आरा-अरवल मार्ग पर भोजपुर के उदवंतनगर थाना क्षेत्र के बेलाउर गांव पास बुधवार शाम बाइक से गिरकर एक महिला की मौत हो गई। इलाज के लिए आरा सदर अस्पताल लाने के दौरान उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। जानकारी के अनुसार, महिला गड़हनी थाना क्षेत्र के पहरपुर गांव के रहने वाले अमित कुमार की 30 साल की पत्नी दिव्या कुमारी है। इधर, मृतका के पति अमित कुमार ने बताया कि उनकी पत्नी की बड़ी चाची का बुधवार को देहांत हो गया है। बड़ी मां के निधन पर हालचाल लेने पति संग मायके जा रही थी बड़ी मां के निधन के बाद पति के साथ दिव्या कुमारी बाइक से अपने मायके उदवंतनगर थाना क्षेत्र के बजरुआ गांव जा रही थी। इसी दौरान बेलाउर गांव के पास विपरीत दिशा से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने उन्हें चकमा दे दिया। चकमा देने से दिव्या के पति की बाइक बेकाबू हो गई और दिव्या बाइक से नीचे गिर कर गंभीर रूप से जख्मी हो गई। हादसे के बाद अमित कुमार ने स्थानीय लोगों की मदद से अपनी पत्नी दिव्या को इलाज के लिए आरा सदर अस्पताल में एडमिट कराया, जहां डॉक्टरों ने महिला को मृत घोषित कर दिया। वहीं, हादसे में महिला की मौत की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम सदर अस्पताल में कराया। मृतका एक बेटे और एक बेटी की मां थी।
जयपुर के पवित्र तीर्थ गलता जी में हनुमान जी का ऐसा मंदिर है। यहां पिछले 503 वर्षों से अखंड ज्योति निरंतर जल रही है, जो श्रद्धालुओं की गहरी आस्था का केंद्र है। मान्यता है कि सन 1523 में संत किल दास जी की तपस्या से हनुमान जी की ज्योति प्रकट हुई थी। कहा जाता है कि मूर्ति और अखंड ज्योति दोनों एक साथ प्रकट हुए थे। इस मंदिर में हनुमान जी की एक दुर्लभ प्रतिमा है, जिसमें उनकी भुजाओं पर भगवान राम और लक्ष्मण विराजमान हैं। इसके अलावा, यहां श्रीफल (नारियल) का एक जोड़ा भी है, जिसे लाखों में एक माना जाता है और जिनकी पूजा की जाती है। साथ ही, मंदिर में प्रवेश करने के लिए एक प्राचीन गुफा से गुजरना होता है। अब देखिए, मंदिर से जुड़ी PHOTOS… कामाख्या रूप की झलक मंदिर के पुजारी सत्यनारायण बताते हैं यह मंदिर उस प्रसंग को दर्शाता है जब हनुमान जी अहिरावण का वध कर राम और लक्ष्मण को वापस लाए थे। इसलिए, इस विग्रह में शक्ति और भक्ति का संगम दिखाई देता है, जिसे कुछ लोग कामाख्या स्वरूप से भी जोड़कर देखते हैं। निजी सेवा से जन-आस्था तक सत्यनारायण के अनुसार पहले यह मंदिर केवल निजी सेवा तक सीमित था और यहां पूजा-पाठ संतों द्वारा ही किया जाता था। लेकिन, 1981 में जयपुर में आई भीषण बाढ़ के बाद मंदिर को काफ़ी नुकसान पहुंचा। इसके बाद मंदिर के द्वार सभी श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए, और तब से यह आमजन की आस्था का प्रमुख केंद्र बन गया। 503 वर्षों से जलती अखंड ज्योति पुजारी सत्यनारायण बताते हैं पिछले 503 वर्षों से लगातार अखंड ज्योति जल रही है। इसी कारण स्थानीय लोग इन्हें 'अखंड ज्योत वाले हनुमान जी' के नाम से जानते हैं। मंदिर में जुड़ा हुआ श्रीफल (नारियल) भी है, जो लाखों में एक माना जाता है और जिसकी पूजा की जाती है। पुजारी सत्यनारायण के अनुसार, इस मंदिर में प्रवेश करते ही श्रद्धालुओं को ऐसा अनुभव होता है, जैसे वे किसी प्राचीन गुफा में प्रवेश कर रहे हों। यही रहस्यमयी संरचना इस स्थान को और भी दिव्य बनाती है। मंगलवार और शनिवार को यहां भारी संख्या में भक्त दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
मऊ जिले के घोसी कोतवाली क्षेत्र के इंदरपुर गांव में एक बेटे ने अपने पिता की लाठी-डंडों से पीटकर हत्या कर दी। आरोपी बेटे को मानसिक रूप से विक्षिप्त बताया जा रहा है। घटना के बाद गांव में हड़कंप मच गया।यह घटना घोसी कोतवाली क्षेत्र के इंदरपुर गांव में हुई। यहां निवासी 50 वर्षीय बसाऊ को उनके बेटे हरिकेश ने भोर में लगभग चार बजे सोते समय लाठी-डंडों से पीटकर मार डाला। सूचना मिलने पर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। आरोपी हरिकेश को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले की जांच के लिए फॉरेंसिक टीम भी घटनास्थल पर पहुंची और साक्ष्य एकत्रित कर रही है। घोसी सर्किल के सीओ जितेंद्र सिंह ने बताया कि नदवासरा पुलिस चौकी के अंतर्गत इंदरपुर गांव में एक मानसिक रूप से विक्षिप्त युवक ने अपने पिता की लाठी-डंडों से पीटकर हत्या की है। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है। घटना के बाद गांव में ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। घोसी कोतवाली के पुलिस अधिकारी जितेंद्र सिंह भी मौके पर पहुंचकर पूरे मामले की जांच कर रहे हैं।
भीलवाड़ा की गांधीनगर थाना पुलिस ने अवैध हथियारों की सप्लाई के खिलाफ कार्रवाई को अंजाम देकर एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया और इसके पास से एक अवैध पिस्टल बरामद की है। मुखबिर की सूचना पर पकड़ा गांधीनगर थाना प्रभारी आरपीएस नेहा राव ने बताया कि मुखबिर से सूचना मिली कि अहिंसा बंगलो के सामने 80 फीट रोड पर एक व्यक्ति पिस्टल लेकर घूम रहा है।इस पर वहां पहुंचे तो एक युवक पुलिस को देखकर भागने लगा पुलिस ने इसे पकडा और पूछताछ की तो यह घबरा गया। इसने अपना नाम शिवा बताया। बिना लाईसेंस पिस्टल मिली इसकी तलाशी ली तो इसकी जींस की पेंट में लेफ्ट साइड में कमर के पास एक पिस्टल लगी मिली, चेक किया तो यह पिस्टल अनलोड होकर मैगजीन लगी हुई थी।पुलिस ने जब इससे हथियार रखने से संबंधित लाइसेंस के बारे में पूछताछ की तो इसके पास कोई लाइसेंस नहीं था। जिस पर पुलिस ने आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया और आरोपी को गिरफ्तार किया।फिलहाल पुलिस इससे अवैध हथियार खरीद फरोख्त के बारे में डिटेल इन्वेस्टिगेशन में लगी है। ये थे टीम में शामिल आरोपी को पकड़ने गई टीम में गांधीनगर थाना प्रभारी नेहा राव, एएसआई, सुनील हेड कांस्टेबल भगवानदास और कांस्टेबल बालवीर शामिल रहे। इसको किया गिरफ्तार पुलिस ने अवैध पिस्टल के साथ शिवकुमार पिता ओमप्रकाश भदोरिया निवासी हरदोई यूपी हाल आजाद नगर भीलवाड़ा को गिरफ्तार किया है।
छतरपुर में हनुमान जयंती के अवसर पर जानराय टौरिया पर 51 फीट ऊंची अष्टधातु हनुमान प्रतिमा का अनावरण किया जाएगा। यह समारोह गुरुवार को आयोजित होगा। यह विराट प्रतिमा अष्टधातु से निर्मित है और इसकी ऊंचाई 51 फीट है। प्रतिमा के नीचे कई गुफाएं भी बनाई गई हैं। अनावरण समारोह के लिए आयोजन समिति द्वारा व्यापक तैयारियां की गई हैं। सात साल पहले हुआ था भूमिपूजनसमारोह कामदगिरि पीठाधीश्वर जगद्गुरु रामस्वरूप आचार्य के मुख्य आतिथ्य में संपन्न होगा। जानराय टौरिया के महंत भगवानदास शृंगारी महाराज ने बताया कि सात साल पहले इस प्रतिमा का भूमि पूजन भी उन्हीं के द्वारा किया गया था और अब वे ही इसका अनावरण कर रहे हैं। समारोह की शुरुआत गुरुवार सुबह 8 बजे रामचरित मानस पाठ और हवन कुंड में यज्ञ आहुतियों के साथ हो गई है। 11 बजे कामदगिरि पीठाधीश्वर जगद्गुरु रामस्वरूप आचार्य वैदिक मंत्रोच्चार के साथ प्रतिमा का अनावरण करेंगे और भगवान के नेत्र लोक दर्शन के लिए खोले जाएंगे। इस अवसर पर जनकपुर नेपाल के मिथिला पीठाधीश्वर जगद्गुरु विष्णु देवाचार्च महाराज, गुजरात के महामंडलेश्वर स्वामी सुरेंद्रदास महाराज, कामदगिरी पीठ के डॉ. मदन गोपालदास महाराज, 120 वर्षीय गोमाखुर्द महंत बालक दास महाराज और 103 वर्षीय महंत राजारामचंद्र आचार्य सहित अनेक संत और विद्वान उपस्थित रहेंगे। प्रतिमा के नीचे यह गुफाएं बनाई गईंप्रतिमा के नीचे बनी गुफाओं में तीर्थ स्थलों की झलकियां देखने को मिलेंगी, जिनमें सीता गुफा, रामबाग, शृंगी ऋषि गुफा और शिव वाटिका प्रमुख हैं। इन गुफाओं के पट भी अनावरण समारोह के साथ ही लोक दर्शन के लिए खोल दिए जाएंगे। अनावरण समारोह के बाद भंडारा प्रसाद का वितरण शुरू होगा, जो देर रात तक जारी रहेगा।
फतेहाबाद जिले के रतिया क्षेत्र के गांव सुखमनपुर निवासी युवक पर जानलेवा हमला करने के मामले में पुलिस ने चचेरे भाई समेत दो लोगों पर केस दर्ज कर लिया है। आरोपियों ने युवक पर लोहे की पाइपों से ताबड़तोड़ वार कर उसके हाथ और पांवों पर काफी चोटें मारी। घायल का अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में इलाज चला। इसके बाद परिजन उसे सिरसा के प्राइवेट अस्पताल ले गए। जहां अभी भी वह उपचाराधीन है। घायल के बयान पर आरोपियों के खिलाफ रतिया सिटी थाना पुलिस ने बीएनएस की धारा 115(2), 191(2),190, 351(2) के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी होगी। खेत में जाकर मारी थी चोटें पुलिस को दिए बयान में गांव सुखमनपुर निवासी रामपाल ने बताया कि 29 मार्च को वह अपने खेत से पशुओं के लिए चारा लाने के लिए रायपुर ढाणी रोड स्थित खेत में गया था। जब चारा काट रहा था तो उसी समय दो बाइक पर सवार होकर पांच युवक खेत में आए। उसे आवाज लगाकर कहने लगे कि गुरप्रीत की मोटर कौन सी है। उसने जवाब दिया कि यहां गुरप्रीत की मोटर नहीं है। इसके बाद उसे पास बुला लिया। जैसे ही वह पास गया तो पांचों युवकों ने अपने हाथों में ली लोहे की पाइप से उस पर अचानक हमला कर दिया। हमलावरों में से एक ने कहा कि तुझे ज्यादा प्लॉट के पैसे खाने आते हैं। इसके बाद सभी ने उसके दोनों हाथों व दोनों पांवों पर लोहे की पाइपों से काफी चोटें मारी। आरोपियों ने ढके हुए थे चेहरे आरोपियों ने अपने चहेरे ढके हुए थे। मगर इनमें से एक को उसने पहचान लिया। एक आरोपी उसका चचेरा भाई हैप्पी था। इससे पहले भी हैप्पी ने कह रखा था कि तेरे को मौका लगते ही देख लेंगे। हैप्पी उससे प्लॉट खरीदने को लेकर रंजिश रखे हुए है।बाद में उसे घायल अवस्था में उसके परिजनों ने रतिया सीएचसी पहुंचाया। जहां से उसे अग्रोहा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। एसएचओ पुष्पा सिहाग के अनुसार, रामपाल के बयान के आधार पर हैप्पी और एक अन्य पर बीएनएस की धारा 115(2), 191(2),190, 351(2) के तहत केस दर्ज कर लिया है।
लुधियाना के दुगरी इलाके से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक 46 वर्षीय व्यक्ति रहस्यमयी परिस्थितियों में लापता हो गया। पुलिस ने इस मामले में अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायतकर्ता हरप्रीत कौर (निवासी मकान नंबर 308, फेज-2, दुगरी) ने पुलिस को बताया कि उनके पति सरबजीत सिंह (46) बीते 30 मार्च 2026 को रोजाना की तरह सुबह 10:30 बजे अपनी स्कूटी (PB 10 ET 4260) पर सवार होकर ऑफिस के लिए निकले थे लेकिन वह वापस घर नहीं लौटे। दोपहर को हुए गायबजानकारी के अनुसार, दोपहर करीब 3:00 बजे सरबजीत सिंह बिना किसी को कुछ बताए ऑफिस से कहीं चले गए। परिवार द्वारा काफी तलाश करने के बाद, सरबजीत सिंह की स्कूटी फलाही साहिब गुरुद्वारा (लुधियाना) के पास खड़ी मिली। परिवार को अपहरण का शकहरप्रीत कौर ने आशंका जताई है कि उनके पति को किसी अज्ञात व्यक्ति ने कहीं छिपाकर रखा है या उन्हें अगवा कर लिया गया है। स्कूटी मिलने के बाद परिवार की चिंता और बढ़ गई है। सरबजीत सिंह के दो बच्चे है। उनकी शादी करीब 15 साल पहले हुई है। सरबजीत सिंह एक एडवरटाइजमेंट एजेंसी में काम करते है। थाना डिवीजन नंबर 5 की पुलिस ने शिकायत के आधार पर अज्ञात लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 127 (6) के तहत FIR दर्ज कर ली है। पुलिस अब आसपास के CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि सरबजीत सिंह का सुराग लगाया जा सके।
ग्वालियर के जयारोग्य अस्पताल में गर्मी बढ़ने के साथ ही अव्यवस्थाएं सामने आ रही हैं। अस्पताल के न्यूरोसर्जरी, न्यूरोलॉजी और केआरएच सहित विभिन्न वार्डों में कूलर और एयर कंडीशनर (एसी) खराब पड़े हैं। गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों और उनके परिजनों को गर्मी से राहत पाने के लिए घरों से टेबल फैन लाने पड़ रहे हैं। केआरएच में कुल 64 कूलर हैं, जिनमें से केवल 18 ही चालू हालत में हैं। 47 कूलर खराब पड़े हैं। इसके अतिरिक्त, 16 पंखे भी काम नहीं कर रहे हैं, जिससे महिला और बच्चों के वार्डों में मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जयारोग्य अस्पताल में कुल 300 एसी लगे हुए हैं, जिनमें से 140 एसी कंडम घोषित किए जा चुके हैं। जो एसी चालू भी हैं, उनमें से कई ठीक से कूलिंग नहीं कर रहे हैं, जिससे वार्डों में गर्मी बनी हुई है। न्यूरोसर्जरी और न्यूरोलॉजी विभाग में भी स्थिति गंभीर है। यहां 14 कूलर या तो खराब हैं या ठीक से काम नहीं कर रहे हैं। एसी की बात करें तो 13 एसी की सर्विसिंग होनी है और 5 एसी पूरी तरह से कंडम हैं। इन विभागों में केवल 2 एसी ही सही ढंग से काम कर रहे हैं। केआरएचः पीआईसीयू में एसी पर चिपकाया 'खराब' का पर्चा कमलाराजा अस्पताल (केआरएच) में पीडियाट्रिक आईसीयू, जहां मासूमों की सांसें मशीनों पर टिकी हैं, वहां एसी पर बाकायदा पर्चा चस्पा कर दिया गया है कि 'यह खराब है'। केआरएच में कुल 64 कूलर हैं, जिनमें से केवल 18 चल रहे हैं। 47 कूलर और 16 पंखे सुधार के इंतजार में धूल फांक रहे हैं। केआरएच के सहायक अधीक्षक डॉ. हितेंद्र यादव का कहना है कि वह इसके लिए अधीक्षक को कई बार पत्र लिख चुके हैं। फिर भी कुछ हुआ नहीं। न्यूरोसर्जरीः सबसे नाजुक वार्ड, सबसे बुरे हालात अस्पताल का सबसे संवेदनशील हिस्सा माने जाने वाले न्यूरोसर्जरी और न्यूरोलॉजी विभाग के सभी 14 कूलर खराब पड़े हैं। कुल 20 एसी में से 5 कंडम हो चुके हैं और 13 को सर्विस की दरकार है। केवल 2 एसी ही चालू हालत में हैं। जो काम सर्दी का था उसके लिए अब निकाला है टेंडर इस बार मार्च के तीसरे सप्ताह में एसी का टेंडर निकाला है। 15 अप्रैल को टेंडर खुलेगा। जबकि इसके लिए 10 साल पहले ही तत्कालीन संभागायुक्त एसएन रूपला ने ऐसी व्यवस्था करने के निर्देश दिए थे कि पंखे, कूलर और एसी की सर्विस फरवरी तक हो जाए। लेकिन अभी तक कोई एक्शन नहीं हुआ। पीआरओ बोले- पंखे-कूलर की सफाई-सर्विसिंग शुरू कराई है इस मामले को लेकर जेएएच समूह के पीआरओ डॉ मनीष चतुर्वेदी का कहना था कि सर्विस का काम शुरू करवा दिया गया है। पंखे और कूलर की सफाई शुरू करा दी है। एसी की सर्विस का काम शुरू करा दिया है। बड़ा अस्पताल है और एसी की संख्या अधिक है। इसलिए एसी की सर्विस का काम शुरू कर दिया गया है। जल्द ही ठीक हो जाएंगे। पिछले साल 50 बड़े कूलर मंगवाए थे जहां नहीं वहां इन्हें रखा जा रहा है। जहां एसी खराब है वहां कूलर की व्यवस्था की जा रही है।
जौनपुर के वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में 'यूपी प्रमाण' पोर्टल लॉन्च किया गया है। इस पोर्टल के माध्यम से विश्वविद्यालय और इससे संबद्ध सभी अनुदानित एवं स्ववित्तपोषित महाविद्यालयों की प्रशासनिक गतिविधियां अब पूरी तरह ऑनलाइन संचालित होंगी। इस प्रणाली के तहत शिक्षक अनुमोदन, नई नियुक्तियां, स्थायी एवं अस्थायी मान्यता, पाठ्यक्रम स्वीकृति, संबद्धता, निरीक्षण रिपोर्ट और मान्यता नवीनीकरण जैसी प्रक्रियाएं पोर्टल पर अपलोड की जाएंगी। प्रत्येक आवेदन को एक विशिष्ट ट्रैकिंग कोड प्रदान किया जाएगा। संबंधित महाविद्यालय इस ट्रैकिंग कोड का उपयोग करके अपने आवेदन की स्थिति वास्तविक समय में देख सकेंगे। पोर्टल पर यह जानकारी उपलब्ध होगी कि फाइल किस अधिकारी के पास लंबित है, किस स्तर पर विचाराधीन है और उसके निस्तारण की निर्धारित अवधि क्या है। इससे प्रशासनिक प्रक्रियाओं में जवाबदेही और पारदर्शिता बढ़ेगी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने कुलपति और कुलसचिव स्तर पर एक विशेष मॉनिटरिंग डैशबोर्ड भी तैयार किया है। यह डैशबोर्ड लंबित मामलों की संख्या, औसत निस्तारण समय और विभिन्न विभागों की कार्यस्थिति की सीधी निगरानी करेगा। इसका उद्देश्य जवाबदेही तय करना और किसी भी देरी की स्थिति में जिम्मेदारी निर्धारित करना है। महाविद्यालयों को भी अपनी सभी आवश्यक सूचनाएं, दस्तावेज और प्रस्ताव निर्धारित प्रारूप में ऑनलाइन अपलोड करने होंगे। निरीक्षण रिपोर्ट अपलोड होते ही उसकी प्रति संबंधित कॉलेज को तत्काल उपलब्ध हो जाएगी। पोर्टल के पहले चरण में शिक्षक अनुमोदन और नियुक्तियों को जोड़ा गया है। आगामी चरणों में पाठ्यक्रम विस्तार, परीक्षा केंद्र निर्धारण और अन्य प्रशासनिक कार्यों को भी इसमें एकीकृत किया जाएगा। पूर्वांचल विश्वविद्यालय के कुलसचिव केशलाल ने बताया कि 'यूपी प्रमाण' पोर्टल के निर्देशों के अनुपालन के लिए जौनपुर और गाजीपुर के सभी संबद्ध महाविद्यालयों को परिपत्र भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक महाविद्यालय को पोर्टल पर लॉगिन करके अपने प्रस्ताव, अभिलेख और सूचनाएं ऑनलाइन अपलोड करनी होंगी।
घास काटने गई 12 साल की किशोरी से छेड़छाड़:शोर मचाने पर भागा, आरोपी पर दर्ज हुआ मुकदमा
हरदोई जनपद के बेहटा गोकुल थाना क्षेत्र में एक 12 वर्षीय किशोरी से छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। पुलिस ने पीड़ित के पिता की शिकायत पर बुधवार रात आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। बेहटा गोकुल थाना क्षेत्र के गांव निवासी व्यक्ति ने मुकदमा दर्ज कराया है। इसमें बताया कि उनकी पुत्री की उम्र 12 साल है। 30 मार्च की दोपहर करीब 2 बजे पुत्री गांव की दक्षिण दिशा में खेत से घास काटने के लिए गई थी। पुत्री खेत में घास काट रही थी। इस दौरान शाहाबाद थाना क्षेत्र के रेवामुरादपुर गांव निवासी भभूती के साले का पुत्र बिजेश वहां आ गया। आरोपी पुत्री को परेशान करने लगा। आरोपी ने गंदी नीयत से पुत्री को पकड़ लिया और उसके साथ छेड़छाड़ करने लगा। पुत्री ने शोर मचाया। इस दौरान आसपास के लोग मौके पर आ गए। अपने आपको लोगों से घिरा देख आरोपी किसी तरह मौके से भाग गया। पुलिस ने आरोपी पर मुकदमा पंजीकृत कर लिया है। पुलिस मामले की जांच कर आरोपी की तलाश कर रही है।
खगड़िया जिले के परबत्ता प्रखंड स्थित उच्चतर माध्यमिक विद्यालय टीमापुर लगार में इंटर प्रैक्टिकल परीक्षा में नंबर देने के नाम पर अवैध वसूली का मामला सामने आया है। जिला प्रशासन ने इस पर सख्त कार्रवाई करते हुए विद्यालय के प्रधानाध्यापक, शिक्षक और लिपिक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। मिली जानकारी के अनुसार, खगड़िया के जिलाधिकारी नवीन कुमार के निर्देश पर प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी सह श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी ने परबत्ता थाना में कांड संख्या 136/26 दर्ज कराया है। इस मामले में प्रधानाध्यापक सविता कुमारी, लिपिक रीता कुमारी और शिक्षक दिलीप चौधरी को आरोपी बनाया गया है। तीनों के खिलाफ विभागीय एवं अनुशासनात्मक कार्रवाई की भी अनुशंसा की गई है। अधिक अंक देने के नाम पर 1500 रुपए की मांग यह मामला तब सामने आया जब विद्यालय के छात्र गरीब कुमार और विशाल कुमार ने जिलाधिकारी को लिखित आवेदन दिया। उन्होंने आरोप लगाया था कि प्रैक्टिकल परीक्षा में अधिक अंक देने के नाम पर उनसे क्रमशः 1500 और 1000 रुपये की मांग की गई थी। छात्रों ने यह भी बताया कि पैसे नहीं देने पर उनका भविष्य खराब करने की धमकी दी गई थी। शिकायत मिलने के बाद, 28 मार्च 2026 को मामले की जांच कराई गई। जांच में छात्रों द्वारा लगाए गए आरोप सही पाए गए। इसके बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी के निर्देश पर संबंधित आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। शिक्षा विभाग में मचा हड़कंप इस घटना के सामने आने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। स्थानीय लोगों का मानना है कि ऐसे मामलों पर समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं होने से शिक्षा व्यवस्था से लोगों का भरोसा उठ सकता है। वहीं, इस मामले का वीडियो सामने आने के बाद छात्रों और अभिभावकों में जागरूकता भी बढ़ी है। और लोग अब शिकायत करने के लिए आगे आ रहे हैं।गौरतलब है कि इससे पहले भी यह विद्यालय विभिन्न कारणों से चर्चा में रहा है। जानकारी के अनुसार लिपिक रीता कुमारी ने सितंबर 2025 में अनुकंपा के आधार पर नौकरी प्राप्त की थी। यह भी उल्लेखनीय है कि घटना से पूर्व जिला शिक्षा पदाधिकारी द्वारा स्पष्ट निर्देश जारी किया गया था कि स्कूलों में अवैध वसूली की शिकायत मिलने पर सख्त विभागीय कार्रवाई के साथ प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। इसके बावजूद आरोपियों ने निर्देशों को नजरअंदाज किया, जिसका परिणाम अब उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई के रूप में सामने आया है।
बानसूर में एक गर्भवती महिला और उसके देवर के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। बुधवार देर शाम बाइक सवार कुछ युवकों ने दोनों के साथ मारपीट की, जिसमें गर्भवती महिला घायल हो गई। महिला को अस्पताल से घर ले जा रहा था युवक यह घटना बुधवार शाम करीब 7 बजे की है। देवर अपनी गर्भवती भाभी को अस्पताल से दिखाकर घर लौट रहा था। अलवर रोड बाईपास पर साइड लेते समय बाइक सवार अन्य युवकों को हॉर्न बजाने की बात पर विवाद शुरू हो गया। आरोपियों ने फोन कर साथियों को बुलाया विवाद बढ़ने पर बाइक सवार युवकों ने पहले देवर के साथ मारपीट शुरू कर दी। इसके बाद उन्होंने फोन कर अपने साथियों को बुला लिया। कुछ ही देर में एक स्विफ्ट कार और एक अन्य बाइक में सवार 4-5 युवक मौके पर पहुंचे और दोनों के साथ मारपीट की। महिला को धक्का मारकर सड़क पर गिराया पीड़ित युवक ने बताया- मारपीट के दौरान उसकी गर्भवती भाभी के पेट में चोट लगी, जिससे वह सड़क पर गिर गईं और उनकी हालत बिगड़ने लगी। यह पूरी घटना पास की एक दुकान में लगे सीसीटीवी में कैद हो गई है। मारपीट होते देख मौके पर भीड़ जमा हो गई, जिसके बाद दुकानदारों ने बीच-बचाव कर देवर-भाभी को बचाया। गाड़ियों को मौके पर छोड़कर भागे युवक मारपीट करने वाले युवक अपनी स्विफ्ट कार और बाइक मौके पर छोड़कर फरार हो गए। सूचना मिलने पर पुलिस घटनास्थल पर पहुंची, घायलों से जानकारी ली और दोनों वाहनों को जब्त कर थाने ले गई। पुलिस फिलहाल मामले की जांच कर रही है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश जारी है।
करौली के मासलपुर गेट स्थित सिद्ध हनुमान मंदिर में 9 दिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा का समापन हो गया। समापन अवसर पर पूर्णाहुति और विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर प्रसादी ग्रहण की। यह कथा 9 दिनों तक चली। इस दौरान आचार्य बृज मोहन शास्त्री ने प्रतिदिन दोपहर में भगवान श्रीराम के जीवन प्रसंगों का भावपूर्ण वाचन किया। कथा के माध्यम से श्रद्धालुओं ने राम के विभिन्न प्रसंगों को सुना। कथा के दौरान संगीतमय भजनों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बनाए रखा। श्रद्धालु भक्ति में लीन होकर झूमते और प्रभु के जयकारे लगाते दिखे।समापन पर सिद्ध हनुमान मंदिर में पंडित अशोक शास्त्री ने विधि-विधान से हवन कर पूर्णाहुति संपन्न कराई। इसके बाद कन्या पूजन और लांगुरा पूजन कर उन्हें भोजन कराया गया। श्रद्धालुओं ने पंगत प्रसादी ग्रहण कीतत्पश्चात विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने पंगत में बैठकर प्रसादी ग्रहण की। यह आयोजन देर रात तक चला, और मंदिर परिसर में भजनों की गूंज सुनाई देती रही।इस पूरे कार्यक्रम की व्यवस्था श्री सिद्ध हनुमान मंदिर भक्त मंडल, मासलपुर गेट द्वारा की गई थी। शहर के विभिन्न स्थानों से आए श्रद्धालुओं ने मंदिर पहुंचकर भगवान के दर्शन किए और प्रसादी ग्रहण की। कार्यक्रम को सफल बनाने में दिनेश, राधेश्याम, सुरेश, धीरेंद्र, दिलीप, नरेंद्र, पवन, राहुल, महेंद्र, डालचंद, बांके बिहारी, बालकृष्ण, लव कुमार, गजेंद्र शर्मा, जितेंद्र सहित क्षेत्र के कई युवा और बुजुर्गों ने सहयोग किया।
