उत्तर प्रदेश के मानसून में अब कमजोरी के संकेत दिखने लगे हैं। मौसम विभाग का कहना है कि रविवार को प्रदेश में तराई और दक्षिणी इलाकों को छोड़कर बाकी जगह छिटपुट बूंदाबांदी की ही संभावना है।
UP NEWS: मनीष राय बने विश्व हिंदू रक्षा परिषद के अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष
विश्व हिंदू रक्षा परिषद ने मनीष राय को संगठन का अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष नियुक्त किया है।
गोरखपुर के सहारा स्टेट स्थित मल्हार अपार्टमेंट में शुक्रवार को इंजीनियर अभिषेक त्रिपाठी का शव मिलने के बाद शनिवार को उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। राजघाट पर दोपहर करीब एक बजे उनके बहनोई ने मुखाग्नि दी। परिवार के लोगों के मुताबिक, अभिषेक के छोटे भाई अंबरीष के अमेरिका से गोरखपुर पहुंचने में देरी हो रही थी। इसी वजह से अंतिम संस्कार दोपहर में ही कराया गया। बताया गया कि अंबरीष के शाम तक गोरखपुर पहुंचने की उम्मीद थी। पोस्टमार्टम में मौत की वजह स्पष्ट नहींअभिषेक की मौत की वजह अभी पूरी तरह साफ नहीं हो सकी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर किसी तरह के चोट या जख्म के निशान नहीं मिले हैं। रिपोर्ट से मौत का स्पष्ट कारण भी सामने नहीं आया है। हालांकि पुलिस प्रथम दृष्टया इसे प्राकृतिक मौत मान रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान ऐसा कोई तथ्य सामने नहीं आया है, जिससे हत्या की आशंका हो।लोगों से दूरी बनाकर रहते थे अभिषेकअभिषेक के व्यवहार को लेकर आसपास रहने वाले लोगों से बातचीत करने पर पता चला कि वह काफी समय से खुद तक सीमित रहने लगे थे। पड़ोसियों के मुताबिक, वह बहुत कम लोगों से बातचीत करते थे। किसी से ज्यादा मिलना-जुलना भी नहीं था। वह ज्यादातर समय अपने कमरे में ही रहते थे।हालांकि, आसपास के लोग कैमरे पर इस बारे में बोलने के लिए तैयार नहीं हुए। उन्होंने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि अभिषेक का सामाजिक मेल-जोल बेहद कम था।घर में खाना बनाने का चलन भी कम थापड़ोसियों के मुताबिक, अभिषेक के फ्लैट में खाना भी बहुत कम बनता था। अक्सर शाम के समय ऑनलाइन डिलीवरी के जरिए खाना मंगाया जाता था। डिलीवरी एजेंटों को कई बार अपार्टमेंट में आते-जाते देखा जाता था। इससे भी अंदाजा लगाया जा रहा है कि वह बाहर निकलने के बजाय ऑनलाइन सर्विस पर अधिक निर्भर थे।किचन भी कम इस्तेमाल होने जैसा मिलाशुक्रवार को जब काफी समय से बंद फ्लैट का दरवाजा पुलिस ने तोड़कर अंदर प्रवेश किया तो कमरे की स्थिति भी सामान्य नहीं थी। पुलिस की जांच के दौरान कमरा काफी गंदा मिला। किचन को देखकर भी ऐसा नहीं लग रहा था कि वहां नियमित रूप से खाना बनाया जाता था।पुलिस ने फ्लैट के अंदर से जरूरी साक्ष्य जुटाए और जांच की। फिलहाल मौत की वजह को लेकर पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य तथ्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है।कई समय से नहीं चली थी बाइक, टायरों में भी नहीं थी हवाअभिषेक की बाइक अपार्टमेंट के नीचे ही खड़ी मिली। आसपास के लोगों के मुताबिक, बाइक काफी समय से नहीं चली थी। उसके दोनों टायरों में हवा नहीं थी और ऊपर पड़े कवर पर धूल की मोटी परत जमी थी।बाइक की हालत देखकर ऐसा लग रहा था कि लंबे समय से उसका इस्तेमाल नहीं किया गया था। पड़ोसियों का कहना है कि अभिषेक आने-जाने के लिए पैदल या ऑनलाइन कैब जैसी सुविधाओं का इस्तेमाल करते होंगे। हालांकि, इस संबंध में पुलिस की ओर से अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।चार दिन से बंद था फ्लैट, दुर्गंध के बाद चला पताअभिषेक का फ्लैट करीब चार दिन से बंद था। शुक्रवार सुबह फ्लैट से दुर्गंध आने पर आसपास के लोगों को शक हुआ और पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। दरवाजा अंदर से बंद था। दरवाजा खोलने के बाद अंदर अभिषेक का शव मिला था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। अब पोस्टमार्टम में किसी चोट के निशान नहीं मिलने के बाद पुलिस प्राकृतिक मौत की आशंका जता रही है। हालांकि, मौत का वास्तविक कारण स्पष्ट होने के लिए पुलिस जांच जारी है। अब विस्तार से पढिए पूरा मामला गोरखपुर में 45 साल के IIT इंजीनियर का शव उनके फ्लैट में मिला है। शुक्रवार सुबह बदबू आने पर पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस दरवाजा तोड़कर अंदर गई तो इंजीनियर का शव सोफे पर पड़ा था। पुलिस के मुताबिक, इंजीनियर अभिषेक त्रिपाठी का शव 3-4 दिन पुराना था। शादी नहीं की थी। वह फ्लैट में अकेले रहते थे। 4 साल पहले उनकी नौकरी छूट गई थी। अभिषेक का छोटा भाई अमेरिका में IT इंजीनियर है। पिता सभा त्रिपाठी सिंचाई विभाग में एक्सईएन पद से रिटायर्ड थे। मामला सहारा एस्टेट के मल्हार अपार्टमेंट का है। भाई की मौत की जानकारी मिलते ही छोटा भाई अंबरीष अमेरिका से गोरखपुर के लिए रवाना हो गया है। उसके आने के बाद अंतिम संस्कार किया जाएगा। अभिषेक त्रिपाठी के माता-पिता की मौत हो चुकी है। नौकरी छूटने के बाद वह मानसिक परेशानी से जूझ रहे थे। अभिषेक के बड़े भाई आशुतोष बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के सुरक्षा गार्ड थे। उनकी 2014 में चेन्नई में बीमारी के कारण मौत हो गई थी। बहन गुड़िया पति के साथ गोरखपुर में रहती हैं। फिलहाल, पोस्टमार्टम में भी मौत की वजह पता नहीं चली है। 2 तस्वीरें देखिए… मल्टीनेशनल कंपनी की नौकरी छूटी तो डिप्रेशन में चले गए घटना के बाद मौके पर पहुंची गुड़िया उर्फ अर्चना ने बताया- पिता मूल रूप से कुशीनगर के महासोन गांव के रहने वाले थे, लेकिन गोरखपुर में सिंचाई विभाग में तैनात थे। इसलिए हम लोगों की पढ़ाई-लिखाई यहीं हुई। 16 साल पहले पिता का निधन हो गया। इसके 3 साल बाद मां भी हम लोगों को छोड़कर चली गईं। भाई अभिषेक पढ़ने में होनहार था। उसने IIT से इंजीनियरिंग की और नोएडा की मल्टीनेशनल कंपनी में नौकरी की। कोरोना काल में वर्क फ्रॉम होम के चलते गोरखपुर आ गया। 4 साल पहले नौकरी छूट गई। इसके बाद वह परेशान रहने लगा और धीरे-धीरे डिप्रेशन में चला गया। परिवार ने लखनऊ में उसका इलाज कराया, लेकिन परेशानी पूरी तरह खत्म नहीं हुई। बीमारी के चलते भाई के व्यवहार में बदलाव आया, लोगों ने बनाई दूरी बहन ने बताया- बीमारी के कारण अभिषेक के व्यवहार में बदलाव आ गया था। वह कभी-कभी लोगों से अभद्र भाषा में बात कर देते थे। इसका असर रिश्तों पर पड़ा। रिश्तेदारों-परिचितों का आना-जाना कम हो गया। छोटा भाई अंबरीष पैसे भेजता था, उसी से अभिषेक का खर्च चलता था। मैं और अंबरीष समय-समय पर उससे मिलने आते थे। पड़ोसी बोले- अकेले पड़ गए थे, ज्यादातर कमरे में रहते थे पड़ोसियों के मुताबिक, अभिषेक अकेले पड़ गए थे। वह ज्यादातर कमरे में ही रहते और किसी से ज्यादा बात नहीं करते थे। 3-4 दिनों से वह दिखाई नहीं दिए थे। शुक्रवार को फ्लैट से बदबू आने पर पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने दरवाजा तोड़ा तो अंदर उनका शव मिला। सीओ कीर्ति निधि आनंद ने बताया- अभिषेक 3-4 दिन से फ्लैट से बाहर नहीं निकले थे। दरवाजा अंदर से बंद था। मौत की वजह अभी स्पष्ट नहीं हुई है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है। कमरे का सामान बिखरा मिला। मोबाइल लॉक है, उसे खुलवाने की कोशिश की जा रही है।
वाराणसी के हेरिटेज इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस में शनिवार की रात यूरोलॉजिस्ट डॉक्टर गौतम शुभंकर (40 वर्ष) ने जहरीला इंजेक्शन लगाकर आत्महत्या कर ली। पत्नी से विवाद के बाद डॉक्टर ने आत्मघाती कदम उठाया, उनका शव उनके आवास के कमरे में मिला। डॉक्टर का कई दिनों से पत्नी से विवाद चल रहा था, जिसके चलते शनिवार को दोनों के बीच काफी कहासुनी हो गई। डॉक्टर उस समय अपने आवास रूम नंबर 802 में थे। आत्महत्या से पहले वे हॉस्पिटल की ओटी में गए और वहां से लौटकर खुद को इंजेक्शन लगा लिया। जब पुलिस ने दरवाजा तोड़ा तो डॉक्टर का शव बेड पर पड़ा था और पास में जहरीला इंजेक्शन रखा था। पास के रूम से एक डॉक्टर को बुलाकर जांच कराई तो पता चला कि डॉक्टर की मौत कुछ देर पहले हो चुकी है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पटना में परिजनों को सूचना दी है। पहले बताते हैं पूरा घटनाक्रम बिहार के पटना निवासी डॉक्टर गौतम शुभंकर रोहनिया थाना क्षेत्र के भदवर स्थित हेरिटेज इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस में बतौर यूरोलॉजिस्ट डॉक्टर तैनात थे। गौतम शुभंकर (40 वर्ष) पिछले तीन वर्षों से मेडिकल कॉलेज को अपनी सेवाएं दे रहे थे। डॉक्टर की शादी पांच साल पहले हुई थी लेकिन उनका अपनी पत्नी से कुछ विवाद चल रहा था। इसके चलते डॉक्टर गौतम अकेले ही कैंपस के आवास नंबर 802 में रहते थे और हॉस्पिटल कैंटीन में खाना खाते थे। शनिवार को डॉक्टर ने ओपीडी में मरीजों को देखा फिर अपने आवास पर चले गए। इसके बाद हॉस्पिटल में शाम तक नहीं आए। शाम को पत्नी से मोबाइल पर बातचीत के बाद दोनों में ज्यादा विवाद हो गया और डॉक्टर ने आत्महत्या करने का फैसला कर लिया। इसके बाद हास्पिटल की ओटी में गए और सिरेंज के साथ इंजेक्शन लेकर अपने आवास पर आ गए। रात 10 बजे तक डॉक्टर के रूम का दरवाजा नहीं खुला और वे कैंटीन में खाना खाने भी नहीं गए तो सिक्योरिटी गार्ड को शक हुआ। उसने स्टाफ को सूचना दी और आसपास के डॉक्टरों को बुलाया। काफी देर तक कमरे से बाहर नहीं निकले तो उनके साथी डॉक्टरों को शक हुआ। उन्होंने कमरे को देखा तो दरवाजा अंदर से बंद था। मोबाइल पर कई बार फोन करने और दरवाजा खटखटाने के बावजूद कोई मूवमेंट नहीं मिला तो खिड़की से झांककर देखा गया। डॉक्टर संदिग्ध परिस्थितियों में बेड पर पड़े थे। नजारा देखकर हड़कंप मच गया। सिक्योरिटी गार्ड ने बुलाई पुलिस कैंपस में शव की जानकारी के बाद सिक्योरिटी गार्ड ने उच्च अधिकारियों, डीन और रोहनिया पुलिस को घटना की जानकारी दी। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने सिक्योरिटी गार्ड और अन्य चिकित्साकर्मियों की मौजूदगी में दरवाजा तोड़ दिया। पुलिस को डॉक्टर का शव कमरे में बेड पर पड़ा मिला। पास में ही एक इंजेक्शन और मोबाइल रखा हुआ था। पुलिस ने मौके की जांच करने के साथ ही कमरे में मिले सामान को कब्जे में ले लिया। प्राथमिक जांच में आशंका जताई गई कि डॉक्टर ने खुद को जहरीला इंजेक्शन लगाकर अपनी जान दी है। अस्पताल के स्टाफ डॉक्टरों ने भी बताया कि कुछ दिन पहले से उनका बिहेवियर चेंज हो गया था पे लगातार परेशान रहा करते थे, इधर पुलिस की सूचना के बाद परिजन भी बिहार से बनारस के लिए रवाना हो गए हैं डॉक्टर ने खुद ही लगाया इंजेक्शन बिहार के पटना निवासी डॉक्टर गौतम शुभंकर ने अपने परिवार से बात की थी, जिसका डिटेल उनके फोन से मिला है। रोहनिया पुलिस ने कमरे का दरवाजा तोड़कर अंदर से शव कब्जे में ले लिया है। प्राथमिक जांच में पुलिस ने डॉक्टर द्वारा खुद को जहरीला इंजेक्शन लगाकर आत्महत्या किए जाने की आशंका जताई है। पुलिस के अनुसार, प्रथम दृष्टया जांच में पारिवारिक वजह से आत्महत्या किए जाने की बात सामने आ रही है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मौत की स्थिति और कारणों को लेकर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस मामले की जांच कर रही है और डॉक्टर के आत्महत्या करने के पीछे की वजहों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
UP News Today Live: उत्तर प्रदेश ब्रेकिंग न्यूज़, पढ़ें 13 सितम्बर के मुख्य और ताजा समाचार
UP Breaking News Today Live - Read Uttar Pradesh latest and breaking news today in hindi at Amarujala. यहां पढ़ें, उत्तर प्रदेश की ताजा खबरें, राजनीति, खेल, मनोरंजन, धर्म, क्राइम और शिक्षा की खबरों का लाइव अपडेशन.
भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी की जिला शाखा नालंदा की ओर से रविवार को साप्ताहिक निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर लगाया जाएगा। बिहारशरीफ स्थित श्रम कल्याण केंद्र परिसर के विस्तारित भवन में सुबह 7:30 बजे से 9 बजे तक शिविर चलेगा। शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सकों से मुफ्त परामर्श और स्वास्थ्य जांच की सुविधा मिलेगी। एक ही जगह कई विशेषज्ञ डॉक्टर करेंगे जांच शिविर में अलग-अलग बीमारियों के विशेषज्ञ डॉक्टर मौजूद रहेंगे। शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. श्याम बिहारी, नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. अभिनव कुमार सिंह, सर्जन डॉ. आशुतोष कुमार और हड्डी एवं नस रोग विशेषज्ञ डॉ. शंभू कुमार मरीजों की जांच करेंगे। सामान्य मौसमी और अन्य बीमारियों के लिए फिजिशियन डॉ. वीरेंद्र कुमार, डॉ. अखिलेश कुमार और डॉ. इंद्रजीत कुमार परामर्श देंगे। दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. रवि कुमार, फिजियोथैरेपिस्ट डॉ. शहजाद आलम, होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. गौतम कुमार और डॉ. रितेश कुमार भी मरीजों की जांच करेंगे। कान से जुड़ी समस्या की भी होगी जांच कान और सुनने से संबंधित समस्याओं के लिए ऑडियोलॉजिस्ट डॉ. प्रदीप कुमार सिंह मरीजों की जांच कर परामर्श देंगे। इससे अलग-अलग स्वास्थ्य समस्याओं वाले मरीजों को एक ही जगह विशेषज्ञ चिकित्सकों से सलाह लेने की सुविधा मिलेगी। शुगर की मुफ्त जांच और फुल बॉडी चेकअप रेड क्रॉस सोसाइटी की ओर से शिविर में चिकित्सकीय परामर्श के साथ आधुनिक उपकरणों से शुगर की मुफ्त जांच और फुल बॉडी चेकअप की व्यवस्था भी की गई है। संस्था ने जिले के लोगों से शिविर का लाभ उठाने और समय पर पहुंचकर स्वास्थ्य की नियमित जांच कराने की अपील की है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सिविल बार एसोसिएशन बुलंदशहर के वर्ष 2025-26 के चुनाव को रद्द करने से इंकार कर दिया है। कोर्ट ने बार एसोसिएशन को एक महीने के भीतर अपने बायलॉज में संशोधन कर भविष्य के सभी चुनावों में महिला वकीलों के लिए 30 प्रतिशत प्रतिनिधित्व अनिवार्य करने का निर्देश दिया है। यह आदेश मुख्य न्यायमूर्ति अरुण भंसाली एवं न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेंद्र की खंडपीठ ने बुलंदशहर की महिला अधिवक्ता भावना पंडित की जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद दिया। जानिये क्या है मामला याचिका में गत 16 अप्रैल को संपन्न हुए बार एसोसिएशन के चुनाव को चुनौती दी गई थी। याची का तर्क था कि दीक्षा एन अमृतेश बनाम कर्नाटक राज्य मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत बार एसोसिएशन की कार्यकारिणी में कम से कम 30 प्रतिशत महिला आरक्षण अनिवार्य किया गया है। बुलंदशहर बार में 79 महिला मतदाता होने के बावजूद चुनाव में एक भी महिला पदाधिकारी नहीं चुनी गई इसलिए चुनाव रद्द कर नए सिरे से 30 प्रतिशत आरक्षण के साथ चुनाव कराने की मांग की गई थी। बार एसोसिएशन की ओर से दलील दी गई कि चुनाव प्रक्रिया गत चार अप्रैल को अधिसूचित हुई थी। चुनाव में किसी भी महिला अधिवक्ता ने नामांकन नहीं भरा था। हालांकि सुप्रीम कोर्ट के आदेश का सम्मान करते हुए 20 अप्रैल को नवनिर्वाचित कार्यकारिणी ने चार महिला वकीलों निशा सिंह, अंजलि, रचना सोलंकी व शबाना मलिक को सह-कोषाध्यक्ष व कार्यकारिणी सदस्यों के रूप में मनोनीत कर 30 प्रतिशत प्रतिनिधित्व के मानक को पूरा कर दिया था। हाईकोर्ट में क्या पेश की दलींले हाईकोर्ट ने माना कि तकनीकी रूप से मनोनयन की प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट के संशोधित आदेश के अनुरूप प्रशासनिक न्यायाधीश की सहमति से नहीं हुई थी लेकिन किसी महिला वकील ने चुनाव नहीं लड़ा था और बाद में चार महिलाओं को शामिल कर लिया गया इसलिए पूरे चुनाव को रद्द करना न्यायहित में नहीं होगा। हाईकोर्ट ने याचिका निस्तारित करते हुए बार एसोसिएशन को एक महीने के भीतर अपने बायलॉज/मेमोरेंडम में संशोधन करने का निर्देश दिया ताकि भविष्य के चुनावों में 30 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू हो सके। इस संशोधन में हालिया चुनाव और मनोनयन को विशेष भूतलक्षी प्रभाव भी दिया जा सकता है। कोर्ट ने कहा कि बार एसोसिएशन एक महीने के भीतर चुनाव प्रक्रिया और चारों महिला वकीलों के मनोनयन की पूरी जानकारी जिला जज, वरिष्ठतम महिला वकील व पदाधिकारियों के परामर्श के साथ बुलंदशहर के प्रशासनिक न्यायाधीश को भेजेगी और जब तक प्रशासनिक न्यायाधीश द्वारा कोई प्रतिकूल आदेश नहीं दिया जाता, तब तक गत 16 अप्रैल को निर्वाचित और 20 अप्रैल को मनोनीत सदस्यों वाली कार्यकारिणी यथावत कार्य करती रहेगी।
गाजियाबाद के थाना कौशांबी क्षेत्र के ग्राम भौवापुर में शनिवार रात गैस सिलेंडर में अचानक आग लगने से दर्दनाक हादसा हो गया। आग की चपेट में आने से 15 वर्षीय किशोरी गंभीर रूप से झुलस गई, जिसकी मौत हो गई। बेटी को बचाने के प्रयास में उसके पिता भी झुलस गए। 112 के माध्यम से घटना की सूचना मिली। सूचना मिलते ही थाना कौशांबी पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और आग बुझाते समय गैस सिलेंडर फट गया। खाना बना रहा था परिवार CFO ने बताया जांच में सामने आया कि सुल्तानपुर निवासी गुड्डू पुत्र राजाराम करण अपने परिवार के साथ ग्राम भौवापुर में किराए के मकान की चौथी मंजिल पर रहते हैं। खाना बनाते समय अचानक सिलेंडर में आग लग गई। गुड्डू, उनकी पत्नी और उनका बेटा किसी तरह बालकनी में बाहर निकल आए, जबकि उनकी 15 वर्षीय बेटी कमरे के अंदर फंस गई। बेटी को बचाने के लिए गुड्डू आग की चपेट में आए कमरे में पहुंचे, जिससे वह भी झुलस गए। दोनों को तत्काल उपचार के लिए यशोदा अस्पताल में भर्ती कराया गया। उपचार के दौरान डॉक्टरों ने 15 वर्षीय किशोरी को मृत घोषित कर दिया, जबकि गुड्डू की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। एसीपी बोले जांच की जा रही ACP इंदिरापुरम सूर्यबली मौर्य ने बताया कि घटना के संबंध में थाना कौशांबी पर सुसंगत कार्रवाई प्रचलित है। पुलिस द्वारा अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। अभी तक जांच मे सामने आया कि सिलेंडर में गैस लीक होने के कारण आग लगी।
सोनभद्र जेल में बंद दीनू उपाध्याय की 16 माह बाद रिहाई मिल गई। हाईकोर्ट से गैंगस्टर में जमानत मिलने के बाद शनिवार दोपहर उसे रिहा कर दिया गया। दीनू के खिलाफ पिंटू सेंगर हत्याकांड, कारोबारी का अपहरण समेत 23 मुकदमे दर्ज हुए थे। पिंटू सेंगर मर्डर केस के पांच साल बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा था। 9 मई 2025 को पुलिस ने भेजा था जेल ऑपरेशन महाकाल के दौरान पिंटू सेंगर हत्याकांड मामले में अधिवक्ता दीनू उपाध्याय को 9 मई 2025 को जेल भेजा गया था। इसके बाद दीनू के खिलाफ एक के बाद एक कई मामले कोतवाली, नवाबगंज और फजलगंज थानों में दर्ज किए गए। पीड़ितों की शिकायत पर इसी बीच दीनू उपाध्याय को सोनभद्र जेल स्थानांतरित कर दिया गया। मामले में अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित ने बताया कि दीनू की गैंगस्टर में हाईकोर्ट में जमानत लगी थी। करीब 10 दिन पहले जमानत मिलने के बाद जिला न्यायालय में एक-एक लाख के बंधपत्र दाखिल किए गए। बंधपत्रों का वेरीफिकेशन होने के बाद रिहाई परवाना सोनभद्र जेल भेजा गया था। 23 मुकदमे है विचाराधीन जिसके बाद शनिवार की दोपहर दीनू को सोनभद्र से रिहा कर दिया गया। दीनू पर वर्तमान में 23 मामले विचाराधीन हैं। दीनू के भाई अधिवक्ता संजय उपाध्याय व भतीजा पहले ही जमानत पर बाहर आ चुके हैं।
उत्तराखंड में IVF तकनीक का कमाल, साहीवाल गाय ने दिया बद्री बछिया को जन्म; कैसे हुआ ये 'चमत्कार'?
