राजस्थान में वेस्टर्न डिर्स्टबेंस हल्का प्रभाव बना हुआ है। मौसम विभाग ने रविवार को भी 6 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। शनिवार को जयपुर, भीलवाड़ा, राजसमंद, सिरोही में कुछ स्थानों पर बूंदाबांदी हुई। कमजोर धूप और हवा चलने के कारण दिन में हल्की ठंडक रही। पश्चिमी राजस्थान के जिलों में अब भी तापमान 37 डिग्री के करीब रिकॉर्ड हो रहा है। कल से मौसम साफ रहने का अनुमान है। मौसम के बड़े अपडेट्स जयपुर में देर शाम हल्की बारिश: राजधानी में शनिवार को मौसम दिनभर साफ रहा। देर शाम जयपुर के कुछ इलाकों में हल्की बारिश हुई। अधिकतम तापमान 31.9 डिग्री और न्यूनतम तापमान 22.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। शनिवार को दिन का सबसे अधिक अधिकतम तापमान 37.8 डिग्री सेल्सियस बाड़मेर में दर्ज हुआ। आज तेज बारिश का अलर्ट: मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर ने आज करौली, सवाई माधोपुर, टोंक, बूंदी, कोटा, बारां जिलों में बादल छाने के साथ कहीं-कहीं हल्की बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। 19 अक्टूबर से राज्य में मौसम साफ रहने, धूप तेज होने और तापमान में बढ़ोतरी की संभावना है।
राजस्थान के लोक-देवताओं और लोक-देवियों की कहानियां अब बॉलीवुड के लिए भी आकर्षण बन रही हैं। ‘हनुमान अंश’ को मिली लोकप्रियता के बाद अब राजस्थान की आराध्य लोकदेवी मां करणी की जीवन गाथा बड़े पर्दे पर लाने की तैयारी है। फिल्म मेकर राज शांडिल्य की कथावाचक फिल्म्स की ओर से फिल्म ‘कर्णिका’ बनाने की घोषणा की गई है। फिल्म में मां करणी के जीवन, उनसे जुड़ी लोक मान्यताओं, चमत्कारों और राजस्थान के इतिहास में उनकी भूमिका को दिखाया जाएगा। फिल्म की शूटिंग के लिए देशनोक, बीकानेर और जोधपुर को चुना गया है। शूटिंग 2027 के शुरुआती महीनों में शुरू करने और उसी साल फिल्म रिलीज करने का लक्ष्य रखा गया है। राजस्थान में लोक देवताओं और लोक-देवियों के प्रति लोगों की गहरी आस्था रही है। इनसे जुड़ी कथाएं पीढ़ियों से लोकगीतों, मेलों, धार्मिक आयोजनों और जनश्रुतियों के जरिए आगे बढ़ती रही हैं। अब इन्हीं कहानियों को सिनेमा के माध्यम से बड़े दर्शक वर्ग तक पहुंचाने की कोशिश हो रही है। ‘हनुमान अंश’ के बाद ‘कर्णिका’ की घोषणा इसी कड़ी में अहम मानी जा रही है। एक ओर लोकदेवता से जुड़ी कहानी ने लोगों का ध्यान खींचा, वहीं अब मां करणी के जीवन और उनकी विरासत को फिल्म के जरिए सामने लाने की तैयारी है।देशनोक से जोधपुर तक दिखेगी मां करणी की विरासत: फिल्म की शूटिंग के लिए राजस्थान के तीन शहरों का चयन किया गया है। इनमें देशनोक सबसे खास है, क्योंकि यहां मां करणी का प्रसिद्ध मंदिर है। बीकानेर से करीब 30 किमी दूर स्थित इस मंदिर में देशभर से श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। मंदिर में रहने वाले चूहों को श्रद्धालु ‘काबा’ कहते हैं। यहां सफेद चूहे के दर्शन को शुभ माना जाता है। मंदिर से जुड़ी ये परंपराएं मां करणी की आस्था और पहचान का अहम हिस्सा हैं। बीकानेर और जोधपुर का संबंध भी मां करणी की लोकगाथा से जुड़ा है। रिधू बाई से मां करणी बनने तक की कहानी: लोक मान्यताओं और चारण साहित्य में मां करणी के जीवन से जुड़े कई प्रसंग मिलते हैं। मान्यता है कि उनका बचपन का नाम रिधू बाई था। जनश्रुतियों के अनुसार, उनके साहस, चमत्कारों और जनसेवा से जुड़ी कथाओं ने उन्हें लोकदेवी के रूप में प्रतिष्ठा दिलाई। राजस्थान में उनकी पूजा केवल धार्मिक परंपरा तक सीमित नहीं है, बल्कि कई परिवारों और राजघरानों की आस्था भी उनसे जुड़ी हुई है। फिल्म ‘कर्णिका’ में मां करणी के जीवन के अलग-अलग पड़ावों को दिखाया जाएगा। उनके जीवन से जुड़ी कथाओं के साथ राजस्थान के उस दौर के सामाजिक और ऐतिहासिक परिवेश को भी पर्दे पर उतारने की गुंजाइश है। 2027 में शूटिंग, कलाकारों के नाम तय होना बाकी: फिल्म की घोषणा मां करणी के 639वें जन्मोत्सव के अवसर पर की गई है। फिल्म के निर्माता राज शांडिल्य, कृष्ण कुमार, विमल लाहोटी और निरंजन मुंधड़ा हैं। फिल्म के निर्देशक और मुख्य कलाकारों का चयन अंतिम चरण में है। शूटिंग 2027 की शुरुआत में शुरू करने की तैयारी है और इसी साल इसे रिलीज करने का लक्ष्य रखा गया है।
नवरात्रि में अनोखे तरीके से माता की भक्ति करते भक्त देखे जा सकते हैं। किसी ने माता को जीभ काटकर चढ़ा दी, तो किसी ने शरीर पर ही जवारे उगा लिए। दैनिक भास्कर ने ऐसे ही युवक और बुजुर्ग महिला से बात की। उनका दावा है कि अब स्थिति सामान्य है। बात करने में भी दिक्कत नहीं होती। हालांकि मेडिकल साइंस इससे इत्तेफाक नहीं रखता। मनोरोग विशेषज्ञ सत्यकांत त्रिवेदी इसे सिर्फ आस्था मानते हैं, लेकिन जीभ सामान्य होने की बात को वो भी नकारते हैं। सीधी: बुजुर्ग महिला ने नाती के लिए मांगी थी मन्नत सेमरिया क्षेत्र के रामगढ़ पंचायत की कोलान बस्ती में पिछले साल यानी 2025 में शारदीय नवरात्रि में दुर्गा पूजा पंडला लगा था। इसी पंडाल में पंचमी के दिन कल्लूबाई (80) ने अपनी ब्लेड से जीभ काटकर माता को अर्पित कर दी थी। कल्लूबाई अब सामान्य लोगों की तरह बात करती हैं। वह बताती हैं कि नवरात्रि में उपवास रखा था। उसी दौरान 16 साल के नाती को तेज बुखार था। वह स्कूल नहीं जा पाता था। गांव में डॉक्टर को दिखाया। दाहिने पैर ने काम करना बंद कर दिया। वह रोने लगा। पैर जमीन पर नहीं रख पा रहा था। उसे जिला अस्पताल में दिखाया, वहां से जबलपुर रेफर कर दिया। पैर में सूजन आ गई। मैं उसे गोद में उठाकर ले जाया करती थी। लोगों ने दिल्ली–मुंबई ले जाने की भी सलाह दी। हालांकि दिन में तो ठीक रहता, लेकिन रात में तेज दर्द होने लगता। उसका दर्द देखा नहीं जा रहा था। कुछ दिन बाद एक पैर से चलना शुरू कर दिया, लेकिन फिर भी गिर जाता था। जब कुछ नहीं सूझा, तो मैंने सब कुछ माता पर छोड़ दिया। पंचमी के दिन सुबह करीब 8 बजे अपनी जीभ का करीब एक इंच हिस्सा काट कर चढ़ा दिया। उस वक्त वहां खून भी बह रहा था। कल्लूबाई का दावा है कि माता के आशीर्वाद से शाम 5:00 बजे जीभ जस की तस हो गई थी। एक दिन पहले माता ने सपने में दर्शन दिए। कल्लूबाई ने बताया कि परिवार के सदस्यों की बीमारी भी दूर हो गई है। इसी विश्वास के साथ इस साल माता की परिक्रमा भी करेंगी। भिंड: युवक बोला- पता नहीं चला, जीभ काट ली भिंड के करीब एक साल पहले भारौली गांव में सती माता मंदिर में 21 साल के आकाश ने भी अपनी जीभ काटकर चढ़ा दी थी। दावा है कि अब उसकी जीभ सामान्य हो गई है। उसे बोलने में भी परेशानी नहीं हो रही। आकाश के परिजन का कहना है कि उस वक्त बेटे की माता के प्रति आस्था थी। वह गुरु के आदेश को सर्वोपरि मानता था। चाचा उदयवीर सिंह का कहना है कि भतीजा पढ़ाई में होशियार है। उसने बीएससी की है। आगे की पढ़ाई और नौकरी की तैयारी के लिए दिल्ली गया था। उसका झुकाव प्रवचनों और संत समाज की ओर बढ़ता गया। करीब एक साल पहले गांव में भागवत कथा के दौरान आकाश ने सती माता मंदिर में जीभ काटकर चढ़ा दी थी। उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे थे। उसने गुरु के आदेश पर ऐसा करने की बात कही थी। अब स्थिति सामान्य है। वह बिना परेशानी बातचीत कर रहा है। सागर: युवक ने शरीर पर जवारे भी उगाए थे सागर जिले के रहली विकासखंड के चांदपुर में चैत्र नवरात्रि में भक्त कमलेश कुर्मी ने आसन पर बैठकर शरीर पर जवारे लगाए थे। उन्होंने नवरात्र के नौ दिनों तक अन्न-जल और अपनी दैनिक दिनचर्या का त्याग कर शरीर पर जवारे लगाए। कमलेश माता की स्थापना कर मां दुर्गा की प्रतिमा के पास नौ दिन तक कुर्सी पर बैठे रहे। शरीर के अलग-अलग हिस्सों पर जवारे लगाए रहे। इस दौरान न तो वह उठते और न ही कहीं जाते हैं। दिनभर में सिर्फ दो चम्मच जल और दही ग्रहण करते थे। कमलेश ने इसके लिए 15 दिन पहले से तैयारी शुरू कर दी थी। नवरात्र से 15 दिन पहले ही अन्न-जल त्याग दिया था। साथ ही, प्रतिमा का निर्माण शुरू किया। परमा यानी चैत्र नवरात्रि के पहले दिन स्थापना करके शरीर पर जवारे लगाए। अब मेडिकल साइंस की बात… डॉक्टर बोले- दोबारा विकसित नहीं होती जीभ ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. नितेश मुद्गल ने बताया कि जीभ का कटा हुआ हिस्सा दोबारा विकसित नहीं होता। जो लोग आस्था और विश्वास के नाम पर ऐसे कृत्य के लिए प्रेरित होते हैं, वे कई बार धार्मिक विश्वास में डूबे रहते हैं। ऐसे मामलों में व्यक्ति की मानसिक दशा का आकलन जरूरी है। कुछ मामलों में व्यक्ति की मनोदशा ठीक नहीं होती। खुद को गंभीर चोट पहुंचाने की ऐसी घटनाओं को केवल धार्मिक आस्था से जोड़कर नहीं देखना चाहिए। इनके पीछे मानसिक स्थिति और अन्य परिस्थितियों की जांच भी जरूरी है। मनोरोग विशेषज्ञ बोले – ऐसी चीजों से बचना चाहिए भोपाल में वरिष्ठ मनोरोग विशेषज्ञ सत्यकांत त्रिवेदी कहते हैं कि इस परंपरा को समझने के लिए आस्था, सामूहिक मनोविज्ञान, सांस्कृतिक स्थिति और मानवीय अनुभूति के बीच के संबंध को समझना जरूरी है। मनुष्य का दिमाग केवल घटनाओं को दर्ज नहीं करता, बल्कि उन्हें अपनी मान्यताओं, अपेक्षाओं और सामाजिक परिवेश के आधार पर अर्थ भी देता है। गहरी धार्मिक आस्था, अनुष्ठान के दौरान भावनात्मक तल्लीनता और सामूहिक विश्वास किसी अनुभव की अनुभूति और उसकी व्याख्या को प्रभावित कर सकते हैं। मनोविज्ञान की स्पष्ट सीमा है, जबकि आस्था दर्द की अनुभूति को प्रभावित कर सकती है, भय कम कर सकती है। किसी अनुभव को असाधारण अर्थ दे सकती है; परंतु इससे यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि शरीर का कट चुका अंग दोबारा विकसित हो सकता है।
गोरखपुर में लुटेरी दुल्हन से शादी और जमीन कब्जाने की खुन्नस में चचेरे भाइयों ने शिवम उर्फ आदर्श पांडेय की हत्या कर दी थी। हरपुर बुदहट थाना क्षेत्र के करनपुरा गांव में हुई वारदात के बाद फरार चल रहे दोनों चचेरे भाईयों राधेश्याम पांडेय और लवकुश को पुलिस ने शनिवार रात थानाक्षेत्र से ही गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में जमीन विवाद और पुरानी पारिवारिक रंजिश को हत्या की वजह बताया गया। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त डबल बैरल बंदूक, कारतूस और वारदात के बाद भागने में इस्तेमाल मोपेड बरामद की है। रविवार के दिन में आरोपियों को जेल भेजने की तैयारी है। पुराने समय से चल रहा था विवादमेथौली निवासी सुदामा पांडेय उर्फ गामा का करनपुरा गांव में नेवासा था। उनके बड़े भाई राम पलट के बेटे राधेश्याम और लवकुश गांव में रहकर खेती करते थे। सुदामा की भी गांव में जमीन थी, जिसको लेकर दोनों परिवारों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। सुदामा की मौत के बाद उनका छोटा बेटा शिवम अपने हिस्से की खेती देखने लगा था। 15 अक्टूबर को शिवम विवादित खेत की जुताई कराने ट्रैक्टर लेकर पहुंचा तो राधेश्याम ने जुताई करने से मना कर दिया। इस पर दोनों पक्षों में कहासुनी हुई और ट्रैक्टर चालक वहां से चला गया। कुछ देर बाद लवकुश भी मौके पर पहुंचा। आरोप है कि उसके ललकारने पर राधेश्याम ने डबल बैरल बंदूक से शिवम को गोली मार दी थी। पकड़े गए दोनों भाइयों ने बताई हत्या की वजह एसपी नार्थ राजेश घुनावत के अनुसार, एसओजी और स्वाट टीम ने शनिवार को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में राधेश्याम ने बताया कि सुदामा अपने जीवनकाल में धीरे-धीरे भाइयों के हिस्से की जमीन पर कब्जा करने लगे थे। उनकी मौत के बाद शिवम भी जमीन पर कब्जा करने लगा था। हाल ही में उसने एक स्थान पर टीनशेड डाल दिया था। इसके बाद विवादित जमीन को जोतने पहुंच गया था। इसी बात को लेकर राधेश्याम के मन में नाराजगी थी।वहीं, लवकुश ने बताया कि सुदामा ने उसकी शादी ऐसी महिला से कराई थी, जो दो महीने बाद ही घर में रखे सभी जेवर लेकर चली गई थी। आरोपी के मुताबिक, इस घटना के बाद से ही उसके मन में सुदामा और उनके परिवार के प्रति नफरत थी। पुलिस के अनुसार, दोनों ने इसी रंजिश में शिवम की हत्या की। असलहा लाइसेंस निरस्त कराने की प्रक्रिया शुरू शिवम उर्फ आदर्श पांडेय की हत्या में इस्तेमाल डबल बैरल बंदूक राधेश्याम पांडेय की लाइसेंसी बताई गई है। वारदात में लाइसेंसी असलहे के इस्तेमाल को पुलिस ने गंभीरता से लिया है। पुलिस की ओर से बंदूक का लाइसेंस निरस्त कराने के लिए जिलाधिकारी को रिपोर्ट भेजी गई है। लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई जिलाधिकारी के स्तर से की जाएगी। वहीं शिवम की मां कृष्णावती देवी ने बताया कि उम्र में तीन गुने देवरों ने गोली मारकर मेरे बेटे की जान ले ली। मेरा बेटा उनकी इज्जत करता था। इसलिए हाथ नहीं उठाया। 2 अक्टूबर को बेटे ने धूमधाम से जन्मदिन मनाया था। उसने कभी गलत रास्ता नहीं अपनाया था। मेरे बेटे को मार डाला। पोस्टमार्टम के बाद शुक्रवार देर शाम शिवम का शव गांव मेथौली पहुंचा तो परिजन के साथ ग्रामीणों की आंखें भी नम हो गईं। हंगामे की आशंका को देखते हुए सीओ गीडा आभा सिंह समेत खजनी, सहजनवां, गीडा और हरपुर-बुदहट थानों की पुलिस मौके पर तैनात रही। सीओ ने परिजन से बातचीत कर उन्हें समझाया, जिसके बाद वे अंतिम -संस्कार के लिए तैयार हुए। कालेसर स्थित मोक्षधाम में शिवम का अंतिम संस्कार किया गया। परिजनों ने मांग की हत्यारों को फांसी दी जाए। वीडियो बनाते समय लगी शिवम को गोली तुम मारो मैं वीडियो बना रहा हूं, 26 साल का शिवम उर्फ आदर्श पांडेय मरने से पहले मोबाइल से रिकॉर्ड करते हुए यह बोला था। यह सुनते ही 60 साल और 63 वर्षीय बुजुर्ग चचेरे भाइयों ने लाइसेंसी बंदूक से दिन दहाड़े पीठ पर गोली मारी थी। वारदात के समय आरोपी चिल्ला-चिल्लाकर बोल रहे थे कि पूरा खानदान खत्म कर दूंगा। गोली पीठ से होते हुए सीना चीर कर बाहर निकल गई। घटनास्थल पर ही शिवम खून से लथपथ हाल में गिरा तो फिर नहीं उठ पाया। गोली लगने से उसकी मौत हो गई। फिर दोनों बुजुर्ग भाई बंदूक लहराते हुए फरार हो गए। वहीं रोते हुए मृतक की बहन बोली- 12वीं पास कर मेरा भाई पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहा था। बड़े पापा के लड़कों ने मार डाला। घटना हरपुर बुदहट थाना क्षेत्र के करनपुरा गांव में गुरुवार सुबह 10:30 बजे की है। हरपुर बुदहट थाने में शाम को मृतक की बहन मधु पांडेय की तहरीर पर बड़े पिता के लड़के 60 साल के लवकुश पांडेय और 63 वर्षीय राधेश्याम पांडेय के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। मृतक का मोबाइल पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है। उसमे घटना के समय के कुछ वीडियो भी रिकॉर्ड हुए हैं। पुलिस की 5 टीमें आरोपी भाइयों की तलाश में जुट गई हैं। अब जानिए पूरा मामला मेथौली निवासी सुदामा पांडेय उर्फ गामा का करनपुरा गांव में नेवासा है। उनके बड़े भाई स्व. राम पलट के लड़के राधेश्याम पांडेय उर्फ रधई और लवकुश पांडेय करनपुरा में रहकर खेती-बारी करते हैं। वहां पर सुदामा की भी जमीन है। जिसको लेकर सुदामा और राधेश्याम के बीच काफी समय से विवाद चल रहा था। इसी बीच सुदामा की मौत हो गई तो उनका छोटा बेटा 26 वर्षीय शिवम पांडेय खेती का काम देखने लगा। गुरुवार सुबह शिवम मेथौली से 3 किमी दूर करनपुरा स्थित अपने हिस्से के खेत की जुताई कराने ट्रैक्टर लेकर पहुंचा था। इसी दौरान उसके चचेरे भाई राधेश्याम पांडेय उर्फ रधई ने खेत जोतने से मना किया। इसको लेकर दोनों पक्षों में विवाद हुआ। विवाद होता देख ट्रैक्टर लेकर ड्राइवर वहां से चला गया। लवकुश के ललकारने पर मारी गोली सुबह करीब 10:30 बजे बजे रधई का एक अन्य भाई लवकुश भी मौके पर पहुंच गया और उसने अपने भाई को गोली मारने के लिए ललकारा। तब शिवम मोबाइल निकालकर वीडियो बनाने लगा। तभी राधेश्याम ने शिवम पर गोली चला दी। गोली उसके पीठ में लगी। शिवम कुछ दूर भागा भी, लेकिन पुलिया के पास पहुंचते ही सड़क पर गिरकर अचेत हो गया। घटना की सूचना पर सीओ गीडा समेत हरपुर बुदहट थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को लेकर सीएचसी सहजनवा पहुंची, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बेंगलुरु से भाइयों के आने पर हुआ पोस्टमार्टम मृतक शिवम के दो बड़े भाई शिव कुमार पांडेय और दुर्गा पांडेय बंगलुरू में एक प्राइवेट कंपनी में काम करते हैं। उसकी चार बहनें गिरजा, रंजीता, महिमा और मधु हैं। इसमे दो बहनों गिरजा और रंजीता की शादी हो चुकी है। मेथौली गांव में शिवम गांव में मां कृष्णावती देवी और बहनों के साथ रहता था। सुबह उसकी मौत की सूचना पर मिलने पर 3 किमी दूर चीखते चिल्लाते मां और बहन पहुंची। शिवम की हालत देखकर मां वहीं पर अचेत होकर गिर गईं। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराने के लिए बीआरडी मेडिकल कॉलेज के मोर्चरी में भिजवा दिया। बंगलूरू में रहने वाले दोनों भाइयों से कॉल कर पुलिस ने बात की। दोनों भाइयों ने अपने सामने पोस्टमार्टम कराने की इच्छा जाहिर की। शुक्रवार को शिवम के शव का पोस्टमार्टम कराया गया। पुलिस की तैयारी कर रहा था शिवम मृतक की बहन मधु ने बताया कि शिवम 12वीं तक पढ़ा था। वह घर और खेत का सारा काम करता था। इसके साथ ही वह पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहा था। इसके लिए प्रतिदिन वह दौड़ता था। हमेशा कहता था पुलिस बनकर दोनों बहनों की धूमधाम से शादी करूंगा। हत्यारोपी की भाग चुकी है पत्नी पुलिस के मुताबिक, हत्यारोपी राधेश्याम के बुरे व्यवहार की वजह से उसकी पत्नी बेटे को लेकर घर से भाग गई थी। इसके बाद वह मायके में रहने लगी। वहीं पर उसकी मौत हो गई। उसका बेटा भी पिता से कोई मतलब नहीं रखता है। दूसरे आरोपी लवकुश की भी पत्नी मर चुकी है। घर पर केवल दोनों भाई ही रहते थे। इसमे राधेश्याम सिरफिरा था। वह अजीत हरकतें करता था। हमेशा गुस्से में रहता था। एसपी नार्थ राजेश घुनावत ने बताया एसओजी और स्वाट टीम ने शनिवार को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। हत्या में प्रयुक्त डबल बैरल बंदूक, कारतूस और वारदात के बाद भागने में इस्तेमाल मोपेड बरामद की है। आरोपियों को रविवार को जेल भेजने की तैयारी है।
एसओजी की गिरफ्त में आया रानीवाड़ा का 8वीं पास गायनेकोलॉजिस्ट नानजीराम चौधरी राजनीति में भी भाग्य आजमा चुका था। वर्ष 2015 में अपने गांव दहीपुर में सरपंच का चुनाव हारने के बाद उसने बतौर डॉक्टर प्रैक्टिस करनी शुरू की थी। वर्ष 2016 में सांचौर रोड स्थित जिस राजदेव क्लीनिक पर बतौर स्वीपर, रिसेप्शनिस्ट काम करता था उसे अपने हमनाम पार्टनर के साथ मिलकर लीज पर ले लिया। सालभर के बाद पार्टनर के अलग होने पर क्लीनिक का नाम बदल दिया था। यहां डिग्रीधारी फिजीशियन को हायर कर गर्भवती का इलाज करने के साथ डिलीवरी और सर्जरी भी करने लगा। शुरुआत में प्रसव कराता था और बाद में जनरल सर्जरी, जैसे हर्निया और पथरी के ऑपरेशन करने भी शुरू कर दिए। दिखावे के लिए गुजरात के कुछ सर्जन नियुक्त किए, लेकिन उनका राजस्थान मेडिकल काउंसिल में पंजीकरण ही नहीं था। यानी उन सर्जन के नाम पर वह खुद ही ऑपरेशन करता था। वहां 8 माह में 1200 से अधिक सर्जरी कर चुका था। लीज पर लिए क्लीनिक से नानजीराम चौधरी इतना नाम बना चुका था कि अक्टूबर 2024 में बड़गांव रोड पर खुद का अस्पताल (भास्कर मल्टी स्पेशलिटीज हॉस्पिटल) शुरू कर दिया। इन 8 सालों में उसने सालाना औसत 150 से 200 प्रसव भी कराए। नए अस्पताल में केस बिगड़ा तो गुजरात के विशेषज्ञ डॉक्टर से अनुबंध कर लिया : खुद का नया अस्पताल खोलने के 1 माह में ही महिला मरीज का केस बिगड़ गया। रेफर की महिला की मौत के बाद परिजनों ने हंगामा कर दिया था। हालांकि बाद में समझौता हो गया। तब नानजीराम की डिग्री पर सवाल उठे थे। उसके बाद उसने खुलकर प्रैक्टिस करना बंद कर दिया। इसके बाद गुजरात के विशेषज्ञ डॉक्टरों से अनुबंध कर लिया था। विशेषज्ञाें को ऑन-कॉल बुलाने लगा। नया अस्पताल नाले के बहाव क्षेत्र में भी आ रहा है। सीएचसी में बंद ऑपरेशन थियेटर का फायदा उठाया : पुराने क्लीनिक में रोज 50 की ओपीडी रहती थी। एक प्रमुख कारण था रानीवाड़ा के सरकारी अस्पताल (सीएचसी) में करीब 12 साल से ऑपरेशन थियेटर बंद होना। क्षेत्र के जो मरीज गुजरात नहीं जा सकते थे, वे नानजीराम चौधरी के अस्पताल में आने लगे। गायनेकोलॉजिस्ट ही नहीं, डॉक्टरेट की मानद उपाधि भी जुगाड़ ली : नानजीराम ने शैक्षणिक डिग्रियों, एमबीबीएस, गायनेकोलॉजिस्ट ही नहीं साउथ वेस्टर्न अमेरिकन यूनिवर्सिटी से सोशल वर्क विषय में मानद डॉक्टरेट की उपाधि भी जुगाड़ ली थी, जबकि इस विश्वविद्यालय की मान्यता ही वैध नहीं थी। नानजीराम खुद को डॉक्टर बताने के लिए अपना नाम डॉ. एनआर चौधरी लिखता था और साथ में डिग्री की तरह MDBH शब्द लिखता था। वैसे यह किसी मेडिकल डिग्री का नाम नहीं, बल्कि इसका मतलब निकाल रखा था-मैनेजिंग डायरेक्टर ऑफ भास्कर हॉस्पिटल।