छतरपुर जिले के नौगांव में बुधवार को एक ट्रक ड्राइवर की हाई टेंशन लाइन की चपेट में आने से मौत हो गई। यह घटना ईशानगर रोड स्थित आर्मी कैंट के पास हुई। मृतक ग्राम सलेहा का निवासी था। जानकारी के अनुसार, मृतक का ट्रक सीमेंट उतारने के लिए एक वेयरहाउस के पास खड़ा था। ड्राइवर तिरपाल खोलने के लिए ट्रक की छत पर चढ़ा था। इसी दौरान वह ट्रक के ऊपर से गुजर रही हाई टेंशन लाइन की चपेट में आ गया और करंट लगने से गंभीर रूप से झुलस गया। बिजली सप्लाई बंद कर शव को उताराघटना की सूचना मिलते ही नौगांव पुलिस मौके पर पहुंची और तुरंत बिजली विभाग को सूचित किया। विभाग की टीम ने बिजली आपूर्ति बंद कराकर शव को नीचे उतरवाया। पुलिस और बिजली विभाग की टीम मामले की जांच कर रही है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। घटना के बाद सड़क पर कुछ समय के लिए जाम लग गया था। घटना के बाद की दो तस्वीरें…
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सुरक्षा को लेकर बड़ा फैसला हुआ है। मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे के बाद नीतीश कुमार को Z प्लस कैटेगरी की सिक्योरिटी मिलेगी। बिहार सरकार के गृह विभाग ने इसे लेकर अधिसूचना जारी की है। इस अधिसूचना में नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे भी का जिक्र है। लेटर में लिखा गया है, बिहार विधान परिषद के सदस्य और मुख्यमंत्री बिहार के पद से त्याग-पत्र देकर राज्यसभा सदस्य की सदस्यता ग्रहण करेंगे। इधर, न्यूज एजेंसी IANS के मुताबिक मुख्यमंत्री 10 अप्रैल को दिल्ली में राज्यसभा सदस्य के लिए शपथ लेंगे और 13 अप्रैल को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं। बिहार स्पेशल सिक्योरिटी एक्ट-2000 के तहत फैसला गृह विभाग की ओर से जारी नोटिफिकेशन के अनुसार, नीतीश कुमार को बिहार स्पेशल सिक्योरिटी एक्ट-2000 के तहत सुरक्षा का योग्य माना गया है। ये कानून विशिष्ट व्यक्तियों को उनकी संवेदनशीलता के आधार पर सुरक्षा कवर प्रदान करने का अधिकार देता है। विभाग ने कहा कि मुख्यमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल और वर्तमान राजनीतिक स्थिति की समीक्षा के बाद सुरक्षा को लेकर ये कदम उठाया गया है। गृह विभाग के लेटर में क्या है पुलिस महानिदेशक के नाम लिखे गए पत्र में कहा गया, बिहार स्पेशल सिक्योरिटी एक्ट- 2000 के तहत नीतीश कुमार को सुरक्षा दी जाएगी। नीतीश मौजूदा वक्त में राज्य सभा के लिए निर्वाचित हुए हैं और आने वाले वक्त में बिहार विधान परिषद की सदस्यता और मुख्यमंत्री पद से त्याग-पत्र देकर राज्यसभा की सदस्यता ग्रहण करेंगे। 29 शब्दों में MLC से दिया इस्तीफा न्यूज एजेंसी के मुताबिक, नीतीश कुमार 8 या 9 अप्रैल को दिल्ली जा सकते हैं। वो 10 को राज्यसभा के सदस्य के तौर पर शपथ लेंगे। नीतीश कुमार ने सोमवार 30 मार्च को MLC पद से इस्तीफा दे दिया है। 2005 में बिहार में सरकार बनाने के बाद नीतीश कुमार लगातार विधान परिषद के सदस्य रहे। 20 साल सदन में रहने के बाद उन्होंने 29 शब्दों में बिहार विधान परिषद को अलविदा कह दिया। नीतीश कुमार ने अपने इस्तीफे में क्या लिखा पहले वो पढ़िए… अब जानिए क्या होती है Z+ सिक्योरिटी किसे दी जाती है Z+ सिक्योरिटी? देश के सम्मानित लोगों और नेताओं को जान का खतरा होने पर उन्हें Z+ सिक्योरिटी दी जाती है। ये सुरक्षा मिनिस्टर्स को मिलने वाली सिक्योरिटी से अलग होती है। पहले सरकार को इसके लिए एप्लिकेशन देनी होती है, जिसके बाद सरकार खुफिया एजेंसीज के जरिए खतरे का अंदाजा लगाती हैं। खतरे की बात कंफर्म होने पर सुरक्षा दी जाती है। होम सेक्रेटरी, डायरेक्टर जनरल और चीफ सेक्रेटरी की कमेटी ये तय करती है कि संबंधित लोगों को किस कैटेगरी में सिक्योरिटी दी जाए। कौन देता है Z+ सिक्योरिटी? पुलिस के साथ-साथ कई एजेंसीज VIP और VVIP को सिक्योरिटी कवर दे रही हैं। इनमें स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप यानी SPG, NSG, ITBP और CRPF शामिल हैं। हालांकि, खास लोगों की सुरक्षा का जिम्मा NSG के कंधों पर ही होता है, लेकिन जिस तरह से Z+ सिक्योरिटी लेने वालों की संख्या बढ़ी हैं, उसे देखते हुए CISF को भी यह काम सौंपा जा रहा है।
गोवर्धन पुलिस पर हमले के 2 आरोपी गिरफ्तार:इकलैरा गांव में कार्रवाई कर दबोचा, अन्य की तलाश जारी
डीग की कोतवाली थाना पुलिस ने गोवर्धन (उत्तर प्रदेश) पुलिस पर हुए हमले के मामले में2 वांछित आरोपियों को गिरफ्तार किया है।पुलिस के अनुसार यह घटना 5 दिसंबर 2025 को हुई थी। गोवर्धन थाना पुलिस किडनैप के एक मामले में वांछित आरोपी का पीछा करते हुए डीग थाना क्षेत्र के इकलैरा गांव पहुंची थी। आरोपी को पकड़ने के दौरान उसके परिजनों और अन्य लोगों ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया। इस हमले में पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट की गई और सरकारी कार्य में बाधा डाली गई। हमलावरों ने एक उपनिरीक्षक का मोबाइल भी छीन लिया था। इस संबंध में डीग थाने में मामला दर्ज किया गया था। कोतवाली थाना प्रभारी रामनरेश मीणा के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया था। इस टीम ने सूचना के आधार पर दबिश देकर वांछित आरोपी धारा (25) पुत्र सुनहरी और गुड्डी (50) पत्नी सुनहरी निवासी इकलैरा को गिरफ्तार किया। पुलिस ने बताया कि मामले में अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। उन्हें भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
कन्नौज जिले के गुरसहायगंज क्षेत्र में गुरुवार सुबह पुलिस ने एक युवक को घेर लिया। गिरफ्तारी के डर से उसने पुलिस टीम पर फायर कर दिया। उधर पुलिस की जवाबी फायरिंग में युवक के पैर में गोली लग गई, जिससे वह घायल होकर गिर गया। हिरासत में पुलिस उसे अस्पताल ले गई। गुरसहायगंज कोतवाली क्षेत्र के डुडवाबुजुर्ग गांव के रहने वाले शाहिद अली उर्फ शानू की 3 वर्षीय बेटी मंगलवार दोपहर बाद घर के बाहर खेलते समय गायब हो गई थी। जिसको अगले दिन गांव के ही नजदीक एचएम डिग्री कॉलेज के पास झाड़ियों से बोरे में बरामद कर लिया गया था। बच्ची के सिर और चेहरे पर चोटों के निशान थे। पुलिस ने परिजनों के साथ बच्ची को मेडिकल परीक्षण के लिए जिला अस्पताल भेज दिया था और उधर इस वारदात को अंजाम देने वाले की तलाश शुरू कर दी। ग्रामीणों से पूछताछ में गांव के ही रहने वाले युवक अकील का नाम सामने आया। जिसको बच्ची के साथ कुछ लोगों ने देखा था। मामले की जानकारी होने पर पुलिस ने अकील की तलाश शुरू कर दी। गुरुवार सुबह अकील छिपते-छिपाते अपनी रिश्तेदारी में जाने का प्रयास कर रहा था, तभी गुरसहायगंज बाईपास के नजदीक कोतवाली पुलिस ने उसे घेर लिया। पुलिस कर्मियों ने उसे रुकने को कहा तो अकील ने तमंचे से फायर कर दिया। जवाब में पुलिस टीम ने भी फायर किया। जिसमें एक गोली उसके पैर में लग गई। गोली लगते ही वह जमीन पर गिर पड़ा। जिसे पुलिस कर्मियों ने हिरासत में ले लिया और इलाज के लिए गुरसहायगंज सीएचसी ले गए। उसके पास तमंचा और कारतूस भी बरामद हुआ। बच्ची को ले जाने वाले अकील की इरादे बेहद खौफनाक थे। इसका राज तब खुला, जब पुलिस ने उसका मोबाइल बरामद कर उसे चेक किया। बताया गया मोबाइल में अश्लील वीडियो और व्हाट्सएप चैट मिली। उसकी शादी 4 साल पहले हुई थी, लेकिन पत्नी छोड़कर चली गई। जिस कारण वह साइको हो गया। पूछने पर अकील ने बताया कि हम बच्ची को खिलाने के लिए ले गए थे। रात में उसे सर्दी लगी तो बोरे में बन्द कर दिया।
राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की ओर से पात्रता जांच और दस्तावेज सत्यापन के बाद पॉलिटिकल साइंस व कॉमर्स लेक्चरर का फाइनल रिजल्ट घोषित कर दिया गया है। पॉलिटिकल साइंस में केवल 6 कैंडिडेट्स सिलेक्ट हुए हैं और ऐसे में 219 पद खाली रह गए। वहीं कामर्स में 58 पद खाली रह गए। मिनीमम 40 प्रतिशत मार्क्स हासिल नहीं करने के कारण ऐसे हालात बने हैं। आयोग की ओर से 25 अक्टूबर 2024 को विभिन्न सब्जेक्ट में कुल 2202 पदों पर भर्ती निकाली गई। इसमें पॉलिटिकल साइंस के 225 पद थे। बता दें कि पॉलिटिकल साइंस भर्ती एग्जाम 6 जुलाई 2025 को हुआ। इसमें 84 हजार 846 अभ्यर्थियों में से 45 हजार 674 कैंडिडेट्स ने एग्जाम दिया। भर्ती में 386 कैंडिडेट्स को 10 प्रतिशत से ज्यादा सवालों में 5 विकल्पों में से कोई विकल्प नहीं भरने पर अयोग्य भी घोषित कर दिया था। रिजल्ट के कट ऑफ में लिखा ‘कैंडिडेट नॉट एवेलेबल’ आरपीएससी ने रिजल्ट की कट ऑफ में सामान्य, एसटी सामान्य, एक्स सर्विसमेन सामान्य को छोड़कर सभी कैटेगरी में ‘एनए’ यानी “कैंडिडेट नॉट एवेलेबल” लिखा है। 40 प्रतिशत मिनिमम मार्क्स लाने थे प्राध्यापक कोच भर्ती परीक्षा में कैंडिडेट्स को 40 प्रतिशत मार्क्स लाना अनिवार्य है। इसमें आरक्षित वर्ग को पांच प्रतिशत छूट का प्रावधान किया गया है। इससे पहले ही निकाले गए रिजल्ट में कईं पद खाली रह गए हैं। कॉमर्स में भी 58 पद खाली इसी तरह कॉमर्स विषय के अभ्यर्थियों की पात्रता जांच के लिए विचारित सूची 3 नवंबर को जारी की थी। विचारित सूची में शामिल अभ्यर्थियों की पात्रता जांच एवं दस्तावेज सत्यापन का कार्य संबंधि विभाग द्वारा किया गया। दस्तावेज सत्यापन के बाद आयोग ने 265 अभ्यर्थियों को मुख्य सूची में सफल घोषित किया है। जबकि आरक्षित सूची में 17 अभ्यर्थी शामिल हैं। यह परीक्षा कॉमर्स विषय के 340 पदों के लिए आयोजित की गई थी। लेकिन न्यूनतम उत्तीर्णांक के कारण शेष 58 पद खाली रह गए। ………. पढें ये खबर भी…. RPSC-एसआई भर्ती एग्जाम के ADMIT-CARD अपलोड:7.70 लाख कैंडिडेट्स; 1174 सेंटर पर 5 व 6 को दो पारियों में होगी परीक्षा राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की ओर से SI भर्ती एग्जाम 5 एवं 6 अप्रैल को होंगे। परीक्षा के प्रवेश पत्र वेबसाइट और SSO पोर्टल पर अपलोड कर दिए गए है। प्रदेश के 41 चयनित शहरों में स्थापित 1174 परीक्षा केंद्रों पर लगभग 7.70 लाख कैंडिडेट्स शामिल होंगे। ये भर्ती 1015 पदों के लिए है। परीक्षा के जिलों की जानकारी पहले से SSO पोर्टल पर उपलब्ध है। पूरी खबर पढें
लखनऊ के गोमतीनगर स्थित साइबर टॉवर में गुरुवार सुबह मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 से जुड़े कर्मचारियों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया। सुबह 6 बजे से शुरू हुआ धरना धीरे-धीरे उग्र हो गया और करीब 200 से ज्यादा कर्मचारी छठे फ्लोर पर पहुंचकर हंगामा करने लगे। कुछ कर्मचारी टॉवर पर चढ़ गए, जबकि कई सड़क पर उतरकर नारेबाजी करने लगे। मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जॉब फेयर में हुई थी भर्ती, बड़े वादों के साथ मिला था ऑफर इस पूरे विवाद की शुरुआत मार्च 2026 में आयोजित एक जॉब फेयर से जुड़ी है। ‘We Win Limited’ कंपनी ने 16 मार्च 2026 को साइबर टॉवर के 5वें और 6ठे फ्लोर पर जॉब फेयर आयोजित किया था। इस जॉब फेयर में कस्टमर केयर एग्जीक्यूटिव पद के लिए बड़ी संख्या में युवाओं को भर्ती किया गया था और उन्हें 15,000 रुपया तक मासिक वेतन देने का वादा किया गया था। 15 हजार रुपया का वादा, 7 हजार भुगतान का आरोप प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का आरोप है कि जॉइनिंग के बाद उन्हें तय वेतन नहीं दिया गया। ₹15,000 के बजाय उन्हें केवल ₹7,000 ही सैलरी दी जा रही है। कर्मचारियों का कहना है कि वेतन को लेकर शुरुआत से ही अनियमितता बरती जा रही है। 60 दिन बाद भी पूरी सैलरी नहीं, सिर्फ 20 दिन का भुगतान कंपनी की ओर से नियम बताया गया था कि 60 दिन बाद वेतन दिया जाएगा, लेकिन जब भुगतान किया गया तो केवल 20 दिनों का ही वेतन मिला। बाकी 40 दिनों की सैलरी रोक ली गई, जिससे कर्मचारियों में भारी नाराजगी है।
आज चैत्र मास की पूर्णिमा हस्त नक्षत्र और ध्रुव योग में मनाई जा रही है। इसी के साथ आज हनुमान जयंती भी है। इसे लेकर पटना के महावीर मंदिर में विशेष तैयारी है। महावीर के दरबार को विशेष फूलों से सजाया गया है। मंदिर में हनुमान जयंती के दिन भक्तों की अधिक भीड़ होती है। इस बार काफी संख्या में भक्तों के आने की की उम्मीद की जा रही है। उसके मद्देनजर सरकारी और प्राइवेट सुरक्षा बलों की संख्या बढ़ाई गई है। श्री महावीर मंदिर स्थान न्यास समिति के सचिव सायण कुणाल ने कहा कि मंदिर में आने वाले लोगों की संख्या काउंट करने वाली आधुनिक तकनीक वाली मशीन भी बेंगलुरु से मंगा ली गई है। उसे भी इंस्टॉल किया जा रहा है। जिससे अधिक भीड़ होने पर हेड काउंटिंग मशीन की भी मदद ली जा सके। इसके साथ ही मंदिर में 80 टन क्षमता वाली एसी मशीन इंस्टॉल किया गया है, ताकि गर्मी से भक्तों को निजात मिले। महावीर हनुमानजी की आराधना पंडित भवनाथ झा के मुताबिक वास्तव में महावीर हनुमानजी की आराधना विभिन्न रूपों में होती रही है। वे श्रीराम की कथा के सन्दर्भ में एकमुखी हनुमानजी जी रुद्रावतार हैं तो अन्य पंथ में पंचमुखी के रूप में भी इनकी आराधना होती रही है। चैत्र पूर्णिमा हिन्दू नववर्ष की प्रथम पूर्णिमा होती है वहीं, आचार्य राकेश झा ने बताया कि चैत्र पूर्णिमा हिन्दू नववर्ष की प्रथम पूर्णिमा होती है। चैत्र पूर्णिमा पर आज गुरुवार की शाम 04:35 बजे तक हस्त नक्षत्र रहेगा। इसके बाद पूरे दिन चित्र नक्षत्र विद्यमान होगा। वहीं, आज दोपहर 01:31 बजे तक ध्रुव योग है, फिर इसके बाद व्याघात योग उपस्थित रहेगा। पूर्णिमा की तिथि आज सुबह 06:39 बजे तक है। परंतु उदयातिथि से आज पूरे दिन पूर्णिमा ही रहेगी। घरों में चालीसा पाठ और कथा-पूजा आज श्रद्धालु अपने घर और मंदिरों में हनुमान चालीसा, बजरंग बाण, सुंदरकांड आदि का पाठ करेंगे। वहीं, भगवान विष्णु के उपासक सत्यनारायण की कथा-पूजा करेंगे। पूजा की शुरुआत प्रत्यक्षदेव भगवान भास्कर को जलार्पण से करेंगे। हिन्दू धर्मावलंबी हनुमान जी को तेल-सिंदूर का लेप, ध्वज दान, रोट प्रसाद का भोग अर्पण कर अपनी पूजा करेंगे। इस स्तुति से होगी हनुमान की प्रार्थना अतुलित बलधामं हेमशैलाभदेहम् दनुजवनकृशानुं ज्ञानिनामग्रगण्यI सकलगुणनिधानं वानराणामधीशम् रघुपतिप्रियभक्तं वातजातं नमामि॥ (श्रीरामचरितमानस, सुन्दरकाण्ड) अर्थात अतुल बल के धाम, सोने के पर्वत के समान कान्तियुक्त शरीरवाले, दैत्यरूपी वन के लिए अग्निरूप, ज्ञानियों में अग्रगण्य, संपूर्ण गुणों के निधान, वानरों के स्वामी, श्री रघुनाथ जी के प्रिय भक्त पवन पुत्र श्री हनुमान जी को मैं प्रणाम करता हूं I
बलिया में थाना सहतवार और बांसडीह पुलिस की संयुक्त टीम ने मुठभेड़ के बाद बिजली के तार चोरी के आरोप में सात बदमाशों को गिरफ्तार किया है। इस दौरान दो बदमाशों के पैर में गोली लगी है, जिनका इलाज जिला चिकित्सालय में चल रहा है। पुलिस के अनुसार, सहतवार और कोतवाली बांसडीह पुलिस अकबरपुर गांव में वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान समर्थपार की तरफ से आ रहे दो चार पहिया वाहनों को रुकने का इशारा किया गया। वाहन चालक पुलिस को देखकर पीछे हटने लगे, जिसके बाद पुलिस ने उनकी घेराबंदी की। खुद को घिरा देख बदमाशों ने गाड़ी से उतरकर पुलिस पार्टी पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में टिंकू कुमार शाह (पुत्र जय प्रकाश शाह, निवासी दुधैला, थाना सहतवार) और शमीम अंसारी उर्फ सोनू (पुत्र जैनुद्दीन अंसारी, निवासी उमरगंज बहेरी, थाना कोतवाली) के दाहिने पैर में गोली लगी। घायल बदमाश टिंकू शाह के कब्जे से एक तमंचा और कारतूस बरामद हुआ। शमीम अंसारी के पास से भी एक तमंचा, कारतूस, चोरी का तार, तार काटने का पिलास, आरी और रबर के ग्लव्स मिले। मौके से पांच अन्य साथियों - अरविन्द यादव (निवासी रसूलपुर कन्धावरा, गाजीपुर), मन्नू कुमार साह, रोहन कुमार पाण्डेय (निवासीगण समरथ पार, हल्दी, बलिया), फिरोज खान (निवासी उमरगंज, कोतवाली, बलिया) और अभिषेक उर्फ अंशु गौड (निवासी सरांक, बांसडीहरोड, बलिया) को भी गिरफ्तार किया गया। इन सभी के पास से एक-एक चाकू बरामद हुआ। पकड़ी गई पिकअप वाहन से चोरी का तार और यस क्रॉस गाड़ी से तार काटने के उपकरण भी मिले। एएसपी उत्तरी दिनेश कुमार शुक्ला ने बताया कि पूछताछ में बदमाशों ने 26/27 मार्च की रात ग्राम दुधैला और 30/31 मार्च की रात ग्राम अकबरपुर से बिजली के तार व ट्रांसफार्मर के सामान की चोरी करने की बात कबूल की है। उन्होंने बताया कि वे चोरी किए गए तार को फिरोज खान को दिखाने और उसके बताए स्थान पर ले जाने के लिए आए थे। घायल बदमाशों का इलाज जारी है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
गुरुग्राम के नाथुपुर इलाके में एक छोटी-सी बात पर दुकानदारों ने एक ग्राहक की बेरहमी से पिटाई कर डाली। युवक का कसूर सिर्फ केवल इतना था कि उसने एक दुकान के बाहर अपनी ई-रिक्शा खड़ी करके अंदर सामान लेने चला गया था। गुस्साए दुकानदारों ने लोहे की रॉड और डंडों से युवक को बुरी तरह पीटा। पीड़ित रोशनलाल मूल रूप से बिहार के मधुबनी का रहने वाला है और नाथुपुर में किराए पर रहता है। उसका कहना है कि सिर में उसको आठ टांके लगे हैं। जब वह अर्धचेतना अवस्था में था, तब आरोपियों ने उससे जबरन समझौता पत्र पर हस्ताक्षर करवा लिए। पीड़ित का आरोप है कि दुकानदारों ने उसे धमकाकर लिखित समझौता कराया, ताकि बाद में कोई कानूनी कार्रवाई न हो सके। रोशनलाल ने पुलिस में शिकायत दी है, लेकिन अब तक आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। सीसीटीवी में कैद हुई घटना घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जिसमें दुकानदार युवक पर लगातार डंडे बरसाते नजर आ रहे हैं। घटना के समय वह अपनी ई-रिक्शा दुकान के बाहर खड़ी करके अंदर कुछ सामान लेने गया। इससे नाराज दुकानदारों ने उसे घेर लिया और बिना किसी चेतावनी के लोहे की रॉड व लकड़ी के डंडों से हमला बोल दिया। सीसीटीवी में जांच कर कार्रवाई करे पुलिस पीड़ित का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज साफ-साफ हमले को दिखा रहा है, फिर भी पुलिस लापरवाही बरत रही है। उन्होंने मांग की है कि सभी आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए और उनके खिलाफ सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाए। किराएदार पीड़ित के पक्ष में आएं आसपास रहने वाले कई लोगों का कहना है कि नाथुपुर के कई इलाकों में छोटी-छोटी बातों पर दुकानदारों द्वारा इस तरह की गुंडागर्दी आम होती जा रही है। ई-रिक्शा चालकों और आम नागरिकों को बार-बार ऐसे हमलों का सामना करना पड़ रहा है। वीडियो सामने के बाद लोगों में आक्रोश फैल गया है। नागरिकों ने पुलिस प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग की है इस बारे में पुलिस अधिकारियों की तरफ से बताया गया है कि फुटेज और शिकायत के आधार पर जांच की जा रही है और जल्द ही उचित कार्रवाई की जाएगी।
गोरखपुर के सिविल कोर्ट में बुधवार की रात चुनावी रंजिश को लेकर जमकर बवाल हुआ। बार एसोसिएशन के चुनाव में काउंटिंग के दौरान दो पक्ष आपस में भिड़ गए। इस हिंसक झड़प में निवर्तमान अध्यक्ष भानू पांडेय पर हमला कर दिया जिससे उन्हें चोटें आईं। इसके बाद चुनाव के नतीजे रोक दिए गए हैं।कोर्ट में पुलिस फोर्स बढ़ा दी गई है। अन्य पदों पर होने वाले काउंटिग पर भी रोक लगा दी गई है। आज एल्डर्स कमिटी की बैठक के बाद ही कोई फैसला लिया जाएगा। पुलिस ने दोनों पक्षों की तहरीर पर इस मामले में हत्या की कोशिश और लूट जैसी गंभीर धाराओं में FIR दर्ज कर लिया है। अचानक भड़की हिंसाबुधवार को दिनभर मतदान की प्रक्रिया शांति से पूरी हुई थी। शाम 6:30 बजे से वोटों की गिनती शुरू हुई। रात करीब 9:30 बजे जब अध्यक्ष और मंत्री पद के नतीजे आने ही वाले थे, तभी अचानक विवाद शुरू हो गया। देखते ही देखते बात इतनी बढ़ गई कि लात-घूंसे चलने लगे और पूरे परिसर में अफरा-तफरी मच गई। दो गट आपस में भिड़ गए। इसमें निवर्तमान अध्यक्ष पर हमला कर दिया और वे घायल हो गए। निवर्तमान अध्यक्ष पर हमला- आरोपपीड़ित भानू पांडेय का आरोप है कि अध्यक्ष पद के प्रत्याशी गिरिजेश मणि त्रिपाठी और उनके समर्थकों ने उन पर जानलेवा हमला किया और उनका मोबाइल फोन भी लूट लिया। देर रात भानू पांडेय अपने समर्थकों के साथ कैंट थाने पहुंचे। जहां पुलिस ने उनकी तहरीर पर गिरजेश मणि त्रिपाठी, अभिमन्यु निषाद, अमर पांडेय समेत 8 नामजद और कई अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने घायल भानू पांडेय का मेडिकल टेस्ट जिला अस्पताल में कराया है। दूसरे पक्ष ने भी FIR दर्ज कराई इस मामले में दूसरे पक्ष ने भी कैंट थाने में FIR दर्ज कराई है। मंत्री गिरीश मणि त्रिपाठी के तहरीर पर निवर्तमान अध्यक्ष भानु प्रताप, अध्यक्ष पद के प्रत्याशी उमापति उपाध्याय और दो बेटों सहित 15 से 20 अज्ञात लोगों का नाम शामिल है। अगला फैसला मीटिंग के बादकचहरी में तनाव को देखते हुए एल्डर्स कमेटी ने फिलहाल चुनावी नतीजों के ऐलान पर ब्रेक लगा दिया है। अब चुनाव समिति की बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें आगे की रणनीति तय होगी। बाकी पदों के लिए वोटों की गिनती जो गुरुवार को होनी थी, उस पर भी संशय बना हुआ है। जांच में जुटी पुलिससीओ कैंट अरुण कुमार यश के मुताबिक, मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि स्थिति काबू में रहे। पुलिस ने बताया कि दूसरे पक्ष ने भी अपनी शिकायत दी है और पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है। जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा।
सारंगपुर के सुल्तानिया गांव में सरपंच और भाजपा जिला अजा मोर्चा के उपाध्यक्ष जितेंद्र मालवीय उर्फ जितेंद्र हाथिया पर हमला हुआ। अतिक्रमण हटाने को लेकर हुए विवाद में गांव के दो लोगों ने उन पर कुल्हाड़ी और डंडे से हमला किया। घटना गुरुवार सुबह 7:30 बजे की है। गंभीर रूप से घायल सरपंच पचोर थाने पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि यह हमला सारंगपुर विधायक और राज्यमंत्री गौतम टेटवाल ने करवाया है। घटना सुल्तानिया पंचायत में दो दिन पहले अतिक्रमण हटाने को लेकर हुए विवाद के बाद हुई। सरपंच जितेंद्र मालवीय पर गांव के कैलाश नागर और दुर्गाप्रसाद नागर ने बैलगाड़ी के डंडे (सालिया) और कुल्हाड़ी से हमला किया। हमले के बाद उन्हें पचोर थाना और फिर सामुदायिक अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने बताया कि जितेंद्र के सिर में चोट आई है। घायल सरपंच बोले-80 लाख रिश्वत दे रहे थे राज्यमंत्री घायल अवस्था में थाना परिसर में पड़े सरपंच जितेंद्र ने आरोप लगाया की उन पर यह जानलेवा हमला राज्यमंत्री गौतम टेटवाल ने करवाया है। जितेंद्र का कहना है कि- गौतम टेटवाल ने पहले मेरे से बोला था कि तू 70-80 लाख ले ले और केस-वेस हटवा दे सारे। हमला करने वाले ने भी कहा कि मेरे साथ राज्यमंत्री जी हैं, तू क्या @#$% लेगा? अतिक्रमण कार्रवाई के विरोध में हुआ हमला घायल के साथ आए परिजनों ने बताया कि कैलाश नागर और दुर्गाप्रसाद नागर का अतिक्रमण हटाया गया था, जिसके प्रतिशोध में यह हमला किया गया है। पुलिस ने घायल को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। मामले में राज्यमंत्री गौतम टेटवाल ने दैनिक भास्कर को फोन पर बताया कि मैं इस बारे सिर्फ इतना कहूंगा कि ये आरोप झूठे हैं। ये हल्की पब्लिसिटी लेना चाहता है। मैं अभी सारंगपुर में नहीं हूं। गांव में उनके आपस में झगड़े हुए हैं। यह उनके अपने काम करने के तरीके के कारण हुआ। इससे मेरा कोई लेना देना नहीं है। ये सभी आरोप झूठे हैं।
