सीतापुर के इमलिया सुल्तानपुर थाना क्षेत्र में शराब सेल्समैन के साथी को गोली मारकर 40 हजार रुपये लूटने के मामले में पुलिस की तफ्तीश तेज हो गई है। घटना के 24 घंटे बाद भी बदमाशों का कोई सुराग नहीं लग सका है। मामले के खुलासे के लिए क्राइम ब्रांच समेत कई पुलिस टीमें लगाई गई हैं, जो घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों और घायल के बयान के आधार पर जांच में जुटी हैं। घटनाक्रम के अनुसार मंगलवार देर रात शराब दुकान के सेल्समैन दिनेश अपने साथी सुजीत के साथ बाइक से घर लौट रहे थे। बताया जाता है कि सुजीत शराब दुकान की कैंटीन चलाता है। दोनों लोग बिक्री के करीब 40 हजार रुपये लेकर वापस जा रहे थे। इसी दौरान पड़रखा गांव के पास बाइक सवार तीन बदमाशों ने उन्हें रोक लिया। आरोप है कि बदमाशों ने असलहे के बल पर दोनों को आतंकित करते हुए मारपीट शुरू कर दी और नगदी से भरा बैग छीन लिया। विरोध करने पर बदमाशों ने सुजीत पर गोली चला दी, जो उसके पैर में जा लगी। गोली लगते ही सुजीत घायल होकर सड़क पर गिर पड़ा, जबकि आरोपी नगदी लेकर मौके से फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों की मदद से घायल को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अंकुर अग्रवाल भी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। एसपी ने घटना के जल्द खुलासे के निर्देश देते हुए क्राइम ब्रांच सहित कई टीमों को लगाया है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और संदिग्धों की तलाश में दबिश दी जा रही है। सीओ महोली नागेन्द्र चतुर्वेदी का कहना है कि जल्द ही घटना का खुलासा किया जाएगा।
भाजपा विधायक संजय पाठक द्वारा जस्टिस को फोन लगाने के मामले में आज मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में अहम सुनवाई होगी। तीन सप्ताह पहले कोर्ट में पेश होकर विधायक ने कहा था कि जस्टिस का नंबर उनसे गलती से डायल हो गया था। उन्होंने अगली सुनवाई में व्यक्तिगत पेशी से छूट भी मांगी थी, लेकिन अदालत ने यह मांग खारिज कर दी थी। ऐसे में आज उन्हें अनिवार्य रूप से कोर्ट में उपस्थित होना पड़ेगा। मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच में होगी। कोर्ट ने व्हिसलब्लोअर आशुतोष दीक्षित को भी मामले में कोर्ट की सहायता करने की अनुमति दी है। इससे पहले हाईकोर्ट में पेशी के दौरान संजय पाठक ने मीडिया से कहा था कि मामला न्यायालय में विचाराधीन है, इसलिए वे इस पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे। ओपन कोर्ट में जस्टिस ने किया था खुलासा पूरा विवाद 1 सितंबर 2025 को शुरू हुआ था, जब जस्टिस विशाल मिश्रा ने ओपन कोर्ट में कहा था कि एक विधायक ने उनसे संपर्क करने की कोशिश की थी। उस समय उनके समक्ष विधायक परिवार से जुड़े खनन मामले में दायर याचिका की सुनवाई चल रही थी। न्यायिक निष्पक्षता बनाए रखने के लिए जस्टिस मिश्रा ने खुद को उस केस से अलग कर लिया था। इसके बाद कटनी निवासी आशुतोष मनु दीक्षित ने मामले में अलग याचिका दायर की। 2 अप्रैल की सुनवाई में हाईकोर्ट ने टिप्पणी की थी कि यह न्यायपालिका की गरिमा से जुड़ा गंभीर मामला है और प्रथम दृष्टया आपराधिक अवमानना बनती है। इसके बाद विधायक संजय पाठक को नोटिस जारी किया गया था। एक घंटी बजते ही कॉल काट दिया हाईकोर्ट में दाखिल हलफनामे में संजय पाठक ने कहा कि उनसे गलती से जस्टिस विशाल मिश्रा का नंबर डायल हो गया था और एक घंटी बजते ही कॉल काट दिया गया। हालांकि कोर्ट ने साफ कर दिया था कि विधायक की व्यक्तिगत उपस्थिति के बिना हलफनामे पर विचार नहीं किया जाएगा। खनन कंपनी के मामले से जुड़ा विवाद मामला संजय पाठक परिवार से जुड़ी खनन कंपनियों पर कथित अवैध उत्खनन के आरोपों से जुड़ा था। इसी प्रकरण की सुनवाई जस्टिस मिश्रा की बेंच में चल रही थी। आदेश में जस्टिस मिश्रा ने लिखा था कि इस तरह का संपर्क न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है, इसलिए वे मामले की सुनवाई नहीं करेंगे। बाद में हाईकोर्ट ने मामले को गंभीर मानते हुए विधायक के खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए और पूछा कि उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों न की जाए। यह खबर भी पढ़ें जस्टिस को फोन मामले में संजय पाठक हाईकोर्ट में पेश:माफी के बाद भी राहत नहीं, अगली सुनवाई 14 मई को; पेशी से छूट की मांग खारिज हाईकोर्ट जस्टिस को फोन करने के मामले पर भाजपा विधायक संजय पाठक मंगलवार को हाईकोर्ट में पेश हुए। इस दौरान मीडिया ने उनसे बातचीत की कोशिश की, लेकिन उन्होंने यह कहते हुए टिप्पणी करने से इनकार कर दिया कि मामला फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है, इसलिए इस पर कुछ कहना उचित नहीं होगा। यहां पढ़ें पूरी खबर…
क्राइम: बांधा के दो पड़ोसी शराब तस्कर गिरफ्तार
भास्कर न्यूज | कवर्धा सरोदा बांध से लगे बांधा गांव में बुधवार को मध्यप्रदेश निर्मित शराब के साथ दो आरोपी पकड़े गए हैं। आबकारी विभाग की टीम ने यह कार्रवाई की है। आरोपियों के कब्जे से मध्यप्रदेश निर्मित 238 पौवा अवैध शराब जब्त की गई है। इसकी कीमत 19 हजार रुपए आंकी गई है। छग आबकारी अधिनियम की धारा 34(1)(क), 34(2), 59(क) और 36 के तहत दोनों आरोपी को जेल भेजा गया है। आरोपी अशोक कुमार पिता आत्माराम के घर से 84 पौवा शराब मिली है, जिसकी कीमत 6720 रुपए है। वहीं आरोपी रामकुमार पिता चोंगू के घर से 154 पौवा अवैध शराब मिली है, कीमत 12320 रुपए है। दोनों आरोपी पड़ोसी हैं और आमने- सामने घर है। पूछताछ में मध्यप्रदेश से अवैध शराब तस्करी का नया और चौंकाने वाला तरीका सामने आया है। भोरमदेव वन्यप्राणी अभयारण्य से लगा बांधा गांव है। यहां रहने वाले दो पड़ोसी आरोपी रेंगाखार मार्ग से होकर अभयारण्य के भीतर के रास्तों से बाइक पर मध्यप्रदेश पहुंचते थे। वहां से सस्ती शराब खरीदकर लाते और गांव में लगभग तीन गुना कीमत पर बेचते थे। आबकारी विभाग की छापेमारी में इसका खुलासा हुआ है। 55 रुपए में खरीदकर लाते, गांव में 150 में बेचते पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे मध्यप्रदेश के सीमावर्ती दुकानों से 55 रुपए में एक पौवा खरीदकर लाते थे। इसे गांव में 150 रुपए में बेचते थे। दोनों मिलकर रोज 30 से 40 पौवा खपा देते थे। यानी हर दिन करीब 2500 से 3000 रुपए तक अवैध कमाई हो रही थी। यह सिर्फ अवैध शराब का मामला नहीं, बल्कि वन क्षेत्र के रास्तों का दुरुपयोग कर निगरानी को चकमा देने का मामला भी बन गया है।
गयाजी के रेड क्रॉस परिषद में शनिवार को पुलिस-पब्लिक संवाद कार्यक्रम आयोजित हुआ। इसमें मगध प्रक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) विकास वैभव ने आम लोगों से सीधे संवाद किया। इस मौके पर शहर में जाम की समस्या का मुद्दा छाया रहा। हर किसी ने ट्रैफिक जाम के आगे खुद को बेबस बताया। वहीं महिला सुरक्षा का भी मुद्दा उठा। आईजी की ओर भरोसा दिया गया कि उनकी समस्याओं का समाधान किया जाएगा। साथ ही में उन्होंने ये भी कहा कि समस्या के साथ समाधान भी बताएं। लेकिन कार्यक्रम में मौजूद लोगों की ओर से एक भी समस्या का समाधान नहीं रखा गया। खास बात यह भी रही कि आईजी विकास वैभव ने कहा कि इस कार्यक्रम में केवल टैफिक की समस्या का मसला आया है। इसका मतलब यह भी स्पष्ट है कि शहर में क्राइम नहीं है। अच्छी बात है। इस मौके पर जब दैनिक भास्कर ने यह जानना चाहा कि दो वर्ष पूर्व भी रेलवे स्टेशन पर असिस्टेंट बूथ पुलिस ने बड़ी मशक्कत के बाद खोला था लेकिन वह अब न स्टेबलिश है और न ही रेग्युलर है। अधिकारी के बदलते ही वह भी लुप्त हो गया। इस पर उन्होंने कहा कि यदि ऐसा है तो इसका अध्ययन कर उसे फिर से सक्रिय किया जाएगा। वकील ने नगर निगम की भूमिका को कटघरे में खड़ा किया कार्यक्रम में मौजूद वकील धर्मेंद्र कुमार ने नगर निगम की भूमिका को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि नगर निगम ही अतिक्रमण कराता है। नगर निगम ही जाम जैसे कारणों का कारक है। नगर निगम के पास अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई के लिए विशेष टीम है, लेकिन वो हटाने बजाय अतिक्रमण मिलीभगत से कराता है। इस कार्यक्रम में शहर और जिले के कई लोग पहुंचे। लोगों ने पुलिस व्यवस्था, ट्रैफिक, सुरक्षा और आम जनजीवन से जुड़े मुद्दे खुलकर रखे। आईजी विकास वैभव ने कहा कि पुलिस की कार्यशैली ऐसी होनी चाहिए जिससे आम लोगों का भरोसा मजबूत हो। उन्होंने साफ कहा कि जनता के सुझाव पुलिस व्यवस्था सुधारने में बड़ी भूमिका निभाते हैं। हर महीने के पहले शनिवार को हर थाने में लोक संवाद होगा आईजी ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि अब हर महीने के पहले शनिवार को जिले के हर थाने में “लोक संवाद संगोष्ठी” आयोजित की जाएगी। इसमें स्थानीय लोग सीधे थाना स्तर पर अपनी समस्याएं और सुझाव रख सकेंगे। उन्होंने कहा कि इस पहल से सिर्फ व्यक्तिगत नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक समस्याएं सामने आएंगी, जिनका समाधान अधिक प्रभावी तरीके से हो सकेगा। विकास वैभव ने अपने पिछले अनुभव साझा करते हुए कहा कि रोहतास, पटना, भागलपुर और मुंगेर जैसे जिलों में इस तरह के संवाद कार्यक्रमों से कई बड़ी समस्याओं का समाधान हुआ था। उन्होंने कहा कि जब पुलिस और जनता साथ बैठते हैं तो व्यवस्था ज्यादा मजबूत होती है। महिला ने रात में रेलवे स्टेशन से घर लौटने के दौरान असुरक्षा का मुद्दा उठाया कार्यक्रम के दौरान एक महिला ने रात में रेलवे स्टेशन से घर लौटने के दौरान असुरक्षा की बात उठाई। इस पर आईजी ने गंभीरता दिखाते हुए कहा कि प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर पुलिस असिस्टेंट बूथ बनाने की योजना तैयार की जाएगी। इससे खासकर महिलाओं और रात में आने वाले यात्रियों को सुरक्षा मिलेगी। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति रात में स्टेशन से टैक्सी या अन्य वाहन से घर जाता है और पुलिस बूथ को जानकारी देता है, तो गश्ती दल को अलर्ट किया जाएगा ताकि वह व्यक्ति सुरक्षित घर पहुंच सके।
