बहराइच के रुपईडीहा थाना क्षेत्र में मंगलवार देर रात पुलिस और वाहन चोर गिरोह के सदस्यों के बीच मुठभेड़ हुई थी। इस दौरान एक बदमाश के पैर में गोली लगी थी, जबकि उसके दो साथी फरार हो गए थे। पुलिस उनकी तलाश कर रही थी। बुधवार सुबह करीब 6 बजे पुलिस ने दोनों फरार बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया। इनके पास से चोरी की 12 बाइक बरामद हुई हैं। प्रभारी निरीक्षक हरेंद्र कुमार मिश्रा अपनी टीम के साथ रुपईडीहा-हमराहिया मार्ग पर गश्त कर रहे थे। तभी उन्हें मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ अपराधी चोरी की मोटरसाइकिलें लेकर जैतापुर से चिकनिया होते हुए नेपाल भागने की कोशिश में हैं। इस सूचना पर पुलिस टीम ने रास्ते में घेराबंदी कर वाहनों की जांच शुरू कर दी। इसी दौरान दो मोटरसाइकिलों पर तीन संदिग्ध लोग आते दिखे। पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, तो आरोपियों ने बाइक मोड़कर भागने का प्रयास किया और पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। पैर में गोली लगने से घायल पुलिस की जवाबी कार्रवाई में एक आरोपी अब्दुल उर्फ अब्दुल सलाम, जो सीतापुरवा सहजना, थाना रुपईडीहा का रहने वाला है, उसके पैर में गोली लगने से घायल हो गया। उसके दो साथी मौके से फरार हो गए थे। पुलिस ने बुधवार सुबह दोनों फरार अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस हिरासत में कोर्ट भेजा उनकी निशानदेही पर जंगल में छिपाकर रखी गई चोरी की दस और बाइक भी बरामद हुई हैं। पकड़े गए दोनों अपराधियों की पहचान राज जसगढ़ और मोहम्मद जुनैद के रूप में हुई है। ये दोनों नेपाल के बांके जिले के रहने वाले हैं। सभी आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें पुलिस हिरासत में कोर्ट भेजा जा रहा है।
अयोध्या एयरपोर्ट पर अक्टूबर से उड़ानों की संख्या होने जा रही है दोगुनी
भगवान श्री राम की पावन नगरी अयोध्या में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या में लगातार हो रही ऐतिहासिक बढ़ोतरी को देखते हुए उत्तर प्रदेश के एविएशन सेक्टर से इस समय की सबसे बड़ी और शानदार खुशखबरी सामने आ रही है। मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट (Ayodhya Airport) से आगामी अक्टूबर महीने से उड़ानों की संख्या में सीधे तौर पर दोगुना इजाफा होने वाला है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय और एयरपोर्ट प्रशासन द्वारा बनाई गई नई कार्ययोजना के तहत देश के कई प्रमुख महानगरों और धार्मिक स्थलों के लिए नई डायरेक्ट फ्लाइट्स का संचालन शुरू किया जाएगा, जिससे अयोध्या की कनेक्टिविटी देश के कोने-कोने से और अधिक मजबूत हो जाएगी। प्राण प्रतिष्ठा के बाद से ही अयोध्या आने वाले राम भक्तों का जो तांता लगा हुआ है, उसे ध्यान में रखते हुए इस फैसले को एक बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है, जिससे न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा बल्कि स्थानीय व्यापार और रोजगार के नए अवसरों के द्वार भी खुलेंगे।अयोध्या एयरपोर्ट के विस्तार और नई उड़ानों का पूरा खाकाजब से अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण हुआ है और अंतरराष्ट्रीय स्तर का एयरपोर्ट शुरू हुआ है, तब से यहां आने वाले विमान यात्रियों की तादाद ने पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। मौजूदा समय में सीमित उड़ानों के कारण कई यात्रियों को टिकट मिलने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था और उन्हें लखनऊ या गोरखपुर के रास्ते अयोध्या पहुंचना पड़ता था। यात्रियों की इसी भारी मांग और असुविधा को दूर करने के लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी ने अक्टूबर से उड़ानों की संख्या को दोगुना करने का मास्टर प्लान तैयार कर लिया है। इसके तहत विभिन्न विमानन कंपनियों (Airlines) के साथ समन्वय स्थापित किया जा चुका है और नए स्लॉट आवंटित किए जा रहे हैं, ताकि उत्तर भारत के साथ-साथ दक्षिण, पश्चिम और पूर्व भारत के प्रमुख शहरों से भी अयोध्या के लिए सीधी विमान सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।किन-किन प्रमुख शहरों के लिए मिलेगी नई फ्लाइट्स की सुविधा?अक्टूबर महीने से शुरू होने वाली इन नई उड़ानों के तहत देश के कई बड़े और व्यस्त हवाई अड्डों को अयोध्या से सीधे जोड़ा जाएगा। शुरुआती योजनाओं के अनुसार, नई फ्लाइट्स मुख्य रूप से दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, कोलकाता, चेन्नई और अहमदाबाद जैसे महानगरों के लिए शुरू की जा रही हैं। इसके अलावा कुछ टियर-2 शहरों से भी डायरेक्ट या कनेक्टिंग उड़ानों की सौगात मिलने की उम्मीद है, जिससे मध्य प्रदेश, बिहार, राजस्थान और महाराष्ट्र से आने वाले राम भक्तों को भारी सहूलियत होगी। धार्मिक पर्यटन (Religious Tourism) को बढ़ावा देने के लिहाज से वाराणसी, प्रयागराज और तिरुपति जैसे शहरों के लिए भी विशेष एयरलाइंस सेवाओं पर विचार चल रहा है, ताकि देश भर के तीर्थयात्री आसानी से कम समय में अयोध्या पहुंच सकें।स्थानीय व्यापार, होटल इंडस्ट्री और रोजगार पर पड़ने वाला सकारात्मक असरकिसी भी शहर के विकास में एयर कनेक्टिविटी का बहुत बड़ा योगदान होता है। अयोध्या एयरपोर्ट पर उड़ानों की संख्या दोगुनी होने से यहां के स्थानीय आतिथ्य सत्कार (Hospitality Industry), होटल व्यवसायी, टूर एंड ट्रैवल ऑपरेटर और हैंडीक्राफ्ट्स कारोबारियों के चेहरों पर खुशी की लहर दौड़ गई है। जब देश-विदेश के पर्यटक बिना किसी लंबी यात्रा की थकान के सीधे हवाई मार्ग से अयोध्या उतरेंगे, तो यहां के पर्यटन उद्योग को अभूतपूर्व गति मिलेगी। इसके साथ ही होटल, रेस्टोरेंट, ट्रांसपोर्ट और गाइड सेवाओं के क्षेत्र में स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के हजारों नए अवसर पैदा होंगे, जिससे इस पूरे क्षेत्र की आर्थिक स्थिति में तेजी से सुधार देखने को मिलेगा।टिकट बुकिंग, आधुनिक सुविधाएं और यात्रियों के लिए जरूरी निर्देशअक्टूबर से शुरू होने वाली इन बढ़ी हुई उड़ानों के लिए विभिन्न एयरलाइंस कंपनियों द्वारा अपनी वेबसाइट्स और बुकिंग ऐप्स पर टिकटों की एडवांस बुकिंग प्रक्रिया जल्द ही शुरू की जाने वाली है। एयरपोर्ट प्रबंधन ने यह भी स्पष्ट किया है कि यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अयोध्या एयरपोर्ट पर टर्मिनल की सुविधाओं, बैगेज काउंटर, सुरक्षा जांच और पार्किंग व्यवस्था को और अधिक आधुनिक तथा हाई-टेक बनाया जा रहा है ताकि यात्रियों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। यदि आप भी आगामी महीनों में रामलला के दर्शन के लिए अयोध्या जाने का प्लान बना रहे हैं, तो आप समय रहते अपनी फ्लाइट की बुकिंग कर सकते हैं ताकि आपको सुगम और आरामदायक यात्रा का लाभ मिल सके।
ईशान आनंद ने छुए मायावती के पैर, क्या बहुजन समाज पार्टी में होने जा रहा है बड़ा राजनीतिक बदलाव
उत्तर प्रदेश की राजनीति से इस वक्त बहुजन समाज पार्टी (BSP) के खेमे से एक बेहद चौंकाने वाली और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है, जिसने सूबे के राजनीतिक गलियारों में अचानक से हलचल तेज कर दी है। बसपा सुप्रीमो और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती (Mayawati) के साथ एक कार्यक्रम के दौरान ईशान आनंद द्वारा उनके पैर छूकर आशीर्वाद लेने की तस्वीर और वीडियो जैसे ही सामने आए, वैसे ही राजनीतिक विश्लेषकों ने इसके दूरगामी मायने निकालने शुरू कर दिए हैं। इस घटना के बाद से ही यह कयास लगाए जाने लगे हैं कि क्या आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों या संगठनात्मक बदलावों के मद्देनजर पार्टी में ईशान आनंद को कोई बहुत बड़ी और अहम जिम्मेदारी सौंपी जाने वाली है। इसके साथ ही, बसपा की हालिया उच्च स्तरीय बैठक में पार्टी के भीतर बदले गए सीटिंग अरेंजमेंट (Seating Arrangement) ने इन चर्चाओं को और अधिक हवा दे दी है, जिससे पार्टी कार्यकर्ताओं और राजनीतिक जानकारों के बीच बैठकों का दौर और कयासों का बाजार गर्म हो गया है। इस लेख के माध्यम से हम विस्तार से विश्लेषण करेंगे कि इस राजनीतिक घटनाक्रम के पीछे के असल मायने क्या हैं और इसका यूपी की सियासत पर क्या असर पड़ सकता है।बहुजन समाज पार्टी की बैठक और बदला हुआ सीटिंग अरेंजमेंट बना चर्चा का विषयलखनऊ स्थित बसपा के राज्य कार्यालय पर हाल ही में आयोजित की गई एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में जब पार्टी के दिग्गज नेता और पदाधिकारी पहुंचे, तो वहां का नजारा कुछ बदला हुआ नजर आया। बैठक के दौरान मंच और कुर्सियों की व्यवस्था यानी सीटिंग अरेंजमेंट में जो फेरबदल देखा गया, उसने तुरंत सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया। राजनीतिक पार्टियों में इस तरह के बदलाव कभी भी सामान्य नहीं होते, क्योंकि इनके पीछे एक सोची-समझी रणनीति और सांगठनिक संदेश छिपा होता है। मायावती की उपस्थिति में आयोजित इस बैठक में ईशान आनंद की मौजूदगी और उन्हें दिए गए महत्व को लेकर पार्टी के भीतर और बाहर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। जानकारों का मानना है कि बसपा अब अपने संगठन को नए सिरे से धार देने और युवाओं तथा नए चेहरों को आगे बढ़ाने की रणनीति पर तेजी से काम कर रही है, ताकि राज्य के राजनीतिक समीकरणों में अपनी खोई हुई जमीन को एक बार फिर से मजबूत किया जा सके।ईशान आनंद द्वारा मायावती के पैर छूने की तस्वीर ने खींचा सबका ध्यानराजनीति में शिष्टाचार, बॉडी लैंग्वेज और संकेतों के बहुत गहरे मायने होते हैं। हाल ही में जब ईशान आनंद ने पार्टी सुप्रीमो मायावती से मुलाकात के दौरान उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिया, तो यह क्षण कैमरे में कैद हो गया और देखते ही देखते सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर वायरल हो गया। बसपा की कार्य संस्कृति में अनुशासन और शीर्ष नेतृत्व के प्रति समर्पण को हमेशा से सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती रही है। ऐसे में एक उभरते हुए चेहरे द्वारा इस प्रकार सार्वजनिक रूप से सम्मान प्रकट करना और पार्टी प्रमुख द्वारा उसे स्वीकार किया जाना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि पार्टी के भीतर उस युवा नेता का कद तेजी से बढ़ रहा है। राजनीतिक गलियारों में अब यह चर्चा आम हो गई है कि पार्टी जल्द ही उन्हें उत्तर प्रदेश की सक्रिय राजनीति में कोई बड़ी जिम्मेदारी सौंप सकती है, जिससे पार्टी के जमीनी काडर में एक नया संदेश जाए।उत्तर प्रदेश के आगामी राजनीतिक समीकरण और बसपा की नई रणनीतिउत्तर प्रदेश की राजनीति हमेशा से जातियों के समीकरण, गठबंधन और युवा नेतृत्व के इर्द-गिर्द घूमती रही है। समाजवादी पार्टी और सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी के बीच चल रही राजनीतिक रस्साकशी के बीच बहुजन समाज पार्टी भी अपनी रणनीतिक चालें चलने में जुटी हुई है। मायावती का यह कदम इस बात का संकेत हो सकता है कि पार्टी अब अपनी पुरानी रणनीति के साथ-साथ कुछ नए चेहरों को आगे लाकर युवाओं और अन्य वर्गों को साधने की कोशिश कर रही है। जब भी किसी क्षेत्रीय या राष्ट्रीय दल में इस प्रकार के संगठनात्मक बदलाव और बैठकों के दौर शुरू होते हैं, तो उसके परिणाम आगामी चुनावों के टिकट बंटवारे और रैलियों में साफ तौर पर दिखाई देते हैं। ईशान आनंद को लेकर चल रही चर्चाएं भी इसी रणनीति का एक हिस्सा मानी जा रही हैं।पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह और विरोधियों की पैनी नजरबसपा के इस नए घटनाक्रम से जहां एक तरफ पार्टी के स्थानीय कार्यकर्ताओं और समर्थकों में एक नया जोश और उत्साह देखने को मिल रहा है, तो वहीं दूसरी तरफ विपक्षी दलों की नजरें भी इस पर पूरी तरह टिकी हुई हैं। विरोधी दल यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि मायावती की यह रणनीति उत्तर प्रदेश के आगामी चुनावों में उनके वोट बैंक पर कितना असर डालेगी। पार्टी के वफादार कैडर का मानना है कि यदि नेतृत्व स्तर पर ऐसे ऊर्जावान और नए लोगों को जोड़ा जाता है, तो पार्टी संगठन में एक नई जान फूंकी जा सकती है। आने वाले दिनों में यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि बहुजन समाज पार्टी की तरफ से आधिकारिक रूप से इस बदलाव को लेकर क्या घोषणाएं की जाती हैं और यूपी की सियासत में इसका कितना बड़ा प्रभाव पड़ता है।
बेगूसराय में कोचिंग शिक्षक पर नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म का आरोप, एक साल से बहला-फुसलाने की शिकायत
बेगूसराय में कोचिंग शिक्षक पर नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म का आरोप, एक साल से बहला-फुसलाने की शिकायत
रायपुर पुलिस ने पिछले 24 घंटे में अवैध शराब बेचने और चाकू लेकर घूमने वालों के खिलाफ कार्रवाई की। अलग-अलग इलाकों में 5 मामले दर्ज कर 7 लोगों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने 18.340 लीटर शराब और 4 धारदार चाकू बरामद किए। इसके अलावा 12 लोगों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी की गई। मेकाहारा के सामने चाकू लेकर लोगों को डराता मिला युवक मौदहापारा थाना क्षेत्र में मेकाहारा अस्पताल के एम्बुलेंस स्टैंड के सामने एक युवक के चाकू लेकर लोगों को डराने की सूचना मिली थी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर 19 वर्षीय लोकेश बंजारे को पकड़ा। उसके पास से करीब 20 सेंटीमीटर लंबा धारदार स्टील का चाकू मिला। बैरन बाजार में 48 पौवा शराब जब्त सिटी कोतवाली पुलिस को बैरन बाजार में अवैध रूप से शराब बेचने की सूचना मिली थी। कार्रवाई में 19 वर्षीय विनोद निहाल पकड़ा गया। उसके पास से जम्मू स्पेशल व्हिस्की के 48 पौवा यानी 8.640 लीटर शराब मिली। इसकी कीमत 5,760 रुपए बताई गई है। इसी थाना क्षेत्र में मैना चौक के पास चाकू लेकर लोगों को डराने की सूचना पर पुलिस ने 20 वर्षीय गौरव क्रोजे और 16 वर्षीय विधि से संघर्षरत बालक को पकड़ा। दोनों के पास से एक-एक धारदार चाकू बरामद हुआ। नाबालिग के मामले में नियमानुसार कार्रवाई की गई। मटन मार्केट के पास शराब बेचते दो पकड़े गोलबाजार थाना क्षेत्र में मटन मार्केट के सामने आंचल ट्रेडर्स के पास शराब बेचने की सूचना पर पुलिस ने अरूप घोष (29) और विकास मार्टिन (44) को पकड़ा। दोनों के पास से अलग-अलग ब्रांड की 9.700 लीटर शराब, 4 हजार रुपए बिक्री रकम और शराब ले जाने में इस्तेमाल एक्टिवा बरामद हुई। वहीं पेटी लाइन में सार्वजनिक जगह पर शराब पीते मिले 49 वर्षीय अविनाश दुबे के खिलाफ भी कार्रवाई की गई। पुलिस के मुताबिक मौके पर शराब मिली और जांच में उसके शराब पीने की पुष्टि हुई। 12 लोगों पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई अपराध रोकने और इलाके में शांति बनाए रखने के लिए मध्य जोन के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में 12 लोगों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है।
अखिलेश यादव की भव्य रथ यात्रा से पहले लाल-हरे रंग से पटा पूरा शहर, कार्यकर्ताओं में दिखा उत्साह
उत्तर प्रदेश की राजनीति के लिहाज से इस वक्त सूबे के सबसे चर्चित जिलों में शुमार रायबरेली से एक बेहद बड़ी और दिलचस्प राजनीतिक खबर सामने आ रही है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) के आगामी 24 सितंबर को होने वाले बहुप्रतीक्षित दौरे और रथ यात्रा को लेकर पूरे शहर में सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। रायबरेली की हर एक सड़क, चौक-चौराहे और इमारतें इस समय समाजवादी पार्टी के झंडों, बैनरों और बड़े-बड़े कटआउट्स से पूरी तरह पट चुकी हैं। शहरभर में जगह-जगह लगाए गए होर्डिंग्स पर लिखे गए 'छोटे नेता जी का अभिनंदन' के नारों ने इस पूरे दौरे को लेकर आम जनता और राजनीतिक गलियारों में एक अलग ही चर्चा छेड़ दी है। इस महा-आयोजन को सफल बनाने के लिए सपा कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है, जिससे यह साफ जाहिर होता है कि पार्टी इस यात्रा के जरिए उत्तर प्रदेश की सियासत में एक बार फिर अपनी ताकत का बड़ा अहसास कराने की तैयारी में जुटी हुई है।रायबरेली में सियासी पारा हाई: अखिलेश यादव की रथ यात्रा से पहले गूंजा 'छोटे नेता जी का अभिनंदन' का नाराउत्तर प्रदेश के वीवीआईपी जिलों में गिने जाने वाले रायबरेली में समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव के आगमन को लेकर जो तैयारियां देखने को मिल रही हैं, उसने स्थानीय राजनीतिक समीकरणों को गर्मा दिया है। शहर के सिविल लाइंस, डिग्री कॉलेज चौराहा, बस स्टेशन, घंटाघर और त्रिपुला चौराहे समेत हर प्रमुख मार्ग पर केवल और केवल सपा के बैनर-पोस्टर ही नजर आ रहे हैं। इन होर्डिंग्स और पोस्टरों पर बड़े-बड़े अक्षरों में 'छोटे नेता जी का अभिनंदन' लिखा हुआ है, जो कार्यकर्ताओं के भीतर उनके लोकप्रिय नेता के प्रति अगाध प्रेम और सम्मान को बयां करता है। स्थानीय कार्यकर्ताओं का कहना है कि अखिलेश यादव की यह रथ यात्रा केवल एक राजनीतिक दौरा नहीं है, बल्कि यह जनता के अधिकारों, रोजगार, विकास और बदलाव की एक नई बयार है, जिसका स्वागत करने के लिए पूरा रायबरेली परिवार पलक पावड़े बिछाए बैठा है।सियासी गलियारों में हलचल: रायबरेली की धरती पर समाजवादी पार्टी का मेगा शक्ति प्रदर्शनराजनीतिक जानकारों का मानना है कि रायबरेली को हमेशा से पारंपरिक रूप से एक मजबूत राजनीतिक जमीन माना जाता रहा है, जहां हर राजनीतिक दल अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए विशेष रणनीति के तहत काम करता है। ऐसे में समाजवादी पार्टी द्वारा इस ऐतिहासिक जिले में इतनी भव्य रथ यात्रा का आयोजन किया जाना और पूरे शहर को पाट देना पार्टी के बढ़ते प्रभाव और जमीनी मजबूती का स्पष्ट संकेत देता है। अखिलेश यादव का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब राज्य में आगामी राजनीतिक चुनौतियों और स्थानीय मुद्दों को लेकर विपक्ष आक्रामक तेवर अपनाए हुए है। रथ यात्रा के दौरान वे विभिन्न क्षेत्रों के लोगों, किसानों, युवाओं और व्यापारियों से सीधा संवाद करेंगे, जिससे पार्टी के जमीनी काडर में एक नया जोश और ऊर्जा का संचार होगा।रूट चार्ट और सुरक्षा के कड़े इंतजाम: कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह और भव्य स्वागत की तैयारीअखिलेश यादव की इस रथ यात्रा के तय रूट और कार्यक्रम को लेकर स्थानीय प्रशासन और पुलिस विभाग भी पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। यात्रा के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके और यातायात व्यवस्था सुचारू रूप से चलती रहे। रथ यात्रा के मार्ग में पड़ने वाले हर एक पड़ाव पर कार्यकर्ताओं द्वारा भव्य स्वागत द्वार बनाए गए हैं, जहां फूल-मालाओं और ढोल-नगाड़ों के साथ अखिलेश यादव का स्वागत किया जाएगा। महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों सभी में इस यात्रा को लेकर भारी उत्साह देखा जा रहा है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने डेरा डाल रखा है और वे खुद हर एक व्यवस्था की बारीकी से निगरानी कर रहे हैं ताकि कार्यक्रम पूरी तरह से ऐतिहासिक और अनुशासित ढंग से संपन्न हो सके।2026 के राजनीतिक समीकरण और यूपी की सियासत पर इस यात्रा का दूरगामी असरउत्तर प्रदेश की राजनीति में हर एक बड़ा कदम आने वाले समय की दिशा और दशा तय करता है। रायबरेली में आयोजित हो रही अखिलेश यादव की यह रथ यात्रा केवल एक जिले तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका संदेश पूरे अवध क्षेत्र और समूचे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर गहरा प्रभाव डालेगा। महंगाई, बेरोजगारी, कानून व्यवस्था और स्थानीय विकास के मुद्दों को लेकर समाजवादी पार्टी लगातार सरकार को घेरने का काम कर रही है, और इस यात्रा के माध्यम से पार्टी सीधे जनता के बीच अपनी बात मजबूती से रख रही है। 'छोटे नेता जी का अभिनंदन' के बैनर तले उमड़ रहा यह जनसैलाब यह साबित करता है कि जनता बदलाव की उम्मीद के साथ विपक्ष की ओर टकटकी लगाए देख रही है। अब देखना यह होगा कि इस भव्य रथ यात्रा के बाद सूबे की सियासत में किस तरह के नए समीकरण और मोड़ सामने आते हैं।
बूंदी के नवनिर्वाचित नगर परिषद सभापति भरत शर्मा ने मंगलवार को विधि-विधान से पदभार संभाल लिया। मंत्रोच्चारण और पूजा-अर्चना के साथ साधु-महात्माओं की मौजूदगी में उन्होंने सभापति की कुर्सी संभाली। जिला कलेक्टर एवं प्रशासक हरफुल सिंह यादव और नगर परिषद आयुक्त ब्रजेश राय ने उन्हें पदभार ग्रहण करवाया। पदभार ग्रहण के साथ ही शर्मा ने शहर की सफाई और बिजली व्यवस्था को बेहतर बनाना अपनी पहली प्राथमिकता बताया। पूजा-अर्चना के साथ संभाली जिम्मेदारी पदभार ग्रहण कार्यक्रम में उपसभापति संजय भूटानी, भाजपा जिलाध्यक्ष रामेश्वर मीणा, जिला पदाधिकारी, सभी नवनिर्वाचित पार्षद, नगर परिषद के अधिकारी-कर्मचारी और शहर के गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। नगर परिषद परिसर में 24 घंटे का रामचरित मानस पाठ भी शुरू किया गया है, जिसका समापन बुधवार सुबह होगा। बोले- आशीर्वाद से बना भाजपा का बोर्ड पदभार संभालने के बाद सभापति भरत शर्मा ने कहा कि बालाजी महाराज, राम जी और साधु-संतों के आशीर्वाद से बूंदी नगर परिषद में भारतीय जनता पार्टी का बोर्ड बना है। उन्होंने कहा कि आज उन्होंने उपसभापति और सभी पार्षद परिवार के सदस्यों की मौजूदगी में पदभार संभाला है। इसके साथ ही शहर में विकास कार्य शुरू करने की योजना भी तैयार की गई है। सफाई और बिजली व्यवस्था पर रहेगा फोकस शहर के विकास के विजन को लेकर सभापति ने कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता सफाई और बिजली व्यवस्था को बेहतर बनाना रहेगी। उन्होंने कहा कि शहर की मूलभूत व्यवस्थाओं को मजबूत करने के साथ विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा। बोले- बिरला जी के विजन को आगे बढ़ाएंगे पत्रकारों के सवाल पर कि नगर परिषद किस थीम पर काम करेगी, भरत शर्मा ने कहा कि माननीय बिरला जी की थीम पर ही काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बिरला जी ने बूंदी के लोगों को जो विकास का विजन दिया था, उसी का परिणाम है कि आज बूंदी नगर परिषद में भाजपा का बोर्ड एकतरफा बना है। सभापति ने कहा कि इस जीत में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के विकास विजन की महत्वपूर्ण भूमिका रही है और वे बूंदी के लिए दिए गए उस विजन को आगे बढ़ाने का काम करेंगे। राजनीतिक और सामाजिक हस्तियां रहीं मौजूद मीडिया प्रभारी अभिषेक जैन ने बताया कि पदभार ग्रहण कार्यक्रम में शहर की कई प्रमुख राजनीतिक, सामाजिक और प्रशासनिक हस्तियां मौजूद रहीं। इनमें भाजपा जिलाध्यक्ष रामेश्वर मीणा, शहर अध्यक्ष राजकुमार श्रृंगी, पूर्व सभापति महावीर मोदी, पूर्व पालिका चेयरमैन सुरेश जिंदल, पूर्व सभापति संतोष कटारा और पार्षद सुरेश अग्रवाल सहित अन्य लोग शामिल रहे। पार्षदों और शहर के गणमान्य लोगों ने की शिरकत कार्यक्रम में सोनिया सिंह हाड़ा, रंजना जोशी, अंजू बाला श्रृंगी, प्रियंका मूंदड़ा, उमा जांगिड़, किरण हाड़ा, ममता, प्रीति गोचर, राजेंद्र सिंह हाड़ा, दिलीप सिंह राजावत, मोहन कराड़, गौरव भटनागर, बालकिशन सोनी, नगेंद्र शर्मा और पप्पू लाल बैरवा सहित नगर परिषद के अधिकारी-कर्मचारी, पूर्व पार्षद, बागेश्वर धाम सुंदरकांड महिला मंडल के सदस्य और शहर के अनेक गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
