ग्वालटोली थाने के हिस्ट्रीशीटर मो. जाहिद उर्फ खूंटी की हत्या के मामले में गुरुवार देर रात रेलबाजार पुलिस ने उसके साथी हिस्ट्रीशीटर राजू करिया को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया। आरोपी ने चोरी के माल के बंटवारे और एक घटना के दौरान जाहिद के मौके से भाग जाने के कारण हत्याकांड को अंजाम दिया था। पुलिस ने आरोपी को प्राथमिक इलाज के लिए भेजा है। टाटमिल चौराहे के पास मिला था रक्तरंजित मिला था हिस्ट्रीशीटर ग्वालटोली मकबरा निवासी 35 वर्षीय हिस्ट्रीशीटर मो. जाहिद उर्फ खूटी शनिवार को रक्तरंजित हालत में टाटमिल चौराहा स्थित कृष्णा हास्पिटल के पास मिला था। पुलिस ने परिजनों को सूचना देकर उसे इलाज के लिए हैलट अस्पताल भेजा था। जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद हिस्ट्रीशीटर के भाई की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्जकर मामले की जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि उसकी बादशाहीनाका के हिस्ट्रीशीटर राजू कश्यप उर्फ राजू करिया ने की थी। पुलिस आरोपी को तलाश में लगातार दबिश दे रही थी। देर रात रेलबाजार पुलिस सीओडी पुल के पास चेकिंग कर रही थी। इस दौरान पुलिस ने आरोपी राजू करिया को पकड़ने का प्रयास किया तो उसने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई ने पुलिस टीम ने हिस्ट्रीशीटर राजू करिया के बाएं पैर में गोली मारकर उसे पकड़ा। गार्ड ने राजू को पकड़ा था, भाग गया था जाहिद डीसीपी पूर्वी सत्यजीत गुप्ता ने बताया कि हिस्ट्रीशीटर राजू करिया पर चोरी, लूट समेत विभिन्न धाराओं में 38 मुकदमे है। वह बादशाहीनाका थाने का हिस्ट्रीशीटर है। आरोपी और जाहिद एक चोरी की वारदात को अंजाम देने गए थे। इस दौरान राजू करिया को गार्ड ने पकड़ा, तो जाहिद भाग गया था। जिस बात की रंजिश व चोरी के माल के बंटवारे विवाद में आरोपी ने उसकी हत्या को अंजाम दिया था।
LDA सीमा में शामिल 477 गांव:जिला पंचायत से पास नक्शे होंगे वैध, नहीं देना होगा जुर्माना
लखनऊ. प्रदेश सरकार ने विकास प्राधिकरण क्षेत्रों में रहने वाले हजारों परिवारों को बड़ी राहत दी है। सरकार ने फैसला किया है कि विकास प्राधिकरण की सीमा में शामिल हो चुके ग्रामीण क्षेत्रों में 31 मार्च तक जिला पंचायत से स्वीकृत सभी भवन नक्शों को पूरी तरह वैध माना जाएगा। इससे लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) की सीमा में शामिल 477 गांवों के हजारों मकान मालिकों को सीधा लाभ मिलेगा। अब तक इन गांवों में जिला पंचायत से नक्शा पास कराकर मकान बनाने वाले लोगों को यह डर बना रहता था कि एलडीए उनके निर्माण को अवैध घोषित कर सकता है। कई मामलों में लोगों को शमन शुल्क जमा करने या कार्रवाई का सामना करने की आशंका रहती थी। नए फैसले के बाद ऐसे सभी निर्माणों को कानूनी मान्यता मिल जाएगी। नहीं देना होगा शमन शुल्क सरकार के निर्णय के अनुसार, जिला पंचायत के नियमों के तहत बनाए गए मकानों और व्यावसायिक भवनों के मालिकों को अब एलडीए को भारी-भरकम शमन शुल्क या जुर्माना नहीं देना पड़ेगा। इससे वर्षों से चली आ रही अनिश्चितता खत्म होगी। बैंक लोन और रजिस्ट्री होगी आसान नक्शों को वैधता मिलने के बाद इन क्षेत्रों की संपत्तियों पर बैंक से ऋण लेना आसान हो जाएगा। साथ ही मकानों और भूखंडों की खरीद-बिक्री तथा रजिस्ट्री में आने वाली कानूनी बाधाएं भी दूर होंगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्ति बाजार को भी गति मिलने की उम्मीद है। क्यों लिया गया फैसला? दरअसल, किसी ग्रामीण क्षेत्र को विकास प्राधिकरण की सीमा में शामिल किए जाने के बाद वहां जिला पंचायत से पहले स्वीकृत नक्शों की वैधता को लेकर विवाद खड़ा हो जाता था। प्राधिकरण कई बार ऐसे निर्माणों को नियम विरुद्ध मानकर नोटिस जारी करता था। सरकार के इस फैसले से प्राधिकरण और ग्रामीणों के बीच लंबे समय से चला आ रहा विवाद समाप्त होने की उम्मीद है। नए निर्माणों के लिए एलडीए से लेनी होगी मंजूरी सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह राहत केवल उन निर्माणों पर लागू होगी, जिनके नक्शे संबंधित क्षेत्र के विकास प्राधिकरण में शामिल होने से पहले जिला पंचायत से स्वीकृत हो चुके हैं। भविष्य में इन गांवों में होने वाले किसी भी नए निर्माण या भवन विस्तार के लिए एलडीए से नक्शा पास कराना अनिवार्य होगा। इस फैसले से हजारों परिवारों को राहत मिलने के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों और संपत्ति कारोबार को भी नई गति मिलने की संभावना है।
गोरखपुर के गोला थाना क्षेत्र में एक 12 साल की बच्ची का अपहरण कर रेप करने का मामला सामने आया था। पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपी गिरफ्तार कर जेल भिजवा दिया था। इसके बाद ऑपरेशन कनविक्शन अभियान के तहत तेज पैरवी कर आरोपी के खिलाफ समय से साक्ष्य प्रस्तुत किए। जिसको देखते हुए गुरुवार को विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट राकेश कुमार ने गोला थाना क्षेत्र के मठिया निवासी अभियुक्त शेखर उर्फ चंद्रकेश को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 25 हजार रुपए अर्थदंड से भी दंडित किया है। अर्थदंड न देने पर अभियुक्त को नौ माह का कारावास अलग से भुगतना होगा। अब विस्तार से जानिए पूरा मामला… रेप पीड़िता की ओर से विशेष लोक अभियोजक संजीत शाही का कहना था कि आरोपी नाबालिग बच्ची का अपहरण कर रेप की घटना को अंजाम दिया था। 12 अप्रैल 2023 की शाम को बच्ची टहलने निकली थी। इस दौरान आरोपी उसे जबरिया अपरहण कर लिया। इसके बाद फोन पर बच्ची की मां को गाली गुप्ता और जान मारने की धमकी दिया था। घटना के बाद किशोरी का मेडिकल कराया गया। इसके बाद गोला थाने में किशोरी की मां की तहरीर पर एफआईआर दर्ज की गई थी। तब आरोपी शेखर उर्फ चंद्रकेश फरार हो गया था। पुलिस ने ढूंढकर उसे गिरफ्तार किया था। इसके बाद पाक्सो एक्ट के मामले में जेल भिजवा दिया था। आरोपी को सजा कराने में SPP उमेश मिश्रा और ADGC संजीत कुमार शाही का अहम योगदान रहा। तीन साल बाद फैसला आया तो पीड़िता का परिवार भी इससे संतुष्ट दिखा। पीड़ित परिवार बोला कि ऐसे लोगों को ऐसी ही सजा मिलनी चाहिए। जिससे कोई और आगे ऐसी गलती करने से पहले 100 पर सोचे। इसका परिणाम क्या होगा। मुझे कानून पूरा भरोसा था कि इंसाफ हमलोगों को जरूर मिलेगा।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रदेश में फोरेंसिक लैब की बदहाली पर नाराजगी जताते हुए मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है। न्यायमूर्ति अरुण कुमार सिंह देशवाल ने एटा निवासी दुष्कर्म व हत्या आरोपित मनोज को जमानत देते हुए कहा है कि आदेश की प्रति मुख्य सचिव को भेजी जाए जो इसे मुख्यमंत्री के संज्ञान में लाएंगे।कोर्ट ने कहा कि वैज्ञानिक सबूत के अभाव में आरोपित को जेल में रखना उचित नहीं है। कहा, दुष्कर्म हत्या जैसे जघन्य अपराध में भी वैज्ञानिक सबूत न मिलने के कारण आरोपित को भारी मन से जमानत देनी पड़ रही है। जानिये क्या है मामला मुकदमे से जुड़े तथ्य यह हैं कि मामला थाना सकेत में दर्ज है। गोबर फेंकने गई महिला की लाश 18 नवंबर 2025 को नदी किनारे लाश मिली थी। अज्ञात के खिलाफ अगले दिन यानी 19 नवंबर 2025 को एफआइआर दर्ज हुई। बाद में चश्मदीद सतेंद्र के बयान पर मनोज को आरोपित बनाया गया। पुलिस ने मृतका की घड़ी बरामद होने का दावा किया। जमानत अर्जी पर दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने कहा कि सतेंद्र ने आरोपित को नदी की तरफ जाते-आते देखा था, लेकिन एफआइआर में नाम नहीं था। बाद में दिए बयान से अभियोजन कहानी संदिग्ध लगती है। सिर्फ घड़ी की बरामदगी दुष्कर्म व हत्या में संलिप्तता साबित करने के लिए काफी नहीं है। सबसे अहम बात 14मई 2026 की एफएसएल रिपोर्ट रही। इसके मुताबिक आरोपित का डीएनए मृतका के वजाइनल स्वैब से मैच नहीं करता, क्योंकि प्रोफाइल ही पूरा नहीं बना था। कोर्ट ने इसे जांच की सबसे बड़ी खामी बताया। कोर्ट ने मेवालाल प्रजापति केस का हवाला देते हुए कहा कि उप्र एफएसएल निदेशक ने बताया है कि ज्यादातर लैब में स्टाफ की कमी है। साथ ही हाई-एंड मशीन नहीं हैं। डीएनए प्रोफाइल नहीं बन पा रहे हैं। कोर्ट ने कहा पुरानी मशीन और अधूरी व्यवस्था के लिए सिर्फ राज्य सरकार जिम्मेदार है।
ईंधन की खपत कम करने और संसाधनों के कुशल उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रयागराज स्थित प्रधान पीठ और लखनऊ खंडपीठ के लिए कई मितव्ययिता उपाय लागू किए हैं।ये कदम भारत के मुख्य न्यायाधीश के पत्र और केंद्र सरकार के कार्यालय ज्ञापन के अनुरूप उठाए गए हैं। नई व्यवस्था के तहत रजिस्ट्री अधिकारियों को कार-पूलिंग अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया है। साथ ही सभी श्रेणी के कर्मचारियों से भी वाहन साझा करने और जहां संभव हो, सार्वजनिक परिवहन का अधिकतम उपयोग करने को कहा गया है। वीडियो कांफ्रेंसिंग से सुनवाई हाईकोर्ट ने प्रयागराज और लखनऊ पीठ के सदस्यों वाली समितियों की बैठकों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित करने का निर्णय लिया है, ताकि अनावश्यक यात्रा और खर्च को कम किया जा सके। अदालत ने हाइब्रिड मोड में सुनवाई को भी बढ़ावा दिया है। न्यायाधीशों के विवेक पर मामलों की सुनवाई ऑनलाइन और भौतिक उपस्थिति के मिश्रित स्वरूप में की जा सकेगी। अधिवक्ताओं से भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अधिकाधिक पेश होने का आग्रह किया गया है। हाइब्रिड व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए हाईकोर्ट ने एक समर्पित ईमेल आईडी और कम से कम दो हेल्पलाइन नंबर शुरू करने का निर्देश दिया है, ताकि अधिवक्ताओं और अन्य हितधारकों को तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
अंबाला-दिल्ली नेशनल हाईवे पर दुखेड़ी मोड़ के पास वीरवार देर शाम को एक चलती कार में अचानक आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में पूरी कार जलकर खाक हो गई। हादसे के कारण हाईवे पर करीब 5 किलोमीटर लंबा जाम लग गया। जाम के चलते दमकल विभाग की गाड़ी को मौके पर पहुंचने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। बोनट से धुआं निकलते ही संभले चालकअंबाला कैंट निवासी श्याम सिंह अपनी आई-20 कार से करनाल से अंबाला कैंट लौट रहे थे। उनके साथ चालक भी मौजूद था। रास्ते में अचानक कार के बोनट से धुआं निकलने लगा। स्थिति भांपते हुए दोनों तुरंत कार से बाहर निकल आए। पहले उन्होंने खुद ही आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग तेजी से फैल गई और कार को पूरी तरह चपेट में ले लिया। कुछ ही मिनटों में कार बनी आग का गोलादेखते ही देखते कार से ऊंची-ऊंची लपटें उठने लगीं। आग इतनी भयंकर थी कि आसपास खड़े लोग भी सहम गए। कुछ ही देर में पूरी कार धू-धू कर जलने लगी। राहगीरों ने तुरंत इसकी सूचना दमकल विभाग को दी। फ्लाईओवर निर्माण बना जाम का कारणहादसे के समय फ्लाईओवर निर्माण कार्य के चलते सर्विस लेन पर पहले से ही वाहनों की लंबी कतार लगी हुई थी। कार में आग लगने के बाद यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया और जाम करीब 5 किलोमीटर तक फैल गया। दमकल की गाड़ी को भी जाम के कारण गलत दिशा से होकर मौके पर पहुंचना पड़ा। दमकल टीम ने पाया आग पर काबूकड़ी मशक्कत के बाद दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। हालांकि तब तक कार पूरी तरह जल चुकी थी। गनीमत यह रही कि समय रहते कार सवार बाहर निकल गए, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई।
जयपुर साउथ पुलिस ने सोडाला थाना क्षेत्र में हुई सनसनीखेज चेन स्नैचिंग और लूट की वारदात के हुए मुख्य आरोपी सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। मंदिर से लौट रही बुजुर्ग महिला को सड़क पर पटककर 17 सेकंड में 4.23 लाख रुपये के सोने के आभूषण लूटने वाले आरोपी को मध्यप्रदेश के मुरैना जिले से गिरफ्तार किया गया, जबकि लूट का माल खरीदने वाले दो ज्वेलर्स को भी पुलिस ने दबोच लिया है। पुलिस को उम्मीद है कि आरोपी से पूछताछ में अन्य वारदातों के भी खुलासे होंगे। डीसीपी साउथ राजर्षि राज ने बताया कि पुलिस ने करीब 500 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के बाद आरोपी की पहचान अनिकेश रावत (21) पुत्र हरिज्ञान रावत के रूप में हुई। अनिकेश मूल रूप से मुरैना (मध्यप्रदेश) का निवासी है और वर्तमान में गंगाविहार कॉलोनी, सुशीलपुरा, सोडाला में किराए पर रह रहा था। मुरैना में छत से कूदकर भागने की कोशिश डीसीपी साउथ ने बताया कि आरोपी की लोकेशन मिलने पर पुलिस टीम मध्यप्रदेश के सबलगढ़ पहुंची। देर रात गुप्त सूचना के आधार पर आरोपी के घर दबिश दी गई। पुलिस को देखकर अनिकेश छत से कूदकर भागने लगा, लेकिन गिरने से उसके हाथ-पैर और शरीर पर चोटें आ गईं। इसके बावजूद पुलिस टीम ने पीछा कर उसे पकड़ लिया। जिसके बाद जयपुर लाकर की गई पूछताछ में आरोपी ने वारदात कबूल कर ली। जुए के कर्ज ने बनाया लुटेरा पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह जयपुर में किराए का कमरा लेकर रह रहा था और इधर-उधर घूमकर रेकी करता था। इसी दौरान वह जुए-सट्टे में भी शामिल हो गया, जिससे उस पर कर्ज चढ़ गया। कर्ज चुकाने के लिए उसने अपनी मोटरसाइकिल तक गिरवी रख दी थी। 2 जून को भी वह सुबह घर से निकलकर सोडाला और सुशीलपुरा क्षेत्र में घूमता रहा। रास्ते में हनुमान मंदिर में करीब दो घंटे तक रुका और पूजा-पाठ किया। इसके बाद शिकार की तलाश में निकल पड़ा। सुनसान रास्ते पर अकेली बुजुर्ग महिला को देखकर उसने वारदात को अंजाम दे दिया। गोपाल ज्वेलर्स को बेचा था लूटा गया माल पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि उसने लूटे गए सोने के आभूषण मानसरोवर स्थित गोपाल ज्वेलर्स में बेच दिए थे। इस सूचना के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो खरीदारों को गिरफ्तार किया। दोनों आरोपियों की पहचान महेश चंद्र गुप्ता (61 वर्ष) निवासी वीटी रोड और राजेंद्र अग्रवाल (63 वर्ष) निवासी हीरापथ, मानसरोवर के रूप में हुई है। पुलिस लूटे गए आभूषणों की बरामदगी के प्रयास कर रही है। पहले भी कर चुका है चेन स्नैचिंग जांच में सामने आया है कि आरोपी अनिकेश रावत 24 अप्रैल को महेश नगर क्षेत्र के रामनगर विस्तार में भी एक महिला से मकान पूछने के बहाने सोने की चेन लूट चुका है। उस मामले में भी पुलिस जांच कर रही है। मंदिर से लौट रही महिला को बनाया था निशाना आरोपी ने बुजुर्ग महिला से घर के बाहर ही लूट की वारदात को अंजाम दिया था। संतोष अग्रवाल दोपहर करीब 12:40 बजे मंदिर से घर लौट रही थीं। श्याम सदन अपार्टमेंट, गुलाबी नगर, सोडाला के बाहर एक युवक काफी देर से उनका पीछा कर रहा था। मौका मिलते ही उसने पीछे से झपट्टा मारकर बुजुर्ग महिला को सड़क पर गिरा दिया और मारपीट करते हुए उनके कानों के टॉप्स तथा सोने की चेन लूटकर फरार हो गया। वारदात के दौरान एक ऑटो भी उसके पीछे चलता दिखाई दिया।
रामपुर में सरयू यमुना एक्सप्रेस में यात्रा कर रही एक गर्भवती महिला ने बच्ची को जन्म दिया। पंजाब से बिहार लौट रही महिला को प्रसव पीड़ा हुई, जिसके बाद सहयात्रियों की सूचना पर जीआरपी रामपुर और मेडिकल टीम ने त्वरित कार्रवाई की। मां और नवजात को सुरक्षित जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां दोनों स्वस्थ हैं और भर्ती हैं। पूर्वी चंपारण (बिहार) निवासी पिंकी, जो मंजीत साहनी की पत्नी हैं, ट्रेन संख्या 14650 सरयू यमुना एक्सप्रेस के जनरल कोच में सफर कर रही थीं। वह अपनी मां से मिलकर पंजाब से बिहार लौट रही थीं। गुरुवार तड़के करीब दो बजे उन्हें अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। सहयात्रियों ने इसकी सूचना रेलवे कंट्रोल को दी, जिसके बाद जीआरपी रामपुर और रेलवे प्रशासन तुरंत सक्रिय हो गए। ट्रेन के रामपुर रेलवे स्टेशन पहुंचने पर जीआरपी टीम, एंबुलेंस और मेडिकल स्टाफ प्लेटफॉर्म संख्या 2/3 पर मौजूद थे। महिला आरक्षियों और सहयात्री महिलाओं की मदद से पिंकी को सुरक्षित ट्रेन से उतारा गया। इसी दौरान उन्होंने एक बच्ची को जन्म दिया। प्राथमिक उपचार के बाद मां और नवजात को जिला अस्पताल भेजा गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। पिंकी पहले से तीन बेटियों की मां हैं। उनकी बड़ी बेटी रूपा कुमारी 10 वर्ष, दूसरी बेटी खुशी 6 वर्ष और तीसरी बेटी गोलू कुमारी 2 वर्ष की है। ट्रेन में जन्मी नवजात उनकी चौथी संतान है। पिंकी के पति मंजीत साहनी बिहार में ट्रक चालक हैं। पत्नी के प्रसव और अस्पताल में भर्ती होने की सूचना मिलने पर वह रामपुर के लिए रवाना हो गए हैं। जीआरपी इंस्पेक्टर लईक अहमद ने बताया कि समय पर सूचना मिलने और त्वरित कार्रवाई के कारण मां और बच्ची दोनों सुरक्षित हैं। यात्रियों ने भी जीआरपी और मेडिकल टीम की तत्परता की सराहना की। पिंकी ने भी सभी मददगारों का आभार व्यक्त किया, जिनकी सहायता से ट्रेन में सुरक्षित प्रसव संभव हो पाया।
राजधानी में स्वास्थ्य व्यवस्था को झकझोर देने वाला एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत सरकारी अस्पतालों में तैनात 9 तथाकथित डॉक्टर फर्जी दस्तावेजों के सहारे नौकरी करते पकड़े गए हैं। इनमें तीन महिलाएं भी शामिल हैं। चूनाभट्टी थाना पुलिस ने गुरुवार को सभी आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी की धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।मामले की शुरुआत एनएचएम कार्यालय से मिली शिकायत से हुई, जिसमें नियुक्त डॉक्टरों के दस्तावेजों पर संदेह जताया गया था। प्राथमिक जांच में ही सामने आ गया कि कुछ आवेदकों ने मध्यप्रदेश मेडिकल काउंसिल के फर्जी रजिस्ट्रेशन नंबर और एमबीबीएस की नकली डिग्रियां लगाकर चयन प्रक्रिया को पार कर लिया। सत्यापन में खुली पोल एनएचएम में डॉक्टरों की भर्ती के लिए तय प्रक्रिया के तहत ऑनलाइन आवेदन, दस्तावेज सत्यापन और इंटरव्यू के बाद नियुक्तियां दी जाती हैं। जनवरी 2026 से अब तक 81 डॉक्टरों की भर्ती की गई थी। गहन जांच में 9 डॉक्टरों के दस्तावेज संदिग्ध पाए गए। जब मेडिकल काउंसिल से मिलान कराया गया तो पता चला कि दिए गए रजिस्ट्रेशन नंबर असल में अन्य डॉक्टरों के नाम पर दर्ज हैं। दूसरों के नाम पर बनी डिग्री जांच एजेंसियों को यह भी पता चला कि आरोपियों ने असली डॉक्टरों के दस्तावेजों की कॉपी हासिल कर उन्हें एडिट कर अपने नाम से फर्जी प्रमाण-पत्र तैयार किए थे। इसी आधार पर वे सरकारी अस्पतालों में मरीजों का इलाज भी कर रहे थे। जनवरी से मई तक करते रहे नौकरी पुलिस के मुताबिक, ये सभी आरोपी करीब पांच महीने तक अलग-अलग सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में कार्यरत रहे। इस दौरान उन्होंने वेतन भी लिया और चिकित्सकीय सेवाएं भी दीं, जिससे मरीजों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इनके खिलाफ दर्ज हुआ केसपुलिस ने डॉ. आकाश चंदेलकर, डॉ. मोहर सिंह, डॉ. कमल किशोर, डॉ. मोनिका, डॉ. हारून, डॉ. शांति, डॉ. सोनम, डॉ. बुद्धमान और डॉ. पवन को आरोपी बनाया है। जांच का दायरा बढ़ाचूनाभट्टी थाना पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इस फर्जीवाड़े में कोई संगठित गिरोह या अंदरूनी मिलीभगत तो शामिल नहीं है। साथ ही, भर्ती प्रक्रिया में लापरवाही या जानबूझकर की गई अनदेखी की भी पड़ताल की जा रही है। ये खबर भी पढ़ें… फर्जी डॉक्टर्स मामला, भोपाल एनएचएम आईटी असिस्टेंट गिरफ्तार दमोह के फर्जी एमबीबीएस डिग्री मामले में पुलिस ने पांचवीं गिरफ्तारी की है। इस बार भोपाल के एनएचएम (NHM) ऑफिस में काम करने वाले एक आईटी असिस्टेंट को पकड़ा गया है। वहीं, फर्जी डिग्री पर डॉक्टरी कर रहे तीन लोगों को रिमांड खत्म होने के बाद मंगलवार को जेल भेज दिया गया है।पूरी खबर पढ़ें
ग्वालियर में 80 लाख रुपए कीमत के 64 तोला सोने के जेवर हड़पकर फरार हुए ज्वेलर्स और उसके भाई को कोतवाली थाना पुलिस ने मेरठ से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से धोखाधड़ी कर हड़पे गए सभी जेवर भी बरामद कर लिए हैं। इस कार्रवाई के बाद पीड़ित परिवार ने राहत की सांस ली है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान वैष्णो ज्वेलर्स के संचालक सचिन सोनी और उसके भाई नितिन सोनी के रूप में हुई है। दोनों पर हॉलमार्किंग के नाम पर ग्राहक के करोड़ों के विश्वास को तोड़कर लाखों के जेवर हड़पने के आरोप में धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया था। ज्वेलर्स भाइयों को पुलिस कर रही थी तलाश दरअसल, महाराजपुरा भिंड रोड निवासी 39 वर्षीय मानसिंह गुर्जर ने अपने बेटे की शादी के लिए 16 फरवरी 2026 को डीडी नगर स्थित वैष्णो ज्वेलर्स से करीब 64 तोला सोने के जेवर खरीदे थे। इनमें हवेल, करधोनी, चोकर हार, चूड़ियां, हथफूल, मंगलसूत्र, चैन, झुमके, बाजूबंद, माथे का बैदा, नथनी और अंगूठियां शामिल थीं। शादी नजदीक होने का हवाला देते हुए ज्वेलर्स संचालक सचिन सोनी ने बिना बिल और बिना हॉलमार्क के जेवर दे दिए थे। साथ ही भरोसा दिलाया था कि बाद में हॉलमार्किंग कराकर बिल उपलब्ध करा दिया जाएगा। ठग ज्वेलर्स ने जेवर बेचते समय हॉलमार्क करने का किया था वादा शादी के बाद 25 मई को मानसिंह गुर्जर अपने परिजनों के साथ सराफा बाजार स्थित अमोला हॉलमार्क सेंटर पहुंचे, जहां सचिन सोनी उन्हें लेकर गया था। वहां सर्वर बंद होने की बात कहकर जेवर जमा करा लिए गए और एक कच्ची पर्ची दे दी गई। पीड़ित को तीन-चार दिन बाद जेवर लेने के लिए कहा गया। जेवर जमा करते ही लेकर हुए थे फरार 29 मई को जब मानसिंह गुर्जर हॉलमार्क सेंटर पहुंचे तो कर्मचारियों ने बताया कि जिस दिन जेवर जमा हुए थे, उसी दिन करीब एक घंटे बाद सचिन सोनी सभी जेवर वापस लेकर चला गया था। यह सुनते ही पीड़ित के होश उड़ गए। काफी तलाश के बाद भी आरोपी का कोई पता नहीं चला तो मामले की शिकायत पुलिस से की गई। शिकायत मिलते ही पुलिस ने जांच शुरू की। हॉलमार्क सेंटर के कर्मचारियों के बयान, दस्तावेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की तलाश की गई। जांच के दौरान पता चला कि सचिन सोनी अपने भाई नितिन सोनी के साथ मेरठ में छिपा हुआ है। दोनों मेरठ से अपनी क्रमांक MP07 ZV 0216 में सवार होकर ऋषिकेश भागने की तैयारी कर रहे थे तभी पुलिस टीम ने घेराबंदी कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस और भी वारदातों के बारे में कर रही पूछताछ पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 80 लाख रुपए कीमत के 64 तोला सोने के जेवर भी बरामद कर लिए हैं। फिलहाल दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और पुलिस यह भी पता लगा रही है कि उन्होंने इस तरह की अन्य वारदातों को भी अंजाम दिया है या नहीं। इस मामले में कोतवाली थाना प्रभारी मोहिनी वर्मा ने बताया कि बीते दिनों एक व्यक्ति से हॉलमार्क करने के नाम पर 80 लख रुपए के 64 तोला सोने के जेवर हड़प कर फरार हुए ज्वेलर्स और उसके भाई को मेरठ से गिरफ्तार कर लिया है। उनसे पीड़ित से हड़पे गए सोने की जेवर बरामद कर लिए है। फिलहाल दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनसे पूछताछ की जा रही है।
हरियाणा : हांसी शहर पाइपलाइन जल्द शुरू करने और 24 घंटे पेयजल आपूर्ति की मांग, धरना समिति ने रखी मांग
धरना समिति के सदस्य अनूप चानौट ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उनकी मुख्य मांग क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति को लेकर है।
