बाड़मेर में छात्रसंघ चुनाव बहाली की मांग पर प्रदर्शन, ABVP कार्यकर्ताओं और पुलिस में धक्का-मुक्की
बाड़मेर में छात्रसंघ चुनाव बहाली की मांग पर प्रदर्शन, ABVP कार्यकर्ताओं और पुलिस में धक्का-मुक्की
सीबीआई की चार्जशीट में खुलासा हुआ है कि NEET-UG 2026 पेपर लीक के प्राथमिक स्रोत NTA के तीन विषय विशेषज्ञ थे। डिजिटल फोरेंसिक जांच से पता चला कि इन विशेषज्ञों ने गोपनीय प्रश्नपत्र बाहर निकालकर बिचौलियों के माध्यम से अभ्यर्थियों तक पहुंचाए।
दतिया में उपनिरीक्षक के खाते से 46.6 हजार रुपए उड़ाए:मोबाइल हैक कर ऑनलाइन ट्रांसफर का आरोप
दतिया में साइबर ठगी का मामला सामने आया है। 29वीं वाहिनी विशेष सशस्त्र बल (एसएएफ) में पदस्थ उपनिरीक्षक नेमीचंद आर्य के बैंक खाते से 46,600 रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर हो गए। उनका आरोप है कि किसी ने उनका मोबाइल हैक कर बिना अनुमति के यह रकम दूसरे व्यक्ति के खाते में भेज दी। नेमीचंद आर्य ने कोतवाली पुलिस को बताया कि 3 अगस्त की सुबह उन्होंने YONO ऐप पर बैंक बैलेंस चेक किया। इस दौरान खाते से 46,600 रुपए कम मिले। इसके बाद उन्होंने गूगल पे की ट्रांजेक्शन हिस्ट्री देखी। खाते से 46 हजार 6 सौ रुपए ट्रांसफर हुएजांच में पता चला कि 2 अगस्त की दोपहर करीब 1:30 बजे 46,600 रुपए संगम बरनवाल के नाम पर ट्रांसफर किए गए थे। पीड़ित का कहना है कि उन्होंने यह लेनदेन नहीं किया और न ही किसी को इसकी अनुमति दी थी। शिकायत मिलने के बाद कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मंदसौर जिले की दलौदा पुलिस ने एक व्यापारी की दुकान से 64 हजार रुपए चोरी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसके कब्जे से चोरी की पूरी नकदी बरामद कर ली है। आरोपी इंदौर का निवासी है और उसके खिलाफ चोरी, नकबजनी व आर्म्स एक्ट सहित 14 आपराधिक मामले दर्ज हैं। यह कार्रवाई एसपी विनोद कुमार मीना के निर्देश पर थाना प्रभारी रविंद्र प्रताप डांगी के नेतृत्व में की गई। पुलिस के अनुसार, 5 अगस्त को गुर्जरबर्डिया निवासी विक्रम पाटीदार ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि दलौदा में जैन मंदिर के पास स्थित उनकी 'श्री सांवलिया होम डेकोर' दुकान के गल्ले से 4 अगस्त की शाम करीब 6 बजे अज्ञात व्यक्ति ने 64 हजार रुपए चुरा लिए थे। चोरी की यह घटना उस समय हुई जब विक्रम पाटीदार अपने कर्मचारी के साथ दुकान के पीछे बने गोदाम में गए हुए थे। पूरी वारदात दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी, जो पुलिस के लिए महत्वपूर्ण साक्ष्य साबित हुई। पुलिस ने तत्काल प्रकरण दर्ज कर एक विशेष टीम का गठन किया। जांच के दौरान, घटना स्थल और आरोपी के भागने के संभावित रास्ते के 100 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने इंदौर निवासी मोईन उर्फ काला उर्फ बारिक (21) को गिरफ्तार किया। पूछताछ के बाद आरोपी मोईन के कब्जे से चोरी की पूरी 64 हजार रुपए की राशि बरामद कर ली गई। थाना प्रभारी रविंद्र डांगी ने बताया कि आरोपी एक आदतन अपराधी है। उसके खिलाफ इंदौर के विभिन्न थानों में चोरी, नकबजनी, चोरी का माल रखने और आर्म्स एक्ट सहित कुल 14 मामले दर्ज हैं। वर्तमान मामले में भी दलौदा थाने में उसके खिलाफ बीएनएस की धारा 331(3) एवं 305(ए) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपी से अन्य वारदातों के संबंध में भी पूछताछ कर रही है।
शामली में कांवड़ यात्रा के दौरान सांप्रदायिक सौहार्द की एक मिसाल देखने को मिली। एक मुस्लिम युवक अपने हिंदू दोस्त के साथ हरिद्वार से गंगाजल लेने निकला था। रास्ते में दोनों एक सड़क हादसे का शिकार हो गए, जिसमें वे घायल हो गए। पुलिस ने दोनों को जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया, जहां उनका इलाज जारी है। आदर्श मंडी थाना क्षेत्र के गांव कसेरवा खुर्द निवासी सलीम पुत्र शमशाद ने बताया कि उसकी गांव के ही मोहित से करीब चार साल पुरानी गहरी दोस्ती है। मोहित की मौसी सलीम के गांव में रहती हैं, जिसके कारण मोहित का वहां अक्सर आना-जाना होता था। इसी दौरान दोनों की दोस्ती मजबूत हुई और इस बार सलीम अपने दोस्त मोहित के साथ हरिद्वार से गंगाजल लेने कांवड़ यात्रा पर निकल पड़ा। हमारी दोस्ती किसी धर्म की मोहताज नहीं सलीम ने बताया कि शुक्रवार तड़के करीब चार बजे जब वे बनत गांव के पास पहुंचे, तो उनकी बाइक की दूसरी बाइक से टक्कर हो गई। इस हादसे में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को तत्काल जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया, जहां चिकित्सक उनकी निगरानी कर रहे हैं। अस्पताल में उपचार के दौरान सलीम ने कहा कि कुछ लोग हिंदू-मुस्लिम के नाम पर समाज को बांटने का प्रयास करते हैं, लेकिन वास्तविकता भिन्न है। उन्होंने कहा, हम हिंदुस्तान में रहते हैं। हमारी दोस्ती धर्म पर नहीं, इंसानियत पर टिकी है। हिंदू और मुस्लिम भाई-भाई हैं। मैं अपने दोस्त के साथ आस्था के इस सफर में खुशी-खुशी शामिल हुआ था और हमारी दोस्ती आगे भी कायम रहेगी। यह घटना न केवल सड़क सुरक्षा के महत्व को दर्शाती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि आपसी भाईचारा और दोस्ती किसी धर्म की मोहताज नहीं होती। दोनों युवकों की यह मित्रता क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।
प्रयागराज के फूलपुर थाना क्षेत्र में शुक्रवार को एक सड़क हादसे में 48 वर्षीय बाइक सवार वीरेंद्र कुमार यादव उर्फ बब्बू की मौत हो गई। यह घटना इफको चौकी अंतर्गत भुलई का पूरा गांव के पास प्रयागराज-गोरखपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुई। टक्कर मारने वाला अज्ञात चार पहिया वाहन मौके से फरार हो गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर फरार चालक की तलाश शुरू कर दी है। तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने मारी टक्कर सराय मदन, पोस्ट बहरिया निवासी वीरेंद्र कुमार यादव उर्फ बब्बू पुत्र स्वर्गीय राम दुलार यादव झूंसी से फूलपुर की ओर जा रहे थे। भुलई का पूरा गांव के पास पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार अज्ञात चार पहिया वाहन ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर के बाद वीरेंद्र बाइक समेत सड़क पर गिर पड़े और उनके सिर में गंभीर चोटें आईं। हादसे के बाद मौके पर स्थानीय लोग जमा हो गए। उन्होंने घायल वीरेंद्र को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) फूलपुर पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही परिजन अस्पताल पहुंचे। मौके पर स्थानीय लोग जमा इफको चौकी प्रभारी रितेश उपाध्याय ने बताया कि पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। परिजनों की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि फरार वाहन और उसके चालक की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई की जा सके। वीरेंद्र कुमार यादव प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करते थे। उनके परिवार में एक पुत्र और एक पुत्री हैं। उनकी पुत्री का विवाह हो चुका है।
जमवारामगढ़ ब्लॉक के सरकारी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के दावे जमीनी हकीकत से दूर हैं। यहां कई विद्यालयों में पर्याप्त कक्षा-कक्ष नहीं हैं, जबकि कुछ में जर्जर भवनों की छत से बारिश का पानी टपक रहा है। इन हालातों के कारण शिक्षण व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है। महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय, नायकों की ढाणी, वर्ष 2023-24 में शुरू हुआ था। वर्तमान में यहां कक्षा 1 से 8 तक के लगभग 70 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। विद्यालय के पास केवल दो कक्षा-कक्ष उपलब्ध हैं, जिसके कारण आठों कक्षाओं का संचालन दो कमरों और बरामदे में करना पड़ रहा है। कई बार एक ही कमरे में तीन-तीन कक्षाओं के विद्यार्थियों को एक साथ बैठाकर पढ़ाना पड़ता है, जिससे पढ़ाई बाधित होती है। अगले शैक्षणिक सत्र से विद्यालय में कक्षा 9 भी शुरू होनी है, जिसके लिए कम से कम पांच अतिरिक्त कक्षा-कक्षों की आवश्यकता है। कक्षाओं की कमी के कारण नामांकन बढ़ाने में भी कठिनाई आ रही है। ग्रामीण प्रकाश व्यास, लल्लू मीणा और सुरेश चौधरी सहित अन्य लोगों ने पर्याप्त कक्षा-कक्ष नहीं होने पर चिंता व्यक्त की है और अतिरिक्त कक्षा-कक्षों के निर्माण की शीघ्र स्वीकृति देने की मांग की है। धौला ग्राम पंचायत मुख्यालय स्थित संत शिरोमणि नारायणदास राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में भी स्थिति चिंताजनक है। विद्यालय के लगभग आठ कक्षा-कक्षों की छत से बारिश का पानी टपक रहा है, जिससे शिक्षण कार्य में बाधा आ रही है। सुरक्षा कारणों से विद्यालय प्रशासन ने इन कमरों को बंद कर दिया है। विद्यालय प्रशासन के अनुसार, सार्वजनिक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता ने जर्जर कमरों का निरीक्षण कर मौका रिपोर्ट तैयार कर ली है। हालांकि, अब तक मरम्मत या पुनर्निर्माण की दिशा में कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इसके चलते विद्यार्थियों और शिक्षकों को वैकल्पिक व्यवस्था में पढ़ाई और शिक्षण कार्य करना पड़ रहा है।
लखनऊ में सांड की हत्या का खुलासा::3 आरोपी गिरफ्तार, चाकू-चापड़ और बोरियां बरामद
लखनऊ के ठाकुरगंज क्षेत्र की बंद पड़ी राइस मिल में सांड की गला रेतकर हत्या करने के मामले का पुलिस ने 48 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया। पश्चिमी जोन की सर्विलांस टीम और ठाकुरगंज पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनके कब्जे से वारदात में इस्तेमाल दो चाकू, एक चापड़ और तीन बोरियां बरामद हुई हैं। बरामदगी के आधार पर पुलिस ने आर्म्स एक्ट की धारा भी बढ़ा दी है। पुलिस के मुताबिक 5 अगस्त को न्यू हैदरगंज स्थित बंद पड़ी धान (राइस) मिल में एक सांड का गला कटा शव मिला था। सूचना पर पुलिस, फॉरेंसिक टीम और पशु चिकित्सक मौके पर पहुंचे। वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने के बाद पशु चिकित्सक की मौजूदगी में शव को नियमानुसार दफनाया गया। मामले में चौकी प्रभारी रिंग रोड आशीष सिंह की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। CCTV और मुखबिर की सूचना से मिली सफलता घटना के खुलासे के लिए पुलिस ने कई टीमें गठित की थीं। जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज, वैज्ञानिक साक्ष्यों और सर्विलांस की मदद से तीन संदिग्धों की पहचान हुई। शुक्रवार को मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी शिवम भट्ठा के पास मौजूद हैं और किसी अन्य वारदात की योजना बना रहे हैं। इसके बाद पुलिस ने घेराबंदी कर तीनों को गिरफ्तार कर लिया। ये आरोपी हुए गिरफ्तार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कासिम, अल्लाह रखा उर्फ लल्ले और मोहम्मद साबिर के रूप में हुई है। पूछताछ के बाद पुलिस ने इनके कब्जे से हत्या में प्रयुक्त दो चाकू, एक सफेद चापड़ और तीन बोरियां बरामद की हैं। पहले भी दर्ज हैं मुकदमे पुलिस के अनुसार कासिम और अल्लाह रखा के खिलाफ पहले से भी आपराधिक मामले दर्ज हैं। तीनों आरोपियों के खिलाफ गोवध अधिनियम, बीएनएस की संबंधित धाराओं के साथ आर्म्स एक्ट में भी कार्रवाई की जा रही है।
अयोध्या जिले के रुदौली विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों को गति मिली है। विधायक रामचंद्र यादव ने ग्राम पंचायत ढेमा के पारा हाजी में वर्षों पुरानी मांग को पूरा करते हुए एक सेतु का शिलान्यास किया। उन्होंने शुक्रवार, 7 अगस्त को पारा हाजी-बाजपुर घाट के मध्य 9 करोड़ 2 लाख रुपये की लागत से बनने वाले इस सेतु की विधिवत पूजा-अर्चना की। इस सेतु के निर्माण से पारा हाजी समेत आसपास के कई गांवों के ग्रामीणों को आवागमन में बड़ी सुविधा मिलेगी। लंबे समय से ग्रामीण इस पुल के निर्माण की मांग कर रहे थे, जिसके पूरा होने से क्षेत्र में संपर्क व्यवस्था मजबूत होगी। इसी अवसर पर विधायक ने विधानसभा क्षेत्र में लगभग 13 करोड़ 58 लाख 22 हजार रुपये की लागत से पूर्ण हुई विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण भी किया। इनमें अशरफपुर से गोड़ियन पुरवा मिसिंग लिंक मार्ग, बेलपुर से गोड़ियन पुरवा संपर्क मार्ग, मवई-अशरफपुर से अनारपट्टी वाया बेलपुर संपर्क मार्ग, पारा हाजी संपर्क मार्ग, लखनऊ-फैजाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग-28 से सड़वाभेलू-सिन्नी-ढेमा मार्ग का विशेष मरम्मत कार्य तथा गढ़ी बठौली संपर्क मार्ग शामिल हैं। विधायक रामचंद्र यादव ने इस दौरान कहा कि क्षेत्रवासियों की वर्षों पुरानी अपेक्षाओं को विकास कार्यों के माध्यम से धरातल पर उतारना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने रुदौली विधानसभा क्षेत्र के प्रत्येक गांव को बेहतर सड़क, सेतु और सुगम आवागमन की सुविधाओं से जोड़ते हुए विकास की गति को लगातार आगे बढ़ाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। इस लोकार्पण कार्यक्रम में वरिष्ठ भाजपा नेता रघुनंदन चौरसिया, गन्ना समिति के चेयरमैन निर्मल शर्मा, पूर्व मंडल अध्यक्ष अंजनी साहू, मंडल अध्यक्ष मवई धर्मेंद्र वर्मा, युवा मोर्चा अध्यक्ष श्यामजी कौशल, महामंत्री अखिलेश रावत, जिला महामंत्री कुलदीप मौर्या, सर्जन लाल, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि राम कैलाश कनौजिया, मंडल मंत्री बिधि चन्द्र कौशल, युवा मोर्चा उपाध्यक्ष अनूप मिश्रा, विनोद बाबा सहित हजारों क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।
हरियाणा के हांसी में जिला पुलिस ने अलग-अलग मामलों में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सीआईए-1 ने एक आरोपी को अवैध देसी बंदूक के साथ पकड़ा है, जबकि थाना नारनौंद पुलिस ने मारपीट के मामले में दो अन्य आरोपियों को दबोचा है। सीआईए-1 के सहायक उप निरीक्षक राकेश कुमार ने बताया कि गश्त के दौरान उन्हें सूचना मिली थी। इसके आधार पर नारनौंद-पेटवाड़ रोड स्थित नहर पुल के पास से गांव पेटवाड़ निवासी हनुमंत उर्फ हनु को गिरफ्तार किया गया। पुलिस को देखकर आरोपी भागने लगा था, लेकिन पीछा कर उसे काबू कर लिया गया। तलाशी में अवैध देसी बंदूक बरामद तलाशी के दौरान हनुमंत के कब्जे से एक अवैध देसी बंदूक बरामद हुई। आरोपी हथियार का कोई वैध लाइसेंस या दस्तावेज पेश नहीं कर सका। इस संबंध में थाना नारनौंद में शस्त्र अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर उसे अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। रिमांड के दौरान हथियार के स्रोत और उसके संभावित आपराधिक उपयोग के बारे में पूछताछ की जाएगी। खेत में पानी लगाने को लेकर विवाद वहीं, खेड़ी चोपटा पुलिस चौकी में तैनात सहायक उप निरीक्षक कृष्ण कुमार ने बताया कि गांव खेड़ी जालब निवासी हरिकेश की शिकायत पर दर्ज मारपीट के मामले में कार्रवाई की गई है। पुलिस ने खेड़ी जालब निवासी जयवीर और गौरव को गिरफ्तार किया है। शिकायत के अनुसार, खेत में पानी लगाने को लेकर हुए विवाद में आरोपियों ने शिकायतकर्ता और उसके पिता के साथ मारपीट की थी। कोर्ट से दोनों आरोपी रिमांड पर लिए दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। रिमांड के दौरान वारदात में प्रयुक्त सामान की बरामदगी, घटनास्थल की निशानदेही और अन्य संबंधित पहलुओं पर पूछताछ की जाएगी।
बरेली में भाकियू ने प्रशासन को सौंपा ज्ञापन:प्लास्टिक प्रदूषण पर सख्ती, स्मार्ट गांव की मांग
बरेली में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री के नाम एक ज्ञापन प्रशासन को सौंपा। ज्ञापन में पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और ग्रामीण विकास से संबंधित कई मांगें उठाई गईं। इनमें प्लास्टिक प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण, जलभराव से राहत, नियमित सफाई और वृक्षारोपण के बाद पौधों की देखभाल सुनिश्चित करना शामिल है। ज्ञापन जिला प्रवक्ता मोहम्मद इकबाल एडवोकेट के नेतृत्व में जिलाधिकारी कार्यालय में एससीएम प्रथम संत कुमार उपाध्याय को सौंपा गया। ज्ञापन में बताया गया कि पॉलीथिन, प्लास्टिक बोतलें, थर्माकोल और अन्य प्लास्टिक कचरा नालियों, खेतों तथा जल स्रोतों को प्रदूषित कर रहा है। इससे जल निकासी बाधित हो रही है, संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है और कृषि भूमि की उर्वरता पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। भाकियू (टिकैत) ने सरकार से एकल उपयोग वाले प्लास्टिक पर प्रभावी प्रतिबंध लगाने की मांग की है। इसके साथ ही पर्यावरण-अनुकूल विकल्पों को बढ़ावा देने, व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने और सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाने वालों पर जुर्माना लगाने की व्यवस्था लागू करने का आग्रह किया गया। संगठन ने मोहनपुर नकटिया स्थित ख्वाजानगर कॉलोनी और जनता इंग्लिश इंटर कॉलेज के आसपास जलभराव तथा सफाई व्यवस्था में सुधार की भी मांग की। वृक्षारोपण अभियान को केवल पौधे लगाने तक सीमित न रखकर उनकी नियमित देखभाल और आवारा पशुओं से सुरक्षा सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। ज्ञापन में ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए स्मार्ट सिटी की तर्ज पर 'स्मार्ट गांव' विकसित करने की मांग भी शामिल है। भाकियू नेताओं का कहना है कि स्वच्छता, हरियाली और बेहतर बुनियादी सुविधाएं ही स्वस्थ और टिकाऊ विकास की आधारशिला हैं।
करणी माता मंदिर का रहस्य VIDEO यहां चूहों को खिलाया जाता है प्रसाद, सफेद चूहा दिखना माना जाता है शुभ
करणी माता मंदिर का रहस्य VIDEO यहां चूहों को खिलाया जाता है प्रसाद, सफेद चूहा दिखना माना जाता है शुभ
स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर दिल्ली मेट्रो में 9 से 16 अगस्त तक सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की जा रही है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अतिरिक्त समय लेकर घर से निकलें, क्योंकि सुरक्षा जांच के कारण लंबी कतारें लग सकती हैं।
सुल्तानपुर के अखंडनगर थाना क्षेत्र के अलीपुर में एक संविदा कर्मी की करंट लगने से गुरुवार रात मौत हो गई। मृतक की पहचान जितेंद्र कुमार के रूप में हुई है। इस घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने कादीपुर-अखंडनगर मार्ग पर जाम लगाकर विरोध प्रदर्शन किया था। शुक्रवार को शव घर आने पर फिर प्रदर्शन हुआ, जहां विधायक और अधिकारियों के मान मनौव्वल पर परिजन 5 बजे जाकर माने। यह हादसा नेपई क्षेत्र के पीपरीपट्टी गांव में उस समय हुआ जब जितेंद्र कुमार बिजली के खंभे पर चढ़कर फॉल्ट ठीक कर रहे थे। परिजनों का आरोप है कि शटडाउन लेने के बावजूद बिजली की आपूर्ति चालू कर दी गई, जिसके कारण उन्हें करंट लगा और उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। कल प्रदर्शनकारियों ने अलीपुर विद्युत उपकेंद्र पर तोड़फोड़ की और वहां मौजूद एक अन्य संविदा कर्मी के साथ मारपीट भी की। इस दौरान पुलिस की एक जिप्सी, एक कार और एक मोटरसाइकिल को भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया। प्रशासन से कई प्रमुख मांगें रखी गई शुक्रवार को शव पहुंचने के बाद कादीपुर के उपजिलाधिकारी (SDM) मंजुल मयंक, क्षेत्राधिकारी (CO) विनय गौतम और स्थानीय विधायक राजेश गौतम मौके पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार को हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। मृतक जितेंद्र गौतम के परिजनों ने उपजिलाधिकारी कादीपुर को एक 7 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा है। यह मांग पत्र मृतक की पत्नी निर्मला देवी द्वारा प्रस्तुत किया गया है, जिसमें प्रशासन से कई प्रमुख मांगें रखी गई हैं। मांग पत्र में पीड़ित परिवार के बच्चों के भविष्य और लालन-पालन के लिए 1 करोड़ रुपये की धनराशि, रहने के लिए शासकीय आवास योजना के तहत मकान, और जीवन यापन के लिए 1 बीघा जमीन (बच्चों व पत्नी के नाम) आवंटित करने की मांग की गई है। इसके अतिरिक्त, मृतक की पत्नी को सरकारी नौकरी और नियमित विधवा पेंशन की सुविधा प्रदान करने की मांग की गई है। विद्युत विभाग की ओर से नियमानुसार बीमा और क्लेम की राशि दिलाने की भी अपील की गई है। परिवार ने यह भी मांग की है कि ग्राम सभा अलीपुर कांपा के किसी भी बच्चे या ग्रामीण के खिलाफ कोई फर्जी मुकदमा दर्ज न किया जाए।
सीतापुर में सफाई करते समय महिला को लगा करंट:लोहे की रॉड छूने से मौत, अस्पताल पहुंचने से पहले गई जान
सीतापुर के कोतवाली नगर क्षेत्र के श्यामनाथ मोहल्ले में शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे घर के बाहर सफाई कर रही 50 वर्षीय महिला की करंट लगने से मौत हो गई। घर के बाहर लगी लोहे की रॉड में अचानक करंट उतर आया था। महिला ने जैसे ही रॉड को हाथ लगाया वह करंट की चपेट में आ गई और मौके पर ही बेहोश होकर गिर पड़ी। परिजन आनन-फानन में उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। मृतका की पहचान श्यामनाथ मोहल्ला निवासी जगवती देवी (50) पत्नी राकेश कुमार के रूप में हुई है। शुक्रवार जगवती देवी घर के बाहर सफाई कर रही थीं। इसी दौरान सफाई करते समय उनका हाथ घर के बाहर लगी लोहे की पाइप/रॉड से छू गया। उसमें पहले से करंट प्रवाहित हो रहा था। रॉड छूते ही महिला को तेज झटका लगा और वह बेहोश होकर जमीन पर गिर गईं। महिला के गिरते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। परिजनों और आसपास के लोगों ने किसी तरह बिजली का संपर्क हटाने के बाद महिला को वहां से उठाया। इसके बाद उन्हें तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में चिकित्सकों ने महिला की हालत की जांच की, लेकिन उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने पर कोतवाली नगर पुलिस भी मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी जुटाई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है। परिजनों के मुताबिक घर के बाहर लगी लोहे की पाइप में करंट कैसे पहुंचा, इसकी जानकारी उन्हें भी नहीं हो सकी। आशंका जताई जा रही है कि किसी विद्युत तार में खराबी या संपर्क के कारण लोहे की रॉड में करंट उतरा होगा।
