बात खरी है... इसमें आप देखेंगे बिहार के नेताओं और अफसरों के बीच अंदरखाने क्या चल रहा है, और दिनभर की ऐसी बड़ी हलचल जो आपको हंसाएगी भी और जिम्मेदारों को आइना भी दिखाएंगी। ऊपर VIDEO पर क्लिक करें...
बिहार में मानसून एक्टिव है। पटना समेत कई जिलों में बारिश का दौर जारी है। हालांकि, आज प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में मौसम सामान्य रहेगा। कुछ जिलों में बादल छाए रह सकते हैं। तापमान में 2 से 4 डिग्री तक बढ़ोतरी हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 48 घंटों में मौसम में किसी प्रकार के बदलाव की संभावना नहीं है। हालांकि, 25 जुलाई के बाद पटना, समस्तीपुर, वैशाली, भोजपुर, बक्सर, जहानाबाद और आसपास के जिलों में भारी बारिश का पूर्वानुमान है। बीते 24 घंटे में कैसा रहा मौसम मंगलवार को खगड़िया में तेज बारिश, जबकि पटना में बूंदाबांदी हुई। नालंदा, वैशाली समेत कई जिलों में बादल छाए हैं। सुबह सीतामढ़ी, कटिहार में बारिश हुई। मंगलवार को राजधानी पटना समेत राज्य के ज्यादातर हिस्सों में मंगलवार को दिनभर बादल छाए रहे। कुछ जिलों में रुक-रुककर बारिश होती रही। अधिकतम तापमान 35.2 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम की कुछ तस्वीरें देखिए… आगे कैसा रहेगा मौसम… मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, अगले तीन से चार दिनों तक बिहार में व्यापक स्तर पर बारिश की संभावना नहीं है। हालांकि, कुछ जिलों में स्थानीय स्तर पर हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है। जबकि अधिकांश इलाकों में बादलों की आवाजाही और उमस भरी गर्मी बनी रहेगी। सप्ताह के दूसरे हिस्से में मानसूनी गतिविधियां फिर से कुछ सक्रिय हो सकती हैं, जिससे राज्य के कुछ जिलों में बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, 22 और 23 जुलाई के दौरान बिहार के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां जारी रहेंगी। उत्तर और पश्चिम बिहार के जिलों में मध्यम से कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं, दक्षिण और मध्य बिहार में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है। इस दौरान अधिकतम तापमान में हल्की गिरावट दर्ज हो सकती है, जिससे लोगों को उमस से कुछ राहत मिलने के आसार हैं। पटना में सोमवार को दिनभर बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। शहर के कुछ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इस दौरान तेज हवा चलने की भी संभावना है। तापमान में मामूली गिरावट आएगी। बार-बार क्यों बदल रहा है मौसम बिहार में इन दिनों मौसम लगातार बदल रहा है। कभी अचानक बारिश हो जाती, तो कुछ घंटों बाद तेज धूप और उमस शुरू हो जाती है। इसकी मुख्य वजह मानसूनी गतिविधियों का कमजोर और मजबूत होना है। कभी नमी वाली हवाओं का प्रभाव बढ़ जाता है, जिससे बादल बनते हैं और हल्की बारिश होती है। इसके बाद जब बारिश रुकती है और धूप निकलती है तो हवा में मौजूद नमी के कारण उमस बढ़ जाती है। यही वजह है कि लोगों को एक ही दिन में मौसम के कई रंग देखने को मिल रहे हैं। बिहार के प्रमुख जिलों का तापमान…
मध्य प्रदेश के गवर्नमेंट प्रेस (शासकीय मुद्रण एवं लेखन सामग्री विभाग) में रद्दी कागज की बिक्री से जुड़े बड़े भ्रष्टाचार का खुलासा हुआ है। दैनिक भास्कर की जांच में सरकारी प्रेस, टेंडर लेने वाली कंपनी और तौल कांटे के रिकॉर्ड में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। इससे अधिकारियों और संबंधित पक्षों की भूमिका पर सवाल खड़े होते हैं। दस्तावेजों और सबूतों के आधार पर हुए इस खुलासे से अनुमान है कि पूरे टेंडर के दौरान सरकार को करीब 1.34 करोड़ रुपए के राजस्व का नुकसान हुआ। जांच के दौरान दैनिक भास्कर के रिपोर्टर ने आधी रात रद्दी से लदे ट्रकों का पीछा कर उस धर्मकांटे तक पहुंचकर तस्वीरें और वीडियो जुटाए, जहां उनकी तुलाई हुई थी। पड़ताल में पता चला कि वास्तविक तुलाई की पर्चियां सरकारी रिकॉर्ड से गायब थीं। मूल रिकॉर्ड में दोनों ट्रकों में करीब 29.7 टन रद्दी दर्ज थी, जबकि सरकारी फाइलों में केवल 6.82 टन दिखाई गई। इस तरह करीब 23 टन रद्दी के रिकॉर्ड में अंतर मिला। अधिकारियों ने पूछे जाने पर रिकॉर्ड की दोबारा जांच की बात कही। आखिर इस पूरे घोटाले को किस तरह अंजाम दिया गया? पढ़िए रिपोर्ट इन्वेस्टिगेशन पार्ट-1: आधी रात को ट्रकों का पीछा, कैमरे में कैद सबूत 1. भोपाल की फर्म को मिला 60 मीट्रिक टन रद्दी उठाने का ठेका शासकीय मुद्रण एवं लेखन सामग्री विभाग ने 16 नवंबर 2025 को ई-टेंडर क्रमांक 958 जारी कर सरकारी प्रेस से 60 मीट्रिक टन रद्दी कागज उठाने का ठेका निकाला। टेंडर में जरूरत के अनुसार रद्दी की मात्रा बढ़ाने का प्रावधान था। यह ठेका भोपाल की फर्म मैसर्स मां ट्रेडर्स (35, नेहरू रोड, बेलदारपुरा) को मिला। ठेकेदार को एक महीने में पूरी रद्दी उठाने की जिम्मेदारी दी गई थी। प्रोसेस की मॉनिटरिंग के लिए 25 मई 2026 को विभाग के कंट्रोलर ने प्रभारी लेखा अधिकारी भवेशकांत सिन्हा की अध्यक्षता में स्पेशल कमेटी गठित की। 2. कंपनी ने विभागीय खाते में जमा किए 2 लाख रुपए मध्य प्रदेश शासन के वित्त विभाग (साइबर ट्रेजरी) के ऑनलाइन पोर्टल के अनुसार, मैसर्स मां ट्रेडर्स ने डिप्टी कंट्रोलर सेंट्रल प्रेस, भोपाल के विभागीय खाते में दो चालानों से कुल 2 लाख रुपए जमा किए। पहला चालान 29 जून 2026 और दूसरा 30 जून 2026 को एक-एक लाख रुपए का जमा किया गया। 3. सरकारी प्रेस से निकले ट्रकों का भास्कर टीम ने किया पीछा 30 जून 2026 को दिनभर सरकारी प्रेस में रद्दी लोड की गई। रात 11:29 बजे ट्रक क्रमांक RJ 11 GA 8824 और RJ 05 GA 8663 प्रेस के मुख्य गेट से निकले। पहले से मौजूद भास्कर टीम ने दोनों ट्रकों का पीछा किया। रात करीब 11:45 बजे दोनों ट्रक गोविंदपुरा इंडस्ट्रियल एरिया के प्लॉट नंबर 9 और 10 स्थित 'संजय स्केल्स' धर्मकांटे पर पहुंचे, जहां उनकी तुलाई हुई। भास्कर रिपोर्टर ने पूरी प्रक्रिया का वीडियो रिकॉर्ड किया। इस दौरान सरकारी निगरानी समिति के सदस्य धर्मकांटे पर मौजूद रहने के बजाय पास की कार में बैठे रहे। कुछ देर बाद धर्मकांटे के केबिन से निकले कर्मचारी ने तौल पर्चियां उन्हें कार में ही सौंप दीं। इन्वेस्टिगेशन पार्ट-2: सरकारी रिकॉर्ड और तौल पर्चियों में बड़ा अंतर 1. धर्मकांटे से निकाली डुप्लीकेट तौल पर्चियां2 जुलाई 2026 को दैनिक भास्कर का रिपोर्टर गोविंदपुरा स्थित संजय स्केल्स धर्मकांटे पहुंचा। ट्रकों के नंबर और तुलाई के समय के आधार पर दोनों ट्रकों की डुप्लीकेट तौल पर्चियां प्राप्त की गईं। इनसे सरकारी रिकॉर्ड और वास्तविक तुलाई के बीच अंतर के शुरुआती प्रमाण मिले। संजय स्केल्स धर्मकांटे के रिकॉर्ड के अनुसार दोनों ट्रकों का कुल नेट वेट 29,775 किलो (करीब 29.7 टन) दर्ज था। 2. सरकारी फाइल में अलग धर्मकांटे की पर्चियां मिलीं भास्कर रिपोर्टर ने अपने सूत्रों से सरकारी फाइल में लगाई गई तौल पर्चियों की कॉपी हासिल की। इसमें गोविंदपुरा स्थित संजय स्केल्स धर्मकांटे की पर्चियां मौजूद नहीं थीं। उनकी जगह करीब 15 किलोमीटर दूर मिसरौद स्थित 'भवानी धर्मकांटे' की तौल पर्चियां संलग्न थीं। न पर्चियों पर निगरानी समिति के सभी सदस्यों के हस्ताक्षर थे। दोनों धर्मकांटों के रिकॉर्ड में दर्ज वजन में बड़ा अंतर सामने आया। 3. तौल पर्चियों के समय पर भी उठे सवाल तौल पर्चियों की जांच में समय दर्ज होने को लेकर भी सवाल सामने आए। रिकॉर्ड के अनुसार 30 जून की रात दोनों धर्मकांटों पर ट्रकों की तुलाई कुछ ही मिनटों के अंतराल में दर्ज की गई है। गोविंदपुरा और मिसरौद के बीच करीब 12 से 15 किलोमीटर की दूरी है। पर्चियों में दर्ज समय के आधार पर दोनों स्थानों पर ट्रकों की तुलाई कुछ ही मिनटों के अंतराल में होना सवाल खड़े करता है। इसके अलावा भवानी धर्मकांटे की दोनों पर्चियों के सीरियल नंबर अलग थे, लेकिन वाहन नंबर का शुरुआती हिस्सा 'RJ11GA' समान था। केवल अंतिम अंक (8824 व 8663) अलग थे। इन तथ्यों के आधार पर दस्तावेजों की प्रामाणिकता पर सवाल उठते हैं। भास्कर एनालिसिस: सरकार को ₹1.34 करोड़ का अनुमानित नुकसान?टेंडर 60 मीट्रिक टन (60,000 किलो) रद्दी कागज के डिस्पोजल के लिए जारी किया गया था। मौजूदा दस्तावेजों के अनुसार सरकारी रिकॉर्ड में अब तक केवल 6 टन रद्दी की बिक्री दर्ज है, जबकि जांच में ट्रकों में इससे कहीं अधिक रद्दी लोड होने के सबूत मिले। टेंडर की शर्तों के अनुसार कागजों पर अभी भी 54 मीट्रिक टन रद्दी बिकना बाकी है। सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार प्रति ट्रक औसतन करीब 3 टन रद्दी दर्शाई गई है। इस आधार पर 60 टन रद्दी के डिस्पोजल के लिए लगभग 20 ट्रकों की जरूरत होगी। समिति अध्यक्ष से सवाल-जवाब: दावों और रिकॉर्ड में विरोधाभासनियमों के अनुसार स्क्रैप का भंडारण, तुलाई और डिस्पोजल डिप्टी कंट्रोलर के प्रशासनिक नियंत्रण में होता है, जबकि रद्दी विक्रय समिति के अध्यक्ष भवेशकांत सिन्हा पर तुलाई प्रोसेस की मॉनिटरिंग और नियमों के पालन की जिम्मेदारी थी। दैनिक भास्कर ने भवेशकांत सिन्हा से मामले से जुड़े कई सवाल पूछे, जिनके जवाब में विरोधाभास नजर आया। सवाल: रद्दी उठाने का टेंडर किस कंपनी को मिला?जवाब: मां ट्रेडर्स को टेंडर मिला था। कुल 60 मीट्रिक टन रद्दी बेची जानी थी और अब तक तीन ट्रक भेजे गए हैं। सवाल: तीनों ट्रकों में कुल कितना वजन था?जवाब: तौल पर्चियां डिप्टी कंट्रोलर कार्यालय में जमा हैं। मुझे सटीक आंकड़ा याद नहीं है। सवाल: ट्रकों की तुलाई किस धर्मकांटे पर हुई थी?जवाब: तुलाई का विवरण पर्चियों में दर्ज होगा। मुझे अभी याद नहीं है। संभवतः मिसरौद के 11 मील स्थित धर्मकांटे पर तुलाई हुई थी। सवाल: जांच में ट्रकों की तुलाई गोविंदपुरा के संजय धर्मकांटे पर मिली। ऐसे में मिसरौद की पर्चियां कैसे आईं?जवाब: मेरे अनुसार तुलाई 11 मील (मिसरौद) पर हुई थी। गोविंदपुरा की जानकारी मुझे नहीं है। मैं समिति के सदस्यों से चर्चा करूंगा। भास्कर फैक्ट चेक: 29 जून को ट्रक निकले ही नहींमौजूदा दस्तावेजों के मुताबिक 29 जून 2026 को मिसरौद के धर्मकांटे पर ट्रकों की तुलाई का रिकॉर्ड नहीं मिला। उस दिन कंपनी ने विभागीय खाते में पेमेंट जमा किया था। जांच में जुटाए गए वीडियो और अन्य रिकॉर्ड के मुताबिक ट्रकों की लोडिंग और तुलाई 30 जून की रात गोविंदपुरा स्थित संजय स्केल्स धर्मकांटे पर हुई। समिति के सदस्य गोविंदपुरा के संजय स्केल्स धर्मकांटे पर मौजूद थे। इसका पुख्ता वीडियो सबूत दैनिक भास्कर के पास सुरक्षित है। सरकार का पक्ष: उच्चस्तरीय जांच और कार्रवाई का भरोसा दैनिक भास्कर ने जांच से जुड़े दस्तावेज और अन्य साक्ष्य प्रदेश के राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा को उपलब्ध कराए। मंत्री ने मामले को गंभीर बताते हुए उच्चस्तरीय जांच और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
राहुल गांधी के समर्थन में छत्तीसगढ़ कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने लोकभवन के बाहर प्रदर्शन किया। मंगलवार रात विरोध करने पहुंचे पूर्व विधायक विकास उपाध्याय को पुलिस ने रोक लिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने लोकभवन के गेट तक बढ़ने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस के साथ धक्का-मुक्की हुई। बता दें कि नीट पेपर लीक और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में पीएम आवास के बाहर राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे समेत कई नेता धरने पर बैठे, जिन्हें पुलिस ने हिरासत में ले लिया। देशभर में कांग्रेस इसी का विरोध कर रही है। दिल्ली में हुए प्रदर्शन में छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल भी शामिल हुए। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि, प्रधानमंत्री आवास के बाहर से पुलिस ने हमारे सीनियर नेताओं के साथ मुझे भी बस में बैठा लिया है। एयरपोर्ट की तरफ कहीं लेकर जा रहे हैं। दिल्ली पुलिस ने मेरा एक जूता भी ले लिया है। पहले देखें तस्वीरें… कांग्रेस की मांग क्या है पूरा मामला नीट परीक्षा में गड़बड़ी और शिक्षा सुधारों को लेकर दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) आंदोलन कर रही है। पार्टी के कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक भी पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर अनशन पर है। इस पूरे मुद्दे पर कांग्रेस देश भर में प्रदर्शन कर रही है। कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भजन-कीर्तन किया, सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और लोकभवन के गेट तक बढ़ने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस ने उन्हें रोक दिया, जिसके बाद वहां धक्का-मुक्की और अफरातफरी का माहौल बन गया। स्थिति को देखते हुए मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। 'जब तक न्याय नहीं, तब तक विरोध जारी' पूर्व महापौर एजाज ढेबर ने कहा- कई छात्रों ने आत्महत्या कर ली है। बच्चों पर लाठीचार्ज हो रहा है, इसके लिए कौन जिम्मेदार है। कांग्रेस नेता राकेश गुप्ता ने शिक्षा मंत्री और प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग की। वहीं, कांग्रेस नेता सुबोध हरितवाल ने कहा, जब तक बच्चों को न्याय नहीं मिलेगा, हम विरोध करते रहेंगे। ………………. इससे जुड़ी खबर भी पढ़ें… रायपुर- नीट पेपर लीक मामले में NSUI का प्रदर्शन: खून से लिखा- धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो, सोनम वांगचुक के समर्थन में अनशन पर सामाजिक कार्यकर्ता छत्तीसगढ़ में सोनम वांगचुक के समर्थन में युवाओं ने प्रदर्शन किया। रायपुर में NSUI कार्यकर्ताओं ने NEET पेपर लीक का विरोध जताया। डॉ. भीमराव अंबेडकर चौक पर अलग-अलग छात्र संगठनों, सामाजिक संगठनों से जुड़े युवा धरने में शामिल हुए। पढ़ें पूरी खबर…
मध्य प्रदेश में लंबी खेंच के बाद मानसून फिर से एक्टिव हो गया है। बीते 36 घंटे से प्रदेश के 35 से ज्यादा जिलों में पानी बरस रहा है। IMD (मौसम केंद्र) भोपाल की माने तो अगले 4 दिन तक तेज बारिश का दौर रहेगा। बुधवार को उज्जैन, धार, गुना समेत 15 जिलों में अति भारी या भारी बारिश का अलर्ट है। आज जिन जिलों में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है, उनमें शिवपुरी, गुना, सागर और डिंडौरी शामिल हैं। 24 घंटे में यहां 4 से 8 इंच तक पानी गिर सकता है। श्योपुर, अशोकनगर, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, दमोह, नीमच, मंदसौर, उज्जैन, धार और बड़वानी में भारी बारिश की चेतावनी है। वहीं, भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, झाबुआ, आलीराजपुर, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, रतलाम, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर और निवाड़ी में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश का दौर जारी रहेगा। देखिए, मंगलवार को हुई बारिश की तस्वीरें… एक दिन की बारिश से 3% आंकड़ा सुधरा, अब 14% पीछेप्रदेश में एक दिन की बारिश में ही ओवरऑल आंकड़े में 3 प्रतिशत की कमी आई है। सोमवार तक प्रदेश में सामान्य से 17% कम बारिश दर्ज की गई थी, जो मंगलवार को 14% पर आ गई। मौसम विभाग के अनुसार, अब तक प्रदेश में औसत 11.3 इंच (286.8 मिमी) बारिश हुई है, जबकि 13.2 इंच (335.3 मिमी) पानी गिर जाना था। दूसरी ओर, पूर्वी हिस्से में 18 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में 11 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। कम बारिश का असर... 41 जिलों में माइनस में आंकड़ाप्रदेश के 41 जिलों में बारिश का आंकड़ा माइनस में है। पूर्वी हिस्से में सिर्फ निवाड़ी को छोड़ दें तो बाकी सभी जिलों में औसत से कम बारिश हुई है। मौसम विभाग के अनुसार, कम बारिश वाले 41 जिलों में अनूपपुर, बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, दतिया, धार, गुना, ग्वालियर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, रायसेन, रतलाम, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी और विदिशा शामिल हैं। वहीं, ज्यादा बारिश वाले 14 जिले- निवाड़ी, आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, देवास, हरदा, इंदौर, खंडवा, खरगोन, नीमच, राजगढ़, सीहोर और उज्जैन है। देवास में 18 इंच पानी गिरा, भोपाल-इंदौर बेहतरप्रदेश में देवास सबसे ज्यादा बारिश वाला जिला है। यहां 51 प्रतिशत ज्यादा पानी गिर चुका है। मौसम विभाग के आंकड़ों की माने तो यहां अब तक 18.4 इंच बारिश हो चुकी है। इंदौर-सीहोर में 14 इंच बरसात हुई है। हरदा में 15.4 इंच पानी गिर चुका है। भोपाल में 14.5 इंच पानी गिरा है। आगर-मालवा, अशोकनगर, बैतूल, बुरहानपुर, गुना, खंडवा, खरगोन, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, राजगढ़, रतलाम, शाजापुर, उज्जैन, विदिशा, अनूपपुर, बालाघाट, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, मंडला, पांढुर्णा, पन्ना, सागर, सिवनी और उमरिया जिले भी बेहतर स्थिति में है। आलीराजपुर में सबसे कम डेढ़ 2 इंच ही बारिश हुई है, जो सामान्य से 78 प्रतिशत कम है। मैप से समझें, 4 दिन ऐसा रहेगा मौसम आगे कैसा रहेगा मौसम?मौसम एक्सपर्ट शैलेंद्र कुमार नायक ने बताया कि प्रदेश में मानसून एक सक्रिय चरण में है। यदि बंगाल की खाड़ी से नमी की आपूर्ति और वर्तमान मौसमीय तंत्र बने रहते हैं, तो प्रदेश के मध्य भागों में वर्षा की गतिविधियां आगे भी जारी रह सकती हैं। यह स्थिति जल संसाधनों और कृषि के लिए सकारात्मक है, लेकिन शहरी क्षेत्रों में अल्पकालिक जलभराव और यातायात संबंधी चुनौतियां भी उत्पन्न कर सकती है। जून के बाद जुलाई में भी आंकड़ा कममौसम विभाग के अनुसार, जून में कम बारिश हुई, लेकिन जुलाई की शुरुआती दिनों में तेज बारिश होने से यह बढ़ गया। बाद में लगातार 9 दिन से तेज बारिश नहीं होने से लगातार चौथे दिन से आंकड़ा माइनस में आ गया है। बता दें कि इस महीने पूरे मानसून की एक तिहाई बारिश का ट्रेंड है। जैसे- भोपाल में 39 इंच सामान्य बारिश है तो 14 इंच बारिश जुलाई में होती है। बड़े शहरों में जबलपुर ही ऐसा है, जहां सबसे ज्यादा 17 इंच से ज्यादा बारिश होती है। जुलाई के महीने में ही प्रदेश में कोटे की 40 प्रतिशत तक बारिश होती है। प्रदेश की सामान्य बारिश 37.3 इंचप्रदेश की सामान्य बारिश 37.3 इंच है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर जिले की सामान्य बारिश 38 से 39 इंच तक है। जुलाई में MP के 5 बड़े शहरों में ऐसा ट्रेंड इंदौर में 24 घंटे में 11.5 इंच बारिश का रिकॉर्डइंदौर की बात करें तो 24 घंटे में 11.5 इंच बारिश होने का रिकॉर्ड है, जो 27 जुलाई 1913 में हुई थी। वर्ष 1973 को पूरे महीने 30.5 इंच पानी गिरा था। बारिश के चलते यहां भी तापमान में गिरावट देखने को मिलती है। इंदौर में महीने की एवरेज बारिश 12 इंच है। एवरेज 13 दिन यहां बारिश होती है। भोपाल में 41 इंच बारिश का रिकॉर्डराजधानी भोपाल में जुलाई में खूब बारिश होती है। यहां एक ही महीने में 1031.4 मिमी यानी 41 इंच के करीब बारिश होने का रिकॉर्ड है। यह साल 1986 को हुई थी। 22 जुलाई 1973 को एक ही दिन में 11 इंच बारिश हुई थी, जो अब तक का रिकॉर्ड है। भोपाल में बारिश के दिनों की बात करें तो जुलाई महीने में एवरेज 15 दिन बारिश होती है। यानी, हर दूसरे दिन पानी बरसता है। महीने की एवरेज बारिश 367.7 मिमी यानी 14.4 इंच है। बारिश के चलते दिन का तापमान 30 और रात में पारा 25 डिग्री से कम रहता है। जबलपुर में सबसे ज्यादा बारिश होने का रिकॉर्डचारों बड़े शहरों में जबलपुर ऐसा है, जहां सबसे ज्यादा बारिश होती है। वर्ष 1930 में करीब 45 इंच पानी बरसा था, जबकि 30 जुलाई 1915 को 24 घंटे की सर्वाधिक 13.5 इंच बारिश हुई थी। पिछले साल जुलाई में 13 इंच से ज्यादा बारिश हुई थी। 2013 और 2016 में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की गई थी। जबलपुर में जुलाई की सामान्य बारिश 17 इंच है। महीने में 15 से 16 दिन पानी बरसता है। ग्वालियर में 6 बार 8 इंच से कम बारिशभोपाल, इंदौर और जबलपुर की तुलना में ग्वालियर में सबसे कम बारिश होती है। पिछले 10 साल में 6 बार ऐसा हुआ, जब 8 इंच से कम पानी गिरा हो, जबकि यहां की एवरेज बारिश 9 इंच के करीब है। ग्वालियर में वर्ष 1935 में महीने की सबसे ज्यादा बारिश हुई थी। तब 623.3 मिमी यानी 24.5 इंच बारिश दर्ज की गई थी। 24 घंटे में सबसे ज्यादा बारिश की बात करें तो 12 जुलाई 2015 में 190.6 मिमी यानी साढ़े 7 इंच पानी बरसा था। ग्वालियर में जुलाई के महीने में एवरेज 11 दिन बारिश होती है। उज्जैन में जमकर होती है बारिशप्रदेश के अन्य शहरों की तरह उज्जैन में भी जुलाई में जमकर बारिश होती है। कोटे की करीब 40 प्रतिशत बारिश इसी महीने हो जाती है।
मध्य प्रदेश में दो से तीन हफ्ते बाद मानसून फिर सक्रिय हो गया है। 24 घंटे में 30 से ज्यादा जिलों में अच्छी बारिश हुई। मौसम विभाग ने 24 से 48 घंटे तक प्रदेश के कई हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई है। छत्तीसगढ़ में मानसून पूरी तरह से सक्रिय है और मौसम विभाग ने अगले 3 दिनों तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। उत्तर छत्तीसगढ़ में गरज-चमक और बिजली गिरने की अधिक संभावना है। हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच मंगलवार और बुधवार के लिए मंडी, कांगड़ा और सिरमौर जिलों के सभी स्कूल और कॉलेज बंद कर दिए गए हैं। प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश से अब तक 66 लोगों की मौत हो चुकी है। जम्मू-कश्मीर के राजौरी और पुंछ जिलों में फ्लैश फ्लड से भारी तबाही हो रही है। बारिश से जुड़े हादसों में रविवार से अब तक जम्मू संभाग में 23 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि सात लोग अब भी लापता हैं। सबसे ज्यादा असर पुंछ जिले में पड़ा, जहां 17 लोगों की मौत हुई और छह लोग लापता हैं। राजौरी में तीन लोगों की मौत हुई और एक व्यक्ति लापता है। वहीं डोडा जिले में भी तीन लोगों की जान गई है। असम में लगातार हो रही तेज बारिश से ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। इसके चलते राज्य के कई जिले बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। अगले तीन दिनों के लिए भी राज्य में बारिश का यलो अलर्ट है। 22 जुलाई को देश के ऊपर छाए बादलों की सैटेलाइट इमेज… देशभर के मौसम से जुड़ी तस्वीरें… अगले 2 दिन के मौसम का हाल… 22 जुलाई: 23 जुलाई:
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आंदोलन पर पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री बंट गई है। एक तरफ दिलजीत दोसांझ और सोनू सूद ने लाठीचार्ज पर सवाल उठाए। उन्होंने छात्रों के अधिकारों और उनकी मांगों को जायज ठहराया है। वहीं बब्बू मान ने आंदोलन के समर्थन से इनकार कर दिया। बब्बू मान ने तो सीधे सवाल उठाया कि जब 2020 में दिल्ली में किसान आंदोलन हुआ तो CJP बनाने वाले अभिजीत दीपके वहां आए थे क्या?। पंजाबी हर बार लाठियां खाने के लिए आगे नहीं आ सकते। वहीं जसबीर जस्सी ने सभी पार्टियों को अपील की कि इस मामले को संवेदनशीलता से देखा जाए। इसका राजनीतिकरण न किया जाए। एक्ट्रेस सोनम बाजवा ने इंस्टाग्राम पर टूटे हुए दिल की इमोजी लगाई। जानिए, CJP के आंदोलन पर किसने क्या कहा… दिलजीत दोसांझ बोले- स्टूडेंट्स की बात सुनी जाएदिलजीत दोसांझ ने कहा- आज जो हुआ, बहुत बुरा हुआ। स्टूडेंट्स के साथ ऐसा व्यवहार नहीं होना चाहिए था। मेरी अधिकारियों से गुजारिश है कि स्टूडेंट्स की मांगों को सुना जाए। लोगों की आवाज रब की आवाज होती है। मुझ पर पहले ही एंटी नेशनलिस्ट का टैग बहुत बार लग चुका है। अब भी मुझे एंटी नेशनलिस्ट कहा जाएगा। किसान आंदोलन के बाद मुझे काफी कानूनी दिक्कतें आईं, जिनके बारे में मैं डिस्कस भी नहीं कर सकता। दिलजीत की पोस्ट.. जस्सी जसबीर बोले- प्यार से बात करना चाहिए'दिल ले गई कुड़ी गुजरात दी' फेम पंजाबी सिंगर जस्सी जसबीर ने सोशल मीडिया पर लिखा- छात्र आखिरकार हमारे अपने बच्चों की तरह हैं। इसलिए उनसे प्यार और सम्मान के साथ बात की जानी चाहिए। उनकी बात और उनकी चिंताओं को भी गंभीरता से सुना जाना चाहिए। इस पूरे मामले में किसी भी तरह की राजनीति नहीं होनी चाहिए। जस्सी ने आगे कहा- छात्रों से जुड़े मुद्दों को राजनीतिक नजरिए से नहीं, बल्कि संवेदनशीलता के साथ देखा जाना चाहिए। इस पोस्ट के साथ उन्होंने भाजपा, आम आदमी पार्टी, कांग्रेस, अभिनेता विजय, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, आज तक, राष्ट्रपति भवन और शिक्षा मंत्रालय समेत कई प्रमुख नेताओं, राजनीतिक दलों और संस्थानों को भी टैग किया है। सोनू सूद ने लाठीचार्ज पर सवाल उठाएपंजाब में मोगा के रहने वाले बॉलीवुड एक्टर सोनू सूद ने कहा कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों को पुलिस की लाठियों की नहीं, बल्कि गले लगाने वाले प्यार भरे हाथों और सहानुभूति की ज़रूरत है। सोनू सूद ने शासन और प्रशासन से अपील की कि वे छात्रों के मुद्दों को आक्रामकता के बजाय संवेदनशीलता और बातचीत के साथ हल करने का प्रयास करें। सोनम बाजवा बोलीं- सवाल करना कब से गलत हो गयापंजाबी एक्ट्रेस सोनम बाजवा ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक भावुक पोस्ट साझा किया है। अपनी पोस्ट में उन्होंने लिखा, सवाल करना कब से इतना गलत हो गया? इसके साथ उन्होंने टूटे हुए दिल का इमोजी भी लगाया। हालांकि पोस्ट में उन्होंने किसी व्यक्ति, घटना या विवाद का नाम नहीं लिया, लेकिन इसे CJP के आंदोलन में हुए लाठीचार्ज से जोड़कर देखा जा रहा है। बब्बू मान बोले- हर बार पंजाबी ही लाठियां क्यों खाएंमशहूर पंजाबी सिंगर बब्बू मान ने कहा कि 1947 के विभाजन से लेकर 1984 और हालिया किसान आंदोलन तक, पंजाबियों ने हर संघर्ष में सबसे आगे रहकर बहुत कुछ सहा और खोया है। जब किसान आंदोलन चल रहा था, तब क्या CJP प्रमुख अभिजीत दीपके उनके समर्थन में आए थे?। मान ने कहा- अगर वे तब साथ नहीं खड़े थे, तो पंजाबियों को अब बिना सोचे-समझे उनके समर्थन में क्यों जाना चाहिए?। पंजाबियों की भी अपनी जिंदगी है और वे हमेशा ही लाठियां खाने के लिए आगे नहीं आ सकते। इसी वजह से कई पंजाबी और वे खुद इस प्रदर्शन का समर्थन नहीं कर रहे हैं।
