नाकाबंदी में पकड़ा 64 KG डोडा-चूरा:पुलिस देख लोडिंग टैंपो दौड़ाया; पीछा किया तो छोड़ भागा ड्राइवर
भीलवाड़ा के कोटड़ी थाना इलाके में लोडिंग टैंपो से प्लास्टिक के 3 कट्टों में भरा डोडा चूरा जब्त किया गया है। यहां अवैध मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। इसी के तहत कोटड़ी पुलिस ने नाकाबंदी के दौरान एक टैंपो से डोडा-चूरा पकड़ा। पुलिस को देखकर ड्राइवर ने टेंपो की रफ्तार बढ़ा दी और टेंपो छोड़कर मौके से फरार हो गया। नाकाबंदी के दौरान टैंपो को रुकवाया थाना प्रभारी गजेंद्र सिंह राठौड़ ने बताया कि एसपी सागर राणा के निर्देशन में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत कोटड़ी पुलिस टीम नाकाबंदी कर रही थी।इसी दौरान एक टेंपो आता दिखाई दिया। तलाशी में मिला अवैध डोडा चूरा पुलिस ने इसे रोकने का प्रयास किया तो ड्राइवर टेंपो तेज स्पीड से भगाने लगा। पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए ड्राइवर भीलों के झोपड़ा के पास टेंपो छोड़कर फरार हो गया।पुलिस ने टेंपो की तलाशी ली तो उसमें तीन प्लास्टिक कट्टे मिले।कट्टों को खोलकर देखा तो उनमें डोडा-चूरा भरा हुआ था।वजन करने पर कुल 63 किलो 960 ग्राम डोडा-चूरा बरामद हुआ। एनडीपीएस एक्ट में मामला दर्ज पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट में मामला दर्ज करते हुए मौके से टेंपो और एक मोबाइल फोन जब्त किया ओर फरार ड्राइवर की तलाश शुरु की।कार्रवाई करने वाली टीम में एएसआई गोपाल लाल, कांस्टेबल मोती जाखड़, हेमराज चौधरी एवं मुकेश जांगिड़ शामिल रहे।
ललितपुर में पर्यूषण पर्व के अवसर पर जैन पार्श्वनाथ दिगंबर जैन अटा मंदिर में मुनि विशद सागर महाराज ने श्रद्धालुओं को प्रवचन दिए। उन्होंने कहा कि क्रोध आत्मा की सबसे बड़ी कमजोरी है, जिससे विवेक समाप्त हो जाता है। क्रोध के समान आत्मा का कोई दूसरा शत्रु नहीं है। उन्होंने श्रद्धालुओं से जीवन में क्षमा का भाव अपनाने की अपील की। क्षमा से मिटता है वैर भाव मुनि विशद सागर महाराज ने कहा कि क्षमा का अभाव ही क्रोध है, जबकि क्रोध का अभाव क्षमा कहलाता है। जीवन में क्षमा धारण करने से किसी के प्रति वैर भाव नहीं रहता। उन्होंने गृहस्थ धर्म को स्वयं के हाथ में बताते हुए कहा कि दशलक्षण ही हमारा जीवन है। उन्होंने समझाया कि संसार में जीव अपने कर्मों के अनुसार फल भोगता है। क्रोध आग के समान है, जो सभी को जलाती है। इसलिए व्यक्ति को क्रोध से बचकर क्षमा का भाव अपनाना चाहिए। दीप प्रज्ज्वलन से शुरू हुई धर्मसभा धर्मसभा की शुरुआत आचार्य श्री के चित्र के सामने दीप प्रज्ज्वलित कर की गई। श्रेष्ठीजनों ने दीप जलाया और मनोज जैन बबीना ने मंगलाचरण किया। सुषमा जैन, मेधा जैन, रिचा जैन और आरुश जैन ने तत्वार्थ सूत्र का वाचन किया। अर्घ समर्पण का पुण्य लाभ महेंद्र सर्राफ परिवार ने लिया। धर्मसभा का संचालन महामंत्री आकाश जैन ने किया। बाहुबली भगवान का अभिषेक और शांतिधारा सुबह बाहुबली भगवान की वेदिका पर प्रभु अभिषेक किया गया। इसके बाद मुनि शिव सागर महाराज ने शांतिधारा का पुण्य लाभ लिया। उन्होंने धर्मसभा में श्रावकों को क्षमा का महत्व बताते हुए कहा कि क्षमा धारण करने से ही जीवन में शांति का अनुभव होता है। दोपहर में मुनि विशद सागर महाराज ने श्रावकों को तत्वार्थ सूत्र के अध्याय का विस्तार से विवेचन किया।
प्रतापगढ़ में क्राइम ब्रांच ने बुधवार शाम 4:30 बजे बड़े साइबर अपराध गिरोह का खुलासा किया। पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि गिरोह फर्जी फर्मों के नाम पर बैंक खाते खुलवाकर साइबर ठगी की रकम का लेन-देन करता था। पुलिस के मुताबिक, एक साल में करीब 42.65 करोड़ रुपए की ठगी की रकम इन खातों के जरिए ट्रांसफर की गई। अलग-अलग बैंकों में 109 फर्जी फर्मों के खाते सक्रिय मिले हैं। शाकिब और संदीप गिरफ्तार पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शाकिब खान और संदीप कुमार के रूप में की है। शाकिब खान पटना के फ्रेजर रोड का रहने वाला है और मूल रूप से वाराणसी का निवासी है। वहीं संदीप कुमार पटना के बंदर बगीचा का रहने वाला है। 2.50 लाख रुपए की साइबर ठगी से शुरू हुई जांच पुलिस के मुताबिक, मामले की शुरुआत 16 जुलाई 2026 को हुई थी। देहात कोतवाली क्षेत्र के भुवालपुर डोमीपुर निवासी डॉ. सुमनेश सिंह के बैंक खाते से साइबर ठगी के जरिए 2.50 लाख रुपए निकाल लिए गए थे। शिकायत मिलने के बाद मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। इसी दौरान क्राइम ब्रांच को फर्जी खातों और फर्मों के नेटवर्क का पता चला। लैपटॉप, मोबाइल और बैंक दस्तावेज बरामद क्राइम ब्रांच ने आरोपियों के पास से लेनोवो लैपटॉप, पीओएस मशीन, 6 मोबाइल फोन, 6 पेन ड्राइव, कार्ड रीडर, डिजिटल सिग्नेचर डिवाइस और 8 जीबी चिप बरामद की है। इसके अलावा कई बैंकों की चेकबुक, एटीएम कार्ड, क्यूआर कोड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण व दस्तावेज भी मिले हैं। विज्ञापन कारोबार की आड़ में नेटवर्क चलाने का आरोप पूछताछ में पुलिस को पता चला कि शाकिब खान अपने पिता के विज्ञापन कारोबार की आड़ में साइबर ठगी का नेटवर्क चला रहा था। पुलिस के अनुसार, गिरोह ऑनलाइन सट्टेबाजी वेबसाइट, फर्जी ट्रेडिंग और निवेश योजनाओं, कोरियर के नाम पर ठगी और वायरस वाले APK के जरिए लोगों को निशाना बनाता था। जाली दस्तावेजों से खुलवाते थे बैंक खाते पुलिस के मुताबिक, गिरोह जाली किरायानामा, फर्जी उद्यम, MSME और GST दस्तावेज तैयार करता था। इनके आधार पर अलग-अलग लोगों के नाम पर फर्जी फर्में रजिस्टर कराई जाती थीं। इसके बाद बैंकों में करंट और कॉर्पोरेट खाते खुलवाकर साइबर ठगी की रकम का लेन-देन किया जाता था। जांच में एक ही पते और मोबाइल नंबर से कई फर्मों के पंजीकरण की बात भी सामने आई है। 500 से ज्यादा साइबर शिकायतों से जुड़े मिले खाते पुलिस के मुताबिक, गृह मंत्रालय के समन्वय पोर्टल पर जांच के दौरान आरोपियों के बैंक खाते और मोबाइल नंबर देशभर की 500 से अधिक साइबर अपराध शिकायतों से लिंक मिले हैं। अब पुलिस संबंधित राज्यों की साइबर क्राइम इकाइयों से समन्वय कर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और मामलों की जांच कर रही
संतकबीरनगर पुलिस ने गुम और चोरी हुए 131 एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस के मुताबिक, इनकी अनुमानित कीमत करीब 30 लाख रुपए है। सर्विलांस टीम ने तकनीकी मदद से अलग-अलग थाना क्षेत्रों के अलावा लखनऊ, बेंगलुरु, बिहार समेत देश के कई शहरों और राज्यों से मोबाइल ट्रेस कर बरामद किए। बुधवार को पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम में एसपी संदीप कुमार मीना ने मोबाइल उनके वास्तविक मालिकों को सौंपे। लंबे समय बाद अपना मोबाइल वापस मिलने पर लोगों के चेहरे पर खुशी दिखाई दी। खलीलाबाद की छात्रा सौम्या गुप्ता ने बताया कि उनका फोन ऑटो में गिर गया था। उन्होंने तुरंत पुलिस से शिकायत की थी। सौम्या ने कहा कि उनकी पढ़ाई मोबाइल से होती है और फोन जल्दी वापस मिलने से उन्हें काफी खुशी हुई। IMEI और सिम की जानकारी से तलाश शुरू की एसपी संदीप कुमार मीना के निर्देश पर गुम मोबाइलों की बरामदगी के लिए सर्विलांस टीम और थानों में CEIR पोर्टल से जुड़े कर्मचारियों को लगाया गया था। प्रभारी सर्विलांस सेल रजनीश राय के नेतृत्व में टीम ने CEIR पोर्टल और CCTNS से मिली जानकारी के आधार पर मोबाइलों की तलाश शुरू की। लखनऊ से बेंगलुरु और बिहार तक ट्रेस किए मोबाइल पुलिस टीम ने मोबाइल के IMEI नंबर, सिम की जानकारी और तकनीकी विश्लेषण के जरिए उनके इस्तेमाल और लोकेशन से जुड़े विवरण जुटाए। कई मोबाइल जिले से बाहर इस्तेमाल होते मिले। इसके बाद संबंधित राज्यों और शहरों की पुलिस से संपर्क कर लखनऊ, बेंगलुरु, बिहार समेत अलग-अलग जगहों से मोबाइल बरामद किए गए। पुलिस लाइन में मालिकों को खुद एसपी ने सौंपे फोन बरामद मोबाइल उनके वास्तविक स्वामियों को लौटाने के लिए पुलिस लाइन में कार्यक्रम आयोजित किया गया। एसपी संदीप कुमार मीना ने लोगों को उनके फोन अपने हाथों से सौंपे। लंबे समय बाद मोबाइल वापस मिलने पर लोगों ने पुलिस टीम का आभार जताया। छात्रा सौम्या ने बताया कि फोन उनकी पढ़ाई के लिए जरूरी था, इसलिए उसे वापस पाकर उन्हें काफी राहत मिली। पुलिस टीम को 25 हजार रुपए का इनाम एसपी ने मोबाइल बरामदगी में अहम भूमिका निभाने वाली सर्विलांस टीम का उत्साह बढ़ाते हुए 25 हजार रुपए के पुरस्कार की घोषणा की। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि मोबाइल गुम या चोरी होने पर थाने में शिकायत दर्ज कराने के साथ CEIR पोर्टल पर भी इसकी जानकारी दें। इससे मोबाइल के IMEI को ब्लॉक कराने और उसे ट्रेस करने में मदद मिल सकती है।
भोपाल कोतवाली के TI, ASI और माइक्रो बीट प्रभारी कांस्टेबल सस्पेंड, जुआरियों से कनेक्शन
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बारां के रामगढ़ में 77वां जिला स्तरीय वन महोत्सव मनाया गया। इस मौके पर रामगढ़ क्रेटर को इको-टूरिज्म हब के तौर पर विकसित करने की बात कही गई। यह कार्यक्रम जिला प्रशासन और वन विभाग ने मिलकर आयोजित किया। पुलिस अधीक्षक अभिषेक अंदासू ने मां सरस्वती की पूजा करके कार्यक्रम की शुरुआत की। इस दौरान परिसर में कई तरह के पौधे लगाए गए। डीएफओ बड़े विवेकानंद ने बताया कि जिले में पौधरोपण का काम तय लक्ष्य से ज्यादा हुआ है। अब तक 18 लाख 78 हजार पौधे लगाए जा चुके हैं। वन विभाग ने जिला प्रशासन के साथ मिलकर लक्ष्य से 10 प्रतिशत ज्यादा यानी 110 प्रतिशत पौधरोपण का टारगेट पूरा किया है। डीएफओ ने यह भी बताया कि राजस्थान की पहली जियो हेरिटेज साइट रामगढ़ क्रेटर को इको-टूरिज्म जगह के रूप में तैयार किया जा रहा है। यहां पर्यटकों के लिए सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं और जैव विविधता को बचाने पर खास ध्यान दिया जा रहा है। इससे यह इलाका पर्यावरण और पर्यटन दोनों के लिए एक मिसाल बनेगा। इस कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक अभिषेक अंदासू, डीएफओ बड़े विवेकानंद, एडीएम भंवरलाल, किशनगंज रेंजर भूपेंद्र सिंह हाड़ा, देवराज सुमन, दीपक चौधरी सहित वन विभाग के अधिकारी, कर्मचारी और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद थे।
मैनपुरी के कोतवाली थाना क्षेत्र में पुरानी रंजिश को लेकर एक परिवार के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। पीड़ित का आरोप है कि घर के बाहर बैठे परिवार के लोगों पर कई लोगों ने लोहे की रॉड और लाठी-डंडों से हमला कर दिया। मारपीट के दौरान घर में लगे कैमरे भी तोड़ दिए गए। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मोहल्ला भारतवाल निवासी कृपाल गिरि ने पुलिस को बताया कि 12 सितंबर की रात करीब 10 बजे वह अपने बेटे गोपाल, नाती अर्पित और पत्नी गीता के साथ घर के बाहर बैठे थे। इसी दौरान अजय, गौरव, सुनील, अमन, ऋषभ, राकेश, आयुष और रिंकू समेत कई लोग वहां पहुंच गए। आरोप है कि पुरानी रंजिश को लेकर सभी ने गाली-गलौज करते हुए परिवार से मारपीट शुरू कर दी। कृपाल गिरि के मुताबिक, हमलावरों के हाथों में लोहे की रॉड और लाठी-डंडे थे। आरोपियों ने परिवार के लोगों के साथ मारपीट की, जिसमें कई लोग घायल हो गए। शोर सुनकर आसपास के लोगों के पहुंचने पर हमलावरों के वहां से जाने की बात शिकायत में कही गई है। मारपीट के दौरान घर के कैमरे भी तोड़े पीड़ित ने आरोप लगाया कि हमलावरों ने मारपीट के दौरान घर में लगे कैमरों को भी तोड़ दिया। इससे घटना की रिकॉर्डिंग मिलने में भी परेशानी हुई। शिकायत में हरिदर्शन नगर निवासी रामजी लाल गोस्वामी के भी मौके पर मौजूद होने और मारपीट में शामिल होने का आरोप लगाया गया है। बेटे की सोने की चेन और गणेश जी का पेंडल गायब कृपाल गिरि ने पुलिस को बताया कि मारपीट के दौरान उनके बेटे प्रवीन कुमार के गले में पहनी करीब एक तोले की सोने की चेन गायब हो गई। इसके अलावा गणेश जी की आकृति वाला सोने का पेंडल भी गायब होने का आरोप लगाया गया है। पेंडल का वजन एक तोले से कुछ कम बताया गया है। शिकायत पर केस दर्ज, पुलिस जांच में जुटी पीड़ित ने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर लिया है। अब पुलिस मारपीट, कैमरे तोड़ने और सोने के आभूषण गायब होने से जुड़े आरोपों की जांच कर रही है। मामले में सामने आए तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फिरोजाबाद के शिकोहाबाद थाना क्षेत्र के लभौआ गांव में गर्भवती महिला की मौत के मामले में बुधवार को नया विवाद सामने आया। सोमवार को अंतिम संस्कार के बाद बुधवार दोपहर 12 बजे परिजन अस्थियां लेने श्मशान घाट पहुंचे। इसी दौरान चिता की राख और शव के अवशेषों के बीच लोहे की छेनी मिलने से हड़कंप मच गया। परिजनों ने पोस्टमार्टम में लापरवाही का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की। जेठ ने पोस्टमार्टम में छेनी छूटने का जताया शक जेठ विजय सिंह ने बताया- अस्थियां उठाते समय शव के अवशेषों के पास छेनी मिली। उन्हें आशंका है यह पोस्टमार्टम के दौरान महिला के शरीर के अंदर रह गई होगी। परिजनों ने इसे गंभीर लापरवाही बताते हुए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर ली जानकारी छेनी मिलने की सूचना पर पुलिस टीम गांव पहुंची और परिजनों से जानकारी ली। पुलिस के मुताबिक, महिला के शव का पोस्टमार्टम तीन डॉक्टरों के पैनल ने किया था। इसकी वीडियोग्राफी भी कराई गई थी। ऐसे में पोस्टमार्टम के दौरान इस तरह की गलती होने की संभावना कम मानी जा रही है। हालांकि, परिजनों के आरोपों को देखते हुए पुलिस मामले की जांच कर रही है। फोरेंसिक टीम ने श्मशान घाट से जुटाए सबूत मामले की जांच कर रहे एएसपी शिकोहाबाद जयबिंद कुमार गुप्ता ने घटना की जांच के लिए फोरेंसिक टीम को बुलाया। टीम ने श्मशान घाट पहुंचकर मौके से जरूरी साक्ष्य जुटाए। पुलिस अब छेनी वहां तक पहुंचने की वजह पता करने में जुटी है। गर्भवती महिला की मौत के बाद छह पुलिसकर्मी हो चुके हैं सस्पेंड रविवार रात शिकोहाबाद पुलिस ने चोरी के शक में लभौआ गांव निवासी गौरव को हिरासत में लिया था। इसके बाद सोमवार को उसकी गर्भवती पत्नी अंजलि की डिलीवरी के दौरान मौत हो गई थी। परिजनों ने पुलिसकर्मियों पर धक्का-मुक्की और अंजलि के पेट में लात मारने समेत गंभीर आरोप लगाए थे। मामले में एसएसपी ने 6 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया था। एएसपी कर रहे पूरे मामले की जांच पूरे मामले की जांच एएसपी शिकोहाबाद जयबिंद कुमार गुप्ता कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम प्रक्रिया और श्मशान घाट पर मिली छेनी, दोनों पहलुओं की जांच की जा रही है।
हरियाणा के नारनौल में आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सुशील गुप्ता ने प्रदेश की स्वास्थ्य, शिक्षा, कानून व्यवस्था, किसान और सड़क व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि हरियाणा में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति चिंताजनक है और सरकार को इन मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए। डॉ. गुप्ता ने राजस्थान के हालिया नगर निकाय चुनावों में बारां नगर परिषद के परिणाम का भी जिक्र किया। बारां में आप ने 60 में से 31 वार्डों में जीत दर्ज कर बहुमत हासिल किया है। उन्होंने कहा कि पार्टी इसे काम और विकास की राजनीति के प्रति लोगों के समर्थन के रूप में देखती है। स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था पर सवाल डॉ. गुप्ता ने रोहतक पीजीआई के जच्चा-बच्चा वार्ड की छत गिरने की घटना का उल्लेख करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि महेंद्रगढ़ जिले में सरकारी एमआरआई सुविधा उपलब्ध नहीं होने से मरीजों को दूसरे शहरों में जाना पड़ता है। उन्होंने सरकारी स्कूलों के विलय और विद्यार्थियों को दिए गए टैबलेट की स्थिति को लेकर भी सरकार से जवाब मांगा। पार्टी की नीतियां बताई उन्होंने कहा कि दिल्ली और पंजाब में आप सरकारों ने सरकारी स्कूलों में सुविधाएं बढ़ाने के लिए काम किया है। साथ ही उन्होंने हरियाणा में बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी सुविधाओं को लेकर पार्टी की नीतियों का उल्लेख किया। नशे और कानून व्यवस्था का मुद्दा उठाया आप प्रदेश अध्यक्ष ने प्रदेश में नशे और अपराध को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि नारनौल और महेंद्रगढ़ में भी नशे की बिक्री से जुड़ी शिकायतें सामने आ रही हैं। उन्होंने सरकार से नशे की रोकथाम और कानून व्यवस्था को लेकर प्रभावी कार्रवाई की मांग की। किसानों और सड़कों का मुद्दा उठाया डॉ. गुप्ता ने दक्षिण हरियाणा में फसल खराबे और मुआवजे का मुद्दा उठाते हुए किसानों को राहत देने की मांग की। उन्होंने सड़कों की खराब स्थिति को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर पार्टी आगे भी आवाज उठाती रहेगी। ये रहे मौजूद इस दौरान आप के जिला प्रधान गिरीश खेड़ा, ज्योति सैनी, करण सिंह, जोगिंदर खन्ना, सोमदत्त, मनीष खन्ना, विवेक भटनागर, राजेश कुमार, संजय सैनी, रमेश अग्रवाल कांटीवाल, रामदेव, आत्माराम सैनी और ललित शर्मा सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
बुरहानपुर के नेपानगर में तीसरी और चौथी रेलवे लाइन से प्रभावित संजय नगर के करीब 60 परिवारों को जमीन के पट्टे देने की प्रक्रिया तेज हो गई है। बुधवार को चूना भट्टा क्षेत्र में आवंटित जमीन का राजस्व विभाग की टीम ने अंतिम सीमांकन किया। अब पट्टे बांटने के लिए जरूरी दस्तावेज तैयार किए जाएंगे। भुसावल से खंडवा तक 131 किमी लंबी रेलवे लाइन के दायरे में संजय नगर के परिवारों के मकान आए थे। प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए जिला प्रशासन ने चूना भट्टा क्षेत्र में 0.9500 हेक्टेयर सरकारी जमीन आवंटित की थी। यह जमीन गजानन मंदिर के पास और आरोग्य मंदिर के पड़ोस में है। जमीन को लेकर पहले आपत्ति भी सामने आई थी, जिसका निराकरण कर दिया गया। बुधवार दोपहर आरआई खड़क सिंह, पटवारी ब्रजेश पटेल और नगर पालिका की टीम मौके पर पहुंची। मशीन और नक्शे की मदद से जमीन का अंतिम सीमांकन किया गया। जून 2016 में उजड़े थे परिवारसंजय नगर के 60 से ज्यादा परिवार जून 2016 में बेघर हुए थे। कुछ लोगों ने अपने मकान खुद तोड़े थे, जबकि कुछ मकानों को रेलवे ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान तोड़ा था। इसके बाद से प्रभावित परिवार किराए के मकानों या रिश्तेदारों के यहां रह रहे हैं। जिला प्रशासन ने 5 जून को ही पुनर्वास के लिए जमीन आवंटित कर दी थी, लेकिन नगर पालिका की ओर से जमीन समतल कराने में समय लग गया। अब सीमांकन पूरा होने के बाद पट्टे देने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। नगर पालिका अध्यक्ष ने कहा—जल्द आगे की कार्रवाईनगर पालिका अध्यक्ष भारती विनोद पाटील ने बताया कि प्रभावित परिवारों को पट्टे देने से पहले जमीन के सीमांकन का अंतिम काम पूरा कर लिया गया है। राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर मशीन और नक्शे की मदद से सीमांकन किया। अब राजस्व विभाग पट्टा वितरण के लिए जरूरी कार्रवाई पूरी करेगा।
झालावाड़ के पीएम श्री उच्च माध्यमिक स्कूल दुर्गपुरा में मंगलवार, 16 सितंबर को तनाव प्रबंधन कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें विद्यार्थियों को परीक्षा के तनाव से निपटने और शिक्षकों को कार्यस्थल के तनाव को नियंत्रित करने की जानकारी दी गई। राजस्थान सरकार के मानक प्रारूप के तहत आयोजित प्रशिक्षण में जिला नोडल अधिकारी डॉ. रश्मि ने तनाव के कारण, लक्षण और उससे निपटने के प्रभावी तरीकों के बारे में विस्तार से बताया। प्रशिक्षण से पहले और बाद में हुआ मूल्यांकन कार्यशाला में प्रशिक्षण शुरू होने से पहले और प्रशिक्षण के बाद विद्यार्थियों एवं शिक्षकों का मूल्यांकन किया गया। इसका उद्देश्य दी गई जानकारी और प्रशिक्षण के प्रभाव का आकलन करना था। डॉ. रश्मि ने तनाव को समय रहते पहचानने और उसका सही तरीके से प्रबंधन करने की जरूरत पर जोर दिया। परीक्षा तनाव कम करने की बताई तकनीकें डॉ. रश्मि ने विद्यार्थियों को परीक्षा के दौरान तनाव कम करने के लिए एसक्यू3आर अध्ययन पद्धति, सजगता अभ्यास और तनाव प्रबंधन की विभिन्न तकनीकों का अभ्यास कराया। उन्होंने तनाव से निपटने के प्रभावी और अप्रभावी तरीकों तथा उनके दूरगामी प्रभावों पर भी चर्चा की। विद्यार्थियों को नियमित पढ़ाई, पर्याप्त आराम, सकारात्मक सोच और समय प्रबंधन अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही, तनाव अधिक बढ़ने पर विशेषज्ञ की मदद लेने और 14416 सहायता सेवा के बारे में भी जानकारी दी गई। समय पर पहचान और मदद जरूरी प्रधानाध्यापक हेमंत शर्मा ने कहा कि मौजूदा समय में इस तरह के प्रशिक्षण की बहुत जरूरत है। हर व्यक्ति कभी न कभी तनाव महसूस करता है, लेकिन कई बार उसे यह जानकारी नहीं होती कि मदद कहां और कैसे मिलेगी। समय पर सही सहायता नहीं मिलने पर तनाव मानसिक समस्याओं और नशे की लत का रूप ले सकता है। उन्होंने कहा कि तनाव को गंभीर स्थिति बनने से पहले पहचानना और उसका उचित प्रबंधन करना जरूरी है। बीमारी के इलाज से बेहतर है कि बीमारी की स्थिति ही पैदा न होने दी जाए। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों और शिक्षकों को तनाव के प्रति जागरूक करना और उन्हें तनाव से प्रभावी ढंग से निपटने के तरीके बताना रहा।
मऊ के मोहम्मदाबाद गोहना इलाके में बुधवार दोपहर शराब की दुकान को लेकर नाराज ग्रामीणों ने सड़क जाम कर दिया। भातकोल और देवलास के बीच फुलवरिया के पास ग्रामीणों ने बांस लगाकर मोहम्मदाबाद गोहना-घोसी मार्ग पर आवागमन रोक दिया। इससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की कतारें लग गईं और स्कूल बसें भी जाम में फंस गईं। पुलिस के समझाने-बुझाने के बाद रास्ता खुलवाया गया। दुकान गांव की तरफ ले जाने की बात पर विरोध ग्रामीणों का कहना था कि शराब की दुकान पहले सड़क किनारे थी। अब इसे सड़क से हटाकर गांव की तरफ ले जाने की बात सामने आई है। इसी को लेकर उन्होंने नाराजगी जताई और मौके पर बांस लगाकर रास्ता रोक दिया। स्कूल बसें और राहगीर जाम में फंसे सड़क पर जाम लगने से दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। कई स्कूल बसें भी फंस गईं, जिससे स्कूली बच्चों और अन्य राहगीरों को परेशानी हुई। मोहम्मदाबाद गोहना-घोसी मार्ग पर करीब एक घंटे तक यातायात बाधित रहा। पुलिस ने समझाकर खुलवाया रास्ता जाम की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों से बातचीत की। पुलिस के समझाने-बुझाने के बाद ग्रामीणों ने रास्ता खोल दिया और वाहनों की आवाजाही फिर शुरू हो गई।
