शिक्षक को कलेक्ट्रेट में बंधक बनाकर पीटा, जिला परियोजना समन्वयक के खिलाफ FIR दर्ज
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सीधी विधायक रीति पाठक का बयान बुधवार को सोशल मीडिया पर सामने आया है। स्वतंत्रता दिवस पर वृद्धाश्रम में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि उन्होंने अब तक चार चुनाव जीते हैं, लेकिन जनता से कभी चुनावी वादा नहीं किया। उन्होंने यह भी बताया कि सांसद रहते हुए भी वे चार जिलों में बिना वादे के चुनाव जीत जाती थीं। कार्यक्रम में विधायक ने कहा, मेरा सपना पूरा हो रहा है, लेकिन श्रेय शायद नहीं मिलेगा। कोई बात नहीं, आप सब जानते हैं कि वह प्रयास मैंने ही किया है। उनके इस कथन को सीधी से जुड़ी सिंगरौली और ललितपुर रेल लाइन परियोजना की ओर इशारा माना जा रहा है। सांसद रहते हुए रीति पाठक ने इस परियोजना के लिए सक्रियता से प्रयास किए थे। वर्तमान में सीधी के सांसद डॉ. राजेश मिश्रा हैं, इसलिए इस बयान को राजनीतिक तंज के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, विधायक के बयान के बाद सीधी विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत भाठा की निवासी एक महिला सुषमा का वीडियो भी बुधवार को सामने आया। वीडियो में महिला विधायक को कथित चुनावी आश्वासन याद दिलाते हुए सवाल कर रही है कि गांव के नाले पर पुल का निर्माण कब होगा। महिला सुषमा का दावा है कि चुनावी सभा के दौरान विधायक ने भाठा ग्राम पंचायत के नाले पर पुल और बांध बनाने का वादा किया था। कथित तौर पर भाजपा सरकार बनने और चुनाव जीतने के बाद पुल निर्माण का आश्वासन दिया गया था। महिला के अनुसार, काफी समय बीत जाने के बावजूद नाले पर पुल का निर्माण नहीं हो पाया है। महिला ने बताया कि बारिश के मौसम में नाला उफान पर आ जाता है, जिससे ग्रामीणों और बच्चों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
धनबाद से टुंडी होते हुए जामताड़ा जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग 419 पर बराकर नदी पर बना बैजड़ा घाट पुल बुधवार को क्षतिग्रस्त हो गया। जामताड़ा की ओर वाले छोर पर पिलर नंबर छह के करीब एक से डेढ़ फीट धंस जाने के कारण पुल में दरारें आ गईं। हादसे की आशंका को देखते हुए धनबाद जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकार के निर्देश पर पुल से वाहनों की आवाजाही तत्काल बंद कर दी गई है। इससे धनबाद और जामताड़ा के बीच यात्रा करने वालों की परेशानी बढ़ गई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, बराकर नदी में पानी का तेज बहाव और लगातार अवैध बालू उठाव पुल के पिलर के आसपास की मिट्टी और नदी की तलहटी को कमजोर कर रहा था। इसी कारण पिलर नंबर छह के धंसने की आशंका जताई जा रही है। अब वैकल्पिक रास्तों का सहारा पुल के क्षतिग्रस्त होने की जानकारी मिलते ही प्रशासन ने एहतियात के तौर पर आवागमन रोक दिया। बैजड़ा घाट पुल के बंद होने से दोनों जिलों के लोगों को अब वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ेगा। स्थानीय लोगों ने बताया कि इस पुल के निर्माण से पहले धनबाद और जामताड़ा के बीच काफी अधिक दूरी तय करनी पड़ती थी। पुल बनने के बाद टुंडी के रास्ते सीधा संपर्क स्थापित हुआ, जिससे ग्रामीण, व्यापारी, विद्यार्थी और नौकरी-पेशा लोग रोजाना इसका उपयोग करते थे। अब उन्हें दूसरे रास्ते से लगभग 20 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी होगी। पांच करोड़ रुपये की लागत से कराया गया था बैजड़ा घाट पुल का निर्माण वर्ष 2009 में विशेष प्रमंडल जामताड़ा द्वारा लगभग पांच करोड़ रुपये की लागत से कराया गया था। स्थानीय निवासियों का कहना है कि पुल के निर्माण के बाद से ही इसकी सुरक्षा और नदी में होने वाले बालू उठाव पर नियमित निगरानी की आवश्यकता थी। कम समय में पुल के पिलर के क्षतिग्रस्त होने से इसके निर्माण की गुणवत्ता और रखरखाव को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। अवैध बालू उठाव का आरोप सुखजोड़ा पंचायत के मुखिया जोसेफ मुर्मू और ग्राम प्रधान अशोक सिंह ने बराकर नदी में कथित अवैध बालू उठाव को पुल के क्षतिग्रस्त होने का प्रमुख कारण बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि नदी से नियमों की अनदेखी कर बालू उठाव किया जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि पुल के पिलर के आसपास से बालू निकाले जाने के कारण नींव कमजोर हो रही है। उन्होंने प्रशासन से नदी में बालू उठाव की जांच कराने और पुल की तकनीकी जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 2021 में भी पुल के धनबाद जिले की ओर वाले हिस्से में इसी तरह की समस्या सामने आई थी। उस घटना के बाद भी नदी से बालू उठाव और पुल की सुरक्षा को लेकर सवाल उठे थे। इसके बावजूद प्रभावी निगरानी नहीं होने का आरोप ग्रामीण लगा रहे हैं। फिलहाल पुल पर आवागमन पूरी तरह बंद है। इससे धनबाद और जामताड़ा के बीच इस मार्ग का इस्तेमाल करने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से क्षतिग्रस्त पिलर की तत्काल तकनीकी जांच, पुल की मरम्मत और नदी में अवैध बालू उठाव पर रोक लगाने की मांग की है। पुल की मरम्मत होने तक वैकल्पिक मार्ग ही लोगों के आवागमन का सहारा रहेगा। जामताड़ा अंचल अधिकारी अविश्वर मुर्मू ने कहा कि प्रशासनिक टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे हुए हैं। थाना प्रभारी और पथ निर्माण विभाग के इंजीनियर भी पहुंचे हैं। सुरक्षा के दृष्टिकोण से आजावाही बंद कर दी गई है। जेसीबी लगाकर मिट्टी भराई का काम चल रहा है। आगे की निरीक्षण का काम जारी है।
कौशांबी में 14 वर्षीय किशोर फंदे पर झूला:मां मायके गई थी, पिता मेरठ में थे; पुलिस जांच में जुटी
कौशांबी के पश्चिम शरीरा थाना क्षेत्र के दानपुर, मजरा मछौली गांव में बुधवार को एक 14 वर्षीय किशोर की मौत हो गई। अतुल कुमार पुत्र राम सिया अपने घर में फंदे पर झूला मिला। सुबह करीब 11 बजे अतुल कमरे में गया और दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। कुछ समय बाद परिजनों को घटना की जानकारी हुई। परिजन उसे आनन-फानन में अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।परिजनों के अनुसार, घटना के समय अतुल की मां घर पर मौजूद नहीं थीं, वह अपने मायके गई हुई थीं। अतुल के पिता राम सिया मेरठ में मजदूरी करते हैं। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। किशोर की मौत के कारणों का अभी स्पष्ट पता नहीं चल सका है। पश्चिम शरीरा थाना प्रभारी ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। घटना की जानकारी मेरठ में मजदूरी कर रहे पिता को भी दे दी गई है, जिसके बाद वह कौशांबी के लिए रवाना हो गए हैं।
पूर्णिया में मोबाइल छिनतई गैंग के 3 सदस्य गिरफ्तार, 14 मोबाइल बरामद; बाइक लूट में 3 नाबालिग भी पकड़े गए
नागौर के गोटन थाने में तैनाती के दौरान एक पीड़िता जब अपनी समस्या लेकर ASI के पास पहुंची तो, ASI ने केस दर्ज करने की जगह महिला से कथित तौर पर अवैध संबंध बनाने का दबाव डालने और अश्लील हरकतें करने की कोशिश की। इन आरोपों के चलते सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) रामनिवास को मंगलवार दोपहर गिरफ्तार को किया गया है। वर्तमान में आरोपी एएसआई जसनगर थाने में कार्यरत था। पीड़िता ने आरोप लगाया कि एएसआई उसे लगातार परेशान कर रहा था। उसके मोबाइल पर अश्लील फोटो भेजे गए और वीडियो कॉल के दौरान भी कथित तौर पर अश्लील हरकतें की गईं। महिला ने ASP को पूरे मामले की जानकारी दी। इन घटनाओं से जुड़े वीडियो और अन्य रिकॉर्डिंग भी पुलिस को सौंपे। एएसपी से शिकायत के बाद कार्रवाई पीड़िता ने हाल ही में नागौर के ASP आशाराम चौधरी के समक्ष शिकायत पेश कर पूरे मामले की जानकारी दी। शिकायत में आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए एएसपी ने जांच कर नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद गोटन थाने में एएसआई रामनिवास के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी एएसआई को गिरफ्तार कर लिया। रिकॉर्डिंग समेत अन्य साक्ष्यों की जांच ASP आशाराम चौधरी ने बताया कि एक महिला की रिपोर्ट पर एएसआई के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। महिला की ओर से लगाए गए आरोपों की गहनता से जांच की जा रही है। प्रकरण में उपलब्ध साक्ष्यों और रिकॉर्डिंग की भी जांच की जाएगी। जांच के आधार पर आगे नियमानुसार कार्रवाई होगी।
हरदा में बुधवार को मुस्लिम समाज ने मध्यप्रदेश समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक 2026 के विरोध में कलेक्टर को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। समाज ने विधेयक को मौजूदा रूप में वापस लेने या उस पर रोक लगाने की मांग की। मुस्लिम समाज के लोगों ने कहा कि विधेयक से उनके धार्मिक और व्यक्तिगत कानून प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और वसीयत से जुड़े नियमों पर आपत्ति जताई। समाज ने कहा कि विधेयक में एक से ज्यादा विवाह पर रोक, विवाह का पंजीकरण, कुछ रिश्तों में शादी पर रोक और तलाक की कानूनी प्रक्रिया जैसे नियम हैं। फर्स्ट कजिन से शादी पर रोक के प्रावधान पर भी आपत्ति जताई गई है। शहर काजी ने की विधेयक वापस लेने की मांग ज्ञापन में समाज ने संविधान के अनुच्छेद 14, 21, 25, 26 और 29 का हवाला दिया। उनका कहना है कि इन अनुच्छेदों में नागरिकों को समानता, व्यक्तिगत और धार्मिक अधिकार दिए गए हैं।इससे संविधान को भी खतरा है। समाज ने कहा कि UCC लागू करने से पहले सभी धर्मों के लोगों, कानून के जानकारों और प्रभावित पक्षों से चर्चा की जानी चाहिए। शहर काजी मुफ्ती मोहम्मद रिजवान ने विधेयक को मौजूदा रूप में वापस लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा होनी चाहिए। ज्ञापन में यह भी कहा गया कि अगर अनुसूचित जनजातियों को उनके पारंपरिक कानूनों के आधार पर छूट दी जाती है, तो धार्मिक और व्यक्तिगत कानूनों से जुड़े समुदायों के अधिकारों पर भी विचार होना चाहिए। ----------- यह खबर भी पढ़ें… शादीशुदा होकर लिव-इन में गए तो 5 साल की जेल, MP में UCC से क्या बदलेगा? मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को कटनी में कहा- अगर राम एक शादी करेगा तो रहीम दो या चार शादियां क्यों करेगा? मध्य प्रदेश में वही रह पाएगा, जो एक ही शादी करेगा रविवार को भोपाल के जगदीशपुर में हुई कैबिनेट बैठक में मध्यप्रदेश समान नागरिक संहिता-2026 को मंजूरी मिल गई। अब इसे 20 जुलाई से शुरू हो रहे विधानसभा के मानसून सत्र में विधेयक के रूप में पेश किया जाएगा। पूरी खबर पढ़ें…
प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना के तहत विभिन्न परियोजनाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है। आवेदन की अंतिम तिथि 24 अगस्त, 2026 निर्धारित की गई है। मत्स्य पालक विकास अभिकरण की मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुषमा निषाद ने आम जनता से निर्धारित समय सीमा के भीतर योजना का लाभ उठाने की अपील की है। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2020-21 से संचालित इस योजना के अंतर्गत जिले में उपलब्ध शेष लक्ष्यों के सापेक्ष लाभार्थियों को लाभान्वित किया जाना है। इसके लिए विभागीय पोर्टल पर 14 अगस्त से ऑनलाइन आवेदन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। कई महत्वपूर्ण लक्ष्य निर्धारित किए गए इनमें मध्याकार आरएएस (रीसर्कुलेटरी एक्वाकल्चर सिस्टम) में सामान्य वर्ग के लिए तीन यूनिट शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, रियरिंग यूनिट के निर्माण के लिए महिला एवं अनुसूचित जाति वर्ग से संबंधित 22.667 हेक्टेयर का लक्ष्य रखा गया है। महिला वर्ग के लिए बैकयार्ड आरएएस की 241 यूनिट्स तथा जलाशयों में 65 हजार मत्स्य अंगुलिकाओं के संचय का लक्ष्य भी निर्धारित है। साथ ही, पारंपरिक मछुआरों के 500 परिवारों को आजीविका एवं पोषण संबंधी सहायता परियोजनाओं का लाभ प्रदान किया जाएगा। विभाग के अनुसार, इच्छुक लाभार्थी 24 अगस्त तक विभागीय वेबसाइट fisheries.up.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। योजना से संबंधित परियोजनाओं का विस्तृत विवरण, इकाई लागत, आवेदन की प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी भी विभागीय पोर्टल पर उपलब्ध है। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन आवेदकों के आवेदन पूर्व वर्षों में निरस्त हुए हैं या लंबित हैं, वे भी पुनः आवेदन कर सकते हैं। योजना के प्रावधानों में भविष्य में किसी भी संशोधन की स्थिति में संशोधित प्रावधान ही लागू होंगे। अधिक जानकारी के लिए इच्छुक व्यक्ति जनपदीय कार्यालय मत्स्य विभाग, अयोध्या से संपर्क कर सकते हैं।
रेवाड़ी में प्रॉपर्टी डीलर पवन हत्याकांड मामले में मृतक के परिवार ने पुलिस कार्रवाई पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवार का कहना है कि हत्या आरोपियों के दबाव में पूरा सिस्टम काम कर रहा है और केस को रेवाड़ी से नूंह ट्रांसफर करने में बड़ा खेल हुआ है। जानकारी के अनुसार, लगभग दो महीने पहले रेवाड़ी के कर्नल राम सिंह चौक स्थित एक प्रॉपर्टी डीलर के कार्यालय में नारनौल निवासी पवन की गोली मारकर हत्या कर कर दी गई थी। रेवाड़ी पुलिस ने एलिगेंट सिटी निवासी सज्जन सिंह, प्रॉपर्टी डीलर रामकिशन और महेश सहित तीन लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। सज्जन सिंह के खिलाफ लुकआउट नोटिस भी जारी किया गया है। परिजन बोले- रेवाड़ी से नूंह ट्रांसफर किया गया केस बुधवार को आईजी आफिस पहुंचे मृतक के भाई रोहित ने बताया कि पवन प्रॉपर्टी का काम करता था और आरोपियों के साथ उसका 2-3 करोड़ रुपए का लेन-देन था। उन्होंने कहा कि आरोपियों ने 23 जून को पवन को उनके कार्यालय में गोली मारी थी, जिसके बाद 26 जून को उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतक पवन के भाई रोहित और परिवार के अन्य सदस्य साउथ रेंज के आईजी से मिलने पहुंचे। रोहित ने आरोप लगाया कि जब रेवाड़ी पुलिस की कार्रवाई से परिवार संतुष्ट था और आरोपी की गिरफ्तारी के करीब पहुंच चुकी थी, तभी केस को रेवाड़ी से नूंह ट्रांसफर कर दिया गया। केस ट्रांसफर करने में बड़ा खेल करने का आरोप उन्होंने आगे आरोप लगाया कि आरोपी राजनीतिक रूप से प्रभावशाली हैं, इसलिए केस ट्रांसफर में बड़ा खेल हुआ है। रोहित ने लेन-देन की आशंका से भी इनकार नहीं किया। परिवार ने आईजी कार्यालय पहुंचकर आरोपियों के दबाव में सिस्टम के काम करने और केस ट्रांसफर की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए। परिवार का कहना है कि अब उन्हें न्याय की उम्मीद खत्म हो गई है और एकमात्र सहारा मुख्यमंत्री हैं। उन्होंने बताया कि आने वाली 23 अगस्त को रेवाड़ी के बावल आ रहे मुख्यमंत्री से मिलकर वे पूरे मामले का खुलासा करेंगे। इस मामले में आईजी साउथ रेंज रेवाड़ी से उनके दफ्तर में मिलने गए तो कोई जवाब नहीं मिला।
मध्य प्रदेश विधानसभा द्वारा पारित 'मध्य प्रदेश समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक, 2026' के विरोध में नीमच में मुस्लिम समाज और विभिन्न संगठनों ने विरोध जताया है। जिला मुस्लिम इंतिज़ामिया कमेटी और सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (SDPI) के संयुक्त प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को जिला प्रशासन के माध्यम से भारत की राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। इसमें विधेयक के प्रावधानों पर आपत्ति जताते हुए इस पर पुनर्विचार की मांग की गई है। संवैधानिक अनुच्छेदों का दिया हवाला प्रतिनिधिमंडल ने संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार), 21 (जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता), 25 व 26 (धार्मिक स्वतंत्रता) और अनुच्छेद 29 (अल्पसंख्यकों के हितों का संरक्षण) का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान देश की धार्मिक व सांस्कृतिक विविधता का सम्मान करता है, इसलिए किसी भी नए कानून में मौलिक अधिकारों का संरक्षण अनिवार्य है। नीति-निर्देशक तत्व और व्यापक विमर्श की मांग ज्ञापन में स्पष्ट किया गया कि संविधान के अनुच्छेद 44 में समान नागरिक संहिता को नीति-निर्देशक तत्व (DPSP) के रूप में रखा गया है। पदाधिकारियों ने जोर दिया कि व्यक्तिगत कानूनों से जुड़े संवेदनशील विषयों पर जल्दबाजी करने के बजाय सभी प्रभावित समुदायों और विशेषज्ञों के साथ व्यापक सामाजिक व संवैधानिक विचार-विमर्श किया जाना चाहिए। राष्ट्रपति से पुनर्विचार की अपील मुस्लिम इंतिज़ामिया कमेटी और SDPI के प्रतिनिधियों ने राष्ट्रपति से विधेयक पर पुनर्विचार करने और संवैधानिक मूल्यों को बनाए रखने की अपील की है। ज्ञापन सौंपने की यह प्रक्रिया पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से संपन्न हुई, जिसमें दोनों संगठनों के वरिष्ठ पदाधिकारी व स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
सीकर में धरने-प्रदर्शनों का दौर लगातार जारी है। सीकर में एक प्राइवेट स्कूल संचालक के खिलाफ कॉलोनी के लोगों ने 5 घंटे तक धरना दिया। वहीं, SK जिला अस्पताल में नर्सिंग संविदाकर्मियों के 58 दिन से चल रहे धरने में अब निविदाकर्मी वार्ड बॉय, स्वीपर, डाटा एंट्री ऑपरेटर आदि भी शामिल हो गए हैं। सीकर के चिड़िया टीबा इलाके के संचालक पर पड़ोसी परिवार की जमीन और मकान पर कब्जे को लेकर गंभीर आरोप है। स्कूल के आसपास के लोगों का आरोप है कि पिछले कुछ सालों से जमीन को लेकर विवाद चल रहा है और बीते दिन पानी की पाइपलाइन में कथित रूप से जहरीला पदार्थ इंजेक्ट कर दिया। मोहल्लेवालों का कहना है कि पानी का सेवन करने के बाद एक महिला की तबीयत बिगड़ गई। उसे उपचार के लिए SK हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने पानी में जहरीला पदार्थ जाने की आशंका बताई। महिला को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश है। लोगों ने स्कूल के बाहर धरना देकर स्कूल की मान्यता रद्द करने और पूरे मामले की निष्पक्ष व कड़ी जांच की मांग की। उद्योग नगर थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची। पुलिस की मौजूदगी में स्कूल के बाहर बने एक खुले बाथरूम को जेसीबी से हटा दिया गया। उद्योग नगर सीआई राजेश बुडानिया ने बताया कि स्कूल संचालक को हिरासत में लिया गया। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है तथा संक्रमित पानी की जांच के लिए सैंपल भेजा गया है। संविदा-निविदा कर्मचारियों का आरोप 4 महीने से नहीं मिल रही सैलरी वहीं, दूसरी तरफ भारतीय मजदूर संघ के राजकुमार भास्कर ने कहा कि संविदा और निविदा कर्मचारियों को पिछले 4 महीने से वेतन नहीं मिल रहा है। सैलरी नहीं मिलने के कारण सभी न्यूनतम वेतन भोगी कर्मचारियों को परेशान होना पड़ रहा है समस्याओं का समाधान जब तक नहीं होगा तब तक धरना और विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा पिछले 2 महीने से बार-बार अस्पताल प्रबंधन सैलरी के लिए तलम टोली कर रहा है। कार्मिक रूक्मिणी देवी ने कहा कि सभी निविदा-संविदाकर्मी 6400 रूपए के कम वेतन में भी इस उम्मीद में काम करते हैं कि उन्हें स्थाई किया जाएगा। अब इतनी कम सैलरी भी टाइम पर नहीं मिलती है तो 2 वक्त के खाने के लिए भी उधार लेना पड़ता है। जब तक सैलरी जारी नहीं की जाएगी तब तक धरना देंगे। फिर भी मांगे नहीं मानी तो अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल की जाएगी। संविदाकर्मी निकेंद्र सिंह राठौड़ और दीपेंद्र सिंह ने कहा कि संविदाकर्मी वेतन और ज्वॉइनिंग के लिए परेशान हैं। कार्मिकों के धरने-प्रदर्शन के चलते मरीज परेशान हो रहे हैं। सैलरी जारी होते ही धरना-प्रदर्शन खत्म कर दिया जाएगा। कम वेतनभोगी होने के कारण घर चलाने में भी मुश्किल हो रही है।
कैथल में पुलिस की स्पेशल डिटेक्टिव यूनिट कैथल ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक ट्रक से 488 किलो 600 ग्राम डोडा पोस्त बरामद किया है। मध्य प्रदेश से ग्लूकोज के डिब्बों से भरे ट्रक में छुपाकर यह नशा पंजाब भेजा जा रहा था। पुलिस ने ट्रक को कब्जे में लिया है। बरामद नशे की कीमत करीब 90 लाख रुपए आंकी जा रही है। पकड़े गए आरोपी की पहचान गांव सफदरपुर जिला पटियाला, हाल राजपुरा पंजाब निवासी संदीप सिंह के रूप में हुई। नारनौल की तरफ से आ रहा था ट्रक एसडीयू प्रभारी इंस्पेक्टर सुनील कुमार ने बताया कि यूनिट से एएसआई जसबीर सिंह की टीम अपराधों की रोकथाम के संबंध में गश्त पर थी। गांव मोहना क्षेत्र में पुलिस टीम को एक गुप्त सूचना प्राप्त हुई कि एनएच -152 डी पर नारनौल की तरफ से एक लाल रंग का आईसर 6 टायरी ट्रक नंबर PB-11-CN-9737 आ रहा है, जिसमें भारी मात्रा में डोडा पोस्त रखा हुआ है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम द्वारा एन एच -152डी पर मोहना टोल से अम्बाला की तरफ लगभग एक किलोमीटर दूरी पर नाकाबंदी शुरू कर दी। नाकाबंदी के दौरान पुलिस टीम नारनौल की तरफ से आने वाले वाहनों पर नजर रख रही थी। ट्रक में ग्लूकोज के डिब्बे लदे हुए दिखाई दिए कुछ समय बाद एक लाल रंग का आईसर 6 टायरी ट्रक आता दिखाई दिया। पुलिस टीम ने ट्रक को रुकवाकर जांच की। ट्रक चालक की पहचान संदीप सिंह निवासी गांव सफदरपुर, जिला पटियाला, हाल निवासी राजपुरा, पंजाब के रूप में हुई। पुलिस सूचना उपरांत मौके पर पहुंचे डीएसपी सुशील प्रकाश के समक्ष ट्रक की तलाशी की गई। ट्रक में ग्लूकोज के डिब्बे लदे हुए दिखाई दिए। ट्रक के अंदर ग्लूकोज के डिब्बों के पीछे काले रंग के प्लास्टिक के कट्टे छिपाकर रखे हुए दिखाई दिए। ट्रक से कुल 22 कट्टे बरामद हुए। 22 कट्टों से 488.600 किलो डोडा पोस्त बरामद हुआ जांच के दौरान 22 कट्टों से 488.600 किलो डोडा पोस्त बरामद हुआ। आरोपी के खिलाफ थाना पूंडरी में मामला दर्ज करके आरोपी को गिरफ्तार कर नशा तस्करी में प्रयुक्त ट्रक जब्त कर लिया गया। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि यह नशीले पदार्थ की खेप मध्य प्रदेश से पंजाब क्षेत्र में सप्लाई की जानी थी। आरोपी से पूछताछ की जा रही है।