जयपुर में डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने कहा- स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों में विद्यार्थियों को अलग-अलग भाषाएं सीखने का अवसर मिलना चाहिए। यह केवल मराठी या राजस्थानी भाषा तक सीमित नहीं होना चाहिए। आज की दुनिया में किसी व्यक्ति की पहचान केवल उसके क्षेत्र या प्रदेश तक सीमित नहीं है। जयपुर के होटल क्लार्क्स आमेर में शुक्रवार को आयोजित स्कून्यूज ग्लोबल एजुकेटर्स फेस्ट के उद्घाटन के मौके पर उदयपुर के पूर्व राजपरिवार के सदस्य डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने यह कहा। कार्यक्रम में की-नोट स्पीकर के रूप में डॉ. लक्ष्यराज सिंह ने राजस्थान में मराठी भाषा के केंद्र और स्टडी की व्यवस्था शुरू करने के मीडिया के सवाल पर इसका समर्थन किया। उन्होंने कहा- देश में हर व्यक्ति को अलग-अलग भाषाएं सीखने और समझने का अवसर मिलना चाहिए। किसी भाषा को सीखना केवल शब्दों को सीखना नहीं, बल्कि उस भाषा से जुड़ी संस्कृति, परंपरा और समाज को समझना भी है। उन्होंने कहा- हमारा देश भाषाओं की विविधता से समृद्ध है और देश में जितनी चीजें सीखने और सिखाने के अवसर बढ़ेंगे, उन्हें स्वीकार करना चाहिए। वहीं GenZ के राजनीति में आने को लेकर पूछे गए सवाल पर डॉ. लक्ष्यराज ने कहा- यदि राजनीति किसी के अधिकार, बेहतरी और सेवा के लिए की जाती है तो इसमें बुराई क्या है। उन्होंने कहा कि यदि कोई बात सलीके से और उचित तरीके से रखी जाती है तो उसे सुना जाना चाहिए। स्टूडेंट्स को नए सब्जेक्ट-कौशल सीखने के मिलें अवसर डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने कहा- 21वीं सदी में दुनिया और देश के बीच दूरियां कम हुई हैं। ऐसे में बच्चों को अलग-अलग भाषाओं और संस्कृतियों को समझने का अवसर देना शिक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा होना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि स्कूल सुधारों के साथ आने वाले समय में विद्यार्थियों को भाषाओं के साथ-साथ अन्य नए सब्जेक्ट और कौशलों को सीखने के और अधिक अवसर मिलेंगे। डॉ. मेवाड़ ने कहा- यदि देश को विकसित होना है तो उसका सबसे मजबूत रास्ता शिक्षा से होकर जाता है। शिक्षा जितनी विविध होगी, आने वाली पीढ़ी उतनी ही बेहतर तरीके से देश और दुनिया को समझ सकेगी। GenZ प्रदर्शन पर बोले- मतभेद जरूरी, मनभेद नहीं जंतर-मंतर पर हुए GenZ प्रदर्शन और युवाओं की राजनीतिक भागीदारी से जुड़े सवाल पर डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने कहा- हाल ही एक कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक की कही बात मुझे महत्वपूर्ण लगी कि मतभेद जीवन में जरूरी है, लेकिन मनभेद नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा- हर व्यक्ति को अपनी बात कहने की आजादी होनी चाहिए और दूसरों की बात सुनने की भी क्षमता होनी चाहिए। उन्होंने युवाओं की भागीदारी को संवाद और सकारात्मक उद्देश्य से जोड़कर देखने की बात कही। शिक्षा व्यवस्था में बदलाव का किया समर्थन शिक्षा व्यवस्था में सुधार की जरूरत पर डॉ. मेवाड़ ने कहा- बदलाव जीवन का स्थायी हिस्सा है। कोई भी व्यवस्था हमेशा एक जैसी नहीं रह सकती। उन्होंने कहा- शिक्षा क्षेत्र में जो बदलाव हो रहे हैं, उनका स्वागत किया जाना चाहिए। कहा- 21वीं सदी हिंदुस्तान की डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने कहा- 19वीं सदी ब्रिटेन की और 20वीं सदी अमेरिका की थी, लेकिन 21वीं सदी हिंदुस्तान की होगी। उन्होंने सोशल मीडिया के बदलते दौर पर कहा- जीवन की असली खूबसूरती सादगी और सरलता में बसी थी, जब सोशल मीडिया अस्तित्व में नहीं था। आज तकनीक हमारी जरूरत है, लेकिन हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि डिजिटल दुनिया हमारी संवेदनाओं, सादगी और मानवीय मूल्यों पर हावी न हो जाए। लक्ष्यराज सिंह ने कहा- देश को आगे बढ़ाने की भारी जिम्मेदारी हमारे गुरुओं के कंधों पर है। गुरु ही वे शक्ति हैं, जो आने वाली पीढ़ी को सही दिशा और बेहतर भविष्य का मार्ग दिखाते हैं। गुरु कोई काल्पनिक व्यक्तित्व नहीं, बल्कि हमारे जीवन को छूकर उसे नई दिशा देने वाले निर्माता हैं। आज का युग परिवर्तन का है। बदलता वही है, जो स्वयं बदलने का साहस रखता है और वही कुछ कर दिखाता है, जिसके अंदर कुछ करने का दृढ़ संकल्प होता है। ब्लाइंड बच्चों के स्कूल जाने का किया वादा कार्यक्रम के दौरान एक भावुक और रोचक क्षण भी देखने को मिला। मंच पर एक दृष्टिबाधित विद्यार्थी ने डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ से कहा- उन्होंने हमारे म्यूजिक की ट्रेनिंग के लिए म्यूजिक सिस्टम उपलब्ध कराया है। अब बच्चे चाहते हैं कि आप हमारे स्कूल आएं। छात्र ने उनसे पूछा- क्या आप हमारे स्कूल आएंगे या फिर हम बच्चे बस में बैठकर आपके घर आ जाएं। इस पर डॉ. मेवाड़ ने कहा- मैं जल्द ही बच्चों के बीच आऊंगा और बच्चे भी उनके घर आएं, इसके लिए मैं बस की व्यवस्था करूंगा। उन्होंने कहा- बच्चों के साथ मेरा विशेष जुड़ाव है और ब्लाइंड स्कूल जिस तरह से काम कर रहा है, वह सराहनीय है। उन्होंने कहा कि इन बच्चों से मिलना उनके लिए सौभाग्य की बात होगी। कहा- डॉक्टर्स ने मुझे बौद्धिक रूप से अक्षम माना था लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने अपने बचपन का किस्सा शेयर करते हुए बताया- मुझे डिस्लेक्सिया डायग्नोसिस (व्यक्ति को पढ़ने, लिखने और शब्दों को समझने में कठिनाई) हुआ था। डॉक्टर्स ने मुझे बौद्धिक रूप से अक्षम माना था। इसके बावजूद मैंने इसे जीवन पर हावी नहीं होने दिया और पीएचडी तक शिक्षा पूरा की। यही नहीं सामाजिक सेवा और जनकल्याण क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्यों के लिए अब तक मैंने 10 गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम किए हैं। अपनी यात्रा से शिक्षकों और विद्यार्थियों को किया प्रेरित कार्यक्रम में डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने अपनी व्यक्तिगत यात्रा के अनुभव भी शेयर किए। उन्होंने स्कून्यूज और उसके मंच की सराहना करते हुए कहा- संस्था 10 साल से भविष्य की पीढ़ी को दिशा देने का काम कर रही है। उन्होंने कहा- मुझे इस मंच पर अपनी बात रखने और उन लोगों के प्रति आभार व्यक्त करने का अवसर मिला, जिन्होंने उन्हें जीवन में आगे बढ़ने और यहां तक पहुंचने में सहयोग दिया। इस अवसर पर स्कून्यूज के संस्थापक और सीईओ रवि संतलानी भी मौजूद रहे। उद्घाटन सत्र के दौरान ‘विलिंगनेस प्रोजेक्ट’ का शुभारंभ किया गया। इस प्रोजेक्ट के तहत कार्यक्रम में दिव्यांग लोगों को मंच पर कृत्रिम हाथ दिए गए। कार्यक्रम में भारत और दुनिया भर से 500 से अधिक शिक्षक, प्राचार्य, स्कूल निदेशक, शिक्षाविद और विचारक शामिल हो रहे हैं।
डाकघरों में राखी डाक के लिए विशेष काउंटर:रक्षाबंधन पर आमजन को मिल रही सुविधा
डाक विभाग ने रक्षाबंधन पर्व पर राखी डाक भेजने के लिए विशेष व्यवस्थाएं की हैं। आमजन की बढ़ती सुविधा को ध्यान में रखते हुए ब्यावर डाक मंडल ने यह पहल की है। ब्यावर और नसीराबाद के प्रधान डाकघरों के साथ-साथ केकड़ी उपडाकघर में राखी भेजने और विशेष राखी लिफाफों की बिक्री के लिए अलग से काउंटर स्थापित किए गए हैं। इन विशेष काउंटरों पर राखी डाक की बुकिंग के साथ-साथ विशेष राखी लिफाफों की बिक्री भी की जा रही है। ब्यावर प्रधान डाकघर में कार्यरत प्रतिभा प्रजापति और सलोनी श्रृंगी ने 7 अगस्त को 59 राखी लिफाफों की बुकिंग की, जिससे 3408 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। इसके अतिरिक्त, उसी दिन 71 राखी लिफाफों की बिक्री भी हुई। डाक विभाग ने आमजन से अपील की है कि वे रक्षाबंधन के अवसर पर अपने परिजनों को राखी भेजने के लिए इन विशेष काउंटरों पर उपलब्ध डाक प्रेषण सुविधा का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। इन विशेष काउंटरों का उद्देश्य राखी भेजने की प्रक्रिया को सुगम बनाना और यह सुनिश्चित करना है कि राखियां समय पर अपने गंतव्य तक पहुंचें, जिससे आमजन को सुविधा मिल सके।
हरियाणा के नारनौल में थाना अटेली क्षेत्र में युवक के अपहरण कर उसके साथ मारपीट करने के मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान अमन निवासी गांव बजाड़, जिला महेंद्रगढ़ के रूप में हुई है। इससे पहले पुलिस इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। अब तक कुल छह आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं। डीएसपी डॉ. कविता ने बताया कि यह घटना 17 मई 2026 की रात की है। विरोध करने पर हुई हाथापाई शिकायतकर्ता निलेश निवासी मोहम्मदपुर छुट्टी पर अपने गांव आया हुआ था। रात करीब साढ़े दस बजे वह अपने दोस्तों के साथ खेत के पास बैठा था। इसी दौरान एक कार में सवार होकर आए कुछ युवकों ने वहां पहुंचकर गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर दोनों पक्षों के बीच हाथापाई हुई, जिसके बाद सभी अपने-अपने घर चले गए। दुबारा आ किया हमला पुलिस के अनुसार, उसी रात आरोपी दोबारा निलेश को घर से बाहर बुलाकर ले गए। निलेश अपने दोस्त कृष्ण के साथ मौके पर पहुंचा तो आरोपियों ने उन पर गाड़ी चढ़ाने का प्रयास किया। इसके बाद दोनों के साथ लाठी-डंडों से मारपीट की गई। अपहरण कर कार में बैठाया आरोपियों ने निलेश का अपहरण कर उसे जबरन कार में बैठाया और एक सुनसान स्थान पर ले जाकर लाठी और पाइप से बेरहमी से पीटा। बाद में आरोपी उसे गांव के श्मशान घाट के पास छोड़कर फरार हो गए। पुलिस ने किया मामला दर्ज घायल निलेश के बयान पर थाना अटेली में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थी। अभी तक छह गिरफ्तार जांच के दौरान पहले पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका था। अब पुलिस ने छठे आरोपी अमन को भी गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अन्य कानूनी कार्रवाई जारी है। जिला पुलिस का कहना है कि गंभीर आपराधिक घटनाओं में शामिल आरोपियों के खिलाफ सख्त और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
प्रयागराज में नगर उत्तर संभाग माध्यमिक शिक्षा बालक कुश्ती प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। भारत स्काउट एवं गाइड इंटर कॉलेज में हुई इस प्रतियोगिता में शहर के विभिन्न विद्यालयों के युवा पहलवानों ने हिस्सा लिया। रोमांचक मुकाबलों के बाद 11 विजेता खिलाड़ियों का चयन जिला स्तरीय प्रतियोगिता के लिए किया गया है। ये चयनित पहलवान अब नगर उत्तर संभाग का प्रतिनिधित्व करेंगे। प्रतियोगिता का उद्घाटन विद्यालय के प्रधानाचार्य धर्मेंद्र सिंह ने किया। उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कुश्ती को भारतीय खेल संस्कृति की पहचान बताया। प्रधानाचार्य ने कहा कि यह खेल शारीरिक क्षमता के साथ अनुशासन, धैर्य और आत्मविश्वास भी सिखाता है। उन्होंने खिलाड़ियों से खेल भावना के साथ प्रतिस्पर्धा करने और भविष्य में प्रदेश व राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने का आह्वान किया। प्रतियोगिता का संचालन उमेश खरे और प्रेम यादव ने किया। विभिन्न भार वर्गों में हुए मुकाबलों में पहलवानों ने अपनी शानदार तकनीक, संतुलन और ताकत का प्रदर्शन किया। कई मुकाबले बेहद रोमांचक रहे, जिनमें जीत-हार का फैसला अंतिम क्षणों में हुआ। अंडर-14 वर्ग में, एंग्लो बंगाली इंटर कॉलेज के शुभम गौड़ ने 35 किलोग्राम भार वर्ग में जीत हासिल की। महबूब अली इंटर कॉलेज के दुर्गेश चौधरी 38-41 किलोग्राम वर्ग के विजेता बने। अंडर-17 वर्ग में, मोहम्मद ऐनूर (45 किग्रा), उत्कर्ष (41-51 किग्रा), पृथ्वी यादव (51-55 किग्रा), आलोक यादव (55-60 किग्रा), अर्पित यादव (65-71 किग्रा), नितिन (71-80 किग्रा) और मोहम्मद मिजान (110-125 किग्रा) ने अपने-अपने भार वर्गों में पहला स्थान प्राप्त किया। अंडर-19 वर्ग में, मोहम्मद अरमान ने 57 किलोग्राम भार वर्ग में और आजाद पांडे ने 57-61 किलोग्राम वर्ग में जीत दर्ज की। प्रतियोगिता के समापन पर सभी विजेता खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया। आयोजकों ने बताया कि ये चयनित पहलवान अब जिला स्तरीय प्रतियोगिता में नगर उत्तर संभाग का प्रतिनिधित्व करेंगे। खेल शिक्षकों ने खिलाड़ियों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए इसे भविष्य के लिए एक शुभ संकेत बताया। इस अवसर पर कई विद्यालयों के खेल शिक्षक, बड़ी संख्या में खिलाड़ी और खेल प्रेमी भी मौजूद रहे।
पानीपत शहर के सबसे पॉश इलाकों में शुमार एल्डिको एस्टेट में पेड़ों की बेधड़क छंटाई के कारण बेजुबान पक्षियों पर गहरा संकट आ गया। पक्षियों के ब्रीडिंग (प्रजनन) सीजन के दौरान की गई इस छंटाई से पेड़ों पर बने हजारों घोंसले टूटकर गिर गए, जिससे बड़ी संख्या में पक्षियों के अंडे और छोटे-छोटे बच्चे नष्ट हो गए। इतने बेजुबान पक्षियों की मौत के बावजूद भी मौके पर पेड़ों की कटाई-छंटाई का काम जारी था, जिसकी जानकारी मिलते ही पक्षी प्रेमियों और स्थानीय निवासियों में भारी रोष फैल गया। लोगों ने इसे पर्यावरण और वन्यजीवों के प्रति गंभीर और अमानवीय लापरवाही करार दिया है। सड़कों पर तड़प रहे बच्चे, मरने की कगार पर कई पक्षी हादसे के बाद पेड़ों से गिरे कई पक्षियों के बच्चे सड़कों पर भटकते और तड़पते देखे गए। संवेदनशील पक्षी प्रेमियों ने तुरंत तत्परता दिखाते हुए कुछ बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया है, लेकिन कई बच्चे अब भी सड़कों पर लावारिस घूम रहे हैं और गंभीर रूप से घायल होने के कारण मरने की कगार पर हैं। वाइल्डलाइफ इंस्पेक्टर ने रुकवाया काम, चालान काटा मामले की सूचना मिलते ही वाइल्डलाइफ इंस्पेक्टर सुनील कुमार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और तुरंत प्रभाव से पेड़ों की छंटाई का काम रुकवाया। वाइल्डलाइफ इंस्पेक्टर सुनील कुमार ने बताया कि यह पक्षियों के ब्रीडिंग का सीजन है और ऐसे समय में पेड़ों की कटाई/छंटाई के कारण बड़ी संख्या में पक्षियों और उनके बच्चों की जान गई है। वन विभाग ने वन्य प्राणी सुरक्षा अधिनियम 1972 के तहत एल्डिको एस्टेट प्रबंधन का चालान काट दिया है। रेस्क्यू के बाद होगी आगे की सख्त कानूनी कार्रवाई वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पहली प्राथमिकता सड़कों पर भटक रहे और घायल पक्षियों के सभी बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू करने की है। इसके लिए विभागीय स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं।विभाग ने स्पष्ट किया है कि पक्षियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के बाद पूरे मामले की गहनता से जांच की जाएगी और नियमों के उल्लंघन पर जिम्मेदार लोगों व प्रबंधन के खिलाफ आगे कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
अलवर में बारिश का दौर जारी, घने बादलों के बीच रिमझिम फुहारों से मौसम हुआ सुहावना
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शहबाज शरीफ के बयान पर उमर अब्दुल्ला ने सूना डाली खरी-खरी, कहा - 'हमारा अंदरूनी मामला है, पाकिस्तान अपना देखे'
करौली में बसों पर संयुक्त जांच अभियान:6 का चालान, 1 बस सीज; 29,200 रुपए जुर्माना
करौली में सड़क हादसों को कम करने और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक संयुक्त जांच अभियान चलाया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, परिवहन विभाग और यातायात पुलिस ने स्लीपर व लग्जरी बसों की जांच की। इस दौरान सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाली 6 बसों का चालान किया गया और उन पर 29,200 रुपए का जुर्माना लगाया गया। गंभीर अनियमितताएं मिलने पर एक बस को सीज भी किया गया, जिस पर लगभग 75 हजार रुपए की कार्रवाई प्रस्तावित है। यह अभियान राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (रालसा), जयपुर के निर्देश पर पूरे प्रदेश में चलाए जा रहे एक माह के विशेष निरीक्षण एवं प्रवर्तन अभियान का हिस्सा है। इसका मुख्य उद्देश्य मोटर वाहन अधिनियम, 1988 और राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करना है। साथ ही, अनाधिकृत संरचनात्मक संशोधनों के साथ संचालित लग्जरी और स्लीपर बसों पर कार्रवाई करना भी इसका लक्ष्य है। संयुक्त निरीक्षण दल ने बसों की फिटनेस, परमिट, ओवरलोडिंग और सीट क्षमता की गहन जांच की। इसके अलावा, अग्निशमन यंत्र, मेडिकल फर्स्ट एड किट, इमरजेंसी विंडो और सीट बेल्ट जैसे सुरक्षा उपकरणों का भी निरीक्षण किया गया। यह भी सुनिश्चित किया गया कि वाहनों में कोई अवैध मॉडिफिकेशन या चेसिस से छेड़छाड़ न की गई हो, जिससे सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव प्रताप सिंह ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य नागरिकों के सुरक्षित परिवहन के अधिकार को सुनिश्चित करना और सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण पाना है। उन्होंने यह भी कहा कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले वाहनों के खिलाफ भविष्य में भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। इस संयुक्त अभियान में सीजेएम श्वेता भारद्वाज, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव प्रताप सिंह, यातायात पुलिस प्रभारी देवेश कुमार और परिवहन निरीक्षक नरेश मीणा सहित संबंधित विभागों की टीम शामिल थी। अधिकारियों ने सभी वाहन संचालकों से वैधानिक नियमों और सुरक्षा मानकों का अनिवार्य रूप से पालन करने की अपील की।
यमुनानगर के बाल छप्पर गांव में 11 मई की सुबह हुए चर्चित सतनाम हत्याकांड की जांच में सीआईए-2 की टीम ने अब 17 वर्षीय एक किशोर को हिरासत में लिया है। जांच एजेंसियों का दावा है कि किशोर ने वारदात को अंजाम देने वाले आरोपितों तक हथियार पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। किशोर को कोर्ट में पेश करने के बाद बाल सुधारगृह भेज दिया गया है। वहीं, गोली चलाने वाला मुख्य आरोपी प्रिंस अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। सीआईए-2 प्रभारी राकेश के अनुसार पूछताछ के दौरान सामने आया कि गिरफ्तार किशोर अंबाला जिले के मनका गांव का रहने वाला है और हथियार उपलब्ध कराने की कड़ी से जुड़ा हुआ था। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि वारदात में इस्तेमाल किए गए हथियार कहां से आए, उन्हें किसने उपलब्ध कराया और इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। पुरानी रंजिश बनी हत्या की वजह पुलिस जांच में सामने आया कि सतनाम के परिवार और उनके रिश्तेदारों के बीच कई वर्षों से विवाद चला आ रहा था। इस विवाद की शुरुआत पुराने पारिवारिक मतभेदों से हुई थी, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच लगातार आपराधिक घटनाएं होती रहीं। जांच के मुताबिक, 2014 में परिवार सहित अमेरिका गए दलजीत सिंह उर्फ बाबू पर आरोप है कि उसने अपने साले बादल सिंह के जरिए सतनाम की पत्नी परवीन कौर पर जानलेवा हमला कराया था। हालांकि लंबे इलाज के बाद उनकी जान बच गई थी। इसके बाद वर्ष 2020 में पूर्व सरपंच के पति रसपाल की हत्या हुई। इस मामले में सतनाम पक्ष से जुड़े वीरेंद्र सिंह का नाम सामने आया, जिसके बाद वह फरार हो गया। तभी से दोनों परिवारों के बीच दुश्मनी और गहरी हो गई। विदेश से रची गई थी हत्या की योजना पुलिस का कहना है कि रसपाल की हत्या के बाद उसके दोनों बेटे विदेश चले गए थे। इनमें युवराज फिलहाल अमेरिका में रह रहा है। जांच में सामने आया है कि उसने अपने पिता की हत्या का बदला लेने के उद्देश्य से सतनाम की हत्या की साजिश तैयार की। इसी योजना के तहत 11 मई की सुबह सतनाम पर गोलियां चलाकर उसकी हत्या कर दी गई। अब तक पांच आरोपी पुलिस की गिरफ्त में इस हत्याकांड में पुलिस पहले ही चार आरोपितों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें पंजाब के एसएएस नगर के झुझारनगर निवासी अशोक कुमार, थाना छप्पर क्षेत्र के गांव सारण निवासी इंद्रपाल सिंह, गांव लबाना निवासी आर्यन तथा मनका निवासी रोहित शामिल हैं। जांच में सामने आया कि किसी आरोपी ने आर्थिक सहायता दी, किसी ने चोरी की बाइक उपलब्ध कराई, जबकि गिरफ्तार नाबालिग पर हथियार उपलब्ध कराने का आरोप है। पुलिस का मानना है कि किशोर से पूछताछ के आधार पर हथियार सप्लाई करने वाले पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सकता है। वहीं, मुख्य शूटर प्रिंस की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।
करनाल जिला परिषद चेयरमैन के चुनाव में आखिरी समय में ऐसा उलटफेर देखने को मिला, जिसने पूरे राजनीतिक समीकरण बदल दिए। चुनाव से पहले कयास लगाए जा रहे थे कि वाइस चेयरमैन रीना धीरज खरकाली चेयरमैन बन सकती हैं, लेकिन हाउस में पूर्व चेयरमैन सोहन सिंह राणा ने अचानक पार्षद सुरेंद्र उड़ाना का नाम आगे कर दिया। इसके बाद हुए मतदान में कुल 25 पार्षदों ने हिस्सा लिया, जिनमें से 15 वोट गीता सुरेंद्र उड़ाना के पक्ष में गए और वे नई चेयरपर्सन चुनी गईं। जिसके बाद धीरज खरकारली ने सुरेंद्र उड़ाना पर विश्वासघात के आरोप लगाए है और उन्हें गद्दार तक कह दिया। ऐन वक्त पर बदला खेलजानकारी के अनुसार, हाउस में मुकाबला रीना धीरज खरकाली और प्रवेश सोहन सिंह राणा के बीच माना जा रहा था। लेकिन ठीक चुनाव के समय प्रवेश सोहन सिंह राणा ने अपना नाम पीछे खींचते हुए गीता सुरेंद्र उड़ाना का नाम प्रस्तावित कर दिया। इस अप्रत्याशित फैसले ने पूरे चुनावी समीकरण को पलट दिया और सुरेंद्र उड़ाना के पक्ष में बहुमत बन गया। धीरज खरकाली का आरोप- हुआ विश्वासघातचुनाव परिणाम के बाद धीरज खरकाली ने सुरेंद्र उड़ाना पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पार्षदों ने अपनी इच्छा से वोट किया, लेकिन उनके साथ भीतरघात हुआ है। उन्होंने बताया कि सुबह वे 17 पार्षदों के साथ जिला परिषद कार्यालय पहुंचे थे और सुरेंद्र उड़ाना भी उनके साथ ही गाड़ी में आए थे। पहले जब उन्होंने सुरेंद्र उड़ाना से पूछा था कि क्या वे चेयरमैन बनना चाहते हैं, तो उन्होंने मना कर दिया था और कहा था कि वे धीरज को चेयरमैन बनाना चाहते हैं। धीरज खरकाली ने कहा कि हम उन्हें अपना अच्छा दोस्त मानते थे, लेकिन आज जो हुआ, वह विश्वासघात है। हम उनके साथ ही आए और वही उम्मीदवार बन गए। किसी के मन को नहीं पढ़ा जा सकता। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें पूरा भरोसा था कि बहुमत उनके पक्ष में आएगा, लेकिन आखिरी समय में बाजी पलट गई। सुरेंद्र उड़ाना बोले- मुझे पहले से जानकारी नहीं थीवहीं सुरेंद्र उड़ाना ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उन्हें पहले से इस बात की जानकारी नहीं थी कि उनका नाम चेयरमैन के लिए आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने बताया कि राजपूत समाज ने उनका नाम आगे रखा और पूर्व चेयरमैन प्रवेश सोहन सिंह राणा ने भी समर्थन दिया। उड़ाना ने कहा कि आज 25 पार्षदों ने वोट किया, जिनमें से 15 ने हमारे पक्ष में मतदान किया। हम सबको साथ लेकर चलेंगे और सभी पार्षदों के सहयोग से विकास कार्य करेंगे। अति आत्मविश्वास बना हार की वजह?चुनाव के बाद चर्चाएं यह भी हैं कि धीरज खरकाली अंदरखाने चल रही राजनीति को भांप नहीं पाए। सुरेंद्र उड़ाना लगातार उनके साथ नजर आ रहे थे और उन्हें ही चेयरमैन बनाने की बात कर रहे थे, जिससे धीरज पूरी तरह आश्वस्त थे। लेकिन ऐन वक्त पर रणनीति बदलने से उनका पूरा समीकरण बिगड़ गया। राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि धीरज खरकाली का अति आत्मविश्वास ही उनके लिए नुकसानदायक साबित हुआ और इसी कारण बाजी उनके हाथ से निकल गई।
