मेंटेनेंस के चलते उदयपुर शहर में 15 जुलाई बुधवार को करीब 15 से ज्यादा इलाकों में पावर कट रहेगा। अजमेर विद्युत वितरण निगम के इंजीनियर्स के अनुसार इस दौरान सुबह 10 से 5 बजे तक बिजली बंद रहेगी। इसके तहत न्यू भोपालपुरा, सीपीएस स्कूल,अशोकनगर रोड नंबर 2,पन्ना विहार, वृंदावन धाम, डीपी सिंह गली, मयंक कॉलोनी, शुभ केसर गार्डन, राजकिरण गार्डन, दिव्य ज्योति, राम वाटिका, जैन कॉलोनी, आर्ची आर्केड, मेहता एंड संस एवं आसपास के क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी ।
पत्नी को पीटकर जबरन जहर खिलाने का आरोप:सूरजपुर में 1 महीने बाद पति गिरफ्तार; 5 साल पहले हुई थी शादी
सूरजपुर में पति पर अपनी पत्नी के साथ मारपीट कर जबरन जहर खिलाने और उसकी हत्या करने का आरोप लगा है। पुलिस ने घटना के करीब एक महीने बाद आरोपी पति को गिरफ्तार किया है। मामला रामानुजनगर थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, कोरिया जिले के अंगा गांव की रहने वाली आरती साहू की शादी करीब 5 साल पहले रामानुजनगर विकासखंड के लेडुवा गांव निवासी दिनेश साहू से हुई थी। दोनों के दो छोटे बच्चे हैं। आरती के पिता हंसलाल साहू ने बताया कि घटना वाले दिन दिनेश साहू ने उन्हें फोन कर कहा कि वह उनकी बेटी से परेशान हो गया है और उसे अपने साथ ले जाएं। पिता ने कहा कि वह करीब एक घंटे में पहुंच जाएंगे। कुछ देर बाद कहा- आरती ने जहर खा लिया पिता के अनुसार, कुछ देर बाद दिनेश ने फिर फोन किया और बताया कि आरती ने जहर खा लिया है। उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल सूरजपुर ले जाया जा रहा है। जब हंसलाल साहू अस्पताल पहुंचे, तब आरती बेहोश थी। देर रात होश आने पर उसने अपने पिता को बताया कि पति ने पहले उसके साथ मारपीट की और फिर जबरन जहर खिलाया। हालत बिगड़ने पर उसे अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। वहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पिता की शिकायत पर मामला दर्ज आरती के पिता ने रामानुजनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई। नवविवाहिता की असामान्य मौत होने के कारण कार्यपालिक दंडाधिकारी की मौजूदगी में पंचनामा और अन्य कानूनी कार्रवाई की गई। पुलिस ने जांच के दौरान मिले सबूतों और परिजनों के बयान के आधार पर आरोपी पति दिनेश साहू के खिलाफ मामला दर्ज किया और उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को भेजा गया जेल एसडीओपी अभिषेक पैकरा ने बताया कि जांच पूरी होने के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। वहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। मामले की आगे भी जांच जारी है।
पंचकूला पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 1.25 करोड़ रुपये की 625 ग्राम हेरोइन बरामद की। क्राइम ब्रांच सेक्टर-26 और एंटी नारकोटिक सेल ने अलग-अलग ऑपरेशन में दो अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया। आरोपी पड़ोसी राज्यों से हेरोइन लाकर ट्राईसिटी क्षेत्र में इसकी सप्लाई कर रहे थे। पुलिस अब दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड हासिल करेगी, ताकि पूरे सप्लाई नेटवर्क, सप्लायर और खरीदारों तक पहुंचा जा सके। क्राइम ब्रांच सेक्टर-26 को गुप्त सूचना मिली थी कि वंश ग्रोवर (24) बड़ी मात्रा में हेरोइन की खेप लेकर बरवाला-डेराबस्सी रोड पर सप्लाई देने आने वाला है। सूचना के आधार पर टीम ने घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से 321 ग्राम हेरोइन बरामद हुई, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 64 लाख रुपये से अधिक आंकी गई है।जांच में सामने आया कि आरोपी मूल रूप से पानीपत का रहने वाला है और फिलहाल जीरकपुर में किराये पर रह रहा था। वह खुद भी नशा करता था और ट्राईसिटी में हेरोइन की सप्लाई का काम भी करता था। आरोपी के खिलाफ थाना चंडीमंदिर में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। ANC की टीम ने पकड़ी 304 ग्राम हेरोइन एंटी नारकोटिक सेल को सूचना मिली कि सन्नी सिंह (44) निवासी अबोहर, जिला फाजिल्का (पंजाब) सेक्टर-21 स्थित घग्गर पुल के पास छठ पूजा स्थल पर एक ग्राहक को हेरोइन की खेप देने आने वाला है। इंस्पेक्टर सौरव रावत के नेतृत्व में टीम ने मौके पर दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान आरोपी के कब्जे से 304 ग्राम हेरोइन, एक मोबाइल फोन और 1,500 रुपये नकद बरामद हुए। जब्त हेरोइन की कीमत 60 लाख रुपये से अधिक आंकी गई है। इस मामले में थाना सेक्टर-20 में एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। रिमांड में खुलेंगे नेटवर्क के राज डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक अमरिंदर सिंह ने बताया कि दोनों मामलों में आरोपियों को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड लिया जाएगा। पूछताछ में यह पता लगाया जाएगा कि हेरोइन कहां से लाई जाती थी, किन-किन लोगों तक इसकी सप्लाई होती थी और इस अवैध कारोबार में कौन-कौन लोग शामिल हैं।
भोपाल में अवैध रूप से शराब बेचने और अहाते चलाने वालों पर आबकारी विभाग ने शिकंजा कंसा। सोमवार रात और मंगलवार को 20 से ज्यादा जगहों पर टीमें पहुंची और कार्रवाई की। अवैध शराब के एक पुराने केस में दो युवकों को भी पकड़ा। सहायक आबकारी आयु्क्त वीरेंद्र सिंह धाकड़ ने बताया कि आबकारी विभाग की टीम ने हर्ष मीणा जूस सेंटर के पीछे ग्राम चंदुखेड़ी थाना परवलिया क्षेत्र में दबिश दी। यहां से मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम, 1915 (संशोधित, 2000) की धारा 34(1)(क) एवं 34(2) के अंतर्गत पंजीबद्ध प्रकरण में फरार चल रहे आरोपी अजमल मीणा एवं गुरवेश सिंह को गिरफ्तार किया। अपराध गैर-जमानती होने के कारण दोनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। जहाँ से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। शराब दुकानों के बाहर दबिश कम्पोजिट मदिरा दुकान कोलार रोड,बिट्ठन मार्केट, इंदौर रोड के आसपास अवैध रूप से शराब पिलाने वालों पर भी कार्रवाई हुई। रेस्टोरेंट, होटल और ढाबों पर टीमों ने निरीक्षण कर कार्रवाई की। सहायक जिला आबकारी अधिकारी प्रीति शैलेंद्र के नेतृत्व में कार्रवाई हुई। सहायक जिला आबकारी अधिकारी विवेक सक्सेना, सुरेंद्र कुमार देवांगन, मनोज दुबे, महेश विश्वकर्मा, मनीष द्विवेदी, उप निरीक्षक नीरज दुबे एवं भ्रांति सरयाम भी मौजूद थे। लगातार चलेगी कार्रवाई सहायक आबकारी आयुक्त धाकड़ ने बताया, भोपाल जिले में अवैध मदिरा के निर्माण, परिवहन, संग्रहण एवं विक्रय के विरुद्ध कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। कानून का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
आगर मालवा की देसाई कॉलोनी में अतिक्रमण विरोधी अभियान के तहत एक वृद्ध महिला दुर्गाबाई का मकान तोड़े जाने का मामला मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय पहुंचा। एनएसयूआई (NSUI) के राष्ट्रीय महासचिव अंकुश भटनागर ने पीड़ित महिला के साथ कलेक्टर प्रीति यादव से मुलाकात कर मामले की निष्पक्ष जांच कराने और न्याय दिलाने की मांग की है। पट्टा और पीएम आवास होने के बाद भी तोड़ा मकान कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन में अंकुश भटनागर ने बताया कि वृद्ध महिला दुर्गाबाई के पास 'मुख्यमंत्री शहरी भू-अधिकार योजना' के तहत 538 वर्गफीट का वैध आवासीय पट्टा है। इसी पट्टे की जमीन पर उन्हें 'प्रधानमंत्री आवास योजना' के तहत मकान भी स्वीकृत हुआ था। योजना से मिली राशि के अलावा महिला ने करीब 80 हजार रुपए उधार लेकर अपने मकान का निर्माण शुरू कराया था, जिसे नगर पालिका और प्रशासन की टीम ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान ढहा दिया। गलत नाम के नोटिस पर कार्रवाई का आरोप एनएसयूआई नेताओं और पीड़ित महिला ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि तहसीलदार कार्यालय से जो बेदखली या अतिक्रमण का नोटिस जारी हुआ था, वह किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर था। उस नाम का कोई भी व्यक्ति उस मकान या जमीन से संबंधित नहीं था। बिना पूरी जांच-पड़ताल किए सीधे पात्र हितग्राही के मकान पर बुलडोजर चला दिया गया। दोषियों पर कार्रवाई और मुआवजे की मांग भटनागर ने कलेक्टर प्रीति यादव से मांग की है कि एक गरीब और पात्र महिला के साथ हुई इस गलत कार्रवाई की निष्पक्ष जांच कराई जाए। इस अवैध तोड़फोड़ के लिए जिम्मेदार दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई हो, महिला को हुए भारी नुकसान का उचित मुआवजा दिया जाए और उन्हें नियमानुसार दोबारा मकान बनाने की अनुमति दी जाए। उन्होंने कहा कि ऐसे संवेदनशील मामलों में प्रशासन को मानवीय दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।
किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (KGMU) के वृद्धावस्था मानसिक स्वास्थ्य विभाग में गंभीर मरीजों को अब आईसीयू और वेंटिलेटर के लिए दूसरे विभागों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। विभाग में पांच बेड का अत्याधुनिक आईसीयू-वेंटिलेटर यूनिट स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। फिलहाल विभाग में ओपीडी और भर्ती की सुविधा तो है, लेकिन आईसीयू या वेंटिलेटर की जरूरत पड़ने पर मरीजों को मेडिसिन, ट्रॉमा सेंटर या अन्य विभागों में भेजना पड़ता है। इससे समय पर और रोग की प्रकृति के अनुरूप इलाज देने में कठिनाइयां आती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार बढ़ती उम्र में होने वाली अधिकांश गंभीर बीमारियों का सीधा संबंध मस्तिष्क और मानसिक स्वास्थ्य से होता है। ऐसे मरीजों के लिए अलग आईसीयू की लंबे समय से जरूरत महसूस की जा रही थी। इसी आवश्यकता को देखते हुए विभाग ने पांच बेड के आईसीयू-वेंटिलेटर यूनिट का प्रस्ताव केजीएमयू प्रशासन को भेजा था, जिसे अब स्वीकृति मिल गई है। इसके साथ ही केजीएमयू उत्तर प्रदेश का पहला सरकारी संस्थान बनने की ओर अग्रसर है, जहां वृद्धावस्था मानसिक रोगों के गंभीर मरीजों के लिए समर्पित आईसीयू सुविधा उपलब्ध होगी। प्रस्ताव को मिली मंजूरी KGMU कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद ने बताया कि प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी गई है और जल्द ही यूनिट की स्थापना शुरू की जाएगी। ICU में 24 घंटे मरीजों की देखभाल के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ और पैरामेडिकल कर्मियों की तैनाती की जाएगी, ताकि गंभीर मरीजों को समय पर समुचित और सटीक उपचार मिल सके।
वाराणसी के बहुचर्चित हेमंत पटेल हत्याकांड में नामजद स्कूल प्रबंधक के बेटे को जिला कोर्ट और हाईकोर्ट के बाद अब सुप्रीम कोर्ट से भी निराशा मिली है। जिला अदालत और इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत न मिलने के बाद आरोपी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन वहां भी राहत नहीं मिली। सुनवाई के दौरान आरोपी पक्ष ने अपनी विशेष अनुमति याचिका (SLP) वापस ले ली, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने उसे खारिज कर दिया। चर्चित हत्याकांड 22 अप्रैल 2025 को हुआ था। जिसके बाद काफी हंगामे के बीच पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। हेमंत पटेल हत्याकांड में पुलिस कमिश्नर ने एसआईटी गठित कर की थी, जिसमें जांच IPS अफसर को दी गई थी। केस में लापरवाही बरतने वाले इंस्पेक्टर शिवपुर उदयवीर सिंह को लाइन हाजिर कर दिया गया था। बहुचर्चित हेमंत पटेल हत्याकांड में मुख्य आरोपी राज विजयेंद्र सिंह उर्फ रवि को देश की सर्वोच्च अदालत से भी राहत नहीं मिली। मामले की सुनवाई जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ के समक्ष हुई। सुनवाई के दौरान आरोपी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने याचिका वापस लेने की अनुमति मांगी। सुप्रीम कोर्ट ने अनुरोध स्वीकार करते हुए याचिका को खारिज कर दिया। मामले का ट्रायल निचली अदालत में जारी है। 22 अप्रैल को छात्र हेमंत की हुई थी हत्या वाराणसी में 22 अप्रैल को 12वीं के छात्र की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। ज्ञानदीप स्कूल प्रबंधक के बेटे ने हेमंत को गोली मारी थी, जिसका शव स्कूल के डायरेक्टर के घर में बने कमरे से बरामद हुआ था।हत्या के समय मौके पर छात्र के 2 दोस्त मौजूद थे। उनकी मदद से ही लहूलुहान छात्र को हॉस्पिटल ले जाया गया था। डॉक्टरों ने बताया था कि छात्र की कनपटी पर गोली लगी, जो आर-पार हो गई थी। FIR में स्कूल प्रबंधक के बेटे यजुवेंद्र सिंह उर्फ रवि, शशांक और किशन का नाम लिखा गया है। इनमें शशांक और किशन छात्र हेमंत के दोस्त थे। यही तीनों लोग उस कमरे में मौजूद थे। हेमंत स्कूल टीचर की बेटी को परेशान कर रहा था पुलिस सोर्स के मुताबिक स्कूल प्रबंधक के बेटे यजुवेंद्र सिंह उर्फ रवि को थाने लाया गया। उसने पूछताछ में बताया कि हमारे पास स्कूल की एक टीचर आई थीं। उन्होंने बताया था कि हेमंत उनकी बेटी को परेशान करता है। इसलिए हमने उसको समझाने के लिए बुलाया था। बातचीत में झगड़े की नौबत आ गई। छीना–झपटी में गोली चल गई। घटना के बाद वाराणसी के अधिवक्ताओं में भारी आक्रोश फैल गया था। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर वकीलों ने कई दिनों तक न्यायिक कार्य का बहिष्कार किया और प्रदर्शन किया। पुलिस द्वारा निष्पक्ष जांच का भरोसा दिए जाने के बाद आंदोलन समाप्त हुआ।
गोहलपुर पुलिस की तत्परता, रास्ता भटकी बच्ची मिली:10 वर्षीय मासूम को खोजकर पिता के सुपुर्द किया
गोहलपुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए रास्ता भटकी एक 10 वर्षीय बालिका को सकुशल उसके परिजनों से मिला दिया। मंगलवार शाम गोहलपुर तिराहे के पास अकेली रो रही बच्ची की सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी। गोहलपुर थाना प्रभारी रीतेश पाण्डे ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम बच्ची को सुरक्षित थाने ले आई। बच्ची ने अपना नाम और माता-पिता का नाम अनीता व राजू कोरी बताया, लेकिन वह अपने घर का पता नहीं बता पा रही थी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस प्रशासन सक्रिय हुआ। आला अधिकारियों ने बच्ची के परिजनों की तत्काल तलाश के निर्देश दिए। जबलपुर पुलिस कंट्रोल रूम ने वायरलेस सेट के माध्यम से शहर व देहात के सभी थानों को अलर्ट भेजा। साथ ही, पुलिस के विभिन्न व्हाट्सएप ग्रुपों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर मासूम की तस्वीर साझा कर परिजनों की तलाश शुरू की गई। सोशल मीडिया और स्थानीय लोगों की मदद से की गई सघन पतासाजी के बाद कटरा अधारताल निवासी राजू कोरी गोहलपुर थाने पहुंचे। उन्होंने रो रही बच्ची की पहचान अपनी बेटी के रूप में की। पूछताछ में सामने आया कि बच्ची स्कूल से छुट्टी के बाद घर लौटते समय रास्ता भटक गई थी और गोहलपुर की तरफ आ गई थी। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद पुलिस ने मासूम को उसके पिता के सुपुर्द कर दिया। बच्ची को सुरक्षित वापस पाकर परिजनों ने पुलिस की इस तत्परता का आभार व्यक्त किया। पुलिस अधिकारियों ने पिता को भविष्य में बच्ची की देखभाल में विशेष सावधानी बरतने की समझाइश देकर विदा किया।
विदिशा के मानव सेवा न्यास में सोमवार शाम भोजन को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। एक युवक ने पहले सेवादार से मारपीट की और फिर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। घटना में एक दिव्यांग बुजुर्ग समेत कई लोग घायल हो गए। पूरी वारदात न्यास में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई, जिसके वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, आरोपी युवक पिछले कुछ दिनों से मानव सेवा न्यास में भोजन करने आ रहा था। सोमवार शाम भी वह खाना खाने पहुंचा। भोजन के बाद उसने बची हुई सब्जी बगीचे में फेंकना शुरू कर दिया। वहां मौजूद सेवादार ने उसे ऐसा करने से रोका तो दोनों के बीच विवाद हो गया। आरोप है कि युवक ने पहले सेवादार को थप्पड़ मारे और फिर उसका गला पकड़कर धक्का दे दिया। देखिए तीन तस्वीरें डंडा छीनकर किया हमला सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, मौके पर मौजूद लोगों ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, लेकिन युवक और आक्रामक हो गया। उसने एक बुजुर्ग के हाथ से डंडा छीन लिया और वहां मौजूद लोगों पर हमला शुरू कर दिया। हमले में दिव्यांग बुजुर्ग झाबर सिंह समेत कई लोग घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आरोपी ने बुजुर्गों और दिव्यांगों पर भी डंडों से हमला किया। अचानक हुई इस घटना से न्यास परिसर में अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। सीसीटीवी के आधार पर आरोपी की तलाश घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों में आक्रोश है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान की जा रही है। जल्द ही उसे गिरफ्तार कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) ने छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन (JJM) के क्रियान्वयन में गंभीर खामियां उजागर की हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि कमजोर योजना, खराब क्रियान्वयन, निगरानी की कमी और गलत रिपोर्टिंग के कारण ग्रामीण पेयजल योजनाओं की दीर्घकालिक स्थिरता पर खतरा पैदा हो गया है। मार्च 2024 तक की अवधि पर आधारित 'छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन का प्रदर्शन ऑडिट' रिपोर्ट को मंगलवार को वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने विधानसभा में पेश किया। पढ़े रिपोर्ट की प्रमुख बातें CAG के अनुसार जल जीवन मिशन में योजना बनाने की प्रक्रिया तय मानकों के अनुसार नहीं अपनाई गई। गांव स्तर की कार्ययोजना तैयार किए बिना जिला कार्ययोजनाएं बनाई गईं, जबकि राज्य कार्ययोजना ही तैयार नहीं की गई। राज्य स्तर पर जल सुरक्षा योजना नहीं बनाई गई, जिससे जल स्रोतों की दीर्घकालिक उपलब्धता और योजनाओं के रखरखाव की स्पष्ट रणनीति नहीं बन सकी। मार्च 2025 तक 50 लाख ग्रामीण परिवारों को नल कनेक्शन देने का लक्ष्य था। जनवरी 2025 तक 40.10 लाख फंक्शनल हाउसहोल्ड टैप कनेक्शन (FHTC) लगाए गए, लेकिन इनमें से 13.31 लाख (करीब 33%) कनेक्शन गैर-कार्यशील पाए गए। गैर-कार्यशील कनेक्शनों के प्रमुख कारण सूख चुके जल स्रोत, अधूरी ओवरहेड टंकियां, बिजली कनेक्शन का अभाव और सोलर पंप नहीं लगना बताए गए। मार्च 2024 तक 'हर घर जल' प्रमाणित किया जाना था राज्य के सभी 19,656 गांवों को मार्च 2024 तक 'हर घर जल' प्रमाणित किया जाना था, लेकिन केवल 716 गांव (3.64%) ही प्रमाणित हो सके। ऑडिट में ऐसे मामले भी मिले जहां अधूरे कार्य के बावजूद गांवों को प्रमाणित कर दिया गया। किसी भी जिले में 100 प्रतिशत कवरेज नहीं मार्च 2024 तक राज्य के 33 में से किसी भी जिले और 146 में से किसी भी विकासखंड में 100 प्रतिशत नल जल कवरेज नहीं था। धमतरी में सबसे अधिक 98% कवरेज दर्ज हुई। बलौदाबाजार में 76% कवरेज रही। बाकी 15 जिलों में यह आंकड़ा 56 से 74 प्रतिशत के बीच रहा। योजनाओं की प्रगति बेहद धीमी रिपोर्ट के अनुसार जल जीवन मिशन के तहत स्वीकृत 29,153 सिंगल विलेज स्कीम में से मार्च 2024 तक केवल 172 योजनाएं पूरी हुईं और इनमें से सिर्फ 32 ग्राम पंचायतों को सौंपी गईं। वहीं 70 मल्टी विलेज स्कीम स्वीकृत होने के बावजूद मार्च 2025 तक एक भी योजना पूरी नहीं हो सकी, जिससे 9.85 लाख घरों तक सतही जल स्रोतों से पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य प्रभावित हुआ। सोलर आधारित योजनाओं में भी खामियां CAG ने पाया कि सोलर आधारित पेयजल योजनाओं में निर्धारित क्षमता से अधिक नल कनेक्शन जोड़ दिए गए, जिससे 28,984 परिवारों को निर्धारित मानकों के अनुसार पानी नहीं मिल पा रहा है। वित्तीय और गुणवत्ता संबंधी कमियां राज्य मिशन केंद्र और राज्य सरकार से मिलने वाले 6,480.04 करोड़ रुपये (केंद्र 3,285.38 करोड़ और राज्य 3,194.66 करोड़) जुटाने में विफल रहा। मनरेगा, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), जिला खनिज न्यास (DMF), सांसद निधि और CSR जैसी योजनाओं के संसाधनों के समन्वय की योजना भी नहीं बनाई गई। राज्य की 75 जल परीक्षण प्रयोगशालाओं में से केवल 4 लैब ही सभी 13 निर्धारित जल गुणवत्ता मानकों की जांच करने में सक्षम थीं। 37 प्रतिशत लैब NABL से मान्यता प्राप्त नहीं थीं। स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में जल गुणवत्ता की जांच भी निर्धारित मानकों के अनुसार नहीं की जा रही थी। CAG ने ये सिफारिश की रिपोर्ट में लंबित कार्यों को समय पर पूरा करने, विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने, 'हर घर जल' प्रमाणन प्रक्रिया की समीक्षा करने, NABL मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं की संख्या बढ़ाने और जल स्रोतों की दीर्घकालिक योजना के साथ सामुदायिक भागीदारी मजबूत करने की सिफारिश की गई है। सरकार ने कांग्रेस पर फोड़ा ठीकरा रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि दिसंबर 2023 में भाजपा सरकार बनने के बाद जल जीवन मिशन के कार्यों में तेजी आई है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली कांग्रेस सरकार मिशन को खराब स्थिति में छोड़कर गई थी, जिसके कारण योजना समय पर पूरी नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने मिशन की अवधि 2024 से बढ़ाकर 2028 तक कर दी है। अरुण साव ने बताया कि मार्च 2026 में केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत जल जीवन मिशन के दूसरे चरण को अब चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा, ताकि हर ग्रामीण परिवार तक सुरक्षित पेयजल पहुंचाया जा सके।
आगरा के थाना खंदौली में सादाबाद के सराफा कारोबारी से 40 लाख रुपए लूट की कहानी फर्जी निकली। पुलिस ने 3 घंटे में असलियत सामने ला दी। सराफा कारोबारी ने लोन होने के चलते लूट की कहानी रची थी। पुलिस ने जब उससे पूछताछ की तो वो बार-बार बयान बदल रहा था। ऐसे में पूछताछ में उसने सच्चाई बात दी। दो घंटे बाद दी थी सूचना सादाबाद के सराफा कारोबारी रामवीर ने पुलिस को करीब तीन बजे सूचना दी कि खंदौली के बगल घूंसा पर बाइक सवार बदमाशों ने मंगलवार दोपहर एक बजे 40 लाख रुपये लूट लिए हैं। वह बाइक से किनारी बाजार चांदी खरीदने आ रहे थे। उनके पास बैग में 40 लाख रुपये थे। बगल घूंसा के पास बाइक सवार बदमाशों ने उन्हें घेर लिया। अपनी बाइक बराबर में लाकर रामवीर को लात मारकर गिरा दिया। जिसके बाद तमंचा तानकर रुपयों से भरा बैग लूटकर भाग गए। लूट की जानकारी होने पर थाने का फोर्स मौके पर पहुंच गए। सराफा कारोबारी ने बताया कि लूटी गई रकम में 21 लाख रुपये उन्होंने लोन लिया था। जबकि 19 लाख रुपये दूसरे कारोबारियों के थे। वह अक्सर बाइक से खरीदारी करने किनारी बाजार जाते हैं। खंदौली की सीमा में आते ही बदमाश उनके पीछे लग गए थे। वारदात के दो घंटे बाद सूचना देने पर पुलिस को शक हुआ। डीसीपी आदित्य कुमार भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने सराफा कारोबारी से पूछताछ की। वो बार-बार अपना बयान बदल रहा था। पुलिस ने जब कड़ाई से पूछताछ की तो उसने बताया कि 60 लाख रुपए का लोन है। इसके चलते ही उसने लूट की फर्जी कहानी बनाई थी। जिस बैग में रुपए होने बताए थे, वो बैग भी पुलिस ने बरामद कर लिया। सीसीटीवी में नहीं दिखा बैगडीसीपी ने बताया कि तीन टीमों को सीसीटीवी चेक करने को लगाया था। व्यापारी ने बताया था कि वो दो बैग लेकर निकला था। मगर, सीसीटीवी में दूसरा बैग नहीं दिखा। जिस व्यक्ति से रुपए लेकर आया था, उसने वो बैग उधारी चुकाने के लिए दे दिया था। दो लोगों को रकम वापस करनी थी, ऐसे में उसने कहानी रची। डीसीपी ने बताया कि फर्जी लूट की सूचना देने वाले पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
