरी बार नवजात का शव मिला है। बुधवार को निंबोला थाना क्षेत्र के इंदौर-इच्छापुर हाईवे पर बसाड़ फाटे के पास एक फैक्ट्री के गेट के नजदीक अज्ञात नवजात का शव मिला। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस के मुताबिक, बुधवार सुबह बसाड़ फाटा स्थित शर्मा एंड कंपनी फैक्ट्री के गेट के पास नवजात का शव मिला। फैक्ट्री मालिक संतोष बालकृष्ण शर्मा ने सुबह करीब 7:30 बजे शव देखा। उन्होंने डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया। मामले की जांच शुरू की। आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। 31 अगस्त को भी मिला था नवजात का शव इससे पहले 31 अगस्त को नेपानगर क्षेत्र के ग्राम सीवल में कचरे के ढेर में नवजात का शव मिला था। नेपानगर थाना प्रभारी शहाबुद्दीन कुरैशी ने बताया कि उस मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पथरिया में लूट का मुख्य आरोपी बुधवार दोपहर पुलिस को चकमा देकर कस्टडी से भाग निकला। घटना के बाद हड़कंप मच गया और पुलिस की कई टीमें ड्रोन कैमरे की मदद से आरोपी की तलाश में जुट गई हैं। केरबना रोड पर सतपारा तिराहे के पास रविवार रात बाइक सवार तीन बदमाशों ने एक ग्रामीण को घेरकर चांटा मारा और मोबाइल समेत 2 हजार रुपए नकद छीन लिए थे। पुलिस ने मंगलवार को मुख्य आरोपी भोला आदिवासी और उसके दो नाबालिग साथियों को पकड़ा था। ऐसे हुआ फरार पूछताछ के दौरान आरोपी भोला ने पुलिस को गुमराह करते हुए कहा कि उसने छीना हुआ सामान मॉडल स्कूल के पास छिपाया है। पथरिया पुलिस जब बुधवार दोपहर उसे पुलिस गाड़ी से मॉडल स्कूल के पास लेकर पहुंची, तो गाड़ी से उतरते ही भोला पुलिस को चकमा देकर रफूचक्कर हो गया। पुलिसकर्मियों ने पीछा किया, लेकिन वह हाथ नहीं आया। ड्रोन से तलाश, नया केस दर्ज होगा आरोपी के भागने की खबर मिलते ही एसडीओपी प्रिया सिंधी मौके पर पहुंचीं। आरोपी को ढूंढने के लिए झाड़ियों और आसपास के इलाकों में ड्रोन कैमरे से भी खोजबीन की गई, लेकिन देर शाम तक उसका सुराग नहीं लगा। एसपी आनंद कलादगी ने बताया कि आरोपी की तलाश के लिए टीमें लगा दी गई हैं और पुलिस कस्टडी से भागने पर उसके खिलाफ अलग से नया केस दर्ज किया जा रहा है।
जगराओं में बुधवार देर शाम सिधवां बेट से किशनपुरा जाने वाले रास्ते पर गुरुद्वारा भौरा साहिब के पास हुए सड़क हादसे में 62 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि उसकी 58 वर्षीय पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गई। हादसा थाना सिधवां बेट क्षेत्र में हुआ। सिधवां बेट निवासी जसवंत सिंह (62) अपनी पत्नी गुरदीप कौर (58) के साथ मोटरसाइकिल पर गुरुद्वारा भौरा साहिब जा रहे थे। इसी दौरान पीछे से आ रही एक स्कॉर्पियो कार ने उनकी मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी। बताया जा रहा है कि स्कॉर्पियो एक युवती चला रही थी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों पति-पत्नी सड़क पर गिर गए। हादसे में जसवंत सिंह को गंभीर चोटें आईं और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। गुरदीप कौर भी गंभीर रूप से घायल हो गईं। पुलिस मामले की जांच में जुटी हादसे के बाद स्कॉर्पियो में सवार युवतियों ने मौके से भागने के बजाय घायल दंपती को तुरंत अस्पताल पहुंचाया। दोनों को पहले जगराओं के निजी अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें सरकारी अस्पताल रेफर किया गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद जसवंत सिंह को मृत घोषित कर दिया, जबकि गुरदीप कौर की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें लुधियाना रेफर कर दिया गया। थाना सिधवां बेट पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस हादसे के कारणों और स्कॉर्पियो चालक की भूमिका की जांच कर रही है।
लखनऊ के डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी सिविल अस्पताल में मरीजों को अब सुपर स्पेशलिटी मेडिकल सेवाएं उपलब्ध कराने की तैयारी है। अस्पताल में डॉ.राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के समन्वय से सुपर स्पेशलिटी ओपीडी शुरू की जा रही है। इसमें न्यूरोलॉजी, नेफ्रोलॉजी और कार्डियोलॉजी की विशेषज्ञ सेवाएं शामिल होंगी। इसके साथ ही अस्पताल में न्यूरोसर्जरी वार्ड, न्यूरोसर्जरी ओटी और स्ट्रोक यूनिट भी शुरू की जाएगी। इन सुविधाओं से ब्रेन स्ट्रोक, न्यूरोसर्जरी, किडनी और हदय संबंधी गंभीर रोगों के मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा मिलने की उम्मीद है। इन सेवाओं और सुविधाओं का शुभारंभ 10 सितंबर को सुबह 10 बजे होगा। कार्यक्रम का उद्घाटन उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक करेंगे। स्ट्रोक यूनिट की होगी शुरुआत अस्पताल के निदेशक डॉ. जीपी गुप्ता ने बताया कि नई सुपर स्पेशलिटी सेवाओं के शुरू होने से मरीजों को एक ही परिसर में विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श और उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा। खास तौर पर स्ट्रोक यूनिट की शुरुआत गंभीर मरीजों के लिए अहम मानी जा रही है, क्योंकि ऐसे मामलों में समय पर विशेषज्ञ उपचार बेहद महत्वपूर्ण होता है।
राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर बिल्डिंग के निर्माण के फर्जीवाड़े में पुलिस ने 3 और आरोपियों को बुधवार को गिरफ्तार किया। एसीपी बोरानाड़ा हिमांशु शर्मा के नेतृत्व में हुई कुड़ी भगतासनी थाना पुलिस ने राजस्थान राज्य सड़क विकास एवं निर्माण निगम (RSRDC) के तीन जिम्मेदार अधिकारियों को शिकंजे में लिया। पुलिस ने RSRDC के प्रोजेक्ट डायरेक्टर सुरेश शर्मा, CPM अजीत कुमार सांघी और प्रोजेक्ट डायरेक्टर (विद्युत) शिवहरे माहौर को पकड़ा है। मामले में अब तक कुल 11 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। वहीं कंस्ट्रक्शन कंपनी के मालिक वीरेंद्र गर्ग को 8 सितंबर को हरिद्वार से पकड़ा था। बिल्डिंग में खामियां आने पर साल 2024 में किया था मामला दर्ज पुलिस कमिश्नर अंशुमन भोमिया ने बताया- हाईकोर्ट की नई बिल्डिंग का कंट्रक्शन साल 2011 में शुरू किया गया था। इसे 2019 में हैंडओवर किया गया था। इसके बाद इसका उद्घाटन हुआ। बिल्डिंग के हैंडओवर करने के बाद से ही कई खामियां सामने आई। इसमें सेंट्रल डोम में दरारे आने के साथ ही कई जगहों पर फॉल सीलिंग, आग लगने की घटनाएं भी सामने आई थी। इन सभी घटनाओं की जांच के लिए IIT जोधपुर, IIT बॉम्बे सहित एजेंसियों ने जांच में कई खामियां पाई गई। इस मामले में पुलिस की विशेष टीम का गठन भी किया गया। इसे लेकर साल 2024 में कुड़ी थाने में मामला दर्ज किया गया था। कई जगह दबिश देकर आरोपियों को पकड़ा जांच में कंट्रक्शन करने वाली कंपनी, फायर सिस्टम लगाने वाली कंपनी सहित मॉनिटरिंग करने वाले RSRDC के अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई थी। इस पर पुलिस की 12 अलग-अलग स्पेशल टीमें बनाई गई थी। वहीं साइबर की 4 स्पेशल टीमों का गठन किया गया था। टीम ने पिछले कुछ दिनों में आरोपियों को पकड़ने के लिए जोधपुर, जयपुर, कोटा, बूंदी, अजमेर, अलवर के अलावा गुरुग्राम, दिल्ली NCR, पंजाब के पटियाला कपूरथला, लुधियाना और उत्तराखंड के हरिद्वार में दबिश दी थी। कंस्ट्रक्शन मालिक सहित अब तक ये गिरफ्तार VCL कंपनी के मालिक वीरेंद्र गर्ग, RSRDC में कार्यरत रहे और हाल में XEN जयपुर दीपक मित्तल, तत्कालील AEN RSRDC अजय किशन मुथा को 8 सितंबर को गिरफ्तार किया था। इसके अलावा RSRDC के तत्कालीन AEN जितेंद्र शर्मा , नवीन राय तत्कालीन प्रोजेक्ट मैनेजर RSRDC, JK कंपनी के मालिक रामेश्वर दयाल, फायर इंस्टॉलेशन कंपनी के मालिक गोपाल लाल खंडेलवाल को 7 सितंर को गिरफ्तार किया था। पुलिस गिरफ्तार अधिकारियों और ठेकेदारों से पूछताछ कर रही है। जांच अधिकारी इस बात का पता लगा रहे हैं कि निर्माण सामग्री की गुणवत्ता में किस स्तर पर गड़बड़ी की गई। पुलिस के अनुसार फर्जीवाड़े में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। ये खबरें भी पढ़ें... हाईकोर्ट की बिल्डिंग निर्माण में गड़बड़ी पर कंट्रक्शन-कंपनी मालिक गिरफ्तार:दो साल से फरार था 50 हजार का इनामी; हरिद्वार से पकड़कर लाई पुलिस जोधपुर राजस्थान हाईकोर्ट के भवन निर्माण में गड़बड़ी के मामले में पुलिस ने दो साल से फरार चल रहे वीरेंद्र कंस्ट्रक्शन कंपनी (वीसीएल ग्रुप) के मालिक वीरेंद्र गर्ग समेत 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया। RSRDC में कार्यरत रहे और हाल में XEN जयपुर दीपक मित्तल, तत्कालील AEN RSRDC अजय किशन मुथा को मंगलवार को गिरफ्तार किया। (पूरी खबर पढ़ें) 220 करोड़ के हाईकोर्ट भवन में घटिया निर्माण:5 आरोपी गिरफ्तार, साल 2024 में दर्ज हुआ था मामला जोधपुर स्थित राजस्थान हाईकोर्ट के भवन निर्माण में गड़बड़ियों के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की। पुलिस ने निर्माण कार्य से जुड़े राजस्थान राज्य सड़क विकास एवं निर्माण निगम लिमिटेड (RSRDC) के 3 अधिकारियों और कंपनी के कर्मचारियों समेत 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। (पूरी खबर पढ़ें) जोधपुर हाईकोर्ट का डोम कभी भी ढह सकता है:IIT मुंबई की रिपोर्ट में दावा, कोर्ट ने सीएस-डीजीपी को पेश होने के निर्देश दिए राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर मुख्यपीठ के नई बिल्डिंग की सुरक्षा को लेकर कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। आईआईटी मुंबई की रिपोर्ट में बिल्डिंग के करीब 21 मीटर ऊंचे सेंट्रल डोम के कभी भी ढहने की आशंका जताई गई है। इसके बाद हाईकोर्ट ने पूरे मामले पर खुद संज्ञान लिया। (पूरी खबर पढ़ें)
दिल्ली हाई कोर्ट ने कोर्ट परिसर में कमजोर वाई-फाई और मोबाइल नेटवर्क सुविधाओं पर अपने प्रशासन से चार सप्ताह में रिपोर्ट मांगी है।
पंढरीनाथ थाना क्षेत्र के मच्छी बाजार में बुधवार शाम लोडिंग गाड़ी की टक्कर के बाद दो पक्षों में मारपीट हो गई। विवाद में गुरफान कुरैशी, उस्मान कुरैशी और आमिर कुरैशी ने निजाम खान के साथ मारपीट की। घटना में निजाम को चोट आई। वहीं, बाद में हुई मारपीट में दूसरे पक्ष के लोगों को भी चोटें आई हैं। पुलिस के मुताबिक, लोडिंग गाड़ी की टक्कर के बाद विवाद शुरू हुआ था। आरोप है कि पहले कुरैशी परिवार के लोगों ने निजाम के साथ मारपीट की। इसके बाद निजाम दौड़ते हुए मदद के लिए अपने परिचितों के पास पहुंचा और दूसरे पक्ष के लोगों के साथ भी मारपीट हो गई। घटना के बाद दोनों पक्ष थाने पहुंचे और एक-दूसरे के खिलाफ शिकायत की। हफ्ता वसूली के आरोप से पुलिस का इनकार दोनों पक्ष एक-दूसरे पर हफ्ता वसूली के आरोप लगाते रहे और एफआईआर दर्ज करने के लिए पुलिस पर दबाव बनाया। अधिकारियों की जांच के बाद पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ मारपीट और लोहे की रॉड व टॉमी से हमला करने की धाराओं में केस दर्ज किया है। दोनों पक्षों का मेडिकल भी कराया गया है।