सुपौल में हथियार के साथ 2 अपराधी गिरफ्तार:लग्जरी कार में बना रहे थे क्राइम की योजना, गाड़ी जब्त
सुपौल जिले के करजाइन थाना की पुलिस ने अवैध हथियार और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अपराधियों को गिरफ्तार किया है। करजाइन थाना क्षेत्र में की गई इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने एक लग्जरी शेवरले टवेरा वाहन से देशी पिस्टल, जिंदा कारतूस, मोबाइल फोन सहित कई सामान बरामद किए हैं। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार अपराधी किसी बड़ी आपराधिक घटना को अंजाम देने की योजना बना रहे थे। मामले को लेकर पुलिस अधीक्षक के कार्यालय से प्रेस विज्ञप्ति जारी कर पूरी जानकारी दी गई। पुलिस के अनुसार जिले में अवैध हथियार के खिलाफ लगातार विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत 12 मई 2026 को करजाइन थाना पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि दौलतपुर की ओर से एक चारपहिया वाहन, जिस पर पश्चिम बंगाल नंबर प्लेट लगी हुई है, उसमें चार संदिग्ध व्यक्ति सवार होकर फकीरना की ओर जा रहे हैं। सूचना में यह भी बताया गया कि वाहन में सवार लोगों के पास हथियार और कारतूस मौजूद हैं। पुलिस की सक्रियता देखकर वाहन सवार अपराधियों में अफरातफरी सूचना मिलते ही एसपी शरथ आर.एस. ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, वीरपुर के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया और त्वरित कार्रवाई का निर्देश दिया। इसके बाद पुलिस टीम ने करजाइन थाना क्षेत्र में वाहन जांच और घेराबंदी अभियान शुरू किया। पुलिस की सक्रियता देखकर वाहन सवार अपराधियों में अफरातफरी मच गई, लेकिन पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वाहन को रोक लिया। तलाशी के दौरान पुलिस ने वाहन से एक देशी पिस्टल, दो जिंदा कारतूस और तीन एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद किए। इसके अलावा अपराधियों द्वारा उपयोग में लाई जा रही एक शेवरले टवेरा चार चक्का वाहन को भी जब्त कर लिया गया। पुलिस की पूछताछ और प्रारंभिक जांच में चार अपराधियों की संलिप्तता सामने आई है। दो अपराधियों को मौके से गिरफ्तार कर लिया इस कार्रवाई में पुलिस ने दो अपराधियों को मौके से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मो. शाहिद, उम्र लगभग 30 वर्ष, पिता मो. रसूल, निवासी बेलही वार्ड नंबर-01 थाना प्रतापगंज, जिला सुपौल तथा मो. खुर्शिद, उम्र लगभग 25 वर्ष, पिता मो. गुलाब, निवासी दौलतपुर वार्ड नंबर-13 थाना राघोपुर, जिला सुपौल के रूप में हुई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार गिरफ्तार अपराधियों से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वे किस घटना को अंजाम देने वाले थे तथा उनके गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। वहीं इस मामले में फरार दो अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज की भी जांच शुरू कर दी गई पुलिस ने बताया कि बरामद हथियार के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज की भी जांच शुरू कर दी गई है। यह पता लगाया जा रहा है कि हथियार कहां से लाया गया था और किन लोगों तक इसकी सप्लाई की जानी थी। इसके साथ ही अपराधियों के आपराधिक इतिहास और उनके नेटवर्क की भी जांच की जा रही है। इस संबंध में करजाइन थाना में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की अनुसंधान प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि जिले में अपराध नियंत्रण को लेकर लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है और आने वाले दिनों में भी अभियान जारी रहेगा। इस सफल कार्रवाई में पु. अवर निरीक्षक प्रज्ञा भारती पल्लवी, पीटीसी दिवाकर तिवारी, सिपाही मनीष कुमार, बीएचजी चंदन कुमार तथा बीएचजी दिलीप कुमार शामिल रहे। पुलिस अधीक्षक ने पूरी टीम की कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि अपराध और अवैध हथियार के खिलाफ अभियान को और तेज किया जाएगा ताकि जिले में कानून-व्यवस्था मजबूत बनी रहे।
हत्या के बाद इंदौर में हुलिया बदलकर फरारी काट रहे आरोपी को इंदौर क्राइम ब्रांच और महाराष्ट्र पुलिस ने समन्वय कर पकड़ लिया। वह इंदौर में छिपा हुआ था और फरारी काट रहा था। मिली जानकारी के मुताबिक 9 मई को अडगांव जिला नासिक, महाराष्ट्र में दिन दहाड़े चाकुओं से गोदकर हत्या कर सनसनी फैलाने वाले कुख्यात बदमाश राजेंद्र उर्फ राजा को क्राइम ब्रांच इंदौर ने पकड़ा। आरोपी भेष बदलकर इंदौर में फरारी काटने के लिए आया था। थाना अडगांव की एक विशेष पुलिस टीम इंदौर क्राइम ब्रांच पहुंची। यहां टीम ने महाराष्ट्र में दर्ज घटना और फरार आरोपी की जानकारी दी और उसे पकड़ने के लिए इंदौर आने के बारे में बताया। जानकारी मिलने के बाद इंदौर क्राइम ब्रांच की टीम भी एक्टिव हुई और आरोपी की तलाश शुरू की। आरोपी को ट्रेस कर उसे छोटी ग्वालटोली इलाके से पकड़ा। पकड़ाए आरोपी को नाम राजेंद्र उर्फ राजा काकवीपुरे निवासी येवला, जिला नासिक है। क्राइम ब्रांच ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपी को महाराष्ट्र पुलिस को सौंप दिया। बदल लिया था हुलिया, ताकी पहचान में ना आ सके बताया जा रहा है कि घटना के बाद आरोपी ने अपना हुलिया बदल लिया था, ताकि वह पहचान में ना आ सके। पहले उसके बाल बड़े हुए, मगर बाद में उसने बाल छोटे करा लिए, जिससे उसे एकदम कोई पहचान ना सके।
मुंबई के भायखला में गोलीबारी, एक व्यक्ति घायल; जांच में जुटी क्राइम ब्रांच
मुंबई के भायखला इलाके में मंगलवार को गोली चलने की घटना सामने आई, जिसमें एक व्यक्ति घायल हो गया। पुलिस के अनुसार, घायल व्यक्ति की पहचान समीर आसिफ शेख के रूप में हुई है
जयपुर पुलिस कमिश्नरेट की सी.एस.टी. टीम ने ऑपरेशन “क्लीन स्वीप” के तहत वाणिज्यिक मात्रा में अवैध मादक पदार्थ बरामद कर एक नाइजीरियन नागरिक को गिरफ्तार किया है। मंगलवार को ये कार्रवाई पुलिस थाना शिप्रापथ क्षेत्र में की गई। पुलिस के अनुसार सी.एस.टी. और शिप्रापथ थाना पुलिस की संयुक्त टीम को सूचना मिली थी कि होटल गंगा श्रेय इन, एस.एफ.एस. मानसरोवर के बाहर एक संदिग्ध नाइजीरियन व्यक्ति अवैध मादक पदार्थ के साथ मौजूद है। सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी TOCHUKWU DAVID (44) निवासी अनाम्ब्रा स्टेट, नाइजीरिया को गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से 102 ग्राम कोकीन और 17 ग्राम मेथामफेटामाइन (एमडी) बरामद की गई। बरामद मादक पदार्थों की अनुमानित कीमत करीब 55 लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ NDPS Act के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी जयपुर में किस नेटवर्क के माध्यम से मादक पदार्थों की सप्लाई कर रहा था तथा इसके पीछे और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं।
मुजफ्फरनगर के सारदेन पब्लिक स्कूल में छात्र-छात्राओं के लिए मिशन शक्ति और साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें पुलिस अधीक्षक अपराध इंदु सिद्धार्थ मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं और उन्होंने विद्यार्थियों को सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं को महिला सुरक्षा, साइबर अपराधों से बचाव, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग, ऑनलाइन धोखाधड़ी और साइबर बुलिंग जैसे विषयों पर जागरूक किया गया। छात्राओं को विशेष रूप से आत्मविश्वास के साथ अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने और किसी भी समस्या की स्थिति में तुरंत पुलिस से संपर्क करने के लिए प्रेरित किया गया। देखें, 4 तस्वीरें… पुलिस टीम ने बच्चों को आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी और डिजिटल युग में सतर्क रहने की आवश्यकता पर जोर दिया। इस कार्यक्रम में मिशन शक्ति टीम ने भी सक्रिय रूप से भाग लिया। इस अवसर पर विद्यालय के डायरेक्टर विश्व रतन और प्रधानाचार्या धारा रतन ने एसपी क्राइम इंदु सिद्धार्थ का स्वागत करते हुए उन्हें पौधा भेंट किया। स्कूल प्रबंधन और शिक्षकों ने ऐसे कार्यक्रमों को बच्चों के लिए अत्यंत उपयोगी बताया। कार्यक्रम के अंत में, एसपी क्राइम ने विद्यार्थियों से अनुशासित जीवन अपनाने, साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने और समाज में सकारात्मक भूमिका निभाने का आह्वान किया।
