शशि थरूर ने दतिया का द भी नहीं जानते और दुनिया को दतिया के संकेत बता रहे हैं
<
गुजरात के अहमदाबाद में नकली ब्लड प्रेशर की दवा के बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। अहमदाबाद क्राइम ब्रांच और फूड एंड ड्रग्स विभाग की संयुक्त कार्रवाई में करीब 1200 स्ट्रिप नकली NICARDIA RETARD 10 बरामद की गई हैं। जांच में सामने आया कि करीब चार महीने में 1500 स्ट्रिप पहले ही बेची जा चुकी हैं। एक स्ट्रिप में 10 टैबलेट होने से करीब 15 हजार नकली गोलियां मरीजों तक पहुंचने की आशंका है। इस मामले में अहमदाबाद के एक मेडिकल कारोबारी समेत लखनऊ के दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। तीनों को कोर्ट ने 7 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा है। असली कंपनी के नाम और बैच नंबर पर बनाई नकली दवा मामला तब सामने आया जब जेबी केमिकल्स एंड फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड ने 19 अगस्त को गुजरात फूड एंड ड्रग्स कंट्रोल एडमिनिस्ट्रेशन में शिकायत की। कंपनी ने बताया कि उसकी ब्लड प्रेशर की दवा NICARDIA RETARD 10 की नकली कॉपी बाजार में बेची जा रही है। नकली दवा पर वही नाम, लेबल और बैच नंबर ACG25007 इस्तेमाल किया गया था, जो असली दवा पर दर्ज था। इसकी मैन्युफैक्चरिंग जून 2025 और एक्सपायरी मई 2028 लिखी गई थी। पैकेजिंग इस तरह तैयार की गई थी कि मरीज और मेडिकल स्टोर संचालक के लिए असली-नकली की पहचान करना मुश्किल हो। लखनऊ की मेडिकल एजेंसी से गुजरात पहुंची सप्लाई जांच में नकली दवा की सप्लाई का कनेक्शन लखनऊ से सामने आया। पुलिस के मुताबिक अहमदाबाद के पालड़ी स्थित पार्श्व मेडिकल एजेंसी को यह स्टॉक लखनऊ की सेना मेडिकल एजेंसी से मिला था। इसके बाद गुजरात के अलग-अलग मेडिकल स्टोर तक दवा पहुंचाई गई। कच्छ में मिली दवा की सप्लाई का लिंक जयपुर की एवीआर मेडिकोज से भी सामने आया है। यानी नेटवर्क की कड़ियां उत्तर प्रदेश, गुजरात और राजस्थान तक जुड़ी मिली हैं। 3600 स्ट्रिप की खेप, अहमदाबाद भेजी गई थीं 2700 पुलिस की जांच के अनुसार करीब 3600 स्ट्रिप की एक खेप तैयार हुई थी। इसमें से 2700 स्ट्रिप अहमदाबाद और 900 स्ट्रिप मैसूर भेजी गई थीं। अहमदाबाद पहुंची 2700 स्ट्रिप में से 1200 बरामद कर ली गईं, जबकि 1500 स्ट्रिप पहले ही बाजार में खप चुकी थीं। पुलिस को आशंका है कि यह दवा अहमदाबाद के अलावा सूरत, भावनगर, नडियाद और भुज तक भी पहुंची। गुजरात में जांच के दौरान 30 से ज्यादा मेडिकल स्टोर और एजेंसियों की जांच की जा चुकी है। 18 प्रतिशत कमीशन के लालच में खरीदने का आरोप पुलिस के मुताबिक अहमदाबाद के मेडिकल कारोबारी दर्शील संघवी ने कथित तौर पर ज्यादा कमीशन के लालच में नकली दवा खरीदी और इसे आगे सब-डिस्ट्रीब्यूटर्स तक पहुंचाया। लखनऊ निवासी देवेंद्र यादव और उमंग रस्तोगी पर कम कीमत में नकली दवा खरीदकर गुजरात में सप्लाई कराने का आरोप है। दोनों पहले जून 2026 में पुणे में नकली दवा के एक अन्य मामले में पकड़े जा चुके हैं। रस्तोगी पर 2022 में जीएसटी एक्ट से जुड़ा मामला भी दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है। लखनऊ और जयपुर में भी पहुंची क्राइम ब्रांच की टीमें अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने मामले में केस दर्ज कर चार टीमें अलग-अलग राज्यों में भेजी हैं। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि नकली दवा बनाई और पैक कहां गई, असली कंपनी के नाम की पैकेजिंग किसने तैयार की और नेटवर्क का मास्टरमाइंड कौन है। पुलिस ने मेडिकल स्टोर, एजेंसी, अस्पताल और मरीजों से अपील की है कि अगर उनके पास इस बैच की संदिग्ध दवा पहुंची है तो क्राइम ब्रांच को इसकी जानकारी दें।
इंदौर की भंवरकुआ पुलिस ने 16 लाख रुपए से ज्यादा की धोखाधड़ी के मामले में दंपती के खिलाफ FIR दर्ज की है। आरोप है कि दंपती ने जरूरत बताकर रुपए उधार लिए और मर्सिडीज व स्विफ्ट कार गिरवी रखीं। बाद में कारें लौटाने के बजाय एक को बेच दिया और दूसरी को लेकर भी टालमटोल करते रहे। रुपए मांगने पर शिकायतकर्ता को झूठे केस में फंसाने की धमकी देने का भी आरोप है। पुलिस के मुताबिक अभिनव नगर निवासी गोपाल बैरागी की शिकायत पर सनशाइन रेसीडेंसी, बिजलपुर निवासी प्रियंका मित्तल और उनके पति विनायक मित्तल के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया है। मर्सिडीज के बदले लिए 6 लाख गोपाल ने पुलिस को बताया कि वह विनायक को करीब दो साल से जानते हैं। 1 जनवरी को रुपए की जरूरत होने पर विनायक ने पत्नी प्रियंका के नाम की मर्सिडीज बेंज कार 6 लाख रुपए के बदले गिरवी रखी। दोनों के बीच एग्रीमेंट हुआ था कि दो महीने में रुपए लौटाकर कार ले जाएंगे। करीब 15 दिन बाद विनायक ने कार यह कहकर मांगी कि गैराज के काम से भेजनी है और एक सप्ताह में वापस कर देगा। इसके बाद कार को औरंगाबाद भेजने की बात कहकर दो-तीन महीने तक टालता रहा। स्विफ्ट के बदले भी लिए रुपए 29 मार्च को विनायक ने गोपाल की मुलाकात अमान खान से कराई। वहां स्विफ्ट कार गिरवी रखकर करीब ढाई लाख रुपए लिए गए। इसे भी एक महीने में वापस करने का भरोसा दिया गया। इसी दौरान विनायक ने पिता की बीमारी का हवाला देकर गोपाल से खाते और ऑनलाइन माध्यम से 8 लाख 20 हजार रुपए और ले लिए। कार बेचने का पता चला, रुपए मांगने पर धमकी गोपाल के मुताबिक स्विफ्ट कार को लेकर बैंक के लोग उनके पास किस्त मांगने आने लगे। उन्होंने उसकी किस्तें भी भरीं। जब विनायक से रुपए और कार वापस मांगी तो उसने रुपए नहीं होने की बात कही। बाद में गोपाल अपने परिचित के साथ विनायक के घर पहुंचे तो पता चला कि मर्सिडीज कार बेच दी गई है। वहीं प्रियंका ने घर पर रुपए मांगने आने पर झूठे केस में फंसाकर जेल भेजने की धमकी दी। गोपाल ने कार और लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों के साथ पुलिस अधिकारियों से शिकायत की। जांच के बाद भंवरकुआ पुलिस ने प्रियंका और विनायक के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पश्चिमी सिंहभूम जिले के टोंटो थाना क्षेत्र के केंजरा टोला तारोबबुरू गांव में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की धारदार हथियार से हत्या कर शवों को घर के आंगन में दफना दिया गया। मृतकों में पति-पत्नी और उनका 12 वर्षीय बेटा शामिल हैं। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनकी निशानदेही पर तीनों शव तथा हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी बरामद की है। पुलिस को इस घटना की जानकारी 26 अगस्त को रमिया दोरायबुरू की लिखित शिकायत के बाद मिली। शिकायत में बताया गया था कि जमीन विवाद के चलते राजिन दोरायबुरू (40), उनकी पत्नी जानो दोरायबुरू (38) और उनके 12 वर्षीय बेटे काण्डे दोरायबुरू की हत्या कर शवों को छिपा दिया गया है। इस सूचना पर टोंटो थाना में कांड संख्या 19/2026 दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर जगन्नाथपुर एसडीपीओ के नेतृत्व में एक छापेमारी दल का गठन किया गया। इस टीम ने केंजरा टोला तारोबबुरू से बोंज दोरायबुरू (19) और मुचिया दोरायबुरू (20) को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली। उनकी निशानदेही पर तीनों शव और हत्या में इस्तेमाल की गई खून लगी कुल्हाड़ी बरामद की गई। पुलिस की प्रारंभिक जांच में हत्या का मुख्य कारण जमीन विवाद बताया जा रहा है। हालांकि, मृतक के बेटे ने पुलिस को यह भी बताया है कि आरोपी उसकी मां पर डायन होने का आरोप लगाते थे। पुलिस इस आरोप की भी जांच कर रही है। बताया गया है कि यह घटना 21 अगस्त को हुई थी, जबकि पुलिस को इसकी जानकारी 26 अगस्त को मिली। सूचना मिलने के तुरंत बाद पुलिस मौके पर पहुंची, शवों को बरामद किया और मामले की जांच शुरू की।
उमरिया जिले में शुक्रवार को रक्षाबंधन का पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। बिरसिंहपुर पाली स्थित मां बिरासिनी शक्तिपीठ मंदिर में माता रानी को राखी अर्पित करने के बाद क्षेत्र में रक्षाबंधन का त्योहार शुरू करने की वर्षों पुरानी परंपरा है। इसी परंपरा के तहत पाली सहित जिले और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे और मां बिरासिनी के दर्शन कर उन्हें राखी अर्पित की। मंदिर में माता के दर्शन और पूजा-अर्चना के बाद बहनों ने अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधी। मां बिरासिनी शक्तिपीठ के पंडा गोपाल ने बताया कि क्षेत्र में रक्षाबंधन की शुरुआत मां बिरासिनी को राखी अर्पित करने के साथ करने की परंपरा है। पर्व को लेकर मंदिर समिति ने श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्थाएं की थीं। जिला मुख्यालय स्थित जिला जेल में भी रक्षाबंधन का पर्व मनाया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में बहनें जेल पहुंचीं और अपने बंदी भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनकी लंबी उम्र की कामना की। जेल प्रबंधन ने सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ बहनों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए विशेष इंतजाम किए थे। इस अवसर पर भाई-बहन के मिलन के कई दृश्य देखने को मिले। तस्वीरें देखिए…
बिलासपुर में रक्षाबंधन से पहले युवक की सड़क हादसे में मौत हो गई। बाइक सवार युवक अपनी पत्नी को मायके छोड़कर लौट रहा था। इसी दौरान सड़क पर बैठे मवेशियों को देखकर उसकी बाइक अनियंत्रित हो गई और वह सड़क पर गिर गया। तभी पीछे से आ रही पिकअप ने उसे चपेट में ले लिया। घटना तोरवा थाना क्षेत्र की है। जानकारी के मुताबिक दर्री निवासी दिलहरण कैवर्त (24) गुरुवार सुबह करीब 8:30 बजे बाइक से अपनी ससुराल गया था। बताया जा रहा है कि वह रक्षाबंधन पर्व पर अपनी पत्नी को मायके छोड़कर वापस लौट रहा था। इसी दौरान मुर्रा भट्ठा रोड के पास सड़क पर बैठे मवेशियों को देखकर उसकी बाइक अनियंत्रित हो गई। बाइक से गिरने के बाद पीछे से आ रही पिकअप ने उसे चपेट में ले लिया। हादसे में दिलहरण गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। बीच सड़क पर बैठे मवेशियों को देखकर लगाया ब्रेक बताया जा रहा है कि युवक की बाइक तेज रफ्तार में थी। मुर्रा भट्ठा के पास बीच सड़क पर मवेशियों को बैठा देखकर वह घबरा गया। मवेशियों को बचाने के लिए उसने अचानक ब्रेक लगाया, जिससे बाइक फिसल गई और वह सड़क पर गिर गया। इसी दौरान पीछे से आ रही पिकअप ने उसे चपेट में ले लिया। हादसे में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। लोगों की भीड़ ने पहुंचाया अस्पताल हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। युवक खून से लथपथ हालत में सड़क पर बेहोश पड़ा था। उसकी गंभीर हालत देखकर लोगों ने पुलिस को सूचना दी। इसके बाद उसे तत्काल इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। सिम्स में उसका इलाज चल रहा था, लेकिन कुछ देर बाद उसने दम तोड़ दिया।
फरीदाबाद में रक्षाबंधन के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में हरियाणा सरकार के कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने राजकीय स्कूल और कॉलेज की छात्राओं से राखी बंधवाई। छात्राओं ने मंत्री की कलाई पर राखी बांधकर उन्हें रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्राएं और अन्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान विपुल गोयल ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उसे मुद्दाविहीन विपक्ष बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के लोग काले कपड़े पहनकर जरूर आए, लेकिन जनता के हित से जुड़ा कोई मुद्दा लेकर नहीं आए। उन्होंने आरोप लगाया कि केवल काले कपड़े पहनकर फोटो खिंचवाना और सदन में बदतमीजी करना उचित नहीं है। छात्राओं को दिए उपहार रक्षाबंधन के मौके पर मंत्री विपुल गोयल की ओर से छात्राओं को उपहार भी भेंट किए गए। उन्होंने छात्राओं को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम के दौरान छात्राओं में भी उत्साह देखने को मिला। छात्राओं ने कहा कि रक्षाबंधन भाई-बहन के प्रेम और विश्वास का पर्व है, ऐसे कार्यक्रमों से उन्हें परिवार जैसा अपनापन महसूस होता है। विधानसभा क्षेत्र के लोग भी पहुंचे मंत्री विपुल गोयल को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देने के लिए उनके विधानसभा क्षेत्र से भी बड़ी संख्या में लोग सागर सिनेमा कार्यालय पहुंचे। लोगों ने मंत्री को राखी के पर्व की बधाई दी और उनके साथ मुलाकात की। इस दौरान लोगों ने क्षेत्र से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर भी चर्चा की। बोले- बहनों का सम्मान जरूरी कार्यक्रम के दौरान विपुल गोयल ने कहा कि रक्षाबंधन भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का त्योहार है। बहनों की सुरक्षा, सम्मान और उनके अधिकारों को लेकर समाज को हमेशा जागरूक रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि बेटियों और छात्राओं को आगे बढ़ने के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराना सभी की जिम्मेदारी है। उत्साह के साथ मनाया पर्व कार्यक्रम में रक्षाबंधन के त्योहार को लेकर उत्साह का माहौल रहा। छात्राओं ने राखी बांधने के बाद मंत्री के साथ फोटो भी खिंचवाई। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने एक-दूसरे को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं।
चूरू जिले के चाड़वास गांव निवासी एक युवक ओएलएक्स पर सस्ती कार खरीदने के झांसे में आकर साइबर ठगी का शिकार हो गया। ठगों ने युवक से 3.50 लाख रुपए की धोखाधड़ी की। पीड़ित की शिकायत पर चूरू के साइबर थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। साइबर थाना पुलिस के अनुसार चाड़वास निवासी किशनलाल सोनी (23) ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। उसने बताया कि उसके माता-पिता बीमार रहते हैं, जिसके कारण उन्हें डॉक्टर के पास ले जाने के लिए कार की आवश्यकता थी। उसने अपने जीजा विकास कुमार से कार दिलाने के लिए कहा। विकास ने ओएलएक्स पर एक स्विफ्ट कार का विज्ञापन देखा, जिसमें कार 3.50 लाख रुपए में उपलब्ध बताई गई थी। विज्ञापन में दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क करने पर व्यक्ति ने अपना नाम सुरेंद्र सिंह बताया। 23 अगस्त को आरोपियों ने किशनलाल को रामसरा में कार दिखाने के लिए बुलाया। कार पसंद आने पर किशनलाल ने 20 हजार रुपए अग्रिम भुगतान कर दिया और शेष राशि अगले दिन देने की बात तय हुई। अगले दिन 24 अगस्त को राजू और सुरेंद्र नाम के दो युवक कार लेकर थैलासर पहुंचे। किशनलाल ने उनसे कार के दस्तावेज मांगे, लेकिन उन्होंने लिखा-पढ़ी के समय आईडी देने की बात कही। इसके बाद किशनलाल ने अपने एसबीआई खाते से आरोपियों द्वारा बताए गए आईडीएफसी बैंक के खाते में 2 बार में कुल 3 लाख 30 हजार रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए। भुगतान का स्क्रीनशॉट भेजने के बाद आरोपियों ने फतेहपुर चलकर लिखा-पढ़ी करने की बात कही और कार से आगे निकल गए। कुछ दूरी तय करने के बाद दोनों युवक कार लेकर फरार हो गए। जब किशनलाल ने उन्हें फोन किया तो उनके मोबाइल बंद मिले। ठगी का पता चलने पर पीड़ित ने तुरंत साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर चूरू साइबर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच कर रही है।
सुप्रीम कोर्ट की वकील और मुस्लिम एक्टिविस्ट नाजिया इलाही खान फिर चर्चाओं में हैं। 3 दिन पहले ही धमकी मिलने पर उन्होंने गाजियाबाद के इंदिरापुरम थाने में केस दर्ज कराया था। अब एक एजेंसी से बात करते हुए कहा कि जब वंदे मातरम का गान मैं गाती हूं तो मुझे फक्र महसूस होता है। मैं खान जरूर हूं, लेकिन अपनी कल्चर, संस्कृति से प्योर हिंदू हूं। जब भीमराव अम्बेडकर जी ने संविधान लिखा तो पहले पन्ने पर चित्र भगवान राम की ली है। राहुल गांधी पर बोलते हुए कहा- जिस तरह से मनु स्मृति के अध्याय को उठाकर गलत शब्दों से खेलकर गलत मिस अंडरस्टेडिंग क्रिएट करने की कोशिश की है। जिस अध्याय में पिता, पति और पुत्र की जिम्मेदारी अपने घर की महिलाओं के प्रति बताई गई है। उन्होंने उसके छीनने को डायवर्ट कर दिया। यह उनका अपना फ्रीडम है। लेकिन बैकग्राउंड में प्रधानमंत्री की तस्वीर लगाई है। जब से देश में भारतीय जनता की सरकार आई है, क्या प्रधानमंत्री ने कहा कि सबको मनु स्मृति को पढ़ना पड़ेगा। या यूपी में सीएम योगी कुर्सी पर बैठे हैं, क्या मनु स्मृति पढ़नी पड़ेगी। तो फिर उनकी तस्वीर लगाने को डिफेंड करने का मकसद समझ नहीं आया। राहुल गांधी को अपनी बात रखनी थी, वह रख सकते थे। लेकिन अपने आप को सस्ती लोकप्रियता और टीआरपी के लिए प्रधानमंत्री की तस्वीर का इस्तेमाल किया। सीएम योगी और मोहन भागवत की तस्वीर का इस्तेमाल क्यों किया, यह जबाव तो उन्हें देना होगा। राहुल गांधी वंदे मातरम नहीं बोल पाते नाजिया इलाही ने आगे कहा- जो राहुल गांधी वंदे मातरत नहीं बोल पाते हैं। भारत मां की जय नहीं बोल पाते हैं। वह बता रहे हैं पेटरियाकी है। राहुल गांधी किसी भी तरह से सनातन पर जो जो टिप्पणी करते हैं, वंदे मातरम पर टिप्पणी करते हैं। भारत मां की जय पर टिप्पणी करते हैं। लेकिन वह हर एक मुददे पर भारतीय जनता पार्टी को क्यों उठाकर लेकर आते हैं। भगवान राम भारतीय जनता पार्टी नहीं है, मनुष्य स्मृति भारतीय जनता पार्टी नहीं है, भगवान शिव भारतीय जनता पार्टी नहीं है। राम मंदिर राम मंदिर है, श्रीराम भगवान हैं। भाजपा एक राजनीतिक पार्टी है। जो ओछी लोकप्रियता और टीआरपी है वह राहुल गांधी अपने बलबूते करें। प्रधानमंत्री या योगी जी की तस्वीर को दिखाकर न करें। मुझे लगता है कानूनी कार्रवाई मैने अच्छी तरह से की है। उनको अब जवाब देना होगा। नहीं तो यह मामला देश की सर्वोच्च न्यायालय तक यह जाएगा। इसका जबाव तो देना होगा। वह अपनी पार्टी का प्रचार कर रहे हैं, वह छात्रों से संवाद कर रहे हैं। उस संवाद के बीच में प्रधानमंत्री की तस्वीर क्या कर रही है। वहां इंदिरा गांधी की तस्वीर होनी चाहिए। वहां पर नेहरू की तस्वीर होनी चाहिए। वहां संजय गांधी की तस्वीर होनी चाहिए, जिन्होंने नसबंदी कराई। वहां पर राजीव गांधी की तस्वीर होनी चाहिए जिन्होंने तीन तलाक और गुजारा भत्ता देने से इंकार कर दिया था। इंदिरा गांधी ने बांग्लादेश बनाया था। नेहरू ने पाकिस्तान बनाया तो ऐसे लोगों की तस्वीर होनी चाहिए। हमारे प्रधानमंत्री की तस्वीर क्यों लगा रहे हैं। गाजियाबाद में रह रहीं हैं नाजिया इलाही नाजिया इलाही खान को गला काटने की धमकी दी गई है। नाजिया ने 25 अगसत की रात गाजियाबाद के इंदिरापुरम थाने में केस दर्ज कराया है। नाजिया का आरोप है कि शाहिल अहमद नाम के व्यक्ति ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर उन्हें गालियां दीं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शाहिल ने उनके पोस्टर पर बच्चों से यूरिन कराई। इसका वीडियो बनाकर उसे इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया। भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा से जुड़ीं नाजिया एक्टिविस्ट हैं। वह मूलरूप से कोलकाता की रहने वाली हैं। इस्लाम के रीति-रिवाजों पर कमेंट करती हैं। उन्होंने मामले की शिकायत उत्तर प्रदेश के गृह सचिव संजय प्रसाद और ATS अधिकारियों से भी की है। वह गाजियाबाद में रह रही हैं। फोटो पर गलत कमेंट, गर्दन काटने की धमकी दी नाजिया इलाही की शिकायत के मुताबिक, शाहिल अहमद नाम की इंस्टाग्राम आईडी से उनकी तस्वीर पर आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया। उन्हें गर्दन काटने की धमकी भी दी गई। आरोपी ने नाबालिग बच्चों के जरिए उन्हें परेशान करने और हिंसा के लिए उकसाने जैसी बातें कहीं। आरोपी ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर उनकी तस्वीर वाले पोस्टर के साथ एक आपत्तिजनक वीडियो भी शेयर किया। नाजिया ने शिकायत में अपनी जान को खतरा बताया और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने धमकी और आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर इंस्टाग्राम अकाउंट की जांच शुरू कर दी है।
मेरठ में शुक्रवार रक्षाबंधन के दिन क्लारूम में स्टूडेंट की पिटाई का एक वीडियो सामने आया है। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। ये वीडियो मेरठ हस्तिनापुर के जीआईसी यानि राजकीय इंटर कॉलेज का बताया जा रहा है। वीडियो में क्लासरूम में टीचर ने सबके सामने एक छात्र को तड़ातड़ चांटें जड़ दिए। क्लासरूम में लगे सीसीटीवी में टीचर द्वारा छात्र को बेतहाशा पीटने की ये घटना कैद हो गई। इसका फुटेज अब वायरल हो रहा है। टीचर ने छात्र को 40 सेकेंड में लगभग 15 से अधिक बार गाल पर चांटे जड़ दिए। एक के बाद एक थप्पड़ शिक्षक छात्र को मारता रहा। उसके दोनों गालों पर टीचर ने लगातार चांटें मारे हैं। क्लासरूम में लगे सीसीटीवी फुटेज में से किसी ने ये फुटेज लीक कर दी जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। वहीं स्कूल प्रबंधन का कहना है कि मामले की जांच करा रहे हैं। क्लासरूम में लगा सीसीटीवी कैमरा काफी हाईक्वालिटी का है इसके कारण दर्द से तड़पते छात्र की चीखें पूरी कैमरे में कैद हो गई। छात्र बार-बार दर्द से चिल्लाता रहा और शिक्षक उसे पीटता रहा।
जयपुर ग्रामीण पुलिस ने रक्षाबंधन पर रक्षा का वचन अभियान चलाया। जयपुर ग्रामीण के आंधी, जमवारामगढ़, रायसर और चंदवाजी सहित कई गांवों में आयोजित हुए। पुलिस और आमजन के बीच बेहतर समन्वय, विश्वास और आत्मीयता स्थापित करना था, साथ ही महिलाओं और बालिकाओं में पुलिस के प्रति सुरक्षा की भावना को मजबूत करना था। अभियान के तहत, पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने क्षेत्र की महिलाओं, बालिकाओं, सुरक्षा सखियों, वीरांगनाओं और स्कूली छात्राओं से राखी बंधवाई। इस दौरान पुलिस ने महिला सुरक्षा, सम्मान और सहायता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं और बालिकाओं को महिला सुरक्षा संबंधी कानूनों, हेल्पलाइन नंबरों और साइबर सुरक्षा के बारे में संक्षिप्त जानकारी दी गई। उन्हें पुलिस द्वारा प्रदान की जा रही सहायता और सेवाओं से भी अवगत कराया गया। शाहपुरा के एएसपी लाखन सिंह ने स्कूली छात्राओं से अपील की कि यदि उन्हें कोई परेशान करता है, तो वे तुरंत पुलिस को सूचित करें। उन्होंने छात्राओं को आश्वस्त किया कि पुलिस 24 घंटे उनकी सुरक्षा और सहायता के लिए तत्पर है। एएसपी ने मोबाइल के सुरक्षित उपयोग, साइबर फ्रॉड से बचाव, कानूनी जानकारी, बाल विवाह के दुष्परिणामों और अच्छी पढ़ाई कर आत्मनिर्भर बनने की सीख भी दी।
जालौन में पहुंज नदी में डूबा युवक:18 घंटे बाद भी नहीं मिला सुराग, NDRF का सर्च ऑपरेशन जारी