गोरखपुर के रुस्तमपुर नहर रोड स्थित सिंघवानी चौराहे पर वन देवी की थीम पर एक बेहद ही अद्भुत प्रतिमा स्थापित की गई है। जिसमें पेड़ की जड़ से माता रानी प्रकट हुई हैं। इसके माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति को बचाने संदेश दिया जा रहा है। पेड़ के तने में ही मां का भव्य और अलौकिक चेहरा तराशा गया है, जबकि ठीक नीचे मां दुर्गा की एक मनमोहक मूर्ति विराजमान है जो भक्तों को आशीर्वाद देती नजर आ रही है। मूर्ति में सबसे बड़ा आकर्षण का केंद्र मां दुर्गा का पलकें झपकाना है। जिसे देखने के बाद दिव्य अनुभूति हो रही है। शनिवार की रात में पट खोलते ही पंडाल में श्रद्धालुओं उमड़ गई। लोग इस खूबसूरत नजारे को अपने फोन में फोटो और वीडियो माध्यम से कैद करते नजर आएं। पर्यावरण संरक्षण का संदेश दे रहा पूरा पंडालआयोजकों ने पूरे पूजा पंडाल को जंगल और प्राकृतिक वातावरण की थीम पर सजाया गया है, ताकि दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को पेड़-पौधों और पर्यावरण को बचाने का सीधा संदेश दिया जा सके। समिति के सदस्य अंकित गुप्ता ने बताया कि इस अनोखी प्रतिमा को स्थापित करने के पीछे मुख्य उद्देश्य लोगों को प्रकृति के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में विकास के नाम पर पेड़-पौधों की अंधाधुंध कटाई हो रही है और नए पौधे लगाने की ओर लोगों का ध्यान बहुत कम है। इसकी वजह से प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है और हमारा पर्यावरण दूषित होता जा रहा है। इसी गंभीर समस्या को ध्यान में रखते हुए समिति के सभी सदस्यों ने आपस में विचार-विमर्श किया और इस बार 'वन देवी' की मूर्ति स्थापित करने का फैसला लिया। इसके जरिए लोगों को यह समझाने की कोशिश की जा रही है कि पेड़-पौधे मानव जीवन के लिए कितने जरूरी हैं, क्योंकि उन्हीं से हमें सांस लेने के लिए शुद्ध ऑक्सीजन मिलती है। 3 महीने में तैयार हुई प्रतिमा इस अद्भुत प्रतिमा के निर्माण के बारे में बताते हुए अंकित गुप्ता ने कहा कि इसके लिए करीब तीन महीने पहले ही मूर्तिकार को ऑर्डर दे दिया गया था। कलाकार को सिर्फ इतना बताया गया था कि मूर्ति की थीम वन देवी पर आधारित होनी चाहिए। इसके बाद मूर्तिकार ने अपनी कल्पना और हुनर से इतनी भव्य और जीवंत प्रतिमा तैयार कर दी। इस सुंदर मूर्ति का निर्माण गोरखनाथ मंदिर परिसर में किया गया है, जिसकी कुल लागत करीब 1.25 लाख रुपये आई है। दर्शकों की लग रही भारी भीड़सिंघवानी चौराहे पर स्थापित इस वन देवी प्रतिमा को देखने के लिए पहले दिन से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने लगी है। दूर-दूर से लोग माता रानी के इस अनूठे रूप के दर्शन करने और उनका आशीर्वाद लेने पहुंच रहे हैं। तस्वीरों में कैद कर रहे अनोखा रूपमूर्ति की खूबसूरती, दिव्य स्वरुप और इसके पीछे छिपे संदेश से प्रभावित होकर लोग अपने मोबाइल कैमरों में फोटो और वीडियो बनाकर इस अद्भुत रूप को कैद करते नजर आ रहे हैं। इस अनोखी पहल की पूरे इलाके में खूब चर्चा हो रही है।
भोजपुरी एक्टर और भाजपा MLC पवन सिंह शनिवार को बलिया कोर्ट में पेश नहीं हुए। जबकि, पत्नी ज्योति सिंह कोर्ट में पेश हुईं। पेश नहीं होने पर कोर्ट ने पवन सिंह पर 3 हजार रुपए का हर्जाना लगाया। मामला पवन सिंह और उनकी पत्नी ज्योति सिंह के तलाक और गुजारा भत्ता से जुड़ा है। अगली सुनवाई 12 नवंबर को होगी। VIDEO में पूरी कहानी…
शाम ढलते ही घरों के दरवाजे बंद होने लगते हैं। खेत जाने वाले रास्तों पर सन्नाटा है। जिन बच्चों के हाथों में स्कूल बैग होता था, उनमें से कई घरों में कैद हैं। माता-पिता को डर है कि स्कूल आते-जाते समय खेत से निकलकर तेंदुआ हमला कर देगा। स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति 42% तक कम हो गई है। यह हालात हैं लखीमपुर के 20 से ज्यादा गांवों में, जहां पिछले 48 घंटे में तेंदुए के हमले से 2 मासूमों की मौत हो गई। लोग रात-रातभर जागकर रखवाली कर रहे हैं। लाठी-डंडे लेकर झुंड में खेत जा रहे हैं। बच्चे अगर स्कूल जाते हैं, तो ग्रुप में शोर मचाते हुए जाते हैं। जंगल से गांव आने वाले रास्तों पर सुरक्षा खाई बनाई गई है। दैनिक भास्कर की टीम जिला मुख्यालय से करीब 75 किलोमीटर दूर उत्तर निघासन वन रेंज के गांवों में पहुंची। स्कूलों, खेतों और घरों में जाकर लोगों से बातचीत की। वन विभाग ने 10 महीने में 17 तेंदुए पकड़े, लेकिन इनका आतंक कम नहीं हो रहा। लोगों में खौफ है कि अगला शिकार कौन होगा। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… दो दिन में 2 मासूम बच्चों को शिकार बनाया 12 अक्टूबर को धौरहरा वन रेंज के बोझिया गांव में 7 साल की सान्या को तेंदुआ घर के आंगन से उठा ले गया था। अगले दिन उसका अधखाया शव मिला था। इसके बाद 14 अक्टूबर की शाम, उत्तर निघासन वन रेंज के टॉपर फार्म में घर के बाहर खेल रहे 6 साल के मनजोत सिंह को तेंदुआ उठा ले गया। ढाई घंटे की तलाश के बाद जंगल से उसका अधखाया शव मिला। पिता जोगा सिंह ने बताया कि बेटे की मौत को 3 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक तेंदुए को पकड़ा नहीं जा सका। उन्हें अब तक न तो कोई मुआवजा मिला है और न ही घर के आसपास सुरक्षा के लिए बाउंड्री वॉल बनाई गई। परिवार को डर है कि कहीं दूसरा बच्चा भी तेंदुए का शिकार न बन जाए। पिता बोला- मेरी आंखों के सामने से बेटी को उठा लिया सान्या के पिता संपत गिरि रहते हैं- खेत की तरफ से तेंदुआ आया। मेरी आंखों के सामने आंगन से बेटी को झपटकर पकड़ लिया। मैं पीछे दौड़ा, लेकिन तेंदुआ बच्ची को लेकर खेतों में भाग गया। रातभर ढूंढते रहे, लेकिन बच्ची को बचा नहीं पाए। संपत की पड़ोसी राधिका ने बताया- मैं बाहर ही बैठी थी। मेरे सामने से बच्ची को तेंदुआ ले गया। हम 4 लोग पीछे भागे, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। अगले दिन बच्ची का केवल धड़, पैर और सिर का थोड़ा सा हिस्सा ही मिला, बाकी अंग तेंदुए ने खा लिए थे। घटना के बाद राधिका खौफ में हैं। वह बात करते हुए रोने लगती हैं। जंगल से निकलकर आबादी के पास पहुंच रहे दुधवा टाइगर रिजर्व के जंगलों से निकलकर बाघ और तेंदुए आबादी के करीब पहुंच रहे हैं। जंगल से सटे गांवों के आसपास गन्ने के खेतों में इनकी मौजूदगी है। निघासन तहसील क्षेत्र में जनवरी से अब तक तेंदुए और बाघ के हमलों में 7 लोगों की जान जा चुकी है। वन विभाग ने पिछले 10 महीने में अलग-अलग गांवों में पिंजरे लगाकर 17 तेंदुए पकड़े हैं। इसके बावजूद हमले नहीं रुक रहे। हालात ये हैं कि किसान खेतों में जाने से डर रहे हैं। बच्चों की रखवाली के लिए लोग लाठी-डंडे लेकर घरों के बाहर बैठे हैं। गांव के बाहर रास्तों में खाई बनाई गई है। तेंदुए के हमलों का सबसे बुरा असर उन बच्चों पर पड़ रहा, जिनके स्कूल जंगल और गन्ने के खेतों के पास हैं। हमने स्कूल में टीचरों से बात की, तो पता चला कि परिजन बच्चों को स्कूल भेजने से कतरा रहे हैं। ऐली में 102 में से सिर्फ 59 बच्चे पहुंचे प्राथमिक स्कूल ऐली में स्थिति और भी चिंताजनक दिखी। प्रिंसिपल योगेश पांडेय ने बताया- स्कूल में कुल 102 बच्चे रजिस्टर्ड हैं, लेकिन केवल 59 बच्चे ही स्कूल पहुंचे। यानी करीब 42% बच्चे अनुपस्थित रहे। टीचरों के मुताबिक, तेंदुए की दहशत के चलते अभिभावक बच्चों को घर पर ही रख रहे हैं। नौबना में प्रिंसिपल बोले- डर है, पर ड्यूटी तो करनी है नौबना गांव के संविलियन स्कूल के प्रिंसिपल तालेवर सिंह ने बताया- स्कूल में कुल 103 बच्चे रजिस्टर्ड हैं। इनमें से केवल 71 बच्चे ही स्कूल पहुंचे। बच्चे तो बच्चे हैं, हम खुद गन्ने और जंगल वाले रास्तों से होकर स्कूल आते हैं। डर लगता है कि पता नहीं कब तेंदुआ हमला कर दे? लेकिन, ड्यूटी करनी है और बच्चों को पढ़ाना भी जरूरी है। बथुआ में 400 में से केवल 250 बच्चे पहुंचे जंगल से सटे प्राथमिक स्कूल बथुआ के प्रिंसिपल डीएस राणा ने बताया कि उनके स्कूल में 400 से ज्यादा बच्चे पढ़ते हैं। लेकिन, केवल 250 बच्चे ही आ रहे। पड़ोसी गांव प्रधान पुरवा के कई बच्चे तो स्कूल आ ही नहीं रहे हैं। उन्होंने बताया कि यहां के बच्चों और टीचरों का कई बार आते-जाते समय बाघ और तेंदुए से सामना हो चुका है। शुरुआत में बहुत डर लगता था, लेकिन पढ़ाना मजबूरी है। बच्चों की सुरक्षा के लिए वन विभाग ने स्कूल के सामने वायर फेंसिंग लगाई थी। उसे हाथियों ने कई जगह से तोड़ दिया है। अब इस टूटी हुई फेंसिंग की वजह से सुरक्षा व्यवस्था ठप हो गई है। मटहिया में 207 में से 172 बच्चे पहुंचे संविलियन स्कूल मटहिया के टीचर अवधेश कुमार ने बताया कि स्कूल में कुल 207 बच्चे पढ़ते हैं। इनमें से केवल 172 बच्चे ही उपस्थित हैं। स्कूल आने-जाने के लिए बच्चों और शिक्षकों को गन्ने के खेतों के पास से गुजरना पड़ता है। वहां हमले की आशंका हमेशा बनी रहती है। इसके बावजूद टीचर अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए जोखिम उठाकर स्कूल पहुंच रहे हैं। वहीं, नौरंगाबाद गांव के संविलियन स्कूल के प्रिंसिपल सुधीर ने बताया कि स्कूल में कुल 357 बच्चे हैं। तेंदुए के खौफ के चलते कम बच्चे आ रहे हैं। फरदहिया, 359 बच्चों वाले स्कूल में उपस्थिति घटी संविलियन स्कूल फरदहिया के प्रिंसिपल बलविंदर सिंह ने बताया कि स्कूल में कुल 359 बच्चे पढ़ते हैं। तेंदुए की दहशत के कारण उपस्थिति में करीब 4% की गिरावट आई है। गांववाले रातभर जागकर रखवाली कर रहे बथुआ गांव के पास रहने वाले गुरनाम सिंह के परिवार की आपबीती रोंगटे खड़े करने वाली है। उन्होंने बताया कि बीती रात तेंदुआ उनके घर में घुस आया और पालतू कुत्ते पर हमला कर दिया। शोर मचाने पर वह गन्ने के खेत की तरफ भाग गया। गुरनाम ने तेंदुए के पंजों के निशान भी दिखाए। उनकी पत्नी गुरप्रीत कौर ने बताया कि वो रातभर जागकर बच्चों की रखवाली करती रहीं। घर के ठीक बगल में गन्ने का खेत है, जहां से रातभर तेंदुए की आवाजें आती रहती हैं। डर की वजह से नींद भी नहीं आती। परिवार के लोग अब दिन में भी लाठी-डंडे लेकर बच्चों की निगरानी करते हैं। जानवरों पर भी तेंदुआ हमले कर रहा बलजीत कौर ने बताया कि रात में तेंदुआ उनके घर में घुसा और भैंस पर हमला कर दिया। शोर मचाने पर वह भागा। पति खेतों में चले जाते हैं और वे घर में अपनी बेटियों के साथ अकेली रहती हैं। इसलिए अब दिन में भी तेंदुए के घुस आने का डर लगा रहता है। खेतों की रखवाली मजबूरी, रोजी-रोटी का संकट खेत की रखवाली कर रहे किसान जय कुमार ने बताया कि जंगल के आसपास लगाई गई वायर फेंसिंग कई जगह से टूटी हुई है। इससे जंगली जानवर फसल बर्बाद कर रहे हैं। बाहर निकलने में बहुत डर लगता है, लेकिन हमारी मजबूरी है। पेट पालने और बच्चों का पेट भरने के लिए खेती ही एकमात्र सहारा है। अगर खेतों की रखवाली नहीं करेंगे, तो परिवार भुखमरी की कगार पर आ जाएगा। हाथी, बंदर और जंगली जानवर फसलों को पहले ही नुकसान पहुंचा रहे थे। अब तेंदुए की दहशत ने जिंदगी और रोजी-रोटी दोनों पर संकट खड़ा कर दिया है। अब बच्चे झुंड बनाकर जाते हैं स्कूल, रास्ते में करते हैं शोर हमें स्कूल से घर लौटते बच्चों के एक ग्रुप मिला। बच्चों ने बताया कि पहले अकेले भी चले आते थे, लेकिन अब तेंदुए के डर से ग्रुप में ही स्कूल आते-जाते हैं। रास्ते में हम लोग जोर-जोर से शोर मचाते हैं, जिससे अगर कोई जंगली जानवर आसपास छुपा हो तो वह दूर चला जाए। अगर स्कूल नहीं जाएंगे तो कोर्स छूट जाएगा। इसलिए जोखिम उठाना पड़ता है। 10 महीने में 17 तेंदुए पकड़े गए, फिर भी हमले जारी उत्तर निघासन वन रेंज में पिछले 10 महीनों के भीतर 17 तेंदुओं को पकड़ा गया है, जो प्रदेश में एक रिकॉर्ड है। भले ही कागजों पर ये बड़ी उपलब्धि हो, लेकिन गांव वाले संतुष्ट नहीं हैं। लोगों की मांग है कि हमले करने वाले तेंदुए को तुरंत पकड़ा जाए। हाथियों ने जो वायर फेंसिंग तोड़ी है, उसकी तत्काल मरम्मत हो। स्कूल के रास्तों और आबादी वाले क्षेत्रों में वन विभाग गश्त की व्यवस्था करे। कच्चे घरों के आसपास रोशनी और सोलर लाइट लगाई जाए। पीड़ित परिवारों को मुआवजा दिया जाए। रेंजर भूपेंद्र सिंह ने बताया… टॉपर फार्म में 2 पिंजरे और संवेदनशील जगहों पर 8 पिंजरे लगाए गए हैं। वन विभाग की टीम रात में गश्त कर रही है। लाउडस्पीकर से लोगों को अलर्ट रहने की चेतावनी दी जा रही है। जंगल के पास जेसीबी से सुरक्षा खाई खोदी जा रही है। मृतक बच्चे के परिजनों को 5 लाख रुपए का मुआवजा दिया जाएगा। -------------------------- यह खबर भी पढ़ें… पति को सांप से डसवाया, फांसी सुनते ही बेहोश हुई, जज ने फैसले में सती सावित्री, अर्धांगिनी का जिक्र किया “अमित कश्यप की हत्या ने समाज में वैवाहिक जीवन की नींव को हिला दिया। जिस पत्नी रविता के हाथों पति अमित को रक्षा की उम्मीद थी, उसी ने पति की सांसें छीन लीं। यह पति-पत्नी के पवित्र रिश्ते की निर्मम हत्या है। कलयुगी रविता ने सती सावित्री के आदर्शों को तार-तार किया।” ये बातें मेरठ के ADJ-12 जयवीर सिंह नागर ने अपने जजमेंट में लिखी हैं। रविता-अमरदीप दोनों को केवल आजीवन कारावास देना पर्याप्त नहीं होगा, इसलिए दोनों को मृत्युदंड दिया जाता है। पढ़ें पूरी खबर…
इमरजेंसी, सीजनल डिजीज वार्ड, आईसीयू सहित मेडिसिन विंग के तमाम वार्ड्स पर ताले लटके हैं। खिड़की-दरवाजों के टूटे शीशों से अंदर झांकें तो हर तरफ गंदगी का अंबार दिखता है। पलंग और बिस्तर उलट-पुलट पड़े हैं, जिन पर धूल की मोटी परत चढ़ चुकी है। कभी जिन गलियारों में मरीजों की भारी भीड़ उमड़ती थी और इसी मौसम में लोग फर्श पर लेटने को मजबूर होते थे, वहां आज भयानक सन्नाटा पसरा है। खाली पड़े कमरों और कॉरिडोर में आवारा पशु मंडराते नजर आते हैं। यह दुर्दशा उत्तर-पश्चिम राजस्थान और संभाग के सबसे बड़े पीबीएम जनाना-मरदाना अस्पताल परिसर की है। मेडिसिन विंग को नए भवन में शिफ्ट हुए पूरे दो महीने बीत चुके हैं, लेकिन खाली हुए डी, ई, एफ, एच, आई, जे, के वार्डों सहित आईसीयू, पोस्ट-कोविड आईसीयू और इमरजेंसी के ढांचे को लेकर अस्पताल प्रशासन अब तक कोई ठोस फैसला नहीं ले पाया है। एक तरफ ऑर्थो, सर्जरी और गायनी विभाग मरीजों के लिए एक-एक बेड और आईसीयू के लिए तरस रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ दो महीने से सिर्फ कागजी चर्चाएं और बैठकों का दौर चल रहा है। तीनों विभागाध्यक्षों ने अधीक्षक के सामने अपनी मांगें रखीं, लेकिन लचर प्रशासनिक व्यवस्था के चलते नतीजा सिफर ही रहा। गायनी को आईसीयू की दरकार, सर्जरी शिफ्टिंग की फाइल भी ठंडे बस्ते में मरदाना अस्पताल के खाली हुए वार्डों को गायनी और सर्जरी विभागों को आवंटित करने की योजना सिर्फ कागजों में दौड़ रही है। प्रसूताओं की मौत और गंभीर इंफेक्शन (जैसे किडनी संक्रमण) के बढ़ते मामलों के बाद गायनी विभाग को ‘डी वार्ड’ में आईसीयू देने का भारी दबाव है, लेकिन जिम्मेदार फैसला टाल रहे हैं। सर्जरी विभाग को पुरानी मेडिसिन कैजुअल्टी में शिफ्ट करने का प्रस्ताव भी धूल फांक रहा है। ढीली प्रशासनिक कार्यप्रणाली के चलते सीधे तौर पर संभागभर से आने वाले हजारों असहाय मरीज पिस रहे हैं। सफाई और सुरक्षा पर 16 करोड़ का बजट, जब वार्ड ही बंद तो पैसा किसकी जेब में जा रहा? पीबीएम अस्पताल में सफाई व्यवस्था का ठेका 420 पॉइंट का 6 करोड़ रुपए और सुरक्षा का ठेका 300 गार्ड का करीब 10 करोड़ रुपए का है। यानी हर महीने लगभग 1 करोड़ रुपए भुगतान होने की बात सामने आ रही है। हैरानी की बात यह है कि मेडिसिन विंग खाली होने के बाद भी न तो ठेके के मैनपावर (श्रमिकों व गार्डों) में कोई कटौती की गई और न ही बजट में। बंद कमरों और खाली पड़े भवनों की रखवाली के लिए गार्ड तैनात दिखा दिए जाते हैं। दोनों ठेकों के नोडल अधिकारी डॉक्टर हैं, जो सिर्फ कागजों पर हाजिरी वेरिफाई करने तक सीमित हैं। कभी मौके पर जाकर पड़ताल करने की जहमत नहीं उठाते। दूसरी तरफ, जहां वास्तव में जरूरत है, जैसे ट्रॉमा सेंटर, जनाना अस्पताल और मुख्य ओपीडी-वहां आए दिन जेबकतरों का बोलबाला है और ट्रॉमा में हर रात झगड़े हो रहे हैं। सुरक्षा चाक-चौबंद करने के बजाय सरकारी पैसे की खुली बर्बादी हो रही है। मरदाना विंग खाली होने के बाद मैन पावर में कटौती की जाएगी। इस संबंध में नोडल अधिकारी से रिपोर्ट मांगी जाएगी और भुगतान का भी पुनरावलोकन होगा। सर्जरी, गायनी और ऑर्थो तीनों विभागों को वार्ड आवंटित करने के लिए उच्चस्तरीय बैठक हुई है। जल्द ही इस पर अंतिम निर्णय ले लिया जाएगा। - डॉ. बी. सी. घीया, अधीक्षक, पीबीएम अस्पताल
एक मिडिल क्लास परिवार की लड़की, जिसने बचपन में मां को खो दिया। सौतेली मां से नहीं बनी, तो घर छोड़ दिया। शादी हुई, एक बच्चा भी हुआ, लेकिन मन में 'ग्लैमर' की दुनिया में छा जाने की जिद थी। फैशन और मॉडलिंग में कदम रखा। फिर अंडरवर्ल्ड, रसूखदार नेताओं और बड़े अफसरों के संपर्क में आई। लखनऊ की चकाचौंध में कभी वह पहाड़ों के बीच लग्जरी ट्रिप करती दिखती, तो कभी उसकी रील में प्राइवेट बाउंसर और पुलिसकर्मी नजर आते। फिर एक रात अचानक 28 साल के बिजनेसमैन की उसी बिल्डिंग से गिरकर मौत हो गई, जहां वह लड़की रहती है। इसके बाद लड़की का नाम ब्लैकमेलिंग और टॉर्चर से जुड़ने लगा। हम बात कर रहे हैं श्रद्धा दुबे की, जो आज पुलिस और जांच एजेंसियों के लिए पहेली बनी है। 25 हजार की इनामी श्रद्धा नेपाल के रास्ते फरार है। पुलिस उसकी तलाश में है। श्रद्धा दुबे के संघर्ष से जुर्म के दलदल में फंसने और फरारी तक की पूरा कहानी, आज की संडे बिग स्टोरी में पढ़िए… श्रद्धा दुबे रायबरेली की रहने वाली है। बस्तेपुर इलाके के रामजीपुरम कॉलोनी में उसका घर है। पिता एसके दुबे यहीं रहते हैं। सिंचाई विभाग में जेई के पद से रिटायर्ड हैं। श्रद्धा जब 6-7 साल की थी, तब उसकी मां का निधन हो गया था। पिता ने दूसरी शादी कर ली थी। यहीं से श्रद्धा की जिंदगी में कड़वाहट घुलनी शुरू हुई। सौतेली मां के साथ उसकी कभी नहीं बनी। पिता भी अक्सर अपनी दूसरी पत्नी का ही पक्ष लेते थे। रोज-रोज के झगड़ों से तंग आकर श्रद्धा छोटी बहन रश्मि को लेकर लखनऊ आ गई। अपने एक रिश्तेदार के यहां रहने लगी। 2010 में पिता एसके दुबे ने श्रद्धा की शादी प्रतापगढ़ के रहने वाले लोकेश पांडेय से तय कर दी। लोकेश हैदराबाद की एक बड़ी आईटी (IT) कंपनी में काम करते हैं। शादी के बाद लोकेश श्रद्धा को अपने साथ हैदराबाद ले गए। शुरुआत में सब कुछ ठीक चला। श्रद्धा ने लोकेश से कहा कि वह फैशन डिजाइनिंग और मॉडलिंग में अपना करियर बनाना चाहती है। लोकेश ने उसका पूरा सपोर्ट किया। उसे कोर्स में एडमिशन दिलवाया। इसी दौरान दोनों का एक बेटा भी हुआ। रायबरेली में रामजीपुरम मोहल्ले के लोग बताते हैं- लोकेश चाहते थे कि श्रद्धा उनके और बच्चे के साथ हैदराबाद में सेटल हो जाए। लेकिन, श्रद्धा को लखनऊ ज्यादा पसंद था। इसी को लेकर श्रद्धा का लोकेश से झगड़ा होने लगा। आखिरकार 2022 में दोनों का तलाक हो गया। कोर्ट के आदेश पर बच्चे की कस्टडी लोकेश को मिल गई। तलाक के बाद श्रद्धा ने अपने पूरे परिवार से रिश्ता तोड़ दिया। रायबरेली जाना भी पूरी तरह बंद कर दिया। तलाक के बाद करीब एक साल तक श्रद्धा सोशल मीडिया और पब्लिसिटी से दूर रही। लेकिन, 2023 के अंत तक दोबारा फैशन इंडस्ट्री में कदम रखा। 2024 की शुरुआत में श्रद्धा ने जयपुर में आयोजित एक बड़े नेशनल ड्रेस कॉम्पिटिशन में हिस्सा लिया। इसके बाद दिल्ली-लखनऊ के बड़े-बड़े फैशन शो में नजर आने लगी। 2024 में श्रद्धा ने दर्जनों प्रमोशनल पोस्ट किए, जिसके लिए उसे मोटी रकम मिली। इस दौर में श्रद्धा की लाइफस्टाइल देखकर लगता था कि वह एक सक्सेस मॉडल बन चुकी है। लेकिन, यह तो सिर्फ पर्दे के आगे की कहानी थी… श्रद्धा लग्जरी लाइफ और जल्दी अमीर बनना चाहती थी। 2024 के आखिर में लखनऊ के एक पब में उसकी मुलाकात जुल्फिकार उर्फ 'जुल्फी खान' से हुई। जुल्फिकार जौनपुर के खेतासराय का रहने वाला है। वह खुद को अंडरवर्ल्ड डॉन अबू सलेम का करीबी बताता है। इसी का नाम लेकर लोगों को डराता-धमकाता है। पिछले 15 साल से लखनऊ में ही रहता है। श्रद्धा और जुल्फिकार की दोस्ती जल्द ही पार्टनरशिप में बदल गई। दोनों लखनऊ के पॉश इलाके बटलर पैलेस के पास एक लग्जरी फ्लैट में 'लिव-इन' में रहने लगे। जुल्फिकार अपनी नई फॉर्च्यूनर और रसूख के दम पर श्रद्धा को बड़े-बड़े नेताओं, पुलिस अफसरों और बिल्डरों से मिलवाता था। श्रद्धा अपनी खूबसूरती और बातों के जाल में इन हाई-प्रोफाइल लोगों को फंसाती थी। इसके बाद जुल्फिकार और श्रद्धा मिलकर उन लोगों से ब्लैकमेल कर मोटी रकम वसूलते थे। जुल्फिकार के अलावा श्रद्धा का नाम हिस्ट्रीशीटर अभिषेक सिंह उर्फ 'बाबू सिंह' के साथ भी जुड़ा। बाबू सिंह अपहरण और रंगदारी के मामलों में जेल जा चुका है। श्रद्धा की जिंदगी में अब मॉडलिंग पीछे छूट चुकी थी। उसकी जगह प्राइवेट बाउंसरों, गनमैन और अंडरवर्ल्ड के क्रिमिनल्स ने ले ली थी। श्रद्धा की इस काली दुनिया का सबसे खौफनाक शिकार बना 28 साल का युवा कारोबारी शिवा शर्मा। शिवा अलीगंज इलाके में 'वंदे मातरम' नाम से कपड़े की शॉप और 'आंगन' नाम से रेस्टोरेंट चलाता था। एक पब में कॉमन फ्रेंड के जरिए शिवा की मुलाकात श्रद्धा से हुई। श्रद्धा के हुस्न के जाल में फंसकर शिवा उससे दिल लगा बैठा। जुलाई, 2026 में दोनों हजरतगंज के पॉश 'अवध ग्रीन अपार्टमेंट' में साथ रहने लगे। शिवा ने श्रद्धा की फिजूलखर्ची और लग्जरी शौक पूरे करने में अपने करोड़ों रुपए लुटा दिए। इससे उसका कारोबार बर्बादी की कगार पर पहुंच गया। 9 अक्टूबर की शाम अवध ग्रीन अपार्टमेंट के चौथे फ्लोर से गिरकर शिवा की मौत हो गई। जब शिवा का शव नीचे मिला, तो उसके शरीर पर केवल अंडरवियर था। शरीर पर कई जगह लिपस्टिक के निशान थे। सीने और हाथों पर सिगरेट से जलाए जाने के गहरे घाव थे। मौत से ठीक पहले श्रद्धा की बहन रश्मि ने शिवा की मां को फोन किया था। झूठ बोला कि शिवा का एक्सीडेंट हो गया है। वे उसे लोहिया अस्पताल ले जा रहे हैं। जबकि असल में शिवा को ट्रॉमा सेंटर भेजा गया था, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। शिवा की मां रंजना शर्मा का आरोप है कि उनके बेटे की हत्या हुई है। उसे टॉर्चर करके कूदने पर मजबूर किया गया। शिवा की मौत से पहले का एक वीडियो सामने आया, जिसमें श्रद्धा शिवा को डांट रही है। उसे जेल भिजवाने की धमकी दे रही है। असल में, 30 अगस्त को गोमती नगर के एक पब में फायरिंग हुई थी। इसमें शिवा भी नामजद था। वह फरार हो गया, तो पुलिस ने 50 हजार का इनाम घोषित कर दिया। बाद में शिवा को पटना (बिहार) से गिरफ्तार किया गया था। कुछ दिन जेल में रहने के बाद उसे जमानत मिल गई थी। शिवा जेल जाने से डर गया था। इसी बात का फायदा श्रद्धा ने उठाया। वह उसे लगातार ब्लैकमेल कर रही थी। वीडियो में शिवा कह रहा था- मेरे पास कैश नहीं है। तुम मेरी BMW कार ले लो, पर मुझे छोड़ दो। शिवा की मौत के बाद जैसे ही मामले ने तूल पकड़ा, श्रद्धा रातोंरात फरार हो गई। 10 अक्टूबर की सुबह 6 बजे श्रद्धा, उसकी बहन रश्मि और ड्राइवर बहराइच के रुपईडीहा पहुंच गए। यहां शुक्ला पार्किंग में स्कॉर्पियो खड़ी की और नेपाल में घुस गए। श्रद्धा पहले भी फैशन शो और इवेंट के सिलसिले में नेपाल जाती रही है। वहां उसका पुराना नेटवर्क है। नेपाल से उसकी कई सीसीटीवी तस्वीरें भी सामने आई हैं। श्रद्धा की आखिरी लोकेशन नेपाल के दांग जिले के भालुवांग इलाके में मिली है। यहां उसने अपना भारतीय मोबाइल नंबर बंद कर दिया। फिर शायद नेपाली सिम के जरिए लोगों से बातचीत की। क्या नेपाल के रास्ते दुबई भाग गई श्रद्धा? फिलहाल, यूपी STF और लखनऊ पुलिस की कई टीमें नेपाल में डेरा डाले हैं। नेपाल पुलिस के सहयोग से संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। जांच एजेंसियों को आशंका है कि श्रद्धा फर्जी पासपोर्ट के सहारे काठमांडू से दुबई या किसी अन्य खाड़ी देश भाग चुकी है। ---------------------------- यह खबर भी पढ़ें- भाजपा का हाथ थामने वाले अफसर ही राजनीति में सफल, पार्टी बनाने वाले अधिकारी संघर्ष कर रहे यूपी विधानसभा चुनाव 2027 में 2 IAS और 2 PCS अधिकारी पहली बार चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। पिछले 12 साल में अब तक 14 IAS-IPS सियासत में आ चुके हैं। लेकिन, सफल वही हुए, जिन्होंने सत्ता का हाथ थामा। जिन्होंने नई पार्टी बनाकर अलग रास्ता चुना, वे सियासी दलदल में उलझकर रह गए। यूपी की राजनीति में अधिकारियों का सक्सेस रेट क्या रहा, आज की संडे बिग स्टोरी में पढ़ते हैं…