इंदौर के खजराना क्षेत्र के ताज नगर शासकीय उर्दू माध्यमिक विद्यालय परिसर में नए भवन के निर्माण कार्य के शुभारंभ अवसर पर विधायक महेंद्र हार्डिया ने कहा कि काम तो खूब कराता हूं, लेकिन लोग वोट देते नहीं। मुस्लिम बाहुल्य वार्ड में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि अपने मन पर हाथ रखकर देखिए जितना काम होता है, उतना ही वोट मिलता है। आप चार वोट दें, आठ वोट दें, जितने वोट आपके मन में हों, दीजिए लेकिन वोट काम के आधार पर होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह आपकी अपनी पार्टी है, काम करने वाली पार्टी है और काम करने वाले व्यक्ति का साथ देना चाहिए। मेरे सामने कांग्रेस के उम्मीदवार भी हैं और दूसरे उम्मीदवार भी हैं। लेकिन मैं आपसे सिर्फ इतना कहना चाहता हूं कि मैं जितना आपके बीच आता हूँ, उतना ही आपके सुख-दुख में शामिल होने का प्रयास करता हूँ। कार्यक्रम में महापौर पुष्यमित्र भार्गव, पार्षद रुबीना खान आदि मौजूद रहे। विकास के काम में भेदभाव नहीं जिन लोगों ने मुझे वोट नहीं दिया, उनके लिए भी मैंने विकास के काम करने में कभी भेदभाव नहीं किया। खजाने की जनता के जो भी लोग अपने दुख-दर्द लेकर मेरे पास आते हैं, खासकर इलाज के लिए, मैं सभी का ध्यान रखता हूँ और जरूरत पड़ने पर अस्पताल हो या कोई अन्य चिकित्सा सुविधा—हर संभव सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास करता हूँ। मेरी सोच हमेशा यही रही है कि किसी ने मुझे वोट दिया है या नहीं दिया, इससे उसके अधिकार और मेरे कर्तव्य में कोई फर्क नहीं पड़ना चाहिए। करनी जैसी, उसके साथ वैसा व्यवहार नहीं किया बल्कि जनता की सेवा करना है। वार्ड 39 में 1. 63 करोड़ से बन रहा विद्यालय वार्ड 39 में 1. 63 करोड़ से ताजनगर शासकीय उर्दू माध्यमिक विद्यालय परिसर में हिंदी विद्यालय के नए भवन के निर्माण किया जा रहा है। इसमें विधायक हार्डिया ने घोषणा की कि अगले शैक्षणिक सत्र से विद्यालय को हिंदी माध्यम की मान्यता दिलाने के साथ इसे कक्षा 10वीं तक किए जाने की दिशा में कार्रवाई की जाएगी। लंबे समय से क्षेत्र के रहवासी एवं पार्षद रुबीना इक़बाल खान विद्यालय में हिंदी माध्यम की कक्षाएं शुरू करने और स्कूल को दसवीं तक किए जाने की मांग कर रहे थे। कार्यक्रम के दौरान हाजी मोहम्मद इकबाल खान ने आरआई-2 रोड पर स्वीकृत पानी की टंकी का निर्माण कार्य भी जल्द शुरू कराने की मांग रखी। महापौर एवं विधायक ने टंकी का निर्माण शीघ्र शुरू कराने का आश्वासन दिया।
सोनीपत शहर में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण जगह-जगह जमा कूड़े के ढेर अब हादसों का कारण बन रहे हैं। बुधवार देर शाम बस स्टैंड के पास कूड़े के एक बड़े ढेर में अचानक आग लग गई। कूड़े का यह ढेर दुकानों के बिल्कुल करीब था, जिससे मौके पर दहशत फैल गई। आसपास के दुकानदार और राहगीर घबरा गए। यह घटना सिविल लाइन थाना क्षेत्र की है। आग की ऊंची लपटें और धुएं का गुबार उठता देख स्थानीय लोगों में डर फैल गया, क्योंकि पास में कई दुकानें थीं और आग फैलने से बड़ा नुकसान हो सकता था। स्थानीय लोग कर रहे आग पर काबू पाने की कोशिश सूचना मिलते ही सिविल लाइन थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और हालात देखे। पुलिस ने बिना देरी किए फायर ब्रिगेड को फोन कर दिया। गौरतलब है कि सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के चलते पूरे शहर की सफाई व्यवस्था खराब हो गई है। बस स्टैंड जैसे व्यस्त इलाके में हुई इस घटना ने प्रशासन के दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पुलिस और स्थानीय लोग फायर ब्रिगेड की गाड़ियों का इंतजार कर आग पर काबू पाने की कोशिश कर रहे हैं।
सागर जिले में अवैध और खराब शराब की बिक्री का मामला सामने आने के बाद रायसेन जिले का आबकारी विभाग हरकत में आ गया है। कलेक्टर के निर्देश पर विभाग ने जिले में एक खास जांच अभियान शुरू किया है। इसके लिए चार आबकारी वृत्तों के लिए चार टीमें बनाई गई हैं। ये टीमें जिले की 66 शराब दुकानों की बारीकी से जांच कर रही हैं। इस अभियान के तहत दुकानों पर रखी शराब की वैधता और गुणवत्ता जांची जा रही है। अधिकारी यह भी पता लगा रहे हैं कि शराब का स्रोत वैध है या नहीं। अगर किसी शराब पर शक होता है, तो उसके सैंपल लेकर रासायनिक जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। साथ ही, बोतलों पर लगे होलोग्राम को स्कैन करके भी उनकी जांच की जा रही है। आबकारी विभाग के मुताबिक, पिछले साल भी ग्राम चंदोड़ा में नकली शराब बनाने वाली एक फैक्ट्री का भंडाफोड़ हुआ था। यह इलाका सागर जिले की सीमा से लगा हुआ है। उस कार्रवाई में 472 पेटी जहरीली शराब जब्त की गई थी। इस मामले के आरोपी अभी जेल में हैं। सहायक आयुक्त आबकारी डॉ. शादाब अहमद सिद्दीकी ने बताया कि अवैध शराब से जुड़ी कोई भी जानकारी मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। सूचना देने वाले की पहचान गुप्त रखी जाएगी। अवैध शराब की जानकारी देने के लिए इन नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है: 8319168606 और 9340734493।
संतकबीरनगर में निजी और आपत्तिजनक फोटो वायरल करने की धमकी देकर एक युवती से 5 लाख 6 हजार 580 रुपये की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। आरोपियों ने अलग-अलग नाम और मोबाइल नंबरों से युवती को ब्लैकमेल किया। डर पैदा करने के लिए तंत्र-मंत्र का सहारा लेने का भी आरोप है। मामले में बुधवार को साइबर थाना पुलिस ने फतेहपुर के रहने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। फोटो वायरल करने की धमकी देकर ऐंठते रहे रकम पुलिस के मुताबिक, खलीलाबाद कोतवाली क्षेत्र की रहने वाली युवती को लगातार ब्लैकमेल किया जा रहा था। आरोपियों ने उसकी निजी फोटो वायरल करने की धमकी देकर उसे मानसिक दबाव में रखा। डर और दबाव के चलते युवती अलग-अलग माध्यमों से आरोपियों के बताए खातों में रकम भेजती रही। युवती के पिता ने साइबर थाने में शिकायत देकर बताया कि 25 अगस्त 2025 से 4 अक्टूबर 2025 के बीच उनकी बेटी को लगातार धमकाया गया। इस दौरान आरोपियों ने करीब 5.06 लाख रुपये की रकम ठग ली। बैंक खातों और मोबाइल नंबरों से आरोपियों तक पहुंची पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर थाना संतकबीरनगर में मुकदमा नंबर 09/2026 दर्ज किया गया। इसमें बीएनएस की धारा 318(4), 351(2) और 66डी आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस ने बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल की। जांच में संदिग्ध बैंक खातों के धारक रामू मौर्या और राजेंद्र प्रसाद, दोनों निवासी फतेहपुर, पुलिस के रडार पर आए। पूछताछ और उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर दोनों की कथित संलिप्तता सामने आने के बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। मामले में धारा 308(2) बीएनएस भी बढ़ाई गई है। दोनों के पास से मोबाइल और नकदी बरामद पुलिस ने रामू मौर्या के पास से 400 रुपये नकद और एक मोबाइल फोन बरामद किया है। वहीं राजेंद्र प्रसाद के पास से 1,100 रुपये नकद और एक मोबाइल फोन मिला है। आखिरी लाभार्थी तक पहुंचने में जुटी पुलिस पुलिस के अनुसार, मामले की जांच अभी जारी है। ठगी में इस्तेमाल मोबाइल फोन, सिम कार्ड और अन्य डिजिटल उपकरणों की बरामदगी के साथ रकम के आगे हुए लेन-देन की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि ठगी की रकम का अंतिम लाभार्थी कौन है। इसके अलावा जुड़े हुए बैंक खातों, यूपीआई और अन्य डिजिटल ट्रांजेक्शन की पड़ताल की जा रही है। पुलिस दूसरे संभावित आरोपियों की भूमिका भी खंगाल रही है।
अररिया में नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे:DM ने परमान, बकरा और नूना नदी का इंस्पेक्शन किया
अररिया जिले से होकर बहने वाली प्रमुख नदियों परमान, बकरा और नूना के जलस्तर, तटबंधों और कटाव की स्थिति का बुधवार को जिला पदाधिकारी विनोद दूहन ने निरीक्षण किया। इस दौरान डीएम ने संबंधित अधिकारियों से नदियों की स्थिति की जानकारी ली और तटबंधों की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। निरीक्षण में पाया गया कि जिले की प्रमुख नदियों का जलस्तर फिलहाल सामान्य है। किसी भी नदी में जलस्तर की असामान्य बढ़ोतरी दर्ज नहीं की गई है। सभी नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे है और वर्तमान में घट रहा है। इससे फिलहाल बाढ़ की गंभीर स्थिति नहीं बनी है। जलस्तर और तटबंधों पर लगातार नजर रखने का निर्देश वर्तमान जलस्तर के अनुसार, अररिया में परमान नदी अपने खतरे के निशान 47.00 मीटर से 1.27 मीटर नीचे बह रही है। जोकीहाट में कनकई नदी का जलस्तर 46.94 मीटर के खतरे के निशान से 1.34 मीटर नीचे दर्ज किया गया है। इसी तरह सिकटी में बकरा नदी का जलस्तर 61.40 मीटर के खतरे के निशान से 1.56 मीटर नीचे है। जिला पदाधिकारी ने पूर्णिया के बाढ़ नियंत्रण एवं जल निस्सरण प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता को सभी नदियों के जलस्तर और तटबंधों पर लगातार नजर रखने का निर्देश दिया। अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की उन्होंने अधिकारियों से संभावित परिस्थितियों को देखते हुए सतर्क रहने और किसी भी समस्या पर तुरंत कार्रवाई करने को कहा। निरीक्षण के दौरान अपर समाहर्ता, आपदा प्रबंधन, सहायक आपदा प्रबंधन पदाधिकारी और पूर्णिया के बाढ़ नियंत्रण एवं जल निस्सरण प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता सहित संबंधित अंचलों के अंचलाधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन ने लोगों से नदियों और तटबंधों की स्थिति को लेकर अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। किसी भी आपात स्थिति में जिला प्रशासन को तुरंत सूचना देने को कहा गया है। इसके लिए अररिया के जिला आपातकालीन संचालन केंद्र के मोबाइल नंबर 9471682459 पर संपर्क किया जा सकता है।
प्रोफेसर को 2 लाख, जूनियर डॉक्टर को हर महीने 75000 रुपये मिलेंगे; बिहार सरकार ने बढ़ाया मानदेय
बिहार के स्वास्थ्य विभाग ने सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों में संविदा पर तैनात प्रोफेसर और डॉक्टरों के मानदेय में 27000 रुपये तक की बढ़ोतरी कर दी है। बढ़े हुए मानदेय का लाभ इन्हें इसी महीने से मिलने लगेगा।
नोएडा एयरपोर्ट पर पहली बार रूसी सेना के तीन सैन्य विमान उतरे हैं। नए एयरपोर्ट पर किसी भी विदेशी विमान की यह पहली लैंडिंग है। इन विमानों की लैंडिंग को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भारत दौरे और ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि राष्ट्रपति पुतिन का विमान भी नोएडा एयरपोर्ट पर ही उतर सकता है। एयरपोर्ट प्रबंधन इसकी तैयारियों में लगा हुआ है। तीनों सैन्य विमान मंगलवार सुबह करीब 5:30 बजे एयरपोर्ट के रनवे पर उतरे। इनमें रूसी मिलिट्री ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट आईएल-76 भी शामिल था। इन विमानों में रूसी सेना की एडवांस टीम और सैन्य अधिकारी भारत आए हैं। बुधवार को भी तीनों हवाई जहाज एयरपोर्ट के रनवे पर पूरे दिन खड़े रहे। इससे पहले विदेशी सैन्य विमानों की लैंडिंग ज्यादातर दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर होती थी। एयरपोर्ट के सुरक्षा अधिकारी और रूसी टीमें विमानों की निगरानी कर रहे हैं और सुरक्षा देख रहे हैं। 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन नई दिल्ली के भारत मंडपम में 12 और 13 सितंबर को होगा। इसमें कई देशों के राष्ट्राध्यक्ष शामिल होंगे। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी इसमें शामिल होंगे। सैन्य विमानों की लैंडिंग अंतरराष्ट्रीय प्रोटोकॉल से जुड़ी है। एयरपोर्ट पर इनके उतरने के बाद विदेशी राष्ट्रपति के विमान के उतरने की संभावना और बढ़ गई है।
बालाघाट के लालबर्रा में बुधवार को पुलिस ने सर्राठी नदी किनारे कच्ची शराब बनाने के लिए रखा महुआ लाहन नष्ट किया। बोंगीटोला में 12 से 15 ड्रम और 20 मटकों में लाहन भरा मिला। पुलिस ने एक नाबालिग से 55 लीटर कच्ची महुआ शराब भी बरामद की है। मामले में आबकारी अधिनियम के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की गई है। ड्रम और मटकों में भरा मिला लाहन पुलिस को बोंगीटोला में नदी किनारे कच्ची शराब बनाने के लिए लाहन रखे होने की सूचना मिली थी। टीम ने मौके पर पहुंचकर 12 से 15 ड्रम और 20 मटकों में रखा महुआ लाहन नष्ट किया। नाबालिग से 55 लीटर कच्ची शराब मिली कार्रवाई के दौरान पुलिस ने एक नाबालिग से 55 लीटर कच्ची महुआ शराब भी बरामद की। पुलिस ने आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है और शराब के स्रोत की जांच कर रही है। अवैध शराब के खिलाफ अभियान जारी रहेगा थाना प्रभारी ने बताया कि सूचना के आधार पर कार्रवाई की गई है। अवैध शराब बनाने, रखने, ले जाने और बेचने वालों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। मामले में शामिल लोगों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