जालौन के कैलिया थाना क्षेत्र के सलैया बुजुर्ग गांव में पहुंज नदी में डूबे 28 वर्षीय युवक हरिशंकर कौरव का करीब 18 घंटे बाद भी कोई सुराग नहीं लग सका है। गुरुवार शाम लगभग 6 बजे नदी में नहाने उतरा युवक पहुज नदी के तेज बहाव की चपेट में आकर लापता हो गया था। घटना के बाद से पुलिस, स्थानीय गोताखोर और ग्रामीण लगातार उसकी तलाश में जुटे हैं। शुक्रवार सुबह एनडीआरएफ की टीम भी मौके पर पहुंच गई और स्थानीय लोगों के साथ मिलकर नदी में सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। नदी में पानी का तेज बहाव और बढ़ा जलस्तर रेस्क्यू टीम के सामने बड़ी चुनौती बना हुआ है। सलैया बुजुर्ग निवासी हरिशंकर कौरव पुत्र पहलवान सिंह गुरुवार शाम करीब छह बजे गांव की ओर से पहुंज नदी के पुल के पास पहुंचा था। पुलिस को दी गई जानकारी के मुताबिक वह नशे की हालत में था। उसने नदी में नहाने के लिए कपड़े उतारे और तौलिया पेड़ पर रख दिया। मौके पर मौजूद कविता धीमर और राघवेंद्र कौरव ने उसे नदी में उतरने से रोकने का प्रयास किया, लेकिन वह उनकी बात नहीं माना और गाली-गलौज करते हुए नदी के अंदर चला गया। इसी दौरान वह तेज बहाव की चपेट में आकर डूब गया और इसके बाद उसका कोई पता नहीं चला। घटना की सूचना मिलते ही कैलिया थानाध्यक्ष अवनीश पटेल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे थे, पुलिस ने स्थानीय गोताखोरों धर्म सिंह धीमर, लाखन, रामकिशोर और राघवेंद्र समेत अन्य ग्रामीणों की मदद से गुरुवार देर शाम तक नदी में तलाश कराई, लेकिन सफलता नहीं मिली। अंधेरा होने और नदी में तेज बहाव के कारण तलाश अभियान में मुश्किलें सामने आईं। शुक्रवार सुबह एनडीआरएफ की टीम ने मौके पर पहुंचकर सर्च ऑपरेशन शुरू किया। टीम स्थानीय लोगों और ग्रामीणों के साथ नदी के संभावित स्थानों पर युवक की तलाश कर रही है। नदी में पानी काफी बढ़ाव पर होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन सावधानी के साथ चलाया जा रहा है। हरिशंकर के लापता होने के बाद गांव में भी चिंता का माहौल है। पुलिस के अनुसार वह अविवाहित था और घर में अकेला रहता था। ग्रामीणों के मुताबिक उसे शराब पीने की आदत थी। उसका बड़ा भाई मानवेंद्र दहेज हत्या के मामले में लखनऊ जेल में निरुद्ध है, जबकि उसकी मां शीला कौरव मध्य प्रदेश के दबोह में रहती हैं। शुक्रवार को भी परिजन, ग्रामीण, पुलिस और एनडीआरएफ की टीम युवक की तलाश में जुटी रही, लेकिन अभी तक उसका कोई सुराग नहीं मिल सका था। कैलिया थाने के प्रभारी निरीक्षक अवनीश पटेल का कहना है कि लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है, लेकिन अभी तक युवक का कहीं भी पता नहीं चल सका।
मुरादाबाद में रक्षाबंधन के अवसर पर आज स्कूली बच्चों और ब्रह्माकुमारी संस्था की महिलाओं ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर डीएम को राखी बांधी। उन्होंने जिलाधिकारी को राखी बांधकर भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का संदेश दिया और पर्व की शुभकामनाएं दीं। जिलाधिकारी ने बच्चों की राखियां स्वीकार कीं और उन्हें मिठाई खिलाकर रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने बच्चों को मन लगाकर पढ़ाई करने तथा अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयास करने का संदेश दिया। इस अवसर पर छात्राओं ने जिलाधिकारी के समक्ष शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने तथा विद्यालयों में पढ़ाई के माहौल को सुदृढ़ बनाए रखने का संकल्प लिया। छात्राओं ने कहा कि वे नियमित रूप से पढ़ाई कर अपने भविष्य को बेहतर बनाएंगी और समाज के विकास में भी योगदान देंगी। ब्रह्माकुमारी संस्था से जुड़ी महिलाओं ने भी जिलाधिकारी को राखी बांधी और रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं। जिलाधिकारी ने सभी को पर्व की बधाई देते हुए आपसी भाईचारा, प्रेम और सौहार्द बनाए रखने का संदेश दिया।
कटनी में रक्षाबंधन पर्व से पहले कानून-व्यवस्था पर सवाल उठ गए हैं। जिला अस्पताल और फूल मंडी के सामने सरेराह शराब पीने का एक वीडियो सामने आया है। शुक्रवार को वायरल हुए इस वीडियो ने पुलिस प्रशासन की गश्त और दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि शराब की दुकान के पास सड़क किनारे लोग खुलेआम शराब पी रहे हैं। यह घटना जिला अस्पताल और फूल मंडी के ठीक सामने हुई, जो शहर के व्यस्ततम इलाकों में से एक है। इस स्थान से जिला अस्पताल आने-जाने वाले मरीज, फूल मंडी में खरीदारी करने वाली महिलाएं, युवतियां और अन्य नागरिक गुजरते हैं। खुलेआम शराब पीने की इस घटना से राहगीरों, खासकर महिलाओं को असहजता और असुरक्षा महसूस हो रही है। स्थानीय नागरिक इंदल मिश्रा ने इस घटना पर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन जैसे त्योहार के समय शहर के व्यस्त सार्वजनिक स्थलों पर ऐसा कृत्य चिंताजनक है। अस्पताल और मंडी जैसी संवेदनशील जगहों पर महिलाओं और बच्चों की आवाजाही रहती है। उन्होंने पुलिस से खुले में शराब पीने वालों पर तत्काल और सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। इस मामले में पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने वालों के खिलाफ समय-समय पर चेकिंग अभियान चलाकर वैधानिक कार्रवाई की जाती है। उन्होंने बताया कि वायरल वीडियो का संज्ञान लिया गया है और मामले की जांच के बाद अव्यवस्था फैलाने वालों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
गुरुग्राम जिले के मानेसर नगर निगम क्षेत्र में स्ट्रीट वेंडर्स को सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए 1 से 30 सितंबर तक विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। केंद्र सरकार के निर्देश पर पीएम स्वनिधि से समृद्धि योजना के तहत ये शिविर विभिन्न वार्डों के सामुदायिक केंद्रों, चौपालों और अन्य निर्धारित स्थानों पर लगेंगे। इन शिविरों में रेहड़ी, फेरी और पटरी बाजार लगाने वाले वेंडर्स को विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ा जाएगा। इसका उद्देश्य स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना है। नगर निगम के संयुक्त आयुक्त दर्शन यादव ने बताया कि शिविरों में स्ट्रीट वेंडर्स के लिए नए ऋण आवेदन स्वीकार किए जाएंगे, जिससे उन्हें अपने छोटे व्यवसाय को आगे बढ़ाने में आर्थिक सहायता मिल सकेगी। वेडिंग जोन में जगह देने की प्रक्रिया भी होगी इसके अतिरिक्त, पात्र वेंडर्स को वेंडिंग जोन में स्थान उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी इन शिविरों के माध्यम से की जाएगी। यादव ने यह भी बताया कि शिविर केवल ऋण सुविधा तक सीमित नहीं रहेंगे। केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न सामाजिक उत्थान एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी लोगों को दी जाएगी। पात्र लाभार्थियों को इन योजनाओं की पात्रता मानदंड,आवेदन प्रक्रिया और उनसे मिलने वाले लाभों के बारे में विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। नगर निगम के नगर परियोजना अधिकारी महेंद्र कुमार ने शिविरों का विस्तृत कार्यक्रम साझा किया। यहां लगाए जाएंगे शिविर 1 सितंबर को सेक्टर-8 स्थित नगर निगम कार्यालय में शिविर लगेगा। इसके बाद 2 सितंबर को कांकरौला, 3 सितंबर को भांगरौला,7 सितंबर को सेक्टर-8 नगर निगम कार्यालय,8 सितंबर को हयातपुर,9 सितंबर को नाहरपुर कासन,10 सितंबर को वजीरपुर में शिविर लगेंगे। इसके अलावा, 11 सितंबर को अलियर,14 सितंबर को नगर निगम कार्यालय, 15 सितंबर को गढ़ी हरसरू, 16 सितंबर को खोह, 17 सितंबर को बांस कुसला, 18 सितंबर को कासन, 21 सितंबर को नगर निगम कार्यालय, 22 सितंबर को सिकंदरपुर, 24 सितंबर को बढ़ा, 25 सितंबर को भांगरौला, 28 सितंबर को नगर निगम कार्यालय, 29 सितंबर को नवादा फतेहपुर और 30 सितंबर को गढ़ी हरसरू में शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों के माध्यम से स्ट्रीट वेंडर्स को ऋण के साथ-साथ विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए एक ही स्थान पर आवश्यक जानकारी और सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
अशोकनगर जिला जेल में रक्षाबंधन पर्व पर शुक्रवार को बंदियों की बहनों के लिए विशेष खुली मुलाकात की व्यवस्था की गई। जेल प्रशासन के निर्देशानुसार, बहनों ने अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधी और तिलक लगाकर उनकी लंबी उम्र की कामना की। इस दौरान कई भाई-बहन भावुक दिखे। जेल में कुल 215 कैदी हैं, जिनमें 9 महिलाएं भी शामिल हैं। जेल अधीक्षक ललित सिंह दीक्षित ने बताया कि रक्षाबंधन के दिन ही प्रत्यक्ष मुलाकात की अनुमति दी गई थी। मुलाकात का समय सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक और फिर दोपहर 2 बजे तक निर्धारित किया गया था। प्रत्येक बंदी को राखी बंधवाने और प्रसाद ग्रहण करने के लिए 10 मिनट का समय दिया गया। जेल प्रशासन ने पूजा की थाली उपलब्ध करवाईपुरुष बंदियों से राखी बंधवाने के लिए परिवार की अधिकतम तीन महिला सदस्यों और उनके साथ आने वाले 6 वर्ष तक के बच्चों को प्रवेश की अनुमति थी। महिलाओं को फोटोयुक्त पहचान पत्र की मूल प्रति और एक छायाप्रति साथ लाने के निर्देश दिए गए थे। जेल प्रशासन की ओर से राखी बांधने के लिए पूजा की थाली में हल्दी, कुमकुम और चावल की व्यवस्था की गई थी। बहनें अपने साथ 250 ग्राम तक मिठाई और दो नग मौसमी फल भी ले जा सकीं। सुरक्षा के मद्देनजर, मोबाइल, पैसे, हथियार और नशीले पदार्थ सहित अन्य प्रतिबंधित वस्तुओं को जेल परिसर में ले जाने पर रोक थी। महिला जेलकर्मियों द्वारा तलाशी के बाद ही आगंतुकों को प्रवेश दिया गया। इस अवसर पर जेल में भाई-बहन के रिश्ते की झलक देखने को मिली। बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उन्हें जल्द सामान्य जीवन में लौटने और बेहतर भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
कटनी में आबकारी विभाग की अवैध शराब पर कार्रवाई:27 हजार की 260 पाव देशी शराब जब्त, आरोपी गिरफ्तार
कटनी जिले में आबकारी विभाग ने अवैध मदिरा के निर्माण, विक्रय और परिवहन पर अंकुश लगाने के लिए बड़ी कार्रवाई की है। शुक्रवार को एक आवासीय मकान से 27 हजार रुपये से अधिक कीमत की 260 पाव देशी मदिरा मसाला जब्त की गई। यह कार्रवाई सीएम हेल्पलाइन पर मिली शिकायत के आधार पर की गई। आबकारी नियंत्रण कक्ष प्रभारी मंशा राम उइके के नेतृत्व में गठित टीम ने बाल गंगाधर तिलक वार्ड, इंद्रानगर स्थित गली नंबर-06 में आशीष गुप्ता (28 वर्ष) के रिहायशी मकान की विधिवत तलाशी ली। तलाशी के दौरान, मकान से दो प्लास्टिक कैरेट में रखी 260 पाव देशी मदिरा मसाला बरामद हुई। प्रत्येक पाव 180 एमएल का था, जिसकी कुल मात्रा 46.8 बल्क लीटर है। आबकारी अमले ने मदिरा को नियमानुसार जब्त कर लिया। आरोपी आशीष गुप्ता के विरुद्ध मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 (संशोधित 2000) की धारा 34(1)(क) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। मामले की आगे की विवेचना जारी है।
प्रयागराज में रक्षाबंधन पर तेज बारिश शुरू:चार जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी; आज सावन का अंतिम दिन
प्रयागराज में रक्षाबंधन के दिन मौसम ने अचानक करवट ली। सुबह से आसमान में बादल छाए रहे और उमस से लोग परेशान थे। इसके बाद दोपहर करीब 12:30 बजे तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश के कारण सड़कों पर निकले लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। राखी बंधवाने जा रहे लोग बारिश में भीगते नजर आए, जिससे उनकी यात्रा बाधित हुई। मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वी उत्तर प्रदेश में शुक्रवार को बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां जारी हैं। विभाग ने प्रयागराज, जौनपुर, कौशांबी और प्रतापगढ़ के कुछ इलाकों में अगले तीन घंटे के दौरान हल्की से मध्यम बारिश के साथ बिजली कड़कने और आंधी-तूफान की प्रबल संभावना जताई है। इसे देखते हुए इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। बारिश से पहले प्रयागराज में उमस का असर काफी अधिक था। भारत मौसम विज्ञान विभाग के स्थानीय आंकड़ों के अनुसार, 27 अगस्त को अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। सुबह 8:30 बजे सापेक्षिक आर्द्रता 90 प्रतिशत थी, जो शाम 5:30 बजे तक 98 प्रतिशत तक पहुंच गई थी। 28 अगस्त के लिए प्रयागराज में अधिकतम तापमान लगभग 32 डिग्री और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस रहने का पूर्वानुमान है। बारिश के साथ तापमान में गिरावट से उमस से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, बादलों और नमी के कारण मौसम पूरी तरह साफ होने की संभावना कम है। मौसम विभाग ने पूर्वी उत्तर प्रदेश में आज गरज-चमक के साथ भारी बारिश की चेतावनी दी है। यह भी उल्लेखनीय है कि आज सावन मास का अंतिम दिन है। सावन के समापन पर संगमनगरी में श्रद्धालुओं की आवाजाही के बीच मौसम में यह बदलाव आया है। रक्षाबंधन और सावन के अंतिम दिन हुई बारिश ने जहां गर्मी और उमस से राहत दी, वहीं अचानक हुई तेज बारिश ने लोगों की राह भी मुश्किल कर दी।
सासाराम: 'पुलिस दीदी' (अभया ब्रिगेड) को मिलीं 20 स्कूटी, शिक्षण संस्थानों की होगी सुरक्षा
28 शुक्रवार, गस्त:रोहतास पुलिस को गश्ती व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए 20 नई स्कूटी मिली हैं।इनका उपयोग ‘पुलिस दीदी’(अभया ब्रिगेड)द्वारा शिक्षण संस्थानों और संवेदनशील इलाकों की निगरानी के लिए किया जाएगा। इस पहल से महिला पुलिसकर्मियों को छात्राओं और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने में काफी मदद मिलेगी।
बस्ती जिला जेल में रक्षा बंधन के पावन पर्व पर बहनों ने अपने बंदी भाइयों से मुलाकात की। बड़ी संख्या में महिलाएं अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधने जेल पहुंचीं। जेल प्रशासन ने इस विशेष मुलाकात के लिए निर्धारित व्यवस्थाएं की थीं। जेल अधीक्षक राजेंद्र सिंह ने बताया कि शुक्रवार सुबह लगभग 9:30 बजे से रक्षा बंधन की मुलाकातें शुरू हुईं। दोपहर तक तीसरी शिफ्ट की मुलाकात जारी थी। कुल 117 महिलाओं ने अपने बंदी भाइयों से मुलाकात कर राखी बांधी। मुलाकात के लिए आने वाली महिलाओं की आवश्यक जांच प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्हें मुलाकात स्थल पर भेजा गया। रक्षा बंधन के अवसर पर बहनों को अपने साथ मिठाई लाने की भी अनुमति दी गई थी। जेल प्रशासन ने प्रति मुलाकात अधिकतम 250 ग्राम मिठाई लाने की इजाजत दी। जेल में प्रवेश से पहले मिठाई की सुरक्षा जांच की गई, जिसमें उसे चखाकर परखा गया। इस प्रक्रिया के बाद ही संबंधित महिला को मुलाकात स्थल पर भेजा गया। जेल अधीक्षक ने आगे बताया कि अब तक मुख्य रूप से बस्ती जिले की महिलाएं ही अपने भाइयों से मिलने पहुंची हैं। बाहरी जिलों के बंदियों के परिजनों के आने पर उन्हें भी नियमानुसार मुलाकात की सुविधा प्रदान की जाएगी। महिलाओं की मुलाकात पूरी होने के बाद, जेल में बंद पुरुष बंदियों को भी अपनी बहनों से मिलने का अवसर दिया जाएगा। इस तरह, जेल प्रशासन ने रक्षा बंधन के पावन पर्व पर बंदियों और उनके परिजनों के बीच भाई-बहन के स्नेह को बनाए रखने के लिए व्यापक व्यवस्थाएं कीं।
डीग जिला कारागार में शुक्रवार को रक्षाबंधन का पर्व मनाया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में बंदियों के परिजन कारागार पहुंचे। बहनों ने अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर भाई-बहन के पवित्र प्रेम का यह पर्व मनाया। परिजनों के आगमन से कारागार परिसर में आत्मीय माहौल देखा गया। लंबे समय बाद अपनों से मुलाकात कर कई बंदी भावुक हो गए। वहीं, अपने भाइयों से मिलने पहुंचीं कई बहनें भी अपनी भावनाओं पर नियंत्रण नहीं रख सकीं और उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। इस मिलन ने पूरे वातावरण को भावुक बना दिया। रक्षाबंधन के अवसर ने बंदियों को परिवार के स्नेह और रिश्तों की अहमियत का एहसास कराया। इस दौरान उन्हें अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का अवसर भी मिला। रक्षाबंधन के दौरान महिला परिजनों की सुरक्षा और तलाशी व्यवस्था के लिए पुलिस प्रशासन ने विशेष इंतजाम किए। एसपी डीग के निर्देश पर चार महिला पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई थी। इसके अतिरिक्त आरएसी जाप्ता प्रभारी गिरधारी और मुख्य प्रहरी राजेंद्र सहित आरएसी एवं जेल स्टाफ भी मौजूद रहा। सुरक्षा और व्यवस्थाओं की कड़ी निगरानी के चलते पर्व का आयोजन शांतिपूर्ण एवं सुचारू रूप से संपन्न हुआ। जेलर एवं कार्यवाहक उपाधीक्षक विकास बागोरिया ने सभी व्यवस्थाओं का जायजा लिया और रक्षाबंधन पर्व को सकुशल संपन्न कराया। इस दौरान कारागार परिसर में भाई-बहन के रिश्ते की आत्मीयता और पारिवारिक स्नेह के दृश्य देखने को मिले।
चौमूं-रींगस रोड स्थित आमलियों के पास शुक्रवार को चलती इलेक्ट्रिक स्कूटी में अचानक आग लग गई। स्कूटी से पहले धुआं उठता देखकर सवार हाडौता निवासी विकास यादव ने समय रहते वाहन से छलांग लगा दी। कुछ ही देर में आग की लपटें तेज हो गईं और स्कूटी के साथ उसमें रखा डिलीवरी का सामान भी पूरी तरह जलकर खाक हो गया। सवार के समय रहते नीचे उतर जाने से बड़ा हादसा टल गया। धुआं उठते ही स्कूटी छोड़ी जानकारी के अनुसार विकास यादव पार्सल डिलीवरी का काम करते हैं। रींगस रोड पर आमलियों के पास स्कूटी चलाते समय अचानक उसमें से धुआं उठने लगा। स्थिति भांपते हुए उन्होंने तुरंत स्कूटी रोकने का प्रयास किया और वाहन से कूदकर दूर हो गए। देखते ही देखते स्कूटी आग की लपटों में घिर गई। सड़क पर जमा हुई लोगों की भीड़ चलती स्कूटी में आग लगने की घटना से सड़क पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आग की लपटें देखकर आसपास के लोग मौके पर जुट गए। देखते ही देखते इलेक्ट्रिक स्कूटी पूरी तरह जल गई। दमकल ने मशक्कत के बाद बुझाई आग घटना की सूचना मिलने पर चौमूं अग्निशमन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। दमकलकर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग बुझने के बाद स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली। शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका चौमूं अग्निशमन अधिकारी जयकुमार जांगिड़ ने बताया कि प्रारंभिक तौर पर इलेक्ट्रिक स्कूटी में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगना सामने आया है। हादसे में स्कूटी और डिलीवरी का सामान पूरी तरह जलकर खाक हो गया। वहीं, सूचना पर चौमूं थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची और घटना की जांच-पड़ताल की। आग के वास्तविक कारणों को लेकर विस्तृत जांच की जा रही है।
कानपुर में जाजमऊ-रामादेवी सर्विसलेन पर शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे सड़क का बड़ा हिस्सा अचानक धंस गया। करीब 5 मीटर लंबाई और 4 फीट गहराई तक सड़क धंसने से मौके पर हड़कंप मच गया। गनीमत रही कि हादसे के समय कोई वाहन या राहगीर इसकी चपेट में नहीं आया। सड़क धंसने के बाद स्थानीय लोगों ने आसपास पेड़ लगाकर रास्ते को घेर दिया, ताकि कोई वाहन या राहगीर गड्ढे में न गिर जाए। यह मार्ग रोजाना हजारों वाहनों के आवागमन का प्रमुख रास्ता है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, करीब एक महीने पहले बिजली विभाग ने 33 किलोवॉट की लाइन बिछाने के लिए यहां करीब 6 फीट गहरा गड्ढा खोदा था। आरोप है कि काम पूरा होने के बाद गड्ढे को ठीक से नहीं भरा गया। इसके बाद लगातार हुई बारिश का पानी फ्लाईओवर के नीचे जमा होकर इसी जगह पहुंचता रहा। पानी के दबाव और मिट्टी के कटाव से सड़क अंदर से खोखली होती चली गई। शुक्रवार को अचानक सड़क का हिस्सा धंस गया। जाजमऊ में पहले से 18 फीट गहरा गड्ढा जाजमऊ क्षेत्र में सड़क धंसने की यह पहली घटना नहीं है। वीआईपी रोड स्थित सरैया चौराहे पर पहले से करीब 18 फीट गहरा और 5 मीटर चौड़ा गड्ढा बना हुआ है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, वहां अब तक मरम्मत का काम शुरू नहीं हुआ है। इससे लोगों में नाराजगी है। स्थानीय निवासी प्रवीण गुप्ता, हरमिंदर सिंह और पीयूष कुमार ने बताया कि फ्लाईओवर के नीचे कई परिवार रहते हैं। यहां दर्जनों बच्चे रोजाना खेलते हैं। आसपास पहले से कई गड्ढों में बारिश का पानी भरा है और अब सड़क का हिस्सा धंसने से खतरा और बढ़ गया है। लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से तत्काल सड़क की मरम्मत कराने और गड्ढे को सुरक्षित तरीके से भरने की मांग की है।
आज मैं बहन कंगना को फोन करूंगा; 'जवानी-चमगादर' विवाद के बीच स्वामी रामदेव ने की बड़ी पहल
बाबा रामदेव न कंगना रनौत को बहन बताते हुए शगुन के तौर पर मिठाई भेजी है। वहीं कंगना रनौत ने भी उन्हें बड़ा भाई बताते हुए मिठाई स्वीकार कर ली है।
भीलवाड़ा की साइबर थाना पुलिस ने 23 साल से फरार चल रहे 10 हजार रुपए के इनामी आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की गिरफ्तारी साइबर टीम की मदद से जोधपुर से की गई। मामला साल 2003 में प्रताप नगर थाना क्षेत्र में 2500 किलो अवैध डोडा चूरा से भरे लावारिस ट्रक मिलने से जुड़ा है। पुलिस ने आरोपी की मोबाइल डिटेल और टेक्निकल डेटा के आधार पर उसकी तलाश पूरी की। यह था मामला प्रताप नगर थाना प्रभारी सुनील ताडा ने बताया कि साल 2003 में प्रताप नगर थाना क्षेत्र में 2500 किलो अवैध डोडा चूरा से भरा एक ट्रक लावारिस हालत में मिला था। ट्रक मिलने के बाद पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट में मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। जांच के दौरान जोधपुर जिले के सांवर में रहने वाले देवाराम विश्नोई पुत्र मानाराम विश्नोई की भूमिका सामने आई थी। 23 साल से गिरफ्तारी से बच रहा था पुलिस के अनुसार आरोपी देवाराम गिरफ्तारी से बचने के लिए पिछले 23 साल से फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी के लिए एसपी की ओर से 10 हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया गया था। आरोपी लंबे समय से फरार होने के कारण पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। मोबाइल डिटेल और टेक्निकल डेटा से पकड़ा आरोपी की तलाश में साइबर थाना पुलिस की टीम की मदद ली गई। साइबर पुलिस ने आरोपी की मोबाइल डिटेल और टेक्निकल डेटा के आधार पर उसकी लोकेशन और गतिविधियों की जानकारी जुटाई। इसके बाद पुलिस ने देवाराम को जोधपुर से गिरफ्तार कर लिया। ये पुलिसकर्मी टीम में शामिल रहे आरोपी को पकड़ने गई टीम में प्रताप नगर थाना प्रभारी सुनील ताडा, एएसआई आशीष कुमार, हेड कॉन्स्टेबल दीपक, चंद्रपाल, किशोर और कॉन्स्टेबल पिंटू शामिल रहे।