देशद्रोह और हत्या के मामले में जेल से रिहा हुए संत रामपाल ने भगवान श्रीराम पर की गई अपनी विवादित टिप्पणी और अयोध्या मंदिर के चढ़ावे को लेकर दिए बयान पर सफाई दी है। फतेहाबाद से आए लोगों से मुलाकात के दौरान रामपाल ने कहा- मैं भगवान श्रीराम का अपमान नहीं कर रहा, बल्कि धर्म के नाम पर फैल रहे पाखंड का विरोध कर रहा हूं। रामपाल ने बताया कि लोगों ने उनसे पूछा था कि भगवान श्रीराम पर की गई उनकी टिप्पणी को लेकर विरोधियों ने कई सवाल उठाए हैं। इस पर रामपाल ने कहा, मैं पहले भी कह चुका हूं कि भगवान श्रीराम ने एक ही तीर से रावण का वध किया था। मैं उनका सम्मान करता हूं। रामपाल यहीं नहीं रुका। उसने भगवान श्रीराम की तुलना एक डॉक्टर से करते हुए कहा कि यदि कोई बहुत प्रसिद्ध डॉक्टर मर जाए और उसकी प्राण-प्रतिष्ठा कर उसे मंदिर या अस्पताल में स्थापित कर दिया जाए, फिर उससे किसी मरीज का इलाज करने या दवा देने को कहा जाए, तो क्या वह ऐसा कर पाएगा? रामपाल ने कहा था- अयोध्या मंदिर में सिर्फ मूर्ति है, भगवान नहीं सोनीपत स्थित धनाना आश्रम में 15 जुलाई को भाजपा प्रवक्ता नेहा धवन से मुलाकात के दौरान रामपाल ने यह विवादित बयान दिया था। रामपाल के ऑफिशियल सोशल मीडिया पेज 'स्पिरिचुअल लीडर संत रामपाल' पर इसका वीडियो अपलोड किया गया। रामपाल ने कहा था कि अयोध्या मंदिर में सिर्फ एक मूर्ति स्थापित है, वह भगवान नहीं हैं। धर्मगुरु वर्षों से लोगों को यह कहकर गुमराह करते आए हैं कि मूर्ति में प्राण-प्रतिष्ठा होने के बाद वह भगवान का कार्य करने लगती है। अगर प्राण-प्रतिष्ठा की प्रक्रिया सही होती, तो मंदिर में चोरी कैसे हो जाती? वहां श्रीराम की मूर्ति थी, उसकी प्राण-प्रतिष्ठा भी हो चुकी थी और उनके हाथ में तीर-कमान भी था। फिर जब सरेआम चोरी हो गई, तो धर्मगुरुओं की भावनाएं कहां चली गईं। प्रेमानंद महाराज और धीरेंद्र शास्त्री पर साधा निशाना रामपाल ने देश के प्रमुख हिंदू धर्म गुरुओं को ढोंगी कहा था। वीडियो के बैकग्राउंड में प्रेमानंद महाराज, पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री, श्री श्री रविशंकर और देवकीनंदन ठाकुर जैसे बड़े धर्मगुरुओं की तस्वीरें लगाई, जिनकी तरफ इशारा करते हुए रामपाल ने उन पर लोगों को बेवकूफ बनाने का आरोप लगाया। वीडियो वायरल होने पर भाजपा प्रवक्ता ने दी थी सफाई रामपाल की टीम की ओर से मुलाकात का वीडियो जारी होने और विवाद बढ़ने के बाद भाजपा प्रवक्ता नेहा धवन ने अपनी सफाई दी थी। उन्होंने कहा था कि वह धनाना आश्रम केवल एक सामाजिक मुलाकात के सिलसिले में गई थीं। राम मंदिर या धर्म से जुड़े किसी मुद्दे पर उन्होंने संत रामपाल से कोई सवाल-जवाब नहीं किया था। नेहा धवन ने बताया कि मुलाकात के दौरान रामपाल खुद ही बातें करने लगे, जिस पर वह सिर्फ मुस्कुरा दी थीं। उस समय वहां इतना शोर था कि राम मंदिर को लेकर रामपाल ने जो बातें कहीं, उन्हें वह ठीक से सुन भी नहीं पाईं। संत रामपाल से जुड़े 2 विवाद जानिए... 10 अप्रैल को ही जेल से बाहर आया रामपाल सतलोक आश्रम का प्रमुख रामपाल 11 साल, 4 महीने और 24 दिन जेल में बिताने के बाद 10 अप्रैल 2026 को हिसार की सेंट्रल जेल से रिहा हुआ था। पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद वह जेल से बाहर आया और सोनीपत के धनाना स्थित सतलोक आश्रम पहुंचा था। तब से लेकर अब तक वह धनाना आश्रम में है। बरवाला कांड के बाद पुलिस ने रामपाल, भाई और अन्य समर्थकों पर देशद्रोह, हत्या और आपराधिक साजिश रचने जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। इन मामलों में उन्हें 2018 में उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। हालांकि, 2025 में पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने उम्रकैद की सजा को निलंबित कर दिया और बाद में उन्हें देशद्रोह से संबंधित मामलों में भी जमानत हो गई थी। -------------------------- ये खबर भी पढ़ें :- रामपाल बोला-राम मूर्ति में प्राण होते तो चोर पकड़े जाते,VIDEO:राम ने चोरों को तीर क्यों नहीं मारा, प्रेमानंद महाराज जैसे धर्मगुरु ढोंगी; हंसती रहीं BJP नेता देशद्रोह और मर्डर मामले में जेल से रिहा हुए संत रामपाल ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी और भगवान श्रीराम पर आपत्तिजनक टिप्पणी की। BJP प्रवक्ता नेहा धवन रामपाल से मिलने उसके सोनीपत स्थित धनाना आश्रम गईं थी, जहां रामपाल ने कहा कि अयोध्या मंदिर में सिर्फ मूर्ति है, वो भगवान नहीं हैं। पढ़ें पूरी खबर…
हरियाणा के उच्च शिक्षा विभाग ने प्रिंसिपल कैडर की ऑनलाइन तबादला प्रक्रिया शुरू करने से पहले सभी कर्मचारियों के HRMS (ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम) डेटा और संबंधित दस्तावेजों को अपडेट व सत्यापित करने के निर्देश जारी किए हैं। महानिदेशक उच्च शिक्षा (DGHE) कार्यालय की ओर से जारी आदेश में सभी जिला उच्च शिक्षा अधिकारियों (DHEO), सरकारी कॉलेजों, पुस्तकालयों और एनसीसी इकाइयों के प्राचार्यों, डीडीओ और चेकर को 30 जुलाई 2026 तक यह कार्य पूरा करने को कहा गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि मॉडल ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी-2026 के तहत प्रस्तावित ऑनलाइन ट्रांसफर ड्राइव से पहले कर्मचारियों का रिकॉर्ड पूरी तरह सही, अद्यतन और सत्यापित होना जरूरी है, ताकि स्थानांतरण प्रक्रिया पारदर्शी और त्रुटिरहित तरीके से पूरी की जा सके। गलत अपडेट पर चेकर होंगे जिम्मेदार विभाग ने आदेश में कहा है कि HRMS में स्वीकृत प्रत्येक संशोधन की जिम्मेदारी संबंधित चेकर की होगी। यदि बिना उचित सत्यापन के गलत, फर्जी या नियमों के विपरीत कोई अपडेट किया जाता है तो संबंधित चेकर के खिलाफ सेवा नियमों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। 30 जुलाई तक पूरी करनी होगी प्रक्रिया उच्च शिक्षा विभाग ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि HRMS अपडेट, रिकॉर्ड सुधार और आपत्तियों के निपटारे का पूरा कार्य 30 जुलाई 2026 तक हर हाल में पूरा किया जाए। विभाग ने इसे अत्यंत जरूरी (टॉप प्रायोरिटी) कार्य घोषित किया है, ताकि ऑनलाइन ट्रांसफर ड्राइव निर्धारित समय पर शुरू की जा सके।
निहंगों की सोशल मीडिया पोस्ट पर टिप्पणी करना एक युवक को महंगा पड़ गया। निहंग होशियारपुर से सीधे लुधियाना पहुंच गए। वहां उन्होंने युवक की पिटाई कर दी। पहले उसे डंडे से पीटा गया। फिर थप्पड़ मारे गए। इसके बाद युवक से माफी भी मंगाई गई। इसका वीडियो रिकॉर्ड कर वायरल कर दिया गया। निहंगों का कहना है कि कुछ लोग अभद्र कमेंट कर खुद को बड़ा साबित करने की कोशिश करते हैं, इसलिए वे सबक सिखाने यहां तक आए। हालांकि इस मामले में अभी पुलिस के पास किसी तरह की कोई शिकायत नहीं पहुंची है। वीडियो में क्या, डंडे-थप्पड़ और मूंछों पर तावइस मामले में सामने आए वीडियो में दिख रहा है कि एक निहंग सोफे पर बैठे हैं। तभी एक सिख युवक निहंग से माफी मांगने के लिए आगे बढ़ता दिखाई देता है। इसी दौरान एक निहंग युवक पर डंडे से वार करता है और कहता है, अब बोल। इसके बाद युवक दोबारा माफी मांगने के लिए आगे बढ़ता है, तभी थप्पड़ जड़ दिया जाता है। इसके बाद थप्पड़ मारने वाला निहंग कहता है, ये उधर बैठा मूंछों को ताव दे रहा था। 2 पॉइंट में जानिए पूरा मामला:- निहंग की चेतावनी, सबका हिसाब लेंगेनिहंग दिलदार सिंह ने कहा कि सोशल मीडिया पर कुछ लोग अभद्र टिप्पणियां कर खुद को बड़ा साबित करने की कोशिश करते हैं। इसी वजह से इस युवक को सबक सिखाया गया। उन्होंने सोशल मीडिया पर निहंगों के खिलाफ गलत टिप्पणी करने वालों को खुली चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि ऐसे सभी लोगों के स्क्रीनशॉट उनके पास सुरक्षित हैं और समय आने पर उनसे हिसाब लिया जाएगा। *********** ये खबर भी पढ़ें: पंजाब में अश्लील फोटो वाले निहंग को संगलों से बांधा: डंडों से पिटवाया, बाणा पहनने पर रोक लगाई; बुड्ढा दल ने दी धार्मिक सजा निहंग जसदीप सिंह को उनके अश्लील फोटो सामने आने के बाद धार्मिक सजा दी गई है। बुड्ढा दल ने निहंग जसदीप सिंह के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की। इसके तहत जसदीप सिंह को संगल (जंजीरों) से बांधा गया और दंड स्वरूप डंडों से मार भी लगाई गई। (पढ़ें पूरी खबर)
दानापुर के बीएयू में तैयार 350 पौधों से बना बिहार कृषि विश्वविद्यालय सबौर में तैयार 350 सिंदूर के पौधों को दानापुर आर्मी कैंट में लगाकर देश का पहला सिंदूर पार्क बनाया गया है। विवि का कहना है कि पार्क भारतीय सेना की वीरता, पर्यावरण संरक्षण व आत्मनिर्भर भारत के संकल्प का प्रतीक बनेगा। राज्यपाल-सह-कुलाधिपति लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन, बीएयू के कुलपति डॉ. डी.आर. सिंह व दानापुर सब एरिया के जनरल ऑफिसर कमांडिंग मेजर जनरल जितेंद्र सिंह ने मंगलवार को संयुक्त रूप से पौधरोपण पार्क की शुरुआत की। राज्यपाल ने कहा कि सिंदूर पार्क सेना और नागरिक समाज के बीच बेहतर समन्वय का प्रतीक है। आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्र निर्माण के साथ प्रकृति संरक्षण का भी संदेश देगा। उन्होंने प्राकृतिक सिंदूर के संरक्षण और इसके व्यावसायीकरण के लिए बीएयू की सराहना की। कुलपति ने कहा कि यह देश का पहला आर्मी कैंट है जहां सिंदूर पार्क बनाया गया है। सिंदूर का लाल रंग मातृभूमि के प्रति समर्पण, अखंडता, और सर्वोच्च बलिदान का प्रतीक है। यह पार्क भारतीय सेना के ऑपरेशन सिंदूर की भावना को भी आगे बढ़ाएगा। हर पौधा राष्ट्रभक्ति और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देगा। कॉस्मेटिक उत्पाद से लेकर कपड़ा उद्योग तक सिंदूर के पौधे का उपयोगप्राकृतिक सिंदूर : बीजों से प्राप्त बिक्सिन रंग द्रव्य का उपयोग प्राकृतिक सिंदूर बनाने में किया जाता है।खाद्य उद्योग : मक्खन, पनीर, चीज, मिठाई, बेकरी और स्नैक्स में प्राकृतिक फूड कलर के रूप में प्रयोग होता है।कॉस्मेटिक उत्पाद : लिपस्टिक, ब्रश, फेस पाउडर व हर्बल कॉस्मेटिक में प्राकृतिक रंग के रूप में उपयोग होता है।औषधीय उपयोग : आयुर्वेद और पारंपरिक चिकित्सा में इसके विभिन्न भागों का सीमित उपयोग किया जाता है।कपड़ा उद्योग : सूती-रेशमी कपड़ों की प्राकृतिक रंगाई में प्रयोग होता है। ऐसे तैयार किया जाएगा सिंदूर के बीज से प्राकृतिक सिंदूरसिंदूर का पौधा 3 वर्ष में फल देने लगता है। फल पकने पर लाल रंग के कांटेदार कैप्सूल जैसे दिखते हैं। अंदर लाल-नारंगी रंग की परत से ढके बीज होते हैं। इसी प्राकृतिक रंग द्रव्य का प्रयोग सिंदूर बनाने में होता है। बीजों की बाहरी लाल परत को अलग कर चूर्ण बनाकर छानते हैं और फिर सिंदूर बनाते हैं।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन का आज 33वां दिन है। अभिजीत दीपके ने मंगलवार को कहा कि अब उनकी तरफ से कोई भी सरकार से बात करने नहीं जाएगा, बल्कि सरकार को ही जंतर-मंतर पर बात करने के लिए आना होगा। जंतर-मंतर पर मंगलवार शाम से प्रदर्शनकारी फिर बढ़ गए हैं। धरने पर वे लोग भी नजर आए जो 20 जुलाई को हुए संसद मार्च के दौरान पुलिस की लाठियों, आंसू गैस के गोलों का शिकार हुए थे। वहीं CJP के प्रदर्शन में शामिल हुए सोनम वांगचुक के अनशन का आज 25वां दिन है। उन्हें मंगलवार को मेदांता हॉस्पिटल में शिफ्ट किया गया। सूत्रों के मुताबिक, सरकार ने वांगचुक से बातचीत की पहल की है। मंगलवार रात को केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने उनसे अस्पताल में मुलाकात की। कॉकरोच जनता पार्टी और सोनम वांगचुक नीट पेपर लीक, छात्रों की आत्महत्या को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शन की 5 तस्वीरें… 21 जुलाई के 5 बड़े अपडेट्स… कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन में बीते 2 दिन क्या हुआ, यहां देखें… जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन से जुड़े अपडेट के लिए ब्लॉग से गुजर जाएं…
वाराणसी के जिला विद्यालय निरीक्षक को गंगापुर कॉलेज के शिक्षक से जान से मारने की धमकी मिली है। उनके कार्यालय में घुसकर शिक्षक ने गाली गलौज किया, डीआईओएस को धमकाया फिर गोली मारने की धमकी दी। कार्यालय पहुंचने पर उसने कर्मचारियों से मारपीट भी की। उन्हें भला बुरा कहा फिर बिना अनुमति के डीआईओएस आफिस के दरवाजे में लात मारकर अंदर घुस गया। इसके बावजूर डीआईओएस शिक्षक को समझाते रहे लेकिन उसने एक नहीं सुनी। अधिकारियों को मामले से अवगत कराने के बाद जिला विद्यालय निरीक्षक भोलेन्द्र प्रताप ने कैंट थाने में तहरीर दी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर आरोपी शिक्षक के खिलाफ केस दर्ज किया, अब उसकी गिरफ्तारी को दबिश दी जा रही है मंगलवार की रात पुलिस ने डीआईओएस की तहरीर पर डीआईओएस कार्यालय में हंगामा, सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने, कर्मचारियों से मारपीट के आरोप में केस दर्ज किया। कैंट पुलिस ने एक सहायक अध्यापक को नामजद किया। आरोप है कि सहायक अध्यापक ने डीआईओएस को गोली मारने की धमकी भी दी। बताया कि 16 जुलाई को सुबह करीब 11 बजे गंगापुर इंटर कॉलेज गंगापुर के सहायक अध्यापक रमाशंकर शास्त्री बिना अनुमति उनके कार्यालय कक्ष में पहुंच गए। उन्होंने अपने सेवा संबंधी लंबित प्रकरण को लेकर नाराजगी जताते हुए अभद्र भाषा का प्रयोग किया और गाली-गलौज की। डीआईओएस ने उन्हें बताया कि उनके सेवा संबंधी देयों का भुगतान नियमानुसार किया जा चुका है, कोई भुगतान लंबित नहीं है। अध्यापक को आवश्यक अभिलेख उपलब्ध कराने के लिए कहा गया था, जिसे उन्होंने अब तक प्रस्तुत नहीं किया। आरोप है कि समझाने के बावजूद रमाशंकर शास्त्री नहीं माने और डीआईओएस को गोली मारने की धमकी देने लगे। जब कार्यालय सहायकों ने उन्हें बाहर जाने के लिए कहा तो उन्होंने कक्ष से निकलकर दरवाजा बाहर से बंद कर दिया। बाहर मौजूद कर्मचारियों के साथ मारपीट की, जिससे कार्यालय का सरकारी कार्य प्रभावित हुआ। जिला विद्यालय निरीक्षक भोलेन्द्र प्रताप ने कैंट थाने में तहरीर दी।
भारतीय जनता पार्टी संत शिरोमणि गुरु रविदास की 650वीं जयंती को देशभर में ऐतिहासिक तरीके से मनाएगी। आषाढ़ पूर्णिमा से माघी पूर्णिमा तक 650वीं जयंती वर्ष मनाएगी। इन महीनों में भाजपा देशभर में संत रविदास थीम पर विविध आयोजन करेगी और जनता से संवाद करेगी। वाराणसी के सीरगोवर्धनपुर यानि संत रविदास की जन्मस्थली की मिट्टी 131 कलशों में भरकर उत्तर प्रदेश समेत देश के विभिन्न 27 राज्यों तक ले जाई जाएगी। इन राज्यों के प्रमुख जिलों, मंडलों, गांवों और बस्तियों तक पहुंचाई जाएगी। इन कलशों का पूजन कर संत रविदास के सामाजिक समरसता और मानवता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा। 29 जुलाई आषाढ़ पूर्णिमा पर कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी सहित कई मंत्री विधायक जुटेंगे। इसके साथ ही यूपी के सभी जिलों समेत देशभर से संत समाज के लोग 131 कलशों को पूजन और आरती के बाद रवाना करेंगे। भाजपा राष्ट्रीय नेतृत्व ने संत शिरोमणि रविदास महाराज की 650वीं जयंती वर्ष को उत्साह और भव्यता के साथ मनाने का निर्णय लिया है। भाजपा उनकी जयंती यानि 1 फरवरी तक देशव्यापी कार्यक्रमों का आयोजन करेगी। इसका आगाज 28- 29 जुलाई को वाराणसी से होगा। 28 जुलाई को देश के विभिन्न हिस्सों 27 राज्यों से 131 टोलियां से संत रविदास जन्मस्थली पर पहुंचेंगी। टोलियों के माध्यम से 131 कलशों में जन्मस्थली की पवित्र मिट्टी भरी जाएगी। इस माटी का देशभर के गांव-गांव और बस्ती-बस्ती तक पहुंचेगी तथा वहां उसका पूजन किया जाएगा। गुरु पूर्णिमा को संत शिरोमणि रविदास जन्मस्थली पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसमें भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी जन्मस्थली की मिट्टी से भरे 131 कलशों का पूजन करेंगे। इसके साथ मैदान में जनसभा संबोधित करेंगे। 30 जुलाई को सभी 131 कलश वाहनों पर रखकर उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों और देश के अन्य राज्यों के लिए रवाना किए जाएंगे। इन 131 कलशों में उत्तर प्रदेश के 98 संगठनात्मक जिले, देश के 27 राज्य और छह जोन तक भेजा जाएगा। काशी से देशभर में गूंजेगा संत रविदास का संदेश काशी में कार्यक्रम की तैयारियों पर चर्चा करने पहुंचे भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री एवं सांसद तरुण चुग ने मंगलवार रात जनप्रतिनिधियों तथा भाजपा के क्षेत्र, जिला और महानगर पदाधिकारियों की बैठक में पूरे कार्यक्रम की रूपरेखा रखी। तरुण चुग ने बताया कि 29 जुलाई को 131 कलशों के माध्यम से देश के विभिन्न राज्यों और संगठनात्मक क्षेत्रों को जन्मस्थली से जोड़ने की यह पहल संत रविदास के विचारों को व्यापक स्तर पर जनमानस तक पहुंचाएगी। उन्होंने कहा कि संत रविदास का योगदान केवल वाराणसी तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्होंने पूरे देश और दुनिया को सामाजिक समरसता, मानवता और समानता का संदेश दिया। उनका पूरा जीवन सामाजिक समरसता को मजबूत करने के लिए समर्पित रहा और वे सामाजिक समरसता के महानायक के रूप में सदैव स्मरण किए जाते रहेंगे। संत रविदास की जन्मस्थली वाराणसी से निकलने वाली जन्मभूमि की मिट्टी देश के कोने-कोने तक पहुंचाना है। देश के विभिन्न राज्यों, जिलों, मंडलों, गांवों और बस्तियों तक कलश जाएंगे। यह केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि संत रविदास के विचारों और सामाजिक समरसता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का अभियान है। आषाढ़ पूर्णिमा से माघी पूर्णिमा तक 650वीं जयंती वर्ष संत रविदास की 650वीं जयंती को भारतीय जनता पार्टी बड़े उत्साह और धूमधाम के साथ मनाएगी। जयंती वर्ष के तहत आषाढ़ पूर्णिमा यानी गुरु पूर्णिमा से लेकर माघी पूर्णिमा तक देशभर में विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। संत रविदास महान संत और सामाजिक समरसता के प्रबल पक्षधर रहे। उन्होंने जीवनभर आडंबर का विरोध किया और समाज को मानवता, समानता तथा भाईचारे का संदेश दिया। हम उनके विचारों को जन जन तक पहुंचाएंगे। भाजपा अनुसूचित मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. लाल सिंह आर्य ने बताया कि 23 जुलाई को लखनऊ में कार्यशाला आयोजित की जाएगी। इसके बाद 25 से 27 जुलाई तक जिलास्तर पर कार्यशालाएं आयोजित कर कार्यक्रम की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जाएगा। 23 जुलाई को लखनऊ में कार्यशाला आयोजित की जाएगी। इसके बाद 25 से 27 जुलाई तक जिलास्तर पर कार्यशालाएं आयोजित कर कार्यक्रम की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जाएगा। जन्मस्थली पर होने वाला आयोजन देश को नया संदेश देने वाला साबित होगा। जब चारों ओर अंधकार का वातावरण था, तब भक्ति आंदोलन ने समाज को नई दिशा और रास्ता दिखाया( सर्किट हाउस बैठक में कार्यक्रम पर मंथन सर्किट हाउस सभागार की बैठक में भाजपा प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह, राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार असीम अरुण, राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार रविंद्र जायसवाल, राज्यमंत्री हंसराज विश्वकर्मा, राज्यसभा सदस्य शिवेश कुमार, प्रदेश महामंत्री रामप्रताप सिंह चौहान, क्षेत्र अध्यक्ष अशोक चौरसिया, त्रयम्बक त्रिपाठी, जिलाध्यक्ष राम सकल पटेल,महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि,महापौर अशोक तिवारी, विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी, विधायक सौरभ श्रीवास्तव, एमएलसी धर्मेंद्र राय, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मोर्या, सुरेंद्र नारायण सिंह ओढ़े, डॉ. सुजीत सिंह, क्षेत्र मीडिया प्रभारी नवरतन राठी, सह प्रभारी संतोष सोलापुरकर, नवीन कपूर, जगदीश त्रिपाठी, संजय सोनकर, प्रवीण सिंह गौतम, जेपी दुबे, अशोक पटेल, सुरेंद्र पटेल, अनिल श्रीवास्तव, आत्मा विश्वेश्वर, श्रीनिकेतन मिश्रा सहित अन्य प्रमुख पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। रविदास जन्मस्थली पहुंचे संगठन महामंत्री 29 जुलाई को संत शिरोमणी रविदास महाराज की जन्मस्थली सीर गोवर्धन में होने वाले कार्यक्रम को लेकर भाजपा नेताओं ने मंगलवार की रात जन्मस्थली का दौरा कर निरीक्षण किया। 29 को होने वाले कार्यक्रम की तैयारियों और जनसभा स्थल को देखा। मंदिर में दर्शन कर प्रसाद और आशीर्वाद लिया। इस दौरान भाजपा राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुग, प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह, भाजपा अनुसुचित जाति मोर्चे के राष्ट्रीय अध्यक्ष लाल सिंह आर्य, राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार असीम अरुण, प्रदेश महामंत्री रामप्रताप सिंह चौहान, राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा शामिल रहे। क्षेत्रीय अध्यक्ष अशोक चौरसिया और जिलाध्यक्ष रामसकल पटेल ने आयोजन के आगमन, प्रस्थान और अन्य तैयारियों पर जानकारी दी। महापौर अशोक तिवारी, कैंट विधायक सौरभ श्रीवास्तव, क्षेत्रीय मीडिया प्रभारी नवरतन राठी,नवीन कपूर,सह प्रभारी संतोष सोलापुरकर सहित प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने महिला वकील का कथित रूप से पीछा करने और उत्पीड़न के आरोपी एक वकील की अंतरिम जमानत रद्द करते हुए उसे तत्काल न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। अदालत ने उसके आचरण को अदालत की अवमानना के समान और पूरी तरह गैर-पेशेवर बताते हुए उत्तर प्रदेश बार काउंसिल को भी उसके आचरण की जांच करने और यह तय करने का निर्देश दिया कि वह वकालत जारी रखने के योग्य है या नहीं। जस्टिस अरुण कुमार सिंह देशवाल की पीठ ने यह आदेश विजय सिंह चौहान की याचिका पर पारित किया। जानिये क्या है मामला मामले में हाईकोर्ट में प्रैक्टिस करने वाली महिला वकील ने एफआईआर दर्ज कराई। उनका आरोप है कि आरोपी वकील करीब 11 महीने से लगातार उनका पीछा कर रहा है और उन्हें परेशान कर रहा है। शिकायत के अनुसार आरोपी बार-बार उनका रास्ता रोकता था, सगाई करने के लिए दबाव बनाता था, लगातार फोन और आपत्तिजनक वॉयस संदेश भेजता था। उस पर महिला वकील की छवि खराब करने, पेशेवर जीवन में हस्तक्षेप करने, अदालत के समक्ष अपनी पहचान को लेकर भ्रामक जानकारी देने तथा मानसिक और पेशेवर उत्पीड़न करने के भी आरोप हैं। कहा था हाईकोर्ट परिसर में प्रवेश नहीं करेगा अदालत ने आरोपी को 16 मार्च 2026 को अंतरिम जमानत दी थी। उस समय उसने बिना शर्त माफी मांगते हुए यह लिखित आश्वासन दिया था कि अदालत की अनुमति के बिना हाईकोर्ट परिसर में प्रवेश नहीं करेगा और न ही किसी भी माध्यम से महिला वकील से संपर्क करेगा। हालांकि, मामले की सुनवाई के दौरान आरोपी ने अपने इस आश्वासन का उल्लंघन किया। पहले उसने जस्टिस के चैंबर में सीधे आवेदन भेजकर हाईकोर्ट परिसर में प्रवेश और वकालत करने की अनुमति मांगी। कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई इस पर अदालत ने कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि किसी आदेश में संशोधन कराना हो तो विधि सम्मत तरीका रजिस्ट्री के माध्यम से आवेदन दाखिल करना है, न कि सीधे जज के चैंबर में आवेदन भेजना। अदालत ने कहा, प्रथम दृष्टया यह कृत्य मुझे प्रभावित करने का प्रयास प्रतीत होता है और यह न्याय प्रशासन में हस्तक्षेप की श्रेणी में आ सकता है। इसके अलावा सुनवाई के दिन आरोपी स्वयं अदालत में उपस्थित मिला, जबकि उसने स्पष्ट आश्वासन दिया था कि वह अदालत नहीं आएगा ताकि पीड़िता किसी प्रकार का भय महसूस न करे। इस पर अदालत ने कहा, आज अदालत यह देखकर आश्चर्यचकित है कि आरोपी अपने वकील की मौजूदगी के बावजूद स्वयं अदालत में उपस्थित है। यह उसके दिए गए आश्वासन का सीधा उल्लंघन है। इन परिस्थितियों को गंभीर मानते हुए हाईकोर्ट ने आरोपी की अंतरिम जमानत तत्काल प्रभाव से रद्द की और उसे हिरासत में लेकर संबंधित मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश कर जेल भेजने का निर्देश दिया। अदालत ने पीड़िता की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह भी आदेश दिया कि मुकदमे के निष्पादन तक उन्हें उपलब्ध कराई गई व्यक्तिगत सुरक्षा जारी रखी जाए। साथ ही अदालत ने आदेश की प्रति उत्तर प्रदेश बार काउंसिल के सचिव को भेजने का निर्देश देते हुए कहा कि आरोपी वकील के आचरण की जांच की जाए और कानून के अनुसार उचित कार्रवाई की जाए।
लखनऊ के नाका क्षेत्र में डीएवी कॉलेज फ्लाईओवर पर मंगलवार रात करीब 12 बजे तेज रफ्तार बिना नंबर की थार ने बाइक सवार दो युवकों को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर के बाद बाइक थार के अगले हिस्से में फंस गई और करीब 100 मीटर तक घिसटती चली गई। हादसे में बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गया। आसपास मौजूद लोगों ने पीछाकर थार सवार दो युवकों को पकड़ लिया, जबकि एक युवती समेत तीन लोग मौके से फरार हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक थार में चार युवक और एक युवती सवार थे। तेज रफ्तार वाहन ने सामने से आ रही बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही बाइक सवार युवक उछलकर सड़क पर गिर पड़े, जबकि उसकी बाइक थार में फंस गई। कुछ दूरी तक बाइक घसीटने के बाद अचानक थार बंद हो गई। इसी दौरान आसपास के लोगों ने दौड़ाकर वाहन सवारों को पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। नाका थाना प्रभारी विवेक चौधरी ने बताया कि हादसे में घायल युवकों को गंभीर हालत में अस्पताल भेजा गया है। फिलहाल उसकी पहचान नहीं हो सकी है। युवक के पास मिले सामान और बाइक नंबर के आधार पर शिनाख्त का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस के अनुसार दुर्घटना में बाइक पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। दोनों क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क से हटवाकर ट्रैफिक सामान्य कराया गया। मामले में तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फरार आरोपियों की तलाश भी की जा रही है।