संभल में शुक्रवार दोपहर पुलिस ने सहायक पोस्टमास्टर दीपक कुमार को गिरफ्तार किया। उसने पोस्ट ऑफिस में अकाउंट खुलवाने वाले ग्राहकों 1.40 करोड़ रुपये गबन कर लिए। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने ग्राहकों के अकाउंट और FD में जमा रकम ले लेता था और ग्राहकों को फर्जी रसीद थमा देता था। ग्राहकों की शिकायत पर पुलिस ने जांच की तो मामले का खुलासा हुआ। पता चला आरोपी ने गबन की गई 1.40 करोड़ की रकम को ड्रीम-11 जैसी ऑनलाइन सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म में लगा दिया। मामले में उसके खिलाफ अब तक 7 मुकदमे दर्ज किए गए हैं। मामला बहजोई थाना इलाके का है। अब जानिए पूरा मामला… यह मामला चंदौसी तहसील के बहजोई स्थित डाकघर का है। बहजोई पुलिस ने आरोपी दीपक कुमार को चितौरा रोड स्थित बहजोई-संभल मार्ग से गिरफ्तार किया है। शुक्रवार दोपहर 2:30 बजे एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई और सीओ स्तुति सिंह ने मामले का खुलासा किया। खाताधारकों की शिकायत से खुला मामला पुलिस के अनुसार, 6 अगस्त को कई खाताधारकों ने बहजोई थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उनका आरोप था कि उनके बचत खातों से बिना जानकारी के रकम निकाल ली गई। जांच में पता चला कि चंदौसी कोतवाली क्षेत्र के कलके सैमर टोला निवासी सहायक पोस्टमास्टर दीपक कुमार अपने पद का दुरुपयोग कर खातों से रकम निकालता था। ग्राहकों को फर्जी पासबुक देकर धोखाधड़ी करता था। 7 अगस्त को दो और शिकायतें मिलने के बाद कुल 7 मुकदमे दर्ज किए गए। कुछ लोगों को लौटाए थे पैसे पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी सहायक पोस्टमास्टर ने कुछ खाताधारकों को रकम वापस भी की। पुलिस पूरे मामले की वित्तीय जांच कर रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि गबन की वास्तविक रकम और पीड़ितों की संख्या इससे अधिक तो नहीं। इस गबन में पोस्ट ऑफिस विभाग के और कर्मचारी तो शामिल नहीं, पुलिस इसकी भी जांच कर रही है। 2023 से कर रहा था गड़बड़ी एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया- दीपक कुमार साल 2023-24 में चंदौसी में तैनात था। इसके बाद उसका तबादला बहजोई कर दिया गया। जांच में सामने आया कि उसने कुल 1 करोड़ 40 लाख रुपये का गबन किया। वह लोगों से एफडी और बचत खातों में जमा रकम लेकर उसकी वैलिड रसीद नहीं देता था। उस रुपए को ऑनलाइन सट्टेबाजी में लगा देता था। ---------------- ये खबर भी पढ़ें… अतीक अहमद के 21 साल के बेटे की मौत: कार डिवाइडर से टकराई, आखिरी शब्द- मुझे बचा लो; झांसी जेल में बंद भाई से मिलने जा रहा था माफिया अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे अबान (21) की सड़क हादसे में मौत हो गई। वह गुरुवार सुबह 5 बजे प्रयागराज से झांसी जेल में बंद बड़े भाई अली से मिलने जा रहा था। क्रेटा कार में अबान के साथ उसके 4 दोस्त थे। यह खबर भी पढ़िए
सीतापुर में आदर्श नगर पंचायत तंबौर प्रशासन ने कस्बे में अवैध और बेतरतीब तरीके से लगाए गए होर्डिंग्स के खिलाफ शुक्रवार दोपहर करीब 3 बजे विशेष अभियान चलाया। ईओ सुभाष चंद्र सिंह के नेतृत्व में नगर पंचायत की टीम ने प्रमुख नुक्कड़ों, चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर कार्रवाई करते हुए कई होर्डिंग्स को हटाया। अभियान के दौरान संबंधित लोगों को दोबारा बिना अनुमति होर्डिंग लगाने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई। नगर पंचायत प्रशासन के अनुसार कस्बे में जगह-जगह बिना अनुमति लगाए गए प्रचार सामग्री और होर्डिंग्स के कारण सार्वजनिक स्थानों का स्वरूप प्रभावित हो रहा था। कई स्थानों पर बेतरतीब तरीके से लगाए गए होर्डिंग्स से सड़क किनारे आवागमन और यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हो रही थी। इसे देखते हुए नगर पंचायत प्रशासन ने अभियान चलाकर ऐसे होर्डिंग्स को हटाने की कार्रवाई शुरू की। ईओ सुभाष चंद्र सिंह के नेतृत्व में टीम ने कस्बे के प्रमुख चौराहों और नुक्कड़ों का निरीक्षण किया। इस दौरान सार्वजनिक स्थानों पर बिना अनुमति लगाए गए होर्डिंग्स को हटाया गया। टीम ने होर्डिंग लगाने वाले लोगों को स्पष्ट निर्देश दिए कि नगर पंचायत की सीमा में किसी भी स्थान पर प्रचार-प्रसार के लिए होर्डिंग लगाने से पहले निर्धारित प्रक्रिया के तहत नगर पंचायत से अनुमति लेना अनिवार्य होगा। नगर पंचायत प्रशासन ने कहा कि अनधिकृत होर्डिंग्स से कस्बे की सुंदरता प्रभावित होने के साथ-साथ यातायात और राहगीरों की सुरक्षा पर भी असर पड़ सकता है। तेज हवा या बारिश के दौरान कमजोर ढंग से लगाए गए होर्डिंग्स हादसे का कारण बन सकते हैं। ऐसे में सार्वजनिक स्थानों पर होर्डिंग लगाने के लिए नियमों का पालन जरूरी है। ईओ सुभाष चंद्र सिंह ने बताया कि अभियान आगे भी जारी रहेगा। नगर पंचायत क्षेत्र में बिना अनुमति लगाए जाने वाले होर्डिंग्स को हटाने के साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
हिसार में इंडियन नेशनल स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन (INSO) और छात्र नेता हरिकेश ढांडा ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन के बाद सरकार छात्रों की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने दावा किया कि आंदोलन में शामिल छात्रों को झूठे मामलों में फंसाया जा रहा है और डराया जा रहा है। ढांडा के अनुसार, जंतर-मंतर से लौटने के बाद पुलिस ने उन्हें थाने बुलाया और उनके खिलाफ हिस्ट्रीशीटर फाइल खोल दी। ढांडा ने स्पष्ट किया कि पिछले पांच वर्षों में उनके खिलाफ हत्या, डकैती या चोरी जैसा कोई गंभीर आपराधिक मामला दर्ज नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि यदि पूर्व में कोई मामले दर्ज हुए भी हैं, तो वे केवल छात्र आंदोलनों से संबंधित थे। ढांडा ने आरोप लगाया कि छात्रों की आवाज को दबाने के लिए उन्हें अपराधी के रूप में पेश करने की कोशिश की जा रही है। हरियाणा की यूनिवर्सिटी में फीस में भारी अंतर : ढांडा उन्होंने हरियाणा के विभिन्न सरकारी विश्वविद्यालयों में एक ही पाठ्यक्रम की फीस में भारी अंतर का मुद्दा उठाया। ढांडा ने आरोप लगाया कि एक विश्वविद्यालय में जिस कोर्स की फीस 10 हजार रुपए है, वहीं गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय (GJU) में उसी कोर्स के लिए लगभग एक लाख रुपए तक वसूले जा रहे हैं। इस असमानता को दूर करने के लिए उन्होंने प्रदेश में फीस रेगुलेटरी बोर्ड गठित करने की मांग की, ताकि सभी सरकारी विश्वविद्यालयों में फीस का समान ढांचा लागू हो सके। छात्र संगठनों का बनाया जाएगा साझा मोर्चा ढांडा ने घोषणा की कि छात्र हितों से जुड़े मुद्दों पर प्रदेशभर के छात्र संगठनों को एकजुट कर एक साझा मोर्चा बनाया जाएगा। उन्होंने सरकार पर युवाओं, किसानों और मजदूरों का विश्वास खोने का आरोप लगाते हुए कहा कि आंदोलन करने वालों को राजनीतिक रंग देकर बदनाम किया जा रहा है। प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने छात्र संघ चुनाव बहाल करने की भी मांग की। ढांडा का तर्क था कि विश्वविद्यालयों में लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने और छात्रों की आवाज को मंच प्रदान करने के लिए छात्र संघ चुनाव आवश्यक हैं। उन्होंने छात्रों से शिक्षा व्यवस्था में सुधार और फीस संबंधी मुद्दों पर एकजुट होकर आंदोलन में शामिल होने का आह्वान किया।
संयुक्त श्रमिक किसान मोर्चा ने शुक्रवार को कासगंज कलेक्ट्री परिसर में प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन कथित भ्रष्टाचार, सरकारी तंत्र की शिथिलता और पुलिस उत्पीड़न के खिलाफ था। मोर्चा ने प्रशासन को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है, जिसमें कार्रवाई न होने पर चक्का जाम और अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी दी गई है। संस्थापक जितेंद्र शर्मा के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ता न्यायिक एसडीएम सदर सुनील कुमार को ज्ञापन सौंपने पहुंचे। ज्ञापन में शासन और पुलिस महानिदेशक से कई गंभीर मामलों में कार्रवाई की मांग की गई। मोर्चा ने ₹10 करोड़ के कथित सरकारी राशन घोटाले का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। आरोप है कि रसद ठेकेदार और एफसीआई अधिकारियों की मिलीभगत से खराब चावल की आपूर्ति की गई। संगठन ने इस मामले की जांच, विधिक सैंपलिंग, दोषियों की गिरफ्तारी और उनकी संपत्तियों से वित्तीय वसूली की मांग की। अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू किया जाएगा इसके अतिरिक्त, थाना दादों के एक दरोगा पर निर्दोष लोगों को फर्जी मुकदमों में फंसाने का आरोप लगाते हुए जांच और कार्रवाई की मांग की गई। गंजडुंडवारा क्षेत्र के राशिद खान अपहरण मामले में क्रॉस एफआईआर दर्ज करने की मांग भी उठाई गई। अफजलपुर निवासी शिवाजी की संदिग्ध गुमशुदगी की जांच एसओजी/सर्विलांस टीम से कराने की मांग भी ज्ञापन में शामिल थी। प्रदर्शन में प्रदेश महासचिव अमित यादव, मंडल अध्यक्ष प्रेम पाल सिंह यादव और जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र लोधी सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे। मोर्चा ने स्पष्ट किया कि यदि 48 घंटे के भीतर उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो मंडल स्तर पर चक्का जाम और कलेक्ट्री पर अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू किया जाएगा।
कटनी में सुपेली गांव के ग्रामीणों और अभिभावकों ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। वे प्राथमिक व माध्यमिक शाला को 7 किलोमीटर दूर सांदीपनि विद्यालय बहोरीबंद में मर्ज किए जाने का विरोध कर रहे थे। ग्रामीणों ने जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) के नाम एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें बच्चों की सुरक्षा और आवागमन में आ रही गंभीर परेशानियों का उल्लेख किया गया। उन्होंने बताया कि सुपेली से बहोरीबंद की दूरी करीब 7 किलोमीटर है और यह पूरा मार्ग घने जंगल से होकर गुजरता है। अभिभावकों का कहना है कि इतने लंबे और सुनसान जंगली रास्ते से रोज छोटे बच्चों का स्कूल जाना जोखिम भरा है। खासकर छात्राओं के परिजनों में सुरक्षा को लेकर चिंता है। खराब मौसम या देर-सबेर की स्थिति में बच्चों के साथ किसी भी अप्रिय घटना की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि सुपेली के इस स्कूल में कुल 139 छात्र-छात्राएं दर्ज हैं। इतनी बड़ी संख्या में बच्चों के लिए रोजाना 14 किलोमीटर (आना-जाना) का सफर पैदल या किसी अन्य साधन से तय करना व्यावहारिक रूप से असंभव है। ग्रामीणों की मांग है कि सुपेली के प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय को सांदीपनि विद्यालय बहोरीबंद में मर्ज न किया जाए। कक्षाएं पूर्व की तरह सुपेली गांव में ही संचालित की जाएं और शिक्षकों को पुनः सुपेली के शासकीय विद्यालय में भेजने का स्पष्ट आदेश जारी किया जाए। अभिभावकों ने चेतावनी दी है कि यदि बच्चों के हित में शीघ्र निर्णय लेकर गांव में ही कक्षाएं संचालित करने के आदेश जारी नहीं किए गए, तो वे अपने बच्चों के भविष्य और सुरक्षा के लिए उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
सिरसा जिले के एक प्राइवेट स्कूल में बच्चे के साथ कथित मानसिक व शैक्षणिक प्रताड़ना के आरोप लगाने के मामले में जांच शुरू हो गई है। एक तरफ पुलिस ने स्कूल से सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखवाए है तो दूसरी ओर शिक्षा विभाग इसकी जांच कर रहा है। छात्र के अभिभावक का आरोप है कि निजी प्रकाशकों की पुस्तकें खरीदने के लिए दबाव बनाया जा रहा हैं। मामले में शिकायतकर्ता रानियां निवासी गौरव ने पुलिस को दी शिकायत में कहा है कि उनका 7 वर्षीय बेटा निजी स्कूल में पढ़ता है। आरोप है कि 28 जुलाई को निजी प्रकाशकों की पुस्तकें न खरीदने के कारण ड्रॉइंग कक्षा में अन्य विद्यार्थियों के सामने उनके बेटे के साथ कथित रूप से मारपीट की गई और उसे अपमानित किया गया। जब बच्चा स्कूल से घर पहुंचा तो रोने लगा और इस घटना की पूरी जानकारी दी। 3 अगस्त को लिखित शिकायत भी सौंपी। इससे पहले भी 9 जुलाई 2026 को उन्होंने विद्यालय द्वारा विभागीय निर्देशों के बावजूद NCERT/SCERT की पुस्तकों के स्थान पर निजी प्रकाशकों की महंगी पुस्तकें खरीदने के लिए दबाव बनाने की शिकायत जिला प्रशासन को दी थी, जो अभी जांचाधीन है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि पूर्व में शिकायत करने के कारण विद्यालय प्रबंधन उनके पुत्र के साथ भेदभाव कर रहा है और उसी रंजिश के चलते कथित मारपीट की गई। अब बच्चा मानसिक रूप से भयभीत हो गया है और स्कूल जाने से इंकार कर रहा है। यह घटना स्कूल परिसर में हुई है, इसलिए संबंधित अवधि की सीसीटीवी फुटेज, डीवीआर रिकॉर्डिंग और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य निष्पक्ष जांच के लिए अहम है। आशंका है कि यदि इन्हें सुरक्षित नहीं कराया गया तो साक्ष्य नष्ट हो सकते हैं। उन्होंने प्रशासन से फुटेज सुरक्षित कर पुलिस के कब्जे में लेने की मांग की है। मामले की निष्पक्ष जांच कर प्रथम दृष्टया अपराध पाए जाने पर एफआईआर दर्ज की जाए। मामले में किसने क्या कहा निजी स्कूल प्रिंसिपल का कहना है कि ये सब आरोप बेबुनियाद है और पहले भी शिकायत की जा चुकी है। जो पब्लिकेशन बुक लाने या स्टूडेंट के साथ मारपीट जैसी बात है, ऐसा कुछ नहीं है। हमने कैमरे चेक किए है, उसमें ऐसा कुछ नहीं मिला। रानियां थाना प्रभारी रामकुमार का कहना है कि यह मामला संज्ञान में हैं। इस स्कूल के खिलाफ पहले भी शिकायत है। ये मामला बच्चे से जुड़ा है तो इसकी जांच बीईओ और सीडब्ल्यूसी की ओर से की जा रही है। उनकी ओर से जो सिफारिश आएगी, उसी अनुसार आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। पुलिस की ओर से स्कूल में सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने को कहा गया है। सीडब्ल्यूसी चेयरमैन मदन सिंह वर्मा का कहना है कि मामले में जांच एजुकेशन विभाग कर रहा है। इसकी शिकायत रानियां बीईओ के पास है।
जींद जिले के बड़नपुर गांव में पिछले आठ महीनों से गंदे पानी की निकासी की समस्या से जूझ रहे ग्रामीणों ने 10 अगस्त से अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने का निर्णय लिया है। यह फैसला मा. कलवंत श्योकंद की अध्यक्षता में हुई एक बैठक में लिया गया, जहां आंदोलन की रणनीति तैयार की गई। कलवंत श्योकंद ने बताया कि ग्रामीण पिछले तीन महीनों में तीन बार प्रदर्शन कर चुके हैं, लेकिन प्रशासन से केवल आश्वासन ही मिले हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि एडीसी जींद ने कई बार गांव का दौरा किया, फिर भी संबंधित विभागों ने समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया। गांव के मुख्य रास्तों पर कई फुट तक गंदा पानी जमा है, जिससे महिलाओं को मंदिर जाने और बच्चों को स्कूल पहुंचने में भारी परेशानी हो रही है। 300 घरों की कॉलोनी पूरी तरह जलमग्न प्रदीप जांगड़ा के अनुसार, लिंक रोड और बरवाला नहर ब्रांच के पास स्थित लगभग 300 घरों की कॉलोनी पूरी तरह जलमग्न हो चुकी है। कई घरों में गंदा पानी घुसने से डेंगू, मलेरिया, पीलिया, उल्टी-दस्त और मौसमी बुखार जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन से कई बार गुहार लगा चुके सुरेश शर्मा ने बताया कि ग्रामीण सीएम विंडो, मंत्री कृष्ण कुमार बेदी और जिला प्रशासन से कई बार गुहार लगा चुके हैं, लेकिन समस्या अभी भी बनी हुई है। पूर्व सरपंच डॉ. जोगिंद्र श्योकंद ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक गंदे पानी की निकासी का स्थायी समाधान नहीं हो जाता। रोजाना 5 लोग भूख हड़ताल पर बैठेंगे ग्रामीणों ने निर्णय लिया है कि अनिश्चितकालीन धरने के साथ प्रतिदिन पांच लोग क्रमिक भूख हड़ताल पर भी बैठेंगे। बैठक में सुरेश शर्मा, रामनिवास शर्मा, प्रेम नायक, नेफा नायक, सतीश पंच, गुलाबा नायक, सुंदर सैन, रोबिन वर्मा, रामफल वर्मा, सतीश जांगड़ा, विक्रम श्योकंद, पंच अनिल, पंच दलबीर, वेद प्रकाश, राममेहर सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
चूरू में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने छात्रसंघ चुनावों की बहाली और लोहिया कॉलेज छात्रावास को फिर से शुरू करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। एबीवीपी पदाधिकारियों ने उप मुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा के नाम कॉलेज प्रिंसिपल को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में एबीवीपी ने बताया कि छात्रसंघ चुनाव लोकतांत्रिक नेतृत्व निर्माण का एक महत्वपूर्ण माध्यम हैं। इसके अतिरिक्त, प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों में समान अकादमिक कैलेंडर लागू करने, रिक्त शैक्षणिक एवं अशैक्षणिक पदों पर नियमित नियुक्तियां करने, राजकीय कॉलेजों में स्थायी प्राचार्यों की नियुक्ति तथा सभी विश्वविद्यालयों में राजस्थानी भाषा के स्वतंत्र विभाग स्थापित करने की मांग भी की गई। आंदोलन तेज करने की चेतावनीएबीवीपी के विभाग संयोजक कुलदीप जागावत ने इस अवसर पर कहा कि छात्रसंघ चुनाव लोकतांत्रिक नेतृत्व निर्माण का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश के विद्यार्थियों को समयबद्ध शिक्षा, नियमित परीक्षाएँ और मूलभूत सुविधाएँ मिलना उनका अधिकार है। जागावत ने सरकार से छात्रहितों की उपेक्षा छोड़कर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने का आग्रह किया। कुलदीप जागावत ने चेतावनी दी कि यदि सरकार 3 दिन के भीतर इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं करती है, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। इस मौके पर नगर मंत्री नरेंद्रसिंह रामसरा, जिला संयोजक नरेंद्रसिंह तंवर, प्रांत कार्य समिति सदस्य नीरज मलिक, विभाग छात्रा प्रमुख पूजा भांभू, मोनिका राठौड़, रवि गोगली, गर्व रक्षक, श्योपालसिंह कोटवाद, प्रशांत महेचा, प्रियंका शर्मा, रितिका जांगिड़, निधि स्वामी, टीना स्वामी, दिव्या प्रजापत और हेमलता सहित कई कार्यकर्ता मौजूद थे।
देवास के एक निजी स्कूल पर आरटीई के तहत पढ़ रहे कक्षा 6 के छात्र को मानसिक रूप से कमजोर बताकर स्कूल से निकालने का आरोप लगा है। शुक्रवार को छात्र के पिता ने एनएसयूआई पदाधिकारियों के साथ जिला परियोजना समन्वयक (डीपीसी) कार्यालय पहुंचकर स्कूल प्रबंधन के खिलाफ शिकायत की और कार्रवाई की मांग की। स्कूल प्रबंधन ने 4,500 रुपये मांगेएनएसयूआई जिला अध्यक्ष श्रीकांत चौहान ने बताया कि मंडी धर्मशाला के पीछे बिहारीगंज निवासी छात्र रोनाल्डो शेषन कल्याणे का प्रवेश प्रतिभा ग्लोबल स्कूल में आरटीई के तहत हुआ था। परिजनों का आरोप है कि स्कूल प्रबंधन ने उनसे 4,500 रुपये मांगे। राशि नहीं देने पर छात्र को मानसिक रूप से कमजोर बताकर टीसी जारी कर स्कूल से निकाल दिया गया। परिजनों का कहना है कि स्कूल ने बच्चे को मानसिक रूप से विक्षिप्त बताकर प्रताड़ित किया। इसके बाद उन्होंने जिला अस्पताल में बच्चे का स्वास्थ्य परीक्षण कराया। अस्पताल से जारी प्रमाण पत्र में बच्चे को पूरी तरह स्वस्थ बताया गया। परिजनों का आरोप है कि इसके बावजूद स्कूल ने दोबारा प्रवेश नहीं दिया। उनका यह भी कहना है कि आरटीई के तहत पढ़ाई के बावजूद स्कूल हर साल फीस की मांग करता रहा। जांच के लिए टीम गठित छात्र के पिता ने डीपीसी कार्यालय में स्कूल संचालक के खिलाफ जांच कर कार्रवाई करने और बच्चे को न्याय दिलाने की मांग की। एपीसी सुजीत पवार ने बताया कि परिजनों की शिकायत मिली है। मामले की जांच के लिए टीम गठित कर दी गई है। टीम स्कूल पहुंचकर पूरे मामले की जांच करेगी। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फरीदाबाद में मौसी को चाकू मारकर मौत के घाट उतारने वाले शख्स को सात साल बाद कोर्ट ने दोषी ठहराते हुए उम्रकैद और 1.52 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। आरोपी ने मार्च 2019 में घर में घुसकर अपनी मौसी सुनीता पर चाकू और डंडे से हमला किया था। इस दौरान उसका मौसी की बेटी को भी चोट आई थी और सुनीता की मौत हो गई थी। थाना भूपानी में आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया था। नाजायज औलाद बोलना हत्या का कारण पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार दोषी ब्रजकिशोर बाबा नगर, बदरपुर का रहने वाला है। वह मोलड़बंद स्थित अपनी मौसी सुनीता के घर पर शादी का कार्ड देने गया था। इस दौरान उसकी मौसी ने ब्रजकिशोर के पिता के लिए बुरा-भला बोला और उसको नाजायज औलाद बता दिया। इसी को लेकर वह नाराज हो गया और मौसी की हत्या की प्लानिंग करने लगा। कई बार हत्या की कोशिश की आरोपी की मौसी सुनीता भूपानी में मकान बनाकर रहने लगी। यहां पर ब्रजकिशोर कई बार मौसी के घर पर आता-जाता रहा। लेकिन उसको हत्या करने का मौका नही मिला। आखिरकार उसने 28 मार्च 2019 की रात वारदात को अंजाम दिया। डंडे और चाकू से वार किया 28 मार्च की रात को ब्रजकिशोर चेहरे पर कपड़ा बांधकर मौसी सुनीता के भूपानी स्थित घर में घुसा था। उस समय सुनीता और उसकी बेटी श्वेता सो रही थीं। उसने पहले दोनों पर डंडे से हमला किया और इसके बाद चाकू से कई वार कर दिए। हमले में सुनीता की मौत हो गई, जबकि श्वेता घायल हो गई। पुलिस ने आरोपी को जांच के दौरान गिरफ्तार कर लिया। दोषी ठहराते हुए उम्रकैद और 1.52 लाख रुपये जुर्माना पिछले 7 साल से ये मामला कोर्ट में चल रहा था। एडिशनल सेशन कोर्ट जज पुरुषोत्तम कुमार ने मामले में फैसला देते हुए ब्रजकिशोर को पुलिस के द्वारा पेश किए गए सबूतो के आधार पर दोषी करार दिया है। कोर्ट ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है और 1.52 लाख रुपये जुर्माना लगाया है।