वैज्ञानिकों ने आईवीएफ तकनीक से साहीवाल गाय की कोख से स्वस्थ बद्री बछिया पैदा की है। बीते तीन साल से वैज्ञानिक इसपर रिसर्च कर रहे थे। कृषि मंत्रालय ने बयान जारी कर यह जानकारी दी है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने कैसरबाग स्थित सिविल कोर्ट परिसर के आसपास अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई जल्द पूरी करने का निर्देश दिया है। खंडपीठ ने कहा कि अब तक 57 और अतिक्रमण हटाए जा चुके हैं, लेकिन कुछ अवैध कब्जे अब भी बाकी हैं। कोर्ट ने इन सभी को पांच सप्ताह में हटाने को कहा है। न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान और न्यायमूर्ति राजीव भारती की खंडपीठ ने यह आदेश स्वतः संज्ञान जनहित याचिका 'अनुराधा सिंह व अन्य' पर सुनवाई के दौरान दिया। कोर्ट को बताया गया कि उसके पहले के आदेशों के बाद 14 अवैध निर्माण हटाए गए थे। इसके बाद 57 और अतिक्रमण हटाए गए। इस संबंध में नगर निगम लखनऊ के जोन-1 के जोनल अधिकारी ने कार्रवाई की रिपोर्ट भी पेश की। कोर्ट ने साफ किया कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई अभी पूरी नहीं हुई है। उसने बचे हुए सभी अवैध कब्जों को 7 अप्रैल के आदेश के अनुसार हटाने का निर्देश दिया। साथ ही 4 अगस्त के आदेश में बताई गई प्रक्रिया और सावधानियों का पालन करने को भी कहा। कोर्ट के 4 अगस्त के आदेश के तहत कथित अतिक्रमण करने वालों को आखिरी मौका दिया जाना है। उन्हें अपने चैंबर या दुकान खाली करने या सक्षम अधिकारी के सामने कब्जे का वैध आधार बताने का मौका देना होगा। अगर तय समय में ऐसा नहीं किया जाता है, तो अवैध अतिक्रमण को तोड़ा जा सकेगा। कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर नोटिस नहीं पहुंच पाता है, तो उसे एक हिंदी और एक अंग्रेजी अखबार में प्रकाशित कराया जाए। इसके बाद संबंधित लोगों को कम से कम 10 दिन का समय दिया जाए। न्यायिक कामकाज पर असर न पड़े, इसलिए जरूरत पड़ने पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई रविवार को भी की जा सकती है। कोर्ट ने पुलिस आयुक्त, जिलाधिकारी और नगर आयुक्त को निर्देश दिया है कि वे आपसी तालमेल से नगर निगम अधिकारियों को पर्याप्त प्रशासनिक और पुलिस सहायता दें। इस मामले की अगली सुनवाई 26 अक्टूबर को होगी।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने गोंडा के एक शख्स को गुंडा घोषित कर 6 महीने के लिए जिला बदर करने का जिलाधिकारी का आदेश रद्द कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि जिस मामले में कोई शख्स बरी हो चुका है, उसे दोबारा गुंडा घोषित करने का आधार नहीं बनाया जा सकता। साथ ही, 2020 के सिर्फ एक लंबित आपराधिक मुकदमे के आधार पर 2026 में गुंडा अधिनियम की कार्रवाई सही नहीं है। जस्टिस सुभाष विद्यार्थी ने यह आदेश गोंडा निवासी जाहिद अली की याचिका पर दिया। कोर्ट ने गोंडा के जिलाधिकारी के 11 मई 2026 के आदेश और देवीपाटन मंडल के कमिश्नर के 12 अगस्त 2026 को अपील खारिज करने के आदेश को कानून की नजर में सही नहीं मानते हुए रद्द कर दिया। बरी करने के बावजूद दो मुकदमे लंबित बताए याचिकाकर्ता को गुंडा अधिनियम की धारा 3(1) के तहत 6 महीने के लिए गोंडा जिले से बाहर कर दिया गया था। जिलाधिकारी ने पुलिस रिपोर्ट के आधार पर उसके खिलाफ 2010 और 2020 के दो आपराधिक मुकदमों और एक बीट सूचना रिपोर्ट को आधार बनाया था। याचिकाकर्ता ने कोर्ट को बताया कि 2010 के मुकदमे में उसे 26 अगस्त 2017 को ही गोंडा के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने बरी कर दिया था। इसके बावजूद कमिश्नर ने अपील खारिज करते समय दोनों मुकदमों को उसके खिलाफ लंबित बताया। कोर्ट ने कहा कि कमिश्नर के आदेश में बरी होने की बात लिखी होने के बाद भी इस पर ठीक से ध्यान नहीं दिया गया। यह आदेश में लापरवाही की गलती है। कोर्ट ने कहा कि गुंडा अधिनियम के तहत किसी शख्स को गुंडा घोषित करने के लिए उसका आदतन अपराधी होना जरूरी है। एक या दो घटनाएं किसी को आदतन अपराधी मानने के लिए काफी नहीं हैं। कथित अपराधों और समाज पर उनके असर के बीच भी सही संबंध होना चाहिए। 2020 के मुकदमे और 2026 में गुंडा घोषित करने के बीच 6 साल का अंतर है। ऐसे में दोनों के बीच कोई सही संबंध नहीं है।
भोपाल के नीलबड़ क्षेत्र से सटे गांव रसूलिया भानपुर में आबकारी विभाग की टीम ने दबिश दी। इस दौरान घर में ही हाथ भट्टी मिली। वहीं, बैरसिया रोड स्थित तरावली जोड़ पर सड़क किनारे ही पन्नियों में शराब बेचते महिला मिली, जो टीम को देखकर भाग निकली। रात में नगर निगम की टीम ने शराब दुकान के बाहर चल रहे अहाते पर कार्रवाई की। कलेक्टर प्रियंक मिश्रा के निर्देशन, सहायक आबकारी आयुक्त वीरेंद्र धाकड़ के आदेश के बाद कंट्रोलर आरजी भदौरिया के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई। रसूलिया भानपुर में औचक दबिश के दौरान दो चलती हुई हाथ भट्टी मिली भारी मात्रा में अवैध शराब बनाने में प्रयुक्त महुआ लाहन एवं अन्य सामग्री जब्त कर दो प्रकरण आबकारी अधिनियम की धारा 34 (1) क एवं च के तहत कायम किए। वहीं, एक अन्य टीम ने बैरसिया के तरावली जोड़ से 15 बल्क लीटर अवैध हाथ भट्टी मदिरा जब्त की, जो रोड पर रखकर एक महिला द्वारा विक्रय के लिए रखी गई थी। महिला फोर्स देखकर मौके से भागने में सफल रही। सहायक आयुक्त आबकारी धाकड़ ने बताया कि अवैध मदिरा के निर्माण, संग्रहण एवं विक्रय पर पूर्णतः अंकुश लगाने के लिए टीमें कार्रवाई कर रही है। विजय नगर चांदबड़ में वाइन शॉप पर कार्रवाईनगर निगम ने शनिवार रात विजयनगर चांदबड़ स्थित वाइन शॉप पर कार्रवाई की। लाइसेंसी वाइन शॉप में अहाता बनाकर शराब पिला रहा था। रहवासियों की शिकायत के बाद पुलिस-नगर निगम ने कार्रवाई की। शॉप संचालक पर 15 हजार रुपए का जुर्माना किया गया।
लखनऊ के निशातगंज स्थित कैफी आजमी एकेडमी में शनिवार कों रिटायर्ड आईपीएस शैलेंद्र प्रताप सिंह की तीन पुस्तकों सपनों की उड़ान, सीमा के उस पार और पूरे देश की खुशबू का विमोचन एवं परिचर्चा हुई। आयोजन इलाहाबाद विश्वविद्यालय के हालैंड हाल एलुमनी एसोसिएशन की ओर से किया गया। कार्यक्रम में साहित्य प्रेमियों के साथ इलाहाबाद विश्वविद्यालय के कई पुराने छात्र शामिल हुए। विमोचन के बाद शैलेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि तीनों पुस्तकों में एक उनके गांव से जुड़ी है, जबकि दो यात्रा वृत्तांत हैं। गांव पर आधारित पुस्तक में सूर्यकांत त्रिपाठी निराला से जुड़े कई अनछुए प्रसंग शामिल किए गए हैं। यात्रा वृत्तांतों में अफ्रीका और जापान की यात्राओं के अनुभवों को जगह दी गई है। सोशल मीडिया पोस्ट से मिलती है अगली किताब की झलक पत्रकार शीतल पी सिंह ने उनके लेखन की सराहना करते हुए कहा कि शैलेंद्र प्रताप सिंह नियमित लेखन करते हैं और सोशल मीडिया पर भी सक्रिय हैं। गांव से दूर रहने के बावजूद उनका जुड़ाव अपनी जड़ों से बना हुआ है। उन्होंने मसाईमारा और जापान की यात्राओं का जिक्र करते हुए वहां के एयर क्वालिटी इंडेक्स और स्वच्छता व्यवस्था की प्रशंसा की। पत्रकार राजीव रंजन ने कहा कि शैलेंद्र प्रताप सिंह की फेसबुक पोस्ट से उनकी अगली पुस्तक की झलक मिल जाती है। उन्होंने बताया कि अब उनकी अगली पुस्तक बुद्ध पर होगी। शैलेंद्र प्रताप सिंह अब तक 20 देशों की यात्रा कर चुके हैं। 1970 से बने संबंधों की साझा कीं यादें रिटायर्ड आईपीएस बद्री प्रसाद सिंह ने 1970 से चले आ रहे संबंधों और सेवा काल की यादें साझा कीं। उन्होंने कहा कि शैलेंद्र प्रताप सिंह राजनीति शास्त्र के विद्यार्थी जरूर रहे हैं, लेकिन असल में वे दार्शनिक हैं। पत्रकार आलोक जोशी ने भी उनके व्यक्तित्व और कृतित्व पर विचार रखे। अध्यक्षीय वक्तव्य में पत्रकार उर्मिलेश ने कहा कि संस्मरण और यात्रा वृत्तांत इतिहास और समाज से जोड़ते हैं। यात्राएं सिर्फ भूगोल की यात्रा नहीं होतीं, बल्कि उनमें पूरा समाज शामिल होता है। संचालन हालैंड हाल एलुमनी एसोसिएशन के सचिव सुधीर सिंह और पूर्व छात्र नलिन रंजन सिंह ने किया।
ग्रेटर नोएडा में लड़के की पीट-पीटकर हत्या:कमरे में मिली लाश, आरोपी दोस्त फरार
ग्रेटर नोएडा में कुलेसरा की श्रीराम कॉलोनी में मोबाइल चोरी के शक में 17 साल के किशोर की हत्या का मामला सामने आया है। पिता ने बेटे के दोस्तों पर उसे घर बुलाकर पीटने और गला दबाकर हत्या करने का आरोप लगाया है। हालांकि पुलिस घटना को संदिग्ध मानकर जांच कर रही है। मूलरूप से बिहार के नवादा जिले के तिरूपुर निवासी रणजीत सिंह परिवार के साथ श्रीराम कॉलोनी में रहते हैं। वह नोएडा की एक कंपनी में नौकरी करते हैं। रणजीत के मुताबिक, शुक्रवार शाम करीब 3 बजे उनका बेटा सूरज पड़ोस में रहने वाले दोस्तों के बुलाने पर उनके घर गया था। कुछ देर बाद परिजनों को सूचना मिली कि सूरज दोस्तों के घर में बेहोश पड़ा है। परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पिता का आरोप- मोबाइल चोरी के शक में बुलाया था रणजीत सिंह का आरोप है कि आसपास के लोगों से जानकारी करने पर पता चला कि दोस्तों ने सूरज को मोबाइल चोरी के शक में घर बुलाया था। आरोप है कि उसे कमरे में बंद कर पीटा गया और गला दबाकर हत्या कर दी गई। घटना की जानकारी मिलने पर परिजनों ने 112 पर कॉल की। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस बोली- शरीर पर चोट के निशान नहीं ईकोटेक-3 थाना प्रभारी ने बताया कि किशोर के पड़ोसी दोस्तों के घर में बेहोश पड़े होने की सूचना मिली थी। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, किशोर के शरीर पर चोट के कोई स्पष्ट निशान नहीं मिले हैं। मौत की सही वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद पता चलेगी। पुलिस ने बताया कि परिजनों की ओर से अभी कोई लिखित शिकायत नहीं दी गई है। शिकायत और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद से आरोपी बताए जा रहे दोस्त अपने घर से फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है। वहीं, किशोर की मौत के बाद कॉलोनी में नाराजगी का माहौल है।
मुरादाबाद में चलती वैगनआर कार में लगी आग:चालक ने कूदकर बचाई जान, पूरी गाड़ी जलकर राख हुई
मुरादाबाद के किला तिराहे पर शनिवार रात करीब 10 बजे एक चलती वैगनआर कार में अचानक आग लग गई। आग की लपटें उठती देख चालक ने तुरंत कार रोकी और बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। कुछ ही देर में आग ने पूरी कार को अपनी चपेट में ले लिया। काशीपुर निवासी वकील विवेक सक्सेना की कार शनिवार रात करीब साढ़े आठ बजे किला तिराहे से गुजर रही थी। तभी अचानक कार में आग लग गई। चालक ने बिना देर किए गाड़ी से बाहर निकलकर खुद को सुरक्षित कर लिया। देखते ही देखते आग इतनी तेज हो गई कि पूरी कार लपटों से घिर गई। कार में आग लगने की खबर मिलते ही मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। मौजूद लोगों ने बताया कि आग के दौरान कार से तेज धमाकों जैसी आवाजें भी सुनाई दीं। इससे आसपास के लोगों में डर फैल गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और सुरक्षा के लिए कांठ रोड की एक लेन में गाड़ियों का आना-जाना रोक दिया। इसके बाद दमकल विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाना शुरू किया। बहुत कोशिश के बाद आग पर काबू पाया जा सका, लेकिन तब तक कार पूरी तरह जलकर राख हो चुकी थी। इस घटना में किसी के घायल होने की खबर नहीं है। पुलिस और दमकल विभाग आग लगने के कारणों की जांच कर रहे हैं।
बसपा और भाजपा से छिटका दलित वोट बैंक सपा की ओर जाने से भाजपा की चिंता बढ़ गई है। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने इसे गंभीर समस्या मानते हुए दलित वर्ग को फिर से भाजपा से जोड़ने की मुहिम शुरू करने की आवश्यकता जताई है। विधानसभा चुनाव की तैयारी के लिए यूपी दौरे पर आए राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष ने शनिवार को कानपुर कमिश्नरी के कानपुर नगर, कानपुर देहात, इटावा, कन्नौज, औरेया और फर्रुखाबाद जिलों के भाजपा सांसद, भाजपा विधायक, भाजपा के जिलाध्यक्षों के साथ करीब चार घंटे तक बैठक की। शाम 7 से रात 11 बजे तक चली बैठक में बीएल संतोष ने प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह की मौजूदगी में प्रत्येक विधायक और 2022 में हारे हुए प्रत्याशी से संवाद किया। उन्होंने पूछा कि 2022 में उन्हें कितने वोट मिले थे, कितने वोट से जीत-हार हुई थी। 2024 लोकसभा चुनाव में उनके विधानसभा क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशी को कितने वोट मिले, यदि 2024 में उनके क्षेत्र में भाजपा की हार हुई तो उसके क्या कारण रहे और जो समस्या रही उसका अब 2027 में समाधान कैसे होगा। उन्होंने साफ कहा कि 2027 में आप चुनाव कैसे जीतेंगे? विधायकों ने एक स्वर में कहा कि बसपा से अलग हुआ दलित वोट 2017 और 2019 में भाजपा को मिला। 2022 में भी बड़ी संख्या में दलित वोट भाजपा को मिला था। लेकिन 2024 में संविधान बदलने, आरक्षण समाप्त करने जैसे नेरेटिव से दलित वोट नाराज हो गया, दलित वोट भाजपा से अलग होकर सपा में शिफ्ट हो गया। विधायकों और पार्टी पदाधिकारियों ने माना कि दलित वोट अभी भी सपा की ओर शिफ्ट हो रहा है, आगामी चुनाव में यह बड़ी समस्या बनेगा। उन्होंने विधानसभा क्षेत्रों में जातीय समीकरण, समाजों के रुझान पर भी बात की। बीएल संतोष ने कहा कि दलित वर्ग के लोगों को पार्टी से जोड़ने के लिए अभियान चलाएं, दलित नेताओं को पार्टी से जोड़ें। अंबेडकर प्रतिमा योजना को लागू करें, संत रविदास की जयंती पर हो रहे कार्यक्रमों को प्रभावी रूप से मनाकर दलितों को बीजेपी से जोड़ें। बैठक में प्रदेश महामंत्री शंकर लाल लोधी, कानपुर के क्षेत्रीय अध्यक्ष रामकिशोर साहू मौजूद थे। सोशल मीडिया फोटो एलबम तक सीमित नहीं रखें बीएल संतोष ने कहा कि सोशल मीडिया अब सबसे बड़ा पॉलिटिकल टूल है, उसे केवल फोटो या एलबम तक सीमित नहीं रखें। उन्होंने चुनावी तैयारी में सोशल मीडिया का पूरा उपयोग करने की सलाह दी, कहा कि इसके जरिए सबसे तेज और प्रभावी तरीके से जनता तक बात पहुंचाई जा सकती है। लेकिन इसका गलत उपयोग नहीं होना चाहिए। एसआईआर में वोट बहुत कट गए विधायकों ने बैठक में बताया कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम कट गए हैं, इनमें बीजेपी की विचारधारा के मतदाताओं के नाम भी हैं। बीएल संतोष ने कहा कि मतदाताओं के नाम जोड़ने का काम अभी चल रहा है, यदि लगता है कि किसी का नाम कट गया है तो उसे फिर जुड़वा सकते हैं। बीएल संतोष ने कहा कि यूपी में महिला मतदाताओं का जेंडर रेशयो बहुत कम है, इसका मतलब साफ है कि बेटी की शादी के बाद उसका नाम मायके की मतदाता सूची से तो कट गया है लेकिन ससुराल के क्षेत्र की मतदाता सूची में नाम शामिल नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि जिन महिलाओं के मतदाता सूची में नाम नहीं है उनका नाम जुड़वाएं, महिलाएं भाजपा का बड़ा वोट बैंक है। वीआईपी संस्कृति से बहुत नुकसान हो रहा है बीएल संतोष ने कहा कि अब जमाना बदल गया है। जनता वीआईपी संस्कृति को पंसद नहीं कर रही है, गाड़ियों के काफिले, सायरन और टोल फ्री कराने से जनता में गलत संदेश जाता है इससे विधायक, सांसद, जिलाध्यक्ष के साथ पार्टी का भी नुकसान होता है। बीएल संतोष और धर्मपाल सिंह ने संकेत में इशारा किया कि विधानसभा चुनाव एकजुट होकर लड़ना है। विधायक-सांसद, विधायक-जिलाध्यक्षों के बीच टकराव नहीं होना चाहिए।
किसान पथ पर एक्सीडेंट, 1 की मौत:चालक घायल; लोडर को अज्ञात वाहन ड्राइवर टक्कर मारकर भागा
पीजीआई इलाके में किसान पथ पर शनिवार सुबह एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने लोडर को जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में लोडर पर सवार एक युवक की मौत हो गई, जबकि ड्राइवर घायल हो गया। मृतक युवक को एपेक्स ट्रॉमा सेंटर-2 ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घायल ड्राइवर को प्राथमिक इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई। टक्कर मारने वाला वाहन चालक मौके से फरार हो गया। बाराबंकी से मछलियों का चारा उतारकर लौट रहा था पुलिस ने बताया कि कानपुर के चकेरी हरजेंद्र नगर का रहने वाला जीशान मोहम्मद (22) लोडर ड्राइवर कृष्णा यादव के साथ बाराबंकी से मछली पालन का चारा उतारकर लखनऊ लौट रहा था। सुबह करीब 7 बजे किसान पथ पर पीछे से आए तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने लोडर में टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि जीशान और चालक केबिन में फंस गया। राहगीरों ने उसे बाहर निकाला और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पीजीआई पुलिस ने घायल जीशान और ड्राइवर को एपेक्स ट्रॉमा सेंटर- टू पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने जीशान को मृत घोषित कर दिया। ड्राइवर कृष्णा यादव को प्राथमिक इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। देर शाम परिजन जीशान का शव लेकर कानपुर चले गए। 4 भाई-बहनों में सबसे बड़ा था मृतक परिजनों ने बताया कि जीशान चार भाई-बहनों में सबसे बड़ा था। उसके छोटे भाई का नाम मो. आयान है और उसकी दो बहनें भी हैं। जीशान की मौत की खबर सुनते ही परिवार में मातम छा गया। जीशान के पिता मुमताज ने बताया कि ड्राइवर कृष्णा यादव के परिवार में उसकी पत्नी और एक बेटी है। पुलिस ने बताया कि टक्कर मारने वाले वाहन की तलाश की जा रही है। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखी जा रही है। परिजनों की शिकायत मिलने के बाद केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
BRICS Summit से चमकेंगे पुरानी दिल्ली के थोक बाजार, डॉलर की निर्भरता घटने से बढ़ेगा निर्यात
ब्रिक्स सम्मेलन से पुरानी दिल्ली के थोक बाजारों में व्यापार की नई संभावनाएं जगी हैं, जिससे स्थानीय मुद्राओं में सीधे व्यापार और डॉलर पर निर्भरता कम होगी। इससे आयात-निर्यात में तेजी आएगी, कागजी जटिलताएं कम होंगी और चांदनी चौक, खारी बावली जैसे बाजारों को लाभ मिलेगा।
समस्तीपुर जिले के तीन प्रखंडों में 2.33 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। प्रभावित लोगों को भोजन उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन की ओर से 121 कम्युनिटी किचन चलाए जा रहे हैं। प्रशासन का दावा है कि प्रत्येक कम्युनिटी किचन में रोजाना एक हजार से अधिक लोग भोजन कर रहे हैं। किचन तक पहुंचने वाले हर बाढ़ पीड़ित को पर्याप्त मात्रा में चावल, दाल और एक सब्जी उपलब्ध कराई जा रही है। हालांकि, प्रशासन के दावों से अलग जमीनी हकीकत कुछ और नजर आई। बाढ़ प्रभावित लोगों को तीन-तीन किलोमीटर तक नाव से सफर कर कम्युनिटी किचन पहुंचना पड़ रहा है। घर के पुरुष और बच्चे तो किसी तरह किचन तक पहुंच रहे हैं, लेकिन महिलाएं वहां नहीं पहुंच पा रही हैं। ऐसे में उन्हें घर पर ही किसी तरह भोजन का इंतजाम करना पड़ रहा है। बाढ़ प्रभावितों का आरोप है कि कम्युनिटी किचन से भोजन घर ले जाने की व्यवस्था नहीं है। जबकि जिला प्रशासन की ओर से घोषणा की गई थी कि जरूरतमंद बाढ़ पीड़ितों तक घर पर भोजन पहुंचाया जाएगा। जमीनी स्तर पर कई प्रभावित परिवारों का कहना है कि यह व्यवस्था अब तक उन तक नहीं पहुंची है। डुमरी में छह फीट तक पानी, नाव से किचन पहुंच रहे लोग डुमरी के कम्युनिटी किचन में मिले रामचंद्र पासवान ने बताया कि उनके घर में अभी भी करीब छह फीट तक पानी है। वह बच्चों के साथ नाव से कम्युनिटी किचन पहुंचते हैं। यहां उन्हें दो समय भोजन मिल रहा है, लेकिन घर की महिलाएं किचन तक नहीं आ पाती हैं। उनके लिए अलग से भोजन नहीं दिया जाता। रामचंद्र ने कहा कि प्रशासन की ओर से घोषणा की गई थी कि नाव के जरिए घर तक भोजन पहुंचाया जाएगा, लेकिन अब तक ऐसा नहीं हुआ है। गांव में सिर्फ दो मीटर पन्नी मिली है। भोजन के अलावा अब तक कोई दूसरी सहायता नहीं मिली है। कमर तक पानी, छत पर खाना बनाने को मजबूर महिलाएं डुमरी वार्ड-7 निवासी शिवपूजन पासवान ने बताया कि उनके घर में अभी भी कमर तक पानी भरा हुआ है। वह कम्युनिटी किचन पहुंचकर दिन में दो बार भोजन कर लेते हैं, लेकिन घर की महिलाएं किचन तक नहीं आ पाती हैं। उनके लिए भोजन भी नहीं मिलता। उन्होंने बताया कि घर की महिलाएं छत पर ही किसी तरह खाना बनाकर गुजारा कर रही हैं। गांव में पन्नी के अलावा अब तक कोई खास राहत सामग्री नहीं मिली है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समस्या सिर्फ एक कम्युनिटी किचन की नहीं है। कई जगहों पर किचन तक पहुंचने वाले लोगों को ही भोजन मिल रहा है। जो लोग पानी से घिरे घरों से निकलकर किचन तक नहीं पहुंच पा रहे हैं, उनके लिए घर तक भोजन पहुंचाने की व्यवस्था नहीं हो सकी है। नदी पार कर किचन पहुंचना मुश्किल, घर में ही बना रही खाना बेरी विशनपुर की रहने वाली जशिया देवी ने बताया कि नदी के पार भोजन के लिए कम्युनिटी किचन बनाया गया है। नदी पार कर रोजाना भोजन करने के लिए जाना आसान नहीं है। इसी वजह से वह गांव में ही किसी तरह भोजन बनाकर खा रही हैं। सामाजिक संगठनों के लोग महिलाओं तक पहुंचा रहे सूखा राशन कम्युनिटी किचन तक नहीं पहुंच पाने वाली महिलाओं के घर भोजन नहीं पहुंचने की शिकायतों के बाद सामाजिक संगठनों के लोग मदद के लिए आगे आए हैं। मोहिउद्दीननगर क्षेत्र के पर्यावरण कार्यकर्ता सुजीत कुमार भगत ने बाढ़ प्रभावित बिशनपुर बेरी पंचायत के अलग-अलग वार्डों में नाव से पहुंचकर सूखा भोजन, चूड़ा, गुड़ और दवाइयों का वितरण किया। उन्होंने बताया कि लगातार सूचना मिल रही थी कि बाढ़ प्रभावित परिवारों की महिलाएं कम्युनिटी किचन तक नहीं पहुंच पा रही हैं और उन्हें भोजन नहीं मिल रहा है। इसी को देखते हुए उन्होंने नाव से प्रभावित गांवों में पहुंचकर जरूरतमंद परिवारों के लिए भोजन और अन्य जरूरी सामग्री उपलब्ध कराने की पहल की। विधायक ने कहा- महिलाओं के लिए घर तक भोजन पहुंचाने का निर्देश मोहिउद्दीननगर से भाजपा विधायक राजेश कुमार सिंह ने कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों के बीच पर्याप्त राहत की व्यवस्था की गई है। 121 कम्युनिटी किचन के अलावा पशुओं के लिए राहत कैंप और मेडिकल कैंप भी लगाए गए हैं। इन केंद्रों के माध्यम से प्रभावित लोगों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि जो महिलाएं कम्युनिटी किचन तक नहीं पहुंच पा रही हैं, उनके लिए भी भोजन की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है। किचन संचालकों को कहा गया है कि ऐसे प्रभावित परिवारों को भोजन उपलब्ध कराया जाए, ताकि कोई महिला भूखी न रहे।
बिजनौर के काजीपाड़ा मोहल्ले में शनिवार रात करीब 9 बजे बाइक सवार युवकों ने एक युवक का पीछा कर उस पर गोली चला दी। गनीमत रही कि गोली किसी को नहीं लगी। फायरिंग की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर जुटे तो आरोपी अपनी बाइक, एक लोडेड तमंचा और बड़ा चाकू छोड़कर फरार हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने हथियार और बाइक कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। पीछा कर गोली चलाने का आरोप बुल्ला का चौराहा निवासी आमिर पुत्र अफसर का रामलीला क्षेत्र के वासु से पुराना विवाद बताया जा रहा है। आमिर का आरोप है कि एक दिन पहले वासु और उसके साथियों ने उसके साथ मारपीट की थी। इस मामले में उसने मेडिकल कराने के बाद पुलिस से शिकायत की थी। आमिर के मुताबिक, शनिवार को वासु और उसके साथी उसे तलाश रहे थे। शाम को जब वह काजीपाड़ा की ओर पहुंचा तो बाइक सवार कुछ युवक उसके पीछे लग गए। गली में घुसकर बचाई जान आमिर ने बताया कि अपनी जान बचाने के लिए वह काजीपाड़ा में कारी अरशद वाली गली में घुस गया। आरोप है कि पीछा कर रहे युवकों ने इसी दौरान तमंचे से उस पर गोली चला दी। गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास के लोग और वाल्मीकि बस्ती के कुछ युवक भी मौके पर पहुंच गए। लोगों की भीड़ जुटती देखकर आरोपी मौके से भाग निकले। भागते समय वे अपनी बाइक, तमंचा और चाकू वहीं छोड़ गए। पुलिस ने हथियार और बाइक कब्जे में ली घटना की सूचना मिलते ही सीओ सिटी अभय पांडेय पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने मौके से आरोपियों द्वारा छोड़ी गई बाइक, एक लोडेड तमंचा और बड़ा चाकू बरामद किया है। सीओ सिटी अभय पांडेय ने बताया कि काजीपाड़ा में फायरिंग की घटना की सूचना मिली है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
