जिले के गांव खाराखेड़ी के पूर्व सरपंच राजेंद्र खिलेरी हत्याकांड में आरोपी निलंबित सरपंच संजय खिलेरी को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अब तक इस मामले में चार आरोपी पकड़ चुकी है। इससे पहले आरोपी विनोद गोदारा, उसके भाई विक्रम गोदारा और उसके चचेरे भाई जिले सिंह उर्फ सेठी को पकड़ा जा चुका है। पहले पकड़े गए तीनों आरोपियों के चार दिन का रिमांड शनिवार को खत्म हुआ। रिमांड अवधि पूरी होने के बाद तीनों को सिविल अस्पताल ले जाकर मेडिकल करवाया गया। इसके बाद दोबारा से कोर्ट में पेश किया गया। रिमांड के दौरान उनकी निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त एक 12 बोर बंदूक, एक देशी पिस्तौल तथा 12 बोर के पांच जिंदा कारतूस बरामद किए गए। निलंबित सरपंच की क्रेटा कार भी बरामद सदर थाना प्रभारी प्रहलाद राय ने बताया कि आरोपी की निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त क्रेटा कार भी बरामद कर ली गई है। बता दें कि 4 जुलाई को गांव खाराखेड़ी स्थित रंगला पंजाब तड़का ढाबा के पास पूर्व सरपंच राजेंद्र खिलेरी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। आरोपियों ने कई राउंड फायर किए थे। इनमें से एक गोली राजेंद्र के गले में लगी जबकि 40 छर्रे छाती, सिर, मुंह पर लगे। इस कारण पूर्व सरपंच की मौत हो गई। पुलिस ने मृतक के भतीजे सौरव के बयान पर 5 जुलाई को बीएनएस की धारा 191(2), 191(3), 103(1), 61(2) और आर्म्स एक्ट की धारा 25/54/59 के तहत मामला दर्ज किया था।
जिलाधिकारी शैलेश कुमार को लगातार मिल रही शिकायतों के बाद विभिन्न चिकित्सा अधीक्षकों का स्थानांतरण किया गया। इसी क्रम में दुर्गागंज भवानीपुर के अधीक्षक डॉ. शुभंकर श्रीवास्तव को गोपीगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का नया चिकित्सा अधीक्षक नियुक्त किया गया है। शनिवार को डॉ. शुभंकर श्रीवास्तव ने गोपीगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर अपना कार्यभार ग्रहण किया। इस दौरान चिकित्सकों और अस्पताल के कर्मचारियों ने माल्यार्पण कर नए चिकित्सा अधीक्षक का स्वागत किया। कार्यभार ग्रहण करने के बाद चिकित्सा अधीक्षक ने अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड, दवा स्टोर रूम, ब्लड जांच केंद्र सहित अन्य वार्डों का निरीक्षण किया। उन्होंने चिकित्सकों और अस्पताल के कर्मचारियों से औपचारिक मुलाकात भी की। डॉ. श्रीवास्तव ने कहा कि शासन द्वारा मिल रही स्वास्थ्य सुविधाओं को आम जनता तक पहुंचाना और गोपीगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना उनकी पहली प्राथमिकता होगी। उन्होंने सभी कर्मचारियों और चिकित्सकों से मनोयोग के साथ रोगियों का इलाज करने का आग्रह किया, ताकि उन्हें किसी प्रकार की परेशानी न हो। इस अवसर पर आशुतोष पांडे, डॉ. स्वप्निल सिंह सहित अन्य चिकित्सक और कर्मचारी मौजूद रहे।
ग्वालियर के पुरानी छावनी थाना क्षेत्र स्थित महाकाल कोल्ड स्टोरेज के संचालक पर दाल बाजार के एक कारोबारी के साथ 2 करोड़ 25 लाख रुपए की अमानत में खयानत का मामला दर्ज किया गया है। आरोप है कि कारोबारी द्वारा कोल्ड स्टोरेज में सुरक्षित रखवाई गई 6565 बोरी मसूर, मलका, उड़द दाल और काबुली चना वापस नहीं किया गया। पुलिस ने यह कार्रवाई जिला न्यायालय के आदेश के बाद की है। पुराने कारोबारी संबंधों के भरोसे रखा था माल पुलिस और न्यायालय में प्रस्तुत दस्तावेजों के अनुसार चेतकपुरी विजय नगर निवासी कारोबारी जयराम डिगवानी, जो दाल बाजार में भरत ट्रेडिंग कंपनी का संचालन करते हैं, ने सितंबर 2023 में अपने पुराने कारोबारी संबंधों के चलते महाकाल कोल्ड स्टोरेज के संचालक महेश कुमार अग्रवाल के यहां अपनी फर्म का भारी मात्रा में स्टॉक सुरक्षित रखा था। इस स्टॉक में 6565 बोरी दाल और काबुली चना शामिल था, जिसकी कीमत करीब 2.25 करोड़ रुपए बताई गई है। रसीदें छीनने और मारपीट का भी आरोप शिकायत के अनुसार जब जयराम डिगवानी अपना माल वापस लेने और अंतिम हिसाब करने महाकाल कोल्ड स्टोरेज पहुंचे, तब महेश अग्रवाल अपने साथियों के साथ वहां मौजूद था। आरोप है कि जैसे ही व्यापारी ने माल की मूल रसीदें टेबल पर रखीं, आरोपियों ने रसीदें छीन लीं। विरोध करने पर उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की गई। उस समय पुलिस ने केवल मारपीट का मामला दर्ज किया, लेकिन करोड़ों रुपए के माल को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की गई। पंचायतों और जनसुनवाई के बाद भी नहीं मिली राहत पीड़ित व्यापारी ने आरोप लगाया कि अपना माल वापस पाने के लिए उन्होंने व्यापारिक संगठनों, सामाजिक स्तर पर पंचायतों और प्रशासनिक अधिकारियों से गुहार लगाई। नवंबर 2025 में उन्होंने पुरानी छावनी थाने में दोबारा शिकायत की और बाद में आईजी व एसपी की जनसुनवाई में भी पहुंचे, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। कोर्ट के आदेश के बाद दर्ज हुआ मामला पुलिस और प्रशासन से राहत नहीं मिलने पर जयराम डिगवानी ने ग्वालियर जिला न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने इसे गंभीर मानते हुए पुरानी छावनी थाना पुलिस को आरोपी के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने के निर्देश दिए। न्यायालय के आदेश के बाद पुलिस ने महेश कुमार अग्रवाल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 406 (अमानत में खयानत) सहित अन्य प्रासंगिक धाराओं में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जल्द होगी गिरफ्तारी और माल की बरामदगी: टीआई पुरानी छावनी थाना प्रभारी डॉ. संतोष यादव ने बताया कि न्यायालय के आदेश का पालन करते हुए कारोबारी की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर जल्द ही आरोपी की गिरफ्तारी तथा माल की बरामदगी की कार्रवाई की जाएगी।
रोहतक में उत्तर प्रदेश कांग्रेस विधान मंडल दल की नेता आराधना मिश्रा ने राम मंदिर घोटाले पर भाजपा सरकार को घेरा। आराधना मिश्रा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी जिस भगवान राम के नाम पर सत्ता में आई, अब उसी भगवान राम के नाम का व्यापार कर रही है। राम मंदिर में चंदा घोटाला इसका जीता जागता सबूत है। कांग्रेस नेता आराधना मिश्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री ने जिस मंदिर के उद्घाटन अवसर पर 8 हजार लोगों की आवभगत के लिए जनता द्वारा दिए गए चढ़ावे के 112 करोड़ रुपए उड़ा दिए। ध्वजारोहण कार्यक्रम के नाम पर ट्रस्ट के 10 करोड़ रुपए लगाए, आज उसी राम मंदिर के चंदा घोटाले पर चुप्पी साधे बैठे है। एक शब्द भी घोटाले को लेकर नहीं बोला जा रहा। प्रधानमंत्री को विदेश घूमने व अवॉर्ड बटोरने से फुर्सत नहींआराधना मिश्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री को विदेश में घूमने व अवॉर्ड बटोरने से ही फुर्सत नहीं है। लेकिन जिस देश की जनता ने उन्हें इतना बड़ा अवार्ड दे रखा है, उसके प्रति भी प्रधानमंत्री की जवाबदेही है। अपने देश को छोड़कर विदेशों में घूमने से कुछ नहीं होगा। राम मंदिर मामले में चुप्पी तोड़े प्रधानमंत्री आराधना मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा से राम की पुजारी रही है। राम मंदिर के लिए भूमि पूजन बूटा सिंह ने किया, उस समय कांग्रेस की सरकार थी। कांग्रेस तो राम की पुजारी है, लेकिन भाजपा राम नाम की व्यापारी है। इस मामले में प्रधानमंत्री को तत्काल चुप्पी तोड़नी चाहिए और अपना अधिकारिक बयान जारी करते हुए देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट के सीटिंग जज से होनी चाहिए जांच आराधना मिश्रा ने कहा कि राम मंदिर घोटाले की सुप्रीम कोर्ट के सीटिंग जज की निगरानी में जांच होनी चाहिए। इस मामले में जो सीधे तौर पर जिम्मेदार ट्रस्ट के सदस्य चंपत राय, गोपाल राव व अनिल मिश्रा पर कार्रवाई होनी चाहिए। आज कांग्रेस पार्टी पूरे देश में 50 जगह एक साथ राम मंदिर घोटाले को लेकर पत्रकारों से बात करते हुए मांग उठा रही है। राम मंदिर घोटाले के लिए डबल इंजन सरकार जिम्मेदारआराधना मिश्रा ने कहा कि भाजपा को शर्म आनी चाहिए कि घटना पर क्षमा मांगने की बजाय विपक्ष पर आरोप लगा रहे है। उत्तर प्रदेश में डबल इंजन सरकार है और पूरी जिम्मेदारी केंद्र व प्रदेश सरकार की है। लेकिन भाजपा आरोपियों को बचाने व सबूतों को मिटाने के लिए समय लगा रही है। भाजपा ने नहीं, सुप्रीम के आदेश से बना राम मंदिरआराधना मिश्रा ने कहा कि राम मंदिर का निर्माण भाजपा ने नहीं बल्कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर हुआ है। सुप्रीम कोर्ट ने पीएमओ को ट्रस्ट बनाने की जिम्मेदारी थी, लेकिन भाजपा ने ट्रस्ट में विश्व हिंदू परिषद व आरएसएस के लोगों को बैठा दिया। यहां तक कि एसबीआई के जिन लोगों की जिम्मेदारी पैसे गिनने की थी, उनके नाम भी आरएसएस ने दिए थे। मंदिर निर्माण के समय से चल रहा घोटाला आराधना मिश्रा ने कहा कि जब से राम मंदिर का निर्माण कार्य शुरू हुआ है, तभी से ट्रस्ट पर आरोप लगते रहे कि सस्ती जमीन खरीदकर महंगे दामों पर बेची जा रही है। ट्रस्ट में बैठे लोगों ने घोटाले को अंजाम दिया। तब क्यों नहीं सरकार ने इस तरफ ध्यान दिया। क्यों मंदिर में चोरी के दौरान सीसीटीवी खराब पड़े थे। ट्रस्ट का कोई लेखाजोखा नहीं है। क्योंकि भाजपा घोटाले में लगी हुई है।
मुरादाबाद के भगतपुर थाना क्षेत्र के जालपुर गांव में शनिवार सुबह 50 वर्षीय किसान का शव गन्ने के खेत में मिला है। शव मिलने की जानकारी गांव में हड़कंप मच गया। गांव के लोगों ने शव की पहचान कर परिजनों और पुलिस को घनटा की जानकारी दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। परिजनों ने किसान की हत्या का आरोप लगाया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। अब जानिए पूरा मामला… जालपुर निवासी संतोष सिंह(50) पुत्र भीम सिंह किसान थे। उनके परिवार में दो बेटे अनुज कुमार (21) और तनुज कुमार (19) और बेटी चंचल (23) हैं। पत्नी की 10 वर्ष पूर्व निधन हो चुका है। शुक्रवार शाम करीब सात बजे जालपुर स्थित रिसोर्ट में एक बारात आई थी। बारात में दो पक्षों के बीच विवाद हो गया था, जिसे संतोष सिंह ने मौके पर पहुंचकर शांत कराया था। परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप परिजनों का आरोप है कि संतोष द्वारा कराया गया बीच-बचाव हिमायूपुर निवासी नरेश और उसके भाई को पसंद नहीं आया। मामला शांत होने के बाद संतोष घर लौट आए थे, लेकिन रात करीब नौ बजे दोनों कथित अभियुक्त उन्हें घर से बुलाकर अपने साथ ले गए। जब संतोष काफी देर तक घर वापस नहीं लौटे, तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। देर रात करीब 12 बजे गांव से लगभग ढाई सौ मीटर दूर गन्ने के खेत में संतोष गंभीर हालत में पड़े मिले। उनके चेहरे पर चोट के निशान थे, जिससे मारपीट की आशंका जताई जा रही है। पुलिस ने शुरू की जांच परिजनों ने संतोष को तत्काल भोजपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर भगतपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। थानाध्यक्ष राजीव कुमार शर्मा ने बताया पुलिस मामले की गहनता से छानबीन कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
भोपाल के छोला मंदिर थाना क्षेत्र के कल्याण नगर में 50 वर्षीय महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। महिला का शव शनिवार को उसके घर से बरामद हुआ। शरीर पर कई जगह गहरे चोट और कान काटा होने से पुलिस हत्या की आशंका से भी इनकार नहीं कर रही है। फिलहाल मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पीएम रिपोर्ट मिलने के बाद हत्या का मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान मथरी बाई उर्फ ममता (50) पत्नी मुंशीलाल जाटव निवासी कल्याण नगर, छोला के रूप में हुई है। वह पिछले करीब आठ वर्षों से पति से अलग रह रही थी और सब्जी मंडी में हम्माली का काम कर अपना जीवनयापन करती थी। उसकी चार बेटियों में से तीन की शादी हो चुकी है, जबकि एक बेटी अपनी मौसी के पास रहती है। महिला घर में अकेली रहती थी और शराब पीने की आदी बताई गई है। शव शनिवार तड़के करीब 3:40 बजे पड़ोसियों की सूचना पर घर से बरामद किया गया। पड़ोसियों ने पुलिस को बताया कि महिला को आखिरी बार करीब दो दिन पहले देखा गया था। प्रारंभिक जांच में शव करीब 48 घंटे पुराना होने की संभावना जताई जा रही है। लूट के मंसूबे से की गई पत्नी की हत्या मृतका के पति मुंशीलाल जाटव का आरोप है कि किसी ने पहले उसकी पत्नी को शराब पिलाई, फिर लूट की नीयत से उसकी हत्या कर दी। उनका कहना है कि पत्नी के शरीर पर कई गंभीर चोटों के निशान हैं और कान में पहने सोने के झुमके सहित घर से सामान भी गायब है। हालांकि उन्होंने किसी पुरानी रंजिश या किसी संदिग्ध व्यक्ति का नाम पुलिस को नहीं बताया है। शरीर पर मल्टीपल चोटों के निशान छोला मंदिर थाने के एसआई महेश सरयम ने बताया कि महिला के शरीर पर कई स्थानों पर चोट और कट के निशान मिले हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मौत का कारण स्पष्ट होगा। हत्या की पुष्टि होती है तो संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई जाएगी। शरीर पर मिले अहम सुराग महिला के एक कान कटा मिला है। एक पैर के घुटने के पीछे गहरा कट का निशान है, जबकि दोनों हाथों की कलाइयों पर भी धारदार चोट के निशान पाए गए हैं। पुलिस का मानना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से इन चोटों की प्रकृति और मौत से इनके संबंध की स्थिति स्पष्ट होगी। इन बिंदुओं पर आगे बढ़ेगी जांच पुलिस अब महिला की मौत का सही समय और कारण पता लगाने के साथ घर से सामान गायब होने के दावे की भी जांच करेगी। इसके अलावा महिला से आखिरी बार मिलने वालों की जानकारी जुटाई जा रही है। आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जाएंगे और स्थानीय लोगों से पूछताछ की जाएगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर हत्या की पुष्टि होने पर हत्या की धाराओं में केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
धार के नौगांव क्षेत्र में इंदौर-अहमदाबाद फोरलेन पर रेलवे द्वारा करीब 120 करोड़ रुपये की लागत से बनाए गए ओवरब्रिज की सड़क महज चार महीने में ही उखड़ने लगी है। कई स्थानों पर डामर निकलने से गड्ढे बन गए हैं और नीचे की गिट्टी दिखाई देने लगी है। दूसरी लेन शुरू नहीं होने के कारण दोनों ओर का ट्रैफिक एक ही लेन से गुजर रहा है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ गई है। मार्च में शुरू हुआ था आवागमन रेलवे ट्रैक की टेस्टिंग के लिए मार्च में ओवरब्रिज को यातायात के लिए खोला गया था। जून में इसकी दूसरी लेन भी शुरू किए जाने की बात कही गई थी, लेकिन अब तक इसे चालू नहीं किया गया है। एक लेन पर बढ़ा ट्रैफिक का दबाव दूसरी लेन बंद होने से दोनों दिशाओं का पूरा ट्रैफिक एक ही लेन पर डायवर्ट किया जा रहा है। लगातार भारी वाहनों की आवाजाही के कारण सड़क की ऊपरी परत तेजी से क्षतिग्रस्त हो रही है। एक ही लेन पर दोतरफा यातायात होने से हादसों का खतरा भी बढ़ गया है। धूल, गिट्टी और गड्ढों से परेशान वाहन चालक उखड़ी सड़क से उड़ती धूल और बाहर निकली गिट्टी दोपहिया वाहन चालकों के लिए परेशानी का कारण बन रही है। कई जगह बने गड्ढों के चलते वाहन चालकों को बेहद सावधानी से गुजरना पड़ रहा है। रेलवे ने दी यह सफाई रेलवे विभाग का कहना है कि ओवरब्रिज का निर्माण कार्य अभी पूरी तरह पूरा नहीं हुआ है। विभाग के अनुसार, दोनों लेन शुरू होने के बाद सड़क का अंतिम निर्माण कार्य और आवश्यक मरम्मत कर ब्रिज को पूरी तरह व्यवस्थित किया जाएगा। हालांकि, 120 करोड़ रुपये की लागत से बने ओवरब्रिज की सड़क का महज चार महीने में उखड़ जाना निर्माण गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर रहा है।
बहराइच में बाघ ने युवक को खाया:कमर से नीचे का नोंचा, देर रात मिला अधखाया शव, मवेशी चराने जंगल गए थे
बहराइच के कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग में बाघ के हमले से एक ग्रामीण की मौत हो गई। मूर्तिहा क्षेत्र के धर्मपुर बेझा गांव निवासी दशरथ यादव (48) शुक्रवार दोपहर मवेशी चराने जंगल गए थे। देर रात उनका अधखाया शव जंगल में मिला। दशरथ यादव दोपहर करीब दो बजे ककरहा रेंज के जंगल में गए थे। रात आठ बजे तक घर नहीं लौटने पर परिजनों को चिंता हुई और उन्होंने वन विभाग तथा स्थानीय पुलिस को इसकी सूचना दी। सूचना मिलने पर मूर्तिहा कोतवाल रामनरेश, अमृतपुर पुरैना चौकी प्रभारी अमित गुप्ता, वनकर्मी और ग्रामीण तलाश में निकले। रात करीब दस बजे जंगल में चार किलोमीटर अंदर दशरथ का शव मिला, जिसका एक पैर जानवर खा गया था। प्रभागीय वनाधिकारी अपूर्व दीक्षित ने बताया कि मवेशी चराने के दौरान दशरथ की जानवर के हमले में मौत हुई है। उन्होंने लोगों से घने जंगल में न जाने की अपील की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
अमृतसर के गांव शहूरा में बीती देर रात एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान गुरअवतार सिंह के रूप में हुई है, जो अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। घटना के बाद गांव में दहशत और परिवार में मातम का माहौल है। मृतक के पिता लाहौरा सिंह ने आरोप लगाया कि उनके बेटे की गांव के गुरजंट सिंह, हनी और उनके अन्य साथियों के साथ रंजिश चल रही थी। बीती रात आरोपी मोटरसाइकिल पर उनके डेरे पर पहुंचे और गुरअवतार सिंह को बाहर आने के लिए आवाज लगाई। जैसे ही वह बाहर आया, दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। परिजनों का आरोप है कि विवाद बढ़ने पर गुरजंट सिंह और हनी ने कथित तौर पर पिस्तौल निकालकर गुरअवतार सिंह पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। गोलियां लगने से वह गंभीर रूप से घायल होकर वहीं गिर पड़ा। परिवार के सदस्य उसे तुरंत इलाज के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों के बयानों पर केस दर्ज घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। परिजनों के बयानों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस रेड कर रही है।
सिरोही एसपी पुष्पेंद्र सिंह राठौड़ ने जिले में 11 थाना अधिकारियों का स्थानांतरण किया है। आदेश के अनुसार कई अधिकारियों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर भेजा गया है। स्वरूपगंज थाना अधिकारी ओम प्रकाश चौधरी को शिवगंज थाना अधिकारी नियुक्त किया गया है। वहीं, साइबर थाने से चैल सिंह को पिंडवाड़ा थाना अधिकारी बनाया गया है। शिवगंज थाना अधिकारी बाबूलाल को उनके स्वयं के प्रार्थना पत्र पर शिवगंज थाने से पुलिस लाइन सिरोही में संचित निरीक्षक के पद पर भेजा गया है। पैलेडियम थाना अधिकारी कैलाश स्थान को पुलिस थाने में स्थानांतरित किया गया है। SIUCAW कार्यालय से माया पंडित को महिला पुलिस थाना भेजा गया है, जबकि पुलिस लाइन सिरोही से गंगा प्रसाद को साइबर थाना सिरोही की जिम्मेदारी दी गई है। प्रतिस्थापन की प्रतीक्षा में चल रहे बंशीलाल को एससी-एसटी कार्यालय सिरोही में पदस्थापित किया गया है। इसके अतिरिक्त चंद्रवीर को जिला विशेष शाखा प्रभारी, शंकर राम कड़वा को AHTU कार्यालय प्रभारी और तेजकरण को अपराध सहायक, अपराध शाखा कार्यालय का प्रभार दिया गया है। पिंडवाड़ा थाना अधिकारी महेंद्र सीरवी को पुलिस लाइन भेजा गया है।
कैमूर में कार चलाना सीख रही एक महिला ने वृद्ध महिला को टक्कर मार दी। हादसे में वृद्ध की मौत हो गई। घटना भभुआ थाना क्षेत्र अंतर्गत कबार गांव की है। मृतका की पहचान कबार गांव निवासी राजकुमार राम की पत्नी उर्मिला देवी के रूप में हुई है। मृतका के बड़े बेटे वकील राम ने सदर अस्पताल भभुआ में अपनी मां के शव का पोस्टमॉर्टम करावाया। नियंत्रण खोने के कारण मारी टक्कर उन्होंने कहा कि एक महिला शिक्षिका मारुति कार चलाना सीख रही थी। गाड़ी पर नियंत्रण खोने के कारण उसने पहले सड़क किनारे स्थित एक गुमटी में टक्कर मारी और फिर पास में मेरी मां को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी भीषण थी कि मां की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद वृद्ध महिला को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वकील राम ने जिला प्रशासन और सरकार से न्याय की गुहार लगाते हुए उचित सरकारी मुआवजे और आर्थिक सहायता की मांग की है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
फतेहाबाद पुलिस ने चाकू के बल पर कार ड्राइवर से लूट के प्रयास करने के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल किया गया चाकू भी बरामद किया है। यह घटना रतिया में हुई, पुलिस अब दो अन्य फरार आरोपियों की तलाश कर रही है। थाना शहर रतिया के प्रभारी उपनिरीक्षक अशोक कुमार के अनुसार, वार्ड नंबर-12, अरोड़ा कॉलोनी निवासी ओमपाल ने शिकायत दर्ज कराई है। ओमपाल गुरुग्राम स्थित हरियाणा अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम में क्लर्क के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि 10 जुलाई की रात ड्यूटी खत्म कर वें अपनी कार से रतिया लौट रहे थे। चाकू दिखाकर किया हमला, नकदी लूटने की कोशिश फतेहाबाद रोड पर ट्रक यूनियन के पास आइसक्रीम लेने के बाद जब वे आगे बढ़े, तो बाइक पर सवार तीन युवकों ने उनकी कार रोक ली। ओमपाल ने आरोप लगाया कि एक युवक ने चाकू दिखाकर उन पर हमला करने की कोशिश की, जबकि दूसरे ने मारपीट कर नकदी लूटने का प्रयास किया और जान से मारने की धमकी दी। घटना की सूचना मिलते ही डायल-112 और थाना शहर रतिया की पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने घेराबंदी कर त्वरित कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को घटनास्थल से ही गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान वार्ड नंबर-10, रतिया निवासी विक्रम उर्फ मजनू के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके पास से वारदात में प्रयुक्त चाकू भी बरामद किया। पुलिस ने इस मामले में थाना शहर रतिया में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं और शस्त्र अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। गिरफ्तार आरोपी को कोर्ट में पेश किया जाएगा। पुलिस फरार चल रहे अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।
सरगुजा जिले के मैनपाट में बीती रात दो बाइकों की भिड़ंत में तीन युवकों की मौत हो गईं। दोनों बाइक की रफ्तार तेज थी और हादसे के बाद बाइक सवार उछलकर सड़क पर जा गिरे। हादसे में दो युवकों की मौके पर मौत हो गई, एक अंबिकापुर हॉस्पिटल पहुंचने पर वह भी नहीं बच सका। मामला कमलेश्वरपुर थाना क्षेत्र का है। एक अन्य हादसे में नेशनल हाईवे 43 में ट्रक की टक्कर से महिला की मौत हो गई एवं उसका पति घायल हो गया। जानकारी के मुताबिक, मैनपाट के नर्मदापुर-बिजलहवा मुख्य मार्ग में शुक्रवार रात करीब 08 बजे तेज रफ्तार दो बाइक सीधे जा टकराए। हादसे में लुंड्रा निवासी अर्जुन लोहार (23 वर्ष) और गुड्डू राम (22 वर्ष) निवासी कोट, सीतापुर की मौके पर ही मौत हो गई। दोनों को बाइकों की टक्कर में गंभीर चोटें आई थीं। वे सड़क पर गिरे तो सिर में भी गंभीर चोट के कारण दोनों की मौत हो गई। घटना की सूचना पर कमलेश्वरपुर पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों की मदद से हादसे में घायल युवक विफल कुमार माझी (21 वर्ष) को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया। वहां से उसे गंभीर अवस्था में अंबिकापुर रेफर कर दिया गया। अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई। मैनपाट घूमने गए थे, आई हादसे की खबर हादसे की सूचना पर विफल कुमार माझी के परिजन अंबिकापुर पहुंचे। परिजनों ने बताया कि विफल शुक्रवार को गुड्डू के साथ बाइक में बैठक मैनपाट घूमने गए थे। वे देर शाम वापस घर लौट रहे थे। देर रात उन्हें हादसे की सूचना मिली। दूसरे बाइक में सवार अर्जुन लोहर अपने ससुराल नर्मदापुर जा रहा था। करीब एक वर्ष पूर्व ही उसकी शादी हुई थी। स्थानीय लोगों ने बताया कि हादसे के दौरान मौसम साफ था और सड़क पर धुंध भी नहीं थी। हादसा तेज रफ्तार में बाइक अनियंत्रित होने के कारण हुआ है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। नेशनल हाईवे में ट्रक ने दंपती को कुचला एक अन्य हादसे में नेशनल हाईवे 43 में ट्रक ने बाइक सवार दंपती को टक्कर मार दी। हादसे में बाइक सवार देवरी निवास रीता एक्का (48 वर्ष) की मौत हो गई वहीं उसका पति सुखन एक्का गंभीर रूप से घायल हो गया। दोनों किसी काम से सीतापुर गए थे और शाम को वापस लौट रहे थे। सेदम बाजार के पास उन्हें पीछे से आ रहे ट्रक ने टक्कर मार दी। टक्कर मारने वाले ट्रक का पता नहीं चला है।