कालकाजी पार्क में हुई घटना के बाद, उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने दिल्ली के सभी पार्कों का एक सप्ताह के भीतर सुरक्षा ऑडिट कराने का निर्देश दिया है।
सिरसा जिले में डेजी (किन्नू) का 26 रुपए प्रति किलो के हिसाब से सबसे ऊंचे दाम में सौदा तय हुआ है। किसानों का दावा है कि ये इस सीजन का सबसे ऊंचे दाम पर सौदा हुआ है। ये किन्नू में ही नई वैरायटी है और इसमें जमीनी पानी से भी सिंचाई हो सकती है और रोग कम आता है। यहां चौटाला व तेजाखेड़ा आसपास गांव में में 21 से 22 रुपए में सौदा हुए है। जानकारी के अनुसार, ये मामला कालुआना गांव का है। कालुआना निवासी किसान संदीप कुमार भादू व उनके परिवार के साथ सौदा हुआ है। उनके पास करीब 8 एकड़ में बाग है और परिवार में चाचा सहित सभी के पास 46 एकड़ में है। किसान बोले, किन्नू में नहरी पानी से ही सिंचाई की जाती है और रोग आने की संभावना ज्यादा रहती है। इसीलिए रिस्क लेकर ये डेजी किन्नू की खेती की है और इसका फायदा अब मिला है। ये किन्नू में ही हाईब्रिड है और रसदार किस्म है। यह जल्दी पककर तैयार हो जाती है। इसकी खेती डबवाली के कुछ एरिया में होती है। इसके लिए निजी कंपनी के साथ करारनामा हुआ है और इसकी इकरारनामा कॉपी उनके पास है। वे प्रति किलो के हिसाब से 26 रुपए रेट देंगे। यह अब तक का ऊंचतम भाव है। 5 साल पहले लगाया था डैजी शाह कालुआना निवासी किसान संदीप भादू ने बताया कि करीब 5 साल पहले डैजी शाह फल की खेती (बागवानी) शुरू की थी। पहले 8 एकड़ में अमरूद का बाग था, वो सही से नहीं चल पाया था। चार साल बाद पूरा बाग ही उखाड़ना पड़ा था। उसके पास दो एकड़ में किन्नू और दो एकड़ में लाल माल्टा का बाग है। इसमें जमीनी पानी से सिंचाई कर सकते हैं संदीप भादू ने बताया, यह डैजी शाह किन्नू में ही नई वैरायटी है और इसे डैजी शाह कहा जाता है। इस वैरायटी में जरूरत में जमीनी पानी से भी सिंचाई हो सकती है और इससे कोई दिक्कत नहीं होती। इसमें बीमारी भी कम आती है। बारिश के मौसम में फल में पीला हो जाता है और रोग ग्रस्त हो जाता है। इसलिए टैंकर नाम से बीमारी का स्प्रे करना पड़ता है, जिससे बीमारी नहीं आती। 21 से 21 रुपए किलो में हा रहा सौदा किसान संदीप ने बताया, आसपास के गांव चौटाला और तेजाखेड़ा में डैजी शाह का 21 से 22 रुपए प्रति किलो के हिसाब से सौदा तय हुआ है। उनके पास वैरायटी अच्छी है और उनके बाग का 26 रुपए प्रति किलो के हिसाब से सबसे ऊंचे दाम में बिकने वाला पहले सौदा हुआ है। कालुआना में उन्होंने ही सबसे पहले इसकी शुरूआत की थी। वे पहले से खेती करते आए हैं। बागवानी में अमरूद व किन्नू में सफलता नहीं मिली तो डैजी शाह की खेती की।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को लखनऊ में भारत टैक्सी और मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना का शुभारंभ किया। इसी क्रम में बांदा में जिलाधिकारी सभागार में सहकारिता विभाग की ओर से एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। यहां लखनऊ में हुए मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का लाइव प्रसारण दिखाया गया। इस दौरान समय पर कर्ज की किस्तें अदा करने वाले सात किसानों को सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के तहत छोटे और सीमांत किसानों को लंबा कर्ज दिया जाएगा। इस योजना में छह प्रतिशत की सालाना ब्याज दर पर छह लाख रुपये तक का कर्ज देने का प्रावधान है। भारत टैक्सी सेवा के जरिए टैक्सी, दोपहिया और तिपहिया वाहन चालकों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। मुख्यमंत्री ने लखनऊ में इसके शुभारंभ के दौरान चालकों के लिए जीरो कमीशन और सामाजिक सुरक्षा की व्यवस्था की जानकारी दी। यह सेवा लखनऊ के साथ गोरखपुर, वाराणसी और प्रयागराज में भी शुरू की गई है। बांदा में हुए कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने बताया कि इन किसानों ने अलग-अलग व्यवसायों के लिए कर्ज लिया था और समय पर उसकी अदायगी की। उन्हें सम्मानित करने का मकसद दूसरे किसानों को भी कर्ज लेकर अपना काम शुरू करने और समय से किस्त चुकाने के लिए प्रेरित करना है। 3.50-3.50 लाख रुपये का कर्ज उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक लिमिटेड, बांदा शाखा के दस्तावेजों के अनुसार, क्योदरा निवासी मूलचंद ने जलपान गृह के लिए 2.50 लाख रुपये का कर्ज लिया था। पारा बिहारी निवासी फला शंकर और समगरा निवासी चुन्नू ने बिल्डिंग मटेरियल की दुकान के लिए 3.50-3.50 लाख रुपये का कर्ज लिया। नौहाई निवासी वीरेंद्र कुमार ने स्टील बर्तन की दुकान के लिए दो लाख रुपये, रगौली भटपुरा निवासी छोटा ने जनरल स्टोर के लिए तीन लाख रुपये का कर्ज लिया था। 10 लाख रुपये का कर्ज लिया गाजीपुर निवासी राजेंद्र ने रेडीमेड गारमेंट के लिए चार लाख रुपये और तिंदवारी निवासी दिलवर प्रसाद ने फर्नीचर/अलमारी के लिए 10 लाख रुपये का कर्ज लिया था। बैंक के दस्तावेजों में सातों किसानों द्वारा कर्ज की किस्तें समय से अदा किए जाने की बात दर्ज है।
भारत की सरहद पार पहचान बनाता पूर्वोत्तर का सिनेमा
नागालैंड की फिल्म ‘अंघ’ को टोरंटो फिल्मोत्सव में अवार्ड मिला है. भारत की सरहद पार पूर्वोत्तर का सिनेमा पहचान बना रहा है,
पठानकोट नगर निगम में सफाई सेवकों, सीवरमैनों और ड्राइवरों को समय पर वेतन नहीं मिल रहा है। इसके विरोध में कर्मचारियों ने प्रदर्शन कर अपनी नाराजगी जताई। अखिल भारतीय सफाई मजदूर यूनियन, सीवरमैन यूनियन और ड्राइवर यूनियन के कर्मचारियों ने मिलकर पंजाब सरकार और संबंधित विभाग से जल्द वेतन जारी करने की मांग की। यूनियन प्रतिनिधियों ने बताया कि महीने की 23 सितंबर बीत चुका है, लेकिन अभी तक कर्मचारियों के खातों में वेतन नहीं आया। उन्होंने कहा कि वेतन में देरी के कारण कर्मचारियों को घर का खर्च चलाने और परिवार का पालन-पोषण करने में दिक्कत आ रही है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सफाई सेवक, सीवरमैन और ड्राइवर दिन-रात अपनी सेवाएं देकर शहर को साफ-सुथरा रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। इसके बावजूद उन्हें समय पर वेतन नहीं मिल रहा है। यूनियन नेताओं ने सरकार से मांग की कि कर्मचारियों के वेतन को लेकर इस देरी को तुरंत खत्म किया जाए। यूनियन प्रतिनिधियों ने यह भी आरोप लगाया कि सफाई सेवकों का वेतन बढ़ाकर 20,500 रुपए करने का लिखित आश्वासन दिया गया था। लेकिन, उनके अनुसार यह फैसला अभी तक लागू नहीं हुआ है। उन्होंने सरकार से किए गए वादे को लागू करने की भी मांग की। कोरोना काल में सफाई कर्मियों ने अहम भूमिका निभाई प्रदर्शन के दौरान यूनियन नेताओं ने कोरोना काल का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय सफाई कर्मचारियों ने अपनी जान की परवाह किए बिना लोगों की सेवा की थी। उन्होंने शहरों को साफ रखने में बड़ी भूमिका निभाई थी। उन्होंने कहा कि ऐसे कर्मचारियों को अब वेतन के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।
शहर के मुख्य बाजार चौपड़ स्थित गणेशजी मंदिर के पास पुलिस की सरकारी संपत्ति को बुधवार को प्रशासन ने खाली कराया। कलेक्टर शीला दाहिमा के आदेश पर राजस्व, पुलिस और नगर पालिका की टीम ने यह कार्रवाई की। इस दौरान तहसीलदार दीपेश धाकड़, एसडीओपी राजीव गुप्ता और टीआई सत्यम गुर्जर समेत पुलिस बल मौजूद था। सर्वे नंबर 924 में बना यह भवन 1918 का है, यानी 108 साल पुराना। यह लंबे समय से जर्जर हालत में था। तकनीकी जांच के बाद इसे असुरक्षित घोषित कर दिया गया था। प्रशासन के रिकॉर्ड के अनुसार, 2021 में इसे गिराने की अनुमति भी मिल गई थी, लेकिन इसके बाद भी यहां दुकान चल रही थी। इस मामले में कब्जाधारी रमेशचंद मित्तल ने प्रशासन से अपील की थी। उन्होंने अपने खर्च पर भवन की मरम्मत कराकर दुकान चलाने की अनुमति मांगी थी। मित्तल का कहना था कि उनके परिवार का गुजारा इसी दुकान से चलता है और वे लगातार किराया देते रहे हैं। प्रशासन ने सुनवाई के बाद उनकी अपील खारिज कर दी। प्रशासन ने अपने आदेश में साफ किया कि सिर्फ किराया जमा करने से किसी सरकारी संपत्ति पर वैध किराएदारी या उपयोग का अधिकार नहीं मिलता। साथ ही, असुरक्षित घोषित भवन की मरम्मत कराकर उसका इस्तेमाल जारी रखना भी लोगों की सुरक्षा के लिए ठीक नहीं है। कलेक्टर ने अपने आखिरी आदेश में आम लोगों की सुरक्षा को देखते हुए जर्जर और असुरक्षित दुकान को सात दिन में खाली करने को कहा था। तय समय में भवन खाली न करने पर मध्यप्रदेश लोक परिसर (बेदखली) अधिनियम 1974 के तहत कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। इसी के तहत बुधवार को प्रशासन ने कार्रवाई कर पुलिस विभाग की संपत्ति को खाली कराया। तहसीलदार दीपेश धाकड़ ने बताया कि मुख्य बाजार चौपड़ स्थित यह संपत्ति पुलिस विभाग की है। कलेक्टर के आदेश के बाद इसे खाली कराया गया है। इस दौरान राजस्व, पुलिस और नगर पालिका के कर्मचारी मौजूद थे।
हाथरस की एक अदालत ने एक पुलिस इंस्पेक्टर के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है। कोर्ट ने उन्हें गिरफ्तार कर पेश करने का आदेश दिया है। अलीगढ़ में तैनात इंस्पेक्टर डीके सिसोदिया आज बुधवार को एक मामले में गवाही देने के लिए कोर्ट नहीं पहुंचे। इस पर कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। विशेष न्यायाधीश (एससी-एसटी एक्ट) ने अपने आदेश में कहा कि इंस्पेक्टर डीके सिसोदिया, जो अलीगढ़ में तैनात हैं, को गवाही के लिए बुलाया गया था, लेकिन वह कोर्ट में मौजूद नहीं हैं। कोर्ट को डीआईजी अलीगढ़ का एक पत्र मिला था। इसमें वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अलीगढ़ को गवाह को कोर्ट में पेश करने का आदेश दिया गया था। लेकिन गवाह आज भी कोर्ट नहीं पहुंचे। इससे पहले 2 सितंबर 2026 को कोर्ट ने गवाह के वेतन से 5,000 रुपये काटने और कोर्ट में जमा करने का आदेश दिया था, उसका भी पालन नहीं हुआ। कोर्ट ने कहा कि इस आदेश की एक कॉपी फिर से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, अलीगढ़ को भेजी जाए। उनसे पूछा जाए कि कोर्ट की अवमानना करने, गवाह को पेश न करने और डीआईजी अलीगढ़ के आदेश का पालन न करने पर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई क्यों न की जाए। उन्हें इस बारे में अपनी सफाई देने को कहा गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, अलीगढ़ को यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि इंस्पेक्टर डीके सिसोदिया को गैर जमानती वारंट के जरिए गिरफ्तार कर 6 अक्टूबर तक कोर्ट में पेश किया जाए। इस आदेश की एक-एक कॉपी पुलिस अधीक्षक हाथरस, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अलीगढ़, डीआईजी अलीगढ़ और डीजीपी लखनऊ को भी भेजी गई है। इस मामले की अगली सुनवाई 6 अक्टूबर को होगी।
कुरुक्षेत्र में धान की सरकारी खरीद जल्द शुरू करने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे किसानों पर पुलिस द्वारा वाटर कैनन और आंसू गैस के इस्तेमाल को लेकर आम आदमी पार्टी ने हरियाणा सरकार पर निशाना साधा है। AAP के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने कहा कि किसानों की मांग सुनने और समाधान निकालने के बजाय उन पर पुलिस कार्रवाई करना सरकार के किसान हितैषी होने के दावों पर सवाल खड़े करता है। अनुराग ढांडा ने कहा कि जिस किसान के खेत की फसल मंडी में पड़ी है, वह आश्वासन नहीं बल्कि अपनी फसल की सरकारी खरीद चाहता है। उनके अनुसार किसान लंबे समय से धान की खरीद शुरू करने की मांग कर रहे हैं और प्रशासन से बातचीत भी कर चुके हैं। इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ और जब किसान सड़क पर उतरे तो उनके खिलाफ वाटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने कहा कि हरियाणा का किसान मौसम की मार, लागत और मंडी व्यवस्था की परेशानियों के बीच अपनी फसल लेकर पहुंचता है। ऐसे में अगर उसे खरीद के लिए भी संघर्ष करना पड़े तो यह गंभीर स्थिति है। किसान का सवाल सीधा है, फसल तैयार है, मंडी में पहुंच गई है, तो सरकारी खरीद कब शुरू होगी। अनुराग ढांडा ने आरोप लगाया कि मंडियों में गेटपास, रजिस्ट्रेशन, खरीद प्रक्रिया, बारदाने, सफाई और भुगतान से जुड़ी समस्याओं के कारण किसानों को परेशानी उठानी पड़ रही है। उन्होंने सरकार से मांग की कि धान खरीद की प्रक्रिया को सरल किया जाए और किसानों को मंडियों में अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें। अनुराग ढांडा ने केंद्र और हरियाणा की भाजपा सरकार पर सरकारी मंडी व्यवस्था को कमजोर करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा केंद्र और प्रदेश में बीजेपी की सरकार है फिर धान खरीद करने में जानबूझकर देरी क्यों की जा रही है। उन्होंने कहा कि किसानों को निजी खरीदारों के भरोसे छोड़ने के बजाय सरकार को एमएसपी पर खरीद की व्यवस्था स्पष्ट और प्रभावी तरीके से लागू करनी चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री नायब सिंह पर भी निशाना साधते हुए कहा कि हरियाणा के किसान मंडियों में अपनी फसल बेचने के लिए परेशान हो रहे हैं। कई दिनों से मंडियों में भटक रहे हैं। लेकिन मुख्यमंत्री नायब सिंह किसानों के बीच जाकर उनकी समस्या का समाधान करने की बजाय किसानों को आंदोलन के लिए मजबूर कर रहे हैं। पुलिस को किसानों पर अत्याचार की खुली छूट दे रहे हैं। अनुराग ढांडा ने पंजाब को लेकर भी मुख्यमंत्री नायब सिंह पर निशाना साधते हुए कहा कि हरियाणा का किसान मंडी में परेशान है और मुख्यमंत्री का ध्यान प्रदेश के किसानों की समस्या के समाधान पर सबसे पहले होना चाहिए। उन्होंने कहा कि हरियाणा की जनता यह देख रही है कि किसानों की फसल और खरीद व्यवस्था को लेकर सरकार क्या कदम उठाती है। उन्होंने कहा कि हरियाणा के किसान किसी से खैरात नहीं मांग रहे। वे अपनी मेहनत से पैदा की गई धान की फसल की सरकारी खरीद और समय पर भुगतान की मांग कर रहे हैं। सरकार को किसानों के साथ टकराव के बजाय बातचीत का रास्ता अपनाना चाहिए। अनुराग ढांडा ने मांग की कि धान की सरकारी खरीद जल्द शुरू की जाए, मंडियों में गेटपास और रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था आसान की जाए, पर्याप्त बारदाना उपलब्ध कराया जाए, मंडियों में सफाई-पानी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और किसानों को उनकी फसल का भुगतान समय पर मिले।
देवास की गुलाब कॉलोनी में मंगलवार रात एक युवक ने 17 माह की बच्ची को गोद में उठा लिया। बच्ची को युवक के साथ देखकर परिजनों और आसपास के लोगों को बच्चा चोरी की आशंका हुई। उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद औद्योगिक थाना पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को थाने ले गई। मानसिक अस्पताल से भागा था युवक पुलिस को युवक के पास से बच्ची के खाने-पीने का सामान और एक स्कूटर मिला। पूछताछ में पता चला कि युवक मानसिक रूप से बीमार है और वह कुछ दिन पहले सीहोर के मानसिक अस्पताल से भाग गया था। युवक बैतूल का रहने वाला बताया गया है। थाना प्रभारी बोले- बच्ची पूरी तरह सुरक्षित औद्योगिक थाना प्रभारी अमित सोलंकी ने बताया कि बच्चा चोरी की कोई घटना नहीं हुई है। युवक मानसिक रूप से बीमार है और सीहोर के मानसिक अस्पताल से आया था। भोपाल पुलिस से संपर्क करके युवक को उन्हें सौंप दिया गया है। बच्ची पूरी तरह सुरक्षित है और उसके परिजनों ने भी कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई है।
फतेहाबाद के राष्ट्रीय राजमार्ग पर हिसार रोड स्थित धांगड़ पुल के पास एक चलती कार में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते कार पूरी तरह जल गई। हालांकि, कार में सवार चार लोगों ने समय रहते बाहर निकलकर अपनी जान बचा ली, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। जानकारी के अनुसार, कार में विष्णु बिश्नोई अपने तीन अन्य साथियों के साथ सिरसा से हिसार की ओर जा रहे थे। जैसे ही उनकी गाड़ी धांगड़ पुल के पास पहुंची, कार के इंजन में शॉर्ट सर्किट के कारण अचानक धुंआ उठने लगा। धुआं उठता देख ड्राइवर और अन्य युवाओं को खतरे का अहसास हो गया। यहां देखें फोटो… धुआं निकलते ही साइड मे लगाई गाड़ी उन्होंने तुरंत गाड़ी को किनारे रोका और सभी लोग फौरन बाहर निकल आए। उनके बाहर निकलते ही कुछ ही सेकंड में आग तेजी से फैल गई और पूरी कार को अपनी चपेट में ले लिया। राहगीरों और स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। दमकल विभाग की गाड़ी और पुलिस टीम मौके पर पहुंची। फायर ब्रिगेड कर्मचारियों ने आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक कार पूरी तरह जल चुकी थी। हादसे के कारण कुछ समय के लिए हाईवे पर यातायात पर असर पड़ा, जिसे पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सामान्य करवाया। समय रहते खतरा भांप लेने से चारों युवकों की जान बच गई। पुलिस फिलहाल हादसे के कारणों की जांच कर रही है।
सिंगरौली जिले के एनसीएल के सबसे बड़े नेहरू शताब्दी अस्पताल, जयंत में बुधवार को 20 डॉक्टरों समेत 50 से ज्यादा कर्मचारी अचानक हड़ताल पर चले गए। डॉक्टरों ने नेहरू हेल्थ यूनियन के सचिव आरके पांडेय के इस्तीफे और लिखित माफीनामे की मांग की है। इस हड़ताल से अस्पताल की ओपीडी सेवाएं ठप हो गईं, जिससे दूर-दराज से आए मरीजों को काफी परेशानी हुई। नेहरू अस्पताल के डॉक्टर सुखसागर वैश्य ने बताया कि यह पूरा मामला 17 सितंबर का है। उनके अनुसार, अस्पताल की वरिष्ठ नर्स प्रेमकला के साथ मरीज अल्पेश परमार के परिजनों ने कथित तौर पर गाली-गलौज की थी। इसके बावजूद, मरीज की हालत बिगड़ने पर डॉक्टर अभिषेक प्रभाकर ने उसका इलाज जारी रखा। डॉक्टर वैश्य ने बताया कि इसी इलाज के विरोध में यूनियन नेता बीएन सिंह और यूनियन सचिव आरके पांडेय समेत कुछ लोग अस्पताल पहुंचे। उन्होंने डॉक्टरों के साथ कथित तौर पर गाली-गलौज की। डॉक्टरों का कहना है कि इसी घटना के विरोध में वे आरके पांडेय के इस्तीफे और लिखित माफी की मांग कर रहे हैं। डॉक्टर मोनिका ने इस बारे में कहा कि एक डॉक्टर के लिए मरीज की पहचान या पृष्ठभूमि मायने नहीं रखती। मरीज का इलाज करना डॉक्टर का कर्तव्य है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब डॉक्टर अपना काम कर रहे हैं, तो उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा। महिला डॉक्टर नेहा तिवारी ने आरोप लगाया कि 17 सितंबर को अस्पताल पहुंचे कुछ लोग शराब के नशे में थे। वे डॉक्टरों के साथ गाली-गलौज कर रहे थे। हड़ताल के चलते बुधवार को अस्पताल आए मरीजों और उनके परिजनों को काफी परेशानी हुई। एक मरीज के परिजन ने बताया कि उनके बच्चे को बुखार है, लेकिन ओपीडी में डॉक्टर नहीं होने से इलाज नहीं मिल पा रहा है। इस मामले में दैनिक भास्कर ने एडिशनल एसपी सर्वप्रिय सिन्हा से बात की। उन्होंने कहा कि पुलिस के पास जैसी भी शिकायत आएगी, उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने मामले को देखने की बात कही।
किशनगंज जिले में बिहार विधान परिषद के कोशी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र-2026 को लेकर निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। चुनावी प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही BNSS की धारा-163 के तहत सहायक निर्वाची पदाधिकारी सह जिला दंडाधिकारी नवीन कुमार ने आदेश जारी किया है। शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए जिले में कई तरह की पाबंदियां लगाई गई हैं। हथियार लेकर चलने पर रोक आदेश के अनुसार, शांति भंग करने के इरादे से पांच या उससे ज्यादा लोग एक जगह जमा नहीं हो सकेंगे। आग्नेयास्त्र, लाठी, भाला, तीर-धनुष, गंडासा, ईंट-पत्थर या किसी अन्य घातक वस्तु को लेकर चलने पर भी रोक रहेगी। हालांकि पारंपरिक रूप से हथियार रखने वाले समुदायों, चुनाव ड्यूटी में तैनात अधिकारियों और लाइसेंसधारी लोगों को इससे छूट दी गई है। रैली और प्रदर्शन के लिए लेनी होगी अनुमति प्रशासन के मुताबिक, कोई राजनीतिक दल, संगठन या व्यक्ति मतदाताओं को डराने-धमकाने या किसी तरह का लालच देने का प्रयास नहीं कर सकता। जुलूस, धरना, रैली और प्रदर्शन के लिए पहले से अनुमति लेना जरूरी होगा। धार्मिक स्थलों का राजनीतिक इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा। धार्मिक भावनाएं भड़काने वाले भाषण, पोस्टर, पंपलेट और बैनर पर भी कार्रवाई की जाएगी। सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक सामग्री पर रोक व्हाट्सएप, फेसबुक, एक्स और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आदर्श आचार संहिता के खिलाफ या आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित करने पर रोक रहेगी। लाउडस्पीकर के इस्तेमाल के लिए भी अनुमति लेनी होगी। रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर बजाने पर पूरी तरह रोक रहेगी। 22 सितंबर से लागू हुई आचार संहिता निर्वाचन विभाग के अनुसार, भारत निर्वाचन आयोग ने 22 सितंबर 2026 को कोशी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव का प्रेस नोट जारी किया था। इसके साथ ही आदर्श आचार संहिता लागू हो गई थी। प्रशासन का कहना है कि चुनाव के दौरान जनसभाओं, जुलूसों और राजनीतिक गतिविधियों से मतदाताओं पर दबाव या सामाजिक तनाव की स्थिति बन सकती है। इसी को देखते हुए निषेधाज्ञा लागू की गई है। शादी-बारात और शवयात्रा को छूट प्रशासन ने सभी राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों को निर्वाचन आयोग की आदर्श आचार संहिता और दिशा-निर्देशों का पालन करने को कहा है। हालांकि पूर्व अनुमति प्राप्त सभाओं और जुलूसों, शादी-बारात, शवयात्रा, हाट-बाजार तथा ड्यूटी पर तैनात सरकारी कर्मियों और पुलिस बल पर यह आदेश लागू नहीं होगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।