राज्य निर्वाचन आयोग ने बुधवार को प्रदेश के सभी 309 शहरी निकायों में चुनाव कार्यक्रम की घोषणा कर दी है। प्रदेश में दो चरणों में निकाय चुनाव होंगे। पहले चरण का मतदान 9 सितंबर को और दूसरे चरण का मतदान 11 सितंबर को होगा। चुनाव परिणाम 14 सितंबर को घोषित किए जाएंगे। धौलपुर जिले में एक नगर परिषद और 6 नगर पालिकाएं हैं। धौलपुर नगर परिषद के साथ-साथ राजाखेड़ा, सैंपऊ और मनियां नगर पालिका क्षेत्रों में प्रथम चरण में 9 सितंबर को मतदान होगा। वहीं दूसरे चरण में बाड़ी, बसेड़ी और सरमथुरा नगर पालिका क्षेत्र में 11 सितंबर को मतदान कराया जाएगा। चुनाव की अधिसूचना 27 अगस्त को जारी होने के साथ ही नामांकन प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 3 सितंबर होगी। धौलपुर नगर परिषद में कुल 60 वार्ड हैं। नगर परिषद क्षेत्र में बनाए गए 97 बूथों पर 92,324 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। धौलपुर जिले में वार्ड संख्या 7 में सबसे कम 606 मतदाता हैं, जबकि वार्ड नंबर 53 में सर्वाधिक 2,607 मतदाता हैं। राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने बताया कि निकाय प्रमुखों का चुनाव 21 सितंबर को होगा, जबकि उपाध्यक्ष का चुनाव 22 सितंबर को होगा। इसी दिन नगर निगमों, नगर परिषदों और नगरपालिकाओं की साधारण सभा की बैठक होगी। इसी बैठक में डिप्टी मेयर, उपसभापति और नगरपालिका उपाध्यक्ष का चुनाव किया जाएगा। निकाय चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही सभी 309 शहरी निकायों में तत्काल प्रभाव से आचार संहिता लागू हो गई है। यह आचार संहिता निकाय चुनावों की प्रक्रिया पूरी होने तक लागू रहेगी। आचार संहिता के दौरान शहरी क्षेत्रों में विकास के नए कार्यों की घोषणा नहीं हो सकेगी। नए वर्क ऑर्डर भी जारी नहीं किए जा सकेंगे। पहले से चल रहे कार्य जारी रहेंगे, लेकिन कोई नया काम शुरू नहीं किया जा सकेगा।
मथुरा में बुधवार दोपहर जलभराव और गंदगी की समस्या को लेकर हंगामा हो गया। भारतीय किसान यूनियन (सुनील) की पदाधिकारी मीना ठाकुर विरोध जताने के लिए पानी की टंकी पर चढ़ गईं। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और महिला को समझाकर नीचे उतारने का प्रयास शुरू किया। मीना ठाकुर का आरोप है कि मोहन नगर, नरहौली और भरतपुर रोड इलाके में लंबे समय से जलभराव और गंदगी की समस्या बनी हुई है। बारिश होने के बाद हालात और खराब हो जाते हैं। सड़कों पर पानी जमा रहने से लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है। घटना थाना हाईवे क्षेत्र के नरहौली गांव में दोपहर करीब 3 बजे हुई। बारिश के बाद और बिगड़ जाते हैं हालात उन्होंने बताया कि समस्या के समाधान के लिए नगर निगम अधिकारियों से कई बार शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं हुआ। अधिकारियों की ओर से सुनवाई नहीं होने से नाराज होकर उन्होंने पानी की टंकी पर चढ़कर विरोध जताया। लिखित आश्वासन की मांग टंकी पर चढ़ने के बाद मीना ठाकुर ने कहा कि जब तक जलभराव और गंदगी की समस्या के स्थायी समाधान का लिखित आश्वासन नहीं दिया जाता, तब तक वह नीचे नहीं उतरेंगी। मौके पर पहुंची पुलिस टीम लगातार उन्हें समझाती रही और सुरक्षित नीचे उतरने के लिए कहा। महिला के टंकी पर चढ़ने की जानकारी फैलते ही गांव में बड़ी संख्या में लोग जुट गए। इससे काफी देर तक मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। स्थानीय लोगों ने भी जलभराव की समस्या का तत्काल समाधान कराने की मांग की।
उत्तर प्रदेश विधानसभा सचिवालय में तैनात संपादक ने अपने परिचित एसडीएम के स्टेनो पर उनके नाम और दस्तावेजों का कथित तौर पर फर्जी इस्तेमाल कर एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड से 10 लाख रुपए का लोन लेने का आरोप लगाया है। आरोप है कि लोन में गारंटर के तौर पर प्रदीप के फर्जी हस्ताक्षर और कूटरचित दस्तावेज लगाए गए। इस फर्जीवाड़े के चलते उनका सिबिल स्कोर खराब हो गया और अब उन्हें बैंक से लोन नहीं मिल रहा है। श्रीपुरम त्रिवेणी नगर निवासी प्रदीप कुमार पाण्डेय सचिवालय में संपादक के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि सुशील कुमार शुक्ला उनके गांव के नजदीकी गांव पतरा के रहने वाले हैं। जो सिधौली उप जिलाधिकारी के स्टेनो के पद पर कार्यरत हैं। दोनों लखनऊ के त्रिवेणीनगर में एक ही मोहल्ले में रहते थे, जिसके कारण सुशील का उनके घर आना-जाना था। आरोप है कि इसी दौरान सुशील ने उनके कुछ व्यक्तिगत दस्तावेज हासिल कर लिए। बाद में इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर फर्जी कागजात तैयार कर एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस से लोन लिया गया। नोटिस मिलने पर फर्जीवाड़े की जानकारी हुई प्रदीप ने बताया उन्हें इस मामले की जानकारी एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस की तरफ से 30 सितंबर 2025 को नोटिस आने पर हुई। नोटिस से पता चला कि उन्हीने लोन में गारंटर बताया गया था। इसके बाद उन्होंने 25 नवंबर 2025 को हजरतगंज स्थित एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस कार्यालय में प्रार्थना पत्र देकर गारंटी से संबंधित दस्तावेज दिखाने की मांग की। प्रदीप का कहना है कि 29 नवंबर को उन्हें जो दस्तावेज दिखाए गए, वे फर्जी थे। इनमें इस्तेमाल आधार कार्ड पर उनका गलत आधार नंबर और जन्मतिथि दर्ज थी। उनके वास्तविक आधार में जन्मतिथि 18 फरवरी 1984 है, जबकि फर्जी दस्तावेज में 18 फरवरी 1982 दर्ज थी। उन्होंने लोन पत्रावली में किए गए अपने हस्ताक्षरों को भी फर्जी बताया। कंपनी अधिकारियों से शिकायत, कार्रवाई का आश्वासन प्रदीप ने 1 दिसंबर 2025 को एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस के एरिया मैनेजर को पत्र देकर मामले की शिकायत की। उनके मुताबिक अधिकारी ने सुशील कुमार शुक्ला को बुलाकर गारंटी में इस्तेमाल दस्तावेज हटवाने और खराब हुए सिबिल स्कोर को ठीक कराने का आश्वासन दिया था। इसके बाद भी मामला हल नहीं हुआ। प्रदीप ने बताया कि 26 फरवरी 2026 को उन्होंने क्षेत्रीय प्रबंधक देवेंद्र गुप्ता से भी फोन पर बात कर शिकायत की कॉपी व्हाट्सऐप की। वहां से भी कार्रवाई का आश्वासन मिला, लेकिन उनका आरोप है कि इसके बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ। नौकरी से निकलवाने की धमकी पीड़ित के अनुसार उन्होंने सुशील शुक्ला से कई बार संपर्क करने की कोशिश की। फोन पर शुक्ला ने गारंटर बदलने की बात कही, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। आरोप है कि बाद में उन्होंने फोन उठाना भी बंद कर दिया। मुलाकात के दौरान सुशील ने उन्हें धमकी देते हुए कहा कि वे उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकते और ज्यादा कार्रवाई करने पर जान से हाथ धोने तथा नौकरी चले जाने की धमकी दी। मामले में पुलिस का गाना है मुकदमा दर्ज करके जांच की जा रही है।
उमरिया जिले में अवैध रेत परिवहन पर कार्रवाई की गई है। नौरोजाबाद पुलिस ने अवैध रेत से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त की है। मामले में ड्राइवर संजय बैगा सहित युवक कांग्रेस के जिलाध्यक्ष अम्बुज सिंह पर भी केस दर्ज किया गया है। जानकारी के अनुसार, बुधवार को नौरोजाबाद क्षेत्र से ट्रैक्टर-ट्रॉली अवैध रेत लेकर उमरिया की ओर आ रही थी। जैन पेट्रोल पंप के पास पुलिस ने वाहन को रोका और पूछताछ की। जांच के दौरान ट्रैक्टर-ट्रॉली में रेत परिवहन से संबंधित दस्तावेज नहीं मिले। दस्तावेज न मिलने पर नौरोजाबाद पुलिस ने ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त कर थाना परिसर में खड़ा कर दिया। गौरतलब है कि बारिश के मौसम में रेत के उत्खनन पर रोक होती है, जिसके कारण अवैध उत्खनन और परिवहन बढ़ जाता है। अहम बात यह है कि मामला युवक कांग्रेस के जिलाध्यक्ष अम्बुज सिंह से जुड़ा है। ड्राइवर संजय बैगा ने पुलिस को बताया कि वह अम्बुज सिंह के कहने पर यह अवैध रेत ले जा रहा था। नौरोजाबाद थाना प्रभारी बालेन्द्र शर्मा ने बताया कि संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस इस प्रकरण की जांच कर रही है।
मरीज बनकर आए युवक ने दुकान से चुराई स्वर्णभस्म:10 मिनट तक स्टोर में घूमा, डिब्बी चुराकर भागा
मेरठ के मवाना थानाक्षेत्र में दवादुकान में मरीज बनकर गए युवक ने स्वर्णभस्म की डिब्बी पर हाथ साफ कर दिया। लगभग 10 मिनट तक आरोपी युवक दुकान में घूमता रहा। वो स्वर्णभस्म की अलग-अलग डिब्बियां देखता रहा। अचानक मौका मिलते ही उसने एक डिब्बी शर्ट में छिपाई और दुकान से चला गया।युवक के जाने के बाद जब दुकानदार ने माल चैक किया तो एक डिब्बी गायब थी। इसके बाद सीसीटीवी देखा जिसमें युवक चोरी करता नजर आ रहा है। अब आरोपी युवक की तलाश की जा रही है। काली शर्ट पहनकर आया था युवक घटना मवाना के सुभाष बाजार की है। यहां उज्जवल रस्तोगी का महेंद्र मेडिकल स्टोर प्राइवेट लिमिटेड नाम से दवा दुकान है। उज्जवल रस्तोगी ने बताया कि बुधवार दोपहर लगभग 2.54 पर काली शर्ट पहने एक युवक दुकान पर आया था। युवक के आते ही दुकान पर कुछ अन्य ग्राहक भी आ गए। युवक ने कहा कि वो बीमार है। उसे कमजोरी की दिक्कत है उसने कुछ अन्य परेशानियां बताईं। दुकानदार से कहा कमजोरी लगती है भस्म चाहिए मरीज बनकर आया वो युवक पहले फोन पर बात करता रहा। बाद में उसने दुकान पर बैठे लड़के से कहा कि उसे स्वर्णभस्म चाहिए। अच्छी कंपनी की स्वर्णभस्म दिखाएं। स्टाफ ने उसे स्वर्णभस्म की कुछ डिब्बियां दिखाईं। अलग-अलग ब्रांड के स्वर्णभस्म उसे बताए। युवक लगभग 10 मिनट तक दुकान पर रहा। इस दौरान वो अलग-अलग ब्रांड के प्रोडक्ट्स देखता रहा। स्टॉक में कम मिली एक डिब्बी थोड़ी देर बाद युवक दुकान से बिना कुछ सामान लिए चला गया। जब स्टाफ स्वर्ण भस्म की डिब्बियां वापस रैक में रखने लगा तो देखा बैद्यनाथ कंपनी के स्वर्णभस्म की एक डिब्बी गायब है। जब दुकान में लगा सीसीटीवी चैक किया तो उसमें उक्त युवक चोरी करता हुआ नजर आया। दुकान संचालक उज्जवल रस्तोगी ने बताया कि बैद्यनाथ कंपनी की स्वर्ण भस्म की एक डिब्बी गायब है। जिसकी कीमत 2500 रुपए है। इसमें 10 गोलियां होती हैं वो पूरी डिब्बी स्टॉक से गायब थी। जिसे हमने कस्टमर को दिखाया था। सीसीटीवी में वो युवक डिब्बी चुराता दिख रहा है। उक्त युवक की फोटो व वीडियो जारी किया गया है ताकि उसकी पहचान हो सके।
संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज की 650वीं जयंती के मौके पर भोपाल में एक राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें झाबुआ जिले की टीम ने हिस्सा लिया और जिले के लिए पवित्र समरसता कलश हासिल किया। यह कलश बुधवार को पेटलावद पहुंचा। प्रदेशव्यापी समरसता संकल्प अभियान और कलश यात्रा के शुरुआत कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल मौजूद रहे। मुख्यमंत्री मोहन यादव, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष लाल सिंह आर्य और अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष भगवान सिंह परमार ने झाबुआ जिले के लिए यह पवित्र कलश सौंपा। झाबुआ से भाजपा जिला अध्यक्ष भानु भुरिया, अजा मोर्चा जिलाध्यक्ष गुलाबसिंह परमार, जिला महामंत्री महेशकांत चौहान, जिला उपाध्यक्ष मोहनलाल यादव, जिला मंत्री गोपी पंजल और शंभूलाल मालीवाड़ भी शामिल हुए। झाबुआ जिला टोली का हुआ गठन संभागीय संगठन प्रभारी रणवीर सिंह रावत, जिला संगठन प्रभारी राजेंद्र राठौर और जिला अध्यक्ष भानु भूरिया के निर्देश पर झाबुआ जिला टोली बनाई गई है। इसके संयोजक भाजपा जिला उपाध्यक्ष हेमेंद्र भट्ट हैं। वहीं सह-संयोजकों में गुलाब सिंह परमार, महेश कांत चौहान, गोपी पंजल और मोहनलाल यादव शामिल हैं। 20 अगस्त से 10 सितंबर तक चलेगी कलश यात्रा अजा मोर्चा के जिला महामंत्री महेश कांत चौहान ने बताया कि मध्य प्रदेश सरकार पूरे प्रदेश में समरसता यात्रा निकाल रही है। इसके तहत झाबुआ जिले के हर मंडल और विधानसभा क्षेत्र में भव्य कलश वंदन यात्रा निकाली जाएगी। उन्होंने पूरे हिंदू समाज से 20 अगस्त से 10 सितंबर 2026 तक चलने वाले इस समरसता संकल्प अभियान में शामिल होने की अपील की है।
बठिंडा गोनियाना रोड पर स्थित झील नंबर-2 में एक बुजुर्ग व्यक्ति ने छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली। सूचना मिलते ही समाजसेवी संस्था नौजवान वेलफेयर सोसाइटी बठिंडा की एंबुलेंस टीम और एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने मात्र 10 मिनट में बुजुर्ग को झील से बाहर निकाल लिया। उन्हें तुरंत सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान रामपुरा फूल निवासी 63 वर्षीय बलवीर सिंह पुत्र काका सिंह के रूप में हुई है। बलवीर सिंह गोविंदपुरा सेंट्रल जेल में तैनात थे बलवीर सिंह भारतीय सेना से सेवानिवृत्त थे और बठिंडा की गोविंदपुरा सेंट्रल जेल में पेस्को (PESCO) कर्मचारी के रूप में कार्यरत थे। थाना थर्मल के एसएचओ हरजोत सिंह ने बताया कि मृतक के परिवार के अनुसार, बलवीर सिंह का कुछ समय से घरेलू विवाद चल रहा था, जिसके कारण उन्होंने यह कदम उठाया। पुलिस ने इस मामले में पांच लोगों को नामजद किया है और आगे की कार्रवाई दर्ज किए गए बयानों के आधार पर की जाएगी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
सहरसा में मारवाड़ी युवा मंच शाखा और मारवाड़ी युवा मंच संस्कृति शाखा के संयुक्त तत्वावधान में हरियाली तीज महोत्सव 2026 का आयोजन किया गया। शहर के पूजा रिसॉर्ट में आयोजित कार्यक्रम में 200 से अधिक महिलाओं ने हिस्सा लिया। महिलाओं ने पारंपरिक परिधानों में सजकर मारवाड़ी संस्कृति और परंपराओं का प्रदर्शन किया। महोत्सव का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद गीत-संगीत, झूला, डीजे एवं नृत्य, फन गेम्स और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। महिलाओं के लिए स्वादिष्ट व्यंजनों और विभिन्न प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया। मुख्य अतिथियों ने की आयोजन की सराहना कार्यक्रम में बिहार प्रादेशिक मारवाड़ी सम्मेलन के अध्यक्ष राजेश यादुका, बिहार प्रादेशिक मारवाड़ी महिला समिति की अध्यक्ष उमा डोकानिया, श्री खाटू श्याम भक्त मंडल के उपाध्यक्ष गोपाल दहलान और दीपक पंसारी मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। अतिथियों ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम सामाजिक एकजुटता के साथ समाज की समृद्ध संस्कृति और परंपराओं को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। आयोजन में मंच के सदस्यों की सक्रिय भूमिका मारवाड़ी युवा मंच सहरसा शाखा के अध्यक्ष आदित्य मित्तल और निवर्तमान अध्यक्ष निकुन तुलस्यान सहित शाखा के सदस्यों ने आयोजन को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई। संस्कृति शाखा की सदस्यों ने भी कार्यक्रम के संचालन और विभिन्न गतिविधियों में सहयोग किया। सांस्कृतिक विरासत को बनाए रखना उद्देश्य आयोजकों के अनुसार, कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को एक मंच पर लाना, मारवाड़ी समाज की सांस्कृतिक विरासत को बनाए रखना और आपसी प्रेम, सौहार्द तथा सामाजिक एकजुटता को मजबूत करना था। प्रायोजकों और सहयोगकर्ताओं का जताया आभार कार्यक्रम की सफलता में होटल पीआरडी पैलेस, दहलान स्टोर्स, जय श्री आयरन एंड स्टील, विजय एंटरप्राइजेज, एसएनजी प्रोडक्ट्स, बालाजी फुटवेयर, शाह एजेंसीज, टीवीएस सत्यम शिवम कश्यप ब्रदर्स ऑटोमोबाइल, एम/एस कुबेर ट्रेडिंग एंड कंपनी, बालाजी चूड़ी घर और गौरव अग्रवाल सहित कई प्रायोजकों का सहयोग रहा। आयोजक मंच ने सभी अतिथियों, प्रायोजकों, सहयोगकर्ताओं, सदस्यों और कार्यक्रम में शामिल महिलाओं के प्रति आभार व्यक्त किया।
शेखपुरा में बुधवार को समाहरणालय स्थित कृष्ण सभागार में जिला स्तरीय बैंकर्स परामर्शदात्री समिति और त्रैमासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। उप विकास आयुक्त (DDC) राकेश कुमार ने बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें जिले में संचालित विभिन्न जन-कल्याणकारी और स्वरोजगार योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। इस दौरान साख-जमा अनुपात बढ़ाने और वित्तीय समावेशन को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया। देखें, मौके से आई तस्वीरें… 'पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना' तेजी लाएं बैठक में प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना, किसान सम्मान निधि, किसान क्रेडिट कार्ड, गव्य एवं मत्स्य विकास योजनाओं के तहत प्राप्त आवेदनों की स्थिति की समीक्षा की गई। जीविका के स्वयं सहायता समूहों के क्रेडिट लिंकेज और 'पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना' के क्रियान्वयन में तेजी लाने के भी निर्देश दिए गए। सरकार के निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्य करेंDDC राकेश कुमार ने बैंक अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्य करें। उन्होंने कहा कि संबंधित विभागों और बैंकों में लंबित आवेदनों की त्वरित जांच की जाए और योग्य लाभार्थियों को तत्काल योजनाओं का लाभ प्रदान किया जाए। उप विकास आयुक्त ने चेतावनी दी कि बैंक अपने स्तर पर लंबित आवेदनों का यथाशीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करें। उन्होंने यह भी कहा कि कार्य में लापरवाही बरतने वाले या बिना पूर्ण जानकारी के बैठकों में आने वाले अधिकारियों और बैंक शाखा प्रबंधकों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस महत्वपूर्ण बैठक में जिला प्रशासन और विभिन्न बैंकों के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इनमें वरीय उपसमाहर्ता-सह-जिला गोपनीय प्रभारी पदाधिकारी, जिला विकास पदाधिकारी-सह-जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता (विद्युत प्रमंडल), अग्रणी बैंक प्रबंधक, जिला गव्य विकास पदाधिकारी, जिला पशुपालन पदाधिकारी और जिले की सभी बैंक शाखाओं के प्रबंधक शामिल थे।
देवघर पुलिस ने जसीडीह थाना क्षेत्र में फर्जी जीएसटी अधिकारी बनकर 40 लाख 50 हजार रुपये की लूट के मामले का खुलासा किया है। पुलिस ने इस संबंध में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनकी निशानदेही पर लूटी गई नकदी, मोबाइल फोन, लैपटॉप और वारदात में इस्तेमाल किए गए सामान बरामद किए गए हैं। यह घटना 8 अगस्त 2026 को हुई थी। वादी विक्रम चौधरी ने जसीडीह थाना में अज्ञात स्कॉर्पियो सवार अपराधियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि जसीडीह थाना क्षेत्र के टाभाघाट-दर्दमारा मुख्य सड़क पर अपराधियों ने उनकी मोटरसाइकिल को स्कॉर्पियो से रोक लिया। अपराधियों ने खुद को जीएसटी अधिकारी बताया और विक्रम चौधरी तथा उनके साथ मौजूद कर्मचारी को रुपये से भरे बैग सहित अगवा कर लिया। वे 40 लाख 50 हजार रुपये नकद, मोबाइल फोन और लैपटॉप लूटकर फरार हो गए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष छापामारी दल का गठन किया गया। पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए कुमोद पोद्दार, संजय कुमार सिंह, शिव शंकर कुमार, घनश्याम यादव और विनोद प्रसाद यादव को गिरफ्तार किया। पुलिस ने संजय सिंह की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त स्कॉर्पियो वाहन, दो मोबाइल फोन, दो प्लास्टिक के पुलिस डंडे और लाल-नीले रंग का पुलिस बोर्ड बरामद किया। कुमोद पोद्दार के ठिकाने से 4 लाख 30 हजार रुपये नकद (4 लाख 20 हजार रुपये 500 और 840 के नोटों में, तथा 10 हजार रुपये 200 और 50 के नोटों में) और वादी का लूटा हुआ डेल कंपनी का क्षतिग्रस्त लैपटॉप मिला। शिव शंकर कुमार की निशानदेही पर एक मोबाइल फोन बरामद किया गया, जिसमें घटनास्थल से मुक्त किए जाने के बाद आगे जाने वाले रास्ते का नक्शा मिला। गिरफ्तार आरोपियों के आपराधिक इतिहास की जांच की जा रही है। कुमोद पोद्दार के खिलाफ सिमुलतला, दुमका, हलसी और देवघर नगर थाना में पहले से कई मामले दर्ज हैं। अन्य आरोपियों के रिकॉर्ड की भी पड़ताल जारी है।
राजस्थान राज्य निर्वाचन विभाग की ओर से प्रदेश में निकाय चुनाव की तारीखों की घोषणा कर दी गई है। सलूंबर नगर परिषद में दूसरे चरण में 11 सितंबर को 25 वार्डों में वोटिंग होगी। इसके साथ ही संबंधित निकाय क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है। अब इन क्षेत्रों में नई सरकारी घोषणाओं और विकास कार्यों पर रोक रहेगी। नगर परिषद क्षेत्र में 15, 521 मतदाता करेंगे वोट सलूम्बर नगर परिषद क्षेत्र में कुल 15,521 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। 22 अप्रैल 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, इनमें 7,800 महिला मतदाता और 7,721 पुरुष मतदाता शामिल हैं। यह दर्शाता है कि महिला मतदाताओं की संख्या पुरुषों से 79 अधिक है।
झारखंड: सीजीएल परीक्षा रद्द होने पर कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन, बोले-सरकार का फैसला गलत
झारखंड में नियुक्ति परीक्षाओं में गड़बड़ियों के खिलाफ राज्य सरकार ने जेपीएससी और जेएसएससी की ओर से आयोजित 22 परीक्षाएं एक साथ रद्द कर दी हैं। इन फैसलों से 2,628 चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्तियां प्रभावित हुई हैं। इस फैसले के खिलाफ प्रभावित सीजीएल कर्मचारियों ने बुधवार को झारखंड सचिवालय के सामने विरोध प्रदर्शन किया।