पठानकोट-जम्मू नेशनल हाईवे पर मलिकपुर के पास एक टिप्पर ने ऑटो को टक्कर मार दी। इस हादसे में ऑटो चालक सहित 8 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जानकारी के अनुसार, यह घटना तब हुई जब एक ऑटो सवारियां लेकर करौली से सुन्दरचक की ओर जा रहा था। मलिकपुर के पास हाईवे पर पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार टिप्पर ने ऑटो को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि ऑटो अनियंत्रित होकर पलट गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, टिप्पर चालक लापरवाही से वाहन चला रहा था। पुलिस मामले की जांच में जुटी हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। ऑटो में चालक समेत कुल आठ लोग सवार थे, जिन्हें गंभीर चोटें आई हैं। दुर्घटना के तुरंत बाद स्थानीय राहगीरों और दुकानदारों ने घायलों को ऑटो से बाहर निकाला और तत्काल इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हाईवे से हटाकर यातायात सुचारु करवाया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
फिरोजाबाद में 11वीं कक्षा की एक छात्रा की कोचिंग से निकलने के बाद अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। छात्रा सड़क पर अचेत होकर गिर पड़ी, जिसके बाद उसे तत्काल सरकारी ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक छात्रा की पहचान दीपमाला उर्फ डिंपल के रूप में हुई है, जो शहर के रवि साइंस इंस्टीट्यूट में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही थी। कोचिंग की छुट्टी होने के बाद वह अपनी सहेली के साथ बाहर निकली थी।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कोचिंग से कुछ ही दूरी पर पहुंचते ही दीपमाला की तबीयत बिगड़ गई और वह सड़क पर गिर गई। घटना के बाद मौके पर मौजूद छात्र-छात्राओं, राहगीरों और कोचिंग स्टाफ ने छात्रा को तुरंत सरकारी ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया। चिकित्सकों ने प्रारंभिक जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। चिकित्सकों ने दीपमाला की मौत का प्रारंभिक कारण साइलेंट हार्ट अटैक बताया है। हालांकि, परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया, जिसके कारण मृत्यु के वास्तविक कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है। परिजनों ने बताया कि दीपमाला पढ़ाई में मेधावी थी और इंजीनियर बनने का सपना देख रही थी। उसकी अचानक हुई मौत से परिवार सदमे में है। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में परिचित और सहपाठी परिवार के घर पहुंचे।
नालंदा जिले में अपराध नियंत्रण को लेकर चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। इस्लामपुर थाना क्षेत्र के सुहावनपुर सुढ़ी गांव में पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने अवैध रूप से संचालित की जा रही एक मिनी गन फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई के दौरान मौके से निर्मित हथियारों के साथ-साथ बड़ी मात्रा में हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाली मशीनरी और उपकरण बरामद किए गए हैं। गुप्त सूचना पर हुई कार्रवाई हिलसा डीएसपी-2 ऋषिराज ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि गांव में लोहे का गेट और खिड़की बनाने की आड़ में अवैध हथियारों का निर्माण किया जा रहा है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए एसटीएफ, डीआईयू और इस्लामपुर थाना की टीम ने एक संयुक्त विशेष छापामारी दल का गठन किया। योजनाबद्ध तरीके से की गई इस छापेमारी में पुलिस ने सुहावनपुर सुढ़ी निवासी रमण विश्वकर्मा के घर पर दबिश दी, जहां फैक्ट्री का संचालन किया जा रहा था। हथियार निर्माण की सामग्री जब्त पुलिस की छापेमारी में अवैध हथियार बनाने का पूरा सेटअप पकड़ा गया है। बरामद सामानों में एक कट्टा, हथियार बनाने वाले स्प्रिंग, कई प्रकार के हैमर और लोहे की सामग्रियां शामिल हैं। इसके अलावा, फैक्ट्री में हथियारों को तैयार करने के लिए उपयोग की जाने वाली तीन ड्रिल मशीनें, दो ग्राइंडर, दो बेंच मशीन, एक आर्क वेल्डिंग मशीन, एक बड़ा कटर, जनरेटर और भट्ठी में हवा देने वाली पंखी भी बरामद की गई है। साथ ही, एक मोबाइल और वजन करने वाला वाट भी जब्त किया गया है। छापेमारी टीम में शामिल पुलिसकर्मी छापेमारी में शामिल पुलिस पदाधिकारी और कर्मियों की टीम में अपर थानाध्यक्ष राम कुमार पाल, शफीउल्लाह अंसारी, अरूण कुमार राय सहित एसटीएफ और डीआईयू के जवान शामिल थे।
पानीपत जिले में इसराना और मतलौडा के निवासियों को अब 24 घंटे बिजली मिलेगी। प्रदेश के विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार के व्यक्तिगत प्रयासों के बाद उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (UHBVN) ने यह निर्णय लिया है। मंत्री पंवार ने शुक्रवार को UHBVN के प्रबंध निदेशक विक्रम सिंह के साथ बैठक की। इस बैठक में मतलौडा और इसराना को तत्काल प्रभाव से ग्रामीण फीडर से हटाकर शहरी फीडर से जोड़ने के निर्देश दिए गए। प्रबंध निदेशक ने इन निर्देशों को अधीक्षण अभियंता और कार्यकारी अभियंता को जारी कर दिया है। दोनों पुरानी फीडर की इमारत हुई जर्जर मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने बताया कि दोनों फीडरों की पुरानी इमारतें जर्जर हो चुकी हैं। उन्होंने UHBVN के प्रबंध निदेशक को इस स्थिति से अवगत कराया। प्रबंध निदेशक ने कार्यकारी अभियंता को जल्द ही अनुमान तैयार कर टेंडर जारी करने और नई इमारतें बनाने के निर्देश दिए हैं। क्षेत्र के लोग लंबे समय से बिजली की समस्या से जूझ रहे थे। पहले दोनों फीडरों को शहरी फीडर से बिजली मिलती थी, लेकिन बाद में उन्हें ग्रामीण क्षेत्र से जोड़ दिया गया था, जिससे बिजली की समस्या बढ़ गई थी। मंत्री के हस्तक्षेप के बाद अब यह समस्या दूर हो गई है। मंत्री पंवार ने इसराना क्षेत्र के लोगों को आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता पर किया जाएगा।
नोएडा प्राधिकरण की लापरवाही एक बार फिर एक युवक की जान पर भारी पड़ गई। सेक्टर-58 में जलभराव और खुले नाले की वजह से 27 वर्षीय इंजीनियर आर्यन की मौत ने प्राधिकरण की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अलवर के सरिस्का पैलेस होटल और वन विभाग के बीच विवाद सामने आया है। होटल के मैनेजर प्रेमचंद्र शर्मा ने वन विभाग के कुछ कर्मचारियों के खिलाफ थानागाजी थाने में ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में गाली-गलौज, जातिसूचक टिप्पणी, धमकी देने और ड्रोन के जरिए होटल की गोपनीयता भंग करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। वहीं, वन विभाग ने इन आरोपों को खारिज करते हुए पूरे मामले को वन भूमि पर बिना अनुमति पौधारोपण करने से जुड़ा विवाद बताया है। गाली-गलौज और जातिसूचक टिप्पणी के लगाए आरोप होटल मैनेजर प्रेमचंद्र शर्मा के अनुसार, होटल के कर्मचारी जब भी होटल से बाहर निकलते हैं, तब वन विभाग के कर्मचारी उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं और गाली-गलौज करते हैं। कर्मचारियों ने इसकी जानकारी होटल के सुपरवाइजर धर्मेंद्र जाटव को दी। आरोप है कि गुरुवार शाम होटल के सामने पौधारोपण को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी हो गई। शिकायत में कहा गया है कि वन विभाग के कर्मचारी धर्मसिंह और कप्तान सिंह करीब 15 कर्मचारियों के साथ होटल पहुंचे। इस दौरान होटल स्टाफ के साथ गाली-गलौज की गई और सुपरवाइजर धर्मेंद्र जाटव के खिलाफ जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया गया। साथ ही कथित रूप से धमकी दी गई कि बाहर निकलोगे तब बताएंगे। मैनेजर का दावा है कि घटना के बाद डर के माहौल के चलते होटल के करीब 15 कर्मचारियों ने नौकरी छोड़ दी। मैनेजर ने यह भी आरोप लगाया कि वन विभाग के कर्मचारी अक्सर रात के समय ड्रोन कैमरे होटल परिसर के ऊपर उड़ाते हैं, जिससे होटल की गोपनीयता भंग होती है। उनका कहना है कि होटल में महिला कर्मचारी भी कार्यरत हैं और इस तरह की गतिविधियों से उनकी निजता प्रभावित होती है। DFO ने आरोपों को बताया निराधार वहीं, सरिस्का के डीएफओ अभिमन्यु सहारण ने होटल प्रबंधन के आरोपों से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि होटल के कर्मचारी होटल परिसर से बाहर वन विभाग की भूमि पर गड्ढे खोदकर पौधारोपण करना चाहते हैं, जबकि उन्हें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि यदि होटल परिसर के बाहर कोई कार्य करना है तो पहले विभाग से अनुमति लेनी होगी। अनुमति मिलने के बाद ही ऐसे कार्य किए जा सकते हैं। डीएफओ का कहना है कि कई बार होटल प्रबंधन हरियाणा से बाउंसर बुलाकर वन भूमि पर गड्ढे खुदवाने का प्रयास करता है। जब वन विभाग के कर्मचारी उन्हें रोकते हैं तो होटल पक्ष ही कहासुनी पर उतर आता है। ड्रोन कैमरे के आरोपों पर डीएफओ ने कहा कि वन विभाग सरिस्का टाइगर रिजर्व में बाघों की मॉनिटरिंग और वन क्षेत्र की निगरानी के लिए नियमित रूप से ड्रोन का उपयोग करता है। उनका कहना है कि ड्रोन उड़ाने का उद्देश्य किसी होटल की निगरानी करना नहीं, बल्कि वन्यजीव संरक्षण और गश्त करना है। मामले में थानागाजी SHO रामस्वरूप का कहना है कि गुरुवार को शिकायत मिली थी। हम मामले की जांच कर रहे हैं।
धार्मिक नगरी उज्जैन के सबसे व्यस्त और पॉश व्यावसायिक क्षेत्र फ्रीगंज में शुक्रवार देर रात बेखौफ चोरों ने बड़ी चोरी की वारदात को अंजाम दिया। बदमाशों ने यहां स्थित 'हाई चॉइस' और 'एसएस मोबाइल' शोरूम के ताले और शटर तोड़कर करीब 60 लाख रुपए कीमत के 95 से अधिक प्रीमियम स्मार्टफोन चोरी कर लिए। पूरी वारदात दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है। देखिए तस्वीरों में चोर… कार से पहुंचे तीन नकाबपोश बदमाश प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि रात करीब 2:45 बजे तीन नकाबपोश बदमाश एक सफेद रंग की कार से मौके पर पहुंचे। बदमाशों ने पहले दोनों दुकानों के शटर और ताले तोड़े, फिर अंदर घुसकर शो-केस के कांच तोड़ दिए। इसके बाद उन्होंने केवल महंगे और प्रीमियम ब्रांड के मोबाइल फोन समेटे और कुछ ही मिनटों में फरार हो गए। दो दुकानों से 95 से अधिक मोबाइल चोरी पुलिस और व्यापारियों से मिली जानकारी के अनुसार, हाई चॉइस मोबाइल शॉप से करीब 45 प्रीमियम स्मार्टफोन, जबकि एसएस मोबाइल से लगभग 50 महंगे मोबाइल फोन चोरी हुए हैं। चोरी गए मोबाइलों की कुल कीमत करीब 60 लाख रुपए आंकी जा रही है। जिस तरीके से बदमाशों ने केवल महंगे हैंडसेट्स को निशाना बनाया, उससे आशंका जताई जा रही है कि उन्होंने पहले से दुकान की रेकी की थी। सूचना मिलते ही पहुंची पुलिस घटना की जानकारी मिलते ही माधव नगर थाना पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले, जिनमें सफेद कार से आए तीन संदिग्ध बदमाश साफ दिखाई दे रहे हैं। पुलिस अब कार की पहचान कर उसके आने-जाने के रूट की जांच कर रही है। फॉरेंसिक और साइबर टीम भी जांच में जुटी मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने फॉरेंसिक टीम और फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट्स को मौके पर बुलाया। दुकानों से वैज्ञानिक साक्ष्य और उंगलियों के निशान जुटाए गए हैं। साथ ही साइबर सेल की मदद से सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस का दावा- जल्द होंगे आरोपी गिरफ्तार माधव नगर थाना पुलिस ने आरोपियों की तलाश के लिए अलग-अलग टीमें गठित की हैं। शहर के प्रमुख मार्गों, टोल नाकों और आसपास के जिलों के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं। पुलिस का दावा है कि जल्द ही चोरी की वारदात का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा और चोरी गया माल बरामद किया जाएगा।
करनाल के सेक्टर-9 में देर रात पार्किंग में खड़ी कार के शीशे तोड़े जाने का मामला सामने आया है। गाड़ी मालिक अपनी कार पार्क कर अस्पताल गया हुआ था, लेकिन जब वह वापस लौटा तो उसकी कार के शीशे टूटे हुए मिले। घटना आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई, जिसमें साफ दिखाई दे रहा है कि एक युवक अपनी गाड़ी से डंडा निकालकर कार पर लगातार वार कर रहा है, जबकि उसके साथ मौजूद दूसरा युवक उसे रोकने की कोशिश करता नजर आ रहा है। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। पीड़ित ने मामले की शिकायत सेक्टर-9 चौकी पुलिस को दी है, जिसके आधार पर जांच शुरू कर दी गई है। रात सवा तीन बजे मिली सूचनागाड़ी मालिक परनीत ने बताया कि वह रात के समय अपनी कार सेक्टर-9 की पार्किंग में खड़ी करके अस्पताल गया था। इसी दौरान करीब सवा तीन बजे उसे एक युवक का फोन आया, जिसने बताया कि उसकी कार के शीशे किसी ने तोड़ दिए हैं। सूचना मिलते ही वह तुरंत मौके पर पहुंचा। CCTV में दो युवक आए नजरमौके पर पहुंचकर उसने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज चेक की। फुटेज में दो युवक कार के पास दिखाई दिए। इनमें से एक युवक अपनी गाड़ी से डंडा निकालकर कार पर हमला करता दिखा, जबकि दूसरा युवक उसे रोकने की कोशिश करता रहा। पुरानी रंजिश बनी वारदात की वजहपीड़ित के अनुसार, आरोपियों में से एक युवक के साथ उसकी पुरानी रंजिश चल रही थी। करीब एक सप्ताह पहले दोनों के बीच गाली-गलौच हुई थी। उस समय उसने युवक को समझाया था कि ऐसी बातों का कोई फायदा नहीं होता, लेकिन आरोपी ने रंजिश रखते हुए इस वारदात को अंजाम दिया। जान से मारने की दी धमकीपीड़ित ने बताया कि आरोपियों ने धमकी भी दी थी कि अगर वह मौके पर मौजूद होता तो उसे जान से मार देते। घटना के बाद से वह और उसका परिवार सहमे हुए हैं। पुलिस ने शुरू की जांचपीड़ित ने पूरे मामले की शिकायत सेक्टर-9 चौकी में दी है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।
बेतिया नगर निगम क्षेत्र के अंबेडकर नगर से धूमनगर जाने वाली मुख्य सड़क पर संत जेवियर स्कूल के सामने जलजमाव और सड़क की जर्जर स्थिति से स्थानीय लोग, विद्यार्थी और अभिभावक परेशान हैं। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढों में पानी जमा होने के कारण आवागमन मुश्किल हो गया है, जिससे राहगीरों और स्कूली बच्चों को जोखिम उठाना पड़ रहा है। स्थानीय समाजसेवी अनिल राव ने बताया कि यह सड़क क्षेत्र की एक महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है, जिससे प्रतिदिन हजारों लोग गुजरते हैं। उन्होंने जानकारी दी कि संत जेवियर स्कूल, केआर स्कूल, नोट्रेडेम विद्यालय और विवेकानंद विद्यालय सहित लगभग पांच शिक्षण संस्थानों के सैकड़ों छात्र-छात्राएं इसी मार्ग से स्कूल आते-जाते हैं। जलजमाव और टूटी सड़क के कारण बच्चों को पानी से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है। प्रशासनिक अधिकारियों ने नहीं दिया ध्यान अनिल राव ने आरोप लगाया कि नगर निगम और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों ने इस गंभीर समस्या पर अब तक कोई ध्यान नहीं दिया है। कई बार शिकायतें दर्ज कराने के बावजूद सड़क की मरम्मत या जल निकासी के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर सड़क की मरम्मत और जलजमाव की समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो स्थानीय लोग आंदोलन करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। कई अभिभावकों ने भी सड़क की बदहाली पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। बच्चों को स्कूल पहुंचाने-लाने में होती है कठिनाई उनका कहना है कि प्रतिदिन बच्चों को स्कूल पहुंचाने और वापस लाने में काफी कठिनाई होती है। बारिश के दिनों में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जिससे बच्चों की सुरक्षा को लेकर लगातार चिंता बनी रहती है। यह सड़क बेतिया शहर को नौतन और धूमनगर क्षेत्र से जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण मार्ग है और नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत आता है। इसके बावजूद सड़क की मरम्मत और जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने से स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। लोगों ने नगर निगम और जिला प्रशासन से तत्काल सड़क की मरम्मत और स्थायी जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
शामली में सावन माह में शुरू होने वाले कांवड़ मेले को लेकर जिला प्रशासन और नगर पालिका ने तैयारियां तेज कर दी हैं। नगर पालिका अध्यक्ष के निर्देश पर शहर की प्रमुख सड़कों के किनारे विशेष सफाई अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत गंदगी, झाड़ियां, पेड़-पौधों की छंटाई और कूड़ा-करकट हटाने का कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है। प्रदेश सरकार के निर्देशों के बाद जिला प्रशासन ने 30 जुलाई से शुरू होने वाले कांवड़ मेले की तैयारियां शुरू कर दी हैं। श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए विभिन्न विभागों को आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। शहर की प्रमुख सड़कों पर चल रहा अभियान नगर पालिका की ओर से मुजफ्फरनगर रोड से लेकर करनाल और पानीपत की ओर जाने वाली शहर की सीमा तक विशेष सफाई अभियान चलाया जा रहा है। सफाई कर्मचारियों की कई टीमें लगातार सड़क किनारों की सफाई और झाड़ियों की कटाई में लगी हुई हैं। कांवड़ियों की सुविधा पर विशेष जोर सफाई कर्मचारी सुपरवाइजर संदीप ने बताया कि उच्च अधिकारियों के निर्देश पर अभियान संचालित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि साफ-सफाई के साथ-साथ कांवड़ियों के लिए मार्ग में जगह-जगह बैठने और अन्य आवश्यक सुविधाओं की भी व्यवस्था की जाएगी, ताकि श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
अलवर जिले के बुर्जा बाईपास पर शनिवार को दिनदहाड़े राधे-राधे नायरा पेट्रोल पंप पर पैसे मांगने पर सेल्समैन सचिन निवासी पूनखर को गोली मार दी। बाइक में 898 रुपए का पेट्रोल भरवाने के बाद जब सेल्समैन ने पैसे मांगे, तो नकाबपोश बदमाश ने जेब से कट्टा निकालकर उस पर फायरिंग कर दी। गोली सेल्समैन के कंधे को पार करते हुए निकल गई। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। घायल सेल्समैन को लहूलुहान हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रही है। पता चला है कि पुलिस ने आरोपी युवक को डिटने किया है। 800 रुपए के चक्कर में मार दी गोली पंप के मालिक अमन अग्रवाल ने बताया कि बुर्जा बाईपास स्थित राधे राधे फिलिंग स्टेशन पंप पर रोजाना की तरह काम चल रहा था। इसी दौरान एक बाइक पर सवार होकर नकाबपोश युवक वहां पहुंचा। उसने सेल्समैन से बाइक में 898 रुपए का पेट्रोल भरने को कहा। सेल्समैन ने जैसे ही पेट्रोल भरकर नोजल हटाया और पैसे मांगे तो उसने पैसे देने से मना कर दिया। सेल्समैन ने दुबारा पैसे मांगे तो सेल्समैन पर सीधे फायरिंग कर दी। कंधे को चीरती हुई निकली गोली, मची अफरा-तफरी बदमाश द्वारा चलाई गई गोली सेल्समैन के कंधे को चीरती हुई आर-पार निकल गई। गोली लगते ही सेल्समैन चीखते हुए जमीन पर गिर पड़ा। पेट्रोल पंप पर दिनदहाड़े हुई इस फायरिंग से वहां मौजूद लोगों और अन्य कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। वारदात को अंजाम देकर बाइक सवार नकाबपोश बदमाश मौके से तेजी से फरार हो गया। मालिक लेकर भागा अस्पताल, मौके पर भारी भीड़ घटना के तुरंत बाद पेट्रोल पंप पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। लहूलुहान हालत में सेल्समैन को देखकर पेट्रोल पंप मालिक बिना वक्त गंवाए उसे अपनी गाड़ी से जिला अस्पताल लेकर पहुंचा, जहां डॉक्टरों की टीम उसका उपचार कर रही है। पुलिस खंगाल रही सीसीटीवी फुटेज वारदात की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस अमला तुरंत मौके पर पहुंचा। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना कर चश्मदीदों के बयान दर्ज किए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पेट्रोल पंप पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि बदमाश की बाइक के नंबर और उसकी पहचान की जा सके। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए इलाके में नाकाबंदी भी कराई गई है।
हमीरपुर में शनिवार सुबह करीब 10 बजे रेहड़ी-पटरी दुकानदार अपनी रोज़ी-रोटी बचाने की गुहार लेकर जिलाधिकारी आवास पहुंचे। दुकानदारों का कहना था कि उन्हें नगर पालिका द्वारा सड़क किनारे और नाले पर बनी उनकी दुकानें हटाने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि उनका आरोप है कि जिलाधिकारी से मुलाकात नहीं हो सकी और उनकी फरियाद सुने बिना ही उन्हें वापस लौटा दिया गया। ये सभी दुकानदार किंग रोड और बस स्टैंड के आसपास वर्षों से छोटी-छोटी दुकानें लगाकर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं। नगर पालिका की कार्रवाई की आशंका से चिंतित दुकानदारों ने प्रशासन से उन्हें न उजाड़ने और वैकल्पिक व्यवस्था किए बिना कार्रवाई न करने की मांग की। दुकानदार रामदयाल ने बताया कि उसकी दुकान बस स्टैंड के पास नाले पर है और उसी से पूरे परिवार का गुज़ारा चलता है। उन्होंने कहा कि रोज़ कमाने पर ही घर में चूल्हा जलता है। यदि दुकान हट गई तो परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो जाएगा और बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित होगी। उनका कहना है कि उनकी दुकान से आवागमन में कोई बाधा नहीं होती, इसलिए उन्हें हटाया न जाए। वहीं महेश ने बताया कि उसकी दुकान बस स्टैंड के सामने सीमित दायरे में नाले पर है। उन्होंने कहा कि छोटे से शहर में ऐसी कोई दूसरी जगह नहीं है जहां वह दुकान लगाकर अपने परिवार का भरण-पोषण कर सकें। ऐसे में प्रशासन उन्हें उजाड़ने के बजाय कोई समाधान निकाले। दुकानदारों द्वारा जिलाधिकारी को सौंपे जाने के लिए तैयार किए गए ज्ञापन पर 37 प्रभावित रेहड़ी-पटरी दुकानदारों के हस्ताक्षर हैं। इन सभी को नाले पर बनी जगह खाली करने और अपनी दुकानें हटाने के निर्देश दिए गए हैं। दुकानदारों ने प्रशासन से मानवीय आधार पर उनकी आजीविका की रक्षा करने की मांग की है।
सिरसा जिले में डबवाली के लखुआना और राजपुरा रोड को जोड़ने वाले मुख्य बाइपास मार्ग पर पराली की गांठों से भरे एक ट्रक में आग लग गई। इस घटना में पूरा ट्रक और उसमें लदी लाखों रुपए की पराली जलकर राख हो गई। आग पर काबू पाने के लिए फायर ब्रिगेड की तीन गाड़ियां दो दिनों तक लगातार पानी डालती रहीं। इसके बावजूद, शुक्रवार देर रात तक भी पराली के अंदर आग सुलगती रही, जिससे उस पर पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका। अचानक भड़की चिंगारी जानकारी के अनुसार, यह हादसा गुरुवार देर रात करीब 1:30 बजे हुआ। पराली की गांठों से भरा ट्रक लखुआना-राजपुरा रोड से गुजर रहा था, तभी उसमें अचानक चिंगारी भड़क उठी। सूखी पराली होने के कारण आग तेजी से फैल गई और कुछ ही देर में पूरे ट्रक को अपनी चपेट में ले लिया। आग लगते ही ट्रक ड्राइवर और अन्य लोगों ने तुरंत नीचे छलांग लगाकर अपनी जान बचाई। यह घटना एक गैस गोदाम के पास हुई, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। वहां से गुजर रहे एक राहगीर ने तुरंत 112 नंबर पर कॉल कर फायर ब्रिगेड को सूचना दी। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड सूचना मिलते ही लखुआना और राजपुरा रोड की फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया, लेकिन आग बेकाबू होती देख देर रात फायर ब्रिगेड की दूसरी गाड़ी भी बुलानी पड़ी। फायर कर्मियों ने सुबह 5 बजे तक कड़ी मशक्कत की। हैरानी की बात यह रही कि शुक्रवार रात को भी पराली के अंदर से आग दोबारा धधकने लगी, जिसके बाद तीसरी दमकल गाड़ी को भी मौके पर भेजना पड़ा। ग्रामीणों के अनुसार हादसे वाली जगह से कुछ ही दूरी पर एक गैस एजेंसी का मुख्य गोदाम स्थित है। यदि समय रहते दमकल विभाग की टीमें मौके पर नहीं पहुंचतीं तो बड़ा हादसा हो सकता था। 8 माह पहले खरीदा था ट्रक फायर ब्रिगेड के सूत्रों के अनुसार दुर्घटनाग्रस्त ट्रक राजस्थान नंबर का है। ट्रक मालिक ने बताया कि वाहन करीब 8 महीने पहले खरीदा गया था। ट्रक और उसमें लदी पराली पूरी तरह जलने से करीब 70 लाख रुपए का नुकसान हुआ है। स्थानीय लोगों और वाहन चालकों का कहना है कि सड़क के बीच धधक रहे ट्रक को किसी हाइड्रा या क्रेन की मदद से किनारे नहीं किया गया और न ही पराली को नीचे पलटकर आग बुझाने का प्रयास किया गया। इसी कारण दो दिनों तक इस मार्ग से गुजरने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। आग पर काबू पाने और इसे आसपास फैलने से रोकने के लिए डबवाली फायर ब्रिगेड की टीमों ने लगातार मोर्चा संभाले रखा। इस अभियान में राजेंद्र कुमार, गगनदीप, मनप्रीत, कृष्ण लाल, राजिंद्र सिंह, सूरजपाल तथा रोहताश कुमार सहित अन्य कर्मचारियों ने अहम भूमिका निभाई।