बागपत के नए जिलाधिकारी (DM) आईएएस दिव्यांशु पटेल ने आज कलेक्ट्रेट परिसर स्थित कोषागार में अपना कार्यभार संभाला। वह बागपत के 32वें जिलाधिकारी बने हैं। दिव्यांशु पटेल 2017 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। बागपत DM का पद संभालने से पहले वह मुरादाबाद नगर निगम में नगर आयुक्त के पद पर काम कर रहे थे। इसके अलावा, वह खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के विशेष सचिव और अपर आयुक्त, उन्नाव के मुख्य विकास अधिकारी (CDO) और बाराबंकी में सहायक मजिस्ट्रेट के तौर पर भी सरकारी जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। कार्यभार संभालने के बाद जिलाधिकारी दिव्यांशु पटेल ने कहा कि सरकार की प्राथमिकताएं ही उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होंगी। उन्होंने कहा कि सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं को अच्छे से लागू किया जाएगा, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को इसका फायदा मिल सके और पात्र व्यक्ति सीधे योजना से जुड़ सकें। उन्होंने यह भी बताया कि स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य लोक कल्याणकारी योजनाओं को लागू किया जाएगा। तकनीकी और नए तरीकों को बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही, बागपत में उद्योग के क्षेत्र को भी आगे बढ़ाया जाएगा। कार्यभार संभालने के बाद उन्होंने जिले के अधिकारियों से परिचय भी लिया। इस मौके पर अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) राजीव कुमार राय, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) देवेंद्र कुमार पांडे, मुख्य विकास अधिकारी अनिल कुमार सिंह और वरिष्ठ कोषाधिकारी मनीष कुमार सिंह समेत जिले के कई अधिकारी मौजूद रहे।
कमजोर कर्मचारी ने कलेक्टर को सबक सिखाया, हाई कोर्ट से वारंट जारी करवाया
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बिहार पुलिस के ‘जन विश्वास संकल्प हमारा’ अभियान के तहत कैमूर में सुरक्षा और जागरूकता की पहल शुरू की गई है। कैमूर पुलिस की पुलिस दीदी टीम स्कूलों और कोचिंग संस्थानों में पहुंचकर छात्राओं को आत्मनिर्भर और सतर्क रहने के लिए जागरूक कर रही है। टीम छात्राओं से सीधे बातचीत कर उनकी सुरक्षा से जुड़े सवालों पर जानकारी दे रही है। साइबर अपराध और महिला सुरक्षा कानून की जानकारी अभियान के दौरान छात्राओं को साइबर अपराध से बचने के तरीकों के बारे में बताया जा रहा है। इसके साथ ही महिला और बाल सुरक्षा से जुड़े कानून और कानूनी अधिकारों की जानकारी भी दी जा रही है। छात्राओं को डिजिटल दुनिया में होने वाली धोखाधड़ी और ऑनलाइन उत्पीड़न से बचने के तरीके समझाए जा रहे हैं। इमरजेंसी में पुलिस की मदद लेने को कहा पुलिस दीदी टीम छात्राओं को बता रही है कि किसी भी आपात स्थिति, छेड़छाड़ या साइबर अपराध की स्थिति में डरने की जरूरत नहीं है। ऐसी स्थिति में बिना झिझक पुलिस की सेवाओं और हेल्पलाइन नंबरों का इस्तेमाल किया जा सकता है। छात्राओं में बढ़ रहा आत्मविश्वास पुलिस के अनुसार, जागरूकता कार्यक्रमों से छात्राओं में आत्मविश्वास बढ़ रहा है और वे अपनी सुरक्षा को लेकर ज्यादा सतर्क हो रही हैं। स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने भी इस पहल की सराहना की है। पुलिस का कहना है कि ऐसे कार्यक्रमों से समाज में सुरक्षा का माहौल मजबूत होगा और छात्राएं निडर होकर पढ़ाई और भविष्य पर ध्यान दे सकेंगी।
खगोलीय घटनाक्रम के कारण बुधवार, 23 सितंबर को दिन और रात की अवधि लगभग बराबर यानी 12-12 घंटे की रहेगी। आज सूर्य विषुवत रेखा के ठीक ऊपर रहेगा। उज्जैन की शासकीय जीवाजी वेधशाला में पर्यटकों को शंकु यंत्र और नाड़ीवलय यंत्र के माध्यम से इस खगोलीय घटना को सीधे दिखाया जा रहा है। यहां आने वाले पर्यटकों को घटना की जानकारी देने के साथ उनके सवालों के जवाब भी दिए जा रहे हैं। साल में दो बार बनती है यह स्थिति वेधशाला के अधीक्षक डॉ. राजेंद्रप्रकाश गुप्त ने बताया कि पृथ्वी सूर्य की परिक्रमा करती है। इसी कारण सूर्य हमें पूरे साल कर्क रेखा से मकर रेखा के बीच चलता हुआ दिखाई देता है। साल में दो बार ऐसी स्थिति बनती है, जब सूर्य विषुवत रेखा के ठीक ऊपर होता है। 21 मार्च और 23 सितंबर को होने वाली इस स्थिति को विषुव या संपात कहा जाता है। 23 सितंबर को सूर्य की सीधी किरणों का क्षेत्र दक्षिणी गोलार्द्ध की ओर खिसकने लगेगा। ज्योतिष गणना के अनुसार इसी दिन सूर्य तुला राशि में भी प्रवेश करेगा। अब धीरे-धीरे छोटे होंगे दिन सूर्य के विषुवत रेखा के ठीक ऊपर होने के कारण बुधवार को दिन और रात की अवधि लगभग बराबर रहेगी। इसके बाद सूर्य की सीधी किरणों का क्षेत्र दक्षिण की ओर खिसकेगा। इससे उत्तरी गोलार्द्ध में दिन धीरे-धीरे छोटे और रातें लंबी होने लगेंगी। सूर्य की किरणें तिरछी होने के कारण उनकी तीव्रता भी कम होगी। इसे शरद ऋतु की शुरुआत माना जाता है। यह क्रम 22 दिसंबर तक चलेगा। इसके बाद सूर्य की स्थिति फिर उत्तर की ओर बढ़ने लगेगी। यंत्रों से समझाई जा रही खगोलीय घटना वेधशाला में शंकु यंत्र से सूर्य की परछाई की स्थिति और नाड़ीवलय यंत्र के उत्तर-दक्षिण भाग पर पड़ने वाले सूर्य के प्रकाश के जरिए इस घटना को समझाया जा रहा है। 24 सितंबर से नाड़ीवलय यंत्र के दक्षिणी भाग में सूर्य का प्रकाश दिखाई देगा। यह स्थिति अगले करीब छह महीने तक बनी रहेगी।
पीथमपुर के शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, दिग्ठान की करीब 535 छात्राओं ने अपनी मांगों को लेकर स्कूल के मुख्य गेट पर ताला लगा दिया। उन्होंने जमकर नारेबाजी भी की। छात्राओं के इस प्रदर्शन की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा। दिग्ठान के तहसीलदार राहुल गायकवाड़ भी छात्राओं की समस्याएं सुनने और स्थिति देखने घटनास्थल पर पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान छात्रा रोशनी कुशवाहा ने मीडिया से बात की। उन्होंने स्कूल प्रबंधन और व्यवस्थाओं पर गंभीर आरोप लगाए। रोशनी ने बताया कि स्कूल में सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं। आए दिन कोई भी अनजान व्यक्ति परिसर में घुस आता है और मारपीट करके चला जाता है। छात्राओं के अनुसार, पिछले 4 साल से वे इसी असुरक्षा के बीच पढ़ाई करने को मजबूर हैं। छात्राओं ने यह भी बताया कि कक्षाओं में पंखे तक नहीं लगे हैं। जब इस बारे में प्रिंसिपल से शिकायत की जाती है, तो वे छात्राओं को 'नेचुरल हवा' लेने की सलाह देकर बात टाल देती हैं। जबकि प्रिंसिपल खुद अपने कमरे में एसी चलाकर बैठती हैं। छात्राओं ने विद्यालय में पीने के पानी की भारी समस्या और शौचालयों की खराब हालत को भी उजागर किया। स्कूल में पीने के पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। छात्राओं को पास के स्कूल या एसडीएम कार्यालय से पानी भरकर लाने को कहा जाता है। वहीं, वॉशरूम की नियमित सफाई न होने से बहुत गंदगी रहती है। छात्राओं का आरोप है कि बार-बार लिखित आवेदन देने के बावजूद प्रिंसिपल शिकायतों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं करती हैं। फिलहाल, नायब तहसीलदार राहुल गायकवाड़ और पुलिस प्रशासन ने छात्राओं से बात की है। उन्होंने समस्याओं को जल्द से जल्द सुलझाने का भरोसा दिया है।
गुमला जिले के पालकोट थाना क्षेत्र में सेमरा जंगल मरदा नदी के पास बुधवार दोपहर एक सड़क हादसे में एक व्यक्ति की जान चली गई। इस घटना में एक महिला और एक बच्चे समेत चार लोग घायल हुए हैं। सभी घायलों को इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मृतक स्कूटी सवार की पहचान भादो केरकेट्टा के रूप में हुई है। उनकी पत्नी उर्मिला केरकेट्टा भी इस हादसे में घायल हुई हैं। उर्मिला बाघपंचा आंगनबाड़ी में सेविका हैं। कार में सवार हर्रा बसिया निवासी लक्ष्मण उरांव, उनकी पत्नी रेणु उरांव और एक साल की बेटी जयरीना उरांव भी घायल हुए हैं। इनका इलाज भी सदर अस्पताल में चल रहा है। जानकारी के अनुसार, लक्ष्मण उरांव अपने परिवार के साथ बसिया से गुमला अरमई जा रहे थे। वे मारुति ऑल्टो 800 कार में थे। तभी गुमला की ओर से आ रही स्कूटी से उनकी सीधी टक्कर हो गई। स्कूटी पर भादो केरकेट्टा और उनकी पत्नी सवार थे। हादसे की सूचना मिलने पर पालकोट पुलिस थानेदार अंकित राज मौके पर पहुंचे और दोनों वाहनों को जब्त कर लिया। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजने की तैयारी कर रहे हैं और छानबीन में जुट गए हैं। घटना के बाद गुजर रहे पत्रकार विकास ठाकुर ने घायलों को अपने वाहन से सदर अस्पताल पहुंचाया जंहा चिकित्सक की देख रेख में इलाज चल रहा है। मृतक भादो केरकेट्टा BSF के जवान थे। वह 15 दिन पहले ही छुट्टी पर गुमला आए थे।
जोबट के ग्राम खारी स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय (EMRS) में बुधवार को क्लस्टर स्तरीय स्पोर्ट्स मीट-2026 आयोजित हुई। इसमें 10 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों के करीब 150 खिलाड़ियों ने अंडर-14 और अंडर-19 वर्ग में एथलेटिक्स और फुटबॉल की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया। EMRS जोबट के ग्राम खारी की विनीता कलेश और राजेश चौहान ने अपने-अपने मुकाबलों में पहला स्थान हासिल कर राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए क्वालीफाई किया। 10 EMRS के खिलाड़ियों ने लिया हिस्सा प्रतियोगिता में EMRS बाजना, सैलाना, गरड़ावत, मनावर, गंधवानी, सेजावाड़ा, सोंडवा, अलीराजपुर, जोबट (खारी) और डही के छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। एथलेटिक्स और फुटबॉल के अंडर-14 और अंडर-19 वर्ग में मुकाबले हुए। आयोजन स्थल पर खिलाड़ियों के लिए खेल सामग्री, पीने के पानी, चिकित्सा और सुरक्षा की व्यवस्था की गई थी। सुरक्षा इंतजामों के लिए स्वास्थ्य टीम के साथ 108 एंबुलेंस की सुविधा भी मौजूद रही। छात्रा-छात्राओं ने राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में बनाई जगह EMRS जोबट (खारी) की छात्रा विनीता कलेश ने 100 मीटर, 200 मीटर और लॉन्ग जंप में पहला स्थान हासिल किया। इसके साथ ही उनका राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए चयन हुआ। इसी विद्यालय के राजेश चौहान ने 5 किलोमीटर वॉक रेस में पहला स्थान हासिल किया और राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए क्वालीफाई किया। विद्यालय के अन्य प्रतिभागियों का भी विभिन्न स्पर्धाओं में चयन होने की जानकारी दी गई है। अधिकारी और अतिथि रहे मौजूद कार्यक्रम में विकासखंड क्रीड़ा अधिकारी कुक्षी और NCC अंतर्राष्ट्रीय रेफरी जाकिर हुसैन, जनजातीय कार्य विभाग धार के क्रीड़ा अधिकारी आर.एस. गडवाल, युवा एवं खेल कल्याण विभाग अलीराजपुर की संतरा निनामा मौजूद रहीं। नोडल अधिकारी विजय कुमार साहू और EMRS जोबट (खारी) की प्राचार्या प्रवीण दहिया सहित अन्य अधिकारी और अतिथि भी कार्यक्रम में शामिल हुए। विधायक ने खिलाड़ियों से की मुलाकात कार्यक्रम में जोबट विधायक सेना महेश पटेल भी मौजूद रहीं। उन्होंने खिलाड़ियों से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में शिक्षा के साथ खेलों की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। उनके अनुसार, खेलों से अनुशासन, आत्मविश्वास, टीम भावना और नेतृत्व क्षमता विकसित होती है। विधायक ने राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए चयनित खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दीं।
राजस्थान के जयपुर में बालाजी मार्केट स्थित मर्सिडीज वर्कशॉप में भीषण आग लग गई, जिससे लगभग आठ कारें और महंगे स्पेयर पार्ट्स व एक्सेसरीज जलकर खाक हो गए।
गरियाबंद जिले के उरमाल गांव के कश्यपपारा में पिछले करीब 5 साल से एक कथित अवैध क्लिनिक संचालित होने की जानकारी सामने आई है। आरोप है कि यहां बिना मान्य मेडिकल डिग्री के खुद को डॉक्टर बताने वाला व्यक्ति हर तरह की बीमारी में इंजेक्शन और दवाइयों से इलाज करता है। दूरगामी असर की जानकारी के बिना ग्रामीण यहां इलाज कराने पहुंच रहे हैं। मरीजों का कहना है कि यहां सरकारी अस्पतालों की तुलना में सस्ता और जल्दी इलाज मिल जाता है। यह क्लिनिक अमलीपदर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अंतर्गत आता है। क्लिनिक संचालक बै लोचन पर इलाज की डिग्री नहीं होने का आरोप है। वह खुद मरीजों को दवा देने, खून की जांच करने और इंजेक्शन लगाने का काम करता है। छोटे कमरे में क्लिनिक, सुबह से लग जाती है भीड़ कश्यपपारा में एक छोटे से कमरे में चल रहे इस क्लिनिक में सुबह से ही मरीजों की भीड़ जुट जाती है। स्थानीय स्तर पर बेलोचन को ‘उड़िया डॉक्टर’ के नाम से भी जाना जाता है। बताया जाता है कि ओडिशा के दूर-दराज इलाकों से भी लोग यहां इलाज कराने पहुंचते हैं। क्लिनिक संचालक हड्डियों और जोड़ों के दर्द का शर्तिया इलाज करने का दावा करता है। वहीं, मरीजों के मुताबिक, यहां कई तरह की बीमारियों में दो से तीन प्रकार के इंजेक्शन लगाए जाते हैं। इलाज, इंजेक्शन और दवा के लिए 200 से 1000 रुपए तक लिए जाने की बात सामने आई है। संचालक बोला- मैं पैथोलॉजिस्ट हूं, अनुमति है बेलोचन से क्लिनिक में इलाज करने की योग्यता और अनुमति के बारे में पूछे जाने पर उसने खुद को पैथोलॉजिस्ट बताया। उसका कहना है कि मरीज खुद इंजेक्शन लेकर आते हैं और वह सिर्फ उन्हें लगा देता है। उसने अनुमति होने का दावा किया, लेकिन साथ ही कहा कि वह अनुमति किसी को दिखाएगा नहीं। उसने यह भी दावा किया कि BMO, CMO और कलेक्टर तक उसके क्लिनिक में आ चुके हैं, लेकिन “पब्लिक मेरी है”, इसलिए कोई उसे इलाज करने से नहीं रोक सकता। इन दावों और क्लिनिक की वैधता की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। नर्सिंग होम एक्ट के मानकों पर भी सवाल क्लिनिक के संचालन को लेकर नर्सिंग होम एक्ट के निर्धारित मानकों के पालन पर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि छोटे कमरे में संचालित इस केंद्र में इलाज से जुड़ी बुनियादी व्यवस्थाओं और निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया जा रहा। हैरानी की बात यह है कि अब तक प्रशासन के पास इलाज को लेकर कोई लिखित शिकायत नहीं पहुंचने की बात कही जा रही है। 2019 में कलेक्टर ने कराया था क्लिनिक सील स्थानीय जानकारी के मुताबिक, इस क्लिनिक पर पहले भी कार्रवाई हो चुकी है। 2019 में तत्कालीन कलेक्टर श्याम धावड़े को शिकायत मिलने के बाद उनकी मौजूदगी में क्लिनिक को सील कराया गया था। उस समय क्लिनिक उरमाल की मुख्य बस्ती में संचालित होता था। बताया गया कि छापे के करीब डेढ़ साल बाद क्लिनिक को दोबारा कश्यपपारा में शुरू कर दिया गया। क्लिनिक संचालक बै लोचन मूल रूप से कटक जिले का निवासी बताया जाता है। उसके वोटर और आधार कार्ड उरमाल के बने होने की भी जानकारी दी गई है। बीएमओ बोले- शिकायत नहीं मिली, अवैध मिला तो कार्रवाई होगी बीएमओ मैनपुर गजेंद्र ध्रुव ने बताया कि मामले को लेकर अब तक कोई शिकायत नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि मामले को दिखवाया जाएगा और अवैध संचालन पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।फिलहाल कथित क्लिनिक में इलाज की वैधता, संचालक की शैक्षणिक योग्यता, दवाओं और इंजेक्शन के इस्तेमाल तथा क्लिनिक में उपलब्ध सुविधाओं की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
भागलपुर शहर के बरहपुरा स्थित विक्रमशिला कॉलोनी में मंगलवार शाम एक बगीचे से शव मिलने से इलाके में माहौल गरमा गया। जगन्नाथवली के बगीचे में करीब 2 फीट नीचे एक शव दबा हुआ मिला। बच्चों को तेज बदबू आने के बाद पुलिस को इसकी सूचना दी गई थी। सूचना मिलते ही पुलिस और नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने खुदाई शुरू करवाई। जमीन करीब दो फीट खोदने पर अंदर दबा शव सामने आ गया। शव मिलने के बाद घटनास्थल पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। देर रात बागीचे से निकाली गई लाश वार्ड नंबर 33 के प्रतिनिधि बंटी अली ने बताया कि शाम करीब 4 से 5 बजे के बीच कुछ बच्चे बगीचे में खेल रहे थे। उन्हें एक जगह से तेज बदबू महसूस हुई। बच्चों ने इसकी जानकारी आसपास के लोगों को दी। शक होने पर 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दी गई। स्थानीय लोगों के अनुसार, शव को एक बैनर जैसे कपड़े में लपेटकर जमीन में दबाया गया था। शव को जल्दी गलाने के लिए नमक और पाउडर डाले जाने की बात भी सामने आई है। स्थानीय लोगों ने यह भी बताया कि शव के हाथ और चेहरे पर चोट और कट के निशान थे। हालांकि, इन सभी बातों की आधिकारिक पुष्टि पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगी। पुलिस मामले की जांच कर रही है। किसका है शव? रात के अंधेरे में कौन दफना गया? शव बरामद होने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर यह व्यक्ति कौन है और उसे यहां किसने दफन किया? क्या व्यक्ति की कहीं और हत्या करने के बाद शव को सुनसान बगीचे में लाकर छिपाया गया या मौत की कहानी कुछ और है? स्थानीय लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं हैं। कुछ लोगों को आशंका है कि मृतक स्थानीय निवासी नहीं हो सकता और किसी वारदात के बाद शव को यहां लाकर छिपाया गया होगा। हालांकि पुलिस ने अभी हत्या की पुष्टि नहीं की है। लाश की शिनाख्त की कोशिश जारी फिलहाल मृतक की पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस आसपास के इलाकों में हाल में लापता हुए लोगों की जानकारी जुटाने के साथ शव की पहचान कराने का प्रयास कर रही है। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया की जा रही है।पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत की असली वजह सामने आने की उम्मीद है। इसके बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मामला हत्या का है, दुर्घटना का या फिर मौत के पीछे कोई दूसरी वजह है।बरहपुरा की इस बगीचे में जमीन के नीचे दबा शव मिलने से कई सवाल खड़े हो गए हैं। अब पुलिस की जांच इस सवाल का जवाब तलाश रही है कि आखिर मिट्टी के नीचे छिपा यह मौत का राज किसका है और इसे यहां तक पहुंचाने वाला कौन है।
टीकमगढ़ के सरकारी एक्सीलेंस स्कूल में बुधवार को उमंग दिवस मनाया गया। इस मौके पर एक कार्यक्रम रखा गया, जिसमें छात्रों में अच्छी सोच, जीवन कौशल और सामाजिक जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया। कार्यक्रम में पुलिस विभाग के बड़े अधिकारी, उमंग नोडल अधिकारी योगीराज और स्कूल के पूर्व टीचर दीपक जैन खास तौर पर मौजूद रहे। जिला साइबर सेल प्रभारी मयंक नगाइच ने छात्रों को साइबर सुरक्षा, यातायात नियमों, महिला सुरक्षा और नशामुक्त समाज के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बच्चों को बताया कि किसी भी इमरजेंसी में पुलिस हेल्पलाइन का बेझिझक इस्तेमाल करें। पूर्व टीचर दीपक जैन ने अपने अनुभव बताए और छात्रों को अनुशासन, मेहनत और जीवन में सकारात्मक सोच रखने के लिए प्रेरित किया। नोडल अधिकारी योगीराज ने उमंग कार्यक्रम के मकसद और इसके महत्व को समझाया। 'उमंग मैसेंजर्स' के मास्टर ट्रेनर जितेंद्र द्विवेदी ने जीवन कौशल से जुड़ी बातें और जागरूकता संदेश छात्रों के बीच रखे। छात्रों ने उमंग दिवस की थीम पर आधारित 'मैं हूं राजा' नाम का एक नुक्कड़ नाटक किया। टीचर ऋतु शर्मा ने 'आकांक्षा पथ' गतिविधि कराई। नीता भदौरा ने 'मैं हूं राजा' गतिविधि और प्रकाश सेवानी ने 'कानाफूसी' गतिविधि के जरिए बातचीत के महत्व को समझाया। जीवन कौशल शिक्षा पर आधारित क्विज प्रतियोगिता भी हुई, जिसमें छात्रों ने सवालों के जवाब दिए और इनाम जीते। टोल फ्री उमंग हेल्पलाइन 14425 का लाइव डेमो भी दिखाया गया। इसके बाद मेहमानों को उमंग कॉर्नर दिखाया गया। छात्रों ने कई तरह के सुंदर ड्रीम कैचर बनाए थे, जिनका प्रदर्शन किया गया। निर्णायक समिति ने टॉप 5 छात्रों को सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया।
पेंड्रा थाना क्षेत्र के अमरपुर गांव के पास बुधवार को दो ट्रकों की आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई। हादसे में दोनों ट्रकों के ड्राइवर और क्लीनर समेत 4 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों ट्रक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए और उनमें सवार लोग अंदर फंस गए। हादसे के बाद मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंच गए। सूचना मिलते ही पेंड्रा थाना पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंची। ग्रामीणों की मदद से काफी मशक्कत के बाद चारों घायलों को क्षतिग्रस्त ट्रकों से बाहर निकाला गया। इसके बाद सभी घायलों को एम्बुलेंस से जिला अस्पताल भेजा गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। हादसे के बाद कुछ देर रास्ता रहा बाधित दोनों ट्रकों की टक्कर के बाद घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जमा हो गई, जिससे कुछ समय के लिए सड़क पर यातायात भी प्रभावित हुआ। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और आवाजाही सामान्य कराई। पुलिस ने हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। 10 दिन में इसी जगह दूसरा बड़ा हादसा स्थानीय लोगों के मुताबिक, पिछले 10 दिनों में इसी स्थान पर यह दूसरा बड़ा सड़क हादसा है। लगातार दुर्घटनाओं के बाद क्षेत्र में यातायात व्यवस्था और सड़क सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि हादसों की रोकथाम के लिए इस मार्ग पर जरूरी सुरक्षा इंतजाम और निगरानी बढ़ाई जानी चाहिए।