रोहतक जिले के महम में इनेलो जिलाध्यक्ष नफे सिंह लहाली ने प्रदेश सरकार की नीतियों पर तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि महम क्षेत्र बदहाल हो चुका है। उन्होंने कहा कि सरकार हर मोर्चे पर विफल है और जातिवाद की राजनीति कर रही है। रेस्ट हाउस में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने सरकार से जातिवाद की बजाय विकास और उत्थान पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि क्षेत्र की मूलभूत समस्याएं जैसे सड़क, पानी, सफाई और रोजगार जस की तस बनी हुई हैं, लेकिन सरकार और जनप्रतिनिधियों का इन पर कोई ध्यान नहीं है। उन्होंने महम के सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों को निशाने पर लिया। लहाली ने आरोप लगाया कि ये नेता केवल चुनाव के समय वोट मांगने आते हैं, लेकिन जनता की समस्याओं के समाधान के लिए कभी दिखाई नहीं देते। 22 अगस्त को लाखनमाजरा में अभय सिंह चौटाला का प्रोग्राम नफे सिंह लहाली ने आगामी 22 अगस्त को इनेलो नेता अभय सिंह चौटाला के महम हलके के लाखनमाजरा गांव में खरेटी रोड रामलीला मैदान में होने वाले कार्यक्रम की भी जानकारी दी। उन्होंने कार्यकर्ताओं और आमजन से इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पहुंचने का आह्वान किया। इनेलो जिलाध्यक्ष ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा नेतृत्व को जात-पात की राजनीति छोड़कर विकास की बात करनी चाहिए। लहाली ने आरोप लगाया कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अर्चना गुप्ता एक जाति विशेष को निशाना बनाकर प्रदेश का माहौल खराब करना चाहती हैं। लहाली ने पूर्व राज्यसभा सांसद रामचंद्र जांगड़ा पर भी गंभीर राजनीतिक आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि जांगड़ा की हर विभाग में मिलीभगत है और वे 'दलाली खाने' का काम करते हैं। उन्होंने दावा किया कि महम की जनता अब खोखले विकास के दावों को समझ चुकी है और आने वाले समय में इसका जवाब देगी। इनेलो हर वर्ग की आवाज बुलंद कर रही : नफे सिंह उन्होंने दावा किया कि हरियाणा में यदि कोई पार्टी सही मायने में विपक्ष की भूमिका निभा रही है तो वह इनेलो है। उन्होंने कहा कि इनेलो ने हर वर्ग और हर मुद्दे पर जनता की आवाज बुलंद की है। चाहे बुढ़ापा पेंशन का मामला हो या सरकार की अन्य जनविरोधी नीतियां, इनेलो ने सड़क से लेकर विधानसभा तक संघर्ष किया और सरकार को झुकने पर मजबूर किया।उन्होंने नगर पालिका सफाई कर्मचारियों और फायर कर्मचारियों की चल रही हड़ताल का समर्थन करते हुए कहा कि आज कर्मचारी वर्ग भी सरकार की नीतियों से परेशान है। सफाई और फायर जैसे महत्वपूर्ण विभागों के कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर हैं, लेकिन सरकार उनकी समस्याओं का समाधान करने के बजाय उन्हें नजरअंदाज कर रही है।
दुर्ग बस स्टैंड के मुख्य गेट के पास 18 अगस्त की तड़के कार सवार युवकों के साथ मारपीट और लूट का मामला सामने आया है। विवाद की शुरुआत बस का दरवाजा कार से टकराने के बाद हुई, जिसके बाद मामला मारपीट और लूट तक पहुंच गया। आरोपियों ने कार के शीशे भी तोड़ दिए। पुलिस ने मामले में दो आरोपियों और दो नाबालिगों को गिरफ्तार किया है। घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। बस का दरवाजा कार से टकराया, कहासुनी के बाद बुलाए साथी प्रार्थी सूरज साहू के मुताबिक, वह 17 अगस्त की रात अपने जीजा का जन्मदिन मनाकर अमलेश्वर से दुर्ग लौट रहे थे। उनके साथ रवि साहू, राहुल साहू और राजा उर्फ राजकुमार भी थे। 18 अगस्त की सुबह करीब 3 से 3:30 बजे वे दुर्ग बस स्टैंड के मुख्य गेट के पास चाय पीने के लिए रुके थे। इसी दौरान अरबानिया बस उनकी बलेनो कार के पास आकर रुकी। बस से उतर रहे एक युवक ने दरवाजा खोला, जो कार से टकरा गया और उसमें डेंट लग गया। इस पर रवि ने युवक से सिर्फ दरवाजा देखकर खोलने की बात कही। आरोप है कि इसके बाद युवक ने बस में बैठे अपने साथियों को बुला लिया। बीच-बचाव करने पहुंचे युवकों से भी मारपीट आरोप है कि बस से उतरे चार युवकों ने रवि साहू के साथ मारपीट शुरू कर दी। जब सूरज और उसके साथ बीच-बचाव करने पहुंचे तो उनके साथ भी गाली-गलौज और हाथ-मुक्कों से मारपीट की गई। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि इसी दौरान एक आरोपी ने कटर दिखाकर काटने की धमकी भी दी। मोबाइल और 5 हजार रुपए लूटने का आरोप पीड़ित ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने उसका सैमसंग मोबाइल और रवि साहू का आईक्यू कंपनी का मोबाइल लूट लिया। इसके अलावा कार के आगे-पीछे के शीशे और दाहिनी ओर की खिड़की का कांच तोड़ दिया गया। डैशबोर्ड में रखे करीब 5 हजार रुपए भी ले जाने का आरोप है। इसके बाद आरोपी बस में बैठकर मौके से फरार हो गए। मारपीट में दो युवक घायल घटना में रवि साहू के बाएं हाथ की हथेली और सिर में चोट आई, जबकि राजा उर्फ राजकुमार के नाक और सिर में चोट लगने की बात सामने आई है। घटना के बाद युवकों ने अपने परिजनों और परिचितों को इसकी जानकारी दी। FIR के लिए घंटों भटकने का आरोप रवि साहू ने आरोप लगाया कि वह घटना के बाद करीब सुबह 4 बजे पद्मनाभपुर थाना FIR दर्ज कराने पहुंचा था। वहां आवेदन लिखवाकर सुबह 11 बजे आने को कहा गया। दोबारा पहुंचने पर थाना प्रभारी ने कथित तौर पर आरोपियों के नाम, मोबाइल नंबर और CCTV फुटेज लाने को कहा। रवि के मुताबिक, वह दोपहर करीब 3:30 बजे आरोपियों की जानकारी और CCTV फुटेज लेकर थाने पहुंचा, लेकिन FIR दर्ज नहीं की गई। इसके बाद वह CSP कार्यालय पहुंचा और शिकायत की। शिकायत मिलते ही FIR, दो आरोपी और दो नाबालिग गिरफ्तार CSP दुर्ग हर्षित मैहर ने बताया कि शिकायत संज्ञान में आने के बाद BNS की धारा 309(6) समेत संबंधित धाराओं में FIR दर्ज की गई और आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पूरन निषाद (19) और कोमल निषाद (32) के रूप में हुई है। इनके साथ दो नाबालिगों को भी पकड़ा गया है। पुलिस ने BNS की धारा 115(2), 296, 3(5), 309(6) और 351(3) के तहत कार्रवाई की है। FIR में देरी पर थाना प्रभारी से स्पष्टीकरण CSP हर्षित मैहर ने बताया कि प्रार्थी पक्ष ने पद्मनाभपुर थाना प्रभारी और स्टाफ पर शिकायत नहीं सुनने, रिसीविंग नहीं देने और FIR दर्ज नहीं करने का आरोप लगाया था। मामले को गंभीरता से लेते हुए थाना प्रभारी से स्पष्टीकरण मांगा गया है। जवाब मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अब CCTV फुटेज के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। आरोपियों से लूटे गए मोबाइल, रुपए और घटना में इस्तेमाल हथियार के संबंध में पूछताछ की जा रही है।
भिवानी पुलिस ने 2.56 लाख की धोखाधड़ी करने के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस टीम ने आरोपी से 20000 की नकदी बरामद की है। शिकायतकर्ता भिवानी के भारत नगर निवासी श्यामसुंदर ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह कोविड-19 के कारण आर्थिक परेशानियों से जूझ रहा था। इसी दौरान आरोपियों द्वारा उससे संपर्क कर लुधियाना की एक फर्म के नाम से व्हाट्सएप पर बातचीत की गई तथा माल उपलब्ध करवाने का भरोसा दिलाया। शिकायतकर्ता ने आरोपियों पर विश्वास करते हुए उनके बताए अनुसार माल भिजवाया। बाद में संबंधित फर्म के पास माल की डिलीवरी नहीं हुई और पूछताछ करने पर उसे पता चला कि आरोपियों ने अपने गिरोह के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर उसके द्वारा भेजा गया माल हड़प लिया है। केस दर्ज किया थाआरोपियों द्वारा उसे कानूनी कार्रवाई करने पर जान से मारने की धमकी दी गई। शिकायतकर्ता के अनुसार आरोपियों ने धोखाधड़ी कर उसकी कमाई को नुकसान पहुंचाया। इस संबंध में शिकायतकर्ता द्वारा पुलिस को शिकायत देकर आरोपियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की मांग की गई थी। शिकायत के आधार पर थाना औद्योगिक क्षेत्र भिवानी में 17 मई 2024 को धारा 406, 420, 506 आईपीसी के तहत केस दर्ज किया गया था। पंजाब का आरोपी काबूजिला अनुसंधान इकाई के एएसआई सोमबीर सिंह ने धोखाधड़ी के मामले में आरोपी पंजाब के लुधियाना निवासी तौशिफ पुत्र अशफाक को गिरफ्तार किया है। पुलिस टीम ने आरोपी से 20000 की नकदी बरामद की है। केस में आरोपी के पिता अशफाक को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जिला कारागार भेजने के आदेश दिए गए।
बुरहानपुर समान नागरिक संहिता (UCC) के विरोध में बुरहानपुर में मुस्लिम समाज की ओर से विरोध जारी है। मंगलवार को ऑल इंडिया मिल्ली काउंसिल के बाद बुधवार को बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज की महिलाएं और युवतियां एसडीएम कार्यालय पहुंचीं। उन्होंने एसडीएम पल्लवी पुराणिक को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर मध्यप्रदेश समान नागरिक संहिता विधेयक 2026 को वापस लेने की मांग की। ज्ञापन में कहा गया कि मुस्लिम समाज की संविधान के प्रति गहरी निष्ठा है, लेकिन प्रस्तावित विधेयक संविधान की मूल भावना और मौलिक अधिकारों को प्रभावित करता है। समाज की ओर से दावा किया गया कि बिल के प्रावधान समानता और कानून के समक्ष समानता के सिद्धांत के विपरीत हैं। धार्मिक और व्यक्तिगत कानूनों में हस्तक्षेप का आरोपज्ञापन में कहा गया कि विधेयक से संविधान की प्रस्तावना में निहित पंथनिरपेक्षता, व्यक्ति की गरिमा और बंधुत्व की भावना प्रभावित होगी। मुस्लिम समाज ने आरोप लगाया कि बिल विवाह की स्वायत्तता और व्यक्तिगत कानूनों से जुड़े अधिकारों पर भी असर डालता है। ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि धार्मिक और सामाजिक पहचान में एकरूपता लाने के बजाय संविधान के दायरे में देश की विविधता और एकता के सिद्धांत को बनाए रखा जाए। समाज ने विधेयक को वापस लेने की मांग की।
मिर्जापुर में लगातार बारिश और पहाड़ी क्षेत्रों से पानी की आवक बढ़ने के कारण गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, बुधवार को ओझला ब्रिज गेज स्थल पर गंगा का जलस्तर 72.680 मीटर दर्ज किया गया, जिसमें पिछले आठ घंटे में लगभग 31 सेंटीमीटर की वृद्धि हुई है। नदी में करीब 3 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। केंद्रीय जल आयोग ने गंगा का चेतावनी स्तर 76.724 मीटर और खतरे का स्तर 77.724 मीटर निर्धारित किया है। गंगा का अब तक का उच्चतम बाढ़ स्तर 80.340 मीटर दर्ज किया गया है। वर्तमान जलस्तर अभी चेतावनी स्तर से नीचे है, लेकिन लगातार हो रही बढ़ोतरी ने नदी किनारे बसे लोगों को सतर्क कर दिया है। जिस रफ्तार से गंगा का पानी बढ़ रहा है, उससे आने वाले समय में नदी के आसपास के निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न होने की आशंका है। जिला प्रशासन नदी के बढ़ते जलस्तर पर लगातार नजर बनाए हुए है और लोगों से सतर्क रहने की अपील कर रहा है। जलस्तर बढ़ने के बाद बड़ी संख्या में लोग गंगा का स्वरूप देखने के लिए घाटों पर पहुंच रहे हैं। हालांकि, नदी में तेज बहाव को देखते हुए घाटों पर सावधानी बरतने की आवश्यकता है। गहरे पानी में जाने और स्नान के दौरान लापरवाही से हादसे का खतरा बना हुआ है। बारिश का दौर जारी रहने और ऊपरी क्षेत्रों से पानी की आवक बढ़ने पर गंगा का जलस्तर और बढ़ सकता है। ऐसे में तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। प्रशासन और संबंधित विभाग गंगा के जलस्तर की लगातार निगरानी कर रहे हैं।
बेगूसराय में हथियार और कारतूस के साथ अपराधियों ने 3 वीडियो बनाए हैं। पहले वीडियो में जिसमें देखा जा सकता है कि जमीन पर चादर बिछी है। जिसपर कट्टा- राइफल और कारतूसें रखी हुई है। दूसरे बगल में बैठे बदमाश सिगरेट का धुआं उड़ा रहे हैं। वीडियो पर कैप्सन लिखा है ‘King of Bihar boos’। वहीं, तीसरे वीडियो में भी हथियार दिख रहा है और बदमाश चिकन पार्टी कर रहे हैं। मामला बलिया थाना क्षेत्र नौरंगा दियारा इलाके का है। बदमाशों की कुछ तस्वीरें… गंगा वाले इलाके में शरण लेते हैं अपराधी बलिया थाना का नौरंगा दियारा क्षेत्र भौगोलिक रूप से दुर्गम इलाका माना जाता है। गंगा के कछार वाले इस इलाके में अपराधी अक्सर शरण लेते हैं। सोशल मीडिया पर इस तरह के हथियारों से लैस वीडियो डालकर बदमाश आम लोगों और विरोधी गुटों में अपनी दहशत कायम करने की कोशिश कर रहे हैं। यह कोई पहला मामला नहीं है। पुलिस की लगातार कार्रवाई के बावजूद युवाओं में सोशल मीडिया पर लाइक्स और फॉलोअर्स बटोरने का सनक सिर चढ़कर बोल रहा है। पुलिस ने शुरू की छापेमारी वीडियो वायरल होने के बाद बेगूसराय पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। फिलहाल बलिया थानाध्यक्ष शैलेंद्र कुमार के नेतृत्व में पुलिस ने दियारा के संभावित ठिकानों पर छापेमारी शुरू कर दी है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही सभी बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। डीएसपी बोले- मुख्य आरोपी सुदामा चौधरी की हुई पहचान मुख्यालय डीएसपी (DSP HQ) निखिल कुमार ने बताया कि अवैध हथियार के साथ सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने का मामला पुलिस के संज्ञान में आया है। इस संबंध में बलिया थाना पुलिस की ओर से सत्यापन कराया गया है। जांच के दौरान वायरल वीडियो में दिख रहे एक मुख्य व्यक्ति की पहचान नौरंगा निवासी सुदामा चौधरी के रूप में हुई है। डीएसपी ने बताया कि FIR दर्ज की जा रही है। एक आरोपी की पहचान कर उसके गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। वीडियो में शामिल अन्य सभी आरोपियों की भी पहचान की जा रही है। जल्द ही सभी की गिरफ्तारी होगी।
पीलीभीत में महिला ने अफेयर से छुटकारा पाने के लिए ड्राइवर को ट्रक में ही जलाकर मार डाला था। पुलिस ने मंगलवार शाम करीब 4 बजे आरोपी महिला को गिरफ्तार कर खुलासा किया। महिला ने पुलिस को बताया- मैंने अट्रैक्शन के चलते उससे संबंध बनाए, लेकिन पिछले 6 महीने से मैं छुटकारा पाना चाहती थी। वह मुझे छोड़ नहीं रहा था। मेरी अश्लील वीडियो और फोटो उसके पास थे। वह उसे वायरल करने की धमकी देता था। इसलिए मैंने प्लान करके उसकी हत्या कर दी। 10 जुलाई को ड्राइवर का शव पूरनपुर इलाके में ट्रक में जलता हुआ मिला था। पूरी घटना सिलसिलेवार पढ़िए... रामपुर के बिलासपुर में बलविंदर सिंह (50) अपने परिवार के साथ रहते थे। घर में उनके दो बेटे प्रीत (20) और परदीप (22) हैं, जो पढ़ाई करते हैं। पत्नी की पहले ही मौत हो चुकी है। उनके पास एक ट्रक थी, जिसे वो खुद चलाते थे। 3 सालों से बलविंदर का उसके ही गांव की रहने वाली अमनदीप से अफेयर चल रहा था। अमनदीप के परिवार में उसका पति सुखविंदर और एक 18 साल का बेटा है। वह पिछले 6 महीनों से बलविंदर से छुटकारा पाना चाहती थी। लेकिन बलविंदर उसे ब्लैकमेल करता था। इसी से परेशान होकर अमनदीप ने बलविंदर की हत्या कर उसका शव ट्रक में ही जला दिया था। सीसीटीवी फुटेज से पुलिस को मिला एंगलपीलीभीत के पूरनपुर में बलविंदर का शव 10 जुलाई को ट्रक के अंदर जली हुई हालत में मिला था। जलती हुई ट्रक का एक वीडियो भी सामने आया है। शुरुआती जांच में ट्रक में आग लगने से मौत की आशंका जताई गई थी। बलविंदर के भाई गुरमीत सिंह की शिकायत पर 17 जुलाई को पूरनपुर कोतवाली में अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। पुलिस की जांच के दौरान घटनास्थल से महज 200 मीटर की दूरी पर लगे एक सीसीटीवी कैमरे में ट्रक 1 घंटे पहले कैद हुआ था। 200 मीटर की दूरी तय करने में ट्रक को आते-जाते एक घंटा लग गया। इससे पुलिस का शक गहरा गया। कॉल डिटेल से अमनदीप तक पहुंची पुलिसजब बलविंदर की कॉल डिटेल निकाली गई तो वह मोबाइल नंबर से लगातार संपर्क में था। वह मोबाइल नंबर अमनदीप का निकला। जो घटना के बाद से लगातार बंद था। इसके बाद पुलिस ने बलविंदर के गांव जाकर खोजबीन की तो पता लगा कि पिछले 3 सालों से बलविंदर और अमनदीप का अफेयर था। इसके बाद पुलिस रुद्रपुर के सोढ़ी कॉलोनी अमनदीप के पास पहुंची और उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की। अमनदीप ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। अब पढ़िए अमनदीप का कबूलनामा...मैं अट्रैक्शन के चलते बलविंदर के संपर्क में आ गई थी। मेरा उससे अफेयर हो गया था। पिछले 6 महीनों से मैं उससे छुटकारा पाना चाहती थी। लेकिन उसके पास मेरे अश्लील वीडियो और फोटो थे। वह कहता था कि सारे फोटो वीडियो वह मेरे परिवार वालों को भेज देगा। इसके बाद मैंने उसे रास्ते से हटाने की प्लानिंग की। 10 जुलाई को बलविंदर प्लास्टिक का सामान लेकर नेपाल बॉर्डर की ओर डिलीवरी के लिए निकला था। मैंने उसे फोन करके रास्ते में मिलने के लिए कहा। वह धन्ना बाबा गुरुद्वारा से आगे बड़ी नहर के पास मुझसे मिलने पहुंचा। मैंने रॉड से वार कर उसे मार डाला। इसके बाद ट्रक में डीजल छिड़कर आग लगा दी ताकी ये हत्या नहीं बल्कि हादसा लगे और सभी सबूत भी मिट जाएं। कोतवाली प्रभारी पवन पांडे के अनुसार, पुलिस ने गोमती गुरुद्वारा के पास से अमनदीप कौर को गिरफ्तार किया। आरोपी की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल लोहे की रॉड और डीजल की प्लास्टिक केन बरामद किया गया है।
बलिया पेंशनरों ने वरिष्ठ कोषाधिकारी का तबादला रोकने की मांग:बोले- ऐसे अधिकारी का जिले में रहना जरूरी
बलिया में पेंशनर्स एसोसिएशन के सदस्यों ने वरिष्ठ कोषाधिकारी आनंद दुबे के लखनऊ मुख्यालय स्थानांतरण पर निराशा व्यक्त की है। बुधवार को कोषाधिकारी कार्यालय प्रांगण स्थित पेंशनर भवन में मीडिया से बात करते हुए पेंशनरों ने उनके स्थानांतरण को बलिया के लिए दुर्भाग्यपूर्ण बताया और इसे रोकने की मांग की। पेंशनरों ने कहा कि आनंद दुबे ने दो वर्ष पहले बलिया कोषागार में तैनाती पाई थी। उन्होंने अपनी सोच, मेहनत और रचनात्मक पहल से कोषागार को सिर्फ विभागीय पहचान तक सीमित न रखकर उसे मानवीय संवेदनाओं, पर्यावरण, संस्कृति और इतिहास से जोड़ने का प्रयास किया। उनके कार्यकाल में कोषागार परिसर में पेंशनरों के लिए आधुनिक सुविधाओं से युक्त पेंशनर भवन तैयार कराया गया। इसके अतिरिक्त, भारत का पहला 'पेंशनर आनंद उपवन' भी बनवाया गया। परिसर की दीवारों पर प्रकृति, पर्यावरण संरक्षण और जल संरक्षण से जुड़े संदेश अंकित किए गए, जिससे यह एक सामान्य सरकारी परिसर से अलग स्वरूप में ढल गया। जल संरक्षण के लिए वाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था भी की गई। 'पेंशनर आनंद उपवन' में 1942 की क्रांति से जुड़ी धरोहर 'क्रांति कूप' का जीर्णोद्धार कराया गया। बलिया के स्वतंत्रता सेनानियों के नामों को स्वर्णिम अक्षरों में अंकित करने की पहल भी उनकी रचनात्मक सोच का हिस्सा रही। उन्होंने सनातन संस्कृति और स्थानीय आस्था को भी परिसर के विकास से जोड़ा, जिसके तहत पेंशनर आनंद उपवन में भोलेनाथ की 8 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित करने का कार्य चल रहा है, जो अभी अधूरा है। कोषागार परिसर स्थित न्यायेश्वर महादेव मंदिर का भी जीर्णोद्धार कराया गया। पेंशनरों ने परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह के विकास कार्यों की सराहना करते हुए उनसे मुलाकात की। उन्होंने मंत्री से वरिष्ठ कोषाधिकारी आनंद दुबे का स्थानांतरण निरस्त करने की मांग की। परिवहन मंत्री ने इस संबंध में सार्थक आश्वासन दिया है।
मुज़फ़्फ़रनगर में समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल के मुज़फ़्फ़रनगर दौरे के दौरान बुधवार अपराह्न करीब 3 बजे अहिल्याबाई चौक पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। प्रदेश अध्यक्ष ने यहां लोकमाता अहिल्याबाई की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इसके बाद वह पुरकाजी में आयोजित पार्टी के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए रवाना हुए। अहिल्याबाई चौक पर सपा शिक्षक प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष सतेंद्र पाल अपने समर्थकों के साथ मौजूद रहे। उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष का स्वागत करते हुए कहा कि पार्टी कार्यकर्ता संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने में जुटे हैं। अति पिछड़ों को जोड़ने पर जोर सतेंद्र पाल ने कहा कि समाजवादी पार्टी की विचारधारा से अति पिछड़े वर्ग को जोड़ने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वह खुद पार्टी के एक छोटे कार्यकर्ता के तौर पर इसी दिशा में काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी का संगठनात्मक अभियान लगातार आगे बढ़ रहा है और अति पिछड़े वर्ग तक पार्टी की विचारधारा पहुंचाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। मुज़फ़्फ़रनगर में जल्द बड़े कार्यक्रम की तैयारी सतेंद्र पाल ने बताया कि श्यामलाल पाल का अहिल्याबाई चौक पर माल्यार्पण का कार्यक्रम अचानक तय हुआ था। इसके बाद प्रदेश अध्यक्ष को पुरकाजी के कार्यक्रम में शामिल होना था। उन्होंने कहा कि मुज़फ़्फ़रनगर में जल्द ही प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल का एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसके लिए पार्टी स्तर पर तैयारी की जाएगी। इस दौरान सपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों की मौजूदगी में प्रदेश अध्यक्ष का स्वागत किया गया। माल्यार्पण के बाद श्यामलाल पाल पुरकाजी के कार्यक्रम के लिए रवाना हो गए।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बिहार कैबिनेट की बैठक हुई। बैठक में कई जरूरी एजेंडों पर मुहर लगी है। सम्राट चौधरी ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है। सरकार ने बिहार में सड़क कनेक्टिविटी को नई गति देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। बिहार में सड़क कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। बक्सर से भागलपुर के बीच 336 किलोमीटर लंबा 6-लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे बनाने के सैद्धांतिक प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। यह एक्सप्रेसवे अरवल, जहानाबाद, नालंदा, जमुई समेत कई जिलों से होकर गुजरेगा। सड़क पूरी तरह नियंत्रित प्रवेश वाली होगी, यानी वाहनों के आने-जाने के लिए तय जगहों का ही इस्तेमाल होगा। इस परियोजना को PPP मॉडल के तहत BSRDCL के माध्यम से विकसित किया जाएगा। इससे बिहार के कई जिलों के बीच आवागमन तेज और आसान होने की उम्मीद है। किसानों को आसानी से मिलेगा सिंचाई के लिए पानी बिहार में हर खेत तक पानी पहुंचाने की दिशा में सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री निजी नलकूप योजना के तहत वर्ष 2026-27 में 11 हजार निजी नलकूप लगाए जाएंगे। इसके लिए 305.60 करोड़ रुपये की पुनरीक्षित प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। इस योजना से किसानों को खेतों की सिंचाई के लिए पानी की बेहतर सुविधा मिलेगी और खेती पर निर्भरता आसान होगी। इसके अलावा सिंचाई प्रमंडल, कटिहार के अंतर्गत कटिहार वितरणी, फूलपुर, हसनगंज, बैजनाथपुर एवं सेमापुर उप-वितरणियों तथा संबंधित नहर प्रणालियों के पुनर्स्थापन कार्य हेतु ₹35.82 करोड़ की प्रशासनिक एवं व्यय स्वीकृत की गई। बिहार में सिंचाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के सिंचाई प्रमंडल, नरपतगंज के अंतर्गत जानकीनगर शाखा नहर और उससे जुड़ी नहरों के पुनर्स्थापन के लिए 30.35 करोड़ रुपये की प्रशासनिक एवं व्यय स्वीकृति दी गई है। इसके अलावा राज्य में AI से जुड़े नए अवसर और तकनीक विकसित करने के लिए टायो (Taiyo) AI इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और बिहार के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के बीच समझौता (MoU) करने की मंजूरी दी गई है। सहकारिता क्षेत्र को मजबूत करने के लिए कदम वित्तीय वर्ष 2026-27 में 48,200 मीट्रिक टन नई भंडारण क्षमता तैयार की जाएगी। इसके लिए 200, 500 और 1,000 मीट्रिक टन क्षमता वाले गोदाम बनाए जाएंगे। इसके लिए 52 चयनित समितियों को कुल 34.95 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। इसमें 50% राशि अनुदान और 50% राशि चक्रीय पूंजी के रूप में दी जाएगी। इससे किसानों की उपज को सुरक्षित रखने के लिए गांव और पंचायत स्तर पर भंडारण की सुविधा बढ़ेगी। बिहार में दूध उत्पादन और पशुओं की उत्पादकता बढ़ाने के लिए सरकार ने डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 63.92 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से ‘नस्ल सुधार योजना’ को मंजूरी दी है। इस योजना को COMFED, पटना के माध्यम से लागू किया जाएगा।