उन्नाव के आसीवन थाना क्षेत्र में एक निजी मत्स्य पालन तालाब में जहरीले कचरे और दूषित अपशिष्ट डंप करने से लाखों रुपये की मछलियों की मौत हो गई। मत्स्य पालन विभाग की जांच में ये आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर, मत्स्य पालक विकास अभिकरण, उन्नाव के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने आसीवन थाना प्रभारी को आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और पीड़ित मत्स्य पालक को क्षतिपूर्ति दिलाने के निर्देश दिए हैं। यह घटना आसीवन तरफ पश्चिम गांव में स्थित लगभग सात बीघे के एक तालाब में हुई, जिसे स्थानीय रूप से गढ़ा के नाम से जाना जाता है। इस तालाब में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत एक हैचरी संचालित होती है, जहां नर और मादा मछलियों का संरक्षण और प्रजनन कर पूरे वर्ष देश के विभिन्न राज्यों में मछली बीज की आपूर्ति की जाती है। तालाब संचालक सैफुर्रहमान सफवी ने 3 जुलाई को जिलाधिकारी सहित संबंधित अधिकारियों को शिकायत पत्र दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि पड़ोसी गांव मुजफ्फरपुर सर्रा निवासी दिलीप सिंह अपने प्लॉट का भराव करा रहे थे। इस दौरान मिट्टी के बजाय लखनऊ से लाई गई जहरीली सिल्ट, प्लास्टिक और अन्य दूषित अपशिष्ट डंप किए गए। सफवी के विरोध के बावजूद, यह अपशिष्ट तालाब में भी फेंका गया, जिससे तालाब का पानी जहरीला हो गया। इसके परिणामस्वरूप, लगभग 80 से 90 क्विंटल मछलियां मर गईं, जिससे मत्स्य पालक को 11 से 12 लाख रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ। शिकायत मिलने के बाद, तालाब के पानी का नमूना जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया, जहां रिपोर्ट में पानी में दूषित अपशिष्ट की पुष्टि हुई। इसके उपरांत, मत्स्य पालन विभाग के अधिकारियों ने मौके पर निरीक्षण किया और आसपास के लोगों के बयान दर्ज किए। विभागीय जांच में शिकायत सही पाए जाने पर, मत्स्य पालक विकास अभिकरण, उन्नाव के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बाल किशोर दुबे ने आसीवन थाना प्रभारी को पत्र लिखकर आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और पीड़ित को नियमानुसार क्षतिपूर्ति दिलाने की सिफारिश की है।
महू-मंडलेश्वर मार्ग पर स्थित प्रसिद्ध पर्यटन स्थल जाम गेट पर शुक्रवार शाम एक रिक्शा बेकाबू होकर पलट गया। इस हादसे में रिक्शे में सवार पांच युवक घायल हो गए। रिक्शा पलटने के कारण सभी युवक उसके नीचे दब गए, जिससे मौके पर चीख-पुकार मच गई और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सुरक्षा गार्ड और राहगीरों ने बचाई जान हादसा होते ही जाम गेट पर तैनात सुरक्षा गार्ड और वहां मौजूद स्थानीय राहगीर तुरंत मदद के लिए दौड़े। लोगों ने मुस्तैदी दिखाते हुए पलटे हुए रिक्शे को ऊपर उठाया और उसके नीचे दबे सभी घायल युवकों को सुरक्षित बाहर निकाला। जाम गेट पर तैनात सुरक्षा गार्ड जितेंद्र ने बताया कि यह हादसा शुक्रवार शाम को हुआ था। रिक्शे में सवार सभी युवक घाट के नीचे खरगोन जिले के रहने वाले बताए जा रहे हैं, जो घूमने के लिए किराए से ऑटो लेकर आए थे। सभी को इलाज के लिए मंडलेश्वर अस्पताल भेज दिया गया है। शनिवार को सामने आया वीडियो शनिवार को इस हादसे का एक वीडियो शनिवार को सामने आया है। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि दुर्घटना के बाद सुरक्षा गार्ड और स्थानीय लोग मिलकर सूझबूझ के साथ रिक्शे के नीचे फंसे युवकों को बाहर निकाल रहे हैं।
धौलपुर पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान ने विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 45 सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) और 78 हेड कांस्टेबल व कांस्टेबलों सहित कुल 123 पुलिसकर्मियों के तबादले किए हैं। कई पुलिस चौकियों के प्रभारियों को भी बदला गया है। अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सागरपाड़ा चौकी पर पहली बार दो हेड कांस्टेबल तैनात किए गए हैं, जबकि जल्द ही थाना प्रभारियों (एसएचओ) की तबादला सूची भी जारी होने की संभावना जताई जा रही है। चौकी प्रभारियों को नई जिम्मेदारियां तबादला आदेश के तहत योगेश तिवारी को जाटोली चौकी प्रभारी बनाया गया है। पूर्व में स्थानांतरित हुए मुकेश शर्मा ने रेल चौकी का कार्यभार संभाल लिया है। वीरेंद्र शर्मा को बाड़ी से कोतवाली भेजा गया है, जबकि मोहनलाल मीणा को अस्पताल चौकी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। राकेश को राजाखेड़ा टाउन चौकी प्रभारी, मनोज को सागरपाड़ा चौकी प्रभारी, प्रेम सिंह को लेबुड़ा पूरा चौकी प्रभारी और सत्य प्रकाश को ओंडेला चौकी प्रभारी नियुक्त किया गया है। खनन प्रभावित क्षेत्र पर विशेष फोकस अवैध खनन पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से सागरपाड़ा चौकी पर अतिरिक्त हेड कांस्टेबल सुभाष भास्कर की तैनाती की गई है। यह पहली बार है जब इस चौकी पर दो हेड कांस्टेबल एक साथ नियुक्त किए गए हैं। इससे खनन प्रभावित क्षेत्र में निगरानी और कार्रवाई को और मजबूत करने की तैयारी मानी जा रही है। महिला एएसआई को मिली नई पोस्टिंग तबादला सूची में पदोन्नति के बाद महिला एएसआई रेखा को कोतवाली थाने में नियुक्त किया गया है। हालांकि इस सूची में किसी अन्य महिला पुलिसकर्मी का तबादला नहीं किया गया है। अब एसएचओ सूची का इंतजार सूत्रों के अनुसार पुलिस विभाग में तबादलों का दौर अभी जारी रह सकता है। जल्द ही थाना प्रभारियों (एसएचओ) की तबादला सूची भी जारी होने की संभावना है, जिस पर पूरे जिले की नजर बनी हुई है।
उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय में 12 जुलाई को 'पुरातन छात्र सम्मेलन 2026' का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम शांतिपुरम प्रयागराज स्थित यमुना परिसर के त्रिवेणी सामुदायिक भवन में होगा। इस सम्मेलन में विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र अपनी पुरानी यादें ताजा करेंगे और एक-दूसरे के साथ अनुभव साझा करेंगे। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के यूरोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. दिलीप चौरसिया उपस्थित रहेंगे। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के प्रोफेसर धनंजय चोपड़ा और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, नई दिल्ली के सहायक महाप्रबंधक निशांत दुबे विशिष्ट अतिथि के तौर पर शामिल होंगे। विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य सत्यकाम कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। पुरातन छात्र परिषद के अध्यक्ष प्रोफेसर ज्ञान प्रकाश यादव ने बताया कि यह आयोजन सुबह 10:00 बजे से शुरू होगा। सम्मेलन को लेकर पूर्व छात्रों में काफी उत्साह है और अब तक लगभग 300 पुरातन छात्रों ने अपना पंजीकरण कराया है। प्रोफेसर यादव ने यह भी बताया कि इस सम्मेलन में विश्वविद्यालय से जुड़े कई ख्यातिलब्ध और प्रतिष्ठित पूर्व छात्र भाग लेंगे, जो अपने-अपने क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य कर रहे हैं। यह मिलन समारोह विश्वविद्यालय के साथ छात्रों के भावनात्मक जुड़ाव को और मजबूत करेगा।
शामली अस्पताल में कैंसर मरीज की मौत:परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाया, पुलिस कर रही मामले की जांच
शामली के एक निजी अस्पताल में कैंसर मरीज की मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया। उन्होंने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। यह घटना दिल्ली-सहारनपुर हाईवे स्थित गंगा अमृत अस्पताल की है। मेरठ जनपद के राछोटी गांव निवासी देवेंद्र (पुत्र अनूप) को कैंसर के इलाज के लिए 9 जुलाई को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों के अनुसार, उन्हें दूसरे डॉक्टर की सलाह पर यहां लाया गया था। परिजनों का आरोप है कि देर रात उनकी सहमति के बिना देवेंद्र को आईसीयू में भर्ती कर लिया गया। अब अस्पताल उनकी मौत की बात कह रहा है, लेकिन शव नहीं दिया जा रहा है। परिजनों ने यह भी बताया कि उन्हें मरीज के इलाज के बारे में कोई जानकारी नहीं दी जा रही थी और बार-बार दवाइयां मंगवाई जा रही थीं। मृतक देवेंद्र की दो बेटियों सहित परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने मांग की है कि मरीज की वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाए और शव उन्हें सौंपा जाए। वहीं, अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि मरीज का दिमाग मृत हो चुका है, लेकिन दिल अभी भी काम कर रहा है। उनका दावा है कि देवेंद्र अभी वेंटिलेटर पर हैं और उनका इलाज जारी है। आदर्श मंडी थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को शांत कराया और मामले की जांच में जुट गई है।
सोनभद्र में अनपरा थाना क्षेत्र के वार्ड संख्या-20, टैगोर नगर में 22 वर्षीय युवक ने घर के अंदर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। फिलहाल आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल सका है। मृतक की पहचान अक्षय कुमार (22) पुत्र किशोर शर्मा के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, अक्षय ने घर में सीलिंग फैन से नायलॉन की रस्सी के सहारे फंदा लगाकर जान दे दी। पुलिस ने शुरू की जांच शनिवार सुबह उसकी मां कमरे की सफाई करने पहुंचीं तो बेटे को फंदे से लटका देखकर उनके होश उड़ गए। परिजनों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना पर रेनुसागर चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा की कार्रवाई पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए दुद्धी भेज दिया। घटना के बाद परिवार में शोक का माहौल है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार थाना प्रभारी निरीक्षक प्रणय प्रसून श्रीवास्तव ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मृत्यु के कारणों की पुष्टि हो सकेगी और उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पीलीभीत में पाइप चोरी विवाद:दो पक्षों में खूनी संघर्ष, 6 घायल, दो गंभीर
पीलीभीत बीसलपुर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम लुहिचा में शनिवार सुबह पाइप चोरी के विवाद को लेकर दो पक्षों में हिंसक झड़प हो गई। इस संघर्ष में एक ही पक्ष के छह लोग घायल हो गए, जिनमें से दो की हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना के बाद से गांव में तनाव का माहौल है। जानकारी के अनुसार, ग्राम लुहिचा निवासी अवनीश कुमार (पुत्र देवनारायण) ने शुक्रवार रात अपने खेत में धान की सिंचाई के लिए प्लास्टिक की पाइपलाइन बिछाई थी। जब अवनीश और उनके भाई धर्मेंद्र कुमार खाना खाने घर गए, तो चोरों ने मौका पाकर खेत से पाइपलाइन चुरा ली। शनिवार सुबह करीब 9 बजे, अवनीश की पाइप चोरी की आशंका को लेकर अपने एक पड़ोसी ग्रामीण से कहासुनी हो गई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और दूसरे पक्ष के आधा दर्जन से अधिक लोग लाठी-डंडे और भाले लेकर मौके पर पहुंच गए। उन्होंने अवनीश के परिवार पर हमला कर दिया। इस हमले में अवनीश कुमार, उनके भाई धर्मेंद्र कुमार, मुकेश कुमार और संजीव कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। बीच-बचाव करने आए ग्रामीण अंकित और हरकेश को भी चोटें आईं। पीड़ित पक्ष ने तुरंत कोतवाली पुलिस को घटना की सूचना दी, जिसके बाद हमलावर मौके से फरार हो गए। पुलिस ने सभी छह घायलों को बीसलपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में भर्ती कराया। वहां दो घायलों की हालत नाजुक बनी हुई है। प्रभारी निरीक्षक संजीव शुक्ला ने बताया कि मामले में अभी तक पीड़ित पक्ष की ओर से कोई लिखित तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलते ही आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है।
धौलपुर के बसेड़ी उपखंड की झील ग्राम पंचायत के कटेलपुरा गांव स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक स्कूल के सामने पिछले चार सालों से जलभराव और कीचड़ की समस्या बनी हुई है। रोजाना छोटे बच्चों को गंदे पानी से होकर स्कूल पहुंचना पड़ रहा है, जबकि बरसात में कई विद्यार्थी स्कूल तक नहीं पहुंच पाते। पानी स्कूल भवन की नींव तक पहुंचने से उसकी मजबूती और बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। चार साल से नहीं मिला समाधान ग्रामीणों के अनुसार स्कूल मार्ग पर जलभराव की समस्या पिछले करीब चार सालों से बनी हुई है। बरसात के मौसम में हालात और अधिक गंभीर हो जाते हैं। गांव में समुचित जल निकासी व्यवस्था नहीं होने, नालों की सफाई नहीं होने और कई स्थानों पर नालों का निर्माण नहीं होने के कारण बारिश का पानी लंबे समय तक सड़क पर जमा रहता है। बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा असर रोजाना छोटे बच्चों को कीचड़ और गंदे पानी से होकर स्कूल जाना पड़ता है। कई बार अभिभावक अपने बच्चों को गोद में उठाकर स्कूल तक छोड़ने को मजबूर होते हैं। फिसलन और जलभराव के कारण बारिश के दिनों में कई बच्चे स्कूल नहीं पहुंच पाते, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। भवन की सुरक्षा पर भी खतरा ग्रामीणों का कहना है कि बारिश का पानी स्कूल भवन की दीवारों की नींव तक पहुंच चुका है। इससे भवन की मजबूती पर खतरा मंडरा रहा है और बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। राहगीरों और ग्रामीणों की बढ़ी परेशानी जलभराव के कारण सड़क के गड्ढे पानी में छिप जाते हैं, जिससे कई बाइक सवार फिसलकर गिर चुके हैं। गांव के कई घरों के सामने भी पानी जमा रहने से लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों ने पंचायत पर लगाए आरोप ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत ने बरसात से पहले नालों की सफाई और जल निकासी के लिए कोई प्रभावी तैयारी नहीं की। उनका कहना है कि समय रहते स्थायी समाधान नहीं किया गया तो समस्या और गंभीर हो सकती है।
उत्तर प्रदेश के 330 अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) महाविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर के 2,107 रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो गई है। प्रयागराज स्थित उच्च शिक्षा निदेशालय ने इन पदों का ऑनलाइन अधियाचन उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) को भेज दिया है। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. बीएल शर्मा ने बताया कि एडेड महाविद्यालयों के रिक्त पदों का विवरण ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड कर दिया गया है। अब भर्ती का विज्ञापन जारी करने और आवेदन लेने की प्रक्रिया आयोग द्वारा संचालित की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि इससे पहले महाविद्यालयों में प्राचार्य के 111 पदों पर भर्ती का अधियाचन भेजा जा चुका है, जिसका विज्ञापन 15 जुलाई के आसपास जारी होने की संभावना है। वर्तमान में, वर्ष 2022 में जारी विज्ञापन संख्या 51 के तहत असिस्टेंट प्रोफेसर के 34 विषयों के लिए 1017 पदों की भर्ती प्रक्रिया जारी है। राज्य शिक्षा सेवा चयन आयोग ने इसकी परीक्षा के परिणाम हाल ही में जारी किए थे। सफल अभ्यर्थियों के साक्षात्कार 21 जुलाई से शुरू होंगे, जिसके बाद अंतिम परिणाम घोषित किया जाएगा। यह भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही नई भर्ती का विज्ञापन जारी किया जाएगा। 55 प्रतिशत अंकों के साथ मास्टर डिग्री होना जरूरी असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों के पास संबंधित विषय में न्यूनतम 55 प्रतिशत अंकों के साथ मास्टर डिग्री होना अनिवार्य है। इसके अतिरिक्त, नेट (NET) उत्तीर्ण होना भी आवश्यक है। यदि कोई अभ्यर्थी नेट उत्तीर्ण नहीं है, तो यूजीसी के नियमानुसार उसके पास पीएचडी (Ph.D.) की डिग्री होनी चाहिए। प्रदेश में बेसिक से लेकर उच्च शिक्षा संस्थानों तक में शिक्षकों की भर्ती के लिए वर्ष 2023 में गठित उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग अब चयन प्रक्रिया में तेजी ला रहा है। आयोग वर्तमान में लंबित भर्तियों को पूरा करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है, जिसके बाद नई भर्तियों के विज्ञापन जारी किए जाएंगे।
लखनऊ आ रहे फ्लाई दुबई के विमान से शनिवार सुबह पक्षी टकरा गया। यह घटना तब हुई जब विमान लखनऊ के करीब पहुंच आया था। पक्षी के टकराते ही पायलट ने विमान की इमरजेंसी लैंडिंग कराई। विमान में 163 यात्री सवार थे। विमान लखनऊ सुबह 6:35 बजे पहुंचता है। आज विमान 40 मिनट की देरी से पहुंचने वाला था। पक्षी के टकराते ही पायलट ने विमान के लिए आपातकाल में रनवे पर जगह मांगी। विमान सुबह 7:13 बजे सकुशल लखनऊ एयरपोर्ट पर उतार लिया गया। खबर अपडेट की जा रही है…
हरियाणा स्टेट पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (HSPCB) के चेयरमैन विनय प्रताप सिंह की अध्यक्षता में हुई यमुना एक्शन प्लान की समीक्षा बैठक में पानीपत में फैल रहे प्रदूषण को लेकर बेहद कड़े और बड़े निर्देश जारी किए गए हैं। केंद्र और राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल इस योजना के तहत पानीपत के ड्रेन नंबर 2 और ड्रेन नंबर 8 को लेकर गंभीर समीक्षा की गई। चेयरमैन ने अधिकारियों को सख्त चेतावनी देते हुए निर्धारित टाइमलाइन के भीतर सभी प्रोजेक्ट्स को पूरा करने का अल्टीमेटम दिया है। बिना ट्रीटमेंट के बह रहा 43.9 MLD गंदा पानी नगर निगम पानीपत के चीफ इंजीनियर और नोडल अधिकारी रमेश बागड़ी ने बैठक में बताया कि ड्रेन नंबर 2 में कुल 224.9 MLD पानी बह रहा है। इसमें से 181 MLD पानी को ट्रीट किया जा रहा है, लेकिन अभी भी 43.9 MLD गंदा पानी बिना ट्रीटमेंट के सीधे नाले में जा रहा है। इस प्रदूषण को रोकने के लिए विभाग ने निम्नलिखित कदम उठाए हैं। रिफाइनरी रोड का CETP पड़ा ठप बैठक में HSPCB के सीनियर एनवायरनमेंट इंजीनियर जेपी सिंह ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया कि पानीपत के रिफाइनरी रोड पर 2.5 MLD क्षमता का CETP बनकर तैयार है, लेकिन उद्योगों से केमिकल वाला पानी न मिलने के कारण यह ठप पड़ा है। इस पर बोर्ड ने सख्त रुख अपनाते हुए निर्देश दिया है कि पानीपत के जिन औद्योगिक इलाकों में सीईटीपी की सुविधा नहीं है, वहां के उद्योगों को क्षेत्रीय अधिकारी तुरंत आदेश जारी करें। वे उद्योग अपना केमिकल युक्त पानी टैंकरों के जरिए रिफाइनरी रोड स्थित सीईटीपी में लाएं, ताकि उसे ट्रीट किया जा सके। ड्रेन नंबर 8 और मतलौडा STP को लेकर राहत पानीपत से झज्जर तक जाने वाले 65 किलोमीटर लंबे ड्रेन नंबर 8 को लेकर बैठक में राहत की खबर मिली। नोडल अधिकारी ने बताया कि इस नाले का पानी पूरी तरह ट्रीटेड है और इसका उपयोग केवल सिंचाई के लिए किया जाता है, जिससे दिल्ली क्षेत्र में कोई प्रदूषण नहीं फैल रहा। वहीं, पानीपत के मतलौडा में बन रहे 3 MLD क्षमता के एसटीपी का निर्माण कार्य भी अपने अंतिम चरण में है। अवैध डंपिंग करने वालों पर होगी FIR चेयरमैन विनय प्रताप सिंह ने नालों और नहरों में सॉलिड वेस्ट (कचरा) फेंकने और टैंकरों के जरिए अवैध रूप से केमिकल बहाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। सिंचाई विभाग को आदेश दिए गए हैं कि ऐसे उल्लंघनकर्ताओं के खिलाफ कैनाल एक्ट के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाए और इसकी पाक्षिक रिपोर्ट प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को भेजी जाए। इसके अलावा, सुरक्षा और निगरानी के लिहाज से सभी एसटीपी और सीईटीपी पर सीसीटीवी कैमरे और ऑनलाइन फ्लो मीटर लगाना अनिवार्य कर दिया गया है।
झारखंड के कोडरमा जिले में स्थित काझाटांड गांव सामूहिक एकता और स्वावलंबन का एक प्रेरक उदाहरण बन गया है। जिला मुख्यालय से लगभग 25 KM दूर जरगा पंचायत का यह गांव, जो कभी अवैध महुआ शराब के धंधे के लिए जाना जाता था, अब जल संरक्षण के क्षेत्र में अपनी पहचान बना चुका है। गांव की सूरत बदलाव की पहल करने वाली पार्वती देवी को राष्ट्रपति सम्मान भी मिला। दरअसल, चार साल पहले, इस गांव की स्थिति काफी खराब थी। ग्रामीण गरीबी में जीवन यापन कर रहे थे और पानी की कमी के कारण खेती संभव नहीं थी। कई लोग अवैध देशी शराब बनाने और ढिबरा (अभ्रक) खनन जैसे गैरकानूनी धंधों में लिप्त थे। जल संरक्षण के सराहनीय कार्य किए गएमहिलाओं को भी नए विचारों के साथ जीने की आजादी नहीं थी और वे अक्सर ढिबरा (अभ्रक) चुनने में लगी रहती थीं। जिला प्रशासन की पहल और ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं के सामूहिक श्रमदान ने गांव की तस्वीर बदल दी। यहां साफ-सफाई, पर्यावरण संरक्षण और जल संरक्षण के सराहनीय कार्य किए गए हैं। पंचायत समिति सदस्य पार्वती देवी ने बताया कि जब वह 2023 में शादी करके गांव आईं, तो गांव की स्थिति बेहद खराब थी। उन्होंने गरीबी और महिलाओं की सीमित स्वतंत्रता का जिक्र किया। पार्वती देवी ने 2017 में काझाटांड से वार्ड सदस्य का चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। वार्ड सदस्य बनने के बाद उनका प्रखंड कार्यालय आना-जाना शुरू हुआ, जहां उन्होंने विभिन्न प्रतिनिधियों और सरकारी अधिकारियों से मुलाकात की। उन्होंने गांव की गंभीर जल समस्याओं को उनके सामने रखा, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें टीसीबी (टेंच कम बंड) और चेकडैम जैसे जल संरक्षण के उपायों का सुझाव मिला। ग्रामीणों ने बनाया मजाकपार्वती देवी कहती हैं कि जब वे इस सुझाव को लेकर गांव पहुंचीं तो गांव की एक दो महिलाओं को छोड़ बाकी सभी लोग इसका मजाक बनाने लगे। पार्वती देवी ने कुछ महिलाओं के साथ टीसीबी (ट्रेंच कम बंड) खोदना शुरू किया। शुरुआत में लोग इसे फालतू का समय गंवाना और अनुपयोगी चीजें बताकर मजाक उड़ाते थे। इसी बीच 2022 में तत्कालीन डीसी आदित्य रंजन जरगा पंचायत के काझाटांड गांव पहुंचे। वहां पहुंचने के बाद उन्होंने न केवल पार्वती देवी की सोच की सराहना की बल्कि गांव की महिलाओं और पुरुषों को इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की। पति ने खूब दिया साथइस कार्य को सफल बनाने में पार्वती देवी के साथ साथ मुख्य रूप से रिंकी देवी, रिंकू देवी, सुषमा देवी, सविता देवी ने महती भूमिका निभाई है। ऐसे में गांव की सूरत, रहने के तरीके के बदलाव सहित अन्य बदलाव लाने में पार्वती देवी के पति विजय सिंह ने इनका खूब साथ दिया। जब वे पड़ोस में रहने वाली रिंकी, रिंकू, सुषमा व सविता देवी से अपने विजन के बारे में बताया तो वे लोग तैयार तो हो गईं, लेकिन उनके घर वालों ने इन सब चीजों को फालतू बताते हुए बरसों से चलते आ रहे रोजगार पर ही ध्यान देने को कहा। जान से मारने की धमकी तक मिलीहालांकि पार्वती देवी ने हिम्मत नहीं हारी और अपने संकल्प को पूरा करने में लगी रहीं। इसी बीच रिंकी और रिंकू देवी ने भी अपने घरवालों को मनाते हुए पार्वती देवी का साथ देने में जुट गईं। इस प्रकार एक एक कर गांव की महिलाओं को ढिबरा चुनने से दूरी बनाते देख गांव के कुछ दबंग किस्म के लोगों ने पार्वती देवी को कई बार जान से मारने की धमकी तक दे डाली। हालांकि पार्वती देवी ने सभी बातों को अनदेखा करते हुए अपने काम में लगी रहीं। गांव आसपास के ग्रामीणों के लिए बना प्रेरणापार्वती देवी बताती हैं कि इनके साथ जुटी ज्यादातर महिलाएं 7 वीं पास हैं। ये खुद भी 7 वीं पास हैं, ऐसे में सरकारी कार्यालयों में जाने पर इन्हें काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। लेकिन धीरे-धीरे समय के साथ सब कुछ ठीक होता चला गया। गांव के लोगों की सोच बदली, सभी लोग साथ आए और आज काझाटांड आसपास के गांव वालों के लिए प्रेरणा बन गया है। 300 पौधारोपण से गांव में आई हरियाली गांव की रहने वाली रिंकू देवी ने बताया कि पार्वती दीदी के प्रयास और डीसी के सुझाव ने महज एक वर्ष में गांव की सूरत बदल दी। गांव की सभी महिलाएं-पुरुष टीसीबी की खुदाई, तालाब खुदाई, चेकडैम निर्माण के साथ-साथ पौधरोपण करने लगे। नतीजा यह हुआ कि जिस गांव के लोग पीने के पानी को तरसते थे, आज इस गांव में सभी प्रकार के अनाज की खेती सहित साग सब्जी उगाए जा रहे हैं। मेहनत को 2023 में मिला सम्मान बताते चलें कि इस गांव की बदलती सूरत की खबर दिल्ली तक पहुंची। जहां सन 2023 में जल संरक्षण में उत्कृष्ट कार्य करने को लेकर पार्वती देवी को राष्ट्रपति द्वारा सम्मान प्राप्त हुआ। पार्वती देवी ने कहा कि यह सम्मान उन सारी महिलाओं की मेहनत का नतीजा था, जिसने विषम परिस्थितियों में भी गांव का सूरत-ए-हाल बदलने में उनका साथ दिया।
