गाजियाबाद के विजयनगर में सोमवार शाम को हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने एक लव जिहाद का मामला पकड़ा। जहां शाहिद अंसारी नाम का युवक खुद को हिंदू बनाकर युवती को झांसे में ले लिया। जिसके बाद युवती के साथ किराए के कमरे में रह रहा था। युवक ने पूछताछ में बताया कि मैंने नाम और धर्म छिपाकर युवती से दोस्ती की है। दोनों को कोर्ट में शादी करनी थी। जहां हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने आरोपी शाहिद को बताकर पुलिस को सौंप दिया मंगलवार सुबह इसकी वीडियो भी सामने आई है। पुलिस दोनों से पूछताछ कर रही है। पहले वीडियो में जानिए सत्यम पंडित ने क्या कहा राष्ट्र हिंद वीर सेना के अध्यख सत्यम पंडित अपने साथ कार्यकर्ताओं को लेकर विजयनगर में पहुंचे। पीछे से युवक वीडियो बनाते हुए दिखे। जहां एक मकान में घुसकर एक युवक अर्धनग्र हालत में मिला। यह युवक पहले तो अपना नाम सचिन बताता रहा, बाद में कार्यकर्ताओं ने सख्ती से पूछा तो अपना नाम शाहिद अंसारी बताया। अंदर कमरे में 20 साल की युवती निकली। युवती से नात पता और धर्म पूछा। युवती ने कहा कि मैं इसके साथ 2 महीने से रह रही हूं। इसके बाद युवती और शाहिद अंसारी का आधारकार्ड मंगाया जाता है। मुसलमान बनकर हिंदू लड़की से शादी करेगा सत्यम पंडित ने जय श्रीराम कहकर कहा कि यह मुसलमान लड़का है। इसका नाम शाहिद अंसारी है। आगे कहा कि हिंदूओं में शादी करेगा तू मुसलमान होकर। साथ कैसे रह रहा है, अपनी बहन ब्याहेगा क्या मुझसे। तू मुसलमान होकर हिंदुओं में शादी करेगा। इस बीच शाहिद कहता है कि लड़की राजी है। सत्यम पंडित ने आगे कहा दिमाग मत चला। आगे पूछा कि इसे अपने घर क्यों नही लेकर गया। इस पर शाहिद अंसारी ने कहा कि मैने परिवार को अभी बताया नहीं है। आधार कार्ड में शाहिद की उम्र 19 साल आधार कार्ड में शाहिद अंसारी की उम्र 30 सितंबर 2007 है। जबकि युवती की उम्र एक जनवरी 2006 है। हिंदू संगठनों का कहना है कि शाहिद खुद को हिंदू बताता था, जिसने लड़की से अपनी पहचान छिपाई। हाथ में कलावा बांधता था। वहीं खुद को हिंदू बताता था। जांच में आया कि दोनों की पहचान इंस्टाग्राम पर हुई। उसके बाद दोनों बात करने लगे। जहां आरोपी शाहिद अंसारी ने युवती को लव जिहाद में फंसा लिया। विजयनगर पुलिस का कहना है कि युवक से पूछताछ की जा रही है, युवती के परिजनों को सूचना दी गई है।
इंदौर में मानसून दस्तक देने के बाद भी बारिश की रफ्तार कमजोर बनी हुई है। जून में अब तक इंदौर में करीब 4 इंच बारिश ही दर्ज हुई है। आखिरी अच्छी बारिश 24 जून को हुई थी, जब शहर के पूर्वी हिस्से में करीब आधा इंच और पश्चिमी क्षेत्र में करीब 2 इंच तक पानी गिरा था। इसके बाद से मौसम का मिजाज बदला हुआ है। पिछले एक सप्ताह से दोपहर बाद आसमान में बादल छा रहे हैं और बारिश के आसार बनते नजर आते हैं, लेकिन कई जगह सिर्फ बूंदाबांदी या हल्की रिमझिम तक ही बारिश सीमित रह रही है। मंगलवार सुबह से भी मौसम में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। धूप निकलने के साथ बीच-बीच में बादल छा रहे हैं। मौसम विभाग ने आज शाम के समय हल्की बारिश की संभावना जताई है। तापमान पर दिखाई दे रहा कम बारिश का असर कम बारिश का असर तापमान पर भी दिखाई दे रहा है। पिछले एक सप्ताह से दिन का तापमान 33 से 34 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है, जो सामान्य से करीब एक डिग्री अधिक है। वहीं बीते तीन दिनों से रात का तापमान भी 24 से 25 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया जा रहा है, जो सामान्य से लगभग 1 डिग्री ज्यादा है। एक जगह ठहर गया मानसून इस बार 24 जून को प्रदेश में मानसून की एंट्री हुई थी। इंदौर सहित प्रदेश के 15 जिलों में मानसून पहुंचने की आधिकारिक घोषणा भी की गई, लेकिन इसके बाद मानसून आगे बढ़ने के बजाय एक ही जगह पर ठहर गया। इसके कारण बारिश में कमी आई और दिन-रात गर्मी का असर बढ़ गया। मौसम के इस बदलाव का सबसे ज्यादा असर प्रदेश के उत्तरी हिस्सों में देखने को मिल रहा है। ग्वालियर-चंबल, सागर और रीवा संभाग के कई शहरों में तापमान बढ़ा हुआ दर्ज किया जा रहा है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून के आगे बढ़ने के बाद ही बारिश में तेजी आने की उम्मीद है। जून में इंदौर में दिन के टेम्प्रेचर में खासी गिरावट होती है। पिछले 7 साल यानी- 2020, 2021, 2022, 2023, 2024 और 2025 में जून में कम गर्मी पड़ी। पारा 39.6 से 41.6 डिग्री के बीच रहा है। पिछले साल तापमान 41.6 डिग्री तक पहुंचा था। इस महीने कोटे की 20% तक बारिश हो जाती है। पिछले साल साढ़े 5 इंच पानी गिरा था। बारिश के ओवरऑल रिकॉर्ड की बात करें तो साल 1980 में यहां जून महीने में 17 इंच से ज्यादा बारिश हुई थी। 24 घंटे में सर्वाधिक 5 इंच बारिश का रिकॉर्ड 23 जून 2003 को बना था। 3 जून 1991 में इंदौर में दिन का पारा 45.8 डिग्री तक पहुंच चुका है। वहीं, 12 जून 1958 को न्यूनतम तापमान 18.9 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया था। इंदौर का जून का मौसम
औरैया में तीन कोचिंग-लाइब्रेरी सील:बिना मानकों के संचालन पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई
औरैया में जिलाधिकारी बृजेश कुमार के निर्देश पर बिना मानकों के संचालित कोचिंग सेंटरों और लाइब्रेरियों के खिलाफ अभियान जारी है। इसी कड़ी में बदनपुर मोहल्ले में कई कोचिंग सेंटरों और लाइब्रेरियों का औचक निरीक्षण किया गया। इस अभियान का नेतृत्व उपजिलाधिकारी सदर अजय आनंद वर्मा ने किया। निरीक्षण टीम में मुख्य अग्निशमन अधिकारी तेजवीर सिंह और जिला विद्यालय निरीक्षक प्रदीप कुमार मौर्य सहित अन्य विभागों के अधिकारी शामिल थे। टीम ने संस्थानों के संचालन संबंधी वैध लाइसेंस, अग्निशमन विभाग की एनओसी, आग से बचाव के उपकरण, आपातकालीन निकास और अन्य सुरक्षा मानकों की गहन जांच की। अभियान के तहत यशस्वी लाइब्रेरी, ईकॉमर्स एजुकेशन और सक्सेस जोन लाइब्रेरी का निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान इन तीनों संस्थानों के पास वैध लाइसेंस नहीं पाए गए। इसके अतिरिक्त, आग लगने जैसी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक अग्निशमन उपकरण और सुरक्षा व्यवस्था भी अपर्याप्त मिली। इन गंभीर अनियमितताओं के मद्देनजर प्रशासन ने तीनों संस्थानों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि छात्रों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और बिना मानकों के संचालित संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उपजिलाधिकारी अजय आनंद वर्मा ने इन संस्थानों के संचालकों को निर्देश दिए कि सभी आवश्यक अनुमतियां, सुरक्षा प्रमाणपत्र और अग्निशमन संबंधी व्यवस्थाएं पूरी करने के बाद ही संस्थान का संचालन किया जाए। प्रशासन ने यह भी बताया कि यह अभियान शहर के अन्य क्षेत्रों में भी जारी रहेगा, ताकि सभी कोचिंग सेंटर और लाइब्रेरी निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित कर सकें।
जौनपुर के वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों की लापरवाही के कारण हजारों विद्यार्थियों का परीक्षा परिणाम अटक गया है। विश्वविद्यालय ने सभी कॉलेजों को आंतरिक, सेशनल, प्रायोगिक और डिसटेंशन के अंक 30 जून तक हर हाल में पोर्टल पर अपलोड करने का अंतिम निर्देश दिया है। परीक्षा नियंत्रक डॉ. विनोद कुमार सिंह ने इस संबंध में आधिकारिक पत्र जारी कर कहा है कि निर्धारित तिथि तक सभी लंबित अंक पोर्टल पर अपलोड किए जाएं। विश्वविद्यालय की ओर से इस मामले में यह चौथी बार चेतावनी जारी की गई है, लेकिन इसके बावजूद अधिकांश महाविद्यालयों ने अब तक अंक अपलोड नहीं किए हैं। परिणाम घोषित होने में आ रही बाधा विश्वविद्यालय में उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन लगभग पूरा हो चुका है और जिन पाठ्यक्रमों के सभी अंक उपलब्ध हैं, उनके परिणाम घोषित किए जा रहे हैं। हालांकि, कई कॉलेजों की ओर से आंतरिक, सेशनल और प्रायोगिक अंक उपलब्ध न कराने के कारण शेष परीक्षा परिणाम जारी नहीं हो पा रहे हैं। कॉलेजों पर कार्रवाई की चेतावनी विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि 30 जून तक संबंधित महाविद्यालय अंक अपलोड नहीं करते हैं, तो परिणाम में होने वाली देरी के लिए वही जिम्मेदार होंगे। ऐसे संस्थानों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई भी की जा सकती है। दीक्षांत समारोह की तैयारियों पर भी असर अधूरे परीक्षा परिणामों का असर विश्वविद्यालय के आगामी दीक्षांत समारोह की तैयारियों पर भी पड़ रहा है। परिणाम लंबित होने के कारण विभिन्न पाठ्यक्रमों के टॉपर्स और स्वर्ण पदक पाने वाले विद्यार्थियों की सूची तैयार नहीं हो पा रही है, जिससे समारोह की तैयारियां प्रभावित हो रही हैं।
लुधियाना में मोहर्रम के दिन मुस्लिम युवकों ने एक कार्यक्रम करवाया। कार्यक्रम में डीजे पर मियां-मियां भाई बज रहा था और मुस्लिम युवक हाथों में तलवारें, लाठियां, डंडे लेकर हंसते हुए डांस करते रहे। वीडियो वायरल हुआ तो पंजाब के शाही इमाम मोहम्मद उस्मान उर रहमानी लुधियानवी आगे आए और उन्होंने इसे मुस्लिम धर्म की बेअदबी करार दिया। शाही इमाम ने कहा कि मोहर्रम पर इस तरह का हुड़दंग व बेअदबी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसा करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी। शाही इमाम ने देशभर के मुस्लिम नेताओं व उलेमाओं से अपील की है कि जहां जहां मोहर्रम पर इस तरह की घटनाएं हुई वहां पर आयोजकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई जाए ताकि भविष्य में ऐसा न हो। शाही इमाम यहीं नहीं रूके उन्होंने कहा कि मुस्लिमों के लिए यह शर्म की बात है। शोक वाले दिन पर जश्न मनाया जा रहा है। शराब पी रहे हैं, सरे आम लाठियां डंडे व तलवारें लहरा रहे हैं। उन्होंने कहा कि गैर मुस्लिमों को क्या जवाब देंगे? शाही इमाम ने वीडियो जारी कर कही ये अहम बातें, जानिए... व्यवस्था और जिम्मेदारी से भाग नहीं सकते उलेमा: शाही इमाम ने देश के सभी तबकों के उलेमाओं को संबोधित करते हुए कहा कि मोहर्रम का दिन निकल चुका है और सबने अपने-अपने तरीके से शहीदों को याद किया। लेकिन अब मोहर्रम मनाने वालों पर किसी की निगरानी या कंट्रोल नहीं दिख रहा है। उन्होंने कहा, मैं मानता हूँ कि बहुत सी चीजें शरियत में लिखित रूप में नहीं होतीं। जैसे अगर कोई जलसा होता है, तो यह शरियत में नहीं लिखा कि गेट पर कौन खड़ा होगा या मेहमानों को कौन रिसीव करेगा—यह एक प्रशासनिक व्यवस्था होती है जो हमें खुद बनानी पड़ती है। उन्होंने सवाल उठाया कि उलेमा और जिम्मेदार लोग अपनी इस जिम्मेदारी से कैसे भाग सकते हैं? शराब के ठेकों पर भीड़ शर्मनाक: शाही इमाम ने लुधियाना की जमीनी हकीकत बयां करते हुए कहा कि मोहर्रम के मौके पर बहुत से लोग बेतरतीब तरीके से लाठी, डंडे और तलवारें लेकर सड़कों पर निकले। डीजे लगाकर गाने बजाए जा रहे थे, औरतें बेपर्दा गुजर रही थीं और सबसे ज्यादा शर्म की बात यह थी कि शराब के ठेकों पर ऐसे हुड़दंगियों की भीड़ लगी हुई थी। गैर-मुस्लिमों को क्या मुंह दिखाएंगे?: उन्होंने भावुक होकर कहा, आप अंदाजा लगाएं, जब गैर-मुस्लिम लोग हमसे पूछते हैं कि आज मोहर्रम का कौन सा दिन है, तो हम उन्हें क्या बताएं? क्या हम उन्हें यह बताएं कि आज हमारे धर्म में शहादत का दिन है, आज के दिन पैगंबर के बड़े घराने ने मानवता के लिए कुर्बानी दी थी? एक तरफ यह इज्जत और शालीनता का दिन है, और दूसरी तरफ सड़कों पर यह तमाशा हो रहा है! गलत काम करने वाले का हाथ पहले हम पकड़ेंगे: शाही इमाम ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए कहा कि हम मुसलमान हैं। अगर कोई मुसलमान गलत काम करेगा, तो उसका हाथ सबसे पहले हम ही पकड़ेंगे, कोई और नहीं पकड़ेगा। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने मोहर्रम के नाम पर पीपीणियां बजाईं, लाठियां भांजीं, नाचे-गाए और शराब पीकर मर्यादा तार-तार की, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। आयोजकों और हुड़दंगियों पर होगी FIR: उन्होंने देश भर के मुसलमानों से अपील की कि जिन भी कमेटियों या लोगों ने इन कार्यक्रमों के लिए सरकारी परमिशन ली थी, और वहां मर्यादा का उल्लंघन हुआ, उनके खिलाफ पुलिस को लिखित में शिकायत दें ताकि मुकदमा दर्ज हो सके। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, कान खोलकर सुन लें, अब ऐसी बेअदबी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकार के जरिए ऐसी गुंडागर्दी और बदमाशी करने वालों पर एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी। जो अहले-बैत को नहीं मानता, वह मुसलमान कैसा?: शाही इमाम ने अंत में धर्म की बुनियादी बात याद दिलाते हुए कहा कि जो इंसान अहले-बैत का सम्मान नहीं करता, जो कर्बला की शहादत और उसके संदेश को नहीं मानता, वह मुसलमान कैसे हो सकता है? मोहर्रम शोक का दिन है, इसमें जश्न मनाना पूरी तरह से इस्लामियत के खिलाफ है। शाही इमाम को क्यों आया गुस्सा दरअसल, पूरा विवाद लुधियाना के दाना मंडी में मोहर्रम के दिन आयोजित एक कार्यक्रम के बाद शुरू हुआ। इस कार्यक्रम का एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिस पर लोगों ने सवाल खड़े करने शुरू किए। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कुछ मुस्लिम युवा हाथों में डंडे और नंगी तलवारें लहरा रहे हैं। पृष्ठभूमि में लाउडस्पीकर पर 'मियां भाई' जैसे फिल्मी और रैप गाने बज रहे हैं, जिस पर यह युवक शोक मनाने के बजाय थिरक रहे हैं और हुल्लड़बाजी कर रहे हैं। इसके अलावा शहर के कई हिस्सों में पटाखे चलाने, गाड़ियों को बेतरतीब तरीके से दौड़ाने और जिस्म पर तेल डालकर अजीब हरकतें करने के मामले भी सामने आए। इस वीडियो के शाही इमाम के पास पहुंचने के बाद आम मुस्लिम समाज और शिया समुदाय ने भी इस पर कड़ा एतराज जताया है। पंजाब के शिया संप्रदाय से भी अपील की गई है कि अजादारी की एक अपनी तहजीब और मुकाम है, इस तरह का हुड़दंग अजादारी और इस्लाम दोनों का अपमान है।
हरियाणा के सीनियर आईएएस अधिकारी प्रदीप डागर आज सरकारी सेवा से रिटायर हो रहे हैं। हालांकि उनका रिटायरमेंट सामान्य नहीं है। डागर इस समय 661 करोड़ रुपये के IDFC फर्स्ट-AU स्मॉल फाइनेंस बैंक स्कैम की जांच में फरार बताए जा रहे हैं, गिरफ्तारी से बचने के लिए पंचकूला जिला अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर कर चुके हैं। इस याचिका पर 2 जुलाई को सुनवाई होनी है।डागर फिलहाल इसी मामले में सस्पेंड चल रहे हैं। ऐसे में यह हरियाणा के प्रशासनिक इतिहास का संभवतः पहला मामला होगा, जब किसी बड़े बैंक घोटाले में आरोपी और निलंबित आईएएस अधिकारी का कार्यकाल सेवा में रहते हुए नहीं, बल्कि जांच के बीच ही रिटायरमेंट के साथ समाप्त होगा। CBI जांच में आरोपी, गिरफ्तारी का खतरा661 करोड़ रुपये के बैंक घोटाले की जांच केंद्रीय एजेंसी CBI कर रही है। जांच के दौरान कई अधिकारियों और कर्मचारियों से पूछताछ की जा चुकी है। सूत्रों के अनुसार प्रदीप डागर को भी जांच में शामिल होने के लिए कहा गया था, लेकिन वे लंबे समय से जांच एजेंसी की पहुंच से बाहर बताए जा रहे हैं। इसी बीच उन्होंने गिरफ्तारी से राहत पाने के लिए अग्रिम जमानत का सहारा लिया है।सस्पेंशन में ही खत्म होगी सर्विसहरियाणा सरकार ने CBI जांच के बाद प्रदीप डागर को निलंबित किया था। सामान्यतः किसी आईएएस अधिकारी का रिटायरमेंट सम्मानजनक प्रशासनिक प्रक्रिया माना जाता है, लेकिन डागर का कार्यकाल निलंबन और आपराधिक जांच के बीच समाप्त हो रहा है। रिटायरमेंट के बाद भी उनके खिलाफ चल रही जांच और कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी। 2 जुलाई पर टिकी नजरअब पूरे मामले में अगला अहम पड़ाव 2 जुलाई है, जब पंचकूला जिला अदालत में प्रदीप डागर की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई होगी। यदि अदालत राहत नहीं देती है तो CBI की आगे की कार्रवाई तेज हो सकती है। जांच में हरियाणा सरकार के कई विभागों की वित्तीय लेन-देन और बैंक खातों की जांच की जा रही है।
गोंडा में मंगलवार सुबह स्ट्रीट लाइट में उतरे करंट की चपेट में आने से एक युवक की मौत हो गई, जबकि उसे बचाने के प्रयास में उसकी बहन गंभीर रूप से घायल हो गई। हादसा लाल बहादुर शास्त्री महाविद्यालय के सामने उस समय हुआ, जब दोनों हल्की बारिश से बचने के लिए स्ट्रीट लाइट के पास खड़े थे। मृतक की पहचान बहराइच जिले के हुजूरपुर थाना क्षेत्र के बगड़वा गांव निवासी 24 वर्षीय विमल पुत्र श्रीकांत के रूप में हुई है। वह अपनी 20 वर्षीय बहन प्राची को बीएड की अंतिम परीक्षा दिलाने के लिए गोंडा आया था। मंगलवार सुबह करीब 8:30 बजे दोनों लाल बहादुर शास्त्री महाविद्यालय पहुंचे थे। बारिश से बचने के दौरान हुआ हादसा महाविद्यालय के सामने बने मॉडल वेंडिंग जोन के पास नगर पालिका की एक स्ट्रीट लाइट में करंट उतर रहा था। हल्की बारिश के चलते विमल, प्राची और कुछ अन्य लोग उसी के पास खड़े होकर बारिश से बच रहे थे। इसी दौरान विमल करंट की चपेट में आ गया। भाई को बचाने के प्रयास में प्राची भी करंट की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गई। उसे तत्काल गोंडा मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। पुलिस कर रही जांच नगर कोतवाल बिंदेश्वरी मणि त्रिपाठी ने बताया कि करंट लगने से युवक की मौत हो गई है, जबकि उसकी बहन घायल है। परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
दैनिक भास्कर के भास्कर समाधान सेगमेंट पर उदयपुर शहर और आसपास के क्षेत्रों से लोगों ने अपनी रोजमर्रा की समस्याएं पोस्ट कर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया। कहीं गली में कचरे का ढेर लोगों के लिए परेशानी बना हुआ है तो कहीं नालियां जाम होने से कॉलोनी में जलभराव की स्थिति है। नए पानी कनेक्शन के बाद भी जलापूर्ति शुरू नहीं होने और रेलवे पुलिया के नीचे जलभराव की शिकायतें भी सामने आईं। वहीं मानाखेड़ा में गंदे पेयजल की समस्या का समाधान होने पर करीब 40 परिवारों को राहत मिली। इस समस्या के समाधान में PHED के अधिशाषी अभियंता रितेश कुमार मीणा ने अहम भूमिका निभाई। (आमजन से जुड़ी जनसमस्या और शहर की जमीनी हकीकत को पोस्ट करने के लिए यहां क्लिक करें।) गंदे पेयजल की समस्या का हुआ समाधान उदयपुर। मानाखेड़ा से विष्णु पटेल ने भास्कर समाधान पर शिकायत पोस्ट कर बताया था कि चारभुजा मंदिर के पास करीब 40 परिवारों को कई दिनों से गंदा पेयजल मिल रहा था। दूषित पानी आने से लोगों को रोजमर्रा के कामों में परेशानी हो रही थी और बीमारी फैलने की आशंका भी बनी हुई थी। शिकायत प्रकाशित होने के बाद संबंधित विभाग ने मामले का संज्ञान लेते हुए जलापूर्ति व्यवस्था की जांच की और समस्या का समाधान कराया। अब क्षेत्र में स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति शुरू हो गई है। समस्या के समाधान के बाद स्थानीय लोगों ने राहत जताई और भास्कर समाधान के माध्यम से हुई त्वरित कार्रवाई की सराहना की। आज के स्टार ऑफिसर: रितेश कुमार मीणा भास्कर समाधान के तहत आज के स्टार ऑफिसर PHED (जिला ग्रामीण खंड प्रथम) के अधिशाषी अभियंता रितेश कुमार मीणा रहे। मानाखेड़ा से विष्णु पटेल ने भास्कर समाधान पर शिकायत पोस्ट कर बताया था कि चारभुजा मंदिर के पास करीब 40 परिवारों को कई दिनों से गंदा पेयजल मिल रहा था। दूषित पानी के कारण लोगों को रोजमर्रा के कामों में परेशानी हो रही थी और बीमारी फैलने की आशंका बनी हुई थी। शिकायत सामने आने के बाद अधिशाषी अभियंता रितेश कुमार मीणा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उनके निर्देशन में जलापूर्ति व्यवस्था की जांच कर समस्या का समाधान कराया गया और क्षेत्र में स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की गई। गली में कचरे के ढेर से लोग परेशान वजीरपुर से शरीब ने भास्कर समाधान पर शिकायत पोस्ट कर बताया कि उनके क्षेत्र की गली में लंबे समय से कचरे का ढेर जमा रहता है। इससे आसपास गंदगी और बदबू फैल रही है, जिससे स्थानीय लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शिकायतकर्ता का कहना है कि कई बार संबंधित विभाग को शिकायत देने के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। क्षेत्रवासियों ने नियमित सफाई और कचरा उठाने की व्यवस्था करने की मांग की है। नाली जाम होने से कॉलोनी में जलभराव सेंट्रल एरिया से नरेश सिंह ने भास्कर समाधान पर शिकायत पोस्ट कर बताया कि उनकी पूरी कॉलोनी में नालियां जाम होने के कारण गंदा पानी जमा हो रहा है। पानी की निकासी की कोई व्यवस्था नहीं होने से सड़कों पर जलभराव बना रहता है और आसपास बदबू फैल रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ है। उन्होंने संबंधित विभाग से नालियों की सफाई कर जल निकासी की उचित व्यवस्था करने की मांग की है। नया पानी कनेक्शन लेने के बाद भी नहीं मिली जलापूर्ति देबारी से मनीष कुमार शर्मा ने भास्कर समाधान पर शिकायत पोस्ट कर बताया कि उन्होंने नया पानी कनेक्शन लिया था, लेकिन अब तक उनके घर में पानी की सप्लाई शुरू नहीं हुई है। इसके बावजूद पानी का बिल जारी कर दिया गया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि बिना जलापूर्ति के बिल आने से उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने संबंधित विभाग से जल्द पानी की सप्लाई शुरू करने और गलत बिल में सुधार करने की मांग की है। रेलवे पुलिया के नीचे जलभराव से आवागमन प्रभावित भैंसड़ा कलां से ऋषि तिलावत ने भास्कर समाधान पर शिकायत पोस्ट कर बताया कि भैंसड़ा कलां और भैंसड़ा खुर्द के बीच रेलवे पुलिया के नीचे हल्की बारिश होते ही पानी भर जाता है। जलभराव के कारण लोगों और वाहन चालकों को आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि समय पर पानी की निकासी नहीं होने से हर बारिश में यही स्थिति बन जाती है। उन्होंने संबंधित विभाग से पुलिया के नीचे जल निकासी की स्थायी व्यवस्था करने की मांग की है। आमजन की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। भास्कर एप से समस्याओं के समाधान की ये खबरें भी पढ़िए… 1.उदयपुर के अशोक नगर में सुधरी सीवर व्यवस्था:बेदला में 15 दिनों से ठप सफाई व्यवस्था बहाल, सत्यनारायण शर्मा बने 'स्टार ऑफिसर' 2.'भास्कर समाधान' का असर:कहीं चमकीं बंद लाइटें तो कहीं जनता के 'स्टार' बने विजय गारू, जनसमस्याओं पर प्रशासन ने लिया कड़ा एक्शन 3.उदयपुर में अधिकारियों की लापरवाही:मनवाखेड़ा में सुधारे बिना काट दी पाइपलाइन, तो नाकोड़ा नगर में खाली प्लॉट बने ‘डंपिंग यार्ड’ 4.उदयपुर में 'भास्कर समाधान' का असर:जनता की शिकायतों पर जागा प्रशासन; 11 दिन का अंधेरा दूर, कचरे और जाम से मुक्ति की गुहार 5.शोभागपुरा और मादड़ी मार्ग की खुली पोल:उदयपुर के मीरा नगर और हिरण मगरी में शिकायतों के बाद जागा विभाग, नाली दुरुस्त और गंदगी साफ 6.उदयपुर में बुनियादी सुविधाओं पर सवाल:पानी, सड़क, बिजली और स्ट्रीट लाइट की समस्याएं बनीं बड़ी चुनौती, एक क्लिक पर हो रहा समाधान 7.उदयपुर में प्रशासन से गुहार भी बेअसर:एयरपोर्ट रोड इलाके में सालों से अटका सड़क का काम, ड्रेनेज सिस्टम न होने से जनता परेशान 8.उदयपुर में 'भास्कर समाधान' का असर:कचरे और रोड लाइट की समस्या का हुआ समाधान, तो कहीं हाई-टेंशन तारों का खतरा अभी भी बरकरार 9.सुलझीं स्ट्रीट लाइट की गंभीर समस्याएं:उदयपुर में कई जगह बुनियादी सुविधाओं की कमी, खंडर क्वार्टर्स और खुले तारों से मंडराया बड़ा खतरा 10.उदयपुर में टूटी सड़कें, गंदे पानी की समस्या:पांच साल से अंधेरे में डूबी गली; वार्ड 44 के सुपरवाइजर कमल मूलचंद बने ‘पब्लिक के स्टार’
उन्नाव में भीषण गर्मी और उमस से जूझ रहे लोगों को मंगलवार सुबह मौसम ने राहत दी। सुबह से आसमान में बादल छा गए और तेज हवाओं के साथ जिले के कई इलाकों में झमाझम बारिश हुई। करीब नौ बजे शुरू हुई बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली। आसीवन, सफीपुर, गंजमुरादाबाद, बांगरमऊ, शुक्लागंज और उन्नाव शहर समेत जिले के कई हिस्सों में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों को मौसम बदलने के बाद काफी राहत मिली। हालांकि, कुछ स्थानों पर बारिश के कारण जलभराव और कीचड़ की समस्या भी देखने को मिली। तापमान में आई गिरावट मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार को जिले का अधिकतम तापमान करीब 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तापमान में कमी आने से गर्मी और उमस का असर कम हो गया और मौसम सुहावना हो गया। किसानों के लिए राहत लेकर आई बारिश लगातार गर्मी के कारण खेतों की नमी कम हो रही थी और किसान बारिश का इंतजार कर रहे थे। मंगलवार की बारिश को किसानों ने खरीफ फसलों के लिए लाभकारी बताया। उनका कहना है कि इससे खेतों में पर्याप्त नमी आएगी और धान की नर्सरी समेत अन्य फसलों की तैयारी में मदद मिलेगी। किसान रामलाल और हरिप्रसाद ने बताया कि लंबे समय से बारिश नहीं होने के कारण सिंचाई पर अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा था। अब बारिश से खेतों को फायदा मिलेगा और फसलों की बढ़वार बेहतर होने की उम्मीद है। ठंडी हवाओं से लोगों को मिली राहत बारिश के बाद चली ठंडी हवाओं से शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में मौसम पूरी तरह बदल गया। सुबह तक जहां लोग तेज धूप और उमस से परेशान थे, वहीं बारिश के बाद बच्चों, बुजुर्गों और कामकाजी लोगों को गर्मी से राहत मिली।