बरेली में टहलने निकले किसान पर सांड का हमला:सीने में सींग लगने से गंभीर घायल, जिला अस्पताल में भर्ती
बरेली के भोजीपुरा क्षेत्र में आवारा सांड के हमले से एक 60 वर्षीय किसान गंभीर रूप से घायल हो गए। सुबह टहलने निकले किसान पर सांड ने हमला कर दिया, जिससे उनके सीने में सींग लग गया। उन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह घटना भोजीपुरा थाना क्षेत्र के मेमोर गांव में हुई। गांव के निवासी मानसिंह पुत्र हरदयाल सुबह लगभग 5:30 बजे टहलने के लिए घर से निकले थे। रास्ते में अचानक एक आवारा सांड ने उन पर हमला कर दिया। मानसिंह कुछ समझ पाते, उससे पहले ही सांड का सींग उनके सीने में जा लगा, जिससे वे गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़े। मानसिंह की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग और परिवार के सदस्य मौके पर पहुंचे। उन्होंने तुरंत घायल मानसिंह को भोजीपुरा के सरकारी अस्पताल पहुंचाया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद, डॉक्टरों ने चोट की गंभीरता को देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया। परिजनों ने बताया कि गांव और आसपास के इलाके में लगभग 12 आवारा गाय और सांड घूमते रहते हैं, जिससे ग्रामीणों में भय का माहौल है। उनके अनुसार, इससे पहले भी गांव में प्रधान पति और टीकू सहित कई अन्य लोगों पर आवारा पशु हमला कर चुके हैं। इस घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से आवारा पशुओं को पकड़वाने और गांव में सुरक्षित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी रहेगी।
सोनभद्र जिले में आधी रात को एक परिवार का कच्चा मकान बुलडोजर से गिराने का मामला सामने आया है। यह घटना राबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के मुसही गांव की है। पीड़ित परिवार ने दबंगों पर मकान गिराने और पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है। पीड़ित सुरेश कुमार के अनुसार, वह अपने ससुर स्व शोभा भारती की जमीन पर बने कच्चे मकान में परिवार सहित रहते हैं। उनके ससुर का निधन वर्ष 2020 में हुआ था। सुरेश का आरोप है कि 19 जुलाई को घुवास निवासी सौरभ मौर्या ने उनकी पत्नी को मकान खाली करने की धमकी दी थी। धमकी मिलने के बाद सुरेश कुमार ने चुर्क चौकी में प्रार्थना पत्र देकर पुलिस को सूचना दी थी। उनका आरोप है कि पुलिस ने उन्हें आश्वासन दिया था कि कोई कार्रवाई नहीं होगी। हालांकि,उसी रात करीब 11 बजे 35-40 लोग बुलडोजर (जेसीबी) लेकर पहुंचे और मकान गिराना शुरू कर दिया। उस समय सुरेश की पत्नी आशा देवी घर में अकेली थीं।आरोप है कि दबंगों ने उनके साथ मारपीट की और उन्हें पेड़ से बांध दिया। मकान गिराए जाने के दौरान घर का घरेलू सामान भी मलबे में दब गया।आशा देवी ने 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दी,जिसके बाद चौकी प्रभारी मौके पर पहुंचे और घटना का जायजा लिया। सुरेश कुमार का दावा है कि उन्होंने पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा से मिलकर पूरे मामले की जानकारी दी।उनका आरोप है कि एसपी ने चौकी प्रभारी को बुलाकर मामले को राजस्व विवाद बताया और मुकदमा दर्ज करने को लेकर सवाल किया।पीड़ित के अनुसार, एसपी ने प्रार्थना पत्र से मंगलसूत्र छीनने की बात हटाने को कहा और ऐसा न करने पर मुकदमा दर्ज न करने की बात कही। इसके बाद पीड़ित ने सिविल कोर्ट की शरण लेने की बात कही है।इस मामले में पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने पीड़ित के दावों से अलग पक्ष रखा है। उन्होंने कहा कि उक्त मकान महिला का नहीं है। एसपी के अनुसार,वह मकान किसी दूसरे व्यक्ति से किराए पर लिया गया था और बाद में उसे अपना बताते हुए दावा किया गया,जबकि वहां कोई रहता भी नहीं था। एसपी ने बताया कि राजस्व विभाग से जांच कराई गई है और मकान शोभाराम के नाम दर्ज नहीं है। यहां बताने वाली बात है कि सौरव मौर्य अपना दल एस का जिला सचिव बताया जा रहा है, अपना दल एस के आशीष पटेल के साथ इसकी फोटो सोशल मीडिया और फेसबुक पर देखी जा सकती है, बड़ा सवाल है कि इस मामले ने पुलिस की भूमिका और कानून-व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि मकान के स्वामित्व को लेकर विवाद था तो उसका निर्णय सक्षम राजस्व अथवा न्यायिक प्रक्रिया के तहत होना चाहिए था।
अनूपपुर जिले में पिछले 3 दिन से बारिश का दौर जारी है। बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के कारण मौसम में बदलाव हुआ है। दिन-रात बारिश हो रही है। कई इलाकों में तेज हवाएं भी चल रही हैं। बुधवार दोपहर पोडकी मुख्य मार्ग से इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय (IGNTU), अमरकंटक जाने वाले रास्ते की पुलिया पर 1-2 फीट पानी बहने लगा है। लोगों की सुरक्षा को देखते हुए अमरकंटक पुलिस ने दोनों ओर रस्सी लगाकर रास्ता बंद कर दिया है। यह रास्ता IGNTU परिसर के साथ छत्तीसगढ़ के पेंड्रा जिले को भी जोड़ता है। राजेंद्रग्राम में रपटे पर बढ़ा पानी का स्तर राजेंद्रग्राम में गायत्री मंदिर के पास दशकों पुराने रपटे पर बरसाती नाले का पानी उफान पर है। फिलहाल पानी नाले के आसपास ही भरा है। लेकिन रात में जलस्तर बढ़ने की आशंका है। इससे पहले 16 अगस्त को भी भारी बारिश के बाद यह रपटा 7 से 8 फीट पानी में डूब गया था। इससे दोपहर 3 बजे तक आवागमन बाधित रहा था। अमरकंटक में कोहरे के कारण विजिबिलिटी कम अनूपपुर जिला मुख्यालय, जैतहरी, फुनगा, दैखल और राजेंद्रग्राम समेत कई क्षेत्रों में बारिश हो रही है। बिजुरी में रात की बारिश के बाद सुबह से बारिश थमी हुई है। बिजुरी और कोतमा में आसमान में काले बादल छाए हुए हैं। अमरकंटक में तेज बारिश के बाद घना कोहरा छाया हुआ है। इससे दृश्यता काफी कम हो गई है। जिले में पिछले 24 घंटे में औसतन 43.3 मिमी बारिश दर्ज की गई। अनूपपुर में 41.5 mm, कोतमा में 38 mm, बिजुरी में 32.2 mm और जैतहरी में 42.4 mm बारिश हुई है। वेंकटनगर में 61.5 mm, पुष्पराजगढ़ में 46.4 mm, अमरकंटक में 48 mm और बेनीबारी में 36.8 mm बारिश दर्ज की गई। जिले में अब तक सामान्य से 76 mm ज्यादा बारिश 1 जून से अब तक जिले में 802.1 mm बारिश दर्ज हो चुकी है। जिले की सामान्य औसत बारिश 732.8 mm है। इस तरह अब तक सामान्य औसत से करीब 69.3 mm ज्यादा बारिश हो चुकी है। पिछले साल अब तक 726.2 mm बारिश हुई थी। पिछले साल की तुलना में इस साल करीब 76 mm ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। लगातार बारिश से खेतों में पर्याप्त पानी जमा हो गया है। इससे धान की फसल को फायदा मिलने की बात कही जा रही है। अगले कुछ दिनों तक मौसम ऐसा ही रह सकता है। इस दौरान रुक-रुककर बारिश होने की संभावना है।
देवरिया के महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज के ट्रामा सेंटर में बुधवार दोपहर एक महिला मरीज की मौत हो गई। परिजनों ने चिकित्सकों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को शांत कराया। मृतका की पहचान रामपुर कारखाना निवासी खुशबूदीन निशा (56) पत्नी आबिद अली के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, महिला को पेट दर्द की शिकायत के बाद उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज लाया गया था। मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. के मिश्रा ने बताया कि महिला को गैस की समस्या के साथ ट्रामा सेंटर लाया गया था। प्राथमिक उपचार के दौरान ही उसकी मौत हो गई। परिजनों द्वारा लगाए गए चिकित्सकीय लापरवाही के आरोपों की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि महिला की मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। घटना के बाद ट्रामा सेंटर में करीब आधे घंटे तक अफरा-तफरी का माहौल रहा।
ललितपुर में बुधवार को कल्याण सिंह सभागार में किसान दिवस का आयोजन किया गया। मुख्य विकास अधिकारी शेषनाथ चौहान की अध्यक्षता में हुए इस आयोजन में किसानों ने कई गंभीर मुद्दे उठाए। किसानों ने जिले में बारिश की कमी के कारण सूखा घोषित करने की मांग की। किसानों ने प्रशासन से जिले में हुई कुल बारिश की जानकारी मांगी और पूछा कि बांधों में पानी का स्तर क्या है। उन्होंने आगामी समय में बोई जाने वाली फसलों के बारे में भी मार्गदर्शन मांगा, ताकि सिंचाई की समस्या का सामना न करना पड़े। देखें, 3 तस्वीरें… इस दौरान जाखलौन क्षेत्र के किसानों ने मूंग की फसल में दाना न पड़ने की शिकायत भी की। यह मुद्दा भी किसान दिवस में प्रमुखता से उठाया गया। भारतीय किसान संघ ने एक ज्ञापन सौंपकर कृषि विभाग पर गंभीर आरोप लगाए। संघ ने बताया कि सभी विकास खंडों में एफपीओ (FPO) द्वारा ओवल सीट और बीजों का वितरण किया गया, लेकिन एफपीओ ने किसानों को घटिया बीज दिए। संघ ने यह भी आरोप लगाया कि बीज दलालों के माध्यम से वितरित किए गए और किसी भी ब्लॉक में किसानों को पूरी मात्रा में बीज नहीं मिले। इस संबंध में 7 जुलाई को भी एक ज्ञापन दिया गया था, लेकिन अभी तक किसी भी दोषी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। किसान दिवस में भारतीय किसान संघ के केहर सिंह, अमित तिवारी, शब्बीर खान, रंजीत यादव सहित कई अन्य किसान उपस्थित रहे।
कटनी पुलिस ने मंदिरों और सूने मकानों में चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पति-पत्नी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से सोने-चांदी के आभूषण, पूजा सामग्री और चोरी में प्रयुक्त स्विफ्ट डिजायर कार सहित कुल 12 लाख रुपए का सामान बरामद किया है। कार से घूमकर मंदिर और सूने मकानों को बनाते थे निशाना एसपी अभिनय विश्वकर्मा ने बताया कि आरोपी राजा उर्फ मोहन साहू और उसकी पत्नी राजनंदनी साहू अपने नाबालिग बेटे और साथी आदी उर्फ आदित्य बर्मन के साथ मिलकर चोरी की वारदातें करते थे। गिरोह कार से निकलता था, जहां दो सदस्य ताला तोड़कर चोरी करते थे और दो बाहर निगरानी रखते थे। प्रसिद्ध शारदा मंदिर का तोड़ा था ताला इस गिरोह ने 24-25 जुलाई 2026 की रात विजयराघवगढ़ स्थित प्रसिद्ध माता शारदा मंदिर से चांदी का मुकुट, छत्र, सोने का लॉकेट और दानपेटी से नकदी चुराई थी। साक्ष्य मिटाने के लिए आरोपी सीसीटीवी का डीवीआर भी ले गए थे। 19 अगस्त को मैहर में माल बेचने जाते समय पुलिस ने घेराबंदी कर दंपत्ति को धर दबोचा। 9 स्थानों पर चोरी की बात कबूली, आरोपी का आपराधिक इतिहास आरोपियों ने कटनी, सतना, दमोह और सिवनी जिले के 9 मंदिरों व सूने मकानों में चोरी करना स्वीकार किया है। आरोपी राजा साहू पर पूर्व से 36 और उसकी पत्नी पर 9 आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस ने गिरफ्तार दंपत्ति को जेल भेज दिया है, जबकि अन्य सहयोगियों पर वैधानिक कार्रवाई जारी है।
जोधपुर के पूर्व महाराजा गजसिंह के नाम पर दर्ज संपत्तियों और जमीनों को हड़पने की नीयत से फर्जी इकरारनामे तैयार कर लिए गए। कोर्ट-कचहरी के मुकदमों की पैरवी के लिए साल 2015 में जारी किए आम मुखत्यारनामे (पावर ऑफ अटॉर्नी) का गलत इस्तेमाल कर सैकड़ों बीघा जमीन का फर्जी बेचाननामा तैयार करने के आरोप में पुलिस ने धोखाधड़ी की धाराओं में मामला दर्ज किया है। पूर्व महाराजा गजसिंह के आम मुखत्यार डॉ. महेंद्र सिंह तंवर निवासी हनुवंत-ए BJS कॉलोनी की रिपोर्ट पर उदयमंदिर थाने में बुधवार को मामला दर्ज किया गया है। शिकायत के अनुसार- पूर्व महाराजा गजसिंह ने 15 अक्टूबर 2015 को दिवंगत दिलीप सिंह पुत्र स्व. तेज सिंह निवासी नादड़ी जोधपुर को विभिन्न कोर्ट में दीवानी, फौजदारी, राजस्व, ट्रिब्यूनल, इनकम टैक्स आदि में मुकदमों की पैरवी के लिए आम मुखत्यार नियुक्त किया था। डॉ. तंवर का आरोप है कि इस मुखत्यारनामे में स्पष्ट लिखा था कि यह केवल कोर्ट कार्य और पैरवी के लिए है। इसमें पूर्व महाराजा गजसिंह की किसी भी संपत्ति को बेचने या बेचान इकरारनामा करने की कोई पावर नहीं दी गई थी। मौत के बाद स्टाम्प ड्यूटी जमा कराकर जमीन हड़पने की कोशिश हाल ही जब दस्तावेजों की समीक्षा की गई तो सामने आया कि आरोपियों ने स्व. दिलीप सिंह के साथ मिलीभगत कर महाराजा गजसिंह की संपत्तियों को हड़पने की नीयत से फर्जी बेचान इकरारनामे तैयार कर लिए। दिलीप सिंह की मौत के बाद आरोपी कमल कंवर, उषा कंवर, कैलाश कंवर, प्रियंका कंवर, जेठाराम, भवानी सिंह, दमयंती, गणपतलाल, रविंद्र गौड़ और भरत कुमार ने उप-महानिरीक्षक, पंजीयन व मुद्रांक वृत्त पाली-जोधपुर के सामने 10 साल पुराने बेचान इकरारनामों पर मुद्रांक शुल्क जमा कराने के लिए आवेदन किया। शिकायत के अनुसार बिना रजिस्ट्री कराए सालों बाद मुद्रांक शुल्क जमा कराने की यह कोशिश फर्जी दस्तावेजों को असली रूप में इस्तेमाल करने की साजिश का हिस्सा थी। शिकायत में पाली के सोजत तहसील और जोधपुर की करोड़ों रुपए की सैकड़ों बीघा जमीन का ब्यौरा दिया गया है।
इंदौर के विजयनगर थाना क्षेत्र स्थित एक प्री-स्कूल की शिक्षिका पर छात्रा से अभद्र शब्दों के इस्तेमाल और शारीरिक नुकसान पहुंचाने की धमकी देने का आरोप लगा है। बच्ची के पिता की शिकायत पर पुलिस ने शिक्षिका के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक रत्नेश नाम के पेरेट्स ने शिकायत दर्ज कराई कि उनकी तीन साल बच्ची विजयनगर स्थित फर्स्टक्राई इंटेलिटाट्स प्री-स्कूल नर्सरी में पढ़ती है। शिकायत में उन्होंने बच्ची की क्लास टीचर प्रांजली उपाध्याय पर आरोप लगाया है। बेटी को लेने गया तो वह उदास दिखी रत्नेश के मुताबिक वह 8 अगस्त को बेटी को लेने स्कूल गए थे। जब वह उदास दिख रही थी। तब उसने बातों में बताया कि मैम उसे गंदा कहती है। तब रोते हुए कहा कि उसे स्कूल में बहुत बुरा लगता है। मैडम ने उसे चिमटी कर दी। अगले दिन रत्नेश ने अपनी बेटी के लिए वाइस रिकॉर्डर खरीदा और बच्ची के बैग में रखकर स्कूल भेज दिया। पिटाई से बचने गिड़गिड़ा रही थी बच्ची रात में रत्नेश ने उसकी रिकार्डिंग सुनी तो उनकी बेटी को टीचर प्रांजली अपशब्द कहते हुए मारने पीटने की बात कह रही थी। तब बच्ची पिटाई से बचने के लिए गिड़ागिड़ा भी रही थी। टीचर ने उसके माता-पिता को भी अपशब्द कहे। इस पूरे घटनाक्रम की वाॅइस रिकार्ड हो गई। बच्ची स्कूल जाने से भी डरने लगी रिकॉर्डिंग सुनने के बाद रत्नेश अपनी बेटी को लेकर स्कूल पहुंचे। तब बच्ची ने स्कूल के अंदर जाने से इंकार कर दिया और काफी रोने लगी। इसके बाद वहां की प्रिंसिप्रल से बात करते हुए रत्नेश ने सीसीटीवी फुटेज की मांग की। स्कूल प्रबंधन ने उन्हें फुटेज उपलब्ध नहीं कराए। मामले में पीड़ित परिवार ने अन्य रिश्तेदारों और वकील से बात की। इसके बाद विजयनगर पुलिस को रिकार्डिंग सौंपते हुए पूरा घटनाक्रम बताया। जांच के बाद मंगलवार को विजयनगर पुलिस ने टीचर पर गंभीर धाराओं में कार्रवाई की है।
प्रयागराज में लगातार हो रही बारिश के बीच प्रयागराज में गंगा और यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। बुधवार शाम 4 बजे जारी बाढ़ नियंत्रण कक्ष की रिपोर्ट के अनुसार, सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे के बीच नैनी में यमुना का जलस्तर 21 सेंटीमीटर, छतनाग में गंगा 16 सेंटीमीटर और फाफामऊ में गंगा 8 सेंटीमीटर बढ़ी। हालांकि तीनों प्रमुख गेज स्टेशनों पर जलस्तर अभी भी खतरे के निशान 84.734 मीटर से काफी नीचे है और सभी तटबंध सुरक्षित हैं। नैनी में बुधवार सुबह 8 बजे यमुना का जलस्तर 79.68 मीटर था, जो शाम 4 बजे बढ़कर 79.89 मीटर पहुंच गया। वहीं फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 80.31 मीटर से बढ़कर 80.39 मीटर और छतनाग में 79.31 मीटर से बढ़कर 79.47 मीटर दर्ज किया गया। बक्शी बांध स्थित एसटीपी पर भी जलस्तर में 5 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गई। सुबह से शाम तक छतनाग में 16 और नैनी में 21 सेमी बढ़ा पानी बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अनुसार बुधवार सुबह 8 बजे नैनी में यमुना का जलस्तर 79.68 मीटर था, जो शाम 4 बजे बढ़कर 79.89 मीटर हो गया। यानी 8 घंटे में 21 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई। फाफामऊ में गंगा का जलस्तर सुबह 80.31 मीटर से बढ़कर शाम 4 बजे 80.39 मीटर पहुंच गया। यहां 8 सेंटीमीटर पानी बढ़ा। वहीं छतनाग में गंगा का जलस्तर सुबह 79.31 मीटर था, जो शाम 4 बजे 79.47 मीटर पहुंच गया। यहां 16 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई। बक्शी बांध के एसटीपी पर जलस्तर 80.05 मीटर दर्ज किया गया, जो पिछले 4 घंटे में 5 सेंटीमीटर बढ़ा है। 24 घंटे में नैनी में 59 और छतनाग में 57 सेमी बढ़ा जलस्तर सुबह 8 बजे जारी रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 24 घंटे में भी नदियों के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। नैनी में यमुना 59 सेंटीमीटर, छतनाग में गंगा 57 सेंटीमीटर और फाफामऊ में गंगा 36 सेंटीमीटर बढ़ी थी। इसी दौरान नदी तटीय इलाकों में भारी बारिश भी दर्ज की गई। नैनी में 56.8 मिमी, फाफामऊ में 103.8 मिमी और छतनाग में 73.6 मिमी बारिश दर्ज हुई। खतरे के निशान से अभी 4 मीटर से ज्यादा नीचे जलस्तर बढ़ने के बावजूद फिलहाल तीनों प्रमुख गेज स्टेशन खतरे के निशान से नीचे हैं। शाम 4 बजे फाफामऊ में गंगा 80.39 मीटर, नैनी में यमुना 79.89 मीटर और छतनाग में गंगा 79.47 मीटर पर बह रही थी। फाफामऊ में पानी खतरे के निशान से 4.344 मीटर, नैनी में 4.844 मीटर और छतनाग में 5.264 मीटर नीचे है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अनुसार सभी तटबंध सुरक्षित हैं। हालांकि बारिश और नदियों के लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन की निगरानी बढ़ा दी गई है।
देहरादून-हरिद्वार मार्ग पर भीषण हादसे में 4 लोगों की मौत, 3 की हालत गंभीर
देहरादून-हरिद्वार मार्ग पर मणिमाई के पास बुधवार सुबह लोडिंग वाहन और इको गाड़ी की जोरदार टक्कर में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन लोग गंभीर रूप से घायल हैं। हादसे में मारे गए और घायल सभी लोग रोहतक, हरियाणा के निवासी बताए जा रहे हैं।
मऊगंज जिले में पिछले तीन दिनों से हो रही लगातार तेज बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर हैं। निहाई नदी का जलस्तर बढ़ने से हनुमना विकासखंड के लगभग एक दर्जन गांवों का मऊगंज से संपर्क टूट गया है। बुधवार दोपहर सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में लोग तेज बहाव के बीच जान जोखिम में डालकर नदी पार करते दिखे। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल सुरक्षा उपाय करने की मांग की है। ग्रामीणों के अनुसार, निहाई नदी पर बने रपटा पुल के ऊपर से पानी बह रहा है, इसके बावजूद लोग आवागमन कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि नदी के दोनों किनारों पर चेतावनी बोर्ड, बैरिकेडिंग या पुलिस की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। उन्होंने बाढ़ के दौरान नदी पार करने पर रोक लगाने और मौके पर सुरक्षा बल तैनात करने की मांग की है। लगातार बारिश से जिले के कई अन्य मार्ग भी प्रभावित हुए हैं। नईगढ़ी से बूढ़ा पहुंच मार्ग पर पानी आने से आवागमन बाधित हुआ, जबकि नईगढ़ी-चकरहनटोला-फतुवा मार्ग प्रभावित होने से कई गांवों का संपर्क कट गया। मऊगंज-बराब पहुंच मार्ग भी जलभराव के कारण प्रभावित हुआ है। नईगढ़ी नगर में जलभराव की स्थिति को देखते हुए मुख्य नगर पालिका अधिकारी सुरेश कुमार सोनवानी ने तत्काल जेसीबी की मदद से अस्थायी जल निकासी की व्यवस्था कराई। वार्ड क्रमांक 2 की बस्ती, वार्ड क्रमांक 14 और वार्ड क्रमांक 5 स्थित बालक एवं कन्या स्कूल के परिसरों में पानी भरने की सूचना पर मौके पर व्यवस्था की गई। स्थानीय लोगों ने नगर परिषद की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना की। समाजसेवी राकेश गौतम ने मांग की है कि नदियों और रपटों पर पानी बढ़ने के दौरान प्रशासन मौके पर निगरानी बढ़ाए, ताकि लोग जोखिम लेकर नदी पार न करें और किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
कटनी के कुठला थाना इलाके में रहने वाले समाज सेवी सुजीत सिंह को साइबर ठगों ने 1 लाख रुपए के बदले 3 लाख रुपए के नकली नोट देने का लालच दिया है। इसमें एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह के शामिल होने की आशंका जताई जा रही है। पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई है। यह मामला बुधवार सुबह शुरू हुआ जब सुजीत सिंह के फेसबुक मैसेंजर पर एक अनजान व्यक्ति का मैसेज आया। इसके बाद ठग ने उनके व्हाट्सएप पर कुछ वीडियो भेजे, जिनमें 500-500 रुपए के नए नोटों के बड़े-बड़े बंडल पानी से धुलते हुए दिख रहे थे। 1 लाख के बदले 3 लाख का ऑफर आरोपी ने दावा किया कि वे 'मनी बिजनेस' करते हैं। उसने सुजीत से कहा कि अगर वे 1 लाख रुपए लगाएंगे, तो बदले में उन्हें 3 लाख रुपए के नोट दिए जाएंगे। ठग ने यह भी दावा किया कि उनका नेटवर्क महाराष्ट्र, गुजरात, पश्चिम बंगाल, यूपी, बिहार, एमपी और केरल समेत पूरे देश में फैला है। गुवाहाटी बुलाकर दिया सैंपल का लालच ठग ने खुद को सुरक्षित बताते हुए सुजीत सिंह को असम के गुवाहाटी आने का न्योता दिया। उसने कहा कि वे पहले आकर सैंपल नोट ले जाएं और बाजार में चलाकर देख लें। जब पूरा भरोसा हो जाए, तब 1 लाख रुपए देकर 3 लाख रुपए ले जाएं।
