डिलीवरी के दौरान नवजात की मौत...:पिता ने की अस्पताल में तोड़फोड़, नर्स को ट्रे मारी
सिविल अस्पताल बैरागढ़ में गुरुवार तड़के डिलीवरी के दौरान नवजात बच्ची की मौत हो गई। डिलीवरी में करीब दो घंटे लगे। बाद में डॉक्टरों ने जटिलताओं के कारण बच्ची को बचा न पाने की जानकारी दी। इससे गुस्साए महिला के पति ने नर्सिंग स्टाफ पर ट्रे फेंक दी, गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए और अस्पताल परिसर में तोड़फोड़ कर कांच का गेट तोड़ दिया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। स्थिति को नियंत्रित किया। परिजनों का कहना है कि समय पर सही निर्णय लिया जाता तो बच्ची बच सकती थी। निशा और नंदकिशोर अहिरवार मूल रूप से खरगोन जिले के ब्यावर गांव के निवासी हैं और बैरागढ़ में किराए के मकान में रहकर मजदूरी करते हैं। जानकारी के अनुसार, महिला को शाम करीब 7 बजे अस्पताल में भर्ती किया गया था। रात 1 बजे उसे लेबर रूम में ले जाया गया। करीब एक घंटे बाद स्थिति बिगड़ने लगी। बच्चे का सिर बाहर आ गया था, जबकि शरीर अंदर फंसा था। लगभग एक घंटे की कोशिश के बाद बच्चा बाहर आया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। मामला हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी का था। परिजनों का आरोप है कि गंभीर स्थिति के बावजूद समय पर सी-सेक्शन का निर्णय नहीं लिया गया। पिता का कहना है कि उन्होंने कई बार ऑपरेशन की मांग की, लेकिन स्टाफ लगातार नॉर्मल डिलीवरी की बात कहता रहा। 1 घंटे तक फंसा रहा नवजात, देर से बुलाए डॉक्टर अस्पताल सूत्रों के मुताबिक, बच्चे को बाहर निकालने में एक घंटे से अधिक समय लग गया। इस दौरान गायनी और पीडियाट्रिक विभाग के डॉक्टरों को भी बुलाया गया। तब तक देर हो चुकी थी। लंबे समय तक फंसे रहने के कारण नवजात ने दम तोड़ दिया। परिजनों का दावा है कि बच्चा आंशिक रूप से बाहर आ चुका था। शरीर का बाकी हिस्सा फंसा रहा। वजन अधिक होने और मां को शुगर की समस्या होने के बावजूद रिस्क को नजरअंदाज किया गया। मौत कैसे हुई जांच कराई जाएगी... अस्पताल प्रबंधन से इस पूरे मामले में जवाब मांगा जाएगा। इसकी जांच कराई जाएगी कि आखिर बच्चे की मौत किन कारणों से हुई। -डॉ. मनीष शर्मा, सीएमएचओ
चारा घोटाले की सुनवाई करने वाले रिटायर्ड जस्टिस अमिताभ गुप्ता होंगे नए लोकायुक्त
चयन समिति की अनुशंसा पर राज्यपाल ने दी मंजूरी चारा घोटाले की सुनवाई करने वाले रिटायर्ड जस्टिस अमिताभ कुमार गुप्ता झारखंड के नए लोकायुक्त होंगे। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने चयन समिति की अनुशंसा स्वीकृत करते हुए गुरुवार को जस्टिस गुप्ता की नियुक्ति का आदेश जारी किया। अब कार्मिक विभाग की ओर से इसकी अधिसूचना जारी की जाएगी। झारखंड को 5 साल बाद स्थायी लोकायुक्त मिला है। पूर्व लोकायुक्त जस्टिस डीएन उपाध्याय के निधन के बाद से अब तक इस पद पर स्थाई नियुक्ति नहीं हो पाई थी। लोकायुक्त का पद जून 2021 से खाली पड़ा था। राज्य सरकार ने हाईकोर्ट को बताया था कि 7 अप्रैल तक लोकायुक्त की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। लेकिन इसमें हुए विलंब के बाद हाईकोर्ट ने 13 अप्रैल को नाराजगी जताते हुए हर हाल में 10 दिन के भीतर लोकायुक्त नियुक्ति की अधिसूचना जारी करने का आदेश दिया था। इसके बाद आनन-फानन में कार्रवाई पूरी की जा रही है। उल्लेखनीय है कि 25 अप्रैल को चयन समिति की बैठक हुई थी, जिसमें जस्टिस अमिताभ कुमार गुप्ता के नाम पर सहमति बनी थी। दैनिक भास्कर ने 3 अप्रैल को ही बता दिया था कि जस्टिस अमिताभ गुप्ता लोकायुक्त बनेंगे। जानिए लोकायुक्त को जस्टिस गुप्ता रांची में सीबीआई कोर्ट के विशेष जज रहे। उस दौरान चारा घोटाले की सुनवाई की थी। वर्ष 2013 में झारखंड हाईकोर्ट के जज बने। 30 मई 2021 को सेवानिवृत्त हुए। सितंबर 2022 में झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष बनाए गए। 25 अप्रैल को हुई चयन समिति की बैठक में उनके नाम पर सहमति बनी थी। जस्टिस गुप्ता की पहचान एक सख्त और निष्पक्ष जस्टिस के रूप में रही है।
आपको हम बता रहे हैं, भोपाल शहर में आज कहां-क्या हो रहा है। यहां हर वो जानकारी होगी, जो आपके काम आएगी। संगीत-संस्कृति, आर्ट, ड्रामा के इवेंट से लेकर मौसम, सिटी ट्रैफिक, बिजली-पानी की सप्लाई से जुड़ा हर अपडेट मिलेगा। काम की जरूरी लिंक्स आधार अपडेशन- नया/ नि:शुल्क/ बायो मैट्रिक अपडेट- 100 रुपए, डेमोग्राफिक अपडेट- 50 रुपए, इन सेंटरों में आधार अपडेशन/ जेनरेशन की सुविधा। सेंटर्स की पूरी लिस्ट के लिए क्लिक करें। हेल्थ सर्विसेज : एम्स/जेपी, खुशीलाल ऑटो गैस/ इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन, सीएनजी स्टेशन थाने इमरजेंसी कॉन्टैक्ट नंबर सीएनजी पंप स्टेशन
जनगणना - गलत जानकारी दी तो 1000 जुर्माना:प्रदेश के गृह विभाग ने जारी की जनगणना की गाइडलाइन
मप्र सरकार ने प्रदेश में गुरुवार से शुरू हुई जनगणना-2027 को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसमें आम लोगों और जनगणना ड्यूटी में लगे कर्मियों दोनों के लिए गाइडलाइन दी गई है। इसमें साफ है कि जनगणना के दौरान दी गई निजी जानकारियां गोपनीय रहेंगी। इसे किसी भी सिविल या क्रिमिनल कोर्ट में साक्ष्य के तौर पर पेश नहीं किया जा सकेगा। प्रगणक और पर्यवेक्षकों के लिए पहचान पत्र और नियुक्ति पत्र साथ लेकर जाना अनिवार्य होगा। ये 5 काम किए तो लग सकती है हजार रुपए पेनाल्टी 1. जनगणना के दौरान गलत जानकारी देना। 2. सवाल का जवाब न देना।3. घर में या कॉलोनी परिसर में प्रवेश न करने देना। 4. घर पर लिखे गए नंबर या चिह्नों को मिटाना।5. जनगणना कार्यालय में अनधिकृत प्रवेश करना। इन तीन परिस्थितियों में हो सकती है 3 साल तक की जेल सांस्कृतिक परंपराओं में मिलेगी छूट ... जानकारी देने में कुछ छूट भी है। यदि किसी परिवार की परंपरा में महिला सदस्य या पति का नाम लेना वर्जित है, तो उन्हें नाम बताने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा।
शादी का कार्ड दिखाओ, दो सिलेंडर ले जाओ:शादियों के सीजन में गैस की किल्लत पर सिलेंडरों की सौगात
राजधानी में शादी सीजन शुरू हो चुका है। ऐसे में कमर्शियल गैस सिलेंडर की कमी को देखते हुए प्रशासन ने नई व्यवस्था लागू की है। अब जिन घरों में शादी है, उन्हें पास की गैस एजेंसी पर शादी का कार्ड जमा कराना होगा। इसके बाद ही अधिकतम दो कमर्शियल सिलेंडर दिए जाएंगे। जिला आपूर्ति अधिकारी चंद्रभान सिंह जादौन के मुताबिक, सभी एलपीजी कंपनियों के अधिकारियों से चर्चा के बाद यह व्यवस्था लागू की गई है। एक शादी में 10-12 सिलेंडर लगते हैं, मिल रहे सिर्फ दो घर में शादी है, सिलेंडर के लिए क्या करना होगा?- पास की गैस एजेंसी पर शादी का कार्ड, पहचान पत्र और एक आवेदन देना होगा, जिसमें शादी की तारीख, समय और स्थान की जानकारी देनी होगी। सिलेंडर के लिए कितने रुपए देने होंगे?- हर सिलेंडर पर ₹2200 सिक्योरिटी डिपॉजिट देना होगा। 2 कमर्शियल सिलेंडर लेने पर कुल ₹4400 जमा कराने होंगे, जो बाद में वापस मिल जाएंगे। सिक्योरिटी डिपॉजिट के अलग भी कोई राशि लगेगी?- हां, डिपॉजिट से अलग गैस भरवाने के लिए प्रति सिलेंडर ₹1850 रुपए देना होंगे। ये सिलेंडर 2-3 दिन के भीतर एजेंसी पर लौटाना अनिवार्य होगा। एक शादी में आमतौर पर कितने सिलेंडर लगते हैं? -कैटरर्स का कहना है कि एक शादी में आमतौर पर 10-12 कमर्शियल सिलेंडर की जरूरत होती है। दो सिलेंडर तो नाकाफी हैं। भट्टी जलानी पड़ रही है। इन दिनों शहर में सिलेंडरों की डिमांड कितनी है? - सामान्य दिनों में ही 3500 सिलेंडर की जरूरत होती है, इन दिनों यह 4700 तक पहुंच रही है। लेकिन सप्लाई 1000-1200 की हो पा रही है।
नगर निगम के बजट सत्र के दौरान वंदे मातरम् के मुद्दे पर विवाद के बाद पुलिस ने पार्षद रुबीना खान और फौजिया शेख के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196(1) के तहत केस दर्ज किया है। यह धारा धर्म, जाति या भाषा के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता बढ़ाने से संबंधित है, जिसमें दोष सिद्ध होने पर 3 से 5 वर्ष तक की सजा का प्रावधान है। मामले में दोनों पार्षदों का कहना था कि इस्लाम में वंदे मातरम् गाने की अनुमति नहीं है, इसलिए वे इसे नहीं गाएंगी और किसी को भी उन्हें बाध्य करने का अधिकार नहीं है। उनका तर्क था कि संविधान उन्हें धार्मिक स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति की आजादी प्रदान करता है। दोनों पार्षदों ने अपने बयान पर खेद जताते हुए स्पष्ट किया कि वे वंदे मातरम् का सम्मान करती हैं। हालांकि इस बीच उनके खिलाफ मामला दर्ज हो गया। शांतिपूर्ण असहमति अपराध नहीं मामले को लेकर सीनियर एडवोकेट नीरज सोनी (हाई कोर्ट) ने बताया कि बजट सत्र में भाजपा और कांग्रेस, दोनों दलों के जनप्रतिनिधि मौजूद थे और सभी को कानून की जानकारी है। यदि कोई व्यक्ति राष्ट्रगीत या राष्ट्रगान के दौरान शांतिपूर्वक खड़ा रहकर यह कहता है कि उसका धर्म इसकी अनुमति नहीं देता, तो इसे न तो कानून का अपमान माना जा सकता है और न ही राष्ट्रगीत का। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के चर्चित बीजू इमानुएल फैसले का हवाला देते हुए कहा स्पष्ट किया कि शांतिपूर्ण ढंग से असहमति जताना अपराध की श्रेणी में नहीं आता। यह निर्णय देशभर में सभी पर समान रूप से लागू होता है चाहे वह पुलिस हो, प्रशासन हो या न्याय पालिका। धारा 196(1) का प्रयोग सोच-समझकर हो एडवोकेट सोनी का कहना है कि धारा 196(1) का प्रयोग अत्यंत सावधानी से किया जाना चाहिए। उनके अनुसार यह मामला राजनीतिक प्रतीत होता है और ऐसे मामलों में प्राथमिकी दर्ज करने से पहले पूरी जानकारी की आवश्यकता है। किसी भी शहर और देश के विकास के लिए धार्मिक विवादों से अधिक आवश्यक है आपसी सौहार्द और समन्वय। मिलजुल कर व्यवस्थाएं चलाना ज्यादा महत्वपूर्ण है। ऐसे मामलों में संवेदनशीलता और कानूनी समझ दोनों जरूरी है। इस केस की स्थिति को लेकर उन्होंने कहा कि चूंकि दोनों पार्षदों ने तात्कालिक आवेश में जो कुछ कहा कि वह जरूर आक्रामक था। इसके डिजिटल इविडेंस (वीडियो बयान आदि) हैं और दोष सिद्ध होने पर 3 से 5 साल तक की सजा का प्रावधान है। चूंकि उनके बयान के बाद धर्म, जाति या भाषा के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता या वैमनस्य जैसी स्थिति निर्मित नहीं हुई। इसके साथ ही दोनों इसके लिए खेद जता कर सम्मान कर चुकी है, यह उन्हें राहत दे सकता है।
एम्स में हाईटेक यूनिट तैयार...:एक साथ हो सकेंगे लंग्स, किडनी, हार्ट और लिवर ट्रांसप्लांट
राजधानी के एम्स में ट्रांसप्लांट की अत्याधुनिक सुविधा तैयार हो गई है, जहां एक साथ पांच ट्रांसप्लांट किए जा सकेंगे और प्रदेश का पहला लंग्स ट्रांसप्लांट भी यहीं होगा। अप्रैल के अंतिम सप्ताह तक यह यूनिट शुरू हो सकती है। इसके बाद गंभीर मरीजों को इलाज के लिए दूसरे शहरों में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। एम्स भोपाल में ट्रामा यूनिट के ऊपर पूरे फ्लोर पर यह हाईटेक ट्रांसप्लांट यूनिट बनाई गई है। यहां लंग्स, हार्ट, किडनी और लिवर ट्रांसप्लांट एक ही जगह किए जा सकेंगे। इसके लिए सर्जिकल टीम, एनेस्थीसिया विशेषज्ञ, कार्डियोथोरेसिक सर्जन, पल्मोनोलॉजिस्ट और क्रिटिकल केयर यूनिट की टीम तैयार की गई है। मेडिकल सुप्रीटेंडेंट डॉ. विकास गुप्ता के अनुसार लंग्स ट्रांसप्लांट की तैयारी पूरी है और मरीज चिन्हित किया जा रहा है। यूनिट में उन्नत मशीनें लगीं; ट्रांसप्लांट के लिए विशेषज्ञ टीम और तैयारी पूरी यूनिट में हार्ट-लंग्स मशीन, आईएबीपी और एक्मो मशीन जैसी उन्नत तकनीक लगाई जा रही है। हार्ट-लंग्स मशीन आर्टिफिशियल हार्ट और एक्मो मशीन आर्टिफिशियल लंग्स की तरह काम करती है, जिससे ट्रांसप्लांट के दौरान मरीज के अंगों को स्थिर रखा जा सके। हाल ही में स्टेट ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गनाइजेशन की टीम ने निरीक्षण कर यहां की मशीनों, ऑपरेशन थिएटर और विशेषज्ञों की टीम का मूल्यांकन किया है। लंग्स ट्रांसप्लांट जटिल, आखिरी स्टेज के मरीजों के लिए विकल्पलंग्स ट्रांसप्लांट जटिल सर्जरी है, जिसमें खराब फेफड़ों को हटाकर डोनर के स्वस्थ फेफड़े लगाए जाते हैं। यह प्रक्रिया एंड-स्टेज लंग डिजीज, पल्मोनरी फाइब्रोसिस, सीओपीडी और गंभीर संक्रमण वाले मरीजों के लिए की जाती है, जब अन्य उपचार काम नहीं करते। बाहर नहीं जाना पड़ेगा, खर्च और इंतजार घटेगा: अब तक लंग्स ट्रांसप्लांट के लिए मरीजों को चेन्नई, दिल्ली या हैदराबाद जाना पड़ता था। लंबी दूरी, ज्यादा खर्च और इंतजार बड़ी समस्या थी। एम्स में सुविधा शुरू होने के बाद प्रदेश और आसपास के राज्यों के मरीजों को यहीं इलाज मिल सकेगा। लिवर ट्रांसप्लांट की अनुमति का इंतजार: एम्स को अब लिवर ट्रांसप्लांट की अनुमति मिलना बाकी है। इसके बाद यह प्रदेश का पहला संस्थान होगा, जहां एक ही छत के नीचे हार्ट, किडनी, लंग्स और लिवर ट्रांसप्लांट हो सकेंगे। एम्स भोपाल प्रदेश का पहला ऐसा संस्थान हैं जहां अब तक तीन हार्ट ट्रांसप्लांट हो चुके हैं। ट्रांसप्लांट यूनिट का काम अंतिम चरण में है। लंग्स ट्रांसप्लांट की अनुमति मिलने के बाद तैयारी पूरी है। मरीज को चिन्हित किया जा रहा है। जल्द ही हम पहला लंग्स ट्रांसप्लांट करेंगे। -डॉ. विकास गुप्ता, मेडिकल सुप्रीटेंडेंट, एम्स भोपाल
राजस्थान में तेज गर्मी और लू के बीच शुक्रवार को बारिश की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के असर से 5 से ज्यादा जिलों हल्की बरसात हो सकती है। जयपुर सहित कई जिलों में गुरुवार रात से ही घने बादल छाए हुए हैं। वहीं, गुरुवार को 18 शहरों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज हुआ। श्रीगंगानगर, चूरू, बीकानेर, फलोदी में अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। सबसे ज्यादा तापमान बाड़मेर, जैसलमेर में दर्ज हुआ। नए सिस्टम के कारण अचानक बदला मौसम मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया- एक हल्के प्रभाव का पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव होगा, जिसके असर से राज्य में मौसम में बदलाव हुआ है। 16 अप्रैल को दोपहर बाद पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर, बीकानेर संभाग के इलाकों में इसका असर दिखा। हल्के वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के असर से इलाकों में बादल छाए और धूप थोड़ी कमजोर हुई। सिस्टम का असर श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, झुंझुनूं, चूरू, सीकर, अलवर के इलाकों में दिख सकता है। इन जिलों में आज बारिश की संभावना है। जयपुर में गुरुवार देर शाम से गर्मी कम हुई है। 43 डिग्री के करीब दिन का पारा पिछले 24 घंटे में सभी जिलों में सुबह से दोपहर तक आसमान साफ रहा और तेज धूप रही। अधिकतम तापमान 42.9 डिग्री सेल्सियस बाड़मेर और 42.8 जैसलमेर में दर्ज हुआ। इन जिलों में हीटवेवट को लेकर भी अलर्ट है। रेगिस्तानी जिले बीते कई दिनों से तेज गर्मी की चपेट में है। यहां चल रही गर्म हवा के कारण लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
मप्र के गवर्नर (राज्यपाल) मंगूभाई पटेल ने जनजातीय वर्ग के प्रति अफसरों के रवैये पर गुरुवार को तल्ख टिप्पणी की। उन्होंने बड़े सवाल खड़े करते हुए कहा- सरकार और अफसरों में अपनेपन का अभाव दिखता है। आदिवासी वर्ग के बच्चों और लोगों का अभी भी शोषण हो रहा है। क्या ट्राइबल के बच्चे सरकार के कार्यक्रमों में सिर्फ डांस कराने के लिए हैं। सुबह भी यही बच्चे किसी और कार्यक्रम में डांस कर रहे थे। अब यहां कर रहे हैं। राज्यपाल यहीं नहीं रुके, उन्होंने हैरान होते हुए कहा कि राज्य में 21 प्रतिशत आबादी आदिवासियों की है। यानि हर विभाग को अपने बजट में से इतना पैसा ट्राइबल (जनजातीय उपयोजना, यानि टीएसपी) पर खर्च करना था, लेकिन 22% राशि जो 299 करोड़ से अधिक है 2025-26 में लैप्स कर दी गई। गवर्नर ने कहा, यह पैसा तो भारत सरकार से मिलता है। इसका भी सही उपयोग नहीं किया गया। ट्राइबल डिपार्टमेंट से पूछा ही नहीं जाता कि कहां पैसा खर्च करना है। यह ठीक नहीं है। जनजातीय समुदाय के विकास कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन की भावी रणनीति के लिए दो दिनी वर्कशॉप प्रशासन अकादमी में रखी गई। इसी में राज्यपाल ने यह बातें कहीं। गवर्नर ने कहा- निर्धारित राशि के कार्यों के लिए वर्कऑर्डर भी समय से जारी किए जाने चाहिए। तेलंगाना, कर्नाटक जैसे राज्यों में टीएसपी का पैसा खर्च न हो तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होती है। मप्र में भी ऐसा होना चाहिए। कार्यक्रम में सीएम डॉ. मोहन यादव भी मौजूद रहे। हर वर्ग तक योजनाओं का लाभ पहुंचा रहे : मुख्यमंत्रीमुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के हर वर्ग के हर व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने, उन्हें मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। जनजातीय समुदायों को शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, पेयजल की उपलब्धता और अधोसंरचना का विकास सुनिश्चित कराना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। राज्य सरकार अंत्योदय के लक्ष्य के साथ कार्य कर रही है।सीएम ने बताया, किस साल टीएसपी का कितना पैसा खर्च किया गया 2023-24 : बजट 40 हजार 207 करोड़ और खर्च 33 हजार 49 करोड़। यानि 82%। 2024-25 : बजट 41 हजार 733 करोड़ और खर्च 35 हजार 537 करोड़। यानि 85.15%। 2025-26 : बजट 47 हज़ार 648 करोड़ और खर्च 37 हज़ार 349 करोड़ 63 लाख। यानि 78.39%। बंद पड़ी हैं नल-जल योजना : शाहजनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह कार्यशाला के दूसरे बजट सत्र में अचानक पहुंचे और कहा, कई जगहों पर नल-जल योजनाएं बंद पड़ी हैं। कहीं बिजली का बिल देने के लिए पैसा नहीं है। टीएसपी का ही पैसा ही पीएचई में 10 करोड़ से अधिक रहता है, वही खर्च करना चाहिए था। विभाग के प्रमुख सचिव गुलशन बामरा ने बताया, वर्ष 2026-27 के बजट में जनजातीय उप योजना के लिए विशेष प्रावधान किया गया है। कैबिनेट में कोई नहीं बोलता : शुक्लावर्कशॉप के एक सत्र में सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय शुक्ला ने कहा, टीएसपी का पैसा जब भी खर्च होता है तो कैबिनेट से उसकी मंजूरी होती है। जब यह मसला कैबिनेट में जाता है, तब वहां कोई आपत्ति नहीं करता कि पैसा कहां खर्च हो। राज्यपाल ने खड़े कर दिए 4 बड़े सवाल 1. हैरानी होती है कि भारत सरकार से मिले आदिवासी उपयोजना के 299 करोड़ मप्र में लैप्स हो गए?2. ट्राइबल डिपार्टमेंट से कोई विभाग नहीं पूछता कि पैसा कहां और कैसे खर्च करना है? 3. 12 लाख की आंगनबाड़ी बना दी। दरवाजे प्लास्टिक के हैं। खिड़कियां छोटी हैं, न हवा और न प्रकाश है। सरिए भी हाथों से खिंच जाते हैं, पैसा कहां लग गया?4. स्वास्थ्य और शिक्षा के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है?