रायपुर नगर निगम में प्रॉपर्टी टैक्स जमा करने पर मिलने वाली छूट का आज (30 जून) आखिरी दिन है। निगम ने करदाताओं से अपील की है कि वे आज ही संपत्तिकर जमा कर अधिकतम 6.25 प्रतिशत की छूट का लाभ उठाएं। छूट की अंतिम तारीख से एक दिन पहले सोमवार (29 जून) को नगर निगम ने विशेष अभियान चलाकर 1070 संपत्तियों से 1 करोड़ 55 लाख 63 हजार 119 रुपए का राजस्व वसूला। निगम आयुक्त संबित मिश्रा के निर्देश पर सभी जोनों में राजस्व वसूली अभियान चलाया गया। व्यावसायिक संपत्तियों की होगी जांच नगर निगम ने सभी जोनों को व्यावसायिक संपत्तियों की जांच कर सही टैक्स निर्धारण करने के निर्देश भी दिए हैं, ताकि राजस्व संग्रह बढ़ाया जा सके। जानिए किस जोन में हुई कितनी वसूली जोन-3: 90 संपत्तियों से 10.98 लाख रुपए जोन-4: 90 संपत्तियों से 20.85 लाख रुपए जोन-5: 119 संपत्तियों से 15.03 लाख रुपए जोन-7: 64 संपत्तियों से 11.01 लाख रुपए जोन-8: 120 संपत्तियों से 18.96 लाख रुपए जोन-9: 196 संपत्तियों से 20.55 लाख रुपए जोन-10: 136 संपत्तियों से 12.06 लाख रुपए इसके अलावा अन्य जोनों में भी राजस्व वसूली अभियान जारी रहा। आज तक मिलेगा छूट का लाभ नगर निगम के मुताबिक वित्त वर्ष 2025-26 के देय संपत्तिकर की पूरी राशि 30 जून तक जमा करने वाले करदाताओं को अधिकतम 6.25 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। निगम ने करदाताओं से समय सीमा समाप्त होने से पहले टैक्स जमा करने की अपील की है।
हरदा जिले के सिविल लाइन थाना क्षेत्र के ग्राम नहाडिया में सोमवार शाम को एक 16 वर्षीय युवक ने आत्महत्या कर ली। युवक ने फांसी लगाकर अपनी जान दी। मंगलवार सुबह जिला अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान खंडवा जिले के खालवा थाना क्षेत्र के ग्राम खातेगांव निवासी शेरसिंह पिता कालिया कोरकू (16) के रूप में हुई है। शेरसिंह पिछले तीन महीनों से ग्राम नहाडिया में मजदूरी कर रहा था। उसकी सगाई इसी गांव में हुई थी और अगले साल उसकी शादी होनी थी। कमरे का दरवाजा बंद कर सुसाइडमृतक के बड़े भाई श्रीराम कोरकू ने बताया कि शेरसिंह दो भाइयों में छोटा था। उनके माता-पिता का निधन कई साल पहले हो गया था, जिसके बाद श्रीराम ने ही अपने छोटे भाई का पालन-पोषण किया था। मृतक शेरसिंह की होने वाली पत्नी की बड़ी बहन आशा ने घटना का विवरण दिया। उन्होंने बताया कि सोमवार शाम को वे तीनों बहनें और शेरसिंह खेत में बनी टपरी के बाहर बैठे थे। अचानक शेरसिंह उठा और कमरे के अंदर चला गया, फिर दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। अस्पताल पहुंचने से पहले दम तोड़ापरिजनों ने उसे कई बार आवाज लगाई, लेकिन उसने दरवाजा नहीं खोला। इसके बाद उसकी होने वाली पत्नी खिड़की से कूदकर अंदर गई, जहां उसने शेरसिंह को फांसी के फंदे पर लटका पाया। तुरंत पुलिस को सूचना दी गई और उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस के अनुसार, युवक की मौत के सही कारणों का पता जांच के बाद ही चल सकेगा। फिलहाल, मामले की जांच जारी है।
पीतलनगरी बस अड्डे पर हर रात करीब 35 अनुबंधित बसें खड़ी की जा रही हैं। इससे रोडवेज की बसों के लिए पार्किंग की जगह कम पड़ रही है। नतीजतन चालकों, परिचालकों और यात्रियों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। परिवहन निगम के नियमों के अनुसार, अनुबंधित बसों को केवल तय रूट पर चलाने की अनुमति होती है। इन्हें रात में बस अड्डे के परिसर में खड़ा नहीं किया जा सकता। इसके बावजूद हर रात बड़ी संख्या में अनुबंधित बसें पीतलनगरी बस अड्डे में खड़ी कर दी जाती हैं। रोडवेज बसों को नहीं मिलती जगह रात में जब अलग-अलग डिपो और लंबी दूरी की रोडवेज बसें बस अड्डे पर पहुंचती हैं, तो उन्हें पार्किंग के लिए पर्याप्त जगह नहीं मिलती। ऐसे में बसों को इधर-उधर खड़ा करना पड़ता है, जिससे बसों के संचालन में भी दिक्कत आती है। यात्रियों को भी होती है परेशानी बसों के अव्यवस्थित तरीके से खड़े होने के कारण यात्रियों को अपनी बस तक पहुंचने और उतरने में भी परेशानी होती है। कई बार बसों के बीच से निकलना मुश्किल हो जाता है। कर्मचारियों ने की कार्रवाई की मांग रोडवेज कर्मचारियों का कहना है कि बस अड्डे की पार्किंग क्षमता पहले से ही सीमित है। ऐसे में अनुबंधित बसों का रात में परिसर में खड़ा होना नियमों के खिलाफ है। कर्मचारियों ने प्रशासन से नियमों का सख्ती से पालन कराने और अनुबंधित बसों के लिए अलग पार्किंग की व्यवस्था करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो बस संचालन और अधिक प्रभावित हो सकता है।
सीकर। भास्कर समाधान पर शहर के अलग-अलग इलाकों से नागरिकों ने बिजली, सड़क और पेयजल से जुड़ी समस्याएं उठाईं। एक ओर गांधी नगर में झुकी स्ट्रीट लाइट की शिकायत का समाधान होने से लोगों को राहत मिली, वहीं लो वोल्टेज, दूषित पेयजल, खराब स्ट्रीट लाइट और ट्रांसफार्मर के आसपास फैली गंदगी जैसी समस्याएं अब भी लोगों की चिंता बनी हुई हैं। (आमजन से जुड़ी जनसमस्या और शहर की जमीनी हकीकत को पोस्ट करने के लिए यहां क्लिक करें।) झुकी स्ट्रीट लाइट हुई ठीक, लोगों को मिली राहत गांधी नगर निवासी सुमन ने भास्कर समाधान पर शिकायत पोस्ट कर बताया था कि ग्रीन वैली स्कूल चौराहे पर लगी स्ट्रीट लाइट एक तरफ झुक गई थी। इससे आसपास के क्षेत्र में पर्याप्त रोशनी नहीं पहुंच रही थी और रात के समय लोगों को परेशानी होती थी। शिकायत के बाद संबंधित विभाग ने स्ट्रीट लाइट को ठीक कर दिया। अब चौराहे पर पर्याप्त रोशनी हो रही है और लोगों ने राहत जताई है। आज के स्टार ऑफिसर: एईएन विकास भास्कर समाधान के तहत आज के स्टार ऑफिसर नगर परिषद के एईएन विकास रहे। न्यू हाउसिंग बोर्ड सेक्टर-10 से संजय बारी ने अनमोल रेजीडेंसी से हाउसिंग बोर्ड कार्यालय तक जर्जर सड़क और नालियां नहीं होने की शिकायत पोस्ट की थी। शिकायत के बाद एईएन विकास ने कार्रवाई कर सड़क संबंधी समस्या का समाधान कराया, जिससे क्षेत्रवासियों को राहत मिली। लो वोल्टेज से नहीं चल रहे उपकरण एसएमटी दुर्गा हटवाल मार्ग से मोहम्मद सद्दाम हुसैन ने बताया कि कई दिनों से क्षेत्र में लो वोल्टेज की समस्या बनी हुई है। कम वोल्टेज के कारण पंखे, कूलर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ठीक से काम नहीं कर रहे हैं। रात के समय परेशानी और बढ़ जाती है। लोगों ने डिस्कॉम से जल्द समाधान की मांग की है। ट्रांसफार्मर के पास गंदगी से हादसे का खतरा देवगढ़ रोड, रामू का बास निवासी सूरजभान ने शिकायत पोस्ट कर बताया कि ट्रांसफार्मर के आसपास कचरा, झाड़ियां और पेड़ उग आए हैं। बारिश के मौसम में इससे करंट फैलने और हादसे की आशंका बनी रहती है। स्थानीय लोगों ने जल्द सफाई कराने और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। तीन महीने से दूषित पानी की सप्लाई न्यू जनता कॉलोनी रोड, मोती की ढाणी से रफीक खिलजी ने शिकायत पोस्ट कर बताया कि वार्ड-55 में अली मस्जिद के पास पिछले तीन महीनों से पेयजल लाइन में सीवर का पानी मिल रहा है। दूषित पानी आने से लोगों को परेशानी हो रही है, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है। खराब स्ट्रीट लाइट से अंधेरे में गुजरने को मजबूर लोग फतेहपुर रोड से आशीष शर्मा ने शिकायत पोस्ट कर बताया कि उनके क्षेत्र की स्ट्रीट लाइट लंबे समय से खराब पड़ी है। रात में अंधेरा रहने से महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को आने-जाने में परेशानी होती है। लोगों ने संबंधित विभाग से जल्द स्ट्रीट लाइट ठीक कराने की मांग की है। आमजन की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। शहर में बदलाव का सकारात्मक प्रयास इस सेगमेंट को शुरू करने के पीछे भास्कर एप की सोच है कि आमजन और अधिकारियों के बीच सेतु का काम कर सकें। शहर के हर इलाके से आमजन की समस्याएं अधिकारियों तक पहुंचे, ये संभव नहीं है। ऐसे में दैनिक भास्कर एप के जरिए हर व्यक्ति अपनी छोटी-बड़ी समस्याएं पोस्ट कर सकता है। यदि सरकार और अधिकारी इसे सकारात्मक लेकर समाधान के लिए काम करेंगे तो शहर में बदलाव लाया जा सकता है। ये खबरें भी पढ़िए… 1.'भास्कर समाधान' का बड़ा असर:कहीं बरसों पुराना जानलेवा गड्ढा हुआ दुरुस्त, तो कहीं दूर हुई लो-वोल्टेज की समस्या 2.सीकर में 'भास्कर समाधान' का असर:AEN नीरज कुमारी ने दूर की पानी की किल्लत, सीवर और कचरे से जूझ रहे शहर को मिली राहत 3.सीकर में खुली समस्याओं की पोल:एक तरफ ट्रांसफॉर्मर का खौफ, तो दूसरी तरफ लाइट चालू और सड़क निर्माण के साथ एक्शन में आया प्रशासन 4.सीकर में 'भास्कर समाधान' का असर:सीवर लाइन दुरुस्त होने से राहत, कचरे से अटी नाली साफ, नगर परिषद AEN अमित स्वामी बने ‘स्टार ऑफिसर’ 5.JEN हरिराम बने आज 'स्टार ऑफिसर':एक ही दिन में पानी की 3 समस्याओं का किया समाधान, ‘भास्कर समाधान’ बना प्रशासन और जनता के बीच का ब्रिज 6.सीकर में कहीं टूटी नई सड़क तो कहीं जलभराव:क्षेत्र में अंधेरे से लोग परेशान, कई समस्याओं का हुआ समाधान, नगर परिषद AEN सुरेंद्र गोदारा बने ‘स्टार ऑफिसर’ 7.रोशनगंज मोहल्ले में जर्जर मकान से खतरा:वैष्णव कॉलोनी में गंदी पड़ी नालियां; न्यू इंदिरा कॉलोनी में हुआ समाधान 8.बारिश से पहले नालियों की सफाई की मांग तेज:टूटी सड़कें, गड्ढे और खराब स्ट्रीट लाइट बनी परेशानी, सीकर शहर की अलग-अलग कॉलोनियों से उठी समस्याएं 9.सीकर में भास्कर समाधान का असर, शिकायतों पर लिया एक्शन:उठीं सड़क, नाली और स्ट्रीट लाइट की समस्याएं; अमित शर्मा बने आज के ‘स्टार ऑफिसर’ 10.भास्कर समाधान: बिजली की समस्या का हुआ समाधान:सड़क, सीवरेज और जलभराव की समस्याओं से लोग परेशान, कई समाधानों का अब भी इंतजार
कोटा में स्थानीय नागरिकों की समस्याओं को प्रशासन तक पहुंचाने और उनका तुरंत निस्तारण करने के संकल्प के साथ 'भास्कर समाधान' लगातार जनता की आवाज बना हुआ है। इसी कड़ी में शहर के दो प्रमुख इलाकों से राहत की खबर आई हैं। बोहरा कॉलोनी, रामपुरा से में सालों से खाली प्लॉट में कचरा डालने की समस्या थी जो आखिरकार दूर हो गई। वहीं महावीर नगर हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में लंबे समय चोक नालियों की समस्या का भी वार्ड 55 के जमादार राहुल पंवार ने समाधान करवा दिया है, जिसके लिए उन्हें 'पब्लिक का स्टार' भी चुना गया है। हालांकि, शहर के कई अन्य इलाके अब भी बदहाली और प्रशासनिक अनदेखी लोग झेल रहे हैं। गोरधनपुरा में लोग मंदिर के पास ही कचरा डाल रहे हैं, तो बजरंग नगर में बने नाले में मगरमच्छ और सांप जैसे जीवों के रिहायशी इलाके में आने की समस्या ने बच्चों के खेललने कूदने पर पाबंदी लगा दी है। कमोबेश ऐसा ही हाल गोवर्धनपुरा गांव में नालियों के ओवरफ्लो होने से परेशान गांव वालों का है तो लैंडमार्क सिटी रोड पर जगह–जगह उभर आए गड्ढे रोज हादसों को न्यौता दे रहे हैं। स्थानीय निवासियों ने इन गंभीर समस्याओं पर भी तुरंत सख्त कदम उठाने की मांग की है। प्लॉट का कचरा हुआ साफ कोटा की बोहरा कॉलोनी, कैथूनीपोल, रामपुरा से देव ने कचरा न उठाने की समस्या पोस्ट की थी। उन्होंने लिखा था कि साईं बाबा मंदिर के सामने एक खाली भूखंड में आसपास लोग कचरा डालते हैं। लेकिन निगम नियमित कचरा नहीं उठा रहा है। इस पर एक्शन लेते हुए हैल्थ इंस्पेक्टर जोधराज झांझोट ने सफाई करवा दी है। राहुल पंवार बने ‘पब्लिक के स्टार’ कोट के महावीर नगर हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी से रश्मि शुक्ला ने नालियों की साफ–सफाई न होने की समस्या पोस्ट की थी। उन्होंने बताया था कि सफाईकर्मी एरिया की नालियां साफ नहीं कर रहे जिससे सभी चोक पड़ी हैं। इस पर कार्रवाई करते हुए वार्ड 55 के जमादार राहुल पंवार नालियों की सफाई करवा समस्या का समाधान कर दिया। समस्याएं पोस्ट कर यूजर विभागों को जमीनी हकीकत बता रहे हैं और अधिकारी अपनी टीम से उसका समाधान भी करवा रहे हैं। आप भी अपने क्षेत्र, वार्ड, सेक्टर या गांव की समस्या हमें पोस्ट कर सकते हैं। भास्कर एप पर अपनी समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक कीजिए… अब उन समस्याओं पर एक नजर जिनके समाधान होना अभी बाकी हैं… गणेश मंदिर के पास ही डालते कचरा कोटा के गोरधनपुरा से लोकेश प्रजापति ने दैनिक भास्कर एप के 'भास्कर समाधान' पर कचरा खुले में डालने की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने लिखा कि छबनी मेन रोड, रामचंद्रपुरा में गणेश मंदिर के पास एक खंडहर भवन है। लोग इसमें कचरा डाल रहे हैं। कचरे की गाड़ी भी यहीं खड़ी होती है जिससे मंदिर आने–जाने वालों को असुविधा होती है। खाली प्लॉट से सटे नाले से खतरा कोटा से संदीप ओझा ने बजरंग नगर से समस्या पोस्ट की है। उन्होंने बताया कि कॉलोनी में एक खाली प्लॉट के पास नाला भरा हुआ है। मगरमच्छ, सांप जैसे खतरनाक जीव यहां आ जाते हैं। रेजिडेंशियल कॉलोनी में रह रहे बच्चों को इससे खतरा है। आए दिन ये जीव जंतु घरों में घुस आते हैं। प्लॉट मालिक भी यहां कभी नहीं आता है। ओवरफ्लो नालियों की परेशानी गोवर्धनपुरा गांव से शिवम सुमन नाम के छात्र ने कलेक्टर और जिले के जनप्रतिनिधियों से अपने गांव की समस्या के समाधान की अपील की है। भास्कर समाधान पर सुमन ने लिखा कि उनके गांव में नालियों की समस्या बहुत ज्यादा है। वार्ड 1 में आने के बवजूद सहां बीते 10–12 सालों से नालियां ही नहीं बनी हैं। कच्ची नालियों का पानी गलियों में जमा होता है। सड़क के गड्ढों से हादसों का खतरा रामानुज मेंशन रोड, कुनरी से हमीद ने सड़क की फोटो शेयर की हैं। उन्होंने बताया कि पूरी लैंडमार्क सिटी में रोड की हालत बहुत खराब है। जगह जगह गड्ढे और सड़क टू्रअकर रोड़ी गिट्टी बिखरी हुई है। दो पहिया वाहन चालक इस पर स्लिप हो रहे हैं। पब्लिक की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। ‘भास्कर समाधान’ की ये खबरें भी पढ़िए… 1.‘भास्कर समाधान’: पोस्ट होते ही मिल रहा हल:सफाई, पानी और सड़क हैं पब्लिक की सबसे बड़ी समस्या, खुले नाले से संक्रमण का डर 2.‘भास्कर समाधान’: समस्या पोस्ट होते ही मिल रहा हल:कॉलोनी में जल भराव से आना-जाना मुश्किल, पार्क में हरे पेड़ों को सीमेंट से कवर किया 3.जयपुर में 'भास्कर समाधान' से चमकी स्ट्रीट लाइटें:जनता की आवाज का असर; नगर निगम उपायुक्त मनीषा यादव बनीं ‘स्टार ऑफिसर’ 4.जयपुर में पहली बारिश ने खोली प्रशासन की पोल:खाली प्लॉटों में आवारा पशुओं का डेरा; XEN रूपाराम बने आज ‘स्टार ऑफिसर’
संभल में बारिश के बाद मौसम बदला, 37 डिग्री पारा:6 डिग्री पारा गिरा, ठंडी हवाएं चलीं, AQI 93 दर्ज
संभल में मध्यरात्रि और सुबह हुई बारिश के बाद मौसम में बड़ा बदलाव आया है। मंगलवार को तापमान में 6 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। सुबह से ही बादल छाए रहे और 12 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ठंडी हवाएं चलीं, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली। सुबह का तापमान 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि दोपहर में अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है। सोमवार को दोपहर में तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, जबकि अधिकतम 39 डिग्री रहने का अनुमान था। सुबह 9 बजे पूरे जनपद संभल का तापमान 32 डिग्री सेल्सियस रहा। रात में तापमान 2 डिग्री गिरकर 35 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। गंगा किनारे की तहसील गुन्नौर के ब्लॉक जुनावई और नगर पंचायत बबराला में रात में अच्छी बारिश हुई। इस बारिश से धान की बुवाई कर रहे किसानों को लाभ हुआ है, वहीं खेतों में टूटी पड़ी मक्का की फसल को नुकसान पहुंचा है। शहर में भी सुबह हल्की बूंदाबांदी हुई। इस बार नौतपा का असर दिखाई नहीं दिया और उमस भरी गर्मी से लोग परेशान रहे, जिससे मानसून में भी देरी हुई है। इतिहास में यह दूसरी बार है जब जून का महीना सूखा गुजरा है। अप्रैल में अधिकतम तापमान 47 डिग्री और मई में 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा था। जून महीने की शुरुआत 33 डिग्री सेल्सियस के साथ हुई थी और अंतिम दिन 35 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया है। इस महीने में कुल 28 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। स्थानीय निवासी सुनील कुमार ने बताया कि रात से ही मौसम सुहावना है। उन्होंने कहा कि संभल शहर में सुबह दो-चार बूंदाबांदी हुई थी, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में रात में अच्छी बारिश होने की खबर मिली है, जिससे पूरे शहर का मौसम भी बदला है।
जोधपुर में पेयजल से जुड़ी समस्या, अवैध कनेक्शंस और बेवक्त की सप्लाई लोगों के जी का जंजाल बन गई है। वहीं सीवरेज के ओवरपु्लो पानी की वजह से बीच सड़क दो फुट गहरा और करीब पांच फुट लंबा गड्ढा हो गया है। जोधपुर शहर के विभिन्न वार्डों में रह रहे लोगों गर्मी में इन दिनों ऐसी ही परेशानियों से जूझ रहे हैं। इन बुनियादी जरूरतों के समाधान की उम्मीद में जोधपुर से यूजर ‘भास्कर समाधान’ पर फोटो-वीडियो के साथ अपनी समस्या पोस्ट कर रहे हैं। पोस्ट से जिम्मेदारों तक विकास की जमीनी हकीकत भी पहुंच रही है। कई मामलों में अधिकारियों ने पहल करते हुए समाधान भी करवाए हैं। जोधपुर से आईं कुछ ऐसी ही समस्याओं और उनके समाधानों पर एक नजर… एक सप्ताह से हवा में झूल रहा खतरा जोधपुर के भवानी सिंह ने 'भास्कर समाधान' पर समस्या पोस्ट की है। उन्होंने बताया कि न्यू हाईकोर्ट के सामने मैरियट होटल की ओर जाने वाली रोड पर होर्डिंग से लोहे की शीट एक सप्ताह से लटकी हुई है। आंधी–तूफान में यह किसी भी बाइक सवार या पैदल राहगीर को घायल कर सकती है। अवैध कनेक्शन, पानी का प्रेशर कम जोधपुर से 'भास्कर समाधान' पर प्रताप नगर रोड की एकलव्य भील बस्ती से योगेश गुप्ता ने पानी की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में पेयजल संकट से लोग परेशान हैं। पाइपलाइन में अवैध कनेक्शन से कॉलोनी के करीब 50 घरों में पानी की आपूर्ति बाधित हो रही है। प्रेशर कम है और मोटर से भी पानी नहीं आता है। सीवरेज के पानी से बना सड़क पर गड्ढा आकाशदीप ने मीरा नगर से पोस्ट कर बताया कि जोधपुर बाईपास, शताब्दी सर्किल पर सीवरेज लाइन फूटने से सारा पानी बहकर सड़क पर आ गया। पानी का बहाव इतनी तेज था कि कुछ ही दिनों में सड़क पर दो फुट के करीब गहरा और पांच फुट के करीब चौड़ा गड्ढा बन गया। अंधेरे में इसमें आए दिन वाहन चालक गिरकर चोटिल हो रहे हैं। रात को दो बजे पानी भरने को मजबूर कमला नेहरु नगर की शिव कॉलोनी से दिनेश प्रजापत ने बेवक्त की पानी सप्लाई का मुद्दा उठाया है। उन्होंने बताया कि कॉलोनी में पानी कभी दिन में देते हैं तो कभी रात में। अभी रात को दो बजे पानी भर रहे हैं। पानी आने का जो टाइम है उस समय पानी ही नहीं आता। दिनभर काम कर के रात को नींद खराब कर के पानी भर रहेहैं। शिकायत का भी समाधान नहीं हो रहा है। अक्सर पूरा पानी भी नहीं मिलता है। आइए अब एक नजर उन समाधानों पर भी डालें, जो विभागीय अधिकारियों ने करवाए हैं.. पोस्ट के बाद सुधरी सीवर लाइन जोधपुर से रघुवीर तत्ववेदी ने गणपति नगर से समस्या पोस्ट की थी। उन्होंने बताया कि उनके क्षेत्र की सीवरेज लाइन हर दूसरे दिन जाम हो जाती है। इससे लोगों को बहुत परेशानी हो रही है। हौदी और सीवरेज लाइन के बीच 100 फीट की दूरी थी। निगम ने इसे ठीक करवाकर समाधान कर दिया है। राकेश विश्नोई बने ‘पब्लिक के स्टार’ जोधपुर से हनवंत सिंह ने माता का थान से समस्या पोस्ट कर बताया कि बीते एक साल से उनके एरिया में दिन और रात में 10 से 15 बार बिजली कटौती हो रही है। पावर कट के बाद सप्लाई भी बहुत देर में आती है। इस समस्या का समाधान करते हुए एफआरटी टीम के सुपरवाइजर राकेश बिश्नोई ने फॉल्ट सुधरवाकर समाधन करवा दिया है। समस्याएं पोस्ट कर यूजर विभागों को जमीनी हकीकत बता रहे हैं और अधिकारी अपनी टीम से उसका समाधान भी करवा रहे हैं। आप भी अपने क्षेत्र, वार्ड, सेक्टर या गांव की समस्या हमें पोस्ट कर सकते हैं। भास्कर एप पर अपनी समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक कीजिए… पब्लिक की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। 'भास्कर समाधान' से जुड़ीं ये खबरें भी पढ़िए… 1.‘भास्कर समाधान’: अधिकारियों तक सीधे पहुंच रही समस्या:नलों से आ रहा बदबूदार पानी, सीवर ओवरफ्लो, आश्रम क्षेत्र में बच्चों को काट रहे बेसहारा कुत्ते 2.भास्कर समाधान का असर; बेसहारा पशुओं की समस्या का निस्तारण:हाईटेंशन लाइन और पानी लीकेज से लोग परेशान, देवेन्द्र सिंह बने आज के 'स्टार ऑफिसर' 3.‘भास्कर समाधान’: अधिकारी खुद करवा रहे सॉल्यूशन:दरगाह बाजार में नहीं सुधर रही सफाई व्यवस्था, 6 महीने से खराब हैंडपंप 4.कब होगी पानी की सप्लाई, मोबाइल पर मिलेगा अपडेट:‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट में समस्या सामने आने के बाद SE ने दिए निर्देश 5.अजमेर में 'भास्कर समाधान' पर उठी आवाज:पानी, सफाई और जलभराव की समस्याओं से जूझ रहे लोग, कई शिकायतों के बाद मिली राहत 6.‘भास्कर समाधान’, अधिकारी खुद सुलझा रहे समस्या:10 दिन से स्ट्रीट लाइट बंद, नालियां जाम, घर के आगे ठेले खडे़ कर रहे सफाई कर्मचारी, सड़क बनने का इंतजार 7.‘भास्कर समाधान’, सरकारी विभाग आए एक्शन में:अधिकारी खुद कर रहे मॉनिटरिंग, 4 महीने से स्ट्रीट लाइट खराब, सफाई नहीं हो रही, पुलिया के नीचे सड़क जर्जर
शेयर बाजार और IPO में मोटा मुनाफा कमाने का सपना दिखाकर साइबर ठगों ने चित्तौड़गढ़ जिले के शंभूपुरा थाना क्षेत्र के सावा गांव के 57 वर्षीय व्यक्ति से 13.50 लाख रुपए की ठगी कर ली। ठगों ने पहले उन्हें एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़कर निवेश के लिए तैयार किया। फिर फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर लगातार बढ़ता हुआ मुनाफा दिखाकर अलग-अलग चरणों में लाखों रुपए जमा करवाते रहे। जब पीड़ित ने अपनी रकम निकालनी चाही तो हर बार नए बहाने बनाकर और पैसे मांगने लगे। आखिर में जब करोड़ों का मुनाफा सिर्फ स्क्रीन पर दिखता रहा और एक भी बड़ी रकम वापस नहीं मिली तो उन्हें अपने साथ साइबर ठगी होने का पता चला। व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़कर बनाया भरोसा पीड़ित रमेशचंद्र सुखवाल ने पुलिस को बताया कि अप्रैल 2026 में मोबाइल पर व्हाट्सएप देखते समय उनकी नजर एक निवेश से जुड़े ग्रुप पर पड़ी। उन्हें यह भी नहीं पता कि उस ग्रुप में उन्हें कब और किसने जोड़ा था। ग्रुप में खुद को शेयर बाजार का विशेषज्ञ बताने वाले लोग भारतीय और अमेरिकी शेयर बाजार के साथ IPO में निवेश कर कुछ ही महीनों में 30 से 50 प्रतिशत या उससे अधिक मुनाफा कमाने के दावे कर रहे थे। ग्रुप में लगातार ऐसे संदेश और स्क्रीनशॉट भेजे जाते थे, जिनमें कई लोगों को अच्छा लाभ मिलने का दावा किया जाता था। इसके बाद एक लिंक भेजकर ऑनलाइन डिमैट अकाउंट खुलवाया गया और निवेश शुरू करने के लिए कहा गया। पहले 4.50 लाख, फिर 3.50 लाख और बाद में 5.50 लाख जमा करवाए रमेशचंद्र ने सबसे पहले 27 अप्रैल को अलग-अलग किस्तों में 1.50 लाख, 1 लाख और 1 लाख रुपए, यानी कुल 4.50 लाख रुपए जमा किए। कुछ ही समय बाद उनके खाते में करीब 5.25 लाख रुपए का मुनाफा दिखाया जाने लगा। इसके बाद ठगों ने एक नए IPO में निवेश का झांसा देकर 30 अप्रैल को 1-1 लाख रुपए की तीन किस्तों और 50 हजार रुपए, यानी कुल 3.50 लाख रुपए और जमा करवा लिए। प्लेटफॉर्म पर उनका बैलेंस बढ़कर करीब 9 लाख रुपए दिखने लगा। इसके बाद फिर नए IPO का हवाला देकर 1 मई को 1 लाख रुपए और 4 मई को 1.50 लाख रुपए जमा कराए गए। बाद में एक और IPO में निवेश के नाम पर 18 मई और 20 मई को 2-2 लाख रुपए जमा करवा लिए गए। इस तरह ठगों ने अलग-अलग चरणों में कुल 13.50 लाख रुपए अपने खातों में जमा करवा लिए। निकासी के समय शुरू हुआ बहानों का सिलसिला जब पीड़ित ने पहली बार अपने खाते से 1 लाख रुपए निकालने की कोशिश की तो प्लेटफॉर्म पर तकनीकी त्रुटि बताकर निकासी रोक दी गई। कंपनी की ओर से कहा गया कि उनका ट्रेड अभी पूरा नहीं हुआ है, इसलिए पैसा नहीं निकल सकता। बाद में भरोसा बनाए रखने के लिए केवल करीब 10 हजार रुपए की निकासी कराई गई। इसके बाद फिर उन्हें बड़े मुनाफे का लालच देकर निवेश बढ़ाने के लिए कहा जाता रहा। हर बार दावा किया जाता था कि अगला IPO पहले से ज्यादा फायदा देगा और अभी पैसा निकालना नुकसान का सौदा होगा। 1.10 करोड़ का मुनाफा दिखाया, फिर 35 लाख और मांगे बाद में कंपनी ने पीड़ित के डिमैट खाते में हजारों शेयर दिखाए, लेकिन बड़ी संख्या में शेयर लॉक कर दिए। कहा गया कि इन शेयरों को अनलॉक करने और पूरा मुनाफा लेने के लिए पहले करीब 35 लाख रुपए और जमा कराने होंगे। कंपनी के प्लेटफॉर्म पर आखिरी समय तक करीब 1.10 करोड़ रुपए का मुनाफा दिखाई देता रहा, लेकिन वास्तविक रकम निकालने का कोई रास्ता नहीं था। लगातार नई-नई शर्तें और अतिरिक्त पैसे मांगने पर पीड़ित को शक हुआ। उन्होंने ऑनलाइन जानकारी जुटाई तो पता चला कि यह पूरा निवेश प्लेटफॉर्म फर्जी है। इसके बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस अब साइबर ठगी के इस पूरे मामले की जांच कर रही है।