भिलाई के वैशाली नगर थाना क्षेत्र में 19 साल की फार्मेसी स्टूडेंट खुशी साहू की एकतरफा प्यार में हत्या कर दी गई। आरोपी पिंटू साहू पिछले करीब एक महीने से खुशी को अलग-अलग नंबरों से कॉल कर परेशान कर रहा था। खुशी ने उसका नंबर ब्लॉक कर दिया था। इसी बात से नाराज होकर आरोपी रायपुर से भिलाई पहुंचा और किराए के कमरे में घुसकर उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी पिंटू साहू को रायपुर से गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि आरोपी मूलत: बलौदाबाजार का रहने वाला है। शनिवार को पुलिस उसे सीन रिक्रिएट करने के लिए रामनगर स्थित घटनास्थल पर लेकर पहुंची। हत्या के दौरान आरोपी के हाथ में भी गंभीर चोट लगी है। पुलिस उससे पूछताछ कर पूरे मामले की जांच कर रही है। पुलिस आज इस मामले का खुलासा करेगी। सुबह दो बार कॉल किया, नंबर ब्लॉक मिलापुलिस के मुताबिक शुक्रवार सुबह पिंटू ने खुशी को दो बार कॉल किया था। खुशी ने उसका नंबर पहले ही ब्लॉक कर रखा था, इसलिए बात नहीं हो सकी। इसके बाद आरोपी ने खुशी की सहेली को फोन किया। सहेली ने पिंटू को बताया कि खुशी के पास मोबाइल नहीं है। इसके बाद आरोपी बाइक से सीधे खुशी के रामनगर स्थित किराए के कमरे पर पहुंच गया। उस समय खुशी की सहेली बाथरूम में नहाने गई थी। कमरे में खुशी अकेली थी। पहले गला दबाया, फिर चाकू से किए 10 वारपुलिस जांच में सामने आया है कि कमरे में पहुंचने के बाद आरोपी ने खुशी से विवाद किया। इसके बाद उसने खुशी का गला दबा दिया। गला दबाने से खुशी बेसुध हो गई। इसके बाद आरोपी ने चाकू से उसके पीठ, हाथ और पेट पर करीब 10 वार किए। गंभीर चोट और ज्यादा खून बहने से खुशी की मौत हो गई। वारदात के दौरान आरोपी पिंटू के हाथ में भी गंभीर चोट आई। हत्या के बाद वह कमरे से निकलकर फरार हो गया और रायपुर की ओर चला गया। भाई को बताया था एक युवक कर रहा है परेशान खुशी की सहेली जब बाथरूम से बाहर आई तो उसने खुशी को कमरे में खून से लथपथ पड़ा देखा। उसने तुरंत मकान मालिक और पास के कैफे संचालक को इसकी जानकारी दी। इसके बाद डायल 112 को सूचना दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और खुशी को अस्पताल लेकर गई। यहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस जांच में पता चला है कि खुशी ने करीब एक सप्ताह पहले अपने भाई को पिंटू के बारे में बताया था। उसने कहा था कि एक युवक लगातार अलग-अलग नंबरों से फोन कर उसे परेशान कर रहा है। आरोपी ने दो दिन पहले खुशी के भाई को भी धमकी दी थी। इसके अलावा उसने उस कैफे संचालक को भी धमकाया था, जहां खुशी पार्ट टाइम नौकरी करती थी। पिंटू चाहता था कि खुशी नौकरी छोड़ दे और उससे शादी करे। ऑनलाइन मंगवाया था हत्या में इस्तेमाल चाकूखुशी निजी कॉलेज से फार्मेसी की पढ़ाई कर रही थी। इसके साथ ही वह बेमेतरा में बीए की परीक्षा भी दे रही थी। गुरुवार को ही उसका भाई उसे भिलाई छोड़कर गया था। अगले दिन शुक्रवार को उसकी हत्या कर दी गई। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने वारदात में इस्तेमाल चाकू ऑनलाइन मंगवाया था। हत्या के बाद वह रायपुर भाग गया था। पुलिस ने उसकी तलाश कर रायपुर से गिरफ्तार कर लिया। शनिवार को उसे घटनास्थल पर लाकर सीन रिक्रिएट कराया गया। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर यह पता लगा रही है कि उसने हत्या की प्लानिंग कब और कैसे की थी।
श्योपुर जिले की कराहल तहसील परिसर में विधायक मुकेश मल्होत्रा का अनिश्चितकालीन धरना शनिवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। विधायक क्षेत्र के आदिवासी हितों, माता शबरी आश्रम की भूमि को मुक्त कराने और किसानों की जमीनों से अतिक्रमण हटाने जैसी 20 सूत्रीय मांगों को लेकर धरने पर बैठे हैं। धरना स्थल पर दिनभर उनके समर्थकों और ग्रामीणों की भारी भीड़ जुटी रही, जबकि प्रशासनिक अधिकारी आंदोलन को समाप्त कराने के लिए लगातार मान-मनौव्वल की कोशिशों में जुटे हैं। माता शबरी आश्रम और आदिवासियों की जमीन का मुद्दा इससे पहले विधायक मुकेश मल्होत्रा ने राज्यपाल, मुख्यमंत्री, अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष और कलेक्टर के नाम प्रशासन को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा था। इस ज्ञापन में मुख्य रूप से माता शबरी आश्रम को साल 2018 में आवंटित की गई भूमि से अवैध कब्जा हटाने की मांग की गई है। इसके अलावा सिलपुरी, पनवाड़ा, खिरखिरी, पहेला, पर्तवाड़ा और कराहल गांवों में आदिवासी किसानों की जमीनों का सीमांकन कर उन्हें कब्जा दिलाने, फर्जी पट्टों की जांच करने, कराहल सोसायटी में डीएपी खाद की कमी को दूर करने और लंबित राजस्व मामलों का जल्द निपटारा करने जैसी मांगें शामिल हैं। दूसरे पक्ष के न होने से रुका सीमांकन शुक्रवार देर रात कराहल तहसीलदार नरेश रायपुरिया धरना स्थल पहुंचे थे और उन्होंने विधायक मुकेश मल्होत्रा से हर बिंदु पर चर्चा की। तहसीलदार ने बताया कि विधायक द्वारा उठाए गए कई मामलों का निराकरण पहले ही किया जा चुका है और बाकी बचे प्रकरणों की जांच की जा रही है। माता शबरी आश्रम की जमीन के विवाद पर उन्होंने साफ किया कि दूसरा पक्ष मौके पर मौजूद नहीं था, जिसकी वजह से सीमांकन का काम पूरा नहीं हो सका। अब दोनों पक्षों को बुलाकर नियमानुसार जमीन का चिन्हांकन किया जाएगा। प्रशासन शनिवार को भी विधायक से बातचीत कर बीच का रास्ता निकालने की कोशिश करेगा। विधायक बोले- मांगें पूरी होने तक पीछे नहीं हटेंगे दूसरी तरफ, विधायक मुकेश मल्होत्रा अपनी सभी 20 मांगों को लेकर कड़ा रुख अपनाए हुए हैं। उनका कहना है कि जब तक प्रशासन इन सभी समस्याओं पर ठोस और संतोषजनक कार्रवाई नहीं करता, तब तक उनका यह अनिश्चितकालीन धरना खत्म नहीं होगा। विधायक ने कहा कि यह लड़ाई किसी व्यक्तिगत स्वार्थ की नहीं, बल्कि क्षेत्र के गरीब आदिवासियों, किसानों और आम जनता के अधिकारों की है, इसलिए वे मांगें पूरी होने के बाद ही यहां से उठेंगे।
वाराणसी में शनिवार की सुबह 10 बजे काशी का आसमान लड़ाकू विमानों की गर्जना से गूंज उठा। एक साथ तीन फाइटर जेटों की तेज रफ्तार उड़ान ने शहरवासियों में उत्सुकता और रोमांच का माहौल बना दिया। सुबह से ही अलग-अलग दिशा से उड़ान भरते हुए फाइटर जेट नमो घाट और शहर के ऊपर लगातार चक्कर लगाते रहे। अचानक आसमान में गूंजती तेज आवाज सुनकर लोग अपने घरों, छतों, बालकनियों और सड़कों पर निकल आए। कई लोगों ने इस दुर्लभ नजारे को अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड किया और सोशल मीडिया पर साझा किया। जानकारी की अनुमति वायुसेना के 94वें स्थापना दिवस 8 अक्टूबर को काशी में मनाएगा उसी की तैयारी चल रही। नमो घाट पर सुबह से कड़ी रही सुरक्षा फाइटर जेटों की उड़ान के साथ ही नमो घाट पर सुरक्षा व्यवस्था भी पूरी तरह सख्त नजर आई। सुबह से ही भारतीय वायुसेना के अधिकारी और जवान हेलीपैड क्षेत्र में तैनात रहे। सुरक्षा कारणों से नमो घाट के फेस-2 के आगे आम लोगों की आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित कर दी गई। किसी भी व्यक्ति को हेलीपैड क्षेत्र की ओर जाने की अनुमति नहीं दी गई और सुरक्षा कर्मी लोगों को निर्धारित सीमा से ही वापस भेजते रहे। करीब साढ़े तीन घंटे तक चलता रहा अभ्यास सुबह शुरू हुई यह गतिविधि लगभग 12.30 बजे तक जारी रही। इस दौरान फाइटर जेट अलग-अलग फॉर्मेशन में उड़ान भरते हुए नमो घाट के ऊपर कई बार चक्कर लगाते रहे। उनकी तेज गर्जना दूर-दूर तक सुनाई देती रही, जिससे पूरे शहर का माहौल रोमांच से भर गया। लोगों में दिखा जबरदस्त उत्साह स्थनीय राहुल ने कहा - एक साथ तीन फाइटर जेटों की समन्वित उड़ान और उनकी तेज रफ्तार ने लोगों को खासा आकर्षित किया। घाट पर मौजूद लोग लगातार विमानों की तस्वीरें और वीडियो बनाने में जुटे रहे। कई लोग अपने परिवार के साथ इस नजारे का आनंद लेने असिघाट पहुंचे। कुछ देर के लिए पूरा घाट एयरफोर्स की इस अभ्यास उड़ान का साक्षी बन गया।
फर्रुखाबाद में 193 पेयजल परियोजनाएं पूरी:381 में से 159 पानी की टंकियों का निर्माण अभी अधूरा
फर्रुखाबाद में जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर की अध्यक्षता में जल जीवन मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत जिला पेयजल एवं स्वच्छता समिति की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में शनिवार को 11 बजे हुई। बैठक में जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित विभिन्न पेयजल योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। जानकारी दी गई कि 193 पेयजल परियोजनाओं का कार्य पूरा हो चुका है, जबकि 381 पानी की टंकियों में से 222 का निर्माण हुआ है और 159 टंकियां अभी अधूरी हैं। जिलाधिकारी ने योजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कर आमजन को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने जोर देते हुए कहा कि जल जीवन मिशन शासन की एक महत्वाकांक्षी योजना है और इसके क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं को आपसी समन्वय स्थापित करते हुए लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। डॉ. लाठर ने कार्यदायी संस्थाओं को निर्माणाधीन योजनाओं के सभी कार्य गुणवत्ता के साथ शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने योजनाओं पर श्रमिकों की कम संख्या पर नाराजगी व्यक्त करते हुए आवश्यकतानुसार श्रमिकों की संख्या बढ़ाने को कहा। जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिए कि जिन 58 पेयजल योजनाओं का कार्य 75 से 100 प्रतिशत तक पूर्ण हो चुका है, उन्हें सितंबर माह तक हर हाल में पूरा कर संचालित किया जाए। बैठक में यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया कि पूर्ण हो चुकी 71 पेयजल योजनाओं का शीघ्र अनुरक्षण और नियमित संचालन किया जाए। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के प्रत्येक परिवार को निर्बाध एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना है। बैठक के दौरान कार्यदायी संस्थाओं द्वारा किए गए कार्यों का विवरण भी प्रस्तुत किया गया। मैसर्स जीवीपीआर इंजीनियर्स लिमिटेड ने अब तक 71 उच्च जलाशयों का निर्माण, 234 ग्रामों में नियमित पेयजल आपूर्ति और 64 योजनाओं का 'हर घर जल' प्रमाणीकरण पूरा किया है। इसी प्रकार, मैसर्स बीटीएल गंगा द्वारा 151 उच्च जलाशयों का निर्माण, 122 योजनाओं में नियमित पेयजल आपूर्ति और 176 योजनाओं का 'हर घर जल' प्रमाणीकरण पूर्ण कराया जा चुका है।
दरभंगा में युवा रोजगार एवं कौशल विकास विभाग की ओर से शुक्रवार (13 जुलाई 2026) को एकदिवसीय जॉब कैंप का आयोजन किया जाएगा। संयुक्त श्रम भवन लहेरियासराय स्थित कार्यालय परिसर में सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक चलेगा। जहां प्राइवेट कंपनी K.K. Enterprise ) में मशीन ऑपरेटर, असेंबली लाइन और क्वॉलिटी इंस्पेक्टर के कुल 50 पदों पर भर्ती होगी। इन पदों के लिए 12वीं, आईटीआई, डिप्लोमा और स्नातक पास पुरुष अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं। अभ्यर्थियों की आयु सीमा 18 से 30 वर्ष निर्धारित की गई है। चयनित अभ्यर्थियों को कंपनी की ओर से 18,000 रुपए प्रतिमाह (सीटीसी) सैलरी दी जाएगी। रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य चयनित अभ्यर्थियों को कंपनी की ओर से हर महीने 18,500 से 22, 500 रुपए सैलरी(CTC) दी जाएगी। जॉब कैंप में भाग लेने के लिए अभ्यर्थी का नियोजनालय में निबंधित होना आवश्यक है। इच्छुक उम्मीदवार NCS Portal (www.ncs.gov.in) पर खुद से पंजीकरण कर सकते हैं या नियोजनालय में जाकर रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। कैंप पूरी तरह से निशुल्क है, एक रुपए भी देने की जरूरत नहीं है। इंटरव्यू में लाने योग्य दस्तावेज बायोडाटा सभी शैक्षणिक प्रमाण पत्र आधार कार्ड पैन कार्ड रंगीन फोटो (05)
किशनगंज साइबर थाना ने साइबर ठगी के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़ित को राहत दिलाई है। पुलिस के तकनीकी प्रयासों से ठगी का शिकार हुए व्यक्ति के खाते से निकाली गई 50 हजार रुपए की राशि सफलतापूर्वक वापस कराई गई। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित ने किशनगंज साइबर थाना में ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत मिलते ही साइबर थाना टीम ने जांच शुरू की और संबंधित बैंक व तकनीकी माध्यमों से त्वरित कार्रवाई की। जांच के दौरान ठगी गई राशि को ट्रैक कर सुरक्षित किया गया और पीड़ित के खाते में वापस भेज दिया गया। साइबर अपराध के मामलों में FIR कराना महत्वपूर्ण किशनगंज पुलिस ने बताया कि साइबर अपराध के मामलों में समय पर शिकायत दर्ज कराना महत्वपूर्ण है। जितनी जल्दी शिकायत होती है, राशि वापस मिलने की संभावना उतनी ही बढ़ जाती है। पुलिस की सक्रियता और साइबर टीम के समन्वित प्रयासों से पीड़ित को उसकी पूरी राशि वापस मिल सकी। इस घटना के बाद किशनगंज पुलिस ने आम लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस ने सलाह दी है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ बैंक खाता, एटीएम कार्ड, ओटीपी, यूपीआई पिन या अन्य गोपनीय वित्तीय जानकारी साझा न करें। संदिग्ध कॉल, लिंक या ऑनलाइन ऑफर से सावधान रहें। हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करने की सलाह पुलिस ने यह भी बताया कि यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार होता है, तो उसे तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करना चाहिए या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए। समय पर शिकायत से ठगी की राशि को रोकने और वापस दिलाने में मदद मिलती है। किशनगंज पुलिस की इस कार्रवाई को साइबर अपराध के विरुद्ध एक महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। इससे आम लोगों में विश्वास बढ़ा है और साइबर अपराधियों को सख्त संदेश मिला है।
कोतवाली अयोध्या के दर्शननगर चौकी क्षेत्र स्थित झलकारी बाई वार्ड संख्या-3 के फत्तेपुर गांव में 25 वर्षीय नवविवाहिता मोनू वर्मा की शुक्रवार देर रात संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। ससुराल पक्ष उसे गंभीर हालत में राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचा, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही मृतका के मायके सरायनामू (थाना रौनाही) से परिजन मेडिकल कॉलेज पहुंचे और ससुराल पक्ष पर हत्या का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। परिजनों का आरोप है कि उनके पहुंचने से पहले ही ससुराल पक्ष के लोग शव छोड़कर फरार हो गए। उनका दावा है कि मोनू के गले पर फंदा या दबाने के निशान तथा शरीर पर कई चोटों के निशान थे। दहेज में कार की मांग का आरोप मृतका के भाई मनोज वर्मा ने बताया कि मोनू की शादी वर्ष 2023 में फत्तेपुर निवासी आदर्श वर्मा से हुई थी। दंपती की करीब दो वर्ष की एक बेटी है। उनका आरोप है कि शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष कम दहेज लाने की बात कहकर मोनू के साथ मारपीट करता था और चार पहिया वाहन की मांग की जाती थी। दो दिन से नहीं हो पा रही थी बात मृतका की मां शारदा ने बताया कि पिछले दो दिनों से बेटी से बात नहीं हो पा रही थी। दामाद भी फोन नहीं उठा रहे थे। शुक्रवार रात करीब 10 बजे फोन कर बताया गया कि मोनू की तबीयत खराब है और उसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। अस्पताल पहुंचने पर पता चला कि उसकी मौत हो चुकी है। पति समेत पांच लोगों पर मुकदमा दर्ज थानाध्यक्ष पंकज सिंह ने बताया कि परिजनों की तहरीर पर पति आदर्श वर्मा, ससुर देवी प्रसाद वर्मा, सत्यम वर्मा, प्रतिभा वर्मा और प्रतिमा वर्मा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। आरोपितों की तलाश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक साक्ष्यों और विवेचना में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद मेडिकल कॉलेज और दर्शननगर चौकी पर बड़ी संख्या में परिजन एवं ग्रामीण जुट गए। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए जांच शुरू कर दी है।
फतेहाबाद में रोडवेज बस और बाइक की टक्कर:बहू की मौत, सास-ससुर घायल; किरमारा धाम से लौटते वक्त हादसा
फतेहाबाद जिले के गांव धांगड़ के पास शनिवार को बस और बाइक की टक्कर हो गई। इस टक्कर में बहू की मौत हो गई, जबकि उसके सास-ससुर घायल हो गए। हादसे के बाद आसपास के लोगों ने तीनों को तुरंत सिविल अस्पताल पहुंचाया। वहां इलाज के दौरान बहू ने दम तोड़ दिया, जबकि सास को प्राथमिक इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई। ससुर को अग्रोहा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। हिसार से फतेहाबाद की लौट रहे थे मृतका की पहचान गांव भोडियाखेड़ा की कविता के रूप में हुई है। उसके ससुर दिलीप कुमार और सास कमला देवी का इलाज किया जा रहा है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दिलीप कुमार, अपनी पत्नी कमला देवी और पुत्रवधू कविता के साथ गांव किरमारा स्थित धाम की तरफ से बाइक पर सवार होकर फतेहाबाद की तरफ आ रहे थे। गांव धांगड़ के पुल के पास बाइक रोडवेज बस की चपेट में आ गया। मामले की जांच में जुटी पुलिस सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि हादसा किस परिस्थिति में हुआ। पुलिस मामले की जांच कर रही है तथा विस्तृत जानकारी का इंतजार है।
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सहायक प्राध्यापक की नियुक्ति में की गई गड़बड़ी पर सख्ती दिखाई है। राजनीति शास्त्र के उम्मीदवार की याचिका पर हाईकोर्ट ने उच्च शिक्षा सचिव और पीएससी को जांच कर उचित निर्णय लेने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए 120 दिन का समय दिया गया है। याचिका के अनुसार बिना एनओसी के राजनीति शास्त्र के एक असिस्टेंट प्रोफेसर को नियुक्ति दे दी गई है। रायगढ़ जिले के अली हसन ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इसमें उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने वर्ष 2019 में सहायक प्राध्यापक (राजनीति शास्त्र) के 59 पदों के लिए विज्ञापन जारी किया था। वर्ष 2021 में जारी अंतिम चयन परिणाम में रायगढ़ के अली हसन को अनारक्षित वर्ग की प्रतीक्षा सूची में पहला स्थान मिला। बगैर एनओसी हरियाणा के असिस्टेंट प्रोफेसर को दी नियुक्ति याचिकाकर्ता ने बताया कि, चयन सूची का बारीकी से अध्ययन करने पर हसन को पता चला कि मुख्य सूची में चयनित रंजन तिवारी पहले से ही हरियाणा सरकार के उच्चतर शिक्षा निदेशालय में सहायक प्राध्यापक के पद पर कार्यरत हैं। जिस पर याचिकाकर्ता ने सूचना के अधिकार के तहत हरियाणा सरकार से जानकारी मांगी। इसमें पता चला कि रंजन तिवारी 13 फरवरी 2020 से हरियाणा के महेंद्रगढ़ शासकीय महाविद्यालय में सहायक प्राध्यापक के रूप में सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने सीजीपीएससी की परीक्षा में शामिल होने या कार्यभार ग्रहण करने के लिए अपने नियोक्ता से अनिवार्य अनापत्ति प्रमाण पत्र भी नहीं लिया था। इसके बावजूद, 29 अप्रैल 2022 को रंजन तिवारी की नियुक्ति शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय भाटापारा, जिला बलौदाबाजार में कर दी गई। नियमों की अनदेखी का आरोप जस्टिस राकेश मोहन पांडे की सिंगल बेंच में सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की तरफ से एडवोकेट ने तर्क दिया कि सरकारी या अर्ध-सरकारी विभागों में कार्यरत अभ्यर्थियों के लिए कार्यभार ग्रहण करते समय नियोक्ता का अनापत्ति प्रमाण पत्र देना अनिवार्य है। नियमों के तहत यदि किसी अभ्यर्थी के प्रमाण पत्र या जानकारियां गलत पाई जाती हैं, तो उन्हें बिना पूर्व सूचना के सेवा से बर्खास्त किया जा सकता है और आईपीसी के के तहत कार्रवाई हो सकती है। कॉलेज के प्राचार्य ने माना- एनओसी नहीं मिला अली हसन द्वारा 18 मई 2022 को भाटापारा कॉलेज में लगाई गई सूचना के अधिकार के जवाब में प्राचार्य ने स्वीकार किया था कि रंजन तिवारी ने 23 मई 2022 को कार्यभार तो ग्रहण कर लिया, लेकिन कार्यालय में कोई अनापत्ति प्रमाण पत्र जमा नहीं किया।
दतिया उपचुनाव में पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने के विरोध में उनके समर्थकों ने शुक्रवार रात ग्वालियर-झांसी नेशनल हाईवे पर चक्काजाम कर दिया। विरोध इतना व्यापक था कि दिल्ली से दक्षिण भारत को जोड़ने वाले इस प्रमुख राष्ट्रीय मार्ग पर करीब 10 घंटे तक यातायात पूरी तरह ठप रहा। इस दौरान 50 हजार से अधिक छोटे-बड़े वाहन हाईवे पर फंस गए और हजारों यात्रियों को पूरी रात सड़क पर ही बितानी पड़ी। रात करीब 8 बजे से ही हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं, लेकिन देर रात तक प्रशासन की ओर से कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। हालात बिगड़ने के बाद रात लगभग 11 बजे प्रशासन सक्रिय हुआ और वैकल्पिक मार्गों से ट्रैफिक निकालने की व्यवस्था शुरू की गई। डायवर्जन से निकाले गए वाहन जाम खुलवाने के लिए प्रशासन ने दोनों ओर से आने वाले वाहनों का रूट डायवर्ट किया। 30 मिनट का रास्ता 6 घंटे में तय डायवर्जन के कारण वाहनों को करीब 20 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ी। दतिया शहर के संकरे रास्तों पर अचानक हजारों वाहनों का दबाव बढ़ने से पूरी रात ट्रैफिक रेंगता रहा। सामान्य तौर पर 25 से 30 मिनट में तय होने वाला यह सफर कई लोगों के लिए पांच से छह घंटे का हो गया। उत्तर-दक्षिण भारत का ट्रैफिक प्रभावित ग्वालियर-झांसी नेशनल हाईवे देश के सबसे व्यस्त मार्गों में शामिल है। जाम के कारण उत्तर और दक्षिण भारत के बीच चलने वाला यातायात भी प्रभावित हुआ। भूखे-प्यासे रातभर फंसे रहे यात्री जाम में सबसे अधिक परेशानी ट्रक चालकों, लंबी दूरी की यात्रा कर रहे परिवारों और बच्चों को उठानी पड़ी। हाईवे पर लंबे समय तक फंसे रहने के कारण यात्रियों को न समय पर भोजन मिल सका और न ही पर्याप्त पेयजल। उमस और गर्मी के बीच महिलाओं और बच्चों सहित हजारों लोगों ने पूरी रात वाहनों में ही गुजारी। कई यात्रियों को सुबह तक ग्वालियर और झांसी पहुंचने का इंतजार करना पड़ा। सुबह जाम हटने के बाद भी ट्रैफिक सामान्य होने में कई घंटे लगे। घटना ने हाईवे पर यातायात प्रबंधन और प्रशासन की आपातकालीन तैयारियों पर भी सवाल खड़े कर दिए। जाम में एंबुलेंस भी फसीं थीं बस चालक रमजान खान ने बताया कि वह ग्वालियर से शिरडी रूट पर बस चलाते हैं। शुक्रवार रात दतिया के पास लगे जाम के कारण भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। ट्रैफिक डायवर्जन लागू होने से करीब 20 किलो मीटर अतिरिक्त दूरी तय कर ग्वालियर की ओर निकलना पड़ा। जाम के चलते सभी वाहनों को वैकल्पिक मार्ग से निकाला जा रहा था। वहीं, दैनिक भास्कर से बातचीत में बस चालक मानसिंह यादव ने बताया कि वह ग्वालियर-झांसी रूट पर बस चलाते हैं। बेलवा से लेकर दतिया तक कई किलोमीटर लंबा जाम लगा हुआ था, जिसमें हजारों वाहन फंसे थे। जाम में कई एंबुलेंस भी अटक गई थीं, जिनमें मरीज थे। लंबे समय तक रास्ता बंद रहने से मरीजों और उनके परिजनों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। रात में हालात और अधिक खराब हो गए थे। प्रशासन के मौके पर पहुंचने और कई घंटे की मशक्कत के बाद जाम खुल सका।
महम नगरपालिका के पूर्व प्रधान से 4 लाख ठगे:खुद को कंपनी का मालिक बताया, रोड रोलर बेचने का दिया झांसा
रोहतक जिले में महम के पूर्व नगर पालिका प्रधान और स्क्रैप कारोबारी फतेह सिंह पंवार के साथ साढ़े चार लाख रुपए की धोखाधड़ी किए जाने का मामला सामने आया है। एक व्यक्ति ने खुद को कंपनी का मालिक बताकर दो रोड रोलर बेचने के बहाने उनसे यह रकम ठग ली। पंवार ने इस संबंध में हिसार पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है। फतेह सिंह पंवार ने पुलिस को बताया कि उन्हें मोहन नामक व्यक्ति का फोन आया था। मोहन ने खुद को एक कंपनी का मालिक बताया और उन्हें कुछ कागजात भी दिखाए, जिससे पंवार को उस पर विश्वास हो गया। चार लाख में हुआ था दो रोड रोलर का सौदा ठग ने पंवार से कहा कि कंपनी पुराना सामान बेचकर नया सामान खरीदना चाहती है। उसने लगभग 24-25 साल पुराने दो रोड रोलर स्क्रैप के भाव में बेचने की पेशकश की। पंवार उसकी बातों में आकर बताई गई जगह पर पहुंचे और साढ़े चार लाख रुपए में दोनों रोड रोलर खरीदने का सौदा कर लिया। मोहन ने उस समय आधार कार्ड न होने का बहाना बनाकर अगले दिन लिखा-पढ़ी करवाने की बात कही और पंवार ने उसे साढ़े चार लाख रुपए नकद दे दिए। जब फतेह सिंह पंवार अगले दिन रोड रोलर लेने पहुंचे, तो वहां कोई और व्यक्ति खड़ा मिला, जिसने खुद को उन रोलरों का असली मालिक बताया। पुलिस ने केस दर्ज कर शुरू की जांच पड़ताल मालिक ने बताया कि मोहन ने उनसे ये रोड रोलर किराए पर लिए थे और धोखाधड़ी से पंवार रुपए हड़प कर फरार हो गया। फतेह सिंह पंवार ने पुलिस से आरोपी मोहन को जल्द गिरफ्तार कर उनके पैसे वापस दिलवाने की मांग की है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
