पुरानी यादगार फिल्मों से AI सिनेमा तक... बच्चों को नई दुनिया से रूबरू कराएगा JFF
जागरण फिल्म फेस्टिवल बच्चों और किशोरों के लिए पुराने सिनेमा की यादों के साथ एआई फिल्ममेकिंग वर्कशॉप और कलाकारों से बातचीत का खास मौका लेकर आया है।
Ram Mandir CEO: राम मंदिर के सीईओ पद के लिए चल रहे साक्षात्कार पूरे हो गए है। सर्च कमेटी जल्द ही तीन नामों का पैनल राम मंदिर ट्रस्ट को सौंप देगी।
साइबर ठग ने मैट्रिमोनियल पोर्टल पर शिकार फंसाने के लिए दाना डालना शुरू कर दिया है। सिविल सर्विसेज की तैयारी कर रही कल्याणपुर निवासी युवती एक ऐसे ही जाल में फंस गई।
Weather in UP: यूपी में मानसून एक बार फिर से सक्रिय होने जा रहा है।
तेल से लेकर UPI तक... भारत पर अमेरिकी दबाव के खिलाफ एसजेएम ने क्यों उठाए सवाल?
अमेरिकी टैरिफ धमकी पर स्वदेशी जागरण मंच ने कड़ा विरोध जताया है, इसे एकतरफा दबाव बताया और अमेरिकी कंपनियों के बहिष्कार का आह्वान किया है।
UP News Today Live: उत्तर प्रदेश ब्रेकिंग न्यूज़, पढ़ें 13 अगस्त के मुख्य और ताजा समाचार
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दिल्ली में अमित शाह से मिले रवि किशन:गोरखपुर के विकास और Gen Z की आकांक्षाओं पर मंथन
गोरखपुर के सांसद रवि किशन ने बुधवार को संसद भवन स्थित कार्यालय में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच गोरखपुर के विकास, सहकारिता क्षेत्र और युवाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। इसके साथ ही रवि किशन ने Gen Z समेत नई पीढ़ी की आकांक्षाओं, रोजगार और भविष्य के अवसरों को लेकर सार्थक चर्चा की। सांसद रवि किशन ने सहकारिता के क्षेत्र में केंद्र सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयासों के लिए गोरखपुर की जनता की ओर से आभार भी जताया। सहकारिता के क्षेत्र में सरकार के प्रयासों की सराहना मुलाकात के दौरान रवि किशन ने कहा कि केंद्र सरकार सहकारिता के क्षेत्र को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है। इन प्रयासों से किसानों, ग्रामीणों और आम लोगों को लाभ पहुंचाने की दिशा में सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि सहकारिता के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और किसानों को अधिक अवसर देने की दिशा में सरकार की ओर से कई कदम उठाए जा रहे हैं। सांसद ने इन प्रयासों के लिए अमित शाह के प्रति आभार जताया। गोरखपुर के विकास पर भी हुई चर्चा अमित शाह से मुलाकात के दौरान गोरखपुर के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर भी चर्चा हुई। सांसद रवि किशन ने कहा कि गोरखपुर में विकास कार्यों को लगातार आगे बढ़ाया जा रहा है और जनता की जरूरतों के अनुसार नए अवसर तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने गोरखपुर के विकास और क्षेत्र की जनता की अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए आगे भी लगातार प्रयास जारी रखने की बात कही। युवाओं की आकांक्षाओं पर हुआ विचार-विमर्श मुलाकात में युवाओं से जुड़े मुद्दे भी प्रमुखता से उठे। सांसद ने बताया कि Gen Z समेत नई पीढ़ी की आकांक्षाओं, रोजगार और भविष्य के अवसरों को लेकर सार्थक चर्चा हुई। बदलते भारत में युवाओं की भूमिका और उन्हें आगे बढ़ने के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराने को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया। युवाओं की ऊर्जा और प्रतिभा का उपयोग देश के विकास में किस तरह किया जा सकता है, इस पर भी चर्चा हुई। आगामी चुनाव को लेकर मिला मार्गदर्शन सांसद रवि किशन ने बताया कि मुलाकात के दौरान आगामी चुनाव को लेकर भी अमित शाह से मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा कि पार्टी और क्षेत्र से जुड़े विषयों को लेकर केंद्रीय नेतृत्व से मिले मार्गदर्शन के आधार पर आगे काम किया जाएगा। जनता की अपेक्षाओं को पूरा करने का संकल्प रवि किशन ने कहा कि गोरखपुर की जनता ने उन्हें जो जिम्मेदारी दी है, उसे पूरी निष्ठा के साथ निभाने का प्रयास जारी रहेगा। गोरखपुर के विकास को और गति देने तथा जनता की अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए लगातार काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए नए अवसर पैदा करना और क्षेत्र के विकास को आगे बढ़ाना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है।
टेनिस बॉल की चोट से फूल गई हाथ की नस:ग्राफ्ट नली लगाकर बचाया हाथ, SN में हुआ किशोर का जटिल ऑपरेशन
आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में 15 वर्षीय किशोर की कॉलर बोन के पास प्रमुख रक्तवाहिनी में बने बड़े एन्यूरिज्म की जटिल सर्जरी सफलतापूर्वक की गई। किशोर को करीब डेढ़ साल पहले टेनिस बॉल से चोट लगी थी। इसके बाद करीब एक साल से दाहिने कंधे के नीचे दर्द और सूजन की समस्या थी। सीटी एंजियोग्राफी में रक्तवाहिनी के फटने के साथ उसमें असामान्य फैलाव मिला। 8 अगस्त को सीटीवीएस विभाग की टीम ने क्षतिग्रस्त हिस्से को हटाकर कृत्रिम नली (ग्राफ्ट) लगाई। अब किशोर की हालत स्थिर है और जल्द छुट्टी दी जाएगी। एसएन मेडिकल कॉलेज के सीटीवीएस विभाग में कक्षा 9 के छात्र नीतीश की जांच में दाहिनी कॉलर बोन के पास सबक्लेवियन और एक्सिलरी धमनी में डिसेक्शन के साथ बड़ा एन्यूरिज्म पाया गया। करीब डेढ़ महीने पहले किशोर ने दूसरे अस्पताल में भी उपचार कराया था, लेकिन राहत नहीं मिली। इसके बाद उसे एसएन मेडिकल कॉलेज में सीटीवीएस विभाग के डॉ. सुशील सिंघल के पास रेफर किया गया। सीटी एंजियोग्राफी में रक्तवाहिनी की दीवार में क्षति और असामान्य फैलाव की पुष्टि हुई। डॉक्टरों के अनुसार एन्यूरिज्म के फटने की स्थिति में यह जानलेवा हो सकता था। किशोर की कम उम्र और कॉलर बोन के पास रक्तवाहिनियों की जटिल स्थिति के कारण सर्जरी चुनौतीपूर्ण थी। 8 अगस्त को किया ऑपरेशन विशेषज्ञ टीम ने 8 अगस्त को सर्जरी कर क्षतिग्रस्त रक्तवाहिनी के हिस्से को हटाया और उसकी जगह कृत्रिम नली (ग्राफ्ट) लगाकर कॉलर बोन के पास की मुख्य धमनी से हाथ की धमनी तक जोड़ा। ऑपरेशन के दौरान हाथ की महत्वपूर्ण नसों के समूह ब्रैकियल प्लेक्सस को नुकसान से बचाने और एन्यूरिज्म को फटने से रोकने के लिए विशेष सावधानी बरती गई। डॉक्टरों के मुताबिक बच्चों और किशोरों में इस तरह का मामला बेहद दुर्लभ है। मामूली चोट के लंबे समय बाद प्रमुख रक्तवाहिनी में इस तरह की गंभीर समस्या का विकसित होना इस केस को और विशेष बनाता है। इन विशेषज्ञों की रही भूमिका सीटीवीएस विभाग के डॉ. सुशील सिंघल, डॉ. विमलेश यादव, शशि प्रजापति और पूरी सीटीवीएस टीम ने सर्जरी में भूमिका निभाई। रेडियोलॉजी टीम से डॉ. हरि सिंह और डॉ. निखिल शर्मा ने जांच व सर्जरी की योजना में सहयोग किया। एनेस्थीसिया टीम में डॉ. योगिता द्विवेदी, डॉ. दीपिका चौबे, डॉ. दीपक दनौरिया, डॉ. प्रभा, डॉ. मनीष, डॉ. वैभव, डॉ. शाहिद, डॉ. रजत और डॉ. सिमरन सहित पूरी टीम शामिल रही।एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य एवं डीन डॉ. प्रशांत गुप्ता ने कहा कि कॉलेज में जटिल और उन्नत सर्जरी सफलतापूर्वक की जा रही हैं। इससे मरीजों को इलाज के लिए बड़े शहरों में जाने की जरूरत नहीं पड़ रही है।
पेंच टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र (तोतलाडोह बांध) में चल रहे करोड़ों की कमाई के अवैध मछली कारोबार और संगठित माफिया के खिलाफ केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी (एनटीसीए) ने इस मामले में मप्र सरकार से जवाब तलब करते हुए तत्काल एक्शन टेकन रिपोर्ट तलब की है। गौरतलब है कि पेंच टाइगर रिजर्व के कोर एरिया में होने के कारण सुप्रीम कोर्ट ने पेंच नदी पर महाराष्ट्र की सीमा में बने तोतलादोह डैम से मछली पकड़ने की सभी गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा रखा है। इसके बावजूद मप्र की सीमा से प्रवेश कर संगठित मछली माफिया पिछले कई सालों से बेखौफ होकर मछलियों के शिकार में लिप्त है। NTCA ने एमपी से मांगी रिपोर्ट एनटीसीए ने मप्र के पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ (मुख्य वन्यजीव वार्डन) को लिखे पत्र में इस शिकायत की गंभीरता से जांच कराने और मछली माफिया के विरुद्ध ठोस कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही यह भी उल्लेख किया है कि मप्र सरकार की ओर से इन अवैध गतिविधियों को रोकने को लेकर पूर्व में उठाए गए कदम प्रभावी साबित नहीं हुए हैं। डायनामाइट से हो रहा शिकार इस मामले में छिंदवाड़ा निवासी कैप्टन ब्रजेश भारद्वाज ने पीएमओ को भेजी शिकायत में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं, जिसके बाद एनटीसीए ने मप्र सरकार से जवाब मांगा है। शिकायत के मुताबिक, मछली माफिया जलाशय में मछलियां पकड़ने के लिए पेंच नदी और तोतलादोह डैम में डायनामाइट जैसे खतरनाक विस्फोटकों का उपयोग करता है ताकि मछलियां मरकर ऊपर आ जाएं। सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि जब वन विभाग का गश्ती दल या विशेष बाघ सुरक्षा बल इन्हें रोकने की कोशिश करते हैं, तो उन पर भी फायर बम और बंदूकों से जानलेवा हमले किए जाते हैं। हाल ही में नागपुर उच्च न्यायालय ने भी अपने एक अंतरिम आदेश में वन कर्मियों की नावों को आग के हवाले किए जाने की घटना पर गंभीर चिंता जताई थी। इस हिंसक माहौल के कारण पेंच नदी के आसपास के संवेदनशील कोर क्षेत्रों में वन विभाग का स्थानीय अमला गश्ती करने में भी लाचार महसूस कर रहा है। सैकड़ों करोड़ का टर्नओवर और छिंदवाड़ा-सिवनी के रास्ते महाराष्ट्र सप्लाई शिकायत के मुताबिक, तोतलादोह डैम से मछली पकड़ने का यह अवैध कारोबार अब एक संगठित सिंडिकेट का रूप ले चुका है, जिसका वार्षिक टर्नओवर सैकड़ों करोड़ रुपये का हो चुका है। बफर जोन के गुमतरा, पुलपुलडोह, टेकारी और परासपानी जैसे दर्जनों गांवों से हर शाम सैकड़ों की संख्या में लोग पैदल ही कोर एरिया की दीवार फांदकर घुसपैठ करते हैं। रात भर अवैध शिकार करने के बाद सुबह 5 से 9 बजे के बीच इस माल को ठिकाने लगाया जाता है। अवैध रूप से पकड़ी गई ये मछलियां मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा और सिवनी जिलों के गुप्त रास्तों से होते हुए रात के अंधेरे में महाराष्ट्र के नागपुर, सावनेर और खापा जैसे बड़े बाजारों में बिकने भेजी जाती हैं। इस पूरे काले कारोबार को अंजाम देने के लिए टाटा 407, महिंद्रा पिकअप/बोलेरो और मारुति वैन जैसे वाहनों का धड़ल्ले से इस्तेमाल किया जा रहा है। वर्ष 2001 में 145 मछुआरा परिवारों को दिया जा चुका है पुनर्वास पैकेज ऐतिहासिक दस्तावेजों और सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार, पेंच नेशनल पार्क के अंतिम गठन से पहले यहां के स्थानीय लोगों के अधिकारों का पूरी तरह निपटारा किया जा चुका था। वर्ष 2001-02 में छिंदवाड़ा कलेक्टर के माध्यम से यहां के 145 पात्र मछुआरा परिवारों को विस्थापित और शिफ्ट किया गया था। इन सभी परिवारों के बीच पुनर्वास और मुआवजे के तौर पर कुल 72 लाख रुपये की राशि बांटी गई थी। इसके अलावा कई मछुआरों को वन विभाग में ही चौकीदार व गश्ती दल में शामिल कर रोजगार भी दिया गया था। इस पुनर्वास के बावजूद सुप्रीम कोर्ट के आदेशों को ठेंगा दिखाकर क्षेत्र में अवैध शिकार का यह खेल लगातार जारी है। जलीय जैव-विविधता और बाघों के संरक्षण को गंभीर खतरा तोतलादोह जलाशय केवल मछलियों का नहीं, बल्कि दुर्लभ मगरमच्छों, कछुओं और जलपक्षियों का भी प्राकृतिक शरणस्थल है। माफिया के गुर्गे अपनी नावों की आवाजाही का रास्ता साफ करने के लिए पानी के भीतर मौजूद उन सूखे पेड़ों को उखाड़ रहे हैं, जो प्रवासी पक्षियों के घोंसले बनाने के काम आते हैं। कोर क्षेत्र में इतनी भारी इंसानी दखलअंदाजी, प्लास्टिक कचरा और आग जलाने से राष्ट्रीय पशु बाघ के प्राकृतिक आवास को अपूरणीय क्षति पहुंच रही है। वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस सशस्त्र घुसपैठ को तुरंत नहीं रोका गया, तो इसकी आड़ में अंतरराष्ट्रीय शिकारी पेंच के बाघों को भी अपना निशाना बना सकते हैं। सीमाओं में बदलाव या प्रतिबंध हटाने से केंद्र का साफ इनकार यह मामला पहले में लोकसभा में भी उठ चुका है, जहां वन्यजीवों को नुकसान पहुंचाए बिना आदिवासियों के लिए मछली पकड़ने का एक सुरक्षित कॉरिडोर बनाने की मांग की गई थी। इस पर केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने संसद में स्पष्ट किया था कि वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के तहत नेशनल पार्क के कोर एरिया में किसी भी प्रकार की व्यावसायिक गतिविधि पूरी तरह प्रतिबंधित है। केंद्र सरकार ने साफ कर दिया था कि पेंच नेशनल पार्क की सीमाओं में किसी भी प्रकार का बदलाव करने या मछली पकड़ने पर लगा प्रतिबंध हटाने का कोई भी प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।
एटीएम से रुपये निकालने पहुंचे हैं... खाते से रकम कट गई, लेकिन कैश बाहर नहीं आया। ऐसे में एटीएम केबिन में रखा एक विजिटिंग कार्ड नजर आता था। उस पर एसबीआई का नाम और हेल्पलाइन नंबर लिखा था। ग्राहक बेफिक्र होकर नंबर मिलाता और दूसरी तरफ से खुद को बैंक अधिकारी बताने वाला शख्स उसे दूसरे एटीएम पर जाने की सलाह देता। ग्राहक जैसे ही वहां से निकलता, कुछ ही पलों में एटीएम की कैश ट्रे में फंसी रकम गायब हो जाती।सिविल लाइंस पुलिस ने इसी शातिर तरीके से एटीएम फ्रॉड करने वाले तोएफ खां उर्फ शोएब उर्फ मियां (23) को बृहस्पतिवार को गिरफ्तार किया है। प्रतापगढ़ के लीलापुर क्षेत्र का रहने वाला तोएफ 2025 में फतेहपुर के थरियांव में नौ लाख रुपये की लूट के मामले में वह तीन साथियों के साथ जेल जा चुका है। इस मामले में उस पर गैंगस्टर एक्ट भी लगा था। प्लास्टिक की दफ्ती थी पूरे खेल की ‘चाबी’पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह अर्टिगा कार से घूम-घूमकर एटीएम तलाशते थे। एटीएम में पहुंचकर रुपये निकलने वाली कैश ट्रे में एक खास आकार की प्लास्टिक की दफ्ती फंसा देते थे। इसके बाद ग्राहक के लिए मुश्किल शुरू होती और उनके लिए कमाई का रास्ता मिल जाता था।ग्राहक रकम निकालता तो खाते से पैसे कट जाते, लेकिन कैश ट्रे में फंसी दफ्ती के कारण नोट बाहर नहीं आते। ग्राहक को लगता कि मशीन में खराबी है। यहीं से आरोपी का अगला दांव शुरू होता था।एटीएम में छोड़ जाते थे ‘फर्जी हेल्पलाइन नंबर’आरोपी पहले ही एटीएम केबिन में ऐसे विजिटिंग कार्ड रख देते थे, जिन पर एसबीआई का नाम और फर्जी हेल्पलाइन नंबर लिखा होता था। ग्राहक परेशान होकर उसी नंबर पर फोन करता।फोन आरोपी का साथी उठाता और बैंक अधिकारी बनकर बात करता। वह ग्राहक को भरोसे में लेकर कहता कि दूसरे एटीएम पर जाए और वहां मौजूद गार्ड को साथ लेकर वापस आए।ग्राहक के जाते ही आरोपी एटीएम में पहुंचता, प्लास्टिक की दफ्ती निकालता और कैश ट्रे में फंसे रुपये लेकर फरार हो जाता था।रकम लेकर निकल जाते थे आरोपीइस पूरे खेल में सबसे खास बात यह थी कि ग्राहक को आखिरी क्षण तक यही लगता था कि वह बैंक की मदद लेने जा रहा है। वह गार्ड की तलाश में दूसरे एटीएम की तरफ निकलता और इधर आरोपी उसी एटीएम में लौटकर अपना काम पूरा कर देता।पुलिस के मुताबिक आरोपी ने पूछताछ में बताया कि इसी तरीके से उसने कुछ महीने पहले तेलंगाना में भी वारदात की थी।कैश ही नहीं, कार्ड भी निशाने परआरोपी और उसके साथी केवल एटीएम की कैश ट्रे में फंसी रकम नहीं उड़ाते थे। वे एटीएम कार्ड बदलकर भी ठगी करते थे। ग्राहक का कार्ड बदलने के बाद उसके खाते से जुड़े कार्ड का इस्तेमाल ऑनलाइन खरीदारी में किया जाता था।पूछताछ में आरोपी ने यह भी बताया कि उसे महंगे कपड़े और जूते पहनने का शौक है। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि उसने ठगी और चोरी से जुटाए पैसों से क्या-क्या खरीदा।28 कार्ड देखकर पुलिस भी हैरानसिविल लाइंस पुलिस ने 12 अगस्त की रात करीब 2:40 बजे बीएचएस के पीछे वाले गेट से 50 कदम आगे आरोपी को गिरफ्तार किया। उसके पास से अलग-अलग बैंकों के 28 एटीएम कार्ड मिले।इनमें एसबीआई के आठ, इंडियन बैंक के चार, बैंक ऑफ बड़ौदा के तीन और यूनियन बैंक के दो कार्ड समेत कई अन्य बैंकों के कार्ड शामिल हैं। इसके अलावा नौ फर्जी हेल्पलाइन नंबर वाले विजिटिंग कार्ड, तीन प्लास्टिक की दफ्तियां, दो मोबाइल फोन, प्लास और पेचकस भी बरामद हुए। वारदात में इस्तेमाल अर्टिगा कार भी पुलिस ने कब्जे में ले ली है।पुलिस अब खंगाल रही गैंग का नेटवर्कआरोपी की गिरफ्तारी थाना प्रभारी रामाश्रय यादव के नेतृत्व में सिविल लाइंस पुलिस टीम ने की। पुलिस अब उसके साथियों की तलाश के साथ ही यह पता लगाने में जुटी है कि प्रयागराज और दूसरे राज्यों में इस गिरोह ने कितने एटीएम को निशाना बनाया। यह भी बात सामने आई है कि आरोपी और उसके साथियों ने कुछ दिन पहले तेलंगाना में भी ऐसी ही वारदात अंजाम दी थी।
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) ने राजकीय इंटर कॉलेजों (GIC) में सहायक अध्यापक (कंप्यूटर) मुख्य परीक्षा की तिथि घोषित कर दी है। आयोग ने इस परीक्षा के लिए अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र भी अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर जारी कर दिए हैं। यह परीक्षा 16 अगस्त को लखनऊ में आयोजित की जाएगी। परीक्षा का समय सुबह 09:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक निर्धारित किया गया है। अभ्यर्थी अपने ओटीआर (OTR) नंबर का उपयोग करके वेबसाइट https://uppsc.up.nic.in से प्रवेश पत्र और आवश्यक निर्देश डाउनलोड कर सकते हैं। आयोग के सचिव गिरिजेश कुमार त्यागी ने बताया कि अभ्यर्थियों को प्रवेश पत्र में अंकित परीक्षा केंद्र पर निर्धारित तिथि और समय पर उपस्थित होना होगा। उन्हें अपने साथ दो पासपोर्ट साइज फोटो, मूल आईडी प्रूफ और उसकी एक फोटोकॉपी लाना अनिवार्य है। आईडी प्रूफ की एक फोटोकॉपी कक्ष निरीक्षक को भी जमा करनी होगी। परीक्षा केंद्र में प्रवेश को लेकर समय-सीमा का कड़ाई से पालन किया जाएगा। अभ्यर्थियों को परीक्षा शुरू होने से 01 घंटा 30 मिनट पहले प्रवेश दिया जाएगा। परीक्षा प्रारंभ होने से 45 मिनट पहले प्रवेश द्वार पूरी तरह बंद कर दिए जाएंगे। परीक्षा में पारदर्शिता और शुचिता बनाए रखने के लिए उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम, 2024 प्रभावी है। यह अधिनियम परीक्षा में अनुचित साधनों के प्रयोग, नकल करने या कराने, प्रश्नपत्र का प्रतिरूपण करने या उसे लीक करने की साजिश रचने जैसे कृत्यों को गंभीर अपराध मानता है। इस अधिनियम के तहत दोषी पाए जाने पर एक करोड़ रुपये तक का जुर्माना और आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान किया गया है।
हाईकोर्ट संविदा शिक्षिका को हटाने पर सख्त:15 साल से अधिक सेवा वालों के नियमितीकरण की क्या है योजना?