चित्रकूट में मानसून की पहली बारिश:देर रात झमाझम, 42 डिग्री की गर्मी से मिली राहत
चित्रकूट जिले में आखिरकार मानसून ने दस्तक दे दी है। सोमवार देर रात करीब 12 बजे शुरू हुई झमाझम बारिश ने भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों को बड़ी राहत पहुंचाई। पिछले कई दिनों से जिले का अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ था, जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा था। बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई। बारिश शुरू होते ही लोगों ने राहत की सांस ली। कई दिनों से उमस भरी गर्मी के कारण घरों में भी रहना मुश्किल हो गया था। देर रात हुई बारिश से वातावरण ठंडा हो गया और सुबह मौसम सुहावना रहा। खेतों में पानी पहुंचने से किसानों के चेहरे भी खिल उठे। खरीफ फसलों की तैयारी कर रहे किसानों ने कहा कि समय पर हुई यह बारिश खेती के लिए काफी लाभदायक साबित होगी। बारिश के चलते शहर की सड़कों पर कुछ स्थानों पर जलभराव भी देखा गया। हालांकि, तेज बारिश के बावजूद किसी बड़े नुकसान की कोई सूचना नहीं है। सुबह से ही बादलों की आवाजाही बनी रही, जिससे दिनभर मौसम खुशनुमा बना रहा। इस बीच, मौसम विभाग ने आगामी घंटों के लिए सतर्क रहने की सलाह जारी की है। सुचेता ऐप के माध्यम से जारी अलर्ट में बताया गया है कि चित्रकूट, बांदा, हमीरपुर, कौशांबी और महोबा सहित आसपास के जिलों में अगले तीन घंटे के भीतर तेज बारिश के साथ गरज-चमक की संभावना है। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से खुले स्थानों पर जाने से बचने और बिजली चमकने के समय सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून की सक्रियता बढ़ने के साथ आने वाले दिनों में जिले में नियमित बारिश का दौर जारी रह सकता है। इससे तापमान में और गिरावट आने की संभावना है, वहीं किसानों को भी खरीफ सीजन की बुवाई में तेजी लाने का अवसर मिलेगा। बारिश के आगमन से आम लोगों को गर्मी से राहत मिली है और खेती-किसानी की उम्मीदें भी फिर से जग गई हैं।
रायबरेली में ग्रामीणों ने रायबरेली-प्रतापगढ़ राजमार्ग पर शव रखकर जाम लगा दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि एक दिन पहले हुई दुर्घटना में मारे गए व्यक्ति की हत्या ग्राम प्रधान और उसके भाई ने की है। यह घटना सलोन कोतवाली क्षेत्र के रायबरेली-प्रतापगढ़ हाईवे पर हुई। जानकारी के अनुसार, पूरे खमरिया गांव निवासी मेवालाल साइकिल से जा रहे थे, तभी एक बुलेट सवार ने उन्हें टक्कर मार दी। इस टक्कर में मेवालाल की मौत हो गई थी। परिजनों ने आरोप लगाया है कि गांव के प्रधान ने मेवालाल को काम पर बुलाया था। जब मेवालाल ने इनकार किया, तो प्रधान ने उन्हें दुर्घटना में मार देने की धमकी दी थी। इसी आधार पर परिजनों ने प्रधान और उसके भाई के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और मृतक के परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग की है। सलोन पुलिस फिलहाल परिजनों को समझा-बुझाकर जाम खुलवाने का प्रयास कर रही है। परिजनों ने बताया कि बुजुर्ग की मौत एक दिन पहले हुई थी, जिसके बाद सलोन कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत के बाद थाना प्रभारी ने ग्राम प्रधान और उनके भाई को बुलाकर बातचीत की, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। इसी के चलते आज विवश होकर रायबरेली-प्रतापगढ़ राजमार्ग पर शव रखकर जाम लगाया गया है। परिजनों का आरोप है कि ग्राम प्रधान के भाई ने मृतक को गाड़ी से कुचलने की धमकी दी थी, जब उसने प्रधान का घर का काम करने से मना कर दिया था।
साइबर अपराधियों ने लोगों को ठगने के लिए अब नया तरीका अपनाया है। इसे 'बॉस ZIP फ्रॉड' या CEO इम्पर्सनेशन स्कैम कहा जा रहा है। इस फ्रॉड में ठग किसी कंपनी के सीईओ, डायरेक्टर या वरिष्ठ अधिकारी बनकर कर्मचारियों को व्हाट्सएप या ई-मेल पर मैसेज भेजते हैं। मैसेज के साथ एक ZIP फाइल भेजी जाती है, जिसे डाउनलोड करते ही मोबाइल फोन हैक हो जाता है और साइबर ठग डिवाइस का पूरा नियंत्रण अपने हाथ में ले लेते हैं। केंद्रीय गृहमंत्रालय ने इस ठगी को लेकर अलर्ट रहने का निर्देश जारी किया है। अब पढ़े क्या है पूरा मामला केंद्र से जारी अलर्ट और साइबर विशेषज्ञों के मुताबिक, ठग कर्मचारियों पर तत्काल कार्रवाई का दबाव बनाते हैं। कभी सिक्योरिटी अपडेट, कभी जरूरी दस्तावेज तो कभी तत्काल भुगतान का बहाना बनाकर ZIP फाइल खोलने के लिए कहा जाता है। इस फाइल के अंदर मौजूद EXE या DLL फाइल डाउनलोड होते ही मोबाइल संक्रमित हो जाता है। इसके बाद ठग मोबाइल में मौजूद बैंकिंग एप, ओटीपी और अन्य संवेदनशील जानकारियों तक पहुंच बना लेते हैं। इतना ही नहीं, कई मामलों में साइबर अपराधी मोबाइल हैक करने के बाद असली बॉस या अधिकारी का नंबर हटाकर उसकी जगह अपना नंबर सेव कर देते हैं। कर्मचारी को यह पता ही नहीं चलता कि वह ठग से बातचीत कर रहा है। इसके बाद फर्जी निर्देश देकर कंपनी या कर्मचारी से रकम ट्रांसफर करा ली जाती है। अब पढ़े एक्सपर्ट ने क्या सलाह दी साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि किसी भी अधिकारी के नाम से आए संदिग्ध मैसेज या ZIP फाइल पर तुरंत भरोसा न करें। किसी भी भुगतान या जरूरी निर्देश का पालन करने से पहले संबंधित अधिकारी से फोन, वीडियो कॉल या व्यक्तिगत रूप से पुष्टि अवश्य करें। व्हाट्सएप पर टू-स्टेप वेरिफिकेशन और अन्य सुरक्षा फीचर सक्रिय रखें। किसी अनजान ZIP, EXE या DLL फाइल को डाउनलोड करने से बचें। यदि ऐसी ठगी का शिकार हों तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। पढ़े साइबर ठगी के पैटर्न और बचाव के तरीके पुलिस की कार्रवाई, लेकिन चुनौती बड़ी रायपुर पुलिस ने 101 म्यूल अकाउंट होल्डर्स को गिरफ्तार किया। इनके खातों के जरिए देशभर में 1.57 करोड़ रुपए की ठगी की गई थी। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर चलाकर अमेरिकी नागरिकों को ठगने वाले गिरोह का भी भंडाफोड़ किया गया, जिसने दो साल में 50 करोड़ रुपए से अधिक की ठगी की थी। साइबर अपराधियों के खातों को लगातार फ्रीज कराया जा रहा है और समय पर शिकायत मिलने पर पीड़ितों की राशि भी रोकी जा रही है। हालांकि बढ़ते मामलों को देखते हुए जागरूकता सबसे बड़ा हथियार है। साइबर ठगी होने पर तुरंत ये करें
गोंडा जिले में आज मंगलवार, 30 जून को सुबह 4 बजे से मौसम का मिजाज बदल गया है। हल्की हवाओं के साथ रुक-रुक कर मूसलाधार बारिश हो रही है। पिछले 5 घंटों में जिले में 10 मिलीमीटर (एमएम) बरसात दर्ज की गई है। बारिश के कारण गोंडा जिले का तापमान गिरकर 28 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया है, जिससे भीषण गर्मी से लोगों को काफी राहत मिली है। हालांकि, लगातार बारिश के चलते आवागमन करने वाले लोगों को दिक्कतों का सामना भी करना पड़ रहा है। मौसम विभाग ने अगले तीन घंटों के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है। लोगों को सचेत रहने के निर्देश दिए गए हैं, क्योंकि इस दौरान 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की भी आशंका है। इस बारिश से किसानों को सबसे अधिक फायदा हो रहा है। फसलों की बुवाई के लिए उन्हें महंगे डीजल से खेतों की सिंचाई नहीं करनी पड़ेगी, जिससे उनकी लागत में कमी आएगी। गोंडा जिला आपदा विशेषज्ञ राजेश श्रीवास्तव ने बताया कि पिछले 48 घंटों से जिले में मौसम इसी तरह बना हुआ है। उन्होंने जानकारी दी कि सुबह 4 बजे से लगातार रुक-रुक कर बारिश हो रही है, जबकि कुछ स्थानों पर तो यह रात 12 बजे से ही जारी है। आपदा विभाग का कंट्रोल रूम सक्रिय मोड पर रखा गया है और विषम परिस्थितियों से निपटने के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं। विभाग किसी भी आपात स्थिति के लिए पूरी तरह तैयार है।
धार में दहेज प्रताड़ना का एक मामला सामने आया है। महिला थाना पुलिस ने एक विवाहिता की शिकायत पर उसके पति, सास और ससुर के खिलाफ विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी फिलहाल फरार हैं और उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। फरियादी रचना पति अंकित सिंह देवड़ा ने सोमवार को महिला थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि विवाह के बाद से ही ससुराल पक्ष द्वारा दहेज की मांग को लेकर उन्हें लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। दहेज की मांग पूरी न होने पर उनके साथ शारीरिक और मानसिक दुर्व्यवहार किया गया। प्रारंभिक जांच के बाद महिला थाना पुलिस ने शिकायत को प्रथम दृष्टया सही पाया। इसके बाद आरोपी अंकित सिंह देवड़ा पिता मोहन सिंह देवड़ा, मोहन सिंह देवड़ा और गुलाब बाई के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 85, 296(ए), 115(2), 351(2), 3(5) और दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3 एवं 4 के तहत मामला दर्ज किया गया। महिला थाना पुलिस के मुताबिक, मामला दर्ज होने की जानकारी मिलते ही आरोपी अपने निवास से फरार हो गए। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार तलाश कर रही है। अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि जांच जारी है और सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
केंद्र सरकार ने 100% इथेनॉल को ईंधन के रूप में इस्तेमाल करने की मंजूरी दे दी है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने 13 जून को नागपुर में इसकी जानकारी दी। वहीं, देश में E20, यानी 20% इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल का इस्तेमाल भी बढ़ रहा है। लेकिन सवाल यह है कि क्या सड़क पर चल रही सभी गाड़ियां E20 के लिए पूरी तरह तैयार हैं? भोपाल के कुछ ऑटो मैकेनिकों का दावा है कि E20 पेट्रोल इस्तेमाल करने वाली कुछ गाड़ियों में फ्यूल पंप अपेक्षा से जल्दी खराब होने, लंबे समय तक गाड़ी खड़ी रहने पर फ्यूल सिस्टम में दिक्कत आने और मेंटेनेंस बढ़ने जैसी शिकायतें सामने आ रही हैं। उनका कहना है कि जिन फ्यूल पंपों को पहले गाड़ी के पूरे जीवनकाल में शायद ही बदलना पड़ता था, अब कुछ मामलों में उन्हें कई बार बदलना पड़ रहा है। वीडियो में देखिए, मैकेनिकों ने E20 पेट्रोल के बारे में अपने अनुभव के आधार पर क्या बताया…
बांदा में 21 मैरिज हॉल को बीडीए का नोटिस:बिना नक्शा पास कराए संचालन पर सीलिंग की चेतावनी
बांदा विकास प्राधिकरण (बीडीए) ने बांदा में बिना स्वीकृत भवन मानचित्र के संचालित हो रहे 21 मैरिज हॉल और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। प्राधिकरण ने इन सभी संचालकों को नोटिस जारी किए हैं, जिसमें निर्धारित समय सीमा के भीतर भवनों का मानचित्र नियमानुसार स्वीकृत कराने के निर्देश दिए गए हैं। बीडीए ने चेतावनी दी है कि यदि आदेश की अनदेखी की जाती है, तो संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध सीलिंग सहित अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिन प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किए गए हैं, उनमें मंडपम मैरिज हॉल, सिटी सेंटर मैरिज हॉल, मणि रेस्टोरेंट, निजामी पैलेस, सुधा वाटिका, ताज गार्डन, राजमहल पैलेस, आरके मैरिज लॉन, महिमा मैरिज लॉन, शिवांश मैरिज हॉल, संगम गार्डन मैरिज हॉल, कृष्ण कुंज, सम्राट पैलेस, मिलन घर, मॉडर्न मैरिज लॉन, संजय पैलेस, डीके वेडिंग लॉज, स्टेडियम के पास स्थित मैरिज हॉल, प्रतीक मैरिज हॉल, सिटी गार्डन और उर्मिला वेडिंग लॉज शामिल हैं। बीडीए सचिव मदन मोहन ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि सभी संबंधित संचालकों को नियमानुसार भवन का मानचित्र स्वीकृत कराने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि तय समय के भीतर मानचित्र स्वीकृत नहीं कराया जाता है, तो संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध सीलिंग सहित नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
बोलेरो ने बाइक को मारी टक्कर:बाइक सवार व्यक्ति घायल, मलसीसर रोड़ पर नेशनल हाइवे के पास हुआ हादसा
मलसीसर रोड नेशनल हाईवे पर एक सड़क हादसा हो गया। एक अनियंत्रित बोलेरो ने बाइक सवार को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को स्थानीय लोगों की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका उपचार जारी है। कांट गांव निवासी 45 वर्षीय रघुवीर नैण पुत्र रामकुमार अपनी बाइक पर सवार होकर अपने गांव रामपुरा कांट से झुंझुनूं की ओर आ रहे थे। जैसे ही वे मलसीसर रोड नेशनल हाईवे पर पहुंचे, पीछे से आ रही एक तेज रफ्तार और अनियंत्रित बोलेरो ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। रघुवीर उछलकर सड़क पर जा गिरे। इस हादसे में उनके चेहरे, नाक और पैरों में गंभीर चोटें आई हैं। इस दुर्घटना के समय आशीष कुमार वहीं गुजर रहे थे। उन्होंने पीछे से आई टक्कर की तेज आवाज सुनी, तो तुरंत अपनी गाड़ी रोकी। मौके पर पहुंचकर उन्होंने देखा कि रघुवीर लहूलुहान अवस्था में हैं। घायल रघुवीर को अपनी गाड़ी में डाला और उन्हें उपचार के लिए तुरंत झुंझुनू के आरआर अस्पताल पहुंचाया।
छतरपुर में प्रशासन ने नाबालिग की शादी रुकवाई:संयुक्त टीम ने परिजनों को दी बाल विवाह कानून की जानकारी
छतरपुर जिले में प्रशासन की सतर्कता से एक नाबालिग का विवाह रुकवा दिया गया। सटई रोड स्थित लक्ष्मण कॉलोनी में नाबालिग किशोरी के विवाह की सूचना पर महिला एवं बाल विकास विभाग, राजस्व विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई की। प्रशासन को एक नाबालिग पुत्री के विवाह की सूचना मिली थी। इसके बाद महिला एवं बाल विकास परियोजना, छतरपुर शहरी के परियोजना अधिकारी विक्रम सिंह के नेतृत्व में संयुक्त टीम सोमवार शाम लगभग 7 बजे सटई रोड स्थित संबंधित निवास पर पहुंची। टीम ने परिजनों को बाल विवाह के कानूनी अपराध होने की जानकारी दी। उन्हें बताया गया कि नाबालिग का विवाह कराने पर वर और वधू पक्ष दोनों के खिलाफ बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कानून में निर्धारित दंड और सजा के प्रावधानों से भी अवगत कराया गया। बाल विवाह न करने की समझाइश दीइसके बाद, संयुक्त टीम वर पक्ष के घर भी पहुंची और उन्हें बाल विवाह न करने की समझाइश दी। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर वर को पुलिस अभिरक्षा में लेकर विवाह की प्रक्रिया को रुकवा दिया, जिससे नाबालिग का विवाह टल गया। कार्रवाई में महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारी विक्रम सिंह, तहसीलदार पीयूष दीक्षित और पुलिस विभाग से सब-इंस्पेक्टर वीदू विश्वास सहित पुलिस बल एवं अन्य संबंधित अधिकारी शामिल थे। जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की कि कहीं भी बाल विवाह की सूचना मिलने पर तत्काल प्रशासन या पुलिस को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई कर नाबालिगों के अधिकारों की रक्षा की जा सके।
संतकबीरनगर पंचायत हरिहरपुर के पूर्व चेयरमैन जयराम माझी पर हुए जानलेवा हमले के मामले में महुली पुलिस ने चार नामजद समेत छह आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास और अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस का दावा है कि बस्ती जिले में पकड़े गए एक आरोपी से पूछताछ में हमले की साजिश पैसों के लिए रचे जाने की बात सामने आई है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। पूर्व चेयरमैन जयराम माझी ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि 20 जून 2026 की रात करीब आठ बजे वह अपने घर से महुली बाजार जा रहे थे। टिकुइकोल के मुकुन्दपुर मोड़ के पास एक मोटरसाइकिल और चार-पांच युवक खड़े दिखाई दिए। उनका आरोप है कि जैसे ही वह वहां पहुंचे, सभी ने मिलकर डंडों से हमला कर दिया। हमले में उनके सिर में गंभीर चोट आई और वह लहूलुहान हो गए। किसी तरह उन्होंने बाइक संभाली और वहां से निकलने का प्रयास किया। भागते समय ईंट-पत्थर भी फेंके पीड़ित के मुताबिक, हमलावरों ने पीछा करते हुए उन पर ईंट और पत्थर भी फेंके। साथ ही गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। आरोप है कि हमलावरों ने जाते-जाते कहा कि, “इस बार तो बच गए हो, अगली बार नहीं बच पाओगे।” घटना के बाद जयराम माझी घर लौटे और हमलावरों की पहचान के प्रयास शुरू किए। बस्ती में पकड़े गए आरोपी से हुआ खुलासा पुलिस के अनुसार, 27 जून 2026 को बस्ती जिले के लालगंज थाने से सूचना मिली कि 20 जून की घटना में शामिल एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। उसकी पहचान अमन उर्फ अविनाश पुत्र योगेंद्र उपाध्याय, निवासी बर्तनिया, थाना लालगंज, जनपद बस्ती के रूप में हुई। पूछताछ के दौरान आरोपी ने कथित तौर पर खुलासा किया कि पूर्व चेयरमैन की हत्या की साजिश पैसों के लिए रची गई थी। इसके बाद महुली पुलिस ने चार नामजद समेत छह आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास और अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया। आरोपियों की तलाश में दबिश पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई: भरत भूषण एनकाउंटर केस पर जनहित याचिका
सुप्रीम कोर्ट मंगलवार को एक जनहित याचिका (पीआईएल) पर सुनवाई करेगा। इस याचिका में बिहार के भोजपुर जिले में भरत भूषण तिवारी की कथित फर्जी मुठभेड़ में हुई हत्या की कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग की गई है
देवरिया के बनकटा थाना क्षेत्र में पति के हथौड़े के वार से गंभीर रूप से घायल विवाहिता की गोरखपुर में इलाज के दौरान मौत हो गई। महिला की मौत के बाद पुलिस ने मामले में दहेज हत्या समेत अन्य धाराओं की बढ़ोतरी कर दी है। पहले आरोपी पति के खिलाफ हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेजा गया था। पुलिस अब फरार चार अन्य नामजद आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है। पुलिस के मुताबिक, बनकटा थाना क्षेत्र के दास नरहिया गांव निवासी कुंदन कुमार जायसवाल की शादी करीब छह साल पहले देवरिया कोतवाली क्षेत्र के अगस्तपार गांव निवासी करीना से हुई थी। आरोप है कि 26 जून की रात पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ, जिसके बाद कुंदन ने लोहे के हथौड़े से पत्नी के सिर पर वार कर दिया। हमले में करीना गंभीर रूप से घायल हो गई। परिजन उसे पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनकटा ले गए। वहां से महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज, देवरिया रेफर किया गया। हालत में सुधार न होने पर उसे गोरखपुर भेजा गया, जहां 30 जून को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मां ने लगाया दहेज उत्पीड़न का आरोप मृतका की मां संगीता देवी ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया कि शादी के बाद से ही उनकी बेटी को दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था। उन्होंने पति कुंदन जायसवाल, रवि जायसवाल, राजकुमार, कुसुम देवी और सास के खिलाफ दहेज उत्पीड़न व हत्या का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। पहले हत्या के प्रयास का केस, अब बढ़ीं धाराएं बनकटा थानाध्यक्ष दिनेश कुमार मौर्य ने बताया कि घटना के अगले दिन 27 जून को आरोपी पति के खिलाफ हत्या के प्रयास की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। विवाहिता की मौत के बाद मुकदमे में दहेज हत्या सहित अन्य संबंधित धाराएं जोड़ दी गई हैं। चार अन्य आरोपियों की तलाश जारी पुलिस का कहना है कि नामजद चार अन्य आरोपी फिलहाल फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट, चिकित्सीय साक्ष्यों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
कोयला से लदा ट्रक पलटने से लगी आग:सजहार मोड़ पर अनियंत्रित होकर पलटा; चालक ने कूदकर जान बचाई
सिंगरौली के जियावन थाना क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग-39 (NH-39) पर सजहार मोड़ के पास सोमवार देर रात एक सड़क हादसा हो गया। विंध्यनगर से मैहर की ओर जा रहा कोयला लदा एक तेज रफ्तार ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे के बाद ट्रक में भीषण आग लग गई, जिससे पूरा वाहन जलकर खाक हो गया। ट्रक चालक ने समय रहते कूदकर अपनी जान बचा ली। घटना की सूचना मिलते ही जियावन थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने आसपास मौजूद लोगों को सुरक्षित दूरी पर हटाया और दमकल विभाग को सूचित किया। दमकल की गाड़ियां पहुंचने ट्रक जला प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही देर में पूरा ट्रक उसकी चपेट में आ गया। दमकल की गाड़ियां पहुंचने तक ट्रक लगभग पूरी तरह जल चुका था। पुलिस और दमकल कर्मियों को आग बुझाने और यातायात सामान्य करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। जियावन थाना प्रभारी शेषनारायण द्विवेदी ने बताया कि हादसे के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग पर कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित हुआ था। पुलिस और प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से देर रात करीब 12 बजे तक मार्ग को पूरी तरह बहाल कर दिया गया। प्रारंभिक जांच में ट्रक के अनियंत्रित होकर पलटने के बाद आग लगने की बात सामने आई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
रायसेन जिले के बरेली स्थित प्रसिद्ध छींद धाम मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के लिए एक नया आस्था केंद्र तैयार हो गया है। लगभग 3 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित मां दुर्गा मंदिर का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। जल्द ही मंदिर में मां दुर्गा की प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा की जाएगी। इस मंदिर की प्रमुख विशेषता यह है कि मां दुर्गा की प्रतिमा वियतनाम के विशेष पत्थर से बनाई जाएगी। प्रतिमा का निर्माण प्रसिद्ध मूर्तिकार अरुण योगीराज और उनके परिवार द्वारा किया जाएगा। अरुण योगीराज वही मूर्तिकार हैं, जिन्होंने अयोध्या में स्थापित रामलला की प्रतिमा का निर्माण किया था। मंदिर के निर्माण में राजस्थान से लाए गए विशेष पत्थरों का उपयोग किया गया है। मंदिर की नक्काशी और स्थापत्य कला भी राजस्थान के कुशल कारीगरों द्वारा तैयार की गई है, जो इसकी भव्यता को बढ़ा रही है। प्राण-प्रतिष्ठा की तैयारियां अंतिम चरण मेंछींद धाम मंदिर के अध्यक्ष कृष्ण कुमार रघुवंशी ने बताया कि मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को अब एक ही परिसर में दद्दा महाराज के साथ मां दुर्गा के भी दर्शन करने का सौभाग्य मिलेगा। उन्होंने जानकारी दी कि प्राण-प्रतिष्ठा की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। दर्शन के लिए आए श्रद्धालु प्रमोद सक्सेना ने इस पहल को क्षेत्र के लिए गर्व का विषय बताया। उन्होंने कहा कि मां दुर्गा की प्रतिमा उसी परिवार द्वारा बनाई जा रही है जिसने रामलला की दिव्य प्रतिमा का निर्माण किया। मंडीदीप से आईं श्रद्धालु सीमा चौहान ने कहा कि छींद धाम की महिमा दूर-दूर तक प्रसिद्ध है और मां दुर्गा मंदिर बनने से श्रद्धालुओं की आस्था और मजबूत होगी।
छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में मछली कारोबारी की मजदूरों ने हत्या कर दी। आरोपी मजदूरी नहीं बढ़ाने और कारोबारी के बर्ताव से नाराज थे। आरोपियों ने कारोबारी पर चाकू से 40 से ज्यादा बार वार किए। कारोबारी के पीठ, पेट और कंधे पर चोट के निशान मिले। यहां तक उसकी अतड़ियां भी बाहर आ गई थी। वारदात के बाद आरोपी 37 हजार रुपए लेकर फरार हो गए। पुलिस ने मामले की जांच के बाद 2 नाबालिगों समेत 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है। यह मामला नगरी थाना क्षेत्र के गोरेगांव का है। पहले देखिए ये तस्वीरें- अब जानिए पूरा मामला यह वारदात 27 जून की रात हुई। जानकारी के अनुसार, विप्लव मंडल (55) गरियाबंद जिले के बोइरगांव दर्रीपारा के रहने वाले हैं। वे धमतरी में मछली का कारोबार करते थे। घटना के समय वह अपने कर्मचारी चुम्मन यादव के साथ दुकान बंद कर घर लौट रहे थे। गोरेगांव के पास पहले से घात लगाए मजदूरों ने उनका रास्ता रोक लिया। आरोपियों ने पहले विप्लव मंडल के सिर पर हमला किया। इसके बाद कर्मचारी चुम्मन यादव की आंखों में मिर्च पाउडर झोंक दिया। चुम्मन किसी तरह जान बचाकर मौके से भाग निकला। इसके बाद आरोपियों ने विप्लव मंडल पर 2 चाकुओं से लगातार 40 से ज्यादा बार हमला किया। इस हमले में कारोबारी की अतड़ियां भी बाहर आ गई थी। घटना की जानकारी मिलने पर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और गंभीर रूप से घायल कारोबारी को नगरी अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू की। जांच में पता चला कि मछली कारोबारी की हत्या उनके फिश फार्म में काम करने वाले मजदूरों ने की है। 2 नाबालिगों समेत 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मजदूरी नहीं बढ़ाने से नाराज थे मजदूर पुलिस ने बताया कि विप्लव मंडल एक निजी फिश फार्म चलाते थे और गिरफ्तार सभी आरोपी वहीं मजदूरी करते थे। मजदूरों ने मजदूरी बढ़ाने की मांग की थी, लेकिन उनकी बात नहीं मानी गई। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों का यह भी कहना है कि कारोबारी अक्सर उनके साथ गलत तरीके से पेश आते थे और गाली-गलौज करते थे। इसी बात को लेकर वे काफी समय से नाराज थे। पुलिस के अनुसार, इसी रंजिश में आरोपियों ने 25 जून 2026 को हत्या की योजना बनाई थी, लेकिन उस दिन वे अपने इरादे में सफल नहीं हो सके। 25 जून को भी बनाया था हत्या का प्लान पुलिस ने बताया कि 25 जून को भी हत्या का प्लान बनाया था। लेकिन फेल होने के बाद आरोपियों ने 27 जून को फिर से हमले का फैसला किया। उन्होंने पहले से कारोबारी की हर गतिविधि पर नजर रखी। जैसे ही पता चला कि वह नगरी बाजार से मछली बेचकर लौट रहा है, सभी आरोपी गोरेगांव-भैंसमुड़ा रोड के सुनसान जंगल में छिपकर उसका इंतजार करने लगे। वहां पहुंचते ही उन्होंने लकड़ी के डंडों और चाकुओं से कारोबारी पर हमला कर दिया। वारदात के बाद आरोपी कारोबारी के पास से 37 हजार रुपए और मोबाइल लेकर फरार हो गए। बाद में उन्होंने लूट की रकम आपस में बांट ली। जांच के दौरान पुलिस ने टंकेश्वर नेताम उर्फ मयंक नेताम (19), सुरेंद्र यादव (26) और जगदीश विश्वकर्मा (50) को गिरफ्तार कर लिया। तीनों गरियाबंद जिले के मैनपुर थाना क्षेत्र के बोईरगांव के रहने वाले हैं। गिरफ्तार आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेजा जा रहा है। वहीं, इस मामले में शामिल 2 नाबालिगों को किशोर न्याय बोर्ड के सामने पेश किया जाएगा। वहीं पुलिस ने कर्मचारी चुम्मन यादव को भी सह आरोपी बनाया है। ………………… इससे जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… कॉन्स्टेबल की पत्नी-बेटे को 32 बार चाकू गोदकर मारा:घर आई युवती ने पहले खाना खाया, फिर किया वार; पति से था अफेयर छत्तीसगढ़ के दुर्ग में युवती ने घर घुसकर आरक्षक की पत्नी और उसके 9 साल के बेटे की चाकू मारकर हत्या कर दी। आरोपी ने महिला पर 18 और सो रहे बच्चे पर चाकू से 14 वार किए। मामला सुपेला थाना क्षेत्र के STF कॉलोनी का है। इस हमले में 2 बेटियां गंभीर रूप से घायल हुई है। एक बेटी ने बाथरूम में छिपकर अपनी जान बचाई। पढ़ें पूरी खबर…
सुपौल में धर्म परिवर्तन का मामला, FIR दर्ज:नेपाल से आई थी टीम, हंगामे के बाद पहुंची पुलिस
सुपौल में एक प्रार्थना सभा को लेकर जमकर हंगामा हुआ। घटना वीरपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत बनेलीपट्टी पंचायत के गीदरमारी वार्ड संख्या-5 की है। स्थानीय ग्रामीणों ने नेपाल से आए चार लोगों पर धार्मिक प्रलोभन देकर ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित करने का आरोप लगाया, जिसके बाद मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बन गई। सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत घटनास्थल पहुंची और सभी संबंधित लोगों को पूछताछ के लिए थाना ले गई। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है तथा कहा है कि उपलब्ध साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर आगे की विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों का दावा है कि इस तरह की सभाएं सीमावर्ती इलाकों में लंबे समय से आयोजित होती रही हैं, जहां लोगों को धार्मिक प्रवचन के साथ बेहतर जीवन, बीमारी से राहत और आर्थिक सुधार जैसे आश्वासन दिए जाते हैं। वहीं, आरोपित पक्ष ने इन सभी दावों को निराधार बताते हुए स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य केवल समाज सेवा और आध्यात्मिक संदेश देना है तथा किसी भी व्यक्ति पर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव नहीं बनाया जाता। फिलहाल, पूरे मामले की स्वतंत्र जांच जारी है और पुलिस का कहना है कि सभी पक्षों की बात सुनने के बाद ही निष्पक्ष एवं कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। मामले से जुड़ी तस्वीरें देखिए…. अब जानिए पूरा मामला…. घर पर चल रहा था धर्म परिवर्तन का काम स्थानीय लोगों के अनुसार कार्यक्रम किशुनदेव राम के घर पर धर्म परिवर्तन चल रहा था, जिसमें करीब 30 से 40 लोग मौजूद थे। ग्रामीणों का कहना है कि जैसे ही बैठक की जानकारी आसपास के लोगों को मिली, उन्होंने इसका विरोध किया और पुलिस को सूचना दी। इसके बाद वीरपुर थाना में आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की गई। आवेदन में रामानंद शाह तेली, मंगल देवी विश्वकर्मा, उर्मिला देवी यादव और हंसा देवी चौधरी सहित चार लोगों के नाम शामिल किए गए हैं। गोपनीय तरीके से संचालित की जा रही थी ग्रामीणों का आरोप है कि यह गतिविधि बसंतपुर प्रखंड एवं इंडो-नेपाल सीमा से सटे क्षेत्रों में पिछले कई सालों से गोपनीय तरीके से संचालित की जा रही है। उनका कहना है कि विभिन्न गांवों में छोटी-छोटी बैठकों का आयोजन कर लोगों, विशेषकर महिलाओं को धार्मिक प्रवचन सुनाए जाते हैं। आरोप है कि इन बैठकों में बेहतर जीवन, बीमारी से मुक्ति, आर्थिक समृद्धि और अन्य सुविधाओं का भरोसा देकर लोगों को धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जाता है। पुलिस ने सभी को सुरक्षा के बीच थाना पहुंचाया स्थानीय लोगों के मुताबिक, सोमवार को नेपाल के सप्तरी जिले से चार सदस्यीय टीम सार्वजनिक परिवहन से भंटाबारी पहुंची। वहां से पैदल सीमा पार कर भीमनगर आई और फिर ऑटो से बनेलीपट्टी पहुंची। ग्रामीणों का आरोप है कि यह टीम पहले से संपर्क में रहे परिवारों के यहां प्रार्थना सभा आयोजित कर रही थी। हंगामे के बाद पुलिस ने सभी को सुरक्षा के बीच थाना पहुंचाया। हालांकि, नेपाल से आए लोगों ने सभी आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि वे किसी प्रकार का धर्म परिवर्तन नहीं कराते, बल्कि समाज सेवा और धार्मिक प्रवचन का कार्य करते हैं। उनका दावा है कि लोग अपनी इच्छा से प्रार्थना सभा में शामिल होते हैं और किसी पर कोई दबाव नहीं डाला जाता। उन्होंने बताया कि उनकी टीम नियमित रूप से लोगों के बीच आध्यात्मिक संदेश देने का कार्य करती है और इसमें शामिल होना पूरी तरह स्वैच्छिक है। यीशु मसीह की शिक्षाओं से परिचित कराया जाता ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि क्षेत्र के कई गांवों में प्रत्येक सप्ताह प्रार्थना सभा आयोजित की जाती है, जहां लोगों को यीशु मसीह की शिक्षाओं से परिचित कराया जाता है। आरोप है कि इन सभाओं के माध्यम से लोगों को विभिन्न प्रकार के आश्वासन देकर ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया जाता है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है और मामले की जांच पुलिस कर रही है। स्थानीय लोगों ने दावा किया कि बसंतपुर प्रखंड के हृदयनगर, बनेलीपट्टी, बसंतपुर, सातनपट्टी, भगवानपुर और भीमनगर सहित कई पंचायतों में इस तरह की गतिविधियां पहले भी संचालित होने की बातें सामने आती रही हैं। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। वीरपुर थानाध्यक्ष संजय दास ने बताया कि प्राप्त आवेदन के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया तथ्यों की जांच की जा रही है और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके अनुरूप सुसंगत धाराओं में विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और किसी भी पक्ष के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
ग्वालियर में दहेज प्रताड़ना के एक मामले में पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है। थाटीपुर के न्यू मेहरा कॉलोनी में रहने वाली 26 वर्षीय गर्भवती महिला निशा राठौर की मौत के मामले में करीब एक सप्ताह तक जांच की गई। जांच के बाद पुलिस ने पति गजेंद्र राठौर, सास उषा (पूजा) राठौर और ननद मनीषा राठौर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। तीनों पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने, मारपीट करने और आत्महत्या के लिए मजबूर करने का आरोप है। पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है। 22 जून को तेजाब पीने से बिगड़ी थी हालत पुलिस के अनुसार 22 जून की दोपहर करीब 1:30 बजे निशा राठौर की तबीयत तेजाब पीने के बाद अचानक बिगड़ गई थी। गंभीर हालत में ससुराल पक्ष के लोग उसे ग्वालियर के एक हजार बिस्तर अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उसका इलाज शुरू हुआ। कई दिनों तक जिंदगी और मौत से संघर्ष करने के बाद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मौत से पहले बनाया वीडियो बना सबसे बड़ा सबूत पूरे मामले में सबसे अहम साक्ष्य निशा का मौत से पहले बनाया गया वीडियो है। इस वीडियो में उसने अपने पति गजेंद्र राठौर पर जबरन तेजाब पिलाकर हत्या करने की कोशिश का आरोप लगाया था। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच का दायरा बढ़ाया। दहेज के लिए लगातार प्रताड़ना का आरोप मृतका के पिता की शिकायत पर पुलिस ने पैनल से पोस्टमार्टम कराया और मायके पक्ष के बयान दर्ज किए। जांच में परिजनों ने बताया कि शादी के बाद से ही निशा को दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाता था। आरोप है कि पति गजेंद्र राठौर दहेज में छोटा हाथी वाहन और आटा चक्की लाने की मांग करता था। मांग पूरी नहीं होने पर उसके साथ लगातार मारपीट की जाती थी। दो साल पहले भी जलाकर मारने की कोशिश का आरोप मायके पक्ष ने पुलिस को यह भी बताया कि करीब दो वर्ष पहले भी गजेंद्र राठौर ने निशा को जलाकर मारने की कोशिश की थी। उस समय मामला दबा दिया गया था, लेकिन इसके बाद भी प्रताड़ना का सिलसिला लगातार जारी रहा। दो माह की गर्भवती थी निशा घटना के समय निशा करीब दो माह की गर्भवती थी। उसकी मौत के साथ गर्भ में पल रहे अजन्मे बच्चे की भी जान चली गई। इस पहलू को भी पुलिस अपनी जांच में शामिल कर रही है। पति, सास और ननद पर मामला दर्ज थाटीपुर थाना पुलिस ने मृतका के वीडियो, मायके पक्ष के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पति गजेंद्र राठौर, सास उषा (पूजा) राठौर और ननद मनीषा राठौर के खिलाफ दहेज प्रताड़ना, मारपीट और आत्महत्या के लिए उकसाने सहित संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। थाटीपुर थाना पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में मिले साक्ष्यों और मृतका के बयान के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। अब पूरे मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
मंगलवार सुबह सिंघाना थाना क्षेत्र में एक चलती स्कूली वैन में अचानक आग लग गई। वैन में 8 से 10 छोटे बच्चे सवार थे, जिन्हें ड्राइवर की सूझबूझ से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, हालांकि वैन पूरी तरह जलकर खाक हो गई। वैन ड्राइवर कैलाश चंद ने बताया - कॉपर क्षेत्र से सिंघाना की ओर एक निजी प्ले स्कूल के बच्चों को लेकर आ रहा था। कंचनिया की ढाणी के पास वैन के गियर के पास अचानक चिंगारी दिखाई दी। तुरंत वैन को सड़क किनारे रोका और सभी बच्चों को से बाहर निकाला। बच्चों को बाहर निकालने के कुछ ही मिनटों में आग ने पूरी वैन को अपनी चपेट में ले लिया और वह पूरी तरह जलने लगी। घटना की सूचना पर खेतड़ी नगरपालिका और एचसीएल की दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकलकर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक वैन पूरी तरह जल चुकी थी। फायरमैन महेश चंद ने बताया - उन्हें उच्च अधिकारियों के माध्यम से सिंघाना क्षेत्र में आग लगने की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंचने पर स्कूली वैन में आग लगी हुई मिली। दमकल की व्यवस्था ना होने से आक्रोश इस घटना के बाद क्षेत्र के लोगों में सिंघाना नगरपालिका में दमकल वाहन न होने को लेकर आक्रोश देखा गया। ग्रामीण रामावतार सैनी ने कहा कि सिंघाना एक बड़ा कस्बा होने के बावजूद यहां दमकल की स्थायी व्यवस्था नहीं है, जबकि आगजनी की घटनाएं अक्सर होती रहती हैं। लोगों ने स्थानीय स्तर पर स्थायी दमकल सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है।
नरसिंहपुर के बरमान चौकी क्षेत्र में सोमवार को पत्रकार का शव जंगल में पेड़ पर फंदे से लटका मिला। झाड़ियों के बीच शव दिखाई देने पर स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा कार्रवाई कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। बरमान चौकी प्रभारी मनीष मरावी ने बताया कि मृतक की पहचान सागर जिले के शाहगढ़ निवासी नितिन जैन के रूप में हुई है। युवक का शव बरमान के जंगल में एक पेड़ से लटका हुआ पाया गया था। आज मंगलवार को शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से होगा मौत का खुलासा प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मृतक नितिन जैन देवरी की ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. पूजा परमार के पति बताए जा रहे हैं। घटना के बाद कई तरह की चर्चाएं सामने आ रही हैं। पुलिस ने मामले को जांच में लेते हुए किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों का इंतजार करने की बात कही है। पुलिस का कहना है कि फिलहाल मौत के कारणों को लेकर कुछ भी स्पष्ट रूप से नहीं कहा जा सकता। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि मामला आत्महत्या का है या इसके पीछे कोई अन्य कारण है। बरमान चौकी पुलिस मामले की सभी पहलुओं से जांच कर रही है।
गर्मी की छुट्टियों के दौरान रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए कोटा मंडल से होकर गुजरने वाली दो जोड़ी ट्रेनों में अस्थायी रूप से एक्स्ट्रा कोच लगाने का फैसला लिया है। इससे यात्रियों को आसानी से सीटें उपलब्ध होंगी और वेटिंग दबाव कम होने की उम्मीद है। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि गाड़ी संख्या 04717/04718 हिसार–तिरुपति–हिसार स्पेशल में हिसार से 4 जुलाई 2026 से 25 जुलाई 2026 तक व तिरुपति से 6 जुलाई 2026 से 27 जुलाई 2026 तक एक थर्ड एसी (3एसी) कोच एक्स्ट्रा लगाया जाएगा। इसी प्रकार गाड़ी संख्या 20481/20482 भगत की कोठी–तिरुच्चिराप्पल्ली–भगत की कोठी एक्सप्रेस में भगत की कोठी से 1 जुलाई 2026 से 29 जुलाई 2026 तक और तिरुच्चिराप्पल्ली से 4 जुलाई 2026 से 1 अगस्त 2026 तक एक शयनयान (स्लीपर) कोच अस्थायी रूप से जोड़ा जाएगा। 4.50 लाख का चोरी का सामान बरामद, एक आरोपी गिरफ्तार कोटा मंडल की रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने महिला यात्री के चोरी हुए लगभग 4.50 लाख के चोरी के सामान बरामद किए है। चोरी के आरोपी चंदर शोंधिया (21) निवासी गुना, मध्य प्रदेश को गिरफ्तार किया है। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि रेल मदद पोर्टल पर दर्ज शिकायत के अनुसार ट्रेन संख्या 19020 हरिद्वार एक्सप्रेस के कोच एम-1 में यात्रा कर रही एक महिला यात्री का पर्स चोरी हो गया था। पर्स में सोने का मंगलसूत्र, तीन जोड़ी सोने की बालियां, दो जोड़ी सोने की अंगूठियां तथा करीब 50,000 नकद रखे हुए थे। जीआरपी कोटा ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान आरपीएफ रामगंजमंडी ने बांद्रा टर्मिनस से संबंधित कोच की सीसीटीवी फुटेज चेक किए। जिसमें एक संदिग्ध युवक को कोच एम-1 से चोरी का पर्स लेकर जाते हुए देखा। फुटेज के आधार पर आरपीएफ रामगंजमंडी और जीआरपी कोटा ने आरोपी को रामगंजमंडी रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने चोरी की वारदात करना कबूला। आरोपी की निशानदेही पर एक सोने का मंगलसूत्र, सोने की बालियां, सोने की अंगूठियां तथा लगभग 18,500 नकद बरामद किए।
पीबीएम अस्पताल में प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने के मामले में कांग्रेस मंगलवार को बड़ा शक्ति प्रदर्शन करेगी, जिसमें पार्टी प्रदेशाध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकााराम जुली और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. बी.डी. कल्ला शामिल होंगे। विरोध प्रदर्शन के लिए कांग्रेस की देहात और शहर इकाईयों ने बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं से संपर्क किया है। पार्टी के बीकानेर देहात अध्यक्ष बिशनाराम सियाग ने बताया- सीकर से रवाना होकर गोविन्द सिंह डोटासरा ठीक बारह बजे बीकानेर पहुंचेंगे। वे सीधे कलेक्टरी आएंगे। उनके साथ ही नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जुली होंगे। वहीं स्थानीय नेता बारह बजे से पहले ही कलेक्टरी पहुंच जाएंगे। जिसमें डॉ. बी.डी. कल्ला, पूर्व मंत्री भंवर सिंह भाटी, गोविन्दराम मेघवाल, वीरेंद्र बेनीवाल, विधायक सुशीला डूडी भी शामिल हैं। उधर, यूथ कांग्रेस ने दो हजार से ज्यादा कार्यकर्ताओं के साथ प्रदर्शन में शामिल होने का निर्णय किया है। यूथ कांग्रेस के शहर अध्यक्ष भंवर कूकणा ने बताया कि बारह बजे से पहले कार्यकर्ता सर्किट हाउस के बाहर जुटेंगे। यहां से रैली के रूप में कलेक्टरी तक जाएंगे। कूकणा इस आंदोलन में शुरू से जुड़े हुए हैं। अब तक दो मौत पीबीएम अस्पताल में अब तक दो प्रसुताओं की मौत हो चुकी है, जबकि एक अन्य प्रसूता को अब वेंटीलेटर पर लिया गया है। प्रीति और शारदा नायक की मौत के बाद से कांग्रेस का प्रदर्शन तेज हो गया है। वहीं अब कमला को भी वेंटीलेटर पर लिया गया है। वहीं एक अन्य प्रसूता इमरती अब तक अस्पताल में भर्ती है। तीन को पहले ही छुट्टी दी जा चुकी है। प्रशासन भी तैयार, भारी पुलिस बल तैनात उधर, जिला प्रशासन ने भी कांग्रेस प्रदर्शन को देखते हुए तैयारी पूरी कर ली है। कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर बेरिकेड्स लगाए गए हैं। भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। एक आईपीएस अधिकारी सहित कई आला अधिकारियों को मंगलवार को कलेक्ट्रट में ही तैनात किया गया है। आरएसी के साथ ही स्पेशल पुलिस फोर्स को भी तैनात किया जा रहा है। शहर के सभी थानाधिकारियों को भी कलेक्ट्रट में तैनात किया है।
भरतपुर के डेहरा मोड़ पर एक बस ने आगे चल रहे वाहन में टक्कर मार दी। घटना में बस में बैठे करीब 15 यात्री घायल हो गए। सभी घायलों का इलाज जारी है। घटना बस के ड्राइवर को नींद आने के कारण हुई। ड्राइवर को यह भी नहीं पता उसने किस वाहन में टक्कर मारी है। घटना में बस आगे से पूरी तरह टूट गई। बस में करीब 35 यात्री से सवार डेहरा मोड़ चौकी इंचार्ज जुगल किशोर ने बताया कि घटना सुबह करीब 4 बजकर 30 मिनट की है। बस जनता ट्रेवल्स की है। स्लीपर कोच बस जयपुर से आगरा जा रही थी। बस में करीब 35 यात्री सवार थे। जैसे ही बस डेहरा मोड़ के पास पहुंची तो, बस के ड्राइवर को नींद की झपकी आ गई और बस ने आगे चल रहे वाहन में जोरदार टक्कर मारी दी। घटना में 15 यात्री हुए घायल टक्कर लगने के बाद आगे वाला वाहन नहीं रुका और, वह चला गया लेकिन, बस में बैठे करीब 15 यात्री घायल हो गए। टक्कर इतनी तेज थी कि बस आगे से पूरी तरह से टूट गई। घटना की सूचना जैसे ही पुलिस को लगी तो, पुलिस मौके पर पहुंची। ज्यादातर यात्रियों के सिर, हाथ, पैर में आई चोटें सभी घायलों को भरतपुर के आरबीएम अस्पताल में भेजा गया। जहां सभी का इलाज जारी है। ज्यादातर यात्रियों के सिर, हाथ पैर में चोटें आई हैं। ड्राइवर की हालत गंभीर बताई जा रही है। पुलिस ने बस को हाईवे से हटाकर साइड करवाया।
जबलपुर के ग्वारीघाट पर नर्मदा नदी का जलस्तर कम होने और प्रशासन की सख्त सुरक्षा व्यवस्था के चलते नाव चालकों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। कभी पर्यटकों की भीड़ से गुलजार रहने वाला ग्वारीघाट इन दिनों सूना नजर आ रहा है। अधिकांश नावें किनारे पर खड़ी हैं और नाविक कमाई के लिए परेशान हैं। नाव चालकों के लिए गर्मी का मौसम आमतौर पर सबसे अच्छा समय माना जाता है। इस दौरान स्थानीय लोगों के साथ बड़ी संख्या में बाहर से आने वाले पर्यटक भी नौकाविहार का आनंद लेने पहुंचते हैं, जिससे नाव चालकों को अच्छी आय होती है, लेकिन इस साल नर्मदा का जलस्तर घटने के कारण लोग कई जगहों पर नाव के बजाय पैदल ही नदी पार कर रहे हैं, जिससे नौकाविहार की मांग कम हो गई है। सुरक्षा नियमों को और कड़ा कर दिया गया वहीं बरगी हादसे के बाद प्रशासन द्वारा लागू की गई सख्त पाबंदियों ने नाव चालकों की परेशानी और बढ़ा दी। हादसे के बाद जबलपुर के सभी घाटों पर करीब 22 दिनों तक नौकाविहार पूरी तरह बंद रहा। दोबारा संचालन की अनुमति मिलने के बाद सुरक्षा नियमों को और कड़ा कर दिया गया है। अब हर नाव चालक के लिए लाइफ जैकेट रखना अनिवार्य कर दिया गया है। नाव चालकों को यह व्यवस्था अपने खर्च पर करनी पड़ी है। नाव चालक पुरुषोत्तम बर्मन ने बताया कि उन्होंने 5,200 रुपए का कर्ज लेकर 6 लाइफ जैकेट खरीदी हैं, लेकिन कमाई नहीं होने से अब इसकी किस्त चुकाना भी मुश्किल हो रहा है। बड़े त्योहारों पर भी नौकाविहार रोक देते हैं प्रशासन के नए नियमों के अनुसार एक नाव में अधिकतम 6 यात्रियों को ही बैठाने की अनुमति है। इसके अलावा सुरक्षा कारणों से रात 8 बजे के बाद नौकाविहार बंद कर दिया जाता है। बड़े त्योहारों और अधिक भीड़ वाले अवसरों पर भी नौकाविहार रोक दिया जाता है। नाव चालकों का कहना है कि पहले ही यात्रियों की संख्या कम हो गई है, ऊपर से सीमित कमाई में ठेकेदार को भी निर्धारित हिस्सेदारी देनी पड़ती है। ऐसे में परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है। नाव चालकों ने प्रशासन से मांग की है कि सुरक्षा नियमों के साथ उनकी आजीविका को ध्यान में रखते हुए भी कोई राहत व्यवस्था की जाए।
ललितपुर में सोमवार देर रात एक ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने से एक महिला की मौत हो गई। इस हादसे में तीन बच्चों सहित 16 लोग घायल हुए हैं। सभी घायलों को ललितपुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। यह हादसा ललितपुर-जाखलौन मार्ग पर ग्राम ऐरा के पास हुआ। ट्रैक्टर-ट्रॉली में 20 से अधिक लोग सवार थे, जो मध्य प्रदेश के अशोक नगर स्थित करीला धाम से भंडारा करके अपने घर लौट रहे थे। महरौनी कोतवाली क्षेत्र के ग्राम भौंरदा निवासी लाखन सिंह ने करीला धाम में भंडारे का आयोजन किया था। वह अपने रिश्तेदारों, परिजनों और गांव के लोगों के साथ रविवार को ट्रैक्टर-ट्रॉली से करीला धाम गए थे। सोमवार को भंडारा संपन्न होने के बाद वे शाम करीब 6:30 बजे वापस गांव के लिए निकले थे। रात लगभग 2 बजे जब वे ग्राम ऐरा के पास पहुंचे, तो अनियंत्रित ट्रैक्टर-ट्रॉली सड़क पर पलट गई। ट्रॉली में सवार सभी लोग उसके नीचे दब गए। ग्रामीणों को सूचना मिलने पर वे मौके पर पहुंचे और दबे हुए लोगों को बाहर निकाला। सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची और सभी घायलों को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा। चिकित्सकों ने भौंरदा निवासी 35 वर्षीय बेबीराजा पत्नी सुरेंद्र को मृत घोषित कर दिया। घायलों में भौंरदा निवासी अंश (13), आरिफ (11), नवाजिश (12), टिंकू राजा (24), लवकुश (18), बड़ी दुलरिया (50), मझली बहू (54), आराध्या (8), वाहिद (26), काशीराम (55) शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, मास्टर कॉलोनी महरौनी निवासी सरोज राजा (45), वीरपाल (22), सतरवांस निवासी पुष्पा राजा (60), पाली निवासी अंजली राजा (26) और पूजा राजा भी घायल हुए हैं।
हत्या के प्रयास के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे हिस्ट्रीशीटर गौरव हेपट को रायपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के कब्जे से एक अवैध पिस्टल और एक जिंदा कारतूस भी बरामद हुआ है। पुलिस ने हत्या के प्रयास के मामले में गिरफ्तारी के साथ ही आर्म्स एक्ट के तहत अलग से अपराध दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। अब पढ़े क्या है पूरा मामला पुलिस के मुताबिक, थाना डी.डी. नगर में दर्ज हत्या के प्रयास के प्रकरण में गौरव हेपट घटना के बाद से लगातार फरार था। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था। लंबित गंभीर मामलों की समीक्षा के दौरान पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट तथा डी.डी. नगर थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने उसकी तलाश तेज की। पुलिस ने मुखबिर तंत्र सक्रिय करने के साथ तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की गतिविधियों पर नजर रखी। सूचना मिलने पर टीम ने घेराबंदी कर गौरव हेपट को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से एक अवैध पिस्टल और एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ। आरोपी हथियार रखने संबंधी कोई वैध दस्तावेज या लाइसेंस प्रस्तुत नहीं कर सका। फरारी काटने गया था दमन दीव–धमतरी पूछताछ में गौरव हेपट ने फरारी के दौरान दमन-दीव, बिलासपुर और धमतरी में अलग-अलग स्थानों पर छिपकर रहने की बात स्वीकार की है। पुलिस अब उन लोगों और ठिकानों की भी जांच कर रही है, जहां आरोपी ने शरण ली थी। पुलिस के अनुसार गौरव हेपट थाना कोतवाली का हिस्ट्रीशीटर है। उसके खिलाफ रायपुर के विभिन्न थानों में हत्या के प्रयास, मारपीट, आर्म्स एक्ट, नारकोटिक्स समेत एक दर्जन से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपी के आपराधिक नेटवर्क और फरारी के दौरान उसकी मदद करने वालों की भी जांच की जा रही है।