लखनऊ के नाका हिंडोला स्थित श्री गुरु सिंह सभा गुरुद्वारे में शनिवार कों गुरु ग्रंथ साहिब का पहला प्रकाश पर्व मनाया गया। इस मौके पर श्री दरबार साहिब, अमृतसर से आए सिमरनजीत सिंह ने कीर्तन के माध्यम से संगत को गुरु का संदेश दिया। पांच प्यारों की अगुवाई में फूलों से सजी पालकी साहिब में सुशोभित गुरु ग्रंथ साहिब की चौकी निकाली गई। सिख श्रद्धालुओं और कई समूह ने शबद कीर्तन गायन किया। ‘बोले सो निहाल, सत श्री अकाल’ के जयकारों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया। पुष्पवर्षा कर चौकी का स्वागत किया खालसा इंटर कॉलेज के एनसीसी कैडेट्स और गुरु नानक गर्ल्स इंटर कॉलेज की छात्राओं ने बैंड की धुन पर कदमताल करते हुए शब्द चौकी की शोभा बढ़ाई। विजय नगर में लखनऊ गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह बग्गा ने पुष्पवर्षा कर चौकी का स्वागत किया। सहयोग के लिए खालसा इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य विरेंद्र सिंह को सिख सेवक जत्थे ने सम्मानित किया। गुरु के उपदेशों पर चलने की अपील की चौकी की परिक्रमा पूरी होने के बाद गुरुद्वारा साहिब के हेड ग्रंथी दिलेर सिंह जोश ने विधिवत गुरु ग्रंथ साहिब का प्रकाश कराया। गुरुद्वारा अध्यक्ष डॉ. अमरजोत सिंह और महामंत्री मनमीत सिंह ने संगत को पर्व की बधाई दी और गुरु के उपदेशों पर चलने की अपील की। 10 सितंबर से चल रहे समागम में सिख सेवक जत्थे ने चौकी का प्रबंध किया। गुरुद्वारा सदर अध्यक्ष हरपाल सिंह जग्गी और सिख सेवक जत्थे के नवनियुक्त अध्यक्ष कुलदीप सिंह सलूजा, जनरल सेक्रेटरी अमरजीत सिंह छाबड़ा समेत टीम को सम्मानित किया गया। 18 सितंबर को विशेष दीवान होगा। इसमें ज्ञानी शेर सिंह और प्रसिद्ध रागी जत्थे शाम को कीर्तन करेंगे।
मेरठ के सराय काजी में शनिवार देर रात 20 वर्षीय कृष्ण ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों के मुताबिक, कृष्ण का पत्नी से विवाद चल रहा था। शनिवार रात उसने पत्नी से फोन पर बात की थी। बातचीत खत्म होने के कुछ देर बाद उसने फांसी लगा ली। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। चार महीने पहले हुई थी शादी कृष्ण सराय काजी का रहने वाला था और जिम का सामान बनाने वाली फैक्ट्री में काम करता था। परिजनों के मुताबिक, उसकी शादी करीब चार महीने पहले पड़ोस में रहने वाली युवती से हुई थी। शादी के कुछ समय बाद ही दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया था। करीब आठ दिन पहले किसी बात को लेकर पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ था। इसके बाद पत्नी नाराज होकर मायके चली गई थी। शनिवार रात कृष्ण ने पत्नी से फोन पर बात की। बातचीत के बाद उसने फांसी लगा ली। कुछ देर बाद परिजनों को घटना की जानकारी हुई तो पुलिस को सूचना दी गई। एक दिन पहले भी नस काटी थी परिजनों ने पुलिस को बताया कि शुक्रवार को भी कृष्ण ने विवाद के चलते अपने हाथ की नस काट ली थी। उस समय परिजनों ने उसे बचा लिया था। इसके बावजूद पति-पत्नी के बीच विवाद खत्म नहीं हुआ। मोबाइल फोन पुलिस ने कब्जे में लिए पुलिस ने कृष्ण और उसकी पत्नी के मोबाइल फोन कब्जे में लिए हैं। पुलिस दोनों के बीच हुई बातचीत और मोबाइल में उपलब्ध अन्य जानकारी की जांच कर रही है। अधिकारियों के मुताबिक, आत्महत्या की वास्तविक वजह जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
लखनऊ के बख्शी का तालाब इंटर कॉलेज में विज्ञान शिक्षक हरिश्चंद्र सिंह चौहान बच्चों को किताबों तक सीमित रखने के बजाय नवाचार के जरिए विज्ञान समझा रहे हैं। राज्य सरकार से पुरस्कृत शिक्षक चौहान विद्यालय में शिक्षण के दौरान अलग-अलग प्रयोग और मॉडल तैयार कराकर बच्चों की विज्ञान में रुचि बढ़ा रहे हैं। उनके प्रयासों से विद्यार्थी विज्ञान को समझने के साथ नए मॉडल बनाने के लिए भी प्रेरित हो रहे हैं। इंस्पायर अवार्ड मानक योजना के तहत शिक्षक हर वर्ष विद्यार्थियों को नए आइडिया और मॉडल तैयार करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। इनमें से पांच बेहतर मॉडल का चयन कर योजना के लिए भेजा जाता है। चयनित विद्यार्थियों को मॉडल तैयार करने के लिए 10-10 हजार रुपए की सहायता राशि मिलती है। इससे बच्चों को अपनी कल्पना और वैज्ञानिक सोच को मॉडल के रूप में प्रस्तुत करने का अवसर मिलता है। कुछ नया करने के लिए प्रेरित करना जरूरी हरिश्चंद्र सिंह चौहान का कहना है कि बच्चों का सर्वांगीण विकास केवल पाठ्यक्रम पूरा करने से संभव नहीं है। इसके लिए उन्हें सोचने, सवाल पूछने और कुछ नया करने के लिए प्रेरित करना जरूरी है। इसी उद्देश्य से वे विद्यालय समय के अतिरिक्त भी बच्चों को समय देते हैं और उनकी रुचि के अनुसार मार्गदर्शन करते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षक का काम केवल पढ़ाना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के जीवन को सही दिशा देना भी है। अच्छी शिक्षा से ही सशक्त समाज और समृद्ध भारत का निर्माण संभव है। उनका संदेश है- सीखो, सोचो और कुछ नया करो। उनका प्रयास है कि विद्यार्थी विज्ञान को रटने के बजाय उसे समझें और अपने विचारों को प्रयोग व मॉडल के माध्यम से सामने लाएं।
स्कूल टीचर ने प्रेग्नेंट किया, छात्रा ने कर लिया सुसाइड; बिहार में एक और कांड
गयाजी जिले के एक सरकारी स्कूल में पढ़ने वाली छात्रा से वहीं के एक शिक्षक ने झांसे में लेकर कई बार शारीरिक शोषण किया। इस बीच छात्रा गर्भवती हो गई, तो उसने सुसाइड कर लिया। केस दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
दिल्ली के सिंधू बॉर्डर पर देशविरोधी नारे लिखने वाले तीन गिरफ्तार, कनाडा से हवाला फंडिंग का खुलासा
सिंधु बॉर्डर पर गुरु तेग बहादुर मेमोरियल की दीवारों पर देशविरोधी नारे लिखने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई खालिस्तानी आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू के कथित इशारे पर की गई थी, जिसमें प्रीतपाल को मास्टरमाइंड बताया गया है।
मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने शनिवार को नई दिल्ली में BRICS के डिनर के दौरान किशोर कुमार का मशहूर गाना ‘ख्वाब हो तुम या कोई हकीकत...’ और मुकेश का गीत दोस्त दोस्त ना रहा... गाना गाकर सबका ध्यान खींचा। अनवर ने किशोर कुमार के जिस गाने को अपनी आवाज दी, वह 1965 में रिलीज हुई फिल्म ‘तीन देवियां’ का है। इस गाने को किशोर कुमार ने गाया था। इसका संगीत एसडी बर्मन ने दिया था। गीत के बोल मजरूह सुल्तानपुरी ने लिखे थे। वहीं, मुकेश का गाया दोस्त दोस्त न रहा सॉन्ग 'संगम' मूवी का है। इसका संगीत शंकर-जयकिशन ने दिया था। गीत के बोल शैलेंद्र ने लिखे थे। अनवर ने इस वीडियो को अपने X सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर भी किया। वीडियो करीब डेढ़ मिनट का है। इसमें वे पियानो की धुन पर एक दो स्टेंजा गाते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो शेयर करते हुए उन्होंने लिखा- गुरु, थोड़ा सा गाने की इजाजत है? अनवर किशोर कुमार के फैन हैं, पहले भी यह गाना गुनगुना चुके मलेशिया के पीएम पहले भी किशोर कुमार के फैन होने की बात कह चुके हैं। उन्होंने 2024 में भारत में एक इंटरव्यू के दौरान भी यही गीत गुनगुनाया था। इसके अलावा, फरवरी 2026 में पीएम मोदी की मलेशिया यात्रा के दौरान उन्होंने एक आधिकारिक वीडियो मोंटाज साझा किया था। इसमें ‘कभी खुशी कभी गम’ का लोकप्रिय गाना ‘बोले चूड़ियां’ इस्तेमाल किया गया था। मलेशिया में 27 लाख लोग भारतीय मूल, बॉलीवुड और तमिल मूवी लोकप्रिय डिप्टी पीएम भी रह चुके हैं अनवर अनवर इब्राहिम मलेशिया के 10वें प्रधानमंत्री हैं। उन्होंने 24 नवंबर 2022 को पदभार ग्रहण किया था। इससे पहले वे 1993 में मलेशिया के 7वें डिप्टी पीएम बने थे। 1998 में, अनवर को तत्कालीन प्रधानमंत्री महाथिर मोहम्मद ने सभी सरकारी पदों से हटा दिया गया था। उन्हें अप्रैल 1999 में भ्रष्टाचार और समलैंगिकता के आरोपों में जेल भेज दिया गया था और 2004 में उनकी सजा पलटने के बाद रिहा कर दिया गया था। इसके बाद अनवर 2008 से 2015 तक विपक्ष के नेता रहे। 2022 के आम चुनावों में जीत के बाद उन्होंने 24 नवंबर 2022 को प्रधानमंत्री बने। --------------- ये खबरें भी पढ़ें… BRICS समिट- दिल्ली में मोदी की डिनर पार्टी:पनीर के साथ सूखी सब्जी, चुकंदर का रायता; मिठाई में फ्रूट क्रीम विद जलेबी पीएम मोदी ने शनिवार को भारत मंडपम में BRICS सदस्य देशों के नेताओं के लिए डिनर पार्टी को होस्ट किया। मेन्यू में पनीर के साथ सूखी सब्जी, चुकंदर का रायता और मिलेट्स का पुलाव रखा गया है। मिठाई में फ्रूट क्रीम विद जलेबी मिलेगी। पूरी खबर पढ़ें… मोदी–जिनपिंग बोले- मतभेद विवाद में न बदलें:आपसी संबंध लंबे चले; गलवान झड़प के बाद चीन से इम्पोर्ट दोगुना हुआ पीएम मोदी ने दिल्ली में BRICS समिट से अलग चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से द्विपक्षीय बैठक की। यह मीटिंग करीब 50 मिनट चली। मोदी और जिनपिंग ने इस बात पर भी सहमति जताई कि मतभेदों को विवाद नहीं बनने देना चाहिए और संबंध लंबे चलने चाहिए। पूरी खबर पढ़ें…
कानपुर के गुजैनी थाना क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित मायापुरम में बच्चों को एक्सपायरी सीरप बांटे जाने की सूचना से दहशत फैल गई। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, इस सूचना के बाद लोगों ने टीम से मिली दवाएं फेंक दीं। दोबारा पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम से भी कई लोगों ने दवा लेने से इनकार कर दिया। विभागीय जांच में मायापुरम में संबंधित सीरप बांटे जाने का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने भ्रामक सूचना फैलाने वाले अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। तीन बच्चों की बिगड़ी थी तबीयत बिधनू सीएचसी के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. नीरज सिंह ने बताया कि बीते मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम पर मायापुरम बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में एक्सपायरी दवाएं बांटने का दावा किया गया था। आरोप था कि एक्सपायरी सीरप पीने चार वर्षीय ऋषभ समेत तीन बच्चों की तबीयत बिगड़ गई और उन्हें उल्टियां शुरू हो गईं। बच्चों के बीमार होने की जानकारी पर उनका निजी डाक्टर से उपचार कराने की बात भी सामने आई थी। मामले की जानकारी होने पर सीएमओ डा. हरिदत्त नेमी ने विभागीय जांच कराई। जांच के दौरान स्टाक रजिस्टर की पड़ताल की गई। इसमें मायापुरम में संबंधित सीरप के वितरण का कोई रिकार्ड नहीं मिला। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार संबंधित सीरप वर्ष 2025 में ड्रग वेयर हाउस पहुंचा था। मार्च 2025 तक इसे सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को भेजा जा चुका था। अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ FIR संबंधित बैच की दवा वर्तमान में किसी स्वास्थ्य केंद्र पर उपलब्ध नहीं होने का भी विभाग ने दावा किया है। जांच में एक्सपायरी सीरप बांटे जाने की पुष्टि नहीं होने के बाद डा.नीरज सिंह ने भ्रामक सूचना फैलाने वाले अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ पुलिस से शिकायत की। गुजैनी थाना प्रभारी राजन शर्मा ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की शिकायत पर अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। सूचना को किस तरह और किसने फैलाया, इसकी जांच की जा रही है।
गया में शनिवार शाम बाइक सवार अपराधियों ने रेलवे कर्मचारी को गोली मार दी। डेल्हा थाना क्षेत्र के लोको कॉलोनी के पास रेलवे के ट्रैकमैन लाल बाबू यादव पर दो फायर किए गए। एक गोली उनके कंधे में लगी। गोली लगने के बाद भी लाल बाबू ने खुद बाइक चलाकर रेलवे अस्पताल पहुंचकर इलाज कराया। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए मेडिकल अस्पताल रेफर किया गया। परिजन उन्हें पटना ले जाने की तैयारी कर रहे हैं। पुलिस मौके पर पहुंचकर मामले की जांच कर रही है। अब तक गोलीबारी की वजह और अपराधियों की पहचान नहीं हो सकी है। क्वार्टर से गांव जाने निकले थे, रास्ते में मारी गोली जानकारी के अनुसार, लाल बाबू रेलवे के इंजीनियरिंग विभाग में ट्रैकमैन हैं। शनिवार शाम करीब 6:30 बजे वह लोको स्थित रेलवे क्वार्टर से बाइक लेकर अपने गांव चाकंद जाने के लिए निकले थे। लोको चौराहा के पास पहुंचते ही बाइक सवार दो अपराधियों ने उन्हें निशाना बनाया। दोनों ने उन पर लगातार दो गोलियां चलाईं। इसमें एक गोली उनके कंधे में लगी। वारदात के बाद दोनों अपराधी मौके से फरार हो गए। गोली लगने के बाद भी खुद बाइक चलाकर अस्पताल पहुंचे गोली लगने के बाद लाल बाबू सड़क पर नहीं गिरे और खुद को संभालते हुए बाइक चलाकर रेलवे अस्पताल पहुंचे। लोको चौराहा से करीब एक किलोमीटर दूर रेलवे अस्पताल में डॉक्टरों ने उनका प्राथमिक उपचार किया। इसके बाद बेहतर इलाज के लिए उन्हें मेडिकल अस्पताल रेफर कर दिया गया। फिलहाल उनकी स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है और इलाज चल रहा है। CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस घटना की सूचना मिलते ही डेल्हा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल की जांच की। आसपास के लोगों से भी पूछताछ की गई। अपराधियों की पहचान के लिए लोको चौराहा और आसपास के घरों में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि लाल बाबू को ही निशाना क्यों बनाया गया। इंस्पेक्टर व्यंकटेश ओझा ने बताया कि गोलीबारी की मूल वजह अभी सामने नहीं आई है। मामले की जांच की जा रही है। पूछताछ के साथ CCTV फुटेज भी खंगाली जा रही है। उन्होंने बताया कि घायल लाल बाबू का इलाज चल रहा है। क्वार्टर खाली कराने को लेकर धमकी की भी बात सामने आई सूत्रों के अनुसार, पिछले महीने रेलवे क्वार्टर पर कब्जा करने वाले कुछ लोगों को क्वार्टर खाली कराया गया था। सूत्रों का कहना है कि इस दौरान कुछ असामाजिक तत्वों ने लाल बाबू को सबक सिखाने की धमकी दी थी। हालांकि, गोलीबारी की घटना का इससे कोई संबंध है या नहीं, इसकी अभी पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस सभी संभावित कारणों को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों की सेवा, समर्पण और राष्ट्र निर्माण के कार्यों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाया जाएगा। अभियान की शुरुआत 17 सितंबर को विश्वकर्मा पूजा के अवसर पर होगी। इस दिन जिले के लोगों से अपने-अपने घरों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए एक दीया जलाने की अपील की गई है। इस कार्यक्रम को ‘आशीर्वाद का दीया’ नाम दिया गया है। शनिवार को अभियान की जानकारी देने पहुंचे बिहार सरकार के अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग के मंत्री लखेंद्र पासवान ने पत्रकारों से बातचीत में इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 25 वर्षों का सार्वजनिक जीवन ‘जनसेवा से राष्ट्रसेवा’ का उदाहरण है। अभियान के जरिए प्रधानमंत्री के कार्यों, गरीब कल्याण की योजनाओं, सुशासन और विकसित भारत के संकल्प को समाज के अलग-अलग वर्गों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। ‘आशीर्वाद का दीया’ से शुरू होगा अभियान मंत्री ने बताया कि 17 सितंबर को ‘सेवा दिवस’ के रूप में मनाया जाएगा। इस दौरान अलग-अलग जनसेवा गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के जरिए प्रधानमंत्री के प्रति जनता के स्नेह और आशीर्वाद को व्यक्त करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं से अभियान को व्यापक जनभागीदारी के साथ सफल बनाने की अपील की। 25 साल की सेवा यात्रा से जुड़े होंगे कई कार्यक्रम अभियान के दौरान ‘25 करोड़ बच्चों के सपनों का भारत’, ‘नमो सेवा गाथा’, ‘आंगन का उत्सव’, ‘कहानी बदलाव की’, ‘विकसित भारत संकल्प यात्रा’, ‘सेवा ज्योति यात्रा’, ‘वडनगर से वाराणसी’, ‘सेवा मेरा योगदान’, ‘सेवा सेतु अभियान’, ‘राष्ट्रीय इनोवेशन चैलेंज’ और ‘जनसेवक महाकुंभ—पंचायत से पार्लियामेंट’ जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मंत्री ने कहा कि इन कार्यक्रमों के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 25 वर्षों की सेवा यात्रा को जनभागीदारी से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। भाजपा कार्यकर्ताओं से जनभागीदारी बढ़ाने की अपील मंत्री लखेंद्र पासवान ने कहा कि अभियान का उद्देश्य प्रधानमंत्री के सार्वजनिक जीवन और उनके कार्यों की जानकारी समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाना है। उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं से अभियान के कार्यक्रमों में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया। प्रेस वार्ता की अध्यक्षता भाजपा समस्तीपुर उत्तरी जिलाध्यक्ष नीलम सहनी ने की। मौके पर भाजपा समस्तीपुर दक्षिणी जिलाध्यक्ष शशिधर झा, किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष राम सुमिरन सिंह, भाजपा नेता शशिकांत आनंद, मनोज कुमार गुप्ता, देवानंद प्रसाद यादव, कैप्टन कमलेश सहनी, जिला महामंत्री विमला सिंह, सुनील कुमार गुप्ता समेत अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे।
मेरठ में परतापुर के रिठानी स्थित अविका होटल में शनिवार को भीषण आग लग गई। आग ने होटल के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया। खास बात यह है कि इसी होटल के एक कमरे में तुर्कमेनिस्तान की महिला मुहब्बत सुनातोव्ना की हत्या से जुड़े सुराग हैं। उसकी मौत के बाद पुलिस ने कमरे को सील कर दिया था। अब पता लगाया जा रहा है कि सील किया गया कमरा आग की चपेट में आया या नहीं। उसमें मौजूद हत्या से जुड़े सबूत सुरक्षित हैं या नहीं। पहले 3 तस्वीरें देखिए… होटल में आग इतनी तेजी से फैली कि अंदर रखा ज्यादातर सामान जल गया। बाहर खड़ी दो कारें भी आग की चपेट में आकर राख हो गईं। दमकल की कई गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग की गर्मी आसपास की इमारतों तक भी पहुंची। हत्या की जांच में होटल आया था सामने दरअसल, 17 फरवरी 2026 को मवाना क्षेत्र में एक महिला का शव मिला था। पुलिस ने लंबी जांच के बाद डीएनए टेस्ट के जरिए उसकी पहचान तुर्कमेनिस्तान की महिला मुहब्बत सुनातोव्ना के रूप में की थी। इसके बाद पुलिस ने हत्या की जांच शुरू की तो मेरठ के अविका होटल का कनेक्शन भी सामने आया। पुलिस के अनुसार, हत्या के मामले में होटल से जुड़े चंचल कुमार नंदवानी उर्फ बंटी समेत कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। जांच के दौरान होटल के एक कमरे को सील कर दिया गया था। पुलिस के लिए यह कमरा इसलिए महत्वपूर्ण था, क्योंकि यहां हत्या से जुड़े साक्ष्य होने की बात सामने आई थी। सील कमरे की जांच में जुटी पुलिस होटल में आग लगने के बाद अब जांच का सबसे अहम हिस्सा यही है कि पुलिस का सील किया हुआ कमरा आग और गर्मी से कितना प्रभावित हुआ। अगर आग उस कमरे तक पहुंची है तो वहां मौजूद सामान और साक्ष्यों पर भी असर पड़ने की आशंका है। पुलिस अब सील कमरे की स्थिति की जांच करेगी। यह भी देखा जाएगा कि कमरे की सील सुरक्षित है या नहीं और अंदर रखा कोई सामान जला या क्षतिग्रस्त तो नहीं हुआ। जरूरत पड़ने पर फोरेंसिक टीम से भी जांच कराई जा सकती है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि आग से हत्या की जांच से जुड़ा कोई साक्ष्य नष्ट हुआ है या नहीं। जब तक पुलिस या फोरेंसिक टीम इसकी पुष्टि नहीं करती, तब तक सबूत मिटने की बात आशंका के तौर पर ही सामने आ रही है। शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका पुलिस की शुरुआती जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है। हालांकि, आग की गंभीरता को देखते हुए दूसरे संभावित कारणों की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि आग होटल के किस हिस्से से शुरू हुई और कितनी तेजी से दूसरे हिस्सों तक पहुंची। आग के कारण होटल का बड़ा हिस्सा प्रभावित हुआ है। ऐसे में अब पुलिस के सामने दो अहम सवाल हैं—आग की वास्तविक वजह क्या थी और क्या इस आग से मुहब्बत सुनातोव्ना हत्याकांड की जांच के लिए सुरक्षित किए गए किसी साक्ष्य को नुकसान पहुंचा है। हत्या की जांच में आगे क्या होगा पुलिस अब आग से प्रभावित हिस्से और सील कमरे की स्थिति का आकलन करेगी। इसके बाद ही साफ हो सकेगा कि हत्या की जांच से जुड़े साक्ष्य सुरक्षित हैं या नहीं। अगर कोई साक्ष्य क्षतिग्रस्त या नष्ट मिला तो पुलिस के लिए उसकी जांच और संरक्षण से जुड़े पहलू भी महत्वपूर्ण होंगे।
बिलासपुर में स्मार्ट सिटी द्वारा बनाई गई करोड़ों की स्मार्ट रोड को रात के अंधेरे में एक्सीवेटर से खोद दिया गया। इस मामले ने तूल पकड़ लिया है। नगर निगम कमिश्नर प्रकाश कुमार सर्वे ने कहा है कि रिपोर्ट मिलने के बाद सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में एफआईआर दर्ज की जाएगी। जोन क्रमांक 3 ने इस मामले में नोटिस भी जारी किया है। 7 सितंबर को जोन क्रमांक 3 के कमिश्नर ने मिनोचा कॉलोनी निवासी जगजीत सिंह मक्कड़ को नोटिस जारी किया। इसमें नर्मदा नगर मुख्य मार्ग पर मिनोचा कॉलोनी पेट्रोल पंप के सामने बनी नई डामर सड़क को नुकसान पहुंचाने पर जवाब मांगा गया है। नोटिस में मक्कड़ पर सड़क खोदने का सीधा आरोप है, जिससे आवागमन और ट्रैफिक पर असर पड़ रहा है। उन्हें 24 घंटे के अंदर अपने खर्चे पर सड़क को पहले जैसा ठीक करने का आदेश दिया गया है। जोन कमिश्नर ने चेतावनी दी है कि अगर ऐसा नहीं किया गया, तो नियमों के हिसाब से कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि यह सड़क तत्कालीन कमिश्नर कुणाल दुदावत के समय बनाई गई थी। मिनोचा कॉलोनी से उस्लापुर फ्लाईओवर ब्रिज तक अतिक्रमण हटाकर नगर निगम की जमीन पर स्मार्ट सिटी फंड से इसका निर्माण हुआ था। पहले स्टेशन जाने के लिए सिर्फ एक संकरी सड़क थी, लेकिन नई सड़क बनने से लोगों को ट्रैफिक जाम से राहत मिली है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में शनिवार को व्यवहार न्यायालय, औरंगाबाद और अनुमंडलीय व्यवहार न्यायालय, दाउदनगर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इसमें कुल 2,594 मामलों का निस्तारण किया गया और करीब 3 करोड़ रुपये का समझौता कराया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन प्रभारी प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार की अध्यक्ष आनंदिता सिंह, परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश अरुण कुमार, डीडीसी अनुपम सिंह, एसपी प्रतिनिधि विनोद सिंह, प्राधिकार की सचिव तान्या पटेल समेत अन्य अधिकारियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस दौरान न्यायिक पदाधिकारी, अधिवक्ता, बैंक व बीमा कंपनियों के अधिकारी और पक्षकार मौजूद रहे। 50 रुपये के विवाद में दर्ज केस, लोक अदालत में हुआ समझौता अधिवक्ता सतीश कुमार स्नेही ने बताया कि रफीगंज थाना कांड संख्या 207/24 और जीआर 1512/24 में औरवां रफीगंज निवासी रामदास चौधरी ने 50 रुपये के बकाया को लेकर हुए विवाद के बाद गांधी रजक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। मामले में भादंवि की धारा 341, 323, 504 और 379 के तहत केस दर्ज हुआ था। लंबे समय से चल रहे इस विवाद को शनिवार को दोनों पक्षों ने आपसी सहमति और राजी-खुशी से खत्म कर दिया। 10 साल पुराने भाई-भाई के विवाद का भी निपटारा रफीगंज थाना कांड संख्या 180/15 और जीआर 2129/15 में खैरा सिहुरी निवासी कृष्णा दास ने अपने भाई अर्जुन दास के खिलाफ मारपीट का मामला दर्ज कराया था। प्राथमिकी के अनुसार, कृष्णा दास सुबह गोशाला गया था। वहां उसने अपने छोटे भाई को जानवरों के साथ मारपीट करते देखा। मना करने पर दोनों के बीच विवाद हुआ और मारपीट में कृष्णा घायल हो गया। मामले में 12 जनवरी 2023 को धारा 341/323 के तहत संज्ञान लिया गया था। शनिवार को दोनों भाइयों ने आपसी सहमति से मुकदमे का निपटारा करा लिया। पारिवारिक मामलों में 50 केस निपटे, बताया गया नया रिकॉर्ड लोक अदालत में पारिवारिक और वैवाहिक मामलों के निस्तारण में 50 मामलों का आपसी सुलह-समझौते के आधार पर निष्पादन किया गया। इसे पारिवारिक मामलों के निस्तारण का अब तक का नया रिकॉर्ड बताया गया। इसके अलावा 532 सुलहनीय आपराधिक मामलों का भी निस्तारण हुआ। 11 चेक बाउंस मामलों में 50 लाख रुपये का समझौता कराया गया। अनुमंडल पदाधिकारी न्यायालय से संबंधित 695 और टेलीफोन से जुड़े 19 मामलों का भी निपटारा किया गया। प्रभारी प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश आनंदिता सिंह ने कहा कि लोक अदालत में किसी एक पक्ष की जीत और दूसरे की हार नहीं होती। दोनों पक्षों की संतुष्टि ही इसकी सफलता है। उन्होंने लोगों से लंबित और प्री-लिटिगेशन मामलों को सुलह-समझौते से खत्म कराने के लिए लोक अदालत का लाभ उठाने की अपील की। 685 ट्रैफिक चालान निपटे, 11.52 लाख रुपये की वसूली राष्ट्रीय लोक अदालत में एकमुश्त यातायात चालान निपटान योजना के तहत विशेष कैंप लगाया गया। इसमें 685 लंबित ट्रैफिक मामलों का निष्पादन हुआ और 11 लाख 52 हजार 422 रुपये की वसूली की गई। योजना के तहत 90 दिनों से अधिक समय से लंबित ई-चालानों का निपटारा किया गया। 600 बैंक ऋण मामलों में 2.35 करोड़ की राहत बैंक ऋण से जुड़े 600 मामलों का भी निष्पादन किया गया। इन मामलों में पक्षकारों को कुल 2 करोड़ 35 लाख 96 हजार 56 रुपये की राहत दी गई। वहीं मोटर दुर्घटना से जुड़े दो मामलों में 5.25 लाख रुपये का समझौता कराया गया। चिकित्सा शिविर में शुगर, बीपी और हीमोग्लोबिन की जांच लोक अदालत परिसर में चिकित्सा शिविर भी लगाया गया। इसमें शुगर, बीपी और हीमोग्लोबिन की जांच की गई। जरूरत के अनुसार लोगों को दवाएं भी दी गईं। कार्यक्रम के अंत में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी लाल बिहारी पासवान ने लोक अदालत की सफलता में न्यायिक पदाधिकारियों, अधिवक्ताओं, बैंक अधिकारियों, कर्मचारियों और अर्धविधिक स्वयंसेवकों के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि कई दिनों से किए जा रहे सामूहिक प्रयास का परिणाम राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता के रूप में सामने आया है।
