लुधियाना में डिजिटल पेमेंट के नाम पर ठगी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। ताजा मामला केसर गंज मंडी स्थित माधव राघव ड्राई फ्रूट एंड करियाना शॉप से सामने आया है। यहाँ एक शातिर ठग ने खुद को पुराना ग्राहक बताकर दुकानदार को भरोसे में लिया और करीब 8500 रुपये का सामान लेकर फरार हो गया। पूरी वारदात दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। बातों में उलझाया, पानी मांगा और कर दी ठगी जानकारी देते दुकान मालिक ने बताया घटना 2 फरवरी दोपहर करीब 4 बजे की है। आरोपी एक पुरानी डिस्कवर बाइक पर सवार होकर दुकान पर पहुंचा। उसने खुद को पुराना ग्राहक बताया और दुकानदार से रेट कम करने को लेकर काफी देर तक बहस भी की ताकि किसी को शक न हो। शातिर ठग ने दुकान पर करीब 15 मिनट बिताए और इस दौरान नौकर से पानी मांगकर पिया। दिखाया फर्जी स्क्रीनशॉट,मालिक के चेक करने पर खुला राज ठग ने दुकान से सामान पैक करवाया के लिए 2 किलो काजू ,2 किलो बादाम, 2 किलो पिस्ता ,2 किलो अंजीर कुल 8 किलोड्राई फ्रूट्स जिसकी कुल 8500 रुपये का बिल बनने पर उसने दुकान के कर्मचारी को अपने मोबाइल पर सक्सेसफुल पेमेंट का फर्जी मैसेज/स्क्रीनशॉट दिखाया और सामान लेकर चलता बना। जब दुकान के मालिक ने बाद में अपना बैंक अकाउंट चेक किया तो उसमें कोई राशि क्रेडिट नहीं हुई थी। CCTV में कैद हुई करतूत दुकानदार ने जब सीसीटीवी फुटेज खंगाली तो आरोपी की सारी हरकतें साफ नजर आईं। फुटेज में दिख रहा है कि आरोपी अकेला आया था और उसने बड़ी चालाकी से भुगतान करने का नाटक किया। पीड़ित दुकानदार ने इसकी सूचना थाना कोतवाली पुलिस को दे दी है। दुकानदारों के लिए अलर्ट: डिजिटल पेमेंट लेते समय सिर्फ स्क्रीनशॉट पर भरोसा न करें। अपने बैंक का मैसेज चेक करें या साउंड बॉक्स की आवाज आने के बाद ही ग्राहक को जाने दें।
नोएडा को साल 2031 तक वायु प्रदूषण से मुक्त करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। इसके लिए नोएडा प्राधिकरण ने पांच साल की एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार की है, जिसे पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग (उत्तर प्रदेश सरकार) को भेजा जाएगा। वहां से यह प्लान वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के पास जाएगा। कार्ययोजना का मुख्य उद्देश्य शहर के एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) में 40 से 60 प्रतिशत तक की कमी लाना है। वायु गुणवत्ता सुधार के लिए तैयार की गई इस योजना के तहत संसाधनों की पूर्ति का भी खाका तैयार किया गया है। नोएडा प्राधिकरण को उम्मीद है कि केंद्र सरकार से 100 से 1000 करोड़ रुपए तक का फंड जारी किया जा सकता है। सर्दियों में बढ़ती है परेशानीयह राशि अगले पांच साल में लागू की जाने वाली कार्ययोजना पर खर्च की जाएगी। खासतौर पर पीएम-2.5 और पीएम-10 जैसे खतरनाक प्रदूषक तत्वों के स्तर को कम करने पर फोकस रहेगा। बता दे दिल्ली-एनसीआर के अन्य शहरों की तरह नोएडा में भी हर साल सर्दियों के दौरान वायु प्रदूषण गंभीर रूप ले लेता है। हालात ऐसे हो जाते हैं कि सांस लेना तक मुश्किल हो जाता है। कई बार एक्यूआई का स्तर 500 के पार पहुंच जाता है। इसी को देखते हुए प्राधिकरण ने दीर्घकालिक और प्रभावी समाधान के लिए यह विस्तृत कार्ययोजना तैयार की है। कार्ययोजना में ये पाइंट शामिलप्राधिकरण के एक अधिकारी के अनुसार, कार्ययोजना में कई अहम उपाय शामिल किए गए हैं। इनमें एंटी स्मॉग गन की तैनाती,सड़कों को डस्ट-फ्री बनाने की व्यवस्था,पजल पार्किंग सिस्टम,अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए ट्रेनिंग प्रोग्राम, लिगेसी वेस्ट के निपटारे के लिए एक्शन प्लान, फेस्ट प्रोसेस पॉलिसी,डीजल जनरेटर सेट पर नियंत्रण,जागरूकता अभियान, मैकेनिकल स्वीपिंग, रोड डस्ट का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण जैसे बिंदु शामिल हैं। दो महीने में खर्च होगा NCAP फंड वायु प्रदूषण कम करने के लिए पिछले वित्तीय वर्ष में राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) के तहत नोएडा प्राधिकरण को करीब 55 करोड़ रुपए मिले थे। इसमें से लगभग 30 करोड़ रुपए संसाधनों पर खर्च किए जा चुके हैं, जबकि शेष राशि को अगले दो महीनों में खर्च करने की योजना तैयार की गई है। पूरा फंड उपयोग होने के बाद मार्च महीने में प्राधिकरण को एनसीएपी से दोबारा फंड मिलने की संभावना है।
ऑस्ट्रेलिया के न्यू साउथ वेल्स में करनाल के एक युवक की नदी में डूबने से मौत हो गई। वह अपनी पत्नी व दोस्त के साथ लंबे वीकेंड पर घूमने के लिए आया हुआ था। दोनों युवक एक नदी में उतरते ही तेज बहाव की चपेट में आ गए। बाहर खड़े लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले दोनों पानी में डूब गए। मौके पर पहुंचे इमरजेंसी टीम ने उन्हें बाहर तो निकाला, लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी। घटना ने परिवारों को पूरी तरह तोड़ दिया है। नो डाइविंग बोर्ड देखकर उतरे थे पानी में, अचानक बढ़ा बहावयह हादसा 25 जनवरी को शाम करीब 6.45 बजे न्यू साउथ वेल्स के मिड नॉर्थ कोस्ट स्थित ग्लेनिफर इलाके में नेवर नेवर नदी में हुआ। सिडनी में रह रहे करनाल के साहिल बत्रा अपने पार्टनर और पंजाब निवासी दोस्त सचिन खिल्लन (32) और दोस्तों के साथ लंबा वीकेंड मना रहे थे। दोनों ने नदी के किनारे लगा “नो डाइविंग” का बोर्ड देखा और यह मानकर पानी में उतरे कि जगह उथली है। उनके साथ मौजूद दोस्त सुनीता ने बताया कि दोनों जिम्मेदारी से और सावधानी के साथ सिर्फ उथले पानी में कदम रख रहे थे। पल भर में बदल गई खुशी, पानी ने बहा लियासुनीता के मुताबिक, अचानक नदी में तेज बहाव आया और दोनों युवक संतुलन नहीं संभाल पाए। कुछ ही सेकंड में वे बहाव के साथ गहराई की ओर चले गए। जो पल सामान्य और सुरक्षित लग रहा था, वह एक अकल्पनीय त्रासदी में बदल गया। आसपास मौजूद लोगों ने शोर मचाया और तुरंत इमरजेंसी सेवाओं को सूचना दी गई। रेस्क्यू के बाद भी नहीं बच सकी जानआपातकालीन सेवाएं तुरंत मौके पर पहुंचीं और दोनों युवकों को नदी से बाहर निकाला गया, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। इस दौरान साहिल बत्रा की पत्नी साक्षी, जो सात महीने की गर्भवती हैं, सदमे में आ गईं। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां सदमे का इलाज किया गया। घटना के वक्त सचिन की मंगेतर भी मौके पर मौजूद थीं, जिनके सामने यह पूरा हादसा हुआ। 2022 में भारत से ऑस्ट्रेलिया आए थे दंपतीसोशल मीडिया प्रोफाइल के मुताबिक साहिल बत्रा और साक्षी 2022 में भारत से ऑस्ट्रेलिया आए थे। दोनों की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर मौजूद हैं, जिनमें साथ बिताए खुशनुमा पल दिखते हैं। खास बात यह है कि महज दो हफ्ते पहले ही दोनों ने बेबी शॉवर सेलिब्रेशन किया था, जिसकी तस्वीरें भी साझा की गई थीं। दोनों ही बुजुर्ग माता-पिता के एकलौते बेटे थे। परिवारों का साझा बयान, पानी से दूर रहने की अपीलपरिवारों के मुताबिक, साहिल और सचिन को बेसिक तैराकी आती थी, लेकिन हालात बहुत तेजी से बदले। परिवारों ने कहा कि यह दुख उनके जीवन को हमेशा के लिए बदल चुका है। शवों को भारत भेजने और परिवारों की मदद के लिए गोफंडमी पेज बनाया गया है।
पंजाब की बड़ी खबरें:बिक्रम मजिठिया से मिलने पहुंचे सुखबीर बादल, जेल से बाहर आने के बाद चंडीगढ़ पहुंचे
7 महीने बाद जेल से बाहर आए पंजाब के पूर्व मंत्री एवं शिरोमणि अकाली दल (SAD) के सीनियर नेता बिक्रम सिंह मजीठिया से मिलने पार्टी प्रधान सुखबीर बादल पहुंचे। मंगलवार को नाभा जेल से छूटने के बाद मजीठिया चंडीगढ़ स्थित अपने घर पहुंचे। यहां उनका स्वागत हुआ। उन पर फूलों की बारिश की गई। पार्टी के सारे सीनियर नेता वहां पर मौजूद थे। इससे पहले जेल से बाहर आने के बाद समर्थकों को संबोधित करने के बाद मजीठिया पटियाला में गुरुद्वारा दुख निवारण साहिब पहुंचे। यहां उन्होंने माथा टेका। संबोधन के दौरान उन्होंने पंजाब CM भगवंत मान और आम आदमी पार्टी पर जमकर निशाना साधा। मजीठिया ने कहा कि सरकार चाहती थी कि मैं मरा बाहर आऊं। मैं भगवंत मान को संदेश देता हूं कि मैंने तो तरी वाले बैंगन खाकर गुजारा कर लिया। तेरा क्या होगा सांबा? विजिलेंस ने अकाली नेता को जून 2025 में आय से अधिक संपत्ति के केस में गिरफ्तार किया था। वह पहले जमानत के लिए हाईकोर्ट में पहुंचे थे। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट में पहुंचे। 2 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी। इसी दिन डेरा ब्यास प्रमुख गुरिंदर सिंह ढिल्लों ने जेल में मजीठिया से मुलाकात की थी। इस मुलाकात पर CM भगवंत मान ने सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर तंज कसा। मान ने लिखा- कल बन जाए, भले आज बन जाएं, अदालतों का भगवान ही रखवाला, जहां मुलाकाती ही जज बन जाएं। CM की पोस्ट के बाद भाजपा ने पलटवार किया है। भाजपा प्रवक्ता प्रितपाल सिह बलियेवाल ने कहा- अति का खुदा से भी बैर होता है। अब आप भगवान रूपी आत्माओं की भी नुक्ताचीनी करने लगे हैं। राधा स्वामी सत्संग ब्यास के मुखिया बाबा गुरिंदर सिंह जी करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र हैं, लेकिन आपको कौन समझाए। डेरा की संगत और पंजाब की जनता इस अपमान का जवाब देगी।
झांसी में एक बार फिर सर्दी और घने कोहरे ने जोरदार दस्तक दे दी है। मंगलवार को हुई बारिश के बाद मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया। आधी रात के बाद हालात इतने खराब हो गए कि शहर के कई इलाकों में 10 मीटर की दूरी पर खड़ा व्यक्ति भी दिखाई नहीं दे रहा था। घने कोहरे के कारण सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा और वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कोहरे और कम विजिबिलिटी का सबसे ज्यादा असर रेलवे स्टेशन और बस अड्डे के आसपास देखने को मिला। विजिबिलिटी लगभग शून्य होने के चलते रेलवे स्टेशन से चलने वाले ऑटो चालकों ने सुरक्षा कारणों से बुकिंग बंद कर दी। इससे देर रात और तड़के पहुंचने वाले यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। कई यात्रियों को मजबूरी में जान जोखिम में डालकर कोहरे के बीच पैदल ही अपने गंतव्य तक जाना पड़ा। बीते करीब 15 दिनों से झांसी में मौसम लगातार साफ था और तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी हो रही थी। लोगों को उम्मीद थी कि अब सर्दी विदा लेने वाली है और फरवरी में मौसम सुहावना हो जाएगा। लेकिन पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम ने अचानक करवट ले ली और सर्दी ने दोबारा अपना असर दिखाना शुरू कर दिया। उत्तर भारत से लगभग 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बह रही सर्द हवाओं के साथ मंगलवार दोपहर झांसी में बारिश शुरू हुई। बारिश के साथ ही तापमान में तेजी से गिरावट दर्ज की गई, जिसका असर बुधवार सुबह तक बना रहा। न्यूनतम तापमान 5.1 डिग्री सेल्सियस की गिरावट के साथ 15 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि अधिकतम तापमान भी 5.8 डिग्री घटकर 19.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। सर्द हवाओं और बढ़ी ठंड के कारण सुबह लोग अलाव के आसपास जमा होकर ठंड से बचते नजर आए। खासकर बुजुर्गों, बच्चों और दिहाड़ी मजदूरों को ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ा। सुबह की सैर और मॉर्निंग वॉक पर निकलने वाले लोगों की संख्या भी कम रही। मौसम के बदले मिजाज का असर आम जनजीवन के साथ-साथ यातायात पर भी पड़ा। कई स्थानों पर वाहन रेंगते नजर आए, वहीं कोहरे के चलते वाहन चालकों को फॉग लाइट और धीमी रफ्तार का सहारा लेना पड़ा। मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 से 48 घंटे तक ठंडी हवाओं और कोहरे का असर बने रहने की संभावना है।
'माउंट अकोंकागुआ (Mount Aconcagua) दक्षिण अमेरिका के अर्जेंटीना में एंडीज पर्वतमाला में स्थित सबसे ऊंची चोटी है। यहां हवा बहुत तेज होती है। 16 किलो वजन का सूट पहनने के बाद भी 15 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार वाली हवा मुझे उडाकर ले गयी। मेरी आंखों के सामने अंधेरा छ गया था। मै कुछ नीचे आकर गिरी और चोट भी लगी पर अब सुकून है कि मैंने 6961 मीटर की एशिया के बाहर दुनिया की सबसे ऊंची चोटी को फतह कर लिया।' ये कहना है वाराणसी की पर्वातारोही गुंजन अग्रवाल का; जो 49 साल की उम्र में पहाड़ों को छोटा कर उनपर आसानी से ट्रेकिंग कर रही हैं। हमने पूछा- घर में आपको पहाड़ पर चढ़ने से कोई रोकता तो नहीं? आप 49 साल की हैं। गुंजन ने कहा - बस मेरे पति हर बार पूछ लेते हैं कि अब टास्क पूरा हो गया न। आगे कोई और टास्क तो नहीं? मगर फिर मैं प्रैक्टिस में लग जाती हूं, जिसमें मेरे फिटनेस कोच हीरा सिंह का योगदान रहता है। यह बातचीत उस बेकरी पर हो रही थी, जो गुंजन चलाती हैं। इसके अलावा उनकी फ्लॉवर शॉप भी है। वह कस्टमर डील करने के लिए कुछ देर के लिए बातचीत को रोक देती हैं। फ्री होने के बाद वह हमारे साथ बैठीं। उन्होंने पर्वतारोही बनने की कहानी दैनिक भास्कर से साझा की... सवाल : माउंट एल्ब्रुस के बाद माउंट अकोंकागुआ को क्यों चुना ? जवाब : कोरोना काल के समय मुझे कोविद हुआ तो मैंने अपनी फिटनेस और इम्यूनिटी को बढ़ाने के लिए दौड़ना शुरू किया। जिसमें मेरे फिटनेस कोच हीरा सिंह ने मुझे हमेशा सलाह दी और हर चीजें सिखाई। उन्ही के कहने और सिखाने पर मैंने पर्वतारोही बनने की शुरुआत की। पहले किताबों से जानकारी ली। इसके बाद शुरू किया और जिस एल्ब्रुस पर्वत को हिटलर भी क्रास नहीं कर सका था। उसे क्रास किया। फिर एक साल की मेहनत और लगन के बाद इसी 21 जनवरी को दुनिया के पश्चिमी गोलार्ध के सबसे ऊंचे बिंदु माउंट अकोंकागुआ को फतह कर लिया। सवाल : कब शुरू की अकोंकागुआ पर चढ़ाई और कितना समय लगा? जवाब : हमने जब शुरू किया और कैंप नंबर तीन पर पहुंचे तो वहां से फिर हमें कोई कैंप नहीं मिलना था। वहां से सीधे टॉप पर जाना था बिना रुके। ऐसे में 11 जनवरी से शुरू हुआ सफर कैंप नंबर तीन पर आकर रुक गया। यहां हमने कुछ घंटे बिताए और 8 घंटे में लगातार बिना रुके 21 जनवरी को 6961 मीटर को फतह कर उसपर भारत का झंडा लहरा दिया। यह फतह बाबा विश्वनाथ को समर्पित है। सवाल : अकोंकागुआ को फतह करने में क्या दिक्कतें आईं ? जवाब : पर्वतारोहण करने में हमेशा से दिक्कतें आती हैं। दक्षिण अमेरिका के एंडीज पर्वतमाला में मृत ज्वालामुखी पर्वत है अकोंकागुआ; यह अपनी तेज हवाओं और खड़ी चढ़ाई के लिए मशहूर है। अकोंकागुआ को चढ़ते समय एक वक्त ऐसा भी आया की मुझे हवा उड़ाकर ले गयी। मै गिरी और मेरे पैरों में चोट लगी पर मेरे ट्रैकर ने मुझे उठाया। हमने थोड़ी देर आराम किया और उसके बाद फिर चढ़ाई शुरू कर दी। पुरुषों के ट्रेकिंग टूर में मै अकेली महिला थी। बाथरूम की भी दिक्कत थी पर फिर जो हुआ वो सबको पता है। सवाल : क्या अब एवरेस्ट फतह करने के लिए एलिजिबल हो गई हैं ? जवाब : दुनिया में यदि आप 7000 मीटर की ऊंचाई को फतह कर लेते हैं। तो आप माउंट एवरेस्ट पर ट्रेकिंग करने के लिए एलिजिबल हो जाएंगे। दक्षिण अमेरिका की माउंट अकोंकागुआ; जो की 6,961 मीटर है। इसे फतह करने के बाद आप दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट को ट्रेक करने के लिए एलिजिबल हो जाते हैं। मै भी हो गयी हूं लेकिन अभी माउंट एवरेस्ट का इरादा नहीं है। क्योंकि खर्च बहुत ज्यादा है। साथ ही साथ अब परिवार और अपने पुराने इवेंट मैराथन पर ध्यान देना है। सवाल : आप बिजनेस करती आ रही हैं, पर्वतारोही कैसे बन गईं? जवाब : कोरोना काल में मुझे कोविड हुआ। उसके बाद डॉक्टर की सलाह पर मैं वर्क आउट और योगा करना शुरू किया। इसके लिए BLW के मैदान पर जाती थी। इस दौरान वहां के फुटबाल के असिस्टेंट कोच और फिटनेस कोच हीरा सिंह सर से मुलाकात हुई। उन्होंने मेरा वर्कआउट देखा तो मुझे पर्वतारोहण की तरफ जाने की सलाह दी। सवाल : कौन-कौन से पहाड़ पर आप गईं हैं? जवाब : सबसे पहले कश्मीर में सोनमर्ग, फिर लद्दाख में कांग्यांसेन-2 पर 6250 मीटर तक चढ़ाई की। इसके बाद मैंने माउंट एल्ब्रुस पर चढ़ने की तैयारी शुरू की। 24 अगस्त 2024 को रूस पहुंची थी। यहां माउंट एल्ब्रुस के पास पहुंचकर वहां के सर्द वातावरण में रही। हमने 30 अगस्त 2024 की रात 12 बजे चढ़ाई शुरू की। सुबह 6.30 बजे माउंट एल्ब्रुस की चोटी पर पहुंचे। वहां भारत का तिरंगा लहरा दिया। इसके बाद 11 जनवरी को हम दक्षिणी अमेरिका के अर्जेंटीना पहुंचे और 21 जनवरी की सुबह में माउंट अकोंकागुआ फतह कर लिया। हम 10 मिनट रुके और फिर नीचे की तरफ उतर गए। सवाल : आगे क्या लक्ष्य है ? क्या एवरेस्ट फतह करेंगी ? जवाब : अभी कुछ दिन ब्रेक करना है। अकोंकागुआ को फतह करने के बाद अब हम माउंट एवरेस्ट को फतह करने के लिए एलिजिबल हो गए हैं। पर अभी हमें कुछ दिन रुकना है। एज फैक्टर भी है। आप जितनी ऊपर जाओगे सांस लेने में उतनी दिक्कत होती है। ऐसे में अभी मुझे मैराथन की तरफ फोकस करना है। अब मैराथन के इवेंट्स में हिस्सा लूंगी अपने कोच हीरा सिंह के निर्देश में। गुंजन के फिटनेस कोच से भी हमने बात की... हीरा सिंह बोले - 49 की उम्र में वह बहुत एक्टिव हैंBLW में असिस्टेंट फुटबाल और फिटनेस कोच हीरा सिंह ने कहा- गुंजन को जब मैंने पहली बार देखा तब उनके अंदर गजब का जुनून था। मैंने उनसे पूछा कि क्या आप पर्वतारोही बनेगी, तब उन्होंने कई दिनों तक मुझसे इसकी बारीकियों को समझा। फिर हां कर दी। वह रोजाना सुबह 5 बजे ग्राउंड पर पहुंच जाती हैं। अपनी प्रैक्टिस जरूर करती हैं। उसके बाद उन्हें घर के काम और शाप भी देखनी होती है। 49 की एज में वो काफी एक्टिव और जोश से भरी हुई हैं। हीरा बताते हैं - वो रोजाना अपना ट्रैकिंग किट लेकर प्रैक्टिस करती हैं। क्योंकि यह 16 किलो वजन का होता। इसमें अकेले शूज ही साढ़े 4 किलो के होते हैं।
मध्य प्रदेश क्राइम फाइल्स के पार्ट-1 में आपने पढ़ा कि 14 जुलाई 2024 को सीहोर के भैरूंदा कस्बे की नारायण सिटी कॉलोनी गोलियों की आवाज से दहल उठी थी। एक नकाबपोश हमलावर ने घर में घुसकर 17 वर्षीय आरती कीर की जान ले ली थी और उसकी मां ललिता को मौत के मुंह में धकेल दिया था। पुलिस के हाथ खाली थे, कोई सुराग नहीं, कोई गवाह नहीं था। आखिर कौन था ये शख्स? जब इस मर्डर मिस्ट्री की गुत्थी सुलझी तो हर कोई ये जानकर हैरान रह गया। कोर्ट ने हत्यारे को उम्रकैद की सजा सुनाई। पढ़िए पार्ट-2 अस्पताल के बिस्तर से खुली हत्याकांड की परतेंमामले की जांच एक अंधे कुएं में गोता लगाने जैसी थी, जब तक कि भोपाल के अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रही ललिता कीर को होश नहीं आया। सिर में गोली लगने के बावजूद उनकी हिम्मत ने पुलिस को वह पहली और सबसे अहम कड़ी दी, जिसकी उन्हें तलाश थी। दर्द से कराहती ललिता ने जब अपनी धुंधली यादों को समेटकर बोलना शुरू किया, तो एक ऐसे नाम का खुलासा हुआ जिसने जांच की दिशा ही बदल दी। पुलिस ने जब उनसे किसी पुरानी रंजिश या बेटियों के प्रेम प्रसंग के बारे में पूछा, तो ललिता ने कांपती आवाज में बताया, यह किसी अनजान शख्स का काम नहीं है। यह प्रभु सिंह दायमा है... गांव का ही रहने वाला। वह मेरी बेटी आरती को कई महीनों से परेशान कर रहा था। यह नाम सामने आते ही पुलिस के कान खड़े हो गए। दोस्ती, इनकार और धमकियों का खौफनाक सिलसिलाललिता ने पुलिस को जो बताया, वह किसी भी माता-पिता के लिए एक बुरे सपने जैसा था। उन्होंने बताया कि कुछ समय पहले आरती और प्रभु सिंह के बीच दोस्ती थी और वे फोन पर बात करते थे। लेकिन प्रभु सिंह का व्यवहार आरती को ठीक नहीं लगा और उसने समझदारी दिखाते हुए उससे दूरी बना ली और बातचीत बंद कर दी। आरती का यह इनकार प्रभु सिंह बर्दाश्त नहीं कर पाया और उसकी दोस्ती, जुनून और फिर नफरत में बदल गई। इसके बाद शुरू हुआ धमकियों और पीछा करने का एक अंतहीन सिलसिला। ललिता ने बताया, घटना से करीब 5-6 महीने पहले से वह आरती का कॉलेज आते-जाते पीछा करता था। वह उसे रास्ते में रोकता, बात करने का दबाव बनाता था। आरती ने यह बात अपने माता-पिता को बताई थी। परिवार ने इसे नजरअंदाज नहीं किया और प्रभु सिंह के खिलाफ पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई, जो घटना के समय न्यायालय में विचाराधीन थी। लेकिन कानून का डर भी प्रभु सिंह के सिर से जुनून का भूत नहीं उतार सका। धोखा दिया है, तुझे और तेरे पिता को मार दूंगाप्रभु सिंह की सनक इस हद तक बढ़ गई थी कि वह कीर परिवार को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का कोई मौका नहीं छोड़ता था। 19 फरवरी 2024 की सुबह, जब पूरा परिवार सो रहा था, आरती के छोटे भाई उदय ने घर के मेन गेट की कुंडी में एक पत्र फंसा हुआ देखा। उस पत्र में लिखी बातें किसी धमकी से कम नहीं थीं। उसमें लिखा था-तेरे टाइमपास को प्यार समझ बैठा था... पत्र में धोखेबाजी और कई आपत्तिजनक बातें लिखी थीं। इस पत्र को लेकर भी परिवार ने थाने में शंका के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इससे पहले नवंबर-दिसंबर 2023 में, प्रभु सिंह ने आरती के मोबाइल से उसकी मां ललिता के नंबर पर फोन कर भद्दी-भद्दी गालियां दी थीं। गिरफ्तारी और कबूलनामा: 24 हजार में खरीदी मौतललिता कीर के बयान के आधार पर पुलिस ने बिना कोई देरी किए प्रभु सिंह दायमा की तलाश शुरू कर दी। घटना के तीन दिन बाद ही उसे गिरफ्तार कर लिया गया। शुरुआत में वह पुलिस को गुमराह करने की कोशिश करता रहा, लेकिन जब पुलिस ने उसके मोबाइल की लोकेशन हिस्ट्री खंगाली, तो 14 जुलाई की रात उसकी लोकेशन घटनास्थल पर ही पाई गई। इस ठोस सबूत के सामने वह टूट गया। पूछताछ में उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया। उसने बताया कि आरती ने जब बात बंद कर दी, तो वह खुद को अपमानित महसूस कर रहा था और उसने बदला लेने की ठान ली थी। इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने के लिए उसने सौरभ नाम के एक युवक से 24 हजार रुपए में एक अवैध रिवॉल्वर और 6 कारतूस खरीदे थे। कोर्ट में मानसिक विक्षिप्त होने का नाटक हुआ फेलमामला जब कोर्ट पहुंचा, तो आरोपी प्रभु सिंह दायमा ने खुद को बचाने के लिए एक नया पैंतरा खेला। उसके वकील ने दलील दी कि उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं है और उसने यह अपराध बिना सोचे-समझे, अपनी मानसिक अस्थिरता के कारण किया। लेकिन न्यायालय ने इस दलील को सिरे से खारिज कर दिया। कोर्ट ने टिप्पणी की, कोई भी मानसिक रूप से विक्षिप्त व्यक्ति इतनी सटीकता से योजना नहीं बना सकता। वह अवैध हथियार और कारतूस खरीदकर, घर में घुसकर, सटीक निशाना लगाकर एक की हत्या और दूसरे पर जानलेवा हमला नहीं कर सकता। यह एक सोची-समझी और पूर्व-नियोजित साजिश है, जो आरोपी की आपराधिक मानसिकता को दर्शाती है, न कि उसकी मानसिक अस्वस्थता को। इंसाफ की जीत: सनकी आशिक को मिली उम्रकैदकोर्ट में ललिता, उनके बेटे उदय और दूसरी बेटी ने प्रभु सिंह के खिलाफ गवाही दी। उन्होंने उस रात के मंजर को बयां किया और बताया कि गोली चलाने वाला शख्स प्रभु सिंह ही था। पुलिस ने सबूत के तौर पर धमकी भरा पत्र, पुरानी शिकायतें, गवाहों के बयान और सबसे बढ़कर, मोबाइल लोकेशन का रिकॉर्ड पेश किया, जिसने मामले को पानी की तरह साफ कर दिया। सभी सबूतों और गवाहों के बयानों के आधार पर, न्यायालय ने प्रभु सिंह दायमा को आरती कीर की हत्या (IPC की धारा 302) और उसकी मां ललिता कीर पर जानलेवा हमला करने ( IPC की धारा 307) का दोषी पाया। कोर्ट ने उसे उम्रकैद की सजा सुनाई। हालांकि, रिवॉल्वर बेचने के आरोपी सौरभ सिंह के खिलाफ ठोस सबूत नहीं मिल पाए, जिसके चलते उसे संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया। क्राइम फाइल्स का पार्ट-1 भी पढ़िए… नाबालिग के सीने में उतारी 3 गोलियां…मां को शूट किया:कातिल बोला- तुम लोगों ने मेरा जीना हराम कर दिया; क्या थी मर्डर मिस्ट्री मध्य प्रदेश क्राइम फाइल में आज बात सीहोर के उस गोलीकांड की जिसने इलाके में सनसनी फैला दी थी। ये घटना 14 जुलाई 2024 की है। जिले के भैरूंदा कस्बे की शांत नारायण सिटी कॉलोनी में एक अज्ञात हमलावर ने एक घर में घुसकर मां और बेटी पर अंधाधुंध गोलियां बरसा दीं। इस हमले में 17 वर्षीय बेटी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसकी मां के सिर में गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें…
“नहीं नहीं, पहले आपलोग अपना कर लीजिए, फिर हम कथा गायेंगे। हमहूं आज बैठेंगे आराम से, कर लीजिए जो करना है, करिए। 8 दिन से हमहूं बर्दाश्त कर रहे हैं। औरी खड़ा होके बतिया लीं सभे। पूरा टाइम बा 3 घंटा के। करिं बात सभे खड़ा होके।” ये बातें कथावाचक राजन जी महाराज ने गोरखपुर में चल रही श्रीराम कथा के आठवें दिन मंच से कहीं। रोज़ की तरह कथा की शुरुआत पूजा-अर्चना से हुई। इसके बाद राजन जी महाराज ने भजन “जेहि बिधि होइ नाथ हित मोरा, करहु सो बेगि दास मैं तोरा” गाना शुरू किया। कथा शुरू होने के कुछ ही मिनट बाद आयोजकों में से कुछ लोग मंच के सामने खड़े होकर आपस में बातचीत करने लगे। यह देखकर राजन जी महाराज कुछ देर के लिए रुके और फिर मंच से बोले- “आपलोग बात कर लीजिए। हम है यहीं पर। 8 दिन से बर्दाश्त कर रहे हम भी।” उनके इतना बोलने पर लोग अपनी एक जगह पर बैठे, इसके बाद कथा शुरू हुई।इससे पहले 29 जनवरी को कथा के तीसरे दिन मंच पर चढ़ने को लेकर आयोजकों और राजन महाराज की टीम के बीच नोंकझोंक हुई थी। विवाद बढ़ने पर आयोजकों की ओर से राजन जी की टीम को गोली मारने की धमकी देने का भी आरोप है। इस घटना के बाद इतना तो साफ है कि राजन महाराज और आयोजनों के एक पक्ष के बीच कुछ भी ठीक नहीं चल रहा। खबर ये भी है कि- 29 की घटना के बाद से राजन की काफी नाराज हुए थे, और कथा को छोड़कर जाने का मन बना लिए थे। जनप्रतिनिधि और लोगों के मनाने के बाद वो कथा को आगे बढ़ाने का मन बनाए। वो उसी दिन से कथा के बाद विश्राम के लिए गोरखपुर में नहीं रुक रहे। जानिए क्या है पूरा मामला 29 जनवरी को मंच पर चढ़ने को लेकर धमकी दी गई थीगोरखपुर में राजन महाराज की राम कथा के तीसरे दिन 29 जनवरी को मंच पर चढ़ने को लेकर बवाल हो गया था। उनके टीम मेंबर को गोली मारने की धमकी दी गई थी। राजन जी महाराज ने कहा था कि मंच पर आने के लिए बवाल हो गया। हमारी टीम के साथ अभद्रता की गई। इसलिए हमने मंच पर लोगों को चढ़ाना ही बंद कर दिया। उन्होंने कहा था- हमें दुख इस बात का है कि घटना हमारे घर में हुई। गोरखपुर हमारा घर है। 16 साल की यात्रा में पहली बार ऐसी घटना हुई। हमारे घर में बवाल हुआ है। हमारे टीम के लोगों को गोली मारने की धमकी दी गई है। अरे… किसी में हिम्मत है तो गोली मार के दिखाए। 4 फरवरी को राम कथा का समापन होगागोरखपुर के चम्पा देवी पार्क में राजन महाराज की 9 दिवसीय श्रीराम कथा 27 जनवरी से शुरू हुई थी। इसका समापन कल यानी 4 फरवरी को होना है। कथा के तीसरे दिन यानी 29 जनवरी को आयोजकों का एक पक्ष किसी बात को लेकर कथावाचक की टीम के साथ भिड़ गया था। बात इतनी बढ़ गई थी कि दोनों में कहासुनी होने लगी। इसी बीच, किसी ने राजन महाराज की टीम को जान से मारने की धमकी दे डाली। प्रकरण का पता चलते ही राजन महाराज ने वापस जाने का मन बना लिया। मामले को गंभीरता से लेते हुए एक जनप्रतिनिधि ने उन्हें मनाया। दोबारा ऐसा न होने का आश्वासन दिया। तब जाकर राजन महाराज और टीम यहां रुकी। 'हमसे मिलवाने के लिए कोई 1100 रुपए ले रहा, सावधान हो जाएं'राजन महाराज ने घटना का जिक्र अगले दिन यानी 28 जनवरी को अपनी कथा में किया था। कहा था कि 16 साल की इस यात्रा में पहली बार ऐसी बातें सामने आईं हैं। हम बोलते नहीं हैं। हम प्रेम से घर में कथा सुनाने आए हैं तो उसी प्रेम से सुनिए। एक बात कहूं, सुनने में आया है कि हमसे मिलवाने के लिए कोई 1100 रुपए ले रहा है, ऐसे लोग सावधान हो जाएं। उन्होंने कहा था- हम स्पष्ट बताते हैं कि धरती के किसी भी कोने में, देश-विदेश में, कहीं भी हम पैसा लेकर नहीं मिलते। मिलने का समय निश्चित होता है। हर कथा में दोपहर में 1 घंटे मिलते हैं। रामकथा आयोजन में क्या-कुछ हुआ, ये हमने मुख्य आयोजक अशोक शुक्ला से समझा। पढ़िए… सवाल. कथा के तीसरे दिन क्या मामला हुआ था, गोली मारने की धमकी भी दे दी गई? जवाब. यह बाबा गोरखनाथ की धरती है। हमें इस बारे में जानकारी नहीं है। चूंकि यहां जनसैलाब आ रहा है और योगी आदित्यनाथ का शहर है, यहां किसी की भी हैसियत नहीं है कि इस तरह की बात करे। घटना वाले दिन राजनजी की टीम से किसी ने पुष्पदत्त जैन की भाभी को मंच से धक्का दे दिया। इसी बात को लेकर विरोध हुआ है, तमाम लोग यहां इकट्ठा थे। इसके जवाब में इधर से भी कोई कुछ कहा होगा, मैंने वो सुना नहीं कि गोली चल जाएगी। मैं उस वक्त मंच पर था। अगर कोई पागल लड़का कहा होगा, तो राजन जी को मंच से यह बात नहीं करनी चाहिए थी, यह उचित नहीं था। वह एक व्यास पीठ पर बैठे हुए हैं, इस पर हम कुछ नहीं कह सकते वो हमारे आदरणीय हैं, इतने बड़े कथावाचक हैं। सवाल. क्या धमकी के बाद राजनजी कथा छोड़कर जाने वाले थे?जवाब. देखिए, ये हमको नहीं पता है, मेरी राजनजी से 27 जनवरी से आजतक बातचीत नहीं हो सकी है। सवाल. आप मुख्य आयोजक हैं, फिर भी आपकी उनसे मुलाकात नहीं हुई?जवाब. मुझसे वो बात नहीं करते, कारण ये है कि कथा की दूसरी आयोजक कुमुद जी हैं, मैं उनका कुलगुरु हूं। उनके पति मदन तिवारी ने 2023 में हमसे राजनजी के कथा के बारे में बोला था। उन्होंने कहा कि हम अरेंज कर रहे हैं, डेट फाइनल होते ही आपको जानकारी देंगे। अभी 6 महीने पहले मदन तिवारी ने कथा की डेट फाइनल होने के बाद हमसे मिले और आशीर्वाद लिया, तभी से मैं कथा की तैयारी में जुट गया था। मेरी जो भी बात होती थी, मदनजी से होती थी, मैंने कुमुदजी से कोई बात नहीं की। वो एक प्रोफेसर हैं, वो भी अपने विवेक का परिचय नहीं दे पाईं, अगर राजनजी हमारे और आपके कहने पर आए हुए हैं, तो दोनों लोग में आपसी समन्वय होना चाहिए। सवाल. क्या राजनजी महाराज रामकथा करने के बाद गोरखपुर से बाहर निकल जा रहे हैं?जवाब. हां, परसों अपने घर गए थे, कल कहां गए थे…हमें जानकारी नहीं है। मैं पूरा प्रयास कर रहा हूं कि आने वाले श्रद्धालु कथा का रसपान करें। हजारों लोग दूसरे प्रदेश से भी आए हुए हैं। सवाल. राजनजी ने मंच से आरोप लगाया था कि उनसे मिलवाने के लिए 1100-1100 लिया जा रहा, ये कितना सही है? जवाब. देखिए, मैं किसी के दरवाजे पर गया नहीं था, मैं अकेले घूमता था, 3 महीने पहले मैंने अपने लड़के को बोला कि चारों तरफ इसका प्रचार शुरू करो। जिसके बाद महाराजगंज, देवरिया, पड़रौना, बढहलगंज में प्रचार करवाया। बहुत सी आबादी ऐसी है, जो गरीब हैं, मैंने उनके लिए काम किया। महाराजजी की धरती पर कथा हो रही है, मेरा जीवन सफल हो रहा है, इससे बड़ी बात मेरे लिए क्या होगी। मुझे पैसा की जरूरत नहीं, मेरे पास जो पैसा है, वही बहुत है। सवाल. कल समापन है, राजन जी से क्या कहना चाहते हैं?जवाब. मैं सबसे अपील करता हूं, 4 फरवरी को विशाल भंडार है। कथा का रसपान करें और प्रसाद लें। मैं राजनजी से भी कहना चाहता हूं कि समापन के बाद प्रसाद ग्रहण करें, उसके बाद ही यहां से प्रस्थान करें। कथावाचक राजन महाराज के बारे में जानिए- कथावाचक राजन महाराज का जन्म 6 सितंबर 1982 को कोलकाता, पश्चिम बंगाल में हुआ था। उनका असली नाम राजन तिवारी है। वे बचपन से ही भगवान और धर्म में रुचि रखते थे। उनका परिवार बिहार के सिवान से है। घर का माहौल धार्मिक था। पिता शिवजी तिवारी खुद एक गुरु थे। उन्होंने राजन जी को बचपन से ही रामचरितमानस, धार्मिक कथाएं और संतों की बातें सुनाईं। इससे राजन जी के मन में भक्ति और ज्ञान बढ़ता गया। राजन जी ने कोलकाता के स्कॉटिश चर्च कॉलेज से पढ़ाई की। उन्होंने रसायन विज्ञान में बीएससी की डिग्री ली। वे स्वामी विवेकानंद और नेताजी सुभाष चंद्र बोस से बहुत प्रेरित थे। हालांकि, उन्होंने पढ़ाई की थी, लेकिन उनका मन आध्यात्म की ओर ज्यादा था। साल 2004 में उनकी मुलाकात प्रेम भूषण जी से हुई। उनसे प्रेरणा पाकर वे कथा सुनाने के मार्ग पर चल पड़े। साल 2011 में उन्होंने हावड़ा, कोलकाता में पहली बार श्री राम कथा सुनाई। यहीं से उनकी आध्यात्मिक यात्रा शुरू हुई। आज वे देश-विदेश में लोगों को अपनी कथाओं से प्रेरित करते हैं।
गोरखपुर में वॉलीबाल का दमदार मुकाबला:345 खिलाड़ियों के बीच होगी कड़ी टक्कर, पहले दिन 9 मुकाबले हुए
गोरखपुर के रीजनल स्पोर्ट्स स्टेडियम में प्रदेश स्तरीय सब जूनियर बालक वॉलीबॉल प्रतियोगिता का भव्य शुभारंभ किया गया। उद्घाटन समारोह में गोरखपुर मेयर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव पहुंचे। उन्होंने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर मुकाबले शुरुआत करवाई। इस प्रतियोगिता का आयोजन 03 से 06 फरवरी तक किया जाएगा। जिसमें प्रदेश के 18 मंडल, 2 स्पोर्ट्स कॉलेज और 5 हॉस्टल्स के लगभग 345 खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। पहले दिन कुल 9 मुकाबले खेले गए जिसमें खिलाड़ियों ने जबरदस्त जोश दिखाया। अपने शानदार प्रदर्शन से खेल में रोमांच भर दिया। एक नजर में पहले दिन के मैच का परिणाम इस प्रतियोगिता के उद्घाटन अवसर पर मुख्य अतिथि के रुप में महापौर डॉ0 मंगलेश श्रीवास्तव, उप क्रीड़ाधिकारी आजाद सिंह जिला वॉलीबॉल संघ के सचिव बीएन मिश्रा अन्तर्राष्ट्रीय वालीबाल खिलाड़ी वीर सिंह, श्याम नारायण, रमेश राय, संदीप पुण्डीर, शम्भूनाथ गुप्ता, रत्नेश सिंह, अभिमन्यु राय, विवेक श्रीवास्तव सहायक प्रशिक्षक, नफीस अहमद,बृजेश यादव, सीमा विश्वकर्मा, संध्या यादव, सुजीत कुमार गौतम, संतोष कुमार, विशाल, नेहा सिंह, चन्द्रेश पटेल, मोहित कुमार, विकास पटेल और अन्य मौजूद रहें।
देवरिया में लाठी से पीटकर बुजुर्ग की हत्या:बेटे को बचाने गया था पिता, पड़ोसियों से हुआ था विवाद