खगड़िया में गंगा और गंडक नदी के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी से बाढ़ का संकट गहराता जा रहा है। जिले के कई प्रखंडों और नगर क्षेत्रों में बाढ़ का पानी फैलने से जनजीवन प्रभावित है। इस बीच खगड़िया के सांसद राजेश वर्मा ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर प्रभावित क्षेत्रों को आधिकारिक रूप से बाढ़ प्रभावित क्षेत्र घोषित करने की मांग की है। देखें, मौके से आई तस्वीरें… कई इलाकों में बाढ़ का गंभीर असर सांसद ने मुख्यमंत्री से कहा है कि गंगा और गंडक के जलस्तर में अचानक हुई बढ़ोतरी से संसदीय क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है। बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए हैं। लोगों के सामने आवागमन, रहने, भोजन, पेयजल और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर परेशानी खड़ी हो गई है। परबत्ता की कई पंचायतें प्रभावित सांसद के पत्र के मुताबिक परबत्ता प्रखंड की जोरावरपुर, तेमथा करारी, दरियापुर भेलवा, लगार, कबेला, माधवपुर, कुल्हड़िया, भरसों, सौढ़ उत्तरी और सौढ़ दक्षिणी पंचायतें बाढ़ से प्रभावित हैं। वहीं गोगरी प्रखंड की बन्नी, झिटकिया, बोरना, गोगरी, रामपुर और इटहरी पंचायतों में भी बाढ़ का असर है। नगर क्षेत्रों में भी पहुंचा बाढ़ का पानी गोगरी नगर परिषद के मीरगंज, शारदा नगर और यशोदा नगर में भी बाढ़ का प्रभाव बताया गया है। मानसी प्रखंड के मटिहानी, जालिम बाबू टोला और पूर्वी ठाठा पंचायत के चैधा बांध क्षेत्र में भी स्थिति प्रभावित है। खगड़िया सदर प्रखंड की रहीमपुर उत्तर, रहीमपुर दक्षिण और रहीमपुर मध्य पंचायतों में भी जनजीवन प्रभावित हुआ है। फसल और पशुधन को नुकसान सांसद ने किसानों और पशुपालकों की समस्याओं को भी मुख्यमंत्री के सामने रखा है। उन्होंने कहा कि बाढ़ से किसानों की खड़ी फसल प्रभावित हो रही है। वहीं पशुपालकों के सामने पशुओं के चारे और उन्हें सुरक्षित स्थान पर रखने की समस्या उत्पन्न हो गई है। मुआवजा और राहत देने की मांग राजेश वर्मा ने मुख्यमंत्री से बाढ़ की गंभीरता को देखते हुए प्रभावित क्षेत्रों को आधिकारिक रूप से बाढ़ प्रभावित घोषित करने की कार्रवाई करने का आग्रह किया है। साथ ही प्रभावित परिवारों को सरकार के निर्धारित प्रावधानों के तहत क्षतिपूर्ति और मुआवजा दिलाने के लिए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी करने की मांग की है। सांसद ने कहा है कि मामले को जनहित और मानवीय दृष्टिकोण से गंभीरता से लेते हुए प्रभावित लोगों तक तत्काल राहत और सहायता पहुंचाई जानी चाहिए। मुख्यमंत्री को भेजा गया पत्र 9 सितंबर 2026 को जारी किया गया है।
9 सितंबर, बुधवार: भभुआ में पूजा तिवारी ने ससुराल वालों पर प्रताड़ना और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। महिला का कहना है कि पति मुंबई चला गया और उसका पता नहीं है। 5 माह के जुड़वां बच्चों के साथ घर से निकाले जाने के बाद उसने एसपी से खुद और बच्चों की सुरक्षा की गुहार लगाई।
बरेली में एक डॉक्टर की दूसरी शादी रुक गई। मंडप सज चुका था, मेहमान आ चुके थे और खाना भी तैयार था, लेकिन तभी दूल्हे की पहली पत्नी वहां पहुंच गई। उसने खुद को डॉक्टर की पत्नी बताया और शादी का विरोध किया, जिससे समारोह में हंगामा मच गया। इसके बाद दूल्हा बारात लेकर नहीं पहुंचा और शादी टल गई। यह मामला बारादरी थाना क्षेत्र के सूफी टोला निवासी निजी चिकित्सक डॉ. बुशरा फरहत अंसारी से जुड़ा है। डॉ. बुशरा ने आरोप लगाया है कि उनके पति बदायूं जिले के एक सरकारी अस्पताल में एमओआईसी पद पर तैनात हैं। उनका कहना है कि पति पहली शादी खत्म किए बिना ही नवाबगंज की एक युवती से दूसरी शादी करने की तैयारी में थे। डॉ. बुशरा के अनुसार, पति के दूसरी युवती से संबंधों को लेकर पहले भी विवाद हो चुका था। जब उन्हें पति की दूसरी शादी की जानकारी मिली, तो वह सीधे शादी वाले घर पहुंच गईं। उन्होंने आरोप लगाया कि दुल्हन के परिवार को बताया गया था कि डॉक्टर की पहली पत्नी की मौत हो चुकी है। जब वही महिला शादी वाले घर में जिंदा सामने आई, तो वहां हड़कंप मच गया। विवाद की खबर डॉक्टर तक पहुंची, जिसके बाद वह बारात लेकर नहीं आए। हंगामे की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शादी की तैयारियां रुकवा दीं। पुलिस युवती को थाने ले गई। बाद में परिजनों के समझाने पर युवती ने कहा कि जब तक डॉक्टर और उनकी पहली पत्नी का तलाक नहीं हो जाता, तब तक वह डॉक्टर से दूर रहेगी। थाना प्रभारी अरुण कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि शादी की तैयारियां रुकवा दी गई हैं। उन्होंने कहा कि पहली शादी कायम होने के बावजूद दूसरी शादी की तैयारी और पहली पत्नी को मृत बताए जाने के आरोपों की जांच की जा रही है।
मेरठ में 9 सितंबर को हरिशंकरी पौधरोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के तहत बरगद, पीपल और पिलखन के पौधों का रोपण किया गया। इसका उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के साथ शहर और जिले को हरा-भरा, स्वस्थ एवं सुंदर बनाने के लिए लोगों को जागरूक करना रहा। कार्यक्रम में लोकभारती, बेटियाँ फाउंडेशन, गायत्री परिवार, पहल, किचन गार्डन, हरीतिमा, डेरा सच्चा सौदा सहित विभिन्न सामाजिक एवं स्वयंसेवी संस्थाओं ने सहभागिता की। इस दौरान लोगों ने पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। हरिशंकरी पौधरोपण अभियान को सफल बनाने में डॉ. सुमित उपाध्याय ने भी उल्लेखनीय योगदान दिया। कार्यक्रम के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को पौधरोपण और पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित किया गया।
करीब डेढ़ साल पहले मंदिर के बाहर खेल रही नाबालिग को रुपए देने के बहाने ले जाकर दुष्कर्म करने वाले आरोपी को कोर्ट ने आजीवान कारावास की सजा सुनाई है। फैसला विशेष न्यायाधीश राकेश कुमार शर्मा पॉक्सो एक्ट की कोर्ट ने सुनाया है। आरोपी कृष्णा (26)पिता बद्रीलाल मालीवाड निवासी ग्राम धोलका थाना बिलपांक जिला रतलाम को बीएनएस की धारा 137(2) एवं लैगिंक अपराधों से बालकों का संरक्षण की धारा 5 (एल)/6, के तहत आजीवन कारावास एवं अर्थदंड से दंडित किया है। डेढ़ साल पहले की घटना उपनिदेशक अभियोजन रतलाम आशा शाक्यवार ने बताया घटना 15 नवंबर 2024 की है। पीड़िता की मां शाम करीबन 4 बजे घर आई। नाबालिग रो रही थी। उसने बेटी से पूछा क्या हुआ। तब उसने बताया कि कि वह व उसका भाई दोनों मंदिर के बाहर खेल रहे थे। तभी खेलते समय कृष्णा ने उसे पैसे देने के बहाने बुलाकर मंदिर के पीछे बने कमरे में हाथ पकड़कर ले गया। फिर उसके साथ अभियुक्त कृष्णा ने गंदा काम किया। बाद में उसे छोड़कर बोला कि अब तु तेरे घर जा। वह रोती रोती हुई घर गई। उसके घर के पास में रहने वाले पड़ोसी को बताया कि उसके पापा के दोस्त कृष्णा ने उसके उसके साथ गंदा काम किया है। तब पड़ोसी ने उसके पति के काम से लौटकर आने पर जानकारी दी। पीड़िता की मां व पिता के घर आने पर नाबालिग को बिलपांक थाने लेकर थाने ले जाकर शिकायत की। दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट में दर्ज हुआ था केस नाबालिग की शिकायत पर पुलिस ने दुष्कर्म समेत पॉक्सो एक्ट में केस दर्ज किया। जांच के बाद आरोपी को गिरप्तार किया। पुलिस द्वारा अभियुक्त के खिलाफ अभियोग पत्र न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया। कोर्ट ने अभियोजन द्वारा प्रस्तुत वैज्ञानिक और दस्तावेजी साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपी को गंभीर धाराओं में दोषी पाया। शासन की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक रतलाम दीप्ति कनासे द्वारा की गई।
प्रतापगढ़ में नाबालिग से दुष्कर्म, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने के मामले में बुधवार को अदालत ने दोषी को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने उस पर 53 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया। यह फैसला अपर न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम आतिफ शमीम की अदालत ने सुनाया। 2017 में नाबालिग से दुष्कर्म का आरोप अभियोजन के मुताबिक, घटना 18 अप्रैल 2017 की रात की है। पट्टी थाना क्षेत्र के रहने वाले अशोक कुमार उर्फ बबलू पर 15 साल की नाबालिग से दुष्कर्म करने का आरोप था। आरोप है कि उसने रात करीब 2 बजे पीड़िता को अपने घर बुलाया और उसके साथ दुष्कर्म किया। अभियोजन ने बताया कि आरोपी करीब एक साल से पीड़िता को शादी का झांसा देकर उसका शारीरिक शोषण कर रहा था। शादी के लिए दबाव बनाने पर मारपीट का आरोप अभियोजन के अनुसार, पीड़िता ने जब आरोपी पर शादी के लिए दबाव बनाया तो उसने उसके साथ मारपीट की। गाली-गलौज करने और जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया। इसके बाद पीड़िता को वहां से भगा दिया गया। 8 गवाह और 10 दस्तावेजी सबूत पेश किए मामला अदालत पहुंचने के बाद अभियोजन पक्ष ने आरोपी के खिलाफ 8 गवाह पेश किए। इसके साथ 10 दस्तावेजी साक्ष्य भी अदालत में रखे गए। विशेष लोक अभियोजक प्रदीप कुमार पांडेय ने अभियोजन की ओर से पैरवी की। पीड़िता के हित में खर्च होगी जुर्माने की राशि गवाहों और सबूतों के आधार पर अदालत ने अशोक कुमार उर्फ बबलू को दोषी माना। कोर्ट ने उसे 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 53 हजार रुपए का जुर्माना लगाया। अदालत ने आदेश दिया कि जुर्माने की राशि पीड़िता के हित में खर्च की जाए। इसका इस्तेमाल इलाज, मानसिक आघात की भरपाई और पुनर्वास के लिए किया जाएगा।
मैनपुरी के जिला अस्पताल में डॉक्टरों के लिए मेडिकोलीगल और पोस्टमॉर्टम से जुड़ी एक ट्रेनिंग हुई। इसका मकसद डॉक्टरों को मेडिकोलीगल मामलों और पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया की जरूरी जानकारी देना था। बुधवार को अस्पताल के सीएमएस राज सिंह ने डॉक्टरों को मेडिकोलीगल मामलों में अपनाई जाने वाली प्रक्रिया समझाई। उन्हें जरूरी कागज बनाने, सबूतों को संभालकर रखने और पोस्टमॉर्टम से जुड़ी खास बातों की जानकारी दी गई। डॉक्टरों को बताया गया कि इन मामलों में मेडिकल जांच और रिपोर्ट बनाते समय सभी नियमों का पालन करना बहुत जरूरी है। ट्रेनिंग में पोस्टमॉर्टम के दौरान शव की जांच करने, जरूरी बातों को सही तरीके से लिखने और रिपोर्ट तैयार करने के अलग-अलग पहलुओं पर भी चर्चा हुई। डॉक्टरों को समझाया गया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट किसी भी केस की जांच में एक जरूरी मेडिकल दस्तावेज होती है। इसलिए इसे बनाते समय खास सावधानी और निष्पक्षता रखनी चाहिए। इस ट्रेनिंग में डॉक्टरों ने मेडिकोलीगल और पोस्टमॉर्टम से जुड़े कई विषयों पर जानकारी हासिल की। उन्हें इन मामलों में आने वाली रोजमर्रा की दिक्कतें और उनके समाधान पर भी चर्चा करने का मौका मिला। जिला अस्पताल में हुई इस ट्रेनिंग से डॉक्टरों को मेडिकोलीगल मामलों को संभालने और पोस्टमॉर्टम प्रक्रिया को नियमों के हिसाब से पूरा करने में मदद मिलेगी। इस ट्रेनिंग का मकसद डॉक्टरों की काम करने की क्षमता और जानकारी बढ़ाना है। स्वास्थ्य विभाग का मकसद ऐसे ट्रेनिंग प्रोग्राम से मेडिकल सेवाओं की गुणवत्ता सुधारना है। साथ ही, मेडिकोलीगल मामलों में सही और वैज्ञानिक प्रक्रिया को पक्का करना भी इसका लक्ष्य है।