स्कूल के शतप्रतिशत बच्चों ने किया उत्कृष्ट प्रदर्शन, आशीष को 92.8 प्रतिशत अंक
भास्कर न्यूज | चतरा सीबीएसई बोर्ड द्वारा बुधवार को जारी किए गए दसवीं बोर्ड की परीक्षा में दिल्ली पब्लिक स्कूल पीतिज के विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। विद्यालय के शत प्रतिशत बच्चों ने परीक्षा परिणाम प्राप्त कर विद्यालय का नाम गौरवान्वित किया है। विद्यालय के निदेशक राजेश्वर गोप ने छात्र छात्राओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा है कि इस वर्ष सभी छात्र-छात्राओं ने सफलता प्राप्त कर विद्यालय की गुणवत्ता एवं अनुशासन को सिद्ध किया है। उन्होंने कहा कि यह परिणाम विद्यार्थियों की कड़ी मेहनत, शिक्षकों के मार्गदर्शन एवं अभिभावकों के सहयोग का प्रतिफल है। विद्यालय के टॉप टेन स्थान पर रहने वाले छात्र छात्राएं विद्यालय के टॉप टेन स्थान प्राप्त करने वाले छात्र छात्राओं में आशीष शर्मा ने पहला स्थान प्राप्त किया है। आशीष को 92.8 प्रतिशत, आनंद कुमार यादव को 91.8 प्रतिशत, सूरज प्रजापति को 90.8 प्रतिशत, कुंदन कुमार सिंह को 89.8 प्रतिशत, साहिल अख्तर अंसारी को 89.8 प्रतिशत, सागर कुमार को 88.8 प्रतिशत, स्वाति केसरी को 88.8 प्रतिशत, अभिनव कुमार को 86.4 प्रतिशत, पलक कुमारी को 85.6 प्रतिशत व आदर्श कुमार को 84.4 प्रतिशत अंक प्राप्त हुआ है।
भास्कर न्यूज | चतरा जिले में बढ़ती गर्मी और गिरते जलस्तर के बीच पेयजल संकट से निपटने के लिए पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल (पीएचडी) पूरी तरह सक्रिय हो गया है। विभाग ने आम लोगों को राहत देने के उद्देश्य से जिला व प्रखंड स्तर पर कंट्रोल रूम का गठन किया है, ताकि खराब चापाकलों की सूचना मिलते ही त्वरित कार्रवाई की जा सके। विभाग की ओर से जारी व्यवस्था के तहत अब किसी भी खराब चापाकल की सूचना मिलने पर 24 घंटे के भीतर उसकी मरम्मत सुनिश्चित की जा रही है। इसके लिए जिले में 11 मरम्मती वाहनों को तैनात किया गया है, जो लगातार विभिन्न क्षेत्रों में जाकर चापाकलों को दुरुस्त कर रहे हैं। वर्तमान में प्रतिदिन 30 से अधिक चापाकलों की मरम्मत की जा रही है, जिससे लोगों को राहत मिल रही है। जिले में कुल 18,990 चापाकल स्थापित हैं, जिनमें से 781 चापाकल खराब पड़े हैं, जबकि 18,209 चालू हालत में हैं। विभाग का लक्ष्य है कि भीषण गर्मी के दौरान अधिकतम चापाकलों को चालू हालत में रखा जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की समस्या न हो। एई को बनाया गया है कंट्रोल रूम का नोडल पदाधिकारी जिला स्तरीय कंट्रोल रूम का नोडल पदाधिकारी सहायक अभियंता फैसल अंसारी को बनाया गया है। उनके साथ अमित कुमार और संजीव पासवान को तैनात किया गया है। आम लोग 8210032587 और 9525350282 नंबर पर संपर्क कर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा प्रत्येक प्रखंड में कनीय अभियंता और संबंधित कर्मियों को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है। सहायक अभियंता फैसल अंसारी ने बताया कि अप्रैल महीने में अब तक 406 चापाकलों की मरम्मत कर उन्हें चालू किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि विभाग की प्राथमिकता है कि गर्मी में किसी भी क्षेत्र में पेयजल संकट उत्पन्न न होने दिया जाए। पेयजल समस्या के त्वरित समाधान के लिए विभाग ने टोल फ्री नंबर 1800-3456-502 जारी किया है। साथ ही राज्य स्तरीय कॉल सेंटर नंबर 9471776901 भी उपलब्ध कराया गया है, जहां शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।गर्मी में पेयजल संकट से निपटने के लिए सरकार द्वाराप्रत्येक प्रखंड में कनीय अभियंता और संबंधित कर्मियों को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है।
राशि न मिलने के कारण गरीबों के पक्के घर का सपना अधूरा,कई अधूरे घरों में रहने को मजबूर
भास्कर न्यूज | कोडरमा जिले में आवास योजनाओं की रफ्तार काफी धीमी पड़ गई है। अबुआ आवास योजना के तहत वर्ष 2023-24 में स्वीकृत 4591 घरों में से केवल 3521 पूर्ण हो पाए हैं, जबकि वर्ष 2024-25 में स्वीकृत 3239 घरों में से सिर्फ 1384 आवास ही पूरे हुए हैं। वहीं प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत 3531 स्वीकृत घरों में से सिर्फ 547 आवास पूर्ण हो सके हैं। बड़ी संख्या में लाभुकों को अब तक अंतिम किस्त नहीं मिलने से निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है और गरीबों का पक्का घर का सपना अधूरा रह गया है।झारखंड सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना की तर्ज पर गरीब परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराने के लिए अबुआ आवास योजना शुरू की थी। योजना के तहत तीन चरणों में राज्य में आठ लाख पक्के मकान बनाने का लक्ष्य रखा गया था। कोडरमा जिले में भी लगभग 18 हजार लाभुकों की प्रतीक्षा सूची बनाई गई थी। वित्तीय वर्ष 2023-24 में जिले के छह प्रखंडों चंदवारा, डोमचांच, जयनगर, कोडरमा, मरकच्चो और सतगावां में कुल 4591 आवास स्वीकृत किए गए। इनमें चंदवारा में 646, डोमचांच में 954, जयनगर में 998, कोडरमा में 708, मरकच्चो में 718 और सतगावां में 567 आवास शामिल हैं।इनमें से 4572 लाभुकों को पहली किस्त मिली, जबकि 4425 लाभुकों ने प्लिंथ लेवल तक का काम पूरा कर लिया। 4404 लाभुकों को दूसरी किस्त दी गई और 4134 लाभुकों ने लिंटल लेवल तक निर्माण कर लिया। इसके बाद भी तीसरी किस्त केवल 4060 लाभुकों को ही मिल सकी। विभागीय आंकड़ों के अनुसार 3521 आवास पोर्टल पर पूर्ण दिखाए गए हैं, लेकिन चौथी और अंतिम किस्त केवल 1124 लाभुकों को ही मिल सकी है। अधूरे घर और अधूरा सपना : स्थिति यह है कि बड़ी संख्या में लाभुकों को किस्तों का भुगतान समय पर नहीं मिलने के कारण आवास निर्माण अधूरा रह गया है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि राज्य स्तर से राशि आवंटित होते ही लंबित किस्तों का भुगतान कर दिया जाएगा। फिलहाल योजनाओं की धीमी गति से गरीबों के पक्के घर का सपना अधूरा ही नजर आ रहा है। प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2024-25 में जिले में 3531 आवास स्वीकृत किए गए थे। इनमें से 3386 लाभुकों को पहली किस्त, 992 को दूसरी किस्त और केवल 14 लाभुकों को तीसरी किस्त मिल सकी। चौथी और पांचवीं किस्त अब तक किसी को नहीं मिली है। लगभग दो साल बीतने के बाद भी केवल 547 घर ही पूर्ण हो सके हैं। फंड की कमी और नई भुगतान प्रणाली बनी बाधा जानकारी के अनुसार योजनाओं के क्रियान्वयन में फंड की कमी और भुगतान प्रक्रिया में बदलाव भी एक बड़ा कारण माना जा रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना में भुगतान के लिए एसएनए स्पर्श प्रणाली लागू की गई है, जिसके कारण लाभुकों के खातों में राशि क्रेडिट होने में देरी की शिकायतें मिल रही हैं। वित्तीय वर्ष 2024-25 में जिले में कुल 3239 नए आवास स्वीकृत किए गए। इनमें चंदवारा में 451, डोमचांच में 602, जयनगर में 480, कोडरमा में 402, मरकच्चो में 502 और सतगावां में 802 आवास शामिल हैं। स्वीकृति के बाद 2981 लाभुकों को पहली किस्त दी गई, जबकि 2767 लाभुकों ने प्लिंथ लेवल तक निर्माण कार्य पूरा किया। इसके बाद 2699 लाभुकों को दूसरी किस्त मिली और 2279 लाभुकों ने लिंटल लेवल तक काम कर लिया। बावजूद इसके तीसरी किस्त केवल 1906 लाभुकों को ही मिल सकी। विभागीय आंकड़ों के अनुसार 1384 आवास पूर्ण हो चुके हैं, लेकिन चौथी और अंतिम किस्त अब तक केवल चार लाभुकों को ही मिल सकी है।
कोल टैक्स इलाके में दो बच्चों के साथ घरों में घुसी महिला, जेवर व नकदी लेकर फरार
भास्कर न्यूज | कोडरमा कोडरमा थाना क्षेत्र के कोल टैक्स इलाके में बुधवार को एक अज्ञात महिला ने दो बच्चों के साथ घरों में घुसकर चोरी की घटना को अंजाम दिया। रविंद्र सिंह के मकान में किराए पर रहने वाली पूजा कुमारी के घर से करीब डेढ़ लाख रुपये के जेवरात और नगदी गायब हो गए। पूजा कुमारी, जो गिरिडीह में कार्यरत बाल मुकुंद कुमार की पत्नी हैं, अपने दो बच्चों के साथ किराए के मकान में रहती हैं। उन्होंने बताया कि मंगलवार को वह एक तिलक समारोह में शामिल होने अपने गांव गई थीं। बुधवार को लौटने के बाद बेटे को स्कूल छोड़कर घर आईं और अपने कंगन, मंगलसूत्र व करीब दो हजार रुपये एक बैग में रखकर कमरे की खूंटी में टांग दिया। इसके बाद वह कपड़ा धोने चली गईं और फिर बेटे को लेने स्कूल चली गईं। शाम करीब छह बजे घर लौटने पर देखा कि खूंटी से बैग गायब है। बैग में डेढ़ लाख रुपये के जेवरात और नगदी रखे थे।इसी दौरान पास में रहने वाले कोर्ट के पेशकार अनिल सिंह के फ्लैट में भी महिला घुस गई। घर में मौजूद उनकी भाभी ने बताया कि उन्होंने एक महिला को दो बच्चों के साथ घर के पास देखा था। पूछने पर उसने खाना मांगने की बात कही थी। कुछ देर बाद महिला दूसरे फ्लैट से निकलती भी दिखी, लेकिन उस समय किसी को चोरी का अंदेशा नहीं हुआ। बाद में अनिल सिंह के घर से वाशिंग मशीन के ऊपर कपड़े के नीचे रखे करीब एक हजार रुपये गायब पाए गए।घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिले में पहले से ही चेन स्नेचिंग और चोरी की घटनाएं बढ़ रही हैं। अब बच्चों के साथ घरों में घुसकर चोरी करने की इस नई घटना से लोगों की चिंता और बढ़ गई है।
कोडरमा में 19-20 को 40 डिग्री तक पहुंचेगा पारा
कोडरमा| जिले में गर्मी ने अब तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। सुबह से ही तेज धूप लोगों को परेशान कर रही है, जबकि दोपहर होते-होते सड़कों और बाजारों में सन्नाटा नजर आने लगा है। बुधवार को अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 22 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों में तापमान में लगातार बढ़ोतरी होगी और 19-20 अप्रैल तक अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है। वहीं न्यूनतम तापमान भी बढ़कर 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। बढ़ती गर्मी को देखते हुए प्रशासन भी सतर्क हो गया है।मौसम विभाग ने 18 अप्रैल से जिले में हीट वेव चलने की चेतावनी दी है। सुबह के कुछ घंटों बाद ही गर्मी का असर तेज हो जाएगा।
स्कूल चलो अभियान शुरू, शत-प्रतिशत नामांकन व शून्य ड्रॉपआउट पर दिया जोर
भास्कर न्यूज | कोडरमा जिले में ‘स्कूल रूआर 2026 (बैक टू स्कूल कैंपेन)’ के तहत स्कूल चलो अभियान की शुरुआत की गई। इस अभियान का उद्देश्य बच्चों का शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करना, विद्यालय में ठहराव बढ़ाना और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। अभियान शिक्षा विभाग एवं नीति आयोग के डेवलपमेंट पार्टनर जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रेन (जेआरसी) के सहयोगी संगठन एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन के संयुक्त तत्वावधान में चलाया जा रहा है। अभियान के तहत मरकच्चो प्रखंड के पपलो, सिमरिया, गुरहा, योगीडीह, डोमचांच प्रखंड के बगडो, सतगावां प्रखंड के दोनैया व पचाने तथा कोडरमा प्रखंड के मेघातरी और बसधरवा सहित विभिन्न पंचायतों में कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रमों की अगुवाई ग्राम पंचायत मुखिया, शिक्षक, पंचायत समिति सदस्य, स्कूल प्रबंधन समिति एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा की जा रही है। मरकच्चो प्रखंड के देवीपुर स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय गुरहा में मुखिया बेदू साव ने हरी झंडी दिखाकर अभियान का शुभारंभ किया। इस दौरान गांव-गांव जाकर लोगों को ड्रॉपआउट बच्चों को पुनः स्कूल से जोड़ने, नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा बाल विवाह और बाल मजदूरी जैसी समस्याओं से बच्चों को सुरक्षित रखने के प्रति जागरूक किया गया। एवीए के जिला समन्वयक मनोज कुमार ने बताया कि अभियान के दौरान स्कूल से बाहर बच्चों की सूची तैयार कर उनका नामांकन कराया जाएगा और उनकी जानकारी शिक्षा विभाग के पोर्टल पर अपलोड कर नियमित फॉलोअप किया जाएगा।
वित्त आयोग योजनाओं की समीक्षा बैठक, पंचायत सुदृढ़ीकरण पर जोर
भास्कर न्यूज | कोडरमा उपायुक्त ऋतुराज की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से केंद्र एवं राज्य वित्त आयोग तथा ग्रामीण विकास योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सभी प्रखंडों के मुखिया, प्रमुख एवं जिला परिषद सदस्यों ने भाग लिया। बैठक के दौरान उपायुक्त ने 15वें वित्त आयोग के तहत प्राप्त राशि के उपयोग, पंचायत सुदृढ़ीकरण, पंचायत ज्ञान केंद्र संचालन एवं योजनाओं के चयन पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने निर्देश दिया कि योजनाओं का चयन आम जनता की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए किया जाए, ताकि अधिकतम लोगों को लाभ मिल सके। उपायुक्त ने विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों में पेयजल एवं शौचालय से संबंधित योजनाओं को प्राथमिकता देने को कहा। साथ ही उन्होंने अनावश्यक योजनाओं से बचते हुए केवल जन-उपयोगी योजनाओं के चयन पर बल दिया। पंचायत सुदृढ़ीकरण को लेकर उपायुक्त ने सभी पंचायत सचिवालयों को साफ-सुथरा एवं व्यवस्थित रखने तथा उन्हें सुदृढ़ बनाने के निर्देश दिए। पंचायत ज्ञान केंद्रों के प्रभावी संचालन को लेकर भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले जनप्रतिनिधियों को सम्मानित भी किया गया। चंदवारा प्रखंड के कांको पंचायत के मुखिया श्याम देव यादव को सुशासन आधारित उत्कृष्ट कार्य के लिए तथा जयनगर प्रखंड के जयनगर पूर्वी पंचायत के मुखिया कौशर खान को आधारभूत संरचना निर्माण में योगदान के लिए प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। बैठक में जिला पंचायती राज पदाधिकारी प्रिंस गोडविन कुजुर, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं विभिन्न पंचायतों के मुखिया मौजूद थे।
सीबीएसई 10वीं में तेजस 97.4 % अंक लाकर जिला टॉपर बने
भास्कर न्यूज | कोडरमा सीबीएसई द्वारा जारी 10वीं बोर्ड परीक्षा परिणाम में कोडरमा जिले के विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन किया। इस वर्ष मॉडर्न पब्लिक स्कूल के छात्र तेजस भालोठिया ने 97.4 प्रतिशत अंक प्राप्त कर जिला टॉपर बनने का गौरव हासिल किया। वहीं सेक्रेड हार्ट स्कूल की ऋषिका कुमारी और मॉडर्न पब्लिक स्कूल की अनुष्का सिद्धि ने 97.2 प्रतिशत अंक प्राप्त कर संयुक्त रूप से द्वितीय स्थान हासिल किया। तीसरे स्थान पर सेक्रेड हार्ट स्कूल के सौरभ रंजन और आदर्श प्लस टू उच्च विद्यालय, माधवाटांड़ के ऋषभ रंजन सिंह रहे, जिन्होंने 97 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। चौथे स्थान पर 96.2 प्रतिशत अंकों के साथ मंजुला शर्मा मेमोरियल एकेडमी की जिशु कुमारी, सैनिक स्कूल तिलैया के रजनीश कुमार, डीएवी पब्लिक स्कूल की आराध्या कुमारी और ग्रिजली विद्यालय की आकांक्षा यादव संयुक्त रूप से रहीं। वहीं सेक्रेड हार्ट स्कूल के राजवीर मोदी और डीएवी पब्लिक स्कूल की आकांक्षा त्रिवेदी ने 95.8 प्रतिशत अंक प्राप्त कर पांचवां स्थान हासिल किया। टॉप-10 सूची में कई अन्य छात्रों ने भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। इनमें मान्यता प्रसाद (95.6%), आरोही शौर्य (95.4%), आयुष कुमार, उदय शंकर यादव और कुंदन राज (95.2%), अंकित कुमार (95.2%), ओम राज (95%), अंजली गुप्ता (95%) और संभावि भार्गव (95%) शामिल हैं। इसके अलावा मान्य लोहानी ने 94.8 प्रतिशत अंक प्राप्त किए।
जल्द ही तीनों हत्याकांड का होगा उद्भेदन : एसपी
भास्कर न्यूज | चतरा चतरा सदर थाना क्षेत्र में इन दिनों क्राइम का ग्राफ बढ़ गया है। पिछले डेढ़ माह में हत्या की चार घटना से शहर दहल गया है। हत्या की चार घटनाओं में से मात्र एक घटना का ही उद्भेदन अब तक हो पाया है। जबकि तीन घटना अब भी अबूझ पहेली बनी हुई है। पुलिस को डेढ़ माह में तीन घटना में अब तक कोई सफलता हाथ नहीं लगी है। यहां बताते चले कि बीते 7 मार्च को शहर के प्रखंड कार्यालय के पास जयशंकर नगर सजना निवासी 22 वर्षीय युवक अनिश कुमार सिंह का शव बरामद किया गया था। इस मामले में मृतक के परिजनों ने सदर थाना में हत्या का मामला दर्ज कराया है। अबतक हत्या की गुत्थी नहीं सुलझ पाई है। इस घटना के छह दिन बाद ही हथियार बंद अपराधियों ने 13 मार्च को नवोदय विद्यालय के पास ही केरेडारी के रहने वाले युवक विकास कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी थी। विकास कुमार कोर्ट से गवाही देकर वापस घर लौट रहा था। पुलिस ने इस मामले का उद्भेदन करते हुए दो षड्यंत्रकारियों को तो गिरफ्तार कर लिया है। लेकिन शूटर अब भी पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं। इस घटना के 10 दिन बाद फिर से नवोदय विद्यालय के पास जंगल में अपराधियों ने गीता देवी नामक महिला की हत्या टांगी से काट कर दिया है। पुलिस इस मामले का उद्भेदन अब तक नहीं कर पाई है। महिला की हत्या की गुत्थी सुलझी भी नहीं थी कि तीन अप्रैल की रात सदर थाना क्षेत्र के तुडांग गांव के पास पशुपालन विभाग में कार्यरत पशु चिकित्सक योगेंद्र यादव की हत्या टांगी से काटकर कर दी गई। पुलिस इस हत्याकांड का उद्भेदन भी अब तक नहीं कर पाई है। लगागर हत्या की घटना से लोगों में भय का महौल सदर थाना क्षेत्र में लगातार हत्या की हो रही घटना से आम लोगों में भी भय का महौल है। पीड़ित परिवार लगातार एसपी व थाना प्रभारी से मिलकर न्याय की गुहार लगा रहे हैं। शहर के किशुनपुर मोहल्ला से दो दर्जन से अधिक महिलाएं व पुरुष एसपी सुमित कुमार अग्रवाल को आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है। एसपी को दिए आवेदन में किशुनपुर मोहल्ला निवासी शीतल यादव ने बताया है कि बीते 23 मार्च को सदर थाना क्षेत्र के जवाहर नवोदय स्कूल के सामने जंगल में उसकी पत्नी गीता देवी की कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी गई है। घटना के लगभग एक माह बाद भी हत्यारों का कुछ पता नहीं चल पाया है और ना ही मृतक के आश्रितों को किसी भी तरह का कोई मुआवजा मिला है। इसी तरह योगेंद्र यादव व अनीश कुमार सिंह के परिजन भी पुलिस के वरिय अधिकारियों से मिलकर हत्याकांड में शामिल अपराधियों को चिन्हित करते हुए उनके विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग कर रहे हैं। एसपी सुमित कुमार अग्रवाल ने कहा कि पुलिस की टीम तीनों हत्याकांड के उद्भेदन के लिए लगातार काम कर रही है। पुलिस हत्याकांड के प्रत्येक विंदुओं पर जांच कर रही है। जल्द ही तीनों हत्याकांड का उद्भेदन कर लिया जाएगा।
पाण्डु में नया देवी मंडप बनकर तैयार पुराने मंडप से देवी-देवता लाए जाएंगे
केरेडारी|पाण्डु गांव का देवी मंडप एनएमएल के केरेडारी कोल माइंस के खनन क्षेत्र के बीच मे आ जाने के कारण एम डी ओ कम्पनी बीजीआर द्वारा लगभग 12 लाख की लागत से अधिग्रहण क्षेत्र से बाहर पाण्डु के नजदीक महुडर गैरमजरूआ खास भूमि में मंडप के पुराने स्वरूप का ही देवी मंडप का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है। अब बहुत जल्द विधि -विधान के साथ पुराने मंडप से देवी -देवताओं की प्रतिमा को नवनिर्मित मंडप में स्थान्तरित किया जाएगा।गुरुवार को केरेडारी सीओ राम रतन कुमार वर्णवाल,बीजीआर केडी माइंस के जीएम श्रीनिवास राव, एनटीपीसी डीजीएम मुकेश साहू नव निर्मित देवी मंडप के निरीक्षण में पहुंचे, सीओ के द्वारा ग्रामीणों के संतुष्टि के लिए उन्हें भी बुला लिया गया था जहां ग्रामीणों के आग्रह पर सेड, कीर्तन के लिये चबूतरा व पानी टंकी की व्यवस्था के लिये सीओ वर्णवाल ने बीजीआर जीएम को निर्देशित किया है। ज्ञात हो कि ग्रामीण अड़े हुए थे कि जबतक हमलोग को नया देवी मंडप अधिग्रहण क्षेत्र से बाहर नही बनाया जाता है पुराने मंडप टूटने नही देंगे जिससे माइंस विस्तार में भी परेशानी आ रही थी। इसी कारण जल्दबाजी में देवी मंडप का निर्माण पूर्ण किया गया है। और इस नए मंडप को देखकर ग्रामीण सन्तुष्ट भी नजर आ रहे हैं। इस दौरान पूर्व मुखिया राकेश रंजन दुबे, मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष चेतलाल प्रजापति, सचिव श्रवण राम, उप मुखिया अनिल राम, आतो प्रजापति,कोलेश्वर ठाकुर, सिकंदर राम, बिनोद राम, विकास राम, अशोक प्रजापति, गणेश सिंह आदि मौजूद थे।
विधानसभा चुनाव से पहले झाड़ग्राम में सुरक्षा बलों ने निकाला रूट मार्च