गोड्डा पुलिस ने दो अपराधी पकड़े:मेहरमा लूटकांड का सामान और मोबाइल बरामद, क्राइम कर भाग जाते थे बिहार
गोड्डा पुलिस ने मेहरमा थाना क्षेत्र में हुए लूटकांड का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से लूटा गया बाइक और मोबाइल फोन बरामद किया गया है। यह लूट 26 मार्च को शाम करीब 7:30 बजे मेहरमा ब्रह्मबाबा स्थान धमड़ी रोड पर माइक्रो फाइनेंस कंपनी के कलेक्शन बॉय से हुई थी। गुप्त सूचना पर हुई कार्रवाई महागामा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी चंद्रशेखर आजाद ने बताया कि गोड्डा एसपी मुकेश कुमार को गुप्त सूचना मिली थी कि इस लूटकांड में शामिल ब्रजेश कुमार मंडल और सूरज कुमार मंडल अपने गांव मोहनपुर, थाना एकचारी दियारा में घूम रहे हैं और उनके पास लूटा हुआ सामान है। लूटी गई बाइक और मोबाइल फोन बरामदसूचना के आधार पर एसपी ने एक विशेष छापेमारी दल का गठन किया। छापेमारी दल ने दोनों अभियुक्तों ब्रजेश कुमार मंडल और सूरज कुमार मंडल से पूछताछ की। उनकी निशानदेही पर 26 मार्च को लूटी गई मोटरसाइकिल और मोबाइल फोन बरामद किया गया। इसके बाद दोनों को विधिवत गिरफ्तार कर लिया गया। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी ने बताया कि इस वारदात में उनके साथ एक अन्य व्यक्ति भी शामिल था, जो वर्तमान में भागलपुर जिले में गिरफ्तार होकर न्यायिक हिरासत में है। ब्रजेश कुमार मंडल पर पूर्व से अपराधिक इतिहास रहा है। ये अपराधी मेहरमा जैसे सीमावर्ती क्षेत्रों में अपराध करके बिहार भाग जाते थे, जहां उन्हें सुरक्षित ठिकाना मिल जाता था।
जबलपुर के बरगी क्रूज हादसे को लेकर दायर जनहित याचिकाओं पर सोमवार को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से जवाब पेश करते हुए बताया गया कि मामले की जांच के लिए रिटायर्ड जस्टिस संजय द्विवेदी की अध्यक्षता में जांच आयोग गठित किया गया है, जो पूरे घटनाक्रम की जांच कर रहा है। सरकार की ओर से यह भी कहा गया कि पूरे प्रदेश में फिलहाल क्रूज और बोट क्लब संचालन पर रोक लगा दी गई है। मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच ने की। सुनवाई के बाद कोर्ट ने तीनों याचिकाओं का निराकरण कर दिया। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने हादसे पर गहरा दुख जताया। कोर्ट ने यह भी कहा कि यदि कोई आम नागरिक भी जांच समिति के समक्ष अपनी बात रखना चाहता है, तो वह अपनी जानकारी और पक्ष समिति के सामने प्रस्तुत कर सकता है। एक साथ तीन याचिकाओं पर सुनवाई याचिकाकर्ता समाजसेवी पुष्पा तिवारी की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता गोपेश यश तिवारी ने बताया कि इस मामले में कुल तीन याचिकाएं दायर की गई थीं, जिनमें प्रमुख याचिका पुष्पा तिवारी की थी। उन्होंने बताया कि सरकार को एडवांस कॉपी भेजने का उद्देश्य यह था कि बरगी क्रूज हादसे की तत्काल और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जा सके। अधिवक्ता तिवारी ने कहा कि हाईकोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान सरकार ने जानकारी दी कि मामले की जांच के लिए न्यायिक समिति गठित कर दी गई है। यह समिति तीन महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सरकार और न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करेगी। उन्होंने कहा कि जांच समिति यह भी देखेगी कि एमपी टूरिज्म और अन्य संबंधित अधिकारियों से कहां-कहां चूक हुई और किन कारणों से इतना बड़ा हादसा हुआ। समिति विस्तृत जांच के बाद अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। बता दें कि जबलपुर के बरगी डैम में 30 अप्रैल को क्रूज डूबने से 13 लोगों की जान चली गई थी। इनमें 8 महिलाएं, 4 बच्चे और एक पुरुष शामिल हैं। करीब 60 घंटे के रेस्क्यू के बाद पानी से सभी शव निकाले जा सके थे। 3 बर्खास्त, एक निलंबित, एक कर्मचारी को अटैच किया हादसे के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जबलपुर पहुंचकर दुर्घटना स्थल का निरीक्षण किया था। मृतकों के परिवार से भी मुलाकात की थी। सीएम के दौरे के बाद सरकार ने मामले में एक्शन लिया था। जिसमें क्रूज पायलट महेश पटेल, क्रूज हेल्पर छोटेलाल गोंड और टिकट काउंटर प्रभारी (FOA) बृजेंद्र की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त की गई थीं। वहीं, होटल मैकल रिसॉर्ट और बोट क्लब बरगी के मैनेजर सुनील मरावी को लापरवाही बरतने के कारण निलंबित किया गया था। रीजनल मैनेजर संजय मल्होत्रा को मुख्यालय अटैच कर विभागीय जांच शुरू की गई है। एक कमेटी भी बनाई गई है, जो हादसे की मुख्य वजह की जांच कर रही है। जबलपुर की कोर्ट दे चुकी FIR करने के निर्देश 6 मई को जबलपुर की कोर्ट ने बरगी डैम हादसे में क्रूज के पायलट और स्टाफ पर FIR के निर्देश दिए थे। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी डीपी सूत्रकार की कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेकर कहा था- पायलट ने लापरवाही से क्रूज चलाया, जिससे हादसा हुआ और कई लोगों की मौत हो गई। अदालत ने कहा था कि पायलट क्रूज की गतिविधियों से परिचित था, लेकिन वह उसमें सवार लोगों को डूबता छोड़कर सुरक्षित बाहर निकल गया। यह भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 106 और 110 के तहत अपराध है। यदि FIR और जांच नहीं हुई, तो भविष्य में भी क्रूज या नाव चलाने वाले लोग अनहोनी में यात्रियों को डूबता छोड़ सकते हैं। ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति हो सकती है। मामले से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… जिम्मेदार आंधी नहीं, अंधा-बहरा सिस्टम है लाइफ जैकेट…जिसमें जिंदगी ही नहीं बची थी। उसमें था मां के साथ लिपटे एक मासूम का शव। जबलपुर के बरगी डैम हादसे के बाद किसी चमत्कार की आस लगाए बैठे बचाव दल और परिवार के लिए वो पल झकझोर देने वाला था…जब मां-बेटे का शव बाहर निकाला गया। बेटे को बचा लेने की चिंता और जिद दिखाती वो तस्वीर रुला देने वाली थी, कितना दर्द समेटे थी। पढ़ें पूरी खबर…
शेखपुरा SP बलिराम कुमार चौधरी ने सभी पुलिस अधिकारियों को 300 दिन से अधिक पुराने आपराधिक मामलों की जांच पूरी कर आरोप पत्र दाखिल करने का निर्देश दिया है। उन्होंने जेल में बंद आरोपियों के मामलों में 60 और 90 दिनों के भीतर आरोप पत्र प्रस्तुत करने के भी आदेश दिए, ताकि उन्हें केवल आरोप पत्र दाखिल न होने के कारण जमानत न मिल सके। एसपी ने अनुसंधान के दौरान पूरी पारदर्शिता और गुणवत्ता बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने वैज्ञानिक तरीकों का उपयोग करने को कहा और चेतावनी दी कि जांच में किसी भी प्रकार की ढिलाई पुलिस अधिकारियों के लिए विभागीय कार्रवाई का कारण बन सकती है। मासिक अपराध समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देश यह निर्देश मंगलवार को एसपी की अध्यक्षता में आयोजित मासिक अपराध समीक्षा बैठक में दिए गए। बैठक में एसडीपीओ डॉ. राकेश कुमार, डीएसपी ज्योति कुमारी, डीएसपी मुख्यालय सहित सभी पुलिस निरीक्षक और थानाध्यक्ष मौजूद थे। एसपी ने बताया कि बैठक में सभी थानाध्यक्षों और पुलिस पदाधिकारियों को वर्ष 2023 तक के सभी निष्पादित आपराधिक मामलों के पूरे दस्तावेज सीसीटीएनएस पोर्टल पर अपलोड करने का निर्देश दिया गया है। इसका उद्देश्य पीड़ित पक्ष, अभियोजन, अभियुक्त और न्यायालय को सभी तथ्यों से पारदर्शी तरीके से अवगत कराना है। पुलिस अधिकारियों के कार्यों को संतोषजनक पाया गया इसके अतिरिक्त, सभी थानों के मालखाना प्रभारियों को आपराधिक मामलों में जब्त की गई सभी वस्तुओं की जानकारी माइक्रोसॉफ्ट एक्सेल प्लेटफॉर्म पर अपलोड करने को कहा गया है, ताकि इन मामलों का अवलोकन आसानी से किया जा सके। मासिक अपराध समीक्षा बैठक में जिले के पुलिस अधिकारियों के कार्यों को संतोषजनक पाया गया। सभी थानाध्यक्षों को बैंकों और वित्तीय संस्थानों के आसपास कार्य अवधि में चौकसी बरतने के साथ-साथ दिन और रात की गश्त को सघन करने का आदेश दिया गया। जिले में शराब के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति जारी रखते हुए ऐसे लोगों पर कड़ी कार्रवाई कर उन्हें गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत करने का भी निर्देश दिया गया।