बेमेतरा जिले के नवागढ़ के रहने वाले जाने-माने स्नेक कैचर मनीष पाटिल की मौत हो गई। वे लोगों की जान बचाने के लिए दिन-रात सांपों का रेस्क्यू करते थे। नवागढ़ में देर रात सांप पकड़ने के दौरान उन्हें सांप ने डस लिया, जिससे उनकी हालत गंभीर हो गई। उन्हें तुरंत नवागढ़ अस्पताल ले जाया गया। बाद में परिजन उन्हें बेहतर इलाज के लिए सिम्स बिलासपुर ले गए। वहां इलाज के दौरान मनीष पाटिल ने दम तोड़ दिया। परिजनों ने आरोप लगाया है कि उन्हें समय पर इलाज नहीं मिल पाया। जानकारी के मुताबिक, 112 की टीम मनीष पाटिल को अपने साथ सांप पकड़ने के लिए ले गई थी। इसी दौरान सांप ने उन्हें डस लिया। मनीष पाटिल लंबे समय से सांपों को बचाने का काम कर रहे थे। वे नवागढ़ क्षेत्र में सांप निकलने की सूचना पर लोगों की मदद के लिए हमेशा तैयार रहते थे। बताया जा रहा है कि वे अब तक हजारों सांपों का रेस्क्यू कर चुके थे। उनकी मौत की खबर से पूरे नवागढ़ क्षेत्र में शोक का माहौल है। मनीष पाटिल की मौत के बाद परिजनों ने इलाज में कमी का आरोप लगाया है। हालांकि, अस्पताल में इलाज में देरी या लापरवाही की अभी पुष्टि नहीं हुई है।
दरभंगा के केवटी प्रखंड के पाराडीह ब्रह्मस्थान मैदान में शनिवार को हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (से) की ओर से गरीब चौपाल यात्रा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह राज्य सरकार के मंत्री डॉ. संतोष कुमार सुमन ने कार्यकर्ताओं और समर्थकों से पार्टी को मजबूत करने और अधिक से अधिक लोगों को सदस्यता अभियान से जोड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि बिहार में HAM के वर्तमान में पांच विधायक हैं और दरभंगा व केवटी विधानसभा क्षेत्र में भी पार्टी के बड़ी संख्या में समर्थक हैं। डॉ. संतोष सुमन ने कहा कि गरीब चौपाल के जरिए पार्टी गांव-गांव पहुंचकर गरीब और जरूरतमंद लोगों की समस्याएं सुन रही है। उन्होंने दावा किया कि शनिवार के कार्यक्रम में करीब 4 हजार आवेदन प्राप्त हुए हैं। इन आवेदनों को देखा जाएगा और संबंधित अधिकारियों से बात कर समस्याओं के समाधान का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि दरभंगा में यह गरीब चौपाल का 14वां कार्यक्रम है। रविवार को मधुबनी में चौपाल का आयोजन होगा। इसके बाद दूसरे प्रखंडों में भी कार्यक्रम किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि जब तक गरीब जागरूक नहीं होंगे और अपने अधिकारों को नहीं समझेंगे, तब तक पार्टी का यह अभियान जारी रहेगा। 'गरीब हमारी ताकत हैं' डॉ. सुमन ने कहा कि गरीबों की वजह से ही वह आज इस मुकाम तक पहुंचे हैं। गरीब उनकी ताकत हैं और उनका उद्देश्य गरीबों के चेहरे पर मुस्कान लाना है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के कई लोग अपनी समस्याओं को लेकर पटना नहीं पहुंच पाते हैं। इसलिए पार्टी खुद गांव और चौपाल तक पहुंच रही है। लोग अपनी समस्याएं लिखकर दें, जिन्हें संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाकर समाधान का प्रयास किया जाएगा। मांझी सरकार के 34 एजेंडों का किया जिक्र मंत्री ने जीतन राम मांझी के मुख्यमंत्री रहने के दौरान पारित 34 एजेंडों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पार्टी आज भी इन एजेंडों को आगे बढ़ाने के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा गरीब और शोषित लोगों को अपनी बात रखने का मंच देता है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से पार्टी को मजबूत करने की अपील करते हुए कहा कि पार्टी जितनी मजबूत होगी, जीतन राम मांझी और उनका हाथ उतना ही मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि इसके बाद बिहार के हर जिले में HAM का विधायक होगा। डॉ. सुमन ने अभिभावकों से बच्चों को शिक्षा दिलाने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि शिक्षा के जरिए ही समाज के बच्चे आगे बढ़ सकते हैं। 'चुनाव नहीं, लोगों को जागरूक करने पहुंचे' पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री राजेश पांडेय ने कहा कि अभी चुनाव का समय नहीं है। पार्टी के नेता और कार्यकर्ता लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से उनके बीच पहुंच रहे हैं। उन्होंने लोगों से अपनी ताकत को समझने और एकजुट होकर पार्टी की सदस्यता लेने की अपील की। आरक्षण और चिराग पासवान के सवाल पर भी जवाब आरक्षण के मुद्दे पर पूछे गए सवाल के जवाब में डॉ. संतोष सुमन ने कहा कि कुछ वर्गों और जातियों के संबंध में विचार करने की जरूरत है। वहीं चिराग पासवान द्वारा इस्तीफे की मांग को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि इस विषय पर वह काफी बोल चुके हैं और फिलहाल गरीबों की समस्याओं पर बात करने आए हैं। कई लोगों ने ली पार्टी की सदस्यता जिलाध्यक्ष आरके दत्ता की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में कुटुंबा विधायक ललन राम, प्रदेश अध्यक्ष अनिल कुमार सिंह, इजहार अहमद, पार्टी प्रवक्ता राजेश कुमार पांडेय, महादलित आयोग के सदस्य मकेश मांझी, प्रदेश सचिव कारी गामी, अजय कर्ण, हीरालाल गुप्ता, संजय सदा, सुमित्रा देवी, रामदुलारी देवी, संजीवन सदा, सुमन सिंह, ज्योति देवी और चंदन ऋषिदेव सहित अन्य नेताओं ने संबोधित किया। कार्यक्रम के दौरान कई लोगों ने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। इससे पहले कार्यकर्ताओं ने मंत्री डॉ. संतोष कुमार सुमन और अन्य अतिथियों का फूल-माला, पाग और चादर देकर स्वागत किया। कार्यक्रम में दरभंगा, मधुबनी, सुपौल और सहरसा सहित विभिन्न क्षेत्रों से पार्टी के नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
आगरा में शनिवार को जिला कोर्ट और तहसील स्तर पर राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन हुआ। जनपद न्यायाधीश और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष संजय कुमार मलिक ने दीप प्रज्वलित कर अदालत का शुभारंभ किया। इस दौरान एक ही दिन में कुल 6 लाख 76 हजार 335 वादों का निस्तारण किया गया। सुबह से ही कोर्ट परिसर में वादकारियों की भीड़ रही। सुलह-समझौते के आधार पर मामलों को निपटाया गया। आम लोगों की सुविधा के लिए कोर्ट में विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं। सुरक्षा के लिए पर्याप्त पुलिस बल भी तैनात रहा। कार्यक्रम में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शारिब अली, अपर जिला जज पुष्कर उपाध्याय, नोडल अधिकारी अमरजीत, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव पंकज कुमार सहित सभी न्यायिक अधिकारी, बैंक और विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। किस कोर्ट में कितने केस निपटे जिला न्यायालय स्तर पर जनपद न्यायाधीश की कोर्ट में 4 और अन्य अपर जिला जज कोर्ट में 1365 मामलों का निस्तारण हुआ। इनमें 4 करोड़ 42 लाख 35 हजार रुपए की धनराशि अधिरोपित की गई। परिवार न्यायालयों ने 86 दंपतियों के विवाद सुलह से खत्म कराए। सबसे बड़ी राहत मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण में मिली। पीठासीन अधिकारी रामविलास की कोर्ट ने 140 मामलों में पीड़ितों को 30 करोड़ 10 लाख 95 हजार रुपए की क्षतिपूर्ति दिलाई। सीजेएम, एसीजेएम, सिविल जज और मजिस्ट्रेट कोर्ट ने मिलकर 13 हजार 222 केस निपटाए। उपभोक्ता फोरम की दो कोर्ट में 37 और वर्चुअल कोर्ट में 1 लाख 53 हजार 275 ई-चालानों का निपटारा हुआ। तहसील और प्री-लिटिगेशन में सबसे ज्यादा केस जिला कोर्ट के अलावा तहसील, ब्लॉक, पुलिस आयुक्त कार्यालय, यातायात, ग्रीन गैस, बीएसएनएल, टोरंट पावर और फाइनेंस कंपनियों से जुड़े 5 लाख 6 हजार 915 मामलों का निपटारा मौके पर ही कर दिया गया। बैंकों के प्री-लिटिगेशन मामलों में भी बड़ी सफलता मिली। एसबीआई, यूको, आर्यावर्त ग्रामीण बैंक, पीएनबी, यूनियन बैंक समेत अन्य बैंकों के 1341 मामलों में समझौता हुआ। इसमें 11 करोड़ 97 लाख 74 हजार रुपए की समझौता राशि तय हुई।
छत्तीसगढ़ के धमतरी में एक युवक ने दो सगे भाइयों पर पेचकस से हमला कर दिया। यह घटना पिछले सप्ताह हुई हत्या के बाद सामने आई है। पुलिस ने मामूली विवाद पर हमला करने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। यह मामला धमतरी जिले के अर्जुनी थाना क्षेत्र के ग्राम कंडेल का है। कुछ दिन पहले इसी गांव में धारदार चाकू से एक युवक की हत्या हुई थी, जिससे गांव में तनाव था। अब मामूली विवाद में दो युवकों पर पेचकस से हमला किया गया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। पानी लेकर लौट रहे युवक से विवाद जानकारी के अनुसार, 9 सितंबर की शाम नीरज साहू अपने साथी सुरेंद्र कुमार साहू और लुकेश यादव के साथ ग्राम कंडेल के चबूतरे पर बैठे थे। इसी दौरान सुरेंद्र कुमार साहू पानी लेकर लौट रहे थे। तभी गांव के सौरभ साहू ने उनसे विवाद किया और गाली-गलौज करते हुए हाथ-मुक्कों से मारपीट शुरू कर दी। सुरेंद्र के साथ मारपीट होते देख नीरज साहू बीच-बचाव करने पहुंचे। इसी दौरान आरोपी सौरभ साहू ने अपने पास रखे पेचकस से नीरज साहू के सिर के पिछले हिस्से पर वार कर दिया। नीरज के शोर मचाने पर उनका छोटा भाई कोपेश्वर साहू मदद के लिए पहुंचा। आरोपी ने उसके सिर और गाल पर भी पेचकस से हमला कर घायल कर दिया। घटना के बाद आरोपी सौरभ साहू जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से भाग गया था। पुलिस ने बाद में सौरभ साहू (30 वर्ष, निवासी ग्राम कंडेल) को गिरफ्तार कर लिया। उसे कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।
ललितपुर के मोहल्ला जेलचौहरा में शनिवार शाम करीब 7 बजे 26 वर्षीय नगर पालिका कर्मचारी प्रशांत ने घर में फांसी लगाकर जान दे दी। घटना के समय वह घर में अकेला था। चचेरे भाई ने उसे कमरे में फंदे से लटका देखा तो परिजनों को सूचना दी। मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों ने मृत घोषित किया जानकारी मिलने पर परिजन प्रशांत को फंदे से उतारकर मेडिकल कॉलेज ले गए। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। बताया गया कि प्रशांत की मां अपनी बेटी की ससुराल मध्य प्रदेश गई हुई थीं। शनिवार शाम करीब 7 बजे प्रशांत के चचेरे भाई कमरे में पहुंचे तो वह रस्सी के फंदे पर लटका मिला। पुलिस ने शुरू की जांच घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। साथ ही आत्महत्या की वजहों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक अनुराग अवस्थी ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है। आत्महत्या की वजहों का पता लगाया जा रहा है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
राष्ट्रीय लोक अदालत में शनिवार को सबसे ज्यादा भीड़ ट्रैफिक चालान के निपटारे के लिए सिकंदरपुर स्टेडियम में दिखी। चालान में छूट मिलने की उम्मीद लेकर सुबह से ही हजारों लोग पहुंचते रहे। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने पिछली बार की भीड़ को देखते हुए इस बार 5 से 11 सितंबर तक प्री-वेरिफिकेशन की व्यवस्था की थी। इसके बावजूद शनिवार को स्टेडियम में लंबी कतारें लगी रहीं। कई लोगों के लिए चालान की राशि में मिली छूट से ज्यादा आने-जाने का खर्च, दिनभर का इंतजार और दिहाड़ी का नुकसान भारी पड़ गया। लोगों के मुताबिक, पहले प्री-वेरिफिकेशन के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा और शनिवार को चालान जमा करने के लिए फिर लाइन में लगना पड़ा। कई लोग चार-चार घंटे तक कतार में खड़े रहे। स्टेडियम में 12 बेंचों के जरिए चालानों का निपटारा किया गया। शाम करीब 5 बजे तक 10 हजार से अधिक मामलों के निष्पादन की बात सामने आई। ‘1000 के चालान पर 500 की छूट, लेकिन खर्च हो गए 1500’ SKMCH के पास रहने वाले प्रभात कुमार ने बताया कि उनका एक हजार रुपए का चालान था। इसके निपटारे के लिए उन्होंने शुक्रवार को टोकन लिया था, जिसमें करीब तीन घंटे लग गए। शनिवार को फिर सुबह से लाइन में लगे रहे। प्रभात ने कहा कि चालान में 500 रुपए की छूट मिली, लेकिन दो दिन आने-जाने में पेट्रोल का खर्च, सुबह से लाइन में रहने के दौरान चाय-खाने का खर्च और एक दिन की दिहाड़ी मिलाकर उन्हें करीब 1500 रुपए का अतिरिक्त नुकसान हो गया। उन्होंने कहा, “500 रुपए की छूट के लिए दो दिन लग गए। आने-जाने और दिहाड़ी का हिसाब लगाएं तो चालान से ज्यादा खर्च हो गया।” नौ चालान थे, ज्यादातर बिना हेलमेट के मझौलिया की प्रियंका अपने नौ चालानों का निपटारा कराने पहुंचीं। उन्होंने बताया कि उनके ज्यादातर चालान बिना हेलमेट के थे। उनका कहना था कि कई बार उनकी गाड़ी दूसरे लोग लेकर गए और उसी दौरान चालान कट गया। प्रियंका ने कहा कि इस अनुभव से उन्हें एक सीख मिली है कि अब वह अपनी गाड़ी किसी को देने से पहले ज्यादा सावधानी बरतेंगी। उनके मुताबिक, वाहन मालिक के नाम चालान आने के बाद उसका निपटारा कराने की जिम्मेदारी भी उसी पर आ जाती है। ‘चालान जमा करना महंगा पड़ गया’ उदय प्रताप सिंह ने कहा कि चालान माफी की उम्मीद में आए, लेकिन पूरा दिन लाइन में चला गया। उन्होंने बताया कि करीब चार घंटे से कतार में लगे हैं और आने-जाने समेत 1500 से 2000 रुपए तक का खर्च हो गया। उदय ने कहा कि सरकार की ओर से चालान निपटाने और छूट देने की व्यवस्था अच्छी है, लेकिन लोगों की सुविधा के लिए प्रक्रिया को और आसान किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, “चालान जमा करना महंगा पड़ गया। आगे कोशिश रहेगी कि चालान कटे ही नहीं और अगर कटता है तो समय पर जमा कर देंगे।” 30 हजार का चालान, 15 हजार में निपटाने पूरा परिवार पहुंचा मीनापुर के धर्मपुर निवासी मोहम्मद महबूब ऑटो चलाते हैं। उनके ऑटो पर करीब 30 हजार रुपए का चालान था। उन्होंने बताया कि इसमें ज्यादातर चालान इंश्योरेंस फेल होने से जुड़े थे। लोक अदालत में छूट के बाद वह इसे करीब 15 हजार रुपए में जमा कर रहे हैं। महबूब ने बताया कि ऑटो से ही परिवार का खर्च चलता है। चालान लंबित रहने पर परेशानी बढ़ रही थी, इसलिए शनिवार को पूरा परिवार सिकंदरपुर स्टेडियम पहुंचा। वह छोटे बच्चे को गोद में लेकर खड़े थे, जबकि उनकी पत्नी लाइन में लगी थीं। ‘चौक पर घर है, रोज-रोज चालान कट गया’ बनारस बैंक चौक के जयप्रकाश शर्मा ने चालान काटने की प्रक्रिया पर सवाल उठाया। उनका करीब चार हजार रुपए का चालान था, जिसे लोक अदालत में दो हजार रुपए में निपटाने पहुंचे। जयप्रकाश ने कहा कि उनके घर के पास ही चौक है और वाहन से घर से निकलते समय कई बार चालान कट गया। उनका आरोप है कि डबल हेलमेट के चालान की शुरुआत से पहले लोगों को पर्याप्त जागरूक किया जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि नियम लागू करने से पहले लोगों को इसकी जानकारी देने और जागरूक करने की जरूरत थी। उनका कहना था कि चालान में छूट की व्यवस्था ठीक है, लेकिन लोगों के लिए ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए कि उन्हें घंटों कतार में खड़ा न रहना पड़े। छूट मिली, लेकिन ‘समय और खर्च’ की कीमत भी चुकानी पड़ी सिकंदरपुर स्टेडियम में पहुंचे लोगों की परेशानी की तस्वीर अलग-अलग थी, लेकिन शिकायत लगभग एक जैसी रही—चालान में राहत मिली, पर उसे हासिल करने में समय और पैसा दोनों खर्च हुए। किसी ने दिहाड़ी गंवाई, किसी का पेट्रोल और खाने-पीने में खर्च बढ़ा तो कोई दोबारा लाइन में लगने से परेशान रहा। हालांकि कई वाहन मालिकों ने यह भी माना कि लंबित चालान निपटाने और राशि में छूट देने से उन्हें राहत मिली है। लोगों की मुख्य मांग रही कि भविष्य में ऐसी व्यवस्था हो जिसमें प्री-वेरिफिकेशन और भुगतान की प्रक्रिया और ज्यादा सुगम हो तथा लोगों को घंटों लाइन में खड़ा न रहना पड़े।
बेमेतरा सिटी कोतवाली और साइबर पुलिस टीम ने साइबर धोखाधड़ी के मामलों में 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, ये आरोपी अपने बैंक खाते दूसरे लोगों को बेच रहे थे। इन खातों में छत्तीसगढ़ और दूसरे राज्यों से की गई साइबर ठगी की रकम पहुंच रही थी। पुलिस ने इन खातों को 'म्यूल अकाउंट' मानकर जांच शुरू की है। सभी गिरफ्तार आरोपियों को 10 सितंबर को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है। बैंक खाते में 95 लाख का लेनदेन पुलिस ने बताया कि कोतवाली थाने में दर्ज मामला नंबर 583/2025 और 254/2026 की जांच के दौरान म्यूल अकाउंट की जानकारी सामने आई। इंडियन ओवरसीज बैंक के एक खाते की जांच से पता चला कि 18 सितंबर 2024 से 31 मई 2025 तक इसमें कुल 95 लाख 9 हजार 31 रुपए जमा हुए थे। वहीं, 94 लाख 92 हजार 342 रुपए निकाले गए थे। इस खाते में 2 जनवरी 2025 को आंध्रप्रदेश और तमिलनाडु के लोगों से की गई साइबर ठगी की रकम भी पहुंची थी। पुलिस ने बैंक स्टेटमेंट और साइबर शिकायतों के आधार पर खाताधारक दुष्यंत कुमार साहू को आरोपी बनाया। पुलिस की पूछताछ में दुष्यंत साहू ने बताया कि उसने ग्राम खाती निवासी राहुल साहू से पैसे लेकर अपने और दूसरे लोगों के बैंक खाते खुलवाए थे। इन खातों की पासबुक, एटीएम कार्ड और सिम राहुल साहू को दिए गए थे। इसी तरह, एक दूसरे मामले में पुलिस ने इंडियन ओवरसीज बैंक और पंजाब नेशनल बैंक के खातों की जांच की। इन खातों में भी साइबर ठगी की रकम जमा होने की जानकारी मिली। पुलिस के अनुसार, अलग-अलग लेनदेन में कुल 1 लाख 67 हजार 389 रुपए संदिग्ध मिले। इन खातों में भी ज्यादा पैसों का लेनदेन हुआ था। जांच में यह भी सामने आया कि हर खाते के बदले 7 हजार रुपए लिए गए थे। पैसे लेकर बैंक खाता, ATM और सिम देने का आरोप पुलिस की जांच में पता चला कि आरोपी संतोष साहू ने रेखराज कुर्रे और त्रिपुरारी साहू को पैसे देकर उनके बैंक खाते, एटीएम कार्ड और मोबाइल सिम लिए थे। आरोप है कि संतोष ने ये सभी चीजें रायपुर के रहने वाले सैंकी को दे दीं। इसके बदले उसे हर बैंक खाते के लिए 7 हजार रुपए मिले। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में ऐसे लोग भी शामिल हैं, जो बैंक खाते, एटीएम कार्ड और मोबाइल सिम खरीदकर आगे दूसरे लोगों को बेचते थे। पुलिस अब उन लोगों की तलाश कर रही है, जिन्होंने ये खाते खरीदकर इस्तेमाल किए। ये 11 आरोपी गिरफ्तार पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों के नाम हैं- साहिल महिलांगे (19), नंदकुमार महिलांगे (45), थनवार यादव (20), सागर यादव (23), रेखराज कुर्रे (40), त्रिपुरारी साहू (27), करण चन्द्राकर (22), शंकर वर्मा (21), गगन वर्मा (21), शुभम वर्मा (21) और संतोष कुमार साहू (41)। बैंक खाता और OTP किसी को न दें थाना प्रभारी सोनल ग्वाला ने लोगों से अपील की है कि अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, मोबाइल सिम या बैंकिंग से जुड़ी जानकारी किसी दूसरे व्यक्ति को इस्तेमाल करने के लिए न दें। अनजान लोगों के साथ OTP भी शेयर न करें। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन विज्ञापन या किसी तरह के लालच में आकर अपनी बैंकिंग जानकारी किसी से साझा न करें।
अलवर के रामगढ़ नगर पालिका चुनाव में कांग्रेस की बाड़ेबंदी के दौरान शनिवार को अकबरपुर के धवला रिसॉर्ट में उस समय हंगामा हो गया, जब अकबरपुर थाना पुलिस और रामगढ़ थाना पुलिस की टीम वार्ड 10 से निर्दलीय प्रत्याशी योगेश मिश्रा को अपने साथ ले जाने पहुंची। पुलिस का कहना था कि योगेश के अपहरण की शिकायत मिली है। वहीं योगेश ने मौके पर ही पुलिस के सामने स्पष्ट किया कि उसका कोई अपहरण नहीं हुआ और वह अपनी मर्जी से कांग्रेस की बाड़ेबंदी में आया है। पुलिस योगेश को अपने साथ ले जाने की कोशिश करती रही। इस दौरान कांग्रेस नेताओं और पुलिस के बीच जमकर नोकझोंक और खींचतान हुई। कभी पुलिस योगेश को अपनी ओर खींचती नजर आई तो कभी कांग्रेस कार्यकर्ता और नेता उन्हें अपनी ओर खींचते रहे। करीब एक घंटे तक चले हंगामे के बाद पुलिस योगेश को अपने साथ ले जाने में सफल नहीं हो सकी और वहां से लौट गई। देखे PHOTOS.. योगेश बोले- मेरा अपहरण नहीं हुआ, मैं अपनी मर्जी से आया हूं निर्दलीय प्रत्याशी योगेश मिश्रा ने पुलिस के सामने कहा कि उसका किसी ने अपहरण नहीं किया है। वह अपनी इच्छा से यहां आया है और यहीं रहना चाहता है। इसके बावजूद पुलिस उसे अपने साथ ले जाने की कोशिश करती रही। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पुलिस की इस कार्रवाई का विरोध किया। आर्यन जुबेर खान बोले- सरकार के दबाव में काम कर रहा प्रशासन रामगढ़ से कांग्रेस के पूर्व विधानसभा प्रत्याशी आर्यन जुबेर खान ने आरोप लगाया कि पुलिस और प्रशासन सरकार के दबाव में काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के साथ रह रहे प्रत्याशियों पर दबाव बनाया जा रहा है। उनका आरोप है कि प्रशासन और पुलिस मिलकर भाजपा का बोर्ड बनवाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन प्रत्याशी खुद कांग्रेस के साथ रहना चाहते हैं। आर्यन जुबेर खान ने कहा कि सरकार ने प्रशासन पर दबाव बनाया हुआ है कि किसी भी तरह भाजपा का बोर्ड बने। उन्होंने कहा कि यदि पार्षद प्रत्याशी अपनी इच्छा से कांग्रेस के साथ हैं तो पुलिस द्वारा उन्हें वहां से ले जाने की कोशिश करना गलत है। एक दिन पहले जयपुर के रिसोर्ट में भी हुआ था हंगामा नगर निकाय चुनाव में बाड़ेबंदी को लेकर यह दूसरा मामला है। शुक्रवार को जयपुर के तुंगा स्थित एक रिसॉर्ट में कांग्रेस की बाड़ेबंदी में वन विभाग के अधिकारी, पुलिसकर्मी और भाजपा से जुड़े लोग पहुंच गए थे। वहां से एक निर्दलीय प्रत्याशी को अपने साथ अलवर लाया गया था। इसके बाद शनिवार को अकबरपुर के धवला रिसॉर्ट में कांग्रेस की बाड़ेबंदी में पुलिस के पहुंचने और निर्दलीय प्रत्याशी को ले जाने की कोशिश से फिर हंगामा हो गया।
हरदा कोर्ट ने नाबालिग से दुष्कर्म और हत्या के मामले में आरोपी दीपक गौर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने आरोपी पर कुल 1 लाख 60 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अभियोजन के उपनिदेशक हरिशंकर यादव ने बताया कि यह घटना 17 अप्रैल 2023 की है। 17 साल 11 महीने की एक किशोरी मंदिर जाने की बात कहकर घर से निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। उसकी मां ने छीपाबड़ थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी। दो दिन बाद, 19 अप्रैल को पुलिस को छोटी छीपानेर-चीचोट स्थित नर्मदा पुल के नीचे पत्थर पर किशोरी का शव मिला। जांच के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज के आधार पर किशोरी के घर से शव मिलने वाली जगह तक का रूट चार्ट तैयार किया गया। फुटेज में किशोरी आरोपी दीपक गौर के साथ मोटरसाइकिल पर जाती दिखी। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की। आरोपी के किशोरी के साथ प्रेम संबंध थे। उसने शादी का झांसा देकर किशोरी से दुष्कर्म किया था। जब किशोरी ने शादी के लिए दबाव बनाया, तो आरोपी ने उसे रास्ते से हटाने की योजना बनाई। आरोपी उसे छीपानेर-चीचोट कुटी के पास ले गया। वहां उसने स्कार्फ से उसका गला घोंटकर हत्या कर दी। घटना को आत्महत्या दिखाने की कोशिश में आरोपी ने किशोरी के पैर की एड़ी पर पत्थर से वार किया, ताकि लगे कि वह पुल से गिरकर मरी है। पुलिस ने जांच पूरी कर कोर्ट में चार्जशीट पेश की। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 30 गवाहों के बयान दर्ज कराए। सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल सहित वैज्ञानिक सबूत भी कोर्ट में पेश किए गए। कोर्ट ने सभी सबूतों और वैज्ञानिक प्रमाणों से सहमत होते हुए आरोपी दीपक गौर को दोषी पाया। उसे धारा 302 (हत्या) में आजीवन कारावास और 1 लाख रुपये जुर्माना, धारा 376 (दुष्कर्म) में आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माना, और धारा 201 (साक्ष्य मिटाना) में 3 साल कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई। इस मामले में जिला अभियोजन अधिकारी ए.आर. रोहित के मार्गदर्शन में एडीपीओ विनोद कुमार अहिरवार और तत्कालीन एडीपीओ जतिन दुबे ने पैरवी की।
