श्रावस्ती जिले के हरिहरपुर रानी लॉक की ग्राम पंचायत पटना खरगौरा के मजरा खरगौरा में जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने से बड़ी संख्या मे ग्रामीण परेशान हैं। गांव के मुख्य मार्ग पर करीब 300 मीटर लंबे हिस्से में घरों से निकलने वाला गंदा पानी जमा रहता है। लोगों का कहना है यह समस्या गर्मी, बरसात और सर्दी, हर मौसम में बनी रहती है। इस जलभराव के कारण गांव में गंदगी फैल रही है और मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि इससे मच्छरजनित बीमारियों का खतरा लगातार बना हुआ है। यह मार्ग इस मोहल्ले में रहने वाले बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के दैनिक आवागमन का मुख्य रास्ता है, और अधिकांश बच्चे इसी रास्ते से स्कूल जाते हैं, जिससे उन्हें काफी परेशानी होती है। समस्या का शीघ्र समाधान करने के निर्देश लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के नेता मनोज पाठक ने बताया कि गांव के संबंधित मोहल्ले में रहने वाले लगभग 500 लोग इस समस्या से प्रभावित हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि गांव के अधिकांश घरों से निकलने वाले नालियों के पानी के निकास की कोई व्यवस्था नहीं है, जिसके कारण सारा गंदा पानी मुख्य मार्ग पर जमा हो जाता है। यह रास्ता जनता इंटर कॉलेज जाने वाले छात्रों का भी मुख्य मार्ग है। मनोज पाठक ने इस समस्या के संबंध में केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान को पत्र लिखकर अवगत कराया था। इस पर केंद्रीय मंत्री ने श्रावस्ती जिला प्रशासन को पत्र भेजकर समस्या का शीघ्र समाधान करने के निर्देश दिए हैं। वहीं अमृतलाल वर्मा, सुरेन्द्र वर्मा, जोखन लाल वर्मा, शिव प्रताप मिश्रा, विनय मिश्रा, अनुपम पाठक, अनुराग पाठक समेत अन्य ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द स्थायी समाधान की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक करीब 300 मीटर लंबा नाला और सीसी/आरसीसी मार्ग का निर्माण नहीं होता, तब तक इस समस्या से निजात मिलना मुश्किल है।
मेरठ में बीच सड़क किया हुड़दंग, स्टंटबाजी:वीडियो में अपने ही शहर को कहे अपशब्द
मेरठ में महंगी गाड़ियों से सड़कों पर हुड़दंग करने का वीडियो सामने आया है। वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में काफी युवक महंगी गाड़ियों पर स्टंट करते हुए नजर आ रहे हैं। जिसमें एक युवक सीसीएसयू का नेता भी बताया जा रहा है। इन्हीं लोगों के द्वारा वीडियो बनाकर उसे वायरल किया गया है। वहीं पुलिस वीडियो के आधार पर मामले की जांच कर रही है। सोशल मीडिया पर शेयर की रील ये पूरा वीडियो चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी के दलित नेताओं का बताया जा रहा है। जो वीडियो में हुड़दंग करता दिख रहा है। रितिक नाम का लड़का सड़क पर हुड़दंग मचा रहा है। उसने सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर स्टंटिंग के ये वीडियो शेयर की हैं। बताया जा रहा है कि हाल ही में वो जेल से छूटकर आया था। जेल से छूटने और पहले भी उसने इसी तरह हुड़दंगी की थी। वीडियो में अपने ही शहर को अपशब्द कहता सुनाई दे रहा है। ये मेरठ हमारा है वायरल वीडियो में कुछ युवक कई वाहनों के साथ सड़क पर घूमते दिखाई दे रहे हैं। ऑडियो में एक युवक आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग करते हुए ये मेरठ हमारा है कहता सुनाई दे रहा है, जिसके बाद लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में थाना मेडिकल क्षेत्र के बताए जा रहे ऋतिक डिगी और उसके कुछ साथी नजर आने का दावा किया जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार संबंधित युवक का नाम पहले भी चर्चाओं में रहा है। बताया जा रहा है कि कुछ माह पूर्व वह जेल से बाहर आया था। इससे पहले भी सीसीएसयू गेट के निकट बियर पीते हुए हुड़दंग का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।,,महंगी गाड़ियों पर आ रहे नजर वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे वाहनों के नंबरों को लेकर भी चर्चा हो रही है। वहीं एक वाहन पर पुलिस स्टिकर लगे होने की बात भी सोशल मीडिया पर कही जा रही है।
बलरामपुर में केंद्र सरकार की 12 साल की उपलब्धियों पर आयोजित 'मीडिया संवाद' कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री सतीश चंद्र शर्मा ने विकास, सुशासन, पारदर्शिता और गरीब कल्याण योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की। हालांकि, कार्यक्रम के अंत में जब मीडिया ने राम मंदिर में दान राशि की कथित चोरी को लेकर सवाल किया, तो मंत्री जवाब देने से बचते दिखे। प्रेसवार्ता के दौरान मंत्री शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों की उपलब्धियों का उल्लेख किया। उन्होंने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना, आयुष्मान भारत, उज्ज्वला योजना, पीएम आवास योजना, जल जीवन मिशन, स्टार्टअप इंडिया और पीएम किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं को सरकार की प्रमुख उपलब्धियां बताया। मंत्री ने दावा किया कि तकनीक और ई-पीओएस मशीनों के माध्यम से राशन वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाया गया है, जिससे भ्रष्टाचार पर प्रभावी रोक लगी है। मंत्री ने यह भी कहा कि केंद्र और राज्य सरकार का लक्ष्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना है। उन्होंने 'विकसित भारत @2047' के संकल्प को साकार करने की दिशा में देश के तेजी से आगे बढ़ने का जिक्र किया। महिलाओं, युवाओं और किसानों के सशक्तिकरण को सरकार की प्राथमिकता बताया गया। मंत्री की प्रतिक्रिया ने कई सवाल खड़े किए हालांकि, कार्यक्रम का माहौल तब बदल गया जब पत्रकारों ने राम मंदिर में दान से जुड़ी कथित चोरी के मामले पर सरकार का पक्ष जानना चाहा। मंत्री ने सीधा जवाब देने के बजाय विषय को टालने की कोशिश की और चर्चा को अन्य मुद्दों की ओर मोड़ दिया। मंत्री की इस प्रतिक्रिया ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। विपक्ष इस संवेदनशील मामले पर सरकार से स्पष्ट रुख सामने रखने की लगातार मांग कर रहा है। वरिष्ठ पत्रकार लाल जी सिंह ने टिप्पणी की कि जब सरकार अपनी उपलब्धियों और पारदर्शिता का दावा करती है, तो ऐसे मामलों पर स्पष्ट और तथ्यात्मक जवाब देना भी उतना ही आवश्यक हो जाता है। फिलहाल, उपलब्धियों की लंबी सूची के बीच राम मंदिर दान प्रकरण पर मंत्री की चुप्पी चर्चा का विषय बनी हुई है। कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष रवि मिश्र,सदर विधायक पल्टूराम,कैलाश नाथ शुक्ल, राम प्रताप वर्मा,चेयरमैन डॉ.धीरेन्द्र प्रताप सिंह धीरू,कार्यक्रम संयोजक आद्या सिंह पिंकी तथा मीडिया प्रभारी डीपी सिंह बैंस समेत अन्य लोग उपस्थित रहे।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा जोधपुर में पानी के मुद्दे पर दिए गए बयानों को लेकर केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने निशाना साधा। केंद्रीय मंत्री शेखावत ने कहा- जोधपुर को विकास में पीछे धकेलने का पाप अशोक गहलोत ने किया है। इतना ही नहीं, उनकी गलत नीतियों की वजह से राजस्थान की जनता को प्यासा रहना पड़ा। जोधपुर और पूरे राजस्थान में पेयजल की इस दुर्दशा के लिए अगर कोई जिम्मेदार है, तो वे केवल अशोक गहलोत हैं। शेखावत ने आगे कहा- जब मैं जलशक्ति मंत्री था, तब मैंने देश में सबसे ज्यादा संसाधन राजस्थान को दिए थे। लेकिन गहलोत सरकार ने टेंडर प्रक्रिया को भ्रष्टाचार का अड्डा बना दिया। जोधपुर की जनता वह समय भूली नहीं है, जब एक दौर ऐसा भी था कि लोगों को गड्ढे खोदकर मोटर से पानी खींचना पड़ता था। देश में बदलाव का दौर चल रहा था, लेकिन अशोक गहलोत के पापकर्मों के कारण राजस्थान इससे वंचित रह गया। उन्होंने अपने चहेतों के भ्रष्टाचार पर आंखें बंद कर ली थीं। चुनाव के वक्त जाती हुई और होटलों में बंद रहने वाली उनकी सरकार ने अपने विधायकों और मंत्रियों को लूट की खुली छूट दे दी थी, जिसके कारण राजस्थान में 'जल जीवन मिशन' पूरी तरह भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि इसके कारण प्रदेश की जनता प्यासी तड़पती रही। दरअसल, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत सोमवार को जोधपुर दौरे पर थे। मीडिया से बातचीत में ये बातें कही। एलिवेटेड रोड पर बोले- मैं खुलासा करता हूं, गहलोत ने षड्यंत्र रचा प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान शेखावत ने कहा- गहलोत दावा करते हैं कि एलिवेटेड रोड उन्होंने बनाया है। लेकिन आज मैं खुलासा करता हूं कि जोधपुर एलिवेटेड रोड के काम को रोकने के लिए जितने षड्यंत्र रचे जा सकते थे, वे सभी अशोक गहलोत ने रचे। मैं प्रमाण के साथ कह सकता हूं कि वे चाहते थे कि यह प्रोजेक्ट डिले (विलंबित) हो जाए या इसे रोक दिया जाए। वे यहां सिर्फ अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने और सुर्खियां बटोरने के लिए ऐसे बयान देते हैं। ‘जोधपुर को पीछे धकेलने का पाप गहलोत ने किया’ केंद्रीय मंत्री शेखावत ने आगे कहा- वे अक्सर कहते रहते हैं कि उनकी सरकार गिराने की साजिश रची जा रही थी। वे इसका मुझे एक भी प्रमाण दे दें। उनके खुद के ओएसडी रहे लोकेश शर्मा तक कह चुके हैं कि सरकार गिराने का काम यदि किसी ने किया है, तो वह खुद अशोक गहलोत ने किया है। वे खुद षड्यंत्र रचते हैं, अपने ही विधायकों को परेशान करते हैं, उनकी वॉयस रिकॉर्डिंग (फोन टैपिंग) करवाते हैं और आरोप दूसरों पर मढ़ते हैं। उन्हें अपने गिरेबान में झांककर देखना चाहिए। जोधपुर की जनता ने उन्हें 15 साल का मौका दिया, लेकिन जोधपुर को विकास में पीछे रखने का पाप अगर किसी ने किया है, तो वह अशोक गहलोत ही हैं।
सिंगरौली जिले के देवसर क्षेत्र के ईटार गांव में लाइट फिटिंग का काम करते समय एक 23 वर्षीय युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। यह घटना सोमवार सुबह की बताई जा रही है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, ग्राम गोडीगमा निवासी रामलल्लू विश्वकर्मा (23) ईटार गांव में मनोज द्विवेदी के घर लाइट फिटिंग का कार्य कर रहा था। उसके साथ दो अन्य लोग भी काम में लगे हुए थे। इसी दौरान रामलल्लू गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने उसे तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाने का प्रयास किया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। युवक की असमय मौत से परिजनों में गहरा शोक है। मृतक के परिजनों ने बताया कि रामलल्लू परिवार का एकमात्र सहारा था और वह अपने पीछे दो छोटी बच्चियों को छोड़ गया है। परिजनों ने इस मामले में कार्रवाई की मांग करते हुए थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। सुरक्षा इंतजाम नहीं थे जियावन थाना प्रभारी शेषनारायण द्विवेदी ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची थी। प्रारंभिक जांच में कार्यस्थल पर सुरक्षा संबंधी पर्याप्त इंतजाम नहीं पाए गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर सभी पहलुओं की जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी के अनुसार, मृतक के परिजनों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं।
सरकारी कॉलेज खैरथल में बी.ए. प्रथम सेमेस्टर में प्रथम वरीयता सूची और वेटिंग लिस्ट जारी होने के बाद भी सीटें खाली रहने पर कॉलेज प्रशासन ने एक बार फिर आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। अब अभ्यर्थी 15 जून से 21 जून तक खाली सीटों पर आवेदन कर सकेंगे। कॉलेज प्राचार्य डॉ. नीतू जेवरिया ने बताया- सत्र 2025-26 के लिए बी.ए. प्रथम वर्ष में प्रवेश हेतु पूर्व में 386 छात्रों की वरीयता एवं वेटिंग लिस्ट जारी की गई थी। डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन एवं प्रवेश प्रक्रिया के बाद विभिन्न वर्गों की कई सीटें खाली रह गई हैं। इन्हीं रिक्त सीटों को भरने के लिए सामान्य, ओबीसी, ईडब्ल्यूएस, एससी, एसटी एवं एमबीसी वर्ग के अभ्यर्थियों से पुनः आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। 19 जून तक डॉक्यूमेंट कॉलेज में जमा करवा सकते हैं उन्होंने बताया कि प्रथम मेरिट सूची एवं प्रथम वेटिंग सूची में शामिल विद्यार्थी 19 जून तक अपने आवश्यक डॉक्यूमेंट कॉलेज में जमा करवा सकते हैं तथा निर्धारित शुल्क ई-मित्र के माध्यम से जमा करा सकते हैं। कॉलेज प्रशासन के अनुसार खाली सीटों के लिए प्रथम प्रवेश सूची 22 जून को जारी की जाएगी, जबकि प्रतीक्षा सूची 23 जून को प्रकाशित होगी। कॉलेज प्रशासन ने इच्छुक छात्रों से निर्धारित तिथि तक आवेदन प्रक्रिया पूर्ण करने की अपील की है, ताकि वे प्रवेश के अवसर का लाभ उठा सकें।
शाहजहांपुर में रोजगार सेवकों का प्रदर्शन:मानदेय और राज्य कर्मचारी दर्जे की मांग, आंदोलन की चेतावनी
शाहजहांपुर में ग्राम रोजगार सेवक वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। उन्होंने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जमकर नारेबाजी की। एसोसिएशन का आरोप है कि पूर्व में भी ज्ञापन दिए गए, लेकिन उन पर कोई सुनवाई नहीं हुई। रोजगार सेवकों को राज्य कर्मचारी का दर्जा देने, सम्मानजनक मानदेय वृद्धि करने और प्रत्येक माह समय पर मानदेय भुगतान के लिए अलग बजट व्यवस्था करने की मांग की गई। इसके अतिरिक्त, 4 अक्टूबर 2021 को मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं को तत्काल लागू करने और मनरेगा के तहत शुरू होने वाली बी.बी.जी. रामजी योजना में ग्राम रोजगार सेवकों की भूमिका को सशक्त बनाने की भी मांग शामिल है। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि ग्राम रोजगार सेवक पिछले 19 सालों से ग्रामीण विकास और मनरेगा योजनाओं के सफल क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इसके बावजूद, उन्हें आज भी पर्याप्त मानदेय, सामाजिक सुरक्षा और सेवा संबंधी सुविधाओं से वंचित रखा गया है। उन्होंने सरकार से उनकी समस्याओं के समाधान के लिए शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने का आग्रह किया। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में ग्राम रोजगार सेवकों ने भाग लिया और सरकार से अपनी मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई, तो 1 जुलाई 2026 को लखनऊ में बी.बी.जी. रामजी योजना के शुभारंभ के अवसर पर प्रदेशभर के ग्राम रोजगार सेवक विधानसभा पर विशाल प्रदर्शन करेंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी। ग्राम रोजगार सेवक (पंचायत मित्र) वेलफेयर एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के पदाधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि प्रदेश सरकार ग्राम रोजगार सेवकों के योगदान को ध्यान में रखते हुए उनकी न्यायोचित मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेगी।
गुरुग्राम में 25 वर्षीय युवक ट्रेन की चपेट में आने से गंभीर रूप से घायल हो गया है। लोको पायलट ने इसकी सूचना स्टेशन मास्टर और जीआरपी को दी। सूचना मिलते ही जीआरपी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायल युवक को तुरंत जिला नागरिक अस्पताल में भर्ती करवाया। जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। युवक की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची राजकीय रेलवे पुलिस घायल के बारे में जानकारी एकत्र कर रही है। सब इंस्पेक्टर बाबूलाल ने बताया कि पुलिस टीम मौके पर पहुंची, तो वहां का दृश्य बेहद विचलित करने वाला था। एक अज्ञात युवक खून से लथपथ हालत में पड़ा हुआ था। युवक की उम्र करीब 25 वर्ष है। युवक की गंभीर स्थिति को देखते हुए एसआई बाबूलाल और उनकी टीम ने सरकारी वाहन या एम्बुलेंस का इंतजार करने के बजाय तुरंत एक प्राइवेट एम्बुलेंस का इंतजाम किया। इस खबर को अपडेट कर रहे हैं…………..
सीहोर बस स्टैंड पर युवक को पीटा:लाठियों से हमला, गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती
सीहोर के बस स्टैंड के पास बीती रात एक युवक पर लाठियों और डंडों से हमला किया गया। इस हमले में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह घटना शहर के व्यस्त इलाके में हुई, जिससे स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल है। घायल युवक को रात में ही जिला अस्पताल लाया गया। डॉक्टरों के अनुसार, उसके सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं। परिजनों और प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि विवाद का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है।बस स्टैंड जैसे सार्वजनिक और व्यस्त स्थान पर हुई इस घटना ने शहर की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, रात के समय इस इलाके में असामाजिक तत्वों की मौजूदगी रहती है। घटना के दौरान आसपास के लोग भयभीत थे और किसी ने भी बीच-बचाव नहीं किया। पुलिस ने घटना की सूचना मिलने के बाद जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि घायल युवक और उसके परिजनों के बयानों के आधार पर मामला दर्ज किया जा रहा है। हमलावरों की पहचान के लिए बस स्टैंड और आसपास की दुकानों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। पुलिस ने आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया है।
चूरू में आंधी-बारिश से मौसम ठंडा:रात का तापमान करीब 4 डिग्री गिरा, लोगों को गर्मी से मिली राहत
चूरू में रविवार रात मौसम में बदलाव आया। रात करीब 8:30 बजे तेज आंधी आई, जिसकी रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे रही। इसके बाद हुई बारिश से मौसम ठंडा हो गया, जिससे लोगों को गर्मी से काफी राहत मिली। बारिश के बाद रात का तापमान 23.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। रात के पारे में करीब चार डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को न्यूनतम तापमान 23.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जो रविवार की तुलना में 3.4 डिग्री कम था। सोमवार सुबह 55 प्रतिशत आर्द्रता (नमी) दर्ज की गई, जिससे उमस महसूस हुई और लोगों को फिर से गर्मी का अहसास हुआ। दिन बढ़ने के साथ-साथ गर्मी की तपिश भी बढ़ती रही। मौसम विभाग ने प्रदेश के 15 जिलों में सोमवार को बारिश का अलर्ट जारी किया था। फिलहाल प्रदेश में प्री-मानसून की बारिश जारी है।
शिवपुरी में NH-46 पर सड़क हादसा:ईको कार सवार 6 घायल, 3 की हालत गंभीर
शिवपुरी जिले के लुकवासा चौकी क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग-46 पर रविवार रात एक सड़क हादसे में ईको कार में सवार छह लोग घायल हो गए। इनमें से तीन घायलों की हालत गंभीर है, जिन्हें उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। सभी घायल खोड़ गांव के निवासी बताए जा रहे हैं, जो म्याना में एक शादी समारोह से लौट रहे थे। जानकारी के अनुसार, खोड़ गांव के निवासी विमल आदिवासी (30), अरशान खान (11), जमेदा (52), सफी खान (65), रानो खान (60) और सवाना खान (45) सहित कुल सात लोग गुना से ईको कार में सवार होकर शिवपुरी लौट रहे थे। दैहरदा रोड पर उनकी कार को एक अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी, जिससे वे सभी घायल हो गए। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद तीन घायलों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें आगे के इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। बताया जा रहा है कि टक्कर मारने वाला वाहन एक पार्सल कोरियर से भरा ट्रक था, जो सूरत से मुजफ्फरनगर जा रहा था। पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है और हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
अम्बेडकरनगर में समाजवादी पार्टी (सपा) के कार्यकर्ताओं ने टांडा विधानसभा क्षेत्र की जनसमस्याओं और बुनकर समुदाय से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किया। यह धरना प्रदर्शन विधायक राम मूर्ति वर्मा के नेतृत्व में तहसील पर आयोजित किया गया। कार्यकर्ताओं ने उपजिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल को एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में टांडा विधानसभा क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग की गई है। टांडा के विधायक राम मूर्ति वर्मा ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार में बुनकरों को अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है। ज्ञापन में पावरलूम बुनकरों को निःशुल्क विद्युत आपूर्ति प्रदान करने की प्रमुख मांग की गई। इसके अतिरिक्त, बुनकरों के पावरलूम बिजली कनेक्शन पर फर्जी बिलिंग और धन उगाही पर तत्काल रोक लगाने की बात कही गई। कार्यकर्ताओं ने बुनकरों के खिलाफ फर्जी जांच के नाम पर विद्युत विभाग के कर्मचारियों द्वारा किए जा रहे उत्पीड़न और शोषण को रोकने की भी मांग की। उन्होंने बुनकरों के खिलाफ दर्ज फर्जी मुकदमे वापस लेने और दोषी कर्मचारियों के खिलाफ जांच कर उन्हें दंडित करने की मांग की। साथ ही, पावरलूम बुनकरों के बिलों में दर्शाए जा रहे फर्जी बकाये को शून्य करने की भी मांग की गई। अन्य मांगों में टांडा में बुनकर हॉट और टेक्सटाइल पार्क की स्थापना शामिल है। कार्यकर्ताओं ने स्मार्ट मीटर हटाकर पुराने मीटर लगाने, तथा जल निगम द्वारा अधूरी छोड़ी गई खुदाई के कार्यों को शीघ्र पूरा कर सड़कों और गलियों की मरम्मत एवं पुनर्निर्माण की भी मांग की। किसानों के लिए समय पर यूरिया, डीएपी और अन्य उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने, बेरोजगार युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने, और डीजल, पेट्रोल एवं गैस की बढ़ती महंगाई पर रोक लगाने की मांग भी ज्ञापन में की गई। इसके अतिरिक्त, रोकी गई सभी परीक्षाओं का आयोजन कराकर परिणाम समय पर घोषित करने, भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाकर चयनित अभ्यर्थियों को बिना अनावश्यक विलंब के नियुक्ति देने, तथा बढ़ती महंगाई पर प्रभावी नियंत्रण करने की मांग भी उठाई गई। ज्ञापन में क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति व्यवस्था में सुधार करने और अघोषित कटौती बंद करने, टूटी एवं जर्जर सड़कों का निर्माण एवं मरम्मत कराने, तथा भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगाकर आम जनता को सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शिता से सुनिश्चित करने की भी मांग की गई।
हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले में आशा वर्कर को WhatsApp पर व्यक्ति ने अश्लील फोटो भेज दी। आरोपी काफी समय से महिला को परेशान कर रहा था। महिला ने आरोपी को कई बार चेतावनी भी दी, लेकिन आरोपी अपनी हरकतों से बाज नहीं आया। आरोपी उसे आते-जाते परेशान करता रहा। शाहाबाद के गांव की रहने वाली आशा वर्कर ने बताया कि ड्यूटी के दौरान उसे गांव में घर-घर जाना पड़ता है। इसी दौरान गांव का एक व्यक्ति सतविंद्र सिंह लंबे समय से उसे परेशान कर रहा था। आरोपी पहले भी उससे अश्लील बातें और बदसलूक करता था। उसने आरोपी को कई बार वार्निंग भी दी। WhatsApp पर भेजी अश्लील फोटो आशा वर्कर के मुताबिक, 9 जून को दोपहर करीब 3 बजकर 28 मिनट पर उसके WhatsApp पर एक मैसेज आया। जब उसने मैसेज खोला तो उसमें आरोपी की अश्लील फोटो थी। आरोपी ने उसे अपने प्राइवेट पार्ट की फोटो भेजी थी। इसके बाद वह मानसिक रूप से परेशान हो गई। पति को जानकारी दी उसने घटना की जानकारी अपने पति और परिवार को दी। साथ ही फोटो का स्क्रीनशॉट भी ले लिया। महिला ने उसे वार्निंग दी थी कि उसकी हरकतों से दोनों परिवारों के बीच विवाद हो सकता है, लेकिन इसके बावजूद आरोपी अपनी हरकतों से बाज नहीं आया। महिला की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी। मां की मौत के बाद लिया नंबर- जगदीश टामक थाना शाहाबाद के SHO जगदीश टामक ने बताया कि कुछ समय पहले आरोपी की मां की मौत हो गई थी। इस दौरान पीड़ित महिला उसका डेथ सर्टिफिकेट बनाने के लिए उसके घर गई थी। यहां से आरोपी ने आशा वर्कर का मोबाइल नंबर ले लिया था। उसी दिन से आरोपी उसे परेशान करने लगा। आरोपी के गिरफ्तार कर लिया गया है।
