5 साल पुराने केस निपटाने के निर्देश, क्राइम कंट्रोल पर सख्ती
जयपुर | कानून व्यवस्था व क्राइम कंट्रोल के संबंध में पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल ने शनिवार को वेस्ट जिले की सर्किल स्तर की बैठक ली। इसमें 5 साल से पुराने पेंडिंग केसों का जल्द निस्तारण करने के निर्देश दिए। साथ ही महिला बीट प्रणाली पर प्रभावी काम करने की बात कही। महिला सुरक्षा एवं हार्डकोर बदमाशों पर त्वरित कार्रवाई के आदेश दिए। बैठक में कमिश्नर ने सर्किल स्तर पर प्रगति रिपोर्ट देखी और चोरी एवं संपत्ति संबंधी अपराधों में कमी लाने और ज्यादा से ज्यादा माल रिकवर करने के आदेश दिए। नियमित मॉनिटरिंग करेंगे अधिकारी {अधिकारी वांटेड व हार्डकोर बदमाशों पर खुद निगरानी रखेंगे। थानों में दर्ज होने वाले मामलों की रेगुलर मॉनिटरिंग करेंगे। कमजोर प्रदर्शन वाले थानों को चिह्नित कर कार्यप्रणाली सुधारने के लिए समय-समय पर विजिट करेंगे। {झूठे मुकदमे दर्ज कराने वाले लोगों को चिह्नित कर उनके खिलाफ कार्रवाई कराने के लिए इस्तगासे पेश करेंगे।
भरतपुर रेंज के आईजी कैलाश चंद बिश्नोई ने शनिवार को करौली का दौरा किया। उन्होंने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में कानून व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और लंबित मामलों की समीक्षा बैठक ली। बैठक के दौरान, आईजी ने जिले में चलाए जा रहे विशेष अभियानों की प्रगति, अपराधियों पर कार्रवाई, वारंटियों की गिरफ्तारी और नए आपराधिक कानूनों के पालन को लेकर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। आईजी बिश्नोई ने एसपी कार्यालय सभागार में आयोजित इस बैठक में प्रोजेक्टर के माध्यम से जिले के आपराधिक आंकड़ों की समीक्षा की। बैठक में पुलिस अधीक्षक लोकेश सोनवाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेश चंद मीणा और हिंडौन के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सत्येंद्र पाल सिंह सहित अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद थे। आईजी ने अधिकारियों को लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण करने, अपराधों पर नियंत्रण रखने और सक्रिय अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने 'ऑपरेशन स्मैक आउट' और 'ऑपरेशन हंता' जैसे विभिन्न अभियानों में तेजी लाने पर भी जोर दिया। आईजी ने वारंटियों की गिरफ्तारी और सरकार व पुलिस मुख्यालय के निर्देशों का प्रभावी ढंग से पालन सुनिश्चित करने को भी कहा। उन्होंने नए भारतीय आपराधिक कानूनों के बेहतर पालन, नेट ग्रिड सॉफ्टवेयर के अधिकतम उपयोग और आधुनिक पुलिसिंग व्यवस्था को मजबूत करने पर भी बल दिया। आईजी बिश्नोई ने अधिकारियों से समन्वय स्थापित करने और तकनीक आधारित कार्यप्रणाली अपनाकर बेहतर पुलिसिंग सुनिश्चित करने का आह्वान किया। अपने दौरे के दौरान, आईजी ने एसपी कार्यालय की विभिन्न शाखाओं का निरीक्षण किया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने पुलिस कैंटीन का भी निरीक्षण किया और वहां की व्यवस्थाओं की सराहना की।
शहर में बढ़ते अपराध पर लगाम कसने के लिए क्राइम ब्रांच ने लगातार दूसरी बड़ी कार्रवाई करते हुए दो शातिर आरोपियों को अवैध हथियारों के साथ गिरफ्तार किया है। अलग-अलग मामलों में की गई इस कार्रवाई में पुलिस ने एक देशी पिस्टल और जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस का दावा है कि दोनों आरोपी किसी गंभीर वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे, जिसे समय रहते नाकाम कर दिया गया। एक्शन में क्राइम ब्रांच, ओवरब्रिज के नीचे पकड़ा युवक पहले मामले में क्राइम ब्रांच टीम को सूचना मिली कि सुभाष नगर रेलवे ओवरब्रिज के नीचे एक युवक कान्हा सेन अवैध पिस्टल लेकर खड़ा है। टीम ने घेराबंदी कर 19 वर्षीय कान्हा सेन को गिरफ्तार किया, जो गंज बासौदा का रहने वाला है। तलाशी में उसके पास से एक देशी पिस्टल बरामद हुई। आरोपी के पास हथियार का कोई वैध लाइसेंस नहीं था। पुलिस के अनुसार वह किसी बड़ी आपराधिक घटना की तैयारी में था। जेल पहाड़ी रोड पर दूसरी कार्रवाई, कारतूस के साथ आरोपी गिरफ्तार दूसरे मामले में क्राइम ब्रांच ने जहांगीराबाद क्षेत्र के जेल पहाड़ी रोड स्थित जनसंवेदना कार्यालय के पास से शेख फैजान (28) को दबोचा। उसके पास से एक अवैध पिस्टल और एक जिंदा कारतूस बरामद किया गया। फैजान का आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है, जिसमें मारपीट, जुआ और सट्टा से जुड़े कई मामले दर्ज हैं। 2026 में बढ़ी कार्रवाई, हथियारों का जखीरा जब्त क्राइम ब्रांच के आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2026 में अब तक आर्म्स एक्ट के 9 प्रकरणों में 17 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनसे 9 पिस्टल, 2 राइफल, 2 देशी कट्टे, 9 जिंदा कारतूस, 3 मोबाइल और एक कार जब्त की गई है। यह आंकड़े बताते हैं कि शहर में अवैध हथियारों का नेटवर्क सक्रिय है, जिस पर पुलिस लगातार प्रहार कर रही है। बड़े नेटवर्क की तलाश में पुलिस, सप्लायर तक पहुंचने की कोशिश दोनों मामलों में आरोपियों से पूछताछ जारी है। खास तौर पर हथियारों के सप्लायर और नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है। संभावना है कि इन गिरफ्तारियों से अवैध हथियार तस्करी के बड़े गिरोह का खुलासा हो सकता है।
प्रयागराज में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने गाजीपुर एनकाउंटर मामले, विपक्ष के आरोपों, केंद्र सरकार के 12 साल के कार्यकाल और आगामी चुनावों को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि गाजीपुर एनकाउंटर से जुड़े सवालों पर सरकार गंभीर है। यदि किसी भी प्रकार की लापरवाही सामने आती है, तो जांच के बाद दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। 'क्राइम कंट्रोल के लए कठोर कदम उठाने पड़ते हैं' डिप्टी सीएम केपी मौर्य ने स्पष्ट किया कि अपराध नियंत्रण के लिए पुलिस को कई बार कठोर कदम उठाने पड़ते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि यदि किसी मामले में परिवार या अन्य पक्ष शिकायत करता है, तो उसकी जांच भी कराई जाती है। उन्होंने दोहराया कि गाजीपुर एनकाउंटर मामले की भी जांच होगी। दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि सपा को कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाने का नैतिक अधिकार नहीं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल और विपक्ष की ओर से बेरोजगारी व महंगाई पर उठाए जा रहे सवालों पर प्रतिक्रिया देते हुए डिप्टी सीएम ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ा है। उन्होंने जोर दिया कि जो वस्तुएं पहले विदेशों से आयात की जाती थीं, आज उनका निर्माण भारत में हो रहा है। उन्होंने विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा कि सत्ता से बाहर होने के बाद कुछ दल स्वयं 'बेरोजगार' हो गए हैं और इसी कारण सरकार पर सवाल उठा रहे हैं। सिर्फ राजनीतिक लाभ के लिए गाय को राष्ट्रीय माता घोषित करने की मांग ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य से सपा नेताओं की मुलाकात और गाय को राष्ट्रीय माता घोषित करने की मांग पर भी केशव मौर्य ने टिप्पणी की। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा केवल राजनीतिक लाभ के लिए ऐसे मुद्दे उठा रही है। उन्होंने गौ संरक्षण के प्रति भाजपा की प्रतिबद्धता पर सवाल उठाने को अनुचित बताया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर दिए गए बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने सपा सांसद डिंपल यादव के बयान को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया। इसके अतिरिक्त, 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भाजपा एक बार फिर प्रदेश में सरकार बनाएगी और पार्टी कार्यकर्ता इसके लिए पूरी तैयारी में जुट चुके हैं।