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने संविदा पर कार्यरत शिक्षकों के नियमितीकरण के मुद्दे पर राज्य सरकार से जवाब मांगा है। न्यायालय ने पूछा है कि 15 साल या उससे अधिक समय से संविदा पर काम कर रहे शिक्षकों के नियमितीकरण के लिए कोई नीति या योजना बनाई गई है या नहीं। न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की एकल पीठ ने यह आदेश अमेठी के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय की संविदा शिक्षिका अर्चना बूध की याचिका पर दिया। कोर्ट ने अर्चना की संविदा का नवीनीकरण न करने संबंधी 16 जून 2026 के विभागीय आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है और उन्हें फिलहाल सेवा जारी रखने की अनुमति दी है। याची की ओर से अधिवक्ता सक्षम अग्रवाल ने न्यायालय को बताया कि अर्चना बूध 16 जनवरी 2010 से विद्यालय में संविदा शिक्षिका के तौर पर कार्यरत हैं। लगभग 16 वर्षों से उनकी संविदा का लगातार नवीनीकरण किया जा रहा था, लेकिन जून 2026 में विभाग ने उनका नवीनीकरण रोक दिया। अधिवक्ता ने दलील दी कि याची अब 39 वर्ष की हो चुकी हैं और किसी अन्य विद्यालय में नए सिरे से आवेदन करने के लिए पात्र नहीं हैं। इतने लंबे समय तक सेवा देने के बाद उन्हें अचानक सेवा से हटाना उनके लिए गंभीर समस्या उत्पन्न करेगा। न्यायालय ने मामले पर टिप्पणी करते हुए कहा कि शिक्षक को राष्ट्र निर्माता के रूप में सम्मान दिया जाता है, लेकिन एक शिक्षक के साथ ऐसा व्यवहार किया जा रहा है कि 16 साल की लंबी सेवा के बाद उसे उसके हाल पर छोड़ दिया गया। कोर्ट ने यह भी नोट किया कि याची के खिलाफ कोई व्यक्तिगत आरोप नहीं है। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि यह मामला केवल याचिकाकर्ता तक सीमित नहीं है, बल्कि 15 साल या उससे अधिक समय से संविदा पर कार्यरत शिक्षकों के भविष्य से जुड़ा एक व्यापक और गंभीर मुद्दा है। इसी कारण कोर्ट ने राज्य सरकार से नियमितीकरण की नीति या योजना के बारे में स्पष्ट जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 8 सितंबर को होगी।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के दो कथित सदस्यों को जमानत दे दी है। ये सदस्य हिंदू धार्मिक नेताओं की हत्या की कथित साजिश और देश में भय फैलाने के आरोप में चार साल से अधिक समय से जेल में बंद थे। न्यायालय ने मुकदमे की धीमी गति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि लंबे समय तक हिरासत और ट्रायल में देरी से आरोपियों के शीघ्र सुनवाई के मौलिक अधिकार का उल्लंघन हुआ है। 2021 से जेल में बंद, कोर्ट ने अपील स्वीकार की न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान और न्यायमूर्ति राम मनोहर नारायण मिश्र की खंडपीठ ने अंसद बदरुद्दीन और फिरोज की आपराधिक अपील स्वीकार करते हुए यह आदेश पारित किया। दोनों आरोपी 17 फरवरी 2021 से जेल में बंद हैं। न्यायालय ने पाया कि मुकदमे को जल्द पूरा करने के लिए पहले भी दो बार निर्देश दिए जा चुके थे। इसके बावजूद, 18 अभियोजन गवाहों में से अब तक केवल पांच की जिरह पूरी हो पाई है। गवाहों की गवाही के लिए कुल 95 तारीखें निर्धारित की गईं, जिनमें से 11 गवाहों की मुख्य परीक्षा पूरी हो चुकी है, लेकिन जिरह केवल पांच की ही हो सकी है। कोर्ट ने यह भी कहा कि मामले के एक प्रमुख गवाह की मुख्य परीक्षा पूरी होने के बाद उसकी जिरह 35 पन्नों तक पहुंच चुकी है, फिर भी वह पूरी नहीं हो सकी। अभियोजन पक्ष द्वारा गवाहों की गवाही जल्द पूरी कराने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए जाने पर न्यायालय ने हैरानी जताई। ट्रायल में देरी का फायदा आरोपियों को मिला न्यायालय ने माना कि अभियोजन की निष्क्रियता का अप्रत्यक्ष लाभ आरोपियों को मिल रहा है। यूएपीए की धारा 43-डी(5) में जमानत के लिए कड़े प्रावधान होने के बावजूद, लंबे समय से लंबित ट्रायल और निकट भविष्य में इसके पूरा होने की संभावना न होने को देखते हुए दोनों को राहत दी गई। न्यायालय ने आरोपियों की रिहाई पर कई शर्तें लगाई हैं। इनमें एटीएस के समक्ष नियमित हाजिरी देना, अनावश्यक स्थगन की मांग न करना और मुकदमे की महत्वपूर्ण तारीखों पर व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित रहना शामिल है। ATS के सामने नियमित हाजिरी की शर्त अभियोजन के अनुसार, दोनों पर हिंदू धार्मिक संगठनों के कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों की हत्या की साजिश रचने और धार्मिक कार्यक्रमों में विस्फोट कर समाज में भय पैदा करने की योजना में शामिल होने का आरोप है। एटीएस ने दोनों को फरवरी 2021 में गिरफ्तार किया था। अभियोजन का दावा है कि उनके कब्जे से पिस्तौल, छह कारतूस, विस्फोटक सामग्री और मलयालम में लिखी डायरी समेत अन्य सामान बरामद हुआ था।
ललितपुर में बिजली गिरने से दो किसान झुलसे:अलग-अलग घटनाओं में एक पशु की भी मौत
ललितपुर में बुधवार शाम 7 बजे के दरम्यान आकाशीय बिजली गिरने से दो किसान झुलस गए। उन्हें उपचार के लिए ललितपुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। यह घटनाएँ जिले के अलग-अलग गांवों में हुईं। पहली घटना कोतवाली सदर के ग्राम मसौरकला में हुई। यहां 27 वर्षीय पूरन पुत्र दलपत बुधवार शाम करीब 7 बजे अपनी बछिया को नीम के पेड़ के पास बांधने जा रहे थे। तभी बारिश के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से बछिया की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पूरन झुलस गए। परिजनों ने उन्हें उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया। दूसरी घटना कोतवाली सदर के ग्राम पनारी के पास हुई। पहलवान गुरदीन महाविद्यालय के निकट रहने वाले 45 वर्षीय भगवानदास पुत्र जुगल प्रताप शाम करीब 7 बजे अपने घर से मंदिर जा रहे थे। बारिश शुरू होने के बाद तेज गरज के साथ बिजली उनके पास गिरी, जिससे वे झुलस गए। परिजनों ने उन्हें भी तत्काल मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने हरदोई में एक पूर्व ग्राम प्रधान के खिलाफ चल रही कार्यवाही पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। न्यायालय ने सवाल उठाया कि जब संबंधित ग्राम प्रधान का कार्यकाल 25 दिसंबर 2020 को ही समाप्त हो चुका है, तो उसे पद से हटाने के लिए 1997 के नियमों के तहत जांच समिति गठित करने का क्या औचित्य है। कोर्ट ने इस मामले में हरदोई के जिलाधिकारी को अगली सुनवाई पर तलब किया है। न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति मंजिव शुक्ल की पीठ ने अंकित कुमार द्वारा दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। पीठ ने टिप्पणी की कि ऐसा प्रतीत होता है कि संबंधित अधिकारियों ने फाइल पर उपलब्ध तथ्यों पर बिना विचार किए कार्रवाई की है। न्यायालय ने जिलाधिकारी से पूछा है कि उन्होंने जांच समिति किस आधार पर और किस उद्देश्य से गठित की। सुनवाई के दौरान न्यायालय को बताया गया कि 4 अगस्त 2025 को तत्कालीन बीएसए ने एक रिपोर्ट तैयार कर उसी दिन तत्कालीन जिला पंचायत राज अधिकारी को व्हाट्सएप के माध्यम से भेजी थी। इसके बाद, जिलाधिकारी कार्यालय की ओर से 28 मार्च 2026 को ग्राम प्रधान को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। जवाब मिलने के बाद 16 मई 2026 को अंतिम जांच के लिए एक समिति का गठन किया गया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि प्रधान को पद से हटाने के लिए उत्तर प्रदेश पंचायत राज अधिनियम की धारा 95(1)(जी) और 1997 के नियमों के तहत कार्यवाही की जा रही है, जबकि संबंधित व्यक्ति अब प्रधान नहीं है। न्यायालय ने कहा कि यदि यह सरकारी धन के दुरुपयोग, गबन या वसूली का मामला है, तो उसके लिए अधिनियम की धारा 27 के तहत कार्यवाही की जा सकती है। इस मामले की अगली सुनवाई 3 सितंबर 2026 को निर्धारित की गई है।
आम आदमी पार्टी ने स्कूली छात्राओं में बांटी गई साइकिल और रिटेल में खरीदी गई साइकिल को आमने-सामने कर भाजपा सरकार के साइकिल घोटाले की पोल खोल दी। बुधवार को AAP के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने सरकारी और रिटेल साइकिल को पार्टी मुख्यालय पर मीडिया के सामने पेश किया, और दावा किया कि दोनों जो हूबहू एक ही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की सात हजार वाली घोटाला साइकिल से 4200 वाली साइकिल बेहतर है। हमने यही साइकिल 4200 में खरीदी है, जबकि सरकार ने 6957 रुपए के रेट पर थोक में 1.30 लाख साइकिलें खरीदी है। उन्होंने कहा कि सरकारी साइकिल पर स्काइलर का नकली स्टीकर लगा है, क्योंकि एक साल पहले ही कंपनी ने यह मॉडल बनाना बंद कर दिया है। हमारी साइकिल के टायर, रिम और ब्रेक ब्रांडेड हैं, लेकिन सरकारी साइकिल के लोकल व सस्ते हैं। हम दोनों साइकिलें लेकर सीएम और शिक्षा मंत्री के पास जाएंगे, ताकि वे खुद बताएं कि कौन साइकिल असली है। भाजपा ने भगवा रंग को बदनाम करने का किया है काम : सौरभ भारद्वाज अध्यक्ष ने सरकार की खरीदी गई साइकिल और खुद रिटेल में खरीदी गई साइकिल को आमने-सामने रख कर दिखाया कि कैसे रेखा गुप्ता सरकार ने साइकिल खरीद में घोटाला किया है। उन्होंने बताया कि लाल रंग की साइकिल हमने खुद रिटेल में खरीदी है जबकि भगवा रंग की साइकिल सरकारी साइकिल है। भाजपा के लोगों ने भगवा रंग को बदनाम करने का काम किया है। AAP ने दोनों साइकिल सामने रख की तुलना सौरभ ने दावा किया कि यहां दो साइकिलें दिख रही हैं, एक भगवा रंग की साइकिल है जो भाजपा सरकार ने दिल्ली की गरीब लड़कियों को बांटी है। इस साइकिल पर स्काइलर लिखा है, लेकिन यह नकली स्काइलर है। सरकार ने भगवा रंग की यह साइकिल टेंडर के जरिए थोक में 6,957 रुपए में खरीदी है। ऐसी 1 लाख 30 हजार साइकिलें खरीदी गई हैं। वहीं, दूसरी लाल रंग की साइकिल है, जो हमने खुद रिटेल में खरीदी है। सरकार की 7 हजार व खुद की 4200 वाली साइकिल दोनों में हूबहू समानता- आप नेता सौरभ भारद्वाज ने दावा किया कि लाल रंग की साइकिल की रसीद मेरे नाम पर कटी है। इस साइकिल की कीमत 4,000 रुपए है और 200 रुपए का टैक्स लगाकर यह 4,200 रुपए में मिली है। वहीं भाजपा की सरकार ने 6,957 रुपए में साइकिल खरीदी और ऐसी 1 लाख 30 हजार साइकिलें खरीदी गईं। इन दोनों साइकिलों में हूबहू समानता है, लेकिन फर्क सिर्फ नीयत का है। हमने जो लाल रंग की साइकिल खरीदी है, वह एमटीबी (माउंटेन टेरेन बाइक) साइकिल है, जिसकी स्पेसिफिकेशन सरकार ने टेंडर में दी थी। लाल साइकिल के टायर चौड़े और मजबूत हैं, जो मेट्रो कंपनी के ब्रांडेड टायर हैं। साइकिल मिस्त्री ने भी सरकारी साइकिल के सस्ते पार्ट्स की खोली पोल सौरभ भारद्वाज ने दावा किया कि उन्होंने एक साइकिल मिस्त्री को बुलाकर उससे साइकिलों का अंतर बताने को कहा था। मिस्त्री ने बताया कि लाल साइकिल में एल्युमिनियम की क्लच है और टायर मेट्रो कंपनी का है, जिसकी कीमत 350 रुपए है। वहीं, सरकारी साइकिल में क्लच प्लास्टिक की है और लोकल टायर लगा है, जिसकी कीमत 150 रुपए है। सरकारी साइकिल की रिम भी हल्की है और पेडल वाली क्रैंक भी हल्की है। मिस्त्री ने बताया कि उनकी दुकान पर सरकारी वाली ऐसी 2-4 साइकिलें रोज आती हैं, जिनमें कुछ न कुछ ढीला रहता है।
कानपुर में ‘हर घर तिरंगा, घर-घर तिरंगा’ अभियान के तहत बुधवार दोपहर से शाम तक कानपुर की गोविंद नगर और आर्यनगर विधानसभा क्षेत्रों में भव्य तिरंगा यात्राएं निकाली गईं। दोनों यात्राओं में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं, स्थानीय नागरिकों, महिलाओं, युवाओं और बच्चों ने शामिल होकर राष्ट्रप्रेम का संदेश दिया। हाथों में तिरंगा लेकर निकले लोगों के ‘वंदे मातरम्’ और ‘भारत माता की जय’ के नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। लाजपत नगर मंडल में 2 किमी निकली यात्रागोविंद नगर विधानसभा के लाजपत नगर मंडल में मंडल अध्यक्ष अजय राय के नेतृत्व में तिरंगा यात्रा निकाली गई। शास्त्री नगर स्थित अटल चौक से शुरू हुई यात्रा काली मठिया मंदिर होते हुए मरियमपुर चौराहा स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा तक पहुंची। करीब 2 किलोमीटर लंबी यात्रा के दौरान जगह-जगह स्थानीय लोगों ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। मुख्य वक्ता विधायक सुरेंद्र मैथानी ने कहा कि तिरंगा देश के वीर सपूतों के बलिदान, मातृभूमि के सम्मान और आजादी के अमर संदेश का प्रतीक है। भाजपा जिलाध्यक्ष अनिल दीक्षित ने कहा कि तिरंगा देश की आन, बान और शान है और प्रत्येक घर पर तिरंगा देश की एकजुटता का संदेश देता है। यात्रा में बच्चों और युवाओं ने विशेष उत्साह दिखाया। आद्रीका दुबे भारत माता और सानविका दुबे सीमा पर तैनात सैनिक की वेशभूषा में शामिल हुईं। दोनों की प्रस्तुति आकर्षण का केंद्र रही।मंडल अध्यक्ष अजय राय ने लोगों से स्वतंत्रता दिवस पर हर घर तिरंगा फहराने और राष्ट्रीय पर्व को पूरे उत्साह एवं गौरव के साथ मनाने की अपील की। जनरलगंज में नयागंज से तपेश्वरी देवी मंदिर तक यात्राआर्यनगर विधानसभा के जनरलगंज मंडल में मंडल अध्यक्ष योगेश पांडे के नेतृत्व में विशाल तिरंगा यात्रा निकाली गई। नयागंज चौराहे से शुरू हुई यात्रा काहू कोठी, कमला टावर और सुर्खी मोहन होते हुए भारत माता की प्रतिमा, तपेश्वरी देवी मंदिर पहुंचकर समाप्त हुई। यात्रा में एमएलसी सलिल विश्नोई, वरिष्ठ भाजपा नेता सुरेश अवस्थी और भाजपा जिला मीडिया प्रभारी अनुराग शर्मा प्रमुख रूप से मौजूद रहे। वाहन पर बज रहे देशभक्ति गीतों और हाथों में लहराते तिरंगों के बीच कार्यकर्ताओं ने देशभक्ति के नारे लगाए। पूरे मार्ग में लोगों में खासा उत्साह दिखाई दिया। दोनों यात्राओं में बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और स्थानीय नागरिक शामिल हुए। लाजपत नगर मंडल की यात्रा में राघवेन्द्र दुबे, लाजपत नगर मंडल उपाध्यक्ष, जन्मेजय सिंह, दीपक सिंह, लालू गंगवानी, विजय मिश्रा, रंजीता पाठक, प्रेम सिंह, सरोज सिंह, पूनम कपूर, दीपक राजपूत, अरुण दुबे, प्रदीप भाटिया, संतोष सिंह, राधा पांडेय, सत्य नारायण गुप्ता, विनय पाल, सतीश शुक्ला, प्रदीप गुप्ता, शोभा शुक्ला, प्रीती गौतम, राकेश सिद्धार्थ, सरिता साहनी, अनुराग प्रभाकर, आयुष द्विवेदी, राहुल रस्तोगी, मनीष शुक्ला, मोहन विश्वकर्मा, बसंत शर्मा, अजय गुप्ता, विक्रम वर्मा और दिलीप गुप्ता सहित अन्य लोग मौजूद रहे। जनरलगंज मंडल की यात्रा में पार्षद अमित गुप्ता, आदर्श गुप्ता, विकास जायसवाल, सुभाष गौड़, दीपा शर्मा, मोनेन्द्र राजपूत, विनोद गुप्ता, योगेंद्र शर्मा, मनोज प्रधान, आशीष तिवारी, संतोष राठौर, अनीता सोनी, उर्मिला अवस्थी, प्रखर तिवारी, प्रभाकर अवस्थी, नमो गुप्ता, अनमोल सिंह, अर्चित गौड़, देवांश गुप्ता, कोमल जायसवाल और शरद सिंह समेत मंडल के पदाधिकारी व स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने हेड कांस्टेबल (मोटर ट्रांसपोर्ट) पद पर पदोन्नति के लिए हुई विभागीय परीक्षा में कथित नकल और अनियमितताओं के मामले में कड़ा रुख अपनाया है। न्यायालय ने परीक्षा में शामिल सभी 176 अभ्यर्थियों का पूरा परिणाम और चयनित अभ्यर्थियों का सिटिंग प्लान पेश करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई गुरुवार को होगी। यह आदेश न्यायमूर्ति राजीव सिंह की एकल पीठ ने कांस्टेबल-ड्राइवर शिव बाबू मिश्रा व छह अन्य की याचिका पर दिया। याचिका में 5 अक्टूबर 2025 को कांस्टेबल-ड्राइवर से हेड कांस्टेबल (मोटर ट्रांसपोर्ट) पद पर पदोन्नति के लिए आयोजित विभागीय परीक्षा को चुनौती दी गई है। याचियों का आरोप है कि परीक्षा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के माध्यम से बड़े पैमाने पर नकल हुई। उन्होंने परीक्षा और उसके आधार पर की गई सभी परिणामी कार्रवाई को निरस्त कर दोबारा पारदर्शी तरीके से परीक्षा कराने की मांग की है। पुलिस परिणाम प्रोन्नति बोर्ड की वेबसाइट पर नहीं हुआ अपलोड सुनवाई के दौरान यह सामने आया कि परीक्षा में शामिल 176 अभ्यर्थियों का परिणाम घोषित हो चुका है, लेकिन पूरा परिणाम पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की वेबसाइट पर अपलोड नहीं किया गया। बोर्ड की अपर पुलिस अधीक्षक मोहिनी पाठक ने न्यायालय में इसकी पुष्टि की। बोर्ड ने पिछली सुनवाई में बताया था कि परीक्षा के दौरान केवल दो अभ्यर्थी मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते मिले थे। हालांकि, न्यायालय के निर्देश पर हुई जांच के बाद 115 अभ्यर्थियों को नकल और अन्य अनियमितताओं में शामिल पाया गया। इन सभी को डिबार किया जा चुका है। न्यायालय ने परीक्षा के सभी आठ ब्लॉकों की सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने का भी आदेश दिया था। 10 अगस्त को संबंधित डिजिटल रिकॉर्ड कोर्ट में पेश किए गए, जिन्हें न्यायालय ने अपने कब्जे में ले लिया। न्यायालय ने कहा कि परीक्षा की वीडियो रिकॉर्डिंग और उसमें उपलब्ध तस्वीरों का परीक्षण कर मामले का उचित निस्तारण किया जाएगा।
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) ने राजकीय महाविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती की प्री परीक्षा-2025 के सात विषयों का परिणाम जारी कर दिया है। कुल 28 विषयों में से इन सात विषयों में 198 रिक्तियों के सापेक्ष 2,826 अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए सफल घोषित किया गया है। शेष विषयों के परिणाम जल्द जारी किए जाएंगे। UPPSC सचिव गिरिजेश कुमार त्यागी ने बताया कि शिक्षाशास्त्र विषय में 6,616 पंजीकृत और 2,930 उपस्थित अभ्यर्थियों में से 14 रिक्तियों के लिए 323 अभ्यर्थी सफल हुए हैं। वहीं, अंग्रेजी विषय में 4,866 पंजीकृत और 2,490 उपस्थित अभ्यर्थियों में से 92 रिक्तियों के सापेक्ष 1,173 अभ्यर्थियों को सफलता मिली है। गृह विज्ञान विषय में 2,991 पंजीकृत और 1,699 उपस्थित अभ्यर्थियों में से 28 रिक्तियों के लिए 640 अभ्यर्थी चुने गए हैं। भौतिक विज्ञान विषय में 3,852 पंजीकृत और 1,563 उपस्थित अभ्यर्थियों में से 60 रिक्तियों के सापेक्ष 580 अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया गया है। संगीत वादन-सितार विषय में 71 पंजीकृत और 44 उपस्थित अभ्यर्थियों में से 4 रिक्तियों के लिए 23 अभ्यर्थी सफल हुए हैं। उर्दू विषय में 787 पंजीकृत और 438 उपस्थित अभ्यर्थियों में से 3 रिक्तियों के सापेक्ष 32 अभ्यर्थियों को औपबंधिक रूप से सफल घोषित किया गया है। फारसी (पर्शियन) विषय में कुल 82 पंजीकृत और 55 उपस्थित अभ्यर्थियों में से एकमात्र 1 रिक्ति के लिए 15 अभ्यर्थियों को सफलता मिली है। सचिव ने स्पष्ट किया कि यह परीक्षा परिणाम पूरी तरह से औपबंधिक है। मुख्य परीक्षा का कार्यक्रम और सफल अभ्यर्थियों द्वारा ऑनलाइन आवेदन किए जाने के संबंध में अलग से प्रेस विज्ञप्ति जारी की जाएगी। अभ्यर्थियों के प्राप्तांक और कट-ऑफ अंक आदि की जानकारी अंतिम चयन परिणाम घोषित होने के बाद आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध कराई जाएगी।
वाहन ने बाइक को मारी टक्कर, महिला की मौत:बीमार बहन से मिलकर लौट रही थी; हादसे में दामाद गंभीर