देवरिया जिले के मदनपुर थाना क्षेत्र के समोगर गांव में मंगलवार देर रात पुरानी रंजिश को लेकर हुए विवाद में एक वृद्ध की लाठी से पीटकर हत्या कर दी गई। मृतक अपने बेटे को बचाने के लिए बीच-बचाव करने गए थे। घटना के बाद गांव में सनसनी फैल गई। जानकारी के अनुसार, समोगर गांव निवासी महंथ गोड़ (60) राजगीर मिस्त्री थे और मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते थे। मंगलवार देर शाम वह काम से घर लौटे थे। रात में खाना खाने के बाद जब वह सोने की तैयारी कर रहे थे, तभी उनके बेटे अशोक का पड़ोसियों से किसी बात को लेकर विवाद हो गया। देखते ही देखते यह कहासुनी मारपीट में बदल गई। परिजनों के मुताबिक, पड़ोस के कुछ लोग अशोक को पीट रहे थे। यह देखकर महंथ गोड़ बीच-बचाव करने पहुंचे। आरोप है कि इसी दौरान हमलावरों ने उन पर लाठी से सिर पर वार कर दिया। वार इतना जोरदार था कि वह मौके पर ही गिर पड़े और गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद आसपास के लोग जुट गए और परिजन उन्हें तत्काल इलाज के लिए देवरिया मेडिकल कॉलेज ले गए। मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकों ने जांच के बाद महंथ गोड़ को मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और गांव में शोक का माहौल फैल गया। घटना की सूचना पुलिस को दी गई, जिसके बाद पुलिस अस्पताल पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस का कहना है कि तहरीर के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। प्रारंभिक जांच में पुरानी रंजिश को लेकर विवाद की बात सामने आ रही है। घटना के बाद से गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है।
नमस्कार, कानपुर में कल (मंगलवार) की बड़ी खबरें… सुबह होते ही आसमान में घने बादल छा गए। सड़कों पर अंधेरा छा गया। तेज हवा के साथ बारिश हुई। हालांकि दोपहर 12 बजे के बाद धूप निकल आई। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, शहर 10.3 मिमी बारिश दर्ज की गई। 6 दबंगों ने बीकॉम छात्र को बीच बाजारा दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। 39 सेकेंड में छात्र को 22 थप्पड़-घूसे जड़े। 19 साल बाद मूक बधिर खुशी गुप्ता बोल सकी। इसके लिए उसने योगी जी को थैंक्यू बोला। बिठूर में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र ने सुसाइड कर लिया। उसने लिखा- मां मैं जा रहा हूं, मुझे सुकून चाहिए। कानपुर की ऐसी ही 10 बड़ी खबरों से गुजरने के लिए ऊपर वीडियो पर क्लिक करें…। अब सिलसिलेवार 10 खबरें पढ़िए- 1: कानपुर में बीच बाजार छात्र को 22 थप्पड़ जड़े, VIDEO:दौड़ा-दौड़ाकर पीटा, फायरिंग की, जान से मारने की धमकी दी कानपुर में 6 दबंगों ने बीकॉम छात्र को बीच बाजारा दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। गालियां दीं। छात्र रहम की भीख मांगता रहा, लेकिन दबंग नहीं माने। उन्होंने छात्र पर मुक्कों-घूसों से पीटा। उसे धक्का देकर गिरा दिया। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है। 39 सेकेंड के वीडियो में दबंगों ने एक के बाद एक छात्र को 22 थप्पड़-घूसे जड़े। शोरगुल सुनकर पास ही स्थित एक रेस्टोरेंट के कर्मचारियों ने बीच-बचाव किया। इसके बाद दबंग युवक को धमकाते हुए मौके से फरार हो गए। मामला काकादेव थाना क्षेत्र के पांडु नगर का है। पीड़ित की तहरीर पर काकादेव पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज की है। पढ़ें पूरी खबर 2: कानपुर में 10.3 मिमी बारिश हुई, फसलें गिरीं:2 घंटे तक सुबह अंधेरा छाया रहा, दोपहर बाद धूप खिली; 12.8 डिग्री रहा न्यूनतम तापमान कानपुर शहर में मंगलवार सुबह मौसम ने अचानक करवट ली। सुबह होते ही आसमान में घने बादल छा गए। सड़कों पर अंधेरा छा गया। तेज हवा के साथ बारिश हुई। हालांकि दोपहर 12 बजे के बाद धूप निकल आई। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ के असर से हुआ है। मंगलवार को 10.3 मिमी बारिश दर्ज की गई। वहीं न्यूनतम तापमान 12.8 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 19.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पढ़ें पूरी खबर 3: मां मुझे सुकून चाहिए, लिखकर छात्र ने सुसाइड किया:लिखा- राधा काश तुम मुझे छोड़कर न जातीं, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था कानपुर में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र ने सुसाइड कर लिया। मंगलवार सुबह कोचिंग जाने के लिए दोस्त ने फोन किया। कॉल रिसीव न होने पर वह छात्र के कमरे में पहुंचा तो देखा कि उसका शव फंदे से लटक रहा था। उसने घरवालों और पुलिस को सूचना दी। पुलिस और फारेंसिक टीम ने जांच की। फॉरेंसिक टीम को छात्र की जेब से 2 पेज का एक सुसाइड नोट मिला। इसमें लिखा था- राधा काश तुम मुझे छोड़कर न जाती तो मैं भी साथ चलता। मां मुझे सुकून चाहिए, मैं तुम्हें छोड़ कर जा रहा हूं। पढ़ें पूरी खबर 4: मूकबधिर युवती अब बोलने लगी, कहा- थैंक्यू योगीजी:मां ने कहा- ऑपरेशन ने बिटिया की जिंदगी बदल दी, कानपुर से पैदल लखनऊ पहुंची थी कानपुर में 19 साल बाद खुशी गुप्ता बोल सकी। खुशी के मुंह से निकले पहले शब्द थे- थैंक्यू योगी जी। उन्होंने CM योगी की कुछ तस्वीरें पेंटिंग कर बनाई हैं। इन्हें वह मिलकर योगी जी जो देना चाहती है। खुशी जन्म से बोलने और सुनने में असमर्थ थी। खुशी का कहना है कि मैं भविष्य में पुलिस अफसर बनना चाहती हूं। दरअसल, 20 नवंबर 2025 को खुशी बिना बताए अपने घर से निकल गई। वह 90 किलोमीटर चलकर लखनऊ पहुंच गई। 22 नवंबर को वह CM आवास के बाहर रोती मिली तो पुलिस उसे थाने ले गई। पढ़ें पूरी खबर 5: कानपुर में 500 मीटर में तीन जगह सड़क धंसी:कॉमेडियन बोले- शहर की अधिकतर सड़कें खुदी पड़ी हैं, मुख्य मार्ग बंद हुए कानपुर में शायद ही कोई सड़क टूटने या गड्डे से बची होगी। जिसका एक कारण शहर में चल रहे मेट्रो, वाटर लाइन और सीवर लाइन का काम चलने का है। अब लोग टूटी हुई सड़कों पर गिर के चोटिल हो रहे है। इस पर कानपुर के मशहूर कॉमेडियन अन्नू अवस्थी ने तंज कसा। इसके बाद दैनिक भास्कर ने शहर के 5 मुख्य मार्गों की पड़ताल की। कानपुर के मशहूर कॉमेडियन अन्नू अवस्थी ने शहर के ट्रैफिक व्यवस्था और टूटी और खुदी सड़कों पर तंज किया है। शहर में विकास कार्य की वजह से अधिकतर सड़कें खुदी पड़ी हैं। कहीं मेट्रो तो कहीं जल संस्थान की खुदाई हो रही है। पढ़ें पूरी खबर 6: कानपुर जू में बच्चों को फ्री एंट्री:चिड़ियाघर के 52 साल पूरे होने पर 52 नन्हे सैलानियों के लिए ऑफर शहर की भागदौड़ से दूर, जहां परिंदों की चहचहाहट और बाघों की दहाड़ गूंजती है, वह 'एलेन फॉरेस्ट' यानी हमारा कानपुर चिड़ियाघर आज अपनी सुनहरी उम्र के 52वें पड़ाव पर पहुंच गया है। 4 फरवरी 1974 को जब पहली बार इसके दरवाजे आम जनता के लिए खुले थे। तब किसी ने नहीं सोचा था कि एक ऊदबिलाव से शुरू हुआ यह सफर एक दिन 1240 वन्यजीवों के विशाल परिवार में बदल जाएगा। बुधवार को चिड़ियाघर प्रशासन 52वीं वर्षगांठ को बेहद धूमधाम से मनाएगा जिसको लेकर तैयारी पिछले कई दिनों से चल रही है। पढ़ें पूरी खबर 7: दीपिका का मर्डर करने वाले शोएब ने तीन शादियां कीं:पत्नियों को न्यूड कर पीटता था, इसलिए छोड़ गईं, गला घोंटने से मौत की पुष्टि पनकी थानाक्षेत्र में फ्लैट में मृत मिली दीपिका का मंगलवार को तीन डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया गया। इस दौरान परिजनों ने आरोप लगाया कि हत्यारोपी सौरभ उर्फ शोएब पहले भी तीन शादियां कर चुका था, सभी के साथ बेरहमी से पिटाई करता था। जिस कारण तीनों पत्नियां उसे छोड़ कर चली गई थीं। पोस्टमार्टम हाउस में मौजूद मां ने फफकते हुए कहा कि–मैने बेटी से पहले मना किया था, उससे शादी मत करो, लेकिन शोएब कहने लगा कि– मैं बच्चों को अपने बेटों की तरह पालूंगा, लेकिन उसने मेरी बच्ची को मौत के घाट उतार दिया। पढ़ें पूरी खबर 8: कानपुर में बाबू बोला- DIOS ने गालियां दीं, हंगामा:कर्मचारियों ने डीएम से शिकायत की, डीआईओएस बोले- काम न करने पर सिर्फ डांटा था डीआईओएस कार्यालय में मंगलवार दोपहर जमकर हंगामा हुआ। वरिष्ठ सहायक जितेंद्र ने आरोप लगाया कि वह पत्रावली के संबंध में केबिन में गए थे, तभी डीआईओएस संतोष राय ने उनसे गाली गलौज की व जाति सूचक शब्द बोले। घटना की जानकारी मिलते ही कर्मचारियों ने डीआईओएस कार्यालय में जमकर नारेबाजी व प्रदर्शन किया। फिर सभी कर्मचारी डीएम ऑफिस गए। डीएम को संबोधित शिकायती पत्र प्रशासनिक अधिकारी को सौंपा। पढ़ें पूरी खबर 9: डंपर से कुचलकर बाइक सवार की मौत:कानपुर में हाईवे की सर्विस रोड पर हुआ हादसा कानपुर–अलीगढ़ हाईवे पर मंगलवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में बाइक सवार युवक की डंपर से कुचलकर मौके पर ही मौत हो गई। हादसा चौबेपुर थाना क्षेत्र के तातियागंज इलाके में सर्विस रोड पर हुआ। घटना से इलाके में अफरा-तफरी मच गई, वहीं परिजनों में कोहराम मच गया। मृतक की पहचान शिवराजपुर थाना क्षेत्र के बिलहन गांव निवासी 32 वर्षीय रणजीत पुत्र तिलक राज के रूप में हुई है। रणजीत पेशे से ट्रैक्टर चालक था और मंगलवार को बाइक से कानपुर जा रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार वह सर्विस रोड पर विपरीत दिशा में जा रहा था। तभी सामने से आ रहे डंपर को देखकर उसने बाइक कच्चे में उतारी। पढ़ें पूरी खबर 10: सेन में मजदूर का शव संदिग्ध हालत में मिला:परिजनों ने हत्या की आशंका जताई, फोरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य कानपुर के सेन में एक मजदूर का शव मैदान में संदिग्ध परिस्थितियों में पड़ा मिला है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने फोरेंसिक टीम ने पहुंचकर साक्ष्य जुटाए है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। परिजनो ने पुलिस से मजदूर की हत्या की आशंका जताई है। पुलिस घटना की गहनता से जांच पड़ताल कर रही है। घाटमपुर थाना क्षेत्र के रामपुर गांव निवासी 45 वर्षीय मोहर अली उर्फ भूरा पुत्र मासूम अली प्रतिदिन की तरह सोमवार की सुबह मजदूरी करने के लिए निकले थे, देर रात तक घर वापस नहीं लौटे। पढ़ें पूरी खबर
संभल में बदायूं पुलिस की दबिश के दौरान एक ग्रामीण की धक्का लगने से जमीन पर गिरकर मौत हो गई। यह घटना कैलादेवी थाना क्षेत्र के नारंगपुर गांव में हुई। मृतक का बेटा अपनी बेटी की ननंद को भगाकर ले गया था, जिसके चलते पुलिस उसकी तलाश में थी। संभल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। यह घटना मंगलवार शाम करीब 9 बजे हुई। बदायूं के बिसौली थाना पुलिस संभल के कैलादेवी थाना क्षेत्र के नारंगपुर गांव में दबिश देने पहुंची थी। पुलिस को देखकर 55 वर्षीय हरचरण दास भागने लगे। पुलिस के पीछा करने के दौरान धक्का लगने से वह जमीन पर गिर गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। मृतक की पहचान हरचरण दास (55 वर्षीय) पुत्र जागरण सिंह बाल्मीकि, निवासी गांव हैबतपुर, थाना हयातनगर के रूप में हुई है। ग्रामीण की मौत के बाद बदायूं पुलिस मौके से चली गई। रात करीब 9:30 बजे कैलादेवी थाना पुलिस को घटना की सूचना मिली। इंस्पेक्टर जितेंद्र कुमार वर्मा पुलिस बल के साथ गांव पहुंचे और मृतक का शव कब्जे में लिया। ग्रामीणों के बयान दर्ज करने के बाद पंचनामा भरा गया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। जानकारी के अनुसार, हरचरण दास का बेटा 10 दिन पहले अपनी बेटी की ननंद को भगाकर ले गया था। इस मामले में बदायूं के बिसौली थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी। मंगलवार शाम को बदायूं पुलिस पहले हयातनगर क्षेत्र के गांव हैबतपुर पहुंची थी, लेकिन वहां कोई नहीं मिला। इसके बाद शाम 7:30 बजे कैलादेवी थाने में आमद दर्ज कराई गई, लेकिन बदायूं पुलिस स्थानीय थाने के बल को साथ लिए बिना ही गांव नारंगपुर में दबिश देने चली गई। मृतक हरचरण दास अपनी ससुराल नारंगपुर गांव में कई दिनों से रह रहे थे, ताकि पुलिस की गिरफ्तारी से बच सकें। पुलिस ने लोकेशन ट्रेस कर उन तक पहुंची थी। दबिश के दौरान ग्रामीण की मौत होने से ससुरालजनों और स्थानीय ग्रामीणों में आक्रोश है। थाना प्रभारी जितेंद्र कुमार वर्मा ने बताया कि जनपद बदायूं की पुलिस दबिश देने के लिए आई थी। ग्रामीण एवं परिजनों ने बताया कि इस दौरान मृतक ने भागने का प्रयास किया, धक्का मुक्की के दौरान ग्रामीण जमीन पर गिरा और उसकी मौत हो गई। मौत का सही कारण जानने के लिए पोस्टमार्टम कराया जा रहा है, फिलहाल परिजनों की ओर से अभी कोई शिकायत नहीं दी गई है। आपको बता दें कि थाना बिसौली या फेजगंज बेहटा की पुलिस बताई जा रही है, इसे कंफर्म किया जा रहा है कौन से थाने की पुलिस थी लेकिन जनपद बदायूं से पुलिस आई थी।
मप्र में बढ़ रहा महिला अपराधों का ग्राफ:15 जिलों में महिला पुलिस अफसर एक फीसदी भी नहीं
मप्र में बढ़ रहा महिला अपराधों का ग्राफ, 15 जिलों में महिला पुलिस अफसर एक फीसदी भी नहींबढ़ते अपराध... 18.63 फीसदी के साथ इंदौर संभाग पहले और 12.71 फीसदी के साथ भोपाल दूसरे नंबर परविशेष संवाददाता | भोपालमहिलाओं के खिलाफ अपराधों को लेकर मप्र लंबे समय से बदनाम है। ऐसे अपराध रोकने के लिए सरकार और पुलिस के स्तर पर तमाम कदम भी उठाए गए लेकिन ये कारगर नहीं हो पाए। 2023 में महिला अपराधों के 32,342 मामले सामने आए थे। 2024 में ये आंकड़ा 33,203 पर पहुंच गया। इसकी बड़ी वजह महिला पुलिस अफसरों (डीएसपी से लेकर एएसआई) की कमी है। पुलिस मुख्यालय की महिला सुरक्षा शाखा के आंकड़े बताते हैं कि 15 जिलों में महिला पुलिस अधिकारी (मैदानी अमला) एक फीसदी भी नहीं है। यही वजह है कि निर्भया मोबाइल वैन गायब हो गईं तो स्कूल-कॉलेज के पास पुलिस बूथ खाली पड़े हैं। जोर-शोर से शुरू हुई ऊर्जा डेस्क काम के बोझ से कराह रही है। पिछले कुछ सालों में महिला अपराध रोकने के लिए शुरू हुए अभियान और हकीकत ऊर्जा महिला हेल्प डेस्क : 31 मार्च 2021 को शुरुआत। अभी थानों में 987 डेस्क संचालित हैं। इनमें 751 महिला अधिकारी पदस्थ हैं। डेस्क में अब तक 74,411 अपराध दर्ज किए गए। 57,880 शिकायतों का निराकरण किया गया।हकीकत : बल की कमी बाधा बन गई है। अधिकतर महिला सब इंस्पेक्टर पर 4-4 थानों का लोड है।निर्भया फंड: मप्र को करीब 15 करोड़ रुपए इस फंड से मिले हैं। सुरक्षा और पीड़िताओं की सहायता पर खर्च होना थे।-हकीकत: महिला अपराधों में तत्काल मदद के लिए इस फंड से 250 स्कूटी खरीदी गईं। ऊर्जा डेस्क का स्टाफ इनका उपयोग करता है। हालांकि जिस तरह के रिस्पांस की जरूरत थी, वैसा नहीं मिल रहा है। पिछले 2 साल से मप्र को फंड ही नहीं मिला है।पैनिक बटन: पब्लिक व्हीकल में महिला सुरक्षा के लिए पैनिक बटन लगाना थे।हकीकत- अधिकतर वाहनों में लगे पैनिक बटन काम ही नहीं करते। कई वाहनों में डमी बटन लगाए गए हैं।हम होंगे कामयाब: 24 विभागों के सहयोग से संवेदनशील स्थान चिह्नित किए गए। ऐसी जगह सादा कपड़ों में पुलिस बल, निर्भया मोबाइल वैन की तैनाती हुई। कोचिंग-कॉलेजों के पास पुलिस बूथ बनाए गए।हकीकत : अब ज्यादातर जगह ये बूथ खाली दिखाई देते हैं। निर्भया मोबाइल वैन सड़कों से गायब है।अभिमन्यु अभियान: लड़कों को महिला संबंधी अपराधों के प्रति जागरूक करने के मकसद से प्रदेशभर में 50 हजार प्रश्नावली स्कूल, कॉलेज में बांटी गई।हकीकत : अभियान खानापूर्ति जैसा ही रहा।संभाग महिला प्रतिशत महिला अफसरोंअपराध का प्रतिशतभोपाल (ग्रामीण) 2583 7.78% 4.78%भोपाल (नगरीय) 1638 4.93 6.49%इंदौर (ग्रामीण) 4196 12.64% 11.0%इंदौर (नगरीय) 1878 5.66% 7.30%ग्वालियर 2851 8.59% 11.09%उज्जैन 3885 11.70% 11.36%जबलपुर 3453 10.40% 12.44%रीवा 3053 9.19% 6.04%शहडोल 1280 3.86% 2.25%चंबल 1314 3.96% 6.04%सागर 3558 10.72% 10.55%नर्मदापुरम 2172 6.54% 5.86%बालाघाट 1342 4.04% 4.78%(अपराध वर्ष 2024 के, मैदानी अमले की पदस्थापना जुलाई-2025 के अनुसार।) दुष्कर्म के आंकड़ों में भ्रम... एनसीआरबी, वार्षिक प्रतिवेदन और विधानसभा हर जगह अलग संख्या ... और गृह विभाग का ये जवाबयह कहना सही नहीं है कि एनसीआरबी की रिपोर्ट, वार्षिक प्रतिवेदन और विधानसभा में दी गई जानकारी अलग-अलग है। वार्षिक प्रतिवेदन में प्रत्येक माह में पंजीबद्ध अपराधों की एकजाई जानकारी दी जाती है। जबकि, विधानसभा के सवालों के लिए जिलों से जानकारी मांगी जाती है, वो उस समय की स्थिति में होती है। अपहरण के मामलों में पीड़िताओं की बरामदगी के बाद दुष्कर्म की पुष्टि होती है तो इसकी धारा बढ़ाई जाती है। वहीं जांच में दुष्कर्म की पुष्टि न होने पर ये धारा हटा दी जाती है। कई बार अपहरण ही साबित नहीं होता। इसलिए अपहरण एवं दुष्कर्म के प्रकरणों में कमी-वृद्धि संभव है। अध्ययन कर बता पाएंगे...अलग-अलग जानकारी सामने आने की जो बात है, वह दरअसल उस वक्त की स्थिति की जानकारी दी जाती है। इस बारे में बाकी अध्ययन कर बताया जा सकेगा। जयदीप प्रसाद, एडीजी, स्टेट क्राइम रिकार्ड ब्यूरो
झुंझुनू में पंजाब नेशनल बैंक की शाखा से गोल्ड लोन के नाम पर बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। बैंक के स्ट्रॉन्ग रूम में सील रखे गए गोल्ड लोन के 450 में से 73 पैकेट्स में असली सोने की जगह नकली ज्वेलरी रख दी। जांच में 4.1 किलो सोने का गबन सामने आया है। इसकी बाजार कीमत 6.5 करोड़ से अधिक है। प्राथमिक जांच में तत्कालीन शाखा प्रबंधक, उप प्रबंधक और बैंकिंग कॉरेस्पोंडेंट की मिलीभगत सामने आई है। जिले की नवलगढ़ ब्रांच में गबन सामने आने के बाद वो लोन सदमे में हैं, जिन्होंने गोल्ड लोन के एवज में अपने गहने बैंक में जमा कराए थे। ऐसे कुछ लोगों से भास्कर ने बात की। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… अब आगे क्या होगा, कोई कुछ नहीं बता रहा तीनों जब बैंक पहुंचे तो एक ही जवाब मिला- जांच चल रही है। कुछ दिनों बाद साफ हो गया कि तीनों का सोना उन पैकेट्स में शामिल था, जिनसे असली गहने गायब हो चुके हैं। सुमन के पति कहते हैं, बेटी की शादी के लिए सोना जोड़ रहे थे। अब सब चला गया। बैंक वाले कहते हैं- मिल जाएगा, नहीं मिला तो सरकार दे देगी। लेकिन कब? कैसे? कुछ नहीं बताया जा रहा। कैसे हुआ गोल्ड लोन स्कैम ग्राहकों से सोने की ज्वेलरी जमा कर गोल्ड लोन दिया गया। यह सोना बैंक के स्ट्रॉन्ग रूम स्थित गोल्ड सेफ में पैकेट्स में सील कर रखा जाता है। आरोपियों ने गोल्ड पैकेट्स को खोला। असली सोने की ज्वेलरी निकाली और उसकी जगह नकली सोना/फैंसी आइटम रख दिए गए। इसके बाद पैकेट्स को दोबारा सील करके रख दिया गया। इस तरह सामने आया घोटाला 28 जनवरी को गोल्ड सेफ का चार्ज डिप्टी मैनेजर सीमा महला को सौंपा जा रहा था। इससे पहले स्ट्रॉन्ग रूम की चाबियां तत्कालीन बैंक मैनेजर अमित कुमार और डिप्टी मैनेजर अनंतप्रकाश चौधरी के पास थीं। चार्ज ट्रांसफर के दौरान सेफ में रखे गोल्ड पैकेटों के साथ छेड़छाड़ सामने आई। बैंक की आंतरिक जांच में खुलासा हुआ कि स्ट्रॉन्ग रूम में रखे गोल्ड लोन के कुल करीब 450 पैकेट्स में से 73 पैकेट्स में असली सोने की जगह नकली ज्वेलरी रखी गई थी। इस पूरे घोटाले के केंद्र में तत्कालीन शाखा प्रबंधक अमित जांगिड़ का नाम सामने आया। बैंक की शिकायत पर उनके साथ उप प्रबंधक अनंत प्रकाश चौधरी और बैंक के बीसी संचालक संतोष कुमार के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। फर्जी लोन भी बांटे जांच में ये भी सामने आ रहा है कि कई लोगों को फर्जी लोन भी दिया गया है। कुछ ऐसे नाम भी सामने आए हैं, जिनको कागजों में लोन देना बताया गया है, लेकिन हकीकत में उस नाम के व्यक्ति मौजूद ही नहीं हैं। अब पता लगाया जा रहा है कि इस तरह से कितनी राशि का गबन किया गया है । कई सरकारी योजनाओं के नाम पर भी फर्जीवाड़ा करके लोन देने की बात सामने आई है। जिसमें सबसे ज्यादा महिलाओं को टारगेट किया गया है। बैंक मैनेजर ने खरीदी करोड़ों की जमीन आरोपी बैंक मैनेजर अमित कुमार जांगिड़ का परिवार सीथल गुढ़ागौड़जी (झुंझुनूं) में ही रहता है। उसके घर में पत्नी और एक बेटी है। माता-पिता और छोटा भाई भी साथ रहते हैं। आरोपी के पिता सामान्य किसान हैं, जबकि उसका छोटा भाई पोस्ट ऑफिस में कार्यरत है। घर में करीब 40 से 50 गाय-भैंस हैं और डेयरी से जुड़ा कार्य भी किया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार अमित कुमार जांगिड़ ने हाल के वर्षों में करोड़ों रुपये की जमीन खरीदी है, जिस पर एक डेयरी प्लांट भी लगाया है। जानकारी के अनुसार उसने अलग-अलग जगहों पर और भी जमीनें खरीदी हैं बैंक का तर्क : जल्दी पूरी करेंगे क्लेम प्रक्रिया पीएनबी के एजीएम सुधीर कुमार साहू का कहना है कि प्राथमिक जांच में सामने आया है कि कुछ कर्मचारी सोना चोरी कर ले गए। बैंक की कोशिश है कि क्लेम सेटलमेंट की प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरी की जाए, ताकि किसी भी ग्राहक को नुकसान न हो। आगे की जांच पुलिस द्वारा ही की जा रही है। कुछ मामलों में क्लेम को लेकर तकनीकी दिक्कतें आ रही हैं, जिन्हें दूर करने के लिए हम विकल्पों पर काम कर रहे हैं। पुलिस बोली- आरोपियों की तलाश जारी एएसपी देवेंद्र राजावत का कहना है बैंक अधिकारी मुकेश कुमार सिहाग की शिकायत पर तत्कालीन मैनेजर अमित जांगिड़, उप प्रबंधक अनंत प्रकाश चौधरी और बैंक के बीसी संचालक संतोष कुमार के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। फिलहाल आरोपी फरार हैं और उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस की टीमें विभिन्न स्थानों पर लगातार दबिश दे रही हैं और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। …. बैंक से गोल्ड गायब होने की ये खबर भी पढ़िए… राजस्थान में बैंक से 6.50 करोड़ रुपए का सोना गायब:73 पैकेट में असली गोल्ड की जगह नकली रखा, तत्कालीन मैनेजर समेत 3 पर केस झुंझुनूं में पंजाब नेशनल बैंक से 4.198 किलो सोने की ज्वेलरी गायब हो गई। गोल्ड सेफ की जिम्मेदारी बैंक में दूसरे कर्मचारी को सौंपने के दौरान हुई जांच के दौरान मामले का खुलासा हुआ। पूरी खबर पढ़िए…
बीकानेर जिले में जिप्सम की रॉयल्टी वसूली का नया ठेका एक अप्रैल से नहीं होगा। क्योंकि, ठेके की आरक्षित दर 33.52 करोड़ बढ़ाकर 1.06 अरब कर दी गई है जो इतनी ज्यादा है कि बोली लगना मुश्किल है। बीकानेर जिले में जिप्सम की रॉयल्टी वसूली का नया ठेका एक अप्रैल से होना है जिसके लिए निविदा जारी कर दी गई है। इस बार आरक्षित दर एक अरब 6 करोड़ 65 लाख 46 हजार 705 रुपए रखी गई है जो पिछली बार हुए रॉयल्टी ठेके की आरक्षित राशि से 33,52,37,845 रुपए ज्यादा है। आरक्षित दर इतनी ज्यादा बढ़ा दी गई है कि कोई भी फर्म बोली नहीं लगाएगी और बीकानेर में जिप्सम का रॉयल्टी ठेका नहीं होगा। पिछली बार भी खान विभाग ने शुरू में आरक्षित दर 111 करोड़ रुपए की थी और सात बार नो बिड रही। क्योंकि, किसी भी फर्म ने बोली ही नहीं लगाई। आखिरकार खान विभाग को आठवीं बार आरक्षित दर घटाकर करीब 73.13 करोड़ रुपए करनी पड़ी थी। तब जाकर 24 अक्टूबर, 24 को 75,01,48860 रुपए वार्षिक में दो साल के लिए रॉयल्टी ठेका हुआ था। इस बार फिर खान महकमे के अधिकारियों ने नियमों का हवाला देकर पुरानी गलती को दोहराया है। आरक्षित दर बेतहाशा बढ़ाकर एक अरब रुपए पार कर दी जिससे तय माना जा रहा है कि ठेका नहीं होगा। नियमों में लचीलापन लाकर व्यावहारिक रूप से तय हो आरक्षित दर :बलारा खान एवं भूविज्ञान के रिटायर्ड खनि अभियंता राजेन्द्र बलारा का कहना है कि बीकानेर जिले में जिप्सम की रॉयल्टी का ठेका होना मुश्किल है। आरक्षित दर इतनी ज्यादा है कि कोई भी व्यवसायी बोली नहीं लगाएगा। ऐसे हालत में खान निदेशालय को बार-बार बिड जारी करनी पड़ेगी और हर बार नियमानुसार 10 प्रतिशत आरक्षित राशि कम करनी होगी। इसमें तीन माह निकल जाएंगे और उसके बाद बारिश के मौसम में जिप्सम खनन-निर्गमन बहुत कम हो जाता है तो कोई ठेका क्यूं लेगा। पिछली बार की तरह सितंबर-अक्टूबर में रॉयल्टी ठेका होगा वो भी आरक्षित दर 70-80 करोड़ रुपए तक आने पर। इस दौरान रॉयल्टी वसूली खान विभाग को करनी होगी और अवैध खनन-निर्गमन रोकना होगा जो आसान नहीं। सरकार को करोड़ों रुपए का नुकसान होगा। इससे तो अच्छा है कि खान निदेशालय नियमों में लचीलापन लाएं और व्यावहारिक रूप से आरक्षित दरें तय करें जिससे कि रॉयल्टी ठेका जल्दी हो और सरकार को राजस्व नुकसान से बचाया जा सके।
फर्जी अस्पतालों और नर्सिंग कॉलेजों के जाल में उलझे ग्वालियर जिले से बड़ा खुलासा सामने आया है। सिर्फ एक साल में 132 अस्पताल बंद कर दिए गए, इनमें से कई तो कागज़ों में ही चल रहे थे। कई की बिल्डिंगें तो थीं पर डॉक्टर, स्टाफ और मरीज तक नहीं थे। यहां तक कि कई के पास तो इलाज के पूरे साधन तक नहीं थे। दैनिक भास्कर के पास इन सभी 132 बंद अस्पतालों की पूरी सूची मौजूद है। ताज्जुब की बात तो यह है कि ये अस्पताल तीन तरह से बंद हुए हैं। पहली वजह: 40 अस्पतालों ने खुद बंद करने के लिए आवेदन दिया। दूसरी वजह: 45 अस्पताल रिन्यूअल के लिए आवेदन ही नहीं कर पाए। तीसरी वजह: 47 अस्पताल ऐसे रहे जिनमें हेल्थ विभाग की टीमों ने तमाम कमियां मिलने के बाद सील कर दिया। उधर, इसी दौरान जिले में 16 नए अस्पताल भी रजिस्टर्ड हुए। पहले 440 अस्पताल थे, 132 बंद हो गए और 37 नए खुल गए। अब शहर में 345 अस्पताल संचालित हैं। खास बात यह है कि ग्वालियर में पूरे प्रदेश में सबसे ज्यादा अस्पताल चल रहे हैं। इसका कारण भी साफ है- यहां नर्सिंग कॉलेजों की अधिकता और कोरोना काल में आपदा में अवसर तलाशते हुए ताबड़तोड़ अस्पताल खोले गए थे। ये 9 अस्पताल बंद हुए, लेकिन नए नाम और नए रजिस्ट्रेशन से चल रहे बुंदेलखंड हॉस्पिटल: 8 अप्रैल 2025 को बंद किया निदेशक: रवि रजक, पलंग संख्या- 20क्यों बंद हुआ- रिन्यु कराने आवेदन नहीं दिया। भास्कर पड़ताल: जिस भवन में बुंदेलखंड हॉस्पिटल का संचालन होता था, अब उसी भवन में कामदगिरी हॉस्पिटल का संचालन किया जा रहा है। निदेशक भी रवि रजक हैं। अस्तपाल में एक भी मरीज भर्ती नहीं मिला। प्रयास चिल्ड्रन्स हॉस्पिटल: 20 मार्च 2025 को बंद किया निदेशक: डॉ.राहुल गुप्ता, पलंग संख्या- 35क्यों बंद हुआ- बंद करने खुद आवेदन दिया। भास्कर पड़ताल: अस्पताल का नाम बदलकर अब चिल्ड्रन्स मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल कर दिया गया है। उसी परिसर में संचालन हो रहा है। हालांकि यहां कुछ डॉक्टर पुराने हैं तो कुछ नए डॉक्टर भी हैं। केएम हॉस्पिटल: 8 अप्रैल 2025 को बंद किया निदेशक: रमन विजय सिंह, पलंग संख्या- 120क्यों बंद हुआ- रिन्यु कराने आवेदन नहीं दिया। भास्कर पड़ताल: जिस भवन में केएम हॉस्पिटल का संचालन होता था, वहां अस्पताल जैसी गतिविधियां तो मिलीं लेकिन इसके बंद होने का दावा किया गया। स्वास्थ्य विभाग की जांच में पहले भी गड़बड़ी मिली थीं। ओल्याई हॉस्पिटल : 8 अप्रैल 2025 को बंद किया निदेशक: डॉ. रोजा ओल्याई, पलंग संख्या-15क्यों बंद हुआ- रिन्यु कराने आवेदन नहीं दिया। भास्कर पड़ताल: हॉस्पिटल का नाम यथावत है। केवल निदेशक का नाम बदल दिया गया है। यहां मौजूद रिसेप्सनिष्ट ने बताया कि अब डॉ. नेसन ओल्याई निदेशक बन गए हैं। अब पलंग संख्या 9 हो गई है। कालरा हॉस्टिपल: 13 फरवरी 2025 को बंद किया निदेशक: डॉ.रोहित कालरा, पलंग संख्या- 15क्यों बंद किया- कमियों में सुधार नहीं किया। भास्कर पड़ताल: पहले जिस भवन में इस अस्पताल का संचालन होता था। अब अमृत ज्योति हॉस्पिटल का संचालन किया जा रहा है। डॉ. रोहित कालरा की नाम पट्टिका अभी भी यहां लगी हुई है। संचालक बदल गए हैं। नर्सिंग कॉलेज बंद होने से औंधे मुंह गिरे अस्पतालविशेषज्ञों के अनुसार कुछ साल पहले जिले में 65 नर्सिंग कॉलेज थे। बड़े फर्जीवाड़े के बाद ये दो साल तक बंद रहे। इस साल सिर्फ 21 कॉलेजों को ही मान्यता मिली। जाहिर है बाकी 44 अस्पताल तो बंद होना ही थे। ये वैसे भी सिर्फ नर्सिंग कॉलेज चलाने के लिए खोले गए थे ना कि इलाज के लिए। जिम्मेदार बोले- फर्जी अस्पतालों पर कार्रवाईफर्जी अस्पतालों पर लगातार कार्रवाई जारी है। बिना सुविधा के अस्पतालों को बंद कराया गया है। टीम को कई जगह तो ऐसे अस्पताल मिले जहां लंबे समय से ताले तक नहीं खुले थे। लगातार नोटिस जारी कर रहे हैं। अभी 50 से ज्यादा अस्पतालों को भी खामियां दूर करने को कहा है। यदि सुधार नहीं हुआ तो ये भी बंद होंगे।-डॉ. सचिन श्रीवास्तव, सीएमएचओ, ग्वालियर
9 और 10 जनवरी को आई लेक्चरर ट्रांसफर सूची के बाद अब सिंगल ऑर्डर से ट्रांसफर निरस्त हो रहे हैं। भाजपा और संघ के तमाम नेताओं की डिजायर ट्रांसफर में काम नहीं आई। यही वजह है कि लेक्चरर सूची के लिए जयपुर शिक्षा मंत्रालय में डिजायरों का ढेर लग गया है मगर संशोधन सूची आएगी या नहीं, इस पर अभी भी सवाल बना हुआ है। सबसे ज्यादा तकलीफ उन संघ के लोगों को हो रही जो इस सरकार में राहत की उम्मीद लगाए थे मगर सबसे ज्यादा परेशानी भी इसी विचारधारा के शिक्षकों को रही है। दरअसल 10 जनवरी को लेक्चरर की जो लंबी सूची आई तो 11 जनवरी से ही सिंगल ऑर्डर से लेक्चरर के ट्रांसफर ऑर्डर निरस्त करने का खेल शुरू हो गया। पूर्वी राजस्थान के ही एक शिक्षक के ट्रांसफर ऑर्डर निरस्त कर शुरुआत हुई। उसके बाद गुप-चुप तरीके से कई और ट्रांसफर हुए शिक्षकों को राहत दी गई। इसमें ये भी नहीं कहा जा सकता कि एसआईआर में ड्यूटी थी क्योंकि एसआईआर ड्यूटी वाले शिक्षक कोई एक, दो या 10-20 नहीं बल्कि सवा सौ से ज्यादा हैं। उनके लिए एक कॉमन ऑर्डर शिक्षा विभाग ने ही निकाला था कि जिस शिक्षक की ड्यूटी एसआईआर में है और उसका अगर स्थानांतरण हो गया तो वह न तो रिलीव होगा और अगर रिलीव हो गया तो वापस उसी जगह काम करेगा जहां पहले था। इसके लिए शिक्षा विभाग ने अलग-अलग ऑर्डर निकालने का रास्ता बंद कर दिया था। संघ पृष्ठभूमि वाले जिन शिक्षकों का संशोधन सूची का इंतजार है उनके सामने समस्या है कि अगर ज्वाइन नहीं किया तो छुट्टियां खराब होंगी और ज्वाइन कर लिया तो वापस ट्रांसफर होना मुश्किल होगा। संघ से पैरवी होने के बाद भी प्रदेश के 40 से ज्यादा शिक्षकों को उनकी शिक्षा के विपरीत ट्रांसफर किया गया। कुछ को मर्जी के खिलाफ यथावत रखा गया। वो भी संघ की मौजूदा टीम की महत्वपूर्ण कड़ी भी हैं। संशोधन सूची पर असमंजस इसलिए प्रिंसिपल के ट्रांसफर हुए और उसके बाद दो बार संशोधन सूची आई। लेक्चरर के ट्रांसफर हुए तो अब संशोधन सूची पर सवाल खड़े हो रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक लेक्चरर के ट्रांसफर चुनाव आयोग की इच्छा के विपरीत हुए। ट्रांसफर होने पर आयोग ने सख्त लहजा अपनाया था इसलिए मंत्रालय ने हाथ समेट लिए। दूसरी ओर वर्तमान में विधानसभा चल रही इसलिए सूची की संभावना कम है। इसके बाद पंचायत और निकाय चुनाव होंगे। हालांकि 14 फरवरी से चुनाव की आचार संहिता लागू होने तक सरकार के पास संशोधन सूची का समय होगा। सूत्र बताते हैं कि मंत्रालय पर दबाव ज्यादा है इसलिए एक छोटी सूची के आने की संभावना है मगर चुनाव तक सूची नहीं आई तो मई तक फिर सूची की संभावना नहीं होगी। सीएमओ से मंजूरी तभी सूची संभव इस साल बार शिक्षा मंत्रालय को ट्रांसफर के मामले में खुली छूट नहीं मिली। इससे पूर्व शिक्षा मंत्री अपने हिसाब से ट्रांसफर पोस्टिंग करते थे मगर इस सरकार में सूची पहले सीएमओ जाएगी। वहां उसका परीक्षण होगा। उसके बाद ही सूची जारी होती है। इसी वजह से लेक्चरर सूची दो महीने से सीएमओ में पेंडिंग रही। इसलिए संशोधन सूची पर सस्पेंस बरकरार है। ज्यादातर परेशान भी शिक्षक भाजपा और संघ से जुड़े हैं। निकाय-पंचायत चुनाव के बाद सेकंड ग्रेड पर होगा काम शिक्षा विभाग के अब ट्रांसफर मामले में सेकंड ग्रेड और थर्ड ग्रेड के ट्रांसफर का दबाव है। थर्ड ग्रेड के ट्रांसफर पॉलिसी में अटके हैं मगर सेकंड ग्रेड के ट्रांसफर होना तय है। निकाय और पंचायत चुनाव के बाद भारी-भरकम सूची आने की संभावना है। बीते दिसंबर में इस सूची पर प्राइमरी काम हो चुका है। एक बार और टीम को जयपुर बुलाया जाएगा। इस सूची में वो लोग मंत्रालय के निशाने पर होंगे जिन्होंने कांग्रेस कार्यकाल में जानबूझकर संघ पृष्ठभूमि के शिक्षकों के ट्रांसफर उनको सजा के तौर पर किए थे। “मेरे ध्यान में नहीं है पर हां, कुछ चुनाव के कारण निरस्त किए गए हैं। संशोधन सूची पर अभी कुछ नहीं कह सकता। सीएम से सहमति होने पर आएगी सूची।” -मदन दिलावर, शिक्षा मंत्री इधर...मंत्री की धमकी बेअसर शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने बीकानेर में शिक्षा निदेशालय (प्रारंभिक एवं माध्यमिक) में 5 साल से अधिक समय से जमे स्टाफ को तत्काल हटाने के निर्देश कई महीने पहले दिए थे मगर शिक्षा निदेशालय में बने कॉकस के आगे मंत्री के आदेश भी हवा हो रहे हैं। निदेशालय में 80 प्रतिशत स्टाफ 5 साल से ऊपर का है। कुछ तो ऐसे हैं जिन्होंने पूरी नौकरी ही निदेशालय में कर ली। कुछ 10 से 20 साल से यहीं जमे हैं। ज्यादातर स्टाफ कांग्रेस पृष्ठभूमि या कांग्रेस नेताओं की सिफारिश पर यहां आए थे। रिटायर हो गए बावजूद इसके अभी भी यहां वे संविदा के तौर पर काम कर रहे। शिक्षा सचिव और शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों की शह भी है। विभाग की बड़ी खरीदारी में भी उनकी महती भूमिका रखी जा रही है।
गोरखपुर में मंगलवार को युवा चेतना समिति की ओर से गोल्ड मेडल अवार्ड का भव्य आयोजन किया गया। इस दौरान समिति की ओर शहर के साहित्यकार, रंगमंच कर्मी और अन्य लोगों सहित विभिन्न खेलों में बेहतरीन प्रदर्शन कर शहर का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ी और कोचो को भी सम्मानित किया गया। इस दौरान अवॉर्ड पाने वाले रेसलर आदित्य गुप्ता ने कहा- पांच साल पहले मैंने गांव के अखाड़ें से कुश्ती शुरू की थी। तब सोचा नहीं था कि एक दिन देश विदेश तक खेलूंगा। लेकिन कोच सर की मेहनत और मेरी लगातार प्रैक्टिस की वजह से यह मुकाम हासिल की है। आज मुझे युवा चेतना समिति की ओर से अवॉर्ड मिला। मुझे बहुत अच्छा लगा कि मेरी मेहनत का शहर के लोग सम्मान करते हैं। अभी तो ये शुरुआत है, एक दिन मैं ओलंपिक में खेलकर देश के लिए गोल्ड मेडल लेकर आऊंगा। बचपन से खेल में लगता था मन आदित्य के पिता सुरेश कसौधन ने बताया- बचपन से ही बेटे का मन खेल-कूद में ज्यादा लगता था। मैंने इस बात पर ध्यान दिया और इसे कुश्ती खेलने के लिए प्रोत्साहित किया। जब जहां जैसी जरूरत होती है हर समय उसके साथ दिया और आगे भी देता रहूंगा। मसाला बेच कर पिता ने किया सपोर्ट विनोद कसौधन ने बताया- आदित्य के पिता हमारे समाज के पहले व्यक्ति हैं जिन्होंने अपने बच्चों के लिए कुछ अलग सोचा। उन्होंने मसाला बेच कर अपने बच्चों का साथ दिया। आज उनका बेटा आदित्य पूरे समाज का नाम रोशन कर रहा है। शुरुआत से ही दिखी प्रतिभा कोच चंद्रपाल ने बताया- पांच साल पहले जब आदित्य मेरे पास आएं थे तब उनके अंदर मुझे अलग प्रतिभा दिखी। मैंने हर प्रयास किया कि वो आगे बढ़े। उसकी मेहनत और लगन का असर है कि वो विश्व चैम्पियनशिप में प्रतिभाग कर चुका है। अवॉर्ड पाने वाले रेलवे के रेसलिंग कोच ने बताया- पूर्वांचल क्षेत्र में कुश्ती पहले के अपेक्षा कम हुई है। बच्चे अच्छा कर रहे हैं। गार्जियन को बच्चों की डाइट पर ज्यादा ध्यान देना पड़ेगा। नेशनल में लाऊंगी गोल्ड- जया कराटे खिलाड़ी जया शुक्ला ने बताया- मैं पिछले 6 साल से कराटे खेल रही। मुझे यह अवॉर्ड स्टेट लेवल पर गोल्ड लाने के लिए मिला है। मुझे बहुत खुशी है कि शहर में मेरे टैलेंट को सम्मान दिया गया। मैं नेशनल में ब्रॉन्ज मेडल ला चुकी हूं। अभी मेरा टारगेट गोल्ड लाने का है। अवॉर्ड पाकर मिला मोटिवेशन 16 साल की कीर्ति यादव को भी युवा चेतना अवॉर्ड मिला। खुशी जताते हुए उन्होंने कहा- मुझे यह अवॉर्ड मिला है जिसके बाद और मोटिवेट हुई। आगे और ज्यादा मेहनत करूंगी। हर गेम में गोल्ड पर ही नजर रहेगा।