हरदोई की पॉक्सो कोर्ट ने नौ साल पुराने दुष्कर्म के एक मामले में आरोपी को दोषी करार देते हुए सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट) मनमोहन सिंह की अदालत ने आरोपी रामजी पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अदालत ने आदेश दिया है कि जुर्माने की राशि में से 10 हजार रुपये पीड़िता को आर्थिक क्षतिपूर्ति के रूप में दिए जाएंगे। जुर्माना जमा न करने की स्थिति में दोषी को तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। 2017 में दर्ज हुआ था मुकदमा अभियोजन पक्ष के अनुसार, अरवल थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी ने जून 2017 में अपनी नाबालिग बेटी के अपहरण और दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप था कि 8 जून 2017 की रात आरोपी रामजी किशोरी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। मामले की सुनवाई के दौरान पीड़िता ने अदालत को बताया कि आरोपी उसे अपने बहन के गांव निजामपुर ले गया, जहां उसके साथ दुष्कर्म किया गया। कई स्थानों पर बंधक बनाकर रखने का आरोप अभियोजन के मुताबिक, वारदात के बाद आरोपी किशोरी को करीब 15 दिनों तक फरीदाबाद और बाद में हरदोई शहर के आजाद नगर मोहल्ले में डेढ़ महीने तक अपने कब्जे में रखे रहा। इस दौरान आरोपी द्वारा जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया। पुलिस ने 24 जुलाई 2017 को किशोरी को सकुशल बरामद कर लिया था। प्रेम प्रसंग और शादी की दलील कोर्ट ने खारिज की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने प्रेम संबंध और सहमति से विवाह की दलील पेश करने का प्रयास किया। हालांकि अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर इस तर्क को स्वीकार नहीं किया। न्यायालय ने अपने फैसले में कहा कि आरोपी का पीड़िता के गांव में आना-जाना था और वह परिवार से परिचित था। घटना के समय पीड़िता की उम्र 16 वर्ष 4 माह थी अदालत ने शैक्षणिक अभिलेखों और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर माना कि घटना के समय पीड़िता की आयु 16 वर्ष 4 माह थी। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि कानून के अनुसार नाबालिग की सहमति का कोई विधिक महत्व नहीं होता। सभी साक्ष्यों और गवाहों के बयानों का परीक्षण करने के बाद अदालत ने आरोपी रामजी को दोषी ठहराते हुए सात वर्ष के कठोर कारावास और आर्थिक दंड की सजा सुनाई।
हजारीबाग में संदिग्ध परिस्थितियों में मिला युवक का शव, परिजनों ने सड़क पर किया प्रदर्शन
झारखंड के हजारीबाग में युवक का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने हत्या की आशंका जताते हुए शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन किया
मुजफ्फरनगर में सिखेड़ा थाना पुलिस और एक शातिर इनामी बदमाश के बीच देर रात हुई मुठभेड़ में पुलिस को बड़ी सफलता मिली। करीब चार साल से पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ 15 हजार रुपये का इनामी बदमाश अंकित उर्फ नेता पुलिस की गोली लगने से घायल हो गया। घायल होने के बाद जो बदमाश कुछ देर पहले पुलिस पर फायरिंग कर रहा था, वही पुलिस अधिकारियों के सामने हाथ जोड़कर और कान पकड़कर माफी मांगता नजर आया। जानकारी के अनुसार सिखेड़ा पुलिस को देर रात एक सटीक सूचना मिली थी कि भंडूरा गांव निवासी शातिर बदमाश अंकित उर्फ नेता क्षेत्र में मौजूद है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम सिखेड़ा से भिक्की गांव की ओर पहुंची और एक ट्यूबवेल के पास घेराबंदी शुरू कर दी। पुलिस को देखते ही बदमाश ने फायर झोंक दिया। अचानक हुई फायरिंग में पुलिस टीम बाल-बाल बच गई। इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें एक गोली अंकित के पैर में जा लगी। गोली लगते ही उसका सारा रौब खत्म हो गया। घायल होने के बाद बदमाश मौके पर ही हाथ जोड़कर रहम की भीख मांगने लगा और भविष्य में अपराध न करने की कसमें खाने लगा। मौके पर पहुंचे सीओ नई मंडी राजू कुमार साव के सामने भी उसने माफी मांगी। सीओ ने बताया कि गिरफ्तार किया गया आरोपी बेहद शातिर किस्म का अपराधी है। वह वारदात को अंजाम देने के बाद पंजाब में जाकर छिप जाता था और फिर मौका मिलने पर वापस आकर चोरी व अन्य आपराधिक घटनाओं को अंजाम देता था। पुलिस के अनुसार अब तक उसके खिलाफ तीन मुकदमे सामने आए हैं, जबकि उसके आपराधिक इतिहास की और जानकारी जुटाई जा रही है। आरोपी पर 15 हजार रुपये का इनाम घोषित था और पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश कर रही थी। मुठभेड़ के बाद पुलिस ने उसके कब्जे से एक तमंचा, कारतूस और खोखा बरामद किया है। घायल बदमाश को उपचार के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया है। कार्रवाई के दौरान सिखेड़ा थाना प्रभारी विजय कुमार, क्राइम इंस्पेक्टर लोकेन्द्र सिंह, भंडूर चौकी प्रभारी फरीद अहमद, कांस्टेबल अमित, सूरज और अन्य पुलिसकर्मी मौजूद रहे।
मुजफ्फरपुर अस्पताल अग्निकांड पर रामकृपाल यादव ने जताया दुख, बोले- दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई
बिहार के मुजफ्फरपुर स्थित एक निजी अस्पताल के आईसीयू में लगी भीषण आग की घटना पर मंत्री रामकृपाल यादव ने गहरा दुख व्यक्त किया
मेरठ के चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड की सुनवाई गुरुवार को जिला जज अरविंद कुमार मिश्र की अदालत में जारी रही। अभियोजन पक्ष ने घटना से जुड़े महत्वपूर्ण गवाहों के बयान और साक्ष्यों को क्रमवार अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया। अदालत में हत्या की साजिश से लेकर शव को ठिकाने लगाने तक की पूरी घटनाक्रम श्रृंखला पर विस्तार से बहस की गई। अभियोजन की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) केके चौबे ने पक्ष रखते हुए अदालत को मामले से जुड़े विभिन्न गवाहों के बयान पढ़कर सुनाए। सुनवाई के दौरान मृतक सौरभ राजपूत की मां रेनू राजपूत के बयान पर विशेष रूप से चर्चा हुई। इसके अलावा सौरभ के करीबी मित्र द्वारा दिए गए बयान भी अदालत में प्रस्तुत किए गए, जिन्हें अभियोजन ने मामले की महत्वपूर्ण कड़ी बताया। सुनवाई के दौरान उस व्यक्ति का बयान भी अदालत के समक्ष रखा गया, जिससे आरोपियों ने कथित तौर पर ड्रम खरीदा था। अभियोजन का दावा है कि इसी ड्रम का इस्तेमाल हत्या के बाद शव को छिपाने के लिए किया गया था। अदालत में प्रस्तुत तथ्यों और बयानों के माध्यम से अभियोजन पक्ष ने पूरे घटनाक्रम को सिलसिलेवार ढंग से रखने का प्रयास किया। करीब एक घंटे चली सुनवाई के बाद अदालत ने मामले की अगली सुनवाई शुक्रवार के लिए निर्धारित कर दी। बताया जा रहा है कि मुकदमे में बहस अंतिम चरण में पहुंच चुकी है और जल्द ही सुनवाई पूरी होने की संभावना है। गौरतलब है कि ब्रह्मपुरी क्षेत्र निवासी मुस्कान रस्तोगी और सौरभ राजपूत ने वर्ष 2016 में प्रेम विवाह किया था। बाद में पारिवारिक जीवन के दौरान मुस्कान की नजदीकियां उसके परिचित साहिल से बढ़ गईं। आरोप है कि दोनों ने मिलकर सौरभ की हत्या की साजिश रची। हत्या के बाद शव के टुकड़े कर ड्रम में भर दिए गए। इसके बाद ड्रम को सीमेंट से सील कर साक्ष्य मिटाने का प्रयास किया गया। मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस ने मुस्कान और साहिल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। दोनों आरोपियों की अदालत में पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कराई जा रही है। लगातार चल रही सुनवाई के बीच माना जा रहा है कि इस बहुचर्चित मामले में अदालत का फैसला जल्द सामने आ सकता है, जिस पर पूरे जिले की नजरें टिकी हुई हैं।
बेटों को दुष्कर्म केस में फंसाने की धमकी:कानपुर में दुकान पर कब्जे का प्रयास, 13 लोगों पर मुकदमा
कानपुर के सचेण्डी थाना क्षेत्र में दुकान पर कब्जा करने की कोशिश, रंगदारी मांगने और दुष्कर्म के झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देने का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने सात नामजद समेत 13 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़ित का आरोप बेटों को फर्जी केस में फंसाने की धमकी दी उदयपुर निवासी गोपाल साहू ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि सीढ़ी इटारा बाजार स्थित उनकी दुकान को लेकर कुछ लोग लगातार विवाद खड़ा कर रहे हैं। आरोप है कि 21 मई को बहना तिवारी, उनकी मां, राजेन्द्र सिंह, गुड्डू तिवारी, सूर्यभान सिंह, पवन तिवारी, हरि बाजपेई समेत पांच-छह अन्य लोग उनकी दुकान पर पहुंचे और दुकान का ताला तोड़कर कब्जा करने का प्रयास करने लगे। पीड़ित के अनुसार शिकायत के बावजूद आरोपियों के हौसले बुलंद रहे और 23 मई को दोबारा दुकान का ताला तोड़ने का प्रयास किया गया। इस दौरान विरोध करने पर उनके साथ मारपीट भी की गई। उन्होंने बताया कि लगातार हो रही घटनाओं से उनका परिवार दहशत में है। गोपाल साहू का आरोप है कि 26 मई को आरोपियों ने दुकान पर अपना ताला डालकर कब्जा करने की कोशिश की। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने हस्तक्षेप करते हुए ताला हटवाया और स्थिति को नियंत्रित किया। पीड़ित ने आरोप लगाया कि 1 जून को आरोपियों ने उनसे हर माह 2500 रुपये रंगदारी की मांग की। रुपये देने से इंकार करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई। आरोप है कि बहना तिवारी ने उनसे तीन लाख रुपये की मांग करते हुए कहा कि रकम नहीं देने पर उन्हें और उनके बेटों आशीष,विकास और अमित को दुष्कर्म के झूठे मुकदमे में फंसा दिया जाएगा।लगातार मिल रही धमकियों और कब्जे के प्रयासों से परेशान होकर पीड़ित ने एक बार फिर पुलिस की शरण ली। एसीपी पनकी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि पीड़ित की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पूरे प्रकरण की गहनता से जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे।
लखनऊ के उत्तर प्रदेश विधान भवन में बुधवार को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग से संबंधित एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजातियों एवं विमुक्त जातियों संबंधी संयुक्त समिति की यह बैठक सभापति दीनानाथ भास्कर की अध्यक्षता में हुई, जिसमें विभागीय योजनाओं और जनकल्याण के विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में घाटमपुर विधायक सरोज कुरील ने अपने विधानसभा क्षेत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए। उन्होंने खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने की मांग करते हुए पात्र लाभार्थियों को समय पर और पारदर्शी तरीके से राशन उपलब्ध कराने पर जोर दिया। विधायक ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली में अनियमितताओं को रोकने और जरूरतमंदों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए एक मजबूत निगरानी तंत्र विकसित करने का सुझाव भी दिया। इसके अतिरिक्त, विधायक सरोज कुरील ने क्षेत्र में औषधियों की उपलब्धता, उनकी गुणवत्ता और सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर दवाओं की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि आम जनता को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए, ताकि गरीब और जरूरतमंद वर्ग को समय पर उपचार मिल सके। बैठक में समिति के अन्य सदस्यगण और प्रदेश स्तरीय विभागीय अधिकारी भी उपस्थित रहे। इस दौरान विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई और जनहित से जुड़े विभिन्न विषयों पर गंभीरता से विचार-विमर्श हुआ, जिसका उद्देश्य समाज के वंचित और जरूरतमंद वर्गों को योजनाओं का अधिकतम लाभ सुनिश्चित कराना था।
गुरुवार को प्रयागराज नगर निगम परिसर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जन्मदिन की पूर्व संध्या पर एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। मेयर गणेश केसरवानी के नेतृत्व में हुए इस आयोजन में पौधरोपण किया गया और मुख्यमंत्री के स्वस्थ व दीर्घायु जीवन की कामना करते हुए केक भी काटा गया। इस अवसर पर नगर निगम के पार्षद, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्यमंत्री के उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना के साथ हुई गोष्ठी से हुई। वक्ताओं ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में हुए विकास कार्यों, सुशासन और पर्यावरण संरक्षण अभियानों पर प्रकाश डाला। इसके बाद मेयर गणेश केसरवानी और पार्षदों ने सामूहिक रूप से नगर निगम परिसर में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस अवसर पर मेयर गणेश केसरवानी ने मां के नाम एक वृक्ष अभियान को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपनी मां के सम्मान में कम से कम एक पौधा लगाकर उसके संरक्षण का संकल्प लेना चाहिए। मेयर ने बढ़ते प्रदूषण और पर्यावरणीय चुनौतियों के बीच पौधरोपण को सबसे प्रभावी उपाय बताते हुए इसे जन आंदोलन बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। पौधरोपण कार्यक्रम के समापन के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जन्मदिन की पूर्व संध्या पर केक काटा गया। मेयर और पार्षदों ने एक-दूसरे को केक खिलाकर मुख्यमंत्री के प्रति सम्मान व्यक्त किया और उनके निरंतर जनसेवा के लिए शुभकामनाएं दीं। मेयर ने कार्यक्रम के दौरान पार्षदों को पांच-पांच पौधे भी वितरित किए। उन्होंने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर अपने-अपने वार्डों में व्यापक पौधरोपण अभियान चलाने की अपील की। उपस्थित पार्षदों और जनप्रतिनिधियों ने भी पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने का संकल्प लिया। नगर निगम परिसर में आयोजित यह कार्यक्रम पर्यावरण संरक्षण, जनभागीदारी और मुख्यमंत्री के प्रति सम्मान का प्रतीक बना।
फरीदाबाद-जेवर ग्रीन हाईवे परियोजना पर बड़ा हादसा, भारी मशीन गिरने से कई मजदूरों के दबे होने की आशंका
फरीदाबाद से जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट को जोड़ने वाले निर्माणाधीन ग्रीन हाईवे प्रोजेक्ट पर बड़ा हादसा हो गया। निर्माण कार्य के दौरान एक भारी मशीन अचानक गिर गई
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में उच्च शिक्षा की आवश्यकता के अनुसार नए महाविद्यालय प्रारंभ किए जाएं। जिन सघन आबादी वाले क्षेत्रों में महाविद्यालय संचालित हैं, वहां विद्यार्थी संख्या बढ़ने पर शिफ्ट व्यवस्था लागू कर शैक्षणिक सुविधा देने पर विचार किया जाए। इसके साथ ही राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (नैक) की तर्ज पर राज्य परिषद अर्थात सैक के गठन की कार्यवाही प्रारंभ की जाए। उन्होंने कहा कि रोजगार परक पाठ्यक्रमों पर फोकस किया जाए। मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि आने वाला वर्ष युवा वर्ष होगा, इस नाते अन्य संबंधित विभागों के साथ विद्यार्थियों के हित में नए कार्यक्रमों और प्रकल्पों को लागू करने की तैयारी भी की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उच्च शिक्षा विभाग के कामों की समीक्षा करते हुए प्रदेश में कृषि के स्नातक पाठ्क्रम की व्यवस्था सुनिश्चित कर इस विषय को लोकप्रिय बनाने के प्रयासों पर खुशी जताई है। उन्होंने कृषि पाठ्यक्रम से प्रदेश के लगभग 20 हजार से अधिक विद्यार्थियों को जोड़ने की सफलता के लिए उच्च शिक्षा विभाग को बधाई भी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि छिन्दवाड़ा के राजा शंकर शाह विश्वविद्यालय में अच्छे विषयों का समावेश करें। इसके लिए राज्य सरकार आवश्यक आर्थिक सहयोग देगी। विशेष रूप से खाद्य प्रसंस्करण, आर्किटेक्चर और कृषि विज्ञान के कोर्स के लिए व्यवस्था की जाए। विद्यार्थियों की रूचि के अनुरूप नए पाठ्यक्रम प्रारंभ किए जाएं। प्रदेश में इंदौर, उज्जैन और चित्रकूट में तीन वर्षीय विमानन पाठ्यक्रम बीबीए प्रारंभ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उच्च शिक्षा में गुणवत्ता में निरंतर सुधार के कदम उठाए जाएं। पीएमश्री महाविद्यालयों में भी इस दिशा में ठोस प्रयास किए जाएं। अन्य सभी शासकीय महाविद्यालयों में भी शिक्षण और अन्य गतिविधियों का सुचारू संचालन होता रहे, इस पर ध्यान दिया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नए पाठ्यक्रमों को प्रारंभ करने की दिशा में हुए कार्यों की जानकारी प्राप्त की। बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश में इंदौर, उज्जैन और चित्रकूट में तीन वर्षीय विमानन पाठ्यक्रम बीबीए प्रारंभ किया गया है। प्रदेश की तीन अन्य उच्च शिक्षण संस्थाओं को भी नेशनल इन्स्टिट्यूशनल रैंकिंग फ्रेम वर्क (एनआईआर एफ) द्वारा श्रेष्ठ व्यवस्थाओं के लिए सराहा गया है। स्वयं पोर्टल पर उपलब्ध पाठ्यक्रमों में पंजीयन के कार्य में मध्यप्रदेश ने जुलाई 2025 में 3 लाख 52 हजार 931 पंजीयन कर देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। जुलाई 2026 के सेमेस्टर में यह संख्या 2 लाख 73 हजार 266 हो गई है। प्रदेश में गुना, खरगौन और सागर में नए विश्वविद्यालय और आगर मालवा में लॉ कॉलेज प्रारंभ किया गया। प्रदेश के 8 महाविद्यालयों में 28 विषयों में पीजी कक्षाएं प्रारंभ की गईं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रमुख निर्देश
मैहर जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र में ग्राम पहाड़ी के पास नेशनल हाईवे-30 पर गुरुवार देर रात एक तेज रफ्तार बोलेरो गाड़ी अचानक बेकाबू होकर सड़क किनारे गहरी खाई में जा गिरी। इस हादसे में एक 7 साल की बच्ची और ड्राइवर की मौत हो गई, जबकि आठ लोग घायल हैं। घायलों में से तीन की हालत गंभीर है। जानकारी के मुताबिक, अमरपाटन का रहने वाला एक परिवार अपने किसी रिश्तेदार को मैहर रेलवे स्टेशन छोड़ने गया था। वहां से सभी लोग बोलेरो गाड़ी से वापस अमरपाटन लौट रहे थे। इसी दौरान ग्राम पहाड़ी के पास ड्राइवर गाड़ी पर से अपना काबू खो बैठा। गाड़ी पलटते हुए गहरी खाई में जा गिरी, जिससे वह बुरी तरह टूट-फूट गई और उसमें सवार लोग अंदर ही फंस गए। हादसे में बच्ची और बुजुर्ग ड्राइवर की मौत खबर मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस और आस-पास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से सबको गाड़ी से बाहर निकाला और एम्बुलेंस से अस्पताल पहुंचाया। इस हादसे में अमरपाटन की रहने वाली 7 साल की बच्ची जुली पटेल और 70 साल के ड्राइवर भूपेन्द्र पटेल की मौत हो गई। गाड़ी में सवार आठ अन्य लोग घायल हैं। गाड़ी में सवार थे 10 से ज्यादा लोग बताया जा रहा है कि इस बोलेरो में 10 से ज्यादा लोग बैठे हुए थे। शुरुआती जांच में हादसे की वजह गाड़ी का बेकाबू होना सामने आया है। पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है। हादसे में घायल हुए आठ लोगों के नाम 25 साल की रीतू पटेल। 19 साल का हिमांशु पटेल, पिता मुन्नालाल पटेल। अमित दाहिया। सुभद्रा पटेल। कल्पना पटेल। बिन्नू दाहिया। सचेत पटेल। अमित दाहिया का 3 साल का बेटा वेदांत दाहिया। सभी निवासी अमरपाटन जिला मैहर है।
मोहाली में युवती का मर्डर:आरोपी से कुछ समय पहले हुआ था ब्रेकअप, ऑफिस पहुंचकर किया हमला, खुद भी गंभीर
मोहाली में एक प्राइवेट कंपनी में काम करने वाली युवती के मर्डर का मामला सामने आया है। आरोपी कोई और नहीं बल्कि उसका साथी है। मर्डर के बाद आरोपी ने खुद भी सुसाइड की कोशिश की, लेकिन वह कामयाब नहीं हो पाया। दोनों को गंभीर हालत में एक फोर्टिस अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां युवती की मौत हो गई। मृतका की पहचान डिंपल निवासी पटियाला के रूप में हुई। जबकि आरोपी हरविंदर मान उर्फ हैरी की हालत नाजुक बनी हुई है। पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही है। पुलिस ने मर्डर का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब तीन पॉइंट में जानिए सारा मामला तीन साल से दोस्ती, फिर हुआ ब्रेकअप पता चला है कि दोनों एक प्रावइेट कंपनी में काम करते थे। यह कंपनी पैकर्स एंड मूवर्स करती। करीब तीन साल से इकट्ठे काम कर रहे थे। इस दौरान दोनों में दोस्ती हुई, बात प्रेम तक पहुंच गई। हालांकि कुछ समय पहले दोनों का ब्रेक हो गया था। रिश्ता सुधारने की कोशिश, सफलता नहीं ब्रेकअप के बाद आरोपी काफी टूट गया था। वह मानसिक रूप से परेशान रहने लग पड़ा था। उसने डिंपल से दोबारा रिलेशन सुधारने की कोशिश की, लेकिन बात सिरे नहीं चढ़ पाई। ऐसे में वह काफी परेशान हो गया। आफिस पहुंचकर चाकू से किया हमला वीरवार देर शाम आरोपी कंपनी में पहुंचा, जहां पर आरोपी और मृतका में किसी बात को लेकर विवाद हो गया। इसी बीच उसने चाकू से डिंपल पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। इसे देखकर अन्य मुलाजिम भी डर गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को तुरंत फोर्टिस अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने डिंपल को मृत घोषित कर दिया, जबकि हरविंदर का उपचार जारी है। उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। पुलिस ने कहा पेरेंटस को किया सूचित मोहाली के थाना फेज-11 के एसएचओ अमन बैदवान ने बताया कि लड़की मौत हो गई। पेरेंटस को सूचना दी गई है। उनके आते ही बयान दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। 7:40 पर सूचना मिली, घटना स्थल सील एसएचओ ने बताया कि पुलिस को घटना की सूचना करीब 7:40 बजे मिली थी, जिसके बाद तुरंत टीम मौके पर भेजी गई। फॉरेंसिक टीम को बुलाया गया और सभी जरूरी साक्ष्य एकत्र किए गए हैं। परिसर से सीसीटीवी फुटेज भी जब्त कर जांच की जा रही है।”पुलिस और फॉरेंसिक टीम रात करीब 10 बजे तक मौके पर मौजूद रही और इलाके को सील कर दिया गया। पुलिस अभी तक हमले के पीछे के कारणों की पुष्टि नहीं कर पाई है और आरोपी व मृतका के रिश्ते की भी जांच की जा रही है।
मथुरा में एक युवक ने गुरुवार रात 9 बजे पत्नी की गोली मारकर हत्या कर दी। फिर खुद को भी गोली मारकर सुसाइड कर लिया। पति मिथुन (27) झांसी का रहने वाला था। जबकि पत्नी पुख्खन बढ़ई (23) मध्य प्रदेश के दतिया की रहने वाली थी। दोनों ने 5 साल पहले लव मैरिज की थी। पुलिस के अनुसार, महिला मथुरा में एक लड़की रागिनी के साथ किराए के मकान में रह रही थी। गुरुवार रात मिथुन उसे खोजते हुए पहुंचा। दोनों के बीच करीब 20 मिनट तक कहासुनी हुई। रागिनी ने भी समझाने का प्रयास किया। लेकिन दोनों नहीं माने। तभी मिथुन ने तमंचे से पुख्खन को गोली मार दी। इसके बाद अपने सिर पर गोली मारकर जान दे दी। घटना सूर्यलोक कॉलोनी की है। गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास के लोग घरों से बाहर निकल आए। सूचना मिलने पर थाना हाईवे पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र को घेर लिया। दोनों के परिवारीजनों को सूचना दी गई है। SP सिटी राजीव कुमार ने मौके पर पहुंचकर मकान मालिक से बात की। 2 तस्वीरें देखिए… लाश पड़ी थी, भाई का फोन आ रहा था मिथुन और पुख्खन की लाश मकान में सीढ़ियों के पास अगल-बगल पड़ी थीं। मिथुन का फोन भी उसकी बॉडी के पास था। उसमें उसके भाई की कॉल आ रही थी। पुलिस ने उससे बात की और घटनाक्रम की जानकारी दी। मकान मालिक बोले- हफ्ते भर पहले लड़की गोंडा से यहां रहने आई थीमकान मालिक खेमचंद शर्मा ने बताया– मैं परिवार के साथ 24 मई को अपने नए मकान में शिफ्ट हो गया था। 30 अप्रैल से पंकज शुक्ला मेरे मकान में किराए पर रह रहे थे। जिस महिला की यहां लाश पड़ी है, वह पंकज शुक्ला के स्पा सेंटर में काम करती थी। वह करीब एक हफ्ते पहले से यहां ग्राउंड फ्लोर पर रह रही थी। इससे पहले वह गोंडा में काम करती थी। आज ही उसका पति आया था और उसने वारदात को अंजाम दिया। एसपी बोले- फैमिली कोर्ट में चल रहा था विवाद एसपी सिटी राजीव कुमार ने बताया- पुख्खन पिछले 5-6 दिनों से सूर्य नगर कॉलोनी में रह रही थी, जबकि मिथुन आज ही यहां पहुंचा था। दोनों का विवाह लगभग पांच साल पहले हुआ था। काफी समय से दोनों के बीच आपसी विवाद चल रहा था। मिथुन के भाई से फोन पर हुई बातचीत में भी पारिवारिक विवाद और मामला कोर्ट में लंबित होने की जानकारी मिली है। पुलिस इसी विवाद को घटना का प्रमुख कारण मानकर जांच कर रही है। घटनास्थल पर फॉरेंसिक टीम को बुलाकर साक्ष्य जुटाए गए हैं। इस्तेमाल किए गए हथियार की जांच कराई जा रही है। परिजनों को सूचना दे दी गई है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। ………………………………यह खबर भी पढ़िएगेंद के बहाने घुसा, कारोबारी की पत्नी को मार डाला: सहारनपुर में दोस्त के साथ मिलकर की वारदात; पुलिस ने किया एनकाउंटर सहारनपुर में कारोबारी की पत्नी की हत्या पड़ोसी युवक ने अपने दोस्त के साथ मिलकर की थी। वह बॉल लेने के बहाने घर में घुसा और महिला का गला काट दिया। यहां पढ़ें पूरी खबर
कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर पुलिस ने साइबर अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल की है
