भोपाल में बुधवार का ट्रैफिक प्लान; सबको बताएं ताकि कोई परेशान ना हो
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भारतीय युवा कांग्रेस (IYC) ने मध्यप्रदेश के 60 पदाधिकारियों को निलंबित कर दिया है। इनमें छतरपुर जिला यूथ कांग्रेस अध्यक्ष मानवेंद्र सिंह परमार भी शामिल हैं। दिल्ली में संगठन के कार्यक्रम में शामिल नहीं होने पर यह कार्रवाई की गई। सभी को अगले आदेश तक निलंबित किया गया है। युवा कांग्रेस के आदेश के मुताबिक, पदाधिकारियों को दिल्ली के कार्यक्रम में शामिल होने के निर्देश दिए गए थे। उनकी गैरमौजूदगी को संगठन के निर्देशों की अनदेखी मानते हुए कार्रवाई की गई। इन पर हुई कार्रवाई निलंबित जिला अध्यक्षों में छतरपुर के मानवेंद्र सिंह परमार के अलावा मैहर के सौरभ शर्मा, आगर के पृथ्वीराज चौहान, नीमच के मनमोहन शक्तावत, बुरहानपुर के अर्जुन जांगले, अनूपपुर के मानवेंद्र मिश्रा, गुना के पंचम भील, बड़वानी के आदित्य गोयल और भिंड के मनीष पुरोहित शामिल हैं। आदेश में 5 उपाध्यक्षों के नाम हैं: शिवराज यादव, राजवीर सिंह कुड़िया, योगिता सिंह परिहार, प्रमोद सिंह खरे और नीरज पटेल। इसके अलावा कुल 14 महासचिव और 32 सचिव निलंबित किए गए हैं। महासचिवों में रोहित राजोरिया, राहुल हितेश ठाकुर, सुमन मौर्य और रिया पटेल के नाम शामिल हैं। सचिवों में प्रीयेश चौकाडे, राज नेमा, अभिषेक पांडे, पंकज सिंह राजपूत और शिवदीप रघुवंशी के नाम हैं। निलंबन आदेश पर मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस प्रभारी और राष्ट्रीय महासचिव शिवी सिंह चौहान, सह-प्रभारी रूपेश भदौरिया और सह-प्रभारी यज्ञवल्क्य श्रीकांत जिचकार के हस्ताक्षर हैं।
बागपत में पुलिस ने नेथला रोड के पास एक दुकान पर छापा मारकर करीब डेढ़ क्विंटल अवैध पटाखे बरामद किए हैं। पुलिस के मुताबिक, जब्त पटाखों की कीमत करीब तीन लाख रुपए है। इन्हें पंजाब से लाकर बिक्री के लिए दुकान पर रखा गया था। पुलिस ने मौके से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, मंगलवार शाम करीब चार बजे मुखबिर से पटाखों की तस्करी की सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस टीम ने नेथला रोड स्थित दुकान पर छापा मारा। यहां से करीब डेढ़ क्विंटल पटाखे बरामद हुए। मामले में प्रदीप और रामू को गिरफ्तार किया गया है। दोनों बागपत जिले के रहने वाले हैं। पुलिस ने शुरू की जांच बागपत SP पूर्णेंदु सिंह के निर्देशन में पुलिस चेकिंग अभियान चला रही है। पुलिस ने जब्त पटाखों और उनकी खरीद-फरोख्त को लेकर जांच शुरू कर दी है। शिवकुमार ने बताया कि छापेमारी के दौरान दो लोगों को गिरफ्तार किया गया और अवैध पटाखे जब्त किए गए।
नॉन-RAS से IAS प्रमोशन मामले में हाईकोर्ट सख्त, वीडियो में जाने राज्य सरकार को 15 दिन में फैसला लेने का निर्देश
अखिल भारतीय युवा कांग्रेस ने दिल्ली में हुई महारैली में शामिल नहीं होने पर मध्यप्रदेश के 60 पदाधिकारियों को निलंबित कर दिया है। इनमें 9 जिलाध्यक्ष भी शामिल हैं। बड़वानी जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष आदित्य मोनू गोयल पर भी कार्रवाई की गई है। इन 9 जिलों के अध्यक्षों पर कार्रवाई युवा कांग्रेस हाईकमान के आदेश में मैहर, आगर-मालवा, नीमच, बुरहानपुर, बड़वानी, अनूपपुर, गुना, छतरपुर और भिंड के जिलाध्यक्षों के नाम हैं। आदित्य गोयल बड़वानी के जिलाध्यक्ष हैं। इन जिलाध्यक्षों को अपने-अपने जिले के कार्यकर्ताओं के साथ दिल्ली की महारैली में पहुंचने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन वे रैली में शामिल नहीं हुए। प्रदेश स्तर के 60 अन्य पदाधिकारी भी गैरहाजिर रहे। जवाब मांगा, आगे की कार्रवाई के निर्देश युवा कांग्रेस ने रैली में गैरहाजिरी को अनुशासनहीनता मानते हुए पदाधिकारियों को निलंबित किया है। सभी से जवाब मांगा गया है। पूर्व केंद्रीय मंत्री के करीबी आगे की कार्रवाई के लिए प्रदेश नेतृत्व को निर्देश दिए गए हैं। आदित्य गोयल को पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव और पूर्व गृहमंत्री बाला बच्चन का करीबी माना जाता है।
हरियाणा कैबिनेट ने लैंड पूलिंग, ट्रांसफर ऑफ डवलपमेंट राइट्स और यूनिफाइड लाइसेंस पॉलिसी में बड़े बदलाव मंजूर किए हैं। लैंड पूलिंग में जमीन देने वाले किसानों को प्रति एकड़ के बदले हर साल 1 लाख रुपये मिलेंगे। 4 साल में बुनियादी ढांचा विकसित न होने पर जमीन वापस मिलेगी। CM नायब सैनी ने चंडीगढ़ में मंगलवार को कैबिनेट मीटिंग के बाद कहा कि लैंड पूलिंग पॉलिसी-2026 अब 2022 की पॉलिसी का स्थान लेगी। इससे किसानों को फायदा होगा। असल में प्रदेश में विकास योजनाओं के लिए लैंड पूलिंग के तहत 1.67 लाख एकड़ जमीन चाहिए। अभी तक किसान अपनी जमीन देने में कम दिलचस्पी दिखा रहे थे। इसके अलावा कैबिनेट ने इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए जमीन अधिग्रहण और ट्रांसफर ऑफ डेवलपमेंट राइट्स (TDR) पॉलिसी और एकीकृत लाइसेंसिंग नीति-2022 में बदलाव किए हैं। आपको इस पॉलिसी में कैसे फायदा मिलेगा? सरकार ने यदि एक लाख रुपए नहीं दिए? क्या जमीन से मालिकाना हक खाे जाएगा? जमीन के मालिक होने के नाते ऐसे 10 सवालों को जानिए… जमीन मालिक के नजरिए से 10 सवाल-जवाब… 1. अगर मैं अपनी 1 एकड़ जमीन देता हूं, तो मुझे क्या मिलेगा?उत्तर: मान लीजिए आपकी 1 एकड़ जमीन में से रास्ते, पार्क आदि काटने के बाद 2,000 वर्ग मीटर बिक्री योग्य जमीन निकलती है तो आपको 50% यानी 1,000 वर्ग मीटर विकसित प्लॉट वापस मिलेगा, बाकी 50% सरकार के पास रहेगा। इसमें आवासीय/औद्योगिक के साथ-साथ कमर्शियल स्थल भी शामिल होगा। 2. जब तक प्लॉट तैयार नहीं होता, तब सहायता राश कैसे मिलेगी?उत्तर: सरकार आपको सेल डीड के दिन से 4 साल तक हर साल प्रति एकड़ ₹1 लाख की अंतरिम सहायता देगी। उदाहरण के तौर पर अगर आपके पास 2 एकड़ जमीन है, तो आपको प्लॉट मिलने तक हर साल ₹2 लाख (4 साल में कुल ₹8 लाख) सीधे खाते में मिलेंगे। 3. अगर सरकार ने यह ₹1 लाख सालाना भत्ता समय पर नहीं दिया तो?उत्तर: यदि सेल डीड के 15 दिनों के भीतर यह पैसा आपके खाते में ट्रांसफर नहीं होता है, तो सरकार आपको देरी की अवधि के लिए 9% वार्षिक साधारण ब्याज के साथ यह राशि देगी। 4. अगर सरकार 4 साल में डेवलेप नहीं कर पाई तो?उत्तर: पुरानी नीति में 5 साल का समय था, जिसे अब घटाकर 4 साल कर दिया गया है। अगर विकास एजेंसी 4 साल में बुनियादी सुविधाएं विकसित करने में विफल रहती है, तो आपकी जमीन आपको पूरी तरह वापस कर दी जाएगी। 5. क्या मुझे जमीन के बदले दुकान या व्यावसायिक प्लॉट भी मिलेगा?उत्तर: हां, यदि आपका ज़मीन योगदान 2,000 वर्ग मीटर से अधिक है, तो आपकी पात्रता के अनुसार आपको केवल मकान या फैक्ट्री का ही नहीं, बल्कि कियोस्क या बूथ के रूप में कमर्शियल प्लॉट भी आवंटित किया जाएगा। 6. प्लॉट का न्यूनतम आकार कितना तय किया गया है?उत्तर: सरकार आपको मनमाने छोटे टुकड़े नहीं देगी। न्यूनतम साइज तय हैं: आवासीय (Residential): कम से कम 100 वर्ग मीटर औद्योगिक (Industrial): कम से कम 250 वर्ग मीटर संस्थागत (Institutional): कम से कम 500 वर्ग मीटर 7. मेरे पास केवल 500 वर्ग मीटर जमीन है, जो 100 वर्ग मीटर प्लॉट की पात्रता के लिए कम पड़ती है, तो क्या मुझे नुकसान होगा? उत्तर: बिलकुल नहीं। इसके लिए दो रास्ते हैं: रास्ता 1 (पूलिंग/क्लबिंग): आप अपने गांव या आसपास के अन्य छोटे जमीन मालिकों के साथ अपना 'लैंड एंटाइटलमेंट सर्टिफिकेट' जोड़कर संयुक्त रूप से बड़ा विकसित प्लॉट ले सकते हैं। रास्ता 2 (999 वर्ग मीटर से कम): अगर आपकी जमीन 999 वर्ग मीटर से कम है, तो सरकार आपको 'भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 के तहत तय मुआवजा' या ‘प्लाट का आरक्षित मूल्य’- इन दोनों में से जो भी राशि अधिक होगी, उसका सीधा नकद भुगतान करेगी। 8. क्या मैं अपना विकसित प्लॉट वापस सरकार को बेच सकता हूं?उत्तर: हां, यदि आप प्लॉट खुद रखने या बाजार में बेचने के बजाय सरकार/विकास एजेंसी को वापस बेचना चाहते हैं, तो इसके लिए बाय-बैक अवधि को 1 वर्ष से बढ़ाकर 3 वर्ष कर दिया गया है। आपके पास सोचने और सही फैसला लेने का पर्याप्त समय रहेगा। 9. क्या अपनी जमीन देने के लिए बिचौलिए को कमीशन देना होगा?उत्तर: नहीं, लैंड एग्रीगेटर का पारिश्रमिक संबंधित इलाके के कृषि भूमि के कलेक्टर रेट का 0.5% तय किया गया है, जिसका पूरा खर्च विकास सरकार उठाएगी, किसान को अपनी जेब से कुछ नहीं देना होगा। 10. इस पूरी नीति का सबसे बड़ा लॉन्ग टर्म फायदा क्या है?उत्तर: पुरानी व्यवस्था में किसान को एकमुश्त पैसा मिलता था और महंगाई के कारण वह पैसा खत्म हो जाता था। नई नीति में किसान को विकसित शहर या इंडस्ट्रियल एरिया का 50% हिस्सा मिलता है। जैसे-जैसे उस इलाके का विकास होगा, आपके 50% विकसित प्लॉट की बाजार दर करोड़ों में पहुंच जाएगी, जिससे आप और आपकी आने वाली पीढ़ियां सीधे तौर पर समृद्ध होंगी। सरकार को क्यों जरूरत पड़ी इस बदलाव की, 2 पॉइंट… लैंड पूलिंग में 1.67 लाख एकड़ जमीन चाहिए हरियाणा में लैंड पूलिंग के तहत 1.67 लाख एकड़ जमीन पर रेजिडेंशियल, इंस्टीट्यूशनल, इंडस्ट्रियल और कमर्शियल हब विकसित करने की योजना है। इसमें 69 सेक्टर और अर्बन एस्टेट बसाना शामिल है। पहले चरण में गुरुग्राम, फरीदाबाद, पंचकूला, हिसार, पानीपत, सिरसा और यमुनानगर समेत 13 जिलों के 104 गांवों की करीब 40 हजार एकड़ जमीन लेने की प्रक्रिया चल रही है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग इसकी निगरानी कर रहा है। गुरुग्राम में 3 सेक्टर क्लस्टर, अंबाला में 7 नए सेक्टर प्रस्तावित गुरुग्राम: सेक्टर 76 से 80, 82ए से 86 और 99ए से 104 के अलावा पटौदी-फरुखनगर क्षेत्र में विकास प्रस्तावित। पंचकूला-चंडीगढ़: पिंजौर-कालका, पंचकूला एक्सटेंशन और रायपुररानी में विकास की योजना है। अंबाला कैंट: 7 नए सेक्टर विकसित करने का प्रस्ताव। इनमें सेक्टर 27, 28, 36, 40, 40ए, 41ए और 42 शामिल हैं। नई लैंड पॉलिसी से जड़े ये दो नियम भी जानिए… अब आवेदन के दिन के कलेक्टर रेट से तय होगी जमीन की कीमत ट्रांसफर ऑफ डेवलपमेंट राइट्स ( TDR) पॉलिसी के तहत अब जमीन की कीमत उस दिन के कलेक्टर रेट के आधार पर तय होगी, जिस दिन जमीन मालिक आवेदन करेगा। पहले इसकी गणना हर साल 1 जनवरी के कलेक्टर रेट से होती थी। इस बदलाव से उन जमीन मालिकों को राहत मिलेगी, जिनके आवेदन पर सरकारी प्रक्रिया में देरी होने से जमीन की कीमत घट जाती थी। अब आवेदन के दिन तय कीमत ही भविष्य में TDR सर्टिफिकेट इस्तेमाल करते समय मान्य रहेगी। यह नियम पहले से लंबित आवेदनों पर भी लागू होगा। अब जमीन मालिक या बिल्डर TDR सर्टिफिकेट का इस्तेमाल केवल उसी डेवलपमेंट प्लान में नहीं, बल्कि हरियाणा के दूसरे कम क्षमता वाले डेवलपमेंट प्लान में भी कर सकेंगे। सरकार को उम्मीद है कि सड़क, ग्रीन बेल्ट और दूसरी विकास परियोजनाओं के लिए जमीन जुटाने में मदद मिलेगी। कॉलोनी बनाने के लिए अब 5 साल का ही समय सरकार ने एकीकृत लाइसेंसिंग नीति-2022 में भी बदलाव किया है। अब लाइसेंस मिलने के बाद कॉलोनाइजर को 5 साल के भीतर कॉलोनी विकसित करनी होगी। पहले इसके लिए 5 साल की शुरुआती अवधि और 2 साल का अतिरिक्त समय मिलता था। यदि 5 साल में काम पूरा नहीं होता है तो कॉलोनाइजर को निर्धारित शुल्क देकर लाइसेंस का नवीनीकरण कराना होगा। इसके लिए हरियाणा शहरी क्षेत्र विकास एवं विनियमन नियमों का पालन करना होगा।
देवरिया के सदर कोतवाली क्षेत्र में मंगलवार रात करीब 9 बजे अज्ञात चार पहिया वाहन की टक्कर से बाइक सवार पेंटर की मौत हो गई। हादसे में गंभीर रूप से घायल आशीष को महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया था, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अगस्तपार गांव के रहने वाले आशीष (30) पुत्र बुटेली प्रसाद पेंटिंग का काम करते थे। मंगलवार रात करीब नौ बजे काम खत्म कर बाइक से घर लौट रहे थे। रुद्रपुर मोड़ के पास एक अज्ञात चार पहिया वाहन ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी। हादसे में आशीष गंभीर रूप से घायल हो गए। पत्नी और दो साल के बच्चे को छोड़ गए स्थानीय लोगों की मदद से आशीष को मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया। वहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। सदर कोतवाली पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। आशीष के परिवार में पत्नी सुमन, दो साल का बच्चा और मां हैं। उनकी मौत की खबर से परिवार में मातम छा गया।
प्रदेश में युवाओं को तंबाकू और नशीले पदार्थों से दूर रखने के लिए मंगलवार को ‘तंबाकू मुक्त युवा अभियान 4.0’ शुरू किया गया। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के मर्करी हॉल में आयोजित कार्यक्रम में राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह ने अभियान का शुभारंभ किया। उन्होंने युवाओं से तंबाकू से दूर रहने और परिवार व मित्रों को भी जागरूक करने की अपील की। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग की प्रमुख सचिव वी. हेकाली झिमोमी ने अभियान के उद्देश्यों और तंबाकू नियंत्रण की प्राथमिकताओं के बारे में बताया। कार्यक्रम में तंबाकू के दुष्प्रभावों से प्रभावित लोगों के अनुभव साझा किए गए। साथ ही प्रदेश में तंबाकू नियंत्रण के प्रयासों पर आधारित लघु फिल्म दिखाई गई। सार्वजनिक स्थलों पर चलेंगी गतिविधियां अभियान के तहत स्कूल-कॉलेज, ग्राम पंचायतों, नगरीय निकायों और सार्वजनिक स्थलों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सूचना, शिक्षा एवं संचार सामग्री के जरिए युवाओं को तंबाकू सेवन के नुकसान बताए जाएंगे। इसके साथ ही तंबाकू नियंत्रण कानूनों के पालन, तंबाकू उत्पादों की बिक्री से जुड़े नियमों के अनुपालन और तंबाकू छोड़ने के लिए उपलब्ध सहायता सेवाओं की जानकारी दी जाएगी। विभिन्न विभागों के समन्वय से अभियान को जनभागीदारी के जरिए व्यापक बनाने पर जोर दिया गया। यूपीवीएचए टीम के सदस्य भी शामिल हुए कार्यक्रम में स्वास्थ्य, शिक्षा, पुलिस, पंचायती राज और नगर विकास विभाग के प्रतिनिधियों सहित स्वयंसेवी संस्थाओं, राज्य तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ और यूपीवीएचए टीम के सदस्य शामिल हुए।
लखनऊ में 12वीं जिला फुटबॉल लीग-2026 में यूनिटी बी एफसी ने नेशनल पीजी कॉलेज को 2-1 से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया। मंगलवार को लामार्टिनियर बेकर ग्राउंड पर खेले गए चौथे क्वार्टर फाइनल मुकाबले में यूनिटी बी एफसी ने शानदार प्रदर्शन किया। यूनिटी बी एफसी के लिए लारेब ने 23वें और 48वें मिनट में गोल किए। वहीं, नेशनल पीजी कॉलेज की ओर से अधिकारी ने 59वें मिनट में गोल कर अंतर कम किया। हालांकि, नेशनल पीजी कॉलेज बराबरी नहीं कर सका और यूनिटी बी एफसी ने मुकाबला जीत लिया। लीग में बुधवार को दोनों सेमीफाइनल मुकाबले खेले जाएंगे। पहले सेमीफाइनल में एएमसी रिकॉर्ड एफसी और इंद्रा स्पोर्टिंग एफसी आमने-सामने होंगे। दूसरे सेमीफाइनल में यूनिटी बी एफसी का मुकाबला एपिक्स स्ट्राइकर्स एफसी से होगा। इन मुकाबलों के विजेता फाइनल में जगह बनाएंगे।
लोकायुक्त कार्यालय से प्राप्त शिकायत की जांच के बाद आरोपों की पुष्टि होने पर विभाग द्वारा तत्कालीन प्रभारी लेखापाल एवं तत्कालीन उपयंत्री पर जुर्माना लगाया गया है।
मऊगंज जिले के नईगढ़ी थाना क्षेत्र में मंगलवार रात करीब 9:30 बजे पहरखा गांव के पास पल्सर बाइक ने ठेला लेकर घर लौट रहे दो युवकों को टक्कर मार दी। हादसे में दोनों घायल हो गए। उन्हें प्राथमिक इलाज के बाद संजय गांधी अस्पताल, रीवा रेफर किया गया है। करही बाजार से ठेला लेकर लौट रहे थे युवक मोलई कुशवाहा (42), पिता बलदेव प्रसाद कुशवाहा और मनीष केवट (21), पिता राजधार केवट, दोनों पहरखा गांव के रहने वाले हैं। वे करही बाजार में ठेला लगाकर परिवार का खर्च चलाते हैं। मंगलवार रात दुकान बंद करने के बाद दोनों ठेला लेकर घर लौट रहे थे। इसी दौरान पल्सर बाइक चालक ने कथित तौर पर लापरवाही से बाइक चलाते हुए उन्हें टक्कर मार दी। दोनों ठेले समेत सड़क पर गिर गए। एक का बायां, दूसरे का दायां हाथ टूटा हादसे में मोलई के बाएं हाथ में फ्रैक्चर हुआ है, जबकि मनीष के दाहिने हाथ में गंभीर चोट आई है। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची 108 एंबुलेंस से दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नईगढ़ी ले जाया गया। केंद्र में पदस्थ डॉक्टर मृत्युंजय कुमार ने बताया कि दोनों का प्राथमिक इलाज किया गया। हाथ में फ्रैक्चर के कारण उन्हें बेहतर इलाज के लिए संजय गांधी अस्पताल, रीवा रेफर किया गया। हादसे के बाद बाइक चालक पल्सर मौके पर छोड़कर भाग गया। घायलों की शिकायत पर नईगढ़ी पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
देवास में पटाखों की दुकान पर पुलिस का छापा:83 तरह के पटाखे जब्त, कीमत करीब 6 लाख रुपए; FIR दर्ज
देवास के नयापुरा में मांगीलाल छगनिराम फायरवर्क्स से पुलिस ने करीब 6 लाख रुपए कीमत के 83 तरह के पटाखे जब्त किए। नाहर दरवाजा थाना पुलिस ने दुकान पर कार्रवाई की और FIR दर्ज की। थाना प्रभारी आलोक सोनी ने बताया कि पुलिस टीम ने मौके से पटाखे जब्त किए। शुरुआती आकलन में उनकी कीमत करीब 6 लाख रुपए आंकी गई। पुलिस के मुताबिक, रिहायशी इलाके में पटाखों का कारोबार और भंडारण किया जा रहा था। थाना प्रभारी ने कहा कि नियमों के खिलाफ रिहायशी इलाकों में पटाखों का कारोबार करने वालों पर आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
चंदाना शराब कांड: आनंद कासलीवाल के लैपटॉप से मिले अहम सुराग, मेथेनॉल के खाली ड्रम जब्त
चंदाना शराब कांड की जांच में पुलिस को मेथेनॉल की खरीदी और सप्लाई से जुड़े अहम सुराग मिले हैं। पुलिस को आनंद कासलीवाल के लैपटॉप से एक्सेल शीट मिली है, जिसमें मेथेनॉल के ड्रमों की संख्या और उन्हें कहां भेजा गया...