इंदौर क्राइम ब्रांच ने वेलनेस सेंटर की फ्रैंचाइजी देने के नाम पर 1.20 करोड़ की धोखाधड़ी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। क्राइम ब्रांच ने नई दिल्ली से कंपनी के दो शातिर डायरेक्टर को गिरफ्तार किया है, जबकि दो डॉक्टरों की तलाश जारी है। आरोपी डॉ. हरोर्स एस्थेटिक प्राइवेट लिमिडेट कंपनी बनाकर फ्रैंचाइजी के नाम पर बड़ा नेटवर्क चलाते थे। डीसीपी क्राइम ब्रांच राजेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि 26 मई को क्राइम ब्रांच में रितु मेहता ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि नई दिल्ली की कंपनी डॉ.हरोर्स एस्थेटिक प्राइवेट लिमिटेड के संचालकों द्वारा वेलनेस सेंटर खोलने की फ्रैंचाइजी देने के नाम पर उनसे 1.20 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए क्राइम ब्रांच ने एक स्पेशल टीम बनाई और कार्रवाई करते हुए उन्हें नई दिल्ली रवाना किया, जिसके बाद टीम ने आरोपियों की जानकारी निकाली और उनके ठिकानों पर दबिश दी। दो आरोपियों को किया गिरफ्तार उन्होंने बताया कि मामले में टीम ने आरोपियों के ठिकानों पर दबिश दी और घेराबंदी करते हुए मामले से जुड़े दो मुख्य आरोपियों (डायरेक्टरों) को गिरफ्तार कर लिया। पकड़ाए आरोपियों में देबदुलाल बनर्जी (48) निवासी सुपरटेक केपटाउन, सेक्टर-74 नोएडा और राहुल सावेल (39) निवासी नवादा, उत्तम नगर, नई दिल्ली है। हालांकि मामले में दो आरोपियों की तलाश जारी है। डीसीपी ने बताया कि पकड़ गए दोनों आरोपियों से गिरोह के अन्य सदस्यों और फरार डॉक्टरों के संबंध में सख्ती से पूछताछ की जा रही है और अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।
पीथमपुर में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने और अपराधियों पर नकेल कसने के लिए पुलिस पूरी तरह मुस्तैद हो गई है। गुरुवार देर शाम सेक्टर एक थाना, सागौर थाना और पीथमपुर थाना पुलिस ने नगर के व्यस्त बाजारों, कॉलोनियों, तंग गलियों और प्रमुख रिहायशी इलाकों में पैदल मार्च निकाला। इस गश्त का मुख्य उद्देश्य लोगों में सुरक्षा का अहसास कराना और बदमाशों में पुलिस का खौफ पैदा करना है। स्ट्रीट क्राइम पर लगेगा अंकुश नगर पुलिस अधीक्षक रवि सोनेर ने बताया कि पीथमपुर एक औद्योगिक क्षेत्र है, जिसके कारण यहां सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लगातार सतर्कता बरतना बेहद आवश्यक है। इस तरह के पैदल भ्रमण से स्ट्रीट क्राइम जैसे लूटपाट, छेड़छाड़ और हुड़दंगबाजी पर अंकुश लगेगा, साथ ही पुलिस और जनता के बीच आपसी बातचीत भी मजबूत होगी। पुलिस प्रशासन ने सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि कानून हाथ में लेने वालों और शांति व्यवस्था भंग करने वालों के खिलाफ आगे भी कड़ी वैधानिक कार्रवाई जारी रहेगी। एसपी सचिन शर्मा की 'जीरो टॉलरेंस' नीति यह विशेष अभियान जिले के नवागत पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत चलाया जा रहा है। उन्होंने पदभार संभालते ही यह स्पष्ट कर दिया था कि अपराध और अपराधियों के लिए जिले में कोई जगह नहीं होगी।
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में रिश्वत मांगने के मामले में 2 एसआई सस्पेंड हुए हैं। पुरानी भिलाई थाने में पदस्थ सब इंस्पेक्टर तुलसीराम साहू ने एक महिला को ड्रग्स केस में गिरफ्तार किया। आरोप है कि छोड़ने के लिए बेटी से 50 हजार की डिमांड की थी। घूस मांगने का ऑडियो वायरल होने के बाद SSP ने तुलसीराम साहू और साथ देने वाले खुर्सीपार में पदस्थ देव लाल साहू को निलंबित कर रक्षित केंद्र दुर्ग अटैच किया है। बेटी का आरोप है कि साइबर क्राइम वालों ने भी उससे 2 लाख मांगे थे। वायरल वीडियो के बाद कार्रवाई पुलिस के मुताबिक, पुरानी भिलाई थाना में दर्ज केस (क्रमांक 288/2026, एनडीपीएस एक्ट) से जुड़े मामले में आरोपी पक्ष से कथित रूप से पैसों की मांग किए जाने का ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। शुरुआती जांच में वायरल ऑडियो के आधार पर दोनों अधिकारियों की मिलीभगत पाई गई। SI तुलसीराम साहू ने रिश्वत मांगी और खुर्सीपार में पदस्थ SI देव लाल साहू ने भी साथ दिया। जो कि विभागीय नियमों के विपरीत होने पर SSP विजय अग्रवाल ने निलंबन की कार्रवाई की। सीनियर अधिकारियों तक पैसे पहुंचाने का आरोप जसबीर ने दावा किया है कि, उसने संबंधित बातचीत की पूरी रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखी है। SI ने बातचीत के दौरान यह भी कहा था कि, कुछ रकम सीनियर अधिकारियों तक पहुंचानी होगी। महिला ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए संबंधित जगहों के सीसीटीवी फुटेज की जांच कराने की मांग की है। महिला ने यह भी दावा किया कि जिस मोबाइल फोन के आधार पर उसे बुलाया गया था, उससे संबंधित कागजात और अन्य जानकारी उसके पास मौजूद है। 3 दिन में मांगी गई रिपोर्ट दुर्ग पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। छावनी नगर पुलिस अधीक्षक को 3 दिन के अंदर शुरुआती जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की विभागीय और कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी। ……………………… इससे जुड़ी खबर भी पढ़ें… बलरामपुर CMO ने पार्षदों को कहा कुत्ता, ऑडियो वायरल: कहा- मेरा ट्रांसफर कराने की औकात नहीं, अधिकारी बोले- मेरी आवाज नहीं, AI जनरेटेड छत्तीसगढ़ के बलरामपुर नगर पालिका परिषद के CMO प्रणव राय का एक कथित ऑडियो वायरल हुआ है। आरोप है कि उन्होंने पार्षदों को कुत्ता कहा। साथ ही, जनप्रतिनिधियों को खुलेआम चुनौती देते हुए कहा कि मेरा ट्रांसफर कराने की इनकी ‘औकात’ है। पढ़ें पूरी खबर…
गोरखपुर में पुलिसकर्मी के साथ 1.39 लाख की ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि साइबर जालसाजों ने फोन हैक कर यूपीआई के माध्यम से पैसे उड़ा दिए। पुलिसकर्मी के खाते से 3 बार में पैसे ट्रांजेक्शन किए गए हैं। पुलिसकर्मी ने साइबर क्राइम थाने में तहरीर दी है। जिसके आधार पर एफआईआर दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। अब विस्तार से जानिए पूरा मामला… गाजीपुर के भुड़कुड़ा थाना क्षेत्र के जोहरपुर गांव निवासी गोपाल जय सिंह यातायात पुलिस में तैनात हैं। गोपाल जय सिंह ने बताया कि 7 मई 2026 को बैंक खाते से यूपीआई के माध्यम से 1.39 लाख रुपये निकाल लिए गए। जिसका ट्रांजेक्शन इस प्रकार किया गया है। 7 मई को तीन बार में 70 हजार, 20 हजार और 8 मई को 49 हजार 986 रुपये निकाले गए हैं। इस तरह बिना जानकारी के पैसे निकाल लिए गए। बैंक जाने पर इसकी जानकारी हुई। इसके बाद मैंने स्टेटमेंट निकलवाया। उन्होंने बताया कि यह पैसे मेरा फोन हैक करके निकाला गया है। इस वजह से मेरे मोबाइल पर पैसे कटने का मैसेज भी नहीं आया है। साइबर क्राइम थाने की पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बैंक से भी आरोपियों के खाते का डिटेल निकलवाया जा रहा है। फोन हैक करके होने वाली साइबर जलसाजी से बचने के लिए 7 जरूरी सलाह 1. लिंक और APK से दूरी- SMS, WhatsApp, Telegram पर आए किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें- KYC अपडेट, बिजली बिल, पार्सल डिलीवरी वाले मैसेज 99% फ्रॉड होते हैं- Play Store/App Store के अलावा कहीं से भी APK फाइल इंस्टॉल न करें 2. परमिशन पर नजर- कोई भी ऐप कैमरा, माइक, SMS, कॉन्टैक्ट की परमिशन मांगे तो सोचें: क्या इसे सच में जरूरत है?- Settings > Apps > Permissions में जाकर फालतू परमिशन बंद करें 3. OTP, PIN, UPI कभी शेयर नहीं- बैंक, पुलिस, कंपनी कोई भी फोन पर OTP/ATM PIN/CVV नहीं मांगता- आपके अकाउंट में ₹5000 आ रहे हैं, OTP बताओ = 100% फ्रॉड- स्क्रीन शेयरिंग ऐप AnyDesk, TeamViewer के लिए कोई कहे तो तुरंत कॉल काटें 4. पब्लिक WiFi और चार्जिंग- फ्री WiFi पर बैंकिंग/UPI न करें। VPN यूज़ करें या मोबाइल डेटा यूज़ करें - एयरपोर्ट/स्टेशन पर USB चार्जिंग पोर्ट से Juice Jacking होता है। अपना चार्जर लगाएं 5. फोन अपडेट रखें- Settings > System Update से फोन और सभी ऐप अपडेट रखें- पुराने Android वर्जन में हैक होना आसान होता है 6. हैक हो गया तो तुरंत ये करें- मोबाइल डेटा/Net बंद करें- बैंक को कॉल कर अकाउंट फ्रीज कराएं: 14440- साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें- https://cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें 7. 2-Step वेरिफिकेशन ऑन रखें- WhatsApp: Settings > Account > Two-step verification- Google: http://myaccount.google.com > Security > 2-Step Verification - UPI ऐप्स में App Lock/PIN जरूर लगाएं