ब्यावर में श्री सीमेंट परिसर में आज से स्वामी गोविंददेव गिरि महाराज के सानिध्य में कृष्ण नीति दर्शन कथा का भव्य आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन श्री फाउंडेशन ट्रस्ट द्वारा ज्ञान से जीवन दिशा एवं सेवा कार्यक्रम के तहत हो रहा है। इसी क्रम में हाल ही में अखंड श्री रामचरितमानस पाठ की पूर्णाहुति के साथ भक्तिमय समागम संपन्न हुआ। कृष्ण नीति दर्शन कथा 2 अप्रैल से 5 अप्रैल तक प्रतिदिन शाम 4 बजे से 7 बजे तक चलेगी। इसमें श्रद्धालुओं को भगवान श्रीकृष्ण के नीति, जीवन-दर्शन और आदर्शों का श्रवण कराया जाएगा।आज श्री हनुमान जन्मोत्सव भी मनाया गया। इस दिन सुबह 5:30 बजे श्री संकटमोचन हनुमान मंदिर में हनुमान जन्मोत्सव, सुबह 8:30 बजे भव्य कलश यात्रा हुई। हनुमान जयंती के उपलक्ष्य में मंदिर परिसर को विशेष रूप से सजाया गया है। संकट मोचन हनुमान मंदिर सर्किल पर स्थापित 21 फीट ऊंची भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। अखंड श्री रामचरितमानस पाठ की पूर्णाहुति के मुख्य यजमान अरविंद खीचा ने सपत्नीक विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। कार्यक्रम में रामनारायण डाणी, संस्थान के वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन अब पूर्व महिला खिलाड़ियों को मासिक सहायता राशि देगा। इसके अलावा अंपायर, स्कोरर, चयनकर्ता को दिए जाने वाले मानदेय में भी बढ़ोतरी की गई है। 31 मार्च को एसोसिएशन की प्रबंध समिति की बैठक हुई, जिसमें इन प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। साथ ही चंद्रकांत पंडित को अगले दो वर्षों के लिए मध्य प्रदेश का ‘निर्देशक-क्रिकेट’ नियुक्त किया है। मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के मानद सचिव सुधीर आसनानी ने बताया कि प्रबंध समिति की बैठक में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। महिला विश्व कप और न्यूजीलैंड के विरुद्ध अंतरराष्ट्रीय मैच के सफल आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त की गई। बैठक की शुरुआत में पिछली बैठक में हुई चर्चाओं के ब्योरे (minutes) को मंजूरी दी गई। महानआर्यमन ने रखा प्रस्ताव एसोसिएशन के अध्यक्ष महानआर्यमन सिंधिया ने महिला खिलाड़ियों के लिए मासिक सहायता राशि देने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने बताया कि जिन खिलाड़ियों को बीसीसीआई से कोई सहायता नहीं मिलती है वे इस योजना में शामिल किए जांगे। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट (टेस्ट और एक दिवसीय) खेल चुकी खिलाड़ियों को 12500 रुपए और घरेलू क्रिकेट खेलने वाली खिलाड़ियों को उनके द्वारा खेले गए मैचों के आधार पर 6 हजार से 10 हजार रुपए की राशि दी जाएगी। 75 वर्ष की आयु के बाद इस राशि के अलावा 7500 रुपए अतिरिक्त दिए जाएंगे। इस योजना के लिए खिलाड़ियों को आवेदन देना होगा। इस प्रस्ताव को प्रबंध समिति ने अपनी सहमति दे दी। चयनकर्ताओं, अंपायर,स्कोरर का मानदेय बढ़ेगा बैठक में यह भी तय किया गया कि अब चयनकर्ताओं, अंपायर और स्कोरर को मिलने वाला मानदेय बढ़ाया जाए। इसके अलावा प्रशिक्षकों के मानदेय और प्रोत्साहन राशि में भी बढ़ोतरी की गई है। पूर्व में जिन खिलाड़ियों और अंपायर को एसोसिएशन सहायता राशि दे रहा है उसे भी बढ़ाया गया है। स्कोरर और अंपायर के लिए देनी होगी परीक्षा बैठक में क्रिकेट विकास समिति (CDC), अंपायर समिति और स्पर्धा समिति के प्रस्तावों पर भी विस्तृत चर्चा की गई। अंपायर और स्कोरर के आंकलन की व्यवस्था पर भी चर्चा की गई। साथ ही पैनल में नए स्कोरर और अंपायर जोड़ने के लिए अगले सत्र के पूर्व परीक्षा ली जाएगी। मुरैना-नर्मदापुरम मैदानों में पवेलियन ब्लॉक लगेंगे मुरैना (चंबल) और नर्मदापुरम स्थित एमपीसीए के मैदानों में पवेलियन ब्लाक बनाने की मंजूरी भी दी गई। योजना के अनुसार ये ब्लाक 2026-27 वित्तीय वर्ष में बन जाएंगे। एसोसिएशन अपने सभी मैदानों पर क्रिकेट अकादमी बनाने की योजना भी तैयार कर उसका शीघ्र कार्यान्वयन करेगा। दो घंटे से ऊपर चली इस बैठक एसोसिएशन के कार्य में सुधार लाने और संभागों के साथ बेहतर समन्वय के लिए आधुनिक तकनीक के प्रयोग की संभावना पर भी चर्चा की गई, साथ ही अगले सत्र से संभागीय मैचों में ऑनलाइन स्कोरिंग व्यवस्था लागू करने पर भी विचार किया गया।
सतना के कोलगवां थाना क्षेत्र अंतर्गत बाबूपुर चौकी के पास साइडिंग में जवारे विसर्जन कर लौट रहे श्रद्धालुओं पर बुधवार देर रात हमला हुआ। अज्ञात हमलावरों ने लाठी-डंडों और पत्थरों से मारपीट की, जिसमें 8-9 लोग घायल हो गए, एक व्यक्ति गंभीर रूप से जख्मी है। घटना के विरोध में पीड़ितों ने आधी रात को थाने के बाहर सड़क पर बैठकर प्रदर्शन किया। जानकारी के अनुसार, शहर के टिकुरिया टोला क्षेत्र स्थित बाईपास दुर्गा मंदिर से करीब 50 लोग जवारे लेकर भरजुना देवी मां की प्रतिमा में अर्पित करने गए थे। इसके बाद मंदिर के पास एक तालाब में जवारे का विसर्जन किया गया। विसर्जन के बाद, बुधवार रात करीब 11 बजे सभी लोग ट्रैक्टर-ट्रॉली, पिकअप और कार में सवार होकर टिकुरिया टोला स्थित अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान साइडिंग के पास कुछ व्यक्तियों ने उनके वाहनों को रोक लिया और गाली-गलौज करने लगे। विरोध करने पर मारपीट शुरू कीजब महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों ने इसका विरोध किया, तो हमलावरों ने उन पर लाठी-डंडों और पत्थरों से हमला कर दिया। उन्होंने वाहनों में भी तोड़फोड़ की। इस हमले में 8 से 9 लोग घायल हुए, जिनमें से एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल बताया जा रहा है। किसी तरह अपनी जान बचाकर सभी लोग कोलगवां थाने पहुंचे और पुलिस को पूरी घटना से अवगत कराया। कुछ लोगों को हमलावरों ने बंधक बनाने का भी प्रयास किया था। सूचना मिलते ही पुलिस टीम तत्काल मौके पर रवाना हुई और अन्य मौजूद लोगों को थाने ले आई। पुलिस ने सभी घायलों को इलाज के लिए जिला चिकित्सालय भेजा। नाराज लोगों ने थाने के बाहर किया प्रदर्शनघटना से नाराज लोगों ने थाने में हंगामा किया और बाद में थाने के बाहर सड़क पर चक्का जाम कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही सीएसपी देवेंद्र सिंह चौहान कोलगवां थाने पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार को उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया और समझाइश दी, जिसके बाद चक्का जाम हटा लिया गया। पुलिस ने इस मामले में अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। देखें तीन तस्वीरें घायलों में देवनारायण दहिया 57 वर्ष को सिर पर गंभीर चोट आई है जिन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जबकि अन्य घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। इसके अलावा 2 लोगों के हाथ एवं पैर में फ्रैक्चर होने की जानकारी मिली है। जिन्हें शहर के निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया है।
भाजपा नेत्री कोम्पेला माधवी लता की फोटो पर सेक्सी लिखने वाले चीफ प्रॉक्टर को लेकर हुए भारी हंगामे के बाद अब समाजवादी छात्र सभा भी कूद पड़ी है। छात्र सभा आज SSP को लिखित शिकायत कर एबीवीपी कार्यकर्ताओं पर मुकदमा लिखाने की मांग करेगी। दरअसल बरेली कॉलेज में बुधवार को उस समय रणक्षेत्र जैसी स्थिति बन गई थी जब अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ता प्राचार्य कार्यालय में घुस गए थे। मामला चीफ प्रॉक्टर प्रोफेसर आलोक खरे द्वारा भाजपा नेत्री कोम्पेला माधवी लता की फोटो पर की गई अमर्यादित टिप्पणी से जुड़ा था। उग्र छात्र-छात्राओं ने प्रिंसिपल ऑफिस का घेराव कर नारेबाजी की और प्रॉक्टर के साथ धक्का-मुक्की की। माहौल इतना तनावपूर्ण हो गया कि छात्राएं प्रॉक्टर को मारने के लिए आगे बढ़ीं, जिसके बाद उन्हें स्टाफ के पीछे छिपकर जान बचानी पड़ी। प्रॉक्टर पद से छुट्टी और नई नियुक्तिहालात बेकाबू होते देख प्राचार्य डॉ. ओमप्रकाश राय ने तत्काल कड़ा फैसला लिया। उन्होंने प्रोफेसर आलोक खरे को चीफ प्रॉक्टर के पद से कार्यमुक्त कर दिया और पूरी प्रॉक्टोरियल टीम को भंग करने का आदेश जारी कर दिया। उनकी जगह वरिष्ठ प्रोफेसर इंदिवर सिंह चौहान को कॉलेज का नया चीफ प्रॉक्टर नियुक्त किया गया है। प्राचार्य के इस लिखित आदेश के बाद ही प्रदर्शनकारी शांत हुए और धरना समाप्त किया। आलोक खरे का पलटवार और कार्रवाई की मांगपद से हटाए जाने के बाद अब यह मामला नया मोड़ ले चुका है। गुरुवार को पूर्व चीफ प्रॉक्टर आलोक खरे ने प्राचार्य को पत्र लिखकर एबीवीपी कार्यकर्ताओं के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने पत्र में आरोप लगाया कि प्रदर्शन के नाम पर उनके साथ अभद्रता और हाथापाई की गई है। खरे ने प्राचार्य से मांग की है कि ऑफिस में घुसकर हंगामा करने वाले और हमला करने वाले कार्यकर्ताओं के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई की जाए। वही उन्होंने कहा कि उन्हें पद से चीफ प्रॉक्टर पद से हटाया नहीं गया बल्कि उन्होंने 30 मार्च को ही अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। विवाद की जड़: वो फेसबुक पोस्टविवाद की शुरुआत 19 मार्च को हुई थी। 62 वर्षीय बॉटनी प्रोफेसर आलोक खरे ने फेसबुक पर माधवी लता की भगवा भेष वाली फोटो साझा करते हुए लिखा था कि केवल बाबा ही नहीं, बाबी (साध्वी) भी कम सेक्सी नहीं होतीं। एबीवीपी का तर्क है कि जहां एक ओर देश नवरात्रि में नारी शक्ति की पूजा कर रहा था, वहीं एक जिम्मेदार शिक्षक ऐसी अभद्र भाषा का प्रयोग कर रहा था। हालांकि, खरे ने सफाई दी कि उन्होंने हाल ही में गिरफ्तार हुए अशोक खरात के संदर्भ में यह पोस्ट की थी और बाद में इसे हटा भी लिया था। प्रोफेसर आलोक खरे के खिलाफ दर्ज हो FIR- एबीवीपीएबीवीपी के महानगर सह मंत्री प्रिंस यादव ने कहा कि एक बड़े शिक्षण संस्थान में इतने उच्च पद पर बैठा व्यक्ति महिलाओं के लिए अशोभनीय टिप्पणी करता है। जो बहुत ही निंदनीय है। हम लोगों ने इसीलिए बरेली कॉलेज में प्राचार्य को ज्ञापन दिया था। जिसके बाद आलोक खरे को चीफ प्रॉक्टर के पद से हटा दिया गया है। उन्होंने ये भी कहा कि नवरात्र में जब पूरा देश मां दुर्गा की आराधना करता है उस समय इस तरह की टिप्पणी करना बहुत अशोभनीय है। उन्होंने कहा कि बरेली कॉलेज में बड़ी संख्या में छात्राएं पढ़ती है वो अपने आप को असहज महसूस कर रही है। एबीवीपी ने चीफ प्रॉक्टर के खिलाफ एफआईआर की मांग की है। 35 साल का करियर और विवादों का नाताप्रोफेसर आलोक खरे का शैक्षणिक सफर साढ़े तीन दशक पुराना है। 1984 में लखीमपुर खीरी के वाई.डी. कॉलेज से स्नातक करने वाले खरे ने वनस्पति विज्ञान में पीएचडी की है। बरेली कॉलेज आने से पहले वह सीतापुर के सेक्रेड हार्ट डिग्री कॉलेज में तैनात थे। वह रुहेलखंड विश्वविद्यालय के अधिकृत रिसर्च सुपरवाइजर भी हैं। हालांकि, वह अक्सर अपनी फेसबुक पोस्ट और सरकार विरोधी रुख के कारण चर्चा और विवादों में बने रहते हैं। 189 साल पुराना गौरवशाली इतिहासजिस बरेली कॉलेज में यह विवाद हुआ, उसकी नींव 1837 में रुहेलखंड के तत्कालीन कमिश्नर मिस्टर कॉनली के प्रयासों से पड़ी थी। 1857 की क्रांति के दौरान यहां के प्राचार्य डॉ. कारलोस बक की हत्या कर दी गई थी और कॉलेज बंद हो गया था। बाद में जयपुर के राजा जगत सिंह और नवाब रामपुर द्वारा दी गई 110 एकड़ भूमि के सहयोग से इस संस्थान का पुनर्जन्म हुआ। आज यह रुहेलखंड विश्वविद्यालय का सबसे प्रतिष्ठित कॉलेज है, जिसने देश को कई बड़े राजनेता और नौकरशाह दिए हैं।
नोएडा के सेक्टर-62 गोलचक्कर पर स्काईवॉक बनने जा रहा है। जीएम सिविल एसपी सिंह ने बताया कि नोएडा प्राधिकरण ने इसके लिए ट्रैफिक डायवर्जन का प्लान तैयार कर ट्रैफिक विभाग को भेज दिया है। ये डायवर्जन करीब एक साल तक होगा। प्रोजेक्ट करीब 26.34 करोड़ रुपये का है। इसका टेंडर हासिल करने वाली कंपनी को प्राधिकरण ने पिछले दिनों वर्क ऑर्डर भी जारी कर दिया है। इस प्रोजेक्ट के पहले चरण के तहत निर्माण कार्य की शुरुआत होने जा रहा है। जिसके चलते आसपास के क्षेत्र में अस्थायी ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया जाएगा। निर्माण कार्य के दौरान संबंधित स्थल के क्षेत्र को चारों ओर से पूरी तरह बैरिकेडिंग कर सुरक्षित किया जाएगा, ताकि कार्य सुचारु और सुरक्षित तरीके से पूरा किया जा सके। इस प्लान पर होगा काम
डूंगरपुर जिले में सागवाड़ा नगरपालिका में अधिशासी अधिकारी के चैंबर में सफाई ठेकेदार ने पूर्व पालिकाध्यक्ष आशीष गांधी पर मारपीट का आरोप लगाया है। पीड़ित ठेकेदार ने सागवाड़ा थाने में आशीष गांधी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। सफाई ठेकेदार इरफान ने बताया कि वे नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी मोहम्मद सुहेल शेख के चैंबर में अपने कार्य को लेकर चर्चा कर रहे थे। उसी दौरान वहां मौजूद पूर्व पालिकाध्यक्ष आशीष गांधी ने अधिशासी अधिकारी से ठेकेदार द्वारा काम नहीं करने के आरोप लगाए। कहासुनी के बाद मामला बढ़ाइस पर ठेकेदार इरफान ने जवाब दिया कि आशीष गांधी अब पालिकाध्यक्ष नहीं हैं, इसलिए उनके काम में दखल क्यों दे रहे हैं। इसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। कहासुनी के बाद पूर्व पालिकाध्यक्ष आशीष गांधी ने ठेकेदार के साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट की।इस घटना से नगरपालिका परिसर में कुछ देर के लिए हंगामे की स्थिति बन गई। पीड़ित सफाई ठेकेदार मोहम्मद इरफान का आरोप है कि उनसे कमीशन की मांग की जा रही थी और इसी कारण यह विवाद हुआ। मारपीट की घटना के बाद ठेकेदार ने मामले को लेकर सागवाड़ा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है और पूर्व पालिकाध्यक्ष के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने रिपोर्ट के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है।गौरतलब है कि सफाई ठेकेदार इरफान के पिता भी पूर्व में नगरपालिका में उपाध्यक्ष रह चुके हैं। फिलहाल, इस पूरे मामले को लेकर शहर में चर्चा का माहौल है। कुछ लोग इसे राजनीतिक द्वेषता से भी जोड़कर देख रहे हैं।
रामपुर जिले में कानून व्यवस्था सुदृढ़ करने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक ने बुधवार-गुरुवार की मध्यरात्रि सिविल लाइन थाना और कोतवाली क्षेत्र का औचक निरीक्षण किया। अचानक निरीक्षण से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। निरीक्षण की शुरुआत सिविल लाइन थाने से हुई। एसपी ने थाना कार्यालय में रखे अपराध रजिस्टर, त्यौहार रजिस्टर, मालखाना रजिस्टर, विवेचना रजिस्टर और फ्लाई शीट की बारीकी से जांच की। उन्होंने रजिस्टरों में दर्ज प्रविष्टियों की गुणवत्ता, अद्यतन स्थिति और रखरखाव को लेकर सख्त निर्देश दिए। साथ ही विभिन्न ऑनलाइन पोर्टलों पर हो रही डेटा फीडिंग की भी समीक्षा की गई। एसपी ने स्पष्ट किया कि सभी रिकॉर्ड समय पर और सही ढंग से अपडेट किए जाएं, ताकि किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो। थाना परिसर का जायजा और साफ-सफाई थाना परिसर के भीतर कार्यालय, भोजनालय, मालखाना, हवालात, कंप्यूटर कक्ष, मिशन शक्ति केंद्र और साइबर सेल की साफ-सफाई का भी निरीक्षण किया गया। संबंधित कर्मचारियों को व्यवस्थाओं में सुधार लाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इसके बाद पुलिस अधीक्षक ने कोतवाली क्षेत्र के विभिन्न ड्यूटी प्वाइंट्स का दौरा किया। उन्होंने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की सतर्कता और कार्यप्रणाली का बारीकी से मूल्यांकन किया। एसपी ने पुलिसकर्मियों को दी सख्त हिदायत एसपी ने मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों को स्पष्ट हिदायत दी कि ड्यूटी में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि आमजन की सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है, जिसमें कोई कोताही नहीं होनी चाहिए।
सीतापुर में कब्रिस्तान की जमीन पर अवैध रूप से निर्मित मस्जिद को जमींदोज किए जाने का मामला अब प्रशासनिक कार्रवाई के अगले चरण में पहुंच गया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर 30 मार्च को तहसील प्रशासन ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में बुलडोजर चलाकर मस्जिद को ध्वस्त कर दिया था। यह कार्रवाई पूर्व में जारी नोटिस और जांच के बाद की गई थी, जिसमें निर्माण को अवैध पाया गया था। अब इस कार्रवाई में हुए खर्च की वसूली की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रशासन के अनुसार मस्जिद को गिराने में कुल 39.55 लाख रुपये का खर्च आया था। इस संबंध में तहसील प्रशासन ने मस्जिद के मुतवल्ली (व्यवस्थापक) आलम को नोटिस जारी किया है। नोटिस में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि उक्त राशि 30 दिनों के भीतर जमा की जाए। जिलाधिकारी ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर धनराशि जमा नहीं की जाती है, तो संबंधित कमेटी के अध्यक्ष और अन्य सदस्यों के खिलाफ भू-राजस्व की वसूली की कार्रवाई की जाएगी। इसमें उनकी संपत्तियों को कुर्क करने तक की कार्रवाई भी शामिल हो सकती है। प्रशासन की इस कार्रवाई को अवैध कब्जों के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि सरकारी या सार्वजनिक भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।
दहेज हत्या मामले में दो महिलाएं गिरफ्तार:बांदा में पुलिस ने की कार्रवाई, शिकायत 31 मार्च को हुई थी
बांदा पुलिस ने दहेज हत्या के एक मामले में दो महिला आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल के निर्देश पर जनपद में अपराध नियंत्रण और वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी अभियान के तहत की गई। यह मामला 31 मार्च, 2026 का है, जब छतरपुर निवासी मुश्ताक पुत्र रज्जव ने कोतवाली नगर थाने में अपनी बेटी की दहेज हत्या की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर कोतवाली नगर थाने में मुकदमा पंजीकृत किया गया। पुलिस की जांच के बाद मोहल्ला पोड़ाबाग, अलीगंज, कोतवाली नगर से दो महिला अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार महिलाओं की पहचान फरीदा पत्नी रफीक और साजिया पुत्री रफीक के रूप में हुई है। बीते मंगलवार सुबह बांदा के एक मकान की ऊपरी मंजिल पर गद्दे में आग लग गई, जिससे एक महिला जलकर मौत हो गई। आग बुझाने के दौरान महिला का पति जमील और बेटी आरिफा भी झुलस गए। पुलिस ने दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया। मृतका के बेटे अजमल ने पुलिस को बताया कि रात में उसकी मां को दादी, दादा, बुआ और चाचा ने मारकर मोबाइल छीन लिया था। उसने यह भी कहा कि सुबह अब्बू ने मां को मारा और उसके बाद फूफी ने आग लगा दी। एफआईआर और गिरफ्तारी परिवार की शिकायत के आधार पर संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। इसके बाद पुलिस ने जांच कर दो महिला आरोपियों फरीदा और साजिया को गिरफ्तार किया। पुलिस की कार्रवाई से इलाके में कानून व्यवस्था की स्थिति पर सख्त संदेश गया है।
डीडवाना में पेड़ से टकराकर पलटी कार:4 महिलाओं समेत एक ही परिवार के 8 लोग घायल
डीडवाना-थानू मार्ग पर एक सड़क हादसे में एक ही परिवार के 8 लोग घायल हो गए। यह घटना थानू और घीरड़ोदा गांव के बीच हुई, जहां डीडवाना की ओर आ रही एक कार बेकाबू होकर सड़क किनारे पेड़ से टकरा गई।टक्कर इतनी तेज थी कि कार कई बार पलटी खा गई और बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे के बाद मौके पर राहगीरों की भीड़ जमा हो गई। घायलों में एक बच्चे सहित 4 महिलाएं शामिल हैं। सूचना मिलते ही टोल एम्बुलेंस मौके पर पहुंची और सभी घायलों को तत्काल उपचार के लिए बांगड़ जिला अस्पताल पहुंचाया गया।जानकारी के अनुसार सभी घायल घीरड़ोदा गांव के निवासी हैं। वे निजी कार्य और अस्पताल में जांच के लिए डीडवाना आ रहे थे। इसी दौरान ड्राइवर का गाड़ी से कंट्रोल हट गया और कार पेड़ से जा टकराई। घायलों की पहचान अल्फाज (12) पुत्र जाकिर खान, मकसूद (38) पुत्र हुसैन खान, तारीफ (32) पुत्र पप्पू खान, जाकिर हुसैन (46) पुत्र निजामुद्दीन खान, अफसाना (26) पत्नी इमरान खान, मोबिना (35) पत्नी जाकिर हुसैन, रुखसाना (30) पत्नी आरिफ और परबीना (46) पत्नी आलम के रूप में हुई है। चिकित्सकों के अनुसार, सभी घायलों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
झज्जर जिले में एक ओर जहां गैस एजेंसियों के बाहर लोगों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं, वहीं दूसरी ओर जिला प्रशासन आपूर्ति पूरी तरह सामान्य होने का दावा कर रहा है। हालात ऐसे हैं कि लोग सुबह 6 बजे से ही गैस सिलेंडर लेने के लिए लाइनों में खड़े हो रहे हैं, जिससे अफरा-तफरी और मारामारी जैसे हालात बन रहे हैं। जमीनी हकीकत: सुबह से लाइनें, लोगों में घबराहट झज्जर में कई स्थानों पर गैस एजेंसियों के बाहर लोगों की भीड़ उमड़ रही है। उपभोक्ता सुबह तड़के ही पहुंचकर लाइन में लग रहे हैं, ताकि समय पर सिलेंडर मिल सके। कई जगहों पर धक्का-मुक्की और विवाद की स्थिति भी बन रही है। लोगों का कहना है कि अनिश्चितता और अफवाहों के चलते वे पहले ही सिलेंडर लेना चाहते हैं। प्रशासन का दावा: कोई कमी नहीं, स्टॉक पर्याप्त वहीं, डीसी स्वप्निल रविंद्र पाटिल ने स्पष्ट किया है कि जिले में एलपीजी गैस, पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है। उन्होंने बताया कि जिले में रोजाना करीब 7500 सिलेंडरों की मांग है, जबकि वर्तमान में लगभग 9000 सिलेंडरों का स्टॉक उपलब्ध है। हेल्पलाइन जारी, अफवाहों से बचने की अपील जिला प्रशासन ने 01251-254270 हेल्पलाइन नंबर जारी किया है, जिस पर उपभोक्ता 24 घंटे अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं। साथ ही अधिकारियों की टीमें लगातार फील्ड में रहकर गैस एजेंसियों की निगरानी कर रही हैं। पैनिक न करें, ऑनलाइन बुकिंग का विकल्प डीसी ने लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और गैस एजेंसियों के बाहर भीड़ न लगाएं। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन माध्यम से भी आसानी से गैस सिलेंडर की बुकिंग की जा सकती है और डिलीवरी नियमित रूप से की जा रही है। कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि गैस सिलेंडर, पेट्रोल या डीजल का अनावश्यक भंडारण या कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। आमजन से भी अपील की गई है कि ऐसे मामलों की सूचना तुरंत प्रशासन को दें। कुल मिलाकर, जमीनी स्तर पर अफरा-तफरी के हालात और प्रशासन के सामान्य आपूर्ति के दावे—दोनों तस्वीरें एक साथ सामने आ रही हैं
JNMC में डॉक्टर–तीमारदारों में मारपीट:अलीगढ़ में जूनियर डॉक्टरों ने हड़ताल से इमरजेंसी ठप
अलीगढ़ के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज (JNMC) में बुधवार देर रात मरीज की मौत के बाद जमकर हंगामा हुआ। नर्सिंग स्टाफ के साथ हुई मारपीट की घटना के विरोध में जूनियर डॉक्टर सामूहिक हड़ताल पर चले गए। इससे अस्पताल की इमरजेंसी सेवाएं पूरी तरह ठप हो गई हैं। मौत के बाद परिजन का हंगामा शहंशाहबाद निवासी शौकत अली (50) को शुगर और अन्य गंभीर बीमारियों के चलते रात करीब 9:30 बजे इमरजेंसी लाया गया था। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इसके बाद परिजन ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। देखते ही देखते विवाद बढ़ा और परिजन ने नर्सिंग स्टाफ की पिटाई कर दी। डॉक्टरों ने मरीजों को बाहर निकाला मारपीट से आक्रोशित जूनियर डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने तुरंत काम बंद कर दिया। प्रदर्शनकारी डॉक्टरों ने न केवल नई भर्ती रोकी, बल्कि वार्डों में भर्ती मरीजों को भी बाहर निकाल दिया। मेडिकल कॉलेज प्रशासन की तमाम कोशिशों के बावजूद डॉक्टर काम पर लौटने को तैयार नहीं हैं। दवा मंगवाई पर इलाज नहीं दिया हड़ताल का सबसे असर उन मरीजों पर पड़ा जो दूर-दराज के इलाकों से रेफर होकर आए थे। किठोली खानपुर निवासी नीलम दौरा पड़ने के कारण चूल्हे पर गिरकर झुलस गई थीं। लालदेव ने बताया कि डॉक्टरों ने पर्चा बनाया, दवाइयां मंगवाईं और फिर हड़ताल बोलकर बाहर निकाल दिया। अब इस रात में मरीज को लेकर कहां जाएं? दूर–दराज के मरीज भी हो रहे परेशान संभल से आए बाइक हादसे के घायल रविंद्र और अतरौली से आई झुलसी हुई विमला देवी को भी बिना इलाज के लौटा दिया गया। तीमारदार स्ट्रेचर पर मरीजों को लेकर एम्बुलेंस तलाशते नजर आए। 15 दिन में दूसरी बार हड़ताल जेएन मेडिकल कॉलेज में मारपीट के बाद हड़ताल की यह दूसरी घटना महज 15 दिन के अंदर ही हो गई। 21 मार्च को भी देर रात मरीज को पानी पिलाने से मना करने पर तीमारदारों ने नर्सिंग स्टाफ से मारपीट कर दी। इसके बाद डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने हड़ताल की थी। दो दिन बाद सुरक्षा के इ्ंतजाम होने का आश्वासन मिलने पर ही हड़ताल खत्म हुई थी।