भास्कर न्यूज | खड़गपुर पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से झाड़ग्राम जिले के विभिन्न क्षेत्रों में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) और जिला पुलिस द्वारा संयुक्त रूप से रूट मार्च किया गया। जिला प्रशासन के अनुसार, यह रूट मार्च आगामी चुनाव के मद्देनजर आम नागरिकों में सुरक्षा और विश्वास के माहौल को और अधिक मजबूत करने के लिए आयोजित किया गया। इस दौरान बाजार, प्रमुख सड़कों और संवेदनशील इलाकों से होकर सुरक्षा बलों ने मार्च किया। इस रूट मार्च में जिला मजिस्ट्रेट आकांक्षा भास्कर और पुलिस अधीक्षक मानव सिंगला सहित जिले के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहें। अधिकारियों ने सुरक्षा बलों के साथ विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर कानून-व्यवस्था की स्थिति का जायजा लिया। प्रशासन का कहना कि विधानसभा चुनाव को देखते हुए जिले में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है तथा लोगों में विश्वास कायम करने के लिए इस तरह की गतिविधियां आगे भी जारी रहेंगी।
ग्रिफिन्स इंटरनेशनल स्कूल के विद्यािर्थयों ने सीबीएससी की 10वीं की परीक्षा में इतिहास रचा
भास्कर न्यूज | खड़गपुर खड़गपुर शहर से सटे खाटरांगा इलाके में स्थित ग्रिफिन्स इंटरनेशनल स्कूल के छात्रों ने सीबीएससी कक्षा 10 बोर्ड परीक्षा 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए एक बार फिर अपनी शैक्षणिक उत्कृष्टता साबित की है। छात्रों ने असाधारण परिणाम हासिल किए हैं। स्कूल की टॉपर, श्रीजिता साऊ ने 100 प्रतिशत (500/500) अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया। उनके ठीक बाद प्रियांजना चटर्जी ने 99.6 प्रतिशत, अर्चिष्मान सरकार ने 99.2 प्रतिशत, अंजिका साहा ने 99.2 प्रतिशत और सौमिली दास ने 99 प्रतिशत अंक प्राप्त किए, जिससे संस्थान का गौरव बढ़ा है। लगभग 37 प्रतिशत छात्रों ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए, जो स्कूल द्वारा प्रदान की जाने वाली शिक्षा के उच्च स्तर को दर्शाता है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में 19 छात्रों, सामाजिक विज्ञान में 8, गणित में 6, बंगाली में 4 और विज्ञान में 1 छात्र ने 100 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। इस अवसर पर, स्कूल के चेयरमैन अभिषेक कुमार ने बताया “ये परिणाम हमारे छात्रों की समग्र क्षमता को दर्शाता है। श्रीजिता साऊ ने 100 प्रतिशत अंक प्राप्त कर हमें गौरवान्वित किया है।यह सफलता उनकी कड़ी मेहनत, अनुशासन और हमारे शिक्षकों के समर्पण का परिणाम है। हमारा लक्ष्य केवल शैक्षणिक उत्कृष्टता प्राप्त करना ही नहीं, बल्कि प्रत्येक छात्र में एक मजबूत चरित्र और उत्कृष्टता की मानसिकता विकसित करना भी है।”प्रधानाचार्य और सभी शिक्षकों ने सफल छात्रों को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। स्कूल प्रबंधन ने अभिभावकों के विश्वास और निरंतर सहयोग के प्रति भी आभार व्यक्त किया, जिसके कारण यह उपलब्धि संभव हो पाया। प्रबंधन ने आगे बताया कि संस्थान आने वाले वर्षों में भी शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने और छात्रों के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करने की दिशा में निरंतर प्रयास करता रहेगा।
आईआईटी खड़गपुर के प्रोफेसर को िमला अंतरराष्ट्रीय भूजल उत्कृष्टता पुरस्कार
भास्कर न्यूज | खड़गपुर अभिजीत मुखर्जी, प्रोफेसर, भूविज्ञान और भूभौतिकी विभाग तथा पर्यावरण विज्ञान और अभियांत्रिकी विद्यालय, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान खड़गपुर, को हाइड्रोजियोलॉजिस्ट का अंतर्राष्ट्रीय संघ इंडियन नेशनल चैप्टर द्वारा प्रतिष्ठित ‘ग्राउंडवाटर एक्सीलेंस अवार्ड’ से सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार प्रतिवर्ष भूजल अनुसंधान के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रदान किया जाता है। यूनाइटेड किंगडम स्थित आइएएच 135 से अधिक देशों में अपनी उपस्थिति के साथ, भूजल विशेषज्ञों का विश्व का सबसे बड़ा संगठन है। इसका भारतीय अध्याय प्रतिवर्ष एक विशिष्ट वैज्ञानिक को इस उच्च सम्मान के लिए चयनित करता है। आइएएच-आइएच के अध्यक्ष ने तीन सदस्यीय जूरी की अनुशंसा पर यह पुरस्कार प्रदान किया। प्रशस्ति पत्र में प्रोफेसर मुखर्जी के भूजल विज्ञान और उसके सतत प्रबंधन के क्षेत्र में दीर्घकालिक योगदान की सराहना की गई। प्रोफेसर मुखर्जी पहले भारतीय हैं जिन्हें जियोलॉजिकल सोसायटी ऑफ अमेरिका और अमेरिकन जियोफिजिकल यूनियन दोनों का फेलो चुना गया है।
छतरपुर में छह माह में 93 लाख से बनना था पार्क, डेढ़ साल से अधूरा
भास्कर न्यूज | छतरपुर शहर के करमा कला में सूर्य मंदिर के समीप डैम के किनारे 1.25 एकड़ जमीन पर 93 लाख की लागत से पार्क का निर्माण कराया जाना था। लेकिन डेढ़ साल बाद भी पार्क का निर्माण नहीं हो सका है। अटल मिशन फॉर रेजुवेनशन एंड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन के तहत पार्क बनना था। इसका टेंडर मेसर्स जय माता दी, चंदन कॉन्ट्रैक्टर प्राइवेट लिमिटेड मेंहदीनगर हुसैनाबाद को दिया गया था। लेकिन संवेदक ने निर्माण अधूरा छोड़ दिया है। इस संबंध में नगर पंचायत द्वारा संवेदक से कई बार स्पष्टीकरण पूछा गया, लेकिन इस दिशा में संवेदक द्वारा कोई पहल नहीं की गई। जबकि पार्क निर्माण का वर्क अॉर्डर 6 सितंबर 24 को दिया गया था और इसे छह माह के अंदर पूरा करना था। लोगों ने पार्क निर्माण में घटिया सामग्री के साथ प्लिंथ निर्माण में बालू की जगह क्रशर प्लांट से निकले डस्ट के इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए नगर पंचायत कार्यालय में शिकायत की थी। लोगों ने कहा था प्लिंथ और पिलर काफी कमजोर है। जिसके ऊपर दीवार या किसी प्रकार का निर्माण करना लोगों की जान से खिलवाड़ करने के बराबर होगा। वहीं संवेदक चन्दन सिंह का कहना है कि उसे परेशान किया जा रहा है। पार्क का टेंडर मिला, लेकिन अबतक विभाग से एक रुपया का भुगतान नहीं किया गया। वह अब तक 35 लाख रुपए से अधिक निजी पैसा लगा चुके है, लेकिन अबतक एक भी बिल का भुगतान नहीं किया है। ऐसे में वह पार्क का निर्माण कैसे करेंगे। संवेदक की उदासीनता से योजना अधर में : सिटी मैनेजर वहीं नगर पंचायत के सिटी मैनेजर मुर्तजा अंसारी ने कहा कि छह माह के अंदर पार्क निर्माण पूरा कर लेना था लेकिन संवेदक के उदासीन रवैया के कारण योजना अधर में है। कई बार संवेदक और विभाग को पत्र लिखा गया है लेकिन अबतक कोई दिशा निर्देश नहीं मिला है। इधर लोगों का कहना है कि योजना का टेंडर लेने में संवेदक कोई कसर नहीं छोड़ते हैं, लेकिन टेंडर मिलने के बाद भी निर्माण कार्य नहीं करना अनियमितता को दर्शाता है। लोगों का कहना है कि अगर संवेदक द्वारा निर्माण कार्य में दिलचस्पी नहीं ली जा रही है तो उसे तत्काल काली सूची में डाल कर दूसरे संवेदक को रिटेंडर देकर पार्क का निर्माण कराना चाहिए।
सीबीएसई 10वीं बोर्ड में 98.6% अंक लाकर शशांक बने प्रमंडल के टॉपर
मेदिनीनगर| मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय जिला स्कूल के तीन छात्र सीबीएसई बोर्ड परीक्षा में टॉप टेन में शामिल हुए हैं। राज्य के सभी 80 उत्कृष्ट विद्यालयों में इन छात्रों ने अपना स्थान हासिल किया है। विद्यालय की ज्योति कुमारी स्कूल टॉपर हुई है। वहीं उसे स्टेट टॉप 10 में चौथा स्थान प्राप्त हुआ है। ज्योति ने 94.2% अंक प्राप्त किया है। विद्यालय की सेकंड टॉपर और स्टेट टॉप 10 की छठी टॉपर शिवानी कुमारी ने 93.8 अंक प्राप्त किया है। स्कूल के खालिद राजा तीसरे स्थान और स्टेट में नौवें पायदान पर रहे। गुड़िया कुमारी स्कूल में चौथे स्थान पर रही है। राज्य में उसका रैंक 11वां रहा है। गुड़िया ने 93.2 अंक प्राप्त किया है। यह जानकारी प्राचार्य करुणा शंकर तिवारी और पीएमयू के फील्ड मैनेजर सादाब ने दी। उन्होंने बताया कि यह विद्यालय के साथ पलामू जिला के लिए काफी सुखद है। छात्रों ने न सिर्फ स्कूल बल्कि पलामू का मान बढ़ाया है। प्राचार्य ने बताया कि पिछले वर्ष स्कूल के दो छात्र 10वीं और 12वीं विज्ञान के स्टेट टॉपर रहे थे। दोनों को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ था। जिन्हें दो-दो लाख रुपए, स्कूटी और लैपटॉप ऑफ देकर रांची में सम्मानित किया गया था। भास्कर न्यूज | मेदिनीनगर सीबीएसई 10वीं बोर्ड परीक्षा में 98.6 प्रतिशत अंक प्राप्त कर शशांक पाठक ने पलामू प्रमंडल में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। रिजल्ट आने के बाद गुरुवार को डीएवी स्कूल की प्राचार्य ने टॉपरों का स्वागत किया। शशांक के अलावा अन्य परीक्षार्थियों ने भी शानदार प्रदर्शन कर विद्यालय को गौरवान्वित किया है। स्कूल के 51 विद्यार्थियों ने 90% से अधिक अंक प्राप्त किया है। खुशी कुमारी ने 98% के साथ द्वितीय स्थान तथा मृणाल गुप्ता ने 97.4% प्रतिशत अंक के साथ तृतीय स्थान प्राप्त किया। प्राचार्य इंद्राणी चटर्जी ने सभी विद्यार्थियों को मिठाई खिलाकर बधाई एवं शुभकामना दी। इन छात्रों के साथ उनके अभिभावक भी उपस्थित थे। छात्रा खुशी एवं अनन्या ने विज्ञान वर्ग में गणित के साथ आगे की पढ़ाई करने की बात करते हुए इंजीनियर बनने की इच्छा प्रकट की। मौके पर प्राचार्य इंद्राणी चटर्जी ने कहा कि छात्रों का परीक्षा परिणाम उनकी वर्षों की मेहनत, अभिभावकों का सहयोग तथा शिक्षकों के योगदान एवं परिश्रम का प्रतिफल होता है। प्राचार्य ने शानदार परिणाम के लिए विद्यालय प्रबंधन, छात्रों, अभिभावकों एवं शिक्षकों को बधाई एवं शुभकामना देते हुए छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की । छतरपुर | खाटीन में हजरत शहीद दाता रहमतुल्लाह अलैहे की याद में सालाना उर्स का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत में मुस्लिम समाज के लोगों ने शहीद दाता की दरगाह पर दुआ अदा करते हुए चादर चढ़ाया। इसके पश्चात देश के विभिन्न शहरों से आए मौलाना और शायर मौलाना सैयद मंजर मिशबाही साहब (सासाराम), मुफ्ती मौलाना हामिद रजा केरला, नकिब लालमोहम्मद फैजी साहब, सायर क़ुतुबुद्दीन नूरी साहब (मध्य प्रदेश), सायर समसाद हैदर साहब, सहजादा तन्वीरुल होदा साहब गया, सायर एहसान कादरी (मध्य प्रदेश) ने तकरीर व नातिया कलाम पेश किया। मौलानाओं ने अपने बयान में हजरत शहीद दाता के जीवन एवं उनके बताए रास्ते पर चलने की अपील की।
नाइट क्रिकेट टूर्नामेंट में डाली की टीम बनी विजेता
पाटन | पाटन के राजकीय कृत उच्च विद्यालय नौडीहा में गुरुवार को वर्ग एक एवं दो में अध्ययनरत 20 छात्र-छात्राओं को पोशाक वितरित किया गया। यह पोशाक झारखंड सरकार द्वारा सरकारी विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों को निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती है। पोशाक वितरण नौडीहा पंचायत के मुखिया रणजीत सिंह द्वारा किया गया। इस अवसर पर उन्होंने बच्चों को शिक्षा के महत्व के बारे में विस्तार से बताया। मुखिया ने कहा कि बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय आना चाहिए और मन लगाकर पढ़ाई करनी चाहिए। शिक्षा के माध्यम से ही आप जीवन की ऊंचाइयों तक पहुंच सकते हैं और हर लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं। इसलिए पढ़ाई को गंभीरता से लें और अपने भविष्य को उज्ज्वल बनाएं। मुखिया ने बच्चों को सफाई एवं स्वच्छता के प्रति भी जागरूक किया। वहीं विद्यालय के प्रधानाध्यापक राजीव रंजन पांडे ने बच्चों को नियमित उपस्थिति, विद्यालय में ठहराव एवं प्रतिदिन स्कूल ड्रेस में आने पर विशेष जोर दिया।
लोईंगा व सिक्की कला में सहायक अध्यापकों की संकुल कमेटी बनी
पाटन | राम विद्यालय लोईंगा संकुल में गुरुवार को अपराह्न 1:30 बजे एवं अपराह्न 3:00 बजे सिक्की कला स्तरोन्नत उच्च विद्यालय संकुल में आयोजित की गई। बैठक में लोईंगा एवं सिक्की कला संकुल के लिए संकुल कमेटी का गठन किया गया। चुनाव प्रक्रिया पर्यवेक्षक के रूप में आकलन सह प्रशिक्षित सहायक अध्यापक संघ के प्रखंड अध्यक्ष हरेंद्र कुमार सिंह एवं पूर्व अध्यक्ष जितेंद्र कुमार की उपस्थिति में सम्पन्न हुई। लोईंगा संकुल की बैठक की अध्यक्षता विरेन्द्र चौहान ने की तथा संचालन प्रमोद ठाकुर ने किया। वहीं सिक्की कला संकुल की बैठक की अध्यक्षता पुरन सिंह एवं संचालन गुप्तेश्वर वर्मा ने किया। लोईंगा संकुल में अध्यक्ष पद पर जितेंद्र कुमार, सचिव प्रमोद ठाकुर एवं कोषाध्यक्ष चेतन लाल चिंतन का सर्वसम्मति से चयन किया गया। वहीं सिक्की कला संकुल में अध्यक्ष अनुज कुमार तिवारी, सचिव पुरन सिंह, कोषाध्यक्ष अजय कुमार सिंह तथा संरक्षक प्रभु राम को सर्वसम्मति से चुना गया।
बारियातू के 25 स्कूलों में एकल शिक्षक बालिका स्कूल में 225 छात्राओं पर 24
भास्कर न्यूज | बारियातू बारियातू प्रखंड में 94 सरकारी विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं। लेकिन उन विद्यालयों की स्थिति यह है कि कहीं शिक्षकों की भारी कमी है, तो कहीं छात्र-शिक्षक अनुपात का संतुलन पूरी तरह बिगड़ा हुआ है। प्रखंड में 25 ऐसे विद्यालय हैं, जहां एक-एक, 33 में दो-दो और नौ विद्यालय में तीन-तीन शिक्षक पदस्थापित हैं। जिनके कंधे पर सैकड़ों बच्चों का भविष्य टिका हुआ है। वहीं झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय में 225 छात्राओं पर 24 शिक्षक हैं। परियोजना प्लस टू उच्च विद्यालय में 2122 बच्चों पर 24 शिक्षक हैं। उच्च शिक्षा के लिए स्वीकृत 6 विद्यालयों में कई अब भी प्रभारी और प्रतिनियुक्ति के सहारे चल रहे हैं। वहीं प्रखंड बनने के डेढ़ दशक बाद भी यहां स्थाई प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी (बीईईओ) की नियुक्ति नहीं की गई है। उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय बूढ़ी सखुआ में 80 और गोनिया में 76 छात्र में मात्र एक-एक शिक्षक हैं। इसके विपरीत हलमता, खोरा और पैसरा जैसे स्कूलों में छात्रों की संख्या क्रमशः 17, 18 और 19 है, वहां दो-दो शिक्षक तैनात हैं। सबसे गंभीर स्थिति उन उच्च विद्यालयों की है, जिन्हें 2024 में अपग्रेड तो कर दिया गया, लेकिन शिक्षक नहीं दिए गए। बेसरा और फुलबसिया जैसे स्कूलों में कक्षा 9-10 के छात्र प्राथमिक और स्मार्ट क्लास के शिक्षकों के भरोसे हैं। उत्क्रमित मवि नचना में पहली से पांचवीं तक के बच्चे एक साथ पढ़ते हैं उत्क्रमित मध्य विद्यालय नचना मात्र दो कमरों के भवन में चलता है। कक्षा 1-8 तक में 141 बच्चे नामांकित हैं। यहां विडंबना यह है कि इतने बड़े समूह के लिए स्कूल में मात्र दो कमरे उपलब्ध हैं। एक कमरे में कक्षा 1-5 और दूसरे में 6-8 तक की पढ़ाई कराई जा रही है। एक साथ कई कक्षाओं के शोर के बीच यहां गुणवत्तापूर्ण शिक्षा केवल एक सपना बनकर रह गई है। वहीं राजकीय प्राथमिक विद्यालय रोन्हे में 61 बच्चों पर केवल एक शिक्षक पदस्थापित हैं। शिक्षक ध्रुव कुमार बताते हैं कि जब उन्हें विभागीय कार्यों या बैठकों में जाना पड़ता है, तो बच्चों को मध्यान भोजन (एमडीएम) खिलाने और स्कूल की देखरेख की जिम्मेदारी रसोइयों को सौंपनी पड़ती है। चार माह पूर्व पदस्थापना के बाद अतिरिक्त शिक्षक की मांग की है, पर समाधान अब तक शून्य है। ^एकल शिक्षक विद्यालयों की स्थिति पर नजर है। शिक्षकों की कमी से ऐसी परिस्थितियां बन रही है। बावजूद इसके जैसे-जैसे सहायक आचार्य योगदान दे रहे हैं, वैसे-वैसे उनकी प्रतिनियुक्ति प्राथमिकता के साथ एकल विद्यालयों में की जा रही है।^ गौतम कुमार साहू, डीएसई, लातेहार।
खरवार भोक्ता समाज की बैठक में नशापान से दूर रहने का संकल्प
भास्कर न्यूज | बारियातू गोनिया पंचायत के छातावर में खरवार भोक्ता समाज विकास संघ के बैनर तले भोक्ता समाज की सामाजिक बैठक की गई। अध्यक्षता बिनोद गंझू ने की। बैठक की शुरुआत नीलांबर पीतांबर शाही भोक्ता के चित्र पर पुष्प अर्पित कर की गई। बैठक में शिक्षा, जातीय जनगणना, नशापान, सांस्कृतिक धरोहर, पेशा कानून व सामाजिक कुरीति पर चर्चा की गई। समाज के केंद्रीय उपाध्यक्ष रामनाथ भोक्ता ने समाज के सांस्कृतिक धरोहर को बचाए रखने के लिए शिक्षा पर विशेष ध्यान देने और नशापान से दूर रहने का संकल्प दिलाया। कहा कि जातीय जनगणना में सभी लोग बढ़चढ़ कर जनगणना कराए। पेशा कानून की जानकारी एक-दूसरे से साझा करते रहे। बैठक के दौरान थाना प्रभारी रंजन कुमार पासवान, एसआई अनूप कुमार को अंग वस्त्र देकर सम्मानित भी किया गया। इसके ठीक पूर्व सभी अतिथियों का स्वागत झारखंडी पारंपरिक रीति रिवाज ढोल नगाड़े के साथ किया गया। बैठक में अशोक भोक्ता, राजेश्वर गंझू, रवि गंझू, सुनीता देवी, गुड़िया देवी, मंजू देवी, निभा देवी, जगेश्वर गंझू सहित अन्य भोक्ता समाज के महिला पुरुष उपस्थित थे।
मगनपुर में 2 हजार किलो जावा महुआ नष्ट किया, 150 लीटर शराब बरामद
भास्कर न्यूज | मगनपुर गोला के ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध शराब बनाने वाले कारोबारियों के खिलाफ गुरुवार को उत्पाद विभाग ने छापेमारी की। टीम ने दो हजार किलोग्राम जावा महुआ नष्ट किया। इसके अलावा 150 लीटर महुआ शराब बरामद किया गया। अभियान के दौरान शराब के अवैध कारोबार में संलिप्त कई लोगों की पहचान की गई है। जिसमें कामता निवासी राजू साव, चितरंजन साव, डेलिया साव, विशेश्वर साव, परमेश्वर साव, भीम साव, समीर साव, उमा साव, जगदीश साव, रायपुरा निवासी बिशुन महतो, दिनेश महतो, बिनोद महतो, भोलाराम महतो व कुष्टेगढ़ा निवासी गंगा बेदिया के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया है। सभी आरोपी फिलहाल फरार बताए जा रहे हैं। तीन गांव कामता, रायपुरा कुस्टेगढा में सघन छापेमारी की गई। 20 जनवरी को भी अवैध शराब के खिलाफ गोला थाना क्षेत्र में कार्रवाई की गई थी।कामता गांव में सघन एवं व्यापक उत्पाद छापामारी में कई अवैध शराब की भट्ठियों को तोड़ दिया गया था। करीब 1500 किलोग्राम जावा महुआ एवं 70 लीटर महुआ शराब बरामद किया गया था ।
विशेष राजस्व कैंप में कई मामलों का हाथों-हाथ िनपटारा, 61 आवेदन आए
भास्कर न्यूज|रामगढ़ राजस्व संबंधी मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए जिले के सभी अंचल में 15 अप्रैल से चार दिवसीय विशेष राजस्व कैंप लगाने का निर्देश दिया गया है। जिसके तहत रामगढ़ अंचल कार्यालय द्वारा आयोजित विशेष राजस्व कैंप में दूसरे दिन दाखिल-खारीज , ऑनलाइन नाम सुधार, जाति, आय व आवासीय प्रमाण पत्र अमीन मापी के लिए कुल 61 लाभुकों ने आवेदन जमा किए। इस दौरान सीओ रमेश रविदास के नेतृत्व में अंचल कर्मियों ने कई मामलों का त्वरित निष्पादन किया गया। वहीं शिविर में निष्पादित मामलों के लाभुक को शिविर के दौरान प्रमाण पत्र निर्गत किया गया। डीसी फैज अक अहमद मुमताज के निर्देशानुसार
मुरुडीह में मंडा पूजा पर लोटन सेवा
मगनपुर | गोला प्रखंड क्षेत्र के मुरुडीह गांव में मंडा पूजा को लेकर गुरुवार को लोटन सेवा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान दर्जनों शिवभक्तों के द्वारा गांव के गलियारों में नंगे बदन लोटन सेवा किया गया। लोटन सेवा के दौरान शिवभक्तों के साथ-साथ देखने उमड़ी भीड़ ने हर-हर महादेव, जय भोलेनाथ, जय शिवशंकर, जय महाकाल के गगनभेदी जयकारे लगाए गए। जयकारे से घंटों तक सारा क्षेत्र गुंजायमान होता रहा। पूजा समिति के सदस्यों ने बताया कि शुक्रवार अहले सुबह को फुल कुंदी कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। जहां शिवभक्तों ने नंगे पांव दहकते अंगारों पर चलकर शिव-भक्ति का परिचय देंगे।
भास्कर न्यूज|मगनपुर वनवासी रक्षा परिवार फाउंडेशन के तत्वावधान में गुरुवार को हेमतपुर गांव में फूलो झानो प्रतिभा विकास केंद्र का शुभारंभ पूर्व मुखिया बजरंग कुमार महथा ने िकया। इस इस दौरान उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और संस्कार देना समाज के विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। ऐसे प्रयासों से बच्चों का सर्वांगीण विकास संभव हो सकेगा। इस पहल की सराहना की और इसे समाज के लिए प्रेरणादायक बताया। उन्होंने कहा कि यह केंद्र उन बच्चों के लिए एक बेहतर अवसर प्रदान करेगा, जो संसाधनों के अभाव में अच्छी शिक्षा से वंचित रह जाते हैं। इस केंद्र के माध्यम से कुल 25 बच्चों को निशुल्क शिक्षा एवं संस्कार प्रदान किया जायेगा। कक्षाएं प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से शाम 4 बजे तक संचालित होंगी। इसमें कक्षा तीसरी से सातवीं तक के छात्र-छात्राएं भाग लेंगे। फाउंडेशन के सदस्यों ने बताया कि आगे भी इस प्रकार के शैक्षणिक केंद्र खोलने की योजना है, ताकि अधिक से अधिक बच्चों को शिक्षा का लाभ मिल सके और वे अपने उज्ज्वल भविष्य की ओर अग्रसर हो सकें। मौक़े पर जिला समन्वयक ममता देवी, विभा देवी, मंजू देवी, मुनिया देवी, रीना देवी, संजू देवी और रेखा देवी उपस्थित थीं।
जागरूक और आत्मनिर्भर बनने के लिए शिक्षा जरूरी : केवल पासवान
