भाजपा की जिला कार्यकारिणी को एक साल के लंबे इंतजार के बाद घोषित कर दिया गया। भाजपा का राष्ट्रीय नेतृत्व बेशक राजनीति में महिलाओं को अधिक जगह देने का आह्वान करता तो, लेकिन जिला कार्यकारिणी में ऐसा देखने को नहीं मिला। कार्यकारिणी के घोषित 23 पदों में महज 3 महिला नेत्री ही अपना स्थान बना पाईं, जबकि 44 सदस्यीय कार्यकारिणी में महज 11 महिलाओं को जगह दी गई। भाजपा की 44 सदस्यीय जिला कार्यकारिणी में इस बार भी पुरुषों का दबदबा देखा गया है। देश की आधी आबादी को कार्यकारिणी में पूरी जगह नहीं दी गई है। संगठन के घोषित 23 पदों में महज 3 पद ही महिलाओं के हिस्से में आए हैं। इसमें जिला उपाध्यक्ष के तौर पर रीता चौधरी, जिला मंत्री के तौर पर कुमारी संतोष राजपूत और दामिनी गौड़ को जगह दी गई है। इसके अलावा जिला कार्यकारिणी सदस्य के तौर कुल 8 महिलाओं को जगह दी गई है। इसमें उषा बंसल, पूजा गुप्ता, पिंकी गर्ग, गीता सोलंकी, गीता गोयल, उषा चौधरी, पारुल बंसल, उर्वशी शर्मा को जगह मिल पाई है। इसके अलावा 15 विशेष आमंत्रित सदस्यों में भी 2 महिला जनप्रतिनिधियों को जगह दी गई है। इसमें जिला पंचायत सदस्य डॉ अंतुल तेवतिया और विधायक मीनाक्षी सिंह शामिल हैं। इस मामले में पार्टी पदाधिकारियों से बात की गई तो कोई भी कुछ भी बोलने से बचता दिखाई दिया।
प्रतापगढ़ में तेज रफ्तार कार की टक्कर:महिला की मौत, ननद और भांजा घायल
प्रतापगढ़ के रानीगंज थाना क्षेत्र में सोमवार देर रात एक सड़क हादसे में एक महिला की मौत हो गई, जबकि उसकी ननद और तीन साल का भांजा गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों का इलाज ट्रामा सेंटर में चल रहा है। रानीगंज के खशहालगढ़ मीरपुर निवासी अमृतलाल पटेल की 35 वर्षीय पत्नी संगीता अपनी ननद गुड्डन (25) और उसके तीन वर्षीय बेटे वेद के साथ तांत्रिक के पास जा रही थीं। वे तीनों गांव के पास हाईवे पर पैदल चल रहे थे। इसी दौरान रानीगंज से बादशाहपुर की ओर जा रही एक तेज रफ्तार कार ने उन्हें पीछे से टक्कर मार दी। हादसे में तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद कार चालक मौके से फरार हो गया। आसपास के ग्रामीणों ने तत्काल घायलों को ट्रामा सेंटर पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने संगीता को मृत घोषित कर दिया। गुड्डन और उसके बेटे वेद का इलाज जारी है। थाना प्रभारी प्रभात सिंह ने बताया कि फरार कार चालक की पहचान की जा रही है और उसे जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
गोंडा जिले की गैस एजेंसियों पर आज भी एलपीजी गैस लेने और बुकिंग करवाने वालों की भारी भीड़ रही। हालांकि, पिछले कुछ दिनों से जारी भीड़ अब कम हो गई है। कई एजेंसियों पर कल गैस की अनुपलब्धता के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा था। धानेपुर स्थित ज्योति गैस सर्विस पर कल ‘गैस नहीं है’ का पोस्टर लगाया गया था, लेकिन आज वहां गैस पहुंच गई है और पहले से बुकिंग करवा चुके उपभोक्ताओं को वितरण किया जा रहा है। कतारों में लगी लंबी लाइनें सैकड़ों की संख्या में लोग लंबी कतारों में अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। जिले की मनकापुर गैस एजेंसी और कटरा बाजार की मनोकामना गैस एजेंसी पर भी सुबह से भीड़ लगी रही, जहां बुकिंग के आधार पर एलपीजी सिलेंडर वितरित किए जा रहे हैं। पिछले चार दिनों की तुलना में आज गैस एजेंसियों के बाहर भीड़ काफी कम दिखाई दी, क्योंकि अधिकतर उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर मिल चुका है। ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक भीड़ ग्रामीण क्षेत्रों की गैस एजेंसियों पर अभी भी शहरी क्षेत्रों की तुलना में ज्यादा भीड़ देखी जा रही है। ज्योति गैस सर्विस, धानेपुर में पांडेपुर के अवधेश कुमार रात 2 बजे लाइन में लग गए थे। सुबह 9 बजे उन्होंने एलपीजी गैस और किताब जमा कर बुकिंग कराई, लेकिन उन्हें आज गैस नहीं मिली। होम डिलीवरी से मिली राहत, केवाईसी के कारण लाइनें गोंडा जिला पूर्ति अधिकारी लगातार लोगों से अपील कर रहे हैं कि जितने रुपए में आप गैस बुकिंग करते हैं, उतने ही पैसे में एजेंसी घर तक गैस पहुंचा रही है। शहर में होम डिलीवरी भी उपलब्ध कराई जा रही है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में लोग अभी भी एजेंसियों के बाहर लाइन में खड़े हैं। जिला पूर्ति अधिकारी ने बताया कि एलपीजी लेने के साथ-साथ केवाईसी करवाने वालों की भी भारी भीड़ लगी हुई है। जिन लोगों ने पहले केवाईसी नहीं करवाई थी, अब वे इसे करवाने के लिए लाइन में हैं। धानेपुर गैस एजेंसी पर विवाद, पुलिस ने की कार्रवाई कल धानेपुर स्थित ज्योति गैस सर्विस में पीछे के रास्ते से बैरिकेटिंग तोड़कर कलीम कुरैशी और नुरैना ने गैस एजेंसी में प्रवेश करने का प्रयास किया। इस दौरान गैस एजेंसी कर्मचारियों और आरोपियों में कहासुनी और गाली-गलौज हुई। धानेपुर पुलिस ने दोनों आरोपियों को पकड़कर उनके खिलाफ शांति भंग की कार्रवाई की।
एटा में भाजपा के नए जिलाध्यक्ष प्रमोद गुप्ता को नई टीम मिल गई है। प्रदेश अध्यक्ष की मुहर लगने के बाद भाजपा की एटा जिला कार्यकारिणी की घोषणा कर दी गई है। इसमें 20 महत्वपूर्ण पदाधिकारियों और 69 सदस्यों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह नई कार्यकारिणी पार्टी को जिले में मजबूत करने का काम करेगी। जिला कार्यकारिणी में जितेन्द्र दिवाकर, राजेश सरानी, अविनाश शर्मा, श्रीमती शकुन्तला साहू, आशीष राजपूत, राहुल गुप्ता, अर्जुन सिंह कश्यप और अमित गुप्ता को जिला उपाध्यक्ष बनाया गया है। संतोष चौहान, पीयूष शाक्य और सुशील गुप्ता को जिला महामंत्री का दायित्व सौंपा गया है। विनीत भारद्वाज, शिशुपाल सिंह यादव, कुशल खतौलिया, बबिता दिवाकर, अभिषेक गोपाल शर्मा, नीलम चौहान, दिनेश लोधी और अखिलेश सिंह राठौर को जिला मंत्री नियुक्त किया गया है। राधेश्याम धनगर को कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। कार्यकारिणी में सुनील चौहान, राजवीर सिंह, अतर सिंह, भूपेन्द्र लोधी, अम्बरीश सिकरवार, विजय मधुकर, राजन श्री जाटव, ममता दिवाकर, सर्वेश उपाध्याय, नीरज गुप्ता, आशा राघव, चन्द्रपाल बाल्मीकि, नरेशपाल सिंह, मुकेश वर्मा, ओमप्रताप सिंह, पिंकेश लोधी, चेतन राज सिहं, सत्येन्द्र सिंह जादौन, नीलम प्रजापति, नीरजा शाक्य, सत्येन्द्र सिंह राठौर, राघवेन्द्र गुप्ता, विजय सिंह, नीलेश राजपूत, शिवम कश्यप, शिवम दीक्षित, ब्रजेश सिंह राठौर, अंशुल कुमार सिंह चौहान, ब्रजेश राठौर, अरुण राठौर, नीतू चौहान, विजय कुमारी मिश्रा, श्रृष्टि शर्मा, अर्पणा दीक्षित, अग्रिम जैन, राजीव गुप्ता, दुलारे सिंह भदौरिया, धर्मप्रताप सिंह तोमर, राजकुमारी वाष्णेय, राम विलास राजपूत, सुशील लोधी, विजय भूषण, बृजेश गुप्ता, सौरभ गुप्ता, धर्मेन्द्र सिंह राठौर, प्रताप सिंह आर्य, उमाशंकर राजपूत, अनिल राजपूत, विजेन्द्र गुप्ता, आनंद कुमार, अंकित चौहान, वेदप्रकाश यादव, अमित मोदी, आकाश गुप्ता, सुनील शर्मा, निर्मल धनगर, मलिखान सिंह लोधी, अविनाश पिथौरा चक, चन्द्रेश कुमार शर्मा, अरुण दीक्षित, नंदिनी गोस्वामी, ममता सिंह लोधी, हरेन्द्र राजपूत, मंजू वर्मा, नवरत्न सिंह, धर्मवीर सिंह गहलौत, अवतार सिंह ढिल्लन, महेश वर्मा और भूदेव सिंह लोधी को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है।
उत्तर प्रदेश पुलिस सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा के एक प्रश्न को लेकर गाजीपुर सदर से सपा विधायक जै किशन साहू ने आपत्ति जताई है। परीक्षा में अवसर के अनुसार बदल जाने वाला वाक्यांश के विकल्पों में पंडित शब्द दिए जाने पर ब्राह्मण समाज ने नाराजगी व्यक्त की है। विधायक जै किशन साहू ने इस पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि पंडित शब्द पारंपरिक रूप से विद्वान और सम्मानित व्यक्ति के लिए प्रयोग किया जाता है। ऐसे में इसे अवसरवादी अर्थ से जोड़ना पूरी तरह अपमानजनक है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पंडित शब्द पर्चों और चर्चाओं में तो रहेगा, लेकिन परीक्षा के सवाल में इस तरह पेश करना उचित नहीं है। विधायक ने आगे कहा कि इस तरह के प्रश्न समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाते हैं। उनका मानना है कि परीक्षा तैयार करने वालों को ऐसे संवेदनशील शब्दों का प्रयोग करने से बचना चाहिए, क्योंकि भर्ती परीक्षाओं में ऐसे विकल्पों से अनावश्यक विवाद पैदा होते हैं और समाज के एक वर्ग को आहत महसूस होता है। उन्होंने इस मामले की जांच कराने और भविष्य में ऐसी गलती दोबारा न होने की मांग की है। वहीं, विधायक जै किशन साहू ने गैस सिलेंडर की कीमत और उपलब्धता को लेकर भी सरकार और मंत्री ओमप्रकाश राजभर पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि कई मंत्री और नेता यह दावा कर रहे हैं कि गैस की कोई कमी नहीं है, जबकि जमीनी स्तर पर लोग गैस के लिए परेशान हो रहे हैं। राजभर पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि अगर कहीं गैस की कमी नहीं है तो लोग सीधे ओमप्रकाश राजभर के घर जाकर गैस ले लें, क्योंकि ऐसा लग रहा है कि उनके यहां ही गैस बंट रही है।
ग्वालियर में टेंट हाउस गोदाम में भीषण आग:5 दमकल गाड़ियों ने 3 घंटे में पाया काबू, लाखों का सामान जला
ग्वालियर के जनकगंज थाना क्षेत्र स्थित मरघट रोड पर देर रात एक टेंट हाउस के गोदाम में भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते पूरा गोदाम उसकी चपेट में आ गया, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। 5 दमकल गाड़ियों ने पाया काबू स्थानीय लोगों ने आग की लपटें देखकर तुरंत पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं और बचाव कार्य शुरू किया। आग बुझाने के लिए करीब 5 दमकल गाड़ियां लगाई गईं। दमकल कर्मियों ने लगभग 3 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि गोदाम में रखा लाखों रुपए का सामान जलकर पूरी तरह राख हो गया। शॉर्ट सर्किट की वजह सामने आई प्राथमिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। हालांकि, पुलिस और फायर विभाग की टीम मामले की विस्तृत जांच कर रही है ताकि आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अपने प्रतिष्ठानों में विद्युत उपकरणों की नियमित जांच कराते रहें ताकि ऐसी घटनाओं से बचा जा सके। पुलिस फिलहाल नुकसान का आकलन कर रही है।
रतलाम जिले के आदिवासी अंचल स्थित ग्राम देथला (रावटी) में खसरे (मीजल्स) से 9 वर्षीय बच्ची की 12 मार्च को मौत हो गई थी, जिसकी जांच रिपोर्ट सोमवार को पॉजिटिव आई है और आज मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में सर्वे करेगी। मृतका की पहचान देथला (रावटी) निवासी 9 वर्षीय कविता पुत्री प्रकाश मईडा के रूप में हुई है, जिसकी मौत 12 मार्च को हुई थी। परिजन पहले उसे उपचार के लिए रावटी स्वास्थ्य केंद्र लेकर गए थे, जहां से उसे मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर किया गया था। रावटी से मेडिकल कॉलेज लाते समय रास्ते में ही बच्ची ने दम तोड़ दिया था और सोमवार को उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। 20 दिन पहले आया था बुखार, मजदूरी करने गए थे माता-पिता जानकारी के अनुसार, कविता को मौत से 20 दिन पूर्व बुखार आया था। बुखार आने के दो दिन बाद ही उसके माता-पिता मजदूरी के लिए राजस्थान चले गए थे और वह घर में अपनी दादी के पास थी। इस बीच स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव जाकर दवाई दी थी, जिसके बाद बच्ची ठीक हो गई थी, लेकिन बाद में उसकी तबीयत फिर खराब हो गई। प्रभारी सीएमएचओ बोले- इसकी जांच की जाएगी खसरे से मौत की पुष्टि होने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। जिला अस्पताल के प्रभारी सीएमएचओ डॉ. एपी सिंह ने बताया, “बालिका की मौत की रिपोर्ट पॉजीटिव आई है।” उन्होंने आगे कहा, उसका इलाज रावटी स्वास्थ्य केंद्र में भी किया गया था। इसकी जांच की जाएगी। 20 दिन पहले टीकाकरण से भी हो चुकी है एक बच्चे की मौत 20 दिन पूर्व बिलपांक थाना क्षेत्र के नयाखेड़ा गांव के आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों को टीके लगाए गए थे। गांव के धर्मेंद्र मालवीय के 10 माह के बेटे पियांशु और देवीलाल मालवीय के डेढ़ साल के बेटे नित्यांशु सहित 4 बच्चों का टीकाकरण हुआ था। टीकाकरण के बाद दो बच्चों की तबीयत खराब हो गई थी, जिसमें 10 माह के पियांशु की मौत हो गई थी। इस मामले में स्वास्थ्य विभाग ने जांच की बात कही थी, लेकिन आज तक जांच नहीं हो पाई है, जबकि पुलिस ने मर्ग कायम कर मामला जांच में लिया है।
खजराना क्षेत्र में रहने वाले एक जूस दुकान संचालक ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना से पहले उसने अपनी पत्नी और ढाई साल की बेटी को ससुराल भेज दिया, जिसके बाद खुद फंदे पर झूल गया। शाम को जब पत्नी घर लौटी तो दरवाजा नहीं खुलने पर उसने ससुर और अन्य परिजनों को सूचना दी। अंदर जाकर देखा तो युवक का शव फंदे पर लटका मिला, जिसके बाद पुलिस को खबर दी गई। खजराना पुलिस ने संजू (26) पुत्र रेवाराम चौहान, निवासी स्टार चौराहा की मौत के मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि संजू इलाके में जूस की दुकान चलाता था और ई-रिक्शा से भी जुड़ा काम करता था। सोमवार को वह काम पर नहीं गया था। पुलिस के अनुसार, मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। फिलहाल आत्महत्या के कारणों का पता लगाने के लिए जांच जारी है। 4 साल पहले प्रेम विवाह संजू मूल रूप से देवास का रहने वाला था। उसने करीब चार साल पहले प्रेम विवाह किया था। परिवार में उसके दो बड़े भाई हैं, जो अलग रहते हैं, जबकि संजू सबसे छोटा था। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में आत्महत्या के पीछे पारिवारिक कलह की बात सामने आ रही है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही है। प्रॉप्रटी ब्रोकर की पत्नी ने किया सुसाइड हीरानगर क्षेत्र में एक प्रॉपर्टी ब्रोकर की पत्नी ने आत्महत्या कर ली। मंगलवार सुबह परिजनों ने महिला का शव घर में फंदे पर लटका देखा, जिसके बाद उसे तुरंत भंडारी अस्पताल ले जाया गया। हीरानगर पुलिस के अनुसार मृतका की पहचान संतोष कुमारी (32) पत्नी दीपक यादव, निवासी भाग्यश्री कॉलोनी के रूप में हुई है। परिजन उन्हें मृत अवस्था में अस्पताल लेकर पहुंचे थे, जहां से पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए एमवाय अस्पताल भेज दिया है। बताया जा रहा है कि संतोष के पति प्रॉपर्टी का काम करते हैं। महिला ने यह कदम क्यों उठाया, इसका फिलहाल खुलासा नहीं हो पाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। परिवार में देवर, सास-ससुर और दो बच्चे हैं।
चित्तौड़गढ़ में तेज गर्मी के बीच मौसम विभाग ने 18 से 21 मार्च के बीच आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। नए वेस्टर्न डिस्टरबेंस के असर से मौसम में बदलाव की संभावना जताई गई है। वहीं पिछले दो दिनों से तापमान स्थिर रहने के बावजूद तेज धूप के कारण दिन में गर्मी का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। तेज धूप से दिन में बढ़ रही गर्मी चित्तौड़गढ़ में सुबह से ही तेज धूप लोगों को परेशान कर रही है। जैसे-जैसे दिन चढ़ता है, गर्मी और अधिक बढ़ जाती है। दोपहर के समय हालात ऐसे हो जाते हैं कि लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। बाजारों और सड़कों पर भी दोपहर के समय भीड़ कम नजर आ रही है, जबकि सुबह और शाम के समय ही हल्की चहल-पहल देखने को मिल रही है। दो दिन से तापमान स्थिर मौसम विभाग के अनुसार पिछले दो दिनों से तापमान में कोई खास बदलाव नहीं हुआ है। रविवार और सोमवार को अधिकतम तापमान 38.6 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 17.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिन के साथ-साथ अब रात के समय भी हल्की गर्म हवा चलने लगी है, जिससे लोगों को राहत कम मिल रही है। किसानों और मजदूरों पर असर तेज गर्मी का असर आम जनजीवन के साथ-साथ किसानों और मजदूरों पर भी दिखाई दे रहा है। किसान अब सुबह जल्दी या शाम के समय ही खेतों में काम कर रहे हैं, जबकि दिन के समय गर्मी से बचने की कोशिश कर रहे हैं। 18 मार्च से बदलेगा मौसम मौसम विभाग के अनुसार 17 मार्च तक मौसम शुष्क बना रहेगा। इसके बाद 18 मार्च से नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होगा। इस सिस्टम के असर से 18 से 21 मार्च के बीच कई इलाकों में मेघ गर्जन, तेज आंधी और हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। 19-20 मार्च को ज्यादा असर की संभावना मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस बदलाव का सबसे ज्यादा असर 19 और 20 मार्च को देखने को मिल सकता है। इन दिनों बादल छाने, तेज हवाएं चलने और बारिश होने के आसार हैं। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और बदलते मौसम को ध्यान में रखते हुए जरूरी सावधानी बरतने की सलाह दी है।
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में ब्रिलियंट स्कूल की मान्यता को लेकर विवाद बढ़ गया है। आरोप है कि उन्हें CBSE पैटर्न के नाम पर एडमिशन दिया गया है और जब एग्जाम लेने की बारी आई तो CG बोर्ड की परीक्षा दिलाने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। सोमवार दोपहर को स्टूडेंट्स और पेरेंट्स ने पहले कलेक्ट्रेट का घेराव कर समस्याए बताई, जिसके बाद आधी रात को स्कूल के बाद कलेक्टर बंगले का घेराव कर दिया। नाराज पेरेंट्स अपने बच्चों को CBSE से एफिलेटेड सर्टिफिकेट देने की मांग कर रहे हैं। शहर में ब्रिलिएंट पब्लिक स्कूल की तीन शाखाएं संचालित हो रही है, जिसमें बहतराई स्थित मुख्य शाखा में बारहवीं तक की कक्षाएं संचालित है। जबकि मिशन अस्पताल रोड और व्यापार विहार में आठवीं कक्षा तक की पढ़ाई होती है। पेरेंट्स का आरोप है कि स्कूल प्रबंधन ने शुरुआत से ही बच्चों को CBSE पैटर्न से पढ़ाने का दावा करता रहा, लेकिन हाल ही में जब 5वीं और 8वीं की बोर्ड परीक्षा को लेकर जानकारी सामने आई तो मामला उलझ गया। देखिए पहले ये तस्वीरें- CG बोर्ड परीक्षा लेने पर शुरू हुआ विवाद छत्तीसगढ़ सरकार ने इस साल 5वीं और 8वीं की बोर्ड परीक्षा लेने का निर्णय लिया है। ऐसे में ब्रिलियंट स्कूल सहित ऐसे कई निजी स्कूल हैं, जहां लोकल स्तर पर परीक्षाएं ली जा चुकी है, लेकिन शासन के इस फैसले के बाद उन्हें पांचवी-आठवीं कक्षा के बच्चों के लिए दोबारा परीक्षाएं लेनी होंगी। स्कूल प्रबंधन ने छात्रों को CG बोर्ड की परीक्षा दिलाने की बात कही, जिसके बाद पेरेंट्स को स्कूल की वास्तविक मान्यता पर संदेह हुआ। पेरेंट्स का कहना है कि बच्चों की वार्षिक परीक्षा पहले ही हो चुकी थी, लेकिन अब स्कूल प्रबंधन फिर से बोर्ड परीक्षा देने के लिए दबाव बना रहा है। पेरेंट्स बोले- CBSE बोर्ड के नाम पर एडमिशन देकर वसूली मोटी फीस पेरेंट्स का आरोप है कि स्कूल प्रबंधन ने CBSE बोर्ड का नाम लेकर एडमिशन कराया। साथ ही इसी के बहाने उनसे मोटी फीस की वसूली भी की गई है, जबकि हकीकत में स्कूल CBSE बोर्ड से संबद्ध नहीं है। अब अचानक CG बोर्ड की परीक्षा दिलाने का दबाव बनाया जा रहा है, जिससे पांचवीं और आठवीं के सैकड़ों बच्चे प्रभावित हो रहे हैं। कलेक्टर से शिकायत, स्कूल प्रबंधन पर कार्रवाई की मांग स्कूल की मान्यता को लेकर विवाद सामने आने के बाद बवाल मच गया है। ब्रिलिएंट पब्लिक स्कूल पर पेरेंट्स ने गंभीर आरोप लगाते हुए सोमवार को कलेक्टर से शिकायत की, जिसमें कहा है कि स्कूल प्रबंधन ने बच्चों का एडमिशन CBSE पैटर्न के नाम पर कराया, जबकि स्कूल CBSE से एफिलेटेड नहीं है। उन्होंने इस मामले को लेकर नाराजगी जताते हुए कलेक्टर से स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। आधी रात स्कूल पहुंचे पेरेंट्स, कलेक्टर बंगले का किया घेराव पेरेंट्स का कहना है कि बच्चों की वार्षिक परीक्षा पहले ही हो चुकी थी, लेकिन अब स्कूल प्रबंधन फिर से बोर्ड परीक्षा देने के लिए दबाव बना रहा है। नाराज पेरेंट्स सोमवार की रात स्कूल का घेराव करने पहुंच गए। इस दौरान उन्होंने जमकर हंगामा मचाया। जब मौके पर पुलिस की टीम पहुंची, तब पैरेंट्स सिविल लाइन थाने के बाद कलेक्टर बंगले का घेराव करने पहुंच गए। इसकी जानकारी मिलते ही एसडीएम मनीष साहू के साथ एडिशनल एसपी सिटी पंकज पटेल, सीएसपी निमितेश सिंह, टीआई प्रदीप आर्य सहित पुलिस अफसरों की टीम कलेक्टर बंगला पहुंच गई। अफसरों ने दी समझाइश, स्कूल प्रबंधन से चर्चा करने दिलाया भरोसा इस मामले को लेकर बड़ी संख्या में पेरेंट्स देर रात कलेक्टर बंगला पहुंचकर हंगामा मचाने लगे, तब अफसरों ने स्थिति को संभालते हुए उन्हें समझाइश दी। एसडीएम मनीष साहू ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि इस मामले में स्कूल प्रबंधन से चर्चा की जाएगी। पेरेंट्स का कहना था कि उन्हें स्कूल के मेन ब्रांच से CBSE बोर्ड का सर्टिफिकेट दिलाया जाए, ताकि बच्चों को दोबारा एग्जाम देने की नौबत न आए। इस पर उन्होंने स्कूल प्रबंधन से चर्चा करने का भरोसा दिलाया है। अफसरों की समझाइश पर पेरेंट्स शांत हुए और देर रात वहां से अपने घर के लिए रवाना हुए।
कानपुर में बिजली मरम्मत और उपकरण बदलने के कार्य के चलते मंगलवार को कई इलाकों में बिजली आपूर्ति प्रभावित रहेगी। केस्को द्वारा आठ उपकेंद्रों से अलग-अलग समय पर शटडाउन लिया जाएगा, जिससे एक दर्जन से अधिक क्षेत्रों में कुछ घंटों के लिए बिजली नहीं रहेगी। इन इललाकों में रहेगा बिजली का शटडाउननानकारी उपकेंद्र से यूटिलिटी शिफ्टिंग कार्य के कारण दोपहर 2 बजे से 4 बजे तक शटडाउन रहेगा। इस दौरान शिवली रोड मार्केट, सब्जी मंडी और आसपास के क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बंद रहेगी। स्वरूप नगर में 11 बजे से दोपहर एक बजे तक बिजली का शटडाउन रहेगा। नौबस्ता उपकेंद्र में उपकरण बदलने और मरम्मत कार्य के चलते दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। इस दौरान बसंत विहार, केशव नगर, वैष्णो देवी मंदिर क्षेत्र, संजय गांधी नगर, साकेत नगर, जूही कला, बाबा नगर, आनंद विहार, मछरिया रोड, हमीरपुर रोड, मौरंग मंडी, दामोदर नगर सहित आसपास के इलाकों में बिजली नहीं रहेगी।इसके अलावा अन्य उपकेंद्रों से भी अलग-अलग समय पर शटडाउन लिया जाएगा, जिससे शहर के कुछ और क्षेत्रों में भी बिजली आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। बिजली सम्बधी कार्य कराए जाने के लिए 40 से ज्यादा कर्मचारी अलग-अलग क्षेत्रों में रहेंगे।
सिद्धार्थनगर में 37 सभासद मनोनीत:नगर निकायों में बदला समीकरण, विकास कार्यों को मिलेगी गति
सिद्धार्थनगर जिले की नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में लंबे इंतजार के बाद एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक फैसला लिया गया है। उत्तर प्रदेश शासन ने कुल 37 सभासदों को मनोनीत किया है। इस निर्णय से स्थानीय निकायों में राजनीतिक समीकरण बदल गए हैं और विकास कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है। नामित सभासदों की सूची जारी होने के बाद से ही नगर निकायों में हलचल तेज हो गई है। नगर पालिका सिद्धार्थनगर सदर में राजेश जायसवाल, भानु सिसोदिया, पूनम मित्तल, महेश प्रसाद और बबलू श्रीवास्तव को सभासद मनोनीत किया गया है। इसी प्रकार, नगर पालिका बांसी में सुशीला, मंगल प्रसाद चौरसिया, वीरेंद्र प्रताप, नंदिनी श्रीवास्तव और घनश्याम जायसवाल को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन दोनों नगर पालिकाओं में कुल 10 सभासदों का मनोनयन हुआ है, जिससे शहरी निकायों की कार्यप्रणाली को मजबूती मिलने की उम्मीद है। नगर पंचायतों में भी बड़े पैमाने पर मनोनयन हुए हैं। इटवा नगर पंचायत से दीप नारायण त्रिपाठी, राधेश्याम गिरी और रामकृपाल चौधरी को मनोनीत किया गया है। बढ़नी बाजार नगर पंचायत में श्रीयगीनाथ अग्रहरि, अनीता जायसवाल और रामधनी मौर्य को शामिल किया गया है। वहीं, बढ़नी चाफा नगर पंचायत में प्रमोद गौतम, संतोष कुमार गुप्ता और पूनम चौधरी को सभासद बनाया गया है। कपिलवस्तु नगर पंचायत में कौशल कुमार अग्रहरी, विजय कश्यप और नितेश को मनोनीत किया गया है। बिस्कोहर नगर पंचायत से सत्यनारायण दुबे, सूर्यमणि चौधरी और राजू कसौधन को जिम्मेदारी मिली है। भारत भारी नगर पंचायत में किस लौटी, दीपक कुमार चौधरी और पवनसुत मौर्य को सभासद बनाया गया है। शोहरतगढ़ नगर पंचायत में रविंद्र कुमार वर्मा, बैजनाथ धोबी और शिवशरण उर्फ पिंटू पटेल को मनोनीत किया गया है। उसका बाजार नगर पंचायत से दिलीप सिंह, सावित्री देवी गौड़ और पवन जायसवाल को शामिल किया गया है। डुमरियागंज नगर पंचायत में धीरेंद्र प्रताप सिंह, शशि प्रकाश अग्रहरि और माधुरी सोनी को सभासद के तौर पर जिम्मेदारी दी गई है। इस प्रकार जिले की 2 नगर पालिकाओं में 10 और 9 नगर पंचायतों में 27 सभासदों को मिलाकर कुल 37 सभासदों का मनोनयन किया गया है। लंबे समय से इन सीटों के खाली रहने के कारण कई विकास कार्य प्रभावित हो रहे थे। अब नए सदस्यों के आने से बोर्ड की बैठकें अधिक प्रभावी होंगी और योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आने की संभावना है।स्थानीय स्तर पर यह भी माना जा रहा है कि इन मनोनीत सभासदों के जरिए शासन ने सामाजिक और राजनीतिक संतुलन साधने की कोशिश की है। विभिन्न वर्गों और क्षेत्रों के प्रतिनिधित्व को ध्यान में रखते हुए सूची तैयार की गई है, जिससे सभी समुदायों की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।नगर निकायों में साफ-सफाई, सड़क, पेयजल, स्ट्रीट लाइट और अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़े कई प्रस्ताव लंबित हैं। नए सभासदों के जुड़ने से इन मुद्दों पर तेजी से निर्णय लिए जा सकेंगे। इसके साथ ही आम जनता की समस्याओं को भी मजबूती से उठाने का मंच मिलेगा।कुल मिलाकर, 37 सभासदों का यह मनोनयन सिद्धार्थनगर के नगर निकायों के लिए एक अहम मोड़ माना जा रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि नए सभासद विकास कार्यों को किस गति तक पहुंचा पाते हैं और जनता की उम्मीदों पर कितना खरा उतरते हैं।
