मेरठ के चर्चित कपसाड़ कांड में नया मोड आ गया है। आरोपी पारस सोम के परिवारजन उसके बचाव में उतर आए हैं। उन्होंने न्यायालय की शरण ली है। तीन अधिवक्ताओं का पैनल उन्होंने किया है। अधिवक्ताओं के अनुसार पारस नाबालिग है। नाबालिग से जुड़े मामलों की सुनवाई जुवेनाइल बोर्ड करता है। उनकी कोशिश है कि यह केस जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड में ट्रांसफर हो। पारस की गिरफ्तारी के बाद ही उसकी उम्र को लेकर चर्चाएं तेज हो गई थीं। दावा किया जा रहा था कि पारस नाबालिग है, लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हो पा रही थी। इस मामले में पारस की उम्र से जुड़े दस्तावेजों की तलाश शुरू की गई। कुछ दस्तावेज सामने भी आए हैं, जिसके अनुसार पारस की उम्र 18 साल से कम है। हाई स्कूल के प्रमाण पत्र में उसकी जन्म तिथि 11 मई 2008 है। पहले जानिए क्या है पूरा मामला... मेरठ के सरधना स्थित गांव कपसाड़ का रहने वाला पारस सोम इसी गांव की दलित समाज की युवती रूबी को अगवा करके फरार हो गया। फरार होने से पहले उसने रूबी की मां सुनीता पर बलकटी से हमला किया, जिसमें सुनीता की मौत हो गई। पारस पर अपहरण और हत्या का मुकदमा दर्ज कर पुलिस उसकी तलाश में जुट गई। सहारनपुर से गिरफ्तार हुआ पारस तीन दिन तक पुलिस की 10 टीम पारस और उसके द्वारा अपहरण की गई रूबी की तलाश में जुटी रही। 10 जनवरी की रात एक टीम ने पारस को सहारनपुर से गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से रूबी को भी मुक्त करा लिया गया। कोर्ट ने पारस को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजा है। फिलहाल जेल के अंदर पारस बैरक नंबर 19 यानि मुलाहिजा बैरक में है। तीन अधिवक्ताओं के पैनल ने की पुष्टि बुधवार को इस मामले में तीन अधिवक्ताओं का पैनल भी सामने आ गया। पैनल में एडवोकेट बलराम सोम, एडवोकेट संजीव राणा और एडवोकेट विजय शर्मा शामिल हैं। दैनिक भास्कर की टीम के सामने इस पैनल ने पारस सोम से जुड़े साक्ष्य रखें और अपनी आगे की रणनीति को भी साझा किया। उन्होंने कहा कि पूरे घटनाक्रम को पुलिस ने बदल दिया है। फिलहाल उनका फोकस केस को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड में ट्रांसफर कराना है। अधिवक्ता बोले- अपहरण का आरोप गलत पारस सोम का केस लड़ने के लिए सामने आए बलराम सोम, संजीव राणा और विजय शर्मा का कहना है कि पुलिस की कहानी ही स्पष्ट करती है कि यह अपहरण नहीं है। रेलवे स्टेशन जैसी जगह से क्या किसी लड़की का अपहरण किया जा सकता है? सबसे बड़ी बात जिस युवती की मां घायल पड़ी हो, वह सब कुछ छोड़कर पहले मां को संभालेगी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ क्योंकि युवती की रजामंदी थी। पारस की जन्म तिथि 11 मई, 2008 एडवोकेट बलराम सोम की मानें तो उनके पास आरोपी पारस सोम का वर्ष 2024 में जारी हुआ हाई स्कूल परीक्षा का अंक पत्र है। इस अंक पत्र में पारस की उम्र 11 मई, 2008 है। इसके अनुसार उम्र 17 वर्ष 7 माह 28 दिन बैठ रही है। इसके अलावा वर्ष 2022 का जनता आदर्श इंटर कॉलेज कपसाड़ के द्वारा जारी किया गया एक प्रवेश पत्र भी है। इस प्रवेश पत्र पर लगे फोटो को कॉलेज की तरफ से प्रमाणित भी किया गया है। दोनों ही प्रमाण पत्र फिलहाल पारस को नाबालिग साबित करते हैं। एससी/एसटी कोर्ट में दाखिल की गई याचिका बुधवार को तीनों अधिवक्ताओं का पैनल अपनी याचिका और इससे जुड़े सभी साक्ष्य लेकर एससी-एसटी कोर्ट पहुंचा और अपना पक्ष रखा। दावा किया जा रहा है कि कोर्ट ने उनकी इस याचिका को स्वीकार कर लिया है। किस तिथि में इस पर सुनवाई की जाएगी वह जल्द जारी होगी। अधिवक्ताओं के पैनल का यह भी कहना है कि वह जल्द ही जेल में जाकर पारस से मुलाकात करेंगे।