बढ़ता वायु प्रदूषण अब केवल सांस संबंधी बीमारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दिल, दिमाग और शरीर के दूसरे अंगों पर भी असर डाल रहा है। इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने वायु प्रदूषण से बचाव के लिए एडवाइजरी जारी की है। इसमें एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) के अलग-अलग स्तर के आधार पर स्वास्थ्य पर पड़ने वाले असर और बचाव के उपाय बताए गए हैं। एडवाइजरी के मुताबिक, हवा में कार्बन मोनोऑक्साइड, ग्राउंड लेवल ओजोन, वॉलेटाइल ऑर्गेनिक कंपाउंड, सल्फर डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन डाइऑक्साइड और पार्टिकुलेट मैटर (PM2.5 और PM10) जैसे प्रदूषक मौजूद रहते हैं। इनके लंबे समय तक संपर्क में रहने से फेफड़ों और हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ता है। एडवाइजरी में आईसीएमआर की 2019 की स्टडी का हवाला देते हुए बताया गया है कि भारत में कुल मौतों में 18% का संबंध वायु प्रदूषण से है। इनमें क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (COPD) से 32.5%, इस्केमिक हार्ट डिजीज से 29.2%, स्ट्रोक से 16.2% और लोअर रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट इंफेक्शन से 11.2% मौतों का योगदान बताया गया है। AQI बढ़ने के साथ बढ़ता है खतरा एडवाइजरी में अस्थमा, ब्रोंकाइटिस, सीओपीडी, हृदय रोग और स्ट्रोक जैसी बीमारियों के मरीजों को विशेष सावधानी बरतने के लिए कहा गया है। साथ ही वायु प्रदूषण के साथ ध्वनि प्रदूषण के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले असर का भी उल्लेख किया गया है। इसमें तनाव, हाई ब्लड प्रेशर, सुनने की क्षमता में कमी और नींद प्रभावित होने जैसी समस्याओं के प्रति आगाह किया गया है। पर्यावरण विशेषज्ञ सुभाष सी. पांडे के अनुसार
लखनऊ के कालीचरण पीजी कॉलेज में ‘भक्ति आंदोलन और मराठा राज्य शासन पर उसका प्रभाव’ विषय पर आयोजित आईसीएसएसआर प्रायोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का समापन हुआ। अंतिम दिन अकादमिक सत्रों के साथ समापन समारोह आयोजित किया गया। इसमें 12 राज्यों के 300 से अधिक शोधार्थियों ने रजिस्ट्रेशन कराया। समापन समारोह के मुख्य अतिथि डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जेपी पांडेय ने कहा कि भक्ति आंदोलन की शुरुआत जाति व्यवस्था और सामाजिक कुरीतियों को तोड़ने के उद्देश्य से हुई थी। अलवर और नयनार संतों ने इसकी नींव रखी। ज्ञान, कर्म और भक्ति परमात्मा तक पहुंचने के प्रमुख मार्ग हैं। उन्होंने कहा कि निष्कपट भाव से समर्पण करने पर ही ईश्वर की कृपा प्राप्त होती है। जीजाबाई की प्रेरणा से हिंदवी की स्थापना की विशिष्ट अतिथि लखनऊ विश्वविद्यालय के प्राचीन इतिहास विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. प्रशांत श्रीवास्तव ने कहा कि छत्रपति शिवाजी ने माता जीजाबाई की प्रेरणा से हिंदवी स्वराज्य की स्थापना की। समर्थ गुरु रामदास ने शिवाजी के राजनीतिक और आध्यात्मिक गुरु के रूप में मराठा राज्य को दिशा दी और महाराष्ट्र की संस्कृति व सभ्यता के संरक्षण पर जोर दिया। संघर्षशील व्यक्तित्व से प्रेरणा लेने की सीख दी प्रबंध समिति के वरिष्ठ सदस्य और लखनऊ विश्वविद्यालय के पूर्व प्रतिकुलपति प्रो. एमपी सिंह ने विद्यार्थियों को शिवाजी के संघर्षशील व्यक्तित्व से प्रेरणा लेने की सीख दी। प्राचार्य प्रो. चंद्रमोहन उपाध्याय ने कहा कि भक्ति आंदोलन का प्रभाव मराठा संघ राज्य की स्थापना में भी दिखाई दिया। शिवाजी ने सुशासन और महिलाओं के सम्मान को महत्व दिया। प्रबंधक वीके मिश्र ने बताया कि सेमिनार में 12 राज्यों के 15 विश्वविद्यालयों के 300 से अधिक शोधार्थियों और विद्वानों ने पंजीकरण कराया। संयोजिका प्रो. अर्चना मिश्रा ने बताया कि दो दिनों में छह ऑफलाइन और दो ऑनलाइन अकादमिक सत्र हुए। इनमें करीब 100 शोधपत्र प्रस्तुत किए गए।
मुरादाबाद के प्रिंस रोड पर उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब ई-रिक्शा में बैठने को लेकर महिला और एक युवक के बीच विवाद हो गया। देखते ही देखते दोनों के बीच कहासुनी बढ़ गई और महिला ने युवक को बीच सड़क पर थप्पड़ जड़ दिया। घटना के दौरान सड़क पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। मौके पर मौजूद एक राहगीर ने पूरी घटना को मोबाइल कैमरे में कैद कर लिया। अब यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
कोरबा में रेत कारोबार पर वर्चस्व की जंग, दो गुटों में खूनी संघर्ष, पथराव के बाद 10 गिरफ्तार
कोरबा में रेत कारोबार के वर्चस्व को लेकर दो गुटों में हुए खूनी संघर्ष और पथराव के बाद पुलिस ने 10 लोगों को गिरफ्तार किया है।
हरदोई में पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे एक हिस्ट्रीशीटर को मंगलवार 3अक्टूबर को देर शाम 4 बजे गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान प्रदीप शुक्ला उर्फ नटरोज उर्फ काली पंडित पुत्र माया राम, निवासी चौहान थोक, कोतवाली शहर, हरदोई के रूप में हुई है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, आरोपी के खिलाफ वर्ष 1993 और 1998 में दर्ज मुकदमों में न्यायालय से स्थायी वारंट जारी थे। वह गिरफ्तारी से बच रहा था। प्रदीप शुक्ला झांसी में सत्यानंद शुक्ला उर्फ काली सरकार के नाम से चर्चित रहा है। वहां वह नाम बदलकर दरबार लगाने के लिए जाना जाता था। हरदोई पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद उसके पुराने आपराधिक मामलों को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। पुलिस रिकॉर्ड में उसके नाम के साथ नटरोज और काली पंडित जैसे नाम भी दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार,प्रदीप शुक्ला के खिलाफ कोतवाली शहर में वर्ष 1993 में दो मुकदमे दर्ज हुए थे। मुकदमा संख्या 523/1993 में आयुध अधिनियम की धारा 25 के तहत कार्रवाई की गई थी। वहीं, मुकदमा संख्या 465/1993 में आईपीसी की धारा 394, 397 और 411 के तहत मामला दर्ज किया गया था। इन धाराओं में लूट, लूट के दौरान गंभीर चोट पहुंचाने और चोरी की संपत्ति रखने जैसे आरोप शामिल हैं। इसके अलावा वर्ष 1998 में मुकदमा संख्या 304/1998 के तहत आईपीसी की धारा 324 में भी उसके खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। इन पुराने मामलों में आरोपी के विरुद्ध न्यायालय से स्थायी वारंट जारी थे। पुलिस के मुताबिक, वह लंबे समय से फरार चल रहा था। पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीना के निर्देश पर वांछित और वारंटी अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत कोतवाली शहर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया। कार्रवाई करने वाली टीम में उपनिरीक्षक देवेश शर्मा और हेड कांस्टेबल अर्पित तोमर शामिल रहे। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। सीओ सिटी अजीत चौहान ने बताया कि वारंटियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान जारी है। लंबे समय से फरार चल रहे आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है।
पदयात्रा में जुटेंगे 50 हजार लोग:दोपहर 12 बजे एमपी इंटर कालेज से निकलेगी, दिनभर चली तैयारी
भाजपा की ओर से 4 नवंबर को आयोजित होने वाले लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ पदयात्रा में लगभग 50 हजार लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। गोरखपुर क्षेत्र से कार्यकर्ताओं को इसमें बुलाया गया है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी इस पदयात्रा में शामिल होने के लिए बुधवार की सुबह ही पहुंचेंगे। उनके साथ ही प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी भी इस पदयात्रा में शामिल होंगे। पदयात्रा लगभग 2 किलोमीटर की होगी। इसका समापन गोलघर काली मंदिर स्थित सरदार पटेल की प्रतिमा के पास होगा। भाजपा नेता सरदार पटेल की प्रतिमा पर माल्यार्पण करेंगे। राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन सुबह 11 बजे कार्यक्रम स्थल पर पहुंचेंगे। उनसे पहले लगभग सुबह 9 बजे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आगमन होगा। एमपी इंटर कालेज में बने स्थायी मंच पर सभी नेता मौजूद रहेंगे। यहां राष्ट्रीय अध्यक्ष, मुख्यमंत्री एवं प्रदेश अध्यक्ष उपस्थित कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे। दिनभर होती रही तैयारी पदयात्रा को लेकर मंगलवार को पूरे दिन तैयारी होती रही। एमपी इंटर कालेज के मैदान में बारिश के कारण पानी लग गया था। मिट्टी डालकर उस स्थान को चलने लायक बनाया गया है। स्थायी मंच के सामने की ओर टेंट लगाए गए हैं। भाजपा के पदाधिकारी दिनभर वहां मौजूद रहे। वरिष्ठ पदाधिकारी तैयारियों का जायजा लेने के लिए आते-जाते रहे। अभूतपूर्व भीड़ होगी, कार्यकर्ताओं से भरी रहेंगी सड़कें भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष विनोद राय ने बताया कि पदयात्रा के दौरान अभूतपूर्व भीड़ होगी। गोरखपुर क्षेत्र के सभी 12 संगठनात्मक जिलों से कार्यकर्ता बुलाए गए हैं। सुबह 10 बजे तक सभी कार्यक्रम स्थल पर पहुंच जाएंगे। कार्यकर्ताओं में इस कार्यक्रम को लेकर काफी उत्साह है। राष्ट्रीय अध्यक्ष, मुख्यमंत्री एवं प्रदेश अध्यक्ष यहां एक जनसभा को संबोधित करेंगे, उसके बाद पदयात्रा शुरू होगी। कल शहर की सभी सड़कों पर भाजपा के ही कार्यकर्ता नजर आएंगे। राष्ट्रीय नेतृत्व आता है तो कोर कमेटी की बैठक होती है। गोरखपुर में भी प्रदेश कोर कमेटी की बैठक रखी गई है।
बालाघाट जिले के लांजी में मंगलवार रात करीब 8:30 से 9 बजे के बीच वार्ड नंबर 10 में सिंघाड़ा तालाब के पास झोले में नवजात बालिका मिली। बच्ची को सिविल अस्पताल लांजी में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के मुताबिक, उसका वजन 2 किलो 400 ग्राम है और वह स्वस्थ है। काम पर जा रही महिला को सुनाई दी रोने की आवाज रेस्टोरेंट में काम करने वाली कविता उर्फ गीता सोनवाने (35) काम पर जा रही थीं। इसी दौरान उन्हें बच्ची के रोने की आवाज सुनाई दी। आवाज की दिशा में जाकर देखा तो झोले में नवजात बालिका मिली। कविता ने आसपास के लोगों को इसकी जानकारी दी और अपनी एक सहयोगी महिला के साथ बच्ची को घर ले गईं। वहां उन्होंने बच्ची की साफ-सफाई की और उसे दूध पिलाया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी। मेटरनिटी कक्ष में चल रहा इलाज सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और बच्ची को सिविल अस्पताल लांजी ले गई। उसे अस्पताल के मेटरनिटी कक्ष में रखा गया है, जहां डॉक्टर उसकी देखभाल कर रहे हैं। नगर निरीक्षक घनश्याम बैरागी ने बताया कि वे पुलिस स्टाफ के साथ मौके पर पहुंचे थे। डॉक्टरों ने बच्ची को स्वस्थ बताया है। पुलिस झोले में बच्ची को छोड़कर जाने वाले व्यक्ति की जानकारी जुटा रही है।
लखनऊ के राजकीय जुबिली इंटर कॉलेज में बनी देश की पहली ड्रीम लैब में अब जनपद के दूसरे राजकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों को भी नि:शुल्क प्रशिक्षण मिलेगा। विज्ञान, तकनीक और नवाचार में रुचि रखने वाले विद्यार्थियों को यहां ट्रेनिंग दी जाएगी। अपर मुख्य सचिव माध्यमिक शिक्षा पार्थ सेन सारथी के विजन के तहत यह पहल की जा रही है। संविधान संवाद प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान जनपद के राजकीय और सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों ने ड्रीम लैब देखी। कॉलेज के प्रधानाचार्य सुमीत कुमार श्रीवास्तव ने उन्हें लैब के तकनीकी संसाधनों, नवाचार से जुड़े उपकरणों और प्रयोग की सुविधाओं की जानकारी दी। कक्षा 9 से 11 तक के विद्यार्थियों को चुना जाएगा सुमीत कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि ड्रीम लैब को साझा शैक्षिक संसाधन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए कक्षा 9 से 11 तक के विद्यार्थियों को चुना जाएगा। विज्ञान, तकनीक और रचनात्मक गतिविधियों में रुचि रखने वाले विद्यार्थियों की सूची कॉलेज में देने के निर्देश दिए गए हैं। उद्घाटन के बाद प्रशिक्षण की योजना तैयार कार्यक्रम में आने वाली बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी पर भी बात हुई। सुमीत कुमार श्रीवास्तव ने स्कूलों में नियमित पढ़ाई, कमजोर विद्यार्थियों के लिए विशेष कक्षाएं, अभ्यास परीक्षाएं और विषयवार समीक्षा पर जोर दिया। प्रधानाचार्यों ने विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति पक्की करने, पढ़ाई में उनकी कमजोरियों की पहचान करने और परीक्षा की तैयारी की लगातार समीक्षा करने पर सहमति जताई। सभी ने लखनऊ जनपद के राजकीय विद्यालयों का बोर्ड परीक्षा परिणाम बेहतर करने का संकल्प लिया। ड्रीम लैब के जरिए विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, रचनात्मकता और तकनीकी दक्षता विकसित करने के साथ सरकारी विद्यालयों के बीच संसाधन साझा करने पर भी सहमति बनी।
बिहार में हड़ताल पर गए अमीनों को काम से हटाने का आदेश, अल्टीमेटम के बाद सरकार का ऐक्शन
बिहार में हड़ताल कर रहे अमीनों को काम से हटाने का आदेश दे दिया गया है। ई-मापी पोर्टल पर उनकी आईडी भी बंद की जा रही है। 24 घंटे की अल्टीमेटम अवधि समाप्त होने के बाद राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने सख्त कदम उठाया है।
गोरखपुर के झंगहा थाना क्षेत्र के ग्राम मिठाबेल में मंगलवार शाम दिल दहला देने वाली वारदात हुई। शराब के नशे में बेटे ने अपने ही 65 साल के पिता की गला दबाकर हत्या कर दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आरोपी बेटे को हिरासत में ले लिया है। गांव में शांति बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है। झंगहा पुलिस के मुताबिक, शाम करीब 7.30 बजे सूचना मिली थी कि ग्राम मिठाबेल में एक बेटे ने अपने पिता की गला दबाकर हत्या कर दी है। सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष मय फोर्स के मौके पर पहुंचे। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि मृतक रामचन्द्र राजभर और उसका 35 साल का बेटा बबलू राजभर दोनों ही शराब के नशे में थे। मछली चावल खाने में बनाया था बताया जा रहा है कि दोनों ने घर पर मछली चावल बनाया था। दोनों ने साथ में ही शराब पी। खाना खाने के समय किसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हो गई। विवाद इतना बढ़ गया कि नशे में धुत बेटे ने अपने पिता का गला दबा दिया। गला दबने से पिता की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही गांव में सनसनी फैल गई। पुलिस ने मृतक रामचन्द्र राजभर के शव को कब्जे में लेकर पंचायतनामा की कार्रवाई शुरू कर दी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है। वहीं घटना में संलिप्त आरोपी पुत्र बबलू राजभर को पुलिस ने हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया है। एसपी नॉर्थ राजेश घुनावत का कहना है कि आरोपी के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है। झंगहा थानाध्यक्ष ने बताया कि शांति व्यवस्था के दृष्टिगत मृतक के घर पर पुलिस बल लगा दिया गया है। मौके पर फिलहाल शांति व्यवस्था कायम है।
बुलेट लकड़ी लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली में घुसी:रामपुर में हाईवेपर दो दोस्त घायल, एक की हालत नाजुक
रामपुर में दिल्ली-नैनीताल नेशनल हाईवे-87 पर थाना भोट के सामने मंगलवार रात करीब 9:30 बजे तेज रफ्तार बुलेट लकड़ी से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली में पीछे से जा घुसी। हादसे में बुलेट सवार किशन (22) और उमेश (25) गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को हाईवे की एंबुलेंस से जिला अस्पताल पहुंचाया गया। वहां उमेश की हालत नाजुक देखते हुए डॉक्टरों ने उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया। किशन का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। बुलेट का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हादसा थाना भोट क्षेत्र में थाने के ठीक सामने हुआ। टक्कर इतनी तेज थी कि बुलेट का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। घायलों की पहचान खैरुल्लापुर निवासी किशन और इंची की मढ़ैया निवासी उमेश के रूप में हुई है। दोनों आपस में दोस्त बताए जा रहे हैं। थाना प्रभारी अर्जुन त्यागी ने बताया कि सड़क हादसे की सूचना मिली थी। पुलिस और नेशनल हाईवे की एंबुलेंस ने दोनों घायलों को जिला अस्पताल की इमरजेंसी में पहुंचाया। उमेश की हालत नाजुक बनी हुई है। ट्रॉली पर रिफ्लेक्टर नहीं होने का आरोप किशन के भाई सतेंद्र ने बताया कि दोनों बुलेट से जा रहे थे। इसी दौरान उनकी बाइक लकड़ी से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली में पीछे से टकरा गई। उन्होंने पुलिस से ट्रैक्टर-ट्रॉली को पकड़ने की मांग की है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ट्रैक्टर-ट्रॉली पर लकड़ी ओवरलोड थी। उसके पीछे रिफ्लेक्टर या कोई संकेत भी नहीं लगा था। इस वजह से पीछे से आ रहे वाहन को ट्रॉली दिखाई नहीं दी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी ने बताया कि ट्रैक्टर-ट्रॉली चालक की तलाश की जा रही है। घायलों के परिजनों को सूचना दे दी गई है। हादसे के बाद हाईवे पर कुछ देर अफरा-तफरी रही। पुलिस ने यातायात सुचारू करा दिया।
देवास में मंगलवार देर शाम कलेक्टर नेहा मीना ने महारानी चिमनाबाई स्कूल परिसर के उत्कृष्ट बालिका छात्रावास का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने छात्राओं के साथ बैठकर भोजन किया। उसकी गुणवत्ता जांची। भोजन संतोषजनक नहीं मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताई। निरीक्षण में पता चला कि छात्रावास में खाना बनाने के बजाय बाहर से बनवाकर लाया जा रहा था। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि भोजन छात्रावास में ही तैयार किया जाए, ताकि खाद्य सुरक्षा विभाग उसकी गुणवत्ता जांच सके। निरीक्षण के समय वार्डन छात्रावास में मौजूद नहीं थीं। छात्राओं ने भी व्यवस्थाओं को लेकर शिकायतें कीं। कलेक्टर ने वार्डन के निलंबन संबंधी कार्रवाई के निर्देश दिए और बीईओ देवास को कारण बताओ नोटिस जारी किया। कमियां मिलने तुरंत सुधार के निर्देश दिए कलेक्टर ने छात्राओं के कमरों में जाकर रोशनी, हवा, बिस्तर और साफ-सफाई की स्थिति देखी। कमियां मिलने पर अधिकारियों को तुरंत सुधार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि छात्राओं के भोजन और सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाएगा। तय मीनू के अनुसार पौष्टिक और अच्छी गुणवत्ता वाला भोजन देने को कहा। सर्दी को देखते हुए छात्रावास में 5 नए गीजर और शुद्ध पेयजल के लिए 1 आरओ सिस्टम लगाने के निर्देश भी दिए। कलेक्टर ने जिले के सभी छात्रावासों का नियमित निरीक्षण कराने और बालिका छात्रावासों की जांच महिला अधिकारियों से करवाने को कहा। उन्होंने कहा कि व्यवस्थाओं में लापरवाही मिलने पर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
