मैहर जिले के भदनपुर वन परिक्षेत्र के अंतर्गत ग्राम बहिली में स्थापित भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा को वन विभाग द्वारा हटाए जाने के बाद गुरुवार को आदिवासी समाज का गुस्सा फूट पड़ा। कार्रवाई के विरोध में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने पहले कलेक्टर कार्यालय में ज्ञापन दिया और फिर वन मंडल कार्यालय का घेराव कर सड़क पर चक्काजाम कर दिया। इस दौरान वहां से गुजर रहे सांसद गणेश सिंह के काफिले को भी ग्रामीणों ने रोककर जमकर नारेबाजी की। आपसी चंदे से स्थापित की थी प्रतिमा आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों ने बताया कि उन्होंने बीती 25 जून को डिप्टी कलेक्टर और DFO को ज्ञापन देकर भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा स्थापना और जनजातीय गौरव दिवस के आयोजन के लिए 2 हेक्टेयर भूमि आवंटित करने की मांग की थी। इसके बाद 27 जून को ग्रामीणों ने आपसी सहयोग से चंदा जुटाकर वन परिक्षेत्र के एक हिस्से में भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा स्थापित की थी। ग्रामीणों का दावा है कि स्थापना के समय वन विभाग के कर्मचारियों ने स्थल का निरीक्षण भी किया था और तब कोई आपत्ति नहीं जताई थी। बिना सूचना उखाड़ी मूर्ति, दो ग्रामीणों को ले गई वन विभाग की टीम ग्रामीण छोटू कोल ने आरोप लगाया कि गुरुवार सुबह वन विभाग की टीम बिना किसी पूर्व सूचना या नोटिस के अचानक मौके पर पहुंची। टीम ने वहां स्थापित भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा को उखाड़ दिया और उसे अपने साथ वन मंडल कार्यालय मैहर ले आई। यही नहीं, विरोध करने पर टीम मौके पर मौजूद दो ग्रामीणों—सूखदाम कोल और रामनाथ कोल को भी हिरासत में लेकर अपने साथ ले गई, जिससे पूरा आदिवासी समाज आक्रोशित हो उठा। बीच सड़क पर बैठे ग्रामीण, सांसद और विधायक पहुंचे मौके वन विभाग की इस एकतरफा कार्रवाई के खिलाफ जब कार्यालय में कोई सुनवाई नहीं हुई, तो नाराज ग्रामीण मैहर की मुख्य सड़क पर बैठ गए और प्रदर्शन शुरू कर दिया। हंगामे की सूचना मिलते ही टीआई अनिमेष द्विवेदी और चौकी प्रभारी रंजीत सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। इसी बीच वहां से गुजर रहे क्षेत्रीय सांसद गणेश सिंह की गाड़ी को प्रदर्शनकारियों ने रोक लिया और उन्हें पूरा घटनाक्रम सुनाया। कुछ ही देर में मैहर विधायक भी मौके पर पहुंच गए। सांसद के निर्देश के बाद छूटे ग्रामीण, मूर्ति भी हुई वापस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सांसद गणेश सिंह ने मौके से ही वन मंडलाधिकारी विद्याभूषण मिश्रा से फोन पर कड़ी चर्चा की। उन्होंने वन विभाग को हटाई गई प्रतिमा सम्मानपूर्वक वापस करने और हिरासत में लिए गए दोनों ग्रामीणों को तत्काल रिहा करने के निर्देश दिए। सांसद के हस्तक्षेप के बाद वन विभाग ने दोनों ग्रामीणों को छोड़ दिया और मूर्ति भी ग्रामीणों को सौंप दी। सांसद ने आदिवासी समाज को आश्वस्त किया है कि वे स्वयं जल्द ही गांव पहुंचकर स्थल का निरीक्षण करेंगे और भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा स्थापना व जनजातीय गौरव दिवस के आयोजन के लिए 2 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराने के संबंध में उचित कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित कराएंगे। इस आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने अपना प्रदर्शन समाप्त किया।
छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में शराब दुकानों में ओवररेटिंग के खिलाफ आबकारी विभाग ने कार्रवाई की है। दुर्ग संभाग की उड़नदस्ता टीम ने दबिश देकर दो कंपोजिट शराब दुकानों में तय कीमत से अधिक राशि वसूलते दो सेल्समैनों को पकड़ा है। दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। दरअसल, राजनांदगांव में शराब दुकानों में ग्राहकों से तय कीमत से ज्यादा पैसे वसूलने की लगातार शिकायतें आबकारी विभाग को मिल रही थी। इन्हीं शिकायतों के आधार पर आबकारी आयुक्त पीएस अलमा के निर्देश पर दुर्ग संभाग की उड़नदस्ता टीम ने गुरुवार को दो शराब दुकानों पर औचक छापेमार कार्रवाई की। टीम ने डमी ग्राहक भेजकर जांच कराई, जिसमें दोनों दुकानों पर ओवररेटिंग का मामला सामने आया। डमी ग्राहक बनकर पहुंची टीम सबसे पहले टीम राजनांदगांव के रेवाडीह-01 स्थित कंपोजिट शराब दुकान पहुंची। यहां डमी ग्राहक के जरिए 20 पाव सुप्रीमो व्हिस्की खरीदी गई। इसकी सरकारी कीमत 2400 रुपए थी, लेकिन दुकान में मौजूद सेल्समैन हरीश साहू ने 2500 रुपए वसूल लिए। यानी ग्राहक से 100 रुपए ज्यादा लिए गए। दूसरी दुकान में भी मिली गड़बड़ी इसके बाद उड़नदस्ता टीम मंडी बाईपास लखोली रोड स्थित कंपोजिट शराब दुकान पहुंची। यहां भी डमी ग्राहक ने 20 पाव जम्मू स्पेशल व्हिस्की खरीदी। इसकी तय कीमत 2400 रुपए थी, लेकिन सेल्समैन शुभम कुमार ने 2500 रुपए वसूल लिए। यहां भी 100 रुपए ज्यादा वसूले गए। दोनों सेल्समैन पर केस दर्ज जांच में ओवररेटिंग की पुष्टि होने के बाद आबकारी विभाग ने दोनों सेल्समैन हरीश साहू और शुभम कुमार के खिलाफ आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 39(ग) के तहत मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। विभाग की चेतावनी आबकारी विभाग ने साफ कहा है कि शराब दुकानों में तय कीमत से ज्यादा पैसे वसूलने वालों को किसी भी हालत में नहीं बख्शा जाएगा। आगे भी शिकायत मिलने पर इसी तरह जांच की जाएगी और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। आबकारी आयुक्त पी.एस. अलमा के निर्देश पर दुर्ग संभाग की उड़नदस्ता टीम ने राजनांदगांव की दो शराब दुकानों में छापेमार कार्रवाई की। यह कार्रवाई शराब की बोतलों पर तय कीमत से ज्यादा पैसे वसूलने की शिकायत मिलने के बाद की गई। टीम ने दोनों दुकानों पर फर्जी ग्राहक (डमी कस्टमर) भेजकर शराब खरीदी। जांच में दोनों दुकानों पर तय सरकारी कीमत से 100 रुपये ज्यादा वसूलते हुए दो सेल्समैन पकड़े गए। रेवाडीह स्थित शराब दुकान में डमी ग्राहक ने 20 पाव सुप्रीमो व्हिस्की खरीदी। इसकी सरकारी कीमत 2400 रुपये थी, लेकिन सेल्समैन हरीश साहू ने 2500 रुपये वसूल लिए। इसी तरह मंडी बाईपास लखोली रोड स्थित शराब दुकान में 20 पाव जम्मू स्पेशल व्हिस्की की खरीद कराई गई। यहां भी सरकारी कीमत 2400 रुपये की जगह सेल्समैन शुभम कुमार ने 2500 रुपये वसूल लिए। आबकारी विभाग ने दोनों सेल्समैन के खिलाफ आबकारी अधिनियम, 1915 की धारा 39(ग) के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की है। विभाग ने साफ कहा है कि शराब दुकानों में ओवररेटिंग किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आगे भी इस तरह की शिकायत मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
आगरा के थाना एत्माद्दौला क्षेत्र अंतर्गत हाईवे पर बाइक सवार बदमाशों ने एलडीबी बैंक मैनेजर की पत्नी के गले से सोने की चेन लूट ली। जहां पर घटना हुई, वहां पर रोज रात को पुलिस खड़ी रहती है। महिला लुटेरे को पीछे दौड़ी, लेकिन वो बाइक लेकर फरार हो गए। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची । लूट की वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। पुलिस सीसीटीवी की मदद से बदमाशों को सुराग लगा रही है।जानकारी के अनुसार एत्मादपुर निवासी एलडीबी बैंक के अध्यक्ष शंकर ध्वज सिंह की पत्नी रात करीब 9 बजे रामबाग से आ रही थीं। हाईवे के सर्विस रोड पर जेडी हॉस्पीटल के पास बाइक सवार बदमाशों ने उनके गले से चेन तोड़ ली। जहां पर बदमाशों ने वारदात को अंजाम दिया, वहां पर रोज रात को चौकी इंचार्ज फोर्स के साथ चेकिंग करते हैं। लोगों ने बताया कि बाइक सवार चेन तोड़कर हाईवे पर भाग गए। सूचना पर थाना प्रभारी मौके पर पहुंच गए। पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हो गई है।
मिर्जापुर के मड़िहान थाना क्षेत्र में गुरुवार रात बाइक सवार बदमाशों ने फिल्मी अंदाज में लूट की वारदात को अंजाम दिया। बदमाशों ने वसूली कर लौट रहे दो कर्मचारियों की बाइक के टायर में गोली मारकर उन्हें रोक लिया और करीब ढाई लाख रुपये से भरा बैग लूटकर फरार हो गए। घटना के बाद पुलिस ने नाकेबंदी कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। मड़िहान थाना क्षेत्र के बेला जंगल मार्ग पर गुरुवार रात करीब आठ बजे लूट की सनसनीखेज वारदात सामने आई। पल्सर बाइक सवार दो बदमाशों ने वसूली कर लौट रहे दो कर्मचारियों की बाइक के टायर में गोली मार दी। टायर फटने के बाद बाइक रुक गई और बदमाश नकदी से भरा बैग लूटकर फरार हो गए। जानकारी के अनुसार, लोहंदी निवासी सुनील यादव और छोटा मिर्जापुर निवासी राजकुमार कटरा कोतवाली के सामने स्थित मिलन थ्रेड कंपनी में कार्यरत हैं। दोनों कर्मचारी कंपनी की वसूली के सिलसिले में सोनभद्र के घोरावल गए थे। वहां से करीब ढाई लाख रुपये की वसूली कर वे मड़िहान मार्ग से मिर्जापुर लौट रहे थे। इसी दौरान बेला जंगल मार्ग पर पहले से घात लगाए बैठे पल्सर सवार दो बदमाशों ने उनकी बाइक के पिछले टायर पर गोली चला दी। टायर फटने से बाइक अनियंत्रित होकर रुक गई। इसके बाद बदमाश कर्मचारियों के पास मौजूद नकदी से भरा बैग छीनकर फरार हो गए। मिलन थ्रेड कंपनी के संचालक सचिन ने बताया कि घटना में दोनों कर्मचारी सुरक्षित हैं और किसी को गोली नहीं लगी है। बदमाश केवल नकदी से भरा बैग लूटकर भागे हैं। घटना की सूचना तत्काल पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही मड़िहान थाना पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने आसपास के क्षेत्रों में नाकेबंदी कर बदमाशों की तलाश शुरू कर दी है। साथ ही संभावित मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की पहचान के लिए विभिन्न पहलुओं पर जांच की जा रही है। जल्द ही घटना का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने कृषि विभाग के अधिकारियों से 2 लाख 63 हजार 500 रुपये बरामद किए हैं। एसीबी की स्पेशल इनवेस्टिगेशन यूनिट (एसआईयू) ने जयपुर-दिल्ली नेशनल हाईवे पर शाहपुरा पुलिया के पास टाटा सफारी गाड़ी को रोककर तलाशी ली, जिसमें यह नकदी मिली। एसीबी के महानिदेशक गोविंद गुप्ता ने बताया- ब्यूरो को सूचना मिली थी कि जयपुर से आई कृषि विभाग की टीम भिवाड़ी-कोटपूतली औद्योगिक क्षेत्र में खाद और कीटनाशक निर्माण इकाइयों का निरीक्षण कर रही है। आरोप है कि निरीक्षण का डर दिखाकर कुछ औद्योगिक इकाइयों से अवैध रूप से पैसे वसूले जा रहे थे। सूचना के आधार पर उप महानिरीक्षक पुलिस (प्रथम) डॉ. रामेश्वर सिंह के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महावीर सिंह के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने शाहपुरा पुलिया पर निगरानी रखी और संदिग्ध वाहन को रोककर कार्रवाई की। दो अधिकारियों के बैग से मिला कैश तलाशी के दौरान कृषि अधिकारी महेश कुमार मीणा के बैग से 1 लाख 48 हजार 500 रुपये और कृषि अधिकारी चन्दा राम गुर्जर के बैग से 1 लाख 15 हजार रुपये बरामद हुए। गाड़ी में कृषि अधिकारी भगवान सहाय यादव और कृषि विभाग के चालक रमेश चन्द्र मीणा भी मौजूद थे, जिनकी भी नियमानुसार तलाशी ली गई। अधिकारियों की भूमिका की होगी जांच एसीबी अब बरामद नकदी के स्रोत, औद्योगिक इकाइयों से कथित अवैध वसूली और इसमें शामिल अधिकारियों की भूमिका की गहन जांच कर रही है। पूछताछ के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
सरगुजा जिले के ग्राम बरगीडीह में गुरुवार को मामूली विवाद पर पड़ोसी ने ग्रामीण पर गैंती से हमला कर दिया। हमले में घायल ग्रामीण को मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में दाखिल किया गया। इलाज के दौरान ग्रामीण की मौत हो गई। मामला लुण्ड्रा थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, बरगीडीह निवासी जीतू नागेश (45 वर्ष) गुरुवार को अपने घर में था। परिवार के सभी सदस्य धान की रोपाई करने के लिए गये थे। जीतू नागेश का पड़ोसी बुधराम उसके घर के सामने पहुंचा। दोनों में बातचीत हो रही थी। इसी बीच किसी बात को लेकर दोनों में विवाद हो गया। विवाद से आक्रोशित होकर बुधराम ने जीतू पर गैंती से हमला कर दिया। घायल की हॉस्पिटल में मौत गैंती के हमले में जीतू नागेश गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद बुधराम ने स्वयं आसपास के लोगों को जानकारी दी कि मैंने जीतू को मार दिया है, अब जेल जाउंगा। ग्रामीणों की सूचना पर खेत में काम कर रहे जीतू के परिजन मौके पर पहुंचे और जीतू को गंभीर हालत में इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर पहुंचाया। यहां हॉस्पिटल में उसकी मौत हो गई। मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल पुलिस ने मृतक के परिजनों का बयान दर्ज किया। मामला लुंड्रा पुलिस को भेजा जा रहा है। मृतक के परिजनों ने बताया कि जीतू नागेश एवं बुधराम के बीच पहले का कोई विवाद नहीं था। दोनों अकसर साथ रहते थे और साथ ही खाते-पीते थे। धटना की सूचना पर बुधराम के बेटे ने भी घायल जीतू को हॉस्पिटल ले जाने में मदद की। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।
गोरखपुर में गुरुवार की रात 9 बजे बिजली विभाग ने कल यानी शुक्रवार को होने वाली कटौती की सूचना जारी की। शहर के कई इलाकों में सड़क चौड़ीकरण, लाइन और पोल शिफ्टिंग के कार्य के चलते कल यानी शुक्रवार को 4 से 5 घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। बिजली विभाग ने पहले से शटडाउन की सूचना जारी कर उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील की है। बक्शीपुर और दीवान बाजार में नहीं रहेगी बिजली बिजली विभाग के अनुसार बक्शीपुर और बक्शीपुर न्यू उपकेंद्र से जुड़े दीवान बाजार और बक्शीपुर 11 KV फीडर की बिजली आपूर्ति शुक्रवार सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक बंद रहेगी। इस दौरान सड़क चौड़ीकरण का कार्य कराया जाएगा। उपखंड अधिकारी पुष्पेंद्र सिंह ने बताया कि कार्य पूरा होते ही बिजली आपूर्ति सामान्य कर दी जाएगी। करीमनगर और रेल विहार फीडर भी रहेंगे बंद राप्तीनगर न्यू उपकेंद्र से जुड़े करीमनगर और रेल विहार फीडर की बिजली आपूर्ति भी शुक्रवार सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक बाधित रहेगी। यहां सड़क चौड़ीकरण के साथ पोल शिफ्टिंग का कार्य किया जाएगा। इस दौरान इन फीडरों से जुड़े सभी क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बंद रहेगी। इन इलाकों में भी रहेगा पांच घंटे का शटडाउन रोड चौड़ीकरण और लाइन शिफ्टिंग के चलते शहर के अन्य कई उपकेंद्रों से जुड़े फीडरों पर भी शटडाउन लिया जाएगा। इनमें इंडस्ट्रियल स्टेट उपकेंद्र का पश्चिमी जनप्रिय फीडर, दुर्गाबाड़ी उपकेंद्र का हनुमंत नगर फीडर, नईयापार उपकेंद्र का रजही फीडर, रायगंज उपकेंद्र का पोछिया-2 फीडर, खोराबार उपकेंद्र का सूबा बाजार फीडर तथा 33 KV खोराबार लाइन शामिल हैं। इन क्षेत्रों में शुक्रवार सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक बिजली आपूर्ति बंद रहेगी। उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील बिजली विभाग ने कहा है कि सड़क चौड़ीकरण और बिजली लाइनों को सुरक्षित तरीके से शिफ्ट करने के लिए यह शटडाउन जरूरी है। विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे निर्धारित समय को ध्यान में रखते हुए अपने जरूरी कार्य पहले ही निपटा लें। विभाग का कहना है कि कार्य पूरा होते ही संबंधित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति तत्काल बहाल कर दी जाएगी।
अमेठी में सूखे कुएं में मिला बुजुर्ग का शव:घर से 500 मीटर दूर हादसा, कई दिनों से बीमार चल रहे थे
अमेठी में एक 70 साल के बुजुर्ग का शव घर से करीब 500 मीटर दूर एक सूखे कुएं में मिला। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कुएं से निकालकर सीएचसी पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। यह घटना अमेठी कोतवाली क्षेत्र के हथकिला गांव की है। मृतक की पहचान 70 वर्षीय ननकू के रूप में हुई है। वह गुरुवार दोपहर करीब 3 बजे दुकान से घर के लिए निकले थे, लेकिन घर नहीं पहुंचे। गुरुवार शाम करीब 6:30 बजे गांव के शिव मंदिर के पास स्थित एक सूखे कुएं में उनका शव एक चरवाहे ने देखा, जिसके बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर इकट्ठा हो गए। ग्रामीणों द्वारा तत्काल घटना की जानकारी अमेठी कोतवाली पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही कोतवाल श्रीराम पांडेय और सीओ मनोज मिश्रा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कुएं से बाहर निकाला और अमेठी सीएचसी भेजा। अमेठी कोतवाल श्रीराम पांडेय ने बताया कि मृतक मानसिक रूप से अस्वस्थ थे। मृतक के बेटे दर्शन ने पुलिस को बताया कि उनके पिता पिछले चार महीने से अस्वस्थ थे और उनका इलाज चल रहा था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा। पुलिस ने कहा कि तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
रेऊना थाना क्षेत्र के कटार गांव में गुरुवार शाम 4 बजे अराजक तत्वों द्वारा डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त किए जाने का मामला सामने आया। प्रतिमा का एक हाथ तोड़ दिए जाने से ग्रामीणों और स्थानीय कार्यकर्ताओं में नाराजगी फैल गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए प्रतिमा की मरम्मत कराकर रंग-रोगन कराया और उसे दोबारा स्थापित कर दिया। साथ ही घटना को अंजाम देने वाले शरारती तत्वों की तलाश शुरू कर दी है। रेऊना थाना क्षेत्र स्थित ग्राम कटार में गुरुवार शाम कुछ अज्ञात शरारती तत्वों ने डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा को नुकसान पहुंचा दिया। प्रतिमा का हाथ टूटने की जानकारी मिलते ही गांव के लोगों और स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं की भीड़ मौके पर जुट गई। घटना को लेकर लोगों ने नाराजगी जताते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। सूचना मिलने पर रेऊना थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने ग्रामीणों को शांत कराया और मामले की जांच शुरू की। किसी भी तरह का तनाव न फैले, इसके लिए गांव में पुलिस की निगरानी भी बढ़ा दी गई। पुलिस ने बिना देर किए क्षतिग्रस्त प्रतिमा की मरम्मत कराई। प्रतिमा के टूटे हुए हिस्से को ठीक कराने के बाद उसका रंग-रोगन कराया गया और उसे पुनः उसी स्थान पर स्थापित कर दिया गया। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से ग्रामीणों में संतोष देखा गया, हालांकि लोगों ने दोषियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग दोहराई। रेउना थाना प्रभारी अनुज भारती ने बताया कि प्रतिमा क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिलने के बाद पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची थी। क्षतिग्रस्त प्रतिमा को ठीक कराकर दोबारा स्थापित करा दिया गया है। घटना को अंजाम देने वाले शरारती तत्वों की पहचान के लिए आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच जारी है। उन्होंने कहा कि दोषियों की पहचान होने पर उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।
पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने भ्रष्टाचार के खिलाफ मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान सरकार की 'ज़ीरो टॉलरेंस' नीति के तहत कपूरथला में तैनात एक साइंस मास्टर और कानूनी सलाहकार परमजीत सिंह को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर स्कूली छात्राओं के साइकोमेट्रिक टेस्ट का काम देने के बदले एक निजी फर्म से प्रति छात्रा के हिसाब से रिश्वत मांगने का गंभीर आरोप है। मुख्यमंत्री की 'एंटी करप्शन एक्शन लाइन' पर मिली शिकायत के बाद जालंधर विजिलेंस ब्यूरो थाने में मामला दर्ज कर यह कार्रवाई की गई है। विजिलेंस ब्यूरो के एक आधिकारिक प्रवक्ता ने इस मामले की जानकारी देते हुए बताया कि यह गिरफ्तारी सतिंदर बीर सिंह की शिकायत के आधार पर की गई है। सतिंदर बीर सिंह शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्त ज़िला शिक्षा अधिकारी (DEO) हैं।कंपनी का काम छात्रों के लिए टेस्ट आयोजित करना विजिलेंस ब्यूरो द्वारा की गई जांच के अनुसार, सेवानिवृत्ति के बाद सतिंदर बीर सिंह ने अमृतसर में 'एडुराइज़ एंटरप्राइज़' नाम की एक कंपनी शुरू की थी। इस कंपनी का मुख्य उद्देश्य स्कूली छात्रों के लिए साइकोमेट्रिक टेस्ट आयोजित करना था। शिकायतकर्ता ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 के दौरान कपूरथला के भोलाथ ब्लॉक के 14 सरकारी स्कूलों में पढ़ रही 187 छात्राओं की साइकोमेट्रिक टेस्टिंग करने की मंज़ूरी मांगी थी। इसके लिए उन्होंने अपनी कंपनी की फ़ाइल ज़िला शिक्षा अधिकारी (सेकेंडरी), कपूरथला के कार्यालय में जमा करवाई थी।फाइल के मंजूरी को लेकर मांगे पैसे फ़ाइल आगे बढ़ाने और मंज़ूरी दिलाने के एवज में ज़िला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में तैनात साइंस मास्टर-सह-कानूनी सलाहकार परमजीत सिंह ने कथित तौर पर रिश्वत की मांग की। आरोपी ने ज़िला शिक्षा अधिकारी के नाम पर पहले प्रति छात्रा 200 रुपये मांगे, जिसे बाद में सौदा तय होने पर घटाकर 150 रुपये प्रति छात्रा कर दिया गया।आरोपी अधिकारी मांग रहा था कमिशन पंजाब सरकार द्वारा इस साइकोमेट्रिक टेस्ट को आयोजित करने के लिए संबंधित कंपनी को प्रति छात्रा 700 रुपये का भुगतान किया जाना तय हुआ था, जिसमें से आरोपी अधिकारी अपना कमीशन मांग रहा था। शिकायतकर्ता सतिंदर बीर सिंह ने इस पूरी बातचीत को रिकॉर्ड कर लिया और सबूत के तौर पर मुख्यमंत्री की 'एंटी करप्शन एक्शन लाइन' पोर्टल पर शिकायत दर्ज करा दी। विजिलेंस ब्यूरो की जांच में शिकायतकर्ता द्वारा सौंपी गई रिकॉर्डिंग और आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोप पूरी तरह सही पाए गए।आरोपी को विजिलेंस ब्यूरो ने किया गिरफ्तार इस पुख्ता सबूत के आधार पर आरोपी परमजीत सिंह के खिलाफ विजिलेंस ब्यूरो पुलिस स्टेशन, जालंधर में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (प्रीवेंटिव ऑफ करप्शन एक्ट) के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि मामले की बारीकी से जांच जारी है। इस जांच के दौरान ज़िला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के अन्य संदिग्ध अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की भी गहनता से जांच की जाएगी, ताकि भ्रष्टाचार के इस नेटवर्क का पूरी तरह से पर्दाफाश किया जा सके।
जयपुर के चौमूं क्षेत्र में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने गुरुवार को बड़ी ट्रैप कार्रवाई करते हुए राजस्व विभाग में हड़कंप मचा दिया। ACB ने नामांतरण (म्यूटेशन) की प्रक्रिया पूरी कराने के बदले रिश्वत लेने के मामले में एक दलाल को 1 लाख रुपये की रिश्वत राशि के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया। बताया जा रहा है कि शिकायतकर्ता से नामांतरण की प्रक्रिया पूरी कराने के एवज में रिश्वत की मांग की गई थी। ACB ने शिकायत का सत्यापन करने के बाद ट्रैप की कार्रवाई की, जिसमें दलाल रिश्वत की राशि लेते हुए पकड़ा गया। ACB ASP मनोज गुप्ता और सीआई रामजीलाल गुप्ता ने कार्रवाई को अंजाम दिया। इधर, कार्रवाई की भनक लगते ही संबंधित पटवारी सुरेंद्र मौके से फरार हो गया। ACB की टीम उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। इस कार्रवाई के बाद राजस्व विभाग में हड़कंप मच गया है। ACB की टीम मामले में रिश्वतखोरी के पूरे नेटवर्क और अन्य संभावित संलिप्त लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। फिलहाल फरार पटवारी की तलाश जारी है।