सीतामढ़ी के डुमरा थाना क्षेत्र में जिला परिषद प्रतिनिधि और राजद के जिला उपाध्यक्ष बैद्यनाथ महतो हत्याकांड में पुलिस ने मुख्य आरोपियों में शामिल त्रिभुवन महतो को गिरफ्तार कर लिया है। बुधवार सुबह भासर क्षेत्र और आसपास के जंगलों में चलाए गए सघन तलाशी अभियान के दौरान पुलिस ने उसे पकड़ा। वहीं, उसके साथ छिपे होने की सूचना वाले मोहम्मद एजाज मौके से फरार हो गया। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है। रातभर जंगल और संभावित ठिकानों पर तलाशी पुलिस के अनुसार, त्रिभुवन महतो और मोहम्मद एजाज के भासर क्षेत्र और आसपास के जंगलों में छिपे होने की सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस टीम ने रातभर इलाके में सघन तलाशी अभियान चलाया और संभावित ठिकानों पर दबिश दी। बुधवार सुबह त्रिभुवन पुलिस के हाथ लगा, जबकि एजाज भाग निकला। एसपी अमित रंजन ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पूरी रात अभियान चलाया गया। संभावित इलाकों में पुलिस टीमों को लगाया गया था। मोहम्मद एजाज की तलाश में ड्रोन से भी निगरानी की जा रही है। मॉर्निंग वॉक के दौरान बैद्यनाथ को मारी गई थीं 8 गोलियां दरअसल, 12 सितंबर की सुबह बैद्यनाथ महतो मॉर्निंग वॉक के लिए निकले थे। डुमरा थाना क्षेत्र के केथरिया-रामपट्टी के पास बदमाशों ने उन्हें घेर लिया और लगातार फायरिंग की। उन्हें करीब आठ गोलियां मारी गई थीं। इससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी। घटना के बाद इलाके में लोगों का गुस्सा बढ़ गया था और पुलिस टीम पर भी हमला किया गया था। त्रिभुवन ने वीडियो जारी कर खुद को बताया था निर्दोष मामले में त्रिभुवन महतो और मोहम्मद एजाज समेत अन्य लोगों के नाम सामने आए थे। फरार रहने के दौरान त्रिभुवन ने एक वीडियो जारी कर खुद को निर्दोष बताया था। उसने बैद्यनाथ महतो पर लंबे समय से परेशान करने का आरोप लगाया था। अब गिरफ्तारी के बाद पुलिस उससे हत्या की साजिश, घटना में शामिल अन्य लोगों और फरारी के दौरान उसे मदद पहुंचाने वालों के बारे में पूछताछ करेगी। एजाज की तलाश में ड्रोन से निगरानी पुलिस के अनुसार, मोहम्मद एजाज की गिरफ्तारी के लिए तलाशी अभियान जारी है। ड्रोन से निगरानी के साथ संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है।
बदायूं के जरीफनगर इलाके में पति से मामूली बहस के बाद एक 24 वर्षीय विवाहिता ने बुधवार रात 3 बजे अपने घर के कमरे में पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। यह घटना बुधवार रात करीब तीन बजे की है। पुलिस को सूचना मिलने पर शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। इस घटना से परिवार में दुख का माहौल है। जरीफनगर के दुर्गपुर गांव निवासी तोताराम उर्फ राकेश दिल्ली में मजदूरी करते हैं। वह हाल ही में घर आए थे। परिजनों ने बताया कि सावित्री (24) ने अपने पति से दिल्ली वापस न जाकर यहीं काम करने को कहा था। इसी बात पर दोनों के बीच बहस हुई थी। बहस के बाद रात करीब तीन बजे सावित्री ने कमरे में पंखे से फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। सावित्री की शादी करीब छह साल पहले तोताराम से हुई थी। उसका मायका संभल जिले के नारंगपुर गांव में है। उसके पिता का नाम भूरे सिंह है। विवाहिता का एक छोटा बेटा भी है। पुलिस ने बुधवार को शव का पोस्टमार्टम कराया।
गुना के सकतपुर रोड स्थित महालक्ष्मी नगर में गणेश झांकी में अश्लील गाने बजाने की जगह भजन बजाने की सलाह देना एक परिवार को भारी पड़ गया। पीड़िता का आरोप है कि पति की गैरमौजूदगी में 15 से 20 लोग उनके घर पहुंचे और गाली-गलौज करते हुए पथराव किया। घटना में घर के दरवाजे, खिड़कियों के कांच और बिजली का मीटर टूट गया। महिला ने बुधवार को एसपी कार्यालय पहुंचकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई और परिवार की सुरक्षा की मांग की है। पति ने भजन बजाने की बात कही थी महालक्ष्मी नगर निवासी ममता नामदेव ने बताया कि 21 सितंबर की रात मोहल्ले में गणेश झांकी लगी थी। वहां तेज आवाज में अश्लील गाने बजाए जा रहे थे। उनके पति भानू नामदेव ने आयोजकों से अश्लील गानों की जगह धार्मिक भजन बजाने की बात कही थी। उस समय कोई विवाद नहीं हुआ। पति विसर्जन के लिए गए थे, तभी घर पहुंचे लोग ममता के मुताबिक, 22 सितंबर की रात करीब 8:30 बजे उनके पति घर के गणेश जी का विसर्जन करने सिंहवासा तालाब गए थे। वह छोटे बच्चों के साथ घर पर अकेली थीं। इसी दौरान जगदीश प्रसाद ओझा और हेमंत ओझा 15-20 अन्य लोगों के साथ लाठी-डंडे लेकर घर के सामने पहुंचे। पीड़िता का आरोप है कि आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए घर में घुसने की कोशिश की। डर के कारण उन्होंने अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। पथराव से टूटे कांच, बच्चों के साथ टॉयलेट में छिपीं ममता ने बताया कि इसके बाद लोगों ने घर पर पथराव शुरू कर दिया। पत्थर लगने से दरवाजे और खिड़कियों के कांच टूट गए। बिजली का मीटर भी क्षतिग्रस्त हो गया। जान बचाने के लिए वह अपने छोटे बच्चों को लेकर टॉयलेट में छिप गईं और वहीं से पति को फोन किया। पीड़िता ने घटना में करीब 50 से 70 हजार रुपए के नुकसान का दावा किया है। एसपी से गिरफ्तारी और सुरक्षा की मांग घटना के बाद ममता नामदेव बुधवार को एसपी कार्यालय पहुंचीं और एसपी के नाम ज्ञापन सौंपा। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच, आरोपियों की गिरफ्तारी और परिवार को सुरक्षा देने की मांग की है।
बलिया के केवरा गांव स्थित श्रीकेवरेश्वर नाथ महादेव मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए भव्य धर्मशाला का निर्माण कार्य चल रहा है। निर्माण कार्य को लेकर बुधवार को मंदिर परिसर में बैठक आयोजित की गई। बैठक में मंदिर के विकास एवं निर्माण कार्य की प्रगति पर चर्चा करते हुए आवश्यक बिंदुओं पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में पहुंचे बांसडीह विधानसभा क्षेत्र के नेता अजय शंकर पाण्डेय कनक ने कहा कि ऐसे कार्यों से क्षेत्र की धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान को मजबूती मिलती है। उन्होंने धर्मशाला निर्माण में हर संभव सहयोग का आश्वासन देते हुए कहा कि निर्माण कार्य को गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा कराने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना चाहिए। इस दौरान कनक पाण्डेय ने कहा कि श्रीकेवरेश्वर नाथ महादेव मंदिर क्षेत्र के लोगों की आस्था का प्रमुख केंद्र है। मंदिर परिसर में धर्मशाला का निर्माण होने से श्रद्धालुओं को ठहरने समेत अन्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। सभी के सहयोग और सहभागिता से इसे भव्य स्वरूप प्रदान किया जाएगा। बैठक में मंदिर परिसर के विकास, निर्माण कार्य की प्रगति तथा आगामी कार्ययोजना को लेकर भी चर्चा की गई। बैठक में पिण्टू सिंह, ब्रजेश मिश्रा, संदीप सिंह, रंजू सिंह, रानू सिंह, वैद्यनाथ तुरहा, नन्दलाल राजभर, जनार्दन पासवान, बद्री प्रसाद माली, शुभम सिंह आदि मौजूद रहे।
मंडला शहर के पड़ाव क्षेत्र में बुधवार सुबह 33 केवी हाईटेंशन लाइन के लिए केबल डाली जा रही थी। इस पर स्थानीय निवासियों और व्यापारियों ने विरोध किया। उन्होंने विद्युत विभाग पर सुरक्षा नियमों की अनदेखी, केबल की गुणवत्ता और काम करने के तरीके पर सवाल उठाए। विरोध कर रहे लोगों ने अधिकारियों से केबल के बिल-बाउचर और नगर पालिका की एनओसी दिखाने को कहा। जब दस्तावेज नहीं दिखाए गए, तो स्थानीय लोग केबल से लदे ट्रक को लेकर थाने पहुंच गए। इसी बीच, ग्राम खुड़िया के ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों का आरोप है कि मंगलवार को उनके गांव में सुरक्षा के लिए लगाई गई 33 केवी केबल को विद्युत विभाग ने निकाल दिया। उसकी जगह खुली तार लगा दी गई। ग्रामीणों के विरोध करने पर कार्यपालन अभियंता राकेश आमपुरी ने कथित तौर पर कहा था कि खुली तार केबल से ज्यादा सुरक्षित है। उन्होंने इसे बदलने की बात कही थी। ग्रामीणों का कहना है कि अब वही निकाली गई केबल पड़ाव क्षेत्र में डाली जा रही है। जनपद अध्यक्ष संतोष भल्लावी ने बताया कि खुड़िया में ग्रामीण लंबे समय से 33 केवी लाइन में खुली तार की जगह केबल लगाने की मांग कर रहे थे। सुरक्षा को देखते हुए यह मांग की जा रही थी। काफी कोशिशों के बाद केबल लगाई गई थी। लेकिन मंगलवार को जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों के विरोध के बावजूद उसे निकाल कर फिर से खुली तार लगा दी गई। भगत सिंह वार्ड के पार्षद विनय वरदानी ने आरोप लगाया कि लाइन डालने में सुरक्षा नियमों का पालन नहीं हो रहा है। भवनों से जरूरी दूरी का भी ध्यान नहीं रखा जा रहा है। उन्होंने ठेकेदार और अधिकारियों पर मिलीभगत का आरोप लगाया। वरदानी ने चेतावनी दी कि अगर उनकी बात नहीं सुनी गई, तो वे आंदोलन करेंगे। पूर्व नगर पालिका उपाध्यक्ष गिरीश चंदानी ने काम की मंजूरी और एस्टीमेट पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आमानाला से मंडला पावर हाउस तक 6.8 किलोमीटर लाइन का एस्टीमेट है। जबकि आमानाला से फिल्टर प्लांट तक करीब 5 किलोमीटर लाइन पहले से ही बिछी हुई है।
उन्नाव के अजगैन कोतवाली क्षेत्र में बुधवार सुबह नवाबगंज-गौरा कठेरवा मार्ग पर चलती स्कूटी में अचानक आग लग गई। घटना कोका-कोला फैक्ट्री के पास सुबह करीब 9 बजे हुई। स्कूटी एक महिला चला रही थी। राहगीरों ने स्कूटी से धुआं और आग की लपटें निकलती देखीं तो महिला को आवाज देकर इसकी जानकारी दी। आग की जानकारी मिलते ही महिला ने तुरंत स्कूटी सड़क किनारे रोक दी और उससे दूर हट गई। कुछ ही देर में मौके पर राहगीरों की भीड़ जुट गई। चलती स्कूटी में अचानक आग लगने से कुछ समय के लिए मार्ग पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। हालांकि महिला के समय रहते स्कूटी से दूर चले जाने के कारण कोई जनहानि नहीं हुई। अचानक स्कूटी से निकलने लगा धुआं प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक महिला नवाबगंज-गौरा कठेरवा मार्ग से स्कूटी लेकर जा रही थी। कोका-कोला फैक्ट्री के पास पहुंचने पर स्कूटी के अगले हिस्से से अचानक धुआं निकलने लगा। इसके कुछ ही देर बाद उसमें आग की लपटें उठने लगीं। शुरुआत में महिला को स्कूटी में आग लगने का पता नहीं चला। सड़क से गुजर रहे राहगीरों ने उसे आवाज देकर आग के बारे में बताया। आग की लपटें देखकर महिला घबरा गई और उसने तुरंत स्कूटी सड़क किनारे रोक दी। समय रहते स्कूटी से दूर चली गई महिला स्कूटी रोकने के बाद महिला तुरंत उससे दूर चली गई। देखते ही देखते मौके पर कई राहगीर जमा हो गए। स्कूटी से उठती आग की लपटों को देखकर आसपास मौजूद लोगों में भी घबराहट फैल गई। घटना की जानकारी पुलिस को भी दी गई। हालांकि मौके पर आग लगने के कारणों का तत्काल पता नहीं चल सका। प्रथम दृष्टया स्कूटी में तकनीकी खराबी के कारण आग लगने की आशंका जताई जा रही है, लेकिन इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। राहगीरों की सतर्कता से टला बड़ा हादसा घटना के दौरान राहगीरों ने समय रहते महिला को स्कूटी में आग लगने की जानकारी दे दी। इसके बाद महिला ने स्कूटी रोककर खुद को सुरक्षित कर लिया। इससे किसी तरह की जनहानि नहीं हुई। घटना के बाद काफी देर तक मौके पर लोगों की भीड़ जमा रही। लोग स्कूटी में अचानक आग लगने की चर्चा करते रहे। समय रहते महिला के स्कूटी से दूर चले जाने के कारण बड़ा हादसा टल गया।
लखनऊ के दलीबाग स्थित रमैया बाग पुरम में भगवान श्री गणेश का पूजन, यज्ञ-अनुष्ठान और भजन कार्यक्रम आयोजित किया गया। आयोजन राजेश सक्सेना एवं रतन सक्सेना परिवार की ओर से किया गया। महापूजन में परिवार के सदस्यों के साथ भाई-बंदु, मित्र, रिश्तेदार और गणमान्य लोग शामिल हुए। विधि-विधान से भगवान श्री गणेश का पूजन कर यज्ञ में आहुतियां दी गईं। इसके बाद श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन में भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालु भक्ति भाव में नजर आए। परिवार की ओर से सभी अतिथियों का स्वागत किया गया।
हापुड़ में बुधवार को UPI लेनदेन पर लगाए जाने वाले MDR शुल्क के विरोध में व्यापारी कलेक्ट्रेट पहुंचे। पश्चिम उत्तर प्रदेश संयुक्त व्यापार मंडल की अगुवाई में व्यापारियों ने प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने जिलाधिकारी के जरिए केंद्रीय वित्त मंत्री को ज्ञापन देकर ₹2 हजार से ज्यादा के UPI लेनदेन पर प्रस्तावित 0.40%MDR शुल्क वापस लेने की मांग की। व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि अगर 15 अक्टूबर तक इस शुल्क में बदलाव नहीं किया गया, तो जिलेभर के व्यापारी एक साथ ऑनलाइन भुगतान लेना बंद कर देंगे। उनका कहना है कि सरकार एक तरफ डिजिटल इंडिया और कैशलेस अर्थव्यवस्था को बढ़ावा दे रही है, वहीं दूसरी ओर UPI भुगतान पर शुल्क लगाने से व्यापारियों पर और आर्थिक बोझ बढ़ेगा। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के बढ़ते प्रभाव से दबाव व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने बताया कि छोटे और परंपरागत कारोबारी पहले से ही ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के बढ़ते प्रभाव से दबाव में हैं। किराना, मेडिकल, कपड़ा, होटल, रेहड़ी-पटरी समेत ज्यादातर कारोबार में UPI भुगतान रोजमर्रा के लेनदेन का जरूरी हिस्सा बन गया है। ऐसे में शुल्क लागू होने से व्यापारियों के मुनाफे पर सीधा असर होगा। व्यापारियों ने कहा कि उन्होंने सरकार की डिजिटल भुगतान नीति का समर्थन करते हुए ग्राहकों को UPI की सुविधा दी थी। अब इसी व्यवस्था पर अतिरिक्त शुल्क लगाना व्यापारियों के लिए फायदेमंद नहीं है। तुरंत दोबारा सोचने की मांग की ज्ञापन में MDR शुल्क को पूरी तरह खत्म करने और इस फैसले पर तुरंत दोबारा सोचने की मांग की गई। जिला अध्यक्ष संजय कुमार डावर ने कहा, सरकार ने व्यापारियों को डिजिटल भुगतान अपनाने के लिए बढ़ावा दिया और व्यापारियों ने भी ग्राहकों की सुविधा के लिए इसे खुशी-खुशी अपनाया। अब UPI पर MDR शुल्क लगाने से छोटे व्यापारियों के मुनाफे पर सीधा असर पड़ेगा। सरकार को व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने के बजाय इस प्रस्ताव को तुरंत वापस लेना चाहिए। ऑनलाइन भुगतान लेना बंद करेंगे। उन्होंने आगे कहा, अगर 15 अक्टूबर तक इस निर्णय में बदलाव नहीं हुआ, तो व्यापारी मजबूरन एक साथ ऑनलाइन भुगतान लेना बंद करेंगे। इस प्रदर्शन में चेयरमैन नरेंद्र अग्रवाल, मुख्य संरक्षक प्रदीप गर्ग, जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष अमित गोयल, जिला महामंत्री दीपक बंसल समेत कई व्यापारी शामिल थे।
पंचायती राज चुनाव-2026 की तैयारियों के बीच हनुमानगढ़ जिले की पंचायत समितियों के प्रधान पदों का आरक्षण तय हो गया है। आरक्षण के मुताबिक रावतसर पंचायत समिति का प्रधान पद अनुसूचित जाति महिला, हनुमानगढ़ जंक्शन और हनुमानगढ़ टाउन का पद अनुसूचित जाति, पल्लू में ओबीसी महिला और राजपुरा में ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित हुआ है। वहीं, संगरिया और पीलीबंगा में प्रधान पद सामान्य वर्ग, जबकि टिब्बी, नोहर और भादरा में सामान्य वर्ग महिला के लिए निर्धारित किया गया है। आरक्षण की तस्वीर साफ होने के साथ ही अब पंचायत समिति सदस्य के वार्डों में संभावित प्रत्याशियों और राजनीतिक समीकरणों पर निगाहें टिक गई हैं। किस पंचायत समिति में किस वर्ग के लिए आरक्षित प्रधान पद अब वार्डों पर टिकी नजर प्रधान पद का चुनाव सीधे जनता नहीं करती, बल्कि निर्वाचित पंचायत समिति सदस्य अपने बीच से प्रधान का चुनाव करते हैं। ऐसे में प्रधान पद का आरक्षण तय होने के बाद अब संबंधित पंचायत समितियों के वार्डों में प्रत्याशी चयन सबसे महत्वपूर्ण हो गया है। राजनीतिक दलों को आरक्षित वर्ग के हिसाब से मजबूत दावेदार तलाशने होंगे और संभावित उम्मीदवार भी अपने-अपने वार्डों में राजनीतिक जमीन मजबूत करने में जुटेंगे। टिकट वितरण से बदलेंगे समीकरण सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित संगरिया और पीलीबंगा में प्रधान पद के संभावित दावेदारों की संख्या अधिक हो सकती है। ऐसे में पंचायत समिति सदस्य के टिकट वितरण से लेकर चुनाव परिणाम तक के समीकरण प्रधान पद की तस्वीर को प्रभावित करेंगे। दूसरी ओर एससी, एससी महिला, ओबीसी और ओबीसी महिला के लिए आरक्षित पंचायत समितियों में संबंधित वर्ग के नेताओं और संभावित दावेदारों की सक्रियता बढ़ने की संभावना है। नगरीय चुनाव के बाद गांवों की राजनीति पर नजर जिले में नगरीय निकाय चुनाव की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब राजनीतिक हलकों का फोकस पंचायती राज चुनाव-2026 पर हो गया है। प्रधान पदों का आरक्षण सामने आने के बाद संभावित उम्मीदवारों की दिशा भी काफी हद तक तय हो गई है। अब वार्डवार टिकट वितरण, पंचायत समिति सदस्य के चुनाव और इसके बाद प्रधान पद के चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों में रणनीति बनाने का दौर शुरू होगा।
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के चीफ सेक्रेटरी को तलब करने के अगले ही दिन सरकार ने सरकारी मुलाजिमों के महंगाई भत्ते (DA) में 8% बढोतरी का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। बुधवार को जारी नोटिफिकेशन के बाद मुलाजिमों का DA 42% से बढ़कर 50% हो गया है। नोटिफिकेशन के मुताबिक यह बढ़ोतरी 1 सितंबर, 2026 से प्रभावी होगी। इस संबंध में वित्त विभाग ने कहा कि इसे राज्यपाल की मंजूरी मिल चुकी है। वित्त विभाग ने यह आदेश सभी विशेष मुख्य सचिवों, अतिरिक्त मुख्य सचिवों, वित्तीय आयुक्तों, प्रधान सचिवों और प्रशासनिक सचिवों के साथ-साथ विभागाध्यक्षों, मंडलायुक्तों, उपायुक्तों, जिला एवं सत्र न्यायाधीशों तथा अन्य संबंधित अधिकारियों को भेज दिया है। चीफ सेक्रेटरी को 5 अक्टूबर को हाईकोर्ट में पेश होना है। नोटिफिकेशन की कॉपी पढ़ें… हम इस खबर को लगातार अपडेट कर रहे हैं…
फरीदाबाद शहर के सेक्टर-12 टाउन पार्क में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की याद में करीब 5.84 करोड़ रुपए खर्च कर बनाई गई हाईटेक लाइब्रेरी इन दिनों खुद ही इंतजार कर रही है—कब उसके दरवाजे खुलेंगे और कब विद्यार्थी यहां बैठकर पढ़ सकेंगे। दिसंबर 2025 में बड़े राजनीतिक तामझाम के बीच इसका उद्घाटन हुआ था। खास बात यह रही कि एक ही दिन करीब 2 घंटे के अंतराल में दो अलग-अलग कार्यक्रमों में दो बार इसका रिबन काटा गया। लेकिन उद्घाटन के बाद से लाइब्रेरी के दरवाजे पर ताला ही लटका है। लाइब्रेरी शुरू नहीं होने को लेकर जब डीसी आयुष सिन्हा से बात की गई तो उन्होंने कहा कि वह पूरे मामले की जानकारी ले रहे हैं। पूरी जानकारी मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी और लाइब्रेरी शुरू नहीं होने के कारणों का भी पता लगाया जाएगा। लाइब्रेरी को लेकर कैबिनेट मंत्री विपुय गोयल और केन्द्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर से फोन पर संपर्क कर जानकारी लेने की कोशिश की गई । लेकिन दोनों से संपर्क नही हो सका। कंप्यूटर लगे, लेकिन ऑपरेटर नहीं; रैक हैं, किताबें नहीं लाइब्रेरी को आधुनिक स्टडी सेंटर के तौर पर तैयार किया गया है। यहां करीब 200 विद्यार्थी एक साथ बैठकर पढ़ाई कर सकते हैं। भवन में कंप्यूटर लगाए गए हैं, लेकिन इन्हें चलाने के लिए अभी स्टाफ नहीं है। किताबें रखने के लिए रैक तैयार हैं, लेकिन रैक में किताबें नजर नहीं आतीं। लाइब्रेरी में ई-लाइब्रेरी, हाई-स्पीड इंटरनेट, रीडिंग हॉल, ग्रुप डिस्कशन चैंबर, ऑडियो-विजुअल और मल्टीमीडिया रूम जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं। डिजिटल कंटेंट और ई-बुक्स के साथ फायर फाइटिंग सिस्टम भी लगाया गया है। ऑडिटोरियम, मेजेनाइन फ्लोर और कैफेटेरिया जैसी सुविधाएं भी तैयार की गई हैं। यानी भवन में पढ़ाई के लिए इंतजाम तो पूरे हैं, लेकिन पढ़ाने-पढ़ने वालों का इंतजाम अधूरा है। भवन तैयार, जिम्मेदारी का बंटवारा अधूरा लाइब्रेरी भवन की देखरेख की जिम्मेदारी एचएसवीपी को दी गई है। एचएसवीपी के एसई संदीप दहिया के अनुसार उनके पास फिलहाल भवन की देखभाल की जिम्मेदारी है। लाइब्रेरियन, किताबों और अन्य व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी जिला प्रशासन को करनी है। उनका कहना है कि अभी लाइब्रेरी में काम करने के लिए स्टाफ नहीं मिला है। इसके लिए प्रशासन की ओर से कई विश्वविद्यालयों से संपर्क किया जा रहा है। फिलहाल भवन और उसमें रखे सामान की सुरक्षा के लिए एक सिक्योरिटी गार्ड तैनात है। 25 दिसंबर 2018 को रखा गया था नींव का पत्थर इस लाइब्रेरी की कहानी करीब आठ साल पुरानी है। 25 दिसंबर 2018 को तत्कालीन उद्योग मंत्री विपुल गोयल ने इसका शिलान्यास किया था। उस समय निर्माण की शुरुआती अनुमानित लागत करीब 1.58 करोड़ रुपए रखी गई थी। इसके बाद सितंबर 2019 में निर्माण कार्य शुरू हुआ। समय के साथ भवन की लागत बढ़कर करीब 3.85 करोड़ रुपए हो गई। इसके बाद ई-लाइब्रेरी और आधुनिक सुविधाओं पर CSR के तहत करीब 1.99 करोड़ रुपए खर्च किए गए। इस तरह भवन और ई-लाइब्रेरी पर कुल खर्च करीब 5.84 करोड़ रुपए तक पहुंच गया। करोड़ों की लाइब्रेरी, लेकिन उद्घाटन के बाद भी ताला 28 दिसंबर 2025 को आखिरकार वह दिन आया, जिसका कई साल से इंतजार था। लाइब्रेरी का उद्घाटन हुआ। लेकिन यह उद्घाटन खुद लाइब्रेरी से ज्यादा फरीदाबाद की भाजपा राजनीति को लेकर चर्चा में आ गया। एक ही दिन करीब ढाई घंटे के अंतराल में दो कार्यक्रम हुए और दोनों में लाइब्रेरी का रिबन काटा गया। पहले विपुल गोयल गुट ने काटा रिबन 28 दिसंबर को राज्यसभा सांसद सुरेंद्र नागर फरीदाबाद पहुंचे थे। उन्होंने सेक्टर-16 स्थित मंत्री विपुल गोयल के कार्यालय पर उनके और राज्य मंत्री राजेश नागर के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मन की बात' कार्यक्रम का आखिरी एपिसोड सुना। इसके बाद करीब साढ़े 12 बजे सुरेंद्र नागर, विपुल गोयल और राजेश नागर सेक्टर-12 टाउन पार्क पहुंचे और लाइब्रेरी का उद्घाटन किया। यहां तक सब सामान्य था, लेकिन कहानी इसके बाद बदली। 2 घंटे बाद कृष्णपाल गुर्जर पहुंचे, फिर कटा रिबन पहले उद्घाटन के करीब 2 घंटे बाद केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर अपने समर्थकों के साथ टाउन पार्क पहुंचे। उनके साथ बड़खल विधायक धनेश अदलखा, एनआईटी विधायक सतीश फागना, मेयर प्रवीण बत्रा और भाजपा जिला अध्यक्ष पंकज पूजन रामपाल समेत कई नेता मौजूद थे। कृष्णपाल गुर्जर के पहुंचने से पहले दोबारा रिबन लगाया गया और उन्होंने भी लाइब्रेरी का उद्घाटन कर दिया। यानी एक लाइब्रेरी, एक दिन और दो उद्घाटन। इतना ही नहीं, उद्घाटन के बाद कृष्णपाल गुर्जर ने अपने गुट के नेताओं के साथ बोर्ड के सामने फोटो सेशन भी कराया। बोर्ड पर ऊपर कृष्णपाल गुर्जर का नाम और नीचे विपुल गोयल तथा सुरेंद्र नागर का नाम लिखा गया। पुरानी गुटबाजी की नई परछाई? फरीदाबाद भाजपा में कृष्णपाल गुर्जर और विपुल गोयल के बीच राजनीतिक खींचतान कोई नई बात नहीं है। मनोहर लाल खट्टर सरकार के समय 20 अक्टूबर 2018 को एनआईटी मैदान में दशहरा उत्सव के दौरान दोनों नेताओं के बीच सार्वजनिक विवाद भी सामने आया था। इसके बाद दोनों के बीच राजनीतिक दूरियां बढ़ती गईं। 2019 में विपुल गोयल का विधानसभा टिकट कटने के बाद यह खाई और गहरी होने की चर्चा होती रही। बाद के वर्षों में तिगांव विधानसभा सीट को लेकर भी कृष्णपाल गुर्जर और राजेश नागर खेमे के बीच राजनीतिक खींचतान चर्चा में रही। कृष्णपाल गुर्जर अपने बेटे देवेंद्र को तिगांव से चुनाव लड़ाना चाहते थे, लेकिन 2014, 2019 और 2024 में भाजपा ने राजेश नागर को ही टिकट दिया। यही वजह है कि दिसंबर 2025 में अटल लाइब्रेरी के दो बार उद्घाटन को भी फरीदाबाद की अंदरूनी भाजपा राजनीति से जोड़कर देखा गया।