बिल्डर और शराब कारोबारी चिंटू उर्फ हितेंद्र ठाकुर को ब्लैकमेल करने के मामले में गिरफ्तार सागर निवासी रेशू चौधरी और हनी ट्रैप-1 की मुख्य आरोपी श्वेता जैन को लेकर कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान क्राइम ब्रांच ने अदालत को बताया कि दोनों महिलाओं से जुड़ा गिरोह सुनियोजित तरीके से लोगों को फंसाकर ब्लैकमेलिंग और वसूली का काम करता था। जांच एजेंसी के अनुसार रेशू चौधरी और श्वेता जैन से कुल 9 मोबाइल फोन, एक स्पाई कैमरा, पावर बैंक, 32 जीबी का मेमोरी कार्ड और दो पेन ड्राइव जब्त किए गए हैं। वहीं अन्य आरोपियों के पास से भी मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। मामले की जांच के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें जुटी हुई हैं। इस पूरे मामले में गिरफ्तार लेडी शराब तस्कर अलका दीक्षित, उसके सहयोगी लाखन चौधरी, जितेंद्र पुरोहित, हेड कांस्टेबल विनोद शर्मा और जयदीप ने जमानत के लिए कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। मंगलवार को लाखन चौधरी की ओर से जमानत याचिका दायर की गई, लेकिन क्राइम ब्रांच की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम ने इसका विरोध किया। संदिग्धों की भूमिका की भी जांच की जा रही पुलिस ने कोर्ट को बताया कि गिरोह से जुड़े अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जांच की जा रही है और आरोपियों के पास से कई आपत्तिजनक सामग्री मिली है। जांच एजेंसी का कहना है कि इससे मामले का दायरा और बढ़ सकता है। वहीं अलका दीक्षित से पूछताछ के लिए पुलिस ने अतिरिक्त रिमांड भी मांगा है। मोबाइल डेटा में कई लोगों के नाम आने की आशंका सूत्रों के मुताबिक जांच अब केवल फरियादी चिंटू ठाकुर तक सीमित नहीं रह गई है। पुलिस को आशंका है कि गिरोह ने कई प्रभावशाली लोगों को भी अपने जाल में फंसाया हो सकता है। जब्त मोबाइल फोन की जांच में रेशू, श्वेता, अलका और गिरफ्तार हेड कांस्टेबल विनोद शर्मा के बीच कुछ संवेदनशील फोटो साझा किए जाने के संकेत मिले हैं। इसके अलावा अन्य लोगों से जुड़ी सामग्री भी मिलने की बात सामने आ रही है, हालांकि पुलिस ने अभी किसी नाम की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। स्पाई कैमरे से रिकॉर्डिंग, मेमोरी कार्ड में सुरक्षित रखता था डेटा जांच में सामने आया है कि रेशू चौधरी के पास से मिला स्पाई कैमरा और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण संभावित रूप से गोपनीय रिकॉर्डिंग के लिए इस्तेमाल किए जाते थे। पुलिस को 32 जीबी का मेमोरी कार्ड भी मिला है, जिसमें बड़ी मात्रा में डेटा होने की संभावना जताई जा रही है। तकनीकी विशेषज्ञ यह पता लगाने में जुटे हैं कि रिकॉर्ड की गई सामग्री को और किन डिवाइस या स्टोरेज माध्यमों में सुरक्षित रखा गया था अथवा कहीं हटाया तो नहीं गया। पुलिस को आशंका है कि जब्त मोबाइल फोन, पेन ड्राइव और मेमोरी कार्ड में कई लोगों से जुड़े फोटो और वीडियो मौजूद हो सकते हैं। फिलहाल डिजिटल साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच जारी है और उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जयपुर ट्रैफिक पुलिस ने मॉडिफाइड वाहनों, ब्लैक फिल्म लगी गाड़ियों और नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया। अभियान के दौरान 41 वाहनों को जब्त किया गया। डीसीपी ट्रैफिक योगेश गोयल ने बताया कि किसान धर्मकांटा क्षेत्र में एसीपी प्रेम सिंह के नेतृत्व में कार्रवाई की गई। इस दौरान 15 वाहनों को जब्त किया गया, जिनमें 4 थार और 11 स्कॉर्पियो शामिल हैं। जांच में इन वाहनों में अवैध मॉडिफिकेशन और ब्लैक फिल्म लगी हुई पाई गई। इसके अलावा मोटर वाहन अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों के तहत 26 अन्य वाहनों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई। यातायात पुलिस और परिवहन विभाग द्वारा संयुक्त रूप से चलाए जा रहे अभियान में अब तक टोल प्लाजा क्षेत्रों में 65 मॉडिफाइड और ब्लैक फिल्म लगे वाहनों पर कार्रवाई की जा चुकी है। मॉडिफाइड बंपर बन सकते हैं जानलेवा यातायात पुलिस के अनुसार एसयूवी वाहनों पर लगाए जाने वाले मॉडिफाइड बंपर दुर्घटना के समय एयरबैग के सही तरीके से खुलने में बाधा उत्पन्न कर सकते हैं। इससे वाहन सवारों की जान को गंभीर खतरा हो सकता है। इसी कारण ऐसे वाहनों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है।
मुजफ्फरपुर के टाउन थाना क्षेत्र में 31 मई की रात शूटर गोविंद शर्मा हत्याकांड में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। मुजफ्फरपुर एसएसपी कांतेश मिश्रा ने बताया कि पकड़ा गया आरोपी और मृतक एक ही सिंडिकेट में शामिल थे। दोनों मुजफ्फरपुर में दो हत्याकांड, एक रंगदारी कांड में शामिल भी थे। उन्होंने बताया कि किसी बात को लेकर विवाद के बाद दोनों अलग-अलग हो गए थे। अब तक की जांच में हत्या की जो वजह सामने आई है, वो पहले से चला आ रहा जमीन विवाद, फॉर्च्यूनर एसयूवी को लेकर विवाद सामने आया है। बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसएसपी ने बताया कि गोविन्द शर्मा की पत्नी के बयान पर नगर थाना में FIR दर्ज की गई है। एसआईटी की ओर से त्वरित कार्रवाई करते हुए नामजद अभियुक्त ओंकार सिंह की गिरफ्तारी हुई है। उन्होंने बताया कि अब तक की जांच में सामने आया है कि आरोपी ओंकार और गोविंद शर्मा ने एक साथ साल 2018 में मुजफ्फरपुर के पूर्व मेयर समीर हत्याकांड, 2023 में आशुतोष शाही हत्याकांड और साल 2022 में प्रॉपर्टी डीलर से 50 लाख रुपए की रंगदारी मांगने की वारदात को अंजाम दिया था। एसएसपी ने बताया कि गोविंद इन तीनों मामलों में ओंकार के साथ सह-अभियुक्त रहा था। उन्होंने बताया कि ओंकार के घर में तलाशी अभियान के दौरान 30 अलग-अलग जमीन के कागजात मिले हैं। इसकी भी जांच की जा रही है। अगर जांच के दौरान कुछ संदिग्ध लगा तो इसकी जांच के लिए ईडी को प्रस्ताव भेजा जाएगा, ताकि पीएमएलए के तहत मामले में कार्रवाई हो सके। हत्याकांड को कैसे अंजाम दिया गया, वाले सवाल पर बोले एसएसपी जब एसएसपी से प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूछा गया कि हत्याकांड को कैसे अंजाम दिया गया, इसके जवाब में उन्होंने बताया कि जिस अपार्टमेंट के बेसमेंट में हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया, उस अपार्टमेंट के चौथे फ्लोर पर कुछ अपराधी रह रहे थे, अभी संख्या स्पष्ट नहीं है। अपराधियों के कमरे से शराब के दो पैकेट मिले हैं, इस मामले में अलग से मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि ऐसा प्रतीत हो रहा है कि वहां जो अपराधी रह रहे थे, गोविंद के पहुंचने के बाद बेसमेंट में फायरिंग की घटना हुई। घटनास्थल का फुटेज नहीं मिल पाया है, वहां एक कैमरा लगा था, लेकिन उसमें कुछ रिकॉर्ड नहीं हुआ है। गोविंद की पत्नी अंजली ने जिस महिला की हत्याकांड में शामिल होने की आशंका जताई, उससे जुड़े सवाल पर एसएसपी ने बताया कि अभी कुछ स्पष्ट नहीं है। उन्होंने बताया कि हत्याकांड के बाद एक ऑडियो सोशल मीडिया और मीडिया के साथियों से मिली थी, जिसमें गोविंद हत्याकांड के आरोपी बाबुल चौधरी की आवाज होने की बात कही जा रही थी, उसने हत्या की जिम्मेदारी भी ली थी, इस ऑडियो की फोरेंसिक जांच भी की जाएगी। बेगूसराय के मंझौल का रहने वाला है आरोपी ओंकार आरोपी ओंकार सिंह बेगूसराय के मंझौल थाना क्षेत्र के मंझौल वार्ड नंबर 1 का रहने वाला है। उसके पिता जिला कृषि पदाधिकारी रह चुके हैं। जानकारी के अनुसार विजय सिंह मुजफ्फरपुर में भी जिला कृषि पदाधिकारी रहे हैं। इसी दौरान ही ओंकार मुजफ्फरपुर के चर्चित भू-माफियाओं के सम्पर्क में आया और उसने अपराध जगत में कदम रखा। पुलिस के अनुसार ओकार के मिठनपुरा के पीएन कॉलोनी में रहता है। ओंकार पर प्रॉपर्टी डीलर आशुतोष शाही और उनके तीन बॉडीगार्ड की हत्या का भी आरोप है। 21 जुलाई 2023 को नगर थाना क्षेत्र में हुई इस वारदात में 25 से 30 राउंड फायरिंग की गई थी। इस हत्याकांड के बाद रंजय पर तीन लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