लखनऊ में गोमती नदी का पानी धीरे-धीरे उतर रहा है। फिर भी कई इलाकों में कमर तक पानी भरा हुआ है। यह आलम तब है, जब गोमती नदी खतरे के निशान के नजदीक भी नहीं पहुंची। सिंचाई विभाग के मुताबिक, 27 सितंबर को लखनऊ में गोमती का जलस्तर अपने सामान्य स्तर 105.7 मीटर से करीब 1 फीट (42 सेंटीमीटर) ऊपर चला गया था। इसके बाद से ही कई इलाकों में पानी भरने लगा था। हालात ऐसे हुए कि गोमती बैराज के सभी 10 गेट खोलने पड़े। 3 अक्टूबर को नदी का जलस्तर कुछ देर के लिए 108.14 मीटर पहुंच गया। हाल की बाढ़ में यह सबसे ऊंचा स्तर था, लेकिन तब भी नदी खतरे के निशान से करीब डेढ़ मीटर नीचे थी। गोमती 15 अक्टूबर तक इससे भी डेढ़ मीटर नीचे आ चुकी है, फिर भी बाढ़ की स्थिति बनी है। हैरत की बात है कि जब गोमती खतरे के निशान तक पहुंची ही नहीं, तो लखनऊ में बाढ़ कैसे आ गई? आज इसे ही डिकोड करेंगे यूपी एक्सप्लेनर में… गोमती नदी पर एक भी बांध नहीं है। इसलिए इसका पानी किसी जलाशय (रिजरवायर) में इकट्ठा करके कंट्रोल नहीं किया जा सकता। डैम क्यों नहीं है, इसके 4 कारण हैं… 1. बांध बनाने के लिए पहाड़ों या ऊंची घाटियों के बीच की जगह की जरूरत होती है। जिससे एक गहरा जलाशय बनाकर पानी रोका जा सके। लेकिन गोमती पहाड़ों से नहीं, बल्कि जमीन से (जल स्रोत- गोमत ताल) निकलती है। वहां से गंगा में मिलते तक के रास्ते में कोई पहाड़ या गहरी खाई नहीं है। इसलिए बांध की दीवार खड़ी करने की कोई प्राकृतिक जगह नहीं है। 2. पहाड़ों से आने वाली नदियां बहुत तेजी से नीचे गिरती हैं। उनके तेज बहाव से बिजली पैदा करने के लिए ही बांध बनाए जाते हैं। वहीं, गोमती बिल्कुल सपाट मैदानी इलाके में बहती है। इस वजह से नदी का बहाव बहुत धीमा है। पानी में रफ्तार न होने की वजह से बांध बनाकर बिजली बनाना भी संभव नहीं है। 3. बांध वहां कामयाब होते हैं, जहां सालभर पानी का फ्लो एक जैसा रहता है। जबकि, गोमती पूरी तरह से जमीन के पानी और मानसूनी बारिश पर निर्भर है। गर्मियों में इसका पानी काफी कम हो जाता है। इसके किनारे बसे शहरों का गंदा पानी और नाले गोमती में गिरते हैं। अगर बांध बनाकर इसके धीमे बहाव को रोका गया, तो नदी एक सड़ते हुए तालाब में बदल जाएगी। 4. मान लीजिए, अगर जबरदस्ती गोमती पर कोई बांध बना दिया जाए, तो क्या होगा? चूंकि आसपास कोई पहाड़ नहीं है, इसलिए जैसे ही पानी रोका जाएगा, वह नदी किनारे बसे गांवों और शहरों की तरफ बढ़ने लगेगा। वे इलाके डूब जाएंगे। इन्हीं वजहों से गोमती पर कोई बांध नहीं है। तो क्या लखनऊ का ‘गोमती बैराज’ बांध नहीं है… नहीं… बैराज, बांध से काफी अलग होता है। इसमें कोई जलाशय नहीं बनाया जाता, बल्कि नदी के बीच में छोटे-छोटे गेट लगा दिए जाते हैं। जिससे जलस्तर थोड़ा-सा उठाकर शहर में पानी सप्लाई किया जा सके। गोमती बैराज भी यही काम करता है। यहां नदी का जलस्तर 105.7 मीटर पर रखा जाता है। यह लखनऊ में गोमती का सामान्य स्तर है। -------------------------------------- ये एक्सप्लेनर भी पढ़ें… यूपी के 17 जिलों में सूखा, 68% तक कम बारिश, जौनपुर, शामली, गाजियाबाद में ‘गंभीर’ स्थिति; इसका पूरे प्रदेश पर क्या असर होगा? मानसून का सीजन खत्म हो चुका है। यूपी में सामान्य से 8% ज्यादा बारिश हुई है। इसके बावजूद 17 जिलों में सूखे के आसार हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ ने 30 सितंबर को सर्वे के आदेश दिए हैं। रिपोर्ट के आधार पर 31 अक्टूबर तक इन जिलों को सूखाग्रस्त घोषित किया जा सकता है। तो 17 जिलों में सूखा पड़ने से पूरे यूपी पर क्या असर पड़ेगा? पढ़िए यूपी एक्सप्लेनर में…
भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) के प्रदेश अध्यक्ष रोहित मिश्रा ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) को देश विरोधी बताया है। उन्होंने कहा कि कॉकरोच के लोगों को आज चुनाव आयोग पसंद नहीं है। कल कोई दूसरी मिनिस्ट्री पसंद नहीं आएगी। फिर कहेंगे देश की जनता और प्रधानमंत्री ही पसंद नहीं हैं। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में रोहित ने कहा- हर प्रदर्शन और आंदोलन की एक मर्यादा होती है। भारत को नेपाल और बांग्लादेश नहीं बनने देंगे। उन्होंने 2027 के विधानसभा चुनाव, राम मंदिर में चंदा चोरी और खुद पर लगे दिव्यांगता प्रमाण पत्र के आरोपों पर भी खुलकर अपनी राय रखी। पढ़िए पूरा इंटरव्यू… सवाल. क्या CJP के विरोध से युवा मोर्चा को घबराहट है? रोहित. किसी तरह की घबराहट का सवाल ही पैदा नहीं होता। लोकतंत्र में विरोध और संवाद दोनों का स्वागत है, लेकिन वह प्रायोजित राजनीति का हिस्सा न हो। CJP युवाओं की ऊर्जा का इस्तेमाल अपने राजनीतिक एजेंडे के लिए कर रही है। जबकि, भाजपा युवा मोर्चा युवाओं को अवसरों से जोड़ने का काम कर रहा है। जितने लोग भ्रम फैलाकर प्रदर्शन में जुटाए गए हैं, उससे कहीं ज्यादा युवा आज सरकार की पारदर्शी भर्ती प्रक्रियाओं और स्वरोजगार की नीतियों के साथ खड़े हैं। युवा किसी का 'राजनीतिक मोहरा' न बनें। अपनी ऊर्जा का इस्तेमाल अपने भविष्य और राष्ट्र निर्माण में करें। युवा मोर्चा न कभी मुद्दों से भागा है, न भागेगा। सवाल. CJP का प्रोटेस्ट यूपी में होता है, तो आपका क्या रुख रहेगा? रोहित. कोई भी संगठन युवाओं के वास्तविक मुद्दों को लेकर आता है, तो हम बातचीत के लिए हमेशा तैयार हैं। लेकिन विरोध प्रदर्शन के नाम पर माहौल बिगाड़ने की कोशिश हुई, तो बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हम युवाओं की मांगों को सुनने के लिए तैयार हैं। लेकिन, किसी को उनके नाम पर राजनीतिक रोटियां सेंकने की इजाजत नहीं देंगे। सवाल. रोजगार को लेकर भाजपा नेताओं के बयानों पर क्या कहेंगे? रोहित. हम 'शस्त्र और शास्त्र' दोनों की बात करते हैं। शस्त्र रक्षा के लिए है और शास्त्र आजीविका के लिए। सिर्फ सरकारी नौकरी ही रोजगार का एकमात्र जरिया नहीं है। आत्मनिर्भर भारत, स्टार्टअप इंडिया और मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना जैसे कई रास्ते मौजूद हैं। कोई काम छोटा या बड़ा नहीं होता, युवाओं को पहल करनी चाहिए। सवाल. 'टुकड़े-टुकड़े गैंग' और 'दिमागी नक्सल' जैसे शब्दों का इस्तेमाल क्यों होता है? रोहित. ये वे लोग हैं, जो युवाओं को भटकाकर देश को तोड़ना चाहते हैं। नारे और विचार युवाओं को दिशा देते हैं। इसलिए देश विरोधी सोच रखने वालों की पहचान करना बेहद जरूरी है। सवाल. क्या आपने PhD में एडमिशन के लिए 50% दिव्यांगता का फर्जी सर्टिफिकेट लगाया था? रोहित. 20 जनवरी, 2003 को सड़क हादसे में मेरी जांघ की हड्डी कई जगह से टूट गई थी। 23 जनवरी को ऑपरेशन हुआ और मैं महीनों तक बिस्तर पर रहा। 14 डॉक्टरों के मेडिकल बोर्ड और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने जांच के बाद प्रमाण पत्र जारी किया था। मैंने इस प्रमाण पत्र का इस्तेमाल सिर्फ पीएचडी में एडमिशन के दौरान किया था। NET क्वालिफाई करना पूरी तरह मेरिट पर आधारित है। मैंने प्रमाण पत्र का कोई फर्जी फायदा नहीं उठाया। मेरी टांग में आज भी रॉड लगी हुई है। सवाल. युवा मोर्चा की नई टीम में दलितों-पिछड़ों को कितनी जगह मिलेगी? रोहित. हमारी टीम में सिर्फ 'युवा' पहचान होगी, कोई जाति नहीं। हालांकि, जब प्रतिनिधित्व की बात आएगी तो समाज के हर वर्ग को उचित स्थान मिलेगा। सवाल. 2027 का चुनाव किन मुद्दों पर होगा, सपा के आरोपों का जवाब कैसे देंगे? रोहित. सपा के नाम से ही लोगों को डर लगता है। लोगों को 2012 से 2017 का दौर याद आ जाता है। उस समय प्रदेश ने हर तीसरे दिन दंगे झेले, कानून-व्यवस्था ठप थी और बहन-बेटियां असुरक्षित थीं। वे पीडीए की परिभाषा बदलते रहते हैं, लेकिन जनता सब समझती है। सवाल. अखिलेश ने सीएम योगी को अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती दी है? रोहित. मुख्यमंत्री जी किसी के बुलाने पर नहीं जाते। जो लोग धार्मिक प्रतीक धारण कर बहरूपिया बन रहे, वे हिंदुओं को भ्रमित करने की कोशिश कर रहे हैं। जहां तक अयोध्या में चंदे की चोरी के आरोपों का सवाल है, हमने दोषियों पर सख्त कार्रवाई की और उन्हें जेल भेजा। इस मामले में कानून अपना काम कर रहा है। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। ------------------------- यह खबर भी पढ़ें- कांग्रेस ऑफिस में मारपीट पर इमरान बोले-कार्यकर्ता गलती करते हैं, सपा से गठबंधन आत्मसमर्पण जैसा नहीं होगा यूपी कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष इमरान मसूद ने पद संभालते ही 2027 चुनाव की रणनीति और सपा-कांग्रेस गठबंधन पर अपनी राय साफ कर दी। सीटों के बंटवारे पर इमरान मसूद ने कहा कि गठबंधन आत्मसमर्पण जैसा नहीं होगा। कांग्रेस सम्मानजनक सीटों पर मजबूती से लड़ेगी। 2027 के चुनाव में इमरान ने अपनी भूमिका के बारे में भी बताया। पूरा इंटरव्यू पढ़िए…
मथुरा की पॉश सोसाइटी में लड़के की मौत:5वीं मंजिल से गिरने की आशंका, मौसी के घर आया था
मथुरा के वृंदावन में एक पॉश सोसाइटी में 16 साल के किशोर का शव मिलने से सनसनी फैल गई। किशोर शनिवार शाम अपनी मां और बहन के साथ मौसा के घर आया था। कुछ देर बाद वह हरे कृष्णा ऑर्किड सोसाइटी पहुंच गया। यहां एक इमारत के पीछे उसका शव जमीन पर पड़ा मिला। सोसाइटी के लोगों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। शुरुआती जानकारी में किशोर के पांचवीं मंजिल से गिरने की आशंका जताई गई है। हालांकि, पुलिस हादसे और आत्महत्या समेत सभी पहलुओं से जांच कर रही है। राजस्थान का रहने वाला था राज मृतक की पहचान राजस्थान के जनूथर गांव निवासी 16 वर्षीय राज गौतम के रूप में हुई है। उसके पिता योगेश गौतम CISF में तैनात हैं और वर्तमान में मथुरा रिफाइनरी में पोस्टेड हैं। राज शनिवार शाम सुनरख गांव निवासी अपने मौसा सौरभ के घर मां और बहन के साथ आया था। कुछ देर बाद वह गांव के बाहर बनी हरे कृष्णा ऑर्किड सोसाइटी पहुंच गया। सोसाइटी के पिछले हिस्से में उसका शव पड़ा मिला। स्थानीय लोगों के मुताबिक, किशोर सोसाइटी की 11 मंजिला इमारत की पांचवीं मंजिल से गिरा था। हालांकि, यह कैसे हुआ, इसकी पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी। CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया और घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए गए। पुलिस सोसाइटी में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि पता चल सके कि राज इमारत की पांचवीं मंजिल तक कैसे पहुंचा और उसके साथ क्या हुआ। कोतवाली प्रभारी अश्वनी कुमार ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। अभी घटना के बारे में कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। सोसाइटी की सुरक्षा पर उठे सवाल घटना के बाद सोसाइटी की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। बताया जा रहा है कि राज का सोसाइटी में कोई परिचित नहीं रहता था। ऐसे में वह परिसर के अंदर कैसे पहुंचा और इमारत की पांचवीं मंजिल तक कैसे गया, इसकी जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि सोसाइटी के प्रवेश द्वार पर तैनात सुरक्षा गार्डों ने किशोर के आने-जाने पर ध्यान दिया था या नहीं।
शहीद करमा केशव के सपने आज भी अधूरे: जयराम महतो
सिटी रिपोर्टर | बोकारो झारखंड आंदोलनकारी शहीद करमा केशव का 41वां शहादत दिवस कालापत्थर में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में डुमरी विधायक डॉ. जयराम महतो मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने शहीद करमा केशव को माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान शहीद के संघर्ष और झारखंड आंदोलन में उनके योगदान को याद किया गया। विधायक डॉ. जयराम महतो ने कहा कि झारखंड राज्य का गठन जिन सपनों और उम्मीदों के साथ हुआ था, वे आज भी पूरी तरह साकार नहीं हो पाए हैं। शहीदों के सपनों का झारखंड अब तक नहीं बन सका है। उन्होंने कहा कि शहीदों के आदर्शों और संघर्षों को याद रखते हुए उनके सपनों का झारखंड बनाने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना होगा। शहीदों के बलिदान को याद रखना और उनके विचारों को आगे बढ़ाना हम सभी की जिम्मेदारी है। शहादत दिवस पर उपस्थित लोगों ने शहीद करमा केशव को नमन किया और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में झारखंड आंदोलन के शहीदों के योगदान को याद करते हुए उनके सपनों को साकार करने की जरूरत पर जोर दिया गया। इस अवसर पर झामुमो के केंद्रीय सदस्य संतोष रजवार, पूर्व जिला परिषद सदस्य अनिता देवी रजवार, मुखिया दिनेश कुमार रजक, मनोज रजवार, संजय गोप, लालमोहन आदि थे। शहीद करमा रजवार की प्रतिमा का किया अनावरण, शहादत दिवस पर दी श्रद्धांजलि शहीद करमा रजवार स्मारक समिति, प्रतापपुर साइट की ओर से शनिवार को शहीद करमा रजवार की 40वीं शहादत दिवस पर प्रतापपुर साइट स्थित शहीद करमा रजवार चौक पर उनकी प्रतिमा का सामूहिक रूप से अनावरण किया गया। इसके बाद माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता रजवार समाज सुधार समिति के संस्थापक सदस्य व प्रथम केंद्रीय कोषाध्यक्ष मिश्रीलाल रजवार ने की। संचालन जेएलकेएम युवा मोर्चा के केंद्रीय सचिव पवन रजवार ने किया। मुख्य अतिथि जेएलकेएम सुप्रीमो व डुमरी विधायक डॉ. जयराम कुमार महतो ने कहा कि शहीद करमा रजवार गरीबों, शोषितों और पीड़ितों के मसीहा थे। कार्यक्रम में रजवार समाज सुधार समिति के पूर्व केंद्रीय अध्यक्ष जगरनाथ रजवार, शंकर शर्मा, अमरेश महतो, दुर्गा चरण महतो आदि थे।
छऊ केंद्र में मनाया अमूर्त सांस्कृतिक विरासत दिवस
भास्कर न्यूज | चंदनकियारी चंदनकियारी स्थित एसएनए छऊ केंद्र में शनिवार को अमूर्त सांस्कृतिक विरासत दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में छऊ नृत्य की परंपरा, मुखौटा निर्माण कला और लोक सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण पर विशेष जोर दिया गया। उद्घाटन केंद्र के समन्वयक डॉ. संजय कुमार चौधरी, अवॉर्डी गुरु भुवन कुमार, परीक्षित महतो एवं छऊ गुरु रामचांद महतो ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। डॉ. चौधरी ने कहा कि लोकनृत्य, लोकसंगीत, पारंपरिक कलाएं और रीति-रिवाज हमारी अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर हैं। इनका संरक्षण कर भावी पीढ़ियों तक पहुंचाना जरूरी है। इससे नई पीढ़ी अपनी परंपराओं और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ी रहेगी। कार्यक्रम में स्थानीय महिला लोक कलाकारों व छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। छऊ विशेषज्ञ भुवन कुमार और फलारी महतो ने नृत्य की भाव भंगिमाओं के माध्यम से इसकी विशेषताओं को प्रस्तुत किया। वहीं प्रोजेक्टर के माध्यम से छऊ नृत्य, कलाकारों और अवॉर्डी गुरुओं से संबंधित वीडियो दिखाए गए। दिवंगत गुरु नेपाल चंद्र सूत्रधर के वीडियो के माध्यम से पारंपरिक मुखौटा निर्माण कला की जानकारी दी गई। कार्यक्रम सफल बनाने में दिलीप कुमार जेना, विजय कुमार, आशुतोष कुमार आदि की भूमिका रही।
जिले के दो स्थानों पर आयुष शिविर, 670 मरीजों की हुई नि:शुल्क जांच
बोकारो | आयुष समिति बोकारो के तत्वावधान में जिले के नावाडीह और बेरमो प्रखंड में एक दिवसीय मस्कुलोस्केलेटल तथा वयोवृद्ध आयुष शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में लोगों के स्वास्थ्य की जांच कर उन्हें आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श दिया गया। साथ ही नियमित योगाभ्यास के जरिए स्वस्थ रहने के तरीके बताए गए। आयोजन नावाडीह प्रखंड के पंचायत भवन तथा बेरमो प्रखंड के दुर्गा मंदिर मंडप में किया गया। दोनों शिविरों में आयुर्वेद और होम्योपैथी पद्धति से कुल 670 मरीजों की नि:शुल्क जांच की गई। इनमें आयुर्वेद के 332 और होम्योपैथी के 338 मरीज शामिल रहे। इसके अलावा योग प्रशिक्षकों एवं प्रशिक्षिकाओं ने 212 मरीजों को योगाभ्यास का प्रशिक्षण दिया। शिविर का संचालन जिला आयुष चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. शिव शंकर पांडेय के निर्देश पर जिला कार्यक्रम प्रबंधक मयंक मंजुल की देखरेख में किया गया। मौके पर स्वास्थ्य पदाधिकारी डॉ. नरेश कुमार प्रजापति, डॉ. विशाल कुमार प्रमाणिक, डॉ. कंचन कुमारी, डॉ. सहला सुल्ताना, डॉ. अनुपम बाला, डॉ. उमेश कुमार, डॉ. ईशान शर्मा और डॉ. मनीषा मुस्कान आदि जुटे रहे।
सद्गुरु कबीर की वाणी से जीवन को मिलती है सत्य की राह : महंत
बोकारो | सेक्टर-9 स्थित शिवपुरी कॉलोनी में शनिवार को कबीर पंथ धर्मदास वंशावली दामाखेड़ा छत्तीसगढ़ के तत्वावधान में महंत शिवधारी साहेब की 27वीं पुण्यतिथि मनाई गई। इस अवसर पर जमशेदपुर से पहुंचे महंत प्रकाश साहेब ने कहा कि महंत शिवधारी साहेब ने हमेशा लोगों को सद्गुरु कबीर साहेब के उपदेशों को अपने जीवन में उतारने के लिए प्रेरित किया। आज के युग में मनुष्य अपने मार्ग से भटक रहा है। ऐसे में प्रत्येक व्यक्ति को सत्य के मार्ग पर चलना होगा। सत्य और सदाचार को अपनाकर ही जीवन को सफल बनाया जा सकता है। सद्गुरु कबीर साहेब की वाणी से सत्य की राह जीवन को मिलती है। उन्होंने श्रद्धालुओं से कबीर साहेब के जीवन दर्शन से प्रेरणा लेकर अपने जीवन को सार्थक बनाने की अपील की। इससे पूर्व महंतों और श्रद्धालुओं ने महंत शिवधारी साहेब के समाधि स्थल पर चादरपोशी की तथा कबीर पंथ की पवित्र श्वेत पताका फहराकर समारोह का शुभारंभ किया। इसके बाद आरती और भजनों की प्रस्तुति हुई, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। अंत में प्रसाद वितरण किया गया। समारोह में अवधेश दास, ललन शर्मा, सुरेश दास, नरेश शर्मा, कहन्या, इंद्रजीत कुमार, अरुण कुमार, गीता आदि श्रद्धालु शामिल हुए।
सीआईएसएफ कैंप में खुले मां दुर्गा के पट
बोकारो थर्मल | सिक्स यूनिट स्थित सीआईएसएफ कैंप में सप्तमी पूजा के अवसर पर विधि-विधान से मां दुर्गा के पट खोले गए। सीआईएसएफ के उपसमादेष्टा अरुण प्रसाद ई ने जवानों और आम श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए पट खोला। इसके बाद अधिकारियों और जवानों ने पूजा-अर्चना कर माता का आशीर्वाद लिया। पूजा संपन्न कराने की जिम्मेदारी पुरोहित कांस्टेबल एके मिश्रा ने निभाई। इस अवसर पर उपसमादेष्टा अरुण प्रसाद ई ने कहा कि मां दुर्गा शक्ति, साहस और सुरक्षा की प्रतीक हैं।
बाइक अनियंत्रित होकर गिरी, महिला घायल
बोकारो थर्मल | बोकारो थर्मल ओवरब्रिज पर बने हंप के कारण लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं। अक्टूबर महीने में यह दूसरी बड़ी घटना है। शनिवार शाम करीब 7:15 बजे कासिम अंसारी अपनी पत्नी हलीमा बीबी के साथ खेतको से फेस टू की ओर जा रहे थे। इसी दौरान हंप दिखाई नहीं देने के कारण उनकी बाइक अनियंत्रित होकर गिर गई। हादसे में हलीमा बीबी के सिर और हाथ में गंभीर चोटें आईं। साथ ही उनके बाएं हाथ की कलाई टूट गई। घायल महिला को तत्काल बोकारो थर्मल अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका प्राथमिक उपचार किया गया।
पट खुलते ही गूंज उठे मां दुर्गा के जयकारे, भक्तिमय हुआ कोयलांचल;पुलिस अलर्ट
भास्कर न्यूज | बेरमो शारदीय नवरात्र की महा सप्तमी पर शनिवार को बेरमो अनुमंडल के विभिन्न पूजा पंडालों में मां दुर्गा की प्रतिमा का पट खुलते ही पूरा कोयलांचल भक्तिमय हो उठा। मां के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। पट खुलने के साथ ही पूजा पंडालों में जय माता दी के जयकारे गूंजने लगे। श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा के दर्शन कर सुख-समृद्धि, खुशहाली और परिवार की मंगलकामना की। शाम होते ही पंडालों में भक्तों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया, जो देर रात तक जारी रहा। फुसरो नगर क्षेत्र के फुसरो बाजार, सेंट्रल कॉलोनी मकोली, सुभाष नगर, जवाहर नगर, नवाखाली दुर्गा मंदिर, करगली बाजार दुर्गा मंदिर और करगली गेट दुर्गा मंदिर सहित गोमिया, बोकारो थर्मल, जारंगडीह, कथारा, चंद्रपुरा और आईईएल दुर्गा मंदिर में विशेष उत्साह देखने को मिला। पूजा समितियों ने मां दुर्गा की प्रतिमाओं को आकर्षक ढंग से सजाया है। वहीं, रंग-बिरंगी विद्युत सजावट से जगमगाते पंडाल श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। मां दुर्गा की प्रतिमा का पट खुलने का श्रद्धालुओं को बेसब्री से इंतजार था। पट खुलते ही भक्तों ने दर्शन कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। कई श्रद्धालु परिवार के साथ पंडाल पहुंचे। भास्कर न्यूज | बोकारो थर्मल बोकारो थर्मल में दुर्गापूजा को लेकर भक्तिमय माहौल है। शुक्रवार और शनिवार को विभिन्न सार्वजनिक दुर्गापूजा समितियों के पंडालों का उद्घाटन और माता दुर्गा के पट खोलने का कार्यक्रम धूमधाम से हुआ। पट खुलते ही पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। भक्तों ने माता के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और जयकारे लगाए। बोकारो क्लब स्थित सार्वजनिक दुर्गापूजा समिति के पंडाल का उद्घाटन डीवीसी बोकारो थर्मल के वरीय महाप्रबंधक सह परियोजना प्रधान मधुकर श्रीवास्तव और उनकी पत्नी विजया श्रीवास्तव ने फीता काटकर किया। इससे पहले षष्ठी पूजा के बाद माता दुर्गा सहित सहित अन्य भगवान के पट खुले। परियोजना प्रधान ने किया उद्घाटन शनिवार को डीवीसी ऑफिसर्स क्लब में परियोजना प्रधान मधुकर श्रीवास्तव ने माता दुर्गा के पट खोलकर श्रद्धालुओं के लिए पंडाल का उद्घाटन किया। वहीं, सिक्स यूनिट स्थित पंच मंदिर में थाना प्रभारी सह इंस्पेक्टर रोहित कुमार सिंह और जिला परिषद सदस्य शहजादी बानो ने माता के पट खोले। इस दौरान जानकी महतो, खिरोधर महतो, रवि चंद्र कुमार सहित समिति के अन्य सदस्य मौजूद रहे। इधर, सीसीएल फेस-2 स्थित दुर्गापूजा पंडाल का उद्घाटन मंटू गुप्ता और प्रकाश ने किया। मौके पर सूरज, दीपक, सन्नी, शैलेश सहित समिति के अन्य सदस्य उपस्थित थे।