वल्लभनगर इलाके में जलझूलनी एकादशी के मौके पर किशन करेरी स्थित द्वारिका धाम में दो दिवसीय मेला भरा। इसके लिए किशन करेरी के ग्रामीणों ने भटेवर क्षेत्र में पहुंचकर लोगों को कार्यक्रम में शामिल होने का न्योता दिया। ग्रामीणों ने भटेवर सहित आसपास के गांवों में जाकर लोगों से संपर्क किया और न्योता पत्र बांटे। उन्होंने लोगों से ज्यादा से ज्यादा संख्या में किशन करेरी पहुंचने की अपील की। बाईपास चौराहे पर भटेवर और किशन करेरी के ग्रामीणों व युवाओं ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर राधे मेनारिया का स्वागत किया। उन्हें मेले में शामिल होने का न्योता भी दिया गया। ग्रामीणों ने बताया कि जलझूलनी एकादशी के अवसर पर द्वारिका धाम में दो दिवसीय मेले का आयोजन हो रहा है। 21 सितंबर को चामुंडा म्यूजिकल ग्रुप द्वारा रंगारंग कार्यक्रम और भजन संध्या होगी। वहीं, 22 सितंबर को जलझूलनी एकादशी के मौके पर कई धार्मिक कार्यक्रम होंगे। सुबह ठाकुरजी की मंगला आरती से धार्मिक कार्यक्रमों की शुरुआत होगी। इसके बाद दोपहर 12 बजे महाआरती के बाद ठाकुरजी की शानदार शोभायात्रा निकलेगी। रात 9 बजे बड़ी भजन संध्या होगी, जिसमें महेंद्र सिंह राठौड़ भजन गाएंगे। इस आयोजन को लेकर किशन करेरी और आसपास के इलाकों में तैयारियां चल रही हैं। श्रद्धालुओं को कार्यक्रम में शामिल होने के लिए न्योता दिया जा रहा है। इस दौरान नाथूलाल, राधेश्याम, अंबालाल, भेरूलाल, पंकेश, जसवंत, निलेश, गोपाल राधे मेनारिया और सुभाष व्यास सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे।
अजमेर में सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की फर्जी प्रतिनियुक्ति (डेपुटेशन) कराने वाले आरोपी को गंज थाना पुलिस ने केंद्रीय कारागृह से प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया है। आरोपी फर्जी मेल आईडी बनाकर स्कूल की ऑफिशियल ईमेल आईडी पर हूबहू असली जैसे दिखने वाले ट्रांसफर और डेपुटेशन ऑर्डर भेजता था। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने AI टूल्स और यूट्यूब की मदद से ऐसे फर्जी दस्तावेज तैयार करना सीखा था। गंज थाने के एएसआई भवानी सिंह ने बताया कि 23 अगस्त 2024 को राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय अजयसर के प्रधानाचार्य विजय जैन ने रिपोर्ट दी थी। इसमें बताया कि स्कूल की अध्यापिका सुमन देवी के नाम भादरा स्कूल के लिए प्रतिनियुक्ति आदेश आया था। आदेश को अजमेर कार्यालय और बीकानेर निदेशालय से सत्यापित कराया गया तो वह फर्जी निकला। फर्जी मेल आईडी बनाकर स्कूल की मेल पर भेजता था आदेश मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। तकनीकी जांच और कंपनियों से मिले डेटा के आधार पर पुलिस आरोपी तक पहुंची। जांच में सामने आया कि आरोपी सौरभ शर्मा ने फर्जी ईमेल आईडी तैयार की और उसी के जरिए स्कूल की ऑफिशियल मेल आईडी पर फर्जी ट्रांसफर/डेपुटेशन ऑर्डर भेजे थे। AI टूल्स से तैयार करता था हूबहू असली जैसे दस्तावेज पुलिस के अनुसार आरोपी मोबाइल और AI टूल्स की मदद से सरकारी आदेशों का फॉर्मेट तैयार करता था। यूट्यूब से भी फर्जी दस्तावेज तैयार करने का तरीका सीखता था। इसके बाद असली सरकारी आदेश की तरह दिखने वाले दस्तावेज तैयार कर शिक्षकों को भेजता और उनके भरोसे में लेकर रकम ऐंठता था। पुलिस के अनुसार आरोपी नशे का भी आदी है और पैसों की जरूरत पूरी करने के लिए इस तरह का फर्जीवाड़ा करता था। मांगलियावास थाने में भी दर्ज है फर्जीवाड़े का केस सौरभ शर्मा को गंज थाना पुलिस ने केंद्रीय कारागृह से प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया है। इससे पहले मांगलियावास थाना पुलिस ने भी फर्जी ट्रांसफर आदेश तैयार करने के मामले में उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा था। आरोपी पर दो अध्यापिकाओं के फर्जी ट्रांसफर आदेश तैयार करने का आरोप है। गंज थाना पुलिस अब आरोपी से अन्य मामलों और इस तरह की दूसरी वारदातों को लेकर पूछताछ कर रही है। यह खबर भी पढ़ें.... अजमेर में मनमर्जी से डेपुटेशन, 2 टीचर निलंबित:* निदेशालय के नाम से फर्जी आदेश बनाया; अब सभी की होगी जांच
महोबा में गोंडा के बर्तन व्यापारी विनोद साहनी की हत्या के बाद कश्यप निषाद रैकवार संगठन और समाजवादी पार्टी ने विरोध प्रदर्शन किया। सपा जिलाध्यक्ष शोभालाल यादव के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर राज्यपाल को पांच सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। उन्होंने प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि विनोद साहनी की हत्या पीडीए की आवाज उठाने के कारण की गई। प्रदर्शनकारियों ने पीड़ित परिवार के लिए न्याय और आर्थिक मदद की मांग की। गोंडा के ग्राम परमपुर में बर्तन व्यापारी विनोद साहनी की हत्या के बाद महोबा में सियासी और सामाजिक माहौल गरमा गया है। समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं और कश्यप निषाद रैकवार संगठन ने महोबा कलेक्ट्रेट में संयुक्त प्रदर्शन किया। उन्होंने डीएम के जरिए राज्यपाल को अपनी 5 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन भेजा। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे सपा जिलाध्यक्ष शोभालाल यादव और सपा नेता डॉ. महेश निषाद ने प्रदेश सरकार और कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए। सपा नेताओं का आरोप है कि सत्ता से जुड़े दबंगों ने साजिश रचकर विनोद साहनी की घेराबंदी की और पीट-पीटकर उनकी हत्या कर दी। नेताओं ने कहा कि विनोद साहनी इलाके में दबे-कुचले, शोषितों और पीडीए की आवाज जोर-शोर से उठा रहे थे। यह बात सत्ताधारी दल को पसंद नहीं आ रही थी। ज्ञापन में कश्यप निषाद रैकवार संगठन और समाजवादी पार्टी ने सरकार से 5 मुख्य मांगें रखी हैं। इनमें पीड़ित परिवार को तुरंत 5 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद देना शामिल है। इसके अलावा, मृतक के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। हत्या में शामिल अपराधियों के अवैध मकानों पर बुलडोजर चलाने की भी मांग की गई है। संगठन ने दोषियों को फांसी की सजा देने या उनका एनकाउंटर करने की मांग की है। साथ ही, पीड़ित परिवार की जान-माल की सुरक्षा के लिए मुफ्त सरकारी सुरक्षा और शस्त्र लाइसेंस दिए जाएं। ज्ञापन सौंपते समय सपा कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। उन्होंने प्रदेश में खराब होती कानून-व्यवस्था पर गहरी नाराजगी जताई। संगठन ने साफ चेतावनी दी है कि अगर विनोद साहनी के परिवार को जल्द न्याय नहीं मिला, तो मछुआ समुदाय और समाजवादी पार्टी सड़क पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेगी।
टीजीटी-पीजीटी भर्ती की नई नियमावली के खिलाफ प्रयागराज में बैठे अभ्यर्थियों का आमरण अनशन 13वें दिन भी जारी है। आयोग की ओर से 15 सितंबर को जारी नए विज्ञापन को अभ्यर्थियों ने तुगलकी फरमान बताया है। आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि चार महीने पहले कराई गई परीक्षा में जो छात्र पात्र थे, उन्हें अब अचानक नई शर्तों (बी.एड., टीईटी, जीके-जीएस, नेगेटिव मार्किंग) के जरिए अयोग्य घोषित किया जा रहा है। 2 तस्वीरें देखिए… अभ्यर्थी आरती सिंह ने कहा कि नई नियमावली एक प्रतिशत भी सही नहीं है और मांग की कि पुरानी नियमावली से ही टीजीटी-पीजीटी दोनों विज्ञापन वापस कराए जाएं। 5 सितंबर से छात्र आमरण अनशन पर हैं, लेकिन कोई अधिकारी उनकी सुध लेने नहीं आया है। बिना पूर्व सूचना के अचानक टीईटी, नेगेटिव मार्किंग और बी.एड. अनिवार्य करना गलत है, क्योंकि कुछ ही महीनों में बी.एड. डिग्री हासिल करना असंभव है। अनशन पर बैठे रोशन सरोज का कहना है कि सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाया है, क्योंकि विरोध के बावजूद नई नियमावली से पीजीटी का विज्ञापन जारी कर दिया गया। उनका कहना है कि नए नियमों से सात-आठ लाख अभ्यर्थी प्रभावित होंगे। छात्रों की मांग है कि पुरानी नियमावली बहाल की जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि जब तक पुरानी व्यवस्था से टीजीटी का विज्ञापन नहीं आता, उनका आमरण अनशन अनवरत जारी रहेगा। पिंटू यादव ने कहा कि प्रशासन ने छात्रों के खिलाफ एक तानाशाही और 'तुगलकी फरमान' जारी किया है। जिसका मकसद आगामी भर्ती विज्ञापनों से छात्रों की छंटनी करना है। सरकार ऐसा इसलिए कर रही है ताकि वह झूठे आंकड़े पेश कर सके कि राज्य में बेरोजगार युवा नहीं हैं। यह नीति पूरी तरह से अतार्किक और अन्यायपूर्ण है। जो छात्र महज चार महीने पहले आयोजित की गई परीक्षा में पूरी तरह से योग्य माने गए थे, उन्हें अब अचानक अयोग्य घोषित किया जा रहा है। यह सीधा-सीधा छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। अपनी कमियों और बेरोजगारी को छिपाने के लिए छात्रों को भर्ती प्रक्रिया से बाहर करना उनके अधिकारों का हनन और एक सरासर अन्याय है। बुधवार को उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने पीजीटी के 2,607 पदों के लिए विज्ञापन जारी किया है। जिसका विरोध छात्र कर रहे हैं। अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी है कि जब तक टीजीटी का विज्ञापन भी पुरानी नियमावली से जारी नहीं होता, तब तक आमरण अनशन जारी रहेगा। वे बिहार जैसा बड़ा प्रदर्शन करने की बात भी कर रहे हैं।
उन्नाव में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) शैलेश कुमार पाण्डेय ने बुधवार सुबह नवाबगंज ब्लॉक के कई स्कूलों का अचानक निरीक्षण किया। इस दौरान कंपोजिट विद्यालय पिडहरी में वित्तीय गड़बड़ी का मामला सामने आया। बुधवार शाम चार बजे बीएसए ने मामले कि जानकारी दी। निरीक्षण में पता चला कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के खेल मद की रकम प्रधान शिक्षिका महिमा द्विवेदी के निजी खाते में ली गई थी। BSA ने जब इस रकम के खर्च से जुड़े कागजात और खरीदी गई खेल सामग्री मांगी, तो प्रधान शिक्षिका कुछ भी नहीं दिखा पाईं। BSA शैलेश पांडे ने बताया कि उन्होंने नवाबगंज ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय दुन्दपुर, प्राथमिक विद्यालय खजूर, कंपोजिट विद्यालय परसंदन और प्राथमिक विद्यालय सलेमपुर का भी औचक निरीक्षण किया। उन्होंने स्कूलों में पढ़ाई, छात्रों की उपस्थिति और मूलभूत सुविधाओं की स्थिति देखी। साथ ही निपुण भारत मिशन के तहत बच्चों की शैक्षिक दक्षता का भी आकलन किया। मामला सामने आने के बाद अब रकम के इस्तेमाल और दस्तावेजों की स्थिति पर सवाल खड़े हो गए हैं। BSA ने कहा है कि इस मामले में नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, रकम कितनी थी और उस पर अंतिम रूप से क्या कार्रवाई होगी, यह जांच के बाद ही साफ होगा। शिक्षक एक-दूसरे को फोन कर बीएसए के अगले निरीक्षण स्थल की जानकारी लेते रहे। अधिकारियों के लगातार निरीक्षण का उद्देश्य विद्यालयों में व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के साथ बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराना है। वहीं एक विद्यालय परिसर में ग्रामीण द्वारा अतिक्रमण किए जाने का मामला भी सामने आया। ग्रामीण ने परिसर में अपनी भैंसें बांध रखी थीं। बीएसए के निर्देश पर ग्रामीण ने भैंसों को खोलकर विद्यालय की जमीन को कब्जामुक्त किया। बीएसए ने दोबारा अतिक्रमण मिलने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी।
बिलासपुर में अमेजन से खरीदा गया एप्पल एयरपॉड्स प्रो नकली निकलने के मामले में जिला उपभोक्ता आयोग ने सेलर अप्पारियो रिटेल प्राइवेट लिमिटेड को सेवा में कमी और अनुचित व्यापारिक व्यवहार का दोषी माना है। आयोग ने 24,900 रुपए की राशि 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ लौटाने के अलावा 5 हजार रुपए क्षतिपूर्ति और 3 हजार रुपए वाद व्यय देने का आदेश दिया है। पूरी राशि का भुगतान 45 दिनों के भीतर करना होगा। तालापारा रोड निवासी मोहम्मद अरशद ने 8 मई 2022 को अमेजन इंडिया से एप्पल एयरपॉड्स प्रो कैश ऑन डिलीवरी पर ऑर्डर किया था। 18 मई को डिलीवरी मिलने के बाद बॉक्स खोलने पर उन्हें उत्पाद नकली होने का संदेह हुआ। एप्पल स्टोर में दिखाने पर भी उत्पाद संदिग्ध बताया गया। इसके बाद अरशद ने अनबॉक्सिंग वीडियो के साथ अमेजन पर शिकायत और रिव्यू किया, लेकिन रिव्यू हटा दिया गया। कस्टमर केयर से समाधान नहीं मिलने पर उन्होंने विधिक नोटिस भेजा और उपभोक्ता आयोग में परिवाद दायर किया। फॉरेंसिक जांच में वजन और सीरियल कोड में मिला अंतर सुनवाई के दौरान अरशद ने स्वतंत्र फॉरेंसिक एक्सपर्ट की रिपोर्ट पेश की। इसमें असली और प्राप्त एयरपॉड्स के वजन, आकार, सीरियल कोडिंग, मार्किंग और मैग्नेटिक फोर्स में स्पष्ट अंतर पाया गया। रिपोर्ट में उत्पाद को नकली बताया गया। आयोग ने फॉरेंसिक रिपोर्ट को स्वीकार करते हुए सेलर को जिम्मेदार माना। अमेजन और एप्पल इंडिया को दी राहत आयोग के अध्यक्ष आनंद कुमार सिंघल, सदस्य पूर्णिमा सिंह और आलोक कुमार पाण्डेय की पीठ ने सुनवाई और जांच रिपोर्ट व अन्य तथ्यों के बाद अमेजन इंडिया और एप्पल इंडिया को मामले में दायित्व से मुक्त कर दिया। आयोग ने माना कि अमेजन केवल ई-कॉमर्स मार्केटप्लेस के रूप में काम कर रहा था और बिक्री का बिल अप्पारियो रिटेल के नाम पर था। वहीं मामला निर्माण दोष का नहीं, बल्कि नकली उत्पाद की बिक्री का था। इसलिए एप्पल इंडिया पर भी जिम्मेदारी नहीं बनती।
श्रावस्ती। जिला मुख्यालय के जिला पंचायत कार्यालय के पास बने नए भवन में उप निबंधक सदर और सहायक महानिरीक्षक निबंधन कार्यालय का बुधवार शाम 5 बजे विधिवत शुभारंभ किया गया। लंबे समय से यह कार्यालय कलेक्ट्रेट परिसर में संचालित हो रहा था। नए भवन में पर्याप्त जगह मिलने से अधिकारियों, कर्मचारियों और जमीन-जायदाद से जुड़े काम कराने आने वाले लोगों को सुविधा मिलने की उम्मीद है। पूजा-अर्चना के बाद DM ने किया शुभारंभ जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग ने पूजा-अर्चना के बाद फीता काटकर नए कार्यालय भवन का शुभारंभ किया। इसके बाद उन्होंने पूरे भवन का निरीक्षण किया और अलग-अलग कमरों व उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। कलेक्ट्रेट में जगह की कमी से होती थी परेशानी पहले उप निबंधक कार्यालय कलेक्ट्रेट परिसर में संचालित होता था। जगह सीमित होने के कारण अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ कार्यालय आने वाले लोगों को भी परेशानी होती थी। नए भवन में पर्याप्त जगह होने से कामकाज के लिए बेहतर व्यवस्था उपलब्ध होगी। जमीन की खरीद-बिक्री और दस्तावेज पंजीकरण में मिलेगी सुविधा नए कार्यालय से जमीन की खरीद-बिक्री, दस्तावेजों के पंजीकरण और स्टाम्प से जुड़े काम कराने वाले लोगों को सुविधा मिलेगी। जिलाधिकारी ने कार्यालय में आने वाले लोगों के लिए व्यवस्थाएं बेहतर रखने पर जोर दिया। पिछले महीने मुख्यमंत्री ने किया था लोकार्पण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछले महीने सीताद्वार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उप निबंधक कार्यालय श्रावस्ती का लोकार्पण किया था। अब जिला मुख्यालय पर बने नए भवन में कार्यालय का काम शुरू हो गया है। DM ने परिसर में पौधे भी लगाए कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी ने स्टाम्प कार्यालय परिसर में पौधे लगाए। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने का संदेश दिया।
पोहरी विधायक कैलाश कुशवाह ने बुधवार को क्षेत्र के सरकारी स्कूलों का औचक निरीक्षण किया। ग्राम पंचायत बमरा के सरकारी एकीकृत हाई स्कूल में स्कूल के पास तीन तालाब और बारिश में परिसर में जलभराव की स्थिति देखकर उन्होंने नाराजगी जताई। उन्होंने प्राचार्य से व्यवस्थाओं की जानकारी ली और छात्रों की सुरक्षा के लिए तत्काल कदम उठाने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान सामने आया कि स्कूल के ठीक पास तीन तालाब हैं। बारिश के दिनों में स्कूल परिसर और आसपास पानी भरने से दलदल जैसी स्थिति बन जाती है। तालाब स्कूल से सटे होने के कारण बच्चों के वहां पहुंचने का खतरा भी बना रहता है। विधायक ने इसे छात्रों की सुरक्षा से जुड़ा मामला बताते हुए जिला शिक्षा अधिकारी और जिला परियोजना समन्वयक को पत्र लिखा। विधायक ने कलेक्टर से स्कूल परिसर में बाउंड्रीवॉल बनवाने की मांग की। इसके साथ ही पानी की निकासी की व्यवस्था, परिसर को समतल कराने और पुराने भवन की मरम्मत कराने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को बताया कि बारिश के दौरान भवन की छत से पानी टपकता है। 80 छात्रों के लिए एक कमरा, उसी में चल रहा दफ्तरविधायक ने ग्राम पंचायत घटाई के ग्राम भैंसदा स्थित सरकारी प्राथमिक विद्यालय का भी निरीक्षण किया। यहां करीब 80 छात्रों के लिए सिर्फ एक कमरा मिला। इसी कमरे में शिक्षकों का दफ्तर भी संचालित हो रहा है। इससे बच्चों की पढ़ाई के लिए पर्याप्त जगह नहीं होने की समस्या सामने आई। स्कूल के सामने एक पुराना और जर्जर भवन भी मिला। विधायक ने इसे बच्चों की सुरक्षा के लिए खतरा बताते हुए अतिरिक्त कमरा और रसोईघर बनवाने की मांग की। पुराने भवन के संबंध में जरूरी निर्माण या मरम्मत कराने के लिए भी अधिकारियों से कहा। अधिकारियों से जल्द समस्याएं दूर करने को कहाविधायक कैलाश कुशवाह ने जिला शिक्षा अधिकारी और जिला परियोजना समन्वयक को पत्र लिखकर दोनों स्कूलों की समस्याओं का शीघ्र निराकरण कराने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में लापरवाही नहीं होनी चाहिए। प्रशासन को स्कूलों का मौके पर निरीक्षण कर समस्याओं को प्राथमिकता से दूर करना चाहिए।
मेरठ के सेंट्रल मार्केट प्रकरण में 21 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई से पहले बुधवार को शास्त्रीनगर में बुलडोजर एक्शन शुरू हो गया। कार्रवाई से पहले ही सुबह पूरे इलाके में पुलिस ने बैरिकेडिंग कर दी। ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कई लोग कार्रवाई के दौरान सामने आए भावुक दृश्यों को सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए दुख जता रहे हैं। रोते दिखे लोग, वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर कार्रवाई के दौरान भूखंडों को ध्वस्त होते देख बिलख-बिलख कर रोते नजर आए लोग। कई लोग अपने परिजनों से गले लगकर रोते दिखे। कार्रवाई से जुड़े ऐसे वीडियो सोशल मीडिया पर लगातार सामने आए, जिनमें लोगों की भावुक प्रतिक्रिया दिखाई दे रही है। सोशल मीडिया पर लोग इन वीडियो को शेयर कर अपनी अलग-अलग प्रतिक्रिया दे रहे हैं। भवन का हिस्सा तोड़ने में छोटी पड़ी JCB, पोर्कलेन मशीन से हुई कार्रवाई सभी छह भवनों पर शुरुआत में JCB से ध्वस्तीकरण किया गया। जी प्लस थ्री भवन का एक हिस्सा ऊंचाई और मजबूती के कारण JCB से नहीं टूट पाया। इसके बाद पोर्कलेन मशीन बुलाई गई। काफी मशक्कत के बाद मशीन के पंजे से भवन के हिस्से को तोड़ा गया। ध्वस्तीरकण की देखिए तस्वीरें - बैरिकेडिंग से रास्ता बंद, पुलिस से नोकझोंक पूरे इलाके में पुलिस की घेराबंदी के कारण आमजन को आने-जाने में परेशानी हुई। रास्ता बंद होने से लोगों को दूसरे रास्तों से जाना पड़ा। स्कूल से लौट रहे बच्चों को भी पुलिस ने रोक दिया। इस दौरान लोगों की पुलिस से बहस और नोकझोंक हुई। ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के दौरान पुलिस ने पूरे इलाके को घेरकर रखा। व्यापारियों में भी नाराजगी व्यापारियों का कहना है कि 2 सितंबर को मेरठ बंद के दौरान उन्हें आश्वासन दिया गया था कि सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई से पहले किसी तरह की ध्वस्तीकरण या बुलडोजर कार्रवाई नहीं की जाएगी। इसके बावजूद सुनवाई से कुछ दिन पहले ही आवास विकास की ओर से कार्रवाई शुरू किए जाने से व्यापारी नाराज हैं। सेंट्रल मार्केट प्रकरण में आवास विकास की ओर से पूर्व में 44 व्यावसायिक भूखंडों को सील किया गया था। इनमें से कई भूखंड बाद में डी-सील किए गए थे।
जालंधर-पठानकोट नेशनल हाईवे पर भगौतीपुर खुड्डा अड्डा के पास बुधवार दोपहर एक स्कोडा कार और छोटे हाथी (थ्री-व्हीलर/लोडर) के बीच भीषण टक्कर हो गई। इस हादसे में स्कोडा कार सवार एक बुजुर्ग की इलाज के दौरान अस्पताल में मौत हो गई, जबकि उनके परिवार के चार सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि स्कोडा कार का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया और गाड़ियों के अवशेष सड़क पर काफी दूर तक बिखर गए। पेंट की बाल्टियां लेकर जा रहे वाहन से टकराई कार मिली जानकारी के मुताबिक, छोटा हाथी (नंबर PB-08-FK-3429) का चालक जतिंदर सिंह टांडा से पेंट की बाल्टियां लादकर दसूहा की ओर जा रहा था। इसी दौरान बावड़ी (अलवर, राजस्थान) निवासी आशीष रैना अपनी स्कोडा कार (नंबर HR-26-FE-5472) से परिवार सहित गुजर रहे थे कि दोनों वाहनों के बीच सीधी भिड़ंत हो गई। हादसे में कार चला रहे आशीष रैना के पिता मोती लाल रैना, माता ऊषा रैना, पत्नी पूनम रैना, बेटा गौरांश राय और बेटी किशिका रैना बुरी तरह घायल हो गए। इलाज के दौरान बुजुर्ग ने तोड़ा दम, पुलिस जांच में जुटी घटना की सूचना मिलते ही सड़क सुरक्षा बल (SSF) की टीम से एएसआई तिलक राज, कांस्टेबल पंकज और लेडी कांस्टेबल अंचल मौके पर पहुंचे और सभी घायलों को तुरंत सरकारी अस्पताल दसूहा पहुंचाया। हालांकि, इलाज के दौरान गंभीर चोटों के कारण बुजुर्ग मोती लाल रैना की मौत हो गई। हादसे की खबर मिलते ही दसूहा के डीएसपी हरगुरदेव सिंह और थाना प्रभारी (SHO) गुरसाहिब सिंह पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने दोनों दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है और हादसे के असल कारणों का पता लगाया जा रहा है।