संभल में बुधवार रात करीब 7:30 बजे आगरा-मुरादाबाद हाईवे पर तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में बाइक सवार 40 वर्षीय महिला की मौत हो गई, जबकि उसका दामाद गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना धनारी थाना क्षेत्र के गांव क्षेत्र में हुई। मृतका की पहचान गांव कैल, थाना बबराला निवासी 40 वर्षीय जलधारा पत्नी गीतम सिंह के रूप में हुई है। जलधारा अपनी बीमार बहन से मिलने बदायूं जिले के पटपरागंज गांव गई थीं। बुधवार को बहन से मिलकर वह अपने दामाद रजनीश के साथ बाइक से घर लौट रही थीं। तेज रफ्तार वाहन ने बाइक में मारी टक्कर बताया गया कि आगरा-मुरादाबाद हाईवे पर धनारी क्षेत्र में पहुंचते ही तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी। टक्कर लगने से जलधारा और रजनीश सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे की सूचना पर डायल 108 एंबुलेंस मौके पर पहुंची और दोनों को सरकारी अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टर ने महिला को मृत घोषित किया सीएचसी बहजोई के डॉक्टर सचिन वर्मा ने बताया कि जलधारा को अस्पताल लाया गया था, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। वहीं, रजनीश की हालत गंभीर होने पर प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया गया। थाना प्रभारी नरेश पाल सिंह ने बताया कि महिला के शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। हादसे में शामिल अज्ञात वाहन की तलाश की जा रही है और मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।
बरेली में मेथोडिस्ट चर्च ऑफ इंडिया (MCI) से जुड़े विवाद में कैंट पुलिस ने बिशप, पादरी और अन्य पदाधिकारियों समेत 7 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। आरोप है कि चर्च से जुड़े पुराने धार्मिक रिकॉर्ड गायब किए गए और परिवार के धार्मिक संस्कारों में भी बाधा डाली गई। नैनीताल रोड की BDA कॉलोनी निवासी अरुण थॉमस ने पुलिस को शिकायत दी है। उन्होंने बताया कि उनका परिवार कई पीढ़ियों से सदर बाजार स्थित 22 कैंट चर्च से जुड़ा है। वर्ष 2004 में उनकी शादी इसी चर्च में हुई थी। उनकी बेटी का नामकरण संस्कार भी चर्च में हुआ था। बातचीत के दौरान मारपीट का आरोप अरुण थॉमस का आरोप है कि बाद में उनके परिवार और पूर्वजों से जुड़े धार्मिक रिकॉर्ड चर्च से गायब कर दिए गए। बेटी के 18 साल की होने के बाद ईसाई परंपरा के अनुसार होने वाला कंफर्मेशन संस्कार भी नहीं कराया गया। शिकायतकर्ता ने राजीव मसीह, पादरी संजीव मसीह, बिशप सीजी दयानंद, आनंद सैमसन, पादरी शिवचंद, जगमोहन सिंह और फिरोज रुस्तम पर आरोप लगाए हैं। उनका यह भी आरोप है कि कुछ पुराने अनुयायियों को चर्च आने से रोका जा रहा है। घायल को अस्पताल पहुंचाया अरुण थॉमस के मुताबिक, 21 जुलाई की शाम वह चर्च के पास मामले को लेकर बातचीत करने पहुंचे थे। वहां कहासुनी के बाद कुछ लोगों ने उनके साथ मारपीट की। आरोप है कि पुलिस में शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी भी दी गई। दोस्तों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज हुआ। कैंट पुलिस ने सातों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
लोकनायक अस्पताल में तीन साल से बंद 22 मंजिला निर्माणाधीन इमारत का काम जल्द शुरू होगा, जिसके लिए पीडब्ल्यूडी कैबिनेट नोट तैयार कर रहा है।
निर्माणाधीन दो मंजिला भवन से गिरकर मजदूर की मौत:मथुरा की कुसुम वाटिका में काम करते समय हुआ हादसा
मथुरा के हाईवे थाना क्षेत्र की कुसुम वाटिका में बुधवार शाम करीब 4 बजे एक निर्माणाधीन दो मंजिला भवन से गिरकर एक मजदूर की मौत हो गई। बताया गया कि काम करते समय मजदूर का पैर फिसल गया, जिससे वह नीचे आ गिरा। गंभीर हालत में साथी मजदूर उसे जिला अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान बिहार के बांका जिले के धूरिया थाना क्षेत्र के करौंदा गांव निवासी चांद कुमार के रूप में हुई है। चांद कुमार अपने परिवार के साथ मथुरा के गोविंद नगर क्षेत्र स्थित 80 फुटा में रहते थे और मजदूरी करके अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। बुधवार को वह कुसुम वाटिका स्थित निर्माणाधीन भवन में काम कर रहे थे। इसी दौरान अचानक उनका पैर फिसल गया और वह भवन से नीचे जा गिरे। तेज आवाज सुनकर मौके पर मौजूद अन्य मजदूर उनकी मदद के लिए दौड़े और उन्हें तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया। मृतक के भाई सूरज ने बताया कि चांद कुमार की शादी करीब डेढ़ वर्ष पहले हुई थी और उनकी कोई संतान नहीं थी। परिवार के लिए चांद ही मजदूरी कर सहारा बने हुए थे। हाईवे थाना प्रभारी प्रशांत कपिल ने घटना की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि निर्माणाधीन भवन से गिरकर मजदूर की मौत हुई है। पुलिस को अभी तक परिजनों की ओर से कोई प्रार्थना-पत्र नहीं मिला है। प्रार्थना-पत्र मिलने पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर चटके क्रैश बैरियर अब टूटने लगे, मरम्मत की गई सड़क भी फिर उखड़ने लगी
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर चटके क्रैश बैरियर अब टूटने लगे हैं। यही नहीं कानपुर से लखनऊ जाने वाली लेन में किमी 59.2 पर हाल में मरम्मत की गई सड़क फिर उखड़ने लगी है।
मथुरा के प्रसिद्ध ठाकुर द्वारकाधीश मंदिर में सावन मास के 14वें दिन बुधवार शाम भगवान द्वारकाधीश हरि घटा में विराजमान हुए। इस अवसर पर मंदिर परिसर को हरे रंग के वस्त्रों और आकर्षक सजावट से सुसज्जित किया गया था। हरि घटा के दर्शन के लिए मथुरा सहित दूर-दराज के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे। मंदिर के मीडिया प्रभारी राकेश तिवारी एडवोकेट ने बताया कि मंदिर के सभी कार्यक्रमों का निर्धारण गोस्वामी श्री श्री 108 डॉ. वागीश कुमार जी महाराज (कांकरोली नरेश, तृतीय पीठ) द्वारा किया जाता है। पुष्टिमार्गीय परंपरा के तहत सावन मास में ठाकुर जी को विभिन्न घटाओं और हिंडोलों में विराजमान कराया जाता है। हरि घटा के दौरान मंदिर परिसर में भक्तिमय वातावरण था। बादलों की गड़गड़ाहट, पक्षियों की चहचहाहट और गायों की रंभाहट के बीच भगवान द्वारकाधीश के जयकारों से पूरा मंदिर गूंज उठा। मथुरा और आसपास के क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं ने राजाधिराज के दर्शन किए। कई श्रद्धालुओं ने इस दृश्य को अपने मोबाइल फोन में कैद किया। राकेश तिवारी ने आगे बताया कि पुष्टिमार्गीय परंपरा में ठाकुर जी को लाड़-लड़ाने के भाव से सावन मास में विभिन्न घटाओं और हिंडोलों में विराजमान किया जाता है। घटा का उद्देश्य ठाकुर जी को बाहरी मौसम का अनुभव कराना है। उन्होंने यह भी बताया कि घटा और हिंडोला दर्शन का यह क्रम पूरे सावन मास जारी रहेगा। अगले दिन शाम 5:10 बजे से 5:40 बजे तक ठाकुर जी महाराज स्वर्ण एवं रजत हिंडोले में विराजमान होकर भक्तों को दर्शन देंगे। इन विशेष दर्शनों को लेकर श्रद्धालुओं में उत्सुकता बनी हुई है।
संभल नगर पालिका के पूर्व ईओ राजकुमार गुप्ता को 101 करोड़ रुपए की 38 बीघा जमीन घोटाले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। करीब 40 दिन जेल में रहने के बाद बुधवार को उन्हें मुरादाबाद जेल से रिहा कर दिया गया। गिरफ्तारी के समय राजकुमार गुप्ता शाहजहांपुर में सहायक आयुक्त थे। उन पर संभल नगर पालिका में अधिशासी अधिकारी रहते हुए जमीन घोटाला करने का आरोप लगा है। 7 अगस्त को हाईकोर्ट ने दी जमानत इलाहाबाद हाईकोर्ट की कोर्ट संख्या-68 की एकल पीठ के न्यायमूर्ति कृष्ण पहल ने 7 अगस्त को राजकुमार गुप्ता की जमानत मंजूर की थी। उनके अधिवक्ता प्रारब्ध जैन ने अदालत के समक्ष पक्ष रखा। 11 अगस्त को सीओ संभल कार्यालय से जमानत के कागजात सत्यापित होने के बाद उन्हें सीजेएम कोर्ट में दाखिल किया गया। इसके बाद जेल से उनकी रिहाई हुई। 5 गाटा संख्या की जमीन का है मामला मामला संभल तहसील के रायसत्ती थाना क्षेत्र के तख्तगोसाईन गांव में मुरादाबाद रोड स्थित पांच गाटा संख्या-206, 207, 238, 242/378 और 279 से जुड़ा है। आरोप है कि नगर पालिका परिषद संभल के नाम से फर्जी पट्टा तैयार कर डीडीसी कोर्ट के माध्यम से करोड़ों रुपये की जमीन का नामांतरण कराया गया। वर्तमान में इस जमीन पर राजस्व प्रशासन संभल का कब्जा बताया जा रहा है। 2 जुलाई को गिरफ्तार हुए थे तत्कालीन ईओ पुलिस ने 2 जुलाई को तत्कालीन ईओ राजकुमार गुप्ता को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इस मामले में रिटायर्ड मानचित्र शहाबुद्दीन, पैरोकार माजिद खान समेत कुल 31 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। जांच में फर्जी पट्टे से नामांतरण की बात सामने आई लेखपाल की जांच में जमीन में पहले हेराफेरी किए जाने की बात सामने आई थी। दस्तावेजों की पड़ताल में पता चला कि वर्ष 2008 में उपसंचालक चकबंदी ने जमीन का नामांतरण एक फर्जी व्यक्ति के नाम कर दिया था। यह नामांतरण ऐसे पट्टे के आधार पर किया गया था, जिस पर नगर पालिका का कोई कानूनी अधिकार नहीं था। प्रशासन की कार्रवाई के खिलाफ भी दायर हुई थी याचिका इससे पहले 24 जुलाई को न्यायमूर्ति आशुतोष श्रीवास्तव की कोर्ट संख्या-50 में मामले की सुनवाई हुई थी। 27 जुलाई को अदालत का आदेश आया था। संभल प्रशासन की कार्रवाई के खिलाफ सात लोगों ने हाईकोर्ट में याचिका भी दायर की थी।
वर्षा थमने के बाद दिल्ली में गर्मी फिर बढ़ गई है, बुधवार को अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस पार कर गया और महसूस किया जाने वाला तापमान 48.9 डिग्री तक पहुंच गया। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक हल्की वर्षा की संभावना जताई है।
नेहा तिर्की ने कहा, 'छात्रों के साथ हुई बातचीत और सामने आए सभी तथ्यों से माननीय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी को अवगत कराया जाएगा। हमारा दृढ़ विश्वास है कि किसी भी मुद्दे का स्थायी समाधान केवल बातचीत, सहानुभूति और सकारात्मक पहल से ही निकाला जा सकता है।'
साजा में सट्टा खिलाते 3 आरोपी गिरफ्तार:साइबर सेल की कार्रवाई, ₹16,920 का सामान जब्त
बेमेतरा: साजा थाना पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने अवैध सट्टे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से ₹1,920 नकद, दो मोबाइल फोन और सट्टा-पट्टी सहित कुल ₹16,920 का सामान जब्त किया गया। पुलिस को साजा थाना क्षेत्र के ग्राम सोमईकला स्थित धान संग्रहण केंद्र के पास सट्टा खिलाए जाने की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दी। वहां प्रदीप कुमार साहू (34) निवासी सोमईकला सट्टा-पट्टी लिखते हुए पकड़ा गया। पूछताछ में प्रदीप साहू ने बताया कि वह दुर्ग जिले के ग्राम मेडेसरा निवासी तेजेन्द्र उर्फ सोनू (32) और जीवन लाल पटेल (32) के लिए सट्टा-पट्टी लिखता था। वह पर्ची की फोटो मोबाइल के जरिए इन दोनों आरोपियों को भेजता था और इसके बदले उसे पैसे मिलते थे। पुलिस ने इस मामले में तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। उनके खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम 2022 की धारा 6 और संगठन बनाकर सट्टा-पट्टी लिखवाने के आरोप में BNS की धारा 112(1) के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस का कहना है कि अवैध शराब, गांजा, नशीले पदार्थ, जुआ और सट्टा सहित अन्य आपराधिक गतिविधियों के खिलाफ यह कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर मुस्लिम समाज में रिश्तेदारों के बीच निकाह पर रोक की आशंका के बीच भोपाल में निकाह के आवेदनों की संख्या में अचानक बड़ा उछाल आया है। सामान्य दिनों में जहां रोजाना करीब 30 से 40 आवेदन आते थे, वहीं पिछले तीन-चार दिनों में यह संख्या बढ़कर करीब 300 प्रतिदिन हो गई। इसे UCC लागू होने से पहले निकाह कराने की जल्दबाजी से जोड़कर देखा जा रहा है। रिश्तेदारों में निकाह को लेकर बनी आशंका मुस्लिम समाज के कुछ परिवारों में रिश्तेदारों के बीच निकाह की परंपरा रही है। UCC विधानसभा से पारित होने के बाद ऐसे परिवारों में यह चर्चा तेज हुई कि कानून लागू होने पर इस तरह के विवाह प्रतिबंधित हो सकते हैं। इसी आशंका के चलते कई परिवार जल्द निकाह के लिए आवेदन कर रहे हैं। वक्फ बोर्ड अध्यक्ष ने कहा- धारा पूरी पढ़ने की जरूरत लगातार बढ़ रहे आवेदनों के बीच मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड अध्यक्ष सनवर पटेल ने UCC की धारा 4(4) को लेकर स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की है। उनका कहना है कि इस प्रावधान को केवल शुरुआती हिस्से के आधार पर नहीं समझा जाना चाहिए। धारा में आगे धार्मिक रूढ़ि, प्रथा या परंपरा के आधार पर होने वाले विवाह को लेकर अपवाद का प्रावधान भी है। परंपरा के तहत होने वाले विवाह को लेकर क्या कहा? सनवर पटेल के अनुसार, यदि किसी समुदाय में रिश्तेदारों के बीच विवाह धार्मिक रूढ़ि, प्रथा या परंपरा के रूप में प्रचलित है, तो ऐसे विवाह को लेकर कानून में अपवाद का प्रावधान मौजूद है। उन्होंने मुस्लिम समाज में प्रचलित रिश्तेदारों के बीच निकाह की परंपरा का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि UCC के प्रावधानों को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा की जा रही है। केवल धारा के एक हिस्से को पढ़कर यह मान लेना उचित नहीं है कि रिश्तेदारों के बीच होने वाले सभी निकाह प्रतिबंधित हो जाएंगे। आवेदनों में अचानक बढ़ा दबाव भोपाल में निकाह आवेदन लेने वाली संबंधित कमेटी के स्तर पर सामान्य दिनों में 30-40 आवेदन प्रतिदिन आते हैं। पिछले कुछ दिनों में संख्या करीब 300 प्रतिदिन पहुंचने से प्रक्रिया पर भी अचानक दबाव बढ़ गया है। हालांकि, UCC के लागू होने, उसके प्रभावी होने की तारीख और संबंधित प्रावधानों की अंतिम कानूनी व्याख्या के आधार पर ही इसकी वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल वक्फ बोर्ड अध्यक्ष के बयान के बाद उन परिवारों की चिंता कम होने की उम्मीद है, जो रिश्तेदारों में निकाह पर संभावित रोक की आशंका के चलते जल्दबाजी कर रहे हैं।
बलौदाबाजार के भाटापारा ग्रामीण इलाके में पुलिस ने नामी कंपनियों के नाम पर नकली लुब्रिकेंट बेचने वाले एक युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से नामी कंपनियों की पैकिंग वाले 246 नकली डिब्बे जब्त किए हैं। जब्त सामान की कीमत करीब 4.30 लाख रुपए बताई गई है। पुलिस ने यह कार्रवाई ग्राम अर्जुनी के जय जगन्नाथ यूरिया-पानी एवं ग्रीसिंग सेंटर में की। ईआईपीआर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के अधिकृत प्रतिनिधि शनि घोष ने पुलिस से शिकायत की थी कि यहां टाटा और गल्फ ब्रांड के नाम से नकली प्रोडक्ट बेचे जा रहे हैं। पुलिस ने 4.30 लाख का माल पकड़ा शिकायत मिलने के बाद पुलिस टीम ने दुकान की जांच की। इस दौरान वहां असली सामान जैसी पैकिंग में नकली इंजन ऑयल और डीजल एग्जॉस्ट फ्लुइड (डीईएफ) मिले। पुलिस ने टाटा मोटर्स नाम के 149 और गल्फ ऑयल नाम के 97 डिब्बे जब्त किए। पुलिस ने आरोपी दिनेश रजक (20) को गिरफ्तार किया है। वह मुढीपार-रवान, कोतवाली का रहने वाला है। उसके खिलाफ भाटापारा ग्रामीण थाने में मामला दर्ज किया गया है। आरोपी को कोर्ट में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। नामी कंपनियों की नकली पैकिंग में बेच रहा था लुब्रिकेंट थाना प्रभारी हेमंत पटेल ने बताया कि आरोपी असली कंपनियों के नाम, लोगो और रंग-रूप जैसी पैकिंग तैयार करवाता था। देखने में सामान असली जैसा लगता था, लेकिन उसकी गुणवत्ता खराब थी। ऐसे नकली लुब्रिकेंट से वाहनों के इंजन को नुकसान पहुंच सकता है। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि नकली सामान कहां से लाया गया था और इस कारोबार में आरोपी के साथ और कौन-कौन लोग शामिल हैं। एसपी गौरव राय ने व्यापारियों और ग्राहकों से सावधान रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि कोई भी ब्रांडेड सामान खरीदने से पहले उसका होलोग्राम स्टिकर, बैच नंबर और बिल जरूर जांच लें। अगर कहीं नकली सामान बिकने की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचना दें। फिलहाल, मामले में फरार अन्य लोगों की तलाश की जा रही है और पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
दिल्ली में घर बनाना होगा आसान, इन कॉलोनियों के मकानों को भी मिलेगा पुनर्निर्माण का अधिकार
डीडीए बोर्ड ने दिल्ली मास्टर प्लान 2047 को मंजूरी दी, साथ ही पुरानी दो-मंजिला इमारतों के पुनर्विकास और नरेला मेट्रो विस्तार के लिए भूमि उपयोग में बदलाव को भी हरी झंडी दिखाई।
बिजौली हाईवे पर मिली मजदूर की सड़ी-गली लाश:कपड़े और जूते मिले अलग-अलग जगह, 7 अगस्त से था लापता
ग्वालियर के नेशनल हाईवे-44 पर उस समय सनसनी फैल गई, जब बिजौली क्षेत्र में सड़क किनारे झाड़ियों से एक अधेड़ की सड़ी-गली लाश बरामद हुई। शव करीब दो से तीन दिन पुराना होने के कारण पूरी तरह डिकंपोज हो चुका था और उसमें कीड़े पड़ गए थे। मामले की जानकारी मिलते ही बिजौली थाना पुलिस और फॉरेंसिक (FSL) टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। दुर्गंध आने पर लगा सुराग, शव से दूर मिले कपड़े और जूते बुधवार शाम बिजौली हाईवे से गुजर रहे वाहन चालकों और स्थानीय लोगों को झाड़ियों से तेज दुर्गंध आई। जब लोगों ने नीचे झाड़ियों में जाकर देखा तो वहां एक लाश पड़ी हुई थी। सूचना मिलने पर पुलिस बल मौके पर पहुंचा। घटनास्थल की तलाशी लेने पर पुलिस को संदिग्ध परिस्थितियां देखने को मिलीं। शव से कुछ दूरी पर मृतक की शर्ट पड़ी थी, उससे आगे पेंट और जूता पड़ा मिला। 4 अगस्त को मजदूरी करने आया था, 7 से चल रहा था लापता पुलिस की सूचना पर पहुंचे परिजनों ने मृतक की शिनाख्त कल्याण जाटव (55 वर्ष) पुत्र लच्छी राम जाटव निवासी ग्राम बेहट के रूप में हुई है। परिजन ने बताया कि कल्याण 4 अगस्त को मजदूरी करने और रिश्तेदारी में बिजौली आया था। चूंकि वह अक्सर काम के सिलसिले में आता-जाता रहता था और कई दिनों तक रुकता था, इसलिए परिवार ने शुरुआत में ज्यादा ध्यान नहीं दिया। लेकिन जब कई दिनों तक वह घर नहीं लौटा और उसका कोई सुराग नहीं मिला, तो परिजनों ने 7 अगस्त को बिजौली थाने पहुंचकर गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी। FSL टीम ने जुटाए साक्ष्य, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल FSL (फॉरेंसिक) एक्सपर्ट कोक सिंह को मौके पर बुलाया। फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने घटनास्थल और शव के पास बिखरे कपड़ों से साक्ष्य जुटाए हैं। फिलहाल यह साफ नहीं हो सका है कि कल्याण की मौत किसी हादसे/हत्या के कारण हुई है या यह सामान्य मौत है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है, पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह सामने आ सकेगी।
दिल्ली के सुनियोजित विकास के लिए 'मास्टर प्लान फॉर दिल्ली-2047' को डीडीए बोर्ड ने मंजूरी दे दी है। यह योजना 'विकसित भारत 2047' के विजन से जुड़ी है, जिसमें 20 लाख नए फ्लैट और बुनियादी ढांचे के विकास का लक्ष्य है।
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों ने अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। इसके तहत जोधपुर के जालोरी गेट स्थित एसबीआई (SBI) मुख्य शाखा के बाहर बैंक कर्मियों ने एकत्रित होकर जोरदार प्रदर्शन किया और नारेबाजी की। लाइव ब्लॉग में पढ़ें शहर की प्रमुख खबरें...