भोपाल के आंचलिक विज्ञान केंद्र में मंगलवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नई ‘स्पेस एक्सप्लोरेशन गैलरी’ का उद्घाटन किया। इस अवसर पर केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत भी मौजूद रहे। उद्घाटन समारोह में विज्ञान एवं अंतरिक्ष अनुसंधान से जुड़े विभिन्न प्रदर्शनों का अवलोकन किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में हर क्षेत्र में तेजी से विकास हो रहा है। उन्होंने कहा कि भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए भारत ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। स्पेस टेक्नोलॉजी समेत कई क्षेत्रों में देश नई ऊंचाइयों को छू रहा है। कम खर्च में विश्वस्तरीय मॉडल तैयार किया सीएम ने केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने भी इन प्रयासों को लगातार प्रोत्साहित किया है। उन्होंने कहा कि कम खर्च में अधिकतम जानकारी उपलब्ध कराने वाला यह विश्वस्तरीय मॉडल तैयार किया गया है जो बच्चों की जिज्ञासाओं का समाधान करने के साथ उन्हें विज्ञान के प्रति प्रेरित करेगा। साथ ही यह प्रदेश का गौरव बढ़ाने का भी काम कर रहा है। गैलेरी में भारत की अंतरिक्ष यात्रा दिखाईं गई केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि गैलरी में प्राचीन काल से लेकर वर्तमान तक भारत की अंतरिक्ष यात्रा और इसरो की प्रमुख उपलब्धियों को प्रदर्शित किया गया है। उन्होंने कहा कि साथ ही अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत और मध्यप्रदेश की भूमिका, चल रहे शोध, तकनीकी विकास और भविष्य की योजनाओं को भी विस्तार से दर्शाया गया है, ताकि आने वाले लोग देश की अंतरिक्ष प्रगति को करीब से समझ सकें। मध्यप्रदेश ने अपनी स्पेस पॉलिसी बनाई केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में अंतरिक्ष क्षेत्र को आम लोगों और निजी कंपनियों के लिए खोला गया। इसके बाद इस क्षेत्र में तेजी से विकास हुआ है। उन्होंने कहा कि उन्हें खुशी है कि मध्यप्रदेश ने भी अपनी स्पेस पॉलिसी बनाई है, जिससे राज्य में अंतरिक्ष और तकनीक के क्षेत्र में नए अवसर पैदा होंगे।
मध्यप्रदेश पटवारी संघ ने अपनी लंबित मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन शुरू कर दिया है। आंदोलन के पहले चरण में प्रदेशभर के पटवारी 15 से 17 जुलाई तक तीन दिन के सामूहिक अवकाश पर रहेंगे। हरदा सहित जिले की सभी छह तहसीलों में पटवारियों ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। पटवारी संघ का कहना है कि कैडर रिव्यू, नियमित पदोन्नति और सेवा संबंधी अन्य मांगों को लेकर लंबे समय से शासन से मांग की जा रही है। लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। इसी के विरोध में संगठन ने लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन शुरू किया है। संघ के अनुसार, तीन दिन के सामूहिक अवकाश के दौरान राजस्व से जुड़े कई काम प्रभावित हो सकते हैं। संगठन ने प्रदेशभर के सभी पटवारियों से आंदोलन में शामिल होने की अपील की है। पटवारी संघ ने कहा कि यह आंदोलन किसी टकराव के लिए नहीं, बल्कि कर्मचारियों की न्यायोचित मांगों को सरकार तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के लिए किया जा रहा है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार जल्द मांगों पर सकारात्मक फैसला नहीं करती, तो आंदोलन के अगले चरण की घोषणा की जाएगी। संगठन का कहना है कि कैडर रिव्यू और समय पर पदोन्नति से कर्मचारियों के साथ-साथ राजस्व व्यवस्था और आम लोगों को मिलने वाली सेवाओं में भी सुधार होगा।
कासगंज में तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश:उमस भरी गर्मी से राहत, तापमान में गिरावट दर्ज
कासगंज में मंगलवार शाम अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। तेज ठंडी हवाओं के साथ झमाझम बारिश हुई, जिससे पूरा शहर तरबतर हो गया। दिनभर की तेज धूप और उमस भरी गर्मी से परेशान लोगों को इस बारिश से बड़ी राहत मिली। मौसम सुहावना होने से लोगों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी। बारिश शुरू होते ही बाजारों और सड़कों पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घरों से बाहर निकले लोग बारिश से बचने के लिए छाते का उपयोग करते दिखे, वहीं कई लोग दुकानों के बाहर या अन्य सुरक्षित स्थानों पर खड़े होकर बारिश रुकने का इंतजार करते रहे। सड़क पर दोपहिया वाहन चालकों को भी सावधानी से गुजरना पड़ा। लगातार बारिश और ठंडी हवाओं के कारण जिले के तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे मौसम सुहावना हो गया। इस बदलाव से लोगों ने राहत महसूस की। हालांकि, बारिश के चलते कुछ स्थानों पर जलभराव और यातायात की गति प्रभावित हुई, लेकिन अधिकांश लोगों ने इस बारिश का स्वागत किया और इसे भीषण गर्मी से राहत देने वाला बताया।
सम्भल के थाना हजरतनगर गढ़ी क्षेत्र के कस्बा सिरसी स्थित मोहल्ला चौधरियान में मंगलवार देर शाम 8 बजे हज़रत अब्बास अलैहिस्सलाम का अलम-ए-मुबारक जुलूस निकाला गया। इस पारंपरिक जुलूस में अहले सुन्नत जमात और शिया समुदाय के लोगों ने मिलकर हिस्सा लिया, जो आपसी भाईचारे और एकता का प्रतीक बना। जुलूस से पहले मजलिस-ए-सय्यदुश शोहदा अलैहिस्सलाम का आयोजन हुआ। इसमें मास्टर गदीरुल हसन और उनके साथियों ने सोज़खानी पेश की। प्रसिद्ध शायर मारूफ सिरसीवी ने कर्बला की घटना, इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम, हज़रत अब्बास अलैहिस्सलाम और उनके साथियों की कुर्बानियों पर प्रकाश डाला। मजलिस के बाद अलम-ए-मुबारक का जुलूस पारंपरिक मार्गों से निकला। इस दौरान नौहाखानी और सीनाज़नी की गई। अज़ादारों ने हज़रत अब्बास अलैहिस्सलाम की शहादत और वफ़ादारी को याद किया। जुलूस में स्थानीय अंजुमनों ने अपनी पारंपरिक शैली में नौहाखानी की। इनमें अंजुमन रौनक-ए-अज़ा, अंजुमन मुहाफिज़-ए-अज़ा, अंजुमन गुंचा-ए-इस्लाम, अंजुमन शमीम-ए-ईमान, अंजुमन फ़ैज़-ए-पंजेतन और अंजुमन गोहर-ए-अज़ा प्रमुख रूप से शामिल थीं। आयोजकों के अनुसार, यह पारंपरिक जुलूस पिछले 40 से 45 वर्षों से लगातार निकाला जा रहा है। इसकी मुख्य विशेषता यह है कि इसमें दोनों समुदाय के लोग बिना किसी भेदभाव के एक साथ शामिल होते हैं। यह जुलूस कर्बला के शहीदों को याद करने और समाज को आपसी सौहार्द, भाईचारे तथा शांति का संदेश देने के उद्देश्य से आयोजित किया जाता है। जुलूस निर्धारित मार्गों से होते हुए इमामबारगाह कला गरबी पहुंचकर शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
लखनऊ के मदेयगंज थानाक्षेत्र में सोमवार देर शाम कर्ज और सूदखोरों से परेशान एक पेंटिंग ठेकेदार ने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजन उसे फंदे से उतारकर बलरामपुर अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। खदरा निवासी वीरेंद्र गुप्ता (40) पेंटिंग ठेकेदार थे। परिवार में पत्नी शिल्पी और एक बेटी है। मृतक वीरेंद्र के बहनोई दिलीप गुप्ता ने बताया कि कुछ समय पहले काम में नुकसान होने के कारण वीरेंद्र का कारोबार ठप हो गया था। कारोबार संभालने के लिए उन्होंने बाजार से ब्याज पर रुपए उधार लिए थे। परिजनों का आरोप है कि लंबे समय से काम नहीं मिलने के कारण आमदनी बंद हो गई थी। इसी बीच सूदखोर लगातार रुपए वापस करने का दबाव बना रहे थे और भुगतान न होने पर पुलिस में शिकायत करने की धमकी भी दे रहे थे। इससे वीरेंद्र मानसिक तनाव में रहने लगे थे। सोमवार देर शाम परिवार के सभी सदस्य घर पर मौजूद थे। इस दौरान वीरेंद्र दूसरे कमरे में गए और दुपट्टे के सहारे पंखे से फांसी लगा ली। कुछ देर बाद पत्नी कमरे में पहुंची तो उन्हें फंदे से लटका देखा। शोर सुनकर परिजन और पड़ोसी मौके पर पहुंचे और उन्हें नीचे उतारकर बलरामपुर अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अस्पताल प्रशासन की सूचना पर मदेयगंज पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इंस्पेक्टर मदेयगंज ने बताया कि परिजनों से तहरीर मिलने के बाद आरोपों की जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
महराजगंज में संदिग्ध वाहनों की सघन चेकिंग:सीओ के नेतृत्व में चलाया गया अभियान
महराजगंज जनपद में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से सक्सेना नगर चौराहा पर सघन वाहन चेकिंग अभियान चलाया गया। यह अभियान क्षेत्राधिकारी (सीओ) अंकुर गौतम के नेतृत्व में हुआ। अभियान के दौरान कोतवाली पुलिस टीम ने दोपहिया और चारपहिया वाहनों की गहन जांच की। संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ भी की गई। पुलिस ने वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस, हेलमेट, सीट बेल्ट और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की जांच की। बिना कागजात चल रहे वाहनों और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों को नियमों का पालन करने की हिदायत दी गई। पुलिस ने संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष नजर रखते हुए वाहनों की डिक्की और सामान की भी जांच की। सीओ अंकुर गौतम ने बताया कि जनपद में शांति और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए ऐसे चेकिंग अभियान लगातार चलाए जा रहे हैं। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वाहन चलाते समय सभी आवश्यक दस्तावेज साथ रखें, यातायात नियमों का पालन करें और किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें। अभियान के दौरान पुलिस बल पूरी सतर्कता के साथ तैनात रहा, जिससे क्षेत्र में सुरक्षा का माहौल बना रहा।
गर्मी के लिए पानी स्टोरेज और जोधपुर शहर के फिल्टर प्लांट, पम्प हाउस, पाइप लाइनों के मेंटेनेंस के चलते 17 जुलाई को जोधपुर शहर के समस्त फिल्टर हाउस से सभी क्षेत्रों में पानी सप्लाई नहीं होगा। शहर के कायलाना, चौपासनी व सुरपुरा फिल्टर हाउस से संबंधित सभी क्षेत्रों में 17 जुलाई को होने वाली जलापूर्ति 18 जुलाई और 18 जुलाई को होने वाली जलापूर्ति 19 जुलाई को की जाएगी। पीएचईडी एसई राजेंद्र मेहता ने बताया कि झालामंड और 0 तख्त सागर फिल्टर हाउस से जुडे क्षेत्र सरस्वती नगर और कुड़ी भगतासनी हाउसिंग बोर्ड के विभिन्न सेक्टरों एवं पाल बाइपास, शिल्पग्राम के आस-पास क्षेत्रो में 17 जुलाई को सुबह 10:00 बजे तक की जाने वाली जलापूर्ति सामान्य रूप से होगी। इन क्षेत्रों में 18 जुलाई को की जाने वाली जलापूर्ति 19 जुलाई को और 19 जुलाई को की जाने वाली जलापूर्ति 20 जुलाई को होगी।
महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शुरू किए गए पंजाब पुलिस के ‘सांझ राहत केंद्र’ आज एक प्रभावी कम्युनिटी पुलिसिंग मॉडल के रूप में उभरकर सामने आए हैं। ये केंद्र संकटग्रस्त महिलाओं को हर तरह की सहायता, काउंसलिंग, संकट की स्थिति में तत्काल सहायता तथा रिहैबिलिटेशन सेवाएं उपलब्ध करवा रहे हैं। शुरुआत में मोहाली, फतेहगढ़ साहिब, लुधियाना और जालंधर स्थित सांझ राहत केंद्रों में केवल 2 प्रशिक्षित काउंसलर तैनात थे। अब इस पहल से कई काउंसलर जुड़ चुके हैं। पिछले 2 वर्षों में इन केंद्रों ने 1,656 मामलों की स्क्रीनिंग की है और 1,069 मामले दर्ज किए हैं। इस संबंध में पंजाब पुलिस के डीजीपी गौरव यादव ने कहा, “कुल 4 सांझ राहत केंद्र संकटग्रस्त महिलाओं को उनके मानसिक आघात से उबरने और सामान्य जीवन जीने में सहायता प्रदान कर रहे हैं। ऐसी पहलें विश्वास और सहयोग पर आधारित जनसुरक्षा के प्रति पंजाब पुलिस की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।” 'घरेलू हिंसा से पीड़ित महिला का किया बचाव' डीजीपी ने कहा, “सांझ राहत केंद्रों की सफलता की अनेक कहानियां हैं, लेकिन मोहाली में घरेलू हिंसा से पीड़ित एक महिला का समय रहते किया गया बचाव पंजाब पुलिस की प्रतिबद्धता का उदाहरण है। एक महिला ने सहायता के लिए संपर्क कर बताया कि उसका पति उसके साथ मारपीट कर रहा है और उसकी हत्या करवा देने की धमकी दे रहा है। उसे तुरंत सहायता की आवश्यकता थी। यह महिला पहली बार पंजाब पुलिस के संपर्क में नहीं आई थी, क्योंकि उसका एक पूर्व मामला पहले से ही एसएएस नगर (मोहाली) टीम के रिकॉर्ड में दर्ज था। सांझ राहत केंद्र की टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसकी सुरक्षा सुनिश्चित की, सुरक्षित परिवहन की व्यवस्था की और उसे उसके मायके तक सुरक्षित पहुंचाया, जहां वह सुरक्षित वातावरण में रह सकी।” 'कठिन समय से उबरने में महिला की मदद की' उन्होंने आगे कहा, “एक अन्य मामले में अकेली रह रही एक महिला गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती थी। सांझ राहत केंद्र की टीम ने उसकी काउंसलिंग कर उसे आवश्यक चिकित्सा उपचार स्वीकार करने के लिए प्रेरित किया, पीजीआई में भर्ती करवाने में सहायता की और विशेष तालमेल के माध्यम से लगभग दो महीने तक उसका इलाज सुनिश्चित करवाया। उपचार के दौरान उसका गर्भपात हो गया। इस कठिन समय में टीम ने लगातार भावनात्मक सहयोग और काउंसलिंग देकर उसे इस कठिन समय से उबरने में मदद की। स्वस्थ होने के बाद टीम ने उसे रोजगार दिलाने में भी सहायता की तथा उसके परिवार से पुनः जोड़ने का प्रयास किया, जिससे वह सम्मान और आत्मनिर्भरता के साथ अपना जीवन दोबारा शुरू कर सकी।” '11 लाख 75 हजार बच्चों को जागरूक किया' सांझ राहत केंद्रों के अलावा महिलाओं के कल्याण और सुरक्षा के लिए पंजाब पुलिस की कई अन्य पहलें भी प्रभावी साबित हुई हैं। जागृति कार्यक्रम के तहत पंजाब पुलिस की महिला मित्रों ने पिछले लगभग दो वर्षों में 12,482 स्कूलों तक पहुंच बनाकर 6 से 12 वर्ष आयु वर्ग के 11 लाख 75 हजार 10 बच्चों को जागरूक किया। इसी अवधि में 76 हजार 299 प्रधानाचार्यों, शिक्षकों, कर्मचारियों तथा अन्य स्टाफ सदस्यों को भी जागरूक किया गया। महिला हेल्प डेस्क (Women Help Desks) पहल के अंतर्गत पिछले 5 वर्षों में 69 हजार 329 जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। जिनमें साइबर अपराध, घरेलू हिंसा, बाल यौन शोषण, बाल-विवाह निषेध अधिनियम, जुवेनाइल जस्टिस (बालकों की देखभाल एवं संरक्षण) एक्ट , नशा मुक्ति तथा लैंगिक संवेदनशीलता जैसे विषयों पर लोगों को जागरूक किया गया। 530 से अधिक सांझ केंद्रों का सशक्त नेटवर्क गुरप्रीत कौर देओ ,स्पेशल डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (कम्युनिटी अफ़ेयर्स डिवीजन) ने कहा,“वर्ष 2011 में स्थापना के बाद से ‘सांझ’ प्रणाली ने पुलिस और जनता के बीच साझेदारी को मजबूत करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है। पंजाब के जिलों, सब-डिवीजनों और पुलिस थानों में स्थापित 530 से अधिक सांझ केंद्रों के सशक्त नेटवर्क के माध्यम से नागरिक-केंद्रित सेवां प्रदान की जा रही हैं।” उन्होंने आगे कहा, “यह पहल संकटग्रस्त महिलाओं को काउंसलिंग, पुलिस सहायता और कानूनी सहयोग उपलब्ध करवाकर एक महत्त्वपूर्ण कमी को दूर कर रही है।”
मंडला जिले के नैनपुर रेलवे स्टेशन के पीछे रेक पॉइंट के पास एक पलाश के पेड़ पर अज्ञात व्यक्ति का शव फंदे से लटका मिला। घटना की जानकारी मिलते ही आरपीएफ और नैनपुर थाना पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। 10 से 15 दिन पुराना होने से क्षत-विक्षत हुआ शव पुलिस को मंगलवार को स्थानीय लोगों के माध्यम से सूचना मिली थी कि रेलवे स्टेशन के पीछे रेक पॉइंट के समीप एक पलाश के पेड़ पर एक शव लटका हुआ है। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने जब घटनास्थल का निरीक्षण किया, तो शव काफी पुराना दिखाई दिया। पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, शव करीब 10 से 15 दिन पुराना है। लंबे समय तक धूप और हवा में पेड़ पर लटके रहने के कारण शव पूरी तरह से क्षत-विक्षत अवस्था में पहुंच चुका था। अस्पताल की मरचुरी में रखवाया गया शव नैनपुर पुलिस ने घटनास्थल पर आवश्यक साक्ष्य जुटाने के बाद पंचनामा की कार्रवाई पूरी की। इसके बाद शव को सावधानीपूर्वक पेड़ से नीचे उतरवाया गया। पुलिस ने शव को एम्बुलेंस की मदद से नैनपुर सिविल अस्पताल भिजवा दिया है, जहां शिनाख्त और पोस्टमार्टम के लिए उसे मरचुरी में सुरक्षित रखवाया गया है। पहचान करने के प्रयासों में जुटी पुलिस नैनपुर थाना प्रभारी मंसाराम वागेन ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि शव रेलवे क्षेत्र के एक ऐसे एकांत स्थान पर मिला है, जहां आम लोगों का आना-जाना बेहद कम होता है। शव के काफी पुराना और विकृत हो जाने के कारण फिलहाल मृतक की पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस आसपास के थानों में गुमशुदगी की रिपोर्ट खंगाल रही है ताकि मृतक की शिनाख्त की जा सके। थाना प्रभारी के मुताबिक, मौत के असली कारणों और यह आत्महत्या है या कुछ और, इसका सटीक खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने और विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगा।
इंदौर/रांची। रांची स्थित सरला बिरला पब्लिक स्कूल में आयोजित 39वीं राष्ट्रीय अंडर-9 ओपन एवं गर्ल्स शतरंज चैंपियनशिप-2026 में मध्य प्रदेश के युवा खिलाड़ियों ने शानदार खेल का प्रदर्शन कर प्रदेश का गौरव बढ़ाया। देशभर के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से आए 437 प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के बीच मध्य प्रदेश के सात खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा और खेल कौशल का प्रभाव छोड़ा। प्रतियोगिता में मध्य प्रदेश की ओर से अविक अग्रवाल, अयान केजरीवाल, राघव, अव्युक्त, सौरेन, दिव्यांशी और अंशिका ने भाग लिया। सभी खिलाड़ियों ने कड़े मुकाबलों के बीच आत्मविश्वास, धैर्य और उत्कृष्ट रणनीति का परिचय देते हुए प्रतिस्पर्धा की। कड़े मुकाबलों में दिखाया दमखम राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में युवा खिलाड़ियों ने अनुभवी प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ मुकाबला करते हुए अपनी खेल प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। खिलाड़ियों की एकाग्रता, अनुशासन और खेल भावना ने दर्शकों एवं शतरंज विशेषज्ञों का ध्यान आकर्षित किया। प्रदेश में उभर रही नई शतरंज प्रतिभाएं मध्य प्रदेश के इन नन्हें खिलाड़ियों के प्रदर्शन ने यह साबित किया प्रदेश में शतरंज के क्षेत्र में प्रतिभाओं की नई पीढ़ी तेजी से उभर रही है। मध्य प्रदेश शतरंज संघ एवं एड-हॉक समिति ने सभी खिलाड़ियों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन पर बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी है। संघ ने विश्वास जताया कि ये खिलाड़ी भविष्य में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश और देश का नाम रोशन करेंगे।
कलेक्टर कार्यालय में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई के दौरान एक हैरान करने वाला मामला सामने आया। एक उपभोक्ता घरेलू गैस सिलेंडर में गैस की जगह पानी निकलने की शिकायत लेकर सिलेंडर सहित कलेक्टर कार्यालय पहुंच गया। हालांकि सुरक्षा कारणों से उसे सिलेंडर लेकर परिसर में प्रवेश नहीं करने दिया गया। पीड़ित राजेंद्र सिंह करोले ने बताया कि उन्हें 2 जून को शिव छाया गैस एजेंसी से घरेलू गैस सिलेंडर की डिलीवरी मिली थी। घर पर सिलेंडर का उपयोग शुरू करने के बाद पता चला कि उसमें गैस की बजाय पानी निकल रहा है। उन्होंने तत्काल इसकी शिकायत गैस एजेंसी को की, लेकिन एक महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ। राजेंद्र सिंह का आरोप है कि गैस एजेंसी की ओर से उन्हें केवल आश्वासन दिए गए, लेकिन न तो सिलेंडर बदला गया और न ही कोई संतोषजनक जवाब मिला। लगातार अनदेखी से परेशान होकर वे अपनी शिकायत सीधे कलेक्टर के समक्ष रखने जनसुनवाई में पहुंचे थे। हालांकि कलेक्टर कार्यालय की सुरक्षा व्यवस्था के चलते गार्डों ने उन्हें गैस सिलेंडर के साथ अंदर जाने से रोक दिया। इसके बाद उन्होंने अधिकारियों को लिखित शिकायत सौंपकर मामले में कार्रवाई की मांग की। इसके पूर्व उन्होंने बाहर सिलेंडर से पानी कैसा निकल रहा है, यह भी बताया। कलेक्टर शिवम वर्मा ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए तत्काल जांच के निर्देश दिए। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि यदि अन्य गैस एजेंसियों के खिलाफ भी इस प्रकार की शिकायतें प्राप्त हुई हैं, तो उन सभी मामलों की भी जांच कराई जाएं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि उपभोक्ताओं के साथ किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन अब गैस एजेंसियों की कार्यप्रणाली की जांच कर उपभोक्ताओं के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा। अनाथ बच्चियों की फीस माफ कराने के निर्देश जनसुनवाई के दौरान कई मानवीय और संवेदनशील मामले भी सामने आए। अपनी तीन नातिनों के साथ पहुंची एक बुजुर्ग महिला ने बताया कि बच्चियों के माता-पिता का निधन हो चुका है और आर्थिक तंगी के कारण उनकी स्कूल फीस जमा नहीं हो पा रही है। कलेक्टर ने फीस माफ कराने और आवश्यक आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। दिव्यांग बालक को मिलेगी 18 हजार रुपए की सहायता एक अन्य मामले में सुनने में असमर्थ दिव्यांग बालक के पिता ने श्रवण यंत्र की बैटरी बदलवाने में आर्थिक परेशानी की जानकारी दी। कलेक्टर ने तत्काल 18 हजार रुपए की सहायतामंजूर करने के निर्देश दिए, ताकि बालक को आवश्यक सुविधा मिल सके। वात्सल्य योजना की राशि नहीं मिलने पर भी मिली राहत एक महिला ने बताया कि पिछले एक वर्ष से बच्चों के खाते में वात्सल्य योजना की राशि जमा नहीं हो रही है। महिला के परिवार में एक बच्चा ऑटिज्म से पीड़ित है। मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने 24 हजार रुपए की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
भोपाल के करीब 35 इलाकों बुधवार को 4 से 6 घंटे तक बिजली कटौती होगी। इन इलाकों में बिजली कंपनी मेंटेनेंस करेगी। इसके चलते सप्लाई पर असर पड़ेगा। जिन इलाकों में बिजली बंद रहेगी, उनमें मालीखेड़ी, विजय नगर, पटेल नगर, गुजराती कॉलोनी, शबरी नगर, बिहारी बस्ती, बीडीए कॉलोनी, तिलक नगर समेत कई बड़े इलाके भी शामिल हैं। ऐसे में बिजली संबंधित जरूरी काम पहले से निपटा लें। ताकि परेशानी का सामना न करना पड़े। इन इलाकों में पड़ेगा असर
महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए EBIX के चेयरमैन विकास गर्ग को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने ईडी की याचिका पर सुनवाई करते हुए विकास गर्ग को 24 घंटे की ट्रांजिट रिमांड पर ईडी को सौंप दिया है। एडिशनल सेशंस जज (ASJ) विजय शंकर ने ईडी को गर्ग को रायपुर लाकर स्पेशल PMLA कोर्ट में पेश करने की अनुमति दी है। ईडी की टीम विकास गर्ग को रायपुर लेकर आ रही है। संभावना है कि बुधवार को उन्हें रायपुर की स्पेशल PMLA कोर्ट में पेश किया जाएगा। ईडी अब विकास गर्ग से महादेव बेटिंग ऐप से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क, वित्तीय लेनदेन और अन्य आरोपियों के संबंध में पूछताछ करेगी। मामले में आगे की जांच जारी है। बता दें कि पिछले दिनों ईडी ने विकास गर्ग की 940 करोड़ की प्रॉपर्टी जब्त की थी। हर महीने 450 करोड़ से ज्यादा का अवैध कारोबार ईडी ने इस मामले की जांच छत्तीसगढ़ पुलिस के दुर्ग जिले में दर्ज एफआईआर, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में दर्ज मामलों के आधार पर शुरू की थी। जांच में सामने आया कि ऑनलाइन बेटिंग सिंडिकेट विदेश से संचालित फ्रेंचाइजी आधारित 'पैनल नेटवर्क' के जरिए काम कर रहा था। एजेंसी का दावा है कि इस नेटवर्क से हर महीने 450 करोड़ रुपए से अधिक की अवैध कमाई हो रही थी। शेल कंपनियों के जरिए किया गया मनी लॉन्ड्रिंग जांच में ईडी को पता चला कि अवैध सट्टेबाजी से कमाए गए पैसे को कैश के बदले फर्जी कंपनियों और कई स्तर के वित्तीय लेन-देन के जरिए वैध दिखाया गया। एजेंसी के मुताबिक, अपराध से कमाए गए करीब 940.77 करोड़ रुपए विकास गर्ग के नियंत्रण वाली कंपनियों में पहुंचाए गए। बाद में इस रकम से शेयर, निवेश और अन्य संपत्तियां खरीदी गईं। पहले भी हो चुकी है बड़ी कार्रवाई ईडी ने बताया कि इस मामले में इससे पहले 7 बार संपत्तियां कुर्क की जा चुकी हैं। वहीं, एजेंसी रायपुर स्थित विशेष पीएमएलए अदालत में कई अभियोजन शिकायतें भी दाखिल कर चुकी है। अदालत धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) के मामले में संज्ञान भी ले चुकी है। अब तक 3800 करोड़ की संपत्ति अटैच इस कार्रवाई से पहले ईडी इस मामले में करीब 2,825 करोड़ रुपए की चल-अचल और विदेशी संपत्तियां अटैच, जब्त या फ्रीज कर चुकी थी। महादेव ऑनलाइन बुक और स्काईएक्सचेंज बेटिंग मामले में कुर्क, जब्त और फ्रीज की गई संपत्तियों का कुल मूल्य बढ़कर लगभग 3,800 करोड़ रुपए पहुंच गया है। ईडी का कहना है कि मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के पूरे नेटवर्क और इससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच अभी भी जारी है। ……………………. इससे संबंधित यह खबर भी पढ़िए… सट्टा सिंडिकेट का मास्टरमाइंड बाबू खेमानी मुंबई से अरेस्ट:महादेव ऐप की तर्ज पर कराई बेटिंग, रिश्तेदार ऑपरेट कर रहे थे रायपुर का इन्फ्लुएंसर और सट्टा सिंडिकेट का मास्टरमाइंड बाबू खेमानी को रायपुर पुलिस ने मुंबई से गिरफ्तार किया। 17 अप्रैल को खेमानी को फ्लाइट से रायपुर लाया गया है। इसके साथ ही 6 और आरोपी भी पकड़े गए हैं। उनके कब्जे से BMW समेत 60 लाख का सामान जब्त हुआ है। पढ़ें पूरी खबर…