झुंझुनूं नगर परिषद में सभापति पद को लेकर तस्वीर अब सामने आ गई है। सभापति पद के लिए कांग्रेस की ओर से वार्ड 41 से निर्वाचित अब्दुल्ला गुलाम नबी अगवान और भाजपा की ओर से वार्ड 49 से निर्वाचित मनु धनकड़ ने आवेदन दाखिल किया है। नगर परिषद के 60 वार्डों के चुनाव परिणाम में कांग्रेस 30 सीटों के साथ सबसे बड़े दल के रूप में सामने आई है। बहुमत के लिए 31 पार्षदों की जरूरत है। कांग्रेस को बहुमत के लिए केवल एक पार्षद के समर्थन की जरूरत है। निर्दलीय पार्षद वीरेंद्र डारा अब्दुल्ला अगवान के प्रस्तावक बने हैं। इसके अलावा कई निर्दलीय पार्षदों के कांग्रेस के साथ होने का दावा किया जा रहा है। दूसरी ओर भाजपा के 15 पार्षद जीतकर आए हैं। भाजपा को बोर्ड गठन के लिए 16 पार्षद के समर्थन की जरूरत है। अब्दुल्ला अगवान: लगातार दूसरी जीत, 734 वोट की लीड अब्दुल्ला गुलाम नबी अगवान इस चुनाव में वार्ड 41 से कांग्रेस के टिकट पर दूसरी बार पार्षद निर्वाचित हुए हैं। 48 वर्षीय अब्दुल्ला बीए ग्रेजुएट हैं। 2026 के चुनाव में उन्होंने 1,003 वोट हासिल किए और निर्दलीय प्रत्याशी अबरार अहमद को 734 वोट से हराया। सभापति पद की दावेदारी में उनकी सबसे बड़ी ताकत उनका चुनावी प्रदर्शन और लगातार दो बार कांग्रेस के टिकट पर जीत दर्ज करना है। निर्दलीय से कांग्रेस का सफर अब्दुल्ला का राजनीतिक सफर कांग्रेस से शुरू नहीं हुआ। उन्होंने 2014 में निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर नगर परिषद चुनाव लड़ा था, लेकिन जीत नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने कांग्रेस के साथ हो गए। 2019 में कांग्रेस ने वार्ड के मौजूदा पार्षद इकबाल जाजोदिया का टिकट बदलकर अब्दुल्ला अगवान को प्रत्याशी बनाया। अब्दुल्ला ने चुनाव जीतकर पार्टी के भरोसे को कायम किया। इसके बाद 2026 में कांग्रेस ने एक बार फिर उन पर भरोसा जताया और वार्ड 41 से टिकट दिया। उन्होंने इस बार भी जीत दर्ज की और जीत का अंतर भी काफी बड़ा रहा। उनकी पत्नी शबाना अगवान को वार्ड 53 से कांग्रेस ने प्रत्याशी बनाया था, हालांकि वे चुनाव जीत नहीं सकीं। पति-पत्नी दोनों को टिकट मिलने से स्थानीय स्तर पर अब्दुल्ला के राजनीतिक प्रभाव की चर्चा भी हुई। अब्दुल्ला अगवान को स्थानीय कांग्रेस की राजनीति में सांसद बृजेन्द्र ओला के करीबी नेताओं में गिना जाता है। भाजपा के मनु धनकड़: पहली बार चुनाव, पहली ही कोशिश में बड़ी जीत भाजपा ने सभापति पद के लिए वार्ड 49 से निर्वाचित मनु धनकड़ पर दांव लगाया है। मनु पेशे से सीए (चार्टर्ड अकाउंटेंट) हैं और उन्होंने पहली बार नगर परिषद का चुनाव लड़ा था। पहली ही राजनीतिक चुनावी पारी में उन्होंने जीत दर्ज कर सीधे सभापति पद के मुकाबले में जगह बनाई है। मनु धनकड़ का सबसे बड़ा राजनीतिक परिचय यह है कि वे झुंझुनूं विधायक राजेंद्र भांबू के दामाद हैं। चुनाव प्रचार के दौरान भी वार्ड 49 में यह रिश्ता राजनीतिक चर्चा का हिस्सा रहा। वार्ड 49 में मनु धनकड़ ने 651 वोट हासिल किए और निर्दलीय प्रत्याशी डॉ. कमलचंद सैनी को 400 वोट के अंतर से हराया। यानी पहली बार पार्षद का चुनाव लड़ने वाले मनु ने अपने वार्ड में सीधे जीत दर्ज की और अब भाजपा ने उन्हें सभापति पद के लिए मैदान में उतारा है। भाजपा-कांग्रेस की रणनीति कांग्रेस का गणित: 30 अपनी सीटें, एक की जरूरत 60 सदस्यीय नगर परिषद में कांग्रेस के 30 पार्षद जीतकर आए हैं। बहुमत का आंकड़ा 31 है। यानी कांग्रेस बहुमत से केवल एक सीट दूर है। कांग्रेस के लिए यह एक ऐसा गणित है जिसमें बोर्ड बनाने के लिए उसे अपने 30 पार्षदों के अलावा केवल एक और पार्षद का समर्थन चाहिए। निर्दलीय पार्षद वीरेंद्र डारा का अब्दुल्ला अगवान के आवेदन में प्रस्तावक बनना कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण राजनीतिक संकेत है। डारा के समर्थन से 31 का फेर चुनाव से पहले ही वीरेंद्र डारा का नाम कांग्रेस के साथ जुड़ने की चर्चा में रहा था। अब सभापति पद के आवेदन में प्रस्तावक बनने से उनके रुख को लेकर तस्वीर और स्पष्ट हुई है। इसके अलावा कांग्रेस खेमे की ओर से करीब 4 से 6 निर्दलीय पार्षदों के समर्थन की बात कही जा रही है। यदि ये समर्थन सभापति चुनाव में कायम रहता है तो कांग्रेस के पास बहुमत के आंकड़े से अधिक संख्या हो सकती है। हालांकि अंतिम तस्वीर सभापति पद के चुनाव में पार्षदों के वास्तविक मतदान और आधिकारिक प्रक्रिया के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट होगी। भाजपा का गणित: 15 सीटें, 16 और पार्षद की तलाश भाजपा के खाते में 15 सीटें आई हैं। कांग्रेस के 30 के मुकाबले भाजपा आधी सीटों पर है। बहुमत के लिए 31 पार्षदों की जरूरत होने के कारण भाजपा को बोर्ड गठन के लिए बड़ी संख्या में निर्दलीयों का समर्थन जुटाना होगा। लेकिन सभापति पद के लिए भाजपा ने मनु धनकड़ को उतारकर मुकाबले को औपचारिक रूप से दोतरफा बना दिया है। पढ़ें मियाद नॉमिनेशन से जुड़ी ये खबर भी… झुंझुनूं में मेयर के 3 नॉमिनेशन, कांग्रेस ने 2 भरवाए:भाजपा से मनु धनकड़ पहुंचे, कांग्रेस से अब्दुल्ला अगवान का नाम झुंझुनूं नगर परिषद के 60 वार्डों के चुनाव परिणाम आने के बाद अब सभापति पद को लेकर नामांकन हुए। पढ़ें पूरी खबर…
पलवल में डंपर की टक्कर से पिता-पुत्र की मौत:3 साल की बेटी का पिता था युवक, पत्नी 4 माह की गर्भवती
पलवल में नेशनल हाईवे-19 पर बुधवार सुबह एक सड़क हादसे में बाइक सवार पिता-पुत्र की मौत हो गई। मुंडकटी के पास एक तेज रफ्तार डंपर ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद डंपर ड्राइवर गाड़ी लेकर मौके से फरार हो गया। मुंडकटी थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। मुंडकटी थाना प्रभारी कैलाश चंद के अनुसार, हाथरस (यूपी) के बढार गांव निवासी अमन ने बताया कि उसका 25 वर्षीय भाई गुलशन और पिता सियाराम फिलहाल बामनीखेड़ा गांव में रहते थे। गुलशन मजदूरी करता था, जबकि सियाराम स्कूटी पर कपड़े बेचने का काम करते थे। बहन से मिलने जा रहा था भाई बुधवार की सुबह दोनों बाइक पर सवार होकर फिरोजाबाद में अपनी बहन काजल से मिलने जा रहे थे। बामनीखेड़ा से करीब दस किलोमीटर आगे मुंडकटी के पास पहुंचते ही पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार डंपर ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। राहगीरों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को तुरंत जिला नागरिक अस्पताल पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेजकर परिजनों को सूचना दी। मुंडकटी थाना प्रभारी कैलाश चंद ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपी डंपर चालक को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस हादसे से पीड़ित परिवार सदमे में है। मृतक गुलशन अपने पीछे तीन साल की मासूम बेटी और चार माह की गर्भवती पत्नी को छोड़ गए हैं। घर के दोनों कमाने वाले सदस्यों की मौत से परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
प्रयागराज में नदियों का जलस्तर 80 मीटर के नीचे आया:बाढ़ का खतरा टला, रिवर फ्रंट रोड से नीचे उतरा पानी
गंगा और यमुना के जलस्तर में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। हालांकि जलस्तर में कमी की रफ्तार धीमी है, लेकिन दोनों नदियों का पानी अभी भी करीब 80 मीटर के आसपास बना हुआ है। नदियों में तेज बहाव के बीच प्रशासन की ओर से सभी तटबंधों को सुरक्षित बताया गया है। 16 सितंबर 2026 को शाम 4 बजे की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रयागराज में बाढ़ का खतरा स्तर 84.734 मीटर है। यमुना के नैनी में जलस्तर 79.96 मीटर दर्ज किया गया, जबकि पिछले चार घंटे में इसमें 7 सेंटीमीटर की कमी आई है। यहां बारिश नहीं हुई। वहीं, गंगा का जलस्तर फाफामऊ में 81.09 मीटर रहा, जिसमें पिछले चार घंटे में 4 सेंटीमीटर की गिरावट दर्ज की गई। छतनाग में गंगा का जलस्तर 79.48 मीटर रहा और यहां 8 सेंटीमीटर की कमी आई है। बक्सी बांध (STP) पर जलस्तर 80.24 मीटर दर्ज किया गया, जहां भी 4 सेंटीमीटर की गिरावट हुई है। सभी स्थानों पर बारिश शून्य दर्ज की गई। धीमी गति से नीचे आ रहा पानी गंगा और यमुना का जलस्तर फिलहाल धीरे-धीरे नीचे की ओर आ रहा है। हालांकि नदियों में अभी भी तेज बहाव बना हुआ है और पानी का स्तर 80 मीटर के आसपास होने के कारण निचले इलाकों में सतर्कता बनी हुई है। शहर के रिवर फ्रंट रोड पर कुछ स्थानों पर अब भी पानी भरा हुआ है। वहीं नागवासुकी मंदिर के सामने सड़क भी जलस्तर की चपेट में है। इसके बावजूद मौजूदा स्थिति में प्रयागराज में बाढ़ जैसी स्थिति नहीं है। प्रशासन की रिपोर्ट के अनुसार सभी तटबंध सुरक्षित हैं और जलस्तर में लगातार हो रही गिरावट के चलते स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
सई नदी में डूबे भाई-बहन के शव मिले:नहाने गए थे दोनों, एक किलोमीटर दूर मिली लड़के की बॉडी
हरदोई में मंगलवार शाम सई नदी में नहाने गए दो सगे भाई-बहन गहरे पानी में डूब गए। पुलिस, स्थानीय गोताखोरों और एसडीआरएफ की टीम ने बुधवार को दोनों के शव बरामद किए। बहन का शव सुबह 10 बजे और भाई का शव दोपहर करीब 2:15 बजे मिला। मामला कासिमपुर थाना क्षेत्र के कंजौरा गांव का है। कंजौरा गांव निवासी मकबूल के 12 वर्षीय बेटी इकरा और 10 वर्षीय बेटे मोहम्मद फजल मंगलवार शाम करीब 4 बजे गांव के पास सई नदी में नहाने गए थे। नहाते समय दोनों गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। साथ मौजूद बच्चों ने परिवार और ग्रामीणों को घटना की जानकारी दी। अंधेरा होने के कारण मंगलवार शाम नहीं मिल सके शव सूचना मिलते ही थाना प्रभारी घनश्याम राम पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने ग्रामीणों और गोताखोरों की मदद से दोनों की तलाश शुरू कराई, लेकिन अंधेरा होने के कारण मंगलवार शाम तक दोनों का पता नहीं चल सका। सुबह 10 बजे मिला इकरा का शव बुधवार सुबह राहत और बचाव अभियान दोबारा शुरू किया गया। करीब 10 बजे इकरा का शव सई नदी के पुल से करीब 200 मीटर दूर बरामद हुआ। इसके बाद एसडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों ने फजल की तलाश जारी रखी। एक किलोमीटर दूर मिला फजल का शव काफी तलाश के बाद दोपहर करीब 2:15 बजे फजल का शव घटनास्थल से करीब एक किलोमीटर दूर मिला। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिजनों के मुताबिक इकरा छह भाई-बहनों में चौथे और फजल पांचवें नंबर पर था। दोनों की मौत से परिवार में मातम छा गया है।थाना प्रभारी घनश्याम राम ने बताया कि दोनों शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए हैं। मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
इंदौर के पास सांवेर क्षेत्र में बुधवार शाम एक बिल्डिंग की दीवार अचानक गिर गई। हादसे में एक महिला की मौत की सूचना है। स्थानीय स्तर पर चार लोगों के मलबे में दबे होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य में जुटी है। खबर लगातार अपडेट हो रही है…
मऊगंज में राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ की जिला इकाई ने सिवनी में किसान जागरण यात्रा पर हुई प्रशासनिक कार्रवाई के विरोध में मोर्चा खोल दिया है। बुधवार शाम 4 बजे संगठन ने राज्यपाल के नाम मऊगंज कलेक्टर संजय कुमार जैन को ज्ञापन सौंपा। जिला अध्यक्ष नरेंद्र सिंह की अगुवाई में सौंपे गए ज्ञापन में सिवनी कलेक्टर और एसपी पर किसानों के संवैधानिक अधिकारों का हनन करने का आरोप लगाया गया है। संगठन ने गिरफ्तार किसान पदाधिकारियों को तुरंत रिहा करने, राष्ट्रीय अध्यक्ष समेत अन्य लोगों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने और सिवनी कलेक्टर को पद से हटाने की मांग की है। अनुमति के बाद भी यात्रा रोकने पर बढ़ा विवाद महासंघ के मुताबिक, सिवनी में 15 अगस्त से किसान जनजागरण यात्रा निकाली जा रही थी, जिसकी पूर्व अनुमति ली गई थी। इसके बावजूद मंडी की ओर बढ़ रही यात्रा को पुलिस ने बाईपास पर रोक दिया। इसके बाद किसानों ने वहीं सभा की। बाद में दोबारा यात्रा शुरू करने पर पुलिस ने फिर रोक दिया, जिससे सड़क पर भारी जाम लग गया। लागत के आधार पर फसलों के दाम देने की मांग महासंघ ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने पदाधिकारियों को जबरन गिरफ्तार कर परेशान किया है। ज्ञापन में गिरफ्तार नेताओं की रिहाई और केस वापसी के साथ-साथ किसानों को कृषि उपज व दूध का लागत के आधार पर लाभकारी मूल्य दिलाने की मांग भी राज्यपाल से की गई है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सहारनपुर मंडल के कमिश्नर के स्थगनादेश के उल्लंघन और रामलीला आयोजन से जुड़े एक अवमानना मामले में राज्य सरकार से जवाब मांगा है। यह आदेश न्यायमूर्ति विकास बुधवार ने आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज की अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है। कोर्ट ने संबंधित अधिकारियों को वस्तुस्थिति स्पष्ट करने और हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने रखा पक्षयाची आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने पक्ष रखते हुए आरोप लगाया कि कमिश्नर सहारनपुर मंडल ने 27 नवंबर 2025 को एक आदेश किया था। इस आदेश के तहत सहायक रजिस्ट्रार फर्म्स, सोसाइटीज एवं चिट्स सहारनपुर के 28 मई 2025 के आदेश के क्रियान्वयन पर रोक लगा दी गई थी और अपील के निस्तारण तक सोसाइटी/ट्रस्ट के समस्त क्रियाकलापों को स्थगित रखा गया था। अदालत और प्रशासनिक आदेश की अवमाननायाची का आरोप है कि कमिश्नर के आदेश के बावजूद दूसरे पक्ष को संस्था का संचालन करने और रामलीला आयोजित करने की अनुमति दी जा रही है जो स्पष्ट रूप से अदालत और प्रशासनिक आदेश की अवमानना है। सुनवाई के दौरान स्थायी अधिवक्ता ने एसडीएम कैराना की आख्या (निर्देश) पेश कर बताया कि सहायक रजिस्ट्रार के 28 मई 2025 के आदेश को पूर्व में हाईकोर्ट में एक याचिका के माध्यम से चुनौती दी गई थी, जिसे कोर्ट ने निस्तारित करते हुए कोई विशेष हस्तक्षेप नहीं किया था। सरकारी वकील ने कहा कि दूसरा पक्ष पिछले वर्षों से रामलीला का आयोजन कराता आ रहा था इसलिए सुविधा और व्यवस्था के दृष्टिगत उन्हें आयोजन की अनुमति ने प्रस्तुत तथ्यों और निर्देशों को रिकॉर्ड पर लेते हुए सरकारी वकील को इस मामले में सक्षम अधिकारी की ओर से हलफनामा दाखिल करने के लिए समय दिया है। साथ ही याची के अनुरोध पर जिला शासकीय अधिवक्ता शामली का नाम सूची से हटाने की भी अनुमति प्रदान की।
राजस्थान के अलवर जिले की रामगढ़ नगरपालिका से जुड़ा एक हाई-प्रोफाइल ड्रामा हरियाणा के पंचकूला स्थित रिसॉर्ट में सामने आया है। रामगढ़ के वार्ड नंबर 10 से निर्दलीय चुनाव जीते पार्षद योगेश शर्मा के परिजनों ने कांग्रेस पर उनके परिवार के किडनैपिंग का आरोप लगाया था। हालांकि, जब सूचना मिलते ही पंचकूला पुलिस ने रिसॉर्ट में छापा मारा, तो कहानी पूरी तरह उलट गई। वहां कांग्रेस नहीं, बल्कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पार्षदों की बाड़ेबंदी पाई गई। शिकायतकर्ता राकेश मिश्रा ने आरोप लगाया कि निकाय चुनाव जीतने के बाद उनके भाई योगेश शर्मा, उनकी पत्नी और दो बच्चों को कांग्रेस पार्टी द्वारा अगवा कर लिया गया था। पिछले 5 दिनों से योगेश का मोबाइल बंद आ रहा था और परिवार को गुमराह करके पंचकूला के एक रिसॉर्ट में रखा गया था। परिजनों की इस शिकायत पर पंचकूला की रामगढ़ पुलिस चौकी टीम तुरंत एक्शन में आई और रिसॉर्ट पहुंची। पुलिस रेड में मिला सरप्राइजरामगढ़ चौकी पुलिस जब शिकायतकर्ता के साथ मौके पर जांच-पड़ताल करने पहुंची, तो वहां का नजारा देखकर सब हैरान रह गए। रिसॉर्ट में कांग्रेस का कोई पार्षद मौजूद नहीं था। वहां लक्ष्मणगढ़ और राजगढ़ से आए बीजेपी समर्थित पार्षदों को ठहराया गया था। करीब 60 लोगों के रुकने की बुकिंग 'नितिन' नाम के ट्रैवल एजेंट के जरिए कराई गई थी। रेड के दौरान मौके पर मौजूद एक व्यक्ति ने खुद को केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव का सहायक बताया। नहीं मिला पीड़ित का भाई : चौकी इंचार्जमामले की जानकारी देते हुए रामगढ़ चौकी के जांच अधिकारी कृपाल ने बताया कि पुलिस को लिखित शिकायत मिली थी, जिसके आधार पर तुरंत जांच शुरू की गई। हालांकि, रिसॉर्ट में वे पीड़ित के साथ गए थे, वहां पर उसका भाई नहीं मिला।
गोरखपुर में रक्तदान शिविर:जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आए लोग, बोले- नियमित रक्तदान करेंगे
गोरखपुर चैरिटेबल ब्लड बैंक में बुधवार को रक्तदान शिविर का आयोजन किया। इस अवसर पर शालिनी दुबे व संस्था से जुड़े सदस्यों, मित्रों और करीबी साथियों ने उत्साहपूर्वक रक्तदान कर समाज में मानवता, सेवा और जिम्मेदारी का सकारात्मक संदेश दिया। शालिनी दुबे ने कहा कि जरूरतमंदों के जीवन में खुशियां और उम्मीद लाने का भी अवसर हो सकता है। रक्तदान एक ऐसा पुनीत कार्य है, जिससे किसी जरूरतमंद मरीज के जीवन को बचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है। शिविर में उपस्थित लोगों ने रक्तदान कर इस पहल को सार्थक बनाया। इस अवसर पर अरविन्द यादव, पवन यादव, सच्चिदानंद मौर्या, रविन्द्र सिंह, जितेंद्र प्रजापति, ध्यानचन्द कुमार, अंकुर सिंह, ममता ओझा, पुष्पालता सिंह, मनीष श्रीवास्तव, सुशील कुमार सिंह, विवेक त्रिपाठी, अमित मिश्रा सहित अन्य साथी और समाजसेवी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान सभी ने एक स्वर में लोगों को नियमित रक्तदान के प्रति जागरूक करने और जरूरतमंद मरीजों की सहायता के लिए समाज को आगे आने का संदेश दिया।
एटा पुलिस ने साइबर अपराधियों के बढ़ते जाल से लोगों को बचाने के लिए बुधवार को जिलेभर में बड़ा साइबर जागरूकता अभियान चलाया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. इलामारन के निर्देश और क्षेत्राधिकारी साइबर नीतीश गर्ग की अगुवाई में पुलिसकर्मियों ने बुधवार को अलग-अलग जगहों और समय पर स्कूल-कॉलेजों, बाजारों और ग्राम सभाओं में पहुंचकर छात्रों और आम लोगों को साइबर ठगी के नए-नए तरीकों के बारे में बताया। पुलिस ने लोगों को फर्जी कॉल, फिशिंग लिंक, बैंकिंग फ्रॉड, सोशल मीडिया हैकिंग और ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर होने वाली ठगी से सावधान रहने को कहा। पुलिसकर्मियों ने समझाया कि अनजान व्यक्ति के कहने पर ओटीपी, पासवर्ड, बैंक खाते की जानकारी, एटीएम या क्रेडिट कार्ड नंबर, सीवीवी और अन्य गोपनीय जानकारी किसी के साथ शेयर न करें। किसी परिचित की आवाज में ऑनलाइन रुपये मांगे जाने पर पहले संबंधित व्यक्ति को फोन कर इसकी पुष्टि करने को कहा गया। जागरूकता अभियान में फर्जी ट्रेडिंग ऐप, विदेश में नौकरी के नाम पर फेक जॉब ऑफर और बीमा, लोन या सब्सिडी के नाम पर भेजे जाने वाले संदिग्ध लिंक से बचने की सलाह दी गई। पुलिस ने विशेष रूप से चेतावनी दी कि अनजान नंबर से भेजी गई किसी फाइल में एपीके लिखा हो तो उसे डाउनलोड न करें। पुलिस ने यह भी साफ किया कि 'डिजिटल अरेस्ट' नाम की कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं है। पुलिस या कोई अन्य सरकारी संस्था वीडियो कॉल पर गिरफ्तारी नहीं करती। सोशल मीडिया पर किसी वीडियो या फोटो को पोस्ट या फॉरवर्ड करने से पहले उसकी सच्चाई जांचने की गुजारिश भी की गई। पुलिस ने बताया कि साइबर ठगी होने पर घबराने की जगह तत्काल 1930 पर शिकायत करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं। पुलिस ने लोगों से खुद सतर्क रहने के साथ दूसरों को भी साइबर अपराध से बचाने के लिए जागरूक करने को कहा।
यूपी में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए बसपा ने आगरा की खेरागढ़ सीट पर नीरज रावत को प्रत्याशी घोषित किया है। बुधवार को कस्बे में जनसभा में पार्टी ने उनके नाम की घोषणा की। सोशल इंजीनियरिंग फॉर्मूले के तहत बसपा ने ब्राह्मण कार्ड खेलते हुए नीरज रावत को चुनाव मैदान में उतारा है। बता दें कि पिछले विधानसभा चुनाव में पार्टी ने ओबीसी प्रत्याशी के रूप में गंगाधर कुशवाह को चुनाव मैदान में उतारा था। वे तीसरे नंबर पर रहे थे। अब विस्तार से पढ़िये...खेरागढ़ के राजमहल गार्डन में मुख्य मंडल प्रभारी प्रताप सिंह बघेल, विक्रम सिंह, विमल वर्मा, हेमेंद्र कुमार, जिलाध्यक्ष मनीष कमल ने नीरज रावत को खेरागढ़ विधानसभा से प्रत्याशी घोषित किया। विधानसभा क्षेत्र से बसपा के मूल वोट बैंक के साथ ही सवर्ण समाज की भीड़ जुटाई गई। इस सीट पर बसपा वर्ष 2007 और 2012 में चुनाव जीत चुकी है। दोनों बार भगवान सिंह कुशवाह चुनाव जीते थे। 2017 में भी बसपा ने उन पर दांव लगाया था लेकिन तब वे भाजपा प्रत्याशी महेश गोयल के सामने चुनाव हार गए थे। 2022 में भगवान सिंह कुशवाह पाला बदलकर भाजपा में आ गए थे। भाजपा ने उन्हें प्रत्याशी बनाया और वे चुनाव जीत गए थे। इस चुनाव में भगवान सिंह कुशवाह के खिलाफ बसपा ने भी ओबीसी कार्ड खेलते हुए गंगाधर कुशवाह को प्रत्याशी घोषित किया था। मगर, उसका कार्ड फेल हो गया। रणनीति में बदलावबसपा ने 2027 के चुनाव के लिए अपनी रणनीति में बदलाव किया है। इस बार ओबीसी प्रत्याशी के बजाय सर्वण प्रत्याशी भरोसा जताया है। ऐसे में नीरज रावत भाजपा की राह मुश्किल कर सकते हैं। वहीं, कांग्रेस ठाकुर प्रत्याशी रामनाथ सिकरवार को उतारने जा रही है। ये दोनों भाजपा के वोट बैंक में सेंध लगाएंगे। दलित, बाह्मण और मुस्लिम वोट बैंक के सहारे बसपा चुनाव में जीत दर्ज करना चाहती है। बाह्मण प्रत्याशी उतारने से जिले की अन्य विधानसभा सीटों पर भी असर पड़ेगा। 2022-2017 के चुनावों में बसपा की सभी 9 सीटों पर ये रही थी स्थिति… 2012 में इन सीटों पर चुनाव जीती बसपा 2007 में इन सीटों पर चुनाव जीती बसपा 2002 में इन्होंने जीता बसपा के टिकट पर चुनाव किशन लाल बघेल ने दयालबाग (अब आगरा ग्रामीण) सीट से चुनाव जीता था चौधरी बशीर ने आगरा कैंट सीट से चुनाव जीता था 1996 में इन्होंने जीता बसपा के टिकट पर चुनाव किशन लाल बघेल ने दयालबाग (अब आगरा ग्रामीण) सीट से चुनाव जीता था जीपी पुष्कर ने एत्मादपुर सीट से जीता था चुनाव