राष्ट्रीय श्री सीमेंट मजदूर संघ की एक महत्वपूर्ण बैठक संघ अध्यक्ष दिनेश शर्मा के आवास पर संपन्न हुई। इस बैठक में श्री सीमेंट के श्रमिकों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं और मांगों पर विस्तृत चर्चा की गई। संघ ने फैक्ट्री प्रबंधन को इन मांगों से संबंधित एक मांग पत्र सौंपने का निर्णय लिया है। संघ अध्यक्ष दिनेश शर्मा ने बताया कि श्रमिकों की प्रमुख मांगों में बोनस का भुगतान, अच्छी गुणवत्ता और बेहतर फिटिंग वाली वर्दी, हीटिंग शूज, रेनकोट, मेडिक्लेम पॉलिसी का क्रियान्वयन शामिल है। इसके अतिरिक्त, आनंद विहार कॉलोनी में श्रमिकों के लिए मकानों का आवंटन और तत्काल ऋण सुविधा उपलब्ध कराने की मांग भी की गई है। छुट्टियों में वृद्धि सहित अन्य स्थानीय समस्याओं को भी मांग पत्र में शामिल किया जाएगा। बैठक में वर्तमान में सरकना और अन्य ग्रामवासियों द्वारा चलाए जा रहे आंदोलन पर भी विचार-विमर्श हुआ। आंदोलन की आगामी रणनीति और इसमें श्रमिकों की भूमिका पर चर्चा करते हुए अध्यक्ष दिनेश शर्मा ने सभी श्रमिकों से अपने सुझाव और राय देने का आह्वान किया, ताकि भविष्य की रणनीति सभी की सहमति से तैयार हो सके। संघ के अध्यक्ष दिनेश शर्मा और महामंत्री हनुमान जांगिड़ ने श्रमिकों को आश्वासन दिया कि उनकी विभिन्न मांगों को प्रबंधन के समक्ष मजबूती से रखा जाएगा और समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। वरिष्ठ उपाध्यक्ष सलीम काठात ने भी श्रमिकों की भावनाओं के अनुरूप प्रबंधन से वार्ता कर समस्याओं के समाधान का भरोसा दिलाया। इस बैठक में वरिष्ठ उपाध्यक्ष सलीम काठात, भुवनेश शर्मा, जब्बार काठात, हुसैन काठात, सरदारा काठात, सुलेमान काठात, रहमान काठात, गोविन्द मेघवंशी, रमजान काठात (रूपनगर), ध्यानू काठात, हमीद काठात, रजाक काठात, रमेश काठात, रसीद काठात, शमसुद्दीन काठात, इस्माईल काठात, जलाल काठात सहित कई अन्य श्रमिक उपस्थित रहे। सभी मौजूद श्रमिकों ने अपनी समस्याओं और सुझावों से संघ पदाधिकारियों को अवगत कराया।
बालाघाट में शुक्रवार को भीम आर्मी स्टूडेंट फेडरेशन ने पीजी महाविद्यालय में प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन 31 जुलाई को जारी बीए, बीएससी और बीकॉम अंतिम वर्ष के परीक्षा परिणामों में 'रिकॉर्ड नॉट फाउंड' दर्शाने के विरोध में था। शंकरशाह विश्वविद्यालय छिंदवाड़ा से संबद्ध जिले के महाविद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को परीक्षा परिणामों से जुड़ी समस्याओं का अक्सर सामना करना पड़ता है। भीम आर्मी सेना के उपाध्यक्ष अधिवक्ता संतोष कुमार गेडाम के अनुसार, लगभग 200 महाविद्यालय परीक्षार्थियों के परिणाम में 'रिकॉर्ड नॉट फाउंड' दिख रहा है। महाविद्यालय के प्राचार्य की अनुपस्थिति में, भीम आर्मी स्टूडेंट फेडरेशन ने महाविद्यालय प्राध्यापक कुरैशी को एक ज्ञापन सौंपा। इसमें परीक्षार्थियों को परीक्षा परिणाम में आ रही समस्याओं से अवगत कराया गया और उनके निराकरण की मांग की गई। फेडरेशन कार्यकर्ता सिद्धार्थ बोरकर ने बताया कि वेबसाइट पर 'रिकॉर्ड नॉट फाउंड' दिखाने के कारण विद्यार्थी आगामी कक्षाओं की पढ़ाई से वंचित हो रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि वह स्वयं इस समस्या से पीड़ित हैं। महाविद्यालय प्रबंधन ने प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों को संतोषजनक जवाब नहीं दिया। प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि परीक्षाएं आयोजित करना महाविद्यालय का कार्य है, लेकिन परीक्षा परिणाम से संबंधित किसी भी समस्या के लिए विश्वविद्यालय ही जिम्मेदार है और वहीं से इसका निराकरण संभव है।
रीवा में गुटका न देने की बात पर पीटा:बदला लेने दुकानदार पर घर वापस जाते समय हमला किया, दो घायल
रीवा के सोहागी थाना क्षेत्र के घखरा गांव में पुराने विवाद को लेकर गुरुवार रात दुकान से घर जा रहे दो लोगों के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। घटना में घखरा निवासी ऋषभ कुमार केसरवानी और दादू केसरवानी घायल हुए हैं। दोनों का उपचार संजय गांधी अस्पताल में चल रहा है। घायल ऋषभ कुमार केसरवानी ने बताया कि कुछ दिन पहले रात करीब 3 बजे कुछ लोग नशे की हालत में दुकान पर पहुंचे थे। उन्होंने दुकान खोलने और गुटका देने की मांग की थी। देने से मना करने पर उस समय विवाद हुआ था। इसी बात को लेकर आरोपी नाराज थे। ऋषभ के मुताबिक, गुरुवार रात वह दादू केसरवानी के साथ दुकान से घर जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में कुछ लोगों ने उन्हें रोक लिया। पुराने विवाद को लेकर कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और आरोपियों ने दोनों के साथ मारपीट शुरू कर दी। हमले में ऋषभ और दादू घायल हो गए। मारपीट के बाद दोनों को उपचार के लिए संजय गांधी अस्पताल लाया गया। यहां चिकित्सकों की निगरानी में दोनों का इलाज चल रहा है। घटना की जानकारी पुलिस को दी गई है। घायल ऋषभ ने बताया कि बीते दिनों गुटका देने से इनकार करने के बाद हुए विवाद को लेकर आरोपी उनसे नाराज थे। इसी पुरानी बात को लेकर गुरुवार रात दुकान से घर जाते समय दोनों के साथ मारपीट की गई। सोहागी थाना प्रभारी कमलेश साहू ने बताया कि मारपीट की सूचना मिली है। मामले की जांच की जा रही है। घायलों के बयान और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
महराजगंज के सिसवा बाजार स्थित अमृत सरोवर में तीन बच्चों की मौत के मामले में निर्माण कार्य कराने वाली फर्म की जांच और उसे ब्लैकलिस्ट करने की मांग उठी है। सिसवा बाजार निवासी बृजेंद्र सिंह 'आशीष' ने जिलाधिकारी महराजगंज को ज्ञापन सौंपकर इस संबंध में उच्चस्तरीय जांच की अपील की है। ज्ञापन में कहा गया है कि अमृत सरोवर में हुई यह घटना निर्माण कार्य में कथित लापरवाही और सुरक्षा मानकों की अनदेखी की ओर इशारा करती है। इस घटना ने निर्माण की गुणवत्ता और सुरक्षा प्रोटोकॉल पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। बृजेंद्र सिंह ने मांग की है कि संबंधित निर्माण फर्म द्वारा नगर पालिका परिषद सिसवा में कराए गए सभी निर्माण कार्यों, निविदाओं, अनुबंधों, गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों की निष्पक्ष जांच कराई जाए। इसका मुख्य उद्देश्य भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकना है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख है कि यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित फर्म को नियमानुसार ब्लैकलिस्ट (डिबार) किया जाए। साथ ही, उसे भविष्य में किसी भी सरकारी या नगर निकाय के कार्य में भाग लेने से प्रतिबंधित किया जाए। इसके अतिरिक्त, घटना के लिए जिम्मेदार अधिकारियों, ठेकेदारों और अन्य दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की गई है। पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने पर भी जोर दिया गया है। जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवा ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।
शराब तस्करी के मामले में पिछले करीब 9 महीनों से फरार चल रहे 5 हजार रुपए के इनामी तस्कर को टीपी नगर थाना पुलिस ने जोधपुर से पकड़ा है। आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। सीओ सिटी मंगलेश चुंडावत ने बताया कि टीपी नगर थाना पुलिस ने मामले में बाड़मेर जिले के जाटों का बेरा, सारला (बाखासर) निवासी गणेश कुमार(26) पुत्र गंगाराम को गिरफ्तार किया है। थाना पुलिस ने 2 नवंबर 2025 को नाकाबंदी के दौरान पंजाब निर्मित 471 पेटी अंग्रेजी शराब और बीयर से भरा ट्रक पकड़ा था। मामले में आरोपी गणेश वांछित था। उसकी तलाश में टीपी नगर थानाप्रभारी हनुवंत सिंह सिसोदिया के नेतृत्व में टीम गठित की गई। एसपी मोनिका सैन की ओर से आरोपी पर 5 हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया गया था, लेकिन आरोपी लगातार पुलिस की पकड़ से बचता रहा। बाड़मेर और जोधपुर में की थी तलाशपुलिस से बचने के लिए आरोपी ने मोबाइल फोन रखना बंद कर दिया था। वह कभी बाड़मेर तो कभी जोधपुर में दोस्तों और परिचितों के यहां ठिकाने बदल-बदलकर रह रहा था, ताकि पुलिस उस तक नहीं पहुंच सके। मुखबिर से मिले इनपुट के आधार पर पुलिस ने करीब 300 किलोमीटर तक पीछा करते हुए बाड़मेर और जोधपुर में तलाश की। आखिरकार पुलिस ने आरोपी को जोधपुर से दबोच लिया। उसे गुरुवार शाम को पाली लाया गया और शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। आरोपी को पकड़ने में टीपी नगर थाने के हेड कॉन्स्टेबल जस्साराम और कॉन्स्टेबल विजय चौधरी की मुख्य भूमिका रही।
रामपुर के दनियापुर गांव में शुक्रवार दोपहर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के शक्तिकेंद्र की बैठक आयोजित की गई। इसमें शहर विधायक आकाश सक्सेना ने संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा की और कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने का आह्वान किया। बैठक को संबोधित करते हुए विधायक सक्सेना ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार गरीब, किसान, महिला, युवा और जरूरतमंद वर्गों के कल्याण के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने जोर दिया कि सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी भेदभाव के पात्र लोगों तक पहुंचाया जा रहा है। विधायक ने कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि वे सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों को घर-घर तक पहुंचाएं, ताकि अधिक से अधिक पात्र लोग इनका लाभ उठा सकें। उन्होंने ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए यह भी कहा कि यदि कोई पात्र व्यक्ति किसी योजना के लाभ से वंचित है, तो वह जनप्रतिनिधियों या संबंधित अधिकारियों को सूचित करे ताकि समस्या का समयबद्ध समाधान हो सके। नवनिर्मित इंटरलॉकिंग सड़क का भी लोकार्पण किया बैठक के बाद विधायक आकाश सक्सेना ने दनियापुर स्थित आंबेडकर पार्क परिसर में नवनिर्मित इंटरलॉकिंग मार्ग का उद्घाटन किया। इसके उपरांत, उन्होंने ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और उनके समाधान का आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार गांवों और शहरों में आधारभूत सुविधाओं के विकास को प्राथमिकता दे रही है। इसी क्रम में सड़क, नाली, पेयजल और बिजली जैसी आवश्यक सुविधाओं का विस्तार तेजी से किया जा रहा है। इसके बाद विधायक ने ग्राम मडैयान उदयराज में नवनिर्मित इंटरलॉकिंग सड़क का भी लोकार्पण किया। इस कार्यक्रम में मंडल अध्यक्ष कमल सिंह लोधी, पूर्व जिला पंचायत सदस्य सोनू लोधी, ग्राम प्रधान देवेंद्र सैनी, रामौतार लोधी, राजेंद्र गंगवार, प्रदीप शर्मा, आशीष शर्मा सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और ग्रामीण उपस्थित रहे।
फरीदाबाद के सेक्टर-12 स्थित लघु सचिवालय के बाहर गुरुवार देर शाम दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVN) और हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) की लापरवाही सामने आई। यहां एक गोवंश की करंट लगने से मौके पर ही मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, लघु सचिवालय के मुख्य गेट से करीब 50 मीटर आगे डिवाइडर पर लगी स्ट्रीट लाइट के खंभे से बिजली का तार बाहर निकला हुआ था। यह स्ट्रीट लाइट HSVP द्वारा लगाई गई है, जबकि उसमें बिजली की सप्लाई DHBVN की ओर से दी जाती है। देर शाम एक गाय वहां घास चर रही थी। जैसे ही उसका शरीर खुले बिजली के तार के संपर्क में आया, उसे जोरदार करंट लगा और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इलेक्ट्रीशियन ने बंद कराई सप्लाई घटना की सूचना मिलने पर HSVP के इलेक्ट्रीशियन हेमंत कुमार मौके पर पहुंचे और स्ट्रीट लाइट की बिजली बंद करवाई गई। हालांकि, जब उनसे पूछा गया कि इतनी बड़ी लापरवाही किसकी है तो वह स्पष्ट जवाब देने से बचते नजर आए। उन्होंने केवल इतना कहा कि अगर वहां से कोई व्यक्ति गुजरता तो बड़ा हादसा हो सकता था। वहीं, शुक्रवार सुबह हुई बारिश के बाद सेक्टर-15A में भी बिजली के खंभे में करंट आने से एक फीमेल डॉग की मौत हो गई। सेंट्रल थाना पुलिस के सब-इंस्पेक्टर कृष्णा राम भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि करंट लगने से गोवंश की मौत हो चुकी थी। लोगों की मदद से गाय को हटवाया गया और बिजली विभाग को सूचना देकर सप्लाई बंद करवाई गई। उन्होंने भी माना कि यदि किसी व्यक्ति को करंट लगता तो जानलेवा हादसा हो सकता था। लगातार दो दिनों में करंट लगने से एक गाय और एक कुतिया की मौत ने DHBVN और HSVP की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते खुले तारों और करंट वाले खंभों को ठीक नहीं किया गया तो किसी दिन कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
पंजाब में सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग के 'जीवन ज्योत 2.0' प्रोजेक्ट के तहत बाल भिक्षावृत्ति को खत्म करने और बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। जिला कार्यक्रम अधिकारी प्रदीप सिंह गिल के विशेष दिशा-निर्देशों पर बाल सुरक्षा अधिकारी मुबीन कुरैशी के नेतृत्व में विभाग की एक विशेष टीम द्वारा शहर के विभिन्न बाजारों, भीड़भाड़ वाले इलाकों और सार्वजनिक स्थलों पर सघन चेकिंग अभियान चलाया गया इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सड़कों पर भीख मांग रहे बच्चों को रेस्क्यू कर उन्हें एक सुरक्षित और बेहतर भविष्य प्रदान करना है। इस विशेष चेकिंग अभियान के दौरान विभागीय टीम को एक बाजार में एक बच्चा भीख मांगता हुआ मिला। टीम के सदस्यों ने बेहद संवेदनशीलता और सहानुभूति के साथ बच्चे से बातचीत की और उसकी सुरक्षा सुनिश्चित की। बच्चे की दयनीय स्थिति को देखते हुए विभाग ने उसे तुरंत बाल कल्याण समिति (CWC) के समक्ष पेश किया। इसके बाद विभाग द्वारा बच्चे की पारिवारिक, आर्थिक और सामाजिक पृष्ठभूमि के बारे में गहनता से जानकारी जुटाई गई, ताकि उसके पुनर्वास के लिए ठोस कदम उठाए जा सकें। पहली बार स्कूल की चौखट पर पहुंचा बच्चा, विभाग ने कराया दाखिला बाल सुरक्षा विभाग के अथक और मानवीय प्रयासों के फलस्वरूप उस बच्चे का पहली बार एक औपचारिक स्कूल में दाखिला करवाया गया है। अब तक शिक्षा से पूरी तरह वंचित रहे इस बच्चे को स्कूल भेजने का उद्देश्य उसे भिक्षावृत्ति के दलदल से बाहर निकालकर समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है। विभाग की इस पहल से न सिर्फ बच्चे को शिक्षा का मौलिक अधिकार मिला है, बल्कि उसके लिए एक उज्ज्वल और स्वाभिमानी भविष्य के द्वार भी खुल गए हैं। समाज से अपील: बच्चों को भीख न दें, विभाग को दें सूचना इस सफल कार्रवाई के बाद बाल सुरक्षा विभाग ने आम जनता और नागरिकों से एक बेहद महत्वपूर्ण अपील की है। विभाग ने कहा है कि लोग सड़कों या बाजारों में बच्चों को भीख (पैसा या सामान) देकर अनजाने में इस कुप्रथा को बढ़ावा न दें। इसके बजाय, यदि कहीं भी कोई बच्चा भीख मांगता हुआ दिखाई दे, तो उसकी सूचना तुरंत संबंधित बाल सुरक्षा विभाग या चाइल्डलाइन को दें। नागरिकों के इस छोटे से सहयोग से ऐसे बेसहारा बच्चों को सही समय पर मदद मिल सकेगी।
छत्तीसगढ़ के सरकारी और निजी मेडिकल तथा डेंटल कॉलेजों में MBBS और BDS की सीटों पर दाखिले के लिए पहले चरण की ऑनलाइन काउंसिलिंग शुरू होने जा रही है। चिकित्सा शिक्षा संचालनालय (DME) ने इसके लिए आवेदन कार्यक्रम जारी कर दिया है। ऑनलाइन आवेदन 9 अगस्त सुबह 11 बजे से शुरू होंगे और 16 अगस्त रात 11:59 बजे तक किए जा सकेंगे। वहीं, कॉलेज और कोर्स चुनने (चॉइस फिलिंग) और उसे लॉक करने की प्रक्रिया 9 अगस्त से 17 अगस्त रात 11:59 बजे तक चलेगी। आवेदन शुल्क कितना होगा? हालांकि ये शुल्क वापस नहीं किया जाएगा। आवेदन से पहले क्या करें? चिकित्सा शिक्षा संचालनालय ने अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि आवेदन करने से पहले आरक्षण, काउंसिलिंग प्रक्रिया और बॉन्ड से जुड़े नियमों को अच्छी तरह पढ़ लें। इसके बाद ही ऑनलाइन आवेदन करें। आवेदन और काउंसिलिंग से जुड़ी पूरी जानकारी CGDME की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है।
दुर्गावती पुलिस ने 71 लाख का गांजा जब्त किया:कैमूर में छापेमारी कर 143 KG बरामद, मकान मालिक गिरफ्तार
कैमूर में दुर्गावती पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में गांजा जब्त किया है। गुप्त सूचना के आधार पर मधूरा गांव में की गई छापेमारी में करीब 71 लाख 52 हजार रुपये मूल्य का 143 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया। पुलिस ने इस मामले में मकान मालिक को गिरफ्तार कर लिया है। कुल वजन 143.04 किलोग्राम था मोहनिया के प्रभारी डीएसपी दयानंद कुमार ने एक प्रेस वार्ता में बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि मधूरा गांव स्थित अशोक सिंह के गोदाम सह मकान में बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ छिपाकर रखा गया है। इस सूचना पर पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया। थानाध्यक्ष गिरीश कुमार के नेतृत्व में पुलिस बल और दुर्गावती के प्रखंड विकास अधिकारी (BDO) अभिषेक कुमार ने संयुक्त रूप से अशोक सिंह के मकान पर छापेमारी की। इस दौरान मकान से गांजे के 28 बंडल बरामद हुए, जिनका कुल वजन 143.04 किलोग्राम था। अन्य अभियुक्तों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए गृहस्वामी अशोक कुमार सिंह को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में अशोक सिंह ने दावा किया है कि उसे गोदाम में रखे गांजे की जानकारी नहीं थी और यह खेप किसी अन्य व्यक्ति ने रखी थी। हालांकि, डीएसपी ने बताया कि पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है। संदिग्धों के मोबाइल लोकेशन और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मुख्य तस्करों का पता लगाया जा रहा है। जल्द ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य अभियुक्तों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
झालावाड़ में राजस्थान राज्य मंत्रालयिक कर्मचारी महासंघ ने अपनी 13 सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्य सचिव के नाम एक ज्ञापन सौंपा है। महासंघ ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो कर्मचारी 10 से 13 अगस्त तक काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन करेंगे।यह ज्ञापन झालावाड़ जिलाध्यक्ष दीपक भाटिया के नेतृत्व में जिला कलेक्टर के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। महासंघ के अध्यक्ष सुधीर यादव के आह्वान पर यह पहल की गई है। 13 सूत्रीय मांग पत्र में उपखण्ड कार्यालयों में कार्यभार के अनुसार पटवार मण्डल की संख्या के अनुपात में पद स्वीकृत करने, जिला कलक्टर कार्यालयों को मिनी सचिवालय घोषित करने, तथा अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी से प्रशासनिक अधिकारी एवं तहसीलदार पद पर पदोन्नति के लिए विकल्प नियम बनाने की मांग शामिल है। इसके अलावा पद के अनुरूप कार्य आवंटन के लिए जिला मैनुअल में संशोधन करने, बजट घोषणा के अनुसार कार्मिकों की पदोन्नति में डीपीसी 2025-26 में एक बारीय बिना किसी शर्त के अनुभव में पूर्ण छूट देने, और राजस्व मन्त्रालयिक कर्मचारियों के पदनाम में परिवर्तन करने की भी मांग की गई है। आंदोलन तेज करने की चेतावनीमहासंघ ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ही सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता है, तो वे आंदोलन करेंगे। इसी कड़ी में 10 अगस्त से 13 अगस्त तक राजस्व कर्मचारी काली पट्टी बांधकर अपना विरोध दर्ज कराएंगे। ज्ञापन सौंपने के दौरान पुष्पेन्द्र सिंह रावत, सुनिल व्यास, अब्दुल शकूर, मोहम्मद रईस, प्रदीप शर्मा, विकास गौतम, प्रितम, सुमेर सिंह, अरशद अयूब, जगदीश नागर, नरेश, जावेद, विशाल भील, विजय वर्मा, दिनेश, मो. जावेद, बलराम नाथ, सुनिल व्यास, श्रदा, चेतना मीणा और आशा जैन सहित कई कर्मचारी मौजूद रहे।
कौशाम्बी में यमुना में नहाते समय युवती डूबी:गहरे पानी में जाने से हादसा, तलाश में जुटे गोताखोर
कौशाम्बी के सराय अकिल थाना क्षेत्र स्थित रूसहाई के महारानियां घाट पर शुक्रवार सुबह यमुना नदी में नहाते समय एक युवती गहरे पानी में डूब गई। सूचना मिलने पर पुलिस, फायर ब्रिगेड और स्थानीय गोताखोरों की टीम मौके पर पहुंची और युवती की तलाश शुरू कर दी। जानकारी के अनुसार, तिल्हापुर गांव निवासी महेश की 19 वर्षीय पुत्री करिश्मा सरोज उर्फ भंवरी अपनी सहेलियों कोमल, सावित्री और तारावती के साथ सुबह करीब 11 बजे महारानियां घाट पर स्नान करने गई थी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि तारावती घाट किनारे खड़ी थी, जबकि करिश्मा, कोमल और सावित्री यमुना में नहा रही थीं। इसी दौरान तीनों अचानक गहरे पानी में चली गईं। यह देखकर तारावती ने तुरंत नदी में छलांग लगाई और कोमल व सावित्री को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। हालांकि, करिश्मा तेज बहाव और गहरे पानी में लापता हो गई। घटना की सूचना मिलते ही सराय अकिल पुलिस मौके पर पहुंची। फायर ब्रिगेड और स्थानीय गोताखोरों की मदद से देर शाम तक युवती की तलाश जारी रही, लेकिन समाचार लिखे जाने तक उसका कोई पता नहीं चल सका है।