भोपाल पुलिस की क्राइम ब्रांच ने नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एमडी पाउडर तस्करी का खुलासा करते हुए दो युवकों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से 10.49 ग्राम एमडी पाउडर और दो मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। जब्त सामग्री की कुल कीमत करीब 3 लाख 14 हजार 700 रुपए बताई जा रही है। दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस के अनुसार शहर में अपराध और अपराधियों पर नियंत्रण के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में क्राइम ब्रांच की टीम को अवैध मादक पदार्थों की तस्करी में लिप्त लोगों की तलाश में लगाया गया था। इस दौरान विश्वसनीय मुखबिर से सूचना मिली कि एमपी नगर जोन-01 में बाहुबली सेल के पास खाली मैदान में दो युवक काले रंग की एक्टिवा पर बैठकर एमडी पाउडर बेचने के लिए ग्राहक का इंतजार कर रहे हैं। सूचना के आधार पर क्राइम ब्रांच की टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और दोनों युवकों को पकड़ लिया। तलाशी लेने पर उनके पास एक पारदर्शी पन्नी में क्रिस्टलनुमा ब्राउन रंग का पदार्थ मिला। मौके पर तौल करने पर उसका वजन 10.49 ग्राम पाया गया। शुरुआती जांच और अनुभव के आधार पर पदार्थ एमडी पाउडर होना पाया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अयान उर्फ अरबाज (25 वर्ष), निवासी बुधवारा क्षेत्र और अनस खान (18 वर्ष), निवासी शाहजहानाबाद के रूप में हुई है। अयान के खिलाफ पहले से मारपीट का एक मामला दर्ज है। दोनों के खिलाफ धारा 8/22, 29 एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि एमडी पाउडर कहां से लाया गया था और इसे किसे सप्लाई किया जाना था।
हिंदी: अमेरिकी विश्वविद्यालयों में सुरक्षा की स्थिति पर आई नवीनतम रिपोर्ट ने हेट क्राइम और चोरी की बढ़ती घटनाओं का पर्दाफाश किया है। इस लेख में जानें कि कैसे कैंपस अपराध के बदलते पैटर्न छात्रों की सुरक्षा के लिए नई चुनौती बन रहे हैं और प्रशासन इन खतरों से निपटने के लिए क्या कदम उठा रहा है। शिक्षा के क्षेत्र में बढ़ते इन गंभीर सुरक्षा उल्लंघनों पर एक विशेष विश्लेषण।
हिंदी: दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने एक बड़े अंतरराज्यीय फर्जी डिग्री रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए मुख्य सरगनाओं को गिरफ्तार किया है। इस देशव्यापी ऑपरेशन में सैकड़ों जाली शैक्षणिक दस्तावेज, होलोग्राम और प्रिंटिंग उपकरण बरामद किए गए हैं। शिक्षा के नाम पर चल रहे इस करोड़ों के घोटाले और पुलिस की कानूनी कार्रवाई की पूरी जानकारी के लिए पढ़ें यह विस्तृत रिपोर्ट।