MBBS: 6 साल से एमबीबीएस फर्स्ट ईयर में अटकी है छात्रा, बोली-बेवजह किया जा रहा है परेशान
छात्रा का कहना है कि उसकी वास्तविक उपस्थिति लगभग 59 प्रतिशत थी, जबकि रिकॉर्ड में इसे घटाकर 12.9 प्रतिशत दिखाया गया। उसका आरोप है कि 126 कक्षाओं के स्थान पर 1042 कक्षाओं को आधार बनाकर उसकी अटेंडेंस कम दर्शाई गई। चिकित्सा संबंधी दस्तावेज जमा करने के बावजूद उसका इंटरनल असेसमेंट नहीं कराया गया।
उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने आंतरिक लेखा एवं लेखा परीक्षा निदेशालय में सहायक लेखाकार और लेखा परीक्षक भर्ती का अंतिम चयन परिणाम जारी कर दिया है। आयोग को 1828 पदों के सापेक्ष 1643 ही योग्य अभ्यर्थी ही मिले है। सहायक लेखाकार विशेष चयन में अनुसूचित जाति के लिए 399 और अनुसूचित जनजाति के लिए 38 पद आरक्षित थे। इस श्रेणी में एससी की कटऑफ मात्र 08.00 अंक और एसटी की कटऑफ 20.25 अंक रही है। अनुसूचित जाति वर्ग के अभ्यर्थी 8 और एसटी के अभ्यर्थी 20.25 अंक लाकर सहायक लेखाकार बन गए हैं। आयोग के अध्यक्ष सत्यनारायण साबत ने बताया कि सहायक लेखाकार सामान्य चयन के 668 पदों के सापेक्ष 570 अभ्यर्थी चयनित हुए हैं। अनारक्षित वर्ग के 387, ओबीसी के 117 और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के 66 अभ्यर्थी चयनित हुए हैं। इसमें अनुसूचित जाति के 88 और अनुसूचित जनजाति के लिए 10 पद आरक्षित थे, लेकिन दोनों श्रेणी में एक भी अभ्यर्थी उपलब्ध नहीं हुआ। सहायक लेखाकार विशेष चयन के 950 पदों के सापेक्ष 866 अभ्यर्थी चयनित हुए हैं। इसमें अनुसूचित जाति वर्ग के 341, अनुसूचित जनजाति के 12, ओबीसी के 513 अभ्यर्थी चयनित हुए हैं। अनारक्षित वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग का एक भी अभ्यर्थी चयनित नहीं हुआ है, इस श्रेणी में उनके लिए पद नहीं थे। लेखाकार सामान्य चयन में अनारक्षित वर्ग की कटऑफ 54.75, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग का एक भी अभ्यर्थी उपलब्ध नहीं था। ओबीसी की कटऑफ 45.25 अंक और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की कटऑफ 52.00 अंक रही। सहायक लेखाकार विशेष चयन में अनारक्षित वर्ग के लिए एक भी पद नहीं था। अनुसूचित जाति की कटऑफ 08.00 अंक, अनुसूचित जनजाति की कटऑफ 20.25 अंक और ओबीसी की कटऑफ 47.25 अंक रही। सौ अंक की लिखित परीक्षा में 8 अंक प्राप्त करने वाले एससी और 20.25 अंक प्राप्त करने वाले एसटी के अभ्यर्थी चयनित हुए हैं। इसके बाद भी आयोग को एससी के लिए आरक्षित 399 पदों के सापेक्ष 341 और एसटी के लिए आरक्षित 38 पदों के सापेक्ष 12 ही अभ्यर्थी मिले हैं।
भोपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (बीसीसीआई) की प्रबंध समिति की मासिक बैठक बुधवार को हुई। बैठक में भोपाल के व्यापार एवं उद्योग जगत से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में विशेष रूप से आवासीय क्षेत्रों में संचालित व्यावसायिक गतिविधियों के समाधान और नगर निगम द्वारा लगाए जा रहे कमर्शियल लाइसेंस शुल्क के विषय पर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। भोपाल चैंबर के अध्यक्ष गोविंद गोयल ने बताया कि बैठक में आवासीय क्षेत्रों में संचालित व्यावसायिक गतिविधियों के स्थायी एवं व्यावहारिक समाधान के विषय पर निर्णय लिया गया। जिसमें भोपाल चैंबर सभी व्यापारिक संगठनों के अध्यक्ष एवं सचिव से संपर्क कर उनके साथ “व्यापारी संवाद” बैठक आयोजित किया जाएगा। बैठक में व्यापारिक संस्थाओ के साथ सामूहिक रूप से कार्ययोजना तैयार की जाएगी। मिक्स लैंड यूज को लेकर व्यापक स्तर पर पहल की जाएगी। साथ ही भोपाल का नया मास्टर प्लान लाने पर जोर दिया जाएगा। भोपाल चैंबर का मानना है कि वर्षों से जिन क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियां संचालित हो रही हैं, वहां व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए व्यावहारिक एवं स्थायी नीति बनाई जाए। इस विषय पर सभी व्यापारिक संगठनों को एक मंच पर लाकर व्यापक निर्णय लेने की दिशा में चेंबर कार्य करेगा। सभी 85 पार्षदों से मांगा सहयोगप्रवक्ता अजय देवनानी एवं मंत्री संजीव जैन ने बताया कि बैठक में कमर्शियल लाइसेंस शुल्क के विषय पर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। भोपाल चैंबर द्वारा भोपाल नगर निगम के सभी 85 पार्षदों को व्यक्तिगत रूप से एवं डाक के माध्यम से पत्र भेजकर अनुरोध किया गया है कि जब भी कमर्शियल लाइसेंस शुल्क के स्थगन का विषय नगर निगम परिषद की बैठक में प्रस्तुत किया जाए, वे व्यापारियों के हित में स्थगन के पक्ष में अपना मत प्रदान करें। जनप्रतिनिधियों से संपर्क कर चुका है चैंबरभोपाल चैंबर के पदाधिकारी इन विषयों को लेकर पूर्व में भी माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, सांसद आलोक शर्मा, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, मंत्री विश्वास सारंग, मंत्री कृष्णा गौर, विधायक भगवानदास सबनानी, विधायक रामेश्वर शर्मा, महापौर मालती राय सहित अन्य जनप्रतिनिधियों एवं नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन से मुलाकात कर चुका है। पत्रों के माध्यम से भी कमर्शियल लाइसेंस शुल्क को हटाने की मांग लगातार उठाई गई है। बैठक में उपाध्यक्ष अरविंद जैन, आदित्य जैन, मंत्री सुनील जैनाविन, कोषाध्यक्ष प्रदीप सेवानी, सह- कोषाध्यक्ष गोपाल सोनी एवं अतिरिक्त- कोषाध्यक्ष अजय गुप्ता सहित कार्यकारिणी सदस्य उपस्थित थे।
दरभंगा में 6 कारतूस और लोडेड पिस्टल के साथ एक युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने दरभंगा-शोभन बाइपास स्थित चाय नगरी नाम की दुकान पर छापेमारी की। गिरफ्तार युवक बहादुरपुर थाना क्षेत्र के ओझौल गांव निवासी रीतेश कुमार (23) के रूप में हुई है। बहादुरपुर थानाध्यक्ष प्रसुंजय कुमार ने बताया कि चाय दुकान पर कुछ अपराधी प्रवृत्ति के लोग बैठे हुए हैं। गश्ती दल को मौके पर भेजा गया। पुलिस टीम जैसे ही चाय की दुकान के पास पहुंची, पुलिस की गाड़ी देखते ही कुछ युवक अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए। पुलिस ने आसपास के इलाके में उनकी तलाश भी की, लेकिन वे हाथ नहीं आए। इसी दौरान एक युवक दुकान पर ही बैठा रह गया। पुलिस ने संदेह के आधार पर उसकी तलाशी ली। तलाशी के दौरान उसके कमर से एक पिस्टल बरामद हुई। पिस्टल में छह जिंदा कारतूस लोड थे। जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। सीसीटीवी खंगाल रही पुलिस पुलिस ने बरामद पिस्टल और कारतूस को जब्त कर लिया है। गिरफ्तार युवक को थाना लाकर उससे हथियार के संबंध में पूछताछ की गई। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि युवक के पास पिस्टल कहां से पहुंची और वह इसे लेकर चाय की दुकान पर किस उद्देश्य से बैठा था। फरार युवकों के बारे में पुलिस अब पता लगा रही है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालने के साथ ही स्थानीय स्तर पर भी जानकारी जुटा रही है, ताकि फरार युवकों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सके। आपराधिक इतिहास भी खंगाल रही पुलिसगिरफ्तार रीतेश कुमार सिंह के संबंध में पुलिस उसके आपराधिक इतिहास की भी जांच कर रही है। इसके अलावा पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद हथियार का किसी आपराधिक घटना में इस्तेमाल तो नहीं किया गया है। थानाध्यक्ष ने बताया कि पूछताछ और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद गिरफ्तार युवक को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। मामले में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
स्वतंत्रता दिवस से पहले राजधानी में पुलिस का मेगा नाइट ऑपरेशन, आयुक्त खुद सड़कों पर उतरे
स्वतंत्रता दिवस से पहले दिल्ली पुलिस ने राजधानी में सुरक्षा मजबूत करने के लिए मेगा नाइट ऑपरेशन चलाया। इस दौरान 22,774 वाहनों की जांच की गई और 55 घोषित बदमाशों को गिरफ्तार किया गया, जिसमें पुलिस आयुक्त ने खुद जायजा लिया।
खंडवा के पंधाना थाना क्षेत्र में 19 वर्षीय मानसिक रूप से कमजोर युवती के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया है। आरोपी युवती का पड़ोसी बताया गया है, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी शादीशुदा है। उसने युवती की मानसिक स्थिति का फायदा उठाकर उसके साथ रेप किया। आरोपी की पहचान जितेंद्र पिता हुकुमचंद पटेल (34) के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके खिलाफ दुष्कर्म सहित कई धाराओं में केस दर्ज किया गया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया है। इशारा कर बुलाया, जबरदस्ती कमरे में ले गया पुलिस के मुताबिक, 12 अगस्त को पीड़िता ने घटना की जानकारी दी। पीड़िता ने बताया कि उसके घर के पास रहने वाले जितेंद्र ने उसे इशारा करके अपने पास बुलाया। इसके बाद आरोपी ने उसका हाथ पकड़कर जबरदस्ती खींचा। वह अपने खेत में बने कमरे में ले गया। जहां उसने युवती के साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता ने बताया कि, घटना के बाद आरोपी ने उसे जान से मारने की धमकी भी दी। धमकी के कारण युवती डर गई। बाद में मामले की जानकारी पुलिस तक पहुंची। मानसिक स्थिति का फायदा उठाने का आरोप चौकी प्रभारी अविनाश भोपले ने बताया कि, पीड़िता मानसिक रूप से कमजोर है। आरोपी ने इसी का फायदा उठाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। उन्होंने बताया कि केस दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपी जितेंद्र को घटना के करीब 6 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया।
यूपी में आलू किसानों को बड़ी राहत, भंडारण पर शुल्क में प्रतिकिलो एक रुपए की छूट देगी सरकार
यूपी में आलू किसानों को सरकार ने बड़ी राहत देने जा रही है। सरकार भंडारण पर शुल्क में प्रतिकिलो एक रुपए की छूट देगी। वहीं बाजार भाव में अंतर होने पर 1.50 रुपये प्रति किलो के हिसाब से प्रतिपूर्ति भी दी जाएगी।
राजधानी जयपुर के दिल्ली रोड स्थित मनबाग चौराहे पर बुधवार को एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। आमेर की ओर से आ रही यात्रियों से भरी एक बस सड़क पर बने गड्ढे के कारण अनियंत्रित होकर पहले डिवाइडर से टकराई और फिर पलट गई। हादसे के समय बस में 30 से अधिक यात्री सवार थे। बस पलटते ही मौके पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत सक्रियता दिखाते हुए राहत कार्य शुरू किया और बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकालकर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही जयसिंहपुरा खोर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को एंबुलेंस की मदद से सवाई मानसिंह (SMS) अस्पताल भिजवाया। जहां से प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी। जयसिंहपुरा खोर थानाधिकारी रघुवीर सिंह ने बताया- बस में अचरोल स्थित एक फैक्ट्री के कर्मचारियों को लेकर शहर की तरफ आ रही थी। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि सड़क पर बने गहरे गड्ढे के कारण बस अनियंत्रित हुई और डिवाइडर से टकराकर पलट गई। पुलिस ने क्रेन की मदद से दुर्घटनाग्रस्त बस को सड़क से हटवाकर यातायात सुचारु करवाया है। फिलहाल हादसे में घायल हुए यात्रियों की सही संख्या और उनकी स्थिति को लेकर पुलिस की ओर से विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है।
अपराध और गुंडागर्दी के जरिए करोड़ों की जमीनें बनाने वाले बिहार के दो भू माफिया गुड्डू यादव और संतोष डॉन पर शिकंजा और सख्त होने जा रहा है। ईओयू ने इनकी संपत्तियों को जब्त करने की तैयारी कर ली है।
औरंगाबाद में वाहन जांच अभियान के दौरान दाउदनगर पुलिस ने बाइक सवार 2 लोगों को ब्राउन शुगर के साथ गिरफ्तार किया है। इनके पास से 14.79 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद हुए हैं। दाउदनगर एसडीपोओ अशोक दास ने कहा कि जिले के सभी थाना क्षेत्रों में लगातार वाहन जांच किए जा रहे हैं। मंगलवार को भी शहीद प्रमोद सिंह चौक के पास पुलिस अभियान चला रही थी। इसी दौरान नासरीगंज की ओर से आ रहे बाइक सवार 3 लोगों को पुलिस ने रोका। तलाशी ली तो उनके पास से ब्राउन शुगर बरामद हुए। इसके बाद तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया है। एक आरोपी नालंदा का रहने वाला है गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दाउदनगर थाना क्षेत्र के बिराई गांव निवासी बटोरन यादव के बेटे छोटु कुमार, नालबंद टोला निवासी राम अवतार सिंह के बेटे चंदन कुमार और पिराही बाग वार्ड नंबर 6 निवासी मो. रफीक आलम के बेटे सोहेल अहमद के रूप में की गई है। पुलिस की ओर से बताया गया कि तीनों आरोपियों के पास से 14.79 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद किया गया। इसके अलावा एक बाइक, 515 रुपए नगद और तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। थानाध्यक्ष विकास कुमार ने बताया कि वाहन जांच के दौरान नशीला पदार्थ बरामद होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पु कहां से खेप लाई जा रही थी, पता लगाया जा रहा दाउदनगर थाना में कांड संख्या 551/26 के तहत संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान गिरफ्तार तीनों आरोपियों ने अपने अपराध को स्वीकार किया। तीनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। जांच के दौरान यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि बरामद ब्राउन शुगर कहां से लाया गया था और इसे कहां पहुंचाया जाना था। साथ ही, इस मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। एसडीपीओ ने बताया कि दाउदनगर में अपराध और मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
उज्जैन के राम जनार्दन मंदिर परिसर स्थित 38वें 84 महादेव कुसुमेश्वर महादेव मंदिर में हरियाली अमावस्या की रात आरती के बाद एक कोबरा सांप दिखाई दिया। मंदिर के पंडित गौरव विश्वनाथ मिश्रा ने इंस्टाग्राम के माध्यम से सर्पमित्र राहुल को सूचना दी, जिसके बाद सांप का सुरक्षित रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ दिया गया। यह घटना हरियाली अमावस्या की रात करीब 8:30 बजे आरती के बाद हुई। पंडित गौरव विश्वनाथ मिश्रा ने बताया कि वे आरती के बाद मंदिर में मोबाइल पर काम कर रहे थे, तभी उनकी नजर हवन कुंड के पास मौजूद कोबरा सांप पर पड़ी। पंडित मिश्रा के अनुसार, उस समय मंदिर के दरवाजे और अलमारियां खुली थीं, जिससे सांप के अंदर जाने की आशंका थी। इसे देखते हुए उन्होंने सांप को सुरक्षित बाहर निकलवाने का निर्णय लिया। उन्होंने इंस्टाग्राम के जरिए सर्पमित्र राहुल का नंबर खोजा और उन्हें फोन कर बुलाया। सूचना मिलने पर सर्पमित्र राहुल मौके पर पहुंचे और कोबरा को सुरक्षित तरीके से पकड़कर जंगल में छोड़ दिया। पंडित गौरव ने बताया कि मंदिर में इस तरह सांप दिखाई देने की यह पहली घटना है, हालांकि आसपास के जंगल और प्राकृतिक क्षेत्रों में सांप अक्सर निकलते रहते हैं। घटना के समय मंदिर में अधिक भीड़ नहीं थी। सर्पमित्र राहुल के मुताबिक, सावन में बारिश और मौसम में लगातार बदलाव के कारण सांपों के बाहर निकलने की घटनाएं बढ़ी हैं। उन्होंने बताया कि सावन के दौरान उज्जैन जिले में अब तक करीब 200 सांपों का रेस्क्यू किया जा चुका है। देखिए तस्वीरें…
राउज एवेन्यू कोर्ट ने लाल किला कार ब्लास्ट मामले में एनआईए के आरोपपत्र पर सुनवाई के लिए 27 अगस्त की तारीख तय की है। कोर्ट ने एनआइए को सभी आरोपितों की भूमिका का विस्तृत ब्योरा और मुख्य आरोपित की मृत्यु सत्यापन रिपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया है।
शाजापुर में जुआ खेलते 8 लोग पकड़ाए:पुलिस को एक जगह से 40 हजार और दूसरी से 15 हजार रुपए मिले
शाजापुर शहर की कोतवाली पुलिस ने बुधवार रात करीब 9 बजे चौबदारवाड़ी मोहल्ले में जुए के खिलाफ दो जगहों पर छापेमारी करते हुए कुल 8 लोगों को पकड़ा। पुलिस ने इस कार्रवाई में कुल 39 हजार 100 रुपए नकद और 104 ताश के पत्ते जब्त किए हैं। पुलिस के मुताबिक, गश्त के दौरान प्रधान आरक्षक प्रमोद नागर को सूचना मिली थी कि रितेश परमार के बन रहे मकान में जुआ खेला जा रहा है। पुलिस ने मकान की तीसरी मंजिल पर दबिश देकर आसीफ अली, सलमान खान, राजेश बागवान और आमीर हुसैन को पकड़ लिया। इनके पास से 23 हजार 500 रुपए और ताश की गड्डी मिली। मकान मालिक रितेश परमार को भी इस मामले में आरोपी बनाया गया है और पब्लिक गेम्बलिंग एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। दूसरी कार्रवाई में खुले में पकड़े गए 4 जुआरी इसी दौरान, दूसरी टीम के प्रधान आरक्षक बाटिया मोर्य को रितेश परमार के घर के पास ही खुली जगह पर जुआ खेले जाने की खबर मिली। पुलिस ने घेराबंदी कर राजू मनिहार, शेख समीर, गिबरान और आसिक मंसूरी को दबोच लिया। इनके पास से 15 हजार 600 रुपए नकद और ताश के पत्ते बरामद हुए, जिस पर जुआ एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। नोटिस देकर छोड़े गए आरोपी पुलिस ने दोनों मामलों में आरोपियों को नियम के तहत नोटिस का पालन कराकर मौके पर ही छोड़ दिया। जब्त की गई नकदी और ताश के पत्तों को मालखाने में जमा कराकर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) के बिलासपुर स्टेशन पर पहली बार बाइक रेंटल सेवा शुरू की गई है। स्टेशन पर कोच रेस्टोरेंट के पास उपलब्ध इस सुविधा का उद्घाटन प्रधान मुख्य वाणिज्य प्रबंधक विजय कुमार ने वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक अनुराग कुमार सिंह की उपस्थिति में किया। बिलासपुर रेल मंडल ने यात्रियों की सुविधा और बेहतर स्थानीय परिवहन व्यवस्था के लिए यह अभिनव पहल की है। इस सेवा से यात्रियों को स्टेशन से शहर के विभिन्न स्थानों तक आने-जाने के लिए सुविधाजनक, किफायती और त्वरित परिवहन विकल्प मिलेगा। स्टेशन से शहर जाना हुआ आसान यह बाइक रेंटल सेवा उन यात्रियों के लिए विशेष रूप से उपयोगी होगी जिन्हें बिलासपुर में कम दूरी के लिए त्वरित आवागमन की आवश्यकता है। यात्री टैक्सी या ऑटो का इंतजार किए बिना अपनी सुविधा के अनुसार यात्रा कर सकेंगे। इससे यात्रा में लगने वाले समय और स्थानीय आवागमन पर होने वाले खर्च दोनों की बचत होगी। यह सुविधा पर्यटकों, छात्रों, व्यावसायिक यात्रियों और स्थानीय नागरिकों के लिए भी फायदेमंद साबित होगी। वे स्टेशन से शहर के प्रमुख स्थानों तक आसानी से पहुंच सकेंगे और अपनी सुविधानुसार शहर का भ्रमण भी कर पाएंगे। रेल प्रशासन के अनुसार, यह बाइक रेंटल सेवा 24 घंटे और सप्ताह के सातों दिन उपलब्ध रहेगी। इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए वैध ड्राइविंग लाइसेंस और आधार कार्ड प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। बाइक किराए की दरें भी घोषित कर दी गई हैं। 4 घंटे तक के लिए 100 रुपये, 4 से 8 घंटे तक के लिए 200 रुपये, 8 से 16 घंटे तक के लिए 300 रुपये और 16 से 24 घंटे तक के लिए 400 रुपये निर्धारित किए गए हैं।
दरभंगा में निर्माणाधीन नाला एक साइकिल सवार गिर गया। उसकी जान बाल-बाल बची, हालांकि उसे गंभीर चोटें लगी है। करीब डेढ़ फीट लंबा नुकीला सरिया उनके सीने में घुस गया। स्थानीय लोगों ने तत्काल युवक को नाले से बाहर निकाला और इलाज के लिए दरभंगा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल पहुंचाया। इलाज के बाद डॉक्टरों ने बुधवार को विनोद राम को छुट्टी दे दी। फिलहाल उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है। घायल वार्ड-39 निवासी विनोद राम (26) है। जो अब्दुल्लागंज की ओर काम पर जा रहा था। सड़क पर पत्थर बिखरें थे। इस कारण उसके बैलेंस बिगड़ गया। घटना का वीडियो भी सामने आया है। मामला कमरगंज इलाके की है। बैरिकेडिंग नहीं होने पर उठे सवाल मुख्य सड़क किनारे नाला निर्माण के दौरान सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए जाने को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है। निर्माण स्थल के आसपास बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड और राहगीरों के लिए सुरक्षित रास्ते की व्यवस्था नहीं होने के कारण हादसे की बात सामने आ रही है। लोगों का सवाल है कि जब मुख्य सड़क के किनारे गहरा नाला खोदकर निर्माण कार्य किया जा रहा है तो वहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम क्यों नहीं किए गए। सड़क पर निर्माण सामग्री और पत्थरों के बिखरे रहने से राहगीरों के लिए खतरा बढ़ गया है। विनोद राम ने बताया कि इलाज के लिए वह DMCH पहुंचे थे। इलाज के बाद डॉक्टर ने उन्हें छुट्टी दे दी है और अब वह घर लौट रहे हैं। उन्होंने बताया कि हादसे के बाद नाला निर्माण करने वाली कंपनी के कुछ लोग भी उनसे मिलने अस्पताल पहुंचे थे। निर्माण कार्यों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच की मांगइस घटना ने शहर में चल रहे निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। सवाल यह है कि यदि समय रहते निर्माण स्थल पर बैरिकेडिंग और अन्य सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए तो किसी दिन इससे भी बड़ा हादसा हो सकता है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से निर्माणाधीन नालों और सड़कों के किनारे चल रहे सभी निर्माण कार्यों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच कराने की मांग की है।