नगरीय निकाय चुनाव 2026 के प्रथम चरण के मतदान में झुंझुनूं जिले के दिव्यांग मतदाताओं ने लोकतंत्र के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाई। जिले की 9 नगरीय निकायों में दिव्यांग मतदाताओं की भागीदारी उल्लेखनीय रही। कुल 1,346 पंजीकृत दिव्यांग मतदाताओं में से 1,154 ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इस प्रकार दिव्यांग मतदाताओं का मतदान प्रतिशत 85.73 प्रतिशत दर्ज किया गया। दिव्यांग मतदाताओं के लिए रहीं खास सुविधाएं प्रभारी अधिकारी, दिव्यांग मतदाता सुविधा प्रकोष्ठ एवं सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के उपनिदेशक अरविंद ओला ने बताया- नगर परिषद झुंझुनूं, बगड़, सुल्ताना, नवलगढ़, जाखल, डूंडलोद, मुकुंदगढ़, उदयपुरवाटी और खेतड़ी में दिव्यांग मतदाताओं ने पूरे उत्साह के साथ मतदान किया। मतदान के दौरान प्रशासन की ओर से दिव्यांग मतदाताओं के लिए विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं, ताकि उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। मतदान केंद्रों पर दिव्यांग मतदाताओं के लिए रैंप, व्हीलचेयर और सुगम प्रवेश की व्यवस्था की गई थी। इसके अलावा जरूरतमंद मतदाताओं के लिए वाहन सुविधा भी उपलब्ध कराई गई। मतदान केंद्रों पर स्काउट एवं गाइड के छात्र-छात्राओं ने दिव्यांग मतदाताओं की सहायता करते हुए उन्हें मतदान केंद्र तक पहुंचाने और मतदान प्रक्रिया पूरी कराने में सहयोग किया। जागरूकता अभियान भी चलाए गए उन्होंने बताया- मतदान से पहले दिव्यांग मतदाताओं को मतदान के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से विभिन्न स्तरों पर जागरूकता अभियान चलाए गए। इसके सकारात्मक परिणाम मतदान के दिन देखने को मिले, जब बड़ी संख्या में दिव्यांग मतदाता मतदान केंद्रों तक पहुंचे और अपने मताधिकार का प्रयोग किया। जिला प्रशासन ने दिव्यांग मतदाताओं की सक्रिय भागीदारी को लोकतंत्र के प्रति उनकी जागरूकता और विश्वास का प्रतीक बताते हुए कहा कि सभी मतदाताओं को बिना किसी बाधा के मतदान का अवसर उपलब्ध कराना निर्वाचन प्रक्रिया की प्राथमिकता रही।
बेमेतरा जिले में स्मार्ट मीटर, प्रीपेड मीटर और ऑटो पंचिंग जैसी नई तकनीक लागू होने के साथ ही वर्षों से मीटर रीडिंग का काम कर रहे कर्मचारियों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है। बुधवार को बेमेतरा विद्युत मीटर रीडर श्रमिक संघ के सदस्य कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और नौकरी बचाने की मांग को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। संघ के अनुसार, बेमेतरा जिले में करीब 200 मीटर रीडर काम कर रहे हैं। इनमें कई कर्मचारी पिछले 15 से 20 वर्षों से मीटर रीडिंग, बिलिंग और फील्ड से जुड़े काम संभाल रहे हैं। जिले में करीब 200 मीटर रीडर मीटर रीडरों का कहना है कि स्मार्ट और प्रीपेड मीटर आने के बाद पारंपरिक तरीके से मीटर रीडिंग की जरूरत कम हो जाएगी। ऐसे में लंबे समय से विभाग से जुड़े कर्मचारियों को काम से हटाने के बजाय उनके अनुभव और योग्यता का दूसरे कार्यों में इस्तेमाल किया जाना चाहिए। KYC से लेकर शिकायत निवारण तक काम देने की मांग संघ ने मांग की है कि मीटर रीडरों को KYC, स्मार्ट मीटर से जुड़े फील्ड कार्य, मीटर जांच, उपभोक्ता सर्वे, डाटा सत्यापन, कनेक्शन की जांच और उपभोक्ताओं की शिकायतों के निराकरण जैसे कामों में लगाया जाए। कर्मचारियों का कहना है कि वे वर्षों से फील्ड में काम कर रहे हैं और बिजली उपभोक्ताओं, कनेक्शन, मीटर तथा स्थानीय क्षेत्रों की अच्छी जानकारी रखते हैं। इस अनुभव का उपयोग नई व्यवस्था में भी किया जा सकता है। प्रदेश में करीब 5 हजार रीडरों पर असर की आशंका संघ के मनोज ने बताया कि नई व्यवस्था का असर प्रदेश में करीब 5 हजार मीटर रीडरों पर पड़ सकता है। इनमें बड़ी संख्या ऐसे कर्मचारियों की है, जिनकी उम्र 40 से 50 वर्ष के बीच है और वे लंबे समय से इसी काम पर निर्भर हैं। उनका कहना है कि अचानक रोजगार खत्म होने से कर्मचारियों के परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो सकता है। इसलिए तकनीक में बदलाव जरूरी है, लेकिन उसके साथ वर्षों से काम कर रहे कर्मचारियों के रोजगार की सुरक्षा का भी ध्यान रखा जाना चाहिए। बोले- तकनीक बदले, रोजगार नहीं मीटर रीडरों ने कहा कि वे नई तकनीक के विरोध में नहीं हैं। उनकी मांग केवल इतनी है कि तकनीकी बदलाव के कारण वर्षों से काम कर रहे कर्मचारियों को बेरोजगार न किया जाए। विभाग उनकी योग्यता और अनुभव के आधार पर दूसरे कार्यों में समायोजित करे, ताकि नई व्यवस्था का लाभ भी मिले और कर्मचारियों की आजीविका भी बनी रहे।
मैनपुरी में 36 घंटे बाद LPG टैंकर सीधा हुआ:दन्नाहार थाना क्षेत्र में पलटने से बंद रहा यातायात बहाल
मैनपुरी के दन्नाहार थाना क्षेत्र में मंगलवार सुबह मैनपुरी-घिरोर मार्ग पर हुमायूंपुर और बॉट्रॉली गांव के बीच एलपीजी गैस से भरा एक टैंकर पलट गया था। करीब 36 घंटे बाद रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा हुआ और टैंकर को सीधा कर दिया गया। इसके बाद पुलिस-प्रशासन, दमकल कर्मियों और मथुरा-कानपुर से आई रेस्क्यू टीमों ने चैन की सांस ली। मार्ग पर यातायात भी शुरू हो गया है। यह टैंकर मथुरा रिफाइनरी से करीब 17 टन एलपीजी गैस लेकर नेपाल जा रहा था। चालक दिनेश चंद्र ने बताया कि रास्ते में अचानक गोवंश सामने आने से वाहन का संतुलन बिगड़ गया और टैंकर सड़क पर पलट गया। हादसे के बाद गैस रिसाव शुरू होने की खबर मिलते ही पुलिस-प्रशासन अलर्ट हो गया। एहतियात के तौर पर करीब दो किलोमीटर के इलाके को सील कर लोगों की आवाजाही रोक दी गई थी। गैस रिसाव के कारण मैनपुरी-घिरोर मार्ग पर करीब 36 घंटे तक यातायात बंद रहा। लोगों से आग, चिंगारी और आग लगाने वाली किसी भी चीज के इस्तेमाल से दूर रहने की अपील की गई थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मथुरा और कानपुर से विशेषज्ञ रेस्क्यू टीमें और रिफाइनरी के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। मंगलवार सुबह से बुधवार दोपहर करीब 2:30 बजे तक लगातार दिन-रात अभियान चलाया गया। लगातार 36 घंटे की मेहनत के बाद टैंकर को सुरक्षित रूप से सीधा किया गया। इसके बाद पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेडिंग और प्रतिबंध हटा दिए गए। मैनपुरी-घिरोर मार्ग पर यातायात फिर से शुरू हो गया। पूरे ऑपरेशन के दौरान प्रशासन की प्राथमिकता गैस रिसाव को रोकने के साथ आसपास के लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना रही।
कैमूर जिले में 12 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत लगेगी। इसे लेकर जिला परिवहन विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। लोक अदालत के दिन भीड़ और अव्यवस्था से बचने के लिए विभाग ने 7 सितंबर से ही लंबित चालानों के निपटारे और प्री-रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पहले ही प्रक्रिया पूरी कर रहे लोग 7 सितंबर को पहले दिन चालान जमा करने वालों की संख्या शून्य थी। लेकिन, 8 सितंबर से आंकड़ों में बढ़ोतरी हुई है। 8 सितंबर तक कुल 83 प्री-रजिस्ट्रेशन हुए थे। वहीं, 9 सितंबर को 71 नए प्री-रजिस्ट्रेशन किए गए। इससे पता चलता है कि लोग लोक अदालत के दिन लंबी लाइनों से बचने के लिए पहले ही प्रक्रिया पूरी कर रहे हैं। एमवीआई चंद्रप्रकाश और एमवीआई प्रभात रंजन ने वाहन चालकों से अपील की है। उन्होंने कहा कि लोग आखिरी दिन की हड़बड़ी का इंतजार न करें। विभाग यह सुविधा पहले से दे रहा है। इसका फायदा उठाकर लोग समय रहते अपने चालानों का भुगतान कर लें। इससे लोक अदालत के दिन बेवजह की परेशानी और लाइनों से बचा जा सकेगा।
कैमूर में बिहार शिक्षक स्थानांतरण नियमावली 2026 के पहले चरण के तहत 569 शिक्षकों को अस्थायी रूप से स्कूल आवंटित किए गए हैं। यह फैसला जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई जिला स्थापना समिति की बैठक में लिया गया। ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर मिले 1322 आवेदन ई-शिक्षाकोष पोर्टल के जरिए विभिन्न कक्षाओं के लिए कुल 1322 आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें कक्षा 1 से 5 के लिए 822, कक्षा 6 से 8 के लिए 141, कक्षा 9 से 10 के लिए 162 और कक्षा 11 से 12 के लिए 197 आवेदन शामिल हैं। जांच के बाद 569 शिक्षकों को मिला स्कूल आवेदनों की गहन जांच के बाद कक्षा 1 से 5 में 172, कक्षा 6 से 8 में 134, कक्षा 9 से 10 में 97 और कक्षा 11 से 12 में 166 शिक्षकों को अस्थायी स्कूल आवंटित किया गया है। लॉगिन आईडी से देख सकेंगे आवंटित स्कूल सभी शिक्षक अपनी ई-शिक्षाकोष लॉगिन आईडी के जरिए आवंटित स्कूल की जानकारी देख सकते हैं। विभाग की ओर से शिक्षकों को पोर्टल पर आवंटन की जानकारी जांचने को कहा गया है। दो दिन में ऑनलाइन आपत्ति का मौका यदि किसी शिक्षक को स्कूल आवंटन को लेकर आपत्ति है, तो वह दो दिनों के भीतर पोर्टल पर ऑनलाइन आपत्ति दर्ज करा सकता है। प्राप्त आपत्तियों के निपटारे के बाद ही स्थानांतरण की अंतिम सूची जारी की जाएगी। जिला स्थापना समिति की बैठक में हुआ फैसला बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना), एडीएम, पीजीआरओ, डीसीएलआर भभुआ और बीडीओ भभुआ समेत समिति के अन्य सदस्य मौजूद रहे।
सहरसा जिले में लंबित ट्रैफिक चालान के निपटारे के लिए एक छह दिवसीय विशेष शिविर लगाया गया है। यह शिविर 7 से 12 सितंबर 2026 तक जिला परिवहन कार्यालय में चलेगा। इसमें वाहन चालकों को चालान राशि पर 50 प्रतिशत तक की छूट का लाभ मिलेगा। शिविर में ट्रैफिक चालान से जुड़ी शिकायतों और लंबित मामलों का निपटारा किया जाएगा। जिला परिवहन पदाधिकारी सुजीत वरनवाल ने बुधवार शाम को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि परिवहन विभाग के करीब 6400 और ट्रैफिक पुलिस के लगभग 12 हजार लंबित चालानों का निपटारा किया जाएगा। कुल मिलाकर 18,400 मामलों का निष्पादन होगा। उन्होंने वाहन मालिकों और चालान धारकों से शिविर का फायदा उठाने की अपील की है। ट्रैफिक चालान की प्रिंट कॉपी साथ लाने की अपील डीटीओ ने बताया कि बुधवार शाम तक 20 ट्रैफिक चालान मामलों में राशि जमा कर उनका निपटारा किया जा चुका है। शिविर का मकसद लंबे समय से अटके चालान मामलों को कम करना और वाहन चालकों को नियमों के तहत राहत देना है। उन्होंने ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों से अपील की है। चालान की राशि जमा करने के लिए कार्यालय आने से पहले ट्रैफिक चालान की प्रिंट कॉपी साथ लाएं। चालानों का समय पर निपटारा कराने की अपील साथ ही, भुगतान के लिए जरूरी राशि भी अपने साथ रखें, ताकि मौके पर ही मामले का निपटारा हो सके। जिला परिवहन पदाधिकारी ने बताया कि 7 से 12 सितंबर तक कार्यालय समय में चालान से जुड़े मामलों का निपटारा होगा। उन्होंने आम लोगों से 'मुफ्त यातायात चालान निपटारा योजना-2026' का लाभ उठाने और लंबित चालानों का समय पर निपटारा कराने की अपील की है।
कोरिया जिले के मझारटोला आदिम जाति बालक छात्रावास में रहकर पढ़ने वाला 9 वर्षीय छात्र मंगलवार सुबह से लापता था। बुधवार को उसका शव छात्रावास परिसर के पास तालाब में तैरता मिला है। मामले में छात्रावास के अधीक्षक को सस्पेंड कर दिया गया है। मामला सोनहत ब्लाक का है। छात्रावास से छात्र के लापता होने की जानकारी परिजनों को भी करीब 10 घंटे बाद दी गई। छात्रावास के अधीक्षक भी बिना जानकारी दिए नदारत थे। मामले की जांच के लिए कोरिया कलेक्टर ने टीम गठित की है। जानकारी के मुताबिक, सोनहत के मझारटोला आदिम जाति बालक छात्रावास में रहकर कक्षा चौथी में पढ़ने वाला छात्र प्रिंस सिंह उर्फ भीम मंगलवार सुबह करीब 6 बजे से गायब था। वह दो दिन पहले ही छात्रावास आया था। बच्चे के परिजनों को मंगलवार शाम करीब 4 बजे सूचना दी गई। इसके बाद बच्चे की तलाश शुरू की गई। तालाब में तैरता मिला शव बुधवार सुबह छात्रावास के पास स्थित तालाब में बालक का शव लोगों ने देखा और सूचना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही अपर कलेक्टर एसके वैद्य, एसडीएम, तहसीलदार, आदिम जाति कल्याण विभाग के असिस्टेंट कमिश्नर, सोनहत थाना प्रभारी और पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को तालाब से बाहर निकालकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की। मृत बालक पटना थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत टेंगनी के हरपियारा गांव का निवासी विजेन्द्र सिंह का पुत्र था। मौके पर बालक की मां ने भावुक होकर कहा, “दो दिन पहले ही उसे घर से भेजी थी, मुझे मेरा बालक वापस चाहिए।” अधीक्षक सस्पेंड, कलेक्टर ने बनाई जांच समिति मामले में कलेक्टर रोक्तिमा यादव ने छात्रावास के अधीक्षक अशोक तिग्गा को लापरवाही के आरोप में सस्पेंड कर दिया है। अशोक तिग्गा बिना किसी सूचना के छात्रावास से अनुपस्थित मिले थे। छात्रावास से बच्चे के गायब होने की सूचना भी अधिकारियों को नहीं दी गई थी। कलेक्टर रोक्तिमा यादव ने सोनहत एसडीएम को मामले की जांच का निर्देश दिया है। बालक की मौत किन परिस्थितियों में हुई, वह तालाब तक कैसे पहुंचा, छात्रावास प्रबंधन को उसके लापता होने की जानकारी कब हुई और परिजनों को सूचना देने में देरी क्यों हुई, इन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