हाईकोर्ट से सेना के जवान को सशर्त अग्रिम जमानत:बागपत का मामला, पत्नी की मौत के मामले में है आरोपी
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भारतीय सेना में सिपाही के पद पर तैनात एक जवान को उसकी पत्नी की मौत से जुड़े मामले में अग्रिम जमानत दे दी है। न्यायमूर्ति विवेक कुमार सिंह ने साजिद की अर्जी पर यह आदेश दिया। बागपत जिले के बड़ौत थाना क्षेत्र में दर्ज केस के अनुसार याची की पत्नी की मौत हुई, जिसके पीछे दहेज को कारण बताया गया। तर्क दिया कि साजिद को झूठा फंसाया गया है। वह मृतका का शौहर है और सेना में सिपाही के पद पर लेह-लद्दाख में तैनात है। पत्नी की मृत्यु की सूचना मिलने पर उसे 14 मार्च 2026 को 28 दिन की छुट्टी दी गई थी, और घटना के समय वह अपनी तैनाती के स्थान पर मौजूद था। यह भी बताया कि साजिद ने अपनी पत्नी के बैंक खाते में 4,20,000 रुपये भेजे थे, इसलिए दहेज की मांग का सवाल ही नहीं उठता। अभियोजन पक्ष का यह स्वीकृत तथ्य है कि आवेदक घटनास्थल पर मौजूद नहीं था। मृतका के गले पर फांसी के निशान के अलावा शरीर पर कोई अन्य चोट नहीं पाई गई, और मृत्यु का कारण फांसी लगने से श्वासावरोध बताया गया। यह भी बताया गया कि मृतका के ससुर और सास यानी साजिद के माता-पिता को क्रमशः 6 जुलाई और 10 जुलाई 2026 को जमानत मिल चुकी है और याची का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है और उसने जांच व मुकदमे में सहयोग करने का वचन दिया। कोर्ट ने कहा कि गिरफ्तारी का अधिकार होने मात्र से गिरफ्तारी अनिवार्य नहीं हो जाती, और व्यक्तिगत स्वतंत्रता संवैधानिक मूल्य है। मामले की प्रकृति, आवेदक की भूमिका और सभी परिस्थितियों को देखते हुए, बिना मामले के गुण-दोष पर कोई राय व्यक्त किए, अदालत ने सशर्त अग्रिम जमानत देना उचित पाया।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक आदेश में कहा है कि राजकीय सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों में सेवा दे चुके शिक्षक , ग्रेच्युटी भुगतान अधिनियम, 1972 के तहत ग्रेच्युटी पाने के हकदार हैं। सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य एवं 3 अन्य याचिकाकर्ताओं ने अदालत का दरवाजा खटखटाया था। इनमें से सभी प्रधानाचार्य पद से सेवानिवृत्त हो चुके हैं। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता ने श्रीमती मेहर जहां बनाम उत्तर प्रदेश राज्य केस का हवाला दिया। ऐसे मामले में कोर्ट पहले ही लाभ दे चुकी है। स्पष्टीकरण नहीं दिया गया राज्य की ओर से कहा गया कि याचिका बेहद देरी से दाखिल की गई है और इसके लिए कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया गया। इसके जवाब में याचिकाकर्ताओं के वकील ने कहा कि ग्रेच्युटी से जुड़े मामलों में समयसीमा लागू नहीं होती।यह विधिक अधिकार है, भुगतान होने तक मांग की जा सकती है। ग्रेच्युटी का दावा खारिज नहीं न्यायमूर्ति सिद्धार्थ नंदन की एकल पीठ ने कहा कि अदालत पहले ही यह घोषित कर चुकी है कि सहायता प्राप्त संस्थानों के शिक्षक ग्रेच्युटी अधिनियम के तहत लाभ पाने के हकदार हैं। जिनमें कहा गया है कि सहायता प्राप्त संस्थान को राज्य सरकार के संस्थानों के समकक्ष माना गया है और सेवा में देरी के आधार पर ग्रेच्युटी के दावे को खारिज नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने मामले को विचारणीय मानते हुए राज्य सरकार को जवाबी हलफनामा दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का समय दिया है।
मध्यप्रदेश राज्य महिला आयोग की मंगलवार को हुई जनसुनवाई में एक ऐसा मामला सामने आया, जिसमें दो नाबालिग बच्चों ने खुद अपने पिता के खिलाफ शिकायत की। बच्चों ने आरोप लगाया कि उनके पिता का पिछले चार साल से पड़ोस में रहने वाली एक महिला से संबंध है। इसका विरोध करने पर वे मां के साथ मारपीट करते हैं। बच्चों का कहना है कि घरेलू विवाद से परेशान उनकी मां डिप्रेशन में हैं और आत्महत्या की कोशिश भी कर चुकी हैं। वहीं, एक अन्य मामले में पति की फैक्ट्री हादसे में मौत के बाद मुआवजा नहीं मिलने पर आयोग ने कंपनी को अगली सुनवाई में हर हाल में पेश होने के निर्देश दिए हैं। केस-1 पापा का चार साल से अफेयर है दोनों बच्चों ने आयोग को बताया कि उनके पिता का पड़ोस में रहने वाली एक महिला से पिछले चार साल से संबंध है। इस मामले की पहले पुलिस में भी शिकायत की गई थी। उस समय पिता ने शपथ पत्र देकर दोबारा ऐसा नहीं करने का भरोसा दिया था, लेकिन अब भी महिला से संपर्क में हैं। बच्चों का कहना है कि कई बार समझाने के बाद भी दोनों ने बातचीत बंद नहीं की। मम्मी डिप्रेशन में हैं, आत्महत्या की कोशिश की बच्चों ने आरोप लगाया कि पिता अक्सर उनकी मां के साथ मारपीट करते हैं और उन्हें भी पीटते हैं। लगातार घरेलू विवाद के कारण उनकी मां मानसिक रूप से टूट गई हैं। बच्चों के मुताबिक मां ने आत्महत्या की कोशिश भी की थी। अब उनका इलाज चल रहा है और उन्हें डिप्रेशन की दवाइयां लेनी पड़ रही हैं। जिस महिला पर आरोप, वह भी शादीशुदा बच्चों ने जिस महिला पर पिता से संबंध होने का आरोप लगाया, वह भी शादीशुदा है और उसके तीन बच्चे हैं। वह आंगनवाड़ी सहायिका के रूप में काम करती है। बच्चों का आरोप है कि महिला उनके पिता से लगातार संपर्क में है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि महिला ने उनके पिता से पैसे लिए हैं, लेकिन अब तक लौटाए नहीं हैं। केस-2 फैक्ट्री कर्मचारी की मौत, कंपनी को नोटिस एक अन्य मामले में मंडीदीप स्थित एक फैक्ट्री के वेयरहाउस में गेहूं की बोरियों के नीचे दबकर कर्मचारी की मौत के बाद उसकी पत्नी ने मुआवजा नहीं मिलने की शिकायत की। सुनवाई के दौरान कंपनी का कोई प्रतिनिधि आयोग के सामने उपस्थित नहीं हुआ। इस पर आयोग ने कंपनी को अगली सुनवाई में अनिवार्य रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिए। अध्यक्ष रेखा यादव ने कहा कि यदि अगली तारीख पर भी कंपनी का प्रतिनिधि नहीं पहुंचता है तो उसके खिलाफ वारंट जारी करने की कार्रवाई की जाएगी। केस- 3 एक दंपती के बीच हुआ समझौता जनसुनवाई में एक पारिवारिक विवाद का भी समाधान हुआ। महिला ने अपने पति के खिलाफ शिकायत की थी। दोनों पक्षों को सुनने और समझाइश के बाद आपसी सहमति से समझौता हो गया। महिला ने कहा कि अब वह इस मामले में आगे कोई कार्रवाई नहीं चाहती, जबकि पति ने भी आपसी सामंजस्य से रहने की सहमति दी। 18 मामलों की हुई सुनवाई महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा यादव, सदस्य साधना स्थापक और सचिव सुरेश तोमर की मौजूदगी में कुल 18 मामलों की सुनवाई हुई। इनमें घरेलू हिंसा, कार्यस्थल पर प्रताड़ना, पारिवारिक विवाद और मुआवजा से जुड़े मामलों पर दोनों पक्षों को सुनकर आवश्यक निर्देश दिए गए।
कौशाम्बी ते सैनी कोतवाली क्षेत्र में मंगलवार रात अझुवा-कनवार बॉर्डर पर कानपुर से प्रयागराज जा रहे एक डीजल टैंकर के टायर में अचानक आग लग गई। घटना रात करीब 10:30 बजे हुई। टायर से धुआं और लपटें उठती देख ड्राइवर योगेश कुमार ने तुरंत टैंकर रोककर छलांग लगा दी और अपनी जान बचाई। इसके बाद उसने पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी। आग की लपटें दूर तक दिखाई देने से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया। समय रहते आग बुझा दिए जाने से टैंकर में भरे डीजल तक लपटें नहीं पहुंचीं और संभावित बड़ा विस्फोट टल गया। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस ने लगभग 35 मिनट तक हाईवे की एक लेन पर यातायात रोक दिया। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।
प्रयागराज के धूमनगंज में रंगदारी और आपराधिक षड्यंत्र के मामले में नामजद माफिया अतीक अहमद के शूटर रहे जुल्फिकार उर्फ तोता को जमानत मिल गई है। अदालत ने आरोपी को 50 हजार रुपये के निजी मुचलके और समान धनराशि के दो जमानतदार प्रस्तुत करने पर रिहा करने का आदेश दिया है। आरोपी पिछले करीब तीन वर्ष से न्यायिक हिरासत में निरुद्ध है। क्या है पूरा मामलाधूमनगंज थाने में 2023 में दर्ज मुकदमा के अनुसार वादी मोहम्मद परवेज ने आरोप लगाया था कि 25 अप्रैल 2023 की रात वह अपनी बहन के घर से लौट रहा था। रास्ते में अकरम अली, आजम अली, असलम अली और फैजान ने उसे रोक लिया। आरोप है कि आरोपियों ने क्षेत्र में रहने और कारोबार करने के एवज में 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगी। विरोध करने पर फैजान ने कट्टा पेट पर सटाकर जान से मारने की धमकी दी, जिसके बाद भयवश वादी ने अपनी जेब में रखे 50 हजार रुपये उन्हें दे दिए। बाकी रकम 24 घंटे के भीतर देने की धमकी भी दी गई। इस मामले की एफआईआर 6 जुलाई 2023 को दर्ज कराई गई थी।बचाव पक्ष ने क्या दलील दीजुल्फिकार उर्फ तोता की ओर से अदालत में कहा गया कि उसे रंजिशन फंसाया गया है। घटना के समय वह न्यायिक हिरासत में था, इसलिए मौके पर उसकी मौजूदगी का सवाल ही नहीं उठता। एफआईआर में उसके खिलाफ केवल इतना आरोप है कि घटना उसके कहने पर हुई, लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया गया कि उसने क्या निर्देश दिया था। बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि एफआईआर करीब ढाई महीने की देरी से दर्ज हुई और देरी का कोई संतोषजनक कारण नहीं बताया गया। साथ ही सहआरोपी अकरम अली को पहले ही जमानत मिल चुकी है। इन शर्तों पर मिली जमानतअदालत ने आरोपी को 50 हजार रुपये के निजी मुचलके और समान राशि के दो विश्वसनीय जमानतदार प्रस्तुत करने पर रिहा करने का आदेश दिया है। साथ ही शर्त लगाई है कि वह नियमित रूप से ट्रायल कोर्ट में उपस्थित रहेगा, किसी गवाह को प्रभावित करने या धमकाने का प्रयास नहीं करेगा, साक्ष्य के दौरान अनावश्यक स्थगन नहीं मांगेगा और अदालत की अनुमति के बिना भारत नहीं छोड़ेगा। शर्तों का उल्लंघन होने पर जमानत स्वतः निरस्त मानी जाएगी।
कानपुर में दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और कांग्रेस नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में मंगलवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शहर के अलग-अलग हिस्सों में प्रदर्शन किया। महानगर कांग्रेस ने कोतवाली चौराहे पर केन्द्र सरकार का पुतला फूंका, जबकि दक्षिण क्षेत्र में दबौली में प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। शहर दक्षिण में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य कांग्रेस नेताओं की गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही मंगलवार शाम 6.30 प्रदेश महासचिव जेपी पाल और एआईसीसी सदस्य विकास अवस्थी के नेतृत्व में कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए। कार्यकर्ताओं नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया गया। इस दौरान गोविंद नगर पुलिस मौके पर पहुंची और प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। कानपुर महानगर कांग्रेस ने जिलाध्यक्ष पवन गुप्ता के नेतृत्व में कोतवाली चौराहे पर मंगलवार रात 9 बजे प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सरकार का पुतला दहन किया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने दिल्ली में पेपर लीक, रोजगार और शिक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदर्शन कर रहे युवाओं और छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की निंदा की। साथ ही राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, उत्तर प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय की गिरफ्तारी तथा उनके साथ हुई बदसलूकी का विरोध जताया। कांग्रेस नेताओं ने युवाओं पर हुए लाठीचार्ज की निष्पक्ष जांच कराने, दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करने की मांग की। इसके साथ ही शिक्षामंत्री के इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शन में पवन गुप्ता, जेपी पाल, विकास अवस्थी, राकेश साहू, संतोष पाठक, राजेश गौतम, शीलू श्रीवास्तव, अमिताभ दत्त मिश्रा, जावेद उस्मानी, आशुतोष शुक्ला, विनोद अवस्थी, शाहिद जमील, अर्पित मिश्रा, जितेंद्र ब्रह्म, मोहित सैनी, शिवेंद्र श्रीवास्तव समेत कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
अखिलेश यादव की गिरफ्तारी का विरोध:संभल में सपा का प्रदर्शन, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
संभल में समाजवादी पार्टी (सपा) कार्यकर्ताओं ने मंगलवार रात दिल्ली में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की गिरफ्तारी के विरोध में प्रदर्शन किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाने की मांग की। यह प्रदर्शन रात 9 बजे से 10:15 बजे तक चला। चंदौसी के थाना बहजोई कस्बा क्षेत्र स्थित इस्लामनगर चौराहे पर यह प्रदर्शन हुआ। सपा के जिला महासचिव कृष्ण मुरारी शंखधार और गुन्नौर विधानसभा अध्यक्ष अमित यादव के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। अखिलेश यादव की गिरफ्तारी के बाद पूरे प्रदेश में हो रहे प्रदर्शनों को देखते हुए संभल पुलिस-प्रशासन अलर्ट पर रहा। महासचिव कृष्ण मुरारी शंखधार ने बताया कि देशभर में लगातार हो रहे पेपर लीक के विरोध में छात्र-नौजवानों ने दिल्ली में प्रदर्शन किया था। इस दौरान प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया गया और आंसू गैस के गोले छोड़े गए। प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे समाजवादी पार्टी के सांसदों को भी हिरासत में लिया गया। स्थिति बिगड़ने पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव भी जंतर-मंतर पहुंचे, जहां उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया गया। महासचिव ने कहा कि अखिलेश यादव छात्रों और युवाओं के दुख-दर्द को समझते हैं और उन्होंने अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान छात्रों के लिए कई योजनाएं चलाई थीं। प्रदर्शनकारियों ने 20 से अधिक बार पेपर लीक होने का आरोप लगाया। छात्रों ने केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनके इस्तीफे की मांग की। हालांकि, उनकी मांग पूरी नहीं हुई और प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले दागे गए तथा लाठीचार्ज किया गया। महासचिव ने यह भी कहा कि महिला प्रदर्शनकारियों के साथ कथित तौर पर बदसलूकी और कपड़े फाड़ने जैसी गंभीर शिकायतें भी सामने आईं, जिसे संविधान के लिए शर्मनाक बताया गया। उन्होंने दोहराया कि जब तक शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। विधानसभा अध्यक्ष उमेश यादव, विधानसभा अध्यक्ष अमित यादव, जिलाध्यक्ष छात्र सभा सुरेंद्र यादव, प्रदेश उपाध्यक्ष एवं विधानसभा सुनील यादव, उमर सभासद जीशान, सभासद शेर मोहम्मद, सचिन यादव, पप्पू शर्मा, अशोक गुप्ता, लव यादव, चेतन गुप्ता, मुनेश यादव, अरविंद यादव, मुर्शिद खान, सद्दाम कुरेशी, हनी बाबा, शरद यादव, बिजेंद्र यादव, वीर सिंह यादव, रविंद्र यादव, शोभित कुमार, मनीष यादव, ललितेश यादव, लव यादव, पुष्पेंद्र यादव, राघव शर्मा, ललितेश यादव, उमेश दिवाकर, डॉ हंसराज सिंह, धर्मेंद्र दिवाकर, सर्वेश दिवाकर, रामबाबू दिवाकर, रामवीर यादव, भारत सिंह यादव, महेश यादव, जसवीर प्रधान आदि मौजूद रहें।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक न्यायिक अधिकारी की वार्षिक गोपनीय आख्या (एसीआर) में दर्ज ‘संदिग्ध सत्यनिष्ठा’ संबंधी प्रतिकूल टिप्पणी को निरस्त कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि किसी न्यायिक अधिकारी के व्यवहार, कार्यशैली, प्रशासनिक निर्देशों का पालन न करने या न्यायिक आदेशों की गुणवत्ता से संबंधित आरोपों को सीधे उसकी ईमानदारी और सत्यनिष्ठा पर संदेह का आधार नहीं बनाया जा सकता। जानिये क्या है मामला न्यायमूर्ति अरिंदम सिन्हा और न्यायमूर्ति सत्यवीर सिंह की खंडपीठ ने स्मृति मंजू कुमारी की याचिका पर यह आदेश पारित किया। याची वर्ष 2019-20 के दौरान गाजियाबाद में अपर सिविल जज (सीनियर डिवीजन) के पद पर तैनात थीं। उनकी वार्षिक गोपनीय आख्या में सत्यनिष्ठा को ‘संदिग्ध’ बताया गया था। एसीआर में कहा गया था कि अधिवक्ताओं की ओर से उनके काम और आचरण को लेकर कई मौखिक शिकायतें मिली थीं। इसके अलावा, उनके व्यवहार और कथित रूखेपन को लेकर बार के सदस्यों की शिकायतों का भी उल्लेख किया गया था। याची ने इन टिप्पणियों के खिलाफ कई अभ्यावेदन दिए, लेकिन राहत नहीं मिलने पर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की। कोर्ट ने कहा ठोस आधार क्या कोर्ट ने राज्य और हाईकोर्ट प्रशासन से यह स्पष्ट करने को कहा कि ‘संदिग्ध सत्यनिष्ठा’ जैसी गंभीर टिप्पणी के लिए ठोस तथ्य और न्यायिक आधार क्या है। प्रशासन की ओर से बताया गया कि संबंधित जिला जज ने अधिकारी की सत्यनिष्ठा प्रमाणित नहीं की थी और उन्हें खराब रेटिंग दी गई थी। अधिकारी के खिलाफ प्रशासनिक निर्देशों का पालन नहीं करने, कार्यप्रणाली और व्यवहार से संबंधित शिकायतों तथा कुछ प्रशासनिक घटनाओं का भी उल्लेख किया गया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि सत्यनिष्ठा का अर्थ मजबूत नैतिक सिद्धांत, ईमानदारी और भ्रष्ट प्रभावों से मुक्त चरित्र है। लापरवाही, असावधानी या अनजाने में हुई गलती अपने आप में ‘संदिग्ध सत्यनिष्ठा’ का आधार नहीं बन सकती। ईमानदारी पर सवाल का आधार नहीं हाईकोर्ट ने कहा कि उसके सामने रखे गए शिकायत पत्रों में ऐसा कोई आरोप नहीं मिला, जो सीधे तौर पर न्यायिक अधिकारी की ईमानदारी या नैतिक चरित्र पर सवाल उठाता हो। पीठ ने कहा कि संबंधित प्रतिकूल टिप्पणी मुख्य रूप से जिला जज की ओर से दी गई प्रतिक्रिया और निरीक्षण के दौरान मिली जानकारी पर आधारित थी। रिकॉर्ड से यह भी स्पष्ट नहीं था कि प्रतिकूल टिप्पणी दर्ज करने से पहले संबंधित उच्च अधिकारी ने न्यायिक अधिकारी से बातचीत कर उनका पक्ष जाना था। हाईकोर्ट ने एसीआर में दर्ज न्यायिक आदेशों से जुड़ी टिप्पणियों का भी परीक्षण किया। इन टिप्पणियों में अंतरिम आदेशों, निषेधाज्ञा और संपत्ति विवादों से संबंधित मामलों में न्यायिक अधिकारी द्वारा पारित आदेशों पर आपत्तियां थीं। पीठ ने कहा कि किसी न्यायिक आदेश की कानूनी या तथ्यात्मक त्रुटि का परीक्षण अपील या पुनरीक्षण में किया जा सकता है, लेकिन ऐसी त्रुटियों को न्यायिक अधिकारी की सत्यनिष्ठा से नहीं जोड़ा जा सकता। कोर्ट ने कहा कि संबंधित टिप्पणियां न्यायिक निर्णयों के गुण-दोष से जुड़ी थीं और उनका याचिकाकर्ता की ईमानदारी या सत्यनिष्ठा से कोई संबंध नहीं था। हाईकोर्ट ने न्यायिक अधिकारी के खिलाफ दर्ज ‘संदिग्ध सत्यनिष्ठा’ संबंधी प्रतिकूल टिप्पणी को निरस्त कर दिया। प्रतिकूल टिप्पणी हटाते हुए हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता को उसके परिणामस्वरूप मिलने वाली राहत का हकदार माना और रिट याचिका का निस्तारण कर दिया।
मेरठ के चर्चित सौरभ हत्याकांड में जिरह जारी है। मंगलवार को डिफेंस की वकील ने गवाहों से जुड़ी पुलिस कार्रवाई पर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना था कि पुलिस ने जिन लोगों से रेत, सीमेंट, चाकू, दवा खरीदना बताया है, उनसे जुड़ा कोई साक्ष्य अथवा सीसीटीवी कैमरे का फुटेज कोर्ट को उपलब्ध नहीं कराया है। अगली सुनवाई बुधवार को होगी। मेरठ के ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र में 3 मार्च, 2025 को दिल दहला देने वाली वारदात हुई। यहां मर्चेंट नेवी अफसर सौरभ राजपूत की निर्मम हत्या कर उसके शव को कई टुकड़ों में बाटकर नीले ड्रम में भरते हुए सीमेंट के घोल से जमा दिया गया। दरअसल, सौरभ लंदन में था और वह मौत से एक माह पहले ही अपनी बेटी पीहू का जन्म दिन मनाने के लिए घर लौटा था। हत्या सौरभ की पत्नी मुस्कान रस्तौगी ने अपने प्रेमी साहिल के साथ मिलकर की थी। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार किया और कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने दोनों को सलाखों के पीछे भेज दिया। केस में फाइनल बहस जारी सौरभ हत्याकांड में इन दिनों जिला जज की कोर्ट में फाइनल बहस चल रही है। अभी तक सौरभ की तरफ से सरकारी अधिवक्ता (फौजदारी) केके चौबे केस में जिरह करते हुए अपना पक्ष रखते आ रहे थे। उनकी प्राइमरी आर्गुमेंट पूरी हो गई। इसमें सौरभ के निजी अधिवक्ता विजय बहादुर सिंह भी जिरह कर चुके हैं। हालांकि उन्हें बचाव पक्ष की वकील रेखा जैन के बाद भी पक्ष रखने का मौका मिलेगा, जिसको लेकर वह तैयारी कर रहे हैं। उनका कहना है कि यह केस समाज के लिए नजीर बनेगा। बचाव पक्ष की वकील की जिरह शुरु अब साहिल-मुस्कान की तरफ से सरकारी वकील रेखा जैन प्राइमरी आर्गुमेंट कर रही हैं। मंगलवार को रेखा जैन ने PW7,PW8, PW9 PW10 को एक्सप्लेन किया, जिसमें सीमेंट रेत बेचने वाले अक्षय, केमिस्ट अमित जोशी और डाक्टर अरविंद शामिल रहे। उन्होंने कहा कि पुलिस ने गवाह के तौर पर सीमेंट-रेत बेचने वाले की गवाही कराई है लेकिन उससे खरीदे गए सामान का बिल कहीं नहीं दिखाया। इसी तरह की स्थिति चाकू बेचने वाले दुकानदार, दवाई लिखने वाले डाक्टर, दवाई देने वाले केमिस्ट से जुड़ी सामने आयी है। निजी अधिवक्ता बोले- फुटेज संभव नहीं सौरभ की तरफ से निजी अधिवक्ता के तौर पर केस लड़ रहे एडवोकेट विजय बहादुर सिंह ने कहा कि डिफेंस लॉयर ने सीसीटीवी कैमरे की बात की है जो संभव ही नहीं थी। घटना 3/4 की रात की थी और 18 जनवरी में पता चला था। लंबा समय बीतने के कारण फुटेज डिलीट हो गई। इसी तरह सीमेंट-रेत वाले दुकानदार रेयर ही बिल उपलब्ध कराते हैं। अब बुधवार की तारीख लगीएडवोकेट विजय बहादुर सिंह ने कहा कि कोर्ट तेजी से मामले में सुनवाई कर रही है। अगली तिथि बुधवार की लगी है, जिसमें डिफेंस लॉयर आगे की प्रक्रिया शुरु करेंगी। फिलहाल उनकी गवाहों को लेकर जिरह चल रही है। वादी पक्ष क्रॉस क्वश्चन की तैयारी कर रहा है।
दिल्ली में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की गिरफ्तारी के विरोध में मंगलवार देर रात कौशांबी के मंझनपुर मुख्यालय स्थित कलश चौराहे पर बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एकत्रित हुए। उन्होंने धरना-प्रदर्शन करते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष दयाशंकर यादव के नेतृत्व में सपा कार्यकर्ताओं ने यह प्रदर्शन किया। अखिलेश यादव की गिरफ्तारी की खबर मिलते ही कौशांबी में सपा कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए और सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। धरने पर बैठे जिलाध्यक्ष दयाशंकर यादव ने कहा कि सरकार विपक्ष की मजबूत आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की ससम्मान रिहाई नहीं हो जाती, तब तक उनका यह आंदोलन और अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा। अचानक शुरू हुए इस प्रदर्शन की सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस और शहर के उच्च प्रशासनिक अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ कलश चौराहे पर पहुंच गए। पुलिस अधिकारी प्रदर्शनकारियों को समझाने और धरना समाप्त कराकर यातायात सुचारु करने का प्रयास कर रहे हैं।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव समेत अन्य नेताओं को हिरासत में लिए जाने के विरोध में मंगलवार रात मैनपुरी में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। शहर के ईसन नदी गोल चक्कर पर बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ता, पदाधिकारी, लोहिया वाहिनी, महिला सभा और छात्र सभा के सदस्य एकत्र हुए। हाथों में पार्टी के झंडे और सिर पर लाल टोपी लगाए कार्यकर्ता सड़क पर बैठ गए और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। देर रात अचानक शुरू हुए प्रदर्शन से जिला प्रशासन भी अलर्ट मोड पर आ गया। सपा जिला अध्यक्ष आलोक शाक्य और किशनी विधायक बृजेश कठेरिया के नेतृत्व में धरना शुरू हुआ। प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए आरोप लगाया कि छात्रों की आवाज को दबाया जा रहा है और विपक्षी नेताओं को हिरासत में लेकर लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन किया जा रहा है। कार्यकर्ताओं ने अखिलेश यादव की तत्काल रिहाई की मांग भी उठाई। धरने को संबोधित करते हुए सपा नेताओं ने कहा कि छात्रों को अपनी मांगों के समर्थन में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने का संवैधानिक अधिकार है, लेकिन दिल्ली में उनके साथ पुलिस ने बल प्रयोग किया। उनका आरोप था कि जब छात्रों के समर्थन में अखिलेश यादव सहित विपक्षी नेता पहुंचे तो उन्हें भी हिरासत में ले लिया गया। नेताओं ने यह भी कहा कि इससे पहले मैनपुरी सांसद डिंपल यादव को भी दिल्ली में हिरासत में लिया गया था। सपा जिला अध्यक्ष आलोक शाक्य ने कहा कि जंतर-मंतर पर देशभर से छात्र-छात्राएं अपनी मांगों को लेकर कई दिनों से शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले डिंपल यादव और बाद में अखिलेश यादव को भी दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी इस कार्रवाई की कड़ी निंदा करती है और जब तक अखिलेश यादव को रिहा नहीं किया जाएगा, तब तक पार्टी कार्यकर्ता विरोध प्रदर्शन जारी रखेंगे।