दिल्ली में अवैध निर्माण पर एमसीडी की बड़ी कार्रवाई, 33 निर्माण ढहाए; 5 संपत्तियां सील
सत्य निकेतन इमारत ढहने के बाद दिल्ली में अवैध निर्माणों के खिलाफ एमसीडी की कार्रवाई लगातार जारी है। शनिवार को 33 अवैध निर्माण गिराए गए, 5 संपत्तियां सील की गईं और 29 कारण बताओ नोटिस जारी किए गए, साथ ही 2251 पीजी भवनों का सर्वे भी किया गया।
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर में शनिवार को आयोजित नेशनल लोक अदालत में आपसी सुलह और समझाइश से 241 मामलों का निराकरण किया गया। कुल 537 प्रकरण सुनवाई के लिए रखे गए थे। निराकृत मामलों में करीब 3 करोड़ 19 लाख रुपए के अवार्ड पारित हुए। इससे 1170 पक्षकार लाभांवित हुए। फैमिली कोर्ट में 512 केस रखे गए। इनमें से 103 मामलों का राजीनामे के आधार पर निराकरण हुआ। खास बात यह रही कि इनमें करीब 24 दंपतियों ने आपसी मतभेद खत्म कर दोबारा साथ रहने का फैसला किया। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली के निर्देश पर आयोजित वर्ष 2026 की तीसरी नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ के प्रशासनिक न्यायाधिपति सुबोध अभ्यंकर, न्यायाधिपति राजेंद्र कुमार वाणी और न्यायाधिपति जय कुमार पिल्लई ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। हाई कोर्ट में 537 मामले रखे, 241 का निराकरण लोक अदालत में सिविल, एमएसीटी, रिट, क्रिमिनल और अन्य प्रकृति के कुल 537 मामले सुनवाई के लिए रखे गए थे। न्यायाधिपति राजेंद्र कुमार वाणी और न्यायाधिपति जय कुमार पिल्लई की खंडपीठों के समक्ष मामलों की सुनवाई हुई। आपसी सहमति और सुलह के आधार पर 241 प्रकरणों का निराकरण किया गया। फैमिली कोर्ट में 103 मामले सुलझे, 24 दंपती साथ लौटे इंदौर कुटुंब न्यायालय में भी नेशनल लोक अदालत के दौरान पांच खंडपीठों के सामने 512 प्रकरण रखे गए। इनमें से 103 मामलों का राजीनामे के आधार पर निराकरण हुआ। खास बात यह रही कि इनमें करीब 24 दंपतियों ने आपसी मतभेद खत्म कर दोबारा साथ रहने का फैसला किया। 6 साल से चल रहे विवाद के बाद पति-पत्नी फिर साथ द्वितीय अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश सुरेश कुमार चौबे की बेंच में आनंद और भावना (दोनों परिवर्तित नाम) का मामला सामने आया। दोनों की शादी वर्ष 2020 में हुई थी और उनका 4 साल का बेटा है। वैचारिक मतभेद, ताने और शराब सेवन जैसी समस्याओं के चलते दोनों वर्ष 2022 से अलग रह रहे थे। पति ने तलाक के लिए केस लगाया था। करीब एक साल तक चली कार्यवाही के दौरान काउंसलिंग और समझाइश के बाद दोनों को अपनी गलतियों का एहसास हुआ। पति ने पत्नी और बच्चे को भविष्य में बेहतर तरीके से रखने का भरोसा दिया। इसके बाद दोनों लोक अदालत में राजी हुए और केस खत्म कर साथ रहने चले गए। दहेज के तानों से बिगड़ा रिश्ता, समझाइश के बाद पत्नी ससुराल लौटने को तैयार कोर्ट में शालिनी और सूरज (दोनों परिवर्तित नाम) का मामला आया। वर्ष 2022 में शादी के बाद दोनों के बीच विवाद होने लगे। पत्नी नवंबर 2025 में मायके आ गई थी और 2026 की शुरुआत में भरण-पोषण का केस लगाया। कई दौर की काउंसलिंग और लंबी बातचीत के बाद दोनों के मतभेद दूर हुए। पति ने अच्छे से रखने का आश्वासन दिया और पत्नी भी साथ रहने को तैयार हो गई। लोक अदालत में दोनों ने समझौता किया और अपने एक वर्षीय बेटे के साथ फिर साथ रहने चले गए। पुलिस शिकायत और दो अलग-अलग केस के बाद भी बनी सुलह कोर्ट में सोनू कुमार और मालती (परिवर्तित नाम) का मामला भी सुलझा। दोनों की शादी 2022 में हुई थी और उनका 3 साल का बेटा है। पारिवारिक विवाद और अभद्र व्यवहार से परेशान होकर पत्नी वर्ष 2024 में मायके आ गई थी। उसने भरण-पोषण का केस लगाया, जबकि पति ने वर्ष 2025 में पत्नी को साथ रखने के लिए केस दायर किया। शुरुआत में समझौता नहीं हुआ, लेकिन लोक अदालत में तीन-चार दौर की बातचीत और समझाइश के बाद दोनों के बीच मतभेद कम हुए। दोनों ने साथ रहने की सहमति दी और लोक अदालत में प्रकरण खत्म कर एक बार फिर साथ रहने चले गए। समझाइश और संवाद से टूटते रिश्तों को मिला नया मौका लोक अदालत में एडवोकेट प्रमोद जोशी, जितेंद्र सिंह ठाकुर, प्रणय शर्मा, प्रीति मेहना, विजय राठौर सहित अन्य अधिवक्ताओं का विशेष सहयोग रहा। फैमिली कोर्ट में हुई काउंसलिंग और आपसी बातचीत के जरिए कई दंपतियों के विवाद सुलझे और उन्हें वैवाहिक जीवन को एक और मौका देने का रास्ता मिला। संपत्ति कर और जल कर के मामलों में लोगों को राहत, निगम को करोड़ों का राजस्व उधर, नगर निगम द्वारा मुख्यालय और सभी 22 जोनों में लगी लोक अदालत में हजारों लोगों को राहत मिली। इसमें अलग-अलग योजना में सरचार्ज में 100% तक की छूट मिली। इससे लोगों को राहत मिलने के साथ करोड़ों का राजस्व मिला। देर रात तक जोनों पर काउंटिंग जारी थी।
ब्लड ट्रांसफ्यूजन को ‘दवा’ की श्रेणी से अलग करने के लिए PM मोदी को लिखा पत्र, नए कानून की बताई जरूरत
राज्यसभा सांसद डॉ. अजीत माधवराव गोपछाड़े ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर रक्त सुरक्षा और ट्रांसफ्यूजन के लिए एक अलग राष्ट्रीय कानून बनाने की मांग की है।
पीलीभीत में ट्रेन में सीट को लेकर विवाद के बाद यात्रियों के बीच मारपीट हो गई। घटना शुक्रवार की बताई जा रही है। टनकपुर-दौराई एक्सप्रेस करीब दो घंटे की देरी से पीलीभीत रेलवे स्टेशन पहुंची थी। ट्रेन के प्लेटफॉर्म पर रुकते ही कोच में चढ़ने और सीट पाने को लेकर यात्रियों में धक्का-मुक्की शुरू हो गई। इसी दौरान दो यात्रियों के बीच विवाद बढ़ गया और लात-घूंसे चलने लगे। शनिवार रात करीब 10 बजे मारपीट का वीडियो सामने आया है। आरपीएफ आरोपियों की पहचान में जुटी है। सीट को लेकर शुरू हुआ विवाद ट्रेन के पीलीभीत पहुंचने पर स्टेशन पर सैकड़ों यात्री ट्रेन का इंतजार कर रहे थे। जैसे ही ट्रेन प्लेटफॉर्म पर रुकी, यात्री कोच में चढ़ने लगे। सीट पाने के लिए काफी धक्का-मुक्की होने लगी। इसी दौरान एक युवक कोच में लगे पोल के सहारे ऊपर की बर्थ पर चढ़ने लगा। ऊपर बैठे एक यात्री ने इसका विरोध किया। दोनों के बीच बहस शुरू हो गई। ऊपर बैठे यात्री को खींचकर की मारपीट बहस के दौरान नीचे वाले युवक ने ऊपर बैठे यात्री को खींच लिया। इसके बाद दोनों में हाथापाई शुरू हो गई। कुछ ही देर में दोनों एक-दूसरे पर लात-घूंसे बरसाने लगे। इस दौरान एक महिला भी दोनों के बीच फंस गई। वह चीखती-चिल्लाती नजर आई। काफी देर तक चले विवाद के बाद अन्य यात्रियों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया। वीडियो वायरल होने पर RPF हरकत में कोच में हुई मारपीट का किसी यात्री ने मोबाइल से वीडियो बना लिया। शनिवार रात करीब 10 बजे यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद रेलवे प्रशासन में हलचल मच गई। RPF कर रही यात्रियों की पहचान पीलीभीत RPF थाना अध्यक्ष चेतराम ने बताया कि वायरल वीडियो का संज्ञान लिया गया है। वीडियो के आधार पर मारपीट करने वाले यात्रियों की पहचान की जा रही है। पहचान होने के बाद रेलवे नियमों के तहत उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सुपौल जिले के बसंतपुर प्रखंड अंतर्गत हृदयनगर पंचायत में पेट्रोल पंप के समीप शनिवार देर शाम खाद लदे बिना नंबर के ट्रैक्टर ने बाइक सवार तीन लोगों को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में बाइक सवार एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल दो लोगों ने सदर अस्पताल सुपौल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। मृतकों में बाइक चालक अरविंद ऋषिदेव (26), उनकी पत्नी श्रुति देवी (22) और मूर्ति देवी शामिल हैं। जानकारी के अनुसार तीनों भीमनगर पंचायत के कटैया 22 आरडी वार्ड संख्या-2 के निवासी बताए जाते हैं। वे हरिपुर स्थित अपने रिश्तेदार के घर से लौट रहे थे। घटना से जुड़ी तस्वीरें देखिए…. अब जानिए पूरी घटना…. बताया जा रहा है कि अरविंद अपनी पत्नी और साली को मायके छोड़ने के लिए बाइक से कटैया जा रहे थे। इसी दौरान हृदयनगर पंचायत स्थित पेट्रोल पंप के पास तेज रफ्तार खाद लदे ट्रैक्टर ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर के बाद तीनों सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। इलाज के समय 2 की गई जान स्थानीय लोगों ने तत्काल डायल-112 पुलिस को सूचना दी और घायलों को अनुमंडलीय अस्पताल वीरपुर पहुंचाया। वहां डॉ. रहमान एवं डॉ. अमित कुमार की देखरेख में इलाज शुरू किया गया। चिकित्सकों ने एक महिला को मृत घोषित कर दिया। वहीं गंभीर हालत में दो घायलों को बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल सुपौल रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान दोनों की मौत हो गई। मामले की जांच जारी - वीरपुर थानाध्यक्ष तीनों मृतकों के शव का सदर अस्पताल सुपौल में पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। घटना के बाद परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। वीरपुर थानाध्यक्ष संजय दास ने शनिवार रात करीब 10 बजे बताया कि दुर्घटना में शामिल ट्रैक्टर को पुलिस ने जब्त कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है। दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के साथ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
प्रयागराज में जनगणना 2027 के दूसरे चरण को सही तरीके से पूरा करने के लिए प्रशासन सक्रिय हो गया है। शनिवार शाम डीएम मनीष कुमार वर्मा की अध्यक्षता में जिला स्तरीय जनगणना समन्वय समिति की बैठक हुई। इसमें जनगणना की तारीखें तय की गईं और तैयारियों पर चर्चा हुई। जनगणना अभियान के लिए सबसे पहले अक्टूबर महीने में अधिकारियों और कर्मचारियों को ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके बाद 16 नवंबर से 30 नवंबर 2026 तक 'स्वगणना' की सुविधा मिलेगी। इसमें नागरिक खुद ही अपना और अपने परिवार का विवरण दर्ज करा सकेंगे। 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 के बीच जनगणना कर्मी घर-घर जाकर हर परिवार और उसके सभी सदस्यों की जानकारी दर्ज करेंगे। इसके बाद 5 जनवरी से 9 जनवरी 2027 तक पुनरीक्षण किया जाएगा, ताकि कोई भी नागरिक या जानकारी छूट न जाए। जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि हर परिवार के हर सदस्य की गिनती की जाए। बैठक में साफ किया गया कि अगर पहले चरण में कोई जगह या इलाका छूट गया था, तो उसे दूसरे चरण में जरूर कवर किया जाएगा। जिलाधिकारी ने कहा कि यह काम समय पर पूरा होना है, इसलिए हर चरण की कार्यवाही तय समय में पूरी होनी चाहिए। लोगों को जनगणना की तारीखों और स्वगणना की प्रक्रिया की सही जानकारी मिल पाए, इसके लिए जिलाधिकारी ने जिलेभर में बड़े पैमाने पर प्रचार-प्रसार अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। इससे नागरिकों की पूरी भागीदारी सुनिश्चित हो सकेगी। बैठक में नगर आयुक्त सीलम सांई तेजा, अपर जिलाधिकारी (वित्त/राजस्व), अपर नगर आयुक्त (जनगणना) और जनगणना निदेशालय के सहायक निदेशक जेके श्रीवास्तव समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
प्रयागराज के सिविल लाइंस में बढ़ती पार्किंग की समस्या को लेकर शनिवार को सिविल लाइंस व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने डीसीपी सिटी के साथ बैठक की। व्यापारियों ने सिविल लाइंस में पार्किंग की लगातार बिगड़ती स्थिति से उन्हें अवगत कराया। साथ ही मल्टीलेवल पार्किंग का पूरा इस्तेमाल नहीं होने की वजह से सड़क पर वाहनों का दबाव बढ़ने का मुद्दा भी उठाया। मल्टीलेवल पार्किंग का पहले किया था निरीक्षणव्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने बताया कि इससे पहले उन्होंने अपने व्यापारी साथियों के साथ मल्टीलेवल पार्किंग का निरीक्षण किया था। पार्किंग संचालित करने वाली एजेंसी के प्रबंधक से भी बातचीत की गई थी। निरीक्षण में सामने आया था कि पार्किंग अपनी क्षमता के मुकाबले काफी कम इस्तेमाल हो रही है। जो वाहन खड़े थे, उनमें भी कई लंबे समय से वहां खड़े बताए गए। लिफ्ट खराब होने से ऊपर गाड़ी खड़ी करना मुश्किलव्यापारियों ने डीसीपी सिटी को बताया कि मल्टीलेवल पार्किंग की लिफ्ट खराब है। ऐसे में दूसरी से पांचवीं मंजिल तक वाहन खड़ा करने वाले लोगों को सीढ़ियों से नीचे आना पड़ेगा और वाहन लेने के लिए दोबारा कई मंजिल चढ़नी होगी। व्यापारियों के मुताबिक यह स्थिति लोगों को मल्टीलेवल पार्किंग में वाहन खड़ा करने से रोकती है। पार्किंग के रास्ते से लेकर फर्श तक बदहालनिरीक्षण में पार्किंग में जाने वाले रास्ते पर पानी भरा मिला था और जगह-जगह गड्ढे थे। पार्किंग की सड़क भी कई जगह खराब मिली। प्रथम तल के फर्श में करीब छह इंच से लेकर डेढ़ फुट तक गहरे गड्ढे दिखाई पड़े थे। इसके अलावा पार्किंग में जाने वाले तीन रास्तों पर पुराने कबाड़ वाहन और अन्य गाड़ियां खड़ी मिली थीं, जिससे प्रवेश मार्ग बाधित था। साइन बोर्ड नहीं होने से लोगों को जानकारी नहींव्यापारियों ने यह भी बताया कि मल्टीलेवल पार्किंग तक पहुंचने के लिए प्रमुख रास्तों पर पर्याप्त साइन बोर्ड नहीं लगे हैं। इसके चलते बाहर से सिविल लाइंस आने वाले लोगों को पार्किंग की जानकारी नहीं हो पाती। पार्किंग परिसर के शौचालय भी निरीक्षण के दौरान गंदे और इस्तेमाल के लायक नहीं मिले थे। पूरी क्षमता से चले पार्किंग तो कम होगी समस्याव्यापार मंडल का कहना है कि मल्टीलेवल पार्किंग की व्यवस्थाएं दुरुस्त कराकर उसका पूरी क्षमता से इस्तेमाल कराया जाए तो सिविल लाइंस में सड़क किनारे वाहनों के खड़े होने की समस्या काफी कम हो सकती है। व्यापारियों ने बैठक में पार्किंग की व्यवस्था सुधारने और यातायात व्यवस्था को बेहतर करने की जरूरत बताई। व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने कहा कि वे नगर निगम के अधिकारियों से भी इस संबंध में जल्द बातचीत करेंगे और पार्किंग से जुड़ी समस्याओं को शासन-प्रशासन के संबंधित अधिकारियों के सामने रखेंगे।बैठक में सिविल लाइंस व्यापार मंडल के अध्यक्ष सुशील खरबंदा, महामंत्री शिव शंकर सिंह, संदीप कटयाल, राजकमल जायसवाल, बबलू रघुवंशी, अनिल सुनेजा, मेघराज यादव, शेख डाबर, सिकंदर अली समेत अन्य व्यापारी मौजूद रहे।
नरघुआ शिव मंदिर में कन्या भोज:250 साल पुराने धाम में, श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा
नरघुआ स्थित प्राचीन श्री हरि हरेश्वर महादेव शिव मंदिर में जन्माष्टमी के अगले दिन हर वर्ष कन्या भोज और भंडारे का आयोजन किया जाता है। करीब 250 वर्ष पूर्व शिव गोविंद बाजपेई द्वारा स्थापित इस मंदिर का अब जीर्णोद्धार कार्य विनय बाजपेई द्वारा कराया जा रहा है। मंदिर में आयोजित होने वाले धार्मिक कार्यक्रमों में श्रद्धालु बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं। कन्या भोज और भंडारे में भक्तों को प्रसाद वितरित किया जाता है।
श्रीकरणपुर पंचायत समिति के पूर्व प्रधान युवरेंद्र सिंह ‘यूरी’ के बेटे जैसल सिंह बराड़ (27) ने शनिवार शाम गांव 5-ओ स्थित अपने घर में दादा की लाइसेंसी पिस्टल से खुद को गोली मार ली। जैसल का शव कमरे में मिला। पास से एक सुसाइड नोट मिला, जिस पर अंग्रेजी में ‘I AM SORRY’ लिखा था। जैसल एलएलबी कर चुका था और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था। पुलिस ने शव को केसरीसिंहपुर सीएचसी की मॉर्च्युरी में रखवाया है। रविवार को मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम होगा। पुलिस आत्महत्या के कारणों की जांच कर रही है।
एनआईए ने लाल किला कार ब्लास्ट मामले में चार्जशीट दाखिल की है, जिसमें अल-फलाह विश्वविद्यालय को देश विरोधी गतिविधियों का केंद्र बताया गया है।
चंदौली के सकलडीहा में बिजली की बार-बार कटने और ट्रिपिंग से लोग परेशान हैं। शुक्रवार दोपहर से पूरी रात बिजली की तकनीकी समस्या बनी रही। इस वजह से कस्बा और ग्रामीण इलाकों में करीब 12 से 15 घंटे बिजली बंद रही। शनिवार सुबह 5 बजकर 20 मिनट पर बिजली आने पर लोगों को राहत मिली। इस दौरान गर्मी, उमस और मच्छरों से लोग परेशान रहे। सकलडीहा बिजली उपकेंद्र पर दो सब-स्टेशन चलते हैं, तहसील और ग्रामीण उपकेंद्र। तहसील उपकेंद्र से तहसील ब्लॉक, कोतवाली, सीओ कार्यालय, डायट, पीजी कॉलेज और आसपास के आधा दर्जन गांवों में हजारों उपभोक्ताओं को बिजली सप्लाई होती है। वहीं, ग्रामीण उपकेंद्र से पांच फीडर चलते हैं, जिनसे सैकड़ों गांवों की लाखों आबादी को बिजली मिलती है। शुक्रवार दोपहर 11 बजे तहसील फीडर के स्विच यार्ड में तकनीकी खराबी आ गई। इसे ठीक करने के लिए तहसील इलाके की बिजली शाम 5 बजे तक बंद रही। स्विच यार्ड का काम पूरा होने के बाद धानापुर से आने वाली मुख्य सप्लाई बंद हो गई। कर्मचारियों को पेट्रोलिंग के दौरान शटडाउन नहीं मिल पाया, तो रात में ग्रामीण उपकेंद्र से जोड़ने की कोशिश की गई। तेज हवा के कारण बार-बार ट्रिपिंग हो रही थी। रात करीब पौने ग्यारह बजे ग्रामीण उपकेंद्र की बिजली सप्लाई दो घंटे के लिए रोस्टर के तहत काट दी गई। लोग पूरी रात बिजली का इंतजार करते रहे। सुबह 3 बजे बिजली एक बार फिर आई, लेकिन तुरंत बंद हो गई। आखिरकार, सुबह 5 बजकर 20 मिनट पर बिजली आने से लोगों को राहत मिली। अवर अभियंता मनीष कुमार ने बताया कि तकनीकी समस्या और रोस्टर में लाइन कटने के कारण बिजली सप्लाई बंद रही। उन्होंने कहा कि सुबह ग्रामीण उपकेंद्र से सप्लाई बहाल कर दी गई है।
बरेली में सर्जरी के क्षेत्र में विशिष्ट सेवाओं के लिए बरेली के वरिष्ठ सर्जन एवं पूर्व महापौर डा. आईएस तोमर और वरिष्ठ आयुर्वेदिक शल्य चिकित्सक डा. लालता प्रसाद को एसआरएमएस मेडिकल कॉलेज में आयोजित कोलोप्रोक्टोलॉजी कांफ्रेंस एवं ट्रेनिंग वर्कशॉप के पहले दिन लाइफ टाइम अचीवमेंट से सम्मानित किया गया। एसआरएमएस ट्रस्ट के देव मूर्ति ने चिकित्सकों की युवा पीढ़ी को इन दोनों से मरीजों के प्रति सेवा भाव, जुनून और नैतिक मूल्यों को सीखने का संदेश दिया। मेडिकल कॉलेज के जनरल सर्जरी विभाग की ओर से कोलोप्रोक्टोलॉजी कांफ्रेंस एवं ट्रेनिंग वर्कशॉप शनिवार को आरंभ हुई। एसोसिएशन ऑफ सर्जन ऑफ इंडिया के बरेली चैप्टर के सहयोग से हो रही इस कांफ्रेंस के उद्घाटन सत्र में देव मूर्ति ने डा. आईएस तोमर के सेवाभाव और नैतिक मूल्यों की सीख लेने पर जोर दिया। डा. तोमर ने सम्मान के लिए एसआरएमएस ट्रस्ट का आभार जताया। उन्होंने कहा कि आज मरीजों के उपचार के लिए अत्याधुनिक उपकरण और संसाधन उपलब्ध हैं। जब हमने 1972 में एमएस के बाद प्रैक्टिस शुरू की तब सुविधाएं नहीं थीं। मरीज के एसेसमेंट के लिए एक्सरे को छोड़कर कुछ नहीं था। उसी के सहारे हम सबने उपचार शुरू किया। इस दौरान एक बात हमेशा ध्यान रखी। वह थी, मरीज का इलाज करते वक्त अपने नैतिक मूल्यों को थामे रखना। समय बदला और नैतिक मूल्य भी बदल गए। लेकिन आज भी मानवता की सेवा में नैतिक मूल्यों का महत्व है। धन के बजाय मरीज का उपचार जरूरी है। ऐसे में अंतरात्मा की आवाज सुनें। उद्घाटन सत्र में इंटरनेशनल सोसायटी ऑफ कोलोप्रोक्टोलॉजी के पूर्व प्रेसिडेंट डा. प्रशांत रहाटे ने आयोजन समिति को शुभकामनाएं दीं। उद्घाटन समारोह में आईएससीपी सेक्रेटरी डा. नीरज गोयल, एकेडेमिक कंवीनर डा. दिनेश शाह, आईएमए के प्रदेश अध्यक्ष डा. रवीश अग्रवाल, एसोसिएशन ऑफ सर्जन ऑफ इंडिया के बरेली चैप्टर अध्यक्ष डा. कौशल कुमार, प्रिंसिपल डा. एमएस बुटोला ने भी संबोधित किया। कांफ्रेंस चेयरमैन एवं सर्जरी विभागाध्यक्ष डा. एसके सागर ने सभी का स्वागत किया और सेक्रेटरी डा. अमित सिंह ने सभी का आभार जताया। इस अवसर पर आदित्य मूर्ति, डा. सुजॉय मुखर्जी, डा. आरपी सिंह, डा. रोहित शर्मा, डा. सीएम चतुर्वेदी, डा. क्रांति मौजूद रहे।
खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता मानकों की जांच के लिए खाद्य सुरक्षा प्रशासन की टीम ने शहर के पांच प्रमुख होटलों में औचक निरीक्षण किया। अभियान में चार पांच सितारा होटलों समेत कुल पांच प्रतिष्ठानों की जांच की गई। इस दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्टोरेज, लेबलिंग, किचन की सफाई, खाद्य हैंडलर्स की मेडिकल फिटनेस, FIFO/FEFO व्यवस्था और पानी की जांच से जुड़े दस्तावेज देखे गए। Marriott Hotel में पनीर, मूंगफली और शक्कर बूरा के नमूने लिए गए। यहां किचन में जलभराव, फिसलन, पुराने चॉपिंग बोर्ड, खराब डस्टबिन पैडल, जंग लगी ट्रे और ड्रेनेज की समस्या मिली। कुछ जगह सीलिंग से पानी रिसने की बात भी सामने आई। पेयजल की pesticide testing रिपोर्ट में भी कमी मिली। द पार्क के बर्तनों में सफाई की कमी द पार्क होटल में FSSAI लाइसेंस उचित स्थान पर प्रदर्शित नहीं मिला। किचन में rusting और कुछ बर्तनों की सफाई में कमी मिली। दूध उत्पादों के स्टोरेज में तापमान की जानकारी नहीं थी। खाद्य सामग्री के बिल और कर्मचारियों के मेडिकल रिकॉर्ड भी निर्धारित तरीके से नहीं मिले। इसी प्रकार Radisson Blu और Radisson Red में imported और packaged food products की लेबलिंग में कमियां मिलीं। स्टोरेज में FIFO/FEFO व्यवस्था और फूड हैंडलर्स के मेडिकल रिकॉर्ड भी अधूरे पाए गए। Radisson Red से दही, काजू टुकड़ी और मूंगफली के नमूने लिए गए। शेरेटन में खराब सनफ्लोवर सीड्स मिले Hotel Grand Sheraton से पनीर, सूरजमुखी के बीज और किशमिश के नमूने लिए गए। खराब स्थिति में मिले Sunflower Seeds को मौके पर ही नष्ट कराया गया। खाद्य सुरक्षा विभाग ने बताया कि कमियां मिलने वाले प्रतिष्ठानों को नियमानुसार नोटिस जारी करने की प्रक्रिया चल रही है। विभाग ने कहा कि होटल, रेस्टोरेंट और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों में खाद्य सुरक्षा मानकों की जांच आगे भी जारी रहेगी।
नवादा समाहरणालय सभागार में शुक्रवार को जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में 9वें राष्ट्रीय पोषण माह के सफल आयोजन को लेकर बैठक हुई। इस बैठक की शुरुआत दीप जलाकर की गई। बताया गया कि 9 सितंबर से 8 अक्टूबर तक 30 दिवसीय पोषण अभियान चलाया जा रहा है। इस साल की थीम “हमारी आंगनवाड़ी हमारी जिम्मेदारी” है। अभियान में गर्भधारण से बच्चे की दो साल की उम्र तक के शुरुआती 1000 दिनों में पोषण और देखभाल पर खास ध्यान दिया जाएगा। आंगनवाड़ी केंद्रों पर पोषण मेला, रेसिपी प्रदर्शनी, गोदभराई और अन्नप्राशन दिवस आयोजित होंगे। स्थानीय पौष्टिक खाने के सामान, हरी सब्जियां, दाल, मखाना और श्री अन्न के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जाएगा। डीएम ने गर्भवती महिलाओं, दूध पिलाने वाली माताओं, बच्चों और किशोरियों के पोषण पर खास ध्यान देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं को घर में सबसे पहले खाना खाने का संदेश दिया जाए। स्वास्थ्य विभाग को एनीमिया की जांच, स्वास्थ्य जांच, टीकाकरण और कुपोषित बच्चों की पहचान व इलाज पर जोर देने को कहा गया। बैठक में परिवार नियोजन पखवाड़े की भी समीक्षा की गई। 7 से 13 सितंबर तक दंपति संपर्क पखवाड़ा और 14 से 26 सितंबर तक परिवार नियोजन सेवा पखवाड़ा चलाया जा रहा है। महिला बंध्याकरण के लिए जिले को 1120 का लक्ष्य दिया गया है, वहीं, हर प्रखंड से कम से कम दो पुरुष नसबंदी कराने पर जोर दिया गया। 15 सितंबर को रैली, मीडिया ब्रीफिंग और स्वास्थ्य मेला आयोजित करने की योजना बताई गई। डीएम ने स्वास्थ्य, आईसीडीएस, जीविका, शिक्षा और पंचायती राज विभाग के बीच बेहतर तालमेल बनाने का निर्देश दिया।
100 से अधिक सखियों ने मनाया तीज उत्सव:रैम्प वॉक बना आकर्षण का केंद्र, अर्चना मिश्रा बनीं तीज क्वीन