हांसी जिला पुलिस ने बुधवार को दो अलग-अलग मामलों में कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। साइबर थाना हांसी ने निवेश के नाम पर 18.50 लाख रुपए की ठगी करने वाले आरोपी को पकड़ा और उससे 1.10 लाख रुपए बरामद किए। वहीं, सीआईए नारनौंद ने निर्माणाधीन 132 केवी बिजली घर से केबल चोरी के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। साइबर थाना हांसी पुलिस ने निवेश के नाम पर 18.50 लाख रुपए की साइबर ठगी के मामले में अशोक देवदिगा को गिरफ्तार किया है। अशोक देवदिगा न्यू पनवेल वेस्ट, रायगढ़, महाराष्ट्र का रहने वाला है। पुलिस ने आरोपी से 1 लाख 10 हजार रुपए बरामद किए हैं। शेयर निवेश में मोटे मुनाफे का दिया लालच सहायक उप निरीक्षक रामबिलास ने बताया कि हांसी के एक व्यक्ति ने शिकायत दी थी। शिकायतकर्ता के अनुसार, मई 2025 में फेसबुक के जरिए उसकी एक व्यक्ति से दोस्ती हुई थी। इसके बाद व्हाट्सऐप पर बातचीत शुरू हुई। आरोपियों ने उसे यूएसडीटी (USDT) और शेयर ट्रेडिंग में निवेश कर मोटा मुनाफा कमाने का लालच दिया। इसके लिए उसका ऑनलाइन ट्रेडिंग अकाउंट बनवाया गया और अलग-अलग बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करवाए गए। शिकायतकर्ता ने जून से अगस्त 2025 के बीच अलग-अलग तरीकों से कुल 18 लाख 50 हजार रुपए बताए गए बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए। बाद में उसे पता चला कि उसके साथ ठगी हुई है। पीड़ित ने एनसीआरपी (NCRP) पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज करवाई थी। साइबर थाना हांसी में मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच के दौरान आरोपी अशोक देवदिगा को गिरफ्तार कर लिया। निर्माणाधीन बिजली घर से चुराई केबल दूसरी कार्रवाई में, सीआईए नारनौंद ने गांव किन्नर (मिर्चपुर) में निर्माणाधीन 132 केवी बिजली घर से केबल चोरी के मामले में टिंकू निवासी बास आजमशाहपुर, जिला हांसी को गिरफ्तार किया है। सीआईए नारनौंद के मुख्य सिपाही विजय कुमार ने बताया कि 3/4 अगस्त की रात अज्ञात चोरों ने निर्माणाधीन बिजली घर से कंट्रोल केबल को काटकर चोरी कर लिया था। इस संबंध में थाना नारनौंद में मामला दर्ज किया गया था। CIA टीम ने जांच के दौरान आरोपी टिंकू को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस उससे चोरी की गई केबल की बरामदगी और वारदात में शामिल अन्य आरोपियों के बारे में पूछताछ कर रही है। आरोपी को अदालत में पेश कर पांच दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया गया है। पुलिस का कहना है कि रिमांड के दौरान चोरी की गई केबल बरामद करने के साथ-साथ वारदात में शामिल अन्य लोगों की पहचान और उनकी भूमिका का पता लगाने का प्रयास किया जाएगा।
अनूपपुर शहर की सड़कों पर बुलेट से पटाखों जैसी आवाज निकालने और खतरनाक तरीके से गाड़ी चलाने वालों पर यातायात पुलिस ने कार्रवाई की। बुधवार दोपहर से शुरू हुए इस अभियान में पुलिस ने शाम तक 13 बुलेट के मॉडिफाइड साइलेंसर जब्त किए और चालकों पर 13 हजार का जुर्माना भी लगाया। जिला यातायात प्रभारी विनोद दुबे ने बताया कि पुलिस टीम सामतपुर तिराहा, अमरकंटक तिराहा और अंडरब्रिज तिराहा पर लगातार चेकिंग कर रही है। चेकिंग के दौरान कंपनी के साइलेंसर बदलकर पटाखों जैसी आवाज निकालने वाली गाड़ियों को रोककर उनके साइलेंसर तुरंत निकाले गए और चालान काटा गया। लाइसेंस रद्द करने की चेतावनी पुलिस अधीक्षक विक्रांत मुराब ने बताया कि प्रदूषण कंट्रोल और पुलिस मुख्यालय के आदेश पर यह कार्रवाई शुरू की गई है। एसपी ने चालकों को सख्त हिदायत दी है कि सड़कों पर स्टंटबाजी और शोरबाजी बर्दाश्त नहीं होगी। बार-बार नियम तोड़ने वाले चालकों का ड्राइविंग लाइसेंस रद्द किया जाएगा। यातायात पुलिस ने साफ किया है कि यह कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।
रामदेवरा मेले में उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए उत्तर पश्चिम रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए 3 जोड़ी यानी कुल 6 नई मेला स्पेशल ट्रेनें चलाने का फैसला किया है। इससे नियमित ट्रेनों पर दबाव कम होगा और श्रद्धालुओं को सीधी व सुगम यात्रा का विकल्प मिलेगा। रेलवे ने ट्रेन संख्या 04741 और 04742 श्रीगंगानगर-पोकरण मेला स्पेशल का संचालन 12 सितंबर से 26 सितंबर तक किया जाएगा। निर्धारित तिथियों में यह ट्रेन कुल 15 फेरे पूरी करेगी, जिससे दोनों तरफ के यात्रियों को सीधी कनेक्टिविटी उपलब्ध होगी। इस मेला स्पेशल ट्रेन में कुल 17 कोच लगाए गए हैं। इनमें 15 साधारण श्रेणी (जनरल) के डिब्बे और 2 गार्ड डिब्बे शामिल हैं। ट्रेनों का टाइम टेबल ट्रेनों की वापसी यात्रा
मऊगंज जिले के नईगढ़ी में बुधवार शाम देवगना पेट्रोल पंप के पास तेज रफ्तार बाइक सड़क पर अचानक आए कुत्ते से टकरा गई। टक्कर के बाद बाइक अनियंत्रित होकर सड़क पर फिसल गई। हादसे में बाइक चालक शंकर साकेत (36) गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें सीएचसी नईगढ़ी में प्राथमिक उपचार के बाद रीवा रेफर किया गया। बाजार जाते समय सड़क पर आया कुत्ता शंकर साकेत वार्ड क्रमांक-7, नगर परिषद नईगढ़ी के रहने वाले हैं। बुधवार शाम वह बाइक से घर से नईगढ़ी बाजार की ओर जा रहे थे। देवगना पेट्रोल पंप के पास अचानक कुत्ता सड़क पर आ गया, जिससे बाइक उससे टकरा गई। सड़क पर गिरने से गंभीर चोट आईं कुत्ते से टकराने के बाद बाइक का संतुलन बिगड़ गया और शंकर सड़क पर गिर गए। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। आसपास मौजूद ग्रामीणों ने उन्हें तुरंत सीएचसी नईगढ़ी पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद रीवा भेजा अस्पताल में डॉक्टरों ने शंकर का प्राथमिक उपचार किया। हालत गंभीर होने पर उन्हें बेहतर इलाज के लिए रीवा रेफर कर दिया गया। इसके बाद परिजन उन्हें लेकर रीवा रवाना हो गए।
इंदौर में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के 19 सितंबर को प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस ने बड़ा दावा किया है। कांग्रेस के मुताबिक, कार्यक्रम के लिए 24 घंटे के भीतर 50 हजार से अधिक युवाओं ने रजिस्ट्रेशन किया है। पार्टी का दावा है कि अब तक डेढ़ लाख से अधिक पंजीयन हो चुके हैं। इस उपलब्धि पर बुधवार शाम कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने परदेशीपुरा चौराहे पर आतिशबाजी की और मिठाई बांटकर जश्न मनाया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र और युवा भी शामिल हुए। शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे की मौजूदगी में हुए आयोजन में कार्यकर्ताओं ने रजिस्ट्रेशन की संख्या को लेकर खुशी जताई। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि युवाओं और विद्यार्थियों में सरकार के प्रति बढ़ता असंतोष पंजीयन के जरिए सामने आ रहा है। उन्होंने दावा किया कि इतनी बड़ी संख्या में युवाओं के जुड़ने से प्रदेश भाजपा में भी हलचल मच गई है। छात्रों के मुद्दे उठाने का दावाशहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने कहा कि कांग्रेस लगातार छात्रों और युवाओं की आवाज उठा रही है। लोकसभा सत्र के दौरान राहुल गांधी ने विद्यार्थियों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया था। इससे छात्रों में उम्मीद जगी है कि राहुल गांधी के माध्यम से उनकी समस्याएं उठेंगी और उनका समाधान हो सकेगा। चौकसे ने कहा कि भाजपा की दिल्ली और भोपाल सरकार के रवैये को लेकर छात्रों में नाराजगी है। कांग्रेस विद्यार्थियों की समस्याओं और उनकी नाराजगी को सरकार तक पहुंचाने का काम करेगी।
गोरखपुर में एक गर्ल्स हॉस्टल में छात्राओं के बाथरूम में कैमरा लगाया गया था। एक छात्रा ने यह आरोप लगाते हुए मंगलवार की देर रात 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दी। इसके बाद मोहद्दीपुर स्थित गर्ल्स हॉस्टल में कैंट थाने की पुलिस फोर्स पहुंची। बाथरूम में एक एंड्रायड मोबाइल रखा गया था, जिसका कैमरा ऑन था। कैमरे का फेस टॉयलेट की तरफ था। छात्रा का आरोप है कि मोबाइल चेक करने पर कई लड़कियों के वीडियो भी मिले हैं। जिन्हें पुलिस ने डिलीट भी कराया है। कुछ वीडियो वायरल भी हो रहे हैं। पूछताछ में पता चला कि हॉस्टल की वार्डन ने अपना मोबाइल बाथरूम में रिकॉर्डिंग ऑन करके रखा था। वार्डन ने पुलिस को बताया कि लड़कियों के इधर-उधर सेनेटरी पैड फेंकने की वजह से रात में 10 बजे मोबाइल रिकॉर्डिंग मोड में ऑन करके बाथरूम में लगाया था। 20 कमरों में 26 लड़कियां रहती हैं कैंट इलाके के मोहद्दीपुर में एक गर्ल्स हॉस्टल चलता है। यहां 20 कमरों में 26 लड़कियां रहती हैं। ये सभी शहर के कॉलेजों में पढ़ने और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाली लड़कियां हैं। पुलिस के मुताबिक, 2 दिन पहले एक छात्रा हॉस्टल में आई है। 8 सितंबर को वह रात में बॉथरूम गई। इस दौरान उसकी नजर टीन शेड में फंसे मोबाइल पर पड़ी। फिर उसने पहले अपने मोबाइल से इसका वीडियो बनाया। इसके बाद हॉस्टल की दूसरी लड़कियों को बुलाकर पूरी बात बताई। मोबाइल चेक करने पर 3 घंटे की रिकॉर्डिंग मिली जिस फोन से रिकॉर्डिंग की जा रही थी, वह सैमसंग कंपनी का 3 कैमरे वाला एंड्रायड मोबाइल था। उसमें 5-6 लड़कियों के बाथरूम में बैठने के वीडियो मिले। इसके बाद लड़कियों ने चीखना-चिल्लाना शुरू कर दिया। एक लड़की ने पुलिस को सूचना दे दी। साथ ही अपने घरवालों को भी इस बारे में बताया। कई लड़कियों ने वीडियो अपने मोबाइल में भी ले लिए। सूचना मिलते ही पीआरवी और कैंट पुलिस रात करीब 12 बजे गर्ल्स हॉस्टल पहुंची। वहां महिला वार्डन लड़कियों को समझाने की कोशिश कर रही थीं। काफी देर तक हॉस्टल में हंगामा चलता रहा। पुलिस ने वार्डन का मोबाइल कब्जे में लेकर कई वीडियो डिलीट किए। लड़कियों के मोबाइल से भी वीडियो डिलीट कराए। इसके बाद भी कुछ वीडियो वायरल हो गए। किराए का घर लेकर हॉस्टल चलाती है महिला पुलिस के मुताबिक, घर के मालिक से बात हुई है। उन्होंने बताया कि महिला उनका घर किराए पर लेकर कई साल से गर्ल्स हॉस्टल चला रही है। आज तक कभी कोई शिकायत नहीं मिली। महिला वार्डन ने भी पुलिस को बताया कि लड़कियों की सुरक्षा के लिए जगह-जगह कैमरे लगाए हैं। उनकी सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। मेरी कोई गलत मंशा नहीं थी। कैंट थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह ने बताया कि रात को सूचना मिली थी। पुलिस टीम गई थी। मोबाइल कब्जे में लेकर जांच-पड़ताल की जा रही है। शिकायत मिलने पर जांच कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। -------------------------- ये खबर भी पढ़िए- योगी बोले- हम उनमें से नहीं, जो माफिया के सामने गिड़गिड़ाएं, बेटी की सुरक्षा में सेंध लगाई तो जहन्नुम जाओगे सीएम योगी बुधवार को वाराणसी में थे। यहां उन्होंने पहले की सपा सरकार पर जमकर हमला बोला। कहा- घर से बाहर कैसे निकलें, 9 साल पहले यह सवाल था। कहां तक जाना है, आज यह सवाल है। पहले घर से बाहर निकलने में बेटियां डरती थीं, आज ऐसी कोई चिंता नहीं।हमने कह दिया है कि बेटी की सुरक्षा में सेंध लगाई तो दो ही जगह होगी- जेल या जहन्नुम। हम उन लोगों में नहीं हैं कि वोटबैंक के लिए किसी माफिया के सामने गिड़गिड़ाएं। पढ़ें पूरी खबर...