चंदौली जिले में 26 घंटे के भीतर तीन लोगों की सिर में गोली मारकर हत्या करने वाले कथित साइको किलर गुरप्रीत सिंह को सोमवार देर रात पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया। पुलिस, जीआरपी और स्वाट टीम की संयुक्त कार्रवाई दरियापुर गांव के पास रेलवे लाइन किनारे हुई। पुलिस आरोपी को हिरासत में लेकर घटनास्थल का क्राइम सीन रीक्रिएट कराने पहुंची थी। इसी दौरान आरोपी ने एक पुलिस अफसर की पिस्टल छीन ली और फायरिंग करते हुए भागने का प्रयास किया। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने गोली चलाई, जिसमें आरोपी गंभीर रूप से घायल हो गया। मुठभेड़ के दौरान दो पुलिसकर्मी भी आंशिक रूप से घायल हुए हैं। घायल आरोपी को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने बताया कि आरोपी ने जिले में 26 घंटे के भीतर अलग-अलग स्थानों पर तीन लोगों की गोली मारकर हत्या की थी। सभी वारदातों में उसने पीड़ितों के सिर को निशाना बनाया। पैसेंजर ट्रेन में पहली हत्या एसपी के अनुसार, 10 मई की सुबह करीब 7:30 बजे डीडीयू-ताड़ीघाट पैसेंजर ट्रेन में गाजीपुर जिले के जमानिया निवासी मंगरू की सिर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वारदात के बाद आरोपी फरार हो गया था। जम्मूतवी एक्सप्रेस में दूसरी वारदात इसके बाद 11 मई की रात करीब 2:30 बजे जम्मूतवी एक्सप्रेस में डीडीयू स्टेशन से ट्रेन खुलने के कुछ देर बाद बिहार के गया जिले के पिपरिया गांव निवासी दिनेश साहू को आरोपी ने सिर में गोली मार दी। घटना में उसकी मौके पर ही मौत हो गई। अस्पताल में घुसकर महिला मरीज की हत्या दूसरी वारदात के कुछ घंटों बाद ही आरोपी ने अलीनगर थाना क्षेत्र के कमलापुर गांव स्थित जीवक अस्पताल में घुसकर भर्ती महिला मरीज लछमिना देवी की गोली मारकर हत्या कर दी। महिला बिहार के भभुआ जिले के चैनपुर थाना क्षेत्र के बहोवना गांव की रहने वाली थी। बताया गया कि आरोपी दवा लेने के बहाने अस्पताल में दाखिल हुआ और पहली मंजिल पर पहुंचकर महिला के सिर में गोली मार दी। घटना के बाद भागते समय ग्रामीणों ने उसे पकड़ लिया था। पंजाब का रहने वाला था आरोपी पुलिस पूछताछ में आरोपी की पहचान पंजाब के अमृतसर निवासी गुरप्रीत सिंह के रूप में हुई। उसने बताया कि वह बिहार के आरा जिले में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करता था, लेकिन शराब की लत के कारण नौकरी चली गई थी। इसके बाद वह मानसिक रूप से परेशान और आक्रोशित रहने लगा था। पुलिस के मुताबिक, आरोपी 9 मई से अलग-अलग ट्रेनों में घूम रहा था। इसी दौरान उसने पहले ताड़ीघाट पैसेंजर में हत्या की, फिर जम्मूतवी एक्सप्रेस में दूसरी वारदात को अंजाम दिया और बाद में अस्पताल पहुंचकर तीसरी हत्या कर दी। पुलिस का कहना है कि अब तक की जांच में तीनों हत्याओं के पीछे कोई व्यक्तिगत रंजिश या ठोस कारण सामने नहीं आया है। आरोपी ने पूरी तरह रैंडम तरीके से निर्दोष लोगों को निशाना बनाया।
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में लक्ष्य ज्वेलर्स में भारी मात्रा में ज्वेलरी की चोरी हुई है। शनिवार-रविवार की दरमियानी रात चोरों ने ज्वेलरी दुकान को निशाना बनाते हुए करीब एक करोड़ रुपए के जेवरात पार कर दिए। घटना खम्हारडीह थाना क्षेत्र की है। जानकारी के अनुसार, शनिवार और रविवार की रात करीब 12:30 बजे अज्ञात चोर लक्ष्य ज्वेलरी शॉप में घुसे। चोर दुकान से बड़ी मात्रा में सोने-चांदी के जेवरात लेकर फरार हो गए। रविवार को दुकान बंद होने के चलते इसकी जानकारी कारोबारी को नहीं हुई। सोमवार सुबह शॉप खोलने पर चोरी का पता चला। मौके पर पहुंची पुलिस और क्राइम ब्रांच सूचना मिलने के बाद खम्हारडीह थाना पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस दुकान और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच कर रही है। फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया है, जिससे चोरी से जुड़े साक्ष्य जुटाए जा सकें। फिलहाल मामले की जांच जारी है।
पुलिस थाना करणी विहार और डीएसटी टीम जयपुर वेस्ट ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए आईपीएल टी-20 क्रिकेट मैच पर चल रहे ऑनलाइन सट्टे का भंडाफोड़ कर छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने 4 लैपटॉप, 21 मोबाइल फोन सहित अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण एवं सट्टे से संबंधित सामग्री बरामद की है। डीसीपी वेस्ट प्रशांत किरण ने बताया कि आईपीएल-2026 के दौरान क्रिकेट मैचों पर सट्टेबाजी की लगातार मिल रही शिकायतों के बीच पुलिस को सूचना मिली थी कि धावास स्थित श्री बालाजी हाईट्स मल्टी स्टोरी बिल्डिंग के फ्लैट नंबर 105 में अवैध रूप से ऑनलाइन सट्टेबाजी संचालित की जा रही है। सूचना पर पुलिस टीम ने सर्च वारंट प्राप्त कर दबिश दी। मौके पर आरोपी राजस्थान रॉयल्स और गुजरात टाइटंस के बीच चल रहे आईपीएल टी-20 मैच पर ऑनलाइन सट्टा खिलवाते पाए गए। पुलिस के अनुसार आरोपी मोबाइल फोन और जूम एप्लीकेशन के माध्यम से ग्राहकों से संपर्क कर अंकों के जरिए रुपए दांव पर लगवा रहे थे। मौके से लाखों रुपए के हिसाब-किताब से संबंधित 7 नोटबुक भी बरामद की गईं। गिरफ्तार आरोपियों में हेमन्त आचार्य (40), नवीन आचार्य (41), पवन आसवानी (35), सन्नी खटवानी (32), हीरासिंह(32) और संजय शेरा(33) शामिल हैं। सभी आरोपी जोधपुर के विभिन्न क्षेत्रों के निवासी बताए गए हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया, जहां से पुलिस रिमांड प्राप्त कर आगे की जांच की जा रही है।
मध्य प्रदेश सरकार ने जबलपुर क्रूज हादसे की न्यायिक जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। इसके लिए हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज संजय द्विवेदी की अध्यक्षता में एक सदस्यीय जांच आयोग बनाया है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा रविवार को जारी अधिसूचना के अनुसार, यह आयोग राज्य शासन जांच आयोग अधिनियम, 1952 की धारा 3 के तहत काम करेगा। आयोग को 3 महीने के भीतर 5 बिंदुओं पर जांच करके अपनी रिपोर्ट देनी होगी। बता दें कि जबलपुर के बरगी डैम में 30 अप्रैल को क्रूज डूबने से 13 लोगों की जान चली गई थी। इनमें 8 महिलाएं, 4 बच्चे और एक पुरुष शामिल हैं। करीब 60 घंटे के रेस्क्यू के बाद पानी से सभी शव निकाले जा सके थे। इन पांच बिंदुओं पर करनी होगी जांच 3 बर्खास्त, एक निलंबित, एक कर्मचारी को अटैच किया हादसे के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जबलपुर पहुंचकर दुर्घटना स्थल का निरीक्षण किया था। मृतकों के परिवार से भी मुलाकात की थी। सीएम के दौरे के बाद सरकार ने मामले में एक्शन लिया था। जिसमें क्रूज पायलट महेश पटेल, क्रूज हेल्पर छोटेलाल गोंड और टिकट काउंटर प्रभारी (FOA) बृजेंद्र की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त की गई थीं। वहीं, होटल मैकल रिसॉर्ट और बोट क्लब बरगी के मैनेजर सुनील मरावी को लापरवाही बरतने के कारण निलंबित किया गया था। रीजनल मैनेजर संजय मल्होत्रा को मुख्यालय अटैच कर विभागीय जांच शुरू की गई है। एक कमेटी भी बनाई गई है, जो हादसे की मुख्य वजह की जांच कर रही है। जबलपुर की कोर्ट दे चुकी FIR करने के निर्देश 6 मई को जबलपुर की कोर्ट ने बरगी डैम हादसे में क्रूज के पायलट और स्टाफ पर FIR के निर्देश दिए थे। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी डीपी सूत्रकार की कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेकर कहा था- पायलट ने लापरवाही से क्रूज चलाया, जिससे हादसा हुआ और कई लोगों की मौत हो गई। अदालत ने कहा था कि पायलट क्रूज की गतिविधियों से परिचित था, लेकिन वह उसमें सवार लोगों को डूबता छोड़कर सुरक्षित बाहर निकल गया। यह भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 106 और 110 के तहत अपराध है। यदि FIR और जांच नहीं हुई, तो भविष्य में भी क्रूज या नाव चलाने वाले लोग अनहोनी में यात्रियों को डूबता छोड़ सकते हैं। ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति हो सकती है। मामले से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… जिम्मेदार आंधी नहीं, अंधा-बहरा सिस्टम है लाइफ जैकेट…जिसमें जिंदगी ही नहीं बची थी। उसमें था मां के साथ लिपटे एक मासूम का शव। जबलपुर के बरगी डैम हादसे के बाद किसी चमत्कार की आस लगाए बैठे बचाव दल और परिवार के लिए वो पल झकझोर देने वाला था…जब मां-बेटे का शव बाहर निकाला गया। बेटे को बचा लेने की चिंता और जिद दिखाती वो तस्वीर रुला देने वाली थी, कितना दर्द समेटे थी। पढ़ें पूरी खबर…
