सिद्धार्थनगर जिले में युवक मनोज कुमार की हत्या के मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने मुख्य आरोपी हरिओम यादव की गिरफ्तारी पर 10,000 रुपये का इनाम घोषित किया है। यह घोषणा खेसरहा थाना क्षेत्र के बनुहिया बुजुर्ग गांव में हुई 35 वर्षीय मनोज कुमार की निर्मम हत्या के बाद की गई है। मनोज कुमार की हत्या 07 फरवरी, शनिवार सुबह हुई थी। वह रोजाना की तरह दूध देने घर से निकले थे, तभी गांव के दक्षिण बाग के पास घात लगाए बैठे आरोपियों ने उन पर हमला कर दिया। हमलावरों ने मनोज के सिर पर धारदार कुल्हाड़ी और शरीर पर लोहे की रॉड से कई वार किए। खून से लथपथ मनोज को राहगीरों ने देखा और परिजनों को सूचना दी। उन्हें तुरंत सीएचसी खेसरहा ले जाया गया, जहां से गंभीर हालत में जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। इलाज के दौरान मनोज कुमार की मौत हो गई। एडिशनल एसपी प्रशांत कुमार ने 08 फरवरी को इस हत्या का खुलासा करते हुए बताया कि यह घटना पुरानी रंजिश का परिणाम थी। करीब 20-22 दिन पहले मनोज के ई-रिक्शा और आरोपी अनिल यादव की मोटरसाइकिल के बीच मामूली टक्कर हुई थी, जिसके बाद दोनों पक्षों में कहासुनी हुई थी। इसी रंजिश के चलते आरोपियों ने मनोज के रास्ते और समय पर नजर रखकर योजनाबद्ध तरीके से हमला किया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार अन्य आरोपियों—अनिल यादव, चैतू यादव, सुजीत यादव और कलावती यादव—को पहले ही गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है। पूछताछ में इन आरोपियों ने हत्या की साजिश रचने और वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकार की है। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी, लोहे की रॉड और मोटरसाइकिल भी बरामद कर ली है। मृतक मनोज कुमार अपने घर के इकलौते कमाने वाले सदस्य थे। उनके पिता की तीन महीने पहले कैंसर से मृत्यु हो चुकी थी। इस घटना से परिवार पूरी तरह टूट गया है।
हाथरस में राष्ट्रीय सवर्ण परिषद के अध्यक्ष पंकज धवरैया का धरना चौथे दिन भी जारी रहा। यह प्रदर्शन कंचन नगर स्थित उनके आवास के बाहर यूजीसी बिल और एससी-एसटी एक्ट के विरोध में किया जा रहा है। पुलिस प्रशासन ने राष्ट्रीय अध्यक्ष से मिलने आ रहे लोगों को रोका। धवरैया ने यह धरना चार दिन पहले तब शुरू किया था, जब स्थानीय प्रशासन ने सवर्ण परिषद और अन्य सवर्ण संगठनों द्वारा हाथरस से दिल्ली तक निकाली जाने वाली पदयात्रा को रोक दिया था। प्रशासन ने संगठन के पदाधिकारियों को नजरबंद भी कर दिया था। पहले दिन इस धरने में निलंबित पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री भी शामिल हुए थे। वे तीन दिन पहले धरने पर बैठे थे, लेकिन अगले दिन धरना स्थल से चले गए। पंकज धवरैया ने बताया कि अग्निहोत्री संगठन के कार्यों से बाहर गए थे और जल्द ही धरने में फिर शामिल होंगे। धरना स्थल कंचन नगर और आसपास भारी पुलिस बल तैनात है। पीएसी की भी तैनाती की गई है। पंकज धवरैया से मिलने आने वाले लोगों को रोका जा रहा है। पंकज धवरैया ने कहा कि उनका संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने प्रशासन पर आरोप लगाया कि वह हिंदू सम्मेलनों की अनुमति दे रहा है, लेकिन उनकी पदयात्रा को रोक दिया गया। धवरैया ने घोषणा की कि उनका धरना 12 फरवरी तक जारी रहेगा, जिसके बाद यह आमरण अनशन में बदल जाएगा। उन्होंने मांग की कि या तो प्रशासन उन्हें पदयात्रा की अनुमति दे, या उन्हें प्रधानमंत्री से मिलवाया जाए ताकि वे यूजीसी कानून वापस लेने और एससी-एसटी एक्ट को समाप्त करने की अपनी मांग रख सकें। इधर, पुलिस बल की तैनाती के कारण आसपास के लोगों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्र के लोगों को हो रही परेशानी.... वहीं कंचन नगर निवासी भाजपा नेता अनिल गुप्ता ने कहा कि एक अकेले व्यक्ति के धरने की वजह से पूरा क्षेत्र परेशान है। यहां काफी पुलिस फोर्स तैनात है और इसकी वजह से लोग बिना वजह परेशानी झेल रही है। उन्होंने मांग की कि अनशन करने वाले को जेल भेजा जाए। यूजीसी बिल पर सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही रोक लगा दी है।
करौली में 23 को कलेक्ट्रेट तक निकालेंगे रैली:SC, ST, OBC समाज ने UGC बिल के समर्थन में की बैठक
करौली में यूजीसी बिल के समर्थन में मंगलवार को SC, ST और OBC समाज के प्रतिनिधियों की बैठक हुई। अंबेडकर पार्क में हुई इस बैठक में 23 फरवरी को जिला कलेक्ट्रेट तक शांतिपूर्ण रैली निकालने का निर्णय लिया गया। बैठक में विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों ने भाग लिया। वक्ताओं ने यूजीसी बिल को छात्रों और वंचित वर्गों के हित में बताते हुए इसे शिक्षा व्यवस्था में समानता और पारदर्शिता लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। डॉ. के.एल. मीणा ने कहा कि यह बिल छात्रों के भविष्य के लिए अहम है और इससे शिक्षा प्रणाली अधिक प्रभावी बनेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग निजी हितों के कारण इसका विरोध कर रहे हैं। बैठक में अन्य वक्ताओं ने आर्थिक आधार पर आरक्षण का उदाहरण देते हुए सामाजिक समावेशन पर जोर दिया।निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, रैली शहर के गणेश गेट, फूटाकोट चौराहा और बड़ा बाजार होते हुए जिला कलेक्ट्रेट पहुंचेगी, जहां प्रशासन को ज्ञापन सौंपा जाएगा। प्रस्तावित रैली को देखते हुए स्थानीय प्रशासन भी स्थिति पर कड़ी नजर बनाए हुए है।
चतरा जिले के हंटरगंज थाना क्षेत्र के गयघाट गांव में सोमवार रात एक 25 वर्षीय महिला की गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने बताया कि यह घटना प्रेम प्रसंग और आपसी रंजिश से जुड़ी है। गयघाट गांव निवासी पूनम कुमारी का शव उसके घर से लगभग 50 मीटर दूर खून से लथपथ मिला। पूनम की हत्या गोली मारकर की गई थी। हमलावर ने अंधेरे का फायदा उठाकर करीब से गोली चलाई, जिससे पूनम की मौके पर ही मौत हो गई। पूनम के पति योगेंद्र भुइयां ने हत्या का आरोप मृतका के पहले पति किशोरी भुइयां पर लगाया है। पहले पति को छोड़ योगेंद्र से की थी शिकायत योगेंद्र भुइयां के अनुसार, किशोरी भुइयां कुरखेता का निवासी है। पूनम ने किशोरी को छोड़कर योगेंद्र से शादी कर ली थी, जिससे किशोरी नाराज था। योगेंद्र ने आरोप लगाया कि किशोरी ने इसी रंजिश के चलते इस वारदात को अंजाम दिया है। इधर, घटना की सूचना मिलते ही हंटरगंज थाना प्रभारी प्रभात कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए चतरा सदर अस्पताल भेज दिया है। थाना प्रभारी ने प्रारंभिक जांच के आधार पर बताया कि यह मामला प्रेम प्रसंग और आपसी विवाद से जुड़ा है। पुलिस ने आरोपी पूर्व पति के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। थाना प्रभारी प्रभात कुमार ने पुष्टि की कि उन्हें रात में एक महिला की गोली मारकर हत्या की सूचना मिली थी। प्रथम दृष्टया मामला पहले पति द्वारा अंजाम दिया गया प्रतीत होता है। हम हर पहलू की गहनता से जांच कर रहे हैं और जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। -प्रभात कुमार, थाना प्रभारी
झांसी मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान एक युवक की मौत हो गई। परिजनों ने आरोप लगाया है कि ग्वालियर के एक निजी अस्पताल में ठेकेदारी पर चल रहे हॉस्पिटल के संचालक ने पैसे न मिलने पर मरीज को वेंटिलेटर से हटाने की धमकी दी, जिसके बाद उसकी हालत बिगड़ गई। घबराए परिजन घायल को लेकर झांसी आए, जहां दो दिन इलाज के बाद युवक की मौत हो गई।घटना प्रेमनगर थाना क्षेत्र के हंसारी इलाके की है, जहां 5 फरवरी को युवक का सड़क हादसा हुआ था।मृतक की पहचान रवि वर्मा (40) पुत्र ब्रह्मानंद वर्मा निवासी मां शारदा कॉलोनी बिजौली, थाना प्रेमनगर के रूप में हुई है। बताया गया कि रवि 5 फरवरी को आंतिया ताल स्थित लोहा मंडी में पल्लेदारी का काम करने गया था। देर रात घर न लौटने पर परिजनों ने उसके मोबाइल पर संपर्क किया। फोन पुलिसकर्मी ने उठाते हुए बताया कि राजगढ़ थाना क्षेत्र के पास अज्ञात वाहन से रवि का एक्सीडेंट हो गया है और उसे एम्बुलेंस से जिला अस्पताल ले जाया जा रहा है।परिजन जिला अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने हालत गंभीर बताकर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। मेडिकल कॉलेज में वेंटिलेटर उपलब्ध न होने पर परिजन रवि को ग्वालियर के एक निजी अस्पताल ले गए।मृतक के छोटे भाई सतीश वर्मा का आरोप है कि ग्वालियर के अस्पताल में इलाज के दौरान संचालक ने तत्काल पैसे न देने पर मरीज को वेंटिलेटर से हटाने की धमकी दी। सतीश के मुताबिक, वह इलाज के लिए रुपये जुटाने झांसी आए थे, इसी दौरान अस्पताल संचालक ने दबाव बनाया। जब वह वापस ग्वालियर पहुंचे तो भाई की हालत काफी बिगड़ चुकी थी।डर के चलते परिजन रवि को ग्वालियर से डिस्चार्ज कराकर झांसी मेडिकल कॉलेज ले आए, जहां दो दिन इलाज के बाद सोमवार को उसकी मौत हो गई।सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। परिजनों ने प्रेमनगर थाने में मामले की लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है।
फतेहाबाद जिले की भूना थाना पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी के मामले में प्रभावी कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को काबू किया है। आरोपी की पहचान राजस्थान के टोंक जिले के गांव सरदारपुरा निवासी तुलसी राम मीणा के रूप में हुई है। आरोपी ने प्राइवेट स्कूल की टीचर से 39 हजार 615 रुपए की ठगी की थी। टेलीग्राम चैनल पर विज्ञापन देखाभूना थाना प्रभारी ओमप्रकाश ने बताया कि आरोपी ने भूना क्षेत्र के गांव धौलू निवासी प्राइवेट स्कूल की शिक्षिका के साथ ठगी की थी। टीचर ने शिकायत में बताया था कि 20 दिसंबर को टेलीग्राम चैनल पर निवेश के नाम पर विज्ञापन देखकर वह साइबर ठगों के संपर्क में आई। निवेश, जीएसटी के नाम पर भरवाए रुपए आरोपियों द्वारा विभिन्न यूपीआई आईडी के माध्यम से निवेश, जीएसटी एवं विड्रॉअल शुल्क के नाम पर कुल 39 हजार 615 रुपए की ठगी की गई। पीड़िता द्वारा नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज करवाने के बाद भूना थाने में 5 जनवरी को केस दर्ज किया गया था।
पीलीभीत की घुंघचाई थाना पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस गिरोह के दो मुख्य सरगनाओं को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने दुबई में ठगी का प्रशिक्षण लिया था और भारत में अवैध कॉल सेंटर चला रहे थे। यह गिरोह फर्जी गेमिंग ऐप के माध्यम से लोगों को ठगता था। थाना अध्यक्ष जयशंकर सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तकनीकी विश्लेषण और एनसीआरपी (NCRP) पोर्टल पर मिली शिकायतों के आधार पर कार्रवाई की। पुलिस ने गिरोह के मुख्य संचालक हर्षित उर्फ तनिश को मध्य प्रदेश के भोपाल से और दूसरे मास्टरमाइंड आशुतोष कुमार उर्फ आशु को दिल्ली के मालवीय नगर से गिरफ्तार किया। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि इस गिरोह के कुछ सदस्य पहले ही पीलीभीत और उत्तराखंड के रुद्रपुर से पकड़े जा चुके थे। हालांकि, ये दोनों मुख्य सरगना लंबे समय से फरार चल रहे थे। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने चौंकाने वाले खुलासे किए। उन्होंने बताया कि उन्होंने दुबई में रहकर फर्जी गेमिंग ऐप के जरिए साइबर ठगी करने का प्रशिक्षण लिया था। भारत लौटने के बाद, उन्होंने अवैध कॉल सेंटर स्थापित किए। ये अपराधी लोगों को ऑनलाइन गेमिंग में भारी मुनाफे का लालच देते थे। जैसे ही कोई व्यक्ति इनके झांसे में आकर ऐप डाउनलोड करता, वे उनके बैंक खातों की गोपनीय जानकारी हासिल कर लेते और तुरंत खाते खाली कर देते थे। पुलिस ने आरोपियों के पास से अपराध में प्रयुक्त भारी मात्रा में डिजिटल उपकरण बरामद किए हैं। इनमें सात हाई-टेक मोबाइल फोन, एक लैपटॉप (जिसमें ठगी का डेटा होने की आशंका है), एक पासपोर्ट और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज शामिल हैं। थाना अध्यक्ष जयशंकर सिंह ने बताया कि आरोपी बेहद शातिर तरीके से एक संगठित गिरोह चला रहे थे। उन्होंने कहा कि फिलहाल उनके बैंक खातों और डिजिटल डेटा का विश्लेषण किया जा रहा है, ताकि यह पता चल सके कि उन्होंने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है।
गोंडा में आजाद समाज पार्टी (ASP) ने यूजीसी बिल के समर्थन में जोरदार प्रदर्शन किया। हजारों कार्यकर्ताओं ने डॉ. भीमराव अंबेडकर चौराहे से कलेक्ट्रेट तक मार्च निकाला और बिल को तत्काल लागू करने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। यह प्रदर्शन ऐसे समय में हुआ है जब सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी बिल के नए कानून पर रोक लगा रखी है। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने हाथों में भीमराव अंबेडकर, सम्राट अशोक और 'वी सपोर्ट यूजीसी बिल' के पोस्टर ले रखे थे। पहले 3 तस्वीरें देखिए… किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे और पूरे धरना प्रदर्शन पर लगातार नजर रखी। आजाद समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष मोहित भारती ने कहा कि भारत सरकार और राज्यों को इस कानून को तत्काल प्रभाव से लागू करना चाहिए। उन्होंने इसे एक 'बहुत अच्छा कानून' बताया और चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे एक बड़ा आंदोलन करेंगे। भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष शिवम भारती ने बताया कि कुछ लोग अभी भी पुरानी परंपराओं को जारी रखना चाहते हैं, इसलिए वे इस बिल का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से नए कानून पर लगी रोक हटाने की अपील की और कहा कि यह कानून तत्काल प्रभाव से लागू होना चाहिए। भारती ने यह भी बताया कि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कुछ लोगों को पहले ही रोक दिया गया था।
उत्तराखंड के मसूरी में आईटीबीपी के जवान ने फंदे से लटककर सुसाइड कर लिया। जवान दो महीने पहले ही पिथौरागढ़ से मसूरी ड्यूटी पर आया था। जानकारी के अनुसार यूनिट 14 पिथौरागढ़ पर नियुक्त कॉन्स्टेबल चेतराम मीणा (38) पुत्र राम फल मीणा निवासी ग्राम भौबता, पोस्ट बसवा, जिला दौसा (राजस्थान) ने कमरे की खिड़की के कुंडे में नायलॉन की रस्सी से फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया। टीम ने मौके पर पहुंचकर वीडियोग्राफी कराई और शव को उतारकर अस्पताल भिजवाया। बताया जा रहा है कि इससे पहले जुलाई 2025 में भी पिथौरागढ़ में जवान ने सुसाइड का प्रयास किया था।
पंजाब के लुधियाना में आज ऑपरेशन प्रहार 2.0 के दूसरी दिन पुलिस ने हलका उत्तरी के अलग-अलग इलाकों में रेड की। पुलिस कमिश्नर स्वपन शर्मा और और IG डॉ. एस. भूपति की अगुवाई में यह बड़ा सर्च ऑपरेशन चलाया गया। पुलिस टीमों ने सब्जी मंडी सहित थाना सलेम टाबरी के अलग-अलग इलाकों में दबिश दी। पुलिस टीम पीरू बंदा मोहल्ला, चांदनी चौक, खंजूर चौक, सुइंयां वाला अस्पताल क्षेत्र समेत कई संवेदनशील इलाकों में चेकिंग की गई। अधिकारियों ने बताया कि नशा तस्कर किसी भी रूप में काम कर सकते हैं, इसलिए हर तरह के कारोबार और संदिग्ध व्यक्तियों पर नजर रखना जरूरी है। 72 घंटे चलेगा ऑपरेशन प्रहार जानकारी देते हुए IG डॉ. एस. भूपति ने कहा कि ऑपरेशन प्रहार 2.0 3 दिन यानी 72 घंटे लगातार चल रहा है। आज दूसरा दिन है। पुलिस दो तरह से इस ऑपरेशन में काम कर रही है। पुलिस टीमों को दो भागों में बांटा गया है। कुछ अधिकारी और मुलाजिम उन हाट स्पाट पर नाकाबंदियां कर रहे है जहां नशा तस्कर घूमते है। कुछ अधिकारी उन इलाकों में दबिश दे रहे है जहां नशा बिकता है। शहर के अलावा देहाती इलाकों में भी अधिकारी सर्च कर रहे है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि देर शाम तक ऑपरेशन का पूरा रिकॉर्ड मीडिया के सामने पेश किया जाएगा, जिसमें यह बताया जाएगा कि अब तक कितने गैंगस्टर, भगोड़े और नशा तस्कर पकड़े जा चुके हैं।
बागपत शहर कोतवाली क्षेत्र में पुरानी रंजिश के चलते एक व्यक्ति की हत्या का मामला सामने आया है। मृतक के बेटे अरमान ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई है। परिवार का आरोप है कि कुछ नामजद आरोपी अभी भी खुलेआम घूम रहे हैं और उन्हें लगातार धमकियां दे रहे हैं। अरमान के अनुसार, उनके पिता नफीश (निवासी ईदगाह, बिजली दफ्तर के पीछे, बागपत) 11 नवंबर 2025 को अपनी माता के अंतिम संस्कार में शामिल होने बागपत आए थे। दोपहर करीब 2:30 बजे तकिये वाली मस्जिद और कब्रिस्तान के पास यामीन, रहीशू, मोसीन, मुस्तकीम, शोकीन और समीम ने उन्हें घेर लिया। आरोप है कि सुनियोजित तरीके से किए गए इस हमले में नफीश की मौके पर ही मृत्यु हो गई। इस घटना को युसुफ, वासीन और फैय्याज (सभी निवासी ईदगाह बागपत) ने अपनी आंखों से देखा। गवाहों का कहना है कि जब उन्होंने नफीश को बचाने की कोशिश की, तो आरोपियों ने उन्हें भी जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित अरमान ने बताया कि पुलिस ने इस मामले में रहीश, मोसीन और समीम को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। जनपद न्यायालय बागपत से इन तीनों की जमानत याचिका खारिज हो चुकी है। हालांकि, नामजद आरोपी यामीन, मुस्तकीम और शोकीन अभी भी फरार हैं और खुलेआम मोहल्ले में घूम रहे हैं। अरमान का आरोप है कि ये आरोपी आए दिन उनके परिवार को गाली-गलौच कर रहे हैं और जान से मारने की धमकियां दे रहे हैं। शिकायत के बावजूद इन तीनों की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। अरमान ने बताया कि उन्हें और उनके परिवार को जान-माल का खतरा बना हुआ है, जिसके कारण वे घर से निकलने में भी डर महसूस करते हैं। पीड़ित परिवार ने कई बार प्रार्थना पत्र दिए हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने शेष आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। एसपी सूरज राय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
देवरिया में बरहज-सोनूघाट-देवरिया मार्ग की जर्जर हालत को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता विजय रावत ने बुधवार को सांकेतिक प्रदर्शन किया। उन्होंने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) पर भ्रष्टाचार और लापरवाही के आरोप लगाए। विजय रावत ने आरोप लगाया कि पीडब्ल्यूडी विभाग में भ्रष्टाचार चरम पर है और सड़कों की मरम्मत के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही है। उन्होंने विभाग से पिछले दस वर्षों में बरहज-सोनूघाट मार्ग पर हुई पैचिंग और खर्च की गई धनराशि का सार्वजनिक ब्यौरा मांगा। सपा नेता ने देवरिया में सड़कों की दुर्दशा को चिंताजनक बताया। सपा नेता ने यह भी कहा कि भाजपा सरकार में बनी कई सड़कें एक वर्ष भी नहीं चल पा रही हैं और जगह-जगह टूट रही हैं। उन्होंने बेलडांड़-कटनईया मार्ग और करूअना-मगहरा मार्ग का उदाहरण देते हुए इसे विभागीय लापरवाही और अनियमितताओं का परिणाम बताया। रावत ने आरोप लगाया कि बरहज-सोनूघाट मार्ग को फोरलेन बनाने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन इस दिशा में कोई कार्य शुरू नहीं हुआ। विजय रावत ने बताया कि सड़क निर्माण की मांग को लेकर पहले भी कई बार प्रदर्शन और पदयात्राएं की जा चुकी हैं, लेकिन शासन-प्रशासन ने इस पर ध्यान नहीं दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि अब आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी। इसके तहत 12 फरवरी को बड़े पैमाने पर प्रदर्शन किया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर भलुअनी से बरहज तक पदयात्रा भी निकाली जाएगी। इस सांकेतिक प्रदर्शन के दौरान संजय सिंह, अविनाश तिवारी, राहुल कुमार, सेराज खां, सुनील सिंह, रणविजय सिंह, दिनेश यादव और राहुल यादव सहित कई समाजवादी पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे।
सिद्धार्थनगर जिले ने आईजीआरएस (एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली) शिकायत निस्तारण में प्रदेश में छठा स्थान प्राप्त किया है। यह उपलब्धि जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी.एन. के सक्रिय नेतृत्व और प्रशासनिक कार्यकुशलता का परिणाम मानी जा रही है। जिलाधिकारी शिवशरणप्पा ने अधिकारियों और कर्मचारियों को शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए प्रेरित किया। उनकी निगरानी और जनता के प्रति जवाबदेही की भावना ने इस सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जिलाधिकारी ने बताया कि जनता की समस्याओं का शीघ्र समाधान ही प्रशासन की मुख्य जिम्मेदारी है, जिसके लिए जिले के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने समर्पित होकर कार्य किया। जिले की बांसी, डुमरियागंज, इटवा और शोहरतगढ़ तहसीलों ने भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। इन तहसीलों ने 100 प्रतिशत शिकायतें निस्तारित कर प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया। यह दर्शाता है कि सिद्धार्थनगर प्रशासन जनता के मुद्दों के समय पर समाधान को प्राथमिकता देता है। इस उपलब्धि ने जिले की प्रशासनिक कार्यकुशलता को प्रदेश भर में पहचान दिलाई है। जिले के नागरिकों ने भी इस पहल की सराहना की है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही की भावना मजबूत हुई है। जिलाधिकारी शिवशरणप्पा ने कहा कि यह केवल एक शुरुआती सफलता है। भविष्य में शिकायत निस्तारण को और अधिक त्वरित तथा प्रभावी बनाने के लिए नई रणनीतियाँ अपनाई जाएंगी। उन्होंने सभी अधिकारियों को जनता की समस्याओं को समयबद्ध तरीके से हल करने और शिकायत निस्तारण में सुधार के लिए लगातार प्रयास जारी रखने के निर्देश दिए हैं। इस उपलब्धि के साथ सिद्धार्थनगर प्रशासन ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि जनता के अधिकार और उनके मुद्दों का समाधान उसकी प्राथमिकता है। जिलाधिकारी शिवशरणप्पा के नेतृत्व में जिले ने प्रदेश में अपनी स्थिति मजबूत की है और प्रशासनिक दक्षता तथा जनता के प्रति समर्पण का एक आदर्श उदाहरण प्रस्तुत किया है।