बीकानेर नगर निगम चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने लगी हैं, लेकिन चुनाव प्रचार सामग्री के बाजार में अभी अपेक्षित रौनक नहीं आई है। झंडे, बिल्ले, बैनर और दुपट्टे सहित प्रचार में इस्तेमाल होने वाली सामग्री बाजार में पहुंच चुकी है, लेकिन बिक्री फिलहाल सीमित है। दुकानदारों के अनुसार कांग्रेस और भाजपा के प्रत्याशियों की दावेदारी तय होने के बाद प्रचार सामग्री की बिक्री में तेजी आने की उम्मीद है। निर्दलीय उम्मीदवार अभी कर रहे ज्यादा खरीदारी फिलहाल निर्दलीय उम्मीदवार और उनके समर्थक प्रचार सामग्री की खरीदारी में आगे हैं। कुछ निर्दलीय उम्मीदवार सिर्फ झंडे, बिल्ले और दुपट्टे पर करीब 30 से 35 हजार रुपए तक खर्च कर रहे हैं। वहीं पार्टी प्रत्याशी या बड़े प्रभावशाली उम्मीदवार बेहतर क्वालिटी की सामग्री लेते हैं तो यह खर्च 70 हजार से एक लाख रुपए तक पहुंच सकता है। इसके अलावा पेम्पलेट और फ्लेक्स का खर्च अलग होता है। ऐसे में कुछ उम्मीदवार प्रचार सामग्री की खरीद में ही एक से दो लाख रुपए तक खर्च कर सकते हैं। भाजपा कार्यालय पहुंच चुकी प्रचार सामग्री भारतीय जनता पार्टी कार्यालय में चुनाव प्रचार की सामग्री पहुंच चुकी है। पार्टी की ओर से प्रत्याशी तय होने के बाद उम्मीदवारों को तय मात्रा में प्रचार सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। इसके बाद अतिरिक्त प्रचार सामग्री की व्यवस्था उम्मीदवारों को स्वयं करनी होगी। कांग्रेस की ओर से भी शहर और देहात इकाई को प्रचार सामग्री उपलब्ध कराई गई है। पार्टी की ओर से टिकट मिलने के बाद संबंधित उम्मीदवारों को प्रचार सामग्री का वितरण किया जाएगा। ऐसे में दोनों प्रमुख दलों के प्रत्याशियों की घोषणा के साथ ही प्रचार सामग्री के बाजार में मांग बढ़ने की संभावना है। रेट पिछले विधानसभा चुनाव जैसे ही हैं कीर्ति स्तम्भ के पास प्रचार सामग्री बेच रहे अश्विनी सिंह बताते हैं कि प्रचार सामग्री की कीमतों में फिलहाल ज्यादा बढ़ोतरी नहीं हुई है। दुकानदारों के अनुसार पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान जो रेट थे, लगभग उन्हीं दरों पर इस बार भी सामग्री उपलब्ध है। अधिकांश दुकानदारों के पास पिछले चुनाव का बचा हुआ सामान भी है, जिसे इस चुनाव में बेचा जा रहा है। 3 रुपए से शुरू झंडे, 300 रुपए तक के दुपट्टे बीकानेर में राजनीतिक दलों के सबसे छोटे झंडे की कीमत करीब 3 रुपए से शुरू हो रही है। इसके अलावा 5 रुपए, 10 रुपए और 50 रुपए तक के झंडे उपलब्ध हैं। गले में डालने वाले दुपट्टे भी 3 रुपए से शुरू होकर 300 रुपए तक के हैं। इनकी कीमत कपड़े की क्वालिटी और डिजाइन पर निर्भर करती है। दुकानदारों का कहना है कि अभी बाजार में प्रचार सामग्री उपलब्ध है, लेकिन बड़ी संख्या में ऑर्डर नहीं आ रहे हैं। कांग्रेस और भाजपा की ओर से प्रत्याशियों की स्थिति स्पष्ट होने के बाद झंडे, बिल्ले, दुपट्टे, बैनर, पेम्पलेट और फ्लेक्स की मांग तेजी से बढ़ने की उम्मीद है।
जिला जेल रूपनगर में रक्षाबंधन का त्योहार भाई-बहन के प्रेम और भावनाओं के बीच मनाया गया। इस दौरान जेल में बंद कैदियों से मिलने पहुंचीं उनकी बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधी और उनके सुखी जीवन की कामना की। जेल प्रशासन की ओर से इस विशेष मुलाकात के लिए सुरक्षा के साथ जरूरी इंतजाम किए गए थे। जेल अधीक्षक बोले- समान्य दिनों में इस तरह की मुलाकात संभव नहीं जेल अधीक्षक हरजोत सिंह कलेर ने बताया कि सामान्य दिनों में इस तरह की मुलाकात संभव नहीं होती। रक्षाबंधन को देखते हुए कैदियों की बहनों के लिए विशेष मुलाकात की व्यवस्था की गई। जेल परिसर में राखियों और मिठाइयों का भी इंतजाम किया गया, ताकि बहनों को परेशानी न हो। विशेष मुलाकात का सिलसिला सुबह 8 बजे से शाम 6 बजे तक जारी रहा। अधीक्षक के अनुसार, इस बार करीब 500 से 600 राखियां बांधे जाने की उम्मीद है। कई बहनें भाइयों से मिलकर भावुक हो गईं। भाइयों ने भी बहनों को उनकी रक्षा का भरोसा दिलाया।
पलामू के नावाबाजार थाना क्षेत्र में शुक्रवार को एक सड़क हादसे में 28 वर्षीय महिला की मौत हो गई। इस दुर्घटना में महिला का पति गंभीर रूप से घायल हो गया। महिला की पहचान छतरपुर थाना क्षेत्र के सीलदाग गांव निवासी आरती कुमारी के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, आरती कुमारी अपने पति रंगीला सिंह के साथ अपने मायके बरवाडीह जा रही थीं ताकि अपने भाई को राखी बांध सकें। दोनों बाइक से निकले थे। नावाबाजार थाना से कुछ ही दूरी पर उनकी बाइक अचानक अनियंत्रित होकर सड़क पर गिर गई। इस हादसे में आरती और रंगीला दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने नावाबाजार थाना पुलिस को सूचना दी। पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को एमएमसीएच अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में जांच के बाद चिकित्सकों ने आरती कुमारी को मृत घोषित कर दिया। घायल रंगीला सिंह का इलाज जारी है। आरती की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में मातम पसर गया। पुलिस ने शव को कब्जे में पोस्टमार्टम कराया।
UP Floods: फर्रुखाबाद में गंगा के उफान से 81 गांव में बाढ़, चार मकान छोड़ पूरा गांव साफ
फर्रुखाबाद में गंगा के कहर से अब तक 50 घर समा चुके हैं। परिषदीय स्कूल भी बाढ़ के पानी में डूबने की कगार पर पहुंच गया हैं। बाढ़ से घिरे कटरी धर्मपुर में फंसे लोगों को नाव और मोटर बोट से सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया। विलावलपुर मार्ग पर बाढ़ के पानी के बीच बैलगाड़ी से निकले लोग।
ग्वालियर के पुरानी छावनी थाना क्षेत्र के कृष्णा नगर (मोती झील) में महिला की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने 11 दिन बाद पड़ोसी दंपती के खिलाफ केस दर्ज किया है। आरोप है कि पड़ोसी ने महिला से फोन पर हुई बातचीत रिकॉर्ड की और उसकी पत्नी ने उसे घर के बाहर लाउडस्पीकर पर सार्वजनिक कर दिया। इससे बदनामी और मानसिक प्रताड़ना से आहत महिला ने जहरीला पदार्थ खा लिया था। मृतका ममता यादव (32) के पति रामहेत सिंह यादव फल मंडी में मजदूरी करते हैं। पुलिस की मर्ग जांच और साक्षियों के बयान में सामने आया कि ममता पड़ोसी सुरेंद्र यादव से फोन पर बातचीत करती थी। सुरेंद्र ने कथित तौर पर उसकी बातचीत रिकॉर्ड कर ली थी। यह रिकॉर्डिंग उसकी पत्नी रेखा यादव के हाथ लगी। घर के बाहर लाउडस्पीकर पर बजाई रिकॉर्डिंग पुलिस के मुताबिक 16 अगस्त को रेखा यादव ने घर के बाहर बड़ा लाउडस्पीकर लगाकर ममता और सुरेंद्र के बीच हुई बातचीत सार्वजनिक रूप से सुनाई। इससे ममता को गांव-मोहल्ले में बदनामी का सामना करना पड़ा। जांच में सामने आया कि घटना के बाद लोग बातचीत की रिकॉर्डिंग को लेकर चर्चा करने लगे थे, जिससे वह मानसिक रूप से परेशान थी। 17 अगस्त को पति के काम पर जाने के बाद ममता ने घर में रखा जहरीला पदार्थ खा लिया। शाम को पति घर लौटे तो वह बेहोशी की हालत में मिली। उसे इलाज के लिए जयारोग्य अस्पताल के पॉइजन वार्ड में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मौत से पहले पति को बताई थी पूरी बात पुलिस के अनुसार मौत से पहले ममता ने पति को उसके साथ हुई पूरी घटना बताई थी। इसके बाद पति की शिकायत, मर्ग जांच और साक्षियों के बयानों के आधार पर पुलिस ने सुरेंद्र यादव और रेखा यादव के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की धारा में केस दर्ज किया है। पुरानी छावनी थाना प्रभारी डॉ. संतोष यादव ने बताया कि जांच के आधार पर आरोपी दंपती के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया है। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम दबिश दे रही है।
गयाजी में 12 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक मामलों का निपटारा करके त्वरित न्याय दिलाना है। इस संबंध में जिला जज राकेश सिंह ने पीसी में जानकारी दी और पूरे प्रशासनिक खाके को साझा किया। जिला जज राकेश सिंह ने बताया कि 25 अगस्त को पदभार ग्रहण किया था। योगदान देने के दिन से ही सचिव के साथ विशेष बातचीत कर आगामी लोक अदालत की रणनीति पर काम शुरू कर दिया गया था। हमारा प्रयास है कि लोक अदालत के लिए बेहतर से बेहतर तैयारी की जाए। इससे अधिक से अधिक मुकदमों का निपटारा संभव हो सकेगा। इन मामलों का होगा निष्पादन जिला जज ने बताया कि कि लोक अदालत के माध्यम से विभिन्न प्रकार के कंपाउंडेबल मामलों का समाधान किया जाएगा। इसमें आपराधिक कम्पाउंडेबल मामले, लेबर लॉ, फॉरेस्ट, वेट एंड मेजरमेंट, चालान, एमएसीटी (दुर्घटना दावा), इंश्योरेंस और बैंकिंग सेक्टर से जुड़े विवाद प्रमुख हैं। इसके अलावा अन्य कई सुलह योग्य मामलों की भी सुनवाई होगी। इन मामलों के जल्द निपटारे से आम जनता को कोर्ट-कचहरी के चक्कर से राहत मिलेगी। मुकदमों को चिह्नित किया जा रहा है जिला जज ने बताया कि तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए अधिकारियों और संबंधित विभागों के साथ लगातार बैठकें की जा रही हैं। बताया कि सेक्रेटरी साहब और अन्य न्यायिक अधिकारियों के साथ मिलकर विभिन्न काउंटरपार्ट्स को दिशा-निर्देश दिए गए हैं। इंश्योरेंस, बैंकिंग, फॉरेस्ट, लेबर और वेट एंड मेजरमेंट विभाग के अधिकारियों के साथ बातचीत कर मुकदमों को चिह्नित किया जा रहा है। प्री-सिटिंग के जरिए दोनों पक्षों की सहमति से मामलों की फाइलें तैयार की जा रही हैं। यदि पक्षकार राजी होते हैं, तो वे लोक अदालत से पहले भी कंपाउंडिंग फीस जमा कर मामला समाप्त करा सकते हैं। बिजली और चालान के मामलों पर विशेष ध्यानगयाजी में बिजली मामलों के लिए विशेष न्यायालय और विशेष पीठासीन अधिकारी कार्यरत हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए जिला जज ने स्पेशल जज (ADJ) और बिजली बोर्ड के DGM के साथ विशेष बैठक की। निर्देश दिए गए हैं कि बिजली से संबंधित मामलों में नोटिस जारी कर पक्षकारों को सूचित किया जाए।चालान और बिजली से जुड़े मुकदमों के लिए विशेष सहूलियत दी गई है। लोग लोक अदालत के दिन या उससे पहले अपनी शमन राशि जमा कर सकते हैं। काउंटर और फीस जमा करने की व्यवस्थाचालान के मामलों में सहूलियत के लिए DTO ऑफिस और जिला विधिक सेवा प्राधिकार कार्यालय में विशेष काउंटर खोलने की व्यवस्था की गई है। जिला जज राकेश सिंह ने आम लोगों से अपील की है कि वे इस अवसर का लाभ उठाएं। लोक अदालत के दिन या उससे पहले संबंधित बेंच में उपस्थित होकर अपने वादों का स्थायी निपटारा कराएं।
पूर्णिया में रक्षाबंधन पर सीमा सशस्त्र बल (एसएसबी) मुख्यालय में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान विभिन्न स्कूलों की छात्राओं ने ड्यूटी पर तैनात जवानों को राखी बांधी। छात्राओं ने दीर्घायु और सुरक्षित जीवन की कामना की। एसएसबी मुख्यालय पूर्णिया में आयोजित इस कार्यक्रम में उन जवानों को सम्मानित किया गया जो अपने घरों और परिवारों से मीलों दूर रहकर देश की सेवा कर रहे हैं। एसएसबी पूर्णिया के कमांडेंट जनार्दन मिश्रा ने कहा कि रक्षाबंधन भाई-बहन के प्रेम और विश्वास का अटूट बंधन है। स्कूली बच्चों के साथ इस त्योहार को मनाना बेहद सुखद और उत्साहवर्धक रहा। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि ड्यूटी पर तैनात होने के बावजूद जब बच्चे यहां आकर राखी बांधते हैं, तो घर और कार्यक्षेत्र में कोई अंतर महसूस नहीं होता, बल्कि एक अलग ही खुशी मिलती है। उन्होंने संदेश देते हुए कहा कि इसी तरह हर परिवार, भाई-बहन का प्रेम और अटूट रिश्ता हमेशा बना रहे। घर से दूर हैं, लेकिन इन बच्चों ने खुशियां ला दीपश्चिम बंगाल की रहने वाली एसएसबी की महिला जवान मलिना दास ने कहा कि घर से दूर रहने के कारण वे अपने भाइयों को राखी बांधने घर नहीं जा सकीं, लेकिन एसएसबी कैंप में आए स्कूली बच्चों ने सभी जवानों और अधिकारियों को राखी बांधकर घर की कमी को पूरा कर दिया। इस अपनत्व और सम्मान के लिए उन्होंने सभी बच्चों का धन्यवाद किया।कक्षा 5 की छात्रा आशियाना खातून ने जवानों को राखी बांधने के बाद अपनी खुशी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन भाई-बहन का बहुत पावन पर्व है, जहां बहन भाई को राखी बांधती है और भाई जीवनभर उसकी रक्षा-सम्मान का वचन देता है। एसएसबी के जवानों के बीच आकर उन्हें राखी बांधना और उनका आशीर्वाद पाना बेहद गर्व और खुशी का अनुभव रहा। राखी सुरक्षा का प्रतीकरक्षाबंधन का पर्व केवल कलाई पर धागा बांधने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सुरक्षा, त्याग, समर्पण और परस्पर विश्वास का प्रतीक है। जब यह रक्षासूत्र सरहद और आंतरिक सुरक्षा में तैनात जवानों की कलाई पर बंधता है, तो इसका महत्व और व्यापक हो जाता है। यह पर्व याद दिलाता है कि एक सैनिक पूरे देश की रक्षा का दायित्व निभाता है और समाज का भी यह कर्तव्य है कि वह उनके त्याग का सम्मान कर उन्हें अपने परिवार का हिस्सा माने।
भिवानी पुलिस ने बस यात्रा के दौरान चोरी हुए सोने के टॉप्स बरामद किए हैं। इस मामले में पुलिस ने एक महिला आरोपी को गिरफ्तार किया है। जानकारी के अनुसार, नीलम पत्नी सुमित, निवासी सेहर, जिला भिवानी ने लोहारू थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि रोहतक से लोहारू की बस यात्रा के दौरान एक अज्ञात महिला ने उनके बैग से सोने के एक जोड़ी टॉप्स और एक सिंगल टॉप चुरा लिया। शिकायत के आधार पर लोहारू थाने में 27 अगस्त 2026 को धारा 305 बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया और जांच शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी राजो देवी निवासी झाझड़ा टोडा, तहसील लोहारू को गिरफ्तार किया। आरोपी महिला की निशानदेही पर चोरी किए गए सोने के टॉप्स बरामद किए गए। पुलिस ने मालखाने में जमा कराए बरामद जेवर बरामद किए गए जेवरात का कुल वजन 4.520 ग्राम है। इन सोने के जेवरात को सील किया गया और पुलिस की मुहर लगाकर मालखाने में जमा करवाया गया। थाना प्रभारी सत्यनारायण ने बताया कि शिकायत मिलते ही तुरंत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी राजो देवी को गिरफ्तार कर लगभग 4.520 ग्राम वजन के सोने के टॉप्स बरामद किए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि लोहारू पुलिस अपराध करने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी रखेगी और किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
28 शुक्रवार,अगस्त:भोजपुर जिले के आरा नवादा थाना क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से पुलिस ने फ्लैग मार्च व सघन जांच अभियान चलाया। पुलिस टीम ने आरा रेलवे स्टेशन और अन्य प्रमुख स्थलों का निरीक्षण किया, संदिग्धों की तलाशी ली और यात्रियों व स्थानीय लोगों को सुरक्षा का भरोसा दिलाया
लोहरदगा में बाईपास सड़क निर्माण एजेंसी के साइट पर धावा बोलकर दो अज्ञात अपराधियों ने आगजनी की और गार्ड को गोली मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। घटना लोहरदगा सदर थाना क्षेत्र के कैमो महुआ टोली की है।
मुजफ्फरनगर में सड़क हादसे में दो मासूमों की मौत:डिवाइडर से टकराई कार, दंपति समेत तीन लोग गंभीर घायल
मुजफ्फरनगर के जानसठ थाना क्षेत्र के गांव कव्वाल के पास शुक्रवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में दो बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दंपति और उनके बेटे समेत परिवार के तीन सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा मुजफ्फरनगर जाते समय अनियंत्रित होकर वाहन के सड़क के डिवाइडर से टकराने के कारण हुआ। जानकारी के अनुसार, कुलदीप पुत्र कंवरपाल अपने परिवार के साथ कार से मुजफ्फरनगर की ओर जा रहे थे। जैसे ही उनका वाहन कव्वाल गांव के पास पहुंचा, अचानक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि वाहन के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार सभी लोग अंदर ही फंस गए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। मौके पर पहुंची पुलिस, घायलों को भेजा अस्पताल सूचना मिलते ही कव्वाल पुलिस चौकी प्रभारी प्रमोद कुमार पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को काफी मशक्कत के बाद वाहन से बाहर निकाला और तत्काल उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) जानसठ में भर्ती कराया। परिवार में मचा कोहराम हादसे में कुलदीप, उनकी पत्नी राखी और बेटा कुलबीर गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिनका इलाज जारी है। वहीं, कार में सवार दो मासूम बच्चों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। बच्चों की मौत की खबर से परिजनों में कोहराम मच गया और अस्पताल पहुंचे रिश्तेदारों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने दोनों बच्चों के शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। हादसे के कारण कुछ समय के लिए मार्ग पर अफरा-तफरी का माहौल रहा, जिसे पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और क्षतिग्रस्त वाहन को हटाकर यातायात सुचारु कराया।
झाबुआ जेल में बंद भाई को राखी बांधने पहुंची बहनें:छलके आंसू, मेटल डिटेक्टर से जांच के बाद प्रवेश
झाबुआ जिला जेल में शुक्रवार को रक्षाबंधन पर्व मनाया गया। इस अवसर पर विभिन्न मामलों में बंद अपने भाइयों से मिलने और राखी बांधने के लिए सुबह 8 बजे से ही जेल के बाहर बहनों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। जेल के भीतर भाई-बहनों के बीच भावनात्मक मुलाकातें हुईं। दोनों के आंसू छलक गए। पर्व की गरिमा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिला जेल प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए थे। जेल के बाहर परिजनों के बैठने के लिए टेंट लगाए गए थे, साथ ही पूजन सामग्री और शुद्ध पेयजल की व्यवस्था भी की गई थी। जेल में प्रवेश के लिए सुरक्षा जांच अनिवार्य थी, जिसमें मेटल डिटेक्टर से गुजरना और आधार कार्ड दिखाना शामिल था। जिला जेल के उप अधीक्षक सुजीत खरे ने बताया कि वरिष्ठ कार्यालयों के निर्देशों के अनुसार, बहनों को सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक जेल के भीतर जाकर पर्व मनाने की अनुमति दी गई थी। इस अवधि के दौरान 500 से अधिक बहनों ने अपने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधा। वर्तमान में जेल में कुल 280 कैदी बंद हैं। इस पूरे आयोजन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में जेल उप अधीक्षक सुजीत खरे, प्रमुख मुख्य प्रहरी भारत सिंह कनासिया और मिथिया मेहरा, प्रहरी संजय कनेर और मुकेश गड़रिया, राजाराम यादव, आरती वसुनिया, सुंदरी बघेल सहित अन्य सुरक्षा बल के जवानों ने मुस्तैदी से अपनी ड्यूटी निभाई।
पिकअप की टक्कर से युवक की मौत:डूंगरपुर-सीमलवाड़ा मुख्य मार्ग पर हादसा, एक गंभीर घायल मोडासा रेफर
चौरासी थाना क्षेत्र में डूंगरपुर-सीमलवाड़ा मुख्य मार्ग पर विकास नगर के पास पिकअप और बाइक की आमने-सामने टक्कर में एक युवक की मौत हो गई, जबकि उसका साथी गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को डूंगरपुर अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद गुजरात के मोडासा अस्पताल रेफर किया गया है। हादसा उस समय हुआ, जब बाइक सवार दोनों युवक डूंगरपुर से अपने गांव लौट रहे थे। घर लौट रहे थे चचेरे भाई चौरासी थाना पुलिस के अनुसार, मंडला उपली सांसरपुर निवासी सोहनलाल खराड़ी ने हादसे को लेकर रिपोर्ट दर्ज कराई है। रिपोर्ट में बताया कि उनके पुत्र कल्पेश और भतीजा मिथुन कुमार बाइक से डूंगरपुर से अपने घर लौट रहे थे। दोनों विकास नगर के पास डूंगरपुर-सीमलवाड़ा मुख्य मार्ग पर पहुंचे थे। गलत तरीके से ओवरटेक करने में भिड़ी पिकअप पुलिस को दी रिपोर्ट के अनुसार, इसी दौरान सामने से आ रही पिकअप के ड्राइवर ने तेज गति और लापरवाही से वाहन चलाते हुए गलत तरीके से ओवरटेक करने का प्रयास किया। इसी दौरान पिकअप बाइक से सीधी जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक सवार कल्पेश और मिथुन दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। राहगीरों ने दी परिजनों को सूचना हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। पीछे से आ रहे राकेश, नानूराम और अन्य लोगों ने घायलों को देखा और तुरंत उनके परिजनों को सूचना दी। इसके बाद 108 एंबुलेंस की मदद से दोनों को डूंगरपुर अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने कल्पेश को मृत घोषित किया अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद कल्पेश को मृत घोषित कर दिया। वहीं, मिथुन की हालत गंभीर होने पर उसे प्राथमिक उपचार के बाद गुजरात के मोडासा अस्पताल रेफर कर दिया गया, जहां उसका उपचार जारी है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा पुलिस ने कल्पेश के शव को डूंगरपुर अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया और पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी की। पुलिस ने मामला दर्ज कर हादसे की परिस्थितियों और पिकअप ड्राइवर की भूमिका की जांच शुरू कर दी है।
11 हजार वोल्ट का करंट लगने से भैंस की मौत:20 दिन पहले ही खरीदी थी; रोहतक बिजली निगम की लापरवाही
रोहतक के गांव मायना में 11 हजार वोल्ट का करंट लगने से एक भैंस की मौत हो गई। भैंस के मालिक ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए पुलिस को शिकायत दी। साथ ही भैंस की डॉक्टरी रिपोर्ट भी पुलिस को दी गई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर कार्रवाई शुरू कर दी। गांव मायना निवासी अनिल पुत्र साहब सिंह ने बताया कि उसका घर पहरावर रोड पर है। वहां एक ट्रांसफार्मर भी रखा हुआ है। जिसके ऊपर से 11 हजार वॉट की लाइन पहरावर की तरफ जाती थी। दोपहर के समय घर से भैंस को खेत में चराने के लिए लेकर जा रहा था, इसी दौरान करंट लगने से भैंस की मौत हो गई। 20 दिन पहले ही गांव से खरीदी भैंस अनिल ने बताया कि करीब 20 दिन पहले ही भैंस गांव के ही एक व्यक्ति से एक लाख 66 हजार रुपए में खरीदी थी। भैंस को एक सप्ताह के अंदर बच्चा होने वाला था, लेकिन बिजली विभाग की लापरवाही के कारण उनकी भैंस व उसके अंदर पल रहे बच्चे की भी मौत हो गई। 10 साल पहले निगम ने काटा कनेक्शन ग्रामीण अशोक ने बताया कि करीब 10 साल पहले बिजली विभाग ने पहरावर जाने वाली लाइन का कनेक्शन काट दिया था, लेकिन तार हटाने की बजाय खुले छोड़ गए। तार ढीले होने के कारण लटक गए और उन्हीं तारों की चपेट में आने से भैंस की मौत हो गई। मामले की जांच में जुटी पुलिस शिवाजी कॉलोनी थाना पुलिस ने बताया कि गांव मायना में करंट लगने से भैंस मरने की शिकायत मिली है। भैंस के मालिक की तरफ से बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया गया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर कार्रवाई शुरू कर दी है।