पीलीभीत के जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में हुए 50 करोड़ रुपये से अधिक के घोटाले के मामले में एक महत्वपूर्ण कानूनी घटनाक्रम सामने आया है। जनपद एवं सत्र न्यायालय ने मुख्य आरोपी इल्हाम उर रहमान शम्सी की सास नाहिद, सलहज आफिया खान और परिचित आशकारा परवीन को जमानत दे दी है। ये तीनों महिलाएं लगभग एक महीने से जिला कारागार में बंद थीं। बृहस्पतिवार को जनपद एवं सत्र न्यायाधीश रवींद्र कुमार की अदालत में मामले की सुनवाई हुई। आरोपियों के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि इन महिलाओं को दुर्भावनापूर्ण तरीके से मामले में फंसाया गया है। उन्हें अपने बैंक खातों में हुए संदिग्ध वित्तीय लेनदेन की जानकारी नहीं थी। अधिवक्ता ने यह भी बताया कि वे मूल प्राथमिकी (FIR) में नामजद भी नहीं थीं, बल्कि जांच के दौरान सामने आए बयानों के आधार पर उनके नाम जोड़े गए। उन्होंने दलील दी कि मुख्य आरोपी इल्हाम को इलाहाबाद उच्च न्यायालय से पहले ही अंतरिम अग्रिम जमानत मिल चुकी है, इसलिए इन महिलाओं को भी इसी आधार पर जमानत का लाभ मिलना चाहिए। दूसरी ओर, राज्य सरकार के जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) ने जमानत अर्जी का कड़ा विरोध किया। उन्होंने कहा कि यह सरकारी धन के गबन का एक अत्यंत गंभीर और सुनियोजित मामला है। अधिवक्ता ने आरोप लगाया कि सरकारी राशि को कूट रचित तरीके से इन महिलाओं के खातों में भेजा गया था। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं और प्रथम सूचना रिपोर्ट के तथ्यों का अवलोकन किया। न्यायालय ने पाया कि आवेदिका नाहिद, आफिया और आशकारा मुख्य प्राथमिकी में नामजद नहीं थीं। न्यायिक अनुशासन और समानता के सिद्धांत को ध्यान में रखते हुए, न्यायालय ने तीनों महिलाओं की जमानत अर्जी मंजूर कर ली। अदालत ने आदेश दिया कि तीनों आवेदिकाओं को एक-एक लाख रुपये के व्यक्तिगत बंधपत्र और समान धनराशि के दो-दो प्रतिभू दाखिल करने पर जमानत पर तुरंत रिहा किया जाए।
महोबा पुलिस ने 'ऑपरेशन मुस्कान' के तहत तीन साल तीन महीने से लापता एक नाबालिग बच्चे को हरियाणा के पानीपत से सकुशल बरामद किया है। महोबकंठ और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू) की संयुक्त टीम ने यह सफलता हासिल की। महोबकंठ थाना क्षेत्र के रूरी कलां गांव निवासी खूबचंद्र पाल का 16 वर्षीय बेटा विपेंद्र उर्फ विपिन 16 मार्च 2023 को घर से लापता हो गया था। परिवार तब से उसकी तलाश कर रहा था। पुलिस अधीक्षक शशांक सिंह के निर्देश और अपर पुलिस अधीक्षक वंदना सिंह के नेतृत्व में जनपद में गुमशुदा बच्चों की तलाश के लिए 'ऑपरेशन मुस्कान' चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत महोबकंठ पुलिस और एएचटीयू की संयुक्त टीम विपिन की तलाश में जुटी थी। बच्चे के पास मोबाइल फोन न होने के कारण उसकी तलाश एक बड़ी चुनौती थी। सटीक मुखबिरी और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस को जानकारी मिली कि बालक हरियाणा के पानीपत में है। एएचटीयू प्रभारी निरीक्षक अवधेश कुमार मिश्र के नेतृत्व में एक टीम को तुरंत हरियाणा भेजा गया। पानीपत में गहन छानबीन के दौरान पता चला कि विपिन पिछले दो साल से एक फेरीवाले परिवार के साथ रह रहा था। पुलिस ने 3 जून 2026 को बालक को सकुशल बरामद कर लिया। पूछताछ में विपिन ने बताया कि वह अपनी मर्जी से घर से नाराज होकर आया था और अपनी इच्छा से उस परिवार के साथ रह रहा था। उसने यह भी बताया कि उसके साथ कोई दुर्व्यवहार नहीं हुआ।
हाईकोर्ट ने पिपरा घाट श्मशान सुधारने का आदेश दिया:कहा- सम्मानजनक अंतिम संस्कार मौलिक गरिमा का अधिकार
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने कैंट क्षेत्र स्थित पिपरा घाट श्मशान भूमि की दुर्दशा पर नाराजगी व्यक्त की है। कोर्ट ने श्मशान की बाउंड्री वॉल और अन्य जर्जर संरचनाओं की तत्काल मरम्मत कराने का आदेश दिया है। न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि किसी व्यक्ति की गरिमा केवल जीवनकाल तक सीमित नहीं रहती, बल्कि मृत्यु के बाद भी उसे सम्मानजनक अंतिम संस्कार मिलना उसका मौलिक अधिकार है। यह राज्य का दायित्व है कि प्रत्येक व्यक्ति को सम्मानजनक अंतिम संस्कार की व्यवस्था उपलब्ध हो। यह आदेश न्यायमूर्ति शेखर बी. सराफ और न्यायमूर्ति ए.के. चौधरी की खंडपीठ ने स्थानीय निवासी शिव गुप्ता की ओर से दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। कोर्ट ने टिप्पणी की कि श्मशान घाट जैसी सार्वजनिक सुविधाओं की उपेक्षा न केवल प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाती है, बल्कि यह मृतकों के सम्मान और उनके परिजनों की भावनाओं से भी जुड़ा एक संवेदनशील मुद्दा है। न्यायालय ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे तत्काल स्थल का निरीक्षण करें और आवश्यक मरम्मत तथा जीर्णोद्धार कार्य सुनिश्चित करें। कोर्ट ने यह भी कहा कि श्मशान घाटों की स्थिति ऐसी होनी चाहिए कि अंतिम संस्कार की प्रक्रिया गरिमा और सम्मान के साथ संपन्न हो सके। अदालत की इस टिप्पणी को मानव गरिमा और बुनियादी नागरिक सुविधाओं के संरक्षण के संदर्भ में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग ने रोबोटिक तकनीक की मदद से 11 साल के बच्चे की दुर्लभ और जटिल बीमारी का सफल इलाज कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। कानपुर के पडीलालपुर निवासी गौरव लंबे समय से ‘कोलेडोकल सिस्ट’ नामक जन्मजात बीमारी से पीड़ित था। कई अस्पतालों में इलाज के बाद भी राहत नहीं मिली तो परिजन उसे केजीएमयू लेकर पहुंचे। पित्त नलिका की गंभीर समस्या बनी थी चुनौतीजांच में पता चला कि गौरव की पित्त नलिका असामान्य रूप से फूल चुकी थी, जिससे भविष्य में गंभीर जटिलताओं का खतरा था। विशेषज्ञों ने बच्चे की स्थिति का आकलन करने के बाद रोबोटिक सर्जरी का निर्णय लिया, जिसे इस तरह के मामलों में अत्याधुनिक और सुरक्षित तकनीक माना जाता है। रोबोटिक तकनीक से हुआ जटिल ऑपरेशनपीडियाट्रिक सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ.जेडी रावत ने बताया कि 26 मई को रोबोटिक विधि से ऑपरेशन कर क्षतिग्रस्त पित्त नलिका को हटाया गया। साथ ही लिवर से आंत तक पित्त के प्रवाह के लिए नया मार्ग तैयार किया गया। रोबोटिक तकनीक की वजह से बेहद छोटे चीरे लगाने पड़े, जिससे ऑपरेशन के दौरान ब्लीडिंग और बाद में होने वाला दर्द काफी कम रहा। तेजी से स्वस्थ हुआ बच्चासर्जरी के बाद गौरव की सेहत में लगातार सुधार हुआ। डॉक्टरों की निगरानी में उसकी रिकवरी उम्मीद से बेहतर रही और 4 जून को उसे पूरी तरह स्वस्थ होने पर अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। परिवार ने सफल उपचार के लिए चिकित्सा टीम का आभार जताया। कम खर्च में मिल रही अत्याधुनिक सुविधाकेजीएमयू प्रशासन का कहना है कि रोबोटिक सर्जरी जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं मरीजों को अपेक्षाकृत कम खर्च में उपलब्ध कराई जा रही हैं। इससे प्रदेश के मरीजों को बड़े महानगरों का रुख करने की जरूरत कम हो रही है। विशेषज्ञों की टीम ने निभाई अहम भूमिकाइस जटिल सर्जरी को सफल बनाने में डॉ. जे.डी. रावत, डॉ. सुधीर सिंह, डॉ. गुरमीत सिंह, डॉ. कृति पटेल और डॉ. कृतिका की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। नर्सिंग स्टाफ में रीता, संजय और रिंकेश ने सहयोग किया, जबकि एनेस्थीसिया विभाग की डॉ. आयुषी बग्गा ने ऑपरेशन के दौरान अहम जिम्मेदारी संभाली।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने उत्तर प्रदेश राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग में अध्यक्ष और सदस्यों के लंबे समय से रिक्त पदों पर चिंता व्यक्त की है। न्यायालय ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि आयोग के सभी खाली पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया चार माह के भीतर पूरी की जाए। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा से जुड़ा यह महत्वपूर्ण निकाय पूरी क्षमता के साथ कार्य कर सके। न्यायमूर्ति शेखर बी. सराफ और न्यायमूर्ति ए.के. चौधरी की खंडपीठ ने ह्यूमन यूनिटी मूवमेंट संस्था द्वारा दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया। याचिका में बताया गया था कि नवंबर 2024 से आयोग में न तो अध्यक्ष कार्यरत है और न ही कोई सदस्य। इसके परिणामस्वरूप आयोग लगभग निष्क्रिय हो गया है, जिससे बच्चों के अधिकारों के संरक्षण, उनकी शिकायतों की सुनवाई और संबंधित मामलों के निस्तारण का कार्य प्रभावित हो रहा है। मामले की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने कहा कि बाल अधिकारों की रक्षा के लिए गठित वैधानिक संस्था का इतने लंबे समय तक अध्यक्ष और सदस्यों के बिना काम करना चिंताजनक स्थिति है। खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि बच्चों के हितों और उनके अधिकारों की प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आयोग का पूर्ण रूप से कार्यशील होना आवश्यक है। न्यायालय ने राज्य सरकार से अपेक्षा की है कि वह इस विषय को प्राथमिकता देते हुए नियुक्ति प्रक्रिया शीघ्र पूरी करे। इसी को ध्यान में रखते हुए, नियुक्तियों की प्रक्रिया चार माह के भीतर पूरी करने का निर्देश देते हुए याचिका का निस्तारण कर दिया गया।
टोंक जिले के देवली क्षेत्र में जलदाय विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्रेनाइट माइंस संचालकों के खिलाफ सख्त कदम उठाया है। बघेरा फिल्टर प्लांट से गोपालपुरा पंप हाउस तक जा रही मुख्य राइजिंग लाइन में अवैध रूप से छेद कर पानी चोरी किए जाने का मामला सामने आया, जिसके बाद विभाग ने 9 माइंस फर्मों को नोटिस थमा दिए हैं। 9 फर्मों पर 1-1 लाख से अधिक का जुर्माना विभागीय जांच में पाया गया कि संबंधित माइंस संचालक ग्रामीण पेयजल पाइपलाइन से अवैध कनेक्शन लेकर पानी का उपयोग कर रहे थे। इसके बाद पीएचईडी (जलदाय विभाग) की ओर से इन सभी 9 फर्मों पर करीब 1-1 लाख रुपए से अधिक यानी कुल 1,04,986 रुपए प्रति फर्म का जुर्माना लगाया गया है। सभी को सात दिन के भीतर राशि जमा कराने और अवैध कनेक्शन हटाने के निर्देश दिए गए हैं। गर्मी में पेयजल आपूर्ति पर पड़ा असर जानकारी के अनुसार भीषण गर्मी के दौरान मुख्य राइजिंग लाइन में जगह-जगह छेद कर 24 घंटे पानी की चोरी की जा रही थी। इससे गोपालपुरा पंप हाउस तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पा रहा था, जिसके कारण उप तहसील क्षेत्र के कई गांवों और ढाणियों में पेयजल संकट गहरा गया और ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। शिकायतों के बाद विभाग ने की कड़ी कार्रवाई लगातार शिकायतों और विभागीय निगरानी के बाद पीएचईडी ने मामले को गंभीरता से लिया और यह बड़ी कार्रवाई की। विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि निर्धारित समय में जुर्माना जमा नहीं कराने और अवैध कनेक्शन नहीं हटाने पर संबंधित फर्मों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। इस कार्रवाई के दौरान जेईएन वीरेंद्र सिंह, विभाग के रामेश्वर मीणा सहित अन्य कर्मचारी मौके पर मौजूद रहे।
कटिहार में जाम से निपटने की तैयारी:ऑटो-टोटो के लिए तीन अस्थायी पार्किंग स्थल चिन्हित
कटिहार नगर निगम में शहर की बढ़ती यातायात समस्या और जाम से निपटने के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। नगर आयुक्त की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में ऑटो और टोटो के लिए अस्थायी पार्किंग व्यवस्था पर चर्चा की गई। इसमें जिला परिवहन पदाधिकारी, यातायात पुलिस के प्रतिनिधि और अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। नगर आयुक्त ने बताया कि नगर निगम क्षेत्र में वाहनों की बढ़ती संख्या के कारण जाम की समस्या गंभीर हो गई है। इस समस्या के समाधान हेतु अरगड़ा चौक, चौधरी मोहल्ला और मिर्चाईबाड़ी (सहायक थाना के पास) को ऑटो-टोटो के लिए अस्थायी पार्किंग स्थल के रूप में चिन्हित किया गया है। इन स्थलों पर सुचारु संचालन के लिए ट्रैफिक पुलिस की तैनाती आवश्यक है। यातायात थाना प्रभारी ने अतिरिक्त पुलिस बल की कमी का उल्लेख करते हुए बताया कि अतिरिक्त बल की मांग भेजी गई है। इस पर नगर आयुक्त ने निर्देश दिया कि उपलब्ध पुलिस बल को ही रोटेशन मोड में तत्काल इन पार्किंग स्थलों पर तैनात किया जाए। जिला परिवहन पदाधिकारी ने बैठक में गैर-पंजीकृत ऑटो और टोटो के संचालन पर रोक लगाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने सुझाव दिया कि पंजीकृत वाहनों की पहचान के लिए विशेष कलरिंग की जाएगी और उन्हें निर्धारित रूटों पर ही चलने की अनुमति दी जाएगी। इससे वाहनों की संख्या नियंत्रित होगी और जाम कम करने में मदद मिलेगी। नगर आयुक्त ने यह भी जानकारी दी कि जल्द ही ऑटो और टोटो संघ के अध्यक्ष व सचिव के साथ बैठक की जाएगी। इस बैठक में शहर में अन्य छोटे पार्किंग स्थलों का चयन किया जाएगा और वाहनों के सुव्यवस्थित परिचालन के लिए एक कार्ययोजना तैयार की जाएगी। बैठक के अंत में, नगर आयुक्त ने यातायात थाना प्रभारी को शहर के महत्वपूर्ण रूटों की सूची तैयार कर जिला परिवहन पदाधिकारी को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया, ताकि आगे की आवश्यक कार्रवाई की जा सके। यह बैठक कटिहार में जाम मुक्त और व्यवस्थित यातायात व्यवस्था स्थापित करने के लिए नगर निगम, परिवहन विभाग और यातायात पुलिस के संयुक्त प्रयासों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
कानपुर देहात के आदर्श ग्राम मड़वाई में सात दिनों से जारी बिजली संकट दैनिक भास्कर में खबर प्रकाशित होने के बाद समाप्त हो गया। जिलाधिकारी द्वारा गोद लिए गए इस गांव में खबर प्रसारित होने के लगभग सात घंटे के भीतर बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई, जिससे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। अकबरपुर क्षेत्र के मड़वाई गांव में पिछले सात दिनों से बिजली आपूर्ति ठप थी। ग्रामीणों का आरोप था कि आंधी के कारण टूटे बिजली के तारों को बदलने के लिए उन्होंने कई बार शिकायतें कीं, लेकिन बिजली विभाग के अधिकारियों ने कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की। भीषण गर्मी के बीच बिजली न होने से गांव में पेयजल संकट गहरा गया था। मोबाइल चार्जिंग, बच्चों की पढ़ाई और दैनिक जीवन के सामान्य कार्य भी बुरी तरह प्रभावित हो रहे थे। ग्रामीणों ने संबंधित जूनियर इंजीनियर (जेई) पर शिकायतों को गंभीरता से न लेने और अभद्र व्यवहार करने का भी आरोप लगाया था। आपको बता दे मड़वाई वही गांव है जिसे जिलाधिकारी ने गोद लिया हुआ है। इसके बावजूद एक सप्ताह तक बिजली आपूर्ति बाधित रहने से प्रशासनिक व्यवस्थाओं और बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठने लगे थे। दैनिक भास्कर में खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासन और बिजली विभाग तुरंत हरकत में आया। खबर सामने आने के लगभग सात घंटे के भीतर विभागीय टीम गांव पहुंची और युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य कर बिजली आपूर्ति बहाल कर दी। बिजली आने से ग्रामीणों ने राहत तो महसूस की है, लेकिन उनका कहना है कि यदि समय रहते समस्या का समाधान कर दिया जाता तो उन्हें इतने दिनों तक परेशानी नहीं झेलनी पड़ती। अब ग्रामीण इस लापरवाही के लिए दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
मुजफ्फरनगर के चर्चित विकसित उर्फ रॉकी हत्याकांड में पुलिस ने उस महिला को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जिसे जांच में पूरे षड्यंत्र की मुख्य कड़ी माना जा रहा है। बेहड़ा अस्सा निवासी रॉकी की कथित पत्नी रेणु को गुरुवार को गिरफ्तार करने के बाद अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार, रॉकी को घर से बुलाकर हत्या की साजिश रचने और उसे आरोपियों के संपर्क में लाने में रेणु की अहम भूमिका सामने आई है। मामले की जांच सिखेड़ा पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम कर रही है। बेटे की गिरफ्तारी के बाद जंगल से दबोची गई रेणु पुलिस के मुताबिक बुधवार रात असदनगर-जौली मार्ग पर हुई मुठभेड़ में रेणु के बेटे बादल को गिरफ्तार किया गया था। इस दौरान रेणु मौके से भाग निकली थी। पुलिस ने रातभर विभिन्न क्षेत्रों में कॉम्बिंग अभियान चलाया और गुरुवार सुबह मिर्जा टिल्ला के जंगल क्षेत्र से उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस रेणु को बागपत जिले के बड़ौत स्थित उसके मकान पर लेकर पहुंची, जहां घटना से जुड़े साक्ष्यों की तलाश की गई। क्राइम सीन रिक्रिएट कर जुटाए गए साक्ष्य एफएसएल टीम और स्थानीय पुलिस की मौजूदगी में बड़ौत स्थित मकान पर घंटों तक घटनाक्रम को दोबारा समझने और साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई की गई। पुलिस ने रेणु की निशानदेही पर रॉकी का पर्स, तीन डेबिट कार्ड, नकदी तथा अन्य सामान बरामद किया है। पुलिस का कहना है कि बरामद सामग्री को जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है और फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। बड़ौत में हत्या, मुजफ्फरनगर में शव ठिकाने लगाने का आरोप सीओ नई मंडी राजू कुमार साव के अनुसार, जांच में सामने आया है कि 18 मई को रेणु रॉकी को अपने साथ बड़ौत स्थित मकान पर ले गई थी। वहां बादल, उसकी पत्नी निशा और अन्य आरोपी मौजूद थे। पुलिस का आरोप है कि वहीं हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया। इसके बाद शव को मुजफ्फरनगर लाकर भोपा क्षेत्र के कादीपुर गांव में दफना दिया गया। जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि वारदात में किन-किन लोगों की भूमिका रही। फरार आरोपियों की तलाश जारी इससे पहले पुलिस मुठभेड़ के बाद आरोपी मोंटी उर्फ अभि त्यागी को गिरफ्तार कर चुकी है। उसकी निशानदेही पर रॉकी के शव का एक हिस्सा बरामद किया गया था। पुलिस का कहना है कि मामले में नामजद अन्य आरोपियों शुभम और निशा की तलाश की जा रही है। उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। 17 दिन बाद भी नहीं मिला सिर हत्याकांड के खुलासे के बाद भी मृतक का सिर बरामद नहीं हो सका है। गुरुवार को पुलिस ने भोपा पुल से जौली पुल तक गंगनहर क्षेत्र में सर्च अभियान चलाया, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। अधिकारियों का कहना है कि साक्ष्य जुटाने और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान जारी है। जांच पूरी होने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
लखनऊ के डॉक्टरों ने 35 वर्षीय टॉन्सिल कैंसर मरीज का अत्याधुनिक ट्रांस ओरल रोबोटिक सर्जरी (TORS) के माध्यम से सफल इलाज किया। इस प्रक्रिया में बिना किसी बड़े चीरे और बिना दिखाई देने वाले निशान के कैंसरग्रस्त ट्यूमर को हटाया गया। गले में दर्द और निगलने में परेशानी से बढ़ी चिंताबहराइच निवासी 35 वर्षीय शकील अहमद कई सप्ताह से लगातार गले में दर्द और निगलने में परेशानी से जूझ रहे थे। शुरुआत में उन्होंने इसे सामान्य संक्रमण समझकर नजरअंदाज किया, लेकिन समस्या बढ़ने पर उन्होंने मैक्स हॉस्पिटल में जांच कराई। विस्तृत परीक्षण में उन्हें स्टेज-2 टॉन्सिल कैंसर होने की पुष्टि हुई। रोबोटिक तकनीक से निकाला गया ट्यूमरमरीज का इलाज मैक्स हॉस्पिटल के डायरेक्टर सर्जिकल ऑन्कोलॉजी डॉ.कमलेश वर्मा और उनकी टीम की देखरेख में किया गया। डॉक्टरों ने दा विंची सर्जिकल सिस्टम की मदद से ट्रांस ओरल रोबोटिक सर्जरी करने का फैसला लिया। इस दौरान टॉन्सिल के ट्यूमर को रोबोटिक तकनीक से हटाया गया, जबकि गर्दन के लिम्फ नोड्स को छोटे चीरे के जरिए निकाला गया। कीमो-रेडिएशन की जरूरत कम कर सकती है तकनीकडॉ. कमलेश वर्मा ने बताया कि टीओआरएस हेड एंड नेक कैंसर के इलाज में महत्वपूर्ण तकनीकी प्रगति है। कुछ मरीजों में यह प्रक्रिया लंबे समय तक चलने वाली कीमोथेरेपी और रेडिएशन थेरेपी की आवश्यकता को कम कर सकती है। साथ ही चेहरे या गर्दन पर बड़े निशान नहीं पड़ते और मरीज जल्दी सामान्य जीवन में लौट सकता है। चार दिन में हुई रिकवरीमिनिमली इनवेसिव तकनीक के कारण मरीज को ऑपरेशन के बाद कम दर्द हुआ और रिकवरी भी तेज रही। सर्जरी के बाद शकील अहमद की स्थिति स्थिर रही और वे 3-4 दिनों के भीतर सामान्य रूप से भोजन करने लगे। युवाओं में भी बढ़ रहा हेड एंड नेक कैंसरविशेषज्ञों के अनुसार टॉन्सिल कैंसर समेत हेड एंड नेक कैंसर के मामले अब कम उम्र के लोगों में भी सामने आ रहे हैं। तंबाकू, धूम्रपान, शराब का सेवन और एचपीवी संक्रमण इसके प्रमुख कारण हैं। लगातार गले में दर्द, निगलने में दिक्कत, आवाज में बदलाव या गर्दन में सूजन जैसे लक्षणों को गंभीरता से लेते हुए समय पर जांच करानी चाहिए।
जोधपुर शहर में शुक्रवार को रखरखाव कार्य के कारण 4 घंटे बिजली बंद रहेगी। जोधपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (डिस्कॉम) के अनुसार, शुक्रवार सुबह 7:00 से 11:00 बजे तक 11 केवी देवलिया फीडर, नांदड़ा फीडर, बालाजी फीडर और बनाड़ फीडर से जुड़े क्षेत्रों में बिजली कटौती रहेगी।इससे प्रभावित होने वाले गांवों में मुख्य रूप से देवलिया, बांवरला, नांदड़ा कलां, नांदड़ा खुर्द, सोढेर की ढाणी, बनाड़ और सिद्धार्थ नगर आदि शामिल हैं। इसके अलावा, सुबह 8:00 से 11:30 बजे तक विनायकिया गांव, पाबूपुरा, भाटी फॉर्म हाउस, होटल इण्डाना पैलेस, पैराडाइज तथा 33/11 केवी पाबूपुरा सब-स्टेशन से जुड़े संपूर्ण क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। प्रथम सेमेस्टर ऑनलाइन डेढ 8 जून तक बढ़ी वहीं जय नारायण व्यास यूनिवर्सिटी की ओर से तीन और चार साल के कोर्स के फर्स्ट सेमेस्टर की डेट भी बढ़ा दी है। वहीं गुरुवार को जेएनवीयू वीसी ने गोद लिए सालावास गांव का दौरा किया। जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय ने तीन और चार साल के ग्रेजुएशन कोर्स के फर्स्ट सेमेस्ट की डेट बढ़ा दी है। प्रथम सेमेस्टर में एडमिशन के लिए लेट फीस के साथ स्टूडेंट 8 जून तक ऑनलाइन आवेदन कर सकता है। इसके लिए अधिकृत वेबसाइट www.jnvu.edu.in पर एडमिशन के लिए अप्लाई करना होगा। जेएनवीयू कुलगुरु ने किया पूर्व में गोद लिए गए सालावास गांव का दौरा जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय जोधपुर की ओर से 2021 में सालावास गांव को गोद लिया था। गांव के स्कूल में स्मार्ट क्लास रूम बनाया गया, विद्यार्थियों के मार्गदर्शन हेतु शिविर लगाये गये । गांव के मुख्य स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे भी लगाए थे साथ ही गौशाला में जन्मदिन मनाओ पुण्य कमाओ जैसी योजना भी शुरू की गई थी । विश्वविद्यालय द्वारा पूर्व में गोद लिए गए सालावास गांव का दौरा कुलगुरु प्रो पवन कुमार शर्मा ने किया । इस दौरे में गांव के विद्यार्थियों से चर्चा की साथ ही गौशाला में विजिट कर विश्वविद्यालय द्वारा लागू की गई जन्मदिन मनाओ, पुण्य कमाओ योजना को भी समझा । इस योजना का हस्सा बनते हुए अपना जन्मदिन गौशाला में मनाया । कुलगुरु ने स्मार्ट क्लास रूम की सुविधाओं और पैनल की उपयोगिता का भी अवलोकन किया । विद्यालय में प्राचार्य उम्मेद राज लक्षकार, व्याख्याता बबलाराम तथा अभिभावक संघ के अध्यक्ष अशोक गहलोत ने कुलगुरु का स्वागत किया । जबकि गौशाला में धन्नाराम प्रजापत के नेतृत्व में योजना की जानकारी प्रदान की गई । इस दौरान स्मार्ट विलेज के पूर्व नोडल अधिकारी डॉ दिनेश गहलोत भी साथ थे ।
राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) समाज कल्याण और मेरठ के प्रभारी मंत्री असीम अरुण मेरठ पहुंचे। उन्होंने कहा कि उन्हें पहले पुलिस अधिकारी और अब राजनेता के रूप में सेवा करने का अवसर मिला है। उनका लक्ष्य मेरठ की पहचान अपराध से नहीं, बल्कि विकास से बनाना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि माफियाओं को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। मंत्री अरुण ने मेरठ से अपने पुराने जुड़ाव का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि वह यहीं अंडर ट्रेनिंग आईपीएस अधिकारी रहे थे और उनके पिता का भी इस शहर से गहरा संबंध रहा है। उन्होंने याद दिलाया कि एक समय मेरठ को 'क्राइम कैपिटल' के नाम से जाना जाता था, लेकिन अब यह पहचान विकास से बन रही है। उन्होंने कहा कि उनका प्रयास होगा कि मेरठ जनपद की प्रशासनिक और सामाजिक व्यवस्था के बीच तालमेल को और मजबूत किया जाए। नमो भारत ट्रेन में दिल्ली से मेरठ के सफर का आंनद लिया दिल्ली से मेरठ आने के अपने अनुभव को साझा करते हुए मंत्री अरुण ने बताया कि वह सराय काले खां से आरआरटीएस में बैठे और लगभग 50-55 मिनट में मेरठ पहुंच गए। उन्होंने इस आरामदायक यात्रा को दिल्ली, मेरठ और पूरे एनसीआर के लिए विकसित भारत की तस्वीर का एक उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में गंगा एक्सप्रेसवे, आरआरटीएस, जेवर एयरपोर्ट जैसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर कदम उठाए गए हैं, जिससे पूरा एनसीआर और खासकर मेरठ तेजी से विकास करेगा। सपा सरकार में सुरक्षित नहीं थी महिलाएं उन्होंने उत्तर प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा में हुई वृद्धि पर भी जोर दिया। मंत्री ने कहा कि आज मेरठ, लखनऊ, वाराणसी या गोरखपुर जैसे शहरों में रात को भी लड़कियां स्कूटर या पैदल सुरक्षित आती-जाती दिखती हैं। उन्होंने दावा किया कि अपराधों में कमी आई है और पुलिस ने प्रभावी कार्रवाई की है। उनके अनुसार, इसका सबसे बड़ा प्रमाण यह है कि उत्तर प्रदेश और मेरठ की बेटियां अब सड़कों पर सुरक्षित महसूस करती हैं। जबकि समाजवादी पार्टी की सरकार में रात नहीं बल्कि दिन में भी घरों से महिलाएं नहीं निकला करती थी।