मदरसा परीक्षा में 52 छात्र अनुपस्थित:मछलीशहर के रियाजुल उलूम केंद्र पर प्रथम पाली शांतिपूर्ण संपन्न
जौनपुर के मछलीशहर स्थित मदरसा रियाजुल उलूम में मंगलवार को उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद की प्रथम पाली की परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। इस दौरान कुल 213 छात्र पंजीकृत थे, जिनमें से 52 अनुपस्थित रहे। परीक्षा केंद्र पर पंजीकृत 213 छात्रों में से 161 छात्र उपस्थित हुए, जबकि 52 छात्र परीक्षा में शामिल नहीं हुए। परीक्षा के सुचारु संचालन के लिए केंद्र पर सुरक्षा और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। केंद्राधीक्षक और परीक्षा ड्यूटी में लगे कर्मचारियों की सतर्कता के कारण किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या नकल की कोई सूचना नहीं मिली। परीक्षार्थियों ने निर्धारित समय पर केंद्र पहुंचकर अनुशासन में परीक्षा दी। यह परीक्षा शासन द्वारा जारी प्रशासनिक दिशा-निर्देशों के अनुरूप संपन्न हुई। इस अवसर पर प्रधानाचार्या महजबी बेगम, सह-केंद्र व्यवस्थापक आलमगीर शेख, हाजी इमरान खान, रिज़वान अहमद, फैजान अहमद सहित अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहे।
रमईपुर चौराहे पर 6 घंटे लगा भीषण जाम:सड़क संकरी और हाइवे पर चढ़ते समय रुकता है ट्रैफिक; रोज यही हाल
कानपुर के बिधनू थाना क्षेत्र स्थित रमईपुर चौराहे पर लगने वाला जाम अब स्थानीय लोगों के लिए गंभीर समस्या बन चुका है। मंगलवार सुबह एक बार फिर यहां भीषण जाम लग गया, जिससे करीब छह घंटे तक यातायात पूरी तरह बाधित रहा। जाम में फंसे राहगीर, स्कूली बच्चे, डॉक्टर, शिक्षक और सरकारी कर्मचारी समय पर अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच सके। जाम को नियंत्रित करने के लिए स्थानीय पुलिस और यातायात पुलिस लगातार मशक्कत करती नजर आती है। ट्रक, डंपर और चार पहिया वाहनों को लाइन में लगवाकर यातायात सुचारू कराने की कोशिश की जाती है, लेकिन जल्दबाजी में वाहन चलाने वाले चालक दो-तीन लाइन बनाकर नियमों का उल्लंघन कर देते हैं। इससे जाम की समस्या और विकराल हो जाती है। वैकल्पिक रास्तों से आने-जाने को मजबूर लोग रोजाना इस मार्ग से गुजरने वाले लोग अब जाम से इस कदर परेशान हो चुके हैं कि वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेने लगे हैं। बिधनू सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्साधीक्षक डॉ. नीरज सचान और शिक्षा विभाग से जुड़े अनुराग का कहना है कि रमईपुर चौराहे पर लगने वाले जाम के कारण उन्हें रोज दूसरे मार्गों से आना-जाना करना पड़ता है। यह परेशानी अब उनकी दिनचर्या का हिस्सा बन गई है। सड़क संकरी, हाइवे पर चढ़ाने में रुकता है ट्रैफिक स्थानीय निवासियों के अनुसार रमईपुर कस्बे में सड़क के दोनों ओर नालों के निर्माण से मार्ग काफी संकरा हो गया है। जहानाबाद रोड और सचेंडी मार्ग से आने वाले वाहनों को हाइवे पर चढ़ाने के लिए अक्सर यातायात रोकना पड़ता है। इसी दौरान कानपुर की ओर से वाहनों का दबाव बढ़ते ही जाम लग जाता है। स्थायी समाधान की उठी मांग स्थानीय लोगों ने प्रशासन से रमईपुर चौराहे पर स्थायी यातायात व्यवस्था लागू करने और सड़क चौड़ीकरण की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक ठोस कदम नहीं उठाए जाएंगे, तब तक जाम की यह समस्या यूं ही बनी रहेगी। रोज जाम की स्थिति रहती है। एसीपी के निर्देश पर बहाल हुआ यातायात घाटमपुर एसीपी कृष्णकांत यादव ने मामले को गंभीरता से लेते हुए ट्रैफिक पुलिस के साथ स्थानीय पुलिस कर्मियों को भी हाइवे पर यातायात बहाल कराने के निर्देश दिए। इसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस टीम की मशक्कत से जाम खुल सका और यातायात धीरे-धीरे सामान्य हुआ।
संत शिरोमणि रविदास महाराज की जयंती के अवसर पर सोमवार को आगर मालवा में आस्था और श्रद्धा का सैलाब उमड़ा। संत रविदास समाज द्वारा आयोजित चल समारोह में बड़ी संख्या में समाजजन शामिल हुए। भक्ति गीतों और जयकारों के साथ निकले इस जुलूस ने पूरे शहर को सामाजिक समरसता के रंग में सराबोर कर दिया। प्रमुख मार्गों से गुजरा कारवां चल समारोह का शुभारंभ पुरानी कृषि उपज मंडी परिसर से हुआ। समारोह के केंद्र में एक भव्य और सुसज्जित रथ था, जिसमें संत रविदास महाराज का चित्र विराजमान किया गया था। यह यात्रा शहर के मुख्य मार्गों पुराना अस्पताल चौराहा और सरकार बाड़ा से होते हुए कानड़ दरवाजा बाहर पहुंची। रास्ते भर श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर रथ का स्वागत किया। समाज को दिशा देते हैं संत रविदास के विचार कानड़ दरवाजा स्थित समाज की धर्मशाला में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक मधु गहलोत, भाजपा जिला अध्यक्ष ओम मालवीय और नगरपालिका अध्यक्ष निलेश जैन अतिथि के रूप में शामिल हुए। वक्ताओं ने संत रविदास के जीवन दर्शन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनके समानता और मानवता के संदेश आज के दौर में और भी अधिक प्रासंगिक हैं। उन्होंने समाज से संत रविदास के बताए मार्ग पर चलने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान धर्मशाला परिसर श्रद्धालुओं से खचाखच भरा रहा। समाज के वरिष्ठ जनों और युवाओं ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। कार्यक्रम के अंत में आरती और प्रसादी का वितरण किया गया। जयकारों की गूंज और भक्तिमय भजनों ने वातावरण को पूरी तरह आध्यात्मिक बना दिया।
ललितपुर के जखौरा विकास खंड की ग्राम पंचायत सतगता में संचालित देशी शराब की दुकान को बंद कराने की मांग को लेकर मंगलवार को 60 से अधिक महिलाओं ने कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। महिलाओं ने दुकान को तत्काल निरस्त करने या आबादी से बाहर स्थानांतरित करने की मांग की है। महिलाओं का आरोप है कि गांव के बीच संचालित शराब की दुकान के कारण माहौल खराब हो गया है। नशे में धुत लोग आए दिन गाली-गलौज, मारपीट और उत्पात मचाते हैं। इससे महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है। उन्होंने बताया कि शराब के कारण पारिवारिक कलह बढ़ रही है और बच्चों पर भी बुरा असर पड़ रहा है। ग्रामीण महिलाओं ने यह भी बताया कि नशे के कारण गांव में कई सड़क दुर्घटनाएं हुई हैं, जिनमें कुछ लोगों की मौत भी हो चुकी है। शराब पीकर वाहन चलाने से ग्रामीणों की जान को खतरा बना रहता है। इसके अलावा, युवाओं और बच्चों में भी नशे की प्रवृत्ति तेजी से बढ़ रही है, जिसे वे भविष्य के लिए चिंताजनक मानती हैं। महिलाओं ने शिकायत की कि शराब दुकान के पास ही मंदिर और स्कूल का रास्ता है। शराबियों की भीड़ और उनके अभद्र व्यवहार के कारण छात्राओं को स्कूल जाने में परेशानी होती है। उन्होंने छेड़छाड़ और अभद्र टिप्पणियों की घटनाओं का भी जिक्र किया, जिससे गांव की महिलाएं असुरक्षित महसूस करती हैं। महिलाओं का कहना है कि उन्होंने पहले भी कई बार प्रशासन से मौखिक शिकायतें की थीं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद, उन्होंने लिखित शिकायत देकर इस गंभीर समस्या पर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया है। महिलाओं ने चेतावनी दी है कि यदि शराब की दुकान को शीघ्र नहीं हटाया गया तो वे अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल, धरना-प्रदर्शन और उग्र आंदोलन करने को विवश होंगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि आंदोलन के दौरान उत्पन्न होने वाली किसी भी स्थिति की जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। महिलाओं ने उप जिलाधिकारी से मांग की है कि गांव के सामाजिक माहौल, महिलाओं की सुरक्षा और बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए तत्काल शराब दुकान पर कार्रवाई की जाए।
अमेठी पुलिस ने एक सर्राफा व्यवसायी से हुई कथित लूट का खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार, व्यवसायी रितेश मौर्या ने खुद ही अपनी लूट की साजिश रची थी। इस मामले में रितेश मौर्या सहित तीन आरोपियों, अवनीश कुमार तिवारी और अनुज दुबे को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने लूटे गए 9 लाख 60 हजार रुपये नकद और 3 किलो चांदी भी बरामद की है। पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने बताया कि वादी रितेश मौर्या ने शिकायत दर्ज कराई थी कि वे अपने मित्र के साथ टाटा पंच कार (UP36 0 4612) से प्रयागराज से अमेठी जा रहे थे। थाना देल्हूपुर क्षेत्रान्तर्गत गज़ेहड़ा जंगल के पास स्प्लेंडर मोटरसाइकिल पर सवार तीन अज्ञात व्यक्तियों ने उनकी गाड़ी रोकी। शिकायत के अनुसार, लुटेरों ने वाहन में रखा एक बैग छीन लिया, जिसमें 3 किलो चांदी और 9 लाख 60 हजार रुपये नकद थे। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी फरार हो गए थे। पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी और खुलासे के लिए चार टीमें गठित की थीं। पढ़िए सर्राफ का कबूलनामा पुलिस पूछताछ के दौरान, गिरफ्तार आरोपी अनुज दुबे ने बताया कि यह वही बैग था जिसे उन्होंने गाड़ी से लूटा था। उसने स्वीकार किया कि बैग में पहले से रखे पैसे और चांदी के साथ-साथ उसने एक तमंचा भी उसी में रख दिया था। अनुज दुबे ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए कहा कि वे रितेश के बहकावे में आ गए थे। उसने बताया कि रितेश उर्फ पंकज पर उसकी उधारी थी। कुछ समय पहले जब उसने रितेश से अपने पैसे वापस मांगे तो रितेश ने कहा था कि अभी पैसे नहीं हैं और वह कोई योजना बनाएगा। 6 फरवरी को एक-दो दिन पहले रितेश उर्फ पंकज ने अनुज को बताया कि उसने योजना तैयार कर ली है। रितेश ने कहा कि वह प्रयागराज खरीदारी करने अपनी टाटा पंच गाड़ी से जाएगा और वापसी में उसके साथ एक कारीगर रहेगा, उसी के साथ मिलकर काम को अंजाम देना है। ऐसे रचा लूट का प आरोपी अनुज दुबे के मुताबिक, 6 फरवरी 2026 को रितेश ने फोन कर उसे प्रतापगढ़ कोतवाली के पास बुलाया, जहां लूट की पूरी साजिश समझाई गई। रितेश ने बताया कि वह प्रयागराज से खरीदारी कर लौटेगा और देल्हूपुर जंगल के पास अपनी टाटा पंच कार में पीछे रखा बैग कट्टा दिखाकर लूट लेने को कहा। उसने भरोसा दिलाया कि इससे अनुज के उधार पैसे भी मिल जाएंगे और वह अपनी बाकी देनदारियां भी चुका सकेगा। आरोपी के अनुसार, कट्टा खरीदने के लिए रितेश ने 20 हजार रुपये भी दिए थे। पहचान के लिए उसने खास संकेत तय किए—जैसे रास्ते में गाड़ी की अंदरूनी लाइट जलाना, टोल पार करने के बाद गाड़ी की रफ्तार धीमी कर पार्किंग लाइट जलाना और देल्हूपुर बाजार पार कर पुलिया के पास गाड़ी रोकना। योजना के अनुसार, आरोपियों ने मोटरसाइकिल से पहुंचकर रितेश की गाड़ी रोककर बैग लूट लिया। हालांकि घटना के बाद रितेश आरोपियों से संपर्क में नहीं आया, जिससे लूटे गए करीब 9.60 लाख रुपये और तीन किलो चांदी का बंटवारा नहीं हो सका। आरोपी ने बताया कि पूरी रकम और चांदी उसी के पास थी, जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया। घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी पुलिस ने कब्जे में ले ली है। पुलिस ने मामले में रितेश मौर्य समेत अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
कोटा में इन्द्र विहार इलाके में तीन मंजिला रेस्टोरेंट बिल्डिंग गिरने के बाद निगम की तरफ से आसपास बने पांच अवैध बिल्डिंग संचालकों को नोटिस जारी किए गए थे। जिसमें अवैध तरीके से बनाई हुई मंजिलों को खाली करने और अवैध निर्माण हटाने के निर्देश थे। निगम की तरफ से दिया गया दो दिन का समय सोमवार को खत्म हो गया। हालांकि अभी तक निगम की तरफ से इन बिल्डिंग मालिकों या बिल्डिंगों पर कोई एक्शन नहीं हुआ। इधर, बिल्डिंग मालिकों की तरफ से खुद अवैध निर्माण को हटाने के लिए कहा गया है। जिसके बाद मंगलवार को आस पास की बिल्डिंगों में जो दुकानें थी उनको खाली करवाने का काम शुरू हो गया। शनिवार रात दुर्घटनाग्रस्त हुए भवन के पास प्लॉट संख्या एस-5, एस-6, एस-65, एस-67 और एस-68 में बने भवन में अवैध निर्माण पाया गया था। है। एस-68 में निर्मित भवन को असुरक्षित माना। ऐसे में इन सभी भूखण्ड मालिकों को तुरन्त प्रभाव से भवन खाली करते हुए दो दिन में अवैध निर्माण हटाने का नोटिस जारी किया गया था। मंगलवार को भास्कर टीम मौके पर पहुंची तो यहां पर इन भवनों से दुकानें खाली करवाने का काम चल रहा था। दुकानदार खुद दुकाने खाली करते नजर आए। साथ ही साथ इन बिल्डिंग के बाहर जहां जहां टीनशेड लगातार अतिक्रमण था, उन्हें भी खोलने की कार्रवाई की जा रही थी। जो भवन गिरा, उसके जस्ट पास वाली बिल्डिंग में दूसरी मंजिल पर सैलून चलाने वाले शहजाद ने बताया कि जानकीलाल मालव की बिल्डिंग है। अब मालिक ने दुकानों को खाली करवाने का काम शुरू कर दिया है। ठेकेदार से बात की गई है जो कि अवैध निर्माण जो ऊपर हो रहा है दो मंजिल का उसे तोड़ा जाएगा। लेबर लगाकर हाथों से ही अवैध निर्माण को हटवाया जाएगा, क्योंकि पहले भी हादसा मशीनों के इस्तेमाल करने की वजह से हुआ था। दो मंजिल को तोड़ा जाएगा। इसी तरह आस पास के भवन भी खाली कर दिए है। इसके पास ही स्थित भवन के मालिक नितिन मेवाडा ने बताया कि उनके यहां बाहर टीनशेड के अतिक्रमण को हटाने का नोटिस आया था, जिसे हटा दिया गया है। अतिक्रमण हटाने में लगी निगम की टीमेंइधर, हादसे के बाद निगम टीमों का ध्यान अतिक्रमण पर है। अलग अलग टीमे शहर में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में जुटी है। इसमें हादसे वाले इलाके में जिन दुकानदारों के कच्चे पक्के अतिक्रमण कर रखे हैं उन्हें हटाया जा रहा है। वहीं अग्निशमन विभाग की तरफ से अलग अलग टीमें बनाई गई है जो कि बिल्डिंगों, होटल, हॉस्टल, रेस्टोरेंट में अग्निशमन सुरक्षा के बंदोबस्त की जांच कर रही है। अग्निशमन अधिकारी राकेश व्यास ने बताया कि शहरभर में रिहायशी और व्यावसायिक भवनों, मॉल, वेज-नॉनवेज रेस्टोरेंट्स सहित उन सभी परिसरों का निरीक्षण किया जा रहा है जहां अग्नि दुर्घटना से जान-माल के नुकसान की आशंका है। नियमों की अनदेखी मिलने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ सीजिंग की कार्रवाई की जाएगी।
कानपुर देहात, 10 फरवरी 2026। राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के अवसर पर जनपद कानपुर देहात में स्वास्थ्य विभाग ने एक बड़ा अभियान चलाया। इस दौरान 9,34,059 बच्चों को पेट के कीड़े मारने की दवा एल्बेंडाजोल खिलाई गई। यह महाअभियान स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और पॉलीटेक्निक–आईटीआई संस्थानों में एक साथ संचालित किया गया। अभियान के तहत जिले के 2011 सरकारी स्कूलों के 2,30,725 बच्चों, 629 निजी विद्यालयों के 2,58,297 बच्चों और 50 पॉलीटेक्निक व आईटीआई के 44,465 छात्र–छात्राओं को दवा दी गई। इसके अतिरिक्त, 1787 आंगनबाड़ी केंद्रों में पंजीकृत 1,92,508 बच्चों और स्कूल न जाने वाले 60,354 बच्चों तक भी स्वास्थ्य टीमें पहुंचीं। ईंट भट्ठों व निर्माण स्थलों पर काम करने वाले परिवारों के बच्चों को भी इस अभियान में शामिल किया गया। इस अभियान को सफल बनाने के लिए 1772 आशा कार्यकर्ता, 1787 आंगनबाड़ी कर्मी और 253 एएनएम को विशेष दायित्व सौंपा गया था। स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने अभिभावकों को कृमि संक्रमण के प्रति जागरूक किया। उन्हें बताया गया कि पेट के कीड़े बच्चों में एनीमिया, कुपोषण और शारीरिक-मानसिक विकास में बाधा का एक प्रमुख कारण हैं। सीएमओ डॉ. एस.एल. वर्मा ने कहा कि साल में दो बार कृमिनाशक दवा खिलाने से बच्चों की सेहत में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों की स्वच्छता, हाथ धोने की आदत और साफ भोजन पर विशेष ध्यान दें, ताकि यह समस्या जड़ से खत्म हो सके। डॉ. वर्मा ने कुछ विशेष सावधानियां भी बताईं, जिनमें बच्चों को मिट्टी खाने से रोकना, भोजन से पहले अच्छी तरह हाथ धोना, साफ और उबला पानी पीना, बासी व खुले में रखा भोजन न करना और अत्यधिक मीठे व पैक्ड फूड से बचना शामिल है।
फाजिल्का जिले के जलालाबाद में एक निजी स्कूल सेक्रेड हार्ट कॉन्वेंट स्कूल में छात्र की सुरक्षा को लेकर कई तरह के सवाल खड़े हुए हैं। आरोप लगाए जा रहे हैं कि स्कूल वैन में छात्र के साथ मारपीट की गई। जिसको लेकर बच्चे के अभिभावकों ने इसकी शिकायत शिक्षा विभाग के साथ-साथ पुलिस को भी दी है। मामले में स्कूल प्रबंधकों पर सरकारी नियमों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए कार्यवाही की मांग की है। उधर डीएसपी गुरसेवक सिंह बराड़ का कहना है कि शिकायत मिलने के बाद मामले में जांच पड़ताल की जा रही है। स्कूल से घर लौटते समय वारदात जिला पुलिस विभाग के पुलिस अधिकारी शिकायतकर्ता डिंपल बहल ने कहा कि उनका बेटा अश्विन प्रताप बहल सेक्रेड हार्ट कॉन्वेंट स्कूल में पांचवी कक्षा का छात्र है। वह स्कूल से वैन में घर लौट रहा था। उनका आरोप है कि वैन के भीतर ही स्कूल के एक अन्य छात्र ने उसके बेटे के साथ मारपीट की। स्कूल की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल उन्होंने इस बात को लेकर स्कूल वैन में बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए और कहा कि स्कूल प्रशासन द्वारा सरकार के नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है, क्योंकि स्कूल वैन में कोई केयर टेकर नहीं है। हालांकि इसकी शिकायत उन्होंने शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों और डीएसपी जलालाबाद को भी दर्ज करवाई है। बीपीईओ ने मांगा स्पष्टीकरण बीपीईओ सुशील कुमारी का कहना है कि छात्र से मारपीट की घटना स्कूल परिसर के भीतर की नहीं है, बल्कि स्कूल से घर लौटते समय निजी वैन में मारपीट करने के आरोप लगे है। मामले की गंभीरता को देखते हुए विभाग ने स्कूल प्रबंधन से लिखित स्पष्टीकरण मांगा है। जबकि स्कूल प्रिंसिपल के असिस्टेंट सुनील कटारिया का कहना है कि जिस स्कूल वैन को लेकर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। वह वैन उनके स्कूल की अधिकारिक वैन नहीं है। उनके द्वारा स्कूल वैन सभी संचालकों को दो टूक साफ कर दिया गया है कि बिना केयरटेकर स्कूल में कोई भी वैन दाखिल नहीं होने दी जाएगी। मामले की जांच जारी- डीएसपी उधर डीएसपी जलालाबाद गुरसेवक सिंह बराड़ का कहना है कि उनके पास शिकायत दर्ज करवाई गई है। मामले में उन्होंने एसएचओ की ड्यूटी लगाई है। मामले में जांच पड़ताल की जा रही है। जिसके बाद बनती कार्रवाई की जाएगी।
छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के मुजगहन गांव में देर रात ग्रामीणों ने चक्काजाम कर दिया। यह विरोध प्रदर्शन पुलिस प्रशासन और थाना प्रभारी के खिलाफ था, जिसमें ग्रामीणों ने शिकायत के बावजूद कार्रवाई न होने का आरोप लगाया। जनपद सदस्य सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण सड़क पर बैठकर नारेबाजी कर रहे थे। जनपद सदस्य कीर्तन मिनपाल ने बताया कि मुजगहन में साईं मंदिर के पास एक परिवार किराए पर रहता है। यह परिवार आए दिन शराब पीकर लोगों से गाली-गलौज और मारपीट करता है, जिससे गांव का माहौल खराब हो गया है। रविवार को भी किराएदार ने पड़ोसियों से गाली-गलौज और मारपीट की, जिससे ग्रामीण आक्रोशित हो गए। किराएदार को हटाने की सूचना पहले दी गई थी मिनपाल के अनुसार, इस किराएदार को गांव से हटाने के लिए 10 दिन पहले अर्जुनी थाने और पंचायत को सूचना दी गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। पुलिस को रविवार की घटना की सूचना देने के काफी समय बाद भी जब वे मौके पर नहीं पहुंचे, तो ग्रामीणों ने धमतरी-गुंडरदेही मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। पुलिस की देर से पहुंच के कारण ग्रामीणों ने चक्काजाम किया चक्काजाम की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने किराएदार और मकान मालिक को थाने ले जाकर किराएदार को मकान खाली करने का निर्देश दिया। इस आश्वासन के बाद ही ग्रामीणों का आक्रोश शांत हुआ और चक्काजाम समाप्त किया गया। गांव के सरपंच होमेश्वर साहू ने भी पुष्टि की कि पंचायत की ओर से किराएदार को हटाने के लिए अर्जुनी थाने में शिकायत दर्ज कराई गई थी।
हांसी में अवैध हथियार के साथ युवक गिरफ्तार:तलाशी के दौरान पकड़ा; नहर पर घूम रहा था, केस दर्ज
हरियाणा के हांसी में CIA स्टाफ ने अवैध हथियार रखने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस टीम ने ये कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की। युवक के कब्जे से एक अवैध देशी कट्टा बरामद किया। आरोपी की पहचान हांसी के बोगाराम कॉलोनी निवासी तरुण के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, CIA स्टाफ की टीम गश्त के दौरान काली देवी चौक पर मौजूद थी। इसी टीम को सूचना मिली कि आरोपी हांसी अवैध हथियार के साथ भिवानी रोड नहर पुल के पास घूम रहा है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। तलाशी लेने पर देशी कट्टा मिला नहर पुल के पास खड़े संदिग्ध युवक को काबू कर पूछताछ की गई। तलाशी लेने पर उसके पास से एक अवैध देशी कट्टा बरामद हुआ। आरोपी से हथियार का लाइसेंस मांगा गया, लेकिन वह कोई वैध दस्तावेज पेश नहीं कर सका। आर्म एक्ट के तहत केस दर्ज पुलिस ने आरोपी के खिलाफ थाना शहर हांसी में आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। बरामद हथियार को कब्जे में लेकर आगामी जांच शुरू कर दी गई है। आरोपी को कोर्ट में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।