उज्जैन में रास्ते से हटने के लिए हॉर्न बजाना 27 वर्षीय ट्रैक्टर एजेंसी मालिक को भारी पड़ गया। दमदमा क्षेत्र में गुरुवार रात करीब 2 बजे इस विवाद के बाद आधा दर्जन से ज्यादा युवकों ने कार सवार तीन दोस्तों पर चाकुओं से हमला कर दिया। हमले में यश मित्तल की मौत हो गई, जबकि उसके दो दोस्त घायल हुए हैं। पुलिस ने चार संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। ऋषि नगर एक्सटेंशन निवासी यश पिता विजय नारायण मित्तल (27) मूल रूप से तराना का रहने वाला था। वह माता-पिता के साथ उज्जैन में रह रहा था और चिमनगंज मंडी में ट्रैक्टर का शोरूम संचालित करता था। हॉर्न बजाने पर शुरू हुआ विवाद पुलिस के अनुसार यश अपने दोस्तों अभय व्यास और मंगल के साथ कार से जा रहा था। दमदमा मोड़ के पास कुछ युवक वाहन लेकर रास्ते में खड़े थे। रास्ता नहीं मिलने पर यश और उसके दोस्तों ने हॉर्न बजाया। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी हो गई। विवाद बढ़ने पर आयुष शर्मा, विजय सिंह ठाकुर, विशाल ठाकुर, आकाश, करण, सागर, शेंटू समेत अन्य युवकों ने तीनों पर हमला कर दिया। आरोपियों ने यश को पकड़ लिया, जबकि उसके दोनों दोस्त किसी तरह वहां से निकलकर पुलिस तक पहुंचे। पुलिस पहुंची तो आरोपी फरार दोनों दोस्तों की सूचना पर पुलिस घटनास्थल पहुंची, लेकिन तब तक हमलावर भाग चुके थे। पुलिस ने यश की तलाश शुरू की। करीब तीन घंटे बाद सुबह 5 बजे उसकी लाश घटनास्थल से कुछ दूरी पर जिला पंचायत कार्यालय के सामने मिली। चाकू लगने से घायल अभय और मंगल को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। चार संदिग्ध हिरासत में घटना के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। प्रारंभिक जांच में आयुष शर्मा, विजय सिंह ठाकुर, विशाल ठाकुर, आकाश, करण, सागर और शेंटू समेत अन्य युवकों के नाम सामने आए हैं। इनमें कुछ दमदमा क्षेत्र के रहने वाले बताए जा रहे हैं। पुलिस ने चार संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। आरोपियों की भूमिका और हत्या की वजह को लेकर जांच जारी है।
उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने सरकारी योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन की हकीकत जानने के लिए शुक्रवार को अनोखा तरीका अपनाया। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजभर करीब 11 बजे अम्बेडकरनगर से 47 किमी दूर अतरौलिया तक रोडवेज बस में आम यात्रियों के साथ सफर करते हुए दिखाई दिए। उनका उद्देश्य 'अहिल्याबाई होलकर मातृशक्ति यात्रा योजना' की स्थिति का आकलन करना था। रक्षाबंधन पर्व के मद्देनजर महिलाओं को दी जा रही मुफ्त यात्रा सुविधा को लेकर मंत्री ने महिला यात्रियों से सीधे बातचीत की। उन्होंने पूछा कि क्या उन्हें योजना का लाभ आसानी से मिल रहा है, बस में किसी प्रकार की परेशानी तो नहीं हो रही और रोडवेज कर्मियों द्वारा सरकारी आदेशों का सही ढंग से पालन किया जा रहा है या नहीं। मंत्री राजभर ने महिलाओं से संवाद के दौरान यह भी जानने का प्रयास किया कि मुफ्त यात्रा की यह सुविधा उनके लिए कितनी उपयोगी साबित हो रही है। उन्होंने यात्रियों की समस्याओं को सुना और योजना के क्रियान्वयन से जुड़ी वास्तविक स्थिति को समझने की कोशिश की। इस दौरान एक खास बात यह रही कि मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने अपने स्टाफ के साथ स्वयं भी बस का टिकट खरीदा। एक आम यात्री की तरह टिकट लेकर यात्रा करने का उनका यह अंदाज यात्रियों और अन्य लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा। मंत्री का यह औचक निरीक्षण सरकारी योजनाओं को केवल कागजों तक सीमित रखने के बजाय उनकी वास्तविक स्थिति जानने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। त्योहार के बीच आम यात्रियों के साथ बस में बैठकर लाभार्थियों से सीधे संवाद करने का उनका तरीका यात्रियों के बीच आकर्षण का केंद्र बना।
रक्षाबंधन पर्व के मद्देनजर शुक्रवार को मेरठ पुलिस ने शहर में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती। त्योहार पर बड़ी संख्या में लोगों के घरों से बाहर निकलने और बस अड्डों व प्रमुख बाजारों में भीड़ बढ़ने की संभावना को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने शहर के भीड़भाड़ वाले स्थानों का निरीक्षण किया। इसी क्रम में एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले ने भारी पुलिस बल के साथ सोहराब गेट बस स्टैंड, भैंसाली बस डिपो और हापुड़ अड्डा सहित अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों का भ्रमण किया। उन्होंने मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों से सुरक्षा इंतजामों की जानकारी ली और भीड़ की स्थिति के अनुसार आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। इस दौरान संदिग्ध लोगों की चेकिंग और उनसे पूछताछ भी की गई। एसपी सिटी ने पुलिसकर्मियों को निर्देशित किया कि रक्षाबंधन पर्व के दौरान ड्यूटी में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों पर विशेष नजर रखते हुए प्रभावी चेकिंग करने के निर्देश दिए। साथ ही, प्रमुख चौराहों, बस अड्डों और बाजारों में पुलिसकर्मियों की लगातार मौजूदगी सुनिश्चित करने तथा भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा। उन्होंने यातायात पुलिस और संबंधित थाना पुलिस को निर्देश दिए कि त्योहार के दौरान वाहनों की बढ़ती संख्या को देखते हुए यातायात व्यवस्था सुचारु बनाए रखी जाए। जाम की स्थिति उत्पन्न होने पर तत्काल प्रभावी कार्रवाई की जाए, ताकि राहगीरों और वाहन चालकों को किसी तरह की परेशानी न हो। एसपी सिटी ने यह भी कहा कि रक्षाबंधन के पर्व पर शहर में आने-जाने वाले लोगों की सुरक्षा पुलिस की प्राथमिकता है। आमजन को सुरक्षित और सुविधाजनक माहौल उपलब्ध कराने के लिए पुलिस बल पूरी तरह मुस्तैद रहे। उन्होंने महिलाओं और बहनों की सुरक्षा को लेकर भी विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें और यातायात नियमों का पालन करते हुए पुलिस का सहयोग करें।
श्रावण पूर्णिमा के अवसर पर पौराणिक देवयानी सरोवर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। सुबह से ही दूर-दराज के क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं ने पवित्र सरोवर में स्नान किया और पूजा-अर्चना व धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया। इस अवसर पर वैदिक पंडितों द्वारा सामूहिक रूप से श्रावणी कर्म कराया गया। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से तीर्थ पूजन किया और धार्मिक परंपराओं का निर्वहन किया। श्रावणी कर्म के लिए लाडनूं शहर से विप्र बंधुओं का एक विशेष दल देवयानी तीर्थ पहुंचा। इस दल के सदस्यों ने पवित्र सरोवर के जल में ढाई घंटे से अधिक समय तक खड़े रहकर ऋषि तर्पण और भीष्म पितामह का तर्पण किया। इसके बाद वैदिक विधि-विधान और मंत्रोच्चार के साथ नवीन यज्ञोपवीत धारण किया गया। वैदिक पंडितों ने कहा कि इस दिन विप्र बंधुओं द्वारा श्रावणी कर्म, ऋषि तर्पण और यज्ञोपवीत परिवर्तन की परंपरा रही है। पंडितों ने कहा कि तीर्थ स्थल पर श्रावणी कर्म करने से इसका धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्व और बढ़ जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि पौराणिक देवयानी सरोवर पर श्रावण पूर्णिमा के दिन विप्र बंधुओं को विधि-विधान से श्रावणी कर्म करना चाहिए। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण देवयानी तीर्थ परिसर में दिनभर चहल-पहल बनी रही। पूर्णिमा के अवसर पर तीर्थ स्थित मंदिरों में विशेष झांकियां भी सजाई गईं, जहां महिला श्रद्धालुओं ने दर्शन कर पूजा-अर्चना की।
चंडीगढ़ में पंजाबी इन्फ्लुएंसर काअपहरण कर हत्या:गाड़ी में डालकर पंजाब लाए, पेड़ से बांध आग लगाई
मनजीत की मां कांता देवी के मुताबिक, उनकी बेटी के जानकार बताए जा रहे शुभी और पिंदा ने 3 जुलाई की रात उसे सेक्टर-34 स्थित शराब के ठेके के पास मिलने के लिए बुलाया था। आरोप है कि वहां पहुंचने के बाद दोनों उसे जबरन कार में बैठाकर मोरिंडा की तरफ ले गए।
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान शुक्रवार को पंजाब दौरे पर अमृतसर पहुंचे। उन्होंने सच्चखंड श्री हरमंदिर साहिब (गोल्डन टेंपल) में माथा टेककर गुरु घर का आशीर्वाद लिया। इस दौरान उन्होंने लंगर हॉल में बर्तन साफ करने की सेवा भी की। दरबार साहिब में नतमस्तक होने के बाद केंद्रीय मंत्री ने कुछ समय गुरु घर में बिताया और लंगर सेवा में हिस्सा लिया। उन्होंने लंगर हॉल में बर्तन साफ कर सेवा की। इस दौरान श्रद्धालुओं और पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह देखने को मिला। शिवराज सिंह चौहान रक्षाबंधन और रक्खड़ पुनिया मेला के अवसर पर पंजाब के दौरे पर हैं। ‘किसान चौपाल’ में किसानों से संवाद करेंगे केंद्रीय मंत्री के कार्यक्रम में किसानों से मुलाकात और संवाद प्रमुख रूप से शामिल है। इसके बाद केंद्रीय मंत्री उमरानंगल गांव में आयोजित ‘किसान चौपाल’ में किसानों से संवाद करेंगे। वहीं, बाबा बकाला साहिब में रखड़ पूनिया मेले से जुड़े कार्यक्रमों में भी उनके शामिल होने का कार्यक्रम है। बड़े राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन की तैयारी पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के बीच भाजपा माझा क्षेत्र में बड़े राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन की तैयारी में है। बाबा बकाला साहिब में आयोजित प्रसिद्ध रक्खड़ पुनिया मेला के दौरान हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान एक मंच पर नजर आएंगे। अपने दम पर चुनाव लड़ने की तैयारी का संकेत भाजपा पहली बार इतने बड़े स्तर पर इस कार्यक्रम का आयोजन कर रही है। इसे पंजाब में पार्टी के चुनावी अभियान की शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है। भाजपा हाईकमान ने पंजाब की सभी 117 विधानसभा सीटों पर अपने दम पर चुनाव लड़ने की तैयारी का संकेत दिया है। ऐसे में माझा क्षेत्र में होने वाला यह कार्यक्रम पार्टी की रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
भारतीय संस्कृति में भाई-बहन के पवित्र प्रेम और रक्षा के पावन पर्व रक्षाबंधन पर कई बार ऐसी दिल को छू लेने वाली तस्वीरें सामने आती हैं, जो समाज में उम्मीद और प्रेरणा की एक नई किरण जगा देती हैं। उत्तर प्रदेश के औद्योगिक नगर कानपुर से एक ऐसा ही बेहद मार्मिक, अनोखा और दिल को झकझोर देने वाला मामला प्रकाश में आया है, जिसने हर किसी की आंखें नम कर दी हैं। कानपुर के जिलाधिकारी (DM) जितेंद्र प्रताप सिंह के कार्यालय में उस वक्त एक बेहद भावुक माहौल बन गया जब एक जरूरतमंद मेधावी छात्रा ने पहुंचकर उनकी कलाई पर राखी बांधी। इस दौरान जब जिला प्रशासन के मुखिया को उस बेटी ने अपना भाई माना, तो डीएम साहब ने भी एक बड़े भाई का फर्ज निभाते हुए न केवल उसका रक्षा सूत्र स्वीकार किया, बल्कि उसकी आगे की पढ़ाई में आने वाली सभी आर्थिक और प्रशासनिक बाधाओं को दूर करने का ऐतिहासिक ऐलान कर दिया। एक आईएएस अधिकारी द्वारा अपनी जिम्मेदारी से आगे बढ़कर एक साधारण परिवार की बेटी की शिक्षा की राह को आसान बनाने का यह वाकया इस समय सोशल मीडिया और पूरे उत्तर प्रदेश में चर्चा का सबसे बड़ा केंद्र बना हुआ है।रक्षाबंधन पर डीएम कार्यालय में सजा अनोखा और भावुक दरबारसावन पूर्णिमा के इस पावन अवसर पर देश भर में बहनें अपने भाइयों की लंबी उम्र की कामना करते हुए उनकी कलाई पर रक्षा सूत्र बांध रही थीं, लेकिन कानपुर के जिलाधिकारी कार्यालय में जो दृश्य देखने को मिला, वह आम परंपराओं से कहीं ज्यादा गहरा और प्रेरणादायक था। आर्थिक तंगी और विषम परिस्थितियों के बीच संघर्ष कर रही एक मेधावी छात्रा ने जब डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह के कक्ष में प्रवेश किया, तो उनके मन में कई उम्मीदें थीं। छात्रा ने बिना किसी झिझक के अपनी राखी डीएम साहब की कलाई पर सजाई और उनके माथे पर तिलक लगाकर आशीर्वाद लिया। इस अप्रत्याशित और स्नेह से भरे पल ने वहां मौजूद सभी अधिकारियों और कर्मचारियों का दिल जीत लिया। एक प्रशासनिक अधिकारी के कड़े और व्यस्त चेहरे के पीछे छिपे एक संवेदनशील इंसान की यह झलक यह साबित करती है कि पद चाहे कितना भी बड़ा क्यों न हो, मानवीय संवेदनाएं और आत्मीय रिश्ते हमेशा सबसे ऊपर होते हैं।जब अधिकारी ने निभाया भाई का फर्ज और दूर की पढ़ाई की मुश्किलेंराखी बंधवाने के बाद जब कानपुर के डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह को उस छात्रा की पारिवारिक पृष्ठभूमि और उसकी पढ़ाई में आ रही वित्तीय परेशानियों के बारे में पता चला, तो उन्होंने एक पल की भी देरी किए बिना तुरंत एक्शन लिया। उन्होंने उस छात्रा को अपनी छोटी बहन मानते हुए यह भरोसा दिलाया कि अब उसकी शिक्षा के सफर में कोई भी रुकावट नहीं आएगी। डीएम ने मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस मेधावी बेटी की पढ़ाई-लिखाई, किताबों और स्कूल की फीस से जुड़ी हरसंभव मदद जिला प्रशासन द्वारा सुनिश्चित की जाए। एक बड़े भाई की तरह प्रशासनिक मुखिया द्वारा उठाया गया यह कदम उस छात्रा के लिए किसी वरदान से कम नहीं था, जिसकी आंखों में खुशी के आंसू छलक आए। यह घटना इस बात की मिसाल है कि अगर अधिकारी संवेदनशील हों, तो वे अपनी कलम की ताकत से किसी भी जरूरतमंद की तकदीर और तस्वीर दोनों को बदल सकते हैं।शिक्षा के महत्व और प्रशासनिक संवेदनशीलता का अनूठा संगमआज के इस दौर में जहां कई बार सरकारी व्यवस्थाओं और नौकरशाही की संवेदनहीनता को लेकर सवाल उठते हैं, वहीं कानपुर के डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह का यह रुख पूरी प्रशासनिक मशीनरी के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण पेश करता है। शिक्षा किसी भी देश और समाज की रीढ़ होती है, और जब कोई प्रतिभावान छात्र या छात्रा केवल पैसों की कमी के कारण अपनी पढ़ाई छोड़ने पर मजबूर हो जाती है, तो यह पूरे समाज की हार होती है। एक जिला मजिस्ट्रेट के पद पर रहते हुए जब कोई अधिकारी व्यक्तिगत तौर पर ऐसी बेटियों की जिम्मेदारी उठाता है, तो इससे समाज में यह सकारात्मक संदेश जाता है कि सरकार और प्रशासन आम जनता के वास्तविक सुख-दुख के साथ मजबूती से खड़े हैं। इस मुलाकात के बाद से ही कानपुर के स्थानीय नागरिकों और शैक्षणिक संस्थानों से जुड़े लोगों ने डीएम साहब की इस दरियादिल और मानवीय पहल की भूरी-भूरी प्रशंसा की है।समाज के लिए एक बड़ा संदेश और बदलता प्रशासनिक दृष्टिकोणकानपुर की इस घटना ने एक बार फिर से यह साबित कर दिया है कि रक्षाबंधन का यह पर्व केवल खून के रिश्तों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज के हर उस व्यक्ति के प्रति जिम्मेदारी का अहसास कराता है जिसे सहारे की जरूरत है। एक तरफ जहां तमाम लोग इस त्योहार को केवल औपचारिकता मानकर मनाते हैं, वहीं दूसरी तरफ इस तरह की घटनाएं मानवीय रिश्तों की परिभाषा को और अधिक विस्तृत और मजबूत बनाती हैं। छात्रा और डीएम साहब के बीच की इस भावनात्मक और प्रशासनिक पहल ने यह दिखा दिया कि यदि प्रशासनिक पदों पर बैठे लोग थोड़ी सी सहानुभूति और संवेदनशीलता दिखाएं, तो समाज के कई अंधेरे कोनों में उम्मीद की रोशनी पहुंचाई जा सकती है। यह प्रेरणादायक वाकया आने वाले समय में अन्य अधिकारियों और सक्षम नागरिकों को भी आगे आने और जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा में मदद करने के लिए प्रेरित करता रहेगा।
दो बाइकों की आमने-सामने भिड़ंत:दो महिलाओं समेत चार लोग गंभीर घायल, वीरगमा मोड़ पर हुआ हादसा
डीग के बृज नगर-खेड़ली मार्ग पर वीरगमा गांव के पास शुक्रवार को दो बाइकों की आमने-सामने की भिड़ंत हो गई। हादसे में दो महिलाओं समेत चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों बाइकें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। टक्कर की आवाज सुनकर मौके पर पहुंचे ग्रामीण जानकारी के अनुसार, वीरगमा गांव के मोड़ के पास दोनों बाइक तेज गति से आ रही थीं। इसी दौरान संतुलन बिगड़ने से दोनों आपस में टकरा गईं। टक्कर की तेज आवाज सुनकर आसपास के खेतों और घरों से ग्रामीण मौके पर पहुंचे। वहां चारों घायल सड़क पर लहूलुहान हालत में मिले। गंभीर घायल को ग्रामीण बाइक से अस्पताल ले गया ग्रामीणों ने तत्काल घायलों को सड़क किनारे पेड़ की छाया में पहुंचाया। इनमें एक व्यक्ति को गंभीर चोटें आई थीं और उसका काफी रक्तस्राव हो रहा था। उसकी हालत को देखते हुए एक ग्रामीण ने बिना देर किए उसे अपनी बाइक पर बैठाया और अस्पताल पहुंचाया। 108 एंबुलेंस से अन्य घायलों को अस्पताल पहुंचाया ग्रामीणों की सूचना पर बृज नगर थाना पुलिस और 108 एंबुलेंस मौके पर पहुंची। एंबुलेंस की मदद से अन्य घायलों को ब्रजनगर अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उनका उपचार शुरू किया। दोनों बाइक पुलिस ने कब्जे में लीं पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त दोनों मोटरसाइकिलों को कब्जे में लेकर हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, सभी घायलों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
मेरठ में रक्षाबंधन पर भीषण जाम:पुलिस अव्यवस्था, अतिक्रमण और ई-रिक्शा बने मुख्य वजह
मेरठ में रक्षाबंधन के त्योहार पर भीषण जाम की स्थिति देखने को मिली। शहर के मुख्य मार्गों और हाईवे पर घंटों तक वाहन फंसे रहे, जिससे त्योहार मनाने निकले लोगों, खासकर बहनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस जाम का मुख्य कारण पुलिस की अव्यवस्था, अवैध अतिक्रमण और ई-रिक्शा को बताया जा रहा है। त्योहार के दिन भाई-बहनों का एक-दूसरे के घर आना-जाना लगा रहता है, लेकिन शहर की खराब यातायात व्यवस्था ने उनकी योजनाएं विफल कर दीं। अवैध कट, ई-रिक्शा की मनमानी और सड़कों पर अतिक्रमण के कारण कई जगहों पर भीषण जाम लग गया। पुलिसकर्मियों के मौके पर पहुंचने और व्यवस्था दुरुस्त करने की कोशिश करने से पहले ही वाहनों की लंबी कतारें लग चुकी थीं। शहर के प्रवेश और निकास बिंदुओं पर दिनभर जाम की स्थिति बनी रही। बेगम पुल, दिल्ली रोड, हापुड़ रोड, घंटाघर, केसरगंज, पीएल शर्मा रोड, कचहरी पुल, माल रोड, कंकरखेड़ा और मवाना रोड सहित अन्य प्रमुख मार्गों पर भी वाहनों की रफ्तार थम गई। राष्ट्रीय राजमार्ग 58, दिल्ली रोड और हापुड़ रोड जैसे हाईवे पर भी यात्रियों को जाम से जूझना पड़ा। इस समस्या को देखते हुए, एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति और एसपी ट्रैफिक ने पहले ही एक एडवाइजरी जारी की थी। इसमें संबंधित थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में जाम की समस्या का समाधान करने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि, इसके बावजूद स्थिति नियंत्रण से बाहर रही। जाम की स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिसकर्मियों ने लापरवाही से वाहन चलाने वाले कुछ लोगों के चालान भी काटे। इस दौरान कुछ वाहन चालकों की पुलिसकर्मियों से बहस भी हुई। पुलिस ने ऐसे लोगों के नाम-पते नोट कर उन्हें आगे जाने दिया, ताकि यातायात बाधित न हो। भीषण गर्मी में सड़कों पर फंसे यात्रियों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा और कई बहनें अपने भाइयों के घर देर से पहुंच सकीं।
अंबाला के आजाद नगर स्थित रेज इंडस्ट्रीज में शुक्रवार तड़के करीब 5 बजे आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि उसने पहली मंजिल को अपनी चपेट में ले लिया। इस हादसे में फैक्ट्री की पहली मंजिल पर रखा सारा कच्चा माल, उपकरण और तैयार पार्ट्स जलकर खाक हो गए। गनीमत यह रही कि यह घटना सुबह के समय हुई, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। यह फैक्ट्री ट्रैक्टर के प्लास्टिक व अन्य कलपुर्जे बनाती है। आग लगने की सूचना मिलते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आग बुझाने के लिए अंबाला कैंट से तीन तथा अंबाला सिटी व बराड़ा से फायर ब्रिगेड की कुल पांच गाड़ियों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी, जिसके बाद आग पर काबू पाया जा सका। एक गाड़ी खाली और दूसरी को पहुंचने में लगा आधा घंटा फैक्ट्री मालिक प्रवीन अग्रवाल और सुशांत अग्रवाल ने फायर ब्रिगेड की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि सुबह 5 बजे सूचना देने के बाद जो पहली फायर ब्रिगेड की गाड़ी मौके पर पहुंची, वह आधी खाली थी और उसका पानी कुछ ही देर में खत्म हो गया। मालिकों के अनुसार, पहली गाड़ी का पानी खत्म होने के बाद दूसरी फायर ब्रिगेड गाड़ी को पहुंचने में आधे घंटे से अधिक का समय लग गया। उनका कहना है कि यदि समय पर पानी से पूरी भरी गाड़ियां पहुंच जातीं, तो आग पर शुरुआत में ही काबू पाकर लाखों रुपए के नुकसान को बचाया जा सकता था। प्राथमिक जांच में आग लगने का मुख्य कारण बिजली का शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। फिलहाल, स्थानीय प्रशासन और पुलिस टीम मौके पर पहुंचकर नुकसान का आकलन कर रही है और मामले की जांच की जा रही है।