निरीक्षण टीम को विदिशा रोड स्थित ग्राम मुगलिया कोट में संचालित बताए गए श्रीराम कॉलेज ऑफ एजुकेशन का कोई संचालन स्थल नहीं मिला। विश्वविद्यालय के दस्तावेजों में यह संस्थान वर्षों से संबद्ध दर्ज है, लेकिन मौके पर कॉलेज का भवन या शैक्षणिक गतिविधियां नहीं मिलीं।
दुर्ग पुलिस ने 'ऑपरेशन विश्वास' के तहत नशे और अवैध शराब के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने नशीली टेबलेट, अवैध शराब, मोटरसाइकिल और नकदी सहित 97 हजार रुपये से अधिक का सामान जब्त किया है। मोहन नगर थाना पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर धमधा रोड स्थित सब्जी मंडी क्षेत्र से ग्रीन चौक निवासी राहुल गाडा (20) को गिरफ्तार किया। उसके पास से 10 स्ट्रीप में कुल 150 नग प्रतिबंधित अल्फाजोलम टेबलेट बरामद हुईं, जिनकी कीमत करीब 60 हजार रुपये बताई गई है। नशीली टेबलेट बेचने वाला युवक गिरफ्तार पुलिस ने आरोपी के पास से बिक्री के 920 रुपये नकद भी जब्त किए। उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8, 22 और 27(क) के तहत मामला दर्ज किया गया है। बाइक से शराब ले जा रहा युवक पकड़ा नंदिनी नगर थाना पुलिस और एसीसीयू की संयुक्त टीम ने ग्राम पोटिया के पास घेराबंदी कर राजा डेहरे (19), निवासी ग्राम मुरमंदा को गिरफ्तार किया। वह मोटरसाइकिल से 15 अध्धी देशी मसाला शराब ले जा रहा था। पुलिस ने शराब के साथ परिवहन में इस्तेमाल की गई बाइक भी जब्त की। जब्त शराब और बाइक सहित करीब 33 हजार रुपये की संपत्ति बरामद हुई। आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत कार्रवाई की गई। बाड़ी में छिपाकर बेच रहा था शराब जामुल थाना पुलिस ने ग्राम नारधा में कार्रवाई करते हुए चैन सिंह पटेल (38) को गिरफ्तार किया। आरोपी अपने घर की बाड़ी में देशी मसाला शराब छिपाकर बेच रहा था। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से 33 पौवा देशी मसाला शराब (7.38 बल्क लीटर) बरामद हुई, जिसकी कीमत करीब 4,100 रुपये है। आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत मामला दर्ज कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। नशे के कारोबार पर जारी रहेगा अभियान दुर्ग पुलिस ने बताया कि जिले में गांजा, अवैध शराब, प्रतिबंधित दवाइयों और अन्य नशीले पदार्थों की तस्करी व बिक्री के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। सभी गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद शनिवार को सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने लाल किले की गहन तलाशी ली। इस दौरान, कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई।
देश भर में बढ़ रहे साइबर अपराधों पर लगाम कसने के लिए कानपुर पुलिस कमिश्नरेट की ओर से तैयार की गई 40 मिनट का शार्ट फिल्म ‘साइलेंट क्राइम्स नॉट जस्ट ए फिल्म ए वेकअप कॉल' शनिवार को रेवथ्री में प्रीमियर लांच किया गया। फिल्म के डॉयलाग- अब डकैत घोड़े पर नहीं, मोबाइल के पीछे से आते हैं… स्क्रीन पर आते ही सिनेमा हाल तालियों से गूंज उठा। प्रीमियम के मौके पर फिल्म अभिनेता अन्नू कपूर, डॉयरेक्टर धीरज कुमार, राइटर आशीष द्विवेदी समेत पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल, डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह समेत कानपुर कमिश्नरेट पुलिस के अधिकारी मौजूद रहे। ACP कर्नलगंज बने फिल्म के पोस्टर बॉय साइबर फ्रॉड के प्रति जागरुक करने के लिए बनी फिल्म ‘साइलेंट क्राइम्स नॉट जस्ट ए फिल्म ए वेकअप कॉल' में हिंदी सिनेमा को 44 साल देने वाले फिल्म अभिनेता अन्नू कपूर साइबर क्राइम दरोगा करतार सिंह का किरदार निभाया है। फिल्म में अभिनेता मुश्ताक खान इंपेक्टर बाबूलाल दुबे का किरदार निभाया है। वहीं एसीपी कर्नलगंज आनंद ओझा ने फिल्म में एसीपी अंगद सिंह का किरदार निभाया है, वह फिल्म के पोस्टर बॉय भी हैं। अन्नू कपूर ने कविता सुनाकर प्रीमियम की शुरूआत की स्क्रीनिंग के दौरान अन्नू कपूर ने कहा कि आज की दोपहर जहां आप कानपुर कमिश्नरेट के अंतर्गत बनी फिल्म का प्रीमियर शुरू होने जा रहा है, सच कहूं तो मुंबई की बड़ी–बड़ी कमिर्शियल फिल्म को इस तरह का प्रीमियर नसीब नहीं होता। यह फिल्म नहीं एक संकल्प है, अभियान, इरादा है। कमिश्नर रघुबीर लाल से वर्षों पहले साइबर अपराध पर फिल्म बनाने के लिए फोन पर बात हुई थी, जो आज सफल होता दिख रहा है। पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल व एसीपी आनंद ओझा और हम सबके मिले जुले प्रयासों से ये मुहिम पूरी हो रही है। हम सबके ऊपर बहुत बड़ी जिम्मेदारी है, अपने परिवार, समाज, देश को संभालने की। तू जिंदा है तो, जिंदगी की जीत में यकीन कर, अगर कही है स्वर्ग तो उतार ला जमीन पर… सुबह और शाम के खिले हुए गगन को चूम कर, तू सुन जमीन गा रही है झूमकर….कविताओं की इन चार पंक्तियों के बाद फिल्म का 40 मिनट का प्रीमियर शुरू हुआ। फरवरी 2026 में कानपुर में हुई थी शूटिंग इस फिल्म की शूटिंग पुलिस लाइन, पुलिस ऑफिस और कोतवाली थाने में फरवरी 2026 में पूरी की गई थी। शार्ट फिल्म की शुरूआत से पहले कानपुरवासियों ने अपने साथ हुई साइबर ठगी की घटनाओं को साझा किया। इस मौके पर एमएलसी अरुण पाठक, विधायक अमिताभ बाजपेई, महेश त्रिवेदी, पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल, डीसीपी एसएम कासिम आबिदी, एडीसीपी एलआईयू महेश कुमार, सुमित सुधाकर रामटेके, अंजलि विश्वकर्मा, नजम हमराज, संजय कपूर समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
बटाला में रंजिश को लेकर दो पक्षों के बीच हुआ मामूली विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। एक पक्ष ने दूसरे पर अंधाधुंध गोलियां चला दीं। फायरिंग में एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे इलाज के लिए अमृतसर रेफर किया गया, जहां उसकी मौत हो गई। उसके शरीर में कई गोलियां लगी थीं। मृतक की पहचान मनपिंदर सिंह उर्फ मन्ना (35) के रूप में हुई है। वह गांव सीदा का रहने वाला था। शुक्रवार देर शाम रंजिश को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद शुरू हो गया। देखते ही देखते बात इतनी बढ़ गई कि गाली-गलौज होने लगी। गांव के ही एक युवक ने मन्ना पर पिस्तौल तान दी और ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। गोलियां लगने से वह लहूलुहान होकर वहीं जमीन पर गिर गया। नाजुक हालत के चलते किया था अमृतसर रेफर वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। गोलीबारी की आवाज सुनकर पहुंचे परिजनों ने मनपिंदर को खून से लथपथ हालत में तुरंत बटाला के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। वहां प्राथमिक इलाज के बाद डॉक्टरों ने उसकी गंभीर हालत और शरीर में लगी कई गोलियों को देखते हुए उसे अमृतसर के एक उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर कर दिया। हालांकि, इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही डीएसपी फतेहगढ़ चूड़ियां ललित कुमार भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी। डीएसपी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे, जांच तेज डीएसपी ललित कुमार ने बताया कि शुरुआती जांच में दोनों पक्षों के बीच रंजिश की बात सामने आई है। घटना के बाद एसएचओ घनीके बांगर को अमृतसर में उपचाराधीन घायल के बयान दर्ज करने के लिए भेजा गया था, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी उन्होंने बताया कि पीड़ित पक्ष के बयानों के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है और उसे जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
राज्य सरकार के शुद्ध आहार, मिलावट पर वार अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा विभाग ने कामा कस्बे में बड़ी कार्रवाई की। शनिवार को की गई इस कार्रवाई में लगभग 24,300 लीटर/बोतल पैक्ड ड्रिंकिंग वाटर और एनर्जी ड्रिंक सीज किए गए। इसके अतिरिक्त, 5,000 लीटर अवधि पार कार्बोनेटेड पेय पदार्थ मौके पर ही नष्ट कर दिए गए। यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण आयुक्त डॉ. टी. शुभमंगला, जिला कलक्टर मयंक मनीष और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विजय सिंघल के निर्देशन में खाद्य सुरक्षा अधिकारी नरेन्द्र सिंह द्वारा की गई। टीम ने सबसे पहले कामा स्थित बंसल आर.ओ. वाटर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठान में साफ-सफाई का अभाव पाया गया और पेय पदार्थ जमीन पर बिखरे हुए मिले। इस पर फर्म संचालक को एफएसएस अधिनियम की धारा-32 के तहत इम्प्रूवमेंट नोटिस जारी किया गया। टीम ने 'ब्लिसरी' नाम से बेचे जा रहे पैक्ड ड्रिंकिंग वाटर का एक नमूना भी लिया और लगभग 15 हजार लीटर पैक्ड ड्रिंकिंग वाटर सीज कर दिया। इसी प्रतिष्ठान के गोदाम में लगभग 5 हजार लीटर अवधि पार स्प्राइट और मिरिंडा सहित अन्य कार्बोनेटेड पेय पदार्थ पाए गए, जिन्हें मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। इसके बाद, टीम ने ब्रिज धाम ट्रेडिंग पर कार्रवाई की। ब्रिज धाम ट्रेडिंग से 'बूस्ट कैंपा' कैफिनेटेड एनर्जी ड्रिंक का एक नमूना लिया गया और उसकी 9,300 बोतलें सीज की गईं। खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि दोनों प्रतिष्ठानों से कुल दो नमूने लेकर जांच के लिए जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला, भरतपुर भेजे गए हैं। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के तहत नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई के दौरान व्यापारियों को खाद्य सुरक्षा नियमों का अनिवार्य रूप से पालन करने, स्वच्छता बनाए रखने तथा गुणवत्तापूर्ण खाद्य एवं पेय पदार्थों का ही भंडारण और विक्रय करने के निर्देश दिए गए।
सिरसा में डबवाली-मलोट मार्ग पर हुए एक सड़क हादसे के बाद सरकारी आपातकालीन सेवाओं पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। हादसे में घायल युवक सर्वजीत सिंह करीब डेढ़ घंटे तक सड़क पर तड़पता रहा, लेकिन पुलिस या सरकारी एम्बुलेंस मौके पर नहीं पहुंची। बाद में एक निजी एम्बुलेंस ने उसे अस्पताल पहुंचाया। जानकारी के अनुसार, पंजाब के मलोट निवासी सर्वजीत सिंह, एसी वर्कशॉप चलाते हैं। शुक्रवार की दोपहर गांव सांवतखेड़ा से लौट रहे थे। रास्ते में मोबाइल पर कॉल आने पर उन्होंने अपनी बाइक सड़क किनारे रोकी। इसी दौरान पीछे से आए एक अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। डेढ़ घंटे तक नहीं मिली मदद हादसे के बाद मौके से गुजर रहे सोनू मिस्त्री, सरपंच सुभाष, गुरजीत सिंह, अवतार सिंह और डॉ. रिंकू सहित कई लोगों ने घायल की मदद के लिए तत्काल 112, 100 और 102 नंबर पर कई बार कॉल की। हालांकि, उनके आरोप के अनुसार, डेढ़ घंटे तक किसी भी सरकारी एजेंसी से कोई सहायता नहीं मिली। घायल की बिगड़ती हालत को देखते हुए राहगीरों ने भाई कन्हैया मानव सेवा ट्रस्ट की निजी एम्बुलेंस को सूचना दी। एम्बुलेंस तुरंत मौके पर पहुंची और सर्वजीत सिंह को डबवाली के उपमंडल नागरिक अस्पताल ले गई, जहां उनका उपचार शुरू किया गया है। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने सड़क हादसों के दौरान त्वरित सरकारी सहायता व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों से इस लापरवाही की जांच करने और आपातकालीन सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने की मांग की है।
जलालाबाद में करंट लगने से एक बच्चे की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि बच्चा घर में सो रहा था, तभी पास में रखा स्टैंडिंग फैन उसके ऊपर गिर गया, जिससे उसे बिजली का झटका लग गया। करंट का झटका इतना तेज था कि बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। जानकारी के अनुसार, जलालाबाद के वाटर वर्क्स नंबर-4 के पास दशमेश नगरी में अनमोल (15) शुक्रवार शाम अपने घर में सो रहा था। इसी दौरान पास में चल रहा स्टैंडिंग फैन अचानक उसके ऊपर गिर गया। कुछ समय बाद जब बच्चे की दादी ने पंखा गिरा हुआ देखा तो उन्होंने उसे हटाया। उस समय बिजली नहीं थी और पंखा बंद था। अपनी बहन के साथ अपनी बुजुर्ग दादी के पास रहता था इसके बाद जब परिजनों ने अनमोल को उठाने की कोशिश की तो वह नहीं उठा। परिवार ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन उनकी मानें तो पंखे से लगे बिजली के करंट के कारण अनमोल की मौके पर ही मौत हो गई। परिजनों के अनुसार, अनमोल अपनी बहन के साथ अपनी बुजुर्ग दादी के पास रहता था। पिता मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं उसकी मां का पहले ही निधन हो चुका है, जबकि पिता मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर है और परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
सलूम्बर जिले में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता लाने के उद्देश्य से 'मिशन सलूम्बर-100' का शुभारंभ किया गया। पीएमश्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, सलूम्बर में आयोजित जिला स्तरीय प्रतिभा सम्मान समारोह में यह पहल शुरू की गई। मेधावी स्टूडेंट्स को किया सम्मानित इस समारोह में माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की कक्षा 10वीं और 12वीं में जिला मेरिट में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। साथ ही, उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम देने वाले विद्यालयों के संस्था प्रधानों को भी प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। विभाग के कई अधिकारी रहे मौजूद कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अतिरिक्त जिला कलेक्टर डॉ. दिनेश राय सापेला थे, जबकि मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी माया बजाड़ ने अध्यक्षता की। विशिष्ट अतिथियों में मिशन ज्ञान के सीईओ जितेंद्र सोनी, शिक्षा समिति के अध्यक्ष दौलत सिंह कलासुआ और नगर मंडल भाजपा के अध्यक्ष विजेश भलवाड़ा सहित कई जनप्रतिनिधि और शिक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्य अतिथि डॉ. दिनेश राय सापेला ने बताया कि 'मिशन सलूम्बर-100' जिला प्रशासन की एक दूरदर्शी पहल है। इसका लक्ष्य जिले के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन प्रदान कर बोर्ड परीक्षाओं में शत-प्रतिशत उत्कृष्ट परिणाम सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि यह अभियान विद्यार्थियों के भविष्य को नई दिशा देगा और जिले की शिक्षा व्यवस्था को नई पहचान दिलाएगा। मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी माया बजाड़ ने विश्वास व्यक्त किया कि जिला कलेक्टर मुहम्मद जुनैद के नेतृत्व में यह मिशन सफल होगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग इसे पूरी प्रतिबद्धता के साथ प्रभावी ढंग से लागू करेगा। वैन को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना समारोह का एक महत्वपूर्ण क्षण तब आया जब जिला कलेक्टर मुहम्मद जुनैद ने 'मिशन ज्ञान' वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कलेक्टर और अतिरिक्त जिला कलेक्टर ने वैन के भीतर उपलब्ध डिजिटल संसाधनों और अध्ययन सामग्री का अवलोकन किया। इस दौरान सीईओ जितेंद्र सोनी ने वैन की कार्यप्रणाली की विस्तृत जानकारी दी। यह 'मिशन ज्ञान' वैन जिले के प्रत्येक ब्लॉक में निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार पहुंचेगी। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षा की तैयारी, प्रतियोगी परीक्षाओं, करियर काउंसलिंग, उच्च शिक्षा के अवसरों, समय प्रबंधन, प्रेरक सत्रों और विभिन्न शैक्षणिक योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराना है। इस पहल का लक्ष्य ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों तक गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक मार्गदर्शन पहुंचाकर उन्हें भविष्य के बेहतर अवसरों से जोड़ना है। कार्यक्रम में इनका रहा सहयोग कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों के रूप में जयेश चौबीस, नरेश सुथार, महावीर जैन, रामचंद्र सालवी एवं दिलीप खटीक सहित शिक्षा विभाग के यशवंत कुमार मेहता, प्रेमशंकर चौबीसा एवं हरीश कलासुआ का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम का प्रभावी संचालन चंद्रवीर सिंह भाटी ने किया। शिक्षा के क्षेत्र में नई सोच, आधुनिक मार्गदर्शन और प्रतिभाओं के सम्मान के साथ 'मिशन सलूम्बर-100' ने जिले में शैक्षणिक उत्कृष्टता की एक नई उम्मीद जगा दी है।
2018 बैच के आईपीएस अधिकारी किरण गंगाराम चव्हाण को बालोद जिले का नया एसपी नियुक्त किया गया है। वे वर्तमान में सुकमा जिले के एसपी हैं। वहीं, बालोद के एसपी योगेश कुमार पटेल का तबादला सूरजपुर कर दिया गया है। जल्द ही किरण चव्हाण बालोद में पदभार ग्रहण करेंगे। किसान परिवार से निकलकर बने आईपीएस महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिले के एक साधारण किसान परिवार से आने वाले किरण गंगाराम चव्हाण का जन्म 20 अगस्त 1993 को हुआ। उन्होंने इंजीनियरिंग (बीई) की पढ़ाई पूरी करने के बाद सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी की और वर्ष 2018 में यूपीएससी उत्तीर्ण कर भारतीय पुलिस सेवा में चयनित हुए। उन्हें छत्तीसगढ़ कैडर आवंटित किया गया। सुकमा में दिखाया नेतृत्व का दम प्रशिक्षण के बाद उन्होंने विभिन्न जिम्मेदारियों का निर्वहन किया। साल 2022 में उन्हें अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ऑपरेशन) सुकमा बनाया गया। साल 2023 में सुकमा जिले का पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया। नक्सल प्रभावित जिले में उन्होंने सुरक्षा बलों के समन्वय, नक्सल विरोधी अभियानों, सामुदायिक पुलिसिंग और स्थानीय लोगों के बीच विश्वास बढ़ाने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किया। योगेश कुमार पटेल का कार्यकाल रहा यादगार इधर, एसपी योगेश कुमार पटेल का तबादला सूरजपुर कर दिया गया है। अपने कार्यकाल में उन्होंने सड़क सुरक्षा, साइबर अपराधों के प्रति जागरूकता, नशे के खिलाफ अभियान और सामुदायिक पुलिसिंग को बढ़ावा देने के साथ कई चर्चित मामलों का खुलासा किया। शांत और अनुशासित कार्यशैली के कारण उन्होंने जिले में अपनी अलग पहचान बनाई।
नवादा के रजौली प्रखंड अंतर्गत हरदिया पंचायत में फुलवरिया डैम मार्ग पर स्थित 1980 में निर्मित एक पुलिया भारी वाहनों के दबाव से ढह गई है। यह घटना शुक्रवार रात को हुई, जब तिलैया-कोडरमा रेलखंड निर्माण में लगी कंपनियों के ओवरलोडेड मालवाहक वाहन इस मार्ग से गुजर रहे थे। एक भारी वाहन के गुजरने के बाद पुलिया की दीवार क्षतिग्रस्त हुई और अंततः पूरा ढांचा गिर गया। इस हादसे से क्षेत्र के हजारों ग्रामीण, किसान और स्कूली बच्चे प्रभावित हुए हैं। पुलिया टूटने के कारण लोगों को अब 3-4 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ रहा है। सिंचाई कार्य पूरी तरह से ठप हरदिया डैम से खेतों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है, जिससे सिंचाई कार्य पूरी तरह ठप हो गया है। स्थानीय किसानों, जिनमें बीएरेंद्र कुमार भी शामिल हैं, ने बताया कि खेती-किसानी पर गंभीर असर पड़ा है। इसके अतिरिक्त, पुलिया के पास से गुजरने वाली मुख्य पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने से बहुउद्देशीय जल परियोजना के तहत 90 गांवों की नल-जल योजना भी बाधित हो गई है। पंप ऑपरेटर पंकज कुमार ने कहा कि पुलिया के पुनर्निर्माण तक पेयजल आपूर्ति में गंभीर दिक्कतें रहेंगी। स्कूली बच्चों की पढ़ाई और मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में भी भारी परेशानी हो रही है। घटनास्थल की तस्वीरें… रेलवे निर्माण कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की मांग स्थानीय जयेंद्र यादव उर्फ जालो यादव और विनोद राजवंशी सहित दर्जनों ग्रामीणों ने प्रशासन से रेलवे निर्माण कंपनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने क्षतिग्रस्त पुलिया का तुरंत पुनर्निर्माण, कंपनी से हर्जाना वसूली और वैकल्पिक सिंचाई व पेयजल व्यवस्था की भी मांग की है। सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता निशांत सिंह ने बताया कि विभाग जल्द ही ह्यूम पाइप डालकर अस्थायी व्यवस्था करेगा, जिससे सिंचाई कार्य फिर से शुरू किया जा सकेगा। ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंता मनोज कुमार ने कहा कि 10 टन से अधिक वजन वाले वाहनों के गुजरने पर प्रतिबंध है और मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
जालोर के ऐलाना गांव स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में शिक्षकों की कमी और अव्यवस्थाओं को लेकर शनिवार सुबह छात्रों और ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया। स्कूल में 24 स्वीकृत पदों में से 13 पद खाली होने और गैर-शैक्षणिक कार्यों में शिक्षकों की ड्यूटी लगाए जाने से नाराज लोगों ने सुबह 10 बजे स्कूल के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया और सड़क जाम कर शिक्षा विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। बाद में अधिकारियों के आश्वासन के बाद करीब दो घंटे बाद ताला खोला गया और प्रदर्शन समाप्त हुआ। 450 स्टूडेंट्स के लिए केवल 11 शिक्षक कार्यरत ग्रामीणों ने बताया कि राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में करीब 450 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। स्कूल में शिक्षकों के कुल 24 पद स्वीकृत हैं, लेकिन वर्तमान में 13 पद रिक्त हैं और केवल 11 शिक्षक ही कार्यरत हैं। प्रिंसिपल और वाइस प्रिंसिपल के पद भी खाली ग्रामीणों के अनुसार प्रिंसिपल और वाइस प्रिंसिपल दोनों का ट्रांसफर होने के बाद से ये पद खाली पड़े हैं। वरिष्ठ अध्यापक के 6 स्वीकृत पदों में से केवल एक शिक्षक कार्यरत है, जबकि पांच पद रिक्त हैं। तृतीय श्रेणी अध्यापक (एल-2) के तीन पदों में से दो खाली हैं और केवल एक शिक्षक कार्यरत है। वहीं कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों के लिए स्वीकृत पांच पदों में से तीन पद खाली पड़े हैं। गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगाई जा रही शिक्षकों की ड्यूटी प्रदर्शनकारियों का कहना है कि स्कूल में मौजूद शिक्षकों की ड्यूटी भी विभाग की ओर से जनगणना, चुनाव और विभिन्न सर्वे जैसे गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगाई जा रही है। इससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। करीब दो घंटे तक चला प्रदर्शन और सड़क जाम शनिवार सुबह 10 बजे ग्रामीणों और स्टूडेंट्स ने स्कूल के मुख्य गेट पर ताला लगा दिया और स्कूल के सामने सड़क जाम कर दी। सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और व्यवस्था संभाली। अधिकारियों के आश्वासन के बाद खुला तालाप्रदर्शन और चक्काजाम की सूचना मिलने पर करीब 11 बजे सायला ब्लॉक शिक्षा अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों और स्टूडेंट्स से बातचीत की। ब्लॉक शिक्षा अधिकारी और जालोर नायब तहसीलदार की ओर से स्कूल में तीन शिक्षकों की नियुक्ति करने और अन्य रिक्त पद जल्द भरने का आश्वासन दिया गया। इसके बाद ग्रामीण शांत हुए और स्कूल का ताला खोल दिया गया। करीब दो घंटे तक चला धरना और जाम इसके साथ समाप्त हो गया।