कुशीनगर में कटकुइयां स्थित रामनारायण इंटर कॉलेज में कक्षा 11 की छात्रा के साथ वाइस प्रिंसिपल पर गंदी हरकत करने का आरोप लगा है। मामले को लेकर बुधवार दोपहर 3 बजे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। परिषद ने मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कर जल्द कार्रवाई की मांग की है। जिला संयोजक ने बताया- DM ने जांच के आदेश दिए ABVP के जिला संयोजक नित्यानंद सिंह ने बताया कि जिलाधिकारी ने ज्ञापन पर संज्ञान लेते हुए मामले की जांच के आदेश दिए हैं। परिषद ने प्रशासन से जांच जल्द पूरी कर सच्चाई सामने लाने की मांग की है। सोशल मीडिया पर तस्वीरें और खबरें वायरल होने का दावा ज्ञापन में ABVP नेताओं ने कहा कि मामले से जुड़ी कुछ कथित आपत्तिजनक तस्वीरें और खबरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। संगठन का आरोप है कि स्कूल परिसर में छात्रा के साथ इस तरह का कथित व्यवहार शिक्षण संस्थानों में छात्राओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। जांच तक वाइस प्रिंसिपल को हटाने की मांग परिषद ने मांग की कि जांच पूरी होने तक वाइस प्रिंसिपल को तत्काल पद से हटाया जाए। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित कानून की धाराओं के तहत कार्रवाई की जाए। छात्राओं की सुरक्षा के लिए कदम उठाने की मांग ABVP ने विद्यालय में पढ़ने वाली अन्य छात्राओं की मानसिक और शारीरिक सुरक्षा के लिए भी प्रभावी व्यवस्था करने की मांग की। परिषद का कहना है कि छात्राएं बिना डर के पढ़ाई कर सकें, इसके लिए स्कूल और जिला प्रशासन को सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करनी चाहिए। निष्पक्ष जांच से सच्चाई सामने लाने की मांग परिषद ने प्रशासन से पीड़ित पक्ष को न्याय दिलाने और शिक्षा व्यवस्था की गरिमा बनाए रखने के लिए मामले को प्राथमिकता से देखने की मांग की। ज्ञापन में लगाए गए आरोपों की अभी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
हरदा। पश्चिम मध्य रेलवे के भोपाल मंडल के डीआरएम पंकज त्यागी बुधवार को चरखेड़ा रेलवे स्टेशन के निरीक्षण के लिए जाते समय टिमरनी में रुके। यहां पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष सुभाष जायसवाल के नेतृत्व में कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने उनसे मुलाकात कर टिमरनी रेलवे स्टेशन से जुड़ी समस्याओं और ट्रेनों के स्टॉपेज को लेकर ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि ब्रिज निर्माण के चलते रेलवे गेट क्रमांक 208 बंद किया जा रहा है। इससे टिमरनी के वार्ड क्रमांक 1 और 2 सहित करीब 30 गांवों के लोगों को आवागमन में परेशानी होगी। प्रतिनिधिमंडल ने गेट बंद करने से पहले उचित वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग की। साथ ही मंडी रोड, हरदा की तरफ पहले से बंद रेलवे गेट को दोबारा शुरू करने की मांग रखी। स्टेशन और वार्डों में फुट ओवरब्रिज की मांगप्रतिनिधिमंडल ने टिमरनी रेलवे स्टेशन पर जल्द फुट ओवरब्रिज बनाने की मांग की। वार्ड क्रमांक 1 और 2 की ओर भी नागरिकों की सुविधा के लिए फुट ओवरब्रिज बनाने की बात रखी गई। प्रतिनिधिमंडल ने सालों से बंद नागपुर-भुसावल ट्रेन को दोबारा शुरू करने की मांग की। इसके अलावा टिमरनी स्टेशन पर अप साइड की पंजाब मेल और हडपसर-बनारस अमृत भारत ट्रेन का स्टॉपेज देने की मांग भी रखी। विकास कार्यों की धीमी गति की शिकायतप्रतिनिधिमंडल ने स्टेशन के विकास कार्यों की धीमी गति और घंटाघर निर्माण को लेकर भी शिकायत की। दोनों प्लेटफॉर्म पर अतिरिक्त शेड और पर्याप्त पेयजल सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की गई। डीआरएम पंकज त्यागी ने प्रतिनिधिमंडल की मांगें सुनीं और उचित कार्रवाई का भरोसा दिया। प्रतिनिधिमंडल के अनुसार, डीआरएम का टिमरनी स्टेशन पर रुकने का पहले से कार्यक्रम तय नहीं था। कांग्रेस नेताओं को उनके टिमरनी से गुजरने की जानकारी मिली तो सुभाष जायसवाल ने डीआरएम के पीआरओ से संपर्क कर नागरिकों की समस्याओं को लेकर मुलाकात का अनुरोध किया। सहमति मिलने के बाद प्रतिनिधिमंडल ने डीआरएम से मुलाकात कर समस्याएं और मांगें रखीं।
Jagran Exclusive: एनालॉग पनीर की बिक्री पर देशभर में लगेगी रोक, FSSAI के CEO ने की पुष्टि
दैनिक जागरण के अभियान के बाद FSSAI देश भर में एनालॉग पनीर की बिक्री पर रोक लगाने की तैयारी कर रहा है। FSSAI के सीईओ राजित पुनहानी ने इसकी पुष्टि की है, और 24 सितंबर को इस संबंध में एक बड़ी बैठक होगी।
सीतापुर के तंबौर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में बुधवार दोपहर करीब 2:30 बजे प्रसव के दौरान नवजात की मौत का मामला सामने आया है। मृत नवजात के पिता ने स्वास्थ्यकर्मियों पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए तंबौर थाने में तहरीर दी है। पति ने मामले की जांच कर दोषी स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वहीं, प्रसूता का उपचार अभी जारी है। जानकारी के अनुसार, ग्राम रकबा बेली मजरा सुमली निवासी अनुज कुमार ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि 15 सितंबर की सुबह करीब 10:30 बजे वह अपनी गर्भवती पत्नी को प्रसव के लिए 108 एंबुलेंस से तंबौर सीएचसी लेकर पहुंचे थे। परिजनों के मुताबिक, अस्पताल में ड्यूटी पर मौजूद एएनएम ने करीब एक से दो घंटे में सामान्य प्रसव होने की बात कही थी। इसके बाद महिला को अस्पताल में भर्ती कर लिया गया। आरोप है कि समय बीतने के साथ प्रसूता की हालत बिगड़ती रही। करीब 14-15 घंटे तक प्रसव नहीं हुआ। इस दौरान परिजन लगातार स्वास्थ्यकर्मियों से महिला को जिला अस्पताल रेफर करने की मांग करते रहे। अनुज का आरोप है कि स्टाफ उनकी बात को गंभीरता से नहीं लेता रहा और स्थिति सामान्य होने की बात कहकर उन्हें टालता रहा। परिजनों के अनुसार, काफी समय बाद महिला ने मृत बच्चे को जन्म दिया। नवजात की मौत की जानकारी मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। पति ने घटना के लिए अस्पताल में तैनात स्वास्थ्यकर्मियों को जिम्मेदार ठहराते हुए पुलिस से मामले की जांच कराने की मांग की है। घटना के बाद स्वास्थ्य केंद्र की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभी लापरवाही के आरोपों पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। पुलिस तहरीर के आधार पर मामले की जांच कर रही है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि प्रसव के दौरान किसी स्तर पर लापरवाही हुई थी या नहीं।
DUSU चुनाव प्रचार में भारी बवाल: अरबिंदो कॉलेज में शिक्षक से अभद्रता और धक्का-मुक्की
डूसू चुनाव प्रचार के दौरान अरबिंदो कॉलेज में एक शिक्षक के साथ अभद्रता और धक्का-मुक्की का मामला सामने आया है। शिक्षक ने निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग करते हुए अपनी सुरक्षा पर सवाल उठाए हैं।
जशपुरनगर में एक सड़क हादसे में एक बाइक सवार की मौत हो गई। बुधवार को एनएच-43 पर गिरांग मोड़ के पास तेज रफ्तार बाइक बेकाबू होकर कोयला लदे ट्रक के पीछे जा घुसी। हादसा इतना गंभीर था कि बाइक ट्रक के बंपर में बुरी तरह फंस गई और बाइक सवार युवक की मौके पर ही मौत हो गई। यह दुर्घटना कोतवाली थाना क्षेत्र में हुई। मृतक की पहचान गम्हरिया गांव के रहने वाले संजय राम रौतिया के तौर पर हुई है। जानकारी के मुताबिक, संजय होटल से खाना लेकर अपनी बाइक (WB 74 BB 4970) से जकबा गांव की ओर जा रहा था। इसी बीच एनएच-43 पर गिरांग मोड़ के पास उसकी बाइक जशपुर से झारखंड की ओर कोयला लेकर जा रहे ट्रक (BR 22 GB 9723) के पीछे टकरा गई। ट्रक के बंपर में फंसी बाइक, कुछ दूर तक घिसटती रही हादसे के बाद बाइक ट्रक के पिछले हिस्से के बंपर में बुरी तरह फंस गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बाइक ट्रक के साथ कुछ दूरी तक घिसटती चली गई। इससे बाइक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और संजय को गंभीर चोटें लगीं। दुर्घटना में उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया है कि ट्रक के अचानक लहराने से संजय घबरा गया और बाइक पर नियंत्रण नहीं रख पाया। इसी दौरान बाइक ट्रक के पीछे जा घुसी। हालांकि, हादसे की असली वजह पुलिस की जांच के बाद ही साफ हो पाएगी। घटना की जानकारी मिलने के बाद कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और दुर्घटना की जानकारी इकट्ठा की। पुलिस ने मर्ग दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस दुर्घटना के कारणों के साथ ट्रक और बाइक की स्थिति की भी जांच कर रही है।
कन्नौज शहर के एक प्राचीन मंदिर की मरम्मत की मांग स्थानीय लोगों ने मंत्री असीम अरुण से की है। यह मांग तब की गई जब बुधवार दोपहर 1 बजे यूपी सरकार के समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने मंदिर परिसर में चौपाल लगाई। यहां मोहल्ले के लोगों ने उन्हें एक मांग पत्र भी सौंपा। यूपी सरकार के समाज कल्याण मंत्री शहर के अजयपाल मोहल्ले में प्रस्तावित चौपाल कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। उन्होंने राजा अजयपाल के मंदिर में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से बात की। उन्होंने संगठन को मजबूत करने के लिए एकजुट होने की बात कही। मंत्री असीम अरुण के कार्यक्रम की सूचना मिलने पर शिवम वैश्य, संजीव दुबे, सदाम गुप्ता, अमन वैश्य, हर्षित वैश्य, पंकज वैश्य, राजेश कुमार, राहुल गुप्ता, शिवदर्शन गुप्ता और अन्य लोग उनसे मिलने पहुंचे। उन्होंने मंत्री को मांग पत्र सौंपते हुए प्राचीन बाबा अजयपाल मंदिर की मरम्मत कराने की अपील की। स्थानीय लोगों ने बताया कि यह मंदिर 200 साल से भी ज्यादा पुराना है और भगवान भोलेनाथ को समर्पित है। यहां पंचमुखी हनुमान और शनिदेव की प्रतिमाएं भी स्थापित हैं। इसके अलावा, कन्नौज के राजा अजयपाल की यादें भी मंदिर से जुड़ी हैं, जिनकी एक प्रतिमा भी यहां है। लोगों ने बताया कि मंदिर का रास्ता संकरा है, जिससे आने-जाने में परेशानी होती है। मंदिर की छत और दीवारें भी खराब हो चुकी हैं, जिन्हें मरम्मत की जरूरत है। मंत्री असीम अरुण ने इस पर विचार कर मंदिर की मरम्मत कराने का भरोसा दिया है। उन्होंने कहाकि आज ही मन्दिर की प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करवा कर मन्दिर में मूलभूत सुविधाओं पर काम कराया जाएगा।
मेरठ किनानगर की रंजना ने जिस अभिनव शर्मा को अपने कुंडल बेचकर 6000 रूपए रिश्वत दी थी, वह बुधवार को सलाखों के पीछे पहुंच गया। जिला कारागार की मुलाहिजा बैरक उसका नया ठिकाना है। यह रिश्वत अभिनव शर्मा ने रंजना को सरकारी योजना में आवंटित मकान की रजिस्ट्री कराने की एवज में मांगी थी। कोर्ट में पेशी के दौरान पूरा समय अभिनव आंख चुराता दिखाई दिया। फरवरी में आवंटित हुआ था मकानकिनानगर निवासी रंजना को प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत फरवरी में एक मकान आवंटित हुआ। मकान की रजिस्ट्री कराने के लिए वह 6 महीने से लगातार आवास एवं विकास परिषद के कार्यालय के चक्कर काट रही थीं। रंजना की फाइल पहले विभाग के एक लिपिक के पास थी। बाद में फाइल आउटसोर्स कर्मचारी अभिनव शर्मा की टेबल पर पहुंच गई। 12 हजार रुपये का बताया खर्चआरोप है कि अभिनव शर्मा ने रजिस्ट्री के नाम पर रंजना को 12 हजार रुपये खर्च बताया। इसमें छह हजार रुपये रजिस्ट्री कार्यालय में लगने की बात कही गई, जबकि बाकी छह हजार रुपये की मांग को लेकर रंजना से बातचीत की गई। रंजना ने अपनी आर्थिक स्थिति खराब होने का हवाला दिया, लेकिन आरोप है कि इसके बावजूद अभिनव रिश्वत की मांग करता रहा। पति की कोरोना काल में हो चुकी है मौतरंजना के पति देवेंद्र की कोरोना काल में मौत हो चुकी है। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। रजिस्ट्री के लिए लगातार विभाग के चक्कर काट रही रंजना के सामने रिश्वत की रकम जुटाना मुश्किल था। आखिरकार उसने मामले की शिकायत एंटी करप्शन विभाग से कर दी। कुंडल बेचकर जुटाए छह हजार रुपयेशिकायत मिलने के बाद एंटी करप्शन टीम ने कार्रवाई की तैयारी की। रंजना ने अपने कुंडल बेचकर छह हजार रुपये जुटाए। टीम ने इन नोटों पर केमिकल लगाया और रिश्वत लेते समय आरोपी को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। इसके बाद रंजना आवास एवं विकास परिषद के दफ्तर पहुंच गई। सीट पर नहीं था अभिनव, करना पड़ा इंतजार मंगलवार को रंजना तय योजना के तहत आवास एवं विकास परिषद के कार्यालय पहुंचीं। उस समय अभिनव अपनी सीट पर मौजूद नहीं था। रंजना ने इंतजार किया और फिर फोन पर उससे संपर्क किया। कुछ देर बाद ही अभिनव कार्यालय पहुंचा और अपनी सीट पर बैठ गया। रुपए लेते ही एंटी करप्शन टीम ने दबोचाआरोप है कि अभिनव ने जैसे ही रंजना से केमिकल लगे छह हजार रुपये लिए, पास ही मौजूद एंटी करप्शन टीम ने उसे पकड़ लिया। टीम ने रिश्वत की रकम बरामद करने के साथ ही आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की। शाम को ही नौचंदी थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। बुधवार को कोर्ट में पेशी, जेल भेजागिरफ्तारी के बाद एंटी करप्शन टीम ने बुधवार दोपहर अभिनव शर्मा को एंटी करप्शन कोर्ट में पेश किया। इस दौरान अभिनव के परिवार के लोग यहां मौजूद थे। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने अभिनव को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। कोर्ट का आदेश मिलते ही पुलिस ने आरोपी को जेल में दाखिल करा दिया।
प्रतापगढ़ जिले की कौशल विकास संस्था रन देव सिंह फाउंडेशन में प्रशिक्षार्थियों ने बुधवार को विश्व ओजोन दिवस मनाया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को ओजोन परत के महत्व और पर्यावरण सुरक्षा के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम की शुरुआत संस्था के जनरल मैनेजर विवेक सिंह ने ओजोन परत के महत्व के बारे में जानकारी देकर की। संस्था की ओर से प्रशिक्षार्थियों के लिए कई प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। प्रशिक्षार्थियों ने ओजोन परत बचाओ, पृथ्वी बचाओ विषय पर सुंदर पोस्टर बनाए और स्लोगन लिखे। संस्था के मैनेजर श्री ज्ञानेश ने बच्चों को बताया कि ओजोन परत सूर्य की हानिकारक पराबैंगनी किरणों को धरती पर आने से रोकती है और हमारी रक्षा करती है। यदि हम प्रदूषण कम नहीं करेंगे, तो इस परत को भारी नुकसान पहुंचेगा। इस अवसर पर संस्था के केंद्र प्रमुख उमेश कुमार ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा, पर्यावरण को बचाना केवल एक दिन का काम नहीं है, बल्कि इसे हमें अपनी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनाना होगा। उन्होंने बच्चों को अपने जीवन में कम से कम एक पौधा लगाने और प्लास्टिक का उपयोग बंद करने की शपथ दिलाई।
उज्जैन में 17 और 18 सितंबर को होने वाले VIP दौरों और 25 लाख दीपों के दीपोत्सव को लेकर पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी है। शहर के मुख्य रास्तों पर चेकिंग पॉइंट बनाए गए हैं। सुरक्षा के लिए 3 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। इनमें से करीब 2 हजार अतिरिक्त जवान पुलिस मुख्यालय से बुलाए गए हैं। उज्जैन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख डॉ. मोहन भागवत, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दौरे हैं। इसके साथ ही दीपोत्सव में बड़ी संख्या में लोग जुटेंगे। इसे देखते हुए पुलिस ने तैयारियां तेज कर दी हैं। एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि VIP मूवमेंट को देखते हुए मुख्य रास्तों और संवेदनशील जगहों पर चेकिंग पहले से ही शुरू कर दी गई है। अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और सुरक्षा व्यवस्था की रिहर्सल भी चल रही है। हर सेक्टर के लिए आने-जाने के रास्ते दीपोत्सव में करीब 25 लाख दीप जलाने का लक्ष्य है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु और महिला स्वयंसेवक यहां मौजूद रहेंगे। इसे देखते हुए पूरे आयोजन क्षेत्र को अलग-अलग सेक्टर में बांटा जाएगा। हर सेक्टर के लिए आने-जाने के रास्ते तय होंगे। पास के जरिए लोगों की आवाजाही को कंट्रोल किया जाएगा, ताकि भीड़ एक जगह जमा न हो। दीपोत्सव के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था के लिए करीब 450 पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई जाएगी। शहर में आने वाले सभी मुख्य रास्तों पर पास की पार्किंग जगहें खोजी जा रही हैं। इन रास्तों से आने वाले वाहनों को पास की पार्किंग तक पहुंचाया जाएगा। इससे आयोजन क्षेत्र में गाड़ियों का दबाव कम होगा और जाम लगने से बचा जा सकेगा। दीपोत्सव के दिन घाटों पर भी सुरक्षा के खास इंतजाम रहेंगे। यहां काफी संख्या में महिला पुलिसकर्मी तैनात की जाएंगी। पुलिस का ध्यान घाटों पर भीड़ कंट्रोल करने, महिलाओं की सुरक्षा और श्रद्धालुओं के आसानी से आने-जाने पर रहेगा।
मधुबनी पुलिस ने दो अलग-अलग मामलों में फरार चल रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों को मंगलवार को अलग-अलग जगहों से पकड़ा गया। बुधवार दोपहर करीब 1 बजे मधुबनी नगर थाना के अपर थाना प्रभारी मनोज कुमार ने इसकी जानकारी दी। अपर थाना प्रभारी मनोज कुमार ने बताया कि नगर थाना में दर्ज शराब मामले (कांड संख्या 338/26) में भौआरा हवाई अड्डा निवासी शत्रुघ्न यादव उर्फ करेजा यादव को उसके घर से गिरफ्तार किया गया। उसके खिलाफ 4 जुलाई 2026 को FIR दर्ज हुई थी और तब से वह फरार था। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर मंगलवार को उसके घर पर छापा मारकर उसे पकड़ा। वहीं, दूसरी कार्रवाई में राजनगर थाना क्षेत्र के भवानीपुर में मारपीट और पुलिस से दुर्व्यवहार के मामले में फरार चल रहे मोहम्मद रमीज को गिरफ्तार किया गया। मोहम्मद रमीज स्वर्गीय बिलाल का बेटा है। पुलिस ने उसे मंगलवार को मधुबनी नगर थाना के पास एलची होटल के पास से पकड़ा। उसके खिलाफ राजनगर थाना में दो केस (कांड संख्या 451/26 और 437/26) दर्ज हैं। ये केस 10 सितंबर 2026 को दर्ज हुए थे और तब से वह पुलिस की पकड़ से बाहर था। अपर थाना प्रभारी मनोज कुमार ने बताया कि दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। पूछताछ के दौरान मामलों से जुड़ी अन्य जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस दोनों आरोपियों के क्रिमिनल रिकॉर्ड और संबंधित मामलों की भी जांच कर रही है। उन्होंने बताया कि पूछताछ पूरी होने के बाद दोनों आरोपियों के खिलाफ जरूरी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया जाएगा। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद फरार चल रहे अन्य आरोपियों में हड़कंप मच गया है।
आलीराजपुर जिले के वालपुर गांव में बुधवार को एक वानर की मौत हो गई। ग्रामीणों ने उसे श्रद्धा के साथ अंतिम विदाई दी। गाजे-बाजे के साथ उसकी अंतिम यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में गांव के लोग शामिल हुए। इसके बाद रीति-रिवाज से उसका अंतिम संस्कार किया गया। गांववालों के मुताबिक, यह वानर लंबे समय से गांव और आसपास के इलाके में रहता था। लोगों का उससे काफी लगाव हो गया था। उसकी मौत की खबर मिलते ही गांव के लोग इकट्ठा हुए और उसे सम्मान के साथ अंतिम विदाई देने का फैसला किया। ग्रामीण बोले- हमारी भावनाओं से जुड़ा था वालपुर के सरपंच जयपालसिंह खरत ने बताया कि गांववालों की भावनाएं वानर से जुड़ी हुई थीं। इसलिए सभी की सहमति से गाजे-बाजे के साथ अंतिम यात्रा निकालकर उसे सम्मान के साथ विदाई दी गई। अमरसिंह खरत ने बताया कि वानर की मौत के बाद गांववालों ने मिलकर अंतिम यात्रा की तैयारी की। इसमें गांव के लोगों ने मिलकर धार्मिक रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार करवाया। मनीष सोलंकी ने बताया कि अंतिम यात्रा में गांववालों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। पशु के प्रति लोगों की संवेदना और लगाव के कारण बड़ी संख्या में लोग अंतिम यात्रा में शामिल हुए। राहुल सस्तीया, जयेन्द्र खरत, विक्रम सिंह और अर्जुन सोलंकी समेत कई गांव के लोग भी अंतिम यात्रा में मौजूद थे। गाजे-बाजे के साथ निकली अंतिम यात्रा के दौरान गांव में भावुक माहौल था। अंतिम संस्कार के बाद गांववालों ने वानर को श्रद्धांजलि दी। गांववालों ने कहा कि पशु-पक्षियों के प्रति संवेदना और सम्मान रखना भी समाज की जिम्मेदारी है। वालपुर में वानर को दी गई अंतिम विदाई इसी मानवीय संवेदना का एक उदाहरण है।
हरदोई में आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) ने बुधवार दोपहर करीब 1 बजे विभिन्न मांगों को लेकर जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। पार्टी के जिला संयोजक करण वर्मा पासी के नेतृत्व में ज्ञापन दिया गया। जनहित, सामाजिक न्याय, कानून-व्यवस्था और संवैधानिक अधिकारों से जुड़े चार मुद्दे उठाए गए। काफिले पर हमले को लेकर पार्टी की ओर से की गई मांगों का उल्लेख हाल की अन्य जिला इकाइयों के प्रदर्शनों में भी सामने आया है। चंद्रशेखर आजाद के काफिले पर हमले की जांच की मांग ज्ञापन में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद के काफिले पर 13 सितंबर को बाराबंकी में हुए पथराव और कथित हमले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग की गई। पार्टी के मुताबिक, आजाद गोंडा और अयोध्या में हुई हत्याओं के पीड़ित परिवारों से मिलने जा रहे थे। इस दौरान बाराबंकी में उनके काफिले को रोके जाने और बाद में पथराव की खबरें सामने आई थीं। पार्टी ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और प्रभावित लोगों को सुरक्षा देने की मांग की। साथ ही चंद्रशेखर आजाद की सुरक्षा को लेकर तत्काल थ्रेट असेसमेंट कराने और जरूरत के अनुसार सुरक्षा बढ़ाने का अनुरोध किया। पंचायत सहायकों की समस्याओं के समाधान की मांग आजाद समाज पार्टी ने लखनऊ के ईको गार्डन में धरना दे रहे पंचायत सहायकों की समस्याओं का जल्द समाधान कराने की मांग की। ज्ञापन में सरकार से उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेने का अनुरोध किया गया। 68,500 शिक्षक भर्ती में आरक्षण के मामले का मुद्दा उठाया ज्ञापन में 68,500 शिक्षक भर्ती में आरक्षण से जुड़े मामले में पिछड़ा वर्ग आयोग के आदेश का तत्काल पालन कराने की मांग की गई। पार्टी ने प्रभावित अभ्यर्थियों को नियमानुसार न्याय दिलाने की मांग रखी। धार्मिक स्थलों से जुड़ी कार्रवाई की निष्पक्ष समीक्षा की मांग पार्टी ने सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद और मुरादाबाद की मूर्तिपूजा मस्जिद समेत अन्य इस्लामिक धर्मस्थलों के खिलाफ हो रही कार्रवाई की निष्पक्ष समीक्षा की मांग की। ज्ञापन में कहा गया कि ऐसी कार्रवाई कानून और तय प्रक्रिया के अनुसार हो, ताकि भेदभाव की आशंका न रहे।पार्टी ने राष्ट्रपति से सभी मामलों में संबंधित अधिकारियों को जरूरी कार्रवाई करने और तय समय में समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश देने का अनुरोध किया।