बांदा में सात कारोबारियों के यहां आयकर विभाग की छापेमारी पूरी हो गई है। 26 टीमों के 200 अधिकारियों-कर्मियों ने आय से अधिक संपत्ति, काला धन और मनी लॉन्ड्रिंग की आशंका पर यह कार्रवाई की थी। जांच में खनन कारोबार में बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी का खुलासा हुआ है। कुल 34 स्थानों पर की गई जांच में पाया गया कि अलग-अलग कंपनियां बनाकर 800 करोड़ रुपये खर्च किए गए। इसमें से 300 करोड़ रुपये रियल एस्टेट में और 250 करोड़ रुपये खनन कारोबार में लगाए गए थे। खनन में टैक्स चोरी के लिए मौरंग निकासी की रवन्ने की पर्चियों में हेरफेर किया गया। एक ही वाहन को कई बार निकासी दी गई और आय-व्यय का ब्योरा भी कागजातों में सही नहीं दर्शाया गया। निर्धारित दायरे से अधिक खनन भी किया गया था। आय-व्यय से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त कर लिए गए हैं। आयकर विभाग की टीमें अब कानपुर के डायरेक्ट्रेट कार्यालय में कारोबारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाएंगी। यह जांच बुधवार सुबह शुरू हुई थी और रविवार तक चली। आयकर विभाग के उच्च अधिकारी जल्द ही जांच का ब्योरा सार्वजनिक कर सकते हैं। जांच के दौरान बांदा में पूर्व विधायक के भाई और खनन कारोबारी सीरजध्वज सिंह, दिलीप सिंह, सोमेश भारद्वाज (उनकी मध्य प्रदेश स्थित ग्रेनाइट इकाई सहित), खनन कारोबारी शिवशरण सिंह, अस्पताल संचालक अज्ञात गुप्ता, बिजली ठेकेदार शशांक शेखर और राहुल सिंह के प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की गई थी। कारोबारियों के खनन क्षेत्रों की ड्रोन मैपिंग भी कराई गई। महोबा से आयकर टीम के जाने के बाद भी क्रशर कारोबार से जुड़े कारोबारी और उनके मुनीम सहित अन्य लोग किसी से बात नहीं कर रहे हैं। उनके मोबाइल भी बंद बताए जा रहे हैं। अहम सबूत जुटाने के बाद टीमें आयकर डायरेक्ट्रेट कार्यालय कानपुर लौटीं, जहां जांच में शामिल रहीं 26 टीमों ने अपनी रिपोर्ट डीजी डायरेक्ट्रेट और जनरल प्रिंसिपल को सौंपी है। जांच के दौरान सीरजध्वज सिंह के यहां से 5 करोड़ रुपये की नकदी और जेवर मिले थे, जिन्हें बैंक खाते में जमा कराया गया है।
भिवानी में 2 किसानों के खेतों में से ट्यूबवेल का सामान चोरी होने का मामला सामने आया है। जहां गांव बागनवाला के खेतों से सोलर प्लेट का कंट्रोलर चोरी हो गया। वहीं गांव बड़सी जाटान के खेतों में से मोनोब्लॉक मोटर चोरी हो गई। जिसकी शिकायत पुलिस को दे दी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी। भिवानी के गांव बागनवाला निवासी नरेंद्र ने तोशाम थाने में शिकायत दी। शिकायत में बताया कि उनके खेत में सोलर प्लेट लगवाई हुई हैं। जिसमें उसने एक कंट्रोलर लगवाया हुआ है। जिसकी कीमत करीब 60 हजार रुपए है। वह 2-3 दिन से खेत में नहीं गया। जब सुबह वह खेत में गया तो देखा कि उसका कंट्रोलर चोरी हुआ मिला। कोई अज्ञात व्यक्ति उसकी सोलर प्लेट पर लगे कंट्रोलर चोरी करके ले गया। जिसके बाद मामले की शिकायत पुलिस को दे दी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी। मोनोब्लॉक मोटर चोरीभिवानी के गांव बड़सी जाटान निवासी संजय कुमार ने बवानीखेड़ा थाना में शिकायत दी। शिकायत में बताया कि गांव बड़सी जाटान के पावर हाउस के पास उनके खेत हैं। जहां सब्सिडी पर सोलर पैनल ट्यूबवेल कनेक्शन लिया हुआ है। वहीं ट्यूबवेल पर 3 एचपी की मोनोब्लॉक मोटर लगी हुई है। वह शाम को उनकी मोटर खेत में सही सलामत छोड़कर घर गए थे। इसके बाद जब सुबह खेत में गए। इस दौरान खेत में ट्यूबवेल पर मोनोब्लॉक मोटर गायब मिली। उसने अपने स्तर पर सभी जगह खोजा, लेकिन मोटर कहीं पर नहीं मिली। किसी अज्ञात व्यक्ति ने चोरी की है। जिसके बाद मामले की शिकायत पुलिस को दे दी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर लिया, वहीं पुलिस द्वारा कार्रवाई की जा रही है।
अलीगढ़ के क्वार्सी थाना क्षेत्र के पॉश इलाके मैरिस रोड स्थित रेनुका हॉस्पिटल में सोमवार देर रात घुसकर एक मरीज को उसके बेड पर ही कनपटी से सटाकर गोली मार दी गई। इस वारदात को अंजाम देने वाले पुलिस के जवान निकले। खैर थाना क्षेत्र के गांव अहरौला निवासी वेदपाल (32) को गोली प्रेम प्रसंग के चलते मारी गई। घायल वेदपाल एएमयू के छात्र नेता सोनपाल का सगा भाई है। देर रात इस घटना में आरोपी मथुरा की युवती के पिता को गिरफ्तार कर लिया गया है। 5 साल पुराना प्रेम प्रसंग पुलिस की शुरुआती जांच में यह मामला प्रेम प्रसंग का निकलकर आ रहा है। घायल वेदपाल का मथुरा के गोविंद नगर की एक युवती के साथ पिछले 5 वर्षों से प्रेम संबंध था। युवती का परिवार पूरी तरह से पुलिस विभाग से जुड़ा हुआ है। उसके पिता, भाई और चचेरे भाई सभी पुलिस और पीएसी (PAC) में तैनात हैं। युवती के परिजन इस रिश्ते के खिलाफ थे। बीती 3 फरवरी को जब युवती की शादी राया में तय हुई, तो वेदपाल वहां विरोध करने पहुंचा था। आरोप है कि उस वक्त युवती के रपरिजनों ने उसकी पिटाई कर दी। इससे उसका हाथ टूट गया। इस मामले में वेदपाल को 15 दिन मथुरा जेल में भी रहना पड़ा। जेल से छूटने के बाद वेदपाल अपने हाथ की चोट का इलाज कराने अलीगढ़ के इस अस्पताल में भर्ती हुआ था। CCTV में कैद हुए हमलावर सोमवार रात करीब 9:40 बजे दो हमलावर अस्पताल में दाखिल हुए। पुलिस के अनुसार सीसीटीवी फुटेज में दिख रहा है कि पिंक और काली टी-शर्ट पहने ये हमलावर करीब 20 मिनट तक अस्पताल में घूमते रहे। वे एक-एक कर कमरों की तलाशी ले रहे थे। आखिर में वे पहली मंजिल पर स्थित रूम नंबर 105 में पहुंचे, जहां वेदपाल सो रहा था। फायरिंग करते हुए भागे हमलावर हमलावरों ने सीधे वेदपाल की कनपटी पर पिस्टल सटाकर गोली दाग दी। गोली की आवाज सुनकर अस्पताल में चीख-पुकार मच गई। हमलावर दहशत फैलाने के लिए बाहर निकलते समय भी फायरिंग करते रहे और मैरिस रोड की ओर खड़ी अपनी बाइक पर सवार होकर फरार हो गए। जब भाई 'मौन व्रत' पर था, तब वेदपाल पर हुआ जानलेवा हमला जिस समय वेदपाल पर हमला हुआ, उस वक्त सोनपाल यूनिवर्सिटी में छात्र संघ चुनावों की मांग को लेकर मौन व्रत पर बैठे थे। सोनपाल ने आरोप लगाया कि उसके भाई का पहले अपहरण किया गया, फिर हाथ तोड़ा गया और अब उसे जान से मारने की कोशिश की गई है। इस खुलासे के बाद अलीगढ़ के छात्र गुटों और स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश है। पिता हिरासत में सिपाही भाई फरार एसएसपी नीरज जादौन ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चार टीमों का गठन किया है। सीसीटीवी में दिखी बाइक पर पुलिस लिखा हुआ था। इसी के आधार पर आरोपियों की पहचान हुई। फुटेज के आधार पर जब बागपत में तैनात युवती के पिता को तस्वीरें भेजी गईं, तो उन्होंने अपने बेटों को पहचान लिया। वेदपाल की हालत नाजुक हमलावरों में से एक युवती का सगा भाई है जो आगरा में सिपाही है, जबकि दूसरा चचेरा भाई पीएसी में तैनात है। बागपत पुलिस ने युवती के पिता को हिरासत में ले लिया है, जबकि दोनों हमलावर सिपाही फिलहाल फरार हैं। फिलहाल वेदपाल की हालत नाजुक बनी हुई है। उसका जेएन मेडिकल कॉलेज में उपचार चल रहा है।
“हमारे व्यापार को 100 साल हो चुके हैं, लेकिन इतना बड़ा संकट कभी नहीं देखा। गैस सिलेंडर नहीं मिल रहा है और कारीगरों को कोयले व भट्ठी पर काम करने में काफी परेशानी हो रही है।” यह दर्द बयां किया लखनऊ के मशहूर टुंडे कबाबी के ग्रैंडसन अबुबकर ने। लखनऊ में कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की आपूर्ति पर ब्रेक लगने से शहर के खानपान कारोबार पर बड़ा असर पड़ा है। चौक के पारंपरिक बाजार से लेकर बड़े-बड़े मॉल के फूड कोर्ट तक इसका असर साफ दिखाई दे रहा है। हालात ऐसे हो गए हैं कि करीब 80 फीसदी व्यापारी प्रभावित हुए हैं और कई दुकानों के ठप होने की नौबत आ गई है। आखिर कितने दिनों से दुकानें बंद हैं? व्यापारी इस संकट को लेकर क्या कह रहे हैं? और इसका असर ग्राहकों पर कितना पड़ रहा है? पढ़िए पूरी रिपोर्ट… पहले देखिए 2 तस्वीरें… मौजूदा स्थिति- मशहूर टुंडे कबाब ने दाम किए दोगुने गैस सिलेंडर की किल्लत की वजह से फेमस टुंडे कबाब ने अपने कबाब के दाम लगभग दोगुने कर दिए हैं। चौक चौराहे पर वेज प्वाइंट पर लगी करीब 20 दुकानें पिछले एक हफ्ते से बंद पड़ी हैं, जिससे दुकानदार और कस्टमर दोनों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दुकानदारों के सामने तीन विकल्प दैनिक भास्कर से बातचीत के दौरान दुकानदारों ने अपनी परेशानी बयां की। उन्होंने बताया कि गैस सिलेंडर की दिक्कत काफी बढ़ गई है। उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि गैस को लेकर इतना बड़ा संकट होगा। व्यापारियों के मुताबिक, उनके पास अभी तीन विकल्प हैं। या तो वो दुकान बंद कर दें या फिर महंगे दामों पर सिलेंडर खरीदकर खाने-पीने की चीजों के दाम भी बढ़ा दें। तीसरा ये है कि वो भट्ठी पर बनाकर लिमिटेड सामान बेचें। अब पढ़िए व्यापारियों की परेशानी कबाब के बढ़ाने पड़े दाम टुंडे कबाबी के ग्रैंड सन अबुबकर बताते हैं कि हमारे व्यापार को 100 साल हो रहे हैं, लेकिन इतना बड़ा संकट कभी नहीं आया। कॉमर्शियल गैस सिलेंडर नहीं मिल रहा है जिसके बाद हम लोग कोयला और भट्ठियों पर खाना बना रहे हैं। अभी तक जो कबाब हम लोग 5 रुपए पीस में बेचते थे, उसे अब वह 10 रुपए पीस बेचना शुरू कर दिया है। वहीं, पराठा 10 रुपए का है। जब वह खत्म हो जाता है तो हम लोग 20 रुपए का पराठा बनाते हैं, जो डबल पराठा कहलाता है। कारीगरों को भी कोयले पर और भट्ठी पर काम करने में बहुत परेशानी हो रही है। कोयले की कीमत प्रति किलो ₹15 तक बढ़ी अबुबकर बताते हैं कि- कुछ दिन पहले सरकार कह रही थी कि सब कुछ पर्याप्त है फिर ऐसी क्या वजह है कि होटल वालों को गैस सिलेंडर नहीं मिल रहा है। कॉमर्शियल सिलेंडर क्यों नहीं मिल रहा है कहां पर कालाबाजारी हो रही है सरकार को इस ओर ध्यान देना चाहिए। जिस तरह से हम लोग धंधा कर रहे हैं इससे प्रॉफिट भी नहीं हो रहा है। बस इतना समझ लीजिए की दुकान चल रही है जिसकी मुख्य वजह है कि हम दुकान बंद नहीं कर सकते अपने कर्मचारियों को हटा नहीं सकते। त्योहार का समय है और ये लोग बेरोजगार हो जाएंगे। इस वक्त कोयले के दाम भी बढ़ गए हैं। पत्थर का कोयला 15 रुपए से बढ़कर 25 रुपए का हो गया है। जबकि, लकड़ी वाला कोयला 30 रुपए से बढ़कर 40-45 रुपए का हो गया है। KGMU के पास की दुकान 4 दिन से बंद KGMU के पास अमन भोजनालय है। यहां बड़ी संख्या में तीमारदार और मेडिकोज नाश्ता करते हैं। संचालक आशीष मिश्रा कहते हैं- पिछले 25 वर्षों से हम खाने का व्यापार कर रहे हैं, लेकिन ऐसा संकट पहले कभी नहीं देखा। गैस सिलेंडर की किल्लत शुरू होने के बाद एक-दो दिन तक काम चला। अब सिलेंडर खत्म हो गया और हमें दुकान बंद करनी पड़ी। पिछले 4–5 दिनों से दुकान बंद है। हमारी दुकान मेडिकल कॉलेज के पास है, इसलिए बड़ी संख्या में तीमारदार और डॉक्टर यहां खाना खाते थे। दुकान बंद होने से उन्हें भी काफी परेशानी हो रही है। केसर दूध और लस्सी बिकना बंद हुई चौक प्रसिद्ध दुकान राजा ठंडाई के मलिक आशीष ने बताया कि हमारी दुकान 1936 से चल रही है। इसका उद्घाटन पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने किया था। इतने सालों से हम लोग ठंडाई के साथ केसर दूध और लस्सी बेचते हुए चले आ रहे हैं। मगर गैस सिलेंडर की कीमत के बाद हमने केसर दूध और लस्सी बेचना बंद कर दिया है क्योंकि दोनों ही आइटम तैयार करने के लिए दूध को पकाना पड़ता है। फिलहाल हम लोग सिर्फ कच्चे दूध से ठंडाई तैयार कर रहे हैं। बाकी मार्केट में जितनी खाने पीने की दुकानें हैं वह एक हफ्ते से बंद है दुकानदार के साथ काम करने वाले कर्मचारी भी परेशान हैं। 2000 वाला सिलेंडर 5500 में मिल रहा खाने के व्यापारी राजीव कहते हैं- कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की आपूर्ति पर रोक लगने से हमारा काम पूरी तरह प्रभावित हो गया है। छोटे सिलेंडर भी इस्तेमाल नहीं करने दिए जा रहे हैं, ऐसे में हमारे पास दुकान बंद करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा। दुकान बंद होने से सबसे ज्यादा असर हमारे साथ काम करने वाले मजदूरों पर पड़ा है। हमारे यहां 22 लड़के काम करते हैं। हम उन्हें तो किसी तरह खिला रहे हैं, लेकिन उनके परिवारों के सामने परेशानी खड़ी हो गई है। हमें दोहरा नुकसान उठाना पड़ रहा है राजीव ने कहा- हमें दोहरा नुकसान उठाना पड़ रहा है। एक तरफ कर्मचारियों को वेतन देना पड़ रहा है और दूसरी तरफ दुकान बंद होने से व्यापार पूरी तरह ठप है। सरकार से बस यही अपील है कि गैस सिलेंडर की कालाबाजारी पर रोक लगाई जाए। फिलहाल, काम चलाने के लिए लकड़ी और कोयले को विकल्प के तौर पर इस्तेमाल करने की तैयारी कर रहे हैं।
सीधी जिले के अमिलई गांव में NH-39 मुख्य मार्ग पर सड़क धंस गई है। यहां अचानक एक गहरी सुरंग बन गई, जिसके कारण पिछले दो दिनों में तीन बड़े हादसे हुए हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने इसे एक असाधारण रूप से गहरी सुरंग बताया है। 50 से ज्यादा पत्थर भरे गांव निवासी तेज बहादुर सिंह ने इस घटना को विभाग की लापरवाही का परिणाम बताया। उन्होंने जानकारी दी कि उन्होंने सुबह 50 से अधिक बड़े पत्थर इस सुरंग में डाले, लेकिन किसी भी पत्थर का पता नहीं चला। ग्रामीणों का मानना है कि यह सुरंग असामान्य रूप से गहरी है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि उन्होंने कई बार संबंधित अधिकारियों को इस खतरे की सूचना दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि NH-39 से जुड़े अधिकारी जिले में उपलब्ध नहीं रहते, जिससे उनकी शिकायतें उन तक नहीं पहुंच पातीं। PWD नहीं कर सकता है हस्तक्षेप इस मामले में पीडब्ल्यूडी अधिकारी कौशल परते ने बताया कि यह सड़क उनके विभाग द्वारा निर्मित नहीं है, इसलिए वे इसमें हस्तक्षेप नहीं कर सकते। इससे विभागों के बीच जिम्मेदारी को लेकर असमंजस की स्थिति सामने आई है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, गांव के रमेश तिवारी ने स्वयं पहल की। उन्होंने गड्ढे को कपड़ों से ढका और पास में एक लकड़ी का डंडा गाड़कर उस पर चेतावनी झंडा लगाया, ताकि राहगीर सतर्क रहें और दुर्घटनाओं से बचा जा सके। खतरनाक सुरंग को भरवाएंगे सीधी के अपर कलेक्टर बीपी पांडे ने इस पूरे मामले पर कहा कि उन्हें जानकारी मिल गई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि संबंधित अधिकारियों को निर्देश देकर जल्द ही इस खतरनाक सुरंग को भरवाया जाएगा।
भरतपुर के सेवर थाना इलाके में एक स्लीपर कोच बस डिवाइडर से टकरा कर पलट गई। घटना में 7 यात्री गंभीर रूप घायल हो गए। मौके पर पहुंची एम्बुलेंस और पुलिस ने सभी घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया। इसके अलावा कई यात्रियों के मामूली चोटें आई हैं। जिनका मौके पर उपचार कर दिया गया। डिवाइडर से टकराकर पलटी बस सेवर थाना SHO सतीश भारद्वाज ने बताया कि घटना बांसी इलाके में हुई है। एक स्लीपर कोच बस बरेली से आगरा की तरफ जा रही थी। बांसी के पास अचानक बस अनियंत्रित हो गई और डिवाइडर से टकरा कर पलट गई। सूचना पर पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। सभी घायलों को बस उतारा गया और, इलाज के लिए अस्पताल भेजा। करीब 35 यात्री से बस में बस में सवार यात्री पवन ने बताया कि बस जयपुर की तरफ जा रही थी। अचानक ड्राइवर को नींद की झपकी आई और बस अनियंत्रित हो गई। बस में करीब 30 से 35 सवारियां थी। सभी के मामूली चोटें आई हैं। जो लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। उन्हें इलाज के लिए अस्पताल लाया गया है। 7 यात्रियों को अस्पताल पहुंचाया यात्री छोटे लाल ने बताया कि मैं बरेली से जयपुर जा रहा था। घटना के दौरान ज्यादातर यात्री सो रहे थे। जैसे ही बस पलटी तभी मौके पर चीख पुकार मच गई। स्थानीय लोगों ने यात्रियों को बस से बाहर निकाला। जिसके बाद सभी को अस्पताल पहुंचाया गया।
फतेहाबाद में सर्विस रिवॉल्वर से खुद को गोली मारने वाले घायल इंस्पेक्टर शमशेर सिंह के फतेहाबाद की सदर थाना पुलिस आज बयान दर्ज करेगी। इसके लिए पुलिस टीम हिसार जाएगी। इंस्पेक्टर के बयानों के आधार पर आगामी कार्रवाई होगी। सोमवार रात को हिसार के प्राइवेट अस्पताल में इंस्पेक्टर का ऑपरेशन किया गया है। अब हालत खतरे से बाहर बताई गई है। सदर थाना फतेहाबाद के प्रभारी प्रहलाद सिंह ने बताया कि दोपहर को हिसार टीम भेजकर घायल इंस्पेक्टर के बयान लिए जाएंगे। बयान दर्ज होने पर ही घटनाक्रम की प्रमुख वजह सामने आएगी। बता दें कि, सिरसा पुलिस की मिसिंग सेल के प्रभारी इंस्पेक्टर शमशेर सिंह सोमवार को अपनी पर्सनल किआ कार में सवार होकर हिसार से फतेहाबाद की ओर जा रहे थे। इसी दौरान वह धांगड़ गांव के पास खून से लथपथ हाईवे की दूसरी लेन की तरफ बैठे हुए मिले। मौके पर पहुंचे एक युवक ने राहगीरों की मदद से उन्हें उनकी गाड़ी से ही सद्भावना अस्पताल पहुंचाया। जहां से प्राथमिक इलाज के बाद शमशेर सिंह को हिसार रेफर कर दिया गया था। लंबे समय से सिरसा में ही कार्यरत हैं शमशेर सिंह इंस्पेक्टर शमशेर सिंह मूल रूप से टोहाना के धारसूल कलां गांव के रहने वाले हैं। शमशेर सिंह लंबे समय से सिरसा जिले में ही कार्यरत हैं। वह सिरसा में ट्रैफिक SHO भी रहे हैं। इसके अलावा, रोड़ी थाने के भी SHO रहे। दो महीने पहले ही सिरसा SP ने उनको मिसिंग सेल का प्रभारी बनाया था। यह सेल गुम हुए लोगों को ढूंढने का काम करती है। पिता का एक साल पहले निधन हुआ इंस्पेक्टर शमशेर सिंह के पिता का सीताराम नंबरदार का करीब एक साल पहले निधन हो गया था। शमशेर सिंह तीन भाईयों में सबसे छोटा है। वह अपनी पत्नी व दो बेटों के साथ हिसार में रहते हैं। दोनों बेटे हिसार में स्कूली शिक्षा ले रहे हैं जबकि पत्नी हाउसवाइफ है।
पाली में पुलिस कस्टडी से ट्रेलर लेकर भागा ड्राइवर:पीछा कर पकड़ा, कोर्ट ने आरोपी को जेल भेजा
नशे में ट्रेलर चलाने के आरोप में पकड़े गए ड्राइवर ने पुलिस कस्टडी से ही ट्रेलर लेकर फरार हो गया। पुलिस ने पीछा कर सांडेराव के पास उसे पकड़ लिया। इस दौरान ट्रेलर दुर्घटनाग्रस्त हो गया और आरोपी घायल हो गया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। नशे में ट्रेलर चलाते पकड़ा गया था ड्राइवर ट्रांसपोर्ट नगर थाना पुलिस ने 13 मार्च की रात ट्रांसपोर्ट नगर पुलिया के पास कार्रवाई करते हुए नशे में ट्रेलर चला रहे ड्राइवर को पकड़ा था। आरोपी की पहचान अलवर जिले के प्रतापगढ़ थाना क्षेत्र निवासी 32 वर्षीय रोशन पुत्र सीताराम के रूप में हुई। पुलिस ने ट्रेलर जब्त कर थाने के बाहर खड़ा कर दिया था। दूसरी चाबी से ट्रेलर लेकर हुआ फरार कुछ समय बाद आरोपी मौका देखकर ट्रेलर की दूसरी चाबी लेकर आया और चुपके से ट्रेलर स्टार्ट कर फरार हो गया। घटना का पता चलते ही पुलिस के होश उड़ गए और तुरंत उसकी तलाश शुरू की गई। पीछा कर सांडेराव के पास पकड़ा पुलिस टीम ने पीछा करते हुए सांडेराव के पास ट्रेलर को पकड़ लिया। इस दौरान ट्रेलर दुर्घटनाग्रस्त हालत में मिला और आरोपी भी घायल था। कोर्ट में पेश कर भेजा जेल पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उपचार के बाद 15 मार्च को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। मामले में पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है।
हाथरस में शासन ने दो नगर पालिकाओं और सात नगर पंचायतों सहित कुल नौ स्थानीय निकायों में सदस्यों को नामित किया है। नगर पालिका परिषद हाथरस में भाजपा के नगर अध्यक्ष विवेक गुप्ता, पूर्व जिला महामंत्री संजय सक्सेना, डॉ. आरसी गोला, मूलचंद वार्ष्णेय और सुनीता वर्मा को सदस्य के रूप में नामित किया गया है। सिकंदराराऊ नगर पालिका में कमल नयन वार्ष्णेय, देवेंद्र सविता, निर्मल दास, संतोष पौरुष और कुंज बिहारी वर्मा को सदस्य नियुक्त किया गया है। नगर पंचायत सासनी के लिए दीपक शर्मा, विपुल लुहाडिया और अरविंद कुमार चौहान को सदस्य के रूप में नामित किया गया। नगर पंचायत मुरसान में दिलीप मित्तल, अंकित चौधरी और जीतू शर्मा को जिम्मेदारी दी गई। वहीं, नगर पंचायत मेंडू में संजीव वर्मा, महेश चंद्र वर्मा और मुंशीराम चटावले को सदस्य बनाया गया। अन्य नगर पंचायतों में भी सदस्य नियुक्त नगर पंचायत हसायन में शिवम पाठक, सुरेंद्र कुशवाहा और चेतराम माहौर को सदस्य बनाया गया। नगर पंचायत पुरदिलनगर में कृष्णवीर चौहान, कमल माहेश्वरी और रवि कुशवाहा को सदस्य नियुक्त किया गया। नगर पंचायत सहपऊ में गब्बर जाटव, प्रख्यात वार्ष्णेय और नेम सिंह कुशवाहा को जिम्मेदारी दी गई। नगर पंचायत सादाबाद में चरन सिंह सागर, दिनेश त्यागी और चंद्रकांता भदौतिया को सदस्य के रूप में नामित किया गया। कुछ सदस्यों का मनोनयन होने के बाद स्वागत भी किया गया। स्थानीय नेताओं और नागरिकों ने नए सदस्यों को उनकी जिम्मेदारी के लिए बधाई दी।
पश्चिम बंगाल चुनाव: मिदनापुर जिलाधिकारी ने दी जानकारी, 'नामांकन की अंतिम तिथि 9 अप्रैल'
बंगाल विधानसभा चुनाव का बिगुल बज गया है। चुनाव आयोग ने बंगाल में दो चरण में चुनाव कराने की घोषणा कर दी है। मिदनापुर के जिलाधिकारी बिजिन कृष्णा ने आगामी चुनाव को लेकर बड़ी जानकारी दी है।
भोजपुर पुलिस चंद्रशेखर हत्याकांड में 2 नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। जिसकी पहचान कृष्णागढ़ थाना क्षेत्र के सोहरा गांव निवासी सुधन चौधरी और त्रिभुआनी गांव के अंकित पासवान के तौर पर हुई है। दोनों से पूछताछ की जा रही है। मृतक की पहचान सोहरा गांव वार्ड नंबर-6 निवासी प्रभुनाथ प्रसाद के पुत्र चंद्रशेखर कुमार के तौर पर हुई है। शनिवार(14 मार्च 2026) की सुबह अपने घर से कुछ दूरी पर स्थित पलानी में सो रहा था। इस बीच अज्ञात बदमाशों ने गोली मार दी। बुलेट बाएं कनपट्टी में लगी और दाएं ओर से आर-पार हो गई, जिससे मौके पर ही मौत हो गई। सुबह-सुबह हुई इस घटना से गांव में सनसनी फैल गई। घटना की सूचना मिलते ही कृष्णागढ़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। क्रिकेट खेलने के दौरान हुआ था विवाद मृतक के पिता प्रभुनाथ प्रसाद के बयान पर पुलिस ने अंकित पासवान और सुधन चौधरी को नामजद करते हुए अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बीते 12 मार्च को गांव के एक मैदान में बच्चों के दो पक्षों के बीच झगड़ा हुआ था। उस समय चंद्रशेखर कुमार ने बीच-बचाव करने का प्रयास किया था। इसी बात को लेकर उसे जान से मारने की धमकी दी गई थी। बताया जा रहा है कि घटना के दिन भी कुछ ग्रामीणों ने सुधन चौधरी को मुंह ढककर जाते हुए देखा था, जबकि उसके पीछे अंकित पासवान भी जाता हुआ दिखाई दिया था। पुलिस इस आधार पर भी मामले की जांच कर रही है। पुलिस अधीक्षक राज ने बताया कि गिरफ्तार दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। मामले में अन्य संलिप्त लोगों की भी पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। जल्द ही पूरे मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।
झांसी आने वालीं छह ट्रेनें रद्द:स्पेशल ट्रेनें भी की जा रहीं टर्मिनेट, सफर से पहले जांच लें स्थिति