रामपुर में विश्व युवा कौशल दिवस के अवसर पर 187 युवाओं को रोजगार मिला। मंगलवार को राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) किला परिसर में आयोजित वृहद रोजगार मेले में आठ निजी कंपनियों ने साक्षात्कार लिए। राजकीय आईटीआई और कौशल विकास मिशन-रामपुर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस मेले में चयनित अभ्यर्थियों को मुख्य विकास अधिकारी गुलाब चंद्र ने मौके पर ही ऑफर लेटर वितरित किए। रोजगार मेले के लिए कुल 835 युवाओं ने ऑनलाइन पंजीकरण कराया था। इनमें से 328 अभ्यर्थी साक्षात्कार प्रक्रिया में शामिल हुए। विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधियों ने अभ्यर्थियों की शैक्षिक योग्यता, तकनीकी दक्षता और कौशल का आकलन करने के बाद 187 युवाओं का चयन किया। देखें, 5 तस्वीरें… कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि एवं मुख्य विकास अधिकारी गुलाब चंद्र ने दीप प्रज्वलित कर किया। उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि कौशल विकास वर्तमान समय में रोजगार का सबसे मजबूत माध्यम है। उन्होंने युवाओं से अपने कौशल को लगातार निखारने और उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने चयनित अभ्यर्थियों को ऑफर लेटर सौंपकर उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। इस रोजगार मेले में टाटा मोटर्स, ग्रो-फास्ट फर्टीलाइजर्स, एमआईएमटी इंटरनेशनल, पुखराज हेल्थ केयर और छाबड़ा बिल्डर्स सहित कुल आठ कंपनियों ने भाग लिया। इन कंपनियों के प्रतिनिधियों ने साक्षात्कार के माध्यम से विभिन्न पदों के लिए योग्य अभ्यर्थियों का चयन किया। राजकीय आईटीआई के प्रधानाचार्य राजीव कुमार ने चयनित युवाओं को बधाई दी। उन्होंने कहा कि ऐसे रोजगार मेले युवाओं को सीधे उद्योगों से जोड़ने का प्रभावी माध्यम बन रहे हैं। कार्यक्रम का संचालन निधि पुष्कर ने किया। इस अवसर पर कुलदीप सिंह, अगर मंडल, जायसराम यादव, मदन गोपाल, दिनेश कुमार अग्रवाल, चरन सिंह, जमीर अहमद, राजीव यादव, प्रमोद मिश्रा, अनुराग शुक्ला सहित अन्य अधिकारी, कर्मचारी और बड़ी संख्या में अभ्यर्थी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने गड़बड़ियों में शामिल और ड्यूटी में लापरवाही करने पर दो RPS अफसरों और एक महिला जेल डिप्टी सुपरिटेंडेंट के खिलाफ एक्शन को मंजूरी दी है। सीएम ने जयपुर महिला जेल की डिप्टी सुपरटेंडेंट संचिता विश्नोई को सस्पेंड करने और दो आरपीएस अफसरों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने की मंजूरी दी है। सीएम ने कानून व्यवस्था पर बैठक के अगले ही दिन पुलिस अफसरों के खिलाफ मिली शिकायतों के बाद कार्रवाई को मंजूरी दी है। जयपुर के महिला बंदी सुधार गृह की डिप्टी सुपरिटेंडेंट सरोज विश्नोई को तत्काल सस्पेंड कर मुख्यालय जयपुर से भरतपुर किया गया है। सरोज विश्नोई के खिलाफ शिकायतें मिली थीं कि वे एक महिला कैदी को अपने साथ रखती थीं। महिला बंदी का दफ्तर के कामों में कर्मचारियों की तरह हस्तक्षेप था। सरोज विश्नोई पर पैसे लेकर बंदियों को नियम विरूद्ध सुविधाएं उपलब्ध करवाए जाने की भी शिकायतें थीं। जोधपुर के साइबर क्राइम एसीपी देरावर सिंह के खिलाफ विभागीय एक्शन मुख्यमंत्री ने जोधपुर पुलिस कमिश्नरेट में साइबर क्राइम के एसीपी देरावर सिंह के खिलाफ अनुशसनिक कार्रवाई करने की मंजूरी दी है। देरावर सिंह को 16 सीसी की चार्जशीट देने की मंजूरी दी है। देरावर सिंह ने डीग के कामां थाने में इंस्पेक्टर रहते हुए हत्या के एक गंभीर अपराध में आठ में से केवल एक आरोपी को जांच में दोषी मानते हुए सात दोषियों को बचाने का प्रयास किया थाा। इस मामले की शिकायत हुई। देरावर सिंह की भूमिका पाए जाने पर अब सीएम ने सख्ती दिखााते हुए एक्शन लिया है। बजरी माफियाओं पर कार्रवाई में निर्देश नहीं माने, आरपीएस लाभुराम बिश्नोई के खिलाफ कार्रवाई मुख्यमंत्री ने आरपीएस लाभुराम विश्नोई के खिलाफ आरोपों को प्रमाणित मानते हुए विभागीय जांच रिपोर्ट को मंजूरी दी है। लाभुराम विश्नोई ने सवाईमाधोपुर के चौथ का बरवाड़ा क्षेत्र में बनास नदी में बजरी माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई के दौरान अवैध खनन और अवैध बजरी परिवहन के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं की। इससे क्षेत्र में कानून व्यवस्था बिगड़ने के हालात पैदा हो गए। खुद सहित पुलिस जाब्ते की जान को जोखिम में डाला। साथ ही, कार्रवाई के लिए संबंधित विभागों के साथ कोई समन्वय भी नहीं किया।
देवास जिले में चंदन तस्करों की सक्रियता एक बार फिर सामने आई है। हाईवे किनारे स्थित एक खेत से बीते पांच दिनों के भीतर अज्ञात बदमाश पांच चंदन के पेड़ काटकर ले गए। लाखों रुपये कीमत के पेड़ों की चोरी के बाद किसान ने पुलिस से शिकायत कर आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और क्षेत्र में गश्त बढ़ाने की मांग की है। पीड़ित किसान विजय सिंह ने बताया कि उनका खेत हाईवे से लगा हुआ है। पिछले पांच दिनों के दौरान अज्ञात तस्कर रात में खेत में घुसे और एक-एक कर पांच चंदन के पेड़ काटकर फरार हो गए। सुबह खेत पर पहुंचने पर उन्हें चोरी का पता चला। लाखों की लकड़ी पर हाथ साफ किसान के मुताबिक चोरी हुए चंदन के पेड़ों की कीमत लाखों रुपये है। उन्होंने पुलिस थाने में आवेदन देकर मामले की शिकायत दर्ज कराई है और जल्द कार्रवाई की मांग की है। विजय सिंह का कहना है कि क्षेत्र में पहले भी चंदन के पेड़ चोरी होने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। उनका आरोप है कि प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से चंदन तस्करों के हौसले बुलंद हैं और वे लगातार वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। बचे हुए पेड़ों की सुरक्षा की चिंता किसान ने बताया कि उनके खेत में अभी भी कई चंदन के पेड़ लगे हैं। उन्हें आशंका है कि तस्कर दोबारा भी वारदात कर सकते हैं। उन्होंने पुलिस से रात्रि गश्त बढ़ाने, आरोपियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई करने और चंदन तस्करी पर प्रभावी रोक लगाने की मांग की है।
मुंगेर-मिर्जाचौकी फोरलेन सड़क परियोजना उद्घाटन से पहले ही सवालों के घेरे में आ गई है। मुंगेर को भागलपुर और झारखंड के संथाल परगना स्थित मिर्जाचौकी से जोड़ने वाली इस महत्वाकांक्षी परियोजना के घोरघट और गनगनिया के बीच सड़क के एक हिस्से में बड़ी दरार उभर आई है। खास बात यह है कि इस मार्ग पर अभी वाहनों का पूर्ण परिचालन भी शुरू नहीं हुआ है। सड़क किनारे धंस रही मिट्टी स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क किनारे की मिट्टी पिछले कुछ दिनों से लगातार धंस रही थी। धीरे-धीरे यह समस्या बढ़ती गई और अब सड़क की ऊपरी सतह तक पहुंचकर दरार का रूप ले चुकी है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते मरम्मत नहीं की गई तो भारी वाहनों के दबाव से सड़क का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो सकता है और दुर्घटना का खतरा भी बढ़ जाएगा। निर्माण की गुणवत्ता पर उठे सवाल दरार सामने आने के बाद ग्रामीणों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि करोड़ों रुपये की लागत से बन रही सड़क में उद्घाटन से पहले ही इस तरह की खराबी गंभीर चिंता का विषय है। तकनीकी जानकारों का भी मानना है कि सड़क की नींव (बेस लेयर) कमजोर होने या मिट्टी के खिसकने के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई हो सकती है। 3,792 करोड़ रुपये की है परियोजना मुंगेर-मिर्जाचौकी फोरलेन सड़क परियोजना करीब 3,792 करोड़ रुपये की लागत से बनाई जा रही है। यह सड़क मुंगेर, भागलपुर और झारखंड के बीच बेहतर कनेक्टिविटी तथा आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। ऐसे में निर्माण के दौरान सामने आई इस समस्या ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। एनएचएआई ने कराया मौके का निरीक्षण मामले की गंभीरता को देखते हुए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (नएचएआई) के प्रोजेक्ट डायरेक्टर मनीष कुमार ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि अंदर की मिट्टी खिसकने के कारण सड़क में दरार आई है। निर्माण एजेंसी को तत्काल विस्तृत तकनीकी जांच कराने का निर्देश दिया गया है। जरूरत पड़ी तो दोबारा बनेगी सड़क प्रोजेक्ट डायरेक्टर ने कहा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि आवश्यकता पड़ी तो प्रभावित हिस्से को पूरी तरह उखाड़कर निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप नए सिरे से निर्माण कराया जाएगा, ताकि भविष्य में इस तरह की समस्या दोबारा न हो और सड़क सुरक्षित बनी रहे।
नोएडा के थाना फेज-2 क्षेत्र में मंगलवार देर शाम को सीवर की सफाई के दौरान एक सफाईकर्मी की दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। जानकारी के अनुसार, नोएडा प्राधिकरण की ओर से क्षेत्र में सीवर सफाई का कार्य कराया जा रहा था। इसी दौरान सफाईकर्मी शिवा सीवर की सफाई के लिए अंदर उतरा था। काफी देर तक जब वह बाहर नहीं निकला तो साथ मौजूद कर्मचारियों को चिंता हुई। इसके बाद उसे बाहर निकालने का प्रयास किया गया। बाहर निकालने पर उसकी हालत गंभीर मिली। उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जहरीली गैस हो सकती है वजह घटना की सूचना मिलते ही थाना फेज-2 पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मौत के कारणों की पुष्टि होगी। प्रारंभिक तौर पर आशंका जताई जा रही है कि सीवर के अंदर जहरीली गैस या ऑक्सीजन की कमी के कारण यह हादसा हुआ, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। सुरक्षा मानकों की होगी जांचघटना के बाद मृतक के परिजनों में कोहराम मच गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि सीवर सफाई के दौरान निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं और सफाईकर्मी को आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए गए थे या नहीं। फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई में जुटी है।
औरंगाबाद में अवैध बालू पर जिला प्रशासन का एक्शन:5500 सीएफटी बालू जब्त, कारोबारियों पर होगी एफआईआर
औरंगाबाद में अवैध खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ जिला प्रशासन की कार्रवाई जारी है। जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत जिला खनन विभाग ने दाउदनगर थाना क्षेत्र के केरा गांव में एक्शन लिया है। करीब 5500 सीएफटी अवैध रूप से भंडारित बालू जब्त किया है। यह कार्रवाई जिला खनन पदाधिकारी विकास कुमार के नेतृत्व में खान निरीक्षक कुमार प्रत्यूष और राजू कुमार की टीम ने की। टीम ने केरा गांव के तीन अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की, जहां बड़ी मात्रा में बालू अवैध रूप से भंडारित पाया गया। मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों से पूछताछ की गई, लेकिन बालू के स्वामी अथवा भंडारण करने वाले व्यक्तियों के संबंध में कोई प्रमाणिक जानकारी नहीं मिल सकी। इसके बाद अज्ञात अवैध खननकर्ताओं, परिवहनकर्ताओं और भंडारणकर्ताओं के खिलाफ दाउदनगर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए लिखित आवेदन दिया गया है। अवैध कारोबारियों की होगी पहचान, होगी सख्त कानूनी कार्रवाई जिला खनन विभाग ने स्पष्ट किया है कि मामले में संलिप्त लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ प्रचलित कानूनी प्रावधानों के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। खान निरीक्षक कुमार प्रत्यूष ने कहा कि जिले में अवैध बालू कारोबार किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। वर्तमान में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के निर्देशों के अनुसार नदियों से बालू खनन पर प्रतिबंध लागू है। इसके बावजूद कुछ लोग अवैध रूप से बालू का खनन, परिवहन और भंडारण कर पर्यावरणीय नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। इससे न केवल प्राकृतिक संसाधनों को नुकसान पहुंच रहा है, बल्कि सरकार को राजस्व की भी क्षति हो रही है। जिला प्रशासन ऐसे मामलों पर लगातार नजर बनाए हुए है और नियमित रूप से छापेमारी अभियान चला रहा है। चार दिन पहले भी हुई थी कार्रवाई, आम लोगों से मांगी गई सूचना खनन विभाग ने बताया कि यह लगातार दूसरी बड़ी कार्रवाई है। चार दिन पहले भी जिले में विशेष अभियान के दौरान लगभग 1100 सीएफटी अवैध बालू जब्त किया गया था। लगातार हो रही कार्रवाई से साफ है कि जिला प्रशासन अवैध खनन के खिलाफ सख्त रुख अपनाए हुए है और आने वाले दिनों में भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे। जब्त किए गए 5500 सीएफटी बालू की सुरक्षा एवं संरक्षण की जिम्मेदारी नियमानुसार 3सी बालू घाट के बंदोबस्तधारी रमेश कुमार भारती को सौंपी गई है। जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि कहीं अवैध बालू खनन, परिवहन या भंडारण की जानकारी मिले तो इसकी सूचना तत्काल प्रशासन या पुलिस को दें, ताकि समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। प्रशासन का कहना है कि अवैध खनन में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
फर्रुखाबाद में इटावा-बरेली नेशनल हाईवे पर स्थित लगभग 50 वर्ष पुराने पांचाल घाट पुल (लोहिया सेतु) की मरम्मत का कार्य जारी है। इस कार्य के चलते पुल पर यातायात प्रभावित हो रहा है, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। मंगलवार शाम को करीब दो घंटे तक जाम की स्थिति बनी रही। मंगलवार शाम साढ़े चार बजे से शाम सात बजे तक शहर क्षेत्र में मसेनी से पांचाल घाट तक वाहनों की लंबी लाइनें देखी गईं। पुल के दूसरी ओर थाना राजेपुर क्षेत्र में पांचाल घाट से चाचूपुर तक भी वाहनों की कतारें लगी रहीं। इसमें आधा दर्जन से अधिक रोडवेज बसें भी फंसी रहीं। रोडवेज बसों के एक से डेढ़ घंटे तक फंसे रहने के कारण यात्री बसों से बाहर निकल आए और गर्मी से जूझते रहे। कई यात्री तो पैदल ही पुल पार करने के लिए चल दिए। पुल की मरम्मत के कारण यातायात को सुचारु रखने के लिए प्रशासन द्वारा रूट डायवर्जन के माध्यम से वन-वे ट्रैफिक व्यवस्था लागू की गई है। इसके तहत, एक लेन के वाहनों को निकालने के दौरान दूसरी तरफ के वाहनों को रोका जा रहा है। पांचाल घाट पुल से प्रतिदिन 12 से 15 हजार वाहन गुजरते हैं, जिससे यहां भारी यातायात रहता है। नेशनल हाईवे पर सामान्य स्थिति बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है।
जयपुर की खोह नागोरियान थाना पुलिस ने घरेलू गैस सिलेंडरों से हो रही अवैध गैस रिफिलिंग का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मंगलवार को मौके से 45 गैस सिलेंडर और गैस ट्रांसफर में काम आने वाले उपकरण जब्त किए हैं। वहीं, 9 जून को करीम नगर-बी स्थित अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण अग्निकांड और अवैध विस्फोटक भंडारण से जुड़े मामलों में दो आरोपियों को प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया गया है। घरेलू गैस सिलेंडरों से की जा रही थी अवैध गैस रिफलिंग थाना प्रभारी प्रकाश राम ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि खोह नागोरियान क्षेत्र में घरेलू गैस सिलेंडरों से अवैध रूप से छोटे और व्यावसायिक सिलेंडरों में गैस भरी जा रही है। सूचना के आधार पर छापेमारी की गई, जिसमें 31 घरेलू, 9 व्यावसायिक और 5 अप्रमाणित छोटे गैस सिलेंडर सहित कुल 45 गैस सिलेंडर बरामद किए गए। इसके अलावा एक रेगुलेटर, रबर पाइप, गैस ट्रांसफर के लिए इस्तेमाल होने वाला जुगाड़ और चार बांसुरियां भी जब्त की गईं। मौके पर रसद विभाग को बुलाकर आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 के तहत मामला दर्ज किया गया। हालांकि, पुलिस दबिश की सूचना पर आरोपी मौके से फरार हो गए। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है। अवैध पटाखा फैक्ट्री में आग से 8 की मौत के मामले में मुख्य आरोपी अरेस्ट वहीं पुलिस ने 9 जून को करीम नगर-बी स्थित अवैध पटाखा फैक्ट्री में आग लगने से 8 लोगों की मौत के मामले में मुख्य आरोपी फिरोज (33) निवासी गाजियाबाद को केंद्रीय कारागृह जयपुर से प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, फिरोज अवैध पटाखा फैक्ट्री के संचालन से जुड़ा हुआ था और उससे पूछताछ के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। इसके अलावा अवैध पटाखा फैक्ट्री और विस्फोटकों के भंडारण से जुड़े एक अन्य प्रकरण में संपत्ति मालिक कयूम खान (50) निवासी रहीम नगर, खोह नागोरियान को भी केंद्रीय कारागृह जयपुर से प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया गया। दोनों आरोपियों से पूछताछ में जुटी पुलिस पुलिस का कहना है कि दोनों मामलों में जांच जारी है और अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस दोनों आरोपियों को आमने-सामने बैठाकर पटाखे बनवाने से लेकर बारूद को शहर तक लाने की कड़ी में पूछताछ करेंगी। साथ ही अन्य लोगों की भूमिका को लेकर भी पुलिस आरोपियों से पूछताछ करेगी। खोह नागोरियान थाना पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में अवैध गैस रिफिलिंग, अवैध विस्फोटक भंडारण और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों के खिलाफ विशेष अभियान लगातार जारी रहेगा और ऐसे मामलों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
देवरिया के गौरीबाजार थाना क्षेत्र में शादी के महज 16 दिन बाद एक नवविवाहिता की इलाज के दौरान मौत हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मायके पक्ष ने दहेज उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। मृतक की पहचान करीना (25) पुत्री भरत, निवासी जोगनी गांव, थाना सेवरही, जनपद कुशीनगर के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, उसकी शादी 16 दिन पहले गौरीबाजार थाना क्षेत्र के छेरीयांव गांव निवासी रामसिंगार उर्फ कृष्णा के साथ हुई थी। मंगलवार दोपहर करीब तीन बजे करीना की अचानक तबीयत बिगड़ गई। ससुराल पक्ष के लोग उसे इलाज के लिए महर्षि देवराहा बाबा मेडिकल कॉलेज, देवरिया ले गए, जहां शाम करीब पांच बजे चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अस्पताल पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मायके पक्ष का आरोप है कि शादी के बाद से ही करीना को दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों की तहरीर के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है।
गोरखपुर में लगातार हो रही भारी बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट हो गया है। जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति से निपटने के लिए DM दीपक मीणा ने मंगलवार की शाम 5:00 बजे सभी संबंधित विभागों को तत्काल प्रभाव से आवश्यक तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बारिश के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और आम जनता को किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। DM ने नगर क्षेत्र सहित पूरे जिले में प्रमुख नालों, नालियों और जल निकासी मार्गों की तत्काल सफाई सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही जलभराव वाले इलाकों में पम्पिंग सेट और डीवाटरिंग की पर्याप्त व्यवस्था रखने को कहा है। जहां बारिश के कारण यातायात प्रभावित होने की आशंका हो, वहां बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेतक लगाने और वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था तत्काल करने के निर्देश दिए गए हैं। बीमारियों की रोकथाम पर विशेष जोर DM ने सिंचाई विभाग को तटबंधों पर बनने वाली दरारों और रेन कट की तत्काल मरम्मत कराने के निर्देश दिए हैं। वहीं स्वास्थ्य विभाग को जलजनित और संक्रामक बीमारियों की रोकथाम के लिए नियमित फॉगिंग और एंटी लार्वा का छिड़काव कराने को कहा है, ताकि बारिश के दौरान बीमारियों का खतरा न बढ़े। DM ने जिला और तहसील स्तर पर 24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम स्थापित कर अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। जल विभाग को स्वच्छ पेयजल की निर्बाध आपूर्ति बनाए रखने और दूषित पानी की शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई करने को कहा गया है। वहीं बिजली विभाग को जर्जर पोल, ढीले और लटकते बिजली के तारों को प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। अस्पतालों में लगेंगे अतिरिक्त बेड पुलिस, राजस्व और विकास विभाग के अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहकर नदियों, तालाबों, पोखरों और गहरे गड्ढों में बच्चों और युवाओं को जलक्रीड़ा करने से रोकने के लिए जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही गांवों में मुनादी कर लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से जलभराव वाले क्षेत्रों में न जाने की अपील करने को कहा गया है। DM ने सभी सरकारी चिकित्सालयों में अतिरिक्त बेड आरक्षित रखने और डॉक्टरों की 24 घंटे ड्यूटी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके। वहीं पशुपालन विभाग को खुरपका-मुंहपका सहित अन्य संक्रामक बीमारियों से बचाव के लिए पशुओं का नियमित टीकाकरण कराने के निर्देश दिए गए हैं। DM ने सभी विभागों से आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए बारिश के दौरान आमजन को राहत उपलब्ध कराने और किसी भी आपदा की स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है।
करनाल के कर्ण विहार इलाके में एक युवक के साथ चाकू की नोंक पर मारपीट कर 43 हजार 200 रुपए लूट लिए। वारदात को अंजाम देने वाले 2 युवक बाइक पर सवार होकर आए थे। घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, हालांकि शुरुआती जांच में पुलिस को मामला संदिग्ध लग रहा है। करनाल के सूरज नगर निवासी रवि कुमार ने बताया कि वह कर्ण विहार से सेक्टर-12 कोर्ट की तरफ जा रहा था। जैसे ही वह कर्ण विहार की गली नंबर 10 या 11 के पास पहुंचा, तभी बाइक पर सवार 2 युवक आए और उसे रोक लिया। आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की और 43 हजार 200 रुपए छीन लिए। इस दौरान उन्होंने उसका मोबाइल फोन भी तोड़ दिया। रवि के अनुसार हमलावरों ने नगला चौक से ही उसका पीछा करना शुरू कर दिया था। दोनों युवकों ने अपने चेहरे पर परना बांधा हुआ था और उनके पास चाकू भी था। लोग जुटे, पर मदद नहीं मिली पीड़ित ने बताया कि घटना के दौरान आसपास लोग एकत्रित हो गए, लेकिन किसी ने उसकी मदद नहीं की। एक दुकानदार ने उसे अपनी दुकान में शरण दी, जिससे वह हमलावरों से बच सका। पुलिस को बयान में दिखा विरोधाभास डायल 112 के इंचार्ज सब इंस्पेक्टर ने बताया कि सूचना मिलने पर टीम मौके पर पहुंची और घायल को अस्पताल में पाया। रवि की पत्नी कुसुम से पूछताछ में अलग जानकारी सामने आई। उसने बताया कि पानीपत में उनकी रिश्तेदारी है और उसकी ननद का लड़का भी इस घटना में शामिल हो सकता है, जिसके साथ एक अज्ञात युवक था। थाना प्रभारी बोले-जांच जारी करनाल सेक्टर-32-33 के थाना प्रभारी जगदीश ने कहा कि 43 हजार रुपए की लूट की सूचना मिली है, लेकिन मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा है। सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है और सच्चाई सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