झांसी रेल मंडल ने ट्रेनों की सुरक्षा को लेकर शुक्रवार को बड़ी उपलब्धि हासिल की है। धौलपुर से ग्वालियर तक 68 किलोमीटर लंबे रेलखंड पर ‘मानक कवच’ सिस्टम का ट्रायल सफल रहा। इसके साथ ही इसकी शुरुआत कर दी गई है। यह झांसी मंडल में कवच सिस्टम की पहली सफल कमीशनिंग है। इससे ट्रेनों को हादसों से बचाने में मदद मिलेगी। ट्रायल की 2 तस्वीर देखिए… मंडल के जनसपंर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि धौलपुर से ग्वालियर के बीच पूरे रेलखंड पर 1036 टैग लगाए गए हैं। इन टैग की मदद से कवच सिस्टम को ट्रेन की स्थिति और पहचान से जुड़ी जानकारी मिलती रहेगी। इसके आधार पर सिस्टम ट्रेन के सुरक्षित संचालन में मदद करेगा।आमने-सामने की टक्कर का खतरा कम होगाकवच एक स्वदेशी सुरक्षा सिस्टम है। अगर किसी स्थिति में लोको पायलट से चूक हो जाती है या ट्रेन तय गति से ज्यादा तेज चलती है तो यह सिस्टम सुरक्षा में मदद करता है। इसके अलावा सामने से आने वाली ट्रेन से टक्कर, पीछे से टक्कर और ट्रेन के अपने आप चलने जैसी घटनाओं से बचाव में भी कवच मददगार है। यह सिस्टम लोको पायलट को सिग्नल और ट्रेन की गति से जुड़ी जरूरी जानकारी भी देता है। जरूरत पड़ने पर ट्रेन की गति को नियंत्रित करने में भी इसकी भूमिका होती है। आमने-सामने दौड़ीं ट्रेंने शुक्रवार को कवच के ट्रायल में दो ट्रेनों को आमने सामने दौड़ाया गया। 60 किमी. प्रतिघंटा की रफ्तार से एक ही पटरी पर दौड़ रहीं ट्रेंने जब एक किलोमीटर के दायरे में आईं तो इंजन में लगे कवच सिस्टम ने लोको पायलट को पहले चेतावनी दी कि आगे खतरा है। लेकिन जब लोको पायलट ने ब्रेक नहीं लगाए तो ट्रेन का ब्रेक प्रैशर कवच ने खुद ही कम करना शुरू कर दिया, जिससे स्पीड घटने लगी और दोनों ट्रेन 20 मीटर के फांसले में रुक गईं। 316 किलोमीटर ट्रैक पर चल रहा काम झांसी रेल मंडल के प्रमुख रेल रूट बीना-धौलपुर के बीच कवच सिस्टम लगाने का काम किया जा रहा है। बता दें कि इस रूट पर हर दिन सौ से ज्यादा ट्रेनों का आवागमन होता है। ऐसे में ये भारतीय रेल के प्रमुख ट्रैक में शामिल है। पीआरओ ने बताया कि इस सिस्टम के स्थापित होने से यात्री सुरक्षा और ट्रेन संरक्षा दोनों में इजाफा होगा। झांसी मंडल में पहला सेक्शनधौलपुर-ग्वालियर रेलखंड पर कवच की शुरुआत के साथ ही यह झांसी मंडल का पहला ऐसा रेलखंड बन गया है, जहां ‘मानक कवच’ सिस्टम कमीशन किया गया है। रेलवे के मुताबिक, इससे इस रेलखंड पर ट्रेनों का संचालन और सुरक्षित होगा। परियोजना को पूरा करने में सिग्नल एवं दूरसंचार विभाग, परियोजना इकाई झांसी और मंडल के अधिकारियों-कर्मचारियों की अहम भूमिका रही। मंडल रेल प्रबंधक अनिरुद्ध कुमार की निगरानी में परियोजना को पूरा किया गया है।
गया पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने शहर के व्हाइट हाउस कंपाउंड रोड स्थित मोतिमणि अपार्टमेंट में चल रहे एक फर्जी कॉल सेंटर पर छापेमारी कर 9 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। मौके से 15 मोबाइल फोन, 6 लैपटॉप, विभिन्न बैंकों के 22 एटीएम/क्रेडिट-डेबिट कार्ड, 4 लैपटॉप चार्जर, 5 माउस, 1 वाई-फाई मशीन, 500 जीबी हार्ड डिस्क, एक्सटेंशन वायर, एक नोटबुक और 9,500 रुपये नकद बरामद किए गए हैं। देशभर के लोगों को शिकार बनाकर कर रहे थे लाखों की ठगी एसएसपी सुशील कुमार ने शुक्रवार को एक प्रेस वार्ता में इस साइबर ठगी मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि यह कार्रवाई जिले में साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान का हिस्सा है। पुलिस का दावा है कि गिरफ्तार गिरोह देशभर के लोगों को अपना शिकार बनाकर लाखों रुपये की ठगी कर रहा था। एसएसपी ने जानकारी दी कि गया पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी। इसके अनुसार, व्हाइट हाउस कंपाउंड रोड नंबर-06 स्थित मोतिमणि अपार्टमेंट के चौथे फ्लोर पर कुछ बाहरी राज्यों के लोग किराए पर रहकर संगठित साइबर ठगी का संचालन कर रहे थे। अपार्टमेंट के फ्लैट में जमीन पर बैठकर ठगी में व्यस्त थे आरोपी इस सूचना को गंभीरता से लेते हुए नगर पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में एक संयुक्त टीम गठित की गई। इस टीम में नगर-02 के पुलिस उपाधीक्षक, साइबर थाना प्रभारी, रामपुर थाना और तकनीकी शाखा के सदस्य शामिल थे। टीम ने अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर-04 (सी) पर छापेमारी की। पुलिस टीम जब फ्लैट के अंदर पहुंची, तो वहां 9 युवक फर्श पर बैठकर लैपटॉप और मोबाइल के जरिए ऑनलाइन गतिविधियों में व्यस्त थे। पुलिस को देखते ही वे घबरा गए और आनन-फानन में अपने लैपटॉप और मोबाइल बंद करने लगे। पुलिस ने तत्काल सभी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। तलाशी के दौरान कमरे से बड़ी संख्या में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, बैंक कार्ड और अन्य डिजिटल सामान बरामद हुआ। इससे स्पष्ट हो गया कि यहां संगठित तरीके से साइबर ठगी का एक बड़ा नेटवर्क संचालित किया जा रहा था। अमेजन, फ्लिपकार्ट के फर्जी कस्टमर केयर अधिकारी बनकर लोगों को कॉल करते थे पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए। पुलिस के अनुसार, आरोपी अमेजन, फ्लिपकार्ट समेत अन्य ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म के फर्जी कस्टमर केयर अधिकारी बनकर लोगों को कॉल करते थे। इसके लिए गिरोह AnyDesk, UltraViewer, Port SIP Client जैसे रिमोट एक्सेस एप्लिकेशन का इस्तेमाल करता था। पहले वे ग्राहकों को सहायता देने का झांसा देते, फिर उनके मोबाइल या कंप्यूटर का रिमोट एक्सेस हासिल कर लेते थे। इसके बाद TextPlus जैसे एप्लिकेशन की मदद से फर्जी आईडी तैयार कर अपने अन्य साथियों के सहयोग से पीड़ितों के बैंक खाते, व्यक्तिगत जानकारी और गोपनीय डेटा तक पहुंच बना लेते थे। अंत में लिंक और ओटीपी के जरिए बैंक खातों से रुपये निकालकर साइबर ठगी को अंजाम देते थे। एसएसपी बोले- टेक्निकली काफी ट्रेंड थे गिरोह के हर सदस्य एसएसपी सुशील कुमार ने बताया की यह गिरोह तकनीकी रूप से काफी प्रशिक्षित था और बेहद सुनियोजित तरीके से साइबर अपराध कर रहा था। कोलकाता से जुड़े तार, सभी आरोपी पश्चिम बंगाल के निवासी गिरफ्तार किए गए सभी नौ आरोपी पश्चिम बंगाल के कोलकाता के अलग-अलग थाना क्षेत्रों के रहने वाले हैं। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों में नवेद अनवर, अफजल हुसैन, ओसामा परवेज, सदाशिव मान, इंजमाम आलम, सलमान, अदनान अहमद, जीमल हुसैन और मोहम्मद शाहिद शामिल हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि सभी आरोपी किराये के फ्लैट में रहकर साइबर ठगी के इस नेटवर्क का संचालन कर रहे थे। रामपुर थाना में दर्ज हुआ मामला इस पूरे मामले में रामपुर थाना कांड संख्या-472/26 दर्ज कर लिया गया है। पुलिस सभी आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है और उनके आपराधिक इतिहास को भी खंगाला जा रहा है। साथ ही पुलिस यह भी पता लगा रही है कि इस गिरोह के तार देश के अन्य राज्यों या किसी बड़े साइबर नेटवर्क से जुड़े हैं या नहीं। फरार अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
डीडवाना में कानून व्यवस्था बनाए रखने तथा आगामी नगर निकाय एवं पंचायतीराज चुनावों की तैयारियों को लेकर शुक्रवार को एक संयुक्त समन्वय बैठक आयोजित की गई। कलेक्ट्रेट सभागार में हुई इस बैठक में जिला कलेक्टर अवधेश मीना और जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. प्यारेलाल शिवरान ने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में जिले की कानून व्यवस्था की स्थिति, आगामी नगर निकाय और पंचायतीराज चुनावों की रणनीति पर विस्तृत चर्चा हुई। इसके अतिरिक्त, सीएलजी बैठकों का आयोजन, सोशल मीडिया पर अपराध से संबंधित सामग्री की निगरानी, अवैध खनन और राजस्व मामलों जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर भी विचार-विमर्श किया गया। जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों को आपसी समन्वय से काम करने तथा महत्वपूर्ण सूचनाओं का समय पर आदान-प्रदान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने नियमित रूप से सीएलजी (कम्युनिटी लाइजन ग्रुप) बैठकों का आयोजन कर आमजन से जुड़े मुद्दों की जानकारी लेने और उनके प्रभावी समाधान के लिए कार्रवाई करने पर जोर दिया। आगामी चुनावों के मद्देनजर अधिकारियों को कानून व्यवस्था बनाए रखने, संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखने और किसी भी अप्रिय स्थिति में त्वरित एवं समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में अतिरिक्त जिला कलेक्टर रतन कुमार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हिमांशु शर्मा, विमल नेहरा और भूपेंद्र शर्मा सहित जिले के सभी उपखंड अधिकारी एवं पुलिस उप अधीक्षक मौजूद थे।
नागौर कृषि उपज मंडी में शुक्रवार को अधिकांश कृषि जिंसों के भावों में मिलाजुला रुख देखने को मिला। गुरुवार की तुलना में ग्वार और सरसों में मजबूती दर्ज की गई, जबकि जीरा, सौंफ और इसबगोल के ऊपरी भावों में नरमी रही। मूंग और चना के भाव स्थिर बने रहे। मंडी में किसानों की आवक सामान्य रही और व्यापारियों ने गुणवत्ता के अनुसार खरीदारी की। जीरा के अधिकतम भाव गुरुवार के 21,000 रुपए से घटकर 20,800 रुपए प्रति क्विंटल रह गए। हालांकि न्यूनतम भाव 17,000 रुपए पर स्थिर रहे। निर्यात मांग सामान्य रहने और सीमित खरीदारी के कारण ऊपरी भावों में हल्की गिरावट देखने को मिली। सौंफ के भावों में भी नरमी रही। गुरुवार को अधिकतम भाव 12,200 रुपए थे, जो शुक्रवार को घटकर 12,000 रुपए प्रति क्विंटल रह गए। वहीं इसबगोल के ऊपरी भाव भी 12,200 रुपए से घटकर 12,000 रुपए पर आ गए। दोनों जिंसों में सीमित मांग का असर दिखाई दिया। ग्वार में मजबूती का रुख, किसानों को फायदा ग्वार में मजबूती का रुख रहा। अधिकतम भाव 5,825 रुपए से बढ़कर 5,875 रुपए प्रति क्विंटल पहुंच गए, जबकि न्यूनतम भाव 5,000 रुपए पर स्थिर रहे। ग्वार में बढ़ी खरीदारी से किसानों को हल्का फायदा मिला। मूंग के भावों में कोई बदलाव नहीं हुआ। अधिकतम भाव लगातार 7,400 रुपए और न्यूनतम 5,500 रुपए प्रति क्विंटल पर बने रहे। इसी तरह चना भी 5,000 से 5,700 रुपए प्रति क्विंटल के दायरे में स्थिर रहा। सरसों (40 प्रतिशत तेल) के भावों में अच्छी तेजी देखने को मिली। गुरुवार को सरसों का औसत भाव 7,900 रुपए था, जो शुक्रवार को बढ़कर 8,100 रुपए प्रति क्विंटल हो गया। इससे सरसों उत्पादक किसानों को राहत मिली। अन्य जिंसों में असालिया 5,600 से 6,000 रुपए, दाणा मेथी 5,700 से 6,300 रुपए, सिधी सुवा 6,000 से 7,600 रुपए, तारामीरा 5,500 से 6,200 रुपए, ज्वार 4,500 से 5,800 रुपए, काला तिल 9,000 से 11,000 रुपए तथा सफेद तिल 10,000 से 11,500 रुपए प्रति क्विंटल के भाव दर्ज किए गए। कुल मिलाकर शुक्रवार की मंडी में ग्वार और सरसों में तेजी, जीरा, सौंफ व इसबगोल में हल्की नरमी और मूंग और चना में स्थिरता का माहौल रहा। किसानों की निगाहें अब आगामी कारोबारी दिनों में मांग और आवक के आधार पर भावों की दिशा पर टिकी हैं।
चित्रकूट में दीनदयाल शोध संस्थान की वार्षिक बैठक:अनिल अग्रवाल राष्ट्रीय सह संगठन सचिव मनोनीत
चित्रकूट में दीनदयाल शोध संस्थान की प्रबंध समिति और वार्षिक साधारण सभा की दो दिवसीय बैठक 6-7 अगस्त को जेपी सभागार, दीनदयाल परिसर में संपन्न हुई। इस बैठक में देशभर से संस्थान के विभिन्न प्रकल्पों से जुड़े कार्यकर्ता और सामाजिक क्षेत्र के प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक के दौरान संस्थान के विभिन्न प्रकल्पों के कार्यों की समीक्षा की गई और आगामी कार्ययोजनाओं पर गहन मंथन हुआ। इसमें दिल्ली, गोंडा, बीड, नागपुर और चित्रकूट जैसे स्थानों से आए प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। बैठक का शुभारंभ भारत माता, राष्ट्रऋषि भारतरत्न नानाजी देशमुख और एकात्म मानव दर्शन के प्रणेता पं. दीनदयाल उपाध्याय के चित्रों पर माल्यार्पण के साथ हुआ। इस अवसर पर पिछले एक वर्ष में दिवंगत हुए संस्थान से जुड़े परिजनों, साथ ही प्राकृतिक आपदाओं और आतंकवादी घटनाओं में जान गंवाने वाले सैनिकों, सुरक्षा बलों और अर्धसैनिक बलों के जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। बैठक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक और संस्थान के संपर्क अधिकारी सुरेश सोनी, अध्यक्ष डॉ. पूर्णेन्दु सक्सेना, उपाध्यक्ष उत्तम बनर्जी और अतुल जैन, प्रधान सचिव निखिल मुंडले, कोषाध्यक्ष बसंत पंडित तथा राष्ट्रीय संगठन सचिव अभय महाजन ने मार्गदर्शन प्रदान किया। विभिन्न प्रकल्पों के कार्यों का प्रस्तुतीकरण किया गया इस दौरान गोंडा से रामकृष्ण तिवारी, दिल्ली से अमिताभ वशिष्ठ, चित्रकूट से महाप्रबंधक डॉ. अनिल जायसवाल और बीड से डॉ. उपेंद्र कुलकर्णी सहित अन्य प्रमुख सदस्य भी उपस्थित रहे। साधारण सभा में चित्रकूट, गोंडा, बीड, नागपुर और दिल्ली के विभिन्न प्रकल्पों के कार्यों का प्रस्तुतीकरण किया गया। इसमें ग्राम स्तर पर योजनाओं के प्रभाव, पिछले वित्तीय वर्ष में किए गए कार्य और आगामी योजनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई। पिछले वर्ष के तुलनापत्र (बैलेंस शीट) को सर्वसम्मति से अनुमोदित किया गया। बैठक के महत्वपूर्ण निर्णयों में से एक विद्या भारती मध्य भारत के पूर्व प्रांत सह संगठन मंत्री अनिल अग्रवाल को दीनदयाल शोध संस्थान का राष्ट्रीय सह संगठन सचिव मनोनीत करना रहा। उन्हें यह नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक सुरेश सोनी ने संस्थान के कार्यों को सर्वस्पर्शी बनाने पर जोर दिया, ताकि समाज के सभी वर्गों की सहभागिता सुनिश्चित हो सके। उन्होंने सनातन चिंतन को युवाओं के अनुरूप युगानुकूल बनाने, स्थानीय संसाधनों के अधिकतम उपयोग, आत्मनिर्भरता और नवाचार को बढ़ावा देने का आह्वान किया। सोनी ने ग्राम समितियों के लिए प्रशिक्षण मॉडल तैयार करने, सदस्यों को दायित्व सौंपने और आसपास के गांवों के बहुआयामी विकास की बात कही। उन्होंने यह भी कहा कि गांवों का विकास इस प्रकार हो, जिसमें 'शरीर शहर का हो, लेकिन आत्मा गांव की हो'।
धनबाद के कतरास थाना क्षेत्र स्थित छाताबाद में शुक्रवार को बड़े पैमाने पर भूधसान हुआ। इस घटना में करीब एक दर्जन घर जमींदोज हो गए, जिनमें एक दो मंजिला मकान भी शामिल है। स्थानीय लोगों के अनुसार, भूधसान से पहले जमीन में तेज आवाज के साथ दरारें पड़नी शुरू हुईं। देखते ही देखते बड़े क्षेत्रफल में जमीन धंस गई और कई घर उसकी चपेट में आ गए। आसपास की जमीन में भी बड़ी दरारें उभर आईं, जिससे इलाके में दहशत फैल गई। फंसे लोगों को बाहर निकाला गयाहादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने राहत और बचाव कार्य शुरू किया। मलबे और धंसी जमीन में फंसे लोगों को बाहर निकाला गया। इस घटना में लगभग एक दर्जन लोग घायल हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। भूधसान का खतरा लंबे समय से बना हुआ हैघटना के बाद स्थानीय लोगों ने बीसीसीएल और जिला प्रशासन के खिलाफ नाराजगी व्यक्त की। उनका आरोप है कि कोयला खनन क्षेत्र में भूधसान का खतरा लंबे समय से बना हुआ है, लेकिन सुरक्षा, निगरानी और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। लोगों ने जिम्मेदार अधिकारियों से तत्काल राहत, मुआवजा और सुरक्षित पुनर्वास की मांग की है। फिलहाल, प्रशासन और संबंधित एजेंसियां भूधसान के कारणों की जांच तथा नुकसान का आकलन कर रही हैं। प्रभावित इलाके में दहशत का माहौल है और लोग अपने घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने को मजबूर हैं।
बांसवाड़ा से होकर डूंगरपुर से रतलाम तक प्रस्तावित नई रेल लाइन परियोजना पर काम में तेजी आई है। केंद्रीय रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 189 किलोमीटर लंबी इस परियोजना को 2083 करोड़ रुपए की लागत से मंजूरी मिली है। यह परियोजना राजस्थान सरकार और रेल मंत्रालय के बीच 50:50 लागत साझेदारी के आधार पर विकसित की जा रही है। परियोजना के लिए कुल 1,736 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता है, जिसमें से अब तक 646 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जा चुका है। राजस्थान सरकार अपनी लागत पर आवश्यक भूमि उपलब्ध करा रही है। मार्च 2026 तक इस परियोजना पर 243 करोड़ रुपए का व्यय किया जा चुका है। इस रेल लाइन के पूरा होने से दक्षिणी राजस्थान और मध्य प्रदेश के बीच रेल संपर्क बेहतर होगा। इससे क्षेत्र में व्यापार, पर्यटन और लोगों की आवाजाही को नई गति मिलने की उम्मीद है।
सुलतानपुर में उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ (सुशील पांडे गुट) की जिला इकाई ने करौंदी कला ब्लॉक में नई इकाई का गठन किया है। शुक्रवार शाम 4 बजे हुई इस बैठक में कमलेश कुमार सिंह को ब्लॉक अध्यक्ष चुना गया। प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष संतोष कुमार सिंह प्रतापगढ़ी की अध्यक्षता में हुई बैठक में शैलेन्द्र कुमार को ब्लॉक मंत्री और चंद्रमणि यादव को ब्लॉक कोषाध्यक्ष बनाया गया। श्याम प्रकाश मिश्रा को वरिष्ठ उपाध्यक्ष, शिव प्रताप यादव को संयुक्त मंत्री, सुरेश राणा को प्रचार मंत्री और जुगनू शेख को संगठन मंत्री मनोनीत किया गया। शिक्षकों के मान-सम्मान की रक्षा का संकल्प लिया जिला मंत्री राहुल तिवारी राष्ट्रवादी ने सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस अवसर पर नवनियुक्त ब्लॉक अध्यक्ष कमलेश कुमार सिंह ने शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि ब्लॉक स्तर पर शिक्षकों का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने शिक्षकों के मान-सम्मान की रक्षा का संकल्प लिया। मंच का संचालन जूनियर शिक्षक संघ के ब्लॉक वरिष्ठ उपाध्यक्ष आशिक पाण्डेय ने किया। बैठक में प्राथमिक शिक्षक संघ के संरक्षक विजय प्रताप सिंह, जूनियर शिक्षक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष संजय सिंह, सनत सिंह, सुशांत मिश्रा, अनिल मौर्य, सूर्य प्रकाश मिश्रा, संदीप सिंह, प्रदीप नारायण झा, विवेक नारायण झा सहित कई अन्य पदाधिकारी और सैकड़ों शिक्षक मौजूद रहे।
मैनपुरी में नेताजी सुभाष चंद्र बोस फाउंडेशन ने मानवता का परिचय देते हुए दो अज्ञात शवों का पूरे धार्मिक रीति-रिवाज और सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कराया। इन दोनों मृतकों की पहचान नहीं हो सकी थी। पहला शव लगभग 24 वर्षीय अज्ञात युवक का था, जो भोगांव थाना क्षेत्र के ग्राम द्वारिकापुर में झाड़ियों से बरामद हुआ था। वहीं दूसरा शव लगभग 35 वर्षीय अज्ञात व्यक्ति का था, जो मैनपुरी शहर में बैंक ऑफ इंडिया के सामने, एलआईसी कार्यालय एवं थाने के पास मिला था। पुलिस द्वारा आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी किए जाने के बाद नेताजी सुभाष चंद्र बोस फाउंडेशन के सदस्यों ने इन शवों को अपना मानते हुए अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी ली। फाउंडेशन उन लोगों की अंतिम यात्रा सम्मानपूर्वक सुनिश्चित करने के लिए लगातार सेवा कार्य कर रहा है, जिनका इस दुनिया में कोई अपना नहीं होता। इस अवसर पर फाउंडेशन के सदस्य चंचल तिवारी, प्रवीण पांडे, अतुल सक्सेना, अभिनव सक्सेना और शैलू राठौर मौजूद रहे।
प्रतापगढ़ जिला अस्पताल के प्रवेश द्वार पर प्लास्टर गिरा:मेन गेट पर फैला मलबा, कोई हताहत नहीं
प्रतापगढ़ जिला अस्पताल के मुख्य प्रवेश द्वार पर शुक्रवार को एक बड़ा हादसा टल गया। प्रवेश द्वार की मुंडेर पर लगा प्लास्टर अचानक टूटकर नीचे गिर गया। जिस स्थान से प्लास्टर गिरा, वहीं जिला अस्पताल प्रतापगढ़ का नाम अंकित है। ये मुख्य प्रवेश द्वार है, जहां से रोजाना डॉक्टर, मरीज और नर्सिंग कर्मी आते-जाते हैं। प्रवेश द्वार के पास ही पर्ची काउंटर भी स्थित है, जहां मरीजों की लंबी कतारें लगी रहती हैं। घटना के समय नीचे कोई मरीज या अन्य व्यक्ति मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। इस घटना के बाद अस्पताल परिसर में सुरक्षा व्यवस्था और भवन के रखरखाव की स्थिति पर सवाल उठने लगे हैं। इस मामले में अस्पताल प्रशासन से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन मौके पर कोई जिम्मेदार अधिकारी उपस्थित नहीं मिला।
राजसमंद में साइबर अपराधों के प्रति आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से बस ऑपरेटरों को साइबर सुरक्षा की जानकारी दी गई। राजसमंद पुलिस ने नाथद्वारा में बस ऑपरेटर्स सोसायटी, राजस्थान की राज्यस्तरीय बैठक में विशेष साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। एसपी हेमंत कलाल के निर्देशन एवं साइबर थाना प्रभारी, डीएसपी दुर्गाप्रसाद दाधीच के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेशभर से आए बस संचालकों, बस बॉडी निर्माताओं, ड्राइवर-कंडक्टर और पदाधिकारियों ने भाग लिया। ओटीपी व यूपीआई फ्रॉड के बारे में बतायाकार्यक्रम में साइबर विशेषज्ञ खैरूल वसीम ने डिजिटल अरेस्ट, फर्जी कॉल, ओटीपी व यूपीआई फ्रॉड, सोशल मीडिया हैकिंग, ऑनलाइन निवेश ठगी, फर्जी लिंक और एआई आधारित साइबर अपराधों की जानकारी देते हुए उनसे बचाव के व्यावहारिक उपाय बताए। उन्होंने कहा कि बसें प्रतिदिन हजारों लोगों तक पहुंचती हैं, इसलिए बस ऑपरेटर साइबर जागरूकता फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। प्रतिभागियों को राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया भी समझाई गई। राजसमंद का मॉडल प्रदेशभर में अपनाने की मांगकार्यक्रम के अंत में बस ऑपरेटर्स सोसायटी के समन्वयक बाबू चौधरी ने राजसमंद के साइबर जागरूकता मॉडल की सराहना करते हुए इसे पूरे राजस्थान में अपनाने का आह्वान किया। इस अवसर पर सोसायटी के प्रेसिडेंट शेषनारायण माली, अध्यक्ष सत्यनारायण साहू, महासचिव जितेंद्र हाड़ा, श्रीनाथ बस ऑनर्स सोसायटी के संरक्षक शांतिलाल लोढ़ा सहित प्रदेशभर से आए पदाधिकारी उपस्थित रहे।
मऊ जिले में एक पिता अपने विकलांग बेटे को कंधे पर बैठाकर न्याय की गुहार लगाने जिला मुख्यालय पहुंचा। शुक्रवार दोपहर लगभग 3 बजे मधुबन तहसील क्षेत्र के जमुनीपुर गांव निवासी बब्बन राजभर अपने बेटे नीतीश कुमार को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों से अपनी जमीन पर कब्जा दिलाने की मांग की। बब्बन राजभर ने बताया कि उनका बेटा नीतीश कुमार विकलांग है और उसकी देखभाल की जिम्मेदारी उन्हीं पर है। उनका आरोप है कि मधुबन तहसील क्षेत्र में उनकी जमीन पर उन्हें कब्जा नहीं मिल पा रहा है। वे अक्टूबर 2025 से लगातार तहसील और जिला स्तर के अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें न्याय नहीं मिला है। उन्होंने यह भी बताया कि कई बार तहसील के अधिकारियों से शिकायत करने के बाद कानूनगो और लेखपाल मौके पर पहुंचे थे। जमीन की नाप-जोख भी की गई, इसके बावजूद उन्हें जमीन पर कब्जा नहीं दिलाया गया। बब्बन राजभर का कहना है कि अधिकारियों के चक्कर काटते-काटते कई महीने बीत गए, लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ है। शुक्रवार दोपहर करीब तीन बजे जब वह अपने विकलांग बेटे नीतीश को कंधे पर लेकर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे, तो कलेक्ट्रेट परिसर में इस दृश्य को देखकर लोग भावुक हो गए। बब्बन राजभर ने अधिकारियों से गुहार लगाई कि उनके बेटे की विकलांगता और जमीन विवाद उनकी आर्थिक स्थिति पर भारी पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि जमीन पर कब्जा नहीं मिलने के कारण परिवार की परेशानियां बढ़ती जा रही हैं और बेटे की परवरिश में भी दिक्कतें आ रही हैं। पीड़ित पिता ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर जल्द से जल्द जमीन पर कब्जा दिलाने और न्याय प्रदान करने की मांग की है।
हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा शुक्रवार को करनाल पहुंचे, जहां उन्होंने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि हरियाणा में रोजाना अपराध की खबरें सामने आ रही हैं और करनाल में भी हाल ही में हत्या की घटना हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं बची है और हरियाणा देश का सबसे असुरक्षित प्रदेश बन गया है। हुड्डा ने कहा कि कानून व्यवस्था को कायम रखना सरकार की पहली जिम्मेदारी होती है, लेकिन इसमें पूरी तरह विफलता नजर आ रही है। कॉमनवेल्थ गेम्स को लेकर रखी दावेदारीभूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि संसद में कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा और अन्य सांसद 2030 में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी हरियाणा को दिए जाने का मुद्दा उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भले ही देश की आबादी में हरियाणा की हिस्सेदारी करीब 2 प्रतिशत हो, लेकिन खेलों में प्रदेश का योगदान सबसे ज्यादा रहा है। उन्होंने कहा कि कॉमनवेल्थ और ओलंपिक दोनों में हरियाणा के खिलाड़ियों ने सबसे अधिक पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया है। इसके लिए उन्होंने सभी खिलाड़ियों को बधाई दी और उनकी मेहनत की सराहना की। खिलाड़ियों पर बयान को लेकर घेराभाजपा प्रदेश अध्यक्ष अर्चना गुप्ता के जाति विशेष वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए हुड्डा ने कहा कि इससे ज्यादा दुर्भाग्यपूर्ण बात और क्या हो सकती है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ी किसी जाति का नहीं होता, बल्कि पूरे देश का होता है और देश की प्रतिभा को आगे बढ़ाता है। हुड्डा ने अपने कार्यकाल का जिक्र करते हुए पहलवान योगेश्वर दत्त, क्रिकेटर जोगेंद्र शर्मा और ममता सोधा का उदाहरण दिया, जिन्हें डीएसपी नियुक्त किया गया था। उन्होंने बताया कि उनके कार्यकाल में 17 खिलाड़ियों को डीएसपी बनाया गया और “पदक लाओ, नौकरी पाओ” नीति लागू की गई, जिसका सकारात्मक परिणाम सामने आया।हुड्डा ने कहा कि हरियाणा ने खेलों में हमेशा देश का मान बढ़ाया है और 2026 के कॉमनवेल्थ गेम्स में भी प्रदेश के खिलाड़ियों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है। उन्होंने दोहराया कि खिलाड़ियों का सम्मान और बेहतर कानून व्यवस्था ही प्रदेश की प्राथमिकता होनी चाहिए।
दमोह जिले में मानसून की बेरुखी का असर फसलों पर दिखने लगा है। बारिश न होने से खेत में खड़ी फसलें मुरझा रही हैं और पीली पड़ रही हैं। किसान अपने साधनों से सिंचाई करने को मजबूर हैं, लेकिन जहां सिंचाई के साधन नहीं हैं, वहां फसलें सूख रही हैं। धीरे-धीरे फसलों में कीट लगने का असर भी शुरू हो गया है। जिले में 1.15 लाख हेक्टेयर में सोयाबीन और 60 हजार हेक्टेयर में उड़द की बोवनी हुई है। अभाना गांव के किसान सत्यम कुमार ने बताया कि बारिश न होने से सबसे ज्यादा धान की फसल प्रभावित हो रही है, जिसके पौधे पीले पड़ रहे हैं। यदि जल्द बारिश नहीं हुई तो धान का एक बड़ा रकबा प्रभावित हो सकता है। 15 दिनों से थमी है बारिश जिले में पिछले 15 दिनों से बारिश रुकी हुई है। लगातार तेज धूप होने से उमस और गर्मी बढ़ रही है। किसान आसमान की तरफ टकटकी लगाए बैठे हैं कि जल्द बारिश होगी। सावन का महीना शुरू हो गया है और लोगों को इसी महीने से उम्मीद है। जिले में अब तक 744 एमएम बारिश दर्ज हुई है। कृषि वैज्ञानिकों और अफसरों का पक्ष कृषि वैज्ञानिक मनोज कुमार अहिरवार ने बताया कि शुक्रवार और शनिवार को बारिश की संभावना है। पानी गिरते ही फसलें फिर से अच्छी होने लगेंगी। वहीं कृषि विभाग के उपसंचालक जगतलाल प्रजापति ने बताया कि फसलों में इल्ली का थोड़ा असर देखा जा रहा है, लेकिन अभी यह प्रकोप बहुत ज्यादा नहीं है। बारिश होते ही फसलें एक बार फिर से लहलहा उठेंगी।
सासाराम में परिवहन विभाग की विशेष वाहन जांच, नियम तोड़ने वालों से 1.4 लाख जुर्माना वसूला
7 शुक्रवार, अगस्त: सासाराम में समाहरणालय के समीप परिवहन विभाग ने विशेष वाहन जांच अभियान चलाया। यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों से करीब 1.4 लाख रुपये जुर्माना वसूला गया। अभियान से वाहन चालकों में हड़कंप मच गया।
बूंदी जिला प्रशासन ने राजस्व कार्यों में कसावट लाने और जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए पटवारियों और भू-अभिलेख निरीक्षकों की चिंतन बैठक आयोजित की। जिला कलेक्ट्रेट सभागार में शुक्रवार को जिला कलेक्टर हरफूल सिंह यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक में जमीनी स्तर की समस्याओं, प्राकृतिक आपदा पीड़ितों को राहत और राजस्व कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में अतिरिक्त जिला कलेक्टर एच.डी. सिंह भी मौजूद रहीं। जिला कलेक्टर ने पटवारियों और गिरदावरों को राजस्व प्रशासन की सबसे अहम कड़ी बताते हुए कहा कि फील्ड में काम करने वाले कार्मिकों की समस्याओं और चुनौतियों को समझना प्रशासन की प्राथमिकता है। सर्पदंश और हादसों में मृतकों के परिवारों को मिलेगी त्वरित राहत कलेक्टर ने सर्पदंश, डूबने, दुर्घटना अथवा प्राकृतिक आपदा में जान गंवाने वाले गरीब परिवारों को त्वरित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दुख की घड़ी में प्रभावित परिवारों का सहारा बनना प्रशासन का नैतिक दायित्व है। एमडीआर सड़कें होंगी मवेशी मुक्त बैठक में एमडीआर सड़कों पर मवेशियों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए पंचायत स्तर पर आश्रय स्थल चिन्हित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही जनोपयोगी कार्यों के लिए भूमि आवंटन की प्रक्रिया में तेजी लाने पर भी जोर दिया गया। ग्रामीण सेवा शिविरों की समस्याओं का 31 अगस्त तक निस्तारण जिला कलेक्टर ने ग्रामीण सेवा शिविरों से संबंधित समस्याओं का 31 अगस्त तक गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने राजस्व कार्मिकों को वर्तमान तकनीकी दौर के अनुरूप स्वयं को अपडेट करने और तकनीक का प्रभावी उपयोग करने पर भी जोर दिया। पटवारियों की सुविधा के लिए 'पटवार विश्रांति गृह' के प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि फील्ड में कार्यरत कार्मिकों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। 'इकबाल' और छवि मजबूत रखने की सीख अतिरिक्त जिला कलेक्टर एच.डी. सिंह ने राजस्व कार्मिकों के साथ अपने अनुभव साझा करते हुए अपना 'इकबाल' और छवि मजबूत रखने की बात कही। उन्होंने कार्मिकों से पूरे आत्मविश्वास, निष्ठा और ईमानदारी के साथ फील्ड में काम करने का आह्वान किया। गिरदावरी ऐप से लेकर जीपीएस तक सुझावों पर चर्चा बैठक में गिरदावरी ऐप में लोकेशन सीमा बढ़ाने, तहसीलों में लीव रिजर्व पटवारियों के रिक्त पद भरने, गिरदावरी में आशार्थियों की मदद लेने तथा जीपीएस रहित तहसीलों में जीपीएस लगवाने और प्रशिक्षण देने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। इसके अलावा केडर रिव्यू, डाक व्यवस्था को सुदृढ़ करने, अवैध खनन और अतिक्रमण पर रोक लगाने के लिए कार्रवाई संबंधी संसाधन उपलब्ध कराने तथा चारागाह भूमि के बेहतर प्रबंधन को लेकर भी सुझाव और आवश्यकताओं पर चर्चा की गई। राजस्व अमले की मौजूदगी बैठक में बूंदी तहसीलदार अर्जुन लाल मीणा, नैनवां तहसीलदार भोपाल सिंह मीणा, हिंडोली नायब तहसीलदार रवि शंकर, भू-अभिलेख तहसीलदार दुष्यंत सिंह सहित पटवारी एवं भू-अभिलेख निरीक्षक मौजूद रहे।
औरैया में शहाब्दा में रेशम कृषकों को प्रशिक्षण:रेशम कीट पालन की तकनीकी जानकारी दी गई
औरैया जिले के शहाब्दा स्थित राजकीय रेशम फार्म में 7 अगस्त 2026 को रेशम कृषकों के लिए एक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम केंद्रीय रेशम बोर्ड के प्रमुख अभियान 'मेरा रेशम मेरा अभिमान' के तहत आयोजित किया गया। यह अभियान पूरे देश में संचालित हो रहा है और उत्तर प्रदेश के 12 जिलों में ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। प्रशिक्षण कार्यक्रम में केंद्रीय रेशम बोर्ड के वैज्ञानिक श्री छत्रपाल ने कृषकों को रेशम कीट पालन से संबंधित तकनीकी जानकारी प्रदान की। उन्होंने शहतूत के पेड़ लगाने और उनके विकास से जुड़ी तकनीकी पहलुओं पर भी विस्तार से बताया। योजनाओं के बारे में कृषकों को विशेष जानकारी दी इसके अतिरिक्त, रेशम कीट पालन में उपयोग होने वाली विभिन्न तकनीकों की जानकारी दी गई। इनमें विशुद्धीकरण, कीटों को ट्रे में उचित स्थान पर रखना, कीटों में मोल्ट की पहचान, मोल्ट के दौरान चूने का छिड़काव, पके हुए रेशम कीट की पहचान और उन्हें मोंटेज में रखने की विधि शामिल थी। कार्यक्रम में केंद्रीय रेशम बोर्ड और राज्य रेशम विभाग की सहायक रेशम विकास अधिकारी श्रीमती पूजा शर्मा तथा प्रदर्शक श्री प्रेम नारायण भी उपस्थित रहे। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा संचालित रेशम संबंधी विभिन्न योजनाओं के बारे में कृषकों को विशेष जानकारी दी।
जेन-Z कावरियों ने की गंगा घाट की सफाई:गंगा की स्वच्छता का दिया संदेश, बोले- सबका साथ हो, गंगा साफ हो
सावन में कांवड़ यात्रा के बीच शुक्रवार को राजेंद्र प्रसाद घाट पर गंगा स्वच्छता का संदेश दिया गया। नमामि गंगे अभियान से जुड़े कार्यकर्ताओं और कांवरियों ने घाट की सफाई की और लोगों को गंगा को स्वच्छ रखने के लिए जागरूक किया। इसमें कई जेन जी कावरिया भी शामिल थे। इस दौरान श्रद्धालुओं ने सबका साथ हो, गंगा साफ हो का संदेश देते हुए संकल्प लिया कि गंगा और उसकी सहायक नदियों में किसी भी तरह की गंदगी नहीं फैलाएंगे। पूरा कार्यक्रम नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक एवं नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला के नेतृत्व में आयोजित हुआ। कांवरियों ने लिया स्वच्छता का संकल्प कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मौजूद कांवरियों और श्रद्धालुओं ने हाथों में स्वच्छता संदेश लिखी तख्तियां लेकर लोगों को जागरूक किया। उन्होंने कहा कि गंगा केवल एक नदी नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है। इसलिए इसे स्वच्छ रखना हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है। गंगा में पर्यावरण के अनुकूल सामग्री ही अर्पित करें नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक एवं नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला ने कहा कि गंगा में पूजा सामग्री या अन्य कोई भी वस्तु अर्पित करते समय यह ध्यान रखना चाहिए कि वह पर्यावरण को नुकसान न पहुंचाए। उन्होंने कहा कि नदी में प्लास्टिक या अन्य कचरा फेंकने से जलीय जीवों और पर्यावरण को नुकसान पहुंचता है। नदियों में गंदगी नहीं फैलाने की अपील कार्यक्रम में लोगों से अपील की गई कि पूजा-पाठ और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों के बाद नदी में कचरा न डालें। सभी ने शपथ ली कि वे गंगा और अन्य नदियों को स्वच्छ रखने में अपनी भागीदारी निभाएंगे और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करेंगे।
मऊ जंक्शन स्टेशन परिसर में शुक्रवार दोपहर करीब 2 बजे एक महिला पानी की टंकी पर चढ़ गई। सूचना पर आरपीएफ, जीआरपी और शहर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद दोपहर करीब 3 बजे महिला को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया। पुलिस उसे थाने लेकर गई। यहां आगे की कार्रवाई की जा रही है। पड़ोसियों से चल रहा है जमीन का विवाद पुलिस के अनुसार, टंकी पर चढ़ने वाली महिला की पहचान रानीपुर थाना क्षेत्र के अकबरपुर निवासी सपना सिंह पत्नी राजीव सिंह के रूप में हुई है। महिला का अपने पड़ोसी अरविंद और अंजनी से लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। खेत में कूड़ा फेंकने का लगाया आरोप महिला का आरोप है कि पड़ोसी उसके खेत में कूड़ा फेंकते हैं। विरोध करने पर विवाद और अभद्रता करते हैं। शुक्रवार को भी इसी बात को लेकर कहासुनी हुई, जिसके बाद वह रेलवे स्टेशन परिसर स्थित पानी की टंकी पर चढ़ गई। पहले भी टंकी पर चढ़ चुकी है महिला पुलिस के मुताबिक, यह पहली बार नहीं है जब सपना सिंह ने ऐसा कदम उठाया है। इससे पहले भी वह इसी जमीनी विवाद को लेकर दीवानी कचहरी परिसर की पानी की टंकी पर चढ़ गई थी। उस समय भी प्रशासन ने समझाकर उसे सुरक्षित नीचे उतारा था और शिकायत पर कार्रवाई का आश्वासन दिया था। शिकायत की जांच में जुटी पुलिस शहर कोतवाल परमेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि पड़ोसियों से विवाद के कारण महिला पानी की टंकी पर चढ़ गई थी। उसे सुरक्षित नीचे उतार लिया गया है। महिला की शिकायतों की जांच कर आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।
ब्यावर जिले का चौथा स्थापना दिवस शुक्रवार को जिला प्रशासन द्वारा विभिन्न कार्यक्रमों के साथ मनाया गया। इस अवसर पर 'रन फॉर ब्यावर' का आयोजन किया गया, जिसमें शहरवासियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर स्वस्थ जीवनशैली, अनुशासन और एकता का संदेश दिया। 'रन फॉर ब्यावर' को विधायक शंकर सिंह रावत, जिला कलेक्टर कमल राम मीना और एसपी रतन सिंह ने जिला कलेक्ट्रेट परिसर से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह दौड़ कलेक्ट्रेट परिसर से शुरू होकर चांग गेट, भारत माता सर्किल और अजमेरी गेट होते हुए वापस कलेक्ट्रेट परिसर पर समाप्त हुई। नजर आया उत्साहइस दौड़ में पुलिस विभाग के जवान, शारीरिक शिक्षक, एनसीसी कैडेट्स, स्काउट-गाइड, अधिकारी-कर्मचारी और जनप्रतिनिधियों सहित बड़ी संख्या में आमजन ने हिस्सा लिया। युवाओं के साथ-साथ विभिन्न आयु वर्ग के नागरिकों की भागीदारी ने इस आयोजन को व्यापक जनभागीदारी का रूप दिया। दौड़ के मार्ग में भी शहरवासियों में जिला स्थापना दिवस को लेकर उत्साह देखा गया। प्रतिभागियों ने इस आयोजन के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, अनुशासन बनाए रखने और सामाजिक एकता को मजबूत करने का संदेश दिया।
नवादा जिले के वारिसलीगंज थानाध्यक्ष पंकज कुमार सैनी ने एक मानवीय पहल करते हुए 8 वर्षीय अनाथ मोहम्मद फैयाज आलम की शिक्षा का पूरा जिम्मा उठाया है। उन्होंने बच्चे का सफीगंज स्थित ऑक्सफोर्ड इंग्लिश पब्लिक स्कूल में नामांकन कराया। संवेदनशीलता दिखाते हुए बच्चे की मदद का फैसला लगभग एक माह पूर्व थाना क्षेत्र के मसूदा गांव निवासी राजमिस्त्री मोहम्मद फिरोज हुसैन की मकनपुर मुसहरी में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गई थी। परिवार का एकमात्र सहारा छिन जाने से आर्थिक संकट गहरा गया था, जिससे आठ वर्षीय मोहम्मद फैयाज आलम की पढ़ाई और पालन-पोषण एक चुनौती बन गया था। परिस्थिति की जानकारी मिलने पर थानाध्यक्ष पंकज कुमार सैनी ने संवेदनशीलता दिखाते हुए बच्चे की मदद का फैसला किया। बच्चे के भविष्य के लिए नई उम्मीद जगी मंगलवार को वे व्यक्तिगत रूप से स्कूल पहुंचे और मोहम्मद फैयाज आलम का नामांकन सुनिश्चित कराया। उन्होंने स्कूल प्रशासन से बच्चे की नियमित पढ़ाई सुनिश्चित करने का आश्वासन भी लिया। थानाध्यक्ष के इस मानवीय कदम से पीड़ित परिवार को राहत मिली है और बच्चे के भविष्य के लिए एक नई उम्मीद जगी है। क्षेत्र के लोगों में थानाध्यक्ष की इस पहल की व्यापक चर्चा हो रही है। स्थानीय नागरिकों ने पंकज कुमार सैनी की सराहना करते हुए इसे पुलिस की सकारात्मक छवि को मजबूत करने वाला बताया है।
पलवल जिले में पिछले दो दिनों से लगातार हो रही भारी बारिश के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। शहर की कई कॉलोनियों, मुख्य सड़कों और गलियों में दो से तीन फुट तक पानी भर गया है, जिससे लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के रास्तों में जलभराव के कारण 'कर्फ्यू जैसे हालात' बन गए हैं। नेशनल हाईवे-19, शहर के पॉश क्षेत्र न्यू कॉलोनी सहित कई पार्क और सड़कें तालाब में तब्दील हो गई हैं। घरों के बाहर सड़कों और गलियों में दूर-दूर तक सिर्फ पानी ही दिखाई दे रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पहले पलवल में चारों तरफ जोहड़ (तालाब) होते थे, जिनमें बारिश का पानी चला जाता था। अब न तो जोहड़ बचे हैं और न ही नालों की नियमित सफाई होती है। इसके अलावा, सीवर लाइनें भी जाम रहती हैं, जिसके कारण सीवर और नालियों का गंदा पानी भी सड़कों पर भर जाता है। शहर की अधिकांश कॉलोनियों को जलमग्न जिला प्रशासन और नेताओं के लाखों दावों के बावजूद, पलवल की जनता को बारिश के बाद हर साल जलभराव की समस्या से जूझना पड़ता है। गुरुवार से रुक-रुक कर हो रही बारिश ने नेशनल हाईवे-19, न्यू कॉलोनी, पुराना जीटी रोड, जवाहर नगर कैंप, बस स्टैंड, प्रकाश विहार कॉलोनी, देव नगर और सल्लागढ़ सहित शहर की अधिकांश कॉलोनियों को जलमग्न कर दिया है। ट्रांसफॉर्मर खराब, बिजली सप्लाई बाधित बच्चों के खेलने के लिए बनाए पार्क भी तालाब बन गए हैं। पार्कों से पानी निकालने के लिए टैंकर लगाए गए हैं, लेकिन लगातार बारिश के कारण पानी निकासी में बाधा आ रही है। स्थानीय निवासी चंद्र प्रकाश, मंजीत डाबर, बंटी और रोशन ने आरोप लगाया कि यदि मानसून से पहले नालों की सफाई पर खर्च किए गए लाखों रुपये का सही उपयोग होता, तो आज नगर परिषद और जन स्वास्थ्य विभाग को अस्थायी पानी निकासी के लिए टैंकरों का सहारा नहीं लेना पड़ता। इतना ही नहीं बारिश के कारण कई स्थानों पर बिजली के खंभे व ट्रांसफार्मर भी क्षतिग्रस्त हो गए। जिसके कारण बिजली सप्लाई भी बाधित है।
सोशल मीडिया पर हुई उन्नाव रेप पीड़िता की पहचान उजागर, दिल्ली पुलिस ने लिया यह ऐक्शन
पीड़िता की नई शिकायत पर संज्ञान लेते हुए दिल्ली पुलिस ने एक अलग जांच शुरू की और ऑनलाइन पोस्ट की जांच करने और कानून का उल्लंघन करने वाले जिम्मेदार लोगों की पहचान करने के लिए इस मामले में एक अलग प्राथमिकी दर्ज की।
डीआईजी ने छात्राओं को किया जागरूक:कहा- आत्मरक्षा के साथ-साथ साइबर सुरक्षा की जानकारी भी जरूरी
डीग में राजस्थान पुलिस द्वारा 'महिला सुरक्षा संकल्प कार्यक्रम-2026' का आयोजन किया गया। मास्टर आदित्येन्द्र राजकीय महाविद्यालय में शुक्रवार को हुए इस कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षित, सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाना था। इसमें अपराध अन्वेषण शाखा (सीआईडी-सीबी), जयपुर की डीआईजी राशि डोगरा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। पुलिस अधिकारियों, महाविद्यालय प्रशासन और छात्राओं ने उनका स्वागत किया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुआ। इसके बाद छात्राओं ने आत्मरक्षा की विभिन्न तकनीकों का प्रदर्शन किया। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि महिलाएं किसी भी चुनौती का सामना साहस और आत्मविश्वास के साथ कर सकती हैं। महिलाओं और छात्राओं को किया जागरूकडीआईजी ने कहा कि डिजिटल युग में महिलाओं के लिए आत्मरक्षा के साथ-साथ साइबर सुरक्षा की जानकारी भी आवश्यक है। उन्होंने छात्राओं को महिला सुरक्षा से जुड़े कानूनों, साइबर अपराधों से बचाव, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग, महिला हेल्पलाइन सेवाओं और पुलिस की कार्यप्रणाली की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने महिलाओं से किसी भी अपराध की स्थिति में बिना भय के तुरंत पुलिस से संपर्क करने की अपील की, और कहा कि राजस्थान पुलिस महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और न्याय के लिए प्रतिबद्ध है। जिला पुलिस अधीक्षक शरण गोपीनाथ कांबले ने कहा कि पुलिस का लक्ष्य केवल अपराधियों पर कार्रवाई करना नहीं, बल्कि समाज में जागरूकता बढ़ाकर अपराधों की रोकथाम करना भी है। उन्होंने छात्राओं से साइबर ठगी, ऑनलाइन फ्रॉड, सोशल मीडिया ब्लैकमेलिंग और डिजिटल अपराधों से सतर्क रहने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने की अपील की। कार्यक्रम के दौरान एसपी शरण गोपीनाथ कांबले, कालिका टीम और एंटी रोमियो टीम को भी सम्मानित किया गया।
करनाल मंडल में पुलिस कर्मचारियों के लिए शुक्रवार का दिन खुशखबरी लेकर आया। पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) करनाल मंडल, करनाल अशोक कुमार ने मंडल के 14 पुलिस कर्मचारियों को पदोन्नति प्रदान की। इस कदम से जहां कर्मचारियों में उत्साह बढ़ा है, वहीं पुलिस व्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। आईजी अशोक कुमार द्वारा जिला कैथल से 3 और जिला पानीपत से 1 एएसआई को एसआई के पद पर पदोन्नत किया गया। वहीं जिला करनाल से 5 मुख्य सिपाहियों को सहायक उप निरीक्षक बनाया गया। इसके अलावा जिला कैथल के 2 तथा जिला पानीपत के 3 मुख्य सिपाहियों को भी सहायक उप निरीक्षक पद पर पदोन्नति दी गई। ईमानदारी से ड्यूटी करने की अपील इस अवसर पर आईजी ने सभी पदोन्नत कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि वे अपनी जिम्मेदारियों को ईमानदारी और पूरी निष्ठा के साथ निभाएं। उन्होंने विश्वास जताया कि पदोन्नति से कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा और कार्यक्षमता में सुधार आएगा। लंबित मामलों के निपटान में आएगी तेजी आईजी ने बताया कि भविष्य में भी रिक्त पदों को समय-समय पर भरा जाएगा। पदोन्नति के बाद विवेचना अधिकारियों की कमी दूर होगी, जिससे लंबित मामलों का तेजी से निपटारा संभव होगा। साथ ही अपराध नियंत्रण, कानून व्यवस्था बनाए रखने और बेहतर पुलिसिंग में भी मदद मिलेगी।