सीतापुर में भीषण गर्मी और उमस से जूझ रहे लोगों को मंगलवार सुबह मौसम ने थोड़ी राहत दी। सुबह से आसमान में घने बादल छाए रहने और तेज हवाएं चलने से वातावरण पूरी तरह बदल गया। इसके साथ ही कई स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी और फुहारें पड़ने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली। मंगलवार तड़के से ही आसमान में बादलों का डेरा रहा। तेज हवाओं के चलते मौसम सुहाना हो गया और गर्मी का असर काफी कम महसूस किया गया। सुबह के समय हल्की बारिश होने से सड़कों पर भी ठंडक का एहसास रहा। मौसम के बदले रुख के कारण सुबह की सैर पर निकले लोगों और कामकाजी लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली। मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार सुबह न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि सोमवार को जिले का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। तापमान में आई गिरावट और बादलों की मौजूदगी से दिनभर मौसम अपेक्षाकृत सुहाना रहने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि बीच-बीच में उमस बनी रह सकती है। बारिश की हल्की फुहारों से किसानों के चेहरे भी खिल उठे हैं। धान की रोपाई की तैयारी कर रहे किसानों का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में अच्छी बारिश होती है तो खेती-किसानी के कार्यों में तेजी आएगी और सिंचाई की समस्या भी काफी हद तक कम होगी। मौसम में आए इस बदलाव का असर बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर भी देखने को मिला। लोग गर्मी से राहत मिलने पर घरों से बाहर निकले और सुबह के समय मौसम का आनंद लेते दिखाई दिए। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक बादलों की आवाजाही और हल्की बारिश की संभावना बनी रह सकती है, जिससे तापमान में और गिरावट आ सकती है।
कानपुर के रावतपुर क्षेत्र में किशोरी को बंधक बनाकर धर्मांतरण का दबाव बनाने और विरोध करने पर शारीरिक प्रताड़ना में मामले में जांच आगे बढ़ गई है। मेडिकल परीक्षण कराने से इंकार करने के बाद सोमवार को दोपहर में एक बजे पीड़िता के न्यायालय में मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दर्ज कराए गए। पुलिस के अनुसार, किशोरी ने अपने बयान में एफआईआर में लगाए गए आरोपों की पुष्टि की है। बयान दर्ज होने के बाद उसे वन स्टॉप सेंटर भेज दिया गया है, जहां से मंगलवार को परिजनों के सुपुर्द किया जाएगा। पीड़िता ने मेडिकल कराने से इनकार किया, कोर्ट मे दिए बयान पुलिस के अनुसार, 17 वर्षीय किशोरी ने आरोप लगाया है कि रावतपुर क्षेत्र से एक युवक उसे घूमाने के बहाने मोतीझील कारगिल पार्क ले गया। वहां से उसे अगवा कर अपने घर में बंधक बनाकर रखा गया। पीड़िता का आरोप है कि करीब एक सप्ताह तक उस पर कलमा पढ़ने और गोमांस खाने का दबाव बनाकर मतांतरण कराने का प्रयास किया गया। विरोध करने पर गर्म चिमटे से जलाकर शारीरिक यातनाएं दी गईं। शनिवार को किसी तरह घर पहुंची किशोरी ने परिजनों को पूरी घटना बताई। इसके बाद पुलिस ने चमनगंज निवासी अरमान तथा उसकी बहन, मां और पिता के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। कार्रवाई करते हुए पुलिस ने मुख्य आरोपी अरमान को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। रविवार को पुलिस पीड़िता को मेडिकल परीक्षण के लिए अस्पताल लेकर पहुंची थी, लेकिन किशोरी और उसकी मां ने मेडिकल कराने से साफ इंकार कर दिया। इसके बाद सोमवार को पुलिस उसे वन स्टॉप सेंटर से कोर्ट लेकर पहुंची, जहां मजिस्ट्रेट के समक्ष उसके बयान दर्ज कराए गए। बयानों मे पीड़िता ने अपने साथ हुई घटना का बारीकी से बताया और आरोपी के खिलाफ कड़ी सजा की मांग भी की। डीसीपी पश्चिम एसएम कासिम आबिदी ने बताया- पीड़िता ने अपने मजिस्ट्रेटी बयान में मुकदमे में दर्ज घटना की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि मेडिकल परीक्षण से इंकार किए जाने के बावजूद मामले की जांच अन्य साक्ष्यों और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है। पुलिस का कहना है कि विवेचना निष्पक्ष तरीके से जारी है और सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है।
रतलाम शहर के थाना औद्योगिक में पदस्थ हेड कॉन्स्टेबल तपेश गोसाई को राजस्थान के भीलवाड़ा में एसीबी टीम ने सोमवार शाम 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। आरोपी हेड कॉन्स्टेबल तपेश गोसाई पर धोखाधड़ी के एक मामले में गिरफ्तार आरोपी के भाई के साथ मारपीट नहीं करने और जांच में सहयोग के बदले 1 लाख 10 हजार रुपए की रिश्वत मांगने का आरोप है। इसके पहले भी वह 10 हजार रुपए ले चुका था और शेष राशि में से 50 हजार रुपए लेने के लिए भीलवाड़ा के एक होटल में पहुंचा था। जिस होटल में आरोपी अपनी टीम के साथ ठहरा था, उसी होटल में एसीबी ने भी गोपनीय रूप से डेरा डाल रखा था। जैसे ही उसने कमरे में परिवादी से रिश्वत की रकम ली, एसीबी टीम ने तुरंत दबिश देकर उसे रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। रतलाम से जुड़ा है मामलाएसीबी के महानिदेशक पुलिस गोविन्द गुप्ता ने बताया, मामला रतलाम (मध्यप्रदेश) के 80 फीट रोड निवासी व्यापारी रतन जांगिड़ की शिकायत से जुड़ा था। उन्होंने आरोप लगाया था कि जूनावास (भीलवाड़ा) निवासी मोहम्मद लियाकत ने रतलाम में नए आरटीओ कार्यालय के सामने स्थित बंद पड़ी ऑयल मिल और जमीन का 11 करोड़ 10 लाख रुपए में सौदा कर 25 लाख 76 हजार रुपए ले लिए, लेकिन न जमीन का अनुबंध कराया और न ही मालिक से मुलाकात कराई। इस शिकायत पर औद्योगिक क्षेत्र थाना पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया था और आरोपी को जांच के लिए रविवार को भीलवाड़ा लाया गया था। भीलवाड़ा एसीबी-द्वितीय को शिकायत मिली थी कि हेड कॉन्स्टेबल तपेश गोसाई, जो रतलाम के औद्योगिक क्षेत्र थाने में दर्ज एक धोखाधड़ी के मामले की जांच कर रहा था, परिवादी से रिश्वत मांग रहा है। शिकायत के सत्यापन के बाद एसीबी ने ट्रैप की योजना बनाई। पहले 10 फिर 50 हजार लेने बुलायाएसीबी महानिदेशक के अनुसार जांच में सामने आया कि हेड कॉन्स्टेबल तपेश गोसाई ने गिरफ्तार आरोपी के भाई के साथ मारपीट नहीं करने और मामले में सहयोग करने के बदले 1 लाख 10 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। आरोपी पहले ही 10 हजार रुपए ले चुका था। इसके बाद शेष राशि में से 50 हजार रुपए लेने के लिए भीलवाड़ा के सर्किट हाउस के पास स्थित एक होटल में समय तय किया गया। वर्दी की जेब से मिले 50 हजार रुपएडिप्टी एसपी नरपत सिंह चारण के नेतृत्व में एसीबी टीम ने होटल में ट्रैप कार्रवाई की। इस दौरान हेड कॉन्स्टेबल तपेश गोसाई (40), निवासी रतलाम, परिवादी से 50 हजार रुपए लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया। तलाशी के दौरान रिश्वत की पूरी राशि उसकी पहनी हुई पुलिस वर्दी की पैंट की जेब से बरामद हुई। एसीबी ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है और मामले में आगे की कार्रवाई जारी है। रिश्वत लेते हेड कॉन्स्टेबल को सोमवार को पकड़ा था। टीम से अलग कमरे में बुलाकर लिए रुपएट्रैप कार्रवाई के दौरान हेड कॉन्स्टेबल तपेश गोसाई होटल के कमरा नंबर 104 में अपनी टीम से अलग ठहरा हुआ था। उसने परिवादी को इसी कमरे में रुपए लेकर आने के लिए बुलाया था। जबकि उसके साथ आई एएसआई सहित चार अन्य पुलिसकर्मी होटल के कमरा नंबर 105 में रुके हुए थे। शिकायत के सत्यापन के बाद बनाई गई रणनीति के तहत एसीबी टीम ने पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया। जैसे ही आरोपी हेड कॉन्स्टेबल ने परिवादी से 50 हजार रुपए लिए, टीम ने तत्काल उसे दबोच लिया। रिश्वत की राशि मौके पर ही बरामद कर ली गई। अब आरोपी से पूछताछ के साथ मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।
जैसलमेर में चली हवाएं, नहीं मिली गर्मी से राहत:4 दिनों तक मौसम साफ, चढ़ेगा पारा, बढ़ेगी तपिश
जैसलमेर में सोमवार को चली ठंडी हवाओं ने दिन और रात के पारे में करीब 2-2 डिग्री सेल्सियस की आंशिक गिरावट जरूर दर्ज कराई, जिससे अधिकतम तापमान 41.2 डिग्री और न्यूनतम तापमान 27.5 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। हालांकि, आंकड़ों की इस मामूली कमी के बावजूद धरातल पर उमस और चिलचिलाती धूप के तीखे तेवरों से आमजन को गर्मी से कोई राहत नहीं मिल सकी। दोपहर के समय मुख्य बाजारों और सड़कों पर आवाजाही पूरी तरह ठप नजर आई। मौसम विभाग ने आगामी चार दिनों तक सीमावर्ती क्षेत्र में आसमान साफ रहने और शुष्क हवाएं चलने का अनुमान जताया है, जिससे तापमान में एक बार फिर बढ़ोतरी होगी और गर्मी के तेवर और कड़े हो जाएंगे। प्री-मानसून की बेरुखी ने बढ़ाई चिंता जहां एक तरफ प्रदेश के अधिकांश जिलों में प्री-मानसून पूरी तरह सक्रिय है और झमाझम बारिश का दौर जारी है, वहीं सीमावर्ती जिला जैसलमेर अब तक अच्छी बारिश से महरूम है। आमतौर पर जून के आखिरी दिनों तक यहां प्री-मानसून की दस्तक हो जाती है, जिसके तुरंत बाद स्थानीय किसान खरीफ की फसलों की बुवाई शुरू कर देते हैं। लेकिन इस बार मौसम की बेरुखी ने किसानों और आमजन की चिंता को बढ़ा दिया है। आगामी दिनों में और कड़े होंगे गर्मी के तेवर मौसम विभाग के अनुसार, सीमावर्ती क्षेत्र में आगामी चार दिनों तक मौसम पूरी तरह साफ रहने की प्रबल संभावना है। इस दौरान आसमान में बादलों की आवाजाही नाममात्र की रहेगी और तेज धूप खिलेगी। साफ आसमान और शुष्क हवाओं के चलते आने वाले दिनों में तापमान में एक बार फिर बढ़ोतरी देखी जा सकती है। पशुपालकों और ग्रामीणों को सलाह मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि शुष्क मौसम के कारण गर्मी की तल्खी और उमस और अधिक बढ़ेगी। ऐसे में ग्रामीण इलाकों और विशेषकर पशुपालकों को इस भीषण स्थिति में अपने मवेशियों और स्वयं के बचाव के लिए विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
कुशीनगर में 26 पुलिस अधिकारी बदले:एसपी केशव कुमार ने निरीक्षक-उपनिरीक्षकों का किया तबादला
कुशीनगर के पुलिस अधीक्षक केशव कुमार ने जिले में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। सोमवार देर रात जारी आदेश के तहत 26 निरीक्षक, महिला निरीक्षक और उपनिरीक्षकों का तत्काल प्रभाव से स्थानांतरण कर दिया गया। यह कदम जनहित और प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया गया है। इस फेरबदल में कई थानों के प्रभारी बदले गए हैं। इसके अतिरिक्त, साइबर थाना, जनसूचना सेल और महिला थाना में भी नई नियुक्तियां की गई हैं। स्थानांतरण सूची के अनुसार, निरीक्षक विद्याधर कुशवाहा को एसएचओ एएचटी से प्रभारी वीआईपी सेल भेजा गया है। जितेंद्र टण्डन को साइबर थाना से महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन में तैनात किया गया, जबकि चंद्रभूषण प्रजापति नेबुआ नौरंगिया से एसएचओ एएचटी बनाए गए हैं। संजय दूबे को हाटा से नेबुआ नौरंगिया का प्रभारी नियुक्त किया गया है। विनय कुमार सिंह को सेवरही से साइबर थाना भेजा गया है। महिला थाना प्रभारी सुमन सिंह को पुलिस लाइन स्थानांतरित किया गया है। पुलिस लाइन से निरीक्षक संतोष कुमार और अपराध निरीक्षक अरविंद कुमार को साइबर थाना में तैनाती मिली है। अपराध निरीक्षक हरेराम यादव को प्रभारी जनसूचना सेल की जिम्मेदारी दी गई है। उपनिरीक्षकों के तबादलों में धीरेंद्र राय को पटहेरवा से कप्तानगंज, विनय मिश्रा को विशुनपुरा से अहिरौली बाजार, दीपक सिंह को कप्तानगंज से हाटा, दिनेश कुमार को बरवापट्टी से चौराखास और प्रविंद्र राय को अहिरौली बाजार से पटहेरवा का थानाध्यक्ष बनाया गया है। इसके अलावा, मनोज वर्मा को जनसूचना सेल से सेवरही, शनि जावला को कप्तानगंज चौकी से विशुनपुरा, उपेंद्र कुमार को पीआरओ/मीडिया सेल से बरवापट्टी भेजा गया है। चंद्रा यादव को पडरौना से महिला थाना और मंजू त्रिपाठी को महिला थाना से रविंद्रनगर धूस थाने में तैनात किया गया है। थानाध्यक्ष चौरा खास रहे दिनेश साहनी को वाचक उप निरीक्षक नेबुआ बनाया गया है। पुलिस अधीक्षक केशव कुमार ने सभी स्थानांतरित अधिकारियों को तत्काल अपने नए तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए हैं। इस फेरबदल का उद्देश्य जिले की पुलिस व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं सुचारु बनाना है।
शाहजहांपुर में राजकीय मेडिकल कॉलेज में मरीजों को बेड की कमी का सामना करना पड़ रहा है। हालात ऐसे हैं कि एक-एक बेड पर दो से तीन मरीजों का इलाज किया जा रहा है। वहीं कई मरीजों को ट्रॉमा सेंटर में घंटों स्ट्रेचर पर लेटकर बेड खाली होने का इंतजार करना पड़ रहा है। नई बस्ती टिक्कल निवासी 75 वर्षीय मेहंदी हसन को सांस लेने में दिक्कत होने पर उनकी पत्नी शाहजहां सोमवार सुबह करीब 10:30 बजे मेडिकल कॉलेज के ट्रॉमा सेंटर लेकर पहुंचीं। परिजनों का आरोप है कि बेड खाली न होने के कारण उन्हें पर्चा काउंटर के सामने गैलरी में स्ट्रेचर पर लिटा दिया गया। मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि बेड मांगने पर अस्पताल कर्मियों की ओर से इंतजार करने या फिर छुट्टी लेकर जाने की बात कही जाती है। एक बेड पर दो-दो मरीजों का इलाज मोहम्मदी निवासी शहाना और जहानीखेड़ा की प्रेमा देवी को एक ही बेड पर भर्ती किया गया। वहीं बीसलपुर निवासी सूरजपाल के घायल बेटे एकांश और बेटी माही को भी ऐसे बेड पर लिटाया गया, जिस पर पहले से लालपुर निवासी बुजुर्ग अनवर अली ऑक्सीजन सपोर्ट पर भर्ती थे। इस व्यवस्था को लेकर परिजनों ने नाराजगी जताई। कॉलेज में 430 बेड, 370 मरीज भर्ती मेडिकल कॉलेज में मरीजों के लिए कुल 430 बेड स्वीकृत हैं। सोमवार दोपहर करीब दो बजे तक अस्पताल में 370 मरीज भर्ती थे। इसके बावजूद ट्रॉमा सेंटर में बेड उपलब्ध न होने की शिकायतें सामने आईं। प्राचार्य बोले- बेड की कोई कमी नहीं राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार ने बेड की कमी के आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि दोपहर के समय ओपीडी के दौरान मरीजों की संख्या अधिक रहती है। कई मरीज केवल इंजेक्शन या ग्लूकोज चढ़वाने आते हैं और कुछ भर्ती होने की आवश्यकता न होने के बावजूद बेड की मांग करते हैं। प्राचार्य के अनुसार मेडिकल कॉलेज में बेड की कोई कमी नहीं है और जरूरतमंद मरीजों को भर्ती कर उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।
प्रदेश को आज अपना एफपीओ मिलेगा। प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान आज रेवाड़ी आएंगे। बावल के कृषि कॉलेज में आयोजित खेत बचाओ अभियान के समापन समारोह में शामिल होंगे। इस दौरान बावल के लिए 121 करोड़ की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया जाएगा। वीवीआईपी दौरे को देखते हुए चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात रहेगी। कार्यक्रम में शामिल होने वालों के लिए भी छांव और बिजली पानी के पर्याप्त प्रबंध किए जाएंगे। इसके लिए सोमवार देर शाम तक डीसी-एसपी आयोजन स्थल पर डटे रहे। जानिए क्या है एफपीओ हरियाणा एफपीओ मिशन छोटे और सीमांत किसानों का सामूहिक संगठन है। जिसका उद्देश्य किसानों को एकजुट कर कृषि लागत कम करना और स्थानीय बाजार से जोड़कर अंतर्राष्ट्रीय बाजार तक उनकी पहुंच बनाना है। 10 से 50 किसान समूह को रजिस्टर करवा सकते हैं। इसे कंपनी अधिनियम या सहकारी समिति कानून के तहत पंजीकृत करवाया जा सकता है। जो एक कंपनी की तरह काम करेगा और नाबार्ड जैसी संस्थाओं का सहयोग मिलेगा। जानिए कैसे करेगा काम किसान एफपीओ के माध्यम से अनाज की प्रोसेसिंग कर सकते है। जैसे सरसों का तेल निकालन, मसाले पीसना, पैकेजिंग और ब्रॉडिंग करना शामिल है। व्यापारियों को फसल बेचते समय स्वयं अपनी कीमत तय कर सकते हैं। थोक में खाद, बीज और कीटनाशक खरीदकर किसानों को बाजार से कम दामों पर मुहैया करवा सकते हैं। एफपीओ को कृषि यंत्रों (जैसे ट्रैक्टर, रोटरवेटर) और सोलर प्लांट पर सरकार से 50% से 90% तक की सब्सिडी मिलती है। कोल्ड स्टोरेज और पैकेजिंग जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए आर्थिक सहायता मिलती है। किसान सीधे एफपीओ को अपनी फसल बेच सकते हैं। समूह में उपज अधिक होने के कारण इसे सीधे बड़ी कंपनियों, रिटेल चेन या सीधे अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में भेजा जा सकता है। 13 पुलिस नाके किए स्थापित आयोजन स्थल पर असामाजिक तत्वों की एंट्री के लिए आयोजन स्थल पर जाने वाले विभिन्न रास्तों पर 13 पुलिस नाके स्थापित किए गए हैं। दंगा निरोधक दस्ता, बम डिस्पोजल, टियर गैस स्क्वाड, वजरा वाहन की विशेष रूप से तैनाती रहेगी। सादी वर्दी में तैनात पुलिसकर्मी संदिग्धों पर नजर रखेंगे।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP)-2020 के तहत इलाहाबाद विश्वविद्यालय और उसके संघटक कॉलेज एसएस खन्ना गर्ल्स डिग्री कॉलेज में नए शैक्षणिक सत्र से एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। कॉलेज में इसी सत्र से चार वर्षीय इंटीग्रेटेड बीए-बीएड (BA-BEd) पाठ्यक्रम की शुरुआत की जा रही है। इस नए कोर्स में कुल 50 सीटों पर अभ्यर्थियों को प्रवेश दिया जाएगा। राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद ने इस कार्यक्रम को मान्यता दे दी है। इस कोर्स के जरिए अब विद्यार्थियों को दोहरी डिग्री मिलेगी। वे शिक्षाशास्त्र में स्नातक के साथ कला संकाय के किसी एक विषय में मेजर डिग्री प्राप्त करेंगे। NCET मेरिट के आधार पर होगा दाखिला इस पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने के इच्छुक अभ्यर्थियों के लिए एनसीईटी (नेशनल कॉमन एंट्रेंस टेस्ट) उत्तीर्ण होना अनिवार्य किया गया है। प्रवेश पूरी तरह से एनसीईटी की मेरिट सूची के आधार पर ही तय होगा। इसके लिए अलग से कोई अन्य प्रवेश परीक्षा आयोजित नहीं की जाएगी। इसके साथ ही, अभ्यर्थी का कला व मानविकी वर्ग से इंटरमीडिएट उत्तीर्ण होना या इस वर्ष परीक्षा में शामिल होना आवश्यक है। काउंसिलिंग और आवश्यक दस्तावेज विश्वविद्यालय के काउंसिलिंग कार्यक्रम जारी होने के बाद चयनित अभ्यर्थियों को अपने मूल प्रमाण-पत्रों के सत्यापन (वेरिफिकेशन) के लिए व्यक्तिगत रूप से कॉलेज में उपस्थित होना होगा। सीट आवंटित होने के बाद तय समय सीमा के भीतर प्रवेश शुल्क जमा करना अनिवार्य है। कॉलेज प्रशासन की अपील और कोर्स का उद्देश्य प्रशासन ने सभी अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे समय-समय पर विश्वविद्यालय और कॉलेज की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी होने वाली काउंसिलिंग संबंधी सूचनाओं पर कड़ी नजर बनाए रखें। इस चार वर्षीय इंटीग्रेटेड बीए-बीएड पाठ्यक्रम को शुरू करने का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को स्नातक (Graduation) के साथ-साथ शिक्षक शिक्षा (Teacher Education) की डिग्री एक ही पाठ्यक्रम में उपलब्ध कराना है।
बेटी को ससुराल से ला रहे परिवार पर हमला:हमीरपुर में 15-20 लोगों ने की मारपीट, पुलिस में शिकायत दर्ज
हमीरपुर जिले के सुमेरपुर थाना क्षेत्र में बेटी को ससुराल से वापस ला रहे परिवार पर हमला हुआ है। पीड़ित पिता ने आरोप लगाया है कि करीब 15 से 20 लोगों ने रास्ता रोककर उसके और उसके बेटे के साथ बेरहमी से मारपीट की। घायल परिवार ने देर रात सुमेरपुर थाने पहुंचकर पुलिस को तहरीर दी। यह घटना सुमेरपुर थाना क्षेत्र के बिरखेरा गांव से संबंधित है। बांदा जिले के जसपुरा थाना क्षेत्र निवासी संतोष कुमार ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उन्होंने वर्ष 2024 में अपनी बेटी प्रीति की शादी बिरखेरा गांव निवासी रोहित के साथ की थी। संतोष का आरोप है कि 28 जून को बेटी प्रीति का फोन आया और उसने बताया कि ससुराल पक्ष के लोगों ने उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट की है। इस सूचना पर 29 जून को संतोष अपनी पत्नी मीरा और बेटे सत्यम के साथ बेटी की ससुराल पहुंचे। 29 जून की शाम को जब वे लोग प्रीति को अपने साथ वापस लेकर जसपुरा के लिए निकले थे। आरोप है कि जैसे ही परिवार पारा रैपुरा के पास पहुंचा, तभी करीब 15 से 20 लोगों ने उनका रास्ता रोक लिया और हमला कर दिया। संतोष का कहना है कि हमलावरों ने लाठी-डंडों से मारपीट की, जिससे वह और उनका बेटा सत्यम घायल हो गए। घटना के बाद संतोष अपनी पत्नी, बेटे और बेटी के साथ देर रात सुमेरपुर थाने पहुंचे। उन्होंने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ तहरीर देकर न्याय की मांग की है। पुलिस का कहना है कि तहरीर के आधार पर मामले की जांच की जा रही है और जांच के बाद आवश्यक विधिक कार्रवाई की जाएगी।
वेदपुरी में पहली बारिश से फसलें बहीं:मक्का, कपास, मिर्च तबाह; किसानों को उचित मुआवजे की मांग
बड़वानी के सिलावद के पास स्थित ग्राम वेदपुरी में पहली बारिश ने किसानों को नुकसान पहुंचाया है। ग्रामीणों के अनुसार, बारिश से खेतों में खड़ी फसलें बह गईं। मेड़ें टूट गईं और उपजाऊ मिट्टी भी पानी के साथ बह निकली। करीब पंद्रह से तीस दिन पहले बोई गई मक्का, कपास और मिर्च की फसलें पूरी तरह तबाह हो गईं। खेतों में पानी का तेज बहाव इतना अधिक था कि फसलों के साथ-साथ खेतों की मेड़ें और उपजाऊ मिट्टी भी बह गई। 15 दिन पहले चार एकड़ खेत में मिर्च की फसल लगाई ग्रामीण किसान शोभाराम ने बताया कि उन्होंने 15 दिन पहले चार एकड़ खेत में मिर्च की फसल लगाई थी, जो सोमवार को हुई बारिश से पूरी तरह तबाह हो गई। उन्होंने लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान लगाते हुए कहा कि यह फसल कर्ज लेकर लगाई गई थी। उनके आसपास के किसानों को भी मिर्च और कपास की फसलों में नुकसान हुआ है। दो एकड़ में तीन पैकेट कपास बोया था एक अन्य ग्रामीण किसान आलसिंह ने बताया कि उन्होंने दो एकड़ में तीन पैकेट कपास बोया था, जो बारिश में बह गया। उन्होंने पटवारी को घटना की सूचना दी है। किसानों ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि उनके खेतों का सर्वे कराकर उचित मुआवजा दिया जाए, ताकि वे दूसरी फसल लगा सकें। ग्राम वेदपुरी के किसान इठला, रामसिंह और अन्य ग्रामीणों का कहना है कि कई खेत अब पत्थरों और चट्टानों में बदल गए हैं। खेतों में मिट्टी की जगह कंकड़-पत्थर नजर आ रहे हैं, जिससे दोबारा खेती करना मुश्किल हो गया है। किसानों का मानना है कि इससे न केवल इस सीजन की फसल, बल्कि आने वाले समय की खेती भी संकट में पड़ गई है। फसल नुकसान का उचित मुआवजा देने की मांग यह भी सामने आया है कि सिलावद से महज 7 किलोमीटर दूर स्थित वेदपुरी में मूसलाधार बारिश ने तबाही मचाई, जबकि सिलावद क्षेत्र में सामान्य बारिश ही हुई। कुछ ही किलोमीटर के दायरे में मौसम के इस बदले हुए रूप ने किसानों की स्थिति को और अधिक प्रभावित किया है। अब पीड़ित किसान शासन-प्रशासन से सर्वे कराकर फसल नुकसान का उचित मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि अगर जल्द राहत नहीं मिली तो उनके सामने आर्थिक संकट और रोजी-रोटी का बड़ा सवाल खड़ा हो जाएगा।
फिरोजाबाद के शिकोहाबाद थाना क्षेत्र में मैनपुरी रोड स्थित मोहम्मदपुर माड़ई गांव में मंगलवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हुआ। सड़क किनारे चारपाई पर सो रहे पिता-पुत्र को एक गैस टैंकर ने कुचल दिया, जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे में उनकी बेटी गंभीर रूप से घायल हो गई। जानकारी के अनुसार, 50 वर्षीय कासिम अली अपने 10 वर्षीय बेटे तौसीफ और 13 वर्षीय बेटी शहरीन (सिफा) के साथ घर के बाहर चारपाई पर सो रहे थे। सुबह करीब छह बजे अरांव की ओर से आ रहा गैस से भरा एक टैंकर अनियंत्रित हो गया। बताया जा रहा है कि चालक को नींद की झपकी आने के कारण टैंकर सड़क से उतरकर सीधे चारपाई पर चढ़ गया। इस भीषण हादसे में कासिम अली और उनके बेटे तौसीफ ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। बेटी शहरीन गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसे तत्काल उपचार के लिए सैफई मेडिकल कॉलेज भेजा गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने शिकोहाबाद-मैनपुरी रोड पर जाम लगा दिया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। इस कारण लगभग एक घंटे तक यातायात बाधित रहा। सूचना मिलने पर एसडीएम शिकोहाबाद गजेंद्र पाल सिंह, क्षेत्राधिकारी पुलिस अमरीश कुमार, इंस्पेक्टर अनुज कुमार राणा और अन्य प्रशासनिक अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने पीड़ित परिवार को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। उनकी समझाइश के बाद ग्रामीणों ने जाम समाप्त किया, जिसके बाद यातायात सुचारु हो सका। प्राथमिक जांच में हादसे का कारण टैंकर चालक को नींद की झपकी आना बताया जा रहा है। पुलिस ने टैंकर को जब्त कर चालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। इस घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है।