पटना में स्वस्तिक परिवार की ओर से शनिवार को तीज उत्सव का आयोजन किया गया है। 'सखियों का साथ हो, तीज का त्योहार हो' कार्यक्रम का थीम रहा। जिसमें 100 से अधिक सखियों ने भाग लिया। पारंपरिक परिधानों, लोक संस्कृति, गीत-संगीत और नृत्य की प्रस्तुति हुई। कार्यक्रम का विशेष आकर्षण सखियों का रैम्प वॉक रहा। जिसमें तीज क्विन अर्चना मिश्रा रही। फर्स्ट रनर अप अंशु शुक्ला और सेकेंड रनर अप रितु चौबे रहीं। कार्यक्रम पाटलिपुत्र स्थित संसारा में हुआ। प्रोग्राम की कुछ तस्वीरें… कार्यक्रम का शुभारंभ भजन-कीर्तन से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ बंटी कीर्तनवाले के भजन-कीर्तन और मंगलाचरण से हुआ। इसके बाद सुधा पाण्डेय जी ने मंच संचालन करते हुए कार्यक्रम को जीवंत बनाए रखा। सरिता और चुन्नी ने अतिथियों का अभिनंदन किया। वहीं अंशु अवस्थी ने स्वस्तिक परिवार के उद्देश्यों, संस्कार, संस्कृति, सभ्यता और आपसी सद्भावना पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ऐसे आयोजन हमारी परंपराओं को जीवंत रखने के साथ-साथ सखियों को एक-दूसरे से जुड़ने और अपनी प्रतिभा को मंच देने का अवसर प्रदान करते हैं।कार्यक्रम में डॉ. रुमा गोस्वामी, रागिनी तिवारी, रिचा चौबे और सरिता शर्मा की उपस्थिति रही। अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और विभिन्न सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं में निर्णायक की भूमिका निभाई। प्रोग्राम में हास्य प्रस्तुति भी दी तीज उत्सव के दौरान मीना पाण्डेय की हास्य प्रस्तुति ने खूब हंसी और तालियां बटोरीं। पूजा पाण्डेय, अंशु शुक्ला, प्रेमलता गिरि और स्मिता तिवारी ने मधुर गीतों की प्रस्तुति देकर समां बांध दिया, जबकि ममता झा के मनमोहक नृत्य ने सभी का मन मोह लिया। स्वस्तिक परिवार की ओर से कहा गया कि तीज केवल एक पर्व नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, परंपरा, प्रेम और रिश्तों की खूबसूरती का उत्सव है। इस आयोजन का उद्देश्य सखियों को एक ऐसा मंच प्रदान करना है, जहां वे साथ मिलकर त्योहार की खुशियां साझा करें, अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करें और आपसी संबंधों को और मजबूत बनाएं।कार्यक्रम के अंत में मीना पाण्डेय ने धन्यवाद ज्ञापन किया। इसके बाद सभी सखियों ने सामूहिक फोटो के साथ यादगार पलों को संजोया।
भंवरकुआ थाना क्षेत्र की इंद्रपुरी कॉलोनी में विधायक मधु वर्मा के घर के पास एक लाइब्रेरी की तीसरी मंजिल पर लगा करीब 10 फीट का एल्युमिनियम शेड अचानक नीचे गिर गया। घटना के बाद मौके पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। जानकारी अनुसार घटना के समय लाइब्रेरी में तीन-चार बच्चे थे। घटना के बाद जब लोग मौके पर पहुंचे और वीडियो बनाने लगे तो संचालक ने उनसे भी विवाद किया। उन्हें वहां से बाहर निकाला। बारिश के कारण तीसरी मंजिल की छत पर पानी जमा हो गया था। पानी का वजन बढ़ने के कारण शेड नीचे गिर गया। बताया गया कि वहां मेंटेनेंस का काम भी चल रहा था। वहीं दूसरी ओर लाइब्रेरी संचालक अनिल बागड़ी के मुताबिक घटना के समय कोई भी बच्चा शेड के नीचे मौजूद नहीं था। वह खुद पानी बाहर निकालने के लिए वहां पहुंचे थे। इसी दौरान शेड गिर गया। शेड एल्युमिनियम का बना हुआ था। बारिश के चलते छत पर पानी जमा होने से उसका वजन बढ़ गया और शेड नीचे आ गिरा। उन्होंने बताया कि घटना में किसी को कोई जनहानि नहीं हुई है। हादसे के बाद आसपास के लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। राहत की बात यह रही कि समय रहते बच्चों को बाहर निकाल लिया गया था। देखिए तस्वीरें…
राजनांदगांव के कौरिनभाटा में शुक्रवार दोपहर चोरों ने एक सूने मकान को निशाना बनाया। घर सिर्फ 30-40 मिनट के लिए खाली था। इसी दौरान चोर ताला तोड़कर अंदर घुसे और अलमारी व लॉकर तोड़कर सोने-चांदी के गहने और करीब 1.5 लाख रुपए नकद ले गए। पीड़ित के मुताबिक, चोरी हुए सामान की कुल कीमत करीब 70 से 80 लाख रुपए है। पुलिस ने केस दर्ज कर आसपास के CCTV फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है। यह मामला बसंतपुर थाना क्षेत्र का है। पीड़ित कुल प्रकाश वालदे ने बताया कि शुक्रवार दोपहर करीब 2:15 से 2:45 बजे के बीच उनका घर सिर्फ 30 से 40 मिनट के लिए खाली था। इसी दौरान अज्ञात चोरों ने मुख्य दरवाजे का ताला तोड़कर घर में घुस गए। चोरों ने पहले हॉल में रखी अलमारी और उसके लॉकर को तोड़ा। वहां ज्यादा सामान न मिलने पर वे बेडरूम में गए। बेडरूम का ताला तोड़कर अंदर रखी अलमारी और उसके डबल लॉकर को भी तोड़ दिया। उसमें रखा सारा कीमती सामान लेकर चोर फरार हो गए। कुल प्रकाश वालदे के अनुसार, रक्षाबंधन पर आई उनकी बड़ी बहन के गहने और सामान भी संयोग से उसी अलमारी में रखे थे। उनकी बहन को बस्तर जाना था, लेकिन तीज पर्व के कारण सामान वहीं छोड़ दिया था। यह सामान भी चोरों ने चुरा लिया। कुल मिलाकर लगभग 1 से 1.5 लाख रुपए नगदी और भारी मात्रा में सोने-चांदी के जेवरात गायब हुए हैं। पीड़ित ने शुक्रवार को ही बसंतपुर थाने में इसकी सूचना दी थी, लेकिन चोरी की रिपोर्ट शनिवार को पुलिस ने लिखी। बसंतपुर थाना प्रभारी निरीक्षक कौशलेंद्र देवांगन ने बताया कि बिल दिखाने पर 2.5 लाख रुपये के सोने-चांदी और 1.5 लाख रुपये नगदी, कुल 4 लाख रुपये की चोरी की रिपोर्ट दर्ज की गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। पीड़ित ने पुलिस प्रशासन से जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार करने और चोरी हुए सामान को बरामद करने की उम्मीद जताई है।
बिहार के खगड़िया में एसपी पद पर तैनात आईपीएस अधिकारी भानुप्रताप सिंह और उनकी पत्नी पूजा के बीच चल रहा पारिवारिक विवाद अब भरतपुर के मथुरा गेट थाने तक पहुंच गया है। पत्नी पूजा ने थाने पहुंचकर पति और ससुराल पक्ष के खिलाफ शिकायत दी। उनका आरोप है कि पति उनकी छह साल की बेटी को उनसे दूर करना चाहते हैं। पुलिस ने मामले को पारिवारिक विवाद बताते हुए तत्काल कार्रवाई से इनकार कर दिया। इसके बाद पूजा देर रात तक थाने में बैठी रहीं। भानुप्रताप सिंह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के फतेहपुर सीकरी के रहने वाले हैं। उनका परिवार भरतपुर शहर की गीता कॉलोनी में किराये के मकान में रहता है। बताया जा रहा है कि पिछले कुछ दिनों से भानुप्रताप सिंह अपनी छह साल की बेटी के साथ भरतपुर में ही थे। इसी दौरान उनकी पत्नी पूजा बिहार से भरतपुर पहुंचीं। पत्नी के पहुंचने की जानकारी के बाद भानुप्रताप सिंह भरतपुर से निकल गए। पहले ससुराल पहुंचीं, फिर ननद के घर गईंपूजा ने पुलिस को बताया कि वह सबसे पहले गीता कॉलोनी स्थित ससुराल पहुंचीं। करीब एक घंटे तक दरवाजा खुलवाने की कोशिश की, लेकिन किसी ने गेट नहीं खोला। इसके बाद वह विजय नगर स्थित अपनी ननद के घर पहुंचीं। वहां भी दरवाजा नहीं खोला गया। परेशान होकर पूजा मथुरा गेट थाने पहुंचीं और पुलिस से मदद मांगी। थाने में एसएचओ ने भानुप्रताप सिंह से फोन पर बातचीत की। इसके बाद पुलिस ने मामले को पारिवारिक विवाद बताते हुए तत्काल कोई कार्रवाई करने से इनकार कर दिया। इसके बाद पूजा देर रात तक थाने में ही बैठी रहीं। 2015 में हुई थी मुलाकात, अगले साल शादीपूजा ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि उनकी मुलाकात भानुप्रताप सिंह से साल 2015 में एक कार्यक्रम के दौरान हुई थी। दोनों ने परिवार की नाराजगी के बावजूद 16 जनवरी 2016 को शादी कर ली। पूजा के अनुसार, शादी के बाद करीब पांच साल तक उन्होंने भरतपुर के एक निजी स्कूल में शिक्षिका के रूप में काम किया। उन्होंने बताया कि इसी दौरान भानुप्रताप सिंह ने यूपीएससी की तैयारी की और चयन के बाद पुलिस सेवा में चले गए। पूजा के अनुसार, इसके बाद कुछ समय तक सब कुछ ठीक चलता रहा, लेकिन अब पति-पत्नी के बीच विवाद इस स्तर तक पहुंच गया है कि उनकी छह साल की बेटी को लेकर भी खींचतान चल रही है। पूजा का मायका झुंझुनूं जिले की उदयपुरवाटी तहसील के तिवारी का वास में बताया गया है।
पानी कम हो रहा, तो कटाव तेज होगा; बाढ़ के बीच बिहार सरकार ने जिलों को भेजा अलर्ट
बिहार सरकार ने सभी जिलों को चेतावनी दी है कि नदियों के जलस्तर में कमी आ रही है। इससे कटाव का खतरा बढ़ गया है। जल संसाधन विभाग ने कहा कि जलस्तर में कमी आने के दौरान तटीय इलाकों और तटबंधों पर कटाव तेजी से होता है।
बिजली के मनमाने बिलों के मामले में सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, उपभोक्ता के अधिकार पढ़िए
<
पूर्णिया की अमौर विधानसभा सीट से 6 बार विधायक रहे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और बिहार सरकार के पूर्व मंत्री अब्दुल जलील मस्तान का निधन हो गया है। वे पिछले कुछ दिनों से गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। दिल्ली के एम्स में उनका इलाज चल रहा था और वे आईसीयू में भर्ती थे। उनके निधन की खबर से सीमांचल समेत पूरे बिहार के राजनीतिक गलियारे और कांग्रेस कार्यकर्ताओं में शोक की लहर है। 6 बार विधायक, 11 बार कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा अब्दुल जलील मस्तान सीमांचल में कांग्रेस के प्रमुख और जनाधार वाले नेताओं में गिने जाते थे। उन्होंने पूर्णिया जिले की अमौर विधानसभा सीट का 6 बार प्रतिनिधित्व किया। वर्ष 1985 से वे अमौर सीट पर कांग्रेस के टिकट से 11 बार चुनाव लड़ चुके थे। जनता के बीच उनकी मजबूत पकड़ के कारण चुनावी परिस्थितियां बदलने के बावजूद अमौर विधानसभा क्षेत्र में उनका प्रभाव बना रहा। महागठबंधन सरकार में मंत्री रहे 2015 में बिहार में महागठबंधन सरकार बनने के बाद अब्दुल जलील मस्तान बिहार सरकार में मंत्री बने। उन्होंने उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाली। वे करीब 40 वर्षों से कांग्रेस से जुड़े रहे और अलग-अलग राजनीतिक परिस्थितियों में पार्टी के लिए सक्रिय रहे। सीमांचल के मुद्दों को लेकर विधानसभा में उठाते रहे आवाज अब्दुल जलील मस्तान अपनी बेबाक बयानबाजी और आम लोगों के बीच सक्रिय रहने के लिए जाने जाते थे। बाढ़ और सीमांचल की बुनियादी समस्याओं को लेकर वे विधानसभा से लेकर सड़क तक आवाज उठाते रहे। इलाके के लोगों के बीच उनकी सुलभता और जमीन से जुड़े नेता की छवि बनी रही। राजनीतिक दलों के नेताओं ने जताया शोक उनके निधन पर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं और समर्थकों ने शोक जताया है। नेताओं और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके निधन को सीमांचल की राजनीति के लिए बड़ी क्षति बताया। 'सीमांचल में गरीब की आवाज थे' अमौर के वर्तमान AIMIM विधायक अख्तरूल ईमान ने अब्दुल जलील मस्तान के निधन पर शोक जताते हुए कहा कि वे सीमांचल में गरीबों की आवाज थे। उनके जाने से राजनीतिक मैदान में अपूरणीय क्षति हुई है। 'हमने हमेशा मोहब्बत से चुनाव लड़ा' अमौर से जदयू के पूर्व विधायक सबा जफर ने कहा कि अब्दुल जलील मस्तान सीमांचल के कद्दावर नेता थे। उन्होंने कहा, भले ही हमलोग चुनाव के प्रतिद्वंद्वी रहे हों, लेकिन हमने हमेशा मोहब्बत से चुनाव लड़ा है। मेरे पिताजी के साथ भी उनकी चुनावी लड़ाई रही है, लेकिन हर सुख-दुख में सब साथ खड़े रहे हैं। उन्होंने कहा कि अल्लाह उन्हें जन्नत में जगह दे। इस दुख की घड़ी में वे उनके परिवार के साथ हैं।
सुपौल के रिक्रूट ट्रेनिंग सेंटर (RTC) में शनिवार को प्रशिक्षण के दौरान एक सिपाही की अचानक तबीयत बिगड़ गई। आंसू गैस से संबंधित प्रशिक्षण के दौरान वह बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़े। आनन-फानन में उन्हें इलाज के लिए निर्मली अनुमंडल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद प्रशिक्षण केंद्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। देखें, मौके से आई तस्वीरें… आंसू गैस से संबंधित प्रशिक्षण चल रहा था शनिवार को RTC सुपौल में सिपाहियों को आंसू गैस से संबंधित प्रशिक्षण दिया जा रहा था। इसी दौरान सिपाही अभिषेक कुमार अचानक बेहोश होकर नीचे गिर गए। प्रशिक्षण में मौजूद कर्मियों ने तत्काल उन्हें संभाला और अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की। अचानक बिगड़ी तबीयत, जमीन पर गिर पड़े बताया जा रहा है कि प्रशिक्षण के दौरान अभिषेक के साथ अचानक यह घटना हुई। वह बेहोश होकर गिर पड़े। इसके बाद मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों और कर्मियों के बीच हड़कंप मच गया। निर्मली अनुमंडल अस्पताल ले जाया गया घटना के तुरंत बाद अभिषेक कुमार को इलाज के लिए निर्मली अनुमंडल अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने उनकी जांच की, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। अस्पताल पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने अभिषेक कुमार को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद घटना की सूचना संबंधित पुलिस और अधिकारियों को दी गई। आगरा के रहने वाले थे अभिषेक मृतक सिपाही की पहचान उत्तर प्रदेश के आगरा जिले के मालपुरा थाना क्षेत्र के भरमोली गांव निवासी प्रमोद यादव के पुत्र अभिषेक कुमार के रूप में हुई है। अभिषेक सिपाही के पद पर कार्यरत थे और वर्तमान में RTC सुपौल में प्रशिक्षण ले रहे थे। प्रशिक्षण केंद्र में मची अफरा-तफरी सिपाही की अचानक मौत की सूचना मिलते ही RTC में मौजूद पुलिसकर्मियों के बीच अफरा-तफरी मच गई। घटना को लेकर अधिकारियों को भी जानकारी दी गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल सुपौल भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का स्पष्ट पता चल सकेगा। पुलिस ने शुरू की प्रक्रिया किशनपुर थानाध्यक्ष ज्ञान रंजन कुमार ने शनिवार रात बताया कि जानकारी मिली है कि प्रशिक्षण के दौरान सिपाही बेहोश होकर गिर गए थे। उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। फिलहाल सिपाही की मौत का वास्तविक कारण स्पष्ट नहीं है। यह भी पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगा कि मौत प्रशिक्षण के दौरान आंसू गैस के संपर्क में आने से हुई या कोई अन्य वजह थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी जांच पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी। पुलिस घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जानकारी जुटा रही है। घटना की जानकारी मृतक सिपाही के परिजनों को दी गई है। अभिषेक की मौत की खबर मिलने के बाद उनके परिवार में मातम का माहौल है।
दुर्ग जिले के उमरपोटी में नवविवाहिता रवीना यादव (23) की फांसी से मौत के मामले में उतई पुलिस ने करीब 28 दिन बाद उसके पति विपुल यादव (27) के खिलाफ दहेज मृत्यु का केस दर्ज किया है। वहीं पुलिस की जांच में दहेज में कार की मांग को लेकर रवीना को परेशान करने की बात सामने आई। इसके बाद पुलिस ने 12 सितंबर को पति विपुल यादव को गिरफ्तार कर लिया। रवीना के पिता और जीजा उत्तर प्रदेश के जौनपुर से दुर्ग पहुंचे थे। उन्होंने 11 सितंबर को एसपी से मुलाकात कर कार्रवाई की मांग की थी। परिवार ने पहले पति के कथित दूसरी महिला से संबंध को लेकर भी सवाल उठाए थे। आरोपों के मुताबिक घटना से पहले पति की गर्लफ्रेंड उनके घर पहुंची। इसे लेकर दोनों को बीच विवाद हुआ था। आरोप है कि पति ने पत्नी को कमरे में बंद कर दिया और गर्लफ्रेंड को लेकर बाहर चला गया। पत्नी ने पति को रात में 17 बार कॉल किया, लेकिन जवाब नहीं मिला। इसके बाद नवविवाहिता ने फांसी लगाकर जान दे दी। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है। जौनपुर की रवीना की शादी करीब डेढ़ साल पहले जौनपुर के ही विपुल यादव (27) से हुई थी। विपुल शादी से पहले ही दुर्ग में अपने चाचा के साथ रहकर प्लंबिंग का काम करता था। जांच में सामने आया कि 22 अप्रैल 2026 को गौना होने के बाद रवीना उमरपोटी स्थित ससुराल में रहने आई थी। अब जानिए पूरा मामला ग्राम उमरपोटी के फेस-01 वेदांत नगर में 15 अगस्त, 2026 को एक नवविवाहिता के फांसी लगाने की सूचना पुलिस को मिली थी। पुलिस मौके पर पहुंची और जरूरी कार्रवाई के बाद मर्ग क्रमांक 75/2026, धारा 194 बीएनएसएस के तहत जांच शुरू की। परिजनों का कहना था कि रवीना की मौत के पीछे उसके पति का किसी दूसरी महिला से संबंध भी वजह हो सकता है। उनका आरोप है कि घटना से पहले पति की कथित गर्लफ्रेंड के घर आने को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ था। 17 बार फोन किया, जवाब नहीं मिलने का आरोप परिजनों का आरोप है कि विवाद के बाद पति ने रवीना को कमरे में बंद कर दिया और कथित गर्लफ्रेंड के साथ बाहर चला गया। परिवार के मुताबिक, रवीना ने रात में पति को 17 बार फोन किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद उसने पंखे से फांसी लगाकर जान दे दी। हालांकि, पुलिस की एफआईआर में दहेज में कार नहीं देने को लेकर प्रताड़ना का मामला सामने आया है। पुलिस ने आरोपी पति के एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर से जुड़े आरोपों की पुष्टि नहीं की है। जांच में दहेज में कार की मांग का आरोप उतई पुलिस के मुताबिक, मर्ग जांच के दौरान मृतका के परिजनों और अन्य संबंधित लोगों के बयान लिए गए। पुलिस ने उपलब्ध सबूतों को भी जुटाकर उनकी जांच की। जांच में आरोप सामने आया कि पति विपुल यादव दहेज में कार नहीं मिलने को लेकर पत्नी से विवाद करता था और उसे मानसिक व शारीरिक रूप से परेशान करता था। पुलिस के अनुसार, घटना से एक दिन पहले भी इसी बात को लेकर पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ था। इसके बाद आरोपी के घर से चले जाने की जानकारी सामने आई। 28 दिन बाद पति के खिलाफ केस दर्ज मर्ग जांच में मिले तथ्यों और सबूतों के आधार पर पुलिस ने पति विपुल यादव के खिलाफ अपराध क्रमांक 457/2026 दर्ज किया। उसके खिलाफ धारा 80(2) बीएनएस के तहत दहेज मृत्यु का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी पति को 12 सितंबर को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले में उपलब्ध सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
जोधपुर के MDM अस्पताल में गंभीर टिटेनस से जूझ रहे डेढ़ महीने के बच्चे को इलाज के बाद नई जिंदगी मिली है। इंफेक्शन के कारण बच्चे की तबीयत लगातार बिगड़ रही थी और उसकी हालत गंभीर हो गई थी। MDM अस्पताल की डॉक्टर्स की टीम ने बच्चे का इलाज शुरू किया और लगातार निगरानी के बाद उसकी स्थिति में सुधार हुआ। समय पर इलाज और डॉक्टर्स की मेहनत से बच्चे की जान बचाई जा सकी। एसएन मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. बीएस जोधा ने बताया कि कौशल्या देवी के नवजात शिशु (बेबी ऑफ कौशल्या) का जन्म के समय वजन मात्र 2.4 किलोग्राम था। घर पर प्रसव के दौरान अस्वच्छ (इंफेक्टेड/अंस्टरलाइज) ब्लेड से नाल काटने के कारण शिशु में गंभीर टिटेनस संक्रमण (सीवियर नियोनेटल टिटेनस ) हो गया। 7 वें दिन कराया भर्ती जन्म के सातवें दिन शिशु की स्थिति बिगड़ने पर उसे गंभीर ऐंठन (सीजर्स/स्पॉसम्स), जबड़े में जकड़न (लॉक जॉ) और सांस लेने में भारी परेशानी जैसी गंभीर स्थितियों के साथ एमडीएम अस्पताल 4(जनाना विंग) के एनआईसीयू में भर्ती कराया गया। डॉक्टर्स की टीम रेस्पिरेटरी सपोर्ट देकर बचाया जीवन शिशु रोग विभाग यूनिट प्रमुख डॉ. हरीश मौर्य (यूनिट-6), सहायक प्रोफेसर डॉ. विकास आर्य एवं एनआईसीयू इंचार्ज सीमा पूरी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में डॉ. हर्षित, डॉ. करण, डॉ. वेदांत, डॉ. रिया एवं डॉ. सोनल ने शिशु का इलाज शुरू किया। शिशु को लगभग 15 दिनों तक सीपीएपी मशीन पर रखा गया और धीरे-धीरे O _2 सपोर्ट को एक महीने की कड़ी मेहनत के बाद हटाया गया। भर्ती होने के 15 दिनों बाद शिशु को फीडिंग शुरू कराई गई। लगभग 1 महीने 17 दिन के इलाज के बाद शिशु पूरी तरह स्वस्थ हो गया और उसे सुरक्षित अस्पताल से छुट्टी (डिस्चार्ज) दे दी गई। शिशु के पूर्णतः स्वस्थ होकर डिस्चार्ज होने पर एमडीएम अस्पताल के अधीक्षक डॉ. विकास राजपुरोहित ने नवजात को नया जीवन प्रदान करने के लिए डॉक्टर एवं नर्सिंग टीम की सराहना की और बधाई दी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान दिल्ली के भारत मंडपम में विदेशी मेहमानों के लिए 100% शाकाहारी गाला डिनर का आयोजन किया। इसमें पुरानी दिल्ली की मिठाइयां शामिल थीं।
गोपालगंज शहर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में रविवार को करीब सवा दो घंटे बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। आरआर पावर हाउस स्थित गोपालगंज ग्रिड में 33 केवी ब्रेकर का मेंटेनेंस किया जाएगा। इसके कारण सुबह 10 बजे से दोपहर 12:15 बजे तक बिजली सप्लाई बंद रहेगी। 10 बजे से शुरू होगा मेंटेनेंस बिजली विभाग के अनुसार, रविवार सुबह 10 बजे से ग्रिड में मरम्मत का काम शुरू होगा। मेंटेनेंस पूरा होने के बाद तय समय के अनुसार बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। चार 11 केवी फीडर रहेंगे बंद मेंटेनेंस के दौरान आरआर पावर हाउस से जुड़े सभी 11 केवी फीडर बंद रहेंगे। इनमें टाउन-3, काकरकुंड, छवही और गौसिया फीडर शामिल हैं। इन फीडरों से जुड़े इलाकों में बिजली आपूर्ति नहीं होगी। हजियापुर फीडर से नहीं होगी कटौती हजियापुर पावर हाउस से जुड़े सभी फीडर सामान्य रूप से चलते रहेंगे। इन फीडरों से जुड़े इलाकों में इस मेंटेनेंस के कारण बिजली कटौती नहीं होगी। तकनीकी खराबी दूर करने को मेंटेनेंस सहायक विद्युत अभियंता ने बताया कि ग्रिड के 33 केवी ब्रेकर में तकनीकी दिक्कत आ रही है। इसे ठीक करने के साथ भविष्य में बड़े ब्रेकडाउन से बचने के लिए मेंटेनेंस किया जा रहा है। पहले निपटा लें जरूरी काम विभाग ने प्रभावित इलाकों के लोगों से अपील की है कि वे सुबह 10 बजे से पहले पानी भरने, मोबाइल चार्ज करने समेत अन्य जरूरी काम निपटा लें। इससे बिजली बंद रहने के दौरान परेशानी से बचा जा सकेगा।
टोंक के सरकारी अल्पसंख्यक आवासीय स्कूल में क्लास 7वीं में पढ़ने वाले 12 वर्षीय छात्र अरशद खान की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले में शनिवार को परिजनों और परिचितों ने छात्रावास के बाहर धरना शुरू कर दिया। परिजनों ने छात्रावास के गार्ड समेत अन्य जिम्मेदार कार्मिकों पर हत्या का मामला दर्ज कर कड़ी कार्रवाई करने और मृतक के परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग की है। इस बीच परिजनों का दावा है कि घटना के समय छात्रावास में मौजूद गार्ड मौके से फरार हो गया। जबकि घटना के बाद अधिकांश छात्र अपने-अपने गांव चले गए। मामले की जानकारी मिलने पर जिला अल्पसंख्यक एवं कल्याण अधिकारी नितेश जैन भी मौके पर पहुंचे और धरने पर बैठे परिजनों से समझाइश की। उन्होंने कहा कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, परिजन उनकी समझाइश से संतुष्ट नहीं हुए और देर रात तक धरने पर बैठे रहे। परिजनों ने मुख्यमंत्री के नाम पत्र भेजकर मामले की निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग की है। धरने में रालोपा के देवली ब्लॉक अध्यक्ष रणवीर सिंह भी मृतक के परिजनों के साथ बैठे हैं। दादी ने लगाया लापरवाही का आरोपमृतक की दादी दूनी निवासी शमीम बानो ने मुख्यमंत्री के नाम भेजे पत्र में बताया कि उनका पोता अरशद खान करीब दो सालों से राजकीय अल्पसंख्यक बालक आवासीय स्कूल, टोंक में रहकर पढ़ाई कर रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि 7 सितंबर की रात अरशद की तबीयत बिगड़ी थी। साथी स्टूडेंट्स से बातचीत में उन्हें जानकारी मिली कि अरशद ने गार्ड को तबीयत खराब होने की बात बताई थी। आरोप है कि गार्ड ने उसे एक गोली देकर सो जाने और अगले दिन डॉक्टर को दिखाने की बात कही। दादी के अनुसार, इसके बाद अरशद की तबीयत में सुधार नहीं हुआ और 8 सितंबर की सुबह उसकी हालत और बिगड़ गई। बाद में चार लोग उसे हाथ-पैर पकड़कर हॉस्टल से ऑटो तक ले गए और सीट के नीचे लिटाकर सआदत अस्पताल पहुंचाया गया। परिजनों का आरोप है कि हॉस्टल प्रशासन की ओर से सुबह करीब साढ़े सात बजे उन्हें फोन कर बताया गया कि बच्चा बीमार है और उसे हार्ट अटैक आया है, इसलिए वे जल्द अस्पताल पहुंचें। जब परिजन अस्पताल पहुंचे तो डॉक्टरों ने अरशद को मृत बताया। घटना के बाद नहीं दी गई स्पष्ट जानकारीशमीम बानो ने पत्र में आरोप लगाया कि घटना के बाद परिवार को उचित और स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई और आश्वासन देकर उन्हें घर भेज दिया गया। बाद में अरशद के साथ पढ़ने वाले छात्रों से बातचीत में घटना को लेकर कई जानकारियां सामने आईं, जिससे स्कूल प्रशासन की कार्यप्रणाली और छात्र की देखभाल को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। दादी ने कहा कि आवासीय स्कूल में 12 वर्षीय बच्चे की इस तरह मौत होना बेहद गंभीर मामला है। परिवार यह जानना चाहता है कि अरशद की तबीयत बिगड़ने के बाद उसे समय पर चिकित्सा सुविधा क्यों नहीं दी गई और अस्पताल पहुंचाने में कितना समय लगा। CCTV फुटेज सुरक्षित कराने की मांगपरिजनों ने स्कूल परिसर में लगे CCTV कैमरों की फुटेज को मामले की जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य बताते हुए 7 सितंबर की शाम से 8 सितंबर की सुबह तक की पूरी मूल रिकॉर्डिंग तत्काल सुरक्षित कराने की मांग की है। उनका कहना है कि फुटेज से अरशद की तबीयत बिगड़ने से लेकर उसे अस्पताल ले जाने तक का पूरा घटनाक्रम स्पष्ट हो सकता है। परिजनों ने मांग की है कि CCTV फुटेज को हटाने, बदलने या उसके साथ किसी प्रकार की छेड़छाड़ रोकने के लिए रिकॉर्डिंग को तत्काल सुरक्षित कराया जाए। फुटेज की स्वतंत्र और सक्षम जांच अधिकारी या समिति से जांच कराई जाए और इसकी रिपोर्ट परिवार को उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने यह भी मांग की है कि CCTV फुटेज के आधार पर यह जांच की जाए कि अरशद की बीमारी के दौरान उसके साथ क्या हुआ, उसे किस प्रकार की चिकित्सा सहायता दी गई, अस्पताल ले जाने में कितना समय लगा और स्कूल प्रशासन व संबंधित कर्मचारियों ने क्या कदम उठाए। जांच में किसी अधिकारी, कर्मचारी या स्कूल प्रशासन की लापरवाही सामने आने पर उनके खिलाफ कठोर कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जाए। परिजनों ने मुख्यमंत्री से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने और मृतक के परिवार को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।