झांसी आने वालीं ट्रेनों का संचालन गोंडा–बुढ़वाल रेलखंड के गोंडा–कचहरी स्टेशनों के बीच तीसरी लाइन के निर्माण कार्य में नॉन इंटरलॉकिंग के काम के चलते प्रभावित रहने वाला है। रेलवे प्रशासन ने कई ट्रेनों को रद्द करने के साथ कुछ ट्रेनों के मार्ग में परिवर्तन और कुछ को देरी से चलाने का निर्णय लिया है। मंडल के जनसपंर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि इस कार्य के चलते कई प्रमुख ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहेगा, जिससे यात्रियों को असुविधा हो सकती है।ये ट्रेनें रहेंगी रद्दट्रेन नम्बर 22199 ग्वालियर–बलरामपुर एक्सप्रेस – 18 मार्च को रद्द।ट्रेन नम्बर 22200 बलरामपुर–ग्वालियर एक्सप्रेस – 19 मार्च को रद्द।ट्रेन नम्बर 12597 गोरखपुर–मुंबई एक्सप्रेस – 17 मार्च को रद्द।ट्रेन नम्बर 12598 मुंबई–गोरखपुर एक्सप्रेस – 18 मार्च को रद्द।ट्रेन नम्बर 15029 पुणे–गोरखपुर एक्सप्रेस – 19 मार्च को रद्द।ट्रेन नम्बर 15030 गोरखपुर–पुणे एक्सप्रेस – 21 मार्च को रद्द। इन ट्रेनों का बदला गया मार्गरेलवे प्रशासन के अनुसार कई ट्रेनें बाराबंकी, अयोध्या और मनकापुर के रास्ते चलाई जाएंगी। इनमें ओखा–गोरखपुर, मुंबई–गोरखपुर, यशवंतपुर–गोरखपुर, एर्नाकुलम–बरौनी, त्रिवेंद्रम–गोरखपुर, पनवेल–गोरखपुर और गोरखपुर–बांद्रा टर्मिनस एक्सप्रेस जैसी ट्रेनें शामिल हैं। ये ट्रेनें देरी से चलेंगी- ट्रेन नम्बर 11123 ग्वालियर–बरौनी एक्सप्रेस 19 मार्च को दो घंटे देरी से चलेगी।- ट्रेन नम्बर 22537 गोरखपुर–लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस 19 मार्च को गोरखपुर से 2.20 घंटे देरी से रवाना होगी। आंशिक रूप से रद्द ट्रेनें- ट्रेन नम्बर 07075 हैदराबाद–गोरखपुर एक्सप्रेस 6 मार्च को गोमतीनगर से गोरखपुर के बीच रद्द रहेगी।- ट्रेन नम्बर 07076 गोरखपुर–हैदराबाद एक्सप्रेस 8 मार्च को गोरखपुर से गोमतीनगर के बीच रद्द रहेगी।- 22199 ग्वालियर–बलरामपुर एक्सप्रेस 11 मार्च को लखनऊ से बलरामपुर के बीच रद्द रहेगी।- 22200 बलरामपुर–ग्वालियर एक्सप्रेस 12 मार्च को बलरामपुर से लखनऊ के बीच रद्द रहेगी।
फतेहपुर में छह वर्षीय बच्चे की नदी में डूबकर मौत:खदेरी नदी के किनारे खेलते समय हुआ हादसा
फतेहपुर जिले के भूरुही गांव में खदेरी नदी में डूबने से छह वर्षीय अंश कुमार की मौत हो गई। यह घटना उस समय हुई जब अंश नदी किनारे खेल रहा था। सूचना मिलने पर पुलिस को मामले की जानकारी दी गई। जानकारी के अनुसार, अंश कुमार अपने घर से लगभग 300 मीटर दूर खदेरी नदी के किनारे खेल रहा था। खेलते-खेलते वह अचानक नदी में गिर गया और डूबने लगा। आसपास मौजूद लोगों ने अंश को डूबते देखा और शोर मचाया। ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और किसी तरह मासूम को नदी से बाहर निकाला। उसे तुरंत खखरेरू सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। अंश की मौत की खबर सुनते ही परिवार में दुख का माहौल छा गया। उसकी मां नीलू देवी और तीन वर्षीय भाई प्रियांशु गहरे सदमे में हैं। बताया गया है कि अंश के पिता सोनू पाल रोजी-रोटी के सिलसिले में बेंगलुरु में रहते हैं। इस घटना की सूचना स्थानीय लेखपाल और पुलिस को दे दी गई है। गांव में इस हादसे के बाद शोक व्याप्त है।
कासगंज भाजपा जिला कार्यसमिति का गठन:27 पदाधिकारियों के नामों की घोषणा, पंकज चौधरी ने दी संस्तुति
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की कासगंज जिला कार्यसमिति का गठन कर दिया गया है। प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की संस्तुति के बाद बृज क्षेत्र के कासगंज जिले के लिए नई जिला कार्यसमिति की घोषणा की गई। इस समिति में कुल 27 पदाधिकारियों को विभिन्न जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। नई कार्यसमिति में आठ जिला उपाध्यक्ष नियुक्त किए गए हैं। इनमें राजवीर सिंह भल्ला, शिव कुमार भारद्वाज, सुरेश माहेश्वरी, के.पी. सिंह, डॉ. योगेन्द्र सिंह चौहान, कृष्णकान्त वशिष्ठ, प्रदीप वर्मा और रामनिवास राजपूत शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, संजय सोलंकी, महेन्द्र सिंह बघेल और आकाशदीप वर्मा को जिला महामंत्री बनाया गया है। सात जिला मंत्रियों की भी नियुक्ति की गई है, जिनमें डॉ. शिवप्रताप सिंह, रूपकिशौर कुशवाह, सुनील गुप्ता, विजय लक्ष्मी कश्यप, प्रीती श्रीवास्तव, सुधा साहू, अनुरोध प्रताप सिंह और रविन्द्र सिंह ब्रम्हचारी शामिल हैं। अन्य महत्वपूर्ण पदों पर शरद गुप्ता को कोषाध्यक्ष और गौरव गुप्ता को सह-कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। मनोज शर्मा को जिला मीडिया प्रभारी तथा संजय पुण्डीर आदर्श को सह-मीडिया प्रभारी बनाया गया है। बृजेश उपाध्याय को जिला सोशल मीडिया संयोजक और शुभम प्रधान को सह-संयोजक की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, हिमांशु उपाध्याय जिला आईटी संयोजक और अजय सह-संयोजक होंगे।
सोनभद्र में यूपी बोर्ड की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन 18 मार्च से शुरू होगा। जिले में दो मूल्यांकन केंद्र बनाए गए हैं, जहां 750 शिक्षकों की ड्यूटी लगेगी। प्रत्येक केंद्र पर 65-65 डिप्टी हेड भी तैनात किए गए हैं। डिप्टी हेड्स का प्रशिक्षण 17 मार्च (मंगलवार) को आयोजित किया जाएगा। जिले में इंटरमीडिएट की कॉपियों की जांच रॉबर्ट्सगंज स्थित राजा शारदा महेश इंटर कॉलेज में की जाएगी, जबकि हाईस्कूल की कॉपियां राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में जाँची जाएंगी। हाईस्कूल के लिए 350 और इंटरमीडियेट के लिए 400 परीक्षक नियुक्त किए गए हैं। इस बार सभी परीक्षकों को बोर्ड द्वारा ऑनलाइन ड्यूटी पत्र जारी किए गए हैं। लगभग ढाई लाख उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन मूल्यांकन के लिए जिले में लगभग ढाई लाख उत्तर पुस्तिकाओं के मंगलवार तक पहुंचने की संभावना है। इसमें हाईस्कूल और इंटरमीडियेट की सवा-सवा लाख कॉपियां शामिल हैं। 17 मार्च को मूल्यांकन केंद्रों पर दो पालियों में प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा। इसमें शिक्षकों को मूल्यांकन से जुड़ी बारीकियों और नए निर्देशों से अवगत कराया जाएगा। सुरक्षा व्यवस्था के बीच पहुंचीं कॉपियां 18 फरवरी से शुरू हुई और 12 मार्च को समाप्त हुई यूपी बोर्ड परीक्षाओं के बाद, सोनभद्र जिले से हाईस्कूल और इंटरमीडियेट की कॉपियों को मूल्यांकन के लिए सोमवार को तीन अलग-अलग वाहनों से कड़ी सुरक्षा के बीच क्षेत्रीय कार्यालयों पर रवाना किया गया। जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) जयराम सिंह ने बताया कि राजा शारदा महेश इंटर कॉलेज में बने मुख्य संकलन केंद्र से हाई स्कूल और इंटरमीडियेट की कॉपियों को तीन क्षेत्रीय कार्यालयों के लिए भेजा गया। मूल्यांकन प्रक्रिया में नए बदलाव उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। शिक्षकों को ऑनलाइन ड्यूटी पत्र आवंटित किया गया है। मूल्यांकन के तुरंत बाद अंकों को पोर्टल पर दर्ज करने की प्रक्रिया अनिवार्य की गई है। इसके लिए अलग से ऑपरेटर नियुक्त किए गए हैं। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पोर्टल पर अंक दर्ज करने से पहले मूल्यांकन में कोई गलती न हो।
उज्जैन में अचल संपत्तियों की नई गाइडलाइन दरों में औसतन 17.18% की वृद्धि का प्रस्ताव है। सोमवार को कलेक्टर रौशन कुमार सिंह की अध्यक्षता में जिला मूल्यांकन समिति की बैठक में इस पर विस्तार से चर्चा हुई। इस बैठक में उत्तर विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा सहित समिति के सदस्य और सभी तहसीलों के राजस्व अधिकारी मौजूद रहे। वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तावित इन दरों के तहत जिले की कुल 4353 लोकेशन में से 3229 स्थानों पर दरें बढ़ाने का प्रस्ताव है। इनमें शहरी क्षेत्र की 1665 और ग्रामीण क्षेत्र की 1564 लोकेशन शामिल हैं। प्रस्तावित वृद्धि के अनुसार शहरी क्षेत्रों में दरों में 12.96% और ग्रामीण क्षेत्रों में 21.38% की बढ़ोतरी होगी। कुल औसत वृद्धि 17.18% रहने का अनुमान है। जिले के 33 स्थानों पर 100% वृद्धि प्रस्तावित उज्जैन शहर के कई प्रमुख क्षेत्रों जैसे तिरूपति ग्राण्ड, महाकाल मार्ग, दशहरा मैदान, वजीर पार्क, महालक्ष्मी नगर और दवा बाजार में दरों में वृद्धि प्रस्तावित है। वहीं ग्रामीण इलाकों में दताना, नरवर, पिपलौदा और जीवनखेड़ी जैसे क्षेत्रों में 50% से 100% तक की बढ़ोतरी देखी जा रही है। जिले के 33 स्थानों पर 100% या उससे अधिक वृद्धि प्रस्तावित की गई है, जिनमें रत्नाखेड़ी, जमालपुर, मंगरोला, प्रकाश नगर और नागदा का जवाहर मार्ग शामिल हैं। 40 नई कॉलोनियों को गाइडलाइन में शामिल किया इस प्रस्ताव में जिले की 40 नई कॉलोनियों को भी गाइडलाइन में शामिल किया गया है, जिनमें से 29 उज्जैन तहसील में हैं। प्रमुख नई कॉलोनियों में शिवांश सिग्नेचर, तिरूपति सिलिकॉन सिटी, मनी विहार गोल्ड और द ग्रीन सिटी शामिल हैं। आपत्तियां और सुझाव आमंत्रित प्रशासन ने आम जनता से नई गाइडलाइन दरों पर आपत्तियां और सुझाव आमंत्रित किए हैं। नागरिक 22 मार्च शाम 6 बजे तक तहसील कार्यालय या वरिष्ठ जिला पंजीयक कार्यालय में अपनी राय दर्ज करा सकते हैं। इसके बाद अंतिम प्रस्ताव केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड को भेजा जाएगा।
भदोही में शब-ए-कद्र पर विशेष नमाज:जामा मस्जिद में देश की अमन-चैन के लिए मांगी दुआएं
भदोही में रमजान के आखिरी अशरे की 27वीं शब-ए-कद्र (सोमवार) की रात तकिया कल्लन शाह मोहल्ला स्थित जामा मस्जिद में विशेष नमाज-ए-सबीना का आयोजन किया गया। इस दौरान हुफ्फाज-ए-कराम ने खड़े होकर कुरआन-ए-हकीम पढ़ा और देश में अमन-चैन के लिए दुआएं मांगी।इस अवसर पर उस्ताद-उल-हुफ्फाज हाफिज हाजी परवेज उर्फ अच्छे मियां ने सभी हुफ्फाज-ए-कराम के सिर पर एमामा शरीफ बांधकर उनका सम्मान किया। इसके बाद हाफिज परवेज उर्फ अच्छे मियां, हाफिज अशफाक रब्बानी, हाफिज अली रजा, हाफिज रईस, हाफिज रिजवान, हाफिज इमरान, हाफिज नुरुल हसन, हाफिज रेहान, हाफिज आबिद हुसैन, हाफिज शमशाद, हाफिज शहजाद अशर्फी, हाफिज अब्दुल माबूद, हाफिज दानिश, हाफिज अब्दुर्रहमान और हाफिज अल्तमस सहित कई हुफ्फाजों ने शब-ए-कद्र की रात मुकम्मल कुरआन-ए-हकीम पढ़ा। रमजान के पवित्र महीने की विदाई के अवसर पर नमाजियों में विशेष भावनाएं देखी गईं। नमाज-ए-सबीना में स्थानीय विधायक जाहिद बेग भी शामिल हुए। आलिमों ने उनके सिर पर पगड़ी बांधकर उनका स्वागत किया। इस मौके पर हाजी अशफाक डिजाइनर, हाजी इफ्तेखार अहमद, हाजी इम्तियाज अंसारी, हाजी इम्तियाज उर्फ रज्जन, आरिफ अंसारी, तौसीफ अंसारी, डॉ. रियाज अहमद दल्लू, अहमद शाह, मो. यहिया, मेराज खां अच्छू, सुफियान राईन, मो. जैद, मसरुर खां, रेहान अहमद और साहिल नवाज सहित कई अन्य प्रमुख लोग उपस्थित रहे।
फरीदाबाद के सूरजकुंड इलाके में मंगलवार तड़के क्राइम ब्रांच और बदमाशों के बीच हुई जबरदस्त मुठभेड़ में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। 11 मार्च को सरूरपुर में हुई ज्वेलरी शॉप लूट मामले में वांछित अपराधी धर्मवीर उर्फ बाबू पुलिस की जवाबी फायरिंग में घायल हो गया, जिसे गिरफ्तार कर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आरोपी पर लूट और हत्या जैसे करीब 11 संगीन मामले दर्ज हैं। क्राइम ब्रांच सेक्टर-30 के इंचार्ज अनिल कुमार ने बताया कि 11 मार्च को सरूरपुर गांव के सैनी चौक स्थित एक ज्वेलरी शॉप पर हुई लूट के मामले में यह आरोपी वांछित चल रहा था। पुलिस अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद उसको रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी। इनकाउंटर की सूचना के बाद पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने घटनास्थल का मुआयना किया। मुठभेड़ को सिलसिलेवार ढ़ंग से जानें साथी से मिलने आया था: क्राइम ब्रांच को सूचना मिली थी कि सरूरपुर ज्वेलरी लूट का आरोपी धर्मवीर उर्फ बाबू दिल्ली से फरीदाबाद में अपने किसी साथी से मिलने आने वाला है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तुगलकाबाद-सूरजकुंड रोड पर नाका लगाकर निगरानी शुरू की। सुबह 5:30 बजे बाइक पर आया: नाकाबंदी के दौरान पुलस ने देखा कि बिना नंबर की स्प्लेंडर बाइक पर एक युवक आ रहा है। पुलिस ने उसको रुकने का इशारा किया। इसके बाद युवक ने बाइक दौड़ा दी। बाद में बाइक को छोड़कर जंगल की ओर भागने लगा। पुलिस ने डाला घेरा: धर्मवीर उर्फ बाबू को भागते देख पुलिस ने पीछा कर उसको घेर लिया। पुलिस ने उसको चेतावनी दी तो आरोप है कि उसने फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस का दावा है कि आत्मरक्षा में पुलिस ने गोली चलाई जो आरोपी के सीधे पैर में लगी। पुलिस ने घायलावस्था में दबोचा: इसके बाद पुलिस ने आरोपी धर्मवीर उर्फ बाबू को काबू कर लिया। मौके से वारदात में इस्तेमाल पिस्तौल बरामद की गई। बाद में बदमाश की बाइक को भी पुलिस ने कब्जे में ले लिया। यूपी-हरियाणा में दर्ज हैं केस क्राइम ब्रांच सेक्टर-30 के इंचार्ज अनिल कुमार के अनुसार, पकड़ा गया बदमाश धर्मवीर उर्फ बाबू एक शातिर अपराधी है, जिस पर उत्तर प्रदेश और हरियाणा में लूट, हत्या, फिरौती और हत्या के प्रयास के 11 मुकदमे दर्ज हैं। वह 11 मार्च को सरूरपुर गांव के सैनी चौक पर हुई ज्वेलरी शोरूम लूट की वारदात के बाद से फरार चल रहा था। इस मामले में उसके दो साथी, जावेद और साकिब, पहले ही पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं। बड़े शोरूम को लूटने की फिराक में था प्रारंभिक पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ है कि धर्मवीर फरीदाबाद में किसी बड़े शोरूम को निशाना बनाने की फिराक में था। फिलहाल आरोपी का सिविल अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस इस गैंग के एक अन्य फरार सदस्य रेहान उर्फ रॉबिन की तलाश में जुटी है। अधिकारियों का मानना है कि धर्मवीर के ठीक होने के बाद पूछताछ में कई और वारदातों का खुलासा हो सकता है।
प्रयागराज की करछना विधानसभा सीट से विधायक पीयूष रंजन निषाद का कहना है कि राजनीति में उनका सबसे बड़ा लक्ष्य गरीब और वंचित बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाना रहा है। उन्होंने दावा किया कि विधायक निधि का बड़ा हिस्सा सरकारी स्कूलों के विकास में लगाया गया और 248 प्राथमिक विद्यालयों को स्मार्ट क्लास में बदला गया। दैनिक भास्कर से बातचीत में विधायक ने अपने चार साल के कार्यकाल, अधूरे प्रोजेक्ट और 2027 के चुनाव को लेकर विस्तार से चर्चा की। पढ़िए सवाल-जवाब… सवाल: पिछले 4 साल के अपने कामकाज को आप 10 में से कितने नंबर देंगे?जवाब: यह सवाल जनता से पूछा जाना चाहिए। मैं खुद को अंक कैसे दे सकता हूं? हमारी सरकार नरेंद्र मोदी और योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में काम कर रही है। मैंने कोशिश की कि उनकी हर योजना गरीबों के दरवाजे तक पहुंचे। मैं कितना अंक पाने के योग्य हूं, यह जनता तय करेगी। अभी मेरे कार्यकाल के 48 महीने पूरे होने वाले हैं। जिन्होंने यहां 48 साल राज किया और हमने 48 महीने में जो काम किए, उसका फैसला भी जनता ही करेगी। सवाल: सबसे बड़ा काम आपने कौन सा कराया?जवाब: अगर सबसे बड़े विकास कार्य की बात करूं तो मैंने गरीब बच्चों की शिक्षा के लिए काम किया है। गरीब बच्चे की कोई जाति या धर्म नहीं होता, वह सिर्फ प्रतिभाशाली बच्चा होता है जिसे अवसर की जरूरत होती है। मैं खुद संघर्ष से निकला हूं और शिक्षा को बहुत कठिन परिस्थितियों में प्राप्त किया है। इसलिए मेरा प्रयास रहा कि मेरी विधानसभा के 248 प्राथमिक विद्यालयों को बेहतर बनाया जाए। मुझे जितनी निधि मिली, उसे मैंने स्कूलों के विकास में लगाया। लगभग 14 करोड़ 65 लाख रुपए खर्च कर इन विद्यालयों को स्मार्ट क्लास में बदला गया। इसके अलावा भी कई बड़े काम हुए हैं। नितिन गडकरी के सहयोग से लगभग 1500 करोड़ रुपये का एलिवेटेड फ्लाईओवर स्वीकृत कराया गया है, जो नैनी से सरस्वती हाईटेक तक बनेगा। 400 हाईमास्ट लाइटें लगवाई गईं, 35 स्मार्ट बस स्टैंड बनाए गए और करछना क्षेत्र में 5 इलेक्ट्रिक बसें भी चल रही हैं। सड़क निर्माण पर साढ़े 300 करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च हुआ है। वीरपुर-भगलपुर सड़क के लिए 22 करोड़ रुपये और कई संपर्क मार्गों के लिए 36 करोड़ रुपए स्वीकृत कराए गए हैं। सवाल: ऐसा कौन सा काम है जिसे आप नहीं करा पाए?जवाब: एक काम ऐसा है जो अभी तक पूरा नहीं हो पाया और वह मेरे मन में हमेशा रहता है। मेरा प्रयास है कि पुराने पुल से निकलकर डीपीएस तक जाने वाली सड़क को पनासा पुल तक जोड़ा जाए। इससे बाढ़ के समय गरीबों की फसल और घरों को होने वाले नुकसान से राहत मिलेगी और शहर के जाम की समस्या भी कम होगी। यह मार्ग एक पर्यटन स्थल से भी जुड़ता है, जहां सीता माता की रसोई और सुजावन देवता का मंदिर स्थित है। इसका सर्वे हो चुका है और डीपीआर तैयार की जा रही है। इस संबंध में स्वतंत्र देव सिंह के निर्देश पर प्रक्रिया चल रही है। इसके अलावा चित्रकूट से प्रयागराज होते हुए विंध्याचल और काशी तक प्रस्तावित ग्रीनफील्ड कॉरिडोर से भी हमारी विधानसभा को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। सवाल: इस बार क्या फिर आप टिकट के दावेदार हैं?जवाब: मैं वर्तमान विधायक हूं और पार्टी का कार्यकर्ता हूं, इसलिए दावेदारी का सवाल अलग से नहीं उठता। सवाल: क्या इस बार भी आपको टिकट मिलेगा?जवाब: टिकट देने का निर्णय पार्टी का शीर्ष नेतृत्व करता है। उन्होंने पहले भी दो बार मुझे मौका दिया है। अगर आगे भी आशीर्वाद मिला तो मैं फिर जनता की सेवा करूंगा। मैं भारतीय जनता पार्टी का कार्यकर्ता हूं और चुनाव लड़ूंगा तो कमल के फूल के चुनाव चिन्ह पर ही लड़ूंगा।
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में रविवार रात हथियारों से लैस प्रोफेशनल चोर गिरोह ने नकाब और ग्लव्स पहनकर सूने मकान को निशाना बनाया। चोरों ने सोने-चांदी के गहनों पर हाथ साफ किया। चोरी की वारदात CCTV कैमरे में कैद हुई, जिसमें गिरोह के सदस्य पहचान छिपाते हुए बेहद शातिर तरीके से चोरी करते नजर आए। करीब 4 लाख रुपए के जेवर चोरी होने की जानकारी सामने आई है। वहीं, लगातार बढ़ रही चोरी की वारदाताओं के बाद SSP रजनेश सिंह ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। पुलिस अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए कि फुटेज के आधार पर आरोपियों की जल्द पहचान कर गिरफ्तारी की जाए। मामला सरकंडा थाना क्षेत्र का है। वारदात से जुड़ी ये तस्वीरें देखिए- पढ़िए पूरी घटनाक्रम… मोपका क्षेत्र के चिल्हाटी मोड़ स्थित विवेकानंद रेसिडेंसी निवासी घनश्याम कुमार ने बताया कि उनके बड़े भाई इंजीनियर नितेश रंजन उसी कॉलोनी में रहते हैं। पिछले 8 दिनों से नितेश रंजन अपने मकान में ताला लगाकर बिहार के औरंगाबाद गए हुए हैं। 15 मार्च को कॉलोनी के लोगों ने उन्हें सूचना दी कि नितेश रंजन के घर में चोरी हो गई है। सूचना मिलने पर वे उनके घर पहुंचे, जहां देखा कि दरवाजा काटकर सेंट्रल लॉक तोड़ा गया है और चोरी की वारदात को अंजाम दिया गया है। इसके बाद उन्होंने मोबाइल फोन के जरिए घटना की जानकारी दी। सोने-चांदी के गहने ले गए चोर नितेश रंजन ने अपने मोबाइल पर घर में लगे सीसीटीवी फुटेज देखकर लगभग 4 लाख रुपए के जेवर चोरी होने की जानकारी दी है। उनके वापस लौटने के बाद ही चोरी गए सामान का सही आंकलन हो सकेगा। उन्होंने इस घटना की सूचना मोपका पुलिस सहायता केंद्र को दी। सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मकान का मुआयना किया और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर चोरों की तलाश शुरू कर दी है। सरकंडा-मोपका इलाके में लगातार वारदात सरकंडा थाना क्षेत्र और मोपका इलाके में बदमाश रात में सूने मकानों को निशाना बना रहे हैं। आधा दर्जन से अधिक घरों में चोरी हो चुकी है, जबकि एक जगह प्रयास नाकाम रहा। जेवर, नकदी, बाइक समेत कई सामान चोरी किए गए हैं। चोरी के बाद दरवाजे को फिर से लॉक कर रहे बदमाश CCTV फुटेज में चोर बेहद प्रोफेशनल अंदाज में नजर आए। हाथों में ग्लव्स और चेहरों पर नकाब-मास्क लगाए बदमाश कुछ ही मिनटों में ताला तोड़कर अंदर घुसे। वारदात के बाद दरवाजा फिर से लॉक कर दिया गया, ताकि तुरंत किसी को शक न हो। हाईकोर्ट आवासीय परिसर की वारदात से जुड़ाव की आशंका पुलिस को संदेह है कि यही गिरोह कुछ महीने पहले चकरभाठा स्थित हाईकोर्ट आवासीय परिसर में हुई चोरी की वारदातओं में भी शामिल रहा है। सिविल लाइन क्षेत्र में भी इसी तरह की वारदात सामने आ चुकी है। जानकारी के अनुसार गिरोह ने एक दिन पहले राजनांदगांव जिले में भी वारदात की थी। महिला के घर से जेवर और नकदी चोरी चिल्हाटी स्थित विवेकानंद रेसिडेंसी निवासी विंदा धुरी ने बताया कि 3 मार्च को परिवार गांव गया था। 15 मार्च को घर लौटने पर मुख्य दरवाजे का कुंदा टूटा मिला। अलमारी से चांदी के पायल, अंगूठी, बिछिया और करीब 5 हजार रुपए नकद गायब थे। लोगों को देखकर चोर भागा मोपका के विवेकानंद नगर फेस-2 में भी चोरी का प्रयास सामने आया है। यहां रहने वाले ओमप्रकाश धिलहरे ने बताया कि उनके साढ़ू भाई पुन्नीलाल टंडन का घर लंबे समय से बंद था। 14 मार्च की रात पड़ोसी चंदू साहू ने फोन कर घर के अंदर से तोड़फोड़ की आवाज आने की जानकारी दी। सूचना मिलने पर जब वे मौके पर पहुंचे, तो एक युवक बोरी में सामान लेकर घर से भागता हुआ दिखाई दिया। अंधेरे का फायदा उठाकर वह फरार हो गया। घर की जांच करने पर बाथरूम और किचन में लगे करीब 10 नलों की टोटियां चोरी होना पाया गया। इलाके में बाइक चोरी की घटनाएं भी बढ़ीं मोपका और सरकंडा इलाके में बाइक चोरी की घटनाएं भी तेजी से बढ़ी हैं। अरपा विहार कॉलोनी से शिक्षक आशीष बंधे की होंडा शाइन बाइक चोरी हुई। तुलसी पैलेस के पीछे से विकास जोशी की सुपर स्प्लेंडर बाइक गायब हुई। बहतराई में शादी समारोह के दौरान मोहन कुमार वर्मा की पल्सर भी चोरी हो गई। सूने घर में घुसकर अलमारी तोड़ी, जेवर ले गए बहतराई स्थित दीनदयाल आवास कॉलोनी में उमेश कुमार पटेल के घर का ताला तोड़कर बदमाश अंदर घुसे। अलमारी तोड़कर करीब 23.6 ग्राम का मंगलसूत्र, 15 हजार रुपए नकद और अन्य जेवर चोरी कर लिए गए। आसपास के दो अन्य मकानों के ताले भी टूटे मिले। पुलिस ने बढ़ाई गश्त, संदेहियों से पूछताछ जारी सरकंडा-मोपका क्षेत्र में लगातार हो रही चोरी की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी रजनेश सिंह खुद मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर जल्द से जल्द उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए। इस दौरान सरकंडा थाना प्रभारी टीआई प्रदीप आर्या, एससीसीयू प्रभारी तोपसिंह नवरंग सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संदिग्धों की पहचान में जुटी हुई है। इलाके में गश्त बढ़ा दी गई है और कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ भी की जा रही है।
सतपुड़ा टाइगर रिजर्व (एसटीआर) के मढ़ई स्थित फोरसिथ लॉज रिसॉर्ट में वन्यजीवों के अवशेष डिस्प्ले में रखने के मामले में गिरफ्तार मैनेजर और नेचुरलिस्ट की जमानत याचिका सोहागपुर कोर्ट ने खारिज कर दी है, जिसके बाद उन्हें 25 मार्च तक पिपरिया उप जेल भेज दिया गया है। आरोपियों की जमानत के लिए सोहागपुर कोर्ट में याचिका लगाई गई थी, जिसे कोर्ट ने नामंजूर करते हुए खारिज कर दिया है। सोहागपुर कोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद अब आरोपियों की जमानत के लिए सेशन कोर्ट में याचिका लगाई जाएगी। चीतल के सींग और कोबरा की कांचली मिली थी एसटीआर ने रविवार को फोरसिथ लॉज रिसॉर्ट के मैनेजर निपुण मेहतो और नेचुरलिस्ट फैज अंसारी को गिरफ्तार किया था। इन दोनों पर चीतल के सींग, सेही के कांटे और कोबरा सांप की कांचली को डिस्प्ले में रखकर अवैध प्रदर्शनी लगाने का आरोप है। वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को सोहागपुर में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी की अदालत में पेश किया गया था। कोर्ट ने मैनेजर निपुण और नेचुरलिस्ट फैज को 25 मार्च तक न्यायिक हिरासत में पिपरिया उप जेल भेज दिया है। इन दोनों आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत मामला दर्ज किया गया है। एसडीएम के निरीक्षण में हुआ था खुलासा 7 मार्च 2026 को एसडीएम प्रियंका भलावी के निरीक्षण के दौरान फोरसिथ लॉज के डिस्प्ले में वन्यजीवों के अवशेष प्रदर्शित पाए गए थे। सूचना मिलने पर एसटीआर के अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच की, जिसके बाद अवशेष बरामद किए गए। बिना अनुमति के रखे गए थे अवशेष बागड़ा बफर जोन के रेंजर विलास डोंगरे ने बताया कि वन्यजीवों के अवशेषों को एसटीआर को सूचना दिए बगैर ही डिस्प्ले में रखा गया था। उन्होंने बताया कि डिस्प्ले में अवशेष रखने के लिए रिजॉर्ट प्रबंधन को अनुमति लेनी चाहिए थी।