अशोकनगर में सोशल मीडिया पर दोस्ती कर युवती को प्रेमजाल में फंसाने, अश्लील फोटो-वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने और फर्जी क्राइम ब्रांच अधिकारी बनकर करीब 1 करोड़ 30 लाख रुपए की ठगी करने वाले संगठित गिरोह का पुलिस ने रविवार को पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मामले में आदित्य सिंह तोमर, आयुषी चौहान, आकाश चौहान और आर्यन सोनी को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से ठगी की रकम से खरीदे गए सोने-चांदी के जेवर, थार रॉक्स कार, स्कूटी, मोबाइल, लैपटॉप और नकदी बरामद की गई है। रविवार को एसपी राजीव कुमार मिश्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर बताया कि पीड़िता ने परिजनों और समाज के प्रतिष्ठित लोगों के साथ एसपी कार्यालय पहुंचकर दुष्कर्म, ब्लैकमेलिंग और ठगी की शिकायत की थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक रवि प्रताप सिंह चौहान के नेतृत्व में विशेष टीम गठित कर जांच शुरू की गई। पीड़ित ने पुलिस को बताया कि करीब पांच साल पहले, जब पीड़िता नाबालिग थी और कक्षा 12वीं में पढ़ रही थी, तब उसकी पहचान इंस्टाग्राम पर आरोपी आदित्य सिंह तोमर नाम युवक से हुई। आरोपी ने प्रेम संबंध बनाकर शादी और सुनहरे भविष्य का सपना दिखाया। इसके बाद वह युवती को अपने साथी आर्यन सोनी के स्टूडियो बुलाने लगा। आरोपी ने पांच साल ब्लैकमेल कियाआर्यन सोनी इंद्रा पार्क क्षेत्र में “आर्यन टैटू स्टूडियो” संचालित करता है। यहीं पर आरोपियों ने चोरी-छिपे युवती के आपत्तिजनक फोटो और वीडियो बना लिए। बाद में इन्हीं फोटो-वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेलिंग शुरू कर दी गई। आरोपी आदित्य सिंह तोमर ने युवती की इच्छा के विरुद्ध कई बार शारीरिक संबंध बनाए। पिता की मौत के बाद आरोपी ने 5 लाख रुपए की मांग की, जिस पर डर और बदनामी के चलते पीड़िता ने करीब 2 लाख रुपए नकद दे दिए। जब ब्लैकमेलिंग लगातार बढ़ने लगी तो पीड़िता ने अपनी परिचित आयुषी चौहान से मदद मांगी। आयुषी खुद को एस्ट्रोलॉजर बताती थी और ग्रह-नक्षत्र व भविष्यवाणी के नाम पर लोगों को प्रभावित करती थी। उसने पीड़िता को डराया कि उसके जीवन में बड़ी अनहोनी होने वाली है और वह अपने पति आकाश चौहान के साथ उसकी मदद कर सकती है। आयुषी चौहान ने पीड़िता को भरोसा दिलाया कि वह पुलिस अधिकारियों को जानती है और फोटो-वीडियो डिलीट करवा देगी। इसके एवज में पहले डेढ़ लाख रुपए लिए गए। इसके बाद जनवरी 2025 में पीड़िता को अलग-अलग नंबरों से फोन आने लगे। कॉल करने वाले खुद को पुलिस इंस्पेक्टर और क्राइम ब्रांच अधिकारी बताते थे। आरोपी गालियां देकर जेल भेजने, झूठे केस में फंसाने और वीडियो वायरल करने की धमकी देते थे। डर के माहौल में पीड़िता से 10 लाख, फिर 25-25 लाख रुपए की कई किश्तों में उगाही की गई। दीपावली से पहले एक आरोपी ने खुद को मुंबई क्राइम ब्रांच का वरिष्ठ अधिकारी बताकर 60 लाख रुपए की मांग की। धमकी दी- जिंदगी बर्बाद हो जाएगीआयुषी चौहान ने पीड़िता को यह कहकर डराया कि यदि पैसे नहीं दिए गए तो उसकी जिंदगी बर्बाद हो जाएगी। इसके बाद 15 अक्टूबर 2025 को पीड़िता को गोल्ड फाइनेंस कंपनी ले जाया गया, जहां करीब 450 ग्राम सोने के आभूषण गिरवी रखकर लगभग 35 लाख रुपए का गोल्ड लोन लिया गया। यह रकम आयुषी चौहान के खाते में जमा कराई गई। जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी ठगी की रकम से ऐशो-आराम की जिंदगी जी रहे थे। महंगी गाड़ियां, ब्रांडेड कपड़े और लग्जरी लाइफस्टाइल उनके शौक में शामिल थी। आयुषी चौहान खुद को तांत्रिक और एस्ट्रोलॉजर बताकर लोगों में प्रभाव जमाती थी और ठगी की रकम का कुछ हिस्सा दान-पुण्य में खर्च करती थी, ताकि किसी को उस पर शक न हो। कोतवाली थाना पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य, बैंक खातों और पूछताछ के आधार पर कार्रवाई करते हुए चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के खिलाफ बीएनएस और पॉक्सो एक्ट की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब अन्य सहयोगियों और वित्तीय लेनदेन की जांच में जुटी है। कार्रवाई में थाना प्रभारी रवि प्रताप सिंह चौहान, उप निरीक्षक मसीह खान, सहायक उप निरीक्षक विनोद तिवारी, प्रधान आरक्षक नवल किशोर शर्मा, आरक्षक रविंद्र और आरक्षक हरिमोहन की महत्वपूर्ण भूमिका रही। एसपी राजीव कुमार मिश्रा ने टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा की है।
पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल ने शनिवार को पुलिस कमिश्नरेट में कानून व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और आमजन में पुलिस के प्रति विश्वास मजबूत करने को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की। बैठक में शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखने और अपराधियों में भय का वातावरण स्थापित करने पर विशेष जोर दिया गया। पुलिस कमिश्नर ने महिला अत्याचार, बाल अपराध और एससी-एसटी एक्ट से जुड़े मामलों में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संवेदनशील मामलों में पीड़ितों को शीघ्र न्याय दिलाना पुलिस की प्राथमिकता होनी चाहिए। थानों में आवश्यक प्रशिक्षण को प्राथमिकता देने पर भी जोर बैठक में चोरी, नकबजनी और संपत्ति संबंधी अपराधों की रोकथाम के लिए विशेष अभियान चलाने और अपराधियों पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। साथ ही नए आपराधिक कानूनों की प्रभावी पालना सुनिश्चित करने और थानों में आवश्यक प्रशिक्षण को प्राथमिकता देने पर भी जोर दिया गया। कमजोर प्रदर्शन वाले थाना क्षेत्रों की समीक्षा पुलिस कमिश्नर ने लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण, वांछित एवं हार्डकोर अपराधियों की धरपकड़ और विभागीय जांचों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। कमजोर प्रदर्शन वाले थाना क्षेत्रों की समीक्षा करते हुए कार्यप्रणाली में सुधार के लिए रणनीति बनाने को कहा गया। साइबर क्राइम और ऑनलाइन फ्रॉड मामलों में सख्ती बरतने के निर्देश बैठक में संगठित अपराध, गैंगस्टर गतिविधियों, साइबर क्राइम और ऑनलाइन फ्रॉड मामलों में सख्ती बरतने के निर्देश भी दिए गए। साइबर हेल्पलाइन 1930 पर प्राप्त शिकायतों का प्राथमिकता से निस्तारण कर पीड़ितों को शीघ्र राहत उपलब्ध कराने पर बल दिया गया। बीट पुलिस व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश इसके अलावा थाना स्तर पर महिला बीट और यूथ सीएलजी गठन कर महिलाओं और युवाओं की भागीदारी बढ़ाने और बीट पुलिस व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश भी पुलिस आयुक्त द्वारा दिए गए। बैठक में ये रहे मौजूद बैठक में स्पेशल पुलिस कमिश्नर ओम प्रकाश, एडिशनल पुलिस कमिश्नर सिटी अजय सिंह राठौड़, एडिशनल कमिश्नर ऑफ पुलिस लॉ एंड ऑडर राजीव पचार, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त यातायात एवं प्रशासन योगेश दाधीच सहित सभी पुलिस डीसीपी मौजूद रहे।
इंदौर के 19 व्यापारियों के साथ धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। मामले में क्राइम ब्रांच ने कायमी कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, वहीं एक की तलाश की जा रही है। मामला शक्कर व्यापार से जुड़ा है। जहां आरोपी पक्ष द्वारा शक्कर लेने के बाद भी उसका पैसा नहीं दिया जा रहा था। 19 व्यापारियों के साथ 6 करोड़ 54 लाख रुपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। डीसीपी क्राइम ब्रांच इंदौर राजेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि 19 व्यापारियों की शिकायत पर क्राइम ब्रांच ने मामला दर्ज किया है। इसमें तरुण जैसवानी को पकड़ा है, वहीं उसके एक साथ की तलाश की जा रही है। इस मामले में 19 फरियादी है, जो पिछले डेढ़ साल से परेशान थे। आरोपी और फरियादियों के बीच शक्कर के लेन-देन का कामकाज था। बाद में इस व्यापार में आरोपियों ने लगातार शक्कर ली और उसका पेमेंट नहीं किया। आरोपी बार-बार उन्हें पेमेंट का भरोसा दिलाते रहे। इसमें उन्होंने एग्रीमेंट भी किया। मगर फरियादियों को पैसा नहीं लौटाया गया। इस मामले में शिकायत मिलने के बाद क्राइम ब्रांच ने आरोपी पक्ष भी क्राइम ब्रांच बुलवाया गया अपना पक्ष रखने के लिए, लेकिन वे नहीं आए। इस पर क्राइम ब्रांच ने केस दर्ज किया और आरोपी तरुण जैसवानी को गिरफ्तार किया गया है। इस मामले में एक साथी की तलाश जारी है। बताया जा रहा है कि आरोपी चॉकलेट कारोबार से जुड़ा हुआ है। वह पहले छोटे-छोटे सौदे करता और पेमेंट कर भरोसा जीतता रहा। बाद में बड़ी मात्रा में शक्कर खरीदना शुरू किया और इसका पेमेंट भी नहीं किया।