भास्कर न्यूज |रामगढ़ लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) की ओर से कार्यक्रम का आयोजन किया गया। शहर के दुसाध मुहल्ला के पासवान धर्मशाला में कार्यक्रम में पार्टी के झारखंड प्रदेश सचिव केवल पासवान ने देश रत्न बाबा साहब डॉ भीमराव अंबेडकर जी के चित्र पर माल्यार्पण व पुष्प अर्पित कर नमन किया। प्रदेश सचिव केवल पासवान ने कहा कि डॉ भीमराव अंबेडकर जी का माना था कि शिक्षा वह चाबी है जो बंद दिमाग और बंद दरवाजों, दोनों को खोल देती है। अगर आप जागरूक और आत्मनिर्भर बनना चाहते है, तो पढ़ना और सीखना कभी नहीं छोड़ें। केवल किताबी ज्ञान ही नहीं, बल्कि सही और गलत में फर्क करना भी सीखे। बाबा साहेब के लिए समानता सिर्फ एक शब्द नहीं, बल्कि जीने का तरीका था। आज के युवाओं की यह जिम्मेदारी है कि वे जात पात और भेदभाव जैसी पुरानी सोच को चुनौती दे। अन्याय के खिलाफ अकेले लड़ने के बजाय एकजुट होना सीखें। अपने देश के कानून और संविधान को समझें, क्योंकि यही हम सभी को मजबूती देता है। उनका सबसे मशहूर मंत्र था शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो। कार्यक्रम में लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) एससी एसटी मोर्चा के रामगढ़ जिलाध्यक्ष गणेश पासवान,लेवर सेल के रामगढ़ जिला उपाध्यक्ष श्याम सुंदर प्रसाद, शंभू प्रसाद, रघुनंदन पासवान सहित अनेक कार्यकर्ता मौजूद थे।
दानापुर सीईओ को रामगढ़ का प्रभार
रामगढ़ |रामगढ़ कैंटोनमेंट बोर्ड के सीईओ अनंत आकाश का उत्तराखंड के देहरादून कैंट में स्थानांतरण होने के बाद रामगढ़ के नए सीईओ विवेक सिंह होंगे। नए सीईओ के रामगढ़ का पदभार लेने तक बिहार दानापुर कैंट के सीईओ मो अली के पास रामगढ़ का प्रभार है। हालांकि,नए सीईओ विवेक सिंह रामगढ़ पहुंच चुके है। प्रभारी सीईओ मो अली के रामगढ़ आने के बाद विधिवत सीईओ का प्रभार विवेक सिंह को सौपा जाएगा। बताया गया कि सीईओ अनंत आकाश को देहरादून में योगदान देने के लिए समय पर जाना पड़ा। इस कारण दानापुर के सीईओ प्रभार दिया गया। इधर,बोर्ड ऑफिस में नए सीईओ के आगमन की तैयारी की गई है।
गृह रक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने पर जताया आभार
रामगढ़| रामगढ़ जिला में होमगार्ड नियुक्ति प्रक्रिया आरंभ किये जाने पर छात्र नेता गौतम महतो ने डीसी फैज अक अहमद मुमताज के प्रति आभार जताया है। उन्होंने कहा कि होमगार्ड नियुक्ति प्रक्रिया आरंभ होने से युवाओं में खास उत्साह है। उन्होंने कहा कि नियुक्ति की प्रक्रिया जल्द आरंभ करने को लेकर रामगढ़ जिले में पैदल यात्रा व हस्ताक्षर अभियान चलाया गया था। इस आंदोलन का मुख्य उद्देश्य रामगढ़ जिला में लंबित होमगार्ड नियुक्ति प्रक्रिया को जल्द से जल्द प्रारंभ कराना था। युवाओं के इस शांतिपूर्ण एवं संगठित प्रयास का सकारात्मक परिणाम सामने आया है। जिला प्रशासन ने गुरुवार को होमगार्ड भर्ती से संबंधित वैकेंसी जारी कर दी है। युवाओं की एकता और संघर्ष का परिणाम है। होमगार्ड नियुक्ति प्रक्रिया संबंधी विज्ञापन जारी किए जाने पर वीरेंद्र कुमार, समीर अयूबी, देओल महतो, पिंटू कुमार महथा, सुधीर महतो, करण करमाली, नीतीश रजवार रोहित रजवार सहित कई युवाओं ने हर्ष जताते हुए डीसी के प्रति आभार जताया है।
मेडिकल कॉलेज परिसर में काम कर रहे मैकेनिक की मौत, सड़क जाम
भास्कर न्यूज | हजारीबाग शहर के प्रतिष्ठित शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में गुरुवार को परिसर में एयर कंडीशनर लगाने का काम कर रहे स्थानीय मैकेनिक मोहम्मद गुड्डू की दीवार से गिरने के कारण मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई और देखते ही देखते मामला सड़क पर उतर आया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गुड्डू अस्पताल भवन में एसी इंस्टॉलेशन का काम कर रहे थे। इसी दौरान अचानक संतुलन बिगड़ने से वे ऊंचाई से नीचे गिर पड़े। गंभीर चोट लगने के कारण उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना की खबर मिलते ही परिजन और स्थानीय लोग अस्पताल पहुंचे और अस्पताल प्रबंधन तथा ठेकेदार पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर विरोध प्रदर्शन किया। परिजनों का कहना है कि काम के दौरान न तो कोई सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराया गया था और न ही श्रमिकों की सुरक्षा के लिए किसी तरह की निगरानी की व्यवस्था थी। उनका आरोप है कि यदि हेलमेट, सेफ्टी बेल्ट और अन्य सुरक्षा इंतजाम होते तो यह हादसा टल सकता था। गुस्साए लोगों ने मृतक के लिए उचित मुआवजा और दोषियों पर कार्रवाई की मांग करते हुए मुख्य सड़क जाम कर दी। सड़क जाम के कारण यातायात पूरी तरह ठप हो गया और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।सूचना मिलते ही सदर अंचलाधिकारी आशुतोष कुमार और संबंधित थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से वार्ता कर स्थिति को शांत कराने का प्रयास किया। प्रशासन ने परिजनों को आश्वासन दिया कि घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
सामान के साथ चोर गिरफ्तार,भेजा गया जेल
इचाक |इचाक पुलिस ने छिटपुट घट रही चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाते हुए चोरी के बीसवें दिन सामान के साथ एक चोर को पकड़ने में कामयाब हुई है। पुलिस ने पकड़े गए चोर शुभम कुमार को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है ।पुलिस ने चोर के निशान देही पर बरका खुर्द के एक दुकान से 28 मार्च को चुराए गए एक समरसेबल मशीन और एलईडी बल्ब बरामद किया है। गिरफ्तार शुभम कुमार का अपराधिक इतिहास पुराना है ।उसके खिलाफ इचाक थाना में 2021 से लेकर आज तक चोरी के पांच मामले दर्ज किए जा चुके हैं ।पुलिस ने बताया कि शुभम की गिरफ्तारी उसके घर से हुई है ।बरका खुर्द गांव के दुकान संचालक पप्पू कुमार चंचल ने चोरी का केस 30 मार्च को दर्ज कराया था ।जिसके तहत कार्रवाई करते हुए घटना में शामिल शुभम को गिरफ्तार कर हिरासत में भेजा गया है। कटकमदाग |प्रखंड अंतर्गत ग्राम पकरार में गोपाल सिंह के घर पास लगे ट्रांसफार्मर पिछले एक सप्ताह से खराब पड़ा था। कांग्रेसी नेता मुन्ना सिंह के प्रयास से ट्रांसफार्मर को बदल दिया गया। ट्रांसफार्मर लगने से ग्रामीणों में खुशी देखी गई। ग्रामीणों ने बताया कि ट्रांसफार्मर से करीब 80 उपभोक्ता जुड़े हुए थे। गर्मी में एक सप्ताह तक बिजली नहीं होने के कारण काफी परेशानी हुई। बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही थी।
नवम और दशम के बच्चों के लिए विशेष सत्र
विष्णुगढ़ |विष्णुगढ़ के कोनार उच्च विद्यालय में परियोजना प्रधान राणा रणजीत सिंह द्वारा वर्ग नवम एवं दशम के छात्र-छात्राओं के लिए एक विशेष सत्र आयोजित किया गया। इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों को कम्युनिकेशन स्किल के महत्व के बारे में विस्तार से बताया।उन्होंने अपने प्रेरणादायक विचारों में कहा कि सही संवाद कौशल का अर्थ है अपनी बात को स्पष्ट, पूर्ण और प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करना, जिससे सामने वाला उसे सही रूप में समझ सके। इस ज्ञानवर्धक सत्र में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपने व्यक्तित्व विकास की दिशा में महत्वपूर्ण सीख प्राप्त की।
चंडीगढ़ के सेक्टर-37 स्थित पंजाब बीजेपी मुख्यालय के बाहर ब्लास्ट के मामले में चंडीगढ़ पुलिस 9 आरोपियों को प्रोडक्शन वारंट पर लेकर आई, जिन्हें कोर्ट में पेश कर 2 दिन का पुलिस रिमांड लिया गया। इस दौरान क्राइम सीन रीक्रिएशन करवाया गया और पूरे घटनाक्रम की वीडियोग्राफी भी की गई। इस दौरान डीएसपी धीरज कुमार और थाना 39 प्रभारी इंस्पेक्टर राजीव कुमार भी मौजूद रहे। इसके अलावा वारदात को अंजाम देने के बाद मुख्य आरोपी गुरतेज और अमनप्रीत बीजेपी ऑफिस के सामने सेक्टर-24 वाली साइड, जहां से उन्होंने बस स्टॉपेज से बस पकड़ी थी, वहां पूरे घटनाक्रम का फिर से क्राइम सीन रीक्रिएशन किया गया। इसके अलावा आरोपियों ने पहले कैसे रेकी की, कहां-कहां गए, कितने दिन रेकी की। इन सभी पहलुओं को लेकर आरोपियों से पूछताछ की गई। गौरतलब है कि बीते बुधवार (1 अप्रैल) की शाम को ब्लास्ट किया गया था। इससे मौके पर खड़ी कई कारों के शीशे टूट गए और आसपास की दीवार पर छर्रों के निशान बन गए। घटना के 2 वीडियो वायरल हुए, जिसमें से एक में व्यक्ति ग्रेनेड बम फेंकता दिखा, जबकि दूसरे वीडियो में बाइक पर जाते दो लोग दिखे। वहीं, सोशल मीडिया पर एक पोस्ट भी वायरल हुई थी, जिसमें इस हमले की जिम्मेदारी खालिस्तानी संगठन ने ली। चंडीगढ़ पुलिस से पहले SSOC ने पकड़े चंडीगढ़ के सेक्टर-37 स्थित पंजाब बीजेपी मुख्यालय के बाहर ब्लास्ट के बाद आरोपियों को पकड़ने के लिए चंडीगढ़ पुलिस की सभी जांच एजेंसियां और पंजाब पुलिस की स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (SSOC) और AGTF समेत अन्य एजेंसियां छापेमारी कर रही थीं। इस दौरान चंडीगढ़ पुलिस से पहले मोहाली की स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल यानी SSOC ने मुख्य दो आरोपियों को हरियाणा के रेवाड़ी से गिरफ्तार किया। इनमें रतनगढ़ मोरिंडा के रहने वाले अमनप्रीत सिंह और गुरतेज सिंह शामिल हैं। इन पर आरोप है कि अमनप्रीत सिंह ने बम फेंका था, जबकि गुरतेज सिंह ने इसका वीडियो बनाया था। उनके पास से एक पिस्टल भी बरामद हुई है। हालांकि इससे पहले SSOC 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी थी, जिनमें बलविंदर लाल उर्फ शम्मी, जसवीर सिंह उर्फ जस्सी, चरणजीत सिंह उर्फ चन्नी, रूबल चौहान और मनदीप उर्फ अभिजोत शर्मा शामिल हैं। इसके बाद पंजाब DGP गौरव यादव ने कहा था कि इनकी 6 महीने पहले मुलाकात सोशल मीडिया के जरिए हुई थी। इसमें अटैक का 28 मार्च को गुरतेज को टास्क मिला था, जिसके लिए इन्हें 2 लाख रुपए देने की बात कही गई थी। उन्होंने कहा कि इस पूरी साजिश के तार पुर्तगाल और जर्मनी में बैठे हैंडलर्स से जुड़े हैं, जिनकी पहचान कर ली गई है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI की पंजाब में अफरातफरी फैलाने की कोशिश थी। उसके बाद पुलिस ने दो और आरोपी नवदीप और हरजन सिंह को गिरफ्तार किया। इन दोनों पर आरोप है कि उन्होंने पाकिस्तान से ग्रेनेड और हथियार मंगवाने में मदद की थी। डीजीपी ने ये बड़ी बातें कहीं थी… सोशल मीडिया पर दोनों की मुलाकात हुई: डीजीपी ने बताया कि आरोपियों को हरियाणा एसटीएफ की मदद से गिरफ्तार किया है। यह ऑपरेशन चंडीगढ़ पुलिस के साथ संयुक्त रूप से चलाया गया। दोनों आरोपियों को रेवाड़ी से काबू किया गया। करीब 6 महीने पहले इनकी मुलाकात सोशल मीडिया के जरिए हुई थी। 28 मार्च को गुरतेज को टास्क मिला था: उन्होंने कहा कि 28 मार्च को गुरतेज को टास्क दिया गया था कि वह बलाचौर से ग्रेनेड और हथियार लेकर आए। इसके बाद वह रूबल और मंदीप शर्मा को साथ लेकर जसबीर जस्सी से मिला, जहां उन्हें दो ग्रेनेड, एक पिस्टल और 10 कारतूस दिए गए। बलजोत सिंह ने गुरतेज को रेकी करने और टारगेट की पहचान की जिम्मेदारी दी थी। वहीं, अमनप्रीत की भर्ती भी गुरतेज ने ही की थी। पूरे ऑपरेशन में विदेश में बैठे हैंडलर का अहम रोल: डीजीपी के मुताबिक, दोनों मुख्य आरोपी रैपिडो में काम करते थे। घटना वाले दिन जब अमनप्रीत ने ग्रेनेड फेंका, तो गुरतेज ने उसकी वीडियो बनाई थी। पूरे ऑपरेशन में विदेश में बैठे हैंडलर का अहम रोल था, जो इनसे वीडियो बनवाकर एक तरह का माहौल (परसेप्शन) तैयार करना चाहता था। उसने इन्हें ऑनलाइन ही निर्देश दिए और यह भी बताया कि ग्रेनेड को कैसे एक्टिव करना है। आरोपियों को 2 लाख रुपए देने की बात हुई: इस काम के लिए आरोपियों को 2 लाख रुपए देने की बात हुई थी, लेकिन यह रकम पूरी नहीं दी गई थी। पूरा ऑपरेशन तकनीकी माध्यमों और दूर बैठे हैंडलर के निर्देशों के आधार पर चलाया गया। पाकिस्तान-ISI से जुड़े मॉड्यूल का खुलासा DGP के अनुसार, शुरुआती जांच में सामने आया कि यह पूरा मॉड्यूल पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़ा हुआ था। इस नेटवर्क को विदेश में बैठे हैंडलर्स चला रहे थे, जिनकी लोकेशन पुर्तगाल और जर्मनी में बताई जा रही है। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी एक संगठित नेटवर्क का हिस्सा थे, जिसमें अलग-अलग स्तर पर कई लोग जुड़े हुए थे और सभी को अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गई थीं। पुलिस जांच में पता चला कि आरोपियों के पास हैंड ग्रेनेड, हथियार और कारतूसों की खेप पहुंचाई गई थी। यह खेप कई लोगों के जरिए आगे बढ़ाई गई और आखिर में हमले को अंजाम देने वालों तक पहुंचाई गई। बताया जा रहा है कि पुर्तगाल में बैठे हैंडलर बलजोत सिंह उर्फ जोत के निर्देश पर पूरे हमले की साजिश रची गई और उसे अंजाम दिया गया। पाकिस्तानी ग्रेनेड के यूज होने का दावा इससे पहले इस मामले में सूत्रों से पता चला था कि हमले में GHD2P हैंड ग्रेनेड का इस्तेमाल किया गया था। यह ग्रेनेड पाकिस्तान में बनाया जाता है। विस्फोट के बाद यह करीब 5 से 10 मीटर के दायरे में बेहद घातक साबित हो सकता है। वहीं, इसके टुकड़े 20 से 25 मीटर तक फैल सकते हैं, जिससे आसपास मौजूद लोगों के गंभीर रूप से घायल होने का खतरा रहता है। हमले के बाद 2 नए वीडियो भी सामने आए थे। हमले से कुछ मिनट पहले वीडियो में BJP ऑफिस के पास स्थित एक अन्य दफ्तर के बाहर 2 संदिग्ध खड़े दिखाई दिए। वहीं, दूसरे वीडियो में हमले के बाद दोनों संदिग्ध सड़क के दूसरी ओर भागते हुए कैद हुए हैं।
आंगनबाड़ी साथ चलने से दरीबा स्कूल में पढ़ाई ठप
भीलवाड़ा | पुर उपनगर के पास राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय दरीबा में बुनियादी सुविधाओं की कमी से छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। स्कूल में कक्षा 1 से 12 तक कक्षाएं चलती हैं। इसी भवन में आंगनबाड़ी भी संचालित हो रही है। छोटे बच्चों के अभिभावकों की लगातार आवाजाही रहती है। स्कूल का माहौल बार-बार टूटता है। बालिका शिक्षण में व्यवधान की बात सामने आई है। स्थानीय स्तर पर मांग उठी है कि स्कूल के पास खाली पड़े एक सरकारी स्कूल भवन में आंगनबाड़ी को शिफ्ट किया जाए। इससे छात्राओं की पढ़ाई में रुकावट कम होगी। स्कूल भवन की हालत भी चिंता बढ़ा रही है। कुल 14 कमरों में दो कमरे जर्जर हैं। एक कमरा दीमक से खराब हो चुका है। कार्यालय स्टाफ और प्रधानाचार्य का कार्यालय एक ही कमरे में चल रहा है। स्कूल में कुल नामांकन 154 है।
भीलवाड़ा | आंगनबाड़ी मदर टीचर भर्ती में पात्रता कोर्स ईसीसीई की सीएसवीटीआई प्रशिक्षण केंद्र की ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि आज 17 अप्रैल है सी० एस० वी० टी० आई० प्रशिक्षण केंद्र की जिला अधिकारी रविता मैडम ने बताया की ECCE, HSI कोर्स में 2000/- और yoga कोर्स में 2500/फायर एंड सेफ्टी में 3000/- देकर विद्यार्थी आवेदन आज www.csvtindia.orgवेबसाइट माध्यम से कर सकते हैं। कोर्स फीस आसान किस्तों में जमा करवा सकते है फीस जमा होने के बाद पाठ्य सामग्री आवेदकों के पते पर डाक द्वारा भेज दी जाएगी और कक्षाएं CSVTI App के माध्यम से 03 मई से हर रविवार को लाइव क्लास शुरू हो जाएंगी। अभी फॉर्म भरे जाने वाले विद्यार्थियों की परीक्षा नवम्बर/ दिसंबर 2026 में जिला मुख्यालय पर होगी। उत्तीर्ण विद्यार्थियों को ₹3000 छात्रवृत्ति भी दी जाएगी। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (MSME) भारत सरकार द्वारा उत्तीर्ण विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा।
दुकान में घुसा चोर गिरोह, चोरी करते गिरफ्तार
जैसलमेर | शहर के कचहरी रोड पर स्थित सुधांश ज्वैलर्स एवं हैंडीक्राफ्ट की दुकान में गुरुवार सुबह चोरी का मामला सामने आया। दुकान मालिक त्रिलोकचंद सोनी ने कोतवाली पुलिस को रिपोर्ट देकर एक महिला और पुरुष के गिरोह के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। दुकानदार ने बताया कि सुबह 10.30 बजे जैसे ही दुकान खोली, एक महिला और पुरुष सामान खरीदने के बहाने अंदर आए। उन्होंने चांदी की पाजेब और अंगूठियां दिखाने को कहा। दुकानदार जब सामान दिखाकर वापस काउंटर में रख रहा था, तभी उसे कुछ गहने कम लगे। संदेह होने पर जब दुकानदार ने उनकी जेब चेक की, तो चोरी की गई चांदी की पाजेब की एक जोड़ी बरामद हुई। चोरी पकड़े जाने पर मौके पर लोग जमा हो गए। सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों आरोपियों को पकड़ लिया।
मेडिकल स्टोर से 13 हजार से ज्यादा नशीली गोलियां जब्त, सप्लाई चैन ढूंढ़ने में जुटी टीम
बाड़मेर | नशा मुक्त बाड़मेर अभियान के तहत पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सेड़वा क्षेत्र के सिंहानिया गांव में एक मेडिकल स्टोर पर दबिश देकर प्रतिबंधित नशीली दवाइयों का जखीरा बरामद किया। मौके से 13,015 नशीली टैबलेट जब्त की गईं और मेडिकल स्टोर संचालक को गिरफ्तार किया गया। पुलिस अधीक्षक चूनाराम जाट के अनुसार मुखबिर से सूचना मिली थी कि इलाके में अवैध रूप से नशीली दवाइयों की सप्लाई की जा रही है। इस पर एएसपी नितेश आर्य और डीएसपी जेठाराम के निर्देशन में सेड़वा थानाधिकारी प्रभुराम के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने कार्रवाई करते हुए पांचाराम पुत्र फगलुराम के मेडिकल स्टोर पर छापा मारा। तलाशी के दौरान भारी मात्रा में प्रतिबंधित टैबलेट मिलीं, जिन्हें मौके पर ही जब्त कर लिया गया। पूछताछ में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर आरोपी पांचाराम को गिरफ्तार किया गया। आरोपी के खिलाफ सेड़वा थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार उसके खिलाफ पूर्व में भी एक आपराधिक मामला दर्ज है। पुलिस जांच में सामने आया है कि ये नशीली दवाइयां सेड़वा और आसपास के क्षेत्रों में युवाओं को सप्लाई की जा रही थीं। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर सप्लाई चैन और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है। नशीली दवाओं का सेवन शरीर और दिमाग दोनों पर गंभीर असर डालता है, शुरुआत में ये दवाएं राहत या नशे का एहसास देती हैं लेकिन धीरे-धीरे व्यक्ति इन पर निर्भर हो जाता है, दिमाग की कार्यक्षमता प्रभावित होती है जिससे सोचने-समझने की क्षमता, निर्णय लेने की शक्ति और याददाश्त कमजोर होने लगती है, मानसिक रूप से चिड़चिड़ापन, अवसाद, गुस्सा और व्यवहार में अस्थिरता बढ़ती है, लंबे समय तक सेवन से दिल, लिवर और किडनी पर दुष्प्रभाव पड़ता है, नींद की समस्या, कमजोरी और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी घट जाती है, युवाओं में यह लत पढ़ाई, कॅरियर और सामाजिक जीवन को प्रभावित कर उन्हें अपराध की ओर भी धकेल सकती है, गंभीर मामलों में ओवरडोज से जान तक जाने का खतरा रहता है।
बाड़मेर से दिल्ली तक वंदे भारत जैसी सुपरफास्ट ट्रेनों की जरूरत
भास्कर न्यूज | बाड़मेर पश्चिमी राजस्थान का बाड़मेर-बालोतरा इलाका अब देश के सबसे बड़े क्रूड ऑयल प्रोडक्शन और रिफाइनिंग हब के रूप में उभर रहा है। पचपदरा में 9 मिलियन टन क्षमता वाली HPCL रिफाइनरी तैयार है। 21 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका उद्घाटन करेंगे। हजारों करोड़ के निवेश और रोजगार के नए अवसरों के बीच एक बड़ी कमी अब भी महसूस की जा रही है। ऐसे में आर्थिक विकास के साथ बाड़मेर- बालोतरा से दिल्ली एनसीआर व जयपुर की सीधी सुविधाजनक कनेक्टिविटी का अभाव है। रेलवे लाइन विद्युतीकृत है। ट्रैक पूरी तरह तैयार है। इसके बावजूद बाड़मेर से दिल्ली के बीच अभी तक कोई सीधी, आरामदायक ट्रेन सेवा नहीं है। सड़क मार्ग का रूट लंबा और थकाऊ है। हवाई सेवा 100 किमी. दूर जोधपुर में है। बाड़मेर में 10 सालों से हवाई सेवा भी अब तक मूर्त रूप नहीं ले पाई है। ऐसे में रेलवे को सबसे व्यवहारिक विकल्प माना जा रहा है। > बालोतरा से जयपुर तक 279 किमीं बनेगा भारतमाला हाइवे: अमृतसर-जामनगर हाइवे को सीधे दिल्ली-मुंबई हाइवे से कनेक्ट करने के लिए 279 किमी. भारतमाला हाइवे बनेगा। इसके लिए करीब 11 हजार करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। जमीन अवाप्ति का काम शुरू हो गया है। यह सिक्सलेन हाइवे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस से जोड़ने के लिए जयपुर में 52 किमी, अजमेर में 52 से 120 किमी, ब्यावर में 120 से 161 किमी, पाली में 161 से 226 किमी, जालोर 226 से 235 किमी व बालोतरा में 235 से 278 किमी निर्माण होगा। इस हाइवे के बनने के बाद बालोतरा से दिल्ली तक 6 लेन हाइवे कनेक्टिविटी हो जाएगी। > रिफाइनरी के साथ बालोतरा-बाड़मेर का यात्रीभार भी बढ़ेगा। हर राजे सैकड़ों लोगों का आवागमन होगा। स्थानीय व्यापारी, रिफाइनरी से जुड़े अधिकारी और युवा लंबे समय से मांग कर रहे हैं कि दिल्ली-जोधपुर के बीच चलने वाली सुपरफास्ट ट्रेनों को बाड़मेर तक बढ़ाया जाए। वंदे भारत स्लीपर ट्रेन शुरू की जाए। सुबह दिल्ली या बाड़मेर पहुंचा जा सके। यह मांग व्यावहारिक है। दिल्ली-जोधपुर रूट पहले से संचालित है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव पहले ही राजस्थान को नई ट्रेनें और वंदे भारत देने के संकेत दे चुके हैं। रिफाइनरी उद्घाटन के साथ ही रेलवे कनेक्टिविटी को लेकर भी कोई घोषणा होती है, तो यह क्षेत्र के औद्योगिक और आर्थिक विकास को नई गति देगा। > रिफाइनरी से जुड़े निवेशक और अधिकारी नियमित आवाजाही करेंगे। > पेट्रोकेमिकल इंडस्ट्री का विस्तार तेजी से होगा। > स्थानीय युवाओं को रोजगार और इंटरव्यू/जॉब मूवमेंट में सहूलियत मिलेगी। > पर्यटन और बिजनेस ट्रैवल दोनों को बढ़ावा मिलेगा। > उड़ान योजना के तहत बाड़मेर में एयरपोर्ट का तेजी से विकास हो। > बड़े शहरों से डायरेक्ट फ्लाइट सुविधा मिले। > बाड़मेर से जोधपुर तक हाइवे का चौड़ीकरण हो, फोर लेन हाइवे बने। ^बाड़मेर-बालोतरा में आर्थिक विकास के साथ रेल, हवाई और सड़क से बेहतर कनेक्टिविटी बढ़ाने की जरूरत है। भाभर तक रेल लाइन का सर्वे हो गया था, अब बेवजह दुबारा सर्वे करके काम में देरी की जा रही है। -हरीश चौधरी, विधायक बायतु ^बाड़मेर में वॉशिंग लाइन का काम पूरा होने पर देश के कई कोनों से रेल कनेक्टिविटी बढ़ेगी। बाड़मेर से कई नई ट्रेनें शुरू होगी। सड़क कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए बालोतरा से जयपुर तक सिक्सलेन भारत माला हाइवे बनने वाला है। -अरुण चौधरी, विधायक पचपदरा