सिरोही जिले में अवैध रूप से चिकित्सा कार्य कर रहे झोलाछाप एवं तथाकथित नीम हकीमों के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं। जिला कलेक्टर अल्का चौधरी ने स्वास्थ्य, पुलिस, आयुर्वेद और औषधि नियंत्रण विभाग को इस संबंध में समन्वित रूप से कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। ये निर्देश राजस्थान सरकार के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, जयपुर के शासन उप सचिव के परिपत्र संख्या 17(03)/चिकित्सा/2/2024 दिनांक 09.01.2020 के क्रम में जारी किए गए हैं। इस परिपत्र में अवैध चिकित्सा गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध और प्रभावी नियंत्रण के निर्देश दिए गए थे। जिला कलेक्टर द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि जिले में शिकायत प्राप्त होते ही तत्काल जांच कर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इस कार्य के लिए जिला एवं उपखंड स्तर पर अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई है। जिला स्तर पर अतिरिक्त जिला कलेक्टर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, उप निदेशक (आयुर्वेद विभाग) और सहायक औषधि नियंत्रक को नामित किया गया है। इसी प्रकार, उपखंड स्तर पर तहसीलदार, उप अधीक्षक/वृत्ताधिकारी पुलिस, खंड मुख्य चिकित्सा अधिकारी, आयुर्वेद विभाग द्वारा नामित प्रतिनिधि और औषधि नियंत्रण अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन अधिकारियों को समय-समय पर संयुक्त निरीक्षण एवं अभियान चलाते हुए झोलाछाप/नीम हकीमों की पहचान कर उनके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट जिला प्रशासन को नियमित रूप से प्रस्तुत करना भी अनिवार्य किया गया है। जिला कलेक्टर ने कहा कि अवैध चिकित्सा गतिविधियां आमजन के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा हैं और इनके विरुद्ध शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई जाएगी। आम नागरिकों से भी अपील की गई है कि यदि कहीं भी अवैध रूप से चिकित्सा करते हुए कोई व्यक्ति पाया जाए तो इसकी सूचना संबंधित विभाग को तत्काल दें। जिला प्रशासन द्वारा जारी इस आदेश की प्रतिलिपि राज्य स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों सहित जिले के सभी उपखंड अधिकारियों, पुलिस एवं स्वास्थ्य विभाग को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्रवाई हेतु भेजी गई है।
5 साल बाद भरतपुर के पूर्व राजपरिवार के सदस्य और पूर्व मंत्री विश्वेन्द्र सिंह ने अपने बेटे अनिरुद्ध सिंह के साथ सोशल मीडिया पर फोटो डाला है। इसका कैप्शन लिखा- आज जवाहर रिजॉर्ट में बहुत दिनों बाद मेरे बेटे युवराज अनिरुद्ध भरतपुर से सुखद मुलाकात हुई। वहीं अनिरुद्ध ने भी एक पोस्ट शेयर करते हुए लिखा- मुझे कॉफी पीने का शौक है, पिताजी ने नई कॉफी मशीन खरीदी है, मैं कॉफी पीने चला गया। दोनों के बीच करीब 5 साल से विवाद चल रहा था। इसके बाद ये फोटो सामने आने के बाद दोनों के बीच सुलह होने की संभावना जताई जा रही है। तस्वीर जिसे पूर्व मंत्री ने पोस्ट किया तस्वीर, जिसे अनिरुद्ध ने रिपोस्ट कर कैप्शन लिखा- 5 साल पहले बेटे की थी पोस्ट 31 मई 2021 को अनिरुद्ध सिंह ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट कर अपने पिता के साथ हुई अनबन पर पोस्ट की थी। इससे पहले अनिरुद्ध सिंह पारिवारिक अनबन की बातों को नकारते रहे थे। अब ये तस्वीर सामने आने के बाद दोनों पारिवारिक सुलह की संभावनाएं तेज हो गई हैं। प्रॉपर्टी को लेकर भी हुआ था विवाद इधर, 6 महीने पहले 24 अगस्त 2025 को पूर्व मंत्री ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट कर पारिवारिक कलह पर खुल लिखा था। उस वक्त अनिरुद्ध ने एक पोस्ट कर पिता विश्वेन्द्र सिंह बयाना स्थित बंध बारैठा की कोठी को अवैध रूप से बेचने का आरोप लगाया था। जवाब में विश्वेन्द्र सिंह ने लिखा था- वह मेरी निजी संपत्ति थी। उस कोठी को बेचने से मिले पैसे से मेरी पत्नी (दिव्या सिंह) ने दिल्ली में महंगा फ्लैट खरीदा था। हकीकत में कोठी बंध बारैठा मेरी निजी संपत्ति थी। राजपरिवार की संपत्ति नहीं थी। इसको बेचने के लिए मैं अधिकृत था। इसलिए मेरी पत्नी दिव्या सिंह ने मुझसे जबरदस्ती लिखवा कर मुझसे बिकवाया था। दिव्या सिंह ने उस पैसे से नई दिल्ली में एक महंगा फ्लैट अपने नाम से लिया। इसलिए यह कहना कि कोठी बंध बारैठा को अवैध रूप बेचा गया है, ये गलत है। विवाद के चलते लगाई थी याचिका मार्च 2024 में विश्वेन्द्र सिंह ने अपने और पत्नी के खिलाफ SDM कोर्ट एक याचिका लगाई थी लेकिन, वह याचिका SDM कोर्ट से ख़ारिज कर दी गई। जब पूर्व राजपरिवार के सदस्य विश्वेन्द्र का उनकी पत्नी और बेटे से विवाद चल रहा था। भरतपुर पूर्व राजपरिवार के सदस्य फिर आमने-सामने:बेटे का आरोप- बंध बारैठा कोठी अवैध रूप से बेची, विश्वेंद्र सिंह की सफाई- वह मेरी निजी संपत्ति भरतपुर पूर्व राजपरिवार के सदस्य फिर आमने-सामने हैं। पूर्व मंत्री और पूर्व राजपरिवार सदस्य विश्वेंद्र सिंह के बेटे अनिरुद्ध सिंह ने बयाना स्थित बंध बारैठा की कोठी को अवैध रूप से बेचने का आरोप लगाया है। (पढ़ें पूरी खबर) विश्वेंद्र सिंह की पत्नी बोलीं- सारे फसाद के पीछे गहलोत:भरतपुर पूर्व राजपरिवार विवाद पर बेटे ने कहा- पूर्व सीएम ने हमारे फोन टेप करवाए भरतपुर के पूर्व राजपरिवार के सदस्य और पूर्व मंत्री विश्वेंद्र सिंह का पत्नी दिव्या सिंह और बेटे अनिरुद्ध सिंह से विवाद गहराता जा रहा है। दोनों के बीच आरोप- प्रत्यारोप का दौर जारी है। (पढ़ें पूरी खबर)
जालंधर रेंज की पुलिस ने अपराध और असामाजिक तत्वों के खिलाफ कमर कसते हुए 'ऑपरेशन प्रहार 2.0' के तहत एक व्यापक अभियान शुरू किया है। डीआईजी नवीन सिंघला के नेतृत्व में 200 से अधिक पुलिस टीमों ने रेंज के विभिन्न जिलों में 2,000 से अधिक ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने गैंगस्टर, धोखाधड़ी करने वाले ट्रैवल एजेंट और असामाजिक तत्वों सहित करीब 600 संदिग्धों को काबू किया, जिनमें से 150 से अधिक अपराधियों को हिरासत में लिया गया है। पकड़े गए व्यक्तियों में तीन घोषित अपराधी (PO) भी शामिल हैं और पुलिस ने तलाशी के दौरान तीन देसी हथियार बरामद करने में सफलता हासिल की है। कपूरथला में 50 टीमों ने 121 स्थानों पर दी दबिश कपूरथला जिले में इस ऑपरेशन का असर विशेष रूप से देखा गया, जहाँ एसएसपी गौरव तूरा की देखरेख में 50 पुलिस टीमों ने 121 स्थानों पर दबिश दी। इस जिले में 500 से अधिक छापेमारी की गई, जिसके परिणामस्वरूप 75 संदिग्धों से पूछताछ हुई और 37 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस की इस सक्रियता और जनता में सुरक्षा की भावना पैदा करने के उद्देश्य से डीआईजी नवीन सिंघला और एसएसपी गौरव तूरा ने ठंडी सड़क से मुख्य बस स्टैंड गेट तक फ्लैग मार्च का नेतृत्व भी किया। रेलवे स्टेशनों और बस स्टैंड्स पर भी चलेगा अभियान पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि 'ऑपरेशन प्रहार 2.0' अभी समाप्त नहीं हुआ है और यह अगले 72 घंटों तक निरंतर जारी रहेगा। आने वाले दिनों में यह अभियान रेलवे स्टेशनों और बस स्टैंडों जैसे सार्वजनिक स्थलों पर केंद्रित रहेगा। सुरक्षा व्यवस्था को और पुख्ता करने के लिए रात के समय विशेष सर्च ऑपरेशन चलाए जाएंगे और शहर के मुख्य चौकों पर नाकाबंदी कर वाहनों की गहन जांच की जाएगी, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके और अपराधियों पर नकेल कसी जा सके।
आगर मालवा में मादक पदार्थों के अवैध कारोबार पर पुलिस ने कार्रवाई की है। टीम ने 2 किलो 655 ग्राम अफीम जब्त की है। इस मामले में एक युवक को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस को मंगलवार को सूचना मिली थी कि एक युवक बाइक से बड़ौद से आगर की ओर अफीम लेकर आ रहा है। झौटा चौकी क्षेत्र अंतर्गत आगर-बड़ौद रोड स्थित यात्री प्रतीक्षालय के पास चेकिंग अभियान चलाया गया। तलाशी के दौरान बड़ी संख्या में मिली अफीम मुखबिर द्वारा बताए गए हुलिए के अनुसार युवक को रोका गया। उसकी तलाशी लेने पर कमर से बंधी थैली में 2 किलो 655 ग्राम अवैध अफीम बरामद हुई। अफीम को मौके पर तौलकर सीलबंद किया गया और बाइक भी जब्त कर ली गई। आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज पुलिस ने आरोपी कमलसिंह, पिता रमेशचंद्र आंजना, निवासी ग्राम काचरिया, थाना बड़ौद के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पूछताछ में अफीम के स्रोत और संभावित नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है। बरामद अफीम की अनुमानित कीमत 7 लाख 96 हजार 500 रुपए है। इसके अलावा बाइक की कीमत 50 हजार रुपए है। कुल जब्त सामग्री की कीमत 8 लाख 46 हजार 500 रुपए आंकी गई है।
सीतापुर में अधजले शव मिलने की उलझी गुत्थी:पुलिस कराएगी डीएनए जांच, हत्या या हादसा खोलेगी रिपोर्ट
सीतापुर के अटरिया थाना क्षेत्र में रविवार को मिले युवक के अधजले शव के मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। शव लगभग 70 फीसदी तक जला होने के कारण उसकी शिनाख्त और अधिकारिक पुष्टि के लिए पुलिस डीएनए जांच कराएगी। सोमवार शाम को पुलिस निगरानी में शव का अंतिम संस्कार करा दिया गया है, जबकि विसरा सुरक्षित रख लिया गया है। अधजले शव की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस हर पहलू से जांच में जुटी हुई है। घटना अटरिया थाना इलाके के अलबदा गांव के बाहर की है। यहां गांव निवासी विमलेश उर्फ मनू (32 वर्ष) का अधजला शव उसके टीनशेड वाले घर से करीब 100 मीटर दूर पुआल और लिपलिट्स की पत्तियों के बीच पड़ा मिला था। विमलेश गांव के बाहर अकेले रह रहा था और उसके साथ कोई अन्य परिजन नहीं रहते थे। मृतक का बड़ा भाई दिल्ली में रहकर मजदूरी करता है। रविवार सुबह करीब 9 बजे ग्रामीणों ने खेत की ओर जाते समय शव देखा। सूचना पर अटरिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल को घेराबंदी कर जांच शुरू की। इसके साथ ही फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया, जिसने साक्ष्य जुटाए। ग्रामीणों ने शव की हालत देखकर हत्या की आशंका जताई थी, हालांकि पुलिस प्रथम दृष्टया इसे दुर्घटना मान रही है। इस संबंध में सीओ कपूर कुमार ने बताया कि शुरुआती जांच में सामने आया है कि अत्यधिक ठंड के चलते मृतक ने अलाव जलाया था। फिलहाल पुलिस सभी तथ्यों की गहनता से जांच कर रही है। डीएनए रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की
कानपुर के घाटमपुर में मंगलवार को किसान संघर्ष समिति के बैनर तले करीब एक सैकड़ा किसानों ने तहसील पहुंचकर एलिवेटेड हाईवे के लिए चल रही भू-अधिग्रहण प्रक्रिया का विरोध किया। किसानों ने घाटमपुर एसडीएम अविचल प्रताप सिंह को जिलाधिकारी के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपते हुए आरोप लगाया कि बिना पूर्व सूचना के जमीन का चिन्हांकन कर लिया गया है। किसानों ने बाजार दर पर मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने समेत कई मांगें रखीं। बिना जानकारी के हुआ जमीन का चिन्हांकन किसानों का कहना है कि ग्रीन फील्ड फोरलेन/एलिवेटेड हाईवे के लिए उनकी उपजाऊ जमीन का चिन्हांकन बिना सहमति और जानकारी के पूरा कर लिया गया। इससे किसानों में रोष है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि अधिग्रहण प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाए और किसानों के हितों को प्राथमिकता दी जाए। किसानों ने रखीं 6 प्रमुख मांगें SDM ने आश्वासन दिया घाटमपुर एसडीएम अविचल प्रताप सिंह ने बताया कि किसानों ने डीएम को संबोधित ज्ञापन सौंपकर छह सूत्री मांगें रखी हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि किसानों की सभी मांगों को जिलाधिकारी तक पहुंचाया जाएगा और शासन के निर्देशों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
गाजियाबाद पुलिस की साइबर क्राइम टीम ने शेयर ट्रेडिंग के नाम पर करोड़ों रुपए की ठगी करने वाले एक साइबर ठग को गिरफ्तार किया है। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पांच राज्यों में हुई करीब 3.29 करोड़ रुपए की सात साइबर ठगी की घटनाओं का खुलासा हुआ है। गाजियाबाद के पीड़ित को पुलिस ने 9.4 लाख रुपए वापस भी दिलाए हैं। राजनगर एक्सटेंशन निवासी शिवराज सिंह यादव को मुनाफे का लालच देकर एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया। इसके बाद उन्हें फर्जी शेयर ट्रेडिंग ऐप “ASK MIN” पर निवेश के लिए प्रेरित किया गया। आरोपियों ने धीरे-धीरे उनसे 1 करोड़ 11 लाख रुपए से अधिक की ठगी कर ली। जांच के दौरान पुलिस ने इस गिरोह के सदस्य मोहम्मद नदीम (23) को खोड़ा थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह अपने साथियों अंकित और अरुण के कहने पर फर्जी कंपनी के नाम से बैंक खाता खुलवाता था। इसी खाते में ठगी का पैसा आता था, जिसके बदले उसे कमीशन मिलता था। खाते से जुड़े ओटीपी वह अपने साथियों को भेजता था। पुलिस जांच में सामने आया कि इस गिरोह ने उत्तर प्रदेश के अलावा महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, गुजरात और तमिलनाडु में भी लोगों को निशाना बनाया। अलग-अलग राज्यों में लाखों से लेकर एक करोड़ रुपए से अधिक की ठगी की गई। फिलहाल आरोपी से एक मोबाइल फोन बरामद हुआ है। पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है और संबंधित राज्यों की पुलिस से संपर्क कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
अमरोहा स्थित श्री वेंकटेश्वरा यूनिवर्सिटी एक बार फिर विवादों में घिर गई है। यूनिवर्सिटी पर बीएससी ऑप्टोमेट्री के छात्रों को फर्जी डिग्री देने का गंभीर आरोप लगा है, जिससे सैकड़ों छात्रों का भविष्य दांव पर है। यह मामला मंगलवार को तब सामने आया जब पीड़ित छात्र न्याय की गुहार लेकर अमरोहा एसपी कार्यालय पहुंचे। यह धोखाधड़ी तब उजागर हुई जब एक पीड़ित छात्र सुदर्शन कुमार ने यूपी स्टेट मेडिकल फैकल्टी में रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन किया। फैकल्टी ने उसकी डिग्री को अवैध बताते हुए पंजीकरण से साफ इनकार कर दिया। जांच में पता चला कि यूनिवर्सिटी के पास बीएससी ऑप्टोमेट्री कोर्स के लिए कोई वैध पंजीकरण ही नहीं था। छात्रों का आरोप है कि यूनिवर्सिटी ने उनसे डिग्री के नाम पर 10,300 रुपये वसूले थे। अब उन्हें जाली दस्तावेज देकर उनके करियर के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। छात्रों ने यूनिवर्सिटी प्रबंधन पर उनके साथ बदतमीजी करने और धमकी देने का भी आरोप लगाया है। पीड़ित छात्रों और उनके परिजनों ने एसपी अमित कुमार आनंद से मुलाकात कर इस धोखाधड़ी के मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है। एसपी ने उन्हें मामले की गहन जांच पड़ताल कराने का आश्वासन दिया है।
जालंधर के बेस्ट वेस्टर्न होटल में भाजपा द्वारा बजट 2026 को लेकर एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता आयोजित की गई। इस दौरान वरिष्ठ भाजपा नेता मनोरंजन कालिया और केडी भंडारी समेत कई दिग्गज नेताओं ने मोदी सरकार द्वारा पेश किए गए बजट को 'ऐतिहासिक' और 'सर्वांगीण विकास' वाला बताया। नेताओं ने जोर दिया कि यह बजट किसी विशेष जाति या क्षेत्र के लिए नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों और भारत को तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने के संकल्प को पूरा करने वाला है। भाजपा नेताओं ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश बजट की सराहना करते हुए कहा कि यह बजट देश के हर वर्ग के विकास को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। नेताओं ने कहा कि आमतौर पर बजट के समय लोग टैक्स छूट की उम्मीद में रहते हैं, लेकिन यह पहली बार है जब देश का नागरिक सरकार की कार्यप्रणाली से इतना संतुष्ट है कि कहीं कोई रोष नहीं है। इन्फ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी पर जोर नेताओं ने बताया कि यह लगभग 50 लाख करोड़ का अनुमानित बजट है, जिसमें से 12.5 लाख करोड़ रुपये केवल पूंजीगत व्यय के लिए रखे गए हैं। इसका मुख्य उद्देश्य बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है। बॉर्डर के गांवों का विकास, सड़कों का जाल बिछाना और जल मार्गों का उपयोग करना इस बजट की प्राथमिकता है ताकि देश का हर कोना आपस में जुड़ सके। किसानों और ग्रामीण विकास को प्राथमिकता किसानों के मुद्दे पर बोलते हुए नेताओं ने कहा कि 'किसान सम्मान निधि' को जारी रखा गया है। उन्होंने पुराने समय को याद करते हुए कहा कि पहले किसानों को छोटे कर्जों के लिए जेल जाना पड़ता था, लेकिन अब किसान क्रेडिट कार्ड और एग्री-इन्फ्रास्ट्रक्चर पर ध्यान देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। कोल्ड स्टोरेज की सुविधा और भंडारण की समस्या को दूर करने के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। युवा, शिक्षा और कौशल विकास युवाओं के लिए बजट में स्किल इंडिया और स्टार्टअप्स पर विशेष फोकस है। शिक्षा क्षेत्र के लिए 1.25 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसके तहत 15,000 स्कूलों और 500 कॉलेजों में आधुनिक लैब बनाई जाएंगी। डिजिटल लर्निंग और रिसर्च को बढ़ावा दिया जा रहा है ताकि भारत की नई पीढ़ी विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सके। स्वास्थ्य और महिला सशक्तिकरण स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 1.5 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिसमें आयुष्मान भारत योजना और कैंसर की सस्ती दवाइयों पर जोर दिया गया है। वहीं, महिला एवं बाल विकास के लिए 3 लाख करोड़ रुपये रखे गए हैं। 800 जिलों में महिला सहायता समूहों को सशक्त बनाकर महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाने का लक्ष्य रखा गया है। वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट प्रधानमंत्री मोदी के 'वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट' के विजन को आगे बढ़ाते हुए नेताओं ने कहा कि अब स्थानीय उत्पादों को ग्लोबल पहचान मिल रही है। G20 जैसे मंचों के माध्यम से छोटे कारीगरों और उनके उत्पादों की मार्केटिंग बढ़ी है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भारी लाभ मिल रहा है।
चित्रकूट के रामनगर विकासखंड में दिव्यांग श्रेणी के बच्चों को सुविधाजनक शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से 79 परिषदीय विद्यालयों के नोडल शिक्षकों को पांच दिवसीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम बीआरसी रामनगर में 10 फरवरी 2026 से 14 फरवरी 2026 तक संचालित किया जा रहा है। इसका मुख्य लक्ष्य दिव्यांग बच्चों को उनकी आवश्यकता और सीखने की क्षमता के आधार पर पहचानना और उन्हें मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ना है। खंड शिक्षा अधिकारी एन.पी. सिंह ने बताया कि समावेशी शिक्षा के तहत सभी बच्चों को एक साथ बैठकर समान रूप से शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार है। उन्होंने जोर दिया कि कोई भी बच्चा शिक्षा की मुख्य धारा से वंचित न रहे। इसी उद्देश्य से प्रत्येक विद्यालय से एक-एक नोडल शिक्षक को प्रशिक्षित किया जा रहा है। प्रशिक्षित नोडल शिक्षक अपने कैचमेंट एरिया में ऐसे बच्चों की पहचान करेंगे जिनकी सीखने की क्षमता कम है या जो किसी भी प्रकार की दिव्यांगता की श्रेणी में आते हैं। इन बच्चों को चिन्हित कर नामांकित किया जाएगा और शिक्षा की मुख्य धारा में शामिल किया जाएगा। समर्थ ऐप के माध्यम से ऐसे बच्चों का डेटा ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज किया जाना है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में बच्चों की शिक्षा के साथ-साथ दिव्यांग बच्चों को शासन से मिलने वाली विभिन्न सुविधाओं और उनके अधिकारों के संबंध में भी विस्तृत जानकारी प्रदान की जा रही है। स्पेशल एजुकेटर संजय कुमार पांडेय और गुड़िया त्रिपाठी द्वारा यह पांच दिवसीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
डूंगरपुर मेडिकल कॉलेज में रिसर्च यूनिट शुरू:एनीमिया, सर्वाइकल कैंसर पर डॉक्टर करेंगे शोध
डूंगरपुर मेडिकल कॉलेज में केंद्र सरकार की ओर से मल्टी डिसिप्लिनरी रिसर्च यूनिट (एमडीआरयू) की स्थापना की गई है। इस यूनिट के माध्यम से विभिन्न विभाग आपसी समन्वय के साथ आदिवासी बहुल क्षेत्र में फैली गंभीर बीमारियों पर डॉक्टर शोध कार्य करेंगे। इससे डूंगरपुर में दोनों की बीमारियों की वजह ओर उससे निजात दिलाने के प्रयास भी किए जाएंगे। कार्यवाहक प्रिंसिपल डॉ. रूपेश कुमार ने बताया कि यह यूनिट क्षेत्र की स्वास्थ्य चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए शुरू की गई है। जिससे स्थानीय स्तर पर बीमारियों की पहचान, रोकथाम और इलाज में ठोस सुधार संभव हो सकेगा। एनीमिया और सर्वाइकल कैंसर पर शोध कार्य होंगेप्रारंभिक चरण में कम्यूनिटी मेडिसिन और मेडिसिन विभाग संयुक्त रूप से एनीमिया और सर्वाइकल कैंसर पर शोध कार्य करेंगे। आदिवासी क्षेत्रों में महिलाओं और बच्चों में एनीमिया और कुपोषण की समस्या गंभीर रूप से देखी जाती है। वहीं सर्वाइकल कैंसर भी महिलाओं में तेजी से बढ़ती बीमारी के रूप में सामने आ रहा है। इन बीमारियों के कारणों, प्रभाव और रोकथाम के उपायों को वैज्ञानिक आधार पर समझने के लिए विस्तृत अध्ययन किया जाएगा। अत्याधुनिक लैब की स्थापना हुईरिसर्च के लिए मेडिकल कॉलेज परिसर में अत्याधुनिक लैब की स्थापना कर दी गई है। इस लैब में ब्लड एनालाइजर, बायोकेमिकल एनालाइजर, माइक्रोस्कोप, सेंट्रीफ्यूज मशीन, पीसीआर मशीन सहित कई आधुनिक उपकरण लगाए गए हैं। इन उपकरणों की मदद से रक्त की जांच, हीमोग्लोबिन स्तर की माप, पोषण संबंधी तत्वों की कमी का विश्लेषण और कैंसर से संबंधित कोशिकीय परिवर्तनों की जांच की जा सकेगी। सर्वे कर मरीजों की पहचान की जाएगीरिसर्च की प्रक्रिया के तहत सबसे पहले चयनित क्षेत्रों में सर्वे कर मरीजों की पहचान की जाएगी। कम्यूनिटी मेडिसिन विभाग की टीम गांव-गांव जाकर स्वास्थ्य शिविर आयोजित करेगी। जहां लोगों की प्राथमिक जांच की जाएगी। जिन लोगों में एनीमिया या कुपोषण के लक्षण पाए जाएंगे, उनके रक्त के नमूने लैब में भेजे जाएंगे। हीमोग्लोबिन स्तर, आयरन, फोलिक एसिड और अन्य पोषक तत्वों की जांच कर बीमारी की पुष्टि की जाएगी।