बांका के सदर थाना क्षेत्र के वैसा गांव में शनिवार देर शाम 22 वर्षीय नवविवाहिता पूजा कुमारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उसका शव घर के कमरे में पंखे से लटका मिला। पूजा की शादी करीब पांच महीने पहले शंभुगंज थाना क्षेत्र के खपड़ा गांव निवासी सागर कुमार से हुई थी। घटना के बाद मायके वालों ने ससुराल पक्ष पर पूजा की हत्या का आरोप लगाया है। वहीं, पुलिस फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर मौत की असली वजह पता लगाने में जुटी है। शनिवार देर शाम पूजा का शव कमरे में पंखे से लटका मिलने के बाद घर में अफरातफरी मच गई। घटना की सूचना पुलिस को दी गई, जिसके बाद सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पांच महीने पहले हुई थी शादी पूजा की शादी करीब पांच महीने पहले सागर कुमार के साथ हुई थी। शादी के कुछ दिन बाद ही उसका पति काम के सिलसिले में दिल्ली चला गया था। घटना के वक्त सागर घर पर मौजूद नहीं था। बताया गया कि शनिवार शाम पूजा का अपनी सास और ससुराल के अन्य सदस्यों से किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। हालांकि, विवाद किस बात को लेकर हुआ था, इसकी स्पष्ट जानकारी अभी सामने नहीं आई है। विवाद के कुछ देर बाद मिली मौत की खबर परिजनों के अनुसार, विवाद के कुछ देर बाद ही पूजा का शव कमरे में पंखे से लटका मिला। इसके बाद घर में हड़कंप मच गया और आसपास के लोग मौके पर जुट गए। घटना की जानकारी मिलते ही पूजा के मायके वाले मौके पर पहुंचे। परिजनों ने ससुराल पक्ष के लोगों पर पूजा की हत्या कर शव को पंखे से लटकाने का आरोप लगाया है। पुलिस ने आरोपों को जांच में शामिल कर लिया है। ससुराल पक्ष के कई लोग फरार घटना के बाद ससुराल पक्ष के कई लोगों के घर छोड़कर चले जाने की बात सामने आई है। पुलिस फरार बताए जा रहे लोगों की तलाश कर रही है। सूचना मिलते ही सदर थानाध्यक्ष सुधीर कुमार और एसआई संगीता कुमारी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। पति दिल्ली से घर के लिए रवाना पूजा की मौत की जानकारी मिलने के बाद उसका पति सागर कुमार भी दिल्ली से घर के लिए रवाना हो गया है। पुलिस उसके पहुंचने के बाद भी घटना से संबंधित जानकारी ले सकती है। पुलिस की शुरुआती जानकारी में ससुराल वालों से विवाद के बाद पूजा द्वारा आत्महत्या किए जाने की आशंका जताई गई है। हालांकि, पुलिस ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है। मौत की असली वजह पोस्टमार्टम से होगी स्पष्ट सदर थानाध्यक्ष सुधीर कुमार ने बताया कि मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है। पुलिस टीम घटना से जुड़े सभी साक्ष्यों की जांच कर रही है। कमरे की स्थिति और घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों को भी जांच के दायरे में रखा गया है। हत्या या आत्महत्या, जांच के बाद खुलेगा राज नवविवाहिता की संदिग्ध मौत के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि पूजा ने खुद जान दी या उसकी हत्या कर शव को पंखे से लटकाया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल की जांच और परिजनों के बयानों के आधार पर पुलिस इस गुत्थी को सुलझाने में जुटी है।
राजस्थान में नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 73 करोड़ 64 लाख 64 हजार 948 रुपए की संपत्तियां कुर्क, फ्रीज और सीज की गई है। इसमें बदमाशों के आलीशान मकान, दुकानें, आवासीय और कृषि जमीन, कार, पिकअप, ट्रैक्टर और बाइक तक शामिल हैं। एएनटीएफ आईजी विकास कुमार ने बताया- प्रदेश के अलग-अलग जिलों में आदतन और कुख्यात नशा तस्करों के खिलाफ 38 मामलों में कुर्की और जब्ती के अंतिम आदेश स्वीकृत हो चुके हैं, जबकि 25 मामलों में कानूनी प्रक्रिया अंतिम चरण में है। चित्तौड़गढ़ में सबसे बड़ी कार्रवाई, 20.35 करोड़ की संपत्ति जब्त विकास कुमार ने बताया- चित्तौड़गढ़ में 68-एफ के तहत सबसे बड़ी कार्रवाई की गई। यहां कुल 20.35 करोड़ रुपए की संपत्तियां सीज की गई है। इनमें गंगरार निवासी तस्कर राहुल बंजारा की अकेले 18.79 करोड़ रुपए की संपत्ति शामिल है। इसके अलावा कमलेश गुर्जर, बाल किशन धाकड़, रामेश्वर लाल अहीर, मोहम्मद उस्मान, रतनलाल जाट और सुरेश चंद्र जाट की चल-अचल संपत्तियों पर भी कार्रवाई की गई है। बारां में 18.48 करोड़ की संपत्तियों पर कार्रवाई बारां जिले में भी नशा तस्करों की करोड़ों रुपए की संपत्तियां पुलिस के निशाने पर रही। यहां राजाराम मीणा व रामगोपाल की 5.83 करोड़, दिनेश मीणा व सुरेंद्र की 5.83 करोड़ और किशोर कुमार की 5.82 करोड़ रुपए की संपत्तियां फ्रीज की गई है। इसके अलावा बीरमचंद तथा विशाल सांसी व बल्लू सांसी की संपत्तियों पर भी कार्रवाई की गई है। झालावाड़ में 9 तस्करों की संपत्ति जब्त झालावाड़ में 9 अपराधियों की संपत्तियों की जब्ती स्वीकृत हुई है। इनमें बबलू तंवर की 5.59 करोड़, नरेंद्र सिंह की 1.81 करोड़, मोहन लाल तंवर की 1.13 करोड़, सुगनचंद तंवर की 1.02 करोड़ रुपए की संपत्ति प्रमुख है। इसके अलावा गनी मोहम्मद, पांचूलाल मीणा, दिनेश सिंह, प्रभूलाल तंवर और रामलाल तंवर की संपत्तियों पर भी कार्रवाई की गई। प्रतापगढ़ में बंगले, पोल्ट्री फार्म और वाहन भी जब्त प्रतापगढ़ में स्वीकृत मामलों के तहत करीब 8.24 करोड़ रुपए की संपत्तियों पर कुर्की की कार्रवाई हुई है। इसमें शाहजेब उर्फ बल्ला का नवनिर्मित मकान, पोल्ट्री फार्म और वाहन समेत करीब 2.10 करोड़ रुपए की संपत्ति शामिल है। भुरालाल लबाना, शेफुल्ला शेख, असद इकबाल, नारायण मीणा, अकबर खान, शाहरुख खान, दिलावर खान और नऊम खान की संपत्तियां भी कार्रवाई के दायरे में आई हैं। नागौर, जोधपुर ग्रामीण और हनुमानगढ़ में भी कार्रवाई नागौर में भोपालराम विश्नोई के दो मकान, दुकान और वाहनों समेत 1.14 करोड़ रुपए की संपत्ति की कुर्की स्वीकृत हुई है। जोधपुर ग्रामीण में अनिल विश्नोई की 26 बीघा जमीन और दो वाहन, कुल करीब 1.10 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई हुई। हनुमानगढ़ में स्वराज उर्फ शिवराज की 81.61 लाख रुपए की संपत्ति सीज की गई है। दूसरे जिलों में भी करोड़ों की संपत्तियों पर शिकंजा जालोर में धोलाराम उर्फ धरिंद्र कुमार की 37.73 लाख और राकेश कुमार विश्नोई की 13.09 लाख रुपए की संपत्ति जब्त की गई है। उदयपुर में विपिन गिरी गोस्वामी की 26 लाख रुपए की संपत्ति, भीलवाड़ा में लाभचंद उर्फ लाभू धाकड़ की 50 लाख रुपए की जमीन व ट्रैक्टर और जोधपुर पूर्व में रमेश विश्नोई की 15 लाख रुपए की स्कॉर्पियो की कुर्की स्वीकृत हुई है। नशे की कमाई से बनाई संपत्ति नहीं बचेगी: डीजीपी डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने कहा- नशीले पदार्थों के कारोबार में शामिल अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई लगातार जारी रखी जाए और नशे की कमाई से बनाई गई संपत्तियों को जब्त किया जाए। डीजीपी ने आमजन से भी अपील की है कि अपने आसपास नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार की जानकारी पुलिस को दें, ताकि नशा मुक्त राजस्थान के संकल्प को साकार किया जा सके। एएनटीएफ खंगाल रही तस्करों की पूरी कुंडली आईजी विकास कुमार ने बताया कि एएनटीएफ विशेष अभियान के तहत नशा तस्करों की पूरी कुंडली तैयार कर रही है। तस्करों की सूची बनाकर संबंधित जिलों के पुलिस अधीक्षकों को कार्रवाई के निर्देश दिए जा रहे हैं। व्यापारिक प्रकृति के मामलों में भी प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसके साथ ही प्रत्येक जिले में नशे के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के लिए एसपी कार्यालय में विशेष शाखा गठित करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है।
अररिया के भरगामा प्रखंड की रघुनाथपुर उत्तर पंचायत के वार्ड संख्या-5 में शनिवार को लचहा नदी में नहाने के दौरान दो बच्चों की डूबने से मौत हो गई। हादसे के समय पांच बच्चे नदी में नहाने गए थे। तीन बच्चों को ग्रामीणों ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जबकि दो बच्चे गहरे पानी में चले गए। चार किलोमीटर दूर नदी में नहाने पहुंचे थे बच्चे जानकारी के अनुसार, सिरसिया-हनुमानगंज पंचायत के वार्ड संख्या-8 से पांच बच्चे अपने घर से करीब चार किलोमीटर दूर लचहा नदी में नहाने पहुंचे थे। नहाने के दौरान सभी बच्चे गहरे पानी की ओर चले गए और दो बच्चे डूब गए। शोर सुनकर किसानों ने नदी में लगाई छलांग दो बच्चों के डूबने के बाद मौके पर मौजूद अन्य बच्चों ने शोर मचाना शुरू किया। आवाज सुनकर आसपास के खेतों में काम कर रहे किसान और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने तत्काल नदी में छलांग लगाकर बच्चों की तलाश शुरू की। पांच साल के चिक्की को नहीं बचाया जा सका काफी मशक्कत के बाद तीन बच्चों को सुरक्षित नदी से बाहर निकाल लिया गया। वहीं पांच वर्षीय चिक्की कुमार को भी पानी से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। चिक्की कुमार सिरसिया-हनुमानगंज पंचायत निवासी ललित साह के बेटे थे। हादसे में छह वर्षीय बादल कुमार गहरे पानी में लापता हो गए। बादल कुमार राजदीप साह के बेटे हैं। दोनों बच्चे एक ही गांव के रहने वाले बताए गए हैं। गोताखोरों और एनडीआरएफ ने संभाला मोर्चा घटना की सूचना मिलते ही भरगामा बीडीओ केशव कुमार राय और थानाध्यक्ष राजेश कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। स्थानीय गोताखोरों और एनडीआरएफ की मदद से लापता बादल की तलाश शुरू कर दी गई। लापता बच्चे की तलाश के लिए नदी के अलग-अलग हिस्सों में अभियान चलाया जा रहा है। प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस मौके पर मौजूद रहकर खोजबीन की निगरानी कर रहे हैं। घटनास्थल पर उमड़ी ग्रामीणों की भीड़ हादसे की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और दोनों बच्चों के परिजन घटनास्थल पर पहुंच गए। बच्चे की मौत के बाद परिवार में कोहराम मच गया है। वहीं लापता बच्चे के परिजन उसकी बरामदगी की उम्मीद लगाए हुए हैं। घटना के बाद सिरसिया-हनुमानगंज पंचायत के संबंधित वार्ड में शोक का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने बताया कि नदी में कई जगह पानी की गहराई का सही अंदाजा नहीं लग पाता है, जिससे बच्चों के लिए खतरा बना रहता है। पुलिस-प्रशासन की निगरानी में रेस्क्यू पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर हादसे की जानकारी ली है। लापता बच्चे की तलाश जारी है। प्रशासन की निगरानी में रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है।
दिल्ली वन विभाग रिज क्षेत्र में पौधरोपण की नियमित जांच करेगा ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि कार्य ठीक से हो रहा है और पौधों की देखभाल निर्धारित तरीके से की जा रही है। विभाग ने पश्चिम और दक्षिण वन प्रभागों में निगरानी के लिए साझेदारों को नियुक्त करने हेतु निविदाएं आमंत्रित की हैं, जिसका लक्ष्य 2026-27 तक 70 लाख पेड़ लगाना है।
लखनऊ, 12 सितम्बर 2026। आज लखनऊ स्थित अटल बिहारी वाजपेयी साइंटिफिक कन्वेंशन सेन्टर में माननीय उपमुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य जी उत्तर प्रदेश मिनिस्टीरियल कलेक्ट्रेट कर्मचारी संघ, उ0प्र0 के 60वें प्रान्तीय अधिवेशन में मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए वहां उन्होंने कलेक्ट्रेट कर्मचारियों को अधिवेशन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि कर्मचारी शासन की योजनाओं और नीतियों को धरातल पर पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जनता और सरकार के बीच कर्मचारी एक मजबूत कड़ी हैं, इसलिए उनके हितों, सम्मान और सुविधाओं का ध्यान रखना सरकार की प्राथमिकता है।श्री मौर्य जी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में प्रदेश की डबल इंजन सरकार ने वर्ष 2017 से लगातार कर्मचारी हितों को प्राथमिकता दी है। वेतन, महंगाई भत्ता, चिकित्सा सुविधा, सेवानिवृत्ति लाभ, सेवा संबंधी व्यवस्थाओं और डिजिटल कार्यप्रणाली को मजबूत करने की दिशा में निरंतर कार्य किया गया है। राज्य कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते में समय-समय पर वृद्धि की गई तथा महंगाई भत्ता 50 प्रतिशत होने पर सेवानिवृत्त कर्मचारियों के ग्रेच्युटी लाभ की अधिकतम सीमा बढ़ाकर 25 लाख रुपये किए जाने की व्यवस्था लागू हुई।उन्होंने कहा कि सरकार ने कर्मचारियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी विशेष ध्यान दिया है। बेसिक शिक्षा क्षेत्र के शिक्षकों एवं कार्मिकों तथा उनके आश्रित परिवारों के लिए वर्ष 2026 में कैशलेस चिकित्सा सुविधा का विस्तार किया गया, जिससे बड़ी संख्या में शिक्षक और कार्मिक लाभान्वित हुए।उपमुख्यमंत्री जी ने कहा कि सरकार का उद्देश्य कर्मचारी को केवल प्रशासनिक व्यवस्था का हिस्सा मानना नहीं, बल्कि विकास यात्रा का महत्वपूर्ण भागीदार मानना है। कलेक्ट्रेट कर्मचारी राजस्व, प्रमाण-पत्र, जनसुनवाई, निर्वाचन, कानून-व्यवस्था सहित अनेक महत्वपूर्ण कार्यों में अपनी जिम्मेदारी निभाते हैं। सरकार कर्मचारी हित और जनहित दोनों के बीच बेहतर संतुलन बनाकर कार्य कर रही है।उन्होंने कहा कि पारदर्शी, जवाबदेह और संवेदनशील प्रशासन के लिए कर्मचारियों का सहयोग आवश्यक है। सरकार कर्मचारियों की जायज समस्याओं के समाधान के लिए सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ कार्य कर रही है।उन्होंने कर्मचारियों से अपील की कि वे पूरी निष्ठा, ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ जनता की सेवा करते हुए विकसित उत्तर प्रदेश के निर्माण में अपना योगदान दें।इस अवसर पर श्री सुशील कुमार त्रिपाठी, श्री अजीत उपाध्याय, श्री नरेन्द्र सिंह, श्री के.पी. सिंह, श्री शैलेन्द्र पटेल, श्री मुकेश कुमार, श्री संजय कुमार शर्मा, श्री जगदीश कुमार निगम, श्री अशोक कुमार मिश्र, श्री राजीव श्रीवास्तव, श्री ओम प्रकाश पाण्डेय, श्रीमती नीरू सिंह, श्री गोपी कृष्ण, श्री शशिभूषण तिवारी, श्री खजान सिंह, श्री दुली चन्द्र शर्मा, श्री विनय कुमार सिंह, श्री विशाख जी, जिलाधिकारी, श्री राकेश कुमार सिंह एवं श्री प्रदीप वर्मा सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
लखनऊ। दिनांक 12.09.2026, आज गाँधी भवन सभागार, लखनऊ में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य जी ने उ०प्र० प्रधानाचार्य परिषद के प्रदेशीय सम्मेलन एवं शैक्षिक उन्नयन विचार गोष्ठी में मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित होकर प्रधानाचार्यों, शिक्षाविदों एवं शिक्षकों को संबोधित किया।उपमुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य जी ने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता, संस्कार एवं विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को नई दिशा देने में प्रधानाचार्यों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रधानाचार्य विद्यालय की शैक्षिक व्यवस्था के केंद्र में होते हैं और उनके नेतृत्व में विद्यार्थियों में ज्ञान, अनुशासन, संस्कार, राष्ट्रभक्ति एवं जिम्मेदारी की भावना विकसित होती है।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में डबल इंजन की सरकार उत्तर प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण, तकनीक आधारित एवं रोजगारपरक बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। सरकार का उद्देश्य है कि प्रदेश का प्रत्येक विद्यार्थी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करे और उसे अपनी प्रतिभा एवं क्षमता के अनुरूप आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर मिलें।श्री मौर्य जी ने कहा कि सरकार द्वारा विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार, स्मार्ट क्लास, डिजिटल शिक्षा, तकनीकी संसाधनों, पुस्तकालय, प्रयोगशालाओं तथा विद्यालयों के कायाकल्प पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रदेश के विद्यालयों को बेहतर शैक्षिक वातावरण उपलब्ध कराने के साथ ही शिक्षकों एवं प्रधानाचार्यों की भूमिका को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।उन्होंने कहा कि मिशन कायाकल्प के माध्यम से परिषदीय विद्यालयों में अवस्थापना सुविधाओं में व्यापक सुधार हुआ है। ऑपरेशन कायाकल्प के तहत विद्यालयों में पेयजल, शौचालय, विद्युत व्यवस्था, फर्नीचर, भवनों के रखरखाव एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं को बेहतर किया गया है। इससे विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित, स्वच्छ एवं बेहतर शिक्षण वातावरण तैयार हुआ है।उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार शिक्षा को केवल रोजगार प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण, संस्कार, राष्ट्र निर्माण और विकसित भारत के निर्माण का महत्वपूर्ण आधार मानती है। नई शिक्षा नीति के अनुरूप विद्यार्थियों में ज्ञान के साथ-साथ कौशल, रचनात्मकता, नवाचार और नेतृत्व क्षमता विकसित करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।उन्होंने प्रधानाचार्यों एवं शिक्षकों का आह्वान किया कि वे बदलते समय के अनुरूप नई तकनीक एवं नवाचार को अपनाते हुए विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करें। उन्होंने कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माता हैं और उनके सशक्तिकरण के बिना मजबूत एवं विकसित समाज की कल्पना नहीं की जा सकती।श्री मौर्य जी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग तक शिक्षा एवं विकास का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश के बच्चों का भविष्य उज्ज्वल बनाना और उन्हें विश्वस्तरीय प्रतिस्पर्धा के योग्य बनाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो० गिरीश चन्द्र त्रिपाठी जी, पूर्व कुलपति ने की। इस अवसर पर श्री देव कृष्ण शर्मा जी, मुख्य संरक्षक, प्रधानाचार्य परिषद; डा० हरेन्द्र कुमार राय, प्रदेश अध्यक्ष; डा० वीरेन्द्र प्रताप सिंह, संरक्षक; डा० सुखपाल सिंह तोमर, प्रदेश महामंत्री; डा० राजेश त्रिपाठी, प्रदेश कोषाध्यक्ष; डा० महेन्द्र नाथ राय, कार्यक्रम संयोजक; श्री धर्मेन्द्र मिश्रा, पूर्व कोषाध्यक्ष; श्री उमेश द्विवेदी, MLC; श्री बृजेश कुमार, प्रदेश उपाध्यक्ष; श्री राघवेन्द्र पाण्डेय जी, प्रदेश उपाध्यक्ष; श्रीमती मधुबाला, प्रदेश उपाध्यक्ष; डा० मदन मोहन शंखधर, महामंत्री संगठन; श्री सतीश कठेरिया; श्री बृजेश कुमार तिवारी, मण्डल अध्यक्ष सहित अन्य प्रतिष्ठितजन एवं प्रधानाचार्यगण की गरिमामयी उपस्थिति रही।
शेखपुरा के चेवाड़ा थाना क्षेत्र में 16 वर्षीय किशोरी के यौन शोषण के आरोप में पुलिस ने शनिवार शाम एक ग्रामीण डॉक्टर को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि डॉक्टर पिछले करीब छह महीने से किशोरी का शोषण कर रहा था। वह उसे प्रलोभन देने के साथ धमकियां भी देता था। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने किशोरी का आपत्तिजनक वीडियो भी बनाया था और उसके जरिए उसे ब्लैकमेल करता था। मां की शिकायत पर पुलिस ने शुरू की कार्रवाई मामले की जानकारी किशोरी की मां को मिलने के बाद उन्होंने पुलिस से शिकायत की। शिकायत के आधार पर महिला थाना अध्यक्ष रिशु कुमारी ने स्थानीय पुलिस की मदद से कार्रवाई शुरू की और आरोपी ग्रामीण डॉक्टर को उसके गांव से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी और पीड़िता एक ही गांव के एएसपी डॉ. राकेश कुमार ने बताया कि आरोपी और पीड़िता दोनों एक ही गांव के रहने वाले हैं। पुलिस अब मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। आरोपी के मोबाइल फोन को भी जब्त किया गया है। मोबाइल से जुटाए जाएंगे अहम साक्ष्य पुलिस ने आरोपी का मोबाइल जब्त कर लिया है। पुलिस यह जांच कर रही है कि मोबाइल में किशोरी से संबंधित कोई आपत्तिजनक सामग्री मौजूद है या नहीं और उसका इस्तेमाल किस तरह किया गया। आरोपी के आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। वैज्ञानिक तरीके से जांच शुरू एएसपी ने बताया कि मामले की वैज्ञानिक तरीके से जांच की जा रही है। आरोपी और पीड़िता की मेडिकल जांच की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। जांच के दौरान जरूरी नमूने भी लिए जा रहे हैं, ताकि मामले में ठोस वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए जा सकें। एएसपी ने जिले की बालिकाओं से अपील की कि वे किसी भी तरह के अपराध या उत्पीड़न की जानकारी तत्काल पुलिस को दें। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा के लिए सरकार के निर्देश पर विशेष पुलिस दीदी दस्ता बनाया गया है। पीड़ितों से सामने आने की अपील एएसपी ने कहा कि इस तरह के मामलों में पीड़ितों को आगे आकर पुलिस के समक्ष अपनी बात रखनी चाहिए। पुलिस पीड़ित की पहचान और पता गोपनीय रखते हुए आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करेगी। एएसपी ने बताया कि पिछले दिनों जिले के अन्य क्षेत्रों में भी बालिकाओं से जुड़े यौन अपराध के मामलों में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है। आरोपियों को गिरफ्तार कर कानून के हवाले किया गया है। स्पीडी ट्रायल की तैयारी पुलिस के अनुसार, इस मामले में भी जांच पूरी कर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। एएसपी ने कहा कि आरोपी को कानून के तहत सजा दिलाने के लिए मामले में स्पीडी ट्रायल की दिशा में कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीण डॉक्टर के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और उसकी गतिविधियों की भी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में लगी है कि आरोपी के खिलाफ पहले भी किसी तरह की शिकायत या मामला दर्ज रहा है या नहीं। ब्लैकमेल के आरोप की भी जांच पुलिस किशोरी को धमकी देने और कथित वीडियो के जरिए ब्लैकमेल किए जाने के आरोप की भी जांच कर रही है। जब्त मोबाइल और अन्य साक्ष्यों की जांच के बाद मामले में स्थिति और स्पष्ट होगी। एएसपी ने कहा कि किसी भी बालिका या महिला के साथ अपराध होने की जानकारी मिलने पर लोग तत्काल पुलिस को सूचित करें। सूचना देने वालों की पहचान गोपनीय रखने का भरोसा भी पुलिस ने दिया है। जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर फिलहाल पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया जारी है। मेडिकल जांच, मोबाइल की जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी।
उपमुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य के निर्देशों पर प्रशिक्षण व्यवस्था को मिली गति