नवरात्रि महोत्सव में गरबा-डांडिया नृत्य कर स्कूली बच्चों ने मन मोहा
भास्कर न्यूज | तेलो शारदीय नवरात्र के अवसर पर एसआर इंटरनेशनल एकेडमी की नर्रा, चंद्रपुरा और तेलो स्थित तीनों शाखाओं में नवरात्रि महोत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस दौरान विद्यालय परिसरों को पारंपरिक कलाकृतियों और उत्सव के रंगों से आकर्षक ढंग से सजाया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सभी का मन मोह लिया। उत्सव में नन्हे-मुन्ने छात्र-छात्राएं पारंपरिक परिधानों में सजकर पहुंचे। किसी ने कुर्ता-पायजामा तो किसी ने चनिया-चोली पहनकर उत्सव की रौनक बढ़ाई। विद्यार्थियों ने मां दुर्गा के नौ स्वरूपों और नारी शक्ति पर आधारित मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। इसके बाद भक्तिमय भजनों और लोकगीतों की धुन पर गरबा और डांडिया नृत्य प्रस्तुत कर माहौल को उल्लासमय बना दिया। इस अवसर पर नौ कन्याओं का पूजन भी किया गया।प्राचार्या प्रतिमा वर्मा ने विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों को नवरात्र की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि नवरात्र का पर्व नारी शक्ति के सम्मान, आत्मबल और बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश देता है। विद्यालय का उद्देश्य आधुनिक शिक्षा के साथ विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, परंपराओं और नैतिक मूल्यों से जोड़ना भी है।
प्रबंधन मुद्दों को भटका रहा है, अप्रेंटिस का प्रशिक्षण दिया तो नौकरी भी देनी होगी: मंत्री
सिटी रिपोर्टर | बोकारो बीएसएल के अधिकारी भूमिका बांध रहे हैं। कहते हैं आईएनएस विक्रांत के लिए लोहा बनाते हैं। अधिकारी मुद्दों को भटकाने का प्रयास कर रहे हैं। हमलोग कांग्रेस के सिपाही हैं, पीछे नहीं हटेंगे। यह कहना है वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर का। वे विस्थापित अप्रेंटिस संघ के धरना स्थल पर संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि बीएसएल ने विस्थापित युवकों को अप्रेंटिस का प्रशिक्षण दिलाया, तो नौकरी भी देनी होगी। 32 हजार एकड़ जमीन ली, तो नौकरी कितने को दी। चतुर्थ वर्गीय नौकरी में विस्थापितों को हक से क्यों वंचित किया। अब एक-एक मुद्दे का हिसाब लिया जाएगा। उन्होंने मंच से कहा कि बोकारो डीसी अपने स्तर से सिविल सर्जन को निर्देश दें कि शहीद प्रेम महतो की मां का सही तरीके से इलाज कराए, धरना स्थल पर भूख हड़ताल पर बैठे लोगों का दिन में तीन बार जांच करे। मंत्री ने कहा कि कि आंदोलन के दौरान प्रेम महतो की हत्या की गई और अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि बोकारो जिला पुलिस ने हाईकोर्ट में हस्तक्षेप कर हलफनामा दायर किया है, ताकि मामले की लीपापोती हो सके। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि 1500 अप्रेंटिस पास युवाओं को नौकरी की जगह सिर्फ आश्वासन मिला। यह सब नहीं चलेगा। विधायक श्वेता सिंह ने कहा कि विस्थापितों को उनका हक देना ही होगा। मौके पर युवा कांग्रेस नेता कुमार गौरव, जिलाध्यक्ष जवाहर लाल महथा, अनुपमा सिंह आदि थे। प्रबंधन ने कहा- गैस रिसाव की आशंका आंदोलन को लेकर बीएसएल प्रबंधन बयान जारी कर कहा है कि अभी तक संयंत्र में गैस रिसाव या कोई दुर्घटना नहीं हुई है। लेकिन संयंत्र की संवेदनशील प्रकृति और परिचालन में लंबे समय से जारी व्यवधान को देखते हुए संभावित सुरक्षा जोखिमों की अनदेखी नहीं की जा सकती। यदि नाकेबंदी जारी रहती है, तो निर्धारित सुरक्षा मानकों का प्रभावी अनुपालन करने तथा आवश्यक परिचालन प्रक्रियाओं को सुचारु रूप से जारी रखने में कठिनाइयां और बढ़ सकती हैं। बीएसएल एवं सेल प्रबंधन राजकीय प्रशासन से इस राष्ट्रीय औद्योगिक प्रतिष्ठान के संचालन को सामान्य बनाने में सहयोग देने तथा आज रात्रि ही संयंत्र के प्रवेश द्वारों को खोलने की अपील की है।
वास्तु विहार फेज-2 में धूमधाम से मनाई जा रही मां दुर्गा की पूजा
सिटी रिपोर्टर | बोकारो वास्तु विहार प्रोजेक्ट-2 स्थित श्रीश्री सार्वजनिक पूजा समिति की ओर से शारदीय नवरात्र के अवसर पर मां दुर्गा की पूजा धूमधाम से की जा रही है। शनिवार को पूर्वाह्न 11 बजे पूजा समिति के अध्यक्ष मिथिलेश कुमार पाठक ने विधिवत रूप से मां दुर्गा के पट श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोले। पट खुलते ही भक्तों में उत्साह का माहौल बन गया। पूजा पंडाल में मां दुर्गा के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की आवाजाही शुरू हो गई। पूरे क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण बना हुआ है। इस अवसर पर एनके सिंह, एसएन सिंह, कुंदन शुक्ला, एसपी सिंह सहित वास्तु विहार के बड़ी संख्या में आवासधारी उपस्थित थे।
जीजीपीएस चास में डांडिया और धुनुची नृत्य के साथ मना दुर्गोत्सव
बोकारो | जीजीपीएस चास में दुर्गोत्सव धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान शिक्षक-शिक्षिकाओं ने पारंपरिक परिधानों में डांडिया और बंगाल के प्रसिद्ध धुनुची नृत्य की प्रस्तुति देकर उत्सव को भक्तिमय बना दिया। विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष तरसेम सिंह, सचिव सुरेंद्र पाल सिंह सहित अन्य सदस्य और उनके परिवार के लोग शामिल हुए। अध्यक्ष तरसेम सिंह ने त्योहारों के सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व पर प्रकाश डाला। प्राचार्या सुमन नांगिया ने आयोजन को सफल बनाने में शिक्षकों के प्रयासों की सराहना की। इस अवसर पर समग्र प्रभारी वाचस्पति मिश्रा, प्राथमिक विभाग की प्रभारी किरण मिश्रा सहित विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।
नव पत्रिका स्थापना के साथ मां दुर्गा पूजा शुरू
भास्कर न्यूज | चंदनकियारी चंदनकियारी समेत आसपास के मंदिरों में शनिवार को नव पत्रिका स्थापना के साथ ही शारदीय दुर्गापूजा का शुभारंभ हुआ। इस दौरान मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। चंदनकियारी स्थित सोलह आना मंदिर के समीप गोकुल बांध में पंडितों के मंत्रोच्चार के बीच विधिवत पूजा अर्चना की गई। इसके बाद नव पत्रिका स्वरूप मां दुर्गा को डोली में विराजमान कर चंदनकियारी नीचे बाजार स्थित मंदिर लाया गया। वैदिक मंत्रोच्चार, शंखध्वनि और मां दुर्गा के जयकारों के बीच नव पत्रिका का प्रवेश कराया गया। साथ ही पूजा पंडालों और मंदिरों के पट श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिए गए। इस अवसर पर चंदनकियारी के विभिन्न इलाकों में महिलाओं ने नए वस्त्र धारण कर अपने-अपने घरों के द्वार पर दीप, धूप और अगरबत्ती जलाकर मां दुर्गा का स्वागत किया। इससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा। पट खुलने पर पूर्व नेता प्रतिपक्ष अमर कुमार बाउरी समेत अन्य लोगों ने मंदिरों में पहुंचकर मां दुर्गा के दर्शन किए और क्षेत्र की सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना की।
मां दुर्गा पूजा पंडालों में सुरक्षा को ले डीसी-एसपी ने परखा इंतजाम
सिटी रिपोर्टर | बोकारो दुर्गापूजा में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन अलर्ट है। शनिवार को डीसी अजय नाथ झा और एसपी नाथू सिंह मीणा ने बोकारो स्टील सिटी के विभिन्न पूजा पंडालों और मेला परिसरों का संयुक्त निरीक्षण कर सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया। अधिकारियों ने पूजा समितियों को सुरक्षा मानकों का शत-प्रतिशत पालन करने और किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरतने का निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान अग्निशमन व्यवस्था, विद्युत सुरक्षा, पंडालों की मजबूती, भीड़ प्रबंधन और आपातकालीन निकास की स्थिति की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने पूजा समितियों को पर्याप्त अग्निशमन यंत्र, सीसीटीवी कैमरे, बैरिकेडिंग और आपातकालीन निकास की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए जरूरत के अनुसार अलग-अलग कतारें बनाने तथा स्वयंसेवकों की तैनाती का भी निर्देश दिया। एसपी ने कहा कि पूजा के दौरान प्रमुख चौक-चौराहों, पंडालों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहेगा। सीसीटीवी से निगरानी के साथ जरूरत के अनुसार ड्रोन का भी इस्तेमाल किया जाएगा। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार क्षेत्र भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखेंगे। एसपी ने श्रद्धालुओं से निर्धारित कतार में दर्शन करने और सुरक्षा कर्मियों व स्वयंसेवकों के निर्देशों का पालन करने की अपील की। अभिभावकों से छोटे बच्चों के पास नाम, मोबाइल नंबर और संपर्क विवरण वाली पर्ची रखने का आग्रह किया गया, ताकि भीड़ में बिछड़ने पर उन्हें परिवार से मिलाने में मदद मिल सके। जिला प्रशासन ने लोगों से सोशल मीडिया पर प्रसारित अपुष्ट सूचनाओं और अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की है। धर्म, समुदाय या जाति के संबंध में भ्रामक अथवा आपत्तिजनक सामग्री फैलाने वालों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। प्रशासन ने पूजा समितियों, स्वयंसेवकों और आम नागरिकों से आपसी समन्वय बनाए रखने की अपील की, ताकि दुर्गापूजा शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हो।
मां के दर्शन को उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
सिटी रिपोर्टर | बोकारो नवरात्र के पावन अवसर पर चास-बोकारो में मां दुर्गा की आराधना पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ की जा रही है। शनिवार को महासप्तमी के अवसर पर शहर के विभिन्न पूजा पंडालों के पट श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिए गए। हालांकि, कुछ पंडालों में शुक्रवार को ही पट खुल गए थे। मां दुर्गा के दर्शन शुरू होते ही पंडालों में भीड़ उमड़ी। जय माता दी के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। इस बार शहर में कई आकर्षक और भव्य पूजा पंडाल बनाए गए हैं। सेक्टर-2, सेक्टर-12 में दो स्थान, सेक्टर-9 में तीन स्थान, कैंप-2, दुंदीबाद बाजार और चास के जोधाडीह मोड़ स्थित पूजा पंडाल श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। पंडालों को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। अलग-अलग थीम और सजावट को देखने के लिए शहर के अलावा दूर-दराज के क्षेत्रों से भी लोग पहुंच रहे हैं। वहीं, सेक्टर-4 ई स्थित ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय में मां दुर्गा की जीवंत झांकी भी लोगों के बीच विशेष आकर्षण बनी हुई है। पंडालों के साथ मेले में भीड़ आनी शुरू हुई पूजा पंडालों के आसपास मेले और मीना बाजार भी सजाए गए हैं। सेक्टर-9 के वैशाली मोड़ मैदान और आलोक मैदान के अलावा सेक्टर-2 और सेक्टर-12 में लगे मेले में लोगों की भीड़ जुट रही है। यहां बच्चों के लिए मनोरंजन के साधनों से लेकर खरीदारी के विभिन्न विकल्प उपलब्ध हैं। परिवार के साथ पहुंच रहे लोग पूजा-अर्चना के बाद मेले का आनंद ले रहे हैं। शाम होते ही पंडालों और बाजारों में रौनक बढ़ रही है।
झारखंड बनाम रेलवेज चार दिवसीय मैच कल से
सिटी रिपोर्टर | बोकारो बीसीसीआई की ओर से संचालित कर्नल सीके नायडू एलीट अंडर 23 झारखंड बनाम रेलवेज चार दिवसीय क्रिकेट मैच 19 अक्टूबर से सेक्टर-4 स्थित बीएसएल क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा। दोनों ही टीमें शनिवार को मैदान में अभ्यास में जमकर पसीना बहाया। रेलवेज की टीम ने अपने पहले मैच में हैदराबाद की टीम को 5 विकेट से पराजित कर पूरे 12 अंक अर्जित किए। टीम की ओर से सर्वेस राहिला ने नाबाद 116 एवं अभिषेक कौशल ने नाबाद 103 रनों की पारी खेली। जबकि अर्पित यादव ने दोनों पारियों को मिलाकर कुल 9 विकेट लिए। वही झारखंड व आंध्र प्रदेश के बीच खेला गया पहला मैच ड्रॉ पर समाप्त हुआ।
जेटेट परीक्षा के लिए राज्य में 986 केंद्र बने
झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (जेटेट) 2026 को लेकर परीक्षा कार्य में लगे शिक्षकों और शिक्षकेतर कर्मियों की 31 अक्टूबर और 1 नवंबर की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। इन दो दिनों में उनकी आकस्मिक और लंबी अवधि की छुट्टियां रद्द करने का आदेश जारी करने का निर्देश दिया है। झारखंड अधिविद्य परिषद रांची ने परीक्षा की तैयारियों को लेकर राज्य के सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। जेटेट का आयोजन एक नवंबर को होगा। इसके लिए राज्यभर में 986 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इनमें करीब 40 हजार परीक्षार्थी शामिल होंगे। सरकारी शिक्षकों के परीक्षा में शामिल होने के कारण वीक्षकों की कमी न हो, इसके लिए केंद्रों पर कार्यरत सभी शिक्षकों और शिक्षकेतर कर्मियों को लगाया गया है। इसके अलावा सरकारी, निजी और प्रस्वीकृत विद्यालयों व महाविद्यालयों के शिक्षकों को भी वीक्षक के रूप में तैनात होंगे। प्रश्नपत्रों की सुरक्षा के निर्देश, साइबर सेल सक्रिय परीक्षा में गड़बड़ी और अफवाहों पर रोक लगाने के लिए जिला स्तर पर साइबर सेल का गठन कर उसे सक्रिय करने का आग्रह उपायुक्तों से किया गया है। वहीं, गोपनीय प्रश्नपत्रों के सुरक्षित भंडारण के लिए कोषागार और उपकोषागार में ड्रॉपिंग पॉइंट से संबंधित रिपोर्ट जल्द उपलब्ध कराने को कहा गया है। परीक्षा केंद्रों पर होने वाले खर्च के भुगतान के लिए केंद्राधीक्षकों के बैंक खातों का विवरण भी मांगा गया है। परीक्षा के सुचारु और कदाचारमुक्त संचालन के लिए उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक और संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक करने का निर्देश दिया गया है। परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पेट्रोलिंग, स्टैटिक दंडाधिकारी और पुलिस अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति उपायुक्त एवं पुलिस अधीक्षक के संयुक्त हस्ताक्षर से की जाएगी। 31 अक्टूर व एक नवंबर की छुट्टियां रद्द
मौत के मामले में आरोपी गिरफ्तार, जेल
बोकारो | बालीडीह थाना क्षेत्र में रेलवे पटरी पर खलासी संदीप कुमार का शव मिलने के मामले में पुलिस ने नामजद प्राथमिक अभियुक्त सेक्टर-1बी नेपाली कॉलोनी निवासी देवेंद्र कुमार सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के बाद शनिवार को आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। जानकारी के अनुसार, 26 अगस्त 2026 को बोकारो रेलवे स्टेशन से रेलवे गुड्स साइडिंग की ओर जाने वाली रेल पटरी पर एक युवक का शव मिला था। मृतक की पहचान बिहार के जमुई जिले के धर्मपुर गांव निवासी संदीप कुमार (22) के रूप में हुई थी। बताया जाता है कि युवक खलासी का काम करता था। आरोप है कि मृतक को ब्लैकमेल किया जा रहा था।
गर्री पंचायत का सिद्धपीठ दुर्गा मंदिर है आस्था का केंद्र
पंचायतनामा बोकारो के कसमार प्रखंड के गर्री पंचायत के चौबे टोला में सिद्धपीठ दुर्गा मंदिर है, जो आस्था और परंपरा का अद्भुत संगम है। यहां मिट्टी के एक छोटे से पिंड से शुरू हुई पूजा आज भव्य मंदिर में परिणित हो गई है। खास बात यह है कि पिछले 194 वर्षों से एक ही मंदिर में मां दुर्गा की दो प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। मंदिर की स्थापना की कहानी 1833 से जुड़ी है। बताया जाता है कि संवत 1800 में रक्षपाल चौबे अपने पुत्र लक्ष्मण चौबे के साथ बिहार के बक्सर जिले के गरवा बस्ती से होते हुए मधुकरपुर के रास्ते गर्री आए और यहीं बस गए। लक्ष्मण चौबे के तीन पुत्र हुए, मोतीराम चौबे, उचित चौबे और नीलमाधव चौबे। एक बार उचित चौबे के पुत्र छत्रधारी चौबे गंभीर रूप से बीमार पड़ गए। उस दौर में वैद्य, हकीम या चिकित्सक की सुविधा नहीं थी। जब बालक के बचने की कोई उम्मीद नहीं रही, तो मोतीराम चौबे ने आकाश की ओर हाथ फैलाकर जगत जननी मां दुर्गा से मन्नत मांगी कि यदि भतीजा स्वस्थ हो गया, तो हर साल मां की पूजा करेंगे। पंचायत गर्री जनसंख्या 12000 मिट्टी के पिंड से भव्य मंदिर तक का सफर है जारी शुरुआती दौर में पूजा मिट्टी के पिंड पर ही होती थी। बाद में ग्रामीणों और चौबे परिवार के सहयोग से यहां मंदिर का निर्माण कराया गया। करीब दो वर्ष पूर्व पुराने मंदिर का जीर्णोद्धार किया गया, जिससे मंदिर को नया और आकर्षक स्वरूप मिला। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यहां बनी दो वेदी है। एक वार्षिक पूजा वेदी है, जहां 1833 से मां दुर्गा की पूजा की परंपरा चली आ रही है। दूसरी मानसिक पूजा वेदी है। करीब 74 वर्ष पहले स्थानीय शिक्षाविद और उच्च विद्यालय के संस्थापक भगवती शरण चौबे ने मन्नत पूरी होने पर शुरुआत की थी। तब से हर साल एक ही मंदिर में दो प्रतिमाएं स्थापित होती हैं। इसे मनोकामना पूर्ण करने वाली सर्वशक्ति रूपा मां दुर्गा का सिद्धपीठ माना जाता है। मान्यता है कि यहां सच्चे मन से मांगी गई हर मुराद पूरी होती है। शारदीय नवरात्र में यहां भक्तों का तांता लगा रहता है, विशेषकर महाअष्टमी और महानवमी को आस्था का सैलाब उमड़ता है। यह मंदिर न सिर्फ कसमार-खैराचातर क्षेत्र बल्कि पूरे जिले के लिए आस्था और सांस्कृतिक एकता का केंद्र बना हुआ है। कसमार चौबे टोला सिद्ध पीठ दुर्गा मंदिर में स्थापित प्रतिमा। सिद्धपीठ के रूप में मिल रही प्रसिद्धि पूर्व में छलछलिया नाला, पश्चिम में कसमार पंचायत, उत्तर में पोंडा पंचायत व दक्षिण में मंजूरा सपाही टांड़। कनेक्टिविटी सभी तरह के वाहनों से आना-जाना होता है। जिला मुख्यालय से दूरी 32 किमी पहचान कालौंधी बांध साक्षरता दर 80 प्रतिशत
बोकारो के 3.89 लाख लाभुकों को पूजा में भी नहीं मिली धोती-साड़ी
त्योहार के बीच गरीब परिवारों के लाभुकों में छाई निराशा वित्तीय वर्ष 2026-27 के छह माह बीतने को हैं, लेकिन गरीब परिवारों को राहत देने वाली सोना सोबरन धोती-साड़ी योजना के तहत अब तक कपड़ों का आवंटन नहीं हो सका है। त्योहारों का मौसम शुरू हो चुका है। दुर्गापूजा और छठ के बाद अब जिउतिया समेत अन्य पर्व सामने हैं। ऐसे में बोकारो जिले के करीब 3.89 लाख राशन कार्डधारी परिवार योजना के तहत मिलने वाली धोती-साड़ी और लुंगी के इंतजार में हैं। पूरे राज्य में ऐसे लाभुकों की संख्या 67,47,307 है। सरकार की ओर से गरीब और जरूरतमंद परिवारों को साल में दो बार यानी प्रत्येक छह माह में योजना के तहत वस्त्र उपलब्ध कराया जाता है। इसके लिए लाभुकों से निर्धारित प्रक्रिया के तहत 20 रुपए लिए जाते हैं। लेकिन चालू वित्तीय वर्ष में छह माह गुजरने के बावजूद आवंटन नहीं होने से अब तक वितरण शुरू नहीं हो पाया है। इससे बड़ी संख्या में गरीब परिवार योजना के लाभ से वंचित हैं। बोकारो में 59 हजार ग्रीन और 3.30 लाख लाल कार्डधारी लाभुक बोकारो जिले में करीब 59 हजार ग्रीन कार्ड और 3.30 लाख लाल कार्डधारी परिवार हैं। ये परिवार सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से खाद्यान्न प्राप्त करते हैं। इन्हीं राशन कार्डधारी गरीब परिवारों को सोना सोबरन योजना का लाभ दिया जाना है। जिले में कुल 3,89,212 राशन कार्डधारी परिवार हैं। आवंटन नहीं होने के कारण इन परिवारों को कपड़ों के वितरण का इंतजार करना पड़ रहा है। आवंटन के लिए सरकार को पत्र लिखा गया है - मो. शफीक आलम, जिला आपूर्ति प्रभारी पदाधिकारी, बोकारो। सोना सोबरन धोती-साड़ी योजना का उद्देश्य गरीब परिवारों को राशन देने के साथ साल में हर छह माह पर वस्त्र उपलब्ध कराकर उन्हें आर्थिक राहत देना है। योजना के तहत पात्र लाभुकों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार धोती-साड़ी उपलब्ध कराई जाती है। अब लाभुकों की नजर सरकार की ओर से होने वाले आवंटन पर टिकी है। लाभुकों का कहना है कि त्योहार नजदीक हैं। ऐसे में सरकार को जल्द से जल्द योजना के तहत धोती-साड़ी का आवंटन कर वितरण शुरू करना चाहिए, ताकि गरीब परिवारों को समय पर लाभ मिल सके। त्योहारों के समय नए कपड़ों की उम्मीद नहीं गरीब परिवारों के लिए दुर्गापूजा, छठ और जिउतिया जैसे पर्वों का विशेष महत्व है। त्योहारों में नए कपड़े पहनने की परंपरा के बीच सरकारी योजना से मिलने वाली धोती-साड़ी और लुंगी का इंतजार भी परिवारों को रहता है। लाभुक उम्मीद लगाए बैठे हैं। योजना का उद्देश्य गरीब परिवारों को राहत देना सोना-सोबरन योजना : छह माह बीत गए, नहीं मिला आवंटन राज्य में 67.47 लाख राशन कार्डधारी सोना सोबरन योजना के तहत राज्य के सभी जिलों में राशन कार्डधारियों को वस्त्र उपलब्ध कराया जाना है। आंकड़ों के अनुसार राज्य में कुल 67,47,307 राशन कार्डधारी हैं। जिला राशन कार्डधारी बोकारो 3,89,212 चतरा 2,29,768 देवघर 2,80,430 धनबाद 4,57,914 दुमका 2,93,357 पूर्वी सिंहभूम 4,45,268 गढ़वा 2,97,835 गिरिडीह 4,77,952 गोड्डा 2,71,503 गुमला 2,07,212 हजारीबाग 3,65,176 जामताड़ा 1,80,902 खूंटी 1,18,438 कोडरमा 1,38,976 लातेहार 1,57,279 लोहरदगा 1,08,514 पाकुड़ 2,05,168 पलामू 4,55,439 रामगढ़ 1,52,145 रांची 5,40,520 साहिबगंज 2,42,966 सरायकेला-खरसावां2,41,704 सिमडेगा 1,34,749 पश्चिमी सिंहभूम 3,54,880 कुल योग- 67,47,307 सेक्टर-2 स्थित जन वितरण प्रणाली दुकान।
बोकारो में हिताची कंपनी के कर्मी से 21.40 लाख रु. लूटे
माराफारी थाना क्षेत्र के बोकारो नाथ धाम शिव मंदिर के पास बाइक सवार दो अपराधियों ने हिताची कंपनी के कर्मचारी विजय कुमार से 21.40 लाख रुपए लूट लिए। विजय नया मोड़ स्थित एक्सिस बैंक से 21.40 लाख रुपए लेकर कुर्मीडीह और बालीडीह में हिताची के एटीएम में नकदी डालने जा रहे थे। मंदिर के पास पहुंचते ही बाइक सवार अपराधियों ने उन्हें रोका। गाली-गलौज और हाथापाई कर बाइक गिरा दी। फिर रुपयों से भरा बैग लेकर फरार हो गए। विजय ने बताया कि दो दिन बैंक बैंक है, इसलिए एटीएम में ज्यादा कैश डालना था। सामान्य दिनों में कम कैश लेकर बाइक से जाते थे। लेकिन शनिवार को यह घटना हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और छानबीन शुरू कर दी। पुलिस अपराधियों की शिनाख्त के लिए आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगाल रही है।
सड़कों पर आस्था का समंदर पूजा पंडालों में उमड़े श्रद्धालु...