गुरुग्राम के फर्रुखनगर के ऐतिहासिक शीश महल में बुधवार को हरियाणा शहीदी दिवस और अमर शहीद राव तुलाराम जयंती पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। इसमें कांग्रेस, भाजपा समेत कई राजनीतिक दलों के नेता, प्रशासनिक अधिकारी एक मंच पर दिखे। सभी ने महान स्वतंत्रता सेनानी राव तुलाराम और देश के सभी शहीदों को नमन कर उनके बलिदान को याद किया। इसके बाद राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय परिसर में बने शहीद स्मारक पर माला चढ़ाकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। शहीद अमर रहे के लगाए नारे कार्यक्रम की शुरुआत तहसीलदार सज्जन कुमार के नेतृत्व में हुई। शहीदों के चित्रों और प्रतिमाओं पर फूल चढ़ाए गए। इस दौरान शीश महल परिसर ‘शहीद अमर रहें’ के नारों से गूंज उठा। मौजूद लोगों ने शहीदों के बताए रास्ते पर चलने और देशहित में काम करने का संकल्प लिया। तहसीलदार सज्जन सिंह ने कहा कि हरियाणा वीरों और बलिदानियों की धरती है। राव तुलाराम जैसे महान स्वतंत्रता सेनानियों ने देश की आजादी के लिए अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया। उनके संघर्ष और बलिदान से आज की युवा पीढ़ी को देशभक्ति, एकता और देश सेवा की प्रेरणा लेनी चाहिए। ये रहे मौजूद इस मौके पर मार्केट कमेटी चेयरमैन दौलतराम सैदपुर, उप चेयरमैन कंवरपाल चौहान, पूर्व जिला उपप्रमुख संजीव यादव, नगरपालिका अध्यक्ष बीरबल सैनी, उपाध्यक्ष प्रदीप यादव, किसान नेता राव मानसिंह, प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता सुखबीर तंवर, ब्लॉक कांग्रेस प्रधान सुनील यादव, भाजपा मंडल अध्यक्ष अनिल सैनी, पूर्व बैंक मैनेजर कुद्दराम सैनी समेत अन्य मौजूद रहे।
अयोध्या के महर्षि वामदेव तपोस्थली मेले में एक युवक की पिटाई का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में 4-5 युवक उसे घेरकर मारते नजर आ रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद कुमारगंज पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया। पुलिस ने मारपीट में शामिल कुछ युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। थानाध्यक्ष सुरेश कुमार पटेल ने बुधवार को बताया कि घटना मंगलवार शाम की है। शराब के नशे में विवाद के बाद मारपीट पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि युवक शराब के नशे में थे। मेला परिसर में किसी बात को लेकर उनका विवाद हुआ था। इसके बाद उन्होंने एक युवक को घेर लिया और उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। मेले में मौजूद किसी व्यक्ति ने घटना का वीडियो बना लिया। बाद में इसे सोशल मीडिया पर डाल दिया गया। कुछ ही समय में वीडियो वायरल हो गया। बचने की कोशिश करता रहा युवक वायरल वीडियो में 4-5 युवक एक युवक पर लात-घूंसों से हमला करते दिख रहे हैं। युवक खुद को बचाने की कोशिश करता नजर आता है। आसपास मौजूद लोग घटना देखते रहे। वीडियो से आरोपियों की पहचान थानाध्यक्ष सुरेश कुमार पटेल ने बताया कि वीडियो के आधार पर मारपीट करने वालों की पहचान की गई है। कुछ युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। उन्होंने बताया कि अभी तक किसी पक्ष की ओर से लिखित शिकायत नहीं मिली है। पुलिस पीड़ित युवक की पहचान करने का प्रयास कर रही है। शिकायत मिलने के बाद आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
नशे में पत्नी पर लोहे की फुंकनी से हमला:जालौन में खून से लथपथ थाने पहुंची, CHC में इलाज
जालौन के कैलिया थाना इलाके में एक पति ने शराब के नशे में अपनी पत्नी पर लोहे की फुंकनी से हमला कर दिया। इस हमले में महिला की नाक पर गंभीर चोट आई है। खून से लथपथ महिला थाने पहुंची, जिसके बाद पुलिस ने उसे इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोंच भेजा। कैलिया थाना प्रभारी अवनीश पटेल ने बताया कि कैलिया गांव की गुड्डी देवी पत्नी मोहन परिहार ने शिकायत की है। गुड्डी देवी के अनुसार, उसका पति मोहन शराब पीने का आदी है। मंगलवार रात करीब 11 बजे मोहन शराब के नशे में घर आया और गुड्डी देवी को गाली देने लगा। लोहे की फुंकनी उठाकर नाक पर वार जब गुड्डी देवी ने उसे गाली देने से मना किया, तो मोहन ने लोहे की फुंकनी उठाकर उसकी नाक पर वार कर दिया। इससे गुड्डी देवी की नाक पर गहरी चोट लगी और खून बहने लगा। घायल हालत में गुड्डी देवी कैलिया थाने पहुंची। उसकी हालत देखकर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और एक महिला आरक्षी की निगरानी में उसे कोंच के सीएचसी भेजा। वहां उसका मेडिकल चेकअप और इलाज किया जा रहा है। महिला से लिखित शिकायत मांगा पुलिस ने घटना के बाद आरोपी पति मोहन की तलाश की, लेकिन वह घर से फरार मिला। पुलिस के मुताबिक, महिला से लिखित शिकायत देने को कहा गया है, लेकिन उसने अभी तक कोई शिकायत नहीं दी है। पुलिस का कहना है कि शिकायत मिलने के बाद मामले में कानून के हिसाब से कार्रवाई की जाएगी। पुलिस के अनुसार, घटना के बाद इलाके में कानून-व्यवस्था से जुड़ी कोई समस्या नहीं है। पुलिस आरोपी पति की तलाश कर रही है और महिला की मेडिकल रिपोर्ट व शिकायत मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
झज्जर जिले के गांव कुकोड़ोला में जोहड़ और पार्क की सरकारी जमीन पर कथित कब्जे को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। मामले को लेकर गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है। गांव की महिला सरपंच मधुबाला ने उपायुक्त को शिकायत देकर जोहड़ व पार्क की जमीन से कथित कब्जे हटवाने, पंचायत के विकास कार्यों में बाधा डालने वालों पर कार्रवाई करने तथा उन्हें और उनके परिवार को कथित तौर पर दी जा रही धमकियों की जांच कराने की मांग की है। सरपंच की ओर से दी गई शिकायत के अनुसार, गांव के कुछ लोगों ने जोहड़ और पार्क की जमीन पर कथित तौर पर कब्जा किया हुआ है। पंचायत की ओर से जब इन कब्जों को हटाने और जमीन पर विकास कार्य कराने का प्रयास किया जाता है तो संबंधित लोगों की ओर से विरोध किया जाता है। आरोप है कि इस दौरान महिला सरपंच के साथ अभद्र व्यवहार करने के साथ-साथ उन्हें और उनके परिवार को धमकियां भी दी जाती हैं। सरपंच प्रतिनिधि बोले- मेरी पत्नी को दी जा रही धमकियां सरपंच प्रतिनिधि जयवीर ने कहा कि उनकी पत्नी मधुबाला गांव की सरपंच हैं और पंचायत की जिम्मेदारी संभालते हुए गांव के विकास कार्य करवाने का प्रयास कर रही हैं। उनका आरोप है कि जिन लोगों ने सरकारी जमीन पर कब्जा कर रखा है, वे कब्जा हटाने और विकास कार्य करवाने के प्रयासों का विरोध करते हैं। आरोप है कि उनकी पत्नी को धमकियां देने के साथ गलत ताने भी मारे जाते हैं। इससे गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है। बदसलूकी और धमकी के वीडियो होने का दावा शिकायत में सरपंच की ओर से यह भी दावा किया गया है कि उनके साथ कथित बदसलूकी और धमकी से संबंधित वीडियो उनके पास मौजूद हैं। सरपंच का कहना है कि इस तरह के माहौल में एक महिला जनप्रतिनिधि के तौर पर काम करने में परेशानी हो रही है। विवाद के चलते गांव के विकास कार्य भी प्रभावित होने का आरोप लगाया गया है। पति सेना से रिटायर्ड, बेटा भी आर्मी में सरपंच ने प्रशासन को बताया कि उनके पति थल सेना से सेवानिवृत्त हैं, जबकि उनका बेटा वर्तमान में सेना में कार्यरत है। उन्होंने कहा कि उनका परिवार देशसेवा से जुड़ा रहा है। ऐसे में परिवार को कथित तौर पर धमकियां मिलना गंभीर चिंता का विषय है। कब्जा हटाने और कार्रवाई की मांग महिला सरपंच मधुबाला ने उपायुक्त से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करवाने की मांग की है। साथ ही जोहड़ और पार्क की सरकारी जमीन को कथित कब्जे से मुक्त कराने, पंचायत के विकास कार्यों में बाधा डालने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने तथा उन्हें और उनके परिवार को कथित रूप से दी जा रही धमकियों की जांच कर सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई है। मामले में प्रशासन की जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। सरपंच प्रतिनिधि बोले- पत्नी को धमकी और गाली देने का वीडियो पेनड्राइव में दिखाया सरपंच प्रतिनिधि ने बताया कि उनकी पत्नी मधुबाला गांव की सरपंच हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जोहड़ और पार्क की जमीन से कथित कब्जा हटाने तथा विकास कार्य करवाने के प्रयास के दौरान कुछ लोगों ने उनकी पत्नी को धमकी देने के साथ गाली-गलौज की। उन्होंने दावा किया कि इन घटनाओं से संबंधित वीडियो पेनड्राइव में मौजूद हैं और उन्होंने प्रशासन के समक्ष वीडियो दिखाकर मामले की जांच कराने की मांग की है।
सहारनपुर में किसानों को बड़ी राहत:सहकारी ग्राम विकास बैंक का कर्ज 6% ब्याज पर मिलेगा, पहले 12% थी
सहारनपुर में सहकारी ग्राम विकास बैंक से कर्ज लेने वाले किसानों को अब कम ब्याज देना होगा। उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक लिमिटेड ने कर्ज की ब्याज दर 12 प्रतिशत से घटाकर 6 प्रतिशत कर दी है। बुधवार को दिल्ली रोड स्थित गुर्जर भवन में आयोजित कार्यक्रम में इसकी जानकारी दी गई। कार्यक्रम में राज्य मंत्री जसवंत सैनी मुख्य अतिथि रहे। स्क्रीन के जरिए मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना और भारत टैक्सी के वर्चुअल शुभारंभ का सीधा प्रसारण भी दिखाया गया। किसानों को सहकारी बैंक की कर्ज व्यवस्था और विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। कर्ज पर ब्याज का बोझ होगा कम कार्यक्रम में बताया गया कि सहकारी ग्राम विकास बैंक के कर्ज पर पहले 12 प्रतिशत ब्याज लिया जाता था। मुख्यमंत्री की पहल पर इसे घटाकर 6 प्रतिशत किया गया है। इससे खेती-किसानी के लिए कर्ज लेने वाले किसानों को ब्याज के रूप में कम राशि चुकानी होगी। अधिकारियों ने किसानों को बैंक से मिलने वाली कर्ज सुविधाओं और योजनाओं के बारे में भी बताया। युवा उद्यमियों को बांटे चेक मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत लाभार्थियों को चेक वितरित किए गए। अधिकारियों ने बताया कि योजना का उद्देश्य युवाओं को अपना कारोबार शुरू करने के लिए आर्थिक मदद देना और उन्हें रोजगार से जोड़ना है। विधायक और सहकारिता विभाग के अधिकारी रहे मौजूद कार्यक्रम में सदर विधायक राजीव गुम्बर, रामपुर मनिहारान विधायक देवेंद्र निम, गंगोह विधायक कीरत सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष अजीत राणा, उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक के चेयरमैन राजपाल शर्मा समेत कई जनप्रतिनिधि और पदाधिकारी मौजूद रहे। सहकारिता विभाग से डीआर अरविंद प्रकाश, एआर रजनीश कुमार, जिला सहकारी बैंक के जीएम कुलदीप चौधरी और एलडीबी के क्षेत्रीय प्रबंधक अशोक कुमार भी शामिल हुए। किसानों, युवा कारोबारियों और सहकारिता क्षेत्र से जुड़े लोगों ने योजनाओं की जानकारी ली।
सोनभद्र के राबर्ट्सगंज कस्बे में यातायात को आसान और ठीक बनाए रखने के लिए पुलिस ने डायवर्जन रूट लागू किया है। यह व्यवस्था 21 सितंबर से लागू हुई है। इसके तहत छोटे वाहनों के आने-जाने के लिए अलग-अलग रास्ते तय किए गए हैं। वहीं, बस, ट्रक समेत सभी भारी वाहनों के डायवर्जन रूट पर आने पर पूरी तरह रोक रहेगी। पुलिस ने लोगों से तय रास्तों का पालन करने की अपील की है। पुलिस के मुताबिक, पन्नूगंज की तरफ से राबर्ट्सगंज आने वाले छोटे वाहनों को रेलवे क्रॉसिंग से पहले नहर पुलिया से बाईं ओर मुड़ना होगा। इसके बाद वाहन रेलवे स्टेशन के सामने से होते हुए रेलवे क्रॉसिंग के पास निकलेंगे। यहां से वे दण्डईत बाबा मंदिर की तरफ से शहर की ओर जा सकेंगे। इस व्यवस्था का मकसद कस्बे के मुख्य मार्ग पर वाहनों का दबाव कम करना है। इसी तरह, राबर्ट्सगंज से पन्नूगंज की ओर जाने वाले छोटे वाहनों के लिए भी रास्ता तय किया गया है। ऐसे वाहन राबर्ट्सगंज-पन्नूगंज मार्ग पर बन रहे ओवरब्रिज के किनारे से सीधे पन्नूगंज की ओर जाएंगे। पुलिस ने वाहन चालकों से निर्माण वाले इलाके में सावधानी बरतने और यातायात पुलिसकर्मियों के निर्देशों का पालन करने को कहा है। पुलिस ने साफ किया है कि तय डायवर्जन रूट पर बस, ट्रक और दूसरे भारी वाहनों का आना-जाना पूरी तरह बंद रहेगा। भारी वाहनों को पहले से तय दूसरे रास्तों से ही आना-जाना होगा। पुलिस का कहना है कि भारी वाहनों को डायवर्जन मार्ग पर आने की अनुमति देने से यातायात पर असर पड़ सकता है और निर्माण कार्य के कारण परेशानी बढ़ सकती है। यातायात पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे डायवर्जन व्यवस्था को ध्यान में रखकर अपनी यात्रा की योजना बनाएं। तय रास्तों का पालन करने से कस्बे में यातायात व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलेगी। पुलिस ने लोगों से यातायात को ठीक बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की है।
कासगंज में मंडी रोड पर दद्दा पब्लिक स्कूल के पास बुधवार को एक विवाहिता की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। उसका शव ससुराल के घर में कमरे के गेट के जंगले से फंदे पर लटका मिला। डायल-112 पर सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का मुआयना कर जांच शुरू की। मृतका की पहचान कामिनी के रूप में हुई है। वह सहावर गेट क्षेत्र के नगला खांन बहादुर निवासी छेलबिहारी की बेटी थी। करीब 10 साल पहले उसकी शादी मंडी रोड निवासी प्रेमपाल के बेटे मनीष से हुई थी। दंपति के दो बेटे हैं, जिनकी उम्र 9 और 8 साल है। पुलिस ने फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाकर साक्ष्य जुटाए हैं। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, मनीष की मां सुनीता सुबह अपनी बहू कामिनी को जगाने के लिए कमरे में गई थीं। वहां उन्होंने कामिनी को कमरे के गेट के जंगले से फंदे पर लटका देखा। इसके बाद उन्होंने अपने बेटे मनीष को बुलाया। मनीष ने कामिनी को नीचे उतारा। घटना की जानकारी पुलिस को डायल-112 के माध्यम से दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल की जांच शुरू की। फॉरेंसिक टीम ने मौके से जुटाए साक्ष्य मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने फॉरेंसिक टीम को भी घटनास्थल पर बुलाया। टीम ने मौके का निरीक्षण कर जरूरी साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने घटनास्थल से जुड़ी परिस्थितियों की भी जांच की। पुलिस ने शव का पंचनामा भरने के बाद उसे पोस्टमार्टम के लिए भेजने की कार्रवाई शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर होगी आगे की कार्रवाई पुलिस फिलहाल मामले से जुड़े सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। विवाहिता की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
Bihar:नवादा में करमा पूजा धूमधाम से मनाया गया, बहनों ने भाइयों की दीर्घायु के लिए रखा निर्जला उपवास
23 सितंबर, बुधवार: नवादा में करमा पूजा धूमधाम से मनाई गई, बहनों ने भाइयों की सुख-समृद्धि के लिए रखा निर्जला उपवास।
देवरिया की सदर तहसील में बुधवार दोपहर करीब 12 बजे तहसील बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने तहसील में कथित भ्रष्टाचार और गड़बड़ियों के विरोध में प्रदर्शन किया। अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर में नारेबाजी कर अपनी नाराजगी जताई। इसके बाद ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अनिमेष वर्मा को ज्ञापन सौंपकर तहसील के कामकाज की जांच कराने और शिकायतों पर कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन से पहले तहसील बार एसोसिएशन की बैठक भी हुई। बैठक की अध्यक्षता अध्यक्ष जुगुल किशोर तिवारी एडवोकेट ने की, जबकि संचालन मंत्री विजय यादव एडवोकेट ने किया। इसमें कानपुर बार एसोसिएशन और दि लॉयर्स एसोसिएशन के बड़े अधिवक्ता सम्मेलन में लिए गए फैसलों पर चर्चा की गई। बैठक में राज्य स्तर पर लिए गए निर्णय का समर्थन करने का फैसला भी किया गया। अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर में प्रदर्शन के दौरान नारेबाजी की। उनका कहना था कि तहसील में कामकाज को लेकर लगातार समस्याएं सामने आ रही हैं। उन्होंने प्रशासन से तहसील स्तर पर हो रही गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार की शिकायतों की जांच कराने की मांग की। प्रदर्शन के बाद अधिवक्ताओं के प्रतिनिधिमंडल ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अनिमेष वर्मा को ज्ञापन सौंपा। इसमें तहसील के कामकाज की जांच कराने, भ्रष्टाचार की शिकायतों पर कार्रवाई करने और अधिवक्ताओं की समस्याओं का समाधान कराने की मांग रखी गई। कानपुर के अधिवक्ता सम्मेलन के फैसले पर चर्चा बैठक में कानपुर बार एसोसिएशन और दि लॉयर्स एसोसिएशन के बड़े अधिवक्ता सम्मेलन में लिए गए फैसलों पर भी चर्चा हुई। अधिवक्ताओं ने बताया कि सम्मेलन में बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के कथित मनमाने रवैये का विरोध किया गया था। इसी के तहत प्रदेशभर के अधिवक्ताओं से 10 और 11 सितंबर को न्यायिक काम बंद रखने की अपील की गई थी। सदर तहसील बार एसोसिएशन ने बैठक में इस फैसले का समर्थन करने का निर्णय लिया। 10-11 सितंबर को न्यायिक काम बंद रखने का फैसला अधिवक्ताओं ने कहा कि राज्य स्तर पर लिए गए फैसले के अनुसार उनका संगठन भी तय तारीखों पर न्यायिक काम बंद रखेगा। इसके साथ ही तहसील स्तर पर अधिवक्ताओं को हो रही दिक्कतों और कामकाज से जुड़ी गड़बड़ियों को प्रशासन के सामने उठाने का निर्णय लिया गया। साफ-सुथरे तरीके से कामकाज की मांग ज्ञापन में अधिवक्ताओं ने तहसील के कामकाज की जांच, भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायतों पर कार्रवाई और उनकी समस्याओं के समाधान की मांग की। अधिवक्ताओं का कहना है कि तहसील में सभी काम पारदर्शी और साफ-सुथरे तरीके से होने चाहिए, ताकि आम लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