बैतूल के गंज थाना क्षेत्र में एक नाबालिग बालिका को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। जहर सेवन से हुई थी नाबालिग बालिका की मौत पुलिस के अनुसार 20 फरवरी 2026 को एक फरियादी ने गंज थाने में सूचना दी थी कि उनकी नाबालिग बेटी ने जहर का सेवन कर लिया है। जहर खाने के कारण उसकी हालत गंभीर हो गई और बाद में उसकी मृत्यु हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी। पुलिस ने मर्ग कायम कर शुरू की जांच घटना की जानकारी मिलते ही गंज थाना पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने परिजनों के बयान लिए और आसपास के लोगों से भी पूछताछ की। जांच के दौरान पुलिस ने यह जानने की कोशिश की कि बालिका ने जहर क्यों खाया और उसके पीछे क्या कारण रहे होंगे। जांच में सामने आई मानसिक प्रताड़ना जांच के दौरान परिजनों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर यह बात सामने आई कि सिवनपाठ निवासी प्रवीण पिता शिवलाल बराहे बालिका को लगातार प्रताड़ित कर रहा था। बताया गया कि आरोपी कई बार सीधे तौर पर उसे परेशान करता था और उसके साथ अभद्र व्यवहार करता था। व्हाट्सएप संदेशों से करता था गाली-गलौच पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी प्रवीण बराहे बालिका को व्हाट्सएप संदेशों के माध्यम से भी गाली-गलौच करता था। लगातार मिल रहे इन संदेशों और व्यवहार से बालिका मानसिक रूप से काफी परेशान हो गई थी। पुलिस के अनुसार आरोपी की लगातार प्रताड़ना और गाली-गलौच से बालिका मानसिक रूप से बेहद तनाव में रहने लगी थी। इसी मानसिक दबाव और परेशानी से तंग आकर उसने जहर खाकर आत्महत्या कर ली। बीएनएस की धारा 107 में दर्ज हुआ मामला पूरे मामले की जांच के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 107 के तहत अपराध दर्ज कर लिया। इसके बाद आरोपी की तलाश शुरू की गई और उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई। पुलिस टीम ने आरोपी को किया गिरफ्तार पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन के निर्देश पर इस मामले में कार्रवाई की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमला जोशी और एसडीओपी सुनील लाटा के मार्गदर्शन में गंज थाना प्रभारी निरीक्षक नीरज पाल के नेतृत्व में पुलिस टीम ने आरोपी प्रवीण बराहे को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई है। पुलिसकर्मियों की रही महत्वपूर्ण भूमिका इस गिरफ्तारी अभियान में पुलिस टीम के कई सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इनमें उपनिरीक्षक राज पहाड़े, प्रधान आरक्षक हितुलाल, प्रधान आरक्षक मंतराम, प्रधान आरक्षक संदीप, आरक्षक गजेंद्र, आरक्षक सुरजीत और आरक्षक नरेंद्र शामिल रहे। सोशल मीडिया प्रताड़ना पर तुरंत शिकायत करें पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन ने इस मामले के बाद नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी को सोशल मीडिया, मोबाइल संदेश या किसी अन्य माध्यम से प्रताड़ना या धमकी मिलती है तो उसकी जानकारी तुरंत पुलिस को दें।उन्होंने कहा कि समय पर शिकायत मिलने से ऐसे मामलों में जल्द कार्रवाई की जा सकती है और गंभीर घटनाओं को रोका जा सकता है। अभिभावकों को बच्चों पर ध्यान रखने की सलाह पुलिस अधीक्षक ने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे अपने बच्चों की ऑनलाइन और ऑफलाइन गतिविधियों पर ध्यान रखें। उन्होंने कहा कि बच्चों की समस्याओं और मानसिक स्थिति को समझना जरूरी है, ताकि किसी भी प्रकार की परेशानी या दबाव की स्थिति में समय रहते मदद की जा सके।
खरगोन के कालिंदी कुंज स्थित लता मंगेशकर की प्रतिमा के समक्ष सोमवार रात सुरमई म्यूजिकल ग्रुप द्वारा 'मेरी आवाज ही मेरी पहचान है' कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें बाल कलाकारों ने सीनियर गायकों के साथ मिलकर रात 12:30 बजे तक गीतों की शानदार प्रस्तुति दी। इस संगीतमय कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य गीत-संगीत के क्षेत्र में बाल कलाकारों को मंच प्रदान कर उन्हें आगे बढ़ाना था। कार्यक्रम में बाल कलाकारों ने सीनियर गायकों के साथ मिलकर स्वर कोकिला लता मंगेशकर के बेहतरीन युगल गीतों की प्रस्तुति दी। इन कलाकारों ने दी प्रस्तुति कार्यक्रम में बेबी आराध्या, पूरन जायसवाल, विवेक मिश्रा, मुकेश बनकर और तेजिंदर सिंह सैनी ने अपनी गायकी से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। इनके अलावा बिट्टू भाटिया और प्रवीण चौधरी ने भी मंच पर शानदार प्रस्तुति दी। देर रात 12:30 बजे तक चले इस आयोजन में श्याम गुप्ता सहित बड़ी संख्या में संगीतप्रेमी मौजूद रहे, जिन्होंने कलाकारों का उत्साह बढ़ाया। अतिथियों ने किया कलाकारों का उत्साहवर्धन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि परविंदर सिंह चावला और लोकेंद्र रावत थे, जबकि अनिता शुक्ला विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। इन सभी अतिथियों का स्वागत रेखा कंसारे, तेजिंदर सैनी और श्याम महाजन ने किया। अतिथियों ने उभरते कलाकारों को प्रोत्साहित करने के लिए ऐसे आयोजनों को लगातार जारी रखने की बात कही। कार्यक्रम के अंत में रेखा कंसारे ने सभी उपस्थित लोगों और कलाकारों का आभार व्यक्त किया।
उत्तर प्रदेश शासन ने गोंडा जिले के स्थानीय निकाय प्रशासन को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राज्यपाल की अनुमति के बाद, नगर विकास अनुभाग ने गोंडा जिले की 3 नगर पालिका परिषदों और 7 नगर पंचायतों के लिए कुल 36 मनोनीत सदस्यों की आधिकारिक सूची जारी कर दी है। इन नियुक्तियों से स्थानीय निकायों में विकास कार्यों को गति मिलने और जन-प्रतिनिधित्व का दायरा बढ़ने की उम्मीद है।गोंडा की तीन नगर पालिका परिषदों में कुल 15 सदस्यों को नामित किया गया है। कर्नलगंज नगर पालिका परिषद में भूपेन्द्र सिंह सलूजा, ओम प्रकाश गौतम, मधु वर्मा, मुकेश चन्द्र खेतान और शिवशंकर भट्ट को सदस्य नियुक्त किया गया है। नवाबगंज नगर पालिका परिषद में चंदन कुमार श्रीवास्तव, कन्हैया लाल कौशल, कृष्ण गोपाल, आशीष कुमार तिवारी और वीरेंद्र कुमार गुप्ता को जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, गोंडा नगर पालिका परिषद में मनीष द्विवेदी, संदीप कुमार पाण्डेय, अनामिका चौधरी, रामगोपाल साहू और उमेश सिंह को मनोनीत किया गया है। गोंडा की सात नगर पंचायतों में भी 31 मनोनीत सभासदों की नियुक्तियां की गई हैं। इनमें धानेपुर, खरगूपुर, बेलसर, कटरा, मनकापुर, परसपुर और तरबगंज जैसी नगर पंचायतें शामिल हैं, जहाँ प्रत्येक में तीन-तीन सदस्यों को नामित किया गया है। धानेपुर से धूपा देवी, वेद प्रकाश गुप्ता, हरीश कुमार; खरगूपुर से कृष्णानंदन गुप्ता, विनोद कुमार सोनी, निर्मला कुमारी; और बेलसर से महेश, अमित कुमार सिंह, बृजेंद्र प्रताप सिंह को मनोनीत सभासद बनाया गया है। कटरा से धर्मेंद्र चौहान, राजेश कुमार, राम मनोहर; मनकापुर से पवन गुप्ता, पंकज श्रीवास्तव, राजकुमार पटवा; परसपुर से राजेश कुमार गुप्ता, प्रदीप कुमार सिंह, सुभाष पांडे; और तरबगंज नगर पंचायत से विजय कुमार, अनुपम गुप्ता और जगदंबा प्रसाद पांडेय को मनोनीत सभासद बनाया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन अनुभवी और सामाजिक रूप से सक्रिय सदस्यों के आने से बोर्ड बैठकों में जनहित के मुद्दों को अधिक प्रभावी ढंग से उठाया जा सकेगा। इन नियुक्तियों के बाद, सभी मनोनीत सदस्य जल्द ही पद और गोपनीयता की शपथ लेंगे और अपने-अपने क्षेत्रों में विकास कार्यों की निगरानी तथा क्रियान्वयन में सहयोग करेंगे।
भोजपुर पुलिस ने अंतरजिला बाइक चोर गिरोह के मुख्य सरगना समेत पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है। साथ ही अलग-अलग जगहों से चोरी की गई 11 बाइक बरामद की गई है। इस मामले में नौ लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है, जबकि गिरोह से जुड़े चार अन्य सदस्य की तलाश जारी है। गिरफ्तार आरोपियों में टाउन थाना क्षेत्र के अमीर टोला निवासी राहुल कुमार तिवारी, बड़हरा के बिंदगांव के रहने वाले हरिओम सिंह, बबुरा के फुहां गांव के राज निक्की उर्फ निक्की सिंह, कोइलवर के बड़का चंदा निवासी विशाल कुमार और चांदी थाना क्षेत्र के चांदी निवासी शैलेश कुमार शामिल है। इनमें राहुल कुमार तिवारी और हरिओम सिंह को गिरोह का मुख्य मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। क्रिमिनल रिकॉर्ड को खंगाल रही पुलिस आरा सदर एसडीपीओ-वन राज कुमार साह ने बताया कि बरामद की गई 11 टू-व्हीलर में सात शहर के टाउन थाना क्षेत्र से, एक नवादा और एक जहानाबाद जिले से चोरी की गई थी। दो अन्य बाइकों का सत्यापन किया जा रहा है। गिरफ्तार बदमाशों के क्रिमिनल रिकॉर्ड को खंगाला जा रहा है। शहरी क्षेत्र में लगातार बढ़ रही बाइक चोरी की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष जांच टीम का गठन किया गया था। इसके तहत 14 से 15 मार्च के बीच विशेष अभियान चलाया गया। टीम ने सबसे पहले सीसीटीवी फुटेज के आधार पर टाउन थाना क्षेत्र के अमीर टोला, धरहरा निवासी राहुल कुमार तिवारी को गिरफ्तार किया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने हरिओम सिंह, राज निक्की उर्फ निक्की सिंह, विशाल कुमार और शैलेश कुमार को भी गिरफ्तार कर लिया। सभी की निशानदेही पर चोरी की गई बाइक बरामद की गई। फरार बदमाशों की तलाश जारी इंस्पेक्टर देवराज राय ने बताया कि गिरोह में चोरी से लेकर बिक्री तक का पूरा नेटवर्क बना हुआ था। महंगी बाइकों को चोरी कर बेहद कम कीमत में ग्रामीण क्षेत्रों में बेच दिया जाता था। खरीदार इन बाइकों का उपयोग अवैध शराब और बालू के कारोबार में करते थे। फिलहाल पुलिस गिरोह के फरार अन्य सदस्यों की तलाश में छापेमारी कर रही है।
कुशीनगर में जिला सेवायोजन कार्यालय मंगलवार को बुद्ध पीजी कॉलेज, कसया परिसर में एक दिवसीय वृहद रोजगार मेले का आयोजन करेगा। इस मेले में निजी क्षेत्र की 30 से 35 कंपनियां लगभग 1000 पदों पर भर्ती करेंगी। जिला सेवायोजन अधिकारी संजय कुमार ने बताया कि यह मेला उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन के तहत आयोजित किया जा रहा है और इन पदों पर चयन लिखित परीक्षा और साक्षात्कार के माध्यम से होगा। रोजगार मेले में हाईस्कूल, इंटरमीडियेट, स्नातक, परास्नातक, आईटीआई और डिप्लोमा उत्तीर्ण 18 से 35 वर्ष आयु के अभ्यर्थी भाग ले सकते हैं। मेले में होंडा, एमआरएफ टायर्स, यामाहा, एलएंडटी कंस्ट्रक्शन, डिक्सन, एलआईसी, एसबीआई लाइफ, टाटा मोटर्स और क्वेस कॉर्प जैसी प्रतिष्ठित कंपनियां शामिल होने की संभावना है। इन कंपनियों द्वारा फील्ड ऑफिसर, सिक्योरिटी गार्ड, सुपरवाइजर, बीमा अभिकर्ता, लाइफ मित्र, इंजीनियर, अप्रेंटिस ट्रेनी, प्रोडक्शन ऑपरेटर, फील्ड सेल्स, होम हेल्थ केयर, एचआर, स्टोर मैनेजर और मीटर रीडर जैसे विभिन्न पदों पर चयन किया जाएगा। कैसे करें आवेदन इच्छुक अभ्यर्थियों को सेवायोजन विभाग के पोर्टल rojgaarsangam.up.gov.in पर लॉगिन कर संबंधित कंपनियों में ऑनलाइन आवेदन करना होगा। अभ्यर्थियों को अपने सभी शैक्षिक प्रमाण-पत्र, फोटो, आधार कार्ड और बायोडाटा के साथ सुबह 10 बजे तक आयोजन स्थल पर पहुंचना अनिवार्य है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मेले में भाग लेने की प्रक्रिया पूरी तरह निशुल्क है। किसी भी अभ्यर्थी को यात्रा भत्ता नहीं दिया जाएगा।
शिवपुरी जिले में आयोजित स्वास्थ्य शिविर में पहली बार आधुनिक रोबोटिक तकनीक का उपयोग कर एक हर्निया मरीज का सफल ऑपरेशन किया गया है, जिसे देश के किसी भी स्वास्थ्य शिविर में होने वाली पहली अत्याधुनिक रोबोटिक सर्जरी माना जा रहा है। शिविर में उपचार के लिए आए हर्निया मरीज का यह सफल ऑपरेशन प्रसिद्ध सर्जन डॉ. मेहक भंडारी और उनकी विशेषज्ञ टीम द्वारा किया गया। डॉक्टरों के अनुसार, यह मिनिमली इनवेसिव (कम चीरे वाली) सर्जरी तकनीक है, जिसे एक सटीक और सुरक्षित प्रक्रिया माना जाता है। इस अत्याधुनिक तकनीक के उपयोग से मरीज को कम दर्द का अहसास होता है और उसे तेजी से ठीक होने में मदद मिलती है। सिंधिया ने किया सर्जरी का अवलोकन केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री और सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस स्वास्थ्य शिविर का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने इस अत्याधुनिक रोबोटिक सर्जरी की पूरी प्रक्रिया का करीब से अवलोकन किया और डॉक्टरों की टीम के प्रयासों की सराहना की। विश्वस्तरीय सुविधाएं अब दूरस्थ क्षेत्रों में भी सिंधिया ने कहा, “स्वास्थ्य सेवाओं में आधुनिक तकनीक का उपयोग समय की आवश्यकता है, और ऐसे शिविरों के माध्यम से इसे आम जनता तक पहुंचाना एक प्रशंसनीय कदम है।” उन्होंने आगे कहा, विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं अब दूरस्थ क्षेत्रों में भी उपलब्ध हो रही हैं, जिससे गरीब और जरूरतमंद मरीजों को बेहतर इलाज मिल सकेगा।
मुजफ्फरनगर में राजनीतिक तापमान फिर बढ़ गया है। सपा विधायक पंकज मलिक द्वारा कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार पर की गई टिप्पणी के बाद मंत्री ने सोमवार को पुरकाजी में आयोजित कार्यक्रम में जोरदार पलटवार किया। अनिल कुमार ने कहा कि विधायक ने उनके लिए “गुंडा” शब्द का इस्तेमाल किया है, लेकिन क्या कोई भी व्यक्ति उन्हें गुंडा मान सकता है? उन्होंने अपने और परिवार के ऊपर कोई बड़ा आपराधिक मामला दर्ज नहीं होने का भी जिक्र किया। मंत्री ने परिवार का बचाव किया अनिल कुमार ने कहा कि उनके पूरे परिवार पर आज तक कोई गंभीर अपराध दर्ज नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि परिवार पर धारा 323, 324 या 151 जैसे मामूली मामलों तक की कोई एफआईआर गंभीरता से दर्ज नहीं हुई। मंत्री ने आरोप लगाया कि दलित समाज का एक व्यक्ति कैबिनेट मंत्री बन गया है, यह कुछ लोगों को बर्दाश्त नहीं हो रहा। उनका कहना था कि यह केवल राजनीतिक बयानबाजी है और जनता सब कुछ देख और समझ रही है। सपा और पुरकाजी का चुनावी इतिहास भी किया उजागर सभा में अनिल कुमार ने समाजवादी पार्टी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पुरकाजी विधानसभा सीट का इतिहास देखें तो सपा कभी दूसरे स्थान पर भी नहीं पहुंची। यहां या तो बसपा जीतती रही है या भाजपा। मुस्लिम वोट नहीं, सभी वर्गों का सहयोग बताया मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि कुछ लोग प्रचार कर रहे हैं कि वे मुस्लिम वोटों की वजह से मंत्री बने हैं। लेकिन उन्होंने कहा कि वे सभी वर्गों के सम्मान और सहयोग से यहां तक पहुंचे हैं और यही उनकी सफलता का आधार है।
लुधियाना में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत क्राइम ब्रांच और थाना हैबोवाल पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने सिविल सिटी इलाके के पास स्थित एक मेडिकल स्टोर पर छापेमारी कर भारी मात्रा में प्रतिबंधित नशीली दवाएं बरामद की हैं। पुलिस ने मौके से आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। गुप्त सूचना पर हुई कार्रवाई इंस्पेक्टर नवदीप सिंह संधू ने बताया कि 16 मार्च को पुलिस पार्टी गश्त के दौरान सिविल सिटी चंद्र नगर और हरगोविंद नगर इलाके में मौजूद मेडिकल स्टोर्स की चेकिंग कर रही थी। इसी बीच पुलिस को खास सूचना मिली कि लाइफ मेडिकेयर नामक मेडिकल स्टोर पर सरेआम नशीली गोलियां बेची जा रही हैं।सूचना के आधार पर पुलिस ने तुरंत एक्शन लेते हुए चंद्र नगर स्थित उक्त मेडिकल स्टोर पर रेड की। छापेमारी के दौरान वहां मौजूद राजीव कुमार को काबू किया गया। 2376 नशीले कैप्सूल और गोलियां बरामद पुलिस की तलाशी के दौरान मेडिकल स्टोर से अलग-अलग ब्रांड की प्रतिबंधित दवाएं बरामद हुईं जिसमे स्पास्मोर कैप्सूल 57 पत्ते (कुल 456 कैप्सूल),क्रोमाडोल -100: 43 पत्ते (कुल 430 गोलियां),ट्रामोवेल -100 SR: 9 पत्ते (कुल 90 गोलियां),पनडोले : 52 पत्ते (कुल 520 गोलियां),फ़ेवोफ़ाइन : 88 पत्ते (कुल 880 गोलियां) कुल 2376 नशीली गोलियां/कैप्सूल बरामद हुई हैं जिस के चलते मामला दर्ज किया गया NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज हैबोवाल पुलिस ने आरोपी राजीव कुमार के खिलाफ धारा 22-61-85 NDPS Act के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी यह नशीली दवाएं कहाँ से लेकर आता था और किन-किन लोगों को सप्लाई करता था।
संभल में ट्रैक्टर-ट्रॉली की टक्कर से युवक की मौत:गन्नौर से घर जाते समय सड़क हादसा हुआ, दो घायल
संभल में मेरठ-बदायूं हाईवे पर एक सड़क हादसे में बदायूं निवासी 25 वर्षीय युवक की मौत हो गई। उसकी बाइक को एक अज्ञात ट्रैक्टर-ट्रॉली ने टक्कर मार दी। इस दुर्घटना में दो अन्य लोग घायल हो गए, जिन्हें गंभीर हालत में हायर सेंटर रेफर किया गया है। यह हादसा संभल जिले की गुन्नौर तहसील के जुनावई थाना क्षेत्र में बदायूं रोड पर जनता इंटर कॉलेज के सामने देर रात करीब 11:30 बजे हुआ। मृतक की पहचान बदायूं के जरीफनगर थाना क्षेत्र के गांव रदनौल अजीजपुर निवासी वीरेश कुमार (25) पुत्र राधेश्याम के रूप में हुई है। वीरेश अपने दो दोस्तों, गिरीश (30) पुत्र मोहन सिंह और अरविंद (40) पुत्र नेक्शे, के साथ गुन्नौर से घर लौट रहा था। सूचना मिलने पर जुनावई थाना पुलिस मौके पर पहुंची। सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने वीरेश को मृत घोषित कर दिया। गिरीश और अरविंद को प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर स्थिति में हायर सेंटर रेफर किया गया है। हादसे की खबर मिलते ही वीरेश के परिजन और गांव रदनौल अजीजपुर के प्रधान योगेंद्र सिंह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। वीरेश के शव को देखकर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। ग्राम प्रधान ने बताया कि वीरेश अपनी छह बहनों का इकलौता भाई था। थाना प्रभारी अखिलेश प्रधान ने पुष्टि की कि सड़क हादसे में एक युवक की मौत हुई है और दो लोग घायल हैं। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। परिजनों की ओर से अभी तक कोई शिकायत नहीं मिली है।
भिंड जिले में बहने वाली सिंध नदी की धारा के नीचे अवैध रेत खनन चल रहा है। रात होते ही तेज शोर के साथ मशीनें नदी में उतरती हैं और पनडुब्बियों के जरिए गहराई से रेत खींचकर बाहर फेंकने का काम शुरू हो जाता है। यह सबकुछ कभी-कभार नहीं, बल्कि रोज होता है। हैरानी की बात यह है कि प्रशासन और माइनिंग विभाग कहीं खनन न हो, इसकी निगरानी करता है। दैनिक भास्कर टीम की अवैध रेत खनन की जानकारी मिलने पर सिंध नदी के किनारों पर कई किमी तक घूमा। पढ़िए रिपोर्ट… तीन तस्वीरें देखिए… 37 रेत खदानों पर चल रहा खनन जिले में अमायन से लेकर नयागांव थाना क्षेत्र तक बहने वाली सिंध नदी में फिलहाल 37 रेत खदानों पर खनन चल रहा है। इन खदानों का टेंडर आरएसआई स्टोन वर्ल्ड प्रा.लि. और नर्मदा माइनिंग एंड मिनरल्स को संयुक्त रूप से दिया गया है। पड़ताल में सामने आया कि जिन खदानों को टेंडर के जरिए लिया गया है, वहां बड़े पैमाने पर पनडुब्बियां डालकर रेत निकाली जा रही है। यह एनजीटी के नियमों का सीधा उल्लंघन है। टीम ने अपनी पड़ताल में पाया कि 50 से ज्यादा पनडुब्बियां रोज सैकड़ों डंपर रेत निकाल रही हैं। नदी के भीतर कई जगह 200-200 फीट तक गहरे गड्ढे बन चुके हैं। नदी के किनारों पर मशीनों की आवाज, पाइपों से बहती रेत और आसपास सक्रिय लोगों की कड़ी निगरानी… इस अवैध कारोबार की खुद पोल खोल रहा है। कई जगह दबंगों का सीधा नियंत्रण दिखाई दिया, जबकि कुछ खदानों पर आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों से काम कराया जाना भी पाया गया। सिंध नदी में रेत खनन के खेल को तीन केस से समझिए केस-1 : बिलाव रेत खदान - टीम सबसे पहले बिलाव रेत खदान पर पहुंची। दोपहर की तेज धूप में रेत के टीलों के बीच शांत बहती सिंध नदी ऊपर से सामान्य दिखाई दे रही थी, लेकिन नदी के भीतर अवैध खनन की गतिविधियां तेजी से चल रही थीं। दो पनडुब्बियों के जरिए यहां रेत का खेल चल रहा था। हालांकि मुख्य रूप से रात के अंधेरे में यह खेत और तेजी से चलता है। नदी के अंदर जहां-जहां पनडुब्बी डाली गई है, वहां बड़े-बड़े गड्ढे बन चुके हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार कई जगह इन गड्ढों की गहराई 200 फीट तक पहुंच गई है। पनडुब्बियों के जरिए नदी की गहराई से रेत खींचकर पाइपों के माध्यम से सीधे किनारे पर फेंकी जाती है, जहां से उसे डंपरों में भरकर बाहर भेज दिया जाता है। केस-2 : इंदुर्खी रेत खदान - यहां खदान पर स्थिति और भी गंभीर दिखाई दी। यहां पांच से छह पनडुब्बियां अलग-अलग स्थानों पर लगभग 100-100 मीटर की दूरी पर लगी हुई हैं। इसी खदान से जुड़ी बिरौना रेत खदान पर भी तीन से चार पनडुब्बियां सक्रिय दिखीं। यह क्षेत्र रेत कारोबारियों का मजबूत ठिकाना बन चुका है। यहां बाहरी लोगों की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जाती है। रेत खनन से जुड़े लोग आने-जाने वाले हर व्यक्ति पर नजर रखते हैं। ग्रामीणों का कहना था कि यहां फोटो या वीडियो लेना जोखिम भरा है। लोगों में इतना डर दिखा कि कैमरा देखकर कुछ कहे बिना ही वहां से चलते बने। केस-3 : खैरा-श्यामपुरा रेत खदान - रेत खदान मेहदा पुल से साफ दिखाई देती है। पुल पर खड़े होकर देखने पर सिंध नदी में दो पनडुब्बियां लगी हुई नजर आती हैं, जिनमें से एक लगातार सक्रिय थी। यहां स्थानीय दबंगों का दबदबा बताया जाता है। पड़ताल में यह बात भी सामने आई कि रेत खनन का टेंडर लेने वाली कंपनी के अधिकारियों ने इन लोगों से समझौता कर रखा है। ये लोग नदी में पनडुब्बियां डालकर रेत निकालते हैं और कंपनी उनकी बेची जाने वाली रेत की रॉयल्टी जमा कर देती है। इस तरह एनजीटी के नियमों को दरकिनार कर अवैध खनन का खेल चल रहा है। जिले की 72 में से 37 खदानों में ऐसा ही हाल भिंड जिले में कुल 72 रेत खदानें हैं। इनमें से दो ग्रुप की 37 खदानों को सक्रिय बताया गया है, जबकि एक ग्रुप की 35 खदानें कोर्ट केस और एग्रीमेंट से जुड़े विवादों के कारण बंद हैं। दैनिक भास्कर की पड़ताल में सामने आया कि सक्रिय खदानों में से अधिकांश पर पनडुब्बियों के जरिए रेत निकाली जा रही है। यूपी के जालौन, हमीरपुर से लाते हैं पनडुब्बियां रेत खनन में इस्तेमाल होने वाली ये पनडुब्बियां मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश के जालौन और हमीरपुर जिलों से लाई जाती हैं। कुछ साल पहले भिंड जिले के लहार कस्बे में मंडी क्षेत्र और श्यामपुरा गांव के पास भी पनडुब्बियां बनाई जाती थीं, लेकिन फिलहाल वहां यह काम बंद हो चुका है। अब अधिकतर पनडुब्बियां हमीरपुर से मंगाई जा रही हैं। चोरी या कबाड़ ट्रकों के इंजन से बनती है पनडुब्बी पनडुब्बियों को चलाने के लिए भारी शक्ति वाले इंजन की जरूरत होती है। इसके लिए अक्सर पुराने या चोरी के ट्रकों के इंजन का इस्तेमाल किया जाता है। इन इंजनों को नाव पर कसकर लगाया जाता है और उनसे दो बड़े पाइप जोड़े जाते हैं। पहला पाइप नदी के बीच में डाला जाता है, जो पानी के साथ रेत को खींचता है। दूसरा पाइप इंजन के दूसरे सिरे से जुड़ा होता है, जिससे कई पाइप जोड़कर रेत को तेज दबाव के साथ किनारे पर फेंका जाता है। इस पूरी प्रक्रिया के जरिए एक पनडुब्बी एक घंटे में करीब एक डंपर यानी लगभग एक हजार घन फीट रेत निकाल देती है। रात भर में निकल जाती है सैकड़ों डंपर रेत स्थानीय लोगों के अनुसार एक पनडुब्बी करीब 12 घंटे तक लगातार चलती है और करीब दस हजार घन फीट रेत निकाल देती है। अगर सिंध नदी में सक्रिय 50 पनडुब्बियां एक रात में 8 से 12 घंटे तक चलती हैं तो अनुमान के मुताबिक करीब 200 डंपर रेत नदी से निकाल ली जाती है। भास्कर ने पनडुब्बी निर्माता से फोन पर किया सौदा दैनिक भास्कर टीम ने इस कारोबार से जुड़े हुए अलग-अलग लोगों से बातचीत की। ज्यादातर लोग कैमरे के सामने आने से कतराते रहे। तभी एक पनडुब्बी बनाने वाले मिस्त्री का फोन नंबर (63********80) मिला। रिपोर्टर ने रेत कारोबारी बनकर बातचीत की। पढ़िए बातचीत के अंश… रिपोर्टर- नमस्कार, मैं भिंड से बोल रहा हूं। मिस्त्री- आदेश दीजिए। रिपोर्टर- मुझे पनडुब्बी चाहिए। मिस्त्री- कब चाहिए। रिपोर्टर- 15 दिन में दे दीजिए। मिस्त्री- 15 दिन में तो नहीं हो पाएगी। रिपोर्टर- ठीक है। महीने भर में दे दीजिए। मेरे यहां अप्रैल महीने में रेत खदान शुरू हो रही है। नेताजी से बातचीत हुई। उन्होंने बताया कि आप काम शुरू करो। मैं बैठा हूं, तो आप दे दो। मिस्त्री- ठीक है, कितने पाइप की चाहिए। रिपोर्टर- मैं इस क्षेत्र में नया हूं। आप ही बताओ कितने पाइप की ठीक रहेगी। कितनी कीमत में तैयार होगी। मिस्त्री- देखिए, पांच पाइप की पनडुब्बी 5 लाख 75 हजार की रहेगी। 10 पाइप की पनडुब्बी की कीमत सवा छह लाख हो जाएगी। रिपोर्टर- एक नई टेक्नोलॉजी की पनडुब्बी हमारे यहां है, जिनमें एक चैम्बर होता है, जिन्हें खोलने पर वह पानी में डूब जाती है। जब माइनिंग आती है तो पकड़े जाने का डर नहीं होता है। मिस्त्री- हां, मैंने ही आपके क्षेत्र में ऐसी पनडुब्बी दी है। इसमें कुछ नहीं होता नट बोल्ट होते हैं। मैं ऐसी ही तैयार करके दूंगा। रिपोर्टर- श्रीमानजी अपना नाम बताएं, जिससे मैं नंबर सेव कर लूं। आकर मिलूंगा। मिस्त्री- मेरा नाम मुन्ना सिंह है। आप आकर बात करना। मैं अभी ड्राइव कर रहा हूं। दरअसल, भिंड में इन दिनों रेत निकलाने के लिए नए तकनीकी की पनडुब्बी आ रही है। ये पनडुब्बी में एक चैम्बर दिया जाता है, जिसके नटबोल्ट खोलने पर नाव में पानी भर जाता है। 30 मिनट में ये गहरे पानी में डूब जाती है। जब कोई छापमारी होती है तो पनडुब्बी नजर न आने पर अधिकारियों की टीम वापस लौट जाती है। टीम के जाते ही रेत का गलत तरीके से खनन करने वाले माफिया एक्टिव होते हैं और नदी में डूबी हुई पनडुब्बी को बाहर निकालते हैं। इंजन ऑयल बदलकर पनडुब्बी चालू कर लेते हैं। सिंध नदी की प्राकृतिक संरचना बदल रही लोगों का कहना है कि पनडुब्बियों से बड़े पैमाने पर रेत निकाले जाने से सिंध नदी की प्राकृतिक संरचना बदल रही है। कई स्थानों पर 200 फीट तक गहरे गड्ढे बन चुके हैं। इन गड्ढों में कई बार ग्रामीण और मवेशी डूब चुके हैं। नदी की धारा भी कई जगह बदलने लगी है, जिससे भूमि का कटाव बढ़ रहा है और आसपास की जमीन बीहड़ों में बदलती जा रही है। सिंध नदी में बड़ी संख्या में सीप, मछलियां और कछुए पाए जाते हैं। पनडुब्बियों के जरिए खनन होने से ये जलीय जीव तेजी से नष्ट हो रहे हैं। कई बार मगरमच्छों को भी मार दिया जाता है, ताकि खनन में बाधा न आए। खदानों पर कई बार चल चुकी है गोली रेत खदानों तक रास्ता बनाने के लिए कई बार किसानों की फसलें भी बर्बाद कर दी जाती हैं। जब किसान विरोध करते हैं तो दबंगों से गोली तक चलवा दी जाती है। हाल ही में मेहदा और खैरा-श्यामपुरा गांव के दो गुटों के बीच नदी में पनडुब्बी डालने को लेकर विवाद हुआ था। मामला थाने तक पहुंचा और पुलिस ने एफआईआर भी दर्ज की। खनिज अधिकारी बोले- कार्रवाई करते हैं जिला खनिज अधिकारी पंकज ध्वज मिश्रा का कहना है कि जब भी नदी में पनडुब्बी होने की सूचना मिलती है, माइनिंग विभाग की टीम ने कार्रवाई की है। उन्होंने बताया कि पिछले दिनों मेहरा और रेमजा रेत खदान पर पनडुब्बियां मिलने पर कार्रवाई की गई थी। पनडुब्बियों के चलने की शिकायत मिली है स्टेट माइनिंग कॉरपोरेशन के एमडी फ्रैंक नोबल ए का कहना है कि भिंड में सिंध नदी में पनडुब्बियों के चलने की जो शिकायत आ रही हैं, इसका परीक्षण करवाएंगे। कलेक्टर को भी निर्देशित करके जांच करेंगे। खनन कंपनी सहित जो भी दोषी पाया जाएगा, उसे पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। ये खबर भी पढ़ें… माफिया पर छापा, 1.65 करोड़ की रेत नष्ट मुरैना के चंबल राजघाट पर अवैध रेत उत्खनन को लेकर दैनिक भास्कर डिजिटल में खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासन एक्शन मोड में आ गया। कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ के निर्देश पर सोमवार सुबह 6 बजे टास्क फोर्स ने राजघाट में बड़ा ऑपरेशन शुरू किया। पढ़ें पूरी खबर…