दिल्ली को देश की ‘सिविक-टेक कैपिटल’ बनाने की दिशा में दिल्ली सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार को दिल्ली सचिवालय में ‘दिल्ली नेक्स्ट-कोड, क्रिएट एंड चेंज’ कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसे देश का सबसे बड़ा सिविक-टेक इनोवेशन प्रोग्राम बताया जा रहा है, जिसका उद्देश्य युवाओं, स्टार्टअप, शोधकर्ताओं, शिक्षण संस्थानों और नवाचारकर्ताओं को एक मंच पर लाकर राजधानी की शहरी और नागरिक समस्याओं के तकनीक आधारित समाधान तैयार करना है। युवाओं को प्रशासनिक व्यवस्था से जोडे़गा दिल्ली नेक्स्ट : सीएम कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा आज सुशासन केवल नीतियां बनाने तक सीमित नहीं रह सकता। तकनीक, नवाचार और जनभागीदारी के जरिए समस्याओं के प्रभावी और स्थायी समाधान विकसित करना समय की जरूरत है। उन्होंने कहा कि दिल्ली नेक्स्ट केवल एक हैकाथॉन नहीं, बल्कि सरकार और नवाचार के बीच एक ऐसा सेतु है, जो युवाओं के विचारों को सीधे प्रशासनिक व्यवस्था से जोड़ेगा। सीएम ने कहा दिल्ली सरकार युवाओं को केवल प्रतियोगी नहीं, बल्कि सुशासन का साझेदार मानती है। उन्होंने कहा देश के युवाओं में असीम प्रतिभा है और यदि उन्हें सही मंच, मार्गदर्शन और अवसर मिले तो वे प्रशासनिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव ला सकते हैं। उनके अनुसार, युवा केवल देश का भविष्य नहीं, बल्कि विकसित भारत के निर्माण की सबसे बड़ी ताकत हैं। विभिन्न विभागों के सहयोग से शुरू होगा पायलट प्रोजेक्ट : रेखा गुप्ता मुख्यमंत्री ने बताया कि यह कार्यक्रम पारंपरिक हैकाथॉन से अलग होगा। जहां अधिकांश हैकाथॉन पुरस्कार वितरण के साथ समाप्त हो जाते हैं, वहीं ‘दिल्ली नेक्स्ट’ में चयनित शीर्ष 60 टीमों के तकनीकी समाधानों को संबंधित सरकारी विभागों के सहयोग से पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया जाएगा। सफल मॉडलों को चरणबद्ध तरीके से सरकारी कार्यप्रणाली में शामिल किया जाएगा, ताकि नागरिकों को सीधे लाभ मिल सके। उन्होंने कहा इस पहल से दिल्ली में तकनीक आधारित प्रशासन को बढ़ावा मिलेगा और युवाओं के नवाचार वास्तविक समस्याओं के समाधान का हिस्सा बनेंगे।
सहारनपुर में एक युवती की तस्वीरें और वीडियो एडिट कर उन्हें आपत्तिजनक बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने, लगातार पीछा करने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में चिलकाना पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ आईटी एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान चिलकाना थाना क्षेत्र के गांव बुड्ढाखेड़ा निवासी साबिर पुत्र रियासत के रूप में हुई है। पुलिस ने उसे गुरुवार शाम 6 बजे पटनी गांव के पास सादान नर्सरी के सामने से गिरफ्तार किया। आरोपी को कोर्ट में पेश किया जाएगा। इंस्टाग्राम से फोटो डाउनलोड कर बनाई फर्जी ID युवती ने पुलिस को बताया कि वह इंस्टाग्राम का इस्तेमाल करती है। पढ़ाई के दौरान और चिलकाना बाजार आने-जाने के समय आरोपी उसका पीछा करता था और अभद्र टिप्पणियां करता था। बदनामी और पढ़ाई प्रभावित होने के डर से वह लंबे समय तक चुप रही। आरोप है कि आरोपी ने इंस्टाग्राम से उसकी तस्वीरें और वीडियो डाउनलोड कर उन्हें एडिट किया। इसके बाद फर्जी इंस्टाग्राम आईडी बनाकर आपत्तिजनक तस्वीरें प्रोफाइल फोटो और अन्य पोस्ट के रूप में अपलोड कर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। अस्पताल पहुंचकर किया हंगामा शिकायत के मुताबिक, परिवार की समझाइश के बाद आरोपी ने दोबारा ऐसी हरकत न करने का भरोसा दिया था, लेकिन कुछ दिनों बाद उसने फिर उत्पीड़न शुरू कर दिया। युवती का आरोप है कि 25 जून को जब वह देहरादून के इंद्रेश अस्पताल में ड्यूटी पर थी, तब आरोपी वहां पहुंच गया। उसने अस्पताल के बाहर स्टाफ के सामने गाली-गलौज की और अपमानजनक बातें कहीं। इसके बाद आरोपी युवती के किराए के कमरे तक पहुंच गया और मकान मालिक को धमकाते हुए युवती को जान से मारने की धमकी दी। IT एक्ट में केस, कोर्ट में होगा पेश लगातार पीछा किए जाने, सोशल मीडिया पर बदनाम करने और धमकियों से परेशान होकर युवती ने चिलकाना थाने में शिकायत दर्ज कराई। जांच के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं के साथ आईटी एक्ट की धारा 67A में मुकदमा दर्ज किया और उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि आरोपी को कोर्ट में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बिजली लाइनों के रखरखाव एवं आवश्यक मरम्मत कार्य के चलते सोमवार को खोखरिया फीडर से जुड़े क्षेत्रों में निर्धारित समय के लिए बिजली आपूर्ति बंद रहेगी। विद्युत निगम के अनुसार यह शटडाउन सुबह 7:00 बजे से 10:00 बजे तक रहेगा। इस दौरान खोखरिया, गुजरावास, बोरावास तथा 11 केवी खोखरिया फीडर से जुड़े सभी गांवों में बिजली आपूर्ति प्रभावित रहेगी। रखरखाव कार्य पूरा होने के बाद संबंधित क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति पुनः बहाल कर दी जाएगी। वहीं, नांदड़ी फीडर से जुड़े नांदड़ी गांव में सुबह 8 से 10 बजे तक बिजली बंद रहेगी। विद्युत निगम ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि निर्धारित शटडाउन को ध्यान में रखते हुए अपने आवश्यक कार्य पहले से निपटा लें।
राजस्थान हाईकोर्ट ने सिरोही स्थित एक फैक्ट्री परिसर में पड़े खतरनाक इंडस्ट्री वेस्ट के निस्तारण को लेकर सख्त रूख अपनाया है। कोर्ट ने संबंधित फैक्ट्री संचालक को 15 जुलाई तक अपने परिसरों से पूरा खतरनाक कचरा हटाने का अंतिम अवसर दिया है। जस्टिस विनीत कुमार माथुर और जस्टिस चंद्रशेखर शर्मा की खंडपीठ ने यह निर्देश हरिसिंह सोढ़ा की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। खंडपीठ के समक्ष प्रतिवादी की ओर से बताया गया कि कोर्ट के 29 जून 2026 के आदेश की पालना में फैक्ट्री परिसर से खतरनाक कचरा हटाने का कार्य शुरू कर दिया गया है। प्रतिवादी ने कोर्ट को आश्वस्त किया कि कचरा हटाने का कार्य 15 जुलाई तक पूरा कर लिया जाएगा। राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने भी न्यायालय को सूचित किया कि मौके पर सफाई कार्य प्रारंभ हो चुका है। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता डीएस जसोल और राजेश परिहार ने पैरवी की। हाईकोर्ट ने आदेश दिया है कि कचरा हटने के बाद न्यायालय द्वारा गठित एक टीम दोनों परिसरों का निरीक्षण करेगी। यह टीम सुनिश्चित करेगी कि किसी भी स्थान पर खतरनाक पदार्थ शेष न रहे। यदि सफाई कार्य भुगतान के अभाव में रुकता है, तो कलेक्टर संबंधित उद्योग संचालक से राशि की वसूली कर एजेंसी रामकी/री सस्टेनेबिलिटी लिमिटेड को भुगतान सुनिश्चित करेंगे। इस मामले की अगली सुनवाई 20 जुलाई को निर्धारित की गई है। इस दौरान संबंधित विभागों को कचरा हटाने की ताजा प्रगति रिपोर्ट न्यायालय में पेश करनी होगी।
लोजपा(रा.) के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान गुरुवार को नालंदा पहुंचे। राजगीर में चोरी के शक में मॉब लिंचिंग के शिकार हुए पिंटू और श्रवण के परिजन से मुलाकात कर ढांढस बंधाया। उन्होंने परिवार को न्याय का भरोसा दिलाया है। चिराग पासवान ने कहा कि पासवान समुदाय के दो युवकों की जिस तरह से हत्या की गई है, उससे पूरे प्रदेश में आक्रोश का माहौल है। घटना के दिन से ही उनकी पार्टी के जिलाध्यक्ष सत्येंद्र भारती जिला प्रशासन के संपर्क में हैं, ताकि पीड़ित परिवार को हर संभव मदद और न्याय मिल सके। 'बच्चों की पढ़ाई का खर्च पार्टी उठाएगी' चिराग पासवान ने पीड़ित परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए बड़ी घोषणाएं की। उन्होंने कहा कि परिवार के आश्रितों को अपने स्तर से नौकरी दिलाने का कार्य करेंगे, साथ ही पीड़ित के बच्चों की शिक्षा का पूरा खर्च भी उनकी पार्टी उठाएगी। चेतावनी देते हुए कहा कि अपराधी चाहे जो भी हो और उनके मंसूबे कुछ भी हों, किसी को बख्शा नहीं जाएगा। भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए सभी दोषियों को सख्त से सख्त सजा सुनिश्चित कराई जाएगी। पीट-पीटकर हुई थी हत्या बता दें, 15 जून की रात चोरी के शक में पिंटू और श्रवण की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई के कारण अब तक इस मामले में कुल छह आरोपी या तो गिरफ्तार किए जा चुके हैं या कोर्ट में सरेंडर कर दिया है। प्रशासन का कहना है कि शेष बचे दोषियों की गिरफ्तारी के लिए भी प्रयास जारी है। सरकार पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार दो दिवसीय प्रवास पर 4 जुलाई को मध्यप्रदेश आएंगे। मुख्य चुनाव आयुक्त बनने के बाद उनका यह पहला मध्यप्रदेश दौरा होगा। दतिया विधानसभा उपचुनाव की घोषणा होने के बाद मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (सीईओ) कार्यालय भी अलर्ट मोड पर आ गया है। अपने दौरे के दौरान ज्ञानेश कुमार इंदौर और खंडवा क्षेत्र का भ्रमण करेंगे। 4 जुलाई को दोपहर बाद वे इंदौर पहुंचेंगे। शाम 4 बजे लता मंगेशकर सभागृह में इंदौर, उज्जैन, देवास, धार और खंडवा जिले के 1,500 से अधिक बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) से संवाद करेंगे। उल्लेखनीय है कि ज्ञानेश कुमार ऐसे पहले मुख्य चुनाव आयुक्त हैं, जिन्होंने इससे पहले भी दिल्ली में बीएलओ और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों के साथ सीधे संवाद की पहल की थी। बीएलओ से चर्चा के बाद वे इंदौर में रात्रि विश्राम करेंगे। 5 जुलाई को उनका ओंकारेश्वर और महेश्वर जाने का कार्यक्रम है, जहां वे भगवान शिव के दर्शन करने के साथ महेश्वर किले का भी भ्रमण करेंगे। मुख्य चुनाव आयुक्त के दौरे की सूचना मिलते ही मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के अधिकारी तैयारियों में जुट गए हैं। यह दौरा इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि गुरुवार को ही चुनाव आयोग ने देश की तीन विधानसभा सीटों पर उपचुनाव की घोषणा की है, जिनमें मध्यप्रदेश की दतिया विधानसभा सीट भी शामिल है। उपचुनाव की घोषणा के साथ ही दतिया में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। निर्वाचन आयोग ने जिला निर्वाचन अधिकारी और कलेक्टर को चुनाव प्रक्रिया के दौरान सभी व्यवस्थाओं पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में दतिया कलेक्टर ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर चुनाव कार्यक्रम और मतदाता सूची से संबंधित जानकारी साझा की है।
पन्ना में ऑटो चालक पर हमला:पानी पीने रुके युवक को बेल्टों से पीटा, वाहन में भी की तोड़फोड़
पन्ना जिले के दरेरा बैरियर के पास गुरुवार को एक ऑटो चालक के साथ मारपीट और उसके ऑटो में तोड़फोड़ का मामला सामने आया है। पानी पीने के लिए रुके चालक पर दो युवकों ने हमला किया। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मड़ैयन निवासी दिनेश सिंह राजगोंड (26 वर्ष, पिता कपूर सिंह) ने पुलिस को बताया कि वह ऑटो चालक है। गुरुवार, 2 जुलाई को वह पन्ना से अपने घर लौट रहा था। दरेरा बैरियर के पास वह पानी पीने के लिए रुका था। दिनेश के रुकते ही वहां मौजूद बंटी राजा और लवकुश नामक दो युवकों ने उस पर अचानक हमला कर दिया। आरोप है कि उन्होंने दिनेश पर बेल्ट से कई वार किए, जिससे उसके सीने और कमर में गंभीर चोटें आईं। इस दौरान उसके ऑटो में भी तोड़फोड़ की गई। जब दोनों युवक दिनेश को पीट रहे थे, तब उसके दोस्त कमलू और बैरियर के चौकीदार ने बीच-बचाव कर उसे बचाया। घटना के बाद पीड़ित ऑटो चालक ने कोतवाली पन्ना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले में आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
मासूम से दुष्कर्म के दोषी को 20 साल की सजा:महराजगंज कोर्ट ने 30 हजार रुपए का लगाया जुर्माना
महराजगंज की विशेष सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो) विनोद कुमार पंचम की कोर्ट ने मासूम से दुष्कर्म के एक मामले में दोषी को 20 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। यह फैसला गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर सुनाया गया। अदालत ने दोषी मोहित उर्फ धुआं को 20 साल के सश्रम कारावास के साथ 30 हजार रुपए के अर्थदंड से भी दंडित किया है। यदि दोषी अर्थदंड का भुगतान नहीं करता है, तो उसे तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अभियोजन पक्ष के विशेष लोक अभियोजक विनोद सिंह ने बताया कि यह घटना 19 सितंबर 2023 को फरेंदा थाना क्षेत्र के एक गांव में हुई थी। आरोपित मोहित ने पंचायत भवन के करीब पांच वर्षीय बालिका के साथ दुष्कर्म किया था। घटना के बाद पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना पूरी होने पर पुलिस ने न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया। विचारण के दौरान, अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत गवाहों के बयान और वैज्ञानिक व चिकित्सकीय साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने मोहित उर्फ धुआं को दोषी पाया और पॉक्सो एक्ट की धाराओं के तहत यह कठोर सजा सुनाई।
पंजाब के खन्ना जिले में फर्जी एनओसी (NOC) के सहारे अवैध कॉलोनियों और जमीनों की रजिस्ट्रियां कराने के एक बहुत बड़े घोटाले का पर्दाफाश हुआ है। इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए खन्ना की एसडीएम (SDM) स्वाति टिवाणा की शिकायत पर थाना सिटी-2 खन्ना में विभिन्न आपराधिक धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। इस कार्रवाई के बाद से तहसील परिसर और प्रॉपर्टी डीलरों के बीच हड़कंप मच गया है। वसीका नवीस, प्रॉपर्टी डीलर और पूर्व सरपंच समेत चार नामजद पुलिस ने एसडीएम के आधिकारिक पत्र के आधार पर खन्ना के वसीका नवीस (विलेख लेखक) रविंदर सिंह, प्रॉपर्टी डीलर विकास उर्फ विक्की, गुरदीप सिंह और एक पूर्व सरपंच परमजीत सिंह को नामजद किया है। जांच एजेंसियों को संदेह है कि इस संगठित रैकेट के पीछे कई सरकारी अधिकारियों, कर्मचारियों और रसूखदार निजी व्यक्तियों की बड़ी मिलीभगत हो सकती है, जो जांच के दौरान बेनकाब होंगे। 80 से अधिक संदिग्ध रजिस्ट्रियों की शिकायत, पहले चरण में ही खुली पोल यह पूरा घोटाला तब उजागर हुआ जब कुछ दिन पहले स्थानीय जागरूक नागरिकों ने एसडीएम स्वाति टिवाणा से मुलाकात कर फर्जी एनओसी के जरिए धड़ल्ले से हो रही रजिस्ट्रियों की लिखित शिकायत सौंपी थी। इस शिकायत में 80 से अधिक संदिग्ध रजिस्ट्रियों का ब्योरा दिया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए जब एसडीएम ने प्राथमिक जांच शुरू करवाई, तो पहले चरण में ही 35 रजिस्ट्रियों की एनओसी पूरी तरह से फर्जी और जाली पाई गईं। सरकार को करोड़ों के राजस्व का चूना, जमीनों की खरीद-बिक्री पर लगी रोक प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि इस कथित रैकेट के माध्यम से जाली एनओसी तैयार कर पंजाब सरकार के खजाने को करोड़ों रुपये के राजस्व (वित्तीय नुकसान) की चपत लगाई गई है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसडीएम स्वाति टिवाणा ने जांच के दायरे में आई उन सभी संपत्तियों और जमीनों की आगे की बिक्री, ट्रांसफर या किसी भी प्रकार के नए लेन-देन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। डीएसपी को पत्र के बाद बीती रात दर्ज हुई FIR 35 रजिस्ट्रियों के फर्जी साबित होते ही एसडीएम ने तुरंत डीएसपी खन्ना को कानूनी कार्रवाई की सिफारिश करते हुए एक आधिकारिक पत्र भेजा। इसी पत्र पर संज्ञान लेते हुए बीती रात थाना सिटी-2 पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। पुलिस का कहना है कि जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, इसमें शामिल अन्य लोगों की गिरफ्तारियां और कई और बड़े खुलासे होने की पूरी संभावना है।
दतिया में शुक्रवार सुबह बिजली बंद:मेंटेनेंस के कारण कई इलाकों में आपूर्ति रहेगी प्रभावित
दतिया शहर और आसपास के कई इलाकों में शुक्रवार सुबह बिजली आपूर्ति प्रभावित रहेगी। 33/11 केवी सबस्टेशन और 33 केवी लाइन पर मेंटेनेंस तथा एमडीपी प्रोजेक्ट के तहत किए जा रहे कार्यों के कारण यह स्थिति बनेगी। अलग-अलग फीडरों से जुड़े क्षेत्रों में 4 से 5 घंटे तक बिजली बंद रहेगी। इससे हजारों उपभोक्ताओं को सुबह के समय असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। सुबह 6 बजे से 10 बजे तक 11 केवी सिटी-2, रामसागर, हॉस्पिटल और गौतम विहार फीडर से जुड़े क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। इसी प्रकार, सुबह 6 बजे से 11 बजे तक कोर्ट, बीकर आबादी-2, गधारी आबादी, उनाव आबादी, पिपरआ कला आबादी, केशर परासुरा आबादी, ठाकुरपुरा आबादी, नयाखेड़ा आबादी और बगेरदी आबादी फीडर से जुड़े क्षेत्रों में बिजली नहीं रहेगी। बिजली कंपनी ने सूचित किया है कि मेंटेनेंस कार्य पूरा होने के बाद आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। हालांकि, कार्य की प्रगति के अनुसार बिजली बंद रहने की अवधि में बदलाव संभव है। उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे अपने आवश्यक कार्य पहले से निपटा लें।
पीलीभीत में 6 साल की बच्ची से छेड़छाड़:घर के पास खेल रही मासूम, आरोपी गिरफ्तार
पीलीभीत के जहानाबाद थाना क्षेत्र में एक छह वर्षीय बच्ची से छेड़छाड़ का प्रयास किया गया। बच्ची के पिता की सजगता के कारण आरोपी को मौके पर ही पकड़ लिया गया और पुलिस को सौंप दिया गया। घटना गुरुवार दोपहर करीब 2:30 बजे की है। छह वर्षीय बच्ची अपने घर से कुछ दूरी पर खेल रही थी। इसी दौरान गांव का निवासी नरेश वहां पहुंचा। उसने बच्ची को अकेला पाकर जबरन उठा लिया और गांव के एक मंदिर में ले गया, जहां उसने बच्ची के साथ गलत हरकतें करना शुरू कर दिया। बच्ची के शोर मचाने पर उसके पिता मौके पर पहुंचे। उन्होंने आरोपी नरेश को रंगे हाथों पकड़ लिया और तत्काल डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस की पीआरवी वैन मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में ले लिया। पीड़िता के पिता की लिखित तहरीर के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। सीओ सदर नताशा गोयल ने बताया कि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गुरुवार को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। विधिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे जेल भेज दिया गया है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।
फरीदाबाद के पल्ला थाना क्षेत्र की पंचशील कॉलोनी में छह माह की गर्भवती पत्नी की हत्या कर फरार हुए आरोपी पति को पुलिस ने सात दिन बाद वृंदावन से गिरफ्तार कर लिया है। अपराध शाखा डीएलएफ की टीम ने आरोपी अमित को पकड़कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। अब पुलिस उससे पूछताछ कर रही है और वारदात से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। बता दें कि, 25 जून 2026 को पंचशील कॉलोनी में रहने वाली 25 वर्षीय नेहा की मौत हो गई थी। नेहा अपने पति अमित के साथ करीब दो महीने पहले ही नए घर में रहने आई थी। परिजनों के अनुसार, घटना वाले दिन नेहा अपने पति अमित से काम पर जाने के लिए कह रही थी, क्योंकि वह पिछले पांच दिनों से छुट्टी लेकर घर पर ही बैठा हुआ था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हुई और विवाद बढ़ गया। पानी से भरी बाल्टी में सिर डुबोया, दम घुटने से हुई मौत : परिजन परिजनों का आरोप है कि गुस्से में अमित ने नेहा का सिर कई बार पानी से भरी बाल्टी में डुबो दिया, जिससे दम घुटने से उसकी मौत हो गई। उस समय नेहा छह माह की गर्भवती थी। घटना के बाद अमित मौके से फरार हो गया। बताया जाता है कि उसने अपने चाचा को फोन कर कहा कि झगड़े के दौरान नेहा की मौत हो गई है और अब आगे जो करना है, वह देख लें। इसके बाद उसने अपना मोबाइल बंद कर लिया। जब मृतका के जीजा दिलीप मौके पर पहुंचे तो उन्होंने नेहा को बाथरूम में मृत अवस्था में देखा और पुलिस को सूचना दी। पति-पत्नी में पहले से चल रहा था मनमुटाव : पुलिस वहीं, पुलिस जांच में एक अलग पहलू भी सामने आया है। पुलिस के अनुसार, अमित और नेहा के बीच पहले से मनमुटाव चल रहा था। नेहा अक्सर दिल्ली के अशोक विहार में रहने वाली अपनी बहन के घर मिलने जाती थी और कई-कई दिन वहीं रुक जाती थी। अमित को यह बात पसंद नहीं थी और वह उसे वहां जाने से मना करता था। पुलिस का कहना है कि 25 जून को भी इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ। पूछताछ में सामने आया कि गुस्से में अमित ने पहले नेहा का गला दबाकर उसकी हत्या कर दी और बाद में घटना को हादसा दिखाने के लिए उसका सिर बाथरूम में पानी से भरी बाल्टी में डाल दिया। पुलिस फिलहाल दोनों पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है। पुलिस ने एक दिन की रिमांड पर लिया घटना के बाद पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू कर दी थी। लगातार छापेमारी और गुप्त सूचना के आधार पर अपराध शाखा डीएलएफ की टीम ने 1 जुलाई को आरोपी अमित को वृंदावन से गिरफ्तार कर लिया। गुरुवार को उसे अदालत में पेश कर एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया, जहां उससे वारदात के संबंध में पूछताछ की जा रही है। पुलिस प्रवक्ता यशपाल सिंह ने बताया कि मृतका के पिता विजय प्रसाद, निवासी मुजफ्फरपुर (बिहार), की शिकायत पर 26 जून को थाना पल्ला में अमित के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया था। पुलिस का कहना है कि रिमांड के दौरान आरोपी से पूछताछ कर मामले के सभी तथ्यों की जांच की जाएगी और जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पीथमपुर विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड) के दूसरे चरण में 2246 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। इन निवेशों से लगभग 1900 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा, जबकि अगले पांच वर्षों में करीब 20 हजार करोड़ रुपए के निर्यात की संभावना है। यह जानकारी मध्यप्रदेश इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (एमपीआईडीसी) के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर हिमांशु प्रजापति ने दी। उन्होंने बताया कि डेवलपमेंट कमिश्नर, एसईजेड की अध्यक्षता में आयोजित स्वीकृति समिति की वित्तीय वर्ष की पहली बैठक में इन निवेश प्रस्तावों को अनुमोदन प्रदान किया गया। सभी निवेश पीथमपुर एसईजेड फेज-2 में किए जाएंगे, जिससे क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। फार्मा सेक्टर का रहेगा दबदबा स्वीकृत निवेश प्रस्तावों में फार्मास्युटिकल क्षेत्र की कंपनियों की प्रमुख भागीदारी है। इनमें अजंता फार्मा का विस्तार और नई यूनिट की स्थापना शामिल है। इसके अलावा फेलिक्स जेनेरिक्स और शंकर न्यूट्रिकॉन जैसी कंपनियां भी नए निवेश के साथ अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाएंगी। निर्यात और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा एमपीआईडीसी के अनुसार इन नई इकाइयों के शुरू होने से न केवल प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि पीथमपुर एसईजेड का निर्यात प्रदर्शन भी मजबूत होगा। अनुमान है कि आगामी पांच वर्षों में इन इकाइयों से लगभग 20 हजार करोड़ रुपए का निर्यात होगा। औद्योगिक निवेश का प्रमुख केंद्र बन रहा पीथमपुर प्रजापति ने कहा कि पीथमपुर एसईजेड निवेशकों के लिए लगातार आकर्षण का केंद्र बन रहा है। नई परियोजनाओं के आने से मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास को बल मिलेगा और प्रदेश फार्मा एवं विनिर्माण क्षेत्र में अपनी स्थिति और मजबूत करेगा।
श्रीगंगानगर जिले के श्रीकरणपुर में पुलिस हिरासत से चोरी के दो आरोपी फरार हो गए। जिलेभर में अलर्ट जारी कर नाकाबंदी कर दी गई है, लेकिन आरोपियों का अब तक कोई अता-पता नहीं लगा है। जानकारी अनुसार- श्रीकरणपुर शहर के वार्ड-18 स्थित एक दुकान में चोरी करने वाले दोनों आरोपियों को पुलिस ने बुधवार को गिरफ्तार किया था। शाम को पुलिस दोनों आरोपियों को श्रीकरणपुर कोर्ट में पेश करने ले जा रही थी। इसी दौरान दोनों आरोपी पुलिस को चकमा देकर भाग गए। फरारी की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। स्टेशन, बस स्टैंड और अन्य संभावित जगहों पर सिविल ड्रेस पुलिसकर्मी तैनात कर दिए गए। सर्कल सीओ पुष्पेंद्र सिंह और सीआई सीर कौर ने रेलवे स्टेशन पर सीसीटीवी फुटेज खंगाले, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। श्रीकरणपुर स्टेशन पर सघन तलाशी फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस ने श्रीकरणपुर रेलवे स्टेशन पर भी सघन तलाशी अभियान चलाया। करणपुर से श्रीगंगानगर जाने वाली ट्रेन को स्टेशन पर करीब 15 से 20 मिनट तक रोका गया। पुलिस टीम ने प्रत्येक डिब्बे की गहन जांच की और यात्रियों से पूछताछ की, लेकिन दोनों आरोपियों का कोई सुराग नहीं मिला। जांच पूरी होने के बाद ट्रेन को श्रीगंगानगर के लिए रवाना कर दिया गया। एसपी हरिशंकर ने बताया- फरार आरोपियों की तलाश में जिलेभर में पुलिस टीमें लगातार कार्रवाई कर रही हैं। नाकाबंदी की गई है और जल्द ही दोनों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