सीहोर जिले में बीते 24 घंटे के दौरान हुई बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। सीहोर में 20 एमएम, इछावर में 5 एमएम और भेरूंदा में 12 एमएम बारिश दर्ज की गई। इस ओलावृष्टि से खेतों में खड़ी और कटी हुई गेहूं की फसलें बर्बाद हो गई हैं। जानकारी के अनुसार, जिले के दर्जनों गांवों में हुई भीषण ओलावृष्टि ने किसानों के सपनों को तोड़ दिया है। कटाई के लिए तैयार गेहूं की लहलहाती फसलें देखते ही देखते तबाह हो गईं। कई किसानों की कटी हुई फसलें भी खेतों और घरों में रखी-रखी भीगकर खराब हो गईं, जिससे उनका आर्थिक संकट और गहरा गया है। रामाखेड़ी के किसान राजेश मेवाड़ा ने बताया कि उनकी तीन एकड़ में खड़ी गेहूं की फसल पूरी तरह तबाह हो गई है। उन्होंने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि एक ही बारिश ने साल भर की मेहनत पर पानी फेर दिया। इसी तरह मोतीलाल मेवाड़ा सहित कई अन्य किसानों की फसलें भी ओलावृष्टि की मार नहीं झेल पाईं। किसानों का दर्द इस बात से और बढ़ गया है कि अभी तक गेहूं की समर्थन मूल्य पर खरीदी शुरू नहीं हुई है। खेतों और घरों में रखा अनाज लगातार खराब हो रहा है, जिससे उन्हें और अधिक नुकसान हो रहा है। क्षेत्र के किसान एमएस मेवाड़ा ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और सांसद शिवराज सिंह चौहान से जल्द से जल्द खरीदी शुरू करने की मांग की है। उन्होंने यह भी आग्रह किया है कि नुकसान का सर्वे कर आरबीसी 64 के तहत राहत राशि और फसल बीमा दिलाया जाए, ताकि किसानों को इस संकट से उबारा जा सके।
हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के नारनौल क्षेत्र में बुधवार रात एक चलते हुए ट्रक में अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। यह हादसा नेशनल हाईवे नंबर-11 पर गांव खटोटी के पास हुआ। आग लगते ही ट्रक चालक और परिचालक ने सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत ट्रक को सड़क किनारे रोक दिया और केबिन से कूदकर अपनी जान बचाई। गनीमत रही कि इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। ट्रक पार्सल से भरा हुआ था और नारनौल से राजस्थान के झुंझुनूं की ओर जा रहा था। इसी दौरान रास्ते में ट्रक के केबिन में अचानक धुआं उठने लगा और देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण केबिन में शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। लोगों ने दी दमकल को सूचना आग लगने की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों ने तुरंत दमकल विभाग को जानकारी दी। सूचना पाकर दमकल विभाग की एक गाड़ी मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग की वजह से नेशनल हाईवे-11 पर कुछ समय के लिए यातायात भी बाधित रहा। सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। केबिन में हुआ नुकसान दमकल कर्मियों द्वारा आग बुझाने के बाद स्थिति सामान्य हुई और यातायात को फिर से सुचारु रूप से शुरू कराया गया। हालांकि आग की घटना में ट्रक के केबिन और कुछ सामान को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। फिलहाल प्रशासन द्वारा मामले की जांच की जा रही है और आग लगने के सही कारणों का पता लगाया जा रहा है। समय रहते पाया काबू इस बारे में गहली चौक पुलिस चौकी के थाना प्रभारी राकेश कुमार ने बताया कि ट्रक में शार्ट सर्किट की वजह से आग लग गई थी। जिसको समय रहते काबू पा लिया गया। इस घटना में कोई भी हताहत नहीं हुआ।
राजस्थान में अगले विधानसभा चुनाव से पहले सीटों की संख्या 270 होने के साथ-साथ 90 सीटें महिला विधायकों के लिए रिजर्व हो सकती हैं। केंद्र सरकार राज्यों की विधानसभा और लोकसभा में महिलाओं को 33% आरक्षण पर मुहर लगा सकती है। दरअसल, केंद्र सरकार 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' (महिला आरक्षण बिल) में संशोधन के जरिए 33% महिला आरक्षण सुनिश्चित करने की तैयारी में है। जानकारों का कहना है- मई में संसद का विशेष सत्र बुलाकर यह संशोधन पारित हो सकता है। इससे राजस्थान की सियासी तस्वीर पूरी तरह से बदली हुई नजर जाएगी। राज्य के मंत्रिमंडल में 40 विधायक मंत्री बन सकेंगे। इसी तरह लोकसभा में भी 12 सीटों पर महिलाएं चुनाव लड़ती नजर आएंगी। वहीं, सालों से एक ही सीट पर जमे नेताओं का या तो टिकट कटेगा या फिर उन्हें सीट बदलनी पड़ सकती है। राजस्थान में कैसे पॉलिटिकल पिक्चर बदलेगी? लोकसभा-विधानसभा की सीटों का गणित क्या रहेगा? भास्कर ने एक्सपर्ट के जरिए इस संशोधन से होने वाले संभावित बदलावों का एनालिसिस किया। पढ़िए ये रिपोर्ट… सबसे पहले जानते हैं क्या है महिला आरक्षण कानून और प्रस्तावित संशोधन? महिला आरक्षण का फॉर्मूला क्या रहेगा? सबसे बड़ा सवाल यह है कि महिला आरक्षण का क्या फॉर्मूला लागू होगा? कौन सी सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी? मौजूदा प्रस्तावित मसौदे में इसे लेकर कोई स्पष्टता नहीं है, लेकिन दो संभावनाएं जताई जा रही हैं... 1. लॉटरी सिस्टम : नगरीय निकायों और पंचायतों की तरह लॉटरी निकालकर सीटों का आरक्षण तय किया जा सकता है। 2. महिला वोटर्स की संख्या का आधार : जिन सीटों पर महिला मतदाताओं का अनुपात अधिक हो, उन्हें आरक्षित किया जा सकता है। हालांकि, एक्सपर्ट का कहना है कि लॉटरी सिस्टम की संभावना ज्यादा है, क्योंकि अधिकांश सीटों पर महिला-पुरुष वोटर का अनुपात लगभग बराबर ही होता है। रोटेशन सिस्टम का राजनीति पेंच, हर 5 साल में बदलेंगी सीटें महिला आरक्षण में सबसे बड़ा राजनीतिक पेंच 'रोटेशन सिस्टम' का है। आरक्षित सीटें स्थायी नहीं रहेंगी, बल्कि हर पांच साल बाद बदलती रहेंगी। इसे इस उदाहरण से समझ सकते हैं। परिसीमन के बाद लोकसभा सीटों की संख्या कम से कम 34 हो सकती है। ऐसे में लोकसभा चुनाव-2029 में 33% रिजर्वेशन के अनुसार 12 सीटें महिलाओं के लिए रिजर्व हो जाएंगी। ये सीटें केवल एक कार्यकाल के लिए रिजर्व रहेंगी। अगले लोकसभा चुनाव यानी 2034 में फिर से लॉटरी या महिला वोटर्स की संख्या के आधार पर नई 12 सीटें रिजर्व होंगी। यही प्रक्रिया विधानसभा चुनाव-2028 में भी अपनाई जा सकती है। अब 4 पॉइंट में समझते हैं राजस्थान की सियासी तस्वीर कैसे बदलेगी इस संशोधन का राजस्थान की राजनीति पर काफी असर पड़ेगा। विधानसभा से लेकर लोकसभा तक सीटों का गणित बदल जाएगा। साथ ही विधानसभा और लोकसभा में महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ेगा। 1. राजस्थान विधानसभा : बहुमत का आंकड़ा बदलेगा, 4 गुना तक बढ़ेंगी महिलाएं 2023 के विधानसभा चुनाव में कुल 21 महिलाएं विधायक बनीं। यह संख्या विधानसभा के कुल 200 सदस्यों का लगभग 10.5% ही है। भविष्य में परिसीमन के बाद विधानसभा सीटों की संख्या 270 हो सकती है और महिला आरक्षण 33 फीसदी लागू हो जाएगा। तब 90 सीटें महिला उम्मीदवारों के लिए आरक्षित हो जाएंगी। इसके बाद विधानसभा में महिलाओं की भागीदारी वर्तमान की तुलना में 4 गुना से भी अधिक बढ़ जाएगी। वहीं, विधानसभा में सीटों का आंकड़ा बढ़ने से सरकार बनाने के लिए जादुई आंकड़ा भी बदल जाएगा। वर्तमान में राजस्थान की 200 विधानसभा सीटों में से किसी भी पार्टी को सरकार बनानी है तो बहुमत का आंकड़ा 101 को छूना जरूरी है। अगला विधानसभा चुनाव यदि 270 सीटों पर हुआ तो किसी भी पार्टी को बहुमत के लिए 136 सीटें जीतनी होंगी। 2. एक तिहाई विधायक-सांसद के टिकट कटना तय, बदलनी पड़ सकती है सीट आरक्षण लागू होने के बाद 2028 के विधानसभा और 2029 के लोकसभा चुनाव के बाद हर विधानसभा-लोकसभा चुनाव में एक-तिहाई सीटों पर मौजूदा विधायकों-सांसदों का टिकट कटना लगभग तय हो जाएगा या उन्हें अपनी सीट बदलनी पड़ेगी। क्योंकि आरक्षण फॉर्मूले के अनुसार हर पांच साल बाद आरक्षित सीटों को नई प्रक्रिया अपनाकर बदला जाएगा। प्रदेश में कई नेता ऐसे हैं जो एक ही सीट पर दशकों से प्रभाव जमाए हुए हैं। यह स्थिति राजनीतिक दलों और दशकों से एक ही सीट पर राजनीति कर रहे नेताओं के लिए एक बड़ी चुनौती पैदा करेगी। 3. बढ़ेगा कैबिनेट साइज, 40 बन सकेंगे मंत्री फिलहाल विधानसभा सीटों की संख्या को देखते हुए राजस्थान में 30 विधायक तक ही मंत्री बन सकते हैं। 2028 के विधानसभा चुनाव के बाद विधायकों की संख्या बढ़ने का सीधा असर मंत्रिमंडल के आकार पर भी पड़ेगा। नियमानुसार, कुल विधायकों की संख्या के 15% को मंत्री बनाया जा सकता है। इस हिसाब से राजस्थान में मंत्रियों की संख्या 40 तक पहुंच सकती है। वर्तमान में भजनलाल सरकार में सीएम के अलावा 2 डिप्टी सीएम, 12 कैबिनेट मंत्री, 4 स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री और 5 राज्य मंत्री हैं। विधायकों की 15 प्रतिशत संख्या के हिसाब से अभी 6 मंत्री और बनाए जा सकते हैं। जानकारी के अनुसार, अभी राजस्थान विधानसभा में 246 विधायकों के बैठने की व्यवस्था है। सदन में करीब 50 सीटें और बढ़ाई जा सकती हैं। फिलहाल 200 विधायक सदन में बैठ रहे हैं। सिटिंग कैपेसिटी 300 तक भी बढ़ जाए, तो भी कोई खास परेशानी नहीं आने वाली। ऐसे में परिसीमन के बाद विधायकों की संख्या बढ़ती है तो भी सदन में विधायकों को बैठाने में कोई परेशानी नहीं आएगी। 4. लोकसभा: महिला सांसदों की संख्या हो जाएगी 4 गुना लोकसभा में सीटें बढ़ने से राजस्थान का देश की राजनीति में थोड़ा दबदबा और बढ़ जाएगा। केंद्र की राजनीति में राजस्थान के प्रतिनिधियों की भागीदारी बढ़ेगी और वे अपने क्षेत्र के लिए मांग और मुद्दे, दोनों उठाएंगे। इससे प्रदेश में विकास की रफ्तार भी बढ़ेगी। राजस्थान में लोकसभा की 25 सीटें हैं, जिनमें फिलहाल 3 महिला सांसद हैं। इन 25 सीटों में 18 अनारक्षित, 4 एससी और 3 एसटी के लिए आरक्षित हैं। जनगणना और नए सिरे से होने वाले परिसीमन के बाद लोकसभा सीटों की संख्या 34 तक हो सकती है। कुल सीटों पर 33 फीसदी महिला आरक्षण के तहत कम से कम 12 सीटें महिला उम्मीदवारों के नाम आरक्षित हो जाएंगी। गौरतलब है कि वर्ष 2002 में भारत के परिसीमन आयोग ने प्रक्रिया शुरू की और 2008 में नई सीमाएं लागू कीं, लेकिन सीटों की कुल संख्या में बदलाव नहीं किया गया था। एक्सपर्ट बोले- बहू-बेटी को टिकट के लिए होगी लॉबिंग वरिष्ठ पत्रकार और पॉलिटिकल मामलों के एक्सपर्ट महेश शर्मा कहते हैं- बिल पारित होने से निश्चित ही महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी। देश की संसद और विधानसभा में महिलाओं की आवाज बुलंद होगी। लेकिन इसके साथ ही संबंधित सीट पर पत्नी, बहन या बहू-बेटी को टिकट दिलवाने से वंशवाद भी पनप सकता है।
खैरथल-तिजारा के कोटकासिम थाना क्षेत्र के गांव अलीपुर में पुश्तैनी जमीन के विवाद ने छोटे भाई ने बड़े भाई पर धारदार हथियार से हमला कर हाथ-पैर तोड़ दिए। परिवार को खत्म कर जमीन हड़पने की धमकी देने का आरोप भी है। अलीपुर निवासी राम अवतार चार भाइयों में सबसे बड़े हैं और अविवाहित हैं। परिवार के पास करीब सात बीघा पुश्तैनी जमीन है, जिसमें से केवल एक भाई रामपाल का ही विवाह हुआ है। आरोप है कि रामपाल पूरी जमीन पर कब्जा करने की नीयत से लंबे समय से अपने भाइयों और माता-पिता को परेशान करता आ रहा है। विरोध करने पर वह कई बार मारपीट भी कर चुका है। बुधवार शाम को भी रामपाल ने अपने बड़े भाई राम अवतार पर लाठी और फरसी से हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल राम अवतार को कोटकासिम से अलवर जिला अस्पताल रैफर किया है। परिजनों का आरोप है कि रामपाल अपने माता-पिता पर भी जानलेवा हमला कर चुका है। वहीं पूरे परिवार को खत्म करने की धमकी देता है। अब पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
कमलनाथ सिमरिया धाम में करेंगे पूजा-अर्चना:सड़क हादसे के पीड़ितों के बीच पहुंचेंगे नकुलनाथ
कांग्रेस नेता कमलनाथ और नकुलनाथ आज 2 अप्रैल को छिंदवाड़ा दौरे पर रहेंगे। दोनों नेता सुबह 9:45 बजे विशेष विमान से इमलीखेड़ा हवाई पट्टी पहुंचेंगे। इसके बाद वे संकट मोचन सिद्ध सिमरिया धाम में हनुमान जयंती के अवसर पर विशेष पूजा-अर्चना और अभिषेक करेंगे। पूजा के बाद कमलनाथ जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा तय कार्यक्रमों में शामिल होंगे। वहीं नकुलनाथ छिंदवाड़ा-नागपुर नेशनल हाईवे पर ग्राम चिखली के पास हुई भीषण सड़क दुर्घटना में मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर शोक संवेदनाएं व्यक्त करेंगे। साथ ही घायलों से मिलकर उनके स्वास्थ्य की जानकारी लेंगे। शाम को दिल्ली रवाना होंगे दोनों नेताबताया जा रहा है कि हालिया सड़क हादसे को देखते हुए इस बार हनुमान जन्मोत्सव के अन्य कार्यक्रम निरस्त कर दिए गए हैं और पर्व सादगी के साथ मनाया जा रहा है। दौरे के अंत में दोनों नेता शाम 5:45 बजे छिंदवाड़ा से विशेष विमान द्वारा दिल्ली के लिए रवाना होंगे।
इटावा में लूट के माल की बरामदगी के मामले में कोर्ट ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए दो साल की सजा सुनाई है। इसके साथ ही उस पर दो हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना अदा न करने पर उसे 15 दिन की अतिरिक्त जेल की सजा भुगतनी होगी। यह फैसला विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावित क्षेत्र अधिनियम की अदालत ने सुनाया। विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावित क्षेत्र अधिनियम अशोक कुमार दुबे की अदालत ने मारपीट कर लूट के एक पुराने मामले की सुनवाई पूरी करते हुए आरोपी को दोषी पाया। अदालत ने साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपी को लूट के माल की बरामदगी का दोषी मानते हुए यह सजा सुनाई। बैंक से पैसे निकालकर लौट रहे थे पीड़ित मामले के अनुसार, बकेवर क्षेत्र के गांव रमौपुर निवासी अंगद सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 1 जुलाई 2012 को वह साइकिल से बैंक गए थे। वहां से 20 हजार रुपए निकालकर थैले में रखे और घर लौट रहे थे। रिपोर्ट के मुताबिक, नगला बल्जू के पास बाइक सवार तीन बदमाशों ने उन्हें गिरा दिया। इसके बाद मारपीट कर उनके पास रखी नकदी और पासबुक लूट ली और फरार हो गए। जांच में आरोपी का नाम आया सामने पुलिस ने मामले में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान संजय उर्फ संजू पुत्र राम प्रकाश निवासी श्री का पुरवा थाना मंगलपुर का नाम सामने आया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर उसके कब्जे से लूट का माल बरामद किया और जेल भेज दिया। साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने सुनाई सजा जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया। सुनवाई के दौरान अपर जिला शासकीय अधिवक्ता कौशलेंद्र तोमर ने सरकार की ओर से पैरवी की। कोर्ट ने प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपी को दोषी मानते हुए दो साल की सजा और जुर्माना सुनाया।
गोंडा जीआरपी में तैनात सिपाही आकाश सिंह के पैर कटने के मामले में विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं। डीजीपी राजीव कृष्ण के निर्देश पर जीआरपी एसपी गोरखपुर लक्ष्मी निवास मिश्रा ने इस पूरे प्रकरण की जांच शुरू कराई है। मंगलवार देर रात ड्यूटी पर मौजूद जीआरपी थाने के सभी पुलिसकर्मियों से घटना को लेकर स्पष्टीकरण मांगा गया है। जांच में दोषी पाए जाने वाले कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि भाग रहे आरोपी सुनील को पकड़ने के लिए सिपाही आकाश सिंह अकेले ही दौड़ पड़े थे। घटना के बाद विभागीय जांच के आदेश से ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों में हड़कंप मचा हुआ है। अब यह भी जांच का विषय बनाया गया है कि उस दौरान मौके पर मौजूद अन्य पुलिसकर्मियों की भूमिका क्या रही। घटना के बाद भी नहीं हुए बेहोश जांच में यह बात भी सामने आई है कि हादसे के तुरंत बाद आकाश सिंह बेहोश नहीं हुए थे। वह प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर कुछ देर तक गंभीर हालत में पड़े रहे। इस दौरान वह अपने कटे हुए पैरों से ज्यादा अपने परिवार की चिंता करते रहे। बताया जा रहा है कि वह बार-बार साथी पुलिसकर्मियों और अधिकारियों से कह रहे थे कि उनके परिवार और पत्नी को घटना की जानकारी न दी जाए। पहले पत्नी, फिर परिवार को दी गई सूचना हालांकि, जीआरपी थाने के पुलिसकर्मियों ने बाद में हिम्मत जुटाकर सबसे पहले आकाश सिंह की पत्नी को घटना की सूचना दी। पत्नी उनके साथ ही रहती थीं। सूचना मिलते ही उनका रो-रोकर बुरा हाल हो गया। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि आकाश ड्यूटी के बाद वापस कमरे पर लौट आएंगे, लेकिन उनके साथ इतना बड़ा हादसा हो जाएगा, इसका अंदाजा नहीं था। SP GRP बोले- परिवार को बताना जरूरी था एसपी जीआरपी गोरखपुर लक्ष्मी निवास मिश्रा ने बताया कि घटना के बाद घायल सिपाही लगातार यही कह रहे थे कि परिवार को अभी सूचना न दी जाए, क्योंकि वे लोग परेशान हो जाएंगे। उन्होंने बताया कि पुलिस ने पहले उनका इलाज सुनिश्चित कराया और साथ ही परिवार को भी सूचना देना जरूरी समझा। उन्होंने कहा कि ऐसी गंभीर स्थिति में इलाज के साथ परिवार को जानकारी देना भी आवश्यक था। इसी वजह से सबसे पहले उनकी पत्नी को सूचना दी गई। 5 मिनट तक प्लेटफॉर्म पर तड़पते रहे सिपाही घटना के बाद सिपाही आकाश सिंह प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर करीब 5 मिनट तक तड़पते रहे। बताया जा रहा है कि पास में खड़ा एक पुलिसकर्मी किसी को फोन कर रहा था, लेकिन तत्काल उन्हें उठाकर अस्पताल ले जाने की हिम्मत किसी ने नहीं दिखाई। आमतौर पर इस तरह की घटनाओं में लोग तुरंत बेहोश हो जाते हैं, लेकिन आकाश सिंह होश में रहते हुए लगातार अपने परिवार और पैरों को लेकर चिंतित थे। कई बिंदुओं पर होगी जांच एसपी जीआरपी के मुताबिक, पूरे मामले की कई बिंदुओं पर जांच कराई जाएगी। ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों से मांगे गए स्पष्टीकरण के आधार पर यह तय किया जाएगा कि घटना के समय किस स्तर पर लापरवाही हुई। जांच रिपोर्ट आने के बाद जिम्मेदार कर्मियों पर सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
सीधी में गुरुवार सुबह चुरहट रेलवे स्टेशन पर पहली बार ट्रेन का सफल ट्रायल किया गया। यह पल सीधी जिले के लिए खास रहा, क्योंकि यहां के लोग लंबे समय से रेल सुविधा का इंतजार कर रहे थे। ट्रेन के पहुंचते ही इलाके में उत्साह का माहौल बन गया।यह ट्रायल ललितपुर-सिंगरौली रेल लाइन परियोजना के तहत किया गया। इससे पहले करीब तीन महीने पहले रामपुर नैकिन क्षेत्र में भी ट्रेन का सफल ट्रायल हुआ था। अब चुरहट तक ट्रेन पहुंचने से साफ है कि काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। सांसद ने बताया बड़ी उपलब्धिसीधी के सांसद डॉ. राजेश मिश्रा ने इसे जिले के लिए बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करते हुए कहा कि यह लगातार किए गए प्रयासों का नतीजा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही ट्रेन सीधी मुख्य स्टेशन तक भी पहुंच जाएगी। जल्द शुरू हो सकता है यात्री संचालनसांसद के अनुसार, अगले डेढ़ से दो महीनों में सीधी तक ट्रेन पहुंचने की संभावना है। इसके बाद यात्री ट्रेनों का संचालन भी शुरू किया जा सकता है, जिससे लोगों को आने-जाने में बड़ी सुविधा मिलेगी। करीब पांच साल पहले शुरू हुई इस परियोजना में शुरुआत में काम धीमा था। लेकिन अब निर्माण कार्य तेज हो गया है और जहां-जहां ट्रैक तैयार हो रहा है, वहां ट्रायल भी किए जा रहे हैं। अधिकारियों ने ट्रैक को बताया सुरक्षितरेलवे अधिकारी गोपाल सिंह जोधा ने बताया कि चुरहट तक का ट्रायल पूरी तरह सफल रहा। उन्होंने कहा कि पटरियां सुरक्षित हैं और आगे का काम भी तेजी से चल रहा है। अधिकारियों को भरोसा है कि जल्द ही यह लाइन सिंगरौली तक जुड़ जाएगी, जिससे पूरे क्षेत्र को फायदा मिलेगा।
कोटकासिम में जमीन विवाद को लेकर दो सगे भाइयों के बीच मारपीट हुई। बुधवार रात करीब 9 बजे अलीपुर की ढाणी में छोटे भाई रामपाल ने 10-15 बदमाशों के साथ मिलकर अपने बड़े भाई रामावतार पर लाठियों और डंडों से हमला कर दिया। इस हमले में रामावतार गंभीर रूप से घायल हो गए। बदमाशों ने उनके दोनों हाथ और दोनों पैर तोड़ दिए, साथ ही उनके सिर पर भी कई वार किए। छोटे भाई ने बदमाशों के साथ मिलकर किया हमला रामावतार के जीजा हरियाणा निवासी राज सिंह ने घटना की जानकारी देते हुए बताया- 45 वर्षीय रामावतार पुत्र अमित चंद्र गुर्जर अलीपुर की ढाणी स्थित अपने घर में सो रहे थे। तभी उनके 25 वर्षीय छोटे भाई रामपाल ने 10-15 बदमाशों को बुलाकर उन पर हमला कर दिया। हमले के बाद रामपाल अपने साथियों के साथ मौके से फरार हो गया। आरोपी पिता पर भी कर चुका है हमला परिजनों के अनुसार, रामपाल पिछले 12 महीनों से परिवार के सदस्यों से झगड़ा कर रहा था। रामावतार अविवाहित हैं। परिवार में चार सगे भाई हैं, रामावतार, शीशराम, भरतू और रामपाल। इनमें से केवल सबसे छोटे रामपाल की शादी हुई है, जबकि अन्य तीनों भाई अविवाहित हैं। रामपाल चाहता था कि पिता सारी जमीन उसके नाम कर दें। परिजनों ने यह भी बताया कि आरोपी पहले भी अपने पिता पर हमला कर चुका है। गंभीर हालत में अलवर अस्पताल में भर्ती रामावतार को रात करीब 10 बजे कोटकासिम अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें तुरंत जिला अस्पताल अलवर रेफर कर दिया गया। परिजन रात करीब 12:30 बजे घायल रामावतार को अलवर लेकर पहुंचे, जहां उनका इलाज जारी है और उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। कोटकासिम थाने में अभी तक इस संबंध में कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।
रेलवे प्रशासन ने गर्मियों के दौरान यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए गोरखपुर रेलवे स्टेशन से होकर चलने वाली 2 अतिरिक्त साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन के संचालन का निर्णय लिया है। ये ट्रेनें सीमित अवधि के लिए चलाई जाएंगी और कुल 9-9 फेरों में सेवाएं देंगी। नारंगी-गोरखपुर साप्ताहिक विशेष ट्रेन 05633/05634 नंबर की यह ट्रेन नारंगी से गोरखपुर के बीच चलाई जाएगी। - 05633 (नारंगी से गोरखपुर): यह ट्रेन 2 अप्रैल से 28 मई 2026 तक प्रत्येक गुरुवार को दोपहर 1:20 बजे नारंगी से रवाना होगी और अगले दिन दोपहर 1:00 बजे गोरखपुर पहुंचेगी।- 05634 (गोरखपुर से नारंगी): वापसी में यह ट्रेन 3 अप्रैल से 29 मई 2026 तक हर शुक्रवार को शाम 4:55 बजे गोरखपुर से चलकर अगले दिन रात 9:40 बजे नारंगी पहुंचेगी। यह ट्रेन गुवाहाटी, कामाख्या, न्यू जलपाईगुड़ी, कटिहार, बरौनी, हाजीपुर, छपरा, सीवान और देवरिया जैसे प्रमुख स्टेशनों पर रुकेगी। इस ट्रेन में कुल 18 कोच लगाए जाएंगे, जिनमें एसी द्वितीय श्रेणी, एसी तृतीय श्रेणी, स्लीपर, सामान्य और एसएलआरडी कोच शामिल हैं। कटिहार-अमृतसर साप्ताहिक विशेष ट्रेन 05736/05735 नंबर की यह ट्रेन कटिहार से अमृतसर के बीच चलेगी। - 05736 (कटिहार से अमृतसर): यह ट्रेन 1 अप्रैल से 27 मई 2026 तक हर बुधवार रात 9:00 बजे कटिहार से चलेगी और तीसरे दिन सुबह 9:45 बजे अमृतसर पहुंचेगी।- 05735 (अमृतसर से कटिहार): वापसी में यह ट्रेन 3 अप्रैल से 29 मई 2026 तक हर शुक्रवार दोपहर 1:25 बजे अमृतसर से चलकर अगले दिन रात 11:45 बजे कटिहार पहुंचेगी। यह ट्रेन पूर्णिया, रक्सौल, गोरखपुर, गोंडा, बरेली, मुरादाबाद, सहारनपुर, अंबाला, जालंधर आदि प्रमुख स्टेशनों से होकर गुजरेगी। इस ट्रेन में कुल 15 कोच होंगे, जिनमें थर्ड एसी श्रेणी, सेकंड एसी श्रेणी, स्लीपर, सामान्य और लगेज व जनरेटर कोच शामिल हैं। यात्रियों को मिलेगा बड़ा फायदा इन विशेष ट्रेनों के संचालन से पूर्वोत्तर, बिहार, उत्तर प्रदेश और पंजाब के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को काफी राहत मिलेगी। गर्मियों में ट्रेनों में बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करने और यात्रियों को आरामदायक यात्रा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे इन ट्रेनों का लाभ उठाएं और समय से अपनी यात्रा की योजना बनाएं।