बोकारो स्टील सिटी के सेक्टर 2 सी। देश का नंबर 1 अखबार बोकारो | शारदीय नवरात्र की महासप्तमी पर शनिवार को बोकारो शहर भक्ति के अलौकिक रंग में डूब गया। हर ओर ढोल-ढाक के थाप, शंखध्वनि और जय माता दी के जयकारे गुंजायमान हैं। शाम ढलते ही आकर्षक लाइटों और भव्य थीम पर आधारित पूजा पंडालों की चमक ने शहर की खूबसूरती में चार चांद लगा दिए हैं। बच्चे हों, बुजुर्ग हों या युवा, हर कोई अपने परिवार के साथ मां के दरबार में हाजिरी लगाने निकल पड़ा है। हर कदम मां की चौखट की ओर बढ़ रहा है। सभी सड़कें श्रद्धालुओं से खचाखच भरी हैं। पूरी रात शहर से लेकर गांवों तक ऐसा ही नजारा रहा। रविवार को महाष्टमी है। इस दिन मां महागौरी का पूजन किया जाएगा। उन्हें नारियल, पूरी, हलवा और लाल चुनरी विशेष रूप से अर्पित की जाएगी। धनबाद, झारखंड रविवार 18 अक्टूबर, 2026 आश्विन शुक्ल पक्ष-8, 2083
बीएसएल के सभी 12 गेट बंद, 4000 कर्मी-श्रमिक 22 घंटे से प्लांट में कैद
{आंदोलनकारी न किसी को निकलने दे रहे और न ही अंदर जाने दे रहे बोकारो स्टील प्लांट (बीएसएल) में नौकरी की मांग को लेकर चल रहा विस्थापितों और अप्रेंटिस संघ का आंदोलन शनिवार को आक्रामक हो गया। अपनी मांगों को लेकर इन्होंेने मुख्य प्रशासनिक भवन और सभी गेट को पूरी तरह से बंद कर दिया। इस पूर्ण नाकेबंदी के कारण 22 घंटे से करीब 4000 अधिकारी और कर्मचारी प्लांट में कैद हो गए। न उन्हें बाहर निकलने दिया जा रहा है और न अगली शिफ्ट के कर्मचारियों को अंदर जाने की अनुमति मिल रही है। समाचार लिखे जाने तक रात आठ बजे तक इन कर्मचारियों को बाहर नहीं निकलने दिया गया था। उन्हीं कर्मचारियों से काम लिया जा रहा था। उनके लिए बाहर से खाना मंगाने की कोशिश की गई, जिसे विस्थापितों ने रोक दिया। इससे अंदर फंसे कर्मचारियों के सामने भोजन की भी समस्या खड़ी हो गई है। ये कर्मचारी शुक्रवार रात 10 बजे नाइट शिफ्ट में काम करने गए थे। सुबह छह बजे शिफ्ट खत्म होने के बाद जब ये गेट पर पहुंचे तो गेट बंद मिला। बाहर लोग आंदोलन कर रहे थे। प्रबंधन के लाख प्रयासों के बावजूद ये टस से मस नहीं हुए। धरने पर बैठे लोगों ने गेट से हटने से इनकार कर दिया।-शेष पेज 13 पर वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर पहुंचे, आंदोलन को समर्थन विस्थापितों के आंदोलन के कारण बोकारो शहर दिनभर अस्त-व्यस्त रहा। करीब एक दर्जन से ज्यादा लोग गेट पर भूख हड़ताल पर बैठे रहे। वहीं बड़ी संख्या में विस्थापित प्लांट के सभी 12 गेटों को जाम कर मोर्चा संभाले रहे। दोपहर में वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने आंदोलन को समर्थन देने की घोषणा की। इससे पहले बोकारो डीसी अजय नाथ झा धरनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने आंदोलनकारियों से वार्ता की। लेकिन वार्ता विफल रही। बीएसएल से अप्रेंटिस पास किए करीब 1500 युवा नौकरी की मांग पर अड़े रहे। उन्होंने साफ कर दिया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। प्रबंधन ने कहा-कई यूनिट में उत्पादन ठप, 30 करोड़ का नुकसान बीएसएल प्रबंधन ने कहा कि आंदोलन के दौरान प्लांट के सभी गेट बंद कर दिए गए हैं। कर्मचारियों और श्रमिकों को न अंदर जाने दिया जा रहा है और न बाहर निकलने दिया जा रहा है। इससे उत्पादन पूरी तरह ठप हो गया है। शनिवार को ब्लास्ट फर्नेस, सिंटर प्लांट और स्टील मेल्टिंग शॉप (एसएमएस-1 एवं एसएमएस-2) सहित प्रमुख उत्पादन इकाइयों और मिलों का परिचालन ठप रहा। इस व्यवधान के कारण प्लांट को करीब 30 करोड़ रुपए का नुकसान होने की संभावना है। कच्चे माल की भी किल्लत... प्लांट में ब्लास्ट फर्नेस, स्टील मेल्टिंग शॉप और रोलिंग मिलों को चलाने के लिए भारी मात्रा में कच्चे माल की जरूरत होती है। गेट जाम होने के लाइम स्टोन और डोलोमाइट से लदे वाहन प्लांट के बाहर खड़े हैं। कच्चे माल की कमी से उत्पादन प्रभावित हो रहा है। अगर कुछ घंटे ऐसी ही स्थिति रही तो कच्चे माल के अभाव में कई यूनिट बंद करनी पड़ेगी। शनिवार सुबह पहली शिफ्ट में काम करने के लिए पहुंचे कर्मचारियों और श्रमिकों को गेट पर ही रोक दिया।
पट खुलते ही मां के दर्शन को उमड़ने लगे श्रद्धालु आकर्षित कर रहा पंडालों का आकर्षक प्रारूप
भास्कर न्यूज|लोहरदगा दस दिवसीय दुर्गा पूजा उत्सव के दौरान शनिवार को पंडालों के पट खुलते ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी। विभिन्न पूजा समितियों द्वारा तैयार किए गए आकर्षक पंडाल और लाइटिंग लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बने। परंपरानुसार सभी पूजा पंडालों के पुरोहितों तथा यजमानों ने षष्ठी व सप्तमी की पूजन-विधि के अनुसार देवी का आह्वान किया। कई पूजा समितियां अपने पंडालों को अंतिम रूप देने में जुटी हैं। शहर तथा आसपास के क्षेत्रों में तीन दर्जन से अधिक पूजा पंडाल बनाए गए हैं। कहीं पंडालों को गुफा का रूप दिया गया है। कहीं कुटिया का रूप दिया गया है। अधिकतर पूजा समितियों ने प्राचीन मंदिरों के प्रारूप को सजाया है। शहर में कई पंडालों का उद्घाटन भी किया गया। इसके अलावा शहर में बरवा टोली, महावीर चौक, पतरा टोली, वीर शिवाजी चौक स्थित श्रीश्री सिद्धी धात्री दुर्गा मंदिर, रेलवे साइडिंग, चंद्रशेखर आजाद चौक, शास्त्री चौक, श्रीश्री दुर्गा बाड़ी, थाना परिसर सहित अन्य जगहों पर माता की आकर्षक प्रतिमाएं और पंडाल तैयार कराए गए हैं। प्रखंडों में भी दुर्गा पूजा की धूम है। भंडरा, कैरो, किस्को, सेन्हा प्रखंडों के विभिन्न स्थानों पर पंडाल और प्रतिमा का निर्माण कर पूजा-अर्चना की जा रही है। थाना टोली पूजा समिति द्वारा तैयार मयूरी पैलेस का दृश्य। बरवा टोली दुर्गा पूजा समिति द्वारा तैयार प्रेम मंदिर के प्रारूप का पंडाल। रेलवे साइडिंग द्वारा तैयार वैष्णो देवी धाम के प्रारूप का पंडाल।
लोहरदगा के झालजमीरा में आस-पड़ोस युवा संसद 100 युवाओं को नशामुक्ति पर जागरूक किया
भास्कर न्यूज|लोहरदगा प्रखंड स्थित पंचायत भवन, झालजमीरा में 17 अक्टूबर 2026 को ‘मेरा युवा भारत’ (माय भारत), लोहरदगा ने ‘आस-पड़ोस युवा संसद 2026-27’ का आयोजन किया। कार्यक्रम का विषय ‘नशा-मुक्त युवा’ रहा। आयोजकों के अनुसार, इसमें करीब 100 युवाओं ने भाग लिया। कार्यक्रम में नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले शारीरिक, मानसिक, सामाजिक, आर्थिक नुकसान पर चर्चा की गई। नशे की रोकथाम के तरीकों, स्थानीय स्तर पर जन-जागरूकता अभियान, सामुदायिक सहभागिता की जरूरत पर भी जानकारी दी गई। प्रतिभागियों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई गई। युवाओं ने नशे से दूर रहने, अपने परिवार, मित्रों, आसपास के लोगों को इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया। आयोजन के दौरान नशामुक्ति विषय पर नारा लेखन प्रतियोगिता कराई गई। जिला युवा अधिकारी अजय कुमार सैनी ने कहा कि नशामुक्त भारत के लक्ष्य में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है।
कुड़ू में कलश यात्रा, तीन किमी तक कलश लेकर चली महिलाएं
कुड़ू| शारदीय नवरात्र की सप्तमी को दुर्गा बाड़ी, मां अम्बे, मां शक्ति, जय माता दी दुर्गा पूजा समिति के नेतृत्व में भव्य कलश यात्रा निकाली गई। कलश यात्रा की शुरुआत पारंपरिक वैदिक मंत्रोच्चार और पूजा-अर्चना के साथ हुई। इसके बाद लाल और पीले वस्त्रों में सजीं महिला श्रद्धालु अपने सिर पर मंगल कलश लेकर यात्रा में शामिल हुईं। पूरी यात्रा के दौरान माता दुर्गा के जयकारों से पूरा वातावरण गुंजायमान रहा। कलश यात्रा में महिलाओं, पुरुषों और बच्चों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कलश यात्रा में शामिल महिलाएं तीन किलोमीटर दूर पैदल चलकर टिको नदी तट पहुंचीं। वहां पुरोहित अनंत पाठक ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कराई। गंगा आरती भी कराई। इसके बाद कलश में जल स्थापित कराया गया। जल भरे कलश पूजा पंडालों में स्थापित किए गए। श्रद्धालुओं की भीड़ के कारण कुड़ू-चंदवा मार्ग पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम देखे गए। स्थानीय युवाओं और पूजा समिति के सचिन साहू, रवि प्रसाद, सुबोध पासवान, विकास साहू, गोल्डन कुमार, धीरज प्रसाद, संजय चौधरी, ब्रजेश कुमार, ओमप्रकाश साहू, ओम प्रकाश कुमार, अनुज कुमार, प्रियांशु साहू, अथर्व कुमार, आनंद यादव, अमित कुमार, सूरज यादव, कमल बैठा सहित अन्य लोगों ने कलश यात्रा को अनुशासित तरीके से संपन्न कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सप्तमी पर नव पत्रिका पूजन के साथ मां दुर्गा की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा कराई
कुडू|दुर्गा पूजा को लेकर प्रखंड के प्रमुख पंडाल दुर्गा बाड़ी, मां अम्बे, मां शक्ति, जय माता दी, मां भवानी, शिव शक्ति दुर्गा पूजा समिति टाटी, डोरो टोली, रुद, जिलिंग, पंडरा, बरवा टोली, सलगी, बड़की चांपी, सुकमार, सहित सभी पूजा पंडालों में मां दुर्गा के पट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं। सप्तमी के अवसर पर मां के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है। श्रद्धालु मां दुर्गा को पुष्पांजलि अर्पित कर सुख-समृद्धि, शांति और ऐश्वर्य की कामना कर रहे हैं। सप्तमी के अवसर पर नवपत्रिका प्रवेश और पूजा का विशेष महत्व है। इसी क्रम में मां दुर्गा की प्रतिमा में प्राण-प्रतिष्ठा का अनुष्ठान किया जाता है। पूजा होने वाले पंडालों में मां के दर्शन के लिए सुबह से ही भक्त पहुंच रहे हैं। मौके पर दुर्गा बाड़ी के पुरोहित अनंत पाठक ने बताया कि शनिवार, सप्तमी के अवसर पर नवपत्रिका प्रवेश और पूजा का विशेष महत्व है। इसी क्रम में मां दुर्गा की प्रतिमा में प्राण-प्रतिष्ठा का अनुष्ठान किया जाता है। नवपत्रिका प्रवेश की रस्म में केले के पौधे को गंगा स्नान कराया जाता है। स्नान के बाद उसे लाल पार वाली साड़ी पहनाई जाती है। मां दुर्गा की प्राण-प्रतिष्ठा के बाद महाआरती और पुष्पांजलि के कार्यक्रम में सैकड़ों लोग शामिल हुए। श्रद्धालु मां के चरणों में पुष्प अर्पित कर परिवार की सुख-शांति और खुशहाली की कामना कर रहे हैं। पूजा पंडालों में धार्मिक अनुष्ठानों के बीच भक्तिमय माहौल बना हुआ है।
डांडिया उत्सव पर झूम उठा लोहरदगा, उमंग और उल्लास से सराबोर हुआ कार्यक्रम स्थल
भास्कर न्यूज|लोहरदगा शारदीय नवरात्रि पर ऑफिशियल लोहरदगा डांस एकेडमी के तत्वावधान में शहर के पार्क के पास स्थित जिला परिषद परिसर में भव्य डांडिया व सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। डांडिया की लयबद्ध थाप, पारंपरिक संगीत की सुरमयी धुन, रंग-बिरंगे परिधानों में सजे प्रतिभागियों ने पूरे परिसर को उमंग, उल्लास और उत्सव के रंग में सराबोर कर दिया। कार्यक्रम में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व पूर्व सांसद धीरज प्रसाद साहू बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित हुए। अतिथियों के आगमन पर आयोजन समिति व अकादमी के सदस्यों ने आत्मीय स्वागत किया। माता की चुनरी भेंट कर उनका अभिनंदन किया। इसके बाद मुख्य अतिथि धीरज प्रसाद साहू, विशिष्ट अतिथि निशा उरांव सहित अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलित किया। कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ हुआ। तत्पश्चात मां दुर्गा की पूजा-अर्चना की गई। माता की आरती की गई। आरती के दौरान पूरा परिसर भक्तिभाव से ओत-प्रोत हो उठा। इसके बाद अतिथियों को अंगवस्त्र व स्मृति-चिह्न भेंट किए गए। उन्हें सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में महिलाओं, युवाओं एवं बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पारंपरिक परिधानों में सजे प्रतिभागियों ने डांडिया की मनोहारी प्रस्तुतियों से उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। संगीत की धुन पर थिरकते कदम, डांडिया की खनक, दर्शकों की तालियों से पूरा परिसर जीवंत हो उठा। कार्यक्रम में मुख्य संरक्षक, विधायक प्रतिनिधि निशिथ जायसवाल, एसडीपीओ श्रद्धा केरकेट्टा, परिवहन पदाधिकारी जया शंखी पुष्पी, अंजना दास, रिया दास, शशि गुप्ता, कुणाल वर्मा, निश्चय वर्मा, वार्ड पार्षद कुमार अभिषेक, रंजीत महली, रूपेश कुमार सहित अनेक गणमान्य नागरिक, महिलाएं, युवा व श्रद्धालु उपस्थित रहे। कार्यक्रम के समापन तक जिला परिषद परिसर डांडिया की थाप, भक्ति संगीत, उल्लास से गूंजता रहा। आयोजन ने नवरात्रि की आध्यात्मिक गरिमा को सांस्कृतिक उल्लास से जोड़ा। लोहरदगा की सांस्कृतिक जीवंतता, सामाजिक एकता, उत्सव धर्मिता का भव्य परिचय प्रस्तुत किया। मुख्य अतिथि धीरज प्रसाद साहू ने नवरात्रि एवं दुर्गापूजा की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि नवरात्रि केवल धार्मिक अनुष्ठान का पर्व नहीं। यह शक्ति, भक्ति, आस्था, संस्कार, सामाजिक समरसता की जीवंत अभिव्यक्ति है। विशिष्ट अतिथि आयकर आयुक्त निशा उरांव ने भी सभी को नवरात्रि की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन हमारी समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं, विरासत को जीवंत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कृषि उद्यमी प्रशिक्षण का समापन, प्रशिक्षुओं के बीच प्रमाण पत्र बांटे
लोहरदगा|बैंक ऑफ इंडिया ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान के द्वारा आयोजित 13 दिवसीय निःशुल्क कृषि उद्यमी प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन सह प्रमाण पत्र वितरण सेरेंगहातू तोराड़ में शनिवार को किया गया। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण युवक-युवतियों व किसानों को कृषि आधारित व्यवसाय की जानकारी देकर उन्हें स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करना तथा आत्मनिर्भर बनाना है। इस दौरान एसकेवीके इंचार्ज सुनीता आइंद, बैंक ऑफ इंडिया के निशित मानी, जेएसएलपीएस डीएम विपिन चंद्र, आरसेटी निदेशक सुरेश भगत सहित अन्य उपस्थित रहे। वहीं प्रशिक्षुओं को संबोधित करते हुए बताया गया कि कृषि के क्षेत्र में स्वरोजगार की अपार संभावनाएं हैं। आधुनिक कृषि तकनीकों, वैज्ञानिक पद्धतियों व उचित व्यवसाय प्रबंधन को अपनाकर किसान अपनी आय में वृद्धि कर सकते हैं। प्रशिक्षुओं से प्रशिक्षण में प्राप्त ज्ञान का उपयोग कर कृषि आधारित उद्यम स्थापित करने तथा आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की अपील की। वहीं बताया गया कि 13 दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षुओं को कृषि उद्यम की स्थापना, कृषि संबंधी योजनाओं, व्यवसाय प्रबंधन, लागत और लाभ का आकलन, विपणन व स्वरोजगार की संभावनाओं से संबंधित जानकारी प्रदान की गई। साथ ही कृषि को एक लाभकारी व्यवसाय के रूप में विकसित करने के लिए प्रेरित किया गया। आरसेटी निदेशक ने कहा कि संस्थान का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के बेरोजगार युवक-युवतियों को कौशल आधारित प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें स्वरोजगार से जोड़ना है। कृषि उद्यमिता के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाए जा सकते हैं।
पत्थरगडा मेंप्रतिमाओं के पट खुले
पत्थलगडा| प्रखंड मुख्यालय पत्थलगडा के सुभाष चौक सहित नावाडीह, बाजोबार, और नोनगांव पंचायत मुख्यालय स्थित दुर्गा पूजा पंडालों में शनिवार को विधि-विधान से मां दुर्गा एवं अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमाओं की प्राण-प्रतिष्ठा की गई। धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होने के बाद प्रतिमाओं के पट आम श्रद्धालुओं के दर्शन और पूजन के लिए खोल दिए गए। पट खुलते ही पूजा पंडालों में भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। मां दुर्गा की दिव्य छवि के दर्शन कर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। शारदीय नवरात्र में पूरे क्षेत्र में भक्तिमय माहौल बना हुआ है।
स्कूल में दुर्गा के नौ स्वरूपों की झांकी
इटखोरी| शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर द विजन पब्लिक स्कूल में नवदुर्गा के नौ स्वरूपों की भव्य झांकी ने श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक चेतना का अद्भुत संचार किया। छात्राओं ने मां शैलपुत्री से लेकर मां सिद्धिदात्री तक नौ देवियों के स्वरूप धारण किए। उन्होंने भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा की दिव्य छटा बिखेरी। पारंपरिक वेशभूषा, भक्ति गीत, ढोल-नगाड़े और जयकारों से विद्यालय परिसर भक्तिमय हो उठा। झांकी के माध्यम से छात्राओं ने मां दुर्गा के नौ स्वरूपों में निहित शक्ति, तप, साहस, करुणा, ज्ञान और सिद्धि का संदेश सजीव रूप में प्रस्तुत किया। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को धार्मिक आस्था से जोड़ा। इसने नारी शक्ति के सम्मान और भारतीय सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की प्रेरणा भी दी। इस अवसर पर विद्यालय के निदेशक नीरज सिन्हा ने नवदुर्गा के स्वरूपों का श्रद्धापूर्वक स्वागत किया। कार्यक्रम में विद्यालय की सचिव संध्या सिन्हा, प्राचार्य दीपक कुमार सिंह सहित सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं। नवदुर्गा की भव्य झांकी ने धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक चेतना और नारी सशक्तीकरण का संदेश दिया। इसने विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायी वातावरण तैयार किया।
1967 में शुरू हुई पूजा का बजट पहुंचा चार लाख पार
भास्कर न्यूज | इटखोरी इटखोरी प्रखंड के करनी चौक पर मां दुर्गा की आराधना की 59 वर्षों पुरानी परंपरा जारी है। वर्ष 1967 में शुरू हुई दुर्गा पूजा अब भव्य आयोजन बन चुकी है। इस वर्ष सार्वजनिक दुर्गा पूजा समिति ने यहां भव्य पंडाल बनवाया है। पंडाल में आकर्षक विद्युत सज्जा की गई है। नवमी और विजयादशमी के मेले में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की उम्मीद है। मेले के लिए पर्याप्त जमीन उपलब्ध है।करनी की दुर्गा पूजा का इतिहास संघर्ष, सहयोग, आस्था से जुड़ा है। वर्ष 1966 में अकाल के बाद ग्रामीणों में सामूहिक पूजा की भावना जगी। वर्ष 1967 में पूर्व मुखिया भुवनेश्वर सिंह, सेवानिवृत्त शिक्षक जयकृष्ण प्रसाद, ग्रामीणों की पहल पर पूजा शुरू हुई। भुवनेश्वर सिंह के मुताबिक उस समय पक्का मंडप नहीं था। ग्रामीणों ने मिट्टी की दीवार खड़ी की। खजूर के पेड़ की लकड़ियों से ढांचा बनाया। खपरे की छत डालकर मंडप तैयार किया। इसी मंडप में मां दुर्गा समेत अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमाएं स्थापित की गईं। पूजा-अर्चना शुरू हुई। ग्रामीणों ने आठ आना और चार आना के हिसाब से चंदा जुटाया। 500 रुपये में पूजा संपन्न हुई। प्रसाद बांटा गया।समय के साथ पूजा का स्वरूप बदला। अस्थायी मंडप अब भव्य ढलाई वाले भवन में बदल चुका है। पूजा का बजट अब चार लाख रुपये से अधिक है। करनी पंचायत के साथ आसपास के 12 गांवों के ग्रामीण भी आर्थिक सहयोग दे रहे हैं। आयोजन आस्था के साथ सामाजिक एकता का प्रतीक बन गया है।षष्ठी से नवमी तक शाम में बच्चियों का डांडिया नृत्य होगा। विजयादशमी पर मेला लगेगा। मेले में रामगढ़ से आए कलाकार धार्मिक झांकी पेश करेंगे। भजन संध्या होगी। इस वर्ष किसी कारणवश नाटक का मंचन नहीं होगा।पूजा को सफल बनाने में अध्यक्ष यशवंत सिंह, उपाध्यक्ष लौकेश कुमार दास, सचिव सीताराम दांगी, कोषाध्यक्ष हरेंद्र कुमार, उपकोषाध्यक्ष उमेश दांगी, उपसचिव जगदीश राणा, युवा शक्ति, समस्त ग्रामीण जुटे हैं।
प्रेम प्रंसग के बारे में किशोरी जानती थी, इसलिए हुई हत्या
लावालौंग|पूर्णाडीह गांव के समीप सिंदूरटांड़ में महुआ के पेड़ से लटके मिले 17 वर्षीय किशोरी के शव के मामले में पुलिस ने गांव के ही पांच नाबालिगों को गिरफ्तार किया है। इनमें तीन किशोर और दो किशोरियां शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, सभी आरोपी नाबालिग हैं। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, मृतका गांव की दो किशोरियों के प्रेम-प्रसंग के बारे में जानती थी। वह यह बात उनके अभिभावकों को बताने की कह रही थी। इसी बात को लेकर दोनों किशोरियों ने कथित तौर पर साजिश रची। उन्होंने किशोरी (मृतिका) को सिंदूरटांड़ बुलाया। वहां उन्होंने तीन किशोरों के साथ मिलकर उसकी हत्या कर दी। गौरतलब है कि गुरुवार को किशोरी अपनी दो बहनों के साथ मकई के खेत में मकई तोड़ने गई थी। इसी दौरान वह अचानक खेत से निकल गई। वह घर नहीं लौटी। परिजनों ने काफी खोजबीन की, लेकिन उसका पता नहीं चला। शुक्रवार सुबह उसका शव घर से करीब आधा किलोमीटर दूर महुआ के पेड़ से लटका मिला। घटनास्थल से एक मोबाइल फोन भी बरामद हुआ था। मृतिका के परिजनों ने उसे अपने परिवार का होने से इनकार किया था। पुलिस ने मामले की जांच के दौरान पांच नाबालिगों को पकड़ा है।
पिकअप से मिक्सर मशीन की ट्रॉली गिरने से महिला की मौत, रोड जाम
इटखोरी | इटखोरी प्रखंड के बघमुंडी पिपरा चौक पर शनिवार सुबह पिकअप वाहन में लदी मिक्सर मशीन की ट्रॉली टूटकर गिरने से 55 वर्षीय महिला की मौत हो गई। हादसे में सड़क किनारे लगा बिजली का पोल भी क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि एक पशु गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। मुआवजे की मांग को लेकर लोगों ने मुख्य सड़क जाम कर दिया, जिससे आवागमन बाधित रहा।मृतका की पहचान बघमुंडी निवासी सुदामा देवी (55), पति राधिका साव के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, शनिवार सुबह करीब 9 बजे सुदामा देवी घर से निकलकर सड़क किनारे स्थित दुकान की ओर जा रही थीं। इसी दौरान मिक्सर मशीन लदा पिकअप वाहन वहां से गुजर रहा था। अचानक मशीन की ट्रॉली टूटकर अलग हो गई और महिला उसकी चपेट में आ गईं। हादसे में उनकी मौके पर ही मौत हो गई।घटना के बाद घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जुट गई। महिला की मौत से आक्रोशित ग्रामीणों ने बघमुंडी मुख्य सड़क को जाम कर दिया। ग्रामीण मृतका के परिजनों को मुआवजा देने की मांग कर रहे थे।सूचना मिलने पर इटखोरी पुलिस मौके पर पहुंची। जिला परिषद सदस्य प्रतिनिधि भरत साव, अनंत सिंह, मुखिया प्रतिनिधि संजय रजक, अशोक यादव सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें शांत कराया। उचित कार्रवाई और मुआवजे के आश्वासन के बाद दोपहर 12:30 बजे जाम हटाया गया।