इंदौर में 19 सितंबर को राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के बाद मध्य प्रदेश युवा कांग्रेस का अंदरूनी विवाद खुलकर सामने आ गया है। कार्यक्रम में पास और बैठने की व्यवस्था को लेकर युवा कांग्रेस की प्रदेश उपाध्यक्ष स्वीटी पाटिल ने प्रदेश अध्यक्ष यश घनघोरिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं। स्वीटी पाटिल के आरोपों और वॉट्सऐप ग्रुप पर हुई बहस को लेकर युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष यश घनघोरिया का कहना है- मुझे इस तरह के किसी मामले की जानकारी नहीं हैं। किसने क्या लिखा है ये बिलकुल भी मेरे संज्ञान में नहीं हैं। स्वीटी ने आरोप लगाया कि उन्होंने कार्यक्रम के लिए 15 दिन तक इंदौर में कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में घूमकर छात्रों को जोड़ा, पंजीयन कराए, लेकिन खुद प्रवेश पास के लिए सुबह से शाम तक भटकती रहीं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि “अपराधी और गलत लोग” सभागार के अंदर बैठे थे, जबकि मेहनत करने वाले पदाधिकारियों को पास नहीं मिले। स्वीटी बोलीं- बीमार थी, फिर भी पास के लिए भटकती रही स्वीटी पाटिल ने अपने फेसबुक पोस्ट और युवा कांग्रेस के आंतरिक वॉट्सऐप समूहों में अपनी नाराजगी जाहिर की। उनका कहना है कि उनकी तबीयत ठीक नहीं थी, इसके बावजूद उन्होंने कार्यक्रम से पहले संगठन के लोगों से पास की व्यवस्था को लेकर जानकारी मांगी थी। स्वीटी के मुताबिक उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष से कहा था कि यदि उन्हें समय पर पास मिल जाए तो वह भीड़ पहुंचने से पहले कार्यक्रम स्थल पर पहुंच जाएंगी। लेकिन उनके आरोप के अनुसार शाम करीब 5 बजे तक पास की व्यवस्था नहीं हुई। इसके बाद उन्हें पता चला कि एक लड़का रेडिसन होटल में है और पास उसके पास है। स्वीटी का कहना है कि उन्हें खुद वहां जाना पड़ा और जब तक वह कार्यक्रम स्थल पहुंचीं, तब तक भारी भीड़ हो चुकी थी। उन्होंने कहा कि पिछले 15 दिनों से वह इंदौर में कॉलेज और विश्वविद्यालयों में घूमकर छात्रों को जोड़ रही थीं और पंजीयन करा रही थीं। इसके बावजूद उन्हें ही पास के लिए परेशान होना पड़ा। ‘मेहनत करने वाले बाहर, पैसे और महंगी कार वाले अंदर’ स्वीटी ने अपने पोस्ट में आरोप लगाया कि जिन कार्यकर्ताओं ने दिन-रात मेहनत की, उन्हें कार्यक्रम का पास नहीं मिला, जबकि उनके अनुसार “अपराधियों और गलत लोगों” को वीआईपी पास दिए गए। उन्होंने लिखा कि संगठन में योगदान नहीं देने वाले लोगों को वीआईपी पास दिए गए, जबकि मेहनत करने वाले कार्यकर्ता पास के लिए परेशान होते रहे। स्वीटी का सवाल- अध्यक्ष कौन, उपाध्यक्ष कौन और प्रभारी कौन? वॉट्सऐप बातचीत में स्वीटी ने व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए लिखा कि यदि अध्यक्ष और प्रभारी की जिम्मेदारी ली है तो कुछ जिम्मेदारियां भी उठानी चाहिए। उन्होंने कहा कि उन्हें समझ नहीं आ रहा कि “अध्यक्ष कौन है, उपाध्यक्ष कौन है, प्रभारी कौन है।” उन्होंने यह भी लिखा कि उनके साथ यह पांचवीं बार गलत व्यवहार हुआ है और यदि व्यवस्था संभल नहीं रही है तो जिम्मेदारी छोड़ देनी चाहिए। वॉट्सऐप ग्रुप में ऐसे शुरू हुई बहस जावेद पटेल (उज्जैन)- किसी ने भी आभार, धन्यवाद नहीं किया। नाराज तो भी हो प्रभारी जी और अध्यक्ष जी से… जो नहीं लिखेंगे वो नाराज है मैं समझ जाऊंगा.. अरे कुछ तो बोलो डिफेंडर और फॉर्च्यूनर स्वीटी पाटिल ने जावेद के मैसेज को उद्धृत करते हुए लिखा- Lol… अब हम बोलेंगे भैया, रुक तो जाओ, इसलिए अनुभवी व्यक्ति लगता है। राजनीति में किसी को भी सर पर बिठाने का नतीजा ऐसा होता है जावेद पटेल (उज्जैन)- इस ग्रुप की चैट चालू करो प्रभारी महोदय जी…. इस ग्रुप में वे सभी है युवा कांग्रेस के साथी है जिन्होंने 15 दिन काम किया है और आप उनकी ही नहीं सुन रहे हो स्वीटी पाटिल- सही बात है, राहुल जी कहते हैं ना डरो मत, प्लीज डरो मत ग्रुप की सेटिंग क्यों बदली? इसके बाद जावेद पटेल की ओर से मुस्कुराते हुए इमोजी भेजे गए। जावेद पटेल (उज्जैन)- प्रभारी महोदय जी आप अगर जवाब नहीं देंगे तो 20,30 युवा कांग्रेस के निर्वाचित सदस्यों के साथ पीसी या इस्तीफा के बाद जवाब देंगे स्वीटी पाटिल- वॉट्सऐप ग्रुप में स्वीटी ने लंबा संदेश लिखा- थोड़ी जिम्मेदारी है उठा लो अगर अध्यक्ष बने हो प्रभारी बने हो थोड़ी सी जिम्मेदारियां उठा लो मेरी तबीयत ठीक नहीं थी फिर भी मैंने आप लोगों से एक दिन पहले कहा कि पास का क्या है भैया बता दो क्या करना है सुबह दे देना चाहिए था सीधे नहीं दिया इधर के उधर उधर के इधर परेशान हुए एक लड़की परेशान होती है या जानबूझकर किया जा रहा है समझ में आता है सब अब मुझे कोई काम देना ही मत मैं टाइम पास करने के लिए नहीं बैठी हूं आप मेरा समय कीमत है विधानसभा दौरा करो यह पांचवीं बार मेरे साथ ना व्यवहार गलत हुआ है। और नहीं संभाल जा रहा है ना तो छोड़ दो पर कृपा करके व्यवस्थाएं ठीक किया करो यहां पर समझ नहीं आ रहा है अध्यक्ष कौन है उपाध्यक्ष कौन है प्रभारी कौन है सब बड़े नेता है एक लड़का राष्ट्रीय अध्यक्ष जी को लेने के लिए एयरपोर्ट के अंदर जाता है। जावेद पटेल (उज्जैन)- क्या कर सकते हैं भगवान भरोसे इसके बाद उन्होंने लिखा- युवा कांग्रेस में कोई भी किसी का कोई प्रोटोकॉल नहीं है जिला अध्यक्ष प्रदेश अध्यक्ष बना है और प्रदेश महासचिव प्रदेश प्रभारी बना बैठा है स्वीटी पाटिल- भैया प्रोटोकॉल नहीं पहले यह चाटुकारिता निकाल दे सब जगह से तो सही हो जाएगा पता नहीं लोग इतने बने हैं एक दूसरे की पता नहीं क्या-क्या सुनते रहते हैं वह शादाब खान चल रहा है यूथ कांग्रेस कभी-कभी ऐसे भी लगता है राष्ट्रीय अध्यक्ष जी को मिलने के लिए सीधे वह एयरपोर्ट के अंदर जाता और उसकी रील निकालकर यूथ कांग्रेस के पेज पर चलती है इन दोनों से पूछो तो यह लोग इरफान-मेरा निवेदन है आप सभी से आप सब मिलकर जो सही है उसका साथ दें। मैं आप के साथ हु सब तरीके से हम सब मिल कर राष्ट्रीय प्रभारी और राष्ट्रीय अध्यक्ष जी से बात करेंगे, वो अपनी बात मानेंगे तो ठीक है नहीं तो युवा कांग्रेस से अलविदा फिर एक अन्य संदेश में लिखा- किसी भी भाई को, किसी ने भी पद नहीं दिया सब अपनी मेहनत के दम पर निर्वाचित हुए हैं। इसके बाद- लेटर लिखो राष्ट्रीय अध्यक्ष जी और प्रभारी जी को भेजो, सब मिल के बात करेंगे हम इरफान- शिवी भैया और यश भाई किसी एक यूथ कांग्रेस के जिला प्रेसिडेंट या प्रदेश महासचिव को एक पास भी दे देते या पूछ भी लेते 16 से हम सब इंदौर आए है कहा रुके हो क्या कर रहे हो इसके बाद एक अन्य संदेश में लिखा गया-राष्ट्रीय अध्यक्ष के सामने बात होगी और प्लीज अब कोई प्रोग्राम में ना बोलाके हमारी प्लीज बेइज्जती ना करे एक कार्यकर्ता- भाई साहब यह कार्यक्रम राजनीतिक नहीं था जवाब- तो फिर राजनीतिक टीम और भीड़ बुलाने के लिए क्यों हमसे कहा गया था अतुल आलम सिवनी- प्रदेश अध्यक्ष जी के साथ जो लोग रहते है सिर्फ वही लोग उनकी टीम है और उन्ही लोगो ने बदतमीजी करने का ठेका ले रखा है.....बाकी आप लोग भीड़ बढ़ाते रहो.... राज नेमा- ऐसा नई है अध्यक्ष जी सभी के हैं बहुत सहज सरल स्वभाव के व्यक्ति हैं अतुल आलम- ये चाटुकारिता वाली बाते तुम मत करो राज नेमा जी .... अध्यक्ष जी को मे भी जनता हूँ उनके सरल सहज स्वभाव को देख कर ही हम लोगो ने उन्हें वोट देकर अध्यक्ष बनाया है.... एक अन्य कार्यकर्ता- सब चीजों का विरोध करना सीखो जब गलत होता है ना तो गलत का विरोध करो जितना सहोगे उतना ज्यादा गलत होते हुए देखोगे प्रोटोकॉल नाम की कोई चीज बची है नहीं आईवाईसी में क्योंकि यूथ कांग्रेस ऐसा नहीं था सिस्टम अभी जितना बिगाड़ दिया है कुछ लोगों ने अनिल गुर्जर- जब सम्मान की बात आती है तब युवा कांग्रेस के जिला अध्यक्ष मजदूरी करने के लिए बनाये विजय सिंह- सहमत करता हूं भाई, इसके बाद एक कार्यकर्ता ने लिखा- चलो दिल्ली 500 किलोमीटर दूर से आए कार्यकर्ता ने भी उठाया सवाल ग्रुप में आईटीआई कॉलेज नाम से एक सदस्य ने लिखा हम 500 किलोमीटर से दुर से आते है आज हम ने सब को फोन लगाया किसी ने फोन नहीं उठाया बस भीड़ ले आना उसके बाद कोई हाल चाल नहीं शिवी सिंह चौहान ने कार्यकर्ताओं से कहा- पास नहीं मिला, यह मैटर नहीं करता। उन्होंने लिखा- आप सभी साथियों ने कार्यक्रम को सफल बनाया उसके लिए आप सभी का आभार और यह कार्यक्रम राहुल जी का था हम सब लोग राहुल जी के लिए लगे हुए थे अपने नेता के लिए पास मिला नहीं यह मैटर नहीं करता मैटर यह करता है कि हमने अपने नेता राहुल जी और पार्टी के लिए के लिए दिल से कितना काम किया और कार्यक्रम को सफल बनाया जीवन में बहुत मौके आएंगे मिलने के और आगे बैठने के लिए हमें संघर्ष करना होगा और हम सब साथियों का समय आएगा उसे समय पर कोई हमें आगे बैठने से भी रोक नहीं पाएगाधन्यवाद साथियों स्वीटी ने फेसबुक पर भी उठाया मुद्दा वाट्सऐप विवाद के साथ स्वीटी पाटिल ने फेसबुक पर भी अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने लिखा कि दिन-रात मेहनत करने वाले कार्यकर्ताओं को पास नहीं मिला, जबकि उनके आरोप के मुताबिक वीआईपी पास ऐसे लोगों को बांटे गए जिनका संगठन में कोई योगदान नहीं था। उन्होंने कहा कि जब कार्यकर्ताओं ने इस मुद्दे पर आवाज उठाई तो ग्रुप की सेटिंग बदल दी गई। स्वीटी ने कार्यकर्ताओं से तीनों वाट्सऐप ग्रुप से बाहर निकलने की अपील करते हुए लिखा कि अगर संगठन में अपनी बात रखने और विचार साझा करने का अधिकार नहीं है तो ऐसे ग्रुप में रहने का क्या औचित्य है। उन्होंने लिखा कि कई कार्यकर्ताओं के फोन उनके पास आए और उन्होंने बताया कि वे बड़ी संख्या में लोगों को लेकर आए, मेहनत की, लेकिन उन्हें पास तक नहीं मिला। इसके बाद बदली ग्रुप की सेटिंग विवाद के बाद स्क्रीनशॉट में ग्रुप की सेटिंग बदली हुई दिखाई देती है। बाद के संदेशों में “सिर्फ एडमिन ही संदेश भेज सकते हैं” दिखाई दे रहा है। इससे पहले कार्यकर्ता खुले तौर पर पास, प्रोटोकॉल और संगठन में अपनी भूमिका को लेकर सवाल-जवाब कर रहे थे।
मगध यूनिवर्सिटी में दाखिले का दौर शुरू हो गया है। 2026-27 और 2026-28 सत्र के अलग-अलग कोर्स में दाखिले की तारीख जारी कर दी गई है। मंगलवार को स्ववित्तपोषित और व्यावसायिक कोर्स की दूसरी लिस्ट जारी हुई। इसमें नाम वाले छात्रों को 26 सितंबर तक दाखिला लेना होगा। वहीं मास्टर ऑफ लाइब्रेरी साइंस (एमएलआईएस) में दाखिले के लिए ऑनलाइन आवेदन भी शुरू हो गया है। छात्र 28 सितंबर तक आवेदन कर सकते हैं। यूनिवर्सिटी ने छात्रों से तय समय के अंदर आवेदन करने को कहा है। दूसरी लिस्ट में नाम है तो 26 सितंबर तक एडमिशन स्ववित्तपोषित और व्यावसायिक कोर्स की दूसरी लिस्ट मंगलवार को जारी की गई। इसमें नाम आने वाले छात्रों के पास दाखिले के लिए 26 सितंबर तक का समय है। छात्रों को संबंधित विभाग की ओर से बताए गए तौर तरीके से दाखिले की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। यूनिवर्सिटी की ओर से पीजी और दूसरे स्ववित्तपोषित व व्यावसायिक कोर्स के लिए भी दाखिले की तारीख तय की गई है। इसकी जानकारी छात्र कल्याण अध्यक्ष की ओर से जारी पत्र में दी गई है। मास्टर ऑफ लाइब्रेरी साइंस में आवेदन शुरू मास्टर ऑफ लाइब्रेरी साइंस यानी एमएलआईएस में दाखिले के लिए मंगलवार से ऑनलाइन आवेदन शुरू हो गया है। इच्छुक छात्र 28 सितंबर तक आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के दौरान छात्रों को जरूरी जानकारी और कागजात देने होंगे। जो छात्र पहले ही आवेदन कर चुके हैं, उन्हें भी एक जरूरी काम करना होगा। ऐसे छात्रों को अपनी यूजर आईडी और पासवर्ड से बीएलआईएस का अंकपत्र अपलोड करना होगा। इसके बाद ही दाखिले की आगे की प्रक्रिया पूरी होगी। चूके तो परेशानी यूनिवर्सिटी ने छात्रों से कहा है कि वे दाखिले और आवेदन की तारीख का ध्यान रखें। तय समय के अंदर प्रक्रिया पूरी करना जरूरी है। तारीख निकलने के बाद छात्रों को परेशानी हो सकती है। मगध यूनिवर्सिटी में हर साल बड़ी संख्या में छात्र पीजी, स्ववित्तपोषित और व्यावसायिक कोर्स में दाखिला लेते हैं। दूसरी लिस्ट जारी होने के साथ ही इन कोर्स में दाखिले की प्रक्रिया आगे बढ़ गई है।
नीमच के कैंट थाना क्षेत्र में फव्वारा चौक के पास टैगोर मार्ग पर मंगलवार को डोल ग्यारस के यादव समाज के जुलूस में नाचने को लेकर युवकों के दो पक्षों में विवाद हो गया। मारपीट में दो युवक घायल हुए। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यह चाकूबाजी की घटना नहीं है, युवकों पर लेझिम से हमला किया गया था। नाचने को लेकर शुरू हुआ विवाद घायल युवकों के परिजन रमेश बवानिया के अनुसार, टैगोर मार्ग से गुजर रहे जुलूस में नाचने को लेकर उनके मोहल्ले के युवकों और जुलूस में शामिल युवकों के बीच बहस हुई थी। इसी दौरान एक युवक ने बागेश्वर मंदिर क्षेत्र निवासी दो युवकों पर हमला कर दिया। हमले में मोदी नगर निवासी कार्तिक (18) पिता शंकरलाल भोई के कान के पास चोट आई। वहीं, सूरज (17) पिता दिनेश के सिर में चोट लगी। दोनों का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। अस्पताल में जुटी भीड़, पुलिस ने संभाला मामला घटना की सूचना के बाद घायलों के परिजन और स्थानीय लोग जिला अस्पताल पहुंच गए। कुछ देर के लिए अस्पताल परिसर में स्थिति तनावपूर्ण रही। सूचना मिलने पर कैंट थाना प्रभारी सौरभ शर्मा पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने अस्पताल परिसर से भीड़ को हटाया और परिजनों को समझाकर स्थिति शांत कराई। थाना प्रभारी बोले- चाकूबाजी नहीं, लेझिम से हमला कैंट थाना प्रभारी सौरभ शर्मा ने बताया कि यह चाकूबाजी की घटना नहीं है। जुलूस में नाचने के दौरान युवकों के बीच विवाद हुआ था, जिसमें दो युवकों पर लेझिम से हमला किया गया। उन्होंने बताया कि मामले में मारपीट की धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है। थाना प्रभारी के अनुसार, फिलहाल दूसरे पक्ष के भी बयान लिए जा रहे हैं। इसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अररिया में सड़क पर बह रहे दुर्गंधयुक्त गंदे पानी से लोग परेशान, एक हफ्ते में समाधान नहीं तो घेराव
23 सितंबर, बुधवार: अररिया के हनुमंत नगर वार्ड 15 में नाली से सड़क पर बह रहे दुर्गंधयुक्त सेप्टिक टंकी और बाथरूम के पानी से लोग परेशान हैं। लोगों ने प्रदर्शन कर नगर परिषद से समस्या का समाधान करने की मांग की। एक सप्ताह में समाधान नहीं होने पर नप कार्यालय के घेराव की चेतावनी दी गई।
काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में चीफ प्रॉक्टर की कार्यप्रणाली के विरोध में बुधवार को छात्रों ने प्रदर्शन किया। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से जुड़े छात्र केंद्रीय कार्यालय का घेराव करने पहुंचे। छात्रों के कार्यालय की ओर बढ़ने की सूचना पर प्रॉक्टोरियल बोर्ड की टीम और सुरक्षाकर्मी मौके पर पहुंच गए। छात्रों को रोकने के दौरान दोनों पक्षों में हल्की धक्का-मुक्की हुई। प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने चीफ प्रॉक्टर को तत्काल पद से हटाने की मांग की। छात्रों का आरोप है कि विरोध करने वाले छात्रों के खिलाफ जांच और कार्रवाई के नाम पर उन्हें परेशान किया जाता है। चीफ प्रॉक्टर को हटाने की मांग प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि लंबे समय से प्रॉक्टोरियल बोर्ड की कार्यप्रणाली को लेकर छात्रों में नाराजगी है। छात्रों का आरोप है कि विश्वविद्यालय में विरोध-प्रदर्शन करने के बाद उनके खिलाफ जांच कमेटियां गठित की जाती हैं। इसके बाद उन्हें कार्यालय बुलाकर पूछताछ के नाम पर मानसिक रूप से परेशान किया जाता है। पल्लव बोले- छात्रों के साथ मारपीट की घटनाएं हुईं BHU इकाई अध्यक्ष पल्लव ने कहा कि चीफ प्रॉक्टर के निर्देश पर कई मामलों में छात्रों के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की घटनाएं हुई हैं। शांतिपूर्ण तरीके से धरना देने वाले छात्रों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाती है। उन्होंने कहा कि एबीवीपी ने विश्वविद्यालय प्रशासन से प्रॉक्टोरियल व्यवस्था में तत्काल बदलाव की मांग की है। छात्रों ने चीफ प्रॉक्टर के इस्तीफे की मांग भी दोहराई। छात्रों ने रखीं 9 प्रमुख मांगें
हाई-वैल्यू UPI ट्रांजैक्शन पर 15 अक्टूबर 2026 से नया मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू होने की बात सामने आने के बाद स्थानीय दुकानदारों और व्यापारियों में नाराजगी है। उनका कहना है कि GST और अन्य खर्चों के बीच UPI पर अतिरिक्त शुल्क लगने से कारोबार पर सीधा असर पड़ेगा। दुकानदारों के मुताबिक रोजाना 10-20 डिजिटल ट्रांजैक्शन ऐसे होते हैं, जिनकी रकम 2 हजार से 10 हजार रुपए तक रहती है। एक दुकानदार ने बताया, बैंक से पहले ही कटौती होती है। UPI पर भी 0.4% शुल्क लगा तो नुकसान बढ़ जाएगा। व्यापारियों का कहना है कि वे यह खर्च ग्राहकों पर भी नहीं डाल सकते, इसलिए डिजिटल पेमेंट की जगह 2 हजार रुपए से ज्यादा के लेनदेन में कैश को प्राथमिकता दे सकते हैं। उन्होंने सरकार से इस फैसले पर पुनर्विचार की मांग की है। वीडियो में दिखिए लोगों ने क्या कहा…
Bihar:गया जी के गांधी मैदान में बने भव्य पार्क में लोगों की आवाजाही शुरू, बच्चे ले रहे झूले का आनंद
23 सितंबर, बुधवार: गया जी के गांधी मैदान में जयप्रकाश झरना साइड में बने भव्य पार्क में लोगों का आना-जाना शुरू, बच्चे झूला झूल रहे।
अबोहर के जेपी पार्क में मंगलवार देर शाम एक वृद्ध व्यक्ति का शव बैंच पर पड़ा मिला। मृतक की पहचान 65 वर्षीय सेवा सिंह के रूप में हुई है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवाया है। पार्क में सैर करने आए लोगों ने शाम करीब 6 बजे वृद्ध को बैंच पर संदिग्ध हालत में पड़ा देखा। उन्होंने तुरंत नर सेवा नारायण सेवा समिति के प्रधान राजू चराया और सिटी टू पुलिस को इसकी सूचना दी। समिति की टीम और पुलिस मौके पर पहुंची। आधार कार्ड से हुई पहचान थाना नंबर दो के पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और जांच की। उन्होंने पाया कि व्यक्ति की बैंच पर ही संदिग्ध हालात में मौत हो चुकी थी। उसके पास मिले आधार कार्ड से उसकी पहचान 65 वर्षीय सेवा सिंह के तौर पर हुई। पुलिस ने परिजनों को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही मृतक के परिजन भी अस्पताल पहुंच गए। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि परिजनों के बयान दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल पाएगा।
आजमगढ़ में पत्नी, बेटे और दो पुजारियों की हत्या करने वाला आरोपी अरविंद सिंह एनकाउंटर में मारा गया। अब आरोपी को लेकर परिवार और पड़ोसियों ने कई बातें बताई हैं। परिजनों ने बताया कि पूजा कराने को लेकर घर में पहले से विवाद चल रहा था। अरविंद की मां बिलख-बिलखकर रोती रहीं। उन्होंने कहा कि मेरे दो बेटे थे, दोनों नहीं रहे। मेरा पूरा परिवार खत्म हो गया। अब किसके सहारे गुजारा होगा। मैं कैसे जिऊंगी। वहीं, पूजा कराने वाले पंडित हिमांशु ने बताया कि घर में बाधा दूर कराने के लिए महामृत्युंजय जाप कराया जा रहा था। अरविंद इससे नाराज था। घटना वाले दिन आधार कार्ड दिखाने की बात पर अरविंद का पुजारियों से विवाद हुआ। उसकी पत्नी ने बीच-बचाव किया तो वह और भड़क गया और लाइसेंसी रिवॉल्वर से पत्नी और दो पुजारियों पर फायरिंग कर दी। मां बोली- दो बेटे थे, दोनों नहीं रहे अरविंद की मां कमला देवी ने बताया कि उसका परिवार उजड़ गया। उसके दो बेटे थे और अब दोनों नहीं रहे। उन्होंने बताया कि अरविंद ने पुजारियों से आधार कार्ड दिखाने को कहा था। कमला देवी के मुताबिक, पंडित ने कहा कि हमको पहचानते नहीं हो? इस पर अरविंद ने कहा कि नहीं पहचानते हैं, आधार कार्ड दिखाओ। पंडित ने आधार कार्ड नहीं होने की बात कही। इसके बाद अरविंद पंडितों को मारने के लिए दौड़ा तो उसकी पत्नी सामने आ गई। उसने पंडितों का अपमान न करने को कहा। इसी बात पर गुस्से में अरविंद ने फायरिंग कर दी। बहन बोली- भाई का इलाज चल रहा था अरविंद की बहन साधना ने बताया कि उसे सुबह टीवी पर न्यूज देखकर घटना की जानकारी मिली। अरविंद का इलाज चल रहा था और घर में पूजा कराने को लेकर उसका विरोध था। साधना ने बताया कि पंडित ने मां और भाभी से कहा था कि घर में पूजा कराने से अरविंद ठीक हो जाएगा। इसी वजह से दोनों पूजा करा रही थीं, लेकिन अरविंद इसका विरोध करता था। साधना के मुताबिक, वह घटना से एक दिन पहले भी घर गई थी। तब अरविंद ने उससे पूछा था कि क्यों आई हो, तुम्हारा घर नहीं है? इसके बाद उसने दरवाजा नहीं खोला और वह वापस लौट गई। परिवार में बाधा दूर करने के लिए पूजा हो रही थी पूजा कराने वाले पंडित हिमांशु मिश्रा ने बताया कि वह पांच दिन के अनुष्ठान के लिए अरविंद के घर आए थे। मंगलवार को अनुष्ठान का चौथा दिन था और बुधवार को पूर्णाहुति होनी थी। परिवार में बाधा दूर करने और सभी की बुद्धि ठीक रहने के लिए पूजा कराई जा रही थी। मंगलवार को अरविंद सिंह की पत्नी बबीता सिंह (40) घर में पूजा करा रही थीं। मां समला देवी (70) और बेटी परी (5), बेटा लक्खा (6) और सात माह की बेटी घर पर मौजूद थे। शाम करीब 6 बजे वे लोग वहां से जाने के लिए उठे, तभी अरविंद ने गाली-गलौज शुरू कर दी और पूछा कि तुम लोग यहां क्यों आए हो। परिवार के लोगों ने ही उन्हें पूजा के लिए बुलाया था। इसके बाद अरविंद ने आधार कार्ड दिखाने को कहा। आधार कार्ड पास नहीं होने पर अगले दिन दिखाने की बात कही, लेकिन वह तत्काल आधार कार्ड दिखाने की जिद करने लगा। लाठी लेकर दौड़ा, फिर रिवॉल्वर निकाल ली धमकी दी हिमांशु ने बताया कि अरविंद ने उन्हें मारने की और लाठी लेकर उनकी तरफ दौड़ा। घर के लोगों ने उसे रोकने की कोशिश की। इसी दौरान उसने राइफल निकाल ली। उसकी पत्नी बीच में आ गई तो अरविंद ने उसे गोली मार दी। हिमांशु ने बताया कि इसके बाद पुरोहित महेंद्र पाठक दरवाजे की ओर भागे, लेकिन अरविंद ने उन्हें भी गोली मार दी। मेरे पिता अरविंद की मां के पीछे छिप गए थे। पहली गोली से वे बच गए, लेकिन दूसरी गोली लगने से उनकी मौत हो गई। दीवार कूदकर मैं वहां से भाग गया। पड़ोसी ने कहा- बच्चों को कमरे में बंद कर लिया था पड़ोसी गोलू सिंह ने बताया कि अरविंद पूजा का लगातार विरोध कर रहा था। वह पत्नी और मां से पूजा नहीं कराने की बात कहता था। शाम को विवाद बढ़ने के बाद उसने पत्नी और दोनों पुजारियों की हत्या कर दी। गोलू के मुताबिक, गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास के लोग पहुंचे। इसके बाद अरविंद ने अपने बच्चों के साथ खुद को कमरे में बंद कर लिया। उसने एक बच्चे की भी हत्या कर दी और पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। गोलू ने बताया कि उसने पुलिस को सूचना दी। पुलिस काफी देर तक अरविंद को समझाती रही, लेकिन वह नहीं माना। रात करीब 1 बजे पुलिस, SOG और ATS की कार्रवाई में अरविंद मारा गया। गोलू ने यह भी बताया कि अरविंद के बड़े भाई की हत्या के बाद उसके व्यवहार में बदलाव आया था। परिवार पर आर्थिक तंगी भी थी और वह कोई काम नहीं करता था। ---------------------------- यह खबर भी पढ़ें… पति ने पत्नी, दो पंडितों की गोली मारकर हत्या की:पंडितों के आधार कार्ड न दिखाने पर गुस्साया, आजमगढ़ में खुद को कमरे में बंद किया, ATS पहुंची आजमगढ़ में मंगलवार शाम पति ने पत्नी समेत दो पंडितों की गोली मारकर हत्या कर दी। उसने पूजा के दौरान वारदात को अंजाम दिया। पति ने पत्नी से बहस के बाद दोनों पंडितों से आधार कार्ड मांगा, जिसके बाद उनका झगड़ा शुरू हो गया। पति गुस्से में कमरे से अपनी लाइसेंसी राइफल निकाल लाया। उसने दोनों पंडितों और पत्नी पर फायर कर दिया। पढ़ें पूरी खबर….