हांसी के एक निजी स्कूल में खुद को क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताकर पहुंचे एक व्यक्ति ने सनसनी फैला दी। उसने स्कूल प्रिंसिपल पर एक ड्राइवर के खिलाफ कार्रवाई करने का दबाव बनाया और फर्जी पहचान पत्र दिखाया। बाद में सीसीटीवी फुटेज और ड्राइवर की पहचान से पूरे मामले का खुलासा हुआ। जानकारी के अनुसार, आरोपी कुछ दिन पहले स्कूल पहुंचा और प्रिंसिपल से कहा कि ड्राइवर के खिलाफ कई शिकायतें मिल रही हैं, उस पर तुरंत कार्रवाई की जाए। उसने अपना कथित आईडी कार्ड भी दिखाया, जिससे स्कूल प्रबंधन शुरुआती तौर पर उसकी बातों में आ गया। स्कूल प्रिंसिपल ने आरोपी को कार्रवाई का आश्वासन दिया। दो दिन बाद, उसी व्यक्ति ने स्कूल के रिसेप्शन पर फिर फोन कर ड्राइवर के खिलाफ हुई कार्रवाई के बारे में पूछा। स्कूल ड्राइवर ने आरोपी युवक को पहचाना इसके बाद प्रिंसिपल ने ड्राइवर को अपने कार्यालय में बुलाया और उसे पूरी घटना की जानकारी दी। साथ ही स्कूल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी दिखाई गई। फुटेज में आरोपी को देखते ही ड्राइवर ने उसे तुरंत पहचान लिया। ड्राइवर ने बताया कि वह पहले जिस स्कूल में काम करता था, आरोपी के बच्चे वहीं पढ़ते थे और उसकी बस में सफर करते थे। आरोपी हांसी में डीजे की दुकान चलाता है। पुराने विवाद के चलते ही उसने फर्जी अधिकारी बनकर ड्राइवर को फंसाने की कोशिश की थी। आरोपी ने खुद को क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताया मामले की गंभीरता को देखते हुए स्कूल प्रबंधन ने तुरंत पुलिस से संपर्क किया। जांच में सामने आया कि आरोपी फर्जी पहचान पत्र बनाकर खुद को अधिकारी बता रहा था। मामला बाद में सीआईए टीम तक पहुंचा, जहां आरोपी और उसके पिता को बुलाया गया। पिता ने माफी मांगी और दोनों पक्षों के बीच समझौते के बाद आरोपी को छोड़ दिया गया। आरोपी के पिता ने मांगी माफी बताया जा रहा है कि पूछताछ के दौरान आरोपी के पिता ने माफी मांगते हुए कहा कि उसके बेटे की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। उन्होंने भविष्य में ऐसी हरकत दोबारा न होने का आश्वासन भी दिया। इसके बाद आपसी सहमति के आधार पर आरोपी को छोड़ दिया गया। वहीं, इस मामले में जब सदर थाना प्रभारी से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि मामला थाने तक औपचारिक कार्रवाई के लिए पहुंचने से पहले ही आपसी समझौते से सुलझा लिया गया था। हालांकि स्कूल प्रबंधन और संबंधित ड्राइवर की ओर से लिखित शिकायत दी गई थी, लेकिन समझौता होने के बाद आगे कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की गई।
इंदौर में लारेंस गैंग द्वारा बिल्डिरों को धमकियां देने के मामले में क्राइम ब्रांच ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने बिल्डिरों के घर, ऑफिस, प्रॉपर्टी के साथ ही उनके आने-जाने की लोकेशन की रैकी की थी और ये जानकारी आगे उपलब्ध कराई थी। बता दे कि इन बिल्डरों को वाट्सएप और कॉल करके धमकी दी गई थी और उनसे रुपयों की मांग की गई थी। पैसा नहीं देने पर जान से मारने की धमकी दी थी। जिसके बाद क्राइम ब्रांच ने केस दर्ज किया था। डीसीपी क्राइम ब्रांच इंदौर राजेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि क्राइम ब्रांच की एसआईटी टीम ने इस मामले में पूर्व में गिरफ्तार किए गए आरोपी राजपाल निवासी नागदा को इंदौर के बिजनेसमैन विवेक दम्मानी, चेतन सिंह पवांर और कुवंर सिंह भूरिया के बारे में जानकारी उपलब्ध कराने वाले आरोपी सचिन उर्फ वेद प्रकाश शर्मा निवासी उज्जैन को गिरफ्तार किया गया है। टीम को जानकारी मिली थी कि आरोपी राजपाल कसरावद जेल में बंद है और उसके हैरी बॉक्सर से संबंध है। इसके बाद राजपाल से पूछताछ की तो उसने सोनू उर्फ रितेश के बारे में बताया था। जिसने रैकी की कोशिश की थी, जिसे क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद सचिन उर्फ वेद प्रकाश शर्मा की जानकारी मिली थी। तीन दिन चली आरोपी से पूछताछ उन्होंने बताया कि आरोपी सचिन की जानकारी राजपाल की निशानदेही पर मिली, जिससे आरोपी सचिन को सायबर तकनीकि और मुखबीर तंत्र की सूचना के आधार पर ट्रेस कर गिरफ्तार किया गया। सचिन को महिदपुर से बुलवाया गया और उससे तीन दिन तक गहन पूछताछ की गई। इसमें वह कई बातें छिपाने की कोशिश कर रहा था। पूछताछ में बताया कि उसने अवैध लाभ अर्जित करने की मंशा से आरोपी राजपाल चंद्रावत को बिल्डर विवेक दम्मानी, चेतन सिंह पवांर और कुवंर सिंह भूरिया के घर, ऑफिस और प्रॉपर्टी की और उनके आने-जाने की लोकेशन की रैकी कर जानकारी खुद आरोपी सचिन व कुलदीप ने राजपाल को दी थी, जो आगे सिग्नल एप का माध्यम से हैरी बॉक्सर को भेजी गई थी। सचिन का पुलिस रिमांड लेकर उससे आगे की पूछताछ की जा रही है। क्राइम ब्रांच ने इस मामले में सचिन उर्फ वेद प्रकाश शर्मा निवासी महीदपुर जिला उज्जैन, राजपाल चंद्रावत निवासी नागदा और सोनू उर्फ रितेश खंगार निवासी इंदौर को गिरफ्तार किया जा चुका है। वाट्सएप पर करते थे बात पूछताछ में ये सामने आया है कि आरोपी आपस में वाट्सएप के जरिए बात करते थे और हैरी बॉक्सर से एप के माध्यम से बात करते थे। सचिन के मोबाइल में कई ग्रुप मिले है जो लारेंस गैंग से संबंधित है। बहुत सारे कोर्ड नेम 007 के नाम से मिले है। एलबी यानी लारेंस विश्नोई। डीसीपी ने बताया कि इस मामले में कुछ देवास और इंदौर के लोगों के शामिल होने की आशंका है। इनमें छानबिन जारी है। इंदौर में क्या प्लानिंग थी, इसके बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
रोहतक में सीटू नेता के घर मानसेर क्राइम ब्रांच टीम द्वारा देर रात को रेड मारने के विरोध में सामाजिक संगठनों के सदस्यों ने शहर में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। जनसंगठनों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए शहर में जुलूस निकाला और डीसी के माध्यम से सीएम के नाम ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन के दौरान किसान सभा के नेता प्रीत सिंह व सुमित दलाल ने बताया कि सरकार मजदूरों के आंदोलन को कुचलने का प्रयास कर रही है। मजदूरों की आवाज उठाने पर सीटू नेताओं के घर रेड मारी जा रही है। साथ ही सीटू नेताओं को गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है। उनके परिवारों को डराने के साथ धमकाया जा रहा है। देर रात को घर में घुसी थी टीम सीटू के जिला सचिव विनोद देशवाल ने बताया कि 4 मई की देर रात करीब डेढ़ बजे कुछ लोग उनके घर में घुसे। उनके रिश्तेदारों को भी घरों से उठाया गया। घर पर पत्नी व 6 साल की बच्ची थी, जिन्हें डराया गया। काफी पूछने के बाद उन्हें बताया कि मानेसर क्राइम ब्रांच से आए है, जबकि उनके पास कोई आईकार्ड नहीं था। सिविल ड्रेस व बिना नंबर की गाड़ी थी। विनोद ने बताया कि क्राइम ब्रांच की टीम अपराधियों की तरह घर में घुसी थी। घर में पत्नी व छोटी बच्ची को एक प्रकार से बंधक बनाया गया। उसी दिन एसपी को एक लिखित शिकायत दी गई थी, लेकिन आज तक उनके ऊपर कोई कार्रवाई नहीं की गई। आंदोलन को दबाने की साजिश विनोद ने बताया कि सरकार मजूदरों के आंदोलनों को दबाने का प्रयास कर रही है। पुलिस के माध्यम से मजदूर संगठनों के नेताओं को डराने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस का दुरुपयोग किया जा रहा है। लेकिन मजदूरों का आंदोलन रूकने वाला नहीं है। 12 मई को पूरे प्रदेश में होगा बड़ा आंदोलन विनोद ने बताया कि 12 मई को पूरे प्रदेश में बड़ा आंदोलन किया जाएगा, जिसमें प्रदेश के सभी सामाजिक संगठन, कर्मचारी संगठन, मजदूर व किसान संगठन शामिल होंगे। प्रदेशभर में आंदोलन करके सरकार के खिलाफ नारेबाजी की जाएगी और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करेंगे।
गृह राज्यमंत्री और धौलपुर जिला प्रभारी मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने गुरुवार को कंचनपुर थाने का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र की कानून व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और लंबित मामलों की जानकारी ली।इस दौरान बेढ़म ने पुलिस अधिकारियों को अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने, फरियादियों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने और थाना परिसर की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए। बेढ़म ने जोर दिया कि आमजन को न्याय दिलाना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने क्षेत्र में नियमित गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए, ताकि पुलिस की सक्रिय मौजूदगी से अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके।उन्होंने पुराने और लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निस्तारित करने पर भी जोर दिया। थाने के रिकॉर्ड्स को व्यवस्थित रखने के निर्देशनिरीक्षण के समय मंत्री ने थाने में अपराध पंजीका, आगंतुक रजिस्टर सहित अन्य सभी रिकॉर्ड्स को व्यवस्थित और अद्यतन रखने के निर्देश दिए। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी मामले की जानकारी तुरंत उपलब्ध हो सके।प्रभारी मंत्री ने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को फरियादियों के साथ संवेदनशील और विनम्र व्यवहार रखने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि आमजन की शिकायतों को गंभीरता से सुना जाए और आवश्यकतानुसार तत्काल एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने क्षेत्र में जुआ, सट्टा और अन्य अवैध गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मंत्री ने स्पष्ट किया कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएं।निरीक्षण के दौरान थाना परिसर में साफ-सफाई, अन्य व्यवस्थाओं और पुलिस कार्यप्रणाली को लेकर भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