हाड़ौती क्षेत्र में गैंगस्टर नेटवर्क की एंट्री की कोशिश का बड़ा मामला सामने आया है। राजस्थान का कुख्यात गैंगस्टर रोहित गोदारा पुर्तगाल में बैठकर हाड़ौती में अपना नेटवर्क खड़ा करने की कोशिश कर रहा है। रावतभाटा के एक बड़े ठेकेदार को विदेश से धमकी देकर लाखों रुपये की रंगदारी मांगी गई। इसके बाद कोटा के हिस्ट्रीशीटर अमन बच्चा से ठेकेदार की रैकी करवाई गई। मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर आ गई हैं और ठेकेदार को 24 घंटे पुलिस सुरक्षा दे दी गई है। जानकारी के अनुसार ठेकेदार जब कोटा के इंद्रप्रस्थ इलाके में रोड नंबर 5 पर कार सर्विस कराने आया था, उसी दौरान अमन बच्चा गैंग के बदमाश उसका पीछा कर रहे थे। इससे पहले कि कोई बड़ी वारदात होती, कोटा पुलिस को इनपुट मिल गया और तुरंत कार्रवाई करते हुए ठेकेदार को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। इस मामले में अब तक पुलिस हिस्ट्रीशीटर अमन बच्चा सहित चार बदमाशों को गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस ने रैकी करने के आरोप में चंबल गार्डन निवासी मोहम्मद आदिल खान, कैथूनीपोल निवासी इरशाद उर्फ इशू, घंटाघर निवासी सोहेब उर्फ चिंटू और अमन बच्चा को गिरफ्तार किया है। ठेकेदार की शिकायत पर गैंगस्टर रोहित गोदारा और उसके खास गुर्गे महेंद्र डेडाना के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी फिलहाल पुर्तगाल में हैं और वहीं से धमकी देकर वसूली की कोशिश कर रहे हैं। अमन बच्चा और रोहित गोदारा गैंग के सदस्यों की मुलाकात कुछ साल पहले अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में हुई थी। जेल में हुई पहचान बाद में दोस्ती में बदल गई और अब उसी कनेक्शन के जरिए हाड़ौती में गैंग सक्रिय करने की कोशिश की जा रही थी। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार अमन बच्चा पर हत्या, मारपीट और फायरिंग सहित 21 से ज्यादा मामले दर्ज हैं और वह पहले भी कई बार जेल जा चुका है। गैंगस्टर रोहित गोदारा, लॉरेंस गैंग से अलग होने के बाद अपना अलग नेटवर्क खड़ा करना चाहता है और देशभर में ठेकेदारों व व्यापारियों को धमकाकर वसूली की कोशिश कर रहा है। रावतभाटा के ठेकेदार के अलावा चित्तौड़गढ़ जिले के दो अन्य लोगों को भी धमकी मिलने की जानकारी सामने आई है, जिसके बाद वहां की पुलिस भी अलर्ट पर है। एएसपी रावतभाटा भगवत सिंह हिंगड़ ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और गैंग के नेटवर्क को खंगाला जा रहा है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि जेल के अंदर से अपराधियों के बीच संपर्क कैसे बना और किस तरह से हाई सिक्योरिटी जेल में रहते हुए भी मोबाइल और सोशल मीडिया का इस्तेमाल किया गया। फिलहाल पुलिस का कहना है कि हाड़ौती क्षेत्र में पहली बार इस तरह की धमकी सामने आई है, इसलिए सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं और ठेकेदार की सुरक्षा में 24 घंटे पुलिस जवान तैनात कर दिए गए हैं। हाई सिक्योरिटी जेल में ही होती है दूसरे गैंगस्टरों से दोस्ती हत्या, लूट और फायरिंग जैसे मामलों में शामिल कई बदमाश वारदात के बाद लोकल जेलों में बंद रहते हैं, लेकिन जब उन्हें हाई सिक्योरिटी जेल जैसे अजमेर, जयपुर, जोधपुर या दूसरे राज्यों की जेलों में शिफ्ट किया जाता है, तब उनकी पहचान दूसरे राज्यों के बड़े अपराधियों और तस्करों से हो जाती है। इसी वजह से गैंग का नेटवर्क और बड़ा हो जाता है और अलग-अलग राज्यों के बदमाश एक-दूसरे की मदद करने लगते हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में बंद रहने के दौरान अमन बच्चा ने मोबाइल का इस्तेमाल कैसे किया, क्योंकि उसके सोशल मीडिया पर जेल के अंदर के फोटो और वीडियो सामने आए थे।
कानपुर में घरेलू LPG गैस की आपूर्ति सामान्य रूप से जारी है। उपभोक्ताओं को बुकिंग के अनुसार नियमित रूप से सिलेंडरों की होम डिलीवरी की जा रही है। जिला पूर्ति अधिकारी राकेश कुमार सिंह ने बताया कि प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा सभी गैस एजेंसियों की लगातार निगरानी की जा रही है। उन्होंने बताया कि पिछले साल की तुलना में 11 से 15 मार्च के बीच गैस सिलेंडरों की बुकिंग में इस साल बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बड़ी संख्या में उपभोक्ता एक साथ बुकिंग करा लिए। इस कारण बुकिंग का आंकड़ा ज्यादा दिखाई दे रहा है, जबकि सिलेंडरों की आपूर्ति पहले की तरह ही जारी है। 5 दिन में तीन गुना हुई बुकिंगपिछली साल 2025 में 11 से 15 मार्च के बीच जनपद में 1,76,722 गैस सिलेंडरों की बुकिंग हुई थी, जबकि इस साल 2026 में 11 से 15 मार्च के बीच यह संख्या बढ़कर 4,90,658 हो गई। 14 मार्च को 1,01,628 और 15 मार्च को 1,02,526 सिलेंडरों की बुकिंग दर्ज की गई, जो सामान्य दिनों से काफी अधिक है। अधिकारी बोले- सिलेंडर की डिलीवरी सामान्यप्रशासन के अनुसार सिलेंडरों की डिलीवरी लगभग सामान्य स्तर पर है। 11 से 15 मार्च 2025 के बीच 1,15,500 सिलेंडर वितरित किए गए थे, जबकि 2026 में इसी अवधि में 1,17,273 सिलेंडरों की डिलीवरी की गई है। बुकिंग के क्रम से हो रही होम डिलीवरी जिला पूर्ति अधिकारी ने बताया कि इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन , भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के माध्यम से नियमित रूप से सिलेंडरों की आपूर्ति हो रही है। गैस एजेंसियों को निर्देश दिए गए हैं कि बुकिंग के क्रम के अनुसार ही उपभोक्ताओं को सिलेंडर की होम डिलीवरी दी जाए। डीएम की अपील- अफवाहों से बचें जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने जनपद वासियों से अपील की है कि गैस आपूर्ति को लेकर किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और अनावश्यक पैनिक बुकिंग से बचें। कंट्रोल रूम में आई 75 शिकायतें 16 मार्च को जिला पूर्ति कार्यालय के कंट्रोल रूम में कुल 75 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें 57 लैंडलाइन और 18 व्हाट्सएप के माध्यम से दर्ज की गईं। इनमें से 33 शिकायतों का निस्तारण कर सिलेंडर उपलब्ध करा दिया गया है, जबकि शेष शिकायतों के समाधान की कार्रवाई जारी है। उपभोक्ता एलपीजी आपूर्ति से जुड़ी शिकायतें लैंडलाइन 0512-2988763 या व्हाट्सएप नंबर 6394616122 पर दर्ज करा सकते हैं।
सुपौल में घरेलू एलपीजी गैस की सुचारू आपूर्ति और वितरण व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सोमवार को जिला पदाधिकारी सावन कुमार ने विभिन्न गैस एजेंसियों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने गैस के उठाव, भंडारण और उपभोक्ताओं तक वितरण की स्थिति की विस्तार से जानकारी ली तथा आवश्यक निर्देश भी दिए। इस क्रम में जिला पदाधिकारी ने श्री गंगेश्वर प्रसाद एचपी ग्रामीण वितरक के गोदाम का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने गैस सिलेंडरों की उपलब्धता, स्टॉक रजिस्टर तथा वितरण व्यवस्था की जांच की। एजेंसी संचालक ने बताया कि उनके यहां घरेलू एलपीजी गैस की पर्याप्त मात्रा उपलब्ध है और पिछले दो दिनों से उपभोक्ताओं को नियमित रूप से होम डिलीवरी भी की जा रही है। किसी भी परिस्थिति में गैस की जमाखोरी या कालाबाजारी बर्दाश्त नहीं की जाएगी जिला पदाधिकारी ने एजेंसी संचालकों को निर्देश दिया कि किसी भी परिस्थिति में गैस की जमाखोरी या कालाबाजारी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि किसी एजेंसी के स्तर पर अनियमितता या उपभोक्ताओं के साथ लापरवाही की शिकायत मिलती है तो संबंधित संचालक के खिलाफ कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान उन्होंने गैस एजेंसी संचालकों से यह भी कहा कि उपभोक्ताओं को समय पर गैस सिलेंडर उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसके लिए वितरण व्यवस्था को और बेहतर बनाने की जरूरत है, ताकि आम लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। अनावश्यक रूप से गैस सिलेंडर की पैनिक बुकिंग नहीं करने की अपील जिला पदाधिकारी ने आम उपभोक्ताओं से भी अपील की कि वे अनावश्यक रूप से गैस सिलेंडर की पैनिक बुकिंग न करें। उन्होंने कहा कि जिले में एलपीजी गैस की पर्याप्त उपलब्धता है और सभी उपभोक्ताओं को नियमित रूप से गैस उपलब्ध कराई जा रही है। इसलिए किसी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और सामान्य तरीके से ही गैस की बुकिंग करें। जिला प्रशासन ने कहा है कि गैस की आपूर्ति और वितरण व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता को समय रहते रोका जा सके और उपभोक्ताओं को परेशानी न हो। इस दौरान संबंधित विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे।
जोधपुर के नागोरी गेट स्थित चारण हॉस्टल में रविवार को मारवाड़ प्रांतीय चारण समाज की बैठक हुई। बैठक में समाज के कई वरिष्ठ नेताओं ने भाग लिया। सभा में मानवेंद्र सिंह जसोल और उनकी चारण समाज की एक महिला के साथ कथित दूसरी शादी के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौर और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखकर मानवेंद्र सिंह को पार्टी से निष्कासित करने की मांग की गई। वहीं उनकी पत्नी की सड़क दुर्घटना में मौत मामले की सीबीआई जांच की मांग भी की गई है। सभा में चारण समाज के प्रांतीय अध्यक्ष सीडी देवल ने स्वर्गीय जसवंत सिंह जसोल का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका चारण समाज के साथ गहरा लगाव था। उन्होंने अपने निजी खर्च से समाज के लोगों को हिंगलाज माता मंदिर के दर्शन करवाए थे। उन्होंने कहा कि जसवंत सिंह सामान्यतः उद्घाटन समारोहों में नहीं जाते थे लेकिन लखावत साहब की ओर से निर्मित हॉस्टल के हॉल के उद्घाटन के लिए वे केवल एक फोन पर यहां आए थे। देवल ने कहा कि ऐसे प्रतिष्ठित परिवार से जुड़े मानवेन्द्र सिंह जसोल ने चारण समाज को ठेस पहुंचाई है। उन्होंने जोधपुर, जैसलमेर और बाड़मेर के चारण समाज से अपील की कि वे मानवेंद्र सिंह की ओर से आयोजित किसी भी बैठक में भाग न लें। बैठक में समाज के लोगों से अपील की गई कि ऐसे मामलों में समाज की परंपराओं और मर्यादाओं को बनाए रखने के लिए एकजुट रहना जरूरी है।
डूंगरपुर जिले के काब्जा गांव में सोमवार रात एक लेपर्ड दिखाई देने से ग्रामीणों में दहशत फैल गई। यह लेपर्ड गांव स्थित कल्लाजी मंदिर की सीढ़ियों से नीचे उतरते हुए कैमरे में कैद हुआ। सड़क से गुजर रहे कुछ लोगों ने अपनी कार से इसका वीडियो बनाया। वीडियो में देखा जा सकता है कि लेपर्ड मंदिर की सीढ़ियों से उतरने के बाद सड़क पर आया। इसके बाद वह एक परकोटे पर छलांग लगाकर खेतों की ओर चला गया। जिस स्थान पर लेपर्ड दिखा, उसके दूसरी ओर गांव की घनी आबादी है, जहां लगभग 100 घर हैं। गांव के आसपास लेपर्ड के मूवमेंट की खबर फैलते ही ग्रामीणों में भय का माहौल बन गया है। ग्रामीणों के अनुसार, इससे पहले भी लेपर्ड कई बार गांव के आसपास देखा जा चुका है। पूर्व में लेपर्ड द्वारा मवेशियों का शिकार करने की घटनाएं भी सामने आई हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि गांव के आसपास पिंजरा लगाकर लेपर्ड को सुरक्षित पकड़ा जाए। उनका कहना है कि इससे किसी भी संभावित अनहोनी से बचा जा सकेगा। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस मामले में जल्द कार्रवाई करने की अपील की है।
आजमगढ़ जिले के शहर कोतवाली में पुलिस भर्ती परीक्षा में दरोगा बनने के साथ-साथ रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर झांसा दिए जाने का मामला सामने आया है। इस मामले में पीड़ित की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस को दिए शिकायती पत्र में आजमगढ़ जिले के मेंहनगर थाना क्षेत्र का रहने वाला युवक अभिषेक यादव ने आरोप लगाया कि मैं प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करता हूं। परीक्षा की तैयारी के दौरान मेरी मुलाकात संजय भारद्वाज से हुई। संजय भारद्वाज ने बताया कि मेरा विद्यालय चलता है। इसके साथ ही कोचिंग भी चलाता हूं। मैं कई लड़कों को सुना और पुलिस के साथ-साथ एयर फोर्स जैसी प्रतियोगी परीक्षा में भर्ती कराया हूं। इसके बाद पीड़ित झांसे में आ गया और उनके मोबाइल नंबर पर अपने रेलवे का एडमिट कार्ड भेजा। यूपीएसआई 2026 की परीक्षा को पास करने के लिए संजय ने 10 लाख रुपया बताया। संजय की बातों पर भरोसा कर 50 हजार रुपये नगद दे दिया। बाकी पैसा कम होने के बाद दिए जाने का वादा किया। आरोपी ने दिखाएं कई लोगों के जॉइनिंग लेटर पुलिस को दिए शिकायती पत्र में पीड़ित तैयार आरोप लगाया कि आरोपी ने कई लोगों के जॉइनिंग लेटर भी दिखाएं। ऐसे में मैं पूरी तरह से झांसी में आ गया। आरोपी ने यह अभी कहा कि दरोगा की परीक्षा में जो प्रश्न पत्र आएगा उसे मैं दे भी रहा हूं। हालांकि आरोपी ने जो प्रश्न पत्र दिया था वह दरोगा की परीक्षा में नहीं आए ऐसे में पीड़ित को अपने साथ हुई ठगी का एहसास हुआ। जिसके बाद शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया। पुलिस मामले में मुकदमा दर्ज कर मामले की छानबीन में जुट गई है।
धौलपुर में 50 से ज्यादा भारी वाहन सीज:परिवहन विभाग ने बकाया टैक्स पर की कार्रवाई
धौलपुर में परिवहन विभाग ने बिना टैक्स चुकाए चल रहे भारी वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। सोमवार को सघन जांच अभियान के तहत 50 से अधिक भारी वाहनों के चालान काटकर उन्हें जब्त कर लिया गया। जिला परिवहन अधिकारी गौरव यादव ने बताया कि भारी वाहन मालिकों को वार्षिक कर जमा कराने के लिए 15 मार्च तक का समय दिया गया था। जिले में पंजीकृत लगभग 22 हजार भारी वाहनों में से अब तक केवल 12 हजार वाहन मालिकों ने ही कर जमा कराया है।राजस्व लक्ष्य प्राप्त करने के उद्देश्य से, परिवहन विभाग ने 15 मार्च के बाद बिना कर जमा कराए संचालित हो रहे वाहनों के खिलाफ विशेष जांच अभियान शुरू किया है। इस दौरान वाहनों के चालान बनाए जा रहे हैं, उन्हें जब्त किया जा रहा है और बकाया कर के साथ प्रशमन राशि भी वसूली जा रही है। डीटीओ ने यह भी बताया कि कई मामलों में एक ही चालान में वाहन मालिक के नाम पर पंजीकृत अन्य वाहनों का भी उल्लेख किया जा रहा है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वाहन मालिक एक वाहन के साथ-साथ अपने अन्य वाहनों का भी बकाया कर जमा कराएं।जब्त किए गए वाहनों को कर जमा कराने के बाद ही छोड़ा जाएगा। परिवहन विभाग ने सभी बकाया भारी वाहन मालिकों से अपील की है कि वे अपने वाहनों का कर तुरंत जमा कराएं। विभाग ने चेतावनी दी है कि ऐसा न करने पर बकाया कर पर 3 प्रतिशत पेनल्टी के साथ प्रशमन राशि भी वसूली जाएगी। इसके अलावा, वाहनों के खिलाफ जब्ती और सीज की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। उड़नदस्तों को बकाया कर वाले वाहनों की जब्ती और सीज के आदेश दिए जा चुके हैं।
डॉक्टर को पॉक्सो, अपहरण में 20 साल की सजा:गोपालगंज में कोर्ट ने एक लाख रुपए पेनल्टी का भी आदेश दिया
गोपालगंज के व्यवहार न्यायालय ने अपहरण और पॉक्सो एक्ट के एक चार साल पुराने मामले में एक डॉक्टर को 20 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो पंकज चन्द्र वर्मा की कोर्ट ने आरोपी डॉक्टर को दोषी करार देते हुए यह फैसला सुनाया है। कोर्ट ने डॉक्टर पर एक लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। आदेश में कहा गया है कि अर्थदंड जमा न करने पर उसे तीन माह की अतिरिक्त कारावास की सजा काटनी होगी। अभियोजन पक्ष से विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो दारोगा सिंह और बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद न्यायाधीश ने यह सजा सुनाई। डॉक्टर ने शादी करने से इनकार कर दिया यह मामला उचकागांव थाना क्षेत्र के एक गांव से जुड़ा है। बताया गया कि पीड़िता की मां आरोपी डॉक्टर के क्लिनिक में काम करती थी। इसी दौरान डॉक्टर ने किशोरी को शादी का झांसा देकर उससे दुष्कर्म किया। जब किशोरी गर्भवती हो गई, तो डॉक्टर ने उससे शादी करने से इनकार कर दिया। इसके बाद किशोरी की मां ने डॉक्टर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। कांड के अनुसंधानक द्वारा आरोप पत्र समर्पित किए जाने के बाद एडीजे छह की कोर्ट में इस मामले की सुनवाई चल रही थी, जिसके बाद अब फैसला आया है।
सतना में ट्रक की टक्कर से लोडर ऑटो पलटा:चालक समेत 2 घायल, रामवन पथ गमन हाईवे पर देर रात हादसा
सतना के रामवन पथ गमन हाईवे पर सोमवार देर रात एक तेज रफ्तार अज्ञात ट्रक की टक्कर से लोडिंग ऑटो पलट गया। इस हादसे में ऑटो चालक समेत दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना सतना-उचेहरा के बीच लोहरौरा के पास हुई। पुलिस के अनुसार, यह हादसा रात करीब 11 बजे हुआ। टक्कर के बाद ट्रक चालक मौके से फरार हो गया। घायलों की पहचान सतना निवासी अमित सिंह (32) और उचेहरा निवासी रामरूप सिंह (66) के रूप में हुई है। राहगीरों की मदद से दोनों घायलों को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उनके परिजन उन्हें निजी अस्पताल ले गए। सिटी कोतवाली पुलिस ने अज्ञात ट्रक की तलाश और घटना की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने बताया कि घायल अमित सिंह और रामरूप सिंह सतना के पतेरी मोहल्ले से उचेहरा जा रहे थे, तभी सामने से आ रहे अज्ञात ट्रक ने उनके ऑटो को टक्कर मार दी।
57 पुलिसकर्मी 'कॉप आफ द मंथ' चुने गए:संतकबीरनगर में सैनिक सम्मेलन, उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित
संतकबीरनगर में पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना की अध्यक्षता में रिजर्व पुलिस लाइन सभागार कक्ष में सैनिक सम्मेलन और मासिक अपराध गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह भी उपस्थित रहे। सम्मेलन के दौरान जिले के विभिन्न थानों और शाखाओं से आए पुलिसकर्मियों की समस्याओं को सुना गया। उनके समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए। मासिक अपराध गोष्ठी में पुलिस अधीक्षक ने यातायात, साइबर अपराध और महिला अपराध सहित विभिन्न अभियानों की समीक्षा की। उन्होंने जिले में हुई आपराधिक घटनाओं, दर्ज मुकदमों और लंबित विवेचनाओं के समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, वांछित अभियुक्तों की शीघ्र गिरफ्तारी, महिला संबंधी अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण, अपहृत व्यक्तियों की सकुशल बरामदगी और पुरस्कार घोषित अपराधियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। शातिर अपराधियों की हिस्ट्रीशीट खोलने और गुंडा एक्ट के तहत जिलाबदर की कार्रवाई करने पर भी जोर दिया गया। गोष्ठी में 'ऑपरेशन कन्विक्शन' के तहत दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट और लूट जैसे गंभीर मामलों में प्रभावी पैरवी कर आरोपियों को अधिकतम सजा दिलाने पर विशेष बल दिया गया। चोरी, नकबजनी और वाहन चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए कार्ययोजना बनाकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। जनशिकायतों की त्वरित व निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने तथा अवैध शराब के खिलाफ लगातार अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए। 'ऑपरेशन त्रिनेत्र' अभियान के तहत थाना क्षेत्रों के महत्वपूर्ण स्थानों, प्रतिष्ठानों और गांवों में अधिक से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगवाने के लिए लोगों से समन्वय स्थापित करने पर भी जोर दिया गया। कार्यक्रम के दौरान, जिले के विभिन्न थानों, कार्यालयों और इकाइयों में तैनात 57 पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों को उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए 'कॉम्प ऑफ द मंथ' चुना गया। उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। पुलिस अधीक्षक ने सभी सम्मानित कर्मियों की सराहना करते हुए भविष्य में भी इसी समर्पण और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने की अपेक्षा व्यक्त की। इस गोष्ठी में जिले के समस्त क्षेत्राधिकारी, विभिन्न विभागों के अधिकारी, सभी प्रभारी निरीक्षक और थानाध्यक्ष सहित पुलिस विभाग के अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
बुलंदशहर के खानपुर कस्बे में स्थित प्रेम ज्वेलर्स की दुकान से लाखों रुपये के सोने के जेवरात चोरी हो गए। चोरी की वारदात में एक महिला ग्राहक बनकर दुकान में घुसकर सोने की चेन का डिब्बा चुरा ले गई। दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे ने पूरी घटना कैद कर ली। पीड़ित सर्राफा व्यवसायी ने बताया कि दोपहर करीब 3 बजे एक महिला और एक पुरुष ग्राहक बनकर दुकान पर आए थे। महिला ने डिब्बे में रखी लगभग 150 ग्राम सोने की चेन चुरा ली, जिसकी अनुमानित कीमत 25 लाख रुपये है। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी महिला और पुरुष मौके से फरार हो गए। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। यह चोरी थाना खानपुर क्षेत्र के मुख्य बाजार में स्थित प्रेम ज्वेलर्स की दुकान में हुई है। एसपी सिटी शंकर प्रसाद ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी महिला और पुरुष की पहचान की जा रही है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है।