दुर्ग जिले के पेंड्रावन स्थित स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल में करीब 500 बच्चों की पढ़ाई लंबे समय से शिक्षकों की कमी के बीच चल रही थी। 9वीं से 12वीं तक के छात्रों का कहना है कि पिछले 3-4 साल से स्कूल में पर्याप्त शिक्षक नहीं थे। कई विषयों की कक्षाएं नियमित रूप से नहीं लगती थीं। इससे परेशान होकर 21 अगस्त को बच्चों ने पहली बार धमधा-खैरागढ़ मुख्य मार्ग पर चक्काजाम किया। मांगें पूरी नहीं होने पर 25 अगस्त को छात्र फिर सड़क पर बैठ गए। इस बार चक्काजाम करीब 12 घंटे चला और रात 12 बजे खत्म हुआ। आंदोलन कर रहे बच्चों को लेकर प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने बयान दिया था कि शिक्षकों ने उन्हें आंदोलन के लिए भड़काया है। इसके बाद दैनिक भास्कर डिजिटल ने दोनों बार चक्काजाम में शामिल पेंड्रावन के छात्रों से बातचीत की। छात्रों ने कहा कि उन्हें किसी ने नहीं भड़काया। शिक्षकों की कमी और स्कूल की खराब व्यवस्था से परेशान होकर उन्होंने खुद प्रदर्शन करने का फैसला लिया था। प्रदर्शन के दो दिन बाद गुरुवार को स्कूल शिक्षा मंत्री खुद पेंड्रावन पहुंचे। उन्होंने बच्चों से मुलाकात की, स्कूल की नई व्यवस्था देखी और प्रदर्शन में शामिल छात्रों के साथ सेल्फी भी ली। बच्चों ने वीडियो बनाकर मंत्री को धन्यवाद दिया। हालांकि, पूरे मामले की जमीनी पड़ताल में सामने आया कि आंदोलन किसी एक दिन के गुस्से का नतीजा नहीं था। मामले में सिर्फ शिक्षकों की कमी ही नहीं, बल्कि स्कूल की व्यवस्थाओं को लेकर भी सवाल उठे। गांव के लोगों, छात्रों और पूर्व प्राचार्य से बातचीत में स्कूल की स्थिति को लेकर अलग-अलग तस्वीर सामने आई। कुछ लोगों का कहना है कि स्कूल की व्यवस्था लंबे समय से बिगड़ी हुई थी। वहीं, पूर्व प्राचार्य इन आरोपों को गलत बताते हैं। छात्रों का कहना है कि वे किसी के कहने पर नहीं, बल्कि अपनी पढ़ाई से जुड़ी समस्याओं को लेकर खुद सड़क पर उतरे थे। देखिए पहले ये तस्वीरें… 5 पॉइंट्स में समझिए, आखिर क्यों भड़का पेंड्रावन स्कूल का आंदोलन 1. एक ही परिसर में स्कूल से कॉलेज तक, बढ़ता गया व्यवस्था पर बोझ पेंड्रावन के एक ही परिसर में प्राथमिक, मिडिल और हायर सेकेंडरी स्कूल के साथ ओपन स्कूल और कॉलेज भी संचालित हो रहे हैं। साल 2021 में कॉलेज शुरू हुआ, लेकिन अब तक उसका अपना भवन नहीं बन पाया है। करीब 5 साल से कॉलेज भी इसी परिसर में चल रहा है। ऐसे में एक ही परिसर में अलग-अलग कक्षाओं, परीक्षाओं और संस्थानों की गतिविधियां संचालित होती रहीं। 2. लंबे समय से थी शिक्षकों की कमी, शिकायतों के बाद भी नहीं हुआ समाधान स्कूल में शिक्षकों की कमी की शिकायत नई नहीं थी। सभी विषयों को मिलाकर यहां 17 शिक्षकों का सेटअप था, लेकिन स्वामी आत्मानंद स्कूल शुरू होने के बाद धीरे-धीरे शिक्षकों की संख्या कम होती गई। गांव के सरपंच ने कई बार प्राचार्य, विकासखंड शिक्षा अधिकारी और अन्य अधिकारियों को स्कूल की समस्याओं की जानकारी दी। इसके बावजूद शिक्षकों की कमी दूर नहीं हुई। छात्रों का कहना है कि उन्हें कई साल से पर्याप्त शिक्षक नहीं मिल रहे थे। धीरे-धीरे यही नाराजगी बढ़ती गई और आखिरकार गुस्से में बदल गई। इसके बाद छात्रों ने सड़क पर उतरकर आंदोलन किया। 3. ओपन स्कूल सेंटर बना बड़ी वजह, नियमित पढ़ाई पर पड़ा असर पेंड्रावन के इसी परिसर में ओपन स्कूल का सेंटर भी संचालित होता था। गांव के लोगों और छात्रों का कहना है कि ओपन स्कूल की परीक्षाओं के दौरान नियमित स्कूल के शिक्षकों और स्टाफ की भी ड्यूटी लगाई जाती थी। इससे नियमित कक्षाएं प्रभावित होती थीं। आरोप है कि नियमित स्कूल की पढ़ाई पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया। टाइम टेबल और कक्षाओं में हाजिरी जैसी व्यवस्थाओं को लेकर भी सवाल उठे। हालांकि, पूर्व प्राचार्य ने ओपन स्कूल की जिम्मेदारी से इनकार किया है। उनका कहना है कि ओपन स्कूल के लिए अलग प्रभारी नियुक्त था। 4. साल में तीन बार परीक्षा, दूसरे इलाकों से भी आते थे परीक्षार्थी स्थानीय लोगों के मुताबिक ओपन स्कूल सेंटर में सालभर में तीन परीक्षाएं होती थीं और बड़ी संख्या में परीक्षार्थी यहां फॉर्म भरते थे। दूसरे इलाकों और जिलों से भी परीक्षार्थियों के आने की बात सामने आई है। गांव में इसकी वजह को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं। कुछ लोगों का दावा है कि यहां परीक्षा पास करना आसान माना जाता है, हालांकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। छात्रों का कहना है कि परीक्षा के दौरान स्कूल के शिक्षकों और स्टाफ की ड्यूटी ओपन स्कूल सेंटर में लगने से नियमित कक्षाओं की पढ़ाई प्रभावित होती थी। 5. प्राचार्य का व्यवहार भी बना नाराजगी की बड़ी वजह स्कूल के छात्रों से बातचीत में जो बातें सामने आईं, उनमें तत्कालीन प्राचार्य के व्यवहार को भी आंदोलन की एक बड़ी वजह बताया गया। छात्रों का आरोप है कि प्राचार्य का ओपन स्कूल की गतिविधियों पर ज्यादा ध्यान रहता था। ओपन स्कूल की परीक्षाओं के दौरान बार-बार शिक्षकों की ड्यूटी लगने से नियमित कक्षाओं की पढ़ाई प्रभावित होती थी। कई बार कक्षाओं में अटेंडेंस तक नहीं होने की बात भी छात्रों ने कही। यह भी आरोप है कि अपनी समस्याएं लेकर जब वे प्राचार्य के पास जाते थे तो उनके साथ ठीक व्यवहार नहीं किया जाता था। प्राचार्य के इस रवैये को लेकर छात्र-छात्राओं में लंबे समय से नाराजगी थी, जो बाद में आंदोलन की एक बड़ी वजह बनकर सामने आई। जानिए छात्रों ने क्या कुछ कहा ? खाली पदों को भी जल्द भरने की मांग 11वीं के छात्र हिमांशु कुमार साहू ने कहा कि अभी स्कूल की स्थिति ठीक है, लेकिन जो पद खाली हैं, उन्हें भी जल्द भरने की जरूरत है। 12वीं के छात्र संकेत रात्रे ने भी कहा कि शिक्षक आ गए हैं, जिससे अब व्यवस्था बेहतर होगी, लेकिन रिक्त पदों को जल्द भरा जाना चाहिए। हमें किसी ने नहीं भड़काया आंदोलन में शामिल छात्रों ने दैनिक भास्कर डिजिटल को बताया कि स्कूल खुलने के बाद से ही शिक्षकों की कमी की समस्या बनी हुई थी। कई बार कक्षाएं नहीं लगती थीं और हाजिरी लेने के लिए भी शिक्षक उपलब्ध नहीं होते थे। छात्रों ने कहा कि न किसी शिक्षक ने उन्हें आंदोलन के लिए कहा और न ही गांव के किसी व्यक्ति ने उन पर दबाव बनाया। उन्होंने अपनी पढ़ाई की समस्या को लेकर खुद आंदोलन करने का फैसला लिया। ग्रामीणों ने कहा- दो-तीन साल से थी समस्या पेंड्रावन के सरपंच प्रतिनिधि शशिकांत सिन्हा ने भी माना कि स्कूल की व्यवस्था लंबे समय से ठीक नहीं थी। उनके मुताबिक, प्रदर्शन के बाद अब शिक्षक और नए प्राचार्य आ गए हैं, जिससे धीरे-धीरे व्यवस्था बेहतर हो जाएगी। बच्चों को किसी ने भड़काया था या नहीं, इस सवाल पर उन्होंने इससे इनकार किया। स्थानीय निवासी भीखम सिन्हा ने भी स्कूल की पुरानी व्यवस्था को अव्यवस्थित बताया। उन्होंने कहा कि बच्चों की तीनों मांगें पूरी कर दी गई हैं और अब स्कूल की स्थिति काफी बेहतर है। आंदोलन के बीच शाम को बढ़ा बाहरी लोगों का दखल सरपंच प्रतिनिधि के मुताबिक, प्रदर्शन के शुरुआती घंटों में स्थिति सामान्य थी, लेकिन शाम होते ही राजनीतिक दलों से जुड़े कुछ बाहरी लोग सक्रिय हो गए। उनका दावा है कि कुछ मौकों पर छात्र मांगें मान लिए जाने के बाद आंदोलन खत्म करने की स्थिति में थे। लेकिन बाहरी लोगों ने उन्हें 17 शिक्षकों की पूरी मांग पर अड़े रहने के लिए कहा। इससे आंदोलन रात तक चलता रहा। हालांकि, इस दावे से अलग आंदोलन में शामिल छात्रों, सरपंच प्रतिनिधि और गांव के अन्य लोगों ने कहा कि बच्चे किसी के भड़काने पर नहीं, बल्कि अपनी समस्याओं को लेकर अपनी मर्जी से आंदोलन पर बैठे थे। प्राचार्य बोले- मेरे पास नहीं था ओपन स्कूल का प्रभार स्कूल के पूर्व प्राचार्य चंदेल ने कहा कि उन्हें स्कूल से हटा दिया गया है और डीईओ कार्यालय में अटैच किया गया है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी उनसे नाराज क्यों हैं, इसकी जानकारी उन्हें भी नहीं है। उन्होंने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को खारिज किया। पूर्व प्राचार्य ने बताया कि ओपन स्कूल का प्रभारी कोई दूसरा शिक्षक था और उनका ओपन स्कूल से कोई संबंध नहीं था। उनका कहना है कि ओपन स्कूल की परीक्षाओं के दौरान वे वहां नहीं जाते थे और अपने स्कूल के निर्धारित समय के अनुसार ही काम करते थे। छात्रों ने उनके साथ दुर्व्यवहार का आरोप भी लगाया था। इस पर पूर्व प्राचार्य ने कहा कि बच्चों के साथ दुर्व्यवहार करना उनके स्वभाव में नहीं है। उन्होंने कहा कि उन्हें खुद समझ नहीं आया कि बच्चे उनसे क्यों नाराज हुए। पूर्व प्राचार्य ने यह भी कहा कि शिक्षकों की कमी शासन स्तर की समस्या थी। इसके लिए उन्हें जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए। ……………………. इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… दुर्ग में 12 घंटे चला ‘Gen Alpha’ का चक्काजाम:400 बच्चों के लिए 17 शिक्षक मांगे, 4 मिले, प्रिंसिपल हटाए गए, प्रदर्शन आधी रात खत्म दुर्ग जिले के पेंड्रावन स्थित स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल में शिक्षकों की कमी को लेकर छात्रों का प्रदर्शन करीब 12 घंटे तक चला। 9वीं से 12वीं तक के करीब 400 छात्र-छात्राओं ने मंगलवार दोपहर खैरागढ़-धमधा मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शन रात 12 बजे तक जारी रहा। पढ़ें पूरी खबर…
भोजपुर में किशोर को गोली लगने का खुलासा: पिस्टल टेस्टिंग के दौरान हुआ था हादसा, 1 गिरफ्तार
28 शुक्रवार, अगस्त: भोजपुर में 18 वर्षीय किशोर को गोली लगने के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। जांच में सामने आया कि पिस्टल की टेस्टिंग के दौरान हादसा हुआ और किशोर को गोली लग गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले में शामिल एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की कानूनी जांच जारी है।
सागर में बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज के सामने चेकिंग के दौरान पुलिसकर्मियों पर शिक्षक से अभद्रता करने का आरोप लगा है। घटनाक्रम के विरोध में मध्यप्रदेश शिक्षक संघ ने शुक्रवार को एसपी कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया कि 25 अगस्त को बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज के गेट के सामने एएसआई और यातायात स्टाफ चेकिंग कर रहा था। तभी शिक्षक शैलेंद्र प्रजापति अपनी बाइक से स्कूल जा रहे थे। पुलिस कर्मियों ने उन्हें रोका। उन्होंने बाइक साइड में खड़ी कर दी। इसी दौरान पुलिसकर्मी ने जबरन बाइक से चाबी निकाल ली। दस्तावेज मांगे गए। दस्तावेज डिजीलाकर पर उपलब्ध थे, लेकिन मान्य नहीं किए गए। लाइसेंस होने के बावजूद चालान बनाया गया। इसके अलावा बगैर हेलमेट का चालान बनाया। कुल 800 रुपए का चालान बनाया गया। नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग करने पर अभद्रता करते हुए झूठी एफआईआर दर्ज करने की धमकी दी गई। संबंधित पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांगउन्होंने मामले में वाहन पर जारी ई-चालान से अवैध रूप से जोड़ी गई धारा 130/177 को तत्काल निरस्त व संशोधित किया जाए। ड्यूटी पर जा रहे कर्मचारियों व आम नागरिकों के साथ सम्मानजनक व निष्पक्ष व्यवहार सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए जाएं और नियमों की अवहेलना करने, अनावश्यक रूप से चाबी छीनने और आम नागरिकों के साथ भी अपराधियों की तरह दुर्व्यवहार करने वाले संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। मांगों पर डीएसपी मयंक चौहान ने मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। इस दौरान मप्र शिक्षक संघ के पदाधिकारी प्रांतीय महामंत्री राकेश गुप्ता, जिला अध्यक्ष सूर्यपाल सिंह राजपूत, जिला संगठन मंत्री सीबी सिंह राजपूत, जिला सचिव मनोज जैन, हाकम सिंह समेत अन्य मौजूद रहे।
दरभंगा में रक्षाबंधन के अवसर पर शुक्रवार को पुलिस केंद्र, लहेरियासराय से ‘पुलिस दीदी पेट्रोलिंग टीम’ यानी ‘अभया ब्रिगेड’ को रवाना किया गया। ये टीम महिलाओं की रक्षा करेगी। वरीय पुलिस अधीक्षक दरभंगा जगुनाथ रेड्डी जलारेड्डी ने हरी झंडी दिखाकर टीम को फ्लैग ऑफ किया। अभया ब्रिगेड के लिए दरभंगा पुलिस को 25 स्कूटी और 20 बाइक, कुल 45 दोपहिया वाहन उपलब्ध कराए गए हैं। इन वाहनों के माध्यम से महिला पुलिसकर्मी शहर के अलग-अलग इलाकों में नियमित पेट्रोलिंग करेंगी। टीम का विशेष फोकस स्कूल, कॉलेज, कोचिंग संस्थानों, बाजार,मंदीर, मॉल, पार्क और अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों पर रहेगा। स्कूल-कॉलेज और कोचिंग संस्थानों के खुलने और छुट्टी होने के समय अभया ब्रिगेड की विशेष गश्त रहेगी। महिला पुलिसकर्मी छात्राओं से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं और सुरक्षा से जुड़ी शिकायतों की जानकारी लेंगी। ऐसे रास्तों को भी चिह्नित किया जाएगा, जहां छात्राओं और महिलाओं को आने-जाने में परेशानी होती है। सुनसान और संवेदनशील रास्तों पर भी टीम की निगरानी बढ़ाई जाएगी। स्कूल-कॉलेज और कोचिंग के आसपास विशेष निगरानीहर स्कूटी पर दो महिला कांस्टेबल की तैनाती की व्यवस्था की गई है। इससे महिला पुलिस की मौजूदगी सीधे तौर पर नजर आएगी। टीम का उद्देश्य केवल पेट्रोलिंग करना नहीं, बल्कि जरूरत पड़ने पर मौके पर पहुंचकर महिलाओं और बालिकाओं की सहायता करना भी है। गश्त के दौरान यदि कोई व्यक्ति महिलाओं या छात्राओं के साथ छेड़खानी, अभद्र टिप्पणी या परेशान करने की कोशिश करता मिला तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की सक्रिय मौजूदगी के जरिए ऐसे तत्वों पर अंकुश लगाने की कोशिश की जाएगी।शहरी क्षेत्र में यह गश्त रात के समय भी जारी रहेगी, ताकि देर रात काम या पढ़ाई से लौटने वाली महिलाओं और युवतियों को भी सुरक्षा का भरोसा मिल सके। हेलमेट और ड्राइविंग लाइसेंस अनिवार्यफ्लैग ऑफ के दौरान एसएसपी जगुनाथ रेड्डी जलारेड्डी ने टीम को स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी स्कूटी और बाइक चलाने वाले पुलिसकर्मी हेलमेट का अनिवार्य रूप से इस्तेमाल करेंगे। वाहन चलाने वाले हर पुलिसकर्मी के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस होना भी जरूरी है। उन्होंने टीम को आम लोगों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर काम करने का निर्देश दिया। दरभंगा पुलिस के अनुसार, अभया ब्रिगेड का उद्देश्य महिलाओं-बालिकाओं को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने के साथ-साथ उनमें सुरक्षा का भरोसा मजबूत करना है। महिला सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण को लेकर पुलिस की यह विशेष पेट्रोलिंग व्यवस्था लगातार सक्रिय रहेगी।
नेपाल के गोसाईकुंड तीर्थ की यात्रा पर गए 29 लोगों के फ्लैश फ्लड आने के बाद लापता होने की जानकारी सामने आई है। भोपाल में रह रहे नेपाल मूल के परिवार के सदस्यों से बातचीत में पता चला कि लापता 29 लोग आपस में रिश्तेदार हैं। इनमें जेठ-जेठानी, देवर-देवरानी, दीदी-जीजाजी समेत परिवार के कई सदस्य शामिल हैं। भोपाल में रह रहीं देवकी अधिकारी ने बताया कि उनके परिवार के चार सदस्य भी इस समूह में शामिल हैं। उन्होंने बताया कि सभी लोग नेपाल के गोसाईकुंड तीर्थ के लिए गए थे। पूर्णिमा के मौके पर तीर्थ यात्रा की योजना थी। यह किसी एक घर के लोग नहीं थे, बल्कि आसपास रहने वाले रिश्तेदारों का पूरा समूह था। कोई बेहद करीबी रिश्तेदार था तो कोई थोड़ा दूर का, लेकिन सभी आपस में परिवार से जुड़े हुए थे। खाना छोड़कर पहाड़ पर भागे, छत पर ली शरण देवकी अधिकारी के मुताबिक जब परिवार के लोग यात्रा पर निकले थे, तब उन्हें आगे किसी खतरे की जानकारी नहीं थी। आधे रास्ते में खाना खाने के लिए रुकने के बाद उन्हें पता चला कि आगे बाढ़ आ रही है और जान को खतरा है। बाढ़ की जानकारी मिलते ही सभी लोग खाना और अपना सामान वहीं छोड़कर जान बचाने के लिए पहाड़ की ओर भागे। पहाड़ पर चढ़ने के बाद एक घर की छत पर जाकर उन्होंने शरण ली। उन्हें उम्मीद थी कि ऊंचाई पर होने के कारण वे सुरक्षित रहेंगे। इसके बाद उन्होंने परिजनों को फोन कर अपनी स्थिति बताई। देवकी अधिकारी के मुताबिक फोन पर परिवार के लोगों ने बताया कि उनकी बस बाढ़ में बह गई है और वे घर की छत पर शरण लेकर बैठे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी जान खतरे में है और शायद वे नहीं बच पाएंगे। आखिरी फोन पर कहा- बच्चों का ख्याल रखना देवकी अधिकारी ने बताया कि कल सुबह करीब 9:30 बजे परिवार के लोगों से आखिरी बार बात हुई थी। फोन पर उन्होंने कहा था कि ‘आधा घर डूब चुका है, अब हम लोग नहीं बच पाएंगे। हमारे बच्चों का ख्याल रखना। देवकी के मुताबिक, बातचीत के दौरान फोन डिस्कनेक्ट नहीं हुआ था, लेकिन कुछ ही देर बाद दूसरी तरफ से कोई आवाज नहीं आई। इसके बाद से 29 लोगों में से किसी से भी संपर्क नहीं हो पाया है। परिवार लगातार फोन लगाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन संपर्क नहीं हो पा रहा। नेपाल में स्थानीय लोगों से भी कोई पुख्ता जानकारी नहीं मिल सकी है। देवकी का कहना है कि अभी तक 29 लोगों में से किसी का पता नहीं चला है। जिस बस से वे यात्रा कर रहे थे, उसका भी कोई अता-पता नहीं है और किसी का शव भी बरामद नहीं हुआ है। टूटे त्रिशूली पुल ने बढ़ाई परेशानी देवकी अधिकारी ने बताया कि लापता लोगों तक पहुंचने में रास्ते की समस्या भी बड़ी बाधा बनी हुई है। त्रिशूली नदी पर बना पुल टूट गया है, जिससे सामान्य रास्ता बंद हो गया है। उन्होंने बताया कि जिस रास्ते से सामान्य तौर पर करीब आधे घंटे में पहुंचा जा सकता था, अब कच्ची सड़कों, गांवों और पहाड़ी रास्तों से होकर वहां पहुंचने में करीब 6 से 8 घंटे लग रहे हैं। बीच में बड़ी नदी होने और पुल टूट जाने के कारण परिजन चाहकर भी आसानी से घटनास्थल तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। छोटे बच्चों को लेकर सबसे ज्यादा चिंता देवकी अधिकारी ने बताया कि हादसे को 24 घंटे से ज्यादा समय हो चुका है। परिवार के कई सदस्य अलग-अलग जगहों पर रहते हैं। कुछ लड़कियों की शादी हो चुकी है और वे ससुराल में हैं, जबकि कुछ लड़के पढ़ाई या नौकरी के सिलसिले में अलग-अलग जगहों पर हैं। लापता लोगों के पीछे उनके छोटे-छोटे बच्चे हैं, जिनकी चिंता परिवार को सबसे ज्यादा सता रही है। देवकी ने सरकार से मदद की अपील करते हुए कहा कि जल्द से जल्द रेस्क्यू और तलाश अभियान तेज किया जाए। परिजन किसी भी तरह अपने लोगों की खबर चाहते हैं। उनकी उम्मीद है कि लापता लोग सुरक्षित मिल जाएं। अगर कोई अनहोनी हुई है तो कम से कम उनके बारे में सही जानकारी और शवों का पता चल सके, ताकि परिवार उनके बच्चों और बाकी परिजनों को संभाल सके।
हरदोई में शुक्रवार को भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक रक्षाबंधन का त्योहार हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। बहनों ने शुभ मुहूर्त में भाइयों के माथे पर तिलक लगाकर उनकी कलाई पर राखी बांधी और दीर्घायु की कामना की। इसके बदले में भाइयों ने बहनों की रक्षा का वचन दिया और उन्हें उपहार भेंट किए। हिंदू धर्म में रक्षाबंधन का विशेष धार्मिक महत्व है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, जब भगवान श्रीकृष्ण की उंगली कट गई थी, तब द्रौपदी ने अपनी साड़ी का पल्लू फाड़कर उनकी उंगली पर बांधा था। इसके बदले में श्रीकृष्ण ने चीरहरण के समय द्रौपदी की लाज बचाकर भाई के धर्म का पालन किया था। इसी परंपरा का पालन करते हुए हरदोई के घरों में वैदिक विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया गया। त्यौहार के कारण शहर के मुख्य बाजारों में रौनक रही। मिठाई की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ देखी गई। रोडवेज बस स्टेशन पर भी यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ी। प्रदेश सरकार द्वारा महिलाओं के लिए निशुल्क बस यात्रा की सुविधा के कारण बस परिसर में महिलाओं की संख्या अधिक थी। लखनऊ, कानपुर, फर्रुखाबाद, कन्नौज और सीतापुर आदि जगह जाने वाली बसों में सीट पाने के लिए यात्रियों के बीच आपाधापी का माहौल रहा। इससे कुछ समय के लिए परिवहन निगम की व्यवस्थाएं भी प्रभावित हुईं। सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों और रोडवेज परिसर में सुरक्षा बलों को तैनात किया गया था। सीओ सिटी अजीत सिंह ने बताया कि रक्षाबंधन पर्व को देखते हुए रोडवेज परिसर के साथ-साथ शहर के सभी प्रमुख भीड़भाड़ वाले इलाकों में पुलिस बल सतर्क रहा। उन्होंने कहा कि यात्रियों और आम जनता की सुरक्षा के लिए लगातार माइक से घोषणाएं कर लोगों को सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए।
सीतामढ़ी में जमीनी विवाद खूनी रंजिश में बदला: दूसरे पक्ष ने वृद्ध को पीट-पीटकर मारा
28 शुक्रवार, अगस्त: सीतामढ़ी में जमीन विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच हुई मारपीट में एक वृद्ध की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। दूसरे पक्ष के लोगों ने घटना को अंजाम दिया। वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर मामले की तफ्तीश शुरू कर दी है। इलाके में तनाव का माहौल है।
पठानकोट जिले के शाहपुरकंडी में 200 फीट ऊंचे टावर पर चल रहा 2 बुजुर्गों का विरोध प्रदर्शन नाजुक मोड़ पर पहुंच चुका है। मंगलवार सुबह 10 बजे से टावर पर चढ़े दोनों बुजुर्गों 85 वर्षीय शर्म सिंह और 81 वर्षीय कुलविंदर सिंह के प्रदर्शन को अब 73 घंटे से अधिक का समय बीत चुका है। यह दोनों 'बैराज औसती संघर्ष कमेटी जैनी' से जुड़े हैं। 2 बुजुर्गों भीषण गर्मी, खाने-पानी की कमी, कभी बारिश तो कभी धूप में खुले आसमान के नीचे दिन-रात बिताने और ढलती उम्र के कारण टावर पर बैठे दोनों बुजुर्गों की तबीयत लगातार बिगड़ रही है। शारीरिक कमजोरी और गिरते स्वास्थ्य के बावजूद दोनों टावर से नीचे उतरने से साफ इनकार कर चुके हैं, जिससे मौके पर स्थिति बेहद तनावपूर्ण बनी हुई है। बैराज औसती संघर्ष कमेटी जैनी के प्रधान दयाल सिंह ने स्पष्ट किया है कि अगर दोनों में से किसी बुजुर्ग को कुछ हुआ तो जिम्मेदारी जिला प्रशासन और बांध प्रशासन की होगी। बताया कि अधिकारी इस बात पर अड़े हैं कि बुजूर्गों को नीचे उतारा जाए और दफ्तर में आकर बैठक करें। लेकिन, बुजुर्ग इस बात से सहमत नहीं हैं। उनका कहना है कि पहले गलत तरीके से भर्ती किए 32 कर्मचारियों को नौकरी से निकालकर उनके 79 परिवारों के आश्रितों को नियुक्ति पत्र दिए जाएं। तभी वे नीचे उतरेंगे। बारिश और धूप बन रही जान के लिए आफत प्रधान दयाल सिंह ने बताया कि दोनो बुजूर्ग 80 साल से ज्यादा आयु के हैं। पहले भी 13 बार टावरों या ओवरहेड टंकियों पर चढ़कर जान खतरे में डाल चुके हैं। इस बार उन्हें ऐसे जोखिम भरे किसी प्रदर्शन से परिवार और कमेटी में मना किया था। लेकिन, दोनों नहीं माने और मंगलवार सुबह साइकिल लेकर दोनों अपने-अपने घरों से निकल गए। 72 घंटे से अधिक का समय बीत चुका है। रोज कभी बारिश से मौसम ठंडा तो कभी तेज धूप। वहीं, खाने के लिए सीमित सामान ही पहुंचाया जा रहा है। ऐसे में दोनों काफी कमजोर हो चुके हैं और उनकी तबीयत खराब हो रही है। नहीं पहुंचा कोई लीडर, चुनाव में करेंगे बहिष्कार प्रधान दयाल सिंह का कहना है कि गांव जैनी जुगियाल के 79 विस्थापित परिवारों में 200 से अधिक वोट है। चुनाव आने पर नेता घर-घर जाकर वोट मांगते हैं। हर बार उनका मसला सुलझाने का वायदा किया जाता है। लेकिन, आज तक न तो नियमों के विपरीत नौकरी पाने वाले 32 लोगों पर कार्रवाई हुई और न ही उनके किसी परिवार को नौकरी मिली। ऐसे में अब चुनाव के दौरान सभी पार्टियों का बहिष्कार किया जाएगा। बांध प्रशासन ने मीटिंग का दिया ऑफर बांध प्रशासन के सुपरिटेडेंट इंजीनियर कुलविंदर सिंह का कहना है कि बैराज औसती संघर्ष कमेटी जैनी को बैठक का प्रस्ताव दिया है। मसला बैठक से ही निकलेगा। लेकिन, प्रदर्शनकारी टावर से नीचे नहीं उतर रहे। हालांकि, प्रशासन ने हर तरह से सुरक्षा व्यवस्था की है।