सहरसा शहर के सुनियोजित, संतुलित और दीर्घकालिक विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से मंगलवार को विकास भवन सभागार में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में आयोजना क्षेत्र के GIS आधारित मास्टर प्लान-2045 के प्रस्तावित ड्राफ्ट (स्टेज-5) की समीक्षा की गई और विभिन्न हितधारकों से सुझाव लिए गए। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने की। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने लिया भाग बैठक में उप विकास आयुक्त, सदर विधायक, नगर निगम की महापौर, नगर आयुक्त, विभिन्न विभागों के पदाधिकारी, तकनीकी विशेषज्ञ और अन्य संबंधित हितधारक मौजूद रहे। इस दौरान प्रस्तावित मास्टर प्लान के अलग-अलग पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई और शहर के भविष्य के विकास को लेकर सुझाव दिए गए। सड़क, जल निकासी और आधारभूत सुविधाओं पर चर्चा बैठक में भूमि उपयोग (लैंड यूज), सड़क एवं परिवहन नेटवर्क, जल निकासी व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति, सीवरेज सिस्टम, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, हरित क्षेत्र, सार्वजनिक सुविधाओं, आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों के नियोजन पर विशेष चर्चा हुई। बढ़ती आबादी और भविष्य की शहरी जरूरतों को देखते हुए शहर के विस्तार की रूपरेखा पर भी विचार-विमर्श किया गया। 2045 की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार हो रहा प्लान जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने कहा कि वर्ष 2045 की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा यह मास्टर प्लान सहरसा के व्यवस्थित और सतत शहरी विकास की आधारशिला बनेगा। उन्होंने सभी विभागों और हितधारकों से अपील की कि वे जनहित और स्थानीय जरूरतों के अनुरूप व्यवहारिक सुझाव दें, ताकि अंतिम मास्टर प्लान अधिक प्रभावी बनाया जा सके। सुझावों का तकनीकी परीक्षण कर ड्राफ्ट में होगा शामिल नगर आयुक्त ने बताया कि बैठक में वर्ष 2045 तक संभावित जनसंख्या वृद्धि और उसके अनुसार शहर की संरचना, आधारभूत सुविधाओं और विकास की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में मिले सभी सुझावों और आपत्तियों का तकनीकी परीक्षण किया जाएगा। जरूरत के अनुसार इन्हें प्रस्तावित ड्राफ्ट में शामिल किया जाएगा। अनियोजित निर्माण पर लगेगा नियंत्रण GIS आधारित मास्टर प्लान लागू होने के बाद सहरसा का विकास वैज्ञानिक और योजनाबद्ध तरीके से किया जा सकेगा। यह योजना अनियोजित निर्माण पर नियंत्रण, बेहतर यातायात व्यवस्था, जल निकासी, आवास, हरित क्षेत्र और नागरिक सुविधाओं के विकास के लिए दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार करने में मददगार साबित होगी। आने वाले वर्षों में यह मास्टर प्लान सहरसा को आधुनिक, व्यवस्थित और सतत विकसित शहर बनाने की दिशा में अहम कदम साबित होगा।
बैतूल जिला न्यायालय परिसर में हंगामा करने और पुलिसकर्मियों से मारपीट करने के आरोपी 28 वर्षीय लोकेश प्रजापति को मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) कोर्ट ने मानसिक उपचार के लिए ग्वालियर भेजने का आदेश दिया है। सोमवार को कोतवाली पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया। मेडिकल परीक्षण में उसे मानसिक रोगी पाया गया। पुलिस ने आरोपी लोकेश को रविवार रात जिला अस्पताल के कैदी वार्ड में कड़ी सुरक्षा के बीच रखा था। सोमवार को उसे गिरफ्तार कर सीजेएम कोर्ट में पेश किया गया। मेडिकल अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट में उसे मानसिक रोगी बताते हुए मानसिक चिकित्सालय भेजने की अनुशंसा की। जिला जेल में मानसिक रोगियों को रखने की जगह नहींजिला जेल अधीक्षक ने कोर्ट को बताया कि जिला जेल में मानसिक रोगियों के इलाज और सुरक्षित रखने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। इसके बाद मेडिकल रिपोर्ट और जेल प्रशासन की रिपोर्ट के आधार पर कोर्ट ने आरोपी को मानसिक रोग चिकित्सालय, ग्वालियर भेजने के आदेश दिए। सहायक जिला अभियोजन अधिकारी अजीत सिंह ने बताया कि आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया था। मेडिकल और जेल प्रशासन की रिपोर्ट के आधार पर न्यायालय ने यह निर्णय लिया। कोर्ट परिसर में किया था हंगामा गौरतलब है कि रविवार को लोकेश प्रजापति ने जिला न्यायालय परिसर स्थित हनुमान मंदिर में पूजा करने के बाद अचानक आक्रामक व्यवहार करना शुरू कर दिया था। उसने कोर्ट परिसर में हंगामा किया, पुलिसकर्मियों और कर्मचारियों से मारपीट की तथा सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। उसे काबू करने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी थी। आरोपी का व्यवहार इतना उग्र था कि कोतवाली थाने का मुख्य गेट बंद करना पड़ा। मेडिकल परीक्षण के लिए उसे बख्तरबंद पुलिस वाहन से अस्पताल ले जाया गया। पुलिस ने उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं और मोटर वाहन अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। इस मामले से जुड़ी यह खबर पढ़ें… युवक ने बैतूल कोर्ट परिसर में हंगामा किया बैतूल जिला न्यायालय परिसर में सोमवार शाम 28 वर्षीय लोकेश प्रजापति ने जमकर हंगामा किया। कंपनी गार्डन निवासी लोकेश को काबू करने के लिए कोर्ट कर्मचारियों और पुलिसकर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। करीब 5 से 7 पुलिसकर्मियों ने उसे पकड़कर कोतवाली थाना पहुंचाया। वहां उसे हिरासत में लेकर मेडिकल परीक्षण कराया गया। पूरी खबर पढ़ें…
खरगोन जिले के चैनपुर थाना क्षेत्र में पति की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। जिस महिला ने पहले अज्ञात व्यक्ति पर पति की हत्या का आरोप लगाया था, वही हत्या की आरोपी निकली। पुलिस पूछताछ में महिला ने स्वीकार किया कि उसने रोज-रोज के विवाद, मारपीट और मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर अपने पति की कुल्हाड़ी से हत्या कर दी थी। 10 जुलाई की रात बाजार खोदरा चिरिया गांव में 48 वर्षीय ईडा डुडवे का खून से लथपथ शव मिला था। घटना के बाद उसकी पत्नी रूमलीबाई ने पुलिस को बताया था कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उसके पति की हत्या कर दी। लेकिन पुलिस को उसके बयान पर संदेह हुआ, क्योंकि वारदात के समय वह शव से महज दो फीट दूर खटिया पर सो रही थी। पूछताछ में वह लगातार बयान बदलती रही और आखिरकार हत्या करना स्वीकार कर लिया। रोज की मारपीट से तंग आकर उठाया कदम एडिशनल एसपी बिट्टू सहगल ने बताया कि पूछताछ में रूमलीबाई ने बताया कि उसका पति शराब पीकर रोज विवाद करता था, मारपीट करता था और उसे मायके या रिश्तेदारों के यहां भी नहीं जाने देता था। नौ बच्चों के पालन-पोषण की जिम्मेदारी भी उसी पर थी, जिससे वह लंबे समय से मानसिक तनाव में थी। पुलिस के अनुसार, घटना की रात रूमलीबाई ने सो रहे पति के सिर, चेहरे और गर्दन पर कुल्हाड़ी से कई वार किए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात के बाद उसने हत्या छिपाने के लिए अज्ञात व्यक्ति द्वारा हत्या किए जाने की झूठी कहानी गढ़ी। ग्रामीणों के बयान से खुली परतें जांच के दौरान ग्रामीणों ने भी पुलिस को बताया कि पति-पत्नी के बीच आए दिन विवाद होता था। इसी आधार पर पुलिस ने महिला से सख्ती से पूछताछ की, जिसमें उसने हत्या करना स्वीकार कर लिया। पुलिस ने रूमलीबाई को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) और 331(8) के तहत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। अदालत के आदेश पर उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
पंजाब सरकार की 'मावां धीयां सत्कार योजना' के फॉर्म भरने के लिए लगाए गए एक कैंप में मंगलवार को जमकर हंगामा हो गया। गांव छज्जू माजरा के एक दंपती ने वार्ड नंबर-12 के पार्षद पर मारपीट और धक्का-मुक्की करने का गंभीर आरोप लगाया है। वहीं, पार्षद ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे राजनीति से प्रेरित बताया है। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर मामले की जांच शुरू कर दी है। वार्ड बदलने की बात पर शुरू हुआ विवाद जानकारी के मुताबिक, गांव छज्जू माजरा की रहने वाली भूपिंदर कौर (48) अपने पति हरनाल सिंह के साथ योजना का फॉर्म भरवाने के लिए पहले वार्ड नंबर-13 के आंगनबाड़ी केंद्र गई थीं। वहां से उन्हें वार्ड नंबर-12 में चल रहे कैंप में भेज दिया गया। दंपती का आरोप है कि जब वे पार्षद के घर के बाहर चल रहे कैंप में पहुंचे, तो उन्हें कहा गया कि वार्ड नंबर-13 के फॉर्म यहां नहीं जमा होंगे। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में बहस शुरू हो गई। दंपती का आरोप: धक्का लगने से सीढ़ियों से गिरी महिला, कूल्हा टूटा हरनाल सिंह (जो जीएमसीएच-32 में सिक्योरिटी गार्ड हैं) का आरोप है कि विवाद बढ़ने पर पार्षद ने उनके साथ मारपीट की। जब उनकी पत्नी भूपिंदर कौर बीच-बचाव करने आईं, तो उनके साथ भी धक्का-मुक्की की गई। आरोप है कि धक्का लगने के कारण महिला सीढ़ियों से नीचे जा गिरी, जिससे उनके कूल्हे में गंभीर चोट आई है। उन्हें सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पार्षद की सफाई: मेरे पिता से की बदतमीजी, मैंने खुद 112 पर किया फोन दूसरी ओर, वार्ड नंबर-12 के पार्षद राजवीर सिंह राजी ने इन आरोपों को पूरी तरह से झूठा बताया है। पार्षद ने कहा कि कैंप में सखियां फॉर्म भर रही थीं और उन्होंने दंपती को सिर्फ इतनी जानकारी दी थी कि उनका फॉर्म वार्ड नंबर-13 में भरा जाएगा। पार्षद का दावा है कि इस बात पर हरनाल सिंह भड़क गए और उन्होंने उनके पिता के साथ अभद्र व्यवहार किया। पार्षद के मुताबिक, न तो कोई मारपीट हुई और न ही किसी को धक्का दिया गया। घटना के तुरंत बाद उन्होंने खुद पुलिस हेल्पलाइन 112 पर कॉल की थी। पुलिस जांच में जुटी थाना सिटी खरड़ के एसएचओ अमरिंदर सिंह ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस को दोनों पक्षों की ओर से शिकायत मिली है। फिलहाल अस्पताल में उपचाराधीन महिला और दूसरे पक्ष के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। तफ्तीश पूरी होने के बाद नियमों के मुताबिक उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सिद्धार्थनगर के डुमरियागंज थाना क्षेत्र के चक मझारी गांव में एक नवविवाहिता की हत्या कर शव को घर के अंदर दफना दिया गया। शादी के महज एक महीने बाद हुई इस घटना का खुलासा तब हुआ जब मृतका की मां ने पुलिस को सूचना दी। मंगलवार को पुलिस और प्रशासन की टीम ने क्षेत्राधिकारी डुमरियागंज बृजेश कुमार वर्मा तथा नायब तहसीलदार की मौजूदगी में घर के अंदर दफन शव को बाहर निकलवाया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतका की पहचान मुफीदुन के रूप में हुई है, जो संतकबीरनगर जिले के दुधारा थाना क्षेत्र के दसहवां गांव की रहने वाली थी। परिजनों के अनुसार, करीब एक महीने पहले ही उसकी शादी सिद्धार्थनगर जिले के डुमरियागंज थाना क्षेत्र के चक मझारी गांव में हुई थी। मृतका की मां तस्नीबुन्निशा ने आरोप लगाया कि उनके दामाद ने उन्हें फोन कर बेटी की हत्या की जानकारी दी। मां के मुताबिक, दामाद ने फोन पर बताया कि उसने उनकी बेटी को मार दिया है और शव को घर के अंदर ही दफना दिया है। इसके बाद मृतका की मां ने डुमरियागंज थाने में तहरीर देकर पूरी घटना की जानकारी दी। तस्नीबुन्निशा ने पुलिस को बताया कि उनकी बेटी की शादी को अभी करीब एक महीना ही हुआ था और ससुराल में उसे दहेज के लिए परेशान किया जाता था। उन्होंने आरोप लगाया कि दहेज को लेकर ही उसकी हत्या कर दी गई और शव को घर के अंदर दफना दिया गया। पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। शिकायत के बाद हरकत में आई पुलिस, मंगलवार को पहुंची टीममामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने कार्रवाई शुरू की। मंगलवार को पुलिस और प्रशासन की टीम चक मझारी गांव पहुंची। घर के अंदर शव दफन किए जाने की सूचना के बाद प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में शव निकालने की प्रक्रिया शुरू की गई। क्षेत्राधिकारी डुमरियागंज बृजेश कुमार वर्मा और नायब तहसीलदार डुमरियागंज की मौजूदगी में दफन किए गए शव को बाहर निकलवाया गया।घर के अंदर से शव निकाले जाने की जानकारी के बाद गांव में सनसनी फैल गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत के वास्तविक कारणों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी सामने आने की उम्मीद है।मां बोलीं- एक महीने पहले हुई थी मेरी बच्ची की शादीमीडिया से बातचीत करते हुए मृतका की मां तस्नीबुन्निशा ने कहा, “मेरे दामाद ने फोन करके बताया कि मैंने आपकी लड़की को मारकर घर में ही दफना दिया है। अभी महज एक महीने पहले मेरी बच्ची की शादी हुई थी। मैं चाहती हूं कि उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई हो।” बेटी की मौत से परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों ने मामले में निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।दहेज के लिए प्रताड़ित करने का आरोपमृतका की मां ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया है कि शादी के बाद उनकी बेटी को दहेज के लिए परेशान किया जाता था। आरोप है कि इसी विवाद को लेकर उसकी हत्या की गई और इसके बाद शव को घर में ही दफना दिया गया। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि नवविवाहिता की मौत कब और किन परिस्थितियों में हुई। शव को घर के अंदर किस स्थान पर और कब दफनाया गया तथा घटना में कितने लोगों की भूमिका रही, इन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। आरोपी हिरासत में, पुलिस कर रही पूछताछक्षेत्राधिकारी डुमरियागंज बृजेश कुमार वर्मा ने बताया कि मृतका की मां ने डुमरियागंज थाने में तहरीर दी है। तहरीर में बताया गया है कि उनकी बेटी की शादी करीब एक महीने पहले चक मझारी गांव में हुई थी। आरोप है कि शादी के बाद बेटी को दहेज के लिए परेशान किया जाता था और दहेज को लेकर उसकी हत्या कर शव को घर के अंदर ही दफना दिया गया।सीओ ने बताया कि मामले में मुकदमा दर्ज कर आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। मंगलवार को मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में शव को बाहर निकलवाया गया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी जांचपुलिस के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट मामले की जांच में अहम होगी। रिपोर्ट से मौत के कारण और अन्य परिस्थितियों को स्पष्ट करने में मदद मिलेगी। पुलिस परिजनों के आरोपों के साथ ही घटनाक्रम से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है। आरोपियों से पूछताछ के आधार पर घटना की पूरी कड़ी जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। शादी के महज एक महीने बाद नवविवाहिता की मौत और उसके शव को घर के अंदर दफन किए जाने के आरोप ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों को हिरासत में लिया है और जांच जारी
मोगा के पहाड़ा सिंह चौक क्षेत्र से 23 दिन पहले लापता हुए 17 वर्षीय विजय का अब तक कोई सुराग नहीं मिला है। इस मामले में मंगलवार को परिजनों और मोहल्ला निवासियों ने संबंधित थाने के बाहर धरना दिया। उन्होंने पुलिस प्रशासन के खिलाफ रोष जताते हुए विजय की जल्द बरामदगी की मांग की। लापता युवक की माता कुलदीप कौर ने बताया कि विजय अपने एक दोस्त के साथ घर से निकला था। दोस्त ने एक बार फोन पर विजय से बात भी करवाई थी, लेकिन उसके बाद से विजय से कोई संपर्क नहीं हो पाया और न ही उसके बारे में कोई जानकारी मिली। कुलदीप कौर बोली- पुलिस को नहीं मिली कोई सफलता कुलदीप कौर के अनुसार, परिवार ने अपने स्तर पर हर संभव जगह उसकी तलाश की और पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज करवाई। हालांकि, 23 दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस को कोई सफलता नहीं मिली। परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस की कार्रवाई संतोषजनक नहीं रही, जिसके कारण उन्हें मजबूर होकर थाने के बाहर धरना देना पड़ा। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि मामले को गंभीरता से लेते हुए विजय को जल्द से जल्द तलाश कर परिवार से मिलाया जाए। इस संबंध में थाना प्रभारी गुरपाल सिंह ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद से पुलिस लगातार मामले की जांच कर रही है। विभिन्न स्थानों पर छापेमारी और तलाश अभियान जारी है। उन्होंने कहा कि पुलिस हर संभव प्रयास कर रही है और उम्मीद है कि लापता युवक को जल्द ही खोज लिया जाएगा। पुलिस ने लोगों से भी अपील की है कि यदि किसी के पास विजय के संबंध में कोई जानकारी हो तो वह तुरंत पुलिस को सूचित करे।
सीएसजेएमयू में पब्लिक हेल्थ कार्यशाला आयोजित:विशेषज्ञों ने कहा- देश को पब्लिक हेल्थ लीडर्स की जरूरत
कानपुर के छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) में दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला 'थिंकिंग लाइक ए पब्लिक हेल्थ प्रोफेशनल' का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला विश्वविद्यालय के मास्टर ऑफ पब्लिक हेल्थ (एमपीएच) कार्यक्रम के तहत कम्युनिटी एंपावरमेंट लैब, लखनऊ के सहयोग से हुई। इसका संचालन दोपहर 3:30 बजे से लेकर 5:30 तक चला। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को स्वास्थ्य चुनौतियों को समझने और वैज्ञानिक समाधान विकसित करने के लिए तैयार करना था। कार्यशाला में विद्यार्थियों को रोग नियंत्रण, स्वास्थ्य नीति, सामुदायिक सहभागिता, डेटा विश्लेषण, कार्यक्रम प्रबंधन और फील्ड प्लानिंग जैसे विषयों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। विशेषज्ञों ने विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO), यूनिसेफ (UNICEF) और राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS) के नवीनतम आंकड़ों का उपयोग करते हुए गैर-संचारी रोगों, एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस, नवजात मृत्यु दर और टीकाकरण की चुनौतियों पर विस्तृत चर्चा की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और फैकल्टी ऑफ एडवांस्ड स्टडीज इन सोशल साइंसेज के डीन प्रो. (डॉ.) संदीप कुमार सिंह ने कहा कि देश को ऐसे पब्लिक हेल्थ प्रोफेशनल्स की आवश्यकता है, जो केवल इलाज तक सीमित न रहकर बीमारियों के मूल कारणों को समझें और सामाजिक स्तर पर समाधान विकसित करें। एमपीएच कार्यक्रम के निदेशक डॉ. अमित कुमार मिश्रा ने जोर दिया कि सार्वजनिक स्वास्थ्य को समुदाय के बीच जाकर और वास्तविक आंकड़ों के विश्लेषण से ही प्रभावी ढंग से सीखा जा सकता है। कोर्स कोऑर्डिनेटर डॉ. अभिषेक मिश्रा ने जानकारी दी कि यह पाठ्यक्रम विद्यार्थियों को WHO, यूनिसेफ (UNICEF), राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM), शोध संस्थानों और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों में नेतृत्वकारी भूमिकाओं के लिए तैयार करता है। विशेषज्ञ विनय प्रताप सिंह, डॉ. मालविका मिश्रा और अनुष्का श्रीवास्तव ने भी रोकथाम, साक्ष्य-आधारित निर्णय लेने और सामुदायिक सहभागिता के महत्व पर प्रकाश डाला। कार्यशाला के समापन पर विद्यार्थियों ने इसे अपने शैक्षणिक जीवन का एक प्रेरणादायक और व्यावहारिक प्रशिक्षण बताया।
नगर निगम ने भाजपा के पूर्व पार्षद द्वारा पार्क में अवैध कब्जे पर बुलडोजर चलाकर मुक्त करा दिया है। इंदिरानगर के सर्वोदयनगर स्थित लालबहादुर शास्त्री पार्क को अतिक्रमण हो गया। मंगलवार को नगर निगम की टीम ने ETF फोर्स और भारी पुलिस बल के साथ पहुंचकर कार्रवाई की है। कार्रवाई के दौरान पूर्व बीजेपी पार्षद मनोज अवस्थी द्वारा पार्क की जमीन पर बनाए गए कार्यालय को ध्वस्त कर दिया गया। आरोप था कि पार्षद का कार्यकाल समाप्त होने के कई साल बाद भी उन्होंने पार्क की जमीन पर कब्जा कर रखा था और वहां अपना कार्यालय संचालित कर रहे थे। दरअसल, स्थानीय निवासियों ने लंबे समय से पार्क पर हुए कब्जे की शिकायत की थी। वर्तमान भाजपा पार्षद भूपेंद्र शर्मा ने भी इस संबंध में नगर निगम को पत्र लिखा था। शिकायत मिलने के बाद नगर आयुक्त के निर्देश पर निगम ने अभियान चलाने का निर्णय लिया। अतिक्रमण हटाने के दौरान पूर्व पार्षद के समर्थकों ने विरोध करने की कोशिश की, लेकिन ETF फोर्स और पुलिस की मौजूदगी के चलते अभियान शांतिपूर्वक संपन्न हुआ। टीम ने मौके से टेबल, कुर्सी, बैनर और अन्य सामान भी जब्त कर लिया है। स्थानीय लोगों में खुशी पार्क खाली होने के बाद क्षेत्रीय लोगों ने राहत की सांस ली। लोगों का कहना है कि इस पार्क में बच्चे खेलते थे और बुजुर्ग सैर करते थे, लेकिन कब्जे के कारण पिछले कई सालों से इसका इस्तेमाल नहीं हो पा रहा था। स्थानीय निवासियों और पार्षद भूपेंद्र शर्मा ने नगर निगम के इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि अब पार्क का सौंदर्यीकरण कर उसे आम जनता के लिए खोला जाना चाहिए। अपर नगर आयुक्त अभिनव रंजन ने बताया कि सार्वजनिक पार्क, हरियाली क्षेत्र और सरकारी जमीनों पर हर तरह का कब्जा हटाया जाएगा। यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। कब्जा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कानपुर में एसटीपी नाले की दीवार ढही:200 बीघा फसल जलमग्न, 50 से अधिक किसानों पर संकट
कानपुर के जाजमऊ स्थित पेवंदी गांव में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के मुख्य नाले की दीवार ढहने से मंगलवार की शाम 6:30 बजे ग्रामीणों में आक्रोश देखने को मिला। लगभग 15 मीटर लंबी दीवार गिरने से हजारों लीटर गंदा पानी आसपास की करीब 200 बीघा कृषि भूमि में फैल गया। इससे 50 से अधिक किसानों की फसलें बर्बाद होने की आशंका है। ग्रामीणों ने विभागीय लापरवाही पर भारी आक्रोश व्यक्त किया है। गांव के राम नरेश यादव, चंद्रपाल मौर्या, भूचल कुमार और राजेंद्र ने बताया कि दीवार टूटने के कुछ ही मिनटों में सीवेज का पानी खेतों में भर गया। कई खेत पूरी तरह जलमग्न हो गए, जिससे खड़ी फसलें बर्बाद होने की कगार पर पहुंच गईं। ग्रामीणों का आरोप है कि यह हादसा अचानक नहीं हुआ। नाले में कई जगहों पर लंबे समय से दरारें और रिसाव हो रहा था। इसकी शिकायत संबंधित विभाग से कई बार की गई थी, लेकिन समय रहते मरम्मत नहीं कराई गई। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि बीती 2 जुलाई को भी इसी नाले की दीवार टूटी थी, जिसके कारण लगभग 12 दिनों तक इसका संचालन बंद रहा। मरम्मत के बाद सोमवार रात को नाले को दोबारा चालू किया गया था, लेकिन मंगलवार सुबह उससे दो मीटर सामने की दीवार फिर ढह गई। इस घटना ने मरम्मत कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। खेतों में सीवेज का गंदा पानी भरने से संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों के अनुसार, इलाके की ढाल गंगा नदी की ओर होने के कारण यह दूषित पानी सीधे गंगा में मिल रहा है, जिससे पर्यावरणीय खतरा भी उत्पन्न हो गया है। उनका आरोप है, कि संबंधित विभाग के कई अधिकारियों को जानकारी देने के बावजूद कोई आया नहीं। स्थानीय लोगों ने नाले को भूमिगत करने की अपनी पुरानी मांग को दोहराया है। उनका आरोप है कि वर्षों से इस मांग की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने कहा कि, समय नाला शिफ्ट नहीं हुआ तो बड़ा हादसा हो सकता है। इसके जिम्मेदार शहर का प्रशासन होगा।