सोशल मीडिया पर बच्चों से जुड़ी अश्लील सामग्री (चाइल्ड पोर्नोग्राफी) पर नकेल कसने के लिए फरीदकोट की थाना साइबर क्राइम पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने इंस्टाग्राम के ज़रिए बच्चों के यौन शोषण से संबंधित अश्लील तस्वीरें और वीडियो शेयर करने के आरोप में एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ केस दर्ज किया है। यह खुलासा नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) के ज़रिए मिली गोपनीय टिपलाइन रिपोर्ट के बाद हुआ है। 'अंतरराष्ट्रीय संस्था' की रिपोर्ट पर हरकत में आई पुलिस साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन की इंचार्ज महिला इंस्पेक्टर ने मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि 'नेशनल सेंटर फॉर मिसिंग एंड एक्सप्लॉइटेड चिल्ड्रन' (अमेरिका) की तरफ से 'इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर' (I4C) के माध्यम से एक विशेष रिपोर्ट पंजाब पुलिस को भेजी गई थी। इस तकनीकी रिपोर्ट से यह खुलासा हुआ कि फरीदकोट जिले से संबंधित एक मोबाइल नंबर का उपयोग करके बनाई गई इंस्टाग्राम आईडी से बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी बेहद आपत्तिजनक और अश्लील सामग्री को ऑनलाइन शेयर किया जा रहा है। आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज, आरोपी की तलाश तेज़ केंद्रीय एजेंसियों से इनपुट मिलने के बाद फरीदकोट साइबर पुलिस ने मामले की गहराई से जांच की। शुरुआती पड़ताल में तकनीकी इनपुट और लगाए गए आरोपों की सच्चाई सामने आने के बाद पुलिस ने तुरंत हरकत में आते हुए अज्ञात आरोपी के खिलाफ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (अमेंडमेंट) एक्ट, 2008 की धारा 67B (बच्चों को अश्लील कृत्य में दर्शाने वाली सामग्री को ऑनलाइन शेयर/प्रकाशित करना) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।मोबाइल नंबर और सोशल मीडिया एकाउंट ट्रेस कर रहे हैं साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन की इंचार्ज महिला इंस्पेक्टर ने बताया कि जिस संदिग्ध सोशल मीडिया अकाउंट और मोबाइल नंबर का इस्तेमाल इस घिनौने कृत्य के लिए किया गया है, उसकी बारीकी से टेक्निकल सर्विलांस (डेटा विश्लेषण) की जा रही है। बहुत जल्द आरोपी की पहचान कर उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा और कानून के दायरे में लाकर सख्त सजा दिलाई जाएगी। साइबर पुलिस की आम जनता से अपील साइबर क्राइम पुलिस ने आम नागरिकों, विशेषकर युवाओं और अभिभावकों से एक विशेष अपील जारी की है। पुलिस का कहना है कि इंटरनेट या किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ऐसी किसी भी संदिग्ध, अनैतिक या गैर-कानूनी ऑनलाइन एक्टिविटी (जैसे चाइल्ड एब्यूज मटेरियल) को न तो खुद देखें और न ही आगे शेयर करें। यदि किसी के संज्ञान में ऐसा कोई मामला आता है, तो उसकी सूचना तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 या आधिकारिक एनसीआरपी (NCRP) पोर्टल पर दर्ज कराएं, ताकि समय रहते अपराधियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सके।
मऊगंज जिले में नशे का कारोबार करने वालों पर पुलिस अब पहले से ज्यादा सख्त कार्रवाई करेगी। बुधवार दोपहर को हुई अपराध समीक्षा बैठक में एसपी सुरेंद्र कुमार जैन ने कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि ड्रग्स और नशीले पदार्थों की तस्करी करने वाले आदतन अपराधियों पर ‘पिट-एनडीपीएस एक्ट’ के तहत कार्रवाई कर उन्हें सीधे जेल में बंद किया जाए, ताकि नशे के इस पूरे नेटवर्क को तोड़ा जा सके। इस बैठक में एएसपी विक्रम सिंह और एसडीओपी सचि पाठक समेत सभी थाना और चौकी प्रभारी मौजूद थे। फरार आरोपी और वारंटियों को पकड़ने के लिए चलेगा अभियान बैठक में पुराने अटके मामलों, संदिग्ध मौतों (मर्ग) और शिकायतों का जल्द से जल्द निपटारा करने को कहा गया है। एसपी ने निर्देश दिए कि कोर्ट से जारी स्थाई वारंटियों और लंबे समय से फरार चल रहे अपराधियों को पकड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। इसके साथ ही इलाके में अवैध शराब बेचने वालों, जुआ और सट्टा खिलाने वालों पर भी पुलिस सख्ती से कार्रवाई करेगी। रात की गश्त बढ़ेगी, संदिग्ध गाड़ियों की होगी चेकिंग शहर और गांवों में चोरी की वारदातों को रोकने के लिए रात की गश्त (पेट्रोलिंग) बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस अब सड़कों पर संदिग्ध वाहनों की रोककर सघन चेकिंग करेगी। महिलाओं से जुड़े अपराधों में पुलिस को पूरी संवेदनशीलता के साथ तुरंत एक्शन लेने को कहा गया है। साथ ही, पुलिस अधिकारियों से कहा गया है कि वे सार्वजनिक जगहों पर अपनी मौजूदगी बढ़ाएं और आम जनता से अच्छा व्यवहार करें। सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों को तुरंत सुलझाएं एसपी ने सभी थाना प्रभारियों से एक-एक कर बात की और सीएम हेल्पलाइन पर आई शिकायतों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जनता की शिकायतों को तय समय के भीतर और पूरी संतुष्टि के साथ सुलझाना पुलिस की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पुलिस अधीक्षक पीयूष दीक्षित ने बुधवार को क्राइम एवं समीक्षा बैठक ली। जिले में कानून-व्यवस्था की स्थिति, अपराध नियंत्रण, गंभीर एवं लंबित प्रकरणों, वांटेड एवं फरार बदमाशों की गिरफ्तारी, महिला क्राइम की रोकथाम, साइबर अपराधों पर नियंत्रण, मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध खनन एवं अवैध हथियारों के खिलाफ की जा रही कार्यवाहियों की समीक्षा की गई। एसपी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पेंडिंग मामलों का निस्तारण सुनिश्चित किया जाए तथा आदतन अपराधियों पर निगरानी रखी जाए। उन्होंने आमजन की शिकायतों का संवेदनशीलता एवं प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने के निर्देश दिए। बैठक में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और यातायात व्यवस्था को अधिक सुरक्षित एवं सुचारू बनाने के लिए विशेष अभियान चलाने, यातायात नियमों की पालना सुनिश्चित कराने और सड़क सुरक्षा के प्रति आमजन को जागरूक करने के निर्देश दिए। साइबर क्राइम को लेकर जागरूक करें एसपी ने साइबर क्राइम, ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, सोशल मीडिया फ्रॉड एवं डिजिटल सुरक्षा से जुड़े मामलों में व्यापक जागरूकता अभियान चलाने पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों को निर्देश दिए कि आमजन को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जाए ताकि ठगी की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके। महिला सुरक्षा पहली प्राथमिकता एसपी ने महिला सुरक्षा को प्राथमिकता बताते हुए महिला सुरक्षा योजनाओं, हेल्पलाइन सेवाओं एवं जागरूकता कार्यक्रमों को और अधिक प्रभावी बनाने के साथ महिला संबंधी शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में सोशल मीडिया के जिम्मेदार उपयोग को बढ़ावा देने, अफवाहों पर नियंत्रण रखने तथा पुलिस की गतिविधियों को सोशल मीडिया के माध्यम से आमजन तक पहुंचाने के निर्देश दिए। जिले में शांति, सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