कृषि पर्यवेक्षक परीक्षा कल 8 केंद्रों पर अनियमितता पर होगी सख्त कार्रवाई
भास्कर न्यूज | बाड़मेर राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की कृषि पर्यवेक्षक सीधी भर्ती परीक्षा-2026 को लेकर कलेक्ट्रेट कॉन्फ्रेंस हॉल में नियुक्त अधिकारियों का प्रशिक्षण हुआ। परीक्षा 18 अप्रैल को बाड़मेर जिला मुख्यालय पर होगी। अतिरिक्त जिला कलेक्टर राजेंद्रसिंह चांदावत ने कहा कि परीक्षा निष्पक्ष रहे। माहौल शांतिपूर्ण रहे। बोर्ड के निर्देशों के अनुसार सभी व्यवस्थाएं हो। किसी भी अनियमितता पर सख्त कार्रवाई होगी। अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी गौतम गोदारा ने केंद्र अधीक्षक, निरीक्षक, स्टेशनरी पर्यवेक्षक, अन्य अधिकारियों को नियम बताए। ओएमआर शीट भरने की प्रक्रिया समझाई। नकल रोकने के उपाय बताए। अनुशासन, सुरक्षा व्यवस्था, आपात स्थिति से निपटने के तरीके बताए। प्रशिक्षण में जिला स्तर के विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। जिला प्रशासन ने परीक्षा को लेकर तैयारियां की हैं। बाड़मेर जिले में 8 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा शनिवार को सुबह 11 से दोपहर 1 बजे तक होगी। परीक्षा समन्वयक अतिरिक्त जिला कलेक्टर राजेंद्रसिंह चांदावत ने बताया कि पुरुष अभ्यर्थी आधी या पूरी आस्तीन की शर्ट, टी-शर्ट, कुर्ता, पायजामा, पेंट पहनकर आ सकेंगे। जींस की अनुमति नहीं होगी। महिला अभ्यर्थी सलवार सूट, चुन्नी या साड़ी पहन सकेंगी। आधी या पूरी आस्तीन का कुर्ता या ब्लाउज मान्य होगा। बालों में साधारण रबर बैंड लगा सकेंगी। बड़े बटन, मेटल बटन, ब्रोच, जड़ाऊ पिन, बैज, फूल लगाने की अनुमति नहीं होगी। उन्होंने बताया कि लाख या कांच की पतली चूड़ियों के अलावा किसी भी तरह के जेवर पहनकर आने की अनुमति नहीं होगी। अन्य चूड़ियां, कान की बाली, अंगूठी, ब्रासलेट पर रोक रहेगी। परीक्षा केंद्रों पर कानून-व्यवस्था और तलाशी के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात होगा। महिला पुलिसकर्मी भी रहेगी। परीक्षा समय से दो घंटे पहले से तलाशी होगी। अभ्यर्थियों को सुबह 9 बजे तक केंद्र पर पहुंचना होगा। केंद्रों पर रोशनी, पानी, फर्नीचर, रैम्प, सफाई, टॉयलेट, कक्षों की खिड़की-दरवाजे दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं।
जिला अस्पताल में जांच के बाद थमाई एक्सपायरी दवा
भास्कर न्यूज | बाड़मेर जिला अस्पताल प्रशासन की बड़ी लापरवाही सामने आई है, यहां अब मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ करते हुए निशुल्क काउंटर से एक्सपायरी डेट की दवाइयां बांटी जा रही हैं। मामला एमसीएच विंग का है, यहां काउंटर नंबर 10 पर एक दो साल की मासूम के परिजनों को सितंबर 2025 में एक्सपायर हो चुकी दवा पकड़ा दी गई। गनीमत रही कि पिता ने मासूम को दवा पिलाने से पहले ही तारीख जांच ली। शहर के हमीरपुरा निवासी मोहित नागोरी अपनी 2 साल की बेटी भव्या को सर्दी, जुकाम और उल्टी की शिकायत होने पर जिला अस्पताल लेकर गए। शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. जसराज बोहरा ने उसे देखा और तीन सिरप (डोमपेरिडोन, सिफो डॉक्सिन और एंटी कोल्ड) लिखे। पिता ने निशुल्क काउंटर से दवा ली और घर गया। जब वे बेटी को दवा पिलाने लगे, तो उनकी नजर शीशी पर पड़ी। दवा पर मैन्युफैक्चरिंग डेट अक्टूबर 2023 और एक्सपायरी डेट सितंबर 2025 अंकित थी। नागोरी ने बताया कि यदि मासूम को यह दवा पिला दी जाती, तो उसे गंभीर रिएक्शन हो सकता था। इस घटना के बाद जिला अस्पताल के दवा प्रबंधन पर सवाल खड़े हो रहे हैं। अस्पताल के स्टॉक में ऐसी कई दवाइयां मौजूद हैं जिनकी मियाद खत्म हो चुकी है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी बिना जांचे इन्हें मरीजों को बांट रहे हैं। यह लापरवाही किसी मरीज की मौत का सबब भी बन सकती है। बावजूद इसके ध्यान नहीं रखा गया। अस्पताल अधीक्षक डॉ.हनुमानराम चौधरी से इस बारे में बात करनी चाही लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया।
रिखबदास जैन मार्ग का नामकरण, लोगों ने श्रद्धा के साथ याद किया
भास्कर न्यूज | बाड़मेर बाड़मेर जिला मुख्यालय पर गुरुवार को ढाणी बाजार में नाकोड़ा ट्रस्ट के पूर्व अध्यक्ष एवं समाजसेवी रिखबदास जैन की स्मृति में रिखबदास जैन मार्ग का नामकरण किया गया। इस दौरान विधिवत रूप से धाई देवी जैन एवं अन्य अतिथियों ने नाम-पट्टिका का अनावरण किया। उनके परिवार ने बाड़मेर के विकास एवं समाजसेवा के लिए सदैव तत्पर रहने का भरोसा दिलाया। नामकरण कार्यक्रम के उपरांत आयोजित श्रद्धांजलि सभा में विभिन्न प्रबुद्धजनों ने समाजसेवी जैन के योगदान की सराहना बताते हुए कहा कि उन्होंने पांच दशक तक सामाजिक सेवा के जरिए अनूठी मिसाल कायम की। उनके आदर्श विशेषकर युवा पीढ़ी को समाज सेवा से जुड़ने के लिए प्रेरित करते रहेंगे। इस दौरान पंजाब पुलिस महानिदेशक डा.जितेन्द्र जैन ने रिखबदास जैन के कृतित्व एवं व्यक्तित्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि वे अंतिम समय तक सामाजिक संस्थाओं से जुड़े रहे। उन्होंने कहा कि जैन ने समाज सेवा के साथ अपने परिवार को बेहतरीन संस्कार दिए। जिनकी बदौलत आज वे कई महत्वपूर्ण पदों पर है। इस दौरान बाड़मेर पुलिस अधीक्षक चूनाराम जाट, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेन्द्रसिंह चांदावत, पूर्व विधायक मेवाराम जैन, रतनलाल जैन, द्वारकादास डोसी, लूणकरण बोथरा, कैलाश कोटड़िया, डॉ. बी.एल मंसूरिया, डॉ.आर के माहेश्वरी, डॉ. एस आर भंडारी, डॉ. सचिन मितल, ललित बोथरा आदि ने जैन को श्रद्धांजलि अर्पित की। बाड़मेर. रिखबदास जैन मार्ग का अनावरण करते अतिथि।
जयपुर में एक डॉक्टर की गिरफ्तारी के विरोध में प्रदेशभर के निजी चिकित्सकों का आक्रोश शांत होने का नाम नहीं ले रहा है। पिछले तीन दिनों से राज्य के सभी निजी अस्पतालों में आरजीएचएस के तहत कैशलेस इलाज पूरी तरह बंद है। बीकानेर के 12 प्रमुख निजी अस्पतालों में गुरुवार को भी यह सुविधा बहाल नहीं हो सकी, जिससे मरीजों को भारी आर्थिक और शारीरिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। निजी अस्पतालों में आरजीएचएस बंद होने के कारण सरकारी कर्मचारी और पेंशनभोगी अब फीस देकर परामर्श लेने और नकद दवाएं खरीदने को मजबूर हैं। इसका सीधा असर पीबीएम अस्पताल पर पड़ा है, जहां मरीजों का हुजूम उमड़ पड़ा है। गुरुवार को एक ही दिन में 324 मरीज आरजीएचएस योजना में इलाज के लिए विभिन्न आउटडोर में पहुंचे। इनमें से 9 को भर्ती किया गया है। इस प्रकार पिछले तीन दिनों में कुल 664 मरीज पहुंच चुके हैं। अचानक बढ़ी इस भीड़ ने अस्पताल प्रबंधन की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है। उधर, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के जिला सचिव डॉ. एसएन हर्ष का कहना है कि डॉक्टर सोनदेव की बिना शर्त रिहाई होने के बाद ही आंदोलन वापस लिया जाएगा। भास्कर इनसाइट - क्वालिटी चेक में अटकी 100 दवाएं एक तरफ बाजार में मेडिकल स्टोर पर आरजीएचएस के तहत दवाएं पूरी नहीं मिल रहीं, वहीं दूसरी तरफ पीबीएम हॉस्पिटल में दवाओं का संकट बना हुआ है। आरएमएससीएल से सप्लाई तो शुरू हो गई, लेकिन करीब 100 तरह की दवाएं पिछले 15 दिन से क्वालिटी चेक में अटकी हुई हैं। हालात ये है कि कैल्शियम, मल्टी विटामिन, इको एस्प्रिन जैसी दवाएं तक मरीजों को उपलब्ध नहीं हैं। इनमें इको एस्प्रिन 75 खून पतला करने के काम आती है, जो हृदय और न्यूरो संबंधी रोगियों के लिए बेहद जरूरी है। यह दवाएं बाजार से खरीदनी पड़ रही हैं। मरीजों की समस्याओं को देखते हुए दवाएं उपलब्ध कराने के अस्पताल प्रशासन के दावे खोखले नजर आ रहे हैं। भास्कर एनालिसिस - आरजीएचएस में 1800 करोड़ का भुगतान पेंडिंग डॉक्टरों का आक्रोश और हड़ताल की स्थिति
अन्तर्राष्ट्रीय सीमा पर पाकिस्तान की ओर से ड्रोन के जरिये हेरोइन, हथियारों की तस्करी और जासूसी रोकने के लिए पुलिस ग्रामीणों की मदद लेगी। इसके लिए बीकानेर-श्रीगंगानगर बॉर्डर एरिया के 181 गांवों में करीब 500 लोगों का पूरा डाटा तैयार किया गया है। बॉर्डर एरिया में संदिग्ध या अनजान लोगों की जानकारी छिपाने वाले ग्रामीणों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही भी की जाएगी। बीकानेर रेंज के श्रीगंगानगर की 210 किमी और बीकानेर की 168 किमी सीमा पाकिस्तान से लगती है। पाक खुफिया एजेंसियां और तस्कर दोनों जिलों में सक्रिय हैं और जासूसी के जरिये सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण जानकारियां हासिल करने और हेरोइन, हथियार तस्करी की फिराक में रहते हैं। पिछले कुछ सालों में ड्रोन से तस्करी की वारदातों में तेजी से बढ़ावा हुआ है। इसे रोकने के लिए पुलिस ने अपनी सुरक्षा एजेंसियों के साथ ही ग्रामीणों की फौज तैयार कर उनसे मदद लेने की रणनीति बनाई है। बीकानेर जिले के तीन पुलिस थानों क्षेत्रों में 24 और श्रीगंगानगर के 10 पुलिस थाना क्षेत्रों में 157 गांवों के करीब 500 लोगों का डाटा तैयार किया गया है। इनमें ग्राम रक्षक, सीएलजी सदस्य, सुरक्षा सखी सहित, सरपंच, पटवारी, ग्राम विकास अधिकारी सहित मौजिज लोगों के साथ ही बीएसएफ के अधिकारी और उनकी पोस्ट पर तैनात अधिकारियों की पूरी जानकारी पुलिस के पास रहेगी। बॉर्डर एरिया में संदिग्ध गतिविधियों और अनजान लोगों के बारे में इन ग्रामीणों से जानकारी जुटाई जाएगी। पुलिस को सहयोग करने वाले ग्रामीणों को प्रोत्साहित किया जाएगा। साथ ही अगर किसी ग्रामीण ने तस्करों या अनजान लोगों के बारे में जानकारी छिपाई तो उसके खिलाफ कानूनी कार्यवाही भी की जाएगी। ऐसे ग्रामीणों को जेल भी जाना पड़ सकता है। गौरतलब है कि पिछले दिनों पुलिस, इंटेलीजेंस और बीएसएफ के आला अधिकारियों ने बॉर्डर एरिया के मौजिज लोगों से वीसी के जरिये सीधा संवाद भी किया था और उन्हें सतर्क रहकर सहयोग करने के लिए कहा गया था। बॉर्डर के 13 पुलिस थाना क्षेत्रों के ग्रामीण करेंगे सहायता पाकिस्तान से लगती सीमा पर 13 पुलिस थाना क्षेत्रों के 181 गांवों में रहने वाले ग्रामीणों का रिकॉर्ड तैयार किया गया है। इनमें बीकानेर के खाजूवाला, दंतौर और रणजीतपुरा पुलिस थाना, श्रीगंगानगर में हिन्दुमलकोट, मटीलीराठान, केसरीसिंहपुर, घड़साना, अनूपगढ़, रावला, समेजा कोठी, रायसिंहनगर, श्रीकरणपुर और गजसिंहपुर पुलिस थाने शामिल हैं। इन थानों के एसएचओ से कहा गया है कि वे मौजिज लोगों और ग्रामीणों के संपर्क में रहें। “पाक सीमा से सटे इलाकों में सुरक्षा एजेंसियां तो सतर्क हैं ही, ग्रामीण जागरुक हों और पुलिस को सहयोग करें तो बेहतर परिणाम मिलेंगे। इसे देखते हुए 5 किमी के दायरे में आने वाले ग्रामीणों का पूरा डाटा तैयार किया है। उनकी मदद लेंगे। इसके साथ ही अगर किसी ग्रामीण ने संदिग्ध गतिविधियों या अनजान लोगों की जानकारी छिपाई तो उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही भी की जाएगी। तस्करों से मिलीभगत सामने आई तो सख्त कार्यवाही करेंगे।” -ओमप्रकाश, आईजी बीकानेर रेंज
मौसम का मिजाज:पारा 42 डिग्री के पास, आज बूंदाबांदी के आसार, पारे में गिरावट के आसार
रेगिस्तान के मौसम में एक बार फिर बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। बीती रात बीकानेर में गर्मी का असर बना रहा और न्यूनतम तापमान 26.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं दिनभर आसमान में हल्के बादलों की आवाजाही बनी रही। जिससे धूप की तल्खी में मामूली कमी महसूस की गई। हालांकि मौसम विभाग के अनुसार 17 अप्रैल को एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है जिससे जिले में मौसम का यू-टर्न देखने को मिल सकता है। इस नए विक्षोभ के प्रभाव से शुक्रवार को बीकानेर और आसपास के क्षेत्रों में कहीं-कहीं मेघगर्जन के साथ हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। हालांकि यह विक्षोभ बहुत शक्तिशाली नहीं है लेकिन इसके असर से आसमान में बादलों का डेरा रहेगा। इस मौसमी बदलाव के कारण दिन के अधिकतम तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। जिससे झुलसाने वाली गर्मी से आंशिक राहत मिलने की उम्मीद है। राहत का यह दौर ज्यादा लंबा नहीं चलने वाला है। विक्षोभ का असर खत्म होते ही 18 अप्रैल से मौसम फिर से साफ हो जाएगा और सूर्य की तपिश बढ़ेगी। शनिवार से तापमान में दोबारा बढ़ोतरी का सिलसिला शुरू होगा। आगामी दिनों में दिन का अधिकतम पारा 38 से 39 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने के आसार हैं। ऐसे में दोपहर के समय लू और उमस का मिला-जुला असर आमजन को परेशान कर सकता है।
पश्चिमी राजस्थान की जीवनरेखा कही जाने वाली इंदिरा गांधी नहर (आईजीएनपी) में रीलाइनिंग के कारण शुरू हुई पूर्ण नहरबंदी का असर साफ नजर आने लगा है। 12 अप्रैल से 11 मई तक लागू होने वाली पूर्ण नहरबंदी कि शुरूआत में ही शहर में निजी टैंकर माफिया सक्रिय हो गए हैं। गुरुवार से ही टैंकरों की मांग में 40 फीसदी तक का उछाल देखा गया। इसका फायदा उठाकर टैंकर चालकों ने 100 से 200 रुपए प्रति टैंकर बढ़ा दिए हैं। हैरानी की बात यह है कि नहरबंदी का शेड्यूल महीनों पहले तय होने के बावजूद प्रशासन ने न तो निजी टैंकरों की दरें तय कीं और न ही विभाग का हेल्पलाइन सिस्टम काम कर रहा है। इससे भी ज्यादा हैरानी इस बात की है कि पीएचईडी के अतिरिक्त मुख्य अभियंता राजेश राजपुरोहित ने कई दिन पहले दरें तय करने के आदेश दे दिए। इसके बावजूद टैंकरों की दरें तय नहीं हुईं। विभाग की इसी कार्यशैली का फायदा उठाकर निजी सप्लायर्स ने टैंकर की कीमतों में तत्काल बढ़ोतरी कर दी है। जो टैंकर कल तक 300 से 400 रुपए में उपलब्ध था, उसकी कीमत अब 500 रुपए से शुरू हो गई हैं। शहर के बाहरी इलाकों जैसे गंगाशहर, सुजानदेसर, श्रीरामसर और नाल रोड पर तो स्थिति और भी खराब है। जहां सप्लायर दूरी का हवाला देकर मुंह मांगी कीमत वसूल रहे हैं। जयपुर रोड पर 500 रुपए न्यूनतम कीमत है। उसके बाद जैसे-जैसे टैंकर की क्षमता और दूरी बढ़ेगी वैसे-वैसे कीमतों में उछाल आएगा। हैरानी की बात ये है कि इसमें से कई टैंकर चालक तो पीएचईडी सप्लाई का पानी ही भेज रहे हैं। कुछ कुओं का पानी सप्लाई करते हैं। भास्कर रिपोर्टर ने गंगाशहर, जयपुर रोड, नाल रोड पर अलग-अलग टैंकर चालकों से बात की तो कॉमन बात ये सामने आई कि 500 रुपए से कम में कोई 2000 लीटर का भी टैंकर नहीं देगा। आबादी बढ़ी, ढांचा पुराना जलदाय विभाग का दावा है कि जलाशयों और स्टोरेज टैंक में पर्याप्त पानी है। रोटेशन के आधार पर सप्लाई दी जाएगी। लेकिन हकीकत यह है कि बीकानेर की बढ़ती आबादी और पुराने पाइपलाइन नेटवर्क के कारण अंतिम छोर तक पानी पहुंच ही नहीं पा रहा है। मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर 2022 की 7.50 लाख आबादी के हिसाब से है। जबकि 2026 में आबादी लगभग 8.50 लाख है। क्यों बढ़ीं कीमतें? सप्लायर्स का अपना तर्क निजी टैंकर संचालकों का कहना है कि मांग बढ़ने से ट्यूबवेल पॉइंट्स पर घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। एक संचालक ने नाम न छापने की शर्त पर बताया “हमें पानी भरने के लिए लंबी लाइनों में लगना पड़ रहा है। डीजल की कीमतें स्थिर हैं, लेकिन समय की बर्बादी और लेबर की कमी के कारण हमें दाम बढ़ाने पड़े हैं। जरूरतमंदों तक पानी पहुंचाने के लिए सुबह टैंकरों में पानी भरते टैंकर चालक। केस 1: जयपुर रोड - हल्दी राम प्याऊ के पास से एक टैंकर गुजर रहा था। रोककर पूछा कि डिफेंस कॉलोनी में एक टैंकर चाहिए, कितने में ले जाओगे। चालक बोला, 500 रुपए तो बेसिक हैं। अगर ज्यादा बड़ा लेना हो या ज्यादा दूरी पर ले जाना तो पैसे बढ़ेंगे। पास से गुजर रहे सेवानिवृत्त कर्मचारी रामगोपाल ने बताया, “कल रात ही पता चला था कि नलों में पानी कम आएगा। सुबह टैंकर वाले को फोन किया तो उसने सीधे 200 रुपए बढ़ा दिए। मजबूरी में मंगवाना पड़ा क्योंकि घर में मेहमान आए हुए हैं। केस 2: गंगाशहर-भीनासर क्षेत्र - इन क्षेत्रों में सीवरेज कार्य (अमृत-2) के कारण पहले ही सड़कों की हालत जर्जर है। ऊपर से पानी की किल्लत ने कोढ़ में खाज का काम किया है। स्थानीय निवासी बताते हैं कि टैंकर वाले गली के अंदर आने के नाम पर अतिरिक्त सर्विस चार्ज मांग रहे हैं। भास्कर टीम ने एक टैंकर चालक को फोन किया तो पहले बोला कि आज कहीं बिजी हूं। रेट पूछा तो बोला कि 500 रुपए से शुरू है। इतना कहकर फोन काट दिया। जनता के सवाल: जवाब दे प्रशासन 1.दरें तय क्यों नहीं? नहरबंदी का शेड्यूल महीनों पहले तय था तो जिला प्रशासन और जलदाय विभाग ने निजी टैंकरों की अधिकतम दरें क्यों नहीं बांधी? 2.हेल्पलाइन नंबर का क्या हुआ? जनता अपनी शिकायत लेकर कहां जाए? विभाग के कंट्रोल रूम नंबर स्थायी रूप से व्यस्त बने हुए हैं। 3. टैंकर माफिया पर लगाम कब? क्या प्रशासन केवल नहर खुलने का इंतजार करेगा या अवैध वसूली करने वालों पर कार्रवाई भी होगी? “दरें तय करने के लिए कई दिन पहले ही स्टाफ को निर्देश दे दिए थे। दरें क्यों नहीं तय हुई, आज ही संबंधित अधिकारियों से बात करता हूं।”-राजेश राजपुरोहित, अतिरिक्त मुख्य अभियंता, पीएचईडी “दरें तय जल्दी कर लेंगे। कल ही कर देंगे। नोटशीट बन गई है।” -खेमचंद सिंगारिया, अधीक्षण अभियंता, पीएचईडी
नगर निगम की हठधर्मी और वित्तीय कुप्रबंधन ने शहर की विकास रफ्तार रोक दी है। सूरसागर से फर्नीचर वाली रोड इसका जीवंत स्मारक है। करीब 3 महीने पहले सीसी रोड का निर्माण पूरा होने के बावजूद महज 5 फीट के एक टुकड़े के कारण सड़क बंद है। इस मामूली हिस्से के फेर में रोजाना 50 हजार लोग धूल फांकने और लंबे चक्कर काटने को मजबूर हैं। अंदरूनी पड़ताल में सामने आया कि निगम और ठेकेदारों के बीच भुगतान को लेकर ठन गई है। शहर के छोटे-बड़े विकास कार्यों का करीब 10 से 14 करोड़ रुपए बकाया है। कई ठेकेदारों के व्यक्तिगत बिल ही 1 करोड़ तक पहुंच चुके हैं। सूरसागर रोड पर पहले सीसी निर्माण होना था, लेकिन बाद में तकनीकी बदलाव कर लोहे का जाल रखने का निर्णय लिया गया। अब ठेकेदार का साफ स्टैंड है, “जब तक पिछला भुगतान नहीं, तब तक एक इंच काम नहीं।” हैरानी की बात यह है कि निगम आर्थिक तंगी का बहाना बना रहा है, जबकि आंकड़े कुछ और ही कह रहे हैं। हाल ही में यूडी टैक्स से 8 करोड़ रुपए का राजस्व मिला है। साथ ही 12वें और 13वें वित्त आयोग का भारी-भरकम फंड भी खातों में पहुंच चुका है। सवाल यह है कि जब फंड मौजूद है, तो जनता को राहत देने के बजाय प्रशासन किसका इंतजार कर रहा है? क्या प्रशासन किसी विशेष इशारे का इंतजार कर रहा है? पहले था विरोध, अब सड़क पर फर्नीचरयहां सड़क के लेवल को लेकर कुछ लोगों ने विरोध किया था। जैसे-तैसे लोगों की समझाइश हुई और जाल रखने पर सहमति बनी। फिर भी सड़क चलने के लिए नहीं खोली गई तो अब फर्नीचर वालों ने फर्नीचर ही रोड पर रखना शुरू कर दिया है। 50 हजार लोग रोज भुगत रहे सजा यह महज एक सड़क नहीं, बल्कि शहर की लाइफलाइन सरीखी है। इस सड़क के सुचारू होने से शहर के मुख्य मार्ग का ट्रैफिक दबाव कम हो सकता है। इसके बंद होने से 50 हजार लोगों को रोजाना असुविधा हो रही है। सड़क के दोनों ओर बसे व्यापारियों का धंधा चौपट हो रहा है और उड़ती धूल लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। केईएम रोड, चौखूंटी की ओर जाने के लिए लोगों के ये शार्ट कट का रास्ता है मगर अभी पूरे जूनागढ़ का चक्कर काटकर लोगों को जाना पड़ रहा है। ऐसा नहीं है। एक-दो दिन में काम शुरू हो जाएगा। जाल रखने पर सहमति बन गई है। जल्दी ही सड़क खोली जाएगी।-चिराग गोयल, अधीक्षण अभियंता, नगर निगम