खंडेलवाल महिला मंडल ने मनाया झूला महोत्सव:अधिक मास के अवसर पर केशव देव मंदिर में भजन-कीर्तन किया
मथुरा में अधिक मास के अवसर पर श्री खंडेलवाल महिला मंडल ने श्री केशव देव मंदिर में भजन-कीर्तन और झूला महोत्सव का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिला श्रद्धालुओं ने भाग लिया और ठाकुर जी के दर्शन किए। कार्यक्रम का शुभारंभ शाम 4:30 बजे हुआ। ठाकुर जी को विशेष रूप से सजाए गए हरि घट और हिंडोले में विराजमान कराया गया। इसके बाद श्रद्धालुओं के लिए विशेष दर्शन की व्यवस्था की गई। मंदिर परिसर को आकर्षक रूप से सजाया गया था। मंडल द्वारा निर्धारित हरे रंग की साड़ी के ड्रेस कोड में पहुंचीं महिलाओं ने सामूहिक रूप से भजन-कीर्तन प्रस्तुत किए। राधे-राधे और श्याम नाम की महिमा जैसे भजनों से मंदिर परिसर गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने ठाकुर जी को झूले में झुलाकर अपनी श्रद्धा व्यक्त की। शाम 7 बजे विधि-विधान के साथ ठाकुर जी की आरती संपन्न हुई। आरती के दौरान उपस्थित श्रद्धालुओं ने दीप प्रज्ज्वलित कर प्रार्थना की। इसके पश्चात सभी सदस्याओं और श्रद्धालुओं को प्रसादी वितरित की गई। कार्यक्रम में खंडेलवाल महिला मंडल की अध्यक्ष रमा खंडेलवाल, कोषाध्यक्ष भावना खंडेलवाल और मंत्री पल्लवी खंडेलवाल सहित मंडल की अनेक सदस्याएं मौजूद रहीं। उन्होंने बताया कि अधिक मास भगवान विष्णु की आराधना और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए विशेष महत्व रखता है।
बीजेपी ने राजस्थान के राज्यसभा प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है। पार्टी ने सतीश पूनिया और अलका गुर्जर को उम्मीदवार बनाया है। सतीश पूनिया जाट समुदाय से और अलका, गुर्जर समुदाय से आती हैं। ऐसे में पार्टी ने इन्हें प्रत्याशी बनाकर प्रदेश की दो बड़ी जातियों को साधने का काम किया है। टिकट मिलने के बाद सतीश पूनिया ने कहा- जाति एक पहचान है, उसका अपना एक स्वाभिमान है। BJP सर्वस्पर्शी और सर्वव्यापी की धारणा पर काम करती है। पार्टी के लिए जाति प्राथमिकता नहीं है। पार्टी की प्राथमिकता है कि वह व्यक्ति समाज, देश और संगठन के लिए कितना कंट्रीब्यूट करता है। वहीं अलका गुर्जर ने टिकट मिलने के बाद कहा- गुर्जर समुदाय केवल पायलट के साथ है, यह धारणा गलत है। आज समाज का युवा जानता है कि उसका भविष्य कहां पर है। टिकट की घोषणा के बाद भास्कर रिपोर्टर सचिन कुमार शर्मा ने दोनों प्रत्याशियों से बातचीत की… सतीश पूनिया ने कहा- यह मेरे लिए सबसे बड़ा सम्मान सवाल- पार्टी ने इतने उम्मीदवारों के बीच आपको क्यों चुना? आप इसका क्या कारण मानते हैं? जवाब- मुझे लगता है कि भारतीय जनता पार्टी का जो चरित्र है, कार्यकर्ता से ही व्यक्ति बड़ा बनता है। हमारी जो काम करने की व्यवस्था है, उसमें किसी न किसी समय, किसी न किसी व्यक्ति को अवसर जरूर देती है। इसी किस्म का अवसर मुझे पार्टी ने दिया है। मैं मानता हूं कि मेरे लिए एक जिम्मेदारी है और पार्टी ने भरोसा किया है, यह मेरे लिए सबसे बड़ा सम्मान है। यह सम्मान मेरा, परिवार का भी नहीं, यह पूरी पार्टी के कार्यकर्ताओं का सम्मान है कि मेरे जैसे कार्यकर्ता पर भरोसा जताया है। सवाल- क्या जाति का समीकरण को देखते हुए टिकट दिए गए हैं। जवाब- देखिए वैसे तो जाति एक पहचान है, उसका अपना एक स्वाभिमान होता है। बीजेपी सर्वस्पर्शी और सर्वव्यापी की धारणा पर काम करती है। जाति पार्टी के लिए प्राथमिकता नहीं है। पार्टी की प्राथमिकता है कि वह व्यक्ति समाज, देश और संगठन के लिए कितना कंट्रीब्यूट करता है। सवाल- आप शेखावाटी अंचल से आते हैं। इस अंचल में बीजेपी की स्थिति बहुत अच्छी नहीं है। आपके चुनाव से फायदा होगा? जवाब- भौगोलिक, आर्थिक और सामाजिक रूप से जितने भी लोग हैं, जो लोकतंत्र को मजबूत करते हैं। वह किसी भी रूप में हो, उन सब के उत्थान के लिए, उन सब की भलाई के लिए जो हमारी भूमिका होगी, उसके हिसाब से हम काम करेंगे। क्षेत्र कोई भी हो, लेकिन हमें समग्रता के साथ काम करना है। अलका गुर्जर बोलीं- कोई किसी की काट नहीं करता सवाल- अब आपकी राजस्थान और महिलाओं को लेकर क्या प्राथमिकता रहेगी? जवाब- सबसे पहले तो केंद्रीय नेतृत्व, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रीय अध्य्क्ष नितिन नबीन, राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष, सीएम भजनलाल शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ और सभी कार्यकर्ताओं का, जिन्होंने मुझ पर विश्वास जताया। मैं विश्वास दिलाती हूं कि जो भी काम मुझे दिया जाएगा, उसके अनुरूप काम करती रहूंगी। सवाल- आपने विधानसभा और लोकसभा चुनाव में भी टिकट मांगा था, इस बार भी दावेदारी थी? जवाब- देखिए हम राजनीति में काम करते हैं तो इच्छा तो सबकी होती है, लेकिन पार्टी को जो लगता है, पार्टी उचित समय पर निर्णय लेती है। वह निर्णय हमेशा से स्वीकार्य होता है। हम पार्टी के समर्पित कार्यकर्ता हैं। जब भी जो निर्णय पार्टी द्वारा लिया जाता है। वह हमारे लिए स्वीकार्य होता है, शिरोधार्य होता है। सवाल- जिस समुदाय से आप आती हैं, वह सचिन पायलट के साथ हमेशा नजर आया है, क्या आप उसकी काट कर पाएंगी? जवाब- देखिए कोई किसी की काट नहीं करता है। सब इंडिविजुअल लीडर होते हैं, वह अपना काम कर रहे हैं। मैं संगठन को विस्तार देकर भाजपा को विस्तार देने का काम कर रही हूं। जहां तक कहा जाए- हमारे समुदाय में एक गलत धारणा है। आप फील्ड में जाकर देखेंगे तो लोग भले ही विचार के साथ जुड़े हुए नहीं हों, लेकिन लोग नेतृत्व के साथ, पीएम मोदी और मोदी सरकार की नीतियों के साथ लगातार जुड़ते चले जा रहे हैं। वहीं युवा आज समझ रहा है कि उसका भविष्य कहां है। सवाल- पूर्वी राजस्थान की चारों सीटें पार्टी लोकसभा चुनाव में हार गई थी, अब किस तरह का काम रहेगा? जवाब- जो काम पार्टी देगी, उसके अनुरूप काम करूंगी। मैं विश्वास दिलाती हूं कि जो भी काम सौंपा जाएगा। जिस तरह से अभी तक करती आई हूं, उसी भावना, पूरी शिद्दत और पूरे समर्पण के साथ काम करती रहूंगी। सवाल- आपको टिकट मिलने की जानकारी सबसे पहले किसने दी? जवाब- मोदी सरकार के 12 साल के कार्यक्रमों को लेकर वर्चुअल मीटिंग चल रही थी। इस बीच केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल का फोन आया। मैंने उनसे कहा भाई साहब अभी तो चर्चाएं हो रही हैं, घोषणा होनी बाकी है। उन्होंने कहा- कागज मेरे हाथ में है, आपको सूचना दे रहा हूं कि आपकी टिकट डिक्लेअर हो गई है। यह खबर भी पढ़ें... राज्यसभा चुनाव- बीजेपी ने सतीश पूनिया,अलका गुर्जर को उम्मीदवार बनाया:दो बड़े वोट बैंक को मैसेज देने का प्रयास; जानें- टिकट के क्या है मायने राज्यसभा चुनाव को लेकर बीजेपी ने गुरुवार को राजस्थान के दो प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है। सतीश पूनिया और अलका गुर्जर को उम्मीदवार बनाया है। सतीश पूनिया वर्तमान में हरियाणा प्रभारी और अलका गुर्जर राष्ट्रीय सचिव हैं। (पूरी खबर पढ़ें) कांग्रेस ने नीरज डांगी को फिर राज्यसभा उम्मीदवार बनाया:पार्टी की एक सीट पर जीत तय; दलित वोट बैंक को साधने का प्रयास कांग्रेस ने राज्यसभा की एक सीट पर उम्मीदवार घोषित कर दिया है। सांसद नीरज डांगी को लगातार दूसरी बार उम्मीदवार बनाया है। मौजूदा संख्या बल (67 विधायक) के हिसाब से एक सीट पर पार्टी की जीत तय है।(पूरी खबर पढ़ें)
जौनपुर में 5 पुलिसकर्मी निलंबित:कर्तव्य में लापरवाही पर SSP ने की कार्रवाई
जौनपुर में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कुँवर अनुपम सिंह ने कर्तव्य में घोर लापरवाही और स्वेच्छाचारिता बरतने के आरोप में पांच पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इस कार्रवाई में तीन उप-निरीक्षक और दो आरक्षी शामिल हैं। निलंबित किए गए उप-निरीक्षकों में थाना सिंगरामऊ के राजेश राम, थाना सिकरारा के हृदयानन्द और थाना खुटहन के अक्षय कुमार शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, थाना सिकरारा के आरक्षी शिवजी राय और थाना खुटहन के आरक्षी राजेश कुमार यादव को भी निलंबित किया गया है। इन सभी पुलिसकर्मियों पर अपने कर्तव्यों के प्रति गंभीर उदासीनता बरतने का आरोप है। यह कार्रवाई पुलिस विभाग में अनुशासन बनाए रखने के उद्देश्य से की गई है।
जोधपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) ने अवैध निर्माण, अतिक्रमण और बिना अनुमति संचालित औद्योगिक इकाइयों को लेकर गुरुवार को बड़ी कार्रवाई की। जेडीए की टीम की ओर से बनाड़ व गेलावास क्षेत्र में अवैध रंगाई-छपाई एवं धुलाई इकाइयों को ध्वस्त किया गया (तोड़ा गया)। वहीं ग्राम बेरू में मुख्य सड़क मार्ग पर किए गए अतिक्रमण को हटाकर रास्ता आमजन के लिए खुलवाया गया। जेडीए आयुक्त उत्साह चौधरी के निर्देशन में प्रवर्तन शाखा द्वारा नियमित रूप से अवैध गतिविधियों के विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है। इसके साथ ही ड्रोन सर्वे के जरिए इन अवैध रंगाई-छपाई यूनिट्स को चिह्नित किया जा रहा है। बनाड़ में अवैध टेक्सटाइल यूनिट पर कार्रवाई जोधपुर विकास प्राधिकरण (JDA) के उपायुक्त (जोन-1) प्रवीण रत्नू ने बताया कि ग्राम बनाड़ में संचालित अवैध टेक्सटाइल इकाई का जेडीए और राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण मंडल की संयुक्त टीम ने निरीक्षण किया। कार्रवाई के दौरान दो जेसीबी (JCB) मशीनों की सहायता से चार पानी के हौद, प्लास्टिक की टंकियां, लगभग 250 फीट लंबी रंगाई-छपाई टेबलें तथा आयरन स्ट्रक्चर सहित अन्य अवैध निर्माणों को तोड़ दिया गया। यहाँ रंगीन और प्रदूषित पानी के स्टोरेज के लिए बनाए गए गड्ढों को भी मिट्टी डालकर समतल किया गया। गेलावास में अवैध फैक्ट्री जमींदोज इसी तरह जेडीए की टीम ने ग्राम गेलावास में संचालित एक अन्य अवैध रंगाई-छपाई एवं धुलाई इकाई का निरीक्षण किया। जेडीए अधिकारियों के अनुसार यह यूनिट बिना किसी अनुमति (परमिशन) के अवैध रूप से संचालित की जा रही थी, जिसे जेसीबी की मदद से पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया। बेरू में सड़क मार्ग कराया अतिक्रमण मुक्त तहसीलदार (जोन-5) अजीतपाल सिंह के निर्देशन में ग्राम बेरू में सड़क पर किए गए अवैध अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई की गई। कार्रवाई के बाद कटानी सड़क मार्ग को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त कराकर आमजन के आवागमन के लिए सुचारु कर दिया गया है। इस दौरान प्रवर्तन अधिकारी प्रवीण गहलोत, प्रवर्तन निरीक्षक योगेश गहलोत, संजय सांदू, भू-अभिलेख निरीक्षक पृथ्वीदान सिंह, जीवन सिंह माणकलाव, राजस्व हल्का पटवारी (बेरू), जेडीए पटवारी भजनलाल, महेश सिंह तथा अतिक्रमण निरोधक दस्ता मौजूद रहा। नगर निगम ने गजेसिंह कॉलोनी में अवैध यूनिट को किया सीज दूसरी ओर, जोधपुर नगर निगम की टीम ने भी अवैध रंगाई-छपाई इकाइयों के खिलाफ अभियान छेड़ दिया है। नगर निगम आयुक्त राहुल जैन ने बताया कि टीम को गजेसिंह कॉलोनी (आरटीओ पुलिया के नीचे, बीजेएस) में एक मकान में अवैध रूप से रंगाई-छपाई की यूनिट संचालित होने की सूचना मिली थी। इस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए गुरुवार को नगर निगम की टीम ने अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई की, जिसके तहत एक अवैध इकाई को ध्वस्त किया गया और एक अन्य इकाई को सीज करने की कार्रवाई की गई। इस पर उपायुक्त ललित सिंह और उपायुक्त जलज घसिया के नेतृत्व में निगम के साथ बिजली विभाग,पुलिस विभाग की टीम के साथ मौके पर कार्यवाही की। नगर निगम टीम को रंगाई छपाई के लिए बनी 10 होदियो को ध्वस्त किया। साथ ही अवैध रूप से बनाए गए कमरे को भी ध्वस्त किया गया। टीम को रंगाई छपाई में काम आने वाली एक मशीन भी मिली,जिस पर नगर निगम टीम ने मौके पर मौजूद सभी कपड़ा और मशीन को जब्त किया। बाड़े को किया सीजवहीं आरटीओ ऑफिस के पास एक बाड़े में रंगाई छपाई के काम आने वाले केमिकल मिला जिस पर बाडे को सीज करने की कार्रवाई की गई। आयुक्त ने बताया कि मोहन नगर 20 सेक्टर बीजेएस में भी एक अवैध रंगाई छपाई की इकाई संचालित होने की जानकारी मिली।जिस पर नगर निगम टीम ने मौके पर पहुंचकर आवेदन की छपाई की इकाई को सामान के साथ सीज किया।
बिहार सरकार ने लालू परिवार की सुरक्षा की समीक्षा की। जिसके बाद नया आदेश जारी किया गया है। गृह विभाग की ओर से जारी पत्र में लालू प्रसाद, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव समेत परिवार के अन्य सदस्यों को मिलने वाली सुरक्षा व्यवस्था का विवरण दिया गया है। लालू-राबड़ी की सुरक्षा में कटौती की गई है। Z+ सुरक्षा वापस ले ली गई है। बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को पहले की तरह Y+ (एस्कॉर्ट वाहन के साथ) सुरक्षा दी गई है। तेज प्रताप यादव की सुरक्षा घटी, अब सिर्फ एक अंगरक्षक ही मिलेगा। लालू-राबड़ी की सुरक्षा में ये रहेंगे तैनात राबड़ी देवी को बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस (BSAP) से 2-8 हाउस गार्ड, पटना जिला बल से 03 महिला अंगरक्षक (सादे लिवास में), 03 अंगरक्षक (वर्दीधारी), HQRT से पायलट और बुलेट प्रूफ कार और स्कार्ट और पायलट मिलेंगे। वहीं, लालू यादव को बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस (BSAP) से 2-8 हाउस गार्ड, पटना जिला बल से 02 अंगरक्षक, HQRT से पायलट-बुलेट प्रूफ कार मिली है। इसके अलावा राज्यसभा सांसद मीसा भारती को सुरक्षा नियमों के तहत 3 अंगरक्षक उपलब्ध रहेंगे। वहीं, राजश्री यादव को पटना जिला बल की ओर से एक महिला अंगरक्षक की सुविधा दी जाएगी। सुरक्षा समिति की बैठक हुई गृह विभाग के अनुसार यह निर्णय 4 जून को हुई राज्य सुरक्षा समिति की बैठक में लिए गए फैसलों के आधार पर लिया गया है। इसके बाद विशेष शाखा की ओर से संबंधित अधिकारियों को पत्र जारी कर सुरक्षा व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है।
गुरुग्राम जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पब्लिक हेल्थ) फर्रुखनगर ने क्षेत्र में पेयजल की अनावश्यक बर्बादी रोकने के लिए कड़ा रुख अपनाया है। विभाग द्वारा किए गए निरीक्षण में कई स्थानों पर पानी के दुरुपयोग और बर्बादी के मामले सामने आने के बाद संबंधित उपभोक्ताओं को नोटिस जारी किए गए हैं। एसडीओ जयकुमार ने बताया कि निरीक्षण के दौरान पाया गया कि कुछ उपभोक्ता बिना आवश्यकता के नल खुले छोड़ देते हैं और पानी का असावधानीपूर्वक उपयोग कर रहे हैं। इससे बड़ी मात्रा में पेयजल व्यर्थ हो रहा है। जिससे क्षेत्र की जलापूर्ति व्यवस्था प्रभावित हो रही है और अन्य उपभोक्ताओं को पर्याप्त पानी मिलने में कठिनाई हो रही है। घटते जल स्तर को लेकर जल संरक्षण आवश्यक उन्होंने जोर दिया कि पानी एक बहुमूल्य प्राकृतिक संसाधन है और इसकी प्रत्येक बूंद का संरक्षण आवश्यक है। बढ़ती आबादी और घटते जल स्तर को देखते हुए जल संरक्षण आज की सबसे बड़ी आवश्यकता बन गया है। ऐसे में प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह पानी का उपयोग सोच-समझकर और आवश्यकतानुसार ही करें। एसडीओ जयकुमार ने बताया कि विभाग ने संबंधित उपभोक्ताओं को तत्काल प्रभाव से पानी की अनावश्यक बर्बादी बंद करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि भविष्य में दोबारा पानी की बर्बादी करते हुए पाया गया, तो विभागीय नियमों और प्रावधानों के तहत उचित कार्रवाई की जाएगी। जल संरक्षण अभियान में विभाग का सहयोग की अपील उन्होंने क्षेत्रवासियों से अपील की कि वे जल संरक्षण अभियान में विभाग का सहयोग करें। साथ ही अपने घरों, प्रतिष्ठानों और सार्वजनिक स्थानों पर पानी का उपयोग सावधानीपूर्वक करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि जल बचाना केवल विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति का नैतिक कर्तव्य है। सामूहिक प्रयासों से ही जल संकट की चुनौती का सामना किया जा सकता है। पब्लिक हेल्थ विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि जलापूर्ति व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने और पानी की बर्बादी रोकने के लिए आगे भी नियमित निरीक्षण अभियान जारी रहेगा।
मुंगेली जिले में किसानों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरक और बीज उपलब्ध कराने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत दो कृषि केंद्रों पर अनियमितता पाई गई है। इन केंद्रों के खिलाफ जिला प्रशासन ने कार्रवाई की है, जिसमें एक का लाइसेंस निलंबित करने का प्रस्ताव भेजा गया है और दूसरे की उर्वरक बिक्री पर प्रतिबंध लगाया गया है। खरीफ 2026 सीज़न में किसानों को समय पर उच्च गुणवत्तायुक्त खाद एवं बीज मिल सकें, इसके लिए जिला प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है। जिले में उर्वरकों और बीजों के भंडारण, वितरण और विक्रय व्यवस्था की नियमित जांच की जा रही है, ताकि किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। इसी क्रम में, जिला स्तरीय निरीक्षण दल ने जिले की विभिन्न सेवा सहकारी समितियों और निजी कृषि केंद्रों का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान सेवा सहकारी समिति कोदवाबानी सहित लोरमी क्षेत्र के कई निजी कृषि केंद्रों की जांच की गई। लालपुर के कृषि केंद्र को जारी हुआ कारण बताओ नोटिस जांच के दौरान, लालपुर थाना क्षेत्र स्थित एक कृषि केंद्र में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। इस पर केंद्र को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। साथ ही, उसकी अनुज्ञा (लाइसेंस) निलंबित करने के लिए उप संचालक कृषि को प्रस्ताव भेजा गया है। इसी तरह, विकासखंड मुंगेली के एक अन्य कृषि केंद्र के निरीक्षण में भी अनियमितताएं सामने आईं। इस केंद्र को भी नोटिस जारी किया गया और उर्वरक विक्रय पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई। शेष कृषि केंद्रों को नियमानुसार संचालन करने और किसानों को निर्धारित दरों पर गुणवत्तायुक्त खाद एवं बीज उपलब्ध कराने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। जिला उर्वरक निरीक्षक मनहरण कुर्रे ने बताया कि जिले में रासायनिक उर्वरकों और बीजों का पर्याप्त भंडारण उपलब्ध है। किसानों को सुगमता से सामग्री उपलब्ध कराने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। निरीक्षण के दौरान ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी प्रफुल्ल जायसवाल भी उपस्थित रहे।
विदिशा में ईदगाह के पास स्थित एसबीआई की कृषि वाणिज्यिक शाखा में सामने आए गोल्ड लोन फर्जीवाड़े की जांच तेज हो गई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस अनियमितता में लगभग 6 करोड़ रुपए शामिल होने की आशंका है। इस मामले में तत्कालीन बैंक मैनेजर, अधिकृत वैल्यूअर (सुनार), बैंक स्टाफ और गोल्ड लोन लेने वाले कई खाताधारकों की भूमिका की जांच की जा रही है। कुछ लोगों ने पुलिस अधीक्षक से शिकायत कर आरोप लगाया था कि बैंक कर्मचारियों की मिलीभगत से फर्जी तरीके से गोल्ड लोन स्वीकृत किए गए। जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ लोगों ने कथित तौर पर नकली या कम गुणवत्ता के आभूषण गिरवी रखकर ऋण लिया। मामला सामने आने के बाद कोतवाली पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस द्वारा बैंक से कई बार दस्तावेज और जानकारी मांगी गई है, लेकिन बैंक की ओर से अभी तक रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराया गया है। विजिलेंस टीम भी विदिशा पहुंचीएसबीआई की विजिलेंस टीम ने भी विदिशा शाखा में छापा मारा है और वह भी मामले की जांच कर रही है। बैंक का वार्षिक ऑडिट भी चल रहा है, जिसके चलते बैंक अधिकारी फिलहाल जानकारी देने से बच रहे हैं। कोतवाली पुलिस अब तक करीब आठ लोगों के बयान दर्ज कर चुकी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बैंक की जांच रिपोर्ट और दस्तावेज मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विजिलेंस टीम अपनी रिपोर्ट भोपाल कार्यालय को सौंपेगी, जिसके बाद जानकारी पुलिस को उपलब्ध कराई जाएगी। कलेक्टर ने पुलिस सत्यापन कराने के लिए कहामामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर अंशुल गुप्ता ने जिले के सभी बैंकों के लिए विशेष निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया मामले में बैंक कर्मचारियों और वैल्यूअर की लापरवाही की आशंका सामने आ रही है। सभी बैंकों को निर्देश दिए गए हैं कि वैल्यूअर के रूप में कार्यरत व्यक्तियों की सूची तैयार कर उनका पुलिस सत्यापन कराया जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि उनका संबंधित बैंक कर्मचारियों से कोई संबंध या सांठगांठ तो नहीं है। कलेक्टर ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जा रही है। सीएसपी अतुल सिंह ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद पुलिस जांच कर रही है। बैंक भी अपने स्तर पर मामले की जांच कर रहा है। बैंक की रिपोर्ट मिलने के बाद ही आगे कार्रवाई की जाएगी।
बालाघाट जिले के वारासिवनी में संचेती राइस मिल के अंदर से भारतीय खाद्य निगम का 242 क्विंटल 55 किलोग्राम सरकारी चावल संदिग्ध हालात में मिला है। यह चावल नवेगांव-कोसमी के गोदाम से छिंदवाड़ा के इथेनॉल प्लांट ले जाया जा रहा था। खबर मिलते ही खाद्य और राजस्व विभाग की मिलीजुली टीम ने गुरुवार देर शाम संचेती राइस मिल में छापा मारा। छानबीन के दौरान टीम को वहां खड़े एक ट्रक में सरकारी चावल लदा हुआ मिला। कागज न मिलने पर ट्रक किया जब्त मौके पर मौजूद ड्राइवर से जब गाड़ी और चावल के पक्के कागज मांगे गए, तो वह कोई भी कागज नहीं दिखा पाया। इसके बाद टीम ने चावल से भरे ट्रक को जब्त कर लिया और आगे की जांच होने तक उसे वारासिवनी थाने की कस्टडी में खड़ा करवा दिया है। छिंदवाड़ा ले जाने के बजाय मिल में लाए चावल शुरुआती जांच में पता चला है कि इस चावल को तय की गई जगह छिंदवाड़ा के इथेनॉल प्लांट ले जाना था, लेकिन आरोपी इसे संचेती राइस मिल के अंदर ले आए। अफसरों को शक है कि इस सरकारी चावल को यहां खपाने या रीसाइकिल करने के लिए लाया गया था, जो कि एक बड़ी गड़बड़ी है। दोषियों के खिलाफ होगी एफआईआर इस मामले में साफ तौर पर गड़बड़ी पाए जाने के बाद विभाग ने अपनी जांच शुरू कर दी है। एसडीएम के कहने पर खाद्य विभाग इसकी पूरी रिपोर्ट तैयार कर रहा है और दोषी लोगों के खिलाफ वारासिवनी थाने में केस दर्ज कराया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि मामले की पूरी जांच के बाद दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी, ताकि सरकारी राशन की ऐसी हेराफेरी पर रोक लगाई जा सके।
चंदौली पावर हाउस के पास भीषण अग्निकांड:शिवहर में 3 घर जलकर राख, लाखों की संपत्ति जली
शिवहर के बेलसंड विधानसभा क्षेत्र में चंदौली पावर हाउस के पास बीती रात भीषण अग्निकांड हुआ। इस घटना में तीन परिवारों के घर जलकर राख हो गए, जिससे लाखों की संपत्ति का नुकसान हुआ है। अग्निकांड में तीन घरों के साथ दो मोटरसाइकिल, साइकिल, बिजली के पंखे और अन्य आवश्यक घरेलू सामान पूरी तरह नष्ट हो गए। इससे प्रभावित परिवारों के सामने तत्काल आवास और जीवनयापन का संकट खड़ा हो गया है। स्थानीय निवासी रौशन कुमार ने बताया कि तेज हवाओं और आग की ऊंची लपटों के कारण लोगों को संभलने का मौका नहीं मिला। देखते ही देखते वर्षों की जमा-पूंजी राख में बदल गई। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे और आग बुझाने का प्रयास किया। ग्रामीणों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका, लेकिन तब तक तीनों परिवारों को भारी क्षति हो चुकी थी। अग्निकांड की जानकारी मिलने पर प्रशासनिक अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे और नुकसान का जायजा लिया। आग लगने के कारणों का अभी तक स्पष्ट पता नहीं चल सका है। प्रशासन द्वारा मामले की जांच और क्षति का आकलन किया जा रहा है। इस हादसे के बाद प्रभावित परिवारों के सामने रहने और भोजन की समस्या उत्पन्न हो गई है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित परिवारों को तत्काल राहत सामग्री और उचित मुआवजा उपलब्ध कराया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि एक ही रात में तीन परिवारों का सब कुछ नष्ट हो गया है। उनके लिए सरकारी सहायता महत्वपूर्ण है। प्रशासन ने राहत और मुआवजे के लिए प्रक्रिया शुरू करने की बात कही है।