नूंह जिले में साइबर अपराध के बढ़ते मामलों के कारण 58 गांव अब पुलिस कार्रवाई के दायरे में आ गए हैं। नूंह पुलिस ने इन गांवों को साइबर अपराध से प्रभावित क्षेत्र मानते हुए संबंधित सरपंचों को कानूनी नोटिस जारी करना शुरू कर दिया है। पुलिस के अनुसार, इन गांवों का नाम बार-बार ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉलिंग, डिजिटल अरेस्ट और ओएलएक्स फ्रॉड जैसे मामलों में सामने आ रहा है। इस स्थिति से पूरे जिले की छवि प्रभावित हो रही है और नूंह की पहचान साइबर अपराध के केंद्र के रूप में उभर रही है। सरपंचों को दी गई चेतावनी इस स्थिति के चलते प्रशासन को गांव स्तर पर जवाबदेही तय करनी पड़ रही है। नोटिस के माध्यम से सरपंचों को चेतावनी दी गई है कि यदि उनके क्षेत्र में साइबर अपराधियों को संरक्षण मिलता पाया गया, तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कई गांवों से लगातार साइबर ठगी के मामलों में आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है। इसके बावजूद, स्थानीय स्तर पर अपराधियों को सामाजिक समर्थन मिलने की शिकायतें भी सामने आती रही हैं। इसी को देखते हुए ऑपरेशन क्लीन शुरू किया गया है, जिसका लक्ष्य साइबर अपराधियों और उनके नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करना है। संरक्षण देने वालों के खिलाफ होगी कार्रवाई : एसपी नूंह SP डॉ अर्पित जैन ने स्पष्ट किया है कि जिन गांवों का इस्तेमाल साइबर अपराधियों की शरणस्थली के रूप में किया जाएगा, वहां विशेष अभियान चलाकर अपराधियों, उनके सहयोगियों और उन्हें संरक्षण देने वाले लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का मानना है कि यदि समय रहते इस समस्या पर काबू नहीं पाया गया, तो जिले की प्रतिष्ठा को और अधिक नुकसान पहुंच सकता है। प्रशासन ने आम लोगों से भी अपील की है कि वे साइबर अपराध में शामिल लोगों का सामाजिक बहिष्कार करें और उनकी सूचना पुलिस को दें, ताकि जिले को साइबर अपराध की पहचान से बाहर निकाला जा सके।
डीडवाना-कुचामन जिले के नए पुलिस अधीक्षक (एसपी) डॉ. प्यारेलाल शिवरान ने कार्यभार संभाल लिया है। पदभार ग्रहण करने पर उन्हें जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। कार्यभार संभालने के तुरंत बाद एसपी शिवरान ने पुलिस कार्यालय की विभिन्न शाखाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने अपराध शाखा, साइबर सेल, सीसीटीएनएस, डीसीआरबी और मानव तस्करी यूनिट सहित अन्य इकाइयों की कार्यप्रणाली का जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। निरीक्षण के दौरान डॉ. शिवरान ने कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जोर दिया। इनमें साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण, ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामलों में त्वरित कार्रवाई और रिकवरी बढ़ाना शामिल है। उन्होंने लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण और गंभीर अपराधों की जांच में तेजी लाने के भी निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, थाना स्तर पर रिस्पॉन्स टाइम में सुधार और आमजन की शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने पर भी बल दिया गया।
ट्विशा शर्मा की मौत की गुत्थी सुलझाने में जुटी सीबीआई ने सोमवार को घटनास्थल पर क्राइम सीन रीक्रिएशन किया। एजेंसी ट्विशा की लंबाई और वजन के अनुरूप डमी पुतला, वजन बढ़ाने वाला मटेरियल और वेट मशीन लेकर पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह के घर पहुंची। करीब साढ़े तीन घंटे चली कार्रवाई में 12 मई की रात के घटनाक्रम को दोहराकर बयानों और मौके की परिस्थितियों का मिलान किया गया। टीम दूसरी मंजिल पर उस शेड के नीचे पहुंची, जहां ट्विशा का शव फंदे पर मिला था। डमी को ट्विशा के वजन के बराबर तैयार कर फंदे की ऊंचाई, शव की संभावित स्थिति का परीक्षण किया गया। पहली बार सामने आया कि फंदे से शरीर को नीचे उतारते समय समर्थ उसे ऊपर उठाकर संभाले खड़े थे, जबकि पास रखे पलंग पर चढ़कर गिरिबाला ने गले का फंदा खोला था। इसके बाद डमी को पलंग पर लिटाया गया। समर्थ के बड़े भाई सिद्धार्थ, शव को नीचे उतारने वाले नौकर व समर्थ के कजिन से भी पूछताछ की गई। शरीर पर चोटों का जवाब नहीं : रीक्रिएशन में ट्विशा के शरीर पर 6 चोटों की वजह साफ नहीं हुई। रीक्रिएशन में पलंग दिखा, पर शुरुआती पुलिस थ्योरी में जिस पेटी का जिक्र था, उसकी भूमिका स्पष्ट नहीं है। सबसे बड़ी बात है कि यह पेटी जब्ती सूची में भी नहीं है। पूछताछ के बीच भड़का समर्थ, जांच टीम को उंगली दिखाई, गिरिबाला भी समझाती दिखी रीक्रिएशन के दौरान जब डमी को नीचे उतारकर पलंग पर लिटाया गया, तब सीबीआई ने समर्थ से घटनाक्रम को लेकर सवाल-जवाब किए। कुछ सवालों पर समर्थ अचानक नाराज हो गए। उन्हें जांच टीम की ओर उंगली दिखाकर आपत्ति जताते और कार्रवाई बीच में छोड़कर जाते देखा गया। समर्थ तेजी से दूसरी मंजिल से नीचे उतरने लगे, लेकिन अधिकारियों ने उन्हें वापस बुलाया और पूछताछ दोबारा शुरू की। गिरिबाला भी एक मौके पर सिर पकड़कर जांच टीम के सामने अपनी बात समझाती दिखाई दीं। समर्थ के दोस्तों पर गवाह को पीटने का आरोप मामले में एसआईटी के पंचनामा गवाह नीरज दुबे ने आरोप लगाया है कि मुख्य आरोपी समर्थ सिंह के दोस्त संदीप भट्टाचार्य और उसके साथियों ने उन पर हमला किया। नीरज का दावा है कि केस में गवाही देने पर उन्हें धमकाया गया। उन्होंने कटारा हिल्स थाने में नामजद शिकायत की है। लिगेचर बेल्ट देर से क्यों सौंपी, आईओ से भी होगा सवाल: सीबीआई की टीम कटारा हिल्स थाने के विवेचना अधिकारी दिनेश शर्मा से भी सवाल-जवाब कर सकती है। ऐसा इसलिए, क्योंकि लिगेचर बेल्ट घटना के तीन दिन बाद जब्त की गई थी। वहीं, मंगलवार को इस मामले में आरोपी मां-बेटे की रिमांड अवधि खत्म हो रही है। सीबीआई की टीम दोनों को मंगलवार को अदालत में पेश करेगी।
पंचकूला पुलिस की क्राइम ब्रांच सेक्टर-26 ने अंतरराज्यीय हेरोइन तस्करी नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पंजाब के फाजिल्का जिले के रहने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान महिन्द्र सिंह उर्फ मिन्दी, जसविन्द्र सिंह उर्फ छिन्दी तथा राकेश उर्फ अरमान उर्फ रमेश के रुप में हुई है। पंचकूला के द्वारा पकड़े गए तीनों ही आरोपी जिला फाजिल्का (पंजाब) के रहने वाले है। इन तीनों को 3 किलो 89 ग्राम हेरोइन और भारी मात्रा में ड्रग्स मनी बरामदगी से जुड़े एनडीपीएस एक्ट के मामले में गिरफ्तार किया गया है। इस मामले में अब तक कुल 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। एसीपी क्राइम अरविंद कंबोज के अनुसार 5 अप्रैल 2026 को क्राइम ब्रांच सेक्टर-26 की टीम ने इन्चार्ज इंस्पेक्टर दलीप सिंह के नेतृत्व में गुप्त सूचना के आधार पर सेक्टर-20 पंचकूला स्थित श्मशान घाट के समीप लवजोत सिंह उर्फ लव निवासी जलालाबाद, जिला फाजिल्का (पंजाब) को गिरफ्तार किया था। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से 6 पैकेटों में कुल 3 किलो 89 ग्राम हेरोइन, दो मोबाइल फोन तथा 14 लाख रुपये की ड्रग्स मनी बरामद हुई थी। बाद में आरोपी के खुलासे पर चंडीगढ़ स्थित उसके किराये के मकान से हेरोइन बिक्री से कमाए गए एक लाख रुपये अतिरिक्त बरामद किए गए थे। ये आरोपी पकड़े गए पुलिस ने अमृतसर-जालंधर रोड के निकट ब्यास क्षेत्र में दबिश देकर महिन्द्र सिंह उर्फ मिन्दी, जसविन्द्र सिंह उर्फ छिन्दी तथा राकेश उर्फ अरमान उर्फ रमेश को गिरफ्तार किया। आरोपियों से पूछताछ के बाद उन्हें अदालत में पेश कर 8 दिन का पुलिस रिमांड प्राप्त किया गया। रिमांड अवधि के दौरान आरोपियों से पूछताछ की गई।