हनुमानगढ़ जिले के पीलीबंगा क्षेत्र के अहमदपुरा गांव में रविवार दोपहर एक सूने मकान को निशाना बनाते हुए अज्ञात चोर लाखों रुपए के सोने-चांदी के जेवरात और 1 लाख 6 हजार रुपए नकद चोरी कर ले गए। परिवार के सदस्य के घर पहुंचने पर टूटे ताले और बिखरा सामान देखकर वारदात का पता चला। सूचना पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है तथा आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। घर पहुंचा बेटा तो सामने आया चोरी का खुलासा पुलिस के अनुसार अहमदपुरा निवासी काला सिंह ने पीलीबंगा थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई है। उन्होंने बताया कि 14 जून को दोपहर के समय परिवार का कोई सदस्य घर पर मौजूद नहीं था। दोपहर करीब 2:30 बजे उनका पुत्र वारिशदीप घर पहुंचा तो उसने कमरों के ताले टूटे हुए और सामान बिखरा हुआ देखा। इसके बाद उसने तुरंत अपने पिता को घटना की जानकारी दी। जेवरात और नकदी पर किया हाथ साफ सूचना मिलने पर काला सिंह घर पहुंचे और पूरे मकान की जांच की। जांच में पता चला कि चोर घर से करीब ढाई तोला सोने की कंठी, तीन सोने की अंगूठियां, सोने की बालियां, कानों के टॉप्स, दो सोने की ताबीज, एक सोने का कड़ा, पुरुषों की सोने की बालियां तथा दो जोड़ी चांदी की पायल चोरी कर ले गए। इसके अलावा घर में रखे 1 लाख 6 हजार रुपए नकद भी गायब मिले। ग्रामीणों ने तलाश की, नहीं मिला कोई सुराग घटना के बाद परिवार और ग्रामीणों ने आसपास के क्षेत्र में चोरों का सुराग लगाने का प्रयास किया, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। इसके बाद पीड़ित ने पुलिस थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज करवाई। सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की जांच एएसआई राजकुमार को सौंपी गई है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच कर रही है। साथ ही संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों और संभावित सुरागों को भी खंगाला जा रहा है।
बिजनौर के स्योहारा थाने में तैनात एक सिपाही का हरिद्वार में गंगा नदी में चप्पल पहनकर रील बनाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। इस मामले में पुलिस विभाग ने सिपाही को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। लोगों ने वीडियो को लेकर धार्मिक भावनाएं आहत होने की बात कही है। वायरल वीडियो में एक सिपाही हरिद्वार में गंगा नदी के भीतर चप्पल पहने हुए रील बनाता दिख रहा है। यह वीडियो स्योहारा थाने में तैनात आरक्षी अमजद खान की सोशल मीडिया आईडी से जुड़ा बताया जा रहा है। वीडियो सामने आने के बाद क्षेत्र में आपत्ति जताई जा रही है। लोगों का कहना है कि हिंदू धर्म में गंगा को मां का स्वरूप माना जाता है, और नदी में चप्पल पहनकर वीडियो बनाना धार्मिक आस्था के विपरीत है। इससे श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हुई हैं। सोशल मीडिया पर भी कई लोगों ने निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग की है। आरक्षी अमजद खान ने हालांकि वायरल वीडियो से अपना संबंध होने से इनकार किया है। उनका कहना है कि उन्होंने ऐसी कोई वीडियो नहीं बनाई है। धामपुर के सीओ अंजनी कुमार चतुर्वेदी ने बताया कि यह मामला उनके संज्ञान में आया है। वायरल वीडियो की जांच की जा रही है और संबंधित सिपाही को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। सीओ ने कहा कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आवश्यक वैधानिक और विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
फर्रुखाबाद में नगर पालिका परिषद सभासद संघ में विभाजन हो गया है। असंतुष्ट सभासदों ने एक नए संगठन का गठन किया है, जिसमें कृष्णमोहन शर्मा उर्फ नन्हे पंडित को जिलाध्यक्ष बनाया गया है। नए पदाधिकारियों ने जनहित में आवाज उठाने का आह्वान किया है। सभासदों ने रस्तोगी धर्मशाला में एक बैठक आयोजित की। बैठक के दौरान नए सभासद संघ के पदाधिकारियों की घोषणा की गई। नवगठित संगठन का उद्देश्य जनहित के मुद्दों पर सक्रिय रूप से आवाज उठाना बताया गया है। नए संगठन में कृष्णमोहन शर्मा उर्फ नन्हे पंडित को अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। शक्ति सिंह कुशवाहा को महामंत्री और विजय अनुरागी को कोषाध्यक्ष बनाया गया है। संरक्षक मंडल में संत कुमार बाथम, आलोक मिश्रा, ब्रजेश शुक्ला, रफी अंसारी, असलम अंसारी, विश्वनाथ राजपूत, नीलम अग्निहोत्री, अनिल यादव और धर्मेंद्र कनौजिया शामिल हैं। लईक राईन, सचिन सुमन, अनीता कनौजिया और मृदुल कटियार को उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। संजीव बाजपेई, गुलाम रसूल, निर्मला शाक्य, पूनम देवी गौतम और जूली कसेरे मंत्री बनाई गई हैं। संगठन मंत्री के रूप में नरेंद्र यादव, श्याम राजपूत, दीक्षा, नेहा यादव और अंजलि दिवाकर को जिम्मेदारी दी गई है। स्नेहलता त्रिपाठी, शशांक शेखर मिश्रा और अमीरुद्दीन विधिक सलाहकार होंगे, जबकि मुदस्सिर खान को मीडिया प्रभारी बनाया गया है। मुनीशुद्दीन, नितिन सिंह, ज्ञान सिंह, अनवर खां, बबली देवी, कश्मीर सिंह, आमोद और रजनेश कुमार को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है।
बुलंदशहर में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेताओं ने केंद्र की मोदी सरकार के सफल कार्यकाल की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए एक विशेष अभियान शुरू किया है। सोमवार को पार्टी कार्यालय पर बुलंदशहर सांसद डॉ. भोला सिंह और भाजपा जिला अध्यक्ष विकास चौहान ने संयुक्त प्रेस वार्ता कर सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों और ऐतिहासिक निर्णयों का ब्यौरा प्रस्तुत किया। सांसद डॉ. भोला सिंह ने इस अवसर पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने विकास के नए आयाम स्थापित किए हैं। उन्होंने पिछले वर्षों में हुए बड़े सुधारों और बुनियादी ढांचे के विकास पर विशेष जोर दिया। नेताओं ने सरकार की प्रमुख उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए बताया कि बुलंदशहर और आसपास के क्षेत्रों में हाईवे का जाल बिछाया गया है और रेलवे लाइनों का सुदृढ़ीकरण किया गया है। इसके अतिरिक्त, मुफ्त राशन वितरण, आयुष्मान भारत योजना के तहत मुफ्त इलाज और प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत पक्के मकानों का निर्माण जैसी योजनाएं भी गिनाई गईं। उन्होंने देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने और अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का गौरव बढ़ाने का भी उल्लेख किया। डॉ. भोला सिंह ने आगे कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 'अंत्योदय' (समाज के अंतिम व्यक्ति का उदय) का सपना साकार हो रहा है। बुलंदशहर की जनता को भी इन विकास कार्यों का सीधा लाभ मिला है। जिला अध्यक्ष विकास चौहान ने पार्टी कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे सरकार की इन सभी उपलब्धियों और जनहित की योजनाओं को बूथ स्तर पर हर घर तक पहुंचाएं। इसका उद्देश्य जनता को संगठन और सरकार के सेवा कार्यों की पूरी जानकारी उपलब्ध कराना है। इस अवसर पर विधायक लक्ष्मीराज सिंह, जिला उपाध्यक्ष दीपक दुल्हेरा, पूर्व चेयरमैन हितेश गर्ग, संतोष बाल्मीकि और अभिनव वर्मा सहित कई अन्य नेता मौजूद रहे।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव एवं सिरसा लोकसभा सांसद कुमारी सैलजा सोमवार को हिसार जिले के उकलाना क्षेत्र के गांव प्रभुवाला और लितानी पहुंचीं। जहां उन्होंने दिवंगत कांग्रेस नेताओं के परिवारों से मुलाकात कर गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं और शोक संतप्त परिजनों को ढांढस बंधाया। सांसद कुमारी सैलजा सबसे पहले गांव प्रभुवाला पहुंचीं। जहां उन्होंने पूर्व सरपंच एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता स्वर्गीय राजेश भूटानी के निवास पर पहुंचकर उनके परिवारजनों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की और परिवार को इस कठिन समय में धैर्य और संबल प्रदान करने की कामना की। लितानी गांव में कांग्रेस कार्यकर्ता रघुवीर नैन के परिजनों से की मुलाकात इसके बाद कुमारी सैलजा गांव लितानी पहुंचीं, जहां उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ता स्वर्गीय रघुवीर नैन के परिजनों से मिलकर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय रघुवीर नैन कांग्रेस पार्टी के समर्पित कार्यकर्ता थे और सामाजिक कार्यों में उनकी सक्रिय भूमिका हमेशा याद रखी जाएगी। कुमारी सैलजा ने दोनों परिवारों को सांत्वना देते हुए कहा कि दुख की इस घड़ी में कांग्रेस पार्टी पूरी मजबूती के साथ उनके साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय राजेश भूटानी और स्वर्गीय रघुवीर नैन ने जनसेवा और सामाजिक कार्यों के माध्यम से समाज में अपनी अलग पहचान बनाई थी। उनका निधन न केवल उनके परिवारों बल्कि पूरे क्षेत्र और कांग्रेस परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है। ये पदाधिकारी और कार्यकर्ता रहे मौजूद इस दौरान कांग्रेस लीगल डिपार्टमेंट हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष एडवोकेट लाल बहादुर खोवाल, वरिष्ठ कांग्रेस नेता चंद्रहर्ष, कर्ण सिंह नैन, एचपीएससी के पूर्व सदस्य चौधरी जगन्नाथ, पूर्व मंत्री अतर सिंह सैनी, सुरेश गर्ग, हरिकिशन मौजूद रहे। वहीं वीरेंद्र सेलवाल, डॉ. जयभगवान, भूपेंद्र गंगवा, कृष्ण सातरोड़, ईश्वर खेदड़, बलजिंदर ठरवी, जगबीर मलिक, रामदेव मित्तल, राजेश चाड़ीवाल, बलजीत पूर्व पार्षद, नरेश पातड़, जगदीश बिश्नोई, एडवोकेट बजरंग इंदल सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं क्षेत्र के गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
इटावा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सेवा, सुशासन एवं गरीब कल्याण के सफल 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में भारतीय जनता पार्टी द्वारा चलाए जा रहे संगठनात्मक कार्यक्रमों की श्रृंखला के तहत सोमवार को इटावा जंक्शन रेलवे स्टेशन परिसर में स्वच्छता अभियान चलाया गया। भाजपा जिलाध्यक्ष अन्नू गुप्ता के नेतृत्व में आयोजित इस अभियान में बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। स्वच्छता अभियान के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने रेलवे स्टेशन परिसर में श्रमदान करते हुए साफ-सफाई की और यात्रियों व आमजन को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया। कार्यकर्ताओं ने सार्वजनिक स्थानों को स्वच्छ रखने और स्वच्छ भारत के संकल्प को आगे बढ़ाने का संदेश दिया। इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष अन्नू गुप्ता ने कहा कि स्वच्छता केवल किसी सरकारी योजना तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी और जनभागीदारी से जुड़ा राष्ट्रीय अभियान है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए स्वच्छ भारत अभियान ने देशभर में स्वच्छता को लेकर नई जागरूकता पैदा की है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ वातावरण स्वस्थ समाज की नींव होता है और विकसित भारत के निर्माण में प्रत्येक नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण है। भाजपा कार्यकर्ता स्वच्छ भारत अभियान के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के लिए लगातार धरातल पर जागरूकता कार्यक्रम चला रहे हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने घरों के साथ-साथ आसपास के सार्वजनिक स्थानों को भी स्वच्छ रखने में सहयोग करें। कार्यक्रम में पूर्व सांसद रघुराज शाक्य, प्रेमदास कठेरिया, पूर्व विधायक सावित्री कठेरिया, जिला महामंत्री सतेंद्र राजपूत, जिला उपाध्यक्ष अशोक चौबे, कृपा नारायण तिवारी, अमित तिवारी, बासु चौधरी, संजीव भदौरिया, जिला मंत्री मधु तोमर, सुरेश राजपूत, अभिषेक मिश्रा, जिला मीडिया प्रभारी रोहित शाक्य, सह-मीडिया प्रभारी अंकित सैनी, मंडल अध्यक्ष चंदन मिश्रा, कमलेश कठेरिया, नीतू नारायण मिश्रा, मोनू चौहान, अखिलेश कौशिक, प्रभात चौधरी, अमर चंद सविता, सभासद ललित चौबे सहित भाजपा पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
सपा सांसद का आपत्तिजनक बयान, बोले- बहुसंख्यक आवाम जहरीली हुई
समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद जावेद अली ने आपत्तिजनक बयान दिया है। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर देश में जहर फैलाने का आरोप लगाया और देश के 'बहुसंख्यक' को जहरीला बताया है। इसके साथ ही, सपा सांसद ने कहा कि धर्म के आधार पर लोगों के एक-दूसरे पर विश्वास में कमी आई है।
कोरबा जिले से जामुन लेकर बिलासपुर मंडी जा रही पिकअप शनिवार देर रात भीषण सड़क हादसे का शिकार हो गई। दुर्घटना में रामपुर विधायक फूलसिंह राठिया के नाती समेत दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस के अनुसार हादसा भारतमाला राजमार्ग पर उरगा-बिलासपुर मार्ग में जांजगीर-चांपा जिले के बलौदा थाना क्षेत्र स्थित मुड़ाभाठा के पास रात करीब 12 बजे हुआ। सामने से आ रहे तेज रफ्तार ट्रेलर ने पिकअप को सीधी टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि पिकअप के परखच्चे उड़ गए और उसका केबिन पूरी तरह डैमेज हो गया। वाहन में फंसे लोगों को पुलिस और ग्रामीणों की मदद से बाहर निकाला गया। रामपुर विधायक के नाती की मौत हादसे में रामपुर विधायक फूलसिंह राठिया के नाती मंजीत कुमार राठिया (23) और रिश्तेदार मुकेश राठिया (24) की मौके पर ही मौत हो गई। मंजीत विधायक के बड़े भाई चमार राठिया की बेटी का बेटा था। दोनों एक ही परिवार के सदस्य थे। तीन युवक गंभीर रूप से घायल हादसे में दिनेश कुमार (25), कपूर राठिया (30) और अजीत राठिया (25) गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें पहले करतला स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उन्हें बिलासपुर रेफर कर दिया। घायलों की स्थिति नाजुक बताई जा रही है। गांव में पसरा मातम घटना की जानकारी मिलते ही विधायक फूलसिंह राठिया परिजनों के साथ मौके पर पहुंचे। पोस्टमार्टम के बाद दोनों युवकों के शव उनके गृहग्राम केरवाद्वारी लाए गए, जहां अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीण और जनप्रतिनिधि शामिल हुए। हादसे के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है। ट्रेलर चालक की तलाश जारी हादसे के बाद ट्रेलर चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने ट्रेलर को जब्त कर लिया है और चालक की तलाश शुरू कर दी है। ग्रामीणों ने उठाई सख्त कार्रवाई की मांग स्थानीय लोगों का कहना है कि भारतमाला मार्ग पर तेज रफ्तार और ओवरलोड वाहनों की वजह से आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से सख्त जांच, नियमित चेकिंग और वाहनों की गति नियंत्रित करने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।
बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में व्याप्त अव्यवस्थाओं के खिलाफ कांग्रेस की ओर से चलाए जा रहे पीबीएम सुधारो जनआंदोलन के पांचवें दिन रविवार को कांग्रेस सेवादल ने अनूठे अंदाज में विरोध-प्रदर्शन किया। सेवादल कार्यकर्ताओं ने हाथों में झाड़ू लेकर अस्पताल परिसर में रैली निकाली और बाद में अस्पताल परिसर, वार्डों तथा शौचालयों में सफाई अभियान चलाया। सेवादल के प्रदेश उपाध्यक्ष कमल कल्ला और देहात कांग्रेस अध्यक्ष बिशनाराम सियाग के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए पीबीएम में फैली गंदगी और अव्यवस्थाओं पर नाराजगी जताई। कार्यकर्ताओं का कहना था कि अस्पताल प्रशासन अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने में विफल रहा है, जिसके चलते मरीजों और उनके परिजनों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन को जगाने के लिए किया सफाई अभियान सेवादल के पदाधिकारियों ने कहा कि पीबीएम अस्पताल प्रशासन को जागृत करने और व्यवस्थाओं में सुधार की मांग को लेकर यह प्रतीकात्मक सफाई अभियान चलाया गया। इस दौरान अस्पताल परिसर के विभिन्न हिस्सों, कई वार्डों तथा गंदे शौचालयों की सफाई कर प्रशासन का ध्यान समस्याओं की ओर आकर्षित करने का प्रयास किया गया। कार्यकर्ताओं ने कहा कि पीबीएम संभाग का सबसे बड़ा अस्पताल है, लेकिन यहां सफाई, चिकित्सा सुविधाओं और प्रबंधन व्यवस्था को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं। ऐसे में अस्पताल प्रशासन को तत्काल प्रभाव से व्यवस्थाओं में सुधार करना चाहिए। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल आंदोलन और सफाई अभियान में सेवादल के प्रदेश उपाध्यक्ष कमल कल्ला, देहात कांग्रेस अध्यक्ष बिशनाराम सियाग, मदनगोपाल मेघवाल, देहात सेवादल अध्यक्ष रामनिवास गोदारा, शहर सेवादल अध्यक्ष अनिल व्यास, संगठन सचिव मनोज व्यास, यूथ कांग्रेस अध्यक्ष भंवर कूकणा, हेमंत सिंह यादव, श्रीकृष्ण गोदारा, सुभाष स्वामी, पूनम भांभू, प्रीति मेघवाल सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस और सेवादल कार्यकर्ता मौजूद रहे। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि पीबीएम अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
बेगूसराय में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने विपक्ष पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव को आड़े हाथों लिया। मुरादाबाद में आयोजित सपा के पीडीए सम्मेलन में राज्यसभा सांसद जावेद अली ने कहा था कि 'हिंदू बहुसंख्यक जहरीले हो गए हैं' इसपर गिरिराज सिंह ने कहा कि जावेद अली हों या अखिलेश यादव हों, यह बयान देना कि हिंदू जहरीला हो गया है, असल में उन लोगों के लिए है जो खुद कट्टरपंथी और देश विरोधी हो चुके हैं। हिन्दू उसके लिए जहरीले हो गए हैं जो देश विरोधी हैं। धार्मिक स्थलों पर देश को टुकड़े-टुकड़े करने की बात करते हैं। अखिलेश के इशारे पर जावेद ये बोल रहे हैं। इसका खामियाजा अखिलेश यादव को चुनावों में भुगतना पड़ेगा। वे साफ करें कि क्या यह उनके इशारे पर बोला गया है। अगर नहीं, तो वे इसका खंडन क्यों नहीं कर रहे। अगर ऐसा ही रहा तो हिंदू अब एक-एक पाई का हिसाब लेगा कि हम कितने जहरीले हैं और किसको-किसको काटेंगे। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राहुल गांधी देश के वफादार नहीं हैं। गिरिराज सिंह ने कहा राहुल गांधी मुंगेरीलाल के हसीन सपने देख रहे हैं। उन्हें 2029 तो क्या, 2039 में भी प्रधानमंत्री बनने का मौका नहीं मिलने वाला है। राहुल गांधी को देश से प्रेम नहीं है। जिसे देश से प्रेम नहीं, देश को भी उससे कोई प्रेम नहीं हो सकता। मोदी आपदा में अवसर ढूंढते, राहुल अवसर में आपदा दुनिया आज भारत की ताकत को स्वीकार कर रही है। नरेंद्र मोदी ने वैश्विक पटल पर भारत का नाम ऊंचा किया है। नरेंद्र मोदी आपदा में भी देश के लिए अवसर निकाल लेते हैं, जबकि राहुल गांधी बने-बनाए अवसर में भी आपदा ढूंढ लेते हैं। यही कारण है कि पीएम मोदी जहां जीत की सेंचुरी लगाते हैं, वहीं राहुल गांधी हार की सेंचुरी लगाने में माहिर हैं। देश और गरीबों के लिए जीते हैं मोदी गिरिराज सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज देश की जनता के दिलों के बेहद करीब हैं। क्योंकि उनका एकमात्र संकल्प भारत का वैभव है। वह केवल और केवल देश के लिए जीते हैं, गरीबों के लिए जीते हैं। यही उनका संकल्प है और भारत के वैभव के लिए जीते हैं। जबकि विपक्ष के पास देश के विकास के लिए कोई विजन नहीं है।
फतेहाबाद जिले के रतिया क्षेत्र के गांव मीराना के पास पिकअप गाड़ी की टक्कर से बाइक सवार दो सगे भाईयों की मौत हो गई। दोनों सगे भाई रतिया तहसील में काम निपटा कर गांव प्लाटा की तरफ जा रहे थे। इसी दौरान गाड़ी ड्राइवर ने टक्कर मार दी। मृतकों की पहचान गांव प्लाटा निवासी कर्म सिंह (58) और रंजीत सिंह के रूप में हुई है। दोनों भाई खेती-बाड़ी का काम करते थे। जानकारी के अनुसार, दोनों भाई किसी काम से रतिया तहसील में पटवारी के पास गए थे। काम निपटाने के बाद वे अपनी बाइक पर सवार होकर गांव प्लाटा लौट रहे थे। मीराना गांव के पास सामने से आ रही पिकअप गाड़ी के ड्राइवर ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही दोनों भाई बाइक समेत सड़क पर जा गिरे। टक्कर मारने के बाद ड्राइवर पिकअप को मौके पर ही छोड़कर फरार हो गया। आसपास के लोगों ने आकर पहुंचाया अस्पताल आसपास के लोग आवाज सुनकर दौड़कर उनकी तरफ आए और दोनों भाईयों को तत्काल रतिया के सिविल अस्पताल पहुंचाया। मगर वहां डॉक्टर ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। सूचना पाकर परिजन व पुलिसकर्मी मौके पर पहुंची। सदर थाना प्रभारी प्रहलाद राय ने भी मौके का निरीक्षण किया। एसएचओ ने बताया कि, पुलिस ने फिलहाल पिकअप को कब्जे में लेकर आरोपी ड्राइवर की तलाश शुरू कर दी है। पिकअप के नंबरों के आधार पर आरोपी का पता किया जा रहा है।
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में कहा है कि किसी आरोपी का जांच में सहयोग करने का दायित्व, जांच एजेंसी को संतुष्ट करने वाले जवाब देने के दायित्व के बराबर नहीं माना जा सकता। अदालत ने स्पष्ट किया कि जांच अधिकारी की अपेक्षा के अनुरूप जवाब न देना अपने आप में असहयोग नहीं है। यह टिप्पणी न्यायमूर्ति मनदीप पन्नू ने फरीदाबाद में दर्ज धोखाधड़ी और जालसाजी के एक मामले में आरोपी महिला को अग्रिम जमानत देते हुए की। महिला की अग्रिम जमानत याचिका पहले इस आधार पर खारिज कर दी गई थी कि उसने जांच में सहयोग नहीं किया और उसकी हिरासत में पूछताछ जरूरी है। जांच एजेंसी का कहना था कि महिला ने विवादित बिक्री समझौते पर हस्ताक्षर करने वाले व्यक्ति और गवाह के संबंध में पूछे गए सवालों के संतोषजनक जवाब नहीं दिए। हाईकोर्ट ने क्या कहाअदालत ने रिकॉर्ड का अवलोकन करने के बाद पाया कि महिला जांच में शामिल होती रही और जब-जब बुलाया गया, वह जांच अधिकारी के सामने पेश हुई। केवल इस वजह से कि उसने जांच एजेंसी की अपेक्षा के अनुसार जवाब नहीं दिए, उसे असहयोगी नहीं माना जा सकता।न्यायमूर्ति पन्नू ने कहा कि जांच में सहयोग का अर्थ है जांच में शामिल होना और जांच एजेंसी के लिए स्वयं को उपलब्ध कराना। आरोपी को जांच में भाग लेने के लिए कहा जा सकता है, लेकिन उसे ऐसे जवाब देने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता जो उसके खिलाफ जाएं या जिनकी जानकारी उसे न हो।जांच एजेंसी का काम है सच्चाई पता करनाहाईकोर्ट ने कहा कि बिक्री समझौते पर हस्ताक्षर किसने किए और गवाह कौन था, इसकी पुष्टि करना जांच एजेंसी की जिम्मेदारी है। यह तथ्य जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों से स्थापित किए जाने चाहिए, न कि केवल आरोपी के जवाबों पर निर्भर होकर।हिरासत में पूछताछ जरूरी नहींअदालत ने माना कि मामले के इस चरण में केवल उक्त सवालों के जवाब हासिल करने के लिए महिला की हिरासत में पूछताछ उचित नहीं है। चूंकि वह पहले से अंतरिम संरक्षण के आदेश के तहत जांच में शामिल हो चुकी थी, इसलिए उसे अग्रिम जमानत का लाभ दिया जाना चाहिए।याचिका स्वीकार करते हुए हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि गिरफ्तारी की स्थिति में महिला को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 के तहत निर्धारित वैधानिक शर्तों के अधीन अग्रिम जमानत पर रिहा किया जाए।