लोगों को धमका रहे बदमाश को बटनदार चाकू के साथ पकड़ा
सागर| शहर की बिगड़ती कानून-व्यवस्था में कसावट लाने के लिए पुलिस ने बदमाशों की धरपकड़ शुरू कर दी है। शुरुआत मोतीनगर थाने से हुई है। चाकू से सरेराह लोगों को डरा-धमकाकर दहशत फैलाने वाले शातिर बदमाश को पुलिस ने बटनदार चाकू के साथ पकड़ा है। कोतवाली पुलिस ने पुरव्याऊ, भरका, बरियाघाट के संवेदनशील इलाकों में दबिश दी तो मोतीनगर पुलिस ने काकागंज, पंतनगर, करीला इलाके में गश्त बढ़ाई है। मोतीनगर पुलिस ने अवैध शराब बेचने वालों पर भी शिकंजा कसते हुए तस्करों को पकड़ा है। मोतीनगर थाना प्रभारी जसवंत सिंह राजपूत ने बताया कि अवैध हथियार, अवैध शराब विक्रय एवं सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने वालों के खिलाफ विशेष मुहिम चलाई जा रही है। मुखबिर की सूचना पर धरमपुरा, अंबेडकर वार्ड क्षेत्र में एक व्यक्ति हाथ में धारदार चाकू लेकर राहगीरों को डरा-धमकाता मिला। पुलिस को देखकर बदमाश भाग निकला। पुलिस टीम गठित कर मुखबिर के बताए स्थान पर दबिश दी गई। घेराबंदी कर उसे मौके पर ही पकड़ लिया। पकड़े गए आरोपी ने अपना नाम हेमंत अहिरवार, उम्र 24 वर्ष, निवासी विवेकानंद वार्ड बताया। आरोपी की तलाशी ली तो उसके कब्जे से एक अवैध बटनदार चाकू मिला।
सागर | सुरखी विधानसभा क्षेत्र में युवा शक्ति संगठन के तत्वावधान में आयोजित क्रिकेट महाकुंभ 2026 लगातार सफलता की ओर बढ़ रहा है। ग्रामीण अंचलों में क्रिकेट को नई पहचान दिलाने वाला यह आयोजन युवाओं के लिए उत्साह, अनुशासन और खेल भावना का बड़ा मंच बनकर उभरा है। युवा शक्ति संगठन के जिला अध्यक्ष आकाश सिंह राजपूत के नेतृत्व में आयोजित इस महाकुंभ ने पूरे क्षेत्र को क्रिकेट के उत्सव में बदल दिया है। आकाश सिंह राजपूत ने कहा कि क्रिकेट महाकुंभ का उद्देश्य पंचायत और मंडल स्तर पर छिपी प्रतिभाओं को सामने लाकर उन्हें आगे बढ़ने का अवसर देना है। आयोजन को मिल रहे जनसमर्थन और खिलाड़ियों के जोश से यह स्पष्ट है कि आने वाले समय में सुरखी विधानसभा से कई उभरती खेल प्रतिभाएं सामने आएंगी। सुरखी मंडल में खेले गए मुकाबलों में रोमांच चरम पर रहा। सहारा सीसी और बंसिया क्रिकेट क्लब के बीच हुए मुकाबले में सहारा सीसी ने तीन रन से जीत दर्ज की। जय महाकाल क्रिकेट क्लब ने विदवास क्रिकेट क्लब को 9 विकेट से हराया। उमरारी इलेवन ने गेम चेंजर को एक रन से हराकर दर्शकों को रोमांचित किया, वहीं किंग इलेवन ने घाटमपुर सीसी पर 111 रन से बड़ी जीत हासिल की। बिलहरा मंडल में तालचिरी क्रिकेट क्लब ने राम शुक्ला इलेवन को दो रन से हराया। राधे-राधे इलेवन ने बरखुआ क्रिकेट क्लब पर पांच रन से जीत दर्ज की। सहजपुरी इलेवन और सेमरा इलेवन ने भी अपने-अपने मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत हासिल की। जैसीनगर मंडल में भी एक से बढ़कर एक करीबी मुकाबले देखने को मिले। गेम चेंजर, यंग स्टार क्रिकेट क्लब, किंग इलेवन और अलोन क्रिकेट क्लब ने रोमांचक जीत दर्ज कर दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। राहतगढ़ मंडल में छोटी महाकाल, पीके क्रिकेट क्लब, एचके इलेवन और खरी इलेवन ने अपने-अपने मुकाबलों में जीत हासिल की। अधिकांश मैचों का फैसला अंतिम ओवर तक गया, जिससे खेल का रोमांच और बढ़ गया। प्रतिदिन विभिन्न मंडलों में हो रहे इन मुकाबलों को देखने के लिए बड़ी संख्या में युवा शक्ति संगठन के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और ग्रामीणजन उपस्थित रहे। पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल बना हुआ है। क्रिकेट महाकुंभ न सिर्फ खेल प्रतियोगिता है, बल्कि यह ग्रामीण युवाओं को सकारात्मक दिशा देने और खेल संस्कृति को मजबूत करने का सशक्त माध्यम बन गया है।
चोरी का मामला:दंपती को कमरे में बंद कर चुराए थे 70 लाख के गहने,1 गिरफ्तार, दूसरा फरार
भारत-पाक बॉर्डर से सटे बाखासर इलाके में करीब 14 दिन पहले एक घर में घुसे चोरों ने एक दंपती को कमरे में बंद कर करीब 70 लाख से ज्यादा के जेवरात चुराकर फरार हो गए थे। एसपी नरेंद्रसिंह मीना ने इस मामले का मंगलवार को खुलासा करते हुए चोरी के एक आरोपी और एक खरीददार को गिरफ्तार किया। चोरी का दूसरा आरोपी वीरमाराम फरार है। वीरमाराम की उम्र 35 वर्ष है, लेकिन उसके खिलाफ 40 मुकदमे है। इसी तरह नकबजन भगाराम 25 वर्ष का है, लेकिन 27 मुकदमे है। दोनों आदतन शातिर चोर है।आरोपी पूर्व में भी जेल जा चुके हैं। बाखासर थाने में 20 जनवरी को पीड़ित शेषकरण चारण निवासी सुहागी ने मामला दर्ज करवाया था कि वे रात्रि में परिवार सहित एक कमरे में सो रहे थे। इस दौरान रात में अज्ञात चोर आए और उनके कमरे की बाहर से कुंडी लगा बंद कर दिया। इसके बाद दूसरे कमरे के ताले को तोड़कर अंदर घुसे और आलमारी तोड़ कर 280 ग्राम सोना, 600 ग्राम चांदी के आभूषण चोरी कर ले गए। पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी कैमरे खंगाले और आरोपियों की तलाश के लिए टीमें गठित की। चोरी के तरीकों से सुराग मिला, ऐश-मौज की जिंदगी जीने के लिए करते थे चोरी दोनों शिव थाने के हिस्ट्रीशीटर, मिलकर करते थे चोरियां सुहागी गांव में चोरी की वारदात के बाद पुलिस को सिर्फ पदचिन्ह ही मिले थे। आसपास न तो कोई सीसीटीवी था और न ही किसी ने उन्हें देखा था। ऐसे में आरोपियों का सुराग लगाना चुनौती था। इस बीच पुलिस ने चोरी के मामलों में शातिर बदमाशों के रिकार्ड को खंगाला। इसके बाद सुराग मिला कि ये ही दोनों बदमाश थे, जिन्होंने पूर्व में भी रात में सो रहे परिवार के लोगों के कमरों की कुंडी बंद कर चोरी की वारदातों को अंजाम दिया था। इसके बाद इन आरोपियों के रिकार्ड खंगालने के साथ लोकेशन ट्रेस की गई तो उसी इलाके में सामने आई। जोधपुर रेंज आईजी टीम की मदद से आरोपी भगाराम पुत्र कानाराम जाट निवासी चितरोली चोचरा शिव को जोधपुर से गिरफ्तार किया। दूसरा आरोपी वीरमाराम पुत्र राणाराम मेघवाल निवासी गुजरो का बेरा कानासर गोलाई शिव फरार हो गया। भगाराम से पूछताछ के बाद चोरी के गहनों के खरीददार गणपत उर्फ गणेश सोनी निवासी चौहटन को गिरफ्तार किया है। गणपत के खिलाफ भी 3 मामले दर्ज है। भगाराम और वीरमाराम शिव पुलिस थाने के हिस्ट्रीशीटर है। बार-बार लोकेशन बदली, फिर भी पकड़े गए चोर बाखासर थानाधिकारी राजूराम मय पुलिस टीम और आईजी रेंज टीम प्रभारी देवाराम विश्नोई ने शातिर बदमाश भगाराम को जोधपुर से गिरफ्तार किया। वारदात के बाद आरोपी लोकेशन बदलते रहे। पुलिस ने जोधपुर, नागौर, बीकानेर सहित कई जिलों में तलाश की। आरोपियों की ओर से जिस तरह से वारदात को अंजाम दिया गया, उसके तरीकों को लेकर सुराग मिल गया था। इसके बाद इनके घर या संदिग्ध ठिकानों पर दबिश दी तो ये गायब मिले। इसके बाद संदिग्ध भगाराम को जोधपुर से पकड़ा। पूछताछ में सुहागी में चोरी की वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया। आरोपी ने चोरी का माल चौहटन के गणपत सोनी को बेचना बताया। फरार आरोपी वीरमाराम की तलाश की जा रही है। एसपी नरेंद्रसिंह मीना के अनुसार दोनों आदतन चोर ऐश-मौज की जिंदगी जीने के लिए चोरी करते थे और फिर चोरी के माल को कम दाम पर बेच कर उससे मिलने वाले रुपए से ऐश मौज करते थे।
9 तक बगैर विलंब शुल्क जमा हो सकेंगे पीजीडीसीए के परीक्षा फॉर्म
भास्कर संवाददाता | उज्जैन सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय ने पीजीडीसीए सहित कुछ पाठ्यक्रम के लिए परीक्षा फॉर्म जमा करने की तारीखें घोषित की हैं। विवि ने पीजीडीसीएसए प्रथम सेमेस्टर के नियमित विद्यार्थियों के अलावा महाविद्यालयों में संचालित पीजीडीसीए एवं पीजी डिप्लोमा इन कॅरियर गाइडियंस एंड काउंसलिंग के प्रथम सेमेस्टर के विद्यार्थियों के लिए एमपी ऑनलाइन से परीक्षा फॉर्म जमा करने की तारीखें घोषित की हैं। विद्यार्थी 9 फरवरी तक बगैर विलंब शुल्क के परीक्षा फॉर्म जमा कर सकेंगे। 100 रुपए के विलंब शुल्क के साथ 10 से 12 फरवरी तक आैर 750 रुपए के विलंब शुल्क के साथ 13 से 16 फरवरी तक परीक्षा फॉर्म जमा हो सकेंगे। दो हजार रुपए के विशेष विलंब शुल्क के साथ विद्यार्थी 17 फरवरी से परीक्षा के एक दिन पहले तक परीक्षा फॉर्म जमा कर सकेंगे।
स्वर्ण गिरि पर्वत पर मित्र मिलन महोत्सव, 500 मित्र शामिल हुए
उज्जैन | भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता के प्रतीक चिरमिया स्थित स्वर्ण गिरि पर्वत पर मित्र मिलन महोत्सव का आयोजन किया गया। विक्रम आंजना तालोद और रणछोड़ आंजना रामाखेड़ी बड़ोद द्वारा आयोजित कार्यक्रम में उनके बचपन से लेकर अब तक के 500 से अधिक मित्र शामिल हुए, जिन्होंने यहां पूजन कर अपने विचार साझा किए। सभी ने मिलकर भोजन बनाया और साथ बैठकर खाया। कवि किशोर पांचाल ने मित्रता के महत्व पर विचार व्यक्त करते हुए कहा कि मित्र जीवन का अहम हिस्सा हैं। अच्छे मित्र सम्मान दिलाते हैं, जबकि बुरे मित्र अपमान का कारण बनते हैं। स्वर्ण गिरि पर्वत श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता का साक्षी है, जहां वे गुरु माता के आदेश पर लकड़ियां लेने आए थे। समिति सदस्य पवन गोयल ने बताया ऐसे आयोजनों के लिए समिति निःशुल्क संसाधन उपलब्ध कराती है।
राजस्थान क्राइम फाइल्स के पार्ट–1 में आपने पढ़ा था कि जालोर में 4 जुलाई 2007 की सुबह एक व्यक्ति अपने घर लौटा तब उसका पूरा परिवार (पत्नी, दो बेटे और बेटी) लहूलुहान हालत में बेसुध पड़े थे। वह 3 जुलाई को अपने पैतृक गांव गया था। 4 जुलाई की सुबह लौटा तो घर में यह हालत देखकर उसके होश उड़ गए। आस-पड़ोस में पता चला तो सभी घर में इकट्ठे हुए। पुलिस भी मौके पर पहुंची। घायलों को हॉस्पिटल पहुंचाया। इस दौरान व्यक्ति के एक बेटे की मौत हो गई। उसका शव जालोर अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया। व्यक्ति को समझ नहीं आ रहा था कि उसके परिवार की यह हालत किसने कर दी। घर में कोई लूट या चोरी जैसे भी हालात नहीं लग रहे थे। वह कुछ समझ पाता तब तक हॉस्पिटल में उसकी पत्नी ने भी दम तोड़ दिया था। बेटे और बेटी की जान बचाने के लिए दोनों को पहले जोधपुर में, फिर जयपुर एसएमएस हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया। जयपुर में इलाज के दौरान बेटे की हालत में सुधार हुआ और वह बयान देने की स्थिति में आया। 9 जुलाई को बेटे ने बताया कि घटना की रात उनका पारिवारिक परिचित घर पर आया था। सभी ने साथ में खाना खाया। बारिश बंद होने के बाद वह बाहर गया। वापस लौटा तब वह रबड़ी कुल्फी के चार पैकेट लाया था। इसे सभी ने खाया। उसके बाद बेहोशी छाने लगी। हल्का होश आया तो देखा कि परिचित उसकी बहन पर कुल्हाड़ी से वार कर रहा था। उसने रोकने की कोशिश की तो उस पर भी वार कर दिया। इस बयान के बाद पुलिस ने परिचित को जालोर से गिरफ्तार किया। पूछताछ में वह वारदात से इनकार करता रहा। जयपुर हॉस्पिटल में बेटी की हालत में सुधार हो रहा था। वह भी बयान देने की स्थिति में आई। मजिस्ट्रेट के सामने 12 जुलाई को बेटी ने अपने बयान दिए। बेटी के बयान के बाद स्थिति साफ हुई कि 3 जुलाई की रात को पूरे परिवार पर जो हमला हुआ आखिर उसका कारण क्या था। बेटी का बयान न्यायिक मजिस्ट्रेट संजय त्रिपाठी ने दर्ज किया। बेटी ने बताया कि 3 जुलाई की रात को परिचित घर पर आया। वह भीगा हुआ था। उसने रात घर पर ही रुकने की इच्छा जताई तो मां ने हां कर दी। बेटी ने बताया कि परिचित से पारिवारिक रिश्ते थे। वह उसे भाई मानती थी। रात को कुल्फी खाकर सभी बेहोश हो गए। उसे भी जब बेहोशी छाने लगी तो परिचित ने उसे कहा कि वह उससे बहुत प्यार करता है। वह उसे शादी के लिए हां कर दे तो वह अपनी पत्नी को छोड़ कर उससे शादी करने को तैयार है। बेटी ने कहा कि वह उसे भाई मानती है। इस पर वह गुस्से में आ गया। उसने कहा कि वह हां बोले नहीं तो वह उसके परिवार काे खत्म कर देगा। वह बार-बार न बोलती रही तो वह कुल्हाड़ी लाया और उससे उसकी मां पर हमला किया। एक भाई की गर्दन और दूसरे भाई के पैर पर वार किए। बेटी की गर्दन पर कुल्हाड़ी से वार कर वहां से भाग गया। बहन-भाई के बयान के बाद हत्या का राज खुला, लेकिन 24 जुलाई को भाई व 27 जुलाई को बहन की जयपुर हॉस्पिटल में मौत हो गई थी। पुलिस परिचित को गिरफ्तार कर चुकी थी। उसकी निशानदेही पर कुल्हाड़ी भी बरामद की। पोस्टमाॅर्टम की रिपोर्ट में बॉडी में जहर की भी पुष्टि हुई थी। मामला जालोर के फास्ट ट्रैक कोर्ट में चला। 28 सितंबर 2010 को दोषी युवक को मृत्युदंड की सजा सुनाई गई। इस आरोप के खिलाफ उसकी ओर से उसके वकील ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। इसकी सुनवाई के बाद 4 मई 2011 को मृत्युदंड को आजीवन कारावास में बदला गया। कुल्फी खिलाकर कुल्हाड़ी से पूरे परिवार को काट डाला:पत्नी-बच्चों को लहूलुहान देखकर होश उड़े, देर रात परिचित आया था घर में; पार्ट-1
एलआईजी से नौलखा तक एलिवेटेड कॉरिडोर के लिए बैरिकेडिंग शुरू
एलआईजी से नौलखा चौराहे तक प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर निर्माण के लिए अहमदाबाद की एजेंसी ने पूर्व में मौजूद बीआरटीएस रैलिंग पर बैरिकेडिंग शुरू कर दी है। 7 फरवरी को प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों के साथ होने वाली बैठक में इसका अलाइनमेंट फाइनल होगा और अधिकतम 10 दिन में काम तेजी से शुरू कर दिया जाएगा। यह एलिवेटेड कॉरिडोर करीब 350 करोड़ रुपए की लागत से लोक निर्माण विभाग के ब्रिज सेल द्वारा बनाया जा रहा है। ब्रिज सेल की कार्यपालन यंत्री गुरनीत कौर भाटिया ने बताया जब तक शुरुआती कार्य होगा तब तक नई जनरल अरेंजमेंट ड्राइंग (जीएडी) स्वीकृत करवा ली जाएगी। कॉरिडोर का टेंडर वर्ष 2021 में ही अलॉट हो चुका है, लेकिन पिछले पांच सालों से अलग-अलग कारणों से अटके इस प्रोजेक्ट में अब जाकर गति आई है। निरंजनपुर से राऊ तक बनाने का प्रस्ताव, योजना बनाना होगी कुछ जनप्रतिनिधियों ने इसे निरंजनपुर से लेकर राऊ तक बनाने का प्रस्ताव दिया है, जिसके लिए अलग से योजना बनाना होगी। भाटिया का कहना है कि निर्माण एजेंसी को टेंडर के बजट में ही काम पूरा करके देना होगा। उन्हें टर्मिनेट नहीं किया गया है। इस प्रोजेक्ट के लिए केंद्र से राशि स्वीकृत हुई है।
कमला नेहरू अस्पताल में मंगलवार को लिवर कैंसर से पीड़ित मात्र दो साल की मासूम माही का ट्रांस-आर्टेरियल कीमोएंबोलाइजेशन (टीएसीई) तकनीक से सफलतापूर्वक उपचार किया गया। यह अस्पताल में इस अत्याधुनिक प्रक्रिया का पहला मामला है। अस्पताल के इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी, मेडिकल ऑन्कोलॉजी और सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विभाग के विशेषज्ञ डॉक्टरों की संयुक्त टीम ने बिना चीरे के इस उपचार को अंजाम दिया। निदेशक (प्रशासन) हरिओम सिंह ने बताया कि टीएसीई तकनीक से कीमोथेरेपी दवाओं की उच्च मात्रा को सीधे चयनित धमनी के माध्यम से ट्यूमर तक पहुंचाया गया, जिससे माही के स्वास्थ्य में तेजी से सुधार हो रहा है। टीम में इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी के डॉ. दक्ष चंद्र, मेडिकल ऑन्कोलॉजी कंसल्टेंट डॉ. मानस दुबे और सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. सपन श्रीवास्तव शामिल थे। निदेशक ने कहा कि ट्यूमर बोर्ड की सिफारिश पर ही यह उन्नत तकनीक अपनाई गई। यह सफलता छोटे बच्चों के कैंसर उपचार में नई उम्मीद जगाती है। ट्रांस-आर्टेरियल कीमोएंबोलाइजेशन (टीएसीई) तकनीक एक न्यूनतम इनवेसिव (कम चीर-फाड़ वाली) तकनीक है, जिसका उपयोग मुख्य रूप से लिवर कैंसर (हेपेटोसेल्यूलर कार्सिनोमा) के इलाज के लिए किया जाता है। यह तकनीक कैंसर कोशिकाओं को सीधे कीमोथेरेपी पहुंचाने और ट्यूमर को पोषण देने वाली रक्त आपूर्ति को बंद करने के लिए एंजियाग्राफी का उपयोग करती है। यह प्रक्रिया ट्यूमर को सिकोड़ने या नष्ट करने में मदद करती है, जबकि स्वस्थ ऊतकों को न्यूनतम नुकसान होता है।
पंचायतीराज चुनाव:बाड़मेर में 1203171 वोटर, अब 36334 मतदाता नए जुड़ेंगे, 6000 के नाम कटेंगे
पंचायतीराज चुनाव को लेकर तैयारियां शुरू हो गई है। एसआईआर के बाद 14 फरवरी को मतदाताओं की अंतिम सूची जारी की जाएगी। फिलहाल एसआईआर में नाम जोड़ने, काटने और संशोधन को लेकर आपत्तियों की जांच चल रही है। इसके बाद अंतिम रूप से इन आपत्तियों पर सुनवाई कर बाड़मेर जिले की सभी 4 विधानसभाओं की बूथवार फाइनल सूची जारी की जाएगी। हालांकि एआईआर में बीएलए-2 की ओर से फॉर्म-7 भरने की गड़बड़ियों को लेकर कांग्रेस की ओर से आरोप लगाए थे, सैकड़ों फॉर्म फर्जी तरीके से भरे जाने के बाद एसडीएम स्तर पर इन फॉर्म की जांच की जा रही है। आपत्तियों के बाद वास्तविक और कटने योग्य मतदाता के ही फॉर्म-7 स्वीकार किए है। ऐसे में बाड़मेर के 1203181 वोटर में 18 वर्ष की आयु वाले करीब 36334 से ज्यादा वोटर जुड़ेंगे। वहीं 6 हजार नाम कटेंगे। भास्कर एक्सप्लेनर - बाटाडू, विशाला, मांगता व चौहटन समिति हो सकती है आरक्षित बाड़मेर जिले में बायतु, आडेल, मांगता, शिव, भियाड़, रामसर, बाड़मेर, विशाला, डूगेरो का तला, धनाऊ, चौहटन, लीलसर, गडरारोड, बाटाडू, सेड़वा, फागलिया, बाड़मेर ग्रामीण पंचायत समितियां है। इनमें 269 पंचायत समिति सदस्य चुने जाएंगे। इनमें करीब 45 वार्ड एससी, 13 एसटी के लिए आरक्षित हो सकते हैं। इनके अलावा इन पंचायत समितियों में 625 ग्राम पंचायतें है। इनमें करीब 113 ग्राम पंचायतें एससी व 39 एसटी के लिए आरक्षित हो सकती है। इनके अलावा 17 पंचायत समितियों में बाटाडू, विशाला, मांगता पंचायत समिति एससी और चौहटन एसटी के लिए आरक्षित हो सकती है। इन समितियों में एससी-एसटी की आबादी ज्यादा है। बाड़मेर जिले में 2011 की जनगणना के अनुसार 1308992 आबादी है, इसमें एससी 232794 यानि 17.78% व एसटी 84332 यानि 6.44% है। इसी वजह से जिला परिषद के 37 वार्डों में 7 वार्ड एससी, 2 वार्ड एसटी के लिए आरक्षित हो सकते है। ऐसे में 28 वार्डों में ओबीसी और सामान्य चुनाव लड़ सकता है। 18 साल की उम्र वाले 36 हजार नए वोटर जुड़ेंगे वर्तमान में हर बूथ स्तर पर एसआईआर का काम चल रहा है। इसमें नए वोटर जोड़ने, पुराने काटने, नाम संशोधन सहित कई प्रक्रियाएं चल रही है। ऐसे में फॉर्म-6 नए नाम जोड़ने के लिए भरा गया है। इसमें करीब 36334 मतदाता है, जो पहली बार वोट डालेंगे। 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले नए वोटर को जोड़ने के लिए फॉर्म-6 से 36334 आवेदन आए है। इसी तरह नाम काटने के लिए बीएलए-2 और अन्य आपत्तियों से जुड़े फॉर्म-7 के 5980 आवेदन आए है। इन आवेदनों की जांच के बाद नाम कटने पर मुहर लग सकती है। इसी तरह नाम संशोधन सहित अन्य त्रुटियों से जुड़े 16987 फॉर्म-8 के आवेदन आए है। नाम जुड़ने वाले नए युवा वोटरों में सर्वाधिक गुड़ामालानी विधानसभा में 9759, शिव में 9643, चौहटन में 9059, बाड़मेर में 7873 मतदाता है।
इंदौर और आसपास के इलाकों में बसाहट के बीच आ रहे तेंदुओं का रेस्क्यू आसपास के जंगलों के लिए भारी पड़ रहा है। महू, सनावदिया, देवगुराड़िया, जामनियाखुर्द, मोरोद व अन्य स्थानों से किए गए रेस्क्यू के बाद तेंदुओं को या तो चोरल के घने जंगल या फिर इंदिरा सागर अभयारण्य में छोड़ा जा रहा है। इससे इन स्थानों पर तेंदुओं की संख्या न केवल बढ़ रही है, बल्कि आसपास के गांवों में तेंदुए भोजन, पानी की तलाश में पहुंच रहे हैं। दरअसल, इंदौर या आसपास तेंदुए पकड़े जाने पर उन्हें छोड़ने के विकल्प ही सीमित हैं। गांधी सागर अभयारण्य में चीतों को छोड़ा गया है। वहां पर तेंदुए को नहीं छोड़ा जा सकता। तेंदुओं और चीतों में संघर्ष की स्थिति बन सकती है। श्योपुर में चीतों को छोड़ने के बाद तेंदुओं को वहां से शिफ्ट किया गया था। इंदौर वन मंडल में ही तेंदुओं की संख्या 60 से 70 के बीच है। यहां के तेंदुओं को पकड़कर बड़वाह, चोरल में छोड़ने पर वहां संख्या दोगुना हो रही है। 14 महीने में 24, पांच साल में 66 को भेजा रालामंडल स्थित रेस्क्यू सेंटर के आंकड़े बताते हैं कि 14 महीने में 24 तेंदुओं का रेस्क्यू किया गया है। इनमें से 20 को जंगलों में छोड़ा गया है। वहीं 5 साल में 66 का रेस्क्यू किया गया है। नतीजा यह हो रहा है कि बड़वाह, खंडवा, खरगोन, महेश्वर, मंडलेश्वर जैसे इलाकों में आए दिन तेंदुए की मूवमेंट की खबरें सामने आ रही हैं। शहरी क्षेत्र में बन रहे स्थायी ठिकाने तेंदुआ एकांतप्रिय जानवर है। थोड़ी भी मानवीय हलचल होने पर ठिठक जाता है, लेकिन इनकी बढ़ती संख्या के चलते ऐसा हो रहा है कि थोड़ी सी झाड़ियों वाले इलाकों में भी ये रहवास बना रहे हैं। सहारा सिटी, बायपास की तमाम टाउनशिप, देवगुराड़िया जैसे स्थान इसका उदाहरण हैं। रालामंडल में ही इनकी संख्या पांच हो गई है। यहां लगाए सीसीटीवी कैमरों में अकसर इनकी मूवमेंट हो रही है। आईआईटी कैंपस में तो स्थायी रूप से पिंजरे लगे रहते हैं। यहां लगे सीसीटीवी कैमरों में जगह-जगह यह रात से तड़के के बीच घूमता दिखता है। पिंजरा लगाने में विभाग कर रहा सख्ती भोपाल से आला अधिकारियों ने डीएफओ को पत्र लिखकर कहा है कि तेंदुओं की मूवमेंट की खबर आने पर अपने स्तर पर पिंजरे नहीं लगाएं। पहले प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य प्राणी) को इसकी सूचना देना होगी। लोकेशन बताना होगी कि किस स्थान पर मूवमेंट हो रही है। वन क्षेत्र से लगे गांवों में तेंदुआ आता है तो पिंजरा लगाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इधर, वन मंडल के अफसरों की मुसीबत यह हो गई कि तेंदुआ आने पर पिंजरा लगाने में देरी होने पर लोग नाराज हो रहे हैं।
बिहार में मौसम का मिजाज बदला हुआ है। मौसम विभाग ने आज दरभंगा, मुजफ्फरपुर, कटिहार समेत 25 जिलों में घने कोहरे को लेकर यलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में 100 मीटर के आसपास विबिजिलिटी रहने की संभावना है। सुबह और देर रात घनी धुंध छाई रहेगी। साथ ही लोगों को कनकनी ज्यादा महसूस हो सकती है। बीते 24 घंटे में 3 जिलों में कोहरा दिखाई दिया। इन जिलों में विजिबिलिटी लगभग 100 मीटर के आसपास रही। वहीं, 8C न्यूनतम तापमान के साथ भागलपुर सबसे ठंडा जिला रहा। कई जिले में 2 दिनों से क्यों छा रहा घना कोहरा पिछले 2 दिनों से राज्य के कई जिलों में लगातार घना कोहरा दिख रहा है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इसका मेन कारण उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ का कमजोर प्रभाव और वातावरण में नमी का बढ़ना है। रात में हवा की रफ्तार काफी कम हो जा रही है, जिससे नमी जमीन के पास ही जमा हो रही है। साथ ही न्यूनतम तापमान में बहुत ज्यादा गिरावट नहीं होने के कारण कोहरे की स्थिति और मजबूत हो गई है। साफ आसमान और शांत मौसम की वजह से सुबह के समय कोहरा देर तक छाया रह रहा है। 24 घंटे में नहीं होगा मौसम में कोई बड़ा बदलाव मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक फिलहाल किसी बड़े मौसमी सिस्टम के सक्रिय होने के संकेत नहीं हैं। यही कारण है कि अगले 24 घंटे तक मौसम में बड़े बदलाव की संभावना कम है। वैज्ञानिकों ने बताया कि सुबह-शाम हल्की ठंड बनी रहेगी, लेकिन दिन में धूप निकलने से तापमान सामान्य रह सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि जैसे ही हवा की स्पीड बढ़ेगी या बादल छाएंगे, कोहरे की तीव्रता में कमी आ सकती है। पटना में सुबह दिख सकता हल्का कोहरा राजधानी की बात करें, तो यहां सुबह में हल्का से मध्यम कोहरा देखने को मिल सकता। हालांकि दिन चढ़ने के साथ कोहरा छंटने की संभावना है और मौसम साफ रहेगा। पटना में न्यूनतम और अधिकतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं है। सुबह-शाम हल्की ठंड महसूस हो सकती, जबकि दोपहर में मौसम सुहावना रहेगा। मौसम विभाग ने पटना में फिलहाल किसी तरह का अलर्ट जारी नहीं किया है। मौसम विभाग के अनुसार, यलो अलर्ट वाले जिलों को छोड़कर राज्य के अन्य हिस्सों में मौसम सामान्य बना रहने का अनुमान है। कहीं-कहीं हल्का कोहरा जरूर देखने को मिल सकता है, लेकिन उसका असर ज्यादा नहीं होगा।
सड़क हादसा:एसयूवी की टक्कर से खड़ी बाइक पर बैठे 3 लोग खेत की तारबंदी के ऊपर से उछले, दो की मौत
गुड़ामालानी क्षेत्र के बांटा-गुड़ामालानी रोड पर मंगलवार की दोपहर को करीब 2:30 बजे सड़क हादसे में दो लोगों की मौत हो गई और एक गंभीर रूप से घायल हो गया। रामदेव मंदिर के पास रॉन्ग साइड से आ रही एक तेज रफ्तार काले रंग की एसयूवी ने सड़क किनारे खड़ी बाइक को सामने से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि बाइक सवार युवक और उसके साथ बैठे बुजुर्ग हवा में उछलकर सड़क किनारे लगी तारबंदी के ऊपर से होते हुए सीधे खेत में जा गिरे। हादसे में बाइक पूरी तरह चकनाचूर हो गई। दुर्घटना में बाइक सवार 2 लोगों की मौत हो गई। वहीं एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। दुर्घटना के बाद गाड़ी चालक मौके से फरार हो गया। टक्कर की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे। भीड़ को आता देख चालक गाड़ी सड़क किनारे छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने गाड़ी को जब्त कर चालक को गिरफ्तार किया है। बहन के ससुर को बस स्टैंड छोड़ने जा रहा था पलियाली निवासी भंवरलाल (33) पुत्र गुणेशाराम अपनी छोटी बहन के ससुर ईशराम (55) रूड़ाराम निवासी रामपुरा (जालोर) को गुड़ामालानी बस स्टैंड छोड़ने के लिए जा रहा था। रास्ते में रामदेव मंदिर के पास उनके चाचा देवाराम खड़े थे। भंवरलाल ने वहां बाइक रोकी,इसी दौरान सामने से आ रही अनियंत्रित एसयूवी ने तीनों को चपेट में ले लिया। भंवरलाल की मौके पर ही मौत हो गई थी। ईशराम और देवाराम को सांचौर रेफर किया। सांचौर अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने ईशराम को मृत घोषित कर दिया। जबकि देवाराम का इलाज चल रहा है। भंवरलाल हैदराबाद में स्टील रेलिंग का काम करता था। पूरे परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य था। एक बेटा और एक बेटी है। घर में जागरण में शामिल होने वह 26 जनवरी को गांव आया था।
नमस्कार, कल की बड़ी खबर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी से जुड़ी रही। कोर्ट ने कहा कि जिन्हें बैट पकड़ना नहीं आता, वे क्रिकेट संघ में हैं। दूसरी बड़ी खबर भारत-US डील के असर की रही। इसकी वजह से मार्केट चढ़ा और रुपया मजबूत हुआ। ⏰ आज के प्रमुख इवेंट्स, जिन पर रहेगी नजर... कल की बड़ी खबरें... 1. संसद में राहुल के भाषण पर लगातार दूसरे दिन हंगामा, नरवणे पर आर्टिकल दिखाया, तो स्पीकर ने रोका लोकसभा में राहुल गांधी की स्पीच पर लगातार दूसरे दिन हंगामा हुआ। राहुल ने जैसे ही पूर्व आर्मी चीफ नरवणे की अनपब्लिश्ड बुक के आर्टिकल को सदन में पेश किया। वैसे ही NDA सांसदों ने टोकना शुरू कर दिया। हंगामा बढ़ने पर विपक्षी सांसदों ने स्पीकर कृष्णा प्रसाद की तरफ पेपर उछाले। मामले में 8 सांसदों को पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया है। राहुल बोले- मुझे बोलने नहीं दिया जा रहा: राहुल ने कहा, 'मैं विपक्ष का नेता हूं। मैंने राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा उठाया है। मैं सदन को बता रहा हूं कि चाइना-इंडिया के बीच में क्या-क्या हुआ। पूर्वी लद्दाख में हमारे सैनिक शहीद हुए। लेकिन मुझे बोलने से रोका जा रहा है।' दरअसल, राहुल का कहना है कि 2020 में चीनी टैंक लद्दाख सीमा में पहुंच गए थे। वे यह बात पूर्व आर्मी चीफ नरवणे की अनपब्लिश्ड बुक के हवाले से कह रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर… 2. सरकार ने भारत-US डील को ऐतिहासिक बताया, पीयूष गोयल बोले- हर भारतीय को गर्व होगा केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने भारत-US डील को ऐतिहासिक बताया। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि यह एक ऐसी डील है, जिस पर हर भारतीय को गर्व होगा। इससे इससे भारत का निर्यात बढ़ेगा। इससे हमारे इंजीनियरिंग सेक्टर्स के पार्ट्स बनाने वाले, टेक्सटाइल, मरीन गुड, ज्वेलर सेक्टर समेत सभी मैन्यूफेक्चरिंग सेक्टर को बहुत सारे मौके मिलेंगे। गोयल की 2 बड़ी बातें... राहुल गांधी समेत विपक्ष के तमाम नेता इस डील का विरोध इसलिए कर रहे हैं, क्योंकि उनकी सोच नकारात्मक है। इसके लिए उन्हें देश से माफी मांगनी चाहिए। राहुल देश को गुमराह कर रहे हैं। अमेरिकी के साथ ट्रेड डील से देश को फायदा होगा। देश-विदेश में इसकी तारीफ हो रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प का धन्यवाद, उन्होंने PM मोदी की मित्रता का सम्मान किया। अन्य देशों के मुकाबले हमसे अच्छा ट्रेड डील किया। राहुल बोले- PM ने समझौता किया: कांग्रेस नेता ने कहा कि PM मोदी ने अमेरिकी ट्रेड डील में जनता के मेहनत के खून-पसीने को बेच दिया है। क्योंकि उन पर बहुत प्रेशर है। दरअसल, ट्रम्प ने सोमवार को भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने भारत पर लगाए गए 50% टैरिफ को घटाकर 18% कर दिया है। ट्रम्प ने यह भी कहा कि भारत अब रूस से तेल खरीदना अब बंद कर देगा। पढ़ें पूरी खबर… 3. ‘यूपी पुलिस मारे नहीं तो क्या गोली खाए’, एनकाउंटर पर योगी का जवाब सीएम योगी ने यूपी में अपराधियों के एनकाउंटर को लेकर बयान दिया। उन्होंने कहा‘2012 से 2017 के बीच यूपी में 900 से ज्यादा दंगे हुए। ऐसा कोई शहर नहीं था, जिसने कर्फ्यू का दौर न देखा हो। काई व्यापारी ऐसा नहीं था, जिसने गुंडा टैक्स न दिया हो। अपराध हावी था। ऐसे वक्त पर मुझे दायित्व सौंपा। हमने तय किया- जीरो टॉलरेंस।’ योगी बोले- अपनों के लिए भी यही कानून ‘अगर अपना व्यक्ति भी गलत करेगा तो उसके लिए भी वही कानून लागू होगा, जो माफिया और अपराधी के लिए है। बहुत बार लोग टिप्पणी करते हैं कि पुलिस ने गोली क्यों मार दी। अगर पुलिस गोली न मारे तो क्या खाए। दोनों काम एक साथ नहीं चल सकते।’ पढ़ें पूरी खबर… 4. सुप्रीम कोर्ट बोला- जिन्हें बैट पकड़ना नहीं आता, वे क्रिकेट संघों में; इसमें रिटायर्ड क्रिकेटरों को जगह मिले सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि खेल संस्थाओं का नेतृत्व ऐसे लोगों के हाथ में होना चाहिए, जो खेल को समझते हों। CJI सूर्यकांत के नेतृत्व वाली बेंच ने कहा कि क्रिकेट संघों में रिटायर्ड क्रिकेटरों को जगह मिलनी चाहिए, न कि ऐसे लोगों को जिन्हें बैट पकड़ना नहीं आता। बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश पर रोक से इनकार: सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के उस आदेश में दखल देने से इनकार कर दिया, जिसमें महाराष्ट्र क्रिकेट एसोसिएशन (MCA) के चुनाव पर रोक लगाई गई थी। ये चुनाव 6 जनवरी को होने थे, लेकिन उनमें भाई-भतीजावाद और पक्षपात के आरोप लगे थे। पढ़ें पूरी खबर... 5. सेंसेक्स 2073 अंक चढ़ा, निफ्टी भी 639 अंक ऊपर; रुपया मजबूत हुआ भारत-अमेरिका ट्रेड डील के बाद शेयर मार्केट में तेजी देखने को मिली। सेंसेक्स 2073 अंक (2.54%) बढ़कर 83,739 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 639 अंक (2.55%) की तेजी के साथ 25,728 पर बंद हुआ। वहीं, डॉलर के मुकाबले रुपया 129 पैसे मजबूत होकर 90.20 रुपए पर आ गया है। अडाणी के शेयर 11% तक चढ़े: भारत और अमेरिका के बीच हुई ट्रेड डील से अडाणी ग्रुप के शेयर 11% तक चढ़े हैं। अडाणी ग्रुप का अमेरिका में कई सेक्टर्स में बड़ा कारोबार है, इसलिए इसके शेयरों में तेजी है। अडाणी ग्रीन 10.43% उछलकर ₹932 पर पहुंच गया है। अडाणी एंटरप्राइजेज 10.58% बढ़कर ₹2,206 पर बंद हुआ। अडाणी पोर्ट्स का शेयर 9.19% चढ़कर ₹1,532 पर पहुंच गया। अडाणी पावर का शेयर 7.36% बढ़कर ₹144 पर पहुंच गया। चांदी-सोना महंगा हुआ: MCX पर चांदी 32,422 रुपए बढ़कर 2,78,683 रुपए प्रति किलो पर आ गई है। वहीं, सोना 7,307 रुपए महंगा होकर 1,49,000 रुपए पर आ गया है। पढ़ें पूरी खबर… 6. SC बोला- मेटा-वॉट्सएप कानून मानें या भारत छोड़ें, डेटा शेयर करने की इजाजत नहीं देंगे सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वॉट्सएप और मेटा भारतीय कानून माने, नहीं तो देश छोड़ दे। CJI सूर्यकांत ने कहा कि इन एप्स में प्राइवेसी से जुड़ी शर्तें इतनी चालाकी से लिखी जाती हैं कि आम आदमी उन्हें समझ नहीं पाता। उनका डेटा चोरी होने का खतरा रहता है। हम नागरिकों की प्राइवेसी से समझौता नहीं होने देंगे। मेटा ने याचिका लगाई थी: कंपटीशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI) ने नवंबर 2024 में 213 करोड़ का जुर्माना लगाया था, यह कहते हुए कि पॉलिसी यूजर डेटा का दुरुपयोग करती है। मेटा ने इसी जुर्माने और कार्रवाई को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। पढ़ें पूरी खबर... 7. मणिपुर के 13वें सीएम युमनाम खेमचंद होंगे, भाजपा विधायक दल के नेता चुने गए बीजेपी नेता युमनाम खेमचंद सिंह मणिपुर के 13वें मुख्यमंत्री होंगे। BJP विधायक दल की बैठक में उन्हें नेता चुना गया है। शपथ ग्रहण समारोह आज हो सकता है।भाजपा सूत्रों के मुताबिक, कुकी-जो समुदाय को संतुष्ट करने के लिए 10 कुकी विधायकों में से एक को डिप्टी सीएम का पद दिया जा सकता है। मणिपुर हिंसा में 260 लोगों की मौत: मणिपुर में मैतेई और कुकी समुदायों के बीच मई 2023 में हिंसा की शुरुआत हुई थी। इसमें अब तक करीब 260 लोगों की मौत हुई और हजारों लोग विस्थापित हुए। लगातार जारी हिंसा के बीच ही 9 फरवरी 2025 तत्कालीन मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने इस्तीफा दे दिया था। पढ़ें पूरी खबर... आज का कार्टून ️ बयान जो चर्चा में है... खबर हटके... गाय खरीदने गए शख्स की जबरन शादी फोटो जो खुद में खबर है भास्कर की एक्सक्लूसिव स्टोरीज, जो सबसे ज्यादा पढ़ी गईं… करेंट अफेयर्स करेंट अफेयर्स से जुड़ी अन्य जानकारी के लिए यहां क्लिक करें... ⏳आज के दिन का इतिहास बाजार का हाल ️ मौसम का मिजाज वृष राशि वालों को निवेश से फायदा मिल सकता है। धनु राशि के लोगों के कामकाज में सुधार होगा। जानिए आज का राशिफल... आपका दिन शुभ हो, पढ़ते रहिए दैनिक भास्कर ऐप… मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें...
वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने मंगलवार को नई सरकार का पहला बजट पेश किया। जो पिछली बार से सिर्फ 30 हजार करोड़ ज्यादा है। मतलब 3.47 लाख करोड़ रुपए का बजट। 13 करोड़ की आबादी का भविष्य तय करने वाले बजट को मंत्री ने सिर्फ 12 मिनट में पढ़ दिया। ना कोई नया ऐलान और ना कोई सुधारात्मक कदम उठाए गए। बजट का 60% हिस्सा यानी 1.56 लाख करोड़ रुपए सैलरी-पेंशन और ब्याज पर खर्च होंगे। बाकी के बचे 1.52 लाख करोड़ में सारा काम होगा। चुनाव में जीत के बाद निवेश लाने का दावा करने वाली सरकार ने उद्योग और निवेश से जुड़े विभागों का बजट 1 प्रतिशत से भी कम कर दिया है। इस बार सबसे अधिक एजुकेशन पर 68 हजार करोड़ करने का प्रावधान किया गया है। वहीं, 5 साल में एक करोड़ युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। बिहार में 5 नए एक्सप्रेस-वे बनेंगे और प्रदेश के सभी सिंगल लेन वाली सड़कें डबल होंगी। बिहार को टैक्स से 65 हजार 800 करोड़ रुपए प्राप्ति का अनुमान है। इसमें वाणिज्य कर से 50 हजार करोड़, स्टांप एवं निबंधन शुल्क से 10 हजार करोड़, परिवहन कर से 5 हजार करोड़ और भू-राजस्व मद से 800 करोड़ रुपए का आंकलन है। किसानों को सालाना 6000 की जगह 9000 मिलेंगे नीतीश सरकार ने बिहार में किसान सम्मान निधि योजना की राशि डेढ़ गुना कर दी है। सरकार ने जननायक कर्पूरी ठाकुर किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत की है। इसके तहत किसानों को हर साल में 3000 रुपए मिलेंगे। यह राशि पीएम किसान सम्मान निधि की मौजूदा राशि के साथ ही डीबीटी के माध्यम से किसानों के खाते में सीधे ट्रांसफर की जाएगी। वित्त मंत्री बिजेंद्र यादव ने कहा, ‘पिछले कुछ सालों में बजट का आकार बढ़ा है। ज्ञान, ईमान, विज्ञान, अरमान और सम्मान से बिहार तेजी से आगे बढ़ेगा। ‘सबका सम्मान-जीवन आसान’ की दिशा में सरकार काम कर रही है।’ 2025-26 में बिहार की आर्थिक वृद्धि 14 .9 फीसदी की दर से बढ़ने का अनुमान है। बिजेंद्र यादव ने 12 मिनट में बजट भाषण खत्म किया। किस नेता ने क्या कहा
मौसम के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार झारखंड में अगले एक सप्ताह तक मौसम का मिजाज लगभग एक जैसा बना रहेगा। मौसम विभाग ने बताया है कि राज्य के अधिकांश जिलों में सुबह के समय हल्के से मध्यम दर्जे का कोहरा या कुहासा देखने को मिल सकता है। इसके बाद जैसे-जैसे दिन चढ़ेगा, कोहरा छंट जाएगा और आसमान आंशिक से लेकर मुख्य रूप से साफ रहेगा। मौसम शुष्क रहने के कारण दिन में धूप निकलेगी, लेकिन सुबह और रात के समय ठंड का असर बना रहेगा। कई जिलों में सुबह-सुबह रहेगा कुहासा रांची, बोकारो, हजारीबाग, रामगढ़, खूंटी, गुमला, लोहरदगा, कोडरमा और धनबाद जिलों में मौसम पूरी तरह शुष्क रहेगा। सुबह हल्का कोहरा रहने के बाद दिन में मौसम साफ हो जाएगा। पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सिमडेगा और सरायकेला-खरसावां जिलों में भी सुबह के समय कोहरा छाने के आसार हैं, जबकि दिन में धूप खिली रहेगी। वहीं पलामू, गढ़वा, चतरा और लातेहार तथा देवघर, दुमका, गिरिडीह, गोड्डा, जामताड़ा, पाकुड़ और साहिबगंज जिलों में भी मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। तापमान में धीरे-धीरे गिरावट, ठंड बढ़ेगी मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों तक न्यूनतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है, लेकिन इसके बाद तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। रांची और आसपास के इलाकों में अधिकतम तापमान 25 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहेगा। जबकि न्यूनतम तापमान 9 से 13 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। 5 फरवरी के बाद न्यूनतम तापमान में गिरावट के कारण सुबह और रात के समय ठंड का असर बढ़ेगा। मौसम विभाग ने फिलहाल 9 फरवरी तक के लिए किसी तरह का अलर्ट जारी नहीं किया है। रातें ज्यादा सर्द, दिन में हल्की गर्मी पूर्वानुमान के अनुसार उत्तर-पूर्वी झारखंड के जिलों में अधिकतम तापमान 25 से 28 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा, जबकि न्यूनतम तापमान 10 से 13 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। मध्य झारखंड में न्यूनतम तापमान में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिलेगी और गुमला में पारा 7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। दक्षिण झारखंड में दिन के समय अधिकतम तापमान 28 से 31 डिग्री सेल्सियस तक रहेगा, लेकिन रातें यहां भी ठंडी होंगी। उत्तर-पश्चिमी जिलों में न्यूनतम तापमान 8 से 10 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है। कुल मिलाकर प्रदेश में दिन-रात के तापमान का अंतर बढ़ेगा और ठंड का असर खासकर सुबह-शाम ज्यादा महसूस होगा।
कमरोरा गांव में सोमवार दोपहर दो हत्याओं ने पूरे इलाके को दहला दिया। 20 साल की युवती खेत पर अपने भाई को खाना देने जा रही थी। रास्ते में गांव के ही प्रकाशसिंह (25) पिता बल्लू भिलाड़ा ने युवती से जबरदस्ती की कोशिश की। युवती ने विरोध किया, शोर मचाया तो आरोपी ने धारदार हथियार से उसके चेहरे और गर्दन पर कई वार किए। युवती की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी भाग गया। खबर मिलते ही परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो उठे। उन्होंने आरोपी को पकड़कर जमकर पिटाई की, जिससे आरोपी की भी मौत हो गई। पुलिस ने अब तक इस दोहरे हत्याकांड में छह लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें मृतक युवती के दो चाचा और भाई शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपी युवक गांव का ही रहने वाला था। युवती रोज की तरह खेत पर खाना देने जा रही थी, तभी यह वारदात हुई। 12वीं तक पढ़ी थी मृतक युवती 12वीं तक पढ़ी थी। आरोपी और युवती दोनों के घर गांव में आसपास ही बने थे और दोनों एक ही समाज से थे। दो जिंदगियों के खत्म होने के बाद पूरे गांव में सन्नाटा और डर का माहौल है। इधर, एएसपी कमलेश खरपुसे ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और पुलिस अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि पूरे मामले की निष्पक्ष और गहराई से जांच की जाए। दो दिन पहले ही गांव आया था आरोपी : प्रकाशसिंह भिलाड़ा ट्रक ड्राइवर था और ज्यादातर समय बाहर रहता था। दो दिन पहले ही वह गांव आया था। उसकी शादी नहीं हुई थी। ग्रामीणों के मुताबिक घटना वाले दिन उसे खेत वाले रास्ते पर घूमते देखा गया था। जिस ट्रक को वह चलाता था, उसी में उसका शव गांव लाया गया।
भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री के पावर स्टार पवन सिंह ने एक एक्ट्रेस को शादी का ऑफर दिया है। वह एक लाइव शो में थे। एक्ट्रेस और पवन सिंह के बीच सवाल-जवाब हो रहा था। एक्ट्रेस ने कहा- वह लड़का खोज रही हैं। इस पर पवन सिंह ने खुद का ही प्रपोजल उन्हें दे डाला। VIDEO में देखिए पूरी बातचीत और जानिए क्या पवन सिंह तीसरी शादी करने वाले हैं…
ऊपर Video पर क्लिक करें और देखें... आज यूपी की राजनीति और सरकारी विभागों की कौन सी बात खरी है.…
‘भाई साहब सड़कें खुदी पड़ी हैं। जितने भी प्रधान आए हैं, उन सभी के गांवों में समस्या है। हर घर नल योजना में जमकर लापरवाही हुई है। मैं क्या जवाब दूं?’ - बृजभूषण राजपूत, चरखारी विधायक ‘मैं 40 गांव चलने को तैयार हूं। पानी दिलाना हमारा काम है। अफसर मेरे साथ हैं। अगर कहीं सड़कें खुदी हैं और पानी नहीं मिल रहा है तो अफसरों को सस्पेंड कर दूंगा।’ - स्वतंत्र देव सिंह, जलशक्ति मंत्री यूपी के महोबा जिले में भाजपा विधायक बृजभूषण राजपूत और कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के बीच 30 जनवरी को टकराव हुआ। अब ये मुद्दा सोशल मीडिया और गांव-गली में कुर्मी बनाम लोधी समाज का रूप ले रहा है। लोग इसे दो जातियों के बीच वर्चस्व की लड़ाई मान रहे हैं। भाजपा के लिए भी ये चिंता का विषय बन गया है। बृजभूषण लोधी समाज से आते हैं, जबकि स्वतंत्र देव सिंह कुर्मी। दोनों समाज की ताकत क्या है? राजनीतिक विश्लेषक इस पूरे प्रकरण को कैसे देखते हैं, पढ़िए ये खास खबर… पहले पूरा मामला समझिए…30 जनवरी को जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह महाेबा में एक कार्यक्रम में पहुंचे थे। वहां से निकले तो रास्ते में चरखारी विधायक बृजभूषण सिंह ने उनका काफिला रोक लिया। बृजभूषण के साथ करीब 100 से अधिक ग्राम प्रधानों का आरोप था कि जल जीवन मिशन के काम पूरे नहीं हुए हैं। पाइप लाइन लीकेज होने, नल कनेक्शन नहीं मिलने, टंकी टूटने और टंकी नहीं बनने से जनता परेशान है। इसको लेकर मंत्री और विधायक के बीच नोक-झोंक हुई। इसके बाद सोशल मीडिया पर स्वतंत्र सेना के पेज से बृजभूषण राजपूत को घेरा जा रहा है, कुर्मी समाज के युवा और नेता भी बृजभूषण पर आरोप लगा रहे हैं। वहीं, बृजभूषण राजपूत के समर्थक और लोधी समाज के युवा, स्वतंत्र देव सिंह को कटघरे में खड़ा कर तरह-तरह के आरोप लगा रहे हैं। पूरा विवाद कुर्मी बनाम लोधी समाज का होता जा रहा है, जिसने भाजपा की चिंता बढ़ा दी है। पार्टी को फीडबैक मिल रहा है कि इससे दोनों जनप्रतिनिधियों से जुड़ी जातियों और समर्थकों में नाराजगी है। यही वजह है कि मंत्री का रास्ता रोककर घेराव करने वाले विधायक को पांच दिन बाद भी पार्टी की ओर से नोटिस तक जारी नहीं किया गया है। अब जानिए इस मामले ने क्यों बढ़ाई भाजपा की चिंता सूत्रों के मुताबिक, पार्टी के प्रदेश महामंत्री धर्मपाल सिंह ने बृजभूषण राजपूत से फोन पर बात कर पूरे मामले की जानकारी ली है। बृजभूषण ने उन्हें बताया है कि इस घटना से पहले वह मंत्री को कई बार पत्र लिख चुके थे। इसके बाद भी हर घर नल योजना में कोई सुधार नहीं हुआ। सूत्रों के मुताबिक पार्टी की चिंता है कि बृजभूषण राजपूत के बाद अब कई अन्य विधायक भी क्षेत्र में मंत्रियों के साथ ऐसी हरकत न कर दें। लोध समाज को बीजेपी का वोट बैंक माना जाता है। समाज के नेता पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह और केंद्रीय मंत्री बीएल वर्मा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पद के दावेदार थे। भाजपा ने लोधी की जगह कुर्मी समाज के पंकज चौधरी को प्रदेश अध्यक्ष बनाया है। लोध समाज से प्रदेश अध्यक्ष नहीं बनाए जाने से समाज के नेता पहले से असंतुष्ट थे। उसके बाद अब विधायक बृजभूषण राजपूत विवाद के बाद समाज में नाराजगी भी है। यदि समय रहते विवाद का हल नहीं निकला तो इसका असर वोट बैंक पर भी पड़ सकता है। पूरे मामले पर फीडबैक जुटा रही भाजपा भाजपा इस विवाद को लेकर जमीनी फीडबैक जुटा रही है। इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही खबरों और पोस्ट का भी आकलन किया जा रहा है। पार्टी की ओर से स्थानीय नेताओं को इस तरह के विवाद शांत कराने के लिए कहा गया है। सरकार और प्रदेश अध्यक्ष ने नहीं दिया दखल भाजपा के एक वरिष्ठ नेता का मानना है कि पूरे मामले में सरकार और संगठन को दखल देकर इसे समाप्त करना चाहिए। सीएम योगी आदित्यनाथ और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी को जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह और विधायक बृजभूषण राजपूत को एक साथ बैठाकर बात करनी चाहिए। इस पूरे मामले पर वरिष्ठ पत्रकार आनंद राय का मानना है कि विधायकों की क्षेत्र में जवाबदेही है। जनता को दिखाना होता है। बेहतर होता कि वह विधायक बंद कमरे में स्वतंत्र देव सिंह से बात करते। अपनी ही पार्टी के मंत्री को इस तरह रोकना उनका एक अंदाज हो सकता है, लेकिन बात मर्यादित ढंग से कही जा सकती थी। जहां तक दोनों समाजों के बीच टकराव की बात है तो कुर्मी और लोध का कोई टकराव अब तक नहीं रहा है। वरिष्ठ पत्रकार रतन मणिलाल का कहना है कि मुझे लगता है कि प्रदेश सरकार के मंत्रियों के खिलाफ शिकायतें काफी बढ़ी हैं, अभी तक विपक्षी नेता कहते थे, लेकिन अब पार्टी के विधायक और पदाधिकारियों ने भी सवाल उठाए हैं। मंत्रियों को रोकना, ये संकेत है कि सरकार को कार्यप्रणाली में बदलाव करना चाहिए। यदि यह बढ़ता रहा तो सरकार के लिए मुश्किल हो जाएगा। मंत्रिमंडल में बदलाव होना चाहिए, अब यह विवाद दो समाजों का विवाद बनता जा रहा है। सोशल मीडिया पर दोनों समाज आमने-सामने हैं। तो दोनों पर कार्रवाई होगी? भाजपा के एक पदाधिकारी ने बताया, बीते दिनों ब्राह्मण विधायकों को एक तरफा चेतावनी देकर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ब्राह्मणों की नाराजगी झेल चुके हैं। इसलिए इस मामले में पार्टी एकतरफा कार्रवाई करने से बच रही है। यदि कार्रवाई हुई तो जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह और विधायक बृजभूषण राजपूत दोनों पर करनी होगी। इसलिए पार्टी ने मामले को धीरे-धीरे शांत करने का मध्यम मार्ग अपनाया है। पूरे विवाद का एक पहलू ये भी…क्या अधिकारी जिम्मेदार नहीं? लगातार पीछे हो रहा है प्रोजेक्टजल जीवन मिशन के तहत यूपी में हर घर नल योजना के तहत घर-घर शुद्ध जल पहुंचाने के लिए 2024 तक समय अवधि निर्धारित थी। लेकिन यूपी में कामकाज की धीमी गति के चलते प्रोजेक्ट का समय लगातार आगे बढ़ता जा रहा है। दिलचस्प बात है कि प्रोजेक्ट में अपर मुख्य सचिव से लेकर इंजीनियर तक सालों से इसी महकमें में काम कर रहे हैं, लेकिन फिर भी काम समय पर पूरा नहीं हो रहा है। बृजभूषण राजपूत का विवाद तो सुर्खियों में आ गया है, लेकिन बुंदेलखंड के दर्जनों विधायकों ने परियोजना को लेकर सरकार को शिकायती पत्र लिखे हैं। विधायक बृजभूषण राजपूत का भी कहना है कि वह बीते दो साल से विभागीय मंत्री और प्रमुख सचिव को हर घर नल योजना के घोटाले को लेकर पत्र लिख रहे हैं। विधानसभा में भी इस मुद्दे को उठाकर सीबीआई जांच की मांग कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि यह एक बड़ा घोटाला है, जहां अधिकारियों ने फील्ड में काम नहीं किया, बिना काम के ही ठेकेदार को भुगतान कर दिया है। एक गांव में पानी की टंकी नहीं बनी और भुगतान कर दिया। एक गांव में काम भी शुरू नहीं हुआ है और शत प्रतिशत काम पूरा बताया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि जिलाधिकारी जो दावा कर रही हैं, उसमें 50 फीसदी भी काम नहीं हुआ है। सरकार को इसकी जांच करानी चाहिए। यदि जांच में जिलाधिकारी का दावा झूठा पाया जाता है तो उन्हें इस्तीफा देना चाहिए। उनका कहना है कि 30 जनवरी के बाद गांव में काम शुरू हो गया है, लेकिन मामले की जांच अभी बाकी है। ये हैं जिम्मेदार अधिकारी 1. अनुराग श्रीवास्तव 2. राजशेखर ------------------ ये खबर भी पढ़ें… मंत्री स्वतंत्र से भिड़ने वाले विधायक बोले-अफसर झूठ बोल रहे:सड़कें टूटीं, गांवों में पानी भरा, यूपी विधानसभा में भी मुद्दा यूपी के महोबा से भाजपा विधायक बृजभूषण राजपूत इन दिनों चर्चा में हैं। बृजभूषण ने 30 जनवरी को मंत्री स्वतंत्र देव सिंह का रास्ता रोक लिया था। अपनी विधानसभा के 100 गांवों में पानी न पहुंचने और पाइपलाइन के लिए खोदी गई सड़कों की मरम्मत न होने पर नाराजगी जताई थी। कहा था- जिले के 90 प्रतिशत गांवों के लोग मुझसे पूछते हैं। मैं क्या जवाब दूं? पढ़ें पूरी खबर
विधानसभा में बाहुबली का स्वैग:सदन में बिना तेजस्वी के लालू की एंट्री, DM के सामने फर्जी IAS
बात खरी है... इसमें आप देखेंगे बिहार के नेताओं और अफसरों के बीच अंदरखाने क्या चल रहा है, और दिनभर की ऐसी बड़ी हलचल जो आपको हंसाएगी भी और जिम्मेदारों को आइना भी दिखाएंगी। ऊपर VIDEO पर क्लिक करें...
AK-47 की गोलियां हों या रॉकेट लॉन्चर, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की नई कार का कोई कुछ नहीं बिगाड़ पाएगा। CM नई बुलेटप्रूफ रेंज रोवर गाड़ी से चलेंगे। ऐसी गाड़ी में पीएम नरेंद्र मोदी चलते हैं। CM के काफिले के लिए बिहार सरकार जल्द 4 नई गाड़ियां खरीदने वाली है। इसकी शुरुआती कीमत 2.5 करोड़ रुपए है। रेंज रोवर गाड़ी का मॉडल क्या है? इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। मॉडल और बुलेट प्रूफिंग के लेवल के अनुसार लागत बढ़ सकती है। पीएम जिस रेंज रोवर की सवारी करते हैं वह 10 करोड़ से अधिक की है। स्पेशल रिपोर्ट में पढ़िए, नई बुलेटप्रूफ गाड़ी में क्या फीचर्स हो सकते हैं? CM अभी जिस गाड़ी पर चढ़ते हैं, उसकी खासियत…। बुलेटप्रूफ कार इस्तेमाल करते हैं सीएम पुलिस मुख्यालय के मुताबिक बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बुलेटप्रूफ कार इस्तेमाल करते हैं। छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश और कई और राज्यों के CM भी बुलेटप्रूफ गाड़ियों से चलते हैं। बिहार दौरे पर अगर किसी राज्य के CM आते हैं, तो उनके लिए बुलेटप्रूफ गाड़ी की व्यवस्था होती है। बताया जा रहा है कि नीतीश के लिए नई गाड़ी ऐसी खरीदी जाएगी, जिसे AK-47 की गोलियां भेद न सके। बम धमाके और रॉकेट लॉन्चर से हुए हमले को भी बेअसर कर दे। गैस अटैक से भी बचा दे। ऐसा फैसला सीएम की सिक्योरिटी को देखते हुए लिया गया है। पीएम मोदी भी करते हैं रेंज रोवर की सवारी नरेंद्र मोदी मर्सिडीज-मेबैक S650 गार्ड, रेंज रोवर सेंटिनल, टोयोटा लैंड क्रूजर और बीएमडब्ल्यू 7 सीरीज की कार में सवार होते हैं। मोदी के रेंज रोवर सेंटिनल की कीमत 10 करोड़ रुपए से अधिक है। ऐसी जानकारी मिल रही है कि नीतीश की कार भी पीएम जैसी हो सकती है। आर्मर्ड वर्जन है रेंज रोवर सेंटिनल रेंज रोवर सेंटिनल आर्मर्ड वर्जन है। भारी कवच लगाने से कार का वजन बढ़ जाता है। इसके चलते इसमें 5 लीटर का सुपरचार्ड V8 इंजन लगा है। यह 375 बीएचपी पावर जेनरेट कर सकता है। रेंज रोवर सेंटिनल 218 km/h की रफ्तार से दौड़ सकती है। 10 सेकंड में 0-100 km/h की स्पीड पकड़ लेती है। कार लेटेस्ट टेक्नोलॉजी से लैस है। हर तरह के रास्ते पर चल सकती है। आर्मर पियर्सिंग गोली भी नहीं भेद सकती रेंज रोवर सेंटिनल को यूके में बनाया जाता है। इसे कंपनी के स्पेशल व्हीकल ऑपरेशंस (SVO) डिवीजन के लोग हाथ से बनाते हैं। इसकी खिड़की को खास तरीके से डिजाइन किया गया है। यह 150mm तक खुल सकती है, जिससे अंदर बैठे व्यक्ति को हमलावरों के सामने आए बिना डॉक्यूमेंट्स दिया जा सकता है। कार में खास आर्मर्ड ग्लास लगा है। इस कार को बुलेटप्रूफ बनाने के लिए हाई-स्ट्रेंथ स्टील आर्मर्ड पैसेंजर सेल का इस्तेमाल होता है। यह 7.62mm हाई-वेलोसिटी गोलियों और 15kg TNT धमाकों को झेल सकती है। कार के शीशे को कई लेयर में लैमिनेट किया जाता है। इससे गोली लगते ही कांच नहीं टूटती। इसे आर्मर पियर्सिंग गोली से भी नहीं भेद सकते। गाड़ी में खास रन-फ्लैट टायर लगाए जाते हैं, जो क्षतिग्रस्त होने पर भी 100km से अधिक दूरी तक कार को ले जा सकें। कवच लगाने से बढ़े हुए वजन को संभालने के लिए कार के सस्पेंशन, ब्रेक और इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी सिस्टम को अपग्रेड किया जाता है। गाड़ी में सेल्फ-सीलिंग फ्यूल टैंक लगाई जाती है। इसमें गोली लगने पर भी इंधन बाहर नहीं निकलता। अभी 50 लाख की गाड़ी में चलते हैं CM अभी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राजधानी यानी पटना में हुंडई की आयोनिक 5 गाड़ी से चलते हैं। यह बुलेटप्रूफ नहीं है। इसकी कीमत करीब 50 लाख रुपए है। वहीं, पटना से बाहर जाने के दौरान वह टाटा सफारी का इस्तेमाल करते हैं। यह बुलेटप्रूफ है।
गो तस्करी का मामला:महाराष्ट्र जा रहे 29 गोवंश से भरा मिनी ट्रक पकड़ा, पथराव में दो लोग घायल
जिले में लगातार सामने आ रहे गोतस्करी के मामलों के बीच मंगलवार तड़के ग्राम धानी में गोवंश से भरा मिनी ट्रक बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने पकड़ लिया। आरोप है कि इस दौरान तस्करों ने पथराव किया, जिसमें कार्तिक कुशवाह और बंटी सोलंकी घायल हो गए। कार्यकर्ताओं के अनुसार फायरिंग भी हुई, हालांकि थाना प्रभारी प्रवीण ठाकरे ने गोली चलने से इनकार किया है। वाहन क्रमांक एमपी 41 जीए 4218 में 29 गोवंश भरे मिले, जिन्हें महाराष्ट्र ले जाया जा रहा था। सूचना मिलने पर कार्यकर्ताओं ने रात 11:30 बजे स्पीड ब्रेकर के पास घेराबंदी की। सुबह 5:30 बजे वाहन दिखाई देने पर चालक ने तेज रफ्तार से भागने की कोशिश की और खेत में वाहन उतार दिया। चालक इकबाल निवासी ग्राम अनारत थाना सादलपुर फरार हो गया, जबकि क्लीनर मेहरबान उर्फ गौमा केवट निवासी कानवन को पकड़ लिया गया। धामनोद पुलिस ने मोहन पिता किसन मीणा के बयान पर पशु क्रूरता अधिनियम में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीछा कर खेत में पकड़ा मिनी ट्रक : सूचना मिलने पर कार्यकर्ता रात से ही धानी गांव के पास तैनात थे। वाहन दिखते ही चालक ने गाड़ी नहीं रोकी और तेज रफ्तार से धामनोद की ओर भागा। पीछा करने पर चालक ने वाहन सड़क किनारे खेत में उतार दिया और फरार हो गया। जांच में ट्रक से 29 गोवंश बरामद हुए, जिन्हें सुरक्षित गोशाला भेजा गया है। पुलिस फरार चालक की तलाश कर रही है।
चंबल के राजघाट पर डंप 1.10 करोड़ की 5500 ट्रॉली रेत मिट्टी में मिलाई
चंबल नदी क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ जिला प्रशासन ने संयुक्त अभियान चलाकर बड़ी कार्रवाई की। शिकायतों के बाद कलेक्टर लोकेश जांगिड़ के निर्देशन व एसपी समीर सौरभ के मार्गदर्शन में गठित टास्क फोर्स ने राजघाट क्षेत्र में सोमवार सुबह 6 से शाम 5 बजे तक कार्रवाई करते हुए नदी से निकली 5500 ट्रॉली डंप अवैध रेत को मिट्टी में मिला दिया। रेत की कीमत करीब 1 करोड़ 10 लाख रुपए आंकी गई है। कार्रवाई में 150 पुलिसकर्मी, 50 वनकर्मी और 6 जेसीबी तैनात रहे। कलेक्टर ने कहा कि अवैध उत्खनन के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। वहीं रिटायर्ड एसएएफ अधिकारी बीके मिश्रा ने रेत नष्ट करने को दिखावटी बताते हुए ड्रोन निगरानी व माफिया पर सख्त कार्रवाई की जरूरत बताई।
प्रदेश में श्रमिकों का रुझान अब कृषि के बजाय निर्माण जैसे असंगठित और सक्रिय क्षेत्र की ओर अधिक है। कुल पंजीकरण की संख्या में पिछले साल के मुकाबले कमी के बावजूद निर्माण कार्यों में असंगठित श्रमिक ज्यादा रोजगार तलाश रहे हैं। पिछले दो सालों में इनकी संख्या में 48 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई है। जबकि कृषि सेक्टर और कपड़ा उद्योग में इसमें गिरावट दर्ज की गई है। फरवरी 2024 से फरवरी 2026 के बीच ई–श्रम पोर्टल पर अलग-अलग क्षेत्रों की स्थिति काफी उतार-चढ़ाव वाली रही है। जहां फरवरी 2024-25 के दौरान कुल पंजीकरण 9.24 लाख से अधिक हुए, वहीं फरवरी 2025-26 के दौरान यह संख्या घटकर लगभग 7.77 लाख रह गई है। मुख्य रूप से कृषि और टेक्सटाइल इंडस्ट्री में ज्यादा कमी दर्ज की गई है। संसद में दी गई जानकारी के अनुसार पिछले वर्ष कृषि क्षेत्र में 4.83 लाख श्रमिकों ने पंजीकरण कराया था, वहीं इस वर्ष यह आंकड़ा गिरकर 3.44 लाख पर आ गया। वस्त्र उद्योग में भी पंजीकरण की रफ्तार धीमी हुई है, जो 87 हजार से घटकर 55 हजार के करीब आ गई है। वहीं, सबसे ज्यादा रोजगार निर्माण क्षेत्र में पा रहे हैं। पिछले एक साल में निर्माण कार्यों में श्रमिकों की रुचि तेजी से बढ़ी है। फरवरी 2024-25 में जहां इस क्षेत्र में 1.35 लाख रजिस्ट्रेशन हुए थे, वहीं फरवरी 2025-26 में यह संख्या 2 लाख से पार हो गई है। इसका कारण सरकारी व गैर सरकारी परियोजनाओं और रियल एस्टेट में तेजी और तत्काल मजदूरी मिल जाना है। दूसरी ओर घरेलू कामगारों में भी इस वर्ष गिरावट दर्ज की गई है, जो 28 हजार से घटकर करीब 17 हजार हुई है। अन्य श्रेणियों में भी पंजीकरण 61 हजार से कम होकर 51 हजार के आसपास सिमट गया है। पंजीकरण को लेकर श्रमिकों में जागरूकता भी आई है। आंकड़ों के अनुसार अधिकांश ने खुद पंजीकरण करवाया है। इसके बाद कॉमन सर्विस सेंटर की मदद लेने वाले श्रमिक हैं। इनमें सर्वाधिक 69 प्रतिशत महिला श्रमिक हैं। जबकि 30% के करीब पुरुष हैं। 80 प्रतिशत से ज्यादा श्रमिक 18 से 40 आयु वर्ग के हैं। एक ही जगह समाधान, 14 योजनाओं का फायदा असंगठित श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का फायदा दिलाने के लिए ई–श्रम पोर्टल शुरू किया गया था। इस पर अब तक राजस्थान के डेढ़ करोड़ से ज्यादा श्रमिकों ने पंजीकरण करवाया है। इसके जरिए 14 सरकारी योजनाओं का लाभ उठाया जा सकता है। जिनमें स्ट्रीट वेंडर्स, बीमा योजना, मनरेगा, आवास योजना, आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, वन नेशन वन राशन कार्ड और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना आदि शामिल हैं।
कैबिनेट में मंजूरी:सरदार सरोवर बांध के विस्थापित 1 दशक बाद बनेंगे पट्टे की जमीन के स्थाई मालिक
सरदार सरोवर बांध के कारण निमाड़ के चार जिलों में विस्थापित हुए 25,602 परिवार अब पट्टे पर मिले आवासीय भूखंडों के एक दशक बाद स्थाई मालिक बनेंगे। राज्य सरकार इन पट्टों पर मिले भूखंडों की रजिस्ट्री नि:शुल्क कराएगी। इसके बाद बड़वानी, अलीराजपुर, धार व खरगोन जिले के यह परिवार आवासीय भूखंड को न केवल खरीद-बिक्री कर सकेंगे, बल्कि उसे मॉर्टगेज कर बैंक लोन भी ले सकेंगे। सीएम डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रिमंडल (कैबिनेट) ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इस फैसले से राज्य सरकार को 600 करोड़ रुपए के राजस्व का नुकसान होगा। कैबिनेट ने व्यवस्था दी है कि पूर्व से तय एसओपी के हिसाब से रजिस्ट्री शुल्क और स्टाम्प ड्यूटी के 600 करोड़ रुपए की प्रतिपूर्ति का वहन नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण करेगा। एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप ने बताया कि राज्य सरकार के इस फैसले से 8 विधानसभा क्षेत्रों के आदिवासी परिवारों को लाभ होगा। इसमें 4 विस सीटों पर कांग्रेस के विधायक हैं, एक में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार भी हैं। काश्यप ने दावा किया कि मोहन यादव सरकार ने बिना भेदभाव के यह फैसला लिया है। बाणसागर डैम से मैहर और कटनी के लिए दो सिंचाई प्रोजेक्ट मंजूर कैबिनेट ने सोन नदी पर बने बाणसागर बांध से मैहर और कटनी जिलों के लिए 2 नई सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी दी है। 620.65 करोड़ लागत की इन सिंचाई परियोजनाओं से 14 हजार 300 से अधिक किसानों की 23500 हेक्टेयर जमीन सिंचित होगी। 53.73 करोड़ लागत की धनवाही सूक्ष्म दबाव सिंचाई परियोजना से मैहर और कटनी जिले के 9 गांव की 3500 हेक्टेयर जमीन में सिंचाई सुविधा विकसित होगी। 2810 किसान सीधे लाभान्वित होंगे। 566.92 करोड लागत की बरही बरही सूक्ष्म लिफ्ट सिंचाई परियोजना से कटनी जिले की बरही और विजयराघवगढ़ तहसील के 27 गांव की 20 हजार हैक्टेयर जमीन सिंचित होगी। 11,500 किसान सीधे लाभान्वित होंगे। महिला बाल विकास विभाग में होगा समाज कल्याण बोर्ड के कर्मचारियों का संविलियन: राज्य सरकार द्वारा भंग किए गए राज्य समाज कल्याण बोर्ड के कर्मचारियों का संविलियन महिला बाल विकास विभाग में किया जाएगा। कैबिनेट ने इस प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है। गौरतलब है कि समाज कल्याण बोर्ड के भंग होने के बाद इनसे जुड़े 7 कर्मचारियों की नौकरी पर ही संकट खड़ा हो गया था। जनहित से जुड़ी 410 योजनाओं की अवधि 5 साल के लिए आगे बढ़ाई कैबिनेट ने 6 अलग-अलग विभागों की जनहित से जुड़ी 10 योजनाओं की अवधि को पांच साल आगे बढ़ा दिया है। इन योजनाओं की अवधि वर्ष मार्च 2026 में खत्म हो रही थी, अब यह योजनाएं मार्च 2030 तक यथावत जारी रहेगी। इन योजनाओं के लिए केबिनेट ने 15 हजार 9 करोड़ रुपए मंजूर कर दिए हैं। इनमें वित्त विभाग की लोक वित्त पोषित 500 करोड़ से कम की 8 योजनाओं के लिए 115.06 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं। जिन योजनाओं को मंजूर दी गई है, उनमें मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल 2.0), विधानसभा क्षेत्र निर्वाचन योजना, डॉ. भीमराव अम्बेडकर कामधेनु योजना, ब्लॉक ग्रांट योजना, पशु विकास और गौ संवर्धन योजना, किशोर कल्याण निधि योजना, घरेलू हिंसा पीडि़ता के लिए सहायता योजना, अल्पसंख्यक स्वरोजगार/उद्यम योजना शामिल हैं।
राजस्थान में वेस्टर्न डिर्स्टबेंस का प्रभाव खत्म होने के साथ ही सर्दी फिर से बढ़ गई है। मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर ने अगले तीन-चार दिन प्रदेश में सर्द हवा, कोहरा और बादल छाने की संभावना जताई है। मंगलवार को जयपुर, सीकर, पिलानी, चूरू समेत कई शहरों में उत्तरी हवा के असर से पारा 4 डिग्री तक गिर गया। शेखावाटी के इलाकों में न्यूनतम तापमान सिंगल डिजिट (10 डिग्री से नीचे) में दर्ज हुआ। जबकि दिन का तापमान 25 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा। बादल छाए और कोहरा भी रहा पिछले 24 घंटे में जोधपुर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, फलोदी, नागौर, सीकर, बीकानेर समेत उत्तर-पश्चिम के जिलों में आसमान में हल्के बादल छाए। इधर जयपुर, कोटा, भरतपुर के संभाग के जिलों में हल्की धुंध रही। इस कारण मंगलवार को प्रदेश के अधिकांश शहरों में धूप कमजोर रही और तापमान में गिरावट हुई। जयपुर में मंगलवार को अधिकतम तापमान 24.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। पाली, सीकर, नागौर सबसे ठंडा इलाका इससे पहले मंगलवार को राज्य में शेखावाटी के एरिया में सर्द हवा के असर से सुबह-शाम की सर्दी तेज हो गई। कल सबसे ज्यादा ठंडा इलाका सीकर, नागौर, फतेहपुर (सीकर), पाली का रहा। इन शहरों में न्यूनतम तापमान 5 से 6 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज हुआ। सबसे कम न्यूनतम तापमान 5.5 डिग्री सेल्सियस नागौर में दर्ज हुआ। अब आगे क्या? जयपुर मौसम केन्द्र के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया- राज्य में अगले दो-तीन दिन मौसम साफ रह सकता है। इस दौरान कुछ शहरों में हल्के बादल छा सकते हैं, जबकि उत्तरी राजस्थान के कुछ शहरों में कोहरा भी देखने को मिल सकता है। इस दौरान तापमान में कोई खास उतार-चढ़ाव नहीं देखने को मिलेगा।
गौतम नगर के करीम बख्श काॅलोनी में 30-31 जनवरी की दरम्यानी रात 1:30 बजे 12 वर्षीय इब्राहिम खान ने खुद की कनपटी पर अवैध पिस्टल से गोली मार ली थी। पुलिस को मिली पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आत्महत्या की पुष्टि हुई है। पुलिस ने मृतक इब्राहिम के पिता रिजवान खान के खिलाफ आर्म्स एक्ट और साक्ष्य मिटाने का मामला दर्ज किया है। पुलिस ने आर्म्स एक्ट में रिजवान के बहनोई वाहिद नूर को भी आरोपी बनाया है। डेढ़ साल पहले वाहिद ने लोडेड पिस्टल और एक खराब रिवॉल्वर थैले में लपेटकर रिजवान को यह कहते हुए दी थी कि बिलखिरिया थाने में दर्ज एक अपराध में जमानत मिलने के बाद वह उसे वापस ले लेगा। हिरण के शिकार मामले में रिजवान की इंदौर वन मंडल की एसटीएफ को वर्ष 2022 से तलाश थी। हिरण शिकार... वन मंडल इंदौर को रिजवान की तलाश थी गौतम नगर थाना प्रभारी महेंद्र सिंह ठाकुर के मुताबिक इब्राहिम तीसरी कक्षा में पढ़ता था। घटना वाले दिन परिजनों ने पुलिस को बताया था कि इब्राहिम सेकंड फ्लोर की बालकनी में खड़ा था, तभी उसे गोली लग गई थी। पुलिस ने घर का बारीकी निरीक्षण किया। परिजनों से पूछताछ की तो खुलासा हुआ कि घर में रिजवान के बहनोई वाहिद नूर की अवैध पिस्टल रखी हुई थी। घर की साफ-सफाई के दौरान वह इब्राहिम के हाथ लगी और उसने खुद को गोली मार ली थी। परिजनों ने कमरे में बिखरा खून साफ कर बालकनी को घटनास्थल दिखाया था। जांच में सामने आया कि रिजवान द्वारा घर में रखी गई अवैध लोड पिस्टल इब्राहिम से दुर्घटनावश चलने के कारण उसकी मृत्यु हुई। रिजवान को उक्त अवैध लोडेड पिस्टल एवं एक अन्य रिवॉल्वर उसके बहनोई वाहिद द्वारा रखने के लिए दी गई थी। इधर, रिजवान खान के खिलाफ भी थाना गौतम नगर में पिछले साल मारपीट का मामला दर्ज किया गया था। वन मंडल इंदौर को हिरण शिकार में वर्ष 2022 से रिजवान की तलाश थी। किशनगढ़ में उसके पास हिरण का मांस मिला था। इंदौर फोरेस्ट की टीम उसे रिमांड पर लेकर गई है। थाना बिलखिरिया... लूट और हत्या के मामले में वर्ष 2018 से फरार है वाहिद थाना बिलखिरिया में 18 अगस्त 2018 को एक मर्ग की जांच के बाद दर्ज किए गए लूट एवं हत्या के मामले में वाहिद नूर भी आरोपी है। उसने सीरियल किलर आदेश खामरा के साथ मिलकर डंपर चालक माखन सिंह की हत्या कर 11 टन लोहे से भरा डंपर लूट लिया था। माखन का शव 15 अगस्त 2018 को झागरिया पठार में मिला था। वह मंडीदीप से 11 टन लोहा डंपर में लेकर छोला दशहरा मैदान के लिए लेकर निकला था। वाहिद ने लूट के लोहे को ठिकाने लगाया था। पुलिस ने आदेश खामरा को गिरफ्तार किया था। उसने 9 साल में 34 हत्याएं कर ट्रक लूटे थे। माखन की हत्या में पहली बार आदेश खामरा का नाम सामने आया था। आदेश की 9 हाईवे गैंग में 38 साथी थे। इसमें वाहिद नूर भी शामिल है। वर्ष 2018 से बिलखिरिया पुलिस को वाहिद की तलाश है।
ट्रैफिक व्यवस्था:डीबी मॉल और जीजी फ्लाईओवर से वल्लभ भवन चौराहा के लिए अलग-अलग सिग्नल