दुर्गा पूजा पर धालभूमगढ़ में फ्लैग मार्च, मार्गों पर भ्रमण कर दिया सख्ती का संदेश
धालभूमगढ़ | दुर्गा पूजा को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण, सुरक्षित माहौल में कराने के लिए धालभूमगढ़ पुलिस प्रशासन मुस्तैद है। इसे लेकर शनिवार को थाना क्षेत्र में फ्लैग मार्च निकाला गया। फ्लैग मार्च की शुरुआत नरसिंहगढ़ बाजार से हुई। पुलिस बल ने बाजार की गलियों, मुख्य मार्गों का भ्रमण किया। मार्च एनएच-18 से होते हुए धालभूमगढ़ चौक पहुंचा। फिर स्टेशन रोड गया। इसके बाद तंग गलियों, भीड़भाड़ वाले इलाकों में भी गश्त की गई। पुलिस अधिकारियों ने दुकानदारों, नागरिकों से बात की। सुरक्षा का भरोसा दिलाया। फ्लैग मार्च में इंस्पेक्टर अजय कुमार सिंह, थाना प्रभारी धीरज कुमार मिश्रा, अंचल अधिकारी मनोहर लिंडा मौजूद रहे। बड़ी संख्या में पुलिस जवान भी शामिल रहे। अधिकारियों ने कहा कि पर्व के दौरान शांति व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों पर सख्ती होगी। किसी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी थाना पुलिस को दें। ताकि समय रहते कदम उठाए जा सकें।
गाजियाबाद में मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए आज 18 अक्टूबर को भी जिले के समस्त बूथों पर विशेष अभियान अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए जिला प्रशासन ने सभी बीएलओ के लिए आदेश जारी किया है। भारत निर्वाचन आयोग एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी यूपी के निर्देशों में गाजियाबाद डीएम ने जिले में निर्वाचक नामावली में छूटे हुए पात्र मतदाताओं एवं प्रथम बार, युवा मतदाताओं के नाम शामिल करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। आज रविवार को भी अभियान रहेगा। बीएलओ निर्धारित बूथों पर रहेंगे शनिवार को भी पूरे जिले में अभियान चलाया गया। आज रविवार को साथ-साथ जनपद के सभी मतदेय स्थलों पर विशेष अभियान संचालित किया जाएगा। इस दौरान बूथ लेवल अधिकारी (BLO) सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक अपने निर्धारित बूथों पर उपस्थित रहकर पात्र नागरिकों से नाम सम्मिलित कराने हेतु फॉर्म-6 प्राप्त करेंगे। तथा मतदाताओं को आवश्यक सहायता प्रदान करेंगे। कोई भी वोटर वंचित नहीं रहना चाहिए जिला प्रशासन द्वारा सभी संबंधित अधिकारियों को अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने तथा इसकी नियमित निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। विशेष रूप से महिला मतदाताओं, युवाओं और प्रथम बार मतदान करने के पात्र नागरिकों से अपील है की है, कि अपने मतदाता रजिस्ट्रेशन की स्थिति की जांच करें और नाम मतदाता सूची में सम्मिलित न होने पर निर्धारित बूथ पर पहुंचकर नाम जुड़वाएं। जिला प्रशासन का कहना है कि कोई भी पात्र नागालिग वोटर लिस्ट से वंचित नहीं रहना चाहिए।
रामलीला में सीता हरण, जटायु मरण और राम-हनुमान मिलन का मंचन
आदर्श रामलीला संस्थान की ओर से आयोजित रामलीला में सीता हरण, जटायु मरण, राम-हनुमान मिलन और राम-सुग्रीव मित्रता प्रसंगों का मंचन किया गया। शुभारंभ आचार्य नवलकिशोर शर्मा ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ रामायण की पूजा करवाकर किया। संस्था के प्रेस प्रवक्ता चेतन बंसल ने बताया कि लीला की शुरुआत शूर्पणखा के अपने कटे हुए नाक-कान लेकर लंकापति रावण के पास पहुंचने से हुई। शूर्पणखा ने अपने साथ हुए अपमान की व्यथा सुनाते हुए रावण से बदला लेने की गुहार लगाई। उसने कहा, मेरी नाक कटी रावण, अब अपनी नाक बचा लो तुम, अब जरा शर्म बची हो तो बहना की लाज बचा लो तुम। बहन की व्यथा सुनकर रावण क्रोधित हो गया और उसने इस अपमान का बदला लेने का निश्चय किया। शूर्पणखा ने रावण को बताया कि अयोध्या के राजा दशरथ के पुत्र श्रीराम और उनके छोटे भाई लक्ष्मण पंचवटी में रह रहे हैं। उनके साथ एक अत्यंत सुंदर स्त्री भी है। इसके बाद रावण ने सीता माता का हरण करने के लिए अपने मामा मारीच को सोने का मृग बनाकर पंचवटी भेजा। आगे की लीला में सीता हरण, जटायु के बलिदान, श्रीराम की हनुमान से भेंट और सुग्रीव से मित्रता के प्रसंगों का मंचन किया गया। रामलीला के समापन पर दर्शकों से संवाद करते हुए तीन प्रश्न पूछे गए। सही उत्तर देने वाले प्रतिभागियों को संस्था की ओर से उपहार देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान संस्था अध्यक्ष वेदप्रकाश नागर और कार्यकर्ता शामिल रहे।
इटावा में सेवाभारती ने 501 कन्याओं का किया सामूहिक पूजन और सम्मान
नवरात्र पर सेवा भारती नगर की ओर से मास्टर वीरेंद्रसिंह लोककल्याण ट्रस्ट परिसर में सामाजिक कार्यकर्ता सोहन भारती की अध्यक्षता में गणमान्यजनों ने सपरिवार 501 कन्याओं का सामूहिक पूजन किया गया। महादेव मठ कोलाना के महंत चतुर्भुजगिरी महाराज के सान्निध्य में कन्याओं का चरण पखार तिलक लगा और चुनरी ओढ़ाकर सम्मान किया गया। कन्याओं को भोजन कराकर उपहार दिए गए। मुख्य अतिथि नगर पालिकाध्यक्ष निर्मला नागर ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम सामाजिक समरसता, आपसी सद्भाव और सांस्कृतिक परंपराओं को मजबूत करते हैं। सामाजिक कार्यकर्ता गोपाल मीणा, चैनसुख मित्तल और गिरजाशंकर गुप्ता विशिष्ट अतिथि रहे। महंत चतुर्भुजगिरी महाराज ने कहा कि कन्याओं में मां दुर्गा का स्वरूप देखकर उनका सम्मान करना समाज में नारी के प्रति श्रद्धा और आदर की भावना को मजबूत करता है। मुख्य वक्ता सेवाभारती के कोटा विभाग प्रकल्प प्रमुख पवन वैष्णव ने कहा कि सेवा, संस्कार और जरूरतमंद वर्गों का उत्थान सामाजिक परिवर्तन के प्रमुख आधार हैं। संचालन जिला सामाजिक आयाम प्रमुख जोधराज मीणा ने किया। कार्यक्रम प्रभारी मुकेश पारेता ने बताया कि समापन पर मां दुर्गा की आरती कर महाप्रसादी बांटी। पालिका उपाध्यक्ष दीपक उपाध्याय, मुकेश पारेता, बद्रीलाल मीणा, जोधराज मीणा, विष्णु गोयल, महावीर नागर, तेजराजसिंह, रिंकू सोनी, दुर्गाशंकर पारेता, विकास पोरवाल, अविनाश बंसल, ममता पारेता, रिंकी सोनी, ललावती नागर, सतीश सोनी, उमाशंकर नागर, मेहुल परिहार, टीकम सोनी, सुनीता पारेता, वंदना सोनी, धनराज पारेता शामिल रहे।
सर्वाइकल कैंसर की स्क्रीनिंग में दक्ष बनेंगी महिला स्वास्थ्यकर्मी
इटावा. महिलाओं को सर्वाइकल कैंसर के खतरे से बचाने और बीमारी की शुरुआती अवस्था में पहचान करने के लिए बीसीएमओ कार्यालय की ओर से एसिटिक एसिड से दृश्य परीक्षण तकनीक पर आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया। प्रतिभागियों को सैद्धांतिक जानकारी देकर व्यावहारिक कौशल का आकलन किया गया। प्रभारी डॉ. जयकिशन मीणा ने बताया कि प्रशिक्षण में गेंता, रामपुरिया, लुहावद, विनायका, जोरावरपुरा और ककरावदा के अस्पतालों की महिला सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी, एएनएम शामिल रही।उन्हें प्रशिक्षक डॉ. निर्मला मीणा एवं डॉ. कविता मीणा ने वीआईए तकनीक से सर्वाइकल कैंसर की प्रारंभिक पहचान, स्क्रीनिंग की प्रक्रिया, तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी। बीएनओ रहीश बाबू ने पीपीटी के माध्यम से प्रशिक्षण की विषयवस्तु को प्रस्तुत किया। उपजिला अस्पताल में प्रतिभागियों का प्रायोगिक परीक्षण कराकर व्यावहारिक कौशल का आकलन किया गया।
गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव भाजपा और सपा के लिए प्रतिष्ठा का विषय बन गया है। दोनों दलों ने अपने संगठन की पूरी ताकत झोंक दी है। सांसद व विधायकों को भी मैदान में उतार दिया गया है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव खुद नियमित रूप से इसकी निगरानी कर रहे हैं। इस निर्वाचन क्षेत्र के विभिन्न जिलों में अपने दौरे के दौरान उन्होंने डा. संजयन त्रिपाठी को जिताने की अपील संगठन के नेताओं से की है। इधर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ने खुद ही अलग-अलग जिलों में प्रचार शुरू कर दिया है। प्रदेश पदाधिकारियों को भी भाजपा को जीत दिलाने के लिए लगाया गया है। शिक्षक एमएलसी के चुनाव में ऐसा पहली बार है जब भाजपा अपना प्रत्याशी लड़ा रही है। 2020 के चुनाव में इस क्षेत्र से भाजपा ने किसी को प्रत्याशी नहीं बनाया था और शर्मा गुट के प्रत्याशी रहे ध्रुव कुमार त्रिपाठी को सपोर्ट किया था। इस चुनाव में ध्रुव को भाजपा ने अपना प्रत्याशी बनाया है। इसी बीच भाजपा के बागी के रूप में डा. संजयन त्रिपाठी मैदान में आ गए। उनके नामांकन के अगले ही दिन सपा ने उन्हें पार्टी में शामिल कराते हुए अपना प्रत्याशी बना लिया। संजयन के प्रत्याशी बनने के बाद सपा ने भी अपनी पूरी ताकत लगा दी है। 2020 के चुनाव में सपा नहीं दिखी थी आक्रामक 2020 में सपा ने यहां से अवधेश यादव को अपना प्रत्याशी बनाया था। लेकिन वह चर्चा में नहीं आ सके थे। सपा भी इस तरह से आक्रामक नजर नहीं आयी थी, जितना इस बार हैं। पिछले चुनाव में पार्टी को लगभग ढाई हजार वोट ही मिले थे। लेकिन हर जिले में सपा ने इस बार प्रभारी बनाए हैं और अपने वर्तमान एवं पूर्व जनप्रतिनिधियों को लगा दिया गया है। जहां जिस जाति के मतदाता अधिक हैं, वहां उसी जाति के नेता को लगाया जा रहा है। हर जिले में प्रभारी के साथ सह प्रभारी भी बनाए गए हैं। सपा के प्रभारी जिलाध्यक्ष ब्रजेश कुमार गौतम पूरी तरह से संजयन के यहां नजर आ रहे हैं। संजयन के सपा में जाने के बाद भाजपा भी सक्रिय हुईडा. संजयन को जब भाजपा से टिकट नहीं मिला तो वह भी सपा में शामिल हो गए। सपा से उन्हें प्रत्याशी बनाए जाने के बाद भाजपा ने भी अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में शिक्षक सम्मेलन को संबोधित किया। इसमें सभी 17 जिलों के शिक्षक मौजूद थे। उसके बाद से ही क्षेत्रीय टीम, प्रदेश के अन्य पदाधिकारी और अब स्वयं प्रदेश अध्यक्ष भी चुनाव प्रचार में जुट गए हैं।प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने 17 अक्टूबर की रात रानीडीहा स्थित भाजपा के क्षेत्रीय कार्यालय पर सांसद, विधायकों, पूर्व जनप्रतिनिधियों की बैठक बुलाई थी। इस दौरान यूपी के सह प्रभारी भी मौजूद रहे। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दूसरे जनपदों में जाकर भाजपा प्रत्याशी को जिताने की अपील करते नजर आ रहे हैं। जानिए चर्चा से दूर रहने वाले शिक्षक चुनाव से दलों की प्रतिष्ठा कैसे जुड़ी 2027 का विधानसभा चुनाव भी अब नजदीक है। ऐसे में भाजपा हर हाल में एमएलसी का चुनाव जीतना चाहती है। सपा भी यहां जीत हासिल करने कर विधानसभा चुनाव में बड़ा संदेश देना चाहती है। चुनाव सपा के पक्ष में गया तो ब्राह्मणों के पार्टी से जुड़ने के दावे की सव्वाई को बल मिलेगा। वरिष्ठ पत्रकार आलोक दूबे ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कर्मभूमि होने के कारण गोरखपुर-फैजाबाद सीट पर भाजपा की प्रतिष्ठा स्वाभाविक रूप से जुड़ी है। निर्वाचन क्षेत्र के अधिकांश जिलों में भाजपा की मजबूत स्थिति मानी जाती है। इस पकड़ को बरकरार रखने के लिए पार्टी के छोटे-बड़े नेता चुनावी मैदान में उतर चुके हैं। वहीं, सपा भी इस सीट को अपनी प्रतिष्ठा का सवाल बनाकर जोरदार मुकाबले में जुटी है। सपा अगर यह सीट जीतने में सफल होती है तो इसके राजनीतिक मायने दूर तक जाएंगे। सपा प्रमुख अखिलेश यादव भी लगातार अपने कार्यकर्ताओं को इसी संदेश के साथ चुनाव में जुटने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। बहरहाल, इस चुनाव में जीत किसी भी पार्टी की हो, उसे आगामी विधानसभा चुनाव के लिए मनोवैज्ञानिक बढ़त जरूर मिल जाएगी। वरिष्ठ पत्रकार डीबीबी मिश्र कहते हैं शिक्षक एमएलसी चुनाव परिणाम इस बार अन्य चुनावों के लिए पब्लिक वोटिंग बिहेवियर का टेस्टिंग एजेंसी की तरह काम करेगा। इसलिए यूपी में भाजपा और सपा दोनों दलों के लिए करो या मरो की स्थिति है। दोनों दलों के प्रत्याशी ब्राह्मण हैं इसलिए ब्राह्मण आक्रोश जैसा कोई फैक्टर उतना काम नहीं करेगा।
करनाल में जेडी यूनिवर्सल प्रोजेक्ट से जुड़े प्लॉटधारकों का मामला एक बार फिर चर्चा में है। विधायक जगमोहन आनंद ने दो दिन पहले करनाल रेस्ट हाउस में कुछ प्लॉटधारकों के साथ बैठक कर उन्हें न्याय दिलाने का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि जेडी का मुद्दा विधानसभा में उठाया गया है और सरकार की कमेटी भी इस मामले को देख रही है। वहीं, जेडी कंपनी के मीडिया प्रवक्ता मनीष कुमार ने विधायक की भूमिका पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि प्लॉटधारकों के हितों की आड़ में 24 मीटर रास्ते का मामला आगे बढ़ाया जा रहा है। इस विवाद में विधायक और कंपनी प्रवक्ता ने अपने-अपने पक्ष रखे हैं। रास्ते को लेकर मामला हाईकोर्ट में भी विचाराधीन है। विधायक बोले- करीब 100 परिवारों को न्याय दिलाना विधायक जगमोहन आनंद ने दैनिक भास्कर डिजिटल से बातचीत में बताया कि जेडी प्रोजेक्ट के प्रमोटरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो चुकी है। उनके अनुसार, सरकार ने यह कार्रवाई करवाई थी। विधानसभा में भी इस मुद्दे को उठाया गया है। विधानसभा की सरकारी आश्वासन समिति के सामने भी मामला रखा गया और इसकी नियमित समीक्षा की जा रही है। विधायक ने बताया कि बैठक में मिले प्लॉटधारकों का कहना है कि उन्होंने जेडी प्रोजेक्ट से जुड़े लोगों को पैसे दिए, लेकिन सरकार के पास ईडीसी-आईडीसी जमा नहीं करवाई गई। इसी वजह से उनकी रजिस्ट्रियां अटकी हुई हैं। उन्होंने कहा कि करीब 100 परिवार ऐसे हैं, जिन्हें न्याय मिलना चाहिए। जिन लोगों ने प्लॉटधारकों के साथ धोखा किया है, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करवाई जाएगी। कंपनी प्रवक्ता का आरोप- रास्ते से बिल्डर को होगा फायदाजेडी कंपनी के मीडिया प्रवक्ता मनीष कुमार ने कहा कि विधायक के हस्तक्षेप से पहले ही एफआईआर दर्ज हो चुकी थी। उनके अनुसार, इस मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने रोक लगा रखी है। उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक की रुचि प्लॉटधारकों की समस्याओं का समाधान कराने के बजाय 24 मीटर रास्ते के मुद्दे में ज्यादा दिखाई दे रही है। मनीष कुमार के अनुसार, जेडी प्रोजेक्ट के पीछे गांव फूसगढ़ के पास मनोज गुप्ता का एमैक्स प्रोजेक्ट है। यदि जेडी की जमीन से 24 मीटर का रास्ता मिल जाता है तो यह प्रोजेक्ट सीधे सेक्टर-33 से जुड़ सकता है। इससे एमैक्स के प्लॉटों की कीमत बढ़ने की संभावना है। प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि रास्ता हासिल करने के पीछे यही आर्थिक हित हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि विधायक को पता है कि मामला अदालत में है, इसके बावजूद प्लॉटधारकों के साथ बैठक कर रास्ते का मुद्दा उठाया जा रहा है। विधायक बोले- मनोज गुप्ता जानकार हैं, हिस्सेदार नहींमनोज गुप्ता से अपने संबंधों के सवाल पर विधायक जगमोहन आनंद ने कहा कि वह उनके जानकार हैं और किसी का जानकार होना कोई अपराध नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मनोज गुप्ता ने हाउसिंग सिटी कब और कैसे बनाई, इससे उनका कोई लेना-देना नहीं है। वह न तो इस प्रोजेक्ट में हिस्सेदार हैं और न ही उनका इसमें कोई व्यावसायिक रोल है। विधायक ने कहा कि शहर के नागरिक के तौर पर वह 24 मीटर रास्ते का मुद्दा उठा रहे हैं। उनके अनुसार, रास्ते का उल्लेख कागजातों में है और स्थानीय लोगों तथा पार्षदों ने भी इसे खोलने के लिए लिखकर दिया था। उन्होंने उसी पत्र को आगे भेजा है। विधायक ने बताया कि मनोज गुप्ता ने उनसे कहा कि रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) को रास्ता खुलने पर आपत्ति नहीं है। जगमोहन आनंद ने कहा कि रास्ता खोलने का फैसला सरकार को करना है। उनका किसी पर राजनीतिक दबाव नहीं है। उन्होंने कहा कि उनका जोर उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई कराने पर है, जिन पर आम लोगों के घर और मेहनत की कमाई को नुकसान पहुंचाने के आरोप हैं। उनके अनुसार, शहर के लोग इस मामले में कार्रवाई चाहते हैं और पीड़ितों को न्याय मिलना चाहिए। कंपनी बोली- प्लॉटों की रजिस्ट्री या कब्जा नहीं रोकामीडिया प्रवक्ता मनीष कुमार ने दावा किया कि कंपनी ने किसी भी प्लॉटधारक का प्लॉट नहीं रोका और न ही रजिस्ट्री कराने से मना किया है। उनके अनुसार, ज्यादातर प्लॉटधारकों को रजिस्ट्री और कब्जा दिया जा चुका है। जो देरी हो रही है, वह सरकार की ओर से है, न कि बिल्डर की वजह से। उन्होंने कहा कि कंपनी प्रबंधन रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के साथ मिलकर समस्या का समाधान निकालने का प्रयास कर रहा है। सरकार को पत्र लिखे जा रहे हैं और लगातार फॉलोअप किया जा रहा है। कंपनी को उम्मीद है कि जल्द ही लंबित मामलों का समाधान हो जाएगा। 19 करोड़ की ईडीसी-आईडीसी जमा कराने की प्रक्रियामनीष कुमार ने बताया कि प्रोजेक्ट की कुछ ईडीसी और आईडीसी राशि अभी लंबित है। यह रकम करीब 19 करोड़ रुपये है। कंपनी ने सरकार को पत्र लिखकर यह राशि जमा कराने की इच्छा जताई है और इसकी प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने कहा कि यदि विधायक वास्तव में प्लॉटधारकों की मदद करना चाहते हैं तो राशि जमा कराने की प्रक्रिया में सहयोग करें, ताकि रजिस्ट्रियों से जुड़ी समस्या का समाधान हो सके।प्रवक्ता के अनुसार, प्रोजेक्ट पर नगर निगम की ओर से भी कुछ आपत्तियां लगाई गई थीं, जिसके कारण काम रुका हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक को रास्ता मिलने की संभावना कम लग रही है, इसलिए वह इस मुद्दे को आगे बढ़ा रहे हैं। हालांकि, ये कंपनी प्रवक्ता के आरोप हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। दीनदयाल जन आवास योजना के तहत बना है एमैक्स प्रोजेक्टमनीष कुमार ने बताया कि मनोज गुप्ता का एमैक्स प्रोजेक्ट सरकार की दीनदयाल जन आवास योजना के तहत है। इस योजना का उद्देश्य लोगों को सस्ती दरों पर प्लॉट उपलब्ध कराना है। प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि जेडी की जमीन से रास्ता मिलने पर एमैक्स प्रोजेक्ट की सेक्टर-33 तक सीधी पहुंच बन जाएगी, जिससे प्लॉटों के दाम बढ़ सकते हैं। उन्होंने इसे रास्ते की मांग के पीछे संभावित आर्थिक वजह बताया।प्रवक्ता ने यह भी कहा कि प्लॉटधारकों की बैठक में मनोज गुप्ता भी मौजूद थे। जब इस बारे में विधायक से सवाल किया गया तो उन्होंने बताया कि मनोज गुप्ता ही प्लॉटधारकों को साथ लेकर आए थे। रास्ते पर हाईकोर्ट के फैसले का इंतजारकंपनी प्रवक्ता ने बताया कि जेडी के कुछ निवासियों ने भी रास्ते के संबंध में हाईकोर्ट में अपील दायर कर रखी है। ऐसे में अदालत के फैसले के बाद ही रास्ते की मांग की वैधता स्पष्ट होगी। उन्होंने कहा कि विधायक का यह कहना कि रास्ता कानूनी रूप से सही है और इसे कोई नहीं रोक सकता, उनके अनुसार उचित नहीं है। मनीष कुमार ने उम्मीद जताई कि अदालत का फैसला आने तक विधायक इस तरह के दावे करने से बचेंगे।कंपनी ने कहा कि उसे नियमों और कानून पर भरोसा है तथा अदालत जो भी निर्णय देगी, उसका पालन किया जाएगा। कंपनी प्रबंधन ने यह भी कहा कि प्लॉट खरीदने वालों के अधिकार सुरक्षित रखने और उन्हें उनका हक उपलब्ध कराने के लिए वह प्रतिबद्ध है।
4 नए कॉलेज खुलेंगे, इधर पुराने में प्राचार्य तक नहीं; प्राध्यापक भी कम
जिले के ग्रामीण अंचल में उच्च शिक्षा की सुविधा बढ़ाने के लिए अगले शिक्षा सत्र से चार नए शासकीय कॉलेज खोलने की तैयारी है। इसके लिए मरका, रबेली, बीरेंद्र नगर और चिल्फी घाटी में कॉलेज शुरू करने का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा गया है। इन कॉलेजों के खुलने से 12वीं के बाद ग्रामीण विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए कवर्धा, पिपरिया, बोड़ला या सहसपुर लोहारा जैसे दूसरे क्षेत्रों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। दूसरी तरफ जिले के मौजूदा सरकारी कॉलेजों की स्थिति यह है कि प्राचार्यों और प्राध्यापकों के पद खाली हैं, जबकि कुछ कॉलेज अपने भवन के बिना दूसरे सरकारी भवनों में संचालित हो रहे हैं। ऐसे में सवाल है कि नए कॉलेज खोलने के साथ पुराने कॉलेजों में संसाधन और शिक्षकों की कमी कैसे दूर होगी? कुकदूर व पांडातराई को छोड़कर बाकी आठ कॉलेजों में पूर्णकालिक प्राचार्य नहीं हैं। इनका संचालन प्रभारी प्राचार्यों के भरोसे हो रहा है। जिले के सबसे बड़े पीजी कॉलेज कवर्धा में भी प्रभारी प्राचार्य हैं। वे पीजी कॉलेज के साथ कुंडा कॉलेज का प्रभार भी संभाल रही हैं। यहां स्वीकृत 62 पदों में केवल 18 नियमित प्राध्यापक कार्यरत हैं, जबकि 44 पद खाली हैं। जिले में नए कॉलेज खोलने की तैयारी के बीच पहले से संचालित कुछ कॉलेजों के पास अपना भवन तक नहीं है। झलमला, कुकदूर व कुंडा के कॉलेज दूसरे सरकारी भवनों में संचालित हो रहे हैं। ऐसे में चार और कॉलेज शुरू करने के लिए भवन, कक्षाओं, पुस्तकालय, प्रयोगशाला और प्राध्यापकों की व्यवस्था करना जरूरी होगा। केवल कॉलेज खोलने की घोषणा से ग्रामीण विद्यार्थियों को लाभ नहीं मिलेगा। सरकारी कॉलेज में विद्यार्थियों की पढ़ाई अतिथि प्राध्यापकों और जनभागीदारी मद से नियुक्त प्राध्यापकों के माध्यम से कराई जा रही है। सहसपुर लोहारा, बोड़ला, पिपरिया, पंडरिया, पांडातराई, झलमला, कुंडा और कन्या कॉलेज कवर्धा में भी प्राध्यापकों की कमी है। पूरे प्रदेश में प्राध्यापक भर्ती के लिए 1100 पद स्वीकृत किए गए हैं। प्रस्तावित चारों स्थानों की जरूरत स्थानीय विद्यार्थियों की उच्च शिक्षा से जुड़ी है। वर्तमान में चिल्फी घाटी क्षेत्र के विद्यार्थियों को कॉलेज की पढ़ाई के लिए झलमला या बोड़ला जाना पड़ता है। मरका और रबेली के विद्यार्थियों को पिपरिया या कवर्धा का रुख करना पड़ता है।
प्रतिबंधित पॉलीथिन बेचने पर 21,600 रुपए जुर्माना वसूला