इंदौर में गुटकेश्वर मंदिर से सदर बाजार रोड तक सड़क चौड़ीकरण निर्माण कार्य में बाधक निर्माण हटाने के लिए नगर निगम रिमूवल की कार्रवाई कर रही है। सोमवार सुबह गुटकेश्वर मंदिर से लेकर सदर बाजार रोड तक सड़क चौड़ीकरण निर्माण कार्य में बाधक बन रहे निर्माणों को हटाने की कार्रवाई शुरू हुई। निगम के रिमूवल विभाग द्वारा भारी पुलिस बल और पोकलेन-जेसीबी मशीनों के साथ यह कार्रवाई की जा रही है। कार्रवाई सुबह 8 बजे शुरू हुई। अब तक 80 से अधिक मकानों को तोड़ा जा चुका है, प्रशासन ने करीब 85 मकानों को तोड़ने जाने के नोटिस दिया था। रिमूवल अधिकारी अंकेश बिरथरिया के मुताबिक कार्रवाई में 9 पोकलेन मशीन, 5 जेसीबी, 100 से अधिक निगमकर्मी मौके पर मौजूद है। हालांकि, रहवासियों का आरोप है कि बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था, प्लॉट या फ्लैट का मुआवजा दिए बिना ही प्रशासन उनके 4-4 पीढ़ियों पुराने आशियानों को जमींदोज कर रहा है। कार्रवाई की जद में आईं बेघर और बुजुर्ग महिलाओं ने निगम की इस कार्रवाई को अमानवीय बताते विरोध किया है। बिना पुनर्वास उजाड़ दिए घर स्थानीय रहवासियों का आरोप है कि प्रशासन द्वारा बिना किसी उचित मुआवजे या पुनर्वास (प्लॉट/फ्लैट) की वैकल्पिक व्यवस्था किए बिना ही उनके सालों पुराने मकानों को बेरहमी से जमींदोज किया जा रहा है। इस कार्रवाई से सबसे ज्यादा प्रभावित वो बुजुर्ग, विधवा और निराश्रित लोग हो रहे हैं, जिनका इस दुनिया में सिर छुपाने के लिए इस आशियाने के अलावा कोई दूसरा आसरा नहीं था। 65 साल की उम्र हो गई, 4 पीढ़ी का आशियाना उजड़ गया निगम के बुलडोजर चलते देख अपने आंसुओं को न रोक पाने वाली बुजुर्ग कृष्णा पाठक ने रोते हुए बताया कि इस कार्रवाई में उनका पूरा का पूरा मकान जमींदोज हो गया है। बुजुर्ग ने कहा कि हमारी चार पीढ़ी से परिवार इसी गुटकेश्वर मंदिर मार्ग पर रह रहा है। मेरा जन्म भी इसी मकान में हुआ था और आज मेरी उम्र 65 साल हो चुकी है। इस मकान में हमारे 5 परिवार एक साथ रहते थे, सबका सब चला गया। मैं तो अकेली विधवा हूं, मेरा भी मकान तोड़ दिया। प्रशासन ने हमें कोई मुआवजा नहीं दिया, कुछ भी नहीं मिला। सरकारी जमीन को छोड़ा, हमारे आसियाने चुने कृष्णा पाठक ने प्रशासन की भेदभावपूर्ण कार्रवाई पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, सामने सरकारी जमीन खाली पड़ी है। प्रशासन ने उस सरकारी जमीन को तो छुए बिना वैसे ही छोड़ दिया और हमारे आशियानो को निशाना बनाकर तोड़ दिया। नोटिस दिया था, लेकिन जब हमारे पास रहने का कोई दूसरा ठिकाना ही नहीं है, तो हम उस नोटिस का क्या करते? हम तो यहीं पैदा हुए थे और यहीं मरने की सोच रहे थे, लेकिन बीच में ही हमारा सब कुछ छीन लिया गया। निराश्रित पति-पत्नी हैं, बच्चे भी नहीं एक अन्य प्रभावित महिला राजकुमारी मिश्रा (47 वर्ष) ने अपने पूरे घर को बिखरते देख अपनी बेबसी जाहिर की। राजकुमारी और उनके पति दोनों निराश्रित हैं और उनके आगे-पीछे कोई बच्चा या सहारा देने वाला नहीं है। उन्होने कार्रवाई में अपना मकान टूटते हुए देख कहा कि हम पति-पत्नी दोनों निराश्रित हैं। हमारे बच्चे भी नहीं हैं। नोटिस तो पहले भी आए थे, लेकिन प्रशासन को नोटिस देने के साथ-साथ हमारे जाने के लिए दूसरी जगह का इंतजाम भी तो करना था। हमें कोई मुआवजा नहीं दिया जा रहा, रहने को कोई फ्लैट नहीं दे रहे और न ही कोई हमारी मदद कर रहा है। 6 फुट के किचन पर भी चला बुलडोजर जब उनसे पूछा गया कि कितना फीट मकान तोड़ा गया, तो उन्होंने बताया कि करीब 15 फीट हिस्सा तोड़ा जा चुका है, जिसमें उनका किचन भी शामिल था। उन्होंने कहा, यह हमारा सिर्फ 6 फुट का छोटा सा किचन बचा है। अधिकारी बोल रहे हैं कि इसे भी तोड़ो। अब आप ही बताओ, अगर यह किचन भी तोड़ देंगे तो हम कहां जाएंगे? क्या रोड पर बैठेंगे? क्या मोदी जी हमें अपने घर में रख लेंगे? इस छोटी सी बची हुई जगह में कोई इंसान कैसे रहेगा? यहीं किचन है, तो हम सोएंगे कहां, खाएंगे कहां और बनाएंगे कहां? हमें मुआवजा नहीं, तो रहने की जगह दो गुटकेश्वर मंदिर से सदर बाजार रोड के बीच बेघर हुए इन परिवारों का कहना है कि वे शहर के विकास और सड़क चौड़ीकरण के विरोधी नहीं हैं, लेकिन बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के इस तरह लोगों को बेघर करना कतई न्यायसंगत नहीं है। पीड़ितों ने रोते हुए प्रशासन से गुहार लगाई है कि बेघर हुए परिवारों को तुरंत रहने के लिए प्लॉट, फ्लैट या कोई अन्य पक्की जगह आवंटित की जाए। बिना पुनर्वास की व्यवस्था किए बची हुई बसाहटों पर तोड़फोड़ की कार्रवाई तुरंत रोकी जाए। पक्षपातपूर्ण कार्रवाई बंद कर, वास्तविक सरकारी जमीनों से अतिक्रमण हटाया जाए, न कि पीढ़ियों से रह रहे गरीबों के मकान तोड़े जाएं।
हनुमानगढ़ में तेज बारिश, गर्मी से मिली राहत:प्री-मानसून गतिविधियों से बदला मौसम, तापमान में गिरावट
हनुमानगढ़ जिले में सोमवार सुबह प्री-मानसून गतिविधियों के कारण मौसम का मिजाज बदल गया। सुबह हल्की बूंदाबांदी के बाद करीब दस बजे तेज बारिश शुरू हुई, जो आधे घंटे तक चली। इस बारिश से भीषण गर्मी और उमस से लोगों को काफी राहत मिली। शहर के कई इलाकों में पानी भर गया। जिला मुख्यालय के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों से भी बारिश की सूचना मिली है। मौसम में आए इस बदलाव से सुबह के समय वातावरण में ठंडक महसूस की गई और पिछले कई दिनों से चल रही गर्म हवाओं का असर खत्म हो गया। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, अगले दो-तीन दिनों तक इसी तरह का मौसम बना रह सकता है। मौसम विभाग ने 16 जून को भी आंधी, बिजली चमकने और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है, जिससे तापमान में और गिरावट आ सकती है। हालांकि, दिन के समय धूप निकलने से उमस लोगों को परेशान कर सकती है। हवा में नमी बढ़ने के कारण तापमान कम होने के बावजूद गर्मी का अहसास बना रह सकता है। सोमवार दोपहर 12 बजे तक आसमान में घने बादल छाए रहे। पूर्वानुमान के मुताबिक, 17 जून को अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जो पिछले दिनों की तुलना में काफी कम रहेगा। कृषि विशेषज्ञों ने प्री-मानसून की इन गतिविधियों को खरीफ फसलों की तैयारी कर रहे किसानों के लिए सकारात्मक संकेत बताया है। उनका मानना है कि गर्मी से झुलस रहे नरमे के पौधों को नया जीवन मिलेगा और बारानी (गैर-सिंचित) इलाकों में बुवाई का रकबा बढ़ेगा। आम लोगों को मौसम में अचानक आए इस बदलाव से राहत मिली है। हालांकि, आंधी और बिजली गिरने की संभावनाओं को देखते हुए उन्हें सतर्क रहने की सलाह भी दी गई है।
शेखपुरा में सोमवती अमावस्या के अवसर पर सोमवार को जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में सैकड़ों सुहागिन महिलाओं ने पीपल वृक्ष की परिक्रमा कर पूजा-अर्चना की। सुबह से ही विभिन्न स्थानों पर महिलाओं की भीड़ देखी गई। ज्येष्ठ अधिक मास की अमावस्या को विशेष मानते हुए, महिलाओं ने अपने परिवार की सुख-समृद्धि और पति की लंबी उम्र, धन-धान्य तथा अच्छे स्वास्थ्य की कामना की। महिलाओं ने ब्राह्मणों को दिया दान पीपल वृक्ष की परिक्रमा के उपरांत महिलाओं ने सत्यवान और सावित्री की कथा सुनी और ब्राह्मणों को दान दिया। इस अमावस्या के साथ ही अधिक मास (पुरुषोत्तम मास) का समापन हो गया, जिसके बाद पिछले एक माह से रुके हुए सभी मांगलिक कार्य पुनः शुरू हो जाएंगे। सोमवती अमावस्या के इस आयोजन में महिलाएं नए परिधानों में सजकर अपने आसपास के पीपल के पेड़ों के नीचे पूजा-अर्चना करती दिखीं। शेखपुरा और बरबीघा के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में सुबह से ही सुहागिन महिलाओं में इस व्रत को लेकर खासा उत्साह देखा गया। बड़ी संख्या में महिलाएं टोलियां बनाकर पीपल वृक्ष के नीचे पूजा और परिक्रमा करती रहीं। कई स्थानों पर तो सूर्योदय से पहले ही महिलाओं की भीड़ पीपल वृक्षों के आसपास जमा हो गई थी।
बिजली के तारों में फंसे बंदर को बचाया VIDEO:11 हजार वॉल्ट बिजली के करंट से बड़ा हादसा होते-होते बचा
शहर के बी-6 हसनखां मेवात नगर में एक बंदर का बच्चा कहीं से नेट (जाल) में उलझकर सीधे बिजली के पोल पर जा फंसा। रोंगटे खड़े कर देने वाली बात यह थी कि उस समय तारों में हाई-वोल्टेज करंट दौड़ रहा था। वहीं पोल के पास दूसरे बंदर भी अपने साथी को बचाने के लिए बेकाबू होकर मशक्कत कर रहे थे। आसपास के लोगों को करंट से कोई घटना होने का डर भी था। लेकिन स्थानीय युवकों की सूझबूझ और फुर्ती ने बेजुबान की जान बचा ली। भांजे ने की सूचना पर मामा ने संभाली कमान स्थानीय निवासी मनोज आहूजा ने बताया कि उनका भांजा हेमंत खंडेलवाल दौड़ता हुआ उनकी शॉप पर आया और बताया कि एक बंदर बिजली के खंभे पर फंसा हुआ है। जबकि लाइन में करंट भी आ रहा है। दूसरे बंदर उसे बचाने में लगे हैं। करंट से बदंरों की जान जा सकती है। इसके बाद सबसे पहले सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विद्युत विभाग से संपर्क कर इलाके की बिजली बंद करवाई गई। बिजली बंद होते ही टीम और स्थानीय युवकों ने मिलकर भारी मशक्कत की और बंदर के बच्चे को बिना कोई नुकसान पहुंचाए जाल से सुरक्षित बाहर निकाल लिया। रेस्क्यू के तुरंत बाद पोल पर फंसे पूरे नेट/जाल को हटवाया गया, ताकि भविष्य में कोई और बेजुबान पक्षी या जानवर इसमें न फंस सके। मौके पर मौजूद परिवार के सदस्यों और मोहल्ले वासियों ने बेजुबान की जान बचाने वाले मनोज आहूजा, हेमंत और रेस्क्यू टीम को धन्यवाद दिया।
पर्यावरण बचाने और कचरा प्लांट हटाने के विरोध में पदमपुर क्षेत्र के गांव नरसिंहपुरा बारानी के ग्रामीणों ने सोमवार को गौधाम गौशाला में सद्बुद्धि यज्ञ किया। यज्ञ में सैकड़ों ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से आहुति दी और प्रशासन से मांग की कि गांव में प्रस्तावित कचरा संग्रहण प्लांट तुरंत हटाया जाए। यज्ञ में कांग्रेस जिलाध्यक्ष व श्रीकरणपुर विधायक रुपिंद्र सिंह कुन्नर ने भी हिस्सा लिया और आहुति देकर ग्रामीणों का समर्थन किया। विधायक ने कहा कि ग्रामीणों की मांग पूरी तरह जायज है। सरकार और प्रशासन अगर ग्रामीणों की भावनाओं और मांगों पर तुरंत विचार नहीं करता तो पूरा क्षेत्र बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होगा। नरसिंहपुरा बारानी के किसान और स्थानीय लोग कचरा प्लांट के कारण अपने खेती-किसानी, मवेशियों और स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव को लेकर बेहद आक्रोशित हैं। ग्रामीणों ने कहा कि प्लांट से निकलने वाली बदबू, प्रदूषण और मक्खी-मच्छरों से पूरा इलाका प्रभावित होगा। बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर इसका सीधा असर पड़ेगा। इसलिए हम अपने गांव को कचरे का अड्डा नहीं बनने देंगे। विधायक रुपिंद्र सिंह कुन्नर ने यज्ञ के बाद ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि वे इस मुद्दे को विधानसभा में भी उठाएंगे और जिला प्रशासन के साथ बैठक कर समाधान निकालने का प्रयास करेंगे।
बहादुरगढ़ के नजफगढ़ रोड स्थित चांद मेडिकल स्टोर और शिवम फिजियोथैरेपी सेंटर में अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते दोनों प्रतिष्ठानों में रखा सामान इसकी चपेट में आ गया। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आगजनी की इस घटना में मेडिकल स्टोर की दवाइयां, मेडिकल उपकरण तथा फिजियोथैरेपी सेंटर का कीमती सामान जलकर राख हो गया, जिससे लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान है। आग लगने की खबर फैलते ही आसपास के बाजार में अफरातफरी का माहौल बन गया। दुकानदार अपनी-अपनी दुकानों से सामान सुरक्षित निकालने में जुट गए। हालांकि समय रहते आग पर काबू पा लिया गया, जिससे आसपास की अन्य दुकानों को नुकसान होने से बचा लिया गया। राहत की बात यह रही कि घटना में कोई जनहानि नहीं हुई। वहीं दूसरी ओर, देर रात बालौर गांव में स्थित एक टेंट हाउस में भी आग लग गई। आग ने कुछ ही देर में विकराल रूप धारण कर लिया और टेंट हाउस में रखा लाखों रुपये का सामान जलकर नष्ट हो गया। सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया। प्रारंभिक जांच में दोनों स्थानों पर आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। प्रशासन और संबंधित विभागों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आग लगने के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल दोनों घटनाओं में हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आज (15 जून) UPSC परीक्षा पास करने वाले छात्रों को सम्मानित किया। इस अवसर पर उनके पेरेंट्स भी मौजूद रहे। यह सम्मान समारोह पंजाब भवन में आयोजित किया गया। यह छात्र है जिन्होंने परीक्षा पास की थी संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) सिविल सेवा परीक्षा 2025 में पंजाब के कई उम्मीदवारों ने शानदार प्रदर्शन किया। पटियाला जिले के नाभा की रहने वाली सिमरनदीप कौर ने ऑल इंडिया रैंक (AIR) 15 हासिल कर पंजाब में सबसे बेहतर प्रदर्शन किया। किसान परिवार से संबंध रखने वाली सिमरनदीप प्रदेश की टॉपर बनीं। पटियाला जिले के राजपुरा की रसनीत कौर ने AIR 51 हासिल की। एक बिजली लाइनमैन की बेटी रसनीत ने बिना किसी कोचिंग के पहले ही प्रयास में यह सफलता प्राप्त की। वहीं फरीदकोट के सुनावरदीप सिंह मसोण ने AIR 76 हासिल की। पंजाब सहकारिता विभाग में ग्रेड-बी इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत सुनावरदीप को तीसरे प्रयास में सफलता मिली। इसके अलावा बठिंडा की नवनीत कौर ने AIR 111, फाजिल्का की आकृति सिंगला ने AIR 122 और कपूरथला जिले के फगवाड़ा के सिदक सिंह ने AIR 157 हासिल की। सिदक सिंह ने अपने छठे प्रयास में यह उपलब्धि हासिल की। जालंधर की आरुषि ने AIR 184 प्राप्त की। उन्होंने जिला प्रशासन द्वारा संचालित मुफ्त कोचिंग कार्यक्रम से तैयारी की थी। वहीं लुधियाना जिले के खन्ना क्षेत्र के भम्मादी गांव के जसकरन सिंह ने AIR 240 हासिल की। मोहाली की कृतिक चौधरी ने इस साल की यूपीएससी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पूरे देश में 312वीं रैंक हासिल की है। कृतिका के पिता, राजीव कुमार गुर्जर, पंजाब पुलिस में इंस्पेक्टर के पद पर तैनात हैं। परिवार ने हमेशा शिक्षा और अनुशासन पर जोर दिया, जिससे कृतिक को अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने में मदद मिली। कृतिक ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि यूपीएससी परीक्षा कठिन होने के साथ मानसिक रूप से भी चुनौतीपूर्ण है। उन्होंहोशियारपुर के लार्सन सिंगला ने AIR 936 प्राप्त की। वे वर्तमान में पंजाब में तहसीलदार के पद पर कार्यरत हैं।
अमेठी में ऑपरेशन चक्रव्यूह के 100 दिन पूरे:चोरी 52% और लूट 85% घटी, 608 अपराधी जेल भेजे गए
अमेठी पुलिस के 'ऑपरेशन चक्रव्यूह' ने अपने 100 दिन पूरे कर लिए हैं। 1 मार्च को शुरू हुए इस अभियान के तहत जिले में टेक्नोलॉजी और डेटा आधारित पेट्रोलिंग के जरिए अपराधियों पर प्रभावी कार्रवाई की गई है। इसके परिणामस्वरूप चोरी की घटनाओं में 52 प्रतिशत और लूट की घटनाओं में 85 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। पुलिस अधीक्षक सरवणन टी के नेतृत्व में कानून व्यवस्था में सुधार के उद्देश्य से 'ऑपरेशन चक्रव्यूह' की शुरुआत की गई थी। इस 100 दिवसीय अभियान का मुख्य फोकस वैज्ञानिक, डेटा आधारित और टेक्नोलॉजी बेस्ड पुलिस पेट्रोलिंग के माध्यम से अपराध पर अंकुश लगाना था। संवेदनशील हॉटस्पॉट चिन्हित इस ऑपरेशन में जीआईएस (GIS) टेक्नोलॉजी का उपयोग किया गया। पुलिस ने पिछले तीन वर्षों में जिले में हुई चोरी और लूट की सभी घटनाओं के स्थानों की मैपिंग की। इस मैपिंग के आधार पर संवेदनशील हॉटस्पॉट चिन्हित किए गए, जहां रात-दिन गश्त और चेकिंग बढ़ाई गई। अपराधियों के बीच 8 मुठभेड़ अभियान के दौरान जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में पुलिस और अपराधियों के बीच 8 मुठभेड़ हुईं। अब तक कुल 608 अपराधियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। इसके अतिरिक्त, 2 करोड़ 56 लाख रुपये के मादक पदार्थ भी बरामद किए गए, जिससे नशे के कारोबार पर भी अंकुश लगा है। एसपी अमेठी ने बताया कि टेक्नोलॉजी के साथ पुलिसिंग का यह मॉडल भविष्य में भी जारी रहेगा, ताकि अमेठी को अपराध मुक्त बनाया जा सके।
पायल में अकाली दल वारिस पंजाब दे ने सांसद अमृतपाल सिंह खालसा और बंदी सिखों की रिहाई की मांग को लेकर एक विशाल रोष मार्च निकाला। लगभग 12 किलोमीटर लंबे इस मार्च में बड़ी संख्या में युवाओं और पार्टी समर्थकों ने हिस्सा लिया। मार्च के दौरान नेताओं ने बंदी सिखों और अमृतपाल सिंह की रिहाई के मुद्दे पर केंद्र और राज्य सरकारों की आलोचना की। रोष मार्च में अमृतपाल सिंह खालसा के पिता तरसेम सिंह खालसा ने कहा कि बंदी सिख अपनी सजा पूरी कर चुके हैं, लेकिन उन्हें अभी तक रिहा नहीं किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार उन्हें पैरोल भी नहीं दे रही है। तरसेम सिंह ने दोहराया कि सिख समुदाय के अधिकारों और सम्मान के लिए संघर्ष जारी रहेगा। पंजाब के साथ भेदभाव का आरोप तरसेम सिंह खालसा ने यह भी कहा कि पंजाब के साथ विभिन्न क्षेत्रों में भेदभाव हो रहा है। उन्होंने श्री अकाल तख्त साहिब की बैठक का उल्लेख करते हुए सुझाव दिया कि यदि बंदी सिखों की रिहाई के लिए कोई बड़ा आंदोलन शुरू होता है तो उसकी अगुवाई श्री अकाल तख्त साहिब को करनी चाहिए। उन्होंने बताया कि अमृतपाल सिंह की रिहाई के लिए लगातार प्रयास जारी हैं। कोशिश है कि उन्हें चुनावों से पहले रिहा कराया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने बाधाएं डालीं, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। समाजिक संतुलन को दिया जाएगा ध्यान इस मार्च के दौरान विधायक मनप्रीत सिंह इयाली का बयान चर्चा का विषय रहा। इयाली ने कहा कि वह पंथ की सेवा के लिए समर्पित हैं और उन्हें किसी पद या अध्यक्षता की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में भाई अमृतपाल सिंह खालसा पंजाब में मुख्यमंत्री पद का चेहरा (CM फेस) होंगे। इयाली ने आगे कहा कि भविष्य में बनने वाली सरकार में सामाजिक संतुलन को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने दावा किया कि एक हिंदू और एक दलित समुदाय से जुड़े नेता को उपमुख्यमंत्री बनाया जाएगा। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। पार्टी नेता संदीप रुपालों ने पुष्टि की कि पायल में निकाले गए 12 किलोमीटर लंबे रोष मार्च में युवाओं की भारी भागीदारी देखी गई।
चंडीगढ़ की पहचान मानी जाने वाली सुखना लेक पर अब आवारा कुत्तों और अन्य पशुओं को कहीं भी खाना खिलाने की अनुमति नहीं होगी। नगर निगम (एमसी) ने लेक परिसर में कम्युनिटी एनिमल्स के लिए 8 निर्धारित फीडिंग प्वाइंट्स को अंतिम मंजूरी दे दी है। अब डॉग लवर्स और पशु प्रेमियों को केवल इन्हीं चिन्हित स्थानों पर भोजन उपलब्ध कराना होगा। नगर निगम का कहना है कि इस फैसले का उद्देश्य लेक परिसर में स्वच्छता बनाए रखना, पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और पशुओं के लिए व्यवस्थित भोजन व्यवस्था तैयार करना है। 15 दिन तक मांगे गए थे सुझाव और आपत्तियां नगर निगम ने 19 मई को सार्वजनिक नोटिस जारी कर सुखना लेक में प्रस्तावित फीडिंग प्वाइंट्स को लेकर आम लोगों से सुझाव और आपत्तियां मांगी थीं। इसके लिए 15 दिनों का समय दिया गया था। मेडिकल ऑफिसर ऑफ हेल्थ (एमओएच) के अनुसार निर्धारित अवधि के दौरान किसी भी व्यक्ति, संस्था या संगठन की ओर से कोई आपत्ति या सुझाव प्राप्त नहीं हुआ। इसके बाद प्रशासन ने प्रस्तावित सभी स्थानों को बिना किसी बदलाव के अंतिम रूप से स्वीकृत कर दिया। गंदगी और सुरक्षा को लेकर उठ रहे थे सवाल सुखना लेक पर बड़ी संख्या में आवारा कुत्ते मौजूद हैं। कई पशु प्रेमी और पर्यटक लेक के वॉक-वे, गार्डन और खुले क्षेत्रों में कहीं भी खाना डाल देते थे। इससे एक ओर जहां लेक परिसर में गंदगी फैलती थी, वहीं दूसरी ओर पर्यटकों और स्थानीय लोगों की सुरक्षा को लेकर भी चिंताएं बढ़ रही थीं। कई बार भोजन के लिए एकत्रित होने वाले कुत्तों के कारण बच्चों, बुजुर्गों और सैर करने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ता था। नगर निगम का मानना है कि निर्धारित फीडिंग प्वाइंट्स बनने से पशुओं को भोजन भी मिलता रहेगा और अव्यवस्था पर भी नियंत्रण रहेगा। शहर में पहले से हैं 250 से ज्यादा फीडिंग प्वाइंट नगर निगम इससे पहले शहर के विभिन्न सेक्टरों में रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों (आरडब्ल्यूए) के सहयोग से 250 से अधिक डॉग फीडिंग प्वाइंट्स निर्धारित कर चुका है। इन स्थानों के अलावा सार्वजनिक जगहों पर भोजन डालने पर पहले से ही रोक लागू है। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि अभी भी कई लोग नियमों की अनदेखी कर मनमाने स्थानों पर भोजन डालते हैं, जिससे विवाद और गंदगी की स्थिति पैदा होती है। नियमों का पालन करने की अपील नगर निगम ने पशु प्रेमियों और आम नागरिकों से अपील की है कि वे केवल निर्धारित फीडिंग प्वाइंट्स का ही उपयोग करें। प्रशासन का कहना है कि इससे सुखना लेक की स्वच्छता, सुंदरता और पर्यटकों की सुरक्षा बनाए रखने में मदद मिलेगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई भी की जा सकती है। सुखना लेक पर ये होंगे अधिकृत फीडिंग प्वाइंट
उमरिया जिले में सोमवार को सोमवती अमावस्या श्रद्धा और धार्मिक उत्साह के साथ मनाई गई। सुहागिन महिलाओं ने पति की दीर्घायु और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए निर्जला व्रत रखा। उन्होंने विधि-विधान से पीपल वृक्ष की पूजा-अर्चना की। सुबह से ही महिलाएं पूजा सामग्री से सजी थाली लेकर मंदिरों और पीपल वृक्षों के पास पहुंचीं। उन्होंने पीपल पर जल अर्पित किया, चंदन-तिलक लगाया, दीप प्रज्वलित किए और पुष्प, श्रीफल, मिष्ठान सहित अन्य पूजन सामग्री चढ़ाई। इसके बाद महिलाओं ने पीपल वृक्ष की 108 परिक्रमा कर अखंड सौभाग्य और वैवाहिक सुख की कामना की। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सोमवती अमावस्या का विशेष महत्व होता है। इस वर्ष यह तिथि अधिक मास में पड़ने के कारण इसे और अधिक पुण्यदायी माना गया। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव, माता पार्वती, भगवान विष्णु तथा पितरों का स्मरण कर पूजा-पाठ और दान-पुण्य भी किया। मान्यता है कि सोमवती अमावस्या पर पीपल वृक्ष की पूजा और 108 परिक्रमा करने से अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है तथा परिवार में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहती है। जिले के विभिन्न मंदिरों और पूजा स्थलों पर दिनभर महिलाओं की भीड़ देखी गई।
मधुबनी के अंधरामठ थाना क्षेत्र के नया टोल घघोली गांव में एक नवविवाहिता गर्भवती महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतका की पहचान काजल कुमारी(19) के रूप में हुई है। परिजनों ने ससुराल पक्ष पर हत्या का गंभीर आरोप लगाया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। काजल कुमारी का विवाह इसी साल मार्च माह में घघोली गांव निवासी संतोष कुमार साह के साथ हुआ था। शादी के बाद से वह अपने ससुराल में रह रही थी। परिजनों के अनुसार, काजल दो माह की गर्भवती भी थी। हत्या कर मामले को छिपाने का किया प्रयास मृतका के परिजनों ने बताया कि रविवार सुबह उनकी काजल से फोन पर बात हुई थी, जिसमें सब कुछ सामान्य लग रहा था। हालांकि, रविवार शाम को गांव के कुछ लोगों ने उन्हें काजल की मौत की सूचना दी। ससुराल पहुंचने पर उन्हें काजल के निधन की जानकारी मिली। परिजनों का आरोप है कि काजल की हत्या कर मामले को छिपाने का प्रयास किया गया है। घटना की सूचना मिलते ही अंधरामठ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। मृतका के परिजनों द्वारा दिए गए लिखित आवेदन के आधार पर पुलिस ने पति संतोष कुमार साह को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विस्तृत जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।
जेके लोन अस्पताल में नर्सिंगकर्मियों को हटाए जाने के विरोध में सोमवार को नर्सिंगकर्मियों ने अस्पताल के ओपीडी काउंटर बंद कर दिए और वहीं धरने पर बैठ गए। सालों से अस्पताल में सेवाएं दे रहे कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि उन्हें बिना किसी लिखित आदेश और पूर्व सूचना के हटाए जाने के निर्देश दे दिए गए हैं। अब तक करीब डेढ सौ कर्मचारयों को हटाने की लिस्ट आ चुकी है। और नर्सिग अधीक्षक इस संबध में कोई चर्चा करने को तैयार नहीं है। तीन दिन से लगातार धरना दिया जा रहा है। कर्मचारियों के अनुसार जेके लोन अस्पताल में प्लेसमेंट एजेंसी के माध्यम से करीब 300 नर्सिंगकर्मी कार्यरत हैं। राज्य सरकार की नई भर्ती प्रक्रिया के तहत नियुक्त नर्सिंगकर्मियों के जॉइन करने के बाद पुराने स्टाफ को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन के दौरान अस्पताल परिसर में नारेबाजी की। इस दौरान उन्होंने जयपुर में आत्महत्या करने वाले एक नर्सिंगकर्मी साथी की तस्वीर वाले पोस्टर भी लगाए। कर्मचारियों का कहना है कि रोजगार छिनने की आशंका से कई परिवार मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं। ओपीडी काउंटर बंद होने से लाइन में लगे मरीज इस दौरान ओपीडी काउंटर के बाहर मरीजों की लाइन लग गई। नर्सिंगकर्मियों ने रजिस्ट्रेशन काउंटर समेत अन्य काउंटर बंद करवा दिए और धरना देकर नारेबाजी करना शुरू कर दिया। करीब एक घंटे तक ओपीडी काउंटर बंद रहे। इस दौरान मरीजों को काफी परेशान हुई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मौके पर पहुंचकर नर्सिंगकर्मियों से समझाइश की कोशिश की। कर्मचारी नर्सिंग अधीक्षक को मौके पर बुलाने की बात पर अड़ गए। इस दौरान उनकी पुलिसकर्मियों से बहस भी हुई। इसके बाद अस्पताल प्रशासन ने नर्सिंगकर्मियों से बात की और कहा कि लिस्ट प्रिसिंपल ऑफिस से आई है, वहां जाकर ही बात करनी पडे़गी। तीन साल की नियुक्ति है तो पूरा कार्यकाल मिलना चाहिए नर्सिंगकर्मियों ने कहा कि कर्मचारियों की नियुक्ति तीन साल के लिए की गई थी, इसलिए उन्हें पूरा कार्यकाल मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी समेत हर संकट की घड़ी में नर्सिंग स्टाफ ने कम वेतन में भी पूरी जिम्मेदारी के साथ सेवाएं दी हैं। इसके बावजूद आज उन्हें बिना नोटिस के हटाया जा रहा है। कर्मचारियों ने अनुभवी नर्सिंगकर्मियों को हटाने के बजाय उन्हें स्थायी किया जाने या दूसरी सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं में समायोजित करने की मांग की।