खान सर कोचिंग सेंटर विवाद: वायरल वीडियो के बाद दो गार्ड हिरासत में, घटना की जांच तेज
बिहार की राजधानी पटना के कदमकुआं थाना क्षेत्र में खान ग्लोबल स्टडीज कोचिंग संस्थान पर पथराव एवं तोड़फोड़ की घटना के बाद पुलिस एक्शन में है। इस मामले में पुलिस ने एक वीडियो के सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद खान ग्लोबल स्टडीज कोचिंग संस्थान के दो गार्डों को हिरासत में लिया है।
गौरेला विकासखंड के लमना स्थित विलेज वे स्टे में नेशनल जियोग्राफी ट्रैवलर की टीम ने जिले के बैगा बहुल क्षेत्रों का दौरा किया। राइटर एंजेला लोकाटेली और फोटोग्राफर हाजरा अहमद अंसारी ने यहां की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, परंपराओं और ग्रामीण जीवन को करीब से जाना। अपने प्रवास के दौरान टीम ने ग्राम लमना, बस्तीबगरा और आमगांव का भ्रमण किया। उन्होंने बैगा जनजाति की पारंपरिक जीवनशैली, रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक विरासत का अवलोकन किया। टीम ने जिले में पाए जाने वाले देशी प्रजाति के आमों का स्वाद भी लिया और उनकी विशेषताओं की जानकारी प्राप्त की। भ्रमण के दौरान नेशनल जियोग्राफी ट्रैवलर की टीम ने कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मुकेश रावटे से मुलाकात की। इस अवसर पर उन्होंने जिले की सांस्कृतिक पहचान से जुड़े प्रसिद्ध गौरा-गौरी नृत्य का भी आनंद लिया। विलेज वे स्टे की ओर मनीषा पांडे और संजय पयासी ने अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने ग्रामीण पर्यटन, स्थानीय संस्कृति और जनजातीय जीवन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। इस भ्रमण को जिले की जनजातीय संस्कृति, ग्रामीण पर्यटन और स्थानीय परंपराओं को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बलरामपुर वनमंडल में 4 जून 2026 को 3.851 हेक्टेयर वनभूमि से अतिक्रमण हटाया गया। यह कार्रवाई वन विभाग, पुलिस विभाग और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने धमनी वन परिक्षेत्र के नवाडीह उप परिक्षेत्र, बीट अन्नपारा, ग्राम गाजर में की। इस क्षेत्र में कुल 34 अतिक्रमण के मामले दर्ज थे। माननीय उच्च न्यायालय में विचाराधीन मामलों को छोड़कर, शेष 31 प्रकरणों में बने अवैध मकानों को बुलडोजर की मदद से ध्वस्त किया गया। इस कार्रवाई से कुल 3.851 हेक्टेयर वनभूमि अतिक्रमण मुक्त हुई। बेदखली की कार्रवाई से पहले वन विभाग ने सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया था। भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धारा 80(क) के तहत बलरामपुर के वनमंडलाधिकारी ने अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी कर अतिक्रमण हटाने के लिए पर्याप्त समय दिया था। निर्धारित अवधि में अतिक्रमण न हटाए जाने पर यह बेदखली की कार्रवाई की गई। वन विभाग ने बताया कि अतिक्रमण मुक्त कराई गई इस वनभूमि पर आगामी वर्षा ऋतु में वन महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। इसमें स्थानीय ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधि और ग्रामीण भाग लेंगे और वृक्षारोपण किया जाएगा। इस संयुक्त कार्रवाई के दौरान रामानुजगंज के अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) और (पुलिस), वाड्रफनगर के उप वनमंडलाधिकारी (वन), रामानुजगंज और रामचंद्रपुर के तहसीलदार, धमनी, वाड्रफनगर, रघुनाथनगर, रामानुजगंज, बलरामपुर, चांदो, काष्ठागार के वन परिक्षेत्राधिकारी सहित वन विभाग के सैकड़ों अधिकारी-कर्मचारी, वन सुरक्षा श्रमिक, ग्राम गाजर के सरपंच, पंचगण और ग्रामीण मौजूद रहे। बलरामपुर के वनमंडलाधिकारी ने सभी वन अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए हैं कि वन अपराधों, अवैध अतिक्रमण, अवैध कटाई, अवैध चराई और वन्य प्राणियों से संबंधित अपराधों के खिलाफ गंभीरता और सख्ती से लगातार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
कांग्रेस ने राज्यसभा की एक सीट पर उम्मीदवार घोषित कर दिया है। सांसद नीरज डांगी को लगातार दूसरी बार उम्मीदवार बनाया है। मौजूदा संख्या बल (67 विधायक) के हिसाब से एक सीट पर पार्टी की जीत तय है। डांगी को दूसरी बार मौका देकर कांग्रेस ने परंपरागत दलित वोट बैंक को साधने का प्रयास किया है। डांगी को लगातार दूसरी बार मौका देने के पीछे कांग्रेस के अंदरूनी सियासी समीकरण साधने के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है। दरअसल, राजस्थान की 3 राज्यसभा सीटों पर 18 जून को वोटिंग होगी और उसी दिन नतीजे घोषित होंगे। केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू, बीजेपी सांसद राजेंद्र गहलोत और कांग्रेस सांसद नीरज डांगी का 21 जून को कार्यकाल पूरा हो रहा है, इस कारण तीन सीट खाली हो रही हैं। डांगी को दूसरा मौका देने में खड़गे की पैरवीनीरज डांगी पूर्व सीएम अशोक गहलोत के नजदीकी माने जाते हैं। राज्यसभा में जाने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्ल्किार्जुन खड़गे से भी उनकी नजदीकी बढ़ी है। बताया जाता है कि खड़गे ने ही नीरज डांगी की पैरवी की, जिस वजह से उन्हें लगातार दूसरा मौका मिला है। रेवदर से तीन बार विधानसभा चुनाव हारे थे नीरज डांगीनीरज डांगी रेवदर विधानसभा सीट से 3 विधानसभा चुनाव हारे थे। नीरज डांगी कांग्रेस के टिकट पर रेवदर से 2003, 2008 और 2018 में विधानसभा चुनार हारे। यूथ कांग्रेस से राजनीति की शुरुआत करने वाले डांगी संगठन में कई पदों पर रहे। 3 विधानसभा चुनावों में हार के बावजूद कांग्रेस ने उन्हें 2020 में राज्यसभा भेजा और अब दूसरी बार मौका दिया है। नीरज डांगी सियासी परिवार से हैं। नीरज के पिता दिनेशराय डांगी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता थे, वे विधायक और मंत्री रहे थे। राज्यसभा चुनाव निर्विरोध होने के आसारप्रदेश की 3 सीटों पर राज्यसभा चुनाव निर्विरोध होने के आसार बन रहे हैं। अब तक की रणनीति के हिसाब से बीजेपी के तीसरे और कांग्रेस के दूसरा उम्मीदवार नहीं उतारने की संभावना है। दोनों ही पार्टियां फिलहाल अपने संख्या बल के हिसाब से ही चुनाव लड़ने की रणनीति अपना रही है। 2 सीट पर बीजेपी और 1 पर कांग्रेस की जीत के समीकरण हैं। बीजेपी के तीसरा और कांग्रेस के दूसरा उम्मीदवार नहीं उतारे जाने पर 11 जून को नाम वापसी की आखिरी तारीख के दिन ही तीन सीटों पर फैसला हो जाएगा। एक सीट पर जीत के लिए 51 वोट चाहिएमौजूदा संख्या बल के हिसाब से बीजेपी को दो और कांग्रेस को एक सीट मिल रही है। एक सीट पर जीत के लिए 51 विधायक चाहिए। बीजेपी के दो राज्यसभा सीटें जीतने के ही समीकरण हैं। तीसरी सीट के लिए बीजेपी को 35 दूसरे दलों के विधायकों के वोट चाहिए। जो मौजूदा राजनीतिक हालात में लगभग असंभव है। आरएलडी बीजेपी के साथ है, बीजेपी अगर आठ निर्दलीयों, 2 बसपा, 4 बीटीपी के वोट भी लेने में कामयाब रहती है तो भी तीसरे उम्मीदवार के लिए 20 विधायकों के वोट कम पड़ेंगे। ………. ये खबर भी पढ़ें राज्यसभा चुनाव- बीजेपी ने सतीश पूनिया,अलका गुर्जर को उम्मीदवार बनाया:दो बड़े वोट बैंक को मैसेज देने का प्रयास; जानें- टिकट के क्या है मायने राज्यसभा चुनाव को लेकर बीजेपी ने गुरुवार को राजस्थान के दो प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है। सतीश पूनिया और अलका गुर्जर को उम्मीदवार बनाया है। सतीश पूनिया वर्तमान में हरियाणा प्रभारी और अलका गुर्जर राष्ट्रीय सचिव हैं। (पूरी खबर पढ़ें)
बुरहानपुर एसपी आशुतोष बागरी ने जिले के पुलिस विभाग में बड़े स्तर पर तबादले किए हैं। इन आदेशों के तहत, दो थाना प्रभारियों को बदला गया है, जबकि दो निरीक्षकों को रक्षित केंद्र से अलग-अलग थानों का प्रभार सौंपा गया है। इसके अतिरिक्त, 32 आरक्षक और 132 उपनिरीक्षक, सहायक उपनिरीक्षक तथा कार्यवाहक प्रधान आरक्षकों को भी जिले के विभिन्न थानों में पदस्थ किया गया है। एसपी ने गुरुवार देर शाम ये तबादला आदेश जारी किए। इनमें गणपति नाका थाना प्रभारी सुरेश महाले को नेपानगर भेजा गया है, जबकि नेपानगर थाना प्रभारी ज्ञानू जायसवाल को महिला थाना बुरहानपुर की जिम्मेदारी दी गई है। रक्षित केंद्र में पदस्थ निरीक्षक कमल सिंह पवार को गणपति नाका थाने का प्रभारी बनाया गया है। वहीं, महिला थाना प्रभारी हरिसिंह रावत को रक्षित केंद्र स्थानांतरित किया गया है।
आवास बोर्ड की वर्षों से खाली पड़ी जमीन पर घर बनेंगे। यह निर्णय आज नगर विकास एवं आवास विभाग के साथ हुई बैठक में लिया गया। विभागीय मंत्री नीतीश मिश्रा ने गुरुवार को नेशनल बिल्डिंग्स कंस्ट्रक्शन कॉर्पोरेशन लिमिटेड के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक डॉ. केपी महादेवास्वामी के साथ बैठक की। बैठक में विशेष रूप से आवास बोर्ड की वर्षों से खाली पड़ी भूमि का उपयोग करते हुए नए आवासीय परिसरों के निर्माण की योजना पर चर्चा हुई। इस पहल का उद्देश्य विभिन्न आय वर्गों के लोगों को गुणवत्तापूर्ण और किफायती आवास उपलब्ध कराना है। इसके साथ ही, भूमि का बेहतर उपयोग कर शहरी विकास को नई गति देनी है। वहीं, परियोजना के माध्यम से आधुनिक सुविधाओं से युक्त सुव्यवस्थित आवासीय परिसरों के निर्माण की दिशा में भी कार्य किया जाएगा। आधुनिक आवास और मजबूत आधारभूत संरचना पर सरकार का फोकस नीतीश मिश्रा ने कहा कि बिहार सरकार राज्य के शहरी क्षेत्रों में योजनाबद्ध विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। आम नागरिकों को बेहतर आवासीय और आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य कर रही है। बैठक के दौरान राज्य में आधारभूत संरचनाओं के विकास, आधुनिक आवासीय परियोजनाओं के निर्माण और शहरी क्षेत्रों में नागरिक सुविधाओं के विस्तार से संबंधित विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। लोगों को बेहतर आवासीय सुविधाएं मिलेंगी मंत्री ने कहा कि राज्य में बढ़ते शहरीकरण को ध्यान में रखते हुए आवासीय एवं आधारभूत संरचनाओं के विकास की आवश्यकता लगातार बढ़ रही है। ऐसे में अनुभवी और प्रतिष्ठित संस्थाओं के सहयोग से गुणवत्तापूर्ण परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से न केवल लोगों को बेहतर आवासीय सुविधाएं प्राप्त होंगी, बल्कि शहरी क्षेत्रों के समग्र विकास को भी नई गति मिलेगी।
जोधपुर के बनाड़ क्षेत्र में बिजली के कम वोल्टेज संकट और जर्जर तारों की समस्या को लेकर बनाड़ बिजली घर के बाहर ग्रामीणों ने गुरुवार को प्रदर्शन किया। इलाके के सर्वसमाज के लोग बड़ी संख्या में एकत्र होकर धरने पर बैठ गए। ग्रामीणों ने कहा- जब तक डिस्कॉम प्रशासन लिखित में ठोस आश्वासन नहीं देता, तब तक यह महापड़ाव और धरना जारी रहेगा। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे राजेंद्र छबरवाल और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने बिजली विभाग की लापरवाही आक्रोश जताया। धरनास्थल पर प्रशासन से वार्ता के लिए पहुंचे कनिष्ठ अधिकारियों (JEN) से ग्रामीणों ने बात करने से मना कर दिया। ग्रामीण अब उच्चाधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ गए। इसके बाद धरनास्थल पर एक्सईएन यशपाल चौधरी और एसई शाम को पहुंचे। इसके बात ग्रामीणों से वार्ता की गई। वार्ता में कुछ मांगों को लेकर सहमति बनी। ये थी मांगें इन पर बनी सहमति दोनों पक्षों के बीच बनाड़ जीएसएस के जेईएन हेमंत सोनी को हटाने, बनाड़ और आस-पास के गांवों में करीब एक दर्जन ट्रांसफॉर्मर जल्द लगाने, पुरानी केबल और बिजली के खंभों को बदलने को लेकर सहमति बनी है। ये रहे मौजूद धरने में बनाड़, सोढेर की ढाणी, देवलिया, नांदड़ा खुर्द, नांदड़ा कला, बावरला, बालाजी नगर,सिद्धार्थ नगर,बिश्नोई और जाटों की ढाणी सहित मन्नार क्षेत्र के सैकड़ों ग्रामीण शामिल हुए। धरने में चौथाराम तांडी सरपंच प्रतिनिधि बनाड़, गोविंद सियाग सरपंच खोखरिया, रामेश्वर भील सरपंच सोढेर, राजेंद्र छबरवाल, गणपत प्रजापत, ओमप्रकाश प्रजापत, धनाराम खिलेरी, वीरेंद्र थाकण, बुधाराम छबरवाल, श्रवण, महेंद्र सहित भारी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
आगरा में बल्केश्वर महादेव भक्त मंडल की ओर से बल्केश्वर पार्क में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के पंचम दिवस पर विख्यात कथा व्यास आचार्य इंद्रेश उपाध्याय ने कहा कि आज के समय में अभिभावकों को भगवान से केवल मेधावी नहीं, बल्कि संस्कारवान संतान की कामना करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बच्चे 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त कर रहे हैं, लेकिन संस्कारों के मामले में पीछे होते जा रहे हैं। शिक्षा के साथ संस्कारों का समावेश ही परिवार और समाज को मजबूत बनाता है। कथा का शुभारंभ आचार्य इंद्रेश उपाध्याय ने बल्केश्वर महादेव मंदिर को नमन कर किया। उन्होंने श्रीकृष्ण और राधारानी के जन्म, बाल लीलाओं तथा गोवर्धन पूजन का भावपूर्ण वर्णन किया। कथा के दौरान उन्होंने बल्केश्वर महादेव मंदिर की महिमा बताते हुए कहा कि यमुना तट पर स्थित यह प्राचीन मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। महादेव से भक्ति और सद्बुद्धि मांगें आचार्य उपाध्याय ने कहा कि भगवान शंकर से सांसारिक सुख-सुविधाओं की नहीं, बल्कि भक्ति और सद्बुद्धि की याचना करनी चाहिए। उन्होंने रावण और भस्मासुर का उदाहरण देते हुए कहा कि शक्ति और वैभव का दुरुपयोग अंततः विनाश का कारण बनता है। इसलिए भगवान से सद्गुण और भक्ति का वरदान मांगना ही श्रेष्ठ है। उन्होंने कहा कि भगवान शंकर केवल योगी या तांडव करने वाले देव नहीं हैं, बल्कि श्रीकृष्ण की लीलाओं का रसास्वादन करने वाले परम वैष्णव और प्रेम के स्वरूप हैं। उन्होंने आगरा के विभिन्न शिवालयों का स्मरण करते हुए उनके प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की। भजनों से भक्त हुए भावविभोर कथा के दौरान आचार्य इंद्रेश उपाध्याय ने ‘ब्रज में आनंद भयौ, जै कन्हैयालाल की’, ‘बरसाने में आनंद भैया, जै कन्हैयालाल की’ और ‘धन्य-धन्य राधिका के चरण’ जैसे भजनों का गायन किया। भजनों पर श्रद्धालु झूम उठे और पूरा पंडाल भक्तिमय माहौल में डूब गया। उन्होंने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण का नामकरण एक वर्ष तक नहीं हुआ था और माता यशोदा उन्हें प्रेम से ‘लालमणि’ कहकर पुकारती थीं। वहीं राधारानी के जन्म का समाचार सुनकर भगवान शंकर स्वयं कैलाश से बरसाना पहुंचे और ब्रजवासी का वेश धारण कर उनके दर्शन किए। इस प्रसंग का वर्णन सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। कार्यक्रम में मुख्य यजमान हरीश अग्रवाल, तरुणा अग्रवाल, सांसद एस.पी. सिंह बघेल, आदर्श नंदन गुप्त, मीडिया प्रभारी ऋषि अग्रवाल, सपा नेता राकेश अग्रवाल, राजेश अग्रवाल, गौरव गोटा, भोलानाथ अग्रवाल, विक्की गर्ग, ऋषि गोयल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
भारतमाला हाईवे मुआवजा घोटाले में ईडी का बड़ा एक्शन, जयप्रकाश गांधी गिरफ्तार
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भारतमाला हाईवे जमीन अधिग्रहण मुआवजा धोखाधड़ी मामले में जयप्रकाश गांधी को गिरफ्तार किया है। ईडी रायपुर जोनल ऑफिस ने छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले के अभनपुर के रहने वाले जयप्रकाश गांधी को बुधवार को भारतमाला हाईवे जमीन अधिग्रहण मुआवजा धोखाधड़ी मामले के संबंध में मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया है।
पंजाब के लुधियाना से एक के बाद एक 9 लड़कियों के संदिग्ध परिस्थितियों में गायब होने के मामले में पंजाब महिला आयोग ने लुधियाना पुलिस कमिश्नर को तलब कर दिया है। महिला आयोग को 8 जून तक रिपोर्ट देने को कहा है। पंजाब महिला आयोग ने पुलिस कमिश्नर को इस मामले की तुरंत किसी सीनियर रैंक के अधिकारी से निष्पक्ष जांच करवाने को कहा है। पंजाब महिला आयोग की चेयरपर्सन राज लाली गिल ने पुलिस कमिश्नर को लिखा है कि यह मामला बेहद गंभीर है। इसलिए इसे गंभीरता से लें। आयोग ने पंजाब राज महिला आयोग एक्ट, 2001 की धारा 12 के तहत अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए इस पर सुओ-मोटो नोटिस जारी कर दिया है। पंजाब में महिलाओं की सुरक्षा हमारी मुख्य प्रतिबद्धता महिला आयोग ने अपने आदेश में कहा है कि आयोग पंजाब के भीतर महिलाओं के अधिकारों, मान-सम्मान और उनकी मुकम्मल सुरक्षा को यकीनी बनाने के लिए पूरी तरह से वचनबद्ध है। इस तरह एक साथ 9 लड़कियों का गायब होना कानून व्यवस्था और महिला सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े करता है, जिसकी गहराई से जांच होना बेहद जरूरी है। लापता लड़कियों की डिटेल, जानिए… कुल्लेवाल (जमालपुर) से तीन बहनें एक साथ गायब 27 मई 2026 को कुल्लेवाल इलाके से तीन नाबालिग ममेरी-चचेरी बहनें (उम्र 14, 15 और 16 वर्ष) एक साथ अचानक लापता हो गईं। बाद में बड़ी लड़की ने एक अज्ञात नंबर से परिवार को फोन कर बताया कि वह अंबाला (हरियाणा) में है और एक युवक उसे शादी का झांसा देकर ले गया है। उस युवक ने बाकी दोनों छोटी बहनों को उत्तर प्रदेश जाने वाली ट्रेन में जबरन बिठा दिया था। पुलिस के अनुसार दोनों छोटी लड़कियों को सुरक्षित लोकेट (ट्रेस) कर लिया गया है। सराभा नगर से 16 साल की डोमेस्टिक वर्कर लापता 24 मई 2026 राजगुरु नगर में डोमेस्टिक वर्कर के रूप में काम करने वाली एक 16 वर्षीय नाबालिग लड़की शाम करीब 7 बजे काम खत्म करके घर लौट रही थी। उसने अपनी साइकिल जे-ब्लॉक स्थित लक्ष्मी नारायण मंदिर के बाहर खड़ी की और गायब हो गई। सीसीटीवी फुटेज में वह आखिरी बार मंदिर के बाहर अकेली पैदल जाती दिखी थी। पुलिस ने अपहरण का केस दर्ज किया है। 3. सलेम टाबरी से 18 साल की युवती गायब; पुलिस पर लापरवाही का आरोप 27 अप्रैल 2026 मोहल्ला पीरू बंदा की रहने वाली 18 वर्षीय युवती अपने जन्मदिन के अगले ही दिन (27 अप्रैल को) 11वीं कक्षा में एडमिशन के लिए स्कूल जाने का कहकर निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। पड़ोस का एक युवक भी उसी दिन से गायब है। परिवार का आरोप है कि लड़की के बालिग होने का तर्क देकर पुलिस ने एक महीने तक एफआईआर दर्ज नहीं की थी। अब पुलिस ने दबाव में मामला दर्ज किया है। 4. अन्य 4 मामले इन 5 लड़कियों के गायब होने से पहले शहर के अलग-अलग थानों में 4 अन्य लड़कियों के लापता होने के मामले दर्ज थे।
बांसवाड़ा में चलती बाइक पर गिरा नीलगिरी का पेड़:पिता-पुत्री घायल; किशोरी के सिर फटा, 10 टांके लगे
बांसवाड़ा जिले में गुरुवार शाम माहीडेम-बांसवाड़ा मार्ग पर खेरडाबरा गांव के पास एक हादसा हो गया। सड़क किनारे खड़ा एक भारी नीलगिरी का पेड़ अचानक चलती बाइक पर गिर पड़ा, जिससे बाइक सवार पिता और उनकी 14 वर्षीय बेटी गंभीर रूप से घायल हो गए। अचानक गिरे पेड़ से मची चीख-पुकार जानकारी के अनुसार भूंगड़ा निवासी मोहम्मद इसाक अपनी बेटी सुफीया (14) के साथ माहीडेम से बांसवाड़ा की ओर जा रहे थे। जैसे ही वे खेरडाबरा गांव के पास पहुंचे, सड़क किनारे स्थित नीलगिरी का पेड़ अचानक भरभराकर उनकी बाइक पर गिर गया। हादसा इतना अचानक हुआ कि उन्हें संभलने का मौका नहीं मिला और मौके पर चीख-पुकार मच गई। सिर पर पेड़ गिरने से किशोरी गंभीर घायल हादसे में पेड़ सीधे किशोरी सुफीया के सिर पर गिरा, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई और लहूलुहान हो गई। ग्रामीणों की मदद से दोनों घायलों को तुरंत महात्मा गांधी (एमजी) जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने सुफीया के सिर में गहरे घाव पर 10 टांके लगाए। वहीं, पिता मोहम्मद इसाक के शरीर पर भी कई चोटें आई हैं।
पंजाब में लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने और सरकारी अस्पतालों पर दबाव कम करने के लिए भगवंत मान सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में 17 नई मेडिकल प्रक्रियाओं को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही योजना का लाभ अब अकेले रहने वाले लोगों को भी मिलेगा। पहले यह सुविधा सभी के लिए उपलब्ध नहीं थी। सरकार का कहना है कि इस फैसले से ज्यादा लोगों को बेहतर इलाज की सुविधा मिलेगी और स्वास्थ्य बीमा योजना का दायरा भी बढ़ेगा। इसे राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। पंजाब के अनगिनत परिवारों के लिए अस्पताल जाना अक्सर लंबी कतारों, भीड़-भाड़ वाले वार्डों और इलाज के लिए लंबी प्रतीक्षा करना माना जाता है। इस बोझ को कम करने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच को और व्यापक बनाते हुए उन 17 मेडिकल प्रक्रियाओं को सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में कराने की अनुमति दे दी है, जो पहले केवल सरकारी अस्पतालों तक सीमित थीं। 'बड़े सरकारी अस्पतालों पर दबाव घटेगा' इस फैसले से केवल सरकारी अस्पतालों के लिए आरक्षित प्रक्रियाओं की सूची और छोटी हो गई है और अब लाभार्थियों को काफी बड़े स्वास्थ्य सेवा नेटवर्क से इलाज कराने का अवसर मिलेगा। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि इससे खासकर उन जिलों में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता में सुधार होगा, जहां विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं सीमित हैं या सरकारी अस्पतालों पर अधिक मरीजों की निर्भरता है। उन्होंने कहा, इससे बड़े सरकारी अस्पतालों पर दबाव घटेगा, प्रतीक्षा समय कम होगा और मरीजों को समय पर इलाज मिल सकेगा। नई स्वीकृत प्रक्रियाएं विभिन्न मेडिकल विशेषताओं से संबंधित हैं, जिससे लोगों को भीड़-भाड़ वाले बड़े अस्पतालों में परेशान होने की बजाय अपने घर के नजदीक ही इलाज मिल सकेगा। 'घर के नजदीक इलाज का मिलेगा लाभ' कान, नाक और गला (ईएनटी) इलाज के तहत अब सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में नाक की हड्डी के फ्रैक्चर की सेटिंग और एडेनोइडेक्टोमी जैसे ऑपरेशन कराए जा सकेंगे। ये आम ऑपरेशन हैं, जिनमें खास तौर पर बच्चों और दुर्घटना पीड़ितों के लिए समय पर इलाज जरूरी होता है। जनरल सर्जरी के क्षेत्र में सबसे बड़ा विस्तार किया गया है। हाइड्रोसील ऑपरेशन, फोड़े का इलाज, एपेंडिक्स सर्जरी और ओपन और लैप्रोस्कोपिक दोनों तरह की गॉल ब्लैडर सर्जरी अब योजना के तहत सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में उपलब्ध होंगी। इससे मरीजों की प्रतीक्षा घटेगी और घर के नजदीक इलाज का लाभ मिलेगा। पैकेज रेट 2 हजार रुपए से 27 हजार 800 रुपए महिला स्वास्थ्य सेवाओं को भी विशेष प्राथमिकता दी गई है। विस्तारित सूची में 12 सप्ताह से अधिक समय के गर्भपात संबंधी प्रक्रिया, हिस्टेरोटॉमी, गर्भावस्था से जुड़ी समस्याओं के लिए अस्पताल में भर्ती और नाबालिग लड़कियों, अविवाहित यौन रूप से निष्क्रिय महिलाओं और यौन शोषण की पीड़िताओं की एनेस्थीसिया के तहत जांच को शामिल किया गया है। इन सेवाओं के शामिल होने से जरूरतमंद और कमजोर वर्गों को और अधिक आसानी से एवं समय पर इलाज मिल सकेगा। इसी तरह नेत्र रोग और ऑर्थोपेडिक सेवाओं को भी मजबूत किया गया है। अब पटेरीजियम एक्सीजन और एंट्रोपियन करेक्शन जैसी आंखों से संबंधित प्रक्रियाएं भी निजी अस्पतालों में कराई जा सकेंगी। वहीं ऑर्थोपेडिक मरीजों को टेंडन रिलीज, छोटे जोड़ों की चोटों के इलाज और टखने के फ्रैक्चर के ऑपरेशन जैसी सर्जरी का लाभ मिलेगा। इन नई प्रक्रियाओं के पैकेज रेट 2 हजार रुपए से 27 हजार 800 रुपए तक निर्धारित किए गए हैं। 18 वर्ष से कम उम्र के आवेदकों को जन्म प्रमाण पत्र जरूरी इस ऐलान के साथ योजना के दायरे का एक और महत्वपूर्ण विस्तार किया गया है। अब अकेले रहने वाले व्यक्ति, जिनमें वरिष्ठ नागरिक, विधवाएं और स्वतंत्र रूप से रहने वाले अन्य व्यक्ति शामिल हैं, भी इस योजना का लाभ ले सकेंगे। सबके लिए उपलब्ध यह स्वास्थ्य बीमा प्रोग्राम पहले केवल दो या अधिक सदस्यों वाले परिवारों तक सीमित था। अब इसका लाभ उन माता-पिता को भी मिलेगा जिनके बच्चे विदेशों में रहते हैं। आवेदन देने के लिए पंजाब का आधार कार्ड और वोटर पहचान पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। जबकि 18 वर्ष से कम उम्र के आवेदकों को जन्म प्रमाण पत्र देना होगा। अकेले रहने वाले व्यक्तियों को नामांकन के लिए एक घोषणा पत्र जमा करवाना होगा, जिसकी सत्यापन स्थानीय निर्वाचित प्रतिनिधियों द्वारा की जाएगी। 65 लाख परिवार इस योजना के तहत कवर किए राज्य स्वास्थ्य एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान समय में लगभग 65 लाख परिवार इस योजना के तहत कवर किए जा चुके हैं। इस समय 824 अस्पताल, जिनमें सरकारी, केंद्र सरकार के और सूचीबद्ध निजी अस्पताल शामिल हैं, योजना के तहत इलाज प्रदान कर रहे हैं। लगभग 2,300 बीमारियों और मेडिकल प्रक्रियाओं को कवर करने वाली और लगातार विकसित होती हुई मुख्यमंत्री सेहत योजना पंजाब के लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सुरक्षा कवच बन चुकी है, जो पहले से कहीं अधिक लोगों तक कैशलेस इलाज की सुविधा पहुंचा रही है।