यूपी के नवनियुक्त पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कृष्ण ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इसमें बतौर कार्यवाहक DGP एक साल पूरे करने का लेखाजोखा रखा। उन्हें 1 जून, 2025 को कार्यवाहक DGP नियुक्ति किया था। वहीं, रविवार (31 मई) को उन्हें परमानेंट DGP के रूप में नियुक्ति मिली है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में राजीव कृष्ण ने कहा- बीते एक साल में हमने अपने लक्ष्य तके अनुरूप काम किया गया है। अपराध और अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस के तहत काम किया गया। इससे अपराध में कमी आई। हालांकि, साइबर अपराध में बढ़े हैं। सभी थानों पर बने शक्ति केंद्र मिशन शक्ति कार्यक्रम के तहत सभी थानों पर 'शक्ति केंद्र' बनाया गया। सामाजिक अपराधों जैसे दहेज, घरेलू झगड़े के बारे में लोगों को अवेयर किया गया है। शक्ति केंद्रों में महिलाओं की बात सुनने के लिए प्रशिक्षण दिया जाता है। कार्रवाई के बाद फीडबैक भी लिया जाता है। महिला अपराधों में भी काफी गिरावट आई है। शिकायतों की थाने व चौकी स्तर पर जवाबदेही तय की गई है। यक्ष एप की वजह से 32 साल बाद पकड़ा गया अपराधी एडवांस लेवल की साइबर सेफ्टी को लेकर केंद्रीय स्तर पर बड़ा इंस्टीटूशन बनाया जा रहा है। यक्ष एप के माध्यम से 1 लाख पुलिसकर्मी जुड़े हुए हैं। जो व्यवस्थाएं केंद्र सरकार की ओर से की गई हैं उसे जमीन पर उतारा गया है। 62 हजार लोगों को ट्रेनिंग दी गई है। 450 करोड़ रुपए की धनराशि सीज की गई है। यक्ष एप के माध्यम से 32 साल बाद एक अपराधी पकड़ा गया। एक्सीडेंट की संख्या में पहली बार कमी आई है। 11.5% मौत में और 7.5% हादसे में कमी आई है। यह एक हाईटेक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और बिग डेटा आधारित मोबाइल एप्लिकेशन है। इस साल 2 चीजों को विशेष तौर पर शुरू किया है। 3 साल पहले कानून में बदलाव को लागू किया गया है। इसका उद्देश्य, त्वरित, पारदर्शी और सुगम तरीके से लोगों को सहायता मिले। 60 दिन में चार्जशीट भेजना, नए एविडेंस के माध्यम से अपडेट किया जा रहा है। ई सम्मान इसका तीसरा चरण है। कोर्ट से ई सम्मान थानों के पास आयेंगे। संगठित अपराधी और माफिया के ख़िलाफ़ कठोरतम करवायी की जाए। कोर्ट ने असलहों के बारे में जो जानकारी मांगी है, वो दी जा रही है। आतंकवाद के स्वरूप में भी परिवर्तन आया है। सोशल मीडिया के माध्यम से पैसे देकर लोगों को जोड़ा जा रहा है।
न्यायाधीश विवेक रूसिया मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश बनाए गए हैं। मिनिस्ट्री ऑफ लॉ एंड जस्टिस डिपार्टमेंट ने नियुक्ति आदेश जारी कर दिए हैं। सीजे संजीव सचदेवा के प्रमोशन के बाद उन्हें यह स्थान मिला है। सचदेवा को उच्चतम न्यायालय में न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति दी गई है। जस्टिस विवेक रूसिया जबलपुर के कोतवाली क्षेत्र के रहने वाले है। जस्टिस विवेक रूसिया उनका जन्म 2 अगस्त 1969 को जबलपुर में हुआ था। B.Sc. और LL.B. की डिग्रियां प्राप्त करने के बाद उन्हें मध्य प्रदेश राज्य बार काउंसिल ने 8 अगस्त 1992 को अधिवक्ता के रूप में नामांकित किया था। उनके पिता स्वर्गीय प्रभाकर रूसिया मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय जबलपुर के वरिष्ठ अधिवक्ता थे। उन्होंने अपनी वकालत की शुरुआत स्वर्गीय पी. सदाशिवन नायर (वरिष्ठ अधिवक्ता), इंदिरा नायर (वरिष्ठ अधिवक्ता) और राजेंद्र मेनन (जो अब मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के प्रशासनिक न्यायाधीश हैं) के कार्यालय में एक सहयोगी अधिवक्ता के रूप में की थी। अधिवक्ता गोपेश यश तिवारी बताते हैं कि उन्होंने वर्ष 1998 में अपना स्वतंत्र अभ्यास शुरू किया और जल्द ही वे कोल इंडिया लिमिटेड, साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड, वेस्टर्न कोल फील्ड लिमिटेड, नॉर्दर्न कोल फील्ड लिमिटेड, मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, मध्य प्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड, एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड, एमपी पावर ट्रांसमिशन कंपनी, मध्य प्रदेश आवास एवं अधोसंरचना विकास मंडल, एमपी लघु उद्योग निगम, नगर पंचायत शकपुरा/मुंडी, जिला सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक मर्यादित पन्ना/सिदकी/सतना (म.प्र.), छावनी बोर्ड जबलपुर (1998 से 2008 तक) और जबलपुर विकास प्राधिकरण (2000 से 2004 तक) के पैनल में शामिल कर लिए गए। जस्टिस विवेक रूसिया जबलपुर स्थित मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के समक्ष मामलों में भारत संघ की ओर से पेश होने के लिए, तीन वर्ष की अवधि के लिए भारत सरकार के स्थायी वकील के रूप में नियुक्त किए गए थे। उन्हें हाई कोर्ट एडवोकेट्स बार एसोसिएशन जबलपुर का संयुक्त सचिव चुना गया। वे हाई कोर्ट के साथ-साथ डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन जबलपुर के भी आजीवन सदस्य थे।7 अप्रैल 2016 को मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधीश और 17 मार्च 2018 को स्थायी न्यायाधीश नियुक्त किए गए।
जमुई। अपराध नियंत्रण और शहर की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल ने रविवार देर शाम शहर के व्यवसायियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। यह बैठक एक निजी भवन में आयोजित की गई थी। बैठक में एसपी ने बताया कि अपराध नियंत्रण में सीसीटीवी कैमरों की अहम भूमिका है। उन्होंने सभी व्यवसायियों से अपने प्रतिष्ठानों में सीसीटीवी कैमरे लगाने और पुलिस प्रशासन को सहयोग करने की अपील की। एसपी ने यह भी जानकारी दी कि शहर के प्रमुख चौक-चौराहों, संवेदनशील स्थलों तथा प्रवेश और निकास मार्गों पर भी सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। ट्रैफिक मैनजेमेंट को और अधिक स्मूथ बनाया जाएगा इन कैमरों की नियमित निगरानी की जाएगी, जिससे शहर की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके और किसी भी आपराधिक घटना की स्थिति में त्वरित कार्रवाई संभव हो सके। एसपी ने कहा कि जिला एवं पुलिस प्रशासन शहरवासियों को जाम की समस्या से राहत दिलाने के लिए ठोस कदम उठा रहा है। यातायात व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया जाएगा तथा आगामी एक माह के भीतर इस दिशा में प्रभावी कार्रवाई देखने को मिलेगी। अतिक्रमण हटाने को लेकर सख्ती बरती जाएगी बैठक में अतिक्रमण की समस्या पर भी विस्तार से चर्चा हुई। एसपी ने स्पष्ट किया कि जाम की समस्या का समाधान केवल प्रशासनिक कार्रवाई से संभव नहीं है, बल्कि इसमें आम लोगों और व्यवसायियों की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने बताया कि अतिक्रमण हटाने को लेकर सख्ती बरती जाएगी ताकि यातायात व्यवस्था सुचारु बनी रहे। पुलिस अधीक्षक ने शहर की साफ-सफाई पर भी व्यवसायियों का ध्यान आकर्षित किया और उनसे अपने प्रतिष्ठानों के आसपास स्वच्छता बनाए रखने की अपील की। उन्होंने दोहराया कि पुलिस प्रशासन शहरवासियों की सुरक्षा और बेहतर व्यवस्था के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है तथा सभी के सहयोग से ही बेहतर परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं। सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की मांग की बैठक के दौरान व्यवसायियों ने भी अपनी समस्याएं और सुझाव प्रशासन के समक्ष रखे। उन्होंने वाहनों के रूट निर्धारण, जाम की समस्या, अतिक्रमण, व्यवसायियों की सुरक्षा सहित अन्य मुद्दों को उठाया और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की मांग की। इस अवसर पर एसडीपीओ सतीश सुमन, टाउन थानाध्यक्ष अमरेंद्र कुमार, व्यवसायिक संघ के अध्यक्ष मदन कुमार सिंह, सचिव शंकर साह, मुख्य चुनाव पदाधिकारी मोहन प्रसाद राव, वार्ड पार्षद फिरोज आलम उर्फ डीसू, सिकंदर साह सहित बड़ी संख्या में व्यवसायी उपस्थित थे।