बालोतरा नगर परिषद में सभापति पद के चुनाव के लिए बुधवार को नामांकन दाखिल करने का आखिरी दिन था। इस दिन कुल 5 नामांकन पत्र जमा किए गए। नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभापति पद के चुनाव की राजनीतिक तस्वीर साफ हो गई है। नामांकन के दौरान भाजपा की तरफ से योगेश कुमार ने सभापति पद के लिए पर्चा भरा। अंकिता और मुकेश समेत कुछ निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी नामांकन पत्र जमा कर अपनी दावेदारी पेश की है। नामांकन प्रक्रिया के दौरान एक और राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया। भाजपा से चुनाव जीते नैनाराम के प्रस्तावक ने भी निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर सभापति पद के लिए नामांकन दाखिल किया है। इससे चुनाव में मुकाबले के समीकरणों को लेकर बातें तेज हो गई हैं। अब नगर परिषद में सभापति पद के लिए सभी की नजरें नामांकन पत्रों की जांच और नाम वापस लेने की प्रक्रिया पर टिकी हैं। इसके बाद ही मैदान में बचे उम्मीदवारों की आखिरी तस्वीर साफ होगी। सभापति पद के लिए नामांकन जमा होने के बाद नगर परिषद की राजनीति में हलचल बढ़ गई है। अब अलग-अलग उम्मीदवारों के समर्थन में पार्षदों के समीकरण और राजनीतिक संपर्क अहम माने जा रहे हैं। आने वाले दिनों में किस उम्मीदवार को कितने पार्षदों का समर्थन मिलेगा, यह चुनाव का मुख्य पहलू होगा।
बिहार में जमीन निबंधन की प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाने के लिए शुरू की गई पेपरलेस व्यवस्था को लोगों का अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। भभुआ निबंधन कार्यालय में 17 अगस्त से शुरू हुई इस सुविधा के तहत अब तक 192 लोगों ने अपनी जमीन का पेपरलेस निबंधन कराया है। इससे सरकार को करीब 2 करोड़ 63 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। 13 सितंबर तक 165 लोगों ने कराया निबंधन निबंधन कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार, 13 सितंबर तक भभुआ में 165 लोगों ने पेपरलेस व्यवस्था का लाभ उठाया था। इसके बाद सोमवार को एक ही दिन में 22 लोगों ने इस नई प्रणाली के तहत जमीन की रजिस्ट्री कराई। सोमवार तक यह संख्या बढ़कर 187 हो गई थी। एक दिन में मिला 15 लाख का राजस्व सोमवार को हुए 22 पेपरलेस निबंधनों से सरकार को करीब 15 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। इसके बाद मंगलवार को भी 5 लोगों ने पेपरलेस तरीके से जमीन का निबंधन कराया। इस तरह अब तक कुल 192 लोग इस सुविधा का लाभ उठा चुके हैं। खरीद-बिक्री में कागजी झंझट कम पेपरलेस निबंधन व्यवस्था से जमीन खरीदने और बेचने वाले लोगों को कागजी प्रक्रिया के झंझट से राहत मिल रही है। दस्तावेजों की प्रक्रिया डिजिटल होने से निबंधन की प्रक्रिया को पहले की तुलना में अधिक व्यवस्थित बनाया गया है। नई व्यवस्था का एक बड़ा फायदा समय की बचत भी है। डिजिटल प्रक्रिया के कारण जमीन निबंधन कराने वाले लोगों को कागजात संभालने और बार-बार कागजी प्रक्रिया पूरी करने की परेशानी कम हो रही है। डिजिटल रिकॉर्ड से भविष्य में आसानी पेपरलेस निबंधन के तहत रिकॉर्ड डिजिटल रूप से सुरक्षित रहता है। इससे भविष्य में जमीन से संबंधित जानकारी और दस्तावेजों का रिकॉर्ड प्राप्त करना आसान हो सकता है। सरकारी राजस्व में बढ़ोतरी जिला अवर निबंधन अधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि तकनीक के बेहतर इस्तेमाल से सरकारी राजस्व में भी बढ़ोतरी हो रही है। उन्होंने कहा कि पेपरलेस व्यवस्था से निबंधन प्रक्रिया पहले से ज्यादा सरल, व्यवस्थित और पारदर्शी बन रही है।
अयोध्या 30 साल की अज्ञात युवती का शव बरामद:गले पर चोट का निशान,हत्या की संभावना पर जांच कर रही पुलिस
अयोध्या में दशरथ पथ के किनारे 30 साल की एक अज्ञात युवती का शव बरामद किया गया है। युवती के गले पर चोट के निशान पाए गए हैं।पुलिस को शव की सूचना ग्रामीणों ने आज सुबह दी।इसके बाद पहुंची पुलिस ने सरयू किनारे सरयू की सोती से उतराता हुआ शव बरामद किया। शव के पास से नीले रंग का बैग और उसमें कपड़ा बरामद किया गया है। अयोध्या कोतवाली प्रभारी पंकज सिंह ने बताया कि हत्या कर शव फेंके जाने की आशंका लग रही है।पुलिस शव के शिनाख्त में जुटी हुई है। उन्होंने बताया कि शव का पीएम के लिए भेज दिया गया है।पीएम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।इस बीच लाश की फोटो सहित सूचना आसपास के थानों को भेजकर युवती की पहचान का प्रयास किया जा रहा है।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में एक नाबालिक बालक का शव रामभांटा स्थित खाली प्लाट में मिला था। जहां मामले की सूचना कर पुली जांच करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। घटना लव ट्रायंगल से जुड़ा हुआ है। जहां चक्रधर समारोह में लड़की के साथ मृतक को देखने पर आरोपियों ने उससे उसका मोबाइल छीना और बाद में सुने क्षेत्र में बुलाकर उसकी हत्या कर दी। मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का है। मिली जानकारी के मुताबिक मंगलवार की सुबह कोतवाली पुलिस को कोसाबाड़ी के सामने पुराने बस डिपो, रामभांठा स्थित संजय बेरीवाल के खाली प्लॉट में एक युवक का शव पड़े होने की सूचना मिली। सूचना पर पुलिस अधिकारी, पुलिस टीम व फोरेंसिक टीम तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए। मौके पर पहुंचे मृतक के पिता जो लैलूंगा के ग्राम घटगांव के निवासी है पिछले 4 साल से रामभांठा में रहते हैं उन्होंने शव की पहचान अपने 16 वर्षीय पुत्र धनुर्जय चौहान के रूप में की। परिजनों ने पुलिस को बताया कि 14 सितंबर की रात करीब 9 बजे उनका लड़का चक्रधर समारोह देखने जाने की बात कहकर घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। मृतक के साथ 2 युवकों को अंतिम बार देखा गया सुबह पुराने बस डिपो के पास शव मिलने की सूचना पर परिजन मौके पर पहुंचे। शव के सिर पर चोट के निशान पाए गए। जिसके बाद पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और अज्ञात आरोपी के खिलाफ अपराध दर्ज कर मामले की जांच शुरू की। जहां पुलिस को बालक के साथ 2 युवकों को अंतिम बार देखने की जानकारी मिली। हिरासत में लेकर पूछताछ की गई ऐसे में पुलिस ने बैकुंठपुर निवासी 20 वर्षीय शिवम बरेठ व शिवम बानी 23 साल को हिरासत में लिया और अलग अलग पूछताछ की तो पहले उन्होंने टालमटोल जवाब दिया। उनसे कड़ाई से पूछताछ करने पर दोनों आरोपियों ने हत्या करना स्वीकार किया और घटना का पूरा विवरण बताया। चक्रधर सामरोह कार्यक्रम स्थल में लड़की के साथ देखे आरोपियों ने बताया कि 14 सितंबर को वे रामलीला मैदान में चक्रधर समारोह देखने गए थे। वहां धनुर्जय उनके परिचित लड़की के साथ था। उस लड़की से आरोपी शिवम बानी का एक तरफा लगाव था, उसी लड़की के साथ जब उसने बालक को देखा तो उसे रामलीला मैदान के पास बुलाया। बदमाश प्रवृति के शिवम बरेठ ने किशोर बालक का पहले मोबाइल अपने पास रखकर 1 हजार रुपये देने पर मोबाइल वापस करने की बात कही। इसके बाद दोनों ने धनुर्जय को उसके मोबाइल के साथ लेकर पुराने बस डिपो की ओर चले गए। लड़की से नहीं मिलने की बात कहकर धमकाया पुराने बस डिपो के पास दोनों आरोपियों ने बालक को लड़की से नहीं मिलने-जुलने की बात कहकर डराया धमकाया। फिर उसके साथ विवाद कर दोनों ने पत्थर से उसके सिर पर कई वार कर उसकी हत्या कर दी और मौके से फरार हो गए थे। जिन्हें पुलिस ने गिरफ्तार किया। पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद आरोपी शिवम बरेठ से मृतक का मोबाइल और आरोपियों के घटना के समय पहने गए खून से सने कपड़े जप्त किए हैं। आरोपियों को गिरफ्तार किया गया आरोपी शिवम बरेठ आदतन बदमाश प्रवृति का है, जिसके खिलाफ मारपीट के और भी अपराध पूर्व में थाना कोतवाली में दर्ज हैं। दोनों आरोपियों को घटनास्थल पर ले जाकर घटनाक्रम का रिक्रिएशन कराया गया और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जप्त किए गए। दोनों आरोपियों को हत्या के अपराध में गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर रिमांड पर जेल भेजा जा रहा है। पुलिस की कार्रवाई जारी रहेगी SSP शशि मोहन सिंह ने बताया कि कानून अपने हाथ में लेने और हिंसा का सहारा लेने वालों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई जारी रहेगी। हत्या जैसे गंभीर अपराध में तत्काल विवेचना, साक्ष्य संकलन और आरोपियों की गिरफ्तारी हमारी प्राथमिकता है। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
छापी नदी में डूबे जीजा-साले के शव निकाले गए:मंगलवार शाम नहाते समय हुआ हादसा, SDRF ने किया रेस्क्यू
झालावाड़ के भालता थाना क्षेत्र में छापी नदी के उमरिया एनीकट में नहाने के दौरान डूबे जीजा-साले प्रेम सिंह (38) और ईश्वर सिंह मेघवाल (25) के शव बुधवार को SDRF टीम ने बरामद कर लिए। मंगलवार शाम दोनों गहरे पानी में चले गए थे और लापता हो गए थे। बुधवार सुबह रेस्क्यू के दौरान प्रेम सिंह का शव मिला, जबकि करीब शाम 4 बजे ईश्वर सिंह का शव भी नदी से बाहर निकाल लिया गया। साथी ने ग्रामीणों और पुलिस को दी सूचना भालता थाना प्रभारी रमेश सिंह ने बताया कि प्रेम सिंह निवासी दमदम, थाना नलखेड़ा, जिला आगर और उसका साला ईश्वर सिंह मेघवाल निवासी लखोनी, थाना माचलपुर, मध्यप्रदेश अपने साथी जितेंद्र निवासी लखोनी के साथ भालता क्षेत्र में आए थे। मंगलवार शाम दोनों उमरिया एनीकट पर नहाने के लिए नदी में उतरे थे। नहाते समय दोनों अचानक गहरे पानी में चले गए और देखते ही देखते लापता हो गए। बाहर मौजूद उनके साथी जितेंद्र ने घटना की जानकारी ग्रामीणों और पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से नदी में तलाश शुरू की गई। अंधेरा होने से रात में रुका रेस्क्यू काफी प्रयास के बाद भी दोनों युवकों का पता नहीं चल सका। अंधेरा होने के कारण नदी में तलाशी अभियान चलाने में परेशानी हुई। इसके बाद SDRF टीम को सूचना दी गई। टीम रात में मौके पर पहुंची, लेकिन अंधेरा होने के कारण नदी में प्रभावी तरीके से तलाशी नहीं हो सकी। सुबह मिला पहला शव, शाम को दूसरे की तलाश पूरी बुधवार सुबह SDRF टीम ने दोबारा रेस्क्यू अभियान शुरू किया। तलाशी के दौरान टीम ने सबसे पहले प्रेम सिंह का शव नदी से बाहर निकाला और उसे अकलेरा अस्पताल पहुंचाया। इसके बाद टीम ने दूसरे युवक ईश्वर सिंह मेघवाल की तलाश जारी रखी। करीब शाम 4 बजे SDRF ने ईश्वर सिंह का शव भी नदी से बरामद कर लिया। अस्पताल की मोर्चरी में रखे शव पुलिस ने दोनों शवों को अकलेरा अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है। पुलिस द्वारा मामले में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
फरीदाबाद के सेक्टर-12 स्थित सेंट्रल पार्क में चल रहे तीन दिवसीय गणेश महोत्सव में महम क्षेत्र के पूर्व विधानसभा प्रत्याशी शमशेर खरकड़ा और निर्दलीय प्रत्याशी राधा अहलावत शामिल हुए। वे हरियाणा सरकार के कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल के निमंत्रण पर कार्यक्रम में पहुंचे थे। गणेश महोत्सव के दौरान श्रद्धालुओं में काफी उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम में गणपति बप्पा की पूजा-अर्चना की गई। श्रद्धालुओं ने गणपति के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की। कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने इस तीन दिवसीय महोत्सव का आयोजन 14 से 16 सितंबर तक सेक्टर-12 में किया था। इस मौके पर प्रदेश के कई बड़े नेता और जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे। मंत्री राजेश नागर और 15 सितंबर के कार्यक्रम में खेल मंत्री गौरव गौतम भी उपस्थित थे। गणपति बप्पा से प्रदेश की खुशहाली की कामना शमशेर खरकड़ा और राधा अहलावत ने गणपति बप्पा के दर्शन कर प्रदेश और क्षेत्र की सुख-शांति व खुशहाली की कामना की। उन्होंने गणेश महोत्सव के आयोजन के लिए कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल का आभार भी जताया। साथ ही, उन्होंने श्रद्धालुओं को गणेश उत्सव की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में धार्मिक आस्था के साथ सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी हुईं, जिससे श्रद्धालुओं का उत्साह बढ़ा। आयोजन स्थल पर बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। गणपति बप्पा के जयकारों से पूरा माहौल भक्तिमय हो गया।
उदयपुर जिले के खेरवाड़ा थाना क्षेत्र में उदयपुर-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक हादसा हो गया। यहां टोल प्लाजा के पास एक कार सड़क किनारे खड़े ट्रक से टकरा गई। इस हादसे में कार सवार 6 लोग घायल हो गए। जानकारी के अनुसार, गुजरात के अहमदाबाद में रहने वाले 2 दोस्तों के परिवार के 7 सदस्य इनोवा कार से उदयपुर घूमने आए थे। वापसी के दौरान खेरवाड़ा टोल प्लाजा के पास उनकी कार अचानक बेकाबू होकर सड़क किनारे खड़े ट्रक से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार का अगला हिस्सा बुरी तरह टूट गया। हादसे की खबर मिलते ही हाईवे एम्बुलेंस तुरंत मौके पर पहुंची। एम्बुलेंस कर्मियों ने घायलों को प्राथमिक उपचार देकर पास के डूंगरपुर जिला अस्पताल पहुंचाया। दुर्घटना में घायल हुए लोगों के सिर और हाथों में गंभीर चोटें लगी हैं। डूंगरपुर जिला अस्पताल में इलाज के बाद सभी घायलों को अहमदाबाद रेफर कर दिया गया।
चुनार में विहिप का स्थापना दिवस मनाया:छुआछूत, भेदभाव और सामाजिक दूरी समाप्त करने का लिया संकल्प
विश्व हिंदू परिषद (विहिप) जिला चुनार के नरायनपुर प्रखंड की ओर से नरायनपुर स्थित बैकुण्ठेश्वर महादेव मंदिर परिसर में परिषद का स्थापना दिवस मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुन्नी देवी ने की, जबकि संचालन जिला मंत्री गोपाल ने किया। मुख्य वक्ता जिला संगठन मंत्री सुरेश सनातन ने कहा कि छुआछूत, भेदभाव और सामाजिक दूरी समाप्त कर हिंदू समाज को संगठित एवं समरस बनाने के उद्देश्य से वर्ष 1964 में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर मुंबई के संदीपनी साधनालय में विश्व हिंदू परिषद की स्थापना हुई थी। उन्होंने कहा कि स्थापना के समय संतों, धार्मिक नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने हिंदू समाज को संगठित एवं सशक्त बनाने का संकल्प लिया था। सामाजिक समरसता और एकता पर जोर उन्होंने कहा कि परिषद जाति, मत, पंथ, भाषा और क्षेत्र की सीमाओं से ऊपर उठकर सामाजिक समरसता और एकता के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने वर्ष 1966, 1978 और 1989 में आयोजित विश्व हिंदू सम्मेलनों का उल्लेख करते हुए परिषद के विभिन्न सामाजिक एवं सेवा कार्यों की जानकारी दी। सुरेश सनातन ने कहा कि बिना शस्त्र के राष्ट्र और धर्म सुरक्षित नहीं हो सकता है। उन्होंने कहा कि समाज में जागरूकता सत्संग और आपसी संवाद के माध्यम से बढ़ाई जा सकती है। मधुमक्खी के छत्ते का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि जिस प्रकार मधुमक्खियां संगठित रहकर अपने छत्ते की रक्षा करती हैं, उसी प्रकार समाज के लोग भी संगठित रहेंगे तो उन्हें अलग करना कठिन होगा। उन्होंने कहा कि समाज की समृद्ध संस्कृति और पारंपरिक ज्ञान को संरक्षित करने की आवश्यकता है। गौरक्षा, सेवा कार्य और सामाजिक जागरूकता जैसे विभिन्न आयामों के माध्यम से परिषद की गतिविधियों का विस्तार हो रहा है। श्रद्धेय अशोक सिंहल के जन्मशताब्दी वर्ष के अवसर पर उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठन के कार्यों को गांव-गांव तक पहुंचाने और अधिक से अधिक लोगों को सामाजिक सरोकारों से जोड़ने का आह्वान किया। कार्यक्रम में प्रखंड अध्यक्ष संतोष चौरसिया, प्रखंड मंत्री शिव जायसवाल, अजीत, अनिल, अश्विनी उपाध्याय, शीतल यादव, रमेश, सुनील समेत बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
शहर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में हो रही अनियंत्रित व अघोषित बिजली कटौती से त्रस्त होकर शिरोमणि अकाली दल ने बुधवार को जगराओं के बिजली विभाग के कार्यालय के बाहर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। पूर्व विधायक एसआर कलेर की अगुवाई में जमा हुए पार्टी कार्यकर्ताओं ने पंजाब सरकार और बिजली प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। धरने को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक एसआर कलेर ने आम आदमी पार्टी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जिस सरकार को यह बुनियादी समझ नहीं है कि गर्मियों में बिजली की मांग और खपत बढ़ जाती है, वह राज्य का शासन कैसे चला सकती है। सरकार ने एक सब स्टेशन भी स्थापित नहीं किया उन्होंने आरोप लगाया कि मान सरकार ने अपने कार्यकाल में न तो कोई नया थर्मल प्लांट लगाया है और न ही एक भी नया सब-स्टेशन स्थापित किया है। कलेर ने तंज कसते हुए कहा कि सरकार का ध्यान सिर्फ स्कूलों पर पेंट करवाकर प्रचार करने और ड्रामेबाजी पर है, जबकि धरातल पर बिजली व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। किसानों और आम जनता की बदहाली का मुद्दा उठाया अकाली नेता ने कहा कि खेती के लिए समय पर और पूरी बिजली न मिलने से किसान बुरी तरह परेशान हैं, वहीं भीषण गर्मी में घरेलू कटों से आम नागरिक बेहाल हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री के पुराने बयानों को याद दिलाते हुए कहा कि चुनाव से पहले कहा जाता था कि बिजली 'चपका भी नहीं मारेगी', लेकिन आज स्थिति यह है कि जनता को केवल कटों का ही सामना करना पड़ रहा है। अकाली सरकार के दौर से की तुलना एसआर कलेर ने शिरोमणि अकाली दल के शासनकाल का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय पंजाब को बिजली सरप्लस राज्य बनाया गया था और 24 घंटे निर्बाध बिजली सप्लाई की जाती थी। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर बिजली विभाग ने तुरंत आपूर्ति में सुधार नहीं किया और कटों का सिलसिला बंद नहीं किया, तो अकाली दल आम जनता को साथ लेकर अपने संघर्ष को और अधिक तेज करेगा।
खगड़िया के बछौता में पोखर में डूबने से 19 वर्षीय युवक नीतीश कुमार की मौत
16 सितंबर, बुधवार: खगड़िया के गंगौर थाना क्षेत्र के बछौता में बुधवार सुबह भिररयाही पोखर में डूबने से 19 वर्षीय नीतीश कुमार की मौत हो गई। बताया गया कि मॉर्निंग वॉक के दौरान हाथ-पैर धोते समय वह फिसलकर गहरे पानी में चला गया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर भाजपा कानपुर में एक महीने तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाएगी। अभियान की शुरुआत 17 सितंबर से होगी और इसका समापन 17 अक्टूबर को किया जाएगा। इस दौरान शहर में विभिन्न सेवा कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सांसद रमेश अवस्थी ने बुधवार को प्रेसवार्ता कर अभियान की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री के जन्मदिन के अवसर पर मोतीझील स्थित कारगिल पार्क में विशेष आयोजन किया जाएगा। यहां शाम 7 बजे प्रधानमंत्री के 76वें जन्मदिन के प्रतीक के तौर पर 76 हजार दीप जलाए जाएंगे। रात 8 बजे होगा ड्रोन शोदीप प्रज्ज्वलन के बाद रात 8 बजे कारगिल पार्क में ड्रोन शो आयोजित किया जाएगा। सांसद के मुताबिक, कानपुर में पहली बार इस तरह का ड्रोन शो आयोजित किया जा रहा है। रंगीन रोशनी वाले ड्रोन के जरिए आसमान में प्रधानमंत्री के 25 वर्षों के सेवा कार्यों को प्रदर्शित किया जाएगा।सांसद ने बताया कि ड्रोन शो को इस तरह आयोजित किया जाएगा कि इसे आसपास के लोग अपने घरों की छतों से भी देख सकेंगे। सुबह 9 से शाम 6 बजे तक स्वास्थ्य शिविर‘सेवा संकल्प अभियान’ की शुरुआत 17 सितंबर की सुबह स्वास्थ्य शिविर से होगी। सांसद के अनुसार, सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक चलने वाले शिविर में शहर के लोगों की विभिन्न प्रकार की शारीरिक जांच नि:शुल्क की जाएगी। भाजपा की ओर से कानपुर के अलग-अलग स्थानों पर भी सेवा कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। हालांकि, मोतीझील के कारगिल पार्क में होने वाले दीप प्रज्ज्वलन और ड्रोन शो को अभियान का प्रमुख आयोजन बनाया गया है।
कौशांबी में सैनी कोतवाली क्षेत्र के अटसराय रेलवे स्टेशन के पास बुधवार सुबह 9 बजे ट्रेन से गिरकर एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना पर पहुंची एंबुलेंस से उसे सीएचसी सिराथू ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने मेडिकल कॉलेज मंझनपुर रेफर कर दिया। रास्ते में युवक की मौत हो गई। घटना के करीब 9 घंटे बाद भी उसकी पहचान नहीं हो सकी। करीब 35 साल की उम्र बताई गई युवक की उम्र करीब 35 साल बताई जा रही है। अटसराय स्टेशन के पास वह गंभीर हालत में पड़ा मिला था। सूचना मिलने पर पुलिस ने उसे अस्पताल पहुंचाया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी हालत बिगड़ती गई। मेडिकल कॉलेज ले जाते समय मौत सीएचसी सिराथू में प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने युवक को मेडिकल कॉलेज मंझनपुर रेफर किया था। मेडिकल कॉलेज ले जाते समय रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। इसके बाद जीआरपी ने शव को कब्जे में लेकर शवगृह भेज दिया। सिराथू से कानपुर का टिकट मिला जीआरपी के अनुसार, युवक के पास सिराथू से कानपुर तक का रेल टिकट मिला है। उसके पास करीब 20 से 25 रुपए भी मिले हैं। तलाशी के दौरान पहचान से संबंधित कोई दस्तावेज नहीं मिला। पहचान कराने में जुटी जीआरपी युवक की पहचान के लिए जीआरपी अलग-अलग माध्यमों से जानकारी जुटा रही है। आसपास के थानों और क्षेत्रों में भी सूचना भेजी जा रही है। पुलिस युवक के बारे में जानकारी जुटाने के साथ हादसे की परिस्थितियों की भी जांच कर रही है।