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा असिस्टेंट प्रोफेसर (बीएड) भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी हो गई है। 20 जुलाई की आधी रात तक लगभग 2200 नए आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिससे कुल आवेदकों की संख्या बढ़कर करीब 7500 हो गई है। इन 107 पदों के लिए अब 19 अगस्त को परीक्षा आयोजित करने का प्रस्ताव है। यह भर्ती अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में विज्ञापन संख्या-51 के तहत असिस्टेंट प्रोफेसर के 33 विषयों में कुल 910 पदों की चयन प्रक्रिया का हिस्सा है, जो 2022 से चल रही है। बीएड विषय में असिस्टेंट प्रोफेसर के 107 पदों के लिए अर्हता में बदलाव के कारण आवेदन बाद में लिए गए थे, जिससे इसकी परीक्षा अन्य विषयों के साथ नहीं हो पाई थी। पूर्व में इस विषय की परीक्षा 28 जुलाई को निर्धारित थी। हालांकि, अर्हता संबंधी मामलों को लेकर कुछ अभ्यर्थी हाईकोर्ट चले गए थे। उच्च न्यायालय ने अभ्यर्थियों के पक्ष में फैसला सुनाया, जिसके बाद आयोग को आवेदन के लिए वेबसाइट फिर से खोलनी पड़ी। आयोग ने 10 से 20 जुलाई के बीच उन पात्र अभ्यर्थियों को ऑनलाइन आवेदन करने का मौका दिया, जो पहले आवेदन नहीं कर पाए थे। इस अवधि में करीब 2200 नए आवेदन आए, जिससे कुल आवेदनों का आंकड़ा 7500 तक पहुंच गया। आवेदन प्रक्रिया के इस विस्तार के कारण ही 28 जुलाई को होने वाली परीक्षा टाल दी गई थी। अब आयोग ने 19 अगस्त को परीक्षा आयोजित करने का प्रस्ताव रखा है। आयोग के उपसचिव ने बताया कि यह विस्तार और नया अवसर उन सभी अभ्यर्थियों के लिए राहत भरा रहा, जो विज्ञापन संख्या-51 के तहत 107 पदों की इस भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने की पात्रता रखते थे।
अमेठी के जगदीशपुर स्थित शिव शक्ति अस्पताल में मंगलवार रात 8 बजे युवक की मौत हो गई। इसके बाद परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया। पुलिस के साथ-साथ आसपास के दो अन्य थानों की फोर्स भी मौके पर पहुंची। परिजनों को समझाया। युवक की पहचान हाईकोर्ट के अधिवक्ता तरुण कुमार के रूप में हुई है। वह इन्हौना थाना क्षेत्र के अंगूरी गांव के निवासी थे। परिजनों ने आरोप लगाया है कि डॉक्टर की लापरवाही के कारण युवक की मौत हुई है। वे आरोपी डॉक्टर और उसके सहयोगियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग कर रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) ने जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम का गठन किया है। यह घटना कमरौली थाना क्षेत्र के शिव शक्ति अस्पताल की है। इन्हौना थाना क्षेत्र के अशरफपुर अंगूरी गांव निवासी 38 वर्षीय तरुण कुमार ओझा पुत्र नंद कुमार ओझा को सोमवार दोपहर प्लेटलेट्स की कमी के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों के अनुसार, भर्ती के समय उनकी प्लेटलेट्स 37,000 थी। इलाज शुरू होने के बाद मंगलवार सुबह तरुण की प्लेटलेट्स अचानक गिरने लगी। मंगलवार शाम करीब 7:15 बजे उनकी प्लेटलेट्स घटकर मात्र 7,000 रह गई। रात 8 बजे उनकी मौत हो गई। मौत की खबर मिलते ही परिजनों के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण अस्पताल पहुंच गए और हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों का आरोप है कि उन्होंने कई बार डॉक्टर से मरीज को लखनऊ रेफर करने का आग्रह किया था, ताकि बेहतर इलाज मिल सके। हालांकि, डॉक्टर ने उन्हें रेफर नहीं किया और जबरन इलाज जारी रखा, जिसके कारण तरुण की मौत हो गई। मौके पर भाले सुल्तान और जगदीशपुर थाने की पुलिस मौजूद है, जो स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास कर रही है। परिजन अस्पताल के डॉक्टर राजबहादुर यादव (पुत्र माता प्रसाद यादव) और सहयोगी शैलेंद्र मौर्य (पुत्र राजेश मौर्य) पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग पर अड़े हैं। फिलहाल अस्पताल परिसर में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है और इसे छावनी में तब्दील कर दिया गया है।
भदोही में समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को दिल्ली में हिरासत में लिए जाने के विरोध में मंगलवार रात भदोही में सपा कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पर धरना-प्रदर्शन किया। रात करीब 10 बजे सपा जिलाध्यक्ष प्रदीप यादव के नेतृत्व में शुरू हुए इस प्रदर्शन में विधायक जाहिद बेग सहित सैकड़ों जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी और कार्यकर्ता भारी बारिश के बीच भी डटे रहे। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पेपर लीक के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों के समर्थन और अखिलेश यादव की तत्काल रिहाई की मांग उठाई। मौके पर एसडीएम ज्ञानपुर भान सिंह, सीओ चमन सिंह चावड़ा और कोतवाली प्रभारी राम शरीक पुलिस बल के साथ मौजूद रहे। अधिकारियों के समझाने के बाद रात करीब 10:30 बजे धरना समाप्त हो गया। धरने को संबोधित करते हुए विधायक जाहिद बेग ने कहा कि जंतर-मंतर पर छात्र पिछले 22 दिनों से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार का कोई प्रतिनिधि उनसे बातचीत करने तक नहीं पहुंचा। उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर लीक जैसे गंभीर मामलों में जवाबदेही तय करने के बजाय छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया और उनके समर्थन में पहुंचे सपा प्रमुख अखिलेश यादव को भी हिरासत में ले लिया गया। उन्होंने कहा कि सपा छात्रों के आंदोलन के साथ खड़ी है और यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तथा विपक्षी नेताओं के खिलाफ ऐसी कार्रवाई जारी रही, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। विधायक ने कहा, अब आर-पार की लड़ाई होगी। जब तक छात्रों की मांगें पूरी नहीं होंगी, समाजवादी पार्टी आंदोलन जारी रखेगी।
इलाहाबाद हाईकोर्ट में कार्यरत एक न्यायाधीश ने नई कर व्यवस्था चुनने के बाद वैधानिक न्यायिक भत्तों पर आयकर छूट न मिलने को लेकर याचिका दाखिल की है। न्यायमूर्ति सौमित्र दयाल सिंह एवं न्यायमूर्ति स्वरूपमा चतुर्वेदी की खंडपीठ ने जस्टिस संदीप जैन की इस याचिका पर केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड से जवाब मांगा है और अगली सुनवाई के लिए 28 जुलाई की तारीख तय की है। न्यायमूर्ति संदीप जैन की याचिका न्यायमूर्ति संदीप जैन ने याचिका में हाईकोर्ट जज (वेतन और सेवा शर्तें) अधिनियम 1954 की धारा 22D के तहत मिलने वाले वैधानिक भत्तों की छूट को अस्वीकार किए जाने को चुनौती दी है। छूट का दावा करने की अनुमति नहीं कहा गया है कि धारा 22 डी के तहत किराए से मुक्त आधिकारिक निवास का मूल्य या उसके बदले दिया जाने वाला मकान किराया भत्ता, वाहन सुविधाएं, सत्कार भत्ता, अवकाश यात्रा रियायत को कुल आय से आयकर मुक्त रखा गया है। याचिका में कहा गया है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए नई कर व्यवस्था के तहत आईटीआर-2 दाखिल करते समय आयकर पोर्टल ने उन्हें वैधानिक न्यायिक भत्तों के मद में 9.85 लाख रुपये की छूट का दावा करने की अनुमति नहीं दी। केंद्र/सीबीडीटी के ज्ञापन के अनुसार नई कर व्यवस्था चुनने वाले करदाता इन छूटों का दावा नहीं कर सकते, क्योंकि यह व्यवस्था पहले से ही उदार कर स्लैब, कम कर दरों और उच्च छूट प्रदान करती है। इसमें कहा गया है कि इन लाभों के अतिरिक्त वैधानिक छूटों की अनुमति देना दोहरा लाभ देने जैसा होगा।
प्रधानमंत्री आवास के बाहर कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को हिरासत में लिए जाने के विरोध में मंगलवार देर शाम सोनभद्र में राजनीतिक माहौल गरमा गया। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने रॉबर्ट्सगंज के स्वर्ण जयंती चौक पर केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष राम निहोर यादव के नेतृत्व में सैकड़ों सपा कार्यकर्ताओं के साथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष और पार्टी कार्यकर्ता भी इस प्रदर्शन में शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने नेताओं की तत्काल रिहाई की मांग करते हुए मोदी तेरी तानाशाही नहीं चलेगी जैसे नारे लगाए। रुक-रुक कर हो रही बारिश के बावजूद प्रदर्शनकारी देर शाम तक धरने पर डटे रहे। प्रदर्शनकारियों ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव को हिरासत में लेने की कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया। उन्होंने इसे तानाशाहीपूर्ण कदम करार देते हुए कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की आवाज दबाने का हर प्रयास विफल होगा और इसका विरोध सड़क से लेकर सदन तक जारी रहेगा। जिलाध्यक्ष राम निहोर यादव ने कहा कि विपक्षी नेताओं को हिरासत में लेकर सरकार लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने जोर दिया कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए संयुक्त रूप से संघर्ष करती रहेंगी। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि इस तरह की कार्रवाई दोहराई गई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। धरना स्थल पर काफी देर तक केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी होती रही, जिससे स्वर्ण जयंती चौक पर राजनीतिक हलचल बनी रही। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए अपर पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार और सीओ सिटी रणधीर मिश्रा के नेतृत्व में भारी पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस पूरे समय स्थिति पर नजर बनाए रही। प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ, लेकिन कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए उनका संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और सांसद डिंपल यादव को पुलिस कस्टडी में लिए जाने के विरोध में मंगलवार को अयोध्या में सपा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने शहर में नारेबाजी करते हुए भाजपा सरकार और दिल्ली पुलिस की कार्रवाई का विरोध जताया। सपा नेताओं ने कहा- छात्रों को अपनी मांगों के समर्थन में शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन करने का संवैधानिक अधिकार है, लेकिन सरकार युवाओं की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि विरोध की आवाज उठाने वालों पर कार्रवाई कर लोकतांत्रिक मूल्यों की अनदेखी की जा रही है। प्रदर्शन के दौरान सपा नेताओं ने अखिलेश यादव और डिंपल यादव को कस्टडी में लिए जाने को गैरकानूनी और अलोकतांत्रिक करार दिया। उन्होंने भाजपा सरकार पर लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेगी। सपा कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि ऐसी कार्रवाई जारी रही तो प्रदेशभर में आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
उससे कोई कुछ न कहे। गलती मेरी थी। मैंने शादी की, मैंने प्यार किया। उसकी सजा मुझे ही मिलनी चाहिए, उसे नहीं। न उसके घरवालों को कुछ कहना, न किसी और को। मेरी गलती थी कि मैंने उससे प्यार किया। मेरे मरने के बाद पत्नी को घर भेज देना। उससे कुछ मत कहना। वीडियो में ये कहकर आगरा के एक युवक ने सुसाइड कर लिया। आगरा के थाना रकाबगंज क्षेत्र के ईदगाह कुतुलुपुर में मंगलवार को एक युवक ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सुसाइड से पहले उसने वीडियो बनाया। वीडियो में वो रोते हुए अपने घर वालों से माफी मांग रहा है। अपनी पत्नी को कुछ न कहने के लिए कह रहा है। 21 वर्षीय सोनू कुमार पुत्र धरम सिंह ने मंगलवार शाम 6 बजे अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सूचना मिलते ही रकाबगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। आत्महत्या से पहले युवक ने अपने मोबाइल फोन से वीडियो भी बनाया था। पुलिस का कहना है कि गृहक्लेश से तंग आकर युवक ने सुसाइड किया है। मरने पहले से 2 मिनट का वीडियो बनायासुसाइड से पहले बनाए गए वीडियो में सोनू कह रहा है, मैंने ड्रिंक कर रखी है। मैं बस इतना कहना चाहता हूं कि मेरी पत्नी को कोई दिक्कत न हो। वह अपने घर रहे, लेकिन मेरे पास न आए। दूसरी बात, मेरी बॉडी न मांगी जाए। मेरे जाने के बाद वह अपने घर चली जाए। वह अपनी जिंदगी में खुश रहे। उसकी अपनी जिंदगी है। मैंने उसे आजाद कर दिया है। वैसे मैं उसे आजाद नहीं कर पा रहा था, लेकिन वह मेरे साथ खुश नहीं है। जो भी है, उसकी मर्जी। मुझे उससे कोई शिकायत नहीं है। मैं अपने घरवालों से माफी मांगता हूंमैं अपने घरवालों से माफी मांगता हूं। मैंने जो भी किया, गलत किया। मुझसे अब यह सब नहीं हो रहा था। इसलिए मैंने ड्रिंक की, क्योंकि मुझमें हिम्मत नहीं बची थी। अगले जन्म में फिर लौटूंगा, एक अच्छा प्यार बनकर, एक अच्छा बेटा बनकर। मुझे माफ कर देना। लेकिन उसे कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। वह अपने घर जाए, अपनी जिंदगी जिए। उससे कोई कुछ न कहे। गलती मेरी थी। मैंने शादी की, मैंने प्यार किया। उसकी सजा मुझे ही मिलनी चाहिए, उसे नहीं। न उसके घरवालों को कुछ कहना, न किसी और को। बस इतना समझ लेना कि तुम्हारा बेटा गलत था। मैं जितना जी सकता था, उतना जी लिया। अब मुझसे नहीं हो रहा था। लव यू... मेरी फैमिली को... और मोटो को भी।
कौशाम्बी के कनैली गोलीकांड मामले में सराय अकिल थाना प्रभारी निरीक्षक शेर सिंह वर्मा और कनैली चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक जितेंद्र प्रताप सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। प्रयागराज परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक ने यह कार्रवाई 19 जुलाई को कनैली चौराहे पर हुई गोलीबारी की घटना में लापरवाही बरतने के आरोप में की है। घटना में हिस्ट्रीशीटर गुलशन त्रिपाठी, रोहित त्रिपाठी और उनके भाई अंकित त्रिपाठी का नाम सामने आया था। पुलिस के अनुसार, तीनों आरोपियों ने 19 जुलाई की रात करीब 10 बजे कनैली चौराहे पर फायरिंग कर कई लोगों को घायल कर दिया था। जांच में सामने आया कि इससे पहले 6 जुलाई को भी इन्हीं आरोपियों ने कनैली निवासी सौरभ सिंह के साथ मारपीट की थी। उस मामले में मुकदमा दर्ज होने के बावजूद थाना स्तर पर आरोपियों के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। पुलिस अधीक्षक सत्यनारायण प्रजापत की जांच रिपोर्ट के आधार पर पुलिस महानिरीक्षक ने माना कि अपराधियों के विरुद्ध कठोर एवं निरोधात्मक कार्रवाई में गंभीर शिथिलता बरती गई, जिसके चलते आरोपियों ने दो सप्ताह के भीतर दोबारा गोलीबारी की वारदात को अंजाम दिया। इसी आधार पर दोनों पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई।
मेरठ में तैनात यूपी पुलिस के एक सिपाही के मंगलवार को सोशल मीडिया पर वायरल लेटर ने महकमें में खलबली मचा दी। लेटर में सिपाही थाने के मुंशी पर गंभीर आरोप लगता है और परेशान होकर नौकरी से त्यागपत्र देने की पेशकश कर डालता है। मामला अफसरों तक पहुंचा तो जांच शुरू हो गई। कुछ देर बाद ही खुलासा हो गया कि यह पत्र किसी शरारती तत्व द्वारा सिपाही के नाम से लिखकर वायरल किया गया है। वायरल लेटर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मेरठ के नाम संबोधित है जो किसी शैलेंद्र कुमार के द्वारा लिखा गया था। लेटर की माने तो शीलेन्द्र दौराला थाने में तैनात है। बाकायदा नाम के ऊपर साइन भी किए गए हैं। खास बात यह है कि लेटर ज्यादा पुराना नहीं है। तीन दिन पहले ही यह लिखा गया था। मुंशी पर लगाया परेशान करने का आरोपलेटर में शीलेन्द्र ने खुद के दौराला थाने में तैनात होने की पुष्टि की है। पूरा लेटर दौराला थाने में तैनात मुंशी से जुड़ा है। मुंशी पर परेशान करने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। यह भी कहा गया है कि काफी कुछ शिकायतें उसके मन में है, जिन्हें वह वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के सामने पहुंचकर ही स्पष्ट करेगा। अब जानिए क्या लिखा है लेटर में निवेदन इस प्रकार है मैं शीलेन्द्र कुमार शर्मा RC 3763 इस समय में थाना दौराला में तैनात हूं। मेरी रवानगी एक अज्ञात शव के साथ 19.7.2026 को हुई थी। लेकिन अब मुझे मुंशी बोलते हैं शव छोड़ो, वापस वीआईपी ड्यूटी में आओ या कुछ सोच लो। मैं इस प्रकार कई बार बातें सुन चुका हूं जो कि मैं आपके समक्ष ही बताऊंगा। मैं पुलिस की नौकरी से त्यागपत्र देना चाहता हूं। क्योंकि हमारा थाना दौराला मुंशीयों से चलता है और बाकी कुछ चीज हैं। वह मैं इसमें ना लिखकर आपके समक्ष ही बताऊंगा। मैं किसी को किसी भी हालत में कोई भी रुपया नहीं दे सकता। मैं वापस अपने घर जा रहा हूं...! अफसरों ने दिए लेटर की जांच के आदेश सिपाही का वायरल लेटर कुछ देर बाद ही अफसरों तक पहुंच गया और उन्होंने जांच के आदेश कर दिए। सिपाही से पूछा गया तो उसने इस तरह का कोई भी लेटर लिखने की बात से ही इनकार कर दिया। यह भी स्वीकार किया कि किसी भी तरह से उसे परेशान नहीं किया जा रहा है। जबकि इस लेटर की कॉपी DGP, ADG, IG, DIG को भी भेजे जाने की बात कही गई थी। शीलेन्द्र ने कहा- मैंने नहीं की कोई शिकायत वायरल लेटर को लेकर शीलेन्द्र से संपर्क किया गया तो उन्होने ऐसा कोई लेटर लिखने की बात से ही इनकार कर दिया। शैलेंद्र ने बताया कि वह वीआईपी ड्यूटी में था। जबकि सोमवार को उसने पोस्टमार्टम हाउस में ड्यूटी की थी। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि लेटर में उसकी हैंडराइटिंग नहीं है। किसी ने शरारत करते हुए यह लेटर वायरल किया है।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की दिल्ली में गिरफ्तारी के विरोध में पीलीभीत में सपा कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। मंगलवार रात पूर्व नगर अध्यक्ष की अगुवाई में कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। मंगलवार रात करीब 9:30 बजे सपा कार्यकर्ता बीसलपुर के बारह पत्थर चौराहे पर एकत्र हुए। पूर्व नगर अध्यक्ष मुक़्तदिर हयात खान के नेतृत्व में दर्जनों कार्यकर्ताओं ने जुलूस निकाला। यह जुलूस नारेबाजी करते हुए थाना चौराहे तक पहुंचा। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में पार्टी के झंडे लेकर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे पूर्व नगर अध्यक्ष मुक़्तदिर हयात खान ने केंद्र सरकार पर विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध कर रहे सपा के शीर्ष नेतृत्व को गिरफ्तार करना तानाशाही और लोकतंत्र पर हमला है। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि ऐसी दमनकारी नीतियों से समाजवादी आंदोलन रुकने वाला नहीं है। इस विरोध प्रदर्शन में हरि पाल सिंह लोधी, विधानसभा अध्यक्ष शैलेश कुमार शर्मा, लोहिया वाहिनी के विधानसभा अध्यक्ष दुष्यंत, छात्र सभा के जिलाध्यक्ष अभिषेक गंगवार, लोहिया वाहिनी के पूर्व जिलाध्यक्ष राम प्रताप गंगवार, मीनाक्षी गंगवार, अकील खान और दानिश अल्वी सहित बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ता व पदाधिकारी शामिल रहे। सपा कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि विपक्ष के नेताओं को निशाना बनाना बंद नहीं किया गया, तो पार्टी पूरे जिले में व्यापक आंदोलन करेगी। प्रदर्शन के दौरान मौके पर पुलिस बल तैनात रहा, जिससे सुरक्षा व्यवस्था बनी रही। प्रदर्शन समाप्त होने के बाद ही यातायात सामान्य हो सका।
दिल्ली में राहुल गांधी को हिरासत में लिए जाने के विरोध में मंगलवार शाम मैहर जिले के अमरपाटन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में प्रदर्शन किया। इस दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। अमरपाटन में सड़कों पर उतरे कांग्रेस कार्यकर्ता ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष दीपक मिश्रा के नेतृत्व में कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे और विरोध जताया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर फूंकी और नारेबाजी करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई। तानाशाही का आरोप और गिरफ्तारी की चेतावनी कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार लोकतांत्रिक संस्थाओं का दुरुपयोग कर विपक्ष और युवाओं की आवाज दबा रही है। नेताओं ने कहा कि राहुल गांधी युवाओं के अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे हैं और पार्टी कार्यकर्ता उनके समर्थन में गिरफ्तारी देने के लिए भी तैयार हैं। सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात प्रदर्शन के दौरान गांधी प्रतिमा स्थल पर युवक कांग्रेस जिलाध्यक्ष सौरभ शर्मा सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे। एहतियात के तौर पर मौके पर पुलिस बल तैनात रहा और स्थिति शांतिपूर्ण बनी रही।
आंध्र प्रदेश की पुलिस में चित्रगुप्त नगर थाने की सहायता से इलाके में छिपे दो चेन स्नैचर्स को अरेस्ट किया है। दरअसल आंध्र प्रदेश में चेन स्नेचिंग की वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों शातिर पटना में अपना ठिकाना बनाए थे। आंध्र प्रदेश की पुलिस को लगातार पटना की लोकेशन मिल रही थी। लोकेशन और इनपुट के आधार पर आंध्र पुलिस ने चित्रगुप्त नगर थाने की पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद दोनों बदमाशों को पकड़ने के लिए पटना पुलिस और आंध्र पुलिस की ओर से ज्वाइंट रेड की गई। जिसमें दोनों पकड़े गए हैं। चित्रगुप्त नगर थानेदार शंकर झा ने इसकी पुष्टि की है। बाकरगंज बजाज गली और सोनपुर के रहने वाले हैं पकड़े गए दोनों बदमाशों की पहचान बाकरगंज बजाज गली के रहने वाले रवि केसरी (37वर्ष) और गजाचक मोहमदपुर सोनपुर के रहने वाले दीपक कुमार (37 वर्ष) के तौर पर हुई है। इन दोनों के खिलाफ कुरनूल 4 टाउन थाना आंध्र प्रदेश में मामला दर्ज है। इनकी गिरफ्तारी चित्रगुप्त नगर इलाके के सहजानंद क्लीनिक के पास से हुई है। वारदात को अंजाम देने के बाद पटना में अलग-अलग अपना ठिकाना बदल रहे थे। इसी बीच आंध्र पुलिस को एग्जैक्ट लोकेशन राजेंद्र नगर टर्मिनल के पास मिली। दोनों का आपराधित इतिहास मिला है पकड़े गए दोनों बदमाशों के आपराधिक इतिहास में मिले हैं। इनके बारे में और भी पता लगाया जा रहा है। फिलहाल आंध्र की पुलिस दोनों शातिरों को ट्रांजिट रिमांड पर लेकर रवाना हो गई है।
बलिया में समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता और कार्यकर्ता मंगलवार रात जिला मुख्यालय स्थित डीएम कार्यालय पर धरने पर बैठ गये। सपा नेता व कार्यकर्ता सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की रिहाई की मांग कर रहे हैं। सपा जिलाध्यक्ष एवं विधायक संग्राम सिंह यादव के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता रात करीब 9:25 बजे धरने पर बैठे। प्रदर्शनकारियों ने अखिलेश यादव को रिहा करो और अखिलेश यादव जिंदाबाद के नारे लगाए। सपा जिलाध्यक्ष संग्राम सिंह यादव ने बताया कि नीट परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर छात्र शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे, जिन पर लाठीचार्ज किया गया। देखें, 3 तस्वीरें… उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों की आवाज उठाने के लिए संसद से प्रधानमंत्री से मिलने जा रहे समाजवादी पार्टी के सांसदों को भी रास्ते में रोककर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। यादव ने इसे लोकतांत्रिक विरोध दर्ज कराने वालों पर अलोकतांत्रिक कार्रवाई बताया। विधायक संग्राम सिंह यादव ने अखिलेश यादव सहित गिरफ्तार सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को तत्काल रिहा करने की मांग की। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की भी मांग की। यादव ने कहा कि जब तक उनके नेता को रिहा नहीं किया जाता, तब तक धरना जारी रहेगा। धरने के दौरान डीएम कार्यालय परिसर में पुलिस बल तैनात रहा। देर रात तक समाजवादी पार्टी के नेता और कार्यकर्ता सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों पर डटे रहे। सपा सुप्रीमों की रिहाई की खबर मिलने तथा लखनऊ सपा कार्यालय से इसकी पुष्टि के बाद सपा नेताओं तथा कार्यकर्ताओं ने जेल का फाटक टूट गया, हमारा नेता छूट गया के नारे के साथ रात 10.20 बजे धरना समाप्त किया।
सीकर में अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति (SC-ST) अत्याचार निवारण प्रकरण के विशिष्ट जज अशोक सैन ने लॉ के छात्र को आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोपी को 10 साल की जेल की सजा सुनाई है। LLB कर रहे छात्र पवन को आरोपी नमक एडवोकेट सुनील गैस पेपर के रुपए नहीं देने पर मारने की धमकियां दे रहा था। पवन ने परेशान होकर सुसाइड नोट लिखकर पानी की होद में कूदकर सुसाइड कर लिया था। कोर्ट ने फैसले में इलेक्ट्रॉनिक एविडेंस (मोबाइल की ऑडियो रिकॉर्डिंग ) और मृतक के सुसाइड नोट को अहम सबूत माना है। प्रोसिक्यूशन असिस्टेंट डायरेक्टर रामलाल सैनी ने बताया- परिवादी मोहनलाल ने सीकर के उद्योग नगर थाना में मामला दर्ज करवाया था। परिवादी ने बताया कि उसका भांजा पवन कुमार सीकर शहर में रहकर L.L.B. कर रहा था। वह राधाकिशनपुरा में फाटक संख्या-2 में एक मकान में किराए पर रहता था। एक दिन भांजे पवन ने छोटे भाई रमेश कुमार को मोबाइल पर बताया कि सुनील कुमार उर्फ जेंटर पुत्र दुलीचंद निवासी वार्ड 6 सादुलशहर श्रीगंगानगर वाले ने उसे बहुत टॉर्चर किया और उसे मारने की धमकी दी कि वह 16 तारीख को एग्जाम देने जाएगा तो उसे मार देगा। सुनील श्रीगंगागर उसे बार-बार धमकी दे रहा है कि उसकी लाइफ बर्बाद कर देगा। उसकी मौत का जिम्मेदार सुनील कुमार श्रीगंगानगर वाला है। कमरे में सुसाइड नोट-मोबाइल में ऑडियो क्लिप मिली परिवादी मोहनलाल ने बताया- मेरे भांजे पवन कुमार को अभियुक्त सुनील कुमार उर्फ जेंटर ने बिना वजह तंग और परेशान किया है। इसके कारण उसे सुसाइड करने को मजबूर होना पड़ा। जब वह उद्योग नगर थाना पुलिस के साथ भांजे के किराए के मकान में पहुंचा तो पानी के होद के बाहर चप्पल पड़ी थी। पानी के अंदर देखा तो भांजा पवन कुमार मृत अवस्था में पाया। चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक छात्र पवन के कमरे से पुलिस को सुसाइड नोट भी मिला था। वहीं मृतक ने अभियुक्त सुनील की धमकी देने की ऑडियो क्लिप भी रिकॉर्ड कर रखी थी। पुलिस और वकील की ओर से 16 गवाह पेश किए और 41 डॉक्यूमेंट्स एविडेंस के रूप में कोर्ट के सामने पेश किए। आरोपी पर 5000 रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है।