यमुनानगर के साढ़ौरा क्षेत्र में रिश्तों को शर्मसार करने का एक मामला सामने आया है। यहां एक व्यक्ति पर अपनी डेढ़ वर्षीय बेटी के साथ दुष्कर्म का प्रयास करने का आरोप लगा है। शिकायत मिलने के बाद महिला थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पोक्सो एक्ट सहित संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर उसे हिरासत में ले लिया है। पुलिस बच्ची का मेडिकल कराने के बाद पूरे मामले की जांच कर रही है। पुलिस को दी शिकायत में महिला ने बताया कि उसका परिवार साढ़ौरा क्षेत्र में रहकर मजदूरी करता है। परिवार में पति-पत्नी के अलावा तीन बच्चे हैं, जिनमें सबसे छोटी बच्ची करीब डेढ़ साल की है। मां ने देखा कि पति बेटी से दुष्कर्म का प्रयास कर रहा महिला के अनुसार सोमवार को वह और उसका पति दोनों काम पर गए थे। दोपहर करीब डेढ़ बजे उसका पति नशे की हालत में काम छोड़कर घर लौट आया। महिला ने बताया कि वह करीब दो बजे घर पहुंची तो घर के अंदर का दृश्य देखकर स्तब्ध रह गई। उसका आरोप है कि पति अपनी ही मासूम बेटी के साथ दुष्कर्म करने का प्रयास कर रहा था। उसने तुरंत आरोपी को रोकते हुए शोर मचाया। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। घटना की सूचना तत्काल पुलिस कंट्रोल रूम को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में लेकर आगे की कार्रवाई के लिए महिला थाना पुलिस के हवाले कर दिया। मामले की कर रहे जांच महिला थाना प्रभारी शीलावंती ने बताया कि पीड़ित बच्ची का मेडिकल परीक्षण कराया गया है। आरोपी के खिलाफ पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। फिलहाल आरोपी पुलिस हिरासत में है और मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
राजधानी रायपुर के गायत्री नगर स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर में भगवान जगन्नाथ की विश्वविख्यात रथयात्रा 16 जुलाई को धार्मिक उल्लास, वैदिक परंपराओं और भव्यता के साथ निकलेगी। बाहुड़ा यात्रा 24 जुलाई को आयोजित होगी। रथयात्रा से पहले 14 जुलाई की शाम 6 बजे भगवान का नेत्रोत्सव होगा। मंदिर परिसर में सभी धार्मिक अनुष्ठानों की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और माता सुभद्रा के तीनों रथ आकर्षक ढंग से सजाए गए हैं। रथयात्रा भक्त और भगवान के मिलन का महापर्व मंदिर सेवा समिति के संस्थापक अध्यक्ष और विधायक पुरंदर मिश्रा ने बताया कि रथयात्रा भक्तों और भगवान के प्रत्यक्ष मिलन का महापर्व है। साल में केवल इसी अवसर पर भगवान जगन्नाथ अपने बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ मंदिर से बाहर निकलकर श्रद्धालुओं को दर्शन देते हैं। यह पर्व धार्मिक आस्था के साथ छत्तीसगढ़ और ओडिशा की सांस्कृतिक एकता, भाईचारे और सनातन परंपरा का प्रतीक भी है। 11 वैदिक पंडित कराएंगे विशेष पूजन और अभिषेक रथयात्रा के दिन सुबह 11 वैदिक पंडित विशेष अभिषेक, पूजन और हवन कराएंगे। चंदन, केसर, कस्तूरी, कपूर सहित सुगंधित द्रव्यों से भगवान का दिव्य स्नान कराया जाएगा। इसके बाद गजामूंग महाप्रसाद अर्पित किया जाएगा। वैदिक मंत्रोच्चार, शंखनाद और मंगल वाद्यों की ध्वनि के बीच भगवान तीनों रथों पर विराजमान होकर नगर भ्रमण के लिए निकलेंगे। राज्यपाल और मुख्यमंत्री करेंगे 'छेरा पहरा' की परंपरा परंपरा के अनुसार राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय भगवान के रथ के सामने सोने की झाड़ू से 'छेरा पहरा' की ऐतिहासिक सेवा करेंगे। यह परंपरा सेवा, समर्पण और विनम्रता का संदेश देती है। आयोजन में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, जनप्रतिनिधि, संत-महात्मा, सामाजिक और धार्मिक संगठनों के पदाधिकारी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे। भजन, झांकियां और लोकनृत्य से गूंजेगा शहर रथयात्रा के दौरान महिला मंडलों की ओर से भजन-कीर्तन, आकर्षक सांस्कृतिक झांकियां, पारंपरिक लोकनृत्य और जय जगन्नाथ के जयघोष से मंदिर परिसर और पूरा शहर भक्तिमय माहौल में रंग जाएगा। श्रद्धालुओं से शामिल होने की अपील श्री जगन्नाथ मंदिर सेवा समिति ने सभी श्रद्धालुओं से सपरिवार रथयात्रा में शामिल होकर भगवान जगन्नाथ का आशीर्वाद लेने और सनातन संस्कृति की इस गौरवशाली परंपरा का हिस्सा बनने की अपील की है।
करनाल जिले के मूनक थाना क्षेत्र के गांव कुताना के बस स्टैंड के पास मंगलवार शाम एक व्यक्ति का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया। प्रारंभिक जांच में मृतक की पहचान नहीं हो पाई थी, लेकिन बाद में कपड़ों से मिले दस्तावेजों के आधार पर उसकी पहचान कर ली गई। फिलहाल पुलिस मौत के कारणों की जांच कर रही है और परिजनों से संपर्क करने का प्रयास जारी है। दस्तावेजों से हुई पहचान पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान 42 वर्षीय सोमारी राम निवासी गांव बरावा, बिहार के रूप में हुई है, जो मजदूरी करता था। घटना के समय वह अर्धनग्न अवस्था में मिला। शव पड़े होने की सूचना मिलते ही आसपास के लोग मौके पर इकट्ठा हो गए और पुलिस को जानकारी दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर लोगों से पूछताछ की, लेकिन किसी को भी मृतक के बारे में जानकारी नहीं थी। इसके बाद कपड़ों की तलाशी लेने पर मिले दस्तावेजों से उसकी पहचान संभव हो पाई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार जांच अधिकारी संदीप ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर मोर्च्युरी हाउस में रखवाया गया है और पोस्टमार्टम कराया जाएगा। प्राथमिक तौर पर मौत का कारण शराब का सेवन माना जा रहा है, लेकिन असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी। पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है और मृतक के परिजनों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और राजस्थान के पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने कहा कि राजस्थान में सरकार अफसरों के भरोसे चल रही है और यहां भाजपा के अपने पैर पीट रहे लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। वे आज शाम को उदयपुर के जिंक स्मेल्टर, देबारी में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राजस्थान में जनप्रतिनिधियों की बजाय अधिकारियों के बल पर सरकार चल रही है सत्ताधारी दल के जो मंत्री, सांसद और विधायक भी अपने पैर पीट रहे है उनकी कोई सुन नहीं रहा है न कोई जवाबदेही उनकी तय हो रही है, ये बहुत संकट का समय है। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ हो रहा है, पेपर लीक की घटनाओं ने लाखों अभ्यर्थियों की मेहनत पर पानी फेर दिया और सरकार रोजगार देने में पूरी तरह विफल रही है। पायलट ने कहा कि छात्रों को निष्पक्ष परीक्षा और पारदर्शी परिणाम चाहिए, लेकिन पेपर और रिजल्ट दोनों में लगातार गड़बड़ियां सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली और जयपुर की सरकारें अपने-अपने स्तर पर असफल साबित हुई हैं। राज्य सरकार ने आधा कार्यकाल बीतने के बावजूद जनता से किए गए वादे पूरे नहीं हुए। उन्होंने कानून व्यवस्था, शिक्षा और चिकित्सा व्यवस्था को लेकर भी सरकार को घेरा। पायलट ने कहा कि प्रदेश में गर्भवती महिलाओं की मौतों ने स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोल दी है। स्कूलों की छतें गिरने से बच्चों की मौत हो रही है, हाईकोर्ट को सरकार को फटकार लगानी पड़ रही है, लेकिन जवाबदेही तय नहीं की जा रही। उन्होंने आरोप लगाया कि सड़क हादसों, अपराध और दुष्कर्म की घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। उन्होंने पंचायत, निकाय और छात्रसंघ चुनाव समय पर नहीं कराने को लेकर भी सरकार को घेरा। पायलट ने कहा कि संविधान के अनुसार हर पांच साल में चुनाव कराना अनिवार्य है, लेकिन सरकार जानबूझकर चुनाव टाल रही है क्योंकि उसे जनता के गुस्से का डर है। केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए पायलट ने कहा कि 12 साल के शासन के बाद सत्ता में अहंकार आ गया है। उन्होंने अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट में चंदे से जुड़े विवाद का जिक्र करते हुए कहा कि करोड़ों रुपये के कथित गबन के मामले में असली जिम्मेदारों पर कार्रवाई नहीं हो रही। उन्होंने प्रधानमंत्री के ना खाऊंगा, ना खाने दूंगा वाले नारे पर सवाल उठाते हुए कहा कि मामले में केवल लीपापोती की जा रही है। उन्होंने कहा कि जब संसद जब चलती है तब कोई जवाब नहीं देता है, विपक्ष की आवाज को दबाने का काम होता है। ये गैर संवैधानिक और गैर कानूनी रूप से परिसीमन का बिल पारित करना चाहते है जबकि एक प्रणाली होती है, जनणगना होती है परिसीमन आयोग बनता है उसके बाद उसकी सिफारिश के बाद संसद में कार्रवाई होती है। ईंधन नीति पर बोलते हुए पायलट ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के एथेनॉल संबंधी निर्णयों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जनता पर थोपा जा रहे हैं, जबकि लोगों को अपनी पसंद का विकल्प मिलना चाहिए। पायलट ने दावा किया कि आज किसान खुश नहीं है, युवा परेशान है और जनता बदलाव चाहती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह है और पार्टी का लक्ष्य भाजपा सरकार की नीतियों को जनता के सामने उजागर कर आगामी विधानसभा चुनाव में प्रचंड बहुमत से सरकार बनाना है। मेरे दौरें में हर जगह कार्यकर्ताओं में उत्साह देखा गया। इस दौरान उनके साथ उदयपुर देहात के अध्यक्ष रघुवीर सिंह मीणा, शहर अध्यक्ष फतहसिंह राठौड़, मावली विधायक पुष्करलाल डांगी, पूर्व मंत्री डा. मांगीलाल गरासिया, कांग्रेस नेता पंकज शर्मा आदि ने पायलट का स्वागत किया।
झाबुआ जिले के रायपुरिया-पेटलावद मार्ग पर मंगलवार शाम करीब 7 बजे दो बाइकों के बीच आमने-सामने की जोरदार टक्कर हो गई। यह हादसा एक पेट्रोल पंप के पास हुआ, जिसमें दोनों बाइकों पर सवार 5 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। जानकारी के मुताबिक, रूपगढ़ के रहने वाले प्रतीक भाभर और अमन भाभर अपनी बुलेट मोटरसाइकिल (MP-45-MT-9626) पर सवार होकर रायपुरिया की तरफ से आ रहे थे। वहीं, दूसरी बाइक पर आनंदीलाल पाटीदार अपनी पत्नी और बहन के साथ जामली की ओर जा रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बुलेट की रफ्तार बहुत तेज थी। उसने सामने से आ रही आनंदीलाल की बाइक को इतनी जोरदार टक्कर मारी कि उस पर सवार तीनों लोग दूर जा गिरे। टक्कर इतनी भयानक थी कि टक्कर मारने के बाद बुलेट सवार दोनों युवक भी करीब 100 फीट दूर तक घिसटते चले गए। हादसे में ये लोग हुए घायल इस दुर्घटना में आनंदीलाल पाटीदार, बेबी पाटीदार और संतोष पाटीदार सहित दोनों बाइकों के कुल 5 लोगों को गंभीर चोटें आई हैं। पुलिस ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया, जांच शुरू हादसे की खबर मिलते ही रायपुरिया और पेटलावद थाने की पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने एंबुलेंस बुलाकर सभी घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भिजवाया। पेटलावद थाना प्रभारी निर्भय सिंह भूरिया ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि सभी 5 घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है और पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
सुल्तानपुर के बल्दीराय ब्लॉक सभागार में मंगलवार शाम करीब 3 बजे आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान इसौली से समाजवादी पार्टी के विधायक मोहम्मद ताहिर खान के साथ कथित अभद्रता का मामला सामने आया है। विधायक ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने उनका हाथ पकड़कर सरकारी कार्य में बाधा डाली, गाली-गलौज की और अभद्र भाषा का प्रयोग किया। घटना के बाद क्षेत्र में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। विधायक मोहम्मद ताहिर खान ने बताया कि वह ब्लॉक सभागार में आयोजित कार्यक्रम में शामिल थे। इसी दौरान कुछ लोगों ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया। उन्होंने तत्काल बल्दीराय थानाध्यक्ष को सूचना देकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। घटना के बाद कार्यक्रम स्थल पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही बल्दीराय पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को सामान्य कराया। पुलिस ने मौके पर मौजूद लोगों से घटना की जानकारी ली और उनके बयान दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बल्दीराय थानाध्यक्ष महेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि मामला संज्ञान में है। विधायक की शिकायत के आधार पर सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी।
जोधपुर शहर में मंगलवार को अलग-अलग कार्यक्रम हुए। नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे एम्प्लॉइज यूनियन (NWREU) के बैनर तले मंगलवार को कैरेज एंड वेगन डिपो के कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। वहीं शहरी सेवा शिविर में 33 दिनों में 692 पट्टे जारी किए गए। एम्स जोधपुर ने बच्चों की किडनी सर्जरी कर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। पीडियाट्रिक सर्जरी डिपार्टमेंट ने 250 से ज्यादा लेप्रोस्कोपिक पायलोप्लास्टी सर्जरी की है। शहर में देशभर के ज्योतिष जुटे। पूर्व न्यायाधीश गोपाल कृष्ण व्यास की अध्यक्षता में ज्योतिष परामर्श शिविर का आयोजन हुआ। शहर की प्रमुख खबरों के लिए पढ़ें लाइव ब्लॉग...
मोतिहारी पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। 20 हजार रुपये के इनामी और 23 आपराधिक मामलों में वांछित अपराधी न्याज अहमद उर्फ पप्पू खान को एसटीएफ की मदद से पटना से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश कर रही थी और उसके संभावित ठिकानों पर नजर रखी जा रही थी। कई गंभीर मामलों में दर्ज है नाम गिरफ्तार पप्पू खान केसरिया थाना क्षेत्र के बैरिया गांव का निवासी है। पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात के अनुसार, आरोपी के खिलाफ केसरिया समेत जिले के विभिन्न थानों में 23 से अधिक मामले दर्ज हैं। इन मामलों में जालसाजी, हत्या के प्रयास, रंगदारी, पुलिस पर हमला, एससी-एसटी एक्ट, आर्म्स एक्ट और गिरफ्तारी का विरोध जैसी गंभीर धाराएं शामिल हैं। पुलिस उसे विशेष रूप से एक फर्जी चोट से जुड़े मामले में तलाश रही थी। गुप्त सूचना पर एसटीएफ ने बिछाया जाल जानकारी के अनुसार, गुप्त सूचना के आधार पर मोतिहारी एसटीएफ और केसरिया थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई की। पुलिस को सूचना मिली थी कि पप्पू खान पटना में एक राजनीतिक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचने वाला है। इसी इनपुट के आधार पर एसटीएफ की टीम ने रणनीति बनाकर उसे गिरफ्तार कर लिया। बताया जा रहा है कि वह प्रशांत किशोर की नामांकन सभा में पहुंचा था, हालांकि पुलिस की ओर से इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। मोतिहारी लाने की तैयारी, पूछताछ जारी पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने बताया कि आरोपी को मोतिहारी लाने के लिए जिला पुलिस की टीम भेजी गई है। आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। उन्होंने कहा कि अपराधियों के खिलाफ पुलिस का अभियान लगातार जारी रहेगा और कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। विधानसभा चुनाव में रह चुका है उम्मीदवार पप्पू खान पिछले विधानसभा चुनाव में केसरिया सीट से जनसुराज पार्टी का उम्मीदवार भी रह चुका है। उसकी गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब उससे पूछताछ कर रही है। थानाध्यक्ष राहुल कुमार ने बताया कि आरोपी पर दर्ज मामलों की जांच जारी है और पूछताछ के बाद कई अहम जानकारियां सामने आने की संभावना है।
रामपुर में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता मोहम्मद आजम खान से जुड़े तीन मुकदमों की संयुक्त सुनवाई (क्लबिंग) की मांग पर मंगलवार को सेशन कोर्ट में सुनवाई हुई। राज्य सरकार की ओर से अपर जिला शासकीय अधिवक्ता (एडीजीसी) सीमा राणा ने आजम खान की ओर से दाखिल प्रार्थना पत्र पर आपत्ति दर्ज कराई। अदालत ने दोनों पक्षों की विस्तृत बहस के लिए 24 जुलाई की तारीख तय की है। अधिवक्ता बोले- तीनों मामलों के तथ्य और साक्ष्य समान आजम खान के अधिवक्ता ने अदालत में दिए प्रार्थना पत्र में कहा कि अपराध संख्या 498/2019, 312/2019 और 126/2020 के तथ्य एवं साक्ष्य काफी हद तक समान हैं। ऐसे में तीनों मामलों की अलग-अलग सुनवाई करने के बजाय उन्हें एक साथ सुना जाए। इससे न्यायिक समय की बचत होगी और फैसले में एकरूपता बनी रहेगी। सरकार का तर्क- हर मुकदमे की कानूनी स्थिति अलग राज्य सरकार की ओर से एडीजीसी सीमा राणा ने इस मांग का विरोध करते हुए कहा कि प्रत्येक मुकदमे की अपनी अलग कानूनी स्थिति, साक्ष्य और परिस्थितियां हैं। इसलिए तीनों मामलों को एक साथ जोड़कर सुनवाई करना उचित नहीं होगा। एमपी-एमएलए कोर्ट में दर्ज हुए एफआईआर लेखक के बयान इसी बीच, मोहम्मद आजम खान के अधिवक्ता अमित कुमार ने बताया कि मंगलवार दोपहर एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट में अपराध संख्या 312/2019 की सुनवाई के दौरान एफआईआर लेखक के बयान दर्ज किए गए। 24 जुलाई को अदालत करेगी फैसला अब अदालत 24 जुलाई को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद इस प्रार्थना पत्र पर निर्णय करेगी। यह सुनवाई इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि इसी दिन तय होगा कि तीनों मुकदमों की सुनवाई एक साथ होगी या अलग-अलग जारी रहेगी। जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े हैं तीनों मुकदमे ये तीनों मुकदमे वर्ष 2019 और 2020 में दर्ज किए गए थे। इनका संबंध जौहर विश्वविद्यालय के लिए कथित रूप से शत्रु संपत्ति और अन्य सरकारी भूमि को विश्वविद्यालय परिसर में शामिल करने के आरोपों से है। विशेष रूप से अपराध संख्या 312/2019 आजम नगर थाने में दर्ज शत्रु संपत्ति से जुड़ा मामला है, जिसमें धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक साजिश और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था।
लखनऊ के सआदतगंज थाना क्षेत्र से लापता युवक की हत्या का खुलासा एक महीने बाद हुआ। उसकी हत्या अवैध संबंधों के चलते की गई थी। आरोपियों ने हत्या को हादसा दिखाने के लिए शव को बाराबंकी में सड़क किनारे फेंका था। उसकी मौत के बाद पुलिस ने अज्ञात में शव का अंतिम संस्कार कर दिया। पुलिस ने मामले में दंपती सहित तीन आरोपियों को मंगलवार को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, चिक मंडी निवासी आसिफ ने 17 जून को अपने बेटे मोहम्मद सैफ (18) की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। जांच के दौरान सर्विलांस और टेक्निकल साक्ष्यों के आधार पर पता चला कि 15 जून को सैफ अपने एक नाबालिग दोस्त के साथ बाइक से बाराबंकी गया था। रास्ते में कोतवाली नगर क्षेत्र में हिंद मेडिकल के पास सड़क दुर्घटना में वह गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद साथ मौजूद लोगों ने सैफ को इलाज के लिए अस्पताल नहीं पहुंचाया और उसे वहीं छोड़कर भाग निकले। उधर, बाराबंकी पुलिस ने घायल को अस्पताल पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान अगले दिन उसकी मौत हो गई। पहचान न होने के कारण शव का पोस्टमॉर्टम अज्ञात के रूप में कराया गया। सआदतगंज पुलिस ने बाराबंकी पुलिस से बातचीत कर पूरे मामले का खुलासा किया। मृतक की पहचान होने के बाद उसके पिता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया। इंस्पेक्टर सआदतगंज संतोष कुमार आर्या ने बताया कि मामले में पुलिस ने मुस्कान उर्फ सैय्यद आफरीन (21) और उसके पति सुमित उर्फ गोलू गुप्ता (26) को रेड पैथ लैब के पास से गिरफ्तार कर लिया। घटना में शामिल 17 साल के एक बाल अपचारी को भी संरक्षण में लिया गया है। पत्नी से अवैध संबंध का पता चला तो रची साजिश पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की तो सामने आया कि सैफ का सुमित की पत्नी मुस्कान से संबंध था। इसको लेकर सुमित अक्सर सैफ का विरोध करते हुए घर आने जाने से मना करता था। लेकिन सैफ उसकी बात नहीं मानता था। सुमित ने कई बार अपनी पत्नी मुस्कान को भी मना किया और तलाक की धमकी दी। इसके बाद योजना बनाकर घुमाने के बहाने साथ ले गए। रास्ते में मारपीट कर हादसा दिखाने के लिए मरणासन्न हालत में सड़क किनारे फेंककर फरार हो गए। बार डांसर है मुस्कान आरोपी सुमित दूध का काम करता है, जबकि पत्नी मुस्कान डांसर है। सैफ भी आर्केस्टा का काम करता था। इसके चलते दोनों संपर्क में आ गए। इसके बाद दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ गईं, जो पति सुमित को नागवार गुजरती थी। इसके बाद उसने सैफ के नाबालिग दोस्त को प्लान में शामिल करके घटना को अंजाम दिया।
भिंड शहर में ऑनलाइन लोन के नाम पर साइबर ठगी का मामला सामने आया है। देहात थाना क्षेत्र के एक युवक ने व्हाट्सएप पर आए लिंक से एक कथित चाइनीज लोन ऐप डाउनलोड कर 2500 रुपए का लोन लिया। इसके बाद ठगों ने उससे पैसे वसूलने के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया। जब युवक ने पैसे देने से इनकार किया तो उसके मोबाइल का डेटा लेकर एडिट की गई अश्लील फोटो-वीडियो बनाकर वायरल करने की धमकी दी। व्हाट्सएप लिंक से डाउनलोड की थी ऐप मंगलवार दोपहर पीड़ित राजू सिंह साइबर सेल कार्यालय पहुंचा और शिकायत दर्ज कराई। उसने बताया कि कुछ दिन पहले व्हाट्सएप पर ऑनलाइन लोन का विज्ञापन आया था। लिंक पर क्लिक करने के बाद उसने ऐप डाउनलोड कर ली। इंस्टॉल करते समय ऐप ने मोबाइल की कई परमिशन मांगी, जिन्हें उसने स्वीकार कर लिया। इसके बाद उसके खाते में 2500 रुपए का लोन दिखाया गया। पहले पैसे मांगे, फिर शुरू हुई ब्लैकमेलिंग युवक का आरोप है कि अगले ही दिन उससे लोन चुकाने के लिए दबाव बनाया गया। पहले 2000 रुपए मांगे गए। इसके बाद प्रतिदिन 3000 रुपए देने के संदेश आने लगे। जब उसने पैसे देने से मना किया तो ठगों ने उसके मोबाइल का डेटा एक्सेस कर लिया। इसके बाद उसकी एडिट की हुई अश्लील फोटो और वीडियो भेजकर धमकी दी गई कि यदि पैसे नहीं दिए तो इन्हें उसके रिश्तेदारों और परिचितों को भेज दिया जाएगा। ठगों ने उसके कुछ परिजनों के मोबाइल नंबर भी भेजे, जिससे युवक डर गया। धमकियों से परेशान होकर युवक ने साइबर सेल और देहात थाना पुलिस से शिकायत की। पुलिस ने राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने लोगों को किया सतर्क देहात थाना प्रभारी शिवप्रताप सिंह राजावत ने बताया कि फर्जी ऑनलाइन लोन ऐप आसान लोन का लालच देकर लोगों से मोबाइल की परमिशन ले लेते हैं। इसके बाद मोबाइल का डेटा हासिल कर ब्लैकमेलिंग शुरू कर देते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी अनजान लिंक या लोन ऐप को डाउनलोड करने से पहले उसकी सत्यता जरूर जांचें। बिना जरूरत किसी ऐप को मोबाइल की सभी परमिशन न दें। यदि कोई इस तरह की साइबर ठगी का शिकार होता है, तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी साइबर थाने में शिकायत करें।
गोपालगंज के उचकागांव थाना क्षेत्र के बरमाइन गांव में करंट लगने से एक मजदूर की मौत हो गई। घटना उस समय हुई, जब वह अपने घर में पंखे का प्लग बिजली बोर्ड में लगा रहा था। मृतक की पहचान बरमाइन गांव निवासी शेष नाथ साह के बेटे नंदू कुमार के रूप में हुई है। अस्पताल पहुंचने से पहले बिगड़ी हालत जानकारी के अनुसार, नंदू कुमार घर में बिजली के बोर्ड में पंखे का प्लग लगा रहा था। इसी दौरान अचानक उसे तेज करंट का झटका लगा और वह झुलसकर जमीन पर गिर पड़ा। घटना के बाद परिजन और आसपास के लोग तुरंत उसे इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। परिवार में पसरा मातम नंदू कुमार की मौत के बाद परिवार में शोक का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। बताया गया कि नंदू कुमार अमृतसर में मजदूरी करता था और करीब दो महीने पहले ही घर लौटा था। विदेश जाने की तैयारी कर रहा था नंदू परिजनों के अनुसार, नंदू अब दोबारा पंजाब नहीं जाना चाहता था। वह बेहतर भविष्य और अधिक कमाई के लिए विदेश जाकर काम करने की योजना बना रहा था। वह पासपोर्ट और अन्य जरूरी कागजी प्रक्रिया पूरी करने के लिए ही गांव आया हुआ था। लेकिन इससे पहले ही हादसे में उसकी मौत हो गई। दो बेटियों के सिर से उठा पिता का साया नंदू कुमार की दो छोटी बेटियां हैं। उनकी असामयिक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