चंडीगढ़ में महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ अपराध को लेकर चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (NCRB) की 2024 रिपोर्ट के मुताबिक दुष्कर्म के मामलों में चंडीगढ़ का क्राइम रेट पूरे देश में सबसे अधिक दर्ज किया गया है। यहां हर एक लाख आबादी पर 16.6 महिलाएं और बच्चियां दुष्कर्म का शिकार हुईं। 2024 में दुष्कर्म के 96 मामले दर्ज रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2024 में चंडीगढ़ में दुष्कर्म के कुल 96 मामले दर्ज किए गए। इनमें 73 केस आईपीसी और 23 मामले भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत दर्ज हुए। NCRB ने नेशनल कमीशन ऑन पॉपुलेशन के आधार पर चंडीगढ़ की आबादी करीब 12.5 लाख मानी है। गोवा इस सूची में दूसरे स्थान पर रहा, जहां दुष्कर्म का क्राइम रेट 13.3 दर्ज हुआ, जबकि राजस्थान 12.2 के क्राइम रेट के साथ तीसरे स्थान पर रहा। हालांकि, मामलों की कुल संख्या अन्य राज्यों की तुलना में कम है, लेकिन आबादी के हिसाब से चंडीगढ़ का आंकड़ा सबसे ऊपर पहुंच गया। 18 से 30 साल की महिलाएं सबसे ज्यादा शिकार रिपोर्ट के मुताबिक चंडीगढ़ में सबसे ज्यादा दुष्कर्म के मामले 18 से 30 साल की महिलाओं और युवतियों के साथ सामने आए। वहीं बच्चियों से जुड़े आंकड़ों ने भी चिंता बढ़ा दी है। 12 से 16 साल की बच्चियों के साथ दुष्कर्म के 30 मामले दर्ज हुए, जबकि 16 से 18 साल की किशोरियों के साथ 13 मामले सामने आए। इसके अलावा 6 से 12 साल की चार मासूम बच्चियां भी दुष्कर्म का शिकार हुईं। रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि 30 से 45 वर्ष की महिलाओं के साथ दुष्कर्म के 14 मामले दर्ज किए गए। आंकड़े बताते हैं कि महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ अपराध हर आयु वर्ग में बढ़ रहे हैं, जिसे लेकर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। महिलाओं के खिलाफ अपराध लगातार बढ़े चंडीगढ़ में महिलाओं से जुड़े अपराध पिछले दो वर्षों में लगातार बढ़े हैं। 2022 में महिलाओं के खिलाफ 325 मामले दर्ज हुए 2023 में यह संख्या बढ़कर 371 हो गई 2024 में आंकड़ा 452 तक पहुंच गया पति और रिश्तेदारों द्वारा प्रताड़ना, अपहरण, यौन शोषण एनसीआरबी रिपोर्ट के मुताबिक चंडीगढ़ में महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़ रहे हैं। वर्ष 2024 में पति और रिश्तेदारों द्वारा प्रताड़ना के सबसे ज्यादा 162 मामले दर्ज किए गए। इनमें घरेलू हिंसा, मारपीट, मानसिक उत्पीड़न और दहेज को लेकर प्रताड़ना जैसी शिकायतें शामिल हैं। महिलाओं के अपहरण के 138 मामले भी सामने आए हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार इनमें कई मामलों में शादी का झांसा देकर ले जाने, जबरन संबंध बनाने और परिवारिक विवादों से जुड़े मामले शामिल रहे। इसके अलावा यौन शोषण के 11 मामले दर्ज किए गए, जिनमें महिलाओं के साथ छेड़छाड़ और जबरदस्ती करने की शिकायतें शामिल हैं। वहीं दहेज प्रताड़ना के कारण तीन महिलाओं की मौत के मामले दर्ज किए गए, जिसने समाज में बढ़ती घरेलू हिंसा की गंभीर तस्वीर सामने रखी है। रिपोर्ट के अनुसार महिलाओं पर हमले के सात मामले भी दर्ज हुए हैं। इनमें मारपीट, धमकी देने और सार्वजनिक स्थानों पर हमला करने जैसी घटनाएं शामिल हैं। चंडीगढ़ में अपराध के प्रमुख आंकड़े एनसीआरबी रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2024 में Chandigarh में कुल 3621 आपराधिक मामले दर्ज किए गए। इनमें चोरी के सबसे ज्यादा 1387 मामले सामने आए, जबकि वाहन चोरी के 189 केस दर्ज हुए। इसके अलावा शहर में दुष्कर्म के 96, अपहरण के 176 और हत्या के 21 मामले दर्ज किए गए। स्नैचिंग के 58 और धोखाधड़ी के 259 मामलों ने भी कानून व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ाई है। रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध के क्राइम रेट में चंडीगढ़ केंद्र शासित प्रदेशों में दूसरे स्थान पर रहा। लगातार बढ़ते अपराध के आंकड़ों ने महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
RSS के कार्यक्रम में जाने से प्रमोशन होने की बात जस्टिस स्वर्णकांता ने नहीं कही
बूम ने पाया कि वायरल वीडियो साल 2024 में काशी विद्यापीठ में आयोजित एक कार्यक्रम का है, जहां भाषण में स्वर्णकांता शर्मा ने अपने आगे बढ़ने का श्रेय भगवान शिव और विश्वविद्यालय को दिया था.
बंदर मूवी प्रिव्यू: सच्ची घटना से प्रेरित बॉबी देओल और अनुराग कश्यप की क्राइम थ्रिलर
अनुराग कश्यप निर्देशित फिल्म ‘बंदर: मंकी इन अ केज’ एक सच्ची घटना से प्रेरित क्राइम-थ्रिलर है। बॉबी देओल मुख्य भूमिका में हैं। फिल्म का प्रीमियर 2025 टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में हुआ और यह 22 मई 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।
साइकोलॉजिकल क्राइम थ्रिलर 'दलदल' में सबसे खौफनाक विलेन बन सकती हैं भूमि पेडनेकर
भूमि पेडनेकर ने अब तक ऐसे किरदार निभाए हैं जो बेहद वास्तविक और भरोसेमंद लगे हैं। लेकिन उनकी साइकोलॉजिकल क्राइम थ्रिलर ‘दलदल’ शायद वह सरप्राइज़ है, जिसका इंतज़ार दर्शक कर रहे थे। ट्रेलर में भूमि को डीसीपी रीटा फरेरा के रूप में पेश किया गया है, जो एक ...
भूमि पेडनेकर की क्राइम थ्रिलर सीरीज 'दलदल' का रोमांचक ट्रेलर रिलीज
प्राइम वीडियो ने अपनी नई हिंदी क्राइम थ्रिलर सीरीज ‘दलदल’ का दमदार ट्रेलर रिलीज कर दिया है। यह ट्रेलर कुछ दिन पहले आए असरदार और बेचैन कर देने वाले टीज़र के बाद रिलीज हुआ है, जिसे अपनी अलग और डरावनी झलक के लिए खूब सराहना मिली थी।
भूमि पेडनेकर की क्राइम थ्रिलर 'दलदल' का टीजर रिलीज, इस दिन प्राइम वीडियो पर होगा प्रीमियर
प्राइम वीडियो ने अपनी हिंदी क्राइम थ्रिलर सीरीज 'दलदल' की दुनिया भर में प्रीमियर की डेट रिलीज कर दी है। यह सीरीज 30 जनवरी को रिलीज हो रही है। इसके साथ ही 'दलदल' का जबरदस्त, खौफनाक टीज़र भी जारी किया गया है। विष धमिजा की बेस्टसेलिंग किताब भेंडी ...
प्राइम वीडियो की तेलुगु क्राइम थ्रिलर फिल्म 'चीकाटीलो' का रोमांचक ट्रेलर रिलीज
प्राइम वीडियो ने अपनी इमोशनल तेलुगु क्राइम सस्पेंस ड्रामा 'चीकाटीलो' का जबरदस्त ट्रेलर रिलीज कर दिया है। तेजी से विकसित हो रहे हैदराबाद की पृष्ठभूमि पर आधारित इस कहानी में संध्या की यात्रा दिखाई गई है, जो एक ट्रू-क्राइम पॉडकास्टर है। शोभिता धुलिपाला ...
क्रिमिनल जस्टिस 4 में एक अलग अवतार में दिखीं बरखा सिंह, बोलीं- मैं खुद को साबित करना चाहती थी
बरखा सिंह भारतीय सिनेमा के सबसे होनहार चेहरों में से एक हैं। उन्होंने विभिन्न मंचों पर काम करते हुए, बाधाओं को पार किया है और अपने लिए एक रास्ता बनाया है। दर्शकों और आलोचकों को उनके किरदारों और अभिनय के तरीके से बेहद प्यार है। एक इंटरव्यू में बरखा ...
राणा नायडू सीजन 2: नए किरदारों के साथ क्राइम, एक्शन और इमोशन का जबरदस्त तड़का
राणा नायडू सीजन 2' में गालियों में कमी और ड्रामा में बढ़ोतरी हुई है। अर्जुन रामपाल का 'रॉफ' और कृति खरबंदा जैसे नए किरदार कहानी को नया मोड़ देते हैं। राणा और नागा के किरदार पहले की तरह दमदार हैं, जो परिवार को मुश्किलों से निकालते हैं। सीरीज की ...
अनुराग कश्यप लेकर आए क्राइम ड्रामा फिल्म निशांची, इस दिन सिनेमाघरों में होगी रिलीज
अनुराग कश्यप एक नई गहन क्रामइ ड्रामा फिल्म 'निशांची' लेकर आ रहे हैं। अमेजन एमजीएम स्टूडियो ने इस फिल्म का टीजर शेयर करते हुए इसकी थिएट्रिकल रिलीज डेट का ऐलान कर दिया है। अनुराग कश्यप द्वारा निर्देशित ये फिल्म हालात को हूबहू पर्दे पर उतारने वाली और ...
प्राइम वीडियो ने अपनी आगामी रोमांचक इन्वेस्टीगेटिव क्राइम थ्रिलर 'स्टोलन' का दमदार ट्रेलर लॉन्च कर दिया है। अनुराग कश्यप, किरण राव, निखिल आडवाणी और विक्रमादित्य मोटवानी जैसे दिग्गज फिल्ममेकर्स की एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर टीम के साथ 'स्टोलन' करण ...
सोनू सूद की फतेह इस ओटीटी प्लेटफॉर्म पर हुई स्ट्रीम, साइबर क्राइम की काली दुनिया को दिखाती है फिल्म
बॉलीवुड एक्टर सोनू सूद की फिल्म 'फतेह' को सिनेमाघरों में मिलाजुला रिस्पॉन्स मिला था। इस फिल्म से सोनू सूद ने निर्देशन के क्षेत्र में भी कदम रखा है। साइबर क्राइम पर आधारित इस फिल्म में सोनू सूद के साथ जैकलीन फर्नांडिस मुख्य भूमिका में नजर आईं। वहीं ...
क्राइम फ्री धड़कपुर से चोरी हुई बाइक, प्राइम वीडियो की सीरीज दुपहिया का मजेदार ट्रेलर हुआ रिलीज
web series dupahiya trailer: प्राइम वीडियो ने अपनी आगामी ओरिजिनल सीरीज 'दुपहिया' का दिलचस्प ट्रेलर जारी कर दिया है। सलोना बैंस जोशी और शुभ शिवदासानी द्वारा उनके बैनर बॉम्बे फिल्म कार्टेल के तहत रचित और कार्यकारी निर्मित है। यह सीरीज़ एक काल्पनिक ...