अयोध्या के 56 घाटों पर बिछेंगे 30 लाख दीप, दीपोत्सव तक पुराना सरयू पुल बंद; ट्रैफिक प्लान जारी
सात नवंबर को होने वाले दीपोत्सव में सरयू के 56 घाटों पर 30 लाख दीप सजाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए बुधवार से घाटों पर दीप बिछाने का काम शुरू हो जाएगा। दीपोत्सव में सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के मद्देनजर पुलिस ने यातायात प्लान जारी कर दिया है। पुराना सरयू पुल आवागमन के लिए पूरी तरह बंद रहेगा।
दिल्ली के 160 साल पुराने टाउन हॉल की छत गिरी, तेज बारिश के बाद ढह गया प्रवेश द्वार; आवाजाही रोकी गई
चांदनी चौक स्थित ऐतिहासिक टाउन हॉल की छत भारी बारिश के कारण ढह गई, जिससे प्रवेश द्वार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। दिल्ली के शासन की धुरी रही यह ग्रेड-1 विरासत इमारत विभिन्न योजनाओं के बावजूद उपेक्षा का शिकार रही है।
दीपावली के त्योहार को देखते मिलावटखोरी पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण विभाग कार्रवाई कर रहा है। बुधवार को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सुरेंद्र सिंह शेखावत के निर्देशन में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम द्वारा कमला नेहरू नगर स्थित एमआर ट्रेवल्स पर कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान मौके पर घी ब्रांड डेयरी मिल्क पाया गया। टीम द्वारा ट्रेवल्स संचालक से इस घी के संबंध में जानकारी एवं दस्तावेज मांगे गए। संचालक द्वारा प्रस्तुत इनवॉइस के आधार पर घी एमएस रिद्धि-सिद्धि ट्रेडर्स का होना बताया गया। इसके बाद संबंधित फर्म के मालिक को भी मौके पर बुलाया गया। सैंपल जांच के लिए लैब भेजे जाएंगे खाद्य सुरक्षा अधिकारी दीनदयाल सैनी के द्वारा घी ब्रांड डेरी मिल्क का नियमानुसार सैंपल लिया गया। इसके साथ ही घी की गुणवत्ता एवं शुद्धता पर संदेह के आधार पर लगभग 1580 लीटर घी सीज किया गया। घी को को जांच के लिए लैब भेजा जाएगा। लैब से प्राप्त जांच रिपोर्ट के आधार पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारी दीनदयाल सैनी, सुरेश माली,योगेश मीणा और अंकित घोसल्या उपस्थित रहे।
देवरिया के सदर कोतवाली परिसर में मंगलवार रात करीब 8 बजे अधिवक्ता से मारपीट के आरोप में हिरासत में लिए गए पिता-पुत्र की गिरफ्तारी की मांग को लेकर हंगामा हो गया। कई अधिवक्ता कोतवाली पहुंच गए और नारेबाजी करने लगे। इस दौरान पुलिसकर्मियों और अधिवक्ताओं के बीच बहस और नोकझोंक हुई। स्थिति संभालने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल बुलाना पड़ा। सदर कोतवाली क्षेत्र के भटवलिया मोहल्ले के रहने वाले सुधाकर पांडेय (45) पुत्र शिवानंद पांडेय मंगलवार शाम करीब सात बजे बाइक से मालवीय रोड चौराहे गए थे। इसी दौरान साकेत नगर के रहने वाले रामनगीना मिश्र पुत्र देवकीनंदन मिश्र अपने बेटे आलोक मिश्र के साथ बाइक से सुभाष चौक तिराहे पहुंचे। किसी बात को लेकर सुधाकर पांडेय और रामनगीना मिश्र के बीच विवाद हो गया। आरोप है कि इसके बाद रामनगीना और आलोक ने सुधाकर के साथ मारपीट की। उनके सिर में चोट लगी और खून बहने लगा। पिता-पुत्र को घर से हिरासत में लिया सूचना पर सदर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और घायल सुधाकर को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा। आरोप है कि मारपीट करने वाले पिता-पुत्र मौके से भाग गए। घटना की जानकारी मिलने पर अधिवक्ता कोतवाली पहुंचने लगे। कोतवाल ने रामनगीना और उनके बेटे आलोक को साकेत नगर स्थित घर से हिरासत में लिया। पुलिस दोनों को लेकर कोतवाली पहुंची तो अधिवक्ताओं ने उनकी गिरफ्तारी की मांग करते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। कुछ अधिवक्ता कोतवाली कार्यालय के अंदर जाने लगे, लेकिन पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोक दिया। इस पर दोनों पक्षों के बीच बहस और नोकझोंक होने लगी। कोतवाली परिसर में काफी देर तक हंगामा चलता रहा। हालात संभालने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया।
शासन की अक्टूबर 2026 की आईजीआरएस रैंकिंग में बरेली रेंज पूरे उत्तर प्रदेश में पहले स्थान पर रही। रेंज के चार जिलों के 64 थानों ने भी संयुक्त रूप से प्रदेश में पहला स्थान पाया। इनमें बरेली के 25, बदायूं के 15, पीलीभीत के 12 और शाहजहांपुर के 12 थाने शामिल हैं। बदायूं जिले ने जिलेवार रैंकिंग में भी प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया। डीआईजी अजय कुमार साहनी के निर्देशन में जनसुनवाई समाधान प्रणाली के तहत मिली शिकायतों के निस्तारण की गुणवत्ता और समयसीमा के आधार पर यह रैंकिंग जारी हुई। बरेली जिले के अलीगंज, महिला थाना, सुभाषनगर, फतेहगंज पश्चिमी, किला, सीबीगंज, शाही, बारादरी, इज्जतनगर, देवरनियां, क्योलड़िया, भुता, हाफिजगंज, भोजीपुरा, बहेड़ी, मीरगंज, नवाबगंज, आंवला, भमौरा, शीशगढ़, प्रेमनगर, कोतवाली, सिरौली, बिथरी चैनपुर और कैंट थाने ने प्रदेश में पहला स्थान पाया। बेहतर प्रदर्शन में योगदान देने वाले रेंज कार्यालय के आईजीआरएस कर्मियों उपनिरीक्षक शालू, कंप्यूटर ऑपरेटर अमरेंद्र कुमार और आरक्षी सलिल सक्सेना को नकद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा। डीआईजी ने उन्हें सम्मानित करने का फैसला लिया है। जिन जिलों और थानों का प्रदर्शन अपेक्षा के मुताबिक नहीं रहा, उनकी समीक्षा कर सुधार के लिए कार्रवाई की जाएगी। विभाग शिकायतों के निस्तारण की संख्या के साथ उनकी गुणवत्ता और समयसीमा को भी प्रदर्शन का आधार बना रहा है।
बरेली में भाजपा की ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा पर समाजवादी पार्टी ने सवाल उठाए। सपा जिलाध्यक्ष शुभलेश यादव ने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा और अराजकता पर नियंत्रण सरकार की संवैधानिक जिम्मेदारी है। उन्होंने पूछा कि यह पदयात्रा आखिर किसके खिलाफ निकाली गई थी। यादव ने कहा कि केंद्र और प्रदेश में भाजपा की सरकार होने के बावजूद इस अभियान का संदेश समझ से परे है। उन्होंने पदयात्रा के दौरान जेबकटी की घटनाओं को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री लगातार दावा करते रहे हैं कि प्रदेश में अपराधी या तो जेल में हैं या प्रदेश छोड़ चुके हैं। इसके बावजूद भाजपा की पदयात्रा में नेताओं और कार्यकर्ताओं के मोबाइल फोन और पर्स गायब होने की शिकायतें आईं। यादव ने कहा कि इससे सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था के दावों पर सवाल उठते हैं। यादव ने कहा कि नागरिकों के अधिकारों की रक्षा और लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने भाजपा से अपनी सरकार में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर जवाब देने को कहा। उन्होंने कहा कि भारी पुलिस बल की मौजूदगी के बावजूद पदयात्रा में लोग जेबकटी का शिकार हुए। ऐसे में सुरक्षा के इंतजामों की समीक्षा होनी चाहिए।
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की ओर से आयोजित स्पेशल टीईटी-2026 मंगलवार को छह मंडल मुख्यालयों पर दो पालियों में कराई गई। इसकी दोनों पालियों में 87.92 प्रतिशत अभ्यर्थी उपस्थित रहे। आयोग मुख्यालय प्रयागराज में स्थापित एआई इंटीग्रेटेड कंट्रोल कमांड रूम से सभी परीक्षा केंद्रों की लाइव निगरानी की गई। इसी दौरान लखनऊ के एक परीक्षा केंद्र पर दूसरे अभ्यर्थी के स्थान पर परीक्षा दे रहे फर्जी परीक्षार्थी को एआई तकनीक की मदद से पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया गया। आयोग अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने बताया कि विज्ञापन संख्या 03/2026 के तहत प्रयागराज, लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर, मेरठ और आगरा में परीक्षा आयोजित हुई। पहली पाली सुबह 9:30 से दोपहर 12 बजे तक प्राइमरी के शिक्षकों के लिए और दूसरी पाली में दोपहर 2:30 से शाम 5 बजे तक कक्षा 6 से 8 के शिक्षकों के लिए कराई गई। आयोग के अनुसार, दोनों पालियों को मिलाकर 1,06,547 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 93,681 ने परीक्षा दी, जिससे कुल उपस्थिति 87.92 प्रतिशत रही। पहली पाली में 58,353 में से 50,666 अभ्यर्थी (86.80 प्रतिशत) और दूसरी पाली में 48,194 में से 43,015 अभ्यर्थी (89.25 प्रतिशत) उपस्थित रहे। आयोग मुख्यालय के कंट्रोल कमांड रूम से एआई कैमरों और विशेष सॉफ्टवेयर के जरिए पूरे समय केंद्रों की निगरानी की गई। इसी निगरानी के दौरान लखनऊ के बप्पा श्री नारायण वोकेशनल इंटर कॉलेज स्टेशन रोड केंद्र पर एक फर्जी परीक्षार्थी पकड़ा गया, जो किसी अन्य अभ्यर्थी के स्थान पर परीक्षा दे रहा था। उसके खिलाफ कार्रवाई करते हुए स्थानीय पुलिस को सौंप दिया गया। डॉ. प्रशांत कुमार ने कहा कि सभी केंद्रों पर परीक्षा नकलविहीन और व्यवस्थित ढंग से कराई गई। उन्होंने सफल आयोजन में सहयोग देने वाले जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन का आभार जताया।
बरेली में भाजपा की ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा के दौरान जेबकतरों ने चार लोगों को निशाना बनाया। उनकी जेब से करीब 41 हजार रुपये, एक मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड और जरूरी दस्तावेज चोरी हो गए। कार्यक्रम में भारी पुलिस बल तैनात था। प्रेमनगर के राजेंद्र नगर निवासी अमनदीप सिंह की जेब से 9,500 रुपये, मोटोरोला मोबाइल और जरूरी कागजात चोरी हुए। किला क्षेत्र के साहूकारा निवासी अमरजीत सिंह के 8,500 रुपये और दस्तावेज गायब हो गए। रामपुर गार्डन निवासी राजीव भुवना की जेब से 5,000 रुपये, एटीएम कार्ड और जरूरी कागजात निकाले गए। शाहजहांपुर के लोधीपुर निवासी दिनेश कुमार के 18 हजार रुपये, पैन कार्ड, आधार कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस चोरी हो गए। चारों पीड़ितों ने अलग-अलग पुलिस चौकियों और थानों में शिकायत दी है। उन्होंने कार्रवाई करने और सामान वापस दिलाने की मांग की है। पदयात्रा में चार लोगों की जेब कटने के बाद भीड़ में निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठे हैं।
दीपावली के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा में मिठाई बनाने वाली इकाइयों पर छापे मारे। जिलाधिकारी मेधा रूपम के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई। टीमों ने कुल 7 नमूने लिए। इस दौरान 400 किलो रसगुल्ला को नष्ट किया गया और 450 किलो बूंदी को सीज किया गया। इन रसगुल्ला में मक्खी और मच्छर पड़े हुए थे और यह खाने योग्य नहीं थे। खाद्य सुरक्षा अधिकारी विशाल कुमार गुप्ता और रितु सक्सैना की टीम ने गढ़ी चौखंडी, सेक्टर 121, नोएडा की गणेश स्वीट निर्माणशाला से बूंदी के लड्डू का एक नमूना लिया। खाद्य सुरक्षा अधिकारी ओपी सिंह और अमर बहादुर सरोज की टीम ने विलासपुर, दनकौर, ग्रेटर नोएडा में सुंदर सिंह की मिठाई निर्माणशाला से छेना और रसगुल्ले के एक-एक नमूने लिए। वहां करीब 100 किलो रसगुल्ले में मक्खी-मच्छर पाए गए। विभाग ने उन्हें खाने के लिए अनुपयुक्त मानकर नष्ट कराया। इसी टीम ने बिशनपुर, सेक्टर 58, नोएडा की सोनू मिठाई निर्माणशाला से बूंदी के लड्डू का एक नमूना लिया। खाद्य सुरक्षा अधिकारी मुकेश कुमार और विजय बहादुर पटेल की टीम ने सेक्टर 62, रसूलपुर नवादा, नोएडा में सम्यक मिठाई की निर्माणशाला से रसगुल्ले, बूंदी के लड्डू और बूंदी के एक-एक नमूने लिए। टीम ने करीब 450 किलो बूंदी सीज की और करीब 300 किलो रसगुल्ले व मिठाई नष्ट कराई। इनमें मक्खी-मच्छर पाए गए थे और इन्हें खाने के लिए अनुपयुक्त माना गया। निर्माण इकाई में बेहद गंदगी के बीच मिठाई बनाई जा रही थी। विभाग ने साफ-सफाई में सुधार होने तक लाइसेंस निलंबित करने की कार्रवाई शुरू की है। तब तक इकाई का कारोबार बंद रखने का आदेश दिया गया है। विभाग ने मिठाई कारोबारियों से लाइसेंसधारी या पंजीकृत सप्लायर से सामान खरीदने और बिल लेने को कहा है। कारोबारियों से निर्माण तारीख और बैच नंबर देखकर ही खाद्य सामग्री खरीदने और बेचने की हिदायत दी गई है। विभाग ने कहा कि कार्रवाई देर रात तक जारी रहेगी।
बालाघाट में पूजा गांधी मंगलवार शाम कांग्रेस विधायक अनुभा मुंजारे के साथ कोतवाली थाने पहुंचीं। उन्होंने देवर और भाजयुमो जिलाध्यक्ष अमन गांधी व ससुराल के अन्य लोगों पर मारपीट का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज करने की मांग की। पुलिस ने शिकायत की जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद पूजा गांधी थाने से लौट गईं। 30 अक्टूबर को भी शिकायत लेकर पहुंची थीं पूजा गांधी इससे पहले 30 अक्टूबर को भी शिकायत लेकर थाने पहुंची थीं। उनका आरोप है कि पुलिस ने अब तक एफआईआर दर्ज नहीं की है। उन्होंने बताया कि करवाचौथ की रात ससुर कुलदीप गांधी, देवर अमन गांधी, बड़े ससुर और उनके बेटे ने उनके साथ मारपीट की। पूजा का कहना है कि अब उन्हें घर और पुलिस, दोनों जगह सुरक्षित महसूस नहीं हो रहा है। शराब पार्टी का विरोध करने पर मारपीट का आरोप पूजा गांधी के मुताबिक, करवाचौथ की रात पूजा करके घर के अंदर लौटीं तो वहां शराब पार्टी चल रही थी। उन्होंने इसका विरोध किया, जिसके बाद उनके साथ मारपीट की गई। उन्होंने उसी रात पुलिस को शिकायत दी और अगले दिन भी घटना की जानकारी दी, लेकिन अब तक एफआईआर दर्ज नहीं हुई। विधायक ने पुलिस पर दबाव में काम करने का आरोप लगाया कांग्रेस विधायक अनुभा मुंजारे ने आरोप लगाया कि पुलिस सत्तापक्ष के दबाव में कार्रवाई नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा नारी सम्मान की बात करती है, लेकिन भाजपा से जुड़े परिवार की बहू के साथ मारपीट के बाद उसका मेडिकल परीक्षण तक नहीं कराया गया। मुंजारे ने कहा कि कांग्रेस पूजा गांधी के साथ है। अगर एफआईआर दर्ज नहीं हुई तो पार्टी सड़क से सदन तक आवाज उठाएगी। जांच के बाद कार्रवाई करेगी पुलिस सीएसपी अभिषेक सिर्रा ने बताया कि महिला की शिकायत की जांच की जा रही है। जांच के बाद कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।
प्रयागराज में जनगणना-2027 की तैयारियां तेज हो गई हैं। जिला प्रशासन की ओर से जनपदवासियों से जनगणना अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की गई है। जिलाधिकारी एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी की ओर से जारी अपील के अनुसार, जनगणना के पहले चरण में 16 से 30 नवंबर 2026 तक स्व-गणना (सेल्फ एन्यूमरेशन) की सुविधा उपलब्ध रहेगी। इसके बाद 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 तक प्रगणक घर-घर जाकर जनसंख्या गणना का कार्य करेंगे। जनगणना के लिए 5 जनवरी 2027 की रात 12 बजे संदर्भ तिथि निर्धारित की गई है। वहीं, बेघर व्यक्तियों की गणना 4 और 5 जनवरी 2027 की मध्यरात्रि तक की जाएगी। स्व-गणना के लिए नागरिकों को आधिकारिक पोर्टल https://se.census.gov.in पर अपने परिवार का सही और पूरा विवरण दर्ज करना होगा। इसके बाद प्राप्त एसई आईडी सुरक्षित रखनी होगी। प्रशासन के अनुसार, जनगणना के दौरान प्रत्येक परिवार से 40 निर्धारित सवाल पूछे जाएंगे। प्रगणक मोबाइल एप के माध्यम से घर-घर जाकर जानकारी जुटाएंगे। इसमें मकान, परिवार के सदस्यों और अन्य जरूरी जानकारियां शामिल होंगी। किराये के मकानों, लॉज, हॉस्टल और पीजी में रहने वाले लोगों की गणना भी उनके वर्तमान निवास स्थान पर की जाएगी। रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर रहने वाले बेघर व्यक्तियों की भी गणना होगी। जिला प्रशासन ने बताया कि जनगणना से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, आवास, सामाजिक सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी योजनाओं के निर्माण में मदद मिलेगी। साथ ही गांवों और शहरी क्षेत्रों में विकास कार्यों तथा संसाधनों के उचित आवंटन की योजना तैयार की जा सकेगी। प्रशासन ने जनप्रतिनिधियों, ग्राम प्रधानों, पार्षदों, शिक्षकों, सामाजिक संस्थाओं और आम नागरिकों से अभियान में सहयोग करने की अपील की है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जनगणना में दी गई व्यक्तिगत जानकारी जनगणना अधिनियम, 1948 के तहत गोपनीय रखी जाएगी। जनगणना-2027: घर बैठे ऐसे करें स्व-गणना, जानिए पूरा ऑनलाइन प्रोसेस जनगणना-2027 के पहले चरण में 16 नवंबर से 30 नवंबर 2026 तक नागरिकों को स्व-गणना (सेल्फ एन्यूमरेशन) की सुविधा मिलेगी। इसके लिए नागरिकों को आधिकारिक पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन फॉर्म भरना होगा। इसकी पूरी प्रक्रिया 15 चरणों में निर्धारित की गई है।
दरभंगा के लहेरियासराय के नेहरू स्टेडियम में आयोजित तीन दिवसीय राज्यस्तरीय अंतर प्रमंडल बालिका बैडमिंटन प्रतियोगिता का मंगलवार को समापन हो गया। फाइनल मुकाबलें और पुरस्कार वितरण समारोह हुआ। खेल विभाग और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित प्रतियोगिता में बिहार के विभिन्न प्रमंडलों की बालिका खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। अंतिम दिन अंडर-14, अंडर-17 और अंडर-19 बालिका एकल वर्ग के फाइनल मुकाबले खेले गए। अंडर-14 में पटना प्रमंडल की ईशानवी सिंह ने अपनी ही प्रमंडल की गार्गी आर्या को हराकर खिताब जीता। अंडर-17 में मगध प्रमंडल की सुलेखा कुमारी विजेता रहीं, जबकि बिहार एकलव्य की नेहा कुमारी उपविजेता बनीं। वहीं, अंडर-19 में पटना प्रमंडल की गरिमा श्री ने खिताब अपने नाम किया। इस वर्ग में बिहार एकलव्य की नंदनी कुमारी उपविजेता रहीं। इससे पहले प्रतियोगिता के दूसरे दिन पटना प्रमंडल ने अंडर-14 और अंडर-19 बालिका डबल्स वर्ग में भी चैंपियनशिप हासिल की थी। डीएम और एसएसपी ने किया सम्मानित समापन समारोह में जिलाधिकारी कौशल कुमार और वरीय पुलिस अधीक्षक जगुनाथ रेड्डी जलारेड्डी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। दोनों अधिकारियों ने विजेता और उपविजेता खिलाड़ियों को ट्रॉफी, मेडल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इस दौरान ओएसडी सह जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी राजेश कुमार गुप्ता, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी आशीष अमन, सहायक आयुक्त मद्य निषेध प्रदीप कुमार और जिला खेल पदाधिकारी चंदन कुमार मौजूद रहे। प्रतियोगिता में भाग लेना भी अपने आप में बड़ी उपलब्धि- डीएम डीएम कौशल कुमार ने कहा कि राज्यस्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेना भी अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। खेल से अनुशासन, धैर्य, आत्मविश्वास और संघर्ष की भावना विकसित होती है। खिलाड़ियों को जीत से उत्साहित होने के साथ हार से भी सीख लेकर अपनी कमियों को दूर करना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने और युवा खिलाड़ियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन प्रतिबद्ध है। हार-जीत खेल का हिस्सा है- एसएसपी एसएसपी जगुनाथ रेड्डी जलारेड्डी ने कहा कि हार-जीत खेल का हिस्सा है। किसी मुकाबले में हार मिलने का मतलब असफलता नहीं, बल्कि अपनी कमियों को पहचानकर उनमें सुधार करने का अवसर है। खिलाड़ियों को खेल भावना और अनुशासन बनाए रखते हुए निरंतर अभ्यास करना चाहिए। प्रत्येक मुकाबला खिलाड़ियों को नया अनुभव और सीख देता है। चिकित्सा टीम रही तैनातजिला खेल पदाधिकारी चंदन कुमार ने प्रतियोगिता के सफल आयोजन में सहयोग के लिए जिलाधिकारी, एसएसपी, सभी अतिथियों, प्रशिक्षकों, निर्णायकों, तकनीकी अधिकारियों और आयोजन से जुड़े सहयोगियों के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि जिले में खेल, कला-संस्कृति और शिक्षा के क्षेत्र में बच्चों एवं युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