अमेठी में तेज रफ्तार ट्रक हादसे का शिकार हो गया। गौरीगंज कोतवाली क्षेत्र में सुल्तानपुर-अमेठी रोड पर हनुमान तिराहे के पास एक अनियंत्रित ट्रक पीडब्ल्यूडी के साइन बोर्ड से टकरा गया। इस दुर्घटना में ट्रक का ड्राइवर केबिन में फंस गया, जिसे पुलिस ने रेस्क्यू कर अस्पताल पहुंचाया। जानकारी के अनुसार, यह हादसा आज सुबह हुआ। टक्कर इतनी जोरदार थी कि ट्रक का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और ड्राइवर केबिन में ही फंस गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही गौरीगंज कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से काफी मशक्कत के बाद क्षतिग्रस्त ट्रक में फंसे ड्राइवर को बाहर निकाला। घायल ड्राइवर को तुरंत एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेजा गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस के अनुसार, हादसे की मुख्य वजह ड्राइवर को नींद की झपकी आना बताया जा रहा है। ट्रक पर गिट्टी लदी थी और वह सुल्तानपुर की तरफ जा रहा था। गनीमत रही कि हादसे के वक्त सड़क पर अन्य वाहन नहीं थे, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। पुलिस ने क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त ट्रक को सड़क से हटवाया और यातायात सामान्य कराया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
हिमाचल हाईकोर्ट ने पोंग बांध विस्थापितों को राजस्थान में जमीन आवंटन से जुड़े मामले में श्रीगंगानगर के जिला कलेक्टर को तलब किया है। कोर्ट ने उन्हें 22 जुलाई 2026 को व्यक्तिगत रूप से पेश होने के निर्देश दिए हैं। यह मामला अजीत सिंह बनाम हिमाचल प्रदेश सरकार व अन्य से जुड़ा है। इसके साथ एक अन्य याचिका भी जुड़ी हुई है। इन मामलों में याचिकाकर्ता अजीत सिंह हैं। वह पोंग बांध विस्थापितों को राजस्थान में जमीन आवंटन से जुड़े अधिकारों को लेकर हाईकोर्ट पहुंचे हैं। हाईकोर्ट में सुनवाई में राजस्थान के अधिकारियों की ओर से अदालत के 15 मई 2025 के आदेश में संशोधन की मांग की गई थी। अधिकारियों ने दलील दी कि याचिकाकर्ताओं को पहले ही जमीन दी जा चुकी है। राजस्थान के अधिकारियों ने अपनी व्यक्तिगत पेशी से छूट देने की भी मांग की थी। हाईकोर्ट ने दोनों मांगों को खारिज कर दिया। राजस्थान के अधिकारियों का रुख जमीन नहीं देने वाला: कोर्ट कोर्ट ने कहा कि राजस्थान के अधिकारियों का लगातार रुख यह रहा है कि पोंग बांध विस्थापितों को पहले चरण में दी जाने वाली जमीन का आवंटन नहीं किया जाए। यह जमीन राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में दी जानी थी। मगर अधिकारियों ने श्रीगंगानगर के बजाय विस्थापितों को श्रीगंगानगर से करीब 600 किलोमीटर दूर जैसलमेर में जमीन आवंटित की। मामले की अगली सुनवाई 22 जुलाई को होगी अब विस्थापित परिवारों की तीसरी पीढ़ी अपने हकों की लड़ाई लड़ रही है। इसी आधार पर हाईकोर्ट ने 15 मई 2025 के अपने आदेश में बदलाव की मांग करने वाली राजस्थान अधिकारियों की अर्जियां खारिज कर दीं। अब मामले की अगली सुनवाई 22 जुलाई को होगी। इस दिन प्रतिवादी श्रीगंगानगर राजस्थान के जिला कलेक्टर को हाईकोर्ट में उपस्थित होकर स्थिति स्पष्ट करनी होगी। मामला क्या है? पोंग बांध निर्माण के बाद हिमाचल प्रदेश के सैकड़ों परिवार विस्थापित हुए थे। पुनर्वास योजना के तहत उन्हें राजस्थान में कृषि भूमि देने की व्यवस्था की गई थी। मगर कई दशक बीतने के बाद भी बड़ी संख्या में परिवारों को आज तक जमीन नहीं मिल सकी। विस्थापितों का दावा है कि उन्हें जो जमीन पहले चरण में श्रीगंगानगर में मिलनी थी, वह नहीं दी गई और उन्हें दूर जैसलमेर में जमीन दे दी गई। कोर्ट ने माना कि यह विवाद अभी कायम है, इसलिए राजस्थान की ओर से आदेश बदलने की मांग स्वीकार नहीं की गई। बता दें कि हिमाचल में निर्मित पोंग बांध से बिजली निर्मित हो रही है। इससे उत्तर भारत के सैकड़ों गांव को बिजली मिल रही है। इसी तरह, पंजाब, हरियाणा समेत राजस्थान में सैकड़ों गांव को इसका पानी नहरों के माध्यम से सिंचाई के लिए मिल रहा है।
गाजियाबाद में भीषण आग: ट्रांसफॉर्मर धधका, 2 किलोमीटर दूर तक दिखीं लपटें
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के दिल्ली सीमा से सटे खोड़ा क्षेत्र की आदर्श नगर कॉलोनी में सोमवार-मंगलवार मध्यरात्रि 12 बजकर 35 मिनट पर एक ट्रांसफॉर्मर में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग पास से गुजर रही बिजली की केबलों में फैल गई
अमरोहा जिले में 2 से 4 जुलाई तक आयोजित होने वाली उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपी टीईटी) के लिए पुलिस-प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। इस परीक्षा में 28,440 अभ्यर्थी शामिल होंगे, जो 12 केंद्रों पर दो पालियों में आयोजित की जाएगी। परीक्षा की पहली पाली सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 2:30 बजे से शाम 5 बजे तक होगी। सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी, बायोमेट्रिक सत्यापन और स्टेटिक व सेक्टर मजिस्ट्रेटों की तैनाती की गई है ताकि परीक्षा शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से संपन्न हो सके। जिलाधिकारी डॉ. नितिन गौड़ ने कलक्ट्रेट सभागार में सेक्टर एवं स्टेटिक मजिस्ट्रेटों, केंद्र व्यवस्थापकों और संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने सभी को परीक्षा को नकलविहीन और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि यह एक संवेदनशील परीक्षा है, इसलिए सभी अधिकारी आयोग की निर्देश पुस्तिका का गहन अध्ययन कर अपने दायित्वों का पूरी जिम्मेदारी से निर्वहन करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि परीक्षा की शुचिता और पारदर्शिता बनाए रखने में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अभ्यर्थियों की बड़ी संख्या को देखते हुए शहर में तीन दिनों तक विशेष रूट डायवर्जन प्लान लागू रहेगा। इसका उद्देश्य परीक्षार्थियों को समय पर परीक्षा केंद्र तक पहुंचाना और शहर में यातायात जाम की स्थिति से बचना है। इसके अतिरिक्त, बाहरी जिलों से आने वाले अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए शहर के प्रमुख मार्गों और चौराहों पर दिशा-सूचक बोर्ड और होर्डिंग लगाए जाएंगे। परीक्षा केंद्रों में एकेके इंटर कॉलेज, भगवत शरण इंटर कॉलेज, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, राजकीय इंटर कॉलेज, आईएम इंटर कॉलेज, जेएसएच इंटर कॉलेज, जेएस हिंदू पीजी कॉलेज (ब्लॉक-ए एवं ब्लॉक-बी), कुंदन मॉडल इंटर कॉलेज, ज्ञान भारती इंटर कॉलेज गजरौला, शिव इंटर कॉलेज गजरौला और सिख इंटर कॉलेज शामिल हैं।
मुजफ्फरनगर में एक तरफ सरकार जल संरक्षण और हर बूंद पानी बचाने का संदेश दे रही है, वहीं दूसरी ओर बुढ़ाना नगर पंचायत में सरकारी लापरवाही के चलते हजारों लीटर पेयजल सड़कों पर बहकर बर्बाद हो रहा है। क्षेत्र का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों में नाराजगी है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जल निगम ने घरों तक पेयजल कनेक्शन तो दे दिए, लेकिन अधिकांश कनेक्शनों पर टोंटी नहीं लगाई गई। इसके चलते जैसे ही पानी की सप्लाई शुरू होती है, पेयजल सीधे सड़कों और नालियों में बहने लगता है। लगातार पानी बहने से कई गलियों में जलभराव की स्थिति बन गई है। सड़कें नाले जैसी नजर आ रही हैं और लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गंदे पानी से होकर गुजरने को मजबूर लोग स्थानीय नागरिकों का कहना है कि उन्हें रोजाना गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है। कई स्थानों पर फिसलन बढ़ गई है, जिससे दुर्घटना का खतरा भी बना हुआ है। लोगों का आरोप है कि इस समस्या की कई बार शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया। प्रशासन और जल निगम से कार्रवाई की मांग स्थानीय लोगों ने प्रशासन और जल निगम से सभी पेयजल कनेक्शनों पर तत्काल टोंटी लगाने और पानी की बर्बादी रोकने की मांग की है। उनका कहना है कि इससे एक ओर पेयजल का संरक्षण होगा, वहीं दूसरी ओर जलभराव की समस्या से भी लोगों को राहत मिलेगी।
नमस्कार लखनऊ, मुस्कुराइए, आज 30 जून, दिन मंगलवार है... हम आपके लिए आज के इवेंट और आपसे जुड़ी काम की बातों को लेकर आए हैं। इसमें बता रहे हैं कि शहर में कहां और क्या-क्या हो रहा है। बिजली किन इलाकों में कटेगी, पानी किन इलाकों में नहीं आएगा। संगीत-संस्कृति, आर्ट, ड्रामा के इवेंट्स कहां हो रहे हैं। शहर का मौसम, सिटी का ट्रैफिक, सिनेमा, स्कूल-कॉलेज से जुड़ी जानकारियां भी हैं। पढ़िए क्या कुछ हैं, आपके काम की बातें... शहर में आपसे जुड़ी सुविधाएं और इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर- दैनिक भास्कर लखनऊ रिपोर्टिंग टीम से संपर्क करें- यदि आपके पास लखनऊ में किसी इवेंट, कार्यक्रम, आयोजन या किसी समस्या से जुड़ी कोई जानकारी है, जो आप दैनिक भास्कर ऐप पर प्रकाशित करवाना चाहते हैं, तो आप हमारे फोन नंबर- 9454292638 पर वॉट्सऐप मैसेज कर सकते हैं। लखनऊ टुडे को और बेहतर बनाने के लिए आप हमें अपना कीमती फीडबैक भी दे सकते हैं। इसके अलावा कहीं कोई घटना/दुर्घटना होती है, तो उसकी जानकारी भी आप हमें ऊपर दिए वॉट्सऐप नंबर पर मैसेज के जरिये दे सकते हैं।
हाथरस से 16 वर्षीय किशोरी लापता:भाई ने युवक पर बहला-फुसलाकर ले जाने का लगाया आरोप, मुकदमा दर्ज
हाथरस कोतवाली सदर क्षेत्र से 16 वर्षीय किशोरी के लापता होने का मामला सामने आया है। किशोरी के भाई की शिकायत पर पुलिस ने एक नामजद युवक के खिलाफ अपहरण समेत संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़ित ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उसकी 16 वर्षीय बहन 20 मई से घर से लापता है। परिजनों ने अपने स्तर पर काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लग सका। शिकायत के मुताबिक 26 जून को एक मोबाइल नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने अपना नाम मनोज ठाकुर बताया। पीड़ित का आरोप है कि मनोज ठाकुर ही उसकी बहन को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है और उसे अपने पास रखा हुआ है। परिजनों का यह भी आरोप है कि आरोपी लगातार किशोरी को वापस भेजने का आश्वासन देता रहा, लेकिन अब तक उसे घर नहीं भेजा। मुकदमा दर्ज, पुलिस कर रही जांच पीड़ित की तहरीर के आधार पर कोतवाली सदर पुलिस ने नामजद आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। किशोरी की तलाश के लिए आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
कानपुर देहात के बरौर थाना पुलिस ने महिला पर कुल्हाड़ी से जानलेवा हमला करने के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल की गई कुल्हाड़ी भी बरामद की है। आरोपी के खिलाफ हत्या के प्रयास समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। मामला 21 जून 2026 का है। बरौर थाना क्षेत्र के थनवापुर गांव निवासी किशन कुमार ने पुलिस को दी तहरीर में बताया था कि उनकी पत्नी विनीता देवी उर्फ गुड्डन देवी पर पड़ोसी अभिनेश और उसके साथियों ने घर में घुसकर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। हमले में विनीता गंभीर रूप से घायल हो गईं। परिजनों ने उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर कानपुर रेफर कर दिया गया। घटना के समय किशन कुमार बाहर नौकरी पर थे। भाई की मौत का जिम्मेदार मान रहा था महिला को पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी को शक था कि महिला उसके घर पर तंत्र-मंत्र करा रही है। वह अपने भाई की कुछ समय पहले हुई हादसे में मौत के लिए भी महिला को जिम्मेदार मानता था। इसी शक में उसने वारदात को अंजाम दिया। मुखबिर की सूचना पर हुई गिरफ्तारी पीड़ित की शिकायत पर बरौर थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 109(1), 118(1) और 333 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। जांच के दौरान मिले साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने आरोपी अभिनेश पुत्र श्रीकृष्ण, निवासी थनवापुर, को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसे थनवापुर से जगम्मनपुर जाने वाले मार्ग पर दुर्जनपुरवा की ओर जाने वाले कच्चे रास्ते से पकड़ा। निशानदेही पर कुल्हाड़ी बरामद पूछताछ के बाद आरोपी की निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त कुल्हाड़ी भी बरामद कर ली गई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि महिला संबंधी अपराधों के खिलाफ अभियान लगातार जारी है और ऐसे मामलों में आरोपियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पंचकूला के PWD रेस्ट हाउस में आज करीब साढे 11 बजे ग्रीवेंस कमेटी की मीटिंग होगी। जिसकी अध्यक्षता पंचायत मंत्री कृष्णलाल पंवार ने करेंगे। बैठक में पंचकूला कांग्रेस MLA चंद्रमोहन, कालका MLA शक्ति रानी शर्मा व राज्यसभा सांसद रेखा शर्मा कार्तिकेय शर्मा भी मौजूद रहेंगे।पंचायत एवं खनन मंत्री कृष्णलाल पंवार की अध्यक्षता में यह दूसरी बैठक होगी। पहले बैठक में एक माह पहले उन्होंने सहायक खनन अभियंता राजेंद्र प्रसाद को सस्पेंड किया था। उन पर माइनिंग नहीं रोक पाने की शिकायत राज्यसभा सांसद रेखा और कार्तिक शर्मा ने की थी।ग्रीवांस कमेटी मीटिंग में जब सहायक खनन अभियंता राजेंद्र प्रसाद की शिकायत कर रहे थे तो वे मंच से मुस्कुरा रहे थे। उनकी बॉडी लैंग्वेज को लेकर दोनों सांसदों ने ऐतराज किया। उसके बाद दोनों ने तुरंत सस्पेंड करने की मांग कर डाली। जिसके बाद मंत्री ने कहा कि इसे सस्पेंड किया जाता है। पंचायत मंत्री दिया था अधिकारियों को मंत्री का सख्त संदेश:::
छत्तीसगढ़ में अगले 24 घंटे तक हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहेगा। रायपुर में सुबह कई इलाकों में तेज बारिश हुई, वहीं बिलासपुर सोमवार शाम आंधी-तूफान के साथ हुई तेज बारिश से कई इलाकों में जलभराव हो गया। कलेक्टर बंगले के पास एक बड़ा पेड़ गिरने से कार डैमेज हो गई, हालांकि कार सवार सुरक्षित बच गए। पेड़ गिरने से बिजली के तार टूटने के कारण पूरे इलाके की बत्ती गुल हो गई। रायगढ़ में अच्छी बारिश हुई। मौसम विभाग के मुताबिक, 1 जुलाई से पूरे प्रदेश में बारिश की गतिविधियां और तेज होंगी। अगले एक सप्ताह तक अलग-अलग इलाकों में मध्यम से भारी बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। इस बीच सरगुजा जिले के डुमकी गांव में बिजली गिरने से दो बच्चों समेत तीन लोगों की मौत हो गई। हादसे के वक्त सागर (5), रानी (9) और राम साय (36) आम बीनने के लिए पेड़ के नीचे खड़े थे, तभी बिजली गिरने से चपेट में आए तीनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। वहीं, सागर की 12 वर्षीय बड़ी बहन श्रद्धा गंभीर रूप से झुलस गई है, जिसका इलाज जारी है। दूसरी तरफ, प्रदेश में मानसून की रफ्तार अब भी बेहद धीमी है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, छत्तीसगढ़ में 30 जून तक सामान्य तौर पर 178.4 मिमी (7.0 इंच) बारिश हो जानी चाहिए थी, लेकिन अब तक महज 60.02 मिमी (2.3 इंच) बारिश ही रिकॉर्ड की गई है। यानी फिलहाल पूरा प्रदेश सामान्य से करीब 66% कम बारिश की कमी से जूझ रहा है। बारिश की ये तस्वीरें देखिए… आधे शहर की बत्ती गुल, वीआईपी इलाके भी प्रभावित तेज आंधी-बारिश से बिलासपुर की बिजली व्यवस्था चरमरा गई और आधा शहर घंटों अंधेरे में डूबा रहा। कलेक्टर, कमिश्नर और विधायक के वीआईपी इलाकों में भी रात 11 बजे तक बिजली नहीं आ सकी। कलेक्टर बंगले के पास 11 केवी लाइन टूटने और तिफरा-मोपका की 33 केवी मेन लाइन ब्रेकडाउन होने से संकट और बढ़ गया। इंसुलेटर फटे और ट्रांसफार्मर हुआ ब्लास्ट बिरकोना से चांटीडीह के बीच 11 केवी लाइन के एक साथ 9 इंसुलेटर फट गए, जिससे अरपा पार के क्षेत्रों में रात 10 बजे तक ब्लैकआउट रहा। इसके अलावा शनिचरी सबस्टेशन का करंट ट्रांसफार्मर फटने से आसपास के इलाकों में करीब चार घंटे तक बिजली ठप रही। रायपुर का मौसम रायपुर में आज (मंगलवार) बादल छाए रहेंगे। गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। अधिकतम तापमान 35C और न्यूनतम तापमान 25C के आसपास रहने का अनुमान है। अब तक 18 से ज्यादा जिलों में पहुंचा मानसून मानसून अब तक 18 से ज्यादा जिलों में पहुंच चुका है। इनमें मुख्य रूप से रायपुर, दुर्ग, धमतरी, गरियाबंद, महासमुंद, बलौदाबाजार, बेमेतरा, कबीरधाम, राजनांदगांव, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, कांकेर, कोंडागांव, नारायणपुर, बस्तर, दंतेवाड़ा सुकमा, बीजापुर शामिल हैं। इन जिलों में एंट्री बाकी सरगुजा, सूरजपुर, बलरामपुर, कोरिया, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, जशपुर, कोरबा, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, बिलासपुर, मुंगेली, जांजगीर-चांपा, सक्ती, सारंगढ़-बिलाईगढ़ और रायगढ़ में मानसून नहीं पहुंचा है। इन जिलों में अगले 48 घंटों में मानसून एंट्री कर सकता है। हालांकि, इन जिलों में प्री-मानसून की बारिश हो रही है, लेकिन IMD ने आधिकारिक तौर पर मानसून के पहुंचने की घोषणा इन जिलों में नहीं की है। बस्तर में सबसे बेहतर स्थिति, फिर भी 54% तक कम वर्षा प्रदेश में मानसून की पहली दस्तक का असर सबसे पहले बस्तर संभाग में दिखाई दे रहा है, लेकिन इसके बावजूद यहां सामान्य से कम पानी गिरा है: बस्तर जिला: यहां स्थिति सबसे बेहतर है। 142.7 मिमी सामान्य बारिश के मुकाबले 74.8 मिमी वर्षा हुई है (48% कम) दंतेवाड़ा: 107.7 मिमी सामान्य के मुकाबले 49.9 मिमी बारिश दर्ज हुई है (54% कम) सुकमा: यहां 60.3 मिमी पानी गिरा है, जो सामान्य से 54% कम है। कोंडागांव, बीजापुर: कोंडागांव में 51.9 मिमी और बीजापुर में 28 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। मध्य छत्तीसगढ़ में सबसे ज्यादा चिंता रायपुर: 90.1 मिमी के मुकाबले 25.3 मिमी बारिश, 72% कमधमतरी: 112.6 मिमी के मुकाबले 34.2 मिमीदुर्ग: 113.9 मिमी के मुकाबले 34.2 मिमीमहासमुंद: 105.4 मिमी के मुकाबले 20.7 मिमीबलौदाबाजार: 81.3 मिमी के मुकाबले सिर्फ 14 मिमी कई जिलों में 80% से ज्यादा बारिश की कमी राजनांदगांव: 100.3 मिमी के मुकाबले 8.3 मिमी, 92% कम (सबसे गंभीर स्थिति)मोहला-मानपुर-चौकी: 95% कमबलौदाबाजार और सारंगढ़-बिलाईगढ़: 83% कमीसक्ती: 83% कम
रीवा जिले के प्रसिद्ध इटमा वॉटरफॉल में एक बार फिर बड़ा हादसा सामने आया है। प्रयागराज से परिवार के साथ घूमने आए एक युवक का सेल्फी लेते समय पैर फिसल गया, जिससे वह सीधे जलप्रपात की गहराई में जा गिरा। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। जानकारी के मुताबिक लापता युवक की पहचान सूर्यकांत कुमार (23) निवासी प्रयागराज के रूप में हुई है। वह अपने परिवार के साथ इटमा वॉटरफॉल घूमने आया था। इसी दौरान सेल्फी लेते समय अचानक संतुलन बिगड़ने से हादसा हो गया। घटना की सूचना मिलते ही अतरैला थाना पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंच गई। युवक की तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है। टीम नदी और आसपास के क्षेत्रों में सघन सर्च अभियान चला रही है। एसडीआरएफ अधिकारी विकास पांडे ने बताया कि सुबह से उनकी टीम युवक की तलाश में जुटी हुई है। पुलिस और एसडीआरएफ के जवान नदी के अलग-अलग हिस्सों में खोजबीन कर रहे हैं, लेकिन फिलहाल युवक का कोई सुराग नहीं मिल सका है। यहां पहले भी हो चुके हादसेगौरतलब है कि इटमा वॉटरफॉल में इससे पहले भी कई हादसे हो चुके हैं। इसके बावजूद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि खतरनाक स्थानों पर चेतावनी बोर्ड, बैरिकेडिंग और सुरक्षा कर्मियों की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण दुर्घटनाएं लगातार हो रही हैं। फिलहाल प्रशासन की टीमें मौके पर तैनात हैं और युवक की तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।
ट्राईसिटी में साइबर ठग अब लोगों को डराने के लिए देश के चर्चित और संवेदनशील मामलों का सहारा ले रहे हैं। हाल ही में सामने आए दो मामलों में रिटायर्ड बुजुर्ग दंपतियों को डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर निशाना बनाया गया। एक मामले में बेटी की सतर्कता से परिवार करोड़ों की ठगी से बच गया, जबकि दूसरे मामले में ठगों ने खुद को पुलिस और सीबीआई अधिकारी बताकर रिटायर्ड दंपती से 2.15 करोड़ रुपए ट्रांसफर करा लिए। दोनों मामलों की जांच चंडीगढ़ साइबर थाना पुलिस कर रही है। अयोध्या राम मंदिर चोरी में आपका लिंक सेक्टर-49 निवासी एक युवक ने साइबर थाने में शिकायत दी कि उसके माता-पिता एसबीआई से वरिष्ठ पदों से सेवानिवृत्त हैं। पिछले सप्ताह जब वह काम से बाहर था, तभी उसके माता-पिता के पास वीडियो कॉल आई। कॉल करने वाले ने पुलिस की वर्दी पहन रखी थी और खुद को पुलिस अधिकारी बताते हुए कहा कि अयोध्या के राम मंदिर में हुई चोरी के आरोपियों से उनका मोबाइल नंबर मिला है और उनका इस मामले से संबंध है। उन्हें किसी भी समय गिरफ्तार किया जा सकता है। गिरफ्तारी के डर से दंपती करीब तीन घंटे तक कमरे में बंद रहे। इस दौरान ठगों ने उनसे बैंक खातों की पूरी जानकारी ले ली और एफडी तुड़वाने तक के लिए राजी कर लिया। इसी दौरान घर में मौजूद उनकी बेटी को शक हुआ कि माता-पिता कमरे से बाहर नहीं आ रहे हैं। उसने लगातार करीब आधे घंटे तक दरवाजा खटखटाया। ठग वीडियो कॉल पर दंपती को धमका रहे थे कि दरवाजा खोला तो बेटी को भी मामले में फंसा दिया जाएगा। आखिरकार मां ने दरवाजा खोला। बेटी ने तुरंत मोबाइल लेकर कॉल काट दी और अपने भाई को सूचना दी। इसके बाद परिवार ने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई। IPS-CBI अफसर बनकर 2.15 करोड़ ठगे दूसरा मामला पंजाब सरकार के शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्त दरबारा सिंह और उनकी पत्नी का है। साइबर थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायत के अनुसार, दंपती को वीडियो कॉल कर एक व्यक्ति ने खुद को मुंबई के बांद्रा थाने का आईपीएस अधिकारी रवि कुमार बताया। उसने कहा कि मनी लॉन्ड्रिंग मामले के आरोपी ने उनके मोबाइल नंबर का इस्तेमाल किया है और मुंबई पुलिस उन्हें किसी भी समय गिरफ्तार कर सकती है। कुछ देर बाद दूसरी वीडियो कॉल आई, जिसमें कॉल करने वाले ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताया। ठगों ने दंपती से उनकी संपत्ति और बैंक खातों की जानकारी मांगी तथा कहा कि जांच पूरी होने तक उनकी रकम सरकारी कस्टडी में रखी जाएगी और बाद में लौटा दी जाएगी। बैंक तक वीडियो कॉल पर रखी निगरानी ठगों ने दंपती को लगातार धमकाया कि उनके लोग आसपास नजर रख रहे हैं और यदि किसी को जानकारी दी तो तुरंत जेल भेज दिया जाएगा। डर के कारण दंपती बैंक पहुंचे, लेकिन पूरी प्रक्रिया के दौरान वीडियो कॉल चालू रही। बैंक परिसर में कार के अंदर बैठकर उन्होंने आरटीजीएस के जरिए 2.15 करोड़ रुपए ठगों के बताए खातों में ट्रांसफर कर दिए।
रायपुर के नकटी गांव में विस्थापन की कार्रवाई के बाद पूर्व कांग्रेस विधायक विकास उपाध्याय देर रात प्रभावित परिवारों से मिलने पहुंचे। उन्होंने दावा किया कि रात करीब 11:30 बजे गांव पहुंचने पर कई परिवार खुले आसमान के नीचे रात बिताने को मजबूर मिले। उन्होंने कहा कि किसी का आशियाना मलबे में तब्दील हो चुका था, जबकि कई लोग अपने टूटे हुए घरों के पास बैठे नजर आए। मौके पर महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग बेहद परेशान दिखे। उनका आरोप है कि प्रभावित लोगों ने बताया कि आधी रात में बिजली काटकर बुलडोजर की कार्रवाई की गई। पूर्व विधायक का दावा है कि कई विस्थापित परिवारों ने शिकायत की कि 12 से 14 सदस्यों वाले परिवार को केवल एक कमरे का आवास दिया गया है। वहां न पर्याप्त बिजली की व्यवस्था है, न पीने के पानी की सुविधा और न ही शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि यदि सरकार पुनर्वास कर रही है, तो प्रभावित लोगों को सम्मानजनक आवास के साथ सभी मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जानी चाहिए। पहले ये तस्वीरें देखिए… भाजपा सांसद और विधायकों से पूछा सवाल विकास उपाध्याय ने इस मुद्दे पर रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल और स्थानीय भाजपा विधायकों को भी निशाने पर लिया। उन्होंने सवाल किया कि जब प्रभावित परिवार खुले आसमान के नीचे रात गुजारने को मजबूर हैं, तब जनप्रतिनिधि उनकी सुध लेने क्यों नहीं पहुंचे। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी केवल विकास कार्यों का उद्घाटन करना नहीं, बल्कि संकट की घड़ी में लोगों के साथ खड़े होना भी है। सरकार से तत्काल पुनर्वास की मांग पूर्व विधायक ने राज्य सरकार और प्रशासन से मांग की कि सभी प्रभावित परिवारों का तत्काल सम्मानजनक पुनर्वास सुनिश्चित किया जाए। साथ ही बिजली, पानी, शौचालय और अन्य आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराकर उनकी समस्याओं का मानवीय आधार पर जल्द समाधान किया जाए। मिला था बारिश तक कार्रवाई नहीं होने का आश्वासन बता दें कि 2 दिन पहले ही ग्रामीण रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल से मुलाकात करने पहुंचे थे। सांसद ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया था कि बरसात तक कोई तोड़फोड़ नहीं होगी। उन्होंने कहा था कि प्रशासन और ग्रामीणों के बीच का रास्ता निकालने की कोशिश की जा रही है।