कानपुर में बुधवार को उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह पहुंचे। उन्होंने प्रयागराज-गोविंदपुरी रेलखंड का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान यात्री सुविधाओं, स्वच्छता, रेल परिचालन समेत अन्य सुविधाओं का जायजा लिया। महाप्रबंधक ने फतेहपुर और गोविंदपुरी रेलवे स्टेशनों का निरीक्षण कर यात्रियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं की स्थिति देखी। उन्होंने गोविंदपुरी स्टेशन परिसर की साफ-सफाई, पेयजल व्यवस्था, यात्री प्रतीक्षालय, प्लेटफॉर्म और यात्रियों की आवाजाही से जुड़ी व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद शाम को उन्होंने रेलवे ट्रैक, ट्रैक के आसपास की व्यवस्थाओं, सिग्नल प्रणाली और परिचालन से जुड़े संरक्षा मानकों की भी समीक्षा की। जीएम ने सेंट्रल स्टेशन का लोड कम करने के लिए गोविंदपुरी से अतिरिक्त ट्रेनों का संचालन कराने और कई गाड़ियों का स्टापेज बढ़ाने का निर्णय लिया। गोविंदपुरी स्टेशन का निरीक्षण किया गोविंदपुरी स्टेशन के निरीक्षण के दौरान महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह ने कहा कि रेलवे सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने रेलवे ट्रैक के नियमित निरीक्षण और रखरखाव पर खास जोर दिया। महाप्रबंधक ने अधिकारियों को रेलवे के बेहतर रखरखाव, यात्री सुविधाओं में सुधार और परिचालन दक्षता बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नियमित निगरानी और प्रभावी रखरखाव से रेल सेवाओं की गुणवत्ता और सुरक्षा दोनों को मजबूत किया जा सकता है। निरीक्षण के दौरान प्रमुख मुख्य संरक्षा अधिकारी राघवेंद्र के. शर्मा, सचिव महाप्रबंधक अखिल शुक्ला, वरिष्ठ मंडल इंजीनियर (समन्वय) जावेद अख्तर सहित उत्तर मध्य रेलवे के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
मरने के इरादे से यमुना में कूद गई महिला, फिर आया एक ख्याल; तैरकर दूसरे किनारे पहुंची
नर्मदा सात साल की अपनी बेटी को लेकर यमुना नदी के किनारे खेतों पर पहुंच गई। उसने बच्ची को वहीं छोड़ दिया। इसके बाद वह यमुना नदी में कूद गई। इस दौरान उसे अपने 5 बच्चों का ख्याल आया। वह घबरा गई। मरने का इरादा त्याग दिया। वह तैरना जानती थी। तैरकर यमुना के दूसरी ओर पहुंच गई।
भाजपा के वरिष्ठ नेता और उज्जैन विकास प्राधिकरण के पूर्व अध्यक्ष रहे जगदीश अग्रवाल को सिंहस्थ मेला प्राधिकरण का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। शासन की और से देर शाम को आदेश जारी कर दिए गए है। फिलहाल संभागायुक्त एवं सिंहस्थ मेला अधिकारी आशीष सिंह और स्थानीय प्रशासन सिंहस्थ 2028 की पूर्व तैयारियों व समन्वय बैठकों की कमान संभाल रहे हैं।मेला प्राधिकरण के अध्यक्ष पद पर नियुक्ति के बाद अब काम में और तेजी आएगी, शासन और प्रशासन स्तर पर कार्य जल्द हो सकेंगे। जगदीश अग्रवाल भारतीय जनता पार्टी से जुड़े हैं। वह भाजपा प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य के साथ वह उज्जैन विकास प्राधिकरण के पूर्व अध्यक्ष और भाजपा के पूर्व नगर अध्यक्ष भी रह चुके हैं।
आलीराजपुर जिले के उदयगढ़ कस्बे में आबकारी विभाग ने अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई की है। विभाग ने एक सूने मकान पर छापा मारकर 230 पेटी अवैध शराब जब्त की है। जब्त की गई शराब की कीमत करीब 13 लाख 50 हजार रुपए बताई जा रही है। बुधवार को जिला आबकारी अधिकारी राधेश्याम राय ने बताया कि विभाग को मुखबिर से गुप्त सूचना मिली थी। इसी खबर के आधार पर आबकारी विभाग की विशेष टीम ने उदयगढ़ कस्बे के एक संदिग्ध सूने घर पर दबिश दी। जब मकान की तलाशी ली गई, तो अंदर भारी मात्रा में अवैध शराब का जखीरा छिपाकर रखा हुआ मिला। मकान मालिक की तलाश जारी आबकारी अधिकारी के मुताबिक, इस मामले में आरोपियों के खिलाफ आबकारी कानून के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। चूंकि शराब एक रिहायशी मकान से मिली है, इसलिए पुलिस और आबकारी विभाग अब मकान मालिक की तलाश में जुटे हैं। आबकारी विभाग का मानना है कि मकान मालिक के हत्थे चढ़ने के बाद इस धंधे से जुड़े बाकी लोगों के नाम भी सामने आ जाएंगे, जिसके आधार पर आगे की गिरफ्तारियां की जाएंगी।
उदयपुर में टूरिस्ट की सुरक्षा के उद्देश्य से उदयपुर पुलिस ने आज रानी रोड पर राजीव गांधी पार्क के पास नए टूरिस्ट बूथ का आगाज किया। उदयपुर एसपी डॉ अमृता दुहन ने इसका उदघाटन किया। इस अवसर पर एएसपी उमेश ओझा, डीएसपी राजेश यादव और डीएसपी छवि शर्मा मौजूद थे। एसपी ने कहा कि रानी रोड पर बहुत ज्यादा भीड रहती है। देश विदेश से यहां टूरिस्ट आते हैं और एन्जॉय करते हैं। ऐसे में अगर टूरिस्ट को किसी तरह की दिक्कत हो तो वे तुरंत पुलिस से सम्पर्क कर सकते हैं। हालांकि इस रोड पर पुलिस राउंड करती है और कालिका टीम पेट्रोलिंग करती हैं लेकिन अब स्थाई रूप से टूरिस्ट पुलिस का बूथ स्थापित कर दिया है। ये है टूरिस्ट पुलिस हेल्पलाइनकिसी भी तरह सहायता के लिए टूरिस्ट पुलिस हेल्पलाइन नंबर पर सम्पर्क कर सकते हैं। इनमें कंट्रोल नंबर 0294-2414600, टूरिस्ट पुलिस नंबर 0294-2425242 और हेल्पलाइन नंबर 7300059984 पर कॉल कर सकते हैं। अभी इन जगह तैनात रहता है जाब्ता वर्तमान में उदयपुर शहर के प्रमुख टूरिस्ट स्थलों जैसे गुलाबबाग, दूधतलाई, सहेलियों की बाड़ी, फतहसागर, सुखाड़िया सर्कल पर टूरिस्ट पुलिस का जाब्ता मुस्तैद रहता है। साथ ही प्रमुख टूरिस्ट स्थलों पर 24 टूरिस्ट पेट्रोलिंग टीम गश्त करती है। रानी रोड और राजीव गांधी पार्क के पास टूरिस्ट की बढ़ती भीड़ को देखते हुए इस नए बूथ की शुरुआत की गई है। ताकि वहां होने वाली समस्या का तुरंत समाधान किया जा सके।
अरवल के परासी थाना क्षेत्र के परासी चकिया गांव के पास सोन नदी में डूबने से 18 वर्षीय युवक शुभम कुमार की मौत हो गई। शुभम अपने गांव के सिद्धेश्वर ठाकुर के पुत्र थे। वह एक शव का अंतिम संस्कार करने नदी किनारे गया था। बताया गया कि शुभम कुमार सोन नदी के किनारे एक शव का अंतिम संस्कार करने गया था। इसी दौरान वह नदी में स्नान करने लगा और गहरे पानी में चला गया, जिससे वह डूब गया। घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों और स्थानीय लोगों ने युवक की तलाश शुरू कर दी। स्थानीय परासी थाना पुलिस को घटना की सूचना दी गई। सूचना मिलते ही परासी थाना अध्यक्ष सेराज आलम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और मामले की जानकारी ली। परिजनों ने आरोप लगाया कि घटना के लगभग चार घंटे बीत जाने के बाद भी राहत एवं बचाव कार्य के लिए न तो गोताखोर पहुंचे और न ही एसडीआरएफ (SDRF) की टीम मौके पर पहुंची। इस संबंध में परासी थाना अध्यक्ष सेराज आलम ने बताया कि एसडीआरएफ की टीम घटनास्थल पर पहुंचने वाली है। उन्होंने कहा कि युवक की तलाश के लिए बचाव अभियान जारी है और प्रशासन तथा पुलिस की टीम युवक की खोजबीन में जुटी हुई है।
बैंक कर्मियों का 5-डे बैंकिंग के लिए प्रदर्शन:सहरसा में UFBU के बैनर तले उठाई मांग
सहरसा में बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों ने बुधवार शाम को सप्ताह में पांच दिन कार्य प्रणाली लागू करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के बैनर तले विभिन्न बैंकों के कर्मी वीर कुंवर सिंह चौक पर एकत्र हुए और अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार और संबंधित अधिकारियों से जल्द से जल्द पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने की अपील की। प्रदर्शन में शामिल बैंक कर्मचारी कुमार लक्ष्मण ने बताया कि पांच दिवसीय कार्य प्रणाली लागू करने के संबंध में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) और भारत सरकार को पहले ही मांग पत्र भेजा जा चुका है। उन्होंने कहा कि बैंक कर्मियों की यह मांग लंबे समय से लंबित है। कुमार लक्ष्मण ने महाराष्ट्र और राजस्थान सहित कई राज्यों में पांच दिवसीय कार्य प्रणाली लागू होने का हवाला दिया। उन्होंने यह भी बताया कि बीएसएनएल (BSNL) और एलआईसी (LIC) जैसे सार्वजनिक क्षेत्र के संस्थानों में भी कर्मचारियों को सप्ताह में पांच दिन काम करने की सुविधा मिल रही है। बैंक ऑफ इंडिया के कर्मी मुकुंद झा ने चेतावनी दी कि यदि सरकार इस बार भी उनकी मांग पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है, तो यूनियन के निर्देश पर बैंक कर्मियों को आंदोलन तेज करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। उन्होंने सरकार से कर्मचारियों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने का आग्रह किया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि सप्ताह में पांच कार्य दिवस लागू होने से बैंक कर्मचारियों को कार्य और निजी जीवन के बीच बेहतर संतुलन बनाने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही, पर्याप्त अवकाश मिलने से कर्मचारियों की कार्यक्षमता में भी सुधार होगा। इस प्रदर्शन में विभिन्न बैंकों के बड़ी संख्या में कर्मचारी और अधिकारी शामिल हुए। उन्होंने एकजुटता दिखाते हुए अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की और सरकार से जल्द सकारात्मक पहल करते हुए पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने की मांग दोहराई।
शहडोल कलेक्टर पार्थ जायसवाल ने अलग-अलग सरकारी सेवाओं में ढिलाई बरतने पर 14 अधिकारियों-कर्मचारियों पर कुल 9500 रुपए का जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई बुधवार को 'मध्यप्रदेश लोक सेवाओं के प्रदाय की गारंटी अधिनियम-2010' के तहत की गई। सभी को तीन दिनों के अंदर जुर्माने की रकम जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर ने धनपुरी नगरपालिका के अधिकारी अमित तिवारी पर सर्टिफिकेट जारी करने में देरी के लिए 500 रुपए का जुर्माना लगाया। इसके अलावा जमीन की नापजोख में देरी पर सोहागपुर के नायब तहसीलदार श्यामलाल मोगरे, जन्म पंजीयन की अनुमति अटकाने पर सोहागपुर के तहसीलदार दीपक पटेल और अविवादित नामांतरण न करने पर जयसिंहनगर के नायब तहसीलदार शनि द्विवेदी पर भी 500-500 रुपए की पेनल्टी लगाई गई। पंचायत सचिवों और उद्यानिकी अधिकारी पर कार्रवाई मौत का सर्टिफिकेट बनाने में ढिलाई बरतने पर ग्राम पंचायत कुबरा के सचिव रामचरित साहू, जैतपुर के प्रभुनाथ बैगा, तेंदूडोल के संग्राम सिंह, धमनीकला के अरुण मिश्रा और मैरटोला के सचिव लक्ष्मण कोल पर 500-500 रुपए का जुर्माना लगा। शादी के रजिस्ट्रेशन में देरी पर कैरहा के सचिव अजय सिंह और जन्म प्रमाण पत्र समय पर न देने पर आखेटपुर के सचिव रामकिशोर पटेल पर भी 500-500 रुपए की पेनल्टी लगाई गई। यही नहीं, लाइसेंस रिन्यू करने में देरी पर उद्यानिकी विभाग के सहायक संचालक झनक सिंह पर भी 500 रुपए का जुर्माना हुआ। इन्हीं दोनों पर लगा सबसे ज्यादा जुर्माना इस कार्रवाई में सबसे ज्यादा जुर्माना गोपालपुर ग्राम पंचायत के सचिव पर 1500 रुपए (डेथ सर्टिफिकेट लटकाने पर) और शहडोल नगरपालिका के अधिकारी निशांत सिंह पर 2000 रुपए (बर्थ सर्टिफिकेट जारी करने में देरी पर) लगाया गया है। समय पर काम न होने पर कार्रवाई तय लोक सेवा गारंटी कानून का मकसद जनता को सरकारी सुविधाएं तय समय सीमा के अंदर देना है। अगर कोई भी सरकारी कर्मचारी या अधिकारी बिना किसी जायज वजह के काम में देरी करता है, तो उस पर इस कानून के तहत जुर्माना लगाया जाता है।
फलोदी जिले के लोहावट में भंवरी देवी विश्नोई हत्याकांड के खुलासे की मांग को लेकर पूर्व विधायक किसनाराम विश्नोई का आमरण अनशन बुधवार 7वें दिन भी जारी रहा। इस दौरान दोपहर हजारों की संख्या में लोगों ने नंगे पैर रैली निकली। प्रदर्शनकारी धरना स्थल से मुख्य बाजार, बद्री चौराहा, रेलवे स्टेशन, निंबाराम सर्किल होते हुए वापस धरना स्थल पर पहुंची। इस दौरान प्रदर्शन कर रहे लोगों ने भंवरी देवी के हत्यारों को जल्द पकड़कर मामले का खुलासा करने की मांग रखी। 27 जुलाई की रात को हुई थी हत्या बता दें कि 27 जुलाई की रात भंवरी विश्नोई (32) पत्नी गंगाविशन विश्नोई निवासी जंभेश्वरनगर (लोहावट) अपनी बेटियों के साथ घर के आंगन में सो रही थी। रात 1 बजे अज्ञात हमलावर ने भंवरीदेवी के गले पर चाकू से वार कर दिया। इस दौरान मां के चिल्लाने पर पास में सो रहीं उसकी दोनों बेटियां रामज्योति (16) और सोनू (10) जाग गईं। मां को बचाने के लिए बेटियां हमलावर की तरफ दौड़ीं और उससे हाथापाई करने लगीं। इस दौरान बदमाश ने बच्चियों पर भी चाकू से हमले कर दिए। हमले में महिला की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि उसकी दोनों बेटियां घायल हो गईं। बड़ी बेटी को गंभीर हालत में इलाज के लिए जोधपुर रेफर किया गया था। हत्या के बाद 28 जुलाई को मामले के खुलासे की मांग को लेकर ग्रामीण और सर्व समाज के लोग पुलिस थाने के आगे धरने पर बैठे। इस पर 31 जुलाई को पुलिस ने 5 दिन में मामले के खुलासे का आश्वासन दिया। इस पर ग्रामीणों ने धरना उठा लिया। 6 अगस्त से पूर्व विधायक का आमरण अनशन जारी मगर 5 दिन में मामले का खुलासा नहीं हुआ तो पूर्व विधायक किसनाराम विश्नोई ने 6 अगस्त को लोहावट थाने के आगे आमरण अनशन शुरू कर दिया। इसके बाद 12 अगस्त धरना स्थल पर आमरण अनशन करने वालों की संख्या 115 हो गई है। राज्य सरकार ने किया एसआईटी का गठन वहीं मामले को लेकर राज्य सरकार की ओर से एसआईटी का गठन किया गया है। टीम ने बुधवार शाम को जंभेश्वरनगर (लोहावट) में घटना स्थल का मौका मुआयना किया। वहीं जोधपुर रेंज आईजी ने हत्याकांड की सूचना देने वाले को 50 हजार रुपए का इनाम देने की घोषणा की है। एसआईटी में ये अधिकारी शामिल एसआईटी का नेतृत्व उप महानिरीक्षक पुलिस, आरपीटीसी जोधपुर करेंगे। इस टीम में देवेंद्र कुमार विश्नोई (उप महानिरीक्षक पुलिस, आरपीटीसी जोधपुर), सतनाम सिंह (एसपी फलोदी), सुमित मेहरडा (एसपी साइबर अपराध, जयपुर), कैलाश विश्नोई (अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, विशेष अनुसंधान इकाई महिला अत्याचार, जालोर), सुभाष खोजा (एडीशनल एसपी, सीआईडी सीबी रेंज सेल, जोधपुर) और भवानी सिंह (डीएसपी वृत, लोहावट) को शामिल किया गया है। इनपुट- राधेश्याम बेनीवाल, लोहावट … घटना से जुड़ी से खबर भी पढ़ें लोहावट में घर के बाहर सो रही महिला की हत्या:गले पर चाकू से किया वार, मां को बचाने हमलावर से भिड़ीं बेटियां; दोनों घायल घर के बाहर सो रही महिला के गले पर चाकू से हमला दिया। जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। महिला की आवाज सुनकर उनकी दोनों बेटियां जाग गईं। दोनों की हमलावर से हाथपाई हुई। इस पर हमलावर ने बच्चियों पर भी चाकू से हमला कर दिया। जिससे दोनों गंभीर घायल हो गईं। घटना फलोदी जिले के लोहावट थाना क्षेत्र के जंभेश्वरनगर गांव का है। (पढ़ें पूरी खबर) मां की हत्या,बचाने आई बेटी के पीठ-पेट,चेहरे पर चाकू मारे:खून से लथपथ होने के बाद भी बदमाश से लड़ती रही, दांत टूटे, पुलिस को बुलाया फलोदी में घर के बाहर सो रही महिला की हत्या के मामले में नए तथ्य सामने आए हैं। पुलिस जांच में सामने आया कि महिला की बेटी रामज्योति (16) और सोनू (10) पर भी नकाबपोश बदमाश ने हमला किया। 16 साल की बेटी रामज्योति की पीठ, पेट और चेहरे पर चाकू से पांच वार किए। इसके बाद भी वह मां को बचाने के लिए दौड़ी। ताऊजी को बुलाया। पुलिस को फोन कर पूरी घटना की जानकारी दी। (पढ़ें पूरी खबर) पूर्व विधायक के धरने में युवक पर चाकू से हमला:रंजिश में सिर-पेट पर किया वार; लोगों ने पकड़कर पीटा, फिर पुलिस को सौंपा फलोदी जिले में लोहावट में थाने के आगे 6 अगस्त से चल रहे पूर्व विधायक के धरना-प्रदर्शन में मंगलवार को चाकूबाजी हो गई। 1 युवक ने पुरानी रंजिश में दूसरे युवक के पेट और सिर में चाकू से हमला कर दिया। इस दौरान मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी युवक को पकड़ लिया। लोगों ने पहले युवक को जमकर पीटा, फिर पुलिस के हवाले कर दिया। (पढ़ें पूरी खबर)
16 साल की किशोरी से दुष्कर्म में सजा:आरोपी को 20 साल का कारावास,11 लोगों की गवाही से सिद्ध हुआ जुर्म
इंदौर के द्वारकापुरी थाना क्षेत्र में 16 वर्षीय किशोरी के साथ दुष्कर्म करने के मामले में आरोपी को 20 साल के कारावास की सजा मिली है। उपनिदेशक अभियोजन राजेंद्र सिंह भदौरिया ने बताया कि पीड़िता की मां ने 30 अक्टूबर 2024 को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह कैटरिंग का काम करती है। 29 अक्टूबर 2024 की रात करीब 8 बजे उसकी बेटी अपनी नानी के घर जाने का बोलकर निकली थी, लेकिन वहां नहीं पहुंची। पीड़िता ने बताया कि पिछले एक साल से उसकी पहचान पवन (23) से थी। घटना की रात में आरोपी उसे बहला-फुसलाकर गार्डन के पास स्थित अपनी झोपड़ी में ले गया और उसके साथ गलत काम (दुष्कर्म) किया। सुबह आरोपी ने उसे वापस घर भेज दिया। 11 गवाहों की गवाही से सिद्ध हुआ जुर्म शिकायत के आधार पर द्वारकापुरी पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया। अभियोजन पक्ष ने अदालत के सामने 11 गवाहों की गवाही कराई और जुर्म को पूरी तरह साबित किया। 21 वें अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायालय (इंदौर) ने 11 अगस्त 2026 को फैसला सुनाते हुए आरोपी पवन को दोषी पाया और 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई।
धार जिले की मनावर थाना पुलिस ने ग्राम कलवानी में हुई चोरी का खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के पास से वारदात में इस्तेमाल इको कार (MP11CC7598) और चोरी का सामान बरामद कर लिया है। कोठार और दुकान से चुराया था मक्का बीज और सामान यह चोरी 27 जून को हुई थी। बदमाशों ने कलवानी गांव में भैरूलाल बर्फा के कोठार से मक्का बीज के चार पैकेट चुरा लिए थे। इसके साथ ही गांव में बद्रीलाल सावनेर की दुकान से ऑयल के केन, मोटरसाइकिल ट्यूब और पंचर बनाने के औजार भी चुराए थे। फरियादी की शिकायत पर पुलिस ने बीएनएस की धारा 303(2) के तहत केस दर्ज किया था। मुखबिर की सूचना पर गंधवानी से पकड़ाया आरोपी एसडीओपी ब्रजेश मालवीय के मार्गदर्शन और थाना प्रभारी राजेश यादव के नेतृत्व में गठित टीम ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई की। पुलिस ने गंधवानी क्षेत्र के खोजाकुआ बयडीपुरा निवासी जुवारसिंह को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में पता चला कि आरोपी अपने साथियों के साथ इको कार में चोरी करने आया था। कोर्ट से 13 अगस्त तक पुलिस रिमांड पर आरोपी पुलिस ने जुवारसिंह को कोर्ट में पेश कर 13 अगस्त 2026 तक रिमांड पर लिया है। उससे अन्य चोरी के मामलों में पूछताछ की जा रही है। मामले में शामिल कदवाल निवासी देवीसिंह और दो अन्य आरोपी फिलहाल फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस जुटी है।
पश्चिम रेलवे के अहमदाबाद-पालपुर रेललाइन के बीच अम्बलियासन-जगुदन-महेसाना भान्डूमोटीदाउ स्टेशनों के बीच ऑटोमेटिंक सिग्नलिंग कार्य के लिए ब्लॉक लिया जा रहा है। मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी के अनुसार- इस कार्य के कारण ये ट्रेनें प्रभावित रहेंगी। आंशिक रद्द ट्रेन (प्रारम्भिक स्टेशन से) मार्ग परिवर्तित ट्रेन (प्रारम्भिक स्टेशन से) वहीं, उत्तर रेलवे के दिल्ली सराय रोहिल्ला-पटेलनगर-पालम स्टेशनों के बीच ऑटोमेटिक सिग्नलिंग कार्य कई ट्रेन रद्द,मार्ग परिवर्तित,आंशिक रद्द,रीशड्यूल,रेगुलेट रहेगी।उत्तर रेलवे के दिल्ली मण्डल पर दिल्ली सराय रोहिल्ला-पटेलनगर-पालम स्टेशनों के मध्य पर ऑटोमेटिंक सिग्नलिंग कार्य के लिए ब्लॉक लिया जा रहा है। मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी के अनुसार इस कार्य के कारण ये ट्रेन प्रभावित रहेगी। रद्द ट्रेन (प्रारम्भिक स्टेशन से) मार्ग परिवर्तित ट्रेन (प्रारम्भिक स्टेशन से) रीशड्यूल/रेगुलेट ट्रेन (प्रारम्भिक स्टेशन से) समयपालन में जोधपुर मंडल को प्रथम स्थान उत्तर-पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल ने 11 अगस्त को ट्रेन समयपालन के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए भारतीय रेलवे के सभी मंडलों में प्रथम स्थान हासिल किया है। मंडल ने इस दिन मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों में 100 प्रतिशत तथा समग्र रूप से 99.07 प्रतिशत समयपालन दर्ज किया। मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी ने इस उपलब्धि पर मंडल के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता टीमवर्क, समर्पण, प्रभावी ट्रेन प्रबंधन और उत्कृष्ट परिचालन दक्षता का परिणाम है। उन्होंने कहा कि यात्रियों को समयबद्ध एवं बेहतर रेल सेवा उपलब्ध करवाना मंडल की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इसी दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। जोधपुर मंडल द्वारा हासिल किए गए 99.07 प्रतिशत समग्र समयपालन में परिचालन, इंजीनियरिंग, विद्युत, सिग्नल एवं दूरसंचार, यांत्रिक तथा अन्य संबंधित विभागों के समन्वित प्रयासों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। सभी विभागों के बीच बेहतर तालमेल एवं ट्रेनों की प्रभावी मॉनिटरिंग के परिणामस्वरूप मंडल ने यह उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की।
जन्म-मृत्यु का रजिस्ट्रेशन अब नहीं होगा आसान, 2 साल बाद मजिस्ट्रेट की मंजूरी जरूरी
जन्म या मृत्यु का रजिस्ट्रेशन समय पर नहीं कराने वालों के लिए अब प्रक्रिया पहले से ज्यादा सख्त हो गई है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने Registration of Births and Deaths (Amendment) Bill, 2026 को मंजूरी दे दी है। संसद के दोनों सदनों से पास होने के बाद राष्ट्रपति की मंजूरी मिलते ही यह विधेयक अब […] The post जन्म-मृत्यु का रजिस्ट्रेशन अब नहीं होगा आसान, 2 साल बाद मजिस्ट्रेट की मंजूरी जरूरी appeared first on https://rajsattaexpress.com .