गोरखपुर में बरसात के दौरान जलभराव की समस्या से लोगों को तुरंत राहत दिलाने के लिए नगर निगम ने टेक्नोलॉजी आधारित नई व्यवस्था लागू की है। अब किसी भी इलाके में सड़क, गली या चौराहे पर पानी भरने की सूचना देने के लिए लोगों को दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने होंगे। वे सिर्फ जलभराव की फोटो और लाइव लोकेशन नगर निगम के व्हाट्सएप नंबर 8810709390 पर भेजेंगे और शिकायत मिलते ही संबंधित जोन की टीम मौके पर पहुंचकर जलनिकासी शुरू करेगी। ये फैसला नगर निगम ने गुरुवार शाम 4 बजे लिया। इस सुविधा की जानकारी हर नागरिक तक पहुंचाने के लिए नगर निगम शहर के प्रमुख चौराहों, बाजारों, सार्वजनिक स्थलों और प्रमुख मोहल्लों में बड़े सूचना बोर्ड लगाएगा। इन बोर्डों पर व्हाट्सएप हेल्पलाइन नंबर प्रमुखता से प्रदर्शित रहेगा, ताकि लोग किसी भी समय आसानी से जलभराव की शिकायत दर्ज करा सकें। हर शिकायत की होगी तुरंत मॉनिटरिंग नगर निगम ने सभी जोन के लिए अलग-अलग मॉनिटरिंग सिस्टम तैयार किया है। कंट्रोल रूम में शिकायत मिलते ही उसे संबंधित जोन की टीम को भेज दिया जाएगा। इसके बाद टीम बिना देरी किए मौके पर पहुंचेगी और जलनिकासी के लिए पंपिंग, नालों की सफाई या अन्य जरूरी कार्रवाई शुरू करेगी। अधिकारियों का दावा है कि शिकायतों का निस्तारण पहले से अधिक तेज और पारदर्शी तरीके से किया जाएगा। स्वास्थ्य और सफाई विभाग भी रहेंगे अलर्ट सिर्फ पानी निकालने तक ही व्यवस्था सीमित नहीं रहेगी। अगर किसी इलाके में जलभराव के कारण गंदगी, मच्छरों का खतरा या जनस्वास्थ्य से जुड़ी समस्या सामने आती है तो स्वास्थ्य विभाग और प्रवर्तन दल भी तत्काल मौके पर पहुंचेंगे। जरूरत के अनुसार फॉगिंग, सैनिटाइजेशन, सफाई और अन्य आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। अधिकारियों ने लोगों से किया सहयोग का आग्रह अपर नगर आयुक्त गौरव रंजन श्रीवास्तव ने बताया कि बारिश के दौरान लोगों को जल्द राहत देने और शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के लिए यह नई व्यवस्था लागू की गई है। उन्होंने अपील की कि शिकायत भेजते समय जलभराव की साफ फोटो और सटीक लोकेशन जरूर साझा करें। इससे नगर निगम की टीम बिना किसी देरी के सही स्थान पर पहुंचकर तत्काल कार्रवाई कर सकेगी। उन्होंने कहा कि नागरिकों के सहयोग से बरसात के मौसम में जलभराव की समस्या का तेजी से समाधान किया जा सकेगा।
गुरदासपुर के कलानौर थाना क्षेत्र के गांव लखन कलां में मोबाइल टावर से चोरी करने आए चोरों ने हवाई फायरिंग कर दी। चोर 2 दिन बाद दूसरी बार चोरी करने उसी टॉवर पर पहुंचे थे। लेकिन, लोगों ने उन्हें घेर लिया तो उन्होंने गोलियां चला दीं। स्थानीय लोगों के मुताबिक दो दिन पहले 24 बैटरियां चुराने वाले चोरों ने उसी टावर से चार और बैटरियां चोरी कर लीं। जानकारी के अनुसार, पहली चोरी की घटना रविवार-सोमवार की मध्यरात्रि करीब डेढ़ बजे हुई थी। कार सवार चोरों ने एयरटेल कंपनी के मोबाइल टावर का ताला तोड़कर 24 लिथियम बैटरियां चुराई थीं। यह पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी। दोबारा उसी टॉवर पर चोरी करने पहुंचे चोर स्थानीय लोगों ने बताया कि पहली घटना के ठीक दो दिन बाद, वही चोर दोबारा उसी टावर पर पहुंचे। उन्होंने चार और बैटरियां चोरी कीं और मौके से फरार हो गए। ग्रामीणों के मुताबिक, तड़के करीब साढ़े तीन बजे कुछ किसान खेतों की ओर जा रहे थे, जब उन्होंने संभवतः चोरों की गतिविधि देखी या उन पर टॉर्च की रोशनी डाली। इसके बाद आरोपी मौके से भागते समय तीन हवाई फायर करते हुए फरार हो गए। इस घटना से पूरे इलाके में दहशत फैल गई है। पुलिस से की थी रात्रि गश्त बढ़ाने की मांगगांव निवासी सतिंदर शील और डॉ. गुरजीत सिंह ने बताया कि पहली चोरी के बाद भी पुलिस से इलाके में रात्रि गश्त बढ़ाने की मांग की गई थी। इसके बावजूद चोर दोबारा वारदात को अंजाम देने में सफल रहे। ग्रामीणों ने अब पंचायत के साथ मिलकर रात में पहरा लगाने का निर्णय लिया है और पुलिस से गश्त बढ़ाने की अपील की है।ग्रामीणों का कहना है कि यदि आरोपी खुलेआम फायरिंग कर सकते हैं, तो भविष्य में किसी बड़ी घटना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
मनासा पुलिस ने चोरी हुआ 8.60 लाख का महिंद्रा ट्रैक्टर 30 घंटे में बरामद कर लिया। इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए राजस्थान के एक आरोपी को भी गिरफ्तार किया है। भाटखेड़ी बुजुर्ग से हुआ था चोरी जानकारी के अनुसार, फरियादी का लाल रंग का महिंद्रा कंपनी का 'युवो टेक प्लस 575' ट्रैक्टर बीती 28-29 जून की रात को भाटखेड़ी बुजुर्ग से अज्ञात बदमाशों द्वारा चुरा लिया गया था। श्फरियादी की रिपोर्ट पर मनासा थाना पुलिस ने 30 जून को अपराध क्रमांक 319/26, धारा 303 (2) बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। मुखबिर की सूचना पर धराया आरोपी घटना के बाद एसपी राजेश व्यास, एएसपी हेमलता अग्रवाल और एसडीओपी मनासा शाबेरा अंसारी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निलेश अवस्थी के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने मुख्य आरोपी राहुल पिता कमल सिंगार (20) को पकड़ा। राहुल मूल रूप से बांसवाड़ा (राजस्थान) के बईडा गांव का निवासी है और वर्तमान में भाटखेड़ी बुजुर्ग में ही रह रहा था। सीड्रील के साथ ट्रैक्टर बरामद पुलिस की पूछताछ में आरोपी राहुल ने ट्रैक्टर चोरी करने की बात कबूल कर ली। इसके बाद पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर चोरी किया गया लाल रंग का महिंद्रा युवो टेक प्लस 575 ट्रैक्टर मय सीड्रील के बरामद कर लिया। बरामद किए गए इस पूरे माल की कुल कीमत करीब 8 लाख 60 हजार रुपये आंकी गई है। पुलिस टीम को मिली सराहना इस कार्रवाई में मनासा थाना प्रभारी निलेश अवस्थी, उप निरीक्षक तेजसिंह सिसोदिया, सउनि दिलीप कुमार कलमोदिया, प्रधान आरक्षक नरेंद्र मालवीय, आरक्षक ईश्वर चौहान, पींकेश मोगिया और विनोद भाटी की मुख्य भूमिका रही।
सच्चेंडी में UPI से 98 हजार की साइबर ठगी:47 दिन बाद पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, जांच शुरू
कानपुर के सचेण्डी थाना क्षेत्र में यूपीआई के माध्यम से बैंक खाते से करीब 98 हजार रुपये की शातिरो ने साइबर ठगी की घटना को अंजाम दे डाला। साइबर अपराधियों ने एक व्यक्ति के खाते से चार अलग-अलग ट्रांजेक्शन कर कुल 98,000.04 रुपये निकाल लिए। पीड़ित की शिकायत और साइबर सेल की प्राथमिक जांच रिपोर्ट मिलने के बाद घटना के 47 दिन बाद गुरुवार दोपहर 2 बजे पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। थाने पर 47 दिन बाद पुलिस ने मुकदमा दर्जकर जांच शुरू सच्चेण्डी के चकरपुर निवासी सतीश सिंह भदौरिया का बैंक ऑफ इंडिया की चकरपुर मंडी शाखा में खाता है। पीड़ित के मुताबिक 13 मई को उनके खाते से यूपीआई के माध्यम से चार ट्रांजेक्शन किए गए। इनमें 1 रुपये, 49,999.03 रुपये, 25,000.02 रुपये और 22,999.99 रुपये की राशि निकाल ली गई। इस तरह कुल 98,000.04 रुपये साइबर ठगों ने खाते से उड़ा दिए।खाते से रकम निकलने की जानकारी मिलते ही सतीश सिंह ने तत्काल बैंक से संपर्क कर अपना खाता होल्ड कराया, ताकि आगे कोई और ट्रांजेक्शन न हो सके। साथ ही उन्होंने राष्ट्रीय साइबर अपराध शिकायत पोर्टल (MCRP) पर भी ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई। मामले की जांच साइबर सेल को सौंपी गई। प्राथमिक जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद सचेण्डी पुलिस ने अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अब ट्रांजेक्शन की तकनीकी जांच, संबंधित यूपीआई आईडी, बैंक खातों और मोबाइल नंबरों का विवरण खंगाल रही है। ताकि आरोपियों तक पहुंचा जा सके। सचेण्डी थाना प्रभारी दीना नाथ मिश्रा ने बताया कि साइबर सेल की रिपोर्ट के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की गहन जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध लिंक, कॉल या यूपीआई अनुरोध पर बिना पुष्टि के कार्रवाई न करें और साइबर ठगी होने पर तुरंत बैंक, साइबर हेल्पलाइन 1930 तथा साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।
सावन और त्योहारी सीजन में बढ़ती यात्री भीड़ को देखते हुए रेलवे ने बाड़मेर-हरिद्वार द्वि-साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन के संचालन की अवधि बढ़ा दी है। अब यह ट्रेन 12 अतिरिक्त फेरों के साथ 27 अगस्त तक चलेगी। इससे हरिद्वार जाने वाले श्रद्धालुओं एवं अन्य यात्रियों को राहत मिलेगी। उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि यात्री सुविधा को ध्यान में रखते हुए ट्रेन संख्या 04811/04812, बाड़मेर-हरिद्वार-बाड़मेर द्वि-साप्ताहिक स्पेशल के संचालन में 12-12 अतिरिक्त ट्रिप बढ़ाई गई हैं। उन्होंने बताया कि ट्रेन संख्या 04811,बाड़मेर-हरिद्वार स्पेशल प्रत्येक सोमवार और गुरुवार को संचालित होती है। पहले इसका संचालन 16 जुलाई तक निर्धारित था, जिसे बढ़ाकर अब 20 जुलाई से 27 अगस्त तक कर दिया गया है। इस अवधि में ट्रेन 12 अतिरिक्त फेरे लगाएगी। समय और ठहराव में नहीं किया गया बदलाव इसी प्रकार ट्रेन संख्या 04812 हरिद्वार-बाड़मेर स्पेशल प्रत्येक मंगलवार और शुक्रवार को चलेगी। पहले इसका संचालन 17 जुलाई तक निर्धारित था, जिसे बढ़ाकर अब 21 जुलाई से 28 अगस्त तक कर दिया गया है। इस अवधि में भी ट्रेन 12 अतिरिक्त फेरे संचालित किए जाएंगे। रेलवे के अनुसार, ट्रेन के समय,मार्ग,ठहराव और अन्य परिचालन व्यवस्थाओं में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इन स्टेशनों पर है ठहराव यह स्पेशल ट्रेन मार्ग में बायतू, बालोतरा, समदड़ी, दुंदाड़ा, लूणी, जोधपुर, गोटन, मेड़ता रोड, नागौर, नोखा, बीकानेर, लालगढ़, लूनकरनसर, अरजनसर, रजियासर, सूरतगढ़,पीलीबंगा, हनुमानगढ़, मंडी डबवाली, बठिंडा, धुरी, अंबाला कैंट और सहारनपुर स्टेशनों पर ठहरती है।
गोरखपुर में बारिश के मौसम में डेंगू, मलेरिया और अन्य संचारी रोगों के बढ़ते खतरे को देखते हुए नगर निगम ने विशेष अभियान शुरू करने की तैयारी कर ली है। नगर आयुक्त अजय जैन ने अधिकारियों के साथ गुरुवार की शाम 4 में समीक्षा बैठक कर साफ निर्देश दिए कि सफाई व्यवस्था से लेकर फॉगिंग और एंटी लारवा छिड़काव तक हर काम तय समय पर और पूरी गंभीरता से किया जाए। अभियान की नियमित मॉनिटरिंग भी होगी। नगर आयुक्त ने कहा कि वार्डों की छोटी नालियों की सफाई सुपरवाइजर की निगरानी में कराई जाए, जबकि बड़ी नालियों की सफाई छोटी पोकलेन मशीनों से कराई जाए। शहर के व्यस्त कमर्शियल इलाकों में दिन के बजाय रात में नालों की सफाई होगी, ताकि ट्रैफिक और कारोबार प्रभावित न हो। हर वार्ड में रोस्टर के अनुसार फॉगिंग और स्प्रे नगर आयुक्त ने सभी जोनल अधिकारियों और सफाई निरीक्षकों को निर्देश दिया कि रोस्टर के अनुसार हर वार्ड में एंटी लारवा छिड़काव, ब्लीचिंग, मेलाथियान स्प्रे और फॉगिंग नियमित रूप से कराई जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी वार्ड में अभियान बाधित नहीं होना चाहिए और इसकी नियमित निगरानी की जाए। नगर निगम की ओर से प्रतिदिन चार मलिन बस्तियों में विशेष सफाई अभियान चलाया जा रहा है। नगर आयुक्त ने निर्देश दिया कि माइक्रो प्लान तैयार कर अभियान को और प्रभावी बनाया जाए। साथ ही खाली पड़े प्लॉट, पार्क, जलभराव वाले स्थान और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में भी नियमित सफाई और एंटी लारवा छिड़काव सुनिश्चित किया जाए। टायर और कबाड़ की दुकानों पर चलेगा विशेष अभियान बैठक में पुराने टायरों की दुकानों और कबाड़ी की दुकानों को विशेष निगरानी में रखने के निर्देश दिए गए। इन स्थानों पर पानी जमा होने से मच्छरों के पनपने का खतरा अधिक रहता है। ऐसे सभी स्थानों पर समय-समय पर एंटी लारवा का छिड़काव कराया जाएगा, ताकि डेंगू और मलेरिया फैलाने वाले मच्छरों पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके। नगर आयुक्त ने जोनल सेनेटरी अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक वार्ड में दो-दो कर्मचारियों की टीम बनाकर एंटी लारवा छिड़काव और डस्टिंग का कार्य नियमित रूप से कराया जाए। साथ ही सभी अधिकारी और कर्मचारी संचारी रोग नियंत्रण अभियान को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए तय कार्ययोजना के अनुसार काम करें। सभी अधिकारियों को सौंपी गई जिम्मेदारीबैठक में अपर नगर आयुक्त, सभी जोनल अधिकारी, सफाई निरीक्षक और जोनल सेनेटरी अधिकारी मौजूद रहे। नगर आयुक्त ने सभी अधिकारियों को अभियान की नियमित समीक्षा करने और किसी भी स्तर पर लापरवाही न होने देने के निर्देश दिए, ताकि बारिश के मौसम में शहरवासियों को संचारी रोगों से सुरक्षित रखा जा सके।
लखनऊ के बीबीडी इलाके में गुरुवार सुबह 5 बजे तेज रफ्तार निजी बस ने बाइक सवार दंपती को पीछे से टक्कर मार दी। हादसे में बाइक से गिरी 26 साल की नवविवाहिता को बस चालक ने कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं पति गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद चालक बस लेकर फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। सैरपुर के छठा मील निवासी स्मृति पांडेय (26) अपने पति अतुल के साथ गुरुवार सुबह करीब पांच बजे बाइक से अयोध्या टीईटी परीक्षा देने जा रही थीं। बीबीडी क्षेत्र में रामस्वरूप इंजीनियरिंग कॉलेज के सामने मर्सिडीज शोरूम कट के पास पीछे से आ रही तेज रफ्तार निजी बस ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही बाइक अनियंत्रित हो गई। अतुल सड़क के एक ओर जा गिरे, जबकि पीछे बैठी स्मृति दूसरी ओर गिर पड़ीं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्मृति संभल पातीं, इससे पहले बस चालक ने भागने के लिए रफ्तार बढ़ा दी और उन्हें कुचलते हुए फरार हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायल अतुल को अस्पताल पहुंचाया। उनके मोबाइल से परिजनों को हादसे की सूचना दी गई। स्मृति के पिता देवेंद्र तिवारी, निवासी भदोसराय (बाराबंकी), ने बताया कि बेटी की शादी इसी वर्ष 26 फरवरी को अतुल से हुई थी। अतुल ट्यूशन पढ़ाते हैं और दोनों परीक्षा देने अयोध्या जा रहे थे। परिजनों ने पुलिस से आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालकर आरोपी बस चालक की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय (DDU) के ललित कला एवं संगीत विभाग में गुरुवार शाम 4 बजे को लीडरशिप चेंज देखने को मिला। प्रो. अनुभूति दुबे ने विभागाध्यक्ष का चार्ज संभाल लिया। वहीं, करीब 28 साल तक विभाग से जुड़ी रहीं और पिछले 10 साल से विभागाध्यक्ष की जिम्मेदारी निभा रहीं प्रो. उषा सिंह को स्टूडेंट्स और रिसर्च स्कॉलर्स ने संगीतमय कार्यक्रम के बीच भावुक विदाई दी। कार्यक्रम में फैकल्टी, स्टाफ और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। रिसर्च, स्किल और डिजिटल डेवलपमेंट पर रहेगा फोकस चार्ज लेने के बाद प्रो. अनुभूति दुबे ने कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता विभाग की एकेडमिक क्वालिटी और रिसर्च को मजबूत करना होगी। उन्होंने बताया कि स्टूडेंट्स के लिए नए स्किल-बेस्ड और जॉब ओरिएंटेड कोर्स शुरू किए जाएंगे। विभाग की लाइब्रेरी को अपग्रेड किया जाएगा, डिजिटल रिसोर्स बढ़ाए जाएंगे और राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ एकेडमिक कनेक्ट मजबूत किया जाएगा, ताकि विभाग की पहचान और बेहतर हो सके। कुलपति ने जताया भरोसा कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने प्रो. अनुभूति दुबे को नई जिम्मेदारी के लिए बधाई देते हुए कहा कि ललित कला एवं संगीत विभाग विश्वविद्यालय की सांस्कृतिक पहचान है। उन्होंने कहा कि नए लीडरशिप में विभाग शिक्षा, रिसर्च और इनोवेशन के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करेगा। साथ ही स्टूडेंट्स को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्लेटफॉर्म तक पहुंचाने के लिए भी नए प्रयास किए जाएंगे। शिक्षण और प्रशासन का लंबा अनुभव प्रो. अनुभूति दुबे वर्ष 1998 से विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग में पढ़ा रही हैं। वह फिलहाल डीन स्टूडेंट वेलफेयर और ‘तरंग’ की डायरेक्टर भी हैं। इससे पहले वह मनोविज्ञान विभागाध्यक्ष और एलुमनाई एसोसिएशन की अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी निभा चुकी हैं। उनके गाइडेंस में कई रिसर्च स्कॉलर्स पीएचडी पूरी कर चुके हैं। उनके कई रिसर्च पेपर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय जर्नल्स में प्रकाशित हो चुके हैं और उन्होंने कई किताबों का लेखन व संपादन भी किया है। संगीत के सुरों के बीच मिली भावुक विदाईसमारोह में प्रो. उषा सिंह के 28 साल के एकेडमिक करियर और विभाग के लिए उनके योगदान को याद किया गया। उन्होंने 10 साल तक विभागाध्यक्ष के रूप में विभाग का सफल नेतृत्व किया। एक प्रसिद्ध सितार वादक के रूप में भारतीय शास्त्रीय संगीत को आगे बढ़ाने में उनकी अहम भूमिका रही।स्टूडेंट्स और रिसर्च स्कॉलर्स ने संगीत प्रस्तुतियों के जरिए उन्हें विदाई दी, जिससे पूरा माहौल भावुक हो गया। अपने संबोधन में प्रो. उषा सिंह ने विभाग से जुड़ी यादें साझा कीं, सभी साथियों और विद्यार्थियों का धन्यवाद दिया और विभाग के उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।समारोह में विश्वविद्यालय के कई शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी, रिसर्च स्कॉलर्स और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। सभी ने प्रो. अनुभूति दुबे का नई जिम्मेदारी के लिए स्वागत किया और प्रो. उषा सिंह के योगदान की सराहना करते हुए उनके स्वस्थ और सक्रिय जीवन की कामना की।
विदिशा में शनिवार शाम को हुई तेज बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिली। करीब एक घंटे तक हुई इस झमाझम बारिश के बाद शहर के कई इलाकों में जलभराव हो गया, जिससे नगर पालिका की तैयारियों पर सवाल उठ गए। बारिश के कारण शहर की सड़कें दरिया बन गईं और नालियों का गंदा पानी कई घरों तक पहुंच गया। डंडापुरा स्थित एमएलएबी गर्ल्स स्कूल परिसर में पानी भर जाने से छात्राओं को घुटने तक पानी में से होकर गुजरना पड़ा। बारिश के बाद अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 25 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने पहले ही आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया था। नीमताल चौराहा, डंडापुरा, बांसकुली, पुरानी गल्लामंडी, काछी कुआं, लड्ड एजेंसी रोड और रामलीला रोड सहित कई क्षेत्रों में जलभराव देखा गया। जलभराव के कारण वाहन चालकों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर दोपहिया वाहन पानी में फंस गए, जिससे लोगों को पैदल चलने पर मजबूर होना पड़ा। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर बारिश में ऐसी ही स्थिति बनती है। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर पालिका न तो नालों की नियमित सफाई कराती है और न ही जलभराव के स्थायी समाधान के लिए कोई कदम उठाती है। नागरिकों ने बताया कि वे वर्षों से इस समस्या से जूझ रहे हैं और बारिश शुरू होते ही घरों में पानी घुसने की चिंता सताने लगती है। उन्होंने अतिक्रमण हटाने और नालों की उचित सफाई कराने की मांग की है, ताकि प्रभावशाली लोगों के अतिक्रमण के कारण आम जनता को हर बारिश में परेशानी न झेलनी पड़े।
पॉक्सो केस में लापरवाही:बैतूल बाजार टीआई और आरक्षक निलंबित, हाईकोर्ट ने की थी टिप्पणी
पॉक्सो एक्ट के एक मामले में समंस तामील में लापरवाही बरतना बैतूल बाजार थाना प्रभारी निरीक्षक अंजना धुर्वे और आरक्षक लीलाधर डोंगरे को भारी पड़ गया। जबलपुर हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी के बाद पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन ने गुरुवार को दोनों को निलंबित कर रक्षित केंद्र बैतूल अटैच कर दिया। यह कार्रवाई इसलिए की गई क्योंकि जुलाई 2025 में दर्ज पॉक्सो प्रकरण में एक साल बाद भी गवाहों से पूछताछ नहीं हो सकी थी। हाईकोर्ट ने जताई थी नाराजगीजबलपुर हाईकोर्ट ने 25 जून 2026 को सुनवाई के दौरान टिप्पणी की थी कि गंभीर महिला अपराध और पॉक्सो एक्ट से जुड़े मामले में एक वर्ष बीतने के बावजूद अभियोजन पक्ष के गवाहों से पूछताछ नहीं की गई। कोर्ट ने सभी गवाहों की उपस्थिति सुनिश्चित करने और पिछले एक साल की कार्रवाई का प्रतिवेदन पेश करने के निर्देश दिए थे। जांच में सामने आई लापरवाहीहाईकोर्ट के आदेश के बाद एसपी वीरेंद्र जैन ने एसडीओपी सुनील लाटा से मामले की जांच कराई। 1 जुलाई को सौंपी गई रिपोर्ट में सामने आया कि थाना प्रभारी अंजना धुर्वे ने कोर्ट से जारी समंस खुद प्राप्त किए थे, लेकिन उनकी तामील नहीं कराई। गवाहों को समंस नहीं दिए गए और न ही न्यायालय में इसकी रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। वहीं आरक्षक लीलाधर डोंगरे ने भी समंस तामील में गंभीर लापरवाही बरती। एसपी बोले- आदेश की अवहेलनाएसपी वीरेंद्र जैन ने अपने आदेश में कहा कि दोनों की लापरवाही न्यायालयीन आदेश की अवहेलना और कर्तव्य के प्रति घोर उदासीनता को दर्शाती है। इसी आधार पर दोनों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा और बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने की अनुमति नहीं होगी। अजाक थाने के कार्यवाहक निरीक्षक विजय सिंह ठाकुर को बैतूल बाजार थाने का प्रभार सौंपा गया है। उन्हें तत्काल कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। 23 साल की सेवा में पहली बड़ी कार्रवाई गौरतलब है कि वर्ष 2003 में पुलिस सेवा में भर्ती होने के बाद यह पहला मौका है, जब निरीक्षक अंजना धुर्वे के खिलाफ निलंबन और लाइन अटैच जैसी अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है।
सोनीपत जिले की अपराध शाखा ने जानलेवा हमले के एक मामले में 10 हजार रुपए के इनामी बदमाश सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान सोनीपत के अटेरना निवासी गौतम और भैरा बांकेपुर निवासी पवन के रूप में हुई है। आरोपी गौतम पर हरियाणा पुलिस महानिरीक्षक, स्टेट क्राइम द्वारा 12 जून 2026 को इनाम घोषित किया गया था। सोनीपत पुलिस प्रवक्ता एएसआई रविंद्र सिंह ने गुरुवार को बताया कि यह मामला राई थाने में दर्ज किया गया था। शिकायत के अनुसार, 3 जनवरी 2026 की रात को हिमांशु नामक युवक मूंगफली लेने घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। अगली सुबह वह चौक पर लहूलुहान और बेहोशी की हालत में मिला। उसके सिर और शरीर पर गंभीर चोटें थीं और कपड़े भी भीगे हुए थे। सीसीटीवी फुटेज से हुई थी पहचान हिमांशु की हालत नाजुक होने के कारण उसे दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पुलिस ने गली में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की, जिसमें एक संदिग्ध गाड़ी दिखाई दी। इसी गाड़ी से उतरकर आरोपियों ने हिमांशु को वहां फेंका था। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर एक आरोपी की पहचान सतीश उर्फ कलवा के रूप में हुई। होश में आने पर पीड़ित हिमांशु ने पुलिस को बताया कि कलवा और उसके दोस्त उसे बहला-फुसलाकर ले गए थे। उन्होंने डंडों से उसकी बेरहमी से पिटाई की और उसे नहर में डुबाकर मारने की कोशिश भी की थी। पूछताछ के लिए 3 दिन की रिमांड पर लिया इस संबंध में राई थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत जानलेवा हमले का मामला दर्ज किया गया था। क्राइम यूनिट की टीम ने कार्रवाई करते हुए गौतम और पवन को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया। कोर्ट के आदेश पर मुख्य आरोपी गौतम को वारदात में प्रयुक्त सामान की बरामदगी और गहन पूछताछ के लिए तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। उसके साथी पवन को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