नीमच में नगर पालिका ने शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय क्रमांक 2 परिसर में पटाखा बाजार की 105 दुकानों का आवंटन कर दिया है। मंगलवार को अधिकारियों और कर्मचारियों की मौजूदगी में लॉटरी से लाइसेंसधारी व्यापारियों को दुकानें दी गईं। बाजार बुधवार से शुरू होगा। पहले आवंटन सोमवार को होना था, लेकिन व्यापारियों को लाइसेंस जारी होने में देरी के कारण प्रक्रिया एक दिन आगे बढ़ गई। लॉटरी से हुआ दुकानों का आवंटन हर साल की तरह इस बार भी शहर का मुख्य पटाखा बाजार क्रमांक 2 स्कूल परिसर में लगाया जा रहा है। दिवाली पर जिलेभर से लोग यहां पटाखे खरीदने पहुंचते हैं। यहां कई करोड़ रुपए का आतिशबाजी कारोबार होता है। नगर पालिका के राजस्व अधिकारी ने बताया कि दुकानों का आवंटन पारदर्शिता बनाए रखने के लिए लॉटरी से किया गया। सुरक्षा के लिए 24 घंटे तैनात रहेगी फायर ब्रिगेड नगर पालिका ने बाजार परिसर में सुरक्षा के इंतजाम किए हैं। यहां 24 घंटे फायर ब्रिगेड और पानी के टैंकर तैनात रहेंगे। व्यापारियों को दुकानों पर रेत से भरी बाल्टियां और अग्निशामक यंत्र रखने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारी ने चेतावनी दी है कि सुरक्षा निर्देशों का पालन नहीं करने वाले दुकानदार का लाइसेंस निरस्त किया जा सकता है।
टेरर फंडिंग केस में इंजीनियर रशीद की मुश्किलें बढ़ी, दिल्ली HC में NIA बोली- जमानत के हकदार नहीं
एनआईए ने दिल्ली हाई कोर्ट में बारामूला सांसद इंजीनियर रशीद की जमानत याचिका का विरोध किया है। एजेंसी ने आरोप लगाया कि रशीद ने आतंकी फंडिंग मामले में गवाहों को प्रभावित किया है, जिस पर अदालत अब निर्णय सुनाएगी।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली को वैश्विक मेडिकल हब बनाने के लिए सरकार और निजी क्षेत्र के सहयोग पर जोर दिया। उन्होंने एमबीबीएस और पीजी सीटों में वृद्धि के योजनाओं के विस्तार की जानकारी दी।
ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय, लखनऊ ने QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग एशिया 2027 में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। विश्वविद्यालय को एशिया में 1501+ रैंक बैंड, दक्षिण एशिया में 485वाँ तथा भारत में 284वाँ स्थान प्राप्त हुआ है। यह उपलब्धि विश्वविद्यालय की शैक्षणिक प्रगति और गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। QS क्वाक्वेरेली साइमंड्स (Quacquarelli Symonds) द्वारा जारी इस प्रतिष्ठित रैंकिंग में विश्वविद्यालय ने अकादमिक प्रतिष्ठा और नियोक्ता प्रतिष्ठा के मानकों पर भी 401+ रैंक बैंड हासिल किया है। यह उपलब्धि शिक्षण, शोध, विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास तथा विश्वविद्यालय की संस्थागत पहचान को सुदृढ़ करने की दिशा में किए जा रहे निरंतर प्रयासों का परिचायक है। इस उपलब्धि पर विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो. अजय तनेजा ने समस्त शिक्षकगण, अधिकारियों, कर्मचारियों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि विश्वविद्यालय परिवार के सामूहिक प्रयास, समर्पण और शैक्षणिक गुणवत्ता के प्रति प्रतिबद्धता का परिणाम है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि विश्वविद्यालय भविष्य में भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार तथा अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देते हुए शैक्षणिक उत्कृष्टता की दिशा में निरंतर आगे बढ़ेगा। विश्वविद्यालय परिवार ने इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर माननीय कुलाधिपति एवं उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल के प्रति उनके प्रेरणादायी मार्गदर्शन, निरंतर प्रोत्साहन और शुभकामना संदेश के लिए हार्दिक आभार एवं कृतज्ञता व्यक्त की. विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस उपलब्धि को भविष्य में शैक्षणिक गुणवत्ता को और बेहतर बनाने, शोध गतिविधियों को प्रोत्साहित करने तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विश्वविद्यालय की पहचान मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
साले की हत्या की साजिश में आरोपी बहनोई की गोलियां बरसाकर हत्या, संभल में सनसनीखेज मर्डर
यूपी के संभल में सनसनीखेज मर्डर का मामला सामने आया है। साले की हत्या की साजिश में आरोपी बहनोई की गोलियां बरसाकर हत्या कर दी गई है।वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई और जांच शुरू कर दी।
दरभंगा जिले में 15वें अहिल्या-गौतम महोत्सव के आयोजन की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस साल तीन दिवसीय महोत्सव का आयोजन 20, 21 और 22 नवंबर को किया जाएगा। आयोजन को लेकर जिलाधिकारी कौशल कुमार की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें महोत्सव को भव्य, आकर्षक और सुव्यवस्थित बनाने के लिए विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की गई और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए। बैठक में डीएम ने कहा कि अहिल्या-गौतम महोत्सव जिले की धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत से जुड़ा महत्वपूर्ण आयोजन है। इसके माध्यम से क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं, धार्मिक आस्था और ऐतिहासिक महत्व को व्यापक पहचान मिलती है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ समय सीमा के भीतर तैयारियां पूरी करने का निर्देश दिया। कलाकारों के चयन के लिए समिति गठित करने का निर्देश महोत्सव के दौरान होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों को आकर्षक और गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए डीएम ने अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन) सलीम अख्तर को कलाकारों के चयन के लिए समिति गठित करने का निर्देश दिया। वहीं, सदर एसडीओ कुमार गौरव को तीन दिवसीय आयोजन के दौरान विधि-व्यवस्था, सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की समुचित व्यवस्था करने को कहा।डीएम ने कहा कि महोत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और आम नागरिकों के शामिल होने की संभावना है। इसे देखते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पहले से की जाएं, ताकि आयोजन शांतिपूर्ण और व्यवस्थित माहौल में संपन्न हो सके। महोत्सव के अवसर पर जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित करने और शोभायात्रा निकालने का भी निर्णय लिया गया। शोभायात्रा को लेकर आवश्यक तैयारियां और संबंधित विभागों के बीच समन्वय बनाने पर चर्चा हुई।जिलाधिकारी ने अहिल्या स्थान न्यास समिति के सदस्यों और संबंधित पदाधिकारियों को महोत्सव की गरिमा एवं परंपरा के अनुरूप अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने का निर्देश दिया। बैठक में ये रहे मौजूद बैठक में अपर समाहर्ता सह जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी राजेश कुमार गुप्ता, अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन) सलीम अख्तर, सदर एसडीओ कुमार गौरव, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी आशीष अमन, जिला पंचायती राज पदाधिकारी पवन कुमार यादव, प्रभारी पदाधिकारी सामान्य शाखा प्रियंका कुमारी, अहिल्या स्थान न्यास समिति के बालेश्वर ठाकुर, उमेश ठाकुर सहित अन्य पदाधिकारी एवं समिति के सदस्य उपस्थित थे।
रायसेन जिले की सिलवानी तहसील के पुद्दर तालियां गांव में मंगलवार शाम रतनजोत के बीज खाने से 15 बच्चे बीमार हो गए। खेलते समय बच्चों ने बीज खाए थे। कुछ देर बाद उन्हें उल्टियां होने लगीं। परिजन बच्चों को एंबुलेंस से सिविल अस्पताल सिलवानी लेकर पहुंचे, जहां उनका इलाज शुरू किया गया। इलाज के बाद सभी बच्चों की हालत में सुधार बताया जा रहा है। बीमार बच्चों की उम्र 3 से 11 साल के बीच बताई गई है। जानकारी के अनुसार, एक साथ 18 बच्चे अस्पताल पहुंचे थे। कलेक्टर ने की बात घटना की जानकारी मिलने पर कलेक्टर रोहित सिसोनिया और सीएमएचओ डॉ. दिनेश खत्री ने वीडियो कॉल से बच्चों के परिजन से बात की और उनकी तबीयत की जानकारी ली। कलेक्टर ने डॉक्टर्स को बच्चों का इलाज करने, उन पर खास नजर रखने और स्वास्थ्य की लगातार जानकारी लेने के निर्देश दिए। अस्पताल में बच्चों का इलाज जारी है। उनकी हालत में सुधार बताया जा रहा है।
बाराबंकी में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में शामिल होने पहुंचे अयोध्या के सांसद अवधेश प्रसाद ने भाजपा और चुनाव आयोग पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी पूर्ण बहुमत से सरकार बनाएगी। केंद्र में भी INDIA गठबंधन की सरकार बनने का दावा किया। मंगलवार को उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार जनविरोधी, किसान विरोधी, गांव विरोधी और युवा विरोधी है। इसे सत्ता से हटाने के लिए विपक्ष एकजुट है। गठबंधन में सीटों के बंटवारे को लेकर कोई मतभेद नहीं होगा। चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर उठाए सवाल अवधेश प्रसाद ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता और स्वतंत्रता पर सवाल उठाए। आरोप लगाया कि आयोग भाजपा के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रहा है और लोकतंत्र को नुकसान पहुंचा रहा है। उन्होंने कहा कि बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर ने दलितों, पिछड़ों, शोषितों, गरीबों और सभी नागरिकों को मतदान का अधिकार दिया था। आरोप लगाया कि भाजपा सरकार चुनाव आयोग के जरिए इस अधिकार को खत्म करने की कोशिश कर रही है। इसके खिलाफ पूरा देश एकजुट हो रहा है। दिल्ली के रामलीला मैदान में हुई विपक्ष की रैली को उन्होंने ऐतिहासिक बताया। कहा कि यह सिर्फ रैली नहीं, बल्कि देश के जनादेश और बदलाव की लहर का संकेत है। उनके मुताबिक, देश जाग चुका है और लोगों का भाजपा पर विश्वास नहीं रहा। भाजपा के 80 सीटें जीतने के दावे पर किया पलटवार भाजपा के ‘80 में 80’ सीटें जीतने के दावे पर अवधेश प्रसाद ने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में पार्टी उत्तर प्रदेश की सभी 80 सीटें नहीं जीत सकी। समाजवादी पार्टी के 37 सांसद अखिलेश यादव के नेतृत्व में लोकसभा में हैं। INDIA गठबंधन के सहयोगियों के छह सांसदों को मिलाकर यह संख्या 43 होती है। उन्होंने कहा कि भाजपा के दावों से कोई फर्क नहीं पड़ता। 2027 में प्रदेश में सपा की पूर्ण बहुमत की सरकार बनेगी। भगवान श्रीराम और अन्य देवी-देवताओं पर टिप्पणी के सवाल पर उन्होंने कहा कि किसी को भी देवी-देवताओं के बारे में टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। सभी को उनका सम्मान करना चाहिए।
राष्ट्रीय बजरंग दल के आक्रामक प्रदर्शन और अपने पोस्टरों पर कालिख पुतने के बाद मुरादाबाद के पूर्व सपा सांसद डॉ. एसटी हसन ने भगवान राम को लेकर दिए अपने विवादित बयान पर माफी मांगी है। पूर्व सांसद ने कहा कि, मैं खुद श्री रामचंद्र जी की बहुत इज्जत करता हूं और उन्हें अपना आदर्श मानता हूं। मेरे बयान से किसी को ठेस पहुंची है तो मैं माफी चाहता हूं। इसके पहले रानी पद्मावती को लेकर दिए गए अपने विवादित बयान पर भी एसटी हसन को माफी मांगनी पड़ी थी।मुरादाबाद में समाजवादी पार्टी के पूर्व सांसद डॉ. एसटी हसन ने 2 दिन पहले एक बयान में कहा था कि, आज तक ये नहीं पता किसी को कि रामचंद्र की पैदाइश कहां हुई थी। जहां मंदिर बनाया गया है वहां न तो मंदिर के अवशेष मिले थे न ही कोई ऐसे चिन्ह जिससे साबित होता हो कि बाबरी मस्जिद से पहले वहां मंदिर था। दरअसल पूर्व सपा सांसद गृह मंत्री अमित शाह के उस बयान पर पलटवार कर रहे थे, जिसमें शाह ने कहा था कि मुलायम सिंह ने कार सेवकों पर गोली चलवाई थी और कार सेवकों के खून से सरयू लाल हो गई थी। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए एसटी हसन ने कहा था कि कुल 15-16 लोग मारे गए थे। इतने लोगों के खून से क्या पूरी सरयु लाल हो गई होगी। उन्होंने कहा कि जिस भी पुलिस अधिकारी ने वहां कार सेवकों पर गोली चलाई वो सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करने के चलाई गई थी। एसटी हसन ने यह भी कहा था कि राम चंद्र के जन्म स्थान को लेकर विवाद है। उन्हाेंने कहा था कि श्रीलंका के पास भी एक अयोध्या है। राम का जन्म यूपी की अयोध्या में नहीं बल्कि श्रीलंका के पास स्थित अयोध्या में हुआ था। एसटी हसन के इस बयान को लेकर लोगों में जबरदस्त गुस्सा था। राष्ट्रीय बजरंग दल के प्रदेश अध्यक्ष रोहन सक्सेना ने बीते दिन इस मामले में प्रदर्शन कर एसटी हसन के पोस्टरों पर कालिख पोती थी। बजरंग दल ने एसटी हसन के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए एक तहरीर भी पुलिस को दी थी। इसके पहले कि पुलिस मुकदमा दर्ज करती, एसटी हसन ने माफी मांगकर मामले को रफादफा कर दिया।मामला बढ़ता देख एसटी हसन ने कहा कि, मैं खुद श्री राम चंद्र जी की बहुत इज्जत करता हूं और उन्हें भारत का आदर्श मानता हूं। उन्होंने बलिदान का जज्बा देश को दिया और माता पिता की आज्ञा का पालन कैसे किया जाता है, यह उन्होंने आदर्श प्रस्तुत किया। मेरे बयान से यदि किसी की भावनाएं आहत हुई हैं तो मैं क्षमा मांगता हूं।
लखनऊ में कर्मचारियों की प्रेस कॉन्फ्रेंस:पुरानी पेंशन बहाली की मांग, 12 दिसंबर को दिल्ली में रैली
लखनऊ में 3 नवंबर को अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष लांबा ने कहा कि केंद्र सरकार पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) के साथ छेड़छाड़ करने की तैयारी कर रही है। आठवें केंद्रीय वेतन आयोग के टर्म्स ऑफ रेफरेंस (टीओआर) में पुरानी पेंशन को बिना अंशदान वाली योजना बताते हुए उसके वित्तीय बोझ का आकलन करने और पेंशन लाभों की समीक्षा में राजकोषीय अनुशासन व आर्थिक स्थिति को आधार बनाने पर उन्होंने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि पुरानी पेंशन कोई खैरात नहीं, बल्कि कर्मचारी के वेतन का स्थगित हिस्सा है। पेंशन अधिकारों को कमजोर करने का प्रयास बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके विरोध में 12 दिसंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में राष्ट्रीय आक्रोश रैली आयोजित की जाएगी। लांबा मंगलवार को लखनऊ के प्रेरणा सदन में उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ की ओर से आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकार आर्थिक स्थिति का हवाला देकर कर्मचारियों के अर्जित पेंशन अधिकारों को प्रभावित करना चाहती है। कर्मचारी इसका एकजुट होकर विरोध करेंगे। उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष कमल अग्रवाल ने कहा कि जुलाई से देय महंगाई भत्ता (डीए) और दीपावली से पहले मिलने वाला बोनस अब तक जारी नहीं किया गया है। इससे कर्मचारियों में नाराजगी है। उत्तर प्रदेश से 10 हजार से अधिक कर्मचारी दिल्ली रैली में शामिल होंगे। महासंघ के महामंत्री अशोक कुमार सिंह ने आउटसोर्स कर्मचारियों के पारिश्रमिक में की गई मामूली बढ़ोतरी को नाकाफी बताया। उन्होंने समान काम-समान वेतन और आउटसोर्स कर्मचारियों को नियमित करने की मांग उठाई। वहीं, अखिल भारतीय राज्य सरकारी पेंशनर्स महासंघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एसपी सिंह ने कहा कि बड़ी संख्या में पेंशनर्स भी रैली में शामिल होंगे। वे पेंशन वैलिडेशन एक्ट-2025 को रद्द करने की मांग करेंगे। रैली के उत्तर प्रदेश संयोजक जेपी पांडेय ने बताया कि प्रदेश के सभी जिलों में रैली की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। उत्तर प्रदेश से 10 हजार से अधिक कर्मचारियों के दिल्ली पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है। रैली में उठेंगी ये प्रमुख मांगें सुभाष लांबा ने बताया कि रैली में पुरानी पेंशन बहाली, पीएफआरडीए एक्ट और एनपीएस-यूपीएस रद्द करने, आठवें वेतन आयोग में 3.8 फिटमेंट फैक्टर लागू करने, वार्षिक वेतन वृद्धि की दर 5 प्रतिशत करने और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन 40 हजार रुपये निर्धारित करने की मांग उठाई जाएगी। इसके अलावा मूल वेतन का 20 प्रतिशत और न्यूनतम 5 हजार रुपये मासिक अंतरिम राहत देने, रिक्त पदों पर नियमित भर्ती करने, बकाया 18 प्रतिशत डीए/डीआर जारी करने, निजीकरण पर रोक लगाने और सरकारी विभागों में पदों की कटौती बंद करने की मांग भी की जाएगी। रैली में आरटीई लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से छूट देने और सभी कर्मचारियों व पेंशनर्स को कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की मांग भी प्रमुखता से उठाई जाएगी। प्रेस कॉन्फ्रेंस में महासंघ के उपाध्यक्ष परमेश्वर सिंह, कोषाध्यक्ष रामभजन मौर्य और लखनऊ जिला अध्यक्ष अफीफ सिद्दीकी सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। फोटो कैप्शन: प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद पदाधिकारी। बाएं से जेपी पांडेय, अशोक सिंह, एसपी सिंह, सुभाष लांबा, कमल अग्रवाल, परमेश्वर सिंह और अफीफ सिद्दीकी।
बालाघाट जिले के लिंगा में ग्रामीण पुलिस ने मंगलवार को एक घर की छपरी से करीब 1 किलो 133 ग्राम गांजा जब्त किया। पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जब्त गांजे की कीमत करीब एक लाख रुपए है। पुलिस आरोपियों से गांजे के स्रोत और उससे जुड़े कारोबार के बारे में पूछताछ कर रही है। बेचने के लिए छिपाकर रखा था गांजा पुलिस के मुताबिक, मुखबिर से सूचना मिली थी कि महेश नागेश्वर ने बेचने के लिए अपनी छपरी में गांजा छिपाकर रखा है। सूचना के बाद पुलिस ने उसके घर की तलाशी ली। इस दौरान छपरी से गांजा मिला। दो आरोपी गिरफ्तार, वाहन भी जब्त पुलिस ने हट्टा थाना क्षेत्र के पाथरी निवासी धूरनलाल नगपुरे (47) और ग्रामीण थाना क्षेत्र के लिंगा निवासी महेश नागेश्वर (58) को गिरफ्तार किया है। दोनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस ने गांजे के साथ एक वाहन भी जब्त किया है। आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में गांजे की सप्लाई और कारोबार से जुड़ी अन्य जानकारी मिल सकती है।