कानपुर के गोविंद नगर में मंगलवार को पारिवारिक विवाद की सूचना पर पहुंची यूपी-112 की पीआरवी पुलिस से नशे में धुत युवक ने अभद्रता कर दी। पुलिसकर्मियों ने उसे शांत कराने का प्रयास किया तो उसने होमगार्ड की उंगली पकड़कर मोड़ दी, जिससे उंगली में फ्रैक्चर हो गया। पीड़ित होमगार्ड की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज उसे हिरासत में ले लिया है। नशे में धुत युवक युवतियों से कर रहा था गाली-गलौज जूही के मिलिट्री कैंप, हरनाम सिंह का हाता निवासी होमगार्ड धर्मेंद्र सिंह यूपी-112 के पीआरवी वाहन 9748 में तैनात हैं। उनके मुताबिक 11 ब्लाक निवासी शिवम बाजपेई ने यूपी-112 पर सूचना दी, कि उसके घर में हमला हुआ है। सूचना पर पीआरवी मौके पर पहुंची तो वहां दो पक्षों में पारिवारिक विवाद चल रहा था। पुलिसकर्मी दोनों पक्षों को समझा रहे थे। इसी दौरान नशे में धुत शिवम अपने ताऊ की बेटियों से गाली–गलौज करने लगा। पुलिस ने उसे शांत रहने के लिए कहा तो वह कांस्टेबल संजय सिंह से भिड़ गया। होमगार्ड धर्मेंद्र ने विरोध किया तो आरोपी ने उनके दाएं हाथ की उंगली पकड़ कर मोड़ दी। मेडिकल में हड्डी टूटने की पुष्टि हुई सूचना पर पहुंची पुलिस ने शिवम को हिरासत में ले लिया। घायल होमगार्ड का मेडिकल कराया गया, जिसमें उंगली की हड्डी टूटने की पुष्टि हुई। गोविंद नगर थाना प्रभारी अशोक दुबे ने बताया कि आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
खैरथल के झाड़का गांव स्थित महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय में वरिष्ठ अध्यापक तेजवीर सिंह के स्थानांतरण के विरोध में बुधवार को ग्रामीणों और विद्यार्थियों ने स्कूल के मुख्य द्वार पर ताला लगा दिया। सुबह करीब 7:30 बजे ग्रामीण और विद्यार्थी स्कूल के बाहर धरने पर बैठ गए। भीषण गर्मी के बावजूद बड़ी संख्या में ग्रामीण, विद्यार्थी और विद्यालय स्टाफ मौके पर मौजूद रहा। 300 प्रतिशत बढ़ा नामांकन, 127 विद्यार्थी पढ़ रहे ग्रामीणों के अनुसार वरिष्ठ अध्यापक तेजवीर सिंह का तबादला राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय मनोठड़ी, ब्लॉक किशनगढ़बास में किया गया है। उनके स्थानांतरण के बाद झाड़का विद्यालय में वरिष्ठ अध्यापक का पद रिक्त हो गया। ग्रामीणों का कहना है कि तेजवीर सिंह के प्रयासों, ग्रामीणों की सहभागिता और भामाशाहों के सहयोग से विद्यालय की स्थिति में काफी सुधार हुआ। कुछ समय पहले कम नामांकन के कारण विद्यालय बंद होने की स्थिति में पहुंच गया था। शैक्षणिक सत्र 2026-27 में विद्यालय के नामांकन में करीब 300 प्रतिशत की वृद्धि हुई और वर्तमान में 127 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। कक्षाओं में एसी, आसपास के गांवों से बस सुविधा ग्रामीणों ने बताया कि विद्यार्थियों की सुविधा के लिए विद्यालय की कक्षाओं में एसी लगवाए गए हैं। इसके अलावा झाड़का के साथ तिनकीरुड़ी, माजरा, सोरवा, मुन्दपुर और मिर्जापुर सहित आसपास के गांवों से विद्यार्थियों के आवागमन के लिए बस सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। ग्रामीणों का दावा है कि बेहतर शैक्षणिक माहौल और सुविधाओं के कारण सरकारी विद्यालय के प्रति अभिभावकों का भरोसा बढ़ा है। इसी वजह से वे तेजवीर सिंह का स्थानांतरण रद्द कर उन्हें वापस झाड़का विद्यालय में लगाने की मांग कर रहे हैं। अधिकारियों ने समझाइश की, धरना रहा जारी धरने की सूचना मिलने पर जिला शिक्षा अधिकारी रमेश चंद मेघ, सीबीईओ ओमप्रकाश वर्मा, हरसौली तहसीलदार राजेश शर्मा, नायब तहसीलदार वीरेन्द्र सैन सहित पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी मांगें सुनीं और धरना समाप्त करने की समझाइश की। हालांकि अधिकारियों के आश्वासन के बावजूद ग्रामीणों ने धरना समाप्त नहीं किया। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि तेजवीर सिंह को विद्यालय में वापस लगाए जाने तक आंदोलन जारी रहेगा। डेपुटेशन पर वापस लगाने के निर्देश जिला शिक्षा अधिकारी रमेश चंद मेघ ने बताया कि ग्रामीणों की मांग से उच्च अधिकारियों को अवगत कराया गया है। उन्होंने बताया कि बुधवार से ही शिक्षण व्यवस्था के तहत वरिष्ठ अध्यापक तेजवीर सिंह को डेपुटेशन पर झाड़का विद्यालय में लगाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि ग्रामीणों की मांग के अनुरूप तेजवीर सिंह के स्थायी स्थानांतरण संबंधी प्रस्ताव भी सरकार को भेजा गया है। मांग पूरी नहीं हुई तो चुनाव बहिष्कार की चेतावनी ग्रामीणों ने कहा- वे तेजवीर सिंह को विद्यालय में वापस लगाए जाने की मांग पर कायम हैं। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा। ग्रामीणों ने मांग नहीं माने जाने पर आगामी चुनावों के बहिष्कार की भी चेतावनी दी है। धरने में कोटकासिम प्रधान डॉ. विनोद कुमारी सांगवान, सरपंच शीशराम चौधरी, किसान महापंचायत तहसील अध्यक्ष शेर सिंह चौधरी, सूबेदार दयाराम कटारिया, पूर्व सरपंच राजू, रोहतास पीटीआई, राकेश कुमार चौधरी, सुरजन हवलदार, सुबेसिंह नेताजी, अनिल चौधरी, पृथ्वी हवलदार, रवि कुमार, सतीश कुमार, बस्तीराम सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
मैहर जिले के अमरपाटन नगर परिषद के वार्ड नंबर 5 में रहने वाले लोगों का बेमियादी धरना बुधवार को भी जारी रहा। यह आंदोलन 32 घंटे से भी ज्यादा समय से चल रहा है। नगर परिषद को मांग पत्र देने के बाद भी कोई कदम न उठाए जाने से गुस्साए लोगों ने यह हड़ताल शुरू की है। लोगों की मुख्य मांग है कि वार्ड नंबर 05 में बन रही मर्चुरी को यहां से हटाकर सिविल अस्पताल परिसर में बनाया जाए। इसके अलावा, पानी भरने की दिक्कत को दूर करने के लिए नाली का निर्माण कराया जाए और डॉ. भीमराव अंबेडकर की मूर्ति का सौंदर्यीकरण किया जाए। समय बीतने पर शुरू किया आंदोलन प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि इन दिक्कतों को लेकर पहले नगर परिषद को ज्ञापन दिया गया था और तय समय में काम करने की मांग की गई थी। लेकिन समय खत्म होने के बाद भी जब कोई हल नहीं निकला, तो मजबूरी में उन्हें अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठना पड़ा। 30 घंटे बाद भी नहीं पहुंचा कोई अफसर धरने पर बैठे लोगों ने आरोप लगाया कि 30 घंटे से ज्यादा वक्त बीत जाने के बाद भी कोई जिम्मेदार अधिकारी उनकी बात सुनने नहीं आया है। इस उपेक्षा से लोगों में गुस्सा बढ़ता जा रहा है। मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा धरना प्रदर्शन के दौरान लोगों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और सीएमओ मुर्दाबाद, विधायक मुर्दाबाद व नगर परिषद मुर्दाबाद के नारे लगाए। धर्मेंद्र बंसल और सिद्धार्थ नालंदा ने साफ कहा है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस काम नहीं होता, तब तक यह आंदोलन ऐसे ही चलता रहेगा। अब देखना यह है कि प्रशासन और नगर परिषद इस पर क्या कदम उठाते हैं।
केशव प्रसाद मौर्य ने केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से की शिष्टाचार भेंट
केशव प्रसाद मौर्य ने आज नई दिल्ली में देश के सहकारिता मंत्री अमित शाह से शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर परउप मुख्यमंत्री ने अमित शाह से आत्मीय मुलाकात कर उनका मार्गदर्शन एवं आशीर्वाद प्राप्त किया। भेंट के दौरान उत्तर प्रदेश के विकास से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तारपूर्वक एवं सार्थक चर्चा हुई। प्रदेश में जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन,ग्रामीण विकास,आधारभूत संरचना के सुदृढ़ीकरण तथा विकास कार्यों को और अधिक गति प्रदान करने सहित विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। मा0उप मुख्यमंत्री जी ने उत्तर प्रदेश में सरकार द्वारा संचालित विकास एवं जनकल्याणकारी कार्यों की प्रगति से भी अवगत कराया।श्री मौर्य ने कहा कि अमित शाह का मार्गदर्शन सदैव नई ऊर्जा,दिशा और प्रेरणा प्रदान करता है। उनके मार्गदर्शन में प्रदेश के विकास तथा जनसेवा के कार्यों को और अधिक प्रभावी एवं परिणामदायी बनाने का संकल्प और मजबूत होता है।भेंट के दौरान संगठनात्मक विषयों पर भी व्यापक विचार-विमर्श हुआ तथा संगठन को और अधिक सशक्त, सक्रिय एवं जनोन्मुख बनाने से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचारों का आदान-प्रदान किया गया। संगठन की मजबूती, कार्यकर्ताओं की सक्रियता तथा जन-जन तक सरकार की उपलब्धियों एवं कल्याणकारी योजनाओं को पहुंचाने सहित विभिन्न विषयों पर भी चर्चा हुई। उप मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह द्वारा अपना अमूल्य समय प्रदान करने तथा महत्वपूर्ण मार्गदर्शन देने के लिए उनका हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि अमित शाह का मार्गदर्शन उत्तर प्रदेश के विकास एवं संगठन को और अधिक मजबूती प्रदान करने में सदैव प्रेरणादायी रहा है।
धार जिले के धामनोद थाना इलाके के जैतापुर इंडस्ट्रियल एरिया में बनी कसीदा कंपनी में महिला मजदूरों ने तनख्वाह बढ़ाने को लेकर लगातार दूसरे दिन भी अपना प्रदर्शन जारी रखा। 12 अगस्त को भी यह आंदोलन चलता रहा। महिला मजदूरों का आरोप है कि पिछले दो साल से उनकी तनख्वाह में एक भी रुपए की बढ़ोतरी नहीं हुई है, जबकि उनसे क्षमता से ज्यादा काम लिया जा रहा है। महिला मजदूरों ने 11 अगस्त को तेज बारिश के बीच सही मजदूरी की मांग को लेकर मोर्चा खोला था। उनकी मुख्य मांग 'ग्रेड बढ़ाओ, सबका बढ़ाओ' है, यानी सभी कर्मचारियों को एक समान ग्रेड और बढ़ी हुई तनख्वाह मिले। हालात को देखते हुए धामनोद पुलिस एसडीओपी मोनिका सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचीं और स्थिति को संभालने की कोशिश की। सबको मिले एक जैसी ग्रेड आंदोलन कर रही महिला कर्मचारियों का कहना है कि वे लंबे समय से काम कर रही हैं, लेकिन मेहनत के हिसाब से पैसा और ग्रेड नहीं मिल रहा। मजदूर रोशनी पंवार ने बताया कि पहले वे सी ग्रेड में थीं, पर विरोध के बाद उन्हें बी ग्रेड दे दिया गया। उनकी मांग है कि जब काम सब एक जैसा करते हैं, तो सभी को बराबरी से बी ग्रेड मिलना चाहिए। इस दौरान धरमपुरी के पूर्व विधायक पांचीलाल मेड़ा भी मजदूरों के बीच पहुंचे। कंपनी प्रबंधन की सफाई कंपनी प्रबंधन ने सफाई देते हुए कहा कि कुल 550 कर्मचारियों में से 91 नए थे, जिन्हें हटाने के बाद 459 बचे। इनमें से नियम पूरे करने वाले 56 कर्मचारियों का प्रमोशन किया गया है। बाकी 403 कर्मचारियों का 1 जुलाई 2026 से 300 रुपए महीना डीए बढ़ाया गया है, जिसकी जानकारी पे-स्लिप में दी गई है। अगर कोई गड़बड़ी होगी तो सुधार किया जाएगा। अधिकारियों संग बैठक रही बेनतीजा मामले को सुलझाने के लिए धरमपुरी तहसीलदार अंजलि गुप्ता, धामनोद एसडीओपी मोनिका सिंह, श्रम निरीक्षक और कसीदा कंपनी के जनरल मैनेजर पी कुलकरणी ने 10 महिला कर्मचारियों और पूर्व विधायक के साथ बैठक की। कर्मचारियों की तरफ से 20 मांगे रखी गईं, जिन पर कंपनी प्रबंधन लगभग तैयार भी हो गया था। लेकिन आखिर में महिला कर्मचारियों ने इन शर्तों पर दस्तखत करने से मना कर दिया, जिससे बैठक बिना किसी नतीजे के खत्म हो गई।
सहरसा में रोड एक्सीडेंट, ई-रिक्शा सवार किसान की मौत:कार और पिकअप की टक्कर से हुई घटना, जांच जारी
सहरसा के सौर बाजार थाना क्षेत्र के सिलेट में बुधवार को एक सड़क हादसे में ई-रिक्शा सवार किसान जयप्रकाश शाह (51) की मौके पर ही मौत हो गई। वह सिलेट वार्ड नंबर 12 के निवासी थे। घटना की सूचना मिलते ही सौर बाजार थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। जानकारी के अनुसार, जयप्रकाश साह बुधवार शाम करीब पांच बजे अपने भाई मनोज साह के साथ ई-रिक्शा से सब्जी लेकर आ रहे थे। कारू खीरहर से आगे बांस बिट के पास पहुंचने पर सामने से आ रही एक बोलेरो और पिकअप की टक्कर हुई, जिससे ई-रिक्शा भी चपेट में आ गया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा टक्कर इतनी भीषण थी कि जयप्रकाश साह गंभीर रूप से घायल हो गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद बोलेरो और पिकअप चालक अपने वाहनों के साथ फरार हो गए। स्थानीय लोगों ने घटना की सूचना पुलिस को दी। सौर बाजार थाना अध्यक्ष सुबोध कुमार ने बताया कि पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही है और टक्कर मारने वाले वाहनों तथा उनके चालकों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। खेती के साथ सब्जी बेचकर चलाता था परिवार परिजनों ने बताया कि जयप्रकाश साह पेशे से किसान थे। वे खेती के साथ-साथ सब्जी बेचकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। वह नियमित रूप से आसपास के बाजारों में सब्जी बेचने जाते थे। उनके 3 बेटे हैं। जयप्रकाश साह की मौत की खबर सुनते ही परिवार में मातम छा गया। गांव और आसपास के इलाके में भी शोक का माहौल है।
मथुरा में कोसीकलां के नगला उटावर गांव में खाद्य विभाग की टीम ने पनीर बनाने वाली एक इकाई पर छापा मारा। टीम ने मौके से करीब 1500 किलो मिलावटी पनीर और 3000 लीटर दूध बरामद कर नष्ट कर दिया। पनीर बनाने में इस्तेमाल किए जा रहे सोयाबीन, रिफाइंड ऑयल और एक केमिकल समेत दूसरे सामान को भी सीज किया गया है। यह कार्रवाई सहायक आयुक्त (खाद्य) डॉ. जतिन कुमार सिंह के निर्देश और मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी केके त्रिपाठी के नेतृत्व में हुई। टीम ने मुस्तकिम पुत्र हनीफ की पनीर निर्माण इकाई पर छापा मारा था। पनीर बनाने में मिलाए जा रहे थे सोयाबीन और केमिकल जांच के दौरान मौके पर 50 किलो स्किम्ड मिल्क पाउडर, 150 किलो रिफाइंड सोयाबीन ऑयल, 60 किलो सोयाबीन और 700 ग्राम रानीपाल केमिकल मिला। खाद्य विभाग के मुताबिक, इनका इस्तेमाल पनीर बनाने में किया जा रहा था। टीम ने पनीर, दूध, रिफाइंड पामोलीन ऑयल, सोयाबीन, रानीपाल केमिकल और स्किम्ड मिल्क पाउडर के कुल 8 नमूने लिए। इसके अलावा चैक बाजार से मिश्रित दूध का एक नमूना भी लिया गया। सभी 9 नमूने जांच के लिए सरकारी लैब भेजे जा रहे हैं। 5.55 लाख रुपए का पनीर और दूध नष्ट कार्रवाई के दौरान करीब 3.60 लाख रुपए कीमत का 1500 किलो दूषित पनीर और 1.95 लाख रुपए कीमत का 3000 लीटर दूध मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। बाकी अपमिश्रकों को सीज कर दिया गया है। खाद्य विभाग ने खाद्य कारोबारकर्ता के खिलाफ स्थानीय थाने में FIR भी दर्ज कराई है। लैब रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पति की लाश को बाथरूम में दफनाने वाली रूबी के केस में नया अपडेट, मासूम बेटियों ने खोले राज
तीन जुलाई को आगरा के इस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा हुआ था। इस मामले में पत्नी रूबी पर हत्या का आरोप लगाया था। शव घर के बाथरूम में दफन था। पुलिस ने मजदूरों को बुलाकर खुदाई कराई। बाथरूम के फर्श के नीचे कंकाल मिला था। अब रूबी की 14 वर्षीय और नौ वर्षीय बेटी ने भी मां के खिलाफ बयान दिए हैं।
शामगढ़ में भारतीय किसान संघ का छह सूत्री मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन दूसरे दिन बुधवार को भी जारी रहा। किसान तहसील कार्यालय के पास अपनी मांगों के समर्थन में डटे हुए हैं। वे धरना स्थल पर ही भोजन पकाकर आंदोलन को मजबूत कर रहे हैं। संघ ने प्रशासन को मांगों के निराकरण के लिए एक घंटे का अंतिम समय दिया है। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय-सीमा के भीतर उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो वे सड़कों पर उतरकर चक्का जाम करेंगे। भारतीय किसान संघ के नेता निहालचंद पाटीदार ने बताया कि आंदोलन के तहत शाम को एक विशाल रैली निकाली गई। उन्होंने जानकारी दी कि मांगों के समर्थन में कल शामगढ़ नगर को पूरी तरह बंद रखने का निर्णय लिया गया है। पाटीदार ने निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि दो दिन बीत जाने के बाद भी अधिकारियों ने उनकी किसी भी मांग को पूरा करने की लिखित गारंटी नहीं दी है। किसान नेताओं के अनुसार, आंदोलन की मुख्य मांगों में वर्ष 2019-20 में हुई भारी अतिवृष्टि का बकाया मुआवजा दिलाना और फसल बीमा से संबंधित समस्याओं का तत्काल समाधान करना शामिल है। संघ ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी सभी प्रमुख मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक यह आंदोलन अनिश्चितकाल के लिए जारी रहेगा।
उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर जिले में तिरंगा यात्रा के दौरान आपस में ही भाजपाई भिड़ गए। नगर पंचायत अध्यक्ष एवं उनके समर्थक जिला महामंत्री की गाड़ी रोककर उनके खिलाफ नारेबाजी करने लगे।
शिक्षक कमर तक पानी पार कर स्कूल पहुंच रहे:सहरसा में टीन की छत के नीचे 202 बच्चों की पढ़ाई
सहरसा के महिषी प्रखंड स्थित एनपीएस कुंदह में शिक्षा व्यवस्था की बदहाल स्थिति सामने आई है। यहां शिक्षक रोजाना कमर तक पानी पार कर स्कूल पहुंचते हैं, जबकि 202 बच्चे टीन की छत के नीचे पढ़ाई करने को मजबूर हैं। स्कूल चारों ओर से बाढ़ के पानी से घिरा हुआ है, जिससे शिक्षकों और छात्रों दोनों को परेशानी हो रही है। स्कूल तक पहुंचने का मुख्य रास्ता पूरी तरह पानी में डूबा है। दूर-दराज से आने वाले शिक्षकों को पानी के बीच से होकर स्कूल पहुंचना पड़ता है, जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है। छत से पानी टपकने से पढ़ाई प्रभावित इस स्थिति के कारण पूर्व में पदस्थापित दो प्रधानाध्यापकों ने विद्यालय में योगदान तक नहीं किया। वर्तमान में प्रभारी प्रधानाध्यापिका प्रेमलता देवी के नेतृत्व में छह शिक्षक किसी तरह विद्यालय का संचालन कर रहे हैं। कक्षा एक से पांच तक संचालित इस विद्यालय में 202 बच्चे नामांकित हैं, लेकिन इसके पास अपना कोई पक्का भवन नहीं है। बच्चे टीन शेड के नीचे दरी पर बैठकर पढ़ते हैं। बारिश के दौरान टीन की छत से पानी टपकने से पढ़ाई बाधित होती है। मामले की जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन इसके अतिरिक्त, विद्यालय में बिजली की सुविधा भी उपलब्ध नहीं है, जिससे गर्मी और उमस में बच्चों को बिना पंखे के पढ़ना पड़ता है। स्थानीय ग्रामीणों और शिक्षकों ने कई बार शिक्षा विभाग को लिखित आवेदन देकर विद्यालय की इस दयनीय स्थिति से अवगत कराया है। हालांकि, अब तक विद्यालय को किसी सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने या कोई वैकल्पिक व्यवस्था करने की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हुई है। इस संबंध में जिला शिक्षा पदाधिकारी रोहित रोशन ने मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करने की बात कही है।