सावन माह की कांवड़ यात्रा को लेकर घाटमपुर में पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। कानपुर-सागर हाईवे पर कांवड़ियों के सुरक्षित आवागमन के लिए जगह-जगह पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिसकर्मी कांवड़ियों की टोलियों के साथ चलते हुए उन्हें एक थाना क्षेत्र से दूसरे थाना क्षेत्र की सीमा तक सुरक्षित पहुंचा रहे हैं। इसके बाद संबंधित थाने की पुलिस को व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से कांवड़ियों के प्रवेश की सूचना दी जा रही है। पुलिस ने कराया सुरक्षित आवागमन, पिलाया पानी शुक्रवार को कानपुर-सागर हाईवे से कांवड़ियों की कई टोलियां गुजरीं। इस दौरान श्रद्धालु 'बम भोले' और 'हर-हर महादेव' के जयकारे लगाते हुए अपने गंतव्य की ओर बढ़ते रहे। पुलिसकर्मी पूरी यात्रा के दौरान उनके साथ रहे। रास्ते में पुलिस ने कांवड़ियों को पानी पिलाकर उनकी मदद की और थाना क्षेत्र की सीमा तक सुरक्षित पहुंचाने के बाद अगले थाना क्षेत्र की पुलिस के सुपुर्द किया। बिठूर से गंगाजल लेकर महोबा जा रहे हैं श्रद्धालु महोबा के खरेला निवासी जितेंद्र, आकाश प्रजापति, कपिल और अरविंद ने बताया कि वे बुधवार को अपनी टोली के साथ बिठूर घाट पहुंचे थे। वहां गंगा स्नान के बाद कांवड़ में गंगाजल भरकर लौट रहे हैं। सोमवार को महोबा स्थित सिंह ऋषि शिव मंदिर पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे। श्रद्धालुओं ने बताया कि घाटमपुर सर्किल क्षेत्र में प्रवेश करते ही पुलिसकर्मियों ने उनका स्वागत किया, पानी पिलाया और पूरी टोली के साथ थाना क्षेत्र की सीमा तक पैदल चले। इस दौरान पुलिस ने कांवड़ियों के साथ फोटो भी खिंचवाए। इन तस्वीरों और जानकारी को संबंधित व्हाट्सएप ग्रुप में साझा कर अगले थाना क्षेत्र की पुलिस को उनके पहुंचने की सूचना दी गई, ताकि पूरे मार्ग पर उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। एसीपी बोले- सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चाक-चौबंद घाटमपुर के एसीपी कृष्णकांत ने बताया कि कांवड़ यात्रा को देखते हुए कानपुर-सागर हाईवे पर विभिन्न स्थानों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। थाना क्षेत्रों की सीमाओं पर पुलिस टीम कांवड़ियों को सुरक्षित एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र तक पहुंचा रही है। सभी संबंधित थानों के बीच व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से लगातार सूचनाओं का आदान-प्रदान किया जा रहा है, ताकि कांवड़ियों को यात्रा के दौरान किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
कैमूर में 15 अगस्त 2026 को स्वतंत्रता दिवस समारोह के आयोजन की तैयारियां शुरू हो गई हैं। जिला पदाधिकारी नितिन कुमार सिंह की अध्यक्षता में समाहरणालय सभाकक्ष में एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में पुलिस अधीक्षक, उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता और अनुमंडल पदाधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। डीएम ने सभी तैयारियों को समय सीमा के भीतर देशभक्ति की भावना और गरिमा के साथ पूरा करने के निर्देश दिए। मुख्य समारोह भभुआ के जगजीवन स्टेडियम में होगा, जहां सुबह 9:00 बजे जिले के प्रभारी मंत्री ध्वजारोहण करेंगे। इससे पहले, 11 से 13 अगस्त तक स्टेडियम में परेड का पूर्वाभ्यास (रिहर्सल) कराया जाएगा। डीईओ कार्यालय तक प्रभात फेरी निकाली जाएगीजगजीवन स्टेडियम के अतिरिक्त, समाहरणालय में सुबह 10:00 बजे, अनुमंडल कार्यालय में 10:35 बजे और पुलिस लाइन में 11:00 बजे ध्वजारोहण किया जाएगा। सुबह 6:30 बजे स्कूली बच्चों द्वारा समाहरणालय से एकता चौक होते हुए डीईओ कार्यालय तक प्रभात फेरी निकाली जाएगी। प्रातः 8:00 बजे तक जिले के विभिन्न महापुरुषों के स्मारकों पर माल्यार्पण किया जाएगा। जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगीजिले के 532 महादलित टोलों में भी ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित होगा। इन स्थानों पर विकास मित्रों के माध्यम से जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। शाम 4:00 बजे जगजीवन स्टेडियम में 'जिला प्रशासन बनाम जनता' के बीच एक मैत्रीपूर्ण फुटबॉल मैच खेला जाएगा। शाम 6:00 बजे से लिच्छवी भवन में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे, जिसमें उत्कृष्ट पदाधिकारियों, खिलाड़ियों और समाजसेवियों को सम्मानित किया जाएगा।
संत रविदास की 650वीं जयंती पर गुरुवार को पटना के ज्ञान भवन में 'समरसता संकल्प अभियान' कार्यक्रम का आयोजन हुआ। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, मंत्री राम कृपाल यादव, दिलीप जायसवाल सहित कई मंत्री, विधायक और पार्टी पदाधिकारी शामिल हुए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने शिक्षा, उच्च शिक्षा, धार्मिक-सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक समरसता को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार में पहले ही 211 नए डिग्री कॉलेज खोले जा चुके हैं और अब 400 से अधिक नए डिग्री कॉलेज स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने यह भी घोषणा की कि रामधारी सिंह दिनकर के नाम पर साहित्य विश्वविद्यालय की स्थापना की जाएगी। भागलपुर में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) विश्वविद्यालय खोला जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा, नालंदा विश्वविद्यालय के बाद अब विक्रमशिला विश्वविद्यालय की ऐतिहासिक गरिमा को भी जमीन पर उतारने की दिशा में काम किया जाएगा। 10 अगस्त से शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया तेज होगी मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री की प्रेरणा से संत रविदास की जन्मस्थली से लाई गई पवित्र मिट्टी को बिहार की पंचायतों, मठों, मंदिरों और अन्य धार्मिक स्थलों तक पहुंचाया जाएगा, ताकि समाज में समरसता और एकता का संदेश फैल सके। मुख्यमंत्री ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर बड़ा लक्ष्य तय करते हुए कहा कि अगले दो वर्षों में ऐसी स्थिति बनानी है कि मंत्री, विधायक और जिला स्तर के अधिकारी भी अपने बच्चों का दाखिला सरकारी मॉडल स्कूलों में कराने लगें। जब ऐसा होगा, तभी माना जाएगा कि सरकार अपने उद्देश्य में सफल हुई है। स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड पर भी बोले मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत लगभग 18 हजार करोड़ रुपये खर्च कर रही है, ताकि बिहार के विद्यार्थी देश के अन्य राज्यों में भी उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकें। मुख्यमंत्री ने समाज और धार्मिक संस्थाओं से अपील करते हुए कहा कि राज्य के मठ और मंदिर अपने आसपास के स्कूलों और कॉलेजों को गोद लें। सरकार इस कार्य में हर संभव सहयोग देने के लिए तैयार है। उनका कहना था कि समाज और सरकार मिलकर शिक्षा के स्तर को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकते हैं। आरक्षण और कांग्रेस पर साधा निशाना मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि मंडल आयोग की रिपोर्ट को लेकर कांग्रेस ने कभी गंभीर चिंता नहीं दिखाई। उन्होंने कहा कि देश में केवल आर्थिक रूप से संपन्न वर्ग को आरक्षण नहीं मिलता, जबकि अन्य सभी वर्गों को संविधान के अनुरूप आरक्षण का लाभ दिया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि बिहार में सवर्ण आबादी लगभग 15 प्रतिशत मानी जाती है, जिसमें करीब 5 प्रतिशत मुस्लिम समाज के लोग भी शामिल हैं, जिन्हें सवर्ण आरक्षण का लाभ मिलता है। धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ेंगे सड़क परियोजनाएं मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक पहचान को भी महत्व दे रही है। इसी क्रम में पटना से बक्सर तक बनने वाले मार्ग का नाम विश्वामित्र पथ रखा जाएगा। गंगा के पार बनने वाले मार्ग का नाम अंबिका पथ होगा। वहीं गोपालगंज में भगवान नारायणी के नाम पर सड़क का निर्माण कराया जाएगा। संजय सरावगी बोले- संत रविदास की जन्मस्थली की मिट्टी पहुंचेगी गांव-गांव भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि संत रविदास की जन्मस्थली से लाई गई पवित्र मिट्टी को गांव-गांव भेजा जाएगा। हर मंडल, मठ और मंदिर तक कलश पहुंचेगा, जहां भजन-कीर्तन और भंडारे का आयोजन होगा। संत रविदास ने जूते बनाने का कार्य किया, लेकिन उनके मन में कभी किसी के प्रति भेदभाव नहीं था। उनका संदेश था कि कोई व्यक्ति जन्म से नीच नहीं होता, बल्कि उसके कर्म उसे महान या छोटा बनाते हैं। समरसता संकल्प अभियान पूरे देश में चलाया जा रहा है और इसका उद्देश्य समाज में समानता और सामाजिक सद्भाव को मजबूत करना है।
पन्ना के झरनों पर सुरक्षा इंतजाम नदारद:जान जोखिम में डाल रहे टूरिस्ट, कलेक्टर के आदेश बेअसर
पन्ना जिले में मानसून के आगमन के साथ ही प्राकृतिक जलप्रपात और पिकनिक स्पॉट पर्यटकों से गुलजार हो गए हैं। हालांकि, कौवा सेहा और बृहस्पति कुंड जैसे प्रसिद्ध स्थलों पर सुरक्षा नियमों की अनदेखी के कारण हादसों का खतरा बढ़ गया है। जिला कलेक्टर ऊषा परमार के सख्त निर्देशों के बावजूद पर्यटक अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं। बारिश के कारण इन दोनों स्थानों पर जलस्तर और पानी का बहाव काफी तेज हो गया है। इसके बावजूद युवा और परिवार बिना किसी डर के पानी के मुहाने और फिसलन भरी चट्टानों तक पहुंच रहे हैं। लोग सेल्फी और वीडियो (रील्स) बनाने के चक्कर में खतरनाक स्टंट करते देखे जा रहे हैं। स्थानीय प्रशासन ने पर्यटकों की सुरक्षा के लिए दिशानिर्देश जारी कर खतरनाक स्थानों से दूर रहने की हिदायत दी थी। लेकिन, जमीनी हकीकत इसके विपरीत है। मौके पर न तो पर्याप्त बैरिकेडिंग की गई है और न ही लोगों को रोकने के लिए चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं। स्थानीय निवासी अरविंद यादव ने बताया कि इन स्थलों पर कोई सुरक्षा गार्ड या पुलिस बल तैनात नहीं है। इस कारण पर्यटक बेखौफ होकर खतरनाक क्षेत्रों में प्रवेश कर रहे हैं। स्थानीय नागरिक अर्पित यादव और विजय तिवारी का कहना है कि कौवा सेहा और बृहस्पति कुंड दोनों ही स्थान गहरे और प्राकृतिक रूप से खतरनाक है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इन पिकनिक स्थलों पर सुरक्षा इंतजाम और पुलिस बल की तैनाती की मांग की है, ताकि घटना को रोका जा सके।
पटना PMCH की नई बिल्डिंग में ट्रॉली को लेकर मारपीट, मरीजों के परिजनों में भिड़ंत
7 अगस्त, शुक्रवार: पटना के PMCH की नई बिल्डिंग में ट्रॉली को लेकर मरीजों के परिजनों के बीच जमकर मारपीट हो गई। विवाद के दौरान लात-घूंसे और बेल्ट चले, जिससे अस्पताल में अफरातफरी मच गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
प्रयागराज में उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) की प्रयागराज सेक्टर टीम ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए हंडिया तहसील में तैनात एक राजस्व निरीक्षक (राजस्व निरीक्षक) और उसके साथ एक प्राइवेट व्यक्ति को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि जमीन की पैमाइश कराने के बदले रिश्वत मांगी गई थी। ट्रैप कार्रवाई के बाद दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जमीन की पैमाइश के बदले मांगे थे 10 हजार रुपयेशिकायतकर्ता ने 5 अगस्त को पुलिस अधीक्षक, उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान, प्रयागराज सेक्टर से शिकायत की थी।बताया कि उसके पिता राजेंद्र प्रताप सिंह की मौजा वारी, परगना एवं तहसील हंडिया स्थित गाटा संख्या 451 की संक्रमणीय भूमि की पैमाइश कराई जानी है। राजस्व निरीक्षक राकेश तिवारी से कई बार अनुरोध करने के बावजूद उन्होंने साफ कहा कि पहले 10 हजार रुपये देने होंगे, तभी जमीन की नाप कराई जाएगी। शिकायत मिलने के बाद सतर्कता अधिष्ठान ने गोपनीय सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत मांगने के आरोप सही पाए गए। इसके बाद ट्रैप की योजना बनाई गई। शास्त्री भवन परिसर में बिछाया गया जालशुक्रवार को निरीक्षक औरंगजेब खान के नेतृत्व में गठित विजिलेंस टीम ने हंडिया तहसील परिसर के पास शास्त्री भवन के बरामदे में ट्रैप लगाया। तय योजना के अनुसार शिकायतकर्ता ने आरोपियों को 10 हजार रुपये दिए। जैसे ही रिश्वत की रकम ली गई, पहले से मौजूद विजिलेंस टीम ने तत्काल छापा मारकर दोनों को रंगे हाथ पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपियों में हंडिया तहसील के धनूपुर क्षेत्र में तैनात राजस्व निरीक्षक राकेश तिवारी तथा राजेश कुमार, जो एक निजी व्यक्ति है, शामिल हैं। दोनों को रिश्वत की रकम के साथ गिरफ्तार किया गया। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमाविजिलेंस अधिकारियों ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम सहित संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। रिश्वत मांगने पर तुरंत करें शिकायतपुलिस अधीक्षक, उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान, प्रयागराज सेक्टर ने लोगों से अपील की है कि यदि कोई सरकारी अधिकारी या कर्मचारी किसी कार्य के बदले रिश्वत मांगता है तो उसकी शिकायत तुरंत विजिलेंस हेल्पलाइन 9454404859 या सतर्कता मुख्यालय की हेल्पलाइन 9454401866 पर करें। शिकायत मिलने पर गोपनीय जांच कर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
कुरुक्षेत्र के पिपली पैराकिट में पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि आगामी विधानसभा मानसून सत्र में विपक्ष सरकार से हर सवाल का जवाब मांगेगा। हुड्डा ने अयोध्या के राम मंदिर में हुई चोरी के मामले को भी उठाया। उन्होंने कहा कि यह केवल चोरी नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ा विषय है। इसलिए इसकी CBI या सुप्रीम कोर्ट के किसी रिटायर्ड जज की निगरानी में निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके। हुड्डा शुक्रवार को शाहबाद में जाहर वीर गोगा जी के भंडारे में शामिल होने जा रहे थे। पिपली में उन्होंने कार्यकर्ताओं के साथ बातचीत की। सरकार दिखाए ट्रांसपेरेंसी हुड्डा ने कहा कि पहले पूरे देश में नीट पेपर लीक बड़ा मुद्दा था। इस पर केंद्रीय मंत्री धमेंद्र प्रधान का इस्तीफा हो गया था। अब राम मंदिर चोरी का मामला चिंता का कारण बना हुआ है। सरकार को ऐसे मामलों पर ट्रांसपेरेंसी दिखानी चाहिए। निष्पक्ष जांच हो, यही सबकी मांग है। ्र ट्रेड डील पर किसानों की चिंता को जायज भारत-अमेरिका की प्रस्तावित ट्रेड डील पर हुड्डा ने कहा कि सरकार का व्यवहार और डील के पुराने नॉर्म किसानों के हित में नहीं थे। अभी एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट से जुड़े अंतिम फैसले सामने आने बाकी है। उसके बाद इसका असर स्पष्ट होगा, लेकिन किसानों की आशंकाओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। हरियाणा में कानून व्यवस्था चरमराई हुड्डा ने कहा कि हरियाणा में अपराध लगातार बढ़ रहे हैं। हाल के दिनों में लूट और हत्या जैसी घटनाएं बढ़ी हैं, जिससे आम नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहा। सरकार कानून व्यवस्था संभालने में पूरी तरह विफल रही है। ये जनता को दिख रहा है और सरकारी रिपोर्ट खुद बता रही है। मानसून सत्र में घेरेंगे सरकार नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कांग्रेस विधानसभा के मानसून सत्र में कानून व्यवस्था, बेरोजगारी, महंगाई, किसानों की समस्याएं, विकास कार्यों में सुस्ती और जनहित से जुड़े हर मुद्दे पर सरकार को घेरेगी। जनता के सवाल मजबूती से सदन में उठाऐंगे और सरकार से जवाब मांगा जाएगा।
ग्वालियर में किराए पर ट्रक लेकर हर महीने डेढ़ लाख रुपए देने का झांसा देकर ट्रांसपोर्ट कारोबारी का 53 लाख रुपए कीमत का नया 22 चक्का ट्रक हड़पने का मामला सामने आया है। आरोपी ने शुरुआत के छह महीने तक नियमित किराया दिया, लेकिन बाद में भुगतान बंद कर दिया। इसके बाद ट्रक का जीपीएस बंद कर उसे कटवाकर बेच दिया। वारदात वर्ष 2024 से 2025 के बीच हजीरा थाना क्षेत्र में ट्रिपल आईटीएम (IIITM) कॉलेज के पास खेलगांव के सामने मुरैना रोड, मल्लगढ़ा की है। पुलिस द्वारा शिकायत पर कार्रवाई नहीं करने के बाद पीड़ित ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। न्यायालय के निर्देश पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। जान-पहचान का फायदा उठाकर लिया था नया ट्रक शहर के आदित्यपुरम निवासी राजेंद्र सिंह राजावत (56) पिता तिलक सिंह राजावत ट्रांसपोर्ट कारोबारी हैं। उनकी पहचान गोपालपुरा, अमायन (भिंड) निवासी ट्रांसपोर्टर राजेश शर्मा पिता जगदीश प्रसाद शर्मा से थी। 10 सितंबर 2024 को राजेश शर्मा ने राजेंद्र सिंह से 53 लाख रुपए कीमत का नया 22 चक्का ट्रक एक साल के अनुबंध पर किराए से मांगा था। दोनों के बीच 1 लाख 50 हजार रुपए प्रतिमाह किराया तय हुआ। इसमें 36 हजार रुपए नकद और 1 लाख 14 हजार रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर करना तय हुआ था। छह महीने किराया दिया, फिर जीपीएस किया बंद आरोपी राजेश शर्मा ने शुरुआत के छह महीने तक नियमित किराया दिया, लेकिन अप्रैल 2025 से नकद भुगतान बंद कर दिया। इसके बाद अगस्त 2025 से 1.14 लाख रुपए की ऑनलाइन किस्त भी देना बंद कर दी। आरोपी ने ट्रक का जीपीएस लोकेशन ट्रैकर भी बंद कर दिया। जब राजेंद्र सिंह ने किराया मांगा और ट्रक वापस करने को कहा, तो आरोपी ने कथित तौर पर कहा कि उसने ट्रक कटवाकर बेच दिया है और जो करना हो कर लो। पुलिस ने नहीं ली शिकायत, कोर्ट के आदेश पर एफआईआर पीड़ित कारोबारी सितंबर 2025 में शिकायत लेकर हजीरा थाने पहुंचे, लेकिन पुलिस ने उनका आवेदन तक नहीं लिया और टालमटोल करती रही। इसके बाद उन्होंने न्यायालय में परिवाद दायर किया। मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट ने हजीरा थाना पुलिस को एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। इसके बाद पुलिस ने आरोपी राजेश शर्मा के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
वाराणसी के लंका थाना क्षेत्र के नरिया इलाके में दिनदहाड़े टप्पेबाजी की बड़ी घटना सामने आई। सेक्टर-45, नोएडा (गौतमबुद्ध नगर) निवासी घनश्याम तिवारी जमीन की रजिस्ट्री कराने वाराणसी आए थे। रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी होने के बाद जब वे वापस लौट रहे थे, तभी बदमाशों ने सुनियोजित तरीके से उनकी कार से पांच लाख रुपये नकद से भरे दो बैग पार कर दिए। जमीन की रजिस्ट्री के बाद लौट रहे थे पीड़ित जानकारी के अनुसार, घनश्याम तिवारी अपने परिचित महिला के नाम पर जमीन की रजिस्ट्री कराने वाराणसी कचहरी पहुंचे थे। सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद वे अपनी रिश्तेदार महिला के साथ सामनेघाट की ओर लौट रहे थे। रास्ते में नरिया स्थित बनारस स्वीट हाउस पर मिठाई खरीदने के लिए उन्होंने अपनी कार रोकी। घनश्याम तिवारी मिठाई लेने दुकान के अंदर चले गए, जबकि उनकी रिश्तेदार महिला कार में ही बैठी रहीं। इसी दौरान एक अज्ञात युवक कार के पास पहुंचा और महिला से कहा कि उनके रिश्तेदार उन्हें बुला रहे हैं। झांसा देकर कार से दूर किया, फिर उड़ाए रुपये युवक की बात पर विश्वास करते हुए महिला जल्दबाजी में कार से उतरकर दुकान की ओर चली गईं। बताया जा रहा है कि इस दौरान कार लॉक नहीं की गई थी। जैसे ही महिला कार से दूर हुई, पहले से मौके की तलाश में मौजूद टप्पेबाज ने तुरंत कार का दरवाजा खोला और अंदर रखे दो बैग लेकर फरार हो गया। बैगों में करीब पांच लाख रुपये नकद रखे थे। पूरी वारदात कुछ ही सेकंड में अंजाम दे दी गई। जब घनश्याम तिवारी और उनकी रिश्तेदार वापस कार के पास पहुंचे तो बैग गायब मिले। इसके बाद उन्हें ठगी का एहसास हुआ और पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही घटना की सूचना मिलने के बाद लंका थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। पीड़ित की तहरीर के आधार पर देर रात प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि आरोपी की पहचान की जा सके। थानाध्यक्ष राजकुमार ने बताया 1 टीम को लगाया गया है जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी की जायेगी।
सीएम भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में शुक्रवार को हो रही कैबिनेट और मंत्रिपरिषद की बैठक में सरकारी कर्मचारियों को लेकर महत्वपूर्ण फैसला हो सकता है। सरकार ने बजट में पहला प्रमोशन पाने वाले सरकारी कर्मचारियों को दो साल की छूट देने का ऐलान किया था। अभी तक इसका नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ है। कार्मिक विभाग ने इसे लेकर प्रक्रिया पूरी कर ली है। ऐसे में कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल सकती है। इसके बाद इसका नोटिफिकेशन जारी हो सकेगा। इस छूट से प्रदेश के करीब तीन हजार कर्मचारियों को फायदा होगा। प्रदेश में अलग-अलग सेवाओं में पहले प्रमोशन की समय सीमा तय है, कुछ सेवाओं में पांच साल और कुछ सेवाओं में तीन साल की समय सीमा तय है। ऐसे में दो साल की छूट मिलने से तय समय सीमा पूरी नहीं करने वाले कर्मचारी पदोन्नत हो सकेंगे। ऐसे कर्मचारियों को लंबे समय से इस नोटिफिकेश का इंतजार है। नोटिफिकेशन नहीं आने से विभागों में डीसीपी (विभागीय पदोन्नति समिति) नहीं हो पा रही है। यूसीसी और ट्री प्रोटेक्शन एक्ट को मंजूरी प्रदेश में 20 अगस्त से विधानसभा का सत्र शुरू होने जा रहा है। इस सत्र में सरकार की बोर से यूसीसी, खेजड़ी बचाओ विधेयक (ट्री प्रोटेक्शन एक्ट), विश्वविद्यालय की स्थापना और कॉमर्शियल टैक्सेशन संबंधी संशोधन और सीआरपीसी से जुड़े बिल लाए जाने की पूरी संभावना है। ऐसे में कैबिनेट इन सभी विधेयकों का अनुमोदन भी हो सकता है। सरकार ने प्रदेश में यूनिफॉर्म सिविल कोड (समान नागरिक संहिता/UCC) विधेयक का प्रारूप तैयार करने के लिए सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में 5 सदस्यीय कमेटी का गठन किया था। कमेटी ने इसे लेकर सभी से सुझाव और आपत्तियां आमंत्रित की थी। अब तक उत्तराखंड सहित चार राज्यों में लागू देश में उत्तराखंड पहला ऐसा राज्य है, जिसने सबसे पहले समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लागू किया है। वहीं, गुजरात ने मार्च 2026, असम ने मई 2026 और मध्यप्रदेश ने जुलाई 2026 में समान नागरिक संहिता विधेयक को पारित किया है। वहीं, देश में गोवा अकेला ऐसा राज्य है, जहां आजादी के समय से ही यूसीसी लागू है। जिसे गोवा सिविल कोड (पुर्तगाली सिविल कोड-1867) कहा जाता है। पुर्तगाली शासन के दौरान ही इसे लागू कर दिया गया था। 1961 में गोवा के भारत में विलय के बाद भी इसे जारी रखा गया। हालांकि यह कानून आधुनिक यूसीसी नहीं है, क्योंकि इसमें कुछ समुदायों के लिए विशेष छूटें शामिल हैं।