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस शील नागू को सुप्रीम कोर्ट का जज नियुक्त किया गया है। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश को मंजूरी देते हुए उनके प्रमोशन का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है। उनका नाम उन पांच नामों में शामिल है, जिनके नामों को राष्ट्रपति द्वारा मंजूरी दी गई। यह जानकारी देश के कानून एवं न्याय मंत्री अर्जुन मेघवाल की तरफ से दी गई। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर पोस्ट डालकर लिखा कि भारत के संविधान के अनुच्छेद 124(2) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, भारत के राष्ट्रपति ने भारत के मुख्य न्यायाधीश से परामर्श के बाद निम्नलिखित व्यक्तियों को भारत के सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में नियुक्त करने की स्वीकृति प्रदान की है। मैं उन्हें अपनी हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं। जुलाई 2024 में बने थे पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस जस्टिस शील नागू को 4 जुलाई 2024 को नियुक्त किया गया था, जिन्होंने 9 जुलाई 20 24 को पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (चीफ जस्टिस) के रूप में शपथ ली। वह इस पद पर 692 दिनों से हैं। उन्होंने 9 जुलाई 2024 को इस पद की शपथ ली थी । इस दौरान उन्होंने कई बड़े फैसले लिए है। इस दौरान उन्होंने कई बड़े फैसले लिए है। वह 36 स्थायी मुख्य न्यायधीश थे। शील नागू द्वारा लिए बड़े चार फैसले पंजाब एंड हरियाणाा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रहते हुए चंडीगढ़, पंजाब और हरियाणा राज्यों से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले दिए। उन्होंने पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ में हाथ से गटर साफ कराने की घटना पर स्वतः संज्ञान लेते हुए इस कुप्रथा पर पूरी तरह रोक लगाई और सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करने का आदेश दिया। इसी तरह पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए उन्होंने हरियाणा के सोनीपत में पुलिस स्टेशन बनाने के लिए 150 साल पुराने पेड़ों को काटने पर रोक लगा दी और सरकार को वैकल्पिक जगह ढूंढने को कहा। पुलिस प्रणाली में सुधार करते हुए उन्होंने आदेश दिया कि गंभीर अपराध की शिकायत मिलते ही पुलिस को तुरंत एफआईआर दर्ज करनी होगी और इसमें कोई देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके अलावा, चंडीगढ़ की मूल वास्तुकला को बचाने के लिए उन्होंने ट्रिब्यून चौक फ्लाईओवर निर्माण पर रोक लगाते हुए प्रशासन को अंडरपास बनाने का सुझाव दिया। अस्पताल में टीवी लगाओ, चीन का नहीं होना चाहिएजस्टिस शील नागू रोचक फैसले सुनाए जाने के लिए जाने जाते है। जस्टिस नागू ने जब 2020 में हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच में थे, तो उन्होंने एक अहम फैसला सुनाया था। हत्या के प्रयास के आरोपी अरविंद पटेल और कमलेश पाल ने जमानत की अर्जी लगाई थी। दोनों ने 18 फरवरी 2020 को ग्वालियर जिले के बड़ौनी थाना क्षेत्र के गांव औरीना में बृजेश पाल के पैर में गोली मार दी थी। तब गलवान घाटी में भारत और चीन के बीच तनावपूर्ण स्थिति थी इसलिए जस्टिस नागू ने आरोपी को कहा था कि जमानत चाहिए तो अस्पताल में 25 हजार रुपए कीमत की एलईडी टीवी लगवाओ। टीवी भारत या किसी भी देश में बना हो, लेकिन चीन का बना नहीं होना चाहिए।’
बंदर मूवी प्रिव्यू: सच्ची घटना से प्रेरित बॉबी देओल और अनुराग कश्यप की क्राइम थ्रिलर
अनुराग कश्यप निर्देशित फिल्म ‘बंदर: मंकी इन अ केज’ एक सच्ची घटना से प्रेरित क्राइम-थ्रिलर है। बॉबी देओल मुख्य भूमिका में हैं। फिल्म का प्रीमियर 2025 टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में हुआ और यह 22 मई 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।
साइकोलॉजिकल क्राइम थ्रिलर 'दलदल' में सबसे खौफनाक विलेन बन सकती हैं भूमि पेडनेकर
भूमि पेडनेकर ने अब तक ऐसे किरदार निभाए हैं जो बेहद वास्तविक और भरोसेमंद लगे हैं। लेकिन उनकी साइकोलॉजिकल क्राइम थ्रिलर ‘दलदल’ शायद वह सरप्राइज़ है, जिसका इंतज़ार दर्शक कर रहे थे। ट्रेलर में भूमि को डीसीपी रीटा फरेरा के रूप में पेश किया गया है, जो एक ...
भूमि पेडनेकर की क्राइम थ्रिलर सीरीज 'दलदल' का रोमांचक ट्रेलर रिलीज
प्राइम वीडियो ने अपनी नई हिंदी क्राइम थ्रिलर सीरीज ‘दलदल’ का दमदार ट्रेलर रिलीज कर दिया है। यह ट्रेलर कुछ दिन पहले आए असरदार और बेचैन कर देने वाले टीज़र के बाद रिलीज हुआ है, जिसे अपनी अलग और डरावनी झलक के लिए खूब सराहना मिली थी।
भूमि पेडनेकर की क्राइम थ्रिलर 'दलदल' का टीजर रिलीज, इस दिन प्राइम वीडियो पर होगा प्रीमियर
प्राइम वीडियो ने अपनी हिंदी क्राइम थ्रिलर सीरीज 'दलदल' की दुनिया भर में प्रीमियर की डेट रिलीज कर दी है। यह सीरीज 30 जनवरी को रिलीज हो रही है। इसके साथ ही 'दलदल' का जबरदस्त, खौफनाक टीज़र भी जारी किया गया है। विष धमिजा की बेस्टसेलिंग किताब भेंडी ...
प्राइम वीडियो की तेलुगु क्राइम थ्रिलर फिल्म 'चीकाटीलो' का रोमांचक ट्रेलर रिलीज
प्राइम वीडियो ने अपनी इमोशनल तेलुगु क्राइम सस्पेंस ड्रामा 'चीकाटीलो' का जबरदस्त ट्रेलर रिलीज कर दिया है। तेजी से विकसित हो रहे हैदराबाद की पृष्ठभूमि पर आधारित इस कहानी में संध्या की यात्रा दिखाई गई है, जो एक ट्रू-क्राइम पॉडकास्टर है। शोभिता धुलिपाला ...
एमेजन एमजीएम स्टूडियोज इंडिया ने अपनी आगामी थियेट्रिकल रिलीज फिल्म 'निशांची' का धमाकेदार फर्स्ट लुक पोस्टर रिलीज कर दिया है। अजय राय और रंजन सिंह द्वारा जार पिक्चर्स के बैनर तले, फ्लिप फिल्म्स के साथ मिलकर प्रोड्यूस की गई ये फिल्म एक रोमांचकारी ...
क्रिमिनल जस्टिस 4 में एक अलग अवतार में दिखीं बरखा सिंह, बोलीं- मैं खुद को साबित करना चाहती थी
बरखा सिंह भारतीय सिनेमा के सबसे होनहार चेहरों में से एक हैं। उन्होंने विभिन्न मंचों पर काम करते हुए, बाधाओं को पार किया है और अपने लिए एक रास्ता बनाया है। दर्शकों और आलोचकों को उनके किरदारों और अभिनय के तरीके से बेहद प्यार है। एक इंटरव्यू में बरखा ...
राणा नायडू सीजन 2: नए किरदारों के साथ क्राइम, एक्शन और इमोशन का जबरदस्त तड़का
राणा नायडू सीजन 2' में गालियों में कमी और ड्रामा में बढ़ोतरी हुई है। अर्जुन रामपाल का 'रॉफ' और कृति खरबंदा जैसे नए किरदार कहानी को नया मोड़ देते हैं। राणा और नागा के किरदार पहले की तरह दमदार हैं, जो परिवार को मुश्किलों से निकालते हैं। सीरीज की ...
प्राइम वीडियो ने अपनी आगामी रोमांचक इन्वेस्टीगेटिव क्राइम थ्रिलर 'स्टोलन' का दमदार ट्रेलर लॉन्च कर दिया है। अनुराग कश्यप, किरण राव, निखिल आडवाणी और विक्रमादित्य मोटवानी जैसे दिग्गज फिल्ममेकर्स की एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर टीम के साथ 'स्टोलन' करण ...
सोनू सूद की फतेह इस ओटीटी प्लेटफॉर्म पर हुई स्ट्रीम, साइबर क्राइम की काली दुनिया को दिखाती है फिल्म
बॉलीवुड एक्टर सोनू सूद की फिल्म 'फतेह' को सिनेमाघरों में मिलाजुला रिस्पॉन्स मिला था। इस फिल्म से सोनू सूद ने निर्देशन के क्षेत्र में भी कदम रखा है। साइबर क्राइम पर आधारित इस फिल्म में सोनू सूद के साथ जैकलीन फर्नांडिस मुख्य भूमिका में नजर आईं। वहीं ...
क्राइम फ्री धड़कपुर से चोरी हुई बाइक, प्राइम वीडियो की सीरीज दुपहिया का मजेदार ट्रेलर हुआ रिलीज
web series dupahiya trailer: प्राइम वीडियो ने अपनी आगामी ओरिजिनल सीरीज 'दुपहिया' का दिलचस्प ट्रेलर जारी कर दिया है। सलोना बैंस जोशी और शुभ शिवदासानी द्वारा उनके बैनर बॉम्बे फिल्म कार्टेल के तहत रचित और कार्यकारी निर्मित है। यह सीरीज़ एक काल्पनिक ...