झुंझुनूं जिले की 19 नगरीय निकायों में 27 अगस्त से शुरू हुए चुनाव के लिए भाजपा और कांग्रेस प्रत्याशी चयन कर रही हैं। दोनों दलों ने वार्डवार दावेदारों के पैनल और फीडबैक प्रदेश स्तर पर भेजे हैं। टिकट के लिए संगठन सक्रियता, जनाधार, सामाजिक-जातीय समीकरण और जीत की संभावना देखी जा रही है। नामांकन 31 अगस्त तक होंगे और 9 व 11 सितंबर को दो चरणों में मतदान होगा। 19 निकायों में प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया अंतिम दौर में झुंझुनूं जिले में नगर परिषद झुंझुनूं समेत 18 नगरपालिकाओं में पार्षद चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। भाजपा और कांग्रेस दोनों दल अपने प्रत्याशियों के चयन की अंतिम प्रक्रिया में जुटे हुए हैं। जयपुर में प्रदेश स्तर पर चल रही बैठकों में जिले से भेजे गए पैनलों और फीडबैक पर मंथन किया जा रहा है। दोनों दल ऐसे उम्मीदवारों पर फोकस कर रहे हैं, जिनकी स्थानीय स्तर पर मजबूत पकड़ हो और जो चुनाव जीतने की क्षमता रखते हों। टिकट के लिए इन आधारों पर हो रहा फैसला सूत्रों के अनुसार टिकट वितरण में संगठन के प्रति सक्रियता, वार्ड में जनाधार, सामाजिक और जातीय समीकरण, पिछले चुनाव का प्रदर्शन और जीत की संभावना को प्रमुख आधार बनाया जा रहा है। कई वार्डों में एक से ज्यादा मजबूत दावेदार होने के कारण नामों पर विस्तार से चर्चा चल रही है। कांग्रेस में अब तक 1500 से ज्यादा और भाजपा में भी करीब 1500 से ज्यादा आवेदन आने की बात कही जा रही है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि शनिवार-रविवार या 28 अगस्त के बाद दोनों प्रमुख दल अपनी अधिकृत प्रत्याशी सूची जारी कर सकते हैं। कांग्रेस में झुंझुनूं, बगड़ और सुल्ताना पर देर रात तक मंथन कांग्रेस में झुंझुनूं नगर परिषद, बगड़ और सुल्ताना नगरपालिका को लेकर देर रात तक बैठकें चलीं। झुंझुनूं और सांसद निवास पर दावेदारों के नामों पर मंथन हुआ। जिले के प्रभारियों और स्थानीय नेताओं से प्रत्येक वार्ड की राजनीतिक स्थिति, दावेदारों की स्वीकार्यता और जीत की संभावना पर चर्चा की गई। पार्टी ऐसे दावेदार को टिकट देने पर विचार कर रही है, जिसकी स्थानीय स्तर पर मजबूत पकड़ हो। जिन वार्डों में मजबूत उम्मीदवार नहीं मिले, वहां दूसरे वार्डों के प्रभावशाली नेताओं को मैदान में उतारने जैसे विकल्पों पर भी विचार किया जा रहा है। कांग्रेस भाजपा की सूची पर भी नजर बनाए हुए है। सूची जारी होने के बाद कुछ वार्डों में रणनीति में बदलाव संभव है। सांसद बृजेंद्र सिंह ओला के कार्यालय माननगर में दावेदारों और उनके समर्थकों की मौजूदगी बनी हुई है। विधायक और वरिष्ठ नेता संभाल रहे अपने-अपने क्षेत्र पिलानी विधायक पितराम काला, श्रवण कुमार, डॉक्टर जितेंद्र सिंह, डॉ राजकुमार शर्मा, अमित ओला और मनीषा गुर्जर अपने-अपने विधानसभा इलाकों में सक्रिय हैं। रीटा चौधरी जिलाध्यक्ष के रूप में जिला स्तर पर कांग्रेस संगठन को संभाल रही हैं। कई निकायों के प्रभारी भी नियुक्त किए गए हैं। ये प्रभारी स्थानीय विधायकों, पूर्व विधायकों और वरिष्ठ नेताओं के साथ समन्वय कर रहे हैं। भाजपा में संगठन को प्राथमिकता भाजपा में संगठन पहले और उम्मीदवार बाद में की रणनीति अपनाई जा रही है। जिलाध्यक्ष हर्षिनी कुलहरी के नेतृत्व में सभी निकायों के लिए संयोजक-सहसंयोजक और चुनाव प्रबंधन समितियां घोषित की जा चुकी हैं। जिला संगठन प्रभारी कमल सिखवाल और सह प्रभारी मुकेश गोयल की भूमिका भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। विधायक राजेंद्र भाम्बू झुंझुनूं विधानसभा क्षेत्र की निकायों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। अन्य विधानसभा क्षेत्रों में भी संबंधित विधायक सक्रिय हैं। खेतड़ी और नवलगढ़ जैसे क्षेत्रों में भाजपा विधायक स्थानीय निकायों के टिकट वितरण और चुनावी रणनीति में शामिल हैं। पूर्व सांसद और वरिष्ठ नेता भी दावेदारों को लेकर फीडबैक दे रहे हैं। बगावत रोकने के लिए सीनियर लीडरशिप को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन निकायों में दावेदार नेताओं से कर रहे संपर्क नगर परिषद झुंझुनूं के अलावा चिड़ावा, खेतड़ी, पिलानी, नवलगढ़, मंडावा, मुकुंदगढ़, बगड़, सूरजगढ़, उदयपुरवाटी, बुहाना, सिंघाना, अलसीसर, डूंडलोद, बिसाऊ और मलसीसर समेत अन्य निकायों में टिकट दावेदार लगातार सांसद, विधायकों, विधायक प्रत्याशियों और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से संपर्क बनाए हुए हैं। कई दावेदार अंतिम समय तक अपनी दावेदारी मजबूत करने के लिए संगठन पदाधिकारियों से मुलाकात कर रहे हैं। टिकट नहीं मिलने की स्थिति में कई वार्डों में निर्दलीय चुनाव लड़ने की चर्चाएं भी शुरू हो गई हैं। इससे भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों की चिंता बढ़ी हुई है। सूची जारी होते ही तेज होगा प्रचार नामांकन प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही अब भाजपा और कांग्रेस की प्रत्याशी सूची का इंतजार है। सूची जारी होते ही जिले की सभी 19 नगरीय निकायों में चुनाव प्रचार तेज होगा। प्रत्याशी घर-घर जनसंपर्क शुरू करेंगे। वहीं दोनों दल अपने-अपने पक्ष में माहौल बनाने के लिए चुनावी गतिविधियां तेज करेंगे। कई वार्डों में नए चेहरे उतरने की संभावना राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार इस बार झुंझुनूं जिले के कई वार्डों में मुकाबला रोचक रह सकता है। टिकट वितरण के बाद कई नए चेहरे चुनाव मैदान में उतर सकते हैं। वहीं कुछ पुराने पार्षदों के टिकट कटने की भी संभावना है। ऐसे में प्रत्याशी चयन चुनावी नतीजों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। जिले में कुल 4.35 लाख से ज्यादा मतदाता हैं। इनमें नगर परिषद झुंझुनूं में सबसे ज्यादा करीब 92,600 वोटर हैं। 31 अगस्त तक नामांकन, 9 और 11 सितंबर को मतदान नामांकन प्रक्रिया गुरुवार 27 अगस्त से शुरू हो चुकी है। नामांकन पत्र रोजाना सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक स्वीकार किए जा रहे हैं। नामांकन की अंतिम तारीख 31 अगस्त है। 1 सितंबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी। 3 सितंबर तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। 4 सितंबर को चुनाव चिन्ह आवंटित किए जाएंगे। मतदान दो चरणों में होगा। पहले चरण में 9 सितंबर को नौ निकायों में मतदान होगा। इनमें नगर परिषद झुंझुनूं, बगड़, सुल्ताना, नवलगढ़, जाखल, मुकुंदगढ़, डूंडलोद, खेतड़ी और उदयपुरवाटी शामिल हैं। दूसरे चरण में 11 सितंबर को शेष दस निकायों में मतदान होगा। इनमें पिलानी, चिड़ावा, मंड्रेला, विद्याविहार, सूरजगढ़, सिंघाना, बुहाना, मंडावा, बिसाऊ और मलसीसर शामिल हैं।
दाना मंडी जगराओं में धान की बिक्री के बाद भुगतान को लेकर हुए विवाद में थाना सिटी जगराओं पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और अमानत में खयानत का मामला दर्ज किया है। आरोप है कि धान की बिक्री के बावजूद किसान को पूरी भुगतान राशि नहीं दी गई और मंडी रिकॉर्ड में भी कथित हेराफेरी की गई। मामले में नामजद आरोपियों की पहचान कोठे हांस निवासी हरमिंदर सिंह, गांव पब्बिया निवासी बलजिंदर सिंह और हीरा बाग निवासी हरपाल सिंह के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार तीनों आरोपी फिलहाल फरार हैं और उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। गुरसेवक सिंह की शिकायत पर मामला दर्ज बस स्टैंड चौकी इंचार्ज आत्मा सिंह ने बताया कि यह मामला गुरसेवक सिंह की शिकायत पर दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ता के अनुसार, उनके पिता इंद्रजीत सिंह की धान की फसल दाना मंडी जगराओं में एक आढ़ती फर्म के माध्यम से बेची गई थी। 9 और 10 नवंबर 2021 को जारी रसीदों में कुल 512 बोरियों का उल्लेख था, जिनमें प्रत्येक बोरी का वजन करीब 37.5 किलोग्राम था। शिकायत में आरोप लगाया गया कि धान की बिक्री के बावजूद संबंधित जे-फार्म और भुगतान का पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराया गया। इसके अलावा दोनों पक्षों के बीच करीब चार लाख रुपये के पुराने लेन-देन को लेकर भी विवाद था। शिकायतकर्ता का कहना है कि एक समझौते के तहत धान की फसल को पुराने हिसाब में समायोजित किया गया और 27,430 रुपये नकद भी दिए गए थे। पुलिस ने मार्केट कमेटी जगराओं से रिकॉर्ड हासिल कर जांच की। दस्तावेजों, बैंक स्टेटमेंट और गवाहों के बयानों की पड़ताल के बाद तीनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया। पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद मामले में और खुलासे हो सकते हैं।
जावाल कस्बे में मेघवाल समाज द्वारा संचालित 22वें राम रसोड़े का शुभारंभ किया गया। यह आयोजन हर वर्ष की तरह इस बार भी आस्था और सेवा के अनूठे संगम के रूप में शुरू हुआ है। कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ मंदिर के पुजारी संत दशरथ जी महाराज के सान्निध्य में हुआ। उन्होंने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ बाबा की महाआरती की और महाप्रसादी का भोग लगाया। इस शुभारंभ समारोह में मेघवाल समाज के गणमान्य नागरिक, वरिष्ठ जन, युवा और बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं। सभी ने भक्ति भाव से बाबा के जयकारे लगाए, जिससे पूरा वातावरण धर्ममय हो गया। आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि यह राम रसोड़ा पूरे एक महीने तक चलेगा। यहां से गुजरने वाले हजारों पदयात्रियों और श्रद्धालुओं को दिन-रात निशुल्क सेवाएं प्रदान की जाएंगी। राम रसोड़े में यात्रियों के लिए 24 घंटे निशुल्क जलपान, गरमा-गरम नाश्ता, दोनों समय का भोजन और प्राथमिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। इसके अतिरिक्त, रात्रि विश्राम और ठहरने की भी पूर्णतः निशुल्क व्यवस्था की गई है। समाज के युवा इस सेवा कार्य में सक्रिय रूप से सहयोग कर रहे हैं।
डीडवाना-कुचामन में आगामी नगरीय निकाय चुनावों की तैयारियों ने जोर पकड़ लिया है। इसी कड़ी में, जिला निर्वाचन अधिकारी अवधेश मीना और पुलिस अधीक्षक डॉ. प्यारेलाल शिवरान ने डीडवाना एवं कुचामन सिटी के विभिन्न मतदान केंद्रों का गहन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान, अधिकारियों ने राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुरूप मतदान केंद्रों पर उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं का जायजा लिया। इसमें पेयजल, रैंप, विद्युत आपूर्ति, शौचालय और छायादार स्थान जैसी आवश्यक व्यवस्थाएं शामिल थीं। जिला निर्वाचन अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि मतदाताओं को मतदान के दौरान कोई असुविधा न हो, इसके लिए सभी आवश्यक सुविधाएं समय पर सुनिश्चित की जाएं। जिला निर्वाचन अधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने मतदान केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था तथा उनकी संवेदनशीलता की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को सभी मतदान केंद्रों का भौतिक सत्यापन सुनिश्चित करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने ईवीएम मशीनों की सुरक्षा के लिए बनाए गए स्ट्रांग रूम का भी निरीक्षण किया। इस दौरान स्ट्रांग रूम की सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरों की कार्यप्रणाली और अन्य सुरक्षा मानकों के अनुपालन की जांच की गई। अधिकारियों ने संबंधित कर्मचारियों को निर्देश दिए कि सुरक्षा प्रबंधों में कोई कमी न रहे और आयोग के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए। निरीक्षण के समय अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हिमांशु शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विमल नेहरा, संबंधित क्षेत्रों के सहायक रिटर्निंग अधिकारी और अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित थे।
हिसार में भीड़ का फायदा उठाकर 4,380 रुपए चुराए:जेब काटने वाला आरोपी गिरफ्तार, 4 हजार कैश बरामद
हिसार जिले के उकलाना मंडी में सेवा सदन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान भीड़ का फायदा उठाकर जेब से नकदी चोरी करने के मामले में उकलाना पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर चोरी की गई रकम में से 4 हजार रुपए बरामद कर लिए हैं। आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार, भैरी अकबरपुर निवासी सुल्तान पुत्र इन्द्राज सिंह ने थाना उकलाना में शिकायत दी थी कि वह 27 अगस्त को सेवा सदन उकलाना में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने आया था। कार्यक्रम के दौरान काफी भीड़ थी। इसी बीच किसी व्यक्ति ने भीड़ का फायदा उठाकर उसकी जेब से 4,380 रुपए निकाल लिए और मौके से फरार हो गया। शिकायत मिलने पर थाना उकलाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। एसआई सुभाष के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी बलविन्द्र पुत्र छित्तर राम निवासी गांव खैर, थाना गढ़ी, जिला जींद को गिरफ्तार कर लिया। निशानदेही पर नकदी बरामद पुलिस पूछताछ के दौरान आरोपी की निशानदेही पर चोरी की रकम में से 4 हजार रुपए नकद बरामद किए गए। पुलिस ने बरामद राशि को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी की। मेडिकल जांच के बाद आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। अपराधों पर पुलिस की नजर हिसार एसपी सिद्धान्त जैन ने कहा कि आमजन की संपत्ति की सुरक्षा पुलिस की प्राथमिकता है। चोरी, जेबतराशी, झपटमारी और अन्य संपत्ति संबंधी अपराधों में संलिप्त आरोपियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने लोगों से अपील की, कि भीड़भाड़ वाले स्थानों पर अपने मोबाइल, नकदी और अन्य कीमती सामान का विशेष ध्यान रखें।
रक्षाबंधन त्योहार के मौके पर कानपुर जिला कारागार में बंद भाइयों की कलाई पर राखी बांधने के लिए बड़ी संख्या में बहनें पहुंची। बहने सुबह 7 बजे से ही अपने भाई से मिलने के लिए पहुंचने लगी थी। हाथों में राखी और मिठाई लेकर बहनों ने कतार में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार किया। मुलाकात के दौरान जेल में बंद भाइयों को रक्षा सूत्र बांधते समय बहनों की आंखें नम हो गईं। इस मौके पर बहनों ने भाइयों से अपराध से दूर रहने का वचन लिया। जेल से बाहर निकलने के बाद बहनों ने कहा कि बस यही कामना है कि जेल में बंद सभी भाइयों जल्द से जल्द रिहाई मिले, अगला रक्षाबंधन का त्योहार अपने–अपने घरों में मनाएं। पहले देखिए तीन तस्वीरें… सुबह 7:30 बजे से बहनों को जेल में दी गई इंट्री सुबह 6 बजे से ही कानपुर जेल के बाहर बहनों की भीड़ जुटने लगी थी। देखते ही देखते जिला कारागार प्रतीक्षालय में भाइयों से मिलने के लिए बहनों में नंबर लिखवाने की होड़ मच गई। सज–धज कर आई बहनें अपनी–अपनी बारी के इंताजर करती रही। सुबह 7:30 बजे से राखी बांधने के लिए बहनों को जेल में प्रवेश दिया गया। सुरक्षा के लिहाज से कड़ी चेकिंग के बाद बहनों को उनके भाइयों से मिलाया गया। जेल प्रशासन ने भी राखी बांधने आई बहनों को इस बार विशेष सुविधा मुहैया कराई। इसके तहत खुले मैदान में राखी बांधने की व्यवस्था की गई। बहनों को उमस भरी गर्मी में राहत देने के लिए कारागार कंपाउंड में विशाल पंडाल, ठंडे पानी और पंखों की व्यवस्था की गई। इस दौरान जेल सुपरिटेंडेंट राजेश कुमार पांडेय ने बताया कि राखी और मिठाई भूलवश न लाने वाली बहनों के लिए जेल प्रशासन निशुल्क रक्षासूत्र और मिठाई मुहैया कराएगा। बहनों के राखी बांधने पर समय की पाबंदी नही बहनों के राखी बांधने की समय सीमा पर कोई पाबंदी नहीं है। प्रत्येक बहन को अपने भाई की कलाई में राखी बांधने का पूरा मौका दिया जाएगा। बहनों को किसी भी प्रकार की असुविधा न होने पाए इसके लिए कर्मचारियों को निर्देशित किया गया है। सुरक्षा के मद्देनजर सीसीटीवी कैमरा से भी जेल परिसर की निगरानी की जा रही है। दोपहर 12 बजे तक 500 बहने अपने भाइयों को राखी बांध चुकी हैं। वहीं राखी बांधने के दौरान जेल से भावुक होकर लौटी बहन आरती तिवारी व चाहत ने बताया कि सुबह 7 बजे वह कानपुर जेल पहुंच गई थी। उन्होंने कहा कि पहले जेल के बाहर बैठने की व्यवस्था नहीं होती थी, लेकिन इस बार पर्याप्त व्यवस्था की गई है। ठंडा पानी भी पीने को मिला, पंडाल में पंखे भी लगाए गए है। आरती और चाहत कहा कि बस यही कामना है कि जेल में बंद सभी भाई जल्द से जल्द रिहा हो जाएं।
अयोध्या जिले रौनाही टोल प्लाजा फायरिंग कांड की जांच में पुलिस अब घटना के वास्तविक क्रम को सामने लाने में जुटी है।एसएसपी के निर्देश पर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एसओजी, सर्विलांस समेत कई पुलिस टीमें लगाई गई हैं। पुलिस टोल प्लाजा के साथ हाईवे किनारे स्थित होटल और दुकानों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है।शुक्रवार28अगस्त को सीओ प्रतीक कुमार ने बताया कि घटना का जल्द खुलासा किया जाएगा। पुलिस सूत्रों के मुताबिक,जांच घायल युवक के भाई की ओर से दी गई तहरीर में बताए गए घटनाक्रम से अलग दिशा में भी जा सकती है। पुलिस यह पता लगा रही है कि घटना के समय मौके पर कौन-कौन से वाहन मौजूद थे और विवाद फायरिंग तक कैसे पहुंचा। बताया गया कि मंगलवार रात करीब दो बजे लखनऊ की ओर से अयोध्या जा रही काले रंग की थार रौनाही टोल प्लाजा पहुंची।टोल टैक्स को लेकर विवाद के बाद थार सवारों पर बैरियर तोड़कर निकलने का आरोप है। इसके बाद टोल कर्मियों ने वाहन का पीछा किया। टोल से करीब सौ मीटर आगे विवाद बढ़ा और तीन राउंड फायरिंग हुई। इसमें रौनाही निवासी 28 वर्षीय सूफियान के पेट में गोली लगी।लखनऊ के अस्पताल में ऑपरेशन के बाद गोली निकाल दी गई। घायल के भाई मो. शादाब की तहरीर में थार के साथ स्कार्पियो-एन का भी उल्लेख है। तहरीर के अनुसार, स्कार्पियो-एन से पहुंचे लोगों का टोल कर्मियों से विवाद हुआ और सूफियान ने बीच-बचाव का प्रयास किया। आरोप है कि सात-आठ लोगों ने उसे वाहन में बैठाने की कोशिश की और भागने के दौरान गोली मार दी। पुलिस अब दोनों वाहनों की मौजूदगी और भूमिका की जांच कर रही है।वहीं,घटना की सूचना कई घंटे बाद पुलिस को मिलने और टोल प्रबंधन की ओर से तत्काल शिकायत न किए जाने के पहलू की भी जांच हो सकती है। टोल के आसपास देर रात संचालित होटल-दुकानों और फाइनेंस वाहनों से कथित वसूली करने वालों की गतिविधियां भी चर्चा में हैं।हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी,अन्य साक्ष्यों और आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।
अचरोल रेंज के बोबाड़ी गांव में पिछले पांच दिनों से लेपर्ड का लगातार मूवमेंट देखा जा रहा है। लेपर्ड अब आबादी वाले क्षेत्रों में स्थित पशु बाड़ों में घुसकर मवेशियों को निशाना बना रहा है। बुधवार देर रात लेपर्ड ने छह फीट ऊंची दीवार फांदकर पशु बाड़े में घुस गया और बंधे मवेशी का शिकार कर लिया। पांच दिनों में तीसरी घटना घटना के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए और वन विभाग और प्रशासन के प्रति नाराजगी व्यक्त की। सूचना मिलने पर फोरेस्टर जितेंद्र जाट ने पशुपालक मुकेश धानका से जानकारी लेकर मौका रिपोर्ट तैयार की। ग्रामीणों ने लेपर्ड को जल्द पकड़ने के लिए प्रभावी निगरानी और गश्त बढ़ाने की मांग की है। लगातार हमलों के बाद वन विभाग ने चार दिन पहले शिव डूंगरी की पहाड़ी पर एक पिंजरा लगाया था, लेकिन लेपर्ड उसमें नहीं फंसा। इसके बाद विभाग ने पिंजरे की जगह बदल दी है। अब पहाड़ी और गांव के पास दो स्थानों पर ट्रैप कैमरे लगाकर लेपर्ड की निगरानी शुरू कर दी गई है। अचरोल रेंजर गौरव राठी ने बताया कि लेपर्ड को पकड़ने के लिए एक टीम गठित की गई है। उन्होंने कहा कि पिंजरे की लोकेशन बदली गई है और उसके मूवमेंट पर नजर रखने के लिए दो ट्रैप कैमरे लगाए गए हैं। लेपर्ड को जल्द ही पकड़ लिया जाएगा।
देवरिया में रक्षाबंधन के अवसर पर 'राखी विद खाकी' कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान स्कूली छात्राओं और बच्चों ने पुलिस अधिकारियों और जवानों की कलाई पर राखी बांधी। SP अभिजित आर. शंकर के निर्देश पर यह कार्यक्रम रिजर्व पुलिस लाइन और जिले के विभिन्न थानों में संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पुलिस और बेटियों के बीच स्नेह, विश्वास और सुरक्षा के रिश्ते को मजबूत करना था। पुलिसकर्मियों ने बच्चों को आशीर्वाद देते हुए उनकी सुरक्षा और सम्मान के लिए सदैव तत्पर रहने का भरोसा दिलाया। रिजर्व पुलिस लाइन में आरबीटी स्कूल की छात्राओं ने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को राखी बांधी। छात्राओं ने पुलिसकर्मियों के स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की कामना की। इसी क्रम में, हाटा रोड, पुरवा स्थित एसेन्ट एकेडमी ऑफ साइंसेज की छात्राओं और शिक्षिकाओं ने भी पुलिस लाइन पहुंचकर जवानों को रक्षा सूत्र बांधा। छात्राओं ने कहा कि पुलिसकर्मी अपने परिवार से दूर रहकर भी त्योहारों पर ड्यूटी करते हैं और समाज की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। राखी बांधते समय छात्राओं में पुलिसकर्मियों के प्रति सम्मान और अपनत्व स्पष्ट दिखाई दिया। जवानों ने भी छात्राओं को आशीर्वाद देते हुए बालिकाओं और महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और सहयोग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, ‘राखी विद खाकी’ का उद्देश्य पुलिस और आमजन के बीच विश्वास एवं सहयोग की भावना को मजबूत करना है। इस कार्यक्रम के माध्यम से बेटियों और महिलाओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने तथा उनके प्रति पुलिस की संवेदनशीलता का संदेश दिया गया। थानों में भी पहुंचीं स्कूल की छात्राएंखामपार थाने में एलबीएस स्कूल की छात्राओं ने थानाध्यक्ष बलराम सिंह समेत पुलिसकर्मियों को राखी बांधी। पुलिसकर्मियों ने छात्राओं को चॉकलेट और मिठाई वितरित की। सुरौली थाना क्षेत्र में जीवन ज्योति स्कूल बैदा और एकल विद्यालय पकड़ी बाजार के बच्चों एवं स्कूल स्टाफ ने थानाध्यक्ष अविनाश मौर्य समेत पुलिसकर्मियों की कलाई पर राखी बांधी। पुलिस ने बच्चों को चॉकलेट देकर सुरक्षा का भरोसा दिलाया। भटनी थाने में नेशनल पब्लिक स्कूल के बच्चों ने थाना प्रभारी समेत पुलिसकर्मियों को राखी बांधी। बच्चों की पहल से थाने का माहौल खुशनुमा हो गया। गौरीबाजार थाने में एसबीटी पब्लिक स्कूल और डैफोडिल्स पब्लिक स्कूल की छात्राओं ने थानाध्यक्ष मृत्युंजय राय समेत पुलिसकर्मियों को रक्षा सूत्र बांधा। रुद्रपुर में प्रभारी निरीक्षक कल्याण सिंह सागर पुलिसकर्मियों के साथ सेंट जेवियर्स पब्लिक स्कूल पहुंचे। यहां छात्राओं के साथ रक्षाबंधन मनाया गया। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि देवरिया पुलिस जिले की बेटियों और महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वाभिमान के लिए सदैव प्रतिबद्ध है। ‘जवानों के त्याग को नमन’ एसेंट एकेडमी के कार्यक्रम के आयोजक सीए अजय बरनवाल ने कहा कि बेटियों द्वारा पुलिस जवानों को राखी बांधना उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का भावपूर्ण प्रयास है। जो जवान लोगों की सुरक्षा के लिए अपना सुख-चैन और त्योहार तक त्याग देते हैं, उनके साथ रक्षाबंधन मनाना गर्व और सौभाग्य की बात है। कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय के प्रधानाचार्य नन्दराम प्रजापति, शिक्षक पुष्पा यादव, शुभांगी मणि, प्रीति जायसवाल और अभिषेक का सहयोग रहा।