सीवान के नवपदस्थापित जिला पदाधिकारी विजय प्रकाश मीणा ने बुधवार को सीवान के 39वें जिला पदाधिकारी के रूप में पदभार ग्रहण कर लिया। उन्होंने डीडीसी अमिताभ सिंह से डीएम का प्रभार ग्रहण किया। इससे पहले तत्कालीन डीएम विवेक रंजन मैत्रेय ने मंगलवार को आनन-फानन में डीडीसी अमिताभ सिंह को प्रभार सौंप दिया था। इसके बाद बुधवार को विजय प्रकाश मीणा के पदभार ग्रहण करने की प्रक्रिया पूरी की गई। विजय प्रकाश मीणा के समाहरणालय परिसर पहुंचने पर जिले के अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। अधिकारियों ने उन्हें पौधा भेंट कर सम्मानित किया। देखें, डीएम के प्रभार ग्रहण की तस्वीरें… समाहरणालय में अधिकारियों से परिचय लिया इसके बाद उन्होंने मौजूद अधिकारियों से परिचय प्राप्त किया। समाहरणालय परिसर में पुलिस के जवानों ने नवपदस्थापित जिला पदाधिकारी को गार्ड ऑफ ऑनर दिया। गार्ड ऑफ ऑनर के बाद विजय प्रकाश मीणा डीडीसी अमिताभ सिंह और अन्य अधिकारियों के साथ कार्यालय कक्ष में पहुंचे। यहां उन्होंने विधिवत रूप से डीडीसी अमिताभ सिंह से जिला पदाधिकारी का प्रभार ग्रहण किया। प्रभार ग्रहण करने के बाद अधिकारियों ने उन्हें जिले की प्रशासनिक व्यवस्था और विभिन्न विभागों से जुड़ी जानकारी दी। सुशासन, पारदर्शी और संवेदनशील प्रशासन पदभार संभालने के बाद जिला पदाधिकारी विजय प्रकाश मीणा ने मीडिया से बातचीत करते हुए जिले के विकास और प्रशासन को लेकर अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट कीं। उन्होंने कहा कि सीवान में सुशासन, पारदर्शी और संवेदनशील प्रशासन, विकास कार्यों में तेजी तथा आम लोगों की समस्याओं का त्वरित और प्रभावी समाधान उनकी प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा। जनकल्याण से जुड़े कार्यों को समन्वय से करेंगे उन्होंने कहा कि विधि-व्यवस्था, विकास और जनकल्याण से जुड़े कार्यों को बेहतर समन्वय के साथ आगे बढ़ाया जाएगा। सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना और आम लोगों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान प्रशासन की प्राथमिकता रहेगी। नवपदस्थापित डीएम ने अधिकारियों के साथ बेहतर समन्वय और जवाबदेही के साथ कार्य करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य जनता के प्रति संवेदनशील रहते हुए विकास और जनकल्याण के कार्यों को गति देना है। विजय प्रकाश मीणा ने सीवानवासियों और मीडिया प्रतिनिधियों से जिले में शांति, भाईचारा और सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन की ओर से किए जा रहे जनकल्याणकारी कार्यों को सफल बनाने में आम लोगों और मीडिया का सहयोग एवं समर्थन महत्वपूर्ण है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी के सहयोग से सीवान को विकास और प्रशासनिक व्यवस्था के क्षेत्र में आगे ले जाने का प्रयास किया जाएगा।
नागौर के टाउन हॉल में मंगलवार को नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने 2023 के DMFT फंड से 58 दिव्यांगजनों को स्कूटी वितरित की। लंबे समय से स्कूटी मिलने का इंतजार कर रहे दिव्यांगजनों को स्कूटी मिली तो उनके चेहरे खुशी से खिल उठे। लाभार्थियों ने इसके लिए सांसद बेनीवाल का आभार जताया। दिव्यांगजनों ने बताया कि उन्होंने 2023 में स्कूटी के लिए आवेदन किया था। इसके बाद लंबे इंतजार के बाद अब उन्हें स्कूटी मिल सकी है। स्कूटी मिलने से उन्हें आने-जाने में सुविधा होगी और आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी। बाकी दिव्यांगजनों को भी जल्द स्कूटी दिलाने का दावा कार्यक्रम में सांसद हनुमान बेनीवाल ने कहा कि वह लगातार दिव्यांगजनों के हक और अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। जो दिव्यांगजन अभी स्कूटी से वंचित हैं, उन्हें भी जल्द स्कूटी दिलाने का प्रयास किया जाएगा। बेनीवाल ने कहा कि 2023-24 के बजट में करीब 10 करोड़ रुपए की स्वीकृतियां जारी हुई थीं, लेकिन सरकार ने मामला अटका रखा था। इसी राशि में से करीब 50 लाख रुपए दिव्यांगजनों के लिए रखे गए थे। इसी के तहत आज 58 दिव्यांगजनों को स्कूटी वितरित की गई हैं। जरूरतमंदों पर खर्च होना चाहिए सरकारी पैसा सांसद ने कहा कि राजस्थान में DMFT का पैसा विकास कार्यों में खर्च किया जा रहा है। सरकार को दिव्यांगजनों की जरूरतों पर विशेष ध्यान देना चाहिए और उन्हें मूलभूत सुविधाओं से वंचित नहीं रखना चाहिए। सरकार के पास बजट की कमी नहीं है। फालतू के कामों में पैसा खर्च करने के बजाय जरूरतमंद लोगों की जरूरतें पूरी करने में इसका उपयोग किया जाना चाहिए।
सोनभद्र में घाघर बैराज का जलस्तर बढ़ा:वैकल्पिक मार्ग टूटा, गुरमा-मारकुंडी में आवागमन रुका
सोनभद्र के गुरमा-मारकुंडी स्थित मीनाबाजार घाघर नदी पर पुल निर्माण के लिए बनाया गया वैकल्पिक मार्ग लगातार बारिश और घाघर बैराज से पानी छोड़े जाने के कारण क्षतिग्रस्त हो गया है। इससे क्षेत्र में आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। मार्ग क्षतिग्रस्त होने से स्कूली विद्यार्थियों, ग्रामीणों, मरीजों और अन्य राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के कारण रास्ते पर कीचड़ और गड्ढे होने से आवागमन में दिक्कतें और बढ़ गई हैं। जलस्तर कम होने के बाद वैकल्पिक मार्ग को दुरुस्त करने का कार्य शुरू कर दिया गया है। संबंधित विभाग और निर्माण एजेंसी ने जल्द ही मार्ग को समतल कर आवागमन सुचारु कराने का आश्वासन दिया है। स्थानीय लोगों ने बारिश को देखते हुए मार्ग को मजबूत बनाने की मांग की है। इसी मार्ग से जिला कारागार के आसपास स्थित कई गांवों के लोग भी आवागमन करते हैं, जिससे रोजमर्रा के काम के लिए आने-जाने वाले ग्रामीणों, मजदूरों और व्यापारियों के साथ-साथ मरीजों को भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि पुल निर्माण आवश्यक है, लेकिन निर्माण के दौरान आमजन के लिए सुरक्षित और टिकाऊ वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराना संबंधित विभाग की जिम्मेदारी है। बार-बार वैकल्पिक रास्ते का बह जाना व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। इस संबंध में विभागीय अधिकारियों और ठेकेदार ने वैकल्पिक मार्ग को शीघ्र समतल एवं सुरक्षित बनाने का आश्वासन दिया है। उन्होंने विद्यालयों की बसों, विद्यार्थियों, ग्रामीणों तथा अन्य वाहनों का आवागमन सुचारु बनाए रखने के लिए आवश्यक व्यवस्था करने की बात कही। ग्रामीणों ने केवल मिट्टी डालकर औपचारिक मरम्मत के बजाय मार्ग को बाढ़ और तेज बारिश के अनुरूप मजबूत बनाने की मांग की है, ताकि वह दोबारा क्षतिग्रस्त न हो। इसके अतिरिक्त, निर्माण स्थल और वैकल्पिक मार्ग पर सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करते हुए आवश्यक स्थानों पर संकेतक, चेतावनी बोर्ड और बैरिकेडिंग लगाए जाने की भी मांग की गई है।
मोतिहारी के हरसिद्धि थाना क्षेत्र में एक अधेड़ महिला की हत्या का मामला सामने आया है। बुधवार को गड्डूपुर सरेह स्थित गन्ने के खेत से महिला का शव बरामद किया गया। सूचना मिलने पर हरसिद्धि थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतका की पहचान पहाड़पुर थाना क्षेत्र के बनकटवा गांव निवासी झमन मियां की करीब 50 वर्षीय पत्नी नगमा खातून के रूप में हुई है। बोलेरो सवार बदमाशों ने रुपये लूटने की कोशिश की मृतका के पुत्र ने पुलिस को बताया कि मंगलवार को वह अपनी मां के साथ अरेराज से स्वयं सहायता समूह का करीब 50 हजार रुपये का ऋण लेकर बाइक से घर लौट रहा था। रास्ते में गड्डूपुर चिमनी के पास वह शौच के लिए रुका। इसी दौरान बोलेरो सवार कुछ लोगों ने उसकी मां के पास मौजूद रुपये छीनने का प्रयास किया। बेटे के अनुसार, विरोध करने पर बदमाशों ने उस पर चाकू से हमला किया। उसने जान बचाने के लिए बाइक लेकर वहां से भागने की बात कही। उसका आरोप है कि बदमाश उसकी मां को जबरन बोलेरो में बैठाकर अपने साथ ले गए। गन्ने के खेत में मिला महिला का शव बुधवार को उसी इलाके के गन्ने के खेत से नगमा खातून का शव बरामद हुआ। प्रथम दृष्टया महिला की गला रेतकर हत्या किए जाने की आशंका जताई जा रही है। एफएसएल टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए हैं। मंगलवार को पुलिस को नहीं दी गई थी सूचना घटना में एक महत्वपूर्ण तथ्य यह भी सामने आया है कि मृतका के पुत्र ने कथित अपहरण और लूट की जानकारी मंगलवार को किसी को नहीं दी थी। पुलिस को पूरे मामले की जानकारी महिला का शव मिलने के बाद हुई। बेटे के बदलते बयानों से उठे सवाल पुलिस सूत्रों के अनुसार, मृतका के बेटे के बार-बार बदलते बयान से मामले में कई सवाल खड़े हो रहे हैं। इसी वजह से पुलिस लूट, अपहरण, हत्या के साथ-साथ पारिवारिक और अन्य संभावित कारणों को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। सभी पहलुओं से जांच कर रही पुलिस हरसिद्धि थानाध्यक्ष सुनील कुमार ने बताया कि पहाड़पुर की एक महिला की हत्या का मामला है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और एफएसएल टीम से घटनास्थल की वैज्ञानिक जांच कराई गई है। उन्होंने कहा कि पुलिस सभी पहलुओं पर गहनता से जांच कर रही है। मामले के खुलासे के लिए आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है। इसके साथ ही पुलिस तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्य भी जुटा रही है।
फरीदाबाद के छायंसा गांव में देर रात हादसे में 25 वर्षीय युवक की करंट लगने से मौत हो गई। मृतक की पहचान गांव छायंसा निवासी आनंद के रूप में हुई है। आनंद डीजे का काम करता था और इसी सिलसिले में रात के समय अपने डीजे का सामान तैयार कर रहा था। पुलिस ने मृतक के शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों के हवाले कर दिया। डीजे के बॉक्स चढ़ाते समय लगा करंट छायसां थाना पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया कि आनंद पिछले कई सालों से डीजे का काम कर रहा था। वह रात के समय अपने डीजे पर बॉक्स और अन्य सामान चढ़ा रहा था। इसी दौरान डीजे के ऊपर से गुजर रही 11 हजार वोल्टेज लाइन के संपर्क में आने से उसे तेज करंट लग गया। करंट लगते ही आनंद गंभीर रूप से झुलस गया और मौके पर अफरा-तफरी मच गई। गंभीर हालत में अस्पताल ले गए हादसे के बाद आसपास मौजूद लोगों और परिजनों ने तुरंत आनंद को उपचार के लिए फरीदाबाद के सेक्टर-8 स्थित निजी अस्पताल पहुंचाया। परिजनों को उम्मीद थी कि समय पर इलाज मिलने से उसकी जान बचाई जा सकेगी, लेकिन अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने जांच के बाद आनंद को मृत घोषित कर दिया। अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित किया अस्पताल के चिकित्सकों द्वारा आनंद को मृत घोषित किए जाने की जानकारी मिलते ही परिवार में मातम छा गया। हादसे की सूचना पुलिस को दी गई, जिसके बाद पुलिस टीम ने आवश्यक कार्रवाई शुरू की। घटना के बाद गांव में भी शोक का माहौल बना हुआ है। पुलिस ने कराया पोस्टमार्टम छायसां थाना इंचार्ज गोपाल दास ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने हादसे से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटाई है और मामले की जांच की जा रही है।
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर कांग्रेस ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी ने अब चुनावी रणनीति के तहत मीडिया मैनेजमेंट को मजबूत करने के लिए 7 सदस्यीय टीम का गठन किया है। AICC की ओर से 18 अगस्त को जारी ऑफिस नोट में नेशनल मीडिया कोऑर्डिनेटर अभय दुबे को टीम की कमान सौंपी गई है। कांग्रेस मीडिया एवं पब्लिसिटी विभाग के प्रभारी पवन खेड़ा की ओर से जारी आदेश के मुताबिक अभय दुबे के साथ डॉ. रतन लाल को-कोऑर्डिनेटर और अब्बास हाफिज, टीना कर्मवीर, संजय छोकर, विवेक कोर्दे और डॉ. सुधांशु यादव को कोऑर्डिनेटर बनाया गया है। यह टीम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के साथ मिलकर चुनाव से जुड़ी मीडिया गतिविधियों का संचालन करेगी। पार्टी के मुताबिक ये सभी नेता प्रदेश कांग्रेस कमेटी के साथ समन्वय कर मीडिया से जुड़े कामकाज और चुनावी गतिविधियों को गति देंगे। चुनाव से पहले कांग्रेस का फोकस संगठन के साथ-साथ अपनी मीडिया और कम्युनिकेशन रणनीति को मजबूत करने पर है। 6 सहप्रभारियों को पहले ही मिली है संगठन की जिम्मेदारी कांग्रेस ने 26 जून को यूपी संगठन में बड़ा बदलाव करते हुए अविनाश पांडेय की जगह राजेंद्र पाल गौतम को प्रदेश प्रभारी की जिम्मेदारी दी थी। इसके बाद 6 सहप्रभारियों की नियुक्ति की गई। इन 6 सहप्रभारियों को अभी प्रदेश में संगठन सृजन अभियान की जिम्मेदारी दी गई है। सहप्रभारियों को अलग-अलग जोन के 11 से 14 जिले सौंपे गए हैं। सहप्रभारियों को संगठन सृजन अभियान के तहत अपने-अपने क्षेत्रों में संगठन की स्थिति का आकलन करने, पार्टी कार्यकर्ताओं से संवाद करने और संगठन को मजबूत करने की जिम्मेदारी दी गई है। उन्हें एक महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रदेश अध्यक्ष अजय राय और यूपी प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम को सौंपनी है। 20 महीने से कार्यकारिणी का इंतजार कांग्रेस के सामने संगठन को लेकर सबसे बड़ी चुनौती प्रदेश कार्यकारिणी के गठन की है। प्रदेश अध्यक्ष अजय राय का कार्यकाल तीन साल पूरा हो चुका है, लेकिन अभी तक उनकी प्रदेश कार्यकारिणी का गठन नहीं हो पाया। कांग्रेस ने 5 दिसंबर 2024 को यूपी की प्रदेश, जिला, शहर और ब्लॉक कमेटियों को भंग कर दिया था। पार्टी ने 20 मार्च 2025 को सभी 75 जिलों के जिला कांग्रेस अध्यक्षों की घोषणा कर दी थी। इसी के साथ महानगर अध्यक्षों की भी नियुक्ति की गई थी। कुल 133 जिला/महानगर अध्यक्षों की सूची जारी हुई थी। पर नई प्रदेश कार्यकारिणी का गठन अब तक नहीं हो सका है। पार्टी अब संगठन सृजन अभियान की रिपोर्ट के आधार पर प्रदेश कार्यकारिणी के गठन की तैयारी कर रही है। माना जा रहा है कि सहप्रभारियों की रिपोर्ट के बाद संगठन में नए चेहरों को जिम्मेदारी दी जा सकती है।
रायबरेली में ब्लॉक दिवस में अफसर नदारद:फरियादी परेशान, जिला प्रशासन से जांच कर कार्रवाई की मांग
रायबरेली में सतांव विकास खंड में बुधवार, 19 अगस्त को आयोजित ब्लॉक दिवस में अधिकांश विभागों के अधिकारी अनुपस्थित रहे। शासन के निर्देशों के बावजूद अधिकारियों की गैरहाजिरी से जनसुनवाई प्रभावित हुई और अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे फरियादियों को निराश होकर लौटना पड़ा। ब्लॉक परिसर में दिनभर सन्नाटा पसरा रहा। कार्यालय में केवल दो-तीन कर्मचारी ही मौजूद रहे। अधिकारियों की अनुपस्थिति के चलते ब्लॉक दिवस में पहुंचने वाले फरियादियों की संख्या भी काफी कम रही। तीन कर्मचारी ही मिले मौजूद ब्लॉक दिवस के दौरान केवल एडीओ पंचायत/आईएसबी चंद्रभानु सिंह, सचिव अनूप कुमार और सचिव अपूर्वा मिश्रा अपनी कुर्सियों पर मौजूद मिले। अन्य प्रमुख विभागों के अधिकारियों के न पहुंचने से जनसुनवाई की व्यवस्था प्रभावित रही। अधिकारियों की गैरहाजिरी के बावजूद कुछ ग्रामीण अपनी समस्याएं लेकर ब्लॉक पहुंचे। दिनभर में कुल नौ शिकायतें दर्ज की गईं। इनमें पांच शिकायतें जन्म प्रमाण पत्र, तीन मृत्यु प्रमाण पत्र और एक परिवार रजिस्टर की नकल से संबंधित रही। ग्रामीणों ने कार्रवाई की मांग की अधिकारियों की अनुपस्थिति को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है। ब्लॉक पहुंचे ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से अनुपस्थित अधिकारियों की निष्पक्ष जांच कराने और लापरवाही सामने आने पर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है।
गाजियाबाद के साहिबाबाद में दिल्ली पुलिस की महिला हेड कांस्टेबल अदिति सिंह की मौत के मामले में पुलिस ने दिल्ली पुलिस के हेड कांस्टेबल सचिन कुमार को गिरफ्तार किया है। पूछताछ के बाद पुलिस ने आरोपी को बुधवार को जेल भेज दिया। दोनों दिल्ली के उस्मानपुर थाने में तैनात थे और उनके बीच प्रेम संबंध होने की बात सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, सचिन ने पूछताछ में बताया कि उसकी अदिति से दोस्ती हुई थी। दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और बाद में प्रेम संबंध हो गए। सचिन का कहना है कि अदिति उस पर शादी करने का दबाव बना रही थी। शादी नहीं कर पाने की स्थिति में उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। हालांकि, पुलिस मामले की अन्य पहलुओं से भी जांच कर रही है। होटल में साथ पहुंचे थे दोनों गाजियाबाद पुलिस के अनुसार, अदिति और सचिन 15 अगस्त को साहिबाबाद के रॉयल ब्लू होटल पहुंचे थे। होटल रिकॉर्ड के मुताबिक, अदिति शाम करीब 7:12 बजे होटल पहुंची थी। इसके बाद रात करीब 10:02 बजे सचिन भी वहां आया। करीब 10:42 बजे वह होटल से चला गया। अगले दिन 16 अगस्त को दोपहर करीब 12 बजे होटल कर्मचारी ने कमरे में अदिति को मृत पाया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस टीम ने होटल से जरूरी साक्ष्य भी जुटाए। पुलिस के मुताबिक, अदिति और सचिन पहले भी कई बार इस होटल में ठहर चुके थे। परिवार ने कहा- काफी समय से परेशान थी अदिति मसूरी थाना क्षेत्र के नूरपुर गांव निवासी अदिति सिंह की उम्र करीब 37 साल थी। वह दिल्ली पुलिस में हेड कांस्टेबल के पद पर तैनात थी। परिजनों के मुताबिक, वह काफी समय से परेशान चल रही थी। परिवार के लोग पूछते थे तो वह अपनी परेशानी के बारे में ज्यादा नहीं बताती थी। अदिति ने 14 अगस्त को अपनी मां को बताया था कि सचिन उसे काफी समय से परेशान कर रहा है। इसके बाद परिवार ने उसे दिल्ली ड्यूटी पर भेज दिया। 16 अगस्त को जब अदिति ने फोन नहीं उठाया तो परिजनों ने दिल्ली के उस्मानपुर थाने से संपर्क किया। बाद में उन्हें उसकी मौत की जानकारी मिली। सचिन पहले से शादीशुदा है पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार सचिन कुमार गाजियाबाद के लोनी थाना क्षेत्र के सिखरानी का रहने वाला है। उसकी उम्र करीब 38 साल है। पूछताछ में उसने बताया कि अदिति और उसकी तैनाती एक ही थाने में थी। इसी दौरान दोनों की दोस्ती हुई और बातचीत के बाद दोनों के बीच संबंध बन गए। सचिन ने पुलिस को बताया कि वह पहले से शादीशुदा है और अदिति उससे शादी करना चाहती थी। वह अपनी पत्नी को तलाक नहीं देना चाहता था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद और तनाव था। एसीपी साहिबाबाद अमित सक्सेना ने बताया कि मामले में हेड कांस्टेबल सचिन कुमार को गिरफ्तार किया गया है। दोनों के बीच संबंध होने की बात जांच में सामने आई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अदिति की मौत फांसी लगाने से होने की पुष्टि हुई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
पंजाब के किसानों के प्रस्तावित पैदल मार्च स्थगित होने के बाद हरियाणा प्रशासन ने दाता सिंहवाला-खनौरी बॉर्डर से बैरिकेडिंग हटा दी है। इसके साथ ही दिल्ली-पटियाला हाईवे पर वाहनों का आवागमन भी बहाल हो गया है। हाईवे की एक लेन खुलने से वाहन चालकों और स्थानीय लोगों को राहत मिली है। किसानों के धरनास्थल से लौटने के बाद प्रशासन ने बैरिकेडिंग हटाने का कार्य शुरू किया था। पहले चरण में एक तरफ की बैरिकेडिंग हटाई गई, जिसे अब पूरी तरह से खोल दिया गया है। बैरिकेडिंग हटने के बाद दिल्ली-पटियाला हाईवे पर यातायात सामान्य हो गया है। हरियाणा पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर किया था बॉर्डर बंद उल्लेखनीय है कि किसानों के प्रस्तावित पैदल मार्च के मद्देनजर हरियाणा प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के तहत दाता सिंहवाला-खनौरी बॉर्डर पर भारी बैरिकेडिंग लगाकर मार्ग बंद कर दिया था। इससे इस मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालकों को असुविधा हो रही थी और यातायात प्रभावित था। बुधवार को प्रशासन और किसान प्रतिनिधियों के बीच हुई बातचीत में किसानों को 4 सितंबर को केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर के साथ बैठक करवाने का आश्वासन मिला। इसके बाद किसानों ने बॉर्डर की बैरिकेडिंग तक प्रस्तावित अर्धनग्न पैदल मार्च को स्थगित करने का निर्णय लिया। पटियाला हाईवे पर फिर शुरू हुआ ट्रैफिक किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने 51 किसानों के जत्थे के रूप में चल रही पैदल यात्रा को भी फिलहाल रोकने की घोषणा की। किसानों द्वारा मार्च स्थगित किए जाने के बाद प्रशासन ने बैरिकेडिंग हटाने की प्रक्रिया तत्काल शुरू कर दी थी। प्रशासन ने बताया है कि किसानों के पूरी तरह वापस जाने के बाद बॉर्डर पर शेष बैरिकेडिंग को भी हटा दिया जाएगा। फिलहाल, एक तरफ की बैरिकेडिंग हटने और दिल्ली-पटियाला हाईवे पर आवागमन शुरू होने से क्षेत्र के लोगों को बड़ी राहत मिली है।
राज्य निर्वाचन आयोग चुनाव ने निकाय चुनाव का शेड्यूल जारी कर दिया है। जिले में दो चरणों में चुनाव होंगे। पहले फेज की वोटिंग 9 सितंबर और दूसरे फेज की वोटिंग 11 सितंबर को होगी। चुनाव परिणाम 14 सितंबर को आएगा। राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने कहा- 27 अगस्त को निकाय चुनाव की अधिसूचना जारी होने के साथ ही नामांकन शुरू हो जाएंगे। 3 सितंबर तक नाम वापसी होगी। निकाय प्रमुखों का चुनाव 21 सितंबर को होगा, जबकि उपाध्यक्ष का चुनाव 22 सितंबर को होगा। इसी दिन नगर निगम, नगर परिषदों और नगरपालिकाओं की साधारण सभा की बैठक होगी, उसी बैठक में डिप्टी मेयर, उपसभापति, नगरपालिका उपाध्यक्ष के चुनाव होंगे। निकाय चुनाव के कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही सभी 309 शहरी निकायों में तत्काल प्रभाव से आचार संहिता लागू हो गई। निकाय चुनावों की प्रक्रिया पूरी होने तक आचार संहिता लागू रहेगी। मेयर, सभापति और नगरपालिका अध्यक्षों में यह है आरक्षण 309 निकायों में से 60 निकाय प्रमुखों के पद ओबीसी के लिए रिजर्व है। 50 निकायों में एससी और 11 निकायों में एसटी के लिए निकाय प्रमुख पद आरक्षित हैं। 10245 में से 3356 महिला पार्षद बनेंगी, 4120 वार्ड अनारक्षित ओपन प्रदेश के 309 निकायों में 3356 महिला पार्षद बनेंगी। हर कैटेगरी में 33 फीसदी वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। 10,245 वार्ड में से 1933 वार्ड ओबीसी के लिए आरक्षित किए गए हैं। एससी के लिए 1794, एसटी के लिए 395 वार्ड आरक्षित किए हैं। सबसे ज्यादा 6123 वार्ड अनारक्षित रखे गए हैं, जिनमें 4120 वार्ड अनारक्षित ओपन और 2003 वार्ड अनारक्षित महिला के है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद हो रहे हैं चुनाव हाईकोर्ट ने निकाय और पंचायत चुनावों में देरी को लेकर नाराजगी जाहिर करते हुए 15 नवंबर तक दोनों के चुनाव करवाने के आदेश दिए थे। 15 अगस्त तक लॉटरी प्रक्रिया पूरी करने के भी आदेश दिए थे। स्वायत्त शासन विभाग ने निकाय प्रमुखों और वार्डों के आरक्ष्ण की लॉटरी प्रक्रिया पूरी कर सभी डेटा राज्य निर्वाचन आयोग को भिजवा दिए हैं। 309 निकायों में नगर निगम, नगरपरिषद और नगर पालिका… पार्षद कितना पैसा कर सकेंगे खर्च…