नर्मदापुरम जिले के सेमरीहरचंद के अनाज व्यापारी हरीश माहेश्वरी से हुए 8.5 लाख रुपए के साइबर फ्रॉड मामले में पुलिस ने दूसरे आरोपी को गिरफ्तार किया। आरोपी कान्हा पिता श्रीकान्त नाग (26) निवासी उड़ीसा के राउरकेला का रहने वाला है, जो राउरकेला में कार शोरूम में जॉब करता है। नर्मदापुरम के सेमरी हरचंद चौकी प्रभारी विवेक यादव ने राउरकेला में दबिश देकर आरोपी को अरेस्ट किया और उसे नर्मदापुरम लेकर आएं। साइबर फ्रॉड का 9 महीने पुराना केस है। जिसमें पुलिस एक महिला आरोपी को यूपी के बाराबंकी से अरेस्ट कर चुकी है। दूसरा आरोपी फरार चल रहा था। शुक्रवार को आरोपी कान्हा नाग को कोर्ट पेश किया जाएगा। उपभोक्ता फोरम का गूगल से नंबर निकालने पर ठगी जानकारी के अनुसार फरियादी हरीश महेश्वरी (46) जिनकी लक्ष्मी एग्रो ट्रेड के नाम से फर्म है। हरीश माहेश्वरी ने अपनी धान की फसल में समस्या को लेकर उपभोक्ता फोरम में शिकायत दर्ज कराई थी। जिसकी स्थिति जानने के लिए उन्होंने गूगल पर उपभोक्ता फोरम का नंबर खोजा, जो दरअसल ठगों का नंबर निकला। 19 सितम्बर 2025 को ठग ने परिचय दिया था कि वो उपभोक्ता फोरम दिल्ली से बात कर रहा हूं। मोबाइल नंबर पर लिंक भेजकर दस्तावेज अपलोड करने को कहा। जब व्यापारी ने लिंक डाउनलोड किया, तब उनके बैंक खाते से दो बार 5 लाख और 3.5 लाख रुपए चोरी हो गए। घटना के बाद व्यापारी की सूचना पर सोहागपुर पुलिस और साइबर सेल तुरंत सक्रिय हो गए। 4 घंटे के अंदर ही ठग का पता लगाकर यूपी पुलिस के सहयोग से बाराबंकी से महिला आरोपी को पकड़ा था। बैंक और एटीएम से नगद निकाले रुपएथाना प्रभारी गिरीश त्रिपाठी ने बताया पुलिस ने तुरंत एक्शन लेकर 4.50लाख रुपए में फरियादी को वापस करवा दिए थे। बाकी राशि नेहा सिंह के बैंक खाते में ट्रांसफर हुए थे। महिला ने बैंक से कुछ राशि नगद निकाली थी। बाकी 3.50 लाख रुपए आरोपी कान्हा पिता श्रीकान्त नाग के बंधन बैंक शाखा राउरकेला के खाते में ट्रांसफर हुए। जिसे आरोपी ने एटीएम के माध्यम से निकाला था। आरोपी से ठगी की राशी 3 लाख 50 हजार रुपये, बैंक पास बुक, एटीएम बरामद किया मामले में पूछताछ जारी है। प्रकरण में एसआई विवेक यादव, शहादत अली, एएसआई गणेश राय, अभिलाष भिलाला समेत अन्य की सराहनीय भूमिका रही।
रीवा के दिव्यांग बालक उत्कर्ष मिश्रा का सपना आखिरकार सच हो गया। उत्कर्ष ने हाल ही में एक वीडियो जारी कर बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ के साथ वर्कआउट करने की इच्छा जताई थी। इसके लिए उन्होंने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक भावुक वीडियो पोस्ट किया था। वीडियो पोस्ट होते ही सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और बड़ी संख्या में लोगों ने इसे शेयर किया। वीडियो आखिरकार टाइगर श्रॉफ तक पहुंचा। उत्कर्ष की इच्छा और जज्बे को देखकर अभिनेता ने उन्हें मुंबई बुला लिया। गुरुवार को मुंबई में टाइगर श्रॉफ की टीम ने उत्कर्ष का जोरदार स्वागत किया। इसके बाद उत्कर्ष को अभिनेता के साथ जिम में वर्कआउट करने का मौका मिला। यह पल उत्कर्ष के लिए किसी सपने के सच होने जैसा था। इस दौरान टाइगर श्रॉफ ने उत्कर्ष के जज्बे और हौसले की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि उत्कर्ष से मिलकर वह बेहद मोटिवेट हुए हैं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि वह जल्द ही रीवा जरूर आएंगे। वर्कआउट के बाद उत्कर्ष ने एक और वीडियो साझा करते हुए अपनी खुशी जाहिर की। उन्होंने इसे अपने जीवन का अविस्मरणीय क्षण बताया और सभी लोगों का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने उनके सपने को साकार करने में योगदान दिया।
रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने 'ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते' के तहत मिर्जापुर रेलवे स्टेशन पर भटकी हुई एक 16 वर्षीय नाबालिग को सुरक्षित बचाया। बालिका को चाइल्ड हेल्प डेस्क को सौंपा गया है और उसे उसके परिजनों तक पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रयागराज मंडल में मंडल रेल प्रबंधक रजनीश अग्रवाल के मार्गदर्शन और वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त दीपक कुमार आजाद के नेतृत्व में आरपीएफ बच्चों की सुरक्षा और संरक्षण के लिए लगातार अभियान चला रही है। इस अभियान का उद्देश्य रेलवे परिसर में असुरक्षित पाए गए बच्चों को सहायता प्रदान करना है। इसी अभियान के तहत, 1 जुलाई को आरपीएफ के उपनिरीक्षक मनोज कुमार पाण्डेय और उनकी टीम मिर्जापुर रेलवे स्टेशन परिसर की जांच कर रही थी। इस दौरान, प्लेटफॉर्म संख्या-1 के मुख्य प्रवेश द्वार के पास एक 16 वर्षीय बालिका अकेली और डरी हुई अवस्था में मिली। पूछताछ करने पर किशोरी ने बताया कि वह स्कूल से घर लौटते समय गलती से गलत ट्रेन में सवार हो गई थी। इसके कारण वह मिर्जापुर रेलवे स्टेशन पहुंच गई और अपरिचित जगह होने के कारण उसे घर वापस जाने का रास्ता नहीं पता था। आरपीएफ टीम बालिका को अपने कार्यालय ले गई, जहां उसे भोजन और पेयजल उपलब्ध कराया गया। सहानुभूतिपूर्वक पूछताछ के बाद उसके परिजनों से संबंधित जानकारी जुटाई गई। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद, बालिका को उसकी सुरक्षा और देखरेख के लिए चाइल्ड हेल्प डेस्क को सौंप दिया गया। रेलवे सुरक्षा बल के अनुसार, 'ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते' के तहत प्रयागराज मंडल में जनवरी 2026 से 15 जून 2026 तक कुल 315 बच्चों को सुरक्षित बचाया गया है। इन बच्चों में वे शामिल थे जो अपने परिजनों से बिछड़ गए थे, घर से भटककर रेलवे परिसर पहुंच गए थे, या अन्य कारणों से असुरक्षित स्थिति में पाए गए थे। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों और आम जनता से अपील की है कि यदि उन्हें रेलवे स्टेशन या ट्रेन में कोई बच्चा अकेला, परेशान या संदिग्ध परिस्थिति में दिखाई दे, तो इसकी सूचना तत्काल रेलवे हेल्पलाइन 139, रेलवे सुरक्षा बल, या निकटतम रेलवे कर्मचारी को दें। इससे समय रहते बच्चे की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी।
कुरुक्षेत्र में सन्निहित सरोवर के पास के पार्क में महिला का शव बरामद हुआ। पार्क के आसपास मौजूद लोगों ने महिला को देखकर तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही सुभाष मंडी चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। पुलिस के मुताबिक, मृतक महिला की पहचान बीड़ मथाना गांव निवासी शीला देवी (60) के रूप में हुई है। महिला मानसिक रूप से परेशान रहती थी और अपने बेटे के साथ रहती थी। उसके पति की कुछ साल पहले मौत हो चुकी है। महिला घर से दवा लेने के लिए निकली थी। अक्सर सरोवर आती थी महिला शीला देवी अक्सर सन्निहित सरोवर पर आती-जाती रहती थी। आज भी शीला देवी सन्निहित सरोवर पर आई थी। इस दौरान महिला बेसुध होकर गिर गई। सन्निहित सरोवर के पास रहने वाले किसी व्यक्ति ने उस महिला को पहचान लिया। वह पहले से उसके बेटे को जानता था। उसी ने तुरंत परिवार को सूचना दी। महिला के पास से मिली दवा सुभाष मंडी चौकी के इंचार्ज SI महेश कुमार ने बताया कि पुलिस को पार्क में महिला का शव मिलने की सूचना मिली थी। मौके पर जांच के दौरान महिला के पास दवाई भी मिली है। शरीर पर किसी तरह की चोट का कोई निशान नहीं मिला है। परिवार ने महिला के दिमागी रूप से बीमार होने बात कही। पोस्टमॉर्टम से सामने आएगी मौत की वजह फिलहाल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। कल शुक्रवार को पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा। मौत के सही कारण का खुलासा पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
वेस्ट मैनेजमेंट में सहयोग की जताई रूचि:इंदौर स्वच्छता मॉडल से प्रभावित हुए नीदरलैंड के काउंसलर जनरल
नीदरलैंड के काउंसल जनरल नबील ताउआती दो दिवसीय दौरे पर इंदौर पहुंचे। उन्होंने महापौर पुष्यमित्र भार्गव के निज निवास पर महापौर से मुलाकात की। इसके बाद शहर के विश्वप्रसिद्ध स्वच्छता मॉडल, वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम तथा कचरा प्रसंस्करण (वेस्ट प्रोसेसिंग) की अत्याधुनिक व्यवस्थाओं को डिटेल में जाना। दौरे के दौरान काउंसल जनरल ने इंदौर में स्वच्छता और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए अपनाई जा रही आधुनिक तकनीकों एवं नवाचारों की सराहना करते हुए कहा कि इंदौर ने प्रभावी प्रबंधन और तकनीक के समन्वय से स्वच्छता के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने बताया कि वेस्ट मैनेजमेंट के क्षेत्र में नीदरलैंड के पास अत्याधुनिक तकनीक और विशेषज्ञता उपलब्ध है। डच कंपनियां विशेष रूप से मध्य प्रदेश में वेस्ट प्रोसेसिंग एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़े बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम करने की इच्छुक हैं, जिससे इस क्षेत्र में नई संभावनाएं विकसित हो सकें। इस अवसर पर काउंसल जनरल का स्वागत किया गया। उन्हें आश्वस्त किया गया कि मध्य प्रदेश सरकार के संबंधित विभागों एवं मंत्रालय से समन्वय स्थापित कर संभावित तकनीकी सहयोग और निवेश के अवसरों को आगे बढ़ाया जाएगा। दोनों पक्षों ने स्वच्छता, वेस्ट प्रोसेसिंग और आधुनिक तकनीकों के आदान-प्रदान के माध्यम से दीर्घकालिक सहयोग की दिशा में सकारात्मक पहल पर सहमति जताई।
IIRF-2026 में MMMUT ने रचा इतिहास:BBA देश के टॉप-10 में पहुंचा, UP में लगातार दूसरे साल नंबर-1
गोरखपुर के मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (MMMUT) ने एक बार फिर अपनी एकेडमिक एक्सीलेंस का दम दिखाया है। इंटरनेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (IIRF)-2026 में विश्वविद्यालय के BBA प्रोग्राम ने शानदार परफॉर्मेंस करते हुए देशभर के टॉप-10 इंस्टीट्यूट्स में जगह बना ली है। पिछले साल यह प्रोग्राम 19वीं रैंक पर था, लेकिन इस बार 10वीं रैंक हासिल कर विश्वविद्यालय ने राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी छलांग लगाई है। इसके साथ ही MMMUT लगातार दूसरे साल उत्तर प्रदेश का नंबर-1 BBA इंस्टीट्यूट बनने का गौरव भी बरकरार रखने में सफल रहा है। गुरुवार दोपहर करीब 3 बजे रैंक जारी हुई। MBA और इंजीनियरिंग कैटेगरी में भी मजबूत प्रदर्शन BBA के अलावा विश्वविद्यालय के MBA प्रोग्राम ने भी बेहतर प्रदर्शन किया है। IIRF-2026 में MBA को नेशनल लेवल पर 66वीं और उत्तर प्रदेश में 10वीं रैंक मिली है। वहीं इंजीनियरिंग कैटेगरी में विश्वविद्यालय ने देशभर में 51वीं रैंक हासिल की है। लगातार अलग-अलग नेशनल और इंटरनेशनल रैंकिंग में बेहतर प्रदर्शन से MMMUT की पहचान देश के तेजी से आगे बढ़ते टेक्निकल विश्वविद्यालयों में मजबूत हुई है। क्वालिटी एजुकेशन और रिसर्च पर फोकस का मिला रिजल्ट विश्वविद्यालय ने पिछले कुछ वर्षों में क्वालिटी एजुकेशन, रिसर्च, इनोवेशन, स्किल डेवलपमेंट और इंडस्ट्री-ओरिएंटेड लर्निंग पर लगातार फोकस किया है। इसका असर अब राष्ट्रीय रैंकिंग में भी साफ दिखाई दे रहा है। आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर, अनुभवी फैकल्टी, बेहतर रिसर्च कल्चर और विद्यार्थियों के शानदार परफॉर्मेंस ने MMMUT को देश के प्रमुख टेक्निकल इंस्टीट्यूट्स की कतार में ला खड़ा किया है। कुलपति प्रो. अनुपमा कौशिक शर्मा ने कहा कि देश के टॉप-10 BBA इंस्टीट्यूट्स में जगह बनाना पूरे विश्वविद्यालय परिवार के लिए गर्व का पल है। उन्होंने कहा कि 19वीं से 10वीं रैंक तक का यह सफर स्टूडेंट्स, फैकल्टी, ऑफिसर्स, स्टाफ और एलुमनाई की मेहनत और टीमवर्क का नतीजा है। विश्वविद्यालय आने वाले समय में भी क्वालिटी एजुकेशन, रिसर्च और इनोवेशन के क्षेत्र में नए बेंचमार्क स्थापित करने के लिए लगातार काम करता रहेगा।
राजस्थान समान नागरिक संहिता-2026 (यूसीसी) की प्रारूप समिति की सदस्य डॉ. शुचि चौहान 6 और 7 जुलाई को जोधपुर संभाग मुख्यालय के दौरे पर रहेंगी। इस दौरान वे संभाग स्तरीय जनसुनवाई करेंगी और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वीसी) के माध्यम से जिलावार सुनवाई भी करेंगी। तैयारियों को लेकर दिए निर्देशफलोदी कलेक्टर अंकित कुमार सिंह ने इस कार्यक्रम की तैयारियों के संबंध में अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि फलोदी जिला कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में 6 जुलाई को वीसी के माध्यम से जनसुनवाई कार्यक्रम से जुड़ा जाएगा। सुबह 10 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक संभाग स्तर की जनसुनवाई आयोजित होगी। इसमें जनप्रतिनिधि, समस्त धर्मों के प्रतिनिधि, सामाजिक विज्ञान और विधि पृष्ठभूमि वाले शिक्षाविद्, विधिवेत्ता, गैर सरकारी संगठनों के प्रतिनिधि तथा विभिन्न राजनैतिक दलों के प्रतिनिधि वीसी के माध्यम से उपस्थित रहेंगे। फलोदी जिले की सुनवाई के लिए दोपहर 3:30 बजे से पंजीकरण शुरू होगा। इसके बाद शाम 5 बजे से 6 बजे तक वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सुनवाई की जाएगी। इस जनसुनवाई के दौरान आमजन अपनी अभ्यर्थनाएं प्रस्तुत कर सकेंगे।
मुंबई के सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर फैजान अंसारी ने गुरुवार को ग्वालियर में पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि तान्या मित्तल उन पर अपनी पहले से दर्ज शिकायत वापस लेने का लगातार दबाव बना रही हैं। फैजान अंसारी ने एसपी कार्यालय में एक लिखित आवेदन सौंपा, जिसमें उन्होंने अपनी सुरक्षा की मांग की। उनका कहना है कि पिछले कुछ समय से उन्हें अलग-अलग नंबरों से लगातार धमकी भरे कॉल आ रहे हैं। इन कॉल में उनसे ग्वालियर में तान्या मित्तल के खिलाफ दर्ज शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा है। फैजान ने मीडिया को बताया कि इस विवाद की शुरुआत लगभग छह महीने पहले हुई थी। उनके अनुसार, उस समय तान्या मित्तल ने मुंबई एयरपोर्ट से बलराज साहनी नामक व्यक्ति को गिरफ्तार करवाया था। बलराज और फैजान की साझा परिचित सिम्मी राजपूत ने इस मामले में फैजान से मदद मांगी थी। इसके बाद फैजान ग्वालियर आए और पूरे मामले की जांच की मांग करते हुए तान्या मित्तल के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। फैजान ने यह भी बताया कि ग्वालियर पुलिस ने उन्हें पुराने मामले में बयान दर्ज कराने के लिए 2 जुलाई को बुलाया था। उन्होंने विश्वविद्यालय थाना में लगभग दो घंटे तक अपने बयान दर्ज कराए। इसके बाद वे सीधे एसपी कार्यालय पहुंचे और नई शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि पुरानी शिकायत दर्ज कराने के बाद से ही उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं। केस वापस लेने की दे रही धमकी फैजान के अनुसार, धमकी देने वाले खुद को अंडरवर्ल्ड और उत्तर प्रदेश के प्रभावशाली लोगों से जुड़ा बताते हैं। वे उन्हें एक घंटे के भीतर केस वापस लेने की धमकी दे रहे हैं। फैजान ने कहा कि इन धमकियों के कारण उन्हें अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है। उन्होंने पुलिस से तान्या मित्तल, उनके भाई और उनकी मां के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष जांच की मांग की है। फैज़ान ने यह भी कहा कि यदि उनके साथ कोई अप्रिय घटना होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी तान्या मित्तल और उनके परिवार की होगी। ये खबर भी पढ़ें… बिग बॉस फेम तान्या मित्तल के खिलाफ ग्वालियर में शिकायत ग्वालियर की रहने वाली बिग बॉस फेम तान्या मित्तल के खिलाफ एसएसपी कार्यालय में शिकायत की गई है। मुंबई के सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर फैजान अंसारी ने तान्या मित्तल पर लोगों को पैसों के लिए धोखा देने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि तान्या ने 'बिग बॉस' शो में अपने परिवार और व्यक्तिगत जिंदगी से जुड़े सैकड़ों झूठ बोले हैं।पूरी खबर पढ़ें
संभल प्रशासन ने 24 कोसीय परिक्रमा मार्ग के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। लोक निर्माण विभाग (PWD) ने गुरुवार को 5 व्यक्तियों से 1130 वर्गमीटर भूमि का बैनामा कराया। यह भूमि भगवान श्री कल्कि नगरी की 24 कोसीय परिक्रमा के चौड़ीकरण मार्ग के लिए खरीदी गई है। यह अधिग्रहण संभल तहसील के थाना हयातनगर क्षेत्र के गांव मुजाहिदपुर में हुआ। उपनिबंधक कार्यालय में गुरुवार शाम 7:40 बजे तक बैनामा प्रक्रिया पूरी की गई। जिन पांच व्यक्तियों से भूमि खरीदी गई है, उनमें सरायतरीन के मोहल्ला नवादा निवासी मोहम्मद मुशाहिद, मोहम्मद मुस्तफा, मोहम्मद जुल्फिकार, मोहम्मद सरफराज (पुत्र हाफिज रहीसुद्दीन) और मोहम्मद इश्तियाक (पुत्र रफीकुद्दीन) शामिल हैं। लेखपाल चंपक सिंह ने बताया कि 1130 वर्गमीटर भूमि के लिए कुल 63 लाख 28 हजार रुपये का भुगतान किया गया है। मोहम्मद इश्तियाक को उनकी 350 वर्गमीटर भूमि के लिए 21 लाख 84 हजार रुपये मिले, जबकि चार भाइयों को 41 लाख 44 हजार रुपये दिए गए। मोहम्मद मुशाहिद ने इस अधिग्रहण पर कहा कि उन्होंने जनहित और सरकार की सुविधा के लिए अपनी जमीन दी है। उन्होंने बताया कि सरकार उनके बारे में सोच रही है, इसलिए उन्होंने यह कदम उठाया। यह परियोजना कुल 36 गांवों को कवर करेगी, और यह तीसरा दिन था जब भूमि का बैनामा किया गया। पीडब्ल्यूडी विभाग की सहायक अभियंता (एई) दीक्षा सिंह ने जानकारी दी कि परिक्रमा मार्ग के लिए अगले एक महीने में सभी आवश्यक भूमियों का अधिग्रहण कर लिया जाएगा। इस कार्य को युद्धस्तर पर पूरा किया जा रहा है। कुल 52 किलोमीटर लंबे परिक्रमा मार्ग में 68 तीर्थ और 19 कूप शामिल हैं।
सरगुजा जिले के मैनपाट में प्रस्तावित सरभंजा बाक्साइट खदान के जनसुनवाई का लोगों ने जमकर विरोध किया और जनसुनवाई का बहिष्कार कर दिया। ग्रामीण बरसते पानी में पंडाल के बाहर नारेबाजी करते रहे। पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने विधायक रामकुमार टोप्पो को चुनौती देते हुए कहा कि वे मैनपाट के हितैषी हैं तो खदान कर स्वीकृति रोंके। हमारी सरकार आएगी तो हम खदानें बंद कराएंगे। सरगुजा के मैनपाट में स्वीकृत चार नए खदानों में सरभंजा खदान के लिए गुरुवार को पर्यावरणीय जनसुनवाई का आयोजन किया गया था। जनसुनवाई में अपर कलेक्टर सुनील नायक की मौजूदगी में अधिकारी पंडाल में पहुंचे। पूर्व मंत्री अमरजीत भगत के नेतृृत्व में ग्रामीणों ने जनसुनवाई का विरोध करते हुए बहिष्कार कर दिया और पंडाल के बाहर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने सीएमडीसी पर मास्टर प्लान में गलत जानकारी देने का आरोप लगाया है। खदान के क्षेत्र में मैनपाट का तिब्बती कैंप नंबर 5, 6 भी आ रहा है। तिब्बतियों को केंद्र सरकार ने पुनर्वास नीति के तहत बसाया है। प्रदर्शन के दौरान पंचायत की सरपंच मिलसो तिर्की ने आरोप लगाया कि उन्होंने ग्राम सभा के प्रस्ताव पर कोई हस्ताक्षर नहीं किया। उनके हस्ताक्षर फर्जी हैं और इसकी जांच कराई जानी चाहिए। पूर्व मंत्री बोले-हमारी सरकार आई तो रूकवाएंगे खदान पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने कहा कि भाजपा दोहरी नीति अपना रही है। हमारी कांग्रेस की सरकार में हमने इन खदानों की जनसुनवाई रूकवा दी थी। बाक्साइट की खदानों से अब तक मैनपाट का सिर्फ विनाश हुआ है। भाजपा सरकार बनने के बाद लगभग 498 एकड़ का पट्टा कैंसिल कर जमीन कंपनी को खदान के लिए दे दी गई। अमरजीत भगत ने विधायक रामकुमार टोप्पो पर तंज कसते हुए कहा कि वे रोपाखार व कमलेश्वपुर की जनसुनवाई में विरोध करने इसलिए आए थे, ताकि वे शहीदों में अपनी गिनती करा सकें। वे मैनपाट के शुभचिंतक हैं तो खदान रूकवा दें। विधायक रामकुमार टोप्पो ने बुधवार को आयोजित जनसुनवाई में आरोप लगाया था कि पूर्ववर्ती भूपेश सरकार के कार्यकाल में इन खदानों को स्वीकृति दी गई है। उस समय अमरजीत भगत मंत्री थे। सीएमडीसी ने छिपाई जानकारियां सीएमडीसी ने खदानों की स्वीकृृति के लिए मंदिर, रिहायशी इलाकों, तिब्बती कैंप, पर्यटन स्थलों, मंदिरों की जानकारी या तो छिपाई या गलत दी गई है। सर्वे रिपोर्ट में इन स्थलों को 10 से 15 किलोमीटर बताया गया है। रिजर्व फॉरेस्ट कवादरहा की दूरी खदान से 300 मीटर है, जबकि सीएमडीसी के अधिकारियों द्वारा सर्वे में प्रस्तावित खदान की दूरी को वास्तविक से काफी दूर बताया गया है। इसे लेकर लोगों में नाराजगी है। सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो ने कहा है कि खदानों की स्वीकृति के लिए जानकारियां छिपाई गई हैं। वे इस मामले का विधानसभा में उठाएंगे।
गड्ढे की सफाई करते महिला को सांप ने काटा:जिला अस्पताल में मौत, दो बच्चे के सिर से उठा मां का साया
सीतापुर के रामकोट थाना क्षेत्र के कटिया गांव में गुरुवार शाम करीब 5 बजे सांप के काटने से एक महिला की मौत हो गई। बरसात के कारण घर के बाहर भरे पानी की निकासी के लिए गड्ढे की सफाई करते समय महिला को सांप ने डस लिया। परिजन उसे तत्काल उपचार के लिए अस्पताल ले गए, जहां से जिला अस्पताल रेफर किया गया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। कटिया गांव निवासी 40 वर्षीय जगदंबा, पत्नी विमलेश कुमार घर के बाहर बरसात का पानी भर जाने के कारण उसकी निकासी के लिए गड्ढे की सफाई कर रही थीं। इसी दौरान गड्ढे में छिपे सांप ने उन्हें काट लिया। पहले तो परिजनों को इसकी जानकारी नहीं हो सकी, लेकिन कुछ ही देर बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। इसके बाद परिवार के लोग उन्हें तत्काल उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल लेकर पहुंचे। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उनकी गंभीर हालत को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल में इलाज के दौरान महिला ने दम तोड़ दिया। मौत की खबर मिलते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई और गांव में शोक की लहर दौड़ गई। मृतका अपने पीछे छह माह की एक मासूम बच्ची और एक बेटे को छोड़ गई हैं। मां की असमय मौत से दोनों बच्चों के सिर से ममता का साया उठ गया, जिससे परिवार गहरे सदमे में है। ग्रामीणों ने बताया कि बरसात के मौसम में गांव में अक्सर सांप निकल आते हैं, जिससे लोगों में भय का माहौल बना रहता है। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी। परिजनों की मौजूदगी में शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
रामपुर में खरीफ फसलों की बुवाई से पहले कृषि विभाग ने उर्वरक प्रतिष्ठानों पर सख्ती शुरू कर दी है। गुरुवार शाम जिला कृषि अधिकारी कुलदीप सिंह राणा के नेतृत्व में जनपद के विभिन्न उर्वरक प्रतिष्ठानों पर औचक निरीक्षण और छापेमारी की गई। इस दौरान तीन उर्वरकों के नमूने गुणवत्ता परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजे गए। निरीक्षण के दौरान मैसर्स रजा एग्री जंक्शन, चमरौआ; मैसर्स ज्योतिपथ, गंगापुर कदीम; और मैसर्स किसान सेवा केंद्र, गंगापुर कदीम से उर्वरकों के एक-एक नमूने लिए गए। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि इन नमूनों की प्रयोगशाला में जांच की जाएगी। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद यदि गुणवत्ता में कमी या कोई अन्य अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ उर्वरक नियंत्रण आदेश और प्रचलित नियमों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अभियान के तहत मैसर्स बिलाल एग्रो एजेंसी, नवीन मंडी; मैसर्स एस. खान फर्टिलाइजर्स; और मैसर्स रामपुर ट्रेडर्स, नवीन मंडी का भी निरीक्षण किया गया। इन प्रतिष्ठानों पर अभिलेखों, स्टॉक और बिक्री व्यवस्था की जांच की गई, जिसमें कोई अनियमितता नहीं पाई गई। जिला कृषि अधिकारी कुलदीप सिंह राणा ने बताया कि किसानों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जनपद में उर्वरकों के भंडारण, बिक्री और वितरण पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई विक्रेता निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत वसूलता है, टैगिंग करता है, कालाबाजारी करता है या कोई अन्य अनियमितता करता पाया गया, तो उसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे केवल अधिकृत विक्रेताओं से ही उर्वरक खरीदें और खरीद की रसीद अवश्य लें। किसी भी प्रकार की शिकायत या अनियमितता मिलने पर तत्काल कृषि विभाग को सूचित करें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। कुलदीप सिंह राणा ने यह भी बताया कि प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट आते ही संबंधित मामलों में बड़े स्तर पर कार्रवाई की जाएगी।