गयाजी के मगध मेडिकल थाना क्षेत्र के बिशुनगंज गांव में युवक गौतम की हत्या को लेकर लोगों का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है। मंगलवार की शाम बिशुनगंज मोड़ से गोपालपुर तक बड़ी संख्या में ग्रामीणों व परिजनों ने कैंडल मार्च निकाला। सभी ने हाथों में मोमबत्तियां लेकर गौतम को श्रद्धांजलि दी। उसकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। साथ ही हत्या में शामिल सभी आरोपियों की गिरफ्तारी व कड़ी सजा की मांग उठाई। पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की कैंडल मार्च के दौरान पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई। लोगों ने कहा कि जब तक सभी दोषियों की गिरफ्तारी नहीं होगी, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।धनसिर पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि प्रकाश यादव ने पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने हत्या मामले में चार संदिग्धों को हिरासत में लिया था। चार दिनों तक थाने में रखने के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। उन्होंने कहा कि यदि पूछताछ ही करनी थी, तो कानून के मुताबिक 24 घंटे के भीतर आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जानी चाहिए थी। चार दिन बाद रिहा किए जाने से पूरे मामले पर संदेह पैदा हो रहा है। पीड़ित परिवार ने भी पुलिस की जांच पर सवाल उठाए। परिजनों का कहना है कि पुलिस ने उन्हें बताया कि हिरासत में लिए गए लोगों में सिर्फ एक व्यक्ति दोषी है और बाकी निर्दोष हैं। दोषियों को फांसी की सजा देने की मांग की कैंडल मार्च में शामिल लोगों ने हत्या में शामिल सभी दोषियों को फांसी की सजा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी पुलिसकर्मी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी तत्काल निलंबन और सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। परिजनों ने मामले की जांच वर्तमान जांच अधिकारी से हटाकर किसी दूसरे अधिकारी को सौंपने की मांग की। साथ ही पूरे मामले की निष्पक्ष जांच सीबीआई से कराने की भी मांग उठाई। शांतिपूर्ण ढंग से निकले कैंडल मार्च के अंत में लोगों ने गौतम की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा। ग्रामीणों ने साफ कहा कि न्याय मिलने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
फरीदाबाद के सेक्टर-8 थाना क्षेत्र में मंगलवार शाम करीब 6:30 बजे सेक्टर-9 और 10 की ओर जाने वाले रास्ते पर तेज रफ्तार एंबुलेंस ने एक इलेक्ट्रिक स्कूटी सवार डिलीवरी बॉय को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि युवक सड़क पर गिर गया, जबकि उसकी इलेक्ट्रिक स्कूटी एंबुलेंस के नीचे फंस गई। हादसे के बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। लोगों ने घायल युवक को एक निजी वाहन से अस्पताल भिजवाया और एंबुलेंस ड्राइवर को पुलिस के आने तक मौके पर ही रोककर रखा। वहीं एंबुलेंस में कोई भी मरीज नहीं था सिर्फ खाली एंबुलेंस को लेकर के ड्राइवर जा रहा था। ब्लिंकेट कंपनी का सामान डिलीवर करके लौट रहा था प्रत्यक्षदर्शी अभिमन्यु ने बताया कि घायल युवक नवनीत सीही गांव का रहने वाला है और ब्लिंकेट कंपनी में डिलीवरी का काम करता है। वह कंपनी का सामान डिलीवर करने के बाद अपने कार्यालय वापस लौट रहा था। इसी दौरान ESIC अस्पताल की तरफ से तेज गति से आ रही VK सर्विस की एंबुलेंस ने उसकी इलेक्ट्रिक स्कूटी को टक्कर मार दी। लोगों का कहना है कि एंबुलेंस ड्राइवर ने ब्रेक नहीं लगाया और सीधा स्कूटी में टक्कर मार दी। हादसे के बाद स्कूटी एंबुलेंस के नीचे फंस गई। घायल का अस्पताल में चल रहा इलाज घायल नवनीत की उम्र करीब 22 से 23 वर्ष बताई जा रही है। हादसे में उसके सिर, चेहरे और पैरों में चोटें आई हैं। उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। एंबुलेंस ड्राइवर की पहचान जगदीश के रूप में हुई है, जिसकी उम्र भी करीब 23 वर्ष बताई गई है। पुलिस कर रही घटना की जांच सेक्टर-8 थाना के एएसआई संजय कुमार ने बताया कि हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। तब तक स्थानीय लोग घायल युवक को अस्पताल लेकर जा चुके थे। मौके पर एंबुलेंस और क्षतिग्रस्त इलेक्ट्रिक स्कूटी मिली। पुलिस ने एंबुलेंस ड्राइवर को पूछताछ के लिए अपने साथ थाने ले लिया है। आसपास मौजूद लोगों से भी जानकारी ली जा रही है। पुलिस अस्पताल जाकर घायल युवक का भी बयान दर्ज करेगी। जांच के बाद यह पता लगाया जाएगा कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। इसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
खन्ना में कारोबारी के घर हथियारबंद लुटेरों का धावा:परिवार पर हमला कर नकदी-जेवरात लूटे, तीन लोग घायल
खन्ना के रूपनगर क्षेत्र में सोमवार देर रात एक कारोबारी के घर में हथियारबंद बदमाशों ने घुसकर लूटपाट की वारदात को अंजाम दिया। चार हमलावरों ने परिवार पर तेजधार हथियारों से हमला कर लाखों रुपये की नकदी और सोने के जेवरात लूट लिए। हमले में पशु आहार कारोबारी रजनीश मोदी उर्फ विक्की मोदी, उनकी पत्नी सिमरन मोदी और उनका बेटा घायल हो गए। घायलों को तुरंत खन्ना के सिविल अस्पताल पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद रजनीश मोदी और उनकी पत्नी को गंभीर हालत में लुधियाना के डीएमसी अस्पताल रेफर कर दिया गया। बाद में सिमरन मोदी को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई, जबकि रजनीश मोदी का उपचार जारी है। सिमरन बोलीं- रात के 1.30 बजे घुसे थे बदमाश सिमरन मोदी ने बताया कि रात करीब 1:30 बजे चार बदमाश घर में घुस आए। सबसे पहले दो आरोपी उस कमरे में पहुंचे, जहां उनका बेटा सो रहा था। आहट होने पर बेटे की नींद खुल गई और उसने साहस दिखाते हुए एक बदमाश को पकड़ लिया तथा दूसरे को धक्का दे दिया। शोर सुनकर बाकी दो हमलावर भी वहां पहुंच गए। बेटे ने चारों का मुकाबला किया, लेकिन इस दौरान बदमाशों ने उस पर हमला कर दिया। बेटे की आवाज सुनकर रजनीश मोदी और सिमरन मोदी भी कमरे से बाहर आ गए। परिवार ने विरोध किया तो आरोपियों ने तेजधार हथियारों से हमला कर तीनों को घायल कर दिया। इसके बाद बदमाश घर में रखी नकदी और जेवरात लेकर कार में फरार हो गए। घटना पर पूर्व मंत्री ने उठाए सवाल घटना के बाद पूर्व मंत्री गुरकीरत सिंह कोटली ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर कानून-व्यवस्था और स्वास्थ्य सुविधाओं पर सवाल उठाए। वहीं, नगर कौंसिल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष हरीश गुप्ता भी डीएमसी अस्पताल पहुंचे और परिवार को हरसंभव सहायता का भरोसा दिया। सिटी थाना-2 पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और दावा किया है कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
आषाढ़ माह की अमावस्या पर धर्मनगरी चित्रकूट दर्शन-पूजन के लिए आए एक श्रद्धालु की मंदाकिनी नदी में डूबने से मौत हो गई। हादसा पुराने नगर पंचायत कार्यालय घाट के सामने हुआ। घटना की सूचना मिलते ही चित्रकूट थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। मृतक की पहचान उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के पैलानी थाना क्षेत्र के नेवाईच गांव निवासी छोटेलाल वर्मा (46) पुत्र मन्नू वर्मा के रूप में हुई है। वे आषाढ़ अमावस्या पर चित्रकूट में दर्शन-पूजन के लिए आए थे। बताया जा रहा है कि घाट पर स्नान करते समय उनका पैर फिसल गया और वे गहरे पानी में चले गए। गोताखोरों ने निकाला शव घटना के बाद घाट पर मौजूद लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय गोताखोरों की मदद से श्रद्धालु को नदी से बाहर निकाला। हालांकि तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक जांच में डूबने से मौत होना सामने आया है।
यूपी पुलिस दरोगा भर्ती का फाइनल रिजल्ट जारी:4543 अभ्यर्थी चयनित, 22 जुलाई को जारी होंगे सभी के नंबर
यूपी पुलिस में दरोगा भर्ती परीक्षा-2025 का फाइनल रिजल्ट मंगलवार शाम करीब 8:30 बजे जारी कर दिया गया। कुल 4543 अभ्यर्थियों का चयन किया गया है। इनमें उप निरीक्षक नागरिक पुलिस के 4242, प्लाटून कमांडर महिला वाहिनी के 106, प्लाटून कमांडर के 135 और प्लाटून कमांडर विशेष सुरक्षा बल के 60 अभ्यर्थी शामिल हैं। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड (UPPRPB) ने पदवार और श्रेणीवार चयन सूची अपनी आधिकारिक वेबसाइट uppbpb.gov.in पर अपलोड कर दी है। अभ्यर्थी siupexam25.com/sifinalresults लिंक के जरिए भी अपना फाइनल रिजल्ट देख सकते हैं। बोर्ड ने चयनित अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए बताया कि लिखित परीक्षा में शामिल सभी अभ्यर्थियों के प्रसामान्यीकृत (Normalized) नंबर 22 जुलाई 2026 को जारी किए जाएंगे। अभ्यर्थी उसी दिन बोर्ड की वेबसाइट पर उपलब्ध लिंक के माध्यम से अपने अंक देख सकेंगे। 7 मई को लिखित परीक्षा का रिजल्ट जारी हुआ था भर्ती बोर्ड ने दरोगा भर्ती के लिए लिखित परीक्षा 14 और 15 मार्च 2026 को चार पालियों में कराई थी। ऑनलाइन आवेदन अगस्त-सितंबर 2025 में मांगे गए थे। 10,77,403 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी थी। 7 मई को लिखित परीक्षा का रिजल्ट जारी किया गया था। 12,333 अभ्यर्थी पास हुए और 10 लाख 65 हजार 70 अभ्यर्थी फेल हो गए थे। अभ्यर्थियों ने 160 सवालों में से 20 पर आपत्ति जताई थी। 8 सवाल के विकल्प गलत निकले। इसलिए सभी अभ्यर्थियों को इन सवालों के नंबर दिए गए थे। इसी दरोगा भर्ती परीक्षा में अवसरवादी के ‘पंडित’ विकल्प वाले सवाल पर विवाद हुआ था। हालांकि बोर्ड ने इस सवाल में कोई बदलाव नहीं किया। सिलेक्शन प्रोसेस क्या था? ऑनलाइन लिखित परीक्षा: 400 मार्क्स के लिए 160 सवाल डॉक्यूमेंटेशन और फिजिकल स्टैंडर्ड टेस्ट (PST) फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट (PET) मेडिकल जांच और कैरेक्टर वेरिफिकेशन एग्जाम पैटर्न क्या था? एग्जाम 4 सेक्शन में बांटा गया था। हर सही सवाल के 2.5 मार्क्स थे। 0.5 नंबर की नेगेटिव मार्किंग थी। ****************** यह खबर भी पढ़िए… यूपी बोर्ड ऑफिस में फेल स्टूडेंट को बना रहे टॉपर:20 हजार में 95% मार्क्स, वॉट्सएप पर भेजी मार्कशीट; कॉपियां निकालकर बढ़ा रहे नंबर हेलो, बोर्ड ऑफिस से बोल रहे हैं। आपने स्क्रूटनी का फॉर्म भरा था? लास्ट चांस दे रहे हैं। 8 हजार रुपए दीजिए, 2 विषय के नंबर बढ़ा देंगे।’ खुद को यूपी बोर्ड ऑफिस का डेटा एंट्री ऑपरेटर बताने वाले व्यक्ति ने 12वीं की मार्कशीट में मार्क्स बढ़ाने के ये रेट बताए। डेटा एंट्री ऑपरेटर ने कॉपियों की स्क्रूटनी कराने वाली छात्रा को फोन किया और रुपए मांगे। नंबर बढ़ाने के इस गिरोह को एक्सपोज करने के लिए दैनिक भास्कर की महिला रिपोर्टर छात्रा की मौसी बनी। नंबर बढ़ाने वालों से बात कर इस खेल की तह तक गए। प्रयागराज बोर्ड ऑफिस और गोरखपुर रीजनल ऑफिस के दलालों और कर्मचारियों से मिलकर डील की। पढ़िए, पूरा इन्वेस्टिगेशन…
रिटायर्ड शिक्षक के घर पहुंचे विधायक:जहर पीकर सुसाइड कर लिया था, कहा- मामला विधान परिषद में उठेगा
ललितपुर जिले के ग्राम चिगलाओ में 9 जुलाई को 78 वर्षीय रिटायर्ड शिक्षक राजाराम गोस्वामी ने सुसाइड नोट लिखकर जहर पीकर आत्महत्या कर ली थी। इस मामले में दोषियों की गिरफ्तारी न होने पर अब यह मुद्दा विधान परिषद में उठाया जाएगा। प्रयागराज-झांसी खंड क्षेत्र के शिक्षक विधायक डॉ. बाबूलाल तिवारी ने मंगलवार को ग्राम चिगलाओ पहुंचकर स्वर्गीय राजाराम गोस्वामी को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने इस दौरान कहा कि राजाराम गोस्वामी को आत्महत्या के लिए मजबूर करने वालों को तत्काल गिरफ्तार किया जाना चाहिए। डॉ. तिवारी ने चेतावनी दी कि यदि आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती है, तो वह इस मामले को सदन में उठाएंगे। उन्होंने कहा कि रिटायर्ड शिक्षक राजाराम गोस्वामी ने प्रताड़ना से परेशान होकर यह कदम उठाया है। शिक्षक विधायक ने इस मौके पर रिटायर्ड आईपीएस एल.वी. एंटोनी देवकुमार का नाम लिए बिना उनकी आलोचना की। उन्होंने कहा कि ऐसे अधिकारी की निंदा करता हूं जिनके द्वारा गलत तरीके से हरिजन एक्ट लगाने का काम किया गया। डॉ. तिवारी ने आगे कहा कि उन्हें नहीं लगता कि ऐसे व्यक्ति ने पढ़ाई-लिखाई करके आईपीएस की पदवी प्राप्त की होगी, और उन्होंने धर्म परिवर्तन कर गलत तरीके से आईपीएस बनने का आरोप लगाया। डॉ. बाबूलाल तिवारी ने स्वर्गीय राजाराम गोस्वामी के पुत्र अनुराग गोस्वामी को हर संभव मदद का आश्वासन भी दिया। इस अवसर पर सांसद प्रतिनिधि दिनेश गोस्वामी, प्रतिनिधि केदार नाथ तिवारी, प्रवेंद्र सिंह बुंदेला, नत्थुराम सहित अनेक लोग मौजूद रहे।
NEET पेपर लीक और राजस्थान समेत देशभर में भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली के विरोध में मंगलवार शाम राजधानी जयपुर में NSUI ने छात्रों की गूंज अभियान के तहत पैदल विरोध मार्च निकाला। गुर्जर की थड़ी चौराहे से शुरू हुआ यह मार्च त्रिवेणी नगर चौराहे तक पहुंचा। मार्च में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़, कांग्रेस विधायक रफीक खान सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस और NSUI कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई और छात्रों की अलग - अलग मांगों को लेकर विरोध दर्ज कराया गया। पैदल मार्च के दौरान नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि देशभर में छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार सत्ता में आने से पहले युवाओं और छात्रों से किए गए वादों को पूरा करने में विफल रही है। लगातार सामने आ रहे पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के कारण लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए। जूली ने कहा कि छात्रों की समस्याओं के समाधान और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया की मांग को लेकर यह पैदल मार्च निकाला गया है। कांग्रेस विधायक रफीक खान ने कहा कि जयपुर से उठी छात्रों की आवाज दिल्ली तक पहुंचेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि केवल राजस्थान ही नहीं, बल्कि पूरे देश में युवाओं को भर्ती परीक्षाओं में लगातार अनियमितताओं और पेपर लीक जैसी घटनाओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि छात्र अपने अधिकारों की बात करते हैं तो उनकी आवाज दबाने की कोशिश की जाती है। रफीक खान ने कहा कि छात्रों की जायज मांगों के समर्थन में कांग्रेस उनके साथ खड़ी है और सरकार को युवाओं की चिंताओं का समाधान करना चाहिए। मार्च में शामिल NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने भी केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि NSUI देशभर में छात्रों और युवाओं की आवाज बनकर आंदोलन कर रही है। यदि सरकार ने जल्द छात्रों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो देशभर में आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि छात्र लंबे समय से पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया, पेपर लीक पर सख्त कार्रवाई और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने की मांग कर रहे हैं। NSUI के छात्रों की गूंज अभियान के तहत निकाले गए इस विरोध मार्च में कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां और बैनर के साथ बीजेपी नेताओं को प्रतीकात्मक शव यात्रा को लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान भाजपा सरकार के खिलाफ नारे लगाए गए और भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली और पेपर लीक के मामलों को लेकर विरोध जताया गया। विरोध मार्च के कारण रिद्धि-सिद्धि चौराहे से त्रिवेणी नगर तक कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा। सड़क पर बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों के पहुंचने से जाम की स्थिति बन गई, जिससे आम लोगों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। पुलिस ने मौके पर यातायात को सुचारु रखने के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाएं कीं और प्रदर्शन समाप्त होने के बाद यातायात सामान्य हो सका।
हरदा जिला मुख्यालय पर मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई के दौरान एक किसान की अचानक तबीयत बिगड़ गई। उन्हें तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। प्रारंभिक आशंका है कि किसान ने जनसुनवाई में पहुंचने से पहले जहरीले पदार्थ का सेवन किया था। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतक की पहचान हंडिया तहसील के ग्राम अजनास रैय्यत निवासी भगत पिता रामकृष्ण विश्वकर्मा (करीब 55 वर्ष) के रूप में हुई है। मंगलवार को वे अपनी शिकायत लेकर जिला पंचायत कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई में पहुंचे थे। इसी दौरान उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने उन्हें एंबुलेंस से जिला अस्पताल भिजवाया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। परिजनों ने लगाया न्याय नहीं मिलने का आरोप मृतक के बड़े बेटे राकेश विश्वकर्मा का आरोप है कि उनके पिता लंबे समय से जमीन विवाद के समाधान के लिए अधिकारियों के चक्कर काट रहे थे, लेकिन उन्हें न्याय नहीं मिला। उन्होंने बताया कि परिवार का करीब छह एकड़ जमीन को लेकर बड़े पिता जगदीश विश्वकर्मा और उनके बेटे से विवाद चल रहा है। इसी मामले को लेकर उनके पिता लगातार जनसुनवाई और तहसील कार्यालय में आवेदन दे रहे थे। हंडिया तहसीलदार पूजा सांखला ने बताया कि संबंधित जमीन विवाद का प्रकरण वर्तमान में कमिश्नर कोर्ट में विचाराधीन है। ऐसे मामलों में अंतिम निर्णय न्यायालयीन प्रक्रिया के अनुसार ही लिया जाएगा। अस्पताल चौकी पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। मंगलवार शाम पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस का कहना है कि मौत के कारणों का स्पष्ट खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही हो सकेगा।
नर्मदापुरम जिला पंचायत के सभाकक्ष में मंगलवार शाम जिला पंचायत का सामान्य सम्मेलन आयोजित किया गया। बैठक की अध्यक्षता जिला पंचायत अध्यक्ष राधा पटेल ने की। जिला पंचायत सीईओ हिमांशु जैन के मार्गदर्शन में हुई बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था और सरकारी अस्पतालों की लापरवाही का मुद्दा प्रमुखता से उठा। जिला पंचायत सदस्य शिवा राजपूत ने कहा कि ग्रामीण और ब्लॉक मुख्यालय के सरकारी अस्पतालों में दवाइयों की कमी बनी रहती है। कई बार डॉक्टर जो दवाएं लिखते हैं, वे अस्पताल के स्टोर में उपलब्ध नहीं होतीं। इस पर स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए। बिजली कटौती से ग्रामीण परेशानबैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष राधा पटेल ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बार-बार बिजली कटौती होती है। ट्रांसफॉर्मर खराब होने के बाद समय पर उनकी मरम्मत या बदलने का काम नहीं होता। इससे ग्रामीणों को परेशानी उठानी पड़ती है। उन्होंने बिजली आपूर्ति सुचारू रखने और शिकायतों का त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए। बैठक में ग्रामीण जल योजनाओं और प्रधानमंत्री आवास योजना की प्रगति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए। जिले में अवैध उत्खनन के मामलों पर भी चर्चा हुई। जिला पंचायत ने खनिज विभाग को नियमित निगरानी करने और प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए। जिला पंचायत सीईओ हिमांशु जैन ने कहा कि जिले की सभी सड़कों के शोल्डर जल्द भरे जाएं, ताकि बारिश के दौरान सड़क हादसों की आशंका कम हो सके। यह लोग रहे मौजूदबैठक में जिला पंचायत उपाध्यक्ष बुंदकुंअर बैंकर, जनपद पंचायत अध्यक्ष भूपेंद्र चौकसे, जिला पंचायत सदस्य उमेश यादव, शिवा राजपूत, परियोजना अधिकारी योगेंद्र राय, परियोजना अधिकारी शैलेश ऊके, जिला पर्यटन प्रबंधक मनोज सिंह ठाकुर सहित वन, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, लोक निर्माण, खनिज और अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी तथा सभी जिला पंचायत सदस्य मौजूद रहे। ट्रांसफार्मर खराब होते, समय से सुधार और बदले नहीं जाते है। जिससे ग्रामीणों को अंधेरे में रहना पड़ता है। उन्होंने बिजली आपूर्ति एवं शिकायतों का त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। बैठक के दौरान ग्रामीण जल योजनाओं एवं प्रधानमंत्री आवास योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य पूर्ण कराने पर जोर दिया गया। साथ ही जिले में अवैध उत्खनन की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए खनिज विभाग को सख्त कार्रवाई करने तथा नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए गए। जिला पंचायत सीईओ हिमांशु जैन ने कहा कि जिलेभर की सड़कों के शोल्डर भरे जाएं। ताकि बारिश के दौरान एक्सीडेंट जैसी घटनाएं न हो। सम्मेलन में जिला पंचायत उपाध्यक्ष बुंदकुंअर बैंकर, जनपद पंचायत अध्यक्ष भूपेंद्र चौकसे, जिला पंचायत सदस्य उमेश यादव, शिवा राजपूत, परियोजना अधिकारी योगेन्द्र राय, परियोजना अधिकारी शैलेश ऊके, जिला पर्यटन प्रबंधक मनोज सिंह ठाकुर सहित वन, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, लोक निर्माण, खनिज एवं अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी तथा सभी जिला पंचायत सदस्य उपस्थित रहे।
मोतिहारी शहर में वक्फ संपत्ति को लेकर चल रही बहस के बीच जमीन विवाद का एक नया मामला सामने आया है। शहर के बरियारपुर मोहल्ले में एक भू-स्वामी ने आरोप लगाया है कि उनकी निजी जमीन को वक्फ की संपत्ति बताकर कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि, मामले की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। 9 कट्ठा 11 धुर जमीन पर विवाद बरियारपुर निवासी इम्तियाज ने शकील अंसारी नामक व्यक्ति पर आरोप लगाया है। इम्तियाज के अनुसार, उन्होंने 9 कट्ठा 11 धुर जमीन अपनी मां के नाम विधिवत रजिस्ट्री कराई है। उन्होंने मीडिया के सामने जमीन से जुड़े दस्तावेज भी प्रस्तुत किए और दावा किया कि यह उनकी निजी संपत्ति है। जमीन को वक्फ की संपत्ति बताने का आरोप इम्तियाज का आरोप है कि शकील अंसारी, जो उसी परिवार से जुड़े हैं, अब इस जमीन को वक्फ बोर्ड की संपत्ति बता रहे हैं। उनका कहना है कि शकील अंसारी निर्माण कार्य रोकने और जमीन को घेरने का प्रयास कर रहे हैं। इम्तियाज ने आरोप लगाया कि इस दावे के जरिए उन्हें उनकी ही जमीन से वंचित करने की कोशिश की जा रही है। प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग मामले को लेकर इम्तियाज ने प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने जमीन के दस्तावेजों की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। दूसरे पक्ष का बयान नहीं आया सामने फिलहाल, इस मामले में शकील अंसारी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, जमीन विवाद को लेकर दोनों पक्षों के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है। अब प्रशासन की जांच और कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि जमीन पर किसका अधिकार है और लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।
जींद जिले के करसिंदू गांव की 40 वर्षीय विवाहिता गीता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले ने नया मोड़ ले लिया। मौत से पहले गीता ने अपने भाई को फोन कर आरोप लगाया कि पति उसे दूध में सल्फास मिलाकर जबरन पिला रहा है। कुछ देर बाद ससुराल पक्ष ने परिजनों को सूचना दी कि गीता ने जहरीला पदार्थ खा लिया है। उपचार के लिए हिसार लाते समय उसकी मौत हो गई। मंगलवार को पोस्टमॉर्टम के लिए शव हिसार के नागरिक अस्पताल पहुंचा तो मायके और ससुराल पक्ष आमने-सामने आ गए। दोनों के बीच कहासुनी होने पर पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। मृतका के परिजनों ने ससुराल पक्ष पर हत्या का आरोप लगाते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी तक शव लेने से इनकार कर दिया। बाद में पुलिस के कहने पर शव का अंतिम संस्कार गांव में किया। भाई की शिकायत पर पति समेत 4 पर केस उचाना थाना पुलिस ने हिसार जिले के भैरी अकबरपुर निवासी मृतका के भाई अशोक की शिकायत पर पति रणवीर, सास फूली देवी और जेठ धर्मबीर व कर्मबीर के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायत में अशोक ने बताया कि गीता की शादी करीब 18 वर्ष पहले करसिंदू निवासी रणवीर से हुई थी। उनके 3 बेटियां और एक बेटा हैं। आरोप है कि रणवीर शराब पीने का आदी था और अक्सर गीता के साथ मारपीट व झगड़ा करता था। सास और दोनों जेठ भी उसे प्रताड़ित करते थे। इस विवाद को लेकर कई बार पंचायत हुई, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं आया। फोन करके बोलीं-दूध में सल्फास मिला दिया अशोक के अनुसार, सोमवार रात करीब 10 बजे गीता का फोन आया। उसने बताया कि पति ने दूध में सल्फास मिला दिया है और जबरन पिलाने की कोशिश कर रहा है। फोन पर झगड़े की आवाजें भी सुनाई दे रही थीं। उसने रणवीर को समझाने की कोशिश की, लेकिन कुछ देर बाद फोन बंद हो गया। इसके बाद ससुराल पक्ष ने गीता के जहर खाने की सूचना दी। परिजन उचाना पहुंचे, जहां से गीता को हिसार के निजी अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ाई जाएगी।