राजस्थान में बीएड डिग्री के प्रति विद्यार्थियों का रुझान कम हो रहा है। नए सत्र के बीएड पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए नोडल एजेंसी वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय कोटा ने 20 मार्च से ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू की है। लेकिन 16 अप्रैल तक सिर्फ 79 हजार अभ्यर्थियों ने ही आवेदन किया है। अंतिम तिथि में अब सिर्फ चार दिन बचे हैं, लेकिन आवेदनों की संख्या में इजाफा नहीं हो रहा है। प्रदेश के लगभग 944 बीएड कॉलेज में 2 वर्षीय पाठ्यक्रम की लगभग 1.07 लाख सीटें हैं। राज्य में पिछले पांच साल में 5 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने बीएड कोर्स की डिग्री हासिल की है इसमें से नौकरी सिर्फ 38965 अभ्यर्थियों को ही मिल पाईं है। दरअसल, हर साल जितने अभ्यर्थी बीएड कर रहे हैं उसके मुकाबले भर्तियां नहीं निकल रही हैं। वहीं, भर्ती प्रक्रिया पूरी होने में भी एक से दो साल लग रहे हैं। यही कारण है कि अब अभ्यर्थी बीएड की बजाय अन्य कोर्स को तवज्जो देने लगे हैं। हालात यह है कि प्रदेश में पहले से ही 12 लाख से अधिक बीएड किए हुए छात्र सरकारी नौकरी की राह देख रहे हैं। समय पर नहीं होती शिक्षक भर्ती, पोस्टिंग में भी विलंब राजस्थान में पिछले कुछ सालों का रिकॉर्ड देखें तो शिक्षक भर्तियां समय पर नहीं हो रही हैं। भर्ती परीक्षा होने के बाद रिजल्ट तथा नियुक्ति प्रक्रिया में भी एक साल से अधिक का समय लग रहा है। यही कारण है कि नया शिक्षा सत्र शुरू होने के बाद भी राज्य के स्कूलों में सेकंड ग्रेड के 40 हजार और व्याख्याता के करीब 20 हजार पद वर्तमान में खाली हैं। प्री-डीएलएड में 6 लाख आवेदन, एक सीट पर 24 दावेदार बीएड के बजाय दो वर्षीय डीएलएड पाठ्यक्रम में अभ्यर्थियों का रुझान अधिक है। प्रदेश के 377 डीएलएड कॉलेजों की 25 हजार सीटों पर प्रवेश के लिए 20 मई को होने वाली प्री-डीएलएड परीक्षा में लगभग 6 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। यानी एक सीट पर 24 आवेदन। जबकि बीएड में 1.07 लाख सीटों की तुलना में अभी सिर्फ 79 हजार आवेदन हुए हैं। बीएड में रुझान कम होने के यह दो मुख्य कारण 1. तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती 2025 में दिए सिर्फ 2123 पद - तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती के तहत लेवल सेकंड के पदों पर पिछली भर्ती में सिर्फ 2123 पद ही दिए गए। पिछले 10 वर्षों के इतिहास में यह सबसे कम पदों की भर्ती हैं। जबकि इस भर्ती में शामिल होने के लिए 7 लाख से अधिक अभ्यर्थियों में आवेदन किया था। यह भर्ती फिलहाल प्रक्रिया में है। 2. 6 साल से तृतीय श्रेणी शिक्षकों के प्रमोशन नहीं - वहीं दूसरी ओर शिक्षा विभाग में पिछले 6 सालों से तृतीय श्रेणी से सेकंड ग्रेड पदों पर पदोन्नति की प्रक्रिया न्यायालय वाद के कारण अटकी हुई है। इस वजह से नई भर्ती में भी पद कम मिल रहे हैं। “बीएड में विद्यार्थियों का घटता रुझान चिंता का विषय है। सरकार को सभी सरकारी स्कूलों में रिक्त पदों पर नियमित और पर्याप्त भर्तियां निकालनी चाहिए। साथ ही निजी स्कूलों में शिक्षकों के लिए उचित वेतन सुनिश्चित करने के लिए सख्त कानून बनाने की आवश्यकता है।” -अशोक चौधरी, संरक्षक, राजस्थान बेरोजगार यूनियन
बाड़मेर-चौहटन मार्ग पर गुरुवार सुबह एक बड़ा सड़क हादसा होने से टल गया। गुरुवार सुबह करीब 8 बजे बाड़मेर से चौहटन की ओर जा रही रोडवेज जब बलाऊ फांटा के पास पहुंची, तो एक पिकअप गाड़ी ने ओवरटेक करने का प्रयास किया। पिकअप ने अचानक इमरजेंसी ब्रेक लगा दिए। पिक अप को बचाने के लिए रोडवेज चालक ने भी इमरजेंसी ब्रेक लगाए। लेकिन ब्रेक फेल हो गए और बस असंतुलित हो गई। अचानक लगे झटके से बस चालक अपनी सीट से उछलकर केबिन में गिर गया। तभी रोडवेज की स्टेयरिंग पास ही बैठे पुलिस कांस्टेबल ने स्टेयरिंग संभाली। उसने बस को करीब 100 फीट तक झाड़ियों में ले जाकर रोका। इससे 40 सवारियों की जान बच गई। इस दौरान सामने से एक डंपर भी आ रहा था, यदि समय रहते जेठाराम स्टेयरिंग नहीं संभालते तो बस डंपर से भिड़ जाती। मैं रोडवेज बस से सुबह 8 बजे चौहटन जा रहा था। ओपन केबिन के कारण मैं ड्राइवर के पास ही बैठा था। बलाऊ फांटा के पास एक पिकअप गाड़ी ने तेज रफ्तार से बस को ओवरटेक किया। उसने अचानक ब्रेक लगाए। रोडवेज चालक ने इमरजेंसी ब्रेक लगाए। ब्रेक फेल हो गए। अचानक लगे झटके से चालक सीट के पास बैठी दूसरी सवारियों पर गिर गया। बस सड़क से नीचे उतरकर बड़े गड्ढ़े की तरफ बढ़ रही थी। तभी मैंने हिम्मत जुटाई। मैंने स्टेयरिंग संभाली। बस को नियंत्रित करने का प्रयास किया। ब्रेक लगाए, पर वे नहीं लगे। ऐसे में मैं बस को सड़क किनारे बबूल की झाड़ियों के ऊपर से करीब 100 फीट तक समतल इलाके में ले गया। बस में 40 से ज्यादा सवारियां थीं। इसके बाद मैंने पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी। इस हादसे में किसी को गंभीर चोट नहीं लगी। बड़ा हादसा होने से बच गया। - जेठाराम, कांस्टेबल, राजस्थान पुलिस
पंचायतनामा:बॉर्डर पर स्थित है तामलोर गांव, दो युद्धों में सेना के साथ खड़े रहे ग्रामीण
भारत-पाक सीमा से सटा तामलोर गांव। वर्ष 1965 में भारत-पाक युद्ध के दौरान यहां के ग्रामीण सेना के साथ खड़े रहे। रेगिस्तानी इलाका होने से दुर्गम इलाके में रास्ता दिखाने से लेकर उनके लिए खाने-पीने की खाद्य सामग्री भी अपने घरों से बनाकर पहुंचाते थे। इसी से खुश होने के बाद सेना के सहयोग से तामलोर की पथरीली जमीन को खोद तालाब बनाया था। इस तालाब से सालभर लोग पानी पीते हैं। सेना ने सिंध प्रांत के छाछरों तक कब्जा कर लिया था। वर्ष 1965 के दौर में सीमावर्ती गांव तामलोर के धोरों में दूर-दूर तक पानी का इंतजाम नहीं था। ग्रामीण ऊंटों पर पखाल भरकर पानी लाते थे। पथरीली जमीन होने से वहां तालाब की खुदाई करना मुश्किल था। तालाब बनने के बाद 60 साल से हजारों ग्रामीण और मवेशी इस तालाब से मीठा पानी पी रहे हैं। मानसून की एक बारिश में तालाब भरने से सालभर पानी पीते हैं। सरपंच हिंदूसिंह तामलोर का कहना है कि पूर्व में ग्रामीण इलाकों में पानी के इंतजाम नहीं थे, तब सेना की मदद से तालाब खोदा था। अब तो जल जीवन मिशन के तहत हर घर नल मीठा पानी आ रहा है। विकास कार्यों की राज्यपाल भी सराहना कर चुके: तामलोर ऐसा गांव है, जो भारत-पाक बॉर्डर से सटा हुआ है। यहां गांव में हर घर तक मीठे पानी के कनेक्शन 2023 में ही हो गए थे। नर्मदा नहर का मीठा पानी नल से लोगों के घरों तक पहुंच रहा है। राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े भी निरीक्षण कर चुके है और विकास कार्यों की सराहना की थी। गांव में एक उप स्वास्थ्य केंद्र, सैकंडरी स्कूल, प्राइमरी स्कूल, पोस्ट ऑफिस, आंगनबाड़ी केंद्र, ग्राम सेवा सहकारी समिति है। इसके अलावा पिछले 5 सालों में करीब 250 पीएम आवास बने हैं। इसके अलावा सार्वजनिक सभा भवन, वाचनालय, सांस्कृतिक कला केंद्र, चार दीवारी व अन्य काम करवाए गए है। 20 लाख रुपए से सैकंडरी स्कूल में कम्प्यूटर कक्ष निर्माण करवाया गया है। इसके अलावा 5-5 करोड़ से रेलवे क्रॉसिंग पर अंडरपास बनाए गए। इससे लोगों का आवागमन आसान हुआ है। पंचायत का लेखा-जोखा जनसंख्या :3500 साक्षरता दर : 65 % मुख्यालय से दूरी : 100 किमी कनेक्टिविटी : गडरारोड-मुनाबाव हाइवे। पहचान : प्रसिद्ध तालाब
शिव क्षेत्र के निंबला पुलिया के पास हुआ हादसा:स्कॉर्पियो ने बाइक को मारी टक्कर, एक युवक की मौत
शिव उपखंड क्षेत्र में गुरुवार को एक सड़क हादसे में युवक की जान चली गई। निंबला पुलिया के पास एक अनियंत्रित स्कॉर्पियो ने आगे चल रही बाइक को टक्कर मार दी। बाइक सवार युवक ने अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ दिया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सुपुर्द कर दिया। जानकारी के अनुसार गुरुवार दोपहर एक स्कॉर्पियो गाड़ी शिव की ओर जा रही थी। उसी दिशा में बाइक पर सवार दलाराम (29) पुत्र भगाराम भी जा रहा था। जैसे ही दलाराम निंबला पुलिया के पास गोयलों की ढाणी जाने वाले रास्ते की तरफ बाइक मोड़ने लगा, तभी पीछे से तेज रफ्तार में आ रही अनियंत्रित स्कॉर्पियो ने उसे चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार दलाराम उछलकर सड़क पर दूर जा गिरा। वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल युवक को बाड़मेर जिला अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
रिटेल और होलसेल व्यापार में रोजगार के नए मौके देने, स्वरोजगार बढ़ाने के लिए राज्य सरकार ने राजस्थान व्यापार प्रोत्साहन नीति-2025 लागू की है। यह नीति 31 मार्च 2029 तक प्रभावी रहेगी। इसका उद्देश्य नए व्यापार की स्थापना के लिए कम लागत पर ऋण उपलब्ध कराना है। जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्र के महाप्रबंधक दुष्यंत पटेल ने बताया कि नीति के तहत वित्तीय संस्थाओं के जरिए व्यापार आधारित ऋण मिलेगा। राज्य सरकार ब्याज अनुदान देगी। सीजीटीएमएसई इंश्योरेंस प्रीमियम भुगतान में सहायता देगी। ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म फीस के भुगतान में भी मदद मिलेगी। नीति में व्यापार क्षेत्र के लिए अधिकतम ऋण सीमा 2 करोड़ रुपए तय की गई है। परियोजना के लिए कंपोजिट ऋण में कार्यशील पूंजी अधिकतम 80 प्रतिशत तक हो सकेगी। 5 वर्ष तक देय सीजीटीएमएसई गारंटी फीस का 50 प्रतिशत पुनर्भरण होगा। नीति का लाभ लेने के लिए एसएसओ आईडी से आवेदन किया जा सकेगा। आवेदन के समय जन आधार कार्ड, आधार कार्ड, पैन कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, परियोजना रिपोर्ट अपलोड करने होंगे। बीमा भुगतान का 50 फीसदी पुनर्भरण मिलेगा इंश्योरेंस के लिए भुगतान की गई राशि का 50 प्रतिशत पुनर्भरण मिलेगा। इसकी अधिकतम सीमा 1 लाख रुपए प्रतिवर्ष रहेगी। ई-कॉमर्स के जरिए 1 वर्ष तक लेनदेन के लिए देय प्लेटफॉर्म फीस का 75 प्रतिशत पुनर्भरण होगा। इसकी अधिकतम सीमा 50 हजार रुपए प्रतिवर्ष रहेगी। ऋण की समयावधि अधिकतम 7 वर्ष होगी। ब्याज अनुदान 5 वर्ष तक देय रहेगा। 1 करोड़ रुपए तक के ऋण पर 6 प्रतिशत ब्याज अनुदान मिलेगा। 1 करोड़ से 2 करोड़ रुपए तक के ऋण पर 4 प्रतिशत ब्याज अनुदान मिलेगा। महिला, एससी-एसटी, दिव्यांगजन व्यापारियों को 1 करोड़ रुपए से अधिक के ऋण पर अतिरिक्त 1 प्रतिशत ब्याज अनुदान देय होगा।
डीग–गोवर्धन अंतरराज्यीय सीमा पर स्थित ग्राम पंचायत बहज, जो ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा का प्रमुख पड़ाव स्थल माना जाता है, इन दिनों भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की खुदाई को लेकर चर्चा में है। गांव का प्राचीन नाम ब्रजनाभ (भगवान श्रीकृष्ण के पौत्र) के नाम पर ‘बज नगर’ बताया जाता है, जिसे करीब 4000 से 4500 वर्ष पुरानी सभ्यता से जोड़ा जा रहा है। 10 जनवरी 2024 से शुरू हुई खुदाई में अब तक 3500 से 4500 वर्ष पुरानी सभ्यता के कई महत्वपूर्ण अवशेष सामने आए हैं, जिससे क्षेत्र का ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व और अधिक बढ़ गया है। यह स्थल ब्रज क्षेत्र में स्थित होने के साथ-साथ पौराणिक सरस्वती नदी के प्राचीन सूखे मार्ग से भी जुड़ा माना जा रहा है। लोक कलाकारों ने दिलाई अंतरराष्ट्रीय पहचानबहज गांव के लोक कलाकारों विजय कटीला, विष्णु शर्मा, बबलू ब्रजवासी और अशोक शर्मा ने ब्रज फोक गीत, फूलों की होली, चरकुला नृत्य, मयूर नृत्य और महारास जैसे कार्यक्रमों का देश-विदेश में प्रदर्शन किया है। इन कलाकारों ने म्यांमार और दक्षिण कोरिया सहित विभिन्न देशों में प्रस्तुतियां देकर गांव को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई है। बहज में मिली संरचनाएं विकसित सभ्यता के संकेत विशेषज्ञों के अनुसार बहज में मिली संरचनाएं इस बात का संकेत देती हैं कि यहां एक सुव्यवस्थित और समृद्ध सभ्यता निवास करती थी। जल प्रबंधन, आवास निर्माण और धार्मिक परंपराओं के प्रमाण इस स्थल को एक महत्वपूर्ण पुरातात्विक केंद्र के रूप में स्थापित करते हैं। साहित्यकार मुन्ना लाल ने कहा कि पुरातत्व विभाग की इस खोज के बाद बहज गांव में पर्यटन और शोध की अपार संभावनाएं बढ़ गई हैं। यदि इस स्थल का सही संरक्षण और विकास किया जाए तो यह प्रदेश के प्रमुख ऐतिहासिक पर्यटन स्थलों में शामिल हो सकता है। 800 से अधिक पुरावशेष, यज्ञकुंड और प्राचीन संरचनाएं मिलीं खुदाई के दौरान अब तक 800 से अधिक पुरावशेष प्राप्त हुए हैं। इनमें मिट्टी के बर्तन, आभूषण, उपकरण, हड्डियों के औजार, ब्राह्मी लिपि की मोहरें, पंचमार्क सिक्के तथा धार्मिक गतिविधियों से जुड़े अवशेष शामिल हैं। इसके अलावा यज्ञकुंड, प्राचीन दीवारें और आवासीय संरचनाओं के प्रमाण भी मिले हैं, जो उस समय के विकसित सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन की झलक देते हैं। पंचायत का लेखा-जोखा जनसंख्या – लगभग 13,000 मुख्यालय से दूरी – 5 किमी साक्षरता – 90 प्रतिशत आजीविका – कृषि एवं पशुपालन आवागमन के साधन – रोडवेज बस, रेल एवं निजी वाहन
थाना क्षेत्र के गांव नगला भांड में गुरुवार दोपहर खेत की मेड़ पर खड़े बबूल के पेड़ को काटने को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए और देखते ही देखते विवाद ने खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। दोनों पक्षों के बीच जमकर लाठी-डंडे चले, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। जानकारी के अनुसार गांव के ही भागसिंह गुर्जर और भगवान सिंह गुर्जर के पक्षों के बीच खेत की मेंड़ पर लगे बबूल के पेड़ को काटने को लेकर कहासुनी शुरू हुई थी। विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों ओर से लोग एकत्र हो गए और एक-दूसरे पर लाठियों से हमला कर दिया। इस दौरान एक पक्ष के भगवान सिंह गुर्जर (65) और उनके भाई नारायण सिंह (61) गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजनों और ग्रामीणों की मदद से दोनों घायलों को तत्काल बयाना के सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस अस्पताल पहुंची और घायलों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और घायलों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार मामूली विवाद ने अचानक हिंसक रूप ले लिया, जिससे गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है। पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
कामां क्षेत्र में फर्जी पुलिस बनकर सक्रिय एक संगठित गैंग का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। गैंग के सदस्य खुद को पुलिसकर्मी बताकर लोगों में दहशत फैलाते थे और साइबर ठगी से जुड़े लोगों को निशाना बनाकर उनका अपहरण कर अवैध वसूली करते थे। पुलिस ने 5 किलोमीटर तक पीछा कर छह में से तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि तीन आरोपी हथियार लहराते हुए फरार हो गए। कार्रवाई के दौरान आरोपियों के पास से दो अवैध हथियार, कारतूस, पुलिस वर्दी, बत्ती-सायरन और पुलिस का लोगो लगी गाड़ी बरामद की गई है। सूचना मिलते ही जिला स्पेशल टीम (डीएसटी) सक्रिय हुई। विरार रोड से आरोपियों का पीछा किया गया और लेहसर इलाके में घेराबंदी की गई। इस दौरान बदमाशों ने पुलिस की गाड़ी को टक्कर मारने और फायरिंग की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने तीन आरोपियों को दबोच लिया। कार्रवाई में प्रभारी वीरेंद्र सिंह, प्रेमचंद शर्मा, शशि कपिल, चालक लक्ष्मण सिंह और मुस्तकीम की अहम भूमिका रही। डीएसटी की सतर्कता से खुला खेल, लंबे समय से सक्रिय गिरोह जिला स्पेशल टीम (डीएसटी) की सतर्कता से कामां क्षेत्र में सक्रिय फर्जी पुलिस गैंग का खुलासा हो सका। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी काफी समय से इलाके में फर्जी पुलिसकर्मी बनकर सक्रिय थे और सुनियोजित तरीके से वारदातों को अंजाम दे रहे थे। गैंग के सदस्य पहले साइबर ठगी से जुड़े लोगों को चिन्हित करते थे। पुलिस बताकर उनके गांवों में दबिश देते थे। आरोपी गिरफ्तारी का डर दिखाकर पीड़ितों को उठाकर ले जाते और फिर उनसे मोटी रकम वसूलते थे। अपहृत दो युवक सुरक्षित छुड़ाए: पुलिस ने झेझपुरी निवासी दो अपहृत व्यक्तियों को गैंग के चंगुल से सुरक्षित मुक्त कराया। दोनों को पुलिस सुरक्षा में लिया गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गैंग साइबर ठगी से जुड़े लोगों को टारगेट कर उनका अपहरण करता था और फिर उनसे मोटी रकम वसूलता था। पुलिस अब कॉल डिटेल रिकॉर्ड के आधार पर उस स्थानीय व्यक्ति की पहचान में जुटी है। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। पूरे गैंग की कड़ियां जोड़ने का प्रयास जारी है। भास्कर इनसाइट - साइबर ठगों को चिन्हित कर गांव में देते थे दबिश जांच में सामने आया है कि गैंग का नेटवर्क हरियाणा से जुड़ा हो सकता है, वहीं बरामद वर्दी ने मामले को और गंभीर बना दिया है। आरोपियों के पास से जो पुलिस वर्दी मिली है, उस पर “दिल्ली पुलिस” लिखा हुआ है और दिल्ली पुलिस का लोगो भी लगा हुआ है। इससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि गैंग सुनियोजित तरीके से अलग-अलग राज्यों की पुलिस की पहचान का दुरुपयोग कर रहा था। पुलिस को आशंका है कि यह गिरोह केवल स्थानीय स्तर पर ही नहीं, बल्कि इंटरस्टेट नेटवर्क के रूप में सक्रिय हो सकता है। आरोपी फर्जी पहचान के जरिए लोगों में भरोसा और डर दोनों पैदा करते थे, जिससे वे आसानी से अपने शिकार को फंसा लेते थे। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क, उसके संपर्कों और अन्य सदस्यों की पहचान में जुटी है। वर्दी और अन्य बरामद सामान के आधार पर यह भी जांच की जा रही है कि इन फर्जी पुलिसकर्मियों का कनेक्शन किन-किन राज्यों तक फैला हुआ है।
खाकी फिर दागदार:मंडी जा रहे दो भाइयों को कांस्टेबल ने बेरहमी से पीटा
शहर की कानून व्यवस्था संभालने वाली पुलिस का एक खौफनाक चेहरा सामने आया है। मथुरा गेट चौकी पर तैनात एक कांस्टेबल ने आधी रात को सब्जी लेने मंडी जा रहे दो सगे भाइयों की लाठियों से बेरहमी से पिटाई कर दी। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जिला पुलिस अधीक्षक ने कार्रवाई करते हुए आरोपी कांस्टेबल को लाइन हाजिर कर दिया है। जानकारी के अनुसार, घटना 14 अप्रैल की देर रात करीब 2 बजे की है। नोह गांव निवासी रिंकू ने बताया कि वह अपने बड़े भाई सुनील के साथ एमएसजे कॉलेज के पास सब्जी की रेहड़ी लगाता है। रोजाना की तरह दोनों भाई रात को कुम्हेर गेट स्थित फल-सब्जी मंडी में माल खरीदने जा रहे थे। इसी दौरान मथुरा गेट चौकी के पास तैनात कांस्टेबल अनोखे सिंह ने उन्हें रोक लिया। पीड़ित रिंकू के मुताबिक उन्होंने कांस्टेबल अनोखे सिंह को बताया कि मंडी जा रहे हैं। लेकिन कांस्टेबल इस बात पर भड़क गया कि वे इतनी रात को बाहर क्यों हैं। कांस्टेबल ने रिंकू पर लाठियां भांजना शुरू कर दिया। रिंकू को पिटता देख जब बड़े भाई सुनील ने बीच-बचाव करना चाहा और अपने मोबाइल से वीडियो बनाना शुरू किया, तो कांस्टेबल ने उसे भी नहीं बख्शा और गाली-गलौज करते हुए दोनों को बुरी तरह पीटा। गाली-गलौच कर धमकाया, फिर ताबड़तोड़ डंडे बरसाए, अंगुली से खून निकला एसपी ने की कार्रवाई, डिप्टी एसपी करेंगे जांच: मामला तूल पकड़ते ही और मारपीट का वीडियो वायरल होने के बाद एसपी दिगंत आनंद ने तुरंत एक्शन लिया है। एसपी दिगंत आनंद ने बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर कांस्टेबल अनोखे सिंह को लाइन हाजिर कर दिया गया है। साथ ही डिप्टी एसपी को जांच सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आरोपी पुलिसकर्मी के खिलाफ आगामी विभागीय कार्रवाई की जाएगी। भास्कर इनसाइट - कुछ साल पहले बीमार होमगार्ड को भी डंडो से पीट चुका है कांस्टेबल लाइन हाजिर किए गए इस कांस्टेबल का पिछला रिकॉर्ड भी सवालों के घेरे में है। जानकारी के अनुसार, कुछ साल पहले उद्योग नगर थाना क्षेत्र में तैनाती के दौरान भी वह इसी तरह की मारपीट की घटना में शामिल रह चुका है। बताया जा रहा है कि एकता विहार कॉलोनी में ड्यूटी पर तैनात एक होमगार्ड को आरोपी कांस्टेबल ने डंडे से बेरहमी से पीट दिया था। होमगार्ड का कसूर सिर्फ इतना था कि वह बीमार था और ड्यूटी के दौरान उसे झपकी आ गई थी। इसी बात पर नाराज होकर कांस्टेबल अनोखी सिंह मौके पर पहुंचा और बिना किसी चेतावनी के मारपीट शुरू कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कांस्टेबल ने गाड़ी से उतरते ही होमगार्ड पर डंडे बरसाने शुरू कर दिए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने इस घटना का विरोध भी किया, लेकिन उस समय मामले में कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई।