अफीम, डोडा पोस्त और हेरोइन जब्त:महिला सहित तीन तस्कर गिरफ्तार, पुलिस ने बाइक भी पकड़ी
हनुमानगढ़ जिले में नशा तस्करी और अवैध मादक पदार्थों के कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस ने तीन अलग-अलग कार्रवाई की है। रावतसर, सदर हनुमानगढ़ और संगरिया थाना पुलिस ने एक महिला सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से अफीम, डोडा पोस्त और हेरोइन (चिट्टा) बरामद की गई है। पुलिस ने तस्करी में प्रयुक्त एक बाइक भी जब्त की है। पुलिस के अनुसार, जिले में नशा तस्करी और अवैध मादक पदार्थों की बिक्री रोकने के लिए यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत विभिन्न थाना क्षेत्रों में कार्रवाई को अंजाम दिया गया। रावतसर थाना पुलिस ने गश्त के दौरान पल्लू रोड पर चक 29 डीडब्ल्यूडी के पास कार्रवाई करते हुए कैलाश चंद्र (35) निवासी पाछूंदा, जिला चित्तौड़गढ़ को 101 ग्राम अवैध अफीम के साथ गिरफ्तार किया। वहीं, सदर हनुमानगढ़ थाना पुलिस ने बाइक सवार जसविंद्र सिंह सैनी (25) निवासी गांव कालिया, श्रीगंगानगर को 43 किलो 730 ग्राम अवैध डोडा पोस्त सहित गिरफ्तार किया। पुलिस ने तस्करी में प्रयुक्त बाइक भी जब्त कर ली। इसी प्रकार, संगरिया थाना पुलिस ने रोही भगतपुरा क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए पूनम (30) निवासी वार्ड नंबर 1, संगरिया को 4.64 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) के साथ गिरफ्तार किया। आरोपी महिला के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, तीनों मामलों में अलग-अलग प्रकरण दर्ज किए गए हैं। आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाया जा रहा है कि मादक पदार्थ कहां से लाए गए थे और इन्हें किस क्षेत्र में सप्लाई किया जाना था। पुलिस तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी जानकारी जुटा रही है।
जींद जिले के ऐतिहासिक पांडू पिंडारा तीर्थ में जेठ मास की सोमवती अमावस्या पर सोमवार तड़के से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। दूर-दराज के क्षेत्रों से आए हजारों भक्तों ने पवित्र सरोवर में स्नान किया। उन्होंने अपने पितरों की आत्मा की शांति और मोक्ष के लिए कामना की। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जेठ मास की सोमवती अमावस्या का विशेष महत्व है। ऐसी मान्यता है कि पांडवों ने भी इस दुर्लभ संयोग के लिए 12 वर्षों तक प्रतीक्षा की थी और पांडू पिंडारा तीर्थ पर अपने पूर्वजों का तर्पण एवं पिंडदान किया था। इसी कारण इस दिन यहां स्नान और पितृ तर्पण का विशेष महत्व माना जाता है। ब्रह्ममुहूर्त में स्नान कर किया पिंडदान सोमवती अमावस्या के लिए श्रद्धालु रविवार शाम से ही पांडू पिंडारा पहुंचना शुरू हो गए थे। रातभर तीर्थ स्थल पर भक्तों का आना-जाना लगा रहा। सोमवार सुबह ब्रह्ममुहूर्त से ही श्रद्धालुओं ने सरोवर में स्नान कर पूजा-अर्चना की और अपने पितरों के निमित्त तर्पण और पिंडदान किया। सुरक्षा में 200 पुलिसकर्मी तैनात श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने व्यापक प्रबंध किए थे। जींद पुलिस ने विभिन्न स्थानों पर 9 पुलिस नाके लगाए और 200 पुलिसकर्मी तैनात किए। तीर्थ स्थल पर सुरक्षा, पेयजल, चिकित्सा सहायता, सफाई और यातायात नियंत्रण के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार व्यवस्थाओं की निगरानी करते रहे, जिससे श्रद्धालुओं को कोई परेशानी नहीं हुई। सोमवती अमावस्या पर विशेष महत्व पूरे दिन तीर्थ स्थल पर धार्मिक अनुष्ठान, भजन-कीर्तन और पूजा-पाठ जारी रहा। श्रद्धालुओं ने इस अवसर को अपने पूर्वजों के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। सोमवती अमावस्या पर पांडू पिंडारा तीर्थ एक बार फिर सनातन परंपराओं और आस्था का केंद्र बना।
मुजफ्फरपुर के पानापुर करियात थाने में युवक की कथित पिटाई और 70 हजार रुपए वसूली के मामले में मानवाधिकार आयोग ने एक्शन लिया है। तत्कालीन थानाध्यक्ष राजबल्लभ प्रसाद के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया है। साथ-ही बिहार के मुख्य सचिव, डीजीपी, डीएम और एसएसपी मुजफ्फरपुर को कारण बताओ नोटिस भी दिया गया है। जानिए क्या है पूरा मामला सरैया थाना क्षेत्र के बहिलवारा रुपनाथ निवासी अमन कुमार को 11 मार्च 2025 को सुबह करीब 3 बजे तत्कालीन पानापुर करियात थानाध्यक्ष राजबल्लभ प्रसाद ने गैरकानूनी तरीके से हिरासत में लिया था। जानकारी मिलने पर अमन के बहनोई रौशन प्रताप सिंह थाना पहुंचे थे। जहां पुलिस ने अमन कुमार को बंद कर रखा था। आरोप है कि थानाध्यक्ष ने छोड़ने के एवज में एक लाख रुपए की मांग की थी। जब रौशन प्रताप सिंह ने इसका विरोध किया तो आवेश में आकर थानाध्यक्ष ने उन्हें भी हाजत में बंद कर दिया था। मुंह, हाथ और पैर बांधकर उनके साथ काफी बेरहमी से मारपीट की गई थी। तत्कालीन थानाध्यक्ष पर 1 लाख मांगने का आरोप सूचना मिलने पर परिवार के सदस्य थाना पहुंचे। परिजनों का आरोप है कि जब दोनों को छोड़ने का आग्रह किया तो तत्कालीन थानाध्यक्ष राजबल्लभ प्रसाद ने एक लाख रुपए की मांग रखी। 70 हजार रुपए लेने के बाद दोनों को छोड़ा गया। रौशन प्रताप सिंह की बाइक को पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया, जिसे लौटाने के एवज में 30 हजार रुपए की मांग अलग से की। मारपीट में गंभीर रूप से घायल रौशन को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कांटी में लाया गया। जहां से बेहतर इलाज के लिए एसकेएमसीएच रेफर कर दिया था। इसके बाद मामला एनएचआरसी और बीएचआरसी के समक्ष पहुंचा। मानवाधिकार आयोग ने जताई नाराजगी आयोग ने इसे मानवाधिकार का घोर उल्लंघन मानते हुए बिहार के मुख्य सचिव से पूछा है कि पीड़ित को क्यों नहीं एक लाख रूपए का मुआवजा दिया जाए। साथ-ही-साथ थानाध्यक्ष के खिलाफ अब तक प्राथमिकी क्यों नहीं दर्ज की गई, इसपर भी आयोग की ओर से नाराजगी जाहिर की गई। आनन-फानन में पानापुर करियात थाना के थानाध्यक्ष द्वारा रविवार को रौशन की मां वीणा सिंह के नाम एक नोटिस जारी किया गया। 24 घंटे के अंदर थाना पर उपस्थित होकर आवेदन देने को कहा गया। रविवार शाम में ही वीणा सिंह के द्वारा पानापुर करियात थाना में तत्कालीन थानाध्यक्ष राजबल्लभ प्रसाद के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने हेतु आवेदन दिया गया। 'पीड़ित परिवार को मिलेगा न्याय' मानवाधिकार मामलों के जानकार अधिवक्ता एस. के. झा ने बताया कि यह मामला सरकार की व्यवस्था का पोल खोल रही है। कारण कि एक प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए पीड़ित परिवार को पटना से लेकर दिल्ली तक दौड़ लगानी पड़ी है। फिलहाल यह मामला एनएचआरसी और बीएचआरसी में चल रहा है। दोनों आयोगों के स्तर से पीड़ित परिवार को न्याय अवश्य मिलेगा, मुझे आयोग पर पूरा भरोसा है।
देवरिया में पासपोर्ट फर्जीवाड़ा उजागर:कूटरचित दस्तावेजों से दो-दो पासपोर्ट बनवाए, चार पर केस दर्ज
देवरिया जिले के गौरीबाजार थाना क्षेत्र में एक बड़े पासपोर्ट फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। एक ही व्यक्ति द्वारा फर्जी दस्तावेजों के सहारे दो-दो पासपोर्ट बनवाने का मामला सामने आया है। क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय लखनऊ और स्थानीय अभिसूचना इकाई (एलआईयू) की संयुक्त जांच के बाद चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। जांच रिपोर्ट के अनुसार, मदरसन निवासी अजय कुमार विश्वकर्मा ने साल 2017 में अपनी जन्मतिथि 1 जनवरी 1985 दर्शाकर पहला पासपोर्ट बनवाया था। आरोप है कि बाद में साल 2022 में उन्होंने कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों का उपयोग कर जन्मतिथि बदलकर 10 अगस्त 1990 कर दी और दूसरा पासपोर्ट भी जारी करवा लिया। इसी तरह, सोपरी बुजुर्ग निवासी अमित कुमार यादव ने साल 2017 में 9 जुलाई 1997 की जन्मतिथि के आधार पर पासपोर्ट प्राप्त किया था। उन पर आरोप है कि वर्ष 2020 में उन्होंने नाम, पता और जन्मतिथि में बदलाव कर दूसरा पासपोर्ट बनवा लिया। जांच में दो अन्य व्यक्तियों के नाम भी सामने आए हैं। गौरी बुजुर्ग निवासी बलिराम यादव पर माता-पिता के नाम और जन्मतिथि में बदलाव कर पासपोर्ट हासिल करने का आरोप है। वहीं, नरायनपुर तिवारी निवासी अनुज यादव पर अपने नाम, माता के नाम और गांव के विवरण में हेरफेर कर पासपोर्ट बनवाने का आरोप लगाया गया है। क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय लखनऊ द्वारा की गई गोपनीय जांच के बाद मामले की रिपोर्ट देवरिया पुलिस को भेजी गई थी। इसके आधार पर एलआईयू ने भी अपनी जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंपी। दस्तावेजों में गंभीर विसंगतियां मिलने के बाद गौरीबाजार थाने के उपनिरीक्षक झीनेलाल पासवान की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया है। पासपोर्ट जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज में फर्जीवाड़ा राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा एक गंभीर मामला है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि आरोपियों ने फर्जी दस्तावेज कहां से तैयार कराए और क्या इसके पीछे किसी संगठित गिरोह की भूमिका है। गौरीबाजार के थानेदार डॉ. महेंद्र कुमार ने बताया कि मामले की विवेचना शुरू कर दी गई है और संबंधित अभिलेखों की गहन जांच की जा रही है।
सीधी जिले के कमर्जी थाना क्षेत्र में सोमवार दोपहर कानून-व्यवस्था संभालने पहुंचे थाना प्रभारी इंद्राज सिंह पर कुल्हाड़ी और हंसिए से जानलेवा हमला किया गया। ग्राम पटपरा में सड़क जाम हटाने के दौरान उनके सिर पर गंभीर चोटें आईं। उन्हें तत्काल डायल-112 की मदद से जिला अस्पताल सीधी में एडमिट कराया गया। जानकारी के अनुसार, ग्राम पटपरा में सरकारी रास्ते को लेकर दो पक्षों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। एक पक्ष का आरोप है कि कुछ लोगों ने सरकारी मार्ग पर अतिक्रमण कर रखा है। इस संबंध में कई बार तहसील कार्यालय में आवेदन दिए गए थे। कार्रवाई न होने से नाराज लोगों ने चक्काजाम किया कार्रवाई न होने से नाराज लोगों ने सोमवार दोपहर करीब 12 बजे सड़क जाम कर दिया। सूचना मिलने पर थाना प्रभारी इंद्राज सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने लोगों को समझाइश देकर मार्ग खुलवाने का प्रयास किया। इसी दौरान कुछ लोगों ने उन पर टांगी (कुल्हाड़ी) और हंसिए से हमला कर दिया। हमले में थाना प्रभारी के सिर पर गंभीर चोटें आईं। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें भीड़ से सुरक्षित बाहर निकालकर जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका उपचार जारी था। 5 लोगों के खिलाफ नामजद केस दर्ज पुलिस ने इस मामले में दिनेश पटेल उर्फ गुंठी, सुनील पटेल, विनय पटेल, प्रीतम पटेल और रितेश उर्फ सिंटू पटेल को नामजद आरोपी बनाया। आरोप है कि सड़क जाम हटाने से रोकने पर आरोपियों ने पुलिस टीम के साथ मारपीट की और थाना प्रभारी पर धारदार हथियार से हमला किया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने घायल थाना प्रभारी का हालचाल जाना और डॉक्टरों से उपचार की जानकारी ली। एसपी बोले- गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही एसपी कोरी ने कहा कि थाना प्रभारी पर हमला गंभीर मामला है। पांच थानों का पुलिस बल और एसडीओपी को मौके पर भेजा गया। सभी पहलुओं से जांच की जा रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
SDM पर शिक्षक से बदसलूकी का आरोप:शिक्षक संघों ने निलंबन और सार्वजनिक माफी की मांग की
जौनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में सोमवार को शिक्षक संघों ने एसडीएम केराकत सुनील कुमार के खिलाफ प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने उन पर परीक्षा ड्यूटी के दौरान एक महाविद्यालय शिक्षक से कथित तौर पर अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाया है। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय शिक्षक संघ और तिलकधारी सिंह महाविद्यालय शिक्षक संघ के नेतृत्व में दर्जनों शिक्षकों ने जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट इंद्र नंदन सिंह को सौंपा और एसडीएम को निलंबित करने की मांग की। जिलाध्यक्ष राजेश कुमार सिंह ने बताया कि यह घटना 14 जून को टी.डी. लॉ कॉलेज में प्रवक्ता भर्ती परीक्षा (प्रारंभिक अर्हता परीक्षा-2025) के आयोजन के दौरान हुई थी। आरोप है कि एसडीएम सुनील कुमार ने टी.डी. कॉलेज के राजनीति विज्ञान विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. प्रशांत कुमार त्रिवेदी के साथ अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया, उन्हें जेल भेजने की धमकी दी और धक्का-मुक्की भी की। इस घटना से शिक्षक समुदाय में आक्रोश है। शिक्षक संघों का कहना है कि यह केवल एक शिक्षक के सम्मान का मामला नहीं, बल्कि जिले के समस्त महाविद्यालयों, माध्यमिक और प्राथमिक शिक्षकों की गरिमा और सामाजिक प्रतिष्ठा से जुड़ा विषय है। ड्यूटी पर तैनात शिक्षक के साथ ऐसा व्यवहार किसी भी स्थिति में अस्वीकार्य है। शिक्षक समाज ने इस बात पर जोर दिया कि प्रशासनिक अधिकारियों से शालीनता, संयम और मर्यादित आचरण की अपेक्षा की जाती है। ऐसी घटनाएं शिक्षकों के मनोबल को प्रभावित करने के साथ-साथ शासन और प्रशासन की छवि को भी धूमिल करती हैं। शिक्षक प्रतिनिधियों ने इस संबंध में तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने उपजिलाधिकारी सुनील कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने और डॉ. प्रशांत कुमार त्रिवेदी तथा समस्त शिक्षक समाज से सार्वजनिक रूप से क्षमा याचना कराने की मांग की। शिक्षक संगठनों ने विश्वास व्यक्त किया है कि इस मामले में शिक्षक समाज की भावनाओं का सम्मान करते हुए तत्काल और प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।
धार के बगड़ी क्षेत्र के ग्राम बांग्ला में तीन वर्षीय बच्ची पर आवारा कुत्ते के हमले की गंभीर घटना सामने आई है। रविवार शाम अपने घर के आंगन में खेल रही मासूम हितांशी पर अचानक एक आवारा कुत्ता टूट पड़ा और उसके चेहरे को बुरी तरह नोच लिया। इस हमले में बच्ची के चेहरे पर गंभीर चोटें आईं, जिसके बाद उसे पहले धार के निजी अस्पताल और फिर बेहतर इलाज के लिए इंदौर रेफर करना पड़ा। फिलहाल बच्ची की सर्जरी सफल रही है और उसकी हालत सामान्य बताई जा रही है, लेकिन घटना के बाद पूरे क्षेत्र में आवारा कुत्तों के बढ़ते खतरे को लेकर लोगों में चिंता और आक्रोश है। आंगन में खेलते समय हुआ हमला जानकारी के अनुसार ग्राम बांग्ला निवासी आनंद जाट की तीन वर्षीय बेटी हितांशी अपने घर के आंगन में खेल रही थी। इसी दौरान एक आवारा कुत्ता वहां पहुंचा और अचानक उस पर हमला कर दिया। इससे पहले कि परिवार के लोग कुछ समझ पाते, कुत्ते ने बच्ची के चेहरे पर कई जगह काट लिया। हमले की वजह से उसके चेहरे पर गहरे घाव हो गए और वह गंभीर रूप से घायल हो गई। गंभीर हालत में पहुंचाया गया अस्पताल बेटी की चीख-पुकार सुनकर परिजन मौके पर पहुंचे और किसी तरह उसे कुत्ते के चंगुल से छुड़ाया। इसके बाद घायल बच्ची को तुरंत धार के एक निजी अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने उसका प्राथमिक उपचार शुरू किया और चोटों की गंभीरता को देखते हुए लगातार इलाज किया गया। बच्ची की स्थिति चिंताजनक होने के कारण डॉक्टरों ने उसे इंदौर रेफर करने का फैसला लिया। चेहरे पर आए गहरे घाव बच्ची के पिता आनंद जाट ने बताया कि कुत्ते का हमला बेहद खतरनाक था। हमले में हितांशी की नाक और कान के पास का मांस तक निकल गया था। उसका चेहरा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था और कई जगह गहरे घाव बन गए थे। चेहरे की हालत देखकर पूरा परिवार घबरा गया था। डॉक्टरों ने बताया कि चोटें सामान्य नहीं थीं और तत्काल विशेषज्ञ उपचार की आवश्यकता थी। करीब 40 टांके लगाने पड़े धार में प्राथमिक उपचार के दौरान डॉक्टरों ने बच्ची के घावों का इलाज किया। पिता के अनुसार चेहरे पर हुए गंभीर जख्मों की वजह से हितांशी के चेहरे पर करीब 40 टांके लगाने पड़े। हालांकि चोटें इतनी गहरी थीं कि सिर्फ प्राथमिक उपचार पर्याप्त नहीं था। इसी वजह से उसे आगे के इलाज और सर्जरी के लिए इंदौर भेजा गया। दो घंटे तक चला उपचार धार के निजी अस्पताल के डॉ. मयंक महाजन ने बताया कि बच्ची को चेहरे पर गहरे घावों के साथ अस्पताल लाया गया था। डॉक्टरों की टीम ने करीब दो घंटे तक उसका उपचार किया। हालांकि चोटों की गंभीरता को देखते हुए बेहतर और विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा की जरूरत थी, इसलिए उसे इंदौर रेफर किया गया। इंदौर में हुई जटिल सर्जरी आनंद जाट ने बताया कि सोमवार सुबह इंदौर के एक निजी अस्पताल में हितांशी की सर्जरी शुरू हुई। सुबह करीब 8 बजे शुरू हुई यह सर्जरी लगभग 10 बजे तक चली। डॉक्टरों ने पहले चेहरे पर बने गहरे घावों की सफाई की और क्षतिग्रस्त हिस्सों का उपचार किया। इसके बाद नाक के प्रभावित हिस्से का पुनर्निर्माण किया गया। नाक की नली भी प्रभावित हो गई थी, जिसके कारण डॉक्टरों को जटिल प्लास्टिक एवं रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी करनी पड़ी। नाक के हिस्से को दोबारा किया व्यवस्थित सर्जरी के दौरान विशेषज्ञ डॉक्टरों ने नाक के क्षतिग्रस्त भाग को दोबारा व्यवस्थित किया और चेहरे के प्रभावित हिस्सों का पुनर्निर्माण किया। डॉक्टरों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि बच्ची के चेहरे को यथासंभव सामान्य स्वरूप में लाया जाए और भविष्य में किसी तरह की जटिलता न हो। कई चरणों में चली प्रक्रिया के बाद सर्जरी सफलतापूर्वक पूरी की गई। परिवार के लिए मुश्किल रहे हर पल पिता आनंद जाट ने बताया कि ऑपरेशन थिएटर के बाहर बिताया गया हर मिनट उनके लिए बेहद कठिन था। अपनी तीन साल की मासूम बेटी को इतनी गंभीर हालत में देखकर पूरा परिवार सदमे में था। सभी की निगाहें डॉक्टरों से मिलने वाली हर जानकारी पर टिकी थीं। परिवार लगातार बच्ची के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहा था। सफल रही सर्जरी, अब हालत सामान्य डॉक्टरों की मेहनत और समय पर मिले इलाज की वजह से हितांशी की सर्जरी सफल रही। सर्जरी के बाद बच्ची की स्थिति में सुधार आया है और फिलहाल वह डॉक्टरों की निगरानी में है। चिकित्सकों के अनुसार उसकी हालत सामान्य है और वह धीरे-धीरे स्वस्थ हो रही है। परिवार ने भी डॉक्टरों की टीम का आभार व्यक्त किया है। आवारा कुत्तों को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी इस घटना के बाद गांव और आसपास के क्षेत्र के लोगों में आवारा कुत्तों को लेकर नाराजगी बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से आवारा कुत्तों की संख्या बढ़ रही है, जिससे बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को खतरा बना हुआ है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि आवारा कुत्तों पर नियंत्रण के लिए तत्काल और ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को ऐसी दर्दनाक स्थिति का सामना न करना पड़े।
यूपी के बाराबंकी में रेड के दौरान पुलिस से डरकर एक जुआरी ने गोमती में छलांग लगा दी। करीब साढ़े 15 घंटे की सघन तलाश के बाद एसडीआरएफ को उसका शव बरामद हुआ। गल्ला कारोबारी युवक अपने दोस्तों के साथ जुआ खेलने के लिए गया था। तभी पुलिस ने रेड मार दी। पुलिस को देखते ही सभी जुआरी भागने लगे। 6 जुआरियों को पुलिस ने धर दबोचा, जबकि एक 36 साल का एक युवक पुलिस से बचने के लिए गोमती में कूद गया। युवक तैरना नहीं जानता था, इसलिए नदी में डूब गया। मृतक के भाई ने आरोप लगाया– पुलिस के सामने ही मेरा भाई डूब रहा था, तैरना नहीं जानता था। वह चिल्लाता रहा– बचाओ–बचाओ, पर पुलिस का कोई जवान पानी में उतरा तक नहीं। पुलिस ने उसे डूबने दिया। फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है। घटना जिला मुख्यालय से करीब 40 किलोमीटर दूर कोठी थाना क्षेत्र की है। तस्वीरें देखिए– अब पूरा मामला सिलसिलेवार पढ़िए– हैदरगढ़ कोतवाली क्षेत्र के सरायरावत गांव का निवासी घनश्याम साहू (36) गल्ले (ब्याज पर पैसे देने) का काम करता था। परिजनों ने बताया– रविवार दोपहर करीब 2:30 बजे घनश्याम घर से बाइक लेकर निकला था। वह अपने दोस्तों के साथ कोठी थाना क्षेत्र के पहला गांव में गोमती के किनारे अपने दोस्तों के साथ जुआ खेल रहा था। तभी शाम करीब 5:30 बजे पुलिस पहुंच गई। देखा तो 9 लोग जुआ खेल रहे थे। पुलिस को देखते ही सभी इधर–उधर भागने लगे। 5 युवकों को पुलिस ने पकड़ लिया। दो मौके से फरार हो गए। पुलिस घनश्याम और मूर्ति नामक दो युवकों का पीछा कर रही थी, तभी पुलिस से बचने के लिए दोनों गोमती में कूद गए। मूर्ति तो कुछ देर बाद तैरकर बाहर आ गया, पर तैरना ना जानने के कारण घनश्याम देखते ही देखते नदी में डूब गया। पुलिस ने मूर्ति को भी हिरासत में ले लिया। वहीं स्थानीय गोताखोरों की मदद से घनश्याम की तलाश शुरू की। पर कुछ पता नहीं चला। देर रात पहुंची SDRF पुलिस की सूचना पर रात करीब 10 बजे एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। एसडीआरएफ ने करीब 1 किलोमीटर के दायरे में रात भर सर्च अभियान चला, पर घनश्याम का कुछ पता नहीं चल गया। सोमवार सुबह 8:50 बजे घनश्याम का शव नदी के तलहटी में फंसा हुआ मिला। भाई बोला– पुलिस चाहती तो बचा लेती घनश्याम के भाई ललित साहू ने बताया– मेरा भाई घनश्याम और एक अन्य युवक मूर्ति पुलिस से बचने के लिए नदी में कूद गए थे। मूर्ति किसी तरह तैरकर बाहर निकल आया, लेकिन घनश्याम नदी की धारा में फंस गया। वह तैरना नहीं जानता था। नदी में कूदने के बाद घनश्याम काफी देर तक पुलिस से बचाव-बचाव की गुहार लगाता रहा। पानी में संघर्ष कर रहा था, लेकिन पुलिस ने उसे बचाने की कोई कोशिश नहीं की। अगर पुलिस चाहती तो मेरे भाई को बचा लेती। परिवार का इकलौता सहारा था घनश्याम, सिर्फ 6 महीने की बेटी बड़े भाई साूने साहू ने बताया- घनश्याम साहू गल्ला व्यापार और छोटी-मोटी दुकानदारी का काम करता था। उसी की आय से पूरे परिवार का खर्च चलता था। उसकी शादी करीब 10 वर्ष पहले हुई थी। परिवार में पत्नी के अलावा तीन छोटे बच्चे हैं। बड़ा बेटा रुद्र कक्षा-3 में पढ़ता है। बड़ी बेटी अंशिका कक्षा-1 की छात्रा है, जबकि सबसे छोटी बेटी वान्या अभी केवल छह महीने की है। पुलिस बोली- हमारी कोशिश से पहले डूब चुका था युवक कोठी थाना प्रभारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने बताया– जिस जगह से युवक ने नदी में छलांग लगाई, वह करीब 20 फुट ऊंची थी। पुलिस ने जब तक नीचे उतरी, युवक डूब चुका था। हमारी कोशिश से पहले ही वह तेज धार में बह चुका था। ----------------------------------------ये खबर भी पढ़िए- साधु का हत्यारोपी इसराइल एनकाउंटर में ढेर:उन्नाव में लाउडस्पीकर से भजन बजाने पर की थी हत्या, 1 लाख का इनामी था उन्नाव में साधु राममिलन दास उर्फ बाबा मिलन दास सिंह (45) हत्याकांड का मुख्य आरोपी इसराइल एनकाउंटर में ढेर हो गया। SP जयप्रकाश सिंह ने बताया कि इसराइल ने 9 जून को 4 साथियों के साथ मिलकर बाबा मिलन की हत्या की थी। साधु के भाई ने दावा किया था कि राममिलन शिव मंदिर में लाउडस्पीकर लगाकर भजन बजाते थे, जिससे आरोपी नाराज थे। इसी कारण विवाद हुआ और आरोपियों ने चाकू से गोदकर हत्या कर दी। पूरी खबर पढ़ें….