चर्चित उदयपुर फाइल्स का इफेक्ट सोमवार को देखने को मिला। इसका गवाह बना डबोक स्थित महाराणा प्रताप एयरपोर्ट। जहां राजस्थान के सीएम भजनलाल शर्मा और प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ की अगवानी करने के लिए चित्तौड़गढ़ सांसद सीपी जोशी, शहर विधायक ताराचंद जैन, चित्तौड़गढ़ विधायक चंद्रभान सिंह आक्या, वल्लभनगर विधायक उदयलाल डांगी, एसपी योगेश गोयल और कलेक्टर नमित मेहता पहुंचे। लेकिन एयरपोर्ट पर अगवानी करने वालों में शहर भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल सिंह और देहात जिलाध्यक्ष पुष्कर तेली दिखाई नहीं दिए। इसे लेकर शहर में दिनभर चर्चा रही कि सीएम-प्रदेशाध्यक्ष की जिलाध्यक्षों से दूरी के सियासी मायने कहीं उदयपुर फाइल्स (शहर भाजपा नेत्री संग कुछ भाजपा नेताओं के कथित आपत्तिजनक वीडियो) कांड का इफेक्ट तो नहीं है? हालांकि, देहात जिलाध्यक्ष पुष्कर का कहना है कि वे बेणेश्वर धाम में सीएम की सांसदों-विधायकों-जिलाध्यक्षों की बैठक में शामिल होने गए थे, इसलिए एयरपोर्ट पर नहीं पहुंच सके। शहर जिलाध्यक्ष गजपाल सिंह का कहना है कि जिला प्रशासन द्वारा एयरपोर्ट पर 9 जनप्रतिनिधियों व शहर-देहात जिलाध्यक्षों सहित 11 लोगों की सूची सीएम-प्रदेशाध्यक्ष की अगुवानी के लिए भेजी थी, लेकिन एयरपोर्ट पर शहर जिलाध्यक्ष (गजपाल सिंह) व देहात जिलाध्यक्ष (पुष्कर तेली) के नाम काट दिए गए थे। इसलिए मौजूद नहीं रह सके। कुछ लोग झूठी अफवाहें फैलाने का काम कर रहे हैं। लेकिन सूत्र बता रहे हैं कि मामला उदयपुर फाइल्स से ही जुड़ा है। अगर ऐसा नहीं होता तो एक दिन पहले रविवार को उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ की अगवानी के लिए भी सोमवार की तरह 11 नामों की सूची भेजी गई, जिसमें किसी के नाम नहीं काटे गए। लेकिन वही सूची जब सोमवार को एयरपोर्ट प्रबंधन के पास भेजी गई तो उसमें उदयपुर शहर और देहात जिला अध्यक्षों के नाम काट दिए गए। दोनों मिलने भी नहीं पहुंचे। एयरपोर्ट प्रबंधन को भेजी लिस्ट में बदलाव भास्कर के पास एयरपोर्ट प्रबंधन को भेजे गए पत्र की कॉपी है, जिसमें दोनों जिला अध्यक्षों, सांसदों, विधायकों सहित 11 नामों की सूची एडीएम प्रशासन जितेंद्र ओझा के हस्ताक्षर के साथ एयरपोर्ट प्रबंधन को भेजी गई थी। इसमें दोनों जिला अध्यक्षों के नामों के आगे क्रॉस का निशान लगाकर काट दिया गया, जिस पर टर्मिनल प्रबंधन की सील सहित हस्ताक्षर अंकित हैं। बता दें कि सोमवार को सीएम शर्मा उदयपुर होकर बेणेश्वर धाम, डूंगरपुर के लिए हेलिकॉप्टर से रवाना हुए। सीएम डूंगरपुर गए थे सीएम डबोक एयरपोर्ट से डूंगरपुर गए थे जहां राजस्थान जनजातीय गौरव दिवस के उपलक्ष्य में डूंगरपुर स्थित पवित्र तीर्थ बेणेश्वर धाम से क्षेत्र के विकास के लिए 1902 करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। --- ये खबर भी पढ़ें उदयपुर फाइल्स' पर दो धड़ों में बंटी भाजपा:शिकायत में कहा-निगम चुनाव में संगठन को बड़ा नुकसान होगा, विपक्ष को बड़ा मुद्दा मिलेगा उदयपुर में बीजेपी नेत्री के कथित वीडियो कांड के जांच अधिकारी को बदलने के बाद चर्चाएं तेज हो गई हैं। बीजेपी का बड़ा धड़ा मामले के नेताओं पर चारित्रिक रूप से खराब होने का आरोप लगाकर पार्टी के पदों से हटाने के लिए लॉबिंग कर रहा है। उन्हें अब जांच अधिकारी के बदलने पर कुछ नेताओं के नाम सामने आने की उम्मीद है। (पूरी खबर पढ़ें)
भागलपुर के मायागंज अस्पताल में इलाज के लिए नवजात बच्ची की मौत हो गई। परिजनों ने डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही बरते का आरोप लगाया है। प्रशासन से दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। सुल्तानगंज थाना क्षेत्र के गनगनिया गांव निवासी सुनैना देवी को रविवार को प्रसव पीड़ा होने पर परिजनों ने रेफरल अस्पताल में एडमिट कराया। जहां बेटी को जन्म दिया। कुछ देर बाद बच्ची की तबीयत बिगड़ने लगी। रेफरल अस्पताल से डॉक्टरों ने रेफर कर दिया। सही से इलाज नहीं मिलने पर गई जान परिजनों का आरोप है कि बच्ची की हालत गंभीर थी, उसे नवजात गहन चिकित्सा कक्ष(एनआईसीयू) में भर्ती करने की जरूरत थी। मायागंज पहुंचने पर स्टाफ ने बेड खाली नहीं होने की बात कही। बच्ची को सिर्फ ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया। उसे समुचित इलाज नहीं मिल सका। कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई। जानकारी मिलते ही गांव के लोग अस्पताल पहुंचे। अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि अगर समय पर बच्ची को एनआईसीयू में भर्ती कर उचित इलाज दिया जाता, तो उसकी जान बचाई जा सकती थी। वहीं, इस संबंध में अस्पताल प्रबंधन से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन फोन पर संपर्क नहीं हो सका।
फिरोजाबाद के जैन मंदिर तिराहे पर सोमवार रात को गाड़ी खड़ी करने को लेकर विवाद मारपीट में बदल गया। इस दौरान एक टैक्सी चालक और एक युवक के बीच हाथापाई हुई। पीड़ित पक्ष के अनुसार, युवक अपनी गाड़ी खड़ी कर रहा था तभी टैक्सी चालक से कहासुनी हो गई। बात इतनी बढ़ी कि चालक ने युवक के साथ मारपीट शुरू कर दी। मौके पर मौजूद लोगों ने बीच-बचाव किया, लेकिन झगड़ा बढ़ता गया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। पीड़ितों को उम्मीद थी कि उन्हें सुरक्षा और राहत मिलेगी, लेकिन आरोप है कि पुलिस ने युवक और उसके भाई के साथ सख्ती बरती। दोनों भाइयों को धक्का देकर खींचते हुए ले जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। इस वीडियो के सामने आने के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। युवक की भाभी ने भी की मदद की गुहार घटनास्थल पर युवक की भाभी भी मौजूद थीं। उन्होंने अपने देवर को बचाने के लिए पुलिसकर्मियों से गुहार लगाई, लेकिन उनकी अपील का कोई असर नहीं हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि यह पूरा विवाद सिर्फ गाड़ी खड़ी करने को लेकर शुरू हुआ था, लेकिन पुलिस की कार्रवाई के कारण यह एक बड़ा मुद्दा बन गया। निष्पक्ष कार्रवाई और न्याय की मांग फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। पीड़ित पक्ष ने निष्पक्ष कार्रवाई और न्याय की मांग की है। वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश है और पुलिस की भूमिका को लेकर चर्चाएं जारी हैं।
मुजफ्फरनगर में 7 किमी सड़क पर 57 गड्ढे:जौली रोड बनी हादसों का जाल, PWD पर लापरवाही के आरोप
मुजफ्फरनगर में जौली रोड की बदहाली एक बार फिर सामने आई है। सोमवार शाम एक टीम ने कूकड़ा राजवाहे की पुलिया से सिखेड़ा थाने की भंडूर पुलिस चौकी तक करीब 7 किलोमीटर लंबे मार्ग का जायजा लिया। इस दौरान सड़क पर कुल 57 गड्ढे पाए गए। इनमें कई गड्ढे इतने बड़े हैं कि वाहन चालकों को बिना ब्रेक लगाए पार करना मुश्किल हो जाता है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ रहा है। सर्वे के अनुसार, सिखेड़ा-भगवानपुरी से धंधेड़ा के बीच दो, धंधेड़ा राजवाहे की पुलिया के पास एक, बिलासपुर-धंधेड़ा के पास दो और बिलासपुर में दो बड़े गड्ढे मौजूद हैं। कूकड़ा राजवाहे की पुलिया के पास भी हालात गंभीर हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक, ये गड्ढे आए दिन छोटे-बड़े हादसों की वजह बन रहे हैं। ग्रामीणों में नाराजगी, बोले- विभाग बड़े हादसे का कर रहा इंतजार स्थानीय लोग लोक निर्माण विभाग (PWD) की उदासीनता से नाराज हैं। उनका आरोप है कि विभाग किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है। जौली रोड औद्योगिक क्षेत्र और दर्जनों गांवों को जिला मुख्यालय से जोड़ती है, इसके बावजूद इसकी मरम्मत को प्राथमिकता नहीं दी जा रही है। किसान और ट्रक चालकों की बढ़ी परेशानी भगवानपुरी निवासी किसान रामपाल ने कहा, “हमारी फसल और मेहनत की कमाई मंडी तक पहुंचने से पहले ही इन गड्ढों में फंस रही है।” ट्रक चालक साजिद अंसारी ने बताया कि भारी वाहन लेकर इस सड़क पर चलना बेहद मुश्किल है, खासकर रात में, जिससे हादसे का डर बना रहता है। अधिकारियों ने नहीं उठाया फोन, पहले भी रहे गायब स्थानीय निवासी राकेश ने भी लगातार हो रहे हादसों पर चिंता जताते हुए विभाग की अनदेखी पर सवाल उठाए। PWD के अधिशासी अभियंता अभिषेक सिंह और अवर अभियंता गजेंद्र से कई बार संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की। इससे पहले 10 मार्च को भी टीम भोपा रेलवे ओवरब्रिज के नीचे स्थित उनके कार्यालय पहुंची थी, लेकिन दोपहर एक बजे तक दोनों अधिकारी अनुपस्थित मिले और कॉल का जवाब भी नहीं दिया।
गाजियाबाद में नंदग्राम थाना क्षेत्र में घर के बाहर खेल रही 4 साल की बच्ची को पड़ोसी युवक बहला फुसलाकर ले गया। जहां खाली प्लाट में ले जाकर बच्ची से दुष्कर्म किया। उसके बाद आरोपी ने पोल खुलने के डर से बच्ची की हत्या कर दी। बच्ची के चीखने पर आरोपी ने बच्ची के सिर पर ईंट पत्थर मारे। जहां बच्ची की मौके पर मौत हो गई। रात में परिजनों ने संदेह हुआ तो पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने युवक को अरेस्ट कर लिया है। अस्पताल में उपचार के दौरान हुई मौत रात में डायल 112 को सूचना मिली कि सिहानीगेट थाना क्षेत्र में पुलिस चौकी से कुछ दूरी पर एक कॉलोनी में स्थित खाली प्लाट में बच्ची बेहोश और घायल हालत में पड़ी है। मौके पर पहुंची पुलिस ने बच्ची की शिनाख्त कर उसके पिता को सूचना दी। जिसके बाद बच्ची को संजय नगर स्थित एक प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती कराया। जहां डॉक्टरों ने बच्ची को मृत घोषित कर दिया। पूछताछ में पता चला कि बच्ची के पड़ोस में रहने वाला गौरव प्रजापति बच्ची को अन्य बच्चों के बीच से खेलते समय टॉफी दिलाने के बहाने से गोद में उठाकर ले गया था। आरोपी ने अपना जुर्म कबूला रात में डीसीपी सिटी धवल जायसवाल और एडिशनल पुलिस कमिश्रर भी मौके पर पहुंचे। डीसीपी धवज जायसवाल ने बताया कि पुलिस द्वारा बच्ची को अस्पताल पहुंचाया गया जहां इलाज के दौरान बच्ची की मौत हो गई। सभी उच्चाधिकारियों द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण किया गया है तथा एफएसएल एवं डॉग स्कॉयड की टीमों द्वारा साक्ष्य संकलन किया गया है। प्रारम्भिक जांच में परिजनों द्वारा यह बताया गया कि पड़ोस में रहने वाला 24 साल का गौरव प्रजापति लेकर गया था। जो पूर्व में परिवार में आता जाता था। बच्ची के शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। रंगाई पुताई का काम करता है पिता बच्ची का पिता रंगाई पुताई का काम करता है। 12 साल पहले इस युवक की शादी हुई थी। जिसके तीन बच्चे हैं। दो बेटों से छोटी 4 साल की बच्ची थी। 3 साल पहले बच्ची की मां अपने पति को छोड़कर चली गई थी। जहां बच्चों की देखभाल उनका पिता और परिवार के अन्य लोग कर रहे थे।
यूपी बोर्ड मूल्यांकन 18 मार्च से होगी शुरू:जौनपुर में पांच केंद्र, परीक्षकों ने दर्ज कराई उपस्थिति
जौनपुर में माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन 18 मार्च से शुरू होगा। इसके लिए जिले में तैयारियां तेज कर दी गई हैं। सोमवार को मूल्यांकन केंद्रों पर परीक्षकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, वहीं केंद्र व्यवस्थापक अंतिम तैयारियों में जुटे रहे। जिले में उत्तर पुस्तिकाओं की जांच के लिए कुल पांच मूल्यांकन केंद्र बनाए गए हैं। इनमें जीजीआईसी, शिया इंटर कॉलेज, बीआरपी इंटर कॉलेज, जनक कुमारी इंटर कॉलेज और राज्य श्रीकृष्ण दत्त इंटर कॉलेज शामिल हैं। इन केंद्रों पर उप नियंत्रक, उप प्रधान परीक्षक और परीक्षकों की तैनाती की जा रही है। मूल्यांकन के लिए उत्तर पुस्तिकाओं को कोठार से केंद्रों तक भेजने का कार्य जारी है। सोमवार तक अधिकांश केंद्रों पर उत्तर पुस्तिकाएं नहीं पहुंची थीं, लेकिन इनके सोमवार रात या मंगलवार से पहुंचने की उम्मीद है। माध्यमिक शिक्षा परिषद ने मूल्यांकन को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत, दूसरे जनपदों से आने वाली उत्तर पुस्तिकाओं को सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में कोठार में सुरक्षित रखा जाएगा। जीजीआईसी से भी उत्तर पुस्तिकाएं मूल्यांकन के लिए अन्य जनपदों को भेजी जा रही हैं। शिया इंटर कॉलेज केंद्र पर सोमवार को लगभग 200 परीक्षकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। बीआरपी इंटर कॉलेज और जनक कुमारी इंटर कॉलेज केंद्रों पर मूल्यांकन की तैयारियों को लेकर बैठकें आयोजित की गईं। माध्यमिक शिक्षा परिषद ने 25 मार्च तक मूल्यांकन कार्य पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
मंडला जिला अस्पताल में सोमवार रात एक मानसिक रूप से बीमार मरीज ने पहली मंजिल से कूदकर आत्महत्या का प्रयास किया। मरीज ने खिड़की का कांच तोड़कर छलांग लगाई, लेकिन नीचे लगे टीन शेड पर गिरने से उसकी जान बच गई और उसे गंभीर चोटें नहीं आईं। जानकारी के अनुसार, मरीज दुर्गेश राय अस्पताल के वार्ड क्रमांक 48 में एडमिट था। सोमवार रात करीब 8 बजे वह अचानक वार्ड से बाहर निकला और खिड़की का कांच तोड़कर नीचे कूद गया। इस घटना से अस्पताल परिसर में कुछ देर के लिए हड़कंप मच गया। एंबुलेंस नहीं मिलने से रोका था मरीज की पत्नी रानी राय ने बताया कि डॉक्टरों ने दुर्गेश राय को पहले ही मानसिक उपचार के लिए जबलपुर रेफर किया था। हालांकि, एम्बुलेंस उपलब्ध न होने के कारण वे उसे ले जा नहीं पाए थे। उन्होंने बताया कि इसी दौरान दुर्गेश अस्पताल परिसर में घूम रहा था और अचानक दौड़कर कांच तोड़ते हुए नीचे कूद गया। अंदरूनी चोटों के बारे में अभी उन्हें जानकारी नहीं है। गंभीर चोट नहीं जिला अस्पताल के आरएमओ डॉ. हिमेन्द्र चौहान ने घटना की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि सोमवार रात करीब 8 बजे मरीज ने पहले वार्ड के सामने सीढ़ियों से कूदने की कोशिश की थी, लेकिन सफल नहीं हो पाया। उसने खिड़की का कांच तोड़कर नीचे छलांग लगा दी थी। हालांकि उसे गंभीर चोट नहीं लगी है। डॉ. चौहान के अनुसार, मरीज की मानसिक स्थिति को देखते हुए उसे आगे के इलाज और मनोरोग विशेषज्ञ से जांच के लिए जबलपुर रेफर कर दिया गया है।
लाखों के गहनों की लूट की सूचना झूठी निकली:अमेठी में भतीजे को पैसे न देने के लिए गढ़ी थी कहानी
अमेठी के जगदीशपुर थानाक्षेत्र में लाखों रुपए के गहनों की लूट की सूचना पुलिस जांच में झूठी पाई गई। एक 65 वर्षीय व्यक्ति ने अपने भतीजे को ज्वैलरी बिक्री के पैसे न देने के लिए यह मनगढ़ंत कहानी रची थी। शिवप्रसाद (65), निवासी उत्तरगांव, थाना जगदीशपुर, जनपद अमेठी ने 112 पर सूचना दी थी कि मोटरसाइकिल सवार बदमाशों ने उन्हें पीछे से धक्का मारकर सोने-चांदी से भरा उनका झोला लूट लिया। उन्होंने आठ लाख रुपए के जेवरात लूटे जाने का दावा किया था। सूचना मिलने पर जगदीशपुर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। रास्ते में लगे विभिन्न सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई, लेकिन घटना के समय किसी भी संदिग्ध व्यक्ति का आना-जाना नहीं पाया गया। पुलिस ने आवेदक शिवप्रसाद से गहन पूछताछ की। पूछताछ में पता चला कि शिवप्रसाद की कोई संतान नहीं है और वह कठौरा में ज्वैलर्स की दुकान चलाते हैं। उन्होंने जगदीशपुर कस्बे में अपने भतीजे विनय ज्वैलर्स की दुकान से ज्वैलरी बेचने के लिए ली थी। शिवप्रसाद ने स्वीकार किया कि उन्होंने भतीजे को ज्वैलरी बिक्री के पैसे वापस न करने पड़ें, इसलिए 112 पर झूठी सूचना दी थी। पुलिस ने शिवप्रसाद को भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति न करने की सख्त हिदायत दी है।
संभल में एक दिन की बारिश के बाद मौसम में बदलाव आया है। आज पूरे दिन आसमान में बादल छाए रहेंगे। वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 172 दर्ज किया गया है, जो अस्वस्थ श्रेणी में आता है। न्यूनतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग ने 17 मार्च से बारिश, ओलावृष्टि और तेज आंधी का अलर्ट जारी किया है। मंगलवार सुबह 8 बजे संभल का तापमान 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिन में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है, जो पिछले 25 दिनों की तुलना में 6 से 8 डिग्री कम रहेगा। बदलते मौसम का असर बच्चों से लेकर बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर दिख रहा है। सरकारी और निजी अस्पतालों में खांसी, जुकाम और बुखार के मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है, जिससे लंबी कतारें लगी हैं। एक दिन की बारिश से फसलों को फिलहाल कोई नुकसान नहीं हुआ है। हालांकि, यदि ओलावृष्टि के साथ बारिश होती है, तो गेहूं की फसल को क्षति पहुंच सकती है। बारिश के बाद सुबह-शाम सर्द हवाएं चलने लगी हैं, जिससे दोपहिया वाहन चालकों और खेतों में काम करने वाले किसानों को परेशानी हो रही है। चंदौसी जंक्शन से लखनऊ जाने वाली सत्याग्रह चंपारण एक्सप्रेस, जनशताब्दी एक्सप्रेस, लखनऊ इंटरसिटी एक्सप्रेस, चंडीगढ़ लखनऊ एक्सप्रेस और गरीब रथ एक्सप्रेस सहित बरेली-अलीगढ़ पैसेंजर ट्रेनें निर्धारित समय पर चल रही हैं। हालांकि, मौसम में बदलाव के कारण रोडवेज बसों में सुबह-शाम यात्रियों की संख्या में कमी आई है। स्थानीय निवासी विशाल कुमार ने बताया कि मौसम ठीक है, लेकिन बारिश के बाद सुबह-शाम ठंडक बढ़ गई है। हाजी पप्पू ने कहा कि यह मिला-जुला मौसम है और बारिश के बाद खांसी-जुकाम के मरीज बढ़े हैं। उन्होंने मच्छरों के बढ़ने से अन्य गंभीर बीमारियों के फैलने की आशंका भी जताई।
भोजपुर में सोमवार की रात मामूली विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। शौच के दौरान एक किशोरी पर ईंट फेंकने को लेकर दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई। इस दौरान एक पक्ष के लोगों ने घर में घुसकर लाठी-डंडे और लोहे के रॉड से हमला कर दिया, जिसमें पति-पत्नी समेत पांच लोग गंभीर रूप से जख्मी हो गए। सभी घायलों को पहले संदेश प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, जहां से हालत गंभीर होने पर उन्हें आरा सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। रास्ते में एक युवक की मौत हो गई। मृतक की पहचान पंचम यादव(35) के तौर पर हुई है। पेशे से किसान था। घायलों में मृतक की पत्नी सरीता देवी(30), बड़ा भाई गुड्डू यादव(38) और भतीजी पिंकी कुमारी(17) शामिल है। घटना संदेश थाना क्षेत्र के रेपुरा गांव की है। गांव में पंचायत के बाद भी नहीं सुलझा मामला परिजन मनीष यादव ने बताया कि गांव के पास वन विभाग का बांध है। जहां गांव की महिलाएं, लड़कियां या अन्य लोग शौच करने जाते हैं। जब भी मेरी चचेरी बहन शौच करने जाती थी, पड़ोसी लालदास राम उसे ईंट मारता था। ईंट किस नियत से मारता था। यह मुझे नहीं मालूम है। घर पर बराबर आकर बोलती थी, लालदास चाचा ढेला मारते हैं। सोमवार सुबह जब चचेरी बहन बांध किनारे शौच करने गई थी, तभी लालदास राम वहां आकर देखने लगा। जब बहन बोली कि क्या देख रहे हैं तो उसने एक बड़ा ईंट उस पर फेंक दिया। इसके बाद उसने चाचा गुड्डू से आकर अपनी बात बताई। घर के लोगों को दौड़ा-दौड़ाकर मारा मनीष यादव ने आगे कहा कि गांव के लोगों के साथ पंचायती भी किया गया। हमलोगों ने सोचा कि मामला शांत हो गया है। उसके बाद परिवार के सदस्य अपने-अपने काम पर चले गए। इसी बीच लालदास राम अपने परिवार और अन्य लोगों के साथ घर पर आ धमका और लाठी-डंडे, लोहे की रॉड से सभी लोगों को मारना शुरू कर दिया। दौड़ा दौड़कर मारा गया। बहन, चाची को भी नहीं छोड़ा। घर में मचा कोहराम मृतक के दो पुत्र अंकित, अनीश और एक बेटी निधि कुमारी है। इस वारदात के बाद जख्मी पत्नी समेत पूरे परिवार में दहशत का माहौल कायम है। सभी का रो-रोकर बुरा हाल है। प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है।
गोरखपुर में मॉर्निंग वॉक पर निकले पूर्व पार्षद की हत्या कर दी गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, चार हमलावरों ने उन्हें घेर लिया और चाकू से हमला कर दिया। हमले के बाद पूर्व पार्षद राजकुमार चौहान करीब 100 मीटर तक भागे, लेकिन हमलावरों ने पीछा कर दोबारा हमला किया। सीने, सिर और हाथ पर चाकू मारे। बदमाश कुछ देर तक वहीं बैठकर उनके मरने का इंतजार करते रहे। मरने की तसल्ली होने पर बदमाश भाग गए। सूचना पर पहुंचे परिजन राजकुमार चौहान को BRD मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बताया जा रहा है कि हमलावर अपनी गाड़ी कुछ दूरी पर खड़ी कर पैदल घटनास्थल तक पहुंचे थे। वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। मामला चिलुआताल थाना क्षेत्र के बरगदवा इलाके का है। वारदात से जुड़ी तस्वीरें देखिए- खबर अपडेट की जा रही है…
करनाल शहर की पुरानी सब्जी मंडी में एक युवक पर 4-5 युवकों ने ईंटों से हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद आसपास के लोगों ने घायल युवक को करनाल के ट्रामा सेंटर में भर्ती करवाया। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे रात को ही पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुरानी रंजिश को लेकर किया हमला कलंदरी गेट के 24 वर्षीय सागर सोमवार शाम को अपने घर के पास मौजूद था। आरोप है कि इसी दौरान 4-5 युवक वहां पहुंचे और उस पर ईंटों से हमला कर दिया। हमले में सागर को गंभीर चोटें आईं। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत उसे अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया। बहन बोलीं- 5 साल पहले भी कर चुके हमला सागर की बहन दीप्सी ने बताया कि उनका परिवार पुरानी सब्जी मंडी में साफ-सफाई और चौकीदारी का काम करता है। उसने आरोप लगाया कि इन्हीं युवकों ने करीब पांच साल पहले भी उसके भाई के साथ झगड़ा कर बुरी तरह मारपीट की थी। बाद में उन्होंने माफी मांग ली थी। उस समय वह बैंगलोर में थी। अब पुरानी रंजिश को लेकर फिर से हमला किया गया है। चोरी के आरोपी को पकड़ने के बाद बढ़ा विवाद दीप्सी के अनुसार तीन-चार दिन पहले मंडी में चोरी हुई थी। उसके भाई सागर ने एक चोर को पकड़ लिया था। उसी दौरान भीम नाम का एक व्यक्ति उसे छुड़ाने के लिए आया था। आरोप है कि उसी बात की रंजिश रखते हुए अब उसके भाई पर हमला किया गया। हमलावरों ने ईंटों से वार किए और धमकी भी दी कि एसपी और डीएसपी उनके जेब में हैं। मामले की जांच में जुटी पुलिस ईआरवी पुलिस इंचार्ज संजय कुमार ने बताया कि एक युवक पर हमले की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। घायल युवक को इलाज के लिए चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया है। मामले की जानकारी सिटी थाना पुलिस को दे दी गई है और शिकायत के आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
आज यानी 17 मार्च 2026 से पंजाब सरकार द्वारा मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत स्वास्थ्य कार्ड बनाने के लिए विशेष सेवा कैंप शुरू किए जा रहे हैं। इस संबंध में अमृतसर के डिप्टी कमिश्नर दलविंदरजीत सिंह ने जिला वासियों को जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि इस योजना के अंतर्गत सातवें चरण के विशेष सेवा कैंप आज 17 मार्च दिन मंगलवार से लगाए जा रहे हैं। डिप्टी कमिश्नर के अनुसार जिले में कुल 57 विशेष कैंप आयोजित किए गए है , जहां लोग आसानी से अपना स्वास्थ्य कार्ड बनवा सकेंगे। इन कैंपों की पूरी जानकारी जिला प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध करवाई गई है, ताकि लोग अपने नजदीकी कैंप के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकें। उन्होंने बताया कि किसी भी परिवार के कम से कम दो सदस्यों का एक साथ उपस्थित होना जरूरी है। कार्ड बनवाने के लिए परिवार के सदस्य अपने साथ वोटर कार्ड और मोबाइल नंबर से लिंक आधार कार्ड लेकर कैंप या नजदीकी सीएससी सेंटर में जा सकते हैं। यह कार्ड पूरी तरह से मुफ्त बनाया जाएगा। 18 साल से कम उम्र वालों के लिए आधार और जन्म प्रमाण पत्र अनिवार्य यदि परिवार में किसी सदस्य की उम्र 18 वर्ष से कम है, तो उसके लिए मोबाइल नंबर से लिंक आधार कार्ड और जन्म प्रमाण पत्र साथ ले जाना अनिवार्य होगा। इन दस्तावेजों के आधार पर ही स्वास्थ्य कार्ड तैयार किया जाएगा। योजना के तहत हर परिवार को 10 लाख तक मुफ्त इलाज मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत पंजाब सरकार प्रत्येक परिवार को हर साल 10 लाख रुपय तक का मुफ्त इलाज उपलब्ध कराएगी। इस योजना का उद्देश्य राज्य के लोगों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना है, ताकि जरूरत के समय आर्थिक बोझ कम हो सके। अंत में डिप्टी कमिश्नर ने जिले के सभी लोगों से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में इन विशेष सेवा कैंपों में पहुंचकर मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के कार्ड बनवाएं और इस महत्वपूर्ण सरकारी योजना का लाभ उठाएं।
बारात में DJ पर नाचने को लेकर हुए मामूली विवाद में युवक की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई। लहूलुहान युवक को जिला हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। फिलहाल पुलिस ने इस मामले में कुछ संदिग्ध युवकों को डिटेन किया है। घटना सवाई माधोपुर के मानटाउन थाना क्षेत्र के सीमेंट फैक्ट्री इलाके में सोमवार रात करीब 10.30 बजे हुई। देखते ही देखते बढ़ गया विवादमानटाउन थानाधिकारी सुनील कुमार गुप्ता ने बताया - सोमवार को कोटा से सवाई माधोपुर के सीमेंट फैक्ट्री इलाके में संजय कलोशिया के यहां बारात आई थी। डीजे पर नाचने को लेकर विशाल (28) पुत्र रघुवीर चंद के साथ कुछ युवकों की बहस हो गई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और मारपीट की नौबत आ गई। युवकों ने विशाल पर चाकू से हमला कर दिया। वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे फौरन जिला हॉस्पिटल ले जाया गया। हॉस्पिटल पहुंचने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया था। विशाल कोटा के काली बस्ती, थर्मल चौराहा, शकरपुरा थाना कुन्हाड़ी क्षेत्र का रहने वाला था। वह बारात में सवाई माधोपुर आया था। हत्या का मुकदमा दर्जविशाल (मृतक) के पिता रघुवीर चंद ने सोमवार देर रात सवाई माधोपुर के मानटाउन थाने में हत्या का मामला दर्ज कराया था। पुलिस ने कुछ युवकों को डिटेन किया है, जिनसे पूछताछ की जा रही है।