पूर्णिया जिले के मीरगंज थाना क्षेत्र में मोहर्रम के दौरान भीड़भाड़ वाली जगह पर कट्टा लहराने और फायरिंग करने का एक वीडियो सामने आया था। अब इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी के पिता को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। लेकिन मुख्य आरोपी अभी फरार है और उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। व्हाट्सएप पर मिला था वीडियो मीरगंज थानाध्यक्ष रौशन सिंह को व्हाट्सएप पर फायरिंग का वायरल वीडियो प्राप्त हुआ था। वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर वीडियो का सत्यापन कराया गया, जिसमें फायरिंग करने वाले की पहचान मीरगंज थाना क्षेत्र निवासी मोहम्मद आशिक, पिता मोहम्मद जुद्दीन साह के रूप में हुई। आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज हुआ मामला वीडियो के आधार पर मीरगंज थाना में कांड संख्या 80/26 दर्ज कर आर्म्स एक्ट की धारा 25(1-बी), 26 और 35 के तहत मामला दर्ज किया गया। इसके बाद पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए गुरुवार को उसके घर पर छापेमारी की। घर से बरामद हुआ देसी कट्टा छापेमारी के दौरान मोहम्मद आशिक घर पर नहीं मिला और फरार पाया गया। हालांकि, पुलिस ने उसके घर से एक देसी कट्टा और जिंदा कारतूस बरामद किया। हथियार छिपाकर रखने के आरोप में उसके पिता मोहम्मद जुद्दीन साह को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। मुख्य आरोपी की तलाश जारी मीरगंज थाना प्रभारी रौशन सिंह ने बताया कि कट्टा लहराकर फायरिंग करने वाले मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस जल्द ही उसे गिरफ्तार करने का दावा कर रही है।
स्कूल शिक्षा विभाग ने राज्य के सभी सरकारी स्कूलों और शिक्षा विभाग के कार्यालयों में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए नया आदेश जारी किया है। अब हर कार्मिक को शाला दर्पण पोर्टल पर दर्ज अपनी पूरी जानकारी खुद जांचनी होगी और उसे प्रपत्र-10 में लॉक करना होगा। इसके बाद विभाग उस जानकारी का सरकारी रिकॉर्ड से मिलान करेगा। टोंक समेत पूरे प्रदेश के करीब साढ़े तीन लाख कार्मिक इस प्रक्रिया के दायरे में आएंगे। माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट ने इसके आदेश जारी किए हैं। अगर कोई कार्मिक तय प्रक्रिया पूरी नहीं करता या गलत जानकारी देता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। 10 जुलाई तक अपनी पूरी जानकारी जांचकर करनी होगी लॉक शिक्षा विभाग के निर्देशों के अनुसार सभी राजकीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों के साथ ही शिक्षा विभाग के कार्यालयों में कार्यरत अधिकारी और कर्मचारी शाला दर्पण पोर्टल पर अपने स्टाफ लॉगिन में जाकर स्टाफ प्रोफाइल के तहत उपलब्ध प्रपत्र-10 की सभी जानकारियां अपनी सेवा पुस्तिका और व्यक्तिगत रिकॉर्ड के अनुसार जांचेंगे। इसके बाद व्यक्तिगत, शैक्षणिक, सेवा, पदोन्नति, पारिवारिक, बैंक, प्रशिक्षण समेत 15 अलग-अलग फॉर्मेट को 10 जुलाई तक लॉक करना होगा। 15 जुलाई तक अधिकारी करेंगे रिकॉर्ड से मिलान कार्मिक द्वारा जानकारी लॉक करने के बाद उसकी जांच होगी। प्रारंभिक शिक्षा के स्कूलों में पीईईओ और यूसीईईओ, जबकि माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में संस्था प्रधान प्रपत्र-10 में दर्ज जानकारी का सेवा रिकॉर्ड से मिलान करेंगे। शिक्षा विभाग के कार्यालयों में संबंधित कार्यालयाध्यक्ष यह सत्यापन करेंगे। यह पूरी प्रक्रिया 15 जुलाई तक पूरी करनी होगी। सत्यापन के बाद रिकॉर्ड में हमेशा के लिए रखा जाएगा प्रपत्र सत्यापन पूरा होने के बाद प्रपत्र-10 की प्रिंट कॉपी निकाली जाएगी। इस पर कार्मिक और संस्था प्रधान के हस्ताक्षर होंगे और इसे मूल व्यक्तिगत पत्रावली में रखा जाएगा। इसमें सत्यापन करने वाले अधिकारी का नाम और तारीख भी दर्ज होगी। यह दस्तावेज रिकॉर्ड का स्थायी हिस्सा रहेगा। बाद में यदि किसी जानकारी में बदलाव होता है तो उसकी संशोधित प्रति भी रिकॉर्ड में जोड़नी होगी। रिकॉर्ड और पोर्टल की जानकारी एक जैसी करना है उद्देश्य शिक्षक संघ रेसटा के प्रदेशाध्यक्ष मोहर सिंह सलावद ने बताया - विभाग चाहता है कि शाला दर्पण पोर्टल पर दर्ज सभी जानकारियां सेवा पुस्तिका और व्यक्तिगत रिकॉर्ड से पूरी तरह मेल खाएं। इसी उद्देश्य से सभी कार्मिकों को पहले अपनी जानकारी जांचकर लॉक करने और फिर विभागीय स्तर पर उसका सत्यापन कराने के निर्देश दिए गए हैं। लॉक होने के बाद सीधे नहीं बदल सकेंगे रिकॉर्ड एक बार प्रपत्र-10 लॉक और सत्यापित होने के बाद उसमें सीधे कोई बदलाव नहीं किया जा सकेगा। यदि भविष्य में किसी जानकारी में बदलाव की जरूरत पड़ती है तो संस्था प्रधान या कार्यालयाध्यक्ष को संबंधित ब्लॉक कार्यालय में दस्तावेजों के साथ आवेदन देकर पहले प्रपत्र-10 अनलॉक कराना होगा। इसके बाद ही नई जानकारी दर्ज कर दोबारा लॉक और सत्यापन किया जाएगा। इसलिए विभाग ने सभी कार्मिकों को जानकारी सावधानी से भरने और जांचने के निर्देश दिए हैं। प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत कर्मचारियों पर भी लागू होंगे नियम जो कर्मचारी नियम-144 (क) के तहत दूसरे विभागों में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत हैं, उन्हें भी शाला दर्पण के स्टाफ लॉगिन से अपनी जानकारी भरनी होगी। उनके प्रपत्र-10 का सत्यापन उनके अंतिम विद्यालय या कार्यालय के संस्था प्रधान, कार्यालयाध्यक्ष या पीईईओ द्वारा किया जाएगा।
श्रावण मास और कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न कराने के लिए बरेली जोन पुलिस ने तैयारियां तेज कर दी हैं। अपर पुलिस महानिदेशक (ADG) बरेली जोन रमित शर्मा ने गुरुवार शाम पांच बजे ऑनलाइन बैठक कर बरेली और मुरादाबाद परिक्षेत्र के DIG और जोन के सभी जिलों के पुलिस प्रभारियों के साथ तैयारियों की समीक्षा की। इस दौरान कानून-व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था और विभिन्न विभागों के साथ समन्वय को लेकर कई अहम निर्देश दिए। ADG ने कहा- सभी थाना प्रभारी अपने-अपने क्षेत्रों में त्योहार रजिस्टर का अवलोकन करें और शांति समिति, धर्मगुरुओं और स्थानीय लोगों के साथ बैठकें कर लें। किसी भी विवाद की आशंका को पहले ही खत्म करने के लिए संवाद बढ़ाया जाए और संवेदनशील स्थानों की पहचान कर विशेष निगरानी रखी जाए। कांवड़ मार्गों पर CCTV और कंट्रोल रूम से होगी निगरानी बैठक में निर्देश दिए गए कि कांवड़ मार्गों पर पर्याप्त संख्या में CCTV कैमरे लगाए जाएं। जो कैमरे खराब हैं, उन्हें तत्काल ठीक कराया जाए और सभी कैमरों को कंट्रोल रूम से जोड़ा जाए, ताकि पूरे रूट की लाइव मॉनिटरिंग हो सके। ADG ने कहा- कांवड़ मार्ग पर लगने वाले शिविरों के स्थान पहले से चिन्हित किए जाएं। वहां पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, शौचालय और विश्राम स्थल जैसी सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। सभी शिविर कांवड़ मार्ग के बाईं ओर ही स्थापित किए जाएं। महिला कांवड़ियों की सुरक्षा पर विशेष फोकसमहिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए निर्देश दिए गए कि शिविरों में पर्याप्त रोशनी और अलग टॉयलेट की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही महिला पुलिसकर्मियों की ड्यूटी भी लगाई जाए, ताकि किसी प्रकार की असुविधा न हो। बैठक में कहा गया कि प्रत्येक कांवड़ शिविर पर CCTV कैमरे लगाए जाएं और पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की जाए। इससे सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रहेगी और किसी भी घटना पर तुरंत कार्रवाई की जा सकेगी। सभी विभागों के साथ समन्वय कर समय पर पूरी हों तैयारियांADG ने जिलों के पुलिस प्रभारियों को निर्देश दिए कि लोक निर्माण विभाग, विद्युत विभाग, नगर निकाय, जिला पंचायत, वन विभाग, चिकित्सा विभाग, जलकल, रेलवे, परिवहन और सूचना विभाग समेत सभी संबंधित विभागों के साथ बैठक कर आवश्यक व्यवस्थाएं समय रहते पूरी करा ली जाएं। जहां सड़कें क्षतिग्रस्त हैं, उनकी मरम्मत भी जल्द कराई जाए और अधूरे निर्माण कार्य समय से पूरे हों। अग्निशमन विभाग रहेगा पूरी तरह सक्रियकांवड़ यात्रा के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अग्निशमन विभाग को अभी से पूरी तरह सक्रिय करने के निर्देश दिए गए हैं। जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत और बचाव कार्य सुनिश्चित किया जाएगा। सड़क हादसे रोकने के लिए रूट पर विशेष व्यवस्थाकांवड़ियों की सुरक्षित आवाजाही के लिए निर्देश दिए गए कि रूट के एक तरफ का मार्ग सुरक्षित रखा जाए। पूरे मार्ग पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाए ताकि सड़क दुर्घटनाओं और यातायात अव्यवस्था को रोका जा सके। ड्रोन से होगी निगरानी, अफसर खुद करेंगे निरीक्षणADG रमित शर्मा ने कहा कि सभी वरिष्ठ अधिकारी स्वयं मौके पर पहुंचकर कांवड़ मार्गों का निरीक्षण करें। भौतिक निरीक्षण के साथ-साथ ड्रोन कैमरों के माध्यम से भी पूरे रूट की निगरानी की जाए, ताकि किसी भी कमी को समय रहते दूर किया जा सके। सोशल मीडिया पर रहेगी पैनी नजरबैठक में सोशल मीडिया मॉनिटरिंग पर भी विशेष जोर दिया गया। निर्देश दिए गए कि अफवाह फैलाने वाले या माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वाले तत्वों पर लगातार नजर रखी जाए और जरूरत पड़ने पर तत्काल कार्रवाई की जाए। बिजली के पोल और ट्रांसफार्मरों की होगी बैरिकेडिंगविधुत विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर कांवड़ मार्ग पर आने वाले बिजली के पोल और ट्रांसफार्मरों की बैरिकेडिंग कराने के निर्देश दिए गए, ताकि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। कांवड़ समितियों को किया जाएगा ब्रीफबैठक में कहा गया कि सभी जिलों में कांवड़ समितियों के साथ गोष्ठियां आयोजित कर उन्हें प्रशासन की तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था से अवगत कराया जाए। यात्रा के दौरान नियमों का पालन कराने में समितियों का सहयोग लिया जाएगा। पुलिस कप्तान खुद करेंगे तैयारियों की समीक्षाADG ने सभी जिलों के पुलिस प्रभारियों को निर्देश दिए कि वे अपने अधीनस्थ अधिकारियों के साथ नियमित बैठक कर कांवड़ यात्रा की तैयारियों की स्वयं समीक्षा करें और हर व्यवस्था समय पर पूरी कराएं, ताकि श्रावण मास और कांवड़ यात्रा शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सके।
लखनऊ हाईकोर्ट ने अलीगंज अग्निकांड पर मांगा जवाब:सरकार, एलडीए व बिजली विभाग को SOP पेश करने का आदेश
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने अलीगंज अग्निकांड प्रकरण में राज्य सरकार, लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) और बिजली विभाग से जवाब तलब किया है। न्यायालय ने भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) प्रस्तुत करने का भी निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 4 अगस्त को निर्धारित की गई है। यह आदेश न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की खंडपीठ ने स्थानीय अधिवक्ता शिवेंदु पांडेय द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए पारित किया। याचिका में अग्निकांड की स्वतंत्र और समयबद्ध जांच कराने के साथ ही, जांच प्रक्रिया की निगरानी न्यायालय द्वारा गठित समिति से कराए जाने की मांग की गई है। याचिकाकर्ता ने निष्पक्ष जांच और भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया है। इस मामले में केंद्र और राज्य सरकार, मुख्य अग्निशमन अधिकारी, नगर निगम, एलडीए सहित अन्य संबंधित विभागों को प्रतिवादी बनाया गया है। बता दें कि अलीगंज में आग लगने से 15 लोगों की जान गई थी।
सोनीपत जिले के गोहाना शहर थाना पुलिस ने एक महिला की हत्या के मामले में कार्रवाई करते हुए एक अपचारी बालक को संरक्षण में लिया है। पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उसे बाल न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे अंबाला स्थित बाल सुधार गृह भेज दिया गया। यह कार्रवाई उसके परिजनों की मौजूदगी में की गई। यह मामला तब सामने आया जब 25 मई 2026 को निजामुद्दीन नामक व्यक्ति ने पुलिस को शिकायत दी। उसने बताया कि 24 मई की रात को संदीप नामक व्यक्ति ने उसे अपने घर बुलाया था। संदीप ने लोहे के कबाड़ से भरा एक कट्टा उठवाने का बहाना बनाया था। उस समय संदीप का भतीजा (जो अब अपचारी बालक है) और उत्तर प्रदेश निवासी उसका दोस्त गुलजार भी वहां मौजूद थे। निजामुद्दीन को कट्टे का वजन और उसकी बनावट देखकर संदेह हुआ। पूछने पर आरोपियों ने स्वीकार किया कि कट्टे में लोहा नहीं, बल्कि संदीप की पत्नी का शव है, जिसकी उन्होंने हत्या कर दी थी। खाली प्लॉट की नींव में फेंका था शव डरकर निजामुद्दीन ने कट्टे को पास के एक खाली प्लॉट की नींव में रखवा दिया। इसके बाद उसने अपने परिजनों को घटना की जानकारी दी और फिर पुलिस को सूचित किया गया। इस संबंध में गोहाना शहर थाना में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था। गोहाना शहर थाना के सहायक उप निरीक्षक दिनेश की टीम ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी पति संदीप निवासी घडवाल, गोहाना और उसके साथी गुलजार निवासी मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। मामले की गहन जांच और अन्य आरोपियों की तलाश के दौरान इस अपचारी बालक की संलिप्तता सामने आई, जिसके बाद उसे हिरासत में लिया गया।
भारतीय शिक्षा दिवस पर राष्ट्रीय विमर्श:पंचकोष आधारित चरित्र निर्माण पर हुई चर्चा
लखनऊ के गोमतीनगर स्थित राकेश कुमार मित्तल सभागार, स्मृति भवन में गुरुवार को भारतीय शिक्षा दिवस के अवसर पर एक राष्ट्रीय विमर्श का आयोजन किया गया। इस विमर्श का मुख्य विषय 'पंचकोष आधारित चरित्र निर्माण एवं व्यक्तित्व का समग्र विकास: भारतीय ज्ञान परंपरा के आलोक में' था। इसका आयोजन शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास, अवध प्रांत, एकम नॉलेज फाउंडेशन, अयोध्या और कबीर शांति मिशन के सहयोग में किया गया। इस कार्यक्रम में शिक्षाविदों,विश्वविद्यालय के प्राध्यापकों, शोधार्थियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, लोक सेवकों और बड़ी संख्या में प्रबुद्ध नागरिकों ने भाग लिया। विमर्श का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और मां सरस्वती वंदना के साथ किया गया। पंचकोष आधारित ध्यान और नाम-संकीर्तन किया त्रिवेणी कला संगम, अवध की नितिका शर्मा और उनकी टीम ने सांस्कृतिक प्रस्तुति दी।इसके बाद, भाग्य मंदिर की साधिका रजनी शुक्ला और उनकी टीम ने पंचकोष आधारित ध्यान और नाम-संकीर्तन का आयोजन किया, जिससे सभागार में आध्यात्मिक वातावरण निर्मित हुआ। मुख्य अतिथि पूर्व प्रमुख सचिव (राज्यपाल) जी.बी पटनायक ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार प्रदान करना नहीं, बल्कि संस्कारित,चरित्रवान और राष्ट्रनिष्ठ नागरिक तैयार करना है। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में भारतीय जीवन मूल्यों को समाहित करने पर जोर दिया। भारतीय ज्ञान परंपरा शिक्षा की आधारशिला मुख्य वक्ता और सीबीएसई के पूर्व अध्यक्ष अशोक गांगुली ने इस बात पर बल दिया कि भारतीय ज्ञान परंपरा पर आधारित शिक्षा ही विकसित भारत की मजबूत आधारशिला बन सकती है।उन्होंने पंचकोष आधारित शिक्षा प्रणाली को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का एक वैज्ञानिक और प्रभावी माध्यम बताया। शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के केंद्रीय अधिकारी नितिन कासलीवाल ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन और भारतीय शिक्षा दर्शन की भूमिका पर विस्तृत जानकारी दी। प्रांत संयोजक प्रमिल द्विवेदी ने कहा कि भारतीय शिक्षा दिवस केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय शिक्षा दर्शन को जन-जन तक पहुंचाने का एक राष्ट्रीय अभियान है। चरित्र निर्माण को भारतीय चिंतन की अमूल्य धरोहर प्रख्यात पत्रकार और साहित्यकार डॉ. मत्स्येंद्र प्रभाकर ने पंचकोष आधारित चरित्र निर्माण को भारतीय चिंतन की अमूल्य धरोहर बताया। चिंतामणि कौशिक ने व्यक्तित्व विकास की व्यावहारिक कार्ययोजना प्रस्तुत की। कनाडा से अंतरराष्ट्रीय मनोवैज्ञानिक डॉ. अमरेश श्रीवास्तव का एक विशेष ऑडियो संदेश भी प्रसारित किया गया।
लखनऊ के बख्शी का तालाब क्षेत्र के ग्राम डिगोई में ग्रामीणों के लिए एक नि:शुल्क न्यूरोथेरेपी चिकित्सा शिविर का शुभारंभ किया गया है। श्रीराम आयुष केंद्र द्वारा आयोजित इस शिविर का उद्घाटन ग्राम पंचायत भवन में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुआ। शिविर का उद्घाटन ग्राम प्रधान लवकुश ने देव शक्तियों को पुष्प अर्पित कर किया। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को गांव तक पहुंचाने की इस पहल की सराहना की। आयोजन स्थल पर बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं और पुरुष मौजूद रहे। विशेषज्ञ थेरापिस्टों ने मरीजों का परीक्षण किया चिकित्सा शिविर में डॉ. अजय कुमार और डॉ. राहुल सहित कई विशेषज्ञ थेरापिस्टों ने मरीजों का परीक्षण किया। उनके साथ सुंदर पाल सिंह सपत्नी, पवन मिश्र, सर्वज्ञ वर्मा, पयश्विनी पिल्लै, भानु सिंह और योगेश अवस्थी जैसे सहयोगी भी उपस्थित थे। शिविर में आए दर्जनों ग्रामीणों का न्यूरोथेरेपी पद्धति से बिना किसी दवा के उपचार किया गया। उपचार के बाद लाभान्वित ग्रामीणों ने संतोष व्यक्त करते हुए इस पहल को गांवों के लिए अत्यंत उपयोगी बताया। कई लोगों ने अपनी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं में राहत मिलने का अनुभव भी साझा किया। 15 जुलाई 2026 तक संचालित किया जाएगा आयोजकों ने जानकारी दी कि यह नि:शुल्क चिकित्सा शिविर आगामी 15 जुलाई 2026 तक प्रतिदिन संचालित किया जाएगा। इसका उद्देश्य आसपास के गांवों के अधिक से अधिक लोगों को लाभ पहुंचाना है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरूकता और वैकल्पिक चिकित्सा सेवाओं को बढ़ावा देने की दिशा में इस पहल को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
भाजपा के नवनियुक्त प्रदेश उपाध्यक्ष दुर्विजय सिंह शाक्य गुरुवार शाम 5 बजे पहली बार बदायूं पहुंचे। जिले में उनके स्वागत के लिए जगह-जगह कार्यक्रम आयोजित किए गए। हालांकि, इस दौरान उनके काफिले के कारण लगे जाम से शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) के कुछ अभ्यर्थी समय पर परीक्षा केंद्र नहीं पहुंच सके और परीक्षा छूट गई। जिले की सीमा पर स्थित पुठी गांव एकर पर दोपहर डेढ़ बजे भाजपा कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और समर्थकों ने फूल-मालाओं, पगड़ी और पुष्पवर्षा से उनका अभिनंदन किया। सैकड़ों बाइक, कार, जीप और अन्य वाहनों का लंबा काफिला उनके साथ चलता रहा, जिसके कारण कई स्थानों पर यातायात बाधित हुआ। उनकी स्वागत यात्रा लाल फाटक बरेली से शुरू हुई और चाढ़पुर, देवचरा, भमोरा, पुठी सराय (बरेली-बदायूं बॉर्डर), रसूलपुर पुठी, विजयनगला, बरखेड़ा, बिनावर, मलगांव, जय किसान पेट्रोल पंप घटपुरी, पंचम मोटर्स तथा खेड़ा नवादा स्थित मैक्स केयर हॉस्पिटल सहित कई स्थानों से गुजरी। इन सभी जगहों पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। स्वागत यात्रा के कारण लगे जाम का असर उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) के कुछ अभ्यर्थियों पर पड़ा। बरेली से बदायूं परीक्षा देने आ रही शिल्पी कुमारी ने बताया कि उनकी दूसरी पाली की परीक्षा थी, लेकिन जाम में फंसने के कारण वह समय पर केंद्र नहीं पहुंच सकीं और उनकी परीक्षा छूट गई। कुछ अन्य अभ्यर्थियों के भी ऐसे ही वीडियो सामने आए हैं, जिनमें वे परीक्षा छूटने की बात कह रहे हैं। शाम 5:30 बजे आयोजित जनसभा में दुर्विजय सिंह शाक्य ने कहा कि यह सम्मान केवल उनका नहीं, बल्कि बदायूं के प्रत्येक भाजपा कार्यकर्ता के परिश्रम और समर्पण का सम्मान है। जिलाध्यक्ष राजीव गुप्ता ने इस अवसर को बदायूं भाजपा परिवार के लिए गौरव का क्षण बताया। सदर विधायक महेश चंद्र गुप्ता ने कहा कि भाजपा सरकार ने बिना किसी भेदभाव के विकास कार्यों को गति दी है। इस कार्यक्रम में बिल्सी विधायक हरीश शाक्य, पूर्व मंत्री विमल कृष्ण अग्रवाल, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम यादव, पूर्व चेयरमैन दीपमाला गोयल, डीसीबी चेयरमैन जेके सक्सेना, सुधीर श्रीवास्तव, हरिओम पाराशरी, राणा प्रताप सिंह, आशीष शाक्य और जिला मंत्री विश्वजीत गुप्ता सहित बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद थे।
राजस्थान के राज्यपाल और कुलाधिपति हरिभाऊ बागड़े द्वारा जारी बर्खास्तगी के आदेश पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। इससे राजस्थान यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती में धांधली के आरोप में हटाए गए कुलपति देव स्वरूप को बड़ी अंतरिम राहत मिली है। जस्टिस रेखा बोराणा की अदालत ने बाबा आमटे दिव्यांग विश्वविद्यालय के कुलपति पद से देव स्वरूप को हटाने के आदेश पर रोक लगाई है। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा- प्रथमदृष्ट्या बर्खास्तगी का यह आदेश पूरी तरह से दुर्भावनापूर्ण और मनमाना प्रतीत होता है। ऐसे में इस पर रोक लगाई जाती है। दरअसल, देव स्वरूप के राजस्थान यूनिवर्सिटी में कुलपति रहने के दौरान साल 2011-12 और 2013-14 में 294 असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों पर हुई भर्ती में धांधली की शिकायत मिली थी। जांच के बाद राज्यपाल और कुलाधिपति हरिभाऊ बागड़े ने बाबा आमटे दिव्यांग यूनिवर्सिटी के पहले कुलपति (VC) और विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय के कार्यवाहक कुलपति प्रो. देव स्वरूप को 27 मई 2026 को पद से हटा दिया था। जांच में भर्ती प्रक्रिया के दौरान इंटरव्यू में चहेते अभ्यर्थियों को ज्यादा नंबर देने की गंभीर अनियमितताएं सामने आई थीं। इसमें योग्य अभ्यर्थियों को 50 में से सिर्फ 10, जबकि चहेते अभ्यर्थियों को 49 नंबर दिए जाने का खुलासा हुआ था। राजस्थान यूनिवर्सिटी एक्ट के तहत कार्रवाई गलत याचिकाकर्ता के सीनियर एडवोकेट आर.एन. माथुर ने कोर्ट में बहस करते हुए कहा- याचिकाकर्ता के खिलाफ साल 2025 में जांच हुई, लेकिन उन्हें हटाने की कार्रवाई उनके कार्यकाल खत्म होने से महज एक महीने पहले की गई। उन्होंने दलील दी कि देव स्वरूप को हटाने की कार्रवाई राजस्थान यूनिवर्सिटी (RU) के एक्ट के तहत की गई है, जबकि वे बाबा आमटे दिव्यांग यूनिवर्सिटी के वीसी (कुलपति) थे। ऐसे में उन पर राजस्थान यूनिवर्सिटी के एक्ट के तहत कार्रवाई की ही नहीं जा सकती। टीचर का चयन अकेला कुलपति नहीं करता याचिका में यह भी कहा गया कि 13 साल पहले उनके कार्यकाल में हुई टीचर चयन प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी थी। शिक्षकों का चयन किसी एक व्यक्ति द्वारा नहीं किया जाता, बल्कि एक निर्धारित प्रक्रिया के तहत चयन समिति करती है। चयन समिति में केवल कुलपति ही नहीं होते, बल्कि विषय विशेषज्ञों के अलावा राज्यपाल के प्रतिनिधि भी शामिल होते हैं। इसमें प्रत्येक अभ्यर्थी की परफॉर्मेंस के आधार पर उसका मूल्यांकन कर सामूहिक रूप से निर्णय लिया जाता है। इसलिए, ऐसा कोई भी आरोप कि किसी अभ्यर्थी को अधिक या कम अंक दिए गए, पूरी तरह से बेबुनियाद है और उनकी छवि को खराब करने का प्रयास है। ---- मामले से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए.. राजस्थान यूनिवर्सिटी की असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती में धांधली:आरोपी VC को हटाया; चहेतों को ज्यादा नंबर दिए, सिलेक्शन प्रोसेस को प्रभावित किया राजस्थान यूनिवर्सिटी में साल 2011-12 और 2013-14 के दौरान 294 सहायक आचार्य (असिस्टेंट प्रोफेसर) के पदों पर हुई भर्ती विवाद में घिर गई है। भर्ती प्रक्रिया के दौरान इंटरव्यू में चहेते अभ्यर्थियों को ज्यादा नंबर देने की गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। योग्य अभ्यर्थियों को 50 में से सिर्फ 10, जबकि चहेते कैंडिडेट को 49 नंबर देना सामने आया है। पढ़ें पूरी खबर