क्राइम पेट्रोल एक्टर नितिन चौहान का निधन, 35 साल की उम्र में ली अंतिम सांस
मनोरंजन जगत से एक दुखद खबर सामने आई है। टीवी के जाने-माने एक्टर नितिन चौहान का निधन हो गया है। वह महज 35 साल के थे। एक्टर की मौत की वजह की कोई आधिकारिक जानकरी सामने नहीं आई है। नितिन रियलिटी शो 'दादागिरी 3 के विनर रह चुके हैं।
Mirzapur 3 के बाद Prime Video ने किया एक और क्राइम-थ्रिलर सीरीज का एलान, 'मटका किंग' बनकर धूम मचाएगा ये एक्टर
डिज़्नी प्लस हॉटस्टार ने आखिरकार शुक्रवार को क्राइम ड्रामा सीरीज़ क्रिमिनल जस्टिस के बहुप्रतीक्षित चौथे अध्याय की घोषणा कर दी, जिसमें पंकज त्रिपाठी मुख्य भूमिका में हैं। नई किस्त में अभिनेता पंकज त्रिपाठी अलौकिक वकील माधव मिश्रा के रूप में वापसी करेंगे। एक बयान में, अभिनेता ने कहा कि नया अध्याय मिश्रा के जीवन और जटिल मामलों को इतनी आसानी और स्थायित्व के साथ सामने लाने की उनकी क्षमता के बारे में विस्तार से बताएगा। पंकज त्रिपाठी के हवाले से बताया गया कि ऑन-स्क्रीन वकीलों की प्रसिद्धि के हॉल में, मुझे लगता है कि माधव मिश्रा ने क्रिमिनल जस्टिस के साथ अपनी जगह बना ली है। मुझे विश्वास नहीं हो रहा है कि सीरीज़ में माधव का किरदार मुझसे कितना मिलता-जुलता है। हर जीत मुझे अपनी जैसी लगती है और हर हार ऐसी लगती है एक व्यक्तिगत क्षति। मैं डिज़्नी+हॉटस्टार पर नए सीज़न की घोषणा करने के लिए उत्साहित हूं और मुझे उम्मीद है कि दर्शक इस सीज़न को पहले की तरह ही प्यार देना जारी रखेंगे। डिज़्नी प्लस हॉटस्टार ने पोस्ट को कैप्शन दिया ''कोर्ट जारी है, और नए सीज़न की तैयारी भी। आ रहे हैं माधव मिश्रा, #HotstarSpecials #CriminalJustice के नए सीज़न के साथ!'' इसे भी पढ़ें: Rakhi Sawant Condition is Critical | क्रिटिकल है एक्ट्रेस राखी सावंत की हालत, पूर्व पति रितेश ने शेयर किया है हेल्थ अपडेट फ्रेंचाइजी के बारे में जानकारी क्रिमिनल जस्टिस की शुरुआत 2018 में अपने पहले सीज़न के साथ हुई थी जिसे 2008 में इसी नाम की ब्रिटिश टेलीविजन श्रृंखला से रूपांतरित किया गया था। क्रिमिनल जस्टिस: बिहाइंड क्लोज्ड डोर्स नामक दूसरा सीज़न 2020 में आया, इसके बाद तीसरा अध्याय, क्रिमिनल जस्टिस: अधूरा सच, 2022 में आया। क्रिमिनल जस्टिस का निर्माण अप्लॉज़ एंटरटेनमेंट द्वारा किया गया है। इसे भी पढ़ें: Scam 2010 The Subrata Roy Saga: हंसल मेहता ने किया 'स्कैम' के तीसरे सीजन का ऐलान, सहारा की कहानी पर केंद्रित होगा नया शो बता दें कि पंकज त्रिपाठी आखिरी बार मर्डर मुबारक में नजर आए थे। फिल्म में सारा अली खान, विजय वर्मा, आदित्य रॉय कपूर और करिश्मा कपूर समेत कई स्टार कलाकार शामिल हैं। होमी अदजानिया द्वारा निर्देशित यह फिल्म नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम हो रही है। वह अगली बार मिर्ज़ापुर 3 में नज़र आएंगे। रिलीज़ डेट की अभी घोषणा नहीं की गई है। View this post on Instagram A post shared by Disney+ Hotstar (@disneyplushotstar)
सस्पेंस, क्राइम और थ्रिलर का रखते है शौक तो OTT पर फौरन निपटा डाले ये जबरदस्तसाउथ फिल्में,हॉलीवुड भी लगने लगेगा फीका
सलमान खान के घर फायरिंग मामला: मुंबई क्राइम ब्रांच ने पांचवें आरोपी को राजस्थान से गिरफ्तार किया
सलमान खान के घर फायरिंग मामले में ताजा घटनाक्रम में मुंबई क्राइम ब्रांच ने मंगलवार को पांचवें आरोपी मोहम्मद चौधरी को राजस्थान से गिरफ्तार कर लिया है। इंडिया टीवी के अतुल सिंह की एक रिपोर्ट के अनुसार, मोहम्मद चौधरी ने दो शूटरों, सागर पाल और विक्की गुप्ता को पैसे देकर और रेकी करके भी मदद की। क्राइम ब्रांच के मुताबिक, चौधरी को आज मुंबई लाया जा रहा है जहां उसे किला कोर्ट में पेश किया जाएगा और पांच दिन की हिरासत की मांग की जाएगी। इसे भी पढ़ें: Kareena Kapoor Khan ने Saif Ali Khan के बड़े बेटे इब्राहिम की नवीनतम तस्वीरों पर सबसे मनमोहक टिप्पणी की इससे पहले, अनुज थापन नाम के एक आरोपी ने पुलिस हिरासत में चादर से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। बता दें, अनुज पर शूटरों को हथियार मुहैया कराने का आरोप है। थापन को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इससे पहले, बांद्रा में अभिनेता के आवास के बाहर गोलीबारी करने वाले दोनों शूटर विक्की गुप्ता और सागर पाल को गुजरात के भुज से हिरासत में लिया गया था। इसे भी पढ़ें: सलमान खान के घर के बाहर गोली चलाने के मामले में लॉरेंस बिश्नोई गिरोह का सदस्य गिरफ्तार सलमान खान के घर फायरिंग मामले की जानकारी मुंबई क्राइम ब्रांच के मुताबिक, कथित तौर पर सलमान खान के घर के बाहर फायरिंग करने वाले शूटरों के पास दो बंदूकें थीं और उन्हें 10 राउंड गोलियां चलाने का आदेश दिया गया था. 14 अप्रैल की सुबह, दो व्यक्ति मोटरसाइकिल पर आए और अभिनेता के आवास गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर चार गोलियां चलाईं। घटना के बाद हमलावर तेजी से मौके से भाग गए। निगरानी फुटेज से पता चला कि दोनों संदिग्धों ने टोपी पहन रखी थी और बैकपैक ले रखा था। इस महीने की शुरुआत में मुंबई क्राइम ब्रांच ने गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के भाई अनमोल के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी करने का अनुरोध किया था. अनमोल बिश्नोई ने घटना के कुछ घंटों बाद अपने फेसबुक प्रोफाइल के जरिए सलमान खान के घर पर हुई फायरिंग की जिम्मेदारी ली थी। सलमान खान की नवीनतम सार्वजनिक उपस्थिति सलमान खान हाल ही में लंदन में थे जहां उन्होंने ब्रिटेन के ब्रेंट नॉर्थ निर्वाचन क्षेत्र से सांसद बैरी गार्डिनर से मुलाकात की। इंटरनेट पर कई तस्वीरें वायरल हुईं, जिनमें बैरी और सलमान दोनों वेम्बली स्टेडियम के अंदर नजर आ रहे हैं।
Nikkhil Advani BirthdaySpecial :रोमांस-क्राइम और थ्रिलर के बेताज बादशाह है निखिल अडवानी, पढ़िए उनका पूरा फिल्मी सफरनामा
Salman Khan फायरिंग मामले में पुलिस को मिली अबतक की सबसे बड़ी कामयाबी, क्राइम ब्रांच के हाथ लगे दो और अपराधी
सलमान खान के घर फायरिंग मामले में अहम घटनाक्रम में मुंबई क्राइम ब्रांच ने गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के भाई अनमोल के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी करने का अनुरोध किया है। अनमोल बिश्नोई ने घटना के कुछ घंटों बाद अपने फेसबुक प्रोफाइल के जरिए सलमान खान के घर पर हुई फायरिंग की जिम्मेदारी ली थी. इस सप्ताह की शुरुआत में, मुंबई क्राइम ब्रांच ने गोलीबारी की घटना में इस्तेमाल की गई दूसरी बंदूक बरामद की। सूरत की तापी नदी से तीन मैगजीन के साथ बंदूक बरामद की गई। इसे भी पढ़ें: Tamannaah Bhatia Summoned by cyber cell | 'अवैध' IPL Streaming ऐप मामले में तमन्ना भाटिया को साइबर सेल ने तलब किया 16 अप्रैल को कच्छ पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर मुंबई क्राइम ब्रांच को सौंप दिया। बाद में, शहर की एक अदालत ने गोलीबारी की घटना के सिलसिले में दोनों आरोपियों को 25 अप्रैल तक मुंबई अपराध शाखा की हिरासत में भेज दिया। आरोपियों की पहचान बिहार के विक्की गुप्ता (24) और सागर पाल (21) के रूप में हुई, जिन्हें मेडिकल जांच के बाद अदालत में पेश किया गया। इसे भी पढ़ें: काला जादू- टोना-टोटका करने का Kangana Ranaut पर आरोप लगाने के बाद अब एक्ट्रेस के बारे Adhyayan Suman क्या सोचते है? मुंबई क्राइम ब्रांच की जांच अभी भी जारी है मुंबई क्राइम ब्रांच के मुताबिक, कथित तौर पर सलमान खान के घर के बाहर फायरिंग करने वाले शूटरों के पास दो बंदूकें थीं और उन्हें 10 राउंड गोलियां चलाने का आदेश दिया गया था. 14 अप्रैल की सुबह, दो व्यक्ति मोटरसाइकिल पर आए और अभिनेता के आवास गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर चार गोलियां चलाईं। घटना के बाद हमलावर तेजी से मौके से भाग गए। निगरानी फुटेज से पता चला कि दोनों संदिग्धों ने टोपी पहन रखी थी और बैकपैक ले रखा था। अनजान लोगों के लिए, गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बरार की धमकियों के बाद 2022 में सलमान की सुरक्षा का स्तर वाई-प्लस तक बढ़ा दिया गया था। अभिनेता को व्यक्तिगत बन्दूक ले जाने के लिए भी अधिकृत किया गया था और अतिरिक्त सुरक्षा के लिए उन्होंने एक नया बख्तरबंद वाहन भी खरीदा है।
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मुंबई क्राइम ब्रांच का एक्शन, सलमान के घर फायरिंग करने वाले दोनों शूटर दबोचे
Salman Khan House Firing: एक्टर सलमान खान के घर पर फायरिंग करने वाले दोनों आरोपियों को भुज से गिरफ्तार कर लिया गया. मुंबई क्राइम ब्रांच को ये कामयाबी मिली. आरोपी बिहार के पश्चिमी चंपारण के रहने वाले बताए जा रहे हैं. रविवार को गैलेक्सी अपार्टमेंट पर फायरिंग कर भुज फरार हो गए थे. देखें ये वीडियो.
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Salman Khan firing case: बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान के घर गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर रविवार तड़के दो अज्ञात हमलावरों ने गोलीबारी कर दी। इस हमले के बाद हर कोई सलमान खान की सुरक्षा को लेकर चिंता जाहिर कर रहा है। बांद्रा पुलिस ने दो अज्ञात शख्स के ...
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