बक्सर के नोनियापुर निवासी प्रिया यादव ने मुफस्सिल थाना पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रिया का आरोप है कि पटना कोर्ट से लौटते समय उनके परिवार को रास्ता रोककर केस वापस लेने की धमकी दी गई। इसके अलावा, उन्होंने एफआईआर की जांच करने पहुंची पुलिस पर भी अभद्रता और गाली-गलौज करने का आरोप लगाया है। हालांकि, मुफस्सिल थाना प्रभारी अवधेश कुमार ने इन सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया है। प्रिया यादव के अनुसार, उनके पिता राम अवधेश सिंह यादव सेना से सूबेदार मेजर पद से सेवानिवृत्त हैं और वर्तमान में राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) सचिवालय में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के कार्यालय में पर्सनल असिस्टेंट के पद पर कार्यरत हैं। रवि रोशन उर्फ गुड्डू यादव ने दानापुर के सगुना मोड़ और भूगोल क्षेत्र में जमीन दिखाकर खुद को अधिकृत व्यक्ति बताया और उनसे 27 लाख रुपये ले लिए। दो अलग-अलग बैंक खातों में स्थानांतरित किए गएपीड़ित परिवार ने बताया कि 19 अगस्त 2025 को 11 लाख रुपये नकद और 8-8 लाख रुपये दो अलग-अलग बैंक खातों में स्थानांतरित किए गए थे। इसके अगले दिन, 20 अगस्त 2025 को एक एग्रीमेंट कराया गया। बाद में दस्तावेजों में नाम और पता गलत पाए गए। आवेदन के अनुसार, एग्रीमेंट में जमीन की कीमत 16 लाख रुपये दर्शाई गई थी, जबकि भुगतान 27 लाख रुपये का किया गया था। इस मामले में दानापुर न्यायालय में धोखाधड़ी का मुकदमा चल रहा है। प्रिया यादव का आरोप है कि मुकदमा दर्ज होने के बाद से उन्हें और उनके परिवार को लगातार डराया-धमकाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 17 जुलाई की रात पटना कोर्ट से लौटने के दौरान नोनियापुर-मंगोलपुर रोड पर दो बाइक खड़ी कर उनका रास्ता रोक दिया गया। उस समय उनके भाई मनीष यादव बाइक चला रहे थे, पिता बीच में और वह स्वयं पीछे बैठी थीं। मुकदमा वापस लेने की धमकी दीकिसी तरह बाइक निकालकर आगे बढ़ने पर दो लोग उनका पीछा करने लगे। आरोप है कि उन्होंने हाथ में बंदूक जैसा हथियार दिखाते हुए मुकदमा वापस लेने की धमकी दी। पूरा परिवार किसी तरह सुरक्षित अपने घर पहुंचा। इस घटना के संबंध में प्रिया यादव ने मुफस्सिल थाना में आवेदन देकर एफआईआर की मांग की। उनका आरोप है कि जांच के लिए दो वाहनों से वर्दी और सादे लिबास में पहुंचे पुलिसकर्मियों ने निष्पक्ष जांच करने के बजाय परिवार के साथ अभद्र व्यवहार किया और धमकी दी। आरोप है कि जांच करने पहुंची पुलिस घटना को असत्य बताते हुए कहा कि घटना सत्य होता तो जिसके हाथ न बंदूक होता वह पीछा नहीं करता गोली मार देता।उन्होंने कहा कि जब उन्होंने वीडियो बनाना शुरू किया तो पुलिसकर्मी बिना जवाब दिए वहां से जाने लगे और अपना चेहरा छिपाने का प्रयास करने लगे। प्रिया यादव द्वारा बताया गया कि पुलिस अभियुक्त को गिरफ्तार करने और हमारे परिवार को सुरक्षा देने के मामले में गंभीर नहीं दिख रही है। क्यों की अभियुक्त बहुत पहुंच वाले है,सरकार में उनकी पैठ है।इसलिए मेरे पिता,भाई, मां और मुझे कुछ होता है तो इसके जिम्मेदार रवि रौशन उर्फ गुड्डू और रौशन कुमार होंगे। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर जीरो एफआईआर दर्जवहीं, मुफस्सिल थाना प्रभारी अवधेश कुमार ने बताया कि आवेदन मिलने के बाद पुलिस जांच के लिए गई थी। जांच में पता चला कि जिस स्थान पर घटना होने की बात कही गई है, वह इटाढ़ी थाना क्षेत्र में आता है। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर जीरो एफआईआर दर्ज कर मामला इटाढ़ी थाना को भेज दिया गया है। उन्होंने पुलिस पर लगाए गए सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया।
कानपुर में समाजवादी पार्टी ने मंगलवार शाम को राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के विरोध में शहर के अलग-अलग हिस्सों में प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने छात्रों पर हुए पुलिस बल प्रयोग का भी विरोध जताया बर्रा के सचान चौराहे पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला फूंककर इस्तीफे की मांग की। रात करीब 8:30 बजे बर्रा के सचान चौराहे पर सपा नेता बंटी यादव और अर्पित यादव के नेतृत्व कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए अखिलेश यादव की रिहाई की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज का विरोध जताया और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला फूंक दिया। इसी तरह नवीन मार्केट स्थित मेट्रो स्टेशन के पास जिलाध्यक्ष फजल महमूद के नेतृत्व में भी सपा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। यहां कार्यकर्ताओं ने दिल्ली पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अखिलेश यादव को तत्काल रिहा करने की मांग उठाई। साथ ही छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की भी निंदा की। वहीं, कैंट विधानसभा क्षेत्र से सपा विधायक हसन रूमी मंगलवार रात करीब 9 बजे बाकरगंज चौराहे पर धरने पर बैठ गए। उनके साथ बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ता भी धरने में शामिल हुए और अखिलेश यादव को हिरासत में लिए जाने के विरोध में नारेबाजी की। धरने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने सड़क से भीड़ हटाने का प्रयास किया, जिसको लेकर कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच नोकझोंक हुई। इसी दौरान पुलिस ने विधायक हसन रूमी को अपनी जीप में बैठाकर मौके से रवाना कर दिया। घटना के दौरान पुलिस ने विधायक हसन रूमी को जीप से ही ले जाकर जाजमऊ स्थित उनके आवास पर छोड़ दिया। कानपुर कचहरी गेट पर समजावादी पार्टी के विधायक अमिताभ बाजपेई रात 10 बजे धरने पर बैठ गए। उनके साथ उनकी पत्नी पूर्व मेयर प्रत्याशी वंदना बाजपेई भी धरने में बैठ गईं। अखिलेश यादव को हिरासत में लिए जाने का विरोध किया। सपा कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए अखिलेश यादव की रिहाई की मांग की। इस दौरान कचहरी गेट पर सैंकड़ों कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। मौके पर पुलिस भी सूचना के बाद पहुंच गई।
सीतामढ़ी में जगन्नाथ रथयात्रा के दौरान चेन चोरी के आरोप में गिरफ्तार एक महिला नगर थाना की हाजत से फरार हो गई। इस मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में पुलिस अधीक्षक ने नगर थाना के तीन पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। फरार महिला की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। सोमवार को आयोजित जगन्नाथ रथयात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए थे। इस दौरान आधा दर्जन से अधिक महिलाओं और पुरुषों के चेन, मोबाइल फोन और पर्स चोरी होने की शिकायतें मिलीं। पीड़ितों की शिकायत पर पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय लोगों की मदद से उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले की सरिता देवी (पति राकेश गौतम) को गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान शौच जाने की बात कहीगिरफ्तारी के बाद सरिता देवी को नगर थाना लाया गया। पूछताछ के दौरान उसने शौच जाने की बात कही। पुलिसकर्मी उसे हाजत से बाहर लेकर निकले, लेकिन इसी दौरान वह पुलिस को चकमा देकर फरार हो गई। आरोपी के फरार होने की सूचना मिलते ही उसकी तलाश में कई स्थानों पर छापेमारी शुरू कर दी गई। घटना के बाद बड़ी संख्या में पीड़ित और स्थानीय लोग नगर थाना पहुंचे और पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए। पुलिसकर्मियों को तत्काल निलंबित कर दिया गयाइस पूरे मामले पर डीएसपी राजीव कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस हिरासत से आरोपी के फरार होने की घटना को गंभीरता से लिया गया है। उन्होंने कहा कि लापरवाही बरतने वाले नगर थाना के तीन पुलिसकर्मियों को तत्काल निलंबित कर दिया गया है और किसी भी सूरत में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डीएसपी ने यह भी बताया कि चेन चोरी के मामले में अब तक कुल तीन आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनके आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। फरार महिला की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी की गिरफ्तारी के विरोध में सीकर शहर में कांग्रेस पार्टी ने मंगलवार को विरोध जताया। इन्होंने शाम करीब 7 बजे कल्याण सर्किल पर केंद्र सरकार का पुतला फूंका। इसके बाद कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुनीता गिठाला सहित दर्जनों कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता कल्याण सर्किल पर धरने पर बैठ गए। रात करीब 9 बजे तक धरने पर बैठे रहे। धरने पर बैठे लोगों ने कहा कि राहुल गांधी गिरफ्तार हुए हैं या तो उनको रिहा किया जाए या फिर हमारी भी गिरफ्तारी हो। प्रदर्शन को देखते हुए मौके पर कार्यवाहक सीओ सिटी राजेश ढाका, कोतवाल सुनील कुमार जांगिड़ सहित RAC का जाब्ता और पुलिस के जवान मौजूद रहे। करीब 9 बजे कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुनीता गिठाला, जगदीश दानोदिया पुलिस की 112 गाड़ी में बैठ गए और कुछ दूरी पर उतर गए। चौकी पहुंचकर गेट पर बैठ गए जिलाध्यक्ष सुनीता गिठाला के नेतृत्व में कांग्रेसी कल्याण सर्किल से रवाना होकर कल्याण सर्किल चौकी पहुंचे और वहां गेट के अंदर बैठ गए। इसके बाद शहर कोतवाल सुनील कुमार जांगिड़ मौके पर पहुंचे। जिन्होंने वहां पर बैठे लोगों को हटवाया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुनीता गिठाला ने कहा- दिल्ली में राहुल गांधी शांतिपूर्वक धरना देने के लिए बैठे थे। सरकार के इशारे पर पुलिस ने तानाशाही करते हुए उन्हें गिरफ्तार किया। इससे पहले 20 जुलाई को स्टूडेंट्स पर भी लाठीचार्ज किया था।
पूर्णिया में अधेड़ को सांप ने काटा:GMCH में किया गया भर्ती, खतरे से बाहर
पूर्णिया जिले के मुफस्सिल रानीपतरा थाना क्षेत्र में एक 55 वर्षीय वृद्ध को जहरीले सांप ने काट लिया। इस घटना के बाद उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया। घायल की पहचान रानीपतरा के कनेल कुमड्डी निवासी सवेद अली के 55 वर्षीय पुत्र नौशाद अली के रूप में हुई है। नौशाद अली पेशे से किसान हैं। नौशाद अली के अनुसार, मंगलवार दोपहर करीब 3:30 बजे एक काले रंग के सांप ने उनके पैर में काट लिया। इसके बाद उनके पैर से खून बहने लगा। परिजनों ने तुरंत उन्हें इलाज के लिए पूर्णिया के जीएमसीएच में भर्ती कराया, जहां उनकी स्थिति में सुधार हुआ है। जीएमसीएच में इलाज कर रहे नर्सिंग स्टाफ राहुल कुमार ने बताया कि नौशाद अली को जहरीले सांप के काटने के बाद अस्पताल लाया गया था। उन्हें आवश्यक इंजेक्शन दिए गए हैं और फिलहाल वे खतरे से बाहर हैं। इलाज पूरा होने के बाद उन्हें छुट्टी दे दी जाएगी।
बालोद पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज 17 मामलों में जब्त करीब 29.52 लाख रुपए के गांजा और नशीले पदार्थ नष्ट किए। यह कार्रवाई जिला स्तरीय औषधि निपटान समिति की निगरानी में भिलाई स्टील प्लांट के एसएमएस-3 यूनिट में की गई। पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर एसपी किरण गंगाराम चव्हाण के मार्गदर्शन में मंगलवार को कार्रवाई हुई। इस दौरान 227.155 किलो गांजा, 12 हजार नशीली टैबलेट और 2,880 नशीले कैप्सूल नष्ट किए गए। इनकी कुल कीमत 29 लाख 52 हजार 275 रुपए बताई गई है। भिलाई स्टील प्लांट में जलाकर किया नष्ट जब्त मादक पदार्थों को दुर्ग जिले के भिलाई भट्टी थाना क्षेत्र स्थित भिलाई इस्पात संयंत्र के एसएमएस-3 यूनिट में भरमीकरण यंत्र के जरिए जलाकर नष्ट किया गया। पूरी प्रक्रिया कानूनी नियमों के अनुसार और समिति की निगरानी में पूरी की गई। ये अधिकारी रहे मौजूद कार्रवाई के दौरान समिति के अध्यक्ष और बालोद एसपी किरण गंगाराम चव्हाण, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मोनिका ठाकुर, जिला आबकारी अधिकारी पलक नंद, समिति के अन्य सदस्य और पंच मौजूद रहे। पुलिस ने बताया कि पूरी कार्रवाई पारदर्शी तरीके से की गई। नशे के खिलाफ अभियान रहेगा जारी एसपी चव्हाण ने कहा कि जिले में मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि नशे से जुड़ी किसी भी अवैध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।
दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के दौरान समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद उत्तर प्रदेश के कई जिलों में सपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों का विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया। इसी क्रम में प्रयागराज में भी शुक्रवार रात करीब 8 बजे से सिविल लाइंस स्थित सुभाष चौराहे पर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता, समर्थक और स्थानीय नेता जुटने लगे। देखते ही देखते चौराहे पर बड़ी संख्या में सपा समर्थकों की भीड़ एकत्र हो गई। इसके बाद सभी ने मिलकर विरोध प्रदर्शन शुरू किया और केंद्र सरकार तथा दिल्ली पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। देखें तस्वीरें… प्रदर्शनकारियों ने अखिलेश यादव की हिरासत को लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए इसे राजनीतिक द्वेष की कार्रवाई करार दिया। प्रदर्शन के दौरान सपा नेताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन करना हर नागरिक का अधिकार है और विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास स्वीकार नहीं किया जाएगा। देर रात तक सुभाष चौराहे पर प्रदर्शन जारी रहा, जहां पुलिस भी सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में तैनात रही।
सावन मेले में उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए उत्तर रेलवे, लखनऊ मंडल ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) सुनील कुमार वर्मा ने मंगलवार को लखनऊ से अयोध्या धाम तक विंडो ट्रेलिंग निरीक्षण कर रेल पथ की संरक्षा, यात्री सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। डीआरएम ने रौजागांव और रुदौली रेलवे स्टेशनों पर स्टेशन मास्टर कक्ष, परिचालन व्यवस्था, यात्री सुविधाओं और स्वच्छता का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को व्यवस्थाओं में सुधार और संचालन को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए। डीआरएम ने कार्रवाई का आश्वासन दिया रुदौली स्टेशन पर विधायक रामचंद्र यादव से भी मुलाकात कर यात्री सुविधाओं के विस्तार और विकास कार्यों पर चर्चा की। निरीक्षण के दौरान उत्तर रेलवे के डीआरएम सुनील कुमार सिंह से विधायक रामचंद्र यादव ने प्लेटफॉर्म-2 की ओर आवागमन मार्ग खोलने की मांग की। जनप्रतिनिधियों ने टिकट विंडो, अंडरपास, ट्रेनों के ठहराव, सफाई, पेयजल और पार्किंग शुल्क की शिकायतें भी उठाईं, जिस पर डीआरएम ने कार्रवाई का आश्वासन दिया। अयोध्या धाम स्टेशन पर तैयारियों की समीक्षा अयोध्या कैंट और अयोध्या धाम स्टेशन पर डीआरएम ने सर्कुलेटिंग एरिया, सीसीटीवी कंट्रोल रूम, सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन की तैयारियों का निरीक्षण किया। प्लेटफॉर्म नंबर-3 पर चल रहे सिग्नल कार्य को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश भी दिए। इसी दौरान आंध्र प्रदेश के अनाकापल्ली से लगभग 1,500 श्रद्धालुओं को लेकर पहुंची आध्यात्मिक विशेष ट्रेन का अयोध्या धाम स्टेशन पर पुष्पवर्षा के साथ स्वागत किया गया। डीआरएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सावन मेले के दौरान यात्रियों को सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक यात्रा उपलब्ध कराने के लिए सुरक्षा, स्वच्छता और भीड़ प्रबंधन की सभी व्यवस्थाएं उच्च स्तर पर सुनिश्चित की जाएं।
शाजापुर में मंगलवार शाम जिला कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की गिरफ्तारी के विरोध में बस स्टैंड स्थित पार्टी कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया। रात 8:30 बजे से 10 बजे तक चले इस प्रदर्शन में कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारेबाजी की। ट्रैफिक प्वाइंट पर बैठकर जताया विरोध प्रदर्शनकारी बस स्टैंड से निकलकर शहरी हाईवे स्थित ट्रैफिक प्वाइंट पहुंचे, जहां उन्होंने सड़क पर बैठकर विरोध जताया और चक्काजाम करने की कोशिश की। कुछ कार्यकर्ताओं ने सड़क पर दंडवत होकर आंदोलनरत छात्रों पर लाठीचार्ज न करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तुरंत इस्तीफे की मांग की। भारी पुलिस बल रहा तैनात विरोध प्रदर्शन की सूचना मिलते ही एसडीएम, तहसीलदार और भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। पुलिस की मौजूदगी में कार्यकर्ताओं ने बस स्टैंड कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन समाप्त किया। उग्र आंदोलन की चेतावनी जिला कांग्रेस अध्यक्ष नरेश्वर सिंह प्रताप ने कहा कि दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे राहुल गांधी को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपना इस्तीफा नहीं देते हैं, तो कांग्रेस आने वाले दिनों में और उग्र आंदोलन करेगी। देखें तस्वीरें…
लखनऊ गोमतीनगर स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में विशेष अभिवाचन कार्यक्रम 'प्रिय केलकर जी' आयोजित किया । यह आयोजन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, अवध प्रांत की ओर से प्रो. यशवंतराव केलकर के जन्मशती वर्ष के उपलक्ष्य में किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश भर से पहुंचे सैकड़ों पूर्व और वर्तमान कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। आयोजन के दौरान केलकर के व्यक्तित्व, संगठन निर्माण की कार्यशैली और विद्यार्थी परिषद की वैचारिक यात्रा पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्य वक्ता मनोज कांत ने कहा कि प्रो. यशवंतराव केलकर ने विद्यार्थी परिषद को केवल छात्र संगठन नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण के लिए कार्यकर्ता तैयार करने वाला मंच बनाया। उनका सपना ऐसे युवाओं का निर्माण करना था, जो देश के किसी भी क्षेत्र में रहते हुए अपने विचार, आचरण और कार्य से भारत का प्रतिनिधित्व करें। उन्होंने कहा कि आज अभाविप का देशभर में विस्तार उसी कार्यकर्ता निर्माण की परंपरा का परिणाम है, जिसने शिक्षा, प्रशासन, न्यायपालिका, उद्योग, सामाजिक सेवा और सार्वजनिक जीवन सहित अनेक क्षेत्रों में राष्ट्रनिष्ठ नेतृत्व तैयार किया है। संगठन ने देश को नया नेतृत्व दिया है परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने अपने विद्यार्थी परिषद के दिनों को याद करते हुए कहा कि परिषद ने उन्हें जीवन की दिशा दी। उन्होंने कहा कि यदि विद्यार्थी परिषद न होती तो वह न विधायक बनते और न मंत्री। उनकी पहचान सबसे पहले विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता के रूप में बनी। उन्होंने कहा कि संगठन ने देश को नया नेतृत्व दिया है और आज विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय अनेक प्रमुख नेता इसी परंपरा से निकले हैं। चुनाव के दौरान उन पर गंभीर मुकदमा दर्ज गया था दयाशंकर सिंह ने अपने छात्र जीवन का एक प्रसंग साझा करते हुए बताया कि विश्वविद्यालय चुनाव के दौरान उन पर गंभीर मुकदमा दर्ज होने से उनका नामांकन संकट में पड़ गया था। उस समय संगठन के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं के प्रयास और सीबीसीआईडी जांच के बाद उन्हें चुनाव लड़ने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि आज उनके जीवन में जो भी संस्कार और पहचान है, वह विद्यार्थी परिषद की देन है और वह जीवनभर संगठन के ऋणी रहेंगे। केलकर ने व्यक्ति निर्माण की कार्यपद्धति विकसित की मुख्य अतिथि स्वांत रंजन ने कहा कि संगठन की सबसे बड़ी ताकत उसके कार्यकर्ताओं के बीच आत्मीय संबंध और परिवार जैसा वातावरण होता है। उन्होंने कहा कि केलकर ने सामूहिकता, अनामिकता, अनौपचारिकता और व्यक्ति निर्माण की कार्यपद्धति विकसित की। उनका मानना था कि केवल भाषण देने से नहीं, बल्कि अपने आचरण से समाज को दिशा दी जा सकती है। यही विचार आज भी विद्यार्थी परिषद की कार्यशैली का आधार है। ये लोग मौजूद रहे कार्यक्रम में राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद के विशेष आमंत्रित सदस्य प्रो. राजशरण शाही, क्षेत्रीय संगठन मंत्री घनश्याम शाही, पूर्व महामंत्री शिवम सिंह, संगठन मंत्री अभिलाष, सह संगठन मंत्री ज्ञानेंद्र, सामाजिक कार्यकर्ता आदित्य सिंह, युवा उद्यमी अरुण रावत, प्रांत उपाध्यक्ष प्रो. मंजुला उपाध्याय, प्रांत मंत्री अर्पण कुशवाहा, महानगर मंत्री सरिता पांडेय सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी मौजूद रहे। जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, एमएलसी इंजीनियर अवनीश सिंह, राज्य मंत्री दानिश आजाद अंसारी, भाजपा के पूर्व महामंत्री अनूप गुप्ता, प्रदेश मंत्री राहुल वाल्मीकि, भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रोहित मिश्र, शिक्षाविद प्रो. जे.पी सिंह समेत सैकड़ों लोगों ने कार्यक्रम में भाग लिया।
जमुई जिले के खैरा प्रखंड स्थित घनबेरिया गांव में मंगलवार को एक विशेष नजारा देखने को मिला। जिला अधिकारी (डीएम) नवीन और पुलिस अधीक्षक (एसपी) विश्वजीत दयाल ने गांव का दौरा किया और यहां के प्रसिद्ध पेड़ा कारोबार का जायजा लिया। अधिकारियों के पहुंचने से गांव में उत्साह का माहौल बन गया। डीएम और एसपी बिशनपुर गांव में आयोजित सहयोग शिविर का निरीक्षण कर लौट रहे थे। इसी दौरान घनबेरिया स्थित प्रसिद्ध पेड़ा बाजार से गुजरते हुए उन्होंने अपना काफिला रुकवाया। दोनों अधिकारी स्थानीय पेड़ा दुकानों पर पहुंचे और पेड़ा बनाने की पूरी प्रक्रिया को करीब से देखा। एसपी विश्वजीत दयाल ने कड़ाही में दूध उबालकर पेड़ा बनाने का अनुभव लिया, जबकि डीएम नवीन ने कारोबारियों से इसकी पारंपरिक विधि और गुणवत्ता बनाए रखने के बारे में जानकारी ली। दोनों अधिकारियों ने पेड़े का स्वाद भी चखा। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का प्रयास कियाइस अवसर पर डीएम नवीन ने कहा कि घनबेरिया का पेड़ा अपनी शुद्धता और स्वाद के कारण विशेष पहचान रखता है। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस उत्पाद को जीआई टैग दिलाकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही, कारोबारियों की समस्याओं का समाधान कर इस उद्योग को और आगे बढ़ाने की दिशा में काम किया जाएगा। घनबेरिया गांव आज पेड़ा उत्पादन का एक प्रमुख केंद्र बन चुका है। कभी यहां केवल एक दुकान हुआ करती थी, लेकिन अब एक दर्जन से अधिक दुकानें संचालित हैं, जहां प्रतिदिन कई क्विंटल पेड़े की बिक्री होती है। स्थानीय कारोबारियों के अनुसार, इस व्यवसाय से हर वर्ष लगभग तीन करोड़ रुपये का कारोबार होता है। त्योहारों के दौरान यहां पेड़ा खरीदने के लिए लोगों को लंबी कतारों में इंतजार करना पड़ता है। प्रतिदिन हजारों लीटर दूध की खपत होतीगांव में पेड़े के साथ-साथ खोवा का भी बड़े पैमाने पर उत्पादन होता है, जिससे प्रतिदिन हजारों लीटर दूध की खपत होती है। आसपास के पशुपालकों से दूध की खरीद होने के कारण उन्हें भी अच्छा लाभ मिलता है। यहां तैयार होने वाला पेड़ा देश के विभिन्न राज्यों के अलावा अमेरिका और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) तक भेजा जाता है। इसी वजह से घनबेरिया आज पेड़ा वाला गांव के नाम से अपनी अलग पहचान बना चुका है। इस मौके पर बीडीओ शेखर सुमन और जिला सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी डॉ. मेनका कुमारी सहित कई अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