टी प्रतीक राव स्मार्ट सिटी ग्वालियर के सीईओ नियुक्त:अपर आयुक्त के दायित्वों के साथ संभालेंगे नया पद
ग्वालियर नगर निगम के अपर आयुक्त टी प्रतीक राव को स्मार्ट सिटी ग्वालियर का मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) नियुक्त किया गया है। मध्य प्रदेश सरकार ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। आदेश के अनुसार, टी प्रतीक राव अपने वर्तमान दायित्वों के साथ-साथ स्मार्ट सिटी ग्वालियर के सीईओ का कार्यभार भी संभालेंगे। अपर आयुक्त के रूप में टी प्रतीक राव के पास नगर निगम में शहर के विकास और प्रशासन से जुड़े कई महत्वपूर्ण दायित्व हैं। स्मार्ट सिटी की जिम्मेदारी मिलने के बाद अब वे स्मार्ट सिटी मिशन के तहत चल रहे विकास कार्यों, निर्माणाधीन परियोजनाओं और लंबित योजनाओं की निगरानी भी करेंगे। स्मार्ट सिटी सीईओ के तौर पर उनकी प्राथमिक चुनौती निर्माणाधीन परियोजनाओं को समय सीमा में पूरा कराना और उनकी गुणवत्ता सुनिश्चित करना होगी। शहर में स्मार्ट सिटी के तहत सड़क निर्माण, सौंदर्यीकरण, विरासत संरक्षण, पर्यटन विकास और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कई प्रोजेक्ट संचालित हैं। नए सीईओ के सामने इन परियोजनाओं की प्रगति को गति देने की जिम्मेदारी रहेगी। नियुक्ति के बाद नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय ने टी प्रतीक राव को पुष्पगुच्छ भेंट कर शुभकामनाएं दीं। उन्होंने उम्मीद जताई कि राव के नेतृत्व में स्मार्ट सिटी के कार्यों को नई गति मिलेगी और शहरवासियों को योजनाओं का बेहतर लाभ मिल सकेगा।
गाजियाबाद के कोतवाली थाना क्षेत्र में एक होटल की बालकनी से गिरकर बिहार के युवक की मौत हो गई। युवक की मौत की जानकारी परिजनों ने पुलिस को नहीं दी। बाद में होटल के कर्मचारी द्वारा पुलिस को बताया गया। जहां कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और घटना की जानकारी ली। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है। पुलिस का कहना है कि युवक का पैर फिसलने से हादसा हुआ है। युवक के जीजा से भी पुलिस ने घटना की जानकारी ली। तीसरी मंजिल पर होटल में रुकवाया बिहार के कोट निवासी ललित कामत गाजियाबाद के कोतवाली क्षेत्र के इंदर होटल में मैनेजर तैनात हैं। ललित का साला अशोक राय (36 साल) पुत्र बच्चे लाल निवासी बिहार अपनी बहन के यहां आया था। होटल मैनेजर ललित ने अपने साले अशोक राय को इंदर होटल में तीसरी मंजिल पर रुकवाया था। अशोक राय स्टाफ रूम से बालकनी की तरफ पहुंचा। जहां उसका पैर फिसल गया और तीसरी मंजिल की बालकनी से गिरकर मौत हो गई। युवक को अपनी बहन के इलाज के लिए आज बुधवार को दिल्ली के गंगाराम अस्पताल में जाना था। संतुलन बिगड़ने पर पैर फिसला एसीपी कोतवाली उपासना पांडे ने बताया कि जांच में आया अशोक राय का संतुलन बिगड़ने पर पैर फिसल गया। पुलिस ने सीसी टीवी फुटेज भी देखी। जिसमें पाया गया कि अशोक खुद ही पैर फिसलने पर नीचे गिर गया। इस मामले में अशोक के जीजा ने कार्रवाई से इनकार किया है।
डॉक्टर के दो खातों से 1.93 लाख रुपये की ठगी:कल्याणपुर में गूगल-पे के माध्यम से बिना लेनदेन रकम निकली
कानपुर के कल्याणपुर थाना क्षेत्र में एक डॉक्टर के दो बैंक खातों से गूगल-पे के जरिए 1.93 लाख रुपये निकल जाने का मामला सामने आया है। पीड़ित डॉक्टर का कहना है कि उन्होंने न तो कोई यूपीआई भुगतान किया और न ही किसी को रकम भेजी। मोबाइल पर ट्रांजेक्शन का संदेश आने के बाद उन्हें धोखाधड़ी की जानकारी हुई। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर साइबर सेल को जांच सौंप दी है। आवास विकास-3 के सीई ब्लॉक निवासी डॉ. सुरेंद्र मोहन भारतीय ने पुलिस को बताया कि 8 अगस्त को उनके मोबाइल पर गूगल-पे एप के माध्यम से हुए यूपीआई लेनदेन की सूचना मिली। जांच करने पर पता चला कि उनके एचडीएफसी बैंक खाते से 98 हजार रुपये और बैंक ऑफ बड़ौदा खाते से 95 हजार रुपये ट्रांसफर कर लिए गए हैं। दोनों खातों से कुल 1 लाख 93 हजार रुपये निकल गए। डॉक्टर ने बताया कि उन्होंने उस समय कोई ऑनलाइन भुगतान नहीं किया था और न ही किसी को ओटीपी या बैंक संबंधी जानकारी साझा की थी। अचानक खातों से रकम निकलने पर उन्होंने तुरंत बैंक और पुलिस को सूचना दी। साइबर ठगी की आशंकाप्राथमिक जांच में मामला साइबर ठगी का माना जा रहा है। आशंका जताई जा रही है कि किसी तरह यूपीआई आईडी या मोबाइल बैंकिंग से जुड़ी जानकारी का दुरुपयोग किया गया। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि रकम किस खाते में ट्रांसफर हुई और लेनदेन के दौरान कौन-कौन से डिजिटल माध्यम इस्तेमाल किए गए। पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा एसीपी कल्याणपुर दिलीप सिंह ने बताया कि डॉक्टर की तहरीर के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच साइबर सेल की मदद से कराई जा रही है। बैंक खातों के ट्रांजेक्शन विवरण, यूपीआई लॉग और मोबाइल एप की गतिविधियों की जांच की जा रही है। बढ़ रहे हैं यूपीआई फ्रॉड के मामले शहर में लगातार बढ़ रहे ऑनलाइन और यूपीआई फ्रॉड के मामलों ने बैंक उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ा दी है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें, ओटीपी, यूपीआई पिन और बैंक संबंधी जानकारी किसी के साथ साझा न करें तथा मोबाइल पर अनजान ट्रांजेक्शन का संदेश मिलते ही तुरंत बैंक और साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अगर रकम अभी अंतिम खाते तक नहीं पहुंची होगी तो उसे फ्रीज कराने का प्रयास किया जाएगा। फिलहाल साइबर सेल ट्रांजेक्शन की डिजिटल ट्रेल खंगाल रही है और संबंधित बैंक खातों की जानकारी जुटाई जा रही है।
ललितपुर में 10 अगस्त को हुई टीचर अभय लोधी की हत्या के मामले में बुधवार को नया मोड़ सामने आया। घटना के समय टीचर के साथ मौजूद रहे साथी टीचर विजय पाण्डेय ने कोतवाली पहुंचकर पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी। विजय पाण्डेय ने बताया सोमवार 10 अगस्त को स्कूल की छुट्टी के बाद वह टीचर अभय लोधी और उनकी छह वर्षीय बेटी भाग्यश्री के साथ स्कूटी से घर लौट रहे थे। ललितपुर-बानपुर मार्ग पर ग्राम खोंखरा के पास पीछे से आई एक पिकअप ने उनकी स्कूटी में टक्कर मार दी। हादसे में तीनों सड़क पर गिर गए। टक्कर के बाद विजय पाण्डेय बेहोश हो गए। विजय ने बताया कि होश में आने के बाद वह घटनास्थल से उठकर कल्यानपुरा स्थित एक निजी अस्पताल में अपना इलाज कराने चले गए। बुधवार दोपहर, घटना के दो दिन बाद, वह कोतवाली सदर पहुंचे और पुलिस को घटनाक्रम की जानकारी दी। कोतवाली सदर क्षेत्र के ग्राम झरकौन निवासी अभय लोधी (30) पुत्र मक्खन, बानपुर थाना क्षेत्र के ग्राम कल्यानपुरा स्थित एक निजी इंटर कॉलेज में टीचर थे। वह रोजाना अपनी 6 वर्षीय बेटी भाग्यश्री, जो कक्षा दो में पढ़ती है, के साथ स्कूल जाते थे और दोपहर में वापस लौटते थे। बताया गया कि 10 अगस्त को खोंखरा के पास पिकअप की टक्कर के बाद अभय लोधी के साथ मारपीट की गई और उनके सिर पर पत्थर पटक दिया गया। गंभीर रूप से घायल अभय को इलाज के लिए ग्वालियर ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में उनकी मौत हो गई। घटना में साथी टीचर के सामने आने के बाद पुलिस अब विजय पाण्डेय के बयान के आधार पर भी मामले की जांच कर रही है। सीओ सदर अजय कुमार ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए 4 टीमें गठित की गई हैं। इनमें कोतवाली की दो टीमें, स्वाट टीम और सर्विलांस टीम शामिल हैं। पुलिस घटना के सभी पहलुओं की जांच करते हुए आरोपियों की तलाश में जुटी है।
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के राष्ट्रव्यापी 'संगठन सृजन अभियान' के तहत बुधवार को प्रयागराज के गंगापार क्षेत्र की फाफामऊ और सोरांव विधानसभाओं में संगठनात्मक समीक्षा बैठकें आयोजित की गईं। इन बैठकों का उद्देश्य पार्टी संगठन को बूथ और ब्लॉक स्तर तक मजबूत करना, नए कार्यकर्ताओं को जोड़ना और आगामी राजनीतिक गतिविधियों की रणनीति तैयार करना था। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) की सचिव और प्रयागराज की जिला पर्यवेक्षक ज़रीता लैतफलांग मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थीं। उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस को मजबूत बनाने के लिए संगठन को गांव, बूथ और ब्लॉक स्तर तक सक्रिय करना आवश्यक है। लैतफलांग ने कार्यकर्ताओं से जनता के बीच रहकर उनकी समस्याओं को सुनने और जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाने का आह्वान किया। उन्होंने जोर दिया कि संगठन की मजबूती ही कांग्रेस की सबसे बड़ी ताकत है। फाफामऊ विधानसभा की प्रभारी और उत्तर प्रदेश कांग्रेस पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ की प्रदेश महासचिव मंजू मौर्य भी बैठक में मौजूद थीं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठन की नीतियों को घर-घर तक पहुंचाने और अभियान को सफल बनाने का आग्रह किया। मौर्य ने कहा कि कांग्रेस का लक्ष्य हर बूथ पर मजबूत संगठन बनाना और अधिक से अधिक लोगों को पार्टी से जोड़ना है। बैठक में जिला कांग्रेस कमेटी गंगापार के अध्यक्ष अशफाक अहमद, उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव सुनील पांडे, श्रृंगवेरपुर के वार्ड अध्यक्ष आदित्य पांडे समेत कई वरिष्ठ और स्थानीय पदाधिकारी उपस्थित रहे। फाफामऊ और सोरांव विधानसभा क्षेत्रों से बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इन बैठकों में भाग लिया। कार्यकर्ताओं ने संगठन विस्तार, सदस्यता अभियान और आगामी कार्यक्रमों से संबंधित अपने सुझाव प्रस्तुत किए। नेताओं ने कार्यकर्ताओं से आपसी समन्वय बढ़ाने और पार्टी की नीतियों को आम जनता तक पहुंचाने का आह्वान किया। बैठक के समापन पर, स्थानीय पदाधिकारियों ने शीर्ष नेतृत्व का आभार व्यक्त किया और संगठन सृजन अभियान को गांव-गांव तक पहुंचाने का संकल्प लिया। आगामी राजनीतिक और संगठनात्मक कार्यक्रमों को सफलतापूर्वक आयोजित करने की रणनीति पर भी सहमति बनी।
प्रयागराज जिला प्रशासन और क्षेत्रीय खेल कार्यालय 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 5 किलोमीटर की क्रॉस कंट्री रेस का आयोजन कर रहे हैं। यह दौड़ पुरुष और महिला दोनों वर्गों के लिए होगी। प्रतियोगिता में भाग लेने के इच्छुक खिलाड़ी 14 अगस्त को सुबह मदन मोहन मालवीय स्टेडियम में अपनी एंट्री और बिब नंबर प्राप्त कर सकते हैं। विजेताओं को 15 अगस्त को ध्वजारोहण के बाद पुरस्कृत किया जाएगा। क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी शिव कुमार यादव ने बताया कि रेस 15 अगस्त को सुबह छह बजे चंद्रशेखर आजाद पार्क के गेट नंबर-3 से शुरू होगी। यह दौड़ आजाद पार्क के गेट नंबर-3 से होते हुए हिंदू हॉस्टल, हनुमान मंदिर, मेडिकल चौराहा, बाल्सन चौराहा, इंडियन प्रेस चौराहा से गुजरेगी और चंद्रशेखर आजाद मूर्ति गेट नंबर-3 पर ही समाप्त होगी। प्रतियोगिता को सफल और सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए खेल कार्यालय ने कई प्रशासनिक निर्देश जारी किए हैं। अमिताभ बच्चन स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के उप क्रीड़ा अधिकारी मनीष गुप्ता को वहां प्रशिक्षण ले रहे बालक-बालिकाओं की सहभागिता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। क्षेत्रीय खेल कार्यालय के अंशकालिक मानदेय एथलेटिक्स प्रशिक्षक सत्येंद्र सिंह को आयोजन से संबंधित सभी आवश्यक कार्रवाई पूरी करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
प्रयागराज मंडल में रेल संचालन को और सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से बुधवार से दो दिवसीय इंटर-रेलवे सेफ्टी ऑडिट शुरू हुआ। पश्चिम मध्य रेलवे (डब्ल्यूसीआर) की एक विशेषज्ञ टीम ने प्रयागराज-फतेहपुर रेलखंड का व्यापक निरीक्षण किया। यह ऑडिट पश्चिम मध्य रेलवे के प्रमुख मुख्य संरक्षा अधिकारी मनोज गुरुमुखी के मार्गदर्शन में किया जा रहा है, जिसका नेतृत्व सीटीपीएम राजेश दत्त बाजपेयी ने किया। टीम में इंजीनियरिंग, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल और संरक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। ऑडिट के दौरान स्टेशनों, रेलवे यार्ड, लेवल क्रॉसिंग, रेलवे पुलों और सुरक्षा से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण स्थानों की बारीकी से जांच की गई। टीम ने भरवारी स्टेशन और यार्ड, लेवल क्रॉसिंग गेट एलसी-13ए, रेलवे ट्रैक के पॉइंट एवं क्रॉसिंग, कर्व संख्या-12 अप, सिराथू-अथसराय के बीच स्थित मेजर ब्रिज संख्या-109 (गर्डर ब्रिज) और एलएचएस संख्या-40 का निरीक्षण किया। इसके अतिरिक्त, फतेहपुर स्टेशन और यार्ड का भी विस्तृत निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने इन स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था, ट्रैक की स्थिति और अन्य तकनीकी पहलुओं की विस्तार से समीक्षा की। ऑडिट टीम ने फील्ड में तैनात कर्मचारियों से भी बातचीत की। इस दौरान कर्मचारियों से उनके कार्य, जिम्मेदारियों और सुरक्षा नियमों की जानकारी ली गई। टीम ने यह भी सुनिश्चित किया कि रेल संचालन के दौरान निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन किस तरह किया जा रहा है। फतेहपुर स्टेशन पर टीम ने पॉइंट, एसईजे, रिले रूम और अन्य महत्वपूर्ण सुरक्षा व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने संबंधित अभिलेखों और तकनीकी दस्तावेजों की भी जांच की तथा आवश्यक जानकारी जुटाई। प्रयागराज मंडल की ओर से अपर मंडल रेल प्रबंधक (परिचालन) एम.एम. वारिस, वरिष्ठ मंडल संरक्षा अधिकारी यू.सी. शुक्ला सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी ऑडिट टीम के साथ मौजूद रहे और निरीक्षण में सहयोग किया। ऑडिट के दूसरे दिन, 13 अगस्त को प्रयागराज स्टेशन स्थित एआरटी/एआरएमई, लॉबी और रनिंग रूम का निरीक्षण किया जाएगा। इसके बाद पश्चिम मध्य रेलवे की टीम मंडल रेल प्रबंधक के साथ बैठक कर निरीक्षण के दौरान सामने आए बिंदुओं पर चर्चा करेगी। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, ऐसे नियमित सेफ्टी ऑडिट से सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत होती है तथा संभावित कमियों को समय रहते दूर करने में मदद मिलती है।
प्रयागराज को वैश्विक आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और आधुनिक विकास के केंद्र के रूप में स्थापित करने के उद्देश्य से मेयर गणेश केसरवानी ने बेंगलुरु में द आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन के संस्थापक श्री श्री रविशंकर और एसएसआरपीएल के चेयरमैन प्रसन्ना प्रभु से मुलाकात की। इस बैठक में आध्यात्मिक विश्वविद्यालय, डिजिटल कुम्भ और रिवर फ्रंट जैसी प्रयागराज के समग्र विकास से जुड़ी परियोजनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई। मेयर केसरवानी ने प्रयागराज को भारत की आध्यात्मिक चेतना और सनातन संस्कृति का प्रमुख केंद्र बताया। उन्होंने प्रस्ताव दिया कि शहर में एक आध्यात्मिक विश्वविद्यालय स्थापित किया जाए। इस विश्वविद्यालय में योग, ध्यान, भारतीय दर्शन, संस्कृति और जीवन मूल्यों को आधुनिक शिक्षा एवं शोध के साथ एकीकृत किया जाएगा। मेयर के अनुसार, यह विश्वविद्यालय देश-विदेश के विद्यार्थियों और शोधार्थियों के लिए प्रयागराज को एक प्रमुख आकर्षण बना सकता है। बैठक में डिजिटल कुम्भ की अवधारणा पर भी विचार-विमर्श किया गया। मेयर ने कुम्भ मेले को वैश्विक स्तर पर अधिक प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने के लिए आधुनिक तकनीक, डिजिटल प्लेटफॉर्म, वर्चुअल अनुभव और स्मार्ट सूचना प्रबंधन के उपयोग पर जोर दिया। उनका मानना है कि यह पहल प्रयागराज को भविष्य के स्मार्ट आध्यात्मिक शहर के रूप में विकसित करने में सहायक होगी। गंगा और यमुना तट के विकास से जुड़ी रिवर फ्रंट परियोजना पर भी चर्चा हुई। मेयर ने स्पष्ट किया कि यह परियोजना केवल सौंदर्यीकरण तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि इसे पर्यावरण संरक्षण, पर्यटन, जनसुविधाओं और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का माध्यम बनना चाहिए। द आर्ट ऑफ लिविंग के प्रतिनिधियों ने इन प्रस्तावों में गहरी रुचि दिखाई और भविष्य में संभावित सहयोग पर आगे विचार करने की सहमति व्यक्त की। मेयर ने विश्वास व्यक्त किया कि सामाजिक और आध्यात्मिक संस्थाओं की सहभागिता से प्रयागराज के विकास को नई गति मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि विकसित भारत @2047 के संकल्प के अनुरूप, ये परियोजनाएं प्रयागराज को विश्वस्तरीय आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन केंद्र बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