श्रीगंगानगर की सेंट्रल जेल में एक बंदी के बिस्तर से संदिग्ध पाउडर बरामद हुआ। पाउडर एक पारदर्शी थैली में रखा हुआ था। बरामदगी के बाद जेल प्रशासन में हलचल मच गई। जेल प्रशासन ने संदिग्ध सामग्री को कब्जे में लेकर मामले की सूचना पुलिस को दी। जानकारी के अनुसार- जेल प्रशासन और सुरक्षाकर्मियों ने औचक तलाशी अभियान के तहत विभिन्न बैरकों और बंदियों के सामान की जांच की। इसी दौरान एक बंदी के बिस्तर की तलाशी लेने पर पारदर्शी थैली में संदिग्ध पाउडर मिला। सुरक्षाकर्मियों ने तत्काल उसे अपने कब्जे में ले लिया। जेल प्रहरी की रिपोर्ट पर मामला दर्ज मामले की गंभीरता को देखते हुए जेल प्रशासन के निर्देश पर जेल प्रहरी ने कोतवाली थाने में लिखित शिकायत दी। रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने संबंधित बंदी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि संदिग्ध पाउडर जेल के भीतर कैसे पहुंचा और इसके पीछे किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं है। बरामद पाउडर की प्रकृति की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने पंचकूला के सेक्टर-17 स्थित अल्फा अपार्टमेंट में रिटायर्ड DSP के बेटों के ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। 2 फ्लैट में कई घंटों तक चली गहन जांच और तलाशी के बाद ED की टीम मौके से चली गई। सूत्रों के मुताबिक, जांच के दौरान अधिकारियों ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज़, लैपटॉप, मोबाइल फोन और नकदी ज़ब्त कर ली है। हालांकि, टीम परिवार के किसी भी सदस्य को अपने साथ हिरासत में नहीं ले गई। शराब कारोबार से जुड़े हैं तार प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, रिटायर्ड DSP के बेटे शराब कारोबार से जुड़े हुए हैं। उक्त डीएसपी चंडीगढ़ पुलिस से रिटायर हुए हैं। इसी सिलसिले में वित्तीय अनियमितताओं और संदिग्ध लेनदेन की जांच के तहत ED की टीम ने उनके आवास पर यह कार्रवाई की। छापेमारी की इस पूरी कार्रवाई के बाद ED अधिकारियों ने शाम करीब 6 बजे परिसर छोड़ दिया है। हालांकि, इस रेड और ज़ब्त की गई सामग्री को लेकर ED की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान या खुलासा नहीं जारी किया गया है।
शिवपुरी में जमीन विवाद को लेकर बड़े भाई के परिवार ने 48 साल के शिवचरण परिहार पर हमला कर दिया। आरोप है कि 2 नवंबर की आधी रात भतीजे के कहने पर भतीजी ने उनके सिर पर सरिया से वार किया। हमले में शिवचरण का सिर फट गया। परिजन उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस ने बहू और बेटी के बयान के आधार पर बड़े भाई समेत परिवार के 4 लोगों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया है। मंगलवार दोपहर शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया। दोनों भाइयों के घर आमने-सामने घटना खनियाधाना थाना क्षेत्र के गोरवर गांव की है। शिवचरण और उनके बड़े भाई प्रीतम परिहार (55) के बीच जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। दोनों भाइयों के घर एक-दूसरे के सामने हैं। आरोप है कि 2 नवंबर की आधी रात विवाद बढ़ने पर प्रीतम, उनकी पत्नी कस्तूरी बाई (50), बेटी भावना परिहार (25) और बेटे सोन सिंह (20) ने शिवचरण को घेर लिया। मृतक की बहू रेखा परिहार ने पुलिस को बताया कि चारों शिवचरण को गालियां दे रहे थे। भतीजी ने सरिया से सिर पर वार किया रेखा के मुताबिक, सोन सिंह ने अपनी बहन भावना से सरिया लाकर चाचा के सिर पर मारने को कहा। इसके बाद भावना ने शिवचरण के सिर पर सरिया से वार कर दिया। इससे उनका सिर फट गया और खून बहने लगा। आरोप है कि इस दौरान कस्तूरी बाई ने भी मारपीट की। बेटी और दामाद ने बचाया पिता को पिटता देख शिवचरण की 19 साल की बेटी कीर्ति उन्हें बचाने पहुंची। कुछ देर बाद उसका पति लाखन परिहार भी वहां आ गया। दोनों ने शिवचरण को आरोपियों से बचाया। इसके बाद बेटे आशीष को घटना की जानकारी दी गई। थाने के बाहर बेहोश होकर गिरे आशीष अपने पिता को लेकर खनियाधाना थाने पहुंचा। थाने के बाहर ही शिवचरण बेहोश होकर गिर पड़े। परिजन उन्हें सरकारी अस्पताल ले गए। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। मंगलवार दोपहर उनका पोस्टमॉर्टम कराया गया। पुलिस ने बहू रेखा और बेटी कीर्ति के बयान के आधार पर बड़े भाई प्रीतम, उनकी पत्नी कस्तूरी बाई, बेटी भावना और बेटे सोन सिंह के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया है।
केंद्रीय गृह सचिव ने दिल्ली के रेलवे ट्रैक के आसपास कचरा समस्या पर सख्ती दिखाते हुए निर्देश दिए हैं। एमसीडी को 15 दिन में सर्वे कर 20 दिन के भीतर ठोस कचरा प्रबंधन कार्ययोजना बनाने को कहा गया है।
खगड़िया शहर में मंगलवार रात बाइक सवार अपराधियों ने पिता-बेटे को गोली मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। घटना पुरानी एसडीओ रोड की है। घायलों की पहचान व्यवसायी सज्जन खेतान और उनके बेटे कन्हैया खेतान के रूप में हुई है। गोली लगने के बाद स्थानीय लोगों की मदद से दोनों को सदर अस्पताल पहुंचाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए उन्हें बेगूसराय रेफर कर दिया गया। घटना से जुड़ी तस्वीरें देखिए…. दुकान बंद कर घर लौट रहे थे पिता-बेटा मिली जानकारी के अनुसार, कन्हैया खेतान की पुरानी एसडीओ रोड में प्लाई की दुकान है। मंगलवार रात दुकान बंद करने के बाद पिता-बेटा पैदल अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान मोटरसाइकिल सवार दो अपराधियों ने उन पर गोली चला दी। फायरिंग में सज्जन खेतान की पीठ में, जबकि उनके बेटे कन्हैया खेतान के हाथ में गोली लगी। बताया जा रहा है कि दोनों के शरीर में गोली फंसी हुई है। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। परिजन और स्थानीय लोग दोनों को लेकर सदर अस्पताल पहुंचे। सांसद ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का जाना हाल घटना की जानकारी मिलने पर खगड़िया सांसद राजेश वर्मा सदर अस्पताल पहुंचे। उन्होंने घायलों का हालचाल लिया। सांसद ने बताया कि पिता-बेटे अपने प्रतिष्ठान से घर लौट रहे थे, तभी बाइक सवार दो लोगों ने उन पर फायरिंग की। एक गोली सज्जन खेतान की पीठ में और दूसरी उनके बेटे के हाथ में लगी है। सांसद के मुताबिक, फिलहाल दोनों खतरे से बाहर हैं। हालांकि, शरीर में गोली फंसी होने के कारण बेहतर इलाज के लिए उन्हें बेगूसराय रेफर किया गया है। एसपी से बात कर अपराधियों पर कार्रवाई की मांग सांसद राजेश वर्मा ने बताया कि उन्होंने घटना की जानकारी तत्काल एसपी भानु प्रताप सिंह को दी है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक से अपराधियों की पहचान कर उनके खिलाफ त्वरित कार्रवाई करने की मांग की है। सांसद ने कहा कि व्यापारी वर्ग में भय पैदा करने की कोशिश खगड़िया और बिहार के हित में नहीं है। व्यापारियों में चिंता, वारदात की वजह साफ नहीं शहर के प्रमुख व्यावसायिक इलाके में हुई इस घटना से व्यापारियों में चिंता और दहशत का माहौल है। अपराधियों ने किस मंशा से पिता-बेटे को निशाना बनाया, यह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सका है। पुलिस की जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही घटना के कारणों का पता चल सकेगा।
मोगा जिले में 30 माइक्रोन से कम मोटाई और 8 बाई 12 आकार से छोटे प्लास्टिक लिफाफों के निर्माण, भंडारण, बिक्री और इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया गया है। सार्वजनिक संपत्तियों और सरकारी इमारतों पर पोस्टर, तस्वीरें और हाथ से लिखे संदेश चिपकाने पर भी रोक है। डीसी सागर सेतिया ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता-2023 की धारा 163 के तहत मिले अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए ये आदेश जारी किए। प्लास्टिक लिफाफों पर रोक पंजाब प्लास्टिक एवं कैरी बैग्स (मैन्युफैक्चरिंग, यूजेज एंड डिस्पोजल) कंट्रोल एक्ट-2005 के तहत लगाई गई है। खुले स्थानों पर प्लास्टिक कचरा हो रहा जमा सागर सेतिया ने बताया कि जिले में प्लास्टिक लिफाफों का खुलेआम इस्तेमाल हो रहा है। एक बार इस्तेमाल करके फेंकी जाने वाली प्लास्टिक पैकिंग सामग्री और उपभोक्ता वस्तुओं के लिए लिफाफों की खपत बढ़ रही है। इससे डंपिंग स्थलों और खुले स्थानों पर प्लास्टिक कचरा जमा हो रहा है। उन्होंने कहा कि प्लास्टिक लिफाफे नालियों और खुले नालों में रुकावट डालते हैं। प्लास्टिक में मौजूद रंग और विषैले तत्व बीमारियों का कारण बन सकते हैं। यह आसानी से नष्ट नहीं होता, इसलिए इसका असर लंबे समय तक रहता है। प्लास्टिक लिफाफों के अवशेष खा लेते हैं पशु पशु प्लास्टिक लिफाफों के अवशेष खा लेते हैं, जिससे उन्हें गंभीर समस्याएं हो सकती हैं और उनकी मौत भी हो सकती है। आदेश में कहा गया है कि प्लास्टिक लिफाफों पर रोक जनहित में जरूरी है। मोगा जिले की सभी सार्वजनिक संपत्तियों और सरकारी इमारतों या स्थानों पर किसी भी तरह के पोस्टर, तस्वीरें, हाथ से लिखे संदेश या अन्य कागजात चिपकाने पर भी रोक लगाई गई है। 31 दिसंबर तक लागू रहेंगे आदेश उन्होंने बताया कि आम जनता द्वारा सार्वजनिक संपत्तियों एवं सरकारी इमारतों पर विज्ञापन के उद्देश्य से हाथ से लिखकर या पोस्टर, तस्वीरें और अन्य प्रकार के कागजात चिपका दिए जाते हैं। जिससे इन इमारतों की सुंदरता नष्ट होती है और वे बदसूरत दिखाई देने लगती हैं। यह जनहित के विरुद्ध है। उक्त दोनों आदेश 31 दिसंबर, 2026 तक लागू रहेंगे।
आगरा नगर निगम SBI ब्रांच में धुएं से हड़कंप:ग्राहकों में अफरा-तफरी,फायर ब्रिगेड ने पाया काबू,
आगरा नगर निगम परिसर स्थित SBI ब्रांच में मंगलवार रात 6 बजे करीब अचानक धुआं उठने लगा। इससे मौके पर हड़कंप मच गया। ब्रांच के अंदर धुआं भरते ही कर्मचारियों और ग्राहकों में अफरा-तफरी फैल गई। सभी लोग आनन-फानन में बाहर निकले। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति पर काबू पाया। कर्मचारियों के अनुसार शाम को बैंक बंद होने जा रही थी। तभी अंदर से धुआं उठने लगा। देखते ही देखते पूरे परिसर में धुआं भर गया। ग्राहकों ने बाहर निकलकर शोर मचाया। ब्रांच प्रबंधक ने तुरंत फायर ब्रिगेड और नगर निगम अधिकारियों को सूचना दी। सूचना मिलते ही फायर स्टेशन से दमकल की गाड़ी मौके पर पहुंची। फायर अधिकारियों ने पूरे परिसर की गहन चेकिंग की। जांच में पाया गया कि आग लगने से पहले ही धुएं पर काबू पा लिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। अगर समय रहते टीम नहीं पहुंचती तो ब्रांच में रखे दस्तावेज और कैश को भारी नुकसान हो सकता था। नगर निगम SBI ब्रांच के अंदर इंटीरियर में ज्वलनशील पैनल और पीवीसी का इस्तेमाल किया गया है। फायर अधिकारियों ने बताया कि इस तरह का मटेरियल आग को तेजी से फैलाता है। अधिकारियों का कहना है कि सार्वजनिक जगह पर फायर सेफ्टी मानकों का पालन अनिवार्य है, लेकिन यहां मानकों की अनदेखी की गई। गनीमत रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई। कुछ देर के लिए नगर निगम SBI ब्रांच का कामकाज बाधित रहा। धुआं साफ होने के बाद दोबारा काम शुरू किया गया। नगर निगम के अधिकारियों ने भी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
औरंगाबाद शहर के बाईपास स्थित नारायण आवास पर सदर विधायक त्रिविक्रम नारायण सिंह की पहल पर किसानों के साथ संवाद कार्यक्रम हुआ। इसमें सैकड़ों किसानों ने अपनी समस्याएं और सुझाव रखे। जिला कृषि पदाधिकारी संदीप राज ने किसानों से सीधे बात की। चर्चा हालिया बारिश से फसल को हुए नुकसान के मुआवजे, खाद की उपलब्धता और वितरण में आ रही दिक्कतों पर हुई। प्रखंड स्तर पर कृषि से जुड़े कामों में आ रही परेशानियों पर भी बात हुई। संदीप राज ने किसानों के सवालों के जवाब दिए और कृषि विभाग की योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बिहार कृषि ऐप के बारे में बताया। इस ऐप से सरकारी योजनाओं, बीज खरीद, अनुदान और कृषि सुविधाओं की जानकारी मिल सकती है। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों की समस्याएं प्रशासन तक पहुंचाना, उनके समाधान के लिए पहल करना और सरकारी योजनाओं का लाभ किसानों तक पहुंचाना था। बैठक में रामकेवल सिंह, पुरोषोत्तम सिंह, बिजेंद्र चंद्रवंशी, राकेश सिंह, सुरजीत सिंह, उज्ज्वल सिंह, धर्मेंद्र शर्मा, श्री राम शुक्ला, शैलेश सिंह, आलोक सिंह, देववदीप सिंह, कृष्णा सिंह, अभय सिंह, मनोज कुमार सिंह, अभिषेक कुमार मिश्रा, सुनील दत्त तिवारी, गौतम कुमार सिंह, बूटा सिंह, शिपुल कुमार सिंह, पिंटू कुमार साहिल, संतोष चौधरी, मुकेश कुमार सिंह, सुरेन्द्र राम, संजय गुप्ता, प्रिंस कुमार और अमित गुप्ता मौजूद रहे।
आगरा में सड़कों के धंसने और बड़े-बड़े गड्ढे होने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब एमडी जैन इंटर कॉलेज के सामने सड़क धंस गई है। सड़क धंसने से हुआ गड्ढा अब वाहन चालकों और राहगीरों के लिए मुसीबत और बड़े हादसे की वजह बनता दिख रहा है। एमडी जैन इंटर कॉलेज मार्ग शहर के व्यस्ततम रास्तों में से एक है। यहां से दिन भर में हजारों छोटे-बड़े वाहन और स्कूली बच्चे गुजरते हैं। सड़क धंसने के कारण यहां पूरे दिन रुक-रुक कर ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रही और वाहन चालक बचकर निकलने को मजबूर दिखे। लोगों का कहना है कि सड़क का निर्माण महज कुछ महीने पहले ही कराया गया था। इतनी जल्दी सड़क का धंसना सीधे तौर पर निर्माण कार्य की गुणवत्ता और ठेकेदारों की लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े करता है। लगातार सामने आ रहे हैं मामले: आगरा में सड़क धंसने का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले कमला नगर, पालीवाल पार्क सहित शहर के कई अन्य प्रमुख इलाकों में भी हाल ही में सड़कें धंसने और गहरे गड्ढे होने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। सपा नेता ने सड़क में हुए गड्ढे में उतरकर पाताल लोक का रास्ता बताते हुए प्रदर्शन किया था। शहर की पॉश कॉलोनियों से लेकर मुख्य मार्गों तक लगातार धंसती सड़कें प्रशासनिक दावों की कलई खोल रही हैं। हर बार ऐसे मामलों के बाद केवल बैरिकेडिंग कर खानापूर्ति कर दी जाती है, जबकि जमीनी स्तर पर गुणवत्ता की कोई जांच नहीं होती। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते इस गड्ढे को ठीक नहीं किया गया, तो किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।
वोटिंग के दिन बूथ पर वेब कास्टिंग का लिंक जारी हो, सपा ने चुनाव आयोग को फिर घेरा
समाजवादी पार्टी ने एक बार फिर चुनाव आयोग को घेरा है। पार्टी ने वोटिंग के दिन पोलिंग बूथ पर वेब कास्टिंग का लिंक जारी करने की मांग की है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी को प्रतिनिधि मण्डल ने ज्ञापन दिया है। यह लिंक मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों और प्रत्याशियों को उपलब्ध कराए जाने की मांग उठाई है।
सरगुजा ओलंपिक 2026-27 के तहत जिला स्तरीय प्रतियोगिता का शुभारंभ मंगलवार शाम गांधी स्टेडियम अंबिकापुर में हुआ। तीन दिवसीय प्रतियोगिता की शुरुआत लुंड्रा विधायक प्रबोध मिंज ने फुटबॉल को किक मारकर की। इस बार प्रतियोगिता का शुभंकर ‘गजरू’ बनाया गया है। सरगुजा के खेल इतिहास में पहली बार फ्लड लाइट की रोशनी में फुटबॉल मैच होगा। प्रतियोगिता में जिले के सातों विकासखंडों अम्बिकापुर, उदयपुर, बतौली, मैनपाट, लखनपुर, लुंड्रा और सीतापुर के करीब 1800 खिलाड़ी, कोच और मैनेजर शामिल हो रहे हैं। 11 खेलों में दिखाएंगे दम प्रतियोगिता में जूनियर बालक और बालिका खिलाड़ी अपनी प्रतिभा दिखाएंगे। इसमें तीरंदाजी, महिला रस्साकसी, फुटबॉल, एथलेटिक्स, बास्केटबॉल, वॉलीबॉल, कुश्ती, कराटे, कबड्डी, खो-खो और बैडमिंटन शामिल हैं। ‘खेले बार आघू आबो, सरगुजा के मान बढ़ाबो’ के स्लोगन के साथ खिलाड़ी प्रतियोगिता में हिस्सा ले रहे हैं। विधायक बोले- मेहनत और अनुशासन जरूरी मुख्य अतिथि विधायक प्रबोध मिंज ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि किसी भी टीम में जगह बनाने के लिए लगातार मेहनत और अनुशासन जरूरी है। खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा निखारने के लिए नियमित अभ्यास करना चाहिए। उन्होंने स्कूल और कॉलेज के दिनों के खेल अनुभव भी साझा किए। खिलाड़ियों से खेल भावना और नियमों का पालन करते हुए बेहतर प्रदर्शन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि खिलाड़ी संभाग, राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जिले, प्रदेश और देश का नाम रोशन करें। विधायक ने सभी खिलाड़ियों को खेल भावना और नियमों का पालन करने के साथ जिले के गौरव और सम्मान को बनाए रखने की शपथ भी दिलाई। 88 हजार से ज्यादा खिलाड़ियों ने कराया था पंजीयन सरगुजा ओलंपिक के पहले चरण में जिले के सातों विकासखंडों से कुल 88,509 खिलाड़ियों ने पंजीयन कराया था। इनमें 36,319 पुरुष और 52,190 महिला खिलाड़ी शामिल हैं। ब्लॉक स्तर पर 1 से 10 अक्टूबर तक सातों विकासखंडों में प्रतियोगिताएं हुई थीं। वहां चयनित खिलाड़ी अब जिला स्तरीय प्रतियोगिता में हिस्सा ले रहे हैं। विजेता खिलाड़ियों को नगद पुरस्कार और मेडल दिए जाएंगे। जनप्रतिनिधियों ने खिलाड़ियों का बढ़ाया उत्साह इस कार्यक्रम में निगम सभापति हरमिंदर सिंह टिन्नी, राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्वविजय सिंह तोमर और भरत सिंह सिसोदिया ने भी खिलाड़ियों को संबोधित किया। उन्होंने बेहतर प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं दीं। इस दौरान बड़ी संख्या में अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
उन्नाव की पुरवा विधानसभा क्षेत्र में समाजवादी पार्टी के नवनिर्वाचित जिलाध्यक्ष जयचंद विमल का प्रथम आगमन समारोहपूर्वक हुआ। इस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। विभिन्न ब्लॉकों में भी कार्यकर्ताओं ने जिलाध्यक्ष का अभिनंदन किया। कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता, राष्ट्रीय सचिव, प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व विधायक सुंदरलाल लोधी भी मौजूद रहे। इसके अलावा पार्टी के कई अन्य वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
दीपावली से पहले बाराबंकी में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने जिले में छापेमारी की। टीम ने 15 प्रतिष्ठानों की जांच कर 10 नमूने लिए। करीब 14 हजार रुपये की दूषित और एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री नष्ट कराई गई। मंगलवार देर शाम डॉ. शैलेंद्र सिंह ने बताया कि रामसनेहीघाट से देवा, सफेदाबाद और नवाबगंज तक मिठाई की दुकानों, डेयरी और खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच की गई। दूध, दही, खोया, पनीर, पेड़ा, दूध बर्फी और पेयजल के नमूने लिए गए। रामसनेहीघाट में अहमदपुर टोल प्लाजा पर खाद्य सामग्री ले जा रहे वाहनों की जांच के दौरान यूपी32 पीएन 7728 नंबर की महिंद्रा गाड़ी संदिग्ध मिली। टीम ने गाड़ी का पीछा कर मुरारपुर में उसे रोका और जांच की। यहां दूध, दही, खोया और पनीर के चार नमूने लिए गए। दूषित होने के कारण करीब 30 किलो पनीर नष्ट कराया गया। इसकी कीमत नौ हजार रुपये बताई गई। ग्राम छुलिहा में राजेश वर्मा की पनीर बनाने की इकाई से दूध और पनीर के नमूने भी लिए गए। सिरौलीगौसपुर के मरकामऊ स्थित जीशान मिष्ठान भंडार से पेड़े का नमूना लिया गया। जय भोले स्वीट्स से एक्सपायर्ड चॉकलेट के आठ डिब्बे, बेकरी रस्क के आठ डिब्बे, बादाम के दो पैकेट, सॉस के 10 पैकेट और कोल्ड ड्रिंक की 15 बोतलें नष्ट कराई गईं। इनकी कीमत करीब पांच हजार रुपये थी। नवाबगंज के माती बाजार स्थित यादव स्वीट्स से खोया और सफेदाबाद की मां वैष्णो स्वीट्स से दूध बर्फी का नमूना लिया गया। हिंद मेडिकल कॉलेज के गर्ल्स हॉस्टल की कैंटीन से पेयजल का नमूना जांच के लिए लिया गया। देवा मेला क्षेत्र में दुकानदारों को साफ-सफाई रखने के निर्देश दिए गए। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी नीरज पांडेय के नेतृत्व में टीम ने लोगों से चटक रंगों वाली मिठाइयों से बचने और खरीदारी के समय साफ-सफाई का ध्यान रखने की अपील की। अधिकारियों ने बताया कि दीपावली तक अभियान जारी रहेगा।