फतेहाबाद निवासी भाई-बहन नेशनल लेवल पर शतरंज खेलेंगे। फतेहाबाद के केंद्रीय विद्यालय में पढ़ रहे भाई-बहन युवराज मीणा और परिणीति मीणा ने 55वीं केवीएस स्पोर्ट्स मीट की शतरंज प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल जीता है। दोनों खिलाड़ियों का चयन अब केवीएस नेशनल प्रतियोगिता के लिए हुआ है, जहां वे गुरुग्राम रीजन का प्रतिनिधित्व करेंगे। युवराज सातवीं और परिणीति छठी कक्षा में पढ़ रहे हैं। अंबाला में हुई रीजनल प्रतियोगिता अंबाला स्थित देव गुरुकुल में 22 जून से 29 जून तक हुई 55वीं केवीएस स्पोर्ट्स मीट में केंद्रीय विद्यालय फतेहाबाद के छात्र युवराज मीणा ने लगातार दूसरी बार रीजनल स्तर पर गोल्ड मेडल जीतकर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। पूरे टूर्नामेंट में युवराज ने छह मुकाबले खेले, जिनमें से चार मैच जीते, जबकि दो मुकाबले ड्रॉ रहे। कुल पांच अंक हासिल कर उन्होंने लगातार दूसरी बार गोल्ड मेडल अपने नाम किया और केवीएस नेशनल में स्थान पक्का किया। परिणीति ने सात मुकाबलों में से पांच जीते वहीं, युवराज की छोटी बहन परिणीति मीणा ने भी अपने पहले ही केवीएस स्पोर्ट्स मीट में शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया। परिणीति ने सात मुकाबलों में पांच मैच जीते, एक मुकाबला ड्रॉ खेला और एक मैच में हार का सामना किया। कुल साढ़े पांच अंक हासिल कर उन्होंने प्रथम स्थान प्राप्त किया। खास बात यह है कि परिणीति ने मार्च 2025 में ही शतरंज खेलना शुरू किया था और बेहद कम समय में यह बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली। कोच प्रमोद खरबास का कहना है कि एक ही परिवार के दो खिलाड़ियों का एक साथ रीजनल गोल्ड जीतकर नेशनल प्रतियोगिता के लिए चयन होना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। नेशनल की तैयारी में जुटे दोनों युवराज और परिणीति ने बताया कि वे दोनों अब केवीएस नेशनल प्रतियोगिता में भी शानदार प्रदर्शन कर प्रदेश और विद्यालय का नाम रोशन करने के लिए पूरी तैयारी में जुट गए हैं। इसके लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। उनका लक्ष्य है कि इस प्रतियोगिता में भी गोल्ड मेडल जीतकर लाएं।
अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी को लेकर सियासत तेज हो गई है। ट्रस्ट कार्यालय का घेराव करने पहुंचे कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय को पुलिस ने सोमवार देर रात 12 बजे होटल में नजरबंद कर दिया। अजय राय के नेतृत्व में कांग्रेस का डेलिगेशन चढ़ावा चोरी का विरोध करने अयोध्या पहुंचा था। इस बीच अजय राय की पत्नी रीना राय ने वाराणसी से वीडियो जारी कर कहा- मेरे पति की आवाज दबाने के लिए भाजपा सरकार किसी भी हद तक गिरने को तैयार है। पुलिस जीप में ले जाने के बाद अब हमारे सहयोगियों को गलत जानकारियां देकर भटकाया जा रहा है। 'चढ़ावा चोरों' के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी। अगर मेरे पति को कुछ भी होता है, तो पूरी जिम्मेदारी इस अधर्मी भाजपा सरकार की होगी। इससे पहले, सोमवार को पुलिस ने SBI की अयोध्या धाम ब्रांच में जेल में बंद 8 आरोपियों के बैंक खाते खंगाले। बैंक कर्मचारियों को नोटिस देकर जवाब मांगा। कोर्ट ने आरोपियों की न्यायिक हिरासत 14 दिन के लिए बढ़ा दी है। अगली सुनवाई 13 जुलाई को होगी। तब तक आरोपी जेल में ही रहेंगे। वहीं, ट्रस्ट की 11 जुलाई को होने वाली बैठक 5 दिन पहले यानी 6 जुलाई को होगी। इसमें ट्रस्ट के पूर्व पदाधिकारी चंपत राय और अनिल मिश्रा के भविष्य पर फैसला होगा। इधर, सूत्रों की मानें तो सरकार ने SIT से मामले की फाइनल रिपोर्ट जल्द से जल्द सौंपने को कहा है। SIT ने 23 जून को रिपोर्ट सौंपी, 2 दिन बाद गिरफ्तारी राम मंदिर चढ़ावा चोरी से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
राम जन्मभूमि चढ़ावा प्रकरण को लेकर मंगलवार को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करने पहुंचे कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। उनके साथ मौजूद कई कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को भी पुलिस ने रोककर हिरासत में लिया। अजय राय को बाद में कुमारगंज विश्वविद्यालय परिसर में रखा गया। प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने पहले से ही सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। शहर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहा। वहीं, कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय स्तर पर कांग्रेस के कुछ नेताओं को एहतियातन घरों में ही रोके जाने की भी सूचना है। ट्रस्ट कार्यालय की ओर बढ़ रहे थे कार्यकर्ता कांग्रेस कार्यकर्ता राम जन्मभूमि चढ़ावा प्रकरण की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर ट्रस्ट कार्यालय की ओर जा रहे थे। पुलिस ने उन्हें निर्धारित स्थान पर रोक दिया। इसके बाद आगे बढ़ने का प्रयास करने पर अजय राय समेत कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। सुरक्षा व्यवस्था रही कड़ी घटनास्थल पर बड़ी संख्या में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। पूरे घटनाक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी गई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए हैं।
मतदाता सूची पुनरीक्षण आज से: रामगढ़ में शुरू हुआ बड़ा अभियान
झारखंड के रामगढ़ जिले में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर-2026) अभियान की शुरुआत 30 जून से होगी
दमोह के बटियागढ़ ब्लॉक अंतर्गत अजब धाम फतेहपुर में 57 घंटे से बिजली आपूर्ति ठप है। जिससे आक्रोशित ग्रामीणों ने सोमवार रात दस बजे हटा-रजपुरा मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। ग्रामीणों का आरोप था कि लगातार शिकायत के बावजूद बिजली विभाग ने कोई समाधान नहीं किया गया। ग्रामीणों ने बताया कि अजब धाम में दो दिन से बिजली व्यवस्था ठप है, और तीसरे दिन भी विद्युत आपूर्ति सुचारू न होने से उनका दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। भीषण गर्मी और उमस के कारण लोगों का जीना मुहाल हो गया था। बिजली गुल से पानी का संकट भी गहराया बिजली गुल होने से पानी का संकट भी गहरा गया। जल आपूर्ति बाधित हो गई, जिससे हैंडपंपों पर भारी भीड़ जमा हो गई और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। अजब धाम फतेहपुर के साथ-साथ पौड़ी फतेहपुर, नीमी, खैरी रामदास, पिपरिया घनश्याम, देवदरा, बरी कनोरा, बरोदा कला सहित आसपास के कई गांव इस समस्या से जूझ रहे थे। चक्काजाम की सूचना मिलने पर पटेरा थाना प्रभारी धर्मेंद्र गुर्जर, मगरोन थाना प्रभारी बीएल पटेल, अजब धाम चौकी प्रभारी रघुवीर सिंह ठाकुर और जेई जमुना प्रसाद प्रजापति मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों को जल्द विद्युत व्यवस्था दुरुस्त करने का आश्वासन दिया। ग्रामीण बोले-57 घंटे से लगातार बिजली गुल ग्रामीण सतीश तिवारी ने बताया कि 57 घंटे से लगातार बिजली कटौती हो रही थी। उन्होंने आरोप लगाया कि फतेहपुर से बरोदा तक की पेट्रोलिंग बिजली विभाग के कर्मचारी ठीक से नहीं करते, बल्कि शराब पीकर सो जाते हैं। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त हो गए हैं और तेज हवा में विद्युत लाइनें टूट जाती हैं, लेकिन विभाग द्वारा कोई रखरखाव कार्य नहीं किया गया है। अधिकारियों की समझाइश और जल्द समाधान के आश्वासन के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने जाम खोल दिया। 6 घंटे के अंदर लाइट आने का आश्वासन दिया वहीं एक घंटे चले चक्काजाम के बाद ग्रामीणों ने मगरोन थाना प्रभारी बीएल पटेल को ज्ञापन दिया। प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाइश दी और लिखित में आश्वासन दिया। 6 घंटे के अंदर बिजली व्यवस्था में सुधार कार्य किया जाएगा। जल्द ही समस्या का समाधान किया जाएगा। इसके बाद ग्रामीणों ने रात करीब 11 बजे अपना जाम समाप्त किया। एक घंटे तक चले चक्काजाम से हटा रजपुरा मार्ग पर वाहनो की लंबी कतारें लग गईं जिससे राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
मसूरी में 30 लाख की कार से हरियाणा से आए 4 पर्यटकों ने स्थानीय लोगों की कार को टक्कर मार दी। इसके बाद स्थानीय लोगों के टोकने पर पर्यटकों ने उनका सिर फोड़ दिया। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें दिख रहा है कि पर्यटकों ने दूध की क्रेट से एक व्यक्ति के सिर पर हमला कर दिया। इसके बाद उन्होंने उसे नीचे गिराकर पीटा और अधमरा होने तक मारते रहे। आरोप है कि इन लोगों ने वहां मौजूद महिलाओं से भी बदसलूकी करने की कोशिश की। महिलाएं अपनी जान बचाने के लिए वहां से भागती हुई दिखाई दीं। मसूरी में कन्फेक्शनरी डेयरी चलाने वाले प्रदीप गुप्ता ने बताया कि पर्यटकों ने करीब 10 मिनट तक स्थानीय लोगों की पिटाई की। इसके बाद आसपास के लोगों ने पुलिस को बुलाया और पुलिस सभी को थाने ले गई। पुलिस ने बताया कि ये लोग हरियाणा के गुरुग्राम से आए थे। मामला 28 जून की रात 10 से 11 बजे के बीच का है। जिस कार से ये लोग आए थे, वह टोयोटा इनोवा हाइक्रॉस थी। तस्वीरें देखिए- सिलसिलेवार ढंग से पूरी खबर… 1. 30 लाख की लग्जरी कार से आए पर्यटकों ने मारी टक्कर- यह घटना 28 जून 2026 की रात करीब 10 से 11 बजे के बीच की है। हरियाणा के गुरुग्राम से 4 पर्यटक अपनी करीब 30 लाख रुपए की टोयोटा इनोवा हाइक्रॉस कार से मसूरी आए थे। बाटा शोरूम के पास इन पर्यटकों की तेज रफ्तार कार ने 4 स्थानीय लोगों की कार को टक्कर मार दी। 2. टोकने पर भड़के पर्यटक- जब स्थानीय लोगों ने कार टकराने का विरोध किया और पर्यटकों को टोका, तो वे बुरी तरह भड़क गए। पर्यटकों ने पास ही रखी दूध की प्लास्टिक क्रेट उठाई और एक स्थानीय व्यक्ति के सिर पर दे मारी, जिससे उसका सिर फट गया और खून बहने लगा। 3. 10 मिनट तक तांडव, अधमरा होने तक सड़क पर पीटा- चश्मदीद और स्थानीय कन्फेक्शनरी डेयरी चलाने वाले प्रदीप गुप्ता के मुताबिक, पर्यटकों ने घायल युवक को सड़क पर नीचे गिरा लिया और बेरहमी से लात-घूंसों से पीटते रहे। आरोपी स्थानीय लोगों को करीब 10 मिनट तक अधमरा होने तक सड़क पर सरेआम पीटते रहे। इस दौरान आरोपियों ने वहां बीच-बचाव करने आईं महिलाओं के साथ भी बदसलूकी और अभद्रता करने की कोशिश की, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। 4. सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची 112 और चीता मोबाइल- सार्वजनिक स्थान पर हो रही मारपीट को देखकर आसपास के लोगों ने तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम (112) को सूचना दी। सूचना मिलते ही कोतवाली मसूरी से चीता मोबाइल और रात्रि गश्ती अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। पुलिस ने तत्काल हस्तक्षेप कर बीच सड़क पर हो रहे इस उपद्रव को शांत कराया और स्थिति को नियंत्रित किया। 5. गुरुग्राम का मुख्य आरोपी गिरफ्तार- पुलिस ने मौके से हुड़दंग मचा रहे मुख्य आरोपी को हिरासत में ले लिया। आरोपी की पहचान नीरज राघव (36) निवासी बड़ा गांव सिकंदरपुर, तहसील मानेसर, सेक्टर-86, गुरुग्राम, हरियाणा के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी का नियमानुसार मेडिकल परीक्षण कराया। इसके बाद लोक शांति और कानून-व्यवस्था भंग करने के आरोप में उसे भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 170 के तहत गिरफ्तार कर संबंधित माननीय कार्यपालक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया। 6. पर्यटकों की कार का एमवी एक्ट में भारी चालान- कोतवाली मसूरी पुलिस ने स्थानीय लोगों से मारपीट और हुड़दंग में इस्तेमाल की गई हरियाणा नंबर की पर्यटकों की टोयोटा इनोवा हाइक्रॉस कार को भी जब्त कर लिया है। साथ ही मोटर वाहन अधिनियम (MV Act) के तहत वाहन का भारी चालान भी काटा गया है। पुलिस ने बताया कि इस मामले में किसी भी पक्ष की ओर से कोई शिकायत नहीं दी गई थी। इसलिए आवश्यक कार्रवाई के बाद सभी लोगों को छोड़ दिया गया। ------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… उत्तराखंड से लौटे निहंग की आपत्तिजनक PHOTOS लीक: पंजाब में वीडियो कॉल पर कबूलवाया गुनाह; निहंग विक्की थॉमस बोले- ककार त्याग और माफी मांग उत्तराखंड कूच के दौरान निहंगों में शामिल रहे निहंग जसदीप सिंह की एक युवक के साथ आपत्तिजनक स्थिति में कई तस्वीरें सामने आई हैं, जिससे नया विवाद खड़ा हो गया है। वह दो दिन पहले पंजाब लौट चुका है। रविवार को मोहाली के ऐतिहासिक सोहाना साहिब गुरुद्वारे में उन पर हमले की कोशिश हुई। (पढ़ें पूरी खबर)
बहादुरगढ़ शहर में बंदरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। ताजा मामला सैनीपुरा क्षेत्र का है, जहां छत पर खेल रहे 10 वर्षीय बच्चे पर बंदरों के झुंड ने हमला कर दिया। जान बचाने के प्रयास में बच्चा छत से नीचे गिर गया, जिससे उसका हाथ तीन जगह से टूट गया। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर के कई इलाकों में बंदरों के झुंड रोजाना घरों की छतों और गलियों में घूमते हैं। कई बार वे घरों में घुसकर लोगों पर हमला कर देते हैं, जिससे महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे सबसे ज्यादा डर के साये में जी रहे हैं। लाखों खर्च, फिर भी नहीं पकड़े जा रहे बंदर शहरवासियों ने नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि हर साल बंदरों को पकड़ने के नाम पर लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात जस के तस हैं। लोगों का कहना है कि कार्रवाई केवल कागजों तक सीमित रहती है और बंदरों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। हर दिन सामने आ रही घटनाएं निवासियों के अनुसार शहर में लगभग रोज किसी न किसी इलाके से बंदरों के हमले या नुकसान पहुंचाने की घटनाएं सामने आ रही हैं। बंदर पानी की टंकियां, पाइप और छतों पर रखे सामान को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। कई परिवारों ने बच्चों को छत पर अकेले भेजना बंद कर दिया है। स्थायी समाधान की मांग लोगों ने प्रशासन और वन्यजीव विभाग से मांग की है कि शहर में विशेष अभियान चलाकर बंदरों को पकड़कर सुरक्षित स्थानों पर छोड़ा जाए। उनका कहना है कि यदि जल्द प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो कोई बड़ा हादसा भी हो सकता है।
उत्तराखंड के मसूरी में हरियाणा के गुरुग्राम से आए टूरिस्टों ने सड़क पर जमकर बवाल काटा। टूरिस्टों की कार से लोकल लोगों की कार टकरा गई। विरोध करने पर टूरिस्टों ने उनके साथ मारपीट की। एक टूरिस्ट ने दुकान के बाहर रखी दूध की खाली क्रेट उठाई और व्यक्ति के सिर में मारी, जिससे उसका सिर फट गया। विरोध करने पहुंची एक महिला के भी सिर पर क्रेट से वार किया, जिससे वह रोड पर ही गिर गई। मौके पर कई देर हंगामा चलता रहा। कुछ देर बाद लोगों ने उस टूरिस्ट को पकड़ लिया। सूचना पर पहुंची पुलिस उसे अपने साथ ले गई और उसकी कार का चालान किया। पूरी घटना का वीडियो भी सामने आया है। मारपीट की तीन तस्वीरें… सिलसिलेवार जानिए पूरा मामला... लोकल लोगों की कार को टक्कर मारी 28 जून की रात करीब 10 से 11 बजे के बीच गुरुग्राम से चार टूरिस्ट टोयोटा इनोवा हाइक्रॉस कार से मसूरी पहुंचे थे। बाटा शोरूम के पास उनकी कार की चार लोकल लोगों की कार से टक्कर हो गई। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। व्यक्ति को क्रेट मारी, सिर फटा स्थानीय लोगों के विरोध करने पर टूरिस्ट भड़क गए। आरोप है कि उन्होंने पास में रखी दूध की प्लास्टिक क्रेट उठाकर एक व्यक्ति के सिर पर मार दी, जिससे उसका सिर फट गया। इसके बाद उसे सड़क पर गिराकर लात-घूंसों से पीटा गया। महिला से भी मारपीट स्थानीय कन्फेक्शनरी संचालक प्रदीप गुप्ता के मुताबिक, पर्यटक करीब 10 मिनट तक स्थानीय लोगों के साथ मारपीट करते रहे। बीच-बचाव करने आई एक महिला के सिर पर भी टूरिस्ट ने क्रेट मारी, जिससे पर रोड पर ही गिर गई। लोगों ने पुलिस कंट्रोल रूम 112 पर कॉल की। सूचना मिलते ही मसूरी थाने की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित किया और कानून-व्यवस्था बहाल कराई। पुलिस ने आरोपी गिरफ्तार किया पुलिस ने मौके से गुरुग्राम के सिकंदरपुर निवासी 36 वर्षीय नीरज राघव को हिरासत में लिया। मेडिकल जांच के बाद पुलिस ने आरोपी को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 170 के तहत शांति व्यवस्था भंग करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद उसे आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए कार्यपालक मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया। पुलिस ने कार का चालान किया पुलिस ने मारपीट में शामिल पर्यटकों की टोयोटा इनोवा हाइक्रॉस कार का मोटर वाहन अधिनियम (MV Act) के तहत चालान भी किया। पुलिस का कहना है कि सार्वजनिक स्थान पर मारपीट और हंगामे की सूचना कंट्रोल रूम के जरिए मिली थी, जिसके बाद तत्काल कार्रवाई कर स्थिति को नियंत्रित किया गया।
केंद्र का बड़ा फैसला: 1 जुलाई से हटेंगे पेट्रोल-डीजल पर प्रतिबंध
केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल की बिक्री एवं वितरण पर लगाए गए अस्थायी प्रतिबंधों को वापस लेने का फैसला किया है
नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए आज रोजगार पाने का अच्छा अवसर है। जिला रोजगार एवं कारोबार ब्यूरो, अमृतसर की ओर से 30 जून को डीसी कार्यालय स्थित ब्यूरो परिसर में प्लेसमेंट कैंप आयोजित किया जा रहा है। यह कैंप सुबह 9 बजे से शुरू होगा, जिसमें निजी क्षेत्र की कई कंपनियां योग्य अभ्यर्थियों का चयन करेंगी। रोजगार उत्पत्ति, कौशल विकास एवं प्रशिक्षण विभाग के अनुसार, कैंप में एक्सिस बैंक, आयशर ट्रैक्टर्स और पेटीएम जैसी कंपनियां हिस्सा लेंगी। इन कंपनियों द्वारा बिजनेस डेवलपमेंट एसोसिएट, सेल्स एसोसिएट, कंपनी ऑपरेटर, मैकेनिक और सेल्स एग्जीक्यूटिव सहित विभिन्न पदों पर भर्ती की जाएगी। चयन प्रक्रिया के दौरान उम्मीदवारों का साक्षात्कार लिया जाएगा और योग्यता के आधार पर नियुक्ति की जाएगी। 10वीं से ग्रेजुएशन पास युवा कर सकते हैं आवेदन इस प्लेसमेंट कैंप में 10वीं, 12वीं और ग्रेजुएशन पास युवक-युवतियां भाग ले सकते हैं। अभ्यर्थियों को अपने शैक्षणिक प्रमाणपत्रों की मूल प्रतियां, पहचान पत्र, पासपोर्ट साइज फोटो और अन्य जरूरी दस्तावेज साथ लेकर पहुंचने की सलाह दी गई है, ताकि चयन प्रक्रिया में किसी प्रकार की परेशानी न हो। हेल्पलाइन पर लें प्लेसमेंट कैंप की पूरी जानकारी जिला प्रशासन ने युवाओं से समय पर कैंप स्थल पर पहुंचकर इस अवसर का लाभ उठाने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि ऐसे प्लेसमेंट कैंपों का उद्देश्य युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना और उन्हें उनकी योग्यता के अनुरूप नौकरी दिलाना है। इससे बेरोजगार युवाओं को सीधे कंपनियों के प्रतिनिधियों के सामने अपनी योग्यता प्रस्तुत करने का मौका मिलेगा। प्लेसमेंट कैंप से संबंधित अधिक जानकारी के लिए इच्छुक अभ्यर्थी जिला रोजगार एवं कारोबार ब्यूरो की हेल्पलाइन 99157-89068 पर संपर्क कर सकते हैं।
आगरा में मंगलवार सुबह से आसमान में बादल छाए हैं, लेकिन उमसभरी गर्मी से लोगों को राहत नहीं मिली है। दोपहर बाद मौसम बदलने और बूंदाबांदी की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार, 1 जुलाई से मानसूनी बारिश की शुरुआत हो सकती है। शुरुआती दो-तीन दिन हल्की बारिश होगी, इसके बाद अच्छी बारिश के आसार हैं। भीषण गर्मी के बीच सोमवार को आगरा प्रदेश का सबसे गर्म और देश का छठा सबसे गर्म शहर रहा। अधिकतम तापमान 42.9C पहुंच गया था। दिन ही नहीं, रात में भी भीषण गर्मी रही। न्यूनतम तापमान 30.4C था। अब 30 जून से 4 जुलाई तक आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, जिससे तापमान में गिरावट आने की उम्मीद है। जानिए पिछले दिनों के तापमान की स्थिति मानसून लेट होने के बाद अब जुलाई में ही बारिश देखने को मिलेगी। मौसम विभाग के मुताबिक 30 जून से बादलों के आने आसार हैं। इस दौरान बूंदाबांदी हो सकती है। जबकि एक जुलाई से मानसूनी बारिश का आगाज हो सकता है। पहले कुछ दिनों तक हल्की बारिश होगी। बाद में तेज बारिश की संभावना है। करीब 10 जुलाई तक दिन में एक या अधिक बार बारिश के संकेत हैं। सप्ताहभर से आगरा में भीषण गर्मी है। उमस ने लोगों को बेहाल कर दिया। सोमवार को दिनभर उमस रही। लोगों का पसीना बहता रहा। हवा भी शांत थी, ऐसे में कुछ लोगों में बेचैनी बढ़ गई। उमस छुड़ा रही पसीना उमसभरी गर्मी ने लोगों को परेशान कर दिया है। दोपहर ही नहीं, सुबह और शाम को भी गर्मी का अहसास कम नहीं हो रहा। एसी-कूलर के सामने से हटते ही पसीना छूटने लगता है। सोमवार को दिनभर भीषण उमस रही। आगरा में गर्मी की स्थिति ये है कि शनिवार को आगरा प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा। वहीं सोमवार को देश का 6वां और प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा। आज से आंधी-बारिश का अलर्ट भीषण गर्मी के बीच आगरा का मौसम एक बार फिर से बदल सकता है। मौसम विभाग ने 30 जून से 4 जुलाई तक आंधी और बारिश की संभावना जताई है। इस बीच तापमान में गिरावट हो सकती है। ऐसे में लोगों को भीषण गर्मी से थोड़ी राहत मिलने की संभावना है। आने वाले दिनों के तापमान का अनुमान जानिए
डकैत जगन गुर्जर की हत्या के विरोध में परिवार वाले अजमेर के जेएलएन हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी के बाहर धरने पर बैठ गए हैं। उसके बेटे आसाराम ने इस मामले की CBI जांच कराने की मांग की है। साथ ही कहा- मैं जगन गुर्जर का खून हूं..मैं घर में घुसकर मारना भी जानता हूं..और जेल में भी मारना जानता हूं, इसका जवाब फिर सरकार देगी। उसने कहा- जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, धरने से नहीं उठेंगे। मांगे पूरी न होने की स्थिति में चेतावनी देते हुए कहा कि वह वही रास्ता अपनाएगा, जो वह जानता है। पिता ने कभी नहीं बताया कि विष्णु से उनकी रंजिश चल रही है। अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में हुई हत्या 29 जून को अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में डकैत जगन गुर्जर की हत्या कर दी गई थी। आरोप है कि भरतपुर के कुलदीप जघीना हत्याकांड के आरोपी विष्णु ने जगन गुर्जर की टॉवल (तौलिए) से गला दबाकर मर्डर किया। हार्डकोर बंदी विष्णु और जगन गुर्जर एक ही बैरक में बंद थे। पल-पल के अपडेट के लिए ब्लॉग देखिए…
फिरोजाबाद में कहर: आंधी तूफान ने ली पांच जानें
उत्तर प्रदेश में जनपद फिरोजाबाद के थाना फरिहा क्षेत्र में सोमवार को आए आंधी तूफान में गांव पृथ्वीपुर चिढ़रई के समीप सवारी लेकर जा रहे एक ई रिक्शा पर पेड़ गिरने से पांच लोगों की मौत हो गयी और अन्य तीन घायल हो गये