सोमवार को ज्वाइनिंग के कुछ घंटे बाद ही भोपाल के नए पुलिस कमिश्नर संजय कुमार शहर की ट्रैफिक व्यवस्था का जायजा लेने सड़कों पर उतरे। रात में उन्होंने पुराने शहर के प्रमुख चौराहा-तिराहों का दौरा कर जमीनी हालात समझे। मंगलवार सुबह करीब 10 बजे ही ट्रैफिक पुलिस के साथ वल्लभ भवन रोटरी पहुंचे। यहां करीब सवा घंटे तक रुके और मैनिट द्वारा तैयार किए गए रोटरी के डिजाइन की बारीकियां समझीं। निरीक्षण के दौरान यह तय हुआ कि अंबेडकर सेतु (जीजी फ्लाईओवर) से वल्लभ भवन चौराहा की ओर उतरने वाले ट्रैफिक और डीबी सिटी मॉल की तरफ से आने वाले ट्रैफिक के लिए अलग-अलग सिग्नल लगाए जाएंगे। अभी दोनों दिशाओं के वाहनों के लिए एक ही सिग्नल होने के कारण ट्रैफिक की गति एक-दूसरे से प्रभावित हो रही है। मौके पर सिग्नल प्रोग्रामर को बुलाकर जल्द से जल्द सिग्नल प्रोग्रामिंग बदलने के निर्देश दिए गए। इसके बाद ट्रैफिक पुलिस ने वल्लभ भवन चौराहा पर प्लास्टिक कोन की मदद से एक छोटी अस्थायी रोटरी बना दी, ताकि रोजमर्रा गुजरने वाले वाहनों को राहत मिल सके। तीन किमी पैदल चले, बोले- ज्यादा हैं कट पॉइंटशाम करीब चार बजे पुलिस कमिश्नर नर्मदापुरम रोड पहुंचे। उन्होंने बागसेवनिया चौराहा से लेकर करीब तीन किमी तक पैदल भ्रमण किया। बागसेवनिया और आशिमा मॉल चौराहा ट्रैफिक के लिहाज से ब्लैक स्पॉट माने जाते हैं। इस दौरान डीसीपी जोन-2 और एसीपी ट्रैफिक भी मौजूद रहे। इंजीनियरिंग से करेंगे सुधार ... निरीक्षण के दौरान कमिश्नर ने निर्देश दिए कि ट्रैफिक से जुड़ी सभी समस्याओं को संबंधित विभागों से समन्वय कर प्राथमिकता से सुलझाया जाए। वर्ष 2012 में भोपाल में एसपी प्रोटोकॉल रह चुके संजय कुमार ने कहा कि पुलिसिंग और ट्रैफिक इंजीनियरिंग के बेहतर तालमेल से व्यवस्था में ठोस सुधार किया जाएगा।
रेप-ब्लैकमेलिंग पर बरसा गुस्सा:पुलिस से पहले वकीलों ने ली रिमांड, आरोपी पर बरसाए लात-घूंसे
11वीं की नाबालिग छात्रा से रेप और ब्लैकमेलिंग के आरोपी ओसाफ (19) पर कोर्ट में वकीलों का गुस्सा फूट पड़ा। पुलिस उसकी रिमांड मांगने के लिए उसे लेकर कोर्ट पहुंची थी। दो दिन की रिमांड मिलने पर पुलिस उसे साथ ले जाने लगी, तभी वकीलों ने उसे घेर लिया। पुलिस ने बचाने की कोशिश की, लेकिन इस दौरान वकीलों ने उस पर जमकर लात-घूूंसे बरसाए। बाद में पुलिस किसी तरह उसे साथ लेकर निकली। पुलिस के मुताबिक ओसाफ ने छात्रा की सहेली के जरिये उससे दोस्ती बनाई थी। इसके बाद एक दिन वह उसे शहर घुमाने के नाम पर अपने साथ खानूगांव ले गया और कार के अंदर उसके साथ दुष्कर्म किया। विरोध करने पर ओसाफ उसे दुष्कर्म का वीडियो वायरल करने की धमकी देता रहा। छात्रा ने उसका नंबर ब्लॉक किया तो उसने छात्रा के एक दोस्त को भी वीडियो दिखाया। एक लाख की डिमांड कर रहा था, 40 हजार वसूले पुलिस के मुताबिक आरोपी ने कार में रेप के दौरान छात्रा का अश्लील वीडियो बना लिया था। पीड़िता को इसकी भनक नहीं लगी। कुछ समय बाद उसने वीडियो वायरल करने की धमकी देकर 1 लाख रुपए की मांग की। बदनामी के डर से घबराई छात्रा ने किसी तरह 40 हजार रुपए का इंतजाम कर आरोपी को दिए। वह लगातार उसे ब्लैकमेल कर रहा था।
इंदौर में किन्नर विवाद काफी गहराया हुआ है। सपना और सीमा के बीच चल रही वर्चस्व की लड़ाई में कई किन्नर आमने-सामने आ गए थे। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाए। अक्टूबर 2025 में करीब दो दर्जन किन्नरों ने फिनायल पी लिया था। इस मामले में सपना गुरु और उसके साथी राजा पर एफआईआर दर्ज कर उन्हें जेल भेजा गया था। इसी बीच एक सप्ताह पहले सपना को सभी मामलों में जमानत मिल गई। जेल से बाहर आने के बाद पुलिस ने पूर्व के एक मामले में फिर से गिरफ्तारी की बात कही, तब सपना को इस प्रकरण की जानकारी लगी। पंढरीनाथ पुलिस ने सपना गुरु और उसके साथी राजा के खिलाफ जेल से जमानत पर आने के बाद एक और एफआईआर दर्ज की। सपना को कोर्ट से सभी मामलों में जमानत मिल चुकी है। इसी बीच 29 जनवरी को सपना, राजा हाशमी और किन्नर काजल तगारी के खिलाफ एक और एफआईआर दर्ज की गई। यह प्रकरण खुशी कुंवर की शिकायत पर दर्ज हुआ है। एफआईआर में बताया गया है कि 12 जून 2024 को रात करीब 10 बजे सपना गुरु उर्फ हाजी राजा हाशमी और किन्नर काजल तगारी ने अन्य किन्नरों के साथ बेरहमी से मारपीट की। इस हमले में खुशी कुंवर को गंभीर चोटें आईं। उनके दाहिने हाथ की कलाई की हड्डी टूट गई, जिसका ऑपरेशन कराया गया। वहीं, किन्नर कायनात कुंवर के साथ भी बुरी तरह मारपीट की गई, जिससे उन्हें फ्रैक्चर हुआ। अस्पताल में उपचार के दौरान झूमर किन्नर का नाम फरजाना कुंवर दर्ज कराया गया। उसके साथ भी तीनों आरोपियों ने मारपीट की। इस दौरान नंदलालपुरा इलाके में कई अन्य किन्नरों से भी सपना और उसके साथियों ने मारपीट की। आरोप है कि उनके पास बंदूक और अन्य हथियार थे। आरोपियों पर दो किलो सोने के जेवर, दस किलो चांदी और 35 लाख रुपये नकद लूटकर ले जाने का भी आरोप है। हालांकि यह प्रकरण पूर्व में दिए गए आवेदन के आधार पर दर्ज किया गया है। तीन से ज्यादा मामलों में आरोपी सपना, राजा और उनके साथियों पर किन्नरों के साथ मारपीट और प्रताड़ना के अलग-अलग मामलों में पहले भी एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं। राजा हाशमी के खिलाफ हीरानगर थाने में दुष्कर्म जैसे गंभीर मामले में भी एफआईआर दर्ज है। सभी आरोपी इन मामलों के बाद जेल में थे। करीब एक सप्ताह पहले ही सपना जेल से बाहर आई है। 22 जनवरी को जेल से रिहा, 24 जनवरी को दिया आवेदन सपना गुरु को 22 जनवरी को सभी मामलों में सशर्त जमानत मिली थी। इसके बाद 24 जनवरी को उन्होंने कमिश्नर और कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा। इसमें उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें झूठे मामलों में फंसाया गया है और भविष्य में किसी भी शिकायत पर जांच के बाद ही कार्रवाई की जाए। इसके बावजूद सपना को आरोपी बनाया गया। दो साल पुराने मामले में एफआईआर पंढरीनाथ थाना प्रभारी अजय नायर ने करीब दो साल पुराने मामले में एफआईआर दर्ज की है। हालांकि शिकायतकर्ताओं ने तीन माह पूर्व की घटनाओं का भी उल्लेख किया है। घटना 12 जून 2024 की बताई जा रही है। उस समय नंदलालपुरा का डेरा सपना के नियंत्रण में था। ये खबर भी पढ़ें… किन्नर विवाद में आरोपी पुलिस की हिरासत में इंदौर में किन्नरों के जहर पीने के मामले में पुलिस ने दूसरे गुट की किन्नर सपना गुरू काे हिरासत में लिया है। इसके साथ ही उसके साथी राजा हाशमी, मीडिया से जुड़े अक्षय कुमायू और पंकज जैन को पुलिस तलाश रही है। इन पर आरोप है कि ये पीड़ित किन्नरों को लंबे समय से परेशान कर रहे थे।पूरी खबर पढ़ें
गोरखपुर के पीपीगंज में 29 जनवरी की रात मुंबई की प्रिया शेट्टी (35) की बॉयफ्रेंड विजय साहनी ने पत्नी संध्या के साथ मिलकर हत्या कर दी थी। इसके बाद बाद बॉडी न्यूड कर चेहरा ईंट से कूच दिया था। सीसीटीवी कैमरे से पहचान कर सोमवार को हत्या के आरोपी पति-पत्नी और ससुर अरेस्ट कर लिए गए। पूछताछ के बाद उन्हें जेल भेजवा दिया गया। मुंबई की प्रिया का पोस्टमार्टम के बाद मंगलवार को राजघाट में महाराष्ट्र से आई बहन ने दाह संस्कार किया। इससे पहले वीडियो कॉल करके बेटे रूद्र को उसकी मां प्रिया का अंतिम दर्शन कराया। प्रिया अपने इकलौते बेटे से बहुत प्यार करती थी। हमेशा सोशल मीडिया पर उसके साथ रील शेयर करती थी। प्रिया बेटे से बोलकर आई थी कि उसके पापा को लाने जा गोरखपुर जा रही है। यहां पर 29 जनवरी को उसके बॉयफ्रेंड विजय ने अपनी पत्नी के साथ मिलकर उसकी जान ले ली। इसके बाद बॉडी न्यूड कर फेंक दी थी। मंगलवार को मुंबई से प्रिया की बहन किरन शेट्टी गोरखपुर आई थी। पुलिस ने किरन को ले जाकर बीआरडी मेडिकल कॉलेज के मोर्चरी में प्रिया की लाश की पहचान कराई। इसके बाद पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम के बाद प्रिया की लाश एंबुलेंस से राजघाट ले जाई गई। जहां पर पुलिस की मौजूदगी में किरन ने अपनी प्रिया का दाह संस्कार किया। प्रिया का इकलौता बेटा 13 साल का रूद्र मुंबई में है। किरन ने दाह संस्कार से पहले रूद्र को वीडियो कॉल कर उसकी मां प्रिया का अंतिम दर्शन कराया। वीडियो कॉल पर मां को सफेद कपड़ों में लिपटा देखकर रूद्र रोने लगा। रूद्र ने बोला कि मेरी मां मेरे पापा को लेने गोरखपुर गई थी। पापा ने मां काे मार दिया। पापा गंदे हैं, उन्हें सजा मिलनी चाहिए। यह दृश्य देखकर पुलिस व अन्य लोगों की आंखे भी नम हो गईं। किरन ने बताया कि प्रिया हमेशा अपने बेटे रूद्र की ही चिंता करती रहती थी। वह कहती थी कि बेटा बड़ा हो रहा है, उससे उसके पापा के बारे में पूछा जाता है। इस बार विजय से बात करके अपने बेटे को उसका हक दिलाकर रहूंगी। वह तो विजय के साथ हर हाल में रहना चाहती थी। लेकिन उसने केवल उनके शरीर से प्यार किया। मन भर गया तो दूरी बनाने लगा। पोस्टमार्टम की कराई गई वीडियोग्राफी पोस्टमार्टम के बाद देर शाम पुलिस ने प्रिया के शव को उसकी सौतेली बहन किरन जायसवाल को सुपुर्द किया गया। पुलिस की मौजूदगी में प्रिया का शव राजघाट ले जाया गया। विधि विधान के अनुसार मुखाग्नि देने से पहले, किरन ने रूद्र को वीडियो कॉल कर मां का अंतिम दर्शन कराया। चेहरा क्षत-विक्षत होने के कारण रूद्र को केवल कफन में लिपटी मां दिखाई दी। यह दृश्य वहां मौजूद पुलिस कर्मियों और किरन के लिए अत्यंत मार्मिक था। रोते हुए रूद्र को समझाते हुए किरन ने कहा कि मैं हूं ना। पीपीगंज थाना पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद विधि विधान के अनुसार अंतिम संस्कार पूरी किया और हत्यारोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह पुष्टि हुई कि प्रिया की हत्या गला दबाकर की गई थी। दो डॉक्टरों के पैनल ने वीडियोग्राफी के साथ पोस्टमार्टम किया। रिपोर्ट के अनुसार चेहरे और सिर की हड्डियां भी क्षतिग्रस्त मिलीं। हत्यारोपियों ने नशे की हालत में प्रिया की हत्या करने के बाद पहचान छिपाने के लिए उसके चेहरे को क्षतिग्रस्त कर दिया। अब विस्तार से जानें पूरी कहानी मुंबई की प्रिया शेट्टी की गोरखपुर में हत्या की गई। उसकी जिंदगी में आया पहला प्यार ही मौत का कारण बना। मुंबई में जिस विजय के साथ वो लिव-इन में रही। वही विजय बेटे का बाप बनने के सिर्फ 1 साल बाद ही प्रिया से दूर हो गया। दोनों के बीच नाराजगी कुछ ऐसी हुई कि 9 साल तक दोनों ने एक-दूसरे की जिंदगी में झांका तक नहीं। इस बीच विजय की संध्या से शादी हुई और वो 2 बेटियों का पिता बना। 2022 में वो अपनी पत्नी और बेटियों को लेकर मुंबई शिफ्ट हो गया। दोनों बेटियों का नाम कॉन्वेंट स्कूल में लिखवाया। यहीं से उसकी जिंदगी में यूटर्न आया। इंस्टाग्राम पर 1 बार फिर उसकी मुलाकात अपने पहले प्यार प्रिया से हुई। दोनों मिलने लगे, साथ रहने भी लगे। अब प्रिया विजय पर 2 तरह के दबाव बनाने लगी। पहला- बेटे को बाप का नाम दो। दूसरा- बेटे का अच्छे कॉन्वेंट स्कूल में एडमिशन कराओ। विजय को दुनिया के सामने 2 शादियां दिखाना गंवारा नहीं था। इसलिए वो प्रिया को 1680 Km दूर गोरखपुर लाया और बेरहमी से उसे मार डाला। इस बनती-बिगड़ती लव स्टोरी में न तो प्रिया के बेटे को हक मिल सका, न ही विजय ही पत्नी संध्या के साथ जिंदगी जी सकेगा। हत्या के वक्त उससे हुई कुछ गलतियों ने उसे कानून के फंदे में फंसा दिया। विजय, पत्नी संध्या और उसके ससुर को पुलिस ने जेल भेजा है। पढ़िए प्यार और मर्डर की कहानी… इंश्योरेंस ऑफिस में प्यार, फिर 1 साल का लिव-इन गोरखपुर के सहजनवां इलाके के माडर गांव का रहने वाला विजय कुमार साहनी पढ़ने में शुरू से ही तेज था। वह लंबे समय से मुंबई के चारकोप, कांदिवली में रह रहा था। वहीं से उसने पढ़ाई भी पूरी की थी। विजय ने हाईस्कूल और कॉमर्स से ग्रेजुएशन मुंबई में अपने बड़े भाई के पास रहकर किया। साल- 2012 में उसे HDFC लाइफ इंश्योरेंस में एजेंट की नौकरी मिल गई। वहां वेकेंसी ओपन हुई, तो प्रिया शेट्टी भी पहुंची। तब विजय साहनी से उसकी पहली मुलाकात हुई। धीरे-धीरे दोनों का अच्छा परिचय हो गया। एक महीने में ही दोनों बेहद नजदीक आ गए। विजय भी प्रिया की खूबसुरती का कायल हो चुका था। इसलिए उसने किराए का घर लिया। इसमें वह लिव-इन में प्रिया के साथ रहने लगा। एक साल तक दोनों खुशी-खुशी साथ रहे। इसी बीच प्रिया प्रेग्नेंट हो गई। तब विजय ने एक मंदिर में जाकर प्रिया से शादी कर ली। प्रिया विजय के नाम का सिंदूर अपनी मांग में भरने लगी थी। साल 2013 में प्रिया ने बेटे को जन्म दिया। इस दौरान विजय भी साथ था। लेकिन, इसी बीच विजय के स्वभाव में बदलाव आने लगा था। उसका मन अब प्रिया से भर गया था। किसी भी तरह उससे दूरी बनाना चाहता था। दोनों के बीच छोटी-छोटी बात पर झगड़े होने लगे। एक दिन विजय घर छोड़कर चला गया। उसने कहीं और किराए पर घर ले लिया। परिचितों की सलाह देने पर उसने हमेशा के लिए प्रिया से पीछा छुड़ाने के लिए तलाक का प्रार्थना पत्र कोर्ट में दाखिल किया। कोर्ट से एक नोटिस प्रिया के पते पर भी गया। लेकिन, इससे पहले प्रिया उस किराए के घर से कहीं और जा चुकी थी। इसलिए तलाक की प्रक्रिया बीच में ही अटक गई। विजय के गोरखपुर लौटने और दूसरी शादी की कहानी 2 साल बाद विजय ने घर आकर संध्या से दूसरी शादी कीसाल- 2013 के बाद विजय का प्रिया से संपर्क नहीं हुआ। अब उसे लग रहा था कि वह हमेशा के लिए उसकी जिंदगी से जा चुकी है। वह 2014 में अपने गांव आया। यहां पर घरवालों ने उसकी शादी तय कर दी। 2015 में पीपीगंज की संध्या से उसकी शादी हुई। दोनों खुशी-खुशी साथ रहने लगे। विजय और संध्या की 2 बेटियां हुईं। इस दौरान विजय की नौकरी मुंबई में ही चल रही थी। इश्योरेंस सेक्टर में उसने अच्छी तरक्की की। धीरे-धीरे वह 1.5 लाख महीने की सैलरी तक पहुंच गया। 2019 में विजय गांव आया और यहीं से इश्योरेंस का काम करने लगा। 2022 में उसने तय किया कि संध्या और दोनों बेटियों के साथ दोबारा मुंबई जाएगा और वहीं रहेगा। फिर दोबारा मुंबई चला गया। यहां उसने दोनों बेटियों का एडमिशन कॉन्वेंट स्कूल में कराया। एक अच्छी कॉलोनी में घर किराए पर लिया। इस तरह से हैप्पी मैरिज लाइफ जीने लगा। पुराना प्यार प्रिया की लाइफ में वापसी, विजय पर बना दबाव बेटे के लिए विजय ने पैसा देना शुरू किया, फिर साथ रहने लगेऑफिस में एक दिन काम करते हुए विजय को इंस्टाग्राम पर प्रिया की एक रील नजर आई। उसने मैसेज करके प्रिया से हाल-चाल पूछा। यहीं से दोनों की दोबारा बातचीत शुरू हो गई। विजय को पता चला कि उसका बेटा 9 साल का हो चुका है। ये भी पता चला कि प्रिया की माली हालत ठीक नहीं। वह घर चलाने के लिए लोगों के घरों में खाना बनाती है। तब विजय ने अपने बेटे के लिए प्रिया को पैसा देना शुरू किया। प्रिया शराब बहुत पीती थी। इसलिए जल्द ही वह विजय को अपने घर भी बुलाने लगी। विजय और प्रिया दोनों घर में ही शराब पीते और साथ रहने लगे। ये सब धीरे-धीरे संध्या को पता चलने लगा, क्योंकि कई-कई दिन विजय घर लौटकर नहीं आता था। संध्या को विजय के मोबाइल से प्रिया के बारे में पता चला। विजय भी अब संध्या को धोखा नहीं देना चाहता था। इसलिए उसने दोनों महिलाओं की मुलाकात भी कराई। लेकिन, इससे हालात और बिगड़ गए। बच्चों के भविष्य से शुरू हुआ आखिरी टकरावपुलिस के मुताबिक, संध्या के बच्चे प्राइवेट स्कूल में पढ़ रहे थे, जबकि प्रिया का बेटा सरकारी स्कूल में था। बच्चों के हक और भविष्य को लेकर झगड़ा बढ़ गया। साल- 2025 में संध्या ने यह बात अपने पिता रामबिलास को बताई। इसके बाद सबने कहा कि ठीक है, तुम लोग वहां अकेले हो। एक काम करो, प्रिया को गोरखपुर लेकर आओ। यहीं पर परिवार बैठकर फैसला कर लेगा कि आगे करना क्या है? गोरखपुर बुलाकर रची गई हत्या की साजिशवारदात से 4 दिन पहले 26 जनवरी को तीनों ट्रेन से गोरखपुर पहुंचे। पहला दिन प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर बिताया। अगले दिन बुढ़िया माई स्थान और गोरखनाथ मंदिर में दर्शन किए। फिर विजय ने संध्या और प्रिया के साथ होटल के कमरे में शराब पी। विजय 8 बोतल शराब लाया था। इसके बाद ऑटो से पीपीगंज सभी पहुंचे, यहां संध्या की ससुराल है। यहां ऑटो चालक से विवाद हुआ। इसके बाद उन्होंने ऑटो को वहीं छोड़ दिया। संध्या ने अपने घर कॉल की, तो उसके पिता की स्कूटी परिवार का एक सदस्य उन लोगों को दे गया। स्टेशन रोड के CCTV में तीनों इसी स्कूटी पर जाते दिखे थे। रात करीब 10 बजे तीनों स्कूटी से सहजनवां की ओर निकले। रास्ते में नशे की हालत में प्रिया हंगामा करने लगी। इसी दौरान विजय और संध्या ने उसे घर न ले जाकर हत्या की योजना बना ली। सुनसान स्थान पर नशे में बेसुध प्रिया की गर्दन दबाकर हत्या कर दी। लेकिन, दोनों को डर था कि वो पकड़े जाएंगे। इसलिए विजय ने प्रिया के शरीर से वो सारी चीजें हटा दीं, जिससे उसकी पहचान हो सकती थी। यही वजह है, पुलिस को प्रिया की बॉडी न्यूड मिली थी। उसके चेहरे पर ईंट से 8 से 10 बार प्रहार किया, जिससे चेहरा बिगड़ जाए। इसके बाद विजय पत्नी के साथ ससुराल आ गया। दूसरे दिन सुबह उठकर विजय ने अपने चेहरे की दाढ़ी और सिर के बाल हटवा दिए। जिससे अगर CCTV में कहीं उसका चेहरा दिखे भी, तो पहचाना न जाए। अब अरेस्टिंग की कहानी ऑटो ड्राइवर ने पुलिस को दिया पहला क्लूSP नॉर्थ ज्ञानेंद्र प्रसाद ने बताया- 30 जनवरी को पीपीगंज के बरघट्टा पुल के नीचे एक महिला की न्यूड लाश मिली थी। इसके बाद CCTV और सर्विलांस की मदद से आरोपियों की तलाश शुरू की गई। पुलिस की एक टीम महिला की शिनाख्त कराने में जुट गई। इसी बीच घटना वाली रात CCTV में एक स्कूटी पर 3 लोग जाते दिखे। संदिग्ध मानकर उनके बारे में जानकारी जुटाई गई। पहला क्लू एक ऑटो वाले से मिला। जिसने मरने वाले साथ एक पुरुष और महिला को देखा था। यही क्लू धीरे-धीरे हमें विजय और संध्या तक लेकर गया। आखिरकार उन्होंने अरेस्टिंग के बाद अपना जुर्म कबूल कर लिया। उन्हें जेल भेजा गया है। ------------------------ यह खबर भी पढ़ें - गर्लफ्रेंड की हत्या कर टकला हो गया बॉयफ्रेंड, मुंबई से गोरखपुर लाया, चेहरा कूचा, न्यूड कर लाश फेंकी गोरखपुर में 30 जनवरी की सुबह मुंबई की प्रिया शेट्टी (35) की हत्या करके लाश फेंक दी गई। कातिल ने प्रिया के चेहरे पर ईंट से कई वार किए। उसे पूरी तरह न्यूड कर दिया था। जिससे जब भी पुलिस को बॉडी मिले, तो महिला की पहचान न हो सके। पढ़िए पूरी खबर…
कहते हैं, जब जान पर बन आती है तो इंसान सब कुछ छोड़ देता है, लेकिन इस दुनिया में कुछ लोग ऐसे भी होते हैं, जो मौत से आंखों में आंखें डालकर हर दिन जिंदगी की जद्दोजहद करते हैं और साथ ही दूसरों के लिए उम्मीद की रोशनी भी बनते हैं। मध्यप्रदेश के ग्वालियर स्थित जयारोग्य अस्पताल समूह की कुछ नर्सें ऐसी ही मिसाल हैं, जो खुद गंभीर बीमारियों से जूझते हुए भी मरीजों की सेवा में कोई कमी नहीं आने देतीं। जयारोग्य अस्पताल समूह में हर दिन हजारों मरीज इलाज के लिए आते हैं और सैकड़ों मरीज भर्ती रहते हैं। इनकी देखभाल की जिम्मेदारी जहां डॉक्टरों पर होती है, वहीं नर्सिंग स्टाफ भी इलाज की रीढ़ होता है। इसी नर्सिंग स्टाफ में शामिल हैं राखी श्रीवास्तव और प्रेमलता माथनकर दो ऐसी नर्सें, जो कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के बावजूद अपने कर्तव्य को जीवन से ऊपर रखे हुए हैं। खुद कैंसर से लड़ते हुए मरीजों को देती हैं हौसला हजार बिस्तर अस्पताल की सर्जरी यूनिट में पदस्थ नर्सिंग ऑफिसर राखी श्रीवास्तव पिछले कुछ वर्षों से ब्लड कैंसर से जूझ रही हैं। दवाओं और इलाज के सहारे वे न सिर्फ अपनी जिंदगी आगे बढ़ा रही हैं, बल्कि आईसीयू जैसे संवेदनशील विभाग में मरीजों की सेवा भी कर रही हैं। राखी बताती हैं कि कई बार कैंसर से पीड़ित मरीज उन्हें देखकर हताशा से बाहर आ जाते हैं। अध्यात्म और आस्था को बनाया ताकत राखी मरीजों को न सिर्फ दवाएं देती हैं, बल्कि मानसिक और भावनात्मक सहारा भी बनती हैं। वे अपनी आस्था को अपनी सबसे बड़ी ताकत मानती हैं। भगवान श्रीकृष्ण में विश्वास ने उन्हें कभी टूटने नहीं दिया। राखी कहती हैं कि जब ईश्वर ने जीवन दिया है, तो उसे निराशा में क्यों गंवाया जाए। यही कारण है कि इलाज के अलावा उन्होंने कभी अतिरिक्त छुट्टी नहीं ली। पति ने कहा- छोड़ दो नौकरी राखी बताती हैं कि जब उन्हें बीमारी का पता चला, तो घर का माहौल बदल गया। उनके पति उन्हें लेकर काफी संवेदनशील हैं, इसलिए शुरुआत में उन्होंने नौकरी छोड़ने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि अब आराम करो, लेकिन राखी का मन काम जारी रखने का था। राखी का कहना है कि घर में बैठकर हताश होने से बेहतर है व्यस्त रहना। पैसों की कोई कमी नहीं थी, फिर भी वे काम करना चाहती थीं। जब उन्होंने बॉम्बे में अपने डॉक्टर से फोन पर यह बात साझा की, तो डॉक्टर ने भी उनके पति को समझाया कि अगर राखी काम करना चाहती हैं, तो उन्हें करने देना चाहिए। इसके बाद पति ने सहमति दी और आज वे उनके सहयोग से जयारोग्य अस्पताल में सेवाएं दे रही हैं। मां बनने के 3 माह बाद कैंसर जयारोग्य अस्पताल के न्यूरोलॉजी विभाग में पदस्थ स्टाफ नर्स प्रेमलता माथनकर की कहानी भी कम प्रेरणादायक नहीं है। वर्ष 2020 में, जब उनकी गोद में तीन माह की बेटी थी, तभी उन्हें ब्रेस्ट कैंसर होने का पता चला। बीमारी ने उन्हें झकझोर दिया, लेकिन बेटियों और परिवार की जिम्मेदारी ने उन्हें हिम्मत दी। ग्वालियर में ही इलाज शुरू हुआ और करीब एक साल तक संघर्ष चला। 2023 में कैंसर ने दोबारा हमला प्रेमलता की मुश्किलें यहीं खत्म नहीं हुईं। वर्ष 2023 में कैंसर ने दोबारा हमला किया। इस बार लंग्स और बोन कैंसर के रूप में। अब तक वे 43 सेशन कीमोथैरेपी और रेडिएशन ट्रीटमेंट झेल चुकी हैं। लगातार दर्द, आर्थिक और मानसिक दबाव के बावजूद प्रेमलता अपनी ड्यूटी निभा रही हैं। दर्द को मात देती सेवा भावना जयारोग्य अस्पताल में ऐसी और भी नर्सें हैं, जो किसी न किसी बीमारी से जूझ रही हैं, फिर भी मरीजों की सेवा में जुटी हैं। राखी और प्रेमलता जैसी नर्सें साबित करती हैं कि अगर इंसान ठान ले, तो दर्द भी उसका हौसला नहीं तोड़ सकता। दूसरों के दुख को कम करने के लिए अपना दर्द भुला देना यही इन नर्सों की सबसे बड़ी इंसानियत और पहचान है।
आगरा–बांदीकुई रेलमार्ग पर सिंगल रेलवे लाइन के कारण एक्सप्रेस ट्रेनों की लेटलतीफी और यात्रियों को हो रही असुविधा से राहत दिलाने के लिए रेलवे लाइन दोहरीकरण का कार्य शुरू किया गया है। इसके तहत नदबई क्षेत्र में जमीन चिन्हित करने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, लेकिन चिन्हित जमीन के काश्तकारों को मुआवजा राशि का अब तक भुगतान नहीं हो पाया है। मुआवजा नहीं मिलने के कारण स्थानीय प्रशासन की ओर से रेलवे को जमीन सुपुर्द करने की प्रक्रिया कागजों में ही अटकी हुई है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, पहले चरण में नदबई कस्बा द्वितीय हल्का सर्किल सहित कबई, महरमपुर, सैडोली और बरौलीरान पटवार सर्किल के अंतर्गत कुल 53 खसरा नंबरों की करीब 3.71 हेक्टेयर भूमि चिन्हित की गई है। इस भूमि के काश्तकारों को मुआवजा राशि के रूप में लगभग 1 करोड़ 82 लाख रुपए का भुगतान किया जाना है। इसके लिए नदबई एसडीएम कार्यालय की ओर से रेलवे विभाग को बजट आवंटन का पत्र भी भेजा गया, लेकिन बजट उपलब्ध नहीं होने के चलते मुआवजा राशि का भुगतान नहीं हो सका। इससे रेलवे को जमीन सौंपने की प्रक्रिया भी आगे नहीं बढ़ पाई है। हालांकि, दूसरे चरण में नदबई कस्बा प्रथम एवं द्वितीय हल्का सर्किल के साथ रायसीस और महरमपुर पटवार सर्किल में चिन्हित की जाने वाली जमीन की सर्वे प्रक्रिया जारी है। दिसंबर तक दोहरीकरण होने की उम्मीद विभागीय सूत्रों के अनुसार, फरवरी 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 987 करोड़ रुपए की लागत से आगरा–बांदीकुई के बीच लगभग 150 किलोमीटर लंबी रेलवे लाइन के दोहरीकरण कार्य का वर्चुअल शुभारंभ किया था। आगरा रेल मंडल के अधिकारी ईदगाह–अछनेरा (करीब 6 किमी) और विभाई–घोसराना (करीब 24 किमी) के बीच आगामी दो माह में दोहरीकरण कार्य पूर्ण होने का दावा कर रहे हैं। लेकिन हकीकत यह है कि दो साल बाद भी करीब 120 किलोमीटर रेलखंड में कहीं भूमि अवाप्ति नहीं हो सकी है तो कहीं केवल जमीन समतलीकरण का कार्य चल रहा है। ऐसे में दिसंबर तक पूरे सेक्शन में दोहरीकरण कार्य पूरा होने की उम्मीद औपचारिक ही नजर आ रही है। दोहरीकरण से यात्रियों को मिलेगी राहत गौरतलब है कि आगरा–बांदीकुई रेलखंड पर प्रतिदिन करीब दो दर्जन मालगाड़ियों के साथ एक दर्जन से अधिक पैसेंजर और एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन होता है। सिंगल रेलवे लाइन होने के कारण क्रॉसिंग के समय ट्रेनों को अलग-अलग लूप लाइन पर रोका जाता है, जिससे यात्रियों को लेटलतीफी और अन्य असुविधाओं का सामना करना पड़ता है। रेलवे लाइन का दोहरीकरण पूरा होने के बाद ट्रेनों का संचालन निर्धारित समय पर संभव हो सकेगा और यात्रियों को लंबे इंतजार से राहत मिलेगी। एसडीएम ने कहा- रेलवे को पत्र भेजा है “नदबई क्षेत्र में जमीन चिन्हिृत कर अवार्ड राशि को लेकर रेलवे प्रशासन को पत्र भेज दिया। बजट उपलब्ध होने पर नियमानुसार काश्तकारों को अवार्ड राशि का भुगतान किया जाएगा। बजट मिलने के बाद चिन्हिृत जमीन को रेलवे विभाग को हैंड ओवर करने की प्रक्रिया होगी।” -सचिन यादव, एसडीएम नदबई। बजट की डिमांड नहीं मिल है “दौसा व अलवर जिले में शामिल क्षेत्र की भूमि अवाप्ति को लेकर रेलवे की ओर से प्रदेश सरकार को बजट भेज दिया गया। भरतपुर जिले से भूमि अवाप्ति बजट की अभी डिमांड नही मिली। डिमांड मिलने पर रेलवे की ओर से बजट उपलब्ध कराने की प्रक्रिया होगी।” -प्रशस्ति श्रीवास्तव, जनसंपर्क अधिकारी आगरा रेल मंडल।
विश्व कैंसर दिवस:भोपाल में ओरल, ग्वालियर में गॉल ब्लेडर, इंदौर में ब्रेस्ट कैंसर रोगी ज्यादा
मप्र में कैंसर अब क्षेत्रीय पैटर्न के रूप में उभर रहा है। भोपाल का ओरल कैंसर पैटर्न मिजोरम-मेघालय, ग्वालियर का गॉल ब्लैडर कैंसर गंगा बेल्ट और मालवा का पंजाब के कैंसर बेल्ट जैसा दिखता है। विंध्य-बुंदेलखंड में सर्वाइकल कैंसर के मामले ज्यादा हैं। इसलिए इस बार वर्ल्ड कैंसर डे की थीम यूनाइटेड फॉर यूनिक रखी गई है। यानी हर व्यक्ति को आसपास ही उसकी आवश्यकता के अनुरूप इलाज मिल सके। एम्स में विशेष सेंटर(कैप) शुरू किया गया है। यहां हर मरीज को उसकी प्रोफाइल के आधार पर इलाज मिलेगा, साथ ही रिसर्च होगी। डॉ. माधवानंद कर, सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट एवं डायरेक्टर , एम्स भोपाल भोपाल: ओरल कैंसर का हॉटस्पाटभोपाल में पुरुषों में कैंसर के कुल मामलों में से 18-20% ओरल (मुंह) के हैं। ये संख्या लगातार बढ़ रही है। ‘गुल’ व तंबाकू रातभर मुंह में रखना यहां के क्लिनिकल पैटर्न को उत्तर-पूर्व भारत जैसा बना रहा है। अर्ली डायग्नोस: आइने में देखें। छाले हों या सेंसिटिविटी कम हो तो जांच कराएं। रोकथाम : गुटखा, सुपारी आदि न खाएं। ग्वालियर-चंबल: यूपी-बिहार जैसायहां ट्रेंड यूपी/बिहार की तरह है। यहां कैंसर रोगियों में गॉल ब्लैडर (पित्त की थैली) कैंसर का प्रतिशत राज्य के अन्य हिस्सों से 1.5 गुना अधिक है। पित्त की पथरी बेहद सामान्य है। पानी में हैवी मेटल्स वजह है। अर्ली डायग्नोस: हर 6 माह में खून जांच करें। परिवार में कैंसर है, तो जांच कराएं। रोकथाम : उपचारित-आरओ पानी पिएं। इंदौर: जीवनशैली ने दिया स्तन कैंसरमहिलाओं में स्तन कैंसर यहां कुल कैंसर केस का 30% है। शहरों में गतिहीन जीवनशैली से पुरुषों में आंत, महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर बढ़ रहा है। ब्रेस्ट कैंसर से औसत उम्र भी कम (35-45) हो रही है। अर्ली डायग्नोस : खुद देखें, स्तनों से खून या गांठ तो नहीं लग रही।रोकथाम :गतिहीन जीवनशैली छोड़ें। मालवा में रासायनिक दुष्प्रभाव... पंजाब की तरह मालवा में भी कैंसर ‘केमिकल इंड्यूस्ड’ माना जा रहा है। यहां पेट और किडनी कैंसर के मामले पिछले 5 साल में 25% तक बढ़े हैं। अत्यधिक कीटनाशक और रसायनों का मिट्टी व जल स्रोत में मिलना इसकी वजह है। मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. श्याम अग्रवाल बताते हैं, अगर आप 40+ हैं या हाई-रिस्क इलाके में रहते हैं तो पेट का अल्ट्रासाउंड और किडनी फंक्शन टेस्ट कराएं।
पटना में दीघा इलाके के लोयला स्कूल के पास शंभू सिंह नाम के शख्स पर बदमाशों ने फायरिंग कर दी। हालांकि शंभू सिंह फायरिंग करने वाले बदमाश से भीड़ गए। हाथ पकड़कर ऊपर कर दिया। जिससे हवाई फायरिंग हो गई। वहां मौजूद लोगों ने इसी बीच उस शख्स को पकड़ लिया। बुरी तरह से मारने पीटने लगे। पीड़ित पक्ष ने पीटने के बाद पुलिस को खबर की। मौके पर पुलिस आई और आरोपी को लेकर थाने चली आई। गंभीर चोट होने के चलते पुलिस ने आरोपी का इलाज भी कराया। इधर, दो अन्य आरोपी फरार हो गए। बताया जा रहा कि 50 लाख की रंगदारी भी मांगी गई थी। वहीं, पीड़ित पर दोबारा हमला किया गया है। रेंट के पैसे को लेकर विवाद था।रेंट के रुपए को लेकर विवाद प्रभारी सेंट्रल एसपी भानु प्रताप ने बताया कि आरोपी की पहचान बिहटा के रहने वाले सिकंदर उर्फ राहुल के तौर पर हुई है। पूर्व से ही दोनों के बीच रेंट के रुपए को लेकर विवाद चल रहा है। आरोपी का कहना है कि शंभू सिंह के यहां रुपए बकाया है। वहीं, शंभू सिंह का कहना है कि कोई रुपए बकाया नहीं है। इसी बात के विवाद में सिकंदर ने शंभू को टारगेट कर के फायरिंग की थी। आरोपी के पास से एक पिस्टल, एक देशी कट्टा मिले हैं। फिलहाल और भी पूछताछ की जा रही है। एक के खिलाफ दिया आवेदन इधर, पीड़ित शंभू सिंह ने दीघा थाने में सिकंदर उर्फ राहुल के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस आस पास में लगे सीसीटीवी फुटेज के आधार पर छानबीन कर रही है। घटनास्थल से एक बाइक भी बरामद की गई थी। जिसके नंबर प्लेट पर टेप चिपकाया गया था। पुलिस को आशंका है कि इसी बाइक से अपराधी घटना को अंजाम देने आए थे।
कैथल में लोक निर्माण विभाग (PWD) विभाग द्वारा गांव अटैला से लेकर खरकां तक बनाई गई सड़क निर्माण के दो महीने बाद ही उखड़ने लगी है। सड़क पर कंकरीट उखड़ गई है, जिससे दोपहिया वाहन चलाने वाले लोग दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं। इस सड़क की शिकायत गांवों के लोगों ने गुहला विधायक देवेंद्र हंस को की थी। अब विधायक ने इस सड़क के निर्माण में भ्रष्टाचार के अधिकारियों और एजेंसी पर आरोप लगाए हैं। पंजाब से जोड़ने वाला मार्ग बता दें कि, करीब 10 किलोमीटर लंबी इस सड़क पर काम के लिए लोक निर्माण विभाग की ओर से चार करोड़ रुपए का टेंडर लगाया गया है। इस सड़क पर कैथल के करीब 15 गांवों के लोगों की आवाजाही होती है। यह सड़क कैथल जिले को पंजाब से जोड़ने वाला लोकल मार्ग भी है। ऐसे में सड़क के जल्द ही उखड़ जाने पर विधायक ने अधिकारियों और एजेंसी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। विधायक देवेंद्र कर चुके निरीक्षण जब इस संबंध में गुहला विधायक देवेंद्र हंस से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि गांव के लोगों की सड़क को लेकर उनके पास शिकायतें पहुंच रही थी। इस पर उन्होंने मौके पर जाकर अटेला से लैंडर पीरजादा तक हाल ही में बनी सड़क का निरीक्षण किया। विधायक ने कहा कि बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि नई बनी सड़क इतनी कम अवधि में ही बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है। यह साफ दर्शाता है कि निर्माण कार्य में गंभीर स्तर पर भ्रष्टाचार और लापरवाही हुई है। एसीबी को शिकायत कर चुके विधायक विधायक ने यह भी कहा कि सड़कों की यह स्थिति, व्यवस्था में गहराई तक जम चुके भ्रष्टाचार का परिणाम है। जनता के टैक्स के पैसे से बनने वाली सड़कों का इस तरह टूटना किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस संबंध में उन्होंने एंटी करप्शन ब्यूरो मुख्यालय को शिकायत दी है। उम्मीद है कि जल्द ही मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में लोक निर्माण विभाग के एक्सईएन वरुण कंसल ने कहा कि सड़क का निर्माण कार्य चल रहा है। बरसात और धुंध की वजह से काम बीच में रोका गया था। पहले सड़क पर कंकरीट की एक लेयर बिछाई गई थी, जिससे काम अधूरा रह गया था। अब एक और लेयर बिछाई जाएगी और कार्य कंप्लीट किया जाएगा।
पहली बार ऐसी खींचतान:पीएचक्यू ने 9 आईपीएस को जिलों में बतौर प्रोबेशनर भेजा, गृह विभाग से आदेश रद्द
पुलिस मुख्यालय (पीएचक्यू) ने डेढ़ माह पहले जिन 9 आईपीएस अफसरों को प्रोबेशनर बनाकर जिलों में भेजने का आदेश निकाला, शासन ने उसे रद्द कर दिया है। शासन ने अपने कार्य नियम 10 (एक)(चच) का हवाला देकर यह कार्यवाही की है। यानी शासन ने अपनी शक्तियों का इस्तेमाल किया है, जिसमें अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों की पोस्टिंग से पहले शासन की मंजूरी जरूरी होने का जिक्र है। इस घटनाक्रम को शासन और पुलिस मुख्यालय की वर्किंग को तालमेल के अभाव से जोड़ा जा रहा है। यह भी बताया गया है कि प्रोबेशनर को जिलों में भेजने से जुड़े इस आदेश की निरस्ती का फैसला उच्च स्तर से सहमति के बाद लिया गया है। अधिकारिक सूत्रों का कहना है कि मप्र में पहली बार ऐसा हुआ है, जब प्रोबेशनर की ट्रेनिंग से जुड़े किसी आदेश को शासन ने रद्द किया है। ये सारे आईपीएस 77वें बैच यानी (2023 व 2024 आवंटन वर्ष) के हैं। इन्हें 24 नवंबर 2025 से लेकर 12 जून 2026 तक ट्रेनिंग पर रहना है। इस दौरान नए आईपीएस को पीएचक्यू की विभिन्न शाखाओं के साथ राज्य पुलिस अकादमी में ट्रेनिंग लेनी थी। एक सप्ताह एसआईबी के लिए भी निर्धारित थे। प्रोबेशनर की ट्रेनिंग का आदेश 18 नवंबर को निकला। सूत्रों का कहना है कि आईपीएस 18 नवंबर के आदेश के आधार पर आगे भी बढ़ गए थे, पर शासन ने इस आदेश को रद्द कर दिया। शासन का तर्क है कि इन 9 नए आईपीएस के बारे में कोई जानकारी शासन को नहीं दी गई। आदेश निरस्ती की सुगबुगाहट मिलते ही डीजीपी कैलाश मकवाना और गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव शिवशेखर शुक्ला के बीच बात हुई, पर बात किसी ठोस नतीजे तक नहीं पहुंची।