भास्कर न्यूज | कवर्धा प्रतिबंधित पॉलीिथन की बिक्री और खुले में कचरा फेंकने वालों पर नगर पालिका ने कार्रवाई की गई है। शहर के अलग-अलग इलाकों में टीम ने दुकानों पर दबिश देकर प्रतिबंधित पॉलीथीन जब्त की। सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग और बिक्री करने वालों के साथ सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकने वालों पर कार्रवाई करते हुए कुल 21 हजार 600 रुपए जुर्माना वसूला गया। टीम ने दुकानदारों और नागरिकों को दोबारा उल्लंघन नहीं करने की चेतावनी भी दी। सीएमओ नारायण साहू ने बताया कि शासन के निर्देश के अनुसार प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग पर रोक है। इसके बावजूद इसका उपयोग या बिक्री करने वालों पर अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने नागरिकों और व्यापारियों से कचरा सड़क या सार्वजनिक स्थान पर नहीं फेंकने की अपील की। नगर पालिका की कचरा गाड़ियां सुबह-शाम घरों और दुकानों तक पहुंचती हैं, इसलिए कचरा स्वच्छता वाहन या निर्धारित ई-रिक्शा में ही डालें। कार्रवाई में स्वच्छता प्रभारी लियाकत अली, बालकृष्ण धुर्वे, स्वच्छता समन्वयक होमेश मानिकपुरी, राकेश ठाकुर, राजेश ठाकुर, सूरज ठाकुर, घनश्याम ठाकुर सहित स्वच्छता दीदियां निशा खान, ज्योति जांगड़े, गंगा पात्रे और सरोज कंडरा मौजूद रहीं। सिंगल यूज प्लास्टिक आसानी से नष्ट नहीं होता और लंबे समय तक पर्यावरण में बना रहता है। नालियों में पहुंचने पर यह जाम की वजह बनता है, जिससे बारिश में जलभराव हो सकता है। कचरे में पड़ी पॉलीिथन मवेशी खा लेते हैं, जिससे उनके स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है। प्लास्टिक जलाने से जहरीला धुआं निकलता है, जो वायु प्रदूषण बढ़ाता है। जमीन में दबा प्लास्टिक पानी के रिसाव और मिट्टी की गुणवत्ता को प्रभावित करता है।
दीपावली पर स्कूलों में अब 6 दिन छुट्टी
कवर्धा| स्कूल शिक्षा विभाग ने शिक्षण सत्र 2026-27 के दीपावली अवकाश में संशोधन किया है। अब प्रदेश के स्कूलों में 6 से 11 नवंबर तक छह दिन की छुट्टी रहेगी। पहले 6 से 10 नवंबर तक पांच दिन का अवकाश घोषित किया गया था। विभाग ने 16 अक्टूबर को संशोधित आदेश जारी कर छुट्टी की अवधि एक दिन बढ़ा दी है। यह आदेश प्रदेश के शासकीय, अनुदान प्राप्त और गैर अनुदान प्राप्त स्कूलों के साथ डीएड, बीएड और एमएड महाविद्यालयों पर भी लागू होगा। संशोधन से राहत होगी।
मालवाहक वाहनों में ढो रहे सवारियां, हादसे का खतरा
कवर्धा|जिले में मालवाहक वाहनों में सवारियों को बैठाकर परिवहन करने का सिलसिला जारी है। सामान ढोने के लिए बने इन वाहनों में लोगों को बैठाकर ले जाने से दुर्घटना का खतरा बना रहता है। मालवाहक वाहनों में यात्रियों की सुरक्षा के लिए जरूरी इंतजाम नहीं होते। ऐसे में अचानक ब्रेक लगने, वाहन के अनियंत्रित होने या सड़क हादसे की स्थिति में सवार लोगों को गंभीर चोट लग सकती है। इसके बावजूद नियमों की अनदेखी कर लोगों को मालवाहक वाहनों में बैठाकर ले जाया जा रहा है। इस तरह का परिवहन यात्रियों की सुरक्षा के लिए जोखिम भरा है। ऐसे वाहनों पर रोक लगाने के लिए परिवहन विभाग और यातायात पुलिस को नियमित जांच कर कार्रवाई करनी चाहिए।
कवर्धा| छत्तीसगढ़ युवा रत्न सम्मान योजना के तहत सामाजिक, सांस्कृतिक, साहित्यिक, शैक्षणिक, खेल और अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले युवाओं व स्वैच्छिक संगठनों से 30 अक्टूबर तक आवेदन मंगाए हैं। पात्र आवेदक कार्यालय खेल एवं युवा कल्याण विभाग, जिला कबीरधाम में आवेदन जमा कर सकते हैं। योजना में एक स्वैच्छिक संगठन को पांच लाख रुपए और पदक, शॉल व प्रशस्ति-पत्र देने का प्रावधान है। छत्तीसगढ़ युवा रत्न सम्मान के लिए चयनित युवा को 2.50 लाख रुपए, जबकि अन्य 14 क्षेत्रों में चयनित प्रत्येक युवा को एक लाख रुपए के साथ पदक, शॉल और प्रमाण-पत्र दिया जाएगा। योजना का उद्देश्य भी बताए हैं।
सड़क किनारे खड़े वाहनों से आवागमन प्रभावित, खतरा
कवर्धा|हाईवे के किनारे बेतरतीब तरीके से वाहनों की पार्किंग किए जाने से यातायात प्रभावित हो रहा है। सड़क किनारे खड़े वाहनों के कारण कई बार जाम की स्थिति बन जाती है। इससे वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। रात के समय समस्या और गंभीर हो जाती है। कम रोशनी में सड़क किनारे खड़े वाहन दूर से दिखाई नहीं देने पर दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है। हाईवे से गुजरने वाले छोटे-बड़े वाहनों को निकलने के लिए पर्याप्त जगह नहीं मिल पाती। यातायात व्यवस्था सुचारु रखने के लिए बेतरतीब पार्किंग पर रोक लगाने और नियमित कार्रवाई करने की जरूरत बताई गई है।
करपात्री ग्राउंड में 5 साल से बंद है लाइट
कवर्धा|करपात्री ग्राउंड में खिलाड़ियों को रात के समय खेलने की सुविधा देने के लिए चारों दिशाओं में हाईमास्ट लाइट लगाई गई हैं। इनमें से एक दिशा की हाईमास्ट लाइट पिछले पांच साल से खराब पड़ी है। स्थिति यह है कि इसका पोल भी मैदान के किनारे रख दिया गया है। लेकिन लंबे समय से खराब पड़ी लाइट की मरम्मत नहीं होने से इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। व्यवस्था बहाल करनी चाहिए।
योजना में अब नए आवेदन का इंतजार
कवर्धा| महतारी वंदन योजना के तहत कबीरधाम जिले की दो लाख से अधिक महिलाओं को हर महीने एक-एक हजार रुपए दिए जा रहे हैं। लेकिन योजना में नए हितग्राहियों को जोड़ने के लिए दोबारा आवेदन प्रक्रिया शुरू नहीं होने से कई महिलाएं लाभ से वंचित हैं। ऐसे में पात्र महिलाएं योजना का लाभ लेने के लिए इंतजार कर रही हैं। सरकार से दोबारा आवेदन मंगाने की प्रक्रिया शुरू करने की मांग उठ रही है।
4 पदों पर भर्ती, इंटरव्यू 17 नवंबर को होगा
कवर्धा| छग कृषि संचालनालय ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना लिए राज्य परियोजना प्रबंधन इकाई में चार अस्थायी पदों पर भर्ती निकाली है। इच्छुक अभ्यर्थियों का इंटरव्यू 17 नवंबर को होगा। पदों में स्टेट प्रोजेक्ट ऑफिसर, रिमोट सेंसिंग स्पेशलिस्ट, डेटा एनालिस्ट एवं एमआईएस स्पेशलिस्ट और आईटी एवं टेक्निकल स्पेशलिस्ट शामिल हैं। शैक्षणिक योग्यता पद के अनुसार कृषि में एमएससी, एमबीए, रिमोट सेंसिंग, जियो इन्फॉर्मेटिक्स, बीटेक, एमटेक, एमसीए या संबंधित विषय में स्नातकोत्तर निर्धारित है।
कुई स्कूल में बच्चों ने खेला डांडिया
कुकदूर| शासकीय प्राथमिक स्कूल कुई में विद्यार्थियों ने रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधानों में सुसज्जित होकर डांडिया नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति दी। हाथों में डांडिया थामे बच्चों ने ताल और लय के साथ कदमताल कर पूरे विद्यालय परिसर को उत्साह व उमंग से भर दिया। प्रधान पाठक नोहर ठाकुर ने बताया कि शिक्षिका गीता इजारदार और सुमित्रा नेताम के मार्गदर्शन में तैयार इस प्रस्तुति से बच्चों को भारतीय परंपराओं व संस्कृति से जुड़ने का अवसर मिला। शिक्षक-शिक्षिकाओं ने विद्यार्थियों की प्रतिभा की सराहना की।
गैर-संचारी रोगों पर किया जागरूक
कवर्धा| बच्चों में होने वाले गैर-संचारी रोगों के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए जिला स्वास्थ्य समिति की ओर से ग्राम बिरकोना, राजा नवागांव और खैरबना कलां के बाजार चौक में नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया। कलाकारों ने ग्रामीणों को बच्चों में होने वाले सिकल सेल रोग, टाइप-1 डायबिटीज (बाल मधुमेह) और जन्मजात हृदय रोग के बारे में जानकारी दी। नाटक के माध्यम से इन रोगों के संभावित लक्षणों की समय पर पहचान, जांच, उपचार और स्वास्थ्य सेवाओं से बच्चों को जोड़ने का संदेश दिया गया। आयोजन सीएमएचओ डॉ. डीके तूरे के मार्गदर्शन और जिला कार्यक्रम प्रबंधक अनुपमा तिवारी की सहभागिता में हुआ। यूनिसेफ छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. गजेंद्र सिंह ने कार्यक्रम का नेतृत्व किया।
हैंडबॉल-साफ्टबॉल में दुर्ग और वालीबॉल में बस्तर टीम विजेता
भास्कर न्यूज | कवर्धा जिले में 13 से 16 अक्टूबर तक आयोजित 26वीं राज्य स्तरीय शालेय खेल प्रतियोगिता का समापन हुआ। चार दिवसीय प्रतियोगिता में अंडर-14 वॉलीबॉल, अंडर-19 हैंडबॉल और अंडर-19 सॉफ्टबॉल की बालक-बालिका टीमों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता में कबीरधाम की टीम ने दुर्ग संभाग का प्रतिनिधित्व करते हुए ओवरऑल चैंपियनशिप हासिल की। अलग-अलग खेलों में खिलाड़ियों ने बेहतर प्रदर्शन कर अपनी टीमों के लिए स्थान सुनिश्चित किए। अंडर-14 वॉलीबॉल बालक वर्ग में बस्तर ने पहला, रायपुर ने दूसरा और दुर्ग संभाग ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। बालिका वर्ग में बस्तर प्रथम, सरगुजा द्वितीय और बिलासपुर तृतीय स्थान पर रहा। अंडर-19 हैंडबॉल बालक वर्ग में दुर्ग प्रथम, रायपुर द्वितीय और बिलासपुर तृतीय रहा। खेल भावना से प्रदर्शन: बालिका वर्ग में दुर्ग ने पहला, बस्तर ने दूसरा और सरगुजा ने तीसरा स्थान हासिल किया। अंडर-19 सॉफ्टबॉल बालक वर्ग में दुर्ग प्रथम, बिलासपुर द्वितीय और बस्तर तृतीय स्थान पर रहा। बालिका वर्ग में दुर्ग ने पहला स्थान हासिल किया, जबकि बस्तर दूसरे और रायपुर तीसरे स्थान पर रहा। प्रतियोगिता के दौरान विभिन्न संभागों से पहुंचे खिलाड़ियों ने खेल भावना और अनुशासन के साथ अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। समापन समारोह में मुख्य अतिथि विधायक भावना बोहरा, पूर्व विधायक डॉ. सियाराम साहू, पूर्व विधायक मोतीराम चंद्रवंशी, पूर्व विधायक अशोक साहू, पीयूष ठाकुर, सौरव सिंह ठाकुर, नंदनी राजकुमार और प्रवीण ठाकुर मौजूद रहे। सेवानिवृत्त व्यायाम शिक्षकों और शिक्षकों का किया सम्मान समापन समारोह में सेवानिवृत्त व्यायाम शिक्षकों और शिक्षकों का सम्मान किया गया। सेवानिवृत्त व्यायाम शिक्षकों में पोड़ी के लक्ष्मीनारायण चंद्राकर और खैरागढ़ के कन्हैया पटेल को सम्मानित किया गया। इसके अलावा शिक्षक धर्मेंद्र शर्मा, आरपी सिंह, आनंद शर्मा और अवध राम साहू का भी सम्मान किया गया। प्रतियोगिता को सफल बनाने में भूमिका निभाने वाले सभी पीटीआई को भी सम्मानित किया गया।प्रतियोगिता के संचालन में सहायक जिला क्रीड़ा अधिकारी संदीप गोयलकार, दिनेश साहू, महेंद्र गुप्ता और डीईओ एफआर वर्मा सहित खेल विभाग और शिक्षा विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों की भूमिका रही। मास्टर ऑफ सेरेमनी अजय कुमार साहू के मार्गदर्शन में मार्चपास्ट का आयोजन किया गया। चार दिनों तक चले आयोजन में खिलाड़ियों के साथ प्रशिक्षकों, निर्णायकों और पीटीआई ने भी जिम्मेदारी संभाली।
शीतला मंदिर में 29 ज्योति प्रज्ज्वलित हुई
परपोड़ी| ग्राम देऊरगांव में देवी सागर के तट पर स्थित मां शीतला मंदिर में इस वर्ष 29 ज्योति प्रज्ज्वलित की गई हैं। मंदिर में सेवादारों द्वारा दिन-रात सेवा की जा रही है। जय मां शीतला मंदिर में 19 अक्टूबर को अष्टमी पर हवन-पूजन होगा। 20 अक्टूबर को जंवारा विसर्जन किया जाएगा।
वनांचल के 216 बच्चों ने उड़ाया ड्रोन, रोबोट चलाया
कुकदूर| दूरस्थ व ग्रामीण अंचल के शासकीय स्कूलों में आधुनिक तकनीकी शिक्षा की कमी को दूर करने और विद्यार्थियों को व्यावहारिक ज्ञान देने के उद्देश्य से 'भावना दीदी की साइंस पाठशाला' आयोजित की गई। पंडरिया विधायक भावना बोहरा की इस पहल के तहत शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल कुकदूर में 12 से 16 अक्टूबर तक पांच दिवसीय कार्यशाला संपन्न हुई, जिसमें कक्षा 10वीं से 12वीं के 216 से अधिक छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों ने केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रहकर ड्रोन टेक्नोलॉजी, रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), 3D प्रिंटिंग और STEM शिक्षा का प्रत्यक्ष अनुभव लिया।
कन्याओं की पूजा नारी शक्ति के प्रति सम्मान का प्रतीक है: नितेश
भास्कर न्यूज | कवर्धा सुतियापाठ की वनांचल पहाड़ी पर स्थित मां हिंगलाज (सुतियापाठ महारानी) के दरबार में 51 कन्याओं का विधि-विधान से पूजन किया गया। इस दौरान कन्याओं को मां दुर्गा का स्वरूप मानकर उनके चरण पखारे गए और शृंगार कर सम्मान किया गया। पूजन के बाद कन्या भोज कराया गया। ग्रामीणों और श्रद्धालुओं की मौजूदगी में मां भगवती की सामूहिक आरती की गई। कार्यक्रम में भाजपा के जिला महामंत्री नितेश अग्रवाल ने मां सुतियापाठ महारानी के दर्शन कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि और जनकल्याण की कामना की। इसके बाद 51 कन्याओं का पूजन किया। नितेश ने कहा कि कन्या पूजन सनातन संस्कृति की पवित्र परंपरा है। छोटी कन्याओं में मां दुर्गा का स्वरूप देखकर उनकी पूजा करना नारी शक्ति के प्रति सम्मान और संस्कारों का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन परंपराओं को जीवंत रखने के साथ समाज में श्रद्धा, सद्भाव और एकजुटता को मजबूत करते हैं। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और संस्कारों से जोड़ने का माध्यम भी हैं। कार्यक्रम में लोहारा मंडल भाजपा अध्यक्ष लाला राम साहू, मंडल महामंत्री जलेश्वर वर्मा, रेकचंद पटेल, मंदिर समिति अध्यक्ष पूसलाल साहू, भुखन साहू, अघन साहू, बालू जंघेल, गिरवर साहू और महिला एवं बाल विकास विभाग की परियोजना अधिकारी रीना ठाकुर आदि मौजूद थे। कवर्धा. कन्या भोज में शामिल अतिथि।
स्कूली बच्चों को दिया भोज, तोहफे भी
ओड़ान | बेटी तनिष्का साहू के पहले जन्मदिन पर साहू परिवार ने श्री आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, ओड़ान में नेवता भोज रखा। स्कूली बच्चों के साथ खुशियां बांटी गईं। केक काटकर जन्मदिन मनाया गया। बच्चों को उपहार दिए गए। सभी बच्चों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई। जन्मदिन को सामाजिक सरोकार से जोड़ा गया। स्कूल परिसर में पौधारोपण किया गया। पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। बच्चों को पौधों की देखभाल के लिए प्रेरित किया गया। बच्चों ने कार्यक्रम में उत्साह से भाग लिया।
डिप्टी सीएम ने अफसरों से कहा- उखाड़कर बनाएं रोड
भास्कर न्यूज | कवर्धा नवरात्रि के दौरान उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा का अलग अंदाज देखने को मिला। वे देवी पंडालों में मां दुर्गा के दर्शन-पूजन के साथ ग्रामीणों के बीच जमीन पर बैठकर उनकी समस्याएं सुनते और मांगों पर चर्चा करते नजर आए। जिले के मढ़मढ़ा, मैनपुरी, नेवरीगुड़ा, सूरजपुरा, बंदौरा, ठकुराइनटोला और नयापारा में जनसंपर्क के दौरान उन्होंने कुल 1 करोड़ 43 लाख रुपए के विकास कार्यों की घोषणाएं कीं। बंदौरा में सड़क की खराब स्थिति की शिकायत मिलने पर संबंधित अधिकारी को फोन कर सड़क उखाड़कर दोबारा बनाने के निर्देश भी दिए। ग्राम मढ़मढ़ा में उप मुख्यमंत्री ने मां दुर्गा के दर्शन कर पंडाल में ही ग्रामीणों के बीच बैठकर उनकी मांगें सुनीं। यहां दैहान के पास मंच निर्माण के लिए 3 लाख रुपए, यादव समाज के सामुदायिक भवन में अतिरिक्त कक्ष के लिए 6.50 लाख रुपए, मुक्तिधाम में शेड और पटेल समाज भवन में किचन शेड निर्माण की घोषणा की। वार्ड क्रमांक 9 में सामुदायिक भवन के लिए 6.50 लाख रुपए और दैहान के पास एक एचपी क्षमता का बोर लगाने की घोषणा की। गांव की सड़कों के लिए 30 लाख रुपए के श्रममूलक और 15 लाख रुपए के मुरमीकरण कार्य भी स्वीकृत करने की घोषणा की। नेवारीगुड़ा में उप मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों की मांग पर सिसरी घाट, मंदिर परिसर में यज्ञ स्थल और मेला स्थल पर सामुदायिक भवन निर्माण की घोषणा की। ग्राम दुल्लापुर में 2.60-2.60 लाख रुपए की लागत से दो सीसी सड़कें और शहीद नरेश शर्मा के स्मारक के पास 2 लाख रुपए की लागत से बाउंड्रीवॉल बनाने की घोषणा भी की।
डांडिया और गरबा में दिखी भक्ति की झलक
कवर्धा| शारदीय नवरात्र में मां दुर्गा की आराधना के साथ शहर में भक्ति और उत्साह का माहौल है। मजगांव रोड स्थित राजेंद्र नगर में मां शक्ति स्वरूपा दुर्गा उत्सव समिति की ओर से गरबा महोत्सव आयोजित किया गया। डांडिया, ढोल की थाप और माता रानी के भजनों से पूरा परिसर भक्तिमय हो गया। महिलाओं और बालिकाओं ने गरबा के माध्यम से मां दुर्गा के प्रति श्रद्धा प्रकट की। आयोजन में राजेंद्र नगर सहित आसपास के क्षेत्रों की महिलाओं, युवतियों और बालिकाओं ने हिस्सा लिया। रंग-बिरंगे राजस्थानी और गुजराती परिधानों व आभूषणों से सजी प्रतिभागियों ने डांडिया लेकर ताल से ताल मिलाई। वरिष्ठ महिलाओं व बालिकाओं तक की सहभागिता रही। समिति अध्यक्ष प्रकाश चंद्रवंशी, उपाध्यक्ष बालाराम साहू, धर्मेंद्र पटेल, कोषाध्यक्ष दिनेश चंद्रवंशी, संयोजक सुरेश पनागर और सचिव अवकाश श्रीवास्तव मौजूद थे।
जीत पर ठीक, हार पर ईवीएम और एसआईआर का बहाना
भास्कर न्यूज | कवर्धा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर कांग्रेस के विरोध पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष कैलाश चंद्रवंशी ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने पत्रकारवार्ता में कहा कि कांग्रेस को एसआईआर का विरोध करने से पहले मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों पर जवाब देना चाहिए। उन्होंने राहुल गांधी और पूर्व मंत्री मोहम्मद अकबर से भी इस संबंध में स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। चंद्रवंशी ने कहा कि वर्ष 2025 में उन्होंने मतदाता सूची में कथित दोहरी प्रविष्टियों और मृत व्यक्तियों के नाम को लेकर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों की निर्वाचन रिकॉर्ड से जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अपात्र, दोहरे या नियमानुसार हटाए जाने योग्य नामों की जांच भी जरूरी है। कांग्रेस को स्पष्ट करना चाहिए कि उसकी आपत्ति मतदाता सूची की जांच पर है या फर्जी नाम हटाने पर। कांग्रेस चुनाव जीतती है तो व्यवस्था सही बताती है और हारने पर ईवीएम व एसआईआर को मुद्दा बनाती है। भाजयुमो जिलाध्यक्ष उमंग पांडे ने कहा कि जिले के बूथों पर बाहरी लोगों के नाम कथित रूप से जुड़ने के मामलों पर कांग्रेस को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। यदि ऐसे नाम एसआईआर में हटाए गए हैं तो कांग्रेस बताएं कि आपत्ति किस बात की है।
65 फीट का हाईटेक रावण दर्शकों को देखेगा, मुंह से निकलेगा धुआं
भास्कर न्यूज | जांजगीर अटल बिहारी वाजपेयी ताप विद्युत संयंत्र, मड़वा में 17 अक्टूबर को दशहरा उत्सव के लिए 65 फीट ऊंचा हाईटेक रावण तैयार किया जा रहा है। इसमें आधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का इस्तेमाल किया जाएगा। मुख्य अभियंता रजनीश जांगड़े ने रावण निर्माण का निरीक्षण कर आयोजन को भव्य, आकर्षक और व्यवस्थित बनाने के निर्देश दिए। दशहरा समिति के मुताबिक हाईटेक रावण पारंपरिक पुतले से अलग होगा। एआई तकनीक से उसका रौद्र रूप दिखाया जाएगा। उसकी आंखें दर्शकों की ओर देखती हुई नजर आएंगी और हाव-भाव भी सजीव जैसे होंगे। मुंह से धुआं निकलने का प्रभाव भी तैयार किया जा रहा है। रावण वध की प्रस्तुति भी अलग होगी। राम की ओर से आसमान में उड़ते तीर से रावण का वध दिखाया जाएगा। इस दौरान विशेष दृश्य प्रभावों का इस्तेमाल होगा और भव्य आतिशबाजी की जाएगी। सुरक्षा को देखते हुए आतिशबाजी रिमोट से संचालित होगी। उत्सव में राम की भव्य झांकी भी निकाली जाएगी। हाईटेक रावण के जरिए सामाजिक जागरूकता का संदेश भी दिया जाएगा। लोगों को साइबर फ्रॉड, ऑनलाइन ठगी और डिजिटल धोखाधड़ी से बचने के लिए जागरूक किया जाएगा।
सीएम विष्णुदेव से कोसला धाम को योजनाओं में जोड़ने की मांग
भास्कर न्यूज | चंडीपारा मुख्यमंत्री विष्णु देवसाय 14 अक्टूबर को नगर पंचायत शिवरीनारायण में तीन दिवसीय शिवरीनारायण महोत्सव के उद्घाटन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम का आयोजन राज्य के संस्कृति, पर्यटन और पुरातात्विक विभाग ने किया। महोत्सव से पहले मुख्यमंत्री ने मठ-मंदिर में पूजा की। उन्होंने गौशाला में गायों को प्रसाद खिलाया और महानदी चित्रोत्पला की महाआरती में भाग लिया। आयोजन के दौरान कोसला धाम के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री विष्णु देवसाय और वित्त मंत्री ओ पी चौधरी को धाम का एक विशाल चित्र स्मृति स्वरूप भेंट किया। प्रतिनिधिमंडल ने कोसला धाम को केंद्र की प्रसाद योजना और राज्य की राम वन गमन परिपथ योजना में शामिल करने की मांग रखी। इसमें प्राचीन मंदिर के जीर्णोद्धार और क्षेत्र को धार्मिक-सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित करने का आग्रह किया गया।पूर्व भाजपा प्रत्याशी संतोष कुमार लहरे ने कोसला धाम विकास और संभावित “कौशल्या महोत्सव” को लेकर आवेदन दिया। केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।
स्टूडेंट्स ने रामलीला का किया मंचन
जांजगीर| फर्स्ट स्टेप इंग्लिश मीडियम स्कूल जांजगीर में नवरात्र और दशहरा पर्व पर रामलीला और गरबा उत्सव का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने भगवान राम के जीवन और आदर्शों, सीता के त्याग और हनुमान की निष्ठा पर आधारित रामलीला का मंचन किया। इसके जरिए बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया। रंग-बिरंगी पारंपरिक पोशाक में सजे बच्चों ने गरबा की प्रस्तुतियां भी दीं। विद्यालय के संचालक किशोर सिंह गहलोत ने कहा कि भारतीय संस्कृति और नैतिक मूल्य हमारी अमूल्य धरोहर हैं। नई पीढ़ी को इनसे जोड़ना शिक्षा का मुख्य उद्देश्य है। कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय परिवार और अभिभावकों ने सहयोग किया।
रुपयों के विवाद में युवक पर हमला, तीन आरोपी गिरफ्तार