हरदोई में मां-बेटे को ट्रक ने मारी टक्कर:मांगलिक कार्यक्रम में जा रही मां की मौत, बेटा घायल
हरदोई के पिहानी में एक सड़क हादसे में 55 वर्षीय महिला की मौत हो गई, जबकि उनका बेटा घायल हो गया। यह घटना तब हुई जब वे सीतापुर से अपनी बेटी के घर मांगलिक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। एक तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। हादसा पिहानी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के पास तिराहे पर हुआ। सीतापुर के शास्त्रीनगर निवासी अमन अपनी मां प्रेमा देवी (55) को बाइक पर बैठाकर बिजगामा स्थित अपनी बहन के घर जा रहे थे। तभी पीछे से आ रहे एक अनियंत्रित ट्रक ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि मां-बेटा सड़क पर गिर गए। हादसे के बाद की 2 तस्वीरें देखिए… स्थानीय लोगों की मदद से दोनों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद प्रेमा देवी को मृत घोषित कर दिया। वहीं, हादसे में घायल अमन का इलाज जारी है। घटना की सूचना मिलते ही प्रभारी निरीक्षक छोटे लाल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त ट्रक को कब्जे में ले लिया है और उसके चालक की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। हादसे की खबर बिजगामा में बेटी के घर और सीतापुर में परिजनों को मिलते ही परिवार में शोक छा गया। परिवार मांगलिक कार्यक्रम की तैयारियों में जुटा था, लेकिन इस घटना से खुशियां मातम में बदल गईं।
दरभंगा कलेक्ट्रेट के भीमराव अंबेडकर सभागार में एनडीआरएफ की 9वीं बटालियन की ओर से बाढ़-जल बचाव (Flood Water Rescue) को लेकर टेबल टॉप अभ्यास का आयोजन किया गया। नेतृत्व एनडीआरएफ के डिप्टी कमांडेंट अश्विनी कुमार ने किया। जीवन रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता इस दौरान में वर्ष 2024 में बिहार में आई बाढ़ के दौरान एनडीआरएफ की भूमिका, त्वरित बचाव कार्य, राहत कार्य और अलग-अलग विभागों के साथ समन्वय की जानकारी साझा की। एनडीआरएफ के इंस्पेक्टर ज्योति कुमार झा ने कहा कि आपदा प्रबंधन का मुख्य उद्देश्य बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्थानीय नागरिकों को अधिक से अधिक सहायता पहुंचाना और जीवन रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देना है। कुशेश्वरस्थान पूर्वी अंचल के शिवगंगा पोखर के पास आयोजित होने वाले फील्ड अभ्यास को लेकर सभी संबंधित विभागों को विस्तृत रूप से ब्रीफ किया गया। बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल, विद्युत विभाग, स्वास्थ्य विभाग, पशुपालन विभाग सहित अन्य विभागों ने बाढ़-पूर्व की तैयारियों और बाढ़ के दौरान किए जाने वाले राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी दी। जिले में सबसे अच्छी तैयारी बैठक में दरभंगा जिले में बाढ़ आपदा प्रबंधन के लिए किए जा रहे नवाचारों पर भी प्रकाश डाला गया। इनमें आपदा से संबंधित पुस्तिका का प्रकाशन, विभिन्न कोषांगों का गठन, टीम निर्माण और क्षति आकलन से संबंधित व्यवस्थाओं की जानकारी शामिल रही। डिप्टी कमांडेंट अश्विनी कुमार ने जिला प्रशासन की तैयारियों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने अब तक पांच राज्यों और बिहार के सभी जिलों का भ्रमण किया है, लेकिन बाढ़ आपदा से निपटने की दृष्टि से दरभंगा जिले की तैयारियां सर्वश्रेष्ठ पाई गई हैं। यह टेबल टॉप अभ्यास आपसी समन्वय को मजबूत करने और आगामी बाढ़ की संभावित चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। बैठक में अपर समाहर्ता आपदा प्रबंधन सलीम अख्तर, अपर जिला दंडाधिकारी मनोज कुमार, उप निदेशक जनसंपर्क सत्येंद्र प्रसाद, अपर समाहर्ता राजस्व मनोज कुमार, आपदा प्रबंधन शाखा की प्रभारी पदाधिकारी वृषभानु कुमारी चंद्रा, वरीय उप समाहर्ता प्रियंका कुमारी सहित विभिन्न विभागों के वरीय पदाधिकारी मौजूद रहे।
लखीमपुर में राइफल साफ करते समय युवक की मौत:26 दिन बाद थी शादी, सेहरा सजने से पहले उठी अर्थी
लखीमपुर खीरी जिले के पड़रिया तुला में राइफल साफ करते समय ट्रिगर दबने से युवक की मौत हो गयी है। हादसे में जिस लड़के की मौत हुई है उसकी शादी 7 मार्च को होने वाली थी। उसकी मौत से अब घर में मातम पसर गया है। मृतक की पहचान अमित खन्ना उर्फ मनी (28), पुत्र सुखदेव राज के तौर पर हुई है। राइफल साफ करते समय हुआ हादसा परिजनों के अनुसार, बीते सोमवार को वह रोज की तरह दुकान पर मौजूद थे। इसी दौरान वह लाइसेंसी रायफल के नवीनीकरण से जुड़े कागजों के सिलसिले में कमरे में गए थे। बताया जा रहा है कि वहीं हथियार की सफाई के दौरान अचानक गोली चल गई और अमित गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजन उन्हें बचा नहीं सके। चाचा धर्मपाल ने बताया कि घर में शादी की तैयारियां अंतिम दौर में थीं। टेंट, कैटरिंग और अन्य कार्यक्रमों की बुकिंग हो चुकी थी। घर में उत्सव का माहौल था, लेकिन एक हादसे ने सब कुछ खत्म कर दिया। अमित अपने पीछे माता-पिता, बड़े भाई और भाभी को गहरे सदमे में छोड़ गए हैं। मंगलवार को पैतृक गांव अम्बरपुरवा में उनका अंतिम संस्कार किया गया, जहां बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। पूरे क्षेत्र में शोक की लहर देखी गई। पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव मौके पर पहुंची भीरा पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक स्तर पर पुलिस इसे आत्महत्या का मामला मानकर भी जांच कर रही है, हालांकि सभी पहलुओं पर पड़ताल जारी है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
माली समाज सामूहिक विवाह समिति की बैठक में सहमति से हुकमीचंद भाटी को समिति का अध्यक्ष मनोनीत किया गया। इस अवसर पर समाज के लोगों ने उन्हें बधाई दी। उन्होंने आश्वासन दिया कि समिति समाजहित में ओर अधिक सक्रियता से कार्य करेगी तथा सामूहिक विवाह जैसे पुण्य आयोजनों को नई दिशा मिलेगी।कार्यक्रम के दौरान माली समाज पंचायत अध्यक्ष रमेश सोलंकी, रमेश माली, अम्बालाल परिहार, मोतीलाल सांखला, हीरालाल बागड़ी, छवरलाल कच्छवाहा, देवजी भाटी, नथूलाल भाटी, भुनेश सोलंकी, मंगल सांखला, मोतीलाल सोलंकी, मनोज सोलंकी, मुकेश माली, उमेश सांखला, परमाराम भाटी, महेश परिहार, नरेश गहलोत, अन्नू सोलंकी, जगदीश भाटी, अर्जुन सोलंकी, मानक चौहान, हितेश चौहान, मनोज सोलंकी, दिनेश माली सहित समाज के कई लोग मौजूद रहे। इस दौरान नवनियुक्त अध्यक्ष हुकमीचंद भाटी का माल्यार्पण कर स्वागत किया गया। साथ ही समाज के सामूहिक विवाह जैसे पुण्य कार्यों को सफल बनाने में पूर्ण सहयोग देने का विश्वास जताया।
मेरठ में महिला कांस्टेबल संध्या भारद्वाज के अपहरण के आरोपी अंकित चौहान ने पुलिस को चकमा देकर कोर्ट में सरेंडर कर दिया। बताया जाता है कि पुराने मुकदमे में जमानत तुड़वाकर अंकित ने सरेंडर किया है। सूचना लीक होते ही क्राइम ब्रांच कचहरी पहुंच गई लेकिन उससे पहले ही अंकित कोर्ट में पेश हो गया। 2022 के मुकदमे में जमानत तुड़वाई महिला कांस्टेबल के वापस घर लौटने के बाद से अंकित फरार चल रहा था। पुलिस की टीमें उसकी तलाश कर रही थी। उसे डर सताने लगा कि पुलिस उसका एनकाउंटर ना कर दे। उसने 2022 के एक मुकदमे में जमानत तुडवाई और सेशन कोर्ट में पुलिस को चकमा देकर सरेंडर कर दिया।
शिवपुरी शहर के फिजिकल थाना क्षेत्र स्थित मोहनीसागर कॉलोनी में सोमवार शाम एक पीएचई कर्मचारी ने अपने ही घर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की सूचना मिलते ही फिजिकल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर मर्ग कायम किया। मंगलवार को शव का पोस्टमार्टम कराकर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। 10 साल से विभाग में था कार्यरत पुलिस के अनुसार मृतक विकास शर्मा 34 वर्षीय पीएचई (लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी) विभाग में अनुकंपा नियुक्ति के तहत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के रूप में पदस्थ था। विकास वहां पिछले करीब 10 वर्षों से सेवाएं दे रहा था। विकास शर्मा अपने परिवार के साथ रहता था और उसके दो छोटे बच्चे हैं। ऑनलाइन गेमिंग से जुड़े होनी की आशंका प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि मृतक ऑनलाइन गेमिंग से जुड़ा हुआ था और उसे आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। इसी कारण के चलते आत्महत्या की आशंका जताई जा रही है, हालांकि पुलिस ने अभी इस बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। फिजिकल थाना पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। परिजनों और परिचितों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। पुलिस के अनुसार, जांच पूरी होने और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही आत्महत्या के कारणों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
नरसिंहपुर में मंगलवार से माध्यमिक शिक्षा मंडल की बोर्ड परीक्षाएं शुरु हो गई है। जिले के 73 परीक्षा केंद्रों पर कक्षा 12वीं के 12,077 परीक्षार्थी अपने पहले पेपर में शामिल हुए। परीक्षा के पहले दिन प्रशासनिक अमला पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। कलेक्टर रजनी सिंह ने खुद मैदान में उतरकर विभिन्न केंद्रों का निरीक्षण किया और सुरक्षा व सुविधाओं का जायजा लिया। संवेदनशील केंद्रों पर कड़ी निगरानी कलेक्टर रजनी सिंह ने बताया कि जिले में सुचारु परीक्षा संचालन के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। जिले के अधिकांश केंद्र सामान्य हैं, हालांकि एक केंद्र को संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। इस केंद्र पर निजी स्कूलों के छात्र परीक्षा दे रहे हैं, इसलिए यहां पुलिस बल और पर्यवेक्षकों की विशेष तैनाती की गई है। कलेक्टर ने सभी एसडीएम और तहसीलदारों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के केंद्रों का निरंतर भ्रमण करें। 9 बजे के बाद 'नो एंट्री' परीक्षा के समय और नियमों को लेकर कलेक्टर ने सख्त रुख अख्तियार किया है। रिपोर्टिंग समय: परीक्षार्थियों को सुबह 8 बजे केंद्र पर पहुंचना अनिवार्य है। अंतिम प्रवेश: सुबह 9 बजे के बाद किसी भी स्थिति में परीक्षार्थी को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। गोपनीयता: 9 बजे के बाद प्रश्न पत्र का वितरण शुरू हो जाता है, इसलिए सुरक्षा और गोपनीयता के मद्देनजर देरी से आने वालों को प्रवेश वर्जित है। देर से आने पर छात्र को नहीं मिला प्रवेश निरीक्षण के दौरान एक ऐसा मामला भी सामने आया जहां एक परीक्षार्थी सुबह 9:30 बजे केंद्र पर पहुंचा। नियमों का हवाला देते हुए उसे परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी गई। कलेक्टर ने कहा कि प्रश्न पत्र खुलने के बाद प्रवेश देना संभव नहीं है, अतः छात्र समय का विशेष ध्यान रखें। शांतिपूर्ण रहा पहला दिन कलेक्टर ने जिन 4-5 केंद्रों का निरीक्षण किया, वहां बैठक व्यवस्था, पेयजल और प्रकाश के इंतजाम संतोषजनक पाए गए। उन्होंने विश्वास जताया कि जिले में पूरी पारदर्शिता और शांति के साथ बोर्ड परीक्षाएं संपन्न होंगी। प्रशासन का लक्ष्य छात्रों को तनावमुक्त और सुरक्षित वातावरण प्रदान करना है।
पंजाब के डीजीपी गौरव यादव के निर्देश पर 'ऑपरेशन प्रहार फेज-2' शुरू किया गया है। इसके तहत, तरनतारन पुलिस ने संगठित अपराधियों और समाज विरोधी तत्वों के खिलाफ अभियान चलाया। फिरोजपुर रेंज के डीआईजी श्री स्नेह दीप शर्मा और तरनतारन के एसएसपी श्री सुरेंद्र लांबा के मार्गदर्शन में जिले में विशेष तलाशी अभियान और सतर्कता बढ़ाई गई है। इस अभियान का उद्देश्य जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखना, आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाना और जनता में सुरक्षा की भावना पैदा करना है। इसके तहत संदिग्ध ठिकानों, भीड़भाड़ वाले बाजारों और चेकपॉइंट्स पर दिन-रात सख्त नाकाबंदी और तलाशी अभियान चलाए गए। पूछताछ के लिए 40 संदिग्धों को हिरासत में लिया विशेष ऑपरेशन के तहत, तरनतारन पुलिस ने कुल 30 वॉन्टेड अपराधियों को गिरफ्तार किया। साथ ही, पूछताछ के लिए 40 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया। इन गिरफ्तारियों के दौरान 508 ग्राम हेरोइन और एक .32 बोर की पिस्तौल बरामद की गई। इसके अतिरिक्त, पांच व्यक्तियों के खिलाफ निवारक कार्रवाई भी की गई है। शहर के अंदर और बाहर नाकेबंदी कर चेकिंग पुलिस शहर के आंतरिक और बाहरी इलाकों में विशेष नाकाबंदी कर रही है। इस दौरान आने-जाने वाले वाहनों की गहनता से जांच की जा रही है और संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ की जा रही है। विशेष रूप से काली फिल्म/जाली लगी गाड़ियों, हूटर का प्रयोग करने वाले वाहनों, दोपहिया वाहनों पर ट्रिपल राइडिंग, बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों और खतरनाक हथियार रखने वालों की जांच कर चालान किए जा रहे हैं। तरनतारन पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। यदि उन्हें अपने क्षेत्र में कोई संदिग्ध गतिविधि या अवांछित वस्तु दिखाई देती है, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। पंजाब पुलिस आम जनता की जान-माल की सुरक्षा के लिए चौबीसों घंटे तत्पर है।
दुष्कर्म का फरार आरोपी गिरफ्तार:एक साल पहले नाबालिग को बहला-फुसलाकर भगाया था
पीथमपुर पुलिस ने एक साल से फरार दुष्कर्म के आरोपी बिट्टू उर्फ सोवरन (20) को गिरफ्तार किया है। आरोपी को मुखबिर की सूचना पर स्थानीय बस स्टैंड से हिरासत में लिया गया। वह एक नाबालिग को बहला-फुसलाकर भगाने और उसके साथ दुष्कर्म करने का आरोपी है। सेक्टर एक थाना पुलिस की उप निरीक्षक चांदनी सिंगार ने बताया कि करीब एक वर्ष पहले आरोपी बिट्टू एक नाबालिग बालिका को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था। वह नाबालिग को सागर स्थित अपने पैतृक गांव ले गया, जहां उसने कई बार शारीरिक संबंध बनाए। पुलिस ने पहले नाबालिग को दस्तयाब कर उसके परिजनों को सौंप दिया था। आरोपी युवक की लगातार तलाश जारी थी। बीती रात पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी किसी काम से पीथमपुर आया है और शहर से भागने की फिराक में है, जिसके बाद उसे बस स्टैंड से हिरासत में ले लिया गया। पुलिस आरोपी को आज माननीय न्यायालय धार में पेश करने की तैयारी कर रही है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी ओमप्रकाश अहीर, उप निरीक्षक चांदनी सिंगार, सहायक उप निरीक्षक कृष्ण कुमार सिंह परिहार, प्रधान आरक्षक प्रदीप पाटिल, अमित जोशी, विक्की कुशवाह और अनिल द्विवेदी का सराहनीय योगदान रहा।
कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव, पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने कहा- मेरे पिता एयरफोर्स में पायलट थे। मैंने उनसे यही सीखा कि कितना भी मुश्किल समय हो वह हमेशा मुस्कुराते रहते थे। वह मुश्किल समय के साथियों को वे कभी नहीं भूले और होना भी यही चाहिए। क्योंकि कई बार जब सत्ता या सफलता आती है तो इंसान चकाचौंध भरी जिंदगी में संघर्ष के दिनों और साथियों को भूल जाता है। लोग कहते है में कम मुस्कराता हूं। लेकिन स्वर्गीय पायलट साहब हमेशा मुस्कराते हुए रहते थे। मेरे प्रति मेरी माता ज्यादा कड़क थी लेकिन पिता कड़क नहीं थे, लेकिन हमें अनुसाशन का पाठ हमेशा पढ़ाया। मंगलवार को सचिन पायलट टोंक में राजेश पायलट की जयंती को लेकर निशुल्क दिव्यांग के उपकरण वितरण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंचे थे। सत्ता के लोग सत्ता का दुरुपयोग कर रहे शिक्षा मंत्री के बयानों के कोई सिर पैर नहीं है, वे तो ऐसे ही बोलते रहते हैं। मैं उनके बारे में कुछ नहीं कहना चाहता। पायलट ने बालमुकुंद आचार्य और अमीन कागजी के दरगाह की छत मामले के विवाद पर कहा- हर बात में राजनीति करना गलत है। जो सही है उसे सही तरीके से किया जाना चाहिए, कानून के हिसाब से किया जाना चाहिए। सत्ता में जो लोग हैं वह सत्ता का दुरुपयोग करें यह सही नहीं है। इस प्रकार की जो घटनाएं हो रही है वह नहीं होनी चाहिए हर व्यक्ति को अधिकार है कानून के अनुसार कार्य करने का और रहने का। किसी के कार्य में ऐसे हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। बोले- मेरी जड़ें मजबूत इस दौरान मीडिया से बातचीत में सचिन पायलट ने कहा- राजनीति जनता के दम पर होती है। ऐसे में, लोगों से दूर हो जाएंगे और सत्ता का घमंड हो जाएगा तो दूरी बन जाती है। जब दूरी बन जाती है तो जनता आपको नकार देगी, मेरी जड़ें मजबूत हैं। डबल इंजन की सरकार ने राजस्थान को क्या दिया पायलट ने केंद्र बजट पर कहा- उसमें देखने लायक कुछ था नही था, यहां तक कि पूरे भाषण में राजस्थान का नाम एक बार भी नहीं आया, वह भी तब, जब डबल इंजन की सरकार है। ग्रामीण विकास मंत्रालय में पहली बार 40 हजार करोड़ की कटौती की गई है। पायलट ने कहा कि पिछले बजट की घोषणाओं को पूरा नहीं किया गया है केंद्र के बजट में सिर्फ सपने दिखाए गए हैं, प्रावधान कहा है। बजट से पहले मैंने सरकार को लिखा है इधर, राजस्थान सरकार के बजट से उम्मीदों को लेकर सचिन पायलट ने कहा- मुझे पता नहीं क्या और कैसा बजट लेकर आएंगे। लेकिन मेरा मानना है बेरोजगारों और युवाओं को रोजगार देने के लिए कुछ होना चाहिए। सरकार ने सिर्फ चंद लोगों के लिए काम किया है। सरकार शिक्षित युवाओं के लिए कुछ नहीं कर रही है। मैं उम्मीद करता हूं कि आगामी बजट में राज्य सरकार युवाओं को रोजगार के लिए कोई पुख्ता बात करे। मैने भी टोंक और राज्य के लिए बजट से पहले सरकार को कुछ लिखा है देखते हैं क्या होता है। हम दिव्यांगों को जयपुर फुट लगाएंगे सचिन पायलट ने टोंक में अग्रवाल धर्मशाला में दिव्यांगों के लिए आयोजित कैंप के बारे में कहा- राजेश पायलट की जयंती पर टोंक में दिव्यांगों के लिए यह कैंप लगाया गया है। मुझे खुशी है कि हम जयपुर फुट लगा पाएंगे, व्हील चेयर दे पाएंगे। साथ ही अन्य उपकरण दिए जाएंगे।
शिवपुरी में दोस्ती के बहाने लोगों को फंसाकर मारपीट, ठगी और ब्लैकमेलिंग करने वाली एक शातिर गैंग का देहात थाना पुलिस ने पर्दाफाश किया है। साथ ही 9 फरवरी को 5 सदस्य को गिरफ्तार भी कर लिया है। इस गैंग ने एक युवक को लड़की बनकर फोन पर झांसे में लिया, फिर मिलने बुलाकर मारपीट की और वीडियो बनाकर झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर उससे एक लाख से अधिक की रकम वसूल ली। व्यापारी ने दर्ज कराई शिकायत देहात थाना प्रभारी निरीक्षक जितेन्द्र मावई ने बताया कि बदरवास निवासी 26 वर्षीय व्यापारी आदित्य जैन पुत्र पवन कुमार जैन ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। फरियादी ने बताया कि 26 जनवरी 2026 को उसके मोबाइल पर अज्ञात नंबरों से कॉल आने लगे। अंजली बनकर फोन पर की दोस्ती कॉल करने वाली युवती ने अपना नाम अंजली बताया और उससे दोस्ती करने लगी। फोन पर बातचीत के दौरान युवती ने मिलने की इच्छा जताई और भरोसे में ले लिया। लगातार बातचीत के कारण फरियादी को किसी तरह का शक नहीं हुआ। 31 जनवरी 2026 को दोपहर करीब 3 बजे आदित्य जैन किराेए की कार से अपने चालक विनोद राठौर के साथ बड़ोदी टंकी के पास पहुंचा। वहां एक युवती मौजूद थी, जिसने खुद को अंजली बताया। अकेले में मिलने का बहाना युवती ने आदित्य जैन से अकेले में बात करने की बात कही और उसे बड़ोदी से करीब तीन किलोमीटर आगे बड़ागांव रोड की ओर ले गई। वहां पहले से ही गैंग के अन्य सदस्य मौजूद थे। जैसे ही आदित्य वहां पहुंचा, युवती ने अपने साथियों को बुला लिया। पांच युवकों ने मिलकर उसके साथ मारपीट की और उसे जबरन बांकड़े मंदिर के पास जंगल में ले गए। जंगल में बनाया गया वीडियो आरोपियों ने जंगल में आदित्य जैन का वीडियो बनाया। इसके बाद उसे धमकाया गया कि अगर पैसे नहीं दिए तो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया जाएगा और उस पर झूठे मामले दर्ज करा दिए जाएंगे। डर और बदनामी के भय से आदित्य जैन ने आरोपियों की बात मान ली। बदमाशों ने फोन-पे के माध्यम से उससे कुल 1 लाख 5 हजार 640 रुपए ट्रांसफर करवा लिए और मौके से फरार हो गए। पुलिस ने दर्ज किया मामला फरियादी की शिकायत पर देहात थाना पुलिस ने अपराध क्रमांक 40/26 धारा 308(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अमन सिंह राठौड़ के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजीव मुले एवं एसडीओपी संजय चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में विशेष टीम गठित की गई। साइबर सेल से मिली अहम जानकारी जांच के दौरान साइबर सेल की मदद से संदिग्ध मोबाइल नंबरों की जानकारी जुटाई गई। जांच में सामने आया कि मोबाइल नंबर आकाश ओझा के नाम पर दर्ज था। पूछताछ में आकाश ओझा ने पुलिस को बताया कि यह मोबाइल नंबर उसका भाई राजा ओझा और उसकी पत्नी कल्पना रजक उर्फ अंजली उपयोग कर रहे थे। इसके बाद पुलिस ने राजा ओझा और कल्पना को हिरासत में लिया। पूछताछ में खुला पूरा राज पूछताछ के दौरान दोनों ने अपना अपराध स्वीकार किया। आरोपिया कल्पना उर्फ अंजली ने बताया कि ग्राम एनवारा निवासी चंद्रपाल धाकड़ ने उसके पति राजा ओझा को आदित्य जैन का मोबाइल नंबर दिया था और उसे फंसाने के लिए कहा था। इसके बाद पूरी योजना बनाकर युवक को हनीट्रैप में फंसाया गया। कॉल करना, मिलने बुलाना, मारपीट और ब्लैकमेलिंग सब कुछ पूर्व नियोजित तरीके से किया गया। पांच आरोपी गिरफ्तार दिनांक 9 फरवरी 2026 को पुलिस ने कल्पना रजक उर्फ अंजली (23 वर्ष), राजा ओझा (21 वर्ष), विकास रावत (19 वर्ष), चंद्रपाल धाकड़ (40 वर्ष) और पवन रावत (25 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने 25 हजार रुपए नकद बरामद किए हैं। पूछताछ में अन्य वारदातों की भी जानकारी मिलने की संभावना जताई जा रही है। सरगना चंद्रपाल धाकड़ पुलिस के अनुसार यह एक संगठित गैंग थी, जिसका सरगना चंद्रपाल धाकड़ था। आशंका है कि इस गैंग ने पहले भी इसी तरह कई लोगों को निशाना बनाया है, लेकिन बदनामी के डर से पीड़ित सामने नहीं आए। पुलिस आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है और अन्य फरार आरोपियों की तलाश लगातार जारी है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ में और भी मामलों का खुलासा हो सकता है।