कानपुर की गुजैनी पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठे हैं। आरोपी होने के शक में बिना जांच किसी को भी पकड़कर पीट देती है। हालांकि मामला उच्चाधिकारी तक पहुंचने और उनके फटकार लगाने पर आनन-फानन बेगुनाह को छोड़ दिया जाता है, लेकिन मुंह बंद रहने की हिदायत दी जाती है। ऐसा ही हुआ है देवर और उसके दोस्तों के हाथ पिटी पीड़िता के मामले में, जिसमें पुलिस ने आरोपी की कद काठी के दूसरे युवक को पीटा है। हालांकि पुलिस का दावा है कि पहले पीड़िता ने ही उसे ही आरोपी बताया था, बाद में दूसरे को कहने लगी। सोमवार दोपहर करीब 2 बजे पीड़िता को पीटा गया था। पुलिस द्वारा दूसरे आरोपी को पकड़ने का खुलासा गुरुवार शाम 6 बजे के करीब हुआ। ससुराल में रहने को लेकर हुई थी मारपीट गुजैनी निवासी महिला के अनुसार उसकी शादी 15 साल पहले थानाक्षेत्र में रहने फर्नीचर कारीगर से हुई थी। आरोप है कि इलाके में रहने वाला संदीप सचान उनपर गलत निगाह रखता हैं। विरोध पर झगड़ा होता था इसलिए वह ससुराल छोड़कर डेढ़ साल पहले किराये के मकान में रहने चली गई थीं। सोमवार दोपहर करीब 2 बजे पति व मासूम बेटी के साथ ससुराल में रहने गई थी। जिस पर देवर व उसके दोस्त हेमंत सचान ने महिला और उसके पति पर 20 सेकेंड में 10 चप्पल और 8 थप्पड़ जड़ दिए। पिटाई से महिला बेसुध होकर बीच सड़क पर गिर पड़ी। वीडियो वायरल होने के बाद महिला के देवर और हेमंत सचान व रिंकू सचान पर एफआईआर दर्ज की गई थी। पुलिस रिंकू की जगह अरुण नाम के युवक को थाने ले आई और जमकर पीटा। हालांकि वह खुद को बेकसूर बताता रहा। इस बीच आरोपी से पूछताछ करने डीसीपी साउथ गुजैनी थाने पहुंचे तो उसने खुद को बेकसूर बताकर मदद की गुहार लगाई । इस पर उन्होंने सही से पहचान करने को कहा तो पुलिसकर्मियों ने उन्हें घटना का वीडियो दिखाया। इसमें आरोपी की कदकाठी तो अरुण से मिल रही थी, लेकिन हेयरस्टाइल में अंतर दिखा। इसके बाद डीसीपी साउथ ने उसे छोड़ने के निर्देश दिए और उसकी जगह असली आरोपी रिंकू सचान को पकड़ने का फरमान सुनाया। डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि महिला ने शुरू में अरुण के घटना में शामिल होने का शक जताया था। इस पर उसे पकड़कर थाने लाकर कड़ाई से पूछताछ की गई। हालांकि वीडियो से मिलान के बाद उसे छोड़ दिया गया। बाद में महिला ने भी उसकी जगह रिंकू सचान को आरोपी बताया है। उसकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। मामले में दो आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
झाबुआ जिले में गुरुवार शाम को मानसून की सक्रियता देखने को मिली। जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में मौसम के भिन्न रूप दर्ज किए गए, जहां कई ग्रामीण इलाकों में मूसलाधार बारिश हुई, वहीं कुछ स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी से ही संतोष करना पड़ा। इस बारिश से खरीफ की फसलों को जीवनदान मिला है, जिससे किसानों ने राहत की सांस ली है। रानापुर क्षेत्र में सबसे तेज बारिश, नदियां उफान पर जिले में सबसे अधिक वर्षा रानापुर के ग्रामीण क्षेत्रों में दर्ज की गई। यहां हुई भारी बारिश के कारण छगौला और कुंदनपुर की नदियां उफान पर आ गईं। नदी-नालों में पानी का स्तर तेजी से बढ़ने के बाद स्थानीय प्रशासन अलर्ट हो गया है और ग्रामीण इलाकों में लोगों को सतर्क रहने की हिदायत दी गई है। ग्रामीण अंचलों में बरसे बादल, शहर में केवल बौछारें गुरुवार दोपहर से ही जिले के ग्रामीण अंचलों में घने बादल छा गए थे। कालीदेवी के भूतेड़ी और आसपास के क्षेत्रों में अच्छी झमाझम बारिश दर्ज की गई, जो खेती-किसानी के लिए बेहद फायदेमंद मानी जा रही है। इसके विपरीत, झाबुआ जिला मुख्यालय और शहरी क्षेत्र में केवल हल्की बूंदाबांदी और बौछारें ही पड़ीं, जिससे उमस का माहौल बना रहा। अब तक 85.8 मिमी बारिश दर्ज भू-अभिलेख विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, जिले में 1 जून से 2 जुलाई की सुबह तक कुल 85.8 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आगामी दिनों में मानसून की सक्रियता और बढ़ेगी। आने वाले दिनों में होने वाली अच्छी बारिश खरीफ की फसलों की बोवनी और उनकी कल्लें फूटने के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होगी।
गोरखपुर के पिपरौली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों और परिजनों के बीच बवाल हो गया। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा। परिजनों का आरोप है कि सड़क हादसे में घायल मरीजों को समय पर इलाज नहीं किया गया। जिसकी वजह से परिजन डॉक्टरों और कर्मचारियों के खिलाफ आक्रोश व्यक्त करते नजर आ रहे हैं। वहीं दूसरी ओर अस्पताल प्रशासन ने परिजनों पर अभद्रता, गाली- गलौज और सरकारी कार्य में बाधा डालने का आरोप लगाते हुए गीडा थाने में तहरीर दी है। घटना गुरुवार सुबह करीब 8 बजे की बताई जा रही है। देखिए वायरल वीडियो की तस्वीरें… जानिए पूरा मामला... गुरुवार को सोशल मीडिया पर वीडियो तेजी से वायरल हुआ। जिसे गोरखपुर के पिपरौली ब्लॉक के CHC का बताया जा रहा है। वीडियो के अनुसार परिजनों का कहना है कि जब वे सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल अपने मरीजों को आपातकालीन स्थिति में पिपरौली सीएचसी लेकर पहुंचे। जहां मौजूद किसी भी डॉक्टर या स्वास्थ्य कर्मी ने मरीजों को छुआ तक नहीं। बिना इलाज रेफर करने का आरोपउनका आरोप है कि प्राथमिक उपचार देने के बजाय ड्यूटी पर तैनात स्टाफ ने मरीजों को सीधे दूसरे अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। अस्पताल स्टाफ की इस कथित संवेदनहीनता को देखकर परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने परिसर में ही हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों पर कार्य में बाधा डालने का लगाया आरोपदूसरी तरफ अस्पताल कर्मियों की ओर से गीडा थाना को दी गई तहरीर में कहानी कुछ अलग है। शिकायत के मुताबिक गुरुवार सुबह करीब 7:50 बजे जब स्टाफ आकस्मिक ड्यूटी पर था, तब 108 एम्बुलेंस से दो घायल मरीजों को वहां लाया गया था। प्राथमिक इलाज करने का दावाअस्पताल कर्मियों का दावा है कि उन्होंने तुरंत मरीजों का उचित प्राथमिक उपचार किया। चूंकि मरीजों की हालत काफी गंभीर थी इसलिए उन्हें बेहतर इलाज के लिए 108 एम्बुलेंस के माध्यम से ही जिला चिकित्सालय गोरखपुर के लिए रेफर कर दिया गया। अस्पताल प्रशासन का आरोप है कि रेफर किए जाने के बाद मरीजों के साथ आए 15 से 20 लोगों की भीड़ वहीं पर इलाज करने का दबाव बनाने लगी। इस दौरान भीड़ में शामिल कुछ अराजक और असामाजिक तत्वों ने ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ के साथ बेहद अभद्र व्यवहार किया। गाली-गलौज की जिससे अस्पताल में तनाव की स्थिति पैदा हो गई। वहीं सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद क्षेत्र में स्थानीय स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं और सवाल उठ रहे हैं। गीडा थाने में दी तहरीरइस संबंध में पिपरौली सीएचसी अधीक्षक डॉ. शिवानंद मिश्रा ने बताया कि परिजनों की ओर से अस्पताल परिसर में हंगामा और स्टाफ के साथ गाली-गलौज की गई है। इस संबंध में गीडा थाने में तहरीर दी गई है ताकि नियमानुसार कार्रवाई की जा सके।
फरीदाबाद के धौज गांव में कुछ दिनों पहले हुए विवाद के समझौते के बाद दोबारा मारपीट का मामला सामने आया है। इस हमले में महिला समेत तीन लोग घायल हो गए। पीड़ित परिवार का आरोप है कि महिलाओं के साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने को लेकर हुए झगड़े का थाने में समझौता हो गया था, लेकिन इसके बावजूद दूसरे पक्ष के लोगों ने रंजिश रखते हुए दोबारा हमला कर दिया। इस हमले में एक 20 वर्षीय युवक समेत दो लोग घायल हो गए। घायल युवक का बायां हाथ टूट गया है। पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, लेकिन अभी तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। धौज गांव निवासी विजय सैनी और उनकी पत्नी विमला ने बताया कि 27 जून की शाम वह उस स्थान पर जा रही थीं, जहां उनकी भैंसें बंधी हुई थीं। आरोप है कि वहां पहले से मौजूद कुछ युवकों ने उनके साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। जब उन्होंने इसका विरोध किया तो दोनों पक्षों के बीच कहासुनी और हाथापाई हो गई। मामला थाना धौज पहुंचा, जहां पुलिस की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया और सभी अपने-अपने घर लौट गए। पड़ोसी लाठी-डंडे लेकर पहुंचे, किया हमला पीड़ित परिवार के अनुसार, 30 जून को उनका बेटा नीरज भैंसों के पास खाट पर बैठा हुआ था। तभी पड़ोस में रहने वाले कुछ लोग लाठी-डंडे लेकर वहां पहुंचे और उसके साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी। नीरज की मां विमला जब उसे बचाने के लिए मौके पर पहुंचीं तो उनके साथ भी मारपीट की गई। विमला का आरोप है कि अफसर नाम का व्यक्ति उनके बेटे को डंडे से पीट रहा था। जब उन्होंने बीच-बचाव किया तो उन्हें भी नहीं छोड़ा गया। विमला ने घर जाकर पूरी घटना अपने पति विजय सैनी को बताई। हमले में टूटा युवक का हाथ इसके बाद विजय मौके पर पहुंचे तो आरोप है कि दूसरे पक्ष के लोगों ने उनके साथ भी लाठी-डंडों से हमला कर दिया। विजय ने बताया कि उन पर तार बंधे डंडे से हमला किया गया, जिससे उनकी पीठ पर गंभीर चोटें आई हैं। वहीं, नीरज का बायां हाथ टूट गया और उसके शरीर के अन्य हिस्सों में भी चोटें आई हैं। विमला भी इस हमले में घायल हुई हैं। विजय सैनी ने आरोप लगाया कि हमला करने वालों में अफसर, उसकी पत्नी मकसूदन और उनके साथ आए दो-तीन अन्य लोग शामिल थे। उनका कहना है कि मामूली विवाद की रंजिश में उनके परिवार पर दोबारा हमला किया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि घटना के बाद भी उन्हें जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। आरोपियों के खिलाफ होगी कार्रवाई : पुलिस प्रवक्ता पुलिस प्रवक्ता यशपाल सिंह ने बताया कि 30 जून को थाना धौज में पड़ोसियों के बीच मारपीट की शिकायत मिली थी। घटना में तीन लोग घायल हुए हैं, जिनका इलाज चल रहा है। शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और जांच के बाद आरोपियों को गिरफ्तार कर नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सतना जिले के बरौंधा थाना क्षेत्र के मंडुलिहाई गांव में गुरुवार दोपहर एक व्यक्ति ने अपनी सात माह की गर्भवती पत्नी पर चाकू से हमला कर दिया। आरोपी ने शराब के नशे में पत्नी की गर्दन, पीठ और पेट पर कई वार किए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। महिला को पहले मझगवां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। उसका इलाज जारी है। पुलिस के अनुसार, घायल महिला की पहचान फूला मवासी (23) के रूप में हुई है। उसकी ससुराल देवलहा गांव में है, लेकिन वह 24 जून से अपने मायके मंडुलिहाई में रह रही थी। दो दिन पहले उसका पति रामकिशोर मवासी भी मंडुलिहाई पहुंचा था। गुरुवार सुबह रामकिशोर ने अपनी पत्नी को 300 रुपए दिए थे। दोपहर में शराब पीकर लौटने के बाद उसने पैसे वापस मांगे। इसी बात को लेकर पति-पत्नी के बीच विवाद शुरू हो गया। गर्दन, पीठ और पेट पर वार किएविवाद बढ़ने पर रामकिशोर ने चाकू निकालकर फूला पर हमला कर दिया। उसने गर्भवती पत्नी की गर्दन, पीठ और पेट पर कई वार किए। महिला की चीख-पुकार सुनकर परिजन और आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और फूला को आरोपी के चंगुल से छुड़ाया। ग्रामीणों की सूचना पर डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची और घायल फूला को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मझगवां ले गई। प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। चिकित्सकों की निगरानी में उसका उपचार जारी है। ग्रामीणों ने आरोपी को खंभे से बांध दियापरिजनों ने बताया कि रामकिशोर की शराबखोरी से परेशान होकर फूला अपने मायके में रह रही थी और ससुराल वापस नहीं जाना चाहती थी। इसी वजह से दोनों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। घटना के बाद ग्रामीणों ने आरोपी रामकिशोर को पकड़कर एक खंभे से बांध दिया। बरौंधा थाना पुलिस सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
शिवपुरी में अडानी समूह की ऑर्डिनेंस फैक्ट्री का भूमिपूजन 5 जुलाई को होगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया इस समारोह में शामिल होंगे। कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में गुरुवार को प्रदेश के ऊर्जा एवं जिले के प्रभारी मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने शहर में जनसंपर्क अभियान भी चलाया। प्रभारी मंत्री ने पोलो ग्राउंड पहुंचकर सभा स्थल की तैयारियों का जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ अग्रसेन चौक से राजेश्वरी रोड, गुरुद्वारा चौक, माधव चौक, कोर्ट रोड होते हुए अस्पताल चौराहे तक पैदल आमंत्रण यात्रा निकाली। इस यात्रा के दौरान मंत्री और कार्यकर्ताओं ने नागरिकों को पीले चावल और आमंत्रण पत्र वितरित किए। उन्होंने लोगों को 5 जुलाई को आयोजित कार्यक्रम में सपरिवार शामिल होने का निमंत्रण दिया। प्रभारी मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि यह भूमिपूजन शिवपुरी के औद्योगिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि अडानी समूह की यह ऑर्डिनेंस फैक्ट्री क्षेत्र में निवेश और रोजगार के नए अवसर लाएगी। मंत्री ने नागरिकों से बड़ी संख्या में कार्यक्रम में शामिल होकर इस अवसर का साक्षी बनने की अपील की।
बागपत में दो महिला गांजा तस्कर गिरफ्तार:दिल्ली से लाकर करती थीं तस्करी, 1.1 किलो गांजा बरामद
बागपत शहर कोतवाली क्षेत्र के टटीरी कस्बे से पुलिस ने गुरुवार को दो महिला गांजा तस्करों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 1 किलो 100 ग्राम गांजा बरामद हुआ है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 30 हजार रुपये बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार, ये महिलाएं रोजाना दिल्ली से बागपत आकर गांजे की तस्करी करती थीं। वे सुबह आती थीं और शाम तक इस गांजा तस्करी में लिप्त रहती थीं। पुलिस को लगातार गांजा तस्करी की शिकायतें मिल रही थीं। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने जाल बिछाया और चेकिंग अभियान के दौरान टटीरी कस्बे से दोनों आरोपियों को पकड़ा। गिरफ्तार की गई दोनों महिलाएं दिल्ली की निवासी हैं। टटीरी चौकी प्रभारी सीमा सिंह ने बताया कि मामले की गहन छानबीन की जा रही है।
बक्सर थर्मल पावर प्लांट में एक मजदूर की तालाब में डूबने से मौत हो गई। इस घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आक्रोशित परिजनों और मजदूरों ने मुआवजे और कार्रवाई की मांग को लेकर बक्सर-रोहतास मुख्य मार्ग जाम कर दिया। मृतक की पहचान राजपुर थाना क्षेत्र के देवढ़िया गांव निवासी 22 वर्षीय शुभम कुमार के रूप में हुई है। वह शिवशंकर सिंह के पुत्र थे और पिछले लगभग एक वर्ष से प्लांट में एलएंडटी कंस्ट्रक्शन के अधीन पावर मेक कंपनी में मजदूर के तौर पर कार्यरत थे। देखें,मौके से आई तस्वीरें… सिलसिलेवार पढे़ं, पूरा मामला… ड्यूटी सुबह 7 से दोपहर 2 बजे तक थी परिजनों और सहकर्मियों के अनुसार, शुभम गुरुवार सुबह रोज की तरह टिफिन लेकर ड्यूटी पर निकले थे। उनकी ड्यूटी सुबह 7 बजे से दोपहर 2 बजे तक थी। उन्होंने सुबह अन्य मजदूरों के साथ काम किया और दोपहर के भोजन के समय भी वह अपने साथियों के साथ देखे गए थे। सहकर्मियों ने तलाश शुरू की हालांकि, कुछ देर बाद वह अचानक गायब हो गए। काफी देर तक दिखाई न देने पर सहकर्मियों ने उनकी तलाश शुरू की। ड्यूटी समाप्त होने के बाद जब परिजनों ने उनके मोबाइल पर संपर्क करने की कोशिश की तो फोन रिसीव नहीं हुआ। सूचना पर परिजन भी प्लांट पहुंचे इसके बाद अन्य मजदूरों को सूचना दी गई और पूरे प्लांट परिसर में खोजबीन शुरू हुई। घंटों तलाश के बाद भी शुभम का कोई पता नहीं चला, जिससे मजदूरों के बीच चिंता बढ़ गई। घटना की जानकारी मिलते ही मजदूरों ने काम बंद कर दिया और परिजन भी प्लांट पहुंच गए। प्लांट परिसर के तालाब में खोजबीन शुरू सूचना मिलने पर राजपुर थाना अध्यक्ष निवास कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। गोताखोरों को बुलाकर प्लांट परिसर के तालाब में खोजबीन शुरू की गई। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद शुभम का शव पानी के ऊपर मिला, जिसे बाहर निकाला गया। सहकर्मियों का कहना है कि संभावना है कि शुभम पानी का स्तर मापने तालाब के पास गए थे, इसी दौरान उनका पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में चले गए। इस घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है। बक्सर-रोहतास मुख्य मार्ग किया जाम आक्रोशित परिजनों और मजदूरों ने बक्सर-रोहतास मुख्य मार्ग जाम कर मुआवजे की मांग की। स्थिति को देखते हुए इंटेक के जिला अध्यक्ष पप्पू पांडेय मौके पर पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि 13 मार्च को ही प्लांट प्रबंधन को सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने को कहा गया था और लिखित आश्वासन भी मिला था, लेकिन अधिकारियों ने इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया। सुरक्षा में लापरवाही से गई मजदूर की जान पप्पू पांडेय ने कहा कि सुरक्षा में लापरवाही के कारण एक और मजदूर की जान गई है। मजदूर यूनियन पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है और नियमानुसार मुआवजा दिलाने के लिए संघर्ष करेगी। मजदूरों के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए राजपुर, इटाढ़ी और मुफस्सिल थाना की पुलिस मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाने का प्रयास कर रही है। थर्मल पावर प्लांट बंद करने की चेतावनी- यूनियन मृतक के परिवार को कंपनी की ओर से उचित मुआवजा नहीं दिया गया, तो मजदूर यूनियन शुक्रवार को थर्मल पावर प्लांट बंद कराने का कदम उठा सकती है। यूनियन ने इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है। बक्सर जिले के चौसा स्थित 1320 मेगावाट थर्मल पावर प्लांट में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से 10 हजार से अधिक लोग कार्यरत हैं। ऐसे में प्लांट बंद होने की स्थिति में उत्पादन और कामकाज पर व्यापक असर पड़ सकता है।
छत्तीसगढ़ के धमतरी में यातायात पुलिस ने नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया। शहर के छत्रपति शिवाजी महाराज चौक सिग्नल पर हुई सरप्राइज चेकिंग के दौरान नाबालिग वाहन चालकों, ट्रिपल सवारी करने वालों और नशे में वाहन चलाने वालों पर कार्रवाई की गई। पुलिस ने लोगों से यातायात नियमों का पालन करने की अपील की है। देर शाम शुरू हुई इस कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में ट्रिपल सवारी, नाबालिग चालक और शराब के नशे में वाहन चलाने वाले लोग पकड़े गए। कई वाहन चालकों पर मौके पर ही चालानी कार्रवाई की गई, जबकि गंभीर मामलों में न्यायिक प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जा रही है। डीएसपी ने खुद संभाली कमान यातायात डीएसपी मोनिका मरावी स्वयं चेकिंग अभियान के दौरान सिग्नल पर मौजूद रहीं। उन्होंने नियम तोड़ने वालों पर सख्ती दिखाई और नाबालिग वाहन चालकों के अभिभावकों को बुलाकर चेतावनी दी। साथ ही भविष्य में बच्चों को वाहन नहीं देने और यातायात नियमों का पालन कराने के निर्देश दिए। तीन दिन में 217 लोगों पर कार्रवाई यातायात चौकी के अनुसार, पिछले तीन दिनों में विभिन्न यातायात नियमों के उल्लंघन पर कुल 217 लोगों के खिलाफ चालानी कार्रवाई की गई है। इनमें नशे में वाहन चलाने के 6 मामले भी शामिल हैं। इसके अलावा ट्रिपल सवारी, बिना हेलमेट, बिना नंबर प्लेट, रेड सिग्नल पार करने और वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग करने वालों पर भी कार्रवाई की गई। लगातार जारी रहेगा अभियान डीएसपी मोनिका मरावी ने बताया कि नाबालिग वाहन चालक, बिना लाइसेंस, बिना नंबर प्लेट, ट्रिपल सवारी और नशे में वाहन चलाने वालों के खिलाफ लगातार जांच अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे नाबालिग बच्चों को वाहन न दें, क्योंकि इससे गंभीर सड़क दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है। साथ ही सभी नागरिकों से यातायात नियमों का पालन करने की अपील की।
जिले में आबकारी विभाग की ओर से गुरुवार को शराब तस्करी में पकड़ी गई 95 में से 68 गाड़ियां नीलाम की गई। इससे विभाग को अनुमान 38 लाख रुपए का ज्यादा राजस्व मिला। नीलामी से 1 करोड़ 47 लाख रुपए का राजस्व मिला है। हालांकि 9 घंटे 30 मिनट चली नीलामी में 27 गाड़ियों के लिए कोई खरीदार नहीं मिला है। आबकारी विभाग की ओर से शहर के अटल सामुदायिक केंद्र में नीलामी की प्रक्रिया की गई। नीलामी को लेकर कई खरीदार पहुंचे। जिला आबकारी अधिकारी भरत मीणा ने बताया कि जिलेभर में शराब तस्करी करते पकड़ी गई गाड़ियों की नीलामी की गई है। आबकारी विभाग के साथ ही पुलिस थानों की ओर से इन गाड़ियों को जब्त किया गया था। इसमें 24 एचएमवी, 59 एलएमवी ओर 12 दुपहिया गाड़ियों की नीलामी की गई। 95 गाड़ियों में से 68 गाड़ियों की खरीद के लिए 1 करोड़ 47 लाख रुपए की बोली लगी, जबकि विभाग को 1 करोड़ 9 लाख रुपए के राजस्व का अनुमान था, लेकिन विभाग को 38 लाख रुपए का अधिक राजस्व मिला। वहीं, 27 गाड़ियों के लिए कोई खरीदार नहीं आया। इन गाड़ियों के अधिक पुरानी होने के साथ ही खराब हालत बड़ी वजह बताई जा रही है। जिस कारण कोई खरीदार नहीं आया।
बटाला के अधीन आते कस्बे बम्बोई अड्डा में एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होने का मामला सामने आया है। मृतका की पहचान रूबी के रूप में हुई है। रूबी की मौत के बाद उसके मायके परिवार ने इसे आत्महत्या मानने से साफ इनकार कर दिया है। परिजनों ने ससुराल पक्ष पर हत्या का गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस प्रशासन से मामले की निष्पक्ष व उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। ससुराल वालों के बयानों में विरोधाभास मृतका के परिजनों ने आरोप लगाया कि रूबी की मौत के बाद ससुराल वालों के बयानों में बड़ा विरोधाभास देखने को मिला है। परिजनों के मुताबिक, ससुराल पक्ष ने पहले उन्हें फोन पर सूचना दी कि रूबी की मौत दिल का दौरा (हार्ट अटैक) पड़ने की वजह से हुई है। लेकिन जब वे वहां पहुंचे, तो उन्हें नया मोड़ देते हुए बताया गया कि रूबी ने फंदा लगाकर आत्महत्या की है। बयानों में इसी बदलाव के कारण मायके पक्ष का शक गहरा गया है। सरपंच और परिवार ने की निष्पक्ष जांच की मांग इस दुखद घटना को लेकर गांव के सरपंच मक्खन सिंह ने भी सुबह सूचना मिलने के बाद दुख जताया और पुलिस से इस पूरे मामले की बिना किसी दबाव के निष्पक्ष जांच करने की मांग की। मृतका के परिवार का कहना है कि रूबी को सोची-समझी साजिश के तहत मौत के घाट उतारा गया है, इसलिए सच्चाई को सामने लाने के लिए गहन तफ्तीश होनी चाहिए और दोषियों को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट खोलेगी मौत का असली राज थाना प्रभारी (SHO) हरमीत सिंह ने बताया कि “इस मामले की शुरुआती तफ्तीश पंजग्रायां पुलिस चौकी की टीम द्वारा की जा रही है। पुलिस मृतका और ससुराल पक्ष से जुड़े हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार, विवाहिता की मौत के असली कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा। पुलिस डॉक्टरों के बोर्ड द्वारा करवाए जाने वाले पोस्टमार्टम और मौके से जुटाए गए वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई अमल में लाएगी। थाना प्रभारी ने आश्वासन दिया है कि जांच जारी है और जो भी इस मामले में कुसूरवार पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के तहत सख्त एक्शन लिया जाएगा।
रेवाड़ी जिले के कसौला थाना क्षेत्र में एक युवक द्वारा मिक्सिंग प्लांट पर काम करने वाली एक महिला श्रमिक से गाली- गलौज करने और थप्पड़ मारने का मामला सामने आया है। यह घटना बुधवार को हुई और इसका सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि आरोपी महिला के साथ पहले उसके किराए के कमरे में झगड़ा करता बाहर आता है। इसके बाद कमरे के बाहर युवक महिला के पास आता है, उसे अपशब्द कहता है और फिर थप्पड़ मार देता है। यहां देखें फोटो… एक व्यक्ति करता है रोकने का प्रयास एक अन्य व्यक्ति युवक को रोकने का प्रयास करता है, लेकिन वह दोबारा लौटकर महिला को थप्पड़ मारता है और उसके साथ गाली- गलौज करने लगता है। इसके बाद एक अन्य व्यक्ति उसको पकड़कर बाहर ले जाता है। बताया जा रहा है कि महिला श्रमिक उसी के मिक्सिंग प्लांट में कार्यरत है, जहां आरोपी युवक मिक्सिंग प्लांट चलाता है। पूरी घटना प्लांट में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। कसौला थाना के गढ़ी बोलनी चौकी के जांच अधिकारी जितेंद्र ने बताया कि मामले की तफ्तीश जारी है। उन्होंने पुष्टि की कि वीडियो में घटना स्पष्ट रूप से दर्ज है। हालांकि महिला श्रमिक की ओर से अभी तक कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।