गोंडा में 42 पंचायत सहायकों की संविदा समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इन सहायकों ने पिछले तीन माह से ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं की थी। जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) जीडी जैन ने संबंधित विकासखंड अधिकारियों (बीडीओ) को इस संबंध में कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। डीपीआरओ जीडी जैन ने आज शनिवार सुबह 11 बजे विभागीय समीक्षा बैठक में इन सभी 42 पंचायत सहायकों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि इन सहायकों को कई बार ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन नियमों का लगातार उल्लंघन किया जा रहा था। जांच में यह भी सामने आया है कि कई पंचायत सहायक अपने ग्राम पंचायतों में कार्य करने के लिए उपस्थित ही नहीं होते थे। डीपीआरओ जीडी जैन के अनुसार, समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि 42 पंचायत सहायक तीन माह से लगातार अनुपस्थित चल रहे थे और ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अब इनकी संविदा समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। डीपीआरओ ने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और अनुपस्थित रहने वाले सहायकों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। जांच में यह भी निकाल कर सामने आया है इन पंचायत सहायकों की ग्राम पंचायत में ना जाने के चलते ग्राम पंचायत का काफी सरकारी कार्य प्रभावित हुआ है और लगातार इन लोगों द्वारा मनमानी तरीके से विभागीय नियमों का भी उल्लंघन करके कार्य किया जा रहा था। संबंधित ब्लॉकों से भी इनको कई बार ब्लॉक अधिकारियों द्वारा निर्देश दिया गया लेकिन फिर भी यह लोग अपनी कर शैली में सुधार नहीं ला रहे थे। ऐसे में अब लोगों की नौकरी खतरे में है जल्द ही इनकी संविदा भी समाप्त हो जाएगी।
मेरठ का ललिता गौतम हत्याकांड को लेकर सियासत गरमा गई है। ललिता गौतम के परिवार वालों ने शनिवार को सपा प्रमुख अखिलेश यादव से दिल्ली में मुलाकात की। करीब सवा घंटे तक उनके साथ कमरे में बात किया। उन्होंने परिवार को आश्वासन किया कि उन्हें न्याय दिलाएंगे। परिवार को 2 लाख रुपए की मदद दी। सपा प्रमुख ने वादा किया कि प्रदेश में सपा की सरकार बनने पर परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाएगी। उन्होंने अपने X अकाउंट पर लिखा- जब वो खुद ही बेलगाम है जिसके हाथ में लगाम है तो फिर उनका क्या, जो उनके दरबार में दरबान है! उन्होंने लिखा- ‘मेरठ की बेटी’ के साथ हुए महा-अत्याचार व हत्या के बाद जिस तरह नामज़द आरोपियों पर कमजोर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है और आंदोलनकारियों पर गंभीर धाराओं में मुकदमा लगाया गया है, वो नाइंसाफ़ी की पराकाष्ठा है। इससे भी अधिक गंभीर बात ये है कि जिस पुलिस से न्याय की उम्मीद होती है, उनके ही उच्चाधिकारी अन्याय और अपने अहंकार के अनवरत झापड़ आम जनता के गाल पर मार रहे हैं, पूरी दुनिया में फैल चुका जिसका वीडियो उत्तर प्रदेश की पुलिस की छवि को खंडित कर रहा है। इससे वो पुलिसकर्मी भी शर्मिंदा हैं जो अपनी कर्तव्यपरायणता और आम जनता के प्रति संवेदनशील हैं और सदैव मानवीय दृष्टिकोण से अपना काम करते हैं। पीडीए अब सहेगा नहीं, कहेगा! अखिलेश यादव ने लिखा- सच तो ये है कि जिस राज्य का मुख्य ही महिलाओं के साथ, विशेष रूप से एक युवा मृतक की शोक-संतप्त मां से सरेआम अभद्रता का वाचन करे, उसकी पुलिस से कोई भी उम्मीद करना बेमानी है। मस्तिष्क का आदेश ही,उंगलियां मानती हैं। अब जनता भाजपाइयों का भाषण सुनने के मूड में नहीं है। शुक्रवार रात ललिता गौतम के परिवार को आया था फोनशुक्रवार रात को अखिलेश यादव की तरफ से ललिता गौतम के पास कॉल आई थी। उसी के बाद परिवार शनिवार सुबह 6 बजे मेरठ से ललिता गौतम का परिवार दिल्ली रवाना हुआ। वहां अखिलेश यादव से परिवार ने करीब डेढ़ घंटे तक बातचीत की। इस दौरान अखिलेश यादव ने ललिता के पिता को भरोसा दिलाया कि उनकी बेटी को न्याय मिलेगा। आरोपी अंकुश का भाई अंकित जो पीएसी में है। उसे सस्पेंड किया गया है, उस पर भी मुकदमा कराकर अरेस्ट कराएंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि कलेक्ट्रेट के गेट पर जो लोग ललिता गौतम के लिए न्याय की मांग कर रहे थे, जिन पर पुलिस ने लाठियां चलाई, डंडे और थप्पड़ बरसाएं हैं उनको भी न्याय दिलाएंगे। अखिलेश यादव बोले- सदन में उठाएंगे पूरा मामला अखिलेश यादव ने कहा- जिन 13 लोगों पर पुलिस ने न्याय मांगने और गरीबों की आवाज उठाने के कारण मुकदमे लगाए हैं। उनके मुकदमे भी हटवाने के लिए पूरा प्रयास करेंगे। फर्जी मुकदमे भी हटवाएंगे और इस पूरे प्रकरण को सदन में उठाएंगे। ललिता गौतम के परिवार से मिलने जा रहे चंद्रशेखर आजाद को पुलिस ने रोका 10 जुलाई को दलित छात्रा ललिता गौतम के परिजनों से मिलने जा रहे सांसद चंद्रशेखर आजाद को पुलिस ने रोक दिया। बैरिकेडिंग कर 400 जवान तैनात कर दिए। इससे नाराज चंद्रशेखर सड़क पर बैठ गए। कहा- पुलिस गुंडागर्दी कर रही है। मामला बढ़ता देख अफसरों ने ललिता के परिवार को टोल प्लाजा बुला लिया। इसके बाद चंद्रशेखर ने परिजनों से मुलाकात की। सांसद ने प्रशासन को 7 दिन का अल्टीमेटम देते हुए कहा- न्याय नहीं मिला तो लखनऊ में आंदोलन करेंगे और लोकसभा में भी मामला उठाएंगे। अब जानिए छात्रा ललिता गौतम हत्याकांड के बारे में…टीपीनगर थाना क्षेत्र की रहने वाली बीए थर्ड ईयर की छात्रा ललिता गौतम 15 मई को परीक्षा देने घर से निकली थी। इसके बाद वह घर नहीं लौटीं। घरवालों ने उसी दिन गुमशुदगी दर्ज करा दी। 17 मई को रोहटा थाना क्षेत्र के उकसिया गांव के गन्ने के खेत में ललिता का शव मिला। इसके बाद घरवालों ने गैंगरेप के बाद हत्या का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया था। पुलिस ने घरवालों की शिकायत पर 3 युवकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। जांच के दौरान पुलिस ने मुख्य आरोपी अंकुश को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने बताया था कि 3 साल से उसकी ललिता से दोस्ती थी। उसे ललिता के किसी दूसरे युवक से बात करने का शक था। इसको लेकर दोनों के बीच झगड़ा हुआ था। इसी रंजिश में अंकुश ने अपने साथियों के साथ मिलकर ललिता की हत्या कर दी थी। इसके बाद सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। परिजनों ने गैंगरेप के बाद हत्या का आरोप लगाते हुए कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन किया। सूचना पर SSP अविनाश पांडेय पहुंचे। आरोप है कि उन्होंने प्रदर्शन कर रहे लोगों को थप्पड़ मारे। इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर प्रदर्शनकारियों को वहां से खदेड़ दिया। ----------------------------ये खबर भी पढ़ें गाजियाबाद में बेटी बोली- पापा को चाकू मारा-आंतें निकल आईं:मुझे जल्लादों की तरह पीटता था; दामाद ने की थी ससुर की हत्या मैं बता नहीं सकती कि मेरे पति ने मुझ पर क्या-क्या जुल्म किए। सालों तक सहती रही कि शायद वह बदल जाएगा, लेकिन वह शराब पीकर जल्लाद की तरह मारता-पीटता था। छह महीने पहले मेरी दोनों पसलियां तोड़ दी थीं। इस बार वह मुझे मारने आया था, लेकिन मेरे पिता बीच में आ गए और उन्होंने मेरी जान बचाने के लिए अपनी जान गंवा दी।’ पढ़िए पूरी खबर
बालोद शहर में पिछले एक सप्ताह से कई वार्डों में मटमैले पानी की सप्लाई होने से लोगों की चिंता बढ़ गई है। सुबह-शाम गंदा पानी आने से वार्डवासियों में डायरिया समेत जलजनित बीमारियों का खतरा बना हुआ है। पार्षदों ने आरोप लगाया है कि बारिश के बाद खरखरा केनाल का गंदा पानी सिवनी पंप हाउस तक पहुंच रहा है, जिसके कारण शहर में दूषित पानी की सप्लाई हो रही है। उनका कहना है कि कई बार शिकायत के बावजूद अब तक समस्या का समाधान नहीं किया गया। पार्षद बोले- तांदुला की जगह केनाल का गंदा पानी पहुंच रहा पंप हाउस पाररास वार्ड की पार्षद पुष्पा ईश्वर साहू, कुन्दरूपारा के पार्षद गोकुल ठाकुर और गंजपारा के पार्षद सुमित शर्मा ने बताया कि बरसात के कारण खरखरा केनाल में मटमैला पानी भर गया है। यही पानी सिवनी स्थित पंप हाउस तक पहुंच रहा है, जबकि शहर में तांदुला जलाशय का पानी सप्लाई होना चाहिए। उनका कहना है कि यह सीधे लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ा मामला है। केनाल का गेट बंद कर तांदुला का पानी छोड़ा जाए पार्षद सुमित शर्मा ने कहा कि बरसात के दौरान खरखरा केनाल का गेट पूरी तरह बंद कर तांदुला जलाशय का पानी पंप हाउस तक पहुंचाया जाना चाहिए। यदि गंदे पानी की सप्लाई जारी रही तो शहर में डायरिया फैलने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। वहीं, पार्षद सुमित शर्मा ने चेतावनी दी कि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा। कुन्दरूपारा और जुर्रीपारा में सबसे ज्यादा शिकायत कुन्दरूपारा के पार्षद गोकुल ठाकुर ने बताया कि लगातार बारिश के बाद से उनके वार्ड में गंदा पानी आ रहा है। आमतौर पर बारिश के दौरान कुछ समय तक ऐसा होता है, लेकिन बारिश थमने के बाद भी स्थिति सामान्य नहीं हुई। उन्होंने बताया कि पंप हाउस के पास जाकर देखा तो केनाल का पानी पूरी तरह मटमैला था। केनाल किनारे कई घरों का गंदा पानी भी केनाल में मिल रहा है। जिससे बीमारी फैलने का खतरा बढ़ सकता है। CMO बोले- ट्रीटमेंट के बाद ही सप्लाई हो रहा पानी नगर पालिका के सीएमओ खिरोद्र भोई ने कहा कि उन्हें फिलहाल ऐसी कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि हाल ही में पीएचई विभाग से पानी की जांच कराई गई थी। जिसमें पानी पीने योग्य पाया गया। गंजपारा स्थित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में पानी को शुद्ध करने के बाद ही शहर के वार्डों में सप्लाई किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि फिलहाल किसी प्रकार का खतरा नहीं है। पालिका अध्यक्ष बोलीं- शिकायत सही मिली तो केनाल का पानी बंद कराएंगे नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिभा चौधरी ने कहा कि वे खुद मौके का निरीक्षण करेंगी। यदि जांच में यह पाया गया कि खरखरा केनाल का गंदा पानी सिवनी पंप हाउस तक पहुंच रहा है तो सिंचाई विभाग से चर्चा कर तत्काल इसे बंद कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि शहरवासियों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना नगर पालिका की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
एटा में डिलीवरी के बाद एक प्रसूता की मौत हो गई। परिजनों ने शहर के न्यू लाइफ हॉस्पिटल प्रबंधन पर इलाज में गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। सूचना पर पहुंची कोतवाली नगर पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित कर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा और मामले की जांच शुरू कर दी है। फिरोजाबाद के थाना एका क्षेत्र के नगला जैया निवासी माधुरी (21) पत्नी रोहित को शुक्रवार सुबह करीब आठ बजे न्यू लाइफ हॉस्पिटल में प्रसव के लिए भर्ती कराया गया था। देर रात करीब 12 बजे उसने जुड़वा बच्चों एक बेटी और एक बेटे को जन्म दिया। परिजनों का आरोप है कि डिलीवरी के बाद अस्पताल में लगाए गए एक इंजेक्शन के बाद माधुरी की तबीयत अचानक बिगड़ गई। हालत गंभीर होने पर अस्पताल प्रबंधन ने उसे आगरा रेफर कर दिया। अस्पताल के चिकित्सक उसे आगरा लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने परीक्षण के दौरान उसे मृत घोषित कर दिया। मृतका के पति रोहित ने आरोप लगाया कि अस्पताल संचालिका ने एक्सपायर इंजेक्शन लगाया, जिससे उनकी पत्नी की जान चली गई। हालांकि, इस आरोप की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस इसकी जांच कर रही है। शनिवार को परिजन शव को वापस एटा ले आए और अस्पताल परिसर में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान माहौल तनावपूर्ण हो गया और लोगों ने एक एंबुलेंस चालक के साथ मारपीट भी की। घटना का वीडियो भी सामने आया है। पुलिस ने मृतका के शव को कब्जे में लेकर पंचनामा की प्रक्रिया पूर्ण कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतका माधुरी की शादी हाल ही में 30 अप्रैल को हुई थी। उनके पति रोहित इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे हैं। पहली बार मां बनी माधुरी की मौत से परिवार में कोहराम मच गया है, जबकि नवजात जुड़वा बच्चों के सिर से जन्म लेते ही मां का साया उठ गया। कोतवाली नगर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। अस्पताल प्रबंधन पर लगाए गए आरोपों की भी गंभीरता से जांच की जा रही है।
जयपुर। बर्दिया कॉलोनी रोड स्थित गार्डन व्यू रेजिडेंट्स वेलफेयर सोसायटी (रजि.) की वर्ष 2026-2028 की नई कार्यकारिणी का चुनाव निर्विरोध संपन्न हो गया। चुनाव अधिकारी द्वारा जारी सूचना के अनुसार 12 जुलाई को प्रस्तावित चुनाव के लिए नामांकन की अंतिम तिथि 8 जुलाई शाम 5 बजे तक निर्धारित थी। निर्धारित समय तक सभी स्वीकृत पदों के लिए केवल एक-एक नामांकन प्राप्त होने के कारण सभी उम्मीदवारों को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया। नई कार्यकारिणी में हरीओम पाण्डे अध्यक्ष, महेश कुलवाल उपाध्यक्ष, अरुण खंडेलवाल सचिव और अभिषेक चोरड़िया कोषाध्यक्ष चुने गए हैं। वहीं सदस्य पद पर वसुंधरा शर्मा, राधामोहन माहेश्वरी और सुनील जैन निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। चुनाव अधिकारी सिद्धार्थ जैन ने 10 जुलाई 2026 को जारी सूचना में सभी निर्वाचित पदाधिकारियों की घोषणा की। अब नई कार्यकारिणी आगामी दो वर्षों तक सोसायटी के कार्यों का संचालन करेगी।
वार्ड-10 सरोजनीनगर प्रथम में निर्माणाधीन अंडरपास सबसे बड़ी समस्या है। इसकी वजह से क्षेत्र में धूल उड़ती है। बरसात में जलभराव हो जाता है। आए दिन दोपहिया वाहन चालक गिरकर घायल होते हैं। 2300 मीटर की जगह मात्र 600 मीटर नाला बनने से जलभराव की समस्या है। वार्ड में डोर-टु-डोर कूड़ा कलेक्शन की स्थिति भी खराब है। ज्यादातर सड़कें कच्ची हैं। इससे आए दिन सड़क हादसे होते हैं। क्षेत्र में चोरियां भी खूब हो रही हैं। इससे लोगों में डर बैठ गया है। लोग खाली घर छोड़कर जाने से डरने लगे हैं। दैनिक भास्कर एप 'वार्ड परिक्रमा' मुहिम चला रहा है। इसके तहत नगर निकाय के वार्डों की वास्तविक स्थिति जानने की कोशिश की जा रही है। इसी क्रम में हमारी टीम वार्ड नंबर-10 सरोजनी नगर प्रथम में पहुंची। यहां के प्रमुख कॉलोनियों, मोहल्लों, इलाकों का हाल जाना। निवासियों से बात कर उनकी समस्या समझने की कोशिश की। सबसे पहले देखिए समस्याओं की 3 तस्वीरें… क्षेत्र की मुख्य समस्याएं नाला निर्माण में घोटाला सरोजनीनगर प्रथम क्षेत्र में नगर निगम की तरफ से 2300 मीटर नाले के लिए साढ़े तीन करोड़ रुपए पास हुए थे। लोगों का आरोप है कि नगर निगम की तरफ से सिर्फ 600 मीटर नाला बनाया गया। इसमें सिर्फ 300 मीटर ओपन नाला बनाकर बाकी 300 मीटर में पाइप डाल दी गई। नाला अभी तक सिर्फ सैनी बीर बाबा मोड़ से घई पैलेस तक बना हुआ है। इसके बाद इसका निर्माण रोक दिया गया है। लोगों का आरोप है कि ठेकेदार के साथ में मिलकर अधिकारियों ने पैसे की बंदरबांट की है। लोगों का कहना है कि यह नाला 2024 में पास हुआ था। इस नाले से क्षेत्र के गोल्ड सिटी, शुभम सिटी, बजरंग सिटी, आर्यपुरम कालोनी, सोफा फैक्ट्री, रामदास खेड़ा, श्याम वेलफेयर, निलयम कालोनी, कृष्ण बिहार कालोनी, नन्दद्वार कालोनी, द्वारिकापुरी, शिवराम सिटी, सदरौना कालोनी, जयपुरिया स्कूल के पास और पंडितखेड़ा के कॉलोनियों के पानी की निकासी होनी थी। मामले में स्थानीय विधायक राजेश्वर सिंह, मेयर सुषमा खर्कवाल सहित अन्य से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है। मामले में विधायक ने कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया था। अंडरपास बनाने में हो रही लापरवाही उत्तर रेलवे की क्रासिंग नंबर 5 सी रामदास खेड़ा पर रेलवे की तरफ से अंडरपास का निर्माण किया जा रहा है। यहां पर अंडर पास का निर्माण अधूरा छोड़ दिया गया। इसके कारण इसमें बड़े गड्ढे मौजूद हैं। चारों तरफ धूल उड़ती रहती है। अंडरपास के पास में मिट्टी की दीवार खड़ी हुई है। इस बीच आए दिन दुर्घटना होती है। बारिश होते ही जलभराव की स्थिति हो जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि जब मामले में काम कर रहे ठेकेदार से शिकायत की जाती है तो वह कहते हैं कि अभी दूसरी जगह पर निर्माण कार्य चल रहा है। बाद में इसे कराया जाएगा। लोगों ने बताया कि इसके कारण लोगों को घूम कर आवाजाही करनी पड़ती है। वह रास्ता भी खराब है। यहां पर आए दिन वाहन सवार गिरते रहते हैं। लोगों ने बताया कि पिछले एक साल से जलभराव के बीच में लोगों को मजबूरी में अंडरपास से होकर गुजरना पड़ता है। चोरी की समस्या से परेशान कॉलोनी के लोग वार्ड के लोगाें का कहना है कि क्षेत्र में आए दिन चोरी की घटनाएं होती हैं। मामले में लोग जब पुलिस से शिकायत करते हैं तो कार्रवाई का आश्वासन मिलता है ,लेकिन कोई आरोपी पकड़ा नहीं जाता है। ऐसे में समस्या बढ़ जाती है। पुलिस गश्त भी नहीं करती है। पंडित खेड़ा के लोगों ने बताया कि पिछले 6 महीने में क्षेत्र में 15 चोरी की घटनाएं हुइर् हैं, लेकिन एक भी मामले में आराेपियों को पुलिस पकड़ नहीं पाई है। पंडित खेड़ा इलाके में काशी राम तिराहे के पास में पुलिस चौकी बनाने का प्रस्ताव था। इसके बाद गोकुल स्टेट के पास में पुलिस चौकी प्रस्तावित है। पंडित खेड़ा में पुलिस चौपाल भी लगी थी। आश्वाशन मिला था। गश्त होगी, लेकिन दो साल में कुछ नहीं हुआ। चोरी बढ़ती जा रही है। लोगों का आरोप है कि गश्त के नाम पर डेढ़ महीने में एक बार पुलिस वाले आते हैं। पढ़िए स्थानीय लोगों ने क्या कहा… अंडरपास बनाने के नाम पर झूठ बोलते हैं रामदास खेड़ा में रहने वाले आलोक विश्वकर्मा का मकान रेलवे क्रासिंग के पास में है। उन्होंने बताया कि जब से रेलवे के लोगों ने अंडरपास का काम करना शुरू किया है, तब से लापरवाही बरती जा रही है। हम लोगों ने एक खंभा भी लगाया था। इसे भी तोड़ दिया गया है। यहां पर धूल उड़ रही है। कई बार शिकायत की। जब शिकायत की जाती है तो बताते हैं कि अभी घर में शादी है। दूसरे कामों में व्यस्त हैं, लेकिन काम नहीं हो रहा है। 3 किलोमीटर तक घूमकर आना-जाना पड़ता है मेवा लाल बताते हैं कि अंडरपास आधा बन गया उसके बाद रुका है। हम लोगों को घर से निकलने की समस्या है। 3 किलोमीटर तक घूमकर जाना पड़ता है। रेलवे के लोगों की हठधर्मिता है कि ये लोग काम नहीं कर रहे हैं। हम लोगों को समस्या हो रही है। कोई सुनने वाला नहीं है। रेलवे के अधिकारियों तक भी कई शिकायत पहुंचाई गई पर कोई सुन नहीं रहा है। शिकायत को कोई सुन नहीं रहा है आशुतोष अनौरा में रहते हैं। उनका कहना है कि केसरीखेड़ा में फ्लाईओवर बन रहा है। इसके कारण हमारे पिता का एक्सीडेंट हो गया है। पुल का निर्माण नहीं हो रहा है। इसके कारण पूरे क्षेत्र को तकलीफ हो रही है। लोग बोले- नगर निगम के अधिकारियों ने किया घोटाला अमित सिंह बताते हैं कि हम लोगों ने मेहनत करके साढ़े तीन करोड़ का बजट नाले के लिए पास कराया, लेकिन नगर निगम के अधिकारियों ने मिलकर बंदरबांट कर ली। इसके कारण 2300 मीटर का पैसा सिर्फ 600 मीटर में खर्च कर दिया गया। इसमें 300 मीटर पाइप डाली गई। आईजीआरएस के साथ में आरटीआई लगाई गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई है। विधायक से भी शिकायत हुई। इससे 15 कॉलोनियों के पानी की निकासी होनी थी। उत्तर रेलवे के सीनियर डीसीएम सिद्धार्थ गुप्त ने बताया- रामदास खेड़ा क्रासिंग पर बन रहे अंडरपास को सही कराया जाएगा। हम देखेंगे कि कौन सा डिपार्टमेंट इसका काम कर रहा है? जरूरी कार्रवाई की जाएगी। पार्षद प्रतिनिधि संजय गुप्ता ने बताया- वार्ड में कच्ची सड़क सबसे अधिक है। इसके कारण जलभराव होता रहता है। लड़कियों के लिए कोई राजकीय विद्यालय नहीं है। सरकारी बारात घर नहीं है। जनता को सुविधाएं बढ़ाने के लिए काम करना चाहिए।कुछ लोगों के मकान आने की वजह से नाले का निर्माण बंद हो गया था। तहसील के साथ नगर निगम के लेखपाल आए थे। इस संंबंध में एक्सईएन बात करेंगे। इंजीनियरिंग विभाग के एक्सईएन राजीव ने बताया- मामले में अभी नाला बनाने के लिए और बजट पास हो रहा है। इसके लिए डिस्पोजल प्लान बन गया है। इसकी अधिक जानकारी नहीं दे सकेंगे। ----------------------------- इस वार्ड को भी जानिए- 'प्राइवेट लोगों को पैसे देकर साफ करवाना पड़ता है सीवर' : मल्लाही टोला वार्ड के लोग बोले- स्वेज इंडिया के कर्मचारी काम नहीं करते लखनऊ का मल्लाही टोला वार्ड शहर के पुराने हिस्से हुसैनाबाद में आता है। गंदगी यहां की मुख्य समस्या है। यहां नाला और सीवर की सफाई नहीं हो रही है। जगह-जगह कूड़े का ढेर लगा है। हालांकि, क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि वार्ड में काफी विकास हुआ। अन्य क्षेत्रों से तुलना की जाए तो उनके वार्ड को लेकर नगर निगम के अधिकारी और पार्षद गंभीर रहते हैं। सीवर सफाई को लेकर लोगों ने कार्यदायी संस्था स्वेज इंडिया पर नाराजगी जताई। आरोप लगाया कि कई कॉलोनी में सीवर लाइन प्राइवेट है। स्वेज इंडिया उनकी सफाई नहीं करती है। प्राइवेट कर्मचारियों को बुलाकर सीवर साफ करवाना पड़ता है। (पूरी रिपोर्ट पढ़िए)
नोएडा में इंजीनियर आर्यन की मौत का एक सीसीटीवी वीडियो सामने आया है। जिसमें आर्यन सड़क के किनारे फुटपाथ पर चल कर ऑफिस जा रहा था। दस दौरान टूटी स्लैब पर उसका पैर पड़ता है और सीधे नाले में गिरता है। कुछ सेकेंड में वहां एक युवक उसे उठाने आता है। लेकिन उसे तेजी से करंट लगता है और वो पीछे हटता है। बता दे गुरुवार को भारी बारिश के चलते नोएडा की सड़कों पर जलभराव हुआ था। ग्राम चौड़ा, सेक्टर-22 निवासी आर्यन (28) पुत्र संजय कुमार गुरुवार सुबह करीब 9:15 बजे अपने साथी शुभम के साथ ड्यूटी पर जा रहे थे। इसी दौरान नाले में गिरे और मौत हो गई। आर्यन मूलरुप से कायमगंज का रहने वाले थे। पिता की मौत चार साल पहले हो चुकी थी। सीसीटीवी में साफ पहले नाले में गिरा अब भी ये असमंजस है कि आर्यन को पहले करंट लगा कि वो पहले नाले में गिरा। पुलिस ने आर्यन की बिसरे को प्रिजर्व कर लिया है। हालांकि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उसका पैर नाले की पट्की पर पड़ा जिससे वो नाले में गिरा। पोल पास में होने की वजह से शाट सर्किट हुआ और करंट लगने से उसकी मौत हो गई। बिजली सप्लाई काट कर निकाला बाहरपरिजनों ने बताया कि शव काफी देर तक नाले में पड़ा रहा। बिजली काटी गई इसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सीसीटीवी में ये भी दिखा रहा है जिस समय हादसा हुआ सड़क पर पानी भरा हुआ था। ऐसे में अगर करंट सड़क पर होता तो पूरे एरिया में असर दिखाता। जबकि घटना के समय कई लोग पानी से निकल रहे थे।
मुजफ्फरनगर में कांवड़ यात्रा शुरू होने से पहले ही शिवभक्ति की आड़ में कुछ अराजक तत्वों ने शहर के सबसे संवेदनशील शिव चौक पर जमकर बवाल काटा। पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की की गई। पुलिसकर्मियों को सरेआम वर्दी उतरवाने तक की धमकी दी गई और मौके पर कवरेज कर रहे पत्रकारों के साथ भी मारपीट एवं अभद्रता की गई। पूरे घटनाक्रम के कई वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। जानकारी के अनुसार मामला शहर कोतवाली क्षेत्र के नॉवल्टी चौराहे से शुरू हुआ। शुक्रवार देर रात करीब 10 बजे ऊंची हाइट वाली डबल रूफ डीजे कांवड़ वहां पहुंची। लगातार हो रही बारिश और ऊपर से गुजर रही बिजली लाइनों को देखते हुए शहर कोतवाली प्रभारी बृजेश कुमार शर्मा ने डीजे की छत पर खड़े लोगों से नीचे उतरने का अनुरोध किया। पुलिस का कहना था कि बारिश के मौसम में करंट का गंभीर खतरा हो सकता है और किसी भी हादसे से बचने के लिए यह जरूरी है। लेकिन, सुरक्षा संबंधी इस अनुरोध को मानने के बजाय कुछ लोग पुलिस से उलझ गए। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और कांवड़ शिव चौक तक पहुंच गई, जहां हालात पूरी तरह तनावपूर्ण हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पुलिस लगातार समझाती रही, हाथ जोड़कर अनुरोध करती रही, लेकिन हंगामा कर रहे लोग किसी की सुनने को तैयार नहीं थे। शिव चौक पर मौजूद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ के. मिश्रा के सामने ही शहर कोतवाली प्रभारी के साथ अभद्र व्यवहार किया गया। वायरल वीडियो में कुछ लोग पुलिसकर्मियों को खुलेआम धमकाते, धक्का देते और कानून व्यवस्था को चुनौती देते दिखाई दे रहे हैं। स्थिति तब और बिगड़ गई जब मौके पर कवरेज कर रहे पत्रकार भी अराजक भीड़ के निशाने पर आ गए। कई पत्रकारों के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट भी की गई। पुलिस वायरल वीडियो के आधार पर हंगामा करने वाले लोगों की पहचान में जुटी है। पुलिस का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है और कानून व्यवस्था भंग करने, पुलिस कार्य में बाधा डालने तथा पत्रकारों से अभद्रता करने वालों के खिलाफ साक्ष्यों के आधार पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उन्नाव में पूर्व टॉकीज मैनेजर की सड़क हादसे में मौत:टॉकीज से घर लौटते समय अज्ञात वाहन ने मारी टक्कर