गयाजी के पहाड़पुर स्टेशन पर मंगलवार की शाम बड़ा हादसा टल गया। सासाराम-धनबाद इंटरसिटी एक्सप्रेस से एक महिला यात्री गिर गई। ट्रेन के साथ कुछ दूर तक वह घिसटती रही। मौके पर मौजूद यात्रियों ने तुरंत उसे खींचकर ट्रेन से दूर किया। इससे उसकी जान बच गई। घटना 13306 सासाराम-धनबाद इंटरसिटी एक्सप्रेस से जुड़ी है। चलती ट्रेन में हड़बड़ाहट के साथ चढ़ने की कोशिश करने लगी महिला ट्रेन पहाड़पुर स्टेशन पर रुकी थी। ठहराव के बाद ट्रेन चलने लगी। इसी दौरान महिला चलती ट्रेन में तेजी से हड़बड़ाहट के साथ चढ़ने की कोशिश करने लगी। लेकिन अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया। वह प्लेटफॉर्म पर जा गिरी। गिरने के बाद महिला ट्रेन के साथ कुछ दूर तक घिसटती चली गई। यह देखकर प्लेटफॉर्म पर मौजूद यात्रियों के होश उड़ गए। कुछ ही सेकेंड में वहां अफरातफरी मच गई। यात्रियों ने अपनी जान की परवाह किए बिना महिला को ट्रेन से दूर खींचने की कोशिश की। लोगों ने उसे किसी तरह ट्रेन की चपेट में आने से बचाया। इसके बाद महिला को प्लेटफॉर्म के किनारे सुरक्षित जगह पर ले जाया गया। हादसे में महिला को चोटें आई हैं। हालांकि, समय रहते यात्रियों की मदद मिलने से बड़ा हादसा टल गया। महिला की पहचान सामने नहीं आई है। घटना के बाद महिला के परिजन भी मौके पर पहुंच गए। वे महिला को अपने साथ लेकर चले गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार अगर यात्रियों ने समय पर महिला को नहीं खींचा होता तो स्थिति गंभीर हो सकती थी। यात्रियों की सतर्कता से बची महिला की जान चलती ट्रेन में चढ़ना और उतरना कितना खतरनाक हो सकता है, यह घटना इसका उदाहरण है। ट्रेन के चलने के बाद कुछ सेकेंड की जल्दबाजी महिला की जान पर भारी पड़ सकती थी। यात्रियों की सतर्कता से उसकी जान बच गई। रेलवे स्टेशनों पर अक्सर यात्री ट्रेन के चलने के बाद भी चढ़ने-उतरने की कोशिश करते हैं। इस दौरान पैर फिसलने या संतुलन बिगड़ने से हादसे का खतरा रहता है। पहाड़पुर स्टेशन की यह घटना भी इसी खतरे की ओर इशारा करती है।
पानीपत जिले के बापौली थाना क्षेत्र के अंतर्गत गांव गोयला खेड़ा के पास पुरानी रंजिश के चलते एक युवक पर जानलेवा हमला करने और गाड़ी चढ़ाकर मारने के प्रयास का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित युवक संदीप की शिकायत पर बापौली थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुरानी रंजिश को लेकर रची गई साजिश गांव गोयला खेड़ा निवासी संदीप (पेशे से किसान) ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि कुछ दिन पहले परिवार के ही पंकज के साथ उसकी किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई थी। हालांकि, बाद में बातचीत से मनमुटाव दूर कर लिया गया था, लेकिन पंकज मन में रंजिश रखे हुए था। पहले कार से मारी टक्कर, फिर दोबारा गाड़ी चढ़ाने का प्रयास घटना 22 सितंबर की है। शिकायतकर्ता संदीप अपने गांव के ही रितिक के साथ बाइक पर सवार होकर बापौली से काम निपटाकर अपने घर लौट रहा था। जब वे गोयला रोड स्थित कुटिया के पास पहुंचे, तो सामने से आ रही एक सफेद स्विफ्ट कार के चालक ने उनकी मोटरसाइकिल में सीधी टक्कर मार दी, जिससे दोनों सड़क पर गिर गए।संदीप ने जैसे ही उठकर चलने का प्रयास किया, कार चालक ने जान से मारने की नीयत से दोबारा उसके ऊपर गाड़ी चढ़ाने की नीयत से टक्कर मार दी। मकान में घुसकर लाठी-डंडों से पीटा, 2 तोले सोने की चेन गायब हमले से बचने के लिए संदीप भागकर गली के एक मकान में छुपने लगा। लेकिन हमलावर हाथों में लाठी-डंडे और हथियार लेकर मकान के अंदर घुस आए। साजिश के तहत हमले का आरोप पीड़ित संदीप का आरोप है कि पंकज पुत्र अमित उर्फ कटारा ने रंजिश के तहत साजिश रचकर सोनू उर्फ मोटा, अंकुश, शंकर और अभिषेक को भेजकर उस पर जानलेवा हमला करवाया है। पीड़ित ने पुलिस प्रशासन से सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की गुहार लगाई है।
हापुड़ में करीब 72 लाख रुपये के 650 मीट्रिक टन चावल गायब होने का मामला सामने आया है। एक चावल कारोबारी ने आरोप लगाया है कि एफसीआई के गोदाम से हापुड़ भेजे गए चावल को फर्जी दस्तावेज और नंबर प्लेट के जरिए रास्ते में ही हड़प लिया गया। कारोबारी ने ट्रांसपोर्टर और अज्ञात चालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए हापुड़ देहात थाने में शिकायत दी है। पक्का बाग के रहने वाले कारोबारी अनुज गर्ग ने बताया कि उनकी फर्म मैसर्स मनोज कुमार अनुज कुमार चावल का थोक कारोबार करती है। उन्होंने ओएमएस योजना के तहत एफसीआई से टेंडर के जरिए 350 मीट्रिक टन चावल खरीदा था। उनकी सहयोगी फर्म श्यामजी ट्रेडिंग कंपनी के यश कंसल ने भी करीब 300 मीट्रिक टन चावल खरीदा था। यह सारा चावल एफसीआई के आजमगढ़-बलिया इलाके के गोदाम में रखा था। कारोबारी के मुताबिक, चावल को हापुड़ लाने के लिए सीतापुर के ट्रांसपोर्टर जतिन्द्र सलूजा से बात की गई। आरोप है कि 10 सितंबर को ट्रांसपोर्टर ने BR-06 GG-2705 नंबर के ट्रक के कागजात दिए। इन कागजात पर भरोसा करके एफसीआई गोदाम से चावल ट्रक में लोड कर हापुड़ के लिए भेज दिया गया। लेकिन तय समय पर भी चावल हापुड़ नहीं पहुंचा। जब कारोबारी ने चालक से संपर्क करने की कोशिश की, तो उसका मोबाइल फोन बंद मिला। इसके बाद ट्रांसपोर्टर से जानकारी मांगी गई। आरोप है कि शुरुआत में ट्रांसपोर्टर ने साफ जानकारी नहीं दी और मामले को टालते रहे। मामला संदिग्ध लगने पर जब ट्रक की लोकेशन पता की गई, तो सामने आया कि वह वाहन पश्चिम बंगाल में चल रहा है। इसके बाद कारोबारी को शक हुआ कि चावल लाने के लिए जो ट्रक के कागजात दिए गए थे, वे गलत थे। शिकायतकर्ता का आरोप है कि फर्जी कागजात और फर्जी नंबर प्लेट का इस्तेमाल करके किसी दूसरे वाहन से 650 मीट्रिक टन चावल हड़प लिया गया है।
करनाल जिले के सावंत गांव में मंगलवार शाम बाइक सीख रही लड़की से बाइक का संतुलन बिगड़ गया। बाइक ने घर के बाहर बैठे व्यक्ति को टक्कर मार दी। टक्कर लगने से उसका सिर दीवार से टकराया और बाइक का अगला टायर उसकी गर्दन पर चढ़ गया। हादसे में व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे करनाल के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर शवगृह में रखवा दिया। बुधवार को पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। मोड़ पर नहीं संभली बाइक, सीधे व्यक्ति से टकराई परिजनों के अनुसार हादसा मंगलवार शाम करीब साढ़े 5 बजे हुआ। सावंत गांव निवासी 40 वर्षीय सतपाल घर के बाहर बैठा हुआ था। इसी दौरान एक लड़की बाइक सीखते हुए मोड़ पर पहुंची। उससे बाइक संभली नहीं और बाइक सीधे सतपाल से टकरा गई। टक्कर इतनी तेज थी कि सतपाल का सिर पीछे दीवार से जा लगा। इसके बाद बाइक का अगला टायर उसकी गर्दन पर चढ़ गया। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित किया हादसे के बाद सतपाल को गंभीर हालत में करनाल के सरकारी अस्पताल ले जाया गया। वहां जांच के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मंगलवार रात को ही पुलिस को दे दी गई थी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मोर्चरी में रखवा दिया। बुधवार को पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पत्नी की पहले हो चुकी मौत, बेटी हुई अकेली परिजनों ने बताया कि सतपाल के परिवार में उसकी एक बेटी है। उसकी पत्नी की पहले ही मौत हो चुकी है। हादसे में सतपाल की मौत के बाद बेटी के सिर से मां और पिता दोनों का साया उठ गया है। पुलिस ने आरोपी लड़की के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस हादसे के कारणों और पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।
आजमगढ़ में पत्नी–बेटे और दो पुजारियों की हत्या करने वाले अरविंद के घर में चार दिन से महामृत्युंजय का पाठ हो रहा था। अरविंद इसका विरोध कर रहा था। मंगलवार को पूजा खत्म होने के बाद उसने पुजारियों से आधार कार्ड मांगा। इसी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ। उसने अपने तीन बच्चों को 7 घंटे तक बंधक बनाए रखा। एक–एक कर पुलिस–प्रशासन के सामने डिमांड करता रहा और सभी की मौजूदगी में अपने बेटे को गोली मार दी। पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। ऐसे में ATS, SOG और पुलिस की जवाबी कारवाई में वो खुद मारा गया। विवाद कैसे-कैसे आगे बढ़ा। 7 घंटे तक बच्चे उसके कब्जे में कैसे रहे। पुलिस ने पूरे ऑपरेशन को कैसे अंजाम दिया? पढ़िए पूरी रिपोर्ट- चार पंडितों से शुरू किया महामृत्युंजय जाप का पाठ अरविंद की मां कमला को लगता था कि घर में भूत का साया। इसी वजह से अरविंद का मानसिक संतुलन ठीक नहीं है। घर में सुख-शांति और अरविंद के लिए घर में महामृत्युंजय जाप का पाठ शुरू कराया। पाठ करने के लिए पंडित महेंद्र पाठक (60), अखिलेश मिश्रा (55), उनके बेटे हिमांशु समेत 4 पंडितों को बुलाया गया। गांव के गोलू सिंह ने बताया कि पहले दिन से अरविंद पूजा का विरोध कर रहा था। सोमवार को भी अरविंद ने पूजा का विरोध किया था। तब भी पुलिस आई थी और उसे समझाकर चली गई थी। मंगलवार को पूजा का अंतिम दिन था। शाम के करीब 5.30 बजे थे। महामृत्युंजय पाठ की आरती होने के बाद पंडित लोग पूर्णाहुति की तैयारी कर रहे थे। गांव के लोग प्रसाद लेकर अपने घर जाने लगे थे। इसी बीच अरविंद पहुंचा। उसने पंडितों से आधार कार्ड मांगा। आप लोग कहां से आए हैं, कौन है, इसकी जानकारी हमें चाहिए। अरविंद बोला- पुजारी यहां से तुरंत भाग जाओ पंडित बोले–बाबू साहब! हम लोग पुजारी हैं, हम लोग आधार कार्ड क्यों लेके घूमेंगे? फेरी वाले तो हैं नहीं कोई? नेपाल या बांग्लादेश से तो नहीं आए हैं? यह सुनते ही अरविंद भड़क गया। उसने पंडितों को फटकारा और अपने घर से भगाने लगा। बोला- यहां से फौरन भाग जाओ, वरना पीट दूंगा। यह सुनते ही उसकी पत्नी बबिता गुस्से में उसके सामने आई। बोली कि ये तुम क्या बोल रहे हो। पंडितों का अपमान करना ठीक नहीं है। यह बात सुनकर अरविंद पत्नी से विवाद करने लगा। गुस्से में रिवाल्वर निकाली और पत्नी के सिर पर गोली मार दी। पत्नी के जमीन पर गिरते ही पंडित भागने लगे। पंडित महेंद्र पाठक उठकर पूजा स्थल से 5 कदम दूर ही भाग पाए थे कि अरविंद ने दौड़कर दूसरी गोली उनके सिर में मारी। इसके बाद पंडित अखिलेश मिश्रा और उनका बेटा हिमांशु घर के मेन गेट पर पहुंच गए और उसे खोलने लगे। तभी पीछे से अरविंद चिल्लाते हुए दौड़ता आया। उसे गुस्से में देखकर हिमांशु घर की दीवार से कूदकर बाहर भाग गया। जबकि उसके पिता अखिलेश मिश्रा अंदर ही रह गए। अरविंद ने तीसरी गोली उनके सिर पर मारी। वह वहीं सड़क पर लहूलुहान होकर गिर पड़े। गोलियों की आवाज सुनकर गांव के लोग मौके पर पहुंचे। गांव वालों को देखकर अरविंद ने हवा में रिवाल्वर लहराई। इस कारण से गांव वाले दूर ही रुक गए। तीन हत्या करने के बाद अरविंद ने अपने तीनों बच्चों के साथ खुद को घर के अंदर एक कमरे में बंद कर लिया था। अब पढ़िए 7 घंटे तक क्या हुआ… शाम करीब 7 बजे अहरौला थाना प्रभारी रामकिशोर शर्मा और डायल 112 पहुंची। मेन गेट से पुलिस अंदर घुसी। देखा कि घर के अंदर तीन लोगों की लाशें पड़ी हुईं थीं। आरोपी अरविंद ने बच्चों समेत खुद को एक कमरे में बंद कर लिया था। वह कमरे की खिड़की से बाहर झांक रहा था। तभी पुलिस ने उससे कहा कि दरवाजा खोल दो। मगर अरविंद ने दरवाजा नहीं खोला। उसने पुलिस से कहा कि पहले एसएसपी को बुलाओ, तब हम दरवाजा खोलेंगे। करीब 7.15 बजे पुलिस कप्तान डॉ. अनिल कुमार, एसपी ग्रामीण चिराग जैन पहुंचे। उन्होंने अरविंद से कहा कि दरवाजा खोल दो। हम तुम्हारे साथ कुछ नहीं करेंगे। रात 8 बजे बहन पहुंची, बोला- तू यहां क्यों आई है रात 8 बजे पुलिस ने अरविंद की बहन साधना को बुलाया। साधना ने घर के बाहर से अरविंद को आवाज लगाते हुए कहा कि भइया दरवाजा खोल दो। बहन को देखते ही अरविंद भड़क गया। उसने कहा कि तू यहां क्या करने आई हो? तेरा घर-द्वार नहीं है क्या? बहन ने कहा कि यह मेरा भी तो घर है। अंदर से अरविंंद चिल्लाया। यह तुम्हारा घर नहीं है। जाओ यहां से। बहन बोली कि अंदर छोटी बच्ची है, उसे लाओ मुझे दे दो। वह भूखी होगी। उसे मैं दूध पिला दूं। अरविंद ने उसे रिवॉल्वर दिखाकर भगा दिया। करीब 8.30 बजे अरविंद की मां कमला को बुलाया गया। कमला ने भी समझाया, लेकिन अरविंद ने दरवाजा नहीं खोला। उसने कहा कि मेरे भाई की हत्या हो गई। किसी ने मदद नहीं की। अरविंद बोला- मेरे भाई के हत्यारे बाहर घूम रहे करीब 9 बजे एसएसपी ने कहा कि अरविंद तुम घबराओ नहीं। हम लोग तुम्हारे परिवार के साथ हैं। तब अरविंद बोला कि 8 साल हो गए। मेरी भाई की हत्या कर दी गई। मुझे न्याय नहीं मिला। हत्यारोपी बाहर घूम रहे हैं। मुझे जान का खतरा है। फिर अरविंद ने एसएसपी से कहा कि SDM, तहसीलदार को बुलाओ, फिर दरवाजा खोलेंगे। कप्तान ने एसडीएम को फोन किया। रात करीब 9.30 बजे तक एसडीएम और तहसीलदार भी मौके पर पहुंच गए। इसी बीच कप्तान ने SOG और 6 थानों की फोर्स को भी मौके पर बुला लिया। पीएसी भी पहुंची। पुलिस फोर्स ने उसके घर को चारों ओर से घेर लिया। SDM के मौके पर पहुंचने पर कप्तान ने अरविंद से कहा कि एसडीएम साहब आ गए हैं। अब दरवाजा खोल दो। तुम डरो नहीं। तुम्हारी जो मांग होगी। हम लोग उसे सुनेंगे। रात 11.30 बजे अरविंद बोला- ADG को बुलाओ इसके बाद भी अरविंद ने दरवाजा नहीं खोला। उसने कहा कि अब एडीजी को बुलाओ, तब हम कमरे का दरवाजा खोलेंगे। 11:30 पर वाराणसी के एडीजी नवीन अरोरा पहुंचे। एडीजी ने अरविंद से कहा कि हम तुम्हारे साथ हैं। तुम घबराओ नहीं। बच्चों को बाहर भेज दो। हम तुम्हें कुछ नहीं करेंगे। तुम्हारी बात को सुना जाएगा। दरवाजा खोलकर बाहर आओ। बच्चे रो रहे थे, पुलिस ने चॉकलेट मंगवाई यह सुनकर अरविंद बोला कि मेरे बच्चों को भूख लगी है। वह रो रहे हैं। उनके लिए गांव की दुकान से चॉकलेट मंगवा दो। पुलिस ने 500 रुपए की बच्चों के लिए चॉकलेट मंगवाई। रात करीब 12 बजे अरविंद बोला कि अब हम बाहर नहीं आएंगे। रात बहुत हो गई है। मेरी बेटी और बच्चे सो गए हैं। रात को मैं घर से बाहर नहीं निकलता। अब मैं सुबह उजाले में कमरा खोलूंगा और बाहर निकलूंगा। अभी निकला तो मैं मारा जाऊंगा। यह सुनकर पुलिस कप्तान ने कहा कि ऐसा कुछ नहीं होगा। तुम और तुम्हारे बच्चे सुरक्षित रहेंगे। तुम दरवाजा खोल दो और बाहर आ जाओ। रात 12.30 बजे ATS पहुंची, 1 बजे एनकाउंटर कर दिया रात करीब 12.30 बजे वाराणसी से ATS पहुंची। अरविंद ने कहा कि आप लोग चले जाइए। वरना मैं अपने बच्चों को मार दूंगा। इसी बीच कमरे से गोली चलने की आवाज आई। इसके बाद ATS और SOG अलर्ट हो गई। टीम ने स्टेन ग्रेनेड और टियर गैस घर के अंदर छोड़ दी। फिर करीब 20 जवान और कप्तान अंदर घुसे और कमरे का दरवाजा तोड़ दिया। पुलिस के एंट्री करते ही अरविंद ने चेतावनी देते हुए पुलिस पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। उसने 6 राउंड फायरिंग की। पुलिस ने भी जवाब दिया। इसमें एक गोली उसे लगी। पुलिस घायल अवस्था में अरविंद और उसके बेटे को जिला अस्पताल लेकर पहुंची। जहां 3:30 बजे डॉक्टरों ने अरविंद को मृत घोषित कर दिया।
कानपुर देहात में 70 साल की एक बुजुर्ग महिला अपने ही परिवार से इंसाफ की गुहार लगा रही है। सावित्री देवी ने बुधवार डीएम और एसपी से शिकायत कर अपनी जमीन वापस दिलाने की मांग की है। महिला का आरोप है कि उनके पति को बहला-फुसलाकर परिवार के लोगों ने जमीन का बैनामा अपने नाम करा लिया। जमीन हाथ से जाने के बाद अब उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। यह मामला कानपुर देहात के सट्टी थाना क्षेत्र के कथरी गांव का है। करीब 70 वर्षीय सावित्री देवी पत्नी भगोती प्रसाद का कहना है कि उनका कोई बेटा नहीं है। उनकी एक बेटी है, जिसकी शादी हो चुकी है। ऐसे में पति के नाम की जमीन ही उनके जीवन-यापन का मुख्य सहारा थी। सावित्री देवी ने शिकायत में आरोप लगाया है कि उनके पति के भतीजे समर्थ सिंह पुत्र शिवबालक ने उनके पति को बहला-फुसलाकर अपने पास रख लिया। इसके बाद उनकी जमीन अपने नाम बैनामा करा ली। महिला का कहना है कि जमीन के सहारे ही वह किसी तरह अपना गुजर-बसर कर रही थीं, लेकिन अब यह सहारा भी छिन गया है। बुजुर्ग महिला का आरोप है कि जमीन को लेकर आपत्ति जताने पर उन्हें और उनके पति को परेशान किया जा रहा है। शिकायत में उन्होंने बताया कि समर्थ सिंह शराब पीकर उनके साथ गाली-गलौज करता है और जान से मारने की धमकी भी देता है। महिला ने अधिकारियों से मामले में कार्रवाई कर उन्हें न्याय दिलाने की मांग की है। सावित्री देवी ने बैनामे पर आपत्ति भी दर्ज करा दी है। अब प्रशासन की जांच के बाद ही साफ होगा कि जमीन का बैनामा किन परिस्थितियों में हुआ और उसमें कोई गड़बड़ी हुई या नहीं। वहीं, डीएम कपिल सिंह ने बताया कि बुजुर्ग महिला की शिकायत को एसडीएम भोगनीपुर के पास भेजा गया है। मामले की जांच कराई जाएगी और जांच के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
राघोपुर में घास काटते समय सांप ने 15 वर्षीय युवती को डसा, अस्पताल पहुंचने में देरी से मौत
23 सितंबर, बुधवार: सुपौल के राघोपुर प्रखंड के कोरियापट्टी वार्ड 7 में घास काटने गई 15 वर्षीय चांदनी कुमारी रूपम को जहरीले सांप ने डस लिया। परिजन उसे राघोपुर रेफरल अस्पताल ले गए, लेकिन इलाज शुरू होने से पहले ही उसकी मौत हो गई। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है।
पन्ना जिले में बिजली का इस्तेमाल तो हो रहा है, लेकिन बिल जमा करने में उपभोक्ता पीछे हैं। जिले में कुल 212.10 करोड़ रुपए का बिजली बिल बकाया है। इसमें सबसे ज्यादा 145 करोड़ रुपए घरेलू उपभोक्ताओं पर बाकी हैं। नल-जल योजनाओं पर 46 करोड़, सरकारी दफ्तरों पर 7 करोड़ और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर 4 करोड़ रुपए बकाया हैं। कम वसूली वाले केंद्रों की समीक्षा बकाया राशि की वसूली और समीक्षा के लिए विद्युत कंपनी सागर क्षेत्र के मुख्य अभियंता एसआर येमदे ने बुधवार को पन्ना कार्यालय में बैठक ली। इसमें अधीक्षण अभियंता अशोक निकोसे, पन्ना और पवई के कार्यपालन अभियंता सहित सभी सहायक और कनिष्ठ अभियंता मौजूद रहे। सिमरिया में सबसे ज्यादा बकाया डिवीजनवार स्थिति में सबसे ज्यादा 32.50 करोड़ रुपए सिमरिया में बकाया हैं। अजयगढ़ में 29 करोड़, शाहनगर में 23.50 करोड़, पवई में 23 करोड़ और गुन्नौर में 22 करोड़ रुपए बकाया हैं। अमानगंज में 19.50 करोड़, देवेंद्रनगर में 18.60 करोड़, पन्ना ग्रामीण में 16.50 करोड़, सलेहा में 13.50 करोड़, रैपुरा में 10 करोड़ और पन्ना शहर में 4 करोड़ रुपए की राशि बाकी है। बकायेदारों पर होगी सख्ती मुख्य अभियंता ने कम वसूली वाले वितरण केंद्रों के प्रभारियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए। बकायेदारों से राशि वसूलने के लिए डीआरए, संपत्ति कुर्की और बैंक खाते सीज करने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। लंबे समय से बिल जमा नहीं करने वाले उपभोक्ताओं के कनेक्शन तत्काल काटने को कहा गया है। बिजली चोरी पर भी कार्रवाई बिजली चोरी रोकने के लिए विशेष टीमें बनाई गई हैं। ये टीमें मौके पर पंचनामा बनाकर कार्रवाई करेंगी। बैठक के बाद मुख्य अभियंता ने पन्ना शहर वितरण केंद्र और 33/11 केवी सब-स्टेशन का अचानक निरीक्षण किया। इस दौरान आईओएमएस में शटडाउन और ब्रेकडाउन की एंट्री का रिकॉर्ड भी देखा। शिकायतों का जल्द निराकरण करने के निर्देश मुख्य अभियंता ने अधिकारियों से उपभोक्ताओं की समस्याओं और शिकायतों का त्वरित निराकरण करने को कहा। साथ ही निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने नशे और अपराध के खिलाफ कॉर्डन एंड सर्च ऑपरेशन (CASO) चलाया। बुधवार सुबह थाना वेरका के पक्की भंगाली इलाके में पुलिस ने यह अभियान चलाया। इस दौरान पुलिस ने करीब 13 लोगों को गिरफ्तार किया है। डीसीपी सिटी अमृतसर जसकरणजीत सिंह तेजा ने बताया कि पुलिस टीमों ने इलाके में सर्च अभियान चलाकर संदिग्ध लोगों और नशे से जुड़े मामलों की जांच की। कार्रवाई के बाद 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की गई। एनडीपीएस एक्ट मे दर्ज किए गए केस डीसीपी ने बताया कि सर्च ऑपरेशन के दौरान NDPS एक्ट के तहत दो अलग-अलग मामले दर्ज किए गए। इन मामलों में आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस अब मामलों की जांच कर रही है और नशे के कारोबार से जुड़े अन्य लोगों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है। अभियान के दौरान पांच ऐसे लोगों की पहचान की गई, जो नशे की लत से प्रभावित थे। पुलिस ने उन्हें नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती करवाया, ताकि उनका इलाज और पुनर्वास हो सके। डीसीपी बोले- आगे भी जारी रहेगा ऑपरेशन डीसीपी जसकरणजीत सिंह तेजा ने कहा कि पुलिस कमिश्नर के निर्देशों पर नशे के खिलाफ अभियान लगातार जारी है। खासकर NDPS एक्ट के तहत नशे का कारोबार करने वाले और अपराध में शामिल लोगों पर पुलिस कड़ी कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में भी इस तरह के सर्च ऑपरेशन जारी रहेंगे। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, इस अभियान का मकसद नशे के कारोबार से जुड़े लोगों पर कार्रवाई करने के साथ-साथ प्रभावित लोगों को नशे की लत से बाहर निकालने के लिए सही इलाज उपलब्ध कराना भी है। पुलिस ने साफ किया कि इलाके में अपराध और नशे से जुड़ी गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। यहां देखें फोटो…
भारतीय रेलवे लगातार परिचालन बेहतर बनाने के लिए विकास कार्य कर रही है। इसी कड़ी में पूर्व रेलवे के मुगमा स्टेशन पर यार्ड रीमॉडलिंग और नॉन-इंटरलॉकिंग का काम होगा। इस वजह से धनबाद रेल मंडल ने कई ट्रेनों के संचालन में बदलाव का फैसला किया है। यह तकनीकी काम 22 सितंबर से 4 अक्टूबर 2026 तक चलेगा। इस दौरान धनबाद रेल मंडल से गुजरने वाली कुछ ट्रेनें रद्द रहेंगी, जबकि कई प्रमुख एक्सप्रेस ट्रेनों के रूट बदले जाएंगे। यह जानकारी धनबाद रेल मंडल के सीनियर डिविजनल कमर्शियल मैनेजर और सीनियर जनसंपर्क अधिकारी मनीष सौरव ने दी है। ट्रेन के सही समय और मार्ग की पुष्टि अवश्य कर लें इधर, उपरोक्त ट्रेन के रद्द और परिचालन मार्ग में परिवर्तन होने को लेकर रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे असुविधा से बचने के लिए यात्रा शुरू करने से पूर्व अधिकृत रेल पूछताछ सेवा (139) या ‘नेशनल ट्रेन इंक्वायरी सिस्टम’ (NTES) के माध्यम से अपनी ट्रेन के सही समय और मार्ग की पुष्टि अवश्य कर लें। बताते चलें कि दुर्गा पूजा जैसे प्रमुख त्योहार के बीच इस प्रकार से रेल सेवा प्रभावित होने के कारण यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। दूर दराज से घर लौटने वाले यात्रियों को इससे ज्यादा परेशानी हो रही है। टाटानगर से आदित्यपुर तक MEMU ट्रेनों के टर्मिनल परिवर्तन की अवधि 09 अक्टूबर 2026 तक बढ़ाई गई। इधर, यात्रियों की सुविधा तथा टाटानगर यार्ड में परिचालन को सुचारु बनाए रखने के उद्देश्य से कुछ MEMU यात्री ट्रेनों के टर्मिनल को टाटानगर से आदित्यपुर स्थानांतरित रखने की अवधि को आगे बढ़ाया गया है। इसके तहत 68004 (गया–टाटा), 68019 (टाटा–गुआ), 68020 (गुआ–टाटा) एवं 68009 (टाटा-चक्रधरपुर) ट्रेनों का टर्मिनल जो पूर्व में टाटानगर था, उसे स्थानांतरित करते हुए आदित्यपुर तक किया गया था। इसके बाद टाटानगर यार्ड में भीड़भाड़/डिटेंशन में कमी तथा ट्रेनों के परिचालन में सुधार देखा गया। इसी के मद्देनजर अब उक्त टर्मिनल परिवर्तन की अवधि को अगले 15 दिनों के लिए बढ़ा दिया गया है। इसके बाद अब उक्त ट्रेनों का टर्मिनल आदित्यपुर तक 09 अक्टूबर 2026 तक बढ़ा दी गई है।
यूपी में होने वाले शिक्षक एमएलसी चुनाव की मतदाता सूची पर सपा ने आपत्ति जताई है। समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने चुनाव आयोग को पत्र भेजा है। आरोप लगाया है कि एमएलसी चुनाव की लिस्ट में बहुत गड़बड़ियां हैं। गलत तरीके से चुनाव जीतने की मंशा से इस लिस्ट में डुप्लीकेट मतदाताओं के नाम जुड़े हुए हैं। कई मतदाता ऐसे हैं जिनका नाम कई-कई बार लिस्ट में लिखा गया है। इतना ही नहीं उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि लिस्ट में जो वोटर हैं वो फर्जी हैं। इसलिए चुनाव आयोग मतदाता सूचियों की जांच कराए। मेरठ की लिस्ट पर सबसे ज्यादा आपत्ति सपा प्रदेश अध्यक्ष ने जो चिट्ठी भेजी है उसमें मेरठ शिक्षक एमएलसी और मेरठ एमएलसी दोनों ही चुनावों की मतदाता सूचियों पर आपत्ति दर्ज की है। मेरठ के अलावा तिलोई विधानसभा, सहारनपुर, गौतमबुद्धनगर और अन्य जिलों की वोटर लिस्ट की भी जांच कराने की मांग रखी है। ताकि आगामी एमएलसी चुनाव पूरी शुचिता के साथ नियमपूर्वक हो सके। 5 हजार मतदाता फर्जी तरीके से जुड़े श्याम पाल ने आरोप लगाया कि मेरठ में शिक्षक एमएलसी की जो वोटर लिस्ट है उसमें इंटर, हाईस्कूल फेल लोगों के नाम जुड़े हैं। अयोग्य लोगों को टीचर बनाकर उनका नाम लिस्ट में जोड़ दिया गया है। इतना ही नहीं ये भी कहा कि लिस्ट में तमाम ऐसे मतदाता हैं जो कहीं शिक्षक ही नहीं है। नियमानुसार वो शिक्षक एमएलसी चुनाव में वोट देने के लायक ही नहीं हैं। वो हलवाई हैं, कपड़ा, बर्तन, किराना टाइप की दुकानें करते हैं। उनके भी नाम इस लिस्ट में उन्हें शिक्षक बनाकर जोड़ दिए गए हैं। ताकि मतदान प्रभावित हो सके। लगातार हो रहे बीएलओ के तबादले समाजवादी पार्टी के यूपी प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने यूपी मुख्य निर्वाचन अधिकारी को एक पत्र भेजा है। जिसमें शिकायत की है कि मेरठ की 48 विधानसभा में एसआईआर खत्म हो जाने के बाद भी काफी संख्या में बीएलओ का ट्रांसफर किया जा रहा है। बताया कि 27 अक्टूबर 2025 लगभग एक साल पहले से लेकर 10 अप्रैल 2026 तक मतदेय स्थलों पर जो बीएलओ नियुक्त थे, जिन्होंने 166 दिनों तक एसआईआर का काम किया है। उसमें से अधिकांश बीएलओ को ट्रांसफर किया जा रहा है। बीएलओ से ऐप और ओटीपी मांगी जा रही है। जो बीएलओ ओटीपी देने से मना कर रहे हैं उनको ट्रंासफर किया जा रहा है। कहा इससे चुनाव में फर्जी वोटिंग कराने की मंशा लगती है। अब तक 38 से ज्यादा बीएलओ को ट्रासंफर किया जा चुका है। उन्होंने मांग की है कि शिक्षक एमएलसी और एमएलसी चुनावों की वोटर लिस्ट की जांच कराकर फर्जी मतदाताओं को बाहर किया जाए।