सर्वाइकल कैंसर से बचाव को विशेष अभियान:स्वास्थ्य विभाग ने टीकाकरण कवरेज बढ़ाने की रणनीति बनाई
बहराइच जिले में एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण का कवरेज अपेक्षा से कम रहने पर स्वास्थ्य विभाग ने एक विशेष रणनीति लागू की है। महिलाओं को भविष्य में सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी के निर्देश पर यह पहल की गई है। सभी सीएचसी अधीक्षकों को पात्र बालिकाओं की पहचान करने, परिवारों से संवाद स्थापित करने, सामुदायिक सहभागिता बढ़ाने और नियमित विशेष सत्रों के माध्यम से टीकाकरण कवरेज बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने जनपद में 14 वर्ष की पात्र बालिकाओं की सूची तैयार कर ली है। इसमें वे बालिकाएं शामिल हैं जिन्होंने अपना 14वां जन्मदिन पूरा कर लिया है लेकिन अभी 15 वर्ष की नहीं हुई हैं। विभागीय आंकड़ों के अनुसार, इन बालिकाओं की संख्या जनपद की कुल आबादी का लगभग एक प्रतिशत है। इस सर्वे कार्य में आशा कार्यकर्ताओं के साथ-साथ आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को भी सक्रिय रूप से जोड़ा गया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय कुमार ने बताया कि महिलाओं में होने वाले सर्वाइकल कैंसर का प्रमुख कारण एचपीवी संक्रमण है। समय पर लगाया गया एचपीवी टीका इस गंभीर बीमारी से बचाव का एक प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य है कि जिले की कोई भी पात्र बालिका इस सुरक्षा कवच से वंचित न रहे और सभी को समय पर टीकाकरण का लाभ मिले। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. एस.के. सिंह ने जानकारी दी कि प्रत्येक माह के तीसरे शुक्रवार को जिले के सभी उपकेंद्रों पर विशेष एचपीवी टीकाकरण सत्र आयोजित किए जाएंगे। इन सत्रों से पहले परिवारों को जागरूक किया जाएगा तथा प्रत्येक आशा कार्यकर्ता को कम से कम पांच पात्र बालिकाओं का टीकाकरण सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी दी गई है।
सलूंबर में 'योगा फॉर किड्स' अभियान शुरू:चार दिन चलेगा कार्यक्रम, बच्चों को सिखाया जाएगा योग
सलूंबर में योगा फॉर किड्स कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में आयुर्वेद विभाग और जिला प्रशासन संयुक्त तत्वाधान में शुरू हुआ। इस कार्यक्रम में बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। आयुर्वेद विभाग के अधिकारियों ने बताया- योगा फॉर किड्स कार्यक्रम 15 जून से 18 जून तक प्रतिदिन आयोजित किया जाएगा। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक बच्चों को योग से जोड़कर उन्हें शारीरिक रूप से फिट, मानसिक रूप से मजबूत और संस्कारित नागरिक के रूप में विकसित करना है। बच्चों को जोड़ने की अपील जिला प्रशासन और आयुर्वेद विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों को इस अभियान से जोड़ें। यह पहल अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के संदेश स्वस्थ बालक, स्वस्थ भारत को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है, जिससे आने वाली पीढ़ी स्वस्थ और जागरूक बन सके। बच्चों ने योग के अभ्यास किए बच्चों ने योग, प्राणायाम और ध्यान के विभिन्न अभ्यास किए। योग प्रशिक्षकों ने उनकी आयु के अनुरूप सरल योगासन कराए और नियमित योगाभ्यास के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि योग आज के डिजिटल युग में बच्चों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने का एक प्रभावी माध्यम है। प्रशिक्षकों ने खेल-खेल में योग सीखने की विधियों के माध्यम से बच्चों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया। अभिभावकों ने भी इस पहल की सराहना की।
रोहतक जिले के गांव ईस्माइला में एक युवक की गर्दन को तेजधार हथियार से काटकर हत्या कर दी और शव को पानी की डिग्गी में फेंक दिया। सूचना पाकर सांपला पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। पुलिस ने मौके पर एफएसएल एक्सपर्ट को भी बुलाया। मृतक की पहचान गांव ईस्माइला निवासी करीब 32 वर्षीय नीरज पुत्र जयपाल के रूप में हुई, जिसका शव पानी की डिग्गी में पड़ा हुआ था। लोगों ने जब शव को देखा, तो पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को बाहर निकाला और जांच शुरू की। मृतक की गर्दन को तेजधार हथियार से काटकर फेंका हुआ था, जिसकी गर्दन व धड़ दोनों अलग मिले है। पुलिस ने मौके पर एफएसएल एक्सपर्ट को भी बुलाया है, जिसके बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए डेड हाउस भेजा जाएगा। तीन बहनों का इकलौता भाई मृतक नीरज अविवाहित था और मजदूरी करता था। वह अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था और उसकी तीन बहनें हैं। घटना का पता लगने के बाद परिवार के लोग व ग्रामीण मौके पर पहुंचे। वहीं पुलिस ने घटनास्थल पर जांच शुरू कर दी है।
बुलंदशहर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार सिंह ने पुलिस उपनिरीक्षक एवं समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती-2025 की चयन प्रक्रिया के लिए पुलिस लाइन स्थित दस्तावेज सत्यापन (DV) और शारीरिक मानक परीक्षण (PST) केंद्र का सघन निरीक्षण किया। यह निरीक्षण भर्ती प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से किया गया। निरीक्षण के दौरान, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने अभ्यर्थियों की प्रवेश व्यवस्था, दस्तावेज सत्यापन प्रक्रिया, शारीरिक मानक परीक्षण व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंध, प्रतीक्षालय, पेयजल, चिकित्सा सहायता और अन्य मूलभूत सुविधाओं का गहन अवलोकन किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। एसएसपी ने अभ्यर्थियों से बातचीत की और उन्हें आश्वस्त किया कि पूरी भर्ती प्रक्रिया शासन और भर्ती बोर्ड द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप पूर्ण निष्पक्षता, पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ संपन्न कराई जा रही है। उन्होंने किसी भी प्रकार की अनियमितता या बाहरी हस्तक्षेप की संभावना से इनकार किया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट निर्देश दिए कि भर्ती प्रक्रिया के प्रत्येक चरण में पारदर्शिता, समयबद्धता और गोपनीयता बनाए रखी जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की लापरवाही, शिथिलता या अनियमितता पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। केंद्र पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती, सीसीटीवी निगरानी, अभिलेखों के सुरक्षित रख-रखाव और अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए समुचित व्यवस्थाओं को प्रभावी बनाए रखने के निर्देश दिए गए।निरीक्षण के अंत में, भर्ती प्रक्रिया से संबंधित सभी व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं। संबंधित अधिकारियों को भर्ती कार्य को निर्धारित मानकों के अनुरूप सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए निर्देशित किया गया।
असम के जोरहाट के रौरिया इंडियन एयरबेस पर विमान हादसे में शहीद डीडवाना-कुचामन के पांचोता गांव के अग्निवीर की पार्थिव देह दोपहर 12 बजे जयपुर पहुंच गई है। यहां जयपुर शहर सांसद मंजू शर्मा समेत कई नेताओं ने अंतिम दर्शन कर पुष्पचक्र अर्पित किए। पार्थिव देह जयपुर से सड़क मार्ग से नावां सांभर चौराहा पहुंचेंगी। नावां से पैतृक गांव पांचोता तक 5 किलोमीटर लंबी तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी। यात्रा चौराहे से रवाना होकर हेमपुरा मार्ग होते हुए पांचोता राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल पहुंचेगी। स्कूल परिसर में ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों द्वारा श्रद्धांजलि दी जाएगी। यहां से पार्थिव देह को ताजुकली कोठी ले जाया जाएगा। अंतिम दर्शनों के बाद घर के पास खेत में अंतिम संस्कार किया जाएगा। बता दें, शनिवार 13 जून को सुबह 10 बजे लैंडिंग के दौरान वायुसेना का ट्रांसपोर्ट विमान क्रेश हो गया था। हादसे में अग्निवीर वायु सैनिक खेमाराम कुमावत (22) के अलावा पायलट और 3 अन्य जवान शहीद हो गए थे। दिसंबर 2022 में जॉइन की थी वायुसेना ममेरे भाई महेश कुमावत ने बताया- खेमाराम ने दिसंबर 2022 में जॉइन किया था। उसका अग्निवीर कार्यकाल जल्द ही पूरा होने वाला था। परिवार में उनकी शादी को लेकर बातचीत चल रही थी। किसान पिता घर पर ही रहते हैं। बड़ा भाई राजेंद्र कुमार सिविल इंजीनियर है। उससे छोटा भाई गोविंदराम सीआरपीएफ में चेन्नई एयरपोर्ट पर पोस्टेड है। खेमाराम का छोटा भाई मनोज कुमावत सीआरपीएफ में हेड कॉन्स्टेबल है, जिसकी पोस्टिंग प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) में हैं। एक छोटी बहन भी है, जो फिलहाल कॉम्पिटिशन एग्जाम की तैयारी कर रही है। लैंडिंग के दौरान हुआ था हादसा हादसा उस समय हुआ, जब विमान एयरबेस पर उतरने की कोशिश कर रहा था। हादसे के बाद उसमें आग लग गई और दो हिस्से में टूट गया। यह AN-32 मालवाहक विमान था, जिसका इस्तेमाल सैनिकों और सामान की ढुलाई के लिए किया जाता है। हादसे में अग्निवीर खेमाराम के अलावा स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह, फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार, सार्जेंट जितेंद्र शर्मा, अग्निवीरवायु खेमाराम कुमावत और अग्निवीरवायु दानिश आलम की मौत हो गई थी। ……. घटना से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… एयरफोर्स का विमान क्रैश, राजस्थान के अग्निवीर शहीद:घर में चल रही थी शादी की बातचीत; दो भाई CRPF में तैनात असम में जोरहाट के रौरिया इंडियन एयरबेस पर शनिवार सुबह 10 बजे लैंडिंग के दौरान वायुसेना का विमान क्रैश हो गया। हादसे में राजस्थान के डीडवाना-कुचामन जिले के पांचोता गांव के अग्निवीर वायु सैनिक खेमाराम कुमावत (22) शहीद हो गए। (पूरी खबर पढ़ें…)
महम सड़क हादसे में बाइक सवार युवक की मौत:कार ने मारी टक्कर, रोहतक PGI में इलाज दौरान तोड़ा दम
रोहतक जिले के निंदाना गांव के पास गोहाना-भिवानी रोड पर एक सड़क हादसे में एक बाइक सवार युवक की मौत हो गई। देर शाम हुई घटना में एक क्रेटा कार ने बाइक सवार को टक्कर मार दी। पुलिस ने अज्ञात कार ड्राइवर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। फरमाणा बादशाहपुर गांव निवासी अंकित पुत्र बलराज ने महम पुलिस को शिकायत दी है। उसने बताया कि उसका भाई अंतिम पुत्र बलराज अपनी बुलेट मोटरसाइकिल पर सवार होकर अपने गांव से महम की ओर जा रहा था। जब वह पेट्रोल पंप से थोड़ा आगे निकला, तभी एक क्रेटा गाड़ी के ड्राइवर ने तेज गति और लापरवाही से वाहन चलाते हुए उसकी बाइक में सामने से टक्कर मार दी। डॉक्टरों ने रोहतक किया रेफर हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने गंभीर रूप से घायल अंतिम को महम के नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया। उसकी नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया। रोहतक पीजीआई के ट्रामा सेंटर में इलाज के दौरान अंतिम की मौत हो गई। भाई बोला- इलाज में देरी से गई जान मृतक के भाई अंकित ने आरोप लगाया कि इलाज में देरी के कारण उसके भाई की जान गई। उसने यह भी कहा कि गाड़ी चालक ने तेज गति और लापरवाही से वाहन चलाकर उसके भाई का एक्सीडेंट किया। अंकित ने पुलिस से गाड़ी चालक के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। केस दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस पुलिस ने अंकित की शिकायत के आधार पर अज्ञात कार ड्राइवर के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गोहाना-भिवानी रोड पर निंदाना गांव के पास यह क्षेत्र पहले भी कई सड़क हादसों का गवाह रहा है। पिछले कुछ सालों में यहां कई लोगों की जान जा चुकी है, जिनमें से अधिकांश दुर्घटनाएं अंधेरा होने के बाद हुई हैं।
दौसा जिले में अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए पुलिस ने विशेष सघन तलाशी अभियान चलाया। एसपी पीयूष दीक्षित के निर्देश पर जिले के सभी थाना क्षेत्रों में 43 पुलिस टीमों ने कार्रवाई की। अभियान के दौरान अस्थायी डेरे और तंबू लगाकर रह रहे लोगों की जांच की गई। साथ ही वाहनों की भी सघन चेकिंग कर जरूरी दस्तावेजों की जांच की गई। डेरे और तंबुओं में की जांच-पड़ताल अभियान के तहत 43 पुलिस टीमों ने विभिन्न थाना क्षेत्रों में पहुंचकर अस्थायी डेरे और तंबू लगाकर रह रहे लोगों की जांच की। इस दौरान उनके पहचान पत्रों सहित अन्य आवश्यक डाक्यूमेंट्स की भी जांच की गई। पुलिस ने संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष नजर रखते हुए कई स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया और लोगों से आवश्यक जानकारी भी जुटाई। वाहनों की भी हुई सघन चेकिंग अभियान के दौरान पुलिस ने वाहनों की जांच भी की। वाहन चालकों से ड्राइविंग लाइसेंस, पंजीयन प्रमाण पत्र, बीमा सहित अन्य जरूरी डाक्यूमेंट्स चेक किए गए। पुलिस टीमों ने विभिन्न स्थानों पर चेकिंग कर नियमों की पालना और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी। अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था पर फोकस एसपी पीयूष दीक्षित ने बताया कि अभियान का मुख्य उद्देश्य संपत्ति संबंधी अपराधों की रोकथाम, अपराध नियंत्रण और जिले में कानून व्यवस्था को और मजबूत बनाए रखना है, ताकि आमजन सुरक्षित माहौल में रह सकें। उन्होंने कहा कि इस तरह के अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे। संदिग्ध गतिविधि दिखे तो पुलिस को दें सूचना एसपी ने जिलेवासियों से अपील की कि यदि किसी भी क्षेत्र में कोई संदिग्ध व्यक्ति, वाहन या गतिविधि दिखाई दे तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें। इससे समय रहते प्रभावी कार्रवाई कर अपराधों पर अंकुश लगाया जा सकेगा।
हरियाणा महिला आयोग की अध्यक्ष-उपाध्यक्ष सहित 5 सदस्यों ने सोमवार को पदभार ग्रहण कर लिया। रेणू भाटिया के इस्तीफे के बाद कुर्सी खाली गई थी। जिस पर गुरुग्राम की रहने वालीं BJP की महिला अध्यक्ष ऊषा प्रियदर्शनी को अध्यक्ष तथा भिवानी की मीना परमार को उपाध्यक्ष बनाया गया है। पदभार संभालते ही ऊषा प्रियदर्शनी ने कहा कि उनका प्रयास रहेगा, जो महिला यहां पर समस्या लेकर आए, वो मुस्कुराते हुए बाहर निकले। वहीं रेनू भाटिया विवाद को लेकर कहा कि सोशल मीडिया पर मामला देखा है। मुझे पहले नहीं पता था कि यह कुर्सी मुझे मिलने वाली है। अभी केस को स्टडी करेंगे, जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई निश्चित तौर पर होगी। रेनू भाटिया के अनुभव का लाभ भी लेने की बात ऊषा प्रियदर्शनी ने कही। वर्कप्लेस पर होता है शोषण जिन महिलाओं का वर्कप्लेस पर शोषण होता है, वे डर व शर्म के चलते शिकायत नहीं कर पाती। आयोग के माहौल को ऐसा बनाया जाएगा कि हर महिला अपनी शिकायत स्वाभिमान के साथ यहां पर आकर दर्ज करवा सके। महिलाओं के सम्मान के लिए आयोग किसी भी कार्रवाई से पीछे नहीं हटेगा। पहले पूजन करवाया, फिर कुर्सी पर बैठी हरियाणा महिला आयोग की अध्यक्ष ऊषा प्रियदर्शनी ने कुर्सी पर बैठने से पहले पंडित से मंत्रोच्चारण करवाया। उसके बाद गणेश की प्रतिमा टेबल पर स्थापित की गई। उसके बाद ही ऊषा प्रियदर्शी ने अपनी कुसी संभाली। पूजा होने के तक उनके समर्थक बड़ी संख्या में वहां पर इंतजार करते रहे।
फर्रुखाबाद में पांचाल घाट गंगा पुल पर जाम:वाहन रेंगते हुए निकल रहे, चौराहे से पुल के दूसरी ओर तक जाम
फर्रुखाबाद के पांचाल घाट गंगा पुल पर भीषण जाम लग गया है। सोमवती अमावस्या के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने के कारण यह स्थिति बनी। वाहन पांचाल घाट चौराहे से लेकर पुल के दूसरी ओर तक रेंग-रेंग कर निकल रहे हैं। इटावा-बरेली नेशनल हाईवे 730 सी पर भगुआ नागला से वन चेतना केंद्र के आगे तक जाम की स्थिति बनी हुई है। इसमें रोडवेज बसें, ट्रैक्टर-ट्रॉलियां और कारें सहित विभिन्न प्रकार के वाहन फंसे हुए हैं। सोमवती अमावस्या के पावन अवसर पर गंगा स्नान के लिए दूर-दराज के जनपदों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपने वाहनों से पांचाल घाट पहुंचे हैं। सुबह 9 बजे से ही यह जाम लगा हुआ है। ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी लगातार जाम खुलवाने का प्रयास कर रहे हैं। यातायात निरीक्षक (टीआई) और यातायात उप-निरीक्षक (टीएसआई) वाहनों को निकालने में जुटे हैं। पुल के पास रोडवेज बसों के रुककर सवारियां बैठाने और सड़क किनारे चार पहिया वाहनों के खड़े होने से भी जाम की समस्या बढ़ रही है। फर्रुखाबाद से शाहजहांपुर, हरदोई और बरेली जाने वाली बसें यहीं रुकती हैं, जिससे यातायात बाधित होता है।
सुजानपुर में उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया जब बुलेट मोटरसाइकिल पर पटाखे मार रहे कुछ युवकों को रोकने और समझाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि युवकों ने बाद में अपने अन्य साथियों के साथ आकर उन्हें धमकाया और मारपीट करने की कोशिश की। पूरी घटना पास के ही सीसीटीवी में कैद हुई। जिसमें युवक तलवारें पकड़े नजर आ रहे हैं। तेज आवाज में मार रहे थे पटाखेजानकारी देते हुए विवेक गोपाल ने बताया कि वह अपने बच्चे के साथ घर से बाहर टहलने के लिए निकले थे। इसी दौरान कल्यारी मोड़ से गंदला लाहड़ी मोड़ रोड की ओर जा रहे कुछ युवक बुलेट मोटरसाइकिलों पर तेज आवाज में पटाखे मार रहे थे। उन्होंने युवकों को ऐसा न करने की सलाह दी, जिसके बाद वे वहां से चले गए।कुछ समय बाद साथियों के साथ पहुंचे युवकविवेक गोपाल के अनुसार देर रात वही युवक दोबारा गंदला लाहड़ी मोड़ की तरफ से वापस आए और लगातार बुलेट पर पटाखे मारते रहे। उन्होंने बताया कि जब वह स्कूटी पर उनके पीछे गए तो युवक मौके से निकल गए। आरोप है कि कुछ समय बाद बुलेट सवार युवक 5 से 6 साथियों के साथ वापस लौटे। उनके पास तलवारें भी थीं। पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्होंने केवल युवकों को समझाने की कोशिश की थी, लेकिन वे डराने-धमकाने और मारपीट करने की नीयत से वहां पहुंचे।पुलिस को पहले भी कर चुके शिकायतविवेक गोपाल ने बताया कि करीब दो वर्ष पहले भी उन्होंने इसी प्रकार की गतिविधियों को लेकर पुलिस को शिकायत दी थी। उनका आरोप है कि कुछ युवक क्षेत्र में बुलेट पर पटाखे मारकर लोगों को परेशान करते हैं। उन्होंने सरकार और पुलिस प्रशासन से मांग की है कि ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए ताकि आम लोग अपने परिवार के साथ सुरक्षित माहौल में रह सकें। उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्र में कुछ समय पहले चेन स्नैचिंग की घटना भी सामने आ चुकी है, जिससे लोगों में पहले से ही भय का माहौल है। घटना के बाद पीड़ित परिवार द्वारा तुरंत 112 हेल्पलाइन पर शिकायत दी गई, जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की गई।पुलिस कर रही मामले की जांचवहीं, मौके पर पहुंचे 112 टीम के पुलिस कर्मी ने बताया कि उन्हें शिकायत मिली थी कि कुछ अज्ञात व्यक्तियों द्वारा शिकायतकर्ता को धमकाया गया है। तलवारें लेकर आने संबंधी सवाल पर पुलिस कर्मी ने कहा कि शिकायतकर्ता को मामले की विस्तृत लिखित शिकायत संबंधित थाना प्रभारी को देने के लिए कहा गया है, ताकि आगे की आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा सके। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और शिकायत मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सुपौल में सोमवार की सुबह 2 बाइक की टक्कर में एक युवक की मौत हो गई, जबकि दूसरा युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना सदर थाना क्षेत्र अंतर्गत कर्णपुर गैस एजेंसी के पास की है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दो युवक एक मोटरसाइकिल पर सवार होकर किसी कार्य से जा रहे थे। इसी दौरान पीछे से तेज रफ्तार में आ रही एक अज्ञात मोटरसाइकिल ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों युवक सड़क पर गिर पड़े और उनकी बाइक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे स्थित बिजली के खंभे से जा टकराई। हादसे के बाद टक्कर मारने वाला बाइक चालक मौके से फरार हो गया। स्थानीय युवक ने पहुंचाया अस्पताल घटनास्थल के समीप स्थित एक पोखर में मछली पकड़ रहे स्थानीय युवक अर्जुन कुमार ने मानवता का परिचय देते हुए तत्काल दोनों घायलों की सहायता की। उन्होंने आसपास के लोगों की मदद से दोनों युवकों को उठाकर इलाज के लिए सदर अस्पताल, सुपौल पहुंचाया। सदर अस्पताल में चिकित्सकों द्वारा जांच के बाद एक युवक को मृत घोषित कर दिया गया, जबकि दूसरे युवक की हालत अत्यंत गंभीर बताई जा रही है। उसका अस्पताल में उपचार जारी है। अस्पताल के चिकित्सक डॉ. शशि भूषण ने बताया कि एक युवक को मृत अवस्था में अस्पताल लाया गया था, जबकि दूसरे की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है और उसका इलाज किया जा रहा है। युवकों की पहचान में जुटी पुलिस हादसे के बाद पहचान को लेकर भी परेशानी सामने आई है। दोनों युवकों के पास न तो कोई मोबाइल फोन मिला है और न ही कोई पहचान पत्र, जिसके कारण उनकी पहचान अब तक नहीं हो सकी है। स्थानीय लोगों ने घटना की सूचना डायल 112 पुलिस को दे दी थी, लेकिन समाचार लिखे जाने तक पुलिस घटनास्थल पर नहीं पहुंच थी। सदर थानाध्यक्ष ने बताया कि मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
तृणमूल कांग्रेस (TMC) में टूट से संसद के दोनों सदनों में NDA को फायदा हो सकता है। TMC के बागी सांसदों और राज्यसभा चुनाव से NDA राज्यसभा में दो-तिहाई बहुमत के करीब पहुंच सकता है। हालांकि लोकसभा में बागी सांसदों का समर्थन मिलने के बाद भी गठबंधन इस आंकड़े से काफी दूर रहेगा। अभी अलायंस राज्यसभा में दो-तिहाई बहुमत से 16 सीट दूर है। वहीं, लोकसभा में 63 सीटें पीछे है। केंद्र सरकार के लिए यह अहम माना जा रहा है, क्योंकि संविधान संशोधन विधेयकों को पास कराने के लिए दोनों सदनों में दो-तिहाई बहुमत की जरूरत होती है। पिछली बार 54 सीटों से बिल गिर गया था। राज्यसभा में NDA की संख्या 154 तक पहुंच सकती है अभी राज्यसभा में NDA के पास 148 सांसद हैं। 18 जून को झारखंड और मिजोरम की राज्यसभा सीटों पर चुनाव होने हैं। इन चुनावों और कुछ निर्दलीय सदस्यों के समर्थन से NDA की संख्या 151 तक पहुंच सकती है। TMC के 3 राज्यसभा सांसदों के इस्तीफे से पश्चिम बंगाल में 3 सीटें खाली होंगी। मौजूदा राजनीतिक हालात में इन सीटों पर NDA समर्थित उम्मीदवारों की जीत की संभावना है। ऐसा होने पर गठबंधन की संख्या 154 तक पहुंच सकती है। राज्यसभा में कुल 245 सदस्य हैं। दो-तिहाई बहुमत के लिए 163 सांसदों की जरूरत होती है। यानी NDA इस संख्या से सिर्फ 9 सीट पीछे रहेगा। अगर TMC के और राज्यसभा सांसद इस्तीफा देते हैं तो गठबंधन यह आंकड़ा भी हासिल कर सकता है। हालांकि NDA के सामने आगे चुनौती भी है। नवंबर में उत्तर प्रदेश से 10 राज्यसभा सांसदों का कार्यकाल खत्म हो रहा है। विधानसभा में मजबूत स्थिति के कारण समाजवादी पार्टी अपनी सीटें बढ़ा सकती है, जिससे राज्यसभा का समीकरण बदल सकता है। INDIA ब्लॉक 64 सीटों पर राज्यसभा में INDIA ब्लॉक के पास फिलहाल 64 सांसदों का समर्थन बताया जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के TVK को समर्थन देने से DMK नाराज है और उसने गठबंधन से दूरी बना ली है। वहीं, आम आदमी पार्टी (AAP) भी INDIA ब्लॉक से अलग हो चुकी है। वहीं YSRCP, BJD और MDMK जैसे क्षेत्रीय दलों के पास भी पर्याप्त संख्या में सांसद हैं। किसी करीबी मतदान की स्थिति में इन दलों की भूमिका अहम हो सकती है। लोकसभा में 20 बागियों का समर्थन भी पर्याप्त नहीं लोकसभा में NDA के पास फिलहाल 294 सांसद हैं। TMC के 20 बागी सांसदों ने NCPI में विलय कर लिया है। उन्होंने NDA को समर्थन देने की बात कही है। इससे NDA सांसदों की संख्या 314 तक पहुंच जाएगी। इसके बावजूद NDA लोकसभा में दो-तिहाई बहुमत के लिए जरूरी 363 सांसदों के आंकड़े से काफी पीछे रहेगा। फिलहाल लोकसभा की 543 में से 3 सीटें खाली हैं। ऐसे में सदन की प्रभावी संख्या 540 है और दो-तिहाई बहुमत के लिए 360 सांसदों के समर्थन की जरूरत होगी। लोकसभा में 54 वोट से गिरा था बिल लोकसभा में 16 अप्रैल 2026 को सीटें बढ़ाने के लिए लाया गया संविधान का 131वां संशोधन बिल लोकसभा में गिर गई थी। लोकसभा में बिल पर 21 घंटे की चर्चा के बाद वोटिंग हुई। उपस्थित 528 सांसदों ने वोट डाले। पक्ष में 298, विपक्ष में 230 वोट पड़े। बिल पास कराने के लिए दो तिहाई बहुमत की जरूरत थी। 528 का दो तिहाई 352 होता है। इस तरह बिल 54 वोट से गिर गया। 12 साल के शासन में यह पहला मौका था, जब मोदी सरकार सदन में कोई बिल पास नहीं करा पाई। ---------------- ये खबर भी पढ़ें… राज्यसभा चुनाव- 26 में से 23 उम्मीदवार निर्विरोध जीते:इनमें मल्लिकार्जुन खड़गे और पवन खेड़ा शामिल; 3 सीटों पर 18 जून को वोटिंग 12 राज्य की 26 राज्यसभा सीटों पर 23 उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए हैं। इनमें महाराष्ट्र और तमिलनाडु की 1-1 सीट पर उपचुनाव थे। जीतने वालों में 12 भाजपा, 5 कांग्रेस, 3 TDP, 1 NCP, 1NPP और 1 जनसेना से है। चुनाव जीतने वालों में कर्नाटक से कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और मीडिया व प्रचार प्रमुख पवन खेड़ा का नाम शामिल है। पूरी खबर पढ़ें…