लखनऊ। दिनांक 12.09.2026, मा. उपमुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य जी द्वारा दिनांक 18 अगस्त, 2026 को प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास एवं महानिदेशक, दीनदयाल उपाध्याय राज्य ग्राम्य विकास संस्थान को निर्देशित किया गया था कि डिजिटल मासिक एवं त्रैमासिक रोस्टर प्रणाली के अनुसार प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाएं साथ ही प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों के आवास, कक्षाओं, आधुनिक शिक्षा प्रणाली तथा संस्थान में स्वच्छता की उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए।मा. उपमुख्यमंत्री जी के निर्देशों के अनुपालन में विभाग द्वारा प्रशिक्षण गतिविधियों में गति लाते हुए विभिन्न विभागों, संस्थाओं एवं ग्रामीण विकास से जुड़े कार्मिकों तथा रचनात्मक कार्यों से जुड़े लोगों को आवश्यकता आधारित प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन एवं दीनदयाल उपाध्याय राज्य ग्राम्य विकास संस्थान, लखनऊ के संयुक्त तत्वावधान में मॉडल संकुल स्तरीय संघ के एमआईएस सहायकों एवं लेखाकारों का दस दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण राज्य ग्राम्य विकास संस्थान, बख्शी का तालाब में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।यह प्रशिक्षण श्री अरुण कुमार, मिशन निदेशक, उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के निर्देशन में आयोजित किया गया।प्रशिक्षण का उद्देश्य संकुल स्तरीय संघ के कैडर को तकनीकी, वित्तीय एवं प्रबंधन के क्षेत्र में दक्ष एवं आत्मनिर्भर बनाना था, ताकि ग्राम स्तर पर संचालित योजनाओं की निगरानी, क्रियान्वयन और वित्तीय प्रबंधन को अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बनाया जा सके।उपायुक्त श्री देवेंद्र कुमार ओझा ने बताया कि प्रशिक्षण के माध्यम से प्रतिभागियों को वित्तीय प्रबंधन, त्वरित निर्णय क्षमता, सुदृढ़ ऋण प्रणाली तथा पारदर्शी हिसाब-किताब रखने की व्यवहारिक जानकारी दी गई। विशेष रूप से धनराशि का सही स्थान एवं सही उद्देश्य में उपयोग, अभिलेखों के व्यवस्थित रख-रखाव तथा लेखा-जोखा को पारदर्शी एवं प्रदर्शनीय बनाने पर जोर दिया गया। महिलाओं में शिक्षा, साक्षरता एवं जागरूकता बढ़ाने को भी प्रशिक्षण का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया।प्रशिक्षण के तकनीकी सत्रों में मोबाइल एप एवं पोर्टल पर आंकड़ों की प्रविष्टि, मासिक प्रगति आख्या तैयार करना, स्वयं सहायता समूह, ग्राम संगठन एवं संकुल स्तरीय संघ के अभिलेखों का ऑनलाइन रख-रखाव, कार्यसूची तैयार करना, सदस्यता पंजिका का संधारण तथा प्रस्ताव पारित करने की प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रतिभागियों की प्रशिक्षण गतिविधियों एवं सीखने की क्षमता का नियमित मूल्यांकन भी किया गया।प्रशिक्षण में संकुल स्तरीय संघ के दृष्टिकोण एवं उद्देश्य, सामुदायिक ढांचे, वित्तीय प्रणाली का महत्व, लेखांकन चक्र, लेखांकन की प्रमुख पुस्तकों, प्राप्ति-भुगतान, आय-व्यय, तुलन पत्र, ऋण प्रबंधन, पोर्टफोलियो प्रबंधन तथा वित्तीय प्रमुख सूचकांकों की विस्तृत जानकारी दी गई। वाराणसी, जौनपुर, अलीगढ़ एवं बलरामपुर जनपदों से आए लेखाकारों एवं एमआईएस सहायकों ने सक्रिय सहभागिता की।प्रशिक्षण के समापन सत्र में राज्य ग्राम्य विकास संस्थान के सहायक निदेशक डॉ. सत्येंद्र गुप्ता द्वारा श्रीमती साधना रंजन, सुश्री मेघा, सुश्री एकता देवी एवं श्री अमितेश इंजीनियर ने प्रशिक्षक के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रतिभागियों में दीपा शुक्ला, रिषा पटेल, चंचल, सोनी, तनु शर्मा, सीमा, जया, ममता, शकीना, हीना, प्रार्थना सिंह, अल्पना, सुमन, नीलू राजभर, प्रिय मिश्रा, हदीशुन निशा, राजकुमारी, अनीता यादव, शिवांगी सहित अन्य प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए।
तरनतारन जिले के पट्टी शहर स्थित प्रसिद्ध मिष्ठान भंडार 'शांति दी हट्टी' पर शुक्रवार देर रात अज्ञात मोटरसाइकिल सवार बदमाशों ने अंधाधुंध फायरिंग कर दी। देर रात करीब 12 बजे हुई इस वारदात से पूरे इलाके और व्यापारिक वर्ग में भारी दहशत फैल गई है। मिली जानकारी के अनुसार, नकाबपोश हमलावरों ने दुकान को निशाना बनाते हुए कई राउंड फायर किए। गोलियां दुकान के बाहरी शटर को भेदते हुए अंदर लगे बड़े शीशे में जा लगीं, जिससे शीशा पूरी तरह चकनाचूर हो गया। गनीमत यह रही कि रात का समय होने के कारण मौके पर कोई मौजूद नहीं था, जिससे बड़ा जान-माल का नुकसान होने से बचाव रहा। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी अपनी मोटरसाइकिल पर सवार होकर अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए। पुलिस ने बरामद किए खोल, सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही टीम घटना की सूचना मिलते ही थाना सिटी पट्टी की पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और इलाके की घेराबंदी कर जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल से गोलियों के खाली खोल (खोके) बरामद किए हैं। हमलावरों की शिनाख्त और उनकी आवाजाही का सुराग लगाने के लिए दुकान और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को गहनता से खंगाला जा रहा है। मामले के संबंध में जानकारी देते हुए थाना सिटी पट्टी के प्रभारी विपिन कुमार ने बताया कि शटर और दुकान के अंदर गोलियों के निशान मिले हैं। पुलिस विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच में जुटी है और जल्द ही आरोपियों को ट्रेस कर गिरफ्तार कर लिया जाएगा। 2 साल पुराने रंगदारी के मामले से जुड़ रहे तार 'शांति दी हट्टी' पर हुई इस फायरिंग के तार करीब दो साल पुराने एक रंगदारी मामले से जोड़कर देखे जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि लगभग दो साल पहले दुकान मालिक को नामी गैंगस्टरों द्वारा धमकी देकर भारी रंगदारी मांगी गई थी। अब दो साल के लंबे अंतराल के बाद दोबारा इसी दुकान को निशाना बनाकर की गई फायरिंग से पीड़ित परिवार और स्थानीय दुकानदारों में भय का माहौल है। हालांकि, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह फायरिंग पुरानी धमकी का नतीजा है या इसके पीछे कोई नया विवाद है, यह गहन जांच के बाद ही साफ हो पाएगा।
भारतीय मूलनिवासी मुक्ति मोर्चा (BM3) की जालंधर सेंट्रल हलके की टीम ने गुलजार सिंह के परिवार को इंसाफ दिलाने की मांग को लेकर जोरदार रोष प्रदर्शन किया। जालंधर सेंट्रल हलका इंचार्ज अमित सबरवाल के नेतृत्व में एकत्र हुए पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पीड़ित परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठाई। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए BM3 के नेताओं ने कहा कि पंजाब में हर नागरिक को अपने अधिकारों और सामाजिक मुद्दों के हक में आवाज उठाने का लोकतांत्रिक अधिकार प्राप्त है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी व्यक्ति के साथ कोई धक्काशाही, प्रताड़ना या अनुचित दबाव का मामला सामने आता है, तो उसकी तुरंत उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सके। पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है संगठन की टीम जालंधर सेंट्रल हलका इंचार्ज अमित सबरवाल ने कहा कि भारतीय मूलनिवासी मुक्ति मोर्चा हमेशा शोषितों और पीड़ित परिवारों के हक में डटकर आवाज उठाता रहा है। उन्होंने कहा कि गुलजार सिंह के परिवार को जल्द से जल्द न्याय मिलना चाहिए और इस गंभीर मामले में किसी भी स्तर पर पुलिस प्रशासन की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। BM3 नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि पीड़ित परिवार को समय रहते इंसाफ न मिला, तो संगठन जनहित में अपने संघर्ष को और तेज करने के लिए मजबूर होगा।
गोरखपुर के पूर्वी यार्ड में शनिवार शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक युवक रेलवे लाइन के 6 नंबर पर खड़ी लोको के ऊपर चढ़ गया। इसी दौरान वह ऊपर से गुजर रही इलेक्ट्रिक वायर के कनेक्शन की चपेट में आ गया और गंभीर रूप से झुलस गया। सूचना मिलते ही रेलवे के अधिकारी, आरपीएफ, जीआरपी और अन्य विभागों की टीम मौके पर पहुंची। ओएचई कनेक्शन बंद कराने के बाद युवक को सुरक्षित नीचे उतारकर उसे जिला अस्पताल भेजा गया। जहाँ डॉक्टरों ने उसका इलाज शुरू किया रेलवे अधिकारियों ने बताया कि अब उसकी हालत पहले से ठीक है। लाइन नंबर छह पर खड़ी थी लोकोआरपीएफ पोस्ट गोरखपुर के अनुसार, घटना शनिवार 12 सितंबर की शाम करीब 5:20 बजे गोरखपुर पूर्वी यार्ड के ब्लॉक लाइन नंबर छह की है। ड्यूटी पर तैनात कांस्टेबल बुधीराम यादव ने यार्ड सुपरविजन अधिकारी सहायक उप निरीक्षक विश्वनाथ यादव को सूचना दी कि OHE पोल के पास खड़ी लोको के ऊपर एक युवक चढ़ गया है। युवक ओएचई वायर के कनेक्शन की चपेट में आने से झुलस गया था।सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे अधिकारीघटना की जानकारी मिलते ही आरपीएफ प्रभारी निरीक्षक को तत्काल सूचना दी गई। इसके साथ ही यात्री मित्र और गोरखपुर स्टेशन के वाणिज्यिक विभाग को भी जानकारी दी गई। डॉक्टर व एंबुलेंस भी मौके पर पहुँचे। OHE कनेक्शन बंद होने के बाद उतारा गया युवकइसके बाद ट्रैक्शन (TRD) विभाग की टीम ने शाम 5:50 बजे ओएचई कनेक्शन को डिस्कनेक्ट किया। बिजली आपूर्ति सुरक्षित किए जाने के बाद आरपीएफ और जीआरपी के जवानों ने सावधानी से युवक को लोको के ऊपर से नीचे उतारा। करीब 6 बजे उसे सुरक्षित नीचे लाया गया। युवक झुलसने के कारण घायल हो गया था।पूछताछ में बिहार का रहने वाला बतायानीचे उतारने के बाद पूछताछ में युवक ने अपना नाम लाल बाबू बताया। वह बिहार के सीतामढ़ी के थाना बैरगनिया के बेगाही का रहने वाला है। उसकी उम्र करीब 30 वर्ष बताई गई। युवक ने कोई मोबाइल नंबर नहीं बताया। रेलवे कर्मचारियों के अनुसार, वह देखने में मानसिक रूप से विचलित प्रतीत हो रहा था।प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल भेजामौके पर मौजूद रेल चिकित्सक ने युवक का प्राथमिक उपचार किया। इसके बाद उसकी हालत को देखते हुए उसे आगे के इलाज के लिए जिला चिकित्सालय गोरखपुर रेफर कर दिया गया। शाम करीब 6:22 बजे एंबुलेंस मौके पर पहुंची। आरपीएफ कांस्टेबल जोगिंदर यादव को युवक के साथ भेजा गया और उसे जिला अस्पताल पहुंचाया गया।अस्पताल में इलाज के बाद हालत बेहतरजिला अस्पताल में डॉक्टरों ने घायल युवक का उपचार शुरू किया। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इलाज के बाद युवक की हालत पहले की अपेक्षा बेहतर बताई जा रही है।
मरीज की हालत बिगड़ती देख आनन-फानन में जिला अस्पताल की एंबुलेंस से महिला मरीज को जबलपुर के लिए रवाना किया गया। सड़क मार्ग से जबलपुर पहुंचने में तीन से चार घंटे का समय लगा।
कानपुर के पनकी थाना क्षेत्र के पतरसा स्थित कंपोजिट शराब की दुकान से करीब साढ़े चार लाख रुपये की बिक्री की नकदी गायब होने से हड़कंप मच गया। दुकान संचालक ने अपने ही सेल्समैन पर नकदी लेकर फरार होने का आरोप लगाया है। खास बात यह है कि घटना से पहले सेल्समैन ने फोन पर दिनभर की बिक्री का हिसाब दुकान संचालक को दिया था। अगले दिन सुबह दुकान खोलने का संदेश भेजने के बाद उसका मोबाइल बंद हो गया। दुकान पहुंचने पर काउंटर से 4.50 लाख रुपये गायब मिले। पुलिस ने तहरीर के आधार पर सेल्समैन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। नौबस्ता के सरस्वती नगर निवासी सिद्धांत सिंह ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि पतरसा में उनके पिता रामनारायण सिंह के नाम से कंपोजिट शराब की दुकान है। दुकान का संचालन सिद्धांत स्वयं करते हैं। पिता की तबीयत खराब होने के कारण वह कुछ दिनों से दुकान नहीं जा पा रहे थे। ऐसे में दुकान पर काम करने वाले सेल्समैन आशीष गुप्ता से वह रोज शाम फोन पर बिक्री और नकदी का हिसाब लेते थे। रात में बताया- काउंटर पर रखा है पूरा हिसाब सिद्धांत के मुताबिक, 18 अगस्त की रात भी उन्होंने आशीष से फोन पर बात की थी। बातचीत के दौरान आशीष ने दिनभर की बिक्री का हिसाब बताया और कहा कि बिक्री की पूरी नकदी दुकान के काउंटर में रखी है। इसके बाद दोनों के बीच बातचीत खत्म हो गई। अगली सुबह 19 अगस्त को सुबह 6:14 बजे आशीष ने सिद्धांत को संदेश भेजकर दुकान खोलने के लिए कहा। सिद्धांत करीब 10 बजे दुकान पहुंचे। वहां पहुंचकर उन्होंने काउंटर देखा तो उनके होश उड़ गए। काउंटर में रखी करीब 4.50 लाख रुपये की नकदी गायब थी। फोन बंद मिला, घर पर भी नहीं पहुंचा नकदी गायब मिलने के बाद सिद्धांत ने तत्काल आशीष को फोन किया, लेकिन उसका मोबाइल बंद मिला। कई बार संपर्क करने का प्रयास किया गया, मगर फोन नहीं लगा। इसके बाद वह आशीष के घर पहुंचे और उसके बारे में जानकारी ली। परिजनों ने बताया कि आशीष 18 अगस्त की रात से ही घर से लापता है। इसके बाद दुकान संचालक ने मामले की जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर आरोपी सेल्समैन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब आरोपी की तलाश के साथ ही दुकान और उसके आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल सकती है, जिससे नकदी गायब होने की घटना की कड़ी जोड़ने में मदद मिल सके। पुलिस बोली- आरोपी की तलाश जारी एसीपी पनकी अमित चौरसिया ने बताया कि पीड़ित की तहरीर के आधार पर सेल्समैन के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपी की तलाश की जा रही है। मामले में साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी और आरोपी को जल्द गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है।
गाजियाबाद के वेव सिटी थाना क्षेत्र के बम्हैटा गांव में दो भाइयों के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। वे अपने किराये के कमरे पर खाना खा रहे थे, तभी उन पर हमला हुआ। पीड़ित ने कंपनी के एचआर समेत चार लोगों पर मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बम्हैटा निवासी शिवहरी ने पुलिस को बताया कि 10 सितंबर की रात करीब नौ बजे वह अपने भाई रामेश्वर के साथ किराये के कमरे पर खाना खा रहा था। इसी दौरान मानव ब्रेवरीज प्राइवेट लिमिटेड, बुलंदशहर रोड इंडस्ट्रियल एरिया, गाजियाबाद में एचआर अजय कुमार अपने साथियों विक्रांत, अरुण और हर्ष के साथ वहां पहुंचे। पीड़ित का आरोप है कि चारों लोग कमरे में आते ही शिवहरी और रामेश्वर से मारपीट करने लगे। आरोपियों ने दोनों भाइयों को खूब पीटा। मारपीट के दौरान शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर जमा होने लगे। लोगों को आता देख आरोपी दोनों भाइयों को जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से भाग गए। पीड़ित के मुताबिक, मारपीट में उसे और उसके भाई को चोटें आईं। घटना के बाद दोनों भाई थाने पहुंचे, जहां पुलिस ने उनका मेडिकल कराया। अस्पताल में इलाज के बाद शिवहरी ने वेव सिटी थाने में आरोपियों के खिलाफ नामजद शिकायत दी और कार्रवाई की मांग की। वेव सिटी थाना प्रभारी ने बताया कि शिवहरी की शिकायत के आधार पर मानव ब्रेवरीज के एचआर अजय कुमार, विक्रांत, अरुण और हर्ष के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच की जा रही है और सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मीनाक्षी नटराजन की चुनाव याचिका पर तरुण चुघ सहित अन्य को जवाब के लिए हाई कोर्ट ने दिया समय
कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन की तरफ से दायर की गयी चुनाव याचिका में कहा गया था कि उन्होंने मध्य प्रदेश से राज्यसभा सदस्य के लिए नामांकन दायर किया गया।
संतकबीरनगर जिले में शनिवार को दो छात्रों ने फांसी लगाकर जान दे दी। दोनों घटनाएं अलग-अलग जगहों पर हुईं। इनमें एक 22 वर्षीय पॉलिटेक्निक छात्र मुन्ना चौरसिया था, जबकि दूसरा 17 वर्षीय इंटरमीडिएट छात्र नितिन चंद्रा था। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है। पहली घटना कोतवाली खलीलाबाद के बरई टोला मोहल्ले में हुई। यहां शनिवार सुबह करीब 10:30 बजे 22 वर्षीय मुन्ना चौरसिया ने फांसी लगा ली। मुन्ना, सुभाष प्रसाद चौरसिया का बेटा था और गोरखपुर के एक पॉलिटेक्निक संस्थान में पढ़ता था। उसने घर की छत की कुंडी में दुपट्टे से फांसी लगाई। परिजनों की सूचना पर बरदहिया चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। चौकी प्रभारी अनिल कुमार यादव ने बताया कि घटना के कारणों की जांच की जा रही है। दूसरी घटना औरंगाबाद गांव में शनिवार दोपहर को हुई। यहां 17 वर्षीय इंटरमीडिएट छात्र नितिन चंद्रा ने अपने कमरे में फांसी लगा ली। नितिन, चंद्रभान चंद्रा का बेटा था। घटना के समय उसकी मां और बहन घर से बाहर गई हुई थीं। मां के लौटने पर उन्हें घटना का पता चला। ग्रामीणों की मदद से नितिन को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। ग्रामीणों ने बताया कि नितिन के पिता चंद्रभान चंद्रा और बड़ा भाई नवीन चंद्रा दिल्ली में काम करते हैं। ग्रामीणों के अनुसार, पिता ने फोन पर नितिन को किसी बात पर डांटा था, जिसके बाद वह नाराज था। पुलिस ने कहा है कि मामले की जांच जारी है और मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ होगी।
साल 2026 की तीसरी राष्ट्रीय लोक अदालत शनिवार को रायपुर में आयोजित की गई। इसमें कोर्ट में चल रहे मामलों के साथ ऐसे विवाद भी सुलझाए गए, जिन्हें आपसी सहमति से खत्म किया जा सकता था। लोक अदालत के कुल 14,97,744 मामलों का निराकरण हुआ । वहीं पक्षकारों को कुल 1 अरब 3 करोड़ 13 लाख 61 हजार 484 रुपए की राशि का लाभ मिला। राष्ट्रीय लोक अदालत में इस बार ऐसे विवाद भी सुलझे, जिनमें रिश्ते और सामाजिक तनाव दोनों जुड़े थे। 2021 से पिता-पुत्र के बीच चल रहा पैतृक संपत्ति का विवाद समझाइश के बाद खत्म हुआ। वहीं हिंदू-मुस्लिम विवाद में भी दोनों पक्षों को समझाइश दी गई कि धर्म से ऊपर मानवता है। इसके बाद दोनों पक्षों ने आपसी राजीनामा कर लिया और खुशी-खुशी घर लौट गए। हिंदू-मुस्लिम विवाद में कहा- धर्म से बड़ा मानवता न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी प्रज्ञा सिंह की अदालत में हिंदू और मुस्लिम पक्षों के बीच विवाद चल रहा था। दोनों पक्ष इसलिए समझौता नहीं कर रहे थे, क्योंकि विवाद धार्मिक था। कोर्ट ने दोनों को समझाया कि सभी धर्म समान हैं और मानवता से बड़ा कोई धर्म नहीं है। समझाइश के बाद दोनों पक्ष आपसी राजीनामे के लिए तैयार हो गए। उन्होंने समझौता किया और खुशी-खुशी अपने घर लौट गए। 27 हजार से ज्यादा मामले सुलझे रायपुर में आयोजित इस साल की तीसरी राष्ट्रीय लोक अदालत में कोर्ट में लंबित करीब 27 हजार 296 मामलों का निराकरण किया गया। इसके अलावा प्री-लिटिगेशन और नगर निगम से जुड़े मामलों का भी निपटारा किया गया। जनोपयोगी सेवाओं से जुड़े 238 मामलों और मोहल्ला लोक अदालत में 65 मामलों का निराकरण हुआ। कमर्शियल कोर्ट का भी एक मामला सुलझाया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत के जरिए पक्षकारों को कुल 103 करोड़ 13 लाख 61 हजार 484 रुपए की राशि का लाभ मिला। पति-पत्नी ने भी खत्म किया तलाक का मामला तृतीय अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय आनंद कुमार ध्रुव की समझाइश के बाद पति-पत्नी ने अपना विवाद खत्म कर लिया। पत्नी ने पति के खिलाफ तलाक की याचिका दायर की थी। कोर्ट ने दोनों को समझाया। इसके बाद दोनों साथ रहने के लिए राजी हो गए और आपसी समझौते के आधार पर मामला खत्म हो गया। दोनों साथ अपने घर चले गए। 2021 से संपत्ति को लेकर था विवाद सप्तम व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ श्रेणी अमिता कोशिमा रावटे की अदालत में पिता-पुत्र के बीच पैतृक संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था। यह विवाद 2021 से जारी था। पिता अपनी पैतृक संपत्ति बेच रहे थे। इसके बाद बेटे ने अपने हिस्से की जमीन को लेकर कोर्ट में मामला लगाया था। लोक अदालत में दोनों पक्षों को समझाया गया कि आपसी सहमति से विवाद खत्म करना बेहतर है। इसके बाद पिता और बेटे ने समझौता कर लिया। मामला खत्म होने के साथ ही दोनों के बीच फिर से मधुर संबंध बन गए। पहली बार मोहल्ला लोक अदालत का भी आयोजन छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के नए संकल्प के तहत मोहल्ला लोक अदालत भी लगाई गई। नगर निगम व्हाइट हाउस में स्थायी लोक अदालत के सभापति एवं अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश शांतनु कुमार देशलहरे ने मामलों की सुनवाई की। जोन उपायुक्त रश्मि और जोन कमिश्नर दिव्या चंद्राकर की मौजूदगी में जनोपयोगी सेवाओं से जुड़े 65 मामलों का मौके पर ही निराकरण किया गया। ऑनलाइन भी हुआ समझौता इस बार लोक अदालत हाइब्रिड तरीके से आयोजित की गई। यानी पक्षकारों ने कोर्ट में पहुंचकर समझौता करने के साथ ही ऑनलाइन और वीडियो के जरिए भी राजीनामा किया। इसमें पारिवारिक, आपराधिक, सिविल, राजस्व, पेंशन, जनोपयोगी सेवाओं और ट्रैफिक चालान से जुड़े मामले शामिल रहे। 8 श्रवण यंत्र, 2 ट्राइसाइकिल और 10 श्रमिक कार्ड बांटे समाज कल्याण विभाग के सहयोग से 8 श्रवण यंत्र और 2 ट्राइसाइकिल बांटी गईं। वहीं श्रम विभाग के सहयोग से असंगठित क्षेत्र के कामगारों को 10 श्रमिक कार्ड दिए गए। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश बलराम प्रसाद वर्मा ने बैंकों और अलग-अलग विभागों के स्टॉल का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को ज्यादा से ज्यादा मामलों को आपसी समझौते से सुलझाने के निर्देश दिए। दूर से आए लोगों के लिए मुफ्त भोजन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रायपुर और गुरुद्वारा धन-धन बाबा साहिब जी, तेलीबांधा के संयुक्त सहयोग से लोक अदालत में आने वाले लोगों के लिए मुफ्त भोजन की व्यवस्था की गई। कई लोग सैकड़ों किलोमीटर दूर से यहां पहुंचे थे। भोजन मिलने से उनके चेहरों पर संतोष नजर आया।
धमतरी जिले में पंजीकृत श्रमिकों के ई-केवाईसी और पंजीयन सुधार के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। कलेक्टर ने पंद्रह दिनों के भीतर सभी का डेटा आधार के अनुरूप अपडेट करने के निर्देश दिए हैं। जानकारी अपडेट न होने पर श्रमिकों को शासन की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिलने में दिक्कत आ सकती है।
भाजपा सांसद जनार्दन सिंह की एस्कॉर्ट गाड़ी में तोड़फोड़, 100 लोगों पर FIR; मेले में हुआ बवाल
महाराजगंज से भाजपा सांसद जनार्दन सिंह की एस्कॉर्ट गाड़ी में असामाजिक तत्वों ने तोड़फोड़ कर दी। पुलिस ने मौके से 3 लोगों को गिरफ्तार किया है। वहीं, 100 से अधिक अज्ञात लोगों पर केस दर्ज किया गया है।
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) के शताब्दी वर्ष महोत्सव के अंतर्गत महानगर उत्तरी की ओर से युवा सम्मेलन का आयोजन किया गया। सरस्वती शिशु मंदिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, सुभाष चंद्र बोस नगर में आयोजित सम्मेलन को संबोधित करते हुए गोरक्ष प्रांत के प्रांत प्रचारक रमेश ने कहा कि यह युवा सम्मेलन एक ऐतिहासिक क्षण है। जिससे युवाओं को संघ के निकट आने का एक सुनहरा अवसर प्राप्त हुआ है। जब किसी व्यक्ति का देश के साथ गहरा संबंध होता है तब वह देश की पीड़ा व समस्या को अपना मानता है। उसके भीतर देशभक्ति की भावना जागृत होती है। व्यक्ति में देशभक्ति की भावना विकसित करने का RSS एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि संघ तीन काम करता है, बिखरे हिन्दू समाज को संगठित करना, संगठित हिन्दू समाज को दोषमुक्त बनाना और उन्हें हिन्दुत्व व राष्ट्रीयता से जोड़ना। इस उद्देश्य के लिए संघ की शाखा एक मात्र विकल्प है। एक घंटे की शाखा हमें 23 घंटे की शुद्धता की गारंटी देता है। संघ की शाखा तार्किक, वैज्ञानिक व आध्यात्मिक है। शाखा हमें साथ चलने व रहने की कला सिखाता है। नित्य की शाखा हमारे अन्दर प्रखर राष्ट्रवाद की भावना जागृति करता है। शाखा गंगा की तरह पवित्र है, यह व्यक्ति निर्माण की कार्यशाला है, यहाँ व्यक्ति के अन्दर सकारात्मक परिवर्तन होता है। प्रांत प्रचारक ने कहा कि शाखा में स्थापित भगवा ध्वज हमारे अन्दर राष्ट्रीयता व हिन्दुत्व की भावना को अभिसिंचित करता है। संघ के द्वारा समाज संगठित होता है व संगठित समाज के बल पर ही हिन्दुत्व व भारतीयता को संरक्षित व संवर्धित रखा जा सकता है। संगठन के बल पर ही समाज परिवर्तन संभव है। इसी मूल भावना को लेकर 1925 में डा. साहब ने संघ की स्थापना किया जो आज अपने शताब्दी वर्ष में वट वृक्ष बनकर हिन्दुत्व व राष्ट्रीयता के लिए कार्य कर रहा है। संघ आज हिन्दू समाज के लिए आशा व विश्वास का केन्द्र है। संघ के बल पर ही भारत विश्वगुरु बनेगा। सम्मेलन के द्वितीय सत्र में विभाग प्रचारक अजय नारायण ने कहा कि अनुशासन संघ का पहचान है। संघ का उद्देश्य लोगों को राष्ट्रभक्त नागरिक बनाना है। हमें देश व समाज के प्रति त्याग के लिए सदैव तत्पर रहना चाहिए। जब हम देश सर्वोपरि की भावना से कार्य करेंगे तभी एक दिन भारत माता की जय होगा। वर्तमान युवा पीढ़ी पर ही देश का भविष्य निर्भर करता है इसलिए युवा पीढ़ी को सही दिशा में आगे ले जाने के लिए संघ सतत् प्रयत्नशील रहा है। युवाओं से आग्रह है कि वह देश व समाज के संरक्षण व संवर्धन के लिए सतत प्रयत्नशील रहें। सम्मेलन के तृतीय सत्र में प्रतिभागी युवाओं को शाखा लगाने की प्रक्रिया से परिचित कराया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता भाग संघचालक राधेरमण ने किया। अतिथियों का परिचय भाग कार्यवाह सुधीर राय ने कराया। कार्यक्रम की प्रस्तावना राजेश व संचालन सह भाग कार्यवाह संतोष ने किया। कार्यक्रम में सांय भाग प्रचारक अरूणेश, सुभाष चन्द्र बोस नगर विद्यालय के प्रधानाचार्य राजीव कुमार श्रीवास्तव, भाग बौद्धिक प्रमुख अनूप, नगर कार्यवाह महेश, नगर विस्तारक सत्यम, नगर विस्ताकर श्याम नारायण आदि उपस्थित रहे।