अरवल जिले के प्रसिद्ध मोथा सूर्य मंदिर में एक प्रेमी जोड़े ने परिजनों की असहमति के बावजूद हिंदू रीति-रिवाज से विवाह कर लिया। मंदिर प्रशासन की देखरेख में दोनों ने सात फेरे लिए और एक-दूसरे को जीवनसाथी चुना। दूल्हा रविंद्र कुमार (22 वर्ष) पटना जिले के पालीगंज प्रखंड के ठाकुरी गांव का निवासी है, जबकि दुल्हन सुषमा कुमारी (20 वर्ष) भोजपुर जिले के अजीमाबाद थाना क्षेत्र के बरहमपुर गांव की रहने वाली है। दोनों की मुलाकात कुछ साल पहले एक रिश्तेदारी में आने-जाने के दौरान हुई थी, जिसके बाद उनकी दोस्ती प्यार में बदल गई। प्रेमी युगल ने बताया कि वे कई वर्षों से एक-दूसरे से प्रेम करते हैं, लेकिन उनके परिवार इस शादी के लिए तैयार नहीं थे। ऐसे में उन्होंने भगवान भास्कर को साक्षी मानकर जीवनभर साथ निभाने का फैसला किया। मंदिर पहुंचने पर, मंदिर प्रशासन ने सबसे पहले दोनों के बालिग होने की पुष्टि के लिए उनके आधार कार्ड की जांच की और परिवार के बारे में जानकारी ली। पुष्टि होने के बाद, मंदिर प्रशासन की देखरेख में पूरे हिंदू रीति-रिवाज के साथ विवाह संपन्न हुआ। युवक ने प्रेमिका की मांग में सिंदूर भरकर उसे अपनी जीवनसंगिनी बनाया। इस दौरान मंदिर परिसर में मौजूद लोगों ने नवविवाहित जोड़े को शुभकामनाएं दीं। मोथा सूर्य मंदिर में हुए इस प्रेम विवाह की घटना अब इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है।
नरसिंहपुर जिले में पुलिस ने गुरुवार को एक हत्याकांड का खुलासा किया है। जांच में सामने आया कि एक महिला ने अपने प्रेमी के साथ चौथी शादी करने के लिए अपने तीसरे पति की हत्या की साजिश रची और उसे मौत के घाट उतरवा दिया। इस मामले में पत्नी, उसके प्रेमी और एक अन्य सहयोगी को गिरफ्तार किया गया है। 30 जून को मिला था शव जानकारी के अनुसार, 30 जून को राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर वारूरेवा नदी पुल के पास झाड़ियों में एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिला था। पुलिस को सूचना मिलने पर टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। बाद में जिला अस्पताल की मॉर्चुरी में शव की पहचान तुलसीराम मेहरा के रूप में हुई। यह अंधी हत्या का मामला होने के कारण पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीना के निर्देश पर एक विशेष टीम गठित कर जांच आगे बढ़ाई गई। पति को था पत्नी के चरित्र पर संदेह पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण, वैज्ञानिक साक्ष्य, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों से पूछताछ के आधार पर जांच की। इसमें सामने आया कि मृतक तुलसीराम मेहरा और उसकी पत्नी सरोज मेहरा के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। सरोज के चरित्र को लेकर शंकाओं के कारण उनके संबंधों में तनाव था। पहले भी कर चुकी है दो शादियां विवेचना में खुलासा हुआ कि सरोज मेहरा पहले दो विवाह कर चुकी थी। 2018 में उसने पहले पति से शादी की थी, जिसे विवाद बाद उसे छोड़ दिया। 2021 में दूसरी शादी की। दूसरे पति की मौत 2022 में बीमारी से हुई। इसके बाद करीब एक वर्ष पहले उसने तुलसीराम से तीसरा विवाह किया था। इसी दौरान उसके पुरगवां निवासी महेंद्र मेहरा से प्रेम संबंध बन गए। सरोज महेंद्र के साथ नया जीवन शुरू करना चाहती थी, लेकिन तुलसीराम उसके रास्ते में बाधा बन रहा था। इसी वजह से दोनों ने तुलसीराम की हत्या की योजना बनाई। ऐसे दिया घटना को अंजाम योजना के अनुसार, आरोपी विष्णू रजक तुलसीराम को शराब पिलाने के बहाने वारूरेवा पुल के पास ले गया। कुछ देर बाद महेंद्र भी वहां पहुंचा। दोनों ने मिलकर रस्सी से गला घोंटकर तुलसीराम की हत्या कर दी और शव को झाड़ियों में फेंक दिया। पुलिस द्वारा जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर सरोज ने भी हत्या की साजिश में शामिल होने की बात स्वीकार कर ली है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सरोज मेहरा, महेंद्र मेहरा और विष्णू रजक को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में आगे की विवेचना जारी है। पुलिस के अनुसार प्रेम संबंध और चौथी शादी की मंशा इस हत्या की मुख्य वजह बनकर सामने आई है।
चित्तौड़गढ़ में सरकारी टीचर और युवती की मौत:हाईवे पर यू-टर्न लेते समय ट्रक से हुई बाइक की टक्कर
चित्तौड़गढ़-उदयपुर नेशनल हाईवे पर ट्रक से टक्कर में बाइक सवार सरकारी टीचर और एक युवती की मौत हो गई। अचानक यू-टर्न लेने की कोशिश के दौरान पीछे से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक से बाइक टकरा गई। हादसे में दोनों के सिर में गंभीर चोट लगी और मौके पर ही दम तोड़ दिया। पुलिस ने शव मॉर्च्युरी में रखवाकर परिजनों को सूचना दी है और हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। हादसा भदेसर थाना क्षेत्र के होडा चौराहे पर गुरुवार शाम को हुआ। हाईवे पर यू-टर्न लेते समय ट्रक से टकराई बाइक पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, बारां निवासी सरकारी टीचर सुरेश मीणा और छतरगंज (बारां) निवासी युवती रवीना बाइक से उदयपुर की ओर जा रहे थे। इसी दौरान उन्होंने अचानक बाइक मोड़कर चित्तौड़गढ़ की तरफ लौटने की कोशिश की। तभी पीछे से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक से बाइक टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों सड़क पर गिर पड़े और सिर में गंभीर चोट लगने से अचेत हो गए। हादसे की सूचना पर भदेसर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और 108 एंबुलेंस से जितेंद्र कुमार शर्मा और पायलट विष्णु धाकड़ ने दोनों को जिला हॉस्पिटल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। वहीं पुलिस ने भीड़ हटाकर ट्रैफिक को सुचारु कराया और सड़क पर यातायात फिर से शुरू करवाया। जानकारी के अनुसार, सुरेश मीणा भिंडर के पास खातीखेड़ा गांव के सरकारी स्कूल में लेवल-वन टीचर थे। पुलिस ने दोनों के परिजनों को हादसे की सूचना दे दी।
पंजाब में सीएम मान ने मांवां धियां सत्कार योजना के तहत सामान्य वर्ग की महिलाओं के खाते में 3000 और एससी महिलाओं के खाते में 4500 रुपए डाल दिए। सरकार अपनी इस योजना का खूब प्रचार प्रसार कर रही है। सरकार की यह योजना शुरू होते ही पंजाब में सियासी घमासान शुरू हो गया। भाजपा महिला मोर्चा ने AAP सरकार से 51 हजार रुपए मांगे हैं। उनका कहना है कि आप सरकार बने 51 महीने हो गए हैं ऐसे में हर महिला को 51 हजार रुपए मिलने चाहिए। सरकार ने 3-3 हजार रुपए डालकर महिलाओं के 48-48 हजार रुपए दबा दिए। महिला मोर्चा ने जिला अध्यक्ष शीनू चुग के नेतृत्व में घंटाघर चौक में रोष प्रदर्शन किया और सीएम भगवंत मान के खिलाफ नारेबाजी की। भाजपा का सीधा आरोप है कि सरकार महिलाओं के साथ 'वोट बैंक' की राजनीति और 'जातिगत भेदभाव' कर रही है। वर्गों में बांटने का नया पैंतरा शीनू चुग ने कहा कि सरकार महिलओं को आर्थिक सहायता देने में भी भेदभाव कर रही है। सरकार के नए फैसले के मुताबिक, सामान्य वर्ग की महिलाओं को केवल ₹1,000 प्रति माह जबकि अनुसूचित जाति (SC) वर्ग की महिलाओं को ₹1,500 प्रति माह देने का निर्णय लिया गया है। अगर सरकार कोई जन-कल्याणकारी या आर्थिक सहायता योजना लागू कर रही है, तो उसमें यह भेदभाव क्यों? क्या सामान्य वर्ग की गरीब महिलाओं की जरूरतें अलग हैं? सरकार महिलाओं को समान हक देने के बजाय उन्हें जातियों में बांटकर अपनी नाकामी छुपाना चाहती है। महिलाओं को सुरक्षा दे सरकार घंटाघर चौक पर हुए इस प्रदर्शन में भाजपा महिला मोर्चा की सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। हाथों में सरकार विरोधी तख्तियां थामे महिलाओं ने पंजाब सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यह लड़ाई सिर्फ पैसों की नहीं, बल्कि महिलाओं के आत्मसम्मान और समानता की है। इसके अलावा उन्होंने सरकार को कहा कि महिलाओं को राज्य में सुरक्षा दी जाए। भाजपा ने साफ चेतावनी दी है कि जब तक सरकार ₹51,000 का अपना पुराना वादा पूरा नहीं करती और सभी पात्र महिलाओं को समान राशि नहीं देती, तब तक अलग अलग जगहों पर इस तरह सरकार को घेरा जाएगा।
चंडीगढ़ में अवैध रूप से गैस सिलिंडर भरने के दौरान हुए विस्फोट पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने विभागीय स्टोर संचालक को राहत देने से इनकार कर दिया। इस हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई थी। अदालत ने अग्रिम जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि यह गंभीर प्रकृति का मामला है, जिसमें अवैध गतिविधि के कारण तीन लोगों की जान गई। जस्टिस परमोद गोयल की पीठ ने विजय कुमार पोद्दार की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। हाईकोर्ट ने कहा कि मामला गंभीर है। अवैध तरीके से गैस सिलिंडर भरने के दौरान हुए धमाके में न सिर्फ संपत्ति का नुकसान हुआ, बल्कि तीन लोगों की जान भी चली गई। 18 सिलेंडर हुए थे बरामद अदालत के अनुसार, विस्फोट में मुन्ना, महेश और गोपी नामक तीन लोगों की मौत हुई थी। तीनों उसी भवन से सटे कमरे में रहते थे, जहां अवैध रूप से गैस सिलिंडर भरने का काम किया जा रहा था। सुनवाई के दौरान अदालत ने इस तथ्य को भी महत्वपूर्ण माना कि उस कमरे से 18 गैस सिलिंडर और छह नोजल बरामद किए गए थे। इस मामले में सेक्टर-34 साउथ थाना पुलिस ने 26 मई को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 326(जी), 124(1) और 105 के तहत एफआईआर दर्ज की थी। याचिकाकर्ता बोला- मैं भी हादसे का शिकार याचिकाकर्ता की ओर से अदालत में कहा गया कि वह एक विभागीय स्टोर चलाता है और इस हादसे में वह खुद भी गंभीर रूप से झुलस गया था। घटना के बाद उसका इलाज सेक्टर-32 स्थित गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में हुआ और फिलहाल जीरकपुर के एक अस्पताल में उपचार चल रहा है। उसके वकील ने दलील दी कि गंभीर चोटों के कारण वह हस्ताक्षर तक नहीं कर पा रहा है। उसका घटना से कोई संबंध नहीं है और उसे गलत तरीके से मामले में फंसाया गया है। हाईकोर्ट का जमानत देने से इनकार वहीं, चंडीगढ़ पुलिस की ओर से अदालत को बताया गया कि हादसा उस समय हुआ, जब याचिकाकर्ता अपने कब्जे वाले कमरे में अवैध रूप से गैस सिलिंडर भर रहा था। मौके से बड़ी संख्या में गैस सिलिंडर और उपकरण बरामद हुए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी से हिरासत में पूछताछ जरूरी है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने कहा कि मामले की गंभीरता, तीन लोगों की मौत और कमरे से हुई बरामदगी को देखते हुए अग्रिम जमानत देने का कोई आधार नहीं बनता। इसी के साथ अदालत ने विजय कुमार की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।
पाली में गुरुवार को दिनभर उमस भरी गर्मी से लोग परेशान रहे, लेकिन शाम होते-होते मौसम ने करवट ले ली। तेज हवाओं के साथ करीब 20 मिनट तक हुई बारिश से शहरवासियों को गर्मी से राहत मिली। बारिश के बाद तापमान में गिरावट महसूस की गई और ठंडी हवाओं से मौसम सुहावना हो गया। लोगों ने भीषण उमस से राहत की सांस ली। पाली शहर के अलावा जिले के विभिन्न क्षेत्रों से भी बारिश की खबरें सामने आई हैं। दिनभर गर्मी और उमस से परेशान लोगों के चेहरे शाम की बारिश के बाद खिल उठे। बारिश ने पूरे माहौल को बदल दिया और वातावरण खुशनुमा हो गया। गुरुवार को पाली का अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार आगामी दिनों में भी आसमान में बादल छाए रहने और जिले के कुछ इलाकों में बारिश होने की संभावना बनी हुई है। बारिश और ठंडी हवाओं के चलते मौसम फिलहाल राहतभरा बना हुआ है।
अशोकनगर जिले के कचनार थाना क्षेत्र में सोनेरा गांव के पास गुरुवार शाम एक सड़क हादसे में तीन युवकों की मौत हो गई। बाइक सवार तीनों युवक बस से टकरा गए, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं और मौके पर ही उनकी जान चली गई। घटना से तीनों युवकों की लाशें सड़क पर बिछ गईं। साथ ही अधिक खून बहने से सड़क और पानी का रंग भी लाल हो गया। मृतकों की पहचान गुना जिले के आरोन थाना क्षेत्र के क्यापुर गांव निवासी मोकम प्रजापति, फूल सिंह मेहता और सुनील शिकारी के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, फूल सिंह मेहता की बहन सोनेरा गांव में रहती हैं। तीनों दोस्त अपनी स्प्लेंडर बाइक से सोनेरा आए थे और शाम को अपने घर लौट रहे थे। तीनों युवक उछलकर दूर जा गिरे थेवापस लौटते समय सोनेरा गांव के पास उनकी बाइक आरोन की ओर से आ रही बालाजी बस से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि तीनों युवक उछलकर दूर जा गिरे। उनके सिर में गंभीर चोटें आईं, जिससे अत्यधिक रक्तस्राव हुआ और उनकी घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई। घटना के बाद मौके पर भीड़ जमा हो गई। बस ड्राइवर ने बस को तत्काल रोक दिया। उस समय हल्की बारिश हो रही थी। कचनार पुलिस को सूचना मिलते ही वे तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए अशोकनगर जिला अस्पताल भेज दिया है।
झज्जर जिले के बहादुरगढ़ से निर्दलीय विधायक राजेश जून का एक वीडियो सामने आया है। यह वीडियो गुरुवार को बहादुरगढ़ में आयोजित प्रेस वार्ता का बताया जा रहा है। वीडियो में राजेश जून 2029 का विधानसभा चुनाव भाजपा के टिकट पर लड़ने की इच्छा जताते नजर आ रहे हैं। साथ ही उन्होंने साफ कहा कि अगर किसी कारण टिकट नहीं मिला तो वह निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे। प्रेस वार्ता के दौरान राजेश जून ने कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ने की है। लेकिन यदि किसी ने टिकट नहीं दिया तो वह निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरेंगे। उन्होंने कहा राजनीति करनी है तो चुनाव तो लड़ना पड़ेगा। बयान के बाद शुरू हुए सियासी मायने राजेश जून के इस बयान के बाद बहादुरगढ़ की राजनीति में नए कयास लगाए जा रहे हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि विधायक ने पहली बार सार्वजनिक रूप से टिकट को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट की है। वहीं विपक्ष और राजनीतिक जानकार इसे भाजपा के साथ उनके रिश्तों और भविष्य की रणनीति से जोड़कर देख रहे हैं। कई लोग यह भी कह रहे हैं कि उनका यह बयान संकेत देता है कि यदि पार्टी से टिकट नहीं मिला तो वह अलग राह अपनाने से भी पीछे नहीं हटेंगे। चाचा राजेंद्र जून पर भी किया पलटवार राजेश जून ने अपने चाचा और 3 बार के पूर्व विधायक राजेंद्र जून के उस बयान का भी जवाब दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि वह दो घंटे में राजेश जून को कुश्ती में हरा देंगे। इस पर राजेश जून ने कहा कि वह अपने चाचा से 3 बार कुश्ती लड़ चुके हैं। उनके अनुसार 3 मुकाबलों में 2 बार उन्होंने राजेंद्र जून को पटखनी दी, जबकि एक मुकाबला बराबरी पर रहा। राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज राजेश जून के बयान ने बहादुरगढ़ की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। एक ओर उन्होंने भाजपा से चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर की, वहीं टिकट नहीं मिलने की स्थिति में निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान कर राजनीतिक समीकरणों को लेकर कई सवाल भी खड़े कर दिए हैं। अब आने वाले समय में भाजपा और राजेश जून के रिश्तों को लेकर चर्चाएं और तेज होने की संभावना है।
सांसद हनुमान बेनीवाल गुरुवार को एक दिवसीय बाड़मेर दौरे रहे। बालोतरा में एंट्री करने के साथ उनका जगह-जगह स्वागत किया गया। दोपहर के समय बाड़मेर सर्किट हाउस पहुंचे। वहां आरएलपी कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया। मीडिया से बातचीत करते हुए कहा- लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी भी धार्मिक भावनाओं को ठेस नहीं लगे। सरकार लोगों को बैठाकर बात कर करके तय करें। बॉर्डर के इलाके के लोग डरे हुए ओर सहमे हुए है। वो बाहर नहीं निकल रहे है उनको सबल देने के लिए, उनकी वाजिब मांग को लेकर उनके बीच में रहूंगा। बेनीवाल ने कहा- देश की सुरक्षा सबसे पहले है लेकिन एक अतिक्रमण तोड़ रहे हो, दूसरे का छोड़ रहे हो। इससे सत्ता का दुरुपयोग हो रहा है। मुस्लिम भाइयों से मिलूंगा ओर उनकी बात को सुनूंगा। कांग्रेस-बीजेपी के जो खिलाफ है वो सारे हमारे साथ ही है। सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करने वालों पर हो रहे मुकदमें आरएलपी कार्यकर्ताओं पर हो रहे मुकदमों के सवाल पर बेनीवाल ने कहा- घुमंतु औ अर्द्ध घुमंतु जो जातिया है। जिसको हर व्यक्ति बड़े मन से देखता है। उनका स्थानीय समाधान होना चाहिए, लेकिन कल घुमंतु और अर्द्ध घुमंतु जो प्रदर्शन कर रहे थे। उन पर जिस तरीके से लाठियां बरसाई, आंसू गैस के गोले छोड़े, उनके नेताओं को गिरफ्तार किया। बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष का हमारे आरएलपी कार्यकर्ताओं ने विरोध कर दिया था। विरोध सही लोकतांत्रिक व्यवस्था की पहचान है। बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने हत्या करने जैसे बयान दिए थे। बीजेपी आरएलपी को सबसे बड़ा दुश्मन मान रही बेनीवाल ने कहा- बीजेपी को लगा कि सांधु संत भी हमारे हाथ से निकल नहीं जाए। गाय के लिए हम कुछ कर नहीं पाए। गोमांस बढ़ रहा है। इनके बहुत से मंत्री तो बंगाल में गाय का मीट खाते हुए के वीडियो देखें होंगे। कई न कई बीजेपी को लग रहा है कि हमारा कोर वोटबैक खिसक कर बीजेपी की तरफ डायवर्ट हो रहा है। बीजेपी कांग्रेस को राजनीति विरोधी नहीं मानती है आरएलपी को मान रही है। कांग्रेस को तीसरे दिन नंबर पर मान रही है। आरएलपी को सबसे बड़ा दुश्मन मान रही है। बीजेपी को चुनौती हमारा कार्यक्रम रोके सांसद ने कहा- भजनलाल सरकार को चुनौती दे चुके है कि आप हमारा एक भी कार्यक्रम रोक नहीं सकते हो। भरतपुर का कार्यक्रम था। वहां पर बीजेपी के विधायक आए थे वो किस तरीके से उठ कर चले गए थे। फिर लाखों को भरतपुर के अंदर आए। आरएलपी सुप्रीमों ने कहा- बाड़मेर आरएलपी का गढ़ है। पंचायती राज चुनाव हम लड़ेंगे और इससे एक मैसेज जाएगा, कि पंचायती राज चुनाव लड़कर कोई लंबा संघर्ष नहीं कर पाई है। पीएम मोदी का देश में क्रेज खत्म पीएम मोदी के रिफाइनरी उद्घाटन के सवाल पर बेनीवाल ने कहा- जनसभा पहले भी करते थे तो वहां भीड़ किराए की आती थी। कुर्सियां लगानी पड़ती थी। हमारी जो भीड़ होती है वो लोग नीचे बैठते है। कुर्सियां लगाने के बाद भी लोगों को लाना पड़ता है। मोदीजी का देश में क्रेज खत्म हो गया है। धीरे-धीरे कटर बीजेपी के लोग भी इस व्यवस्था से दुखी है। कोई सुन नहीं रहा है। अमेरिका के आगे घुटने टेकने की आवश्यकता नहीं अमेरिका और इरान झगड़े पर बेनीवाल ने कहा- इसमें हमारी भारत की स्थिति अच्छी नहीं थी। अमेरिका के आगे घुटने टेकने की आवश्यकता नहीं थी। ट्रंप भारत का न्याल नहीं करेगा। रईसा हमारा पुराना दोस्त था। पीछे-पीछे भागने से कोई बड़ा नहीं मानता है। पीएम के सामने वाला पाला खाली है। देश की जनता अभी कांग्रेस को चाह नहीं रही है। मोदी- अमित शाह ने लगाई अघोषित इमरजेंसी बेनीवाल ने कहा- जिस तरीके से लगातार सांसद तोड़ रहे है लोकतंत्र की हत्या बीजेपी के लोग कर रहे है। इंदिरा गांधी ने इमरजेंसी लगाई थी। मोदी और अमित शाह ने अघोषित इमरजेंसी देश के अंदर लगा दी है। कोई भी बोले ईडी-सीबीआई भेज दो। मुकदमें दर्ज करवाओ, ज्यूडिशरी से सजा करवाओं अपने आप सदस्यता खत्म हो जाएगी। लड़ने वाले लोग देश मे कम बचे है। जाट आरक्षण यूपी चुनाव से पहले लेकर रहेंगे बेनीवाल ने कहा- मानसून सत्र में जाट आरक्षण को लेकर प्रतिनिधि के साथ मिलूंगा। पिछले यूपी चुनाव में अमित शाह ने मूंछ का बाल जाट समाज के लोगों को दिया कि 9 स्टेट के जाट है इनको केंद्र में आरक्षण ओर हरियाणा में जाटों को ओबीसी आरक्षण देंगे। इस बात पर वहां के लोगों ने वोट भी दिया था। यूपी चुनाव से पहले लोग आरक्षण लेकर रहेंगे। सांसद ने कहा- अगले चुनाव में हमारे साथ ब्राहमण, जैन, राजपूत सभी जातियां आएंगी। एससी-एसटी वर्ग तो मेरे साथ ही है। जगन गुर्जर मर्डर के सवाल पर सांसद ने कहा- जेल प्रशासन और ऊपर तक हाथ है। चार-पांच लोगों ने मिलकर उसकी हत्या की है। एक व्यक्ति नहीं मार सकता है। मैंने सीबीआई जांच की मांग मैंने की थी। सरकार के गृह राज्य मंत्री उनकी पंचायती कर रहे थे। आंदोलन वो लोग करते तो मैं चला जाता। सरकार ने उनको ठग लिया है। सरकार का काम ठगी करना है। आंदोलन खत्म करवाना होता है। पहले आंदोलन की परमिशन दो फिर मुकदमें दर्ज करवा दो। कांग्रेस पर जुबानी हमला बोलते हुए कहा- राजस्थान में चार धड़े है। प्रदेशाध्यक्ष, प्रतिपक्ष नेता, गहलोत, सचिन चार धड़े पहले से बने हुए है। राजस्थान के लोगों को हरियाणा सीएम ने अपमानित किया जल समझौते के सवाल पर बेनीवाल ने कहा- आनन-फानन में बैठाया गया। पहले बात दी सिचाई के लिए पानी लाने की। सिंचाई बीच में गायब हो गई। बीजेपी के कई लोग जो आसपास रहते है वो चाहते है कि सीएम भजनलाल शर्मा की मजाक कैसे बने। यह इतने खुश हो रहे थे। जैसे पानी खुद साथ में लेकर आ गए। पानी कब आएगा। आज हरियाणा के लोग सड़क पर आ गए। हरियाणा के मुख्यमंत्री ने जो ट्वीट किया है कहा- बेचारे लोग राजस्थान के अंदर प्यासे है। हरियाणा के सीएम ने हमारा कितना बड़ा अपमान किया है। मुख्यमंत्री अपने घर से पानी दे रहा है क्या? हरियाणा में भी कई न कई से पानी आ रहा होगा। पानी पर केंद्र का अधिकार है। वहां के सीएम की ओछी मानसिकता देखों राजस्थान के लोगों को किस तरीके से अपमानित किया। बीजेपी 11 से 21 सीटों पर सिमट जाएगी बेनीवाल ने कहा- अगर एक साल तक और यू ही चलता रहा तो कांग्रेस 21 सीट पर आई थी। बीजेपी 11 से 21 सीट में ही सिमट जाएगी। कांग्रेस को मत लाओ, आरएलपी को लेकर आओ।
सीतापुर के संदना थाना क्षेत्र में सिधौली-मिश्रिख मार्ग पर गुरुवार शाम करीब 7 बजे एक मैजिक वाहन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गया। हादसे में सवार 12 से अधिक यात्रियों में चार यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि कुछ अन्य यात्रियों को मामूली चोटें आईं। दुर्घटना के बाद चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया और वाहन को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। गुरुवार शाम करीब 7 बजे मैजिक (UP 32 RN 655) सिधौली से मिश्रिख की ओर जा रहा था। वाहन में लगभग एक दर्जन यात्री सवार थे। जैसे ही मैजिक कोरौना गांव स्थित राम किशोर रामेश्वर दयाल डिग्री कॉलेज के पास पहुंची, चालक अचानक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा। देखते ही देखते मैजिक सड़क किनारे पलट गई, जिससे यात्रियों में चीख-पुकार मच गई और घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हादसे में सीताकुंड, कोतवाली मिश्रिख निवासी अनीता अवस्थी (56 वर्ष), बेलहिया निवासी महेश (65 वर्ष), सहशापुर निवासी हरदेव (45 वर्ष) तथा बेलहिया निवासी सोनू गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं कुछ अन्य यात्रियों को हल्की चोटें आईं, जो प्राथमिक उपचार के बाद अपने-अपने घर चले गए। घटना की सूचना मिलते ही संदना थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने एम्बुलेंस की सहायता से गंभीर घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मछरेहटा भेजा, जहां उनका उपचार जारी है। हादसे के बाद चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। संदना थानाध्यक्ष मान सिंह पाल ने बताया कि दुर्घटनाग्रस्त मैजिक वाहन को पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। फरार चालक की तलाश की जा रही है तथा दुर्घटना के कारणों की जांच के साथ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
सीतामढ़ी सदर अस्पताल ने नवजात शिशुओं के उपचार में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। अस्पताल में स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट (SNCU) को मदर-न्यूबॉर्न केयर यूनिट (MNCU) में बदल दिया गया है। इसके साथ ही, लैक्टेशन मैनेजमेंट यूनिट (LMU) की भी शुरुआत की गई है। इन दोनों अत्याधुनिक सुविधाओं का उद्घाटन जिलाधिकारी रिची पांडे ने किया। नई व्यवस्था के तहत, गंभीर रूप से बीमार या कुपोषित नवजात शिशुओं के इलाज के दौरान उनकी मां भी उसी वार्ड में बच्चे के साथ रह सकेंगी। पहले नवजात को SNCU में भर्ती किया जाता था और मां को अलग वार्ड में रहना पड़ता था। अब प्रत्येक रेडियंट वॉर्मर के साथ मां के लिए भी बेड की व्यवस्था की गई है। इससे कंगारू मदर केयर (KMC) को बढ़ावा मिलेगा, जिससे नवजात के स्वास्थ्य में तेजी से सुधार होगा और मां-बच्चे के बीच भावनात्मक जुड़ाव भी मजबूत होगा। सदर अस्पताल में शुरू की गई लैक्टेशन मैनेजमेंट यूनिट (LMU) में उन माताओं का दूध सुरक्षित रखा जाएगा, जिनके नवजात जन्म के तुरंत बाद स्तनपान करने में सक्षम नहीं होते। इस यूनिट में मिल्क एक्सप्रेशन एरिया, मिल्क स्टोरेज, स्टरलाइजेशन और वॉश एरिया सहित सभी आवश्यक सुविधाएं विकसित की गई हैं। यह सुनिश्चित करेगा कि जरूरतमंद नवजातों को सुरक्षित तरीके से मां का दूध उपलब्ध कराया जा सके। इस पहल के साथ सीतामढ़ी सदर अस्पताल बिहार का पहला जिला अस्पताल बन गया है, जहाँ MNCU और LMU दोनों सुविधाएं एक साथ शुरू हुई हैं। इससे जिले सहित आसपास के क्षेत्रों के नवजात शिशुओं और उनकी माताओं को बेहतर एवं आधुनिक चिकित्सा सेवाएं मिल सकेंगी। MNCU के प्रभारी और नोडल पदाधिकारी डॉ. हिमांशु शेखर ने बताया कि यह उपलब्धि पूरी टीम की सामूहिक मेहनत का परिणाम है। उन्होंने जानकारी दी कि वर्तमान में 12 बेड वाले MNCU का जल्द ही विस्तार कर इसे 20 बेड का किया जाएगा। ताकि अधिक से अधिक नवजातों को गुणवत्तापूर्ण इलाज मिल सके। उद्घाटन कार्यक्रम में यूनिसेफ बिहार के प्रतिनिधियों के अलावा सिविल सर्जन डॉ. रवींद्र कुमार यादव, उपाधीक्षक डॉ. मनोज कुमार, अस्पताल प्रबंधक विजय चंद्र झा सहित कई चिकित्सक एवं स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे।