किशनगंज में सिपाही पर रेप का आरोप:शादी का झांसा देकर धोखा, अब केस वापस लेने की धमकी
किशनगंज में एक महिला ने पुलिसकर्मी (सिपाही) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पश्चिम बंगाल की रहने वाली एक युवती ने पुलिस अधीक्षक (एसपी) को आवेदन देकर न्याय और सुरक्षा की गुहार लगाई है। पीड़िता का आरोप है कि किशनगंज पुलिस में तैनात सिपाही चंदन कुमार ने उसे प्रेमजाल में फंसाकर दुष्कर्म किया और बाद में धोखा दिया। पीड़िता के अनुसार, आरोपी चंदन कुमार पुत्र कामेश्वर राम गौतम, मूल रूप से बुद्ध नगर, आरा (भोजपुर) का निवासी है और वर्तमान में किशनगंज जिले के एक थाने में सिपाही के पद पर तैनात है। लगभग 3 साल पहले चंदन ने पीड़िता को प्रेम के जाल में फंसाया और रेप किया। ईस्लामपुर कोर्ट में दोनों ने कोर्ट मैरिज की जब पीड़िता ने विरोध किया, तो आरोपी ने उसे शादी का झांसा दिया। इसके बाद 12 जुलाई 2023 को ईस्लामपुर कोर्ट में दोनों ने कोर्ट मैरिज की। शादी के बाद वे किशनगंज जिले के पौआखाली में एक किराए के मकान में रहने लगे। इसी दौरान पीड़िता को पता चला कि चंदन पहले से शादीशुदा है। जब उसने इस बारे में सवाल किया, तो आरोपी ने इनकार किया और उसके साथ मारपीट की। बाद में वह पीड़िता को छोड़कर चला गया। पीड़िता वापस अपने घर (बंगाल) लौट आई और किशनगंज महिला थाने में सिपाही चंदन के खिलाफ प्राथमिकी (कांड संख्या 41/23) दर्ज कराई। आरोपी ने बाद में न्यायालय से जमानत प्राप्त कर ली। पीड़िता के घर जाकर जबरन केस वापस लेने का दबाव जमानत मिलने के बाद से चंदन कुमार पीड़िता के घर बंगाल जाकर जबरन केस वापस लेने का दबाव बना रहा है। आवेदन में पीड़िता ने बताया कि आरोपी उसे गाली-गलौज कर रहा है और धमकी दे रहा है कि यदि केस नहीं उठाया तो उसे और उसके परिवार को जान से मारकर गायब करवा देगा। उसने कथित तौर पर कहा, कोई मेरा कुछ नहीं बिगाड़ पाएगा, मैं पुलिस का आदमी हूं, थाना-कानून मेरी जेब में है। पीड़िता ने एसपी किशनगंज से अनुरोध किया है कि आरोपी के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए और उसे सुरक्षा प्रदान की जाए। इस मामले में पुलिस महकमे की विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि आरोपी स्वयं पुलिसकर्मी है। फिलहाल एसपी कार्यालय से इस आवेदन पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन जांच शुरू होने की संभावना है। पीड़िता ने न्याय की उम्मीद में एसपी को आवेदन सौंपा है, ताकि आरोपी पर सख्त कार्रवाई हो और वह आगे ऐसी हरकत न कर सके।
सिरसा शहर में बारात न लाने वाले मामले में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। अभी मामले में झगड़े करने के भी आरोप लगाए गए हैं। पुलिस मामले में दोनों पक्षों को जांच में शामिल करेगी। बिचौलिए की भूमिका पर ही सवाल उठाए जा रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि अभी तक दूल्हे पक्ष को जांच के लिए थाने तक नहीं बुलाया गया है। इसके चलते पीड़ित परिवार पर ही दबाव बनाया जा रहा है और समझौता करने पर मामला सुलझाने की कोशिश की जा रही है। ऐसे में मामला पुलिस थाने तक पहुंचने के 10 दिन बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। वहीं पुलिस का कहना है कि परिजनों के बयान पर एफआईआर दर्ज कर दी है और जांच के लिए आईओ नियुक्त कर दिया है। दूल्हा पंजाब पुलिस में तैनात जानकारी के अनुसार, ये मामला जिले के डबवाली क्षेत्र का है और इस पर काफी विवाद हुआ था। लड़की पक्ष का आरोप है कि लड़का पक्ष वाले बारात लेकर नहीं आए। दूल्हा पंजाब पुलिस में तैनात है। लड़की पक्ष ने पुलिस को शिकायत दे दी। पुलिस ने वर पक्ष पर महिला की लज्जा भंग करने समेत विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है। जानिएं यह है पूरा मामला करनैल सिंह के अनुसार, उनके एरिया के रहने वाले एक व्यक्ति ने अपनी बेटी का रिश्ता पंजाब में फरीदकोट के युवक से तय किया हुआ था। पुलिस को दी शिकायत में बताया, 26 तारीख को शादी तय कर रखी थी। घरवालों ने शादी के लिए सभी तैयारियां कर ली थी। दो दिन पहले 24 तारीख को लड़का पक्ष वालों का फोन आया कि हम नहीं आएंगे। इसके बाद पड़ोसी पुलिसकर्मी से विवाद हो गया कि उसने लड़का पक्ष वालों को भड़का दिया कि लड़की मिसिंग हो गई, यहां मत आना। इसके बाद दोनों पक्षों में सुलह नहीं बनी तो अगले दिन परिजन व ग्रामीण पुलिस थाने पहुंचे गए और लिखित शिकायत दी। जांच शुरू कर दी है : थाना प्रभारी इस मामले में ओढा पुलिस थाना प्रभारी अनिल कुमार का कहना है कि लड़की के परिजनों के बयान पर पहले ही एफआईआर दर्ज कर ली है। मामले में जांच शुरू कर दी है और आईओ लगा दिया गया है। परिजनों के झगड़ा करने के भी आरोप है। ऐसे में जांच के बाद ही पूरा मामला पता चल पाएगा।
रायगढ़ जिले में ऑपरेशन प्रहार के तहत तीन अलग-अलग थाना क्षेत्रों में पुलिस ने अवैध कबाड़ के खिलाफ कार्रवाई की है। इस दौरान उद्योगों में खपाने के लिए ले जाए जा रहे तीन वाहनों से कुल लगभग 75.62 टन अवैध स्क्रैप जब्त किया गया है। जब्त स्क्रैप की कुल कीमत करीब 23 लाख 69 हजार 100 रुपए आंकी गई है। जानकारी के अनुसार, पूंजीपथरा पुलिस को सूचना मिली थी कि गेरवानी चौक की ओर से अवैध कबाड़ का परिवहन किया जा रहा है। सूचना पर पुलिस ने गेरवानी चौक में जांच शुरू की और एक 18 चक्का ट्रक को रोककर तलाशी ली। जांच में ट्रक से करीब 31 टन लोहे का एंगल, छड़ और मशीनरी पार्ट्स का स्क्रैप मिला, जिसकी कीमत लगभग 10 लाख 30 हजार 500 रुपए आंकी गई। बिहार के रहने वाले ड्राइवर नितीश कुमार (25) के पास कोई वैध दस्तावेज नहीं मिला, जिस पर पुलिस ने स्क्रैप सहित ट्रक जब्त कर मामला दर्ज किया। दूसरी कार्रवाई पुसौर पुलिस ने की। पुलिस ने सरिया से पुसौर की ओर आ रहे ट्रक को रोककर जांच की, जिसमें 25.620 टन लोहे का कबाड़ मिला। इसकी कीमत 7 लाख 68 हजार 600 रुपए आंकी गई। चालक विजेन्द्र लाहुर (50), निवासी चचौरा थाना सब जिला अमरोहा (उत्तर प्रदेश), वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका, जिस पर ट्रक समेत कबाड़ जब्त कर कार्रवाई की गई। गस्त दौरान कोतरारोड़ पुलिस की कार्रवाई वहीं, कोतरारोड पुलिस ने रात्री गश्त के दौरान मुखबिर की सूचना पर कोसमनारा तिराहा में नाकेबंदी कर एक 12 चक्का ट्रक को रोका। जांच में ट्रक से करीब 19 टन लोहे के छड़ के टुकड़े और कबाड़ मिला, जिसकी कीमत लगभग 5 लाख 70 हजार रुपए आंकी गई। चालक मनोज यादव (40), निवासी छोटेवां थाना अवतार नगर जिला सारण (बिहार), के पास भी कोई वैध दस्तावेज नहीं मिला। SSP बोले- लगातार कार्रवाई जारी रहेगी इस मामले में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शशि मोहन सिंह ने बताया कि जिले में अवैध कबाड़ परिवहन और चोरी के माल की खरीद-फरोख्त पर पुलिस की कड़ी नजर है। ऐसे मामलों में संलिप्त लोगों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जाएगी। अवैध कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने 3 वाहनों से 75 टन स्क्रैप समेत 60.69 लाख की संपत्ति जब्त की है।
कोटा में रात को पानी की टंकी पर चढ़ा युवक:1 घंटे तक ऊपर बैठा रहा, RPF और GRP को देता रहा चकमा
कोटा में रेलवे स्टेशन के पास एक युवक जलदाय विभाग (PHED) की पानी की टंकी पर चढ़ गया। युवक टंकी के सबसे ऊपरी हिस्से पर चढ़कर दोनों हाथ हिलाकर हंगामा करने लगा। जैसे ही लोगों की नजर पड़ी तो मौके पर भीड़ लग गई। सूचना पर RPF, GRP व पुलिस मौके पर पहुंची। जैसे तैसे एक घंटे की मशक्कत के बाद युवक सकुशल नीचे उतर गया। घटना भी भीमगंजमंडी थाना क्षेत्र की रात 11 बजे के आसपास की है। युवक मंदबुद्धि बताया गया। जानकारी के अनुसार युवक ने हाफ पेंट पहन रखी थी। रात 11 बजे करीब युवक रेलवे स्टेशन परिसर में बनी पानी की टंकी पर चढ़ गया। और करीब 1 घंटे तक नीचे नहीं उतरा वो पुलिस, RPF व GRP को छकाता रहा। टंकी के सबसे ऊपरी हिस्से पर चढ़कर अजीब अजीब हरकतें करने लगा। रात 12 बजे बाद नीचे उतरा। जिसके बाद पुलिस व RPF ने युवक से पूछताछ की। फिर GRP के हवाले कर दिया।
दतिया जिले के भांडेर थाना क्षेत्र स्थित ग्राम बरचौली में सोमवार देर शाम 37 वर्षीय युवक ने खेत पर जहर खाकर आत्महत्या कर ली, जिसकी जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई और पुलिस मर्ग कायम कर जांच कर रही है। जानकारी के अनुसार, बरचौली निवासी 37 वर्षीय उमेश पुत्र प्रभुदयाल प्रजापति सोमवार देर शाम अपने खेत पर गया हुआ था। खेत पर ही उसने जहर खा लिया, जिसके बाद उसे उल्टियां करते देख पास मौजूद ग्रामीणों ने परिजनों को इसकी सूचना दी। भांडेर से दतिया किया गया था रेफर सूचना के बाद परिजन रात करीब 8 बजे उमेश को भांडेर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जहर खाने की पुष्टि की। प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर उसे जिला अस्पताल दतिया रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। खेती-मजदूरी और पंचर की दुकान चलाता था मृतक पोस्टमार्टम के लिए शव को अस्पताल के शवगृह में रखवाया गया है और गांव में घटना के बाद से शोक का माहौल है। मृतक गांव में खेती-किसानी के साथ मजदूरी करता था और पंचर की छोटी दुकान भी चलाता था। उसके दो छोटे बच्चे हैं। चचेरे भाई ने कहा- शराब पीने की थी आदत मृतक के चचेरे भाई कमलेश प्रजापति ने बताया कि उमेश को शराब पीने की आदत थी, लेकिन आत्महत्या का कारण अभी स्पष्ट नहीं है। भांडेर थाना पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही कारण स्पष्ट हो सकेगा।
कैलारस कस्बे में घरेलू गैस सिलेंडर की कमी के चलते एमएस रोड स्थित एचपी गैस एजेंसी के बाहर लोगों की लंबी कतारें लग रही हैं और मोबाइल से बुकिंग का मैसेज नहीं आने के कारण उपभोक्ता परेशान हो रहे हैं, जिस पर प्रशासन ने व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए हैं। कैलारस कस्बे में घरेलू गैस सिलेंडर लेने के लिए एमएस रोड पर स्थित एचपी गैस एजेंसी के बाहर सुबह से ही उपभोक्ताओं की भारी भीड़ दिखाई दे रही है। जब से सिलेंडर की किल्लत शुरू हुई है, तब से उपभोक्ताओं को अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से गैस बुकिंग करने में काफी परेशानी आ रही है। फोन बमुश्किल लगता है और अगर लग भी जाए तो बुकिंग का रिटर्न मैसेज नहीं आता है, जिसके कारण आधे लोगों को ही सिलेंडर मिल पा रहा है। उपभोक्ता बोले- एजेंसी पर जाओ तो वह मेसेज मांगते है उपभोक्ता अरविंद सिंह ने बताया कि वह पिछले दो हफ्ते से अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से गैस एजेंसी के नंबर पर लगातार कॉल कर रहे हैं। उन्होंने कहा, एक तो पहले की तरह कॉल लगती नहीं है काफी ट्राई करने पर जब फोन लग जाता है तो सिलेंडर बुकिंग के लिए रिटर्न मेसेज नहीं आ रहा । उन्होंने आगे कहा, “उसी मेसेज के जरिए सिलेंडर मिलता है । एजेंसी पर जाओ तो वह मेसेज मांगते है इसे में ग्राहक क्या करे सिलेंडर दो दिन से खत्म है ।” सिंह ने बताया, “वह तो गनीमत थी पहले से एक एस्ट्रा सिलेंडर था उसका स्तेमाल किया जा रहा है लेकिन आगे क्या होगा ।” एसडीएम ने कहा- लोग खबरों को देख पैनिक हो रहे है जिला प्रशासन ने सभी गैस एजेंसी मालिकों के साथ बैठक कर बिना भेदभाव के सिस्टमेटिक ढंग से सिलेंडर वितरण करने के सख्त निर्देश दिए हैं। कैलारस एसडीएम मेघा तिवारी ने कहा, सभी गैस एजेंसी मालिकों निर्देशित किया गया है कि सिलेंडर नियम से नम्बर से बनते की भेद भाग ना किया जाए । उन्होंने कहा, “सिलेंडर की गाड़ी रोज आ रही है और क्रम अनुसार सभी को सिलेंडर दिए जा रहे है । लोग खबरों को देख पैनिक हो रहे है ।” एसडीएम ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा, प्रशासनिक टीम अलग से नजर बनाए हुए है । पहले नम्बर नहीं लग रहे थे तो सर्वर का कुछ कारण रहा होगा । अभी नम्बर लग रहे है सभी को सिलेंडर वितरण किया जा रहा है ।
ई-बाइक जलाने का आरोपी घायल हालत में अस्पताल पहुंचा:पुलिस से बोला- मुझ पर झूठा आरोप लगाया
दमोह थाना क्षेत्र की सागर नाका चौकी अंतर्गत बांसा तारखेड़ा गांव में सोमवार रात एक युवक को चाकू लगने से घायल अवस्था में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। घायल युवक अंकित पिता निरंजन सिंह परिहार (26) है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अंकित पर एक ई-बाइक में आग लगाने का आरोप है। घटना की जानकारी मिलते ही चौकी प्रभारी विक्रम सिंह दांगी मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि बांसा तारखेड़ा गांव में एक ई-बाइक को आग लगाकर जलाया गया है, जिसका आरोप अंकित और टिंकू पर था। ई-बाइक जलाने के मामले की जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी अंकित घायल होकर जिला अस्पताल पहुंचा है। उसके हाथ पर चाकू के हमले के निशान थे। चौकी प्रभारी दांगी ने अस्पताल पहुंचकर घायल अंकित के बयान दर्ज किए हैं। घायल बोला- मुझ पर झूठा आरोप लगाया घायल अंकित ने अपने बयान में बताया कि संजीत राय के लड़कों ने उसे चाकू मारा है। उसने ई-बाइक में आग लगाने के आरोप को झूठा बताया और कहा कि उसने किसी प्रकार की कोई आग नहीं लगाई है। इस बीच, जलती हुई ई-बाइक का एक वीडियो सामने आया है। पुलिस दोनों ही मामलों युवक को चाकू मारने और ई-बाइक में आग लगाने की गंभीरता से जांच कर रही है।
जयपुर के अलग-अलग इलाकों से मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी कई समस्याएं सामने आ रही हैं। कहीं सीवरेज और नालों का गंदा पानी सड़कों पर भर रहा है तो कहीं कचरे और गंदगी के कारण लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट पर शिकायत सामने आने के बाद कुछ जगहों पर संबंधित विभागों ने कार्रवाई करते हुए समाधान भी कराया है, जिससे क्षेत्रवासियों को राहत मिली है। ऐसी ही आमजन से जुड़ी जनसमस्या और शहर की जमीनी हकीकत को पोस्ट करने के लिए यहां क्लिक करें। नंदा कॉलोनी में प्लॉट में भरा सीवरेज का गंदा पानी नंदा कॉलोनी, गोशाला साइड रोड से दीपा ने शिकायत पोस्ट कर बताया कि एक खाली प्लॉट में सीवरेज का गंदा पानी भरा हुआ है। इससे आसपास रहने वाले लोगों को बदबू और गंदगी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। व्यास कॉलोनी में कचरे से बढ़ी परेशानी व्यास कॉलोनी से आशु ने पोस्ट कर बताया कि शास्त्री नगर क्षेत्र में लंबे समय से कचरा और गंदगी जमा है। इससे कॉलोनी में लोगों को आने-जाने में काफी दिक्कत हो रही है। निवारू रोड पर नाले का पानी सड़क पर झोटवाड़ा क्षेत्र से श्री ने शिकायत दर्ज करवाई कि निवारू रोड के रिकॉ एरिया की तरफ नाले का पानी सड़क पर फैल गया है। इससे वाहन चालकों को परेशानी हो रही है और हादसे का खतरा भी बना हुआ है। घाट की गुणी में सीवर लाइन का ढक्कन टूटा घाट की गुणी के आजाद नगर से महेश कुमार ने पोस्ट कर बताया कि पिछले कुछ महीनों से सीवर लाइन का ढक्कन टूटा हुआ है। साथ ही उस क्षेत्र में सफाई भी नहीं हुई है, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। डेढ़ साल से टूटी सड़क का हुआ निर्माण इन समस्याओं का हुआ समाधान रामपुरा रोड से विनीत कुमावत ने पोस्ट कर बताया था कि अल्फा स्कूल के पास पिछले डेढ़ साल से सड़क टूटी हुई थी। शिकायत के बाद इस समस्या का समाधान कर सड़क का निर्माण करवा दिया गया है, जिससे क्षेत्रवासियों को काफी राहत मिली है। 10 दिन से बंद रोड लाइट हुई चालू अगरवाल फार्म से जगदीश ने शिकायत दर्ज करवाई थी कि उनके क्षेत्र में पिछले 10 दिनों से रोड लाइट बंद थी। शिकायत के बाद संबंधित विभाग ने कार्रवाई करते हुए लाइट को ठीक करवा दिया। आज के ‘पब्लिक के स्टार’ बने संजीव वर्मा रोड लाइट की समस्या का समाधान करवाने में एईएन संजीव वर्मा की अहम भूमिका रही। उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत कार्रवाई करवाई, जिससे क्षेत्र के लोगों को राहत मिली। इसी कारण संजीव वर्मा आज के ‘पब्लिक के स्टार’ बने। पब्लिक की आवाज बन रहा “भास्कर समाधान” ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सामने रखने के लिए मदद कर रहा है। लोगों से मिले शानदार रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अधिकारियों को सीधे मिल रही समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपना एक्शन बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उसके अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहेंगे तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे भी कॉल कर सकेंगे। भास्कर एप से समस्याओं के समाधान की ये खबरें भी पढ़िए… 1.कचरे के ढेर और सीवर लीकेज से जनता परेशान:भास्कर समाधान पर पोस्ट के बाद स्ट्रीट लाइट ठीक, रूपाराम बने आज के 'पब्लिक के स्टार' 2.जयपुर के पार्क में गंदगी, सड़क पर बहता गंदा पानी:भास्कर समाधान पर शिकायत के बाद ठीक हुई समस्याएं, पंकज मीणा बने आज के ‘पब्लिक के स्टार’ 3.सड़क, बिजली और सीवर समस्याओं से जूझ रही जनता:भास्कर समाधान से मिली राहत, लेखराज डाबोडिया बने पब्लिक के स्टार 4.जयपुर में अधूरी सड़क से उड़ रही धूल:सड़कों पर फैला सीवर का पानी, कार्रवाई के बाद मिली राहत, हरेंद्र बने पब्लिक स्टार 5.भास्कर समाधान से प्रताप नगर में ठीक हुई स्ट्रीट लाइट:महेश नगर में पार्क के जिम उपकरण दुरुस्त, रविन्द्र सिंह बने आज के ‘पब्लिक के स्टार’ 6.भास्कर समाधान में उठीं सीवर, जलभराव और गंदगी की समस्याएं:जयपुर में जनता परेशान, कार्रवाई के बाद कुछ जगह मिली राहत, हीरो गुजराती बने पब्लिक के स्टार 7.जयपुर में अधूरी सड़कें, ओवरफ्लो नालियों से बढ़ी परेशानी:भास्कर समाधान से जयपुर की जनता को मिली राहत, नसरीन बानो बनीं आज की ‘पब्लिक स्टार’ 8.भास्कर समाधान में उठीं सड़क, गंदगी और स्ट्रीट-लाइट की समस्याएं:कई वार्डों में जनता को मिली राहत, सुभाष बने 'पब्लिक के स्टार' 9.भास्कर समाधान में उठीं शहर की समस्याएं:नाली जाम से जलभराव, फैली गंदगी, कार्रवाई के बाद मिली राहत, पवन बने 'पब्लिक के स्टार' 10.भास्कर समाधान में उठीं जयपुर की समस्या:सीवर चैंबर से हादसे का डर, जाम नालियों से सड़कों पर फैला गंदा पानी; प्रदीप बने ‘पब्लिक के स्टार’
पूर्णिया में बारात के दौरान दो पक्षों में जमकर मारपीट हो गई। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जिसमें दोनों पक्षों के लोग आपस में भिड़ते और मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं। घटना के. नगर थाना क्षेत्र के बनभाग चुनापूर पंचायत के वार्ड-7 की है। वायरल वीडियो 3 दिन पुरानी है। शादी समारोह के दौरान जबरदस्त विवाद हो गया। परिवार की महिलाएं बारात निकलने से ठीक पहले रस्म पूरी करने मंदिर गई थी। डांस करते हुए वहां से वापस घर लौट रही थीं। इसी दौरान रास्ते में डीजे और बारात के बीच रास्ता देने को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी हो गई, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गई। मारपीट में 4 लोग घायल पहले पक्ष की ओर से संजीव पासवान ने बताया कि उनके भांजे की शादी थी। परिवार की महिलाएं रस्म पूरी कर लौट रही थीं। इसी दौरान नवटोलिया निवासी तीन युवक सूरज कुमार यादव, बिटेस यादव और प्रिंस यादव ने रास्ते में विवाद कर मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान जातिसूचक गाली-गलौज भी की गई और महिलाओं के जेवर छीनने का प्रयास किया गया। मारपीट में उनके पक्ष के चार लोग घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र केनगर में भर्ती कराया गया। रास्ता मांगने को लेकर हुआ विवाद वहीं, दूसरे पक्ष की ओर से सुबोध यादव ने बताया कि उनका बेटा सूरज कुमार यादव पूर्णिया जा रहा था। परिवार के सदस्य अस्पताल में एडमिट हैं। पैसे और खाना पहुंचाना था। रास्ते में आम बगीचा के पास शादी समारोह के कारण भीड़ लगी थी। सूरज ने वाहन से हॉर्न बजाकर रास्ता मांगा, लेकिन रास्ता नहीं मिलने पर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हो गई। जो बाद में मारपीट में बदल गई। इस दौरान उनका बेटा सूरज कुमार यादव भी घायल हो गया। दोनों पक्ष ने थाने में दिया लिखित आवेदन इस संबंध में के. नगर थानाध्यक्ष अजय कुमार अजनवी ने बताया कि इस मामले में दोनों पक्षों से लिखित आवेदन मिला है। मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो को लेकर भी पुलिस पूरे मामले की पड़ताल कर रही है।
लुधियाना के गांव टिब्बा साहनेवाल में इंसानियत को शर्मसार करने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक शख्स ने अपने निजी स्वार्थ के लिए एक मंदबुद्धि व्यक्ति को पिछले दो साल से नरक भरी जिंदगी जीने पर मजबूर कर रखा था। आरोपी युवक से पशुओं का गोबर उठवाने और कूड़ा साफ करवाने जैसा बंधुआ मजदूरी का काम करवाता था। गुप्त सूचना पर संस्था ने मारा छापा मामले का खुलासा तब हुआ जब धन-धन बाबा रतन देव जी चैरिटेबल सोसाइटी तरनतारन के प्रधान जगजीत सिंह को इस जुल्म की गुप्त सूचना मिली। जगजीत सिंह ने बताया कि उन्हें खबर मिली थी कि गांव टिब्बा में भोलू खान नामक व्यक्ति ने एक बेसहारा मंदबुद्धि युवक को अवैध रूप से बंदी बनाकर रखा है। रेड के दौरान हुआ चौंकाने वाला खुलासा 22 फरवरी 2026 को संस्था के सदस्यों ने जब भोलू खान के डेरे पर रेड की तो वहां के हालात देख सबकी रूह कांप गई। आरोपी भोलू खान उसके बेटे रहमत अली और सदीक खान ने उस मासूम मंदबुद्धि को अपनी चंगुल में जकड़ा हुआ था और उससे जबरन मजदूरी करवा रहे थे। संस्था ने तुरंत उसे वहां से आजाद करवाया। फेसबुक पोस्ट ने मिलाया बिछड़े परिवार सेआजाद करवाने के बाद युवक की पहचान इम्तियाज के रूप में हुई। संस्था ने उसकी फोटो और आपबीती सोशल मीडिया (फेसबुक) पर वायरल की। देखते ही देखते यह पोस्ट युवक की मां बीबी जेहर तक जा पहुँची। अपने कलेजे के टुकड़े को इस हाल में देख मां का रो-रोकर बुरा हाल है।जिसके बाद इसके शिकायत पुलिस को दी गई पुलिस की कार्रवाई: केस दर्ज थाना साहनेवाल पुलिस ने इस मामले में आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर धाराएं: 127(2) BNS और 3(5) (बंधक बनाना और साजिश रचना के आरोप पर भोलू खान, रहमत अली और सदीक खान। पर मामला दर्ज कर लिया है
पटना जू के सामने पैदल यात्रियों की सुविधा के लिए विदेशों की तर्ज पर विशेष सिग्नल लाइट लगाई जाएगी। सड़क पार करने के लिए पैदल यात्रियों को केवल एक बटन दबाना होगा। पटना नगर निगम के वार्षिक बजट में मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना के तहत इसपर फैसला लिया गया है। बटन दबाने पर रेड लाइट जलेगी, जिससे सड़क के दोनों लेन में वाहनों की आवाजाही रुक जाएगी। लोगों के पार होने के बाद ग्रीन लाइट हो जाएगी। यात्रियों के समूह के पार होने के बाद दोबारा 20 मिनट बाद ही फिर से यह बटन काम करेगा। फिलहाल इसे पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया जाएगा। नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने बताया कि सड़क पार करने के लिए हर 20 मिनट में पैदल यात्री बटन दबाकर ट्रैफिक रोक सकेंगे। इसके सफल होने पर अन्य भीड़-भाड़ वाले इलाकों और स्कूलों के पास भी लगाया जाएगा। फुट ओवरब्रिज या अंडरपास बनने तक यह व्यवस्था जारी रहेगी। पटना नगर निगम का 8 करोड़ घाटे का बजट हुआ पेश दरअसल, नगर निगम की सशक्त स्थायी समिति की 5वीं विशेष बैठक (बजट 2026-27) सोमवार को निगम मुख्यालय में आयोजित की गई। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 2914 करोड़ रुपए का बजट पेश किया गया। यह बजट पिछले साल की तुलना में 59 करोड़ रुपए अधिक है, हालांकि आय-व्यय के गणित में यह 8 करोड़ रुपए के घाटे का बजट दर्शाया गया है। अब इसे अंतिम स्वीकृति के लिए निगम पर्षद की बोर्ड बैठक में रखा जाएगा। पटना की सड़कों पर लगेंगी IOT आधारित सेंसर वाली स्मार्ट लाइट अब पटना की सड़कों पर IOT आधारित सेंसर वाली स्मार्ट लाइटें लगेंगी, जो रोशनी कम होते ही खुद ही जल जाएंगी और सुबह होते ही बुझ जाएंगी। इसके लिए पूरे शहर में नए सिरे से सर्वे कराया जाएगा, ताकि नई कॉलोनियों और गलियों को भी रोशनी से जोड़ा जा सके। इन लाइटों के लिए सेंट्रलाइज्ड कमांड सेंटर भी रहेगा। अभी फिलहाल शहर में करीब 82 हजार लाइट इंस्टॉल है। सिटी लाॅजिस्टिक प्लान होगा तैयार इस बजट में पुराने कचरे के प्रोसेसिंग, नए गार्बेज ट्रांसफर स्टेशन और शहर के सौंदर्यीकरण के लिए सिटी लैंडस्केप प्लान, सिटी लॉजिस्ट्रिक प्लान पर भी विशेष मुहर लगी है। वहीं, नागरिक सुविधाओं के लिए सभी छह अंचलों में अब स्वर्ग रथ (शव वाहन) उपलब्ध होंगे। शोक संतप्त परिवार आसानी से इसकी बुकिंग कर सकेंगे, जिससे मुक्तिधाम तक शव ले जाने में परेशानी न हो। बजट का मुख्य हिस्सा शहर की सफाई व्यवस्था, ड्रेनेज और नई सड़कों के निर्माण पर खर्च होगा। GIS मैपिंग से होगा घरों का नया असेसमेंट नगर निगम की वित्तीय स्थिति मजबूत करने के लिए तकनीक का सहारा लिया जाएगा। राजस्व बढ़ाने के कई प्रविधान बजट में शामिल किए गए हैं। इसके तहत घरों का नया असेसमेंट GIS मैपिंग के माध्यम से वैज्ञानिक तरीके से किया जाएगा। इससे छूटे हुए घरों को टैक्स के दायरे में लाया जा सकेगा। ट्रेड लाइसेंस से भी निगम की आय बढ़ाने पर जोर दिया गया है। इसके अलावा म्युनिसिपल बॉन्ड लॉन्च करने का भी प्रावधान बजट में रखा गया है। पटना नगर निगम के सीमा पर बनेंगे 7 प्रवेश द्वार पटना शहर के निगम क्षेत्र के अंतर्गत सीमा में प्रवेश करने वाले सात प्रमुख रास्तों पर भव्य प्रवेश द्वार बनाए जाएंगे। हालांकि, इनका स्थान अभी तय होना बाकी है। न्यू मार्केट को विकसित कर बहुमंजिला भवन बनाने, मछुआ टोली के पास शॉपिंग मॉल बनाने के प्रस्ताव पर भी सहमति बनी। वहीं, राजधानी के हाउसहोल्ड को ग्लोबल इंफॉर्मेशन सिस्टम से जोड़ा जाएगा। पिछली बार संपत्ति कर 116 करोड़ प्राप्त हुए थे। अबतक 90 करोड़ आया है। इस बार 137 करोड़ का लक्ष्य रखा गया है।