बक्सर में 11 फरवरी को भारी वाहनों की नो एंट्री:चोल मुंडन, गंगा स्नान के लिए विशेष ट्रैफिक प्लान लागू
बक्सर के चोल मुंडन और गंगा स्नान के पावन अवसर पर शहर में भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन ने 11 फरवरी 2026 को पूरे शहर में विशेष यातायात व्यवस्था लागू करने का फैसला लिया है। भीड़ नियंत्रित करने, जाम से बचने और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सुबह 4 बजे से शाम 5 बजे तक कई मुख्य मार्गों पर वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध या आंशिक रोक रहेगी। इन मार्गों पर रहेगा प्रवेश वर्जित प्रशासन द्वारा जारी निर्देश के अनुसार निम्न मार्गों पर दोपहिया को छोड़कर अन्य सभी वाहनों का प्रवेश वर्जित रहेगा। थाना चौक → ज्योति चौक थाना चौक → नाथबाबा पुल थाना चौक → रामरेखा घाट (पीपी रोड होकर पुराना सदर अस्पताल मार्ग) मुनीम चौक → जमुना चौक → ठठेरी बाजार → थाना चौक सिंडिकेट → जमुना चौक → थाना चौक मठिया पुल → मुनीम चौक इन सभी रूटों पर 11 फरवरी को श्रद्धालुओं की भारी आवाजाही के कारण चार पहिया और भारी वाहनों का प्रवेश पूर्णतः बंद रहेगा। चार पहिया वाहनों के लिए वैकल्पिक रूट ट्रैफिक बाधित न हो, इसके लिए प्रशासन ने चार पहिया वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग भी तय किए हैं— सिंडिकेट–बाईपास–ज्योति चौक–आईटीआई रोड–मठिया मोड़ होते हुए दानी कुटिया की ओर आवाजाही। गोलंबर–सिंडिकेट–ज्योति चौक–अंबेडकर चौक के रास्ते इटाढ़ी गुमटी मार्ग की तरफ। ई-रिक्शा और ऑटो रिक्शा के लिए भी अलग मार्ग तय किए गए हैं ताकि शहर के भीतर वाहनों का दबाव कम रहे और श्रद्धालुओं का आवागमन निर्बाध बना रहे। पार्किंग के लिए विशेष व्यवस्था प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन के तहत अलग-अलग वाहनों के लिए पार्किंग स्थल निर्धारित किए हैं, ट्रैक्टर/पिकअप/बस – हवाई अड्डा मैदान, गोलंबर पार्किंग स्थल, रेलवे मैदान। चार और तीन पहिया वाहन – सिंडिकेट, आईटीआई मैदान, बाजार समिति ग्राउंड, किला मैदान। दोपहिया वाहन – किला मैदान और थाना चौक से ज्योति चौक मार्ग के किनारे पार्किंग की व्यवस्था। एम्बुलेंस और आवश्यक सेवाओं को छूट प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि एम्बुलेंस, मरीज वाहनों और अति आवश्यक सेवाओं को नो-एंट्री से छूट दी जाएगी। साथ ही परीक्षार्थियों को एडमिट कार्ड और रेलवे यात्रियों को टिकट साथ रखने की सलाह दी गई है ताकि जरूरत पड़ने पर उन्हें आवागमन की अनुमति दी जा सके। बड़े वाहनों के लिए पूर्ण नो-एंट्री 11 फरवरी को सुबह 4 बजे से रात 10 बजे तक शहर में बड़े वाहनों, ट्रैक्टर और पिकअप की पूर्ण नो-एंट्री लागू रहेगी। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अनावश्यक रूप से चार पहिया वाहनों का उपयोग न करें और यातायात को सुचारु बनाए रखने में सहयोग करें। शांतिपूर्ण और सुरक्षित आयोजन की तैयारी चोल मुंडन और गंगा स्नान पर लाखों श्रद्धालुओं के जुटने की संभावना के मद्देनजर जिला प्रशासन लगातार ट्रैफिक और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर मॉनिटरिंग कर रहा है। प्रशासन ने नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि सभी मिलकर पर्व को शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न कराने में योगदान दें।
भदोही में कांग्रेस ने मनरेगा बचाओ अभियान चलाया:नकटापुर गांव में चौपाल लगाकर मनरेगा को जीवनरेखा बताया
शीर्ष नेतृत्व के निर्देश पर भदोही जिला कांग्रेस कमेटी ने मनरेगा बचाओ संग्राम अभियान चलाया। इसी क्रम में औराई ब्लॉक के नकटापुर गांव में एक चौपाल का आयोजन किया गया। यह चौपाल जिला अध्यक्ष वसीम अंसारी के नेतृत्व में हुई। चौपाल को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष सुरेश गौतम और जिला महासचिव अवधेश पाठक ने कहा कि मनरेगा गरीबों और मजदूरों के लिए जीवनरेखा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार इसे कमजोर करने का लगातार प्रयास कर रही है। नेताओं ने कहा कि समय पर काम और मजदूरी न मिलना सीधे तौर पर मजदूरों के अधिकारों का हनन है। कांग्रेस पार्टी मनरेगा की रक्षा और मजदूरों के हक की लड़ाई पूरी मजबूती से लड़ेगी। युवा कांग्रेस प्रदेश महासचिव नाजिम अली और मंडल अध्यक्ष कमलेश शुक्ला ने संयुक्त रूप से अपने संबोधन में मनरेगा के माध्यम से ग्रामीणों को रोजगार देने की व्यवस्था को सशक्त करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी गांव-गांव जाकर जनता को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक कर रही है। यह संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक मजदूरों को उनका पूरा अधिकार नहीं मिल जाता। इस चौपाल में बड़ी संख्या में ग्रामीण, कांग्रेस कार्यकर्ता और पदाधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन जिला महासचिव लक्ष्मी शंकर चौबे ने किया। इस अवसर पर जय प्रकाश शुक्ला, कमलेश शुक्ला, केशव सरोज, अशोक सरोज, बैजनाथ सरोज, रमेश चौबे, राधा देवी, आरती देवी, सुशीला गौतम, सुधा देवी, चंदन गौतम, रामबली मौर्य, छविनाथ, लाल बहादुर, बेचन राम, शिवप्रकाश, ओमप्रकाश, फोटो देवी, सरोजा देवी, प्रमिला, शकुंतला, राजकुमारी, सालिकराम, रामराज, छोटेलाल, जितेंद्र कुमार और विनय कुमार सहित सैकड़ों ग्रामवासी मौजूद थे।
बलिया के लोहटा में झाड़ियों में मिला अज्ञात शव:चेहरे पर तेजाब डालने की आशंका, पुलिस ने जांच शुरू की
मंगलवार सुबह रसड़ा कोतवाली क्षेत्र के लोहटा गांव के पास लोहटा-पंडितपुर मार्ग पर झाड़ियों में एक अज्ञात शव मिलने से सनसनी फैल गई। बासनही नदी (लकड़हा) और नथूपुर (जोबनवा) नाले के बीच सिंचाई कर रहे किसानों ने शव देखा और तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही रसड़ा कोतवाली पुलिस, फॉरेंसिक टीम और एसओ गड़वार मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटनास्थल से दो चाकू, एक रस्सी, कैंपस का जूता और एक शॉल भी बरामद हुआ है। शव की शिनाख्त अभी तक नहीं हो पाई है। स्थानीय लोगों ने आशंका जताई है कि मृतक के चेहरे पर तेजाब भी डाला गया है। पुलिस ने शव की पहचान सुनिश्चित करने के लिए गहन छानबीन शुरू कर दी है। आसपास के लोगों के अनुसार, यह तीसरी बार है जब इस सुनसान जगह पर ऐसी घटना हुई है। रात के समय इस क्षेत्र में लोगों का आना-जाना कम रहता है, जिसके कारण ऐसी वारदातें होती रहती हैं। स्थानीय किसानों की माने तो शव से बदबू आ रही थी। सीओ रसड़ा आलोक कुमार गुप्ता ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और उसकी शिनाख्त के प्रयास जारी हैं।
मऊ साइबर थाना पुलिस ने एटीएम से धोखाधड़ी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में बिहार के रहने वाले पांच शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये अपराधी एटीएम में फेवीक्विक लगाकर लोगों को ठगी का शिकार बनाते थे। अपर पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार ने बताया कि साइबर थाना पुलिस, सर्विलांस टीम और साइबर सेल ने मिलकर इस गिरोह को पकड़ा है। यह गिरोह बिहार का है और इनका काम करने का तरीका बेहद शातिर था। जब कोई व्यक्ति एटीएम में पैसे निकालने के लिए कार्ड डालता था, तो गिरोह का एक सदस्य उसमें फेवीक्विक लगा देता था। इसके बाद गिरोह का एक अन्य सदस्य, जिसकी पहचान दीपक के रूप में हुई है, मदद की पेशकश करता था। वह पीड़ित को बताता था कि उसका कार्ड फंस गया है और दीवार पर लिखे कस्टमर केयर नंबर पर कॉल करने से मदद मिल जाएगी। जैसे ही व्यक्ति कस्टमर केयर को कॉल करता था, बाहर खड़ा गिरोह का सदस्य खुद को कस्टमर केयर का प्रतिनिधि बताकर आता था। वह पीड़ित को झांसा देकर एटीएम से बाहर ले आता था। बातचीत के दौरान वे एटीएम का पासवर्ड हासिल कर लेते थे। इसके बाद गिरोह के पास मौजूद पेंचकस और प्लास जैसे औजारों की मदद से एटीएम कार्ड को बाहर खींच लेते थे और बाद में खाते से पैसे निकाल लेते थे। पुलिस ने बिहार के इन पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरोह ने अपराध से अर्जित धन से एक स्विफ्ट कार खरीदी थी, जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया है। इनके पास से मोबाइल फोन, फेवीक्विक, एक चाकू, 13 एटीएम कार्ड, पेंचकस और प्लास भी मिले हैं। इस गिरोह का सरगना पटना का रहने वाला है। पकड़े गए सदस्यों को 20 दिन की विशेष ट्रेनिंग दी गई थी। पुलिस के अनुसार, इस गिरोह ने अब तक पांच घटनाओं को अंजाम दिया है, जिनमें दो बलिया में और एक गोरखपुर में हुई है। अन्य घटनाओं के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। गैंग का जो मुख्य सरगना है वह बिहार के पटना का रहने वाला है जो पुलिस के गिरफ्त से बाहर है पुलिस उसकी तलाश कर रही है।यह पांचो आरोपियों ने मऊ में भी एक घटना को अंजाम दिया जिसमें 20500 की फ्रॉड की। दीपक कुमार, रीतिक कुमार,चन्दन कुमार,दयानन्द कुमार, अनीश कुमार ये पांचों आरोपी बिहार के नवादा जिले के रहने वाले हैं।
पीएम आवास योजना में फर्जी रिपोर्ट का आरोप:उन्नाव के मजदूर ने CM से लगाई न्याय की गुहार
उन्नाव के पुरवा विकास खंड के ग्राम भदनोग निवासी मजदूर अजय कुमार तिवारी ने प्रधानमंत्री आवास योजना में गंभीर अनियमितता का आरोप लगाया है। उन्होंने मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित का आरोप है कि ग्राम विकास अधिकारी ने उनके कच्चे मकान को पक्का दर्शाते हुए फर्जी रिपोर्ट लगा दी, जिससे उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल सका। अजय कुमार तिवारी, पुत्र देशराज तिवारी, ने बताया कि वह कई वर्षों पहले अपने पिता और बड़े भाई से अलग हो गए थे। उनके पास अपनी कोई जमीन नहीं है और वह मजदूरी करके अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। अजय के तीन छोटे बच्चे हैं और उनकी आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर होने के कारण वह अब तक अपना पक्का आवास नहीं बनवा पाए हैं। इसी उम्मीद में उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ऑनलाइन आवेदन किया था। पीड़ित का आरोप है कि ग्राम विकास अधिकारी ने सही रिपोर्ट लगाने के एवज में उनसे अवैध रूप से धन की मांग की। जब वह यह शुल्क देने में असमर्थ रहे, तो ग्राम विकास अधिकारी ने उनके पिता के मकान को ही उनका मकान बताकर रिपोर्ट तैयार कर दी। अजय कुमार तिवारी का कहना है कि वह वर्षों से अपने पिता से अलग रह रहे हैं और उनका अलग राशन कार्ड तथा परिवार है। इसके बावजूद, जांच में जानबूझकर गलत रिपोर्ट लगाई गई, जिससे उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल सका। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि यह पूरी प्रक्रिया उन्हें योजना से वंचित करने और भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की गई है। पीड़ित ने मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में कहा है कि वह अत्यंत मायूस होकर यह प्रार्थना पत्र दे रहे हैं और अब उन्हें न्याय की अंतिम उम्मीद शासन से ही है। उन्होंने मांग की है कि उनके आवास की निष्पक्ष और वास्तविक जांच कराई जाए तथा दोषी ग्राम विकास अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
बाराबंकी जनपद के जहांगीराबाद थाना क्षेत्र में दतौली चौराहे के पास मंगलवार दोपहर करीब एक बजे दो मोटरसाइकिलों की आमने-सामने टक्कर हो गई। इस हादसे में एक महिला सहित तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनमें से एक की उपचार के दौरान मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों मोटरसाइकिलें तेज गति से विपरीत दिशाओं से आ रही थीं। अचानक संतुलन बिगड़ने के कारण उनकी जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर के बाद घायलों को सड़क पर पड़ा देख स्थानीय लोगों ने तत्काल 108 एंबुलेंस और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही जहांगीराबाद थाना पुलिस मौके पर पहुंची और एंबुलेंस की सहायता से सभी घायलों को जिला अस्पताल भिजवाया। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद दो घायलों की हालत गंभीर देखते हुए उन्हें लखनऊ रेफर करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है। मामले की सटीक जानकारी के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है। थाना अध्यक्ष दुर्गा प्रसाद शुक्ला से बात की गई तो उन्होंने बताया है की घायलों को 108 के जरिए अस्पताल भेजा गया है, इलाज जारी है। घटना क़ी जांच क़ी जा रही है।
दालमंडी में लगातार दूसरे दिन बुलडोजर एक्शन शुरू हो गया है। आज कुल 34 मकानों का ध्वस्तीकरण किया जा रहा है। मौके पर एडीएम सिटी आलोक वर्मा और एसीपी दशाश्वमेध के नेतृत्व में 600 पुलिसकर्मी दालमंडी में मुस्तैद हैं। दालमंडी से लोगों को बाहर भेजा जा रहा है। एसीपी अतुल अंजान ने बताया कि जिन मकानों को पहले चिह्नित किया गया था, उन पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई लगातार जारी है। आज कुल 34 मकानों को गिराया जा रहा है, जो अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई है। उन्होंने आम जनता से अपील की है कि ध्वस्तीकरण कार्य के दौरान दालमंडी क्षेत्र में प्रवेश न करें। वहीं, आगजनी के मामले में एसीपी ने कहा- एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है, जबकि अन्य लोगों के खिलाफ शांतिभंग की धाराओं में कार्रवाई की गई है। कहा कि ध्वस्तीकरण की कार्रवाई में जो भी बाधा डालेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। दालमंडी में हो रही ध्वस्तीकरण की कार्रवाई से जुड़े अपडेट के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए….
बाइक से 30 मीटर दूर मिला युवक का शव:हल्की खरोंचों ने बढ़ाया संदेह, पुलिस CCTV फुटेज खंगाल रही
महराजगंज जनपद के नौतनवां थाना क्षेत्र के अड्डा बाजार में एक युवक का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला है। डुडी नदी पुल के पास निर्माणाधीन शिखर फूड्स के सामने मिले शव की पहचान अजय वर्मा पुत्र ओमप्रकाश वर्मा के रूप में हुई है। सूचना मिलते ही नौतनवां थानाध्यक्ष पुरुषोत्तम राव और क्षेत्राधिकारी अंकुर गौतम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित कर फोरेंसिक टीम को बुलाया, जिसने साक्ष्य संकलन किया। प्रारंभिक जांच के बाद आवश्यक विधिक कार्रवाई करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, ताकि मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सके। अजय वर्मा ग्राम बेलभर, अड्डा बाजार में अपना निजी मकान बनवाकर रह रहे थे। परिजनों के अनुसार, उनकी चकदह खास बाजार में ज्वेलरी की दुकान है। परिजनों ने बताया कि बीती रात करीब 9:30 बजे अजय वर्मा अपने ससुराल बेलभर, अड्डा बाजार में भोजन करने के बाद अपने निजी मकान के लिए निकले थे। उनका घर ससुराल से मात्र करीब 400 मीटर की दूरी पर था। आज सुबह उनका शव डुडी नदी पुल के पास बरामद हुआ। घटनास्थल पर सड़क किनारे मृतक की पल्सर बाइक गिरी हुई मिली, जबकि शव बाइक से लगभग 30 मीटर दूर पड़ा था। बाइक पर केवल हल्की खरोंचें पाई गईं, जिससे किसी बड़े सड़क हादसे की संभावना कम प्रतीत हो रही है। परिजनों ने इसे सामान्य दुर्घटना मानने से इनकार करते हुए हत्या की आशंका जताई है और निष्पक्ष जांच की मांग की है। पुलिस ने बताया कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है। आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बोकारो के सेक्टर-6/B थाना क्षेत्र में अपराधी विनोद कुमार उर्फ विनोद खोपड़ी के अवैध रूप से निर्मित कार्यालय को मंगलवार को प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई टाउन एंड एडमिनिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट और बीएसएल प्रशासन के संयुक्त सहयोग से की गई। यह कार्रवाई अमृता सिंह की शिकायत के बाद हुई, जिन्होंने सेक्टर-8A में अपने पति जयंत कुमार को धमकी देने, अपहरण और हत्या के आरोप में विनोद कुमार के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। हरला थाना पुलिस ने विनोद कुमार को 14 दिसंबर को ओडिशा से गिरफ्तार किया था और 15 जनवरी को उसे जेल भेज दिया गया था। इस मामले को लेकर बोकारो की कई सामाजिक संस्थाओं और आम नागरिकों ने विनोद कुमार के लिए कड़ी सजा की मांग की थी। उन्होंने सड़क जाम, प्रदर्शन और भूख हड़ताल भी की थी। लोगों की प्रमुख मांग थी कि विनोद कुमार के उस अवैध कार्यालय को तोड़ा जाए, जहां से कथित तौर पर आपराधिक गतिविधियां संचालित होती थीं। दो दिनों तक चली भूख हड़ताल के बाद जिला प्रशासन ने कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई का आश्वासन दिया था। अवैध निर्माण की लगातार शिकायतें मिल रही थीं: बीएसएल टाउन एडमिनिस्ट्रेशन अधिकारी प्रशासन ने स्टेट कोर्ट से आदेश प्राप्त कर पीपी एक्ट 1971 के तहत यह कार्रवाई की। बीएसएल टाउन एडमिनिस्ट्रेशन के अधिकारी ए.के. सिंह ने बताया कि इस अवैध निर्माण को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद कानूनी प्रक्रिया अपनाई गई। बोकारो सिटी डीएसपी आलोक रंजन ने जानकारी दी कि विनोद कुमार पर लगभग 20 आपराधिक मामले दर्ज हैं। सेक्टर-6 में बना यह कार्यालय अवैध रूप से संचालित हो रहा था और अपराधियों का ठिकाना बना हुआ था। बीएसएल द्वारा जारी इविक्शन ऑर्डर के तहत यह ध्वस्तीकरण किया गया। कार्रवाई के दौरान विनोद कुमार के कुछ समर्थकों ने विरोध करने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस बल की भारी मौजूदगी के कारण काम शांतिपूर्ण ढंग से पूरा किया गया। गौरतलब है कि विनोद कुमार वर्तमान में जेल में है। उसने नगर निगम चुनाव में मेयर पद के प्रत्याशी के लिए अपना नामांकन दाखिल किया है।
जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर बिहार नवनिर्माण अभियान के तीसरे दिन पश्चिम चंपारण जिले के बेतिया स्थित मझौलिया प्रखंड पहुंचे। उन्होंने यहां स्थानीय ग्रामीणों और कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने हाल ही में हुई एक घटना का संज्ञान लिया, जिसमें गन्ना लदे ट्रैक्टर की चपेट में आने से एक बच्चे की मौत हो गई थी। प्रशांत किशोर ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। उन्होंने परिवार को आश्वस्त किया कि जन सुराज इस कठिन समय में उनके साथ है। ग्रामीणों की शिकायतें सुनी इसके साथ ही उन्होंने मझौलिया क्षेत्र की चीनी मिल से निकलने वाले दूषित पानी को लेकर ग्रामीणों की शिकायतें भी सुनीं। ग्रामीणों ने बताया कि मिल से निकलने वाला प्रदूषित पानी खेतों और जलस्रोतों को नुकसान पहुंचा रहा है, जिससे किसानों और स्थानीय निवासियों को परेशानी हो रही है। इस मुद्दे पर प्रशांत किशोर ने कहा कि यह केवल पर्यावरण का नहीं, बल्कि लोगों के स्वास्थ्य और आजीविका का भी प्रश्न है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जन सुराज पार्टी इन समस्याओं को उठाएगी और प्रभावित लोगों को न्याय दिलाने के लिए हर संभव प्रयास करेगी।
कानपुर के बिठूर थाना क्षेत्र में देर रात सड़क किनारे मारपीट के दौरान बड़ा हादसा हो गया। दो पक्षों के बीच झगड़ा हाइवे तक पहुंच गया, तभी तेज रफ्तार कंटेनर की चपेट में आने से दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद दूसरा पक्ष मौके से फरार हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। कल्याणपुर थाना क्षेत्र के आईआईटी गेट के पास रहने वाले सूरज कुमार (30) एक फास्ट फूड की दुकान पर पत्नी इंद्रावती के साथ काम करते थे। परिवार में तीन बच्चे रोशनी, ज्ञानू और शिवा हैं। इंद्रावती ने बताया कि देर रात दुकान मालिक प्रेम नारायण गुप्ता का कुछ ग्राहकों से शराब के नशे में विवाद हो गया था। मौके पर मौजूद लोगों ने बीच-बचाव कर मामला शांत करा दिया, जिसके बाद वह बच्चों के साथ घर चली गई थीं। दूसरे मृतक की पुलिस पहचान करा रहीआरोप है कि इसके बाद देर रात दुकान मालिक प्रेम नारायण गुप्ता, सूरज को लेकर आईआईटी से नारामऊ के पास दोबारा झगड़ा करने पहुंचा। वहां दोनों पक्षों में फिर मारपीट शुरू हो गई। झगड़े के दौरान दोनों पक्ष हाइवे पर आ गए, तभी सामने से आ रहे तेज रफ्तार कंटेनर ने सूरज और एक अन्य व्यक्ति को कुचल दिया। हादसे में दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। दूसरे मृतक की पहचान कराई जा रही है। फोन बंद मिला, फोटो दिखाकर कराई शिनाख्त देर रात तक पति के घर न लौटने पर इंद्रावती ने फोन किया, लेकिन मोबाइल बंद मिला। इसके बाद उन्होंने 112 नंबर डायल कर पति के गायब होने की सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर फोटो दिखाकर पति की शिनाख्त कराई। घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। दुकान मालिक फरार, जांच शुरू हादसे के बाद से दुकान मालिक प्रेम नारायण गुप्ता फरार बताया जा रहा है। पुलिस ने पत्नी की तहरीर के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। एसीपी बोले- शराब के नशे में झगड़ा हुआ एसीपी कल्याणपुर आशुतोष कुमार ने बताया कि दोनों पक्ष शराब के नशे में आपस में झगड़ रहे थे। झगड़े के दौरान हाइवे पर पहुंचने से तेज रफ्तार कंटेनर की चपेट में आने से दो लोगों की मौत हुई है। एक मृतक की शिनाख्त हो चुकी है, जबकि दूसरे की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं।