सड़क हादसों को कम करने के लिए अब पूरे प्रदेश में जीरो फटलिटी डिस्ट्रिक्ट के तहत अभियान चलाया जाएगा। पहले चरण में 20 जिलों में चलाए गए इस अभियान की सफलता के बाद ये निर्णय डीजीपी ने लिया है। मंगलवार को डीजीपी मुख्यालय पर समीक्षा बैठक के दौरान डीजीपी ने इसकी जानकारी दी। डीजीपी कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, महिला सशक्तिकरण तथा सड़क सुरक्षा की समीक्षा कर रहे थे। इस मौके पर डीजीपी ने कहा कि वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के सम्मेलन-2025 पुलिस मंथन के दौरान रखे गए विचारों और प्रस्तावों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी सहमति दे दी है। अब इन प्रस्तावों के समयबद्ध क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्यक्षमता में और अधिक सुधार हो सके। बैठक में मुख्यमंत्री की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के अनुरूप अपराधियों और माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखने पर विशेष जोर दिया गया। डीजीपी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रदेश में चिन्हित अपराधियों के विरुद्ध निरंतर, प्रभावी और वैधानिक कार्रवाई की जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही या ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह नीति प्रदेश में अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण साबित हो रही है। मिशन शक्ति केंद्रों की कार्यप्रणाली की समीक्षा के दौरान पुलिस महानिदेशक ने संतोष व्यक्त किया कि पूरे प्रदेश से अच्छे परिणाम मिल रहे हैं। इन केंद्रों द्वारा चलाए जा रहे जागरूकता अभियानों से पुलिस की छवि में सुधार हो रहा है और जनता के साथ सकारात्मक संबंध मजबूत हो रहे हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि पूर्व समीक्षाओं में प्राप्त लाभप्रद योजनाओं को सभी जनपदों और कमिश्नरेट में लागू किया जाए। महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सहायता तथा सशक्तिकरण के लिए मिशन शक्ति केंद्रों को और अधिक प्रभावी, संवेदनशील और जनोपयोगी बनाने पर बल दिया गया। हाल ही में पुलिस मंथन-2025 के दौरान लॉन्च किए गए यक्ष एप को लेकर डीजीपी ने बताया कि यह ऐप अपराध एवं अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्यवाही के लिए एक क्रांतिकारी कदम है। इसमें पहले से चलाए जा रहे ऑपरेशन पहचान, ऑपरेशन त्रिनेत्र, बीट प्रहरी जैसे अभियानों को समाहित किया गया है। ऐप के संचालन के लिए तैयार एसओपी सभी को भेजी जा चुकी है और इसका अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। प्रथम चरण में फीड किए गए डाटा की जांच सिपाही से लेकर उच्च स्तर तक कराने का आदेश दिया गया ताकि किसी भी गलती या कमी को सुधारा जा सके। यक्ष ऐप में AI पावर्ड फेशियल रिकग्निशन और वाॅयस सर्च जैसी उन्नत सुविधाएं उपलब्ध हैं, जो घटनाओं के अनावरण और अपराध रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। पुलिस महानिदेशक ने ऐप के प्रभावी उपयोग, प्रशिक्षण और फील्ड स्तर पर अधिकतम लाभ सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को भ्रष्टाचार के मामलों में सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ जांच से पहले परमिशन लेने की अनिवार्यता पर सुनवाई हुई। जस्टिस नागरत्ना और जस्टिस विश्वनाथन की बेंच ने इस पर स्प्लिट वर्डिक्ट (बंटा हुआ फैसला) सुनाया। मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (PC Act) की धारा 17A की संवैधानिक वैधता से