जौनपुर में दूल्हे आजाद बिंद की हत्या के छह महीने बाद सात आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। इनमें कथित गिरोह सरगना प्रदीप कुमार बिंद भी शामिल है। 1 मई 2026 की रात आजाद बारात लेकर दुल्हन के घर जा रहे थे। रास्ते में बाइक सवार हमलावरों ने उनकी कार को घेरकर गोली मार दी थी। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ गैंगचार्ट तैयार किया था। मंगलवार रात 8:30 बजे एसपी के साथ हुई बैठक में इसकी जांच की गई। इसके बाद जिला प्रशासन ने सभी आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई को मंजूरी दे दी। जांच में कार्रवाई के लिए पर्याप्त आधार मिलने पर गैंगचार्ट को अनुमोदित किया गया। मामला खेतासराय थाना क्षेत्र का है। 1 मई की रात बारात में मची थी चीख-पुकार सरायख्वाजा थाना क्षेत्र के बड़उर गांव निवासी आजाद बिंद का विवाह खेतासराय थाना क्षेत्र के बीबीपुर निवासी सोनी बिंद के साथ तय हुआ था। एक मई को घर में शादी की खुशियां थीं। रिश्तेदार और परिचित बारात में शामिल होकर दुल्हन के घर जाने की तैयारी कर रहे थे। आजाद फूलों से सजी कार में सवार होकर बारात लेकर निकले थे। इसी दौरान खेतासराय क्षेत्र के बादशाही बाजार-मनेछा के पास बाइक सवार नकाबपोश हमलावरों ने उनकी कार को निशाना बना लिया। हमलावरों ने कार रोककर दूल्हे आजाद बिंद पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। अचानक हुई इस वारदात से बारात में अफरा-तफरी मच गई। कुछ ही पलों में शादी की खुशियां चीख-पुकार और मातम में बदल गईं। गंभीर रूप से घायल आजाद को परिजन जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद दूल्हे के घर से लेकर दुल्हन के घर तक कोहराम मच गया। जिस घर में शहनाई बजनी थी, वहां मातम छा गया। शादी से नाराजगी को बताया गया था हत्या की वजह हत्याकांड की जांच के दौरान पुलिस के सामने शादी को लेकर पुरानी रंजिश की बात सामने आई थी। खबरों के अनुसार, आजाद और सोनी के विवाह से नाराजगी को इस वारदात की वजह बताया गया था। मृतक के पिता रामलखन बिंद की तहरीर पर प्रदीप बिंद, रवि यादव और भोले राजभर समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। बाद में जांच के दौरान अन्य युवकों की भूमिका भी सामने आई और उनके नाम विवेचना में शामिल किए गए। मुठभेड़ से लेकर गिरफ्तारी तक हुई थी कार्रवाई आजाद बिंद हत्याकांड के बाद पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें गठित की थीं। चार मई को पुलिस की अलग-अलग टीमों की मुठभेड़ में कुशल मिश्रा, अमितेश मिश्रा और विकास यादव घायल हुए थे। पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद मामले में अन्य आरोपियों और सहयोगियों के खिलाफ भी कार्रवाई आगे बढ़ाई गई। हत्याकांड के प्रमुख आरोपियों में शामिल रवि यादव को 25 मई 2026 को खेतासराय क्षेत्र में पुलिस मुठभेड़ में मार गिराया गया था। उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित था। इस कार्रवाई के दौरान पुलिसकर्मी भी घायल हुए थे। इस हत्याकांड में पुलिस की कार्रवाई लगातार सुर्खियों में रही। सात आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई अब तीन नवंबर को अनुमोदित गैंगचार्ट के अनुसार सात लोगों को गैंग के रूप में चिह्नित किया गया है। इसमें प्रदीप कुमार बिंद पुत्र सोमारू बिंद उर्फ छेदीलाल बिंद निवासी चिकसांवा, थाना बरदह, जनपद आजमगढ़ को गिरोह सरगना दर्शाया गया है। अन्य आरोपियों में भोले राजभर पुत्र जियालाल राजभर निवासी जपटापुर, थाना सरायख्वाजा, आयुष यादव पुत्र अवधेश यादव, अमितेश मिश्रा उर्फ अंकित मिश्रा पुत्र शशि प्रकाश मिश्रा तथा कुशल मिश्रा पुत्र संजय मिश्रा निवासी सन्दहा, थाना सरायख्वाजा और विकास यादव पुत्र रामसुभाव यादव निवासी मोजीपुर, थाना खुटहन शामिल हैं। गैंगचार्ट में शोले राजभर पुत्र जियालाल निवासी जपटापुर, थाना सरायख्वाजा का नाम भी दर्ज है। थाना खेतासराय में दर्ज मुकदमा के आधार पर तैयार इस गैंगचार्ट को संयुक्त परीक्षण के बाद अनुमोदित किया गया है। अब गैंगस्टर एक्ट के तहत आगे बढ़ेगी कार्रवाई हत्या की वारदात के बाद गिरफ्तारी, मुठभेड़ और अन्य पुलिस कार्रवाई के बाद अब गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई को इस मामले में अगला महत्वपूर्ण कानूनी कदम माना जा रहा है। पुलिस और प्रशासन की इस कार्रवाई का उद्देश्य आरोपियों के कथित संगठित आपराधिक नेटवर्क के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई आगे बढ़ाना है। आजाद बिंद की हत्या ने जिस तरह एक परिवार की खुशियों को हमेशा के लिए उजाड़ दिया था, उसके बाद से ही परिजन आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की उम्मीद लगाए हुए हैं। अब गैंगचार्ट अनुमोदित होने के बाद मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया पर नजर रहेगी। हालांकि, गैंगचार्ट का अनुमोदन आरोपियों का अपराध सिद्ध होना नहीं है। सभी आरोपियों के विरुद्ध आरोपों का अंतिम निर्धारण कोर्ट में साक्ष्यों और विधिक प्रक्रिया के आधार पर होगा।
पन्ना जिले में आबकारी विभाग ने मंगलवार, 3 नवंबर को दो युवकों को 100 पाव देशी शराब के साथ पकड़ा। दोनों बिना नंबर की बाइक से शराब ले जा रहे थे। विभाग ने 18 बल्क लीटर शराब और करीब 70 हजार रुपए कीमत की बाइक जब्त कर दोनों के खिलाफ केस दर्ज किया है। नागौद-पहाड़ीखेड़ा मार्ग पर घेराबंदी कर पकड़ा आबकारी उपनिरीक्षक मुकेश पाण्डेय को रात की गश्त के दौरान सूचना मिली थी कि नागौद-पहाड़ीखेड़ा मार्ग पर बाइक से अवैध शराब लाई जा रही है। इसके बाद टीम ने पहाड़ीखेड़ा-नागौद मार्ग पर घेराबंदी कर बाइक सवारों को रोका। पूछताछ में एक युवक ने अपना नाम मूरत यादव (45), निवासी बनहरी कला, थाना अजयगढ़, जिला पन्ना बताया। दूसरे ने अपनी पहचान अखिलेश यादव (27), निवासी सटई, थाना हीरापुर, जिला छतरपुर के रूप में बताई। बोरी में रखे थे शराब के दो कार्टून तलाशी के दौरान एक बोरी में रखे दो कागज के कार्टून मिले। इनमें देशी मदिरा सादा (प्रिंस लेमन) के 100 पाव थे। शराब की कुल मात्रा 18 बल्क लीटर और अनुमानित कीमत 7,600 रुपए बताई गई है। बाइक की कीमत करीब 70 हजार रुपए आंकी गई है। दोनों युवकों के पास शराब ले जाने का परमिट या लाइसेंस नहीं मिला। आबकारी उपनिरीक्षक मुकेश पाण्डेय ने बताया कि कलेक्टर के निर्देश पर जिले में अवैध शराब के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। इसी के तहत यह कार्रवाई की गई। आबकारी अधिनियम के तहत केस दोनों युवकों के खिलाफ मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम की धारा 34(1)(क) के तहत केस दर्ज किया गया है। कार्रवाई में आबकारी उपनिरीक्षक मुकेश पाण्डेय, आरक्षक स्मिता ठाकुर, उमाशंकर साहू और नगर सैनिक मोतीलाल प्रजापति व राजेश पटेल शामिल रहे। यह कार्रवाई आबकारी आयुक्त दीपक सक्सेना और कलेक्टर हर्ष सिंह के निर्देशन में हुई। उपायुक्त आबकारी अलका खरे के मार्गदर्शन में जिला आबकारी अधिकारी मुकेश मौर्य और नोडल अधिकारी शंभू दयाल सिंह जाटव इसकी देखरेख कर रहे थे।
कोरबा में अवैध रेत कारोबार को लेकर दो गुटों के बीच जमकर मारपीट हुई। घटना 2 और 3 नवंबर की दरम्यानी रात बुधवारी दशहरा मैदान के पास हुई। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर ईंट-पत्थर, डंडे और बेल्ट से हमला किया। मारपीट की पूरी घटना CCTV कैमरे में कैद हो गई। पुलिस ने दोनों पक्षों के 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस के मुताबिक, रेत से भरे ट्रैक्टर को रोकने और रेत खाली कराने की बात पर विवाद शुरू हुआ था। इसके बाद दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और एक-दूसरे पर हमला कर दिया। इसमें कई लोग घायल हुए। मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र के पुलिस सहायता केंद्र सीएसईबी का है। पहले पक्ष ने लगाया हमला करने का आरोप ढोढीपारा निवासी राजेन दास ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसके ट्रैक्टर ड्राइवर को यशवंत कश्यप उर्फ लक्की, संतोष चंद्रा और विक्रम कश्यप ने साथियों के साथ रोक लिया। उन्होंने रेत खाली करने को कहा और गाली-गलौज की। चालक की सूचना पर राजेन दास अपने साथियों के साथ बुधवारी मैदान पहुंचा। आरोप है कि वहां दूसरे पक्ष के लोगों ने ईंट-पत्थर, डंडे, चूड़ा और पंच से हमला किया। दूसरे पक्ष ने भी दर्ज कराई रिपोर्ट वहीं, दूसरे पक्ष के काशीनगर निवासी विक्रम कश्यप ने भी रिपोर्ट दर्ज कराई। उसने आरोप लगाया कि रेत खाली कराने की बात पर दीपक सिंह, सोहेब अहमद, गौरीलाल चौहान, पुरनदास महंत, आदित्य सिंघानिया, राजेन उर्फ राजेन्द्र दास और यश पाटले ने गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद बेल्ट और ईंट से हमला किया। दोनों पक्षों के 10 आरोपी गिरफ्तार सूचना मिलने पर सीएसईबी चौकी और सिविल लाइन रामपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति संभाली। पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ हत्या के प्रयास और बलवा समेत BNS की धाराओं 109(1), 296, 115(2), 351(3), 126(2), 3(5) और 191(2) के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस ने दोनों पक्षों के 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से घटना में इस्तेमाल ईंट के टुकड़े और चमड़े के बेल्ट जब्त किए गए। सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
दिल्ली में जगह-जगह पर लोग कबूतरों को खाना खिलाते हैं। हाई कोर्ट में सार्वजनिक स्थानों पर कबूतरों को दाना खिलाने पर रोक लगाने के लिए जनहित याचिका दायर की गई है।
लखनऊ में पकड़ा गया फर्जी परीक्षार्थी, सवालों में उलझे शिक्षक; जानें कैसा रहा स्पेशल टीईटी
परीक्षा के दौरान लखनऊ के एक सेंटर पर दूसरे अभ्यर्थी की जगह परीक्षा दे रहा फर्जी परीक्षार्थी पकड़ा गया। स्पेशल टीईटी-2026 मंगलवार को शिक्षकों के लिए किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं रही। 50 से 55 वर्ष की उम्र में परीक्षा देने पहुंचे शिक्षकों को भी सवालों ने खूब उलझाया।
मोतिहारी के सिकारिया फार्मेसी कॉलेज में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत युवा संवाद प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन भाजपा नेता और उद्योगपति यमुना सिकरिया ने किया। इसमें पूर्व भाजपा प्रवक्ता अखिलेश कुमार सिंह सहित अन्य अतिथियों ने युवाओं से संवाद किया और उनके सवालों के जवाब दिए। दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत कार्यक्रम की शुरुआत पूर्व भाजपा प्रवक्ता अखिलेश कुमार सिंह, यमुना सिकरिया, पूर्व प्राचार्य अरुण कुमार मिश्रा, प्रिंसिपल प्रीति दुबे और अनिल प्रसाद ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर की। इस दौरान अतिथियों का फूलों का गुलदस्ता देकर स्वागत किया गया। अखिलेश सिंह बोले- युवा भ्रामक प्रचार के झांसे में नहीं आएंगे अखिलेश कुमार सिंह ने कहा कि भारत के युवा लोकतांत्रिक व्यवस्था के साथ हैं। उन्होंने विपक्ष पर झूठा और भ्रामक प्रचार करने का आरोप लगाते हुए कहा कि युवा इसके झांसे में नहीं आएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि जो लोग जनता के वोट से चुनाव जीतकर नहीं आ सकते, वे अराजकता फैलाकर सत्ता में आने का सपना देख रहे हैं। सिंह ने विपक्ष पर विदेशी ताकतों के साथ मिलकर सरकार को हटाने की साजिश करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ऐसी कोशिशें नाकाम होंगी। यमुना सिकरिया ने रोजगार, शिक्षा और स्टार्टअप के अवसरों की बात कही यमुना सिकरिया ने कहा कि प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम में अतिथियों ने युवाओं के सवालों के जवाब दिए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार युवाओं के भविष्य के लिए काम कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में रोजगार, शिक्षा और स्टार्टअप के क्षेत्र में युवाओं के लिए नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं। उन्होंने युवाओं से लोकतंत्र की ताकत को समझने और अफवाहों से बचने की अपील की। लोकतंत्र, रोजगार और शिक्षा से जुड़े सवाल पूछे कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं ने लोकतंत्र, रोजगार, शिक्षा व्यवस्था और मौजूदा राजनीतिक हालात से जुड़े सवाल पूछे। अतिथियों ने बारी-बारी से उनके जवाब दिए। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवा, कॉलेज के शिक्षक और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। अंत में छात्रों को लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने का संकल्प दिलाया गया।
मोगा में नशे का अड्डा बनी जर्जर इमारत गिराई:मालिक ने दी सहमति, पुलिस ने इमारत की सामग्री भी हटाई
मोगा जिले में पुलिस द्वारा नशे के हॉटस्पॉट क्षेत्रों में नशा विरोधी अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी के तहत एसएसपी और एस.पी. (एच) के नेतृत्व में गांव दौलेवाला में नशे के सेवन के हॉटस्पॉट के रूप में इस्तेमाल की जा रही एक जर्जर और लावारिस इमारत को उसके मालिक की सहमति और सहयोग से गिरा दिया गया। इसके अलावा इमारत की ईंटें और अन्य उपयोगी सामग्री भी वहां से हटा दी गई है, ताकि इस स्थान का दोबारा नशे के सेवन या किसी अन्य गैरकानूनी गतिविधि के लिए इस्तेमाल न हो सके। पंचायत और गांववासियों ने की सराहना इस कार्रवाई से गांव में नशे के सेवन के एक प्रमुख ठिकाने को खत्म करने के साथ-साथ क्षेत्र के माहौल को सुधारने में भी मदद मिलेगी। इस पहल की स्थानीय पंचायत और गांववासियों द्वारा सराहना की गई और उन्होंने मोगा पुलिस को पूरा सहयोग देने का भरोसा दिलाया। मोगा पुलिस द्वारा नशे के खात्मे के लिए ऐसे हॉटस्पॉट क्षेत्रों में लगातार कार्रवाई और जागरूकता के प्रयास जारी रहेंगे।
जोधपुर की झंवर थाना पुलिस ने पंचायत समिति प्रत्याशी पर हमला करने के मामले में कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में सामने आया कि आरोपियों ने चुनावी रंजिश के तहत हमले को अंजाम दिया था। पुलिस दोनों आरोपियों से मामले को लेकर पूछताछ कर रही है। हमलावर मारपीट करने के बाद गाड़ी में रखे नकदी और सोने की चेन भी चुराकर फरार हो गए। पुलिस के अनुसार- पूरी घटना 1 नवंबर 2026 की रात्रि की है। प्रार्थी ओमप्रकाश पटेल ने झंवर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनके भाई चेनाराम, जो पंचायत समिति प्रत्याशी के प्रतिनिधि जब जा रहे थे। तब झंवर गांव के हरिंगाराम पटेल और अन्य लोगों ने उनकी स्कॉर्पियो गाड़ी को रास्ते में रुकवाया। इसके बाद आरोपियों ने चेनाराम पर लाठी-डंडों और अन्य हथियारों से जानलेवा हमला कर दिया। इतना ही नहीं मारपीट के बाद बदमाश गाड़ी में रखे हुए रुपए और सोने की चेन भी चुराकर ले गए। प्रार्थी की रिपोर्ट पर पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी थी। थानाधिकारी प्रहलाद सिंह के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने तकनीकी मदद के आधार पर जोधपुर शहर और ग्रामीण इलाकों में दबिश दी। पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मामले में वांछित दो आरोपियों को धर दबोचा। इनमें रमेश (31) पुत्र तेजाराम निवासी झंवर पटेलावास पुलिस थाना झंवर सुनील पटेल (21) पुत्र बुधाराम निवासी झंवर को गिरफ्तार किया है।
दिल्ली में सांसों पर संकट: AQI 350 के पार, जहांगीरपुरी में हालात बेहद खराब
दिल्ली की वायु गुणवत्ता लगातार खराब हो रही है, मंगलवार को एक्यूआई 350 दर्ज किया गया जो 287 दिनों में सबसे खराब स्तर है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है, जिसमें वाहनों का उत्सर्जन और पराली जलाना प्रमुख योगदानकर्ता हैं।
आईआईटी जोधपुर के शोधकर्ता आर्टिफिशियल इलेटीजेंस (Artificial Intelligence) की सहायता से भारत की प्राचीन ज्ञान-संपदा को पुनः पढ़ने योग्य बनाने और उसमें निहित ज्ञान को समझने की दिशा में महत्वपूर्ण रिसर्च कर रहे हैं। इस पहल के तहत AI आधारित एडैप्टिव AI बेस्ड मनस्क्रिप्ट प्रोसेसिंग प्लेटफॉर्म (Adaptive AI-based Manuscript Processing Platform) डवलप किया जा रहा है। इसका उद्देश्य हजारों साल पुरानी, धुंधली और क्षतिग्रस्त भारतीय हस्तलिखित पाण्डुलिपियों में संरक्षित ज्ञान का संरक्षण करना, उसे दोबारा पढ़ना और व्यापक स्तर पर सुलभ कराना है। IIT जोधपुर के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. दिनेश मोहन जोशी नेतृत्व में किया जा रहा यह रिसर्च एआई, कम्प्यूटेशनल भाषाविज्ञान (Computational Linguistics) और भारतीय ज्ञान परम्परा (Indian Knowledge Systems – IKS) को एक साथ जोड़ता है । इसका मुख्य उद्देश्य उन ऐतिहासिक ग्रन्थों की पहचान, रिस्टोरेशन और व्याख्या से सम्बन्धित चुनौतियों का समाधान करना है, जिन्हें स्याही के धुंधला पड़ने, पृष्ठों के क्षतिग्रस्त होने, अक्षरों के अपूर्ण होने के कारण पढ़ना कठिन हो गया है । भारत की पाण्डुलिपि विरासत में ज्ञान का विशाल भंडार भारत की पाण्डुलिपि विरासत में गणित, खगोल शास्त्र, चिकित्सा, दर्शन, साहित्य, वास्तुकला, धातु शास्त्र इत्यादि अनेक विषयों से सम्बन्धित ज्ञान का विशाल भंडार उपलब्ध है। इस दुर्लभ ज्ञान को आधुनिक शोध और अध्ययन के लिए सुलभ बनाना एक बड़ी चुनौती है, क्योंकि अनेक पाण्डुलिपियों में धुंधले अक्षर, धब्बे, फटे हुए पृष्ठ, एक-दूसरे पर चढ़े हुए शब्द और जटिल हस्तलिखित अक्षर संरचनाओं को समझना अत्यधिक कठिन कार्य है। IIT जोधपुर ने एआई प्रणाली डवलप की है, जो पाण्डुलिपियों के पन्नों को डिजिटल पाठ में बदल रही है। हर पाण्डुलिपि की स्थिति और विशेषताओं का आकलन इस अनुसन्धान का प्रमुख नवाचार ‘एडैप्टिव AI ऑर्केस्ट्रेटर’ (Adaptive AI Orchestrator) है, जो पूरे प्लेटफॉर्म के विभिन्न तकनीकी घटकों के बीच समन्वय स्थापित करने वाली केन्द्रीय प्रणाली के रूप में कार्य करेगा। प्रक्रिया का आरम्भ पाण्डुलिपि की प्रारम्भिक पहचान और प्रोफाइलिंग से होता है। इसमें उसकी सम्भावित लिपि, भाषा और अन्य विशेषताओं, जैसे एक ही पृष्ठ पर एक से अधिक लिपियों या भाषाओं की उपस्थिति आदि का विश्लेषण किया जाता है। छह प्रमुख भारतीय लिपियों को मिलेगा सपोर्ट यह प्लेटफॉर्म छह प्रमुख भारतीय लिपियों देवनागरी, शारदा, ग्रन्थ, नन्दिनागरी, मोडी और तुलु-तिगलारी को सपोर्ट देने के लिए विकसित किया जा रहा है । इसके साथ ही, शास्त्रीय और क्षेत्रीय भारतीय भाषाओं के लिए प्रमाणित भाषा पैक के माध्यम से बहुभाषीय प्रोसेसिंग की सुविधा विकसित करने की भी योजना है। आर्टिफिशियल इटेलीजेंस और पारम्परिक पाण्डुलिपि अध्ययन से समाधान इस रिसर्च के बारे में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ.दिनेश मोहन जोशी बताया- भारत की पाण्डुलिपियों में हजारों वर्षों से विकसित हुआ एक असाधारण बौद्धिक ज्ञान भण्डार सुरक्षित है। इसमें गणित, खगोल शास्त्र, दर्शन, धातु शास्त्र और अनेक अन्य विषयों का ज्ञान समाहित है। हालांकि पाण्डुलिपियों की भौतिक स्थिति और भाषाई जटिलताओं के कारण इस ज्ञान का एक बड़ा भाग आज भी आसानी से उपलब्ध नहीं है।