मऊ पुलिस अधीक्षक कमलेश बहादुर के निर्देश पर मंगलवार को मऊ जनपद में यातायात पुलिस और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त रूप से व्यापक वाहन चेकिंग अभियान चलाया। शाम 7 बजे तक चले इस अभियान में यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की गई। इस अभियान के लिए जनपद के सभी थाना क्षेत्रों में 33 टीमें गठित की गईं। इन टीमों ने 45 अलग-अलग स्थानों पर चेकिंग की। इस दौरान लगभग 1230 संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की गहनता से जांच की गई। चेकिंग के दौरान यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर 489 वाहनों का विभिन्न धाराओं में चालान किया गया। एक वाहन को सीज भी किया गया। इसके अतिरिक्त, वाहन चालकों को यातायात नियमों के पालन के प्रति जागरूक करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। पुलिस अधीक्षक कमलेश बहादुर ने जनपदवासियों से अपील की है कि सभी वाहन चालक यातायात नियमों का कड़ाई से पालन करें। उन्होंने दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट और चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से प्रयोग करने पर जोर दिया। साथ ही, गलत स्थानों पर वाहन पार्क न करने और सुरक्षित यातायात व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करने का आग्रह किया।
मथुरा में आवास एवं विकास परिषद ने मंगलवार शाम करीब 7 बजे तक चली कार्यवाही में राधिका विहार और कृष्ण विहार योजना संख्या-2 में एक अस्पताल का बेसमेंट और तीन लाइब्रेरी सील कर दिए। यह कार्रवाई आवास आयुक्त, लखनऊ के निर्देश पर तथा आगरा वृत्त के अधीक्षण अभियंता पंकज कुमार के निर्देशन में हुई। निर्माण खंड-2 के अधिशासी अभियंता सूरजपाल सिंह और नामित मजिस्ट्रेट नायब तहसीलदार संजीव चौहान ने इसका नेतृत्व किया। अभियान के दौरान स्थानीय पुलिस और फायर विभाग की टीम भी मौजूद रही। कोचिंग सेंटर, लाइब्रेरी, रेस्टोरेंट और होटल शामिल प्रवर्तन दल अधिकारी कर्नल जी.एम. खान ने बताया कि परिषद ने अपनी आवासीय योजनाओं में ऐसे परिसरों की पहचान की थी, जहां बिना सक्षम प्राधिकारी की अनुमति और अग्निशमन सुरक्षा मानकों का पालन किए व्यावसायिक गतिविधियां चल रही थीं। इनमें कोचिंग सेंटर, लाइब्रेरी, रेस्टोरेंट और होटल शामिल थे। मंगलवार को सील की गई संपत्तियों में राधिका विहार योजना स्थित मथुरा न्यूरो हॉस्पिटल का बेसमेंट शामिल है। कृष्ण विहार योजना में लवानिया लाइब्रेरी, तक्षशिला लाइब्रेरी और जेएमसी लाइब्रेरी को भी सील किया गया। नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी अधिशासी अभियंता सूरजपाल सिंह ने बताया कि संबंधित संपत्ति स्वामियों को परिषद के नियमों के अनुरूप औपचारिकताएं पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि परिषद की योजनाओं में अवैध निर्माण, भूमि उपयोग के उल्लंघन और मानकों के विपरीत गतिविधियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी। अभियान के दौरान सहायक अभियंता कृपांशु द्विवेदी, अवर अभियंता नवीन कुमार, फायर सेफ्टी ऑफिसर इंस्पेक्टर नरेश कुमार सिंह, स्थानीय पुलिस बल और परिषद के अन्य अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। यह कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।
रामपुर जिला अस्पताल में मंगलवार को दोपहर करीब 2:30 बजे इमरजेंसी वार्ड में भर्ती दो अज्ञात मरीजों की स्थिति चिंताजनक पाई गई। इन मरीजों को जिस वार्ड में रखा गया था, उसका दरवाजा बाहर से बंद मिला। लगभग तीन दिन पहले भर्ती की गई एक अज्ञात महिला और एक युवक इस बंद कमरे में थे। उनके बिस्तर के पास खाना रखा हुआ था, लेकिन उनकी मानसिक और शारीरिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि वे स्वयं उठकर खाना खा सकें, पानी पी सकें या समय पर दवा ले सकें। मौके पर मौजूद अन्य वार्डों के मरीजों और उनके तीमारदारों ने बताया कि इस वार्ड से लगातार बदबू आ रही है। उनका कहना था कि अज्ञात मरीजों की नियमित देखभाल न होने के कारण पूरे वार्ड का माहौल खराब हो गया है, जिससे दूसरे मरीज भी परेशान हैं। अस्पताल में अज्ञात मरीजों के लिए एक अलग वार्ड की व्यवस्था है, लेकिन वह बंद मिला, जिसके कारण इन मरीजों को इमरजेंसी वार्ड में रखा गया था। इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (CMS) डॉ. बी. सी. सक्सेना से बात की गई। उन्होंने दावा किया कि अस्पताल में सभी व्यवस्थाएं सुचारु हैं और किसी प्रकार की अव्यवस्था नहीं है। हालांकि, मौके पर दिखी स्थिति उनके दावों से भिन्न थी। अस्पताल के डॉक्टर और कर्मचारी कैमरे पर कुछ भी बोलने से बचते नजर आए, जबकि सफाई कर्मचारियों ने भी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। यह घटना जिला अस्पताल में मरीजों की देखभाल की संवेदनशीलता और व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करती है, विशेषकर उन असहाय और अज्ञात मरीजों के लिए जो अपनी बात भी ठीक से नहीं बता पाते।
जबलपुर के 10 निरीक्षकों को डीएसपी का प्रभार:गृह विभाग ने जारी की राज्य स्तरीय पदोन्नति सूची
मध्य प्रदेश शासन के गृह विभाग ने पुलिस महकमे में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। प्रदेश भर के 374 निरीक्षकों को उप पुलिस अधीक्षक (DSP) पद का प्रभार सौंपा गया है। इस राज्यस्तरीय पदोन्नति सूची में जबलपुर के 10 पुलिस अधिकारी भी शामिल हैं। जबलपुर से पदोन्नत होने वाले अधिकारियों में क्राइम ब्रांच से शैलेश मिश्रा और धनीराम बरकड़े शामिल हैं। पनागर थाना प्रभारी विपिन बिहारी सिंह, एसपी कार्यालय से अर्चना सिंह जाट तथा आईजी कार्यालय से शोभना मिश्रा ,रितेश साहू और 6वीं बटालियन में पदस्थ सुबोध लोखंडे, रीना पांडे, विजय अभोरे और महेंद्र प्रताप सिंह को डीएसपी का प्रभार मिला है। यह पदोन्नति कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से दो वर्ष की परिवीक्षा अवधि के लिए प्रभावी होगी। गृह विभाग के निर्देशों के अनुसार, पदोन्नत अधिकारियों को उनके वर्तमान पदस्थापना स्थल से तत्काल प्रभाव से भारमुक्त कर दिया गया है। शासन द्वारा इनकी नवीन पदस्थापना के लिए पृथक आदेश जल्द ही जारी किए जाएंगे। यह संपूर्ण पदोन्नति प्रक्रिया मध्य प्रदेश लोक सेवा अधिनियम, 1994 और पदोन्नति नियम, 2025 के प्रावधानों का पालन करते हुए की गई है। जबलपुर के इन 10 अधिकारियों को उच्च पद मिलने से क्षेत्र की कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यप्रणाली को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।
उज्जैन के माधवनगर स्थित शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में एक छात्र पर शिक्षक से मारपीट और महिला शिक्षिकाओं से अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगा है। घटना के बाद विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने जिला शिक्षा अधिकारी महेंद्र खत्री को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच और आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। जिला शिक्षा अधिकारी ने नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया है। शिक्षकों के अनुसार, यह घटना 11 जुलाई 2026 को हुई थी। विद्यालय में अध्ययनरत छात्र सांवरिया शिवेश चौधरी का एक शिक्षक से विवाद हो गया, जो बाद में हाथापाई में बदल गया। आरोप है कि छात्र ने इसके बाद कुछ बाहरी युवकों को विद्यालय परिसर में बुलाया। शिक्षकों का कहना है कि इन बाहरी लोगों की मौजूदगी से विद्यालय का शैक्षणिक वातावरण प्रभावित हुआ और कक्षाओं में पढ़ाई बाधित हुई। साथ ही, विरोध करने पर कुछ महिला शिक्षिकाओं के साथ भी अभद्र भाषा का प्रयोग किए जाने की शिकायत की गई है। ज्ञापन में शिक्षकों ने बताया कि विद्यालय में लगभग 2,000 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, जिनमें 1,022 छात्राएं शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, विद्यालय में 48 महिला शिक्षिकाएं भी कार्यरत हैं। ऐसे में विद्यालय परिसर में बाहरी लोगों के प्रवेश से सुरक्षा और अनुशासन को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की गई है। शिक्षकों ने यह भी बताया कि 11 जुलाई की घटना के बाद सोमवार को भी विद्यालय परिसर के अंदर और बाहर कुछ बाहरी लोगों की मौजूदगी देखी गई, जिससे विद्यार्थियों और स्टाफ में असहजता का माहौल बना रहा। उन्होंने मांग की है कि विद्यालय परिसर में केवल विद्यार्थियों, शिक्षकों और आवश्यक होने पर अभिभावकों को ही प्रवेश दिया जाए तथा बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर प्रभावी नियंत्रण रखा जाए।
सहरसा शहर के सुभाष चौक पर मंगलवार शाम दो पक्षों के बीच विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। दोनों पक्षों में जमकर मारपीट हुई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घटना के कारण करीब आधे घंटे तक यातायात भी प्रभावित रहा। मारपीट की घटना में सराही निवासी 25 वर्षीय विकास कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं उनके पिता मनोज दास के साथ भी मारपीट की गई। घटना की सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस और डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों घायलों को इलाज के लिए सदर अस्पताल भेजा, जहां उनका उपचार जारी है। समझौते के दौरान फिर बढ़ा विवाद जानकारी के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच पिछले कुछ दिनों से विवाद चल रहा था। इस मामले को लेकर 6 जुलाई को सदर थाना में आवेदन भी दिया गया था। मंगलवार को पुलिस ने दोनों पक्षों को समझौते के लिए बुलाया था। बातचीत के दौरान ही विवाद दोबारा बढ़ गया और देखते ही देखते मामला मारपीट तक पहुंच गया। सुभाष चौक की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल घटना के बाद स्थानीय लोगों ने सुभाष चौक की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि चौक के आसपास कुछ चाय दुकानों और एक ज्वेलरी दुकान के पास अक्सर असामाजिक तत्वों और नशेड़ियों का जमावड़ा लगा रहता है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, आसपास स्कूल, अस्पताल और व्यस्त बाजार होने के बावजूद ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे आम लोगों, खासकर महिलाओं और छात्रों में डर का माहौल है। पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग स्थानीय नागरिकों ने पुलिस प्रशासन से सुभाष चौक पर नियमित गश्त बढ़ाने, असामाजिक तत्वों पर सख्त कार्रवाई करने और सार्वजनिक स्थानों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। जांच के बाद होगी कार्रवाई सदर थाना अध्यक्ष अजय कुमार पासवान ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई थी। मामले की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।
ब्यूटी क्वेस्ट भारत सीजन-2 की बहुप्रतीक्षित क्राउन सेरेमनी का आयोजन जयपुर में किया गया। कार्यक्रम में प्रतियोगिता की प्रतिभागियों को आधिकारिक रूप से क्राउन पहनाकर उनकी प्रतियोगिता यात्रा का शुभारंभ किया गया। साथ ही आगामी प्रतियोगिता के विभिन्न चरणों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और ग्रैंड फिनाले से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां भी साझा की गईं। समारोह में यश जैन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ सुधांशु अग्रवाल, दीपक शर्मा, दिग्विजय सिंह, समाजसेवी दीपक रामनानी, अभिनेत्री एवं एंकर शिखा पारीक, प्रसिद्ध फैशन डिजाइनर हंसा राठौड़, मॉडल एवं सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर करिश्मा मीणा, डॉ. प्रीति चौधरी और मिसेज इंडिया राजस्थान ऋषिका मुद्गल सहित कई गणमान्य अतिथियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम के दौरान मंच पर सभी प्रतिभागियों का परिचय कराया गया और उन्हें ब्यूटी क्वेस्ट भारत सीजन-2 की आधिकारिक क्राउन पहनाकर सम्मानित किया गया। आयोजक सम्राट सिंह राठौड़ ने बताया कि प्रतियोगिता का उद्देश्य देशभर की प्रतिभाशाली युवतियों को ऐसा मंच उपलब्ध कराना है, जहां वे अपने व्यक्तित्व, प्रतिभा और आत्मविश्वास का प्रदर्शन कर सकें। उन्होंने घोषणा की कि इस सीजन की विजेता को विशेष पुरस्कार के रूप में एक प्लॉट प्रदान किया जाएगा, जिससे प्रतियोगिता का आकर्षण और भी बढ़ गया है। उन्होंने बताया कि क्राउन सेरेमनी के साथ प्रतियोगिता का औपचारिक आगाज हो गया है और अब प्रतिभागियों के लिए व्यापक ग्रूमिंग सेशन आयोजित किए जाएंगे। अगले सप्ताह से शुरू होने वाले इन प्रशिक्षण सत्रों में प्रतिभागियों को फैशन ग्रूमिंग, पर्सनैलिटी डेवलपमेंट, कम्युनिकेशन स्किल्स, रैंप वॉक, स्टेज प्रेजेंस, कॉन्फिडेंस बिल्डिंग और प्रोफेशनल मॉडलिंग से जुड़ी बारीकियों का प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे प्रतियोगिता के आगामी चरणों के लिए पूरी तरह तैयार हो सकें। आयोजन को सफल बनाने में शो डायरेक्टर हरीश तहिलियानी, शो मैनेजर क्रिस्टी और कोर टीम सदस्य राधिका सेन और साक्षी खंडेलवाल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
संभल में गंगा में डूबे 4 किशोर:गोताखोरों ने 3 को बचाया, कक्षा 6 का छात्र लापता; तलाश जारी
संभल की गुन्नौर तहसील के जुनावई थाना क्षेत्र में सोमवार दोपहर गंगा नदी में पशु चराने गए चार किशोर डूब गए। इनमें से तीन किशोरों को स्थानीय लोगों ने करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जबकि कक्षा 6 का छात्र सुमित कुमार लापता है। पुलिस और स्थानीय गोताखोरों ने देर शाम तक तलाश अभियान चलाया, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लग सका। घटना जुनावई थाना क्षेत्र के असदपुर स्थित अस्थायी गंगा घाट पर दोपहर करीब 2:30 बजे की है। गांव के चार किशोर पशु चराने गंगा किनारे गए थे। इस दौरान उनके पशु नदी पार चले गए। उन्हें वापस लाने के प्रयास में चारों किशोर गंगा पार करने लगे और गहरे पानी में पहुंचकर डूबने लगे। किशोरों के डूबने की सूचना मिलते ही आसपास मौजूद लोग मौके पर पहुंचे और बचाव अभियान शुरू किया। करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद तीन किशोरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। लापता किशोर की पहचान सुमित कुमार (10), पुत्र दिनेश कुमार, निवासी असदपुर के रूप में हुई है, जो कक्षा 6 का छात्र है। बचाए गए किशोरों में देबू (11) पुत्र वीरपाल, विकास (10) पुत्र वीरेश और जगत (12) शामिल हैं। घटना के समय गंगा घाट पर एक अंतिम संस्कार चल रहा था। वहां मौजूद लोगों ने तत्काल नदी में उतरकर बचाव कार्य में सहयोग किया। थाना प्रभारी धीरज कुमार ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई थी। स्थानीय गोताखोरों की मदद से देर रात तक सुमित की तलाश की गई, लेकिन सफलता नहीं मिली। उन्होंने बताया कि एनडीआरएफ की टीम को भी सूचना दे दी गई है। बुधवार सुबह उजाला होते ही फिर से सर्च ऑपरेशन शुरू किया जाएगा।
कटिहार में NDPS आरोपी के घर कुर्की:फरार सोनू कुमार की संपत्ति जब्त, पुलिस ने कसा शिकंजा
कटिहार पुलिस ने नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। मंगलवार को सहायक थाना क्षेत्र के ललियाही मोहल्ले में वर्ष 2023 के NDPS एक्ट मामले में फरार चल रहे आरोपी सोनू कुमार के घर न्यायालय के आदेश पर कुर्की-जब्ती की कार्रवाई की गई। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में पूरी हुई प्रक्रिया कुर्की-जब्ती की कार्रवाई के दौरान इलाके में भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी। पुलिस टीम के पहुंचते ही आसपास के लोग मौके पर जुट गए। अधिकारियों ने न्यायालय के निर्देशों का पालन करते हुए विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत आरोपी की संपत्ति की कुर्की पूरी की। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पुलिस बल पूरी तरह मुस्तैद रहा, ताकि किसी तरह की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो। सदर डीएसपी के नेतृत्व में हुई कार्रवाई पूरी कार्रवाई सदर डीएसपी विशाल आनंद की मौजूदगी और नेतृत्व में की गई। उनके साथ सहायक थाना पुलिस और अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। पुलिस अधिकारियों ने शांतिपूर्ण तरीके से न्यायालय के आदेश का पालन कराया। 2023 के NDPS मामले में फरार था आरोपी पुलिस के अनुसार, सोनू कुमार वर्ष 2023 में दर्ज NDPS मामले का नामजद आरोपी है और लंबे समय से फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस पहले भी कई बार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर चुकी थी, लेकिन सफलता नहीं मिलने के बाद न्यायालय के आदेश पर कुर्की-जब्ती की कार्रवाई की गई। नशा कारोबारियों पर आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई पुलिस ने कहा कि नशे के कारोबार में शामिल लोगों और फरार आरोपियों के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। अवैध नशा तस्करी में संलिप्त लोगों की संपत्ति को चिन्हित कर जब्त करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। पुलिस का लक्ष्य नशे के नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करना है।
हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के मैहतपुर में पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए करीब 10-12 वर्ष के एक बच्चे को सुरक्षित बरामद किया है। जांच करने पर पता चला कि यह बच्चा उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से लापता था। बच्चे की पहचान हर्ष सोनी पुत्र रामजी सोनी), निवासी अम्बाघर गेट, थाना ठाकुरगंज (लखनऊ) के रूप में हुई है। फिलहाल, बच्चे को सुरक्षित चाइल्ड हेल्पलाइन ऊना के सुपुर्द कर दिया गया है। यह मामला 13 जुलाई की रात का है। मैहतपुर पुलिस थाना के हेड कांस्टेबल बीरबल के नेतृत्व में एक टीम सब्जी मंडी, मैहतपुर के पास रूटीन गश्त पर थी। इसी दौरान पुलिस टीम की नजर इस मासूम पर पड़ी, जो देर रात अकेले लावारिस हालत में घूम रहा था। सुरक्षा के लिहाज से पुलिस ने तुरंत बच्चे को अपने संरक्षण में लिया। पूछताछ के दौरान बच्चे ने अपना नाम और लखनऊ का पता बताया। मैहतपुर पुलिस ने लखनऊ फोन घुमाया, तो खुला राज माममले की गंभीरता को देखते हुए मैहतपुर पुलिस ने तुरंत यूपी के ठाकुरगंज पुलिस थाने से संपर्क साधा।ठाकुरगंज पुलिस ने पुष्टि की कि इस नाम के बच्चे की गुमशुदगी की रिपोर्ट वहां दर्ज है। इसके बाद पुलिस ने बच्चे के पिता रामजी सोनी से मोबाइल पर बात की। पिता ने रोते हुए बताया कि यह उनका ही बेटा है, जो कुछ दिन पहले बिना बताए घर से कहीं निकल गया था। मेडिकल के बाद चाइल्ड हेल्पलाइन को सौंपा, एसपी ने की अपील पुलिस ने तय कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद बच्चे का मेडिकल करवाया। जब तक उसके परिजन लखनऊ से ऊना नहीं पहुंच जाते, तब तक उसे सुरक्षित रखने के लिए चाइल्ड हेल्पलाइन ऊना भेजा है। एसपी ऊना सचिन हिरेमठ ने लोगों से अपील की है कि यदि कभी भी कोई बच्चा संदिग्ध परिस्थितियों में अकेला या लावारिस हालत में दिखाई दे, तो उसकी अनदेखी बिल्कुल न करें। तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दें, ताकि किसी मासूम को कोई नुकसान न पहुंचे और समय रहते उसे सुरक्षित उसके परिवार तक पहुंचाया जा सके।
अररिया जिले के पलासी थाना क्षेत्र के चण्डीपूर गांव में बेटे को डूबने से बचाने के प्रयास में एक मां की मौत हो गई। घटना मंगलवार को सुरकिया धार में स्नान करने के दौरान हुई। मृतका की पहचान चण्डीपूर निवासी संतोष पासवान की 36 वर्षीय पत्नी नूतन देवी के रूप में हुई है। दसवीं की परंपरा के दौरान हुआ हादसा जानकारी के अनुसार, परिवार में एक सदस्य की मृत्यु के बाद दसवें दिन की परंपरागत स्नान प्रक्रिया के लिए घर की महिलाएं पास स्थित सुरकिया धार में स्नान करने गई थीं। इसी दौरान नूतन देवी का 10 वर्षीय बेटा अचानक गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। बेटे को बचाने में खुद डूबी मां बेटे को डूबता देख नूतन देवी ने बिना देर किए उसे बचाने के लिए गहरे पानी में छलांग लगा दी। लेकिन तेज बहाव और अधिक गहराई के कारण वह खुद पानी की चपेट में आ गईं। घटनास्थल पर मौजूद बच्चों ने शोर मचाया, जिसके बाद आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और महिला की तलाश शुरू की। काफी मशक्कत के बाद निकाला गया शव ग्रामीणों ने काफी देर तक खोजबीन के बाद नूतन देवी को पानी से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। नूतन देवी अपने पीछे 10 वर्षीय पुत्र और 8 वर्षीय पुत्री को छोड़ गई हैं। हादसे के समय उनके पति संतोष पासवान और ससुर रामेश्वर पासवान उर्फ टेंटू पासवान दिल्ली में मजदूरी करने गए हुए थे। मुखिया ने प्रशासन से मुआवजे की मांग की घटना की जानकारी मिलने के बाद मजलिसपुर पंचायत के मुखिया प्रभुचंद बिश्वास घटनास्थल पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर सांत्वना दी। उन्होंने प्रशासन से सरकारी प्रावधानों के तहत उचित मुआवजा और हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने की मांग की। ग्रामीणों ने भी पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने की अपील की है। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा गया शव पलासी थाना पुलिस ने मंगलवार को महिला के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल अररिया भेजा। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस मामले की आवश्यक कार्रवाई में जुटी है।
रतलाम में रामभद्राचार्य महाराज पर अभद्र टिप्पणी और गाली देने का वीडियो सामने आया है। मंगलवार को वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने टिप्पणी करने वाले की पहचान कर उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। रामभद्राचार्य महाराज के हिंदू राष्ट्र बनाने संबंधी बयान वाले वीडियो के साथ रतलाम के युवक ने अपना वीडियो जोड़कर गाली देते हुए कहा, पहले अपनी आंख सही करा ले, हिंदू राष्ट्र बाद में बनाते रहना। वीडियो सोमवार को इंस्टाग्राम पर अपलोड किया गया था। शहर के ओसवाल नगर निवासी एक युवक ने वीडियो देखकर डीडी नगर थाना पुलिस से शिकायत की। पुलिस ने टिप्पणी करने वाले इंस्टाग्राम यूजर की तलाश की। जांच में वह एक ऑटो चालक निकला। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सोमवार रात इब्राहीम शेरानी, निवासी मरकट मस्जिद के पास, के खिलाफ धारा 352(2) के तहत धार्मिक भावनाएं भड़काने का मामला दर्ज कर लिया। शिकायतकर्ता बोला- साधु-संत का अपमान नहीं सहा गया रिपोर्ट दर्ज कराने वाले रोहित पंवार ने बताया, मैं 13 जुलाई की दोपहर करीब 4 बजे घर पर मोबाइल चला रहा था। इंस्टाग्राम पर एक रील देखी, जिसमें एक व्यक्ति हमारे साधु-संत के बारे में गलत बोल रहा था। वह गाली देते हुए कह रहा था, 'अबे अंधे, पहले अपनी आंख सुधरवा ले, हिंदू राष्ट्र तो बाद में बनवा लेना।' यह सुनकर मुझे बहुत बुरा लगा। जानकारी करने पर पता चला कि वह इब्राहीम शेरानी, निवासी मरकट मस्जिद के पास, रतलाम का रहने वाला है। इससे मेरी धार्मिक भावनाएं आहत हुईं। इसके बाद मैं साथियों के साथ थाने पहुंचा और रिपोर्ट दर्ज कराई। रामभद्राचार्य महाराज पर की गई टिप्पणी को लेकर हिंदू संगठनों में भी नाराजगी है। संगठनों ने आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। टिप्पणी करने वाले की हुई पिटाई टिप्पणी करने वाले ऑटो चालक की पिटाई का एक वीडियो भी इंस्टाग्राम पर सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। यह वीडियो 13 जुलाई की शाम का बताया जा रहा है। वीडियो शहर के मेहंदी कुई बालाजी मंदिर के सामने का है, जहां कुछ लोग मुंह पर कपड़ा बांधकर ऑटो चालक को रोकते हैं और उसकी पिटाई करते दिखाई दे रहे हैं। जांच में सामने आया है कि मारपीट का शिकार वही व्यक्ति है, जिसने रामभद्राचार्य महाराज पर टिप्पणी की थी। वीडियो सामने आने के बाद एक समुदाय विशेष के लोग मंगलवार दोपहर ज्ञापन देने की तैयारी में थे। इससे पहले ही पुलिस ने घायल ऑटो चालक इब्राहीम के पिता जावेद पठान की शिकायत पर भवानी उर्फ सोमू निवासी रतलाम और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ स्टेशन रोड थाने में मामला दर्ज कर लिया। सीएसपी सत्येंद्र घनघोरिया ने बताया कि धर्मगुरु के प्रति अभद्र टिप्पणी किए जाने की सूचना मिली थी। वीडियो के आधार पर मामला दर्ज किया गया है। वहीं, सामने आए दूसरे वीडियो की भी जांच कर वैधानिक कार्रवाई की गई है।