बुरहानपुर में कल बिजली कटौती:मंडी चौराहा, मटका बाजार समेत कई क्षेत्र घंटों तक प्रभावित होंगे
बुरहानपुर में मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी कल (3 जुलाई) बिजली लाइनों का मेंटेनेंस कार्य किया जाएगा। इसके चलते शहर के विभिन्न क्षेत्रों में अलग-अलग समय पर बिजली आपूर्ति प्रभावित रहेगी। बिजली कंपनी के सहायक यंत्री (एचटी मेंटेनेंस) रोहित भारती के अनुसार, 11 केवी जय स्तंभ फीडर, 11 केवी शाही किला फीडर और 11 केवी कोतवाली फीडर से जुड़े क्षेत्रों में शुक्रवार सुबह 9:30 बजे से 10:30 बजे तक विद्युत प्रदाय बंद रहेगा। इन फीडरों से प्रभावित होने वाले क्षेत्रों में खानका वार्ड, सिटीजन बैंक, नेहरू प्रतिमा, मांडा बाजार, टैंपो स्टैंड, जय स्तंभ, पानी की टंकी, प्रकाश टॉकिज, खान भाई आइस फैक्ट्री, सिटी कंट्रोल रूम, मंडी पॉवर हाउस, मंडी चौराहा, ढोली वाड़ा, मटका बाजार, टांगा स्टैंड, मिलन होटल, गांधी चौक, दीदार टॉवर, जामा मस्जिद, अंडा बाजार और साड़ी बाजार शामिल हैं। इसी प्रकार, 11 केवी मोमिनपुरा फीडर का विद्युत प्रदाय भी शुक्रवार को सुबह 9 बजे से 11 बजे तक बंद रहेगा। मोमिनपुरा फीडर से पोद्दार वाली डीपी, रोशन साइजिंग, गणपति नाका थाना, मोमिनपुरा क्षेत्र, टेड़ी इमली क्षेत्र, स्वर्गीय ठाकुर शिवकुमार सिंह का निवास क्षेत्र, हनुमान साइजिंग के पास का क्षेत्र, बड़ी मजार और लोहार मंडी क्षेत्र प्रभावित होंगे।
मंदिर के शिखर पर गिरी आकाशीय बिजली:सुबह लोग उठे तो मंदिर टूटे मिले; घर की छत व खेतों में गिरा मलबा
रतलाम के चोरानी गांव में बुधवार देर रात आकाशीय बिजली गिरने से तीन मंदिरों के शिखर ध्वस्त हो गए। अचानक से बिजली गिरने से ग्रामीण दशहत में आ गए। रात के अंधेरे में किसी ने ध्यान नहीं दिया। गुरुवार सुबह जब ग्रामीण मंदिर पहुंचे तो मंदिरों के शिखर ध्वस्त दिखे। मंदिर के शिखर का मलबा खेतों में भी गिरा। शिवपुर गांव रतलाम से 15 किमी दूर है। यहां से 5 किमी दूर चोरानी गांव है। बुधवार रात तेज हवा के साथ बारिश हुई थी। इसी दौरान आकाशीय बिजली गांव के श्री राम मंदिर पर गिरी। मंदिर परिसर में तीन मंदिर बने है। तीनों मंदिर के शिखर पर बिजली गिरी। ग्रामीणों के मुताबिक यह मंदिर करीब 200 साल पुराना है। जहां पर भगवान लक्ष्मीनारायण और राम भगवान की प्रतिमा स्थापित है। धनराशि एकत्र कर बनाया था2011 में ग्रामीणों ने मंदिर जीर्णोद्धार के लिए 25 लाख रुपए एकत्र कर मंदिर पर तीनों शिखर की स्थापना कर प्राण प्रतिष्ठा की थी। इस मंदिर की करीब 6 बीघा जमीन है। जिसके पुजारी मनोहर दास बैरागी है। मंदिर 100 बाय 100 फीट परिसर में बना है। ग्रामीणों को नहीं चला पताआकाशीय बिजली इस तरह से गिरी की आसपास के लोगों को पता ही नहीं चला। मंदिर के बीच वाला शिखर पूरी तरह से गिर गया। आसपास वाले शिखर भी ध्वस्त हो गए हैं। पास में रहने वाले राजेश चौरसिया की छत पर मलबा गिरा। जिससे घर में मौजूद महिलाएं व बच्चे घबरा गए। ग्रामीण ओम प्रकाश चौरसिया ने बताया कि रात को अचानक से चमकता हुआ धमाका हुआ। देखते देखते मंदिर के ऊपर बिजली गिरी। मंदिर के शिखर ध्वस्त हो गए। प्रदीप पांचाल ने बताया कि मेरा घर मंदिर के पास ही है। मगर पता नहीं चला कि क्या हुआ और मंदिर गिर गया है। यह मंदिर 200 साल पुराना है और रतलाम रियासत के समय का यह मंदिर है। तीनों शिखर सोने के थेमंदिर के तीनो शिखर सोने के है। मंदिर के अंदर स्थापित भगवान राम के ऊपर वाला शिखर इस तरह से गिरा कि जहां भगवान की प्रतिमा स्थापित है, प्रतिमा के ऊपर ही छत पर गिरा। कि शिखर के उपर लगा हुआ हो। मंदिर का मलबा पास के खेत में जा गिरा ओर लोगों के छत पर भी गिरा। दोपहर में जानकारी मिलने पर प्रशासनिक अधिकारी भी गांव पहुंचे।
शिवहर में पाइपिंग सेरेमनी, 2 सार्जेंट बने मेजर:एसपी ने पदोन्नत अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी
शिवहर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित एक पाइपिंग सेरेमनी के दौरान दो सार्जेंट को सार्जेंट मेजर के पद पर पदोन्नत किया गया। पुलिस अधीक्षक ने सार्जेंट अभय कुमार और कन्हैया कुमार को उनके कंधों पर सितारे लगाकर नई जिम्मेदारियों के लिए शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि पदोन्नति केवल सम्मान नहीं, बल्कि जिम्मेदारियों में वृद्धि का प्रतीक है। उन्होंने पदोन्नत अधिकारियों से पूर्ण निष्ठा, ईमानदारी, अनुशासन और कर्तव्यपरायणता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने का आह्वान किया। एसपी ने जोर दिया कि इससे पुलिस विभाग की कार्यशैली और जनविश्वास को और अधिक मजबूत किया जा सकेगा। पाइपिंग सेरेमनी के दौरान अन्य पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों ने भी नवपदोन्नत अधिकारियों को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
सूरजपुर जिले में प्रस्तावित उद्यानिकी महाविद्यालय के लिए आवंटित भूमि का सीमांकन गुरुवार से शुरू हो गया। मदनपुर और करवा गांव में चल रही इस कार्रवाई के दौरान कुछ ग्रामीणों ने विरोध जताया, जिसके चलते मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। राजस्व विभाग की टीम ने मदनपुर गांव में करीब 35 एकड़ भूमि का सीमांकन प्रारंभ किया। कुछ ग्रामीणों ने संबंधित भूमि पर अपना कब्जा होने का दावा करते हुए कार्रवाई का विरोध किया, जिससे कुछ देर के लिए तनाव की स्थिति बन गई। बातचीत के बाद शांतिपूर्वक जारी रही कार्रवाई स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन और राजस्व अधिकारियों ने ग्रामीणों से चर्चा कर उन्हें पूरी प्रक्रिया की जानकारी दी। समझाइश के बाद सीमांकन का कार्य शांतिपूर्वक जारी रखा गया। फिलहाल केवल सीमांकन हो रहा एसडीएम शिवानी जायसवाल ने बताया कि प्रशासन का उद्देश्य अभी केवल भूमि का सीमांकन कर सीमा चिन्ह स्थापित करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल किसी भी प्रकार की अतिक्रमण हटाने या कब्जा खाली कराने की कार्रवाई नहीं की जा रही है। नियमानुसार होगी पूरी प्रक्रिया प्रशासन ने कहा कि उद्यानिकी महाविद्यालय के लिए आवंटित भूमि पर सभी प्रक्रियाएं नियमानुसार और शांतिपूर्ण तरीके से पूरी की जाएंगी। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरे क्षेत्र में पुलिस बल की तैनाती की गई है।
सीतापुर के मछरेहटा थाना इलाके के कस्बे में मिश्रिख रोड स्थित प्रधान दवाखाना के पास गुरुवार शाम6 बजे हादसे में 16 साल की लड़की की मौत हो गई। उसकी मां गंभीर रूप से घायल है। तेज रफ्तार ट्रक सड़क के ऊपर लटक रहे बिजली के तारों में फंस गया था। इससे एक के बाद एक 5 बिजली के खंभे सड़क पर गिर पड़े। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ट्रक (UP27 AT 1894) तेज गति से मिश्रिख रोड पर जा रहा था। इसी दौरान ट्रक ऊपर से गुजर रहे बिजली के तारों में उलझ गया। तारों पर जोर पड़ते ही 5 बिजली के खंभे भरभराकर सड़क पर गिर गए। उसी समय कस्बा निवासी राजू बहेलिया की 16 साल की बेटी सुभी अपनी मां सरोजनी (35) के साथ सड़क से गुजर रही थी। अचानक गिरा एक बिजली का खंभा सुभी के सिर पर आ गिरा, जिससे उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। वहीं उसकी मां सरोजनी गंभीर रूप से घायल हो गईं। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल महिला को तत्काल अस्पताल भेजा। पुलिस ने किशोरी के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है तथा मामले की जांच शुरू कर दी है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस मार्ग पर बिजली के तार लंबे समय से नीचे लटक रहे थे और पहले भी कई बार भारी वाहनों के तारों में फंसने से खंभे गिर चुके हैं। इसके बावजूद विभाग ने समस्या का स्थायी समाधान नहीं कराया। ग्रामीणों ने इस हादसे के लिए बिजली विभाग की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई, जिम्मेदारी तय करने तथा पीड़ित परिवार को उचित आर्थिक सहायता दिए जाने की मांग की है। हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। प्रभारी निरीक्षक प्रभात कुमार ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर ट्रक को कब्जे में लेकर कार्रवाई की जा रही है।
मेनार, वाना और पानेरियों की मादड़ी से 45 श्रद्धालुओं का एक जत्था गुरुवार को 10 दिवसीय पवित्र अमरनाथ यात्रा और उत्तर भारत के प्रमुख तीर्थस्थलों के लिए रवाना हुआ। यात्रा शुरू होने से पहले श्रद्धालुओं ने मेनार स्थित माँ जगदम्बा, श्री चारभुजानाथजी और पथवारी माता की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। उन्होंने क्षेत्र की सुख-समृद्धि, अच्छी वर्षा और सभी यात्रियों की मंगलमय एवं सकुशल यात्रा की कामना की। इस अवसर पर बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। सभी ने पुष्पवर्षा कर श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं। इस दौरान 'हर-हर महादेव', 'बम-बम भोले' और 'जय माता दी' के जयघोष से पूरा मार्ग भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालुओं के चेहरों पर बाबा बर्फानी के दर्शन की उत्सुकता स्पष्ट दिख रही थी। यात्रा के संयोजक राजकुमार मेनारिया और तीर्थयात्री फतहलाल दियावत, शिवशंकर लुणावत एवं लोकेश पुंडरोत ने बताया कि जत्था देर रात खाटूश्यामजी पहुंचा। शुक्रवार सुबह श्रद्धालुओं ने खाटूश्यामजी, जीण माता, सालासर बालाजी और इच्छापूर्ण बालाजी के दर्शन किए। इसके बाद वे शाम तक हिमाचल प्रदेश में प्रवेश करेंगे। 10 दिवसीय इस धार्मिक यात्रा के दौरान श्रद्धालु माता चिंतपूर्णी, ज्वालाजी शक्तिपीठ, बगलामुखी माता मंदिर, कांगड़ा स्थित श्री वज्रेश्वरी माता मंदिर और चामुंडा देवी मंदिर के दर्शन करेंगे। जम्मू-कश्मीर में यह जत्था पवित्र श्री अमरनाथ गुफा के दर्शन करेगा। इसके अलावा, श्रीनगर में डल झील की प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लेने के साथ कटरा स्थित माता वैष्णो देवी के दर्शन भी किए जाएंगे। यात्रा के अंतिम चरण में श्रद्धालु अमृतसर पहुंचकर श्री हरमंदिर साहिब (गोल्डन टेंपल), जलियांवाला बाग और भारत-पाकिस्तान सीमा स्थित वाघा बॉर्डर का भ्रमण करेंगे। अमृतसर के बाद, श्रद्धालु बीकानेर के देशनोक स्थित करणी माता मंदिर, मेड़ता और तीर्थराज पुष्कर के दर्शन करेंगे। इन सभी तीर्थस्थलों का भ्रमण करने के बाद वे अपने गृह क्षेत्र उदयपुर जिले के मेनार लौटेंगे। श्रद्धालुओं ने बताया कि यह यात्रा केवल तीर्थदर्शन तक सीमित नहीं है, बल्कि आध्यात्मिक ऊर्जा, भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं के प्रति आस्था को सुदृढ़ करने का माध्यम भी है। ग्रामीणों ने सभी यात्रियों की सफल, सुरक्षित और मंगलमय यात्रा की कामना की।
मशहूर कॉमेडियन और यूट्यूबर बाबू गप्पी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। इसमें वह महिलाओं को लेकर आपत्तिजनक बातें कह रहे हैं। गुरुवार सुबह करीब 11 बजे से वीडियो तेजी से शेयर होना शुरू हुआ। इसमें बाबू गप्पी कह रहे हैं- मैं कूद कर मर रहा हूं, मेरी सरकारी नौकरी नहीं लग रही है। मैं पुलिस में नहीं लगूंगा, मुझे तो डॉक्टर बनना है। डॉक्टर बनकर इंजेक्शन लगाने के बहाने महिलाओं के अंग देख लिया करूंगा। वीडियो सामने आने के बाद महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता चौहान ने इसका संज्ञान लिया है। शाम करीब 7 बजे बबीता चौहान ने कहा- महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाले ऐसे कंटेंट को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस मामले को लेकर मैं पुलिस कमिश्नर से बात करूंगी। सख्त कार्रवाई की मांग करूंगी। पढ़िए कॉमेडियन बाबू गप्पी के वीडियो में क्या दिख रहा क्रिएटर बाबू गप्पी ने एक वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड किया है। हूबहू पढ़िए इसमें वह क्या कह रहे हैं… बाबू गप्पी- मेरे साथ अन्याय हुआ है। महिला- ओए रुक, रुक, रुक। ये क्या हो गया? क्या कर रहे हो ये? बाबू गप्पी- कूदूंगा मैं, मरूंगा आज। महिला- अरे क्यों मर रहा है? बाबू गप्पी- मेरी सरकारी नौकरी नहीं लग रही। महिला- अरे मर मत, मैं जुगाड़ करूंगी, पुलिस में तेरी नौकरी लगवा दूंगी। बाबू गप्पी- पुलिस में मैं नहीं लगूंगा। मुझे डॉक्टर बनना है डॉक्टर। महिला- अरे डॉक्टर बनकर क्या करेगा? बाबू गप्पी- मैं अभी बताता हूं, अभी बताता हूं। इंजेक्शन लगाने के बहाने औरतों के अंग तो देख लेंगे। महिला- ठीक है, कूद जा। सोशल मीडिया पर पोस्ट किया उनका यही वीडियो आज सुबह से तेजी से शेयर हो रहा है। महिला आयोग की अध्यक्ष बोलीं- सख्त कार्रवाई हो यूट्यूबर 'बाबू गप्पी' के इस वीडियो पर राज्य महिला आयोग ने कड़ा रुख अपनाया है। महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता चौहान ने कहा- महिला कोई मजाक का पात्र नहीं है, जिसके अंगों या शारीरिक रूप पर मजाक बनाया जाए। अगर हमारे पास इसकी रिपोर्ट आई, तो तत्काल संज्ञान लेकर कार्रवाई करेंगे। सभी से कहना चाहती हूं कि इस पर कार्रवाई होनी चाहिए। अभी तक ऐसा मामला संज्ञान में नहीं था। आपत्तिजनक टिप्पणी वाले वीडियो को यूट्यूब से हटवाऊंगी। पुलिस कमिश्नर से भी बात करूंगी, जिससे आरोपी के खिलाफ सख्त एक्शन हो सके। जानिए कौन हैं बाबू गप्पी उर्फ भोला गुर्जर भोला गुर्जर 'बाबू गप्पी आगरा में पिनाहट के पास लड़वापुरा गांव के रहने वाले हैं। भोला गुर्जर की शादी हो चुकी है। बच्चे भी शादी लायक हैं। वह राजस्थान के मशहूर सिंगर रामधन गुर्जर के साथ भी काम कर चुके हैं। बाबू गप्पी' के फेसबुक पर 1.8 मिलियन, यूट्यूब पर 1.5 मिलियन और इंस्टाग्राम पर 751K फॉलोअर हैं। सोशल मीडिया पर फूटा लोगों का गुस्सा वीडियो सामने आने के बाद कॉमेडियन 'बाबू गप्पी' की जमकर आलोचना हो रही है। यूजर्स ने इसे महिलाओं का अपमान बताया है। महिला संगठनों और सोशल मीडिया यूजर्स ने वीडियो पर तुरंत कार्रवाई की मांग की है। कई यूजर्स ने यूट्यूब से वीडियो हटाने और सख्त एक्शन लेने की अपील की है। लोगों ने इसे कॉमेडी के नाम पर घटियापन बताया। वहीं, भगवान नारी समिति महिला मंडल की पदाधिकारी जूली अग्रवाल ने भी नाराजगी जताई। कहा कि उन्हें आगरा की कई महिलाओं ने बाबू गप्पी का विवादित वीडियो भेजा और इस पर आपत्ति जताई। वीडियो में डॉक्टरों के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी की गई है। इससे डॉक्टरी पेशे की गरिमा को ठेस पहुंची है। डॉक्टर समाज के लिए भगवान का रूप होते हैं। उनके बारे में इस तरह की सामग्री बनाना गलत है। उन्होंने मांग की कि विवादित वीडियो को हटाया जाए और भविष्य में इस तरह के आपत्तिजनक कंटेंट पर रोक लगाई जाए। -------------------------- यह खबर भी पढ़ें… बर्थडे पार्टी में बुलाकर युवक की चाकू से गोदकर हत्या:गाजियाबाद में दोस्तों ने सीने-पेट में 4 मारे, आंतें बाहर आईं; परिजनों ने लगाया जाम गाजियाबाद में गुरुवार तड़के करीब 3 बजे एक युवक की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई। बुधवार रात करीब 11 बजे उसके दोस्त उसे बर्थडे पार्टी में शामिल होने के बहाने घर से बुलाकर ले गए। पार्टी के दौरान 3 दोस्तों ने उसे घेर लिया। फिर सीने में तीन और पेट में चार बार चाकू मारा। हमले में उसकी आंतें बाहर आ गईं। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। पढ़ें पूरी खबर…
भाजपा कानपुर उत्तर की ओर से गुरुवार शाम 6.30 बजे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जयंती स्मरण पखवाड़ा के तहत केशवपुरम स्थित क्लब हाउस में कार्यकर्ता समागम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन राष्ट्रहित और अखंड भारत के संकल्प को समर्पित रहा। उनके विचार आज भी विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की प्रेरणा देते हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा कानपुर उत्तर के जिलाध्यक्ष अनिल दीक्षित ने की। मुख्य अतिथि उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय रहे, जबकि भाजपा पिछड़ा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश पाल और विधायक नीलिमा कटियार विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुईं। कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पंडित दीनदयाल उपाध्याय के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित करने और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। 'डॉ. मुखर्जी का जीवन राष्ट्रहित को समर्पित रहा' उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने अपना संपूर्ण जीवन राष्ट्रहित, सांस्कृतिक चेतना और अखंड भारत की भावना के लिए समर्पित किया। उन्होंने कहा कि उनके विचार प्रत्येक राष्ट्रभक्त के लिए प्रेरणास्रोत हैं और देश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मार्गदर्शन करते हैं। धारा-370 हटाने को बताया ऐतिहासिक निर्णय भाजपा पिछड़ा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश पाल ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का त्याग, दृढ़ संकल्प और राष्ट्र के प्रति समर्पण भारतीय राजनीति के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में अंकित है। उन्होंने कहा कि पंजाब और बंगाल भारत के पास डॉ. मुखर्जी के प्रयासों की वजह से हैं। साथ ही उन्होंने धारा-370 हटाने को केंद्र सरकार का ऐतिहासिक फैसला बताते हुए कहा कि यह डॉ. मुखर्जी के विचारों को साकार करने वाला कदम है। 'राष्ट्र प्रथम' का संदेश आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा विधायक नीलिमा कटियार ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन 'राष्ट्र प्रथम' की भावना का सर्वोच्च उदाहरण है। उनका संघर्ष और बलिदान आने वाली पीढ़ियों को हमेशा राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा। संगठन को मजबूत बनाने का आह्वान कार्यक्रम के अंत में जिलाध्यक्ष अनिल दीक्षित ने कार्यकर्ताओं से संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने, जनसेवा को प्राथमिकता देने और केंद्र व प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का संकल्प लेने का आह्वान किया। कार्यक्रम का समापन 'भारत माता की जय' और 'वंदे मातरम्' के उद्घोष के साथ हुआ। बड़ी संख्या में मौजूद रहे पदाधिकारी समागम में वरिष्ठ भाजपा नेता सुरेश अवस्थी, प्रमोद विश्वकर्मा, अभिनव दीक्षित, जिला मीडिया प्रभारी अनुराग शर्मा, सत्यम गुप्ता, पारस मदान, किरण तिवारी, शालिनी कटियार, शिवांग मिश्रा सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी, पार्षद, मंडल अध्यक्ष और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
बाढ़ थाना क्षेत्र में गुरुवार शाम एक युवक को आपत्तिजनक तस्वीरें साझा कर महिलाओं को ब्लैकमेल करने के आरोप में पकड़ा गया। पीड़िता और लगभग दस अन्य युवाओं ने मिलकर उसे पकड़ा और पुलिस के हवाले कर दिया। आरोपी युवक केटीएम बाइक पर था, जिस पर आगे-पीछे नंबर प्लेट नहीं लगी थी। इससे उस पर संदेह और गहरा हो गया। पीड़ित ने बताया कि उसने आरोपी को बाढ़ शहर में पकड़ा। लड़की की मां के साथ एडिट की थी फोटो पीड़िता ने पुलिस को बताया कि बीती रात मोबाइल चलाते समय उसे इंस्टाग्राम पर एक आपत्तिजनक तस्वीर दिखी। इस तस्वीर में उसकी मां के साथ आरोपी युवक था। उसने तत्काल उस इंस्टाग्राम आईडी की जानकारी निकालने का प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हो सका। इसके बाद पीड़ित ने सुबह थाना में लिखित आवेदन दिया और आरोपी की तलाश शुरू की। दोस्तों से मिली जानकारी के आधार पर उसे पता चला कि भेटगांव निवासी सन्नी कुमार नामक युवक इस तरह के कार्य करता है। इसी सूचना पर पीड़ित ने सन्नी कुमार की रेकी की और उसे पकड़ लिया। 20 लड़कियों-महिलाओं के साथ एडिटेड पिक मिले आरोपी के मोबाइल फोन की जांच में लगभग बीस लड़कियों और महिलाओं के साथ एडिट की हुई आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो मिले। उसके फोन में शराब की बोतलें बनाने के वीडियो भी पाए गए। पीड़ित ने आरोप लगाया कि आरोपी कई महीनों से शराब के अवैध धंधे में भी संलिप्त है और डेढ़ साल पहले भी उसके शराब के ठिकानों पर छापेमारी हो चुकी है। 10 से ज्यादा लड़कियों के फेक इंस्टा आईडी आरोपी के मोबाइल में दस से अधिक लड़कियों के नाम से फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट मिले हैं। पीड़ित का कहना है कि आरोपी ने कई अन्य लोगों को भी ब्लैकमेल किया है, लेकिन शर्म के कारण कोई उसके खिलाफ आवाज नहीं उठा सका। पीड़ित ने मामले की गहन जांच की मांग की है और आशंका जताई है कि आरोपी ब्लैकमेलिंग के जरिए पैसे कमाता है या गलत इरादों से ऐसा करता है। मोबाइल की जांच करवा रही पुलिस आरोपी ने बीती रात पीड़ित को मैसेज कर मामले को निपटाने की बात कही थी। पुलिस का कहना है कि आरोपी के मोबाइल में अन्य लड़कियों की तस्वीरें भी मिली हैं, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि उसने उन्हें ब्लैकमेल किया है या नहीं। मोबाइल की विस्तृत जांच के बाद ही यह जानकारी सामने आ पाएगी।
मऊगंज कलेक्टर संजय कुमार जैन ने गुरुवार शाम दिव्यांगजनों को सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर और प्राथमिकता से उपलब्ध कराने के लिए अधिकारियों की बैठक ली। कलेक्टर कक्ष में आयोजित इस बैठक में दिव्यांग प्रतिनिधियों से उनकी समस्याओं और मांगों पर विस्तृत चर्चा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को प्रत्येक प्रकरण का नियमानुसार और समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। दिव्यांग प्रतिनिधियों ने रखीं ये प्रमुख मांगें बैठक के दौरान दिव्यांग प्रतिनिधियों ने अपनी कई महत्वपूर्ण मांगें कलेक्टर के सामने रखीं। इनमें प्रमुख रूप से प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने, दिव्यांग पेंशन का नियमित भुगतान करने, बैंकों से स्वरोजगार के लिए लोन दिलाने, विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं में प्राथमिकता देने और पात्र दिव्यांगों के नाम BPL सूची में शामिल करने की मांग शामिल थी। कलेक्टर ने संबंधित विभागों को सभी आवेदनों का परीक्षण कर पात्र हितग्राहियों को बिना किसी देरी के लाभ उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। शासकीय दुकानों में आरक्षण के लिए बनेगा प्रस्ताव प्रतिनिधियों ने बैठक में एक महत्वपूर्ण सुझाव भी दिया कि भविष्य में नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों में आवंटित होने वाली शासकीय दुकानों में दिव्यांगजनों के लिए एक निश्चित आरक्षित कोटा निर्धारित किया जाए। इस सुझाव पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार आवश्यक प्रक्रिया शुरू कर जल्द से जल्द एक प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। संवेदनशीलता के साथ समस्याओं का हो निपटारा कलेक्टर संजय कुमार जैन ने कहा कि शासन का मुख्य उद्देश्य है कि प्रत्येक पात्र दिव्यांगजन को सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पूरी पारदर्शिता और समयबद्ध तरीके से मिले। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे दिव्यांगजनों की समस्याओं के निराकरण में संवेदनशीलता बरतें, लंबित प्रकरणों का शीघ्र निपटारा करें और यह सुनिश्चित करें कि कोई भी पात्र व्यक्ति योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। बैठक में प्रशासनिक अमला रहा मौजूद इस बैठक में सीईओ जिला पंचायत मेहताब सिंह गुर्जर, एसडीएम मऊगंज एपी द्विवेदी, सीईओ जनपद पंचायत मऊगंज परमानंद तिवारी, अग्रणी जिला प्रबंधक और मुख्य नगर पालिका अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित थे।