संभल में पांचवां विशाल भंडारा:शिव भक्तों ने ग्रहण किया प्रसाद, बाबा बर्फानी के दर्शन को उमड़ी भीड़
संभल के हयातनगर स्थित श्री शिव मंदिर, रामलीला ग्राउंड में बुधवार को जय शिव महाकाल सेवा समिति द्वारा पांचवें विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। सुबह 11 बजे शुरू हुए इस भंडारे में बड़ी संख्या में शिव भक्तों और श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए महिलाओं, पुरुषों और बच्चों हेतु अलग-अलग व्यवस्था की गई थी। इस अवसर पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रदेश मंत्री लक्षित सिंघल, संभल विभाग मंत्री अमित कुमार 'भट्ठे वाले', सभासद अनिल कुमार और अरविंद दक्ष विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने समिति के कार्यकर्ताओं का उत्साहवर्धन किया और सफल आयोजन के लिए सभी सदस्यों को बधाई दी। समिति के प्रखर वक्ता मनसाफ प्रजापति ने बताया कि भंडारे की तैयारियां और व्यवस्थाएं लगभग एक माह पहले से शुरू कर दी जाती हैं, ताकि श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो। उन्होंने बताया कि यह पांचवां विशाल भंडारा सुबह 11 बजे से महादेव की इच्छा तक जारी रहता है। भंडारे के दौरान राधा-कृष्ण, भगवान महादेव और माता पार्वती की मनमोहक झांकियां श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। इसके अतिरिक्त, गुफा में बनाए गए बाबा बर्फानी के हिम शिवलिंग के दर्शन के लिए भी भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। श्रद्धालुओं ने दर्शन कर पूजा-अर्चना की और प्रसाद ग्रहण किया। इस अवसर पर समिति के सदस्यों ने नगर पालिका से रामलीला ग्राउंड और मंदिर प्रांगण में साफ-सफाई कराने तथा पक्की ईंटें लगवाने की मांग की। पदाधिकारियों ने बताया कि बरसात के मौसम में प्रांगण में जलभराव के कारण धार्मिक आयोजनों में बाधा आती है। उन्होंने क्षेत्र में नशीले पदार्थों की समस्या पर भी प्रभावी कार्रवाई की मांग की। इस आयोजन में सतीश कश्यप, राजेश प्रजापति, राकेश प्रजापति, संजय प्रजापति, सौरभ प्रजापति, विनीत प्रजापति, राजकुमार चन्द्रा, विशाल सैनी, मुकेश प्रजापति, आकाश प्रजापति, दिनेश प्रजापति सहित समिति के अनेक सदस्य और अन्य शिव भक्त उपस्थित थे।
बैतूल जिला जेल में बंदियों के परिजनों और वकीलों से कथित अभद्रता की शिकायत सामने आई है। अधिवक्ता संघ ने बुधवार को इस मामले में जेल अधीक्षक को पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की है। पत्र की कॉपी जेल महानिरीक्षक भोपाल और प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश बैतूल को भी भेजी गई है। अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष अशोक वर्मा ने यह पत्र भेजा। उन्होंने बताया कि उन्हें इस मामले में कई शिकायतें मिली हैं। अशोक वर्मा ने बताया कि बंदियों से मिलने या वकालतनामा लेने जेल पहुंचने वाले परिजनों और वकीलों को लंबे समय तक इंतजार कराया जाता है। संघ ने जेल कर्मचारियों और अधिकारियों पर अभद्र व्यवहार का भी आरोप लगाया है। वकीलों ने कहा- कोर्ट का काम प्रभावित हो रहा अधिवक्ता संघ का कहना है कि वकीलों को अपने पक्षकारों से केस के बारे में बात करना जरूरी होता है। लेकिन कथित रोक-टोक के कारण उन्हें परेशानी होती है। इससे कोर्ट से जुड़ा काम भी प्रभावित हो रहा है। अधिवक्ता संघ के सचिव बलदेव कुमार महाजन ने कहा कि वकीलों का काम बंदियों से मिलकर उनके मामलों की पैरवी करना है। इसी वजह से संघ ने जेल अधीक्षक से मामले में कार्रवाई की मांग की है। वहीं, इस मामले में जेल प्रशासन की ओर से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
कैंसर रोगियों को लगाए जाने वाले लाखों रुपए कीमत के इंजेक्शन की कालाबाजारी के मामले में जांच का दायरा अब चार जिलों तक पहुंच गया है। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच बीकानेर के पीबीएम अस्पताल की जांच कर रही है, जबकि राजस्थान चिकित्सा सेवा निगम लिमिटेड ने जयपुर, उदयपुर, बीकानेर और जोधपुर के मेडिकल कॉलेज व दवा वेयर हाउस के रिकॉर्ड खंगालने शुरू किए हैं। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि दिल्ली में मिले इंजेक्शन किन मरीजों के लिए स्वीकृत हुए थे और क्या उन्हें मरीजों को लगाने के बजाय बाजार में बेच दिया गया। 12 अगस्त से आरएमएससीएल ने शुरू की जांच चिकित्सा विभाग से जुड़े राजस्थान चिकित्सा सेवा निगम लिमिटेड (आरएमएससीएल) ने 12 अगस्त को ही इस मामले की छानबीन शुरू कर दी थी। इसके तहत छह फार्मासिस्ट को चार मेडिकल कॉलेज और उनसे जुड़े ड्रग वेयर हाउस की जांच के आदेश दिए गए हैं। जयपुर के एसएमएस मेडिकल कॉलेज की जांच डॉ. शिप्रा सिंह और फार्मासिस्ट मनीष मित्तल को सौंपी गई है। उदयपुर के मेडिकल कॉलेज और ड्रग वेयर हाउस की जांच डॉ. भवानी सिंह और फार्मासिस्ट अंकुर गोयल करेंगे। बीकानेर-जोधपुर के मेडिकल कॉलेज की जांच डॉ. संदीप कुमार चौहान और फार्मासिस्ट देवेंद्र सैन करेंगे। दिल्ली क्राइम ब्रांच की सूचना के बाद चार जगह जांच दरअसल, नई दिल्ली की क्राइम ब्रांच को सिर्फ बीकानेर से इंजेक्शन कालाबाजारी तक पहुंचने की सूचना मिली थी। क्राइम ब्रांच की इंटर स्टेट सेल ने इस संबंध में आरएमएससीएल को पत्र भेजा था। आरएमएससीएल को जब यह जानकारी मिली तो रिकॉर्ड से सामने आया कि संबंधित इंजेक्शन चार मेडिकल कॉलेजों में भेजे गए थे। इसके बाद आरएमएससीएल ने चारों मेडिकल कॉलेज में छानबीन शुरू कर दी है। बैच नंबर से पता चलेगा इंजेक्शन किस मरीज को दिया गया चारों जिलों में पहुंच रही मेडिकल टीम संबंधित इंजेक्शन के बैच नंबर से पता करेगी कि इंजेक्शन कब और किसे दिया गया था। ये इंजेक्शन मेडिकल कॉलेज से वहां के वेयर हाउस के जरिए सब सेंटर तक पहुंचते हैं। इसके बाद इन्हें अस्पताल के ड्रग डिस्ट्रिब्यूशन सेंटर यानी डीडीसी तक भेजा जाता है। डीडीसी से संबंधित डॉक्टर और अस्पताल के डिप्टी सुपरीडेंडेंट के हस्ताक्षर के बाद मरीज को इंजेक्शन लगाने की स्वीकृति दी जाती है। दिल्ली में जो इंजेक्शन बरामद हुए हैं, उनकी जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि वे किस मरीज के लिए स्वीकृत किए गए थे और किस रोगी को लगाए गए थे। इसके लिए संबंधित रिकॉर्ड मांगा गया है। इस रिकॉर्ड से उस नर्सिंगकर्मी का भी पता चलेगा, जिसने मरीज को इंजेक्शन लगाया था। जांच में मरीज के डाक्यूमेंट भी लिए जा रहे हैं। इनके आधार पर संबंधित मरीज और उसके परिजनों से बात की जा सकेगी। इंजेक्शन डीडीसी से गायब हुए या बाजार पहुंचाए गए, जांच में पता चलेगा जांच में यह आशंका भी देखी जा रही है कि कैंसर रोगी के लिए स्वीकृत इंजेक्शन सीधे डीडीसी से गायब होकर ब्लैक मार्केट में पहुंचाए गए या फिर सही इंजेक्शन की दवा निकालकर मरीज को फर्जी और फेक इंजेक्शन लगाया गया। इसके साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि रिकॉर्ड में इंजेक्शन अस्पताल में मौजूद दिखाया जा रहा हो, लेकिन वास्तव में वहां हो ही नहीं। जांच का एक बिंदु यह भी है कि कहीं अस्पताल से इंजेक्शन सीधे बाजार में तो नहीं बेच दिया गया। खरीद के ऑर्डर की कॉपी भी मांगी दिल्ली पुलिस ने जांच के लिए जो सूचना मांगी है, उसमें इंजेक्शन की खरीद के ऑर्डर की कॉपी भी मांगी गई है। इससे पता चलेगा कि संबंधित इंजेक्शन किस बैच के थे। बैच नंबर के आधार पर यह पता लगाया जा सकेगा कि इंजेक्शन मरीज तक कब पहुंचा। दिल्ली पुलिस ने इंजेक्शन बेचने वाले डिस्ट्रिब्यूटर के बारे में भी रिपोर्ट मांगी है। बीकानेर में जांच के आदेश, तीन दिन में रिपोर्ट बीकानेर के सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. सुरेंद्र वर्मा ने बताया कि राज्य सरकार ने इस मामले में रिपोर्ट मांगी है। इसके बाद पीबीएम अस्पताल के अधीक्षक डॉ. बी.सी. घीया को जांच के आदेश दिए गए हैं। यह टीम तीन दिन में अपनी रिपोर्ट देगी। जयपुर स्तर पर बनाई गई टीम की जांच के अतिरिक्त यह जांच भी की जा रही है। मामले की तथ्यात्मक रिपोर्ट राज्य सरकार को भी भेजी जाएगी।
तेंदूखेड़ा थाना क्षेत्र के काचरकोना गांव में सोमवार रात तीन साल के कृष्णकांत पटेल उर्फ शिवाय की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मामले में बुधवार को परिजनों और ग्रामीणों ने तेंदूखेड़ा एसडीओपी अभिनव मिश्रा को ज्ञापन सौंपकर जांच कर दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। परिजनों के अनुसार, कृष्णकांत अपनी मां के साथ ग्राम काचरकोना स्थित नाना छोटेलाल किरार के घर आया हुआ था। 17 अगस्त की रात करीब 11 से 12 बजे के बीच उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों ने कुछ लोगों से पुरानी रंजिश का हवाला देते हुए हत्या की आशंका जताई है। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि मामले की जांच के दौरान परिवार के एक सदस्य के साथ मारपीट कर दबाव बनाने और घटना को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि, इन आरोपों की अभी तक स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिस से घटना से जुड़े इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य सुरक्षित रखने, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज करने, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य जांच के आधार पर कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ जल्द एफआईआर दर्ज करने और परिवार को पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराने की भी अपील की। पुलिस अधिकारियों ने मामले की जांच के आधार पर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
उज्जैन के मंगलनाथ मंदिर में 7 घंटे प्रवेश बंद:गुरुवार को चांदी की नई जलाधारी स्थापित की जाएगी
उज्जैन के अंकपात मार्ग स्थित मंगलनाथ मंदिर में गुरुवार को श्रद्धालुओं का प्रवेश लगभग सात घंटे तक बंद रहेगा। मंदिर के गर्भगृह में नई चांदी की जलाधारी स्थापित की जानी है, जिसके चलते 20 तारीख को सुबह 11 बजे से शाम 6 बजे तक मंदिर के दोनों द्वार बंद रहेंगे। मंदिर प्रशासन के अनुसार, सुबह 10 बजे तक भातपूजन सहित अन्य पूजन नियमित रूप से कराए जाएंगे। जो श्रद्धालु मंगलनाथ मंदिर में भातपूजन करना चाहते हैं, वे सुबह 10 बजे तक पूजन करा सकेंगे। इसके बाद भातपूजन के लिए श्रद्धालु अंगारेश्वर मंदिर जा सकते हैं, जहां शाम 5 बजे तक भातपूजन की व्यवस्था उपलब्ध रहेगी। मंगलनाथ मंदिर में भातपूजन का विशेष धार्मिक महत्व है। मंगल दोष निवारण के लिए देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। सामान्य दिनों में भी प्रतिदिन 500 से अधिक लोग भातपूजन कराते हैं। मंदिर में स्थापित वर्तमान जलाधारी पुरानी और जीर्ण-शीर्ण हो चुकी है। इसे बदलकर नई चांदी की जलाधारी स्थापित की जा रही है। इसके लिए हैदराबाद के यजमान अमन ओहरी और सोनल ओहरी ने लगभग 20 किलोग्राम चांदी दान की है। यह दान महंत राजेंद्र भारती और अजय भारती के आग्रह पर यजमानों द्वारा उपलब्ध कराया गया है। वहीं, पुरानी जलाधारी को गलाकर उससे चांदी का नाग तैयार किया जाएगा। यह कार्य सिंहस्थ की तैयारियों के बीच हो रहा है। उज्जैन विकास प्राधिकरण के माध्यम से मंदिर परिसर में विभिन्न विकास कार्य किए जा रहे हैं। मंदिर प्रशासक केके पाठक ने पुष्टि की है कि गुरुवार सुबह 10 बजे तक भात और अन्य पूजन होंगे, जिसके बाद सुबह 11 बजे से शाम 6 बजे तक मंदिर में प्रवेश पूरी तरह बंद रहेगा। मंगलवार, 18 अगस्त को 1850 लोगों ने भातपूजन कराया था, जिससे मंदिर समिति को लगभग 3.85 लाख रुपए की आय हुई।
‘दिमागी नक्सलवाद’ को लेकर कांग्रेस नेताओं की बयानबाजी पर वन मंत्री केदार कश्यप ने तीखा पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के युवाओं या उनके लोकतांत्रिक आंदोलनों को नक्सलवाद से नहीं जोड़ा है। बल्कि नक्सली हिंसा को वैचारिक समर्थन देने वाली मानसिकता पर चिंता जताई है। कांग्रेस प्रधानमंत्री के बयान को तोड़-मरोड़कर युवाओं के नाम पर भ्रम फैलाने का प्रयास कर रही है। कश्यप ने कहा कि नक्सलवाद खत्म हो रहा है, इसलिए उसके समर्थकों की बेचैनी भी सामने आ रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “बरसात का अवसर है तो मेंढक के टर्राने से कौन रोक सकता है। राष्ट्रीय स्तर से लेकर राज्य स्तर तक नक्सल समर्थक किस तरह चिल्ला रहे हैं, यह पूरा देश देख रहा है।” कांग्रेस की नीतियों पर भी उठाए सवाल वन मंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के कुछ नेता नक्सलियों को अपना रोल मॉडल तक मानते रहे हैं और अब वही लोग नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में अपने योगदान की बड़ी-बड़ी बातें कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की नीतियों, नरमी और मिलीभगत के कारण नक्सलवाद को वर्षों तक विस्तार का अवसर मिला। चिदंबरम से पूछा- निर्णायक लड़ाई क्यों नहीं लड़ी? कश्यप ने पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदंबरम के बयान पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आज चिदंबरम खुद को ‘दिमागी नक्सली’ बता रहे हैं, लेकिन देश उनसे जानना चाहता है कि जब आंतरिक सुरक्षा की जिम्मेदारी उनके हाथों में थी, तब नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई क्यों नहीं लड़ी गई। उन्होंने कहा कि चिदंबरम के कार्यकाल के दौरान छत्तीसगढ़ लगातार नक्सली हिंसा से जूझता रहा। सवाल सीधा है कि जब देश की आंतरिक सुरक्षा की कमान उनके हाथों में थी, तब नक्सलवाद पर निर्णायक प्रहार क्यों नहीं हुआ। कांग्रेस से चिदंबरम के बयान पर स्थिति साफ करने को कहा कश्यप ने कहा कि नक्सली हिंसा और उसकी विचारधारा के प्रति सहानुभूति या नरमी रखने वाली सोच नक्सलवाद को वैचारिक ताकत देती है। उन्होंने छत्तीसगढ़ कांग्रेस से भी अपनी चुप्पी तोड़ने और स्पष्ट करने को कहा कि वह पी. चिदंबरम के बयान के साथ खड़ी है या नहीं। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद जैसे गंभीर विषय पर कांग्रेस का दोहरा चरित्र और सुविधानुसार राजनीति स्वीकार नहीं की जा सकती। ‘बस्तर का युवा अब शांति और विकास चाहता है’ वन मंत्री ने कहा कि बस्तर का युवा नक्सलवाद के साथ नहीं है। बस्तर का युवा अब शांति, शिक्षा, रोजगार और विकास चाहता है। कांग्रेस को युवाओं की आड़ में नक्सली विचारधारा के समर्थकों का बचाव करना बंद करना चाहिए।
मध्य प्रदेश समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक, 2026 के विरोध में बड़वानी में मुस्लिम समाज के लोगों ने बुधवार दोपहर प्रदर्शन किया। समाज के प्रतिनिधि कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे और राष्ट्रपति के नाम नायब तहसीलदार सोनू गोयल को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में इस विधेयक को संविधान विरोधी बताते हुए नागरिकों के मौलिक अधिकारों की सुरक्षा की मांग की गई है। संवैधानिक अनुच्छेदों का दिया हवाला ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि विधानसभा द्वारा पारित यह विधेयक संविधान की मूल भावना के विपरीत है। समाजजनों ने कहा कि अनुच्छेद 44 को नीति निदेशक तत्वों में रखा गया था, न कि मौलिक अधिकारों में। उन्होंने डॉ. बी.आर. अंबेडकर के विचारों का हवाला देते हुए तर्क दिया कि इसे किसी समाज पर थोपने के बजाय उसकी सहमति से लागू किया जाना चाहिए। पर्सनल लॉ और विवाह नियमों में बदलाव पर आपत्ति मुस्लिम समाज ने विवाह के 60 दिनों के भीतर अनिवार्य पंजीकरण, फर्स्ट कजिन विवाह पर प्रतिबंध और एक-विवाह की अनिवार्यता को पर्सनल लॉ के खिलाफ बताया है। इसके अलावा, बहुविवाह को शून्य घोषित करने और तलाक के लिए केवल अदालती डिक्री को अनिवार्य करने के प्रावधानों का भी कड़ा विरोध किया गया है। उत्तराधिकार और धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़ी चार मांगें
सहारनपुर नगर निगम ने बुधवार दोपहर तीन बजे शहर के सार्वजनिक पार्कों को अतिक्रमण मुक्त कराने का अभियान शुरू किया। नगरायुक्त शिपू गिरि के निर्देश पर चलाए गए इस अभियान के पहले दिन विभिन्न वार्डों के 7 पार्कों को कब्जे से मुक्त कराया गया। इन पार्कों के गेट पर कुछ लोगों ने निजी ताले लगा रखे थे, जिससे आम नागरिकों को सुबह-शाम घूमने और बैठने की सुविधा नहीं मिल पा रही थी। नगर निगम कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर इन निजी तालों को हटवाया और पार्कों को आमजन के लिए खोल दिया। नगरायुक्त शिपू गिरि ने इस संबंध में कहा कि पार्क शहर के फेफड़े होते हैं। इन्हें अतिक्रमण मुक्त कर बच्चों, बुजुर्गों और आम नागरिकों के लिए स्वच्छ एवं सुरक्षित मनोरंजन स्थल बनाना नगर निगम की प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी बताया कि यह अभियान शहर के सभी वार्डों में चरणबद्ध तरीके से चलाया जाएगा। नगरायुक्त ने स्पष्ट किया कि पार्कों की जमीन पर किए गए अवैध निर्माण, निजी कब्जे, अस्थाई दुकानें, ठेले और अन्य प्रकार के अतिक्रमणों को चिन्हित कर तत्काल हटाया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि जिन लोगों ने पार्क की जमीन का निजी उपयोग किया है, उनके खिलाफ शिकायत मिलने पर कठोर और त्वरित कार्रवाई की जाएगी। अतिक्रमण हटाने के बाद इन पार्कों में वृक्षारोपण, हरियाली और नागरिक सुविधाओं का विकास किया जाएगा।उद्यान प्रभारी डॉ. संदीप मिश्र ने जानकारी दी कि अभियान के पहले चरण में वार्ड-55 के संजय गांधी पार्क, महाराणा प्रताप पार्क, चंद्र नगर पार्क, प्रेम वाटिका पार्क और जेसी पार्क को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। इसके अतिरिक्त, वार्ड-15 के बच्चा पार्क नवीन नगर और वार्ड-22 के धोबीघाट स्थित पार्क को भी कब्जे से मुक्त कराया गया है। नगर निगम के अनुसार, इन पार्कों के गेट पर कुछ व्यक्तियों ने निजी ताले डालकर कब्जा कर रखा था। कर्मचारियों ने सभी ताले तोड़कर पार्कों को सार्वजनिक उपयोग के लिए खुलवाया। इसके साथ ही, इन पार्कों के सौंदर्यीकरण और रखरखाव का कार्य भी शुरू कर दिया गया है। नगरायुक्त ने सभी जोनल अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों के पार्कों का भौतिक सत्यापन कर अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए हैं। प्रवर्तन दल को पुलिस विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर अभियान को तेज करने को कहा गया है। उन्होंने शहरवासियों से अपील की है कि वे पार्कों की जमीन पर किए गए अतिक्रमण को स्वयं हटा लें, ताकि कानूनी कार्रवाई से बचा जा सके।
पीलीभीत के ललौरीखेड़ा ब्लॉक मुख्यालय और आसपास के छह गांवों में अनाज गोदामों से पनप रहे कीड़ों (भुनकों) के प्रकोप ने ग्रामीणों का जीवन दूभर कर दिया है। बरेली हाईवे किनारे स्थित बड़े अनाज गोदामों की कथित लापरवाही के कारण ललौरीखेड़ा, हरचुइया, सैजना, खरुआ, बालपुर पट्टी और सियाबाड़ी पट्टी के निवासी गंभीर समस्याओं का सामना कर रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, यह समस्या केवल बारिश के मौसम तक सीमित नहीं है, बल्कि सालभर बनी रहती है। शाम ढलते ही हजारों की संख्या में भुनके घरों में घुस आते हैं। रोशनी जलाने पर इनका प्रकोप इतना बढ़ जाता है कि भोजन की थाली में भी कीड़े गिरने लगते हैं। इस स्थिति के कारण ग्रामीणों को खिड़की-दरवाजे बंद कर अंधेरे में रहने को मजबूर होना पड़ रहा है। इससे बच्चों की शाम की पढ़ाई भी पूरी तरह बाधित हो रही है। नियमित कीटनाशक दवाओं का छिड़काव स्थानीय ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि इलाके में बने बड़े निजी और सरकारी अनाज भंडारण परिसरों तथा गोदामों में मानकों के अनुसार नियमित कीटनाशक दवाओं का छिड़काव नहीं किया जाता। इसी लापरवाही के कारण अनाज में भारी मात्रा में भुनके पनप रहे हैं और उड़कर रिहायशी इलाकों में फैल रहे हैं। हरचुइया निवासी लालता प्रसाद और रामकुमार ने बताया कि इन कीड़ों के कारण गांवों में बीमारी और संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है। सियाबाड़ी पट्टी के अंबा सहाय और खरुआ निवासी भगवान स्वरूप ने जिला प्रशासन से तत्काल निजी और सरकारी अनाज गोदामों का निरीक्षण करने की मांग की है। ग्रामीणों ने प्रशासन से गोदामों में नियमित कीटनाशक छिड़काव, गांवों में युद्धस्तर पर फॉगिंग कराने और इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान निकालने का आग्रह किया है।
मंदिर की जमीन पर पार्क का विरोध:बेतिया में मेयर और पति को 2 घंटे घेरा; निगम परिसर में जमकर नारेबाजी
बेतिया में नगर निगम कार्यालय में बुधवार को पार्क निर्माण के विरोध में जमकर हंगामा हुआ। मां कालीधाम मंदिर की खाली जमीन पर पार्क निर्माण के विरोध में पूजा समिति और स्थानीय लोगों ने महापौर गरिमा देवी सिकारिया और उनके पति रोहित सिकारिया को करीब दो घंटे तक घेरकर रखा। प्रदर्शनकारियों ने उनके खिलाफ जोरदार नारेबाजी भी की। पूजा समिति और कालीबाग के स्थानीय लोगों का आरोप है कि मंदिर की जमीन पर पार्क निर्माण का फैसला उनकी धार्मिक आस्था और स्थानीय भावनाओं के खिलाफ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मंदिर की जमीन पर किसी भी कीमत पर पार्क का निर्माण नहीं होने दिया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने निर्माण कार्य पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। नगर निगम परिसर में तनावपूर्ण माहौल हंगामे और तनाव की सूचना मिलते ही सदर एसडीपीओ-1 अजीत कुमार, यातायात डीएसपी अतनु दत्ता, एसडीएम समेत बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। नगर निगम परिसर में काफी देर तक तनावपूर्ण माहौल बना रहा। निविदा जारी होने के बाद बढ़ा विवाद यह विवाद नगर निगम की ओर से पार्क निर्माण के लिए निविदा जारी किए जाने के बाद से बढ़ा है। बुधवार को इसी मुद्दे को लेकर पूजा समिति और स्थानीय लोगों का आक्रोश नगर निगम सभागार के बाहर तक पहुंच गया। बड़ी संख्या में लोग जुटे और महापौर तथा उनके पति के खिलाफ नारेबाजी की। पार्क निर्माण को लेकर असमंजस फिलहाल, पार्क निर्माण को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। अब देखना होगा कि नगर निगम प्रस्तावित पार्क का निर्माण कराता है या पूजा समिति और स्थानीय लोगों के विरोध के बाद अपने फैसले पर पुनर्विचार करता है।