भरतपुर के जवाहर नगर निवासी एक सेवानिवृत अधिकारी के साथ ठगों ने खतरनाक और लंबा जाल बिछाया। ठगों ने खुद को एनकाउंटर स्पेशलिस्ट आईपीएस और बैंगलोर पुलिस बताकर पीड़ित को करीब पांच महीने तक डिजिटल अरेस्ट रखा और उसे डरा-धमका कर करीब 66.49 लाख रुपए ठग लिए। जिले के एक सेवानिवृत्त अधिकारी ने इस मामले में साइबर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू की है। पीड़ित ने बताया वह ठगों से इस कदर डर गया कि उसने कई बार सुसाइड करने की भी कोशिश की। ठगी का यह सिलसिला 18 अगस्त 2025 से शुरू होकर 29 जनवरी 2026 तक यानी लगभग साढ़े पांच महीने तक चला। ठगों ने जांच के नाम पर पीड़ित को करीब पांच महीने तक डिजिटल अरेस्ट में रखा। रोज सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक उसे ऑनलाइन निगरानी में रखा जाता था। इसके बाद भी हर तीन घंटे में रिपोर्टिंग करानी पड़ती थी। पीड़ित को अपनी लोकेशन, गतिविधि और साथ मौजूद व्यक्ति की जानकारी देनी होती थी। डिजिटल अरेस्ट के चलते पीड़ित ने दिन के सभी रुटीन कार्य छोड़ दिए थे। घर में उस समय केवल पत्नी साथ रहती थी। पत्नी को बार-बार शक होता था, लेकिन पीड़ित खुद को किसी सरकारी प्रोजेक्ट में व्यस्त बताकर बात टाल देता था। पीड़ित का बेटा एमबीए कर मुंबई में नौकरी करता है और रोज शाम बातचीत होती थी। पीड़ित की दो बेटियां भी हैं, जिनकी शादी हो चुकी है, उन्हें भी कुछ नहीं बताया गया। ठगों ने धमकाया था कि यदि किसी को बताया तो परिवार के सदस्यों को सात साल की सजा होगी। इसी डर के कारण पीड़ित किसी को कुछ नहीं बता पाया। पीड़ित ने पत्नी की पीएनबी बैंक की एफडी और पोस्ट ऑफिस की 36 लाख रुपए की एफडी तुड़वाई।ठगों ने आरटीजीएस और यूपीआई से अलग-अलग किस्तों में 22.05 लाख, 35.70 लाख और 6.55 लाख रुपए ट्रांसफर करवाए। पैसे मिलने पर ठग बाकायदा सुप्रीम कोर्ट के फर्जी लेटरहैड पर राशि प्राप्ति की रसीद भी भेजते थे ताकि पीड़ित को शक न हो। यह पूरा मानसिक टॉर्चर तब खत्म हुआ जब पीड़ित अहसास हुआ कि वह किसी बड़ी साजिश का शिकार हो चुका है। इसके बाद पीडि़त ने पुलिस को सूचना दी। भरतपुर एसपी दिगंत आनंद ने बताय कि पीड़ित को करीब पांच महीने तक डिजिटल अरेस्ट में रखकर 66.49 लाख रुपये की ठगी की गई। मामला सामने आते ही तुरंत एफआईआर दर्ज की गई और एक विशेष टीम गठित कर जांच शुरू कर दी गई है।
जबलपुर-भोपाल नेशनल हाईवे पर हादसा:ओवरब्रिज से 30 फीट नीचे कार पर गिरा हाईवा, दो की मौत, 4 घायल
जबलपुर-भोपाल नेशनल हाईवे-45 पर मंगलवार दोपहर 3 बजे भीषण सड़क हादसा हो गया। शहपुरा थाना क्षेत्र में ओवरब्रिज से एक तेज रफ्तार हाईवा रेलिंग तोड़ते हुए नीचे सर्विस रोड पर जा गिरा। हाईवा नीचे से गुजर रही कार पर पलट गया। हादसे में हाईवा चालक अंकित मलिक (39, हरियाणा) और पास से गुजर रहे बाइक सवार बलराम अवस्थी (64, शहपुरा) की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, कार सवार एक ही परिवार के चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से उन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। दो घायलों की हालत नाजुक बताई जा रही है। प्रारंभिक जांच में हादसे की वजह हाईवा की तेज गति और लापरवाही बताई जा रही है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। चालक का शव हाईवा के केबिन में फंसा मिला, जिसे कड़ी मशक्कत के बाद निकाला गया।
मप्र का बजट सत्र 16 फरवरी से शुरू होगा, जबकि बजट 18 फरवरी को पेश होगा। सीएम डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय बजट को राज्य के लिए दिशा देने वाला बताते हुए कहा कि मप्र का आगामी बजट इन्हीं प्राथमिकताओं को ध्यान में रखकर तैयार किया जाएगा। सीएम ने कहा- राज्य का बजट आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के लिए आर्थिक विकास का रोडमैप पेश करेगा। युवाओं के लिए रोजगार, निवेश को बढ़ावा और सतत विकास राज्य बजट के प्रमुख लक्ष्य होंगे। सीएम बोले- केंद्र के बजट में मप्र के लिए 1.12 लाख करोड़ रु.का प्रावधान किया गया है। केंद्रीय कर हस्तांतरण में भी प्रदेश के हिस्से में बढ़ोतरी हुई है। पूंजीगत व्यय में वृद्धि, शहरों के नियोजित विकास, लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम और रेलवे विस्तार जैसे प्रावधानों का असर राज्य के बजट में भी दिखाई देगा। डॉ. यादव ने कहा कि राज्य में औद्योगिक पुनर्जीवन सरकार की प्राथमिकता है। केंद्रीय बजट में इंडस्ट्रियल रिनोवेशन पर दिए गए जोर से मौजूदा उद्योगों को मजबूती मिलेगी। पीएम मित्रा पार्क से टेक्सटाइल इंडस्ट्री को दोबारा खड़ा करने का रास्ता खुलेगा, जिसका प्रतिबिंब मप्र के बजट में भी देखने को मिलेगा। इधर, कैबिनेट में बड़ा फैसलासरदार सरोवर बांध के विस्थापित 25,602 परिवार अब पट्टे पर मिले आवासीय भूखंडों के एक दशक बाद स्थाई मालिक बनेंगे। सरकार इन पट्टों पर मिले भूखंडों की रजिस्ट्री फ्री करेगी।
भागीरथपुरा में दूषित पानी के कारण 32 लोगों की जान चली गई है। कई लोग अस्पताल में इलाज करा चुके हैं। अभी भी लोगों को यहां के पानी पर भरोसा नहीं हो रहा है, लेकिन नगर निगम यहां की स्थिति सामान्य करने में लगा है। इसके साथ ही यहां पर जो काम चल रहा है वो आगामी 20 दिन में पूरा हो जाएगा। बता दें कि भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने की वजह से सैकड़ों लोग बीमार हो गए थे, वहीं 32 लोगों की जान चली गई। इस घटना ने पूरे शहर को हिलाकर रख दिया था। आज भी यहां कई लोग नल का पानी पीने में खबरा रहे हैं। नगर निगम कर रहा प्रयासइस मामले में महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि हमारी पहले दिन से ही प्राथमिकता है कि वहां की स्थिति सामान्य हो सके और पानी व ड्रेनेज के जितने काम हमने लिए हैं, भागीरथपुरा को सामान्य स्थिति में लाने के लिए उसमें से ड्रेनेज के मेन लाइन के काम पूरे हो चुके हैं। पानी के भी 30प्रतिशत हिस्से में हम सप्लाई शुरू कर चुके हैं। बाकी में भी मेन लाइन का काम आगामी 20 दिन में पूरा हो जाएगा। जांच में सामने आएगा30 प्रतिशत हिस्से में पानी की सप्लाई की जा रही है, इसकी टेस्टिंग भी लगातार जारी है। बचे हुए हिस्से में टैंकर से पानी की सप्लाई की जा रही है। जिम्मेदारी की बात को लेकर पूछे सवाल पर उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि होने के नाते अकाउंटेबिलिटी हमारी है। हाईकोर्ट ने जांच कमेटी बनाई है, उसकी जांच में आएगा ही उसके अलावा प्राथमिकता यही है कि वहां सारी चीजें सामान्य हो जाएं। सोमवार को भी निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल ने भी अधिकारियों के साथ भागीरथपुरा इलाके का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने भागीरथपुरा क्षेत्र में जल प्रदाय लाइन के कामों का पानी की टंकी से लेकर तारा मेडिकल एवं आंगनबाड़ी केंद्र तक निरीक्षण किया था। वर्तमान में लाइन डालने का काम कितना हो गया है और कितना बाकी है इसकी जानकारी भी ली थी और काम में तेजी लाते हुए भागीरथपुरा के शेष स्थानों में भी सुचारू ए वं पर्याप्त जलप्रदाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। ये खबर भी पढ़ें… इंदौर में दूषित पानी से 32वीं मौत भागीरथपुरा में दूषित पानी हादसे में एक और मौत हो गई। एक माह से अधिक समय से एडमिट रही अनिता कुशवाह (65) ने रविवार रात को दम तोड़ दिया। अनिता का बॉम्बे हॉस्पिटल में इलाज चल रहा था। वह लंबे समय से वेंटिलेटर पर थीं। इन्हें मिलाकर दूषित पानी से अब तक 32 मौतें हो चुकी हैं।पूरी खबर पढ़ें
प्रदेश में कफ सिरप से बच्चों की मौत को लेकर सदन में हंगामा हुआ। विपक्षी दल कांग्रेस ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरने की कोशिश की, लेकिन चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने जवाब दिया कि कफ सिरप की वजह से प्रदेश में एक भी बच्चे की मौत नहीं हुई। केवल दवा के ओवरडोज की वजह से बच्चों की मौत हुई है। माता-पिता ने बिना डॉक्टर पर्ची के ही बड़ों की कफ सिरप बच्चों को दे दी। यह सीरप सरकारी अस्पताल के किसी डॉक्टर ने प्रेस्क्राइब नहीं की थी। कांग्रेस विधायक हरिमोहन शर्मा के पूरक प्रश्न के बाद नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी सवाल उठाया। जूली ने पूछा कि यह जांच किसने की? इस दौरान कांग्रेस और भाजपा विधायकों के बीच तीखी नौक-झौंक हो गई। इस पर स्पीकर वासुदेव देवनानी ने जूली से कहा कि इस मामले में अलग से आइये। एक भी मौत होना गंभीर है। निशुल्क दवा योजना में मरीज बढ़े, राशि आवंटन घटा मुख्यमंत्री निशुल्क दवा योजना को लेकर विधायक हरिमोहन शर्मा ने सवाल उठाया कि योजना में मरीजों की संख्या बढ़ने के बावजूद राशि का आवंटन कम क्यों किया जा रहा है। चिकित्सा गजेंद्र सिंह ने कहा कि योजना के तहत उपलब्ध करवाई जाने वाली दवाओं का खर्चा कम नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 में एक हजार 572 करोड़ रुपए खर्च किए गए। इसी प्रकार वर्ष 2024 में 1 हजार 725 तथा वर्ष 2025 में 1 हजार 656 करोड़ रुपए व्यय किए। उन्होंने बताया कि आरजीएचएस योजना के तहत वर्ष 2024-25 में 19.95 करोड़ तथा वर्ष 2025-26 में दिसम्बर तक 15.73 करोड़ व्यक्तियों को लाभान्वित किया है। एक ही सवाल के दो जवाब - अजमेर में प्रस्तावित जीएनएम नर्सिंग स्कूल को लेकर विधायक अनिता भदेल के सवाल पर पहले लिखित में जवाब दिया गया, जिसमें बताया कि प्रस्ताव तैयार कर प्रशासनिक व वित्तीय स्वीकृति जारी करने की प्रक्रिया चल रही है। भदेल ने पूछा कब तक होगी तो चिकित्सा मंत्री ने कहा- 2025 में ही नर्सिंग स्कूल खोलने, पद सृजन, फर्नीचर, मशीनरी की स्वीकृति जारी की जा चुकी है। इसकी प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी है। सीमेंट कंपनियों ने रोके रास्तेसदन में शून्यकाल के दौरान विधायक छोटू सिंह ने पश्चिमी राजस्थान के जिलों में खेजड़ी की कटाई के साथ ही सोलर व सीमेंट कंपनियों की ओर से रास्तों, नाड़ी व ओरण की जमीनों पर कब्जा करने का मुद्दा उठाया। विधायक ने कहा कि कंपनियां ओरण भूमि और खेजड़ी को समाप्त कर रहे है। सरकार कंपनियों से ओरण, चरागाह की जमीनें मुक्त करवाए।
ओबीसी आरक्षण के विरोध में बयान का मामला:तन्खा ने शिवराज के खिलाफ मानहानि का केस वापस लिया
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और कांग्रेस सांसद विवेक तन्खा के बीच मानहानि विवाद आपसी सहमति के बाद सुलझ गया है। मंगलवार को तन्खा की ओर से सुप्रीम कोर्ट को बताया गया कि वे शिवराज के खिलाफ दायर आपराधिक और सिविल मानहानि के मामलों को वापस ले रहे हैं। जस्टिस एमएम सुंदरैश व जस्टिस एनके सिंह की पीठ को सीनियर एडवोकेट महेश जेठमलानी ने यह जानकारी दी। दरअसल, 2021 में मप्र पंचायत चुनावों के दौरान भाजपाइयों ने तन्खा पर ओबीसी आरक्षण का विरोध करने का बयान दिया था। इसके खिलाफ तन्खा ने सेशन कोर्ट में सिविल और आपराधिक मानहानि का दावा करते हुए 10 करोड़ मुआवजे और तत्कालीन सीएम शिवराज सिंह चौहान, तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा व पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। सेशन कोर्ट ने तीनों के खिलाफ जमानती वारंट जारी किए। भाजपा नेताओं ने हाई कोर्ट में चुनौती दी, लेकिन राहत नहीं मिली तो मामला 2024 में सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। 11 नवंबर 2024 को सुप्रीम कोर्ट ने वारंटों पर रोक लगाकर तन्खा से जवाब मांगा। भाजपा का तर्क है कि बयान विधानसभा के भीतर दिए गए थे और संविधान के अनुच्छेद 194(2) के तहत संरक्षित हैं। तन्खा की ओर से कपिल सिब्बल और सुमीर सोढ़ी ने पैरवी की। जेठमलानी ने बताया कि दोनों नेताओं ने संसद में मुलाकात के बाद आपसी सहमति से विवाद हल करने का निर्णय लिया है। मामले को सुलह से समाधान तक ले जाने में सिब्बल ने अहम भूमिका अदा की है। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट नए मामले का निपटारा कर दिया। कोर्ट ने दोनों पक्षों के वकीलों की सराहना करते हुए कहा कि राजनीतिक बयानों से जुड़े मामलों में अदालतों को बेहद सावधानी से कदम रखना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट का आग्रह था, शिवराज भी आकर मिले थे : विवेक तन्खातन्खा ने बताया कि मामले में सुप्रीम कोर्ट का विशेष आग्रह था। कोर्ट ने दोनों पक्षों से कहा था आप काफी वरिष्ठ लोग हैं। बेहतर होगा कि आपस में बात कर समाधान निकाल लें। शिवराज मुझसे मिले। संसद में भी 15 मिनट उन्होंने इस मुद्दे पर बात की। कपिल सिब्बल ने भी आग्रह किया कि 4 साल हो गए हैं, सार्वजनिक जीवन में बड़ा दिल रखना चाहिए। मुझे लगा कि मामले को आगे बढ़ाना ठीक नहीं हैं।
मथुरा के नौहझील क्षेत्र में प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक के निलंबन का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। विवाद और जन-आक्रोश बढ़ता देख जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) बैकफुट पर आ गई हैं। जिस मामले की जांच के लिए पहले एक महीने का वक्त दिया गया था, अब उसे घटाकर महज तीन दिन कर दिया गया है। क्या है पूरा विवाद नौहझील के प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक जान मोहम्मद पर भाजपा के बाजना मंडल अध्यक्ष दुर्गेश प्रधान ने बेहद गंभीर आरोप लगाए थे। आरोप था कि शिक्षक स्कूल में बच्चों का 'माइन्ड वॉश' कर रहे हैं और उन्हें नमाज पढ़ा रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया था कि स्कूल में राष्ट्रगान भी नहीं कराया जाता। 30 जनवरी को मिली इस शिकायत पर अगले दिन ही यानी 31 जनवरी को ही बेसिक शिक्षा अधिकारी रतन कीर्ति ने कार्यवाही करते हुए प्रधान अध्यापक जान मोहम्मद को निलंबित कर दिया था। ग्रामीण और बच्चे शिक्षक बोले थे आरोप बेबुनियाद प्रधानाध्यापक पर हुई इस कार्रवाई के बाद से गांव के लोगों और स्कूली बच्चों में भारी नाराजगी देखी गयी । स्थानीय लोगों का साफ कहना है कि शिक्षक पर लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार और राजनीति से प्रेरित हैं। स्कूल में तैनात अन्य अध्यापकों और छात्रों ने आरोपों को बेबुनियाद बताया। स्कूल स्टाफ का कहना था 50 साल के प्रधान अध्यापक जान मोहम्मद 18 साल से यहां नौकरी कर रहे हैं। ग्रामीणों और बच्चों के विरोध ने विभाग को अपनी रणनीति बदलने पर मजबूर कर दिया है। BSA ने जांच के आदेश में किया बदलाव विवाद की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए बीएसए रतन कीर्ति ने मंगलवार को नया आदेश जारी किया। 31 जनवरी 2026 को गठित दो सदस्यीय जांच समिति को पहले एक माह के भीतर रिपोर्ट देनी थी। अब इस समय-सीमा में संशोधन कर जांच समिति (खण्ड शिक्षा अधिकारी छाता और मांट) को निर्देशित किया गया है कि वे तीन दिन के भीतर अपनी तथ्यात्मक और निष्पक्ष रिपोर्ट कार्यालय में जमा करें। डैमेज कंटोल में जुटी BSA बीएसए के इस कदम को 'डैमेज कंट्रोल' के तौर पर देखा जा रहा है। विभाग का कहना है कि वे इस संवेदनशील मामले में त्वरित न्याय सुनिश्चित करना चाहते हैं। अब सबकी निगाहें जांच समिति की उस रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो शिक्षक जान मोहम्मद का भविष्य तय करेगी। वहीं कुछ लोग दबी जुबान से कह रहे हैं BSA ने सत्तारूढ़ पार्टी के नेता के द्वारा की शिकायत को बिना जांचे परखे निलंबन के आदेश एक दिन में कर दिए थे।
प्रदेश के डूंगरपुर जिले में दिसंबर 2025 में नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़ व सुसाइड मामले में पीड़ित पक्ष की जानकारी के बिना बीसीआर से बर्खास्त गोवर्धन सिंह ने जयपुर मेट्रो की पॉक्सो कोर्ट में खुद पीड़ित पक्ष का परिवादी बन परिवाद दायर किया है, जबकि पीड़ित पक्ष ने गोवर्धन सिंह को ऐसा कोई अधिकार नहीं दिया। चौंकाने वाली बात तो यह है कि गोवर्धन सिंह ने पीड़ित पक्ष को इस परिवाद की कोई जानकारी भी नहीं दी। जब पीड़ित पक्ष को इसका पता चला तो उनकी ओर से मंगलवार को अधिवक्ता दीपक चौहान पॉक्सो कोर्ट में उपस्थित हुए। उन्होंने कोर्ट में एक प्रार्थना पत्र पेश किया कि पीड़ित पक्ष इस परिवाद में एक जरूरी पक्षकार है। वहीं पॉक्सो कानून में गोवर्धन सिंह पीड़ित पक्षकार नहीं है, ना ही पीड़ित पक्ष की ओर से दर्ज एफआईआर से उसका कोई भी संबंध है। यदि गोवर्धन सिंह के परिवाद पर कोर्ट एफआईआर दर्ज कराती है तो ऐसी स्थिति में पीड़ित पक्ष को जयपुर आकर पैरवी करनी होगी। इससे वह गैर जरूरी तौर पर और भी ज्यादा पीड़ित होगा, क्योंकि पीड़ित पक्ष डूंगरपुर जिले का रहने वाला है और उसने वहीं पर एफआईआर दर्ज कराई है, घटना भी वहीं की है। ऐसी मुकदमेबाजी से पीड़ित ही प्रभावित होंगे, ये न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग :दीपक चौहान पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता दीपक चौहान का कहना है कि यह घटना जयपुर से कई किमी दूर डूंगरपुर की है। जयपुर की पॉक्सो कोर्ट में इस तरह से परिवाद दायर करने और मुकदमेबाजी से पीड़ित पक्ष ही ज्यादा प्रभावित होगा। यह घटना डूंगरपुर की है और इसमें मूल एफआईआर भी वहीं पर ही दर्ज हुई है। यहां परिवाद होने से पीड़ित पक्ष को यहां आकर पैरवी करनी होगी। ऐसा होना भी न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग है। गोवर्धन ने निजी हितों के लिए लगाया परिवाद पीड़ित पक्ष ने कहा कि गोवर्धन सिंह ने खुद के निजी हितों के लिए जयपुर की पॉक्सो कोर्ट में परिवाद दायर कर पॉक्सो कानून के तहत कार्रवाई की प्रार्थना की है। यदि इस तरीके से कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग किया जाता है तो वास्तव में पीड़ित पक्षकारों को भी इससे परेशानी होगी और उसे न्याय भी नहीं मिल सकेगा। पॉक्सो कोर्ट ने परिवाद पर जयपुर में सुनवाई के बिन्दु और न्यायिक क्षेत्राधिकार पर मंगलवार को पक्षकारों की बहस पूरी कर ली। क्रिमिनल केसों की जानकारी छिपाने पर बीसीआर ने गोवर्धन को किया था बर्खास्त बीसीआर (बार कौंसिल ऑफ राजस्थान) ने रजिस्ट्रेशन के लिए आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी को जानबूझकर छिपाने वाले गोवर्धन सिंह परिहार का नाम एडवोकेट ऑन रोल से हटा दिया है। इसलिए गोवर्धन सिंह अपने नाम के साथ में एडवोकेट शब्द का उपयोग नहीं कर पाएगा।
छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में राजिम कुंभ मेले में रायपुर के जमीन कारोबारी ने दुकानदार से गाली-गलौज कर मारपीट की है। उसे कहा कि, “ये पठान है, ये थूककर बेचते हैं।” अपना आईडी दिखा। लेकिन दुकानकार नहीं दिखा पाया। अब यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। राजिम पुलिस ने शिकायत पर FIR दर्ज की और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। इस पर कांग्रेस का कहना है कि, वीडियो में दिख रहा व्यक्ति भाजपा से जुड़ा नेता है। क्या सरकार ने व्यापार करने के लिए कोई आईडी कार्ड अनिवार्य किया है? उसके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए। मेले में काम कर रहे व्यापारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। वहीं पुलिस ने बताया कि अजय तिवारी के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करते हुए SDM न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। आरोपी कारोबारी का एक मित्र राजिम नगरपालिका में भाजपा पार्षद है। रुतबा बनाए रखने के लिए आरोपी अपनी गाड़ी में उसी पार्षद का बोर्ड लगाकर घूम रहा था। पहले देखिए ये तस्वीरें… जानिए क्या है पूरा मामला ? दरअसल, नए मेला स्थल पर उद्घाटन से पहले खाद्य सामग्री बेचने वाले ने ठेला लगाया था। रायपुर जिले के नवापारा निवासी जमीन कारोबारी अजय तिवारी मेला स्थल पर पहुंचा। उसने ठेला वाले से गाली -गलौच शुरू कर दी। बीच-बचाव के बाद वो मौके पर से चला गया। वीडियो में कारोबारी यह कहते हुए सुनाई दे रहा है कि, “ये पठान है, ये थूककर बेचते हैं।” दुकानदार से पहचान पत्र (आईडी) मांग रहा है। धर्म को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी भी की। वीडियो में एक वाहन भी नजर आ रहा है। जिस पर ‘सभापति नगर पंचायत राजिम’ लिखा है। यह वीडियो एक फरवरी का है। शिकायतकर्ता ने पुलिस को क्या बताया ? राजिम के शुभम शर्मा ने अपनी शिकायत में बताया कि, मैं रोजी मजदूरी का काम करता हूं। एक फरवरी को दोस्तों के साथ राजिम मेला घूमने गया था। नयापारा का अजय तिवारी राजिम मेला में नशे की हालत में ठेला व्यापारी से गाली-गलौज कर रहा था। ठेले वाले से आईडी मांग रहा था। यह मुझे और मेरे साथियों को सुनने में बुरा लगा। इसलिए इसकी शिकायत दर्ज कराई है। भाजपा नेता है गाली देने वाला शख्स- कांग्रेस इस मामले को लेकर कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय ठाकुर ने आरोप लगाया कि, वीडियो में दिख रहा व्यक्ति भाजपा से जुड़ा नेता है। राजिम कुंभ में ठेला लगाने वाले व्यापारियों से जबरन आईडी मांगी जा रही है। जातिगत टिप्पणी की जा रही है। उनको धमका रहा है। …………………………… इससे संबंधित यह खबर भी पढ़िए… NSUI नेता और दोस्तों ने युवक का मर्डर किया: पैसे नहीं लौटाए तो रास्ते से उठाया, कार से होटल ले गए, बंधक बनाकर लात-घूंसों से पीटा छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में NSUI नेताओं ने एक युवक की होटल में लात-घूंसों से जमकर पिटाई की। अधमरा कर उसे बाहर फेंक दिया। इलाज के दौरान युवक की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि, उधारी के पैसों को लेकर विवाद हुआ था। पैसे नहीं लौटाने और फोन नहीं उठाने पर गुस्से में आरोपियों ने युवक को मार डाला। पढ़ें पूरी खबर…
मुख्यमंत्री ने कहा -:बड़े पैमाने पर खुलेंगे उद्योग, युवाओं का कौशल विकास जरूरी
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेश में युवाओं को रोजगारोन्मुखी बनाने और कौशल विकास को गति देने के उद्देश्य से अधिकारियों को अधिक से अधिक युवाओं को कौशल उन्नयन प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने महानदी भवन मंत्रालय में आयोजित कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा, रोजगार एवं प्रशिक्षण विभाग की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि राज्य में जल्द नए उद्योग स्थापित होंगे, जिससे युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। जिलों में नियमित रोजगार मेले आयोजित करने पर भी जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने तकनीकी संस्थानों, खासकर आईटीआई के आधुनिकीकरण को प्राथमिकता देने को कहा, ताकि उद्योगों की जरूरत के अनुरूप प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार हो सके। सीएसएसडीए और राज्य परियोजना लाइवलीहुड कॉलेज सोसायटी के एकीकरण प्रस्ताव पर सहमति देते हुए शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के तहत 2013 से अब तक 4.90 लाख से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया, जिनमें से 2.71 लाख को रोजगार मिला है। बैठक में मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, मुख्य सचिव विकासशील मौजूद रहे।
उत्तराखंड के कोटद्वार में दुकान के नाम को लेकर हुए विवाद और जिम ट्रेनर दीपक कुमार के खिलाफ दर्ज FIR के बाद अब भोपाल में भी समर्थन की आवाज तेज हो गई है। ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी के संरक्षक शमशुल हसन ने दीपक के समर्थन में खुलकर बयान देते हुए कहा कि दीपक ने एक गरीब मुस्लिम दुकानदार के साथ खड़े होकर इंसानियत और गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल पेश की है। शमशुल हसन ने कहा कि सोशल मीडिया पर आज पूरे देश में “एक दीपक” नजर आ रहा है, जिसने नफरत के माहौल में इंसानियत की लौ जलाई है। उन्होंने कहा, जिस तरह से दीपक ने बजरंग दल और हिंदू संगठनों के दबाव के सामने एक गरीब मुस्लिम दुकानदार का पक्ष लिया, उसने समाज में खून की गर्मी पैदा कर दी है, लेकिन आज स्थिति यह है कि दीपक के खिलाफ नामजद मामला दर्ज कर दिया गया, जबकि जो लोग खुले तौर पर नजर आ रहे हैं, उनके खिलाफ उत्तराखंड प्रशासन आंखें बंद किए बैठा है। नामजद कार्रवाई पर सवाल, प्रशासन की भूमिका पर प्रश्नशमशुल हसन ने कहा कि यह बेहद चिंताजनक है कि जिन लोगों के वीडियो सामने आए, जो धमकी देते दिखे, उनके खिलाफ अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई। वहीं दीपक जैसे व्यक्ति पर मुकदमा दर्ज होना न्याय व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक व्यक्ति का मामला नहीं, बल्कि देश की साझा संस्कृति और संवैधानिक मूल्यों का सवाल है। राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से सुरक्षा की मांगऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी की ओर से दीपक को समर्थन देते हुए केंद्र सरकार से उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई है। शमशुल हसन ने कहा कि हम देश के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से मांग करते हैं कि दीपक की सुरक्षा पर गंभीरता से ध्यान दिया जाए। हम उत्तराखंड के मुख्यमंत्री को भी पत्र लिखेंगे। यह किसी धर्म का नहीं, इंसानियत का मामला है। उन्होंने यह भी कहा कि देशभर के उलेमा, सामाजिक और राजनीतिक संगठनों को दीपक के समर्थन में सामने आना चाहिए, ताकि समाज में नफरत के खिलाफ एक मजबूत संदेश जाए। भोपाल से संदेश: दीपक आएंगे तो होगा स्वागतभोपाल को लेकर शमशुल हसन ने साफ कहा कि अगर दीपक मध्य प्रदेश आते हैं, तो मुस्लिम समाज उनका स्वागत करेगा। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में जब भी दीपक का आना होगा, हम उनका खुले दिल से स्वागत करेंगे। यह समर्थन किसी टकराव के लिए नहीं, बल्कि भाईचारे और इंसानियत के लिए है। सोशल मीडिया से सड़क तक फैल रहा समर्थनकोटद्वार की घटना के बाद दीपक के समर्थन में सोशल मीडिया पर लगातार पोस्ट, वीडियो और बयान सामने आ रहे हैं। भोपाल में मुस्लिम संगठनों का यह बयान संकेत देता है कि मामला अब सिर्फ उत्तराखंड तक सीमित नहीं रहा, बल्कि देशव्यापी बहस का रूप ले चुका है। राहुल गांधी बोले- उत्तराखंड के दीपक भारत के हीरोएक पहले राहुल गांधी ने एक्स पर एक पोस्ट शेयर करते हुए लिखा- उत्तराखंड के दीपक भारत के हीरो हैं, वो संविधान और इंसानियत से लड़ रहे हैं। अपने पोस्ट में उन्होंने BJP और संघ परिवार पर नफरत फैलाने और डर के सहारे राजनीति करने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने लिखा- उत्तराखंड की BJP सरकार खुलेआम उन असामाजिक ताकतों का साथ दे रही है जो आम नागरिकों को डराने और परेशान करने में लगी है। इसके साथ ही उन्होने लिखा- हम तुम्हारे साथ हैं भाई, तुम बब्बर शेर हो। पूरा विवाद 28 जनवरी को हुआ था जब कुछ हिंदू संगठनों ने मुस्लिम युवक कि दुकान के नाम पर आपत्ती जताई थी। मुस्लिम युवक ने अपनी दुकान का नाम ‘बाबा ड्रेस’ रखा था जिसपर हिंदू संगठनों के लोगों को आपत्ती थी, इस पूरे विवाद में दीपक मुस्लिम युवक के पक्ष में दिख रहा था। इस दौरान उसने अपना नाम मोहम्मद दीपक बताया था जबकि उसका असली नाम दीपक कुमार है। सिलसिलेवार तरीके से जानिए क्या था पूरा मामला… 26 जनवरी- दुकान के नाम से शुरू हुआ विवादपूरा मामला 26 जनवरी को पटेल मार्ग स्थित एक कपड़ों की दुकान ‘बाबा स्कूल ड्रेस एंड मैचिंग सेंटर’ को लेकर विवाद शुरू हुआ। दुकान के मालिक 70 वर्षीय मुस्लिम दुकानदार वकील अहमद हैं, जो करीब 30 साल से यह दुकान चला रहे हैं। 26 जनवरी को तीन-चार युवक दुकान पर पहुंचे और खुद को बजरंग दल का सदस्य बताया। उन्होंने अहमद से कहा कि दुकान के नाम से ‘बाबा’ शब्द हटाना होगा। उनका कहना था कि ‘बाबा’ शब्द हिंदू धार्मिक पहचान से जुड़ा है और इसका इस्तेमाल मुसलमान नहीं कर सकते। आरोप है कि अहमद को धमकाया गया और चेतावनी दी गई कि अगर नाम नहीं बदला गया तो अंजाम अच्छा नहीं होगा। विवाद के बीच दीपक की एंट्री, भीड़ से किया सवाल26 जनवरी को ही दीपक कुमार अपने दोस्त की दुकान पर मौजूद थे। वह बगल में ही एक जिम का संचालन करते हैं। उन्होंने देखा कि भीड़ अहमद को धमका रही है। सामने आए वीडियो में दीपक भीड़ का सामना करते हुए सवाल करते दिखे कि अगर दूसरे लोग ‘बाबा’ नाम इस्तेमाल कर सकते हैं, तो अहमद क्यों नहीं। वीडियो में दीपक कहते दिखते हैं कि दुकान 30 साल पुरानी है और क्या अब नाम बदलना होगा। जब ग्रुप के एक व्यक्ति ने दीपक से पहचान पूछी, तो उन्होंने जवाब दिया- “मेरा नाम मोहम्मद दीपक है।” बाद में दीपक ने बताया कि यह वाक्य उन्होंने हिंदू और मुस्लिम पहचान को जोड़कर भारत के अपने विचार को सामने रखने के लिए कहा था।ये खबर भी पढ़ें…‘बजरंग दल से डरा परिवार, बेटी का स्कूल छूटा, बजरंग दल बोला- टारगेट पर होउत्तराखंड के कोटद्वार में रहने वाले जिम ट्रेनर दीपक कुमार बीते एक हफ्ते से खौफ में जी रहे हैं। दीपक का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वे एक बुजुर्ग दुकानदार के लिए बजरंग दल के कार्यकर्ताओं से भिड़ गए थे। ये वीडियो 26 जनवरी का है। बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने नाम पूछा, तो दीपक ने नाम बताया- मोहम्मद दीपक। इसके बाद दीपक के जिम के बाहर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया। वीडियो बनाकर दीपक को धमकी दी गई। इसके वीडियो भी सामने आए हैं। पढ़ें पूरी खबर
अगर आपने भी जाने-अनजाने में ट्रैफिक नियम तोड़ा है और आपके पास ई-चालान आया है तो तत्काल जमा कराएं। 90 दिनों के भीतर जुर्माना जमा नहीं करने पर मामला सीधे कोर्ट में भेजा जाएगा। इसके साथ ही आरटीओ को पत्र लिखकर वाहन का बीमा, परमिट और ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित किया जाएगा। दो साल से ज्यादा समय तक जुर्माना जमा नहीं करने वालों की गाड़ियां जब्त की जाएंगी। पुलिस मामले में सख्ती इसलिए की जा रही है, क्योंकि पिछले साल पुलिस ने 94 हजार गाड़ियों पर ई-चालान की कार्रवाई की थी। इनमें से 49 हजार गाड़ियों का जुर्माना अब तक जमा नहीं हुआ है। अब इन गाड़ियों की जानकारी निकालकर आगे की कार्रवाई की जाएगी। कमिश्नर ऑफ पुलिस डॉ. संजीव शुक्ला के निर्देश पर 24 जनवरी से चौक-चौराहों पर खड़े होकर पुलिस की चालानी कार्रवाई बंद कर दी गई है। अब सिर्फ ई-चालान की कार्रवाई की जा रही है। यदि पुलिस के सामने कोई नियम तोड़ता है तो उसका फोटो-वीडियो बनाकर कंट्रोल रूम को भेजा जाएगा। वहां से वाहन नंबर के आधार पर ई-चालान जारी किया जाएगा। यही नहीं राजधानी में ई-चालान की कार्रवाई बढ़ाई जा रही है। अभी ट्रैफिक नियम तोड़ने वाली करीब 2500 गाड़ियों पर रोजाना कार्रवाई की जा रही है, जिसे बढ़ाकर 5000 की जाएगी। इसमें भी यदि 90 दिनों में जुर्माना जमा नहीं किया गया तो मामला कोर्ट में भेजा जाएगा। जुर्माने में ही वसूल डाले 14.44 करोड़राज्य में चालानी कार्रवाई के मामले में रायपुर पहले स्थान पर है। यहां पिछले साल 1.42 लाख गाड़ियों पर चालानी कार्रवाई की गई। इनसे 14.44 करोड़ रुपए का जुर्माना वसूला गया। इसमें 94 हजार गाड़ियों का ई-चालान किया गया, जिनसे 10.81 करोड़ रुपए की वसूली हुई है। इसके बावजूद 49 हजार गाड़ियों का जुर्माना अब भी लंबित है। इन वाहन मालिकों को ई-चालान का मैसेज भेजा गया है और घर पर चालान की प्रति भी भेजी गई है, लेकिन उन्होंने भुगतान नहीं किया है। इनसे लगभग 5 करोड़ रुपए का जुर्माना वसूला जाना बाकी है। चौक-चौराहों पर हर साल 53 हजार गाड़ियों पर कार्रवाईपुलिस पहले चौक-चौराहों पर गाड़ियां रोककर कार्रवाई करती थी, जो अब बंद कर दी गई है। पिछले साल 53 हजार गाड़ियों को सड़कों पर रोककर कार्रवाई की गई थी और उनसे 3.62 करोड़ रुपए का जुर्माना वसूला गया। अब पुलिस सिर्फ रात में तीन घंटे नशे में वाहन चलाने वालों और तीन सवारी बैठाने वालों पर कार्रवाई करेगी। मौके पर जुर्माना नहीं किया जाएगा, बल्कि फोटो-वीडियो बनाकर कंट्रोल रूम भेजा जाएगा। वहां से ई-चालान जारी होगा। इसके लिए 28 चौक-चौराहों को चिह्नित किया गया है। हर साल 40% गाड़ियों के चालान लंबित : पुलिस के अनुसार हर साल औसतन 40 फीसदी चालान लंबित रह जाते हैं। लगातार रिमाइंडर, नोटिस और मैसेज के बाद भी लोग चालान जमा नहीं करते। ऐसे मामलों का निपटारा लोक अदालत के माध्यम से भी किया जा रहा है, जिससे लोगों को जुर्माने में राहत मिलती है। पिछले साल 53 फीसदी लोगों ने जुर्माना जमा नहीं किया। भास्कर एक्सपर्ट - प्रफुल्ल जोशी, ट्रैफिक एक्सपर्ट फोर्स की जिम्मेदारी तय की जाएअच्छी पहल है कि चालानी कार्रवाई के लिए तकनीक का अधिक उपयोग किया जा रहा है क्योंकि पुलिस में आबादी के हिसाब से मैन पावर कम है। अब चौक-चौराहों पर पुलिस चालानी नहीं करेगी तो फोर्स का उपयोग ट्रैफिक सुधारने में कर सकते है। लेकिन इसके लिए सभी की जिम्मेदारी तय करनी होगी। सिपाही से लेकर डीसीपी की जिम्मेदारी व जवाबदेही तय होनी चाहिए कि कहीं ट्रैफिक जाम तो नहीं है। गाड़ियां की जाएंगी जब्तचौक-चौराहों और सड़कों पर चालानी कार्रवाई बंद कर दी गई है। पुलिस अब ट्रैफिक सुधारने पर काम कर रही है। ई-चालान की कार्रवाई को बढ़ाया जा रहा है। आरटीओ के माध्यम से भी कार्रवाई की जाएगी। जिनका चालान सालों से लंबित है, उनकी गाड़ियां जब्त की जाएंगी। -डॉ. संजीव शुक्ला, कमिश्नर ऑफ पुलिस रायपुर
ग्वालियर-चंबल समेत MP के 20 जिलों में कोहरा:नया सिस्टम कल से एक्टिव होगा; फिर से गिरेगा मावठा
वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) और चक्रवात की वजह से मध्य प्रदेश में पिछले 4 दिन से ओले-बारिश का दौर रहा। मंगलवार को भोपाल-ग्वालियर समेत 15 से ज्यादा जिलों में मौसम बदला। कहीं बारिश हुई तो कहीं ओले गिरे। बुधवार सुबह करीब 20 जिलों में हल्के से मध्यम कोहरा रहा। हालांकि, आज बारिश और ओले का अलर्ट नहीं है। बुधवार सुबह भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़, विदिशा, रायसेन, सागर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, दमोह, पन्ना, सतना, रीवा और मऊगंज में मध्यम से घना कोहरा छा रहा है। कुछ जिलों में हल्का कोहरा है। अगले 2 दिन ऐसा रहेगा मौसम 5 फरवरी से नया सिस्टममौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में 5 फरवरी से नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव हो रहा है। जिसका असर फिर से प्रदेश में देखने को मिलेगा। 10 फरवरी तक मावठा गिरने का अनुमान है। इससे पहले मंगलवार को ग्वालियर, मंदसौर, भोपाल, निवाड़ी, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, दतिया, मैहर, कटनी, मऊगंज, शिवपुरी, भिंड, राजगढ़, आगर-मालवा, गुना में मौसम बदला रहा। कहीं ओले-आकाशीय बिजली गिरी तो कहीं बारिश-आंधी वाला मौसम रहा। 22 से अधिक जिलों में कोहरा रहा। शिवपुरी जिले में झोपड़ी पर बिजली गिर गई। इससे 26 साल के वीरसिंह आदिवासी की मौत हो गई। बिजली गिरने के वक्त उनकी पत्नी और दो बच्चे भी वहीं मौजूद थे। हालांकि, पत्नी ने अपने दो बच्चों को जलती हुई झोपड़ी से बचा लिया था, लेकिन वह अपने पति को नहीं बचा पाई। इस वजह से ऐसा मौसममंगलवार को उत्तरी हिस्से में वेस्टर्न डिस्टरबेंस और साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय रहा। इसका असर एमपी में भी देखने को मिला। इसके अलावा प्रदेश में जेट स्ट्रीम हवाओं का असर भी है। मंगलवार को उत्तर भारत के ऊपर 12.6 किमी की ऊंचाई पर 240 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से जेट स्ट्रीम हवाएं चली। इस वजह से दिन में सर्द हवाएं चली। हालांकि, रात के तापमान में बढ़ोतरी देखी गई है। सिस्टम के लौटने पर सर्दी का असर बढ़ेगाबता दें कि पहाड़ी राज्य- हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर में भारी बर्फबारी और बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। मौसम विभाग का कहना है कि जब सिस्टम वापस लौटेगा तो ठंड का असर एक दौर और आएगा। प्रदेश में दिन-रात के तापमान में गिरावट देखने को मिलेगी। फरवरी में ऐसा रहेगा मौसममौसम विभाग के अनुसार, पहले ही सप्ताह में पश्चिमी विक्षोभ का असर रहेगा। शुरुआत 4 दिन तक बारिश होने की संभावना है। 2 और 5 फरवरी को फिर से नए वेस्टर्न डिस्टरबेंस की एक्टिविटी देखने को मिलेगी। इनके गुजरने के बाद ठंड का एक और दौर आ सकता है। MP के पांच बड़े शहरों में फरवरी का मौसम… भोपाल में रातें ठंडी रहती है, दिन गर्मभोपाल में रातें ठंडी रहती हैं, जबकि दिन गर्म। वर्ष 2014 से 2024 के बीच 4 साल दिन का अधिकतम तापमान 35 डिग्री के पार पहुंच गया था। रात में 7 साल पारा 10 डिग्री से कम दर्ज किया गया। इस बार फरवरी में दिन का तापमान 25 डिग्री के पार है। इंदौर में बारिश का ट्रेंड नहींफरवरी के महीने में इंदौर में बारिश होने का ट्रेंड नहीं है। 2014 और 2015 में बूंदाबांदी जरूर हुई थी। दूसरी ओर, दिन में अधिकतम तापमान 30 डिग्री के पार ही रहता है। 2019 में तापमान 35 डिग्री दर्ज किया गया था। यहां रात में पारा 10 डिग्री के नीचे रहता है। ग्वालियर में कड़ाके की ठंडग्वालियर में कड़ाके की ठंड का ट्रेंड रहता है। इसकी वजह यहां सीधे उत्तरी हवाएं आना है। 4 फरवरी 2018 की रात में न्यूनतम पारा रिकॉर्ड 1.9 डिग्री दर्ज किया गया था। साल 2019, 2022 और 2023 में न्यूनतम तापमान 3 डिग्री से नीचे ही रहा। पिछले साल ग्वालियर में बारिश भी हुई थी। इस बार यहां फरवरी के पहले ही दिन बारिश का दौर रहा है। जबलपुर में भी बदला रहता है मौसमजबलपुर में भी मौसम बदला रहता है। फरवरी के दूसरे सप्ताह के बाद दिन का अधिकतम तापमान 30 डिग्री से अधिक रहता है, जबकि रात में तापमान न्यूनतम 11 डिग्री के आसपास रहता है। यहां फरवरी में बारिश का भी ट्रेंड है। 10 में से 6 साल यहां बारिश हो चुकी है। उज्जैन में गर्मी, बारिश और ठंड का दौरउज्जैन में गर्मी और ठंड के साथ बारिश भी होती है। दिन में अधिकतम तापमान 30 डिग्री के पार ही रहता है, जबकि रात में न्यूनतम पारा 10 डिग्री से कम दर्ज किया जाता है। उज्जैन में फरवरी महीने में बारिश का ट्रेंड कम ही है।
हरियाणा में अब पीडब्ल्यूडी विभाग ने उन सरकारी विभागों के लिए अब एसओपी जारी कर दी है। जिनके लिए वह भवन निर्माण करके देता है। क्लाइंट विभाग को अब PWD की इस नई एसओपी की पालना करनी होगी तथा विभाग के अधिकारी भी इसे मानेंगे। हरियाणा PWD विभाग ने महसूस किया कि फील्ड अधिकारियों को नवनिर्मित भवनों का कब्ज़ा क्लाइंट विभागों को सौंपने में अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कुछ कारणों से भवन कुछ समय के लिए या कई वर्षों तक निष्क्रिय पड़े रहते हैं। इसलिए, इस पर रोक लगाना अत्यंत आवश्यक है और मानक संचालन प्रक्रिया (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) तैयार करके सभी फील्ड कार्यालयों और क्लाइंट विभागों को सूचित किया जाना चाहिए ताकि पीडब्ल्यूडी (बिल्डिंग एंड रिनोवेशन) और क्लाइंट विभागों को हो रही बाधाओं को कम किया जा सके।भवन तैयार होते ही करेंगे नोडल अधिकारी को सूचितकार्यकारी अभियंता यह सुनिश्चित करेंगे कि ठेकेदार संविदा की शर्तों और नियमों के अनुसार कार्य पूरा करे और कार्य के साथ-साथ साइट को भी उपयोग के लिए उपयुक्त स्थिति में सौंप दे। भवनों के लंबित कार्यों के संबंध में, कार्यकारी अभियंता क्लाइंट को कार्य की प्रगति के बारे में समय-समय पर सूचित करेंगे। हालांकि, जब कोई कार्य जैसे कि किसी भवन का निर्माण कार्य पूरा होने वाला हो, तो वह ग्राहक विभाग के नोडल अधिकारी (साथ ही उस विभाग के प्रमुख) को सूचित करेगा ताकि उक्त विभाग इसे अपने हाथ में लेने के लिए तैयार हो जाए।किया जाएगा ज्वाइंट निरीक्षणवह नोडल अधिकारी द्वारा कार्य के संतोषजनक समापन के संबंध में पूर्व निरीक्षण भी करवाएगा और किसी भी कमी को दूर करेगा। यदि ग्राहक विभाग भवन के पूरा होने के एक महीने के भीतर उसका अधिग्रहण नहीं करता है, तो इसकी सूचना इंजीनियर-इन-चीफ और ग्राहक विभाग के प्रमुख को अर्ध-औपचारिक रूप से दी जाएगी। यह स्पष्ट रूप से बताया जाना चाहिए कि अधिग्रहण न करने के परिणामस्वरूप होने वाली अतिरिक्त लागत ग्राहक विभाग को वहन करनी होगी।बिना हैंडओवर यूज पर यह नियमयदि ग्राहक विभाग औपचारिक रूप से अधिग्रहण किए बिना भवन का उपयोग शुरू कर देता है, तो इंजीनियर-इन-चार्ज इसकी सूचना इंजीनियर-इन-चीफ और ग्राहक विभाग के प्रमुख को अर्ध-औपचारिक रूप से देगा, और एक महीने के उपयोग के बाद भवन का अधिग्रहण मान लिया जाएगा।
ओबीसी को 27% आरक्षण देने से जुड़े मामलों की सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को सुनवाई हो सकती है। चार दिन पहले हुई सुनवाई के दौरान सरकारी वकीलों के न पहुंचने का आरोप ओबीसी वर्ग के अधिवक्ताओं ने लगाया था, जिसका विरोध सरकार ने किया था और कहा था कि वकील मौजूद रहे हैं। अब आज होने वाली सुनवाई में सरकार और ओबीसी वर्ग के वकील कोर्ट के समक्ष अपने तर्क रखेंगे। इसके पहले गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में न्यायमूर्ति नरसिंहा और न्यायमूर्ति विजय बिश्नोई की खंडपीठ के समक्ष ओबीसी आरक्षण से जुड़े सभी प्रकरण सीरियल नंबर 106 पर अंतिम बहस के लिए सूचीबद्ध थे। ओबीसी वर्ग के वकील अनूप जॉर्ज चौधरी ने अपने जारी बयान में कहा था कि जैसे ही मामलों को कॉल किया गया, मध्य प्रदेश सरकार की ओर से कोई भी वकील उपस्थित नहीं हुआ। इसके बाद मध्य प्रदेश सरकार की ओर से यह कहा था कि सरकार ओबीसी को 27% आरक्षण देने के लिए प्रतिबद्ध है। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान एडिशनल सॉलिसिटर जनरल केएम नटराज, स्टेंडिंग काउंसिल मृणाल, अलंकार, रूपराह और एडिशनल एडवोकेट जनरल धीरेन्द्र सिंह परमार मौजूद थे। हाईकोर्ट से सभी केस SC ट्रांसफर राज्य सरकार ने हाईकोर्ट से ओबीसी आरक्षण से जुड़े सभी प्रकरण सुप्रीम कोर्ट में ट्रांसफर करा दिए थे। ओबीसी वर्ग के वकीलों का यह आरोप है कि 27% ओबीसी आरक्षण लागू करने के दबाव से बचने के लिए ऐसा किया गया है। सरकार भर्ती विज्ञापनों में ओबीसी को 27% आरक्षण देने की बात तो कर रही है, लेकिन नियमों के विरुद्ध 13% पद होल्ड किए जा रहे हैं। ओबीसी को 27% आरक्षण देने वाले कानून पर न हाईकोर्ट ने स्टे दिया है न ही सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगाई है। इसके बावजूद सरकार पिछले एक साल से अधिक समय से सुनवाई में केवल तारीख पर तारीख लेती आ रही है।
आज विश्व कैंसर दिवस है। इस वर्ष की थीम ‘यूनाइटेड बाई यूनिक’ यानी हर मरीज अलग है और इलाज भी उसी के अनुसार होना चाहिए। यही सोच राजधानी के अंबेडकर अस्पताल स्थित क्षेत्रीय कैंसर संस्थान की कार्यप्रणाली में दिखाई देती है। संस्थान की विभागाध्यक्ष डॉ. मंजुला बेक और प्रोफेसर डॉ. प्रदीप चंद्राकर के अनुसार, वर्ष 2003 में जहां नए कैंसर मरीजों की संख्या करीब 1600 थी, वह 2025 तक बढ़कर 3500 से 4000 तक पहुंच गई है। फॉलोअप के लिए आने वाले मरीजों की संख्या अब सालाना ढाई से तीन लाख हो चुकी है। रेडिएशन थेरेपी लेने वाले मरीज 475 से बढ़कर 25 हजार प्रतिवर्ष तक पहुंच गए हैं। सभी जांच एक जगहसंस्थान में कैंसर की स्क्रीनिंग, जांच, रेडियोथेरेपी, सर्जरी, कीमोथेरेपी, इम्यूनोथेरेपी, टारगेटेड थेरेपी और पैलिएटिव केयर तक की सुविधा उपलब्ध है। खास बात यह है कि सभी सेवाएं पूरी तरह नि:शुल्क हैं। मरीज आर्थिक रूप से कमजोर हो या गंभीर अवस्था में, सभी को समान इलाज दिया जाता है। आधुनिक रेडिएशन भीयहां कीमोथेरेपी, इम्यूनो और टारगेटेड थेरेपी मुफ्त दी जा रही है। 2003 में जहां 2055 मरीज थे, अब सालाना 24 हजार हैं। आईएमआरटी, आईजीआरटी और वीएमएटी जैसी तकनीकों से सटीक रेडिएशन दी जा रही है, जिससे स्वस्थ अंग सुरक्षित रहते हैं। बच्चों की भी ओपीडी दर्द से राहत और सर्जरी भीसंस्थान में 30 बिस्तरों का पैलिएटिव केयर वार्ड है। हर साल 500 से 700 मरीजों की मुफ्त कैंसर सर्जरी की जा रही है। 2018 से बच्चों के लिए अलग ओपीडी और वार्ड शुरू किया गया, जहां अब तक करीब 1000 बच्चे लाभान्वित हो चुके हैं। नई तकनीक से इलाज प्रभावीमेकाहारा के डीन डॉ. विवेक चौधरी ने कहा कि स्क्रीनिंग, वैक्सीनेशन और नई तकनीकों से इलाज प्रभावी हुआ है। वहीं अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर ने कहा कि समय पर जांच कैंसर से लड़ने का सबसे मजबूत हथियार है।
संसद के बजट सत्र का बुधवार को छठवां दिन है। लोकसभा में 2 फरवरी से राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा हो रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज लोकसभा में इस चर्चा में भाषण दे सकते हैं। बीते दो दिन राहुल गांधी की चीनी टैंक घुसपैठ के मुद्दे पर स्पीच को लेकर हंगामा हुआ। मंगलवार को राहुल ने पूर्व आर्मी चीफ की अनपब्लिश्ड बुक के आर्टिकल को सदन में पेश करते हुए कहा- मुझे बोलने दिया जाए। उनके यह कहते ही एनडीए के सांसदों ने टोकना शुरू कर दिया। हंगामा बढ़ने पर स्पीकर कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी ने राहुल को रोका और दूसरी पार्टियों के सांसदों को बोलने को कहा, लेकिन राहुल के समर्थन में विपक्षी सांसदों ने बोलने से इनकार कर दिया और नारेबाजी करते हुए वेल में पहुंच गए। विपक्षी सांसदों ने स्पीकर पीठासीन कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी की चेयर की तरफपेपर उछाले। शिकायत मिलने पर पीठासीन दिलीप सैकिया ने 8 सांसदों को पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिया। बजट सत्र में इन बिलों पर चर्चा संभव बजट सत्र 65 दिनों में 30 बैठकों तक चलेगा। यह 2 अप्रैल को खत्म होगा। 28 जनवरी से शुरू हुआ पहला चरण 13 फरवरी को खत्म होगा। इसके बाद दूसर चरण 9 मार्च को शुरू होगा। लोकसभा में 9 विधेयक लंबित हैं, जिनमें विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक 2025, प्रतिभूति बाजार संहिता 2025 और संविधान (129वां संशोधन) विधेयक 2024 शामिल हैं। इन विधेयकों की वर्तमान में संसदीय स्थायी या प्रवर समितियां जांच कर रही हैं। बजट सत्र की पिछली 5 दिन की कार्यवाही पढ़ें… 3 फरवरी : राहुल ने कहा- मैं विपक्ष का नेता, मुझे बोलने नहीं दिया जा रहा लोकसभा में राहुल गांधी ने कहा, 'कल मैंने इस आर्टिकल पर अपना भाषण शुरू किया था। स्पीकर सर ने कहा था इसे ऑथेंटिकेट करें। मैं आज इसे ऑथेंटिकेट कर रहा हूं। राहुल ने आर्टिकल टेबल किया। राहुल ने जैसे ही कहा- मैंने जैसा कल कहा था कि राष्ट्रपति की स्पीच में नेशनल सिक्योरिटी का महत्वपूर्ण मुद्दा है। वैसे ही हंगामा होने लगा। राहुल बोले- मुझे परमिशन नहीं दी जा रही है। मैं विपक्ष का नेता हूं। पूरी खबर पढ़ें… 2 फरवरी : राहुल बोले- चीनी टैंक लद्दाख बॉर्डर पहुंचे, शाह-राजनाथ ने टोका, स्पीकर ने माइक बंद कराया लोकसभा में सोमवार को राहुल गांधी के भाषण के दौरान जोरदार हंगामा हुआ। राहुल ने पूर्व आर्मी चीफ जनरल नरवणे की अनपब्लिश्ड बुक का हवाला देते हुए कहा- 4 चीनी टैंक लद्दाख बॉर्डर के पास पहुंच गए थे। राहुल के ऐसा कहते ही पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और फिर गृह मंत्री शाह ने उन्हें टोका। इसके बाद स्पीकर ने नियमों का हवाला देते हुए उन्हें रोका। पूरी खबर पढ़ें… 1 फरवरी : बजट 2026-27 पेश- ऑपरेशन सिंदूर के बाद रक्षा बजट 15% बढ़ा, इनकम टैक्स में बदलाव नहीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को बजट पेश कर दिया। वे संसद में 85 मिनट बोलीं, लेकिन आम आदमी के लिए कोई बड़ा ऐलान नहीं किया। हालांकि टैक्स फाइल करने में सहूलियत, रेलवे प्रोजेक्ट और 3 नए आयुर्वेदिक AIIMS जैसी नई बातें कही हैं। पूरी खबर पढ़ें… 29 जनवरी : देश का 'आर्थिक रिपोर्ट कार्ड' संसद में पेश, पीएम बोले थे- हमारी रिफॉर्म एक्सप्रेस चल पड़ी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश का 'आर्थिक रिपोर्ट कार्ड' यानी इकोनॉमिक सर्वे लोकसभा में पेश किया गया। इस सर्वे में बताया गया है वित्त वर्ष 2026-2027 में जीडीपी ग्रोथ 6.8% से 7.2% की रेंज में रहने का अनुमान है। पीएम ने सदन के बाहर मीडिया को संबोधित करते हुए कहा था- हमारी सरकार की पहचान रही है, रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म। अब हम रिफॉर्म एक्सप्रेस पर चल पड़े हैं। पूरी खबर पढ़ें… 28 जनवरी : राष्ट्रपति ने 45 मिनट स्पीच दी, कहा- ऑपरेशन सिंदूर, VB- जी राम जी कानून मुद्दों का जिक्र किया संसद का बजट सत्र राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण के साथ शुरू हुआ। राष्ट्रपति ने अपनी 45 मिनट की स्पीच में ऑपरेशन सिंदूर, VB- जी राम जी कानून, दुनिया में भारत की भूमिका जैसे मुद्दों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि देश में वर्तमान में 150 वंदे भारत ट्रेनें चल रही हैं। भारत अपना अंतरिक्ष स्टेशन स्थापित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। यूरोपीय संघ के साथ मुक्त समझौते से सेवा और विनिर्माण क्षेत्रों को बढ़ावा मिलेगा। युवाओं को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। पूरी खबर पढ़ें…
उत्तर भारत में के कई राज्यों में बारिश और बर्फबारी जारी है। उत्तर प्रदेश के 10 जिलों में मंगलवार को तेज बारिश हुई। लखनऊ और कानपुर में दिन में अंधेरा छा गया। उन्नाव समेत 4 जिलों में आधे घंटे तक ओले गिरे। वहीं 20 जिलों में कोहरा छाया रहा, जिससे उन्नाव समेत 6 जिलों में 15 गाड़ियां टकराईं। वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होने से मध्य प्रदेश के 8 जिलों में मंगलवार को बारिश हुई। वहीं ग्वालियर-मंदसौर में ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान पहुंचा। शिवपुरी और छतरपुर में आकाशीय बिजली गिरने से दो लोगों की मौत हो गई। हिमाचल के लाहौल-स्पीति में दो जगह पर मंगलवार को एवलांच गिरे, जिससे अटल टनल साउथ पोर्टल पर एक गाड़ी थोड़ी सी दब गई। किन्नौर-लाहौल की ऊंची चोटियों पर बर्फबारी और शिमला-मनाली में बारिश हुई। लाहौल स्पीति के ताबो का पारा माइनस 7.9 डिग्री रहा। उत्तराखंड में उत्तरकाशी के हर्षिल में रुक-रुककर बर्फबारी हो रही है। मौसम विभाग ने राजस्थान के 7 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। मंगलवार को सीकर, जयपुर सहित कई जिलों में घना कोहरा रहा। शीतलहर के कारण सीकर का न्यूनतम तापमान 7 डिग्री तक गिर गया। देशभर से मौसम की 4 तस्वीरें… अगले 2 दिन के मौसम
दैनिक भास्कर वार्ड टॉक:पार्षद सुरेश टाकलकर से सीधी बात, बोले- ड्रेनेज समस्या से मुक्ति दिलाना लक्ष्य
इंदौर के हर वार्ड में क्या सच में विकास हो रहा है, और जनता उसे कैसे देखती है। इसी का जवाब तलाशने के लिए दैनिक भास्कर शुरू कर रहा है खास सीरीज ‘वार्ड टॉक’। इस सीरीज में हम हर वार्ड के पार्षद के दावों के साथ जनता की राय, अधूरे काम और आगे की जरूरतों को सामने रखेंगे। आज एपिसोड में हम पहुंचे हैं वार्ड 57, जहां से पार्षद हैं सुरेश टाकलकर। क्या काम पूरे हुए, क्या बाकी हैं, और जनता 10 में से कितने नंबर देती है- आज का पार्षद में देखिए काम का पूरा हिसाब। सवाल: आपके वार्ड की सबसे बड़ी उपलब्धि कौन सी है?जवाब: मेरा वार्ड 57, इंदौर शहर के मध्य क्षेत्र में आता है और यहां पर जो जेल रोड वाले इलाके में काफी समय से ड्रेनेज की समस्याएं थी। यहां एक करोड़ अस्सी लाख रुपए की एक लाइन डलवा रहे हैं। इससे सिख मोहल्ला, लोधी मोहल्ला, जेल रोड गली नंबर एक, दो, तीन, प्रशांत पोहे वाले की गली की लाइनें वहां पर आकर जुड़ेगी। इससे ड्रेनेज की समस्या हल हो जाएगी। दूसरा, यहां पर एक बस्ती क्षेत्र है, सबनीस बाग। सबनीस बाग में नर्मदा की लाइन नहीं थी। वहां पर पहले मैंने ड्रेनेज की लाइन डलवाई, नर्मदा की लाइन डलवाई और फिर वहां पर सीमेंट कंक्रीट के रोड बनवाए। वहां के लोग इस कार्य से बहुत खुश हैं। सवाल: आपके वार्ड का काम कौन सा अधूरा है और क्यों?जवाब: मेरे वार्ड में कृष्णापुरा छत्री वाला एरिया में रोड नहीं है। उसके लिए मैंने काफी समय से प्रयत्नशील हूं। इसका एक बार टेंडर भी हो गया था, लेकिन ठेकेदार काम नहीं कर रहा है। इसके पहले वह स्मार्ट सिटी के अंतर्गत आ रही थी, इसलिए नगर निगम नहीं कर रहा था। फिर मैंने विधायक के माध्यम से टेंडर लगवाया और पैसा सैंक्शन करवाया।सवाल: आपके वार्ड में जनता की सबसे आम शिकायत कौन सी आती है?जवाब: बहुत पुराना क्षेत्र होने की वजह से यहां पर मूलभूत सुविधाएं तो अच्छी है। सफाई का यहां पर बहुत ज्यादा ध्यान रखा जाता है। नगर निगम के माध्यम से नाली, गटर, लाइट की छोटी-छोटी समस्या रहती है। और वह मूलभूत समस्या है और वह हल होती रहती है। सवाल: आपके वार्ड में ऐसा कौन सा ऐसा प्रयोग है, जो आपने किया हो और उससे कुछ बदलाव देखने को मिला हो?जवाब: लोखंडे पुल के पास एक कान्ह नदी का बहुत बड़ा क्षेत्र है। करीब-करीब पौने दो किलोमीटर। उस क्षेत्र में मैंने वहां पर सफाई करवाने के साथ वृहद वृक्षारोपण किया था। करीब इक्यावन हजार पौधे लगाने का लक्ष्य रखा था। एक ही दिन में हमने सुबह से शाम तक वृक्षारोपण किया और इक्यावन हजार से ज्यादा वृक्ष लगाए। शहर के मध्य क्षेत्र में इतना बड़ा हरियाली का क्षेत्र बनाने में यही एक मेरी बहुत बड़ी उपलब्धि है कि मैं शहर के मध्य में हरियाली विकसित कर सका। सवाल: अगले छह माह का आपका रोडमैप क्या है?जवाब: वार्ड 57 में यहां पर ड्रेनेज काफी पुरानी है। चालीस-पचास साल हो गए हैं। नारायण बाग की तो बदल दी है, रामबाग, पंत विद्या कॉलोनी की बदलना है। जेल रोड का काम चल ही रहा है। अगले छह महीने में इस वार्ड में ड्रेनेज का कार्य पूरा करने का लक्ष्य है। ये खबर भी पढ़ें… वार्ड 16 की पार्षद सोनाली मुकेश धारकर से सीधी बात इंदौर के हर वार्ड में क्या सच में विकास हो रहा है, और जनता उसे कैसे देखती है—इसी का जवाब तलाशने के लिए दैनिक भास्कर शुरू कर रहा है खास सीरीज ‘वार्ड टॉक’। इस सीरीज में हम हर वार्ड के पार्षद के दावों के साथ जनता की राय, अधूरे काम और आगे की जरूरतों को सामने रखेंगे। आज एपिसोड में हम पहुंचे हैं वार्ड 16, जहां से पार्षद हैं सोनाली मुकेश धारकर। क्या काम पूरे हुए, क्या बाकी हैं, और जनता 10 में से कितने नंबर देती है- आज का पार्षद में देखिए काम का पूरा हिसाब।
गोरखपुर के चंपा देवी पार्क में कथावाचक राजन जी महाराज द्वारा चल रही श्रीराम कथा के आठवें दिन भरत के चरित्र और शबरी के प्रेम से जुड़ी भावुक और सुंदर कथा सुनाई गई। कथा के दौरान भक्ति, प्रेम, त्याग और विश्वास की भावना प्रमुख रूप से देखने को मिली।कथा में राजन जी महाराज ने भरत और शबरी के चरित्रों के माध्यम से सच्ची भक्ति और निष्काम प्रेम का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने बताया कि भरत ने राजगद्दी को ठुकराकर भगवान राम की चरण पादुकाएं मांगकर उन्हें सिर पर धारण किया और अयोध्या लाकर शासन चलाने की जो शपथ ली, वह त्याग और भक्ति का अनुपम उदाहरण है। उन्होंने कहा कि ऐसा त्याग केवल सच्चा भक्त ही कर सकता है। भरत का चरित्र भाइयों के बीच प्रेम, सम्मान और त्याग की प्रेरणा देता है। राजन जी महाराज ने भरत को अयोध्या वंश को प्रकाशित करने वाला दीपक बताते हुए कहा कि यदि व्यक्ति सच्चे विश्वास के साथ प्रतीक्षा करता है, तो भगवान को भी अपने भक्त के पास आना पड़ता है।कथा में शबरी के प्रसंग का भी बेहद भावुक वर्णन किया गया। शबरी द्वारा आंसुओं से प्रभु राम के चरण धोना और प्रेमपूर्वक कंद-मूल और फल अर्पित करने के दृश्य को भजनों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। राजन जी महाराज ने बताया कि शबरी ने अपने गुरु मातंग ऋषि के वचनों पर पूर्ण विश्वास रखते हुए लंबे समय तक भगवान राम की प्रतीक्षा की, जो भक्ति और ईश्वर पर अटूट विश्वास का श्रेष्ठ उदाहरण है। इससे यह संदेश मिलता है कि भगवान अपने भक्तों को कभी निराश नहीं करते।युवाओं को संबोधित करते हुए राजन जी महाराज ने कहा कि रामायण का हर चरित्र एक आदर्श को जीता है और हमें उन आदर्शों को अपने जीवन में उतारना चाहिए। भरत और शबरी श्रद्धा, प्रेम, त्याग और भक्ति के प्रतीक हैं। उन्होंने बताया कि भगवान राम शबरी को नवधा भक्ति का उपदेश देते हुए कहते हैं कि उन्हें केवल निस्वार्थ भक्ति ही प्रिय है।कथा के दौरान‘सीताराम चरण रति मोरे’, ‘रामा-रामा रटते-रटते बीते रे उमरिया’ और ‘शबरी सवारी रास्ता आएंगे रामजी’ जैसे भजनों से पूरा पंडाल भक्ति और करुणा के भाव से भर गया। इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला की विशेष उपस्थिति रही। कार्यक्रम में सहजनवा विधायक प्रदीप शुक्ला, ज्ञानेंद्र सिंह विधायक पनियरा सहित कई जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और गणमान्य लोग मौजूद रहे।आज की कथा के यजमान अजय श्रीवास्तव और मनोज मिश्र रहे। आयोजन समिति के सदस्यों के साथ-साथ हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने कथा का आनंद लिया।
पंजाब और चंडीगढ़ में आज (बुधवार, 4 फरवरी) सुबह और शाम के समय घने कोहरे का सामना करना पड़ेगा। चंडीगढ़ मौसम विज्ञान केंद्र (IMD) की तरफ से इस संबंध में यलो अलर्ट जारी किया गया है। हालांकि, मौसम शुष्क रहेगा। विभाग के मुताबिक आज 15 जिलों में कोहरा होने की संभावना है। इनमें अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, संगरूर, पटियाला, बरनाला, मानसा, फाजिल्का, फिरोजपुर, फरीदकोट, मोगा, मुक्तसर और बठिंडा शामिल हैं। हालांकि, अमृतसर से अंबाला और अंबाला से दिल्ली हाईवे पर जाने वाले लोगों को पूरे रास्ते आंशिक रूप से छाए बादल मिलेंगे। चंडीगढ़ एयरपोर्ट अथॉरिटी के मुताबिक, दिल्ली-चंडीगढ़ आने और जाने वाली 2 फ्लाइट कैंसिल हुईं। जबकि चंडीगढ़ से बेंगलुरू, मुंबई, दिल्ली, गोवा और अबुधाबी जाने वाली फ्लाइट डिले हुई हैं। इसी तरह मुंबई, दिल्ली, गोवा और अबुधाबी से आने वाली फ्लाइटें लेट पहुंचीं। धुंध की वजह से डिले टाइम दो से तीन घंटे तक रहा। इस हफ्ते 20 डिग्री तक रहेगा तापमान मौसम विभाग के मुताबिक, राज्य के उत्तरी और पूर्वी हिस्सों में अधिकतम तापमान 16 से 18 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। जबकि, राज्य के बाकी हिस्सों में 18 से 20 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। इस सप्ताह के दौरान राज्य में अधिकतम तापमान सामान्य के आसपास रहने की उम्मीद है। जबकि, न्यूनतम तापमान 4 से 6 डिग्री के बीच रहेगा। चंडीगढ़ में जीरो डिग्री विजिबिलिटी मौसम ने मंगलवार को चंडीगढ़ में जीरो विजिबिलिटी दर्ज की। जबकि, पंजाब के आदमपुर में 10 मीटर, बल्लोवाल खौंखरी (नवांशहर) में 10 मीटर, बठिंडा में 50 मीटर और हलवारा में 100 मीटर विजिबिलिटी थी। बठिंडा में कोल्ड वेव दर्ज की गई है। वहीं, न्यूनतम तापमान में 3 से 5 डिग्री की बढ़ोतरी पंजाब में दर्ज की गई है। पाकिस्तान के ऊपर बना पश्चिमी विक्षोभ इस समय पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी पाकिस्तान और उससे सटे पंजाब इलाके के ऊपर सक्रिय है। इसकी वजह से ऊपरी हवा में एक घुमावदार सिस्टम बना हुआ है, जिसका असर खासतौर पर उत्तर-पूर्वी पंजाब और आसपास के इलाकों में बना हुआ है। हालांकि, यह प्रभाव जमीन से ज्यादा ऊंचाई तक सीमित है। 5 फरवरी 2026 की रात से एक नया पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों को प्रभावित कर सकता है। वहीं, पंजाब और उससे सटे हरियाणा के ऊपर बना पुराना पश्चिमी विक्षोभ अब धीरे-धीरे कमजोर पड़ रहा है और उसका असर कम होता जा रहा है। 7 दिनों में 3 पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव रहेंगे। ऐसे में अभी ठंड और कोहरे की स्थिति बनी रहेगी। मौसम शुष्क रहने की संभावना मौसम विभाग के डायरेक्टर सुरेंद्र पाल ने बताया कि मौसम शुष्क रहने की पूरी संभावना है। अगले 48 घंटों में न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। 5, 6 और 7 फरवरी के लिए कोई अलर्ट नहीं है। इस दौरान मौसम शुष्क रहेगा। गत 24 घंटों में राज्य के अधिकतम तापमान में 0.5 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि, यह सामान्य के करीब है। सबसे कम 3.6 डिग्री तापमान बठिंडा में दर्ज किया गया। मौसम एक्सपर्ट मानते हैं कि ठंड का पीक टाइम निकल चुका है। अब धीरे-धीरे गर्मी बढ़ेगी।
पंजाब के जालंधर के रहने वाले सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर रोजर संधू ने पाकिस्तानी डॉन शहजाद भट्टी को गालियां दीं। उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो अपलोड कर कहा कि भट्टी डरा हुआ है और अब टॉयलेट में बैठकर वीडियो बना रहा है। कुछ दिनों से चर्चा थी कि पाकिस्तान में शहजाद भट्टी पर जानलेवा हमला हुआ है। उस पर गोलियां चली हैं। इसी बीच एक ऑडियो सामने आया, जिसे भट्टी का बताया गया। इसमें कहा गया कि फायरिंग और मौत के बारे में लॉरेंस गैंग ने झूठ फैलाया है। इस पर रोजर संधू ने कहा कि भट्टी झूठ बोल रहा है। संधू के मुताबिक, भट्टी पर गोलियां चली हैं। लेकिन वह मरा नहीं। वह अपनी दहशत बनाए रखने के लिए झूठी कहानियां गढ़ रहा है। बता दें कि सोशल मीडिया पर भट्टी ने ऑडियो जारी कर कहा था कि लॉरेंस गैंग की ओर से एक पोस्ट वायरल की जा रही है कि पुर्तगाल में भट्टी मर गया। हालांकि, उस ऑडियो की पुष्टि भास्कर नहीं करता। इसमें भट्टी ने कहा- मैं कभी पुर्तगाल गया ही नहीं और न ही मुझ पर किसी तरह की कोई फायरिंग हुई। विस्तार से पढ़ें, रोजर संधू ने भट्टी को क्या-क्या कहा… संधू और भट्टी के बीच दुश्मनी 3 पॉइंट्स में… कथित ऑडियो में भट्टी ने ये बातें कही थीं… ---------- यह खबर भी पढ़ें… पाकिस्तानी डॉन ने लॉरेंस को बच्चा कहा:फर्जी गैंगस्टर भी बताया; शहजाद भट्टी बोला- मेरी गोली मारकर हत्या की अफवाह फैलाई पाकिस्तानी डॉन शहजाद भट्टी ने अपनी मौत के दावे को खारिज किया है। भट्टी ने एक ऑडियो जारी कर कहा कि एक पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि लॉरेंस गैंग ने उस पर फायरिंग कराई। जिसमें उसकी मौत हो गई। मगर, मैं कभी पुर्तगाल गया ही नहीं और न ही मुझ पर किसी तरह की कोई फायरिंग हुई है। पूरी खबर पढ़ें…
हरियाणा में जहां कॉलोनियां बढ़ने के साथ प्रॉपर्टी टैक्स का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है, वहीं शहरी स्थानीय निकाय विभाग के ताजा आंकड़े एक उल्टी ही कहानी सुना रहे हैं। विभाग की वेबसाइट पर 27 जनवरी 2026 तक अपडेट डेटा के विश्लेषण से नया सामने आया है। इसमें प्रदेश के 3 नगर निगमों समेत कुल 14 शहरी निकायों में बीते 3 महीनों के भीतर रजिस्टर्ड प्रॉपर्टी की संख्या घट गई हैं। सबसे चौंकाने वाला फैक्ट यह है कि अंबाला और पंचकूला ऐसे दो जिले हैं, जिनके अंतर्गत आने वाले सभी शहरी निकायों में प्रॉपर्टी कम हुई हैं। इन दोनों नगर निगमों में निकाय चुनाव भी प्रस्तावित हैं। हालांकि पूरे प्रदेश में इसी अवधि में 7,403 नई प्रॉपर्टी जुड़ी भी हैं, लेकिन इनमें से 6,357 प्रॉपर्टी अकेले गुरुग्राम नगर निगम में बढ़ोतरी दर्ज हुई हैं। उधर, शहरी स्थानीय निकाय विभाग के इन आंकड़ों पर एक्सपर्ट का कहना है कि मामले की जांच की जानी चाहिए कि आखिर ऐसा हुआ कैसे। हालांकि, एक्सपर्ट ने इसके 4 कारण भी गिनाए। हर तीन महीने में होता है डेटा अपडेटहरियाणा के शहरी स्थानीय निकाय विभाग (ULB) की आधिकारिक वेबसाइट पर प्रदेश की सभी 87 शहरी निकायों (नगर निगमों, नगर परिषदों और नगरपालिका समितियों) की जनसंख्या, क्षेत्रफल और इसके अंतर्गत रजिस्टर्ड प्रॉपर्टी का डेटा होता है। हर तीन महीने में विभाग की ओर से ये डेटा अपडेट किया जाता है। इस डेटा का स्त्रोत हरियाणा सरकार का नागरिक संसाधन सूचना विभाग (सिटीजन रिसोर्सेज इनफार्मेशन विभाग) है। मौजूदा अपलोड हुए आंकड़े 23 अक्टूबर 2025 तक अपडेटेड हैं। क्षेत्रफल के आंकड़े इस विभाग के जीआईएस (भौगोलिक सूचना प्रणाली ) डेटाबेस के अनुसार हैं, जो 12 जनवरी 2026 तक अपडेटेड हैं। कहां-कितनी कम हुईं प्रॉपर्टी, एरिया वाइज जानिए... ये सकती हैं संभावित वजहें… इसी साल सरकार ने बढ़ाई थी इडीसी दरेंहरियाणा सरकार ने इसी साल प्रदेश के 46 शहरों में EDC (बाह्य विकास शुल्क) में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी की थी। संशोधित दरें 1 जनवरी 2026 से ही लागू हो गई थी। बढ़ी हुई फीस होम, इंडस्ट्रियल, कॉमर्शियल और कंबाइन यूज वाले सभी प्रोजेक्ट पर लागू होगी। इसका सीधा असर प्रॉपर्टी की कीमतों पर भी पड़ेगा। खासकर NCR के गुरुग्राम, फरीदाबाद और पंचकूला जैसे हाई डिमांड वाले शहरों में लोगों पर अधिक बोझ पड़ेगा। बता दें कि EDC वह फीस है, जो राज्य सरकार डेवलपर्स से प्रोजेक्ट क्षेत्र में बनने वाले बुनियादी ढांचों के लिए लेती है। इसमें सड़कें, जल आपूर्ति, बिजली और सीवरेज नेटवर्क शामिल होता है। आमतौर बिल्डर इस अतिरिक्त लागत को कस्टमर और निवेशकों पर डाल देते हैं। हाल ही में सर्कल रेट में भी बढ़ोतरी हुई थी। इसके बाद अब EDC बढ़ने से प्रदेश में रेसीडेंशियल और कॉमर्शियल प्रॉपर्टीज के महंगी होने की संभावना है। --------------------- ये खबर भी पढ़ें…. हरियाणा के 46 शहरों में घर खरीदना महंगा:EDC में 10% की बढ़ोतरी, 1 जनवरी से दरें लागू; गुरुग्राम-फरीदाबाद में अधिक असर हरियाणा में घर खरीदने की योजना बना रहे लोगों को झटका लगा है। सरकार ने प्रदेश के 46 शहरों में EDC (बाह्य विकास शुल्क) में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर दी है। संशोधित दरें 1 जनवरी 2026 से ही लागू मानी जाएंगी। बढ़ी हुई फीस होम, इंडस्ट्रियल, कॉमर्शियल और कंबाइन यूज वाले सभी प्रोजेक्ट पर लागू होगी। (पूरी खबर पढ़ें)
हरियाणा के अधिकांश जिलों में उत्तर भारत के इलाकों में मौसम बदलने से कोहरे का यलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, आने वाले 24 घंटों में राज्य के कुछ स्थानों पर विजिबिलिटी काफी कम रह सकती है, जिसका सीधा असर सड़क और रेल यातायात पर पड़ने की संभावना है। हालांकि राहत की बात यह है कि आगामी 4 दिनों तक राज्य में बारिश की कोई संभावना नहीं है, लेकिन मौसम मुख्य रूप से शुष्क बना रहेगा। हालांकि इस साल 1 जनवरी से 3 फरवरी 2026 तक प्रदेश में मानसून पूर्व और पश्चिमी विक्षोभ के चलते अच्छी बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य से 36% अधिक है। अब पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर पड़ने के बाद अब बर्फीली उत्तर-पश्चिमी हवाओं ने मैदानी इलाकों में दस्तक दी है, जिससे रात के तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। इसके साथ ही, अगले एक सप्ताह तक अधिकतम तापमान सामान्य के आसपास रहने की उम्मीद है। उधर, घने कोहरे की वजह से मंगलवार को प्रदेश में कई सड़क हादसे भी हुए। हिसार में फतेहाबाद पुलिस की सीआईए टीम की बोलेरो गाड़ी और आयशर कैंटर की टक्कर हो गई। इससे हेड कांस्टेबल शमशेर सिंह की मौत हो गई। सोनीपत में कोहरे के कारण बाइक सवार युवक रोहित की मौत हो गई। 25 दिन बाद ही युवक रोहित की शादी होनी थी। 10 फरवरी के बाद बढ़ेगा तापमानचौधरी चरण सिंह हरियाणा अग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी के कृषि मौसम विभाग के सीनियर साइंटिस्ट डॉ. चंद्रशेखर डागर ने बताया कि हरियाणा में अभी ठंड बनी रहेगी। रात के तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी। मगर, अगले सप्ताह से तापमान में धीरे-धीरे बदलाव देखने को मिलेगा। फरवरी में तापमान सामान्य से अधिक रह सकता है। हालांकि यह पश्चिमी विक्षोभ पर निर्भर करेगा। फरवरी में बारिश के चांस कम है। इस कारण तापमान में उछाल देखने को मिलेगा। हरियाणा में जनवरी में 36% अधिक बारिशहरियाणा में इस साल की शुरुआत (1 जनवरी से 3 फरवरी 2026) में मानसून पूर्व और पश्चिमी विक्षोभ के चलते अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, राज्य में अब तक औसत 20.7 एमएम बारिश हुई, जो सामान्य (15.2 एमएम) से 36% अधिक है। कुरुक्षेत्र में सबसे ज्यादा 200% अधिक (56.7 एमएम) बारिश हुई है। इसके अलावा अंबाला (103% अधिक), पानीपत (92% अधिक) और भिवानी (91% अधिक) में भी सामान्य से अधिक पानी बरसा है। दूसरी ओर, सिरसा में 65%, सोनीपत में 36% और महेंद्रगढ़ में 27% कम बारिश दर्ज की गई है। 3 पॉइंट में पढ़िए किसानों के लिए क्या जरूरी सलाह...