RCA की एडहॉक कमेटी में नए सदस्य नियुक्त:डूंगरपुर के सुशील जैन सहित अब 6 सदस्य कराएंगे चुनाव
सरकार ने डूंगरपुर जिला क्रिकेट संघ के सचिव सुशील जैन को राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) की एडहॉक कमेटी का नया सदस्य नियुक्त किया है। इस नियुक्ति के बाद अब RCA की एडहॉक कमेटी पांच की बजाय 6 सदस्यीय हो गई है। यह कमेटी जल्द राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन के चुनाव कराने के साथ-साथ प्रशासनिक निर्णयों की जिम्मेदारी भी संभालेगी। सुशील जैन के कमेटी में शामिल होने को RCA के भीतर चल रही गतिविधियों और आगामी चुनावी प्रक्रिया के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पिछले कुछ समय से कमेटी के एक सदस्य की नियुक्ति विवादों में आने के बाद सरकार नए सदस्य की तलाश में थी। ऐसे में अब सुशील जैन की एंट्री से कमेटी को फिर से पूर्ण रूप से सक्रिय करने की कोशिश की गई है। वर्तमान में RCA की एडहॉक कमेटी में मोहित यादव कन्वीनर के रूप में जिम्मेदारी निभा रहे हैं। उनके अलावा धनंजय सिंह खींवसर, अरिष्ट सिंघवी, आशीष तिवाड़ी और अर्जुन बेनीवाल सदस्य के रूप में शामिल थे। यह कमेटी राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन के प्रशासनिक कार्यों के संचालन और चुनाव प्रक्रिया की तैयारियों में जुटी हुई है। खिलाड़ियों के हित में काम करने का भरोसा एडहॉक कमेटी का सदस्य बनाए जाने पर सुशील जैन ने राज्य सरकार का आभार जताया। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश में क्रिकेट के विकास और खिलाड़ियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा- मैं मौजूदा कमेटी के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर प्रदेश में क्रिकेट को नई दिशा देने और खिलाड़ियों की समस्याओं के समाधान के लिए काम करूंगा। सुशील जैन ने कहा- मेरा प्रयास रहेगा कि राजस्थान के क्रिकेटरों को किसी भी प्रकार की प्रशासनिक या संसाधन संबंधी परेशानी का सामना नहीं करना पड़े और उन्हें बेहतर खेल वातावरण उपलब्ध कराया जा सके। बेनीवाल की नियुक्ति पर कोर्ट ने लगाया था स्टे दरअसल, बीते दिनों एडहॉक कमेटी के सदस्य अर्जुन बेनीवाल की नियुक्ति को लेकर कानूनी विवाद खड़ा हो गया था। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने उनकी नियुक्ति पर अंतरिम रोक (स्टे) लगा दी थी। इसके बाद कमेटी के निर्णयों और बहुमत को लेकर स्थिति असमंजसपूर्ण हो गई थी। सूत्रों के अनुसार- इसी वजह से सरकार और खेल विभाग स्तर पर नए सदस्य को कमेटी में शामिल करने पर विचार किया जा रहा था। ताकि कमेटी में निर्णय लेने की प्रक्रिया प्रभावित न हो और भविष्य में RCA से जुड़े अहम फैसले बहुमत के आधार पर सुचारू रूप से लिए जा सकें। चुनाव प्रक्रिया को मिल सकती है रफ्तार सुशील जैन की नियुक्ति ऐसे समय हुई है, जब राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन के चुनाव को लेकर चर्चाएं तेज हैं। लंबे समय से चुनावी प्रक्रिया को लेकर विभिन्न स्तरों पर मंथन चल रहा है। माना जा रहा है कि कमेटी के पुनर्गठन के बाद अब चुनाव कार्यक्रम को अंतिम रूप देने और चुनाव संबंधी तैयारियों को गति मिलने की संभावना बढ़ गई है। राजस्थान क्रिकेट से जुड़े जानकारों का मानना है कि एडहॉक कमेटी की मजबूती से न केवल प्रशासनिक निर्णयों में स्पष्टता आएगी, बल्कि प्रदेश में क्रिकेट गतिविधियों के संचालन और खिलाड़ियों के हितों से जुड़े मुद्दों पर भी तेजी से निर्णय लिए जा सकेंगे। RCA चुनावों पर प्रदेशभर के जिला क्रिकेट संघों और खिलाड़ियों की निगाहें टिकी हुई हैं।
सड़क परिवहन के सुगम सरल और सुरक्षित करने को लेकर पाली पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर 30 जून तक अभियान ला रही है। जिसकी शुरूआत आज 4 जून से की गई। अभियान के तहत वाहनों के नंबर, चेसिस बदली तो नहीं गई है इसको लेकर संदिग्ध वाहनों की जांच की जाएगी। इसके साथ ही अनाधिकृत रूप से जिन वाहनों पर लाल, नीली बत्ती लगी है, फ्लेसर, स्ट्रोब, लाइट लगी है। उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही प्रेशर हॉर्न, एयर हॉर्न, वाहनों पर लगे काले शीशे, जिन वाहनों पर अनाधिकृत शब्द, चिन्ह लगे है। नियमों के खिलाफ नंबर प्लेट लगी है। उन वाहनों की जांचकर कार्रवाई की जाएगी। हिस्ट्रीशीटर-हार्डकोर के वाहनों पर खास फोकसइसके साथ ही अभियान के तहत हिस्ट्रीशीटर, हार्डकोरों के वाहनों पर भी विशेष फोक्स रहेगा। उनके वाहनों पर काले शीशे लगे हैं। कोई आपत्तिजनक स्लोगन लिखे हैं इसकी जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
मुंगेली जिले में जनसमस्याओं के त्वरित निराकरण और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से आयोजित सुशासन तिहार आमजनों के लिए भरोसे का सशक्त माध्यम बन रहा है। इसी कड़ी में लोरमी विकासखंड के ग्राम कोदवामहंत में आयोजित समाधान शिविर में उपमुख्यमंत्री अरुण साव शामिल हुए। उपमुख्यमंत्री साव ने ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया और अधिकारियों को आमजनों को योजनाओं की जानकारी प्रदान करने के निर्देश दिए। उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग के स्टॉल में बच्चों का अन्नप्राशन एवं गोदभराई कराते हुए उनके स्वस्थ एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन तिहार केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनता की समस्याओं के समाधान और शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का अभियान है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जनकल्याण और विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सभी आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण सुनिश्चित किया जा रहा है। उपमुख्यमंत्री साव ने कहा कि प्रदेश में सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और आधारभूत सुविधाओं के क्षेत्र में तेजी से विकास कार्य किए जा रहे हैं। गांव-गांव में सड़क, पुल-पुलिया, आवास और मूलभूत सुविधाओं के निर्माण कार्य तेजी से संचालित हैं। उन्होंने दोहराया कि सरकार अपनी सभी गारंटियों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र के विकास के लिए लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत लगभग 67 करोड़ रुपये के सड़क, पुल एवं पुलिया निर्माण कार्य स्वीकृत किए गए हैं। ग्राम कोदवामहंत में 61 करोड़ रुपये के विभिन्न विकास कार्यों की स्वीकृति दी गई है। इसके अलावा, सीसी रोड एवं पुलिया निर्माण के लिए भी राशि स्वीकृत की गई है, जिससे ग्रामीणों को बेहतर आवागमन सुविधा मिलेगी। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री साव ने ग्राम कोदवामहंत में विद्युत सब स्टेशन की घोषणा की। इसके साथ ही उन्होंने बिठलदह में अटल डिजिटल सुविधा केंद्र के लिए 5 लाख रुपये, ग्राम ढोलगी में पंचायत भवन निर्माण के लिए 20 लाख रुपये और ग्राम झझपुरीकला में उप स्वास्थ्य केंद्र के लिए 28.51 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की। शिविर में अलग-अलग विभागों ने स्टॉल लगाकर लोगों को सरकारी योजनाओं की जानकारी दी और पात्र हितग्राहियों को लाभ दिया गया। इस दौरान एक दिव्यांग व्यक्ति को मोटराइज्ड ट्रायसाइकिल दी गई। 10 किसानों को केसीसी योजना के तहत चेक प्रदान किए गए। बिहान योजना के अंतर्गत 20 महिलाओं को भी आर्थिक सहायता के चेक दिए गए। इसके अलावा 2 लोगों को मत्स्य जाल, 40 हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास योजना की चाबी दी गई। 10 लोगों को फलदार पौधे, 5 लोगों को आयुष्मान और वय वंदना कार्ड दिए गए। स्वच्छ भारत मिशन के तहत 93 लोगों को शौचालय स्वीकृति प्रमाण पत्र मिले, वहीं 40 लोगों को राशन कार्ड भी दिए गए। 5 लोगों को मनरेगा जॉब कार्ड, 3 को नोनी सुरक्षा योजना का बॉन्ड पेपर और 3 बच्चों को विद्यारंभ प्रमाण पत्र दिया गया। इसके साथ ही 3 महिलाओं को सुपोषण टोकरी, 10 किसानों को अरहर मिनी किट, 20 श्रमिकों को श्रम कार्ड और 10 टीमों को क्रिकेट किट बैग सहित अन्य खेल सामग्री भी प्रदान की गई।
नवादा सदर अस्पताल की पुरानी और जर्जर हो चुकी इमारत अब मरीजों, उनके परिजनों और स्वास्थ्यकर्मियों के लिए चिंता का कारण बन गई है। करीब 50 साल पुरानी इस इमारत की हालत ऐसी हो गई है कि कई जगहों पर छत और दीवारों से प्लास्टर, सीमेंट और अन्य हिस्से टूटकर गिर रहे हैं। ऐसे में कभी भी बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है। बताया जाता है कि सदर अस्पताल की यह इमारत वर्ष 1973 के आसपास बनाई गई थी। समय के साथ भवन की मजबूती लगातार कमजोर होती गई, लेकिन अब तक इसका कोई बड़ा जीर्णोद्धार नहीं कराया गया है। अस्पताल में प्रतिदिन सैकड़ों मरीज इलाज, जांच और दवा के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में जर्जर भवन के बीच मरीजों का इलाज होना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है। एक्स-रे सेंटर के पास रहती है भीड़, बढ़ा खतरा सदर अस्पताल में एक्स-रे और जांच कराने के लिए हर दिन बड़ी संख्या में मरीज और उनके परिजन पहुंचते हैं। कई जगहों पर मरीजों की भीड़ रहती है, लेकिन उसी जगहों पर भवन की हालत काफी खराब बताई जा रही है। मरीजों और स्थानीय लोगों का कहना है कि जर्जर हिस्सों की वजह से हमेशा डर बना रहता है कि कहीं अचानक छत या दीवार का हिस्सा गिर न जाए। बारिश के मौसम में स्थिति और गंभीर हो जाती है। कई जगहों पर छत से पानी टपकता है और दीवारों में नमी आने से वह कमजोर होती जा रही है। बच्चे और बुजुर्ग डर के बीच बैठते हैं स्थानीय निवासी रामनाथ सिंह ने बताया कि उन्हें हर दिन किसी न किसी काम से अस्पताल आना पड़ता है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में बच्चे और बुजुर्ग भी आते हैं, लेकिन भवन की हालत देखकर डर बना रहता है। उन्होंने कहा, अगर अचानक छत का कोई हिस्सा गिर गया तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? प्रशासन को समय रहते इस पर ध्यान देना चाहिए। स्वास्थ्यकर्मियों ने भी जताई चिंता अस्पताल में काम करने वाले कई स्वास्थ्यकर्मियों ने भी भवन की स्थिति को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि ड्यूटी के दौरान उन्हें भी हर समय सतर्क रहना पड़ता है। स्वास्थ्यकर्मियों के अनुसार, मरीजों के साथ-साथ कर्मचारियों की सुरक्षा भी जरूरी है। जर्जर भवन में लंबे समय तक काम करना जोखिम भरा हो सकता है। तकनीकी जांच की मांग स्थानीय लोगों और मरीजों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि भवन का तकनीकी परीक्षण कराया जाए। लोगों का कहना है कि विशेषज्ञों की टीम से जांच कर यह पता लगाया जाना चाहिए कि इमारत अभी उपयोग के योग्य है या नहीं। यदि मरम्मत की जरूरत है तो समय रहते काम शुरू कराया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि लापरवाही के कारण किसी दिन बड़ी दुर्घटना हो सकती है, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। अस्पताल प्रबंधन ने कहा- जल्द होंगे सुरक्षा उपाय अस्पताल प्रबंधक कुमार आदित्य ने बताया कि भवन की स्थिति की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि मामला अधिकारियों के संज्ञान में है और आवश्यक मरम्मत व सुरक्षा उपाय जल्द सुनिश्चित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा प्राथमिकता है। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें केवल आश्वासन नहीं बल्कि जमीन पर ठोस कार्रवाई चाहिए। उनका कहना है कि अस्पताल जैसी संवेदनशील जगह पर किसी भी तरह की लापरवाही बड़ी घटना को जन्म दे सकती है।
इंदौर की होटलों और व्यावसायिक बिल्डिगों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं और बेसमेंट के स्वीकृत उपयोग की जांच के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य जनसुरक्षा सुनिश्चित करना और संभावित अग्नि दुर्घटनाओं की रोकथाम करना है। नगर निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल के निर्देश पर ये अभियान चलाया जा रहा है। अपर आयुक्त प्रखर सिंह और आशीष पाठक ने बताया कि टीम ने बिल्डिगों में स्थापित अग्नि सुरक्षा उपकरणों और व्यवस्थाओं की डिटेल जांच की। टीम ने फायर एक्सटिंग्विशर, फायर अलॉर्म सिस्टम, हाइड्रेंट सिस्टम, स्प्रिंकलर सिस्टम, आपातकालीन निकास रास्ता, आपातकालीन लाइट व्यवस्था सहित अन्य जरूरी अग्नि सुरक्षा उपायों का चेक किया। टीम ने श्री गुरुकृपा होटल, होटल वैष्णव पैलेस, होटल दी मीरा, होटल दी क्लीन इंदौर, होटल दिलीप तथा होटल वैष्णव सहित भवनों एवं होटलों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं में गंभीर कमियां पाई गई। साथ ही कुछ बिल्डिगों के बेसमेंट का उपयोग स्वीकृत अनुमति के अनुरूप नहीं पाया गया। इस पर संबंधित भवन संचालकों एवं स्वामियों को नियमानुसार नोटिस जारी कर तीन दिवस का समय दिया गया है और कहा गया है कि निर्धारित समय में सभी कमियों को दूर कर अग्नि सुरक्षा उपकरणों को पूर्ण रूप से कार्यशील एवं उपयोग योग्य बनाया जाए। तीन दिन में नहीं सुधारा होगी सीलिंग की कार्रवाई नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया गया है कि तीन दिन पूरा होने के बाद दोबारा निरीक्षण किया जाएगा। यदि संबंधित प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा उपकरण कार्यशील नहीं पाए गए अथवा बेसमेंट का उपयोग स्वीकृत मानकों एवं अनुमति के अनुरूप नहीं मिला, तो संबंधित भवनों के विरुद्ध सीलिंग की कठोर कार्रवाई की जाएगी। अभी तक सभी जोन क्षेत्रों में कुल 467 भवनों का सर्वे किया गया, जिनमें 305 भवनों में अग्नि सुरक्षा उपकरण लगे पाए गए जिनमें 157 भवनों में उपकरण बंद मिले या अग्नि सुरक्षा उपकरण नहीं लगे हैं। जिन बिल्डिगों में अग्नि सुरक्षा उपकरण नहीं लगे है अथवा उपकरण बंद है उनमें भवन स्वामियों/ संचालकों को नोटिस जारी किए गए हैं अभी तक 101 भवन स्वामियों/ संचालकों को नोटिस जारी किए गए हैं। भवन जिनमें अग्नि सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई है अथवा सुरक्षा उपकरण बंद पाए गए ऐसे 32 भवनों को सील करने की कार्रवाई की गई है।
मुजफ्फरपुर के ब्रह्मपुरा स्थित प्रसाद हॉस्पिटल में गुरुवार सुबह हुए भीषण अग्निकांड ने शिवहर के एक परिवार की खुशियां छीन लीं। तरियानी छपरा थाना क्षेत्र के विशंभरपुर वार्ड संख्या-8 निवासी 57 साल के उदय कुमार की जहरीले धुएं की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई। घटना की खबर गांव पहुंचते ही मातम पसर गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक उदय कुमार स्वर्गीय दीनदयाल साह के पुत्र थे। वह अपने पीछे पत्नी, एक पुत्र और तीन पुत्रियों को छोड़ गए हैं। परिवार के सामने अब आर्थिक और सामाजिक जिम्मेदारियों का बड़ा संकट खड़ा हो गया है। बुखार के इलाज के लिए कराया गया था भर्ती परिजनों के अनुसार, उदय कुमार पिछले कई दिनों से बीमार चल रहे थे। उन्हें तेज बुखार की शिकायत थी। बेहतर इलाज के लिए उन्हें सोमवार को मुजफ्फरपुर के प्रसाद हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। बुधवार शाम उनकी तबीयत अचानक ज्यादा खराब हो गई, जिसके बाद डॉक्टरों ने उन्हें आईसीयू में शिफ्ट कर दिया था। परिवार को उम्मीद थी कि इलाज के बाद उनकी हालत में सुधार होगा, लेकिन गुरुवार सुबह हुए हादसे ने सबकुछ बदल दिया। शॉर्ट सर्किट से लगी आग, धुएं से मची अफरा-तफरी बताया जा रहा है कि गुरुवार सुबह अस्पताल में अचानक शॉर्ट सर्किट के कारण आग लग गई। कुछ ही देर में आग और धुआं अस्पताल के कई हिस्सों में फैल गया। आईसीयू और अन्य वार्डों में भर्ती मरीजों को बाहर निकालने के लिए अफरा-तफरी मच गई। मरीज और उनके परिजन जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। इसी दौरान आईसीयू में भर्ती उदय कुमार जहरीले धुएं की चपेट में आ गए। काफी प्रयास के बाद भी उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। बेटी ने अस्पताल प्रबंधन पर उठाए सवाल मृतक की पुत्री आकांक्षा कुमारी ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि आग लगने के बाद राहत और बचाव कार्य में काफी देरी हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रशासन और कर्मचारियों की ओर से मरीजों को सुरक्षित निकालने के लिए समय पर प्रभावी कदम नहीं उठाए गए। कुछ गार्ड और कर्मचारी मौके से चले गए। आकांक्षा ने कहा कि अगर समय रहते मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया जाता तो शायद उनके पिता की जान बच सकती थी। परिवार ने मांगा दोषियों पर कार्रवाई की भरोसा घटना के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने पीड़ित परिवार को निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई का भरोसा दिया है। साथ ही सरकारी स्तर पर सहायता उपलब्ध कराने की बात भी कही गई है। परिजनों का कहना है कि जांच के बाद यह स्पष्ट होना चाहिए कि अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था में कहां कमी रही और इसके लिए जिम्मेदार कौन हैं। तीन बेटियों और बेटे के सिर से उठा पिता का साया उदय कुमार की मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उनकी एक बेटी की शादी हो चुकी है, जबकि अन्य बच्चों की जिम्मेदारियां अभी बाकी हैं। परिजनों का कहना है कि उदय कुमार ही परिवार का सहारा थे। उनकी अचानक मौत से परिवार को भावनात्मक के साथ-साथ आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ा है। अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल मुजफ्फरपुर अस्पताल अग्निकांड ने एक बार फिर अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था, आपातकालीन निकासी और मरीजों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। आईसीयू जैसे संवेदनशील वार्ड में भर्ती मरीजों को आपात स्थिति में सुरक्षित निकालने की व्यवस्था कितनी मजबूत थी, इसकी जांच अब प्रशासन कर रहा है।
समस्तीपुर सड़क हादसे में महिला समेत 2 लोगों की मौत:NH-28 पर एक्सीडेंट, ट्रक ने बाइक में मारी टक्कर
समस्तीपुर से गुजरने वाली राष्ट्रीय राजमार्ग-28 पर मुसरीघरारी थाने के गंगापुर गांव के पास गुरुवार देर शाम ट्रक और बाइक के बीच टक्कर हुई। इसमें एक महिला समेत दो लोगों की मौत हो गई। उधर, घटना को अंजाम देने के बाद ट्रक चालक ट्रक लेकर फरार हो गया। घटना की सूचना पर पहुंची मुसरीघरारी थाने की पुलिस दोनों का शव लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल पहुंची है। मृतक कहां के रहने वाले हैं, इस बारे में अभी कुछ भी पता नहीं चल सका है। बाइक घटना स्थल पर ही पड़ी हुई है। एक बाइक पर एक महिला व पुरूष ताजपुर की ओर से मुसरीघरारी की ओर जा रहे थे। इसी दौरान बरौनी की ओर से आ रही ट्रक से गंगापुर के पास उसकी टक्कर हो गई। इस घटना बाइक सवार महिला और युवक का मौके पर ही मौत हो गई। पहचान के कागजात नहीं मिले हादसा के कारण कुछ देर के लिए एनएच पर जाम भी लग गया। बाद में मौके पर मुसरीघरारी थाने की पुलिस पहुंची तब जाकर जाम खत्म हुआ। इस घटना के बाद ट्रक चालक ट्रक लेकर मौके से फरार हो गया। बाइक सवार के पास पहचान से संबंधित कोई कागजात नहीं मिला है। एएसपी संजय पांडेय ने कहा कि सड़क हादसे में महिला व युवक की मौत हुई है। दोनो शव को मौके से उठाकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल लाया गया है। अभी मृतक की पहचान नहीं हो पाई है।
मध्य प्रदेश 6 जूनको भारत–लैटिन अमेरिका एवं कैरेबियन व्यापार एवं निवेश फोरम 2026 की मेजबानी करेगा। इंदौर के रेडिसन ब्लू होटल में आयोजित होने वाले इस अंतरराष्ट्रीय फोरम में लैटिन अमेरिका एवं कैरिबियन क्षेत्र के 15 देशों के वरिष्ठ राजनयिक प्रतिनिधि, निवेशक, उद्योगपति और व्यापार विशेषज्ञ शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कार्यक्रम के मुख्य अतिथि होंगे। यह आयोजन ग्लोबल इंडिया बिज़नेस फोरम द्वारा मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम (एमपीआईडीसी) के सहयोग से किया जा रहा है। फोरम का उद्देश्य भारत और लैटिन अमेरिका-कैरेबियन देशों के बीच व्यापारिक एवं निवेश संबंधों को मजबूत करना तथा मध्यप्रदेश को वैश्विक निवेश के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करना है। 15 देशों के राजदूत और निवेशक जुटेंगे फोरम में 15 देशों के राजदूत, एक उच्चायुक्त और एक महावाणिज्यदूत सहित वरिष्ठ राजनयिक प्रतिनिधि भाग लेंगे। इनके अलावा निवेशक, निर्यातक, व्यापार आयुक्त, एमएसएमई प्रतिनिधि, उद्योग जगत के प्रमुख और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। कार्यक्रम में 350 से अधिक प्रतिनिधियों और चार प्रमुख वाणिज्य एवं उद्योग मंडलों की सहभागिता रहेगी। निर्यात बढ़ाने और निवेश आकर्षित करने पर रहेगा फोकस मध्यप्रदेश से वर्ष 2025-26 में लैटिन अमेरिका एवं कैरेबियन देशों को लगभग 4,186 करोड़ का निर्यात हुआ, जो पिछले वर्ष की तुलना में 12.6%अधिक है। राज्य के निर्यात में फार्मास्युटिकल्स क्षेत्र की हिस्सेदारी सबसे अधिक रही है। ब्राजील, मैक्सिको और चिली मध्यप्रदेश के प्रमुख व्यापारिक साझेदार देशों में शामिल हैं। मध्यप्रदेश की निवेश क्षमता का होगा प्रदर्शन कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में होगा। उद्घाटन सत्र में दीप प्रज्ज्वलन, राजनयिक प्रतिनिधियों का सम्मान, विशेष प्रकाशन का विमोचन तथा मुख्यमंत्री का संबोधन होगा। इस दौरान एमपीआईडीसी मध्यप्रदेश की औद्योगिक और निवेश संभावनाओं पर विशेष प्रस्तुति देगा। व्यापार और निवेश पर होंगी तीन प्रमुख पैनल चर्चाएं फोरम में विभिन्न देशों के प्रतिनिधिमंडल अपनी निवेश संभावनाओं और व्यापारिक अवसरों पर प्रस्तुति देंगे। इसके साथ ही तीन प्रमुख विषयों पर पैनल चर्चा आयोजित की जाएगी। व्यापार एवं निवेश के नए अवसर विनिर्माण क्षेत्र में निवेश (फार्मास्युटिकल्स, ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल और फूड प्रोसेसिंग) सेवा क्षेत्र में निवेश (आईटी, पर्यटन, फिनटेक और शिक्षा) के अवसर होंगे। कार्यक्रम के अंत में बिजनेस-टू-बिजनेस (B2B) और बिजनेस-टू-गवर्नमेंट (B2G) बैठकों का आयोजन होगा, जिससे निवेश और व्यापारिक साझेदारियों को बढ़ावा मिलेगा। 5 जून को होगा राजनयिक रात्रिभोज फोरम से एक दिन पहले 5 जून की शाम रेडिसन ब्लू होटल में विदेशी प्रतिनिधिमंडलों, उद्योगपतियों और वरिष्ठ अधिकारियों के सम्मान में विशेष राजनयिक रात्रिभोज का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन मध्यप्रदेश को अंतरराष्ट्रीय निवेश मानचित्र पर और अधिक मजबूत पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