सहरसा कोर्ट परिसर में बुधवार शाम उस समय हड़कंप मच गया, जब अधिवक्ताओं ने एक युवक को कथित तौर पर फर्जी वकालतनामा और बेलबॉन्ड बेचते हुए पकड़ लिया। युवक को अधिवक्ता उपेंद्र झा के टेबल के पास से पकड़ा गया। इसके बाद उसके बैग की तलाशी ली गई, जिसमें बड़ी संख्या में संदिग्ध कागजात मिले। मामले की सूचना सहरसा सदर थाना पुलिस को दी गई। पुलिस युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। गुप्त सूचना के बाद शुरू हुई जांच जिला विधिज्ञ संघ के कोषाध्यक्ष मो. हुसैन अहमद के अनुसार, उन्हें सूचना मिली थी कि संघ के नाम से इस्तेमाल होने वाले वकालतनामा और बेलबॉन्ड की कथित तौर पर नकली छपाई कर कोर्ट परिसर में बेची जा रही है। सूचना मिलने के बाद अधिवक्ताओं ने मामले की पड़ताल शुरू की। इसी दौरान संदिग्ध युवक उनकी पकड़ में आया। बैग में मिले 80 से ज्यादा कागजात पूछताछ में युवक ने अपना नाम ज्योतिष कुमार झा बताया और खुद को मुंशी बताया। उसके बैग की तलाशी में 58 बेलबॉन्ड और 22 वकालतनामा मिले। विधिज्ञ संघ के अधिकारियों का कहना है कि प्रथम दृष्टया ये कागजात संदिग्ध और फर्जी प्रतीत हो रहे हैं। युवक ने पूछताछ में बताया कि वह बुधवार सुबह से ही कोर्ट परिसर में वकालतनामा और बेलबॉन्ड बेच रहा था। रोज 60-70 हजार की बिक्री, बड़े नेटवर्क की आशंका संघ के कोषाध्यक्ष ने बताया कि सहरसा कोर्ट परिसर में प्रतिदिन करीब 60 से 70 हजार रुपये के वकालतनामा और बेलबॉन्ड की बिक्री होती है। ऐसे में बड़ी संख्या में कथित फर्जी कागजात की बिक्री के पीछे किसी संगठित नेटवर्क की आशंका जताई जा रही है। संघ को इस फर्जीवाड़े से लाखों रुपये के नुकसान की आशंका है। पहचान और छपाई के स्रोत की जांच पकड़े गए युवक ने अपना घर सहरसा जिले में बताया है, लेकिन पूछताछ के दौरान उसने पहचान का कोई आधार कार्ड या अन्य दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया। इससे उसकी पहचान को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद कागजात कहां छपवाए गए और इन्हें कोर्ट परिसर तक कौन पहुंचा रहा था। पुलिस इस मामले में अन्य लोगों की भूमिका और कथित नेटवर्क की भी जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार, युवक फिलहाल हिरासत में है और उससे पूछताछ जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही फर्जी दस्तावेजों की वास्तविक स्थिति और मामले में शामिल अन्य लोगों के बारे में स्पष्ट जानकारी सामने आएगी।
पंजाब सरकार के पे-स्केल विवाद में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट से कर्मचारियों को बड़ी राहत मिली है। हाई कोर्ट ने साफ कर दिया कि साल 2025 में सेवा नियमों में किए गए संशोधन को उन कर्मचारियों पर पिछली तारीख से लागू नहीं किया जा सकता, जिनकी नियुक्ति संशोधन की अधिसूचना जारी होने से पहले हो चुकी थी। सरकार की ओर से अदालत में दिए गए इस आश्वासन के बाद हाई कोर्ट ने मामले से जुड़ी बड़ी संख्या में लंबित अपीलों का निपटारा कर दिया है। हालांकि, परिवीक्षा अवधि के दौरान कर्मचारियों को पूरा वेतन देने के मामले में हाई कोर्ट ने कोई टिप्पणी नहीं की है। यह मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। क्या था विवाद? जानिए 2020 का पूरा मामला 17 जुलाई 2020 के निर्देश: पंजाब सरकार ने एक नया आदेश जारी किया था कि सरकार या उसकी संस्थाओं में सीधी भर्ती या अनुकंपा के आधार पर मिलने वाला वेतनमान 7वें केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुसार केंद्र सरकार के वेतनमान से अधिक नहीं होगा। कर्मचारियों का विरोध: राज्य के कई विभागों ने अपने संबंधित सेवा नियमों में जरूरी संशोधन किए बिना ही इस नियम को जबरन लागू कर दिया। कोर्ट का दरवाजा खटखटाया: इस फैसले से नाराज कर्मचारियों ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिकाएं दायर कर सरकार के कदम को चुनौती दी थी। हाईकोर्ट का फैसला और राहत के मुख्य बिंदु कर्मचारी कर सकता है आवेदन: खंडपीठ ने सरकार के इस बयान को रिकॉर्ड पर लेते हुए कहा कि अगर किसी कर्मचारी का वेतन तय व्यवस्था के अनुसार तय नहीं हुआ है तो वह विभाग के सामने आवेदन कर सकता है। सरकार को ऐसे आवेदन पर 3 महीने के भीतर फैसला करना होगा। अगर कर्मचारी किसी लाभ का हकदार पाया जाता है तो उसे अगले छह सप्ताह में इसका लाभ देना होगा। पिछला आदेश प्रभावी नहीं होगा: हाई कोर्ट ने यह भी साफ किया कि सरकार के आश्वासन या ‘सौरभ शर्मा’ फैसले के खिलाफ जारी कोई पुराना आदेश, जिसमें कर्मचारी को वेतनमान का लाभ देने से मना किया गया है, अब प्रभावी नहीं माना जाएगा। ऐसे कर्मचारी विभाग के सामने दोबारा अपना दावा पेश कर सकते हैं।
लखनऊ के महानगर स्थित लिबर्टी शूज कंपनी के एक शोरूम में स्टोर मैनेजर ने लाखों रुपए के स्टॉक और नकदी गबन कर दी। कंपनी के ऑडिट में घोटाले की पोल खुल गई। कंपनी के एरिया सेल्स मैनेजर अंकित मिश्रा और गणेश प्रसाद की तरफ से मामले की शिकायत की गई है। एरिया सेल्स मैनेजर ने शिकायत में बताया कि सेक्टर-8, महानगर स्थित लिबर्टी शूज के शोरूम में सुल्तानपुर निवासी जितेंद्र यादव स्टोर मैनेजर के पद पर कार्यरत था। अधिकारियों का आरोप है कि 10 से 12 अप्रैल 2026 के बीच स्टोर के ऑडिट और जांच के दौरान स्टॉक में करीब 8.46 लाख रुपए की कमी मिली। इसके अलावा करीब 20 हजार रुपए की नकदी भी कम पाई गई। कंपनी के अनुसार, कुल 8 लाख 66 हजार 393 रुपए के स्टॉक और नकदी का गबन किया गया है। आरोप है कि जांच के दौरान जितेंद्र यादव ने स्टॉक की कमी को स्वीकार करते हुए 15 अप्रैल 2026 तक पूरी रकम जमा करने का लिखित में बात कही। हालांकि तय समय बीतने के बावजूद उसने कंपनी को कोई रकम वापस नहीं की। स्टाफ और अधिकारियों को धमकाने का भी आरोप शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि रकम जमा करने के बजाय आरोपी अब स्टोर के कर्मचारियों और कंपनी अधिकारियों को धमकी दे रहा है। साथ ही उन पर झूठे और निराधार आरोप लगाकर दबाव बनाने का प्रयास कर रहा है। कंपनी की तरफ से शिकायत के साथ कुछ दस्तावेज भी उपलब्ध कराए गए हैं, जिनमें कर्मचारी ने स्टॉक की कमी स्वीकार की है। मामले में इंस्पेक्टर महानगर का कहना है मुकदमा दर्ज करके साक्ष्यों के आधार पर जांच की जा रही है।
सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थियों को फिल्म निर्माण और डिजिटल माध्यमों से जोड़ने के उद्देश्य से जयपुर में विशेष ‘फिल्म-इन-एजुकेशन’ कार्यशाला का आयोजन किया गया। सोमरंजन फाउंडेशन, उदयपुर की ओर से बुबुगाओ कम्युनिकेशन प्राइवेट लिमिटेड के सीएसआर सहयोग से आयोजित कार्यशाला में कक्षा 6वीं से 12वीं तक के 150 से अधिक छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। कार्यशाला का आयोजन राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय पानों का दरीबा और सुभाष चौक स्थित राजकीय विद्यालय में किया गया। इस दौरान विद्यार्थियों को मोबाइल फिल्ममेकिंग के माध्यम से फिल्म निर्माण और डिजिटल कंटेंट तैयार करने की बारीकियों से परिचित कराया गया। मोबाइल बना रचनात्मकता का माध्यम कार्यशाला में विद्यार्थियों को स्टोरीटेलिंग, कंटेंट क्रिएशन, कैमरा संचालन, वीडियो मेकिंग और एक्टिंग सहित विभिन्न डिजिटल एवं रचनात्मक कौशलों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। विद्यार्थियों ने मोबाइल फोन के माध्यम से कहानी को दृश्य रूप देने, कैमरे के अलग-अलग एंगल समझने और वीडियो तैयार करने की प्रक्रिया को करीब से जाना। प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को यह भी समझाया गया कि प्रभावी कहानी कहने के लिए केवल तकनीक ही नहीं, बल्कि विषय की समझ, रचनात्मक सोच और प्रस्तुति भी महत्वपूर्ण होती है। विद्यार्थियों ने फिल्म निर्माण की प्रक्रिया को समझने के साथ ही इन तकनीकों को स्वयं आजमाकर व्यावहारिक अनुभव हासिल किया। डिजिटल युग में नए अवसरों से परिचित कराना उद्देश्य सोमरंजन फाउंडेशन की डायरेक्टर डॉ. बेला मलिक ने बताया- कार्यशाला का उद्देश्य युवाओं को फिल्ममेकिंग, कंटेंट क्रिएशन और डिजिटल स्किल्स में दक्ष बनाना है। उन्होंने कहा- डिजिटल माध्यमों के तेजी से विस्तार के साथ इन क्षेत्रों में युवाओं के लिए करियर के नए अवसर सामने आ रहे हैं। ऐसे में विद्यार्थियों को स्कूल स्तर से ही इन कौशलों से परिचित कराना उन्हें भविष्य के लिए तैयार करने में मददगार हो सकता है। उन्होंने कहा- मोबाइल फोन आज केवल संचार का साधन नहीं, बल्कि रचनात्मक अभिव्यक्ति का प्रभावी माध्यम भी बन चुका है। इसके सही इस्तेमाल के जरिए विद्यार्थी अपनी कहानियों और विचारों को व्यापक मंच तक पहुंचा सकते हैं। आयोजक ऋषभ जैन ने कहा कि सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थियों को भी मोबाइल फिल्ममेकिंग और डिजिटल स्किल्स जैसी आधुनिक तकनीकों से परिचित कराया जाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में विद्यार्थियों के लिए पारंपरिक शिक्षा के साथ तकनीकी और रचनात्मक कौशल का विकास भी महत्वपूर्ण है। इस तरह की कार्यशालाएं विद्यार्थियों को तकनीक के रचनात्मक इस्तेमाल की दिशा दिखाने के साथ उनके आत्मविश्वास और अभिव्यक्ति की क्षमता को भी मजबूत कर सकती हैं। विद्यार्थियों ने सीखा कहानी को पर्दे तक पहुंचाने का तरीका कार्यशाला में विद्यार्थियों ने फिल्म निर्माण की शुरुआती अवधारणाओं से लेकर वीडियो तैयार करने तक की प्रक्रिया को समझा। मोबाइल से शूटिंग करने, दृश्य की योजना बनाने, अभिनय करने और कहानी को प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करने जैसे पहलुओं पर प्रशिक्षण दिया गया। कार्यशाला का संचालन सोमरंजन फाउंडेशन की ट्रेनर्स सुनाक्षी और दिव्यांश गोयल ने किया। प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ गतिविधियों में हिस्सा लिया और मोबाइल के माध्यम से रचनात्मक कंटेंट तैयार करने का अनुभव प्राप्त किया।
जगराओं में रायकोट रोड पर सोनालीका ट्रैक्टर एजेंसी के पास बुधवार को चलते मोटरसाइकिल में अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। मोटरसाइकिल सवार युवक ने समय रहते छलांग लगाकर अपनी जान बचाई। देखते ही देखते बाइक आग के गोले में तब्दील हो गई। आसपास मौजूद दुकानदारों और राहगीरों ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का प्रयास किया। मोटरसाइकिल मालिक गगनदीप सिंह निवासी चुंगी नंबर-5 ने बताया कि उनके पल्सर मोटरसाइकिल की टंकी वाली मोटर में खराबी थी। उन्होंने इसे जगराओं स्थित बजाज एजेंसी से ठीक करवाया था। इसके बाद वह अपने दोस्त कुलदीप सिंह के साथ मोटरसाइकिल लेकर वापस लौट रहे थे। घटना के बाद अफरा-तफरी का माहौल बना गगनदीप के अनुसार, जब वे रायकोट रोड पर सोनालीका एजेंसी के पास पहुंचे तो अचानक मोटरसाइकिल में आग लग गई। आग तेजी से फैलने लगी। स्थिति को देखते हुए कुलदीप सिंह ने तुरंत मोटरसाइकिल से छलांग लगा दी और सुरक्षित बच गए। आग की लपटें देखकर आसपास के दुकानदार और राहगीर मौके पर इकट्ठा हो गए। लोगों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। घटना में किसी व्यक्ति के घायल होने या जान जाने की सूचना नहीं है। हालांकि, आग लगने से मोटरसाइकिल बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। घटना के बाद आसपास काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
अग्रोहा के किरमारा धाम की पार्किंग से चोरी हुई आल्टो कार के मामले में थाना अग्रोहा पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर चोरी की गई कार भी बरामद कर ली है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान राजेंद्र निवासी बन मन्दोरी, जिला फतेहाबाद के रूप में हुई है। थाना प्रभारी अग्रोहा निरीक्षक ईश्वर सिंह ने बताया कि सिवानी बोलान निवासी प्रदीप कुमार ने 12 अगस्त 2026 को शिकायत दी थी कि वह किरमारा धाम में धोक मारने के लिए आया था। उसने अपनी आल्टो कार धाम के बाहर पार्किंग में खड़ी की थी। करीब दो घंटे बाद वापस लौटने पर कार वहां से गायब मिली। शिकायत के आधार पर थाना अग्रोहा में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। सीसीटीवी से मिला सुराग मामले की जांच ASI विनोद कुमार की टीम द्वारा की गई। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के साथ साइबर सेल की सहायता ली। तकनीकी साक्ष्यों और अन्य विश्वसनीय स्रोतों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने आरोपी की पहचान की और उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार आरोपी राजेंद्र की निशानदेही पर चोरी की गई आल्टो कार बरामद कर ली गई। पुलिस आरोपी को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लेगी। रिमांड के दौरान उससे वारदात के संबंध में पूछताछ करने के साथ यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि वह वाहन चोरी की अन्य वारदातों में भी शामिल रहा है या नहीं। वाहन चोरी पर पुलिस की कार्रवाई जारी पुलिस अधीक्षक हिसार सिद्धांत जैन ने कहा कि जिले में वाहन चोरी सहित संपत्ति संबंधी अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस लगातार प्रभावी कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि सीसीटीवी फुटेज, साइबर सेल और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से अपराधियों की पहचान कर उन्हें कानून के शिकंजे में लाया जा रहा है।
गृह मंत्रालय ने यमुनापार के जाफराबाद और न्यू अशोक नगर थानों को देश के शीर्ष 10 सर्वश्रेष्ठ थानों में शामिल किया है। यह उपलब्धि यमुनापार की आपराधिक छवि के बावजूद पुलिस की बेहतर कार्यप्रणाली को दर्शाती है।