डमी अभ्यर्थी बनकर परीक्षा देने वाले निलंबित आरएएस हनुमानराम की जमानत याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी है। बुधवार को जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की बेंच में सुनवाई हुई। कोर्ट ने कहा कि इस स्तर पर राहत नहीं दी जा सकती। जमानत याचिका की सुनवाई में राज्य सरकार ने कहा कि ऐसा व्यक्ति प्रशासनिक सेवा में बना रहता तो राज्य व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा बन सकता था। सरकार ने दलील दी कि आरोपी का कृत्य लोक प्रशासन की नींव पर और प्रतियोगी परीक्षाओं की निष्पक्षता पर सीधा हमला है। इसलिए जमानत का लाभ नहीं मिलना चाहिए। कोर्ट ने सरकार के तर्कों से सहमति जताई। कोर्ट ने कहा कि आरोप गंभीर प्रकृति के हैं। 3 अलग-अलग व्यक्तियों के लिए डमी अभ्यर्थी बनकर परीक्षा देने का आरोप है। यह एकल घटना नहीं है। यह उसके निरंतर आचरण को दिखाता है। कोर्ट ने कहा कि इस स्तर पर राहत नहीं दी जा सकती है। सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल एसडी संजय और अतिरिक्त महाधिवक्ता शिवमंगल शर्मा ने कोर्ट को बताया कि हनुमानाराम ने एसआई भर्ती-2021 के विभिन्न चरणों में डमी कैंडिडेट के रूप में हिस्सा लिया था। इसके अलावा पटवारी भर्ती परीक्षा-2021 में भी डमी कैंडिडेट बनकर शामिल हुआ था। फतेहगढ़ एसडीएम रहते हुई थी गिरफ्तारी, एसआई भर्ती परीक्षा में डमी कैंडिडेट बना था बाड़मेर के बिसारणिया निवासी हनुमानाराम विरड़ा को एसओजी ने 9 अप्रैल 2025 को गिरफ्तार किया था। हनुमानराम पढ़ाई में काफी होशियार था। उसने आरएएस परीक्षा-2021 में 22वीं रैंक हासिल की थी। हनुमान की पहली नौकरी चितलवाना एसडीएम के तौर पर लगी थी। नौकरी में रहते उसने डमी कैंडिडेट बनकर परीक्षाएं दी थीं। चितलवाना एसडीएम रहते हनुमान ने जालोर के वाडानया, बागोड़ा निवासी नरपत लाल की जगह एसआई भर्ती-2021 की परीक्षा दी थी। 6 अप्रैल 2025 को एसओजी ने नरपतलाल को गोवा से गिरफ्तार किया था। इसी दिन नरपत की पत्नी इंद्रा को भी जोधपुर से गिरफ्तार किया था। दोनों से पूछताछ में सामने आया कि हनुमान राम ने नरपत की जगह परीक्षा दी थी। इस पर एसओजी ने 9 अप्रैल 2025 को हनुमान राम को गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान हनुमान जैसलमेर के फतेहगढ़ में एसडीएम लगा हुआ था। गिरफ्तारी के बाद 23 अप्रैल को उसे सस्पेंड कर दिया था।
अरनिया खुर्द स्कूल: 10वीं रिजल्ट 78%, 12वीं का 84 फीसदी रहा
तिलावद| शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अरनिया खुर्द का माध्यमिक शिक्षा मंडल बोर्ड में कक्षा 10वीं का रिजल्ट 78% रहा। कक्षा 12वीं का रिजल्ट 84% रहा। कक्षा 12वीं में 24 छात्र प्रथम श्रेणी में पास हुए। 10 छात्र द्वितीय श्रेणी में पास हुए। कक्षा 10वीं में 15 छात्र प्रथम श्रेणी में पास हुए। 13 छात्र द्वितीय श्रेणी में पास हुए। कक्षा 12वीं में 6 छात्रों ने 75% से ज्यादा अंक हासिल किए। ये लैपटॉप योजना के लिए पात्र हुए। कक्षा 12वीं में अंजली मेवाड़ा ने 92% अंक लेकर स्कूल में पहला स्थान पाया। कक्षा 10वीं में चेतना परमार ने 91% अंक लेकर पहला स्थान पाया। कक्षा 12वीं में अंजली मेवाड़ा ने 92% अंक लिए। अनुराग परमार ने 82% अंक लिए। दोनों ने स्कूटी योजना के लिए पात्रता हासिल की। स्कूल परिवार ने छात्रों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
वार्ड-21 में 13.50 लाख के पार्क का बोर्ड टॉपर श्लोक से कराया भूमिपूजन
भास्कर संवाददाता | सीहोर वार्ड क्रमांक 21 की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में 13 लाख 50 हजार रुपए की लागत से सुसज्जित और आकर्षक पार्क बनेगा। नागरिकों की सुविधा को देखते हुए काम कराया जा रहा है। इलाके के सौंदर्यीकरण पर भी फोकस रहेगा। पार्क निर्माण का भूमिपूजन नगर पालिका अध्यक्ष प्रिंस राठौर ने पूजा-अर्चना के साथ कराया। 12वीं के टॉपर श्लोक प्रजापति से भूमिपूजन कराया गया। कार्यक्रम में क्षेत्रवासी शामिल रहे। प्रिंस राठौर ने कहा कि शहर के हर वार्ड में मूलभूत सुविधाओं का विस्तार प्राथमिकता है। पार्क से इलाके की सुंदरता बढ़ेगी। लोगों को स्वच्छ और हरित वातावरण मिलेगा। बच्चों के खेलने के लिए सुरक्षित जगह बनेगी। बुजुर्गों के बैठने और टहलने की व्यवस्था होगी। युवाओं के लिए भी स्वस्थ माहौल तैयार होगा। पार्क में हरियाली विकसित की जाएगी। आकर्षक लाइटिंग लगेगी। बैठने के लिए बेंच लगेंगी। बच्चों के लिए खेल उपकरण लगाए जाएंगे। पाथवे बनेगा। मॉर्निंग वॉक और व्यायाम के लिए उपयुक्त वातावरण तैयार किया जाएगा। प्रिंस राठौर ने कहा कि विकास कार्यों में कमी नहीं आने दी जाएगी। काम गुणवत्ता के साथ समय पर पूरे किए जाएंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण में गुणवत्ता का खास ध्यान रखा जाए। लोगों को लंबे समय तक लाभ मिल सके। कार्यक्रम में उपाध्यक्ष विपिन शास्ता, वार्ड 21 के पार्षद प्रतिनिधि कमलेश कुशवाहा, राजेश माझी, दिनेश कुशवाहा, नरेंद्र राजपूत, स्थानीय गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी मौजूद रहे।
सीहोर से 5 हजार शिक्षक 18 अप्रैल को भोपाल शक्ति प्रदर्शन में जाएंगे
सीहोर| अध्यापक संयुक्त मोर्चा, जिला सीहोर के नेतृत्व में शिक्षकों के हक और अधिकारों की लड़ाई निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। 18 अप्रैल को भोपाल के जंबूरी मैदान में प्रदेश स्तरीय शक्ति प्रदर्शन होना है। मोर्चा के मुताबिक सीहोर जिले से करीब 5 हजार शिक्षक कार्यक्रम में शामिल होंगे। सीहोर, आष्टा, इछावर, भैरूंदा, बुधनी विकासखंड में संपर्क अभियान चल रहा है। शिक्षकों को भोपाल पहुंचने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। जिले में पीले चावल आमंत्रण अभियान भी चल रहा है। शिक्षक एक-दूसरे को पीले चावल देकर कार्यक्रम में आने का निमंत्रण दे रहे हैं। मोर्चा पदाधिकारियों ने कहा कि जंबूरी मैदान का कार्यक्रम शिक्षकों की एकजुटता का बड़ा उदाहरण बनेगा। मोर्चा के प्रदीप नागिया ने बताया कि पदाधिकारी अलग-अलग स्थानों पर बैठकें कर रहे हैं। मोर्चा ने टीईटी 2026 को लेकर असंतोष जताया। बताया कि 1998 से 2003 के बीच नियुक्त शिक्षक विभागीय नियमों के तहत भर्ती हुए थे। 2005 और 2008 में पात्रता परीक्षाओं के जरिए चयन हुआ।
पीएम शासकीय कन्या हाई स्कूल का रिजल्ट 94%, रोशनी टॉपर
अहमदपुर| माध्यमिक शिक्षा मंडल ने 15 अप्रैल को हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी परीक्षा का परिणाम घोषित किया। इसमें पीएम शासकीय कन्या हाई स्कूल अहमदपुर का प्रदर्शन बेहतर रहा। स्कूल का हाईस्कूल परीक्षा परिणाम 94 प्रतिशत रहा। यह पिछले साल से बेहतर रहा। स्कूल में दर्ज 57 छात्राओं में से 36 छात्राएं प्रथम श्रेणी में पास हुईं। स्कूल की रोशनी कुशवाह ने 93 प्रतिशत अंक लेकर पहला स्थान पाया। किरण गुर्जर 91 प्रतिशत के साथ दूसरे स्थान पर रहीं। फरीन ने 90 प्रतिशत अंक लेकर तीसरा स्थान हासिल किया। गुरुवार को स्कूल परिसर में मेधावी छात्राओं का सम्मान समारोह हुआ। प्राचार्य और स्टाफ ने पहले, दूसरे, तीसरे स्थान पर रहने वाली छात्राओं को ट्रॉफी और स्कूल बैग देकर सम्मानित किया। शिक्षकों ने छात्राओं को आगे भी मेहनत जारी रखने के लिए प्रेरित किया। स्कूल में खुशी का माहौल रहा। छात्राओं और शिक्षकों को बधाई दी गई।
1500 क्विंटल से बढ़ाकर 3000 क्विंटल हर दिन करने की मांग की
भास्कर संवाददाता | भैरूंदा किसानों की समस्याओं को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ब्लॉक अध्यक्ष चंद्र सिंह मीणा के नेतृत्व में अनुविभागीय अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में गेहूं और चना खरीदी, ऋण वसूली, खाद की उपलब्धता जैसी मांगें तत्काल पूरी करने को कहा गया। ज्ञापन में गेहूं तुलाई की सीमा 1500 क्विंटल से बढ़ाकर 3000 क्विंटल प्रतिदिन करने की मांग रखी गई। गेहूं तुलाई प्लेट कांटे से कराने को कहा गया। चना खरीदी के लिए नए केंद्र खोलने की मांग उठाई गई। इटावा, इटरासी, लाड़कुई, सेमलपानी, गोपालपुर, पिपलानी में चना खरीदी केंद्र शुरू करने को कहा गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गेहूं खरीदी की अंतिम तिथि 5 मई से बढ़ाकर 30 मई तक करने की मांग रखी। सोसायटी ऋण वसूली की अंतिम तिथि भी 30 मई तक बढ़ाने को कहा गया। किसानों के डिफाल्टर होने की आशंका जताई गई। सेटेलाइट सत्यापन से कई किसानों के पंजीयन निरस्त होने पर नाराजगी जताई गई। कंप्यूटर पंजीयन को ही मान्य करने की मांग की गई। स्लॉट बुकिंग की प्रक्रिया आसान करने को कहा गया। ज्ञापन में सहकारी समितियों में पर्याप्त खाद उपलब्ध कराने की मांग रखी गई। पराली जलाने वाले किसानों पर दर्ज मुकदमे तत्काल वापस लेने को कहा गया। मूंग खरीदी की तिथि और योजना की जल्द घोषणा की मांग भी रखी गई। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मांगें जल्द पूरी नहीं हुईं तो पार्टी उग्र आंदोलन करेगी। ज्ञापन के दौरान भैरूंदा, लाड़कुई, गोपालपुर क्षेत्र के बड़ी संख्या में किसान और कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
140 आशा बोलीं- 10 हजार का भुगतान रोका
भास्कर संवाददाता | बुधनी बुधनी विकासखंड की करीब 140 आशा कार्यकर्ताओं ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों पर तय राशि हड़पने का आरोप लगाया है। गुरुवार को बड़ी संख्या में कार्यकर्ता तहसील कार्यालय पहुंचीं। एसडीएम और अपर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की। कार्यकर्ताओं ने कहा कि हर साल स्टेशनरी, फोटोकॉपी, बैठकों में आने-जाने के खर्च के लिए शासन से 10 हजार रुपए देने का प्रावधान है। आरोप है कि इस साल उनसे बिल जमा करवा लिए गए। भुगतान अब तक नहीं हुआ। टालमटोल की जा रही है। कार्यकर्ताओं के मुताबिक करीब तीन महीने पहले बीएमओ के निर्देश पर अकाउंटेंट प्रशांत सिंह ने यह कहकर बिल जमा कराए थे कि राशि जल्द बैंक खातों में डाल दी जाएगी। सभी 140 कार्यकर्ताओं ने अपने-अपने बिल जमा किए। पैसा नहीं आया। कार्यकर्ताओं ने बताया कि पड़ोसी आष्टा विकासखंड में जानकारी ली। वहां सभी आशा कार्यकर्ताओं के खातों में 10-10 हजार रुपए जमा होने की बात सामने आई। इसके बाद बुधनी की कार्यकर्ताओं में आक्रोश है। यहां भी गड़बड़ी की आशंका जताई। कई सेंटरों में कुर्सी नहीं दिखती कार्यकर्ताओं ने कहा कि वे हर मौसम में काम करती हैं। कोरोना जैसी महामारी में भी ड्यूटी की। अब स्थानीय स्तर पर उनके साथ अन्याय हो रहा है। इसे मेहनत की कमाई पर डाका बताया। सीबीएमओ डी. भदौरिया ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में दी गई राशि से खरीदे गए सामान की स्थिति संदिग्ध है। कई सेंटरों में कुर्सी नहीं दिखती। टेबल भी नहीं दिखती। इसी कारण इस बार सीधे सामान उपलब्ध कराया गया है, ताकि उपयोग सुनिश्चित हो सके। शिकायत संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाई जाएगी ^ कार्यकर्ताओं की शिकायत संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाई जाएगी। मामले को समझने के लिए सीबीएमओ से चर्चा की गई है। डी.एस. तोमर, एसडीएम, बुधनी
लाखों की चोरी का 24 घंटे में खुलासा, तीन आरोपी गिरफ्तार
भैरूंदा|भैरूंदा तहसील पुलिस ने लाड़कुई कस्बे में घर में घुसकर हुई चोरी का 24 घंटे में खुलासा किया। तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। चोरी गया माल भी बरामद कर लिया। पुलिस ने आदतन आरोपी राहुल के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की। पुलिस के मुताबिक 15 अप्रैल को फरियादी श्याम सिंह ठाकुर निवासी लाड़कुई ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि 12-13 अप्रैल की दरमियानी रात अज्ञात चोर उनके घर की टीन शेड हटाकर अंदर घुसे। घर से दो गैस सिलेंडर चोरी किए। ढाई से तीन किलो वजन की पीतल की बटलोई चोरी की। 35 से 40 किलो वजनी पुश्तैनी पीतल का बड़ा हंडा भी ले गए। चोरी गए सामान की कीमत करीब 1 लाख 7 हजार रुपए बताई गई थी। मामले की गंभीरता देखते हुए थाना प्रभारी निरीक्षक घनश्याम दांगी के नेतृत्व में लाड़कुई चौकी की टीम बनाई गई। टीम ने गांव में पूछताछ की। तकनीकी साक्ष्य जुटाए। मुखबिर तंत्र से मदद ली। सूचना पर पुलिस ने कपिल कुमार गोयल, राहुल बनवारी, शिवराज वर्मा को हिरासत में लिया। पूछताछ में तीनों ने चोरी करना स्वीकार किया। इसके बाद आरोपियों के घरों से चोरी गया सामान बरामद कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों में शिवराज वर्मा 27, राहुल बनवारी 27, कपिल कुमार गोयल 38 शामिल हैं। पुलिस ने बताया राहुल के खिलाफ पहले से चोरी के मामले दर्ज हैं।
युवक के सिर पर बोतल फोड़ी, पत्थर से कुचलने की कोशिश
भास्कर संवाददाता| भैरूंदा नगर में शराब दुकान के पास गुरुवार को शराब पीने के बाद हुआ विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। चार युवकों के बीच शुरू हुआ झगड़ा इतना बढ़ गया कि एक युवक के सिर पर बीयर की बोतल फोड़ दी गई, जबकि दूसरे युवक पर पत्थर से हमला कर उसका सिर कुचलने की कोशिश की गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार शराब दुकान के पास पहले कहासुनी हुई, जो कुछ ही देर में मारपीट में बदल गई। देखते ही देखते एक युवक ने बीयर की बोतल उठाकर दूसरे के माथे पर दे मारी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़ा। इसके बाद दूसरे युवक पर पत्थर से जानलेवा हमला किया गया। लोग जान बचाकर इधर-उधर भागने लगे। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी घनश्याम दांगी पुलिस बल के साथ करीब पांच मिनट में मौके पर पहुंचे। पुलिस ने तत्काल घायलों को उठाकर अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद दोनों गंभीर घायलों को सीहोर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। सीसीटीवी कैमरों जांच रही पुलिस : घटना के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी है। चौराहे पर लगे सीसीटीवी कैमरों और शराब दुकान के कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है, ताकि झगड़े की शुरुआत, आरोपियों की पहचान और पूरी वारदात का क्रम स्पष्ट हो सके। थाना प्रभारी घनश्याम दांगी ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। पलासी के रहने वाले थे पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मौके से एक आरोपी को हिरासत में लेकर थाना बंदीगृह में रखा है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार घटना में शामिल तीन व्यक्तियों में से दो पलासी क्षेत्र के बताए जा रहे हैं, जबकि एक युवक धौलपुर का निवासी बताया गया है। वहीं एक अन्य युवक की तलाश लगातार जारी है। फिलहाल उनकी पहचान नहीं हो सकी है।
तीन वाहनों का चालन बनाकर वसूला जुर्माना
भास्कर संवाददाता | बड़वानी यातायात पुलिस ने ओवरलोड वाहनों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। गुरुवार सुबह कार्रवाई करते हुए तीन ओवरलोड वाहनों को पकड़ा गया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि पिकअप वाहन निर्धारित क्षमता से अधिक मजदूरों को बैठाकर परिवहन कर रहे थे। जो न केवल यातायात नियमों का उल्लंघन है बल्कि यात्रियों की सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा बना हुआ था। यातायात पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए तीनों वाहनों को रोका और उनमें बैठे मजदूरों को सुरक्षित रूप से उनके गंतव्य तक पहुंचाया। इसके बाद वाहन चालकों को वाहन सहित थाने लाया गया और उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की गई। प्रकरण न्यायालय में प्रस्तुत किए जाने पर प्रत्येक वाहन पर 14-14 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया। इस तरह कुल 42 हजार रुपए का जुर्माना वसूला गया। यातायात पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वाहन चलाते समय नियमों का पालन करें और ओवरलोडिंग से बचें।
एक सप्ताह में एक मीटर तक बढ़ा गर्मी में नर्मदा का जलस्तर
भास्कर संवाददाता | बड़वानी हर साल गर्मी शुरू होने के साथ ही नर्मदा के बैकवाटर में कमी दर्ज की जाती है लेकिन इस बार नर्मदा के जलस्तर में वृद्धि हो रही है। एक सप्ताह में करीब एक मीटर तक नर्मदा के जलस्तर में वृद्धि हुई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार इसका कारण ऊपरी बांधों से टरबाइन चलाकर पानी छोड़ना बताया जा रहा है। बैकवाटर कम होने से बढ़ने की यह दो तस्वीर इसी स्थिति को स्पष्ट कर रही है। करीब एक सप्ताह पहले राजघाट में बना दत्त मंदिर खुलने की कगार पर था लेकिन वर्तमान में अब यह मंदिर करीब आधा डूबा हुआ है। घाट समिति के सदस्यों से प्राप्त जानकारी के अनुसार यहां एक सप्ताह पहले नर्मदा का जलस्तर 129 मीटर के आसपास था, जो वर्तमान में बढ़कर 130.12 मीटर तक पहुंच गया है। इस बार गर्मी में राजघाट का तट बहुत कम समय के लिए खुलेगा। इस दौरान श्रद्धालुओं को राजघाट रोड किनारे बैकवाटर पर ही स्नान करना होगा।
मई में इंदौर नाका टंकी से सप्लाई, 12 साल बाद बुझेगी प्यास
भास्कर संवाददाता | सीहोर इंदौर नाका पर 12 साल पहले जिस पानी की टंकी का भूमिपूजन हुआ था, वह 3 साल पहले बनकर तैयार हो गई थी। अब जाकर टंकी तक पाइप लाइन डालने का काम पूरा हुआ है। रोड कटिंग कर टंकी को मेन पाइप लाइन से जोड़ दिया गया है। अब कॉलोनियों में कनेक्शन जोड़े जाएंगे। इसमें 15 दिन लगेंगे। मई के शुरुआती सप्ताह से टंकी से पानी की सप्लाई शुरू होगी। इससे करीब 15 हजार लोगों को पानी मिल सकेगा। दूसरी तरफ कई जगह लीकेज से पानी की बर्बादी हो रही है। इसे रोकना कठिन हो रहा है। तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इंदौर नाका पर पानी की टंकी बनाने की घोषणा की थी। काम शुरू हुआ। रफ्तार धीमी रही। नगर पालिका के सहायक यंत्री विजय कोली के मुताबिक यह काम तीन दिन पहले शुरू हुआ था। अब पूरा हो गया है। अब संबंधित क्षेत्रों में सप्लाई लाइन जोड़ने का काम चल रहा है। 19073 नल कनेक्शन हैं शहर में शहर में हैं 19073 नल कनेक्शन टंकी की क्षमता 9 लाख लीटर, शेड्यूल होगा तय इस टंकी से 4 वार्ड 1, 2, 3 और 29 में तय शेड्यूल से पानी मिलेगा। इंदौर नाका की भगवती कॉलोनी, दशहरा वाला बाग में करीब 200 कनेक्शन दिए जा चुके हैं। गुलाब विहार, पारस विहार, दांगी स्टेट, कोलीपुरा सहित अन्य क्षेत्रों में भी इसी टंकी से पानी सप्लाई होगी। टंकी की क्षमता 9 लाख लीटर है। तीन साल से टंकी इसलिए शुरू नहीं हो सकी क्योंकि पेयजल स्रोतों में पानी की कमी बनी रही। काहिरी बंधान के अलावा भगवानपुरा और जमोनिया तालाबों में भी कम पानी है। गर्मी में पानी खत्म होने लगता है।
दो हादसे: ट्रक की टक्कर से ट्रॉली पलटी, पचामा मार्ग पर कार भिड़ी
भास्कर संवाददाता| सीहोर जिला मुख्यालय के पास बुधवार देर रात और गुरुवार सुबह दो अलग-अलग सड़क हादसे हुए। पहले हादसे में तेज रफ्तार ट्रक की टक्कर से गेहूं से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली पलट गई। दूसरे हादसे में खराब सड़क के कारण फोर्स और स्विफ्ट कार आमने-सामने टकरा गईं। पुलिस के अनुसार हाईवे पर झागरिया जोड़ के पास बुधवार रात करीब 11:30 बजे तेज रफ्तार ट्रक ने पीछे से ट्रैक्टर-ट्रॉली को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद ट्रैक्टर-ट्रॉली सड़क पर पलट गई। उसमें सवार दो ग्रामीण नीचे दब गए। ग्राम मोगराराम के किसान मंडी में गेहूं बेचने जा रहे थे। हादसे में चालक 30 वर्षीय अर्जुन पिता सजन सिंह और 25 वर्षीय धीरज पिता सुंदरलाल गंभीर रूप से घायल हो गए। मौके पर मौजूद लोगों ने दोनों को बाहर निकाला। अस्पताल पहुंचाया। इलाज जारी है। ट्रॉली का गेहूं सड़क पर फैल गया। कुछ देर हाईवे पर जाम लगा। सूचना पर कोतवाली पुलिस और एफआरवी पहुंची। यातायात बहाल कराया। ट्रक जब्त किया। आरोपी चालक मौके से फरार हो गया। तलाश जारी है। सड़क का एक हिस्सा अधूरा, एक साइड नीची गुरुवार सुबह पचामा मार्ग पर राजपूत ढाबे के पास फोर्स वाहन और स्विफ्ट कार की आमने-सामने टक्कर हो गई। टक्कर से स्विफ्ट का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सड़क निर्माण में लापरवाही हादसे की वजह बनी। सड़क का एक हिस्सा अधूरा है। एक साइड नीची है। कच्ची है। गिट्टी फैली है। इससे बचने के लिए दोनों तरफ के वाहन एक ही पक्की लेन में आ जाते हैं। टक्कर की स्थिति बनती है।
गांव की बेटी और प्रतिभा किरण योजना के लिए फिर खुला पोर्टल
सीहोर | गांव की बेटी योजना और प्रतिभा किरण योजना का लाभ शैक्षणिक सत्र 2025-26 में किसी वजह से नहीं ले पाईं छात्राएं अब दोबारा आवेदन कर सकेंगी। उच्च शिक्षा विभाग ने स्कॉलरशिप पोर्टल 2.0 फिर से खोल दिया है। विभाग ने इसके लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। फैसला इंदर सिंह परमार के निर्देश के बाद लिया गया। विभाग के मुताबिक 2025-26 में दोनों योजनाओं के लाभ से वंचित रहीं छात्राएं छात्रवृत्ति के लिए फिर आवेदन कर सकती हैं। आवेदन स्कॉलरशिप पोर्टल 2.0 पर ही करना होगा। यह सुविधा नए आवेदन के लिए भी रहेगी। नवीनीकरण के लिए भी यही पोर्टल इस्तेमाल होगा। आवेदन जमा करने की आखिरी तारीख 15 मई तय की गई है। उच्च शिक्षा विभाग का कहना है कि इन योजनाओं का मकसद बेटियों को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहन देना है। गांव की बेटी योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्र की छात्राओं को सहायता राशि मिलती है। प्रतिभा किरण योजना के तहत शहरी क्षेत्र की छात्राओं को सहायता राशि दी