छत्तीसगढ़ क्रिकेट प्रीमियर लीग (CCPL) सीजन-3 का खिताब बिलासपुर बुल्स ने जीत लिया है। रविवार को हुए इस मुकाबले में बड़ी संख्या में दर्शक भी पहुंचे थे। इस दौरान दर्शकों की हुड़दंगी के चलते चीयर लीडर्स को मैदान से बाहर भेजना पड़ा। दर्शकों के बीच जमकर हाथापाई भी हुई। दरअसल, CCPL मैनेजमेंट की ओर से हर मैच में एंट्री फ्री रखी गई थी। ऐसा इसलिए ताकि सामान्य तौर पर जो ऑडियंस लाइव मैच नहीं देख पाती, उन्हें भी मौका मिला। इसके अलावा लोकल टूर्नामेंट का प्रमोशन भी एक कारण था। लेकिन प्राइवेट गार्डस मैदान के चुनिंदा हिस्सों में ही तैनात किए गए थे। ऑडियंस गैलरी में गार्ड्स नहीं दिखे। चीयर लीडर्स पर भद्दे कमेंट्स किए गए इसका असर ये हुआ कि ऑडियंस गैलरी का एक हिस्सा कई मौकों पर बेकाबू होता दिखाई दिया। खासकर उस एंड पर जहां चीयर लीडर्स अपनी टीम का उत्साह बढ़ा रही थीं। यहां दर्शक लगातार प्रोफेशनल्स पर कमेंट कर रहे थे। कई दफा सिक्योरिटी ब्रीच कर मैदान के भीतर जाने की कोशिश भी की गई। इतना ही नहीं पानी की खाली बोतल भी चीयर लीडर्स पर फेंके गए। कुछ लोगों ने चीयर लीडर्स को गालियां भी दी। आखिर में चीयर लीडर्स को मैदान से बाहर भेजना पड़ा स्थिति इतनी बिगड़ गई कि चीयर लीडर्स के सराउंडिंग्स सुरक्षा के लिए अलग से स्टैंडिंग नेट्स लगाने पड़े। लेकिन इससे भी कुछ खास फायदा नहीं हुआ। आखिर में लड़कियों की सुरक्षा को देखते हुए उन्हें मैदान के बाहर ले जाना पड़ा। दर्शकों के बीच जमकर हाथापाई भी हुई इसी बीच दर्शकों के बीच विवाद भी हो गया। ये विवाद बहस तक सीमित नहीं रहा, जमकर मुक्केबाजी हुई। लेकिन इस झड़प को रोकने के लिए कोई भी गार्ड मौके पर मौजूद नहीं था। आखिर में भास्कर की टीम को बीच-बचाव करना पड़ा। दरअसल, हुआ यूं कि भास्कर की टीम मैदान पर पहुंचे दर्शकों का व्यू कलेक्ट कर रही थी। इसी दौरान बेमेतरा से पहुंचे एक शराबी युवक ने उत्पात मचाना शुरू कर दिया। सुरक्षा कारणों से भास्कर की टीम ने मौके से निकलने का फैसला किया। लेकिन इसी बीच शराबी लड़के को मौके पर मौजूद अन्य लड़कों ने जमकर पीट दिया। सुरक्षा के लिए जिम्मेदार मैनेजमेंट के लोग मैदान के भीतर से विवाद सुलझाने की कोशिश करने लगे। लेकिन इससे कुछ हुआ नहीं। आखिर में भास्कर की टीम को ही बीच-बचाव करना पड़ा। छत्तीसगढ़ गानों पर जमकर थिरके लोग हालांकि इसके अपार्ट पूरे मैच का अन्य दर्शकों ने पूरा लुत्फ उठाया। इस बार लाइव छत्तीसगढ़ी कमेंट्री के साथ मैदान में छत्तीसगढ़ी गाने भी सुनाई दिए। जब-जब छत्तीसगढ़ी गानों की आवाज कानों तक पहुंचे, दर्शक जमकर थिरकते हुए नजर आए। पिछले सीजन के मुकाबले इस बार के फाइनल में ज्यादा भीड़ मैच देखने पहुंची। …………………… इससे जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… CCPL-3 का खिताब बिलासपुर बुल्स के नाम:फाइनल में रायगढ़ लायंस को 7 विकेट से हराया, पूरे टूर्नामेंट में एक भी मैच नहीं हारी टीम छत्तीसगढ़ क्रिकेट प्रीमियर लीग (CCPL) सीजन-3 का खिताब बिलासपुर बुल्स ने अपने नाम कर लिया। रविवार को शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए फाइनल मुकाबले में बिलासपुर बुल्स ने रायगढ़ लायंस को 7 विकेट से हराकर ट्रॉफी पर कब्जा जमाया। पढ़ें पूरी खबर…
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह का नाम लिए बिना उनके अर्थशास्त्री होने पर बड़ा तंज कसा। भोपाल में साइबर सुरक्षा और स्टेट डाटा सिक्योरिटी को लेकर आयोजित राज्य स्तरीय कंसल्टेटिव वर्कशॉप को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में पहले जो प्रधानमंत्री थे, वे बहुत बड़े अर्थशास्त्र के जानकार थे, लेकिन जीरो बैलेंस अकाउंट खुलते हैं और उसका क्या महत्व होता है, यह इतने विद्वान व्यक्ति को भी पता नहीं था। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शिता की तारीफ करते हुए कहा कि मोदी जी ने देश में जीरो बैलेंस अकाउंट खुलवाए और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए पैसा सीधे गरीबों के खातों में पहुंचाया, जिससे भ्रष्टाचार पर लगाम लगी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में साइबर सिक्योरिटी और स्टेट डाटा सिक्योरिटी पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने साइबर सुरक्षा को अत्यंत गंभीर विषय बताते हुए कहा कि बदलते दौर में डाटा सुरक्षा अब सीमा सुरक्षा से भी अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। सीएम ने महू में स्टेट डाटा साइबर सिक्योरिटी रिसर्च सेंटर बनाने की घोषणा भी की है। किसी व्यक्ति के जीवन भर की कमाई एक झटके में चली जाए, यह बेहद चिंताजनक है। यूपीआई का लोहा आज पूरी दुनिया ने माना है, ऐसे में साइबर सुरक्षा की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। तभी नागरिकों का विश्वास इस व्यवस्था पर कायम रहेगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा कि साइबर अपराध की चुनौती पर केवल कहने या कथा-कहानी की जगह नहीं है, यह पूरी जवाबदारी का विषय है। यदि लापरवाही हुई तो वसूली भी संबंधित विभाग से ही होगी। भविष्य में हमें अपनी व्यवस्था के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध होना पड़ेगा। मध्य प्रदेश में साइबर सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि मध्य प्रदेश के महू में राज्य सरकार, मिलिट्री कॉलेज ऑफ टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियरिंग (MCTE) के सहयोग से अत्याधुनिक साइबर सिक्योरिटी रिसर्च सेंटर स्थापित करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विशेषता यह है कि वे आने वाले खतरों को समय से पहले पहचान लेते हैं और समाज को जागरूक करते हैं। उन्होंने कहा कि आज के इस “राक्षस युग” में जब कोई आए-जाए बिना पूरा मॉल उड़ सकता है, तब मजबूत साइबर प्रबंधन की सबसे ज्यादा आवश्यकता है। इस कार्यशाला के माध्यम से हम ठोस निर्णय तक पहुंचेंगे, क्योंकि आज के दौर में नागरिकों का डाटा ही सबसे मूल्यवान संपत्ति बन गया है। 14 साल में 77 गुना बढ़ा साइबर अपराध, एमपी में रोके जनता के 137 करोड़ : एडीजी साई मनोहर कार्यशाला में एडीजी इंटेलिजेंस साई मनोहर ने मध्य प्रदेश में साइबर अपराधों और पुलिस कार्रवाई का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि साइबर अपराधों में वास्तविक बढ़ोतरी कोविड महामारी के बाद तेजी से हुई। वर्ष 2000 में जब वे भोपाल में एडिशनल एसपी थे, तब टीटी नगर थाने में पहला साइबर अपराध दर्ज हुआ था, जिसमें बीएसएनएल इंटरनेट टाइम चोरी का मामला सामने आया था। आज प्रदेश में एक लाख से अधिक साइबर अपराधों की एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं। उन्होंने बताया कि पिछले 14 वर्षों में साइबर अपराधों में 77 गुना वृद्धि हुई है। वर्तमान में मध्य प्रदेश में हर साल लगभग 77 हजार शिकायतें आ रही हैं। पिछले साल 1400 साइबर अपराध दर्ज किए गए थे। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह द्वारा देश की पहली ‘आई-जीरो एफआईआर’ शुरू किए जाने के बाद पिछले पांच महीनों में ही प्रदेश में करीब 1500 एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं और वर्ष के अंत तक यह संख्या 3000 के पार पहुंचने की संभावना है। एडीजी ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद साइबर हेल्पलाइन की क्षमता तीन गुना बढ़ाई गई। इसका परिणाम यह रहा कि जहां पहले केवल 52 करोड़ रुपए की ठगी रोकी जा रही थी, वहीं अब जनता के 137 करोड़ रुपए साइबर फ्रॉड से बचाए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2021 में देशभर में 550 करोड़ रुपए के साइबर फ्रॉड रिपोर्ट हुए थे, जो 2025 में बढ़कर 22 हजार 495 करोड़ रुपए तक पहुंच गए हैं। डिजिटल अरेस्ट के जरिए ठग बुजुर्गों, पेंशनरों और आम लोगों को निशाना बना रहे हैं। खुद को सीबीआई, ईडी या आर्मी अधिकारी बताकर करोड़ों रुपए की ठगी की जा रही है, जिसका उल्लेख प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में भी किया था। मध्य प्रदेश में भी कई गंभीर साइबर हमले सामने आए हैं। वर्ष 2023 में एमपी नगर पालिका पर साइबर अटैक हुआ था, जिसे समय रहते नियंत्रित कर लिया गया। इस वर्ष भी मानसरोवर और सार्थक डाटा को हैक करने की कोशिश की गई है। एडीजी साई मनोहर ने बताया कि यदि अगले वर्ष पर्सनल डाटा प्रोटेक्शन (PDP) एक्ट पूरी तरह लागू हो जाता है, तो डाटा लीक होने की स्थिति में 250 करोड़ रुपए तक की पेनाल्टी का प्रावधान रहेगा। इसकी वित्तीय जिम्मेदारी अंततः राज्य सरकार पर ही आएगी। इसलिए “प्रिवेंशन इज बेटर देन क्योर” के सिद्धांत पर काम करना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि साइबर अपराध होने के बाद शुरुआती 15 से 20 मिनट या पहला एक घंटा “गोल्डन ऑवर” की तरह होता है। यदि इस दौरान 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज हो जाए तो पैसा ऑटोमैटिक होल्ड हो सकता है। पुलिस ने साइबर अपराधों पर नियंत्रण के लिए कई विशेष अभियान चलाए हैं, जिनमें ‘ऑपरेशन मैट्रिक्स’, ‘ऑपरेशन खत्म’ और थोक में सिम कार्ड बेचने वालों के खिलाफ ‘ऑपरेशन नाइन’ शामिल हैं। ‘ऑपरेशन फिस्ट एंड फास्ट’ के तहत मूल बैंक खाताधारकों को पकड़कर 37 बड़े अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि आगामी 24 जून से ‘सेफ क्लिक 2.0’ अभियान का दूसरा चरण शुरू होगा, जिसमें रविंद्र भवन से 1500 लोग जागरूकता अभियान की शुरुआत करेंगे। वर्तमान में प्रदेश में 6 साइबर कमांडो कार्यरत हैं, जबकि 34 और चयनित हो चुके हैं। इसके अलावा 3000 कॉलेज वॉलंटियर्स को भी साइबर सुरक्षा जागरूकता और बड़े आयोजनों की सुरक्षा व्यवस्था में शामिल किया जाएगा। हैकिंग से सेवाएं ठप होने पर राज्य शासन पर आती है जिम्मेदारी : पीएस एम. सेल्वेंद्रन कार्यक्रम में साइंस एंड टेक्नोलॉजी विभाग के प्रमुख सचिव एम. सेल्वेंद्रन ने स्वागत भाषण देते हुए कहा कि मध्य प्रदेश ई-गवर्नेंस के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। नागरिकों को डिजिटल सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर कई पुरस्कार और ‘नेशनल ई-गवर्नेंस अवॉर्ड’ भी मिल चुके हैं। लेकिन जितनी तेजी से डिजिटल सेवाएं बढ़ रही हैं, उतनी ही तेजी से साइबर सिक्योरिटी की चुनौती भी बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि अधिकांश बैंकिंग फ्रॉड का स्रोत बिजली कंपनियों या नगर निगमों से लीक होने वाला डाटा होता है। इसलिए सरकारी डाटा को सुरक्षित रखना अत्यंत आवश्यक है। नागरिकों को साइबर ठगी से बचाने में सरकार की बड़ी भूमिका है। उन्होंने कहा कि यदि जमीन रजिस्ट्री जैसी सेवाएं एक दिन के लिए भी बंद हो जाएं, तो जनता को भारी परेशानी होती है। परीक्षा के समय सर्वर हैकिंग के कारण पेपर डाउनलोड न हो पाने जैसी घटनाएं सीधे राज्य सरकार की साख से जुड़ जाती हैं। इसलिए बिना किसी समझौते के नागरिकों को सुरक्षित डिजिटल सेवाएं देना हमारी जिम्मेदारी है। पीएस सेल्वेंद्रन ने बताया कि मध्य प्रदेश देश का दूसरा ऐसा राज्य है, जहां ‘एमपीएसईडीसी’ (MPSEDC) जैसी विशेष संस्था साइबर सिक्योरिटी पर उन्नत स्तर पर काम कर रही है। इस संस्था ने चीनी हैकिंग ग्रुप्स पर विस्तृत जांच कर भारत सरकार को रिपोर्ट भी भेजी थी, जिसके बाद केंद्रीय आईटी विभाग ने सतर्कता बढ़ाई। उन्होंने कहा कि भारत सरकार के सहयोग से राज्यों में इस तरह की कार्यशालाएं आयोजित की जा रही हैं, ताकि साइबर सुरक्षा को संस्थागत और नीतिगत रूप से मजबूत किया जा सके। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य यह तय करना है कि यदि कोई साइबर घटना होती है तो उस पर त्वरित प्रतिक्रिया कैसी होनी चाहिए। कार्यशाला में महू से आर्मी अधिकारी, अहमदाबाद के साइबर एक्सपर्ट, इंडस्ट्री विशेषज्ञ और विभिन्न विभागों के सुरक्षा अधिकारी शामिल हुए, जिनके सुझावों के आधार पर आगे की रणनीति तैयार की जाएगी।
डीडवाना-कुचामन पुलिस ने भारत सरकार के नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल (NSP) के माध्यम से करोड़ों रुपए की छात्रवृत्ति धोखाधड़ी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पश्चिम बंगाल से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में आरोपियों ने वर्ष 2021-22 और 2022-23 के दौरान अल्पसंख्यक विद्यार्थियों के लिए संचालित छात्रवृत्ति योजना में बड़े स्तर पर फर्जीवाड़ा कर करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी करना स्वीकार किया है। मामले का मुख्य सरगना इमरान उर्फ सारजू अली फरार है, जिसकी तलाश जारी है। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर हुई कार्रवाई पुलिस अधीक्षक डॉ. प्यारेलाल शिवरान (आईपीएस) के निर्देशन में चलाए गए विशेष अभियान के तहत जुबेर आलम, मंसूर आलम और एम.डी. मुन्ना मुस्तक को पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार किया गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपियों ने नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल के माध्यम से फर्जी दस्तावेजों और तकनीकी साधनों का इस्तेमाल कर छात्रवृत्ति राशि का गबन किया। पूछताछ में करोड़ों की धोखाधड़ी कबूली पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में स्वीकार किया है कि उन्होंने वर्ष 2021-22 और 2022-23 में केंद्र सरकार की छात्रवृत्ति योजना का दुरुपयोग कर करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी को अंजाम दिया। जांच एजेंसियां अब इस फर्जीवाड़े से जुड़े अन्य राज्यों और व्यक्तियों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही हैं। मास्टरमाइंड इमरान उर्फ सारजू अली की तलाश जांच में गिरोह का मुख्य सरगना इमरान उर्फ सारजू अली सामने आया है, जो विभिन्न राज्यों में साइबर धोखाधड़ी की घटनाओं को अंजाम देता रहा है। पुलिस ने उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दी है और उसकी तलाश में जुटी हुई है। फर्जी दस्तावेज और साइबर ठगी के उपकरण बरामद पुलिस ने आरोपियों के ठिकानों से बड़ी मात्रा में फर्जी मोहरें, विभिन्न कंपनियों के फर्जी सिम कार्ड, शिक्षण संस्थानों की फर्जी रसीदें, क्लोन अंगूठा निशान, मोबाइल पेमेंट टर्मिनल मशीन, फिंगरप्रिंट मशीन, कैमरे, लैपटॉप चार्जर सहित कई संदिग्ध उपकरण बरामद किए हैं। पुलिस का मानना है कि इनका उपयोग फर्जी दस्तावेज तैयार करने और साइबर ठगी को अंजाम देने में किया जाता था। मल्टी-सिम मोबाइल फोन भी मिला कार्रवाई के दौरान आरोपियों के कब्जे से Green Berry G5000 मल्टी-सिम मोबाइल फोन भी बरामद हुआ है। इस फोन में एक साथ चार सिम कार्ड संचालित किए जा सकते हैं। पुलिस को आशंका है कि इसका उपयोग फर्जी पहचान और साइबर अपराधों को संचालित करने में किया जाता था। वेश बदलकर आरोपियों तक पहुंची पुलिस टीम इस कार्रवाई के लिए आरपीएस प्रोबेशनर गरिमा चौधरी के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई थी। टीम में सहायक उप निरीक्षक शिवलाल, हेड कांस्टेबल सुरेश कुमार, हेड कांस्टेबल प्रेमचंद और कांस्टेबल मनोज कुमार शामिल थे। पुलिस टीम ने वेश बदलकर और सीमावर्ती क्षेत्रों में संदिग्ध गतिविधियों के बीच रहकर आरोपियों तक पहुंच बनाई और उन्हें गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की। देशभर में फैले नेटवर्क की जांच जारी पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और देशभर में फैले साइबर धोखाधड़ी नेटवर्क की कड़ियों को खंगाल रही है। अधिकारियों का मानना है कि जांच आगे बढ़ने पर इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं। डीडवाना-कुचामन पुलिस की यह कार्रवाई साइबर अपराधों के खिलाफ एक बड़ी सफलता मानी जा रही है।
समस्तीपुर में रविवार की रात चाय-नाश्ता दुकानदार की हत्या कर दी गई। मृतक अपने घर में अकेले रहते थे। घर के आगे ही नाश्ते की दुकान खोल रखा था। सोमवार की सुबह उनकी लाश के बाहर पड़ी मिली। परिजन के अनुसार मृतक मदन साह का भाई-भतीजों के साथ जमीन का विवाद चल रहा था। 10 दिन पहले ही भतीजों ने जान से मारने की धमकी दी थी और अब जान ले ली। जब मदन साह सोए हुए थे तब सिर कूचकर हत्या कर गई। घटना उजियारपुर थाना क्षेत्र के सातनपुर वार्ड-3 की है। परिवार पटना में रहता है मृतक का भतीजा राहुल कुमार ने आरोप लगाया है कि छोटे चाचा सुनील शाह के बेटे अमन और राजा ने वारदात को अंजाम दिया है। चाचा मदन शाह अकेले ही गांव में रहते थे और परिवार बाहर पटना में रहता है। परिवार बीच-बीच में आया-जाया करते थे। सुबह गांव के लोगों ने सूचना दी कि चाचा की सिर कुचलकर हत्या कर दी गई है। मौके पर लोगों की भीड़ जुटी थी। गांव के लोगों ने पुलिस को जानकारी दी। पुलिस ने लाश को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा है। मृतक के साले अमरजीत कुमार ने कहा कि मुझे सुबह फोन आया कि जीजा को उनके ही भतीजे ने मार डाला है। जिसके बाद मैं मौके पर पहुंचा था। पु आरोपी फरार हैं दलसिंहसराय के डीएसपी विवेक कुमार शर्मा ने कहा कि हत्या का आरोप मृतक के भतीजे और भाई पर लगा है। पुलिस पूरे मामले की जांच की कर रही है। घटना के पीछे जमीन का विवाद बताया गया है आरोपी फरार हो गए हैं।
आगरा में कपड़ा व्यवसायी के घर डकैती:कनपटी पर बंदूक लगाकर लूटपाट की, 20 लाख का माल ले गए
आगरा के थाना बाह में रविवार देर रात को हथियार बंद बदमाशों ने कपड़ा व्यवसायी के परिवार को हथियार के बल पर बंधक बनाकर डकैती डाली। बदमाश घर से करीब नगदी व जेवर ले गए हैं। डकैती की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची । छानबीन की जा रही है। बाह के जरार कपड़ा व्यवसायी अमरीश गुप्ता अपनी पत्नी लक्ष्मी और मां चंद्रकांता के साथ रहते हैं। उनका धर्मकांटा भी है। उन्होंने बताया कि रात करीब एक बजे बदमाशों ने उनकी घर की बिजली काट दी। एसी पंखा बंद होने पर उन्हें गर्मी लगी। इस पर उन्होंने दरवाजा खोला तभी बदमाशों ने उन पर हमला बोल दिया। उसके सिर में बंदूक की बट से प्रहार किया। वो नीचे गिर पडे़। कमरे में 5 बदमाश घुस आए। सबके हाथ में तमंचे थे। बदमाशों को देखकर वो डर गए। बदमाशों ने उनकी पत्नी लक्ष्मी को बंधक बना लिया। नीचे उनकी बुजुर्ग मां सो रही थीं। बदमाशों ने उन्हें भी बंधक बना लिया। सभी के फोन पानी में डाल दिए। पीड़ित ने बताया कि बदमाश मारपीट कर रहे थे। कनपटी पर तमंचा लगा दिया। उन्होंने बचने के लिए अपने हाथ की दोनों अंगूठी उन्हें उतार कर दे दी। बदमाशों से कहा कि मारना मत, जो है वो ले जाओ। इसके बाद बदमाश घर में लूटपाट करने लगे। वो घर से करीब 10 तोले सोना, 300 ग्राम चांदी और 25 हजार रुपए नकद ले गए। बदमाश सबको कमरे में बंद करके भाग निकले। बदमाशों के जाने के बाद कारोबारी ने शोर मचाया। आस पड़ोस के लोग आए। पुलिस को सूचना दी। जानकारी पर डीसीपी ईस्ट अभिषेक अग्रवाल मौके पर पहुंचे।
निवाड़ी जिले की धर्म नगरी ओरछा में सोमवती अमावस्या के अवसर पर हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। भक्तों ने सुबह से ही भगवान रामराजा सरकार के दर्शन किए और पवित्र बेतवा नदी में स्नान किया। सनातन धर्म में सोमवती अमावस्या का विशेष महत्व है। धार्मिक और ज्योतिषीय गणना के अनुसार, पुरुषोत्तम मास में सोमवती अमावस्या का यह दुर्लभ महासंयोग 30 साल बाद आया है। इससे पहले ऐसा विशेष योग वर्ष 1996 में बना था। पुरुषोत्तम मास भगवान विष्णु को समर्पित है, जबकि सोमवार और अमावस्या की तिथि भगवान शिव व पितरों से संबंधित है। इस त्रिवेणी संगम के कारण श्रद्धालुओं में नर्मदा स्नान और दान को लेकर विशेष उत्साह देखा गया। श्रद्धालुओं ने सबसे पहले पवित्र बेतवा नदी के घाटों पर स्नान किया। सुबह से ही नदी के घाटों पर भक्तों की भीड़ देखी गई। उन्होंने बेतवा में डुबकी लगाकर अपने परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। स्नान के बाद श्रद्धालु सीधे रामराजा मंदिर पहुंचे। रामराजा सरकार के दर्शन के लिए मंदिर में लंबी कतारें लगी रहीं। भक्तों ने पूरी श्रद्धा और भक्ति भाव से रामराजा सरकार के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। ओरछा के अन्य प्रमुख मंदिरों में भी विशेष धार्मिक आयोजन और पूजा-पाठ कार्यक्रम आयोजित किए गए। मंदिर परिसर 'जय श्रीराम' के जयकारों से गूंजता रहा, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन और पुलिस विभाग द्वारा विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं। मंदिर परिसर, घाटों और प्रमुख मार्गों पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए गए, ताकि भक्तों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
सरायकेला के चांडिल अनुमंडल क्षेत्र के चिलगु मोड़ पर सोमवार हुए एक सड़क हादसे में चिलगु निवासी जितेन दास की मौत हो गई। वह एक ट्रक की चपेट में आ गया, जिससे उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। जितेन दास अपने किसी निजी काम से एनएच की ओर आया था। ट्रक ने मालवाहक गाड़ी को भी मारी थी टक्कर वापस घर लौटते वक्त यह घटना हुई। हादसे के बाद ड्राइवर ट्रक मौके पर छोड़ भाग निकला। वहीं, घटना का सीसीटीवी वीडियो सामने आया है। ट्रक तेज रफ्तार में था और बाइक सवार को चपेट में लेने के कुछ देर पहले ही वो रास्ते में खड़ी एक मालवाहक गाड़ी को टक्कर मारी थी। हादसे के बाद पूरे गांव और आसपास के क्षेत्र में शोक का माहौल है। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं समाजसेवी हरेलाल महतो मृतक के घर पहुंचे। उन्होंने शोकाकुल परिवार से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की और इस कठिन समय में हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। नेशनल हाईवे का एक हिस्सा सिंगल लाइन में संचालित हो रहाइस दौरान, चिलगु मोड़ पर चल रहे पुल निर्माण कार्य की धीमी गति को लेकर भी चिंता जताई गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुल निर्माण के कारण नेशनल हाईवे का एक हिस्सा सिंगल लाइन में संचालित हो रहा है, जिससे आए दिन जाम और दुर्घटनाओं की स्थिति उत्पन्न हो रही है। लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य में हो रही देरी आम लोगों की जान पर भारी पड़ रही है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने प्रशासन एवं एनएचएआई से पुल निर्माण कार्य में तेजी लाने की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक सड़क को पूरी तरह सुगम और सुरक्षित नहीं बनाया जाएगा, तब तक दुर्घटनाओं का खतरा बना रहेगा। ग्रामीणों ने मृतक जितेन दास के परिवार को सरकारी सहायता और उचित मुआवजा देने की भी मांग की है। क्षेत्र के लोगों ने इस हादसे को सड़क सुरक्षा और अधूरे निर्माण कार्यों से जुड़ा एक गंभीर मामला बताते हुए त्वरित कार्रवाई की मांग उठाई है।
भोजपुरी गायक और भाजपा नेता पवन सिंह को बिहार विधान परिषद (MLC) बनाए जाने के बाद सांसद मनोज तिवारी ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि, ‘MLC कोई छोटा पद नहीं होता, बल्कि यह बहुत बड़ा और महत्वपूर्ण दायित्व है। MLC बनने के लिए लोग वर्षों तक प्रयास करते हैं। इस पद के माध्यम से जनता की व्यापक सेवा की जा सकती है।’ जल्द कुछ बड़ा दायित्व मिलेगा - मनोज तिवारी पवन सिंह के मंत्री बनने की संभावनाओं को लेकर पूछे गए सवाल पर मनोज तिवारी ने कहा कि, ‘सभी बातें मुझसे ही न कहलवाई जाए।’ उन्होंने संकेत देते हुए कहा कि, ‘पवन सिंह को जल्द ही कुछ न कुछ बड़ा दायित्व मिल सकता है।’ खान सर-रौशन आनंद विवाद पर जताई चिंता पटना में खान सर और ज्ञान बिंदु कोचिंग के संचालक रौशन आनंद के बीच चल रहे विवाद पर भी सांसद मनोज तिवारी ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि, ‘इस पूरे घटनाक्रम से उन्हें काफी दुख हुआ है।’ निष्पक्ष जांच की मांग मनोज तिवारी ने कहा कि, ‘बिहार पुलिस को इस मामले की निष्पक्ष जांच करनी चाहिए। जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाना चाहिए।’