अयोध्या के रुदौली तहसील क्षेत्र में बाढ़ प्रभावित परिवारों को बुधवार को प्रशासन की ओर से राहत सामग्री वितरित की गई। पस्ता माफी स्थित बाढ़ चौकी पर विधायक रामचंद्र यादव की मौजूदगी में 225 परिवारों को राहत किट दी गईं। इनमें खाद्यान्न समेत रोजमर्रा की जरूरत का सामान शामिल था। प्रशासन के मुताबिक बाढ़ प्रभावित सभी परिवारों का सर्वे कराया जा चुका है और जरूरत के आधार पर राहत सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। राहत किट का वितरण कैथी मांझा के 105, मुजहना सरायनासीर के 100 और पसैया नेपुरा के 20 प्रभावित परिवारों के बीच किया गया। प्रत्येक किट में 26 जरूरी वस्तुएं शामिल थीं। इनमें आलू, प्याज, आटा, दाल, चावल, नमक, नहाने की बाल्टी और तिरपाल समेत अन्य दैनिक उपयोग की सामग्री दी गई। विधायक बोले- सभी प्रभावितों तक पहुंचेगी राहत विधायक रामचंद्र यादव ने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले सभी जरूरतमंद परिवारों को आवश्यक सामग्री की किट उपलब्ध कराई जाएगी। प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है और प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। तीन गांवों में राहत किट के लिए भेजी मांग एसडीएम रुदौली विनोद कुमार गुप्ता ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के सभी पीड़ित परिवारों का सर्वे कराया जा चुका है। सर्वे के आधार पर राहत सामग्री वितरित की जा रही है। पटरंगा, मरोचा और सन्डरी गांवों में राहत किट वितरण के लिए मांग भेजी गई है। मांग प्राप्त होते ही इन गांवों में भी राहत सामग्री वितरित कराई जाएगी। राजस्व कर्मियों को निगरानी के निर्देश वितरण कार्यक्रम में तहसीलदार विजय कुमार गुप्ता समेत राजस्व विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। ग्राम प्रशासक राम सदल, राजस्व निरीक्षक अनिल यादव और लेखपाल नकछेद भारती, महेंद्र वर्मा व रजनीश यादव ने राहत वितरण में सहयोग किया। प्रशासन ने राजस्व कर्मियों को प्रभावित गांवों में लगातार निगरानी रखने और जरूरतमंद परिवारों तक समय से राहत पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।
रायबरेली डीएम सरनीत कौर ब्रोका की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में जिले में चल रही विभिन्न निर्माणाधीन परियोजनाओं की समीक्षा बैठक हुई। बैठक में एनएचएआई, सेतु निगम, यूपीडा, लोक निर्माण विभाग और ग्रामीण अभियंत्रण विभाग की परियोजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक के दौरान परियोजनावार निर्माण की प्रगति, भूमि अधिग्रहण, मुआवजा वितरण, निर्माण कार्यों में आ रही बाधाओं तथा परियोजनाओं के चलते क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की मरम्मत और पुनर्निर्माण को लेकर चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों से प्रत्येक परियोजना की मौजूदा स्थिति की जानकारी ली। समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण काम पूरा करने के निर्देश डीएम ने अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिए कि सभी निर्माणाधीन परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा कराया जाए। उन्होंने भूमि अधिग्रहण से जुड़ी लंबित कार्यवाही को नियमानुसार जल्द पूरा करने और पात्र भू-स्वामियों को मुआवजा वितरण में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भूमि अधिग्रहण और मुआवजा वितरण से संबंधित समस्याओं का संबंधित पक्षों से समन्वय कर समयबद्ध तरीके से निस्तारण किया जाए, ताकि परियोजनाओं के निर्माण में अनावश्यक देरी न हो। क्षतिग्रस्त सड़कों को प्राथमिकता से दुरुस्त कराने के निर्देश जिलाधिकारी ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि परियोजनाओं के निर्माण के दौरान यदि सड़कें क्षतिग्रस्त होती हैं तो संबंधित कार्यदायी संस्था उन्हें प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त कराए। इससे आम लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना न करना पड़े। इस दौरान बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अंजुलता, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) सिद्धार्थ, उप जिलाधिकारी ऊंचाहार विवेक राजपूत, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका स्वर्ण सिंह समेत एनएचएआई, सेतु निगम, यूपीडा, लोक निर्माण विभाग, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग और संबंधित कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारी मौजूद रहे।
आमानाका इलाके में कार चढ़ाकर युवक की हत्या के मामले में फरार चल रहे आरोपी भरत मंगनानी ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया। पुलिस की लगातार दबिश और बढ़ते दबाव के बाद आरोपी 18 अगस्त को न्यायालय पहुंचा। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस के मुताबिक, 14 अगस्त को टाटीबंध में परमजीत रणगण्ही की कार से कुचलकर मौत के मामले में आमानाका थाने में FIR दर्ज हुई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि विवाद के बाद भरत मंगनानी ने जानबूझकर तेज रफ्तार कार परमजीत के ऊपर चढ़ा दी थी। शादी की बातचीत के दौरान हुआ था विवाद परमजीत की शादी की बातचीत शिखा साहू से चल रही थी। 14 अगस्त को शिखा अपने दोस्त भरत मंगनानी के साथ सफेद रंग की फॉक्सवैगन कार से टाटीबंध पहुंची थी। गुरुद्वारा के पास शिखा और परमजीत की मुलाकात हुई। इस दौरान भरत भी वहां मौजूद था। बातचीत के दौरान परमजीत और भरत के बीच विवाद हो गया। शिकायत के मुताबिक, विवाद के बाद भरत ने परमजीत को जान से मारने की नीयत से तेज रफ्तार में कार दौड़ाई और उसे कुचल दिया। कार की चपेट में आने से परमजीत गंभीर रूप से घायल हो गया। आसपास मौजूद लोगों ने उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद भरत कार लेकर मौके से फरार हो गया। BNS की धारा 103 में दर्ज हुआ केस परमजीत की मौत के बाद आमानाका पुलिस ने अपराध क्रमांक 264/2026 दर्ज किया। मामले में BNS की धारा 103 के तहत हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थी। तकनीकी माध्यमों से भी उसकी तलाश की जा रही थी। पुलिस की लगातार कार्रवाई के बीच भरत ने कोर्ट में पहुंचकर सरेंडर कर दिया। अब पुलिस ने आरोपी को रिमांड पर लेकर घटना के संबंध में पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि मामले में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। क्या था मामला? आमानाका इलाके में 14 अगस्त को परमजीत सिंह की मौत का मामला सामने आया था। पुलिस के मुताबिक, परमजीत ने अपनी गर्लफ्रेंड को उसके दोस्त भरत मंगनानी के साथ देखा था। दोनों के बीच विवाद हुआ। इसके बाद शिखा भरत के साथ कार से जाने लगी। परमजीत ने उन्हें रोकने की कोशिश की और विवाद के दौरान भरत की कार में टक्कर भी मारी। इसके बाद भरत कार लेकर आगे बढ़ने लगा। पुलिस की शुरुआती जांच और CCTV फुटेज के मुताबिक, परमजीत कार के बोनट पर चढ़ गया था। कार करीब 200 मीटर तक चलती रही, जिसके बाद परमजीत सड़क पर गिर गया। पुलिस के अनुसार, इसके बाद कार उसके ऊपर चढ़ गई और उसे गंभीर चोटें आईं। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद पुलिस ने आसपास के CCTV फुटेज खंगाले। शुरुआती जांच में पुलिस को हत्या का संदेह हुआ और आरोपी भरत के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। घटना के बाद से वह फरार था। अब कोर्ट में सरेंडर के बाद पुलिस उससे पूछताछ कर रही है।
सिवनी शहर के कलाकारों ने अष्टधातु के कबाड़ का इस्तेमाल करके भगवान शिव की एक मूर्ति तैयार की है। करीब 5 क्विंटल वजनी यह मूर्ति मठ मंदिर परिसर में लगाई गई है, जिसे देखने और दर्शन करने के लिए बड़ी संख्या में भक्त पहुंच रहे हैं। इस मूर्ति को मुख्य कलाकार विक्की कश्यप और उनकी मित्र मंडली ने बनाया है। इसे तैयार करने में लगभग 3 महीने का समय लगा। मूर्ति को बनाने में लोहे और स्टील के स्क्रैप के साथ अष्टधातु के अलग-अलग टुकड़ों का इस्तेमाल किया गया है। टीम ने बेकार समझे जाने वाले सामान को एक सुंदर रूप दे दिया है। कारीगरी में झलकीं कई बारीकियां मूर्ति में कई अनोखी बातें हैं। भगवान शिव के माथे पर सोने और चांदी का तिलक लगाया गया है। उनके हाथ जस्ता और रांगा से बने हैं। महादेव की जटाओं में तांबे और पीतल के लोटे और स्नान पात्र का इस्तेमाल हुआ है। लोहे और स्टील के हिस्सों को वेल्डिंग, स्क्रू और नट-बोल्ट से मजबूती से जोड़ा गया है। 12 से 15 लोगों की टीम ने किया काम कलाकारों के मुताबिक, मूर्ति के लिए धातु के टुकड़े स्थानीय दुकानदारों की मदद से जुटाए गए। इस कलाकृति को बनाने में 12 से 15 लोगों की टीम ने काम किया। इसमें विक्की कश्यप के साथ रोहित रघुवंशी, लक्की डेहरिया, राहुल रघुवंशी, आयुष यादव, यश बघेल, अनिकेत कश्यप, शिव कश्यप, कपिर्तन कश्यप, रौनक ठाकुर, आर्यन शुक्ला, श्लोक पटवा और सनी कश्यप का खास योगदान रहा।
महेंद्रगढ़ नहर में मिला व्यक्ति का शव:एक पाइप में फंसा हुआ था, पुलिस कर रही पहचान कराने की कोशिश
महेंद्रगढ़ के पास से गुजर रही जेएलएन नहर में एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिला है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर नागरिक अस्पताल के मोर्चरी हाउस में 72 घंटे के लिए शिनाख्त के लिए रखवा दिया है। यह शव बुधवार को गांव मेघनवास के पास जेएलएन नहर के एक पाइप में फंसा हुआ मिला। सदर थाना पुलिस को इसकी सूचना मिली, जिसके बाद सरपंच जयपाल भी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को मोर्चरी में रखवाया पुलिस ने शव को नहर से बाहर निकाला और नागरिक अस्पताल पहुंचाया। फिलहाल मृतक की पहचान नहीं हो पाई है। पुलिस ने शव को शिनाख्त के लिए शवगृह में सुरक्षित रखवा दिया है। मृतक के शरीर पर सफेद और काली मोटी चेकदार शर्ट, स्लेटी रंग की जींस पैंट और स्लेटी छिटदार अंडरवियर है। फिलहाल पुलिस मृतक की पहचान कराने की कोशिश कर रही है और इसके लिए आसपास के थानों में फोटो भेजे गए हैं।
औरैया जिलाधिकारी बृजेश कुमार ने तिलक महाविद्यालय, औरैया में मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत संचालित अभ्युदय कोचिंग सेंटर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र की शैक्षणिक व्यवस्था, अध्ययन सामग्री और विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही अन्य सुविधाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान डीएम ने कक्षाओं में पहुंचकर विद्यार्थियों से सीधा संवाद किया। उन्होंने छात्रों से उनकी पढ़ाई, शिक्षण व्यवस्था और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारियों के बारे में जानकारी ली। साथ ही, पढ़ाई के दौरान आने वाली समस्याओं और आवश्यकताओं पर भी चर्चा की। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और मार्गदर्शन के निर्देश जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों और शिक्षकों को निर्देश दिए कि अभ्युदय कोचिंग सेंटर में अध्ययनरत विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, आवश्यक अध्ययन सामग्री और बेहतर मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि छात्रों की शंकाओं का नियमित रूप से समाधान किया जाए, ताकि उनकी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी प्रभावी ढंग से हो सके। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और प्रतिभावान विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है। जिलाधिकारी ने विद्यार्थियों से उपलब्ध सुविधाओं का अधिकतम लाभ उठाने और निर्धारित लक्ष्य के साथ मेहनत व लगन से तैयारी करने का आह्वान किया। इस अवसर पर जिला समाज कल्याण अधिकारी रविंद्र कुमार शशि, संबंधित अधिकारी, शिक्षक और अभ्युदय कोचिंग सेंटर के विद्यार्थी मौजूद रहे।
भिवानी के भीम स्टेडियम में 59वीं हरियाणा राज्य स्तरीय स्कूली खेल प्रतियोगिता का आयोजिन किया जा रहा है। 3 दिवसीय राज्य स्तरीय स्कूली खेल प्रतियोगिता में अंडर-14, अंडर-17 और अंडर-19 तीनों आयु वर्गों में लड़कों की बॉक्सिंग (मुक्केबाजी) तथा लड़कियों की एथलेटिक्स स्पर्धाएं आयोजित की जा रही हैं। इस प्रतियोगिता में कुल 2590 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। जिनमें विभिन्न जिलों से 830 बॉक्सर छात्र और 1760 एथलीट छात्राएं शामिल हैं। भिवानी के बॉक्सर युवराज सिंह ने कहा कि वह 75 से 81 किलोग्राम भारवर्ग में बॉक्सिंग खेलता है। बुधवार को उसका मुकाबला गुरुग्राम के खिलाड़ी के साथ था। यह बढ़िया फाइट थी और इसमें स्कोरिंग 5-0 रही और जीत हासिल की। युवराज सिंह ने कहा कि प्रयास तो हर स्तर के लिए करना पड़ता है, चाहे लेवल छोटा हो या बड़ा। उसने कहा कि वे दिन में 2 समय प्रैक्टिस करता है, सुबह 3 घंटे और शाम को 3 घंटे। अब यहां से जीतने के बाद, उनका अगला लक्ष्य नेशनल की तैयारी करना है। जर्सी के पीछे इंडिया लिखवाना हैफरीदाबाद से पहुंची कल्पना ने कहा कि वे 4 गुना 100 मीटर रिले खेलने आए हैं। उनकी टीम में हनी, अंजलि और तनु शामिल हैं। उन्होंने कहा कि हमारी प्रैक्टिस बहुत अच्छी है। अभी दौड़ हुई हैं और हम उनकी टीम फर्स्ट आई हैं। हालांकि यह समय के खिलाफ मुकाबला है, हमें उम्मीद है कि हम फाइनल में भी फर्स्ट ही आएंगे। वे लगभग 3 साल से प्रैक्टिस कर रहे हैं। अब आगे उनका लक्ष्य एक ही है, अपने पीछे जर्सी पर इंडिया लिखवाना। इसके लिए सबसे जरूरी है अनुशासन और नियमितता। हमें अपनी प्रैक्टिस कभी मिस नहीं करनी। विजेताओं को नेशनल मीट में मिलेगा स्थानइवेंट के कन्वीनर पीजीटी फिजिकल एजुकेशन सोहन पाल ने कहा कि प्रतियोगिताओं का शानदार आयोजन किया जा रहा है। यह स्कूली स्टेट इवेंट है, जिसमें अंडर-14, अंडर-17 और अंडर-19 वर्ग की लड़कियों के एथलेटिक्स मुकाबले हो रहे हैं। यह प्रतियोगिता 18 अगस्त से शुरू हुई है और 20 तारीख तक चलेगी। विजेताओं को डीएससी (DSC) की तरफ से नकद पुरस्कार दिए जा रहे हैं। अंडर-14, 17 और 19 के खिलाड़ियों को जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) ऑफिस भिवानी के माध्यम से राशि प्रदान की जाएगी। इसके अलावा, जो बच्चे प्रथम और द्वितीय स्थान प्राप्त करेंगे, उन्हें नेशनल मीट में राज्य का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिलेगा।
पटना के कंकड़बाग इलाके के राधा कृष्ण बॉयज हॉस्टल में छात्र की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई है। मृतक की पहचान महुआ निवासी सत्यम उर्फ उत्कर्ष कुमार के रूप में हुई है। वह पिछले 4 महीने से पटना में रहकर JEE मेंस की तैयारी कर रहा था। एलेन में एडमिशन लिया था। पिता चंद्रशेखर राय ने कहा कि मेरे बेटे की हत्या हुई है। उन्होंने हत्या का आरोप राधा कृष्ण बॉयज हॉस्टल के संचालक, व्यवस्थापक और दूसरे रूममेट पर लगाया है। देंखें मौके की तस्वीरें… पिता बोले- बेटे का पांव पूरी तरह से बेड पर सटा था पिता ने कहा, कल रात में 11 बजे बातचीत हुई थी। सबकुछ ठीक था। किसी तरह की परेशानी नहीं बताई थी। आज 11:16 बजे कॉल मेरे मिसेज के नंबर पर आया कि आपका बेटा रूम में पंखा से लटका है। मैं आनन फानन में भागकर आया तो देखा दरवाजा टूटा था। पुलिस वहां आई हुई थी। बहुत ही संदिग्ध परिस्थिति में शव था। पांव पूरी तरह से बेड पर सटा था। फंदा भी पिछले हिस्से से लगा था। यानि पूरी तरह से संदिग्ध परिस्थिति थी। कमरे से नहीं मिला सुसाइड नोट घटना की जानकारी मिलने के बाद कंकड़बाग थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। घटना की जांच के लिए FSL की टीम को भी बुलाया गया है, ताकि मौके से जरूरी साक्ष्य जुटाए जा सकें। FSL सीनियर साइंटिस्ट अनिल कुमार सिंह अपनी टीम के साथ पहुंचे थे। कमरे से सुसाइड नोट नहीं मिला है। मृतक का मोबाइल फोन जब्त किया गया है, जिसे लैब में भेजा गया है। थानेदार अभय कुमार ने छात्र की मौत की पुष्टि की है। पुलिस की ओर से मृतक के परिजनों को भी घटना की जानकारी दे दी गई है। फिलहाल आवेदन नहीं किया गया है। फिलहाल छात्र की मौत केैसे हुई, इसका कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है। पुलिस हॉस्टल में रहने वाले अन्य छात्रों और संबंधित लोगों से भी जानकारी जुटा रही है। मामले की जांच के बाद ही घटना के पीछे की वजह सामने आने की उम्मीद है।
गोरखपुर और देवरिया को जोड़ने वाले राप्ती नदी पर स्थित उग्रसेन पुल की क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत का कार्य पूरा हो गया है। लगभग एक महीने से अधिक समय से बंद यह पुल 25 अगस्त से यातायात के लिए फिर से खोला जा सकता है। सड़क में बड़ा छेद होने के कारण 16 जुलाई से चार पहिया वाहनों का आवागमन पूरी तरह बंद कर दिया गया था, जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत के साथ-साथ गार्डर और बेयरिंग की भी रिपेयरिंग कराई है। मरम्मत कार्य तकनीकी टीम और संबंधित फर्म के इंजीनियरों की निगरानी में किया गया, जिसमें क्षतिग्रस्त हिस्से को हटाकर आवश्यक संरचनात्मक कार्य किए गए। मरम्मत के बाद पुल की मजबूती और सुरक्षा की जांच की जाएगी। सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ही 25 अगस्त से पुल पर आवागमन बहाल होने की संभावना है। हालांकि, अंतिम निर्णय तकनीकी जांच रिपोर्ट और एनएचएआई की अनुमति पर निर्भर करेगा। उग्रसेन पुल रामजानकी मार्ग का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके बंद होने से गोरखपुर और देवरिया के अलावा वाराणसी, आजमगढ़, जौनपुर, प्रयागराज, अयोध्या और बिहार की ओर जाने वाले यात्रियों को भी परेशानी हुई। वाहनों को लंबी दूरी तय करने के लिए वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करना पड़ा। स्थानीय लोगों के अनुसार, यह पुल लगभग चार दशक पुराना है और इस पर लगातार बढ़ते यातायात का दबाव रहता है। लोगों ने क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत के साथ-साथ पुल की नियमित जांच और रखरखाव की आवश्यकता पर जोर दिया है। भविष्य में ऐसी समस्याओं से बचने के लिए पुराने पुल के समानांतर एक नए पुल के निर्माण की मांग भी उठाई गई है। फिलहाल, सभी की निगाहें 25 अगस्त पर टिकी हैं। यदि तकनीकी जांच में पुल को सुरक्षित पाया जाता है, तो लंबे इंतजार के बाद उग्रसेन पुल पर यातायात फिर से शुरू हो सकेगा।
सदर अस्पताल की इमरजेंसी व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। बुधवार को इमरजेंसी वार्ड में करीब एक घंटे तक डॉक्टर के मौजूद नहीं रहने का मामला सामने आया। दोपहर करीब 2 बजे से 3 बजे तक डॉक्टर के चेंबर में नहीं रहने के कारण मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इमरजेंसी जैसे संवेदनशील विभाग में डॉक्टर की अनुपस्थिति ने अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार, सदर अस्पताल में 24 घंटे इमरजेंसी सेवा संचालित होती है और इसके लिए डॉक्टरों की ड्यूटी निर्धारित रहती है। इसके बावजूद इमरजेंसी में डॉक्टरों की कमी और ड्यूटी के दौरान चिकित्सकों के अनुपस्थित रहने की शिकायतें सामने आती रही हैं। सांप काटने के मरीज को करना पड़ा इंतजार इसी दौरान एक मरीज के परिजन दीपक अपने मरीज को लेकर सदर अस्पताल पहुंचे थे। मरीज को सांप ने काट लिया था और उसे तत्काल चिकित्सकीय उपचार की जरूरत थी। परिजन के अनुसार, इमरजेंसी में डॉक्टर के मौजूद नहीं रहने से उन्हें काफी परेशानी हुई। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि डॉक्टर के इंतजार में मरीज की स्थिति बिगड़ जाती तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेता। पहले भी निरीक्षण में मिल चुकी है डॉक्टरों की अनुपस्थिति गौरतलब है कि जिला पदाधिकारी छिरिङ वाई भूटिया कई बार सदर अस्पताल का निरीक्षण कर चुकी हैं। निरीक्षण के दौरान डॉक्टरों की अनुपस्थिति सामने आने पर उन्होंने अस्पताल प्रबंधन और सिविल सर्जन को आवश्यक निर्देश भी दिए थे। इसके बावजूद इमरजेंसी में करीब एक घंटे तक डॉक्टर के मौजूद नहीं रहने की घटना सामने आने से अस्पताल की व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। अब सवाल यह है कि निर्धारित ड्यूटी के दौरान डॉक्टर करीब एक घंटे तक इमरजेंसी से क्यों अनुपस्थित रहे और अस्पताल प्रबंधन इस मामले में क्या कार्रवाई करेगा। मरीजों के परिजनों ने इमरजेंसी सेवा में हर समय डॉक्टर की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि गंभीर मरीजों को समय पर इलाज मिल सके।
राजस्थान में 309 नगरीय निकायों के चुनावों की बुधवार शाम 4 बजे घोषणा हो गई है। राज्य निर्वाचन आयोग दो चरणों में शहरों में चुनाव कराएगा। पहले चरण में 9 सितंबर और दूसरे चरण में 11 सितंबर को वोटिंग होगी और 14 सितंबर को रिजल्ट आएंगे। राजस्थान के इतिहास में पहली बार सभी नगरीय निकायों में एक साथ चुनाव हो रहे हैं। जिले में डूंगरपुर और सागवाड़ा दो निकायों में दो चरणों में चुनाव होंगे। डूंगरपुर नगर परिषद के 40 वार्डों में पहले चरण में 9 सितंबर को चुनाव होंगे, जबकि सागवाड़ा नगर पालिका के 35 वार्डों में दूसरे चरण में 11 सितंबर को वोटिंग होगी। चुनाव परिणाम 14 सितंबर को आएगा। वहीं, नगर परिषद सभापति ओर नगर पालिका अध्यक्ष का चुनाव 21 सितंबर को होगा। इसके बाद 22 सितंबर को डूंगरपुर नगर परिषद उपसभापति ओर सागवाड़ा नगर पालिका उपाध्यक्ष का चुनाव होंगे। पार्षद जनता के वोट से चुने जाएंगे, जबकि सभापति ओर उपसभापति का चुनाव पार्षदो की ओर से वोटिंग से होगी।
यूपी-जापान इन्वेस्टमेंट मीट में कंपनियों से सीएम योगी बोले - निवेश करें, पूरा सहयोग मिलेगा
यूपी-जापान इन्वेस्टमेंट मीट में कंपनियों के सीईओज और बिजनेस लीडर्स से सीएम योगी ने कहा कि यूपी में निवेश करिए। उत्तर प्रदेश में निवेश करने वाले उद्यमियों और कंपनियों को सरकार की ओर से हर संभव सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।