भास्कर न्यूज | जांजगीर जांजगीर थाना क्षेत्र में पैसों के लेन-देन के विवाद में तीन युवकों ने एक युवक पर डंडे और बटनदार चाकू से हमला कर दिया। पिस्टलनुमा हथियार से भी उसे डराया गया। कोतवाली पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने रिपोर्ट दर्ज होने के कुछ घंटे के भीतर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनके कब्जे से डंडा, बटनदार चाकू और पिस्टलनुमा लाइटर जब्त किया गया है। पुलिस के मुताबिक घटना 15 अक्टूबर की रात करीब 12.30 बजे की है। आरोपी आसिफ खान ने पीड़ित को फोन कर घर से बाहर बुलाया और बीटीआई चौक से बड़े नहर पुल की ओर ले गया। रास्ते में उसने पैसे मांगे। पीड़ित के मना करने पर आसिफ ने डंडे से मारपीट की और चाकू से हमला कर दिया। पीड़ित ने मोबाइल निकाला तो आरोपी ने उसे जमीन पर पटककर तोड़ दिया। कोतवाली और साइबर सेल की टीम ने घेराबंदी कर तीनों आरोपियों को अलग-अलग जगह से गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में वार्ड-21 आईबी रेस्ट हाउस के पास निवासी सतीश यादव उर्फ बाटा (32), पुरानी बस्ती नैला निवासी आसिफ खान (25) और वार्ड-20 खड़पड़ीपारा निवासी उमाशंकर यादव उर्फ बाबा (28) शामिल हैं। कट्टे से फायर करने का किया प्रयास पुलिस के मुताबिक विवाद के दौरान सतीश यादव उर्फ बाटा और उमाशंकर यादव उर्फ बाबा भी मौके पर पहुंचे और पीड़ित से डंडों से मारपीट की। आरोप है कि सतीश ने कमर से कट्टे जैसा हथियार निकालकर पीड़ित की ओर फायर करने का प्रयास किया। बाद में पुलिस ने आरोपियों से पिस्टलनुमा लाइटर जब्त किया। गंभीर चोट और डर के कारण पीड़ित बेहोश होकर गिर पड़ा। उसे मरा समझकर आरोपी मौके से भाग गए।
भजन गायिका शहनाज अख्तर की प्रस्तुतियों पर झूमे लोग, देर रात तक गूंजते रहे जयकारे
भास्कर न्यूज | जांजगीर जांजगीर के हाई स्कूल ग्राउंड में शुक्रवार को हरि लीला ट्रस्ट ने ‘भक्ति राग जांजगीर-एक शाम मां के नाम’ का आयोजन किया। भजन गायिका शहनाज अख्तर की प्रस्तुतियों पर श्रद्धालु देर रात तक झूमते रहे। माता के जयकारों से परिसर गूंजता रहा। शहनाज अख्तर ने ‘छुम छुम छनन बाजे मैया पांव पैजनिया’, ‘पंडा कराए रहो पूजा मैया जी’, ‘आल्हा की ध्वजा नहीं आई हो मां’, ‘अंबा माई उतरी है बाग में’, ‘मोरी मैया की चुनर उड़ी जाएगा’ और ‘शंकर चौरा रे महामाई’ सहित कई भजनों की प्रस्तुति दी। मुख्य अतिथि केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू सपरिवार पहुंचे। कार्यक्रम में सांसद कमलेश जांगड़े, पूर्व नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल, विधायक व्यास कश्यप, जिला भाजपा अध्यक्ष अंबेश जांगड़े, पूर्व सांसद कमला पाटले, नगर पालिका अध्यक्ष रेखा देवांगन गढ़ेवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष सत्यलता आनंद मिरी और जनपद पंचायत नवागढ़ अध्यक्ष कांता मनमोहन कश्यप मौजूद रहीं। अतिथियों ने ट्रस्ट की सामाजिक गतिविधियों की सराहना की। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की प्रावीण्य सूची में स्थान बनाने वाले विद्यार्थियों का सम्मान किया गया। कक्षा 12वीं की टॉप-10 सूची में शामिल सरस्वती शिशु मंदिर चांपा की खुशबू देवांगन और कक्षा 10वीं की टॉप-10 सूची में शामिल विवेकानंद उत्तर माध्यमिक विद्यालय जांजगीर के नैतिक गौतम व लोकेश राठौर को सम्मानित किया गया। उन्हें 21 हजार रुपए का चेक, स्मृति चिह्न और प्रमाणपत्र दिया गया।
अवैध रूप से डंप 66 किलो से अधिक पटाखे जब्त, 1 गिरफ्तार
जांजगीर | दीपावली से पहले जांजगीर-चांपा पुलिस ने अवैध पटाखों, जुआ और सट्टा के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। इसी क्रम में बिर्रा पुलिस ने अवैध रूप से रखे 66 से 68 किलो पटाखे जब्त किए हैं। इनकी कीमत करीब 75 हजार रुपए बताई गई है। पुलिस के मुताबिक बिर्रा क्षेत्र में बड़ी मात्रा में अवैध पटाखे रखे होने की सूचना मिली थी। इसके आधार पर पुलिस ने छापा मारा। ग्राम बिर्रा निवासी रूपेश अग्रवाल के कब्जे से 66 से 68 किलो पटाखे बरामद किए गए। आरोपी के खिलाफ बिर्रा थाने में विस्फोटक अधिनियम 1884 की धारा 9(ख) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने पटाखों को जब्त कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
नवरात्र मेले के लिए बिलासपुर-चांपा स्पेशल ट्रेन, रोजाना लगाएगी दो फेरे
भास्कर न्यूज | जांजगीर जांजगीर-नैला में नवरात्र मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रेलवे ने बिलासपुर-चांपा के बीच स्पेशल ट्रेन शुरू की है। यह ट्रेन 16 से 20 अक्टूबर तक चलेगी। चैंबर ऑफ कॉमर्स सहित स्थानीय व्यापारिक और सामाजिक संगठनों ने मेले में आने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए स्पेशल ट्रेन चलाने की मांग की थी। नवरात्र के दौरान जांजगीर-नैला में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इसे देखते हुए रेलवे ने दोनों दिशाओं में प्रतिदिन दो-दो फेरे चलाने का निर्णय लिया है। ट्रेन जयरामनगर, अकलतरा और जांजगीर-नैला स्टेशनों पर रुकेगी। इससे आसपास के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से मेले में आने वाले यात्रियों को भी सुविधा मिलेगी। स्पेशल ट्रेन 17 से 20 अक्टूबर तक रोज दो फेरे लगाएगी। पहले फेरे में बिलासपुर से शाम 5:45 बजे चलकर जयरामनगर 6:05, अकलतरा 6:23 और जांजगीर-नैला 6:45 बजे पहुंचेगी और 7:10 बजे चांपा आएगी। वापसी में चांपा से 7:30 बजे चलकर जांजगीर-नैला 7:45, अकलतरा 8:08, जयरामनगर 8:25 होते हुए 8:50 बजे बिलासपुर पहुंचेगी। दूसरे फेरे में बिलासपुर से रात 9:05 बजे चलकर जयरामनगर 9:25, अकलतरा 9:42, जांजगीर-नैला 9:58 और चांपा 10:15 बजे पहुंचेगी। वापसी में चांपा से 10:30 बजे चलकर जांजगीर-नैला 10:45, अकलतरा 11:08, जयरामनगर 11:25 होते हुए रात 11:50 बजे बिलासपुर पहुंचेगी। इससे यात्रियों को सुविधा मिलेगी।
दशहरे पर बरस सकते हैं बादल, फिर ठंड की बारी
भास्कर न्यूज | जांजगीर मानसून की विदाई हो चुकी है, लेकिन बारिश का दौर अभी पूरी तरह थमा नहीं है। मौसम विभाग ने अगले 5 दिनों एक-दो स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। ऐसे में दशहरा पर भी बादल और बारिश जश्न में खलल डाल सकते हैं। हालांकि सभी जगह बारिश होने का अनुमान नहीं है। जिले में अगले तीन दिनों तक न्यूनतम और अधिकतम तापमान में खास बदलाव की संभावना नहीं है।इसके बाद अगले दो दिनों में न्यूनतम तापमान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। शनिवार को अधिकतम तापमान 30 डिग्री और न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। {18 अक्टूबर - एक-दो स्थानों पर बौछारें पड़ने की संभावना है। {19 अक्टूबर - कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। {20 अक्टूबर - कुछ क्षेत्रों में बादल बरस सकते हैं। इसके बाद तापमान में 2 से 3 डिग्री तक गिरावट के संकेत हैं। {21 अक्टूबर - एक-दो स्थानों पर बारिश की संभावना है। {22 अक्टूबर - कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं।
धरमापारा में पंचायत स्तरीय जूनियर वॉलीबॉल प्रतियोगिता की शुरुआत
भास्कर न्यूज | माकड़ी शारदीय नवरात्रि पर्व के अवसर पर ग्राम पंचायत बालोंड के धरमापारा में दो दिवसीय पंचायत स्तरीय जूनियर वॉलीबॉल प्रतियोगिता का शुभारंभ हुआ। ग्रामवासियों और युवा टीम के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित प्रतियोगिता को लेकर खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों में खासा उत्साह है। इसमें बस्तर संभाग की विभिन्न टीमें शामिल होकर अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगी। प्रतियोगिता का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं में खेल के प्रति रुचि बढ़ाना, प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को मंच देना और आपसी भाईचारे के साथ खेल भावना को प्रोत्साहित करना है। आयोजन से क्षेत्र के युवा खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने और आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। विजेता टीमों को ट्रॉफी के साथ नकद पुरस्कार: प्रतियोगिता में खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाने के लिए आकर्षक पुरस्कार राशि निर्धारित की गई है। इसमें प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली टीम को 8,001 रुपए, द्वितीय स्थान पर रहने वाली टीम को 4,001 रुपए, तृतीय स्थान की टीम को 2,501 रुपए और चतुर्थ स्थान प्राप्त करने वाली टीम को 1,001 रुपए दिए जाएंगे। सभी विजेता टीमों को ट्रॉफी भी प्रदान की जाएगी। प्रतियोगिता के शुभारंभ अवसर पर जनपद सदस्य पन्नालाल नेताम, अनंत जैन, ग्राम पंचायत की सरपंच शकुंतला मरकाम, पूर्व सरपंच मनीराम मरकाम, पांचिया चौहान और पटेल सियाराम नेताम सहित ग्राम के गायता, पुजारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। ग्रामवासियों और युवाओं की इस संयुक्त पहल से ग्रामीण अंचल में खेल गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। ऐसे आयोजन युवाओं को खेल के प्रति प्रेरित करने के साथ उनमें अनुशासन, टीम भावना और आपसी सहयोग की भावना विकसित करने में भी सहायक होंगे।
बोरानिरपी में पहली बार पहुंची बिजली
नारायणपुर| छत्तीसगढ़ शासन की नियद नेल्लानार योजना के तहत अबूझमाड़ के दूरस्थ गांवों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने की पहल रंग ला रही है। ओरछा ब्लाक के ग्राम बोरानिरपी में पहली बार बिजली पहुंची है। इससे गांव के सभी 11 परिवारों को विद्युत सुविधा मिलने लगी है। जिला मुख्यालय से करीब 65 किमी दूर स्थित इस दुर्गम वनांचल गांव में विद्युतीकरण पूरा होने से ग्रामीणों को बड़ी राहत मिलेगी। कलेक्टर नम्रता जैन के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड, नारायणपुर संभाग ने गांव तक बिजली पहुंचाने के लिए लाइन विस्तार और विद्युतीकरण का काम पूरा किया।
मंदिरों में दर्शन कर मंत्री केदार ने गरबा भी खेला
भास्कर न्यूज | नारायणपुर शारदीय नवरात्रि पर छत्तीसगढ़ शासन के कैबिनेट मंत्री एवं नारायणपुर विधायक केदार कश्यप ने शहर और आसपास के क्षेत्रों में विभिन्न मंदिरों व दुर्गा पंडालों में पहुंचकर मां दुर्गा की पूजा-अर्चना की। उन्होंने मां जगदम्बा से नारायणपुर सहित पूरे छत्तीसगढ़ की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। इस दौरान उन्होंने श्रद्धालुओं से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना और नवरात्रि की शुभकामनाएं दीं। केदार कश्यप ग्राम गढ़बेंगाल में दुर्गा उत्सव समिति द्वारा स्थापित मां दुर्गा की प्रतिमा के दर्शन करने पहुंचे। नारायणपुर शहर में उन्होंने शीतला माता मंदिर, पहाड़ी माता मंदिर, मुरियापारा स्थित दुर्गा माता मंदिर, तहसीलपारा के शिव मंदिर एवं दुर्गा पंडाल तथा डीएनके कॉलोनी, बंगलापारा, बुधवारी बाजार और जोशी बाड़ा के दुर्गा पंडालों में पूजा की। मंत्री केदार कश्यप हाईस्कूल मैदान में आयोजित गरबा महोत्सव और जोशी बाड़ा में गुजराती समाज के गरबा कार्यक्रम में भी शामिल हुए। दोनों आयोजनों में पारंपरिक गरबा और नवरात्रि के उत्साह की झलक देखने को मिली। केदार कश्यप ने कहा कि नवरात्रि शक्ति, श्रद्धा और भक्ति का पर्व है।
सुरक्षा पर सवाल, मोबाइल बैन से डिजिटल चढ़ावा और खरीदारी प्रभावित
भास्कर न्यूज | दंतेवाड़ा मां दंतेश्वरी मंदिर में नवरात्रि के दौरान सुरक्षा के लिए किए गए सख्त इंतजामों को लेकर विवाद की स्थिति बन गई है। मंदिर के सहायक पुजारी परमेश्वर नाथ जिया ने मोबाइल पर प्रतिबंध, वाहनों की आवाजाही रोकने और श्रद्धालुओं की कई स्तरों पर जांच पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि व्यवस्था से आम श्रद्धालुओं के साथ सेवादारों और व्यापारियों को भी परेशानी हो रही है। उन्होंने दावा किया कि मोबाइल प्रतिबंध का असर ऑनलाइन चढ़ावे और चांदी के सिक्कों की बिक्री पर भी पड़ा है। परमेश्वर नाथ जिया के अनुसार, जिला प्रशासन ने मंदिर की व्यवस्था की जिम्मेदारी पुलिस को सौंप दी है। इसके बाद मंदिर परिसर में सुरक्षा इतनी कड़ी कर दी गई है कि पहचान पत्र और पास होने के बावजूद लोगों को जांच से गुजरना पड़ रहा है। कॉरिडोर में मेटल डिटेक्टर लगाए गए हैं और मंदिर के भीतर मोबाइल ले जाने पर रोक है। गायत्री मंदिर चौक से आम लोगों के वाहनों का प्रवेश बंद है, जबकि वीआईपी वाहनों को प्रवेश दिया जा रहा है। पुजारी ने कहा कि सुरक्षा के साथ श्रद्धालुओं की सुविधा और मंदिर की परंपराओं का भी ध्यान रखा जाना चाहिए। उन्होंने बस्तर के नक्सल मुक्त होने के बाद इस तरह की सख्त व्यवस्था की जरूरत पर सवाल उठाया। हालांकि, सुरक्षा इंतजामों को लेकर प्रशासन का पक्ष भी सामने आया है। कलेक्टर बोले- सुरक्षा के साथ सुविधा का भी ध्यान: कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव ने कहा कि सुरक्षा संबंधी पहलुओं को प्राथमिकता देते हुए इंतजाम किए गए हैं। साथ ही यह भी ध्यान रखा जा रहा है कि किसी को परेशानी न हो। सहायक पुजारी के मुताबिक, पिछले साल नवरात्रि में मां दंतेश्वरी के चांदी के 100 से अधिक सिक्के बिके थे, जबकि इस बार अब तक केवल 20 सिक्कों की बिक्री हुई है। उनका कहना है कि इस बार सिक्के मंदिर परिसर के भीतर उपलब्ध हैं और मोबाइल प्रतिबंध के कारण ऑनलाइन खरीदारी करने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी हो रही है। उन्होंने दावा किया कि पहले बड़ी संख्या में श्रद्धालु ऑनलाइन चढ़ावा भेजते थे और करीब 50 प्रतिशत श्रद्धालु कन्या पूजन के लिए भी ऑनलाइन राशि देते थे। हालांकि, ऑनलाइन चढ़ावे में आई कमी का कोई आधिकारिक आंकड़ा सामने नहीं आया है। मंदिर के भीतर दान, चढ़ावे और भोग के लिए फोन-पे सहित डिजिटल भुगतान के क्यूआर कोड लगे होने की बात सामने आई है। वहीं, मोबाइल अंदर ले जाने पर रोक के कारण श्रद्धालु इनका उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। पुजारियों के अनुसार, कई लोग नकदी साथ नहीं लाते और पहले मोबाइल से ही भुगतान करते थे। उनका कहना है कि प्रतिबंध का फैसला कम समय में होने के कारण क्यूआर कोड बाहर लगाने की व्यवस्था भी नहीं हो पाई। श्रद्धालुओं की नाराजगी सजावट में कमी और सुविधा केंद्र नहीं होने को लेकर भी बताई जा रही है। कॉरिडोर में बड़े पंखे लगे होने के बावजूद उनके नहीं चलने से गर्मी में परेशानी होने का दावा किया गया है। कुछ श्रद्धालुओं के बेहोश होने की बात भी सामने आई है।
मां दंतेश्वरी के दर्शन कर किरण देव व केदार ने की सुख-समृद्धि की कामना
दंतेवाड़ा| शारदीय नवरात्र के अवसर पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक किरण देव और मंत्री केदार कश्यप ने मां दंतेश्वरी मंदिर पहुंचकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। उन्होंने मां दंतेश्वरी से क्षेत्रवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इस दौरान किरण देव ने सभी क्षेत्रवासियों को शारदीय नवरात्र और बस्तर दशहरा की शुभकामनाएं दीं। प्रवास पर पहुंचे भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव और मंत्री केदार कश्यप का गीदम हेलीपैड पर भाजपा पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने स्वागत-अभिनंदन किया। इसके बाद जिला भाजपा कार्यालय दंतेवाड़ा और सर्किट हाउस में भी किरण देव का कार्यकर्ताओं ने गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान भाजपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
गारपा जलप्रपात का बारिश के बाद निखरा सौंदर्य, रोज पहुंच रहे पर्यटक
भास्कर न्यूज | नारायणपुर अबूझमाड़ की प्राकृतिक खूबसूरती अब पर्यटकों को अपनी ओर खींच रही है। लंबे समय तक बाहरी दुनिया की नजरों से दूर रहे इस अंचल के प्राकृतिक स्थलों को देखने के लिए लोगों की आवाजाही बढ़ने लगी है। जिला मुख्यालय से करीब 52 किलोमीटर दूर गारपा ग्राम पंचायत में स्थित गारपा जलप्रपात भी आकर्षण का केंद्र बन रहा है। बारिश के मौसम में पानी से लबालब झरना, पहाड़ियों के बीच बहते पानी की कलकल ध्वनि और चारों ओर फैली हरियाली लोगों को सुकून का अहसास करा रही है। जिला मुख्यालय सहित आसपास के क्षेत्रों से परिवार, युवा और प्रकृति प्रेमी यहां पहुंच रहे हैं। स्थानीय स्तर पर रोजाना सैकड़ों पर्यटकों के आने की जानकारी मिल रही है। गारपा जलप्रपात की खूबसूरती बारिश के दिनों में देखते ही बनती है। पहाड़ी क्षेत्र के बीच बहता पानी और प्राकृतिक हरियाली यहां आने वालों को आकर्षित करती है। लोग प्रकृति के बीच समय बिताने और अबूझमाड़ की खूबसूरती को करीब से देखने पहुंच रहे हैं। पर्यटकों की बढ़ती आवाजाही इस दूरस्थ क्षेत्र में पर्यटन की संभावनाओं को भी सामने ला रही है। गारपा जलप्रपात गांव में स्थित बीएसएफ कैंप के समीप है। स्थानीय जानकारी के अनुसार, पहले इस क्षेत्र में लोगों की आवाजाही पर प्रतिबंध था। अब पर्यटकों की पहुंच बढ़ने के साथ यहां कुछ सुविधाएं विकसित की गई हैं। जलप्रपात के नीचे पर्यटकों के बैठने के लिए बेंच बनाई गई हैं, जिससे लोग रुककर प्राकृतिक नजारे का आनंद ले सकें। हालांकि, पर्यटकों की बढ़ती संख्या के हिसाब से सुविधाओं का विस्तार जरूरी है।
किसानों की समस्याएं समझेंगे कृषि विद्यार्थी
भास्कर न्यूज | नारायणपुर कृषि की पढ़ाई अब केवल कक्षा तक सीमित नहीं रहेगी। विद्यार्थी गांवों में जाकर किसानों की समस्याओं, खेती की चुनौतियों और स्थानीय संसाधनों को समझेंगे। इसके बाद वैज्ञानिक तकनीकों के जरिए व्यावहारिक समाधान तलाशने की दिशा में काम करेंगे। लिंगो मुदीयाल कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, नारायणपुर में ग्रामीण कृषि कार्य अनुभव (रावे) कार्यक्रम के तहत आयोजित परिचय सत्र में विद्यार्थियों को इसी उद्देश्य से प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम में कृषि विकास के साथ सामाजिक जिम्मेदारी, महिला किसानों की भागीदारी और ग्रामीण समुदायों से बेहतर संवाद पर जोर दिया गया। महाविद्यालय की अधिष्ठाता डॉ. रत्ना नशीने के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों को कक्षा में सीखे ज्ञान का खेतों में उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया। डॉ. नशीने ने कहा कि ग्रामीण कृषि कार्य अनुभव कृषि शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इससे विद्यार्थी किसानों की जरूरतों और समस्याओं को समझकर उनके समाधान तलाशना सीखते हैं। उन्होंने तकनीकी दक्षता के साथ अनुशासन, संवेदनशीलता और सेवा भावना को भी जरूरी बताया। डॉ. पुष्पेंद्र सिंह ने कृषि की नई तकनीकों और व्यावहारिक प्रशिक्षण के महत्व को बताया। डॉ. होमेंद्र सिवाना ने स्थानीय संसाधनों और ग्रामीण परिस्थितियों को समझने के साथ टीम भावना से काम करने की प्रेरणा दी। डॉ. विवेक विश्वकर्मा ने वैज्ञानिक कृषि तकनीकों के प्रचार-प्रसार और नए नवाचारों को अपनाने पर जोर दिया। डॉ. उमा ने ग्रामीण कृषि व्यवस्था में महिला किसानों की भूमिका बताते हुए उनकी भागीदारी और क्षमता विकास को बढ़ावा देने की जरूरत बताई। वहीं, सोमा बंच्छोर ने ग्रामीण समुदायों के साथ संवाद, सहयोग और सहभागिता को महत्वपूर्ण बताया। डॉ. पुष्पराज दीवान ने राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) को विद्यार्थियों में नेतृत्व, अनुशासन, सामाजिक जागरूकता और राष्ट्रसेवा की भावना विकसित करने का माध्यम बताया।
विकास कार्यों में बर्दाश्त नहीं लापरवाही : सांसद
भास्कर न्यूज | सुकमा बस्तर सांसद महेश कश्यप की अध्यक्षता में कलेक्टोरेट के सभाकक्ष में दिशा समिति की बैठक हुई। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद खात्मे की ओर है, इसलिए विकास कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। अधिकारियों को समस्याओं की सूची और कार्ययोजना प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। बैठक में स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, पेयजल और बिजली योजनाओं की समीक्षा हुई। मलेरिया नियंत्रण, जर्जर सड़कों की मरम्मत और भवनविहीन स्कूलों की व्यवस्था सुधारने पर जोर दिया। सांसद ने 2031 तक बस्तर को विकसित संभाग बनाने का लक्ष्य दोहराया।
पटवारी संघ अनिश्चितकालीन हड़ताल पर
बैकुंठपुर | मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी- भरतपुर जिले के राजस्व पटवारी संघ ने 13 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। यह हड़ताल पीवी ऐप में आ रही तकनीकी और व्यावहारिक समस्याओं के समाधान न होने, और पटवारियों पर की जा रही दमनात्मक कार्रवाइयों के विरोध में की गई है। संघ का कहना है कि वे डिजिटल क्रॉप सर्वे और आय-जाति प्रमाण पत्र जैसे कई कार्य प्राथमिकता से कर रहे हैं, लेकिन बलौदा बाजार और महासमुंद में ऐप बहिष्कार पर स्थानांतरण और निलंबन की कार्रवाई की गई है। संघ ने इन कार्रवाइयों को शून्य करने और वर्षों से लंबित वेतन विसंगति और पदोन्नति की मांगों पर शीघ्र सकारात्मक पहल करने की मांग की है।
यूनानी कॉलेज में सुविधाएं अधूरी, फिर 22.22% बढ़ा दी फीस; कमेटी ने 50 हजार से कम करने की उठाई मांग
यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ यूनानी, टोंक में शैक्षणिक सुविधाओं की कमी और फीस वृद्धि को लेकर प्रोग्रेसिव वेलफेयर कमेटी ने सवाल उठाए हैं। कमेटी ने सालाना फीस 90 हजार रुपए से बढ़ाकर 1 लाख 10 हजार रुपए करने को अनुचित बताते हुए इसे वापस लेने और फीस 50 हजार रुपए से कम करने की मांग की है। कमेटी ने बिना डिप्लोमा के लैब टेक्नीशियन रखे जाने के मामले की जांच कराने सहित कॉलेज में व्याप्त अन्य कमियों की ओर भी ध्यान दिलाया। मुख्यमंत्री, आयुष मंत्री और डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन आयुर्वेद विश्वविद्यालय, जोधपुर के कुलपति के नाम कलेक्टर के माध्यम से सौंपे ज्ञापन में कमेटी ने कहा कि वर्ष 2016 से संचालित कॉलेज में करीब 10 साल बाद भी यूजी स्तर की सभी शैक्षणिक और क्लिनिकल सुविधाएं पूरी तरह उपलब्ध नहीं हैं। नियमित फैकल्टी की कमी के कारण पढ़ाई गेस्ट फैकल्टी और यूटीबी स्टाफ के भरोसे संचालित होने का आरोप भी लगाया गया। कमेटी का कहना है कि जब कॉलेज में निर्धारित सुविधाएं और स्थायी शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं, तो विद्यार्थियों पर फीस बढ़ोतरी का अतिरिक्त बोझ डालना उचित नहीं है। अधिकांश विद्यार्थी मध्यमवर्गीय और ग्रामीण परिवारों से आते हैं। ऐसे में बढ़ी फीस उनकी आर्थिक परेशानी बढ़ाएगी। कमेटी ने उपलब्ध सुविधाओं के अनुरूप फीस तय करने की मांग की। ज्ञापन में कॉलेज में पीजी कक्षाएं शुरू करने, फैकल्टी की नियमित नियुक्ति, कैडर एवं सेवा नियमों को अंतिम रूप देने और नियुक्तियों की जांच कराने की मांग भी की गई। साथ ही ठेका कार्मिकों को उच्च कुशल श्रेणी में रखने की मांग उठाई। ज्ञापन देने वालों में सरताज अहमद, अमजद्दुल्लाह सहित विद्यार्थी और कमेटी के अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