जुड़ा है। इसमें किसी भी सरकारी कर्मचारी के खिलाफ जांच करने से पहले सरकार की परमिशन लेना जरूरी है। इसी को लेकर विवाद है। सुनवाई में जस्टिस नागरत्ना ने कहा- धारा 17A असंवैधानिक है। किसी भी जांच के लिए पहले परमिशन लेना जरूरी नहीं। वहीं, जस्टिस विश्वानाथन ने कहा- धारा 17A संवैधानिक रूप से वैध है। इस प्रावधान को खत्म करने मतलब ‘नहाने के पानी के साथ बच्चे को फेंकने’ जैसा होगा। जस्टिस विश्वनाथन ने यह भी कहा कि उन्होंने कहा कि इस प्रावधान को खत्म करनाऔर इसका इलाज बीमारी से भी ज्यादा नुकसानदेह साबित होगा। बशर्ते जांच की मंजूरी लोकपाल या राज्य लोकायुक्त के जरिए तय की जाए। CJI सूर्यकांत के पास भेजा गया मामला जस्टिस नागरत्ना और जस्टिस विश्वनाथन की अलग-अलग राय के चलते अब मामला CJI सूर्यकांत के पास भेजा गया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि चीफ जस्टिस इस मुद्दे पर सुनवाई के लिए बड़ी बेंच गठित करेंगे, जो अंतिम फैसला देगी। NGO की याचिका पर सुनवाई दरअसल NGO सेंटर फॉर पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन (CPIL) एनजीओ ने जनहित याचिका दायर की है। याचिकाकर्ता की ओर से प्रशांत भूषण ने सुप्रीम कोर्ट ने दलील दी कि यह प्रावधान भ्रष्टाचार विरोधी कानून को कमजोर करता है, क्योंकि सरकार से अक्सर जांच की मंजूरी नहीं मिलती। वहीं केंद्र सरकार की ओर से तुषार मेहता ने पक्ष रखा था।
इंदौर में प्रशासनिक जज रहे पॉल बनेंगे कलकत्ता हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस
सर्वोच्च न्यायालय कॉलेजियम ने कलकत्ता हाई कोर्ट के न्यायाधीश सुजॉय पॉल को कलकत्ता हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्त करने की सिफारिश की है। जस्टिस पॉल इंदौर बेंच में प्रशासनिक जज रह चुके हैं। अधिवक्ता आनंद अग्रवाल के मुताबिक न्यायमूर्ति पॉल को 27 मई, 2011 को मप्र हाई कोर्ट में न्यायाधीश बनाया गया था। पूर्व में इंदौर बेंच में कार्यरत रहे न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव भी कोलकाता के सीजे रह चुके हैं।
पुलिस थाना वैशाली नगर, जयपुर पश्चिम ने दिनदहाड़े मकानों में चोरी की वारदातों पर अंकुश लगाते हुए एक शातिर चोर को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बापर्दा कार्रवाई करते हुए आरोपी विजेंद्र सिंह को गिरफ्तार किया है, जो पहले भी जयपुर शहर के विभिन्न थानों में चोरी के मामलों में नामजद रहा है। 05 जनवरी को पीड़ित जशोदा कंवर (35 साल) पत्नी स्व. पृथ्वी सिंह, निवासी ग्राम सामी थाना लोसल जिला सीकर (वर्तमान किरायेदार मकान नं. 03, रणजीत नगर, थाना वैशाली नगर, जयपुर) ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। आरोपी ने बच्चे को बहला-फुसलाकर दूध लेने भेजा पीड़ित ने बताया था कि 23 दिसंबर को दोपहर करीब 3 बजे वह काम से बाहर गई हुई थीं। इसी दौरान एक अज्ञात व्यक्ति उनके घर आया और बच्चे को बहला-फुसलाकर दूध लेने भेज दिया। इसके बाद आरोपी ने अलमारी का ताला तोड़कर 2 कानों के सोने के टोप्स, गले का सोने का लॉकेट, 3 सोने की अंगूठियां और ₹90,000 नकद चुराकर फरार हो गया। इस संबंध में पुलिस थाना वैशाली नगर जयपुर पश्चिम में मामला दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया। पुलिस टीम ने 550 