प्रदेश में नए फायर एक्ट में फायर टैक्स लेने की तैयारी है। इसके साथ ही फायर सेफ्टी ऑफिसर की शैक्षणिक योग्यता व अनुभव का स्पष्ट निर्धारण किया जाएगा। साथ ही अन्य राज्यों के नियमों का भी अध्ययन किया जाएगा। प्रदेश की सभी बिल्डिंगों में जैसे मॉल, फैक्ट्री, मल्टी स्टोरीज में आग लगने की स्थिति में एग्जिट प्लान और पाइपलाइन का प्रदर्शन अनिवार्य रूप से किया जाएगा। यह प्रस्ताव नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की मौजूदगी में हुई अग्निशमन सेवा कानून के प्रजेंटेशन के दौरान सामने आया है। इस मौके पर मंत्री विजयवर्गीय ने मंत्रालय में प्रस्तावित मध्यप्रदेश अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं विधेयक 2026 और मध्यप्रदेश कॉलोनी अधिनियम 2026 के प्रावधानों की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इन दोनों विधेयकों को लेकर दिए गए सुझावों के अनुसार आवश्यक संशोधन कर इन्हें अगले सप्ताह पुनः बैठक में पेश किया जाए। भारत सरकार के 'मॉडल एक्ट' के अनुरूप हों नियम मंत्री विजयवर्गीय ने निर्देश दिए कि मध्यप्रदेश अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं विधेयक 2026 में भारत सरकार के 'मॉडल एक्ट' के नियमों के अनुसार परिवर्तन किए जाएं। उन्होंने कहा कि भविष्य में मध्यप्रदेश में बड़ी इमारतें, इंफ्रास्ट्रक्चर और इंडस्ट्रीज आएंगी, जिसके अनुरूप हमारे पास अत्याधुनिक उपकरण, बेहतर तकनीक और प्रशिक्षित मानव संसाधन होना चाहिए, जिससे किसी भी अप्रिय स्थिति में विभाग द्वारा त्वरित कार्रवाई की जा सके। इसके साथ ही अग्निशमन अधिकारी में तकनीकी योग्यता भी जरूरी है, तथा उसे फायर कंट्रोल के दौरान अग्निशमन यंत्रों और भीड़ कंट्रोल का अनुभव भी होना चाहिए। अधिकारियों की योग्यता का निर्धारण और एग्जिट प्लान का प्रदर्शन अनिवार्य मंत्री विजयवर्गीय ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि फायर सेफ्टी ऑफिसर और अन्य तकनीकी व्यक्तियों की शैक्षणिक योग्यता व अनुभव का स्पष्ट निर्धारण किया जाए। साथी ही अन्य राज्यों के नियमों का भी अध्ययन किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी बिल्डिंगों में एग्जिट प्लान और पाइपलाइन का प्रदर्शन अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए। बैठक में अग्निशमन सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए 'फायर टैक्स' लेने के सुझाव पर भी चर्चा की गई। वर्तमान संसाधनों की समीक्षा एवं आगामी प्रशिक्षण की आवश्यकता मंत्री विजयवर्गीय ने वर्तमान में नगर निगम, नगर पालिका और नगर परिषद में उपलब्ध फायर स्टेशन, फायर ब्रिगेड और कार्यरत कर्मचारियों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप मानव संसाधन के लिए विशेष ट्रेनिंग की व्यवस्था करवाई जाए, जिससे अमला किसी भी आपात स्थिति में कार्य करने में पूरी तरह सक्षम हो। कॉलोनी अधिनियम: अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई और आमजन की सुविधा का ध्यान बैठक में मध्यप्रदेश कॉलोनी अधिनियम 2026 के प्रस्तावित प्रारूप का प्रजेंटेशन भी किया गया। इसमें कॉलोनी रजिस्ट्रीकरण, विकास अनुज्ञा, नियमों के उल्लंघन और अनधिकृत, अविकसित व अवैध कॉलोनियों में कार्रवाई से जुड़े नियमों पर चर्चा की गई। मंत्री विजयवर्गीय ने स्पष्ट निर्देश दिए कि नियमों का पालन सख्ती से सुनिश्चित किया जाए, लेकिन इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए कि किसी भी स्थिति में आम जनता को कोई परेशानी न हो।
राज्यसभा सांसद फुलोदेवी नेताम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में वे अपने गृह ग्राम कोंडागांव में एक पारिवारिक शादी समारोह में पारंपरिक नृत्य करती नजर आ रही हैं। सांसद फुलोदेवी नेताम कोंडागांव जिले स्थित अपने गृह ग्राम में आयोजित इस शादी समारोह में शामिल होने पहुंची थीं। इस दौरान उन्होंने स्थानीय महिलाओं और ग्रामीणों के साथ पारंपरिक लोकगीतों की धुन पर पूरे उत्साह के साथ नृत्य किया। राजनीति की व्यस्तताओं के बीच जनप्रतिनिधियों का अपने परिवार और समाज के बीच इस तरह सहज रूप में दिखना अक्सर चर्चा का विषय बनता है। सांसद का यह आत्मीय और सहज अंदाज लोगों को काफी पसंद आ रहा है।
सांसद तारिक अनवर बिजली कटौती पर भड़के:कहा- गर्मी से लोग परेशान हैं, जिम्मेदारों की जवाबदेही तय हो
पूर्व उपमुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता सांसद तारिक अनवर ने कटिहार और पूर्णिया विद्युत आपूर्ति प्रमंडल में लगातार हो रही बिजली कटौती पर नाराजगी व्यक्त किया है। उन्होंने भीषण गर्मी के बीच बार-बार बिजली बाधित होने की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए बिजली विभाग के अधिकारियों को तत्काल व्यवस्था सुधारने का निर्देश दिया। बिजली कटौती से लोगों को परेशानी सांसद ने कहा कि क्षेत्र के लोग भीषण गर्मी से जूझ रहे हैं और ऐसे में बिजली कटौती उनकी समस्याओं को बढ़ा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि तकनीकी खामियों और लापरवाही का खामियाजा उपभोक्ताओं को नहीं भुगतना चाहिए। लोगों को नियमित और निर्बाध बिजली आपूर्ति मिलना उनका अधिकार है। सांसद ने मुख्य अभियंता से बातचीत की जानकारी के अनुसार, तारिक अनवर ने पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक और पूर्णिया के मुख्य अभियंता से बातचीत की। उन्होंने अधिकारियों को कटिहार और पूर्णिया प्रमंडल में बिजली आपूर्ति व्यवस्था को प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त करने तथा तकनीकी समस्याओं का स्थायी समाधान निकालने का निर्देश दिया। उन्होंने बताया कि बार-बार बिजली बाधित होना केवल तकनीकी समस्या नहीं है, बल्कि यह आम लोगों के दैनिक जीवन, व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को भी प्रभावित करता है। गर्मी के इस मौसम में बिजली संकट से बुजुर्गों, बच्चों और मरीजों को विशेष परेशानी होती है, इसलिए विभाग को खराब उपकरणों और लाइनों की मरम्मत प्राथमिकता पर करनी चाहिए। लापरवाही होने पर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग सांसद तारिक अनवर ने अधिकारियों को चेतावनी दी कि यदि तकनीकी खामियों को दूर कर नियमित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित नहीं की गई, तो जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने जवाबदेही तय करने और कार्यप्रणाली में सुधार लाने पर भी जोर दिया। पुराने उपकरणों के बदलने की मांग पूर्व उपमुख्यमंत्री ने विभागीय अधिकारियों को ग्रिड और ट्रांसमिशन लाइनों की नियमित निगरानी करने, खराब पड़े उपकरणों को शीघ्र बदलने तथा आपातकालीन मरम्मत कार्यों को तेज करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों को बिजली संकट से राहत दिलाना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि विभाग त्वरित कदम उठाकर बिजली आपूर्ति को सुचारु बनाएगा, ताकि कटिहार और पूर्णिया के लोगों को इस भीषण गर्मी में राहत मिल सके।
आगरा में यमुना नदी पर बन रहे पुल का एक 53 मीटर लंबा गार्डर नीचे गिर गया। गनीमत रही कि घटना के समय सभी मजदूर भोजन करने गए हुए थे, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया और कोई जनहानि नहीं हुई। गार्डर गिरने की तेज धमाके जैसी आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण और राहगीर तुरंत मौके पर पहुंच गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गार्डर के गिरते ही निर्माण स्थल पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया था। यह पुल आगरा और फिरोजाबाद को जोड़ने के लिए यमुना नदी पर बनाया जा रहा है। गुरुवार दोपहर करीब 2:30 बजे क्रेन की मदद से दूसरा गार्डर पिलरों पर स्थापित करने की तैयारी चल रही थी। इसी दौरान पहले से रखा एक गार्डर अचानक असंतुलित होकर नीचे गिर गया। पूरा मामला फतेहाबाद थाना क्षेत्र के भोलपुरा गांव का है। 2 तस्वीरें देखिए… लकड़ी का गट्टा खिसकने से गार्डर गिरा सेतु निगम के सुपरवाइजर निखिल शर्मा ने बताया कि 53 मीटर लंबा गार्डर को पिलर पर लकड़ी के गट्टों के सहारे रखा गया था। क्रेन से रखने के दौरान लकड़ी का गट्टा खिसक गया। इससे गार्डर नीचे गिर गया। इस घटना में किसी भी कर्मचारी या मजदूर को चोट नहीं आई है। 28 मई को हमीरपुर में पुल का एक हिस्सा गिर गया था 6 मजदूरों की मौत हो गई थी हमीरपुर जिले में बेतवा नदी पर निर्माणाधीन पुल का एक हिस्सा 28 मई की रात ढह गया था। मोराकांदर-परसनी से कुरारा को जोड़ने के लिए 92 करोड़ रुपए की लागत से बन रहे इस पुल की एक स्लैब तेज आंधी, तूफान और बारिश के दौरान गिर गई थी। हादसे में मलबे के नीचे दबकर 6 मजदूरों की मौत हो गई थी। घटना के समय पुल पर दूसरी शिफ्ट में काम चल रहा था। स्लैब गिरने के बाद तीन मजदूर पुल के ऊपरी हिस्से में फंस गए थे। करीब आठ घंटे तक चले रेस्क्यू अभियान के बाद उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। हादसे में पुल का एक पिलर क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि नीचे खड़ी दो क्रेन भी टूट गईं। यह पुल बनने के बाद करीब 26 गांवों को सीधी सड़क संपर्क सुविधा मिलने वाली थी। हादसे के बाद परियोजना की समयसीमा और निर्माण की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े हुए थे।
राजस्थान पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने 25 हजार रुपए के इनामी तस्कर को गिरफ्तार किया है। आरोपी मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में कालसर्प दोष की पूजा कराने आया था। एएनटीएफ की टीम सादे कपड़ों में श्रद्धालु बनकर महाकाल मंदिर और उसके आसपास के मंदिरों में लगातार निगरानी करती रही। आखिरकार महाकाल मंदिर के निकट ही एक छोटे मंदिर में हवन और पूजा-अर्चना कर रहे तस्कर की पहचान कर टीम ने उसे घेराबंदी कर दबोच लिया। कार्रवाईऑपरेशन मदमनीरा के तहत की गई। आईजी (ANTF) विकास कुमार ने बताया- जोधपुर ग्रामीण पुलिस ने आरोपी राकेश (33) पर 25 हजार रुपए का इनाम घोषित कर रखा था, जिसे अब उज्जैन से दबोच लिया गया है। राकेश लगातार अपने ठिकाने बदलकर गिरफ्तारी से बच रहा था। वह बार-बार अपने मोबाइल नंबर बदलता था और अधिकतर समय फोन बंद ही रखता था। एएनटीएफ की टीम लंबे समय से उसकी तलाश में जुटी हुई थी। जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्यों व मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी कालसर्प दोष की पूजा कराने के लिए उज्जैन गया हुआ है। इसके बाद टीम सादे कपड़ों में श्रद्धालु बनकर महाकाल मंदिर और उसके आसपास के मंदिरों में लगातार निगरानी करती रही। महाकाल मंदिर के निकट ही एक छोटे मंदिर में हवन और पूजा-अर्चना कर रहे राकेश की पहचान कर टीम ने उसे घेराबंदी कर दबोच लिया। आईटीआई डिप्लोमा के बाद बना तस्कर पुलिस जांच में सामने आया कि राकेश ने वर्ष 2010 में आईटीआई (ITI) डिप्लोमा किया था। इसके बाद वह खेती के काम से जुड़ा, लेकिन डोडा-पोस्त के कारोबार से जुड़े लोगों के संपर्क में आने के बाद तस्करी की दुनिया में उतर गया। वह पिछले करीब 10 वर्षों से मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़ा हुआ था। मध्य प्रदेश में डोडा-पोस्त की दुकान पर काम करने के दौरान उसका संपर्क मारवाड़ क्षेत्र के तस्करों से हुआ और धीरे-धीरे संबंध मजबूत होने पर वह बड़े तस्करी नेटवर्क का हिस्सा बन गया। इसके बाद उसने मध्य प्रदेश से राजस्थान तक मादक पदार्थों की बड़ी खेप सप्लाई करना शुरू कर दिया। तीन साल से चल रहा था फरार, नेटवर्क टूटने की उम्मीद यह शातिर आरोपी पिछले तीन साल से फरार चल रहा था। एएनटीएफ (ANTF) अधिकारियों का मानना है कि आरोपी से गहन पूछताछ में मध्य प्रदेश से राजस्थान तक फैले मादक पदार्थ तस्करी के पूरे नेटवर्क, सप्लाई चेन और इस धंधे से जुड़े अन्य बड़े तस्करों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारियां मिल सकती हैं। आरोपी ग्राम आसपुरा, थाना बगाना, जिला नीमच (मध्यप्रदेश) का रहने वाला है। एएनटीएफ लगातार कई राज्यों में अभियान चलाकर वांछित अपराधियों की धरपकड़ कर रही है। इससे ठीक एक दिन पहले टीम ने झारखंड निवासी वांछित अपराधी अंकित को भी गिरफ्तार किया था।
राजस्थान पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने नशा तस्करों के खिलाफ लगातार चौथे दिन कार्रवाई करते हुए मध्यप्रदेश के उज्जैन जिले से 25 हजार रुपये के इनामी अपराधी राकेश को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई ऑपरेशन मदमनीरा के तहत की गई। आईजी एएनटीएफ विकास कुमार ने बताया कि जोधपुर ग्रामीण पुलिस द्वारा घोषित 25 हजार रुपये के इनामी अपराधी राकेश को उज्जैन से दबोच लिया गया। जांच में सामने आया है कि राकेश पिछले करीब 10 वर्षों से मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़ा हुआ था। मध्यप्रदेश में डोडा-पोस्त की दुकान पर काम करने के दौरान उसका संपर्क मारवाड़ क्षेत्र के तस्करों से हुआ और बाद में वह बड़े तस्करी नेटवर्क का हिस्सा बन गया। आरोपी पिछले तीन साल से फरार चल रहा था। एएनटीएफ अधिकारियों का मानना है कि आरोपी से पूछताछ में मध्यप्रदेश से राजस्थान तक फैले मादक पदार्थ तस्करी के नेटवर्क, सप्लाई चेन और अन्य तस्करों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारियां मिल सकती हैं। गौरतलब है कि एएनटीएफ लगातार विभिन्न राज्यों में अभियान चलाकर वांछित अपराधियों की धरपकड़ कर रही है। इससे एक दिन पहले टीम ने झारखंड निवासी वांछित अपराधी अंकित को गिरफ्तार किया था। लगातार चौथे दिन हुई इस कार्रवाई ने नशा तस्करों के खिलाफ एएनटीएफ के अभियान को और मजबूती दी है।
किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) ने गुरुवार को नेत्र रोग विभाग के प्रोफेसर संजीव गुप्ता को निलंबित कर दिया। उन पर मरीजों को अस्पताल के बजाय बाहर से दवाएं और लेंस खरीदने के लिए कहने का आरोप है। विभाग की प्रमुख और प्रति कुलपति प्रो. (डॉ.) अपिजित कौर को शो-कॉज नोटिस जारी किया गया है। कुलपति के पूर्व OSD अब्बास के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री जनता दर्शन में गोरखपुर के एक मरीज द्वारा की गई शिकायत के बाद गठित अनुशासन समिति की जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई। मरीज ने आरोप लगाया था कि उसे बाहर से करीब 18 हजार रुपये की दवाएं और लेंस खरीदने के लिए कहा गया। वही सामान KGMU के HRF स्टोर पर 5 से 6 हजार रुपये में उपलब्ध थे। 17 मरीजों ने दिए सबूत KGMU के प्रवक्ता प्रो. केके सिंह ने बताया कि जांच समिति ने 30 मरीजों के रिकॉर्ड की जांच की। इनमें से 17 मरीजों ने बयान और खरीदारी से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत किए, जिनसे बाहर से दवाएं खरीदने की बात सामने आई। इनके बयान दर्ज कराने के लिए जांच टीम लखनऊ से गोरखपुर गई। OPD से मरीजों को निजी दुकानों तक पहुंचाने का आरोप जांच में यह भी सामने आया कि एक बाहरी व्यक्ति OPD से मरीजों को निजी मेडिकल स्टोरों तक भेज रहा था। उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। मामले में निगरानी और प्रवेश नियंत्रण में खामियां मिलने पर ओटी सिस्टर इंचार्ज और विभागाध्यक्ष को भी नोटिस जारी किया गया है। KGMU प्रशासन ने मामले में आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। ---------------- यह खबर भी पढ़िए… KGMU- पथरी मरीजों को कागजों पर दी कैंसर की दवा:एक मरीज को डाले 5 स्टेंट, यूरोलॉजी के बाद अब 7 विभागों में कराया जाएगा ऑडिट बीमारी पेशाब या गुर्दे की पथरी की और इलाज कैंसर का। जी हां, यह पढ़कर भले ही आपको अपनी आंखों पर भरोसा न हो रहा हो, लेकिन यह सच हुआ है। केजीएमयू यूरोलॉजी विभाग में असाध्य योजना के बजट से करोड़ों के दवा घोटाले की जांच में यह चौकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। पूरी खबर पढ़ें
किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) ने गुरुवार को नेत्र रोग विभाग के प्रोफेसर संजीव गुप्ता को निलंबित कर दिया। उन पर मरीजों को अस्पताल के बजाय बाहर से दवाएं और लेंस खरीदने के लिए कहने का आरोप है। विभागाध्यक्ष से भी निगरानी में लापरवाही को लेकर स्पष्टीकरण मांगा गया है। कुलपति के पूर्व OSD अब्बास के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री जनता दर्शन में गोरखपुर के एक मरीज द्वारा की गई शिकायत के बाद गठित अनुशासन समिति की जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई। मरीज ने आरोप लगाया था कि उसे बाहर से करीब 18 हजार रुपये की दवाएं और लेंस खरीदने के लिए कहा गया। वही सामान KGMU के HRF स्टोर पर 5 से 6 हजार रुपये में उपलब्ध थे। 17 मरीजों ने दिए सबूत KGMU के प्रवक्ता प्रो. केके सिंह ने बताया कि जांच समिति ने 30 मरीजों के रिकॉर्ड की जांच की। इनमें से 17 मरीजों ने बयान और खरीदारी से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत किए, जिनसे बाहर से दवाएं खरीदने की बात सामने आई। इनके बयान दर्ज कराने के लिए जांच टीम लखनऊ से गोरखपुर गई। OPD से मरीजों को निजी दुकानों तक पहुंचाने का आरोप जांच में यह भी सामने आया कि एक बाहरी व्यक्ति OPD से मरीजों को निजी मेडिकल स्टोरों तक भेज रहा था। उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। मामले में निगरानी और प्रवेश नियंत्रण में खामियां मिलने पर ओटी सिस्टर इंचार्ज और विभागाध्यक्ष को भी नोटिस जारी किया गया है। KGMU प्रशासन ने मामले में आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
कानपुर के घाटमपुर थाना क्षेत्र में गुरुवार सुबह एक सड़क हादसे में डंपर चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। हिरनी मोड़ के पास आगे चल रहे डंपर के अचानक ब्रेक लगाने से पीछे आ रहा डंपर अनियंत्रित होकर हाईवे किनारे खड्ड में पलट गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायल चालक को अस्पताल पहुंचाया। सजेती थाना क्षेत्र के कस्बा निवासी 40 वर्षीय सोनू पुत्र गिरजा शंकर डंपर चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। गुरुवार सुबह वह डंपर लेकर कानपुर की ओर जा रहे थे। इसी दौरान घाटमपुर थाना क्षेत्र के हिरनी मोड़ के पास आगे चल रहे डंपर ने अचानक ब्रेक लगा दी। बताया जा रहा है कि पीछे चल रहा डंपर समय रहते नहीं रुक सका और आगे वाले वाहन से टकरा गया। टक्कर के बाद डंपर अनियंत्रित होकर हाईवे किनारे खड्ड में पलट गया। राहगीरों ने पुलिस को दी सूचना हादसे में चालक सोनू गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना देखकर राहगीरों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायल चालक को बाहर निकलवाकर पतारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा। प्राथमिक उपचार के बाद हैलट रेफर सीएचसी पतारा में चिकित्सकों ने घायल का प्राथमिक उपचार किया, लेकिन हालत गंभीर होने पर उसे कानपुर के हैलट अस्पताल रेफर कर दिया गया। वहां उसका इलाज चल रहा है। घाटमपुर इंस्पेक्टर मनोज सिंह भदौरिया ने बताया कि डंपर पलटने की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची थी। घायल चालक को अस्पताल भिजवाया गया है। मामले में तहरीर मिलने पर जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
छिंदवाड़ा शहर में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के उद्देश्य से नगर निगम द्वारा होटल और रेस्टोरेंट प्रतिष्ठानों में विशेष जांच अभियान चलाया गया। नगर निगम आयुक्त सी.पी. राय के निर्देश पर फायर अधिकारी अभिषेक दुबे ने टीम के साथ विभिन्न प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान फायर फाइटिंग सिस्टम, फायर अलार्म, फायर एक्सटिंग्विशर, हाइड्रेंट सिस्टम और इमरजेंसी एग्जिट का निरीक्षण किया गया। साथ ही फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट और वार्षिक फायर ऑडिट से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की गई। निरीक्षण में कई प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाएं अधूरी पाई गईं। इस पर नगर निगम ने संबंधित संचालकों को नोटिस जारी कर तय मानकों के अनुसार सुधार करने के निर्देश दिए हैं। फायर अधिकारी अभिषेक दुबे ने बताया कि किसी भी नए व्यावसायिक भवन के निर्माण से पहले नगर निगम से अनुमति लेना अनिवार्य है। इसी प्रक्रिया में फायर प्लान की स्वीकृति भी ली जाती है। भवन निर्माण पूर्ण होने के बाद फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट जारी किया जाता है, जिसकी वैधता तीन वर्ष रहती है। उन्होंने बताया कि हर वर्ष फायर ऑडिट कराना जरूरी है, जबकि तीन वर्ष बाद सर्टिफिकेट का नवीनीकरण कराना होता है। नगर निगम ने सभी होटल और रेस्टोरेंट संचालकों से सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने और समय रहते आवश्यक सुधार करने की अपील की है।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने जल जीवन मिशन में 979.27 करोड़ के फर्जी टेंडर मामले में रिटायर्ड IAS अधिकारी सुबोध अग्रवाल के खिलाफ विशेष अदालत में चालान पेश कर दिया है। एसीबी की ओर से 17 हजार 500 पेज का आरोप पत्र दाखिल किया है। एसीबी ने पूर्व मंत्री महेश जोशी, संजय बड़ाया और अन्य आरोपियों के खिलाफ जांच अभी लंबित रखी है। डीआईजी डॉ. रामेश्वर सिंह के सुपरविजन में चालान पेश किया गया। जल जीवन मिशन में करीब 979.27 करोड़ की फर्जी डॉक्यूमेंट से टेंडर मामले मे एसीबी ने रिटायर्ड IAS सुबोध अग्रवाल को 9 अप्रैल को दिल्ली से अरेस्ट किया था। आरोपी सुबोध अग्रवाल से पूछताछ के बाद और डॉक्यूमेंट चार्ज के आधार पर विशेष अदालत में गुरुवार को साढे़ 17 हजार पेज का पूरा आरोप पत्र दाखिल किया गया। एसीबी की ओर से 30 अक्टूबर 2024 को जल जीवन मिशन घोटाले को लेकर एफआईआर दर्ज की थी। कई अफसरों और कंपनियों की भूमिका की की जांच श्रीगणपति ट्यूबवेल और श्रीश्याम ट्यूबवेल फर्म के संचालकों ने कथित रूप से इरकॉन इंटरनेशनल लिमिटेड के फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र तैयार किए। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर PHED विभाग में करीब 979.27 करोड़ रुपए के टेंडर हासिल किए गए। एसीबी प्राथमिक जांच बाद जांच का दायरा बढ़ाया गया। कई अधिकारियों व कंपनियों की भूमिका की पड़ताल की गई। पहले इनके खिलाफ हो चुकी चार्जशीट पेश इस मामले में दिनेश गोयल, कृष्णदीप गुप्ता, शुभांशु दीक्षित, सुशील शर्मा, विशाल सक्सेना, अरुण श्रीवास्तव, डीके गौड़, महेंद्र प्रकाश सोनी, मुकेश पाठक और निरिल कुमार सहित कई अधिकारियों के खिलाफ पहले ही चार्जशीट पेश की जा चुकी है। वहीं, जितेन्द्र शर्मा, मुकेश गोयल और संजीव गुप्ता के फरार होने के चलते अदालत ने उनके खिलाफ स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी किए हैं। पूर्व मंत्री और अन्य पर जांच अभी लंबित एसीबी ने पूर्व जलदाय मंत्री महेश जोशी, संजय बड़ाया और अन्य की भूमिका की जांच अभी लंबित रखी है। एजेंसी का कहना है कि इस हिस्से की जांच जारी है और आगे अतिरिक्त कार्रवाई संभव है। यह खबर भी पढ़ें... जलदाय विभाग के अफसरों को होटल में बांटी थी रिश्वत:फरार SE ने 15 लाख रुपए में बनवाया था फर्मों का फर्जी सर्टिफिकेट; संपत्ति होगी कुर्क राजस्थान में 960 करोड़ के जल जीवन मिशन (जेजेएम) घोटाले में अफसरों को जयपुर के एक होटल में बुलाकर रिश्वत बांटी गई थी। घोटाले में शामिल पूर्व IAS सुबोध अग्रवाल को गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं, 9 अफसर 17 फरवरी को पकड़े गए थे। (पूरी खबर पढ़ें) पूर्व IAS पूछताछ में रोने लगे,जोशी के नाम पर चुप:सुबोध अग्रवाल ने नहीं दिए 125 सवालों के जवाब, बोले- घोटाले में मेरी भूमिका नहीं जल जीवन मिशन घोटाले में दिल्ली से पकड़े गए पूर्व आईएएस सुबोध अग्रवाल से 12 अप्रैल 2026 को 10 घंटे लगातार पूछताछ की गई थी। उनसे फर्म को दिए गए फर्जी सर्टिफिकेट व पूर्व मंत्री महेश जोशी को लेकर भी सवाल किए गए थे। (पूरी खबर पढ़ें)
गोरखपुर में महिला को कार ने मारी टक्कर:परिजन बोले- इलाज के बहाने अस्पताल ले जाकर मारपीट की
गोरखपुर के बांसगांव थाना क्षेत्र के मालनपार चौराहे पर शाम करीब 4 बजे एक कार चालक ने एक महिला को रौंद दिया। इस घटना के बाद आसपास के लोगों में अफरातफरी का माहौल हो गया। देखते ही देखते चौराहे पर लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई। घटना में स्थानीय निवासी चंद्रावती देवी (45) अपने बेटे के साथ घर जा रही थी। तभी UP53AU1167 इग्निस कार का चालक अपनी गाड़ी बैक कर रहा था। पीछे जा रही चंद्रावती को टक्कर मार दिया। इस टक्कर में वो मुंह के बल सड़क पर गिर गईं। घर वालों का कहना है कि इस घटना में उनके मुंह और हाथ में चोट आई है। स्थानीय लोगों ने बताया कि घटना के बाद कर चालक वाहन से फरार होने लगा लेकिन स्थानीय लोग और घर वालों ने कार चालक को थोड़ी दूरी पर घर कर पकड़ लिया। चंद्रावती की भतीजी अंशिका का कहना है कि कार चालक ने सबके सामने मरहम पट्टी करवाने के लिए गोरखपुर के खजांची में स्थित एक निजी अस्पताल भर्ती करवाने के नाम वहाँ से लेकर आया। परिवार का आरोप है कि यहां आने के बाद कार चालक अपने साथियों को बुलाकर लाया। अंशिका ने बताया कि- कार चालक और उसके साथियों ने मेरे परिवार के साथ मारपीट की और धमकी देने लगा। जब तक हम लोग पुलिस को बुलाते तब तक वह फरार हो गए थे।