मध्य प्रदेश पुलिस बैंड भर्ती में सिलेक्शन के नाम पर '5 बजे की ट्रेन' यानी 5 लाख रुपए की डील करने वाले प्रभारी सुनील कटारे को पुलिस मुख्यालय (PHQ) की जांच में दोषी पाया गया है। दैनिक भास्कर के स्टिंग ऑपरेशन के बाद शुरू हुई जांच की रिपोर्ट सामने आने के बाद अब 7वीं बटालियन के कमांडेंट हितेश चौधरी को कटारे के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई तय करनी है। दूसरी ओर, भर्ती प्रक्रिया पर कानूनी शिकंजा भी कस गया है। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने भर्ती के रिजल्ट पर रोक लगाते हुए सरकार से 7 दिन में जवाब मांगा है। जबलपुर और ग्वालियर बेंच में भी याचिकाओं के जरिए भर्ती में कथित अनियमितताओं को चुनौती दी गई है। 'उनका आचरण गलत था': PHQ की जांच रिपोर्ट भास्कर के खुलासे के बाद पुलिस मुख्यालय ने डीआईजी सुनील पांडेय को जांच सौंपी। पांडेय ने इंस्पेक्टर सुनील कटारे को तलब कर बयान दर्ज किए और रिपोर्ट एडीजी (SAF) चंचल शेखर को सौंप दी। रिपोर्ट में कहा गया है कि स्टिंग ऑपरेशन के दौरान कटारे ने जो बातें कहीं, वे उन्हें नहीं कहनी चाहिए थीं और उनका आचरण गलत पाया गया। 4 मुलाकातों में कैमरे पर कोड वर्ड में डील: ऐसे हुआ खुलासा पुलिस बैंड भर्ती में सिलेक्शन के खेल की पड़ताल के लिए भास्कर के रिपोर्टर ने एक डमी कैंडिडेट तैयार किया और प्रभारी सुनील कटारे से संपर्क किया। चार मुलाकातों के दौरान हुई बातचीत कैमरे में रिकॉर्ड हुई। हाईकोर्ट की तीन बेंच में याचिकाएं: कहां क्या सवाल उठे पुलिस बैंड भर्ती को लेकर रिश्वत के आरोपों के साथ नियमों के उल्लंघन के दावे भी सामने आए हैं। इन्हीं मुद्दों को लेकर हाईकोर्ट की तीन अलग-अलग बेंच में याचिकाएं दायर की गई हैं। 1. इंदौर बेंच: 3 गुना अभ्यर्थियों को बुलाने के नियम पर सवाल, रिजल्ट पर रोक इंदौर बेंच ने नीलेश सिंह की याचिका पर सुनवाई करते हुए भर्ती के रिजल्ट पर रोक लगा दी। याचिकाकर्ता के वकील गगन बजाड़ ने कहा कि गृह विभाग ने 679 पदों के लिए विज्ञापन जारी किया था। नियम के मुताबिक, पदों की संख्या के तीन गुना यानी 2,037 अभ्यर्थियों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाना था, लेकिन विभाग ने 1,240 अभ्यर्थियों को बुलाया। याचिका में इसे नियमों का उल्लंघन बताया गया है। कोर्ट ने सरकार से इंटरव्यू के लिए अभ्यर्थियों के चयन का आधार और पात्र सूची पेश करने को कहा है। अगली सुनवाई सितंबर के पहले सप्ताह में होगी। 2. जबलपुर बेंच: पूरी भर्ती प्रक्रिया अंतिम फैसले के अधीन रणजीत सिंह ठाकुर और पवन पुट्टा की याचिका पर सुनवाई करते हुए जबलपुर बेंच ने पूरी भर्ती प्रक्रिया को याचिका के अंतिम निर्णय के अधीन कर दिया। याचिका के मुताबिक, रूलबुक की कंडिका 8 के तहत एक पद के लिए तीन अभ्यर्थियों को स्किल टेस्ट/इंटरव्यू के लिए बुलाया जाना था। 650 से अधिक पदों के हिसाब से करीब 2,100 अभ्यर्थियों को बुलाया जाना था, लेकिन 1,200 की सूची जारी की गई। याचिका में यह भी कहा गया कि SC, ST और UR (अनारक्षित) वर्ग का कटऑफ घोषित नहीं किया गया। कोर्ट ने विभाग को 4 सप्ताह में पूरा डेटा पेश करने का निर्देश दिया है। 3. ग्वालियर खंडपीठ: EWS छूट और भर्ती की पारदर्शिता पर सवाल ग्वालियर के प्रशांत उपाध्याय ने भर्ती की पारदर्शिता को लेकर याचिका दायर की है। उनका कहना है कि उन्हें वादन (इंस्ट्रूमेंट बजाने) की 'A' और 'B' दोनों चयन प्रक्रियाओं में योग्य घोषित किया गया, फिर भी अंतिम इंटरव्यू के लिए नहीं बुलाया गया। याचिका में आरोप है कि पुलिस आरक्षक बैंड भर्ती में 2019 के शासनादेश का पालन नहीं किया गया। इसके तहत EWS (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) के अभ्यर्थियों को न्यूनतम अंकों में 10% की छूट का प्रावधान बताया गया है।……………………………….. भास्कर की इस खबर के बाद एक्शन हुआ 5 बजे की 'ट्रेन’ से पुलिस बैंड ‘नौकरी का टिकट’!:कोडवर्ड से सीट बेचने को तैयार अफसर, दफ्तर नहीं दरगाह में करते हैं सेटिंग विशेष सशस्त्र बल (SAF) के एडीजी चंचल शेखर ने भास्कर से बातचीत में दावा किया कि मध्य प्रदेश पुलिस बैंड की भर्ती प्रक्रिया फुलप्रूफ और पारदर्शी हैं, लेकिन दैनिक भास्कर के इन्वेस्टिगेशन में तस्वीर कुछ और सामने आई। मध्य प्रदेश बैंड स्कूल के प्रभारी और चयन समिति के सदस्य इंस्पेक्टर सुनील कटारे कैमरे पर डमी कैंडिडेट का रोल नंबर नोट करते और कोडवर्ड में रकम की डील करते दिखे। डमी कैंडिडेट के सिलेक्शन की जुगाड़ के लिए रिपोर्टर ने कटारे से चार बार मुलाकात की। पढ़ें पूरी खबर…
हनुमानगढ़ टाउन थाना पुलिस ने दहेज विवाद को लेकर हुए हमले में एक व्यक्ति की मौत के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में ससुर धन्नाराम (58) और दादा ससुर भागीरथ (84) शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, दहेज को लेकर चल रहे विवाद में बातचीत के लिए ससुराल पहुंचे महिला के परिजनों पर हमला किया गया था। इस दौरान कृष्ण कुमार के सिर पर सब्बल से हमला किया गया, जिससे उसकी मौत हो गई। 24 अगस्त को दर्ज हुई थी शिकायतपुलिस के अनुसार, चौहिलांवाली निवासी ममता पत्नी कुलदीप ने 24 अगस्त 2026 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। ममता ने बताया कि उसकी दो बहनों उषा और सरोज की शादी करीब छह साल पहले एक ही परिवार में हुई थी। शादी के कुछ समय बाद से ही ससुराल पक्ष के लोग कम दहेज लाने के ताने देकर दोनों बहनों के साथ मारपीट, गाली-गलौज और मानसिक व शारीरिक प्रताड़ना कर रहे थे। बातचीत से मामला सुलझाने पहुंचे थे परिजनलगातार प्रताड़ना से परेशान होकर ममता ने अपने भाई राजेराम को मामले की जानकारी दी। इसके बाद 24 अगस्त को राजेराम, कृष्ण कुमार और अन्य रिश्तेदार दोनों बहनों के ससुराल पहुंचे। उनका उद्देश्य बातचीत के जरिए विवाद को सुलझाना था। पुलिस के मुताबिक, उनके वहां पहुंचते ही धन्नाराम और अन्य लोगों ने गाली-गलौज शुरू कर दी। घर से निकलते समय पीछे से सब्बल से किया वारपुलिस के अनुसार, बातचीत के बाद जब सभी लोग घर से बाहर निकल रहे थे, तभी धन्नाराम ने पीछे से सब्बल से कृष्ण कुमार के सिर पर हमला कर दिया। इसके बाद दादा ससुर भागीरथ ने भी लाठियों से हमला किया। आरोप है कि धन्नाराम, भागीरथ और अन्य परिजनों ने राजेराम समेत वहां मौजूद अन्य लोगों पर भी लाठियों से मारपीट की। गंभीर हालत में रेफर, रास्ते में मौतहमले में कृष्ण कुमार गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तत्काल राजकीय अस्पताल हनुमानगढ़ टाउन ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे उच्च चिकित्सा केंद्र के लिए रेफर कर दिया। हालांकि, अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही कृष्ण कुमार ने दम तोड़ दिया। इन धाराओं में दर्ज हुआ मामलापुलिस ने मामले में प्रकरण संख्या 555/2026 के तहत बीएनएस की धारा 115(2), 126(2), 351(3), 103(1) और 189(2) में केस दर्ज किया है। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष टीम गठित की। मानवीय और तकनीकी सूचनाओं से आरोपियों तक पहुंची पुलिसविशेष टीम ने मानवीय एवं तकनीकी सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई करते हुए धन्नाराम और भागीरथ को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है। मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका और घटना से जुड़े तथ्यों को लेकर जांच जारी है।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े जासूसी नेटवर्क का खुलासा किया है। पुलिस ने जासूसी के आरोप में दिल्ली के कपल साहिल (25) और उसकी पत्नी समीरा (21) को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, दोनों 2024 से पाकिस्तान में बैठे खुफिया अधिकारियों के संपर्क में थे। वे भारत से जुड़ी संवेदनशील जानकारी जुटाने, 8 भारतीय सिम कार्ड पाकिस्तान भेजने और दूसरे लोगों को जासूसी के लिए तैयार करने में मदद कर रहे थे। अधिकारियों ने बताया कि जांच में इस नेटवर्क के तार दिल्ली से कराची और इस्लामाबाद तक जुड़े मिले हैं। पाकिस्तान में बैठे हैंडलर दोनों को पैसे भी भेजते थे। दुबई के रास्ते पाकिस्तान भेजे 8 भारतीय सिम पुलिस के मुताबिक, साहिल और समीरा ने 2024 से 2025 के बीच 8 भारतीय सिम कार्ड हासिल किए। इन सिम कार्ड को दुबई के रास्ते पाकिस्तान भेजा गया। हैंडलर ने इसके लिए दंपती को 30 हजार रुपए दिए थे। पुलिस ने बताया कि इन नंबरों से पाकिस्तान में वॉट्सऐप अकाउंट एक्टिवेट किए गए। पाकिस्तानी खुफिया अधिकारियों ने इन अकाउंट के जरिए भारत में लोगों से संपर्क किया और संवेदनशील जानकारी जुटाने की कोशिश की। इनमें से कुछ अकाउंट के जरिए भारतीय वॉट्सऐप ग्रुप में भी दाखिल होने की कोशिश की गई। पुलिस के अनुसार, पाकिस्तान में बैठे हैंडलर सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड कम्युनिकेशन प्लेटफॉर्म के जरिए भारत में लोगों से संपर्क कर रहे थे। सैन्य इलाकों की जानकारी जुटाने का आरोप पुलिस का आरोप है कि साहिल को भारत के अलग-अलग हिस्सों में कैंटोनमेंट इलाकों की रेकी करने का काम दिया गया था। उसे जासूसी और फील्ड ऑपरेशन के लिए लोगों को भर्ती करने की जिम्मेदारी भी दी गई थी। जांच में सामने आया कि साहिल ने ट्रिब्यूनल के सामने कोर्ट मार्शल की कार्रवाई का सामना कर रहे सेना के जवानों से जुड़ी जानकारी भी कथित तौर पर उपलब्ध कराई थी। साहिल और समीरा कौन हैं साहिल का जन्म 2001 में हुआ था। उसने दिल्ली की इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी से बीए की डिग्री ली है। पुलिस के मुताबिक, साहिल एक वकील के साथ काम कर चुका है और एलएलबी करने की योजना बना रहा था। उसने जून 2025 में नौकरी छोड़ दी थी और तब से बेरोजगार था। समीरा का जन्म 2005 में हुआ था। उसने केशव पुरम के कन्या विद्यालय से 12वीं तक पढ़ाई की और बाद में कॉरेस्पॉन्डेंस से बीए किया। गिरफ्तारी से पहले समीरा नोएडा के एक कॉल सेंटर में काम कर रही थी। आतंकी संगठनों को लॉजिस्टिक मदद की सूचना से शुरू हुई जांच पुलिस ने बताया कि स्पेशल सेल को आतंकी संगठनों, उनके कथित ओवरग्राउंड वर्कर और स्लीपर सेल को लॉजिस्टिक मदद दिए जाने की जानकारी मिली थी। इसी सूचना के बाद जांच शुरू की गई। जांच आगे बढ़ने पर पुलिस ने ऐसे स्थानीय लोगों की पहचान की, जो नेटवर्क को भारतीय सिम कार्ड हासिल करने और पाकिस्तान में बैठे हैंडलर की भारत के लोगों से बातचीत कराने में मदद कर रहे थे। स्पेशल सेल के अनुसार, साहिल और समीरा की गिरफ्तारी से पाकिस्तान में बैठे खुफिया नेटवर्क और भारत में उसके कथित संपर्कों के बारे में अहम सुराग मिले हैं। ------------------------------------ ये खबर भी पढ़ें… बंगाल के कूचबिहार से 3 संदिग्ध ISI एजेंट गिरफ्तार:STF का दावा- भारतीय सिम कार्ड पाकिस्तान भेज रहे थे; नकली नोट भी बनाते थे पश्चिम बंगाल के कूचबिहार जिले में राज्य पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े 3 संदिग्धोंं को गिरफ्तार किया है। इनकी पहचान राशिदुल हक, नूर नसीरुद्दीन अली और शफीकुल इस्लाम के रूप में हुई है। पूरी खबर पढ़ें…
मथुरा-वृंदावन मार्ग पर गुरुवार देर रात करीब 10 बजे हुए एक सड़क हादसे में एक युवक की उपचार के दौरान मौत हो गई। थाना गोविंद नगर क्षेत्र के जयसिंहपुरा में तेज रफ्तार टेंपो ने बाइक सवार को टक्कर मार दी थी। यह घटना गुरुवार रात करीब 10 बजे हुई। हादसे में वृंदावन निवासी 25 वर्षीय विशाल गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। हादसे का सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया है। फुटेज में दिख रहा है कि वृंदावन की ओर से तेज रफ्तार में आ रहे टेंपो ने मथुरा की तरफ जा रहे बाइक सवार विशाल को आमने-सामने टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही बाइक सवार सड़क पर जा गिरा। दुर्घटना के बाद टेंपो चालक मौके पर रुकने के बजाय वाहन लेकर फरार हो गया। आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और घायल युवक को उपचार के लिए एक निजी अस्पताल ले गए। सूचना मिलने पर परिजन और पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंची। परिजनों ने आरोप लगाया है कि घायल विशाल को समय पर उचित उपचार और आवश्यक सुविधाएं नहीं मिल पाईं। उनका कहना है कि एक अस्पताल में ऑक्सीजन की व्यवस्था न होने की बात कहकर दूसरे अस्पताल ले जाने की सलाह दी गई। काफी प्रयासों के बाद विशाल को जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। युवक की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और परिजनों ने अस्पतालों की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए हंगामा किया। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है। सामने आए सीसीटीवी फुटेज के आधार पर फरार टेंपो और उसके चालक की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।
श्यामपुर पुलिस के हत्थे चढ़े बिहार के मगध साइबर ठगी गैंग के मामले की जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं।
सीएम योगी की सख्ती के बाद कानपुर नगर निगम में ऑपरेशन क्लीन शुरू, 11 निलंबित
कानपुर नगर निगम में ‘ऑपरेशन क्लीन’ शुरू कर दिया है। ठेकेदारों के लिए हुए खुलासे और सीएम योगी की सख्ती के बाद 11 लोगों को निलंबित किया गया है।
उन्नाव जिला कारागार में शुक्रवार को रक्षाबंधन पर्व मनाया गया। सुबह से ही सैकड़ों बहनें अपने भाइयों से मिलने और उन्हें राखी बांधने के लिए जेल के बाहर उमड़ पड़ीं। इस दौरान जेल परिसर के बाहर भावुक और उत्साहपूर्ण माहौल देखने को मिला। बहनों के चेहरों पर लंबे समय बाद भाई से मिलने की खुशी साफ झलक रही थी। जेल अधीक्षक नीरज देव ने इस आयोजन के लिए पहले से ही पुख्ता व्यवस्थाएं की थीं। जेल प्रशासन ने बहनों के लिए क्रमवार मुलाकात की व्यवस्था सुनिश्चित की, ताकि सभी को अपने भाई से मिलने और राखी बांधने का पर्याप्त समय मिल सके। कारागार में प्रवेश करने के बाद बहनों ने अपने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधा, उन्हें मिठाई खिलाई और उनकी लंबी उम्र की कामना की। इस अवसर पर कई बंदियों ने अपनी बहनों से उपहार की जगह जीवन में सही मार्ग पर चलने का वचन दिया। भाई-बहन के मिलन का यह क्रम पूरे दिन अलग-अलग शिफ्टों में चलता रहा। प्रशासन के अनुसार, अब तक लगभग 300 कैदियों की मुलाकात उनकी बहनों से कराई जा चुकी थी। जेल प्रशासन ने इस पूरे आयोजन को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाए रखने के लिए विशेष तैयारियां की थीं। सुरक्षा व्यवस्था, मुलाकात का समय निर्धारण और बहनों को सुरक्षित जेल से बाहर भेजने जैसे सभी पहलुओं पर बारीकी से ध्यान दिया गया। सीओ सिटी विनीत सिंह ने भी जिला कारागार पहुंचकर महिला सिपाहियों की ड्यूटी और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इस आयोजन से कैदियों को मानसिक सुकून मिला और परिवार से उनका जुड़ाव और मजबूत हुआ। लंबे समय से जेल में बंद कैदियों के लिए यह दिन एक नई उम्मीद लेकर आया, जिससे उन्हें यह एहसास हुआ कि उनका परिवार अभी भी उनके साथ है। रक्षाबंधन का यह पर्व केवल एक सांस्कृतिक परंपरा नहीं, बल्कि भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का प्रतीक है। जेल में इस तरह का आयोजन न केवल कैदियों के मनोबल को बढ़ाता है, बल्कि उन्हें समाज की मुख्यधारा से जुड़े रहने का एहसास भी कराता है। इससे उनकी सुधार प्रक्रिया को नई दिशा मिल सकती है। जेल प्रशासन की यह पहल सामाजिक संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण का बेहतरीन उदाहरण है, जिसने रक्षाबंधन के इस पावन अवसर को न केवल विशेष बल्कि यादगार भी बना दिया। कैदियों और उनके परिजनों के लिए यह दिन भावनाओं, प्रेम और रिश्तों की डोर को और मजबूत करने वाला साबित हुआ।
जयपुर सेंट्रल जेल में राखी लेकर पहुंची बहनें:भाई की कलाई पर बांधकर रोने लगीं, खास व्यवस्था की गई
जयपुर सेंट्रल जेल में शुक्रवार सुबह बहनों ने भाइयों को राखी बांधी। जेल के मेन गेट के पास राखी बांधने आई बहनों की मुलाकात की खास व्यवस्था की गई थी। इस दौरान बहनों के आंसू बहने लगे। शुक्रवार सुबह से ही जेल परिसर में बड़ी संख्या में बहनें जेल में बंद अपने भाइयों को राखी बांधने पहुंची। जेल के मेन गेट के पास प्रशासन की ओर से सिक्योरिटी के तहत भाई-बहनों की मुलाकात के लिए व्यवस्था की गई थी। दो मिनट की मुलाकात के दौरान बहनों ने सलाखों के पीछे मौजूद अपने भाइयों को राखी बांधकर मिठाई खिलाई। इस दौरान बहन-भाइयों ने कुछ पल बात कर अपना मन हल्का किया। भावुक हुई बहनें जेल में बंद भाइयों को राखी बांधने आने के दौरान बहनों के चहेरों पर मिलने की उत्सुकता के साथ एक खुशी-मुस्कान झलकती नजर आई। वहीं, राखी बांधकर भाई से कुछ पल की मुलाकात को लेकर भावुक हुई बहनें आंखों में आंसू भरकर लौटती दिखी। सिक्योरिटी के लिए प्रहरी तैनात किए गए जेल प्रशासन की ओर से विशेष मुलाकात की व्यवस्था की गई थी। मुलाकात के दौरान सिलाखों के दोनों तरह सिक्योरिटी के लिए प्रहरी तैनात किए गए थे। दो मिनट की मुलाकात के दौरान ऐसी व्यवस्था की गई, जिससे बहनों को ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़े। जेल में राखी बंधवाने वाले बंदियों को पहले ही गेट के पास बुला लिया गया था।
अंबाला जिले के गांव मोहड़ी में एक किसान से क्रेडिट कार्ड पर हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी बंद कराने के बहाने 1 लाख 35 हजार 565 रुपए की साइबर ठगी हुई है। पीड़ित की शिकायत और ऑनलाइन साइबर अपराध पोर्टल से मिली जीरो एफआईआर के आधार पर अंबाला साइबर क्राइम थाना पुलिस ने अज्ञात ठग के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। गांव मोहड़ी (पोस्ट ऑफिस भानो खेड़ी) निवासी पीड़ित किसान दलजीत सिंह ने पुलिस को बताया कि 26 अगस्त 2026 को उन्हें एक अनजान नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को एचडीएफसी बैंक का कर्मचारी बताया। उसने किसान को बताया कि उनके क्रेडिट कार्ड पर लगी हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी की अवधि समाप्त हो गई है और इसे रिन्यू कराने के लिए 21 हजार 218 रुपए का भुगतान करना होगा। किसान से क्रेडिट कार्ड की जानकारी ली किसान दलजीत सिंह ने ऐसी किसी पॉलिसी के होने से इनकार किया और उसे बंद करने को कहा। इस पर आरोपी ने पॉलिसी बंद करने का झांसा देकर उनके क्रेडिट कार्ड की गोपनीय जानकारी प्राप्त कर ली। क्रेडिट कार्ड की जानकारी मिलते ही ठग ने किसान के खाते से चार अलग-अलग ट्रांजेक्शन में कुल 1 लाख 35 हजार 565 रुपए निकाल लिए। पीड़ित के मोबाइल पर 10 हजार 319 रुपए, 21 हजार 218 रुपए, 82 हजार 800 रुपए और 21 हजार 218 रुपए डेबिट होने के मैसेज प्राप्त हुए। जब किसान ने पैसे कटने का विरोध किया, तो आरोपी ने 24 घंटे में रकम वापस आने का झूठा आश्वासन दिया। ठगी का अहसास होने पर ब्लॉक कराया डेबिट कार्ड ठगी का अहसास होने पर पीड़ित किसान ने तुरंत एचडीएफसी बैंक के टोल-फ्री नंबर पर संपर्क कर अपना क्रेडिट कार्ड ब्लॉक कराया। इसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करके घटना की शिकायत दर्ज कराई। धारा 318(4) और 319(2) BNS के तहत मुकदमा दर्ज साइबर क्राइम पोर्टल (CCTNS) से प्राप्त जीरो एफआईआर (संख्या 529) और पीड़ित की दरखास्त पर संज्ञान लेते हुए साइबर क्राइम थाना अंबाला ने 27 अगस्त 2026 को मुकदमा संख्या 85 दर्ज कर लिया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) (धोखाधड़ी) और 319(2) (पहचान बदलकर धोखाधड़ी करना) के तहत केस दर्ज कर मामले की तफ्तीश शुरू कर दी है।
खजराना गणेश को बांधी गई विशाल राखी
खजराना गणेश को बांधी गई विशाल राखी
अररिया शहर के बाजारों में रक्षाबंधन पर्व को लेकर शुक्रवार सुबह से ही भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह लगभग 6 बजे से ही राखियों और मिठाइयों की दुकानों पर ग्राहकों की चहल-पहल शुरू हो गई। बाजार में मिठाइयों की मांग तेज है, खासकर पारंपरिक मिठाइयों की खरीदारी लगातार जारी है। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार मिठाइयों के दामों में वृद्धि हुई है। बाजार में रसकदम लगभग 400 रुपए, चमचम 360 रुपए, बर्फी 500 रुपए और काजू कतली करीब 1200 रुपए प्रति किलोग्राम की दर से बिक रही है। कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद लोग अपनी पसंद की मिठाइयां खरीदने में पीछे नहीं हट रहे हैं। दुकानदारों को कारोबार अच्छा रहने की उम्मीद मिठाई कारोबार से जुड़े स्थानीय दुकानदार मोहन कुमार, विष्णु साह और अजय साह के अनुसार, रक्षाबंधन के दिन मिठाई की बिक्री में काफी इजाफा होता है। उन्होंने बताया कि त्योहार के मौके पर प्रत्येक दुकानदार की दुकानदारी लगभग डेढ़ से दो लाख रुपये तक पहुंच जाती है। सुबह से दिख रही ग्राहकों की भीड़ को देखते हुए इस बार भी कारोबार अच्छा रहने की उम्मीद है। इस बार बाजार में एक खास बदलाव भी देखने को मिल रहा है। ग्राहक रेडीमेड और पहले से पैक मिठाइयों की तुलना में कारीगरों द्वारा ताजा तैयार की गई मिठाइयों को अधिक पसंद कर रहे हैं। दुकानों पर कारीगर लगातार विभिन्न प्रकार की मिठाइयां बनाने में व्यस्त देखे जा रहे हैं। शहर के विभिन्न बाजारों में रसगुल्ला, चमचम, रसकदम, बर्फी और काजू कतली सहित कई प्रकार की मिठाइयां सजी हुई हैं। रक्षाबंधन को लेकर बाजार में बढ़ी भीड़ से कारोबारियों के चेहरों पर भी खुशी है और त्योहार के दौरान मिठाई की बिक्री और बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। छोटे गुंडे वाली राखियां बनी आकर्षण का केंद्र वहीं प्रमुख बाजारों में राखियों की अलग-अलग डिजाइन और कीमत वाली कई किस्में उपलब्ध हैं। दुकानदारों ने बच्चों से लेकर बड़ों तक की पसंद को ध्यान में रखते हुए स्टॉक तैयार किया है। बच्चों के लिए लाइट वाली राखियां, डोरेमोन राखी और छोटे गुंडे वाली राखियां विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। दुकानों पर रंग-बिरंगी और आकर्षक डिजाइन वाली राखियों की विस्तृत श्रृंखला मौजूद है। पारंपरिक से लेकर डिजाइनर राखियों की कई किस्में बड़े भाई-बहनों के लिए भी उपलब्ध हैं। राखियों की कीमत 10 रुपये से शुरू होकर 250 रुपए तक है, जिससे ग्राहक अपनी पसंद और बजट के अनुसार खरीदारी कर सकें। रक्षाबंधन को लेकर बाजार में बढ़ी भीड़ से दुकानदार भी उत्साहित दिखे। सुबह से ही लगातार ग्राहकों के आने से राखी की दुकानों पर रौनक बनी रही। पर्व के कारण शहर के बाजारों में उत्सव जैसा माहौल है। रक्षाबंधन के अवसर पर बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनकी सुख-समृद्धि और लंबी उम्र की कामना करती हैं। भाई भी बहनों को उपहार देकर उनके प्रति अपना स्नेह व्यक्त करते हैं। इसी कारण अररिया के बाजारों में राखी की खरीदारी को लेकर लोगों में विशेष उत्साह है।