मध्यप्रदेश सरकार ने 20 हजार करोड़ रुपए का अब तक का सबसे बड़ा कर्ज लेने के लिए 22 साल का बांड जारी किया है। वित्तीय आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए गवर्नमेंट सिक्योरिटीज के माध्यम से यह राशि जुटाने के लिए मंगलवार को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के मुंबई कार्यालय में नीलामी आयोजित की गई है। इसके अलावा सरकार तीन अन्य कर्ज भी 4400 करोड़ के ले रही है। 4400 करोड़ रुपए की कर्ज की राशि का भुगतान सरकार को बुधवार को होने वाला है। वित्त विभाग द्वारा जारी नोटिफिकेशन के अनुसार 20 हजार करोड़ का बांड जारी करने की कार्यवाही में निवेशकों 10,000 रुपये तथा उसके बाद 10,000 रुपये के गुणकों में निवेश करने की शर्त तय की गई। बोली प्रक्रिया मंगलवार को आरबीआई के ई-कुबेर (e-Kuber) प्लेटफॉर्म के माध्यम से संचालित की गई। सरकार के अनुसार इसके लिए जारी सिक्योरिटीज पर 7.83 प्रतिशत वार्षिक ब्याज मिलेगा। इस 20 हजार करोड़ के कर्ज के लिए बांड जारी करने के बाद सरकार को इसका रिजल्ट बुधवार को मिलेगा। इसके बदले ब्याज का भुगतान हर वर्ष 29 अक्टूबर और 29 अप्रैल को किया जाएगा। 31 मार्च 2026 की स्थिति में मध्य प्रदेश सरकार पर कुल 4,88,714.17 करोड़ रुपये का ऋण दर्ज किया गया है। इसमें बाजार ऋण, केंद्र सरकार से प्राप्त ऋण, वित्तीय संस्थानों से लिए गए ऋण तथा अन्य देनदारियां शामिल हैं। तीन अलग-अलग किस्तों में लिए 4400 करोड़ उधर मंगलवार को राज्य सरकार ने तीन अलग-अलग किस्तों में 1000 करोड़, 1400 करोड़ और 2000 करोड़ रुपए के कर्ज भी लिए हैं। 1000 करोड़ का मंगलवार को उठाया गया पहला कर्ज 8 साल के लिए है जबकि 1400 करोड़ का दूसरा कर्ज 12 साल के लिए है और 2000 करोड़ रुपए का तीसरा कर्ज 22 साल की अवधि के लिए लिया गया है। इन तीनों ही कर्ज राशि का भुगतान 22 जुलाई यानी बुधवार को राज्य सरकार को होने वाला है। पहले से सरकार पर है 5.6114 लाख करोड़ का कर्ज इसके 14 दिन पहले मध्यप्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार ने मंगलवार को बाजार से 3,600 करोड़ रुपए का नया कर्ज उठाया था। इसके चलते इस अवधि तक चालू वित्त वर्ष में राज्य सरकार द्वारा लिया गया कुल कर्ज 17,400 करोड़ रुपए हो गया, जबकि प्रदेश पर कुल देनदारी बढ़कर करीब 5.6114 लाख करोड़ रुपए पहुंच गई थी। 21 जुलाई को लिए जा रहे 4400 करोड़ के तीन कर्ज और 20 हजार करोड़ के अकेले एक कर्ज के बाद चालू वित्त वर्ष में कर्ज का आंकड़ा 41800 करोड़ हो जाएगा। वहीं सरकार पर कुल कर्ज 5 लाख 30 हजार 514 करोड़ रुपए तक हो जाएगा।
झाबुआ जिले के पेटलावद में मंगलवार रात 9 बजे से कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने तहसील कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। यह प्रदर्शन नीट पेपर लीक मामले में दिल्ली में आंदोलन के दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को हिरासत में लिए जाने के विरोध में किया जा रहा है। जिला पंचायत उपाध्यक्ष के नेतृत्व में प्रदर्शन जिला पंचायत उपाध्यक्ष अकमालसिंह मालू के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कांग्रेसी कार्यकर्ता सड़क पर बैठ गए और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक राहुल गांधी की रिहाई नहीं हो जाती, वे तहसील कार्यालय के बाहर डटे रहेंगे। विरोध दर्ज कराने के दौरान कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण तरीके से 'रघुपति राघव राजा राम' भजन भी गाया। लोकतांत्रिक आवाज दबाने का लगाया आरोप कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि छात्रों और युवाओं के मुद्दे उठाने पर विपक्ष के नेता के खिलाफ की गई कार्रवाई पूरी तरह असंवैधानिक और तानाशाही रवैये को दर्शाती है। उन्होंने इसे लोकतंत्र की आवाज दबाने का प्रयास बताया। मौके पर तैनात रहा पुलिस बल प्रदर्शन के दौरान शांति और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल मौके पर तैनात रहा। इस अवसर पर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष सलीम शेख, उपाध्यक्ष भरत मुलेवा, युवक कांग्रेस अध्यक्ष आकाश डामर सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।
बड़वानी के कारंजा चौराहा और पुराने कलेक्ट्रेट क्षेत्र में मंगलवार रात कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी की गिरफ्तारी और आंदोलनरत छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में कांग्रेस नेताओं, कार्यकर्ताओं और छात्र संगठनों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। प्रतीकात्मक अर्थी निकालकर जताया आक्रोश धरने के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन का मुख्य आकर्षण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फोटो लगी प्रतीकात्मक अर्थी रही, जिसे सजाकर कार्यकर्ताओं ने राम नाम सत्य है के नारों के साथ अर्थी यात्रा निकाली और केंद्र सरकार की नीतियों का विरोध जताया। 'विपक्ष और छात्रों की आवाज दबा रही सरकार' जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष नानेश चौधरी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार पुलिस बल के दम पर विपक्ष की आवाज दबाने और छात्रों पर बल प्रयोग करने का काम कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसी कार्रवाई बंद नहीं हुई, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए प्रदर्शन को देखते हुए कोतवाली थाना प्रभारी बलजीत सिंह बिसेन के नेतृत्व में पुलिस बल मौके पर तैनात रहा। इस अवसर पर दीपक गेहलोत, राकेश जाधव, सुनील यादव, नासिर खान और मनीष पुरोहित सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
शिवहर में ड्रग्स और मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध बिक्री तथा युवाओं को नशे से बचाने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। मंगलवार को जिलाधिकारी प्रतिमा रानी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय निगरानी समिति (NCORD) की बैठक हुई, जिसमें नशे के खिलाफ व्यापक अभियान चलाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नशीले पदार्थों के अवैध कारोबारियों और प्रतिबंधित दवाओं की अवैध बिक्री करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। औचक जांच करने का निर्देश दिया गयाबैठक में जिला औषधि निरीक्षक को सभी मेडिकल स्टोरों की नियमित और औचक जांच करने का निर्देश दिया गया। बिना डॉक्टर के पर्चे के प्रतिबंधित या नशीली दवाएं बेचते पाए जाने पर संबंधित दुकानदार का लाइसेंस रद्द करने के साथ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस और मद्यनिषेध विभाग को जिले में नशीले पदार्थों की खरीद-बिक्री के संभावित हॉटस्पॉट चिह्नित कर त्वरित छापेमारी करने और सूचना तंत्र को मजबूत करने का निर्देश मिला। युवाओं और छात्रों को नशे से दूर रखने पर विशेष जोर दिया गया। इसके तहत स्कूल, कॉलेज और कोचिंग संस्थानों में जागरूकता अभियान व सेमिनार आयोजित किए जाएंगे। शिक्षण संस्थानों के 50 मीटर के दायरे को नशामुक्त क्षेत्र बनाने के लिए वहां मौजूद गुमटी और दुकानों को हटाने का भी निर्देश दिया गया है। नेटवर्क की जांच करने के निर्देश दिए गएबैठक में नशे के डिजिटल नेटवर्क पर भी गंभीर चर्चा हुई। NDPS एक्ट के मामलों में प्रभावी अभियोजन के साथ कार्टेल की पहचान कर उनके वित्तीय नेटवर्क की जांच करने के निर्देश दिए गए। डार्कनेट, क्रिप्टो और सोशल मीडिया के माध्यम से संचालित नशीले पदार्थों के नेटवर्क को तोड़ने के लिए एक विशेष सेल गठित करने की दिशा में भी निर्देश जारी किए गए हैं। बैठक में अपर समाहर्त्ता, एसडीओ, एसडीपीओ सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
दिल्ली में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव समेत विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिए जाने के विरोध में मंगलवार देर रात आजमगढ़ में सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट स्थित अंबेडकर पार्क के मुख्य गेट पर धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन हरकत में आ गया और मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। नीट अभ्यर्थियों को न्याय दिलाने की उठाई मांग सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट-2026 अभ्यर्थियों के आंदोलन को दबाने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग किया और विपक्षी नेताओं को हिरासत में लेकर लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने और विपक्ष के खिलाफ कार्रवाई बंद करने की मांग की। जिलाध्यक्ष बोले- सरकार तानाशाही कर रही है धरने का नेतृत्व सपा जिलाध्यक्ष हवलदार यादव ने किया। उन्होंने कहा कि सरकार लोकतांत्रिक आवाज को दबाने का काम कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों और विपक्ष की आवाज को कुचलने की कोशिश की जा रही है। धरने में पूर्व मंत्री व विधायक दुर्गा प्रसाद यादव, विधायक संग्राम यादव, विधायक अखिलेश यादव, विधायक नफीस अहमद, युवजन सभा के पूर्व अध्यक्ष शिशुपाल सिंह, सपा प्रवक्ता विवेक सिंह समेत बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता मौजूद रहे। कलेक्ट्रेट बना पुलिस छावनी कलेक्ट्रेट परिसर में बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ताओं के पहुंचने की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों में हलचल मच गई। सुरक्षा के मद्देनजर पूरे क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। अधिकारियों ने पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए रखी। रिहाई की खबर मिलते ही खत्म किया धरना रात करीब 10 बजे अखिलेश यादव के रिहा किए जाने की सूचना मिलने के बाद सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अपना धरना समाप्त कर दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारी शांतिपूर्वक मौके से लौट गए।
उफनते नाले में बहा युवक, 12 घंटे बाद मिला शव:कोरबा में घर लौटते समय हुआ हादसा, साथी ने बचाई जान
कोरबा जिले के लेमरू थाना क्षेत्र के ग्राम नकिया में उफनते सांचर नाले को पार करते समय एक 28 वर्षीय युवक बाइक समेत बह गया। युवक का शव 12 घंटे बाद मंगलवार सुबह घटनास्थल से लगभग 3 किलोमीटर दूर बरामद किया गया। इस हादसे में युवक का साथी अपनी जान बचाने में सफल रहा। जानकारी के अनुसार, नकिया निवासी राहुल कुमार मंझवार सोमवार को अपने साथी बुधराम मंझवार के साथ घरेलू काम से कोरबा शहर गए थे। देर शाम दोनों बाइक से गांव लौट रहे थे। लगातार बारिश के कारण गांव से लगभग 3 किलोमीटर पहले स्थित सांचर नाला उफान पर था। ग्रामीणों के अनुसार, नाले में पानी का बहाव बहुत तेज था। इसके बावजूद राहुल ने बाइक से नाला पार करने का प्रयास किया। इसी दौरान बुधराम ने खतरा महसूस कर बाइक से छलांग लगा दी और किनारे पहुंच गया। बाइक समेत तेज बहाव में बहा राहुल, साथी ने बचाई जान राहुल जैसे ही बाइक लेकर नाले में उतरा, पानी के तेज बहाव में वह बाइक समेत बह गया और कुछ ही पलों में आंखों से ओझल हो गया। घटना के बाद बुधराम ने किसी तरह अपनी जान बचाई। पानी का स्तर थोड़ा कम होने पर वह गांव पहुंचा और परिजनों, पुलिस को सूचना दी। सुबह चला सर्च ऑपरेशन, 3 किलोमीटर दूर मिला शव अंधेरा और तेज बहाव के कारण सोमवार रात सर्च ऑपरेशन शुरू नहीं किया जा सका। मंगलवार सुबह लेमरू पुलिस, स्थानीय ग्रामीणों और बचाव दल ने संयुक्त रूप से सर्च अभियान चलाया। कई घंटे की मशक्कत के बाद राहुल का शव घटनास्थल से लगभग 3 किलोमीटर दूर नाले में फंसा मिला। उफनते नदी-नालों से सावधान रहने की अपील शव को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। बता दें कि जिले में लगातार बारिश के कारण कई नदी-नाले और पुल-पुलिया उफान पर हैं। इसके बावजूद लोग जान जोखिम में डालकर आवागमन कर रहे हैं। लेमरू पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
दिल्ली में लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की गिरफ्तारी के विरोध में बालाघाट में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मंगलवार देर शाम करीब 8:30 बजे जमकर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने शहर के मुख्य हनुमान चौक पर टायर जलाकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और प्रदर्शन किया। जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन के समर्थन में प्रदर्शन शहर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष श्याम पंजवानी ने बताया कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट मामले को लेकर छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्रों के समर्थन में प्रधानमंत्री आवास के पास धरना दे रहे राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे समेत अन्य नेताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया, जो पूरी तरह असंवैधानिक है। देश में 'तख्तापलट' जैसे हालात का आरोप श्याम पंजवानी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार पुलिस बल के दम पर विपक्ष और युवाओं की आवाज दबा रही है। उन्होंने देश के वर्तमान हालातों की तुलना पड़ोसी देशों में हुए तख्तापलट से करते हुए कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के साथ-साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी इस्तीफा देना चाहिए।
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को चुनाव आयोग से मुलाकात कर जन सुराज पार्टी के संस्थापक और बांकीपुर उपचुनाव के उम्मीदवार प्रशांत किशोर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। प्रतिनिधिमंडल में पूर्व केंद्रीय मंत्री शाहनवाज हुसैन, बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी, भाजपा नेता जीवेश मिश्रा और जनक राम शामिल थे। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रशांत किशोर सोशल मीडिया पर फर्जी अकाउंट, बॉट नेटवर्क और कथित प्रॉक्सी कंपनियों के माध्यम से चुनावी प्रचार कर रहे हैं तथा चुनाव आयोग के खर्च संबंधी नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। उन्होंने इस मामले की जांच चुनाव आयोग और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से कराने की मांग की है। फर्जी सोशल मीडिया नेटवर्क के जरिए प्रचार का आरोप शाहनवाज हुसैन ने कहा कि प्रशांत किशोर इससे पहले भी विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं और उनकी जमानत जब्त हो चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस बार वे जनता के बीच नहीं बल्कि सोशल मीडिया के जरिए चुनाव लड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में कंप्यूटर जनरेटेड अकाउंट बनाकर पोस्ट वायरल किए जा रहे हैं और बांकीपुर उपचुनाव में भी इसी रणनीति का इस्तेमाल किया जा रहा है। भाजपा का दावा है कि कई अकाउंट वास्तविक लोगों द्वारा संचालित नहीं हैं, बल्कि बॉट नेटवर्क के माध्यम से चलाए जा रहे हैं। चुनावी खर्च सीमा से अधिक खर्च का आरोप भाजपा नेताओं ने कहा कि उपचुनाव में उम्मीदवारों के लिए चुनाव आयोग द्वारा खर्च की एक निर्धारित सीमा तय की गई है, लेकिन प्रशांत किशोर करोड़ों रुपये सोशल मीडिया प्रचार पर खर्च कर रहे हैं। शाहनवाज हुसैन ने आरोप लगाया कि फर्जी इन्फ्लुएंसरों के माध्यम से प्रचार कराया जा रहा है और प्रत्येक वीडियो के लिए 20 हजार से 30 हजार रुपये तक का भुगतान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह चुनावी खर्च के नियमों की खुली अवहेलना है और इसकी जांच होनी चाहिए। दो कंपनियों पर उठाए सवाल भाजपा ने प्रेस वार्ता में दावा किया कि Simple Sense Analytics Private Limited और News Light House नामक कंपनियों के जरिए सोशल मीडिया अभियान संचालित किया जा रहा है। भाजपा नेताओं का आरोप है कि अक्टूबर 2023 में स्थापित Simple Sense Analytics Private Limited की चुकता पूंजी मात्र पांच लाख रुपये है और सोशल मीडिया या इंटरनेट पर उसका कोई स्वतंत्र व्यावसायिक रिकॉर्ड या क्लाइंट पोर्टफोलियो दिखाई नहीं देता। ऐसे में सवाल उठता है कि चुनावी प्रचार के लिए करोड़ों रुपये कहां से आ रहे हैं। कंपनी के पते को लेकर भी सवाल भाजपा ने दावा किया कि जिन कंपनियों के जरिए सोशल मीडिया अभियान चलाया जा रहा है, उनका पंजीकृत पता नई दिल्ली के वसंत विहार क्षेत्र में है। इन कंपनियों का पता और प्रशांत किशोर की पत्नी से जुड़ी एक कंपनी का पता एक ही परिसर में स्थित है। भाजपा का आरोप है कि यह महज संयोग नहीं हो सकता और इन कंपनियों के संबंधों की जांच की जानी चाहिए। नेताओं ने इसे प्रशांत किशोर की प्रॉक्सी कंपनियां बताते हुए चुनावी फंडिंग की जांच की मांग की। विदेशी कनेक्शन का भी आरोप शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने दावा किया कि कई सोशल मीडिया अकाउंट देश के बाहर से संचालित हो रहे हैं। कुछ अकाउंट की लोकेशन लंदन दिखाई देती है और इनके माध्यम से चुनावी प्रचार किया जा रहा है। विदेशी कंपनियों और विदेशी लोकेशन वाले अकाउंट के जरिए मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है, जो चुनावी पारदर्शिता के लिए गंभीर विषय है। ईडी और चुनाव आयोग से जांच की मांग भाजपा नेताओं ने चुनाव आयोग को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही ईडी से भी वित्तीय स्रोतों और कथित कंपनियों की भूमिका की जांच कराने की मांग की गई है। शाहनवाज हुसैन ने कहा कि यदि चुनाव प्रचार में नियमों का उल्लंघन हुआ है तो प्रशांत किशोर को इसका जवाब देना होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों की अनदेखी की जा रही है और इस पर कार्रवाई होनी चाहिए। भाजपा नेताओं ने दावा किया कि प्रशांत किशोर के पास वास्तविक जनसमर्थन नहीं है और वे केवल सोशल मीडिया के सहारे चुनाव लड़ रहे हैं। शाहनवाज हुसैन ने कहा कि बांकीपुर की जनता इस चुनाव में उन्हें करारा जवाब देगी। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशांत किशोर ने पहले कई राजनीतिक घोषणाएं की थीं, जिन्हें पूरा नहीं कर सके। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि पूरा चुनावी अभियान सोशल मीडिया प्रबंधन और कथित फर्जी नेटवर्क के सहारे चलाया जा रहा है।
दिल्ली में राहुल गांधी और सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को हिरासत में लिए जाने का कार्यकर्ताओं ने विरोध किया। ललितपुर में मंगलवार रात सपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने संयुक्त रूप से प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने शहर के घंटाघर मैदान से तुवन चौराहे तक पैदल मार्च निकालकर केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। करीब दो घंटे तक चले प्रदर्शन के दौरान नेताओं की रिहाई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई गई। रात करीब आठ बजे दोनों दलों के कार्यकर्ता घंटाघर मैदान पर एकत्र हुए और वहां से पैदल मार्च करते हुए तुवन चौराहे स्थित रानी लक्ष्मीबाई की प्रतिमा के सामने पहुंचे, जहां धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। मौके पर पहुंची पुलिस ने कार्यकर्ताओं को उनकी मांगें शासन तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनके नेताओं को जल्द रिहा नहीं किया गया तो बुधवार को आंदोलन और तेज किया जाएगा। इस दौरान सपा जिलाध्यक्ष नेपाल सिंह यादव, कांग्रेस नगर अध्यक्ष रामनरेश दुबे, प्रदेश सचिव गीता मिश्रा, लक्ष्मीनारायण विश्वकर्मा, शत्रुघन यादव, अरशद मंसूरी, अंकित कुशवाहा समेत बड़ी संख्या में दोनों दलों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
दिल्ली में मंगलवार को विरोध प्रदर्शन करते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी सहित अन्य नेताओं को पुलिस जबरन उठा ले गई। इसके बाद रात करीब 9 बजे अलवर में कांग्रेस नेताओं ने नंगली सर्किल पर विरोध प्रदर्शन किया। पूर्व केंद्रीय मंत्री भंवर जितेंद्र सिंह और राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के नेतृत्व में सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नंगली सर्किल पर एकत्र होकर केंद्र सरकार का पुतला दहन किया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। युवाओं और किसानों के हक की आवाज उठाई। लाखों मेहनती छात्रों का भविष्य अंधकार में: भंवर जितेंद्र सिंह पूर्व केंद्रीय मंत्री भंवर जितेंद्र सिंह ने कहा- देशभर में नीट परीक्षा का पेपर लीक होना लाखों छात्रों के भविष्य के साथ सरासर खिलवाड़ है। “केंद्र सरकार युवाओं के सपनों को कुचलने का काम कर रही है। नीट जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित परीक्षा में धांधली से मेहनती छात्रों का भविष्य अंधकार में चला गया है। इस अन्याय के खिलाफ लड़ रहे युवाओं को दिल्ली में दौड़ा-दौड़ा कर पीटा है। विरोध कर रहे कांग्रेस नेता राहुल गांधी से बदसलूकी की। यह सब जनता बर्दाश्त नहीं करेगी। दिल्ली में हिटलर जैसा राज है। हर मोर्चे पर विफल साबित हुई भाजपा सरकार: टीकाराम जूली नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा सरकार आज हर मोर्चे पर पूरी तरह फेल हो चुकी है। बढ़ती बेरोजगारी, महंगाई और लगातार होते पेपर लीक से जनता में भारी आक्रोश है। “जनता के असली मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए सरकार तरह-तरह के हथकंडे अपना रही है। आज का यह पुतला दहन उसी जनाक्रोश का प्रतीक है। अगर नीट पेपर लीक मामले के दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई और छात्रों को न्याय नहीं मिला तो आने वाले दिनों में इस आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
टीकमगढ़ के गांधी चौराहे पर मंगलवार रात करीब 8:30 बजे कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने धरना-प्रदर्शन किया। दिल्ली में राहुल गांधी की गिरफ्तारी के विरोध में आयोजित इस प्रदर्शन के दौरान कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। नीट पेपर लीक मामले में सरकार पर हमला कांग्रेस नगर अध्यक्ष गौरव शर्मा और ब्लॉक अध्यक्ष अनीस अहमद ने केंद्र सरकार पर लोकतंत्र की हत्या और युवाओं की आवाज दबाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि नीट परीक्षा पेपर लीक मामले में लाखों युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया है। धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग जिला महासचिव संजय नायक ने राहुल गांधी की गिरफ्तारी को गलत ठहराते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिकता के आधार पर इस्तीफे की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पुलिस के बल पर जनता और विपक्ष का आंदोलन कुचलने का प्रयास कर रही है। नारेबाजी में शामिल रहे कई दिग्गज धरने के दौरान कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन में यूथ कांग्रेस अध्यक्ष पार्थ सिंह, भगतराम यादव, राजीव जैन और सुनील भाईजी सहित कई स्थानीय नेता मौजूद रहे।
जिला पदाधिकारी रवि प्रकाश की अध्यक्षता में मंगलवार को डीआरडीए सभागार में टीबी मुक्त भारत अभियान की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में चल रहे टीबी उन्मूलन अभियान के तहत स्क्रीनिंग, एक्स-रे जांच, उपचार और अन्य गतिविधियों की प्रखंडवार समीक्षा की गई। डीएम ने कम उपलब्धि वाले प्रखंडों पर चिंता जताते हुए अगले 10 दिनों के भीतर शत-प्रतिशत टीबी स्क्रीनिंग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। लक्ष्य पूरा करने के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्देश समीक्षा बैठक में डीएम ने कहा कि लक्ष्य प्राप्ति में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को समयबद्ध कार्ययोजना बनाकर विशेष अभियान चलाने और अभियान को गति देने के निर्देश दिए। संवेदनशील क्षेत्रों में भी होगी स्क्रीनिंग जिला पदाधिकारी ने कहा कि टीबी स्क्रीनिंग केवल सरकारी अस्पतालों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। इसके लिए इंजीनियरिंग कॉलेज, छात्रावास, निजी संस्थानों, घनी आबादी वाले इलाकों, नगर परिषद क्षेत्रों और महादलित टोलों में विशेष स्क्रीनिंग शिविर लगाए जाएं। साथ ही टीबी मरीजों के परिवार के सभी सदस्यों की अनिवार्य जांच कराने के निर्देश दिए, ताकि संक्रमण की समय पर पहचान और प्रभावी उपचार सुनिश्चित हो सके। दवा वितरण और ऑनलाइन रिपोर्टिंग पर भी जोर बैठक में कम उपलब्धि वाले प्रखंडों को विशेष अभियान चलाकर प्रगति बढ़ाने के निर्देश दिए गए। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को टीबी की दवाओं का नियमित उठाव और मरीजों तक समय पर वितरण सुनिश्चित करने को कहा गया। इसके अलावा सभी एक्स-रे केंद्रों पर प्रतिदिन जांच की ऑनलाइन प्रविष्टि करने तथा एक्स-रे मशीनों के सुचारु संचालन के निर्देश भी दिए गए। बैठक में सहायक समाहर्ता, सिविल सर्जन, सीडीओ डॉ. माला सिन्हा, जिला कार्यक्रम प्रबंधक अमित कुमार, जिला कार्यक्रम समन्वयक इकबाल हुसैन सहित स्वास्थ्य विभाग के सभी संबंधित अधिकारी एवं जिले के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी उपस्थित रहे।
मधुबनी के जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने पंचायत विकास दिवस के अवसर पर जिले में विशेष राशन कार्ड अभियान चलाने का निर्देश दिया है। इस अभियान का उद्देश्य पात्र परिवारों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) का लाभ उपलब्ध कराना है। जिला आपूर्ति शाखा ने सभी अनुमंडल पदाधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। निर्देशों के अनुसार, 26 जुलाई 2026 तक अधिकतम नए राशन कार्ड जारी किए जाएंगे और 5 अगस्त 2026 तक निर्धारित लक्ष्य की शत-प्रतिशत प्राप्ति सुनिश्चित करनी होगी। नए राशन कार्ड के लिए आवेदन केवल स्मार्ट पीडीएस पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन स्वीकार किए जाएंगे। जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों को सौंपी गईपंचायत स्तर पर पात्र परिवारों से युद्धस्तर पर आवेदन भरवाने, उनका समयबद्ध सत्यापन कराने और निर्धारित अवधि में अनुमोदन की प्रक्रिया पूरी करने की जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों को सौंपी गई है। अभियान की सफलता के लिए प्रखंड विकास पदाधिकारी, प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी, पंचायत सचिव, विकास मित्र, जन वितरण प्रणाली विक्रेता और अन्य संबंधित कर्मियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने को कहा गया है। आवेदन प्राप्त होने के बाद T+1 दिन पर भौतिक सत्यापन, T+2 दिन पर रैंडम जांच और T+3 दिन तक अंतिम अनुमोदन की कार्रवाई पूरी करनी होगी। सभी प्रगति प्रतिवेदन प्रतिदिन ऑनलाइन और गूगल शीट के माध्यम से उपलब्ध कराए जाएंगे। अभियान को चक्रीय और समवर्ती आधार पर संचालित किया जाएगा ताकि कोई भी आवेदन लंबित न रहे। राशन कार्ड बनाने का लक्ष्य तय किया गयाजिले के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, एनएफएसए के तहत 39,48,894 लाभार्थियों की सीमा निर्धारित है, जबकि वर्तमान में 36,91,643 लाभार्थी आच्छादित हैं। इस प्रकार जिले में 2,57,251 लाभार्थियों की क्षमता शेष है। इसी आधार पर 60,994 नए राशन कार्ड बनाने का लक्ष्य तय किया गया है। इनमें से 26 जुलाई तक 39,036 और 5 अगस्त तक अतिरिक्त 21,958 राशन कार्ड जारी किए जाएंगे। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि पात्र परिवारों का कोई भी आवेदन लंबित नहीं रहना चाहिए। लक्ष्य से पीछे रहने वाले प्रखंडों की प्रतिदिन समीक्षा कर विशेष निगरानी की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पात्र परिवार तक खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