दरभंगा जिले में एलपीजी गैस की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था पूरी तरह सामान्य बनी हुई है। जिला प्रशासन ने उपभोक्ताओं को आश्वस्त करते हुए कहा है कि जिले में पर्याप्त मात्रा में गैस सिलेंडर उपलब्ध हैं और सभी गैस एजेंसियों के माध्यम से नियमित आपूर्ति की जा रही है। एक दिन में 10,721 सिलेंडरों का हुआ वितरण जिला आपूर्ति विभाग के अनुसार, गुरुवार को जिले की 75 गैस एजेंसियों द्वारा कुल 10,721 एलपीजी सिलेंडरों का वितरण किया गया। इनमें दरभंगा सदर अनुमंडल में 8,390, बेनीपुर अनुमंडल में 558 तथा बिरौल अनुमंडल में 1,773 सिलेंडर उपभोक्ताओं तक पहुंचाए गए। वितरण के बाद भी एजेंसियों के गोदामों में 10,239 सिलेंडर उपलब्ध हैं। 5 जून को 21,540 सिलेंडर वितरण का लक्ष्य विभाग ने 5 जून के लिए जिले में 21,540 एलपीजी सिलेंडरों के वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके तहत दरभंगा सदर अनुमंडल में 13,752, बेनीपुर में 1,993 और बिरौल अनुमंडल में 5,795 सिलेंडरों की आपूर्ति की जाएगी। गैस एजेंसियों का हुआ औचक निरीक्षण एलपीजी वितरण व्यवस्था की निगरानी के लिए प्रशासन के वरीय अधिकारियों ने छह गैस एजेंसियों और एक अन्य स्थान का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान वितरण प्रक्रिया, स्टॉक की स्थिति और उपभोक्ताओं को दी जा रही सेवाओं की समीक्षा की गई। बुकिंग के 2 से 3 दिनों में मिल रहा सिलेंडर उप निदेशक जनसंपर्क ने बताया कि शहरी क्षेत्रों में 25 दिनों और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिनों के अंतराल पर गैस बुकिंग की व्यवस्था है। इसके बावजूद उपभोक्ताओं को बुकिंग के दो से तीन दिनों के भीतर गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जा रहा है। शादी-विवाह एवं अन्य आयोजनों के लिए कमर्शियल गैस सिलेंडरों की आपूर्ति भी सुचारु रूप से जारी है। अनियमितता पर होगी सख्त कार्रवाई जिलाधिकारी ने सभी गैस एजेंसियों को बुकिंग के अनुरूप निर्धारित दर पर होम डिलीवरी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि एलपीजी वितरण में पारदर्शिता और समयबद्धता बनाए रखना आवश्यक है तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित एजेंसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने अफवाहों से बचने की अपील की जिला प्रशासन ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे गैस की उपलब्धता को लेकर किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें। जिले में पर्याप्त मात्रा में एलपीजी उपलब्ध है और आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह सुचारु रूप से संचालित की जा रही है।
बांदा जिले के मरका थाना क्षेत्र में एक 19 वर्षीय युवती ने शादी का झांसा देकर दुष्कर्म किए जाने का आरोप लगाया है। पीड़िता की तहरीर पर पुलिस ने दो सगे भाइयों समेत छह लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़िता ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि उसकी गांव के दो युवकों से करीब एक वर्ष से जान-पहचान थी। उसने आरोप लगाया कि सत्यम सिंह ने उससे शादी का वादा किया और उसे पत्नी की तरह अपने साथ रखा। इस दौरान उसने शादी का झांसा देकर उसके साथ दुष्कर्म किया। युवती का यह भी आरोप है कि सत्यम सिंह के भाई नमो सिंह ने भी उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता के अनुसार, जब उसने दोनों आरोपितों से शादी करने की बात कही तो उन्होंने और उनके परिवार के अन्य सदस्यों ने उसके साथ गाली-गलौज की तथा मारपीट की। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी भी दी गई। मामले में पुलिस ने पीड़िता की तहरीर के आधार पर दो सगे भाइयों सहित कुल छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। विवेचक शिव कुमार सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर अभियोग पंजीकृत कर लिया गया है तथा प्रकरण की जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
शहडोल जिले में अवैध रेत खुदाई, ढुलाई और रेत जमा करने के खिलाफ प्रशासन ने कार्रवाई की है। अमलाई पुलिस और माइनिंग विभाग ने मिलकर अभियान चलाया और अवैध रेत से लदे ट्रैक्टर-हाईवा जब्त किए। इसके साथ ही, लगभग 130 घन मीटर अवैध रेत को मौके पर ही नष्ट करवा दिया। अमलाई पुलिस ने गुरुवार को लखवारिया टोला-खमरौंध रास्ते पर गश्त के दौरान मुखबिर की सूचना पर एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को रोका। इस गाड़ी में अवैध रूप से रेत ले जाई जा रही थी, जिसके कोई भी पक्के कागज़ ड्राइवर के पास नहीं थे। पुलिस ने ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त कर ड्राइवर और मालिक हरदेव सिंह के खिलाफ खनिज अधिनियम के तहत केस दर्ज कर लिया है। माइनिंग विभाग ने 10 से ज्यादा जगहों पर मारा छापा इसी अभियान के तहत माइनिंग विभाग की टीम ने भी अवैध रेत निकालने वालों के खिलाफ अभियान चलाया। विभाग ने रेत से लदे एक हाईवा को पकड़ने के साथ ही जिले के 10 से ज्यादा ठिकानों पर छापेमारी की। इस पूरी कार्रवाई के दौरान करीब 130 घन मीटर अवैध रेत ज़ब्त की गई और उसे नियम के मुताबिक नष्ट करा दिया गया। खदानों का ठेका न होने पर भी हो रही थी खुदाई अफसरों ने बताया कि जिले में इस समय रेत खदानों का कोई ठेका नहीं है, इसके बावजूद कुछ लोग चोरी-छिपे अवैध खुदाई, ढुलाई और रेत जमा करने के खेल में लगे हुए हैं। इसी को देखते हुए पुलिस और माइनिंग विभाग मिलकर लगातार निगरानी रख रहे हैं। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि अवैध खनन में शामिल लोगों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।
गाजियाबाद के लोनी के गनौली गांव निवासी दूध व्यापारी ओंकार को 10 गोली मारकर अगवा किए जाने के चर्चित मामले में आज बखेड़ा हो गया। धरने पर सपा नेता और पथिक सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुखिया गुर्जर भी पहुंचे थे। इस दौरान डीसपी देहात सुरेंद्रनाथ तिवारी धरने पर समर्थकों को समझाने लगे। डीसीपी ने कहा कि पुलिस कार्रवाई कर रही है, अभी तक 17 लोग अरेस्ट हो चुके हैं, मैं यहां आपकी बात सुनने आया हूं। मुखिया गुर्जर पूर्र में बीजीपी में रहे हैं। उनके बेटे कुलंविदर मेरठ से जिला पंचायत अध्यक्ष रह चुके हैं। 2015 मे मेरठ से मुखिया गुर्जर को पुलिस ने शांतिभंग में जेल भेजा था। मुखिया गुर्जर ने कहा डीएम एसएसपी भी सस्पेंड हुए मुखिया गुर्जर ने धरने पर कहा कि यहां तो गाजियाबाद में डीएम और एसएसपी भी सस्पेंड हुए हैं। यह सब को पता है। डीसीपी ने सुरेंद्रनाथ तिवारी ने कहा कि आप धमकी दे रहे हैं। इस पर मुखिया गुर्जर ने कहा कि आप टेक्निकल भाषा मत बोलिए। इसके बाद बखेड़ा हो गया। डीसीपी फोर्स के साथ खड़े हो गए। जहां मुखिया गुर्जर के समर्थकों और पुलिस की नोंकझोंक हुई। जिसके बाद मुखिया गुर्जर अधिकारियों पर चिल्लाते रहे। इसके बाद मुखिया गुर्जर तेज आवाज में बोलते रहे। समर्थकों ने पुलिस से हाथापाई करते हुए वर्दी खींच ली। इसकी वीडियो भी सामने आई है। डीसीपी को बचाने के लिए एसीपी लोनी ने धक्के देकर लोगों को हटाया। मुख्य पांच आरोपी अभी भी फरार मुख्य आरोपियों गौरव, सौरभ उर्फ भोला, गोपाल, गौरव निवासी बादलपुर और मोहित की तलाश जारी है। इन सभी पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि कुछ लोग फरार आरोपियों को संरक्षण और मदद पहुंचा रहे थे। इसी आधार पर पुलिस ने संदीप भाटी, संदीप कुमार मावी, राहुल भाटी, सुमित और अमित को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि उनका पीड़ित पक्ष से पुराना विवाद और रंजिश चली आ रही थी। इसी रंजिश का बदला लेने के लिए साजिश रचकर इस घटना को अंजाम दिया गया। 1 हजार जवान सर्च कर रहे पुलिस के अनुसार मामले की जांच लगातार जारी है और फरार आरोपियों की तलाश के लिए 10 टीमें लगी हुई हैं। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही बाकी आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। ओमकार की बरामदगी को लेकर भी पुलिस का सर्च अभियान लगातार जारी है। गाजियाबाद पुलिस के एक हजार जवान गाजियाबाद, हापुड़, नोएडा, और बागपत में के अलावा दिल्ली क्षेत्र में भी लाश तलाश रहे हैं। 10 गोली मारकर ले गए थे लाश 30 मई को कार सवार हमलावरों ने दूध व्यापारी ओंकार को10 गोलियां मारी थीं। ओंकार गनौली गांव के रहने वाले थे। यह गांव भाजपा विधायक नंद किशोर गुर्जर का गांव है। ओंकार के भाई सुरेंद्र ने शिकायत दर्ज कराई थी कि कुछ लोगों ने ओंकार को गोली मारने के बाद जबरन गाड़ी में डालकर अपने साथ ले गए। थाना प्रभारी लोनी मुकेश सोलेंकी को पुलिस कमिश्नर जे. रविंदर गौड ने सस्पेंड कर दिया था।
संभल में कीटनाशक का छिड़काव करते समय बिजली का करंट लगने से एक मजदूर की मौत हो गई। यह मामला दो अलग-अलग जातियों से जुड़ा होने के कारण पुलिस प्रशासन अलर्ट पर है। गांव में थाना पुलिस के साथ पीएसी भी तैनात की गई है। मृतक के परिजनों ने हत्या का आरोप लगाते हुए चार घंटे तक हंगामा किया था। घटना बुधवार सुबह करीब 10 बजे नखासा थाना क्षेत्र के दरियापुर राजदेव गांव में हुई। गांव निवासी वीर सिंह के गन्ने के खेत में कीटनाशक स्प्रे करने के लिए 29 वर्षीय अमरजीत पुत्र रामफल को मजदूरी पर बुलाया गया था। अमरजीत खेत के किनारे लगे खंभों पर ट्रांसफार्मर से मोटर चलाने के लिए तार लगा रहा था, तभी वह सीधे करंट की चपेट में आ गया और झुलसकर खेत में गिर गया। खेत मालिक वीर सिंह अपने बेटे निगम के साथ अमरजीत को इलाज के लिए अमरोहा जनपद की नगर पंचायत सैदनगली के एक डॉक्टर के पास ले गए, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। इसके बाद, खेत स्वामी ने घटना की सूचना मृतक के बड़े भाई शूरवीर को दी। शूरवीर अमरजीत को पहले संभल और फिर मुरादाबाद के निजी अस्पतालों में ले गया, लेकिन तीनों ही जगह डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। दोपहर करीब 2 बजे शूरवीर अपने छोटे भाई का शव लेकर गांव पहुंचा। मजदूर की मौत से परिजनों में भारी कोहराम मच गया और उन्होंने हत्या का आरोप लगाते हुए चार घंटे तक विरोध प्रदर्शन किया। कड़ी सुरक्षा के बीच मजदूर के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए गंगा घाट ले जाया गया। परिजनों की ओर से अभी तक पुलिस को कोई औपचारिक शिकायत नहीं दी गई है। मृतक अमरजीत अपने पीछे पत्नी पूजा और डेढ़ साल के बेटे श्रीशिकांत को छोड़ गया है। गुरुवार की सुबह से ही थाना प्रभारी संजय कुमार शर्मा, एसआईआई नरेंद्र कुमार, महिला दरोगा राखी के अलावा थाना पुलिस एवं पीएसी बल को तैनात किया गया। शाम 04 बजे शव पोस्टमार्टम होने के बाद गांव पहुंचा और शाम 06 बजे परिजन उसे अंतिम संस्कार के लिए पड़ोसी जनपद अमरोहा के तिगरी गंगा घाट ले गए। थाना प्रभारी संजय कुमार ने बताया कि मजदूर की करंट लगने से मौत हुई थी। परिजनों की मांग पर पोस्टमार्टम कराया गया था। रिपोर्ट आने के बाद परिजनों की शिकायत पर कार्रवाई की जाएगी, फिलहाल अभी कोई शिकायत नहीं मिली है। वहीं गांव में एतिहात के तौर पर पुलिस को तैनात किया गया है।
सिरसा जिले में हरियाणा-राजस्थान सीमा पर स्थित बणी गांव के दो युवक वीरवार को इंदिरा गांधी नहर में डूब गए। ये युवक गर्मी से राहत पाने के लिए अपने दस दोस्तों के साथ नहर में नहाने गए थे। समूह के आठ युवक शाम को घर लौट आए, लेकिन मनीष और मोहित गहरे व तेज बहाव में बह गए। दोस्तों ने गांव पहुंचकर घटना की जानकारी दी, जिसके बाद परिजन और ग्रामीण नहर की ओर भागे और गोताखोरों की मदद से तलाश शुरू की। यह घटना हरियाणा के बणी को राजस्थान के सुरेवाला से जोड़ने वाले इंदिरा नहर के पुल के पास हुई। डूबे हुए युवकों की पहचान राजकुमार के पुत्र मनीष (14 वर्ष) और रोहताश के पुत्र मोहित (17 वर्ष) के रूप में हुई है। दोनों युवक अपने परिवारों के इकलौते बेटे थे। गांव में इस घटना के बाद गमगीन माहौल है। जिला प्रशासन ने कुछ दिन पहले ही नहरों में बच्चों के डूबने की घटनाओं के मद्देनजर नहाने पर प्रतिबंध लगाया था। इसके बावजूद बणी गांव के ये युवक राजकैनाल (इंदिरा गांधी नहर का हिस्सा) में नहाने चले गए। शाम ढलने तक गोताखोरों ने अपना तलाशी अभियान रोक दिया था, और डूबे हुए युवक अभी तक नहीं मिल पाए थे। डूबे हुए युवकों की तलाश सुरेवाला चौकी पुलिस (राजस्थान) और करीवाला चौकी पुलिस (हरियाणा) गोताखोरों के साथ मिलकर कर रही है। नहर किनारे युवकों की मोटरसाइकिल और कपड़े भी मिले हैं, जो उनकी उपस्थिति की पुष्टि करते हैं।
आगरा में एक बेहद दुखद हादसा सामने आया है, जहाँ पॉलिटेक्निक की प्रवेश परीक्षा देने जा रहे 15 वर्षीय छात्र लखविंदर सिंह की ईएमयू ट्रेन में चढ़ते समय पैर फिसलने से मौत हो गई। यह घटना थाना एत्मादपुर क्षेत्र के छलेसर स्टेशन पर हुई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, हाथरस जिले के ग्राम लाडपुर निवासी नागेंद्र सिंह का पुत्र लखविंदर सिंह (15 वर्ष) आगामी 5 जून को होने वाली पॉलिटेक्निक प्रवेश परीक्षा देने के लिए घर से निकला था। वह जलेसर रोड स्टेशन से ईएमयू ट्रेन (संख्या- 64956) में सवार होकर अपने परीक्षा केंद्र 'श्रीराम आदर्श डिग्री कॉलेज, सिकंदरा पनवारी' जा रहा था। शाम करीब 04:50 बजे, छलेसर स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर दो पर ट्रेन में चढ़ने के दौरान अचानक लखविंदर का पैर फिसल गया और वह ट्रेन की चपेट में आ गया। ट्रेन की चपेट में आने से उसकी मौके पर ही दर्दनाक मृत्यु हो गई। इस हादसे के बाद स्टेशन पर अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने मृतक छात्र के पास से मिले दस्तावेजों और पहचान पत्र के आधार पर उसके परिजनों को इस दुखद घटना की जानकारी दी। इकलौते बेटे की मौत की खबर सुनते ही परिवार में कोहराम मच गया और रो-रोकर बुरा हाल है। मामले की जानकारी राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) को दे दी गई है। जीआरपी टीम ने शव को कब्जे में लेकर पंचायतनामा की विधिक कार्रवाई पूरी की है, जिसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। स्थानीय प्रशासन के अनुसार, मौके पर शांति व्यवस्था कायम है।
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने प्रयागराज स्थित पोस्टल सिविल डिवीजन के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर (सिविल) आशीष अग्रवाल को 1.50 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उन्होंने एक ठेकेदार के करीब 40 लाख रुपए के लंबित बिलों के भुगतान के बदले तीन लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी।सीबीआई ने आरोपी एग्जीक्यूटिव इंजीनियर आशीष अग्रवाल को गिरफ्तार कर लिया है। उसे सक्षम न्यायालय, लखनऊ में पेश किया जाएगा। एजेंसी की ओर से आरोपी से जुड़े ठिकानों पर तलाशी की कार्रवाई भी की जा रही है। मामले में आगे की जांच जारी है। रजिस्टर ठेकेदार की शिकायत पर दर्ज हुआ केस सीबीआई ने 3 जून को एक पंजीकृत ठेकेदार की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया था। शिकायतकर्ता अपनी प्रोपराइटर फर्म के जरिए डाक विभाग के लिए विभिन्न निर्माण कार्य करता है। उसने आरोप लगाया कि कई परियोजनाओं के लगभग 40 लाख रुपए के लंबित भुगतान को जारी करने के बदले एग्जीक्यूटिव इंजीनियर आशीष अग्रवाल ने तीन लाख रुपए की अवैध मांग की थी। बिल पास नहीं करने की दी थी धमकी शिकायत के मुताबिक आरोपी अधिकारी ने पहले 90 हजार रुपए की रिश्वत देने के लिए दबाव बनाया था। साथ ही चेतावनी दी थी कि यदि मांग पूरी नहीं की गई तो लंबित बिलों का भुगतान जारी नहीं किया जाएगा। ये कार्य कानपुर देहात, वाराणसी, अकबरपुर, बलरामपुर और प्रयागराज समेत विभिन्न जिलों में कराए गए थे। सीबीआई के ट्रैप में फंसा आरोपी मामले की जांच के बाद सीबीआई ने 4 जून को जाल बिछाया और आरोपी अधिकारी को शिकायतकर्ता से 1.50 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी से पूछताछ की जा रही है। लखनऊ की अदालत में पेश करेगी सीबीआई सीबीआई ने आरोपी एग्जीक्यूटिव इंजीनियर आशीष अग्रवाल को गिरफ्तार कर लिया है। उसे सक्षम न्यायालय, लखनऊ में पेश किया जाएगा। एजेंसी की ओर से आरोपी से जुड़े ठिकानों पर तलाशी की कार्रवाई भी की जा रही है। मामले में आगे की जांच जारी है।
राजस्थान में गहराया जलवायु संकट:हीटवेव-जल संकट से बच्चों और महिलाओं पर सबसे ज्यादा असर
जलवायु परिवर्तन का असर अब केवल पर्यावरण तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह लोगों के स्वास्थ्य, शिक्षा, जल संसाधनों और आजीविका पर भी सीधा प्रभाव डाल रहा है। राजस्थान में बढ़ती हीटवेव, जल संकट, अनियमित वर्षा और सूखे जैसी परिस्थितियों को लेकर विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर यूनिसेफ और फ्यूचर सोसायटी की ओर से जयपुर के कॉन्स्टीट्यूशनल क्लब में मीडिया राउंडटेबल का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पर्यावरण विशेषज्ञों, मौसम वैज्ञानिकों और पत्रकारों ने प्रदेश में जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न चुनौतियों और उनके समाधान पर विस्तार से चर्चा की। कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए यूनिसेफ राजस्थान के प्रमुख रूषभ हेमानी ने कहा कि जलवायु परिवर्तन अब भविष्य की समस्या नहीं, बल्कि वर्तमान की सबसे बड़ी विकासात्मक चुनौतियों में शामिल हो चुका है। इसका सबसे अधिक असर बच्चों, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और समाज के कमजोर वर्गों पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि अत्यधिक गर्मी और जल संकट की दोहरी मार विशेष रूप से महिलाओं और बालिकाओं के जीवन को प्रभावित कर रही है। ऐसे में जलवायु परिवर्तन से जुड़े मुद्दों को केवल पर्यावरणीय नहीं बल्कि सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी चुनौती के रूप में देखने की जरूरत है। कार्यशाला को संबोधित करते हुए यूनिसेफ के चीफ के.एल. राव ने कहा कि जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न चुनौतियों से निपटने में मीडिया की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि मीडिया लोगों तक वैज्ञानिक और प्रमाणिक जानकारी पहुंचाने, जागरूकता बढ़ाने तथा सरकार की योजनाओं और प्रयासों को जन-जन तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बन सकता है। उन्होंने बताया कि यूनिसेफ ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन एवं मानव स्वास्थ्य कार्यक्रम के क्रियान्वयन में सहयोग किया है। इसके तहत राजस्थान के सभी जिलों में जिला जलवायु परिवर्तन एवं मानव स्वास्थ्य कार्यक्रम स्थापित किए गए हैं, ताकि जलवायु परिवर्तन के स्वास्थ्य संबंधी प्रभावों की निगरानी और उनसे निपटने की तैयारी मजबूत की जा सके। के.एल. राव ने बताया कि शिक्षा विभाग के सहयोग से सरकारी विद्यालयों के लिए विशेष हीटवेव शिक्षण मॉड्यूल तैयार किया गया है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों और शिक्षकों को अत्यधिक गर्मी के प्रभाव, उससे बचाव के उपाय, जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया जाएगा। उनका कहना था कि बच्चों को शुरुआती स्तर पर ही जलवायु परिवर्तन के प्रभावों और समाधान के बारे में शिक्षित करना समय की मांग है। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने कहा कि राजस्थान में बढ़ते तापमान, अनियमित वर्षा और लगातार हो रहे भूजल दोहन के कारण जल संसाधनों पर दबाव तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले वर्षों में जल संकट और गंभीर रूप ले सकता है। उन्होंने जल संरक्षण, भूजल पुनर्भरण, वर्षा जल संचयन और जल बजटिंग जैसी पहलों को वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया। उनके अनुसार सामुदायिक स्तर पर जल संरक्षण की आदत विकसित किए बिना इस चुनौती से निपटना संभव नहीं होगा। कार्यशाला के दौरान आयोजित ऑनलाइन सत्रों में यूनिसेफ के क्लाइमेट चेंज एंड एनवायरनमेंट सस्टेनेबिलिटी स्पेशलिस्ट युसूफ कबीर और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक हेल्थ (IIPH) के प्रोफेसर महावीर गोलछा ने बढ़ते तापमान के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों और उनसे बचाव के उपायों पर जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि हीटवेव के दौरान पर्याप्त पानी पीना, धूप में अनावश्यक रूप से बाहर न निकलना और संवेदनशील वर्गों का विशेष ध्यान रखना बेहद जरूरी है। यूनिसेफ के कम्युनिकेशन स्पेशलिस्ट अंकुश सिंह ने बताया कि युवाओं को जलवायु परिवर्तन के मुद्दों से जोड़ने और नेतृत्व क्षमता विकसित करने के लिए यूथ फॉर क्लाइमेट एक्शन पहल शुरू की जा रही है। इसके तहत स्वामी विवेकानंद युवा पोर्टल के माध्यम से युवाओं को जलवायु विज्ञान, जलवायु नीति, हरित रोजगार, सतत विकास और सामुदायिक नेतृत्व जैसे विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। फ्यूचर सोसायटी की सचिव डॉ. मीना शर्मा ने कहा कि भविष्य में जलवायु अनुकूल स्वास्थ्य सेवाओं, जल सुरक्षा, जलवायु-स्मार्ट स्कूलों और युवाओं की भागीदारी को और मजबूत बनाने की दिशा में काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बदलते पर्यावरणीय परिदृश्य में बच्चों के जीवन और भविष्य को सुरक्षित रखना सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए। कार्यक्रम में जयपुर के वरिष्ठ और युवा पत्रकारों के साथ पर्यावरण एवं सामाजिक क्षेत्र से जुड़े कई प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सभी वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि जलवायु परिवर्तन के खिलाफ लड़ाई केवल सरकारी प्रयासों से नहीं जीती जा सकती, बल्कि इसके लिए समाज के हर वर्ग की भागीदारी और व्यापक जनजागरूकता जरूरी है। मीडिया, युवाओं और स्थानीय समुदायों की सक्रिय भूमिका ही इस चुनौती का प्रभावी समाधान सुनिश्चित कर सकती है।
प्रतापगढ़ के अंतू कोतवाली क्षेत्र स्थित रेवरिया गांव में गुरुवार देर शाम करीब 6:30 बजे करीब एक 10 वर्षीय बालक का शव अमरूद के पेड़ पर संदिग्ध परिस्थितियों में लटका मिला। घटना की सूचना मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। मृतक बालक अपने परिवार में सबसे छोटा था। उसके पिता ट्रक चालक हैं, जबकि उसकी मां का दो वर्ष पूर्व निधन हो चुका है। परिवार में दो भाई और एक बहन हैं। परिजनों ने बच्चे की हत्या का आरोप लगाया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, मृतक के पिता ने उसकी मौसी से दूसरी शादी कर ली थी। इस पारिवारिक पृष्ठभूमि को लेकर भी गांव में विभिन्न चर्चाएं हो रही हैं। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। सीओ सिटी प्रशांत राजू ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, पुलिस परिजनों और ग्रामीणों से पूछताछ कर रही है ताकि घटना के पीछे के कारणों का पता लगाया जा सके।
प्रभारी मंत्री ने राजस्व विभाग की समीक्षा की:शिकायतों का प्राथमिकता से निस्तारण करने के निर्देश दिए
बुलंदशहर में उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री और जनपद के प्रभारी मंत्री सुरेंद्र दिलेर ने गुरुवार को राजस्व एवं चकबंदी विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने आमजन से जुड़े कार्यों का समयबद्ध और पारदर्शी ढंग से निस्तारण करने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राजस्व विभाग से संबंधित सेवाएं लोगों को सरलता और सुगमता से मिलनी चाहिए। उन्होंने किसी भी कार्य को अनावश्यक रूप से लंबित न रखने और जनसामान्य की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित करने पर जोर दिया। मंत्री दिलेर ने यह भी कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। इसके लिए अधिकारियों को लोगों के बीच जाकर योजनाओं के प्रति जागरूकता बढ़ानी होगी और निरंतर संवाद बनाए रखना होगा। उन्होंने जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाई जाने वाली समस्याओं और शिकायतों का भी त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर जिलाधिकारी कुमार हर्ष ने प्रभारी मंत्री को आश्वस्त किया कि उनके निर्देशों का अक्षरशः पालन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े मामलों के निस्तारण में किसी प्रकार की शिथिलता नहीं बरती जाएगी। समीक्षा बैठक में भाजपा जिलाध्यक्ष विकास चौहान, विधायक लक्ष्मी राज सिंह, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) अभिषेक सिंह, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) नीतीश कुमार सहित राजस्व एवं चकबंदी विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में विभागीय कार्यों की प्रगति, लंबित प्रकरणों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।