झांसी में सड़क हादसे में जान गंवाने वाले अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे अबान अहमद का शव शुक्रवार सुबह करीब 4 बजे प्रयागराज के हटवा गांव पहुंचा। शव को उसकी बुआ के घर रखा गया है। अबान के शव के गांव पहुंचने की खबर मिलते ही सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग घर के आसपास जुटने लगे। गांव की गलियों में हर तरफ लोगों की भीड़ दिखाई दे रही है। रिश्तेदारों के साथ आसपास के गांवों और दूर-दराज से भी लोग अहान के अंतिम के लिए पहुंच रहे हैं। गांव में गम और सन्नाटे का माहौल है, वहीं घर के आसपास लोगों की भीड़ के बीच परिवार को सांत्वना देने वालों का सिलसिला लगातार जारी है। हजारों लोगों के पहुंचने से गांव में बढ़ी हलचल अबान के अंतिम दीदार लिए बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष और बच्चे गांव पहुंचे हैं। कई लोग वाहनों से गांव तक पहुंचे, जिसके चलते आसपास की सड़कों पर भी आवाजाही बढ़ गई। स्थानीय लोगों और रिश्तेदारों का कहना है कि अहान की मौत की खबर से पूरे गांव में शोक है। लोग परिवार के साथ खड़े नजर आ रहे हैं और अंतिम संस्कार की तैयारियों का इंतजार कर रहे हैं। उमर और अली के आने के बाद उठेगा जनाजा झांसी हादसे में अबान के साथ जान गंवाने वाले सोनू का जनाजा शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद उठा दिया गया। वहीं अबान का जनाजा उसके बड़े भाइयों उमर और अली के आने के इंतजार में रोक दिया गया था। दोनों जेल में बंद हैं और हाईकोर्ट से पैरोल मिलने के बाद अब उनके प्रयागराज पहुंचने का इंतजार किया जा रहा है। भाइयों के पहुंचने के बाद अहान के जनाजे और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। गांव में चप्पे-चप्पे पर पुलिस बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने को देखते हुए हटवा गांव में सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई है। गांव के प्रवेश और निकास वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग की गई है। भारी पुलिस बल तैनात है और वरिष्ठ अधिकारी लगातार इलाके में गश्त कर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। पुलिस का फोकस भीड़ को नियंत्रित रखने और गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने पर है। फिलहाल पूरे गांव में मातम का माहौल है और लोग अवान के अंतिम दीदार के लिए पहुंच रहे हैं।
नालंदा के करायपरसुराय थाना क्षेत्र स्थित बेरमा गांव में खेत में काम करने के दौरान धान की रोपनी कर रही 30 वर्षीय महिला को सांप ने डंस लिया, जिससे उसकी मौत हो गई। मृतका की पहचान बेरमा गांव निवासी हरेंद्र मांझी की पत्नी कविता देवी के रूप में हुई है। मृतका के देवर दिलीप कुमार ने बताया कि उसकी भाभी कविता देवी को खेत में काम के दौरान जहरीले सांप ने पैर में डंस लिया। घटना के तुरंत बाद परिजन कविता देवी को इलाज के लिए मशाढ़ी अस्पताल ले गए। वहां उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया। अंधविश्वास ने ले ली जान अस्पताल से रेफर किए जाने के बाद, परिजन बेहतर चिकित्सा सुविधा में ले जाने के बजाय अंधविश्वास का शिकार हो गए। वे महिला को इलाज के बजाय झाड़-फूंक कराने के लिए एक ओझा के पास ले गए। झाड़-फूंक में काफी समय बर्बाद हो गया और महिला के शरीर में जहर तेजी से फैल गया, जिससे स्थिति और अधिक बिगड़ गई। हालत गंभीर होने पर परिजन उसे लेकर बिहारशरीफ सदर अस्पताल पहुंचे, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। वहां जांच के बाद डॉक्टरों ने महिला को मृत घोषित कर दिया। चार बच्चों की मां थी कविता देवी कविता देवी चार बेटों की मां थीं। उनके पति हरिंद्र मांझी गांव में ही रहकर मजदूरी करते हैं और उसी से परिवार का भरण-पोषण होता है। घटना की सूचना मिलते ही करायपरसुराय थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। थानाध्यक्ष संजय कुमार पासवान ने बताया कि पुलिस टीम ने अस्पताल पहुंचकर शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया में जुट गई है। उन्होंने बताया कि परिजनों की ओर से लिखित आवेदन मिलने पर आगे की विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।
छत्तीसगढ़ नगरीय निकाय प्लेसमेंट कर्मचारी महासंघ की दो दिवसीय हड़ताल का असर रायपुर नगर निगम के कामकाज पर साफ दिखाई दिया। निगम मुख्यालय के साथ शहर के सभी 10 जोन कार्यालयों में प्लेसमेंट कर्मचारी हड़ताल पर रहे। इसके चलते जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, विवाह प्रमाण पत्र दस्तावेजों में सुधार और अन्य दैनिक सेवाओं के लिए पहुंचे लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ा। कई लोगों को बिना काम कराए ही सोमवार को दोबारा आने के लिए कहा गया। QR कोड नहीं चलने से बेटी का आधार कार्ड अटका जन्म प्रमाण पत्र में सुधार कराने पहुंचे रघुवीर सिंह ने बताया कि उनकी बेटी का जन्म प्रमाण पत्र तो बन गया है, लेकिन उस पर लगा QR कोड स्कैन नहीं हो रहा है। इसके कारण बच्ची का आधार कार्ड नहीं बन पा रहा है। उन्होंने बताया कि आधार कार्ड बनवाने के लिए सही QR कोड वाला जन्म प्रमाण पत्र और हरे रंग के लीगल पेपर पर जारी प्रमाण पत्र जरूरी है। इसी काम के लिए वे निगम कार्यालय पहुंचे थे, लेकिन हड़ताल के कारण उनका काम नहीं हो सका। दफ्तर में मौजूद कर्मचारियों ने उन्हें सोमवार को आने के लिए कहा। महासमुंद से आए, फिर भी नहीं मिला प्रमाण पत्र महासमुंद निवासी रौशनी कुजूर ने बताया कि उन्होंने अपने बच्चे के जन्म प्रमाण पत्र के लिए पहले आवेदन किया था। गुरुवार को प्रमाण पत्र लेने रायपुर आई थीं, लेकिन हड़ताल के कारण उन्हें भी खाली हाथ लौटना पड़ा। उन्होंने कहा,हम महासमुंद से सिर्फ प्रमाण पत्र लेने आए थे, लेकिन यहां बताया गया कि हड़ताल चल रही है। अब सोमवार को आने के लिए कहा गया है। मुख्यालय समेत 10 जोन में कामकाज प्रभावित दो दिवसीय हड़ताल का असर केवल जन्म-मृत्यु शाखा तक सीमित नहीं रहा। रायपुर नगर निगम मुख्यालय के अलावा शहर के सभी 10 जोन कार्यालयों में प्लेसमेंट कर्मचारी हड़ताल पर रहे। इसके चलते विभिन्न विभागों में फाइलों का निपटारा, प्रमाण पत्र जारी करने, दस्तावेजों के सत्यापन और अन्य प्रशासनिक कार्य प्रभावित रहे। दो दिनों तक आम नागरिकों को निगम कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़े। एकता संघ ने दिया समर्थन नगर निगम अधिकारी-कर्मचारी एकता संघ के अध्यक्ष प्रमोद जाधव ने कहा कि प्लेसमेंट कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित मांगें न्यायोचित हैं और उनका शीघ्र समाधान किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को न्याय मिलने के साथ उनकी सेवाओं का सम्मान भी सुनिश्चित होना चाहिए। इसी उद्देश्य से एकता संघ ने आंदोलन को अपना समर्थन दिया है। हड़ताल की 2 प्रमुख मांगें छत्तीसगढ़ नगरीय निकाय प्लेसमेंट कर्मचारी महासंघ ने अपनी दो प्रमुख मांगों को लेकर दो दिवसीय हड़ताल की है। पहली मांग संचालनालय नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग में कार्यरत प्लेसमेंट कर्मचारियों की तरह नगरीय निकायों (नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायत) में कार्यरत प्लेसमेंट कर्मचारियों को भी संविदा दर के बराबर वेतन दिया जाए। दूसरी मांग नगरीय निकायों में कार्यरत प्लेसमेंट कर्मचारियों के लिए चारों नए श्रम कानून लागू किए जाएं, ताकि उन्हें श्रमिकों को मिलने वाले वैधानिक अधिकार और सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिल सके।
सीतामढ़ी जिले के सुप्पी थाना क्षेत्र के जमला परसा गांव में शुक्रवार को गोलीबारी की घटना हुई। इस घटना में कुख्यात शराब माफिया गणेश राय को बदमाशों ने गोली मार दी। घायल गणेश राय को परिजनों ने बाइक से सीतामढ़ी शहर के एक निजी अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका ऑपरेशन किया जा रहा है। चिकित्सकों के अनुसार, गणेश राय को दो गोलियां लगी हैं। एक गोली पेट में और दूसरी जांघ के पास लगी है। गणेश राय जमला परसा निवासी स्वर्गीय श्याम किशोर राय का पुत्र है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गणेश राय का शराब माफिया श्रवण यादव के साथ विवाद चल रहा था। अन्य परिजनों ने कुछ भी कहने से इनकार कर दियाआशंका जताई जा रही है कि शराब के कारोबार और पैसों के लेनदेन को लेकर हुए विवाद में उसे गोली मारी गई है। सीतामढ़ी एसपी अमित रंजन ने इस मामले पर जानकारी देते हुए बताया कि गणेश राय और श्रवण यादव दोनों शराब माफिया हैं। उन्होंने बताया कि गणेश राय के खिलाफ जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में करीब एक दर्जन मामले दर्ज हैं और वह पुलिस रिकॉर्ड में कुख्यात अपराधी है। एसपी ने आगे बताया कि सुप्पी थाना क्षेत्र के परसा निवासी श्रवण यादव के खिलाफ भी विभिन्न थानों में आधा दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं। गणेश राय के परिजनों से बातचीत का प्रयासश्रवण यादव सुप्पी थाना कांड संख्या 173/26 में फरार चल रहा है। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस मामले में घायल गणेश राय के परिजनों से बातचीत का प्रयास किया गया, लेकिन उनके बेटे और अन्य परिजनों ने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।
हिसार में नगर पालिका कर्मचारी संघ के आह्वान पर एक हजार से अधिक सफाई कर्मचारियों की हड़ताल शुक्रवार को दूसरे दिन भी जारी रही। इस कारण शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। घरों से कचरा नहीं उठने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दो दिन में हड़ताल के कारण करीब 600 टन कचरा सड़क पर जमा हो गया है। इसी बीच, फायर ब्रिगेड कर्मचारी भी हड़ताल पर हैं। आपातकालीन सेवाओं को प्रभावित होने से बचाने के लिए जिला प्रशासन ने रोडवेज के 41 परिचालकों को अस्थायी तौर पर फायर ब्रिगेड में तैनात किया है। शुक्रवार को सफाई कर्मचारियों ने नगर निगम कार्यालय से फव्वारा चौक तक पैदल मार्च निकाला। इस दौरान कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया और अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रशासन के माध्यम से सरकार को एक ज्ञापन सौंपा। कर्मचारी नेता बोले-कोर्ट के आदेश की पालना हो कर्मचारी नेता सुरेंद्र ने बताया कि सरकार ने वर्ष 1993, 1996, 1997, 1999, 2003, 2004, 2007, 2011 और 2014 में नियमितीकरण नीतियां बनाई थीं। पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के 23 और 31 दिसंबर 2025 के निर्णयों तथा सर्वोच्च न्यायालय के अप्रैल, जून और जुलाई 2026 के विभिन्न फैसलों से इन नीतियों को लागू करने का मार्ग और अधिक स्पष्ट हुआ है। सुरेंद्र ने सर्वोच्च न्यायालय के वर्ष 2016 के 'समान कार्य के लिए समान वेतन' संबंधी निर्णय का पालन करने की भी मांग की। कर्मचारी नेताओं ने जोर देकर कहा कि प्रतिवर्ष 240 दिन के आधार पर दो वर्ष की सेवा पूरी करने वाले सभी पात्र कच्चे कर्मचारियों और शिक्षकों को नियमित किया जाए। इसके अतिरिक्त, हरियाणा कौशल रोजगार निगम (एचकेआरएन) सहित अन्य योजनाओं के कर्मचारियों को संबंधित विभागों में समायोजित कर नियमित सेवा का लाभ दिया जाना चाहिए। निगम कर्मचारियों की ये है मांग ज्ञापन में यह भी मांग उठाई गई कि नियमितीकरण होने तक कच्चे कर्मचारियों को समान कार्य के लिए समान वेतन, स्थायी कर्मचारियों के समान भत्ते, अवकाश, चिकित्सा सुविधा, एलटीसी, पेंशन, ग्रेच्युटी सहित सभी सेवा लाभ दिए जाएं। नियमितीकरण की प्रक्रिया पूरी होने तक किसी भी पात्र कर्मचारी को सेवा से न हटाया जाए तथा नियमित होने वाले कर्मचारियों पर पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) लागू की जाए। इसके अलावा जनसंख्या के अनुपात में 12 लाख नियमित पद सृजित करने और आठवें वेतन आयोग के गठन की मांग भी उठाई गई। कर्मचारी नेता सुरेंद्र ने कहा कि तीन दिवसीय हड़ताल समाप्त होने के बाद रोहतक में प्रदेश स्तरीय बैठक होगी, जिसमें आंदोलन की आगामी रणनीति तय की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल नगर निगम के कच्चे और पक्के सभी कर्मचारी हड़ताल पर हैं और सफाई सहित कोई भी कार्य नहीं किया जा रहा है।
बक्सर जिले की लगभग 18 किलोमीटर लंबी जासो-नदांव सड़क लगातार बारिश के कारण पूरी तरह जर्जर हो गई है। यह सड़क अब गड्ढों में पानी भरने से तालाब जैसी दिख रही है, जिससे राहगीरों को सड़क और गड्ढों में फर्क करना मुश्किल हो रहा है। स्थानीय लोगों में जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के प्रति आक्रोश बढ़ रहा है। वर्ष 2025 के विधानसभा चुनाव में बक्सर सदर सीट से भाजपा के पूर्व आईपीएस अधिकारी आनंद मिश्रा ने कांग्रेस के दस वर्षों से विधायक रहे मुन्ना तिवारी को हराकर जीत दर्ज की थी। बड़े गड्ढों में पानी भरने से आवागमन बेहद मुश्किल उन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान 100 दिनों के भीतर जासो-नदांव सड़क के निर्माण का वादा किया था। हालांकि, सरकार बनने के लगभग नौ महीने बाद भी सड़क की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है, और लगातार बारिश ने इसे और बदतर बना दिया है। स्थानीय निवासी मंटू कुमार के अनुसार, यह सड़क गोलंबर से जासो-नदांव होते हुए डुमरांव तक जाती है। यह सदर प्रखंड के आधे से अधिक गांवों को डुमरांव शहर से जोड़ती है और राष्ट्रीय राजमार्ग पर समस्या होने पर वैकल्पिक मार्ग के रूप में कार्य करती है। सड़क का अस्तित्व लगभग समाप्त हो चुका है, और बड़े गड्ढों में पानी भरने से आवागमन बेहद मुश्किल हो गया है। सड़क का वीडियो भेजकर संज्ञान लेने का आग्रह एक अन्य स्थानीय निवासी कृष्णा कुमार ने बताया कि जासो रोड और डुमरांव स्टेशन रोड की हालत इतनी खराब है कि पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि सड़क निर्माण में देरी के लिए जनप्रतिनिधि या नौकरशाही, कौन जिम्मेदार है। इस मामले पर सदर विधायक आनंद मिश्रा ने कहा कि जासो-नदांव रोड बक्सर के लिए एक बड़ी समस्या बन गई है। उन्होंने बताया कि उन्होंने कई बार जिलाधिकारी से इस सड़क के संबंध में बात की है और आज भी सड़क का वीडियो भेजकर संज्ञान लेने का आग्रह किया है। विधायक मिश्रा ने यह भी कहा कि उन्होंने इस मुद्दे को हर मंच पर उठाया है और संबंधित कार्यालयों में पत्राचार भी किया है। आनंद मिश्रा ने कहा लेकिन प्रशासनिक कमी को राजनीतिक कमी बताकर पेश किया जा रहा है। मैं प्रशासन से आग्रह करता हूं कि इस सड़क पर तत्काल संज्ञान लिया जाए। बारिश के बाद सड़क की बदहाल तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रही हैं। स्थानीय लोग अब सड़क के शीघ्र निर्माण की मांग करते हुए प्रशासन और संबंधित विभाग से तत्काल कार्रवाई की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
वाराणसी जिला सत्र न्यायालय के एडीजे-3 ने शुक्रवार को काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के चर्चित गौरव सिंह हत्याकांड में सुनवाई की। कोर्ट ने साक्ष्य गवाहों और वकीलों की दलील के बीच अहम किरदार बनकर सामने आई रोयना सिंह की भूमिका पर सवाल खड़े किए। विवेचना में नाम हटाने पर नाराजगी भी जताई। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (तृतीय) प्रज्ञा सिंह ने दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 319 के तहत तत्कालीन बीएचयू चीफ प्रॉक्टर प्रोफेसर रोयना सिंह को हत्या के मुकदमे में बतौर अभियुक्त तलब करने का आदेश दिया है। अदालत में वादी की ओर से अधिवक्ता वरुण प्रताप सिंह ने पक्ष रखा। वाराणसी में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या-429/2019 से संबंधित है, जिसमें भारतीय दंड संहिता की धारा 147, 148, 149, 302, 34, 120-बी तथा 7 सीएलए एक्ट के तहत मुकदमा विचाराधीन है। इसमें रोयना सिंह समेत अन्य नामजद किए गए थे। यह बीएचयू का पहला मामला है जिसमें चीफ प्रॉक्टर को बतौर आरोपी तलब किया गया है। गवाहों की गवाही के आधार पर कोर्ट का आदेश विशेष लोक अभियोजक ने शुक्रवार को महत्वपूर्ण न्यायिक घटनाक्रम में राज्य बनाम कुमार मंगलम केस की सुनवाई चर्चित रही। सत्र परीक्षण संख्या-316/2019 में लंका थाने में दर्ज केस के पहलुओं पर कोर्ट में जबरदस्त बहस हुई। अभियोजन ने बताया कि काशी हिंदू विश्वविद्यालय ( बीएचयू ) में 2 अप्रैल 2019 को गोली लगने से गंभीर रूप से घायल छात्र की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। छात्र गौरव की हत्या के मामले में बीएचयू की चीफ प्रॉक्टर रोयना सिंह समेत 4 नामजद और 2 अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया। लंका के डाफी निवासी गौरव सिंह की हत्या के बाद कैंपस में तनाव के हालात रहे, कैंपस में सुरक्षा व्यवस्था को बढ़ाई तो छात्रों के साथ अन्य स्टूडेंट ट्रॉमा सेंटर में जुट गए और हंगामा किया। इसके बाद पुलिस ने मोर्चा संभाला था। केस में बीएचयू के अफसरों, प्रोफेसर और तत्कालीन चीफ प्रोक्टर पर सवाल खड़े किए। धारा 319 सीआरपीसी के अंतर्गत एक प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया था। सुनवाई के दौरान वादी मुकदमा राकेश प्रसाद सिंह तथा प्रत्यक्षदर्शी गवाह आयुषदीप सिंह एवं अनुराग सिंह की मुख्य परीक्षा में दिए गए बयानों का हवाला दिया गया। न्यायालय ने अपने आदेश में उल्लेख किया कि इन गवाहों ने घटना में तत्कालीन चीफ प्रॉक्टर प्रो. रोयना सिंह की भूमिका का उल्लेख किया है। न्यायालय ने यह भी कहा कि प्रथम सूचना रिपोर्ट में प्रो. रोयना सिंह का नाम था, लेकिन विवेचना के दौरान उनका नाम हटा दिया गया। केस डायरी में नाम हटाने के पर्याप्त कारण भी अंकित नहीं पाए गए। उपलब्ध साक्ष्यों एवं परिस्थितियों को देखते हुए न्यायालय ने माना कि उनके विरुद्ध प्रथम दृष्टया मजबूत साक्ष्य मौजूद हैं और उन्हें विचारण के लिए तलब किया जाना न्यायसंगत है। न्यायालय ने आदेश में प्रो. रोयना सिंह को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 एवं 120-बी के आरोपों में समन जारी करते हुए 8 सितंबर 2026 को न्यायालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया है। गौरव के पिता ने किया नामजद, पुलिस ने निकाला नाम गौरव के पिता राकेश प्रसाद सिंह की तहरीर पर तत्कालीन चीफ प्रॉक्टर प्रो. रोयाना सिंह, आशुतोष त्रिपाठी, रूपेश तिवारी, कुमार मंगलम, विनय द्विवेदी और तीन अज्ञात के खिलाफ हत्या और आपराधिक षड्यंत्र रचने सहित अन्य आरोपों में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। जिसमें आरोपी कुमार मंगलम और आशुतोष त्रिपाठी को पुलिस ने जेल भेजा दिया और रोयना सिंह को विवेचना में निकाल दिया। लंका पुलिस के अनुसार, प्रो. रोयाना सिंह पर चार, कुमार मंगलम पर दो, आशुतोष पर तीन और रूपेश पर तीन मुकदमे दर्ज होने का आपराधिक इतिहास है। वहीं गौरव पर आपराधिक आरोपों में तीन मुकदमे दर्ज थे। धन और वर्चस्व की लड़ाई भी मुख्य वजह एमसीए के निष्कासित छात्र गौरव सिंह की हत्या के पीछे बीएचयू परिसर में चल रहे निर्माण कार्यों से जुड़े ठेकेदारों से प्रति माह की जाने वाली अवैध वसूली एक बड़ी वजह है। धन और वर्चस्व की लड़ाई कैंपस की दुकानों व कैंटीन का आवंटन करीबियों को कराना और लंका के दवा व्यवसायियों से गुंडा टैक्स वसूली भी कारण रहा। इन सबकी जड़ में बिड़ला 'ए' और 'सी' हॉस्टल हैं। इनमें ठेकेदारों और दुकानदारों को लाकर आए दिन धमकाया जाता है। धन और वर्चस्व के मकड़जाल में उलझे छात्रों को कुछ प्राध्यापकों के साथ नेता भी प्रश्रय देते हैं। वकीलों ने उठाए पहलू इस महत्वपूर्ण सुनवाई में वादी पक्ष की ओर से अधिवक्ता के रूप में आप वरुण प्रताप सिंह ने प्रभावी पैरवी की। आपके साथ अपर जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) ओंकार नाथ तिवारी भी न्यायालय में उपस्थित रहे। अभियोजन की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर न्यायालय ने यह महत्वपूर्ण आदेश पारित किया। यह आदेश बीएचयू के बहुचर्चित गौरव सिंह हत्याकांड की सुनवाई में एक अहम न्यायिक मोड़ माना जा रहा है, क्योंकि अब तत्कालीन चीफ प्रॉक्टर को भी मुकदमे का सामना करना होगा।
जींद पुलिस की नशा मुक्ति टीम ने शुक्रवार को नरवाना के सेंट मैरी कॉन्वेंट स्कूल में नशा मुक्ति, साइबर सुरक्षा और सड़क सुरक्षा पर जागरूकता अभियान चलाया। यह कार्यक्रम पुलिस अधीक्षक कुलदीप सिंह के निर्देश और उप पुलिस अधीक्षक नरवाना कमलदीप राणा के नेतृत्व में आयोजित किया गया। डीएसपी कमलदीप राणा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि नशा केवल व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने और दूसरों को भी इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने का आग्रह किया। उन्होंने यह भी बताया कि हरियाणा पुलिस नशा तस्करों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है और आमजन ऑनलाइन माध्यम से नशे से जुड़े व्यक्तियों की गोपनीय सूचना दे सकते हैं। धोखाधड़ी होने पर हेल्पलाइन नंबर पर दर्ज कराएं शिकायत अभियान के दौरान विद्यार्थियों को बढ़ते साइबर अपराधों के बारे में भी जानकारी दी गई। उन्हें ऑनलाइन ठगी, फर्जी लिंक, ओटीपी साझा ना करने, सोशल मीडिया फ्रॉड और डिजिटल भुगतान से संबंधित अपराधों से सतर्क रहने की सलाह दी गई। साइबर धोखाधड़ी होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराने का संदेश दिया गया। डीएसपी ने सड़क सुरक्षा के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने विद्यार्थियों से हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने, नशे की हालत में वाहन न चलाने और यातायात नियमों का पालन करने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट किया कि यातायात नियमों का पालन स्वयं और दूसरों की सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है। इस कार्यक्रम में नशा मुक्ति टीम के प्रभारी उप निरीक्षक नरेश कुमार अपनी टीम के साथ, स्कूल की प्राचार्या सिस्टर धान्या, विद्यालय स्टाफ और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। अंत में, सभी विद्यार्थियों ने नशे से दूर रहने, साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने और यातायात नियमों का पालन करने का संकल्प लिया।