हांसी क्षेत्र में 13 वर्षीय छात्रा को स्कूल समय के बाद कथित रूप से रोके जाने के मामले में जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। डीसी राहुल नरवाल के निर्देश पर मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एक स्थानीय शिकायत समिति (LCC) का गठन किया गया है। समिति को 7 दिन के भीतर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। यह जांच POSH अधिनियम-2013 के प्रावधानों के तहत की जाएगी। छात्रा के परिजनों ने डीसी से निष्पक्ष जांच की मांग की थी, जिसके बाद सीटीएम हिमांशु चौहान को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई। उन्होंने ही एलसीसी का गठन कर जांच प्रक्रिया शुरू कराई है। सीसीटीवी फुटेज और उपस्थिति रिकॉर्ड की निगरानी होगी जांच के दौरान स्कूल की सीसीटीवी फुटेज, परिवहन व्यवस्था, उपस्थिति रिकॉर्ड और छुट्टी के समय की निगरानी की जाएगी। संबंधित कर्मचारियों की भूमिका और छात्राओं की सुरक्षा से जुड़े प्रावधानों की भी गहनता से जांच होगी। इस मामले में छात्रा सहित अन्य छात्राओं और कर्मचारियों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे। समिति यह भी जांच करेगी कि छुट्टी के बाद छात्रा स्कूल में कैसे रह गई और उसके अभिभावकों को समय पर सूचना क्यों नहीं दी गई। फोरेंसिक जांच कराने की मांग परिजनों ने डीवीआर/एनवीआर, हार्ड डिस्क और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड की स्वतंत्र फोरेंसिक जांच कराने की मांग भी उठाई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
श्योपुर में मंगलवार रात दिल्ली में नीट पेपर लीक प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी पर हुई कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जय स्तंभ पर धरना दिया। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर आयोजित इस प्रदर्शन में जिला कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप धरने के दौरान कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार नीट पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दे से ध्यान भटकाने के लिए विपक्ष की आवाज दबा रही है। उन्होंने राहुल गांधी के साथ हुई अभद्रता को लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया और चेतावनी दी कि यदि ऐसी कार्रवाई बंद नहीं हुई तो आंदोलन उग्र किया जाएगा। पुलिस बल रहा तैनात प्रदर्शन में कांग्रेस जिलाध्यक्ष मांगीलाल फौजी, युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष रामभरत मीणा सहित कई जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता शामिल हुए। सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए प्रदर्शन स्थल पर एहतियात के तौर पर पुलिस बल तैनात रहा।
मुंगेर में समाजवादी पार्टी (सपा) कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को केंद्र और राज्य सरकारों के खिलाफ प्रदर्शन किया। जिला मुख्यालय में हुए इस प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार का पुतला फूंका। यह विरोध नीट परीक्षा से जुड़े सवालों पर दिल्ली में छात्रों पर कथित लाठीचार्ज, सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के साथ हुए व्यवहार, उत्तर प्रदेश में जौहर विश्वविद्यालय पर कार्रवाई और बिहार में बढ़ते अपराध जैसे विभिन्न मुद्दों को लेकर किया गया। लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन का आरोप लगायासपा जिलाध्यक्ष पप्पू यादव के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने पार्टी के अस्थायी कार्यालय से एक जुलूस निकाला। यह जुलूस शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए राजीव गांधी चौक पहुंचा, जहां प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के प्रतीकात्मक पुतले फूंके गए। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन का आरोप लगाया। सभा को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष पप्पू यादव ने केंद्र सरकार पर अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए लोकतांत्रिक संस्थाओं और आंदोलनों को दबाने का प्रयास करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर की गई कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। असहमति की आवाज को दबाना उचित नहीं पप्पू यादव ने यह भी कहा कि जनता अब सरकार की नीतियों को समझ चुकी है और इसका जवाब लोकतांत्रिक तरीके से देगी। समाजवादी लोहिया वाहिनी के प्रदेश महासचिव रविकांत झा ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग, सोनम वांगचुक को आंदोलन से हटाने की कार्रवाई और जौहर विश्वविद्यालय को लेकर उठाए गए कदमों को सरकार की गलत नीतियां बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में असहमति की आवाज को दबाना उचित नहीं है। इस दौरान पार्टी के महासचिव मिथिलेश यादव, प्रवक्ता गणेश पोद्दार, सचिव नकुल यादव, नगर अध्यक्ष मो. आजम और प्रखंड अध्यक्ष ईश्वर मंडल ने बिहार में बढ़ते अपराध पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि हाल के दिनों में मुंगेर सहित राज्य के विभिन्न हिस्सों में आपराधिक घटनाओं में वृद्धि हुई है, जिससे आम लोगों में भय का माहौल है। प्रदर्शन में ये थे मौजूदमौके पर उपाध्यक्ष रामनाथ राय, महासचिव अशोक भारत, मीडिया प्रभारी मनोज क्रांति, बरियारपुर प्रखंड अध्यक्ष देवेंद्र यादव, गोपाल वर्मा, मथुरी यादव, दिनेश साहू, कालेश्वर महतो, मनीष यादव, चंद्रदेव मंडल, अशोक शर्मा, चंदन शाह, योगेंद्र मंडल, लक्ष्मण महतो, गौतम कुमार, अरुण मंडल, भोला दास, सोनू यादव समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे।
मऊगंज कलेक्ट्रेट कार्यालय के मुख्य गेट पर मंगलवार रात 8:30 बजे कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी को हिरासत में लिए जाने के विरोध में प्रदर्शन किया। पूर्व विधायक सुखेंद्र सिंह बन्ना के मार्गदर्शन में आयोजित इस धरने में जिला कांग्रेस और युवक कांग्रेस के पदाधिकारी व कार्यकर्ता शामिल हुए। दिल्ली पुलिस की कार्रवाई का विरोध युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष आशुतोष तिवारी ने आरोप लगाया कि जवानों और किसानों से जुड़े मुद्दों पर शांतिपूर्ण धरना दे रहे राहुल गांधी को पुलिस ने जबरन हिरासत में लिया। उन्होंने इस कार्रवाई को लोकतंत्र और संविधान पर हमला बताते हुए तीखा विरोध जताया। लाठीचार्ज और आंसू गैस की निंदा प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली में युवाओं, विद्यार्थियों और महिलाओं पर हुए कथित लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल की कड़ी निंदा की। जिला कांग्रेस अध्यक्ष हरिलाल कोल समेत अन्य नेताओं ने कहा कि संवैधानिक अधिकारों और लोकतंत्र की रक्षा के लिए उनका संघर्ष जारी रहेगा।
जालोर के बहुचर्चित दोहरे हत्याकांड में राजस्थान हाईकोर्ट ने दोषी ठहराए दो भाइयों को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट की ओर से सुनाई गई मौत की सजा को उम्रकैद में बदला है। हाईकोर्ट ने कहा- मामला गंभीर और जघन्य होने के बावजूद रेयरेस्ट ऑफ रेयर की कसौटी पर खरा नहीं उतरता। जस्टिस विनीत कुमार माथुर व जस्टिस चंद्रशेखर शर्मा की डिवीजन बेंच ने यह फैसला दिया। हालांकि दोनों आरोपियों की दोषसिद्धि को बरकरार रखा है। 9 दिसंबर 2025 को सुनाई थी सजा अपीलार्थी की ओर से बताया- मामले के अनुसार जालोर जिले के रामसीन थाना क्षेत्र में आटा-साटा विवाह को लेकर हुए विवाद के बाद पहाड़ सिंह और डूंगर सिंह ने इंद्रा कंवर और हरि सिंह पर कुल्हाड़ी से हमला किया था। हमले में दोनों की मौत हो गई थी। इसके बाद आरोपियों ने मौके पर मौजूद अन्य लोगों पर भी हमला किया था। पुलिस के हस्तक्षेप के दौरान एक पुलिस अधिकारी को भी निशाना बनाया गया था। इस मामले में अतिरिक्त सत्र न्यायालय भीनमाल ने 9 दिसंबर 2025 को दोनों आरोपियों को हत्या सहित विभिन्न धाराओं में दोषी ठहराते हुए हत्या के मामले में मौत की सजा सुनाई थी। मौत की सजा की पुष्टि के लिए मामला हाईकोर्ट भेजा गया था, जबकि आरोपियों ने भी फैसले को चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने कहा कि अभियोजन पक्ष ने प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, मेडिकल और वैज्ञानिक सबूतों के आधार पर अपराध साबित किया है। हालांकि मृत्युदंड के लिए रेयरेस्ट ऑफ रेयर सिद्धांत को देखते हुए कोर्ट ने फांसी की सजा को उम्रकैद में बदल दिया। ये था मामला जानकारी के अनुसार- पीड़ित परिवार की ओर से पैरवी करने वाले एडवोकेट पृथ्वीसिंह चौहान ने बताया- 3 मार्च 2023 को मोदरा पुलिस चौकी क्षेत्र के रहने वाले डूंगरसिंह पुत्र परबतसिंह, पहाड़सिंह पुत्र परबतसिंह गांव में खेती करते थे। दोनों की शादी नहीं हुई थी। इनकी बहन की शादी भाभी के पीहर में हुई थी। खुद की शादी के लिए भाई की लड़की को आटा-साटा में देने की जिद करने लगे। बड़ा भाई रतन सिंह देशावर में बिजनेस कर रहा था। रतन सिंह की पत्नी इंद्रा कंवर ने खुद की बेटी आटा-साटा में देने से मना कर दिया। इस पर भाभी इंद्रा और देवर डूंगरसिंह व पहाड़सिंह के बीच बहस हो गई। झगड़ा करने के दौरान इंदिरा कंवर पर दोनों भाइयों पहाड़ सिंह और डूंगरसिंह ने मिलकर कुल्हाड़ी से वार किया था, जिससे उसकी मौका स्थल पर मौत हो गई। बच्चों को भी मारने करने का प्रयास किया। इस दौरान पड़ोसी हरिसिंह बीच-बचाव करने आए। उन पर भी आरोपियों ने कुल्हाड़ी से वार किया। इससे उसकी भी मौत हो गई। चिल्लाने की आवाज सुनकर पास में मौजूद पुलिस चौकी से सहायक पुलिस निरीक्षक सुरेंद्रसिंह राव मौके पर पहुंचे। उन्होंने बच्चों को बचाया और दोनों आरोपियों को पकड़ा था।
मोतिहारी में संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव, पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात और सदर एसडीओ अरुण कुमार लगातार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर स्थिति का जायजा ले रहे हैं। इसी क्रम में अधिकारियों की टीम ने सुगौली अंचल के विशुनपुरवा वार्ड संख्या 01 स्थित कटाव प्रभावित इलाके का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान बाढ़ प्रमंडल ढाका के कार्यपालक अभियंता को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। उन्हें कटाव रोकने के लिए समय रहते सभी जरूरी कदम उठाने का निर्देश दिया गया, ताकि संभावित नुकसान को कम किया जा सके। फिलहाल जलस्तर में गिरावट दर्ज की जा रहीस्थानीय अंचल अधिकारी ने बताया कि सिकरहना नदी पुल के पास फिलहाल जलस्तर में गिरावट दर्ज की जा रही है, जिससे कुछ हद तक राहत है। हालांकि, जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव ने स्पष्ट किया कि प्रशासन को पूरी तरह सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे उन सभी संभावित स्थानों पर विशेष नजर रखें, जहां नदी के कटाव का खतरा हो सकता है। किसी भी स्थान पर कटाव की स्थिति बनने पर तत्काल बचाव और मरम्मत कार्य शुरू किया जाए। पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने भी पुलिस पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगातार गश्त करते रहें और स्थानीय लोगों के साथ समन्वय बनाए रखें, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। आपात स्थिति की सूचना तुरंत देने की अपील कीप्रशासन की इस सक्रियता से स्थानीय लोगों में भरोसा बढ़ा है। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई है कि समय रहते उचित कदम उठाए जाने से बाढ़ और कटाव से होने वाले नुकसान को काफी हद तक रोका जा सकेगा। जिला प्रशासन ने आम लोगों से भी सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति की सूचना तुरंत देने की अपील की है।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की गिरफ्तारी के विरोध में मंगलवार देर रात विदिशा जिला कांग्रेस कमेटी ने प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष मोहित रघुवंशी के नेतृत्व में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट परिसर के सामने धरना देने के लिए निकले, लेकिन पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया। इसके बाद कार्यकर्ता नीमताल चौराहे पर सड़क पर बैठ गए और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए राहुल गांधी की रिहाई की मांग की। प्रदर्शन की सूचना मिलते ही पुलिस ने नीमताल चौराहे पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया। कलेक्ट्रेट जाने वाले मार्ग पर बैरिकेडिंग कर दी गई थी। जैसे ही कांग्रेस कार्यकर्ता चौराहे पर पहुंचे, पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद सभी कार्यकर्ता वहीं धरने पर बैठ गए। राहुल छात्रों की आवाज उठा रहे थे: कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहित रघुवंशी ने कहा कि राहुल गांधी दिल्ली में छात्रों के आंदोलन के दौरान हुए कथित लाठीचार्ज पर जवाब मांगने प्रधानमंत्री से मिलने गए थे। उनका आरोप है कि राहुल गांधी ने नीट परीक्षा में कथित पेपर लीक, छात्रों के साथ हुई कार्रवाई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का मुद्दा उठाया था, लेकिन उन्हें पुलिस ने हिरासत में ले लिया। रघुवंशी ने कहा कि छात्रों की आवाज उठाने वाले नेता के साथ इस तरह का व्यवहार लोकतंत्र के खिलाफ है। उन्होंने राहुल गांधी की तत्काल रिहाई की मांग करते हुए कहा कि पार्टी नेतृत्व के निर्देशानुसार आगे की रणनीति तय की जाएगी। धरने के दौरान पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। बैरिकेडिंग के कारण कांग्रेस कार्यकर्ताओं को कलेक्ट्रेट की ओर नहीं बढ़ने दिया गया। पूरे प्रदर्शन के दौरान स्थिति शांतिपूर्ण रही।
राजस्थान हाईकोर्ट ने फार्मेसी कॉलेज को अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी करने में हो रही देरी को लेकर राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। कोर्ट ने मेडिकल शिक्षा विभाग के सचिव को 28 जुलाई को दोपहर 2 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश होकर स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए हैं। मामला पाली जिले के खुडाला फालना स्थित एडवेंट कॉलेज ऑफ फार्मेसी से जुड़ा है। कॉलेज की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायाधीश मुकेश राजपुरोहित ने सचिव को व्यक्तिगत रूप से वीसी के जरिए पेश होने का आदेश दिया है। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता श्रेयांश मरर्डिया ने कोर्ट को बताया कि हाईकोर्ट ने 30 अक्टूबर 2025 को पूर्व में दिए आदेश में ग्लोबल फार्मेसी कॉलेज बनाम राजस्थान सरकार एवं अन्य मामले के फैसले के आधार पर याचिका का निस्तारण किया था। इसके बावजूद राज्य सरकार ने अब तक कॉलेज को एनओसी जारी नहीं किया है। इस पर कोर्ट ने मेडिकल शिक्षा विभाग के सचिव को अगली सुनवाई में एनओसी की स्थिति से अवगत कराने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 28 जुलाई को होगी।
दिल्ली में संसद मार्च के दौरान छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज और पुलिस कार्रवाई के विरोध में मंगलवार को सीवान में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। उन्होंने सरदार पटेल चौक से जेपी चौक तक आक्रोश मार्च निकाला और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन कर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, छात्र और युवा शामिल हुए। उनके हाथों में कांग्रेस के झंडे और बैनर थे। प्रदर्शनकारियों ने लाठी-गोली की सरकार नहीं चलेगी, पेपर लीक की सरकार नहीं चलेगी और धर्मेंद्र प्रधान को बर्खास्त करो जैसे नारे लगाए। जेपी चौक पर एक सभा का भी आयोजन किया गया। कार्रवाई को लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बतायासभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस के सिवान जिलाध्यक्ष सुशील कुमार ने दिल्ली में छात्रों पर हुई कार्रवाई को लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि 23 दिनों से अनशन पर बैठे छात्रों से सरकार के किसी प्रतिनिधि ने बात नहीं की, और जब छात्र शांतिपूर्ण ढंग से संसद की ओर मार्च कर रहे थे, तो उन पर लाठीचार्ज और आंसू गैस का प्रयोग किया गया। सुशील कुमार ने दावा किया कि इस कार्रवाई में बिहार के कई छात्र भी घायल हुए हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि छात्रों की यह आवाज अब एक राष्ट्रीय आंदोलन का रूप ले चुकी है। पेपर लीक की घटनाओं पर चिंता व्यक्त कीकिसान कांग्रेस के प्रदेश महासचिव अशोक कुमार सिंह ने देश में लगातार हो रही पेपर लीक की घटनाओं पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं से युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। कांग्रेस नेता विश्वनाथ यादव ने बिहार में भी विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक होने का जिक्र किया। उन्होंने राज्य की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि इसमें वैचारिक हस्तक्षेप किया जा रहा है, जिसे तुरंत रोका जाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो कांग्रेस इस मुद्दे पर व्यापक जन आंदोलन चलाएगी।
घरौंडा पीआर गोदाम में अनाज चोरी का प्रयास:2 आरोपी गिरफ्तार, एक फरार; मौके से बाइक-अनाज बरामद
करनाल जिले के घरौंडा क्षेत्र में स्थित पीआर गोदाम में सरकारी अनाज चोरी करने का मामला सामने आया है। गोदाम परिसर में गश्त के दौरान 3 संदिग्ध व्यक्ति अनाज की बोरियां लेकर भागने की कोशिश करते पकड़े गए। मौके पर 2 आरोपियों को रंगे हाथों काबू कर लिया गया, जबकि एक आरोपी फरार हो गया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से दोनों को जेल भेज दिया गया है। घरौंडा खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के इंस्पेक्टर शिकायतकर्ता राजेश सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 20 जुलाई को दोपहर करीब 2:10 बजे वह अपने सुरक्षाकर्मियों के साथ पीआर गोदाम परिसर में गश्त कर रहे थे। इसी दौरान 3 अज्ञात व्यक्ति गोदाम के अंदर सरकारी अनाज की बोरियां चोरी कर भागने का प्रयास करते दिखाई दिए। उन्होंने तुरंत घेराबंदी कर 2 व्यक्तियों को मौके पर ही पकड़ लिया, जबकि तीसरा आरोपी मौके से फरार हो गया। पकड़े गए आरोपियों के पास से चोरी किया गया अनाज और एक बाइक बरामद हुई। पहले भी चोरी में पकड़े जा चुके हैं आरोपी राजेश सिंह ने बताया कि पकड़े गए आरोपी पहले भी गोदाम में चोरी करते हुए पकड़े जा चुके हैं और इस तरह की वारदात के आदी हैं। दोनों आरोपियों को गोदाम परिसर में सुरक्षित रखा गया और पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने दर्ज किया मामला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के इंस्पेक्टर की शिकायत के आधार पर घरौंडा थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। मामले की जांच एएसआई रोहताश को सौंपी गई है। पुलिस ने आरोपियों को हिरासत में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है, जबकि फरार आरोपी की तलाश जारी है। मामले की जांच जारी है और बरामद अनाज व वाहन को कब्जे में लिया गया है। घरौंडा थाना प्रभारी दीपक कुमार ने बताया कि दोनों आरोपियों को आज कोर्ट में पेश किया गया है, जहां से दोनों को जेल भेज दिया है। तीसरे आरोपी की भी तलाश की जा रही है।
धार में नीट परीक्षा में कथित पेपर लीक के विरोध में मंगलवार रात बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं सड़कों पर उतर आए। छात्रों ने घोड़ा चौपाटी चौराहे से त्रिमूर्ति नगर तक कैंडल मार्च निकालकर निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था लागू करने की मांग की। मार्च के दौरान छात्र हाथों में तिरंगा और मोमबत्तियां लेकर शांतिपूर्ण तरीके से विरोध जताते रहे। प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाएं लाखों मेहनती विद्यार्थियों के भविष्य के साथ अन्याय हैं। उनका कहना था कि वर्षों की मेहनत के बाद भी यदि परीक्षा प्रक्रिया पर सवाल उठते हैं, तो युवाओं का परीक्षा प्रणाली से विश्वास कमजोर होता है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की। अंबेडकर प्रतिमा पर जलाए दीप, जताई एकजुटता कैंडल मार्च त्रिमूर्ति नगर पहुंचकर समाप्त हुआ। यहां छात्रों ने डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर मोमबत्तियां जलाकर श्रद्धांजलि अर्पित की और नीट पेपर लीक से प्रभावित अभ्यर्थियों के प्रति एकजुटता जताई। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों पर हुई पुलिस कार्रवाई का भी विरोध जताया। उनका कहना था कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने वाले विद्यार्थियों की आवाज सुनी जानी चाहिए। छात्रों ने मांग की कि भविष्य में सभी प्रतियोगी परीक्षाओं की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और सुरक्षित बनाई जाए, ताकि किसी भी अभ्यर्थी के भविष्य के साथ अन्याय न हो और चयन केवल प्रतिभा के आधार पर सुनिश्चित हो सके।
जोधपुर में आचार्य भगवंत श्रीमद् विजय चिदानंद सुरीश्वर महाराज के 24 जुलाई को गुलाब नगर में चातुर्मास प्रवेश की निमंत्रण पत्रिका का विमोचन किया गया। सरकारी विद्यालयों को सर्वश्रेष्ठ बनाने की जोधपुर शहर विधायक अतुल भंसाली की 'विधायक शिक्षा का साथी' योजना के द्वितीय सत्र का शुभारम्भ मंगलवार को राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय सरदारपुरा जोधपुर में किया गया। वहीं, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य अनुप्रिया पटेल रविवार को जोधपुर आएंगी। लाइव ब्लॉग में पढ़ें शहर की प्रमुख खबरें…
पूर्णिया। मंगलवार को इंजीनियरिंग कॉलेज, पूर्णिया में एसएसपी डॉ. शौर्य सुमन की अध्यक्षता में एक साइबर अपराध जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान एसएसपी ने छात्र-छात्राओं को साइबर ठगी के नए तरीकों से सावधान रहने और डिजिटल दुनिया का जिम्मेदारी से उपयोग करने की सलाह दी। उन्होंने स्मैक व अन्य मादक पदार्थों से दूर रहने का भी आह्वान किया। एसएसपी ने बताया कि इन दिनों क्रिप्टोकरेंसी में निवेश के नाम पर बड़े पैमाने पर साइबर ठगी की जा रही है। अधिक और जल्दी पैसा कमाने के लालच में लोग बिना जांच-पड़ताल किए निवेश कर देते हैं, जिसका फायदा साइबर अपराधी उठाते हैं। ऑनलाइन निवेश करने से पहले पूरी जानकारी लेने की सलाह उन्होंने स्पष्ट किया कि ठगी करने वाले गिरोह लोगों से पैसे लेकर उन्हें कई बैंक खातों के माध्यम से विदेशों तक ट्रांसफर कर देते हैं, जिससे धन की रिकवरी और कानूनी कार्रवाई काफी कठिन हो जाती है। इसलिए किसी भी ऑनलाइन निवेश से पहले पूरी जानकारी और सावधानी बरतना आवश्यक है। मोबाइल फोन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए डॉ. सुमन ने कहा, आपके हाथ में मौजूद मोबाइल एक समुद्र की तरह है। यदि इसका सही उपयोग करेंगे तो ज्ञान और सफलता प्राप्त करेंगे, लेकिन गलत उपयोग जीवन को भटका सकता है। उन्होंने अपना उदाहरण देते हुए बताया कि उन्होंने अपनी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी किसी कोचिंग संस्थान से नहीं की, बल्कि घर बैठे मोबाइल और तकनीक का सकारात्मक उपयोग कर सफलता हासिल की। एसएसपी ने छात्रों को नशे से दूर रहने की सलाह दी एसएसपी ने इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रों से स्मैक समेत अन्य मादक पदार्थों से दूर रहने की अपील की। उन्होंने चेतावनी दी कि नशा युवाओं के भविष्य को बर्बाद कर देता है और उन्हें अपराध की ओर भी धकेल सकता है। डॉ. सुमन ने इंजीनियरिंग के छात्रों से कहा कि देश को साइबर अपराधों से सुरक्षित रखने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। तकनीकी ज्ञान का उपयोग समाज और देशहित में करना युवाओं की जिम्मेदारी है। शॉर्टकट से पैसा कमाने की लालच से बचे इस अवसर पर उपस्थित एडीएम लॉ एंड ऑर्डर राजकुमार गुप्ता ने भी छात्रों को साइबर ठगी के प्रति जागरूक करते हुए कहा कि शॉर्टकट से अधिक पैसा कमाने की चाह अक्सर लोगों को इसका शिकार बना देती है। इसलिए ऐसे प्रलोभनों से बचना चाहिए।उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि किसी के साथ साइबर ठगी होती है तो बिना समय गंवाए तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते कार्रवाई कर धन की रिकवरी की संभावना बढ़ सके। कार्यक्रम में इंजीनियरिंग कॉलेज के प्रिंसिपल, शिक्षक, छात्र-छात्राएं एवं अन्य पुलिस अधिकारी उपस्थित थे।
डबवाली में आसमानी बिजली गिरने से कमरा ढहा:एक भैंस घायल; घरेलू सामान दबा; चार सदस्य सुरक्षित