हत्यारों को फांसी दो, हत्यारों का एनकाउंटर करो जैसे नारे लगाते हुए कारोबारी अमित गुप्ता के परिजनों ने बुधवार शाम कैडिंल मार्च निकाला। ओम चौराहे से परिजन और मोहल्ले के लोग नीरक्षीर चौराहे पर पहुंचे और चौक पर मोमबत्तियां जलाते हुए बैनर लगाकर हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग की। कैंडल मार्च निकाले जाने की जानकारी पाकर काकादेव थाने का फोर्स पहुंचा। आक्रोशित परिजनों ने अल्टीमेटम दिया कि चार दिन का समय दे रहे है, अगर घटना का खुलासा नहीं हुआ तो धरना प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद परिजन घर लौट गए कैंडल मार्च के दौरान चौतरफा जाम लग गया, जिसे खुलवाने में पुलिस को मशक्कत करनी पड़ी। सिर पर ईंट से ताबड़-तोड़ वारकर मारा काकादेव नवीन नगर निवासी कारोबारी अमित कुमार गुप्ता की गड़रियनपुरवा में खरादी की दुकान और ओम चौराहे पर मार्केट है। बेटे रुद्र प्रताप ने बताया कि शनिवार देर रात पिता दुकान बंद कर घर लौट रहे थे। तभी ओम चौराहे के पास चार युवक नशे की हालत में गाली गलौज कर रहे थे, इस दौरान एक युवक बीच सड़क पर टायलेट करने लगा। इस पर पिता ने टोका तो आरोपी और उसके साथियों ने गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर चारों ने ईंट से ताबड़तोड़ सिर पर कई वार कर दिए। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बाद हमलावर उनके पैर पर कार चढ़ाते हुए भाग निकले। सोमवार देर रात अनुराग हास्पिटल में इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। बुधवार शाम कारोबारी के दोनों बेटों रुद्रप्रताप और अर्पित उर्फ निहाल के साथ ही पत्नी शिवानी, दोनों भाई मनोज व राकेश ने मुहल्ले वालों के साथ मिलकर ओम चौराहे से करीब 100 लोगों के साथ कैडिंल मार्च निकाला। परिजनों ने हत्यारों का इनकाउंटर करने उन्हें फांसी देने जैसी मांगों को लेकर नारेबाजी की और नीरक्षीर चौराहे पर बैनर लगाकर चौक पर मोमबत्तियां लगाई। इस दौरान काकादेव थाना प्रभारी धर्मेंद्र कुमार राम फोर्स के साथ पहुंचे। कैंडिल मार्च के दौरान चौतरफा जाम लग गया। घटना के बाद परिजन नारेबाजी करते हुए वापस घर लौट गए। थाना प्रभारी ने बताया कि मामले में हिस्ट्रीशीटर हितेंद्र श्रीवास्तव उर्फ मोनू नेता, विजय नगर निवासी कुशल श्रीवास्तव समेत दो अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपियों की तलाश की जा रही है।
सीवान के अंबेदकर भवन स्थित संवाद कक्ष में बुधवार को नगर निकायों के पुनर्गठन, विस्तार एवं उत्क्रमण के प्रस्तावों की समीक्षा को लेकर जिला कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता बिहार सरकार के पर्यटन विभाग के मंत्री सह सीवान जिले के प्रभारी मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता ने की। बैठक में जिलाधिकारी विजय प्रकाश मीणा समेत जिले के वरीय पदाधिकारी एवं समिति के अन्य सदस्य मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगीत एवं राष्ट्रगान के साथ हुई। इसके बाद मुख्य अतिथि एवं अन्य सदस्यों ने दीप प्रज्ज्वलित किया। प्रस्ताव पर विस्तार से समीक्षा की बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेदकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम को आगे बढ़ाया गया। जिलाधिकारी विजय प्रकाश मीणा ने प्रभारी मंत्री को पौधा, शॉल एवं मोमेंटो देकर स्वागत किया। वहीं अन्य सदस्यों का भी पौधा देकर अभिनंदन किया गया। बैठक में नगर पंचायत महाराजगंज के क्षेत्र विस्तार एवं उत्क्रमण कर नगर परिषद बनाए जाने के प्रस्ताव पर विस्तार से समीक्षा की गई। वर्तमान में नगर पंचायत महाराजगंज में आठ राजस्व ग्राम शामिल हैं, जिन्हें 17 प्रशासनिक वार्डों में बांटा गया है। नगर पंचायत का क्षेत्रफल 9.01 वर्ग किलोमीटर और आबादी 26,020 है। शहरीकरण को मिलेगी व्यवस्थित दिशा प्रस्ताव के अनुसार महाराजगंज नगर परिषद के क्षेत्र विस्तार में महाराजगंज प्रखंड की दो आंशिक ग्राम पंचायतों तेवथा एवं तेघड़ा तथा दरौंदा प्रखंड की तीन आंशिक ग्राम पंचायतों बाल बंगरा, रुकुन्दीपुर एवं कोथुआं सारंगपुर के हिस्सों को शामिल किया जाना है। इनसे संबंधित कुल 10 राजस्व ग्राम—तेवथा, मानपुर, बंगरा, दुरेजी, कल्याणपुर, बाल बंगरा, रुकुन्दीपुर, कटवार, कोथुआं सारंगपुर एवं अभूई—को प्रस्तावित नगर परिषद में शामिल करने की योजना है। बैठक में बताया गया कि नगर परिषद बनने से क्षेत्र में तेजी से हो रहे शहरीकरण को व्यवस्थित दिशा मिलेगी। इसके साथ ही भौतिक आधारभूत संरचनाओं, स्वच्छता व्यवस्था एवं नागरिक सुविधाओं के विकास में तेजी आने की उम्मीद है। लाभुकों के बीच प्रशस्ति पत्र, डमी चेक एवं पर्चा वितरित कार्यक्रम के दौरान प्रभारी मंत्री एवं अन्य सदस्यों ने विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभुकों के बीच सहायता एवं प्रोत्साहन सामग्री का वितरण भी किया। दिव्यांगजन सशक्तजन कोषांग के तहत 25 लाभुकों को बैट्री चालित ट्राईसाइकिल दी गई। इसके अलावा बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड के तीन, जीविका की आरंभिक पूंजीकरण निधि के तीन, प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना के पांच लाभुकों समेत विभिन्न योजनाओं के लाभुकों के बीच प्रशस्ति पत्र, डमी चेक एवं पर्चा वितरित किया गया। अभियान बसेरा के तहत सीवान सदर प्रखंड के 10 लाभुकों को भी पर्चा दिया गया। ग्राम कचहरी सचिव एवं न्याय मित्र की सेवाकाल में मृत्यु के बाद अनुग्रह अनुदान योजना के तहत चार लाभुकों को सहायता दी गई।
भारतीय वायुसेना (IAF) 14 से 16 सितंबर 2026 तक राजस्थान के जैसलमेर जिले स्थित पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज में एक मेगा अभ्यास 'ड्रोनाथन-2026' का आयोजन करने जा रही है। तीन दिनों तक चलने वाले इस उच्चस्तरीय आयोजन का मुख्य उद्देश्य रक्षा क्षेत्र में भारत को आत्मनिर्भर बनाना और अत्याधुनिक स्वदेशी मानव रहित हवाई प्रणालियों, काउंटर-यूएएस यानी एंटी-ड्रोन तकनीकों की परिचालन क्षमता का परीक्षण करना है। इस विशाल आयोजन में देश भर की शीर्ष रक्षा निर्माता कंपनियां, उभरते हुए स्टार्टअप्स, शोध संस्थान और भारतीय वायुसेना व तीनों सेनाओं के उच्चाधिकारी भाग लेंगे। पोकरण की भीषण गर्मी, रेतीले तूफानों और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बीच स्वदेशी ड्रोन निर्माता अपने उत्पादों का सजीव और कठिन परीक्षण प्रस्तुत करेंगे। भाग लेने वाली प्रमुख ड्रोन निर्माता कंपनियां और स्टार्टअप्स 'ड्रोनाथन-2026' में भारत के रक्षा उद्योग के कई प्रमुख खिलाड़ी और अग्रणी टेक्नोलॉजी स्टार्टअप्स शामिल हो रहे हैं। कौन-कौन से प्रमुख ड्रोन लेंगे हिस्सा और क्या होगी उनकी खासियत? इस प्रदर्शन में मुख्य रूप से चार श्रेणियों के ड्रोन और उनसे जुड़ी प्रणालियों को पोकरण के आसमान में उतारा जाएगा: पोकरण में प्रदर्शन का स्वरूप और परीक्षण के कड़े मानक पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज अपनी अत्यधिक गर्मी, रेतीली तेज हवाओं और खुले इलाके के लिए पहचानी जाती है। वायुसेना के लिए यह इलाका वास्तविक युद्ध का माहौल तैयार करता है। भविष्य के युद्धों और वायुसेना के लिए 'ड्रोनथान-2026' का महत्व हाल ही में रूस-यूक्रेन और मध्य पूर्व के युद्धों ने यह साबित कर दिया है कि आधुनिक युद्धों का रुख अब सस्ते, सटीक और घातक ड्रोन के हाथों में है। भारतीय वायुसेना 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान के तहत विदेशी रक्षा प्रणालियों पर अपनी निर्भरता पूरी तरह समाप्त करना चाहती है। 'ड्रोनाथन-2026' के माध्यम से वायुसेना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली भारतीय कंपनियों और स्टार्टअप्स के साथ सीधे रक्षा सौदे करेगी। इससे न केवल भारतीय रक्षा उद्योग को अरबों रुपये का बल मिलेगा, बल्कि सीमाओं (चीन व पाकिस्तान बॉर्डर) पर तैनात भारतीय सेना को पलक झपकते ही आधुनिक और अभेद्य ड्रोन तकनीक से लैस किया जा सकेगा। प्रमुख स्वदेशी ड्रोन एवं उनकी क्षमताएं
राज्य स्तरीय शिक्षक खेलकूद प्रतियोगिता, शैक्षिक सम्मेलनों और डीएलएड द्वितीय वर्ष की मुख्य परीक्षाओं की तारीखों में टकराव अब नहीं होगा। शिक्षक संघ 'रेसटा' (राजस्थान एलीमेंट्री सेकेंडरी टीचर एसोसिएशन) की मांग के बाद कार्यालय पंजीयक, शिक्षा विभागीय परीक्षाएं, राजस्थान (बीकानेर) ने नया संशोधित परीक्षा कार्यक्रम जारी किया है। अब यह रहेगा परीक्षाओं का नया टाइम टेबलपूर्व में जो परीक्षाएं 15 से 18 सितंबर के बीच आयोजित होनी थीं, वे अब सक्षम स्तर से अनुमोदन के बाद 23 से 26 सितंबर तक आयोजित होंगी। इसका शेड्यूल भी विभागीय स्तर पर जारी किया गया है। पंजीयक कार्यालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार, राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा नगरीय निकाय आम चुनाव आयोजित कराने, 16-17 सितंबर को 37वीं राज्य स्तरीय शिक्षक क्रीड़ा एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिता होने और18-19 सितंबर को जिला स्तरीय शैक्षिक सम्मेलन तय होने के कारण यह बदलाव किया गया है। प्रदेश के सभी 122 राजकीय परीक्षा केंद्रों पर अब नई तिथियों के अनुसार ही परीक्षाएं होंगी। रेसटा ने उठाई थी मांगशिक्षकों की इस दोहरी उपस्थिति की समस्या को लेकर शिक्षक संघ 'रेसटा' के प्रदेशाध्यक्ष मोहर सिंह सलावद ने उच्चाधिकारियों को पत्र लिखकर तिथियां बदलने की मांग की थी। संशोधित कार्यक्रम जारी होने के बाद 'रेसटा' के प्रदेशाध्यक्ष मोहर सिंह सलावद ने शिक्षा मंत्री से मांग की है कि माध्यमिक शिक्षा निदेशालय के माध्यम से आदेश जारी करवाकर जिला व राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मेलनों में शिक्षकों की शत-प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य की जाए। वहीं, जो शिक्षक इन सम्मेलनों में शामिल नहीं होते हैं, उनकी स्कूलों में उपस्थिति सुनिश्चित की जानी चाहिए।
सिरसा जिले के डबवाली स्थित डॉक्टर भीमराव अंबेडकर राजकीय महाविद्यालय में विद्यार्थियों को नशे के बुरे असर के प्रति जागरूक करने के लिए एक पोस्टर प्रदर्शनी लगाई गई। यह कार्यक्रम कॉलेज की एंटी ड्रग कमेटी के संयोजक सुरेश कुमार के निर्देशों पर हुआ। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. विक्रम बंसल ने इसकी अध्यक्षता की। प्रदर्शनी में विद्यार्थियों ने अलग-अलग पोस्टरों के जरिए नशे से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक नुकसान को अच्छे से दिखाया। इन पोस्टरों से विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने और समाज में इसके खिलाफ जागरूकता फैलाने का संदेश दिया गया। युवा देश का भविष्य, नशे से दूर रहें : डॉ. विक्रम इस मौके पर प्राचार्य डॉ. विक्रम बंसल ने विद्यार्थियों से कहा कि युवा देश का भविष्य हैं। उन्हें नशे जैसी सामाजिक बुराई से दूर रहकर देश बनाने में अपनी भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने एंटी ड्रग कमेटी के जागरूकता प्रयासों की तारीफ भी की। एंटी ड्रग कमेटी के संयोजक सुरेश कुमार ने बताया कि इस कार्यक्रम का मुख्य मकसद विद्यार्थियों को नशे के बुरे असर के बारे में बताना है। साथ ही उन्हें नशे के खिलाफ जागरूक करना है, ताकि वे खुद भी नशे से दूर रहें और दूसरे लोगों को भी जागरूक कर सकें। कार्यक्रम के दौरान कॉलेज का स्टाफ और बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद थे।
अररिया में बुधवार को जिला स्तरीय एक दिवसीय नियोजन-सह-व्यावसायिक मार्गदर्शन मेले का आयोजन किया गया। युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग के जिला नियोजनालय की ओर से संयुक्त श्रम भवन परिसर में आयोजित मेले में बड़ी संख्या में युवाओं ने भाग लिया। मेले में 18 निजी कंपनियों ने करीब 800 रिक्तियों के साथ हिस्सा लिया। विभिन्न कंपनियों ने 350 से अधिक युवाओं का अस्थायी तौर पर चयन किया। डीएम ने किया मेले का उद्घाटन मेले का उद्घाटन जिलाधिकारी विनोद दूहन ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि युवाओं को उनकी योग्यता और कौशल के अनुरूप निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में रोजगार के साथ-साथ कौशल विकास भी बेहद जरूरी है। डीएम ने युवाओं से अपील की कि वे अपनी रुचि और क्षमता को पहचानकर संबंधित क्षेत्र में कौशल विकसित करें। इससे वे रोजगार बाजार की जरूरतों के अनुरूप खुद को तैयार कर सकेंगे और बेहतर अवसर हासिल कर पाएंगे। पहली बार रोजगार सेतु पोर्टल से आयोजन जिला नियोजनालय के अनुसार, अररिया में पहली बार नियोजन मेले का आयोजन पूरी तरह बिहार रोजगार सेतु पोर्टल के माध्यम से किया गया। मेले के लिए जिले से करीब 1500 उम्मीदवारों ने पोर्टल पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराया था। 1200 से अधिक बायोडाटा कंपनियों को मिले मेले में शामिल निजी कंपनियों को उम्मीदवारों की ओर से 1200 से अधिक बायोडाटा प्राप्त हुए। इनमें से 350 से अधिक अभ्यर्थियों का विभिन्न पदों के लिए अस्थायी तौर पर चयन किया गया। रोजगार के अवसर मिलने से युवाओं में उत्साह भी देखने को मिला। पांच सरकारी स्टॉल से मिली योजनाओं की जानकारी मेले में पांच सरकारी स्टॉल भी लगाए गए थे। इन स्टॉलों के माध्यम से युवाओं को सरकारी योजनाओं, रोजगार के अवसरों और कौशल विकास से जुड़े कार्यक्रमों की जानकारी दी गई। अधिकारियों और कर्मियों ने युवाओं को उनकी योग्यता के अनुसार उपलब्ध विकल्पों के बारे में मार्गदर्शन दिया। अधिकारियों ने संभाली मेले की जिम्मेदारी नियोजन मेले का संचालन जिला नियोजन पदाधिकारी आदित्य प्रकाश, जिला कौशल प्रबंधक, कनीय सांख्यिकी सहायक और जिला नियोजनालय के कर्मचारियों ने किया। मौके पर अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन), सहायक कोषागार पदाधिकारी समेत कई अधिकारी मौजूद रहे। नियोजनालय की ओर से आयोजित यह मेला जिले के युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार से जोड़ने और उन्हें कौशल विकास के प्रति जागरूक करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।