राजसमंद में गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी:देवगढ़ में रसद विभाग का छापा, 38 घरेलू सिलेंडर जब्त
राजसमंद में घरेलू गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी और जमाखोरी के खिलाफ रसद विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 38 एलपीजी घरेलू गैस सिलेंडर जब्त किए। कार्रवाई सोमवार को देवगढ़ क्षेत्र के पारडी गांव में की गई, जहां बिना किसी वैध अनुमति के बड़ी संख्या में सिलेंडर भंडारित कर रखे गए थे। पारडी गांव में दुकान पर मारा छापा जिला रसद अधिकारी विजय सिंह और प्रवर्तन अधिकारी लोकेश जोशी के नेतृत्व में जिला सतर्कता दल लगातार जांच अभियान चला रहा है। इसी दौरान टीम ने पारडी गांव के इलाजी का चबूतरा क्षेत्र में एक घर के बाहर संचालित दुकान पर छापा मारा। जांच के दौरान मौके पर बड़ी संख्या में घरेलू गैस सिलेंडर पाए गए, जिनके भंडारण के लिए कोई वैध अनुमति नहीं थी। 38 एलपीजी घरेलू सिलेंडर किए जब्त टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मौके से कुल 38 घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडरों को जब्त कर लिया। इसके बाद पूरे मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इन घरेलू गैस सिलेंडरों का उपयोग व्यावसायिक कार्यों में किया जा रहा था, जो नियमों के खिलाफ है। घरेलू गैस सिलेंडरों का इस तरह उपयोग करना कानूनन अपराध माना जाता है। जिला रसद अधिकारी विजय सिंह ने बताया - अवैध भंडारण और घरेलू गैस का व्यावसायिक उपयोग सख्त रूप से प्रतिबंधित है। मामले में संबंधित लोगों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
चंडीगढ़ में एसएसपी (लॉ एंड ऑर्डर) कंवरदीप कौर एमएचए की और से एक साल की एक्सटेंशन मिल गई है। उनका 3 साल का कार्यकाल 8 मार्च 2026 को पूरा हो चुका था और वह इसी बीच छुट्टी पर चली गई, जिसके बाद एसएसपी का टंपरेरी चार्ज एसएसपी ट्रैफिक सुमेर प्रताप को सौंपा गया। एसएसपी कंवरदीप कौर ने एक साल के लिए एक्सटेंशन लेने के लिए लिखकर भेजा था और एक साल के एक्सटेंशन के लिए पंजाब सरकार ने एनओसी दे दी। इसके अलावा चंडीगढ़ प्रशासक ने भी मंजूरी दे दी। एमएचए की ओर से भी एसएसपी की फाइल को मंजूरी मिल चुकी थी लेकिन फाइल प्रधानमंत्री की टेबल तक पहुंच गई और वहीं से मंजूरी मिलने में कुछ समय लग गया। डिस्टर्ब एरिया का टैग हटा चंडीगढ़ से डिस्टर्ब एरिया का कलंक हटे कई साल हो चुके हैं। तभी से एसएसपी के पद पर पंजाब कैडर के आईपीएस अधिकारियों की तैनाती होती आ रही है। जबकि हकीकत यह है कि यह पद न तो 60-40 के किसी फॉर्मूले का है और न ही इस पर किसी राज्य का अधिकार है। आतंकवाद के दौर में चंडीगढ़ को डिस्टर्ब एरिया घोषित किया गया था। उस समय खालिस्तानी आतंकवाद से निपटने के लिए पहली बार पंजाब कैडर के आईपीएस सुमेध सिंह सैनी को यहां तैनात किया गया था। उससे पहले चंडीगढ़ में एसएसपी की जिम्मेदारी यूटी कैडर के आईपीएस अधिकारी ही संभालते थे। सैनी के तबादले के बाद से लगातार पंजाब कैडर के अधिकारी ही एसएसपी बनाए जाते रहे।
गयाजी में सोमवार देर रात अपराधियों ने घर से 500 मीटर पहले एक युवक को रास्ते में घेरकर गोली मार दी। कंधे के पास बुलेट लगी है। हालत गंभीर बनी हुई है। मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल से डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया है। घटना डेल्हा थाना की है। घायल की पहचान धनिया बगीचा निवासी अविनाश कुमार(30) के तौर पर हुई है। इस हमले के पीछे प्रेम-प्रसंग की बात सामने आ रही है। अविनाश ने दूसरे समाज की एक युवती से शादी की थी। इसको लेकर युवती के परिवार नाराज बताए जा रहे थे। चर्चा है कि इसी विवाद के चलते इस वारदात को अंजाम दिया गया। घर पहुंचने के पहले घेरकर मारा जानकारी के अनुसार अविनाश देर रात साढ़े 10 बजे के करीब कहीं से लौट रहा था। घर से करीब 500 मीटर पहले घात लगाकर बैठे अपराधियों ने उसे घेर लिया। अचानक उस पर गोली चला दी। कंधे पर बुलेट लगते ही सड़क पर गिर पड़ा। इस बीच सभी मौके से फरार हो गए। फायरिंग की आवाज सुनते ही आसपास के लोग अपने-अपने घरों से बाहर निकल आए। सड़क पर अविनाश को खून से लथपथ पड़ा देखा। इसके बाद परिजनों को सूचना दी गई। स्थानीय लोगों की मदद से उसे तुरंत मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया। प्रेम-प्रसंग के एंगल से जांच थानाध्यक्ष इंद्रदेव इंद्र ने बताया कि गोलीबारी की घटना किस वजह से हुई, इसकी जांच की जा रही है। प्रारंभिक जानकारी में मामला प्रेम-प्रसंग से जुड़ा बताया जा रहा है। इस एंगल से भी छानबीन चल रही है। जल्द ही पूरे मामले का खुलासा कर दिया जाएगा। करण नाम के युवक की तलाश की जा रही है।
बस्तर जिले में मैदानी स्तर पर व्यवस्थाएं मजबूत करने के लिए अब SDM हर सप्ताह दो स्कूलों, दो आश्रम-छात्रावासों, PDS दुकानों और आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण करेंगे। कलेक्टर आकाश छिकारा ने SDM को इसके निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि नियमित निरीक्षण से शिक्षा, पोषण और सार्वजनिक वितरण प्रणाली की स्थिति का वास्तविक आकलन हो सकेगा और कमियों को तुरंत सुधारा जा सकेगा। बैठक में बस्तर मैराथन, खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स समेत जिले में चल रही विभिन्न जनहितकारी योजनाओं की भी समीक्षा की गई। पुस्तक दान महाभियान होगा शुरू 19 मार्च को जिला और ब्लॉक स्तर पर पुस्तक दान महाभियान आयोजित किया जाएगा। कलेक्टर ने जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और शिक्षकों से इस अभियान में भाग लेने की अपील की। उनका कहना था कि किसी के लिए पुरानी पुस्तक, पढ़ने वाले विद्यार्थी के लिए नई हो सकती है। अग्निवीर भर्ती अभियान स्कूलों से पास-आउट विद्यार्थियों को अधिक से अधिक संख्या में अग्निवीर भर्ती अभियान से जोड़ने पर जोर दिया गया। अधिकारियों को युवाओं को जानकारी देने और प्रेरित करने के निर्देश दिए गए। सुरक्षा बलों के कैंप में रक्तदान शिविर बैठक में सुरक्षा बलों के कैंपों में रक्तदान शिविर आयोजित करने की योजना पर चर्चा हुई। साथ ही आयुष्मान कार्ड की ब्लॉकिंग स्थिति में सुधार लाने को कहा गया। महिला-बाल विकास विभाग को पोषण ट्रैकर ऐप में जानकारी अपडेट करने और प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के तहत नवजात बच्चों का डाटा 15 दिनों के भीतर दर्ज करने के निर्देश दिए गए। रिक्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पदों पर भर्ती प्रक्रिया तेज करने को भी कहा गया।
सतना के सरदार वल्लभभाई पटेल जिला चिकित्सालय में गैस सिलेंडर की कमी के कारण रोजाना 500 मरीजों का भोजन अब मजबूरी में लकड़ी के चूल्हे पर पकाया जा रहा है, जिससे अस्पताल की रसोई व्यवस्था प्रभावित हुई है और मरीजों तक खाना पहुंचने में देरी हो रही है। इन दिनों शहर में घरेलू और कॉमर्शियल गैस सिलेंडरों की आपूर्ति में भारी कमी देखी जा रही है। इस गैस संकट का असर अब आम घरों से निकलकर सरकारी संस्थानों तक भी पहुंच गया है। शहर के सबसे बड़े स्वास्थ्य संस्थान जिला चिकित्सालय की रसोई भी इस गैस संकट से अछूती नहीं रह पाई है। एजेंसियों से नहीं मिल रही आपूर्ति, बनाया अस्थायी चूल्हा अस्पताल प्रबंधन को पिछले कुछ दिनों से रसोई में उपयोग होने वाले गैस सिलेंडर की कमी का सामना करना पड़ रहा है। सिलेंडर खत्म हो जाने के बाद नए सिलेंडर समय पर उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं और गैस एजेंसियों से भी पर्याप्त आपूर्ति नहीं मिल रही है। इस स्थिति में अस्पताल कर्मचारियों ने आपात स्थिति से निपटने के लिए मजबूरी में लकड़ी का अस्थायी चूल्हा बनाया है और उसी पर भोजन पकाया जा रहा है। भोजन बनने की गति धीमी, वितरण में हो रही देरी पहले जहां गैस पर बड़ी मात्रा में भोजन जल्दी तैयार हो जाता था, वहीं अब लकड़ी के चूल्हे पर पकाने में अधिक समय लग रहा है। भोजन बनने की गति काफी धीमी हो जाने के कारण अस्पताल में भर्ती मरीजों तक खाना पहुंचने में लगातार देरी हो रही है। जिला अस्पताल की रसोई में रोजाना लगभग 500 मरीजों के लिए सुबह का नाश्ता, दोपहर और रात का भोजन तैयार किया जाता है। कभी-कभी यह संख्या इससे भी अधिक हो जाती है।
सीहोर में घरेलू गैस सिलेंडरों का व्यावसायिक उपयोग:खाद्य विभाग ने दो दिन में जब्त किए 20 सिलेंडर
सीहोर जिले में घरेलू गैस सिलेंडरों के व्यावसायिक उपयोग को रोकने के लिए खाद्य विभाग द्वारा लगातार छापामार कार्रवाई की जा रही है। पिछले दो दिनों से चल रहे इस अभियान के तहत विभिन्न व्यावसायिक संस्थानों, होटलों और दुकानों की जांच की जा रही है। जांच के दौरान कई स्थानों पर घरेलू गैस सिलेंडरों का व्यावसायिक उपयोग करते हुए पाया गया, जिन्हें जब्त किया गया है। भैरूंदा में 8 गैस सिलेंडर जब्त इसी क्रम में भैरूंदा क्षेत्र में खाद्य विभाग की टीम ने 10 दुकानों और प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान कई स्थानों पर घरेलू गैस सिलेंडरों का उपयोग व्यावसायिक कार्यों में किया जा रहा था। कार्रवाई के दौरान कुल 8 घरेलू गैस सिलेंडर जब्त किए गए। यह कार्रवाई सहायक आपूर्ति अधिकारी प्रकाश यादव और खाद्य विभाग के कर्मचारियों द्वारा की गई। बुधनी में 12 सिलेंडर पकड़े इसी तरह बुधनी क्षेत्र में भी खाद्य विभाग की टीम ने 7 दुकानों और प्रतिष्ठानों की जांच की। निरीक्षण के दौरान यहां से 12 घरेलू गैस सिलेंडर जब्त किए गए, जिनका उपयोग व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए किया जा रहा था। बुधनी में यह कार्रवाई सहायक आपूर्ति अधिकारी प्रकाश यादव और मृगी अग्रवाल सहित खाद्य विभाग के अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम ने की। अभियान जारी रहेगा जिला आपूर्ति अधिकारी रेशमा भामोर ने बताया कि जिले में एलपीजी गैस सिलेंडरों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और गैस की आपूर्ति भी सामान्य रूप से जारी है। उन्होंने कहा कि घरेलू गैस सिलेंडरों के अवैध व्यावसायिक उपयोग को रोकने के लिए खाद्य विभाग द्वारा यह अभियान लगातार जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी का असर भी अब मैदानों में दिखाई देने लगा है। इसके कारण हरियाणा के तापमाप में गिरवट दर्ज की गई है। ठंडी हवाएं चलने से एक बार फिर से लोगों को ठंड का एहसास हो रहा है। प्रदेश में पिछले 24 घंटे में औसत न्यूनतम तापमान में करीब 1.8 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। ठंडी हवाओं और बादलों के कारण सुबह-शाम हल्की ठंड महसूस की जा रही है। सोमवार को प्रदेश का सबसे कम न्यूनतम तापमान 12.9C सिरसा में दर्ज किया गया। वहीं हिसार में 14.0C, करनाल में 13.9C और नारनौल में 13.0C न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड हुआ। वहीं प्रदेश का सबसे अधिक अधिकतम तापमान 36C गुरुग्राम में दर्ज किया गया। आने वाले दिनों में ऐसा रहेगा मौसम आईएमडी के अनुसार 19 मार्च को कई जिलों में फिर से मौसम बदलेगा, गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवा चल सकती है। 20 मार्च को प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में आंधी, गरज-चमक और बारिश की संभावना जताई गई है। हवा की गति 40–50 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि पहाड़ों पर लगातार हो रही बर्फबारी और पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से हरियाणा में मार्च के बीच में भी तापमान में उतार-चढ़ाव और ठंडक बनी रह सकती है। एक और पश्चिमी विक्षोभ होगा एक्टिव चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मौसम विभाग के सीनियर साइंटिस्ट डॉ. चंद्रशेखर डागर के अनुसार हरियाणा राज्य में मौसम आमतौर पर 18 मार्च तक परिवर्तनशील रहने की संभावना है। 18 मार्च रात्रि को पश्चिमी विक्षोभ आने की संभावना है। जिसके आंशिक प्रभाव से 19 मार्च से राज्य के मौसम में फिर से बदलाव होने के संभावना है। इस दौरान बीच-बीच में हवाओं में बदलाव आने से दिन के तापमान में हल्की गिरावट व रात्रि तापमान में हल्की बढ़ोतरी होने की संभावना है।
13 साल से कोमा में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हरीश राणा के लिए आज से एम्स में पानी देना भी बंद कर दिया जाएगा। यह पानी ट्यूब किे जरिए उन्हें दिया जाता था। इससे पहले सोमवार को एम्स में डॉक्टरों ने पूरी प्रिक्रिया को शुरु करते हुए नलियों से भोजन भी नहीं दिया। हरीश राणा से अब परिवार और कोई भी बाहरी व्यक्ति नहीं मिल सकता। एम्स में उनके फोटो और वीडियो पर पूरी तरह से रोक लगाई है। 14 मार्च को गाजियाबाद के राज नगर स्थित राज एंपायर सोसायटी से हरीश राणा को एम्स दिल्ली में शिफ्ट किया गया था। जहां सोमवार को उनके टेस्ट की पूरी प्रिक्रिया शुरु हुई। बहुत कम दिन अब जीवित रहेंगे दिल्ली के एम्स में आईआरसीएच के पैलिएटिव केयर वार्ड में भर्ती हैं। सोमवार को डॉक्टरों की एक मीटिंग हुई, जिसमें अलग अलग विभागों के सीनियर डॉक्टर शामिल रहे। इसके बाद देर शाम उन्हें ट्यूब के जरिए भोजन नहीं दिया गया। आज मंगलवार को पानी भी नहीं दिया जाएगा। इस प्रक्रिया को डॉक्टरों की टीम बड़ी बारीकी से देखते हुए इस पर नजर रखी हुई। इच्छामृत्यु के लिए पूरा प्रॉटोकॉल बनाया गया है। उनका ऑक्सीजन सपोर्ट भी हटा दिया गया। डॉक्टरों ने यह बताया कि खाना पानी बंद होने के बाद औसतन एक वीक तक ही इंसान जीवित रह सकता है। सबको माफ करते हुए की वीडियो 14 मार्च को गाजियाबाद स्थित राज एंपायर सोसायटी के फ्लैट में ब्रह्मकुमारी लवली ने हरीश राणा के सिर पर हाथ फेरते हुए कहा- हरीश राणा का परिवार करीब 18 साल से ब्रहमकुमारीज से जुड़ा है। करीब 6 साल पहले पूरा परिवार गाजियाबाद शिफ्ट हुआ था। इससे पहले 13 साल तक हरीश राणा के पिता अशोक राणा दिल्ली रहे। बीके लवली ने बताया कि दो- 3 साल पहले हरीश की पीडा के बारे में परिवार ने बताया। कि अब हम पर इतना दर्द नहीं देखा जाता। जहां हरीश के भाई, बहन और मां और पिता हर रोते हैं। मां हमेशा अपने बेटे को सहलाती है। गाजियाबाद से विदाई के समय ब्रह्मकुमारी ने हरीश के माथे पर चंदन का टीका भी लगाया। इसके बाद हरीश अपने अंतिम सफर पर निकल पड़े। इस दौरान हरीश के परिवार के सभी सदस्यों की आंखें नम हो गईं। पिता अशोक ने परिवार के सभी सदस्यों से माफी मांगी। बोले- न चाहते हुए भी यह कदम उठाना पड़ा है। ब्रह्मकुमारी परिवार से जुड़ा राणा परिवारब्रह्मकुमारी परिवार से जुड़े राणा परिवार ने अपना दर्द बहन लवली से साझा किया तो उन्होंने एक वकील भेजा। राणा कहते हैं, 'हाईकोर्ट ने तो हमारी याचिका खारिज कर दी थी, पर सुप्रीम कोर्ट ने मंजूरी देकर हरीश पर बड़ा उपकार किया। हमसे उसकी पीड़ा देखी नहीं जाती, बेबसी ये है कि वह बता भी नहीं पाता कि उसे कहां-क्या तकलीफ है। हमारा तो बच्चा है, सेवा कर रहे हैं और जब तक सामर्थ्य है करते ही रहेंगे। कोर्ट के फैसले के बाद एम्स ने सभी तैयारी कर ली है। बस हमें तय करना है कि उसे आखिरी बार इस बिस्तर से उठाकर कब एम्स ले चलें। हम तो इसे पैसिव यूथेनेशिया भी नहीं बोलना चाहते। हम इसे भगवान की गोद में छोड़ रहे है। हम उसे ऐसे अनुभवी डॉक्टरों के पास छोड़ रहे हैं जो उसे घातक इंजेक्शन नहीं देंगे। बल्कि प्राकृतिक रूप से जीवन छोड़ने का रास्ता सुगम करेंगे। एम्स में अनुभवी डॉक्टरों की निगरानी में सिर्फ फूड पाइप हटाएंगे। हम उसे पानी पिलाते रहेंगे, जैसे कोई व्रत करता है। जब हरीश प्राण त्याग देगा तो बहुत सम्मान से घर लाएंगे और उसे अंतिम विदाई देंगे। परिवार और सोसायटी में खामोशी छाई हरीश के दिल्ली एम्स में शिफ्ट होने के बाद परिवार में खामोशी है। पिता भी किसी से मिल नहीं रह रहे हैं, सोसायटी के लोग इतना बताते हैं कि वह भावुक हैं। बहन और मां दिल्ली से आने के बाद भी रोए। जिसे जन्म दिया, पाल-पोसकर बड़ा किया। फिर से अबोध की तरह उसकी देखभाल करनी पड़ी तो उसमें मां को कष्ट कैसा। दुख तो बस इस बात का रहा कि इसने तो अपनी पीड़ा भी नहीं बताई। सुबह-शाम जब उसकी मालिश करती तो मैं उसे घर के किस्से सुनाती आज क्या-क्या हुआ? कई बार घंटों तक बस इंतजार करती कि एक बार बस पलक झपके, ताकि मुझे लगे कि उसने सब सुन लिया। कभी उबासी लेता, कभी छींक आती या आंखों के आसपास की त्वचा फड़कती तो हमें उसी से उसके जिंदा होने का सुकून होता था। हरीश इस हाल में कैसे पहुंचे, वजह जानिए… दिल्ली में जन्मे हरीश राणा चंडीगढ़ की पंजाब यूनिवर्सिटी से बीटेक कर रहे थे। साल 2013 में आखिरी सेमेस्टर की पढ़ाई के दौरान हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिर गए। हादसे के बाद उनके पूरे शरीर में लकवा मार गया और वह कोमा में चले गए। तब से न वह बोल पा रहे हैं और न ही किसी चीज को महसूस कर पा रहे हैं। डॉक्टरों ने हरीश को क्वाड्रिप्लेजिया नाम की गंभीर बीमारी से पीड़ित बताया है। इस स्थिति में मरीज पूरी तरह फीडिंग ट्यूब (खाने-पीने की नली) और वेंटिलेटर के सहारे जिंदा रहता है। डॉक्टरों के मुताबिक इसमें ठीक होने की संभावना लगभग नहीं होती। पिछले 13 साल से लगातार बिस्तर पर पड़े रहने की वजह से हरीश के शरीर पर बेडसोर्स यानी गहरे घाव भी हो गए हैं। समय के साथ उनकी हालत और ज्यादा बिगड़ती जा रही है। परिवार के लिए उन्हें ऐसे देखना मानसिक रूप से बेहद कठिन हो गया है।
राज्यसभा चुनाव के पांच पदों पर हुए चुनाव में एनडीए ने क्लीन स्वीप करते हुए सभी सीटों पर जीत दर्ज की। महागठबंधन के उम्मीदवार एडी सिंह को शिकस्त मिली। महागठबंधन के 4 विधायक वोट देने नहीं पहुंचे थे, जिसमें कांग्रेस के 3 विधायक शामिल थे। दो विधायक सुरेंद्र और मनोज विश्वास से पार्टी नेताओं का संपर्क नहीं हो पाया। बिहार कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने कहा कि हमारे विधायक अचानक से रडार से बाहर हो गए। मुझे पहले से इसकी आशंका थी। हमारे विधायक चोरी कर लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी की ओर से इन सभी विधायकों पर कार्रवाई होगी। राज्यसभा चुनाव के बाद दैनिक भास्कर ने बिहार कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम से बातचीत की, क्या कहा पढ़िए रिपोर्ट… सवाल- राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस के विधायक नहीं पहुंचे थे, इसपर क्या कहना हैं ? जवाब- मेरे और मेरी पार्टी के लिए यह सेटबैक वाली बात है। 12 मार्च को सभी विधायक एक साथ बैठे थे और मीटिंग हुई थी। 13 मार्च की रात तक मेरी सभी से बात हुई थी। बाद में सभी का फोन अनरीचेबल आने लगा। हमारे विधायक चोरी कर लिए गए हैं। बीजेपी ने यहां पर चोरी करके सरकार बनाई और अब तो नीतीश कुमार को भी चोरी कर लिया है। राज्यसभा के 5वीं सीट के लिए हमारे विधायकों को भी चोरी कर लिया है। पहले उन्होंने वोट चोरी की और फिर जीते हुए प्रतिनिधि को डरा कर, प्रलोभन देकर अपने पाले में किया। 13 तारीख के बाद अचानक से हमारे विधायक को पता नहीं क्या हुआ कि वे अनरीचेबल हो गए। यह अपने आप में एक बड़ा घटनाक्रम है। नीतीश कुमार की सरकार में कभी भी यह घटना नहीं हुई। मगर बीजेपी का जहां-जहां सत्ता होता है, वहां विधायक चोरी हो जाते हैं। इसलिए हमारे विधायक वोट देने नहीं पहुंचे। सवाल- बीते दिनों से कांग्रेस के विधायक ट्रेसलेस बताए जा रहे थे, पहले से इस बात की आशंका थी? जवाब- सबसे पहले मैं 4 तारीख को सभी विधायकों से मिला था। राज्यसभा को लेकर चर्चा चली थी। फिर 9 को मुलाकात हुई और कई विधायकों के घर पर जाकर मैंने चाय पी। 12 को मेरी दिल्ली में मीटिंग थी और जब मैंने बात की तो सभी विधायक एक साथ पटना में मौजूद थे। 13 तारीख के बाद से जब हमने कांटेक्ट करना शुरू किया और वह ट्रेसलेस आए, तो फिर आशंका हो गई थी। पहले से भी थोड़ी आशंका थी क्योंकि बीजेपी कुछ भी कर सकती है। हमारे जीते हुए विधायकों को भाजपा ने चोरी करके एब्सेंट करवा दिया और फिर रिजल्ट ले लिया। तीनों विधायकों पर क्या पार्टी की कार्रवाई करेगी? जवाब: इनपर कार्रवाई तो बिल्कुल बनती है। इसमें हम केंद्रीय नेतृत्व और एक्सपर्ट से राय लेंगे। जीते हुए प्रतिनिधि के हिसाब से सारी चीजें देखी जाएगी। सीनियर लोगों से चर्चा करके कमेटी के माध्यम से सारी प्रक्रिया को देखा जाएगा, उसके बाद कार्रवाई जरूर होगी। सवाल- मांझी का ट्वीट है पैसे लेकर टिकट बेचिएगा तो विधायक फोन ऑफ नहीं करेंगे, क्या कहेंगे? जवाब: जीतन राम मांझी सीएम रह चुके हैं। नीतीश कुमार ने त्याग करके उन्हें सीएम बनाया था। बाद में वह नीतीश कुमार को दगा दे गए। 'दगाबाज बलमा बतिया क्या माने' लाइन उन पर सूट करती है। इसके बाद घुसकर महागठबंधन में आ गए। फिर एनडीए में चले गए। मैं उनसे एक सवाल करता हूं कि आखिर जीतन राम मांझी की पार्टी कैसे चल रही है? जीतन राम मांझी केंद्र में MSME मंत्री हैं, तो जो सारे उद्योगपतियों से चंदा लेकर यह अपने पार्टी में दे रहे हैं, उस बात को उन्हें क्लियर कर देना चाहिए। दूसरी तरफ वो अपने परिवार को ही टिकट दे रहे हैं। परिवार के बाहर आखिर उनका एक भी टिकट बता दीजिए। इन लोग की मानसिकता लोकतंत्र में सत्ता में रहना है। आज अगर हम लोग मजबूत हो गए, तो वह कहेंगे कि कांग्रेस बड़ी मजबूत पार्टी है। समय के साथ जीतन राम मांझी करवट बदलते हैं।
सतना जिले के कोठी क्षेत्र में सोमवार शाम करीब 3:30 बजे अचानक मौसम बदलने से गरज-चमक के साथ चने के आकार के ओले गिरे और हल्की बूंदाबांदी हुई, जिससे खेतों में खड़ी सरसों, गेहूं, चना और मसूर की फसलों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। ग्रामीणों के अनुसार, चिलचिलाती धूप के बीच सोमवार दोपहर करीब 3:30 बजे तेज हवा के साथ अचानक मौसम बिगड़ गया। इस दौरान बूंदाबांदी के साथ चने के बराबर ओले गिरे, जिससे खेतों और खलिहानों में रखी फसलों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। खेत में खड़ी सरसों, गेहूं, चना और मसूर की फसलें इस अचानक हुई ओलावृष्टि से प्रभावित हुई हैं। बादलों की सक्रियता से किसानों की बढ़ी चिंता अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से लगातार मैदानी क्षेत्रों में नमी आ रही है। इस नमी के कारण पिछले तीन दिनों से आकाश में बादलों की लगातार सक्रियता बनी हुई है। आकाश में बादल देखकर किसान चिंतित हैं कि यदि दोबारा बारिश के साथ ओले गिरे तो फसलों को ज्यादा क्षति हो सकती है। सामान्य से 4 डिग्री अधिक रहा दिन का तापमान जिले में सोमवार को न्यूनतम तापमान 21 डिग्री और अधिकतम तापमान 1 डिग्री बढ़कर 36.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिन का तापमान सामान्य से 4 डिग्री और रात का तापमान सामान्य से 5 डिग्री अधिक चल रहा है। हवा में सुबह की नमी 61 प्रतिशत और शाम को 24 प्रतिशत दर्ज की गई, वहीं गर्मी से बचने लोग मुंह पर कपड़ा बांधकर निकल रहे हैं।
विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में मंगलवार तड़के चार बजे भस्म आरती के लिए मंदिर के कपाट खोले गए। सबसे पहले भगवान महाकाल को हरिओम के साथ जल से अभिषेक किया गया, इसके बाद दूध, दही, घी, शक्कर, शहद और फलों के रस से बने पंचामृत से विधिवत पूजन हुआ। इसके बाद भगवान का रजत चंद्र, त्रिशूल और त्रिपुंड के साथ ड्रायफ्रूट से राजा स्वरूप में विशेष श्रृंगार किया गया। नंदी हॉल में नंदी जी का स्नान, ध्यान और पूजन भी किया गया। भगवान महाकाल को रजत शेषनाग मुकुट, रजत मुण्डमाल और रुद्राक्ष की माला के साथ सुगंधित पुष्पों की माला धारण कराई गई। इसके बाद फल और मिष्ठान का भोग लगाया गया। झांझ, मंजीरे और डमरू की ध्वनि के बीच भगवान महाकाल की भस्म आरती संपन्न हुई। भस्म आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और बाबा महाकाल का आशीर्वाद प्राप्त किया। महा निर्वाणी अखाड़ा की ओर से भगवान महाकाल को भस्म अर्पित की गई। मान्यता है कि भस्म अर्पित होने के बाद भगवान निराकार से साकार रूप में भक्तों को दर्शन देते हैं।