आगरा में गुरुवार तड़के ट्रकों की भीषण टक्कर में दो लोगों की मौत हो गई। हादसा इतना भीषण था कि एक ट्रक का केबिन पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। इससे दोनों की मौत हो गई। दो अन्य घायल हुए हैं। उनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। घटना गुरुवार तड़के की है। हादसे के बाद हाईवे पर जाम लग गया। मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार रात में एटा नंबर का ट्रक हाईवे पर खराब हो गया था। जिसके बाद बिना रिफ्लेक्टर आदि के लापरवाही से खराब ट्रक को ड्राइवर और क्लीनर ऐसे ही छोड़ कर चले गए। गुरुवार तड़के राजस्थान नंबर का ट्रेलर खराब ट्रक में घुस गया। राजस्थान नंबर के ट्रेलर में मौजूद ड्राइवर, क्लीनर की मौके पर ही मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे में चालक और क्लीनर गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि केबिन पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। घटना के बाद आगरा-दिल्ली हाईवे पर वाहनों का लंबा जाम लग गया। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने जाम खुलवाया। मृतकों की पहचान की जा रही है।
नर्मदापुरम के कोठरा गांव स्थित पंचमुखी वेयरहाउस में करीब 25 लाख रुपए कीमत के गेहूं घोटाले का मामला सामने आया है। वेयरहाउस कॉर्पोरेशन की जांच में गोदाम से 1841 बोरी (920.50 क्विंटल) गेहूं कम पाया गया। मध्य प्रदेश वेयरहाउस कॉर्पोरेशन के जिला प्रबंधक वासुदेव डवडे की पांच सदस्यीय टीम ने जांच में इस गड़बड़ी का खुलासा किया। जांच में सामने आया कि जो 1841 बोरी गेहूं कम मिला, वह संभवतः खरीदा ही नहीं गया और स्टॉक केवल कागजों में बढ़ाया गया। संचालक, ब्रांच मैनेजर समेत 6 लोग दोषीजांच में वेयरहाउस कॉर्पोरेशन बानापुरा के तत्कालीन शाखा प्रबंधक शिवराज राजपूत, पंचमुखी वेयरहाउस की संचालिका उर्मिला बाई रघुवंशी, उनके पति रंधीर सिंह रघुवंशी, बिसोनी कला निवासी सचिन अग्रवाल, चौकीदार बलीराम कटारे और उसका बेटा गोविंद कटारे को दोषी पाया गया है। कार्रवाई के लिए प्रस्ताव वरिष्ठ कार्यालय भेज दिया गया है। एसडीएम के निरीक्षण में सामने आई गड़बड़ीसिवनी मालवा एसडीएम विजय राय गेहूं उपार्जन की तैयारियों का निरीक्षण करने वेयरहाउस पहुंचे थे। स्टॉक मिलान के दौरान संदेह होने पर बोरियों की गिनती कराई गई, जिसमें शुरुआत में 1605 बोरी (802.50 क्विंटल) गेहूं कम मिला। बाद में वेयरहाउस कॉर्पोरेशन की टीम द्वारा जांच किए जाने पर यह आंकड़ा बढ़कर 1841 बोरी (920 क्विंटल) हो गया। इसके बाद एसडीएम ने एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। करीब 25 लाख का गेहूं गायबवर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर खरीदे गए 25,915 बोरी गेहूं में से 1841 बोरी कम पाई गई। इस गेहूं की कीमत करीब 25 लाख रुपए आंकी गई है। अब दोषियों से वसूली और विभागीय कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। किराए पर दिए गोदाम में हुई खरीदीगोदाम संचालक के प्रतिनिधि रंधीर सिंह रघुवंशी ने 11 महीने के एग्रीमेंट पर यह गोदाम सचिन अग्रवाल को किराए पर दिया था। इसी दौरान सरकारी खरीदी का गेहूं इसी गोदाम में रखा गया। आशंका है कि खरीदी के समय ही कागजों में अधिक स्टॉक दिखाया गया। वेयरहाउस एक साल के लिए ब्लैकलिस्टगड़बड़ी सामने आने के बाद प्रशासन ने पंचमुखी वेयरहाउस को एक साल के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया है। जांच में अनियमित री-स्टैकिंग, स्टॉक सत्यापन में लापरवाही और नियमों के विपरीत संचालन जैसी कमियां भी सामने आई हैं। एमपी वेयरहाउसिंग कार्पोरेशन क्षेत्रीय प्रबंधक अतुल सोरठे ने बताया कि पांच सदस्यीय टीम ने अपनी जांच पूरी कर प्रतिवेदन एमडी ऑफिस को भेज दिया है। जांच में सामने आया कि खरीदी के समय ही कुछ गड़बड़ियां हुईं हैं। ऐसी आशंका गोदाम में माल रखने के बजाय, कागजों में स्टॉक दिखाया गया। जांच में शाखा प्रबंधक, वेयरहाउस संचालक, उसके प्रतिनिधि सहित कुल 6 लोगों पर कार्रवाई का प्रस्ताव भी मुख्यालय भेजा है।
किशनगंज में पदस्थापित एसडीपीओ गौतम कुमार के ठिकानों पर आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने छापेमारी की है। इस कार्रवाई में उनकी आय से 600 प्रतिशत अधिक, लगभग 80 करोड़ रुपए की अकूत संपत्ति का खुलासा हुआ है। डीएसपी, उनकी पत्नी, सास और एक महिला मित्र के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है, जिनसे 6 अप्रैल को पटना में पूछताछ की जाएगी। यह छापेमारी 31 मार्च को पूर्णिया, किशनगंज और पटना में कुल छह ठिकानों पर की गई थी। तलाशी के दौरान 25 से अधिक जमीनों के दस्तावेज, महंगी गाड़ियां और विभिन्न निवेशों से संबंधित कागजात बरामद हुए। उनके सरकारी आवास से 1 लाख 37 हजार रुपये नकद भी मिले हैं। 6 अप्रैल को पटना में 4 लोगों से होगी पूछताछ इस मामले में दरोगा से डीएसपी बने गौतम कुमार, उनकी पत्नी रूबी कश्यप, सास पूनम देवी और महिला मित्र शगुफ्ता शमीम को आरोपी बनाया गया है। ईओयू ने इन सभी को 6 अप्रैल को पटना मुख्यालय में पूछताछ के लिए बुलाया है। यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत की गई है। जांच में सामने आया है कि 1994 बैच के दरोगा गौतम कुमार ने अपने सेवाकाल के दौरान भारी मात्रा में अवैध संपत्ति अर्जित की। शगुफ्ता शमीम के घर से डीएसपी गौतम कुमार द्वारा खरीदे गए स्वर्ण आभूषण की कई रसीदें मिली हैं, साथ ही उनके बैंक खाते में डीएसपी द्वारा नकद राशि जमा करने और ऑनलाइन रकम ट्रांसफर के साक्ष्य भी मिले हैं। चार भूखंडों के दस्तावेज हुए बरामद पटना स्थित उनके पैतृक मकान की तलाशी में चार भूखंडों के दस्तावेज बरामद हुए हैं। इसके अलावा, डीएसपी गौतम कुमार द्वारा सिलीगुड़ी में चाय बागान में निवेश और नोएडा-गुड़गांव में संपत्ति खरीदने से संबंधित जानकारी भी मिली है, जिस पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय कोयला, शराब, इंट्री, लॉटरी माफियाओं और सुपारी तस्करों से उनके मधुर संबंध होने की जानकारी भी मिली है, जिसकी विस्तृत जांच की जाएगी।इस बीच, एसडीपीओ गौतम कुमार को तत्काल उनके पद से हटा दिया गया है। पुलिस मुख्यालय ने इस संबंध में पत्र जारी कर उन्हें पुलिस मुख्यालय में योगदान करने का निर्देश दिया है। उनकी जगह एसडीपीओ-2 मंगलेश कुमार सिंह को किशनगंज का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। मिली जानकारी के अनुसार विजिलेंस विभाग में रहकर गौतम कुमार ने काम किया, उसी विभाग की टीम आज उनके खिलाफ जांच की कार्रवाई कर रही है। संपत्ति के स्रोत की पड़ताल कर रही जांच टीम सूत्र बताते हैं कि लंबे समय से उनकी संपत्ति को लेकर शिकायतें मिल रही थीं। प्रारंभिक जांच के बाद विजिलेंस ने छापेमारी का निर्णय लिया। फिलहाल पूरे मामले में ईओयू की टीम दस्तावेजों की जांच और संपत्ति के स्रोत की पड़ताल कर रही है। एसडीपीओ गौतम कुमार के द्वारा विभिन्न व्यक्तियों के नाम पर फर्जी सीम कार्ड प्रयोग करते थे, जिसका साक्ष्य प्राप्त हुआ है। आशंका है कि एसडीपीओ गौतम कुमार अवैध धन उगाही में फर्जी सीम का इस्तेमाल करते थे। इसके अलावा इनके स्थानीय कोयला, शराब, इन्ट्री, लॉटरी माफियाओं एवं सुपारी तस्करों से मधुर संबंध होने की भी जानकारी प्राप्त हुई है। जिस संबंध में सत्यापन किया जा रहा है।
पाली में 65 साल की महिला की गला काटकर हत्या कर दी गई। आरोपी पैर काटकर गहने भी ले गए। महिला का शव बुधवार रात करीब 8:30 बजे सूखे तालाब में मिला। मामला मारवाड़ जंक्शन थाना क्षेत्र के काराड़ी गांव का है। SHO राजेंद्र कुमार ने बताया- प्यारी देवी पत्नी स्वर्गीय रामलाल का लहूलुहान शव मिला। उनके गले पर धारदार हथियार के गहरे घाव थे। दोनों पैर कटे हुए थे। कान और पैरों में पहने गहने भी गायब मिले। आशंका है कि बदमाशों ने पहले गला काटकर हत्या की। इसके बाद पैरों में पहने आधा किलो चांदी के कंडले निकालने की कोशिश की। जब वे नहीं खुले तो उन्होंने धारदार हथियार से दोनों पैर काट दिए और गहने लेकर फरार हो गए। एसपी मोनिका सैन ने भी मौके का निरीक्षण किया और टीम को हर एंगल से जांच के निर्देश दिए। खेत से नहीं लौटी, तालाब में मिली बॉडी परिजनों ने बताया- प्यारी देवी बुधवार दोपहर करीब 12 बजे खेत पर गई थीं। शाम तक नहीं लौटीं तो तलाश शुरू की। इस दौरान रात करीब 8:30 बजे गांव के सूखे तालाब में उनका शव मिला। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने रात 10:30 बजे शव को बाहर निकलवाकर मौके का निरीक्षण किया और जांच शुरू की। वारदात से पहले बेटी से हुई थी बात प्यारी देवी के दो बेटे पुणे (महाराष्ट्र) में रहते हैं। घटना से कुछ घंटे पहले प्यारी देवी की बेटी ने फोन किया था। इस दौरान उन्होंने बताया था कि वह खेत में पूजा करने आई है। साथ ही उन्होंने दो अनजान लड़कों के वहां केर तोड़ने की बात भी कही थी। पुलिस अब उन दोनों युवकों की पहचान करने में जुटी है। … ये खबर भी पढ़िए… महिला के पैर काटकर 2.5 किलो चांदी के कड़े लूटे:गला रेतकर हत्या की, घटना से गुस्साए लोगों ने जाम लगाया सवाई माधोपुर में चांदी के कड़ों के लिए 65 साल की महिला बेरहमी से हत्या कर दी गई। बदमाशों ने पहले महिला का गला काटा, इसके बाद दोनों पैर काटकर अलग कर दिए। पूरी खबर पढ़िए
डॉक्टर और इंजीनियर बनने का सपना लेकर कोटा आने वाले देश भर के लाखों स्टूडेंट्स के लिए इस बार राहत भरी खबर है। नया सेशन शुरू होते ही स्टूडेंट्स का कोटा पहुंचना शुरू हो गया है, लेकिन इस बार उन्हें न तो महंगे कमरों की चिंता है और न ही बढ़ती फीस की। कोचिंग संस्थान इस बार 50 फीसदी तक स्कॉलरशिप दे रहे हैं। करीब 3 साल पहले तक जिस कोटा में स्टूडेंट्स को 15 हजार रुपए में भी कमरा मिलना मुश्किल हो रहा था, वहां अब 9 से 11 हजार रुपए में एसी, खाना और लॉन्ड्री जैसी सुविधां के साथ बेहतरीन विकल्प उपलब्ध हैं। कोटा में हॉस्टलों के अलावा कई पीजी भी हैं। पीजी में पहले किराया 5 से 6 हजार रुपए था। वर्तमान में 2 से 4 हजार रुपए लिए जा रहे हैं। 4 हजार रुपए भी बड़े हॉलनुमा कमरे का किराया है, जिसमें बिजली-पानी भी शामिल है। हॉस्टल एसोसिएशन का फैसला- 11 हजार से ज्यादा किराया नहींहॉस्टल एसोसिएशन के अध्यक्ष नवीन मित्तल ने बताया कि कोरोना के बाद अचानक स्टूडेंट्स की संख्या 1.90 लाख तक पहुंच गई थी, जिससे डिमांड बढ़ने पर रेट 15 हजार तक चले गए थे। अब स्थिति नियंत्रण में है। हॉस्टल संचालकों को 9 हजार से 11 हजार रुपए तक किराया रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें रूम, एसी, खाना, लॉन्ड्री और सफाई शामिल है। कभी सबसे महंगा रहने वाले राजीव गांधी नगर इलाके में अब 3 हजार रुपए तक में कमरे उपलब्ध हैं। कोचिंग संस्थानों ने भी बढ़ाया हाथ, नहीं बढ़ेगी फीसमिडिल क्लास परिवारों को राहत देने के लिए इस साल कोचिंग संस्थानों ने अपनी फीस में कोई बढ़ोतरी नहीं करने का निर्णय लिया है। साथ ही, अब हॉस्टलों में महीनों का एडवांस किराया लेने की प्रथा पर भी रोक लगा दी गई है। स्टूडेंट्स की काउंसिलिंग से लेकर 24 घंटे की हेल्पलाइन सेवा भी दी जा रही है। टेस्ट में अच्छे नंबर लाइए, फीस में छूट पाइएकोटा में 50 से ज्यादा छोटे-बड़े कोचिंग संस्थान हैं। इनमें NEET और JEE की तैयारी करवाई जाती है। स्टूडेंट्स को राहत देते हुए इंस्टीट्यूट्स ने इस बार फीस में कोई बढ़ोतरी नहीं की है। इसके अलावा स्टूडेंट्स के लिए स्कॉलरशिप टेस्ट भी करवाए जा रहे हैं। इसमें बच्चों को 50 प्रतिशत तक स्कॉलरशिप दी जा रही है। सामाजिक सारोकार के तहत चुनिंदा बच्चों को फ्री में रहने, खाने और पढ़ाने की सुविधा भी दी जा रही है। कोचिंग इंस्टीट्यूट्स में कोर्स के हिसाब से अलग-अलग फीस है, जो 80 हजार से लेकर 1.50 लाख रुपए तक है। सामान्यत: बड़े कोचिंग इंस्टीट्यूट में NEET स्टूडेंट्स से एक लाख 35 हजार और IIT की तैयारी करवाने के लिए डेढ़ लाख की फीस ली जा रही है। तीन साल पहले 15 हजार में भी नहीं मिलते थे कमरेकोटा में 3 साल पहले ऐसा समय आया था, जब स्टूडेंट्स को हॉस्टलों में 15 हजार रुपए तक में भी कमरे नहीं मिल रहे थे। अब स्टूडेंटस के लिए हॉस्टल में कमरों के कई विकल्प (ऑपशन) मौजूद हैं। स्टूडेंट अपने बजट के अनुसार कमरा ले सकता है। हॉस्टल एसोसिएशन अध्यक्ष नवीन मित्तल ने बताया कि कोटा में वर्तमान में स्टूडेंट्स के बजट में हॉस्टल में कमरे मिल रहे है। उन्होंने बताया कि कोरोना के बाद स्टूडेंट्स की संख्या काफी बढ़ गई थी। उस समय करीब 1 लाख 90 हजार स्टूडेंट्स कोटा में थे। काफी डिमांड होने की वजह से कई हॉस्टल काफी महंगे हो गए थे। स्टूडेंट्स से 15 हजार रुपए तक वसूले जा रहे थे। अब जब स्टूडेंट्स की संख्या कम हुई है तो उनकी सहूलियत को ध्यान में रखते हुए हॉस्टल संचालकों को कहा गया है कि हॉस्टल में 9 हजार से लेकर 11 हजार रुपए तक किराया ही तय रखें। राजीव गांधी नगर एरिया में कई हॉस्टलों में 3 हजार रुपए तक में कमरा किराए पर लेने के बोर्ड लगे हुए हैं। पहले यहां कमरे के लिए 11 हजार रुपए तक वसूले जाते थे। हॉस्टल्स में बायोमीट्रिक अटेंडेंस, सुरक्षा का पूरा ध्यानहॉस्टल एसोसिएशन के अध्यक्ष नवीन मित्तल बताते हैं- बच्चों की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। ज्यादातर हॉस्टल्स में बायोमीट्रिक अटेडेंस सिस्टम है। यहां हॉस्टल में आने और जाने का समय रिकॉर्ड रहता है। इसके अलावा इसकी सूचना बच्चों के माता-पिता को भी दी जाती है। कमरों में एंटी हैंगिग डिवाइस पहले से ही इंस्टॉल है। रात 10 बजे बाद बच्चों को बाहर जाने की अनुमति नहीं रहती है। हर स्टूडेंटस से वार्डन रोज संपर्क करते हैं। कॉशन (सिक्योरिटी) मनी लेना बंद कर दिया गया है। मेस में मेन्यू के आधार पर कीमतकोटा में हॉस्टल मेस के अलावा ओपन मेस भी चलते हैं। इनमें 3 हजार से 3500 रुपए तक में बच्चों को आसानी से खाना मिल रहा है। मेस की रेट में कोई बदलाव नहीं किया गया है। मेन्यू के आधार पर अलग-अलग मेस का अलग-अलग रेट है। बच्चे मेस में आकर खाना खा सकते हैं या उनके पीजी रूम तक मेस की तरफ से टिफिन भिजवाया जाता है। बच्चों के लिए 24 घंटे हेल्पलाइन कोचिंग स्टूडेंट्स के लिए ASWS (ऑल स्टूडेंटस वेलफेयर सोसायटी) भी काम कर रही है, जिसमें कोचिंग संस्थानों के मेंटर्स काम करते है। जैसे- एमपी–हरियाणा से आए स्टूडेंट्सकोटा में पिछले एक साल से NEET की तैयारी कर रहे हरियाणा के हर्ष मलिक ने अपने छोटे भाई रक्षित को भी कोचिंग के लिए कोटा बुलाया है। हर्ष ने बताया यहां पर फैकल्टी दूसरी जगह से काफी अच्छी है। टीचर्स का सपोर्ट रहता है ताकि बच्चा अपना बेस्ट दे सके। हरियाणा में इतनी अच्छी व्यवस्था नहीं है, जितनी यहां है। निगेटिव बातों को लेकर हर्ष ने कहा- ऐसी बात तब आती है, जब स्टूडेंट अपना 100 फीसदी नहीं दे रहा होता है। रीवा (मध्य प्रदेश) के नमन ने भी इसी साल कोटा में एडमिशन लिया है। उसके साथ दोस्त श्रीकांत भी कोटा पहली बार आया है। नमन ने बताया कि कोटा का रिव्यू बहुत अच्छा है। यहां पढ़ाई का माहौल है। यहां हॉस्टल के ऑप्शन हैं और खाने की भी कोई दिक्कत नहीं है। एक स्टूडेंट साल में साढ़े 3 से 4 लाख रुपए खर्च करता है। पेरेंट्स बोले– कोटा में अच्छा माहौल, रिजल्ट बेहतरप्रतापगढ़ (यूपी) से आए राजेंद्र सरकारी टीचर हैं। उन्होंने बताया कि जेईई की तैयारी के लिए बेटे का एडमिशन करवाने कोटा आए हैं। हमारी तरफ के कई बच्चे कोटा में पढे़ हैं। उन्होंने बेटे को कोटा पढ़ाने की सलाह दी थी। हमने पटना भी जाकर पता किया था, लेकिन वहां वैसा माहौल नहीं था। हनुमानगढ़ से आए नरेश कुमार ने बताया- उनकी बेटी कोलकाता रहती है। वह अपने बच्चे का एडमिशन करवाने के लिए कोटा आई है। उसके साथ कोटा आया हूं। कोटा का ऑल ओवर सिनेरियो बहुत अच्छा है। पिछले सालों के रिजल्ट देखे हैं। उनका आउटपुट देखने के बाद ये निर्णय लिया है।
पंचकूला में एक चलते ट्रक में अचानक से आग लग गई। कुछ ही देर में ट्रक आग की चपेट में आ गया और जलकर राख हो गया। ट्रक से धुंआ उठता देख ट्रक में मौजूद दोनों ड्राइवर पहले ही कूद गए थे। फायर ब्रिगेड टीम ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। पंचकला में जीरकपुर-शिमला नेशनल हाईवे पर पिंजौर-सूरजपुर के पास एक चलते ट्रक में अचानक आग लग गई। सूचना मिलते ही अमरावती चौकी इंचार्ज प्रीतम सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने तुरंत फायर स्टेशन कालका को सूचित किया। फायर ब्रिगेड की टीम ने मौके पर पहुंचकर कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। ड्राइवर बोला- एक घंटे बाद पहुंची फायर टीम ट्रक ड्राइवर मोहम्मद मोनीश और ट्रक मालिक रियाज खान ने बताया कि ट्रक में कुल 299 क्विंटल गेहूं लदा था। वे यूपी के शहजानपुर से हिमाचल के सोलन जिले की बद्दी मंडी में जा रहे थे। हादसे में पूरी गेहूं जल गई। ड्राइवर मोहम्मद मोनीश ने बताया कि हादसे के 1 घंटे के बाद फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची और तब तक ट्रक पूरी तरह से जल चुका था। हालांकि वे खुद आग लगने के दौरान कूद गए, जिसके कारण उनकी जान बच गई।
तीन पेट्रोल पंपों का अनुबंध निलंबित:ईंधन का उठान न करने पर प्रशासन ने की कार्रवाई
सिद्धार्थनगर में ईंधन वितरण में आ रही दिक्कतों के बीच प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन के अनुमोदन के बाद तीन पेट्रोल पंपों का अनुबंध तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। जिला पूर्ति अधिकारी देवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि वर्तमान परिस्थितियों में ईंधन की उपलब्धता बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। इसके बावजूद, जनपद के तीन पेट्रोल पंप—मे० किसान सेवा केन्द्र हरिजोत इटवा, मे० सावित्री देवी बेचन लाल, सेखुई डुमरियागंज तथा मे० अवध किसान सेवा केन्द्र मस्जिदिया इटवा—द्वारा पिछले दो सप्ताह से अधिक समय से पेट्रोल और डीजल का उठान नहीं किया जा रहा था। उन्होंने जानकारी दी कि इन पंप संचालकों को कई बार लिखित और मौखिक निर्देश दिए गए थे कि वे तत्काल ईंधन का उठान कर वितरण सुनिश्चित करें। इन निर्देशों के बावजूद कोई अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई, जिसके कारण संबंधित क्षेत्रों में उपभोक्ताओं को पेट्रोल और डीजल मिलने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। जिला पूर्ति अधिकारी के अनुसार, इस स्थिति से न केवल आमजन प्रभावित हुए, बल्कि अफवाहों को भी बढ़ावा मिला, जिससे व्यवस्था पर प्रतिकूल असर पड़ा। इसे गंभीर उल्लंघन मानते हुए “उत्तर प्रदेश हाई स्पीड डीजल आयल (सम्भरण बनाये रखना एवं वितरण) आदेश 1981 (यथा संशोधित)” के तहत कार्रवाई की गई है। जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने स्पष्ट किया कि आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बुलंदशहर जेल प्रशासन लव ट्राइएंगल में अक्षर (साक्षर) की हत्या के आरोपी ट्रांसजेंडर अमन उर्फ अवंतिका को लेकर अलर्ट हो गया है। बुलंदशहर जेल में करीब 2500 कैदियों में अमन इकलौता ट्रांसजेंडर बंदी है। जेल अधीक्षक कोमल मंगलानी ने बताया कि उसे पुरुष और महिला कैदियों से अलग एक हाई-रिस्क सेल में रखा जाएगा। यह मामला 30 मार्च का है, जब साक्षर का दोस्त देवेश उसे घर से अपने साथ ले गया था। देवीपुरा के एक सीसीटीवी कैमरे में रात करीब 10:48 बजे दोनों को साथ जाते हुए देखा गया। इसके बाद साक्षर घर नहीं लौटा। मंगलवार को परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने देवेश को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। देवेश के कबूलनामे के आधार पर पुलिस ने किन्नर अमन उर्फ अवंतिका (30), दीपक (23) और शुभम (26) को भी गिरफ्तार किया। पूछताछ में सभी आरोपियों ने साक्षर की हत्या कर शव को चंदेरु गांव के एक बाग में जमीन में गाड़ने की बात स्वीकार की। देवेश ने बताया कि उसने दीपक और शुभम के साथ मिलकर बाग में शराब पार्टी की थी, जिसके बाद तीनों ने साक्षर की हत्या कर दी। एसपी सिटी शंकर प्रसाद ने बताया कि किन्नर अमन घटनास्थल पर पहले से मौजूद था। अमन, दीपक और शुभम ने मिलकर साक्षर की हत्या की। पुलिस के अनुसार, अमन का साक्षर और दीपक दोनों के साथ संबंध था। साक्षर, अमन उर्फ अवंतिका पर शारीरिक संबंध बनाने का दबाव बना रहा था। इसी बात को लेकर अमन ने दीपक से बात की और साक्षर की हत्या की साजिश रची गई।
किशनगंज सदर थाना क्षेत्र के डुमरिया भट्टा रोड से एक नाबालिग लड़की के लापता होने का मामला सामने आया है। लापता नाबालिग के पिता ने सदर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है, जिसमें बंगाल के एक युवक पर बहला-फुसलाकर ले जाने का आरोप लगाया गया है। दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, यह घटना 27 मार्च को हुई। नाबालिग लड़की घर से धर्मगंज चौक की ओर निकली थी, लेकिन शाम तक वापस नहीं लौटी। परिवार ने काफी खोजबीन की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। नाबालिग को घर में कैद करके रखने का आरोप बाद में परिजनों को जानकारी मिली कि बंगाल का एक युवक लड़की को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है। आरोप है कि युवक ने नाबालिग को किसी घर में कैद करके रखा हुआ है। परिजनों ने पुलिस को बताया कि लड़की अभी नाबालिग है और इस घटना से पूरा परिवार सदमे में है। उन्होंने पुलिस से जल्द से जल्द बेटी की सुरक्षित बरामदगी की मांग की है। सदर थानाध्यक्ष अभिषेक रंजन ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। उन्होंने कहा कि पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और जल्द ही नाबालिग लड़की को बरामद कर लिया जाएगा। आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मुजफ्फरनगर के खतौली कस्बे में बुधवार को श्री बालाजी जन्मोत्सव की पूर्व संध्या पर निकल रही शोभायात्रा के दौरान एक हादसा हो गया। शोभायात्रा में शामिल एक ट्रैक्टर-ट्रॉली अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े श्रद्धालुओं से टकरा गई, जिससे 6 से 8 लोग घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शोभायात्रा में कलाकार विभिन्न वेशभूषा में अपनी प्रस्तुति दे रहे थे। इसी दौरान झांकी में शामिल ट्रैक्टर-ट्रॉली का संतुलन अचानक बिगड़ गया और वह भीड़ की ओर बढ़ गई। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। तुरंत बाद, मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों और स्थानीय लोगों ने घायलों को संभाला और उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया। फिलहाल हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। प्रशासन द्वारा भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा भी की जा रही है। इस घटना का एक लाइव वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया। फिलहाल हादसे के कारणों की जांच की जा रही है, वहीं प्रशासन द्वारा सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर भी समीक्षा की जा रही है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। ट्रैक्टर ट्राली की चपेट में आकर मेरठ के जयदेव नगर निवासी शिल्पा, मेरठ के लाल कुर्ती निवासी नेहा उर्फ संजना, हिमांशु भुड़ खतौली निवासी विमल ओर दानिश घायल हो गए खतौली सीएससी में उपचार के बाद नेहा उर्फ संजना हिमांशु और विमल को हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है