उन्नाव शहर कोतवाली क्षेत्र में शुक्रवार देर रात एक सड़क हादसे में 70 वर्षीय बुजुर्ग ओम प्रकाश मिश्रा की मौत हो गई। लक्ष्मी टॉकीज के पास अज्ञात वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। वह अपनी ड्यूटी पूरी कर घर लौट रहे थे। मृतक की पहचान आदर्श नगर निवासी ओम प्रकाश मिश्रा पुत्र स्वर्गीय बाबू लाल मिश्रा के रूप में हुई है। परिजनों ने शनिवार सुबह पोस्टमार्टम हाउस पहुंचकर घटना की जानकारी दी। ओम प्रकाश मिश्रा लंबे समय तक शुक्लागंज स्थित सरस्वती टॉकीज में मैनेजर के पद पर कार्यरत रहे थे। परिजनों के अनुसार, शुक्रवार रात ओम प्रकाश मिश्रा रोज की तरह टॉकीज से अपना काम खत्म कर घर लौट रहे थे। इसी दौरान लक्ष्मी टॉकीज के पास एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। हादसे के बाद वाहन चालक मौके से फरार हो गया। राहगीरों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायल अवस्था में ओम प्रकाश मिश्रा को अस्पताल पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया है। मृतक अपने पीछे पत्नी पुष्पा मिश्रा और तीन पुत्रों सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। पुलिस ने मामले में अज्ञात वाहन की तलाश शुरू कर दी है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि जिम्मेदार वाहन और चालक की पहचान कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा सके।
जैसलमेर में बरसाती मौसम में नगर परिषद ने जर्जर और खतरनाक स्थिति में पहुंच बिल्डिंग के मालिकों को तत्काल सुरक्षात्मक कदम उठाने के सख्त निर्देश दिए हैं। आयुक्त लाजपाल सोढा ने साफ किया है कि यदि कोई मकान मालिक या कब्जेदार इन आदेशों की पालना करने में विफल रहता है। नगर परिषद राजस्थान नगरपालिका अधिनियम 2009 की धारा 243 के तहत उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करेगी। ढहाने का खर्च भी मालिकों से वसूला जाएगा। 5 से 6 घर चिन्हित, भेजे नोटिस आयुक्त लजपालसिंह सोढ़ा के अनुसार, नगर परिषद की टीम ने हाल ही में शहर का सर्वे कर ऐसे 5 से 6 मकानों को चिन्हित किया है, जो पूरी तरह ढहने की कगार पर हैं। इन भवनों के स्वामियों को परिषद की ओर से आधिकारिक नोटिस जारी कर दिए गए हैं। ये भवन न सिर्फ इनमें रहने वालों, बल्कि आस-पड़ोस के लोगों और वहां से गुजरने वाले राहगीरों के लिए भी बड़ा खतरा बने हुए हैं। परिषद ढहाएगी मकान, मालिक से वसूली आयुक्त ने हिदायत दी है कि जो भवन ध्वस्त हालत में हैं, मकान मालिक उन्हें तुरंत खुद ही गिरा दें या समयबद्ध तरीके से उनकी आवश्यक मरम्मत करवाकर सुरक्षित कर लें। उन्होंने कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि यदि मालिकों ने तय समय सीमा में इन जर्जर मकानों को नहीं हटवाया, तो नगर परिषद खुद इन्हें ध्वस्त करने की कार्रवाई करेगी। इस पूरी कार्रवाई में आने वाला जितना भी प्रशासनिक और मजदूरी का खर्च होगा, वह संबंधित मकान मालिक से ही वसूला जाएगा। धारा 243 के तहत होगी कार्रवाई नगर परिषद प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मानसून के दौरान जर्जर दीवारों या छतों के गिरने से जान-माल का नुकसान होने की आशंका सबसे अधिक रहती है। ऐसे में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नोटिस की अवधि समाप्त होने के बाद परिषद बिना किसी पूर्व सूचना के ध्वस्तीकरण का अभियान शुरू कर देगी। प्रशासन ने आमजन से भी अपील की है कि वे अपने आस-पास के किसी भी खतरनाक भवन की सूचना तुरंत परिषद कार्यालय को दें।
असम सरकार का सख्त संदेश: बहुविवाह करने वाले सरकारी कर्मियों की जाएगी नौकरी
असम सरकार ने बहुविवाह के खिलाफ बड़ा कदम उठाते हुए ऐसे सरकारी कर्मचारियों की नौकरी समाप्त करने का प्रस्ताव रखा है। बजट में महिलाओं के सशक्तिकरण और सामाजिक सुधार पर विशेष जोर दिया गया।
रामगढ़ थाना क्षेत्र की खतरनाक चुटुपालू घाटी में एक बार फिर सड़क हादसा हुआ। घटना उस समय हुई जब एनएचएआई की टीम रात में दुर्घटनाग्रस्त हुए एक एलपीजी टैंकर को हटाने का काम कर रही थी। इसी दौरान सीजी 10 बीएस 1519 नंबर का एक ट्रेलर अचानक ब्रेक फेल होने के कारण अनियंत्रित हो गया और तेज रफ्तार में आकर सड़क पर मौजूद दो कारों को अपनी चपेट में ले लिया। अचानक हुई इस घटना से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हादसे की तस्वीरें देखें… दोनों कारें क्षतिग्रस्त, बाल-बाल बचे सवार ट्रेलर की टक्कर से एक स्विफ्ट कार (जेएच 02बीएन 4677) और दूसरी फ्रोनेक्स (जेएच 02बीजेड 6481) बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों वाहनों के अगले हिस्से पूरी तरह चकनाचूर हो गए। हालांकि, राहत की बात यह रही कि इन गाड़ियों में सवार लोग इस भयावह हादसे में बाल-बाल बच गए और उन्हें केवल मामूली चोटें आईं। हादसे के तुरंत बाद ट्रेलर चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यदि ट्रेलर की रफ्तार थोड़ी और अधिक होती तो यह दुर्घटना और भी गंभीर रूप ले सकती थी। लगातार हादसों से घाटी बनी ‘ब्लैक स्पॉट’ घटना की सूचना मिलते ही रामगढ़ पुलिस मौके पर पहुंची और क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाने का काम शुरू किया। दुर्घटना के कारण कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित हुआ, लेकिन पहले से एक लेन बंद होने के कारण बड़ा जाम नहीं लगा। पुलिस ने ट्रेलर को जब्त कर थाने ले आई है। गौरतलब है कि चुटुपालू घाटी में लगातार सड़क हादसे हो रहे हैं। एक दिन पहले ही लकड़ी से लदा एक ट्रक 30 फीट गहरी खाई में गिर गया था, जिसमें चालक और खलासी गंभीर रूप से घायल हुए थे। जिला प्रशासन द्वारा घाटी में ब्लैक स्पॉट चिन्हित कर निरीक्षण और सुरक्षा उपायों पर काम किया जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद दुर्घटनाओं पर लगाम नहीं लग पा रही है।
राजस्थान के कई शहरों में अब सीवरेज चैंबर की सफाई रोबोट से की जा रही है। चैंबर की सफाई के लिए अब न तो किसी कर्मचारी को गंदगी में उतरने की जरूरत पड़ रही है। न ही जिंदगी दांव लगाने की जरूरत पड़ेगी। ये अकेला रोबोट पांच से 6 लोगों का काम कर लेता है। महज 30 से 40 मिनट में पूरे सीवरेज चैंबर की सफाई हो जाती है। खास बात ये है कि इस रोबोट में लगे कैमरे पूरे सीवरेज की लाइव स्ट्रीम स्क्रीन पर बताते रहते हैं। इतना ही नहीं सीवरेज चैंबर में कौनसी जहरीली गैस कितनी मात्रा में है, ये तक बता रहा है। जेन रोबोटिक इनोवेशन कंपनी के इस 'बैंडीकूट' रोबोट से राजस्थान में 35 से ज्यादा शहरों में सीवरेज चैंबर की सफाई होगी। वहीं जोधपुर, भीलवाड़ा में इस 'बैंडीकूट' रोबोट का ट्रायल चल रहा है। राजधानी जयपुर में 3 मशीनों ने काम करना शुरू कर दिया है। पहले देखें कैसे काम करता है यह रोबोट अब पढ़ें कैसे काम करता है ये ‘बैंडीकूट’ रोबोट चार कैमरे लगे, सीवरेज चैंबर में 30 फीट तक सफाई इस ‘बैंडीकूट’ रोबोट में चार कैमरे लगे हैं, जो पूरे सीवरेज चैंबर की लाइव स्ट्रीमिंग बाहर लगे मॉनिटर पर दिखाते हैं। साथ ही इसमें एआई बेस्ड लेग और हैंड भी लगे हैं। जो मशीन को खड़ा करने और इसकी सफाई के लिए काम में आते हैं। इनमें एक HD कैमरा ऊपर की तरफ लगा है, जो पूरे सीवरेज चैंबर की फुटेज दिखाता है। वहीं तीन कैमरे नीचे की तरफ लगे हैं। जब रोबोट सीवरेज में उतरता है तो इन कैमरों से सारी लाइव फुटेज बाहर मॉनिटर पर ऑपरेटर को दिखती है। ये रोबोट करीब 30 फीट तक सीवरेज चैंबर में उतर जाता है। इसके AI बेस्ड हैंड सीवरेज के चारों तरफ चार से पांच फीट के कचरे को साफ कर देते हैं। 25 किलो तक वेस्ट बाहर ला सकता सीवरेज में रोबोट अंदर जाता है। इसके बाद स्क्रीन पर सीवरेज का पूरा कचरा और गंदगी दिखाता है। ऑपरेटर पैनल की मदद से उस कचरे को एकत्र करते हैं। रोबोट में ही एक बकैट लगी है, जो इस कचरे को उठाती है। रोबोट की मदद से महज 20 से 25 मिनट में सीवरेज की सफाई की जाती है। इससे नाले में पड़े भारी-भरकम पत्थर तक बाहर निकाले जा सकते हैं। कैमरे में लगे सेंसर, जहरीली गैस की देते जानकारी सीवरेज चैंबर में सफाई के दौरान सबसे बड़ा खतरा जहरीली गैस का रहता है। सीवरेज में सफाई करते हुए इन जहरीली गैस से कई कर्मचारियों की जान जा चुकी है। इस रोबोट की खास बात यह है कि सीवरेज चैंबर में कौनसी गैस किस मात्रा में है, ये भी बता देता है। कैमरों के पास सेंसर लगे हैं, जो इन जहरीली गैस को डिटेक्ट कर लेते हैं। सीवरेज से निकला कचरा ऑटोमैटिक डस्टबिन में डाला जाता इस रोबोट को ऑपरेट करने के लिए इसमें एक कम्प्रेशर और जनरेटर लगा है। इस रोबोट के साथ-साथ प्रेशर जेटिंग सिस्टम भी लगा है, जो मेन होल को साफ करने का काम करती है। खास बात ये है कि जब रोबोट बाहर कचरा लेकर आता है तो किसी कर्मचारी को इसे हाथ लगाने की जरूरत नहीं होती है। इसमें डस्टबिन लगा है, जो ऑटोमैटिक काम करता है। बटन के एक क्लिक पर डस्टबिन रोबोट के नीचे आता है। उसमें सारा कचरा डाल दिया जाता है। राजस्थान के इन शहरों में रोबोट करेगा सफाई जेन रोबोटिक इनोवेशन कंपनी के अनुसार- जोधपुर में ये पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर चल रहा है। इसके अलावा प्रदेश के बड़े और छोटे 35 से ज्यादा शहरों में रोबोट से सीवरेज चैंबर की सफाई होगी। इनमें जयपुर में तीन रोबोट हैं। वहीं पाली, अजमेर, पुष्कर, जैसलमेर, बड़ी सादड़ी, सूरतगढ़, करौली, भीलवाड़ा, सुमेरपुर, राजसमंद, फतेहनगर, चिड़ावा, नवलगढ़, कुशलगढ़ और नाथद्वारा जैसे शहरों में भी सीवरेज चैंबर की सफाई के लिए इस रोबोट का इस्तेमाल किया जाएगा। जबकि देश के 21 राज्यों में ये प्रोजेक्ट चल रहा है। ग्राफिक्स से समझें: कैसे नाम पड़ा, सफाईकर्मियों को कैसे होगा फायदा जोधपुर में चल रहा ट्रायल, 20 मिनट में रोबोट ने की सफाई जेन रोबोटिक इनोवेशन कंपनी के अनुसार- जोधपुर में अभी पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर इस रोबोट का ट्रायल चल रहा है। जोधपुर नगर निगम की ओर से हाल ही जेन रोबोटिक इनोवेशन कंपनी का बैंडीकूट रोबोट खरीदा गया है। दैनिक भास्कर ने रोबोट की सफाई का प्रोसेस जाना। शहर के किंग हॉस्पिटल के पास शुक्रवार को सीवरेज चैंबर की सफाई चल रही थी। रोबोट पहले नाले में पड़े भारी-भरकम पत्थर बाहर निकाल कर लाता है। वहीं दूसरी बार रोबोट को अंदर उतारा तो चैंबर से बड़ी मात्रा में कचरा निकालकर लाया। एक बार में ये 25 किलो तक वेस्ट उठाकर बाहर लाया। वहीं इस दौरान मशीन की मॉनिटर पर सीवरेज में मिथेन, कार्बन मोनोऑक्साइड, हाइड्रोजन सल्फाइड और स्मोक जैसी जहरीली गैस की जानकारी भी दी। यह खबर भी पढ़ें... जहरीली गैस से दम घुटने के कारण 2 की मौत:जयपुर में सीवरेज टैंक की सफाई करने उतरे, सांस नहीं आने पर चिल्लाने लगे थे जयपुर में अप्रैल 2026 को सीवरेज टैंक की सफाई के दौरान 2 मजदूरों का जहरीली गैस से दम घुटने लगा, तो दोनों चिल्लाने लगे। (पूरी खबर पढ़ें)
यहां अग्रवालों का काम पहले होता है। नलों से पानी नहीं नाली बहती है, जो पी लेगा, बीमार पड़ जाएगा। बारिश होते ही नाले का पानी दुकान में घुसता है, वाइपर लेकर तैयार रहना पड़ता है…। वार्ड-71 आर्यनगर के ये हालात वहां रहने वालों ने बताए हैं। ऐसी परिस्थितियों में रह रहे लोगों में नगर निगम और पार्षद के प्रति गहरी नाराजगी है। उनका कहना है कि अपने घर के सामने की नाली खुद साफ करनी पड़ती है। निगम के कर्मचारी आते ही नहीं हैं। गोरखपुर नगर निगम इस वार्ड की मुख्य सड़कें तो चकाचक नजर आती हैं, लेकिन जैसे ही मोहल्लों की ओर बढ़ते हैं, बदहाली की तस्वीरें सामने आने लगती हैं। लोगों का कहना है कि विरासत गलियारा बनने के बाद मुख्य सड़क ऊंची हो गई। मोहल्लों की सड़कें और नालियां नीचे रह गईं। इससे बारिश में पानी की निकासी नहीं हो पाती है। नालियों का गंदा पानी दुकानों व घरों तक पहुंच जाता है। दैनिक भास्कर की वार्ड परिक्रमा के दौरान लोगों का गुस्सा कैमरे में कैद हुआ। उन्होंने बताया कि कई मोहल्लों में कूड़े के ढेर, जाम नालियां, खुले स्लैब और दूषित पेयजल मुसीबत बने हैं। वार्डवासियों ने आरोप लगाया कि नगर निगम की सफाई व्यवस्था केवल खानापूर्ति तक सीमित है। वहीं कई महिलाओं ने राशन वितरण में अनियमितता और कोटेदार पर अंगूठा लगवाकर टालमटोल करने का आरोप लगाया। दैनिक भास्कर वार्ड परिक्रमा अभियान चला रहा है। इस कड़ी में वार्ड-71 का जायजा लिया गया... विरासत गलियारा से जुड़ी कई नालियां जाम और बदहाल मिलीं। वार्ड की कई गलियों में नाली का गंदा पानी सड़कों पर बहता नजर आया। जगह-जगह खुले नाली के स्लैब हादसों को न्योता देते मिले। वहीं सड़कों पर घूमते छुट्टा और पालतू पशुओं के कारण गंदगी फैली मिली, जिससे स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पहले ये नजारा देखिए... मेन सड़क ऊंची, मोहल्लों में हर बारिश आफत स्थानीय लोगों का कहना है कि विरासत गलियारा बनने के बाद मुख्य सड़क ऊंची हो गई, जबकि मोहल्लों की गलियां और नालियां नीचे रह गईं। इससे बारिश में पानी की निकासी नहीं हो पाती और पूरा इलाका जलभराव की चपेट में आ जाता है। रात में बारिश शुरू होते ही दुकानदारों को सामान बचाने की चिंता सताने लगती है। कई बार नाली का गंदा पानी दुकानों के अंदर तक पहुंच जाता है। उन्होंने कहा कि नालों के निर्माण की शिकायत कई बार की गई, लेकिन समाधान नहीं हुआ। वार्ड की बड़ी समस्याएं जलनिकासी और जलभराव: मुख्य सड़क ऊंची होने से मोहल्लों की नालियों का पानी नहीं निकलता। बारिश में घरों और दुकानों तक गंदा पानी पहुंच जाता है। गंदगी और जाम नालियां: नियमित डीप सफाई नहीं होने से नालियां चोक रहती हैं। कूड़ा सड़कों और गलियों में फैला रहता है। दूषित पेयजल: कई मोहल्लों में नाली जैसा गंदा पानी सप्लाई होने की शिकायत है, जिससे लोग बीमार पड़ रहे हैं। खुले स्लैब, जर्जर पोल और छुट्टा पशु: खुले नाले, झुके बिजली के पोल और सड़कों पर घूमते पशु हादसों का खतरा बढ़ा रहे हैं। राशन वितरण में अनियमितता: लोगों ने कोटेदार पर समय से राशन न देने और अंगूठा लगवाकर टालने का आरोप लगाया। लोग बोले- हर बारिश में नुकसान झेलना पड़ता है अमरनाथ चौरसिया ने आरोप लगाया कि वर्षों से उनके इलाके की नालियों की सफाई नहीं हुई। बारिश में नालियां जाम होने के बाद गंदा पानी दुकानों में घुस जाता है और दुकानदार वाइपर लेकर पानी निकालने को मजबूर हो जाते हैं। दुर्गा प्रसाद गुप्ता ने बताया कि नालियों का बहाव सही नहीं होने से ग्राहक भी दुकान तक नहीं पहुंच पाते। नारायण ने कहा कि उनके चौराहे पर बिजली का पोल झुका हुआ है और कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। नालियां जाम, सफाई सिर्फ खानापूर्ति स्थानीय लोगों ने बताया कि नालियों की ऊपरी सफाई तो कर दी जाती है, लेकिन नीचे जमा मलबा नहीं निकाला जाता। कई जगह नालियों के स्लैब भी खुले पड़े हैं, जिससे हादसे का खतरा बना रहता है। जगदीश प्रसाद ने बताया कि सफाईकर्मी केवल झाड़ू लगाकर चले जाते हैं। महीनों तक नालियों की डीप सफाई नहीं होती, जिससे बारिश में पूरे बाजार में पानी भर जाता है। गंदा पानी और कूड़े से बढ़ रही बीमारियां अबू अहमद ने बताया कि नियमित सफाई नहीं होने से पूरे मोहल्ले में कूड़ा और गंदगी फैली रहती है। कई बार उन्हें अपने घर के सामने की नाली खुद साफ करनी पड़ती है। छुट्टा पशु और गंदगी से बढ़ी परेशानी आर्यनगर उत्तरी के लोगों ने बताया कि कई लोग अपने पालतू पशुओं को सड़क पर छोड़ देते हैं। इससे सड़क पर गोबर और कीचड़ फैला रहता है। नालियों की गहरी सफाई नहीं होने से बदबू और मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है। अशोक रस्तोगी ने बताया कि सड़क चौड़ीकरण के बाद कहीं ढक्कन लगाए गए हैं तो कहीं नालियां खुली छोड़ दी गई हैं। बाजार में सार्वजनिक शौचालय भी नहीं है, जिससे लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है। राशन वितरण पर भी उठे सवाल स्थानीय लोगों ने बताया कि कई बार घंटों इंतजार के बाद भी राशन नहीं मिलता। मजदूरी छोड़कर कई बार चक्कर लगाने पड़ते हैं। शांति और शारदा चौरासिया ने आरोप लगाया कि कोटेदार अंगूठा लगवाकर लोगों को अगले दिन आने के लिए कह देते हैं। कई बार पिछले महीने का राशन भी समय पर नहीं मिलता और आने-जाने में गरीब परिवारों का किराया भी खर्च हो जाता है। -------------- ये खबर भी पढ़िए… पानी में दुर्गंध, हवा में बदबू… जिंदगी नरक हो गई:वार्ड-63 में आबादी के बीच बनाया कूड़ा डंपिंग केंद्र, लोग बोले- बदबू कर रही बेहाल गोरखपुर का वार्ड-63 जगन्नाथपुर नगर निगम की लापरवाही का खामियाजा भुगत रहा है। मोहल्ले के बीच कूड़ा डंपिंग स्थल बना दिया गया है। लोग बदबू, मक्खी-मच्छर और गंदगी के बीच रहने को मजबूर हैं। नाले जाम हैं। सड़कों पर जलभराव है। घरों तक गंदा और बदबूदार पानी पहुंच रहा है। छुट्टा पशुओं ने हालात और बिगाड़ दिए हैं। करीब 25 हजार आबादी वाला यह वार्ड मूलभूत सुविधाओं के लिए जूझ रहा है, जबकि जिम्मेदार केवल योजनाएं गिना रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें… -------------- ये खबर भी पढ़िए… नलों का दूषित पानी दांत कर रहा पीले: गोरखपुर के वार्ड-24 के कई हिस्सों में 5 साल से सूखी पाइपलाइन, सड़कें लबालब सड़कें चमकती हैं, लेकिन नालियां उफना रही हैं। पाइपलाइन बिछी है, लेकिन पानी नहीं आता। जहां आ रहा है वहां पीला और दूषित है। लोगों ने बताया कि इसको पीने से दांत भी पीले हो रहे हैं। बारिश हो या न हो, गलियों में गंदा पानी बहता रहता है। यही तस्वीर है गोरखपुर के वार्ड-24 मत्स्येन्द्र नगर की। खास बात यह है कि लखनऊ, वाराणसी और प्रयागराज से आने वालों का शहर में वेलकम इसी वार्ड से होता है। पूरी खबर पढ़ें…
आजमगढ़ के जीयनपुर थाना क्षेत्र के अंजान शहीद गांव में आदमखोर कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार सुबह 11 बजे एक नन्हीं बच्ची पर आवारा और हिंसक कुत्तों के झुंड ने हमला कर दिया। कुत्तों ने बच्ची को घेरकर बुरी तरह नोंच डाला, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। परिजनों और ग्रामीणों ने किसी तरह बच्ची को कुत्तों के चंगुल से छुड़ाया और तत्काल अस्पताल पहुंचाया। जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। यह घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है जिसमें साफ देखा जा सकता है कि किस तरह से आवारा कुत्ते मासूम बच्ची पर हमला कर रहे हैं। घर के बाहर खेलते समय हुई घटनायह घटना बेलाल खान पुत्र अबरार गांव की छोटी सी बच्ची अपने घर के बाहर द्वार पर खेल रही थी। तभी अचानक आदमखोर कुत्तों ने घेर कर उसे जख्मी कर डाला। जिले में आवारा कुत्तों द्वारा हमला किए जाने की यह कोई पहली घटना नहीं है। कुछ ही दिनों पहले इन्हीं हिंसक कुत्तों ने गांव में दर्जनों बकरियों, बकरों और यहां तक की भैंसों पर भी हमला कर उन्हें मार डाला था। उस समय भी ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों को लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की थी। लेकिन कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। यही कारण है कि आवारा कुत्ते आए दिन हमला कर रहे हैं।
बालोतरा में कुछ लोगों ने रात के अंधेरे का फायदा उठाकर दो चिंकारों का शिकार कर दिया। शिकार करने के लिए उन्होंने तेज रोशनी वाली फॉक्स लाइट और लाठियों का इस्तेमाल किया। जांच के दौरान टीम को मौके पर खून के धब्बे और पैरों के निशान मिले। इन्हीं सुरागों के आधार पर वन विभाग आरोपियों तक पहुंचा। शनिवार को कार्रवाई करते हुए विभाग ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि एक नाबालिग को संरक्षण में लिया गया है। इसी दौरान कुछ वन्यजीव प्रेमियों को इसकी भनक लग गई। उन्होंने आरोपियों को रोकने की कोशिश की, लेकिन खुद को पकड़ा जाता देख शिकारी वहां से भागने लगे। वन्यजीव प्रेमियों ने उनका करीब 2 किलोमीटर तक पीछा किया। भागते-भागते आरोपी अपने घर पहुंच गए, लेकिन जल्दीबाजी में घर के बाहर चारपाई के पास मरे हुए चिंकारे और शिकार में इस्तेमाल किया गया सामान छोड़कर फरार हो गए। घटना धोरीमन्ना थाना क्षेत्र के भलीसर तेजे की ढाणी गांव में हुई। मामले की जानकारी मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। टॉर्च की रोशनी देखकर हुआ था शक दरअसल, गुरुवार रात करीब 12 बजे ग्रामीणों ने सुनसान इलाके में टॉर्च की तेज रोशनी देखी, जिससे उन्हें शक हुआ। मौके पर पहुंचने पर खून के निशान मिले। सूचना मिलने पर वन्यजीव प्रेमी भी वहां पहुंचे और करीब दो किलोमीटर तक पदचिन्हों का पीछा शुरू किया। कुछ ही देर में यह निशान आरोपियों के घर तक पहुंच गए, जहां दो मृत चिंकारा बरामद हुए। उस समय आरोपी घर के बाहर खाट बिछाकर सोने की तैयारी कर रहे थे। यहीं से पूरे मामले का खुलासा हुआ। जिसके बाद मामले की जानकारी वन विभाग और प्रशासन को दी गई। तीन आरोपी गिरफ्तार, एक नाबालिग संरक्षण में क्षेत्रीय वन अधिकारी श्रीमरा विश्नोई ने बताया कि गणपतराम, रूगनाथराम और देवाराम को गिरफ्तार किया गया है। वहीं एक नाबालिग को संरक्षण में लिया गया है। आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है और शिकार में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। ----------------------------------------------------------------------- इससे जुड़ी खबर पढ़े….. बालोतरा में लाठियों से दो चिंकारा की हत्या:ग्रामीणों ने 2KM किया पीछा, घर के आगे फेंककर भागे; तीन युवक डिटेन, धरने पर बैठे लोग बालोतरा में फॉक्स लाइट और लाठियों से दो चिंकारों (हिरणों) की हत्या कर दी गई। वन्यजीव प्रेमियों को भनक लगने पर शिकारी मौके से भाग निकले। (पूरी खबर पढ़े)
भागलपुर में संदिग्ध हालत में प्रेग्नेंट महिला की मौत हो गई। 10 महीना पहले ही शादी हुई थी। मृतका की पहचान कौशल कुमार के पत्नी अंशिका कुमारी(24) के रूप में हुई है। घटना इशाकचक थाना क्षेत्र की है। मृतका की मौसी ममता देवी ने बताया कि उनकी भांजी अंशिका कुमारी पूरी तरह सामान्य थी। शुक्रवार शाम को हंसते हुए रोटी बना रही थी। इसके बाद उसने चाय बनाई। जब गिलास धोने गई तो उसके हाथ से दो बार गिर गया। यह देखकर उसकी बहन ने कौशल कुमार को बुलाया, जिसके बाद उन्होंने अंशिका को उठाकर चौकी पर लिटाया। हमलोगों ने पहले सोचा कि शायद ब्लड प्रेशर कम हो गया है, इसलिए हाथ-पैर सहलाए और तुरंत सदर अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां से मायागंज भेज दिया गया। वहां समय पर ऑक्सीजन नहीं लगाया गया। अगर समय रहते ऑक्सीजन मिल जाती तो उनकी भांजी की जान बच सकती थी। पोस्टमार्टम कराने से इनकार ममता देवी ने यह भी आरोप लगाया कि वे लगातार प्रशासन से अनुरोध करती रही कि मरीज को किसी निजी अस्पताल में ले जाने दिया जाए, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई। अंशिका को किसी प्रकार की चोट नहीं लगी थी। पोस्टमार्टम कराने के लिए डॉक्टरों का बोर्ड बना रहा है, जिसका परिवार विरोध कर रहा है। शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया जाना चाहिए। मायके से परिजन के आने के बाद ही आगे की कार्रवाई करेंगे। वहीं, इस मामले पर अस्पताल अधीक्षक से संपर्क करने की कोशिश की है, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी है।
पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र के सेक्टर 1 में स्थित भागीरथ कंपनी में शुक्रवार रात काम के दौरान 40 वर्षीय श्रमिक की अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। आशंका जताई जा रही है कि श्रमिक की मृत्यु साइलेंट अटैक के कारण हुई है। इस अचानक हुई मौत से औद्योगिक क्षेत्र के श्रमिकों और प्रबंधन में हड़कंप मच गया है। स्टूल पर चढ़कर काम करते समय अचानक गिरे मृतक की पहचान 40 वर्षीय अनिल पिता कल्याण निनामा के रूप में हुई है, जो इंदौर जिले की महू तहसील के ग्राम श्रीखंडी के रहने वाले थे। अनिल पिछले कुछ समय से पीथमपुर की भागीरथ कंपनी में बतौर वर्कर काम कर रहे थे। इस कंपनी में एस्सार कंपनी के वाहनों की कार्गो बॉडी बनाने का काम होता है। बीती रात अनिल कंपनी के भीतर एक स्टूल पर चढ़कर अपना काम कर रहे थे, तभी अचानक वे अचेत होकर नीचे गिर पड़े। रविवार को भी बिगड़ी थी तबीयत जानकारी के अनुसार, बीते रविवार को भी ड्यूटी के दौरान अनिल की तबीयत अचानक खराब हुई थी। उस वक्त कंपनी प्रबंधन ने तुरंत इसकी सूचना उनके परिजनों को दी थी। बीती रात जब दोबारा अनिल की तबीयत बिगड़ी और वे बेहोश हुए, तो कंपनी प्रबंधन ने तत्काल पुलिस और परिजनों को सूचित किया। मर्ग कायम कर पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद मृतक के शव को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पीथमपुर के शवगृह में पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया गया। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मौत के सही और सटीक कारणों का खुलासा पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा।