फाजिल्का में पंजाब राज्य खाद्य आयोग के सदस्य चेतन प्रकाश धालीवाल ने बुधवार को जिले का अचानक दौरा कर राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के तहत चल रही विभिन्न योजनाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान सरकारी स्कूलों में बच्चों को दिए जाने वाले मिड-डे मील और आंगनवाड़ी सेंटरों के राशन की जांच की गई। कई स्थानों पर राशन में सुसरी (कीड़े) मिलने से हड़कंप मच गया। निरीक्षण के दौरान सरकारी मिडिल स्मार्ट स्कूल जंडवाला खरता में चावलों में सुसरी (कीड़े) पाई गई। वहीं सरकारी प्राइमरी स्मार्ट स्कूल जंडवाला खरता में गेहूं और चावलों में भी कीड़े मिले। सदस्य ने संबंधित अधिकारियों को राशन बदलने के निर्देश दिए। सरकारी प्राइमरी स्मार्ट स्कूल रामपुरा में आरओ के पानी की भी जांच की गई। पानी का टीडीएस 275 पाया गया। इस पर उन्होंने समय-समय पर आरओ की गुणवत्ता की जांच करवाने के निर्देश दिए, ताकि बच्चों को पीने योग्य पानी उपलब्ध हो सके। कई जगह पाई गई कमियां आंगनवाड़ी सेंटरों की जांच के दौरान भी गंभीर कमियां सामने आईं। रामपुरा आंगनवाड़ी सेंटर में रखे पूरे राशन में सुसरी (कीड़े) पाई गई। इस पर सदस्य ने डीपीओ को निर्देश दिए कि एनजीओ को पुराना राशन वापस करवाकर नया राशन मंगवाया जाए। वहीं आंगनवाड़ी सेंटर जंडवाला खरता खुला हुआ था, लेकिन निरीक्षण के दौरान आंगनवाड़ी वर्कर और हेल्पर दोनों गैरहाजिर पाए गए। सदस्य ने उन्हें चेतावनी देते हुए मामले में कार्रवाई करने की बात कही। कई जगह नहीं बंटा गेहूं उधर निरीक्षण के दौरान राशन डिपो खिओवाली ढाब में गेहूं पहुंच चुका था, लेकिन उसका वितरण शुरू नहीं हुआ था। सदस्य ने संबंधित अधिकारियों को जल्द से जल्द गेहूं का वितरण शुरू करवाने के निर्देश दिए। चेतन प्रकाश धालीवाल ने कहा कि निरीक्षण के दौरान सामने आई कमियों को तुरंत दूर किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में ऐसी लापरवाही दोबारा सामने आई तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। कई स्कूलों का किया निरीक्षण इस दौरान सरकारी प्राइमरी स्मार्ट स्कूल रामपुरा, सरकारी मिडिल स्मार्ट स्कूल जंडवाला खरता, सरकारी प्राइमरी स्मार्ट स्कूल जंडवाला खरता, सरकारी प्राइमरी स्मार्ट स्कूल हीरांवाली, सरकारी हाई स्कूल हीरांवाली, आंगनवाड़ी सेंटर रामपुरा, जंडवाला खरता, हीरांवाली तथा राशन डिपो का निरीक्षण किया गया।
लसूड़िया थाना क्षेत्र में 14 वर्षीय बालिका के साथ छेड़छाड़ करने वाले 60 वर्षीय होम ट्यूटर को अदालत ने दोषी करार देते हुए 5 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। उपनिदेशक अभियोजन राजेंद्र सिंह भदौरिया ने बताया कि आरोपी नितिन सप्रे (60 वर्ष) को पॉक्सो अधिनियम की धाराओं के तहत 5 वर्ष का सश्रम कारावास, 1 वर्ष का अतिरिक्त सश्रम कारावास और 16 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया गया है। डेमो क्लास के दूसरे ही दिन नीयत बिगड़ी पीड़िता 9वीं कक्षा की छात्रा है और वर्ष 2006 से अपने मौसा-मौसी के पास रहकर पढ़ाई कर रही थी। मौसी ने पढ़ाई के लिए आरोपी नितिन सप्रे को ट्यूशन पढ़ाने के लिए बुलाया था। 7 जून 2022 से ट्यूटर की डेमो क्लास शुरू हुई थी। घर में अकेला पाकर की थी हरकत घटना 8 जून 2022 की दोपहर करीब 2 बजे की है। ट्यूटर जब पढ़ाने आया, तब छात्रा घर में अकेली थी और उसकी बड़ी बहन कुत्ते को टहलाने नीचे गई हुई थी। छात्रा को अकेला पाकर ट्यूटर उसके पास आकर बैठ गया और गलत तरीके से छूने लगा। पीड़िता ने इस मामले की शिकायत 9 जून 2022 को थाना लसूड़िया में दर्ज कराई थी। अदालत में विशेष लोक अभियोजक सीमा शर्मा की प्रभावी पैरवी के बाद आरोपी को कठोर सजा सुनाई गई।
यूपी के 184 प्राइवेट हॉस्पिटल आयुष्मान योजना से बाहर, डिप्टी CM ब्रजेश पाठक ने बताई वजह
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने 184 अस्पतालों को आयुष्मान योजना से बाहर किए जाने की वजह बताई है। उन्होंने कहा कि अस्पतालों को मानकों की पूर्ति के लिए मार्च से लगातार अवसर और सूचनाएं दी जा रही थीं। इसके बाद भी कई अस्पतालों ने निर्धारित समय में जरूरी शर्तें पूरी नहीं कीं। इस पर नियमानुसार कार्रवाई की गई।
101 ग्राम स्मैक के साथ युवक गिरफ्तार:अररिया में नाबालिग किशोरी भी बरामद, SDPO ने दी जानकारी
अररिया के आरएस थाना पुलिस ने नशे के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने 101 ग्राम अवैध स्मैक के साथ एक युवक को गिरफ्तार किया है। इस दौरान एक नाबालिग किशोरी भी बरामद हुई, जिसे संबंधित बाल संरक्षण संस्थाओं के समक्ष प्रस्तुत करने की प्रक्रिया की जा रही है। मामले की जानकारी देते हुए एसडीपीओ सुशील कुमार ने बताया कि पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर आरएस थाना क्षेत्र में मादक पदार्थों की तस्करी और बिक्री के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में पुलिस टीम क्षेत्र में वाहन जांच कर रही थी। जांच के दौरान बाइक सवार एक युवक पुलिस टीम को देखकर भागने का प्रयास करने लगा। पुलिसकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए उसे पकड़ लिया। 101 ग्राम अवैध स्मैक बरामद गिरफ्तार युवक की पहचान मकसूद (लगभग 32 वर्ष), पिता एम. फारुख, वार्ड संख्या-08, आरएस थाना क्षेत्र निवासी के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, तलाशी लेने पर उसके पास से 101 ग्राम अवैध स्मैक बरामद हुई। मौके से एक बाइक भी जब्त की गई। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर बताया कि वह दूसरे तस्करों से स्मैक खरीदकर उसे छोटी-छोटी पुड़िया में तैयार करता था और बाद में ग्राहकों को बेचता था। पुलिस अब उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाने में लगी है। तस्करी और बिक्री के खिलाफ अभियान आगे भी इस मामले में आरएस थाना कांड संख्या 189/26, दिनांक 11 अगस्त 2026 दर्ज किया गया है। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने आरोपी के आपराधिक इतिहास की भी जांच की है। पुलिस के मुताबिक, उसके खिलाफ पूर्व में अररिया थाना और आरएस थाना में भी मामले दर्ज हैं। वहीं, बरामद नाबालिग किशोरी को नियमानुसार बाल कल्याण समिति और किशोर न्याय परिषद के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र में नशीले पदार्थों की तस्करी और बिक्री के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। पुलिस का कहना है कि नशे के कारोबार से जुड़े लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
छतरपुर में बुधवार को 'हर घर तिरंगा' अभियान के तहत तिरंगा साइकिल रैली निकाली गई। लोगों ने हाथों में तिरंगा लेकर वंदे मातरम् और देशभक्ति के नारे लगाए। रैली की शुरुआत वंदे मातरम् के सामूहिक गायन से हुई। छतरपुर विधायक ललिता यादव, कलेक्टर मृणाल मीना, जिला पंचायत अध्यक्ष विद्या अग्निहोत्री और नगर पालिका अध्यक्ष ज्योति चौरसिया ने हरी झंडी दिखाकर रैली को रवाना किया। रैली उत्कृष्ट विद्यालय क्रमांक-1 से शुरू होकर छत्रसाल चौराहा, महल रोड, प्रताप सागर तालाब और पुलिस लाइन होते हुए वापस उत्कृष्ट विद्यालय पहुंची। तस्वीरें देखें… अधिकारी, विद्यार्थी और एनसीसी कैडेट्स हुए शामिल रैली में पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा, जिला पंचायत सीईओ नमः शिवाय अरजरिया, एडीएम विनय द्विवेदी, एएसपी आदित्य पाटले, सीएमओ माधुरी शर्मा सहित जनप्रतिनिधि, समाजसेवी, अधिकारी-कर्मचारी, विद्यार्थी और एनसीसी कैडेट्स शामिल हुए। शहर के लोग भी रैली में शामिल हुए। सेल्फी पॉइंट भी बनाया गया रैली के दौरान प्रतिभागियों ने हाथों में तिरंगा लेकर वंदे मातरम् और देशभक्ति के नारे लगाए। प्रशासन ने लोगों से 'हर घर तिरंगा' अभियान से जुड़ने और स्वतंत्रता दिवस पर अपने घरों पर तिरंगा फहराने की अपील की। रैली के समापन स्थल पर तिरंगा सेल्फी पॉइंट बनाया गया था, जहां प्रतिभागियों ने तस्वीरें लीं। 17 अगस्त तक चलेगा अभियान जिले में 17 अगस्त तक 'हर घर तिरंगा' अभियान चलाया जा रहा है। रैली का उद्देश्य लोगों को अभियान से जोड़ना और स्वतंत्रता दिवस के मौके पर घरों पर तिरंगा फहराने के लिए प्रेरित करना था।
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने बुधवार को अयोध्या के हैदरगंज में आयोजित विधानसभा स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन में भाजपा, आरएसएस और राम मंदिर ट्रस्ट पर तीखा हमला बोला। उन्होंने राम मंदिर में सीईओ की नियुक्ति पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार मंदिर को कमाई का जरिया न बनाए। मंदिर की व्यवस्था धर्माचार्यों के हाथ में होनी चाहिए। ‘गिनने वाले जेल गए, गिनवाने वाले क्यों नहीं?’ राम मंदिर के चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में कार्रवाई को लेकर अजय राय ने सवाल उठाते हुए कहा, “गिनने वाले जेल गए, गिनवाने वाले क्यों नहीं गए?” उन्होंने कहा कि चढ़ावा गिनवाने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए। अजय राय ने आरोप लगाया कि राम मंदिर का पैसा आरएसएस के खाते में गया है। उन्होंने राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े नृपेंद्र मिश्रा, चंपत राय, अनिल मिश्रा, गोविंद देवगिरी और गोपाल राव के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की। ये सभी आरोप अजय राय ने लगाए हैं। 2027 में चढ़ावा चोरी समेत कई मुद्दे अजय राय ने कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव में राम मंदिर चढ़ावा चोरी, बेरोजगारी, पेपर लीक, छात्रों की समस्याएं और कानून-व्यवस्था प्रमुख मुद्दे होंगे। उन्होंने कहा कि प्रयागराज के बाद पूरे प्रदेश में कांग्रेस संगठन को मजबूत करने के लिए कार्यक्रम आयोजित करेगी। अयोध्या में आयोजित सम्मेलन भी इसी अभियान का हिस्सा है। ‘जीरो टॉलरेंस’ पर सरकार को घेरा प्रदेश अध्यक्ष ने कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने गोरखपुर में हुई हत्या और बच्ची से दुष्कर्म की घटनाओं का जिक्र करते हुए सरकार से सवाल किया कि जब प्रदेश में जीरो टॉलरेंस की नीति है तो ऐसी घटनाएं क्यों हो रही हैं। रामलला और हनुमानगढ़ी में किए दर्शन कार्यकर्ता सम्मेलन के बाद अजय राय ने राम मंदिर में रामलला के दर्शन-पूजन किए। इसके बाद हनुमानगढ़ी पहुंचकर बजरंगबली के दर्शन किए और प्रदेश की खुशहाली, अमन-चैन और समृद्धि की कामना की। शोक संतप्त परिवारों से भी मिले अजय राय ने कांग्रेस नेता महेश वर्मा के अनुज के निधन पर दर्शननगर के तकपुरा स्थित उनके आवास पहुंचकर परिजनों से मुलाकात की। इसके बाद जिला कांग्रेस कमेटी के अल्पसंख्यक विभाग के अध्यक्ष मो. आमिर की माता के निधन पर महुबरा चौराहा स्थित आवास पहुंचकर शोक संवेदना व्यक्त की। सम्मेलन की अध्यक्षता जिला कांग्रेस अध्यक्ष चेतनारायण सिंह ने की। संयोजक पीसीसी सदस्य अशोक सिंह रहे। राजेंद्र प्रताप सिंह, रामदास वर्मा, रेनू राय, गौरव तिवारी, राकेश तिवारी समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि पुलिस यौन उत्पीड़न की शिकायत पर एफआईआर दर्ज करने से सिर्फ़ इसलिए मना नहीं कर सकती, क्योंकि शिकायतकर्ता महिला ने अपने आरोपों के समर्थन में वाट्सएप चैट, कॉल रिकॉर्डिंग या अन्य ठोस सबूत पेश नहीं किए। कोर्ट ने यह भी कहा कि जब कोई महिला संज्ञेय अपराध की जानकारी लेकर पुलिस के पास जाती है तो कानूनी जांच करने की ज़िम्मेदारी उस महिला पर नहीं डाली जा सकती। कंपनी के मालिक पर कर्मचारी महिला के आरोप जस्टिस चंद्र धारी सिंह और जस्टिस तरुण सक्सेना की बेंच ने यह टिप्पणी तब की जब वे एक याचिका खारिज कर रहे थे। इस याचिका में याची अर्पित गुप्ता ने यौन उत्पीड़न, छेड़छाड़, डिजिटल पेनिट्रेशन और आपराधिक धमकी के आरोपों वाली एफआईआर को रद्द करने की मांग की गई थी। ये आरोप उस कंपनी के मालिक पर लगाए गए, जहां शिकायतकर्ता महिला काम करती थी। कोर्ट ने कहा: यह समझना मुश्किल है कि जब शिकायतकर्ता महिला आरोपों के साथ संबंधित पुलिस स्टेशन गई, जिनसे पहली नज़र में ही संज्ञेय अपराध का पता चलता था, तो पुलिस ने एफआईआर क्यों दर्ज नहीं की। गाजियाबाद पुलिस कमिश्नर की जांच कराएं डीजीपी कोर्ट ने उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक को निर्देश दिया कि वे जांच करें कि एफआईआर क्यों दर्ज नहीं की गई और गाज़ियाबाद के पुलिस कमिश्नर सहित संबंधित पुलिस कर्मियों के आचरण की भी जांच करें। डीजीपी को खास तौर पर यह जांचने का निर्देश दिया गया कि क्या 16 जुलाई, 2026 की पुलिस रिपोर्ट कानूनी और निष्पक्ष शुरुआती जांच के बाद तैयार की गई थी, और क्या शिकायतकर्ता महिला द्वारा वाट्सएप चैट, कॉल रिकॉर्डिंग या सोशल मीडिया का मैटीरियल पेश न कर पाने को एफआईआर दर्ज करने से इनकार करने का कानूनी आधार माना जा सकता था। डीजीपी निगरानी रखें, चार हफ्ते में रिपोर्ट दें डीजीपी को जांच की व्यक्तिगत रूप से निगरानी करने और चार हफ़्ते के भीतर व्यक्तिगत हलफनामे के ज़रिए रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया। इस रिपोर्ट में जांचे गए अधिकारियों, उनके स्पष्टीकरण, नतीजों और प्रस्तावित या की गई कार्रवाई का ब्योरा होना चाहिए। कोर्ट ने गाज़ियाबाद के पुलिस कमिश्नर को यह सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया कि जांच निष्पक्ष, बिना किसी भेदभाव के और कानून के अनुसार की जाए। कोर्ट ने उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक को यह जांच करने का भी निर्देश दिया कि गाजियाबाद पुलिस अधिकारियों ने महिला की शिकायत पर एफआईआर दर्ज करने से क्यों मना किया। महिला ने अपने नियोक्ता पर यौन उत्पीड़न, छेड़छाड़, उकसाने और आपराधिक धमकी देने का आरोप लगाया था। बार बार यौन उत्पीड़न किया गया शिकायतकर्ता महिला याचिकाकर्ता की कंपनी में एडमिन के तौर पर काम करती थी। उसने आरोप लगाया कि आरोपी-याचिकाकर्ता ने बार-बार उसका यौन उत्पीड़न किया, उसके साथ छेड़छाड़ की, उसे धमकाया और उसके साथ यौन दुर्व्यवहार किया। उसने आगे आरोप लगाया कि मार्च 2026 में उसने डिजिटल पेनिट्रेशन किया और उसे तथा उसके परिवार के सदस्यों को धमकाया। वह पहले गाजियाबाद के वेव सिटी पुलिस स्टेशन गई और उसके बाद गाजियाबाद के पुलिस कमिश्नर के पास गई, लेकिन कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई। फिर वह बी एन एस एस की धारा 173(4) के तहत संबंधित मजिस्ट्रेट के पास गई। पुलिस ने मजिस्ट्रेट के सामने एक रिपोर्ट पेश की, जिसमें कहा गया कि महिला से वाट्सएप चैट, कॉल रिकॉर्डिंग या सोशल-मीडिया बातचीत उपलब्ध कराने के लिए कहा गया, लेकिन वह ऐसा कोई सबूत पेश नहीं कर पाई। पुलिस की रिपोर्ट अलग पुलिस रिपोर्ट में उसके आरोपों को बढ़ा-चढ़ाकर बताया गया, झूठा और बेबुनियाद करार दिया गया और कहा गया कि ये आरोप दबाव बनाने का तरीका थे या नियोक्ता द्वारा पहले दर्ज कराए गए जबरन वसूली के मामले का जवाब थे। हालांकि, मजिस्ट्रेट ने 20 जुलाई, 2026 को एफआईआर दर्ज करने और जांच का आदेश दिया। इसे बीएनएस की धाराओं 64 (बलात्कार), 74 (महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने के इरादे से हमला या आपराधिक बल का प्रयोग), 75(2) (यौन उत्पीड़न), 76 (कपड़े उतारने के इरादे से महिला पर हमला या आपराधिक बल का प्रयोग) और 351(3) (आपराधिक धमकी) के तहत दर्ज किया गया। एफआईआर रद्द के लिए हाइकोर्ट गए एफआईआर दर्ज होने के बाद आरोपी नियोक्ता ने एफआईआर को रद्द करने के लिए हाईकोर्ट का रुख किया। उसने तर्क दिया कि आरोप झूठे और अविश्वसनीय थे और ये पहले हुई जबरन वसूली की कार्रवाई से प्रेरित थे। कोर्ट ने एफआईआर रद्द करने के चरण में विवादित तथ्यात्मक आरोपों की जांच करने से इनकार किया। कोर्ट ने जोर दिया कि इन आरोपों की जांच की आवश्यकता है और अनुच्छेद 226 के तहत कार्यवाही में इनका निर्णायक रूप से निर्धारण नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने गौर किया कि आरोप केवल इलेक्ट्रॉनिक संचार तक सीमित नहीं थे, बल्कि इनमें नियोक्ता के केबिन में कथित शारीरिक हरकतें, यात्रा के दौरान कथित छेड़छाड़, धमकियां और रोजगार संबंध का कथित दुरुपयोग भी शामिल था। चैट न होने से साबित नहीं की आरोप झूठे बेंच ने कहा, शुरुआती चरण में चैट या रिकॉर्डिंग का न होना यह साबित नहीं करता कि आरोप झूठे हैं। कोर्ट ने आगे कहा कि एफआईआर दर्ज होने के बाद जांच एजेंसी कॉल डिटेल रिकॉर्ड, लोकेशन रिकॉर्ड, सब्सक्राइबर विवरण और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सबूत इकट्ठा कर सकती है। इसलिए कोर्ट ने माना कि पीड़िता द्वारा ऐसी सामग्री पेश न करने को एफआईआर दर्ज करने से इनकार करने का आधार बनाना पुलिस के लिए उचित नहीं था। बेंच ने यह भी कहा, जब पीड़िता संज्ञेय अपराधों की जानकारी लेकर पुलिस के पास जाती है तो उस चरण में कानूनी जांच करने की जिम्मेदारी पीड़िता पर नहीं डाली जा सकती। बेंच ने कहा पुलिस को जानकारी दर्ज करनी होती है, आरोपों की जांच करनी होती है और सबूत इकट्ठा करने होते हैं। उन्हें एफआईआर दर्ज करने के चरण में आरोपों के सही या गलत होने का अंतिम फ़ैसला करने की ज़रूरत नहीं होती है। कोर्ट ने आगे यह भी कहा, पुलिस का कर्तव्य है कि वह शिकायत ले, संज्ञेय अपराध होने पर एफआईआर दर्ज करे, निष्पक्ष जांच करे और जांच का नतीजा सक्षम अदालत के सामने रखे। आरोपों की सच्चाई, गवाहों की विश्वसनीयता, सबूतों की स्वीकार्यता और पर्याप्तता, और आरोपी के दोषी या निर्दोष होने के बारे में अंतिम फ़ैसला कानून के अनुसार आपराधिक अदालत को करना होता है। कोर्ट ने आगे कहा कि एफआईआर दर्ज करने से पहले पुलिस द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट केवल पुलिस की शुरुआती राय थी और इसे आरोपों के सही या गलत होने के बारे में अंतिम फ़ैसला नहीं माना जा सकता। बेंच ने कहा कि यौन अपराध की शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कानून के अनुसार की जानी चाहिए। इसके अनुसार, कोर्ट ने एफआईआर को रद्द करने से इनकार किया। हालांकि, कोर्ट ने इस बात पर चिंता जताई कि जब शिकायतकर्ता महिला ने शुरू में पुलिस से संपर्क किया था, तो पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया। कोर्ट ने कहा: यह समझना मुश्किल है कि जब शिकायतकर्ता महिला ऐसे आरोपों के साथ संबंधित पुलिस स्टेशन गई, जिनसे पहली नज़र में ही संज्ञेय अपराध का पता चलता था, तो पुलिस ने एफआईआर क्यों दर्ज नहीं की।