मुजफ्फरनगर में जिला अस्पताल के सर्जिकल वार्ड के बाहर आवारा कुत्तों के हमले में गंभीर रूप से घायल हुई तीन वर्षीय बच्ची मीरद का मामला तूल पकड़ने के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया है। सोमवार सुबह मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील तेवतिया ने बच्ची के स्वास्थ्य की जानकारी लेने के साथ उसके परिजनों से मुलाकात की। CMO ने बच्ची की उपचार व्यवस्था का जायजा लिया और चिकित्सकों को बेहतर इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने जिला अस्पताल परिसर का निरीक्षण कर आवारा कुत्तों की समस्या पर अधिकारियों के साथ चर्चा की। बताया जा रहा है कि अस्पताल परिसर से आवारा कुत्तों को हटाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए रणनीति तैयार की गई है। इस संबंध में नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी (EO) को भी पत्र भेजा गया है। CMO डॉ. सुनील तेवतिया ने घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि अस्पताल में आने वाले मरीजों और उनके परिजनों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि भविष्य में इस प्रकार की घटना न हो, इसके लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। साथ ही उन्होंने तीमारदारों से अपील की कि छोटे बच्चों पर विशेष निगरानी रखें, क्योंकि आवारा कुत्तों के हमलों का सबसे आसान निशाना अक्सर बच्चे ही बनते हैं। CMO ने यह भी बताया कि पूर्व में अस्पताल परिसर से आवारा कुत्तों को हटाने का प्रयास किया गया था, लेकिन उस दौरान कुछ पशु प्रेमियों (डॉग लवर्स) द्वारा अस्पताल प्रशासन के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया गया था, जिसके चलते कार्रवाई प्रभावित हुई। बावजूद इसके अब फिर से प्रभावी समाधान की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। गौरतलब है कि रविवार शाम जिला अस्पताल के सर्जिकल वार्ड में भर्ती सहारनपुर निवासी तीन वर्षीय मीरद पर अस्पताल परिसर में घूम रहे आवारा कुत्तों के झुंड ने हमला कर दिया था। हमले में बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई थी और उसके शरीर पर कई गहरे जख्म हो गए थे। घटना के बाद ग्रामीणों और परिजनों ने अस्पताल प्रशासन की लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर विरोध प्रदर्शन किया था।
शाजापुर के पोस्ट मैट्रिक हॉस्टल में खाना पकाते वक्त चूल्हे पर चढ़ा प्रेशर कुकर तेज धमाके के साथ फट गया। कुकर का ढक्कन उड़कर लेडी कुक की छाती में लगा जबकि गर्म बॉडी से हाथ झुलस गया। हादसा सोमवार सुबह करीब 11 बजे हुई, जो किचन में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। फुटेज में दिख रहा है कि हॉस्टल की महिला कर्मचारी रामकन्या बाई गैस चूल्हे पर छात्रों के लिए खाना बना रही है। उसने एक गैस बर्नर पर कड़ाही रखी, फिर दूसरे बर्नर पर रखे कुकर को छुआ। तभी कुकर ब्लास्ट हो गया। जलने के बाद उसने तुरंत पास रखा पानी अपने शरीर पर डाला। कुकर फटने की आवाज सुनकर एक छात्र दौड़कर कमरे में आया और गैस बंद की। देखिए, तीन तस्वीरें… कुकर में दाल पकाने रखी थी रामकन्या बाई ने बताया कि वह खाने के लिए दाल-चावल और रोटी बना रही थी। दाल पकाते समय कुकर फट गया। उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हॉस्टल के छात्र अभिषेक डाबी ने बताया कि हादसे के समय हॉस्टल में 12 स्टूडेंट मौजूद थे। ये खबर भी पढ़ें… मुरैना ट्रेन हादसे का वीडियो, लोग कटते दिखे खजुराहो-उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस में मोबाइल फटने से आग लगने की अफवाह ने 4 जानें ले लीं। मृतकों के शरीर के हिस्से करीब 500 मीटर तक बिखर गए। इनको पोस्टमॉर्टम के लिए पोटली में समेटना पड़ा। हादसे का वीडियो भी सामने आया है। पढे़ं पूरी खबर…
कोरबा में SECL सुराकछार की रेलवे साइडिंग से उड़ने वाली कोयले की धूल के कारण वार्ड 65 प्रेम नगर सहित आसपास के पांच गांवों के निवासी परेशान हैं। हवा चलने पर पंखा दफाई, भेरोताल, सुरा कछार और भक्तु दफाई तक महीन कोल डस्ट फैल जाती है, जिससे दमा, खांसी, सांस और आंखों से संबंधित बीमारियां बढ़ गई हैं। इस समस्या से परेशान होकर सोमवार को नगर निगम पार्षद प्रेम कुमार साहू और सैकड़ों ग्रामीणों ने पंखा दफाई रेलवे फाटक पर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए। ग्रामीणों का आरोप है कि सुराकछार भूमिगत खदान की रेल साइडिंग पर प्रतिदिन भारी वाहनों से कोयला गिराया और लोड किया जाता है। प्रबंधन की ओर से साइडिंग और सड़क पर पानी का छिड़काव नहीं किया जाता, जिससे धूल सीधे हवा में मिल जाती है। पार्षद प्रेम साहू ने पूर्व में कलेक्टर को पत्र लिखकर साइडिंग बंद करने की मांग की थी। बार-बार शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई न होने पर ग्रामीणों ने आंदोलन का रास्ता चुना। फाटक पर चटाई बिछाकर बैठे प्रदर्शनकारी प्रदर्शनकारी सुबह से ही फाटक पर चटाई बिछाकर बैठ गए और 'धूल मुक्त गांव, स्वस्थ जीवन' के नारे लगाए। पार्षद प्रेम साहू ने बताया कि जब तक साइडिंग पर 24 घंटे वाटर स्प्रिंकलर, मिस्ट गन और फॉग कैनन नहीं लगाए जाते, कोयला लोडिंग के लिए वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने गांवों में स्वास्थ्य शिविर और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की भी मांग की। ग्रामीणों के अनुसार धूल के कारण उनके घरों की छतें, कपड़े और खाने-पीने की चीजें तक काली हो जाती हैं और बच्चे स्कूल जाने में असमर्थ हैं। मांगों पर अड़े प्रदर्शनकारी चक्काजाम की सूचना मिलने पर कुसमुंडा थाना पुलिस और जिला प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया और SECL प्रबंधन से बातचीत का आश्वासन दिया। हालांकि, ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। पार्षद प्रेम साहू ने स्पष्ट किया कि लिखित आश्वासन और ठोस कदम उठाए बिना चक्काजाम समाप्त नहीं किया जाएगा। कोयला धूल से गंभीर बीमारियों का खतरा चिकित्सकों के अनुसार, कोयले की धूल में सिलिका और कार्बन के कण होते हैं, जो फेफड़ों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं। लंबे समय तक इसके संपर्क में रहने से क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (COPD) और फेफड़ों का कैंसर जैसी गंभीर बीमारियां होने का खतरा रहता है।
उन्नाव में 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में अंतर्राष्ट्रीय योग सप्ताह का सोमवार को शुभारंभ हुआ। शहर के निराला उद्यान में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) कृति राज सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों और आम लोगों ने सामूहिक योगाभ्यास किया। यह योग सप्ताह 15 जून से 21 जून तक चलेगा। मुख्य विकास अधिकारी कृति राज ने भगवान धन्वंतरि का पूजन और दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस अवसर पर सीडीओ के साथ-साथ विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, समाजसेवी और योग प्रशिक्षक मौजूद थे, जिन्होंने उत्साहपूर्वक योगाभ्यास में भाग लिया। सीडीओ कृति राज ने योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि योग स्वस्थ जीवन, मानसिक संतुलन और निरोगी समाज की आधारशिला है। उन्होंने बताया कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर और मन के बीच संतुलन स्थापित करने का एक प्रभावी माध्यम है। उन्होंने जनपदवासियों से अपील की कि वे योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाएं और नियमित योगाभ्यास कर स्वस्थ जीवन शैली अपनाएं। सीडीओ ने जानकारी दी कि इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की थीम Yoga for Healthy Ageing है, जो समाज के हर वर्ग को स्वस्थ और सक्रिय जीवन जीने के लिए प्रेरित करती है। कृति राज ने यह भी बताया कि योग सप्ताह के दौरान जिले के विभिन्न स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने 21 जून को आयोजित होने वाले 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के मुख्य कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शामिल होने का आह्वान किया। इस कार्यक्रम में क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. राजकुमार, आयुष विभाग के अधिकारी-कर्मचारी और अन्य विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे। योग प्रशिक्षकों ने उपस्थित लोगों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम और उनके स्वास्थ्य लाभों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की। उपस्थित लोगों ने योग की विभिन्न क्रियाओं में उत्साहपूर्वक भाग लिया और स्वस्थ जीवन के लिए योग को अपनाने का संकल्प लिया। अधिकारियों ने बताया कि योग को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से पूरे योग सप्ताह के दौरान लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
अमरोहा डीएम ने किया योग सप्ताह का शुभारंभ:पालिका अध्यक्ष के साथ श्री वासुदेव तीर्थ स्थल पर कार्यक्रम
अमरोहा में 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में योग सप्ताह का शुभारंभ किया गया। जिलाधिकारी डॉ. नितिन गौड़ और पालिका अध्यक्ष शशि जैन ने श्री वासुदेव तीर्थ स्थल के पार्क से इस कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी डॉ. नितिन गौड़ ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को योग को अपने जीवन का अभिन्न अंग बनाना चाहिए। उन्होंने नियमित योग को स्वस्थ जीवन का आधार बताया। पालिका अध्यक्ष शशि जैन ने भी लोगों से योग को दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी अश्विनी कुमार मिश्र सहित कई प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। योग सप्ताह के शुभारंभ के बाद, उपस्थित अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में आमजन ने सामूहिक रूप से योगासन किए। इस दौरान विभिन्न योग अभ्यासों में भाग लेकर स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया। वक्ताओं ने योग को भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर बताते हुए इसके नियमित अभ्यास से शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य में सुधार पर जोर दिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों की सहभागिता रही।
बोकारो के चीरा चास थाना क्षेत्र के गांधाजोड़ा में एक बुजुर्ग के सूने घर में लाखों रुपए की चोरी हो गई। लगभग 60 वर्षीय विजय कुमार मिश्रा पिछले तीन माह से वेल्लोर में इलाज करा रहे हैं। चोरों ने उनके घर के खाली होने का फायदा उठाकर 14 तारीख की रात इस घटना को अंजाम दिया।चोरी का पता सोमवार सुबह तब चला, जब विजय कुमार मिश्रा के बड़े भाई शिव नारायण मिश्रा उनके घर के पास पहुंचे। उन्होंने मुख्य दरवाजा खुला देखा और अंदर जाने पर घर का सामान बिखरा हुआ पाया। इसके बाद उन्होंने तत्काल गृहस्वामी विजय कुमार मिश्रा को फोन कर घटना की सूचना दी। घर की अलमारियां और लॉकर खुले हुए थे सूचना मिलने पर चीरा चास थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस जांच में पाया गया कि घर की अलमारियां और लॉकर खुले हुए थे। चोरों ने टीवी, इंडक्शन, इनवर्टर, कपड़े और अन्य कीमती सामान चुरा लिए थे। बक्से खुले पड़े थे और कपड़े इधर-उधर बिखरे हुए थे। शिव नारायण मिश्रा ने बताया कि उनके छोटे भाई के अनुसार, उनकी पत्नी और बहू के जेवरात भी चोरी हो गए हैं। हालांकि, चोरी हुए जेवरों की सही कीमत का आकलन अभी नहीं हो पाया है। परिवार की बेटी-दामाद के आने के बाद ही चोरी हुए नगद रुपए और अन्य सामानों की पूरी जानकारी मिल पाएगी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। इस घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है और स्थानीय लोगों ने पुलिस से जल्द चोरों की गिरफ्तारी की मांग की है।
सिरसा में तेज आंधी और बारिश:भीषण गर्मी से राहत; कई गांवों में बिजली आपूर्ति प्रभावित, फसलों को लाभ
सिरसा जिले के डबवाली में सोमवार को तेज आंधी के बाद झमाझम बारिश हुई। क्षेत्र के लोहगढ़, कालुवाना, बिज्जुवाली, रिसालिया खेड़ा, मौजगढ़ और डबवाली सहित कई गांवों में सुबह करीब 10:30 बजे बारिश शुरू हुई। इस बारिश से क्षेत्र के लोगों को भीषण गर्मी और उमस से काफी राहत मिली। पिछले कई दिनों से क्षेत्र में तपिश भरा मौसम बना हुआ था। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लोग घरों में रहने को मजबूर थे। आंधी और बारिश ने पूरे इलाके का मौसम सुहाना बना दिया, जिससे तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। बारिश के बाद बाजारों, गलियों और मोहल्लों में लोग घरों से बाहर निकलकर ठंडी हवाओं का आनंद लेते दिखाई दिए। बच्चों और युवाओं ने भी मौसम में आए इस बदलाव का भरपूर लुत्फ उठाया। फसलों के लिए लाभदायक होगी बारिश कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, यह बारिश खरीफ सीजन की फसलों के लिए बेहद लाभदायक साबित हो सकती है। विशेषकर कपास, बाजरा और अन्य मौसमी फसलों की बुवाई की तैयारी कर रहे किसानों को इससे फायदा मिलने की उम्मीद है। लंबे समय से सिंचाई के पानी का इंतजार कर रहे किसानों के चेहरों पर भी खुशी लौट आई। केवल इंसानों को ही नहीं, बल्कि पशु-पक्षियों और अन्य जीव-जंतुओं को भी भीषण गर्मी से राहत मिली है। पिछले कई दिनों से पड़ रही गर्मी के कारण पशुधन भी परेशान था, लेकिन मौसम में आए बदलाव से उन्हें भी सुकून मिला। आंधी-बारिश से बिजली आपूर्ति बाधित रही हालांकि, तेज आंधी और बारिश के कारण बिजली व्यवस्था भी प्रभावित हुई है। क्षेत्र के कई गांवों और डबवाली शहर के कुछ हिस्सों में पिछले कई घंटों से बिजली आपूर्ति बाधित रही, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रभावित लोगों ने बिजली विभाग से जल्द आपूर्ति बहाल करने की मांग की है। मौसम विभाग के अनुसार आगामी घंटों में भी कुछ स्थानों पर हल्की बारिश और बादल छाए रहने की संभावना बनी हुई है।
महू में सैन्य भूमि से अवैध पशु बाड़े हटाए:गोमांस मिलने के बाद सेना-प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई
महू में सैन्य भूमि पर बने अवैध पशु बाड़ों और अन्य अतिक्रमणों को हटाने की कार्रवाई सोमवार सुबह 11:30 बजे बंडा बस्ती क्षेत्र में शुरू की गई। सेना, रक्षा संपदा विभाग, कैंट बोर्ड, जिला प्रशासन और पुलिस की एक संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई की। अतिक्रमणकारियों को दो दिन पहले नोटिस जारी किए गए थे, जिसकी अवधि समाप्त होने के बाद यह अभियान चलाया गया। यह मामला पिछले महीने तब सुर्खियों में आया था, जब बंडा बस्ती स्थित इमरान खटखट के बाड़े से बड़ी मात्रा में गोमांस और गोवंश के अवशेष बरामद हुए थे। इस कार्रवाई के दौरान पथराव की घटना भी हुई थी, जिससे क्षेत्र में तनाव फैल गया था। पुलिस ने इस मामले में इमरान खटखट, कादिर, हासिम और कल्ला के खिलाफ मामला दर्ज किया था। इन आरोपियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू की गई थी। श्इस घटना के बाद बजरंग दल सहित विभिन्न संगठनों ने सैन्य भूमि पर बने अवैध बाड़ों को हटाने की मांग की थी। जांच में यह पुष्टि हुई कि संबंधित पशु बाड़े और अन्य निर्माण सैन्य भूमि पर अवैध रूप से बनाए गए थे। इसके उपरांत, संबंधित विभागों ने अतिक्रमण हटाने की तैयारी शुरू कर दी थी। एक एकड़ जमीन पर ज्यादा लोगों का कब्जा अधिकारियों के अनुसार, लगभग एक एकड़ सैन्य भूमि पर 10 से अधिक लोगों द्वारा अतिक्रमण किया गया था। इस क्षेत्र में बने 10 से अधिक पशु बाड़ों, टीन शेड और अन्य अस्थायी निर्माणों को हटाया जा रहा है। प्रशासन अन्य स्थानों पर भी सैन्य भूमि पर किए गए अतिक्रमणों की पहचान करने में जुटा है। कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई है और अधिकारियों की निगरानी में अतिक्रमण हटाने का अभियान जारी है।
सोनीपत में बंद मकान से जेवर और सामान चोरी:बेटे को लेकर अस्पताल गए थे दंपती; पीछे से घुसे चोर
सोनीपत शहर में प्रभु नगर स्थित मिर्च मंडी में अज्ञात चोरों ने एक बंद मकान को निशाना बनाकर घरेलू सामान और लाखों के कीमती आभूषण चोरी कर लिए। पीड़ित परिवार के अस्पताल जाने का फायदा उठाते हुए चोर घर में घुसे और लाखों रुपये के सामान पर हाथ साफ कर फरार हो गए। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रभु नगर मिर्च मंडी निवासी सुनीता ने थाना शहर सोनीपत में शिकायत देकर बताया कि 12 जून 2026 की रात वह अपने परिवार के साथ अस्पताल गई हुई थीं। इसी दौरान अज्ञात चोर उनके घर में घुस आए। जब परिवार वापस लौटा, तो घर का सामान अस्त-व्यस्त पड़ा मिला और कई कीमती सामान गायब थे। घटना का पता चलते ही परिवार के होश उड़ गए। जेवर समेत अन्य सामान भी चुराया सुनीता के अनुसार चोर घर से दो गैस सिलेंडर, एक इनवर्टर बैटरी, दो सोने की अंगूठियां तथा एक चांदी का सेट चोरी कर ले गए। चोरी गए सामान की कीमत काफी बताई जा रही है। चोरों ने बड़ी सफाई से वारदात को अंजाम दिया और मौके से फरार हो गए। परिवार ने चोरी हुए सामान की बरामदगी की मांग की है। अज्ञात आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग घटना की जानकारी मिलते ही पीड़िता ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और थाना शहर सोनीपत में लिखित शिकायत सौंपी। शिकायत में अज्ञात चोरों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने तथा चोरी हुए सामान को बरामद करने की मांग की गई। पुलिस ने शिकायत प्राप्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने किया मामला दर्ज जांच के दौरान पुलिस ने शिकायत में बताए गए तथ्यों के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 305 और 331(4) के तहत अपराध बनता पाया। इसके बाद संबंधित धाराओं में मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस, संदिग्धों पर नजर पुलिस अधिकारियों के अनुसार चोरी की वारदात को अंजाम देने वाले आरोपियों की पहचान के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की जा रही है। इसके अलावा क्षेत्र में सक्रिय संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि तकनीकी जांच के आधार पर जल्द ही आरोपियों तक पहुंचा जा सकेगा। क्षेत्र में बढ़ती चोरी की घटनाओं से लोगों में दहशत स्थानीय निवासियों का कहना है कि पिछले कुछ समय से प्रभु नगर और आसपास के क्षेत्रों में चोरी की घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। इससे लोगों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। लोगों ने पुलिस गश्त बढ़ाने और चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने की मांग की है ताकि क्षेत्र के निवासी खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें। जल्द गिरफ्तारी और बरामदगी का दावा पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। साथ ही चोरी हुए सामान की बरामदगी के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं। फिलहाल पुलिस जांच जारी है और पूरे मामले पर क्षेत्रवासियों की नजर बनी हुई है।
अलीगढ़ के मडराक थाना क्षेत्र के सिकरना गांव में पति-पत्नी विवाद के बाद एक युवक ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। यह घटना रविवार देर रात 14 जून 2026 को हुई। मृतक की पहचान 28 वर्षीय बिट्टू पुत्र देवपाल सिंह के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, बिट्टू की शादी लगभग डेढ़ साल पहले हाथरस जनपद के चंदपा थाना क्षेत्र के ग्वालरा गांव की एक युवती से हुई थी। बताया जा रहा है कि पिछले कुछ समय से पति-पत्नी के बीच घरेलू विवाद चल रहा था। रविवार देर रात भी दोनों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हुई, जिसके बाद बिट्टू ने खुद को गोली मार ली। हथियार लाइसेंसी था या अवैध, इसकी जांच पुलिस कर रही है। गोली चलने की आवाज सुनकर परिजन मौके पर पहुंचे। उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर मडराक थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतक बिट्टू अपने पीछे पिता, बड़े भाई अमित और एक विवाहित बहन को छोड़ गया है। परिवार इस घटना से सदमे में है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है। आत्महत्या के वास्तविक कारणों और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
उत्तर प्रदेश ग्राम रोजगार सेवक संघ सुलतानपुर के बैनर तले सोमवार को रोजगार सेवकों ने अपनी दीर्घकालिक समस्याओं और 10 सूत्रीय मांगों को लेकर जिला प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन मुख्यमंत्री को संबोधित था। रोजगार सेवकों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों का निस्तारण नहीं हुआ, तो 1 जुलाई 2026 को लखनऊ में विधानसभा सहित विभिन्न प्रमुख स्थलों का अनिश्चितकालीन घेराव और प्रदर्शन किया जाएगा। संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि प्रदेश के लगभग 36,000 ग्राम रोजगार सेवक वर्ष 2006 से पिछले 17 वर्षों से न्यूनतम मानदेय पर संविदा के रूप में लगातार ग्राम पंचायतों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इतने लंबे सेवाकाल के बाद भी उन्हें राज्य कर्मचारी का दर्जा नहीं मिला है, जिससे उनके भविष्य पर अनिश्चितता बनी हुई है। रोजगार सेवकों का कहना है कि पिछले 12 से 14 महीने का मानदेय बकाया है। पैसा न मिलने के कारण वे आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। बच्चों की पढ़ाई-लिखाई, दवाई और बूढ़े माता-पिता की सेवा करना भी उनके लिए दूभर हो गया है। आर्थिक तंगी के कारण कई रोजगार सेवक आत्महत्या जैसे आत्मघाती कदम उठाने को मजबूर हो रहे हैं। उनकी प्रमुख मांगों में ग्राम पंचायतों में 'सहायक सचिव/ग्राम विकास सहायक' का पद सृजित कर रोजगार सेवकों को समायोजित करना और राज्य कर्मचारी का दर्जा देकर न्यूनतम ₹24,000 प्रति माह मानदेय सुनिश्चित करना शामिल है। इसके अतिरिक्त, मनरेगा कार्यों में पारदर्शिता के बहाने ग्राम पंचायत सदस्यों के दो-तिहाई बहुमत के बजाय सीधे 'ग्रामसभा' के दो-तिहाई बहुमत के आधार पर ही हटाने के प्रस्ताव की व्यवस्था की जाए। अन्य मांगों में समय से मासिक मानदेय भुगतान के लिए सरकार द्वारा एक अलग बजट आवंटित करना या इसे मानदेय भुगतान सामग्री अंश से जोड़ना शामिल है। मनरेगा कार्यों की बेहतर मॉनिटरिंग के लिए उच्च गुणवत्ता वाले मोबाइल फोन और डेटा-रिचार्ज की सुविधा भी मांगी गई है। 4 अक्टूबर 2021 की घोषणा के क्रम में उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की तर्ज पर 20 दिन का आकस्मिक अवकाश और 12 दिन का चिकित्सा अवकाश लागू करने की भी मांग है। रोजगार सेवकों के लिए न्याय पंचायत स्तर पर ट्रांसफर की नीति लागू की जाए और सेवाकाल के दौरान मृत रोजगार सेवकों के परिवार के आश्रितों को सेवा प्रदान की जाए। साथ ही, 1 जुलाई 2026 से लागू होने वाली 'बीबीजी राम जी योजना' में ग्राम रोजगार सेवकों की भूमिका को प्राथमिकता और प्रभावी रूप से तय करने की भी मांग की गई है।
बांदा जिले के जसपुरा थाना क्षेत्र में सोमवार दोपहर करीब 12 बजे चंद्रावल नदी में डूबने से तीन बच्चों की मौत हो गई। तीनों बच्चों में दो सगे भाई बहन थे जबकि एक बुआ का बेटा शामिल हैं। नहाने के दौरान पैर फिसलने से तीनों गहरे पानी में डूबने लगे। मौके पर मौजूद ग्रामीण उन्हें बचाने दौड़े लेकिन गहराई और पानी का बहाव तेज होने से वे उन्हें बाहर नहीं निकाल सके। इसके बाद ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। सूचना पर पुलिस गोताखोरों के साथ मौके पर पहुंची। करीब 3 घंटे की तलाश के बाद तीनों शवों को नदी से बरामद किया गया। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पचंनामा भरने के बाद पोस्टमॉर्टम के लिए बांदा मेडिकल कॉलेज भेज दिया। देखिए 2 तस्वीरें… अब जानिए पूरा मामला… जसपुरा थाना क्षेत्र के गौरी गांव के रहनेवाले रमाशंकर विश्वकर्मा फर्नीचर का काम करते हैं। रमाशंकर के दो बेटे सिद्धार्थ(18) और छोटा बेटा अंश (10) और एक बेटी माधुरी (13) है। छोटा बेटा अंश कक्षा 5 में पढ़ता है और बेटी कक्षा 7वीं की छात्रा है। सोमवार सुबह करीब 8 बजे छोटा बेटा अंश बेटी माधुरी और भांजा प्रतीक (10) चंद्रावल नदी पर नहाने गए थे। नहाने के दौरान तीनों नदी के गहरे हिस्से की तरफ चले गए। इसी बीच पैर फिसलने से तीनों गहरे पानी में डूबने लगे। तीनों को डूबता देख अंश का बड़ा भाई सिद्धार्थ उन्हें बचाने दौड़ा लेकिन तब तक वह गहरे पानी में समा गए। घाट पर मौजूद अन्य लोग भी उन्हें बचाने के लिए नदी की ओर गए लेकिन पानी गहरा होने के कारण वह बचा नहीं पाए। ग्रामीणों ने तत्काल पुलिस को मामले की जानकारी दी। घटना की सूचना पर जसपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने गोताखोरों की मदद से करीब 3 घंटे की तलाश के बाद दोपहर 12 बजे तीनों को नदी से बाहर निकाला। उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जसपुरा ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद तीनों को मृत घोषित कर दिया। तीनों बच्चों के मौत की खबर सुन परिवार में कोहराम मच गया। पुलिस ने तीनों शवों का पंचनामा कर पोस्टमॉर्टम के लिए बांदा मेडिकल कॉलेज भेज दिया।