मेरा और पत्नी का पशुपतिनाथ का उपवास था। घर में नॉनवेज नहीं बन रहा था। बेटे को पसंद था इसलिए उसके लिए बाजार से पनीर लाया था। सब्जी बन रही थी लेकिन वह उसे खाने घर लौट ही नहीं पाया। यह दर्द उस पिता का है, जिसने अपने इकलौते बेटे को एक ऐसे शख्स की हवस का शिकार होने की वजह से खो दिया, जिसे लोग धर्मगुरु और कथावाचक मानकर सम्मान देते थे। 10 जून की रात छिंदवाड़ा में दमुआ के हनुमानगढ़ मंदिर के भीतर जो हुआ, वह रोंगटे खड़े कर देने वाला है। दैनिक भास्कर को मिली एक्सक्लूसिव जानकारी के मुताबिक, खुद को ‘शर्मा महाराज’ बताने वाला कथावाचक सागर साहू वृंदावन से कथा सीखकर आया था। वहां से वापस आकर हनुमानगढ़ स्थित अन्नपूर्णा माता मंदिर में रहने वाली बुजुर्ग महिला की सेवा कर उसने लोगों का भरोसा जीता। महिला की मौत के बाद उसने मंदिर परिसर में गाय के चारे के नाम पर एक कमरा तैयार किया, जहां पुलिस को कूलर, फर्नीचर और अन्य सुविधाएं मिलीं। उसने इसी कमरे में युवक से कुकृत्य करके उसकी हत्या कर दी। इसके बाद चाचा-भाई की मदद से शव को वहीं मंदिर के पास फेंका। हालांकि, अब तीनों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। घर से मंदिर जाने का कहकर निकला था युवक 10 जून की रात युवक अपने घर पर हनुमानगढ़ मंदिर जाने का कहकर निकला। रात करीब 10 बजे तक जब वह वापस नहीं लौटा तो पिता ने कॉल किया, लेकिन मोबाइल आउट ऑफ रेंज आता रहा। इसी बीच कथावाचक सागर साहू खुद युवक के घर पहुंचा और बोला- आपका बेटा मेरा मोबाइल लेकर कहीं गया है। सागर ने युवक के फोन ले जाने की बात कही तो परिवार को कुछ गड़बड़ लगी, क्योंकि उसके पास खुद का महंगा मोबाइल था। इसके बाद वह मंदिर पहुंच गए। वहां बेटे की बाइक खड़ी थी, लेकिन हैंडल लॉक नहीं था। परिवार के मुताबिक, वह हमेशा अपनी बाइक को लॉक करता था। रात 11 बजे से लेकर करीब 2 बजे तक ग्रामीणों ने मंदिर परिसर का चप्पा-चप्पा खंगाला, लेकिन युवक का कोई सुराग नहीं मिला। लकड़ियों और कपड़ों से शव छिपाने की कोशिश की रात करीब 2 बजे पूरे इलाके की बिजली गुल हो गई। करीब आधे घंटे तक अंधेरा रहा और तलाशी अभियान धीमा पड़ गया। जैसे ही बिजली लौटी, मंदिर के बाजू में 3 फीट ऊंची दीवार के नीचे युवक का शव मिला, जिसे लकड़ियों और कपड़ों से ढककर छिपाने की कोशिश की गई थी। वहां मौजूद लोगों का शक सागर पर ही गया। उन्होंने उसे पकड़ लिया और फिर पुलिस को सौंप दिया। भूसा रखने वाले कमरे में किया अप्राकृतिक कृत्य सागर साहू ने पुलिस पूछताछ में जुर्म कबूल लिया। उसने बताया कि 10 जून की शाम युवक मंदिर आया था। उस वक्त परिसर में कोई नहीं था। आरोपी उसे गाय का भूसा रखने वाले कमरे में ले गया और वहां उसके साथ अप्राकृतिक कृत्य किया। विरोध करने पर युवक ने परिजन को सबकुछ बताने की बात कही, जिससे सागर घबरा गया। बदनामी के डर से उसने कमरे में रखी गाय बांधने वाली रस्सी से युवक का गला घोंट दिया। पहले कमरे में छिपाया, फिर बाहर फेंका शव सागर ने बताया कि हत्या के बाद शव को कमरे में छिपा दिया। फिर रात 2 बजे बिजली गुल होने पर अपने चाचा संतोष साहू और चचेरे भाई नमन साहू की मदद से शव को बाहर निकालकर दीवार के नीचे फेंक दिया ताकि मामला हादसा या बाहरी हमला लगे। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर मंदिर के पीछे पहाड़ी से मृतक का अंडरवियर और बाइक की चाबी बरामद की। हालांकि, उसका मोबाइल और हाथ का कड़ा अब भी गायब हैं। हवस मिटाने इकलौती संतान की हत्या की सागर ने जिस युवक की हत्या की, वह अपने माता-पिता की इकलौती संतान था। पड़ोसियों के मुताबिक, वह बेहद सीधा-सादा और कम बोलने वाला युवक था। मां ने बताया कि बेटा घर में बाथरूम जाने से पहले भी बताता था। 10वीं क्लास में पढ़ाई के दौरान वह गंभीर बीमारी से जूझ चुका था। मन्नतों के बाद उसकी जान बची थी। सोशल मीडिया अकाउंट से कथा के वीडियो हटाए पुलिस ने गिरफ्तारी के बाद आरोपी के सोशल मीडिया अकाउंट से कथा वाचन और धार्मिक कार्यक्रमों से जुड़े वीडियो और रील्स हटा दीं। हालांकि, उसकी डिजिटल गतिविधियों की जांच की जा रही है। ये खबर भी पढ़ें… महामंडलेश्वर उत्तम स्वामी पर रेप के आरोप श्री पंच अग्नि अखाडे़ के महामंडलेश्वर और कथावाचक उत्तम स्वामी पर राजस्थान निवासी एक युवती ने दुष्कर्म करने के आरोप लगाए हैं। पीड़िता का कहना है कि एफआईआर दर्ज करवाने की भनक लगते ही उसे धमकियां मिलने लगी हैं। उत्तम स्वामी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से संपर्क साधने की कोशिश कर रहे हैं। उनके करीबी लोग समझौते का दबाव बना रहे हैं। पढे़ं पूरी खबर…
छत्तीसगढ़ बिलासपुर में सोमवार को दिनभर तेज धूप और भीषण गर्मी के बाद शाम को आंधी-तूफान के साथ झमाझम बारिश हुई। पहली ही तेज बारिश में कई सड़कों और मोहल्लों में जलभराव हो गया। तेज आंधी के कारण शहर की बिजली व्यवस्था भी पूरी तरह चरमरा गई। आधे से ज्यादा शहर घंटों अंधेरे में डूबा रहा। कलेक्टर, कमिश्नर, जज और शहर विधायक के बंगले वाले वीआईपी इलाके में भी रात 11 बजे तक बिजली बहाल नहीं हो सकी। सोमवार को बिलासपुर का अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 4.9 डिग्री अधिक रहा। हालांकि, देर शाम हुई बारिश से लोगों को गर्मी और उमस से कुछ राहत मिली। इसके साथ ही जून में आठवीं बार बिलासपुर प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा। पूरे महीने केवल 16.1 मिमी बारिश दर्ज होने के कारण गर्मी का असर बना रहा। बीते 13 दिनों में 8 दिन शहर प्रदेश में सबसे अधिक गर्म रहा। मौसम विभाग के अनुसार, सक्रिय मौसम प्रणालियों के प्रभाव से आज भी गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। आंधी-बारिश के बाद की ये तस्वीरें देखिए- पहली ही बारिश में सड़कों पर भरा नालियों का पानी नगर निगम ने नालियों और नालों की तीन-तीन बार सफाई कराने का दावा किया था, लेकिन सोमवार की पहली तेज बारिश में कई प्रमुख सड़कें, चौराहे और रिहायशी इलाके जलमग्न हो गए। कई स्थानों पर पानी निकासी नहीं होने से सड़कें तालाब जैसी नजर आईं। इससे लोगों और व्यापारियों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। नगर निगम का कहना है कि नालों की सफाई पहले ही कराई जा चुकी थी। वहीं, महापौर ने सभी जोन कमिश्नरों को अपने-अपने क्षेत्रों का निरीक्षण कर जलभराव वाले स्थानों की रिपोर्ट देने और आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर बंगले के पास सड़क पर गिरा पेड़, कार डैमेज तेज आंधी के दौरान कलेक्टर बंगले के पास एक बड़ा पेड़ सड़क पर गिर गया। इसकी चपेट में आने से एक कार क्षतिग्रस्त हो गई। हालांकि, कार में सवार लोग सुरक्षित रहे। पेड़ गिरने से बिजली के तार भी टूट गए, जिससे पूरे इलाके की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। VIP इलाके से लेकर अरपा पार तक छाया अंधेरा तेज आंधी और बारिश के कारण शहर की बिजली व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई। आधे से ज्यादा शहर घंटों अंधेरे में डूबा रहा। कलेक्टर, कमिश्नर, जजों और शहर विधायक के बंगले वाले वीआईपी इलाके में भी रात 11 बजे तक बिजली बहाल नहीं हो सकी। कलेक्टर बंगले के पास 11 केवी की हाई वोल्टेज लाइन टूटने से पूरा वीआईपी इलाका प्रभावित हुआ। वहीं, तिफरा और मोपका सबस्टेशन से निकलने वाली 33 केवी मेन लाइन भी ब्रेकडाउन हो गई। बिरकोना से चांटीडीह के बीच 11 केवी लाइन के नौ इंसुलेटर एक साथ फट गए, जिससे अरपा पार के क्षेत्रों में रात 10 बजे तक बिजली आपूर्ति ठप रही। इसके अलावा शनिचरी सबस्टेशन का करंट ट्रांसफार्मर (सीटी) फटने से आसपास के इलाकों में करीब चार घंटे तक बिजली बंद रही। पेड़ हटाने में जुटा निगम का अमला आईजी तिराहा के पास भी एक बड़ा पेड़ बिजली के तारों पर गिर गया, जिससे एक कार डैमेज हो गई। नेहरू नगर डिवीजन और गोलबाजार जोन की टीम देर रात तक पेड़ हटाने और बिजली लाइन दुरुस्त करने में जुटी रही। शहर के अधिकांश इलाकों में बंद रही बिजली सरकंडा, मंगला, नेहरू नगर, कुदुदंड, अमन विहार, अल्का एवेन्यू, दीनदयाल कॉलोनी, गोलबाजार, मसानगंज, हेमूनगर, विद्यानगर, राजीव प्लाजा, टिकरापारा, गणेश नगर, अयोध्या नगर, 27 खोली, दयालबंद, व्यापार विहार और इमलीभाठा सहित शहर के अधिकांश इलाकों में देर रात तक बिजली बंद रही।
प्रयागराज के घूरपुर थाना क्षेत्र में अयोध्या दर्शन के लिए जा रहे छत्तीसगढ़ के एक श्रद्धालु की सड़क हादसे में मौत हो गई। सोमवार रात करीब 10 बजे सरंगापुर स्थित एक ढाबे के सामने तेज रफ्तार ऑटो ने टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि 40 वर्षीय केशव राम सिन्हा गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें आनन-फानन में एसआरएन अस्पताल पहुंचाया गया। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। देखिए 2 तस्वीरें… छत्तीसगढ़ के थे निवासी मृतक मृतक केशव राम सिन्हा (40) छत्तीसगढ़ के महासमुंद जनपद के पिथौरा थाना क्षेत्र अंतर्गत ठाकुरदिया गांव के निवासी थे। वह अपने पांच-छह मित्रों के साथ इनोवा वाहन से अयोध्या दर्शन के लिए जा रहे थे। सोमवार रात करीब दस बजे, सभी मित्र घूरपुर थाना क्षेत्र के सरंगापुर स्थित श्री बाबा ढाबा के सामने भोजन करने के लिए रुके थे। तेज रफ्तार ऑटो ने मारी टक्कर भोजन के उपरांत केशव राम सिन्हा हाईवे किनारे खड़ी इनोवा में बैठने के लिए जा रहे थे। इसी दौरान प्रयागराज की ओर से आ रहे एक तेज रफ्तार ऑटो ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि केशव राम सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। गंभीर हालत में प्रयागराज रेफर स्थानीय लोगों और इरादतगंज के प्रधान देवेंद्र सिंह पटेल उर्फ भोले ने तत्काल घायल युवक को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र करमा, सरंगापुर पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद, चिकित्सकों ने उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें स्वरूप रानी नेहरू (एसआरएन) अस्पताल, प्रयागराज रेफर कर दिया। केशव राम के साथी हेमलाल नायक और हेम सागर उन्हें लेकर एसआरएन अस्पताल पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। युवक की मौत की खबर मिलते ही उनके साथियों में शोक छा गया। घूरपुर पुलिस को दी जानकारी इरादतगंज प्रधान देवेंद्र सिंह पटेल ने घटना की सूचना तत्काल घूरपुर पुलिस को भी दी। घूरपुर पुलिस के अनुसार, उन्हें सड़क दुर्घटना की जानकारी मिली थी, लेकिन पुलिस के मौके पर पहुंचने से पहले ही घायल को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया जा चुका था।
भारतीय मौसम विभाग ने महाराष्ट्र में अगले कुछ दिनों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, कोंकण और गोवा, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा के कई हिस्सों में 29 जून से 5 जुलाई के बीच व्यापक बारिश होने की संभावना है
इंदौर में गिरफ्तार नशे के सौदागर चेतन नाथ को अदालत ने 2 जुलाई तक पुलिस रिमांड पर भेजा है। पूछताछ में पुलिस को ड्रग्स नेटवर्क से जुड़े कई अहम सुराग मिले हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी नशे की खरीद-फरोख्त के लिए सोशल मीडिया कॉलिंग का इस्तेमाल करता था। पुलिस जब उसका मोबाइल फोन खंगाल रही थी, तब उसमें एक भी कॉन्टैक्ट नंबर नहीं मिला। अब पुलिस उसके फरार साथी और पूरे नेटवर्क की तलाश में जुटी है। पुलिस पहुंची तो साथी भाग निकला पुलिस के मुताबिक, जब टीम चेतन नाथ को पकड़ने उसके ठिकाने पर पहुंची थी, तब उसका एक साथी भी वहां मौजूद था। पुलिस को देखकर वह मौके से फरार हो गया। पूछताछ में पता चला है कि दोनों पहले जेल में साथ रह चुके हैं। पुलिस अब फरार आरोपी की तलाश कर रही है। साथी की जमानत के लिए जुटा रहा था रकम द्वारकापुरी थाना प्रभारी मनीष मिश्र ने बताया कि पूछताछ में चेतन नाथ ने दावा किया है कि उसके पास से बरामद 19 लाख रुपए वह अपने एक साथी की जमानत के लिए इकट्ठा कर रहा था। हालांकि पुलिस इस दावे की जांच कर रही है। आशंका है कि यह रकम नशे के कारोबार से जुटाई गई थी। 19 लाख नकद, ड्रग्स और जिंदा कारतूस बरामद पुलिस ने चेतन नाथ के कब्जे से 19 लाख रुपए नकद, नोट गिनने की मशीन, 270 ग्राम ब्राउन शुगर, 8 किलो गांजा और पिस्टल के 22 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। इन कारतूसों के स्रोत और इस्तेमाल को लेकर भी आरोपी से पूछताछ की जा रही है। लकी नाथ की गिरफ्तारी के बाद पहुंची पुलिस पुलिस ने कुछ दिन पहले लकी नाथ को ब्राउन शुगर के साथ गिरफ्तार किया था। उससे पूछताछ के बाद पुलिस ने बैक ट्रैकिंग कर चेतन नाथ तक पहुंच बनाई और उसे गिरफ्तार किया। अब पुलिस इस पूरे नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। नशे का सौदागर चेतन नाथ 2 जुलाई तक पुलिस रिमांड पर है। नशे के सप्लायर से पुलिस पूछताछ में कई बातें सामने आई हैं। पुलिस को ये जानकारी मिली है माल लेने और सप्लाई करने के लिए ये सोशल मीडिया के माध्यम से कॉलिंग का इस्तेमाल करते थे। जब पुलिस ने इनका मोबाइल चेक किया तो उसमें कॉटेक्ट नंबर नहीं मिला है। हालांकि पुलिस इस मामले में एक ओर साथी की तलाश कर रही है। पूछताछ में ये बात भी सामने आई है कि वह अपने एक साथी को जेल से बाहर निकालने के लिए पैसा इकट्ठा कर रहा था। पुलिस इसकी जानकारी निकालने में लगी है। एक ओर साथी की तलाश में पुलिस बताया जा रहा है कि जब पुलिस आरोपी चेतन नाथ को पकड़ने पहुंची तो वहां उसका साथी भी मौजूद था, लेकिन वह पुलिस को देख वहां से भाग निकला। जब पुलिस ने चेतन को पकड़ा तो पता चला कि उसका साथी भी वहीं मौजूद था, जो पुलिस को देखकर भाग गया है। अब पुलिस उसकी तलाश में जुटी है। ये दोनों जेल में साथ में रह चुके है। साथी की जमानत के लिए जमा कर रहा था पैसा द्वारकापुरी टीआई मनीष मिश्र ने बताया कि चेतन नाथ से पूछताछ में ये बात सामने आई है कि जो 19 लाख रुपए उसके पास से मिले है वह अपने एक साथी की जमानत के लिए इकट्ठा कर रहा था। हालांकि इस बारे में पूरी जानकारी निकाली जा रही है। संभवत: ये पैसा नशा की सप्लाई कर जमा किया गया है। आरोपी के पास से नोट गिनने की मशीन सहित 270 ग्राम ब्राउन शुगर, 8 किलो गांजा और पिस्टल के 22 जिंदा राउंड बरामद किए गए है। इन 22 जिंदा राउंड के बारे में पूछताछ की जा रही है। दरअसल, पुलिस ने पिछले दिनों पुलिस ने लकी नाथ को ब्राउन शुगर के साथ गिरफ्तार किया था। इससे पूछताछ के बाद पुलिस ने बैक ट्रेकिंग कर चेतन नाथ को पकड़ा है।
मोहाली के कस्बा खरड़ में बिजली संकट को लेकर लोगों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। लंबे समय से जारी अघोषित बिजली कटौती से परेशान शहरवासियों ने सोमवार देर रात घरों से बाहर निकलकर चंडीगढ़-खरड़ मुख्य हाईवे जाम कर दिया और बस स्टैंड के पास स्थित बिजली निगम के दफ्तर के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। करीब तीन से चार घंटे तक चले इस प्रदर्शन और हाईवे जाम के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। लोगों का आरोप था कि लगातार शिकायतों के बावजूद बिजली विभाग का कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। 20 घंटे तक बिजली गुल, लोगों का सब्र टूटा प्रदर्शन कर रहे लोगों ने बताया कि पिछले दो दिनों से खरड़ के कई इलाकों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप्प है। कुछ कॉलोनियों में 15 से 20 घंटे तक बिजली गुल रही, जबकि कई क्षेत्रों में बार-बार बिजली कट लगने से लोग परेशान हो गए। भीषण गर्मी और उमस के बीच घरों में रहना मुश्किल हो गया। छोटे बच्चे, बुजुर्ग और बीमार लोग पूरी रात परेशान रहे, लेकिन बिजली विभाग की ओर से कोई सुनवाई नहीं हुई। हेल्पलाइन नंबर भी नहीं हुए रिसीव लोगों का आरोप है कि बिजली निगम के हेल्पलाइन नंबरों पर बार-बार फोन करने के बावजूद किसी ने कॉल नहीं उठाई। कई नंबर बंद मिले, जबकि कुछ पर घंटों तक कोई जवाब नहीं दिया गया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि विभाग की लापरवाही के कारण लोगों को सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ा। पुलिस पहुंची, लेकिन अफसरों ने नहीं उठाया फोन हाईवे जाम और प्रदर्शन की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस अधिकारियों ने हालात को संभालने के लिए बिजली विभाग के संबंधित एसडीओ और अन्य अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की। हालांकि, प्रदर्शनकारियों के मुताबिक पुलिस द्वारा कई बार फोन किए जाने के बावजूद किसी अधिकारी ने कॉल रिसीव नहीं की। इससे लोगों का गुस्सा और बढ़ गया और उन्होंने बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। रात 3 बजे बहाल हुई सप्लाई, लेकिन लो वोल्टेज ने बढ़ाई परेशानी पुलिस के हस्तक्षेप और लगातार दबाव के बाद रात करीब ढाई से तीन बजे के बीच शहर के कुछ इलाकों में बिजली आपूर्ति बहाल की गई। हालांकि लोगों का कहना है कि वोल्टेज इतना कम था कि पंखे और अन्य बिजली उपकरण ठीक से नहीं चल पाए। घंटों इंतजार और प्रदर्शन के बाद जब कोई जिम्मेदार अधिकारी लोगों के बीच नहीं पहुंचा, तो निराश होकर लोग सुबह तड़के अपने घर लौट गए। बिजली निगम के दावों पर उठे सवाल इस पूरे घटनाक्रम ने गर्मियों में बिजली आपूर्ति के बिजली विभाग के दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
विदिशा में आज दो घंटे कटौती:विठ्ठल नगर फीडर पर ए.वी. स्विच कार्य, कई इलाके प्रभावित होंगे
विदिशा शहर में मंगलवार को 11 के.व्ही. विठ्ठल नगर फीडर पर ए.वी. स्विच का तकनीकी कार्य किया जाएगा। इस कारण आज (मंगलवार) सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक दो घंटे बिजली सप्लाई बाधित रहेगी। बिजली कटौती से रायपुरा, पेडी चौराहा, पेडी खाई रोड, मुखर्जी नगर, विठ्ठल नगर, बक्सरिया, समर्पित कॉलोनी और चौपड़ा मोहल्ला क्षेत्र प्रभावित होंगे। मध्यप्रदेश मध्यक्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के शहर जोन-1 के अधिकारियों ने बताया कि आवश्यकतानुसार बंद रहने की अवधि में बदलाव किया जा सकता है। कंपनी ने उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील करते हुए असुविधा के लिए खेद व्यक्त किया है। स्थानीय निवासियों ने शिकायत की कि पिछले दो महीनों से शहर में नियमित रखरखाव कार्य के बावजूद बिजली आपूर्ति सुचारू नहीं हो पाई है। उनके अनुसार, हल्की बारिश या हवा चलने पर भी विद्युत आपूर्ति बाधित हो जाती है। निवासियों ने कंपनी से प्रभावी रखरखाव सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।
शाजापुर जिला अस्पताल में एक्स-रे सुविधा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि अस्पताल में पुलिस केस और गंभीर मामलों के मरीजों को ही एक्स-रे फिल्म उपलब्ध कराई जा रही है, जबकि सामान्य मरीजों को साधारण कागज पर प्रिंट किया गया एक्स-रे थमाया जा रहा है। इससे मरीजों को सही इलाज मिलने में परेशानी हो रही है और डॉक्टरों को भी चोट की वास्तविक स्थिति समझने में दिक्कत आ रही है। अस्पताल के एक डॉक्टर ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि कागज पर दिए जा रहे एक्स-रे में पूरी इमेज सफेद और धुंधली दिखाई देती है। कई बार यह स्पष्ट नहीं हो पाता कि चोट आखिर कहां है। ऐसे में मरीज इलाज की उम्मीद लेकर अस्पताल आता है, लेकिन सही जांच रिपोर्ट नहीं मिलने से उसकी परेशानी और बढ़ जाती है। मरीज बोले-फिल्म की जगह कागज पर रिपोर्ट इलाज कराने आए मरीज संतोष ने बताया कि एक्स-रे कराने के बाद उन्हें फिल्म की जगह कागज पर प्रिंट दिया गया। जब वह डॉक्टर के पास पहुंचे तो डॉक्टर ने भी कहा कि इस प्रिंट में कुछ स्पष्ट दिखाई नहीं दे रहा है। सवाल यह है कि यदि जांच ही स्पष्ट नहीं होगी तो मरीज का सटीक इलाज कैसे होगा। मामले में जब सिविल सर्जन डॉ. बी.एस.मैना से बात की गई तो उन्होंने कहा कि सभी मरीजों की जांच सही तरीके से की जा रही है। उन्होंने स्वीकार किया कि पुलिस केस और गंभीर मरीजों को एक्स-रे फिल्म दी जाती है, जबकि अन्य मरीजों को कागज पर प्रिंट उपलब्ध कराया जाता है। सीएमएचओ बोले-कम बजट से मरीजों को प्रिंट दी जा रही वहीं सीएमएचओ कार्यालय में भी मामला पहुंचा। स्टोर प्रभारी ने पहले फिल्म पर्याप्त होने की बात कही, लेकिन बाद में यह स्वीकार किया कि बजट सीमित होने के कारण फिलहाल एक्स-रे फिल्म केवल गंभीर और पुलिस प्रकरणों के मरीजों को ही दी जा रही है। अस्पताल के एक्स-रे रूम से मिली जानकारी के अनुसार यहां प्रतिदिन करीब 100 से 150 मरीजों के एक्स-रे किए जाते हैं, लेकिन इनमें से अधिकांश मरीजों को पारंपरिक एक्स-रे फिल्म की बजाय साधारण कागज पर प्रिंट देकर भेजा जा रहा है। इससे मरीजों और डॉक्टरों दोनों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
ज्येष्ठ माह की शुक्ल पक्ष पूर्णिमा तिथि सोमवार की देर रात तक मिर्जापुर नगर में मां शीतला का पारंपरिक हिंडोला श्रद्धा और आस्था के साथ निकाला गया। देर शाम शुरू हुई इस शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। पूरे नगर में माई जी का जयकारा और मां शीतला के जयघोष से भक्तिमय माहौल बना रहा। हिंडोला यात्रा के स्वागत के लिए नगर के विभिन्न मार्गों पर लोगों ने साफ-सफाई कर जल का छिड़काव किया। जगह-जगह भक्ति गीतों और नगाड़ों की थाप के बीच श्रद्धालु मां शीतला से परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना करते दिखे। भक्तों ने परंपरा के अनुसार बेना से हवा कर मां के प्रति अपनी श्रद्धा अर्पित की और मनोकामनाएं मांगीं।शोभायात्रा में महिलाओं की विशेष भागीदारी रही। 5 तस्वीरें देखिए- पारंपरिक वेशभूषा में सजी महिला श्रद्धालु भजन-कीर्तन करते हुए हिंडोला के साथ चल रही थीं। नगर के विभिन्न मोहल्लों और मार्गों से गुजरते हुए श्रद्धालुओं ने जगह-जगह मां शीतला की पूजा-अर्चना की और प्रसाद वितरित किया।जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित शीतला माता मंदिरों से भी परंपरागत रूप से हिंडोला यात्राएं निकाली गईं। पूरी रात नगर भ्रमण के बाद यह हिंडोला अगले दिन विभिन्न पड़ावों से होते हुए कड़ेमानीपुर पहुंचकर स्थापित किया जाएगा।इस धार्मिक उत्सव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात रहा। श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला और पूरा नगर भक्तिमय वातावरण में डूबा रहा।
मिर्जापुर में शासन के महत्वाकांक्षी एक पेड़ माँ के नाम वृक्षारोपण महाअभियान-2026 की तैयारियों की समीक्षा बैठक हुई। जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभागवार निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप शत-प्रतिशत वृक्षारोपण सुनिश्चित किया जाए। जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिया कि लगाए गए सभी पौधों की स्थलवार जीआईएस मैपिंग समयबद्ध ढंग से कराई जाए, जिससे उनकी प्रभावी निगरानी और संरक्षण हो सके। बैठक में वन विभाग और अन्य विभागों द्वारा की गई गड्ढों की खुदाई, पौधशालाओं में उपलब्ध पौधों की प्रजातियों, नि:शुल्क पौध वितरण और 1 से 7 जुलाई तक होने वाले वन महोत्सव की तैयारियों की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने इस बात पर जोर दिया कि वृक्षारोपण केवल लक्ष्य पूरा करने तक सीमित न रहे, बल्कि पौधों के संरक्षण और उनके जीवित रहने की भी समुचित व्यवस्था की जाए। पवन कुमार गंगवार ने पौधों के चयन के संबंध में भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पठारी और मैदानी क्षेत्रों की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुसार पौधों का चयन किया जाए। कम नमी वाली भूमि में कम पानी वाले पौधे लगाए जाएं, जबकि अधिक नमी वाले क्षेत्रों में उपयुक्त प्रजातियों का रोपण हो। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि प्रत्येक पौधे की नियमित सिंचाई हो। साथ ही, गड्ढों में गौशालाओं से प्राप्त गोबर की खाद का उपयोग किया जाए, ताकि पौधों की वृद्धि बेहतर हो सके। जिलाधिकारी ने चिरौंजी, कोरैया और मोरिंडा प्रजाति के पौधे लगाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने दोहराया कि पर्यावरण संरक्षण के लिए वृक्षारोपण के साथ पौधों का रखरखाव भी उतना ही महत्वपूर्ण है। सभी विभागों को निर्देश दिया गया कि वे दो दिनों के भीतर गड्ढों की सूची वन विभाग को उपलब्ध कराएं, जिससे पौधों की समय पर आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी विशाल कुमार, प्रभागीय वनाधिकारी राकेश कुमार, अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे) विजेता, लोक निर्माण विभाग, विद्युत विभाग, पुलिस और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
मुजफ्फरपुर के परसौनी जहांगीर वार्ड-21 में सोमवार देर रात एक शादी समारोह में हर्ष फायरिंग हुई है। तीन लोग गोली लगने से घायल हो गए। घटना के बाद शादी समारोह में अफरा-तफरी मच गई। घायलों को आनन-फानन में इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। फायरिंग करने वाले युवक की पहचान की जा रही है। घटना साहेबगंज नगर परिषद क्षेत्र की है। जानकारी के अनुसार, केसरिया थाना क्षेत्र के जगीराहां गांव से परसौनी जहांगीर स्थित मुकेश पाठक के यहां बारात आई थी। दरवाजा लगने की रस्म के दौरान कुछ युवक भोजपुरी गानों पर डांस करते हुए अवैध हथियार से हर्ष फायरिंग करने लगे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गोली चलाने वाला युवक नशे की हालत में था। इसी दौरान अचानक चली गोलियां वहां मौजूद तीन लोगों को लग गईं। एक घायल का इलाज मोतिहारी में चल रहा है टेंट संचालक अनिल पासवान (35 वर्ष) गंभीर रूप से घायल हो गए। उनके बाएं घुटने में गोली लगी है। उन्हें पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर एसकेएमसीएच रेफर कर दिया गया। वहीं, दो अन्य घायलों में एक को इलाज के लिए मोतिहारी ले जाया गया, जबकि दूसरे का उपचार मुजफ्फरपुर शहर के एक निजी अस्पताल में कराया जा रहा है। आरोपी की पहचान में जुटी पुलिस सूचना मिलते ही अपर थानेदार अशोक राम पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने पुष्टि की है कि फायरिंग में तीन लोग घायल हुए हैं। हालांकि, पुलिस के पहुंचने से पहले ही घटनास्थल से कारतूस के खोखे हटा दिए गए थे। आसपास के लोगों से पूछताछ कर फायरिंग करने वाले युवक की पहचान में जुटी है। मामले में आगे की विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है।