सिरसा जिले के ओढ़ां क्षेत्र के छतरियां गांव में मंगलवार सुबह तेज बारिश के दौरान आसमानी बिजली गिरने से पशुओं का कमरा ढह गया। इस हादसे में एक भैंस घायल हो गई। जबकि वहां रखे गेहूं, खाद और चक्की सहित घरेलू सामान मलबे में दब गया। गनीमत रही कि घटना के समय घर में मौजूद 4 सदस्यों में से किसी को कोई चोट नहीं आई। किसान मान सिंह ने बताया कि मंगलवार सुबह करीब 7 बजे जब बारिश शुरू हुई, तब वह खेत में पानी लगाने गए थे। घर पर उनकी पत्नी, बेटी और माता-पिता मौजूद थे। उनके पिता पशुओं के कमरे की छत पर पानी की निकासी देखने के लिए सीढ़ी पर चढ़े ही थे कि अचानक तेज गर्जना के साथ बिजली आ गिरी। जोरदार धमाके के साथ कमरे की छत भरभराकर ढह गई। मलबे में फंसी घायल भैंस को बाहर निकाला परिवार के सदस्य तुरंत मौके पर पहुंचे और मलबे में फंसी घायल भैंस को बाहर निकाला। मान सिंह ने बताया कि कुछ माह पहले ही पशुओं और कृषि सामान के लिए यह नया कमरा बनवाया गया था, जो पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। हादसे की सूचना मिलते ही आसपास के गांवों नागोकी, भंगू, बड़ागुढ़ा और ढाबां से डेरा सच्चा सौदा के सेवादार तुरंत मौके पर पहुंचे। बरसात के बीच उन्होंने राहत कार्य शुरू किया और मलबे में दबे सामान को बाहर निकालने में परिवार की मदद की। परिवार के सभी सदस्य सुरक्षित रोडी ब्लॉक के प्रेमी सेवक पवन इन्सां और नंबरदार सर्वजीत सिंह भंगू ने बताया कि सूचना मिलते ही विभिन्न गांवों के सेवादार राहत कार्य के लिए पहुंच गए थे। उन्होंने कहा कि सबसे राहत की बात यह रही कि परिवार के सभी सदस्य सुरक्षित हैं। मान सिंह ने समय पर मदद के लिए डेरा सच्चा सौदा के सेवादारों का आभार व्यक्त करते हुए प्रशासन से आर्थिक सहायता देने की मांग की है।
लखनऊ के डॉ.राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में खाने की नली के ऑपरेशन के मामले में पीड़ित परिवार ने अब मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत मिलने के बाद सीएमओ कार्यालय ने मामले की जांच के लिए लोहिया संस्थान के निदेशक को पत्र लिखा है। ये था पूरा मामला फिरोजाबाद निवासी अंकित राठौर की मां पुष्प देवी ने सीएमओ को दिए शिकायती पत्र में बताया कि अंकित को 2 जून को खाने की नली के ऑपरेशन के लिए लोहिया संस्थान में भर्ती कराया गया था। 8 जून को उसका ऑपरेशन हुआ। परिवार का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद अंकित का बायां हाथ धीरे-धीरे निष्क्रिय होने लगा और उसकी हालत बिगड़ती चली गई। 24 जून को दोबारा किया गया था भर्ती SGPGI और KGMU से रेफर होकर दोबारा लोहिया में भर्तीपरिजनों के अनुसार, 19 जून को लोहिया संस्थान ने प्लास्टिक सर्जरी और वैस्कुलर सर्जरी की सुविधा उपलब्ध नहीं होने का हवाला देते हुए अंकित को SGPGI और KGMU रेफर कर दिया। आरोप है कि दोनों संस्थानों में भर्ती नहीं मिलने के बाद 24 जून को उसे दोबारा लोहिया संस्थान में भर्ती कराया गया। जांच के दौरान अंकित के हाथ में गंभीर संक्रमण पाया गया। इसके बाद डॉक्टरों को उसका बायां हाथ काटना पड़ा। परिवार का आरोप है कि खाने की नली के ऑपरेशन के दौरान हाथ में लगाए गए इंजेक्शन के कारण संक्रमण फैला, जिससे यह स्थिति बनी। दो बार सर्जरी, तीसरी बार फिर ऑपरेशन की बात परिजनों का कहना है कि अब तक अंकित के हाथ की दो बार सर्जरी की जा चुकी है और उसका हाथ काटना पड़ा है। डॉक्टर अब तीसरी बार भी ऑपरेशन की बात कह रहे हैं। परिवार ने पूरे मामले को चिकित्सा लापरवाही का गंभीर मामला बताते हुए दोषी डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित परिवार ने मामले की निष्पक्ष जांच, दोषी डॉक्टरों पर कार्रवाई, अंकित को सरकारी नौकरी और उचित मुआवजा देने की मांग की है। परिवार का कहना है कि इससे पहले वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक से भी शिकायत कर न्याय की गुहार लगा चुका है।
जोधपुर में एक प्रसूता को उम्मेद हॉस्पिटल में गलत ब्लड चढ़ाने के मामले में कमेटी ने मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल को रिपोर्ट सौंप दी है। इस रिपोर्ट में दो रेजिडेंट डॉक्टर समेत चार लोगों को दोषी माना है। हालांकि अब ये रिपोर्ट अनुशासन कमेटी को दी गई है। ये कमेटी तय करेगी कि किस पर क्या एक्शन होगा। इससे पहले कमेटी की ओर से सौंपी रिपोर्ट में नाम नहीं थे। ओ पॉजिटिव की जगह चढ़ा दिया था बी-पॉजिटिव ब्लड दरअसल, मामला 13 जुलाई का है। धापू नाम की महिला की 11 जुलाई को बावड़ी में नॉर्मल डिलीवरी हुई थी। खून की कमी के चलते उसे उम्मेद अस्पताल रेफर किया गया था। यहां 11 जुलाई को उसे O-पॉजिटिव ब्लड चढ़ाया गया, लेकिन 12 जुलाई को जब दोबारा ब्लड चढ़ाया तो वह O पॉजिटिव की जगह बी पॉजिटिव चढ़ा दिया था। इसकी वजह से उसकी तबीयत बिगड़ने लगी और यूरिन बंद हो गया। इसके बाद किडनी में इन्फेक्शन हो गया। इस पर उसे 13 जुलाई को महात्मा गांधी हॉस्पिटल रेफर किया गया, जहां अब भी उसका डायलिसिस चल रहा है। उम्मेद हॉस्पिटल के सुपरिटेंडेंट डॉ. मोहन मकवाना ने बताया- हमने रिपोर्ट सौंप दी है। इसमें रेजिडेंट डॉक्टर, नर्सिंगकर्मी और लैब टेक्नीशियन के नाम है। कमेटी जो भी एक्शन लेने के लिए कहेगी, वह हम लेंगे। मामला सामने आने के बाद बनाई थी कमेटी, माना- बिना जांच किए खून चढ़ाया इधर, ये मामला सामने आने के बाद उम्मेद हॉस्पिटल के सुपरिटेंडेंट डॉ. मोहन मकवाना की ओर से पांच डॉक्टर्स की टीम बनाई गई थी। इस टीम में डॉ. रिजवाना शाहीन, डॉ. नीलम मीणा, डॉ. हरगोविंद मीणा, डॉ. सुरेंद्र सिंह राठौड़ और डॉ. गोविंद पटेल शामिल थे। इसके बाद टीम ने शुक्रवार को ही ये रिपोर्ट डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. बीएस जोधा को सौंप दी थी। कमेटी ने माना था- बिना जांच किए गलत खून चढ़ाया गया। इसमें माना कि बिना क्रॉस चेक किए खून चढ़ाया गया, लेकिन, इस रिपोर्ट में किसी का नाम नहीं होने की वजह से डॉ. बीएस जोधा ने इस लापरवाही में शामिल रेजिडेंट डॉक्टर, लैब टेक्नीशियन और नर्सिंग स्टाफ के नाम मांगे थे। इस पर दोबारा मंगलवार को इन नाम के साथ ये रिपोर्ट सौंपी गई। अब ये रिपोर्ट मेडिकल कॉलेज की अनुशासन कमेटी को सौंपी गई है। अनुशासन कमेटी तय करेगी कि किस पर क्या एक्शन होगा। एक ही नाम की दो महिला होने की वजह से हुई गफलत प्रांरभिक जांच में सामने आया कि जिस दिन ये घटनाक्रम हुआ, उस दिन धापू नाम की दो महिलाएं हॉस्पिटल में एडमिट थी। इतना ही नहीं इनके पति के नाम भी एक ही थे। ऐसे में धापू जिसे B पॉजिटिव खून चढ़ाना था। उसके बदले बावड़ी से आई धापू को ये गलत खून चढ़ा दिया और तबीयत बिगड़ गई। ये खबर भी पढ़ें… गलत ब्लड से यूरिन बंद हुआ,प्रसूता की किडनी में इन्फेक्शन:उम्मेद हॉस्पिटल में O+ की जगह B+ ब्लड चढ़ाया; परिजन बोले-खून चढ़ाते ही कंपकपी छूटने लगी जोधपुर के उम्मेद अस्पताल में एक प्रसूता को गलत ब्लड चढ़ाने का मामला सामने आया है। जोधपुर जिले के डावरा बावड़ी निवासी धापू भील (24) को सामान्य प्रसव के बाद एनीमिया व अन्य कारणों से उम्मेद अस्पताल रेफर किया गया था। (यहां पढ़ें पूरी खबर) दो दिन में पांच प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ी,एक वेंटिलेटर पर:3 प्रसूता आईसीयू में; कमेटी ने माना- बिना जांचें गलत खून चढ़ाया था प्रसूता को जोधपुर में एक बार फिर से प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने का मामला सामने आया है। उम्मेद हॉस्पिटल में दो दिन में पांच प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने पर भर्ती करवाया गया है। इनमें 3 प्रसूता आईसीयू में है और एक वेंटिलेटर पर। (यहां पढ़ें पूरी खबर)
राजस्थान हाईकोर्ट ने विधवा महिला की फैमिली पेंशन से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार के अधिकारियों के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई। अदालत ने कहा कि जिस तरीके से विभाग का अधिकारी बिना तैयारी के कोर्ट में पेश हुआ, उससे साफ लगता है कि राज्य के अधिकारी न्यायालय की कार्यवाही को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। यह टिप्पणी जस्टिस गणेश राम मीणा की अदालत ने गंगा देवी की याचिका पर सुनवाई करते हुए की। दरअसल, शनिवार को वकीलों के कार्य बहिष्कार के कारण सरकारी वकील की अनुपस्थिति में पेंशन एवं पेंशन कल्याण विभाग के एएओ और मामले के ऑफिसर इन चार्ज (OIC) हमीर सिंह कोर्ट में पेश हुए। सुनवाई के दौरान जब कोर्ट ने उनसे विभाग की ओर से दाखिल जवाब और याचिकाकर्ता के दावे से जुड़े सरकारी आदेशों, अधिसूचनाओं के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि उनके पास इनमें से कोई भी दस्तावेज उपलब्ध नहीं है। कोर्ट ने इसके बाद अधिकारी से पूछा कि क्या उन्होंने OIC के कर्तव्यों और राज्य सरकार की लिटिगेशन पॉलिसी पढ़ी है। इस पर अधिकारी ने स्वीकार किया कि उन्होंने कभी लिटिगेशन पॉलिसी नहीं देखी। इस पर अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि यह विभागीय लापरवाही का स्पष्ट उदाहरण है। कोर्ट ने कहा- यह स्थिति स्वीकार्य नहीं हाईकोर्ट ने कहा कि यह मामला किसी सामान्य विवाद का नहीं, बल्कि एक विधवा की फैमिली पेंशन का है। ऐसे संवेदनशील मामले में भी विभाग का अधिकारी बिना आवश्यक रिकॉर्ड और जानकारी के अदालत में उपस्थित हुआ, जो स्वीकार्य नहीं है। अदालत ने कहा कि यदि किसी कारण से सरकारी वकील अदालत में मौजूद नहीं हों, तो संबंधित OIC को पूरी केस फाइल, सभी आवश्यक आदेश, अधिसूचनाएं और मामले के तथ्यों की पूरी जानकारी के साथ उपस्थित होना चाहिए। साथ ही जवाब समय पर दाखिल किया जाना चाहिए, ताकि न्यायिक प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न हो। मुख्य सचिव और विभाग को भेजा आदेश हाईकोर्ट ने कहा कि मुख्य सचिव, प्रमुख शासन सचिव और निदेशक, पेंशन और पेंशन कल्याण विभाग को आदेश की कॉपी भेजने के निर्देश देते हुए कहा कि सरकार सभी विभागों के OIC को उनकी जिम्मेदारियों के संबंध में आवश्यक निर्देश जारी किए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की लापरवाही दोबारा न हो। मामले की अगली सुनवाई 4 अगस्त 2026 को होगी।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य और श्री पंच निर्मोही अखाड़ा के महंत दिनेन्द्र दास ने मंगलवार को प्रेसवार्ता कर उन खबरों का खंडन किया, जिनमें 5 जुलाई को दिल्ली में हुई अखाड़े की बैठक के बाद उन्हें अखाड़े से बाहर किए जाने का दावा किया गया था। उन्होंने कहा- यह पूरी तरह भ्रामक, निराधार और साजिश के तहत फैलाया जा रहा प्रचार है। महंत दिनेन्द्र दास ने कहा- श्री पंच निर्मोही अखाड़ा में कुल 19 पंच हैं, जिनमें से 13 पंच उनके साथ हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग निजी स्वार्थ और व्यक्तिगत कारणों से उनके खिलाफ भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह आज भी अखाड़े के वैध सदस्य हैं और पहले की तरह अपनी सभी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं। 22 जुलाई को होगी ट्रस्ट की अहम बैठक महंत दिनेन्द्र दास ने बताया- 22 जुलाई को दोपहर 3 बजे मणिरामदास छावनी में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक होगी। बैठक में ट्रस्ट के तीन रिक्त पदों पर नियुक्ति, राम मंदिर में दान स्वरूप आने वाले नोटों की काउंटिंग व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था और मंदिर प्रबंधन से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। 'ट्रस्ट का फैसला सभी पर लागू होगा' उन्होंने कहा कि बैठक में जो भी निर्णय ट्रस्ट सामूहिक रूप से लेगा, वह सभी सदस्यों के लिए समान रूप से मान्य होगा। उसी के अनुरूप आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने भरोसा जताया कि ट्रस्ट पारदर्शिता और सामूहिक निर्णय की परंपरा के अनुसार आगे बढ़ेगा।
मधेपुरा में मॉडल स्कूलों के नामकरण को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। मंगलवार को एनएसयूआई के प्रदेश उपाध्यक्ष निशांत यादव ने रासबिहारी उच्च माध्यमिक विद्यालय के भवन पर लिखे 'सरस्वती विद्या निकेतन (मॉडल स्कूल)' के नाम पर कालिख पोतकर विरोध प्रदर्शन किया। निशांत यादव ने 'सरस्वती विद्या निकेतन' शब्दों पर कालिख पोती और उसके पास शिक्षा का भगवाकरण नहीं चलेगा का नारा लिखा। इस दौरान सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा व्यवस्था में भगवाकरण और सांप्रदायिक सोच को बढ़ावा देने का प्रयास कर रही है। ''महापुरुष की पहचान को समाप्त करना स्वीकार्य नहीं'' निशांत कहा कि मधेपुरा समाजवादियों की धरती रही है। महान स्वतंत्रता सेनानी और समाजवादी नेता रासबिहारी मंडल के नाम से जुड़े विद्यालय की पहचान बदलकर 'सरस्वती विद्या निकेतन' करना ऐतिहासिक विरासत के साथ छेड़छाड़ है। उन्होंने यह भी कहा कि मॉडल स्कूल बनाना एक अलग बात है, लेकिन इसके नाम पर किसी महापुरुष की पहचान को समाप्त करना स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने सरकार पर नए विद्यालय न खोलने और केवल पुराने संस्थानों के नाम बदलने का आरोप लगाया। उनके अनुसार, यह केवल नाम परिवर्तन का मामला नहीं, बल्कि दलित-वंचित समाज के नायकों की पहचान मिटाने की साजिश है। आंदोलन को और तेज करने की दी चेतावनी निशांत यादव ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने नामकरण संबंधी निर्णय वापस नहीं लिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। दरअसल, यह विवाद 19 जुलाई को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा वर्चुअल माध्यम से राज्य के 551 सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूलों के उद्घाटन के बाद शुरू हुआ। इसी क्रम में मधेपुरा के रासबिहारी उच्च माध्यमिक विद्यालय के नाम के साथ 'सरस्वती विद्या निकेतन' जोड़े जाने के बाद से स्थानीय स्तर पर विरोध प्रदर्शन जारी है। इससे पहले भी मॉडल स्कूल के उद्घाटन के दौरान नाम परिवर्तन का विरोध हुआ था। सदर विधायक प्रो. चंद्रशेखर सहित कई जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने इस फैसले पर आपत्ति जताते हुए सरकार से इसे वापस लेने की मांग की थी। इस संबंध में जिला प्रशासन को ज्ञापन भी सौंपा गया था।
ऑल इंडिया जमात-ए-सलमानी बिरादरी (रजि.) पंजाब द्वारा तहसील रोड स्थित कम्युनिटी सेंटर में एक भव्य सम्मान समारोह एवं टीम गठन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में पंजाब के विभिन्न जिलों से आए 200 से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया और समाज की एकता, शिक्षा, प्रगति तथा सामाजिक सेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई। कार्यक्रम की अध्यक्षता संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष हाजी खुर्शीद सलमानी ने की, जबकि राष्ट्रीय महासचिव आकिब जावेद सलमानी विशेष रूप से शामिल हुए। मंच का संचालन पंजाब अध्यक्ष इरफान अली सलमानी और पंजाब महासचिव मुनीर हसन सलमानी द्वारा किया गया। शिक्षा और संगठन ही प्रगति का मुख्य आधार: अब्दुल बारी सलमानी मुस्लिम डेवलपमेंट बोर्ड (पंजाब सरकार) के सदस्य अब्दुल बारी सलमानी ने अपने संबोधन में कहा कि किसी भी समाज के विकास के लिए शिक्षा और मजबूती से संगठित होना बेहद जरूरी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि एक एकजुट समाज ही अपने अधिकारों की लड़ाई मजबूती से लड़ सकता है और विकास के नए आयाम स्थापित कर सकता है। विधायक कुलजीत सिंह रंधावा और प्रमुख हस्तियों का हुआ सम्मान समारोह के दौरान डेराबस्सी के विधायक कुलजीत सिंह रंधावा को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। उनके साथ आशु उपनेजा (प्रधान, नगर परिषद डेराबस्सी), गुरप्रीत सिंह विर्क (प्रधान, नगर परिषद जीरकपुर) जोरावर सिंह (प्रधान, नगर परिषद लालड़ू) को भी समाज की ओर से सम्मानित किया गया। आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता सलीम चौधरी ने भी शिरकत की और सलमानी समाज के जनकल्याणकारी कार्यों की सराहना करते हुए हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया। जीरकपुर इकाई का गठन समाज सेवा के संकल्प को और मजबूत करेगा। यह नई टीम जरूरतमंद परिवारों की मदद, बच्चों की शिक्षा के प्रचार-प्रसार और युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए जमीनी स्तर पर कार्य करेगी। ये प्रमुख व्यक्तित्व रहे उपस्थित कार्यक्रम में जानू सलमानी, उम्मेद सलमानी, फुरकान सलमानी, इरफान अहमद सलमानी, अकबर सलमानी, रहीस सलमानी, मेहताब सलमानी, सोहेल सलमानी, सलमान सलमानी खन्ना, जिशान सलमानी, एहसान सलमानी, परवेज सलमानी, इरशाद सलमानी, हाजी रहीस सलमानी और इरफान सलमानी उर्फ काला समेत बड़ी संख्या में बिरादरी के सदस्य मौजूद रहे। अंत में समाज की एकता को और मजबूत करने का संकल्प लिया गया।
शेखपुरा। बिहार सरकार के योजना एवं विकास विभाग के प्रभारी सचिव कँवल तनुज मंगलवार को शेखपुरा पहुंचे। उन्होंने बरबीघा के बुलाचक और शेखपुरा के अरगौती पोखर परिसर में आयोजित 'सहयोग शिविर' का दीप प्रज्ज्वलित कर विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर स्थानीय प्रशासन द्वारा सचिव का स्वागत किया गया। जिला पदाधिकारी शेखर आनंद और अनुमंडल पदाधिकारी प्रियंका कुमारी ने उन्हें पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए जल-जीवन-हरियाली का प्रतीक चिन्ह (पौधा) और शॉल भेंट कर सम्मानित किया। मौके पर ही जन्म प्रमाण पत्र वितरित किए गएशिविर में जनसमूह को संबोधित करते हुए सचिव ने कहा कि राज्य सरकार आम जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान और सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने निर्देश दिया कि शिविर में प्राप्त सभी आवेदनों का निश्चित समयसीमा के भीतर और गुणवत्ता के साथ निष्पादन सुनिश्चित किया जाए, तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सहयोग शिविर के दौरान सचिव ने जन-कल्याणकारी योजनाओं के तहत लाभुकों को सीधे लाभान्वित किया। प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत कुल 04 लाभुकों को स्वीकृति पत्र प्रदान किए गए। इसके अतिरिक्त, 5 लोगों को मौके पर ही जन्म प्रमाण पत्र वितरित किए गए। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में एसपी हिमांशु, नगर परिषद बरबीघा और शेखपुरा के कार्यपालक पदाधिकारियों सहित अन्य सभी जिला स्तरीय पदाधिकारी, स्थानीय कर्मी और बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित थे। शिविर का आयोजन शांतिपूर्ण और सुचारु रूप से संपन्न हुआ।
सुपौल जिले के निर्मली थाना क्षेत्र स्थित हरि प्रसाद साह महाविद्यालय के पास बिहुल नदी में डूबने से 14 वर्षीय छात्र की मौत हो गई। मंगलवार को एनडीआरएफ की टीम ने करीब पांच घंटे तक चले सर्च अभियान के बाद घटना स्थल से लगभग 200 मीटर दूर छात्र का शव बरामद किया। शव मिलने के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। मृतक की पहचान मधुबनी जिले के नरहिया थाना क्षेत्र के लक्ष्मीनिया गांव निवासी ब्रह्मदेव कामत के 14 वर्षीय पुत्र आशीष कुमार के रूप में हुई है। बताया जाता है कि वह आठवीं कक्षा का छात्र था। सोमवार सुबह करीब 9 बजे बच्चों के साथ बिहुल नदी में स्नान करने गया था। इसी दौरान गहरे पानी में डूबकर लापता हो गया। मंगलवार सुबह भी ग्रामीणों का आक्रोश जारी घटना के बाद सोमवार शाम एनडीआरएफ टीम के समय पर नहीं पहुंचने से नाराज ग्रामीणों ने निर्मली-भुतहा मुख्य सड़क को करीब एक घंटे तक जाम कर प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया था। मंगलवार सुबह भी ग्रामीणों का आक्रोश जारी रहा। लोगों ने सड़क पर टायर जलाकर करीब डेढ़ घंटे तक आवागमन बाधित कर दिया, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। नदी में व्यापक तलाशी अभियान चलाया सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचा। अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाकर जाम समाप्त कराया, जिसके बाद यातायात सामान्य हो सका। इसके बाद क्षेत्रीय 9वीं बटालियन की एनडीआरएफ टीम इंस्पेक्टर पुष्कल के नेतृत्व में घटनास्थल पहुंची। गोताखोरों की मदद से नदी में व्यापक तलाशी अभियान चलाया गया। निर्मली अंचलाधिकारी विजय प्रताप सिंह ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल सुपौल भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम के बाद सरकारी प्रावधान के तहत मृतक के परिजनों को आपदा राहत सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी। वहीं पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
नूंह पुलिस ने धारूहेड़ा से अगवा किए गए एक व्यक्ति को सकुशल छुड़ा लिया है। तावडू थाना सदर पुलिस की त्वरित कार्रवाई से अपहरण की वारदात को विफल कर दिया गया। हालांकि, पुलिस के पहुंचने से पहले अपहरणकर्ता मौके से फरार होने में सफल रहे, जिनकी तलाश जारी है। मंगलवार सुबह पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना मिली थी कि कुछ लोग मारुति स्विफ्ट कार में धारूहेड़ा से एक व्यक्ति का अपहरण कर उसे तावडू क्षेत्र की ओर ले जा रहे हैं। सूचना मिलते ही कंट्रोल रूम ने थाना सदर तावडू की ईआरवी (इमरजेंसी रिस्पांस व्हीकल) और एसएचओ मोबाइल को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। पुलिस टीम ने तुरंत संदिग्ध वाहन का पीछा करना शुरू किया और संभावित रास्तों पर नाकाबंदी कर दी। पुलिस की घेराबंदी देख वाहन छोड़कर भागे अपहरणकर्ता लगातार पीछा करने के बाद पुलिस ने गांव शीलको के पास संदिग्ध स्विफ्ट कार को घेर लिया। पुलिस की घेराबंदी देख अपहरणकर्ता वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गए। पुलिस ने कार से अपहृत व्यक्ति खेमचंद पुत्र रामकिशन निवासी बहरोड़, राजस्थान को सुरक्षित बरामद कर लिया। बाद में पीड़ित और अपहरण में प्रयुक्त स्विफ्ट कार को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए धारूहेड़ा पुलिस को सौंप दिया गया। व्यक्ति और स्विफ्ट कार को धारूहेड़ा पुलिस को सौंपा थाना सदर तावडू प्रभारी राजेश कुमार ने बताया कि मंगलवार सुबह कंट्रोल रूम से धारूहेड़ा से अपहरण की सूचना मिली थी। ईआरवी टीम और एसएचओ मोबाइल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए वाहन का पीछा किया। गांव शीलको के पास कार को रोककर अपहृत व्यक्ति को सकुशल बरामद कर लिया गया। उन्होंने पुष्टि की कि अपहरणकर्ता मौके से फरार हो गए और बरामद व्यक्ति और स्विफ्ट कार को धारूहेड़ा पुलिस को सौंप दिया गया है।
नरसिंहपुर कलेक्टर कार्यालय के बाहर मंगलवार रात 9 बजे कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। यह प्रदर्शन नीट धांधली और छात्रों की मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे कांग्रेस नेता राहुल गांधी की गिरफ्तारी के विरोध में किया जा रहा है। लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन का आरोप कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि छात्रों की समस्याओं और जायज मांगों को उठाने पर राहुल गांधी के खिलाफ की गई कार्रवाई लोकतांत्रिक सिद्धांतों के खिलाफ है। पार्टी पदाधिकारियों ने कहा कि केंद्र सरकार पुलिस बल के दम पर छात्रों की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। पूर्व विधायक जायसवाल ने साधा निशाना धरना स्थल पर पूर्व विधायक सुनील जायसवाल ने कहा कि देश में 100 से अधिक बार परीक्षाएं रद्द हो चुकी हैं और युवा रोजगार के लिए भटक रहे हैं। उन्होंने जंतर-मंतर से सोनम वांगचुक को हटाए जाने का जिक्र करते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के रवैये पर सवाल खड़े किए। आंदोलन तेज करने की दी चेतावनी प्रदर्शन में जिला कांग्रेस कमेटी, युवा कांग्रेस, एनएसयूआई और विभिन्न प्रकोष्ठों के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि छात्रों की मांगें जल्द पूरी नहीं हुईं और विपक्ष पर कार्रवाई बंद नहीं हुई, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
अररिया में घंटों जाम से थमी रफ्तार:एंबुलेंस बीच सड़क फंसी, मरीज बेहाल, ट्रैफिक व्यवस्था पर उठे सवाल
अररिया शहर में चांदनी चौक से बर्मा सेल तक लगने वाला जाम एक गंभीर समस्या बन गया है। मंगलवार को इस मार्ग पर कई घंटों तक रुक-रुक कर भीषण जाम लगा रहा, जिससे आम लोगों के साथ-साथ सदर अस्पताल जाने वाले मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। जाम के कारण कुछ मिनटों का सफर तय करने में घंटों लग गए। सबसे अधिक परेशानी गंभीर मरीजों को हुई, क्योंकि कई एंबुलेंस भी बीच सड़क पर फंसी रहीं। इससे मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने को लेकर उनके परिजनों की चिंता बढ़ गई। शहरवासियों का कहना है कि अब जाम उनकी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन गया है। तीन घंटे से सदर अस्पताल मार्ग पर जामहंड़ियावाड़ा निवासी मोहम्मद अरशद, जो जाम में फंसे थे, ने बताया कि पिछले दो से तीन घंटे से सदर अस्पताल मार्ग पर जाम लगा हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया कि जाम को नियंत्रित करने या खुलवाने के लिए कोई प्रशासनिक अधिकारी या पुलिसकर्मी मौके पर मौजूद नहीं था। स्थानीय लोगों का आरोप है कि शहर के इस व्यस्त मार्ग पर अक्सर ऐसी जाम की स्थिति बनी रहती है। उनका कहना है कि इस स्थायी समस्या के समाधान के लिए प्रशासन द्वारा अब तक कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है, जिससे व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। जाम की स्थिति और भी विकराल हो सकती हैलोगों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रमुख चौक-चौराहों पर नियमित रूप से ट्रैफिक पुलिस की तैनाती की जाए। इसके साथ ही, अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान चलाया जाए और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए ठोस कार्रवाई की जाए। शहरवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में जाम की स्थिति और भी विकराल हो सकती है। उन्होंने जिला प्रशासन से जल्द हस्तक्षेप कर यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने की मांग की है, ताकि आम नागरिकों और मरीजों को राहत मिल सके।