कानोड़ नगर पालिका में जोशीला तालाब स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर परिसर में 12 दिवसीय धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम चल रहा है। इसी कड़ी में आज महाभारत के प्रसिद्ध प्रसंग 'द्रोपदी चीर हरण' का मंचन किया गया। मंचन के लिए सुबह से ही तैयारियां की गईं। मंच को आकर्षक रूप से सजाया गया है और उत्कृष्ट प्रकाश एवं ध्वनि व्यवस्था की गई ताकि दर्शक पौराणिक प्रसंग का सजीव अनुभव कर सकें। मंदिर व्यवस्थापक भूपेंद्र कुमार जोशी ने बताया कि वृंदावन से आए कलाकारों ने अपने अभिनय से महाभारत कालीन घटनाओं को जीवंत किया। 2 अप्रैल को हनुमान जयंती के अवसर पर मंदिर परिसर में सुंदरकांड पाठ, हवन और महाप्रसाद का आयोजन किया जाएगा। हनुमान जयंती समारोह में क्षेत्रीय विधायक उदयलाल डांगी मुख्य अतिथि होंगे।
बालोतरा जिले के धोरीमन्ना थाना पुलिस ने ऑपरेशन विषदमन के तहत 10 हजार रुपए के इनामी आरोपी मुकेश कुमार को गिरफ्तार किया है। आरोपी चित्तौड़गढ़ जिले के एनडीपीएस और आर्म्स एक्ट के मामले में पिछले 5 साल से फरार था। पुलिस टीम ने उसके संभावित ठिकानों पर दबिश देकर उसे उसके घर से पकड़ा। गिरफ्तारी के बाद चित्तौड़गढ़ पुलिस को सूचना दे दी गई है। स्पेशल अभियान में की गई कार्रवाई एसपी रमेश आईपीएस ने बताया कि मादक पदार्थ तस्करी के मामलों में वांटेड आरोपियों को पकड़ने के लिए ऑपरेशन विषदमन चलाया जा रहा है। एएसपी हरफूल सिंह और डीएसपी सुखराम विश्नोई के सुपरविजन में थानाधिकारी दीपसिंह के नेतृत्व में टीम गठित की गई थी। टीम ने लगातार दबिश देकर आरोपी को पकड़ा। पांच साल से फरार था आरोपी गिरफ्तार आरोपी मुकेश कुमार पुत्र राजूराम निवासी गडरा नेडी नाडी थाना धोरीमन्ना पिछले करीब 5 साल से फरार चल रहा था। पुलिस उसकी तलाश में लगातार कार्रवाई कर रही थी। चित्तौड़गढ़ में दर्ज है केस आरोपी के खिलाफ 10 नवंबर 2020 को चित्तौड़गढ़ जिले के सादड़ी थाने में एनडीपीएस और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज है। इसके अलावा आरजीटी और धोरीमन्ना थाने में भी उसके खिलाफ केस दर्ज हैं। संबंधित पुलिस को दी गई सूचना आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद धोरीमन्ना पुलिस ने सादड़ी थाना पुलिस को सूचना दे दी है। अब आगे की कार्रवाई संबंधित थाना पुलिस द्वारा की जाएगी।
थाने से 20 कदम दूर चोरी,70 हजार का माल पार:पौन घंटे तक दुकान में रहा चोर, दो दिन तक दर्ज नहीं की FIR
कोटा शहर के गुमानपुरा थाना क्षेत्र में चोरी की एक हैरान करने वाली वारदात सामने आई है, जिसने पुलिस व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां थाने से महज 20 कदम की दूरी पर स्थित एक बेकरी और चाय की दुकान को चोरों ने निशाना बनाया और करीब 70 हजार रुपए का सामान चोरी कर फरार हो गए। घटना 31 मार्च की तड़के करीब 3:30 बजे की है, जब एक अज्ञात चोर दुकान के शटर के दोनों ताले तोड़कर अंदर घुसा। सीसीटीवी फुटेज के मुताबिक चोर करीब पौन घंटे तक दुकान के अंदर रहा और आराम से सामान समेटता रहा। इस दौरान शटर करीब एक फीट तक खुला रहा, लेकिन न तो पुलिस को भनक लगी और न ही आसपास से गुजरने वाले किसी व्यक्ति ने ध्यान दिया। चोरी की खास बात यह है कि जिस दुकान को निशाना बनाया गया, वहां अक्सर थाने का स्टाफ चाय पीने आता है और दुकान थाने से साफ दिखाई भी देती है। इसके बावजूद इतनी बड़ी वारदात होना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। फिलहाल, इस घटना ने शहर में कानून-व्यवस्था और पुलिस की सतर्कता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दुकानदार अमित चौधरी के अनुसार, चोर दुकान से महंगी सिगरेट, गुटखे के पैकेट, चिल्लर से भरे पांच बड़े बॉक्स और खाने-पीने का अन्य सामान चुरा ले गया। उन्होंने बताया कि घटना की सूचना तुरंत पुलिस को दी गई थी और मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों को सीसीटीवी फुटेज भी दिखाया गया। आरोप है कि रिपोर्ट देने के बावजूद दो दिन तक उन्हें एफआईआर की कॉपी नहीं दी गई और न ही दस्तखत के लिए बुलाया गया। इससे पीड़ित व्यापारी में नाराजगी है। गुमानपुरा सीआई महेश कारवाल का कहना है कि रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है और आरोपी की तलाश के लिए टीम गठित कर दी गई है। पुलिस का दावा है कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
मुजफ्फरपुर में भोजपुरी सिंगर खेसारी लाल यादव के कार्यक्रम में जमकर बवाल हुआ। 'बाबू अर्जुन मेला' में भीड़ अनियंत्रित हो गई। प्राइवेट गार्ड्स को लाठीचार्ज करना पड़ा, जिसके जवाब में लोगों ने जमकर पत्थरबाजी की। झड़प में कई लोग घायल हो गए। भोजपुरी स्टार खेसारी लाल यादव जैसे ही मंच पर पहुंचे लोगों ने हूटिंग शुरू कर दी, और स्टेज पर जूते-चप्पल फेंकने लगे। इस मेले में ही दो दिन पहले भी स्टेज पर ऑर्केस्ट्रा डांसर्स के बीच मारपीट हुई थी। इसका भी वीडियो सामने आया था। पहले खेसारी के कार्यक्रम में बवाल की तस्वीरें देखिए सेल्फी लेने के लिए मंच पर चढ़ने लगे लोग दरअसल, औराई विधानसभा क्षेत्र के बीजेपी के पूर्व विधायक रामसूरत राय मेले का आयोजन करा रहे हैं। बुधवार को भोजपुरी स्टार खेसारी लाल यादव का प्रोग्राम था। खेसारी लाल यादव ने पशु मेले में पहुंचकर मंच पर जैसे ही गाना शुरू किया, हूटिंग शुरू हो गई। लोग मंच की तरफ बढ़ने लगे। लोग खेसारी के साथ सेल्फी लेना चाहते थे। मेला में तैनात प्राइवेट गार्ड ने लोगों को रोकने की कोशिश की तो दर्शकों और गार्ड्स के बीच मारपीट शुरू हो गई। लोगों ने मंच पर भी पत्थर फेंकना शूरू कर दिया। माहौल बिगड़ते देख खेसारी लाल यादव वहां से निकल गए। आयोजकों ने पूरे इंतजाम नहीं किए- एसएसपी मुजफ्फरपुर के एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने कहा, मेले के आयोजन के लिए अनुमति ली गई थी, जिसके आधार पर 150 पुलिसकर्मी, चार थानों के प्रभारी और एक डीएसपी को तैनात किया गया था। हालांकि, एसएसपी ने स्पष्ट रूप से आयोजकों पर अव्यवस्था का आरोप लगाया। स्टेज पर आपस में भिड़ गईं थी आर्केस्ट्रा गर्ल्स पूर्व मंत्री के अर्जुन बाबू मेले में यह तीसरी बार झड़प हुई है। इससे पहले एक आर्केस्ट्र गर्ल्स के बीच किसी बात को लेकर स्टेज पर मारपीट हुई थी। पहले कलाकारों के बीच बहस हुई, लेकिन कुछ ही पलों में मामला हाथापाई तक पहुंच गया। वीडियो में देखा जा सकता है कि डांसर एक-दूसरे के बाल खींचते और मारपीट करते नजर आई थीं। इस दौरान मंच पर अफरातफरी का माहौल बन गया, जबकि आसपास मौजूद लोग बीच-बचाव करते दिखे।
रतलाम में हनुमान जयंती 2 अप्रैल (गुरुवार) को श्रद्धा, भक्ति भाव के साथ मनाई जाएगी। शहर के प्रमुख बरबड़ हनुमान मंदिर, श्री मेहंदी कुई बालाजी मंदिर समेत अनेक हनुमान देवालयों पर धार्मिक आयोजन होंगे। मंदिरों को आकर्षक रोशनी से सजाया गया है। चल समारोह भी निकेलगा। हनुमान जयंती के एक दिन पहले से मंदिरों में धार्मिक आयोजन का सिलसिला शुरू हो गया। सैलाना रोड स्थित श्री बरबड़ हनुमान मंदिर पर मेले का आयोजन किया जा रहा है। गुरुवार को सुबह से देर तक मंदिर पर दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ेगी। नगर निगम तिराहा स्थित श्री मेहंदी कुई बालाजी मंदिर, साहू बावड़ी स्थित हनुमान मंदिर, ऑफिसर कॉलोनी स्थित श्री पंचमुखी हनुमान मंदिर समेत शहर के अनेक हनुमान देवालयों में महाआरती कर धार्मिक आयोजन होंगे। जवाहर नगर वन विभाग परिसर स्थित श्री सूर्यमुखी हनुमान मंदिर पर सुबह 10.30 बजे महाआरती कर भंडारे का आयोजन किया जाएगा। दोपहर 4 बजे शाही सवारी निकाली जाएगी। सनातन सोशल ग्रुप लस्सी का करेगा वितरण मेले में आने वाले भक्तों के लिए श्री राम मंदिर से लेकर सैलाना रोड तक कई सामाजिक संस्थाओं, संगठनों, नवयुवकों द्वारा खान-पान, खाद्य पदार्थों की स्टॉल लगाकर भक्तों का स्वागत किया जाएगा। मेला परिसर को भी आकर्षक विद्युत रोशनी से सजाया गया है। सनातन सोशल ग्रुप द्वारा सैलाना रोड पर स्टॉल लगाकर 3 टन केसरिया लस्सी का वितरण शाम 7 बजे से किया जाएगा। सनातन सोशल ग्रुप संयोजक मुन्नालाल शर्मा और अध्यक्ष अनिल पुरोहित ने बताया बालाजी महाराज के जन्म उत्सव पर सनातन सोशल ग्रुप द्वारा केसरिया लस्सी का वितरण कर हनुमान का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा। रुट डायवर्ट रहेगा शहर में हनुमान जयंती पर बड़ा कार्यक्रम बरबड़ हनुमान मंदिर का मेला होता है। शाम से यहां पर हजारों की संख्या में बालाजी के दर्शन करने व मेले में पहुंचते है। इसको देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने डायवर्सन प्लान तैयार किया है। मेले के दौरान यह रहेगा प्लान मेले में आने वालों के लिए यहां रहेगी पार्किंग
आज हनुमान जयंती है, प्रदेशभर में हनुमान मंदिरों में बजरंग बली का जन्मोत्सव मनाया जा रहा है। आज बात राजस्थान के ऐसे मंदिर की जिनकी मूर्ति सालासर बालाजी के साथ निकली थी। मान्यता है दोनों मूर्तियां खेत में एक साथ खुदाई के प्रकट हुई थी। ठाकुर ने सपने में हनुमान जी के आदेश पर मूर्तियों को 2 बैलगाड़ियों में रखा और उन्हें रवाना किया। बैल जहां-जहां रुके वहीं मंदिर बना दिए गए। एक बैल लाडनूं से 33 किमी दूर सालासर में रूका। जिसे आज दुनिया में सालासर बालाजी के नाम से जाना जाता है। वहीं एक बैल आसोटा से निकलकर 1 किमी दूर पाबोलाव तालाब में रुका। ये वहीं दूसरी मूर्ति थी जिसने खेत में खुदाई के दौरान दर्शन दिए थे। सिद्धपीठ पाबोलाव धाम के पीठाधीश्वर कहते हैं- यहां ऐसे सन्यासी हुए जो सिंह बनकर लोगों की रक्षा करते थे। नागौर के लाडनूं से 5 किमी दूर है आसोटा यहां स्थित हैं अग्रसिद्धपीठ पाबोलाव धाम पढ़िए पाबोलाव सिद्धपीठ की कहानी… 1811 में एक साथ मिली थी मूर्तियां पाबोलाव पीठाधीश्वर स्वामी कमलेश्वर भारती बताते हैं- सालासर के हनुमान जी और पाबोलाव के बाल हनुमान जी की प्रतिमाएं एक ही साथ आसोटा के एक खेत में निकली थी। यह दोनों ही प्रतिमाएं विक्रम संवत 1811 में एक खेत की जुताई के वक्त मिली थी। भारती कहते हैं- लाडनूं के छोटे से गांव आसोटा में एक किसान मोटाराम घीन्टाला अपने खेत में हल से जुताई कर रहे थे। इसी दौरान उनका हल खेत में रुक गया और बेल आगे नहीं बढ़ पाए। इस जगह किसान ने खुदाई की तो वहां बड़ा पत्थर नजर आया। जब इसको बाहर निकाला तो हनुमान जी की दो मूर्तियां निकली। मान्यता: हनुमान जी ने सपने में आकर दिया था आदेश भर्ती बताते हैं- किसान ने इस घटना की जानकारी गांव के ठाकुर को दी तो ठाकुर ने मूर्तियां अपने गढ़ में रखवा ली। रात को सोते समय ठाकुर को सपने में हनुमान जी ने आवाज लगाई। आदेश दिया कि सुबह मेरी मूर्तियों को दो बैल गाड़ियों में रवाना कर देना और जहां भी बैल रुके वहीं इनकी स्थापना कर देना। मान्यता के अनुसार, सुबह ठाकुर ने अपने सपने की बात सभी गांव वालों को बताई और दोनों मूर्तियों को बैलों पर रख कर रवाना किया गया। दोनों बैल गाड़ियों में से एक आसोटा से निकलकर 1 किमी दूर पाबोलाव तालाब के पास रुक गई। जैसा कि सपने में आदेश था ग्रामीणों ने उसी स्थान पर बाल हनुमान जी की मूर्ति वहीं स्थापित कर दी। दूसरी बेल गाड़ी यहां से 33 किमी दूर सालमसर जिसे आज हम सालासर के नाम से जानते हैं वहां जाकर रुकी। जिसकी स्थापना वहीं पर कर दी गई। आज वह स्थान सालासर बालाजी धाम के नाम से प्रसिद्ध है। शेर का रूप धारण कर लेते थे सन्यासी भारती ने बताया- पाबोलाव हनुमान मंदिर की है कि यहां लगातार 7 फेरी लगाने से हर मन्नत पूरी होती है। यह मंदिर पाबू जी राठौड़ द्वारा बनाए गए प्राचीन तालाब के किनारे बना हुआ है। यहां कई सिद्ध महात्माओं ने तपस्या की। किवंदती है कि यहां के एक सन्यासी बलभद्र भारती थे। वे अपने तपोबल से सिंह का रूप धारण कर लेते थे। इसके बाद शेर बन कर वे लोगों की रक्षा करते थे। भारती ने बताया- इस प्रतिमा में हनुमान जी बालस्वरूप में हैं। दाएं हाथ में पहाड़ और बाएं हाथ में गदा लिए हुए है। यह प्रतिमा हवा में उड़ते हुए प्रतीत होती है। पाबोलाव के इस सिद्धपीठ में मंगलवार और शनिवार के अलावा पूर्णिमा को भी भक्तों का तांता लगता है। मंदिर में वर्षभर धार्मिक आयोजन होते रहते हैं। स्थानीय लोगों के साथ साथ पंजाब और हरियाणा तक से श्रद्धालु यहां दर्शन करने आते हैं। सालासर जाने वाले श्रद्धालु भी यहां धोक लगाने जरूर आते हैं।
छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित रामावतार जग्गी हत्याकांड मामले में आज यानी गुरुवार को अंतिम सुनवाई होगी। इसके लिए हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस अरविंद वर्मा की स्पेशल डिवीजन बेंच गठित की गई है। मामले में सीबीआई ने 11000 पन्ने की जांच रिपोर्ट पेश की है, जिसमें अमित जोगी के खिलाफ भी चार्ज लगा है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर इस मामले को हाईकोर्ट में फिर से खोला गया है। इससे पहले हुई सुनवाई में हाईकोर्ट ने अंतिम सुनवाई के लिए 1 अप्रैल की तारीख तय की थी। बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान डिवीजन बेंच में सतीश जग्गी, सीबीआई, राज्य सरकार और अमित जोगी के वकील मौजूद रहे। बुधवार को केस की सुनवाई के दौरान अमित जोगी के वकील ने कोर्ट को बताया कि उन्हें केस की फाइल उपलब्ध नहीं कराई गई है, इसलिए जवाब देने के लिए समय दिया जाए। हालांकि, हाईकोर्ट ने समय देने से इनकार कर दिया और सीबीआई के वकील को निर्देश दिया कि फाइल तुरंत उपलब्ध कराई जाए। CBI की जांच रिपोर्ट पर टिकी निगाहें दरअसल पहले सीबीआई ने इस हत्याकांड में अमित जोगी के साथ ही 29 लोगों को आरोपी बनाया था। उनमें से 28 को सजा मिली और 1 अभियुक्त अमित जोगी बाइज्जत बरी कर दिए गए थे। ऐसे में अब दोबारा केस खुलने के बाद सीबीआई की 11000 पन्नों की जांच रिपोर्ट पर निगाहें टिकी हुई है। हत्याकांड के दोषियों की अपील खारिज डिवीजन बेंच ने 2 साल पहले रामावतार जग्गी हत्याकांड के दोषियों की अपील को खारिज कर दिया था, जिसमें डिवीजन बेंच ने आजीवन कारावास की सजा को बरकरार रखा था। वहीं सुप्रीम कोर्ट ने CBI की अपील स्वीकार करते हुए मामला फिर से छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट भेजने का निर्देश दिया था, जिससे मामले पर विस्तार से सुनवाई हो सके। हत्याकांड के बाद पुलिस की शुरूआती जांच में पक्षपात और असंतोष के आरोप लगने पर राज्य सरकार ने जांच CBI को सौंपी थी, तब CBI ने अपनी जांच में पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के बेटे अमित जोगी समेत कई लोगों पर हत्या और साजिश के आरोप लगाए थे। हालांकि सबूतों के अभाव में अमित जोगी को बरी कर दिया गया था, लेकिन अब केस रिओपन होने के बाद कानूनी जानकारों का कहना है कि अमित जोगी को जमानत लेनी होगी। 2003 में गोली मारकर की गई थी हत्या 4 जून 2003 को एनसीपी नेता रामावतार जग्गी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में 31 अभियुक्त बनाए गए थे, जिनमें से बल्टू पाठक और सुरेंद्र सिंह सरकारी गवाह बन गए थे। अमित जोगी को छोड़कर बाकी 28 लोगों को सजा मिली थी। हालांकि 31 मई 2007 को रायपुर की विशेष अदालत ने सबूतों के अभाव में अमित जोगी को बरी कर दिया था। रामअवतार जग्गी के बेटे सतीश जग्गी ने अमित जोगी को बरी करने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी। जिस पर अमित के पक्ष में स्टे लगा था। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने केस को हाईकोर्ट भेज दिया। सतीश जग्गी का आरोप- तत्कालीन राज्य सरकार की प्रायोजित थी हत्या हाईकोर्ट में अपील पर रामावतार जग्गी के बेटे सतीश जग्गी के अमित जोगी की दोषमुक्ति के खिलाफ पेश क्रिमिनल अपील पर उनके अधिवक्ता बीपी शर्मा ने तर्क दिया था। उन्होंने बताया था कि हत्याकांड की साजिश तत्कालीन राज्य सरकार की ओर से प्रायोजित थी। जब CBI की जांच शुरू हुई, तब सरकार के प्रभाव में सारे सबूतों को मिटा दिया गया था। ऐसे केस में सबूत अहम नहीं हैं, बल्कि षड्यंत्र का पर्दाफाश जरूरी है। लिहाजा इस केस के आरोपियों को सबूतों के अभाव में दोषमुक्त नहीं किया जा सकता। जानिए कौन थे रामावतार जग्गी कारोबारी बैकग्राउंड वाले रामावतार जग्गी देश के बड़े नेताओं में शुमार पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल के बेहद करीबी थे, जब शुक्ल कांग्रेस छोड़कर NCP में शामिल हुए तो जग्गी भी उनके साथ-साथ गए। विद्याचरण ने जग्गी को छत्तीसगढ़ में NCP का कोषाध्यक्ष बना दिया था। हत्याकांड में 28 लोग पाए गए दोषी जग्गी हत्याकांड में अभय गोयल, याहया ढेबर, वीके पांडे, फिरोज सिद्दीकी, राकेश चंद्र त्रिवेदी, अवनीश सिंह लल्लन, सूर्यकांत तिवारी, अमरीक सिंह गिल, चिमन सिंह, सुनील गुप्ता, राजू भदौरिया, अनिल पचौरी, रविंद्र सिंह, रवि सिंह, लल्ला भदौरिया, धर्मेंद्र, सत्येंद्र सिंह, शिवेंद्र सिंह परिहार, विनोद सिंह राठौर, संजय सिंह कुशवाहा, राकेश कुमार शर्मा, (मृत) विक्रम शर्मा, जबवंत, विश्वनाथ राजभर दोषी पाए गए थे। 2 CSP, थाना प्रभारी समेत अन्य को हुई थी सजा इस हत्याकांड में उम्रकैद की सजा पाने वालों में 2 तत्कालीन CSP और एक तत्कालीन थाना प्रभारी के अलावा रायपुर मेयर एजाज ढेबर के भाई याहया ढेबर और शूटर चिमन सिंह शामिल हैं। ………………… इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… 23 साल पुराना जग्गी मर्डर केस फिर खुला:जोगी बोले- 11000 पन्नों का केस, कॉपी तक नहीं; सतीश बोले- ये एक बेटे की लड़ाई छत्तीसगढ़ के 23 साल पुराने बहुचर्चित जग्गी हत्याकांड में एक बार फिर सुनवाई शुरू हो गई है। 2003 में कांग्रेस नेता रामावतार जग्गी की रायपुर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मामले की जांच CBI को सौंपी गई थी, जिसमें कई आरोपियों को दोषी ठहराया गया, जबकि अमित जोगी को सबूत के अभाव में बरी कर दिया गया था। पढ़ें पूरी खबर…
सागर में गुरुवार को हनुमान जयंती मनाई जाएगी। हनुमान जयंती के मौके पर सुबह से बालाजी हनुमान मंदिर, गढ़पहरा हनुमान मंदिर, दादा दरबार, पहलवान बब्बा, परेड मंदिर समेत अन्य हनुमान मंदिरों में भक्तों की भीड़ उमड़ेगी। मंदिरों में धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन होगा। शाम को धर्म रक्षा संगठन के तत्वावधान में 22वें साल में विशाल शोभायात्रा निकाली जाएगी। शोभायात्रा में 7 ट्रॉलियों पर 7 चलित झांकियां आकर्षण का केंद्र रहेंगी। दिल्ली की राधा-कृष्ण झांकी सखियों संग रासलीला प्रस्तुत करेगी। वहीं मां काली के महिषासुर मर्दिनी नृत्य की प्रस्तुति होगी। गाजियाबाद की चार महाकालियों का चलित नृत्य, कानपुर से नंदी-अघोरी व शंकरजी समेत 10 कलाकारों की टीम शहर के प्रमुख चौराहों पर अपनी प्रस्तुतियां देंगे। इसके अलावा कालपी के बाहुबली शंकरजी और इंदौर के बाहुबली हनुमानजी भी शोभायात्रा में शामिल रहेंगे। महाआरती और हनुमान चालीसा का होगा पाठ शोभायात्रा सदर स्थित सिद्धेश्वर मंदिर कछयाना से शुरू होगी जो सदर के मुख्य मार्गों से होकर कबूलापुल, भगवानगंज, राहतगढ़ बस स्टैंड पुल, माता मढ़िया से कटरा बाजार होते हुए तीनबत्ती तिराहे पर पहुंचेगी। जहां विशाल मंच पर तीन राज्यों से आई विशेष झांकियों की आकर्षक प्रस्तुतियां दी जाएंगी। शोभायात्रा का समापन महाआरती, सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ के साथ होगा। शोभायात्रा में शामिल होंगे राजस्थान से आए ऊंट हनुमान प्रकटोत्सव पर सर्व सिद्धेश्वर हनुमान समिति चंपाबाग के तत्वावधान में शोभायात्रा निकाली जाएगी। शोभायात्रा में पंजाब, केरल और नेपाल के पारंपरिक नृत्यों की प्रस्तुतियां होंगी। विशेष रूप से केरल की प्रसिद्ध थेय्यम झांकियां लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र रहेंगी। केरल से आए 15 कलाकार ढोल-नगाड़ों की मनमोहक प्रस्तुति देंगे। वहीं राजस्थान से आए 7 ऊंट भी शोभायात्रा में शामिल होंगे। यात्रा चंपाबाग मंदिर से शुरू होकर बड़ा बाजार, कोतवाली, तीनबत्ती, कटरा बाजार से होकर निकलेगी। इस दौरान रंग-बिरंगी आतिशबाजी की जाएगी।
छिंदवाड़ा के अमरवाड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम सेजवाड़ा में बुधवार की शाम आकाशीय बिजली गिरने से बड़ा हादसा हो गया। घटना में मां-बेटी घायल हो गईं, जबकि दो मवेशियों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं दो अन्य मवेशी गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार, गांव में पुनियाबाई (55) पति बृजलाल परतेती और उनकी बेटी शोभा (23) घर में काम कर रही थीं। इसी दौरान अचानक घर के पास आकाशीय बिजली गिर गई। बिजली गिरते ही जोरदार धमाके की आवाज भी सुनाई दी। जिससे आसपास दहशत फैल गई। दो मवेशियों की मौतहादसे में दोनों महिलाएं झुलसकर घायल हो गईं। वहीं पास में बंधे दो मवेशियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य मवेशी गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही गांव के पटवारी और कोटवार मौके पर पहुंचे। घायलों को तत्काल एंबुलेंस की मदद से अमरवाड़ा सिविल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। प्रशासन द्वारा मामले का पंचनामा बनाकर नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
हजारीबाग जिले के विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र के कुसुंबा गांव में 12 साल की मासूम बच्ची की निर्मम हत्या का खुलासा हुआ है। 24-25 मार्च की दरमियानी रात हुई इस वारदात ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। बच्ची 24 मार्च को अपनी मां के साथ मंगला जुलूस देखने गई थी, जहां से वह अचानक लापता हो गई। अगले दिन सुबह गांव के मिडिल स्कूल के पीछे बांस की झाड़ियों में उसका क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ। शुरुआती दौर में मामला सामूहिक दुष्कर्म और हत्या का प्रतीत कराया गया, लेकिन पुलिस जांच में कहानी पूरी तरह पलट गई। मां ने ही रची थी हत्या की साजिश जांच के दौरान यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि इस जघन्य अपराध की साजिश खुद मृतका की मां ने रची थी। आरोपी मां ने अपने बेटे की बीमारी और घरेलू समस्याओं से निजात पाने के लिए अंधविश्वास का सहारा लिया। उसने एक कथित तांत्रिक महिला और अपने पुरुष मित्र के साथ मिलकर इस खौफनाक योजना को अंजाम दिया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों मां, उसके पुरुष मित्र और महिला तांत्रिक को गिरफ्तार कर लिया है। तांत्रिक के बहकावे में दी ‘नरबलि’ पूछताछ में सामने आया कि आरोपी मां पिछले एक वर्ष से अपने बेटे की बीमारी को लेकर तांत्रिक महिला के संपर्क में थी। तांत्रिक ने उसे विश्वास दिलाया कि बेटे के ठीक होने के लिए ‘कुंवारी कन्या’ की बलि देनी होगी। इतना ही नहीं, उसने यह भी कहा कि उसकी बेटी पर देवी का साया है, इसलिए उसकी बलि सबसे प्रभावी होगी। इसी अंधविश्वास में फंसकर मां ने अपनी ही बेटी की हत्या की साजिश रची। रामनवमी के विशेष समय को इसके लिए चुना गया। तंत्र-मंत्र के बीच की गई निर्मम हत्या घटना की रात मां अपनी बेटी को लेकर तांत्रिक के घर पहुंची, जहां पहले तंत्र-मंत्र और पूजा का आयोजन किया गया। बच्ची को प्रसाद खिलाने के बाद पास की झाड़ियों में ले जाया गया और उसे जमीन पर सुला दिया गया। तांत्रिक के इशारे पर आरोपी पुरुष ने बच्ची का गला घोंट दिया, जबकि उसकी मां ने उसके पैर पकड़कर उसे तड़पने से रोका। मौत के बाद उसके सिर पर पत्थर से वार कर खून निकाला गया और उसे कथित पूजा में चढ़ाया गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की गहन जांच के बाद सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। ----------------------------------------------- इसे भी पढ़ें.. हजारीबाग में बच्ची की निर्मम हत्या मामला:प्राइवेट पार्ट में मिले बांस के टुकड़े, भाजपा के प्रतिनिधिमंडल ने पीड़ित परिवार से की मुलाकात हजारीबाग के विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र के एक गांव में 12 वर्षीय बच्ची के साथ मंगलवार रात दरिंदगी और निर्मम हत्या के मामले में पुलिस को अब तक कोई सफलता नहीं मिली है। आरोपी अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। बच्ची मंगलवार रात से लापता थी। बुधवार दिन उसका शव खेत में क्षत-विक्षत अवस्था में मिला। ग्रामीणों के अनुसार, पत्थर से मारकर बच्ची क चेहरे को खराब कर दिया गया था। बच्ची के पिता मुंबई में मजदूरी करते हैं। इधर, घटना की जांच के लिए पुलिस प्रशासन ने एसडीपीओ बैजनाथ प्रसाद के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। पुलिस खोजी कुत्तों और संदिग्धों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की मदद से जांच कर रही है। हालांकि, अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। यहां पढ़ें पूरी खबर…