लापता बच्चे का शव पानी की टंकी में मिला:छिंदवाड़ा में मदरसा जाते समय लापता हुआ था 5वीं का छात्र
छिंदवाड़ा के अमरवाड़ा नगर में सोमवार सुबह से लापता 10 वर्षीय बालक शेख कासिम का शव मंगलवार सुबह संदिग्ध परिस्थितियों में मिला है। कासिम का शव पुरानी मंडी के पीछे एक निर्माणाधीन पानी की टंकी में पाया गया। सूचना मिलते ही अमरवाड़ा पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अमरवाड़ा अस्पताल भिजवाया। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है। जानकारी के अनुसार, शेख कासिम पिता शेख कलीम (उम्र 10 वर्ष) वार्ड नंबर 15 अमरवाड़ा का निवासी था और बेसिक स्कूल अमरवाड़ा में कक्षा 5वीं का छात्र था। सोमवार 9 फरवरी की सुबह करीब 7 बजे वह अपनी 13 वर्षीय बहन के साथ साइकिल से मदरसा जाने के लिए घर से निकला था। रास्ते में कासिम स्टेडियम ग्राउंड अमरवाड़ा में उतर गया और बहन से कहा कि वह मदरसा से लौटते समय उसे साथ ले जाए। इसके बाद बहन मदरसा चली गई। करीब 9:30 बजे जब बहन स्टेडियम ग्राउंड पहुंची तो कासिम वहां नहीं मिला। बहन ने घर जाकर पूरी बात परिवारजनों को बताई। इसके बाद बच्चे के परिजनों ने खोजबीन की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका। मामले की सूचना पुलिस को दी गई थी। अगले दिन मिला शवमंगलवार 10 फरवरी को सुबह पुरानी मंडी के पीछे निर्माणाधीन एक मकान के टंकी में कासिम का शव मिलने की सूचना मिली। मौके पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया। प्रारंभिक तौर पर यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि बालक टंकी में कैसे पहुंचा। पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है और हर पहलू से जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा। फिलहाल नगर में इस घटना से शोक का माहौल है।
लखनऊ में लगेगा पासपोर्ट जन शिकायत निवारण मेला:21 फरवरी को कानपुर, गोरखपुर और वाराणसी में भी आयोजन
पासपोर्ट से जुड़ी समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय (आरपीओ) लखनऊ की ओर से 21 फरवरी को पासपोर्ट जन शिकायत निवारण मेला आयोजित किया जाएगा। यह मेला एक साथ लखनऊ, कानपुर, गोरखपुर और वाराणसी के पासपोर्ट सेवा केंद्रों पर लगेगा, जहां आवेदकों की शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया जाएगा। एक दिन में निपटेंगी पासपोर्ट से जुड़ी शिकायतें आरपीओ लखनऊ की इस पहल के तहत नाम, पता, दस्तावेज़, अपॉइंटमेंट, स्टेटस या अन्य लंबित मामलों जैसी समस्याओं को संबंधित अधिकारी उसी दिन सुलझाएंगे। उद्देश्य यह है कि आवेदकों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। चारों शहरों में एक साथ होगा आयोजन जन शिकायत निवारण मेला चारों पासपोर्ट सेवा केंद्रों पर एक साथ आयोजित किया जाएगा। इससे आसपास के जिलों के नागरिकों को भी लाभ मिलेगा और सेवाएं अधिक सुलभ बनेंगी।
दुर्ग जिले के पुरानी भिलाई थाना क्षेत्र में सोमवार दोपहर एक दर्दनाक सड़क हादसे में बाइक सवार युवक की मौके पर ही मौत हो गई। बाइक सवार सीधे सड़क पर आगे बढ़ रहे थे। अचानक उनके सामने गाय आ गई। जिससे टकराकर वह सड़क पर गिर गए। इस दौरान बगल से गुजर रही ट्रक ने एक युवक को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे का वीडियो पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया है, जिसमें पूरी घटना साफ दिखाई दे रही है। दोपहर 3 बजे की है घटनाबताया जा रहा है कि यह घटना उम्दा रोड पर लगभग तीन बजे के आसपास हुई। पुलिस के अनुसार बाइक पर दो युवक सवार होकर गांव की ओर जा रहे थे। मृतक की पहचान सुरडुंग निवासी निलेश कुर्रे के रूप में हुई है। बाइक चला रहा युवक भी इस दुर्घटना में घायल हुआ है। हादसे जुड़ी तस्वीरें देखिए… संतुलन बिगड़ने से गिरे सड़क परप्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक सड़क पर अचानक एक गाय आ गई। बाइक सवार युवक गाय से टकरा गए और संतुलन बिगड़ने से दोनों सड़क पर गिर पड़े। इसी दौरान बगल से गुजर रहे ट्रक के पिछले पहिए की चपेट में पीछे बैठा युवक आ गया। युवक का सिर ट्रक के पहिए के नीचे आ जाने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। सीसीटीवी फुटेज में देखा जा सकता है कि गाय से टकराने के बाद बाइक सवार सड़क पर गिरते हैं और ट्रक के नीचे आ जाते हैं। हादसा इतना गंभीर था कि युवक की मौके पर ही मौत हो गई। शव को पीएम के लिए भेजापुरानी भिलाई थाना प्रभारी अंबर सिंह भारद्वाज ने बताया कि घायल युवक को प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है। पुलिस ने मृतक के परिजनों को घटना की सूचना दे दी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। फिलहाल पुलिस अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मर्ग कायम कर मामले की जांच कर रही है।
बक्सर शहर में महाशिवरात्रि से पहले भगवान भोलेनाथ की शादी की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इसी क्रम में नर्मदेश्वर महादेव शिव मंदिर, खलासी मोहल्ला में पारंपरिक तिलक समारोह संपन्न हुआ। इस अवसर पर मंदिर परिसर 'हर-हर महादेव' के जयकारों से गूंज उठा। इस तिलक समारोह में हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग सभी भगवान के दरबार में पहुंचे। माता गौरा की ओर से भगवान भोलेनाथ को तिलक अर्पित किया गया। श्रद्धालुओं ने पूजा सामग्री, फल, मिठाई और मेवा चढ़ाकर सुख-समृद्धि की कामना की। वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधि-विधान से हुआ तिलक मंदिर में मौजूद स्थानीय पंडितों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधि-विधान से तिलक की रस्म पूरी कराई। पूरे वातावरण में भक्तिमय संगीत और शंखनाद की गूंज सुनाई देती रही, जिससे श्रद्धालुओं में उत्साह देखा गया। तिलक के बाद अब भगवान भोलेनाथ की हल्दी-मेहंदी की रस्में निभाई जाएंगी। इसके पश्चात 15 फरवरी को शहर के विभिन्न मंदिरों से आकर्षक झांकियों के साथ भव्य शिव बारात निकाली जाएगी। यह शिव बारात हर साल बक्सर की पहचान बन चुकी है। बारात में सजे-धजे रथ, डीजे, बैंड-बाजा, ढोल-नगाड़े और आकर्षक झांकियां लोगों के आकर्षण का केंद्र बनती हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे पूरे साल इस आयोजन का इंतजार करते हैं, जो शहर की सांस्कृतिक एकता और आस्था का प्रतीक है। महाशिवरात्रि से पहले ही बक्सर की गलियां भक्तिमय माहौल में सराबोर हो चुकी हैं और पूरा शहर शिवमय नजर आ रहा है।
जालौन जनपद के चुर्खी थाना क्षेत्र में सोमवार देर शाम एक सड़क हादसे में बाइक सवार किसान रामदेव सिंह (55) की मौत हो गई। चुर्खी-मुसमरिया मार्ग पर एक अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि रामदेव सिंह सड़क पर गिर गए और मौके पर ही उनकी मृत्यु हो गई। यह घटना ग्राम बम्हौरा के पास हुई। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर जमा हो गए। परिजनों द्वारा जानकारी दिए जाने पर चुर्खी थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतक के छोटे भाई महेंद्र सिंह ने बताया कि रामदेव सिंह अटरिया गांव में एक मंडप कार्यक्रम में खाना खाने के बाद अपनी बाइक से घर लौट रहे थे। रास्ते में अज्ञात वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी। रामदेव सिंह खेती-बाड़ी करके अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनके परिवार में पत्नी रामसुखी और तीन बेटे हैं। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर अज्ञात वाहन की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि टक्कर मारने वाले वाहन की पहचान की जा रही है और जल्द ही चालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
करौली में 108 बदमाश गिरफ्तार:14 इनामी भी पकड़े, 66 टीमों ने 358 ठिकानों पर दबिश देकर दबोचा
करौली जिले में पुलिस ने ऑपरेशन शिकंजा और एरिया डोमिनेशन अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई की है। इस अभियान में 251 पुलिसकर्मियों की 66 टीमों ने 358 संदिग्ध स्थानों पर दबिश दी। पुलिस ने कुल 108 अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें 14 इनामी बदमाश भी शामिल हैं। गिरफ्तार किए गए अपराधियों में 5 जघन्य मामलों में वांछित, 13 स्थायी वारंटी, 19 गिरफ्तारी वारंटी और 11 सामान्य प्रकरणों के आरोपी शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, 31 लोगों को शांतिभंग और अन्य मामलों में हिरासत में लिया गया। पुलिस ने 15 अपराधियों पर विभिन्न अधिनियमों के तहत मुकदमे भी दर्ज किए हैं। स्मैक के साथ तस्कर को दबोचाअभियान के दौरान अवैध नशे, हथियार, शराब और खनन के खिलाफ भी कार्रवाई की गई, जिसमें बड़ी मात्रा में अवैध सामान जब्त किया गया। सपोटरा थाना पुलिस ने 1.14 ग्राम स्मैक के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार कर एनडीपीएस एक्ट में मामला दर्ज किया। साथ ही दो फरार स्थायी वारंटियों और एक गिरफ्तारी वारंटी को भी पकड़ा गया। 3 इनामी आरोपी गिरफ्तारसूरौठ थाना पुलिस ने 3 इनामी आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें से दो आरोपी एक साल से फरार थे, जबकि तीसरा आरोपी छेड़छाड़ व अन्य मामलों में तीन साल से फरार चल रहा था, जिसे दिल्ली से पकड़ा गया। एक स्थायी वारंटी को डिटेन कर संबंधित थाने को सौंपा गया और आबकारी एक्ट में एक शराब तस्कर को भी गिरफ्तार किया गया। 4 हिस्ट्रीशीटर दबोचेसदर करौली थाना पुलिस ने तीन गिरफ्तारी वारंटियों के साथ चार हिस्ट्रीशीटर और एक चालानशुदा अपराधी को गिरफ्तार किया। वहीं, लांगरा, नादौती और मामचारी थानों की पुलिस ने अलग-अलग कार्रवाइयों में अवैध देशी शराब के साथ तस्करों को पकड़ा। कोतवाली हिण्डौन सिटी पुलिस ने दो गिरफ्तारी वारंटी, दो हिस्ट्रीशीटर और एक शराब तस्कर को गिरफ्तार किया। महिला थाना करौली ने करीब एक साल से फरार दो स्थायी वारंटियों को दबोचा। कुड़गांव थाना पुलिस ने अवैध 12 बोर देशी कट्टे के साथ विधि से संघर्षरत एक बालक को निरुद्ध किया और दो वारंटियों को गिरफ्तार किया। टोडाभीम थाना पुलिस ने सात वांछित आरोपियों और तीन वारंटियों को पकड़ा। इसके अलावा, 11 हिस्ट्रीशीटर व दो हार्डकोर अपराधियों की जांच की गई और शांति भंग के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया। 5 हजार का इनामी वारंटी गिरफ्तारबालघाट थाना पुलिस ने पांच हजार रुपए के इनामी स्थायी वारंटी को गिरफ्तार कर अवैध पत्थर और बजरी से भरी चार ट्रैक्टर-ट्रॉलियां जब्त करते हुए चार आरोपियों को पकड़ा।कोतवाली करौली थाना पुलिस ने फिरौती और जानलेवा हमले के मामले में पांच हजार रुपए के इनामी आरोपी सहित स्मैक तस्करी में फरार एक अन्य इनामी बदमाश को गिरफ्तार किया।इसके अलावा दो स्थायी वारंटी, तीन गिरफ्तारी वारंटी और कई चालानशुदा व अभ्यस्त अपराधियों को हिरासत में लिया गया तथा आठ लोगों को शांति भंग के आरोप में गिरफ्तार किया गया।
गिरिडीह जिले में मंगलवार को दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों में दो लोगों की मौत की घटनाएं सामने आईं। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है और मामलों की जांच शुरू कर दी है। पहली घटना गिरिडीह मुफस्सिल थाना क्षेत्र के गांदी श्रीरामपुर पंचायत के चुंगलो गांव में हुई। यहां गरहाटांड टांड़ रेलवे पटरी के पास लगभग 60 वर्षीय किशोरी पंडित का शव मिला। स्थानीय लोगों ने मंगलवार को शव देखकर जीआरपी पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को सदर अस्पताल, गिरिडीह भेजा। जमुई से मधुपुर-गिरिडीह ट्रेन से लौट रहे थे मृतक की पहचान चुंगलो गांव निवासी किशोरी पंडित के तौर पर हुई है। परिजनों ने बताया कि वे अपनी बेटी के घर जमुई गए थे और मधुपुर-गिरिडीह ट्रेन से लौट रहे थे। आशंका है कि ट्रेन से गिरने के कारण उनकी मौत हुई। पुलिस सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है। दूसरी घटना पीरटांड प्रखंड के हरलाडीह ओपी क्षेत्र के बड़की टांड़ गांव में हुई। यहां 26 वर्षीय विवाहित महिला यशोदा कुमारी (पति विकास कुमार महतो) का शव खेत में एक पेड़ से साड़ी के फंदे में लटका मिला। परिजनों और ग्रामीणों ने उसे फंदे से उतारा, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। परिजनों के अनुसार, यशोदा कुमारी और उसकी सास के बीच पिछले कुछ दिनों से कहासुनी चल रही थी। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आत्महत्या का कारण यही था या कोई अन्य वजह।
अलवर में पुलिया के ऊपर से गिरा किसान, मौत:पता नहीं चला की गिरा कैसे, सुबह अस्पताल आए परिजन
अलवर विजय मंदिर थाना क्षेत्र घाटला पड़ीसल पुलिया के ऊपर से दिलावरपुर गांव निवासी किसान विक्रम (42) पुत्र रामननिवासी गिर गया। इससे उसकी मौत हो गई। किसान का पुलिया के ऊपर से गिरने का कारण का पता नहीं चल सका। इसकी पुलिस जांच करेगी। मृतक विक्रम के भतीजे दिनेश यादव ने बताया- विक्रम गांव से किसी काम से गया था। इस दौरान पैदल आते समय घाटला पड़ीसल पुलिया से नीचे गिर गया। इससे उसकी मौत हो गई। मृतक विक्रम के दो बेटे ओर दो बेटियां हैं। दोनों बेटियों की शादी हो चुकी है। विक्रम खुद खेती बाड़ी का कार्य करता था। मृतक विक्रम के पुल से नीचे गिरने की मौत होने की जैसे ही परिजनों को सूचना मिली, उसके बाद परिवार में कोहराम मच गया। परिवार के लोगों का कहना है कि पैदल आते समय पुलिया से गिराया। गिरने का कारण समझ नहीं आया है। उनको मंगलवार सुबह पता लगा। जबकि विक्रम रात को ही गिर गया था। मौके पर मौत हो गई। अब परिवारजनों का रो-रो कर बुरा हाल है।
इंदौर के डेली कॉलेज में पढ़ने वाली एक नाबालिग छात्रा से कोचिंग टीचर द्वारा छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। अन्नपूर्णा पुलिस ने डेली कॉलेज में कक्षा 10वीं में पढ़ने वाली छात्रा की शिकायत पर केटेलाईजर कोचिंग संस्थान के टीचर आदेश जोशी के खिलाफ छेड़छाड़ का मामला दर्ज किया है। छात्रा ने पुलिस को बताया कि सोमवार शाम करीब साढ़े पांच बजे वह कोचिंग गई थी। कुछ कागजात न होने के कारण उसने बैग कोचिंग में रखकर नीचे चली गई। इसी दौरान टीचर आदेश जोशी ने इशारे से बुलाकर पास बैठने को कहा। बाद में वह पैसेज एरिया में चले गए और वहां बुलाकर छात्रा से किस करने की बात कही। आरोप है कि उन्होंने छात्रा का हाथ पकड़कर उसे केबिन में ले जाकर जबरन अपनी ओर खींचने की कोशिश की। छात्रा किसी तरह वहां से निकलकर ऊपर सीनियर टीचर के पास पहुंची और पूरी घटना बताई, लेकिन आरोप है कि सीनियर टीचर ने मामले को दबाने का प्रयास किया। इसके बाद जब छात्रा बैग लेने गई, तो आदेश जोशी फिर उसके पास आया और बैग से परफ्यूम निकालकर अपने कपड़ों पर लगा लिया। घबराई छात्रा घर पहुंची और परिजनों को घटना बताई। देर शाम परिजन कोचिंग पहुंचे और आरोपी टीचर की पिटाई कर दी। मौके पर पहुंची एफआरवी-112 पुलिस टीम ने टीचर को भीड़ से बचाकर थाने पहुंचाया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। तस्वीरों में देखिए कोचिंग टीचर से मारपीट… पूजा के बहाने महिला से छेड़छाड़ दूसरा मामला एरोड्रम थाना क्षेत्र का है। यहां पुलिस ने एक महिला की शिकायत पर उसके परिचित पुजारी सुनील केसरे, निवासी देवास, के खिलाफ छेड़छाड़ का मामला दर्ज किया है। पीड़िता ने बताया कि उसने नए मकान में पूजा कराने के लिए सुनील को बुलाया था। पूजा के दौरान पीछे के कमरे में वह अपनी बेटी के साथ बैठी थी। आरोप है कि इसी दौरान सुनील ने महिला के सीने और गाल पर गलत तरीके से हाथ लगाना शुरू कर दिया। जब महिला ने विरोध किया, तो उसने इसे ‘ऊर्जा बढ़ाने की पूजा’ बताते हुए ऐसा करना जरूरी बताया और बार-बार आपत्तिजनक हरकत करता रहा। इस पर पीड़िता की बेटी ने शोर मचाया और पुजारी को ढोंगी बताते हुए पिता को बुलाने की बात कही। इसके बाद आरोपी मौके से भाग गया। महिला ने बाद में अपने पति को घटना की जानकारी दी और थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी पुजारी की तलाश शुरू कर दी है।
फाजिल्का जिले के जलालाबाद में बाहमणी बाजार के नजदीक नगर कौंसिल की जगह पर अब सरकारी लाइब्रेरी बनाई जाएगी। बता दे कि इस जगह पर अक्सर लोग कूड़ा फेंक जाते थे, जिस वजह से इलाके के लोग बहुत परेशान थे। बदबू और कूड़े के ढेर से फैले मच्छरों से लोगों का जीना मुहाल था, लेकिन विधायक के ध्यान आए मामले के बाद अब इस जगह से कूड़े के ढेर हटवा दिए गए है। जिस जगह पर अब सरकारी लाइब्रेरी का निर्माण होगा। विधायक गोल्डी कंबोज ने इसके लिए नींव पत्थर रख दिया है और करीब 25 लाख रुपए खर्च करने का दावा किया है। बीमारी फैलने का बना हुआ था डर हलका विधायक गोल्डी कंबोज ने बताया कि जलालाबाद के बाहमणी बाजार के पास पड़ती गोशाला के नजदीक नगर कौंसिल की जगह जहां पर लगातार कूड़ा फेंका जा रहा था और हालात यह हो गए कि कूड़े के ढेर लग गए और पिछले कई वर्षों से ये स्थान कूड़े का डंप का रूप ले चुका था। स्थानीय लोग इसके लिए बहुत परेशान थे, क्योंकि इस जगह पर कूड़ा फेंकने से न सिर्फ मच्छर फैल रहे थे। बल्कि बीमारियां फैलने का डर बना हुआ था। बच्चों को मिलेगी बेहतर सुविधाएं इलाके के लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। जिस पर अब गंभीरता दिखाते हुए नगर कौंसिल में प्रस्ताव पारित कर इस जगह पर बच्चों के लिए सरकारी लाइब्रेरी बनाने का फैसला लिया गया है। उन्होंने कहा कि 25 लाख रुपए की लागत से यह सरकारी लाइब्रेरी बनकर तैयार होगी, जिसका नींव पत्थर रख दिया गया है और इलाके के बच्चों को यहां पर बेहतर सुविधाएं दी जाएगी। कूड़े का ढेर हटवाना किया शुरू उधर नगर कौंसिल अध्यक्ष विकासदीप चौधरी का कहना है कि पहले इलाके के बच्चे प्राइवेट स्तर पर फीस अदा कर लाइब्रेरी में जाते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। अब सरकारी स्तर पर उन्हें यह सुविधा बिल्कुल निशुल्क मिलेगी। उन्होंने बताया कि करीब आठ मरले जगह नगर कौंसिल की है, जहां पर कूड़े का डंप बन चुका था। जिसे हटा दिया गया और लाइब्रेरी बनाई जाएगी।
नालंदा में कांग्रेस ने केंद्र सरकार के खिलाफ एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। मनरेगा योजना से महात्मा गांधी का नाम हटाने और केंद्रीय सहायता में कटौती के विरोध में सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पार्टी के कार्यकर्ताओं ने इस कदम को गरीबों के हितों पर प्रहार बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की। 'गांधी जी ने दिलाई आजादी, नाम हटाना अपमान' जिला कांग्रेस अध्यक्ष नरेश प्रसाद अकेला ने कहा कि महात्मा गांधी ने देश को आजादी दिलाई। आज उन्हीं के नाम को मनरेगा से हटाया जा रहा है, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। यह सिर्फ नाम बदलने का मामला नहीं है, बल्कि गरीबों के रोजगार पर सीधा हमला है। पहले मनरेगा के तहत केंद्र सरकार 90 प्रतिशत और राज्य सरकार को 10 प्रतिशत हिस्सा देना होता था। लेकिन अब केंद्र सरकार ने अपनी हिस्सेदारी घटाकर 60 प्रतिशत कर दी है और राज्य सरकार को 40 प्रतिशत देना होगा। इस बदलाव से गरीब लोगों को समय पर रोजगार नहीं मिल पाएगा। राज्य सरकार के पास इतने संसाधन नहीं हैं कि वह 40 प्रतिशत हिस्सा वहन कर सके। इससे पूरी योजना ही प्रभावित होगी। राष्ट्रपति से अपील, दिल्ली तक जाने की तैयारी कांग्रेस अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि यह विरोध सिर्फ जिला स्तर तक सीमित नहीं रहेगा। हम पूरे मुख्यालय में विरोध-प्रदर्शन करेंगे, फिर प्रदेश स्तर पर जाएंगे। अगर जरूरत पड़ी तो दिल्ली में भी आंदोलन करेंगे। कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। राष्ट्रपति से अनुरोध करते हुए कहा कि मनरेगा में महात्मा गांधी का नाम फिर से जोड़ा जाए। पहले की तरह 90-10 के फॉर्मूले को बहाल किया जाए, ताकि गरीब लोगों को रोजगार मिलना सुनिश्चित हो सके। 'केंद्र की मर्जी पर निर्भर होगी बिहार की किस्मत' नरेश प्रसाद अकेला ने आरोप लगाया कि नए प्रावधानों के तहत केंद्र सरकार अब अपनी इच्छानुसार राज्य सरकार को पैसा देगी या नहीं देगी। पहले केंद्र सरकार को हर हाल में राज्य सरकार को पैसा देना पड़ता था, लेकिन अब यह केंद्र की मर्जी पर निर्भर होगा। यह संघीय ढांचे के खिलाफ है और गरीबों के साथ धोखा है। मनरेगा में की गई इस छेड़छाड़ को दूर करने के लिए ही आज यह धरना आयोजित किया गया है। जब तक सरकार इस फैसले को वापस नहीं लेती, आंदोलन जारी रहेगा।