जशपुरनगर चार सूत्रीय मांगों को लेकर राजस्व पटवारियों की हड़ताल मंगलवार को 21वें दिन भी जारी रही। शासन की ओर से निलंबन और कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने के बावजूद पटवारियों ने आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है। उनका कहना है कि मांगें पूरी होने तक हड़ताल खत्म नहीं की जाएगी। इस बीच रणजीता स्टेडियम चौक पर धरने में बैठे राजस्व पटवारी संघ ने पत्रकारवार्ता कर अपनी मांगों और आंदोलन को लेकर अधिकारियों के रवैये पर नाराजगी जताई। संघ के जिला अध्यक्ष विनय श्रीवास्तव ने कहा कि सरकार के सामने रखी गई चारों मांगें जायज हैं। उन्होंने बताया कि पीवी एप में तकनीकी खामियों को लेकर संघ लगातार जिम्मेदार अधिकारियों का ध्यान आकर्षित कराता रहा, लेकिन समस्याओं के निराकरण पर ध्यान नहीं दिया गया। उनका आरोप है कि तकनीकी दिक्कतें दूर करने के बजाय कार्रवाई का डर दिखाकर दबावपूर्वक काम कराने की कोशिश की गई। इससे स्थिति बिगड़ती गई और आखिरकार संघ को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा। वर्षों से पदोन्नति और वेतन विसंगति दूर करने की मांग विनय श्रीवास्तव ने कहा कि पटवारी संघ पदोन्नति और वेतन विसंगति दूर करने की मांग कई वर्षों से उठा रहा है। उनका कहना है कि कई कर्मचारी पटवारी के पद से नौकरी शुरू करते हैं और उसी पद से सेवानिवृत्त हो जाते हैं। वहीं, उनके अनुसार चतुर्थ श्रेणी के नियमित कर्मचारी भी सेवा के दौरान सहायक ग्रेड या लेखापाल तक पदोन्नत हो जाते हैं। संघ के पदाधिकारी संतोष स्वर्णकार ने वेतन विसंगति का मुद्दा उठाते हुए बताया कि एक ही बैच के पटवारियों के वेतन में 5 से 7 हजार रुपए तक का अंतर है। यह अंतर किस कारण और किसकी गलती से बना हुआ है, इसकी जानकारी जिम्मेदार अधिकारियों को भी नहीं है। उन्होंने बताया कि वेतन विसंगति दूर करने के लिए वर्ष 2017 में समिति गठित करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक इस दिशा में कार्रवाई नहीं हुई। प्रदेश अध्यक्ष को चर्चा से पहले ही हड़ताल खत्म करने का संदेश पत्रकारवार्ता में पटवारी संघ के पदाधिकारियों ने अधिकारियों के रवैये पर भी नाराजगी जताई। उनका कहना था कि सोमवार को संघ के प्रदेश अध्यक्ष को चर्चा के लिए रायपुर बुलाया गया था। लेकिन रास्ते में ही उन्हें वाट्सएप कॉल कर हड़ताल खत्म करने के बाद ही चर्चा करने का संदेश दिया गया। संघ के मुताबिक, इस वजह से मांगों पर चर्चा शुरू ही नहीं हो सकी। पटवारियों का कहना है कि पीवी एप और डीसीएस एप से जुड़ी समस्याओं को लेकर उनकी बातों पर समय रहते गंभीरता से ध्यान दिया जाता, तो आंदोलन की स्थिति नहीं बनती। उन्होंने दावा किया कि दबाव और कार्रवाई के बावजूद संघ एकजुट है और मांगें पूरी होने तक हड़ताल जारी रहेगी। काले कपड़े पहनकर निकाली रैली, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन हड़ताल के 21वें दिन आंदोलनरत पटवारियों ने काले कपड़े पहनकर शहर में रैली निकाली। रैली रणजीता स्टेडियम से शुरू होकर जय स्तंभ चौक, महाराजा चौक, बजरंगबली चौक, पुरानी टोली और सिटी कोतवाली होते हुए कलेक्टर कार्यालय पहुंची। यहां पटवारियों ने अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से चार सूत्रीय मांगों पर गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ विचार करने का अनुरोध किया गया है।
शाजापुर जिले के सकराई गांव में मंगलवार शाम घर की लाइट ठीक करते समय करंट लगने से गोपीकिशन मालवीय (40) की मौत हो गई। परिजन उन्हें रात करीब 8 बजे निजी कार से जिला अस्पताल लेकर पहुंचे थे। डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। लाइट ठीक करते समय ऊपर गिरा तार परिजनों के मुताबिक, गोपीकिशन मजदूरी करके शाम को घर लौटे थे। कुछ देर बाद घर की लाइट बंद हो गई। वे उसे ठीक कर रहे थे, तभी करंट का तार उनके ऊपर गिर गया। उस समय उनकी पत्नी और दो बच्चे घर पर मौजूद थे। घर में शोर सुनकर आसपास के लोग जमा हो गए। इसके बाद ग्रामीण उन्हें जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। बुधवार को होगा पोस्टमार्टम ड्यूटी डॉक्टर गौरव पाटीदार ने बताया कि सकराई निवासी गोपीकिशन को अस्पताल लाया गया था, जहां उनकी मौत हो गई। अस्पताल प्रशासन ने पुलिस को सूचना दे दी है। पुलिस की कार्रवाई के बाद बुधवार को पोस्टमार्टम किया जाएगा। इसके बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा। फिलहाल शव जिला अस्पताल के पोस्टमार्टम कक्ष में रखा है।
पानीपत में त्योहारी सीजन के दौरान बाजारों में बढ़ती भीड़ को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी है। मंगलवार को पुलिस अधीक्षक मेधा भूषण ने पालिका बाजार सहित शहर के प्रमुख बाजारों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों का पैदल दौरा किया। इस दौरान उन्होंने पुलिस की तैनाती, सुरक्षा इंतजामों और संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी की व्यवस्था का निरीक्षण किया। 28 नाकों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती एसपी मेधा भूषण ने बताया कि त्योहारों के मद्देनजर जिलेभर में 28 नाके लगाए गए हैं। शहर के प्रमुख प्रवेश और निकास मार्गों के साथ बाजारों के अंदर भी पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। इसके अलावा सिविल ड्रेस में भी पुलिसकर्मी मौजूद रहेंगे, जो संदिग्ध व्यक्तियों और गतिविधियों पर नजर रखेंगे। उन्होंने कहा कि बाजारों में आने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना पुलिस की प्राथमिकता है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। यातायात व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश एसपी ने कहा कि भीड़भाड़ वाले बाजारों में सुरक्षा के साथ यातायात व्यवस्था सुचारू बनाए रखना भी जरूरी है। इसके लिए पुलिसकर्मियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि खरीदारी के दौरान लोगों को आवागमन में परेशानी न हो। दुकानदारों से रास्ते खाली रखने की अपील एसपी ने दुकानदारों से अपील की कि वे दुकानों के बाहर सामान रखकर रास्तों को बाधित न करें। बाजारों में अनावश्यक भीड़ और अव्यवस्था न होने दें तथा सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करें। उन्होंने आमजन से भी कहा कि किसी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। पुलिस का उद्देश्य त्योहारों के दौरान लोगों को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराना है, ताकि वे बिना परेशानी खरीदारी कर सकें और त्योहार शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हों।
राजस्थान विधानसभा में विभागों की ऑडिट व्यवस्था और तकनीकी स्टाफ की कमी का मुद्दा उठाते हुए जूली ने भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि विभागों की खुद की ऑडिट में भारी भ्रष्टाचार सामने आ रहा है। जूली ने सवाल उठाया कि जब ऑडिट करने वाली टीम की कार्यप्रणाली पर ही सवाल हैं, तो उसकी भी ऑडिट होनी चाहिए। जूली मंगलवार को केरल के त्रिवेंद्रम में आयोजित संसद और राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों की जन लेखा समितियों के अध्यक्षों के दो दिवसीय सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। जूली ने राजस्थान विधानसभा में टेक्निकल स्टाफ की कमी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि राजस्थान विधानसभा में टेक्निकल स्टाफ की कमी है। टेक्निकल स्टाफ अकाउंट्स की बात को पूरा समझता है। सीएजी वाले अपने हिसाब से बताते हैं, लेकिन सीएजी के बताने के बाद भी बहुत सी बातें ऐसी हैं, जो सीएजी ऑडिट के अंदर भी नहीं आतीं। विभाग खुद की ऑडिट करते हैं, लेकिन सबसे ज्यादा जरूरत उनकी ऑडिट कराने की है। उसमें भारी भ्रष्टाचार और करप्शन है। कोरे साइन करके रख लिए जाते हैं और सेटिंग करके ऑडिट को ओके कर दिया जाता है। उन्होंने जन लेखा समिति (पीएसी) की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने के लिए सरकारी खर्च की गुणवत्ता और उससे मिलने वाले परिणामों का मूल्यांकन करने पर जोर दिया। उन्होंने समिति की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और परिणामोन्मुख बनाने के लिए कई सुझाव भी रखे। एक महीने में कम से कम 4 विभागों की जांच हो जूली ने कहा कि जन लेखा समिति की बैठकें पूरे साल नियमित अंतराल पर होनी चाहिए। एक महीने में कम से कम 4 विभागों का परीक्षण किया जाए, ताकि कैग की रिपोर्टों में लंबित मामलों का समयबद्ध निस्तारण हो सके। इससे विभागों की जवाबदेही तय करने और वित्तीय अनुशासन मजबूत करने में मदद मिलेगी। पीपीपी मॉडल के खर्च भी जांच के दायरे में आएं उन्होंने सुझाव दिया कि पीपीपी मॉडल, स्वायत्तशासी संस्थाओं और स्पेशल पर्पज व्हीकल के माध्यम से होने वाले बड़े खर्च को भी जन लेखा समिति की नियमित जांच के दायरे में शामिल किया जाए। सार्वजनिक धन से जुड़े सभी प्रमुख खर्चों की समीक्षा होनी चाहिए, जिससे पारदर्शिता बनी रहे। विभागों के अधूरे जवाब पर दोबारा मांगी जाए जानकारी जूली ने विभागों की जवाबदेही तय करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि यदि कोई विभाग समिति के सवालों का पूरा जवाब नहीं देता है तो उसे अपूर्ण मानकर दोबारा जवाब मांगा जाना चाहिए। निर्धारित समय में जानकारी नहीं देने वाले विभागों के खिलाफ कार्रवाई की व्यवस्था भी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि समिति की सिफारिशों पर विभागों से मिलने वाली एक्शन टेकन रिपोर्ट (एटीआर) में की गई कार्रवाई, लंबित काम और उसे पूरा करने की समय-सीमा स्पष्ट होनी चाहिए। केवल रिपोर्ट प्राप्त करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उस पर हुई वास्तविक कार्रवाई की समीक्षा भी जरूरी है। नियमों में बदलाव से अनियमितताओं की पुनरावृत्ति रोकने पर जोर नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि यदि किसी वित्तीय अनियमितता की वजह नियमों की अस्पष्टता या प्रक्रिया में कमी है तो समिति को संबंधित अधिकारी से जवाब मांगने के साथ नियमों में संशोधन की अनुशंसा भी करनी चाहिए। वित्त विभाग से यह भी सुनिश्चित कराया जाए कि सुझाए गए बदलाव अधिसूचित हुए हैं या नहीं। इससे एक विभाग में सामने आई अनियमितता की पुनरावृत्ति दूसरे विभागों में रोकने में मदद मिलेगी।
लखनऊ में चोर ने ऑफिस के बाहर से बाइक चोरी कर ली। घटना महज 10 मिनट के अंदर हुई। बाइक ऑफिस के बाहर खड़ी थी, तभी पैदल चलते हुए चोर आया और बाइक लेकर फरार हो गया। यह पूरी वारदात वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई। घटना अलीगंज इलाके में मंगलवार दोपहर की है। देखिए 2 तस्वीरें… सिक्का इनकॉरपोरेशन ऑफिस के बाहर से चोरी सेक्टर-ए अलीगंज निवासी उत्तम सिंह ने पुलिस को दी तहरीर में बताया उनके बेटे रामाधीन सिंह अपने ऑफिस सिक्का इनकॉरपोरेशन गए थे। जो सेक्टर-ई अलीगंज में स्थित है। मंगलवार दोपहर करीब 12.10 से 12.20 के बीच ऑफिस के बाहर एक अज्ञात युवक आया और बाइक चोरी कर ले गया। पीड़ित का कहना है उन्होंने अलीगंज थाने में शिकायत की है। वहीं पुलिस का कहना है सीसीटीवी की मदद से जांच की जा रही है। कार के पीछे पार्क थी बाइक वीडियो के शुरुआत में गुलाबी रंग की शर्ट पहने एक व्यक्ति पैदल सड़क पर आता हुआ दिखाई देता है। वह धीरे-धीरे सड़क पर खड़ी एक कार के पीछे खड़ी बाइक की ओर बढ़ता है। वह कार के पीछे पार्क की गई बाइक के पास पहुंचता है, वहां 10 मिनट तक रुकता है। इसके बाद बाइक को दो से तीन बार किक मारता है। फिर बाइक को चलाकर सड़क पर आगे की तरफ फरार हो जाता है।
उत्तरकाशी में एवलांच का कहर: 8 लापता ट्रेकर्स में 2 के शव मिले, बाकी की तलाश जारी
मंगलवार को राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) और नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (NIM) की संयुक्त टीम ने केदार खरक के पास तलाशी अभियान के दौरान एक पुरुष और एक महिला का शव बरामद किया। दोनों की पहचान अभी नहीं हो पाई है। बाकी छह लोगों की तलाश जारी है।
फतेहगढ़ साहिब जिले के मंडी गोबिंदगढ़ में मंगलवार एक भीषण हादसे में तीन मजदूरों की मौत हो गई। जबकि एक मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गया। मौके पर पहुंची पुलिस की टीम ने जांच शुरू कर दी। घायल मजदूर को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हुए यह है कि फैक्ट्री के शेड में करीब 20 फुट की ऊंचाई पर काम कर रही दो क्रेनों की आपस में भीषण टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि क्रेन और शेड का एक बड़ा हिस्सा टूटकर नीचे काम कर रहे मजदूरों पर गिर गया। वहां काम कर रहे हर्ष मिश्रा, सत नारायण और लकरू की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि अमरीक सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। 20 फुट की ऊंचाई पर टकराईं क्रेनें, मचा हड़कंप प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों के अनुसार, रोजाना की तरह फैक्ट्री में काम चल रहा था और क्रेन के जरिए माल उठाया जा रहा था। इसी दौरान शेड में अचानक दो क्रेनों की सीधी भिड़ंत हो गई। हादसे के वक्त फैक्ट्री में कई अन्य मजदूर भी मौजूद थे। घटना के तुरंत बाद सहकर्मियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए घायलों को सिविल अस्पताल मंडी गोबिंदगढ़ पहुंचाया। डॉक्टरों ने 3 को मृत घोषित किया, 1 चंडीगढ़ रेफर सिविल अस्पताल मंडी गोबिंदगढ़ की डॉक्टर रितु ने बताया कि अस्पताल लाने से पहले ही तीन मजदूरों की मौत हो चुकी थी। गंभीर रूप से घायल अमरीक सिंह की प्राथमिक जांच के बाद हालत नाजुक देखते हुए बेहतर इलाज के लिए उन्हें तुरंत चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया। पुलिस ने शुरू की मामले की जांच हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। मामले की जानकारी देते हुए एएसआई (ASI) जगरूप सिंह ने बताया कि शुरुआती जांच में पता चला है कि हादसा दो क्रेनों की टक्कर और शेड टूटने के कारण हुआ है। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
जशपुरनगर चार सूत्रीय मांगों को लेकर राजस्व पटवारियों की हड़ताल मंगलवार को 21वें दिन भी जारी रही। शासन की ओर से निलंबन और कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने के बावजूद पटवारियों ने आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है। उनका कहना है कि मांगें पूरी होने तक हड़ताल खत्म नहीं की जाएगी। इस बीच रणजीता स्टेडियम चौक पर धरने में बैठे राजस्व पटवारी संघ ने पत्रकारवार्ता कर अपनी मांगों और आंदोलन को लेकर अधिकारियों के रवैये पर नाराजगी जताई। संघ के जिला अध्यक्ष विनय श्रीवास्तव ने कहा कि सरकार के सामने रखी गई चारों मांगें जायज हैं। उन्होंने बताया कि पीवी एप में तकनीकी खामियों को लेकर संघ लगातार जिम्मेदार अधिकारियों का ध्यान आकर्षित कराता रहा, लेकिन समस्याओं के निराकरण पर ध्यान नहीं दिया गया। उनका आरोप है कि तकनीकी दिक्कतें दूर करने के बजाय कार्रवाई का डर दिखाकर दबावपूर्वक काम कराने की कोशिश की गई। इससे स्थिति बिगड़ती गई और आखिरकार संघ को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा। वर्षों से पदोन्नति और वेतन विसंगति दूर करने की मांग विनय श्रीवास्तव ने कहा कि पटवारी संघ पदोन्नति और वेतन विसंगति दूर करने की मांग कई वर्षों से उठा रहा है। उनका कहना है कि कई कर्मचारी पटवारी के पद से नौकरी शुरू करते हैं और उसी पद से सेवानिवृत्त हो जाते हैं। वहीं, उनके अनुसार चतुर्थ श्रेणी के नियमित कर्मचारी भी सेवा के दौरान सहायक ग्रेड या लेखापाल तक पदोन्नत हो जाते हैं। संघ के पदाधिकारी संतोष स्वर्णकार ने वेतन विसंगति का मुद्दा उठाते हुए बताया कि एक ही बैच के पटवारियों के वेतन में 5 से 7 हजार रुपए तक का अंतर है। यह अंतर किस कारण और किसकी गलती से बना हुआ है, इसकी जानकारी जिम्मेदार अधिकारियों को भी नहीं है। उन्होंने बताया कि वेतन विसंगति दूर करने के लिए वर्ष 2017 में समिति गठित करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक इस दिशा में कार्रवाई नहीं हुई। प्रदेश अध्यक्ष को चर्चा से पहले ही हड़ताल खत्म करने का संदेश पत्रकारवार्ता में पटवारी संघ के पदाधिकारियों ने अधिकारियों के रवैये पर भी नाराजगी जताई। उनका कहना था कि सोमवार को संघ के प्रदेश अध्यक्ष को चर्चा के लिए रायपुर बुलाया गया था। लेकिन रास्ते में ही उन्हें वाट्सएप कॉल कर हड़ताल खत्म करने के बाद ही चर्चा करने का संदेश दिया गया। संघ के मुताबिक, इस वजह से मांगों पर चर्चा शुरू ही नहीं हो सकी। पटवारियों का कहना है कि पीवी एप और डीसीएस एप से जुड़ी समस्याओं को लेकर उनकी बातों पर समय रहते गंभीरता से ध्यान दिया जाता, तो आंदोलन की स्थिति नहीं बनती। उन्होंने दावा किया कि दबाव और कार्रवाई के बावजूद संघ एकजुट है और मांगें पूरी होने तक हड़ताल जारी रहेगी। काले कपड़े पहनकर निकाली रैली, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन हड़ताल के 21वें दिन आंदोलनरत पटवारियों ने काले कपड़े पहनकर शहर में रैली निकाली। रैली रणजीता स्टेडियम से शुरू होकर जय स्तंभ चौक, महाराजा चौक, बजरंगबली चौक, पुरानी टोली और सिटी कोतवाली होते हुए कलेक्टर कार्यालय पहुंची। यहां पटवारियों ने अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से चार सूत्रीय मांगों पर गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ विचार करने का अनुरोध किया गया है।
पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के आरोपों पर पलटवार करते हुए आरोपों के सबूत सामने रखने के लिए कहा। गहलोत ने कहा- सीएम सबूत दें, अन्यथा 24 घंटे में मुख्यमंत्री भजनलाल माफी मांगें। सीएम भजनलाल शर्मा ने जोधपुर में मंगलवार को गहलोत पर किसानों को लूटने, नकली खाद-बीज बेचने सहित कई आरोप लगाए थे। गहलोत ने सीएम के आरोपों पर पलटवार करते हुए IAS शिखर अग्रवाल मामले में जवाब नहीं देने पर सवाल उठाते हुए कमेंट किए हैं। गहलोत ने एक्स पर लिखा- जोधपुर में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बिना तथ्यों के जो अनर्गल बातें कही हैं। उनसे मेरे मन को पीड़ा पहुंची है। उन्होंने व्यक्तिगत तौर पर मेरे बारे में एकदम झूठे आरोप लगाकर जो कपोल-कल्पित कहानी प्रचारित की है। मुझे आशा है कि उसका पूरा विवरण, तथ्यों और दस्तावेज सहित वे मुझे भी देंगे और प्रदेश की जनता के सामने भी रखें, अन्यथा 24 घंटे में माफी मांगें। मुख्यमंत्री बौखला गए और भाषा की मर्यादा की सारी सीमाएं लांघ गए गहलाते ने लिखा- ऐसा लगता है कि अपराधबोध से ग्रसित होकर मुख्यमंत्री बौखला गए और भाषा की मर्यादा की सारी सीमाएं लांघ गए। इस प्रकार उन्होंने इन आरोपों से ध्यान भटकाने के लिए जनता को भ्रमित करने का असफल प्रयास किया है। शिखर अग्रवाल मामले में सच्चाई सामने रखें सीएम गहलोत ने लिखा- मैं तो उम्मीद कर रहा था कि लोकतांत्रिक मर्यादा के अनुरूप मुख्यमंत्री के एसीएस रहे IAS शिखर अग्रवाल पर विला खरीद को लेकर वे खुद मीडिया में सार्वजनिक रूप से लग रहे मिलीभगत के आरोपों पर सच्चाई जनता को बताएंगे। इस मामले में मुख्यमंत्री की संदिग्ध भूमिका को लेकर असलियत प्रदेश की जनता को बताएंगे, क्योंकि अनंता कंपनी को विशेष छूट देने का फैसला जिस बोर्ड की बैठक में हुआ, उसके अध्यक्ष मुख्यमंत्री खुद हैं। एसीबी के बजाय सीबीआई को सौंपे जांच गहलोत ने लिखा- मुख्यमंत्रीजी, सवाल अब भी वही है। आखिर इस मामले की जांच आप अपने अधीन एजेंसी एसीबी की बजाय केंद्रीय एजेंसी सीबीआई को क्यों नहीं सौंप रहे? जूली बोले- गहलोत पर लगाए बेबुनियाद आरोपों पर माफी मांगें मुख्यमंत्री नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी सीएम भजनलाल शर्मा पर पलटवार करते हुए माफी मांगने को कहा है। जूली ने एक्स पर लिखा- पूर्व सीएम अशोक गहलोत का लंबा सार्वजनिक जीवन बेदाग और आदर्शों से परिपूर्ण रहा है। जब भजनलाल शर्मा ने साल 2003 में पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ा, जिसमें उनकी जमानत जब्त हो गई थी। तब तक गहलोत 5 बार सांसद और 3 बार केंद्रीय मंत्री रह चुके थे और राजस्थान के मुख्यमंत्री थे। जूली ने लिखा- आज मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने उन पर जिस प्रकार के मिथ्या आरोप लगाए, वे अपने अतिरिक्त मुख्य सचिव रहे अधिकारी के साथ मिलीभगत के आरोप लगने के बाद उनकी बौखलाहट को दर्शाते हैं। मुख्यमंत्री के आज के बयान राजस्थान की राजनीति का स्तर गिराने वाले हैं। उन्हें ऐसे बयानों के लिए अविलंब माफी मांगनी चाहिए। ये खबर भी पढ़ेंमुख्यमंत्री का गहलोत पर निशाना, आप किसानों को लूटते थे:खाद-बीज की दुकान में नकली माल बेचते थे; जो कहेंगे उसका पूरा जवाब दूंगा, कसर नहीं छोड़ूंगा मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर निशाना साधते हुए कहा- आपकी खाद-बीज की दुकान थी, किसानों को लूटते थे। मैं ब्रजवासी हूं, आप जो कहेंगे, उसका पूरा जवाब दूंगा और इसमें कोई कसर नहीं छोड़ूंगा। (पूरी खबर पढ़ें)
विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर आज दिल्ली में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी और संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने यूपी कांग्रेस के नेताओं के साथ अहम बैठक की। इसमें प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम, प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा 'मोना' समेत अन्य नेता शामिल हुए। बैठक में समाजवादी पार्टी के साथ संभावित गठबंधन, सीटों के बंटवारे, संगठन की मजबूती और चुनावी कैंपेन की रणनीति पर चर्चा हुई। माना जा रहा है कि सपा के साथ सीटों को लेकर बातचीत आगे बढ़ाने से पहले कांग्रेस अपनी रणनीति और प्राथमिकताओं पर मंथन कर रही है। प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा 'मोना' ने बैठक के बारे में बताया कि संगठन और चुनावी कैंपेन को लेकर शुरुआती चर्चा हुई है। चुनाव के लिहाज से विभिन्न कमेटियों का गठन किया जाना है। इस पर भी बातचीत हुई। उन्होंने कहा कि यह अभी पहली बैठक थी और आगे की रणनीति पर चर्चा जारी रहेगी। जिलाध्यक्षों की सूची नए सिरे से तैयार इससे पहले सोमवार को प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने सुबह और फिर देर रात प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा 'मोना' और सभी छह सह प्रभारियों के साथ बैठक की थी। इसमें जिलाध्यक्षों और प्रदेश कार्यकारिणी के नामों पर चर्चा हुई। कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, जिलाध्यक्षों की सूची पिछले एक महीने से तैयार है, लेकिन इसे जारी नहीं किया जा सका। अब यह सूची दिवाली के बाद जारी होने की संभावना है। बताया जा रहा है कि पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के कार्यकाल में तैयार सूची में ओबीसी और दलित वर्ग को पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं मिला था। इसके बाद सूची नए सिरे से तैयार कराई गई। नई सूची में ब्राह्मण, मुस्लिम, दलित और ओबीसी वर्ग को संतुलित प्रतिनिधित्व देने की कोशिश की गई है। सपा से गठबंधन पर कांग्रेस की नजर यूपी में 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस के सामने संगठन को मजबूत करने के साथ गठबंधन की रणनीति तय करने की चुनौती है। समाजवादी पार्टी के साथ सीटों के बंटवारे को लेकर आगे होने वाली बातचीत में कांग्रेस की संगठनात्मक स्थिति और चुनावी तैयारी भी अहम होगी। ऐसे में प्रियंका गांधी की बैठक को यूपी चुनाव की तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
भिंड के फूप में मंगलवार शाम बाजार से बाइक पर घर लौट रहे 40 साल के अरविंद यादव को डंपर ने कुचल दिया। नेशनल हाईवे-719 पर मुक्तिधाम के पास शाम करीब 7:30 बजे हादसा हुआ। डंपर की चपेट में आने से अरविंद की मौके पर ही मौत हो गई। वह मिरचौली गांव का रहने वाला था। फूप बाजार से खरीदारी कर घर लौट रहा था। पुलिस ने शव को जिला अस्पताल पहुंचाया। अब डंपर चालक की तलाश की जा रही है। बाजार से खरीदारी कर गांव लौट रहे थे मिरचौली निवासी अरविंद यादव (40) मंगलवार शाम फूप कस्बे में बाजार करने आए थे। खरीदारी के बाद वह बाइक से अपने गांव लौट रहे थे। शाम करीब 7:30 बजे जब वह नेशनल हाईवे-719 पर मुक्तिधाम के पास पहुंचे, तभी डंपर ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में उनकी मौके पर ही मौत हो गई। एमपीआरडीसी की एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। एमपीआरडीसी की एंबुलेंस से अरविंद को जिला अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद शव को पोस्टमॉर्टम हाउस में रखवा दिया गया। बुधवार सुबह पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा। डंपर चालक की तलाश में जुटी पुलिस पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर हादसे की जानकारी जुटाई। डंपर चालक की तलाश शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि चालक का पता लगाकर उसे पकड़ने की कार्रवाई की जाएगी। हादसे में अरविंद की मौत से परिवार में मातम छा गया।
मध्य प्रदेश में ग्रामीण इलाकों में अघोषित बिजली कटौती की समस्या दूर करने के लिए ऊर्जा विभाग बिजली खरीदी के नए अनुबंध कर रहा है। इसी क्रम में मंगलवार को ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर और प्रमुख सचिव ऊर्जा मनीष सिंह की मौजूदगी में मध्यप्रदेश पावर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड (एमपीपीएमसीएल) और एनटीपीसी के बीच विद्युत क्रय अनुबंध (PPA) हुआ। इसके तहत मध्यप्रदेश को छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में स्थित एनटीपीसी की लारा चरण-III परियोजना से 800 मेगावाट बिजली मिलेगी। केंद्र ने एमपी को दी 250 मेगावाट बिजली उधर, मध्य प्रदेश में रबी सीजन के दौरान विद्युत की बढ़ती मांग को देखते हुए राज्य सरकार की डिमांड पर केंद्र सरकार द्वारा मध्य प्रदेश को ईस्टर्न रीजन अनअलोकेटेड पावर पूल (Eastern Region Unallocated Power Pool) से 250 मेगावाट विद्युत आवंटित की गई है। यह बिजली NTPC के माध्यम से मध्यप्रदेश को उपलब्ध कराई जाएगी। इसका आवंटन तत्काल प्रभाव से लागू किया जाएगा। यह बिजली लगभग ₹4.75 प्रति यूनिट की दर पर उपलब्ध होगी। इससे प्रदेश को प्रतिस्पर्धात्मक दरों पर अतिरिक्त विद्युत प्राप्त करने में मदद मिलेगी तथा विद्युत क्रय की लागत को नियंत्रित रखने के प्रयासों को भी बल मिलेगा। आवंटित बिजली के उपयोग के लिए आवश्यक विद्युत क्रय अनुबंध (PPA) एवं अन्य वाणिज्यिक औपचारिकताएं नियमानुसार पूरी की जाएंगी। 2031-32 से मिलने लगेगी बिजली एनटीपीसी की लारा चरण-III परियोजना की क्षमता 2800 मेगावाट है। अनुबंध के अनुसार, मध्यप्रदेश को इस परियोजना से 800 मेगावाट बिजली मिलेगी। वर्ष 2031-32 तक राज्य को इस संयंत्र से बिजली मिलनी शुरू हो जाएगी। 4.97 रुपए प्रति यूनिट की अनुमानित दर अनुबंध के मुताबिक, मध्यप्रदेश को लारा-III परियोजना से करीब 4.97 रुपए प्रति यूनिट की अनुमानित दर पर बिजली उपलब्ध होगी। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि राज्य सरकार प्रत्येक उपभोक्ता को गुणवत्तापूर्ण और सस्ती बिजली उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। यह अनुबंध कृषि, उद्योग और घरेलू क्षेत्रों में बिजली की बढ़ती मांग पूरी करने में मददगार होगा। कैप्टिव खदान से मिलेगी कोयले की आपूर्ति लारा परियोजना की खासियत यह है कि संयंत्र कोयला खदान के नजदीक स्थित है। इसे एनटीपीसी की अपनी कैप्टिव खदान से कोयला मिलेगा। इससे कोयले की ढुलाई का खर्च कम होगा और ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित होने से बिजली उत्पादन और आपूर्ति अधिक विश्वसनीय हो सकेगी। ये अधिकारी रहे मौजूद कार्यक्रम में सचिव ऊर्जा विशेष गढ़पाले, एनटीपीसी दिल्ली के सीजीएम (कमर्शियल) एएस पांडे, जीएम संदेश जायसवाल, रायपुर के एजीएम (कमर्शियल) भूपेश कुमार और एमपीपीएमसीएल के सीजीएम (कमर्शियल) आरबी सक्सेना मौजूद रहे।
मुंबई से गोरखपुर की फ्लाइट रद्द, बैग का तकिया बना प्लेन के पास ही लेट गए यात्री
मुंबई से गोरखपुर की एक नवंबर की स्पाइसजेट की एक फ्लाइट अचानक से रद्द हो गई। वजह बताई गई कि गोरखपुर एयरपोर्ट पर रात 8 बजे के बाद लैंडिंग की इजाजत नहीं है। फ्लाइट रद्द होने की घोषणा के बाद यात्रियों ने वहां हंगामा करना शुरू कर दिया। कुछ यात्री बैग का तकिया बनाकर वहीं लेट गए।
दिल्ली में प्रदूषण बढ़ने के बावजूद धूल नियंत्रण के लिए एंटी-स्मॉग गन की तैनाती धीमी है। नई मशीनों में देरी के चलते पुरानी 200 मशीनों को फिटनेस जांच के बाद दो माह के लिए मंजूरी मिली है, जिनमें से अब तक केवल 40 ही सड़कों पर उतर पाई हैं।
कबीरधाम जिले के वनांचल क्षेत्रों में कथित धर्मांतरण के विरोध में मंगलवार को पंडरिया और बोड़ला ब्लॉक के 18 गांवों के सैकड़ों ग्रामीण जिला मुख्यालय पहुंचे। बैगा समाज सहित विभिन्न समाजों के लोगों और जनप्रतिनिधियों ने कलेक्ट्रेट में कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। इसमें धर्मांतरण से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की गई। ज्ञापन सौंपने पहुंचे बैगा समाज के प्रमुख इतवारी राम मछिया ने आरोप लगाया कि वनांचल क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर धर्मांतरण की गतिविधियां संचालित हो रही हैं। उनका कहना है कि इससे आदिवासी समाज की मूल संस्कृति, परंपरा, रीति-रिवाज और धार्मिक मान्यताएं प्रभावित हो रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्रामीणों को तरह-तरह के प्रलोभन देकर ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसी के विरोध में 18 गांवों के ग्रामीणों ने एकजुट होकर प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन में तीन प्रमुख मांगें रखीं 1. शासकीय जमीन पर बने चर्चों की जांच: ग्रामीणों ने वनांचल क्षेत्र में शासकीय भूमि पर कथित रूप से अवैध कब्जा कर बनाए गए 40 से अधिक चर्चों की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि धार्मिक स्थल बिना वैधानिक अनुमति के शासकीय जमीन पर बनाए गए हैं, तो नियमानुसार कार्रवाई कर उन्हें हटाया जाना चाहिए। 2. आरक्षण का लाभ लेकर धर्म परिवर्तन करने वाले कर्मचारियों की जांच: ज्ञापन में ऐसे शासकीय कर्मचारियों के मामलों की जांच की मांग भी की गई है, जिन्होंने अनुसूचित जनजाति वर्ग के आरक्षण का लाभ लेकर सरकारी विभागों में नौकरी प्राप्त की और बाद में ईसाई धर्म अपना लिया। ग्रामीणों ने ऐसे कर्मचारियों की पात्रता और आरक्षण संबंधी नियमों की जांच कर दोषी पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई और सेवा से पदमुक्त करने की मांग की है। 3. प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराने वालों पर कार्रवाई: समाज प्रमुखों ने बैगा और अन्य आदिवासी समाज के लोगों को कथित रूप से प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि किसी भी व्यक्ति को लालच या दबाव देकर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित करने की गतिविधियों पर रोक लगनी चाहिए। कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी ज्ञापन सौंपने पहुंचे समाज प्रमुखों ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द संज्ञान लेकर उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो सर्व समाज के लोग एकजुट होकर सड़क पर उतरेंगे और धर्मांतरण के विरोध में व्यापक आंदोलन करेंगे। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में उत्पन्न होने वाली परिस्थितियों की जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी। बड़ी संख्या में ग्रामीण और समाज प्रमुख रहे मौजूद इस दौरान जिला कार्यालय में बैगा समाज के प्रमुखों के साथ विभिन्न समाजों के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और ग्रामीण मौजूद रहे। सभी ने वनांचल क्षेत्रों में धर्मांतरण से जुड़ी शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराने और आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपरा तथा सामाजिक पहचान की रक्षा करने की मांग की।
अक्षरा ने जयपुर के नेवटा स्थित मंदिर में अपने डिवोशनल सॉन्ग की शूटिंग की है। अक्षरा ने कहा कि डिवोशनल सॉन्ग से जुड़ना उनके लिए यादगार अनुभव रहा। मंदिर परिसर में गाने की शूटिंग के दौरान भक्ति और संगीत का खास संगम देखने को मिला। दरअसल, दीपावली के मौके पर रिलीज होने जा रहे भक्ति गीत ‘राम आएंगे’ की शूटिंग जयपुर के नेवटा क्षेत्र में की गई है। गीत में अभिनेत्री अक्षरा सिंह मुख्य भूमिका में नजर आएंगी, जबकि इसे गायिका श्रेया घोषाल ने अपनी आवाज दी है। गीत की शूटिंग नेवटा स्थित मंदिर और वहां की गलियों में हुई। अक्षरा सिंह के साथ जयपुर की छह मॉडल भी इसमें शामिल हैं। गीत में रामायण की कहानी को दृश्यात्मक अंदाज में प्रस्तुत किया जाएगा। गीत का निर्देशन अमन प्रजापत ने किया है और इसके निर्माता सौरभ प्रजापत हैं। टीम इससे पहले भी कई वीडियो एल्बम बना चुकी है। निर्देशक अमन प्रजापत ने बताया कि वे जयपुर से हैं, इसलिए उनके ज्यादातर प्रोजेक्ट राजस्थान में ही शूट होते हैं। उन्होंने कहा कि टीम बॉलीवुड के कई गायकों के साथ लगातार काम कर रही है और आगामी दिनों में भी राजस्थान में कई गानों की शूटिंग प्रस्तावित है। ‘भगवान राम के गीत से जुड़ना खास’ अक्षरा सिंह ने बताया कि उन्होंने दो दिन में दो गानों की शूटिंग की है। उन्होंने प्रोडक्शन की तारीफ करते हुए कहा कि दीपावली के मौके पर भगवान राम के गीत से जुड़ना उनके लिए बेहद खास है। इस बार दिवाली खास होने वाली है। अक्षरा के मुताबिक, वे पहले भी जयपुर में शूटिंग कर चुकी हैं, लेकिन इस बार अलग तरह की लोकेशन पर काम करने का अनुभव खास रहा। उन्होंने कहा कि भक्ति गीत से जुड़ना हमेशा खास होता है और इस बार का अनुभव यादगार बन गया है। भोजपुरी फिल्मों से मिली पहचान अक्षरा सिंह भोजपुरी सिनेमा की लोकप्रिय अभिनेत्री और गायिका हैं। उन्होंने वर्ष 2010 में फिल्म ‘सत्यमेव जयते’ से अभिनय की शुरुआत की थी। इसके बाद ‘सौगंध गंगा मैया के’, ‘दिलेर’ और ‘साथिया’ जैसी फिल्मों में काम किया। ‘सत्या’, ‘तबादला’, ‘धड़कन’ और ‘सरकार राज’ जैसी फिल्मों से उन्हें खास पहचान मिली। उन्होंने हिंदी टेलीविजन पर भी काम किया और ‘काला टीका’, ‘सर्विस वाली बहू’ तथा ऐतिहासिक धारावाहिक ‘पोरस’ में नजर आईं। वर्ष 2021 में वे रियलिटी शो ‘बिग बॉस ओटीटी’ में भी शामिल हुईं। अभिनय के साथ-साथ अक्षरा गायन में भी सक्रिय हैं और भोजपुरी संगीत में उनके कई गीत लोकप्रिय हुए हैं।
लखनऊ में लापरवाही करने वाले तीन दरोगा को लाइन हाजिर कर दिया गया है। पुलिस कमिश्नर तरुण गाबा के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई। इन तीनों दरोगा की जनशिकायतों के निस्तारण न करने और विभागीय कार्यों में लापरवाही करने की की शिकायतें मिल रही थी। लाइन हाजिर के साथ विभागीय कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए गए हैं। जनशिकायतों का समय से निस्तारण करने का निर्देश था पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ के उत्तरी जोन की ओर से जारी आदेश अनुसार, पुलिस उपायुक्त उत्तरी ने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को आमजन की शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद कार्यों और जनशिकायतों के निस्तारण में लापरवाही सामने आने पर यह कार्रवाई की गई। लापरवाही न बर्दाश्त करने के निर्देश डीसीपी उत्तरी अमित कुमार आनंद ने स्पष्ट किया है कि पुलिस विभाग में कार्यों के प्रति जवाबदेही सुनिश्चित करने और आमजन की शिकायतों के निस्तारण में किसी भी तरह की लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पठानकोट जिले में पुलिस ने महिला की सोने की बालियां छीनने के आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उससे छीनी गई दोनों बालियां बरामद की हैं। पुलिस के मुताबिक, 11 सितंबर को सुबह करीब 10:30 बजे सुल्तान नगर निवासी पुष्पा देवी घर के बाहर टहल रही थीं। तभी एक अज्ञात व्यक्ति ने उनके कानों से सोने की बालियां छीनीं और उन्हें धक्का देकर भाग गया। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज और अन्य जानकारी के आधार पर आरोपी की तलाश की गई। रिमांड के दौरान मिली बालियां गिरफ्तार आरोपी की पहचान सनी उर्फ बांका निवासी सुंदर नगर, पठानकोट के रुप में हुई है। कोर्ट में पेश करने के बाद उसे 2 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया। पूछताछ में उसकी निशानदेही पर दोनों बालियां मिलीं। पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ पहले भी एनडीपीएस एक्ट समेत अन्य आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस उसके पुराने रिकॉर्ड और अन्य मामलों में संभावित भूमिका की जांच कर रही है। पुलिस की लोगों से अपील पुलिस ने महिलाओं से बाजारों और सुनसान रास्तों पर आसपास की गतिविधियों पर नजर रखने की अपील की है। अधिकारियों ने बाहर जाते समय कीमती गहने पहनने और चलते समय मोबाइल पर बात करने से बचने को कहा। पुलिस ने बताया कि झपटमार अक्सर बाइक पर आकर महिलाओं के कानों से बालियां, गले से चेन और हाथों से मोबाइल फोन छीनकर भाग जाते हैं। शहरवासियों से किसी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को देने की अपील की गई है।