क्राइम पेट्रोल एक्टर नितिन चौहान का निधन, 35 साल की उम्र में ली अंतिम सांस
मनोरंजन जगत से एक दुखद खबर सामने आई है। टीवी के जाने-माने एक्टर नितिन चौहान का निधन हो गया है। वह महज 35 साल के थे। एक्टर की मौत की वजह की कोई आधिकारिक जानकरी सामने नहीं आई है। नितिन रियलिटी शो 'दादागिरी 3 के विनर रह चुके हैं।
Mirzapur 3 के बाद Prime Video ने किया एक और क्राइम-थ्रिलर सीरीज का एलान, 'मटका किंग' बनकर धूम मचाएगा ये एक्टर
गशमीर महाजनी और Surbhi Jyoti की नई क्राइम-थ्रिलरसीरीज Gunaah का टीजर हुआ लॉन्च, जाने कब और कहां होगी स्ट्रीम
डिज़्नी प्लस हॉटस्टार ने आखिरकार शुक्रवार को क्राइम ड्रामा सीरीज़ क्रिमिनल जस्टिस के बहुप्रतीक्षित चौथे अध्याय की घोषणा कर दी, जिसमें पंकज त्रिपाठी मुख्य भूमिका में हैं। नई किस्त में अभिनेता पंकज त्रिपाठी अलौकिक वकील माधव मिश्रा के रूप में वापसी करेंगे। एक बयान में, अभिनेता ने कहा कि नया अध्याय मिश्रा के जीवन और जटिल मामलों को इतनी आसानी और स्थायित्व के साथ सामने लाने की उनकी क्षमता के बारे में विस्तार से बताएगा। पंकज त्रिपाठी के हवाले से बताया गया कि ऑन-स्क्रीन वकीलों की प्रसिद्धि के हॉल में, मुझे लगता है कि माधव मिश्रा ने क्रिमिनल जस्टिस के साथ अपनी जगह बना ली है। मुझे विश्वास नहीं हो रहा है कि सीरीज़ में माधव का किरदार मुझसे कितना मिलता-जुलता है। हर जीत मुझे अपनी जैसी लगती है और हर हार ऐसी लगती है एक व्यक्तिगत क्षति। मैं डिज़्नी+हॉटस्टार पर नए सीज़न की घोषणा करने के लिए उत्साहित हूं और मुझे उम्मीद है कि दर्शक इस सीज़न को पहले की तरह ही प्यार देना जारी रखेंगे। डिज़्नी प्लस हॉटस्टार ने पोस्ट को कैप्शन दिया ''कोर्ट जारी है, और नए सीज़न की तैयारी भी। आ रहे हैं माधव मिश्रा, #HotstarSpecials #CriminalJustice के नए सीज़न के साथ!'' इसे भी पढ़ें: Rakhi Sawant Condition is Critical | क्रिटिकल है एक्ट्रेस राखी सावंत की हालत, पूर्व पति रितेश ने शेयर किया है हेल्थ अपडेट फ्रेंचाइजी के बारे में जानकारी क्रिमिनल जस्टिस की शुरुआत 2018 में अपने पहले सीज़न के साथ हुई थी जिसे 2008 में इसी नाम की ब्रिटिश टेलीविजन श्रृंखला से रूपांतरित किया गया था। क्रिमिनल जस्टिस: बिहाइंड क्लोज्ड डोर्स नामक दूसरा सीज़न 2020 में आया, इसके बाद तीसरा अध्याय, क्रिमिनल जस्टिस: अधूरा सच, 2022 में आया। क्रिमिनल जस्टिस का निर्माण अप्लॉज़ एंटरटेनमेंट द्वारा किया गया है। इसे भी पढ़ें: Scam 2010 The Subrata Roy Saga: हंसल मेहता ने किया 'स्कैम' के तीसरे सीजन का ऐलान, सहारा की कहानी पर केंद्रित होगा नया शो बता दें कि पंकज त्रिपाठी आखिरी बार मर्डर मुबारक में नजर आए थे। फिल्म में सारा अली खान, विजय वर्मा, आदित्य रॉय कपूर और करिश्मा कपूर समेत कई स्टार कलाकार शामिल हैं। होमी अदजानिया द्वारा निर्देशित यह फिल्म नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम हो रही है। वह अगली बार मिर्ज़ापुर 3 में नज़र आएंगे। रिलीज़ डेट की अभी घोषणा नहीं की गई है। View this post on Instagram A post shared by Disney+ Hotstar (@disneyplushotstar)
सस्पेंस, क्राइम और थ्रिलर का रखते है शौक तो OTT पर फौरन निपटा डाले ये जबरदस्तसाउथ फिल्में,हॉलीवुड भी लगने लगेगा फीका
Nikkhil Advani BirthdaySpecial :रोमांस-क्राइम और थ्रिलर के बेताज बादशाह है निखिल अडवानी, पढ़िए उनका पूरा फिल्मी सफरनामा
Salman Khan फायरिंग मामले में पुलिस को मिली अबतक की सबसे बड़ी कामयाबी, क्राइम ब्रांच के हाथ लगे दो और अपराधी
सलमान खान के घर फायरिंग मामले में अहम घटनाक्रम में मुंबई क्राइम ब्रांच ने गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के भाई अनमोल के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी करने का अनुरोध किया है। अनमोल बिश्नोई ने घटना के कुछ घंटों बाद अपने फेसबुक प्रोफाइल के जरिए सलमान खान के घर पर हुई फायरिंग की जिम्मेदारी ली थी. इस सप्ताह की शुरुआत में, मुंबई क्राइम ब्रांच ने गोलीबारी की घटना में इस्तेमाल की गई दूसरी बंदूक बरामद की। सूरत की तापी नदी से तीन मैगजीन के साथ बंदूक बरामद की गई। इसे भी पढ़ें: Tamannaah Bhatia Summoned by cyber cell | 'अवैध' IPL Streaming ऐप मामले में तमन्ना भाटिया को साइबर सेल ने तलब किया 16 अप्रैल को कच्छ पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर मुंबई क्राइम ब्रांच को सौंप दिया। बाद में, शहर की एक अदालत ने गोलीबारी की घटना के सिलसिले में दोनों आरोपियों को 25 अप्रैल तक मुंबई अपराध शाखा की हिरासत में भेज दिया। आरोपियों की पहचान बिहार के विक्की गुप्ता (24) और सागर पाल (21) के रूप में हुई, जिन्हें मेडिकल जांच के बाद अदालत में पेश किया गया। इसे भी पढ़ें: काला जादू- टोना-टोटका करने का Kangana Ranaut पर आरोप लगाने के बाद अब एक्ट्रेस के बारे Adhyayan Suman क्या सोचते है? मुंबई क्राइम ब्रांच की जांच अभी भी जारी है मुंबई क्राइम ब्रांच के मुताबिक, कथित तौर पर सलमान खान के घर के बाहर फायरिंग करने वाले शूटरों के पास दो बंदूकें थीं और उन्हें 10 राउंड गोलियां चलाने का आदेश दिया गया था. 14 अप्रैल की सुबह, दो व्यक्ति मोटरसाइकिल पर आए और अभिनेता के आवास गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर चार गोलियां चलाईं। घटना के बाद हमलावर तेजी से मौके से भाग गए। निगरानी फुटेज से पता चला कि दोनों संदिग्धों ने टोपी पहन रखी थी और बैकपैक ले रखा था। अनजान लोगों के लिए, गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बरार की धमकियों के बाद 2022 में सलमान की सुरक्षा का स्तर वाई-प्लस तक बढ़ा दिया गया था। अभिनेता को व्यक्तिगत बन्दूक ले जाने के लिए भी अधिकृत किया गया था और अतिरिक्त सुरक्षा के लिए उन्होंने एक नया बख्तरबंद वाहन भी खरीदा है।
Salman Khan फायरिंग केस में आया बिलकुल तड़कता-भड़कता अपडेट,मुंबई क्राइम ब्रांच के हाथ लगा एक और पुख्तासबूत
Salman Khan फायरिंग केस मेंक्राइम ब्रांच को गुजरात से मिला बड़ा कनेक्शन, मामले में हुआ अबतक का सबसे सनसनीखेज खुलासा
रोंगटे खड़े कर देंगी सीरियल किलर्स पर बनी ये क्राइम-थ्रिलर, खून ख्राबार देखकर उड़ जाएगी रातों की नींद
रोंगटे खड़े कर देंगी सीरियल किलर्स पर बनी येक्राइम-थ्रिलर, खून ख्राबार देखकर उड़ जाएगी रातों की नींद
Salman Khan फायरिंग केस में आया नया मोड़! भाईजान कोमारना नहीं था शूटर्स का मकसद,क्राइम ब्रांच ने किया चौकाने वाला खुलासा
Salman Khan के घर हुई फायरिंग के मामले में आया नया मोड़,क्राइम ब्रांच कोपुर्तगाल से मिला बड़ा कनेक्शन, जाने क्या है मामला
धमाकेदार बीतने वाला है अप्रैल का ये हफ्ता, क्राइम-थ्रिलर के साथ देशभक्ति का तड़का लगाने आ रही है ये धांसूफिल्में और सीरीज
मुंबई क्राइम ब्रांच का एक्शन, सलमान के घर फायरिंग करने वाले दोनों शूटर दबोचे
Salman Khan House Firing: एक्टर सलमान खान के घर पर फायरिंग करने वाले दोनों आरोपियों को भुज से गिरफ्तार कर लिया गया. मुंबई क्राइम ब्रांच को ये कामयाबी मिली. आरोपी बिहार के पश्चिमी चंपारण के रहने वाले बताए जा रहे हैं. रविवार को गैलेक्सी अपार्टमेंट पर फायरिंग कर भुज फरार हो गए थे. देखें ये वीडियो.
Salman Khan के घर हुई फायरिंग मेंक्राइम ब्रांच के हाथ लगी बड़ी सफलता,नवी मुंबई में पकड़े गए 2 संदिग्ध
सलमान खान के घर पर हुई फायरिंग की जांच करेगी मुंबई क्राइम ब्रांच, इन धाराओं में दर्ज किया केस
Salman Khan firing case: बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान के घर गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर रविवार तड़के दो अज्ञात हमलावरों ने गोलीबारी कर दी। इस हमले के बाद हर कोई सलमान खान की सुरक्षा को लेकर चिंता जाहिर कर रहा है। बांद्रा पुलिस ने दो अज्ञात शख्स के ...
April में OTT पर तहलका मचाने आ रही है ये धमाकेदार फिल्में और सीरीज, मिलेगा एक्शन से लेकर क्राइम-थ्रिलर तक का मजा
क्राइम-थ्रिलर कंटेंट देखने के है शौकीन! तो फौरन देख डाले UP के माफियाओं पर बनी येवेब सीरीज,खौफनाक कहानियां खड़े कर देंगी रोंगटे