राजधानी रांची में सोमवार देर रात से मंगलवार अहले सुबह तक काली स्कॉर्पियो सवार दो युवक सड़कों पर मौत बनकर घूमते रहे। कचहरी चौक से लेकर मांडर और नगड़ी तक इन दोनों ने ऐसा आतंक मचाया कि पुलिस से लेकर आम लोग तक सहम गए। पहले कचहरी चौक इलाके में एक किन्नर को गाड़ी से कुचलकर उसके दोनों पैर तोड़ दिए गए। बीच-बचाव करने आए कॉलेज छात्र को अधमरा कर सड़क पर फेंक दिया गया। हालात इतने बेकाबू हो गए कि पीछा कर रही पुलिस टीम पर भी गाड़ी चढ़ाने की कोशिश की गई। आखिरकार पुलिस को फायरिंग करनी पड़ी, जिसके बाद दोनों आरोपियों को काबू में किया गया। 112 पर कॉल से खुला पूरा मामला सोमवार देर रात डायल 112 पर सूचना मिली कि ब्लैक स्कॉर्पियो (JH 01FD 52XX) में सवार दो युवक एक किन्नर को कुचलकर फरार हो गए हैं। एक युवक की हत्या कर शव लेकर भाग रहे हैं। सूचना मिलते ही रांची पुलिस अलर्ट पर आ गई। सबसे पहले घायल किन्नर को अस्पताल पहुंचाया गया। जबकि दूसरी टीमें स्कॉर्पियो की तलाश में जुट गईं। इसी बीच कोतवाली डीएसपी प्रकाश सोय को सूचना मिली कि संदिग्ध वाहन कांके रिंग रोड की ओर बढ़ रहा है। पुलिस ने बैरिकेडिंग की, लेकिन कार सवार बैरिकेड तोड़ते हुए भाग निकले। पहली बार पुलिस को कुचलने की कोशिश की। चार बार पुलिस पर चढ़ाई गाड़ी, आखिर टायर पर चली गोली डीएसपी प्रकाश सोय के मुताबिक रात करीब ढाई बजे से स्कॉर्पियो का पीछा शुरू हुआ। कचहरी चौक, कांके रिंग रोड, तिलता चौक, मांडर और नगड़ी तक घेराबंदी की गई। इस दौरान चार बार पुलिसकर्मियों को कुचलने की कोशिश की गई। कई पुलिस वाहनों को टक्कर मारी गई। हालात को देखते हुए पुलिस ने अंतिम चेतावनी दी, लेकिन आरोपी नहीं रुके। जब कार एक बार फिर पुलिस टीम की ओर बढ़ी, तो मजबूरी में टायर को निशाना बनाकर फायरिंग की गई। बावजूद इसके कार नहीं रुकी, तब वाहन पर भी गोली चलाई गई। एक आरोपी घायल, कॉलेज छात्र की हालत गंभीर पुलिस की फायरिंग में ड्राइवर सीट पर बैठे इश्तियाक को कमर में गोली लगी। इसके बाद पुलिस ने कार को जब्त कर दोनों युवकों इश्तियाक और नगड़ी निवासी गुलफाम को गिरफ्तार कर लिया। इश्तियाक का इलाज अस्पताल में चल रहा है। उधर, जिस युवक की हत्या की सूचना दी गई थी, वह नागा बाबा खटाल के पास घायल अवस्था में मिला। उसकी पहचान कॉलेज छात्र बंटी कुमार के रूप में हुई है, जिसकी हालत गंभीर बनी हुई है। सदर अस्पताल में पुलिस निगरानी में इलाज जारी है। पुलिस जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपियों ने कचहरी चौक के एक बार में किन्नरों के साथ शराब पी थी। विवाद के बाद किन्नर को कुचला।
कैमूर में पासपोर्ट सुविधा को आम लोगों तक पहुंचाने के उद्देश्य से शुक्रवार को समाहरणालय भभुआ परिसर में तीन दिवसीय पासपोर्ट सेवा मोबाइल कैंप का शुभारंभ किया गया। इसका उद्घाटन DM नितिन कुमार सिंह ने किया। कैंप 10, 11 और 12 फरवरी तक चलेगा। पहले दो दिनों के स्लॉट फुल कैंप शुरू होते ही लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। जिला प्रशासन के अनुसार 10 और 11 फरवरी के सभी अपॉइंटमेंट पहले से ही फुल हैं, जबकि 12 फरवरी के लिए स्लॉट खाली हैं। लोगों की बढ़ती मांग को देखते हुए प्रशासन ने खास अपील की है कि जो लोग पासपोर्ट बनवाना चाहते हैं, वे जल्द से जल्द 12 फरवरी के लिए अपॉइंटमेंट बुक कर लें। जिलाधिकारी नितिन कुमार सिंह ने कहा, पासपोर्ट बनवाने के लिए लोगों को अब पटना या गया नहीं जाना पड़ेगा। यह विभाग की सार्थक पहल है। कोशिश होगी कि ऐसे मोबाइल कैंप लगातार लगते रहें। लोगों को मिल रही बड़ी सुविधा पासपोर्ट बनवाने आए लोगों ने भी इस पहल की सराहना की। पासपोर्ट आवेदन कराने आई डॉ. सीमा ने बताया, पहले पासपोर्ट के लिए पटना और गया जाना पड़ता था। अब यही सुविधा जिले में मिल रही है, यह बहुत बड़ी राहत है। यहां सभी ने सहयोग किया, प्रक्रिया भी तेज रही। वहीं, बबूरा गांव के एक युवक ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा, मैं पहली बार पासपोर्ट बनवा रहा हूं। यहां की व्यवस्था बहुत अच्छी है। हर काउंटर पर मदद मिल रही है और कोई परेशानी नहीं हुई। तीन दिनों में 165 पासपोर्ट बनाने का लक्ष्य पटना पासपोर्ट कार्यालय से आए अधिकारी मोहम्मद रियाज नाजमी ने बताया कि कुल 165 पासपोर्ट तीन दिनों में तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा, लोग लगातार अपॉइंटमेंट बुक कर रहे हैं। हमारी अपील है कि अधिक से अधिक लोग इस कैंप का लाभ उठाएं। जागरूकता बढ़ने का संकेत जिलाधिकारी ने कहा कि पहले दो दिनों की स्लॉट बुकिंग शुरू होने से पहले ही पूरी हो जाना बताता है कि लोग पासपोर्ट की जरूरत और महत्व को लेकर काफी जागरूक हुए हैं। उन्होंने कहा कि विभाग से बात कर आगे भी ऐसे कैंप लगाने का प्रयास किया जाएगा, ताकि जिले के लोगों को बिना सफर किए पासपोर्ट सुविधा मिल सके। स्थानीय लोगों में उत्साह कैंप में आए आवेदकों के बीच खास उत्साह देखा गया। कम समय में आवेदन, कागजात सत्यापन और बायोमेट्रिक प्रक्रिया पूरा होने से लोग संतुष्ट नजर आए। प्रशासन और पासपोर्ट विभाग की संयुक्त पहल से दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों के लोगों को भी पासपोर्ट सेवाओं तक आसान पहुंच मिली है। तीन दिवसीय यह कैंप जिले में पासपोर्ट सेवाओं को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
गुरदसपुर जिले के डेरा बाबा नानक में मेडिकल स्टोर मालिक रणबीर सिंह बेदी की हत्या के आरोपी गैंगस्टर निशान सिंह पुलिस मुठभेड़ में गोली लगने से घायल हो गया। जिसके बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मुठभेड़ के दौरान पिस्तौल बरामदगी के दौरान हुई। यह घटना 28 जनवरी को हुई थी, जब बेदी मेडिकल स्टोर के मालिक रणबीर सिंह बेदी पुत्र रघबीर सिंह बेदी, निवासी डेरा बाबा नानक, सुबह करीब 8 बजे अपना मेडिकल स्टोर खोल रहे थे। इसी दौरान कुछ अज्ञात व्यक्तियों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। गोलियां रणबीर सिंह बेदी के सिर में लगीं, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें अमृतसर रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। यह मामला फिरौती से जुड़ा बताया जा रहा है। कुछ महीने पहले भी रणबीर सिंह पर फिरौती को लेकर फायरिंग की गई थी। पुलिस ने इस वारदात को अंजाम देने वाले शूटर निशान सिंह को आज अमृतसर के गुरु रामदास अस्पताल से गिरफ्तार किया था। पिस्तौल बरामद कराने लेकर गई थी पुलिस देर शाम, जब निशान सिंह को पिस्तौल बरामद करने के लिए डेरा बाबा नानक के पास एक सुनसान जगह पर ले जाया गया, तो उसने पुलिस पर फायरिंग कर दी। निशान सिंह ने चार राउंड गोलियां चलाईं, जिसके जवाब में पुलिस ने भी फायरिंग की। इस मुठभेड़ में निशान सिंह गंभीर रूप से घायल हो गया। डीआईजी संदीप गोयल ने बताया कि इस वारदात में शामिल निशान सिंह के दो अन्य साथियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। उनके विदेश में बैठे गैंगस्टरों से सीधे संपर्क हैं। डीआईजी के अनुसार, मेडिकल स्टोर मालिक से फिरौती की मांग पूरी न होने के कारण ही यह हमला किया गया था। 2024 में भी हुआ था हमला मौके पर पहुंची डेरा बाबा नानक पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। गौरतलब है कि वर्ष 2024 में 23 अक्टूबर को इसी मेडिकल स्टोर पर पहले भी हमला किया गया था। उस समय नकाबपोश हमलावर फायरिंग कर फरार हो गए थे और तब मेडिकल स्टोर के मालिक रणदीप सिंह गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इलाज के बाद उसकी मौत हो गई इस वारदात को लेकर पूरे कस्बा डेरा बाबा नानक में दहशत का माहौल है।
उमरिया जिले में हायर सेकेंडरी परीक्षा आज मंगलवार से शुरू हो गई है। जिले के 45 परीक्षा केंद्रों पर कुल 4,981 छात्र-छात्राओं ने परीक्षा दी है। जिनमें 4,746 नियमित और 235 स्वाध्यायी छात्र शामिल हैं। पहले दिन अंग्रेजी विषय की परीक्षा हुई स्टूडेंट बोले-पेपर आसान था, हमने पूरा किया पहले दिन निर्धारित समय पर छात्र केंद्रों पर पहुंचे और परीक्षा दी। परीक्षा खत्म होने के बाद अनामिका पासी ने बताया कि अंग्रेजी का पेपर अच्छा था और चारों सेट कठिन नहीं थे। उन्होंने कहा, “हमने पूरा पेपर किया है।” जिले में तीन परीक्षा केंद्रों को अति संवेदनशील घोषित किया गया है। इनमें शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय उमरिया, शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मानपुर और शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पाली शामिल हैं। प्रशासन ने शांतिपूर्ण और व्यवस्थित परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़े इंतजाम किए हैं। जेल में बंद छात्र ने भी दी परीक्षा जिला मुख्यालय के पीएम श्री हाई सेकेंडरी स्कूल कालरी में कॉमर्स संकाय का छात्र सृजन जेल में रहते हुए परीक्षा में शामिल हुआ। जेलर डी.के. सारस ने बताया कि सृजन एक आपराधिक मामले में जेल में है। उसने भविष्य सुधारने की इच्छा व्यक्त की, जिसके बाद उसे परीक्षा देने की अनुमति मिली। जेल प्रशासन ने पढ़ाई के लिए किताबें उपलब्ध कराईं और आवश्यक सुरक्षा गार्ड के साथ उसे परीक्षा केंद्र भेजा।
कुशीनगर में रामभजन नाम का एक युवक दूदही टैक्सी स्टैंड स्थित एक मोबाइल टॉवर पर चढ़ गया। ढाई साल पुराने जमीनी विवाद में न्याय न मिलने से हताश होकर उन्होंने यह कदम उठाया। पीड़ित ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि शाम 4 बजे तक उसकी शिकायत पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो वह आत्महत्या कर लेगा। रामभजन का कहना है कि उन्होंने इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी प्रार्थना पत्र भेजा था, लेकिन अब तक किसी स्तर पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी। इसी हताशा में उन्होंने यह कदम उठाया है। मामला तमकुहीराज तहसील अंतर्गत विशुनपुरा थाना क्षेत्र के गांव गौरी श्रीराम के घुसा टोला का है। पीड़ित की पत्नी सुलेखा ने बताया कि जब उनके पति रोजगार के सिलसिले में विदेश (सऊदी अरब) में थे। उसी दौरान गांव के ही एक व्यक्ति ने उनकी मजबूरी और अनपढ़ता का फायदा उठाते हुए 2 डिसमिल जमीन के बजाय 4 डिसमिल जमीन का बैनामा करा लिया। आरोप है कि जमीन का पूरा भुगतान भी नहीं किया गया। बाद में जब धोखाधड़ी की जानकारी हुई तो आपत्ति दर्ज कराई गई, लेकिन विपक्षी प्रभावशाली होने के कारण कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी। प्रार्थना पत्र में यह भी उल्लेख है कि विवादित जमीन में ही पीड़ित का एकमात्र आवासीय मकान स्थित है, जिसे खाली कराने की तैयारी की जा रही है। पीड़ित परिवार के पास कोई वैकल्पिक आश्रय नहीं है। दैनिक भास्कर से मोबाइल फोन पर बातचीत में रामभजन ने बताया कि वह ढाई साल तक विदेश में मेहनत-मजदूरी करता रहा। लौटने के बाद से लगातार थाने, तहसील और अधिकारियों के चक्कर काट रहा है। उनका आरोप है कि दबाव बनाने के लिए विपक्षी ने उन पर 30 लाख रुपये के जेवर चोरी का झूठा मुकदमा भी दर्ज करा दिया है। रामभजन ने कहा, “मेरे दो छोटे बच्चे हैं। अगर घर भी छिन गया तो हम कहां जाएंगे। इसलिए मजबूरी में यह कदम उठाया है।” पीड़ित सुबह करीब 11 बजे मोबाइल टॉवर पर चढ़ा था। सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई। अधिकारियों द्वारा उसे सुरक्षित नीचे उतारने और मामले के समाधान का आश्वासन देने का प्रयास जारी है।
लखनऊ के अयोध्या रोड पर दो दोस्तों का एक्सीडेंट हो गया। वे कानपुर से बाराबंकी लोधेश्वर महादेव मंदिर में जल चढ़ाने जा रहे थे। अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी। इसमें एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई और दूसरे की हालत गंभीर है। पुलिस ने परिजनों को सूचना दे दी है। घायल युवक का लोहिया संस्थान में इलाज चल रहा है। कानपुर के रामनगर निवासी 32 वर्षीय अमित कुमार पांडेय दोस्त आमोद बाजपेई के साथ बाराबंकी लोधेश्वर महादेव मंदिर जा रहे थे। भाई दीपक कुमार पांडे ने बताया कि अमित हर साल महादेव को दर्शन चढ़ाने जाता था। सोमवार शाम को अपने दोस्त के साथ निकाला था। इस दौरान देर रात पुलिस ने फोन कर सूचना दी कि अमित गंभीर रूप से घायल हो गया है। अयोध्या रोड जीएस लोन के सामने किसी अज्ञात वाहन ने बाइक को टक्कर मार दी थी। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस ने दोनों घायलों को राम मनोहर लोहिया संस्थान की इमरजेंसी में भर्ती कराया। वहां इलाज के दौरान अमित की मौत हो गई जबकि आमोद की हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। मृतक का 4 साल पहले हुए था तलाक अमित की शादी करीब 5 साल पहले कानपुर की एक लड़की से हुई थी। शादी के 1 साल बाद ही दोनों का तलाक हो गया। अमित कंप्यूटर सप्लाई का काम करता था। परिवार में पिता महेंद्र कुमार पांडेय, मां गीता पांडेय और भाई दीपक कुमार पांडेय हैं। अमित राजनीति में भी सक्रिय था। बिठूर विधायक अभिजीत सिंह राणा का करीबी था। मौत की खबर सुनने के बाद विधायक के प्रतिनिधि भी पोस्टमॉर्टम हाउस पर पहुंचे।
मोदीनगर के काजमपुर मार्ग स्थित यादव फार्म हाउस में चल रही राष्ट्रीय भारोत्तोलन चैंपियनशिप के छठे दिन मंगलवार को 71 किग्रा पुरुष वर्ग में यूथ, जूनियर और सीनियर की प्रतियोगिताएं हुईं। इस दौरान आरएसपीबी के खिलाड़ी एन. अजीत ने कुल 320 किलोग्राम भार उठाकर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया और स्वर्ण पदक अपने नाम किया। एन. अजीत ने स्नैच स्पर्धा में 145 किग्रा भार उठाकर भी एक नया रिकॉर्ड स्थापित किया। उन्होंने वेटलिफ्टिंग वॉरियर अकादमी में राष्ट्रीय कोच और द्रोणाचार्य अवार्डी विजय शर्मा के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण लिया है। उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन ने सभी दर्शकों और विशेषज्ञों का ध्यान आकर्षित किया। इसी वर्ग में, यूथ श्रेणी में एसएससीबी के अभिनव गोगोई ने 276 किलोग्राम भार उठाकर स्वर्ण पदक जीता। जूनियर वर्ग में महाराष्ट्र के यश खंडागले ने 300 किलोग्राम भार उठाकर स्वर्ण पदक हासिल किया। राष्ट्रीय भारोत्तोलन चैंपियनशिप में देशभर से कुल 885 खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। कोच विजय शर्मा ने बताया कि उनका मुख्य उद्देश्य खेल के स्तर को लगातार ऊंचाइयों तक पहुंचाना है, जिसके लिए वे खिलाड़ियों को पूरे समर्पण और अनुशासन के साथ अभ्यास करा रहे हैं। विजेता खिलाड़ियों को क्रीड़ा भारती के प्रांतीय संगठन मंत्री उमेश कुमार, पद्मश्री मीराबाई चानू, सतीश शिवलिंगम और रवि कुमार सहित अन्य मुख्य अतिथियों ने पदक पहनाकर सम्मानित किया। मीराबाई चानू ने एन. अजीत के रिकॉर्ड की सराहना करते हुए कहा कि इससे प्रतियोगिता का स्तर और भी ऊंचा हो गया है। उन्होंने छठे दिन को खेल भावना, अनुशासन और उत्कृष्टता का प्रतीक बताया।
फाजिल्का जिले के जलालाबाद के बाहमणी वाला से महालम रोड पर ढाणी प्रेम सिंह के नजदीक सड़क हादसा हुआ है। बताया जा रहा है कि पूर्व सरपंच की ट्राली के नीचे आने से मौत हो गई। सरपंच पाला सिंह अपने घर से स्कूटी पर सवार होकर जलालाबाद में बैंक से अपनी पेंशन निकलवाने के लिए जा रहा था कि रास्ते में जा रहे ट्रैक्टर ट्राली के नीचे आ गया और टायर के नीचे आने से उसकी मौत हो गई। फिलहाल पारिवारिक सदस्य मौके पर पहुंचे है, जिनके द्वारा इंसाफ की मांग की जा रही है, जबकि पुलिस मामले की जांच कर रही है। सूचना पाकर मौके पर पहुंचे परिजन जानकारी देते हुए मृतक पाला सिंह के लड़के होशियार सिंह ने बताया कि घर से उसके पिता स्कूटी पर सवार होकर जलालाबाद शहर बैंक में पेंशन लेने के लिए जा रहे थे कि रास्ते में ट्राली के नीचे आने से उसके पिता की मौत हो गई। मामले की सूचना पाकर वह मौके पर पहुंचे, तो सड़क पर उसके पिता मृत अवस्था में पड़े मिले। फिलहाल मामले में उनके द्वारा इंसाफ की मांग की जा रही है । ट्राली में भरी थी खाद, जांच जारी उधर पुलिस अधिकारी का कहना है कि खाद से भरी ट्रैक्टर ट्राली जा रही थी कि स्कूटी सवार जा रहे सरपंच की स्कूटी स्लिप हो गई और उक्त व्यक्ति ट्राली के टायर के नीचे आ गया, जिससे उसकी मौत हो गई। फिलहाल मामले में जांच पड़ताल की जा रही है और जांच पड़ताल के बाद हो आगे की कार्रवाई की जाएगी।
चूरू में जहर खाने से महिला की मौत:बीकानेर में पीबीएम अस्पताल में इलाज के दौरान तोड़ा दम
चूरू में शहर के वार्ड 26 निवासी एक 24 वर्षीय महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई। कोतवाली पुलिस ने बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में शव का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमॉर्टम करवाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। कोतवाली पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार वार्ड 26 निवासी सिमरन (24) ने 5 फरवरी को जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया था। इससे उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई।परिजनों ने उसे तुरंत चूरू के डीबी अस्पताल में भर्ती कराया। प्राथमिक इलाज के बाद हालत गंभीर होने पर उसे हायर सेंटर बीकानेर के पीबीएम अस्पताल रेफर किया गया। पीबीएम अस्पताल के आईसीयू में सिमरन का इलाज चल रहा था, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। सूचना मिलने पर कोतवाली थाने के हेड कॉन्स्टेबल सुभाषचंद और कॉन्स्टेबल राकेश कुमार को पीबीएम अस्पताल भेजा गया। मृतका का शव पीबीएम अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया। सिमरन की मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि के लिए मेडिकल बोर्ड से पोस्टमॉर्टम कराया गया। पोस्टमॉर्टम के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया है।
अंतरिक्ष मौसम अब एक गंभीर चुनौती बन चुका है, जो न सिर्फ पृथ्वी को प्रभावित करता है, बल्कि अंतरिक्ष में तैनात वेधशालाओं और उपग्रहों पर भी गहरा असर डालता है। सूर्य की गतिविधियों पर पैनी नजर रखकर अब पृथ्वी और अंतरिक्ष दोनों को संभावित खतरों से पहले ही अलर्ट किया जा सकेगा। यह बात उदयपुर में इसरो के पूर्व चेयरमैन डॉ. ए.एस. किरण कुमार ने कही। वे उदयपुर सौर वेधशाला के 50 साल पूरे होने पर आयोजित स्वर्ण जयंती उत्सव और 'थर्ड स्पेस' अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में ‘अंतरिक्ष मौसम (Space Weather)’ भारत के लिए एक महत्वपूर्ण वैज्ञानिक क्षेत्र बनने जा रहा है, जिससे उपग्रहों, अंतरिक्ष मिशनों और पृथ्वी की संचार प्रणालियों की सुरक्षा संभव होगी। वैज्ञानिकों को संबोधित करते हुए डॉ. किरण कुमार ने बताया कि मानव सभ्यता सदियों से सूर्य का अध्ययन कर रही है। लेकिन अब, जब हमारे पास शक्तिशाली कंप्यूटिंग सिस्टम और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) जैसी तकनीकें हैं, तो पुराने डेटा को नए नजरिए से विश्लेषित करने का समय आ गया है। इससे सूर्य के डेटा को 'अर्ली वॉर्निंग सिस्टम' में बदलकर मानवता को बड़े खतरों से बचाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि सूर्य की गतिविधियां सीधे पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र, सैटेलाइट सिस्टम, जीपीएस, मोबाइल नेटवर्क और अंतरिक्ष यानों को प्रभावित करती हैं। इसलिए, स्पेस वेदर की सटीक भविष्यवाणी आज की सबसे बड़ी जरूरत है। आदित्य मिशन का जिक्र भी कियाउन्होंने इसरो के आदित्य-एल1 मिशन को भारत की ऐतिहासिक जीत बताया। इस मिशन से पहली बार सूर्य के फोटोस्फीयर के इतने करीब से अवलोकन संभव हुआ है। इससे वैज्ञानिकों को सूर्य की सतह और ऊर्जा उत्सर्जन को गहराई से समझने का मौका मिला। आने वाले सालों में यह डेटा अंतरिक्ष मौसम की भविष्यवाणी के लिए मजबूत आधार बनेगा। निवृत्ति कुमारी मेवाड़ भी शामिल हुईउद्घाटन सत्र में निवृत्ति कुमारी मेवाड़ और और अनिल भारद्वाज ने भी अपनी बात रखी। भुवन जोशी ने स्लाईड के जरिए उदयपुर सोर वेधशाला के ऐतिहासिक तब से अब तक के सफर के बारे में बताया। उदयपुर सौर वेधशाला विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त संस्थान बन गया सम्मेलन के निदेशक शिबू मैथ्यू ने बताया कि उदयपुर सौर वेधशाला सौर भौतिकी में विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त संस्थान बन चुकी है। 'एक्सप्लोरिंग द सन एट हाई-रिजोल्यूशन: प्रेजेंट पर्सपेक्टिव्स एंड फ्यूचर होराइजन्स' थीम पर चल रहे इस सम्मेलन में विशेषज्ञ उन्नत दूरबीनों और मिशनों से मिले सौर वायुमंडलीय घटनाओं के निष्कर्ष साझा करेंगे। मैथ्यू ने कहा कि यह साल दोहरी खुशी का है, क्योंकि यह भारत की सबसे उन्नत सौर अवलोकन सुविधा 'मास्ट' (MAST) की 10वीं वर्षगांठ भी है। सम्मेलन में भारत और विदेशों से करीब 100 प्रतिष्ठित सौर भौतिकविद शामिल हुए हैं।
टीकमगढ़ के देहात थाना क्षेत्र स्थित जनकपुर गांव में चोरी की घटना सामने आई है। अज्ञात चोरों ने एक मकान का ताला तोड़कर चांदी के जेवरात और नकदी चुरा ली। घटना का पता मंगलवार सुबह चला, जिसके बाद पीड़ित ने देहात थाने में शिकायत दर्ज कराई है। जनकपुर निवासी रामलाल अहिरवार ने बताया कि सोमवार रात करीब 11 बजे वे अपने दो मंजिला मकान की ऊपरी मंजिल पर सोने चले गए थे। मंगलवार सुबह जब उनकी पत्नी सोकर उठीं, तो उन्होंने नीचे के मुख्य दरवाजे का गेट खुला पाया। रामलाल ने नीचे आकर देखा तो कमरे का ताला टूटा हुआ था और सारा सामान बिखरा पड़ा था। चोर लोहे के बक्से में रखे चांदी के जेवर, जिनमें पायल, करधौनी और छानी की हाफ पेटी शामिल थी, चुरा ले गए। इसके अलावा, बक्से से 30 हजार रुपये नकद भी गायब थे। रामलाल अहिरवार ने बताया कि वह कारीगरी का काम करते हैं। सोमवार को ठेकेदार ने उन्हें मजदूरों का भुगतान करने के लिए ये पैसे दिए थे। आज ही उन्हें मजदूरों को भुगतान करना था। चोरी हुए जेवरात और नकदी मिलाकर कुल नुकसान करीब डेढ़ लाख रुपए बताया गया है। देहात थाने में घटना की शिकायत दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने आवेदन ले लिया है और जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया है, हालांकि अभी तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई है।
रूपनगर पुलिस ने पकड़े 130 अपराधी:ऑपरेशन प्रहार-2' के तहत कार्रवाई, DIG नेतृत्व में तलाशी अभियान जारी