मंगलवार शाम हुई तेज बारिश ने एक बार फिर रेवाड़ी नगर परिषद और प्रशासन के दावों की पोल खोल दी। कुछ ही देर की बारिश में पूरा शहर जलमग्न हो गया। कई कॉलोनियों, मुख्य बाजारों और सड़कों पर दो से तीन फीट तक पानी भर गया। वहीं, नागरिक अस्पताल परिसर में भी कमर तक पानी जमा हो गया। गायनी वार्ड और पुरानी बिल्डिंग तक बारिश का पानी पहुंच गया, जिससे मरीजों और स्वास्थ्य कर्मचारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सीएमओ कार्यालय का अधिकांश स्टाफ छुट्टी के बाद भी जलभराव के कारण अस्पताल परिसर में फंसा रहा। अस्पताल परिसर में फोम के बॉक्स और अन्य सामान पानी में तैरते दिखाई दिए। तीसरी बारिश में भी नहीं बदले हालात इस मानसून की यह तीसरी बारिश थी और हर बार की तरह इस बार भी शहर की स्थिति नहीं बदली। गली-मोहल्लों से लेकर मुख्य बाजारों तक जलभराव देखने को मिला। सरकुलर रोड पर झज्जर चौक से आजाद चौक तक कई वाहन पानी में फंस गए। सैनी स्कूल, अस्पताल के सामने, कुतुबपुर, रेलवे रोड और ब्रास मार्केट सहित शहर के अधिकांश हिस्सों में घुटनों से लेकर कमर तक पानी भर गया, जिससे लोगों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। करोड़ों खर्च के बावजूद नहीं मिली राहत बरसात से पहले जिला प्रशासन और नगर परिषद ने नालों व सीवरों की सफाई के बड़े-बड़े दावे किए थे। जिला उपायुक्त ने स्वयं सफाई कार्यों का निरीक्षण भी किया था, लेकिन बारिश के बाद वही क्षेत्र जलभराव की चपेट में नजर आए। नगर परिषद ने दूसरी बारिश के बाद भी व्यवस्था सुधारने का दावा किया था, लेकिन तीसरी बारिश ने इन दावों की हकीकत सामने ला दी। सवालों के घेरे में सफाई व्यवस्था इस वर्ष शहर में नालों और सीवरों की सफाई पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए, लेकिन बारिश के बाद हालात जस के तस रहे। लगातार हो रहे जलभराव ने सफाई व्यवस्था और नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
उदयपुर के सुखेर थाना क्षेत्र में एक युवक का अपहरण कर उसके साथ मारपीट और लूट करने का मामला सामने आया है। बदमाश युवक का मोबाइल, 20 हजार रुपए नकद और सोने की चेन छीनकर फरार हो गए। घटना का एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। इसमें पीड़ित को बदमाश हाथ पकड़कर जबरन ले जाते हुए दिख रहे हैं। थानाधिकारी भरत योगी ने बताया- पीड़ित युवक ने 11 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दी है। प्राथमिक जांच में पता लगा है कि ये मामला पैसे के लेनदेन का है। इस वजह से युवक का अपहरण किया गया। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश में जुटी है। पिस्टल दिखाकर 5 लाख रुपए तुंरत मंगवाने का दबाव बनाया सुखेर थाना इलाके के चिखला निवासी पीड़ित महेंद्र सिंह भाटी ने शिकायत में बताया कि 12 जुलाई की देर रात न्यू आशापुरा होटल में आया हुआ था। जहां से मेरा अपहरण किया। टाटा नेक्सॉन कार में सवार पांच लोग पहुंचे और खुद को DST पुलिस बताकर घेर लिया। फिर जबरन पकड़कर नेगड़िया टोल से आगे जंगल की ओर ले गए। शिकायत के अनुसार, जंगल में पहले से मौजूद अन्य लोगों ने भी पीड़ित से मारपीट की। पीड़ित का आरोप है कि उसके सिर पर वार किया। पिस्टल दिखाकर डराया गया। तत्काल 5 लाख रुपए मंगवाने का दबाव बनाया। इतना ही नहीं, एक व्यक्ति द्वारा पेट्रोल डालकर जान से मारने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया है। साथ ही धमकी दी गई कि यदि पुलिस में मामला दर्ज कराया तो उसे जान से मार दिया जाएगा।
छत्तीसगढ़ में पिछले 2 सालों में 2960 हत्या के मामले दर्ज किए गए। यानी औसतन हर महीने 123 और हर दिन करीब 4 लोगों का मर्डर हुआ है। चौंकाने वाली बात यह है कि नक्सल प्रभावित रहे बस्तर संभाग के कई जिलों की तुलना में राजधानी रायपुर में ज्यादा हत्याएं हुईं। गृह विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक 1 जुलाई 2024 से 30 जून 2026 तक रायपुर में सबसे ज्यादा 169 हत्याएं हुई। इसके बाद जशपुर और रायगढ़ में 114-114, जबकि दुर्ग और सरगुजा में 113-113 हत्या के मामले दर्ज हुए। बिलासपुर में 109 लोगों की हत्या हुई। नक्सल प्रभावित रह चुके जिलों में रायपुर से कम वारदात नक्सल प्रभावित जिलों की बात करें तो बीजापुर में 2 साल में 82, सुकमा में 49, दंतेवाड़ा में 33, कोंडागांव में 26 और नारायणपुर में 24 हत्या के मामले दर्ज हुए। इन सभी जिलों के मुकाबले अकेले रायपुर में कहीं ज्यादा हत्याएं हुईं। अगर सिर्फ 1 जुलाई 2025 से 30 जून 2026 के आंकड़ों पर नजर डालें तो रायपुर 84 हत्या के साथ प्रदेश में पहले स्थान पर रहा। इसके बाद दुर्ग (60), रायगढ़ (53), सरगुजा (52), बिलासपुर (50) और जशपुर (49) का स्थान रहा। बड़े शहरों में वारदातों में बढ़ोतरी राज्य के बड़े शहरों में हत्या के मामलों की संख्या अब भी सबसे ज्यादा बनी हुई है। रायपुर लगातार सबसे ऊपर है, जबकि दुर्ग में पिछले साल की तुलना में मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके अलावा बलौदाबाजार और कोरिया जैसे जिलों में भी हत्या के मामलों में इजाफा हुआ है, जो कानून-व्यवस्था के लिहाज से चिंता का विषय है।
दौसा कलक्ट्रेट सभागार में मंगलवार को जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक कलेक्टर डॉ. सौम्या झा की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे सहित जिले के नेशनल एवं स्टेट हाइवे पर सड़क सुरक्षा, हादसों की रोकथाम, यातायात प्रबंधन और आवश्यक सुधारों की डिटेल समीक्षा कर संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए गए। बैठक में कलेक्टर ने दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे के संबंध में तैयार की जा रही ऑडिट रिपोर्टों की समीक्षा करते हुए कहा कि सड़क पर चलने वाले वाहन चालकों को समय पर स्पष्ट एवं पर्याप्त दिशा-निर्देश मिलना जरूरी है। उन्होंने निर्देश दिए कि जयपुर सहित विभिन्न प्रमुख गंतव्यों के लिए दाएं एवं बाएं मुड़ने के संकेतक निर्धारित दूरी पर लगाए जाएं, ताकि ड्राइवर भ्रमित न हों। कलेक्टर ने कहा कि एक्सप्रेस-वे पर ऐसे पर्याप्त साइनेज बोर्ड एवं चेतावनी संकेत लगाए जाएं, जिनसे वाहन चालक सड़क पर वाहन रोकने, गलत लेन में चलने अथवा सड़क पर पार्किंग जैसी गलतियों से बच सकें। उन्होंने चिह्नित स्थानों पर सभी आवश्यक सुधारात्मक कार्य जल्द पूरे करने के निर्देश दिए। ट्रक ड्राइवरों के लिए वाजिब दर पर खाने एवं अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए कार्रवाई करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ऑफिस में देनी होगी रिपोर्टउन्होंने एनएचएआई अधिकारियों को उपयुक्त स्थानों पर साइनेज बोर्ड लगाने, खराब कैमरों एवं डिस्प्ले बोर्डों को दुरुस्त कराने और सड़क सुरक्षा से जुड़े सभी कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरे करने के निर्देश दिए। साथ ही ऑटोमेटिक चालान की मासिक रिपोर्ट नियमित रूप से कलेक्टर ऑफिस को उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए। कलेक्टर ने गलत लेन में वाहन चलाने एवं हाईवे पर अवैध रूप से वाहन खड़ा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने और संबंधित चेतावनी बोर्ड लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने एसडीएम की अध्यक्षता में समिति गठित कर हाईवे के आसपास संचालित अवैध ढाबों एवं शराब की दुकानों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा। एसडीएम करेंगे क्रॉस वेरिफिकेशनबैठक में जयपुर-आगरा हाईवे पर सड़क सुरक्षा के लिए चिन्हित बिंदुओं पर की गई कार्रवाई की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने इन कार्यों का संबंधित एसडीएम से क्रॉस वेरिफिकेशन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को जिले के सभी अस्पतालों में पीएम-राहत पोर्टल सक्रिय रखने, एम्बुलेंस सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने तथा ट्रॉमा सेंटर की व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। इसके अलावा दौसा शहर की विभिन्न सड़कों पर बने अनाधिकृत कट एवं अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में तेजी लाने को भी कहा। 31 जुलाई तक दुरुस्त करेंगे व्यस्थाएंबैठक में एनएचएआई अधिकारियों ने बताया कि एक्सप्रेस-वे पर खराब कैमरों एवं डिस्प्ले बोर्डों को ठीक कराने का कार्य 31 जुलाई तक पूरे कर लिए जाएंगे। इमरजेंसी सहायता के लिए 1033 हेल्पलाइन के डिस्प्ले बोर्ड विभिन्न स्थानों पर लगाए जा चुके हैं। सड़क सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए साइनेज बोर्ड, स्पीड़ नियंत्रण तथा अन्य आवश्यक सुधारात्मक कार्य लगातार किए जा रहे हैं। बैठक में एसपी पीयूष दीक्षित, एडीएम लालसोट मनमोहन मीणा, आरटीओ जगदीश अमरावत, डीटीओ संजीव भारद्वाज, एनआईसी प्रभारी वीके शर्मा, एनएचएआई व अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
वाइल्ड लाइफ टुडे के एडिटर सुधीर कुमार का कहना है कि उत्तर प्रदेश ने 12 जुलाई को एक दिन में 35 करोड़ से ज्यादा पौधे लगाकर बड़ा रिकॉर्ड बनाया है। यह सिर्फ एक सरकारी अभियान नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति कृतज्ञता जताने का प्रयास है। उन्होंने इसे सरकार की तैयारी, जनभागीदारी और नेतृत्व का उदाहरण बताया। विकास और पर्यावरण साथ-साथ सुधीर कुमार ने कहा- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विकास और पर्यावरण संरक्षण को एक-दूसरे का पूरक मानते हैं। इसी सोच के तहत पौधारोपण को बड़े स्तर पर जन आंदोलन बनाया गया। 2017 से 280 करोड़ से ज्यादा पौधे लगाने का दावा 2017 के बाद से प्रदेश में 280 करोड़ से ज्यादा पौधे लगाए जा चुके हैं। इससे प्रदेश के वृक्ष आवरण में करीब 3.80 लाख एकड़ की बढ़ोतरी दर्ज हुई है। उनका कहना है कि इसका असर भूजल, जलवायु और पर्यावरण पर भी दिख रहा है। 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान का भी जिक्र सुधीर कुमार ने 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान का भी उल्लेख किया है। उनके मुताबिक, इस अभियान ने पौधारोपण को भावनात्मक रूप से लोगों से जोड़ा है। इससे पेड़ लगाना सिर्फ सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी बन रहा है। पर्यावरण के साथ रोजगार का भी फायदा उन्होंने कहा- ज्यादा पौधे लगने से हवा की गुणवत्ता सुधरेगी, भूजल स्तर बेहतर होगा और खेती को भी फायदा मिलेगा। साथ ही नर्सरी, वन उत्पाद और पौधों की देखभाल से जुड़े कामों में रोजगार के नए अवसर भी बढ़ेंगे। सिर्फ पौधे लगाना नहीं, उन्हें बचाना भी जरूरी सुधीर कुमार का कहना है कि अभियान की असली सफलता तब होगी, जब लगाए गए पौधे बड़े होकर पेड़ बनें। इसके लिए सिंचाई, सुरक्षा और लगातार देखभाल जरूरी है। इसमें सरकार के साथ समाज और हर नागरिक की भी बराबर जिम्मेदारी है।
जशपुर जिले के ग्राम पंचायत पोड़ी में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत राशन वितरण में अनियमितता का मामला सामने आया है। करीब 150 ग्रामीण मंगलवार को कलेक्टर जनदर्शन पहुंचे और एक माह का राशन गबन करने का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच व दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों ने बताया कि अप्रैल में पीडीएस दुकान को अप्रैल, मई और जून तीनों माह का राशन मिला था। सरपंच और उनके पति ने तीन माह का राशन देने की बात कहकर ई-पॉस मशीन पर 6 बार अंगूठे के निशान लगवाए, लेकिन केवल मई और जून का राशन दिया गया। जून का राशन नहीं मिलने का दावा ग्रामीणों का कहना है कि बाद में जून और जुलाई का राशन एक साथ देने का आश्वासन दिया गया, लेकिन जुलाई में सिर्फ जुलाई का राशन मिला। जून का राशन रिकॉर्ड में वितरित दिखाकर गबन करने का आरोप लगाया गया है। उनका आरोप है कि ई-पॉस मशीन में अंगूठा लगवाकर रिकॉर्ड में राशन वितरण दर्ज कर लिया गया और एक माह का राशन गबन कर लिया गया। इस कथित धोखाधड़ी से ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी ग्रामीणों ने कलेक्टर से पूरे मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि समय पर कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन किया जाएगा। संचालक ने आरोपों से किया इनकार पीडीएस दुकान संचालक संदीप भगत ने आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि पंचायत को निर्धारित कोटे से 20 क्विंटल कम राशन मिला था। इसी वजह से एक माह का राशन वितरित नहीं किया जा सका। उन्होंने कम राशन मिलने की रसीद होने का भी दावा किया।
मोगा पुलिस ने मोटरसाइकिल छीनने के आरोप में दो युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके पास से छीना गया मोटरसाइकिल भी बरामद कर लिया है। यह कार्रवाई गलत तत्वों को काबू करने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई। थाना सिटी मोगा के प्रभारी इंस्पेक्टर वरुण कुमार ने बताया कि इस मामले में नवजोत सिंह निवासी गांव उगोके ने पुलिस को शिकायत दी थी। नवजोत सिंह ने बताया कि जब वह अपने मोटरसाइकिल पर ट्रैक्टर के स्पेयर पार्ट्स लेकर अपने गांव लौट रहा था, तब रेलवे पुल कोटकपूरा बाईपास पर दो अज्ञात युवकों ने उसे रोका। शिकायतकर्ता बोला- युवकों ने मुझे धमकाया शिकायतकर्ता के अनुसार, युवकों ने उसे धमकाकर मोटरसाइकिल छीन लिया और फरार हो गए। नवजोत सिंह ने तुरंत पुलिस को सूचित किया और अपनी ओर से भी लुटेरों की पहचान करने का प्रयास किया। इस दौरान उसे पता चला कि उसका मोटरसाइकिल हरमनजीत सिंह निवासी गांव कच्चा दोसांझ रोड मोगा और दविन्द्र सिंह निवासी गांव रौली ने छीना था। सूचना मिलने पर, सहायक थानेदार निर्मल सिंह ने कार्रवाई करते हुए हरमनजीत सिंह और दविन्द्र सिंह को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उनके कब्जे से छीना गया मोटरसाइकिल भी बरामद कर लिया है। पुलिस अब दोनों आरोपियों से पूछताछ के बाद उन्हें माननीय अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड हासिल करने का प्रयास करेगी।
टोंक में 2000 लीटर घी नकली होने का शक:सीज किया, तीस लीटर नष्ट कराया; टीम ने 3 जगह की कार्रवाई
टोंक में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एक फर्म पर 2 हजार लीटर घी को सीज कर दिया। यह घी नकली होने का शक है। मिलावटी सामग्री पर अंकुश लगाने के लिए मंगलवार को यह कार्रवाई की गई। इसके अलावा 30 लीटर घी, तेल आदि एक्सपायरी डेट का मिलने पर नष्ट किया। यह कार्रवाई टोंक शहर, मेहंदवास और छान इलाकों में खाद्य सुरक्षा अधिकारी सत्यनारायण गुर्जर और उनकी टीम ने की। शुद्ध आहार मिलावट पर वार अभियान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ शैलेन्द्र सिंह चौधरी ने बताया- यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा व औषधि नियंत्रण आयुक्त टी शुभंगला के निर्देश की पालना में की। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ शैलेन्द्र सिंह चौधरी ने बताया- खाद्य सुरक्षा अधिकारी सत्यनारायण गुर्जर ने टोंक शहर में सवाई माधोपुर रोड पर संचालित फर्म शान्तिनाथ ट्रेडिंग कंपनी का औचक निरीक्षण किया। वहां घी सागर, सरस ब्रांड और जय श्री कृष्णा ब्रांड का नमूना लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला में भिजवाया। साथ ही शेष बचे 1551 लीटर घी सागर सरस ब्रांड और 457 लीटर घी जय श्री कृष्णा ब्रांड को मिलावट का अंदेशा होने के कारण सीज किया गया। इसी प्रकार छान कस्बे में स्थित कमल किराना स्टोर का निरीक्षण कर घी सरस ब्रांड का नमूना लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला में भिजवाया गया। इसी प्रकार मेहंदवास हाईवे पर स्थित वीर तेजाजी मार्ट का निरीक्षण कर घी सरस ब्रांड का नमूना लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया। साथ ही इस फर्म में करीब तीस किलो अवधि पार मिले घी, तेल व मसाले को मौके पर ही नष्ट कराया गया। साथ ही प्रतिष्ठान पर भारी अनियमितता पाए जाने पर खाद्य सुरक्षा व मानक अधिनियम की धारा 32 के अंतर्गत इंप्रूवमेंट नोटिस जारी किया गया। खाद्य सुरक्षा अधिकारी सत्यनारायण गुर्जर ने बताया- मिलवाटी खाद्य तेल, मिलावटी घी, मिलावटी दूध एवं दूध से निर्मित खाद्य पदार्थ (मावा, पनीर आदि ) मिलावटी मसाले, अन्य मिलावटी खाद्य सामग्री (पेय पदार्थ, आटा, बेसन, इत्यादि) तथा खुले में खाद्य पदार्थों की बिक्री पर रोकथाम विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। मिलावट पाये जाने पर नियमानुसार मिलावट खोरों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारी गुर्जर के साथ सहायक कर्मचारी राजेंद्र सैनी, रामेश्वर प्रसाद, जितेंद्र आदि उपस्थित रहे।
मोगा जिले के धर्मकोट थाना क्षेत्र के कोट मुहम्मद खां गांव में किसान नेता सुरजीत सिंह पर अज्ञात हथियारबंद हमलावरों ने हमला कर दिया। इस हमले में सुरजीत सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए और उनकी बाजू टूट गई। उन्हें उपचार के लिए सिविल अस्पताल मोगा में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की जांच कर रहे सहायक थानेदार दर्शन सिंह ने बताया कि पीड़ित सुरजीत सिंह के अनुसार, वह शाम को अपने घर लौट रहे थे। जालंधर-मोगा बाईपास पर एक सब्जी की दुकान से सब्जी खरीदने के लिए रुके थे। इसी दौरान कुछ अज्ञात हथियारबंद व्यक्ति वहां पहुंचे और बिना किसी स्पष्ट कारण के उन पर हमला कर दिया। पहले की गाली गलौज, फिर बेरहमी से पीटा हमलावरों ने उनके साथ गाली-गलौज की और बेरहमी से मारपीट की, जिससे उनकी बाजू टूट गई। घटना के बाद, आसपास के लोगों की मदद से घायल किसान नेता को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। पुलिस ने पीड़ित के बयान के आधार पर अज्ञात हमलावरों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। जांच अधिकारी दर्शन सिंह ने बताया कि पुलिस हमलावरों की पहचान करने के लिए आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और अन्य साक्ष्य भी जुटाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच कर रही है।
सहरसा रेलवे स्टेशन पर मंगलवार को रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और राजकीय रेल पुलिस (जीआरपी) की संयुक्त कार्रवाई में 15 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया। यह गांजा नई दिल्ली जा रही ट्रेन से जब्त किया गया। मामले में हरियाणा निवासी एक तस्कर को गिरफ्तार किया गया है। बरामद गांजे की अनुमानित कीमत 7.50 लाख रुपये बताई जा रही है। गुप्त सूचना पर चलाया गया अभियान आरपीएफ पोस्ट सहरसा के निरीक्षक धनंजय कुमार को मंगलवार को सूचना मिली थी कि ट्रेन संख्या 04071 के एक कोच में जितेंद्र नामक व्यक्ति सुपौल से नई दिल्ली की ओर मादक पदार्थ लेकर यात्रा कर रहा है। सूचना के आधार पर आरपीएफ ने जीआरपी सहरसा के साथ मिलकर संयुक्त अभियान चलाया और प्लेटफॉर्म संख्या-3 पर खड़ी ट्रेन की तलाशी शुरू की। टीटीई की जानकारी से यात्री तक पहुंची टीम तलाशी के दौरान शुरुआती जांच में संदिग्ध व्यक्ति नहीं मिला। इसके बाद टीम ने ऑन ड्यूटी टीटीई से यात्रियों की जानकारी ली। टीटीई ने बताया कि जितेंद्र नाम का यात्री कोच बी-2 की सीट संख्या 58 पर सुपौल से बनारस तक का आरक्षित टिकट लेकर सफर कर रहा है। इसके बाद पुलिस टीम उक्त सीट पर पहुंची, जहां एक व्यक्ति चादर ओढ़कर सोया मिला। पूछताछ में खोला गांजा रखने का राज पूछताछ में व्यक्ति ने अपना नाम जितेंद्र बताया, लेकिन अपने सामान के बारे में संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। बाद में उसने स्वीकार किया कि उसके ट्रॉली बैग, पिट्ठू बैग और हैंडबैग में गांजा रखा हुआ है। ट्रेन के प्रस्थान समय को देखते हुए आरोपी और उसके तीनों बैग को वीडियो रिकॉर्डिंग के साथ आरपीएफ पोस्ट लाया गया। दंडाधिकारी की मौजूदगी में हुई जांच दंडाधिकारी ललन कुमार चौधरी (मार्केटिंग ऑफिसर, सत्तरकटैया) की मौजूदगी में बैगों की तलाशी ली गई। इलेक्ट्रॉनिक तराजू से वजन करने पर कुल 15 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। गिरफ्तार आरोपी की पहचान जितेंद्र (39 वर्ष), पिता सुरेश कुमार, निवासी लक्ष्मीनगर, थाना एवं जिला भिवानी, हरियाणा के रूप में हुई है। तलाशी के दौरान उसके पास से दो मोबाइल फोन भी बरामद किए गए। एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज हुआ मामला जीआरपी सहरसा ने आरोपी के खिलाफ रेल थाना कांड संख्या 30/26 के तहत एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20(b)(ii)(B) में प्राथमिकी दर्ज की है। मामले की जांच अवर निरीक्षक राजेश कुमार को सौंपी गई है। गांजे की खेप कहां से आई, जांच में जुटी पुलिस पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गांजे की यह खेप कहां से लाई गई थी और इसे किस व्यक्ति तक पहुंचाया जाना था। तस्करी के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाने के लिए भी जांच जारी है।
मुजफ्फरपुर जिले के सरैया थाना क्षेत्र के सुपना गांव में झाड़-फूंक करने वाले 55 साल के अर्जुन सहनी की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई है। मंगलवार को सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस पुराने विवाद समेत सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है और सबूत जुटाने के लिए एफएसएल टीम को भी मौके पर बुलाया गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव की पहचान अर्जुन सहनी (55) के रूप में की। बताया जाता है कि अर्जुन सहनी गांव में झाड़-फूंक (ओझा) का काम करते थे। हत्या की खबर फैलते ही घटनास्थल पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। शाम से थे लापता, सुबह खेत किनारे मिला शव मृतक के बेटे मनीष सहनी ने बताया कि उनके पिता सोमवार शाम घर से निकले थे। देर रात तक वापस नहीं लौटने पर परिजनों ने सोचा कि वह किसी काम से बाहर गए होंगे। लेकिन पूरी रात घर नहीं आने के बाद मंगलवार सुबह ग्रामीणों से सूचना मिली कि एक व्यक्ति का शव झाड़ी के पास पड़ा है। उन्होंने बताया कि घटनास्थल पर पहुंचने पर देखा कि उनके पिता की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। इस घटना से पूरा परिवार सदमे में है। पुराने विवाद की भी हो रही जांच सरैया के एसडीपीओ अभिजीत कौर ने बताया कि पुलिस को खेत के पास शव मिलने की सूचना मिली थी। जांच के दौरान मृतक की पहचान अर्जुन सहनी के रूप में हुई। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि मृतक का गांव के कुछ लोगों से पहले विवाद और मारपीट हुई थी। उन्होंने बताया कि घटना की हर पहलू से जांच की जा रही है। साक्ष्य जुटाने के लिए एफएसएल टीम को मौके पर बुलाया गया है। वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य संकलित किए जा रहे हैं ताकि हत्या की गुत्थी जल्द सुलझाई जा सके। जल्द गिरफ्तारी का दावा पुलिस का कहना है कि हत्या के कारणों का पता लगाने के लिए सभी संभावित पहलुओं की जांच की जा रही है। संदिग्ध लोगों से पूछताछ की जा रही है और जल्द ही घटना में शामिल आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी की जाएगी। फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस वारदात के बाद सुपना गांव और आसपास के क्षेत्रों में दहशत का माहौल है।