हापुड़ के पिलखुवा स्थित नगर कांग्रेस कमेटी कार्यालय में बुधवार को कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान के तीसरे चरण का कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एकजुटता का प्रदर्शन करते हुए संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने का संकल्प लिया। इस दौरान राष्ट्रीय पर्यवेक्षक चेतन चौहान और पीसीसी पर्यवेक्षक पंकज तेजानिया, नरेंद्र चौहान व रिजवान कुरैशी मौजूद रहे। कांग्रेस जिलाध्यक्ष राकेश त्यागी ने छिजारसी टोल प्लाजा पर पर्यवेक्षकों का स्वागत किया। 2027 में भाजपा को हराने का लक्ष्य राष्ट्रीय पर्यवेक्षक चेतन चौहान ने कहा कि हापुड़ के कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने संगठन की मजबूती का संदेश दिया है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को हराकर कांग्रेस की सरकार बनाने के लक्ष्य के साथ काम करने का आह्वान किया। साथ ही 2029 के लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनाने के लिए अभी से संगठन को मजबूत करने पर जोर दिया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष राकेश त्यागी ने कहा कि कार्यकर्ताओं की एकजुटता ही पार्टी की सबसे बड़ी ताकत है। यदि सभी कार्यकर्ता एकजुट होकर चुनाव में जुट जाएं तो भाजपा को हराया जा सकता है। धौलाना सीट और नगर पालिका चुनाव को लेकर रणनीति पिलखुवा नगर अध्यक्ष रजनीश त्यागी ने धौलाना विधानसभा सीट पर कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के प्रत्याशी को भारी मतों से जिताने का लक्ष्य रखा। उन्होंने आगामी नगर पालिका चुनाव में पिलखुवा में कांग्रेस का अध्यक्ष बनाने और सभी 25 वार्डों में प्रत्याशी उतारने की बात कही। जिलाध्यक्ष पद के लिए 11-12 नाम आए चेतन चौहान ने बताया कि संगठन सृजन अभियान के तहत कार्यकर्ताओं से संगठन को लेकर राय ली जा रही है। पूर्व और वर्तमान जिलाध्यक्ष तथा शहर अध्यक्षों के कार्यकाल को लेकर भी कार्यकर्ताओं से फीडबैक लिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जिलाध्यक्ष पद के लिए अब तक 11-12 और नगर अध्यक्ष पद के लिए 3-4 नामों के आवेदन प्राप्त हुए हैं। संगठनात्मक प्रक्रिया पूरी होने के बाद नामों की घोषणा दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय से की जाएगी। कार्यक्रम में शहर अध्यक्ष इरफान अहमद, पूर्व विधायक गजराज सिंह, पंडित अरविंद शर्मा, विजय गोयल, सैय्यद अयाजुद्दीन, दिनेश चंद शर्मा सहित सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन दाऊद खान और नरेश भाटी ने किया।
दिव्यांगता प्रमाण-पत्र के आधार पर सरकारी नौकरी कर रहे 186 कर्मचारियों की अब जांच होगी। यह जांच राज्य मेडिकल बोर्ड या संभागीय मेडिकल बोर्ड के जरिए कराई जाएगी। संबंधित कर्मचारियों को मेडिकल बोर्ड के सामने उपस्थित होकर अपना परीक्षण कराना होगा। सरकार ने इन मामलों की जांच के लिए जरूरी प्रक्रिया और दिशा-निर्देश तय करने पर चर्चा की है। समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मंगलवार को मंत्रालय में संयुक्त बैठक लेकर दिव्यांगजनों से जुड़े मामलों की समीक्षा की। बैठक में सरकारी सेवा में कार्यरत 186 लोगों के दिव्यांगता प्रमाण-पत्र की जांच का मुद्दा प्रमुखता से उठा। मेडिकल बोर्ड करेगा दिव्यांगता की जांच बैठक में सामान्य प्रशासन विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुसार 186 मामलों की जांच राज्य मेडिकल बोर्ड या संभागीय मेडिकल बोर्ड से कराने पर चर्चा हुई। संबंधित कर्मचारियों को मेडिकल बोर्ड के सामने उपस्थित होकर परीक्षण कराना होगा। अधिकारियों ने बताया कि फर्जी दिव्यांगता प्रमाण-पत्र के आधार पर सरकारी सेवा में कार्यरत लोगों की जांच के लिए राज्य और संभागीय मेडिकल बोर्ड में परीक्षण की प्रक्रिया को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश तय किए जाएंगे। दिव्यांगता प्रमाण-पत्र और यूडीआईडी की प्रक्रिया होगी आसान बैठक में दिव्यांगजनों के दिव्यांगता प्रमाण-पत्र और यूडीआईडी कार्ड बनाने की प्रक्रिया को आसान करने पर भी चर्चा हुई। मेडिकल बोर्ड में विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष मेडिकल बोर्ड और दिव्यांगता जांच शिविर लगाने पर जोर दिया गया। मेडिकल बोर्ड में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी होने पर निजी क्षेत्र के विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं लेने पर भी सहमति बनी। ट्रांसजेंडर के लिए अलग क्लीनिक बनाने पर चर्चा बैठक में ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए सेक्स रिअसाइनमेंट सर्जरी (SRS) से जुड़ी सरकारी सहायता पर चर्चा हुई। पात्र लोगों को समय पर लाभ देने और सहायता अनुदान की दरों को वर्तमान बाजार दर के अनुसार संशोधित करने पर विचार किया गया। सरकारी अस्पतालों में ट्रांसजेंडर लोगों के लिए अलग ट्रांसजेंडर क्लीनिक या वार्ड की व्यवस्था करने पर भी चर्चा हुई। नशामुक्ति केंद्रों की भी समीक्षा समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित नशामुक्ति केंद्रों के कामकाज की समीक्षा भी की गई। मानसिक स्वास्थ्य देखरेख अधिनियम, 2017 के अनुसार केंद्रों के पंजीयन और संचालन की प्रक्रिया को मजबूत करने पर चर्चा हुई। नशामुक्ति केंद्रों में इलाज करा रहे लोगों को दी जा रही दवाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग जरूरी दिशा-निर्देश जारी करेगा। केंद्रों के विस्तार और बेहतर संचालन पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा दिव्यांगजन, वरिष्ठ नागरिक, भिक्षुक, ट्रांसजेंडर और नशे से पीड़ित लोगों के पुनर्वास के लिए संचालित सरकारी और अनुदान प्राप्त संस्थाओं में रहने वाले हितग्राहियों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराने पर भी सहमति बनी। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया, समाज कल्याण विभाग की प्रमुख सचिव शहला निगार, स्वास्थ्य विभाग के आयुक्त-सह-संचालक संजीव झा, समाज कल्याण विभाग के संचालक रणवीर शर्मा समेत दोनों विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
अजमेर जिले के भिनाय थाना क्षेत्र में निर्माणाधीन अस्पताल से सामान चोरी करने पहुंचे दो युवकों को ठेकेदार और कर्मचारियों ने पकड़ लिया। और दोनों को पेड़ से बांधकर पिटाई की गई। घटना की सूचना मिलने पर भिनाय थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों युवकों को अपने कब्जे में लिया। पुलिस ने दोनों को शांति भंग के आरोप में गिरफ्तार किया है। मामला मंगलवार का बताया जा रहा है। आज इस मामले में घटना का वीडियो भी सामने आया है। भिनाय थाना प्रभारी सुरेंद्र सिंह ने बताया कि थाना क्षेत्र में अस्पताल का निर्माण कार्य चल रहा है। मंगलवार को दो युवक वहां चोरी करने के इरादे से पहुंचे थे। इस दौरान ठेकेदार और वहां मौजूद कर्मचारियों ने दोनों को पकड़ लिया। आरोप है कि इसके बाद दोनों को पेड़ से बांध दिया गया और उनकी पिटाई की गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों को शांति भंग में गिरफ्तार कर लिया गया। थाना प्रभारी के अनुसार, फिलहाल मामले में किसी पक्ष की ओर से शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। शिकायत मिलने पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
गेल डीएवी पब्लिक स्कूल में खेल प्रतियोगिता शुरू:यूपी क्लस्टर-4 स्तरीय प्रतियोगिता का हुआ शुभारंभ
दिबियापुर के गेल डीएवी पब्लिक स्कूल, गेलगांव में डीएवी खेल यूपी क्लस्टर-4 स्तरीय प्रतियोगिता 2026 का बुधवार को विवेकानंद खेल मैदान में शुभारंभ हुआ। इस प्रतियोगिता का आयोजन यूपी जोन-एफ की क्लस्टर हेड और विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती प्रियंका गौर के मार्गदर्शन में किया गया। इसमें प्रदेश के विभिन्न डीएवी विद्यालयों के खिलाड़ी, प्रशिक्षक और शिक्षकों ने भाग लिया। गेल इंडिया लिमिटेड, पाता के कार्यकारी निदेशक (पीसी-ओ एंड एम) एवं ओआईसी श्री एस.के. सिंह मुख्य अतिथि रहे। विद्यालय परिवार ने उनका स्वागत किया। इस अवसर पर गेल के वरिष्ठ अधिकारी और विभिन्न डीएवी विद्यालयों के प्रधानाचार्य भी उपस्थित थे। प्रधानाचार्या श्रीमती प्रियंका गौर ने अपने स्वागत भाषण में खेलों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि खेल विद्यार्थियों के शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक विकास का आधार हैं। खेलों से अनुशासन, नेतृत्व, धैर्य, आत्मविश्वास और सहयोग की भावना विकसित होती है। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया मुख्य अतिथि ने डीएवी ध्वज फहराया। इसके बाद प्रतिभागियों ने सामूहिक रूप से डीएवी गान प्रस्तुत किया। मशाल प्रज्वलन के उपरांत खिलाड़ियों ने खेल भावना, अनुशासन, निष्पक्षता और समर्पण की शपथ ली। मुख्य अतिथि ने प्रतियोगिता का औपचारिक उद्घाटन किया। उन्होंने खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा निखारकर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने आयोजन के लिए प्रधानाचार्या और उनकी टीम की सराहना भी की। इस प्रतियोगिता में गेल डीएवी मॉडल स्कूल गेल विहार, डीएवी एनयूपीपीएल घाटमपुर, डीएवी फर्टिलाइजर बबराला, गेल डीएवी दिबियापुर, डीएवी अलीगढ़, डीएवी पनकी तथा डीएवी एचएएल की टीमों ने हिस्सा लिया। उद्घाटन के बाद फुटबॉल, शतरंज, बैडमिंटन, योग और बास्केटबॉल सहित विभिन्न प्रतियोगिताएं शुरू हुईं। अंडर-17 फुटबॉल में गेल डीएवी और डीएवी फर्टिलाइजर बबराला के बीच मैच खेला गया।
अमृतसर में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक दुकान के अंदर करीब 5 से 6 फीट लंबा सांप घुस आया। सांप को देखते ही दुकान में मौजूद लोगों में डर का माहौल बन गया और मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। इसी दौरान एयरपोर्ट मोबाइल PCR टीम में तैनात कांस्टेबल कंवलदीप सिंह ने बहादुरी और सूझबूझ दिखाते हुए सांप को सुरक्षित पकड़ लिया। भीड़ देखकर रुके जवान जानकारी के मुताबिक, कांस्टेबल कंवलदीप सिंह अपनी टीम के साथ ड्यूटी पर थे। टीम वाहन में तेल डलवाने के लिए आई हुई थी। वहां से वापस लौटते समय उन्होंने सड़क किनारे एक दुकान के बाहर काफी लोगों की भीड़ देखी। जब उन्होंने लोगों से कारण पूछा तो पता चला कि दुकान के अंदर सांप घुस गया है। लोगों में सांप को लेकर काफी डर था। इसके बाद कांस्टेबल कंवलदीप सिंह खुद दुकान के अंदर गए और सांप की तलाश शुरू की। कुछ देर बाद उन्हें सांप दिखाई दिया। उन्होंने सावधानी बरतते हुए सांप को पकड़ लिया। लोगों को दी सावधानी की सलाह कंवलदीप सिंह के मुताबिक, यह सांप जहरीला नहीं था और इसे आम तौर पर इंडियन रैट स्नेक यानी धामन के नाम से जाना जाता है। हालांकि उन्होंने लोगों को सलाह दी कि किसी भी सांप को देखकर उसे खुद पकड़ने या मारने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। सांप से सुरक्षित दूरी बनाए रखना जरूरी है, क्योंकि काटने से चोट या संक्रमण का खतरा हो सकता है। सांप को पकड़ने के बाद कांस्टेबल ने उसे सुरक्षित तरीके से आबादी से दूर एक सुनसान स्थान पर छोड़ दिया। सांप के बाहर निकलने के बाद दुकानदार और मौके पर मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली। इस पूरी घटना में कांस्टेबल कंवलदीप सिंह की तत्परता और साहस की लोगों ने सराहना की। उन्होंने समय रहते स्थिति को संभाला और सांप को बिना नुकसान पहुंचाए सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। साथ ही लोगों से अपील की कि घर या दुकान में सांप दिखाई देने पर घबराने के बजाय दूरी बनाए रखें और विशेषज्ञों या संबंधित विभाग की मदद लें।
देवास में वीरांगना महारानी अवंती बाई लोधी के जन्मोत्सव पर लोधी समाज ने हिंदू एकता संकल्प सभा और भव्य शौर्य यात्रा का आयोजन किया। इस यात्रा में नारी शक्ति की विशेष झलक देखने को मिली, जिसने सभी का ध्यान आकर्षित किया। यात्रा के दौरान बेटियों ने तलवारों से हैरतअंगेज कलाबाजी का प्रदर्शन कर अपने शौर्य और आत्मरक्षा के कौशल को दर्शाया। कुछ बेटियों ने लाठी चलाने का कौशल दिखाया, जबकि अन्य ने विभिन्न आत्मरक्षा के करतब प्रस्तुत किए। यह प्रदर्शन इस संदेश को पुष्ट करता है कि बेटियां अब कमजोर नहीं, बल्कि अपनी सुरक्षा के लिए पूरी तरह सक्षम हैं। शौर्य यात्रा में बेटियां वीरांगनाओं के विभिन्न स्वरूपों में नजर आईं। किसी ने झांसी की रानी लक्ष्मीबाई का रूप धारण किया तो कोई वीरांगना महारानी अवंती बाई लोधी के स्वरूप में दिखीं। पारंपरिक वेशभूषा और वीरांगनाओं के किरदारों में सजी बेटियों ने यात्रा के माहौल को जीवंत बना दिया। महिलाओं ने भी अपनी कला और शक्ति का प्रदर्शन किया। अतिथियों के संबोधन के बाद शौर्य यात्रा का शुभारंभ हुआ। यह यात्रा शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से गुजरी, जहां जगह-जगह लोगों ने इसका स्वागत किया। हाथों में भगवा ध्वज और वीरांगनाओं के स्वरूप में सजी बेटियों के साथ निकली इस यात्रा ने पूरे शहर में नारी शक्ति, आत्मसम्मान और आत्मरक्षा का संदेश दिया। इस शौर्य यात्रा में बड़ी संख्या में युवा शक्ति भी शामिल रही। तलवारों की चमक, लाठियों के करतब और वीरांगनाओं के स्वरूप में बेटियों का जोश देखते ही बन रहा था। आयोजन ने यह संदेश दिया कि इतिहास की वीरांगनाओं का शौर्य केवल किताबों तक सीमित नहीं है, बल्कि आज की बेटियां भी उसी साहस और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रही हैं।
लाडनूं में अतिक्रमण पर चला बुलडोजर:सार्वजनिक भूमि और रास्तों से हटाए गए अवैध कब्जे
डीडवाना कुचामन के लाडनूं शहर में सार्वजनिक भूमि और आम रास्तों पर हुए अतिक्रमण के खिलाफ बुधवार को नगरपालिका ने बड़ी कार्रवाई की। इस दौरान बुलडोजर चलाकर करीब आधा दर्जन स्थानों से अवैध कब्जे हटाए गए। यह कार्रवाई तहसीलदार कुटेंद्र कंवर और नगरपालिका ईओ हरेंद्र चौधरी की मौजूदगी में की गई। पालिका टीम ने जावाबास स्थित बावरियों की गुवाड़ी में सार्वजनिक चौक और आम रास्ते की भूमि पर बनी अवैध चारदीवारी को बुलडोजर से ध्वस्त कर अतिक्रमण हटाया। इसके अतिरिक्त, मगरा बास में एक मिष्ठान भंडार के बाहर से अवैध कब्जे और चौकियों को हटाया गया। सरकारी अस्पताल के पास दरगाह की भूमि पर हुए अतिक्रमण के खिलाफ भी कार्रवाई की गई। बस स्टैंड क्षेत्र में सड़क पर लगे सब्जी ठेलों को हटाने के निर्देश दिए गए हैं। नगरपालिका ने चेतावनी दी है कि निर्धारित अवधि में अतिक्रमण नहीं हटाने पर संबंधित सामान जब्त कर लिया जाएगा।
रीवा के अमहिया थाना क्षेत्र में भवन निर्माण को लेकर दो पक्षों में विवाद के बाद जमकर मारपीट हुई। सिरमौर चौराहा के पास पीके स्कूल के सामने हुए विवाद में ईंट-पत्थर और डंडे चलने की बात सामने आई है। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें दोनों पक्षों के लोग एक-दूसरे से मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं। पुलिस ने मामले में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के मुताबिक, भवन निर्माण को लेकर विनोद सेन और बनवारी लाल गुप्ता-अभिषेक गुप्ता के पक्ष के बीच विवाद हुआ था। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और दोनों पक्षों में मारपीट शुरू हो गई। घटना के दौरान ईंट-पत्थर और डंडों के इस्तेमाल किए जाने की बात भी सामने आई है। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर मारपीट करने के आरोप लगाए हैं। विनोद सेन के पक्ष ने लगाए मारपीट के आरोप विनोद सेन के पक्ष की ओर से अंजली सेन सहित परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट का आरोप लगाया गया है। शिकायत में अंजली सेन की आंख और सिर के आसपास चोट लगने की बात कही गई है। वहीं, दूसरे पक्ष ने भी घटना को लेकर पुलिस के सामने अपनी शिकायत दर्ज कराई है। दोनों पक्षों के आरोपों की पुलिस जांच कर रही है। घटना के बाद मारपीट का वीडियो सामने आया है। वीडियो में कुछ लोग आपस में मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, विवाद की शुरुआत किस बात को लेकर हुई और मारपीट में किस पक्ष की क्या भूमिका रही, यह पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। एसपी कार्यालय पहुंचे एक पक्ष के लोग बुधवार को विनोद सेन के पक्ष के लोग अपनी फरियाद लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। बताया जा रहा है कि दोनों पक्षों के बीच पहले भी विवाद को लेकर समझौते की कोशिश की गई थी। इसके बावजूद मामला दोबारा बढ़ गया। अमहिया थाना प्रभारी मनोज गौतम के मुताबिक, मारपीट के मामले में प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। पुलिस दोनों पक्षों की शिकायतों और सामने आए वीडियो के आधार पर मामले की जांच कर रही है। आरोपियों की तलाश भी की जा रही है।
लखनऊ में बुधवार को मॉल एवेन्यू स्थित दरगाह ख्वाजा मोहम्मद नबी रजा शाह उर्फ दादा मियां के उर्स की घोषणा की गई। परचम कुशाई (झंडा लहराया गया) हुई। इस मौके दरगाह के सज्जादा नशीन सबाहत हसन शाह ने बताया कि 119 वें सालाना उर्स कि तैयारियों का आगाज हो गया। 4 से 8 सितंबर 2026 तक 5 रोजा उर्स मनाया जाएगा । सामाजिक सहायता का संदेश मोहम्मद सबाहत हसन शाह ने कहा कि उर्स से पहले तैयारी शुरू कर दी जाती है इसकी सूचना अकीदत मंदों तक पहुंचाने के लिए परचम कुशाई और विभिन्न कार्यक्रम होते हैं । ख्वाजा सबाहत शाह ने बताया कि, दादा मियाँ ने दुनिया के सामने कौमी एकता की ऐसी मिसाल पेश की जिसकी रौशनी हर तरफ बिखरी हुई है। दादा मियां ने अपने जीवन मे लोगों की भलाई के लिए बहुत सारे काम किये। दरगाह से गरीब बच्चों की पढ़ाई में सहयोग। मरीजों का इलाज आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की सहायता और विवाह में योगदान हमेशा किया जाता है। विभिन्न राज्यों से आते हैं लोग दादा मियां के समय में भी दरगाह पर लंगर (भंडारा) बंटता था। आज भी लंगर का वो सिलसिला जारी है सभी धर्म के लोग यहां आते हैं और लंगर चखते हैं। दादा मियां ने हमेशा कौमी एकता का संदेश दिया। उर्स में उत्तर प्रदेश के अलावा महाराष्ट्र, राजस्थान, कोलकाता और अन्य कई राज्यों से अकीदत मंद आते हैं। दरगाह से सभी लोगों को फायदा मिलता है इसीलिए बड़ी संख्या में लोग यहां आते हैं। पांच दिवसीय उर्स में सरकारी चादर पेश की जाती है, कव्वाली और जलसे का कार्यक्रम होता है इस दौरान सभी धर्मों के लोग जुटते हैं।
छ्त्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में एक माउस डियर (छोटे प्रजाति का हिरण) जंगल से भटककर जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय में घुस गया। जिसे वन विभाग की टीम ने रेस्क्यू किया और बचेली के जंगल में सुरक्षित छोड़ दिया है। बताया जा रहा है कि, कुत्ते उसे काटने के लिए दौड़ा रहे थे। वहीं जानकारी मिलते ही फॉरेस्ट की टीम ने कार्रवाई की। रेस्क्यू के बाद माउस डियर का पशु चिकित्सा अधिकारी से स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया। आवश्यक उपचार और देखरेख के बाद वनकर्मियों ने उसके स्वास्थ्य एवं व्यवहार पर निगरानी रखी। स्वस्थ पाए जाने पर उसे बचेली वन क्षेत्र में सुरक्षित रूप से छोड़ दिया गया। कुत्तों से बचने के लिए भागकर पहुंचा कलेक्ट्रेट जानकारी के अनुसार, माउस डियर का कुत्ते पीछा कर रहे थे। जान बचाने के लिए वह लगातार भागता रहा और दंतेवाड़ा कलेक्ट्रेट परिसर में पहुंच गया। यहां वन विभाग की टीम ने उसका रेस्क्यू किया। क्या है माउस डियर की विशेषता ये दुर्लभ प्रजाति का हिरण है। इसका वजन लगभग 3 किलो का और लंबाई 57.5 सेंटीमीटर होती है। भारत में पाए जाने वाले हिरणों की 12 प्रजातियों में से माउस डियर विश्व में सबसे छोटे हिरण समूह में से एक है। भारतीय माउस डियर (Mosechiola indica) विशेष रूप से घने झाड़ियों वाले, नमी वाले जंगलों में होते हैं। माउस डियर में चूहे सुअर और हिरण के रूप और आकार का मिश्रण दिखाई देता है। और बिना सींग वाले हिरण का एकमात्र समूह है। वन विभाग की लोगों से अपील वन विभाग ने अपील की है कि आबादी वाले क्षेत्र में यदि कोई वन्यजीव दिखाई दे तो लोग उसे पकड़ने, भगाने या उसके पास जाने की कोशिश न करें। वन्यजीव के दिखाई देने पर तत्काल वन विभाग को सूचना दें, ताकि प्रशिक्षित वनकर्मियों की टीम मौके पर पहुंचकर उसे सुरक्षित रेस्क्यू कर सके।
पलवल के रेलवे रोड स्थित एसबीआई के एटीएम बूथ पर एक व्यक्ति का एटीएम कार्ड बदलकर उसके खाते से 29 हजार रुपए निकाल लिए गए। कैंप थाना पुलिस ने व्यक्ति की शिकायत पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कैंप थाना प्रभारी कृष्ण गोपाल के अनुसार, हथीन मोड़, पलवल निवासी राम मंडल ने अपनी शिकायत में बताया कि वह दिल्ली जाने के लिए निकले थे। पैसों की जरूरत पड़ने पर वह रेलवे रोड स्थित एसबीआई के एटीएम बूथ पर रुपए निकालने गए। एटीएम में पैसे निकालते समय दो-तीन युवक उनके पीछे घुस आए और धक्का-मुक्की करने लगे। राम मंडल के मना करने के बावजूद आरोपी उनके पास खड़े रहे और एटीएम पिन देख लिया। एटीएम बूथ में घुसे युवकों ने दिया धक्का इसके बाद आरोपियों ने उन्हें धक्का दिया, जिससे उनका एटीएम कार्ड नीचे गिर गया। कार्ड उठाकर वापस देने के बहाने शातिरों ने असली कार्ड अपने पास रख लिया और वैसा ही दिखने वाला दूसरा एसबीआई का कार्ड उन्हें थमा दिया। राम मंडल जब एटीएम से बाहर निकले, तो कुछ ही देर बाद उनके मोबाइल पर खाते से 29 हजार रुपए कटने का मैसेज आया। कार्ड की जांच करने पर उन्हें पता चला कि आरोपियों ने उनका कार्ड बदल दिया था। राम मंडल मजदूरी करके अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं और यह राशि उनकी जमा पूंजी थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि एटीएम बूथ में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जा सके।
महिला की मौत के बाद बड़ा ऐक्शन, इलाज में लापरवाही की जांच शुरू; अस्पताल पर लगी रोक
दो दिन पहले ही यहां इस अस्पताल में एक महिला की मौत हो गई थी। बुधवार को निजी अस्पतालों के नोडल अधिकारी डॉ. एपी सिंह की अगुवाई में स्वास्थ्य विभाग की टीम अस्पताल पर पहुंची। टीम ने अस्पताल में उपलब्ध दस्तावेजों और महिला के इलाज से जुड़े रिकॉर्ड्स की जांच की।