रूपनगर कोर्ट कॉम्प्लेक्स में बुधवार सुबह करीब 11:30 बजे डीआईजी नानक सिंह के नेतृत्व में एक सघन सुरक्षा जांच अभियान चलाया गया। यह कार्रवाई पंजाब सरकार, मुख्यमंत्री और डीजीपी पंजाब के निर्देशों पर 'ऑपरेशन प्रहार-2' के तहत की गई। इस अभियान के दौरान जिले से 30 से अधिक संदिग्धों को राउंड-अप किया गया है, जबकि रूपनगर रेंज में 100 से अधिक लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। डीआईजी नानक सिंह ने दी जानकारी डीआईजी नानक सिंह ने बताया कि पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट को हाल ही में मिली धमकियों को गंभीरता से लिया गया है। इसी के मद्देनजर कोर्ट परिसर में कॉर्डन एंड सर्च ऑपरेशन, एंट्री-एग्जिट चेकिंग और एंटी-सैबोटाज जांच जैसे विशेष सुरक्षा अभियान चलाए गए। हिरासत में लेकर पूछताछ जारी सुबह की छापेमारी (मॉर्निंग रेड) के दौरान रूपनगर जिले से 30 से अधिक संदिग्धों को राउंड-अप किया गया। वहीं, रूपनगर रेंज में कुल 100 से अधिक लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि यदि जांच में किसी व्यक्ति से आपराधिक सामग्री या संदिग्ध गतिविधियों से जुड़े सबूत मिलते हैं, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी, अन्यथा सत्यापन के बाद उन्हें छोड़ दिया जाएगा। ह्यूमन इंटेलिजेंस पर की गई कार्रवाई डीआईजी ने बताया कि यह कार्रवाई ह्यूमन इंटेलिजेंस और तकनीकी इनपुट के आधार पर की जा रही है। सुरक्षा व्यवस्था की लगातार समीक्षा की जाती है, क्योंकि प्रतिदिन नई चुनौतियां और इनपुट सामने आते हैं, जिनके अनुसार सुरक्षा में आवश्यक बदलाव किए जाते हैं। अपराधियों के खिलाफ जारी रहेगा अभियान उन्होंने यह भी बताया कि साइबर क्राइम से जुड़े मामलों पर राज्य और जिला स्तर पर लगातार कार्रवाई जारी है, जिसमें आने वाले समय में गिरफ्तारियां की जाएंगी। पुलिस का मुख्य उद्देश्य किसी बड़े अपराध को होने से पहले ही अपराधियों और गैंगस्टरों को पकड़कर उन्हें निष्क्रिय करना है, ताकि राज्य में कानून-व्यवस्था बनी रहे। ऑपरेशन प्रहार-2' के तहत हुई बरामदगी और अन्य विस्तृत जानकारी अभियान समाप्त होने के बाद शाम को साझा की जाएगी।
हर साल सड़कों पर बिखरता खून, टूटते परिवार और कुछ मिनटों की देरी में चली जाती अनगिनत जानें- राजस्थान की सड़क दुर्घटनाएं सिर्फ आंकड़े नहीं, बल्कि दर्दनाक हकीकत हैं। इन्हीं हादसों में “गोल्डन ऑवर” की अहमियत समझाते हुए जोधपुर में जन्मे और वर्तमान में अमेरिका में सर्जन के रूप में सेवाएं दे रहे डॉ. दिनेश व्यास ने एक ऐसी उपयोगी पुस्तक लिखी है, जो हादसे के वक्त सही प्राथमिक उपचार सिखाती है। यह किताब विशेष रूप से पुलिस, फायर ब्रिगेड कर्मियों और नर्सिंग स्टाफ के लिए तैयार की गई है, लेकिन इसकी भाषा और तरीके इतने सरल हैं कि आम नागरिक भी इसे पढ़कर सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। सड़क दुर्घटना के समय घायल की किस प्रकार से मदद करें पुस्तक के बारे में साइंटिफिक पब्लिशर्स के डायरेक्टर तनय शर्मा ने बताया कि इस पुस्तक में सड़क दुर्घटना के समय घायल की किस प्रकार से मदद करें, उसे किस सावधानी के साथ अस्पताल तक ले जाया जाए। इसके अलावा विभिन्न पहलुओं पर विस्तार पूर्वक जानकारी दी गई है। मुझे उम्मीद है कि इस पुस्तक को पढ़कर न सिर्फ पुलिस, फायर ब्रिगेड कर्मचारी, नर्स बल्कि आमजन भी इन सड़क दुर्घटनाओं को रोकने में अपनी एक सक्रिय भूमिका निभा सकेगा। पुस्तक में लिखे तरीके अपनाकर रोके जा सकते हैं सड़क हादसे इस पुस्तक में सड़क दुर्घटना होने के बाद किस प्रकार से घायल को संभाले, उनकी कैसे मदद करें। कई बार सड़क हादसे में हड्डी टूट जाती है, ऐसे में घायल व्यक्ति को कैसे सहारा दें और उसका प्राथमिक उपचार कैसे करें। इसके अलावा भी इस पुस्तक में कई कारगर तरीकों के बारे में लिखा गया है। जिसे अपनाकर सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़ों को रोका जा सकता है, क्योंकि देश में सड़क दुर्घटना में होने वाली मौतें चिंता का विषय बनी हुई है। स्कूल-कॉलेज में इस बुक को पढ़ाने की मांग कई बार लोग असमय ही मौत का शिकार बन जाते हैं। ऐसे में इस बुक को अब राजस्थान के अलावा केंद्र सरकार से भी मांग की गई है, कि इसे अलग-अलग संस्थाओं और प्रदेश की सरकारी स्कूल कॉलेज और पुलिस विभाग सहित महत्वपूर्ण विभागों में पढ़ाई जाए। उन्हें बताया जाए कि किस प्रकार से घायल का प्राथमिक उपचार किया जा सके। घायल को समय पर इलाज मिले तो बच सकती है जान इस पुस्तक को लिखने के पीछे का उद्देश्य क्या है, इसे लेकर डॉ. दिनेश व्यास ने बताया कि यदि सड़क दुर्घटना में कोई घायल व्यक्ति दिखे तो उसकी हम किस प्रकार से मदद करें। समय पर इलाज मिलने से उनकी जान बचाई जा सकती है। इस पुस्तक को साइंटिफिक पब्लिशर्स की ओर से प्रकाशित किया गया है और उसे साइंटिफिक पब्लिशर्स की वेबसाइट के अलावा अमेजॉन से भी प्राप्त किया जा सकता है। गडकरी ने भी लोकसभा में सड़क दुर्घटनाओं को लेकर दी थी जानकारी बता दें कि, सड़क हादसों के लेकर केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने एक साल पहले लोकसभा में चर्चा के दौरान कहा था कि देश में सड़क हादसों की संख्या को देखकर कई बार अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस में उन्हें अपना मुंह छुपाना पड़ता है, क्योंकि देश में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या बढ़ रही है। हाल ही में उन्होंने दिसंबर में सड़क हादसों को लेकर संसद में जानकारी दी। राज्यसभा में उन्होंने बताया था कि भारत में हर साल करीब 5 लाख सड़क हादसे होते हैं, जिनमें औसतन 1.8 लाख लोगों की जान जाती है। इनमें से 66 % मौतें युवाओं (18 से 34) साल की होती है। गडकरी ने बताया था कि उनका मंत्रालय अब राज्यों को आधुनिक एंबुलेंस देने की योजना बना रही है। इसके तहत एंबुलेंस हादसे की जगह पर 10 मिनट के भीतर पहुंचेगी। उन्होंने आईआईएम की एक स्टडी का भी हवाला दिया। बताया कि यदि घायलों को समय पर इलाज मिल जाए तो 50 हजार जिंदगियां बच सकती है।
धौलपुर में बस की टक्कर से बुजुर्ग की मौत:बाड़ी बाईपास रोड पर हुआ हादसा, बस को किया जब्त
धौलपुर में बाड़ी कस्बे में बाईपास रोड पर निजी बस की चपेट में आने से एक बुजुर्ग की मौत हो गई। सोमवार को हुए इस हादसे में 60 साल के बुजुर्ग प्राइवेट बस की चपेट में आने से गंभीर रूप से घायल हो गए। जिन्हे इलाज के लिए जिला अस्पताल लाया गया, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। मृतक की पहचान ताले पुत्र नेकराम कुशवाहा, निवासी बाड़ी बाईपास रोड के रूप में हुई है। बताया गया कि ताले बाईपास रोड के पास खड़े थे, तभी एक निजी बस ने उसे अपनी चपेट में ले लिया।हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने गंभीर रूप से घायल ताले को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने बस को जब्त कर लिया है और मृतक के शव को जिला अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।
जोधपुर में दो युवतियों के बिना बताए कहीं चले जाने के मामले सामने आए हैं। इस संबंध में युवतियों के परिजनों ने रिपोर्ट दर्ज करवाई है। पुलिस दोनों मामलों की जांच कर रही है। बिना बताए निकली घर से पहला मामला प्रताप नगर सदर थाने का है। एक व्यक्ति ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है कि उसकी 18 साल की बेटी सोमवार को घर से बिना बताए कहीं चली गई। जिसका आस पड़ोस और रिश्तेदारों में पता करने पर कोई जानकारी नहीं मिली। पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच सहायक उप निरीक्षक देवाराम को सौंपी है। अभी तक पता नहीं चला दूसरा मामला बासनी थाने का सामने आया है। एक व्यक्ति ने थाने में रिपोर्ट देकर बताया कि उसकी 21 साल की बेटी सोमवार को बिना बताए घर से कहीं चली गई है। वह वापस घर नहीं लौटी और न ही उसका कहीं पता चल पाया है। मामले की जांच कॉन्स्टेबल विजय कर रहे हैं।
बिहार सरकार के मंत्री संजय पासवान मंगलवार को दरभंगा पहुंचे। रेप पीड़िता के परिजनों से मुलाकात कर न्याय और मदद का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि अपराधी को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। सरकार फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से स्पीड ट्रायल चलाकर आरोपी को कठोर से कठोर सजा दिलाने की दिशा में काम कर रही है। इस घटना से बेहद मर्माहत हूं। ऐसे लोगों को कभी माफ नहीं किया जा सकता। एसपी से भी बातचीत हुई है और सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि आरोपी को जल्द से जल्द सख्त सजा मिले और पीड़ित परिवार को न्याय मिले। इस दिशा में सरकार काम कर रही है। हरसंभव सहयोग का आश्वासन लोक जनशक्ति पार्टी(रामविलास) के नेता चिराग पासवान के निर्देश पर एक टीम गठित कर दरभंगा भेजा गया है। इस मौके पर लोजपा(रा.) पार्टी के अलौली विधायक, छात्र विंग के प्रदेश अध्यक्ष प्रिंस, परशुराम पासवान, शोभा सिन्हा पासवान और मो कैफी सहित अन्य नेता मौजूद रहे। सभी ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उन्हें हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। अब जानिए क्या है पूरा मामला विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र में शनिवार के 6 साल की बच्ची की रेप के बाद हत्या कर दी गई थी। इस घटना के बाद स्थानीय लोग आक्रोशित हो गए। रोड जामकर जमकर बवाल काटा। पथराव और आगजनी कर शहर में करीब 3 घंटा तक हंगामा करते हुए। भीड़ को काबू करने के लिए 10 थानों की पुलिस मौके पर पहुंची थी।
मोगा में फायरिंग में 2 लोग घायल:पैरों में गोली लगी; खाना खाकर लौट रहे थे मजदूर, बाइक पर आए थे हमलावर
मोगा के जीरा रोड पर गोलीबारी की एक घटना में दो लोग घायल हो गए। इस फायरिंग में इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। इसके बाद घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती करवाया गया। जानकारी के अनुसार, पल्लेदारी का काम करने वाले मजदूर खाना खार अपने घरों की ओर जा रहे थे। तभी अचानक तीन बाइक सवार युवक वहां पहुंचे और बिना किसी चेतावनी के उन पर फायरिंग शुरू कर दी। फायरिंग के दौरान अशोक कुमार और सबोध नाम के दो व्यक्तियों के पैरों में गोलियां लगीं, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। मौके पर मौजूद दुकानदारों ने बताया कि हमलावरों ने चार हवाई फायर भी किए, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सीसीटीवी खंगाल रही पुलिस घटना की सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। घायलों को तुरंत इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और हमलावरों की पहचान के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है और उन्हें जल्द ही पकड़ लिया जाएगा। घटना के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
हरियाणा की समृद्ध विरासत, लोक संस्कृति और पारंपरिक जीवनशैली को नजदीक से देखना हो तो फरीदाबाद के सूरजकुंड में आयोजित 39वें अंतरराष्ट्रीय आत्मनिर्भर सूरजकुंड मेले में बने “अपणा घर” में पहुंचना जरूरी है। इन दिनों अपणा घर में हरियाणा की सांस्कृतिक विरासत को देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है। देश ही नहीं बल्कि विदेशों से आए पर्यटक भी यहां हरियाणा की संस्कृति को करीब से देख और समझ रहे हैं। अपणा घर को हरियाणा की लोक संस्कृति की जीवंत झलक के रूप में तैयार किया गया है। यहां पुराने समय के हरियाणवी पहनावे, किसानों द्वारा खेतों की जुताई के पारंपरिक तरीके, गांव की महिलाएं किस प्रकार कुएं से पानी भरकर लाती थीं, इन सभी दृश्यों को प्रदर्शनी के रूप में दर्शाया गया है। चक्की से आटा पीसने की प्रक्रिया इसके साथ ही पुराने जमाने में इस्तेमाल होने वाले बर्तन, तराजू और बाट, लकड़ी के तराजू, खेतों में काम आने वाले औजार, चक्की से आटा पीसने की प्रक्रिया, लुगदी से बने बोहिये, हाथ से बनी चंगेरी और गांव की शान माने जाने वाले हुक्के को भी प्रदर्शित किया गया है। इस प्रदर्शनी के माध्यम से यह दिखाया गया है कि किस तरह पहले हरियाणा के लोग सादा लेकिन आत्मनिर्भर जीवन जीते थे। किसान और गांव की महिलाएं अपने घरों में रोजमर्रा के कामों के लिए स्वदेशी और हाथ से बने सामानों का इस्तेमाल करती थीं। अपणा घर में प्रदर्शित हर एक वस्तु उस दौर की मेहनत, संस्कृति और परंपराओं की कहानी कहती नजर आती है। अपणा घर देखने पहुंचे गोहाना निवासी अनिल गौड़ ने बताया कि यहां आकर उन्हें बेहद अच्छा लगा। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर के इस मेले में हरियाणा की संस्कृति को इस तरह से प्रस्तुत करना गर्व की बात है। इससे नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जुड़ने का अवसर मिल रहा है। सामाजिक मेल-जोल का प्रतीक है हुक्का : रमेश कौशिक गोहाना से आए रमेश कौशिक ने कहा कि अपणा घर में हुक्के को देखकर उन्हें सबसे ज्यादा खुशी हुई। उन्होंने बताया कि पहले हुक्का केवल एक वस्तु नहीं, बल्कि सामाजिक मेल-जोल का प्रतीक हुआ करता था। गांवों में लोग हुक्के के पास बैठकर बिना किसी भेदभाव के अपने विचार साझा करते थे, जिससे सामाजिक एकता मजबूत होती थी। इसके अलावा देवेंद्र शर्मा ने कहा कि अपणा घर बनाकर हरियाणा की संस्कृति को प्रदर्शित करना एक सराहनीय पहल है। उन्होंने बताया कि यहां आने वाले विदेशी पर्यटक भी हरियाणा की लोक संस्कृति में काफी रुचि दिखा रहे हैं और प्रदर्शनी के साथ तस्वीरें खिंचवाकर इसकी जानकारी ले रहे हैं। यह प्रयास हरियाणा की लुप्त होती संस्कृति को संजोने और आगे बढ़ाने की दिशा में एक अहम कदम है। यहां देखिए फोटो…
मणिपुर में फिर भड़की हिंसा, 30 घरों को आग लगाई; सरकार ने पांच दिनों के लिए बंद किया इंटरनेट
मणिपुर के उखरुल जिले के लिटान के आसपास के गांवों में उपद्रवियों ने रात भर में कई घरों में आग लगा दी। प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है, लेकिन काफी हद तक नियंत्रण में है।
राजधानी लखनऊ में लगातार हो रही जानलेवा घटनाओं के बीच चीनी मांझे पर सख्त प्रतिबंध की मांग को लेकर दाखिल जनहित याचिका पर मंगलवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में अहम सुनवाई होगी। वर्ष 2018 में दाखिल इस PIL को लेकर अदालत पहले ही केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार से जवाब तलब कर चुकी है। आज होने वाली सुनवाई से चीनी मांझे के अवैध आयात, बिक्री और इस्तेमाल पर सख्त रुख तय होने की उम्मीद है जनहित याचिका पर न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति अबधेश कुमार चौधरी की खंडपीठ कोर्ट नंबर-1 में सुनवाई करेगी। यह याचिका स्थानीय अधिवक्ता मोतीलाल यादव द्वारा दायर की गई है, जिसमें चीनी मांझे को पूरी तरह प्रतिबंधित करने और इसके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के निर्देश देने की मांग की गई है। PMO और यूपी सरकार से मांगा गया जवाबइस मामले में हाईकोर्ट पहले ही प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), उत्तर प्रदेश सरकार और संबंधित विभागों से जवाब तलब कर चुका है। अदालत ने यह स्पष्ट किया था कि चीनी मांझे के कारण हो रही मौतों और गंभीर हादसों को हल्के में नहीं लिया जा सकता। लखनऊ पीठ की खंडपीठ ने तीन सितंबर 2024 को इस जनहित याचिका पर अहम आदेश पारित किया था। उस समय अदालत ने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिया था कि वे अपने-अपने जिलों में चीनी मांझे के खिलाफ की गई कार्रवाई का विवरण हलफनामे के रूप में पेश करें। मीडिया की खबर को बनाया गया था आधारअदालत ने उत्तर प्रदेश के गृह विभाग और पर्यावरण विभाग से भी यह स्पष्ट करने को कहा था कि चीनी मांझे पर रोक लगाने और उसके अनुपालन के लिए अब तक क्या प्रक्रिया अपनाई गई है। इसके साथ ही भारत सरकार से यह जानकारी भी मांगी गई थी कि क्या यह मामला राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) में लंबित है या नहीं। इस पूरे मामले में हाईकोर्ट ने 26 अगस्त 2025 को मीडिया में प्रकाशित खबर को भी रिकॉर्ड पर लिया था, जिसमें चीनी मांझे से गला कटने और मौत जैसी घटनाओं का उल्लेख था। अदालत ने माना था कि यह विषय सीधे तौर पर जनजीवन और सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़ा है। पहले भी दिया जा चुका है एक और मौकातत्कालीन मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली और न्यायमूर्ति जसप्रीत सिंह की खंडपीठ ने प्रतिवादी पक्ष की प्रार्थना पर तीन सितंबर के आदेश के अनुपालन के लिए एक और मौका दिया था। इसके बाद भी प्रभावी कार्रवाई न होने के आरोप सामने आए, जिसके चलते मामला फिर से सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है। प्रदेश में बीते दिनों चीनी मांझे से कई लोगों की गर्दन कटने और एक व्यक्ति की मौत के बाद इस मुद्दे ने तूल पकड़ लिया है। अब हाईकोर्ट की इस सुनवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं, क्योंकि इससे चीनी मांझे पर पूर्ण प्रतिबंध और सख्त कानूनी कार्रवाई की दिशा तय हो सकती है।
सीकर जिले में 40 साल की महिला के साथ रेप का मामला सामने आया है। परिचित युवक ने महिला को कोल्डड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर दिया। इसके बाद रेप कर अश्लील फोटो और वीडियो रिकॉर्ड कर लिया। इसके बाद युवक और उसके दोस्त ने महिला को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। अब पुलिस मामले की जांच कर रही है। पीड़िता ने पुलिस में शिकायत देकर बताया कि वह घर पर अकेली थी, तब उसका परिचित युवक आया था। उसने कोल्डड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर दे दिया। तब उसके साथ रेप किया। इसके बाद दोस्त के साथ मिलकर अश्लील फोटो-वीडियो से ब्लैकमेल करने लगा। परिवार को आपबीती बताई और थाने में मामला दर्ज करवाया। यह खबर भी पढ़ें : छात्रा से छेड़छाड़ मामले में सरकारी स्कूल का हेडमास्टर सस्पेंड:वॉशरूम जाते वक्त करता था अश्लील इशारे, शिक्षा विभाग जांच में जुटा सीकर जिले की एक सरकारी स्कूल के हेडमास्टर को छात्रा की शिकायत के बाद सस्पेंड कर दिया गया है। हेडमास्टर स्कूल में पढ़ने वाली लड़कियों को बेड टच करता था। इतना ही नहीं वह लड़कियों को अश्लील इशारे भी करता था।(पूरी खबर पढ़ें)
झाबुआ में वृद्धा की पेंशन रुकी, जनसुनवाई में पहुंचीं:सहायक कलेक्टर ने जल्द समाधान का दिया आश्वासन
पेटलावद के राजापुरा मोहल्ले की निवासी पार्वतीबाई ने जनसुनवाई में शिकायत की कि उनकी पेंशन पिछले कई महीनों से नहीं मिल रही है। इससे उन्हें और उनके परिवार को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पति के निधन के बाद मिल रही थी पेंशन पार्वतीबाई के पति बाबूलाल दगल नगर परिषद पेटलावद में सफाई कर्मचारी थे। उनका सेवाकाल के दौरान निधन हो गया था। पति की मौत के बाद से उन्हें नियमित पेंशन मिल रही थी। पार्वतीबाई ने बताया कि अक्टूबर 2025 से उनके खाते में पेंशन की राशि नहीं आई। उन्होंने सभी आवश्यक औपचारिकताएं समय पर पूरी कर ली थीं, लेकिन विभाग की ओर से पेंशन जारी नहीं की गई। महिला बोलीं-कमाई पर दूसरा पेंशन रुकने के कारण पार्वतीबाई के सामने जीवन-यापन का संकट खड़ा हो गया है। उनके पास आय का कोई अन्य स्रोत नहीं है। उम्र के इस पड़ाव में वे अक्सर बीमार रहती हैं और दवाई खरीदने के लिए भी पैसे नहीं हैं। पार्वतीबाई ने यह भी बताया कि उनके पति के सेवाकाल के दौरान बचे हुए अर्जित अवकाश की राशि का भुगतान नगर परिषद द्वारा लंबे समय से रोका गया है। उन्होंने कई बार आवेदन किया, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। अधिकारियों ने दिया समाधान का आश्वासन जनसुनवाई में मौजूद नगर परिषद के प्रभारी सीएमओ एवं सहायक कलेक्टर आशीष कुमार ने वृद्धा की समस्या सुनी। उन्होंने आश्वासन दिया कि रुकी हुई पेंशन और अर्जित अवकाश की राशि के संबंध में जल्द ही जांच कर समाधान किया जाएगा।
मोतिहारी में एक बार फिर दैनिक भास्कर की खबर का बड़ा असर देखने को मिला है। भास्कर ने प्रमुखता से यह खबर प्रकाशित की थी कि बंजरिया प्रखंड स्थित एक सरकारी पोखर की जमीन पर भू-माफियाओं और अतिक्रमणकारियों द्वारा अवैध कब्जा कर लिया गया है। साथ ही पोखर में नाले का गंदा पानी गिराया जा रहा है, जिससे पोखर का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है। खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासन हरकत में आया। प्रभारी सदर एसडीओ अरुण कुमार, नगर आयुक्त आशीष कुमार, बंजरिया अंचलाधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचे और पोखर का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मौके पर अतिक्रमण की स्थिति, जलजमाव और नाले के पानी की निकासी को लेकर गहन जांच की। इस दौरान पोखर को अतिक्रमण मुक्त कराने की रणनीति पर भी चर्चा की गई। अतिक्रमणकारियों के चंगुल से कराया जाएगा मुक्त प्रभारी सदर एसडीओ अरुण कुमार ने बताया कि बंजरिया पोखर को जल्द ही अतिक्रमणकारियों के चंगुल से मुक्त कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि कई अतिक्रमणकारियों को पहले ही चिन्हित किया जा चुका है और उन्हें पूर्व में नोटिस भी जारी किया गया था। बावजूद इसके अतिक्रमण खाली नहीं किया गया, ऐसे में अब सख्त कार्रवाई करते हुए अवैध कब्जा हटाया जाएगा। साथ ही पोखर में जमा गंदे पानी की निकासी के लिए भी ठोस व्यवस्था की जाएगी। 32 कट्ठा जमीन पर अतिक्रमण गौरतलब है कि बंजरिया प्रखंड के इस पोखर की करीब 32 कट्ठा जमीन पर चारों ओर से अतिक्रमण कर लिया गया है। इस गंभीर समस्या को लेकर स्थानीय युवक मनीष कुमार के नेतृत्व में “अतिक्रमण हटाओ, पोखर बचाओ” अभियान चलाया गया था। युवाओं के इस आंदोलन और मीडिया में उठी आवाज के बाद आखिरकार प्रशासन जागा और अब आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। प्रशासनिक कार्रवाई से स्थानीय लोगों में उम्मीद जगी है कि पोखर को बचाया जा सकेगा और सार्वजनिक जलस्रोत का संरक्षण संभव होगा।