पुलिस विभाग के एसपी सिटी कार्यालय का नवीनीकरण और जीर्णोद्धार कार्य पूरा होने के बाद बुधवार को इसका उद्घाटन किया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने कार्यालय पहुंचकर नवीनीकरण कार्य का विधिवत उद्घाटन किया। इसके बाद उन्होंने पूरे कार्यालय परिसर का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।नवीनीकरण के बाद कार्यालय में आधुनिक और बेहतर कार्य सुविधाओं को शामिल किया गया है। इससे पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को रोजमर्रा के कामकाज में सहूलियत मिलने की उम्मीद है। कार्यालयीन व्यवस्थाओं को अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाने के लिए भी जरूरी बदलाव किए गए हैं। जनसुनवाई के लिए आने वाले फरियादियों को भी सुविधाएसपी सिटी कार्यालय में प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग अपनी शिकायतें लेकर पहुंचते हैं। नवीनीकरण के दौरान जनसुनवाई के लिए आने वाले शिकायतकर्ताओं के लिए भी सुविधाजनक और व्यवस्थित वातावरण तैयार किया गया है। इससे फरियादियों को अपनी शिकायत रखने में सहूलियत मिलेगी।उद्घाटन के दौरान एसपी सिटी आदित्य बंसल, एसपी ग्रामीण मनीष कुमार मिश्र, सहायक पुलिस अधीक्षक श्रुष्टी जैन समेत क्षेत्राधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने कार्यालय की नई व्यवस्थाओं का निरीक्षण भी किया।
पड़ोसी के गालीगलौज करने पर एसपी से की शिकायत:मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया; कानूनी कार्रवाई की मांग
नरसिंहपुर के रिप्टापार पाठक वार्ड में रहने वाले भरत पाली ने अपने पड़ोसी पर आए दिन गालीगलौज करने और मानसिक रूप से परेशान करने का आरोप लगाया है। पीड़ित ने बुधवार को पुलिस अधीक्षक (एसपी) को आवेदन देकर इस मामले में कार्रवाई की मांग की। ‘गालीगलौज से परिवार अपमानित-मानसिक रूप से परेशान’ भरत पाली ने अपने आवेदन में बताया कि पड़ोसी इंदू कोल बिना किसी वजह के आए दिन उनके साथ गालीगलौज करते हैं। उनका आरोप है कि पड़ोसी के इस व्यवहार से वे और उनका परिवार लगातार अपमानित और मानसिक रूप से परेशान हो रहा है। कई बार समझाने के बाद भी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। पीड़ित ने यह भी बताया कि लगातार हो रही इन घटनाओं के कारण परिवार का शांति से रहना मुश्किल हो गया है। उन्हें भविष्य में किसी अप्रिय घटना की आशंका भी है। उन्होंने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कानूनी कार्रवाई करने और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
CGPSC पेपर लीक मामला:एडिशनल कलेक्टर चेतन बोरघरिया ED कोर्ट में पेश, बढ़ सकती है रिमांड
CGPSC राज्य सेवा परीक्षा 2021 में गड़बड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तार बलरामपुर-रामानुजगंज के एडिशनल कलेक्टर चेतन बोरघरिया को बुधवार को ED कोर्ट में पेश किया गया। बोरघरिया को ED ने 11 सितंबर को गिरफ्तार किया था। कोर्ट ने उन्हें 6 दिन की ED रिमांड पर भेजा था। अब पूछताछ पूरी होने के बाद बुधवार को ED की ओर से बोरघरिया कोर्ट में पेश किया गया है। एजेंसी पूछताछ के दौरान सामने आई जानकारी और दस्तावेजों के आधार पर आगे की जांच कर रही है। 3 करोड़ से ज्यादा की अवैध रकम लेने का आरोप ED की जांच के मुताबिक, उत्कर्ष चंद्राकर, अनिल चंद्राकर और डॉ. विकास चंद्राकर ने CGPSC राज्य सेवा परीक्षा 2021 के अलग-अलग अभ्यर्थियों से 3 करोड़ रुपए से ज्यादा की कथित अवैध रकम जुटाई। आरोप है कि अभ्यर्थियों को पहले ही प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने और उनका चयन कराने का भरोसा दिया गया था। इसके लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री कार्यालय में अपने कथित संपर्क और प्रभाव का इस्तेमाल करने की बात कही गई। जांच में यह भी सामने आया कि ऐसे आश्वासनों के लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री कार्यालय में OSD रहे चेतन बोरघरिया के नाम और उनके आधिकारिक पद का कथित तौर पर इस्तेमाल किया गया। मोबाइल की फोरेंसिक जांच में बातचीत सामने आई ED के मुताबिक, जब्त डिजिटल डिवाइस की फोरेंसिक जांच में चेतन बोरघरिया और उत्कर्ष चंद्राकर के बीच हुई बातचीत सामने आई। इनमें वित्तीय लेन-देन और रकम वापस करने या भुगतान की मांग से संबंधित बातचीत भी शामिल थी। जांच में M/s Figurecave E-Com (OPC) Private Limited से जुड़े कई वित्तीय लेन-देन भी सामने आए हैं। ED को संदेह है कि इस कंपनी का इस्तेमाल रकम को अलग-अलग स्तर पर घुमाने और फंड की लेयरिंग के लिए किया गया। PMLA की धारा 19 में गिरफ्तारी ED ने कहा कि जांच के दौरान जुटाए गए डिजिटल साक्ष्य, बैंकिंग लेन-देन और PMLA के तहत दर्ज बयानों से चेतन बोरघरिया की अपराध से अर्जित रकम से जुड़े कामों में कथित संलिप्तता सामने आई है। इनमें रकम हासिल करना, अपने कब्जे में रखना, छिपाना और उसका इस्तेमाल करना शामिल है। इसके आधार पर चेतन बोरघरिया को PMLA की धारा 19 के तहत 11 सितंबर 2026 को गिरफ्तार किया गया। ED के अनुसार, चेतन बोरघरिया वर्तमान में बलरामपुर-रामानुजगंज में अतिरिक्त कलेक्टर के पद पर पदस्थ हैं। जानिए क्या है CGPSC घोटाला यह मामला 2020 से 2022 के बीच हुई भर्ती प्रक्रियाओं से जुड़ा है। आरोप है कि आयोग की परीक्षाओं और इंटरव्यू में पारदर्शिता को दरकिनार कर राजनीतिक और प्रशासनिक रसूख वाले परिवारों के उम्मीदवारों को उच्च पदों पर चयनित किया गया। इस दौरान योग्य अभ्यर्थियों की अनदेखी कर डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी और अन्य राजपत्रित पदों पर अपने नजदीकी लोगों को पद दिलवाने का खेल हुआ। प्रदेश सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच सीबीआई को सौंपी। जांच एजेंसी ने छापेमारी में कई दस्तावेज और आपत्तिजनक साक्ष्य बरामद किए हैं। इस घोटाले में सीबीआई ने तत्कालीन सीजीपीएससी अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी, उप परीक्षा नियंत्रक, चार चयनित अभ्यर्थियों और एक निजी व्यक्ति को पहले ही गिरफ्तार किया था। वहीं प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी इस मामले की जांच में जुटी है। एजेंसी ने कथित कैश सिंडिकेट की पड़ताल के लिए करीब 30 लोगों को पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया था। इनमें विवादित अभ्यर्थियों के साथ एनजीओ, एक बड़ी कंपनी और रिसार्ट संचालकों से जुड़े लोग भी शामिल हैं। ईडी अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित तौर पर अभ्यर्थियों से वसूली गई रकम कहां से आई और किन लोगों तक पहुंचाई गई। ………………………… इससे संबंधित यह खबर भी पढ़िए… CGPSC घोटाला...बलरामपुर एडिशनल कलेक्टर गिरफ्तार: भूपेश बघेल के OSD थे, दावा- उत्कर्ष चंद्राकर के साथ व्हाट्सऐप चैट मिली, ED को 6 दिन की रिमांड छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित CGPSC घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के एडिशनल कलेक्टर चेतन बोरघारिया को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद उन्हें विशेष कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने चेतन बोरघारिया को 6 दिन की ED रिमांड पर भेज दिया है। पढ़ें पूरी खबर…
संभल में भीम आर्मी का प्रदर्शन:चंद्रशेखर आजाद के काफिले पर हमले में जांच की मांग, प्रशासन अलर्ट रहा
संभल के बहजोई जिला मुख्यालय पर बुधवार दोपहर करीब 2:30 बजे आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) और भीम आर्मी ने प्रदर्शन किया। उन्होंने अपनी कई मांगों को लेकर राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन डिप्टी कलेक्टर नीरज द्विवेदी को सौंपा। करीब एक घंटे से ज्यादा चले इस प्रदर्शन को देखते हुए धनारी और बहजोई पुलिस अलर्ट पर रही। सीओ स्तुति सिंह भी मौजूद रही। गोंडा और अयोध्या में हुई हत्याओं, बाराबंकी में राष्ट्रीय अध्यक्ष और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद के काफिले पर हुए हमले के आरोप, पंचायत सहायकों की मांगों, 68,500 शिक्षक भर्ती में आरक्षण से जुड़े मामले और धार्मिक स्थलों से संबंधित मुद्दों को उठाया गया। धार्मिक स्थलों से जुड़े मुद्दे पर पार्टी ने सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद और मुरादाबाद की मुस्तफा मस्जिद समेत अन्य इस्लामिक धर्मस्थलों के संबंध में की जा रही कार्रवाई की निष्पक्ष जांच की मांग की। ज्ञापन में कहा गया कि ऐसी कार्रवाई कानून और तय प्रक्रिया के हिसाब से होनी चाहिए। गोंडा में विनोद साहनी और रमेश कोरी तथा अयोध्या में राम लगन मौर्या की हत्या के बाद पीड़ित परिवारों से मिलने जा रहे चंद्रशेखर आजाद के काफिले को 13 सितंबर को बाराबंकी के रामनगर थाना क्षेत्र के बुढ़वल में रोका गया था। इसके बाद पथराव और हिंसक हमले की शिकायत मिली थी। पार्टी ने इस मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच, सीसीटीवी फुटेज और इलेक्ट्रॉनिक सबूतों को सुरक्षित रखने और दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की मांग की। जिलाध्यक्ष शहजाद खान ने बताया कि पार्टी हाईकमान के कहने पर पूरे उत्तर प्रदेश के जिला मुख्यालयों पर एक दिवसीय प्रदर्शन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि संभल जिला मुख्यालय पर भी पार्टी कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया और चंद्रशेखर आजाद के काफिले पर हुए हमले के मामले में कार्रवाई की मांग उठाई। भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष गोविंद सागर ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार दलितों, मुस्लिमों और धार्मिक स्थलों को निशाना बना रही है। उन्होंने कहा कि इन्हीं मुद्दों के विरोध में यह प्रदर्शन किया गया है। इस प्रदर्शन में फिरोज खान हिंदुस्तानी, सुधीर कुमार सागर, सोहनलाल उर्फ सोनू, मोहम्मद आसिफ, प्रताप सिंह, सर्वेश कुमार, जितेंद्र अंबेडकर, कर्मवीर सिंह, बाबू, विशाल समेत दर्जनों कार्यकर्ता शामिल रहे।
जोबट में नाबालिग बाइकर्स पर पुलिस का एक्शन:तेज रफ्तार और एक पर तीन सवार थे, 8 चालान से ₹3,600 वसूले
जोबट शहर में ट्रैफिक नियमों का पालन कराने के लिए पुलिस लगातार चालान काट रही है। बुधवार सुबह पुलिस ने जोबट के कई इलाकों में गाड़ियां चेक कीं। इस दौरान नाबालिगों के बाइक चलाने, दोपहिया वाहन पर तीन सवारी बैठाने और तेज रफ्तार से गाड़ी चलाने वालों पर कार्रवाई की गई। बुधवार को पुलिस ने 8 चालान बनाए और कुल ₹3,600 सरकारी खाते में जमा कराए गए। पुलिस अधीक्षक रघुवंशी भदौरिया, एसडीओपी आशुतोष पटेल और थाना प्रभारी विजय वास्कले के कहने पर पिछले पांच दिनों से यह कार्रवाई चल रही है। पुलिसकर्मी राम कुमार गौतम जोबट के अलग-अलग इलाकों में गाड़ी चलाने वालों की जांच कर रहे हैं। बुधवार को कॉलेज चौराहा, डेढ़ लाख चौराहा और कृष्ण मंदिर चौपाटी समेत कई जगहों पर गाड़ियां रोककर ट्रैफिक नियमों और कागजात चेक किए गए। राम कुमार गौतम ने बताया कि इस अभियान में नाबालिगों के गाड़ी चलाने, बाइक पर तीन सवारी बैठाने और तेज रफ्तार से गाड़ी चलाने वालों पर खास नजर रखी जा रही है। नियम तोड़ने पर चालान काटे जा रहे हैं। बुधवार को काटे गए 8 चालानों में ₹300 और ₹500 के चालान भी थे। सभी चालानों से कुल ₹3,600 वसूले गए। कई गाड़ी चलाने वालों ने ऑनलाइन भी चालान की रकम जमा की। पुलिस का कहना है कि सड़क सुरक्षा को देखते हुए यह अभियान आगे भी चलेगा। लोगों से अपील की गई है कि वे नाबालिगों को गाड़ी न दें, बाइक पर तीन सवारी न बैठाएं और तेज रफ्तार से गाड़ी न चलाएं। नियम तोड़ने वालों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
औरैया में अपराध की जांच में वैज्ञानिक साक्ष्यों के संकलन को मजबूत बनाने के लिए पुलिस ने विशेष पहल की है। अपर पुलिस अधीक्षक की मौजूदगी में पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभागार में ‘मिनी फील्ड यूनिट फॉरेंसिक फर्स्ट रिस्पॉन्डर्स’ विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। इसका उद्देश्य अपराध की जांच को अधिक वैज्ञानिक, निष्पक्ष और प्रभावी बनाना है, ताकि आपराधिक न्याय प्रणाली को मजबूत किया जा सके। हर थाने में दो पुलिसकर्मियों की टीम इस पहल के तहत जिले के प्रत्येक थाने में मिनी फील्ड यूनिट बनाई गई है। हर यूनिट में दो पुलिसकर्मियों का चयन कर उन्हें विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। घटना की सूचना मिलते ही यह दो सदस्यीय टीम सबसे पहले मौके पर पहुंचेगी और निर्धारित प्रक्रिया (एसओपी) के अनुसार जरूरी साक्ष्य जुटाएगी। फॉरेंसिक साक्ष्य जुटाने के तरीके सिखाए कार्यशाला में अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान आपराधिक न्याय प्रणाली में पारंपरिक साक्ष्यों के साथ फॉरेंसिक और वैज्ञानिक साक्ष्यों का महत्व भी बढ़ा है। ऐसे में घटनास्थल से साक्ष्य सही तरीके से जुटाना और उनका संरक्षण करना जांच के लिए अहम है। जिले की फॉरेंसिक टीम ने पुलिसकर्मियों को साक्ष्य संकलन के नए तरीकों और उपकरणों के इस्तेमाल की जानकारी दी। जांच को पारदर्शी और प्रभावी बनाने पर जोर पुलिस के मुताबिक, मिनी फील्ड यूनिट के गठन से घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य समय पर और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार जुटाने में मदद मिलेगी। इससे जांच की गुणवत्ता और पारदर्शिता बेहतर करने के साथ अदालत में आपराधिक मामलों के अभियोजन को भी मजबूती मिल सकती है।
अनूपपुर जिले के बिजुरी में नेशनल हाईवे 43 से अडानी के छतई थर्मल पावर प्लांट तक जाने वाली बेलिया छोट-निगवानी पीएमजीएसवाय सड़क की खस्ताहाली को लेकर बुधवार को ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। भारी वाहनों की वजह से जर्जर हो चुकी इस सड़क की मरम्मत की मांग को लेकर जिला पंचायत सदस्य रामजी मिश्रा रिंकू की अगुवाई में ग्रामीणों ने भारी वाहनों की आवाजाही रोक दी और सड़क किनारे अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए। अधिकारियों के समझाने पर भी नहीं माने ग्रामीण प्रदर्शन की खबर मिलते ही बिजुरी थाना पुलिस, एसडीएम कोतमा टीआर नाग और आसपास के थानों का बल मौके पर पहुंचा। प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाइश देकर चक्काजाम खुलवाने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीण और जनप्रतिनिधि सड़क सुधार की लिखित और ठोस गारंटी पर अड़े रहे। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच वाहनों को रोकने को लेकर तीखी बहस भी हुई। प्रदर्शनकारियों ने सवाल उठाया कि जिन भारी वाहनों के पास इस मार्ग से गुजरने का वैध परमिट नहीं है, वे यहां से कैसे निकल रहे हैं। हादसों की आशंका, अधूरा काम छोड़े जाने से नाराजगी ग्रामीणों का कहना है कि यह सड़क कई गांवों को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग है। भारी वाहनों की आवाजाही से सड़क जगह-जगह गड्ढों में तब्दील हो चुकी है, जिससे आए दिन बड़े हादसों का खतरा बना रहता है। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि पूर्व में भी प्रशासन को ज्ञापन देने के बाद पैचवर्क शुरू हुआ था, लेकिन काम को बीच में ही अधूरा छोड़ दिया गया और नियमित मेंटेनेंस का वादा पूरा नहीं हुआ। काम पूरा होने तक जारी रहेगा आंदोलन प्रदर्शनकारियों ने मौके पर मौजूद एसडीएम कोतमा को ज्ञापन सौंपते हुए चेतावनी दी है कि जब तक सड़क का मरम्मत कार्य खत्म नहीं हो जाता, तब तक धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा। वहीं, प्रशासनिक अधिकारियों ने सड़क को जल्द दुरुस्त कराने का आश्वासन दिया है।
कोंडागांव के बाजारपारा स्थित ग्राम देवी शीतला माता मंदिर में मंगलवार को पारंपरिक माता पहुंचानी पर्व श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया गया। सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ शुरू हो गई थी। नगर और आसपास के इलाकों से आए लोगों ने माता के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और अपनी श्रद्धा के अनुसार चढ़ावा व भेंट चढ़ाई। स्थानीय मान्यता के अनुसार, माता पहुंचानी पर्व ग्राम देवी की आराधना से जुड़ी एक पुरानी परंपरा है। इस मौके पर माता को विधि-विधान से पूजा करके आमंत्रित किया जाता है। इसमें नगर और परिवारों की सुख-शांति व रक्षा की कामना की जाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस पर्व का मकसद सिर्फ धार्मिक पूजा तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें पूरे नगर की खुशहाली और मुश्किलों से बचाव की भावना भी जुड़ी है। ग्राम देवी के दरबार में मन्नत लेकर पहुंचते हैं श्रद्धालु परंपरा के मुताबिक, माता की पूजा के दौरान श्रद्धालु अपनी मन्नतें लेकर माता के दरबार में पहुंचते हैं। कई परिवार अपनी श्रद्धा के अनुसार प्रसाद, नारियल, फूल और दूसरी पूजा सामग्री चढ़ाते हैं। मान्यता है कि ग्राम देवी की कृपा से नगरवासियों और उनके परिवारों पर आने वाली मुश्किलें टल जाती हैं और सुख-समृद्धि बनी रहती है। मन्नत पूरी होने पर श्रद्धालु माता की सेवा और भेंट के जरिए अपनी आस्था दिखाते हैं। शीतला माता मंदिर कोंडागांव नगर की धार्मिक आस्था का एक मुख्य केंद्र है। स्थानीय त्योहारों और पारंपरिक आयोजनों में यहां खास पूजा-अर्चना की जाती है। माता पहुंचानी पर्व में बुजुर्गों के साथ युवा और बच्चों ने भी हिस्सा लिया। इससे पुरानी परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का संदेश मिला। पूरे दिन मंदिर परिसर में भक्ति का माहौल रहा। श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन कर परिवार की सुख-शांति, अच्छी बारिश, समृद्धि और नगर की खुशहाली के लिए प्रार्थना की।
बाराबंकी में बड्डूपुर थाना क्षेत्र के हक्काबाद गांव में बुधवार दोपहर करीब 3 बजे दो भाइयों के बीच विवाद हो गया। दोनों के बीच मारपीट के दौरान बीच-बचाव करने पहुंची उनकी मां को लाठी लग गई। गंभीर हालत में परिजन उन्हें सीएचसी फतेहपुर ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मृतका की पहचान लज्जावती (65) के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, हक्काबाद गांव में किसी बात को लेकर उनके दोनों बेटों के बीच कहासुनी शुरू हुई थी। विवाद बढ़ने पर दोनों में मारपीट होने लगी। बीच-बचाव के दौरान लगी लाठी मारपीट के दौरान लाठियां चलने लगीं। इसी बीच लज्जावती दोनों बेटों के बीच हो रहे विवाद को शांत कराने पहुंचीं। इसी दौरान उन्हें लाठी लग गई और वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। सीएचसी में डॉक्टरों ने मृत घोषित किया परिजन घायल लज्जावती को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फतेहपुर लेकर पहुंचे। सीएचसी अधीक्षक डॉ. आरपी वर्मा ने बताया कि महिला को अस्पताल लाया गया था। जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस ने शुरू की मामले की जांच बड्डूपुर थाना प्रभारी मनोज सोनकर ने बताया कि दो भाइयों के विवाद में उनकी मां की मौत हुई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। विवाद की वजह और महिला को चोट लगने की परिस्थितियों की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है।
मैनपुरी के कोतवाली क्षेत्र के अस्योली गांव में गाली-गलौज का विरोध करने पर एक युवक से मारपीट की गई। आरोपियों ने उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया और जान से मारने की धमकी देकर मौके से भाग गए। पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराकर कार्रवाई की मांग की है। ग्राम सिकंदरपुर निवासी रियासुद्दीन पुत्र अलीमोहम्मद ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह 16 सितंबर की सुबह करीब आठ बजे किसी काम से अस्योली गांव गया था। रियासुद्दीन का आरोप है कि जैसे ही वह गांव पहुंचा, तभी अस्योली निवासी बच्चू यादव और भोला समेत दो अज्ञात लोग वहां आ गए। आरोपियों ने रास्ते में उसे रोक लिया और गाली-गलौज करने लगे। रियासुद्दीन ने जब इसका विरोध किया, तो आरोपियों ने लाठी-डंडों से उस पर हमला कर दिया। इस हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गया। मारपीट के बाद आरोपी उसे जान से मारने की धमकी देकर मौके से फरार हो गए। घायल रियासुद्दीन ने घटना की जानकारी अपने परिवार वालों को दी। पीड़ित का कहना है कि आरोपी आपराधिक किस्म के हैं, इसलिए उसे अपनी जान का खतरा है। रियासुद्दीन ने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने और अपनी सुरक्षा की मांग की है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है।
धन्वन्तरि आयुर्वेदिक कॉलेज के इंटर्न डॉक्टरों ने स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर मोर्चा खोल दिया है। बुधवार को 75 से अधिक इंटर्न डॉक्टर और फाइनल ईयर के छात्र-छात्राएं फ्रीगंज स्थित सीएम कार्यालय पहुंचे और प्रदर्शन किया। छात्रों ने मौजूदा 9,383 रुपए प्रतिमाह स्टाइपेंड को बढ़ाकर 21,500 रुपए करने की मांग की। उनका कहना है कि वे अस्पताल की ओपीडी, वार्ड और अन्य चिकित्सकीय जिम्मेदारियों में नियमित रूप से योगदान देते हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें एमबीबीएस डॉक्टरों की तुलना में काफी कम स्टाइपेंड मिल रहा है। कम स्टाइपेंड में खर्च चलाना मुश्किल प्रदर्शन में शामिल डॉ. अन्नी असाटी ने कहा कि इंटर्नशिप के दौरान कमरे का किराया, खाना, परिवहन और अन्य जरूरी खर्च होते हैं। मौजूदा स्टाइपेंड में इन खर्चों को पूरा करना मुश्किल है। उन्होंने कहा कि यदि मांग पूरी नहीं हुई तो 23 सितंबर को रैली निकाली जाएगी। इसके बाद प्रदेश स्तर पर धरना और प्रदर्शन किया जाएगा। हॉस्टल नहीं, कमरे के किराए में ही 5-6 हजार खर्च डॉ. रश्मि शर्मा ने कहा कि इंटर्न डॉक्टरों को हॉस्टल में रहने की सुविधा नहीं मिलती, इसलिए बाहर कमरा लेना पड़ता है। इसमें ही करीब 5 से 6 हजार रुपए किराया खर्च हो जाता है। इसके अलावा खाने-पीने और कॉलेज व अस्पताल आने-जाने का खर्च अलग है। उनका कहना है कि इंटर्नशिप के दौरान भी यदि घर से पैसे मांगने पड़ें तो इतने कम स्टाइपेंड का क्या फायदा। अन्य राज्यों का दिया उदाहरण छात्रों ने बताया कि तेलंगाना, दिल्ली और बिहार समेत कई राज्यों में आयुष इंटर्न डॉक्टरों को करीब 21 हजार से 30 हजार रुपए तक स्टाइपेंड दिया जा रहा है। उनका सवाल है कि जब अन्य राज्यों में इतना स्टाइपेंड मिल रहा है तो मध्यप्रदेश में इसे बढ़ाया क्यों नहीं जा रहा। प्रदर्शन में डॉ. अन्नी असाटी, डॉ. विक्रांत तिवारी, डॉ. प्रिंस जैन, डॉ. सौम्य दीक्षित, डॉ. साहिल रघुवंशी, डॉ. रश्मि शर्मा और डॉ. मुस्कान मंडावत सहित अन्य छात्र शामिल रहे।