लुधियाना में लेडी एडवोकेट ने बीमारी से तंग आकर नहीं बल्कि लिव इन पार्टनर से मिले धोखे के बाद सुसाइड किया था। इसका खुलासा एडवोकेट दिलजोत (26) की मां ने किया। जिसके बाद पुलिस ने आरोपी लिव इन पार्टनर के खिलाफ खुदकुशी के लिए उकसाने की FIR दर्ज कर ली है। मां ने पुलिस को बताया कि बेटी दिलजोत पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला से BA, LLB करने के बाद जज बनने का सपना लेकर लुधियाना आई। इसकी तैयारी करते करते हुए वह मजदूरों के लिए काम कर रही एक संस्था के नेता से मिली। उसके साथ लिव-इन में रहने लगी। इसी बीच उसकी रहस्यमय तरीके से मौत हो गई। पहले एडवोकेट का सुसाइड नोट मिला था, जिसमें उसने बीमारी से तंग आकर मरने की बात कही थी। लेकिन मां ने इसे फर्जी करार दिया। दिलजोत का पोस्टमॉर्टम के बाद अंतिम संस्कार भी हो चुका है। मगर, अब मां की पैरवी के बाद पुलिस ने 25 दिन बाद संस्था के आरोपी नेता पर केस दर्ज कर लिया है। हालांकि मां का कहना है कि इस मामले में हत्या का केस दर्ज होना चाहिए। जिसमें आरोपी संस्था नेता के साथ-साथ दिलजोत की सहेली को भी नामजद किया जाना चाहिए। दिलजोत की मौत कैसे हुई, सुसाइड नोट में क्या लिखा था, पुलिस ने तब कार्रवाई क्यों नहीं की, सब सवालों के जवाब के लिए पूरी रिपोर्ट पढ़ें… दिलजोत मानसा से लुधियाना कैसे पहुंची… आरोपी के झांसे में कैसे फंसी दिलजोत… दिलजोत की मौत को लेकर मां ने क्या कहा… दिलजोत की मौत पर पुलिस ने क्या कहा…
आज से शुरू हो रही ट्राइबल एग्जीबिशन:शहर के कई इलाकों में होगी बिजली कटौती; जानिए आज कहां-क्या खास
आपको हम बता रहे हैं, भोपाल शहर में आज कहां-क्या हो रहा है। यहां हर वो जानकारी होगी, जो आपके काम आएगी। संगीत-संस्कृति, आर्ट, ड्रामा के इवेंट से लेकर मौसम, सिटी ट्रैफिक, बिजली-पानी की सप्लाई से जुड़ा हर अपडेट मिलेगा। काम की जरूरी लिंक्स आधार अपडेशन- नया/ नि:शुल्क/ बायो मैट्रिक अपडेट- 100 रुपए, डेमोग्राफिक अपडेट- 50 रुपए, इन सेंटरों में आधार अपडेशन/ जेनरेशन की सुविधा। सेंटर्स की पूरी लिस्ट के लिए क्लिक करें। हेल्थ सर्विसेज : एम्स/जेपी, खुशीलाल ऑटो गैस/ इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन, सीएनजी स्टेशन थाने इमरजेंसी कॉन्टैक्ट नंबर सीएनजी पंप स्टेशन
मध्य प्रदेश में अगले तीन-चार महीनों में सत्ता और संगठन में ताबड़तोड़ नियुक्तियां होंगी। जिला स्तर से लेकर प्रदेश कार्यसमिति, निगम, मंडल, आयोग और बोर्ड में नेताओं को एडजस्ट किया जाएगा। इसे लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की तमाम नेताओं के साथ बैठकें और मंथन का दौर चल रहा है। भाजपा के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के पास मध्य प्रदेश संगठन की ओर से करीब 15 प्राधिकरणों और निगमों के अध्यक्षों के नामों की प्रस्तावित सूची दिल्ली भेजी गई थी, लेकिन केंद्रीय संगठन ने यह कहकर सूची वापस भेज दी कि जिले से लेकर प्रदेश स्तर तक जितने भी पदों पर नियुक्तियां होनी हैं, सबके लिए नाम मंगाकर पूरी सूची तैयार करें। अब नितिन नवीन बीजेपी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष बन गए हैं। ऐसे में उनकी टीम में एमपी के नेताओं को शामिल किया जाना है। कविता पाटीदार, गजेंद्र पटेल, लाल सिंह आर्य, कमल पटेल और अरविंद भदौरिया जैसे नेता शामिल किए जा सकते हैं। पहली लिस्ट में इंदौर भोपाल जैसे प्राधिकरण राजनीतिक नियुक्तियों की लिस्ट में इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, उज्जैन, जबलपुर जैसे बड़े शहरों के प्राधिकरणों में नियुक्तियां होंगी। इनमें कल सिंह भाबर, वेल सिंह भूरिया, नत्थन शाह कवरेती, भगत सिंह नेताम, प्रेम सिंह पटेल जैसे नेताओं को मंत्री का दर्जा दिया जा सकता है। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान की करीबी आदिवासी वित्त विकास निगम की अध्यक्ष निर्मला बारेला की जगह किसी दूसरे ट्राइबल लीडर को कमान दी जा सकती है। नाम तय, खुफिया रिपोर्ट भी मंगाई सूत्र बताते हैं कि जिन नेताओं को मंत्री का दर्जा दिया जाना है, उनके नामों की सूची बनाकर जिलों से उनकी खुफिया रिपोर्ट भी मंगा ली गई है। सूत्र बताते हैं कि संघ की विचारधारा वाले नेताओं के साथ ही मुख्यमंत्री की पसंद को प्राथमिकता दी जाएगी। सिंधिया के करीबियों में भदौरिया, इमरती के नाम निगम-मंडल की सूची में राजनीतिक संतुलन बनाए रखने के लिए ग्वालियर-चंबल में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की पसंद को महत्व दिया जाएगा। सिंधिया के करीबियों में पूर्व नगरीय प्रशासन राज्यमंत्री ओपीएस भदौरिया, इमरती देवी, रघुराज कंसाना, पूर्व मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया और मुन्नालाल गोयल के नामों पर चर्चा हो चुकी है। भदौरिया का 2023 में विधानसभा टिकट काट दिया गया था। वे किसी पद पर नहीं हैं, ऐसे में उन्हें मंत्री का दर्जा दिया जा सकता है। मोदी कैबिनेट में मंत्री बन सकते हैं वीडी शर्मा मध्य प्रदेश में चल रही राजनीतिक एडजस्टमेंट की कवायद में खजुराहो सांसद वीडी शर्मा को केंद्रीय कैबिनेट में शामिल किया जा सकता है। एमपी से मोदी कैबिनेट में अभी ज्योतिरादित्य सिंधिया, शिवराज सिंह चौहान और डॉ. वीरेंद्र कुमार कैबिनेट मंत्री हैं, जबकि सावित्री ठाकुर और दुर्गादास उइके राज्य मंत्री हैं। यह खबर भी पढ़ें... RSS के सह-क्षेत्र बौद्धिक प्रमुख बने हितानंद शर्मा मध्यप्रदेश भाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा की आरएसएस में वापसी हो गई है। अब वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में मध्य क्षेत्र सह-बौद्धिक प्रमुख की जिम्मेदारी संभालेंगे। अब जबलपुर उनका केन्द्र यानी मुख्यालय होगा, जहां से वे एमपी और छत्तीसगढ़ में संघ की नई जिम्मेदारी संभालेंगे। पूरी खबर यहां पढ़ें...
'मेरा एक महिला से अफेयर चल रहा था। इसको लेकर घर में अक्सर झगड़े होते थे। मैं पत्नी को समझाता था कि उसे कोई दिक्कत नहीं होने देंगे, लेकिन इसके बावजूद उसने मेरा जीना मुश्किल कर दिया था। इसके बाद मैंने उसकी हत्या की प्लानिंग की और घर में ही गला घोंटकर उसे मार डाला। फिर शव को सूटकेस में पैक कर ई-रिक्शा से करीब एक किलोमीटर दूर ले जाकर फेंक दिया।' यह कबूलनामा है मेहरून खातून (25) के पति क्यामुद्दीन शेख मंसूरी का। पुलिस ने क्यामुद्दीन को मेहरून की हत्या में मुख्य आरोपी बनाया है। मेहरून की मां ने पुलिस में अपने दामाद पर हत्या करने का आरोप लगाया था। मंगलवार की शाम पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर पूछताछ की, तो उसने पत्नी की हत्या करने का जुर्म कबूल करते हुए लाश को ठिकाने लगाने तक की पूरी कहानी बयां की। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… पहले 3 तस्वीरों में देखिए महिला के शव को कैसे पैक किया गया था… अब जानिए क्या है मामला रोहतास में रविवार की सुबह एक महिला की हत्या का मामला सामने आया। हत्या के बाद महिला की लाश को एक लाल रंग के ट्रॉली बैग में पैक कर कूड़े के ढेर में फेंक दिया गया था। सुबह करीब 10 बजे सफाई कर्मचारी रामपुर चौराहा के पास कचरा उठाने पहुंचे तो उनकी नजर वहां फेंके गए ट्रॉली बैग पर पड़ी, जो बंद थी। बैग से दुर्गंध आने पर उन्होंने इसकी सूचना स्थानीय लोगों को दी। कुछ ही मिनटों में मौके पर भीड़ जुट गई। इसके बाद लोगों ने पुलिस को फोन कर मामले की जानकारी दी। करीब साढ़े 10 बजे पुलिस और FSL की टीम मौके पर पहुंची। इसके बाद बैग को खोला गया। बैग के खुलते ही वहां मौजूद लोगों के होश उड़ गए। अंदर 25 से 30 साल की एक महिला की लाश पड़ी थी। जिसे प्लास्टिक के बोरे में पैक किया गया था। महिला के शरीर पर पूरे कपड़े नहीं थे। शव मिलने के करीब 5 घंटे बाद पुलिस ने महिला की पहचान की मेहरून खातून (25) के रूप में हुई। महिला के मायके यूपी के चंदौली में है और उसका ससुराल रोहतास के हेहरी। पुलिस ने मायके वालों को घटना की सूचना दी। महिला की मां ने दामाद के खिलाफ हत्या की FIR दर्ज कराई। मृतक महिला की मां ने दामाद पर लगाया हत्या का आरोप मृतक महिला की मां फातिमा ने बताया, 'मेरे दामाद का उसकी मामी की बहन से अफेयर चल रहा था। इसी बात को लेकर घर में हर दिन पति-पत्नी के बीच झगड़ा होता था। शुक्रवार को उसने मेरी बेटी को जान से मारने की धमकी दी थी। धमकी के करीब तीन घंटे बाद दामाद का फोन आया कि आपकी बेटी घर से भाग गई है। हमें लगा कि वह नाराज होकर मायके की ओर निकल गई होगी, लेकिन आज पता चला कि मेरी बेटी का शव एक सूटकेस में बंद कूड़े के ढेर में मिला है। दामाद ने ही उसकी हत्या कर शव को बैग में पैक कर फेंक दिया है।’ अब जानिए आरोपी ने पुलिस को पूरी कहानी क्या बताई पुलिस की पूछताछ में क्यामुद्दीन शेख मंसूरी ने बताया, ‘मेरा निकाह यूपी के चंदौली की रहने वाली मेहरून से हुआ था। तीन साल पहले हुई शादी के बाद शुरू में सब ठीक ठाक चल रहा था। मैं अपनी नानी के यहां रहता था, तो यहां मेरी एक मामी की बहन से मेरा अफेयर था। शुरु में मेहरून को इस बात की जानकारी नहीं थी। जब उसे हमारे प्यार के बारे में पता चला तो वो आए दिन मुझसे झगड़ा करने लगी। मैं उसे समझाता था कि हम लोग दो या तीन शादी कर सकते हैं, इसमें क्या है। लेकिन वो इस बात को मानने को तैयार ही नहीं होती थी। मैं उससे ये भी कहता था कि उसे किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं होने दूंगा। उसे पहली पत्नी की तरह पूरा प्यार दूंगा, लेकिन वो इस बात पर झगड़ती थी कि अपनी सौतन नहीं लाने दूंगी। यहीं से बस झगड़ा बढ़ने लगा, दो तीन महीने से मैं उसे ठिकाने लगाने की सोच रहा था। उस दिन मैंने उसे मार दिया और उसके घर फोन कर दिया कि मेहरून कहीं चली गई है। इसके बाद मैंने उसे ठिकाने लगाने की सोची। इसके बाद मैंने एक सूटकेस का इंतजाम किया। मेरी पत्नी की हाइट करीब 5.5 फीट थी, इसलिए शव को बैग में पैक करना मुश्किल हो रहा था। पहले शव को कमर के पास से फोल्ड किया, इसके बाद दोनों पैरों को मोड़कर सीने से सटाया और सिर को अंदर की ओर झुकाकर प्लास्टिक से बांधा। इसके बाद शव को एक बोरे में पैक किया, फिर ट्रॉली बैग में रखकर एडजस्ट किया और घर से करीब एक किलोमीटर दूर ले जाकर फेंक दिया।’ गाड़ी चेकिंग के दौरान पकड़ा गया हत्यारा पति हत्या करने के बाद आरोपी क्यामुद्दीन शेख मंसूरी इधर-उधर भाग रहा था। मंगलवार की शाम कार से भभुआ से सोनहन की ओर जा रहा था। इसी दौरान सोनहन थाने की पुलिस वाहन चेकिंग कर रही थी। जैसे ही आरोपी की नजर पुलिस पर पड़ी, वह गाड़ी से उतरकर भागने लगा। पुलिस ने उसका पीछाकर पकड़ा और हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की, तो उसने हत्या करने की बात कबूल की। आरोपी ने पुलिस को पूरा बयान दर्ज कराया है। हालांकि उसने हत्या कैसे इस बात की जानकारी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से मिलेगी। फिलहाल उसका कहना है कि सिर पर भारी चीज से वार कर पत्नी को मार दिया है। संदिग्ध व्यक्ति को पकड़कर की पूछताछ भभुआ डीएसपी मनोरंजन भारती ने बताया, वाहन जांच के दौरान एक संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही थी। जब उससे कड़ाई से पूछताछ हुई तो उसने स्वीकार किया कि वह पत्नी की हत्या करने के बाद से फरार है। उसने पूरा घटनाक्रम कबूल किया है, उसने यह भी बताया कि कैसे उसने महिला को सूटकेस में पैक कर दिया। डीएसपी के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की जानकारी रोहतास पुलिस को दे दी गई है।
पुलिस कमिश्नर सिस्टम में सभी थानेदारों को निर्देश दिया गया है कि लूट, चोरी, मारपीट और महिलाओं से जुड़े संगीन मामलों में तुरंत एफआईआर दर्ज की जाए। किसी भी पीड़ित को ये शिकायत न हो कि उसकी शिकायत पर एफआईआर या सुनवाई नहीं हो रही है। उसे अर्जी लेकर थाने के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। हम रायपुर में शिकायत रहित व्यवस्था बना रहे हैं। थानों में गंभीर मामलों में तत्काल एफआईआर दर्ज होगी। ये कहना है रायपुर के पहले पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला का। वे मंगलवार को दैनिक भास्कर कार्यालय पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि मैं रायपुर पुलिस को प्रो-एक्टिव(खुद पहल करने वाली) बनाना चाहता हूं। उन्होंने बताया कि साइबर फ्रॉड के मामलों में भी कार्रवाई की जाएगी, चाहे ठगी 6 हजार रुपए की ही क्यों न हो। क्योंकि एफआईआर दर्ज होने से उसकी जांच होगी। इससे अपराधी पकड़ा जाएगा और उसका रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। अपराध दर्ज नहीं होने से अपराधियों के हौसले बुलंद होते हैं। 5000 रुपए की चोरी के मामले की जांच के लिए भी घटना स्थल पर डीसीपी और एडिशनल डीसीपी जाएंगे। जांच सिपाही-हवलदार के भरोसे नहीं छोड़ी जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार ने उन्हें बड़ी जिम्मेदारी और जवाबदेही सौंपकर टीम पर भरोसा किया है। हम वर्दी के सम्मान के साथ लोगों का भरोसा जीतने पर जोर दे रहे हैं। यहां पेश हैं भास्कर के सवालों पर डॉ. संजीव शुक्ला के जवाब… मौजूदा हालात में राजधानी रायपुर में पुलिस के लिए क्या चुनौतियां हैं? -रायपुर एक तरह से पुराना शहरी शहर है। यहां ट्रैफिक सुधारने से लेकर अपराध कम करना बड़ी चुनौती है। पुलिस को डी-एक्टिवेट से प्रो-एक्टिव मोड में लाना है। शहर में अपराध कम हो, ऐसी पुलिसिंग करनी है। शहर में आबादी के साथ गाड़ियों की संख्या बढ़ी है। सड़कें सीमित हैं, पार्किंग कम है। शहर को जाम मुक्त करने पर काम किया जा रहा है। विशेषज्ञों की मदद से नए प्लान तैयार किए जा रहे हैं। नशे को रोकने के लिए उसकी सप्लाई चेन रोकी जा रही है और डिमांड कम करने पर काम किया जा रहा है। यह जनता के सहयोग से ही संभव होगा। क्या रायपुर में अपराध का तरीका बदला है? ऑर्गेनाइज्ड क्राइम बढ़ रही है? -अपराध का तरीका लगातार बदल रहा है। पहले बॉडी ऑफेंस या ऑफलाइन क्राइम होते थे, लेकिन अब ऑनलाइन अपराध बढ़े हैं। यह ग्लोबल हो गया है। पहले स्थानीय अपराधी घटनाएं करते थे, लेकिन अब दूसरे राज्यों से आकर गिरोह वारदात कर रहे हैं। हालांकि रायपुर में कोई बड़ा गिरोह या गैंग सक्रिय नहीं है, लेकिन भविष्य में ऐसा न हो, इसके लिए काम किया जा रहा है। साइबर फ्रॉड बढ़ा है। इसकी वजह लालच और भय है। इसमें कार्रवाई के साथ लोगों को जागरूक किया जा रहा है। बैंकों को भी निर्देश दिए गए हैं कि अपने ग्राहकों को बैंकिंग सुरक्षा को लेकर जागरूक करें। थानों के स्टाफ को साइबर क्राइम की जांच और ट्रैकिंग के लिए तैयार किया जा रहा है। छोटी उम्र में भी लड़के-लड़कियां अपराध कर रहे हैं, क्या नए अपराधी पुलिस के लिए चुनौती हैं? - सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म फायदे के साथ नुकसान भी पहुंचा रहे हैं। यह अपनी बात पहुंचाने का आसान माध्यम है, लेकिन इससे अफवाह और झूठ तेजी से फैल रहे हैं। इसका प्रभाव युवा पीढ़ी पर भी दिख रहा है। नए-नए अपराधी सामने आ रहे हैं। इसलिए हर शिकायत पर केस दर्ज किया जा रहा है। पहले समाज और परिवार छोटी-छोटी बातों पर हस्तक्षेप करते थे, लेकिन अब यह कम हो गया है। उनकी भूमिका बढ़ाने की जरूरत है। बच्चों को अच्छे संस्कार और सही-गलत की जानकारी देना जरूरी है। पुलिस कमिश्नरी लागू होने से आम जनता को क्या फायदा है? -देश के अधिकांश राज्यों में पुलिस कमिश्नरी प्रणाली लागू है। अगर इसका फायदा नहीं होता तो इसे लागू नहीं किया जाता। इसका सबसे बड़ा फायदा जनता को है। उनकी शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई की जा रही है। थानों की मॉनिटरिंग बढ़ गई है। उनके ऊपर कई अधिकारी हैं, जिससे जवाबदेही बढ़ी है। मामलों की बारीकी से जांच हो रही है। 24 घंटे पुलिस सड़कों पर नजर आएगी।
ओबीसी प्रतिनिधित्व आयोग की रिपोर्ट 12 से 15 दिन में तैयार हो जाएगी। इसे सरकार को सौंपा जाएगा। इसके बाद पंचायत चुनाव की लॉटरी संभव है। सूत्रों के अनुसार, प्रदेश में सरपंचों के लिए करीब 2900 सीटें ओबीसी के लिए रिजर्व होंगी। वहीं, करीब 24 हजार सीटें पंच पदों के लिए ओबीसी के लिए रिजर्व होंगी। ओबीसी प्रतिनिधित्व आयोग 14403 ग्राम पंचायतों के आधार पर इस गणना में जुटा है। बता दें कि पिछली बार 1.9 लाख वार्ड थे जो अब करीब 30% बढ़ गए हैं। बता दें कि ओबीसी आरक्षण निर्धारण के लिए राजनीतिक प्रतिनिधित्व आयोग के गठन के बाद दो बार कार्यकाल बढ़ाया जा चुका है। फरवरी के तीसरे सप्ताह या अंत तक लॉटरी : राज्य निर्वाचन आयोग को कोर्ट के दिशा-निर्देशों के मुताबिक अप्रैल तक चुनाव कराने हैं। ऐसे में तय है कि फरवरी के तीसरे सप्ताह या अंत तक लॉटरी प्रोसेस पूरा कराया जाएगा। उधर, 25 फरवरी तक मतदाता सूचियों का काम पूरा हो जाएगा। इसके बाद पंचायत चुनाव से शुरुआत होगी और ग्राम पंचायतों के चुनाव एक साथ कराने का शेड्यूल जारी हो सकता है। एमओयू: मप्र से 30 हजार ईवीएम लेगा राजस्थान मंगलवार को राजस्थान और मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग के बीच एमओयू हुआ। समझौते के तहत एमपी से 30,000 कंट्रोल यूनिट्स और 60,000 बैलेट यूनिट्स मिलेंगे। बता दें कि प्रदेश में 10 हजार ईवीएम का स्टॉक है। “प्रतिनिधित्व आयोग का काम जारी है। थोड़ा काम बचा है, लेकिन वो कब तक पूरा होगा, उसका खुलासा अभी नहीं कर सकता हूं। हालांकि उम्मीद है कि ये जल्द हो जाएगा।” -मदनलाल भाटी, अध्यक्ष, राज्य ओबीसी राजनीतिक प्रतिनिधित्व आयोग
भिवानी कोर्ट में गैंगवार के दौरान हुई फायरिंग मामले में करीब 10 माह पहले हुई गोली चलाने की वारदात का बदला लेने के लिए इस घटना को अंजाम दिया गय है। पुलिस के अनुसार करीब 10 माह पुरानी वारदात के लिए समझौता करने बैठे दोनों हिस्ट्रीशीटर आमने-सामने आ गए। इसी दौरान एक पक्ष के बदमशों ने दूसरे पक्ष के हिस्ट्रीशीटर पर गोली चला दी। गनीमत रही कि इस फायरिंग में किसी को गोली नहीं लगी। दोनों हिस्ट्रीशीटर विनोद उर्फ बिन्नू व अरविंद पहले साथी थे, लेकिन बाद में पैसों के लेकर दोनों पक्षों में विवाद हो गया। वहीं पुलिस रिकार्ड के अनुसार दोनों हिस्ट्रीशीटर है, जिन पर कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। जिसके कारण पुलिस के सर्विलेंस पर भी है। पुलिस रिकार्ड के अनुसार 11 अप्रैल 2025 को विनोद उर्फ बिन्नू अपने दो साथियों के साथ दिनोद रोड की ओर जा रहे थे। तभी कुछ अज्ञात हमलावरों ने उन पर गोली चला दी। इसमें विनोद और उनके साथी प्रशांत गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें भिवानी के सामान्य अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इसी केस में अरविंद व शुभम पेशी पर आया हुआ था। वहीं विनोद उर्फ बिन्नू की गवाही थी। 27 लोग हिरासत में लिएभिवानी एसपी सुमित कुमार ने बताया कि भिवानी कोर्ट में जिस साइड टाइपिस्ट बैठते हैं, उस तरफ दीवार छोटी है और लोगों ने रास्ता आने-जाने का बनाया हुआ है। वहां से ही बदमाश घुसे हैं और इस वारदात को अंजाम दिया। हमावरों में मुख्य आरोपी आयुष परमार ने अपने 5-6 साथियों के साथ अरविंद पर गोली चलाने का प्रयास किया। जिसके कारण अफरा-तफरी का माहौल हो गया। गवाही देने आए आरोपी विनोद उर्फ बिन्नू सहित कुल 8 लोगों को पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया है। जिसमें 4 घायल अवस्था में अस्पताल में उपचाराधीन है और अन्य से पूछताछ जारी है। इनके अन्य साथ भी रहे है। इस दौरान कुल 27 संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया गया। पुलिस के साथ हुई मुठभेड़एसपी सुमित कुमार ने बताया कि वारदात के तुरंत बाद पुलिस की तीन टीमों ने बदमाशों का पीछा किया तो मुठभेड़ हुई। भिवानी डाबर कॉलोनी निवासी जितेंद्र उर्फ जीतू को पकड़े का प्रयास किया तो क्रास फायरिंग हुई। जिसमें इसके दोनों पांव में गोली लगी। वहीं श्रीपाल को पकड़ने का प्रयास किया तो गिरकर उसके पैर में चोट लगी है। पुलिस की दूसरी टीम में सीआईए-1 के कर्मचारी पीछा कर रहे थे। इस मामले में मुख्य आरोपी डाबर कॉलोनी निवासी आयुष परमार उर्फ बॉक्सर की सीआईए-1 के साथ मुठभेड़ हुई। जिसमें इसके दोनों पांव में गोली लगी है। इसके एक साथी इजराइल को भी भागते हुए चोट लगी है। दोनों हिस्ट्रीशीटर हैंपुलिस के अनुसार विनोद उर्फ बिन्नू पर 10-12 मुकदमें पहले ही चल रहे हैं। कुछ में बरी हो गया और कुछ में बेल पर है। हिस्ट्रीशीटर है तो उस पर पुलिस की नियमित सर्विलेंस चल रही है। वहीं अरविंद भी हिस्ट्रीशीटर है। उस पर भी 2 मुकदमें दर्ज हैं। जिनमें से एक केस में वह पेशी पर आया हुआ था। एसपी सुमित कुमार ने बताया कि प्राथमिक सूचना के अनुसार लग रहा है कि इनके एडवोकेट के बीच में कोई-ना-कोई बात जो उन्होंने समझौते का प्रयास किया है। वहां पर जो भी हालात किसी तरह के हुए और आयुष ने गोली चला दी। एसपी ने कहा कि इस मामले में आरोपियों को पकड़ने के लिए बहादुरी दिखाई है। आईजी व डीजीपी से बात हुई हैं, उन्होंने इन पुलिस वालों को हौसला अफजाई की है। वहीं जो रिवार्ड की प्रक्रिया हैं, उनके तहत सम्मानित किया जाएगा। ये आरोपी किए गिरफ्तार1. भिवानी के दिनोद गेट निवासी श्रीपाल2. भिवानी की डाबर कॉलोनी निवासी जितेंद्र उर्फ जीतू3. गांव हिंडोल निवासी अमन4. गांव हिंडोल निवासी इजराइल5. भिवानी के मनान पाना निवासी दिपांशु6. भिवानी की डाबर कॉलोनी निवासी आयुष परमार उर्फ बॉक्सर7. भिवानी के गांव लोहानी निवासी सन्नी उर्फ संदीप8. भिवानी के जीतू वाला जोहड़ निवासी विनोद उर्फ बिन्नू
तेज, सुरक्षित और कम दर्द वाले इलाज की बढ़ती आवश्यकता को देखते हुए सेंटर ऑफ वैस्कुलर एंड इंटरवेंशनल केयर (CVIC) द्वारा इंदौर में 7 और 8 फरवरी को सीवीआईसी इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी समिट–2026 का आयोजन किया जा रहा है। यह दो दिवसीय राष्ट्रीय स्तर की वैज्ञानिक कॉन्फ्रेंस IRCAD इंडिया, अरबिंदो कैंपस, इंदौर में आयोजित होगी। इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी के इस प्रतिष्ठित आयोजन को ISVIR (इंडियन सोसायीटी ऑफ वैस्कुलर एंड इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी) का समर्थन प्राप्त है। इस समिट में देशभर से इंटरवेंशनल रेडियोलॉजिस्ट, न्यूरो-इंटरवेंशनिस्ट, कार्डियोलॉजिस्ट, वास्कुलर सर्जन, नेफ्रोलॉजिस्ट, ऑन्कोलॉजिस्ट, एंडोवैस्कुलर विशेषज्ञ, फेलो और युवा कंसल्टेंट्स भाग लेंगे। आयोजन का मुख्य उद्देश्य डॉक्टरों को नवीनतम तकनीकों, अत्याधुनिक उपकरणों और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करना है, ताकि मरीजों को बड़े ऑपरेशन के बिना सुरक्षित, सटीक और बेहतर इलाज मिल सके। प्री-कॉन्फ्रेंस हैंड्स-ऑन स्किल्स लैबसमिट से पहले 7 फरवरी को प्री-कॉन्फ्रेंस एडवांस एंडोवैस्कुलर हैंड्स-ऑन स्किल्स लैब आयोजित की जाएगी। इसमें तीन समानांतर वर्कशॉप हॉल में विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में रोटेशनल लर्निंग के जरिए रियल-टाइम प्रैक्टिकल ट्रेनिंग दी जाएगी। प्रत्येक बैच में सीमित प्रतिभागियों को अधिकतम हैंड्स-ऑन अनुभव मिलेगा। इस विशेष वर्कशॉप की रजिस्ट्रेशन फीस ₹5,000 रखी गई है, जिसमें आवास एवं भोजन शामिल है। मध्य भारत में विश्वस्तरीय ट्रेनिंग का प्रयाससीवीआईसी इंदौर के इंटरवेंशनल रेडियोलॉजिस्ट एवं समिट की ऑर्गनाइजिंग फैकल्टी सदस्य डॉ. निशांत भार्गव ने बताया कि मध्य भारत में इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी तेजी से उभरता हुआ क्षेत्र है।बड़े शहरों में ये तकनीकें नियमित रूप से उपयोग में हैं, लेकिन हमारा उद्देश्य है कि इंदौर जैसे शहरों में भी डॉक्टरों को वही विश्वस्तरीय ट्रेनिंग और एक्सपोजर मिले। इस समिट के माध्यम से लाइव केस डिस्कशन, हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग और एक्सपर्ट इंटरैक्शन के जरिए डॉक्टरों को प्रैक्टिकल स्किल्स सिखाई जाएंगी जिससे मरीजों को कम दर्द और कम समय में बेहतर इलाज मिल सके। इलाज की परिभाषा बदल रही इंटरवेंशनल रेडियोलॉजीइंटरवेंशनल रेडियोलॉजिस्ट एवं एंडोवैस्कुलर स्पेशलिस्ट डॉ. आलोक उडिया ने कहा कि आज इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी ने इलाज की परिभाषा ही बदल दी है। स्ट्रोक, वैरिकोज़ वेन्स, ट्यूमर, प्रोस्टेट, फाइब्रॉइड और कई वास्कुलर बीमारियों का इलाज अब केवल छोटे से पंचर या कैथेटर तकनीक से संभव हो गया है। इससे मरीज को न तो बड़ा चीरा लगता है और न ही लंबे समय तक अस्पताल में भर्ती रहना पड़ता है। तेज रिकवरी, कम खर्च और अधिक सुरक्षासीनियर इंटरवेंशनल रेडियोलॉजिस्टडॉ. शैलेष गुप्ता ने बताया कि इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी की सबसे बड़ी विशेषता तेज रिकवरी है। अधिकांश प्रक्रियाओं में मरीज उसी दिन या अगले दिन घर जा सकता है। इससे संक्रमण का खतरा कम होता है और इलाज का खर्च भी घटता है। इस समिट का लक्ष्य इन अत्याधुनिक तकनीकों को महानगरों से बाहर निकालकर आम जनता तक पहुंचाना है। इन विषयों पर होंगे सेशनसमिट के दोनों दिनों में विशेष सेशन आयोजित किए जाएंगे। इनमें न्यूरो इंटरवेंशन (एनेयूरिज्म कोइलिंग, थ्रोम्बेक्टॉमी, कैरोटिड स्टेंटिंग), हेपेटोबिलियरी इंटरवेंशन, किडनी व डायलिसिस एक्सेस प्रक्रियाएं, पेरिफेरल वैस्कुलर इंटरवेंशन, एम्बोलाइजेशन तकनीकें, थायरॉयड एब्लेशन बैं प्रोस्टेट और अन्य वीनस इंटरवेंशन इन सत्रों में लाइव केस डिस्कशन और विशेषज्ञ व्याख्यान के माध्यम से डॉक्टरों को आधुनिक और सुरक्षित इलाज की नई दिशा से परिचित कराया जाएगा। ये खबर भी पढ़ें… यूरोलॉजी समस्या को छिपाना सबसे बड़ी गलती’ आजकल किडनी स्टोन, प्रोस्टेट बढ़ना (BPH), पेशाब में जलन या खून आना, बार-बार यूरिन इंफेक्शन और ब्लैडर-किडनी कैंसर जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। कम पानी पीना, जंक फूड, धूम्रपान, लंबे समय तक बैठकर काम करना और पेशाब रोकना इसके मुख्य कारण हैं। इनसे बचने के लिए रोज 3-4 लीटर पानी पिएं, नियमित व्यायाम करें, नमक और तले-भुने भोजन से बचें और 40 वर्ष की उम्र के बाद सालाना जांच जरूर कराएं।पूरी खबर पढ़ें
कैबिनेट आज:9 साल बाद नई स्टार्टअप नीति लाने जा रही सरकार
छत्तीसगढ़ में नौ साल बाद नवाचार के लिए नई स्टार्टअप नीति जारी होने जा रही है। इस आज कैबिनेट की मुहर लग जाएगी। नीति के अनुसार अब नए स्टार्टअप की शुरुआत करने वालों को 70 प्रतिशत से अधिक का ब्याज अनुदान देने की तैयारी है। यानी अगर कोई स्टार्टअप शुरू करता है तो वह जो भी बैंक से लोन लेगा उसके ब्याज की 70 प्रतिशत राशि पांच साल तक सरकार देगी। यही नहीं प्रोजेक्ट रिपोर्ट अगर पसंद आती है तो उसके बनाने पर जितना खर्च आया है, उस पर 50 प्रतिशत का अनुदान दिया जाएगा। वहीं निजी इन्क्यूबेटर बनाने पर भी सरकार ढ़ाई करोड़ रुपए से अधिक की सहायता प्रदान करेगी। उद्योग विभाग पिछले एक साल से इस नीति पर काम कर रहा था। आज कैबिनेट में अनुदान की राशिओं पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। यह नीति 2029 तक लागू रहेगी। कांग्रेस सरकार नीति लाना ही भूली पहली बार 2017 में रमन सरकार ने नवाचार उद्यमिता विकास नीति 2015-2019 बनाई थी। यह नीति अक्टूबर 2019 में समाप्त हो गई। इसके बाद भूपेश सरकार आई लेकिन वह नई नीति बनाना ही भूल गई। तब से लेकर आज तक प्रदेश में बिना किसी नीति के ही स्टार्टअप चल रहे थे। इसका खामियाजा यह हुआ कि इन्कयूबेशन सेंटर केवल को-वर्किंग स्पेस बनकर रह गए। न तो वहां कोई मेंटर है और न नए स्टार्ट अप को कोई सपोर्ट किया जाता है। इस वजह से 9 साल में करीब 700 स्टार्टअप दूसरे राज्यों में शिफ्ट हो गए हैं। पहला इन्कयूबेशन सेंटर बंद प्रदेश का पहला और उस दौर का देश का दूसरा सबसे बड़ा इन्कयूबेशन सेंटर 36 आईएनसी नीति न होने की वजह से बंद हो गया। 200 सीट का यह सेंटर बनाया गया था। जब इसकी शुरुआत हुई थी तो हर साल नए बैच लिए जाते थे। इसमें 127 स्टार्टअप ने रजिस्ट्रेशन कराया था। लेकिन सुविधाओं के अभाव में धीरे-धीरे कर सब पलायन करते चले गए। 2025 में 50 प्रतिशत स्टार्टअप यहां से जा चुके थे। इस दौरान सिटी सेंटर मॉल का किराया न देेने पाने की वजह से सरकार ने इसे बंद कर दिया। 10 लाख की सीड मनी मिलेगी छत्तीसगढ़ से स्टार्टअप छोड़कर दूसरे राज्यों में जा रहे थे। अब इन्हें रोकने के लिए नीति में 10 लाख रुपए की सीड मनी का प्रावधान भी रखा गया है। यानी अगर किसी का आइडिया इन्क्यूबेटर को पसंद आता है तो वह 10 लाख रुपए की टुकड़ों-टुकड़ों में मदद करेगा। पहली किश्त पंजीयन करते ही दी जाएगी। जिससे वह आइडिया को जमीन पर ला सके। यही नहीं इन्क्यूबेशन सेंटर बाजार उपलब्ध कराने से लेकर बनाने तक में भी मदद करेगा। ऐसा बेंगलुरु, हैदराबाद जैसे शहरों में होता है। प्रजेंटेशन देने पर भी मदद पहली बार छत्तीसगढ़ में नए आइडिया को बढ़ावा देने के लिए उनके प्रजेंटेशन तक पर सहयोग राशि देने की तैयारी है। नीति में यह भी तय किया गया है कि अगर कोई स्टार्टअप प्रजेंटेशन देने दूसरे प्रदेश या देश के किसी बड़े प्लेटफार्म पर जाता है तो उसके आने-जाने का खर्च सरकार देगी। साथ ही उसे कुछ सहयोग राशि भी दी जाएगी। जिससे छत्तीसगढ़ का नाम विश्व स्तर तक पहुंचे। स्टार्टअप में सबसे नीचे छत्तीसगढ़ स्टार्टअप रैंकिंग फ्रेमवर्क के इमर्जिंग कैटेगरी में छत्तीसगढ़ राज्य सबसे नीचे पायदान पर है। इस कैटेगरी में उन्हें रखा जाता है जहां ईको सिस्टम पनप रहा हो। 2018 में छत्तीसगढ़ इस कैटेगरी में लीडर था। लेकिन नीति न होने की वजह से स्तर दिन ब दिन गिरता चला गया। हर जिले में इन्क्यूबेशन सेंटर बनाए तो गए लेकिन वह सिर्फ के नाम के रहे। जैसे जगदलपुर में थिंक बस्तर, बिलासपुर में बी-इंक्यूब आदि। बता दें कि हर साल केंद्र सरकार स्टार्टअप की कई कैटेगरी रैंकिंग जारी करती है। युवाओं को स्टार्टअप के लिए बेहतर माहौल और अच्छा प्लेटफार्म देने के लिए नई स्टार्टअप नीति पर उद्योग विभाग काम कर रहा है। जल्द ही इसे लागू किया जाएगा। राज्य में स्टार्टअप बढ़ेंगे। -लखनलाल देवांगन, उद्योग मंत्री
नवा रायपुर में छत्तीसगढ़ का पहला स्पेस सेंटर बनकर तैयार हो गया है। राखी गांव के सरकारी स्कूल में बनाए गए इस एडवास स्पेस सेंटर का लोकार्पण करने अशोक चक्र अलंकृत, ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला रायपुर पहुंचे। शुभांशु इंडियन एयर फोर्स में ग्रुप कैप्टन और टेस्ट पायलट हैं। वे गगनयान मिशन के जरिए इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर जाने वाले पहले भारतीय भी हैं। रायपुर प्रवास के दौरान शुभांशु शुक्ला ने दैनिक भास्कर से खास बातचीत की और अनुभव और विचार साझा किए... रायपुर में स्पेस सेंटर की शुरुआत को आप कैसे देखते हैं? क्या ये भारत के स्पेस इकोसिस्टम में बदलाव की शुरुआत है?-हां बिल्कुल, यह दिखता है कि अब भारत में स्पेस सेक्टर में समग्र ग्रोथ की शुरुआत हो गई है। स्पेस स्टडी एक रोचक विषय है। इसमें नॉलेज के साथ-साथ प्रैक्टिकल एक्सपेरिमेंट्स से समझने की जरूरत होती है। साइंस लैब के जरिए बच्चों को इस सब्जेक्ट में बेहतर अंडरस्टैंडिंग मिलेगी। रायपुर के लोगों को स्पेस में करियर ऑप्शन्स के बारे अवेयरनेस भी मिलेगी। भारत में प्राइवेट स्पेस स्टार्टअप्स तेजी से बढ़ रहे हैं। इससे क्या फायदा होगा?-पिछले 5 सालों में देश में स्पेस स्टार्टअप्स, टू डिजिट्स में सिमटे हुए थे। आज ये संख्या बढ़ कर 350 के करीब पहुंच चुकी है। देश ही नहीं बल्कि दूसरे देशों में भी हमारे स्टार्टअप्स अपना योगदान दे रहे हैं। मैं इसे बहुत बड़ी उपलब्धि मानता हूं। इससे पता चलता है कि स्पेस सेक्टर में काम करने के लिए हर फील्ड के लोग जुड़ सकते हैं। कई पेरेंट्स स्पेस साइंस जैसे करियर को जोखिम भरा मानते हैं, क्या कहेंगे?- कई पेरेंट्स तो क्या, मेरे अपने पेरेंट्स भी स्पेस साइंस को जोखिम भरा मानते थे। जब बात आई गगनयान मिशन की तो वे भी सोच में पड़ गए थे।हां यह फील्ड चैलेंजिंग है। मगर हर फील्ड के अपने चैलेंज होते हैं। कोई फील्ड बिना चैलेंज के नहीं होती है। बस आपको अपनी तैयारी और फिटनेस पर भरोसा होना चाहिए। शुभांशु साइंस रिसर्च में भी दे रहे योगदान: माईक्रोग्रेविटी में होने वाले कैंसर और मसल स्टेम सेल पर रिसर्चशुभांशु ने जून 2025 में आईएसएस में रहते हुए एग्जिओम मिशन के दौरान लो-अर्थ ऑर्बिट पर होने वाले कैंसर सेल बिहेवियर पर स्टडी की। जिससे माईक्रोग्रेविटी से होने वाले कैंसर के ट्रीटमेंट पर काम किया जा सके। साथ ही स्पेस में ह्यूमन हेल्थ अंडरस्टैंडिंग के लिए क्रू के साथ कई बायो मेडिकल एक्सपेरिमेंट्स किए। इसके अलावा उन्होंने लंबे समय तक स्पेस ट्रेवल करने के कारण होने वाले मसल डीग्रेडेशन की रोकथाम के लिए स्टेम सेल कल्चर को इग्जामिन किया। “स्पेस ब्रिक्स’ बनाने पर कर रहे हैं काम:शुभांशु वर्तमान में मास्टर्स डिग्री के लिए आईआईएससी बेंगलुरु में अध्ययनरत हैं। रिसर्चर्स की टीम के साथ वे बेंगलुरु की मिट्टी में पाए जाने वाले बैक्टीरिया से “स्पेस ब्रिक्स” बनाने पर रिसर्च कर रहे हैं। जिससे आने वाले समय में मार्स प्लेनेट पर रोड्स, लॉन्च पैड्स और रोवर लैंडिंग साइट्स बनाई जा सकेंगी। इससे लैंडिंग मिशंस और नेविगेशन में सहायता होगी। छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए आपका क्या संदेश है? स्पेस साइंस फील्ड में करियर बनाने के लिए शुरुआती कदम क्या होने चाहिए?-स्कूल की पढ़ाई ही शुरुआती कदम है। यही आपके भविष्य का निर्माण करती है। इसलिए पढ़ाई पर अच्छे से ध्यान दें। आप जितना पढ़ेंगे, चीजों को उतने अच्छे से समझ सकेंगे। साथ ही बड़ों को भी घर में “डिनर टेबल कन्वर्सेशन’ को बदलना चाहिए। जब घर में साइंस से जुड़ी बातें होंगी तभी बच्चों में उसके प्रति इन्ट्रेस्ट डेवेलप होगा। बच्चों पर घर के माहौल का बहुत असर पड़ता है। राज्य के हर जिले में खुलेगा अंतरिक्ष संगवारी केंद्र: साय मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नवा रायपुर के राखी में प्रदेश के पहले अंतरिक्ष केंद्र का उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने हर जिले में अंतरिक्ष संगवारी केंद्र खोले जाने की घोषणा की। अंतरिक्ष संगवारी कार्यक्रम के तहत आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केंद्र केवल भवन नहीं, बल्कि बच्चों के सपनों को आकार देने वाली प्रयोगशाला है। इससे छत्तीसगढ़ के वैज्ञानिक भविष्य की मजबूत नींव तैयार होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रुप कैप्टन डॉ. शुभांशु शुक्ला की अंतरिक्ष यात्रा ने पूरे देश को गौरवान्वित किया है।
सड़क हादसा:तेज रफ्तार कार ने साइकिल सवार 3 मजदूरों को कुचला, एक की मौत
विद्याधर नगर इलाके में क्रॉस मॉल के पास मंगलवार रात 12:30 बजे तेज रफ्तार कार ने कैटरिंग का काम कर जालूपुरा जा रहे साइकिल सवार तीन मजदूरों को कुचल दिया। हादसे के बाद चालक कार लेकर मौके से भाग गया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को इलाज के लिए निजी अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों ने 45 वर्षीय ओडिशा के बालेश्वर निवासी देवत्त बेहरा उर्फ टप्पू को मृत घोषित कर दिया। घायल ओडिशा के बालेश्वर निवासी संग्राम व अमूल्य पात्र को प्राथमिक उपचार के बाद कांवटिया व एसएमएस रेफर किया गया। तीनों अलग-अलग साइकिलों पर सवार थे। थानाधिकारी हिम्मत सिंह ने बताया कि रात करीब 12:30 बजे मैरिज गार्डन में कैटरिंग का काम करने के बाद 18-20 वर्कर साइकिलों पर सवार होकर जालूपुरा जा रहे थे। इनका पूरा ग्रुप जालूपुरा इलाके में किराए के मकान में रहता है। क्रॉस मॉल के पास कार ने तीन साइकिल सवारों को कुचल दिया। हादसे के बाद चालक कार लेकर भाग गया। सीसीटीवी फुटेज में संदिग्ध कार के नंबर मिले है, जिसके आधार पर तलाश की जा रही है। कैटरिंग का काम करने वाले वर्कर दूसरे राज्यों के रहने वाले हैं। पुलिस ने ठेकेदार को भी बुलाया है। हादसे के बाद मौके पर काफी संख्या में लोग एकत्र हो गए। बताया जा रहा है कि हादसे में कुछ और लोगों को भी हल्की चोटें आई हैं, लेकिन वे अस्पताल नहीं गए। इस दौरान लोगों ने हादसे को लेकर आक्रोश जताया। मौके पर पहुंचे एडिशनल डीसीपी बजरंग सिंह शेखावत व एसीपी सुरेंद्र सिंह सहित अन्य अधिकारियों ने समझाइश कर मामला शांत कराया।