लखनऊ की अंडरवॉटर डाइविंग ट्रेनर प्रिया मिश्रा ने समुद्र की गहराई में रक्षाबंधन मनाया। आमतौर पर भाई-बहन घर पर राखी बांधकर यह त्योहार मनाते हैं, लेकिन प्रिया ने पानी के अंदर भाई की कलाई पर राखी बांधकर इसे खास बना दिया। हैवलॉक आइलैंड में स्कूबा डाइविंग के दौरान उन्होंने अपने भाई को राखी बांधी। इस अनोखे रक्षाबंधन का वीडियो सामने आया है। वीडियो में प्रिया और उनके भाई समुद्र के अंदर स्कूबा डाइविंग करते नजर आ रहे हैं। प्रिया ने पानी के अंदर भाई की कलाई पर राखी बांधी। इसके बाद भाई ने ‘Buddy Air Share’ के जरिए उन्हें सांस लेने के लिए ऑक्सीजन दी। इस दौरान भाई ने बहन की सुरक्षा और हर परिस्थिति में साथ देने का संदेश दिया। 2 तस्वीरें देखिए… पहली बार पानी के अंदर मनाया रक्षाबंधन प्रिया ने बताया कि उन्होंने पहली बार पानी के अंदर रक्षाबंधन मनाया। आमतौर पर राखी घर या परिवार के साथ मनाई जाती है, लेकिन अंडरवॉटर रक्षाबंधन का अनुभव उनके लिए बिल्कुल अलग और यादगार रहा। उन्होंने बताया कि पानी के अंदर रक्षाबंधन मनाने का मकसद भारतीय परंपरा को नए और मजेदार अंदाज में दुनिया तक पहुंचाना है। डाइविंग करने वाले लोग दुनियाभर में हैं, इसलिए इस अनोखे तरीके से रक्षाबंधन और भाई-बहन के रिश्ते की भावनाओं को डाइविंग कम्युनिटी तक पहुंचाने की कोशिश की गई। जमीन के ऊपर हो या पानी के नीचे, प्यार वही प्रिया ने बताया कि वीडियो में मजेदार अंदाज में यह दिखाने की कोशिश की गई है कि राखी बांधने के बाद भाई बहन की रक्षा का वादा करता है। इसी भावना को अंडरवॉटर डाइविंग के जरिए अलग तरीके से दिखाया गया है। भाई-बहन के रिश्ते की भावनाएं किसी सीमा की मोहताज नहीं हैं। जमीन हो या समुद्र के अंदर की दुनिया, इस रिश्ते में भरोसा, प्यार और अपनापन हर जगह बना रहता है।
लखनऊ की अंडरवॉटर डाइविंग ट्रेनर प्रिया मिश्रा ने समुद्र की गहराई में रक्षाबंधन का पर्व मनाया। आमतौर पर भाई-बहन घर परिवार के बीच राखी बांधकर पर्व मनाते हैं, लेकिन पानी के बीच में राखी बांधकर इसे यादगार बना दिया। हैवलॉक आइलैंड में स्कूबा डाइविंग के दौरान प्रिया ने पानी के अंदर अपने भाई को राखी बांधी। इस अनोखे सेलिब्रेशन का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है । इसमें भाई-बहन के रिश्ते को डाइविंग के अंदाज में दिखाया गया है। स्कूबा डाइविंग करते हुई बाँधी राखी पानी के अंदर राखी बंधवाने के बाद भाई ने सुरक्षा कि जिम्मेदारी निभाने का वादा किया। वीडियो में प्रिया और उनके भाई समुद्र के अंदर स्कूबा डाइविंग करते नजर आते हैं। इस दौरान प्रिया अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती हैं । इसके बाद Buddy Air Share के जरिए भाई उन्हें सांस लेने के लिए एयर उपलब्ध कराता है। वीडियो में इसे भाई की ओर से बहन की रक्षा और जिम्मेदारी निभाने के संदेश के रूप में पेश किया गया है। पहली बार अंडर वाटर मनाया रक्षा बंधन प्रिया ने बताया कि यह पहली बार था जब उन्होंने पानी के अंदर रक्षाबंधन मनाया। आमतौर पर राखी घर या परिवार के साथ मनाई जाती है, लेकिन underwater रक्षाबंधन का अनुभव बिल्कुल अलग और यादगार रहा। अंडरवॉटर रक्षाबंधन मनाने का उद्देश्य भारतीय परंपरा को एक अलग और मजेदार अंदाज में दुनिया तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि डाइविंग कम्युनिटी पूरी दुनिया में मौजूद है। ऐसे में इस अनोखे तरीके के जरिए रक्षाबंधन के पर्व और भाई-बहन के रिश्ते की भावनाओं को वैश्विक डाइविंग कम्युनिटी तक पहुंचाने की कोशिश की गई है। जमीन के ऊपर , पानी के नीचे बराबर प्रेम उन्होंने बताया कि वीडियो में ह्यूमर के जरिए यह दिखाने की कोशिश की गई है कि राखी बांधने के बाद भाई बहन की रक्षा करने का वादा करता है। इसी भाव को underwater diving में मजेदार तरीके से पेश किया गया है। भावनाएं सीमाओं से परे है चाहे जमीन हो या समुद्र के नीचे की दुनिया, भाई-बहन के रिश्ते में भरोसा , प्रेम और अपनापन हर जगह होता है।
हाथरस में शुक्रवार को रक्षाबंधन का पर्व पूरे उल्लास के साथ मनाया गया। बहनों ने अपने भाइयों की कलाइयों पर रक्षासूत्र बांधकर उनसे रक्षा का वचन लिया। भाइयों ने भी बहनों को उपहार देकर उनकी सुरक्षा का संकल्प दोहराया। त्योहार के चलते सुबह से ही मिठाइयों की दुकानों पर भारी भीड़ देखी गई। बहनों ने अपने भाइयों के लिए विशेष राखियां खरीदीं, जिससे बाजारों में रौनक बनी रही। इस अवसर पर सड़कों पर लोगों की आवाजाही बढ़ गई। रोडवेज बसों और ट्रेनों में यात्रियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। बहनें अपने भाइयों के पास और भाई अपनी बहनों के यहां जाने के लिए उत्साहित दिखाई दिए। प्रदेश सरकार ने रक्षाबंधन के अवसर पर महिलाओं को रोडवेज बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा प्रदान की। उनके साथ एक अन्य यात्री को भी मुफ्त यात्रा की सुविधा मिली। इस कारण रोडवेज बसों में अत्यधिक भीड़ देखी गई, और बैठने के लिए यात्रियों में मारामारी मची रही। बस स्टैंड पर पुलिस ने संभाली स्थिति... रोडवेज बस स्टैंड पर एक हेल्प डेस्क भी स्थापित की गई थी। सीओ सिटी हिमांशु माथुर और कोतवाली निरीक्षक सत्येंद्र सिंह राघव पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद रहे। जब बसों के अंदर और बाहर बैठने के लिए अधिक भीड़ हो गई, तब पुलिस ने स्थिति को संभाला और भीड़ को नियंत्रित किया। ट्रेनों में भी यात्रियों की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की गई। शहर में इस बार भारी वाहनों का प्रवेश रोकने के लिए पुलिस प्रशासन द्वारा बेरीकेडिंग भी लगाए गए थे। इससे भारी वाहनों का प्रवेश शहर के बाजारों में नहीं हो सका, जिससे यातायात सुचारु रहा। रक्षाबंधन के इस पावन पर्व पर हाथरस में हर तरफ खुशी और उत्साह का माहौल छाया रहा।
बिहार शरीफ में रक्षाबंधन के अवसर पर ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने कारगिल पार्क में महोगनी के पौधे को रक्षा सूत्र बांधा। उन्होंने पर्यावरण को बचाने और हरित बिहार के निर्माण के लिए हर नागरिक से आगे आने की अपील की। मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि जैसे बहन भाई की रक्षा की कामना करती है, ठीक उसी प्रकार आज हम सभी को पेड़-पौधों की रक्षा का संकल्प लेना चाहिए, यही सच्चा रक्षाबंधन है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण ही जीवन है और एक पेड़ एक जिंदगी के समान है, जो हमें ऑक्सीजन, छाया और फल देता है। इसकी रक्षा करना हम सबका धर्म है। उन्होंने संकल्प लिया कि जब तक यह पौधा विशाल वृक्ष नहीं बन जाता, तब तक वे और उनका परिवार इसकी पूरी देखभाल करेंगे। हरित आवरण 7 से 19 प्रतिशत हुआ मंत्री ने राज्य में पर्यावरण सुधार के आंकड़ों को साझा करते हुए कहा कि जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य की बागडोर संभाली थी, तब बिहार का हरित आवरण मात्र 7 प्रतिशत था, जो निरंतर प्रयासों से बढ़कर अब 19 प्रतिशत हो चुका है। अब हमारा लक्ष्य इसे देश के औसत 33 प्रतिशत तक पहुंचाना है, जिसमें जन-सहभागिता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने समाज को प्लास्टिक मुक्त, नशा मुक्त और 'पेड़-युक्त' बनाने पर जोर दिया। विशेष अवसरों पर पौधा लगाने की अपील जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों से भावी पीढ़ी को बचाने के लिए उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने, माता-पिता और बच्चों के जन्मदिन जैसे अवसरों पर कम से कम एक पौधा अवश्य लगाएं और उसके संरक्षण की जिम्मेदारी लें। इस अवसर पर जदयू प्रदेश सचिव गुलरेज अंसारी, प्रखंड अध्यक्ष धनंजय प्रसाद कुशवाहा, जिला प्रवक्ता डॉ. धनंजय कुमार देव, मुन्ना मांझी, ध्रुव प्रसाद, प्रो. आनंद वर्मा, संजय प्रसाद कुशवाहा, पुरुषोत्तम कुमार सहित वन विभाग के अधिकारी और स्थानीय समाजसेवी उपस्थित रहे।
जींद में हेरोइन के साथ महिला तस्कर गिरफ्तार:सप्लाई करने की फिराक में थी; सूचना पर पुलिस की रेड
जींद जिला पुलिस ने नशा तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई की है। सीआईए स्टाफ नरवाना की टीम ने गांव बद्दोवाल के पास से एक महिला नशा तस्कर को 15 ग्राम हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी महिला की पहचान सीमा निवासी राजथल, हाल निवासी चमेला कॉलोनी नरवाना के रूप में हुई है। वह हेरोइन की सप्लाई करने की फिराक में थी। पुलिस अधीक्षक कुलदीप सिंह के मार्गदर्शन में जिले में नशा तस्करों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत सीआईए स्टाफ नरवाना प्रभारी सुखदेव सिंह की टीम को गुप्त सूचना मिली थी। गांव बद्दोवाल के नजदीक खड़ी थी सीआईए प्रभारी सुखदेव सिंह ने बताया कि उप निरीक्षक रोशन लाल के नेतृत्व में सीआईए नरवाना की टीम सुंदरपुरा मोड़ नरवाना के नजदीक मौजूद थी। उन्हें सूचना मिली कि सीमा नाम की महिला हिसार रोड पर गांव बद्दोवाल के नजदीक हेरोइन की सप्लाई के लिए खड़ी है। सूचना पर पुलिस की रेड सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने उच्च अधिकारियों को सूचित किया और तुरंत कार्रवाई करते हुए बताए गए स्थान पर छापा मारा। मौके पर पुलिस ने आरोपी महिला सीमा को पकड़ लिया। नियमानुसार कार्रवाई करते हुए एक राजपत्रित अधिकारी की मौजूदगी में महिला पुलिसकर्मी की सहायता से उसकी तलाशी ली गई, जिसमें उसके कब्जे से 15 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। एनडीपीएस एक्ट के तहत केस पुलिस ने बरामद नशीले पदार्थ को जब्त कर लिया है। आरोपी महिला के खिलाफ थाना सदर नरवाना में धारा 21B/61/85 एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले में आगे की कार्रवाई नियमानुसार की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जिले में नशे के कारोबार से जुड़े लोगों के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा। नशा तस्करी में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
शिक्षा विभाग ने फैसला किया है कि मैट्रिक और इंटर की परीक्षाओं के मार्क्स शीट पर फेल शब्द नहीं दिखेगा। यह जानकारी विभागीय मंत्री मिथलेश तिवारी ने दी है।
दौसा में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर हुए दो अलग-अलग सड़क हादसों में 2 युवकों की मौत हो गई, जबकि 4 लोग घायल हो गए। नांगल राजावतान थाना क्षेत्र में एक्सप्रेसवे देखने पहुंचे दो युवकों को रेलिंग के पास खड़े होने के दौरान तेज रफ्तार ट्रक ने कुचल दिया। हादसे के बाद ड्राइवर ट्रक लेकर फरार हो गया। हादसा नांगल राजावतान थाना क्षेत्र में चूड़ियावास गांव के पास शुक्रवार सुबह 10.30 बजे हुआ। वहीं, सदर थाना क्षेत्र में अज्ञात वाहन की टक्कर से कार सवार चार लोग घायल हो गए। सभी का जिला हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है। साहिल और महेंद्र एक्सप्रेसवे देखने पहुंचे थे नांगल थाना इंचार्ज हुसैन अली ने बताया - चूड़ियावास निवासी साहिल मीणा (16) और जयपुर के बांसखोह क्षेत्र के उगास निवासी महेंद्र मीणा (22) दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे देखने के लिए ऊपर चढ़े थे। दोनों रेलिंग के पास खड़े थे। इसी दौरान दौसा से लालसोट की ओर जा रहे तेज रफ्तार ट्रक ने दोनों को कुचल दिया। हादसे के बाद ट्रक ड्राइवर मौके से फरार हो गया। हुसैन अली के अनुसार, हादसे की जानकारी मिलने पर परिजन दोनों युवकों को जिला हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। थाना इंचार्ज ने बताया कि दोनों शवों का पोस्टमॉर्टम करवाने के बाद परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस टक्कर मारने वाले ट्रक की तलाश कर रही है। मामले की जांच जारी है। कार को अज्ञात वाहन ने मारी टक्कर, जयपुर के चार लोग घायल जिला हॉस्पिटल चौकी में तैनात मनीष पांडे ने बताया- सदर थाना में एक्सप्रेसवे पर चैनल नंबर 161 के पास हादसे में चार लोग घायल हो गए। कार को अज्ञात वाहन टक्कर कर फरार हो गया। हादसे में जयपुर के रहने वाले लोकेश सिंह (25) निवासी हरमाड़ा, पीयूष अग्रवाल (27) निवासी कालवाड़ रोड, रूचिर व्यास (25) निवासी वैशाली नगर और विनित वर्मा (43) निवासी लक्ष्मण नगर श्याम नगर, घायल हो गए। सभी को दौसा जिला हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है।
14 दिन बाद खेत में दबा मिला युवक का शव:कपूरथला में पुलिस ने दो युवक पकड़े; नशे के बाद मौत का खुलासा
कपूरथला में फतूढींगा थाना क्षेत्र के गांव देसल से 14 दिन पहले लापता हुए 20 वर्षीय युवक अमनदीप सिंह का शव बरामद होने से इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस ने मामले में गांव के ही दो युवकों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की निशानदेही पर खेत में दबाया गया शव बरामद किया गया, जिसे पोस्टमार्टम के लिए मंसूरवाल स्थित मोर्चरी में रखवाया गया है। पुलिस जांच के अनुसार अमनदीप सिंह 14 अगस्त को घर से लापता हो गया था। इससे पहले उसने फतूढींगा के एक बैंक से दो बार में कुल 50 हजार रुपये निकाले थे। काफी तलाश के बाद भी उसका कोई सुराग नहीं मिलने पर परिजनों ने फतूढींगा थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज करवाई थी। दो युवकों के देखा गया था मृतक जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि अमनदीप को आखिरी बार गांव के ही दो युवकों के साथ देखा गया था। दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें उन्होंने चौंकाने वाला खुलासा किया। आरोपियों ने बताया कि वे अमनदीप को नशा करने के लिए खेत में ले गए थे। नशा करने के बाद वह बेहोश हो गया, जिसके बाद वे उसे वहीं छोड़कर घर लौट आए। अगले दिन वापस आने पर उन्होंने अमनदीप को मृत पाया। आरोपियों ने पुलिस को बताया कि घटना छिपाने के लिए उन्होंने शव को खेत में पहले से खुदे गड्ढे में दबा दिया और ऊपर घास डाल दी। पुलिस ने उनकी निशानदेही पर शव बरामद किया, जो काफी समय तक दबा रहने के कारण सड़ी-गली अवस्था में मिला। पुलिस को मिला 3 दिन का रिमांड थाना फतूढींगा के एसआई दिलबाग सिंह ने बताया कि दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर तीन दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया गया है। उन्होंने कहा कि अमनदीप के पास 50 हजार रुपये होने की बात सामने आई है, लेकिन रकम के संबंध में अभी कोई ठोस जानकारी नहीं मिली है। मामले की हर पहलू से जांच जारी है। मृतक अमनदीप अपने माता-पिता की इकलौती संतान था। उसके पिता ड्राइवर हैं, जबकि वह मजदूरी कर परिवार का सहारा बन रहा था। घटना से पूरे गांव में शोक का माहौल है और ग्रामीणों ने नशे के बढ़ते प्रकोप पर चिंता जताई है।
पन्ना के सलेहा थाना पुलिस ने चार साल से फरार चल रहे वारंटी आरोपी उमेश कोल (40) को गिरफ्तार किया है। पुलिस से बचने के लिए आरोपी ग्राम भुलगवा स्थित संन्यासी बाबा धाम में छिपकर रह रहा था। मुखबिर से मिली सूचना के बाद पुलिस टीम ने मौके पर दबिश देकर उसे पकड़ लिया। मारपीट और धमकी का मामला दर्ज था पुलिस के अनुसार, उमेश कोल के खिलाफ ग्राम विरहा में मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में केस दर्ज था। उसके खिलाफ धारा 341, 294, 324 और 506 के तहत मामला दर्ज किया गया था। अदालत से वारंट जारी होने के बाद से आरोपी लगातार पुलिस से बच रहा था और अपने ठिकाने बदल रहा था। गिरफ्तारी से बचने के लिए उमेश कोल भुलगवा स्थित संन्यासी बाबा धाम में जाकर रहने लगा था। पुलिस को आशंका थी कि वह धार्मिक स्थल की आड़ में लंबे समय तक छिपा रह सकता है। गुरूवार को पुलिस को सूचना मिली कि उमेश कोल संन्यासी बाबा धाम में मौजूद है। सूचना की पुष्टि के बाद पुलिस टीम ने बताए गए स्थान पर दबिश दी और आरोपी को मौके से गिरफ्तार कर लिया। मुखबिर की सूचना पर दबिश गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी की और आरोपी को अदालत के समक्ष पेश किया। कार्रवाई उपनिरीक्षक शक्ति प्रकाश पांडेय के नेतृत्व में की गई। टीम में प्रधान आरक्षक राजेश प्रजापति, आदित्य कुशवाहा, आरक्षक बबलू पटेल और आशीष बुनकर शामिल रहे। सलेहा थाना पुलिस ने चार साल से फरार चल रहे वारंटी आरोपी उमेश कोल को गिरफ्तार किया है। आरोपी पुलिस से बचने के लिए ग्राम भुलगवा स्थित 'संन्यासी बाबा धाम' में छिपा हुआ था। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए उसे पकड़ा। 40 वर्षीय उमेश कोल के खिलाफ सलेहा थाना क्षेत्र के ग्राम विरहा में मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में भारतीय दंड संहिता की धारा 341, 294, 324, 506 के तहत मामला दर्ज था। अदालत से वारंट जारी होने के बाद से आरोपी लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था। गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी ने एक अनोखा तरीका अपनाया। वह ग्राम भुलगवा स्थित 'संन्यासी बाबा धाम' में जाकर छिप गया और वहीं रहने लगा। उसे उम्मीद थी कि धार्मिक स्थल की आड़ में वह पुलिस की पकड़ से दूर रहेगा। पुलिस लंबे समय से फरार उमेश कोल की तलाश में थी। 28 अगस्त को पुलिस को मुखबिर से सटीक सूचना मिली कि आरोपी भुलगवा के संन्यासी बाबा धाम में छिपा हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल योजना बनाकर बताए गए ठिकाने पर दबिश दी और आरोपी को मौके से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी उमेश कोल को हिरासत में लेकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी की गई। इसके उपरांत उसे अदालत के समक्ष पेश किया गया। इस पूरी कार्रवाई में उपनिरीक्षक शक्ति प्रकाश पाण्डेय के नेतृत्व में प्रधान आरक्षक राजेश प्रजापति, आदित्य कुशवाहा, आरक्षक बबलू पटेल और आशीष बुनकर की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मेरठ में रक्षाबंधन के चलते बस अड्डों पर यात्रियों की भीड़ लगातार बढ़ रही है। शुक्रवार सुबह से ही भैंसाली बस डिपो पर बड़ी संख्या में यात्री पहुंचने लगे। बसों में सीट पाने के लिए यात्रियों में धक्का मुक्की की स्थिति बनी रही। सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं और बच्चों को हुई। भीड़ को देखते हुए पुलिसकर्मी व्यवस्था संभालने में जुटे रहे और महिलाओं को प्राथमिकता देते हुए बसों में सीट दिलवाई गई। रक्षाबंधन पर यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए रोडवेज की ओर से अतिरिक्त बसों का संचालन किया गया है। अलग-अलग रूटों पर यात्रियों की जरूरत के अनुसार बसें लगाई गई हैं, ताकि लोगों को परेशानी न हो। महिलाओं के लिए रक्षाबंधन पर रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा भी दी जा रही है। इसके चलते बड़ी संख्या में महिलाएं बसों से सफर कर रही हैं। भैंसाली डिपो पर भीड़ की स्थिति को देखते हुए एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले शुक्रवार को मौके पर पहुंचे। उन्होंने बस अड्डे का निरीक्षण किया और यात्रियों की भीड़, बसों के संचालन, सुरक्षा व्यवस्था समेत अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने पुलिसकर्मियों को भीड़ को व्यवस्थित तरीके से संभालने और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। एसपी सिटी के पहुंचने के दौरान बस अड्डे पर काफी भीड़ थी। पुलिसकर्मियों ने यात्रियों को कतार में लगाने और बसों में व्यवस्थित तरीके से बैठाने की व्यवस्था कराई। महिलाओं और बच्चों को भीड़ में परेशानी न हो, इसका विशेष ध्यान रखा गया। रक्षाबंधन पर बड़ी संख्या में बहनें अपने भाइयों को राखी बांधने के लिए मायके जा रही हैं। इसके चलते बस अड्डों पर सुबह से ही यात्रियों की भीड़ देखने को मिल रही है। रोडवेज और पुलिस की ओर से भीड़ को देखते हुए लगातार व्यवस्था संभाली जा रही है।
लोनी से भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने रक्षाबंधन के अवसर पर बागपत के ऐतिहासिक परशुरामेश्वर पुरा महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने भगवान भोलेनाथ को राखी बांधी। पूजा के बाद पत्रकारों से बातचीत में विधायक ने कई राजनीतिक मुद्दों पर भी बयान दिए। नंदकिशोर गुर्जर ने कहा कि वह दुनिया को सनातनी बनाने के लिए भगवान भोलेनाथ से प्रार्थना करने आए हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें विश्वास है कि भगवान उनकी प्रार्थना स्वीकार करेंगे। विधायक ने कहा कि उन्होंने संकल्प लिया है कि जब तक तीनों देश एक होकर सनातनी नहीं बन जाते, तब तक वह माला धारण नहीं करेंगे। उन्होंने देश के विभाजन के लिए पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को जिम्मेदार ठहराते हुए उन पर देश के टुकड़े करने का आरोप लगाया। विपक्ष पर महिलाओं और कानून व्यवस्था को लेकर निशाना विधायक ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि उसका काम बहानेबाजी करना है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष महिलाओं पर होने वाले अत्याचार और आतंकवाद को बढ़ावा देता है तथा कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करता है। समाजवादी पार्टी पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि चौधरी चरण सिंह ने सपा को राजनीति में बढ़ावा दिया था। उन्होंने कहा कि अगर चौधरी चरण सिंह ने ऐसा नहीं किया होता तो सपा परिवार के लोग आज किसी चौराहे पर पंचर लगा रहे होते। अखिलेश यादव के राखी बंधवाने की तारीफ अखिलेश यादव द्वारा महिलाओं से राखी बंधवाए जाने के सवाल पर नंदकिशोर गुर्जर ने उनकी तारीफ की। उन्होंने कहा कि यह अच्छी बात है। विधायक ने दावा किया कि जिन महिलाओं ने अखिलेश यादव को राखी बांधी है, वे महिलाएं और उनके परिवार अब सनातनी हो चुके हैं। 2027 में भाजपा सरकार बनने का दावा विधायक ने 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर कहा कि जनता विपक्ष को उखाड़ फेंकेगी। उन्होंने दावा किया कि विपक्ष पहले की तरह चुनाव में पूरी तरह फ्लॉप होगा और भाजपा की सरकार बनेगी। मीनाक्षी भराला के सवाल पर बोले- ऐसी भाषा का इस्तेमाल न करें मीनाक्षी भराला के एक सवाल पर नंदकिशोर गुर्जर ने कहा कि सनातन परंपरा में बहू को माला नहीं पहनाई जाती, बल्कि बेटी और बेटे को माला पहनाई जाती है। उन्होंने इस तरह की भाषा का इस्तेमाल नहीं करने की सलाह दी।
साइबर ठगी के मामलों की जांच के दौरान हरिद्वार पुलिस को एक अहम जानकारी मिली है। समन्वय पोर्टल पर विभिन्न राज्यों में दर्ज साइबर धोखाधड़ी की शिकायतों का डाटा खंगालने पर कई संदिग्ध मोबाइल नंबर सामने आए हैं।