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले और मुखबिर से मिली सूचना की सहायता से वारदात में शामिल आरोपी विजेंद्र सिंह, निवासी मोती नगर, मीणा वाला, शेखावत कॉलोनी, थाना करणी विहार, जयपुर है। संदिग्ध को डिटेन कर पूछताछ की गई, जिसमें उसने चोरी की वारदात स्वीकार कर ली। इसके बाद आरोपी को बापर्दा गिरफ्तार किया गया। आरोपी विजेंद्र सिंह नशे का आदी पुलिस के अनुसार आरोपी विजेंद्र सिंह नशे का आदी है और दिन और रात के समय मकानों की रेकी कर मौका देखकर चोरी की वारदातों को अंजाम देता है। आरोपी के खिलाफ जयपुर शहर के विभिन्न थानों में पूर्व से चोरी के मामले दर्ज हैं। हिस्ट्रीशीटर सहित 3 आरोपी गिरफ्तार, 41 ग्राम स्मैक और ₹9.04 लाख नकद जब्त जयसिंहपुरा खोर थाना पुलिस ने नशे के अवैध कारोबार पर करारा प्रहार करते हुए एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए एक हिस्ट्रीशीटर सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 41 ग्राम स्मैक और स्मैक के क्रय-विक्रय से प्राप्त ₹9,04,500 नकद जब्त किए हैं। डीसीपी नॉर्थ करण शर्मा ने बताया कि राज्य स्तर पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत 12 जनवरी को यह कार्रवाई की गई। थानाधिकारी रेखा के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने सूचना के आधार पर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों के तार राजस्थान के विभिन्न जिलों सहित अन्य राज्यों से भी जुड़े हुए हैं। इस संबंध में पुलिस की ओर से अनुसंधान और पूछताछ की जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अब्बास खान, मुजाहिद उर्फ आशु और कासिम उर्फ पाव के रूप में हुई है। पुलिस का कहना है कि नशे के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने के लिए जांच का दायरा बढ़ाया जा रहा है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नशे के कारोबार में लिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। फ्लैट में छापा मारकर 70 लाख रुपए के नशीले पदार्थ जब्त, एक आरोपी अरेस्ट नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ थाना श्याम नगर पुलिस और जिला स्पेशल टीम जयपुर साउथ की संयुक्त कार्रवाई में एक किराए के फ्लैट से भारी मात्रा में नशीले पदार्थ बरामद कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। जब्त किए गए मादक पदार्थों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 70 लाख रुपए बताई जा रही है। डीसीपी साउथ राजर्षि राज ने बताया कि शहर में अवैध हथियारों और मादक पदार्थों की तस्करी पर रोक लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में थानाधिकारी श्याम नगर दलवीर सिंह के नेतृत्व में टीम गठित की गई। 12 ग्राम MDMA, 1.207 किलोग्राम चरस, 1.171 किलोग्राम अफीम बरामद रविवार को कॉन्स्टेबल संदीप से मिली सूचना पर पुलिस ने नव निर्माण नगर क्षेत्र में स्थित एक किराए के फ्लैट में कार्रवाई की। जांच के दौरान आरोपी सुखदेव (26 साल) पुत्र तुलसाराम, निवासी बायतु जिला-बाड़मेर के कब्जे से 12 ग्राम MDMA, 1.207 किलोग्राम चरस, 1.171 किलोग्राम अफीम और 3 इलेक्ट्रॉनिक कांटे बरामद किए गए। आरोपी हाल में किरायेदार फ्लैट नं. 202, प्लॉट नं. 54, स्प्रिंग स्टे पीजी के पीछे, नव निर्माण नगर, थाना श्याम नगर में किराये से रहता था। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि आरोपी फ्लैट किराए पर लेकर वहीं से अवैध मादक पदार्थों की सप्लाई कर रहा था। एनडीपीएस एक्ट में मामला दर्ज बरामदगी के आधार पर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर पुलिस आरोपी से जुड़े नेटवर्क और सप्लाई चैन के संबंध में पूछताछ कर रही है।