फरीदकोट में भारतीय किसान यूनियन एकता सिद्धूपुर की प्रस्तावित किसान महापंचायत को लेकर बुधवार को पुलिस और किसानों के बीच दिनभर खींचतान की स्थिति रही। सुबह किसान नेताओं को उनके घरों में नजरबंद किए जाने के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। हालांकि, बाद में किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल समर्थकों के साथ बाहर निकलने में सफल रहे और किसानों का काफिला फरीदकोट की ओर रवाना हो गया। कई जगह पुलिस द्वारा रोकने के प्रयास के बावजूद किसान फिरोजपुर रोड तक पहुंच गए। स्थिति को देखते हुए प्रशासन और किसान नेताओं के बीच बातचीत हुई। प्रशासन की ओर से किसानों को उनकी मांगों पर पंजाब सरकार के साथ जल्द बैठक करवाने का आश्वासन दिया गया। इसके बाद संगठन ने फिलहाल आंदोलन को 23 सितंबर तक स्थगित करने का फैसला किया। शंभू-खनौरी बॉर्डर पर आंदोलन में हुए नुकसान का मांगा मुआवजा किसान नेताओं ने यह भी कहा कि इस अवधि में सरकार के साथ बातचीत के जरिए मांगों का समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा। किसान संगठन लंबे समय से लैंड मॉर्गेज बैंकों में कमर्शियल बैंकों की तर्ज पर ओटीएस (वन टाइम सेटलमेंट) योजना लागू करने, किसानों से लिए गए खाली चेक वापस करवाने और शंभू-खनौरी बॉर्डर पर आंदोलन के दौरान हुए नुकसान की भरपाई के लिए संघर्ष कर रहा है। 12 जिलों में लैंड मॉर्गेज बैंकों के बाहर लग रहे धरने इन मांगों को लेकर फरीदकोट समेत प्रदेश के 12 जिलों में लैंड मॉर्गेज बैंकों के बाहर धरने भी लगाए जा रहे हैं और जेल भरो आंदोलन भी चल रहा था व बुधवार को किसान महापंचायत का कार्यक्रम तय किया गया था जिसे रोकने के लिए पुलिस ने बुधवार सुबह कई किसान नेताओं के घरों पर दबिश दी और डल्लेवाल समेत कई नेताओं को नजरबंद कर दिया। बाद में डल्लेवाल समर्थकों के साथ बाहर निकले और किसानों का जत्था फरीदकोट की तरफ बढ़ा। प्रशासन के साथ बनी सहमति प्रशासन के साथ सहमति बनने के बाद संगठन ने आंदोलन को 23 सितंबर तक रोकने का निर्णय लिया। इस मामले में किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने आश्वासन के अनुसार बैठक कर किसानों की मांगों का समाधान नहीं किया तो संगठन दोबारा आंदोलन तेज करेगा और वह अपने साथियों के साथ भूख हड़ताल और मरणव्रत करने से भी पीछे नहीं हटेंगे।।
कटिहार पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए मुफस्सिल थाना क्षेत्र में हुए गोलीकांड का महज एक घंटे के अंदर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस घटना में शामिल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से इस्तेमाल किए गए हथियार, दो मैगजीन, नौ जिंदा कारतूस, पांच मोबाइल और तीन मोटरसाइकिल बरामद की गई हैं। सदर एसडीपीओ विशाल आनंद ने घटना के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि घायल आर्यन चौधरी की 30 वर्षीय मां वंदना कुमारी ने पुलिस को बयान दिया है। वंदना कुमारी दलन कदेपुरा, मुफस्सिल थाना क्षेत्र, कटिहार की रहने वाली हैं और दिवंगत राजेश चौधरी की पत्नी हैं। उन्होंने बताया कि 8 सितंबर को दोपहर तीन बजे उनका बेटा आर्यन चौधरी अपने दोस्त गौरव कुमार के साथ घर से निकला था। इमरजेंसी वार्ड में चल रहा था इलाज शाम करीब साढ़े चार बजे गौरव कुमार ने मोबाइल पर सूचना दी कि अंशु यादव, सुधांशु कुमार, आकाश कुमार, अमन कुमार सिंह और अजय कुमार ने आर्यन को गोली मार दी है, जिससे वह घायल हो गया है। सूचना मिलते ही वंदना कुमारी तुरंत के.एम.सी.एच. पहुंचीं, जहां उनके बेटे का इमरजेंसी वार्ड में इलाज चल रहा था। पूछने पर आर्यन ने बताया कि अंशु यादव ने उसे गोली मारी है। पुलिस जांच में सामने आया कि अप्रैल महीने में अंशु यादव के दोस्त चंद्रशेखर उर्फ छोटू सिंह की दलन के पास एक ढाबे में आपसी रंजिश के चलते चाकू लगने से मौत हो गई थी। विशेष छापेमारी टीम का हुआ गठन उस हत्या के मामले में वंदना कुमारी का बेटा आर्यन भी जेल गया था और लगभग दो महीने पहले ही जेल से छूटकर आया था। इसी पुरानी रंजिश और बदला लेने के इरादे से अंशु यादव और उसके साथियों ने आर्यन को गोली मारकर घायल कर दिया। इस संबंध में मुफस्सिल थाना में कांड संख्या-361/26, 8 सितंबर 2026 को दर्ज किया गया है। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक परिचय कुमार के निर्देश पर सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी विशाल आनंद के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी टीम (SIT) गठित की गई। इस टीम ने तकनीकी जांच और मिली जानकारी के आधार पर एक घंटे के भीतर छापेमारी कर घटना में शामिल आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अग्रतर कार्रवाई कर रही है। गिरफ्तार अभियुक्त का नाम 01. अंशु यादव, उम्र 20 वर्ष, पिता संतोष यादव सा0 बरमसिया, थाना सहायक जिला कटिहार।02. सुधांशु कुमार उम्र 22 वर्ष पिता विनोद कु0 सिंह सा0 तेजा टोला थाना सहायक जिला कटिहार।03. आकाश कुमार उम्र 21 वर्ष पिता हरिनंदन कामत सा0 हृदयगंज थाना सहायक जिला कटिहार।04. अमन कु0 सिंह उम्र 19 वर्ष पिता अविनाश कु0 सिंह सा0 तेजा टोला थाना सहायक जिला कटिहार।05. अजय कुमार उम्र 19 वर्ष पिता महेन्द्र झा सा0 हृदयगंज थाना सहायक जिला कटिहार।बरामद सामानों की लिस्ट 01. घटना में प्रयुक्त हथियार (पिस्टल)-01, 02. जिंदा कारतूस-09, 03. मैगजीन-02, 04. मोबाईल-05, 05. मोटरसाईकिल-03
एनआईए ने लाल किले के पास 2025 के कार विस्फोट मामले में आरोपपत्र दाखिल किया है, जिसमें उमर उन नबी को अंसार गजवात-उल-हिंद के पुनर्जीवित आतंकी मॉड्यूल का ऑपरेशनल इंचार्ज बताया गया है।
भोपाल स्थित नर्सिंग काउंसिल कार्यालय के बाहर एनएसओ छात्र संगठन का धरना बुधवार को लगातार 33वें दिन भी जारी रहा। संगठन के कार्यकर्ताओं और छात्रों ने नर्सिंग काउंसिल कार्यालय पर तालाबंदी कर दी। उन्होंने मंत्री और अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए नर्सिंग शिक्षा संचालक बीनू कुशवाहा और नर्सिंग काउंसिल के रजिस्ट्रार उपेंद्र धोते को पद से हटाने की मांग की है। फर्जी शिक्षक स्टाफ के बावजूद मिल रही मान्यता का आरोपसंगठन के संस्थापक गोपाल पाराशर ने बताया कि प्रदेश के सभी नर्सिंग कॉलेजों में फर्जी नर्सिंग शिक्षक स्टाफ होने के बावजूद मध्य प्रदेश सरकार और नर्सिंग काउंसिल भोपाल द्वारा सत्र 2026-27 की मान्यता प्रदान की जा रही है। उन्होंने बताया कि हाल ही में सत्र 2026-27 की मान्यता के लिए भरे गए ऑनलाइन फॉर्म में करीब छह दर्जन से ज्यादा ऐसे नर्सिंग स्टाफ के दस्तावेज पाए गए, जो पहले से ही सरकारी नौकरी में कार्यरत हैं। इसके बावजूद इन कॉलेजों की मान्यता रद्द नहीं की गई, बल्कि बाकी बचे कॉलेजों को भी मान्यता देने की तैयारी की जा रही है। अवैध कमाई का आरोप, ऊपर तक पहुंचने की बातगोपाल पाराशर ने आरोप लगाया कि रजिस्ट्रार और नर्सिंग शिक्षा संचालक बीनू कुशवाहा द्वारा जमकर अवैध कमाई की जा रही है और इस अवैध कमाई का हिस्सा ऊपर के अधिकारियों व मंत्रियों तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले दो साल से लगातार मांग की जा रही है कि नर्सिंग कॉलेजों में फैकल्टी मैनेजमेंट सिस्टम लागू करने के बाद ही मान्यता दी जाए, ताकि फर्जी और डुप्लीकेट फैकल्टी पर रोक लग सके, लेकिन संतरी से लेकर मंत्री तक इस भ्रष्टाचार में लिप्त हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि सरकारी नर्सिंग कॉलेजों में भी स्थायी शिक्षकों की जगह डेप्युटेशन पर आए हॉस्पिटल नर्सिंग स्टाफ को शिक्षक के तौर पर दिखाया जा रहा है। संगठन ने मांग की कि सभी सरकारी व प्राइवेट नर्सिंग कॉलेजों के स्टाफ की जांच कराई जाए और दोषी पाए जाने पर मान्यता रद्द करने की कार्यवाही की जाए। पुराने सत्रों के छात्रों का भविष्य अब भी अधर मेंसंगठन ने बताया कि 2020, 2021 और 2022 सत्र के छात्र बीते छह साल से रिजल्ट, परीक्षा और स्कॉलरशिप जैसी समस्याओं को लेकर भटक रहे हैं, लेकिन अब तक इनका कोई समाधान नहीं हो सका है। उनका कहना है कि जब सरकार और काउंसिल ने ही मान्यता दी थी, तभी छात्रों ने नर्सिंग कॉलेजों में एडमिशन लिया था, इसलिए फर्जी मान्यता देने और हाईकोर्ट में केस लगने का जिम्मेदार छात्रों को नहीं ठहराया जा सकता। संगठन ने मांग की कि फर्जी मान्यता देकर छात्रों का भविष्य बर्बाद करने वाले सभी दोषी अधिकारियों को जेल भेजा जाए, और जिस तरह से भी संभव हो, सभी प्रभावित छात्रों के रिजल्ट, आगामी परीक्षा और स्कॉलरशिप की समस्या का जल्द समाधान किया जाए। साथ ही आगे भ्रष्टाचार रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं और नर्सिंग शिक्षकों के भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए फैकल्टी मैनेजमेंट सिस्टम लागू किया जाए। मेडिकल यूनिवर्सिटी जबलपुर से जोड़ने की मांग संगठन के प्रदेश अध्यक्ष सुभाष कुशवाहा और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दीपक कुमार सिंह के अनुसार, मध्यप्रदेश सरकार द्वारा नर्सिंग व पैरामेडिकल शिक्षा को बर्बाद किया जा रहा है, क्योंकि नर्सिंग व पैरामेडिकल कॉलेजों को मेडिकल यूनिवर्सिटी जबलपुर से हटाकर क्षेत्रीय यूनिवर्सिटीज़ में जोड़ दिया गया है। उनका कहना है कि इन कॉलेजों को दोबारा मेडिकल यूनिवर्सिटी जबलपुर से जोड़ा जाना चाहिए, क्योंकि नर्सिंग व पैरामेडिकल कॉलेज मेडिकल शिक्षा के अंतर्गत आते हैं और मेडिकल यूनिवर्सिटी से मिली डिग्री की वैल्यू सरकारी नौकरी और विदेशों में कहीं ज्यादा मानी जाती है। आगे की रणनीति -दिल्ली और CM आवास तक पहुंचेगा आंदोलन संगठन ने चेतावनी दी है कि आगे मुख्यमंत्री आवास पर और दिल्ली में भी आंदोलन व ज्ञापन दिया जाएगा, साथ ही अब काउंसिल के भीतर घुसकर धरना प्रदर्शन किया जाएगा। संगठन माननीय हाईकोर्ट में भी याचिका दायर करने की तैयारी कर रहा है। संगठन ने मांग की कि फर्जी फैकल्टी लगाने वाले कॉलेजों की मान्यता रद्द की जाए, जिन सरकारी कर्मचारियों के दस्तावेज कॉलेजों में लगाए गए हैं उनकी डिग्री व रजिस्ट्रेशन रद्द किया जाए, इन कॉलेजों की मान्यता खत्म की जाए और सभी दोषियों पर एफआईआर दर्ज कराई जाए, ताकि भविष्य में छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ न हो सके। इसके अलावा संगठन ने प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति से इस पूरे मामले पर संज्ञान लेने की अपील की है।
सत्य निकेतन हादसे में दो दोस्तों अर्पित जाज और अक्षत यादव की मौत से उनके और उनके चार अन्य दोस्तों के प्रशासनिक सेवा में जाने के सपने टूट गए। छुट्टियों से लौटते ही यह हादसा हुआ।
फाजिल्का में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सीआईए स्टाफ ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से 36 हजार प्रतिबंधित प्रिगाबलिन कैप्सूल, 20 नशीली गोलियां और एक कार बरामद की है। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी नशीली दवाओं की खेप का लेनदेन करने पहुंचे थे। एसपी सतिंदर कुमार ने बताया कि एसएसपी गगन अजीत सिंह के निर्देश पर जिले में नशा तस्करों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी के तहत सीआईए टीम ने फाजिल्का की अनाज मंडी क्षेत्र में नाकाबंदी कर एक कार को रोका। तलाशी के दौरान कार की पिछली सीट से कैप्सूल के कई बॉक्स बरामद हुए। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान संजय उर्फ सनी निवासी ओडांवाली बस्ती, फाजिल्का और मनप्रीत उर्फ मनू निवासी गांव घटियावाली के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक संजय टैक्सी चालक है और वह प्रतिबंधित कैप्सूल की खेप लेकर आया था, जिसे आगे किसी व्यक्ति को सौंपा जाना था। इससे पहले ही सीआईए टीम ने दोनों को पकड़ लिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब यह पता लगाया जा रहा है कि इतनी बड़ी मात्रा में कैप्सूल कहां से लाए गए और इन्हें कहां पहुंचाया जाना था। आरोपियों को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड लिया जाएगा, ताकि पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके।
जोधपुर में 3 दिन पहले दो बदमाशों ने नशे में तलवार और चाकू दिखाकर दो अलग-अलग पेट्रोल पंपों पर लूट की वारदात की थी। पुलिस ने बुधवार सुबह करीब 4:30 बजे उचियाड़ा स्थित जाणियों की ढाणी में दबिश देकर मुख्य आरोपी राकेश जाणी उर्फ रोकी (27) को गिरफ्तार किया। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल बिना नंबर की कार भी जब्त कर ली है। बता दें कि 7 सितंबर की रात करीब 12 से 1 बजे के बीच आरोपी सफेद रंग की कार से गुड़ा विश्नोइयान स्थित पेट्रोल पंप पहुंचे थे। गाड़ी से उतरने के बाद बदमाशों ने हाथ में तलवार और चाकू लेकर पंप कर्मचारी सुंदरलाल को उठाया। इसके बाद चाकू दिखाकर जान से मारने की धमकी देते हुए 7,300 नकदी और मोबाइल छीन लिया। मैनेजर बाबूराम बचाव के लिए दौड़े तो आरोपियों ने उन पर भी तलवार से हमले का प्रयास किया। आरोपियों ने डांगियावास स्थित सुरेंद्र गोदारा फिलिंग स्टेशन पर भी उसी रात लूट करना स्वीकार किया है। घटना के बाद विवेक विहार थानाधिकारी भवानीसिंह निपु के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया था। टीम ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर बदमाशों के हुलिए की पहचान की थी। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने पकड़ा आरोपी राकेश से मिली जानकारी के आधार पर सह-आरोपी रवि विश्नोई (19) को पकड़ने डोली गांव बालोतरा में पुलिस टीम पहुंची। पुलिस को देखकर रवि खेत की तरफ भागने लगा। इस पर कॉन्स्टेबल कैलाश और शैतानाराम ने लगभग 1 किलोमीटर तक पीछा कर उसे दौड़कर दबोच लिया। DCP कमल शेखावत ने आमजन से सुरक्षा के लिहाज से घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर CCTV कैमरे लगाने की अपील की है। बता दें कि आरोपियों ने डांगियावास थाना क्षेत्र में भी वारदात को अंजाम दिया था। इसके बाद पुलिस ने फुटेज के आधार पर आरोपियों को डिटेन किया था।