नवादा में आज से 102 एंबुलेंस सेवा ठप, मरीजों को निजी वाहनों पर होना पड़ रहा निर्भर
16 सितंबर, बुधवार: जिले में आज से 102 एंबुलेंस सेवा ठप हो गई है, सदर अस्पताल समेत सभी PHC में सेवा बंद होने से मरीजों और परिजनों को निजी वाहनों पर निर्भर होना पड़ रहा है।
पहले मनी लांड्रिंग केस का डर, फिर 10 दिन डिजिटल अरेस्ट; दिल्ली में 88 वर्षीय महिला ने गंवाए 78 लाख
दिल्ली के सरिता विहार में 88 वर्षीय बुजुर्ग महिला को साइबर ठगों ने 10 दिनों तक 'डिजिटल अरेस्ट' कर 78 लाख रुपये ठग लिए। ठगों ने मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने का डर दिखाकर उनसे यह रकम अपने खातों में ट्रांसफर करवा ली।
दमोह जिले के हटा ब्लॉक में बुधवार दोपहर ग्रामीणों ने सड़क निर्माण की मांग को लेकर चक्काजाम कर दिया। रनेह से लुहरबंद तक सड़क नहीं होने से परेशान ग्रामीणों ने रनेह के लुहरबंद तिराहे पर विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन करीब डेढ़ घंटे तक चला। सूचना मिलने पर तहसीलदार उमेश तिवारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को 48 घंटे के भीतर वैकल्पिक मार्ग बनाने का आश्वासन दिया, जिसके बाद ग्रामीणों ने चक्काजाम खत्म कर दिया। ग्रामीणों ने बताया कि वे इस समस्या को लेकर पहले भी प्रशासन को बता चुके थे। लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं होने के कारण उन्हें सड़क पर उतरकर विरोध करना पड़ा। चक्काजाम की खबर मिलते ही रनेह थाना प्रभारी नीतेश जैन पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और हालात संभाले। हटा एसडीएम राकेश मरकाम के निर्देश पर तहसीलदार उमेश तिवारी भी वहां पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से बात की और उनकी मांगों को समझा। तहसीलदार ने संबंधित सचिव को 48 घंटे में वैकल्पिक आवागमन की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। साथ ही उपयंत्री को सड़क निर्माण का एस्टीमेट बनाने और आगे की कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया। अधिकारियों ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि जल्द ही वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी और पक्की सड़क बनाने की प्रक्रिया शुरू होगी। प्रशासन के इस आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने चक्काजाम खत्म कर दिया और यातायात फिर से शुरू हो गया।
फलोदी जिले के लोहावट में 27 जुलाई की रात हुई भंवरीदेवी विश्नोई की हत्या के मामले में मंगलवार को एसआईटी ने जयपुर से आई एफएसएल टीम से सीन का रिक्रिएशन कराया। पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में घटना से जुड़े कई बिंदुओं को मौके पर समझा गया। टीम ने घटनास्थल और आसपास के इलाके का निरीक्षण किया। जरूरी तकनीकी सबूत और फोटोग्राफ भी जमा किए। बेटियों से ली घटनाक्रम की जानकारी जांच में घायल दोनों बेटियों की जानकारी को भी अहम माना जा रहा है। सेहत में सुधार के बाद दोनों अस्पताल से घर लौट चुकी हैं। एफएसएल टीम ने उनसे बातचीत कर घटना से जुड़ी स्थितियों और पूरे घटनाक्रम के बारे में जानकारी ली। टीम ने यह समझने की कोशिश की कि घटना के बाद मौके पर कौन-कौन पहुंचा और वहां क्या-क्या हुआ। ताऊ के घटनास्थल पर पहुंचने के बाद की स्थितियों को भी रिक्रिएशन के जरिए समझा गया। एफएसएल की रिपोर्ट से जांच के नए बिंदू देखेगी एसआईटी एफएसएल टीम द्वारा जमा किए गए तकनीकी सबूतों और निरीक्षण के आधार पर एक रिपोर्ट तैयार की जाएगी। रिपोर्ट मिलने के बाद एसआईटी देखेगी कि जांच में इससे कौन-सी नई बात सामने आती है और किन बिंदुओं पर आगे काम किया जा सकता है। एसआईटी प्रमुख डीआईजी देवेंद्र विश्नोई ने बताया- मामले में अलग-अलग टीमें कई एंगल पर काम कर रही हैं। जांच में जहां भी जरूरत महसूस हो रही है, वहां विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है। एफएसएल टीम ने अपने स्तर पर पूरे इलाके का निरीक्षण कर घटनाक्रम को समझा है। उनकी रिपोर्ट जांच को आगे बढ़ाने में काम आ सकती है। तीन संदिग्धों की पॉलीग्राफी रिपोर्ट का इंतजार मामले में तीन संदिग्धों का पॉलीग्राफी टेस्ट भी कराया जा चुका है। फिलहाल इसकी रिपोर्ट आना बाकी है। रिपोर्ट मिलने के बाद उसमें सामने आने वाले तथ्यों का भी जांच के दौरान परीक्षण किया जाएगा और जरूरत के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। गले पर चाकू से वार कर हत्या की थी दरअसल, 27 जुलाई की रात भंवरी विश्नोई (32) निवासी जंभेश्वरनगर (लोहावट) बेटियों के साथ घर के बाहर सो रही थी। अज्ञात हमलावर ने भंवरी देवी के गले पर चाकू से वार कर दिया। इस दौरान मां के चिल्लाने पर पास में सो रही उसकी दोनों बेटियां रामज्योति (16) और सोनू (10) जाग गई थीं। मां को बचाने के लिए बेटियां हमलावर की तरफ दौड़ीं और उससे हाथापाई करने लगी थी। इस दौरान बदमाश ने बच्चियों पर भी चाकू से हमला कर दिया था। हमले में महिला की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि उसकी दोनों बेटियां घायल हो गई थी। मामले से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… मां की हत्या,बचाने आई बेटी के पीठ-पेट,चेहरे पर चाकू मारे:खून से लथपथ होने के बाद भी बदमाश से लड़ती रही, दांत टूटे, पुलिस को बुलाया फलोदी में घर के बाहर सो रही महिला की हत्या के मामले में नए तथ्य सामने आए हैं। पुलिस जांच में सामने आया कि महिला की बेटी रामज्योति (16) और सोनू (10) पर भी नकाबपोश बदमाश ने हमला किया। 16 साल की बेटी रामज्योति की पीठ, पेट और चेहरे पर चाकू से पांच वार किए। इसके बाद भी वह मां को बचाने के लिए दौड़ी। ताऊजी को बुलाया। पुलिस को फोन कर पूरी घटना की जानकारी दी। (पूरी खबर यहां पढ़ें) लोहावट में घर के बाहर सो रही महिला की हत्या:गले पर चाकू से किया वार, मां को बचाने हमलावर से भिड़ीं बेटियां; दोनों घायल घर के बाहर सो रही महिला के गले पर चाकू से हमला दिया। जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। महिला की आवाज सुनकर उनकी दोनों बेटियां जाग गईं। दोनों की हमलावर से हाथपाई हुई। इस पर हमलावर ने बच्चियों पर भी चाकू से हमला कर दिया। जिससे दोनों गंभीर घायल हो गईं। घटना फलोदी जिले के लोहावट थाना क्षेत्र के जंभेश्वरनगर गांव का है। (पढ़ें पूरी खबर) ट्रैक्टर लेकर नोहर SDM ऑफिस पहुंचे किसान,VIDEO:पुलिस ने की बैरिकेडिंग, महापड़ाव शुरू; बोले- फीडर को हक का 332 क्यूसेक पानी मिले नोहर फीडर के लिए निर्धारित 332 क्यूसेक पानी की मांग को लेकर किसानों ने एसडीएम ऑफिस का घेराव किया। शाम 6 बजे बड़ी संख्या में ट्रैक्टर लेकर एसडीएम ऑफिस के बाहर जुटने लगे। इसके बाद किसानों ने ऑफिस के बाहर पड़ाव डाल दिया। (पढ़ें पूरी खबर) भंवरी देवी हत्याकांड: हजारों लोगों ने कलेक्ट्रेट का घेराव किया:पूर्व विधायक बोले- पुलिस किसको बचा रही; SHO-DSP को हटाने की मांग फलोदी जिले के लोहावट में 27 जुलाई की रात हुई भंवरी विश्वोई की हत्या के मामले में हजारों की भीड़ ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट का घेराव किया। (पूरी खबर पढ़ें…)
बूंदी में जिला कलेक्टर हरफूल सिंह यादव के प्रयासों से उर्वरक वितरण को पारदर्शी और आसान बनाने के लिए फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल्स (FFS) व्यवस्था लागू की गई है। इसके सकारात्मक नतीजे सामने आ रहे हैं। एफएफएस प्रणाली लागू होने के बाद से अब तक जिले के 52293 किसानों को कुल 10117.68 मीट्रिक टन उर्वरक बांटा जा चुका है। संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार) राजेश कुमार शर्मा ने बताया कि एफएफएस व्यवस्था के तहत किसानों को अपनी जरूरत के हिसाब से उर्वरक की ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा मिल रही है। बुकिंग के बाद मिले टोकन या क्यूआर कोड से किसान अधिकृत विक्रेता से खाद ले सकते हैं। इससे उर्वरक वितरण में पारदर्शिता आई है और स्टॉक की निगरानी भी बेहतर हो गई है। 14 से चल रहा जागरूकता अभियानशर्मा ने बताया कि कृषि विभाग एफएफएस प्रणाली का पालन नहीं करने वालों पर सख्त कार्रवाई कर रहा है। नियमों का पालन नहीं करने पर एफसीओ 1985 और आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत 13 उर्वरक खुदरा विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं। वहीं, 23 उर्वरक खुदरा विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। विभाग ने सभी विक्रेताओं को एफएफएस व्यवस्था के तहत तय प्रक्रिया का पालन करने और किसानों को नियमानुसार उर्वरक देने के निर्देश दिए हैं। विभाग उर्वरक की उपलब्धता, स्टॉक और वितरण प्रक्रिया पर लगातार नजर रख रहा है। संयुक्त निदेशक ने यह भी बताया कि किसानों को एफएफएस प्रणाली की जानकारी देने और ऑनलाइन बुकिंग से जोड़ने के लिए जिले की 185 ग्राम पंचायतों में 14 सितंबर से जागरूकता अभियान चल रहा है। इस अभियान में किसानों को एफएफएस ऐप डाउनलोड करने, लॉगिन करने, जमीन और फसल का विवरण भरने, उर्वरक चुनने और ऑनलाइन बुकिंग के बाद टोकन या क्यूआर कोड से खाद लेने का तरीका समझाया जा रहा है।
बाड़मेर जिले में 16 साल की मूक-बधिर नाबालिग के साथ रेप का मामला सामने आया है। पीड़िता बोलने और सुनने में असमर्थ है। मामले की भनक परिजनों को तब लगी, जब पीड़िता की तबीयत अचानक बिगड़ गई और उसे इलाज के लिए हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। जांच के दौरान पता चला कि नाबालिग 5 महीने की गर्भवती है। परिजनों की रिपोर्ट पर पुलिस ने मंगलवार की रात मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। 5 महीने पहले आरोपी ने की दरिंदगीपीड़िता के पिता ने बताया कि वे और उनका बेटा मजदूरी के सिलसिले में जैसलमेर गए हुए थे। दो-तीन दिन पहले अचानक बेटी को उल्टियां होने लगीं और उसकी तबीयत खराब हो गई। बच्ची की हालत ज्यादा खराब होने लगी तो उसे तुरंत पास के सरकारी हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने नाबालिग की जांच की तो पता चला कि वह 5 महीने की गर्भवती है। हॉस्पिटल से इलाज करवाने के बाद घर लौटे परिजनों ने बेटी से इशारों में बातचीत की। पूछताछ के दौरान पीड़िता ने इशारों-इशारों में बताया कि करीब 5 महीने पहले जब घर पर कोई नहीं था, तब गांव के ही एक युवक ने उसके साथ गलत काम किया था। इसके बाद परिजनों ने मंगलवार की रात संबंधित थाने पहुंचकर पॉक्सो एक्ट में आरोपी के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज करवाई। ASP बोले- मेडिकल करवाया है, आरोपी की तलाश कर रहे हैंबाड़मेर ASP नितेश आर्य ने बताया- पीड़िता का मेडिकल करवा लिया गया है। मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर गर्भावस्था की सही समयावधि स्पष्ट होगी। चूंकि पीड़िता बोलने और सुनने में असमर्थ है, इसलिए CWC के सामने मूक-बधिर विशेषज्ञों की मदद से उसके बयान दर्ज किए जा रहे हैं। फिलहाल पुलिस की टीमें गठित कर आरोपी की तलाश की जा रही है।
सिद्धार्थनगर में शोहरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र के शोहरतगढ़ और बढ़नी में नए आधुनिक बस अड्डे बनाने के प्रस्ताव को प्रदेश मंत्रिमंडल ने मंजूरी दे दी है। मंगलवार रात विधायक विनय वर्मा ने परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह से उनके आवास पर मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र की जनता की ओर से बस अड्डों के प्रस्ताव को मंजूरी मिलने पर मंत्री का आभार जताया। मुख्यमंत्री से मुलाकात में रखी थी मांग विधायक विनय वर्मा ने बताया कि कुछ दिन पहले उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर शोहरतगढ़ और बढ़नी में बस अड्डे बनाने की मांग रखी थी। मुख्यमंत्री ने उन्हें बस अड्डे उपलब्ध कराने का भरोसा दिया था। अब कैबिनेट से प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद उन्होंने इसे क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। परिवहन मंत्री से मुलाकात कर जताया आभार कैबिनेट की मंजूरी के बाद मंगलवार रात विधायक ने परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह से उनके घर पर मुलाकात की। विधायक ने शोहरतगढ़, बढ़नी और पूरे विधानसभा क्षेत्र की जनता की ओर से मंत्री का आभार जताया। इस दौरान मंत्री ने विधायक को मिठाई खिलाकर खुशी जाहिर की। विधायक ने भी मंत्री का मुंह मीठा कराया। यात्रियों को मिलेगी बेहतर परिवहन सुविधा विधायक ने कहा कि बस अड्डों के निर्माण से क्षेत्र के लोगों को बेहतर और सुरक्षित सार्वजनिक परिवहन की सुविधा मिलेगी। बसों के ठहरने और संचालन की व्यवस्था सुधरेगी। इससे यात्रियों को राहत मिलने के साथ ही स्थानीय व्यापार को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। बढ़नी में बस अड्डे से सीमा क्षेत्र को भी फायदा बढ़नी भारत-नेपाल सीमा से सटा महत्वपूर्ण कस्बा है। यहां आधुनिक बस अड्डा बनने से स्थानीय लोगों के साथ सीमा क्षेत्र में आने-जाने वाले यात्रियों को भी सुविधा मिलने की उम्मीद है। विधायक ने कहा कि दोनों बस अड्डों के निर्माण से विधानसभा क्षेत्र में परिवहन सुविधाओं का विस्तार होगा।
सुपौल के निर्मली अंचल क्षेत्र स्थित एक उच्च विद्यालय की भूमि को लेकर चल रहे विवाद पर बुधवार को जिलाधिकारी सावन कुमार ने सुनवाई की। डीएम ने संबंधित पक्षों से विवाद की पूरी जानकारी ली और अधिकारियों को मामले से जुड़े तथ्यों व अभिलेखों की जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश दिया। देखें,मौके से आई तस्वीरें… विवादित जमीन की होगी स्थल जांच सुनवाई के दौरान जिलाधिकारी ने निर्मली की सीओ शाहिना बेगम को विवादित भूमि की स्थल जांच करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि मौके की स्थिति के साथ राजस्व अभिलेखों की भी बारीकी से जांच की जाए। अभिलेखों के आधार पर मांगी रिपोर्ट डीएम ने स्थल निरीक्षण और दस्तावेजों के सत्यापन के बाद विस्तृत प्रतिवेदन तैयार कर शीघ्र जिलाधिकारी कार्यालय में सौंपने को कहा है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। भूमि विवाद की सुनवाई के बाद जिलाधिकारी ने संबंधित उच्च माध्यमिक विद्यालय का भी निरीक्षण किया। उन्होंने स्कूल में चल रही शिक्षण व्यवस्था, शैक्षणिक गतिविधियों और अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी ली। लेसन प्लान की भी हुई जांच निरीक्षण के दौरान डीएम ने शिक्षकों की ओर से तैयार किए गए लेसन प्लान को देखा। उन्होंने शिक्षण कार्य की प्रक्रिया और कक्षा संचालन को लेकर विद्यालय प्रबंधन से जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। डीएम ने कक्षाओं में पहुंचकर विद्यार्थियों से भी बातचीत की। उन्होंने पढ़ाई, कक्षा में होने वाले शिक्षण कार्य और विद्यालय की व्यवस्था से जुड़े विषयों पर छात्रों से जानकारी ली। नियमित पढ़ाई के लिए किया प्रोत्साहित विद्यार्थियों से बातचीत के दौरान जिलाधिकारी ने उन्हें नियमित रूप से अध्ययन करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने पढ़ाई के स्तर और कक्षा में होने वाली गतिविधियों के बारे में भी जानकारी ली। अब रिपोर्ट पर टिकी आगे की कार्रवाई प्रशासन की ओर से अब स्थल जांच और राजस्व अभिलेखों के सत्यापन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। सीओ की रिपोर्ट मिलने के बाद भूमि विवाद में आगे की कार्रवाई तय होगी।
लक्ष्मीबाई शारीरिक शिक्षण संस्थान (एलएनआईपीई) में छात्रों का धरना मंगलवार को आठवें दिन भी जारी रहा। छात्रों के मुताबिक, सात दिन के आंदोलन के बाद सोमवार को कुलगुरु और संस्थान के अधिकारियों के साथ करीब साढ़े तीन से चार घंटे तक बैठक हुई, लेकिन छह मांगों में से किसी पर भी लिखित आश्वासन नहीं मिला। छात्रों ने कहा कि जब तक मांगों पर लिखित आश्वासन और स्पष्ट समय-सीमा नहीं दी जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। जांच में 5-6 महीने लगने की बात कही धरने पर बैठे छात्रों का कहना है कि उन्हें उम्मीद थी कि बैठक में मांगों को लेकर कोई ठोस निर्णय होगा, लेकिन प्रबंधन की ओर से बार-बार जांच की बात कही गई। छात्रों के अनुसार, उन्हें बताया गया कि जांच पूरी होने में पांच से छह महीने तक लग सकते हैं। छात्रों का कहना है कि यदि मांगों पर लिखित आश्वासन के साथ स्पष्ट डेडलाइन दी जाती है तो वे आंदोलन खत्म करने पर विचार कर सकते हैं। रजिस्ट्रार के इस्तीफे की भी मांग छात्रों की छह प्रमुख मांगों में संस्थान के रजिस्ट्रार के इस्तीफे की मांग भी शामिल है। छात्रों का आरोप है कि संस्थान प्रशासन की जिम्मेदारी होने के कारण पूरे मामले की जवाबदेही रजिस्ट्रार की तय होनी चाहिए। उनका कहना है कि आंदोलन के दौरान मीडिया के सामने संस्थान की ओर से दिए गए बयानों में भी रजिस्ट्रार प्रमुख रूप से सामने रहे हैं, इसलिए वे उनसे जवाबदेही चाहते हैं। कुलगुरु बोलीं- छात्रा के मामले में हर संभव सहायता दी एलएनआईपीई की कुलगुरु प्रो. कल्पना शर्मा ने दैनिक भास्कर से बातचीत में कहा कि 8 सितंबर को गुवाहाटी कैंपस की छात्रा की मौत की जानकारी मिलने के बाद वह स्वयं वहां पहुंचीं और छात्रा के परिजनों व विद्यार्थियों से बातचीत की। उन्होंने बताया कि संस्थान की ओर से तत्काल आर्थिक सहायता की प्रक्रिया शुरू की गई थी। पहले पांच लाख रुपए की सहायता देने की बात थी, लेकिन बाद में करीब नौ लाख रुपए की कुल आर्थिक राहत तत्काल उपलब्ध कराई गई। गुवाहाटी में छात्रों से बातचीत का दावा कुलगुरु के अनुसार, गुवाहाटी में जिला प्रशासन की मौजूदगी में छात्रों और फैकल्टी के सामने उनकी मांगों पर बातचीत हुई थी। उनका दावा है कि वहां छात्रों ने आंदोलन समाप्त करने की बात कही थी। हालांकि, बाद में गुवाहाटी के छात्रों ने कहा कि ग्वालियर में आंदोलन जारी है, जिसके चलते वहां भी प्रदर्शन जारी रहा। छात्रों से कक्षाएं अटेंड करने की अपील कुलगुरु ने बताया कि 15 सितंबर को ग्वालियर में छात्रों के साथ संवाद किया गया। बैठक में मीडिया और अन्य लोगों की मौजूदगी पर संस्थान की ओर से कोई रोक नहीं लगाई गई। कुछ पीएचडी स्कॉलर्स ने केंद्रीय मंत्री से भी मुलाकात कर छात्रों की मांगों पर चर्चा की। इसके बाद छात्रों के साथ ऑडिटोरियम में बैठक की गई। कुलगुरु का कहना है कि जिस मूल घटना को लेकर छात्र आंदोलन कर रहे थे, उसमें संस्थान की ओर से आर्थिक सहायता सहित कई स्तरों पर कार्रवाई की जा चुकी है। आगे की मांगों को लेकर छात्रों से फिर संवाद किया जाएगा। वहीं, छात्रों का कहना है कि जब तक छह मांगों पर लिखित आश्वासन और स्पष्ट समय-सीमा नहीं मिलती, धरना जारी रहेगा। प्रबंधन ने छात्रों से कक्षाएं अटेंड करने की अपील की है, लेकिन छात्रों ने स्पष्ट किया है कि मांगें नहीं माने जाने तक वे कक्षाओं में नहीं जाएंगे।
इलाहाबाद हाईकोर्ट में गाजीपुर के कमलेश बिंद एनकाउंटर की सीबीआई जांच की मांग में याचिका दाखिल की गई है।अधिवक्ता ने बताया कि गत तीन जून को गाजीपुर में पुलिस एनकाउंटर में मारे गए कमलेश बिंद की मां ने याचिका दाखिल कर बेटे के एनकाउंटर पर सवाल उठाए हैं। मामले के तथ्यों के अनुसार होटल कारोबारी विनीत राय हत्याकांड में वांछित कमलेश बिंद पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस ने 3-4 जून की रात कमलेश बिंद को एनकाउंटर में मार गिराया था। याचिका के अनुसार इस एनकाउंटर पर कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने भी सवाल उठाया था। याचिका में एनकाउंटर की सीबीआई से जांच की मांग की गई है। अधिवक्ता के अनुसार याचिका पर अगले सप्ताह सुनवाई की उम्मीद है।