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर खंडपीठ ने होमगार्ड में प्लाटून कमांडर भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह दूषित मानते हुए निरस्त कर दिया है। कोर्ट ने निर्देश दिए हैं कि भर्ती के लिए नए सिरे से विज्ञापन जारी किया जाए। मामले में जस्टिस एमएस भट्टी की एकलपीठ ने पाया कि चयन प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं। याचिकाकर्ता का आरोप था कि परीक्षा से पहले ही स्क्रीनिंग कमेटी ने नियमों के विरुद्ध उम्मीदवारों को बाहर कर दिया। बुधवार को सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने पूरी चयन प्रक्रिया को अवैध मानते हुए निरस्त कर दिया और नए सिरे से भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के आदेश दिए। क्या है पूरा मामला जबलपुर निवासी सविनय कुमार ने याचिका दायर कर बताया कि मध्य प्रदेश नगर सेना वर्ग-3 भर्ती नियम 2000 के तहत प्लाटून कमांडर के 199 स्वीकृत पद हैं, जिनमें 6% पद इन-सर्विस उम्मीदवारों से भरे जाते हैं।27 जनवरी 2026 को होमगार्ड विभाग ने 4 पदों के लिए विज्ञापन जारी किया था, जिसमें 24 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया। नियमों को दरकिनार करने का आरोप याचिकाकर्ता के अधिवक्ता विकास महावर ने कोर्ट को बताया कि नियमानुसार पहले शारीरिक और लिखित परीक्षा होती है, इसके बाद स्क्रीनिंग कमेटी एसीआर के आधार पर सूची जारी करती है। लेकिन इस मामले में 13 मार्च को ही 18 उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी गई, जबकि शारीरिक परीक्षण 16 मार्च और लिखित परीक्षा 17 मार्च को प्रस्तावित थी। कोर्ट में यह भी बताया गया कि नियमों के खिलाफ जाकर याचिकाकर्ता सहित 6 अभ्यर्थियों को पहले ही अपात्र घोषित कर परीक्षा से वंचित कर दिया गया।
सतना जिले के मझगवां वन परिक्षेत्र के धारकुंडी जंगल में वन्यजीवों की चहलकदमी बढ़ गई है। बुधवार को एक वीडियो सामने आया, जिसमें एक तेंदुआ सड़क के बीचों-बीच करीब आधे घंटे तक चलता रहा। यह घटना एक दिन पहले की बताई जा रही है। यह वाकया धारकुंडी आश्रम से मानिकपुर की ओर जाने वाले मार्ग पर हुआ। रात लगभग 9 बजे मानिकपुर से अपने गांव सेलौरा लौट रहे रोहित पांडेय, पियूष शुक्ला और विष्णु रावत नामक युवकों ने अपने चार पहिया वाहन से घाटी से पहले सड़क पर तेंदुए को बैठा देखा। तेंदुए को अचानक सामने देखकर चालक ने तुरंत गाड़ी रोक दी। तीनों युवक वाहन के अंदर ही बैठे रहे और सांस थामे तेंदुए की हरकतों को देखते रहे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तेंदुआ पूरी तरह निश्चिंत नजर आ रहा था और करीब आधे घंटे तक सड़क पर ही चलता रहा। कुछ देर बाद वह सड़क पर आगे बढ़ने लगा। युवकों ने भी सुरक्षित दूरी बनाए रखते हुए धीरे-धीरे वाहन चलाया। थोड़ी दूरी तय करने के बाद तेंदुआ सड़क छोड़कर जंगल की ओर मुड़ गया। राहगीरों ने इस घटना का वीडियो भी बना लिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि धारकुंडी क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से वन्यजीवों की गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। लगभग पांच दिन पहले भी धारकुंडी थाना और आश्रम के बीच सड़क किनारे एक तेंदुआ देखा गया था, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसके अतिरिक्त, मझगवां रेंज के बरहा-डेंगरहट मार्ग में भी हाल ही में बाघ की मौजूदगी सामने आई है, जहां पुलिया के नीचे पूरे दिन बाघ के बैठे रहने का वीडियो सामने आया था।
सवाई माधोपुर के टाइगर रिजर्व में आने वाले पर्यटकों को अब सफारी के दौरान जिप्सी और कैंटर में बुकलेट उपलब्ध कराई जाएगी। इसमें जंगल और विभिन्न वन्यजीवों की जानकारी दी जाएगी। पर्यटक जानवरों को देखकर उनके बारे में विस्तृत जानकारी पढ़ सकेंगे। दरअसल, रणथंभौर टाइगर रिजर्व में सफारी के शुल्क में हाल ही में दस फीसदी की बढ़ोतरी की गई है। हर दो साल सफारी शुल्क में बढ़ोतरी ने रणथंभौर को देश का सबसे महंगा टाइगर रिजर्व बना दिया, लेकिन फिर भी यहां देश विदेश से बड़ी से बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। इन्हीं पर्यटकों को अब इस बुकलेट में रणथंभौर की जानकारी देने बुकलेट उपलब्ध कराई जाएगी। इस बुकलेट में रणथंभौर के जंगल और जंगली जानवरों की जानकारी होगी। पर्यटक सफारी के दौरान जंगली जानवरों को आंखों से देखकर बुकलेट में उनसे सम्बन्धित जानकारी जैसे जूलोजिकल नेम व अन्य जानकारी पढ़ सकेगे। वाइल्ड लाइफ टूरिज्म में रणथंभौर वर्ल्ड मैप पर अपना स्थान रखता है। रणथंभौर टाइगर रिजर्व में सफारी के शुल्क में हाल ही में दस फीसदी की बढ़ोतरी की गई है। हर साल सफारी शुल्क में बढ़ोतरी ने रणथंभौर को देश का सबसे महंगा टाइगर रिजर्व बना दिया, लेकिन फिर भी यहां देश विदेश से बड़ी से बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। रणथंभौर टाइगर रिजर्व महंगा होने के बावजूद भी पर्यटकों का पसंदीदा टूरिज्म स्पॉट है। ऐसे कौनसे कारण है जिनकी वजह से रणथंभौर पर्यटकों के बीच इतना लोकप्रिय है एक रिपोर्ट… आसानी से होने वाली टाइगर साइटिंग देश में सुंदरवन, जिम कॉर्बेट, पेरियार जैसे बड़े टाइगर रिजर्व में जहां टाइगर साइटिंग में बहुत मुश्किल होती है। वहीं रणथंभौर टाइगर रिजर्व में आसानी से टाइगर साइटिंग होती है। यहां का क्षेत्रफल कम होने के चलते टाइगर साइटिंग आसानी से होती है। इसी के साथ ही यहां धोक का जंगल होने और ग्रासलैंड अच्छा होने से रणथंभौर टाइगर रिजर्व अन्य टाइगर रिजर्व की तुलना में बेहतर है। देश का सबसे ज्यादा टाइगर घनत्व वाला टाइगर रिजर्व अमूमन एक टाइगर की टेरेटरी करीब 30-40 वर्ग किलोमीटर के बीच होती है, लेकिन रणथंभौर टाइगर रिजर्व में क्षेत्रफल कम होने की वजह से टाइगर की टेरेटरी करीब 15-20 किलोमीटर है। जिसके चलते रणथंभौर देश का सबसे ज्यादा टाइगर घनत्व वाला टाइगर रिजर्व है और यहीं कारण है कि यहां आसानी से टाइगर साइटिंग होती है। पर्यटकों को दी जाने वाली सुविधाएं रणथंभौर टाइगर रिजर्व में पर्यटन जोन की सड़कों पर इस साल बहुत काम किया गया है। जिससे यहां की सफारी सुगम और आरामदायक हुई है। यहां हाल ही में पर्यटकों के बेहतरीन टॉयलेट्स भी बनाए गए है। रणथंभौर के गाइड अनुभवी और प्रशिक्षित राजस्थान के अन्य टाइगर रिजर्व की तुलना में रणथंभौर टाइगर रिजर्व के गाइड ज्यादा अनुभवी और प्रशिक्षित है, जो यहां आने वाले पर्यटकों को बेहतरीन तरीके जंगल और जंगली जानवरों की जानकारी देते हैं।
मुरैना के हनुमान चौराहे के पास स्थित एक गर्ल्स कलेक्शन कपड़े की दुकान पर आधा दर्जन युवक और महिलाओं ने दुकानदार के साथ मारपीट कर दी और दुकान में तोड़फोड़ भी की। यह पूरी घटना दुकान के सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। दुकानदार ने शिकायती आवेदन कोतवाली पुलिस को दिया है, पुलिस सीसीटीवी के आधार पर तोड़फोड़ करने वालों की पहचान में जुट गई है। बुधवार को 5 से 6 महिलाएं और युवक एक साथ पहुंचे और दुकानदार रणवीर सिंह से कपड़े दिखाने की बात कही, जैसे ही दुकानदार ने कपड़े दिखाना शुरू किया तो उक्त महिला और युवकों ने एक सूट पसंद कर दुकानदार को कम पैसे दिए तो दुकानदार ने सूट देने से मना कर दिया। तो कुछ बहस सी होती दिखाई दी। इसके बाद नाराज युवकों ने दुकानदार रणवीर को खींचते हुए काउंटर से बाहर निकाला और मारपीट की। मारपीट में महिलाओं ने भी सहयोग किया। इस मारपीट के साथ युवकों ने दुकान में तोड़फोड़ कर दुकान के शीशे भी तोड़ दिए। कोतवाली पुलिस को की शिकायत कोतवाली थाना प्रभारी अमित भदौरिया के अनुसार पूर्वी गर्ल्स कलेक्शन पर दुकानदार के साथ मारपीट हुई है, सीसीटीवी भी आया है। पुलिस टीम की ओर से सीसीटीवी में दिख रहे युवकों ओर महिलाओं की पहचान की जा रही है। आगे की कार्रवाई जारी है।
सागर में पति-पत्नी के शव पंखे से फांसी के फंदे पर लटके मिले। दोनों शादी के जोड़े पहने हुए थे। बुधवार देर रात परिजनों ने शव लटका देख पुलिस को सूचना दी। शुरुआती जांच में पुलिस इसे आत्महत्या मान रही है। अभी कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। घटना रहली थाना क्षेत्र के चांदपुर के मुठिया टोला की है। पुलिस ने शवों के पंचनामा बनाकर रहली स्वास्थ्य केंद्र भेजे हैं। मृतकों की पहचान 22 वर्षीय राजेंद्र उर्फ गोलू (पिता गणेश पटेल) और 21 वर्षीय काजल पटेल के रूप में हुई है। मां की मौत हो चुकी, परिवार में पिता और छोटा भाई बचे परिजनों ने बताया कि राजेंद्र और काजल ने करीब 3 साल पहले प्रेम विवाह किया था। दोनों हंसी-खुशी से रहते थे। राजेंद्र की मां का निधन हो चुका है। घर में पति-पत्नी के अलावा पिता और छोटा भाई हैं। राजेंद्र मजदूरी करता था। उसके पास कुछ कृषि भूमि भी थी। परिजनों के मानें तो राजेंद्र और काजल के बीच कोई विवाद या तनाव की जानकारी सामने नहीं आई है। उन्होंने आत्महत्या जैसा कदम क्यों उठाया, अभी कुछ पता नहीं है। तीन साल बाद भी नहीं थी संतान घटनाक्रम के दौरान परिवार और पुलिस कमरे में पहुंची तो वहां का नजारा देख दंग रह गए। काजल ने शादी का जोड़ा (साड़ी) पहन रखी थी, वहीं राजेंद्र ने शादी वाला सूट। दोनों की शादी को करीब 3 साल हो गए थे, लेकिन संतान नहीं थी। रहली थाना प्रभारी सुनील शर्मा ने बताया कि अब तक मौत का कारण सामने नहीं आ पाया है।
काशी सहित पूरे उत्तर प्रदेश में आज बड़े ही धूमधाम से पवनपुत्र हनुमान की जयंती मनाई जा रही है। इस अवसर पर काशी में सबसे बड़ी ध्वजा यात्रा निकली है। इस ध्वजा यात्रा के लिए 1 लाख छोटे-बड़े ध्वज तैयार किए गए हैं। भिखारीपुर से चलने वाली ध्वज यात्रा पूर्वांचल की सबसे बड़ी मात्रा है। जिसमें 7 राज्यों की झांकी शामिल हुई हैं। इस यात्रा में हनुमान भक्तों की 3 किलोमीटर से ज्यादा लंबी अटूट कतार है। भक्त नंगे पांव हाथ में ध्वज लेकर संकट मोचन दरबार पहुंचेंगे और बाबा को ध्वज अर्पित करेंगे। श्री हनुमत सेवा समिति के अध्यक्ष रामबली मौर्या ने बताया कि इस ध्वज यात्रा के लिए 50 हजार झंडिया, 21 हजार के करीब छोटे ध्वज और 5100 बड़े ध्वज को तैयार किया गया है। ध्वज को तैयार करने में महिला शक्ति का विशेष योगदान है। इसके लिए समिति से जुड़ी करीब 50 से ज्यादा महिलाओं ने 1 महीने तक काम किया है। यह 3 तस्वीर देखिए… 60 फीट लंबे रथ पर सजेगा राम दरबार रामबली मौर्या ने बताया कि ध्वज के अलावा इस यात्रा में 1100 हनुमान भक्त 1100 गदा लेकर एक साथ चल रहे हैं। जो शक्ति और भक्ति का सबसे अनूठा और अद्भूत संगम है। वहीं 60 फीट लंबे रथ पर सजी भगवान श्री राम की झांकी सजेगी और राम नाम से भजन कीर्तन पूरा माहौल भक्तिमय है।इस ध्वजा यात्रा में करीब 30 हजार से ज्यादा लोग शामिल हैं, जिसमें करीब 15 हजार महिलाएं हैं। पल-पल की अपडेट के लिए नीचे लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…
सतना में अपहरण-दुष्कर्म का आरोपी गिरफ्तार:शादी का झांसा देकर नाबालिग को मैहर ले गया था
सतना। जिले की रामपुर बाघेलान थाना पुलिस ने नाबालिग का अपहरण कर दैहिक शोषण करने के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को बुधवार को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया। पुलिस ने बताया कि जनवरी माह में एक नाबालिग रहस्यमय ढंग से लापता हो गई थी। परिजनों की शिकायत पर अपहरण का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। लगभग ढाई महीने की खोजबीन के बाद मुखबिर की सूचना पर बीते दिन नाबालिग को ढूंढ निकाला गया। नाबालिग ने पुलिस को बताया कि उसके रिश्तेदार राज उर्फ रजउआ कोल (20 वर्ष), निवासी नकतरा, जिला मैहर, उसे शादी का झांसा देकर घर से भगा ले गया था। नाबालिग के अनुसार, आरोपी ने कई महीनों तक उसका दैहिक शोषण किया। इसके बाद अपहरण के प्रकरण में दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट की धाराएं बढ़ाई गईं। पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू की और उसे बुधवार को गिरफ्तार कर लिया।
रेवाड़ी में कंपनी कर्मी से 59 लाख की ठगी का मामला सामने आया है। प्रॉपर्टी दिलाने के नाम पर बैंकों से लोन करवाकर वारदात को अजाम दिया गया। शिकायत मिलने के बाद कसौला थाना पुलिस ने 9 बैकों के अधिकारियों और एक महिला सहित 12 के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। फिलहाल किसी आरोपी की गिरफ्तारी की सूचना नहीं है। रेवाड़ी निवासी डीके ने पुलिस को शिकायत दी। जिसमें बताया कि वह बावल की एक कंपनी में नौकरी करता है। कंपनी के एक साथी की मार्फत 19 अक्टूबर 2024 को गढ़ी बोलनी रोड स्थित एक सोसायटी में राकेश और अनिल से उनके फ्लैट पर मुलाकात हुई। राकेश ने उसे कई लोगों के नाम लेकर अपने रियल एस्टेट कारोबार की जानकारी दी और प्रॉपर्टी खरीदने की सलाह दी। दस्तावेज लेकर पांच बैंकों से करवाया लोन शिकायत में बताया कि राकेश ने पहले उसे धारूहेड़ा की एक कंपनी के मार्फत लोन लेकर पैसा अपना खाते में ट्रांसफर करने और उसके बदले गढ़ी बोलनी में एक प्लाट की रजिस्ट्री अपने नाम करवाने का सुझाव दिया। जिससे मैने मानने से इंकार कर दिया। इसके बाद राकेश व अनिल मेरे पास आए और 20 लाख का लोन करवाने के लिए सैलरी स्लिप व दस्तावेज अपने साथ ले गए। 8 बैंकों में अप्लाई किया लोन शिकायत में बताया कि आरोपियों ने उसके नाम से लोन के लिए आठ बैकों में अप्लाई कर दिया। 30 अक्टूबर से पांच नवंबर 2024 तक आठ बैकों से 5919513 रुपए का लोन ले लिया। पता चलने पर जब मैने आपत्ति जताई तो आरोपियों ने खुद ईएमआई खुद भरने की बात कही। राकेश ने सिक्योरिटी के लिए दिए मेरे चेक अपने पास रख लिए। जिनका दुरूपयोग कर राकेश ने 30 अक्टूबर से सात नवंबर तक मेरे खाते से 59 लाख रुपए निकाल लिए। 14 नवंबर को मेरे नाम सिक्योरिटी के लिए 750 वर्गगज में 400 वर्गगज जमीन मेरे नाम करवाई और बाकी 350 वर्गगज जल्द करवाने का आश्वासन दिया। बाद में पता चला कि नाम करवाई गई 400 वर्गगज जमीन पर भी किसी और का कब्जा है। राकेश ने लोन की 13 किश्त तो जमा करवाई इसके बाद सोसायटी का अपना फ्लैट बेचकर दूसरी जगह शिफ्ट हो गया। दिसंबर में फरवरी के चेक दिए 12 दिसंबर 2025 को राकेश ने लोन क्लीयर करने के लिए मुझे 35 लाख और 33 लाख 99 हजार 167 रुपए के फरवरी 2026 माह के दो चेक दिए। चेक लगाने पर पता चला कि खाते में राशि ही नहीं थी। शिकायत में बताया कि राकेश इससे पहले भी 30 लोगों के साथ ऐसे ही धोखाधड़ी कर चुका है। शिकायत मिलने के बाद कसौला पुलिस ने राकेश, अनिल और ममता के साथ एक्सिस, IDFC, एचडीएफसी, पिरामल फाइनेंस बैंक, INCRD बैंक, SMFG क्रेडिट बैंक, चौला मंडल बैंक, बजाज फाइनेंस और ICICI बैंक अधिकारियों व एक महिला सहित 12 के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
हरियाणा के पानीपत में पुलिसकर्मी और सुप्रीटेंडेंट ने खुद ही बोर्ड परीक्षा में बच्चों को नकल करा दी। इसराना के डाहर एग्जाम सेंटर पर पुलिसकर्मी सेंटर के अंदर फोन पर भी बात करता रहा। अब इस चीटिंग स्कैंडल से जुड़ी 2 और वीडियो सामने आई है। जिसमें हेड कॉन्स्टेबल और सुप्रीटेंडेंट बच्चों को नकल करा रहे हैं। वहीं स्पेशल रैपिड एक्शन फोर्स की जांच में सामने आया है कि सीसीटीवी कैमरों को बंद कराकर नकल कराई जाती थी। हालांकि जब फ्लाइंट टीम चेकिंग पर आती तो कैमरे सही ढंग से चलते थे, उनके जाते ही सेंटर संचालक कैमरा बंद करा देते थे। उधर, मामले में RAF ने पुलिसकर्मी और सुप्रीटेंडेंट के खिलाफ विभागीय कार्रवाई और मुकदमा दर्ज करने की सिफारिश की है। पढ़िए, RAF की जांच में क्या मिला… 2 पेपर की वीडियो सामने आई बोर्ड चेयरमैन की रैपिड एक्शन फोर्स के अधिकारियों का कहना है कि टीम ने एग्जाम सेंटर के सीसीटीवी कैमरों की जांच की है। चेकिंग में सेंटर के कैमरे बंद मिले। इसके बाद सभी परीक्षाओं की जांच की गई, जिसमें 2 फरवरी और 12 मार्च को हुई परीक्षा में नकल कराई गई थी। लोकल चेकिंग टीम भी शामिल जांच में यह भी सामने आया है कि सेंटर की रिकॉर्डिंग कुछ टाइम के लिए बंद भी कर दी जाती थी। नकल कराने के पीछे पुलिस, शिक्षा विभाग के कर्मचारियों के अलावा लोकल चेकिंग टीम भी शामिल होने की संभावना है। पकड़ में आने के बाद इस सेंटर की परीक्षा को रद्द करने की सिफारिश की गई है। अब 3 पॉइंट में पढ़िए वीडियो में क्या दिख रहा… इसराना में 32 स्टूडेंट पर गिरी गाज आईटी (IT) और NSQF सब्जेक्ट के एग्जाम के दिन जब RAF टीम ने अचानक छापा मारा, तो वहां सामूहिक नकल कराने का खेल सामने आया। मौके पर ही 32 विद्यार्थियों के खिलाफ यूएमसी (UMC) के केस बनाए गए। डाहर केंद्र, बिना आईडी कार्ड के ड्यूटी आरएएफ टीम को डाहर परीक्षा केंद्र पर भी भारी अनियमितताएं मिलीं। यहां कई टीचर और अकाउंटेंट बिना किसी अधिकृत पहचान पत्र के ड्यूटी करते मिले। प्राचार्य की लापरवाही और नियमों के उल्लंघन को देखते हुए बोर्ड ने सख्त रिपोर्ट तैयार की है। अब पढ़िए बोर्ड परीक्षा में पकड़े गए नकल के मामले.. सोनीपत में लेडी टीचर नकल कराते पकड़ी गई थी सोनीपत के गांव बिधलान स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में 2 लेडी टीचर मंजू देवी और वीणा कुमारी 12वीं भूगोल की परीक्षा में नकल करातीं पकड़ ली गईं थी। बोर्ड चेयरमैन की स्पेशल रैपिड एक्शन फोर्स (SRAF) ने इसका भंडाफोड़ किया था। हैरानी की बात यह रही कि एग्जाम खत्म होने के बाद एक कमरे में 24 स्टूडेंट को बैठाकर यह नकल करवाई जा रही थी। बाकी कमरों से विद्यार्थी स्कूल से जा चुके थे। चरखी दादरी में टीचर के सामने छात्राओं ने की थी नकल चरखी दादरी के बाढ़ड़ा स्थित राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय से नकल का वीडियो सामने आया था। दो दिन की परीक्षाओं के सीसीटीवी चेक किए गए तो मामला सामने आया। वीडियो में स्टूडेंट टीचर के सामने ही नकल करते दिखाई रहे हैं। एक दूसरे की कॉपी तक बदल दे रहे हैं। कुछ छात्राएं तो एक ही स्थान बैठकर नकल कर रही है, जबकि टीचर उनके आसपास घूम रहा। एक छात्रा तो प्रश्न पत्र और उत्तर पुस्तिका लेकर बाहर जाती भी दिखाई दे रही है। ---------------- यह खबर भी पढ़ें… पानीपत में पकड़ी 12वीं की परीक्षा में सामूहिक नकल,VIDEO:CCTV से खुली पोल; 32 छात्रों पर केस, स्टाफ और पुलिसकर्मियों पर FIR की सिफारिश हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड (HBSE) की 12वीं कक्षा की परीक्षा के अंतिम दिन पानीपत जिले के इसराना और डाहर परीक्षा केंद्रों पर सामूहिक नकल करवाने का मामला सामने आया है। बुधवार को यहां IT (इन्फोर्मेशन टेक्नॉलोजी) और NSQF (नेशनल स्किल्स क्वालिफिकेशन फ्रेमवर्क) विषय की परीक्षा थी। (पूरी खबर पढ़ें)
टीकमगढ़ जिले में बुधवार रात अचानक मौसम बदल गया। जिला मुख्यालय से करीब 5 किलोमीटर दूर कुंडेश्वर के पास खिरिया, चरपुवां और हरपुरा गांवों में तेज बारिश के साथ भारी ओलावृष्टि हुई। सड़कें ओलों की सफेद चादर से ढक गईं। कुंडेश्वर-महरौनी रोड पर वाहन चालकों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। 15 से 20 मिनट तक गिरे ओले पहाड़ी खुर्द निवासी सुरेंद्र यादव ने बताया कि लगभग 15 से 20 मिनट तक चने के आकार के ओले गिरे। इस दौरान धरती पर करीब 4 इंच मोटी ओलों की परत जम गई। इससे पहले सोमवार रात को भी मौसम में बदलाव आया था और कुछ इलाकों में बारिश दर्ज की गई थी। 21 डिग्री पहुंचा न्यूनतम तापमान भू-अभिलेख कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार को अधिकतम तापमान 37.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था। बुधवार को अधिकतम तापमान 36.8 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस रहा। अगले दो दिन तक पानी गिरने की संभावना मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, शुक्रवार और शनिवार को जिले के कुछ हिस्सों में बारिश होने की संभावना है। इस अवधि में अधिकतम तापमान 34 से 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 20 से 21 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। आगामी 8 से 10 दिनों तक मौसम में उतार-चढ़ाव जारी रहने की उम्मीद है। इसके बाद 15 अप्रैल से गर्मी का प्रकोप बढ़ेगा और गर्म हवाएं चलने लगेंगी। गुरुवार सुबह से आसमान में बादल छाए हुए हैं और हल्की हवा चल रही है।
प्रदेश में फिलहाल अधिकतम तापमान सामान्य बना हुआ है, लेकिन मौसम में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटों में तापमान 1 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है, इसके बाद अगले तीन दिनों में 2 से 3 डिग्री की गिरावट आने की संभावना है। मौसम विभाग ने बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर और कोंडागांव समेत कई जिलों के लिए गरज-चमक, बारिश और तेज हवाओं को लेकर अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में आंधी-तूफान का खतरा बना हुआ है। विभाग के मुताबिक इन जिलों में 40 से 60 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। साथ ही गरज-चमक, बारिश और बिजली गिरने की आशंका है। यह अलर्ट सुबह 10 बजे तक प्रभावी रहेगा। बीते 24 घंटों में राज्य के कुछ स्थानों पर हल्की बारिश दर्ज की गई। अधिकतम तापमान 40C राजनांदगांव में रिकॉर्ड किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 18.5C अंबिकापुर में दर्ज हुआ। अगले 2 दिन का आउटलुक प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर हल्की बारिश जारी रहने की संभावना। गरज-चमक और तेज हवा का असर बना रहेगा। रायपुर का मौसम रायपुर में आज मौसम साफ रहने की संभावना है। अधिकतम तापमान लगभग 40C, न्यूनतम तापमान करीब 24C के आप-पास बने रहने की संभावना है।
तीरंदाजी के उभरते खिलाड़ियों के लिए बड़ा मौका सामने आया है। मुख्यमंत्री खेल विकास योजना के तहत एकलव्य राज्य आवासीय तीरंदाजी प्रशिक्षण केंद्र के लिए चयन ट्रायल 3 अप्रैल को होगा। ट्रायल गया कॉलेज खेल परिसर स्थित खेल भवन में होगा, जहां जिले समेत आसपास के प्रतिभाशाली खिलाड़ी अपनी किस्मत आजमा सकेंगे। चयन प्रक्रिया में 12 से 14 साल तक के बालक और बालिकाएं भाग ले सकते हैं। तीरंदाजी कोच जय प्रकाश ने बताया कि बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक सह सीईओ आईपीएस रविन्द्रण शंकरण के निर्देश पर यह ट्रायल आयोजित किया जा रहा है। उनका लक्ष्य है कि राज्य के खिलाड़ियों की प्रतिभा को निखार कर उन्हें नेशनल और ओलंपिक स्तर तक पहुंचाया जाए। चयन पूरी तरह पारदर्शी तरीके से होगा। खिलाड़ियों का मूल्यांकन शारीरिक दक्षता यानी बैटरी टेस्ट और खेल कौशल के आधार पर किया जाएगा। जो खिलाड़ी पहले से राज्य या राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में पदक जीत चुके हैं, उन्हें चयन में विशेष छूट दी जाएगी। अंतिम चयन से पहले सभी खिलाड़ियों की शारीरिक जांच भी होगी। जरूरी दस्तावेज लाना अनिवार्य ट्रायल में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को अपने साथ जरूरी दस्तावेज लाना अनिवार्य है। इसमें आधार कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र, दो पासपोर्ट साइज फोटो और स्कूल के प्रधानाचार्य की ओर से सत्यापित परिचय पत्र शामिल है। बिना इन दस्तावेजों के एंट्री नहीं मिलेगी। सबसे खास बात यह है कि यह चयन प्रक्रिया पूरी तरह नि:शुल्क रखी गई है। यानी प्रतिभा दिखाने के लिए किसी तरह का शुल्क नहीं देना होगा। अधिक जानकारी के लिए इच्छुक खिलाड़ी खेल भवन में तीरंदाजी कोच जय प्रकाश से संपर्क कर सकते हैं।