भगवान परशुराम को याद करते हुए रक्तवीरों ने 23 यूनिट किया ब्लड डोनेट
बैतूल| भगवान परशुराम जन्मोत्सव के समाजसेवा और जीवन रक्षा से जुड़े कार्यक्रम शुरू हो चुके हैं। श्री परशुराम महाराज को याद करते हुए उनका जयघोष करके रक्तवीरों ने गुरुवार सुबह जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में रक्तदान शिविर का आयोजन किया। इस दौरान ब्राह्मण समाज के युवाओं ने बढ़-चढ़कर इस शिविर मे भाग लिया। गर्मी ज्यादा होने के बावजूद भी 23 रक्तवीरों ने इस दौरान रक्तदान किया। 23 यूनिट ब्लड इस दौरान रक्तदाताओं ने दिया और रक्तदान के साथ जीवन के लिए संघर्ष कर रहे लोगों के जीवनदान में हमेशा मदद करने का संकल्प लिया। रक्तदान शुरू होने के पहले 150 यूनिट रक्त ही ब्लड बैंक में था। 21 यूनिट रक्तदान दोपहर तक हो गया था। बाद में दो अन्य रक्तदाता रक्तदान करने आए इस तरह 23 यूनिट रक्त इस दौरान एक ही दिन में ब्लड बैंक में आया। शाम तक ब्लड बैंक का स्टॉक 173 यूनिट हो गया। इससे जरूरतमंद मरीजों की जीवनरक्षा में मदद मिलेगी।
नप परिसर में अंदर से बंद कमरे में मिला कुत्ते का शव
भास्कर संवाददाता | बड़वानी अंजड़ नगर परिषद परिसर में गुरुवार दोपहर बंद कमरे में मिले कुत्ते के शव ने प्रशासन सहित पूरी परिषद को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है। परिषद में बने नए भवन में असहनीय बदबू आने के बाद बंद कमरे में कुत्ते का शव मिला है। जब लोग यहां से निकल रहे थे, तो असहनीय बदबू से ध्यान गया। शुरुआत में किसी अनहोनी की आशंका में तत्काल लोगों ने परिषद कर्मियों को इसकी सूचना दी। मुंह पर कपड़ा बांधकर कर्मचारी अंदर दाखिल हुए। यहां एक कमरा अंदर से बंद मिला, तो रोशनदान से देखने पर अंदर कुत्ते का शव दिखा। जब दरवाजा नहीं खुला तो कर्मचारियों ने हथौड़े से इसे तोड़ा। शव को कचरा वाहन में रखकर ट्रेंचिंग ग्राउंड पहुंचाया। घटना की पुष्टि करते हुए नप अध्यक्ष मांगीलाल मुकाती ने बताया यह भवन अभी हैंडओवर नहीं हुआ है, इसलिए यहां आवाजाही कम रहती है। संभवतः कुत्ता खुले कमरे में घुसा होगा और बाहर निकलने की जद्दोजहद में दरवाजा बंद होकर कुंडी लग गई होगी। कुत्ता कितने दिनों से अंदर था, इसकी जानकारी नहीं है लेकिन असहनीय बदबू फैली, तब मामले का खुलासा हुआ। नपा के सफाई कर्मी ने बताया बदबू से काम करना मुश्किल था। शव को ट्रेंचिंग ग्राउंड में पहुंचाया है। सूत्रों के अनुसार नवनिर्मित भवनों के दरवाजे अक्सर ढीले होते हैं। हवा के झोंके या कुत्ते द्वारा पैर मारने से दरवाजा बंद होने पर अंदर की कुंडी अक्सर गिर जाती है। पशु चिकित्सक और अंजड़ के प्रभारी डॉ. दिनेश पटेल ने बताया कि अमूमन मौत कितने घंटों पहले हुई, इसका अंदाजा शव की अकड़न से लगाते हैं। बदबू से अंदाजा लगाया जा सकता है कि मौत 4 से 5 दिन पहले हुई होगी।
बौद्ध युवक- युवती परिचय सम्मेलन 26 को, 170 युवक- युवतियों के हुए पंजीयन
भास्कर संवाददाता | बैतूल बौद्ध युवक- युवती परिचय सम्मेलन का आयोजन 26 अप्रैल को होगा। इस आयोजन को लेकर पंचशील बौद्ध विहार सदर में समिति की बैठक हुई। बैठक में प्रज्ञा बौद्ध विहार के अध्यक्ष रामदास पाटिल और सदस्यों ने बौद्ध युवक- युवती परिचय सम्मेलन को लेकर बैठक की रूपरेखा और तैयारियां को लेकर चर्चा की। आयोजन समिति ने आयोजन स्थल प्रज्ञा बौद्ध विहार भारत- भारती जामठी पर टेंट, पानी, मंच, भोजन, बैठक व्यवस्था को लेकर विस्तृत चर्चा की। युवक-युवती परिचय सम्मेलन के लिए अब तक 170 युवक-युवतियों के पंजीयन हो चुके हैं।
जायज मांगों को लेकर मजदूरों के समर्थन में सीटू ने किया प्रदर्शन
पाथाखेड़ा| लाल झंडा कोल माइन मजदूर यूनियन (सीटू) ने नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गुरुग्राम सहित पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में मजदूरों की जायज मांगों के लिए किए जा रहे आन्दोलन पर लगातार हो रहे हमले, बर्बर दमन एवं पुलिसिया कार्रवाई की कड़े शब्दो में निंदा की है। इसके खिलाफ संगठन के राष्ट्रीय आह्वान पर प्रदर्शन कर श्रमिकों के समर्थन में एकजुटता व्यक्त करते हुए नारेबाजी करते हुए श्रमिकों पर सभी प्रकार के दमन व हमलों पर सरकार से तत्काल हस्तक्षेप कर रोक लगाने की मांग उठाई। इस मौके पर उपस्थित लाल झंडा कोल माइन मजदूर यूनियन सीटू के क्षेत्रीय अध्यक्ष जे विवेगानंदन ने कहा वर्तमान सरकार पूंजीपतियों के लाभ के लिए श्रमिकों पर लगातार दमन रही है, श्रमिक अपने जीवन यापन के लिए संगठित होकर काफी समय से 26 हजार न्यूनतम वेतन की मांग कर रहे हैं। सरकारी व निजी क्षेत्र में काम कर रहे ठेका श्रमिकों का भारी शोषण हो रहा है। इस आंदोलन में ओमकार नागवंशी, पवन जगदेव, दीपक राय, कन्हैया टेकाम इंद्रपाल भारती एवं अन्य श्रमिक उपस्थित रहे।
अमानक पॉलीथिन पर कार्रवाई: 11 दुकानों से 11 हजार रुपए जुर्माना, 22 किलो जब्त
भास्कर संवाददाता | बैतूल गंज व्यवसायिक क्षेत्र में अमानक पॉलीथिन और प्लास्टिक की जांच के लिए नपा ने दुकानों पर अभियान चलाया। जांच में 11 दुकानों पर बड़ी मात्रा में अमानक पॉलीथिन और प्लास्टिक का सामान मिला। नपा के स्वच्छता निरीक्षक संतोष धनेलिया ने बताया कि गंज की लगभग सभी प्लास्टिक सामान रखने वाली दुकानों की जांच की गई। कार्रवाई में 11 दुकानों से 22 किलो पॉलीथिन जब्त किया गया। नपा ने सभी दुकानदारों पर 1-1 हजार रुपए का जुर्माना लगाया। कुल 11 हजार रुपए का जुर्माना बना। जुर्माने की राशि प्लास्टिक जब्त करने के साथ ही तुरंत जमा करवाई गई। जब्त 22 किलो अमानक पॉलीथिन को नपा के ट्रेंचिंग ग्राउंड पहुंचाया गया। यहां मशीनों से इसे छोटे-छोटे टुकड़ों में बांटा जाएगा। कटर से कटवाया जाएगा। इससे इसे अन्य किसी काम में लिया जा सके।
पहली रोटी गाय की... सेवा प्रकल्प प्रारंभ, हर घर से गोमाता तक पहुंचेगी
बैतूल | गो सेवा को घर- घर तक पहुंचाने के लिए गोशाला समिति ने पहली रोटी गाय की.. सेवा प्रकल्प शुरू किया है। इस पहल से शहर के वार्डों से गो माता के लिए गो ग्रास एकत्र किया जा रहा है। इसके लिए एक विशेष वाहन शुरू किया है, जो प्रतिदिन तय समय पर वार्ड में पहुंचकर श्रद्धालुओं के घरों से गाय के लिए पहली रोटी, सूखी सब्जी और गो ग्रास एकत्रित करेगा। समिति के अध्यक्ष राजेश मेहता ने कहा कि सनातन संस्कृति में भोजन से पहले गाय का हिस्सा निकालने की परंपरा रही है। इसके तहत त्रिवेणी गोशाला पहुंचाकर पहली रोटी गोमाता को अर्पित की जाएगी। समिति के वरिष्ठ संचालक दीपक कपूर ने कहा कि “यह केवल गो ग्रास नहीं, श्रद्धा का संग्रह है। हमारा लक्ष्य हर घर को गोसेवा से जोड़ना है। समाजसेवी राजेश मदान ने कहा कि इससे नई पीढ़ी भी गोसेवा के संस्कार से जुड़ेगी। शहरवासियों से अपील की गई है कि वे प्रतिदिन पहली रोटी गाय के लिए अवश्य निकालें।
ग्राम पंचायत नीमपानी में बनने वाले मिट्टी के बर्तनों की देश भर में है डिमांड, मावा भी खूब है मशहूर
भास्कर संवाददाता | बैतूल फोरलेन किनारे बसी है ग्राम पंचायत नीमपानी। इस पंचायत में बनने वाले मिट्टी के बर्तन की देश भर में डिमांड है। यहां के कलाकारों द्वारा बनाए जाने वाले मिट्टी के बर्तन की शानदार कलाकृति पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती है। फोरलेन बनने से पहले गांव के मकान, सरकारी संस्थाएं प्रभावित हुईं। फोरलेन निर्माण के बाद गांव धीरे- धीरे विकसित हो रहा है। ग्राम पंचायत नीमपानी में नीमपानी और आमागोहान गांव हैं। इन गांवों में मूलत: किसान, मजदूर, व्यापारी वर्ग निवास करते हैं। ग्राम पंचायत में प्रजापति समाज के 15 से 20 परिवार के लोग मिट्टी के बर्तन बनाने का पारंपरिक व्यवसाय करते हैं। इससे ही गांव की पहचान है। ये मिट्टी के घड़े, गमले, बर्तन सहित अन्य सामान बनाकर दूसरे जिले में भेजते हैं। गर्मी में इनकी डिमांड अधिक हो जाती है। फोरलेन के समीप होने से ग्राम पंचायत के लोगों का परिवहन आसान हो गया है। इसके कारण यहां बनी चीजें बाहर भेजी जाती है। सहायक सचिव कंचन नागले ने बताया कि फोरलेन में गांव के मकान, सरकारी संस्थाएं भी जद में आई थी। इस पंचायत का मावा भी मशहूर है। यहां का मावा इटारसी, नर्मदापुरम और दूसरे जिले में जाता है। इस गांव में कुछ परिवार के लोग मावा का व्यवसाय करते हैं। फोरलेन से गुजरने वाले लोग भी यहां आकर मावा खरीदते हैं। पंचायत के उसरीढाना में 25 से 30 परिवार पशुपालन भी करते हैं। दुग्ध उत्पादन को डेयरी में देते हैं।
गेहूं खरीदी में सरकार की दोहरी नीति से हड़कंप
भास्कर संवाददाता | बैतूल अभी स्लॉट बुकिंग केवल छोटे किसानों के लिए उपलब्ध है। सैटेलाइट द्वारा असत्यापित किया गया है। ये दो मैसेज स्लॉट बुक करने पहुंच रहे किसानों के लिए मुसीबत बन गए हैं। पहले गेहूं खरीदी में देरी से किसान परेशान थे। अब स्लॉट बुक नहीं होने से किसानों को चिंता सताने लगी है। मंडी में गेहूं के दाम नहीं मिलने से किसान सरकारी खरीदी में गेहूं बेचने का इंतजार कर रहे हैं। वहां भी 5 एकड़ से कम रकबे के स्लॉट बुक हो रहे हैं। वहीं सैटेलाइट वेरिफिकेशन में किसानों के पंजीयन भी रिजेक्ट हो रहे हैं। इसके चलते स्लॉट बुकिंग नहीं हो रही। जिले में इस बार गेहूं खरीदी के लिए 18 हजार से अधिक किसानों ने पंजीयन करवाए हैं। इनमें से 13 हजार किसानों का राजस्व विभाग द्वारा सैटेलाइट वेरिफिकेशन के कारण किसानों के स्लॉट बुक नहीं हो रहे। राजस्व विभाग द्वारा किए जा रहे वेरिफिकेशन पर सवाल उठ रहे हैं। किसानों का कहना है कि सरकार इस बार गेहूं खरीदना नहीं चाहती है। इसके कारण पहले खरीदी शुरू करने में देरी की। अब शुरू की तो सैटेलाइट वेरिफिकेशन किया जा रहा है। किसान संघ इसे लेकर आने वाले समय में आंदोलन करने की तैयारी कर रहा है। दरअसल पंजीयन के बाद सैटेलाइट वेरिफिकेशन करवाने के पीछे गड़बड़ी की आशंका है। अभी तक जिले में 549 किसानों से 17194 क्विंटल गेहूं खरीदा है। जबकि 2344 किसानों ने पंजीयन करवाया है। पाढर की किसान संध्या के नाम पर 4 एकड़ जमीन है। खेत में गेहूं लगाया। गेहूं लगाने के बाद भी सैटेलाइट से असत्यापित बताया जा रहा है। उनका कहना है कि स्लॉट बुक नहीं होने से वे गेहूं नहीं बेच पा रहे हैं। भारतीय किसान संघ के संभागीय अध्यक्ष अशोक मलैया ने बताया कि गेहूं खरीदी में स्लॉट बुकिंग नहीं होने से किसान परेशान हैं। सरकार किसान के साथ दोहरी पॉलिसी खेल रही है। एक ओर पांच एकड़ से अधिक किसानों के स्लॉट बुक नहीं हो रहे हैं। दूसरी तरफ सैटेलाइट वेरिफिकेशन से भी परेशानी बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है सरकार गेहूं खरीदी नहीं करना चाहती है। सरकार किसान को गुमराह कर रही है। भारतीय किसान संघ इसे लेकर बड़ा आंदोलन करने की तैयारी कर रहा है। ^सैटेलाइट वेरिफिकेशन 99 प्रतिशत हो चुका है। एक- दो दिन में स्लॉट बुक होना शुरू हो जाएंगे। इसे लेकर भोपाल हेड ऑफिस से चर्चा की है। - केके टेकाम, जिला खाद्य और आपूर्ति अधिकारी बैतूल चार एकड़ लगाया गेहूं, नहीं हो रहा स्लॉट बुक जुवाड़ी गांव के किसान नरेंद्र मेहतो ने बताया कि उनके और पत्नी के नाम पर 48 एकड़ जमीन है। पंजीयन होने के बाद जब स्लॉट बुक करने गए तो वहां बताया गया कि छोटे किसानों के ही स्लॉट बुक हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि व्यापारी भी गेहूं के 2100 रुपए प्रति क्विंटल ही दाम दे रहे हैं। ऐसे में वे सरकारी खरीदी पर भी आस लगाए बैठे हैं। कर्ज चुकाने के लिए गोल्ड लोन लिया था। सोचा था कि गेहूं के पैसे से लोन चुका देंगे। यहां भी खरीदी नहीं होने से वे परेशान हैं।
जिले में स्व-गणना प्रक्रिया शुरू, 30 तक भर सकते हैं ऑनलाइन फॉर्म
बैतूल| जिले में जनगणना प्रक्रिया शुरू हो गई है। आम नागरिकों के लिए स्व- गणना पोर्टल 16 अप्रैल से खोल दिया है, जो 30 अप्रैल तक उपलब्ध रहेगा। इस अवधि में नागरिक स्वयं स्वैच्छिक रूप से अपने परिवार का विवरण ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे। कलेक्टर डॉ. सौरभ सोनवणे ने बताया कि उन्होंने स्वयं पोर्टल पर अपना फॉर्म भरा है, जो बेहद सरल और उपयोगकर्ता अनुकूल है। स्व- गणना की पूरी प्रक्रिया सुरक्षित है और इसे हिंदी, अंग्रेजी सहित 14 क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध कराया गया है, जिससे हर वर्ग के लोग आसानी से इसका उपयोग कर सकें। किसी भी परिवार का सदस्य मात्र 5 से 10 मिनट में पूरी प्रक्रिया पूर्ण कर सकता है। प्रक्रिया पूर्ण होने पर नागरिकों को स्व- गणना पहचान संख्या एसई आईडी उनके मोबाइल या ई- मेल पर प्राप्त होगी। यह एसई आईडी प्रगणक द्वारा सत्यापन के समय प्रस्तुत करना आवश्यक होगा। सभी नागरिक 30 अप्रैल से पहले https://se.census.go v.in पर जाकर अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं।
खेत जुताई में ट्रैक्टर पलटा दबने से युवक की हुई मौत
भास्कर संवाददाता | बड़वानी पाटी थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत गुड़ी के पखाला फलिया में गुरुवार दोपहर को एक दर्दनाक हादसे में खेत की जुताई कर रहे युवक की ट्रैक्टर पलटने पर दबने से मौत हो गई। हादसे के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है। थाना प्रभारी रामदास यादव के अनुसार मृतक की पहचान इतापसिंग (20) पिता मास्तरिया के रूप में हुई है। वह अपने खेत में ट्रैक्टर से जुताई कर रहा था। इसी दौरान ट्रैक्टर खेत की मेढ़ पर चढ़ गया और अचानक असंतुलित होकर पलट गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक ट्रैक्टर 2 से 3 बार पलटी खा गया। जिससे इतापसिंग ट्रैक्टर के नीचे दब गया। उसे गंभीर चोटें आईं। घटना के तुरंत बाद परिजन घायल युवक को इलाज के लिए पाटी अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित किया। अस्पताल की सूचना पर पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है। प्रारंभिक तौर पर ट्रैक्टर के अनियंत्रित होने को दुर्घटना का कारण माना जा रहा है।
नाचने की बात पर हुआ विवाद बारातियों पर पत्थरों से किया हमला
भास्कर संवाददाता | बड़वानी बीती रात को अलीराजपुर जिले के नानपुर से बड़वानी आई बरात में नाचने के दौरान दो पक्षों में विवाद हुआ। बरातियों के साथ मारपीट कर पत्थरों से हमला किया। इससे कई लोगों को चोट आई। वाहनों के कांच फोड़ दिए गए। बरातियों ने बड़वानी थाने पर रिपोर्ट दर्ज कराई है। विवाद के चलते बिना रीति-रिवाज के ही दूल्हा अपनी दुल्हन को लेकर गांव आ गया। बड़वानी टीआई बलजीत सिंह बिसेन ने बताया नानपुर क्षेत्र के ग्राम मोरासा रोड निवासी हारू बघेल 15 अप्रैल को अपने बेटे विक्की की बरात लेकर बड़वानी आए थे। बरात दोपहर 12 बजे बड़वानी के मॉडल स्कूल के पीछे स्थित मधुबन कॉलोनी में पहुंची थी। शाम 4 बजे खाना खाने के बाद बराती नाच रहे थे। नाचने की बात को लेकर दोनों पक्षों में विवाद शुरू हो गया। दूल्हे के पिता हारू ने बताया विवाद के दौरान अर्जुन परमार, पिंटू भूरिया और लक्की जाधव ने गालियां देना शुरू कर दी। उन्होंने अपने एक अन्य साथी को बुला लिया और पत्थर बरसाने लगे। अचानक हुए इस पथराव से बरात में हड़कंप मच गया। लोग गाड़ियों की आड़ में छुपने को मजबूर हो गए। पथराव के कारण कई लोग घायल हो गए। पुलिस ने अर्जुन परमार, पिंटू भूरिया, लक्की जाधव और एक अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच में लिया है।
रहवासी बोले- सीमेंट की धूल घर में हो रही जमा
भास्कर संवाददाता | बड़वानी तुलसीदास मार्ग पर सीवरेज कार्य के बाद किए गए सीसी रोड निर्माण में लापरवाही का मामला सामने आया है। पिछले माह सीवरेज लाइन डालने के बाद सड़क का सीमेंटीकरण किया गया था लेकिन कुछ ही दिनों में वह उखड़ने लगी है। अब हालात ऐसे हैं कि पूरी सड़क पर सीमेंट की धूल उड़ रही है। वाहनों के गुजरने पर धूल के गुब्बार नजर आते हैं। इसे लेकर रहवासियों में आक्रोश है। व्यापारियों ने बताया सीवरेज काम के दौरान कई दिनों तक मार्ग बंद रहने से उनका व्यवसाय पहले ही प्रभावित हो चुका था। अब घटिया मरम्मत ने समस्या बढ़ा दी है। व्यापारी महेश कुशवाह ने बताया सीवरेज कंपनी ने दुरुस्ती के नाम पर कच्ची सीमेंट डाल दी। जिस पर पानी का छिड़काव तक नहीं किया गया। नतीजा वाहनों के गुजरते ही सीमेंट का गुबार उड़ने लगता है। दुकानों और घरों पर सीमेंट की धूल की परत जम रही है। इससे लोगों को सांस लेने में तकलीफ और एलर्जी की शिकायतें बढ़ रही हैं। धूल के कारण ग्राहक भी दुकानों पर आने से कतराने लगे हैं। दुकानदारों का आरोप है कि समस्या को लेकर वार्ड पार्षद से शिकायत की गई, लेकिन उन्होंने सहयोग करने के बजाय पल्ला झाड़ लिया। व्यापारियों ने मांग की है कि जल्द से जल्द गुणवत्तापूर्ण मरम्मत कर धूल की समस्या से राहत दिलाई जाए अन्यथा उग्र आंदोलन करेंगे। नपा अध्यक्ष प्रतिनिधि निक्कू चौहान ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। उन्होंने लोगों की धूल की समस्या पर सड़क की धुलाई कर सफाई कराई है।
हाईस्कूल परीक्षा में छात्रों का शानदार प्रदर्शन
झुंडपुरा। क्षेत्र के विद्यार्थियों ने इस वर्ष हाईस्कूल परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 90 प्रतिशत तक अंक प्राप्त कर विद्यालय एवं अपने अभिभावकों का नाम गौरवान्वित किया है। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में अलकेश रावत ने प्रथम, ओम शर्मा ने द्वितीय, अभय बुधौलिया ने तृतीय, अनुराग शर्मा ने चतुर्थ, अभिषेक जाटव ने पांचवां तथा नैतिक सोनी ने छठवां स्थान प्राप्त किया। वहीं कन्या हाईस्कूल में मोनिका कुशवाहा प्रथम, दीप्ति रावत द्वितीय, अर्पणा रावत व उपासना रावत ने तृतीय स्थान हासिल किया। परिणाम घोषित होते ही विद्यालय में खुशी का माहौल रहा।
छात्राओं का शानदार प्रदर्शन, कई स्कूलों में छात्रों ने भी लहराया परचम
भास्कर संवाददाता | रामपुरकलां इस वर्ष आयोजित हाईस्कूल एवं हायर सेकंडरी परीक्षाओं में रामपुरकलां की बेटियों ने शानदार प्रदर्शन कर क्षेत्र का गौरव बढ़ाया है। छात्राओं ने उत्कृष्ट अंक हासिल कर यह साबित कर दिया कि वे किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। शासकीय कन्या उमावि की छात्रा अक्षिता सिंह भदौरिया ने हाईस्कूल परीक्षा में 500 में से 482 अंक (96.40%) प्राप्त कर सेंटर टॉप किया। वहीं कक्षा 12वीं की रितिका बंसल ने कृषि संकाय में 463 अंक हासिल किए। दूसरी ओर, बॉयज हायर सेकंडरी स्कूल के हिमांशु शर्मा ने 476 अंक (95%) प्राप्त कर विद्यालय में प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि अभय प्रताप सिंह भदौरिया ने 468 अंक अर्जित किए। कन्या विद्यालय की सोनाक्षी गुप्ता ने 476 अंक पाकर द्वितीय स्थान हासिल किया, वहीं अनन्या सिंह भदौरिया ने 423 अंक प्राप्त किए। अन्य स्कूलों में भी विद्यार्थियों का प्रदर्शन सराहनीय रहा। बामसोली स्कूल से राजा भैया जाटव ने 90% और अंजलि राठौर ने 91% अंक प्राप्त किए।
फर्जी दिव्यांग प्रमाण-पत्र लगाकर पाई नौकरी, शिक्षक जांच के घेरे में
टेंटरा। सबलगढ़ तहसील के टेंटरा संकुल में पदस्थ एक शिक्षक की नियुक्ति विवादों में घिर गई है। शिक्षक गोपेश डंडोतिया पर आरोप है कि उन्होंने फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र के आधार पर शिक्षा विभाग में नौकरी हासिल की है। इस संबंध में सीएम हेल्पलाइन (क्रमांक- 37312531) के माध्यम से जिला शिक्षा अधिकारी से शिकायत की गई है, जिसके बाद विभाग में हड़कंप मच गया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि शिक्षक के शारीरिक हाव-भाव और सामान्य गतिविधियां देखकर वे कहीं से भी दिव्यांग प्रतीत नहीं होते। ग्रामीणों में इस बात को लेकर संदेह गहरा गया है। सूत्रों के हवाले से यह भी आरोप लगाया गया है कि कूटरचित दस्तावेजों के जरिए किसी वास्तविक दिव्यांग अभ्यर्थी का हक छीना गया है। शिकायत में मांग की गई है कि संबंधित शिक्षक के प्रमाण पत्र का मेडिकल बोर्ड से पुनः सूक्ष्म परीक्षण (री-वेरिफिकेशन) कराया जाए। ^सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से शिकायत प्राप्त हुई है। मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित संकुल प्राचार्य से रिपोर्ट मांगी गई है। नियमानुसार मेडिकल बोर्ड से प्रमाण पत्र की जांच और क्रॉस चेकिंग कराई जाएगी। यदि दस्तावेज फर्जी पाए जाते हैं, तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बीएस इंदौलिया, जिला शिक्षा अधिकारी