बालोद थाना क्षेत्र के ग्राम हथौद स्थित महर्षि मुक्तानंद आश्रम परिसर में खेत की मेड़ पर लगे 5 चंदन के पेड़ों को अज्ञात चोर काटकर ले गए। चोरी गए पेड़ों की कीमत करीब 5 लाख रुपए बताई गई है। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धाराओं 305 और 331(4) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एफआईआर के अनुसार, ग्राम सांकरा (क) निवासी पवन कुमार साहू महर्षि मुक्त लोक सेवा सार्वजनिक न्यास हथौद के सचिव और सरस्वती शिशु उच्च माध्यमिक विद्यालय हथौद के प्राचार्य हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि, आश्रम की करीब 5 एकड़ 9 डिसमिल भूमि में से कृषि भूमि की मेड़ पर 20 वर्ष पहले मलयागिरि प्रजाति के आठ चंदन के पेड़ लगाए गए थे। आश्रम परिसर में चंदन के पेड़ काटे गए 8 जुलाई की सुबह विद्यालय के आचार्य ठाकुर राम साहू ने फोन कर जानकारी दी कि आश्रम परिसर में चंदन के पेड़ काट दिए गए हैं। मौके पर पहुंचने पर खेत की बाहरी मेड़ पर लगी लोहे की जाली कटी मिली। निरीक्षण में पांच चंदन के पेड़ों के तने गायब मिले, जबकि उनकी शाखाएं और ठूंठ मौके पर पड़े थे। चोरों की तलाश शुरू पुलिस का अनुमान है कि अज्ञात चोर 7 और 8 जुलाई की दरम्यानी रात जाली काटकर खेत में घुसे और पेड़ों को काटकर उनके तने चोरी कर ले गए। पुलिस ने शिकायत के आधार पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर चोरों की तलाश शुरू कर दी है।
जयपुर में एक दोस्त के नाबालिग लड़की से रेप करने का मामला सामने आया है। मिलने के बहाने बुलाकर नाबालिग दोस्त उसका किडनैप कर ले गया। बंधक बनाकर देहशोषण से नाबालिग दो महीने की प्रेग्नेंट हो गई। पुलिस ने किडनैप नाबालिग को ढूंढ़कर पोक्सो एक्ट के तहत FIR दर्ज की। पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल व बयान दर्ज कर आरोपी नाबालिग दोस्त को पकड़ लिया। ढाई महीने पहले हो गई लापता पुलिस ने बताया- जयपुर की रहने वाली 16 साल की लड़की करीब ढाई महीने पहले घर से लापता हो गई थी। परिजनों की ओर से नाबालिग बेटी की तलाश की गई, लेकिन वह नहीं। उसके बाद पुलिस को शिकायत दी गई। नाबालिग दो महीने की प्रेग्नेंट पुलिस की ओर से किडनैपिंग का मामला दर्ज कर नाबालिग की तलाश शुरू की। काफी प्रयास के बाद पुलिस टीम ने गुरुवार को नाबालिग लड़की को ढूंढ निकाला। नाबालिग पीड़ित के बयान दर्ज कर मेडिकल करवाने पर वह दो महीने की प्रेग्नेंट निकली। बहला-फुसलाकर ले गया पुलिस जांच में सामने आया कि उसका नाबालिग दोस्त उसको बहला-फुसलाकर किडनैप कर ले गया था। राजस्थान से बाहर ले जाकर उसको बंधक बनाकर देहशोषण किया। प्रेंग्नेंट होने का पता चलने पर वह उसे लेकर वापस आ गया। पुलिस ने पोक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई कर आरोपी नाबालिग दोस्त को भी पकड़ लिया।
शिवपुरी जिले में दो अलग-अलग घटनाओं में दो लोगों की मौत हो गई। सुरवाया थाना क्षेत्र में खेत पर काम करते समय एक किसान की करंट लगने से मौत हो गई, जबकि तेंदुआ थाना क्षेत्र में एक युवक ने अज्ञात कारणों से जहरीला पदार्थ खा लिया, जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने दोनों मामलों में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। खेत पर स्टार्टर लगाते समय लगा करंट पहली घटना सुरवाया थाना क्षेत्र के धुआनी गांव की है। यहां 45 वर्षीय दिनेश धाकड़ शुक्रवार को अपने खेत पर बोरवेल का स्टार्टर लगा रहे थे। इसी दौरान उन्हें तेज करंट लग गया। परिजन उन्हें गंभीर हालत में जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर मामले की जांच शुरू कर दी है। जहरीला पदार्थ खाने से युवक की मौत दूसरी घटना तेंदुआ थाना क्षेत्र के भैंसदा गांव की है। यहां 28 वर्षीय मुनेश धाकड़ ने दो दिन पहले अज्ञात कारणों से जहरीला पदार्थ खा लिया था। तबीयत बिगड़ने पर परिजन उसे इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे। शुक्रवार रात उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। दोनों मामलों की जांच जारी पुलिस ने दोनों शवों का शनिवार को पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। दोनों मामलों में मर्ग कायम कर मौत के कारणों की जांच की जा रही है।
बुरहानपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के ग्राम बोरसल में एक 35 वर्षीय युवक की हत्या कर दी गई। अज्ञात व्यक्ति ने ईंट और लकड़ी से सिर पर हमला कर वारदात को अंजाम दिया। घटना की सूचना मिलने पर शनिवार सुबह शाहपुर थाना प्रभारी अखिलेश मिश्रा पुलिस बल और डॉग स्क्वायड के साथ मौके पर पहुंचे। सूत्रों के अनुसार, जिस स्थान पर यह घटना हुई, वह शराब पीने का एक अड्डा है। आशंका जताई जा रही है कि मृतक नितिन कोली, निवासी खापरखेड़ा, भी यहां शराब पीने आया था। इसी दौरान किसी विवाद के बाद उसकी हत्या कर दी गई। पुलिस ने डॉग स्क्वायड की मदद से आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। शाहपुर थाना पुलिस हर पहलू पर जांच कर रही है और स्थानीय लोगों से भी पूछताछ की गई है। मृतक के परिजनों को सूचना दे दी गई है और वे भी घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस फिलहाल जांच में जुटी है।
हरिद्वार-नासिक कुंभ की तैयारी तेज:काशी में 1000 से अधिक संत जुटेंगे, कल जूना अखाड़े की अहम बैठक
हरिद्वार में आयोजित होने वाले अर्धकुंभ और नासिक-त्र्यंबकेश्वर के सिंहस्थ कुंभ की तैयारियां अब निर्णायक चरण में पहुंच गई हैं। देश के सबसे बड़े अखाड़ों में शामिल जूना अखाड़ा समेत काशी के सभी प्रमुख अखाड़ों ने व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसी कड़ी में 12 जुलाई को वाराणसी में जूना अखाड़े की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित होगी। इसमें देशभर की 500 से अधिक शाखाओं के 1000 से ज्यादा महामंडलेश्वर, श्रीमहंत और प्रतिनिधि भाग लेंगे। नेपाल से भी प्रतिनिधियों की मौजूदगी रहेगी। कुछ संत ऑनलाइन माध्यम से जुड़ेंगे। काशी की बैठक में इन मुद्दों पर चर्चा होगी बैठक में अखाड़ों की ओर से कुंभ मेले में टेंट निर्माण, संतों के आवास, कोठारियों की रवानगी, भूमि आवंटन, सुरक्षा, भोजन, चिकित्सा और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर विस्तृत रणनीति बनाई जाएगी। जूना अखाड़े के प्रधान कार्यालय काशी में होने के कारण यह बैठक विशेष महत्व रखती है। आचार्य महामंडलेश्वर अवधेशानंद महाराज की रहेगी मौजूदगी बैठक में अखाड़ा परिषद के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद महाराज के साथ हरि गिरि, प्रेम गिरि, उमाशंकर भारती, महेशपुरी, शिवानंद, आनंदपुरी और शिवगिरि सहित करीब 20 महामंडलेश्वर, श्रीमहंत तथा अखाड़े की 52 सदस्यीय प्रबंधन समिति भी हिस्सा लेगी। बैठक में कुंभ की धार्मिक परंपराओं के साथ-साथ प्रशासनिक और संगठनात्मक जिम्मेदारियों का भी बंटवारा किया जाएगा। दो महीने पहले हरिद्वार पहुंचने लगेंगे संतों के जत्थे जूना अखाड़े के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष मोहन भारती के अनुसार हरिद्वार में भूमि आवंटन की प्रक्रिया जारी है। नवंबर तक अखाड़ों के विशाल टेंट, रसोई, साधु-संतों के आवास और अन्य अस्थायी संरचनाओं का निर्माण पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद देशभर से साधु-संतों के जत्थे हरिद्वार पहुंचने लगेंगे और करीब दो महीने तक वहां प्रवास कर तप, साधना तथा प्रमुख स्नानों में भाग लेंगे। हरिद्वार और नासिक दोनों कुंभ के लिए अलग रणनीति अगले वर्ष 14 जनवरी (मकर संक्रांति) से 20 अप्रैल (चैत्र पूर्णिमा) तक हरिद्वार में अर्धकुंभ आयोजित होगा। इस दौरान 10 प्रमुख स्नान पर्व होंगे, जिनमें करोड़ों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। वहीं नासिक और त्र्यंबकेश्वर में सिंहस्थ कुंभ का औपचारिक शुभारंभ इसी वर्ष 31 अक्तूबर को ध्वजारोहण के साथ होगा, जबकि मुख्य आयोजन अगस्त से सितंबर के बीच रहेगा। सावन-भादो के दौरान होने वाले इस मेले में भारी बारिश बड़ी चुनौती होती है। इसी कारण अखाड़े पहले से मजबूत टेंट, जलनिकासी और अन्य सुविधाओं की तैयारी कर रहे हैं। कई अखाड़ों के नासिक में स्थायी भवन भी मौजूद हैं, जिससे व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। काशी के 13 अखाड़ों ने संभाली तैयारी की कमान वाराणसी में कुल 13 अखाड़ों की उपस्थिति है, जिनमें से आठ के प्रधान कार्यालय यहीं स्थित हैं, जबकि शेष की प्रमुख शाखाएं हैं। जूना अखाड़े के अलावा निरंजनी, आह्वान, अटल, निर्वाणी, अग्नि, आनंद और विभिन्न वैष्णव अखाड़ों ने भी तैयारियां तेज कर दी हैं। सभी अखाड़े लगातार बैठकें कर कुंभ स्थलों पर संतों और श्रद्धालुओं के लिए बेहतर व्यवस्थाओं की योजना बना रहे हैं।
आगरा अग्निशमन विभाग में तैनात फायरमैन जितेंद्र राठौर को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। उसने पिछले महीने 8 जून को कॉकरोच की वेशभूषा में आगरा दीवानी परिसर में प्रदर्शन किया था। विभाग ने इस पर सख्ती दिखाते हुए नोटिस जारी कर 15 दिन में जवाब मांगा था। विभाग का कहना है कि लगातार अनुशासनहीनता, विवादित गतिविधियों और कारण बताओ नोटिस का तय समय में जवाब नहीं देने पर यह कार्रवाई की गई। विभाग के अनुसार, जितेंद्र राठौर को पहले भी निलंबित किया जा चुका था। इसके बाद भी वह विभाग और प्रशासन के खिलाफ लगातार प्रदर्शन करता रहा। वह लखनऊ और दिल्ली में भी विरोध प्रदर्शन में शामिल हुआ था।पीएचडी की पढ़ाई के लिए अवकाश पर था जितेंद्र राठौर मूल रूप से फिरोजाबाद के रहने वाला है। विभाग के मुताबिक उन्होंने डीईआई में पीएचडी में प्रवेश लिया था, इसके लिए अवकाश ले रखा था। इसी दौरान उन पर छात्र-छात्राओं के व्हाट्सएप ग्रुप में आपत्तिजनक संदेश भेजने का आरोप लगा था। एक युवती ने भी उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। इन मामलों में उन्हें संस्थान से निष्कासित किए जाने की भी जानकारी सामने आई थी। एसटीएफ भी राठौर के खिलाफ मिली शिकायतों की जांच कर रही है। आरोप है कि उन्होंने एक युवती के खिलाफ सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट की और उसके परिवार को धमकी दी। एसटीएफ की आगरा यूनिट इस मामले की जांच कर रही है। फिलहाल जांच जारी है। अपने विभाग पर गंभीर आरोप लगाए थे, नोटिस जारी कर 15 दिन में जवाब मांगा गया जितेंद्र राठौर ने पिछले महीने प्रदर्शन के दौरान अग्निशमन विभाग पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए थे। कई अधिकारियों के नाम भी सार्वजनिक किया था। उनके कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे। इन घटनाओं के बाद विभाग ने उनके घर और तैनाती स्थल पर कारण बताओ नोटिस भेजा था। अधिकारियों का कहना है कि 15 दिन की तय अवधि में कोई स्पष्टीकरण नहीं मिलने पर सेवा से बर्खास्त करने का निर्णय लिया गया। डीसीपी मुख्यालय अतुल शर्मा ने बताया कि लगातार अनुशासनहीनता और नोटिस का जवाब नहीं देने के कारण राठौर को पुलिस बल में बनाए रखने का कोई औचित्य नहीं था। उन्होंने कहा कि बर्खास्तगी के बाद यदि वह पुलिस या अग्निशमन विभाग की वर्दी पहनता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मधेपुरा स्थित बीएन मंडल विश्वविद्यालय (बीएनएमयू) की एक पूर्व महिला संविदा कंप्यूटर ऑपरेटर ने आत्मदाह की चेतावनी दी है। महिला का कहना है कि यदि उसे 16 जुलाई तक न्याय नहीं मिला, तो वह 17 जुलाई को विश्वविद्यालय परिसर या उसके आसपास आत्मदाह कर लेगी। उसने राज्यपाल, मुख्यमंत्री, पटना उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश सहित कई संवैधानिक एवं प्रशासनिक अधिकारियों को त्राहिमाम-पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगाई है। महिला ने अपने आवेदन में विश्वविद्यालय के कुलपति पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उसका कहना है कि कुलपति ने शोषण की नीयत से उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया और शिकायत करने के बाद उसे संविदा सेवा से हटा दिया गया। कुलपति मानसिक-शारीरिक रूप से कर रहे थे प्रताड़ित महिला ने यह भी दावा किया है कि वह अत्यंत पिछड़ा वर्ग से आने वाली आर्थिक रूप से कमजोर युवती है। महिला के अनुसार, पिछले दो साल से उसे कुलपति और उनके निजी सहायक द्वारा मानसिक एवं शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। उसने बताया कि जब उसने राज्यपाल, मुख्यमंत्री, महिला आयोग, मानवाधिकार आयोग, पुलिस महानिदेशक, जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों सहित विभिन्न स्तरों पर शिकायतें कीं, तो उसे बिना किसी ठोस कारण के संविदा पर कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटर के पद से हटा दिया गया। आवेदन में महिला ने उल्लेख किया है कि अप्रैल से जून 2026 के बीच उसने राज्यपाल, मुख्यमंत्री, महिला आयोग, मानवाधिकार आयोग, जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और विश्वविद्यालय प्रशासन को कई बार लिखित शिकायतें भेजीं। हालांकि, अब तक किसी भी स्तर पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। महिला का आरोप है कि इस पूरे घटनाक्रम से उसकी सामाजिक प्रतिष्ठा को भी गहरा आघात पहुंचा है। सेवा समाप्ति का आदेश वापस लेने की मांग की महिला ने अपनी सेवा समाप्ति का आदेश तत्काल वापस लेने, उसे पूर्व प्रभाव से पुनर्बहाल करने, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। उसने दोहराया है कि यदि 16 जुलाई तक न्याय नहीं मिला, तो वह 17 जुलाई को आत्मदाह जैसा कदम उठाने को विवश होगी। इस बीच, पूर्व महिला संविदाकर्मी द्वारा 17 जुलाई को संभावित राज्यपाल दौरे के दौरान आत्मदाह की घोषणा के बाद एआईएसएफ के पूर्व बीएनएमयू प्रभारी डॉ. हर्षवर्धन सिंह राठौर ने भी मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
मुरैना में सड़क निर्माण की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे युवक नवनीत तोमर को पुलिस-प्रशासन ने जेल भेज दिया। आरोप है कि उसे पुलिस-प्रशासनिक अधिकारी मेडिकल कराने के नाम पर अपने साथ ले गए थे। इस बात का जोहा ग्रामीण क्षेत्र में विरोध तेज हो गया है। शनिवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण जोहा रोड पर एकत्रित होकर धरने पर बैठ गए। ग्रामीणों ने सांसद सिममंगल सिंह तोमर और पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए कहा कि सार्वजनिक सड़क की मांग करना कोई अपराध नहीं है। धरना स्थल पर मौजूद लोगों का कहना है कि नवनीत तोमर गांव और आसपास के लोगों की सुविधा के लिए सड़क निर्माण की मांग कर रहे थे। लेकिन उनकी मांग पूरी करने के बजाय उन्हें जेल भेज दिया गया। ग्रामीणों ने इसे जनहित की आवाज को दबाने का प्रयास बताया। बेटे का रो रो कर बुरा हालइस बीच नवनीत तोमर के 6 वर्षीय बेटे का रो-रोकर बुरा हाल है। पिता के जेल जाने के बाद परिवार भी परेशान है। ग्रामीणों ने कहा कि सड़क की मांग करना प्रत्येक नागरिक का अधिकार है। उनका कहना है कि नवनीत ने कोई कानून नहीं तोड़ा और न ही किसी प्रकार की हिंसा की। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि नवनीत तोमर के साथ न्याय नहीं हुआ और सड़क निर्माण को लेकर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर अन्य ग्रामीण भी भूख हड़ताल पर बैठेंगे। शांति भंग होने का संदेह बताकर पुलिस ले गईशुक्रवार को नवनीत को जेल भेज दिया गया। पुलिस ने संदेह जताया था कि शांति भंग हो सकती है। ग्रामीणों का कहना है कि शनिवार, रविवार दो दिन की शासकीय छुट्टी है। अब नवनीत की सुनवाई सोमवार को ही हो सकती है। यह भी पढ़ें… सांसद ने पब्लिसिटी स्टंट बताया था मुरैना जिले की दिमनी विधानसभा क्षेत्र में पीपरीपुरा-जौहां-श्यामपुर खुर्द सड़क निर्माण की मांग अब जनआंदोलन का रूप लेती जा रही है। सड़क निर्माण शुरू नहीं होने से नाराज युवक नवनीत सिंह तोमर पिछले 24 घंटे से अधिक समय से भूख-प्यास त्यागकर आमरण अनशन पर बैठा है। शुक्रवार सुबह शुरू हुए इस आंदोलन को अब ग्रामीणों और परिजनों का भी समर्थन मिलने लगा पूरी खबर पढ़िए…
शामली में लगातार बारिश के बावजूद राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने मेरठ-करनाल हाईवे पर बने गहरे गड्ढों की मरम्मत का काम शुरू कर दिया है। काबदोत पुल के पास सड़क पर बने बड़े गड्ढों के कारण वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। इन गड्ढों के कारण आए दिन दुर्घटनाओं का खतरा बना हुआ था। इस समस्या को प्रमुखता से सामने लाने के बाद जिलाधिकारी आलोक यादव ने NHAI अधिकारियों को तत्काल हाईवे को गड्ढामुक्त करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी के निर्देशों के बाद NHAI की टीम मौके पर पहुंची और मरम्मत कार्य शुरू किया। शनिवार को काबडोत पुल पर कर्मचारियों ने गड्ढों में मरम्मत सामग्री डालकर सड़क को समतल करने का काम शुरू किया।NHAI के कर्मचारी बबलू यादव ने बताया कि यदि मौसम अनुकूल रहा और लगातार बारिश नहीं हुई, तो दो दिनों के भीतर शामली से मेरठ तक पूरे हाईवे को गड्ढामुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है। मरम्मत कार्य शुरू होने से स्थानीय लोगों और वाहन चालकों ने राहत की सांस ली है। हालांकि, लोगों का कहना है कि अस्थायी मरम्मत के बजाय सड़क की गुणवत्ता को ध्यान में रखते हुए स्थायी समाधान किया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने। बारिश के मौसम में हाईवे पर बढ़ते गड्ढे न केवल यातायात को बाधित करते हैं, बल्कि गंभीर दुर्घटनाओं का कारण भी बनते हैं। ऐसे में समय रहते शुरू हुआ यह मरम्मत कार्य यात्रियों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है।
मेरठ हिंसा के 8 आरोपी अलग-अलग जेलों में शिफ्ट:कानून व्यवस्था प्रभावित न हो इसलिए फैसला लिया गया
मेरठ में ललिता गौतम हत्याकांड में न्याय की मांग करते हुए कलेक्ट्रेट के गेट पर धरना, प्रदर्शन करने वाले 8 आरोपियों को मेरठ जेल से शिफ्ट कर दिया गया है। गिरफ्तार सभी आठ आरोपियों को मेरठ जिला कारागार से हटाकर प्रदेश की अलग-अलग जेलों में स्थानांतरित कर दिया गया है। दूसरी ओर, प्रदर्शन के दौरान पुलिस लाठीचार्ज और एसएसपी द्वारा प्रदर्शनकारियों को थप्पड़ मारने का वीडियो सामने आया। राज्य मानवाधिकार आयोग और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) दोनों ने शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए डीजीपी से 15 दिन के भीतर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। 4 बंदी वाहनों से भेजे गए आरोपीप्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, जिला मजिस्ट्रेट डॉ. वीके सिंह की ओर से कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका जताते हुए जेल प्रशासन को पत्र भेजा गया था। इसके बाद आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर सभी आठ आरोपियों को अलग-अलग जनपदों की जेलों में भेज दिया गया। पुलिस लाइन से चार बंदी वाहनों के माध्यम से बंदियों को सुरक्षा के बीच संबंधित जेलों के लिए रवाना किया गया। इन जेलों में भेजे गए आरोपीस्थानांतरण के तहत रवि गौतम और लवी उर्फ शुभम को मुजफ्फरनगर जिला कारागार, दिग्विजय भाटी और हिमांशु सिद्धार्थ को बागपत जेल, रितिक और अंकित कुमार को बिजनौर जेल, जबकि नवनीत कुमार और अरविंद कुमार को गाजियाबाद की डासना जेल भेजा गया है। एसएसपी ने प्रदर्शनकारियों को मारे थे थप्पड़गौरतलब है कि रोहटा क्षेत्र के थिरोट गांव निवासी ललिता गौतम हत्याकांड के शेष आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर 8 जुलाई को बड़ी संख्या में लोग मेरठ कमिश्नरी पहुंचे थे। प्रदर्शन के दौरान हालात बिगड़ने पर पुलिस ने बल प्रयोग किया। इसी दौरान लाठीचार्ज और एसएसपी द्वारा प्रदर्शनकारियों को थप्पड़ मारने के कई वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए। एक वीडियो में बंदी वाहन के भीतर मौजूद आरोपी रवि गौतम के साथ कथित मारपीट भी दिखाई दी, जिसने पूरे मामले को और अधिक चर्चा में ला दिया। अमिताभ ठाकुर ने मानवाधिकार आयोग को भेजी थी शिकायतघटना को लेकर आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर ने राज्य मानवाधिकार आयोग और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में विस्तृत शिकायत भेजी। शिकायत के साथ वीडियो भी साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किए गए। राज्य मानवाधिकार आयोग ने केस दर्ज करते हुए मामले की सुनवाई शुरू कर दी है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि पुलिस अधिकारियों का व्यवहार मानवाधिकारों के उल्लंघन की श्रेणी में आता है और इसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है। भोपाल की समिति ने भी दर्ज कराई शिकायतइसी बीच भोपाल स्थित डॉ. अंबेडकर जनकल्याण समिति की ओर से भी राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में अलग शिकायत दर्ज कराई गई। आयोग ने उत्तर प्रदेश के डीजीपी और संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी करते हुए 15 दिनों के भीतर एक्शन टेकन रिपोर्ट (एटीआर) प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने अपने प्रारंभिक अवलोकन में कहा है कि शिकायत के साथ उपलब्ध वीडियो के आधार पर प्रथम दृष्टया मानवाधिकारों के उल्लंघन का मामला प्रतीत होता है, इसलिए विस्तृत जांच आवश्यक है।
जैसलमेर में शनिवार को विश्व जनसंख्या दिवस के मौके पर जनसंख्या नियंत्रण और समाज को जागरूक करने के उद्देश्य से जागरूकता रैली निकाली गई। आशा सहयोगिनियों और एएनएम (ANM) ट्रेनिंग सेंटर की छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। रैली चिकित्सा और स्वास्थ्य विभाग की ओर से आयोजित की गई। इसकी शुरुआत मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. राजेंद्र कुमार पालीवाल ने की। उन्होंने स्वास्थ्य भवन (सीएमएचओ कार्यालय) से हरी झंडी दिखाकर इस रैली को रवाना किया। रैली के माध्यम से शहर के नए और योग्य जोड़ों को छोटा परिवार रखने, बच्चों के जन्म में सही समय का अंतर रखने और बढ़ती आबादी को रोकने के फायदों के बारे में आसान भाषा में जानकारी दी गई। मुख्य मार्गों से निकली जागरूकता रैली जागरूकता रैली शहर के व्यस्त इलाकों से होकर गुजरी, जिसमें डेडानसर रोड, अचलवंशी कॉलोनी, गीता आश्रम और हनुमान चौराहा शामिल रहे। इन सभी मुख्य रास्तों से होते हुए रैली अंत में श्री जवाहिर अस्पताल परिसर पहुंची, जहां यह एक सभा के रूप में संपन्न हुई। रैली के दौरान सभी प्रतिभागी अपने हाथों में सुंदर और रंग-बिरंगी तख्तियां लिए हुए थे, जिन पर समाज को सोचने पर मजबूर करने वाले नारे लिखे हुए थे। रास्ते भर लोगों को इन नारों के जरिए छोटे परिवार का महत्व समझाया गया। परिवार नियोजन उपायों का प्रसार करें इस अवसर पर बोलते हुए सीएमएचओ डॉ. राजेंद्र कुमार पालीवाल ने कहा- जनसंख्या का तेजी से बढ़ना आज पूरे देश के लिए एक बड़ी चिंता का विषय है। बढ़ती आबादी के कारण बुनियादी सुविधाएं और साधन लगातार कम होते जा रहे हैं। उन्होंने बताया- जिला मुख्यालय पर रैली निकालने के साथ-साथ जिले के सभी ब्लॉकों के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों (BCMO) और अस्पतालों के डॉक्टरों को भी कड़े निर्देश दिए गए हैं। वे सभी अपने-अपने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जाकर परिवार नियोजन और जनसंख्या रोकने के उपायों का जोर-शोर से प्रचार करें, ताकि जिले के हर गांव और हर घर तक यह बात आसानी से पहुंच सके और लोग जागरूक हो सकें। ये मौजूद रहे इस पूरे कार्यक्रम को सफल बनाने में स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारियों और कर्मचारियों का पूरा सहयोग रहा। इस मौके पर मुख्य रूप से यूएनएफपीए (UNFPA) के जिला समन्वयक उमेश आचार्य, परम सुख सैनी, गोल्डी व्यास, अरविंद शुक्ला मौजूद थे। साथ ही एएनएम ट्रेनिंग सेंटर के प्रभारी लोकेश कुमार, सेंटर की वार्डन पूजा, दिनेश कुमार, हीरालाल, धर्मेंद्र सिंह, बाबूगिरी और चिकित्सा विभाग के कई अन्य कर्मचारी भी इस रैली में शामिल रहे और लोगों को छोटे परिवार की अहमियत बताई।