लखीमपुर खीरी जिले में चिल्ड्रेस एकेडमी में सोमवार को हुए गोलीकांड में पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से अहम खुलासा हुआ है। हमलावर सऊद ने शिक्षिका निशात फातिमा के सिर में चार गोलियां मारी थीं।
गुना शिवपुरी में सामंतवाद: महाराज के बाद दरबारी विधायक का वीडियो एवं कलेक्टर की कार्रवाई चर्चा में
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महराजगंज पुलिस ने गुम और चोरी हुए 110 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इन मोबाइलों की अनुमानित बाजार कीमत करीब 27 लाख रुपये है। पुलिस ने सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर (CEIR) पोर्टल और सर्विलांस तकनीक की मदद से इन्हें खोजा। बुधवार को सभी मोबाइल उनके असली मालिकों को सौंप दिए गए। पुलिस के मुताबिक, पिछले छह महीने में सर्विलांस सेल और जिले के थानों ने कुल 628 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इनकी कुल अनुमानित कीमत करीब 1 करोड़ 78 लाख रुपये है। इन सभी मोबाइलों को भी उनके मालिकों तक पहुंचाया गया है। जुड़ी तकनीकी जानकारी जुटाई सर्विलांस सेल की टीम ने मोबाइलों को ट्रैक करने के लिए IMEI आधारित ट्रैकिंग, तकनीकी विश्लेषण और CEIR पोर्टल जैसे आधुनिक तरीकों का इस्तेमाल किया। अलग-अलग मामलों में मिली शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए मोबाइलों की लोकेशन और इस्तेमाल से जुड़ी तकनीकी जानकारी जुटाई गई। इसके बाद उन्हें बरामद कर मालिकों को सौंपा गया। बुधवार को अपने मोबाइल वापस मिलने पर लोगों के चेहरे पर खुशी साफ दिखी। मोबाइल मालिकों ने महराजगंज पुलिस और पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी का आभार जताया। लोगों की संपत्ति सुरक्षित रखने में मदद इस मौके पर पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी ने सर्विलांस सेल की टीम की तारीफ की। उन्होंने कहा कि जनता की छोटी से छोटी समस्या को तुरंत हल करना पुलिस की प्राथमिकता है। एसपी ने बताया कि आज के समय में तकनीक आधारित पुलिसिंग की अहम भूमिका है। CEIR जैसे प्लेटफॉर्म के सही इस्तेमाल से लोगों की संपत्ति सुरक्षित रखने में मदद मिल रही है। एसपी ने लोगों से अपील की है कि मोबाइल गुम या चोरी होने पर तुरंत CEIR पोर्टल पर उसे ब्लॉक कराएं। साथ ही, नजदीकी थाने या सर्विलांस सेल में शिकायत दर्ज कराएं, ताकि मोबाइल को ट्रैक करके बरामद किया जा सके।
बारां के नाहरगढ़ कस्बे में डोल मेला मैदान की भूमि के विवाद को लेकर जलझूलनी एकादशी पर मंगलवार शाम बड़ा मामला सामने आया। विवाद का समाधान नहीं होने से नाराज 9 समाजों ने अपने देव विमानों को पूजन स्थल पर ही रोक दिया और रातभर धरने पर बैठे रहे। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक डोल मेला मैदान के भूमि विवाद का समाधान नहीं होता, वे मौके से नहीं हटेंगे। तीन साल से चल रहा है भूमि विवाद डोल मेला मैदान की जमीन को लेकर यह विवाद पिछले तीन साल से चल रहा है। सर्व समाज का आरोप है कि जमीन की नाप-जोख होने के बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाया गया। समाजों ने प्रशासन को पहले ही ज्ञापन देकर जलझूलनी एकादशी से पहले मामले का समाधान करने की मांग की थी। मांग पूरी नहीं हुई तो रोके देव विमान ग्रामीणों के अनुसार, प्रशासन की ओर से बार-बार आश्वासन दिए जाते रहे, लेकिन विवाद का स्थायी समाधान नहीं हुआ। इसी के चलते समाजों ने पहले ही चेतावनी दी थी कि मांग पूरी नहीं होने पर जलझूलनी एकादशी के दौरान देव विमानों को रोक दिया जाएगा। मंगलवार को चेतावनी के मुताबिक 9 समाजों ने अपने देव विमान आगे नहीं भेजे और पूजन स्थल पर ही रोक दिए। दो समाजों ने भेजे देव विमान वहीं, दो समाजों ने इस विरोध को गलत बताते हुए अपने देव विमानों को मंदिरों के लिए रवाना कर दिया। इससे मौके पर विरोध की स्थिति अलग-अलग नजर आई। बाकी समाजों के लोग डोल मेला मैदान में धरने पर डटे रहे। तहसीलदार ने संभाली स्थिति, पुलिस बल तैनात मौके पर किशनगंज तहसीलदार विशाल गर्ग ग्रामीणों को समझाने में लगे रहे। थानाधिकारी विवेक हरसाना, लक्ष्मीचंद और कैलाश चंद सहित पुलिस बल भी तैनात रहा। देर रात तक ग्रामीणों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच बातचीत का दौर चलता रहा। सुबह तक नहीं हुआ देव विमानों का विसर्जन भूमि विवाद का समाधान नहीं होने के कारण सुबह तक देव विमानों का विसर्जन नहीं हो पाया। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि जब तक डोल मेला मैदान की जमीन से जुड़े विवाद का समाधान नहीं होता, उनका धरना जारी रहेगा।
पटियाला हाउस कोर्ट ने हिंदू देवी-देवताओं से जुड़े आपत्तिजनक सोशल मीडिया पोस्ट मामले में निशु आजाद और उनके पिता संजय आजाद के खिलाफ FIR दर्ज करने की याचिका पर दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा है।
IIT बॉम्बे छात्र सुसाइड केस: आईफोन खोलेगा साहिल की मौत का राज? आरोपी प्रोफेसर छुट्टी पर भेजे गए
क्राइम ब्रांच साहिल की मौत से पहले की परिस्थितियों को समझने के लिए संस्थान के अलग-अलग हिस्सों के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। इनमें परीक्षा कक्ष, परिसर और हॉस्टल से जुड़े फुटेज शामिल हैं।
विश्व धरोहर ताजमहल की सुरक्षा अब और ज्यादा पुख्ता होने जा रही है। ताजमहल के 500 मीटर के दायरे में 90 नए सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इससे यलो जोन के चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा सकेगी। नए कैमरे लगने से न सिर्फ स्मारक की सुरक्षा मजबूत होगी, बल्कि पर्यटकों के साथ ठगी करने वाले लपकों और दलालों पर भी नियंत्रण किया जा सकेगा। दरअसल, ताजमहल की सुरक्षा व्यवस्था दो जोन में बंटी हुई है। रेड जोन यानी स्मारक परिसर के अंदर की सुरक्षा केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) संभालती है, जबकि यलो जोन यानी ताजमहल की 500 मीटर की परिधि में सुरक्षा की जिम्मेदारी आगरा पुलिस और पीएसी के पास है। पुलिस के प्रस्ताव को मिली मंजूरी ताजगंज प्रोजेक्ट के तहत वर्ष 2016 में यलो जोन में सीसीटीवी कैमरे लगाते हुए कंट्रोल रूम बनाया गया था। इसके बाद यहां स्मार्ट पोल भी लगाए गए, जिनमें पब्लिक एड्रेस सिस्टम के साथ सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, लेकिन मौजूदा कैमरों से पूरे क्षेत्र पर नजर रखना संभव नहीं हो पा रहा है। कई ब्लाइंड स्पॉट बने हुए हैं। इसी कमी को दूर करने के लिए पथकर सलाहकार समिति की बैठक में पुलिस ने यलो जोन में 90 नए सीसीटीवी कैमरे लगाने का प्रस्ताव रखा था। प्रस्ताव को समिति ने स्वीकृत कर दिया है। अब आगरा विकास प्राधिकरण (एडीए) ने कैमरे लगाने के लिए टेंडर जारी कर दिया है। पथकर निधि से 2.10 करोड़ रुपये की लागत से छह महीने के अंदर सभी कैमरे लगाने का काम पूरा किया जाएगा। कंट्रोल रूम से पूरे इलाके पर नजर अधिकारियों के अनुसार, नए कैमरों के लगने के बाद 500 मीटर के पूरे क्षेत्र में निगरानी और सख्त हो जाएगी। कंट्रोल रूम से हर संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखी जा सकेगी। बीते कुछ दिनों में पर्यटन पुलिस ने ताजमहल के आसपास पर्यटकों को परेशान करने वाले लपकों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की है। नए सीसीटीवी कैमरे लगने के बाद यलो जोन में उनकी हर हरकत पर नजर रखना और सबूत जुटाना आसान हो जाएगा, जिससे पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिल सकेगा।
बिहार: छापेमारी, निलंबन और फिर वापसी! आय से अधिक संपत्ति केस में हाजीपुर के लेखपाल को मिली राहत
वैशाली के हाजीपुर नगर परिषद के निलंबित लेखपाल मनीष कुमार का निलंबन समाप्त कर दिया गया है। आय से अधिक संपत्ति के मामले में आर्थिक अपराध इकाई की कार्रवाई के बाद उन्हें निलंबित किया गया था।
रायपुर के भाठागांव में सब्जी बाजार की शिफ्टिंग को लेकर बुधवार को नगर निगम की टीम और कुछ लोगों के बीच विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि निगम कर्मचारियों के साथ मारपीट की स्थिति बन गई। घटना में 4-5 निगम कर्मचारियों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। एक पुलिस जवान के भी घायल होने की खबर है। बताया जा रहा है कि नगर निगम की टीम भाठागांव में सब्जी बाजार को हटाने और दूसरी जगह शिफ्ट करने पहुंची थी। इसी दौरान बाजार शिफ्टिंग को लेकर विवाद शुरू हो गया। देखते ही देखते मामला मारपीट तक पहुंच गया। घटना के बाद इलाके में तनाव की स्थिति बन गई। मौके पर मौजूद पुलिस ने स्थिति संभालने की कोशिश की। घटना के बाद नगर निगम की टीम पुरानी बस्ती थाने पहुंची है और मामले में एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है। फिलहाल मारपीट की वजह और इसमें शामिल लोगों की पूरी जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस की शिकायत के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
भोपाल के जहांगीराबाद थाने में अधिवक्ता राकेश रावल से मारपीट के मामले में पुलिस विभाग ने कार्रवाई की है। डीसीपी जोन-1 ने जहांगीराबाद थाना प्रभारी राजन सिंह अहिरवार समेत तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। सस्पेंड होने वालों में आरक्षक यश लखेरा और आरक्षक रामस्वरूप भी शामिल हैं। तीनों को निलंबन अवधि में रिजर्व सेंटर से संबद्ध किया गया है। मामले की प्राथमिक जांच सात दिन में पूरी कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। रास्ता पूछने को लेकर शुरू हुआ विवाद घटना मंगलवार रात करीब 8:30 बजे की है। अधिवक्ता राकेश रावल कोर्ट का कामकाज पूरा करने के बाद बैरागढ़ जाने के लिए निकले थे। कंट्रोल रूम तिराहे पर रास्ता बंद होने के कारण वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोक दिया। रावल ने पुलिसकर्मियों से बैरागढ़ जाने के लिए वैकल्पिक रास्ता बताने को कहा। पुलिसकर्मियों ने कहा- रास्ता बताने के लिए नहीं खड़े रावल के मुताबिक, मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों ने कहा कि वे रास्ता बताने के लिए खड़े नहीं हैं। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच बहस हो गई। रावल ने पुलिसकर्मियों से कहा कि वे ड्यूटी पर तैनात हैं और रास्ता बंद होने पर लोगों को वैकल्पिक मार्ग बताना उनकी जिम्मेदारी है। थाने में मारपीट का आरोप, वकीलों ने किया विरोध विवाद बढ़ने के बाद पुलिसकर्मी अधिवक्ता राकेश रावल को अपने साथ जहांगीराबाद थाने ले गए। रावल का आरोप है कि थाने में उनके साथ मारपीट की गई। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में अधिवक्ता जहांगीराबाद थाने पहुंच गए। उन्होंने पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए विरोध जताया। वकीलों का कहना है कि केवल निलंबन की कार्रवाई से वे शांत नहीं बैठेंगे। उनकी मांग है कि आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की जाए। ऐसा नहीं होने पर उन्होंने उग्र प्रदर्शन की चेतावनी दी है। मामला वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचने के बाद डीसीपी जोन-1 ने निलंबन के आदेश जारी किए। पुलिस का पक्ष- एसीपी से बदसलूकी का आरोप दूसरी ओर, थाना प्रभारी राजन सिंह अहिरवार का कहना है कि विवाद के दौरान अधिवक्ता ने ट्रैफिक एसीपी अजय बाजपेई के साथ बदसलूकी की थी। उन्होंने सरेराह एसीपी को अपशब्द कहे और समझाइश के बाद भी ऐसा करते रहे। थाना प्रभारी के मुताबिक, घटनाक्रम का वीडियो पुलिस के पास मौजूद है। अब प्राथमिक जांच में पूरे घटनाक्रम, थाने में हुई कार्रवाई और दोनों पक्षों के आरोपों की पड़ताल की जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
कोरबा के पाली-तानाखार विधायक और गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष तुलेश्वर हीरासिंह मरकाम को साइबर ठगों ने निशाना बनाया है। उनका मोबाइल हैक कर वाट्सऐप नंबर से परिचितों, कार्यकर्ताओं और पार्टी पदाधिकारियों को पैसे मांगने के मैसेज भेज रहे हैं। मैसेज में 76 हजार रुपए की अर्जेंट जरूरत बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक, विधायक मरकाम के पास पार्सल से जुड़ा कॉल आया था। इस पर बातचीत के कुछ देर बाद उनका मोबाइल हैक हो गया। इसके बाद उनके वाट्सऐप नंबर से लोगों को लगातार मैसेज भेजे जाने लगे। इनमें तत्काल 76 हजार रुपए की जरूरत बताकर पैसे मांगे जा रहे थे। कई लोगों को लगा कि विधायक को वास्तव में पैसों की जरूरत है। वहीं, कुछ जागरूक शुभचिंतकों ने विधायक को सीधे फोन कर इसकी जानकारी दी। इसके बाद पता चला कि उनका मोबाइल हैक हो चुका है और उनके नंबर से फर्जी मैसेज भेजे जा रहे हैं। विधायक ने सोशल मीडिया पर किया अलर्ट मामले की जानकारी मिलते ही विधायक तुलेश्वर हीरासिंह मरकाम ने शुभचिंतकों, पार्टी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और आम लोगों को अलर्ट किया। उन्होंने सोशल मीडिया और फोन के जरिए बताया कि उनका नंबर हैक हो गया है। उन्होंने लोगों से पैसे मांगने वाले किसी भी मैसेज पर भरोसा नहीं करने की अपील की। कहा- मुझे पैसों की जरूरत नहीं विधायक ने साफ किया कि उन्हें किसी भी तरह के पैसों की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि वाट्सऐप से पैसे मांगने वाले मैसेज हैकर्स की ओर से भेजे जा रहे हैं। उन्होंने लोगों से किसी भी तरह के झांसे में नहीं आने की अपील की। पुलिस ने साइबर सेल को भेजा मामला विधायक ने मामले की सूचना पाली थाना प्रभारी को दी है। पाली थाना प्रभारी मनोज कौशिक ने बताया कि विधायक ने मोबाइल हैक होने की जानकारी दी है। मामले को साइबर सेल के पास भेजा गया है। पुलिस की ओर से आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने कहा- पैसे भेजने से पहले करें पुष्टि इस तरह के साइबर ठगी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। अब जनप्रतिनिधियों के नंबर से भी पैसे मांगने के मामले सामने आ रहे हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी परिचित के नंबर से पैसे मांगने का मैसेज आए तो पहले संबंधित व्यक्ति को फोन कर इसकी पुष्टि करें। इसके बाद ही कोई रकम भेजें।
23 सितंबर, बुधवार: नवादा के रोह थाना क्षेत्र के मड़रा बधार में शिक्षक की लाश मिली, हत्या की आशंका, एफएसएल टीम ने की जांच।
प्रयागराज में इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्रसंघ की बहाली का मुद्दा एक बार फिर तेज हो गया है। बुधवार सुबह लक्ष्मी चौराहे, मेयोहॉल चौराहे और महिला छात्रावास के सामने छात्रसंघ बहाली को लेकर पोस्टर लगाए गए। पोस्टरों के जरिए सरकार से छात्रसंघ चुनाव बहाल करने को लेकर सवाल किया गया। इनमें लिखा था-यूपी में छात्रसंघ पर ताला, दिल्ली में जीत पर माला” और “यूपी में छात्रसंघ चुनाव कब बहाल होंगे? ‘अब मुद्दे को कैंपस से बाहर ले जा रहे’ NSUI यूपी के प्रदेश महासचिव और इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्रनेता आदर्श सिंह भदौरिया ने कहा- अब छात्रसंघ बहाली के सवाल को विश्वविद्यालय परिसर से बाहर शहर के प्रमुख चौराहों तक ले जाया जा रहा है। चौराहों पर लगाए गए पोस्टरों के जरिए सरकार से छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकार को लेकर सवाल किया जा रहा है। 2019 में खत्म हुई थी चुनावी व्यवस्था, तब से लगातार आंदोलन इलाहाबाद विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव की व्यवस्था 2019 में खत्म कर दी गई थी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने 96 साल पुराने छात्रसंघ की जगह छात्र परिषद व्यवस्था लागू करने का फैसला किया था। इसमें सीधे चुनाव के बजाय कक्षा प्रतिनिधियों के जरिए छात्र परिषद के पदाधिकारियों के चुनाव की व्यवस्था की गई। प्रशासन ने इसके पीछे लिंगदोह समिति की सिफारिशों का हवाला दिया था। 2024 में दंडवत मार्च और मुंडन कर जताया विरोध इसके बाद छात्रसंघ बहाली की मांग को लेकर लगातार आंदोलन होते रहे। सितंबर 2024 में छात्रों ने छात्रसंघ भवन से कुलपति कार्यालय तक दंडवत मार्च निकाला था। अक्टूबर 2024 में एक छात्र ने छात्रसंघ बहाली की मांग को लेकर मुंडन कराकर विरोध जताया था। 2025 में कई छात्र संगठनों ने की महापंचायत दिसंबर 2025 में NSUI, समाजवादी छात्र सभा, SFI और दिशा छात्र संगठन समेत कई संगठनों ने संयुक्त महापंचायत की थी। इसमें छात्रसंघ चुनाव बहाल कराने के लिए चरणबद्ध आंदोलन का ऐलान किया गया था। आदर्श भदौरिया समेत कई छात्र नेताओं ने भी इसमें हिस्सा लिया था। 2026 में फिर शहर के चौराहों तक पहुंचा मुद्दा अब 2026 में शहर के प्रमुख चौराहों पर पोस्टर लगाकर एक बार फिर छात्रसंघ बहाली की मांग उठाई गई है। छात्र संगठन इस मुद्दे को विश्वविद्यालय परिसर से बाहर लाकर सार्वजनिक चर्चा में बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं।
हरिद्वार में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पतंजलि वेलनेस योगग्राम में पहले पतंजलि आयुर्वेद गुरुकुलम का उद्घाटन किया।
रोहतक जिले में महम के एसडीएम विपिन कुमार ने शहरवासियों और व्यापारियों से नगर पालिका क्षेत्र की साफ-सफाई और स्वच्छता में जिला प्रशासन का पूरा सहयोग करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि शहर में स्वच्छता बनाए रखना सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। एसडीएम ने नागरिकों से कहा कि वे अपने घरों से निकलने वाले कचरे को नगर पालिका की कचरा इकट्ठा करने वाली गाड़ी में ही डालें। सभी दुकानदार अपनी दुकानों पर डस्टबिन रखवाएं और कचरे को उसी में डालें। उन्होंने सड़कों पर कचरा न फेंकने की भी हिदायत दी। एसडीएम ने दुकानदारों संग की मीटिंग एसडीएम विपिन कुमार अपने कार्यालय में व्यापारियों की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने व्यापारियों से शहर की साफ-सफाई ठीक रखने में योगदान देने को कहा। साथ ही, दुकानदारों से शहर को अवैध कब्जा मुक्त करने में नगरपालिका और प्रशासन का पूरा सहयोग करने की भी अपील की। उपमंडलाधीश विपिन कुमार ने नगरपालिका सचिव नवीन नांदल को निर्देश दिए कि वे अभियान चलाकर सड़कों पर अवैध कब्जा करने वालों के चालान करें। नगरपालिका को सभी पार्कों के रखरखाव के बारे में भी हिदायतें दी गई हैं। पार्कों की सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश उन्होंने थाना प्रभारी सतपाल सिंह से कहा कि वे नगरपालिका टीम के साथ पार्कों में सुरक्षा व्यवस्था ठीक करें और नियमित रूप से पार्कों का दौरा करें। उन्होंने नगरपालिका क्षेत्र में फॉगिंग करवाने के लिए भी कहा, ताकि नागरिकों का स्वास्थ्य ठीक रहे। इस बैठक में सीएम विंडो के वेद धवन, व्यापार मंडल अध्यक्ष जोगिंदर गिरोत्रा, ऑटो प्रधान संजीत, बिनौला मार्केट प्रधान बाबू लाल, डेयरी प्रधान रमेश अहलावत और प्रधान राजेश ढींगड़ा समेत कई लोग मौजूद रहे।
छिंदवाड़ा में बाहर से लौटे एक व्यक्ति की जांच में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने संबंधित क्षेत्र में सर्वे कर मरीज के संपर्क में आए लोगों की कांटेक्ट ट्रेसिंग पूरी की। मरीज की पत्नी की रिपोर्ट निगेटिव आई है।
फतेहाबाद के सिरसा रोड स्थित एक निजी होटल में सोमवार देर रात पार्टी के दौरान दोस्तों के बीच विवाद हो गया। इस झगड़े के बाद 48 साल के एक जेबीटी शिक्षक की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। मृतक की पहचान गांव खैरी निवासी प्रहलाद सिंह के रूप में हुई है। वे फिलहाल शहर की न्यू विकास कॉलोनी में रह रहे थे। मृतक की पत्नी सुनीता की शिकायत पर पुलिस ने काठमंडी निवासी सत्यप्रिय, गांव झलनियां निवासी अमित भादू, भिवानी के ढाणी माउ निवासी अनिल, हिसार के गांव चबरवाल निवासी कुशल और पंजाब के गांव सरदारपुरा निवासी निखिल के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। इन पर मारपीट सहित गैर इरादतन हत्या की धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पत्नी का आरोप- गाली गलौज कर मारपीट की सुनीता ने पुलिस को बताया कि उनके पति गांव काताखेड़ी के सरकारी स्कूल में जेबीटी टीचर के पद पर काम करते थे। सोमवार रात वे अपने दोस्तों के साथ सिरसा रोड स्थित निजी होटल में पार्टी करने गए थे। सुनीता का आरोप है कि पार्टी के दौरान दोस्तों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ। इसके बाद प्रहलाद के साथ गाली-गलौज और मारपीट की गई। अचानक गिरे प्रहलाद और हो गए बेहोश सीसीटीवी फुटेज में दिख रहा है कि झगड़े के बाद प्रहलाद अचानक नीचे गिर गए और बेहोश हो गए। इसके बाद भी उनके दोस्त उन्हें संभालने की बजाय आपस में झगड़ते रहे। प्रहलाद के दो बेटे हैं, जो कनाडा में रहते हैं। पुलिस के अनुसार उनके शव का बुधवार को पोस्टमार्टम करवाया जाएगा।
जबलपुर के धनवंतरी नगर की शराब दुकानों से कथित तौर पर रुपए मांगने और रकम नहीं देने पर दबाव बनाने के आरोप में गढ़ा पुलिस ने कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष अभिषेक पाठक के खिलाफ FIR दर्ज की है। शराब दुकान संचालक निखिल सोनी ने शिकायत में आरोप लगाया कि पहले तीन दुकानों के लिए 20 हजार रुपए प्रतिमाह दिए जाते थे, लेकिन अब प्रत्येक दुकान से 20 हजार रुपए यानी 60 हजार रुपए मांगे जा रहे हैं। रकम देने से इनकार करने पर दुकान के सामने धरना-प्रदर्शन किया गया और दुकान बंद कराने की धमकी दी गई। पुलिस ने 22 सितंबर को FIR दर्ज कर जांच शुरू की है। तीन साल से रुपए देने का आरोप निखिल सोनी ने पुलिस को बताया कि शास्त्री नगर निवासी अभिषेक पाठक खुद को कांग्रेस का ब्लॉक अध्यक्ष बताते हैं। आरोप है कि पिछले करीब तीन साल से अलग-अलग मौकों पर उन्हें प्रतिमाह 20 हजार रुपए दिए जा रहे थे। सोनी के मुताबिक, इस महीने से तीनों दुकानों के लिए अलग-अलग 20 हजार रुपए की मांग की गई। शिकायतकर्ता का आरोप है कि रुपए देने से मना करने पर अभिषेक पाठक ने साथियों के साथ शराब दुकान के सामने धरना देना शुरू कर दिया। प्रदर्शन के दौरान दुकानों से अवैध और नकली शराब बेचे जाने के आरोप भी लगाए गए। शिकायत में यह भी कहा गया है कि रुपए नहीं देने पर दुकान बंद कराने और लाखों रुपए का नुकसान होने की धमकी दी गई। AI से वीडियो बनाकर वायरल करने का आरोप शराब दुकान संचालक ने आरोप लगाया कि रुपए की मांग पूरी नहीं करने पर दुकान से गलत तरीके से शराब बेचने का आरोप लगाते हुए सोशल मीडिया पर एक कथित AI वीडियो वायरल किया गया। पुलिस जांच में अब इस वीडियो के स्रोत और उसकी वास्तविकता की भी जांच की जाएगी। वायरल ऑडियो में 20 हजार रुपए प्रति दुकान की बात मामले में करीब 1 मिनट 32 सेकेंड का एक ऑडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल है। शिकायतकर्ता का दावा है कि इसमें प्रति दुकान 20 हजार रुपए की मांग की बातचीत है। ऑडियो में 40 हजार रुपए भेजने और बाकी रकम बाद में देने की बात भी सुनाई दे रही है। हालांकि, ऑडियो की वास्तविकता और उसमें किसी तरह की एडिटिंग हुई है या नहीं, यह जांच का विषय है। अभिषेक पाठक बोले- ऑडियो काट-छांटकर वायरल किया कांग्रेस नेता अभिषेक पाठक ने आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि सोशल मीडिया पर वायरल ऑडियो को काट-छांटकर पेश किया गया है। उनके मुताबिक ऑडियो में 40 हजार रुपए की जो बात है, वह शराब दुकान के किराए को लेकर थी, न कि किसी अवैध वसूली के लिए। पाठक ने कहा कि शराब दुकान संचालक दुकान का किराया कम दे रहे थे और इसी को लेकर बातचीत हुई थी। उन्होंने किसी भी शराब दुकान से अवैध रुपए वसूलने के आरोप से इनकार किया है। FIR दर्ज, जांच में तय होंगे आरोपों के तथ्य गढ़ा थाने में अभिषेक पाठक के खिलाफ धारा 308(2) और 351(2) BNS के तहत FIR दर्ज की गई है। FIR में घटना की अवधि 25 अप्रैल से 22 सितंबर 2026 बताई गई है। पुलिस अब शिकायतकर्ता के बयान, कथित ऑडियो-वीडियो और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच करेगी। FIR दर्ज होना आरोपों के सिद्ध होने के बराबर नहीं है; मामले में अंतिम तथ्य पुलिस जांच के बाद स्पष्ट होंगे।
23 सितंबर, बुधवार: गया जी में पितृपक्ष मेले में आने वाले तीर्थ यात्रियों के लिए गांधी मैदान में टेंट सिटी बनाई जा रही है।