भिवानी जिले के तोशाम में 17 सितंबर को श्री श्याम मंदिर में आशीर्वाद का दीया कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसके अलावा सभी गांवों के धार्मिक स्थलों पर भी आशीर्वाद के दीये जलाए जाएंगे। एसडीएम संदीप कुमार ने बताया कि, सरकार के निर्देशानुसार, सेवा का संकल्प अभियान के तहत 17 सितंबर की शाम को सभी बूथों पर लाभार्थी परिवार भी 'आशीर्वाद का दीया' कार्यक्रम करेंगे। एसडीएम ने बुधवार को अपने कार्यालय में इस कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए। 17 सितंबर से शुरू होगा सेवा संकल्प अभियान एसडीएम ने कहा कि 'सेवा संकल्प अभियान' 17 सितंबर से शुरू होकर 17 अक्टूबर तक चलेगा। इस अभियान का मकसद सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं और सेवाओं को हर आम आदमी तक पहुंचाना है। यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 साल पूरे होने के मौके पर शुरू हो रहा है। इसके तहत उपमंडल की सभी गोशालाओं में यज्ञ किए जाएंगे और प्रमुख धार्मिक स्थलों पर भी दीए जलाए जाएंगे। अंत्योदय परिवारों की भी होगी भागीदारी इसके अलावा, अंत्योदय परिवारों की भागीदारी से भी आशीर्वाद के दीए जलाए जाएंगे। तोशाम विधानसभा क्षेत्र के सभी बूथों पर आशीर्वाद के दीए जलेंगे। इस दौरान विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थी और अंत्योदय परिवार भी इसमें हिस्सा लेंगे। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं और सेवाओं को आम लोगों तक पहुंचाना है। साथ ही, समाज के हर वर्ग को सेवा और राष्ट्र निर्माण की भावना से जोड़ना भी है। सेवा संकल्प अभियान के तहत होने वाले कार्यक्रम सेवा संकल्प अभियान के तहत निर्धारित 12 प्रमुख मॉड्यूल के माध्यम से विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें आशीर्वाद का दीया/रक्तदान, ‘मेरे सपनों का भारत-चित्र सेवा, ‘नमो सेवा-अनकही कहानियां’, ‘आंगन मिलन सेवा’, ‘सेवा की कहानी’, ‘सेवा ज्योति कलश यात्रा’, ‘सेवा मेरा योगदान’, ‘सेवा सेतु अभियान’, ‘सेवा के रंग-राष्ट्र के संग’, ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ तथा ‘सुशासन सेवा संवाद अभियान’, शामिल हैं, जिनमें विभिन्न प्रकार की गतिविधियां आयोजित होंगी। सेवा मेरा योगदान के तहत गावों में पंचायत विभाग द्वारा विशेष शिविरों का आयोजन किया जाएगा। इन शिविरों में नागरिकों को जरूरी सेवाएं देने के साथ-साथ स्वच्छता अभियान, रक्तदान शिविर, स्वास्थ्य शिविर, डिजिटल लिटरेसी, रोड़ सेफ्टी, वेस्ट मैनेजमेंट, साइबर क्राइम से बचाव आदि कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रमों के आयोजन का मुख्य उद्देश्य नागरिकों के घर द्वार पर जाकर सरकारी सेवाओं का लाभ देना है। पेटिंग और रंगोली प्रतियोगिता भी होगी अभियान के दौरान स्कूल, कॉलेज और आईटीआई आदि शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों को पेंटिंग, रंगोली आदि प्रतियोगिताएं आयोजित करवाई जाएंगी। इसी प्रकार से प्रत्येक आंगनवाडी केंद्रों पर भी कार्यक्रम आयोजित होंगे। सेवा संकल्प अभियान केवल कार्यक्रमों तक सीमित न रहकर जनसेवा, सुशासन और समाज के अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने का माध्यम बने। सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय से अभियान को प्रभावी एवं सफल बनाने के लिए कार्य करें। सभी विभाग समय रहते अपनी-अपनी कार्य योजना तैयार करें। प्रमुख स्थानों पर जलाए जाएंगे दीए उपमंडल के विभिन्न प्रमुख स्थानों पर आशीर्वाद के दीए जलाए जाएंगे। इनमें तोशाम सचिवालय के अलावा अन्य सरकारी कार्यालयों, सीएचसी कैरू, महिला महाविद्याल कैरू, तोशाम झील, महिला महाविद्यालय तोशाम, बस स्टैंड तोशाम, चौ.सुरेंद्र सिंह स्टेडियम तोशाम में आशीर्वाद के दीए जलाने के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसी प्रकार प्रमुख विभिन्न धार्मिक स्थलों पर बाबा मुंगीपा मंदिर तोशाम व अन्य मंदिरों में आशीर्वाद का दीया कार्यक्रम आयोजित होगा। इसके अलावा गांवों के अमृत सरोवर, ग्राम सचिवालय, ई-लाइब्रेरी, व्यायामशाला तथा सामुदायिक केंद्रों पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस दौरान सरकारी की योजनाओं का लाभ ले चुके लोगों की कहानियों को भी प्रचार-प्रसार के माध्यम से आमजन तक पहुंचाया जाएगा ताकि अन्य पात्र लोग भी योजनाओं का लाभ उठा सकें। बैठक में नायब तहसीलदार अशोक कुमार, खंड शिक्षा अधिकारी विजय कुमार, एसईपीओ अजय कुमार, एसडीओ पंचयती राज देवेंद्र सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
बड़वानी जिले में बुधवार को दो अलग-अलग घटनाओं में दो लोग फंदे पर लटके मिले। इनमें से एक घटना बड़वानी शहर में हुई, जबकि दूसरी पाटी क्षेत्र में सामने आई। पुलिस ने दोनों मामलों में रिपोर्ट दर्ज कर पोस्टमार्टम कराया है और मौत के कारणों की जांच कर रही है। फिलहाल किसी भी मामले में आत्महत्या की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस को बुधवार रात बड़वानी शहर में एक घटना की जानकारी मिली कोतवाली थाना प्रभारी बलजीत सिंह बिसेन ने बताया कि बुधवार रात पुलिस को सूचना मिली थी। इसमें बताया गया कि बड़वानी अजय शर्मा (52) अपने घर पर फंदे पर लटके मिले। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जरूरी कार्रवाई की। मामले में मर्ग दर्ज कर गुरुवार को शव का पोस्टमार्टम कराया गया। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। पाटी में भी एक युवक के फंदे से लटकने की जानकारी मिली पाटी क्षेत्र में नर्मदा ग्रामीण बैंक के सहायक प्रबंधक संस्कार व्यास (25) भी फंदे पर लटके मिले। थाना प्रभारी के मुताबिक, संस्कार व्यास मूल रूप से रतलाम के रहने वाले थे। वे पाटी क्षेत्र में नर्मदा ग्रामीण बैंक में सहायक प्रबंधक के तौर पर तैनात थे। बुधवार सुबह संस्कार व्यास बैंक नहीं पहुंचे। बैंक की चाबियां उनके पास थीं, इसलिए बैंक मैनेजर ने उनसे संपर्क करने की कोशिश की। जब बात नहीं हो पाई, तो बैंक के दूसरे कर्मचारी उनके घर पहुंचे। वहां दरवाजा अंदर से बंद मिला। कर्मचारियों ने खिड़की से अंदर देखा तो संस्कार व्यास फांसी पर लटके हुए दिखाई दिए। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट-पुलिस जांच के बाद मौत के कारणों का पता लगेगा पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जरूरी कार्रवाई की और मामले में रिपोर्ट दर्ज की। पुलिस घटना से जुड़े सभी बिंदुओं की जांच कर रही है। दोनों मामलों में अभी मौत की वजह साफ नहीं है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही घटनाओं के असली हालात का पता चल पाएगा।
सुल्तानपुर में भीम आर्मी भारत एकता मिशन और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) ने बुधवार को संयुक्त प्रदर्शन किया। दोपहर करीब 2 बजे प्रदर्शनकारी कलेक्ट्रेट परिसर में जाने लगे तो पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इसके बाद सभी तिकोनिया पार्क में जमा हुए, जहां तहसीलदार अभिनव सिंह को राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा गया। जिला संयोजक शिवम कुमार जोशवा के नेतृत्व में डीएम के माध्यम से दिए गए ज्ञापन में जनहित, सामाजिक न्याय और कानून-व्यवस्था से जुड़े विभिन्न मामलों में जल्द कार्रवाई की मांग की गई। गोंडा और अयोध्या में हत्याओं का जिक्र ज्ञापन में गोंडा और अयोध्या की घटनाओं का उल्लेख किया गया। इसमें गोंडा में विनोद साहनी और रमेश कोरी तथा अयोध्या में राम लगन मौर्या की हत्या का जिक्र करते हुए संबंधित मामलों में कार्रवाई की मांग की गई। चंद्रशेखर आजाद के काफिले पर पथराव की जांच की मांग ज्ञापन में कहा गया कि 13 सितंबर को भीम आर्मी प्रमुख और नगीना सांसद एडवोकेट चंद्रशेखर आजाद के काफिले को बाराबंकी के रामनगर क्षेत्र स्थित बुढ़वल में रोका गया था। इस दौरान काफिले पर पथराव भी हुआ था। संगठन ने मामले की निष्पक्ष जांच, सीसीटीवी फुटेज की पड़ताल और दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। साथ ही सांसद चंद्रशेखर आजाद की सुरक्षा बढ़ाने की अपील की गई। पंचायत सहायकों और शिक्षक भर्ती का मुद्दा उठाया ज्ञापन में लखनऊ के इको गार्डन में धरना दे रहे पंचायत सहायकों की समस्याओं और मांगों का जल्द समाधान करने की अपील की गई। संगठन ने उनके पक्ष में सकारात्मक फैसला लेने का अनुरोध किया। इसके अलावा 68500 शिक्षक भर्ती में आरक्षण से जुड़े कथित घोटाले से प्रभावित पिछड़ा वर्ग और अन्य अभ्यर्थियों को न्याय दिलाने की मांग की गई। ज्ञापन में आयोग के निर्देशों के अनुसार आरक्षण का पालन सुनिश्चित कराने की बात कही गई। धार्मिक स्थलों पर कार्रवाई में निष्पक्षता की मांग संगठन ने सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद और मुरादाबाद की मुस्तफा मस्जिद समेत अन्य धार्मिक स्थलों पर हुई कार्रवाई का भी उल्लेख किया। ज्ञापन में इन मामलों में बिना भेदभाव के कानून के अनुसार पारदर्शी प्रक्रिया अपनाने की मांग की गई। भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी ने सभी मुद्दों को जनहित और संवैधानिक अधिकारों से जुड़ा बताते हुए प्रशासन से जल्द संज्ञान लेने और समयबद्ध समाधान के निर्देश जारी करने का अनुरोध किया।
नरसिंहपुर जिले के आमगांव बड़ा की एक महिला ने बुधवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर ससुराल पक्ष के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। महिला ने अपने पति समेत पांच लोगों पर दहेज के लिए परेशान करने, मारपीट, गालीगलौज और जान से मारने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। उसने पुलिस अधीक्षक से मामले की जांच कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। शिकायतकर्ता आरती प्रजापति ने बताया कि उनकी शादी 19 जून 2020 को मंडीदीप निवासी सुशील कामलिया से हुई थी। उनका एक दो साल का बेटा शिवांश भी है। आरती का आरोप है कि शादी के बाद से ही ससुराल वाले दहेज के लिए उन्हें परेशान करने लगे। आए दिन उनके साथ मारपीट और गालीगलौज की जाती थी। मायके वालों को बताने पर जान से मारने की धमकी भी दी जाती थी। सास-ननद भड़का रहे महिला ने यह भी आरोप लगाया कि सास, ननद और परिवार के दूसरे लोग उनके पति को उनके खिलाफ भड़काते थे। इसके बाद पति उनके साथ मारपीट करता था। 26 मई 2024 को पति ने आरती की गर्दन पकड़कर उन्हें गैस चूल्हे पर पटक दिया था। उस समय पड़ोसी गोपाल ने बीच-बचाव कर उनकी जान बचाई। इसके बाद भी उनके साथ मारपीट की गई। इसके बाद 7 जून 2024 को भी एक विवाद के दौरान पति चाकू लेकर उन्हें मारने दौड़ा और मारपीट की। महिला ने मायके में फोन कर इसकी जानकारी दी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और उन्हें थाने ले गई। बाद में उनका भाई उन्हें बच्चे सहित आमगांव बड़ा ले आया। दोबारा सुसराल गई थी शिकायत में यह भी बताया गया कि समझौते के बाद आरती दोबारा ससुराल में रहने लगीं, लेकिन कथित तौर पर प्रताड़ना जारी रही। 22 जुलाई 2026 को घर में कथा के आयोजन को लेकर विवाद हुआ। इस दौरान पति ने उनके साथ गालीगलौज और मारपीट की। अगले दिन 23 जुलाई की सुबह करीब 7:15 बजे पति ने उनकी गर्दन पकड़कर जान से मारने की कोशिश की। महिला ने बताया कि इस घटना की शिकायत एनसीआर के जरिए भी दर्ज कराई गई है। उन्होंने एसपी से मामले की जांच कर उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
सीकर में नगर परिषद सभापति पद के लिए कांग्रेस और भाजपा में नामांकन करने वाली दोनों महिलाओं के नाम पहले से तय थे। कांग्रेस की खतीजा बानो के लिए सीकर विधायक राजेंद्र पारीक ने नाम सजेस्ट किया था। वहीं भाजपा प्रत्याशी कंचन खडोलिया को टिकट देने और सभापति के नाम के लिए नामांकन में पूर्व विधायक रतनलाल जलधारी की चली। सीकर में सभापति पद के लिए कांग्रेस से खतीजा बानो और भाजपा से कंचन खडोलिया ने बुधवार को नामांकन किया। सीकर में कांग्रेस के पास बहुमत से ज्यादा आंकड़ा है। वहीं अब भाजपा भी जोड़-तोड़ की राजनीति में लग चुकी है। मेयर प्रत्याशियों की प्रोफाइल खतीजा बानो 1422 वोटों से जीतीं, चौथी बार बनीं पार्षद खतीजा बानो इस बार चौथी बार पार्षद बनी हैं। इस बार सीकर में सभापति की सीट अनारक्षित महिला के लिए रिजर्व थी। ऐसे में इस पद के लिए पहले से ही इनका नाम तय हो चुका था। वार्ड 16 से इन्होंने चुनाव लड़ा, जिसमें 1422 वोटों से इन्होंने जीत हासिल की। चुनाव में कांग्रेस ने 65 सीटों में 38 सीटों पर जीत हासिल कर ली। जो बहुमत का आंकड़ा 33 से 5 ज्यादा है। चुनाव परिणाम आने के बाद सीकर विधायक राजेंद्र पारीक ने जीते हुए सभी पार्षदों से वन-टू-वन बातचीत की। सभी ने खतीजा बानो का ही नाम सजेस्ट किया। विधायक पारीक ने इस बारे में प्रदेश नेतृत्व को बताया। प्रदेश नेतृत्व ने यह डिसीजन विधायक पारीक के जिम्मे ही छोड़ दिया। इसके बाद खतीजा बानो से नामांकन भरवाया गया। खतीजा बानो को प्रत्याशी घोषित करने में सीकर विधायक राजेंद्र पारीक की ही चली। टिकटों का वितरण भी राजेंद्र पारीक ने ही किया था। ऐसे में सभापति प्रत्याशी फाइनल करने में भी प्रदेश नेतृत्व का कोई इंटरफेयर नहीं रहा। कंचन खडोलिया पहली बार बनीं पार्षद भारतीय जनता पार्टी ने कंचन खडोलिया को सभापति पद के लिए प्रत्याशी बनाया है। कंचन ने इस बार पहली बार चुनाव लड़ा, जिसमें उन्होंने 847 वोटों के बड़े अंतर से जीत हासिल की। इनका परिवार भारतीय जनता पार्टी का परंपरागत वोटर है। पति मुकेश करीब 15 साल से बूथ मैनेजमेंट का काम देखते आ रहे हैं। कंचन को टिकट देने में पूर्व विधायक रतनलाल जलधारी की चली। वहीं अब सभापति पद का प्रत्याशी बनाने में भी रतनलाल जलधारी की चली। सभापति पद के लिए इनका नाम भी पहले से ही फाइनल था। सीकर में क्रॉस वोटिंग की संभावना होना बेहद कम सीकर नगर परिषद में कुल 65 वार्ड हैं। यहां बहुमत का आंकड़ा 33 है। कांग्रेस के पास वर्तमान में 38 सीट हैं, जबकि भाजपा के पास 22, चार निर्दलीय और एक राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी की सीट है। यदि बीजेपी निर्दलीय और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी को अपने साथ लेती है तो भी उनके पास केवल 27 सीट होगी। जो बहुमत के आंकड़े से 6 कम है। वहीं कांग्रेस का बोर्ड बनना कंफर्म है। ऐसे में क्रॉस वोटिंग होने की संभावना बेहद कम है। ……….. यह खबर भी पढ़ें : सीकर में कांग्रेस से खतीजा बानो, बीजेपी से कंचन दावेदार:नामांकन के बाद फिर बाड़ाबंदी में गए पार्षद; जिले में भाजपा के चेयरमैन प्रत्याशी घोषित सीकर नगर परिषद के सभापति पद के लिए बीजेपी-कांग्रेस से 1-1 नामांकन भरा गया है। कांग्रेस ने वार्ड 16 से पार्षद खतीजा बानो को अपना उम्मीदवार बनाया है। खतीजा बानो पूर्व सभापति जीवण खां की पत्नी हैं।(पूरी खबर पढ़ें)
जेन जी और जेन अल्फा ने उड़ाई बिहार पुलिस की नींद, स्कूल की समस्याओं पर तुरंत कार्रवाई के आदेश
बिहार में जेन जी और जेन अल्फा ने पुलिस महकमे की नींद उड़ा दी है। खासकर स्कूली बच्चे मिड डे मील समेत अन्य समस्याओं को लेकर सोशल मीडिया से सड़क और थाने तक हंगामा करने लगे हैं। डीईओ को इन शिकायतों पर तुरंत ऐक्शन लेने का आदेश दिया गया है।
फतेहपुर में जमीन विवाद में दो पक्षों में मारपीट:कई राउंड फायरिंग का भी आरोप, भगदड़ में 4 लोग घायल
फतेहपुर के थरियांव थाना क्षेत्र में बुधवार को हाईवे किनारे 5 बीघा जमीन को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया। यह घटना हंसवा चौकी के पास हुई। आरोप है कि एक भाजपा नेता के लोगों ने वीरेंद्र सिंह और बगल दूसरी जमीन के मालिक अजय राज सिंह उर्फ अंशु पर फायरिंग की। हवाई फायरिंग से इलाके में डर फैल गया। मारपीट और भगदड़ में 4 लोग घायल हो गए। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। दोनों पक्षों के बीच जमीनी विवाद का मामला न्यायालय में विचाराधीन है। घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने थरियांव थाने का घेराव किया और पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। सूचना मिलते ही मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। हंसवा निवासी वीरेंद्र सिंह ने बताया कि उनकी पैतृक जमीन पर भाजपा नेता अपने एक दर्जन लोगों के साथ पहुंचे। उन्होंने गाली-गलौज करते हुए उन पर फायरिंग की और कहा कि जमीन छोड़कर चले जाओ, यह मेरी है। मौके पर पहुंचे सीओ दुर्गेश दीप ने बताया कि मामले की जांच चल रही है और आरोपियों को छोड़ा नहीं जाएगा। फिलहाल इलाके में तनाव बना हुआ है और पुलिस स्थिति पर नजर रखे हुए है।
पंजाब में गहराते बिजली संकट और लंबे अघोषित कटों के विरोध में शिरोमणि अकाली दल ने बुधवार, 16 सितंबर को अबोहर में एसडीएम कार्यालय के बाहर जोरदार रोष प्रदर्शन किया। जिला प्रधान बॉबी मान की अगुवाई में एकत्र हुए पार्टी कार्यकर्ताओं ने पंजाब सरकार और पावरकॉम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। अकाली दल ने स्पष्ट किया कि लंबे बिजली कटों के कारण राज्य के घरेलू उपभोक्ता, किसान, व्यापारी और उद्योगपति पूरी तरह से त्रस्त हो चुके हैं। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए अबोहर हल्का इंचार्ज हरबिंदर सिंह हैरी संधू ने कहा कि त्योहारी सीजन की शुरुआत में ही लंबे कट लगने से व्यापारियों और उद्योगपतियों की मुश्किलें बेहद बढ़ गई हैं। उन्होंने कहा कि बिजली की अनियमित आपूर्ति के कारण कारखानों का उत्पादन प्रभावित हो रहा है और आम लोगों का रोजमर्रा का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। वरिष्ठ नेता कौर सिंह बहाववाला और गुरलाल सिंह दानेवालिया ने भी राज्य सरकार की बिजली व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए। बिजली मंत्री के दावों को बताया हकीकत से दूर जिला प्रधान बॉबी मान ने पंजाब सरकार के उन दावों को खारिज कर दिया जिसमें राज्य में पर्याप्त बिजली होने की बात कही जा रही है। उन्होंने कहा कि हाल ही में पंजाब के बिजली मंत्री तरुणप्रीत सिंह सोंद ने 17,281 मेगावाट की रिकॉर्ड मांग पूरी करने और बिजली की कमी न होने का दावा किया था, लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। शहरों और ग्रामीण इलाकों में कई-कई घंटों की कटौती से जनता परेशान है। मांगें न पूरी होने पर मुख्यमंत्री आवास के घेराव का ऐलान धरने में बल्लुआना हल्का इंचार्ज विनोद मेघ, कई सर्कल प्रधानों और सैकड़ों पार्टी कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। अकाली नेताओं ने राज्य सरकार को चेतावनी दी कि यदि जल्द ही अघोषित बिजली कटौती बंद नहीं की गई और बिजली आपूर्ति व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो पार्टी अपने आंदोलन को और अधिक उग्र करेगी। उन्होंने ऐलान किया कि आने वाले दिनों में आम आदमी पार्टी सरकार के खिलाफ चरणबद्ध संघर्ष तेज करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान की रिहाइश का घेराव किया जाएगा।
बाबूगढ़ क्षेत्र के मोहम्मदपुर आजमपुर गांव में गौरव त्यागी हत्याकांड के सात आरोपियों के परिजन बुधवार को एसपी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने गांव के कुछ लोगों पर दबंगई दिखाने, परिवार को परेशान करने और डराने-धमकाने का आरोप लगाया। परिजनों ने पुलिस-प्रशासन से सुरक्षा और घटनाओं की निष्पक्ष जांच की मांग की है। परिजनों का आरोप है कि गौरव हत्याकांड के नामजद आरोपी जेल में बंद हैं। इसके बावजूद उनके परिवार की महिलाओं और अन्य सदस्यों को गांव के कुछ लोग परेशान कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इसी दौरान गांव के जंगल में रखे भूसे के बोंगे में आग लगा दी गई, जिससे उनकी संपत्ति जलकर राख हो गई। इसके अलावा, खेत पर बने ट्यूबवेल के कमरे में तोड़फोड़ करने और समरसिबल को नुकसान पहुंचाने का भी आरोप लगाया गया है। आरोपियों के परिवार की ऊषा, आदेश और सोनम ने कहा कि इन घटनाओं से परिवार में डर का माहौल है। उन्होंने आरोप लगाया कि जानबूझकर दबाव बनाने और डर पैदा करने की कोशिश की जा रही है। परिजनों ने आगजनी और तोड़फोड़ की जांच कर दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की। उन्होंने परिवार की महिलाओं और संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ गांव में पुलिस गश्त बढ़ाने की भी अपील की। 7 आरोपी जेल भेजे गए गौरव त्यागी की हत्या 18 अगस्त को हुई थी। मोहम्मदपुर आजमपुर निवासी गौरव उस दिन बाइक से हापुड़ आ रहे थे। आरोप है कि रास्ते में कुछ लोगों ने उन्हें घेर लिया और लाठी-डंडों व हथौड़े से हमला किया। गंभीर रूप से घायल गौरव की बाद में मौत हो गई थी। इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गौरव के कूल्हे और रीढ़ की हड्डी पर गंभीर चोटों के साथ ज्यादा खून बहने की पुष्टि हुई थी। मामले में सात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। कुलदीप, प्रदीप, अमित, जसवंत, राजवीर, जयपाल और अनुज उर्फ गोल्डी को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
अजमेर जिले के 9 निकायों में अध्यक्ष पद के लिए नामांकन आज दाखिल किए गए। सभी जगह कांग्रेस और भाजपा ने अपने प्रत्याशी उतारे। अब सीधा मुकाबला होगा। अजमेर, किशनगढ़, नसीराबाद, पीसांगन, केकड़ी में निर्दलीयों की भूमिका अहम रहेंगी। वहीं पुष्कर, सरवाड़ व टांटोटी में भाजपा को बहुमत है। वोटिंग 21 सितम्बर को होगी। अजमेर नगर निगम - कुल दो नामांकन किशनगढ़ नगर परिषद - कुल दो नामांकन पुष्कर नगर परिषद - कुल दो नामांकन केकड़ी नगर पालिका - कुल 4 नामांकन सरवाड़ नगर पालिका- कुल दो नामांकन टांटोटी नगर पालिका- कुल दो नामांकन नसीराबाद नगर पालिका - कुल दो नामांकन सावर नगर पालिका - कुल दो नामांकन पीसांगन नगर पालिका - कुल दो नामांकन ……….. पढें ये खबर भी… कांग्रेस ने दोहराया भाजपा का इतिहास, उतारा OBC प्रत्याशी:प्रदेश हाईकमान ने किरण गढ़वाल का नाम फाइनल किया; अनामिका शर्मा पर बीजेपी में बनी सहमति नगर निगम अजमेर के मेयर प्रत्याशी के नाम पर बीजेपी-कांग्रेस ने नामांकन के आखिरी दिन फैसला लिया। भाजपा ने सुबह 6 बजे अनामिका शर्मा को प्रत्याशी बनाने का निर्णय ले लिया था। वहीं कांग्रेस पार्षद किसी एक नाम पर एक राय नहीं हुए। इसके बाद कांग्रेस ने सभी महिलाओं के नाम प्रदेश स्तर पर भेजे और आखिरकार किरण गढ़वाल के नाम पर मुहर लगी। कांग्रेस ने भाजपा के पिछले कार्यकाल के दौरान लिए गए निर्णय को दोहरा दिया है। मेयर का अनारक्षित पद होने के बावजूद बहुमत हासिल करने वाली भाजपा ने ओबीसी वर्ग से धर्मेन्द्र गहलोत को मेयर बनाया। पूरी खबर पढें
बहादुरगढ़ में धारदार हथियार से वार कर एक युवक की हत्या किए जाने का मामला सामने आया है। मृतक का शव बालौर गांव स्थित सरकारी स्कूल के मुख्य प्रवेश गेट के पास प्याऊ के कमरे में मिला। मृतक की पहचान सौलधा गांव निवासी नीरज के रूप में हुई है। उसके छाती और हाथ पर धारदार हथियार से वार के कई निशान मिले हैं। जिस सरकारी स्कूल में शव मिला है, वह बहादुरगढ़ कोर्ट और लघु सचिवालय के पास स्थित है। नीरज गांव में खेती-बाड़ी का काम करता था। परिजनों के अनुसार, वह मंगलवार शाम घर से निकला था, लेकिन इसके बाद वापस नहीं लौटा। बुधवार सुबह पुलिस ने परिजनों को नीरज का शव मिलने की सूचना दी। जानकारी मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे। पुराने झगड़े को लेकर जताया हत्या का शक मृतक के भाई हकीकत, जो दिल्ली की अदालत में काम करते हैं, ने गांव के ही गौरव और उसके साथियों पर हत्या का शक जताया है। परिजनों के अनुसार, नीरज का गौरव और उसके साथियों के साथ पहले झगड़ा हुआ था। इस दौरान गौरव के पैर में भी चोट लगने की बात सामने आई है। बताया गया है कि गौरव के पिता ने नीरज के घर पहुंचकर परिवार को झगड़े की जानकारी दी थी। एफएसएल टीम ने जुटाए साक्ष्य घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। एफएसएल टीम को भी मौके पर बुलाया गया, जिसने घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने की कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस हत्या के कारणों और वारदात में शामिल लोगों का पता लगाने के लिए सभी पहलुओं से जांच कर रही है। सदर थाना एसएचओ मनोज कुमार ने बताया कि पुलिस मामले की सभी पहलुओं से जांच कर रही है। जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा।