सोमवती अमावस्या के अवसर पर सोमवार को तीर्थराज मचकुंड में हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। तड़के सुबह से ही श्रद्धालु मचकुंड सरोवर पहुंचने लगे और जहां स्नान, पूजा-अर्चना तथा धार्मिक अनुष्ठानों का सिलसिला जारी रहा। भक्तों ने पवित्र सरोवर में डुबकी लगाकर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। सोमवती अमावस्या के विशेष धार्मिक महत्व के कारण धौलपुर जिले के साथ-साथ आगरा, मुरैना, ग्वालियर, करौली और आसपास के कई क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु मचकुंड पहुंचे। सरोवर के घाटों पर सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें देखी गईं। महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं ने स्नान कर मंदिरों में दर्शन किए। मचकुंड स्थित विभिन्न मंदिरों में दिनभर पूजा-पाठ और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित हुए। श्रद्धालुओं ने परिक्रमा भी लगाई और धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया। तीर्थ क्षेत्र में भजन-कीर्तन और धार्मिक जयकारे गूंजते रहे। कई श्रद्धालुओं ने बताया कि सोमवती अमावस्या पर मचकुंड में स्नान और पूजा का विशेष पुण्य मिलता है, इसलिए वे हर साल यहां आते हैं। श्रावण मास के आगमन से पूर्व पड़ने वाली इस सोमवती अमावस्या ने तीर्थराज मचकुंड की धार्मिक महत्ता को और बढ़ा दिया। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने कई स्थानों पर भंडारों का आयोजन किया। भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। भीड़ को देखते हुए प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा एवं व्यवस्था के विशेष इंतजाम किए थे। घाटों और मंदिर परिसर में पुलिसकर्मी तैनात रहे और श्रद्धालुओं की आवाजाही पर लगातार निगरानी रखी गई। दिनभर चले धार्मिक आयोजनों, पूजा-अर्चना और पवित्र स्नान के साथ तीर्थराज मचकुंड में आस्था का माहौल बना रहा। सोमवती अमावस्या पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ ने मचकुंड के धार्मिक महत्व को एक बार फिर रेखांकित किया।
प्रयागराज NCZCC में नाद चिकित्सा सत्र का आयोजन:प्रतिभागियों को ध्वनि तरंगों से मिला मानसिक सुकून
प्रयागराज में उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र (एनसीजेडसीसी) ने नाद चिकित्सा (साउंड हीलिंग) सत्र का आयोजन किया। इसका उद्देश्य आधुनिक जीवनशैली के बढ़ते मानसिक दबाव के बीच लोगों को तनावमुक्त जीवन का संदेश देना था। इस सत्र में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लेकर ध्वनि चिकित्सा के उपचारात्मक प्रभावों का अनुभव किया। कार्यक्रम का शुभारंभ केंद्र निदेशक सुदेश शर्मा, प्रोफेसर हरि दत्त शर्मा और नाद चिकित्सा विशेषज्ञ कविता मालवीय ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस विशेष सत्र में लगभग 30 प्रतिभागियों को ध्वनि तरंगों के माध्यम से मानसिक और शारीरिक संतुलन स्थापित करने की प्रक्रिया से अवगत कराया गया। नाद चिकित्सा विशेषज्ञ कविता मालवीय ने बताया कि ध्वनि केवल सुनने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह उपचार की एक प्रभावशाली विधा भी है। उन्होंने कहा कि विशेष प्रकार की ध्वनि तरंगें मन और शरीर पर सकारात्मक प्रभाव डालती हैं तथा तनाव, चिंता और मानसिक थकान को कम करने में सहायक होती हैं। उन्होंने प्रतिभागियों को विभिन्न उपचारात्मक ध्वनियों और उनके प्रभावों की जानकारी भी दी। सत्र के दौरान प्रतिभागियों ने साउंड थेरेपी का प्रत्यक्ष अनुभव किया। कार्यक्रम के बाद कई प्रतिभागियों ने मानसिक शांति, तनाव में कमी और शरीर में हल्केपन का अनुभव होने की बात कही। प्रतिभागियों ने इस पहल की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों के नियमित आयोजन की मांग की। इस अवसर पर केंद्र निदेशक सुदेश शर्मा ने कहा कि भारतीय संस्कृति और ज्ञान परंपरा में जीवन को स्वस्थ, संतुलित और सुखमय बनाने के अनेक उपाय मौजूद हैं। उन्होंने बताया कि नाद चिकित्सा भी ऐसी ही एक प्राचीन पद्धति है, जो व्यक्ति को आंतरिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करने में सहायक है। शर्मा ने आगे कहा कि उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र लगातार ऐसे कार्यक्रम आयोजित कर रहा है, जिनके माध्यम से लोगों को भारतीय सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने के साथ-साथ उनके मानसिक और सामाजिक कल्याण को भी बढ़ावा दिया जा सके।
अजमेर शहर में ओवरलोड पिकअप सड़क के ऊपर से गुजर रही मोटी केबल तारों में उलझ गई। इसके बाद ड्राइवर पिकअप को भगाने लगा तो तारों में खिंचाव हो गया और एक मकान की करीब 40 फीट लंबी बालकनी भरभराकर नीचे आ गिरी। बालकनी के नीचे खड़ी दो वैन और दो ठेले पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। हादसे से महज 10-15 मिनट पहले ही घटनास्थल पर बच्चे खेल रहे थे। हादसा वार्ड संख्या-59 स्थित तोपदड़ा क्षेत्र में वीर कुमार सर्किल के पास मुख्य चौराहे का है। रफ्तार और लापरवाही बनी हादसे की वजह पूर्व पार्षद श्रवण कुमार ने बताया कि घटना तोपदड़ा मुख्य चौराहे पर स्थित माथुर साहब के मकान की है। पिकअप में छत की ऊंचाई से भी ज्यादा माल लदा हुआ था। चौराहे से गुजरते समय वाहन ऊपर से गुजर रही मोटी केबल में फंस गया। ड्राइवर ने गाड़ी रोकने के बजाय उसे आगे खींच दिया, जिससे तारों का दबाव सीधे मकान की बालकनी पर पड़ा और पूरी बालकनी उखड़कर नीचे गिर गई। हादसे के बाद चालक मौके से जाने लगा तो उसे रोक लिया। मां बोली- बेटी हादसे वाली जगह खेल रही थी हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। मकान में रहने वाली एक किराएदार महिला ने रोते हुए बताया कि उसकी बच्ची खाना खाने के बाद हाथ धो रही थी और कुछ ही क्षण पहले उस जगह से हटकर अंदर गई थी, जहां हादस हुआ। महिला ने कहा कि मेरी बच्ची की जान सिर्फ दो मिनट के अंतर से बची है। अचानक जोरदार धमाका हुआ और पूरी बालकनी नीचे आ गिरी। अगर वह नीचे होती तो बड़ा हादसा हो सकता था। अगर मेरे बच्चे को कुछ हो जाता तो जिम्मेदार कौन होता? बालकनी गिरने से नीचे खड़ी दो वैन और दो ठेले क्षतिग्रस्त हो गए। स्थानीय लोगों का कहना है कि ठेले और वाहन लगाकर रोजी-रोटी कमाने वाले लोगों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि चालक के खिलाफ कार्रवाई की जाए और उससे नुकसान की भरपाई करवाई जाए। नगर निगम और टाटा पावर की टीम मौके पर पहुंची घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों ने नगर निगम और टाटा पावर की टीम को बुलाया। मौके पर मलबा हटाने और क्षतिग्रस्त केबलों को सुरक्षित करने का काम शुरू किया गया। पुलिस भी मामले की जांच में जुटी है।
अज्ञात वाहन की टक्कर से महिला की मौत:अररिया में आक्रोशित ग्रामीणों ने NH-27 किया जाम, यातायात बाधित
अररिया-पूर्णिया मार्ग पर एनएच 27 पर एक अज्ञात वाहन की टक्कर से एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना के बाद आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने मटियारी-चातर मार्ग पर हाईवे जाम कर दिया। पुलिस को घंटों की मशक्कत के बाद जाम हटवाकर यातायात बहाल करना पड़ा। यह हादसा महलगांव थाना क्षेत्र के मटियारी-चातर मार्ग पर हुआ। मृतका की पहचान चातर वार्ड संख्या 12 निवासी सुरेंद्र पासवान की पत्नी मीरा देवी (50) के रूप में हुई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, मीरा देवी सिर पर जलावन रखकर एनएच 27 पार कर रही थीं, तभी तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि महिला की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। टक्कर मारने के बाद वाहन चालक मौके से फरार हो गया। घटना की सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। आरोपी ड्राइवर के गिरफ्तारी की मांग सड़क पर शव देखकर लोग आक्रोशित हो गए। उन्होंने मुआवजे और दोषी वाहन चालक की गिरफ्तारी की मांग को लेकर एनएच 27 को जाम कर दिया। जाम के कारण अररिया-पूर्णिया फोरलेन पर दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे यात्री घंटों तक फंसे रहे। सूचना मिलने पर महलगांव थाना पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। यातायात थाना पुलिस ने भी घटनास्थल का जायजा लिया। CCTV खंगाल रही पुलिस महलगांव थानाध्यक्ष बृजेश कुमार ने बताया कि अज्ञात वाहन की टक्कर से महिला की मौत हुई है। शव को रविवार रात 9 बजे पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। फरार वाहन की पहचान के लिए आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। पुलिस अधिकारियों के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने जाम हटाया, जिसके बाद यातायात सामान्य हो सका। पुलिस मामले की जांच कर रही है और फरार वाहन की तलाश जारी है।
कोरबा के कटघोरा थाना क्षेत्र के छुरी स्थित प्रसिद्ध गणेश तालाब में सोमवार को सफाई के दौरान एक हादसा हो गया। तालाब में जलकुंभी हटाने उतरे 50 साल के ग्रामीण श्यामलाल सारथी की डूबने से मौत हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस और गोताखोरों की टीम ने घंटों मशक्कत के बाद शव को बाहर निकाला। जानकारी के अनुसार, पंचायत की ओर से छुरी गणेश तालाब की सफाई का काम ठेके पर दिया गया था। श्यामलाल सारथी अपने पांच अन्य साथियों के साथ तालाब में सफाई के लिए उतरा था। सफाई करते हुए श्यामलाल तालाब के बीच वाले हिस्से तक पहुंच गया, जहां जलकुंभी और कीचड़ काफी घना था। इसी दौरान उसका पैर फिसल गया और वह घनी जलकुंभी में उलझ गया। उसके साथियों ने बचाने का प्रयास किया, लेकिन गहराई और फिसलन के कारण वह पानी में समा गया। हादसे के तुरंत बाद साथियों ने शोर मचाकर ग्रामीणों और पुलिस को सूचना दी। 2 घंटे के बाद शव बरामद कटघोरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और कोरबा से गोताखोरों की टीम बुलाई गई। लगभग दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद गोताखोरों ने तालाब के बीच से श्यामलाल का शव बरामद किया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। कटघोरा पुलिस ने मर्ग कायम कर पंचनामा कार्रवाई शुरू कर दी है। सुरक्षा इंतजामों में लापरवाही की जांच पुलिस ठेकेदार और पंचायत कर्मियों से पूछताछ कर रही है कि सफाई के दौरान सुरक्षा के उचित इंतजाम क्यों नहीं किए गए थे। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि मजदूरों को बिना लाइफ जैकेट और रस्सी के तालाब में उतारा गया था। पुलिस लापरवाही के पहलू से भी मामले की जांच कर रही है।
वृद्धजनों की सेवा ही भारतीय संस्कृति का मूल मंत्र, सरकार देगी 1500 रुपये मासिक पेंशन: सीएम योगी
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को वृद्धजन दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस पर प्रदेशवासियों के नाम पाती (पत्र) लिखा है। पाती के माध्यम से सीएम योगी ने कहा कि वृद्धजनों का सम्मान केवल संस्कार नहीं, बल्कि हमारी गौरवशाली सभ्यता की पहचान है। लेकिन आज घर सुने हो रहे हैं और वृद्धाश्रम बढ़ रहे हैं जो चिंता का विषय है। उन्होंने बताया कि वृद्धजनों और निराश्रित महिलाओं का सम्मानपूर्ण जीवन सुनिश्चित करने के लिए ही प्रदेश सरकार ने 1,500 रुपये प्रति माह पेंशन देने का निर्णय लिया है।
उन्नाव में भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचकर अपर जिलाधिकारी सुशील कुमार को ज्ञापन सौंपा। व्यापारियों ने खाद्य प्रशासन विभाग पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए जांच और कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करेंगे। व्यापारी नेता अखिलेश अवस्थी ने बताया कि उन्होंने 2 जून को खाद्य प्रशासन विभाग में कथित भ्रष्टाचार और अधिकारियों के कार्य करने के तरीके को लेकर एक ज्ञापन दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि इस ज्ञापन के चार दिन बाद ही खाद्य अधिकारी प्रियंका सिंह की ओर से उन्हें नोटिस जारी कर दिया गया। अवस्थी के अनुसार, नोटिस में यह उल्लेख किया गया था कि वह स्वयं खाद्य व्यापारी हैं, इसलिए इस तरह की शिकायत या आवाज नहीं उठा सकते। व्यापारी नेता ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा कि लोकतंत्र में यदि वह व्यापारियों का प्रतिनिधित्व करते हैं, तो क्या वे जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर उनकी समस्याएं नहीं उठा सकते? उन्होंने आरोप लगाया कि नोटिस के जरिए उन पर कार्रवाई की चेतावनी देकर दबाव बनाने का प्रयास किया जा रहा है। अवस्थी ने चिंता व्यक्त की कि यदि एक व्यापारी नेता के साथ ऐसा व्यवहार किया जा रहा है, तो आम व्यापारी अपनी समस्याएं अधिकारियों तक कैसे पहुंचाएंगे। उन्होंने यह भी बताया कि लगभग एक वर्ष पहले भी भ्रष्टाचार की शिकायत करने पर उनके और एक अन्य व्यापारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। अखिलेश अवस्थी ने कहा कि अब फिर से उसी तरह कार्रवाई की चेतावनी दी जा रही है, जिसे व्यापारी समाज बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि वे व्यापारियों की समस्याओं और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर लगातार आवाज उठाते रहेंगे और किसी दबाव में पीछे नहीं हटेंगे। ज्ञापन सौंपने के बाद व्यापारी नेताओं ने बताया कि अपर जिलाधिकारी सुशील कुमार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच कराने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि एडीएम ने पूरे प्रकरण की जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई करने की बात कही है। व्यापारी नेता ने बताया कि नोटिस का जवाब भी दिया गया है। साथ ही पूरे मामले की जानकारी भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष रविकांत गर्ग को भी दे दी गई है। आंदोलन की चेतावनीव्यापारी नेता ने चेतावनी दी कि यदि 10 दिनों के अंदर खाद्य प्रशासन विभाग के खिलाफ जांच और कार्रवाई नहीं की गई तो व्यापारी आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर पूरे जिले के व्यापारी बाजार बंद कर बड़े चौराहे पर धरना-प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा कि व्यापारियों की आवाज दबाने का प्रयास स्वीकार नहीं किया जाएगा। भ्रष्टाचार और घूसखोरी के आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई की जानी चाहिए।
अलीगढ़ में सड़क हादसे में युवक की मौत:कार्ड बांटकर लौट रहा था, 13 दिन बाद होनी थी शादी
अलीगढ़ के गोंडा थाना क्षेत्र में एक सड़क हादसे में शादी से 13 दिन पहले दूल्हे की मौत हो गई। 26 वर्षीय पुष्पेंद्र सिंह अपने दोस्त के साथ अपनी शादी के कार्ड बांटकर लौट रहे थे, तभी उनकी बाइक को एक तेज रफ्तार कार ने टक्कर मार दी। इस घटना से परिवार में खुशियां मातम में बदल गईं। मृतक के चाचा प्रताप सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि रामपुर निवासी पुष्पेंद्र सिंह (26) पुत्र प्रेमपाल सिंह अपने दोस्त अंकित (21) पुत्र धर्मवीर के साथ खैर से शादी के कार्ड बांटकर वापस आ रहे थे। मुरवार और गहलऊ के बीच उनकी बाइक को एक मारुति कार ने टक्कर मार दी, जिससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तत्काल जेएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। कई दिनों तक चले इलाज के बाद 14 जून 2026 की देर रात पुष्पेंद्र ने दम तोड़ दिया। वहीं, उनका दोस्त अंकित अभी भी एक निजी अस्पताल में उपचाराधीन है। पुष्पेंद्र की शादी 27 जून 2026 को हाथरस जनपद के सिकंदराराऊ क्षेत्र में तय थी। वह अपनी शादी की तैयारियों में जुटा था और इसी सिलसिले में रिश्तेदारों व परिचितों को शादी के कार्ड बांटकर लौट रहा था। पुष्पेंद्र अपने दो भाइयों और दो बहनों में सबसे छोटे थे। परिवार के अन्य तीन भाई-बहनों की शादी हो चुकी थी। घर में सबसे छोटे बेटे की बारात निकलने की तैयारियां चल रही थीं, लेकिन हादसे की खबर से परिवार सदमे में है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
बागपत के पलड़ी गांव में एक निजी कंपनी द्वारा मोबाइल टावर लगाए जाने के विरोध में ग्रामीणों ने सोमवार को कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि मोबाइल टावर से निकलने वाला रेडिएशन व्यक्ति और पशुओं के स्वास्थ्य पर हानिकारक प्रभाव डालता है। प्रदर्शन कर ग्रामीणों ने अधिकारियों से मांग की कि इस टावर को आबादी वाले क्षेत्र से हटाकर खेतों या जंगल में लगाया जाए। उन्होंने बताया कि वे इस संबंध में कई बार अधिकारियों से शिकायत कर चुके हैं, लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ है। महिलाओं ने चेतावनी दी कि यदि टावर लगाने का काम नहीं रोका गया और उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वे बड़े पैमाने पर धरना प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगी। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में कई लोग गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं, और टावर लगने से उनके स्वास्थ्य पर और भी बुरा असर पड़ेगा। बड़ी संख्या में महिला ग्रामीण इस विरोध प्रदर्शन में शामिल रहीं।
पन्ना जिले में सोमवार, 15 जून को सोमवती अमावस्या के अवसर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। जिला मुख्यालय सहित बृजपुर, पवई और अजयगढ़ जैसे क्षेत्रों में सुबह से ही प्राचीन मंदिरों और पीपल वृक्षों के पास भक्तों की कतारें देखी गईं। पंडितजी के अनुसार, धार्मिक और ज्योतिषीय गणना के अनुसार, पुरुषोत्तम मास में सोमवती अमावस्या का यह दुर्लभ महासंयोग 30 साल बाद आया है। इससे पहले ऐसा विशेष योग वर्ष 1996 में बना था। पुरुषोत्तम मास भगवान विष्णु को समर्पित है, जबकि सोमवार और अमावस्या की तिथि भगवान शिव व पितरों से संबंधित है। इस त्रिवेणी संगम के कारण श्रद्धालुओं में नर्मदा स्नान और दान को लेकर विशेष उत्साह देखा गया। सोमवारी अमावस्या के महत्व को देखते हुए, बड़ी संख्या में श्रद्धालु, विशेषकर महिलाएं, मंदिरों की ओर जाते हुए दिखाई दिए। पारंपरिक परिधानों में सजी भक्तों की टोलियां भजन-कीर्तन करती हुई पूजा स्थलों तक पहुंचीं। बृजपुर के प्रमुख शिव मंदिरों और अन्य देवस्थानों पर सुरक्षा व सुविधा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। भक्तों ने भगवान भोलेनाथ का दूध और गंगाजल से अभिषेक किया। उन्होंने बेलपत्र, धतूरा और फूल अर्पित कर परिवारों की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की। सनातन परंपरा के अनुसार, सोमवारी अमावस्या पर पीपल के वृक्ष की पूजा और परिक्रमा का विशेष महत्व है। ऐसी मान्यता है कि पीपल के वृक्ष में त्रिदेव (ब्रह्मा, विष्णु और महेश) का वास होता है। पन्ना जिले में कई स्थानों पर महिला और पुरुष श्रद्धालुओं ने पीपल के वृक्ष के चारों ओर सूत लपेटकर 108 परिक्रमा की। परिक्रमा कर रही श्रद्धालु भावना शर्मा ने बताया कि विधि-विधान से 108 परिक्रमा करने से पितरों का आशीर्वाद मिलता है और परिवार में खुशहाली आती है। इससे मन को शांति भी मिलती है। भक्तों ने अपनी परिक्रमा के संकल्प को पूरा करने के लिए फल, फूल, मखाने, मिष्ठान और अन्न का अर्पण किया।
अभिव्यक्ति कलामंच द्वारा आयोजित ग्रीष्मकालीन युवा और बाल रंग शिविर का मानस भवन में भव्य समापन हुआ। इस अवसर पर बच्चों ने जनगीत, बुंदेली लोक नृत्य 'कर्मा' और भारतेंदु हरिश्चंद्र के प्रसिद्ध नाटक 'अंधेर नगरी' का जीवंत मंचन कर दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। समापन समारोह में उपस्थित कला विशेषज्ञों ने बच्चों के व्यक्तित्व विकास में थिएटर के महत्व को रेखांकित किया और प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र वितरित किए गए। शिविर के समापन मौके पर बच्चों ने अपनी प्रतिभा का बेहतरीन प्रदर्शन किया। शुरुआत में बच्चों द्वारा तैयार किए गए दो जनगीतों और बुंदेली लोक नृत्य 'कर्मा' की शानदार प्रस्तुति दी गई। बच्चों ने मंच पर अपने गायन और नृत्य से समां बांध दिया। इसके बाद भारतेंदु हरिश्चंद्र द्वारा लिखित नाटक 'अंधेर नगरी' का मंचन किया गया, जिसका निर्देशन अनिल दुबे ने किया। बच्चों की बेहतरीन अभिनय कला देखकर मानस भवन में मौजूद अभिभावकों, दोस्तों और कलाप्रेमियों ने जमकर तालियां बजाकर उनका उत्साहवर्धन किया। इंटरनेट पर परोसी जा रही छद्म कलाएं: पंकज दीक्षितकार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे चित्रकार पंकज दीक्षित ने उपस्थित लोगों को संबोधित किया। उन्होंने वर्तमान दौर पर चिंता जताते हुए कहा, आज के समय में बच्चों और बड़ों के लिए कला को समझना कठिन हो गया है। इंटरनेट और टीवी के जरिए लगातार छद्म कलाएं परोसी जा रही हैं, जो निश्चित तौर पर सही रास्ता नहीं दिखातीं। ये उन चमचमाती मीनारों की तरह हैं जो हमें आकर्षित तो करती हैं, लेकिन उनमें ऐसा कुछ नहीं बचता जिसका हम जीवन में उपयोग कर सकें। सच्ची कला हमें परेशान करती है, संघर्ष कराती है, लेकिन सही रास्ता भी स्पष्ट करती है। थिएटर जीवनभर के लिए तैयार करता है आधारनाट्यकर्मी और कवि हरिओम राजौरिया ने भी शिविर और रंगकर्म के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि थिएटर बच्चों के व्यक्तित्व को निखारने और उसे बनाने में एक आधारभूत काम करता है। इस तरह के शिविरों में बच्चे जो कुछ भी सीखते हैं, वह उम्र भर उनके काम आता है और उन्हें जीवन की चुनौतियों के लिए तैयार करता है। इन कलाकारों का रहा सहयोग, बंटे प्रमाणपत्रबच्चों के शानदार प्रदर्शन के बाद विशेष अतिथि प्रशांत व्यास (संचालक, ड्रीम इंडिया स्कूल) द्वारा सभी प्रतिभागी बच्चों को प्रमाणपत्र भेंट किए गए। उन्होंने भी बच्चों की कला की सराहना की। इस आयोजन को सफल बनाने में अशोकनगर से आईं रामदुलारी शर्मा, रतनलाल पटेल, उज्जैन से मुकेश बिजौले सहित गुना के दिनेश औदिच्य, राजकुमार जैन और मुखौटा कला मंच के साथियों का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम का सफल संचालन शिविर संयोजक कृष्णा दुबे ने किया, जबकि आभार सचिव पूजा सिंह ने व्यक्त किया।
स्वच्छता सर्वेक्षण 2025-2026 के लिए उदयपुर की जमीनी हकीकत जानने के लिए भारत सरकार की टीम पिछले दिनों से उदयपुर में ही है। टीम उदयपुर में स्वच्छता को लेकर जनता से फीडबैक ले रही है। टीम ने कई सार्वजनिक स्थनों का दौरा कर वहां की स्वच्छता को लेकर अपनी रिपोर्ट तैयार की है। स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर आई केंद्रीय टीम ने शहर के अलग-अलग वार्डों का दौरा किया। टीम ने वार्डों में होने वाली नियमित साफ-सफाई को लेकर लोगों के फीडबैक लिए। उदयपुर के सिटीजन से सफाई व्यवस्था व गीले-सूखे कचरे के उठाव को लेकर फीडबैक लिया। पिछले दिनों आई टीम सबसे पहले हर्षनगर के पास के इलाकों को देखा और इसके बाद अलग-अलग दिन अलग वार्डों में जाकर निरीक्षण किया। टीम ने शहर के सार्वजनिक शौचालयों, स्कूलों और प्रमुख टूरिज्म और धार्मिक स्थलों पर स्वच्छता मानकों को लेकर देखा और वहां के लोगों से फीडबैक लिया। रेलवे और रोडवेज स्टेशन भी गई टीमटीम उदयपुर शहर के रोडवेज और रेलवे स्टेशन पर भी गई। वहां की स्व्च्छता को लेकर भी फीडबैक लिया। टीम ने मौके की तस्वीरें जुटाते हुए पूरी रिपोर्ट तैयार की। टीम का सीक्रेट विजिट रहाआई टीम का विजिट सीक्रेट रहता है। पिछले दिनों से उदयपुर में ही रुकी टीम अपना काम कर रही है लेकिन नगर निगम को इसकी सूचना नहीं रहती है। टीम अपना सीक्रेट मिशन पूरा करते है और रेंडमली किसी भी एरिया में चले जाते है और उसी के अनुसार वे दौरा कर रहे है। उदयपुर में 9664 लोगों ने फीडबैक दे चुके स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 के तहत आम लोगों से उनके शहर की साफ-सफाई की व्यवस्था पर फीडबैक लिया जा रहा है। इसमें अब तक उदयपुर नगर निगम सीमा से 15 जून की सुबह तक करीब 9664 लोगों ने फीडबैक दे चुके है। स्वच्छता सर्वेक्षण 2024-25 में उदयपुर की 13वीं रैंक थी स्वच्छता सर्वेक्षण 2024-25 में उदयपुर की 13वीं रैंक थी और उदयपुर ने राजस्थान में पहले की तरह तीसरा नंबर बरकरार रखा था। उस समय सर्वेक्षण में 3 लाख से 10 लाख की जनसंख्या वाले शहरों की श्रेणी में देश के 95 शहरों में उदयपुर की 13वीं रैंक रही थी। राज्य के 9 शहरों में से तीसरे नंबर की रैंक रही थी। उदयपुर को कुल 12500 में से 10478 अंक मिले थे। कैसे दें फीडबैक? नागरिक फीडबैक के लिए ऑनलाइन पोर्टल cf.sbmurban.org तैयार किया गया है। नागरिक अपने मोबाइल नंबर से लॉग इन कर पूछे गए सवालों का जवाब भर सकते हैं और ओटीपी वेरीफिकेशन के बाद अपना फीडबैक सबमिट कर सकते हैं।