आगरा में कल से 3 दिन तक आंधी-बारिश का अलर्ट:आज सुबह से धूप निकली, रात का तापमान सामान्य से 1.3°C कम
आगरा में 3 अप्रैल से 3 दिन तक आंधी और बारिश की संभावना है। तेज आंधी के साथ ही रुक-रुक कर बारिश हो सकती है। इस बीच तापमान में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा। गुरुवार को सुबह से ही धूप निकल रही है। दोपहर बाद बादल छाने की संभावना है। सुबह का तापमान लगभग 20C रहा। जबकि बुधवार को अधिकतम तापमान 37.4C और न्यूनतम तापमान 19C रहा। जोकि सामान्य से 1.3C कम है। देखें पिछले दिनों के तापमान की स्थिति… गुरुवार सुबह का मौसम गुरुवार सुबह से ही धूप निकल रही है। हल्की हवा भी चल रही है। मंगलवार शाम को तेज आंधी के साथ ही बारिश हुई थी। कुछ क्षेत्रों में ओले भी गिरे थे। हालांकि इसके बाद भी तापमान पर ज्यादा असर नहीं पड़ा। दिन और रात का तापमान लगभग उतन ही रहा था। बुधवार शाम को भी बादल छाने के साथ ही हल्की हवा चली थी। पिछले 10 दिनों में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 29 मार्च को रहा था। इस डेट को अधिकतम तापमान 39C पहुंच गया था। मार्च में लगभग हर दो दिन बाद मौसम बदल रहा है। एक-दो दिन धूप निकलने के बीच में अचानक से बादल छा जाते हैं। इस महीने में बीच में बारिश हो चुकी है, जिसकी वजह से तापमान में काफी गिरावट हो गई थी। पूर्वानुमान मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार को दिन में तेज धूप निकलेगी। 3 अप्रैल से मौसम बदलेगा। 3, 4 और 5 अप्रैल को बारिश के साथ ही आंधी को लेकर अलर्ट है। इस बीच तापमान में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा। 6 अप्रैल से मौसम खुलेगा। इसके बाद दिन और रात के तापमान में बढ़ोत्तरी की संभावना है। ये रह सकती है तापमान की स्थिति
छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर से कोलकाता के लिए हवाई सेवा गुरुवार से शुरू हो जाएगी। एलायंस एयर सप्ताह में दो दिन अंबिकापुर और कोलकाता के बीच उड़ान संचालित करेगी। इसी सप्ताह एलायंस एयर ने अंबिकापुर-दिल्ली के लिए भी हवाई सेवा शुरू की है। कंपनी 72 सीटों वाले विमान का संचालन करेगी। अंबिकापुर से कोलकाता के लिए नई फ्लाइट गुरुवार और शनिवार को संचालित होगी। गुरुवार को फ्लाइट बिलासपुर होते हुए अंबिकापुर पहुंचेगी और फिर कोलकाता के लिए रवाना होगी, जबकि शनिवार को अंबिकापुर से बिलासपुर होते हुए कोलकाता के लिए उड़ान भरेगी। अंबिकापुर-कोलकाता रूट पर पहली फ्लाइट गुरुवार सुबह 10:25 बजे उड़ान भरेगी। 2 महानगरों से जुड़ा अंबिकापुर एलायंस एयर ने अपने विंटर शेड्यूल में अंबिकापुर से दिल्ली और कोलकाता की हवाई सेवाएं जोड़ी है। अंबिकापुर से दिल्ली फ्लाइट का वर्चुअल शुभारंभ मुख्यमंत्री ने 30 मार्च को किया था। दोपहर 12 बजे मां महामाया एयरपोर्ट, दरिमा (अंबिकापुर) से पहली फ्लाइट दिल्ली के लिए रवाना हुई, जिसमें सांसद चिंतामणी भी सवार हुए। अंबिकापुर से दिल्ली के लिए फ्लाइट सप्ताह में दो दिन सोमवार और बुधवार संचालित होगी। अंबिकापुर-दिल्ली का किराया 6,500 रुपए तय किया गया है। वहीं अंबिकापुर-कोलकाता फ्लाइट का बेस फेयर करीब 6,000 रुपए रखा गया है। हालांकि यह रिजर्वेशन नियमों के तहत बढ़ भी सकता है। अंबिकापुर-कोलकाता फ्लाइट शेड्यूल गुरुवार- कोलकाता से उड़ान 7.05 बजे- बिलासपुर पहुंच 8.55 बजे बिलासपुर से छूट 9.20 बजे, अंबिकापुर पहुंच 10 बजे अंबिकापुर से छूट 10.25 बजे, कोलकाता पहुंच 12.15 बजे शनिवार कोलकाता से छूट 11.20 बजे, अंबिकापुर पहुंच 13.10 बजे अंबिकापुर से छूट-13.35 बजे, बिलासपुर पहुंच 14.15 बजे बिलासपुर से छूट-14.40 बजे, कोलकाता पहुंच- 16.30 बजे रायपुर-अंबिकापुर-वाराणसी सेवा के लिए भी पहल अंबिकापुर से दिल्ली फ्लाइट सेवा शुरू करने के साथ ही मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से सांसद चिंतामणि महाराज एवं मंत्री राजेश अग्रवाल ने रायपुर से अंबिकापुर होते हुए वाराणसी हवाई सेवा शुरू करने की मांग रखी है। सांसद चिंतामणि महाराज ने इसके लिए इंडिगो से भी चर्चा की है। इस सेवा के भी जल्द शुरू होने की उम्मीद है। हालांकि किसी कंपनी ने विंटर शेड्यूल में इस हवाई मार्ग का फ्लाइट शेड्यूल नहीं बनाया है। …………………… इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… अंबिकापुर-दिल्ली डायरेक्ट फ्लाइट शुरू, चिंतामणि भी हुए रवाना: 6500 रुपए किराया; सप्ताह में दो दिन सेवा, 2 अप्रैल से कोलकाता के लिए मिलेगी सुविधा छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर से दिल्ली के लिए हवाई सेवा शुरू हो चुकी है। इस सेवा का वर्चुअल शुभारंभ मुख्यमंत्री साय ने किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि जल्द ही वाराणसी और कालकाता के लिए भी हवाई सेवा शुरू होगी। कार्यक्रम पीजी कॉलेज के ऑडिटोरियम में आयोजित हुआ। पढ़ें पूरी खबर…
प्रयागराज के मांडा में बीती मध्यरात्रि प्रयागराज मिर्जापुर नेशनल हाइवे 76 पर दीघिया बाजार के समीप बेकाबू ट्रक की टक्कर से एक तेंदुए की मौत हो गई। तेंदुआ रेलवे ट्रैक की ओर से आकर हाइवे पर पहुंचा और सड़क पार कर रहा था तभी हादसे का शिकार हो गया। जानकारी पर स्थानीय लोगो के खलबली मच गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने सूचना देकर वन विभाग की टीम को बुलाया। वन रेंज की टीम ने मृत तेंदुए को कब्जे में ले लिया। सुबह तेंदुए का पीएम कराकर अंतिम संस्कार वन विभाग की टीम करेगी। अज्ञात वाहन की टक्कर से एक तेंदुए की मौत। प्रयागराज जिले से तकरीबन 50 किमी दूर स्थित मांडा थाना क्षेत्र के दीघिया बाजार के समीप प्रयागराज मिर्जापुर नेशनल हाइवे 76 पर बीती बुधवार की मध्यरात्रि करीब 1 बजे के आसपास तेज रफ्तार में मिर्जापुर की ओर जा रही बेकाबू ट्रक ने सड़क पार रहे तेंदुए (नर) को जोरदार टक्कर मार दिया। बताया जा रहा है की तेंदुआ रेलवे ट्रैक की ओर से सड़क पर पहुंचा। इस हादसे में तेंदुए की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। पास में एक युवक ने सड़क पर मृत पड़े तेंदुए को देख शोरगुल किया तो लोगो की भारी भीड़ जुट गई। तेंदुआ देखते ही स्थानीय लोगो में खलबली मच गई। लोगो का कहना था की गनीमत रही की तेंदुआ की हादसे में मौत हो गई,अन्यथा आसपास संचालित स्कूल में सुबह होते ही नौनिहालों का आवागमन शुरू हो जाता है जिसकी वजह से बड़ी घटना घटित हो सकती थी। वहीं स्थानीय लोगो की सूचना पर पीआरवी 112 और दीघिया चौकी प्रभारी विक्की गुप्ता भारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे।इसके बाद मेजा वन रेंज को इसकी सूचना देकर बुलाया गया।उधर सूचना पर वन विभाग के दरोगा आशुतोष सिंह,रामचंद्र टीम के साथ मौके पर पहुंचे। वन विभाग की टीम ने तेंदुए को अपने कब्जे में लिया। तब जाकर ग्रामीणों ने राहत की सांस लिया। वन विभाग की टीम ने बताया की मृत तेंदुए का आज गुरुवार सुबह पोस्टमार्टम कराया जायेगा। इसके बाद विधि विधान से अंतिम संस्कार किया जायेगा।उन्होंने कहा की मध्यरात्रि हादसे में तेंदुए की मौत हुई है।गनीमत रही की कोई अनहोनी नही हो सकी है।सभी लोग सुरक्षित हैं।वहीं चिता को लेकर लोगो में तरह तरह की चर्चाएं व्याप्त हैं। अजय सिंह क्षेत्राअधिकारी ने बताया की मांडा पुलिस की सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची।तेंदुए के शव को कब्जे के लिया गया है। जिले से टीम बुलाई गई है। मृत तेंदुए का आज सुबह 10 बजे पीएम कराकर अंतिम संस्कार किया जाएगा। इसकी सूचना डीएफओ अरविंद यादव को भी दी गई है।
विजय नगर इलाके में 31 मार्च को हुई जगदीश सिंह उर्फ लटोरी (52) की हत्या का पुलिस ने खुलासा किया है। मामले में आरोपी गुलाब शाह (28) को बुधवार रात गिरफ्तार किया गया। हत्या की वजह प्रेम-प्रसंग और शक निकला, जिसने पूरे घटनाक्रम को खौफनाक बना दिया। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने कई चौंकाने वाले खुलासे किये हैं। पुलिस के मुताबिक आरोपी गुलाब शाह (निवासी करेली, नरसिंहपुर) की 35 वर्षीय महिला से पिछले दो साल से दोस्ती थी। दोनों के बीच अक्सर बातचीत और मुलाकात होती थी। लेकिन 26 मार्च को जबलपुर कृषि उपज मंडी में जगदीश सिंह की एंट्री हुई और महज 4 दिन में उसकी महिला से नजदीकियां बढ़ गईं। यही बात गुलाब को खटकने लगी। शक बना हत्या की वजह आरोपी गुलाब ने पूछताछ में बताया कि महिला और जगदीश और वह खुद मंडी में काम करते थे। दोस्ती के बीच महिला के जगदीश से अवैध संबंध बन गए थे। इसके चलते महिला का गुलाब से कम बात करना उसे नागवार गुजर रहा था। जगदीश और महिला साथ में ही घूमते थे। यह देख कर गुलाब ने महिला को कई बार टोका, पर इसका असर नहीं हुआ। तो गुलाब ने हत्या की साजिश रची। ऐसे रची गई खौफनाक साजिश पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी ने पहले जगदीश से दोस्ती की और फिर उसे मारने के लिए सुनसान जगह की तलाश शुरू की। जहां कोई आता-जाता नहीं हो और सीसीटीवी भी न हों। 31 मार्च को वह उसे मंडी के पास हाट बाजार क्षेत्र में खंडहर के पास ले गया और मौका मिलते ही सिर पर लाठी से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मंडी आ गया, जहां महिला उससे टकरा गई। खुद ही बनाया ‘राहतकर्ता’ का रोल हत्या के बाद आरोपी ने चालाकी दिखाते हुए केस को भटकाने की कोशिश की। उसने महिला से कहा कि खंडहर के पास कोई घायल पड़ा है। मदद मांग रहा है। गुलाब महिला को यह कहकर साथ ले गया कि कल से जगदीश दिखाई नहीं दे रहा है, हो सकता है घायल युवक वही हो। इसके चलते महिला भी उसके साथ घटनास्थल पर पहुंची। जहां जगदीश खून से लथपथ मिला। गुलाब ने ही 112 पर कॉल कर एम्बुलेंस बुलवाई, लेकिन अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। 50 मजदूरों से पूछताछ के बाद खुलासा पुलिस ने मंडी में काम करने वाले 50 से ज्यादा मजदूरों से पूछताछ की। सभी ने बताया कि जगदीश के आने के बाद गुलाब गुस्से में रहने लगा था। संदेह के आधार पर हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त बांस का डंडा जब्त कर लिया है।
सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर मिस्टर इंडियन हैकर दिलराज सिंह का क्रेज एक किशोर को मध्य प्रदेश से खींचकर अजमेर ले आया। एमपी के दमोह जिले का रहने वाला 15 वर्षीय किशोर घर से भागकर अजमेर पहुंच गया। क्लॉक टावर पुलिस और चाइल्ड लाइन की मदद से किशोर को उसके पिता को सौंप दिया गया। चाइल्ड लाइन काउंसलर प्रेमनारायण शर्मा ने बताया कि किशोर ट्रेन से अजमेर पहुंचा था। यहां से वह ऑटो रिक्शा लेकर बलिया स्थित दिलराज सिंह के आवास पर गया, लेकिन वहां तैनात गार्ड ने उसे भीतर जाने से रोक दिया। ऑटो चालक उसे लेकर थाने पहुंचा। यह खबर भी पढ़ें…. मिस्टर इंडियन हैकर से मिलने यूपी से अजमेर पहुंचा नाबालिग:परिजनों को बिना बताए निकला था घर से, 1126 किमी का सफर तय किया
चित्तौड़गढ़ जिले में मौसम एक बार फिर करवट ले सकता है। 3 और 4 अप्रैल को नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव होने जा रहा है, जिसके कारण जिले में बारिश की संभावना बन रही है। इसके साथ ही तेज हवा, मेघ गर्जन और आंधी भी चल सकती है। इससे पहले भी बारिश की संभावना जताई गई थी और येलो अलर्ट जारी किया गया था, लेकिन उस समय मौसम में कोई खास बदलाव देखने को नहीं मिला। उल्टा तापमान लगातार बढ़ता गया और लोगों को गर्मी का ज्यादा सामना करना पड़ा। राजस्थान में सबसे गर्म रहा चित्तौड़गढ़ बुधवार का दिन चित्तौड़गढ़ के लिए काफी गर्म रहा। पूरे राजस्थान में यह जिला सबसे ज्यादा गर्म दर्ज किया गया। यहां अधिकतम तापमान 38.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। दिन के साथ-साथ रात का तापमान भी बढ़ रहा है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत नहीं मिल पा रही है। गर्म हवाओं के कारण दिन में बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है और रात में भी उमस बनी हुई है। ऐसे में लोगों को अब बारिश का इंतजार है, जिससे मौसम थोड़ा ठंडा हो सके। बारिश के साथ ओलावृष्टि का भी हो सकता है खतरा मौसम विभाग के अनुसार 3 और 4 अप्रैल को केवल बारिश ही नहीं, बल्कि तेज मेघ गर्जन, आंधी और ओलावृष्टि की भी संभावना है। इसे देखते हुए चित्तौड़गढ़ जिले के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। विभाग का कहना है कि अचानक मौसम बदल सकता है, इसलिए लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए। इसके बाद 5 और 6 अप्रैल को मौसम फिर से साफ और शुष्क रहने की संभावना है, लेकिन 7 और 8 अप्रैल को एक और नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव हो सकता है, जिससे फिर मौसम बदल सकता है। किसानों के लिए एडवाइजरी जारी मौसम में इस बदलाव को देखते हुए कृषि विभाग ने भी किसानों के लिए एडवाइजरी जारी की है। विभाग ने कहा है कि तेज हवा और ओलावृष्टि से खड़ी फसलों और बागवानी को नुकसान हो सकता है। जिन किसानों की फसल कट चुकी है, उन्हें अपनी उपज को सुरक्षित स्थान पर रखने की तैयारी करनी चाहिए। खुले में रखी फसल बारिश और ओलों से खराब हो सकती है, जिससे आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। मेघगर्जन के समय पेड़ों के नीचे ना खड़े होने की दी सलाह मौसम विभाग ने आम लोगों के लिए भी जरूरी सलाह दी है। मेघ गर्जन और बिजली कड़कने के समय लोगों को घर के अंदर ही रहने की सलाह दी गई है। इस दौरान खिड़कियां और दरवाजे बंद रखने चाहिए। पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए, क्योंकि बिजली गिरने का खतरा रहता है। साथ ही घर में इस्तेमाल हो रहे इलेक्ट्रिक इक्विपमेंट्स को भी अनप्लग करने की सलाह दी गई है, ताकि किसी तरह की दुर्घटना से बचा जा सके।
सीधी जिले के जनपद पंचायत मझौली अंतर्गत ग्राम पंचायत करमाई में कलेक्टर विकास मिश्रा ने खंड स्तरीय अधिकारियों के साथ रात्रिकालीन चौपाल का आयोजन किया। बुधवार रात करीब 9 बजे पंचायत भवन के पास हुई इस चौपाल में बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। ग्रामीणों की समस्याएं गंभीरता से सुनीं चौपाल के दौरान कलेक्टर ने एक-एक कर ग्रामीणों की समस्याएं गंभीरता से सुनीं। उन्होंने मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। इस पहल से प्रशासन और आमजन के बीच सीधा संवाद स्थापित हुआ, जिससे लोगों की समस्याओं का समाधान तेजी से संभव हो सका। सरपंच बोले-40 साल में पहली बार कोई कलेक्टर रात में गांव पहुंचे गांव के सरपंच बजरंगी गुप्ता ने बताया कि उन्होंने अपने 40 सालों के जीवन में पहली बार किसी कलेक्टर को रात के समय गांव में पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुनते और तत्काल समाधान के लिए अधिकारियों को निर्देशित करते देखा है। बस्ती में पानी व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए निर्देश वहीं, ग्राम निवासी रामबाई बैगा ने अपनी बस्ती में पानी की समस्या की शिकायत की। उन्होंने बताया कि कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई थी। इस पर कलेक्टर ने तुरंत संज्ञान लेते हुए सीडीएमआरपी त्रिपाठी को संबंधित बस्ती में हैंडपंप और अन्य जल स्रोतों के माध्यम से तत्काल पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। कलेक्टर बोले-हम जनता के सेवक चौपाल में कलेक्टर विकास मिश्रा ने कहा, “हम जनता के सेवक हैं और उनकी समस्याएं सुनना हमारा कर्तव्य है। अगर लोग अपनी परेशानी हमसे साझा नहीं करेंगे, तो हमारे इस पद पर रहने का कोई औचित्य नहीं है। हम गांव-गांव जाकर लोगों की समस्याओं का समाधान करेंगे, इसी उद्देश्य से हमें यह जिम्मेदारी दी गई है।”
लखनऊ में सुबह से तेज धूप के साथ मौसम साफ बना हुआ है। मौसम विभाग के मुताबिक, आज दिन में तापमान 38 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है। वहीं, न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा। अगले 5 दिन मौसम में उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा। शनिवार को बादल छाए रहने की संभावना है। रविवार को तेज बारिश हो सकती है। कल बुधवार को अधिकतम तापमान 37 डिग्री और 20 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। अधिकतम आर्द्रता 70 और न्यूनतम 40 दर्ज हुई। अगले 3 दिन आर्द्रता लगभग यही रहने वाली है। मौसम विभाग के अनुसार 3-4 अप्रैल के बीच पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिससे प्रदेश में कहीं-कहीं तेज हवा और हल्की बारिश देखने को मिल सकती है। 2 तस्वीरें देखिए- अगले 5 दिन का संभावित तापमान तारीख अधिकतम न्यूनतम 03 अप्रैल 38C 21C04 अप्रैल 37C 20C05 अप्रैल 35C 19C06 अप्रैल 35C 19C07 अप्रैल 35C 21C सोर्स - मौसम विभाग
आरा शहर में बुधवार की रात बदमाशों ने बाइक मैकेनिक की गोली मारकर हत्या कर दी। मृतक को काफी करीब से 2 गोलियां मारी गई है। एक गोली बाएं हाथ और दूसरी पंजरे में लगी है। मृतक टाउन थाना क्षेत्र के चौधरीयाना मोहल्ले वार्ड नंबर-9 निवासी मो. सगीर का बेटा मो. अफरोज (22) है। चौधरियाना इलाके में बाइक सर्विसिंग की दुकान चलाते थे। मृतक के भाई समीर ने कहा कि बुधवार की सुबह बाइक पार्ट्स खरीदने के लिए पटना गए थे। वहां से ट्रेन से लौट रहे थे। पश्चिम टोला मोहल्ले से होकर घर जा रहे थे। इसी दौरान कुछ लोगों से लड़ाई हो गई और उसे गोली मार दी। अफरोज 20 मिनट तक खून से लथपथ सड़क किराने पड़ा रहा। पहचान के लोगों ने परिजन को जानकारी दी। घटना टाउन थाना क्षेत्र के पश्चिम टोला मोहल्ले की है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही परिजन तुरंत अफरोज को सदर अस्पताल ले गए पर, उसकी जान नहीं बची। बताया जाता है कि बाइक बनाने के दौरान पार्ट्स बदलने के पैसा को लेकर झगड़ा हुआ था। मौके पर पहुंचे एसडीपीओ राजेश कुमार साह ने बताया कि बाइक मैकेनिक की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। घटना की सूचना मिलते ही एसडीपीओ वन राज कुमार साह, टाउन थानाध्यक्ष देवराज राय पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और मामले की छानबीन में जुट गए हैं। बाइक बनाने को लेकर सौरभ नामक युवक से झगड़ा होने की बात कही जा रही है। नाम सामने आने के बाद आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। भाई-बहन में दूसरे स्थान पर था बहरहाल पुलिस अपने स्तर से मामले की छानबीन कर रही है। बताया जाता है कि मृतक अपने 2 भाई और 2 बहन में दूसरे स्थान पर था। उसके परिवार में मां रजिया परवीन और 2 बहन मुस्कान, नाहिद और एक भाई समीर है। इस घटना के बाद मृतक की मां नाजिया परवीन और परिवार के सभी सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है।
शाजापुर शहर के वार्ड क्रमांक 3 स्थित अयोध्या बस्ती में शॉर्ट सर्किट के चलते एक मकान में आग लग गई। इस घटना में करीब एक लाख रुपए से अधिक की नकदी, सोने-चांदी के जेवर, फ्रिज, टीवी सहित अन्य घरेलू सामान जलकर पूरी तरह खाक हो गया। घटना बुधवार देर रात करीब 11.30 बजे के है। घर के बाहर बैठा था परिवार आगजनी की यह घटना मदन कुशवाहा के घर में हुई। परिवार के सदस्य खाना खाने के बाद घर के बाहर बैठे थे। इसी दौरान घर से धुआं उठता देख उन्होंने अंदर जाकर देखा तो आग तेजी से फैल चुकी थी। घटना से क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से आग पर काबू पाया गया। इलाज के लिए रखे 1 लाख 20 हजार रुपए जले मदन कुशवाहा की पत्नी संगीता कुशवाहा ने बताया कि उन्होंने कुछ दिन पहले ही एक समूह से 80 हजार रुपए का लोन लिया था। वहीं, इलाज के लिए अपने भाई से 40 हजार रुपए उधार लिए थे। उनकी तबीयत खराब होने के कारण यह कुल 1.20 लाख रुपए की राशि इलाज के लिए रखी गई थी, जो आग में जलकर नष्ट हो गई। इसके अलावा, घर में रखे जेवर भी आग की भेंट चढ़ गए। पीड़ित परिवार ने घटना के संबंध में थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा रहा है।
देशभर में करीब 5 लाख त्रिवेणी लगाने वाले त्रिवेणी बाबा सिरसा पहुंचे हैं। आते ही उन्होंने बाबा भूमण शाह डेरा संगर सरिस्तां में संगत में साधा और डेरा प्रमुख बाबा ब्रह्मदास के साथ त्रिवेणी लगाई। साथ ही संगत को पर्यावरण बचाने में त्रिवेणी का महत्व बताते हुए पेड-पौधे लगाने के लिए प्रेरित किया, बाबा ब्रह्मदास ने उनको सम्मानित किया। सिरसा में सिंचाई विभाग व शिक्षा विभाग के साथ मिलकर जलघर व कार्यालयों एवं स्कूलों में त्रिवेणी लगा रहे हैं। विभागों की ओर से उनके लिए हर व्यवस्था की गई है, इसे लेकर भिवानी के बाबा सत्यवान ने बताया कि मीडिया से बातचीत में बताया, वे अब तक 5 लाख त्रिवेणी लगा चुके हैं और 10 लाख त्रिवेणी व एक करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने बताया वे 34 साल से ऐसे ही अभियान चला रहे हैं और पूरा जीवन स्वामी विवेकानंद को समर्पित कर दिया है। इसलिए उनको अब त्रिवेणी बाबा के नाम से ही जाना जाता है। उनको प्रशासन से भी काफी सहयोग मिला है, जिसके तहत स्कूलों में भी त्रिवेणी लगाने का अभियान चलाया जाता है। कई स्कूल, आईटीआई व अन्य शिक्षण संस्थान में वह त्रिवेणी लगा चुके हैं। चौटाला गांव में भी त्रिवेणी लगा चुके हैं। पृथ्वी दिवस पर करेंगे कार्यक्रम बाबा ने बताया, पूरी दुनिया पर्यावरण प्रदूषण से त्रास्द है। इस प्रदूषण को खत्म करने या प्रहार करने में बरगद या त्रिवेणी ही कारगर है। सभी धर्मों में सर्वोपरि है कि पृथ्वी को बचाना। धर्म बाद में पहले पृथ्वी को बचाना है। वे अब तक आईटीबीपी, बीएसएफ, पुलिस लाइन, अस्पताल, गांव, स्कूल, आईटीआई में विभिन्न जगहों पर त्रिवेणी लगा चुके हैं। प्रशासन से पूरा सहयोग मिलता है। एक त्रिवेणी लगाने पर करीब लाखों लोगों को लाभ मिलता है। भूमि सरंक्षण व ईंधन का लाभ मिलता है। ये पक्षियों के लिए बेहतर पसंद है। 22 अप्रैल को पृथ्वी दिवस है, जिस पर वह कार्यक्रम करेंगे, उसमें युवाओं को सम्मानित किया जाएगा और स्वामी विवेकानंद के विचारों से मोटिवेट करेंगे। अफसरों की टीम ने किया मोटिवेट बाबा ने बताया, वे स्वामी विवेकानंद के विचारों से 24 साल की उम्र में प्रेरित हुए थे और भिवानी जिले के तोशाम के सरल गांव में श्मशान घाट में त्रिवेणी लगाने की शुरूआत हुई थी। मूलरूप से लोहारू के बिशनबास गांव के रहने वाले हैं। खासकर शादी के दौरान वर-वधू से त्रिवेणी लगवाते हैं। रोहतक, गुरुग्राम व सिरसा जेल में अफसरों की टीम ने अपने-अपने कर्मचारियों को त्रिवेणी लगाने को मोटिवेट किया है।
भस्म आरती में भगवान महाकाल का हनुमान जी स्वरूप दर्शन:हनुमान जयंती पर सजे बाबा महाकाल
श्री महाकालेश्वर मंदिर में गुरुवार को हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर बाबा महाकाल का भव्य हनुमान स्वरूप में श्रृंगार किया गया। गुरुवार तड़के 4 बजे मंदिर के पट खुलते ही भस्म आरती के दौरान अलौकिक दृश्य देखने को मिला, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने दर्शन कर आशीर्वाद लिया। पट खुलने के बाद गर्भगृह में स्थापित सभी देव प्रतिमाओं का पूजन किया गया। इसके बाद भगवान महाकाल का जलाभिषेक कर दूध, दही, घी, शक्कर और फलों के रस से बने पंचामृत से अभिषेक किया गया।प्रथम घंटाल के साथ हरिओम का जल अर्पित कर पूजा की शुरुआत हुई। हनुमान स्वरूप में सजे बाबा महाकाल कपूर आरती के बाद भगवान महाकाल को रजत चंद्र, भांग, चंदन और गुलाब के पुष्पों से सजाया गया। रजत मुकुट, त्रिपुंड धारण कर बाबा महाकाल का हनुमान स्वरूप में दिव्य श्रृंगार किया गया। इसके बाद ज्योतिर्लिंग को वस्त्र से ढांककर भस्म अर्पित की गई। महा निर्वाणी अखाड़े ने चढ़ाई भस्म भस्म आरती में महा निर्वाणी अखाड़े की ओर से भगवान महाकाल को भस्म अर्पित की गई। मान्यता है कि भस्म अर्पण के बाद भगवान महाकाल निराकार से साकार रूप में भक्तों को दर्शन देते हैं।