बाड़मेर पुलिस के लिए बीता साल 2025 बेहतर रहा है। 2024 की अपेक्षा इस साल क्राइम में 14.5 प्रतिशत की गिरावट आई है। वहीं एससी-एसटी क्राइम में करीब 20 प्रतिशत की कमी आई है। मामलों को समय पर समाधान करने में बाड़मेर जिला प्रदेश में दूसरे स्थान पर है। इसमें क्रिमिनल मर्ज, नए कानून के मामले, पॉक्सो, रेप मामलों का निपटारा शामिल है। वहीं सड़क दुर्घटना में मौत दर भी 2.5 प्रतिशत घटी है। बाड़मेर पुलिस ने मर्डर और लूट की सभी घटनाओं का पर्दाफाश करने में सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने दो एमडी की फैक्ट्री को पकड़ने में भी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत 7 मादक पदार्थ तस्करों की 6 करोड़ रुपए की संपति को भी फ्रिज किया है। 2024 से कम हुआ 2025 में क्राइम एसपी नरेंद्र सिंह मीना ने बताया कि 2024 में आईपीसी और बीएनएस में 2701 मामले दर्ज हुए थे। जो साल 2025 में 392 केस घटकर 2309 मामले दर्ज हुए है। क्राइम में 14.51 प्रतिशत गिरावट हुई है। एसपी ने कहा कि सड़क हादसे में साल 2023 में 236, साल 2024 में 238 और 2025 में 232 लोगों की मौत हुई थी। वहीं घायलों की संख्या 364 से घटकर 352 पहुंच गई है। एनडीपीएस और अवैध शराब पर बड़ी कार्रवाई बाड़मेर एसपी ने प्रेसवार्ता कर बताया कि साल 2025 में एनडीपीएस एक्ट के तहत 153 कार्रवाई की गई जिसमें 304 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कुल 43 वाहनों को जब्त किया। मादक पदार्थ की अनुमानित कीमत करीब 97.63 करोड़ रुपए आंकी गई है। वहीं आबकारी अधिनियिम के तहत जिले भर में कुल 466 कार्रवाई की गई। जिसमें 473 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। 6 वाहनों को जब्त किया। अवैध शराब की अनुमानित कीमत 2.26 करोड़ रुपए आंकी गई है। आर्म्स एक्ट के तहत 38 कार्रवाई की गई जिसमें 46 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। 21 पिस्तौल, 3 बंदूक, 133 कारतूस और 20 चाकू और तलवार जब्त किए है। जिसकी अनुमानित कीमत 13.06 लाख रुपए है। साल 2024 और साल 2025 के आंकड़े पुलिस की कार्रवाई साल 2024 और 2025 महिला अत्याचार के दर्ज मामले
ग्वालियर साइबर क्राइम विंग ने म्यूल बैंक खातों की खरीद-फरोख्त करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह के दो और सदस्यों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में गुजरात निवासी शैलेंद्र पटेल और राजस्थान निवासी मुकेश कुमार चौधरी शामिल हैं। पुलिस ने उन्हें तब हिरासत में लिया जब वे ग्वालियर सेंट्रल जेल में अपने पहले से गिरफ्तार साथियों से मिलने आ रहे थे। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि शैलेंद्र पटेल और मुकेश चौधरी सीधे तौर पर विदेशी साइबर ठगों के संपर्क में थे। वे व्हाट्सएप के जरिए नाइजीरिया, कैमरून और चीन के साइबर अपराधियों से जुड़े हुए थे। ये आरोपी भारत में लोगों के बैंक खाते खरीदते थे, जिन्हें 'म्यूल अकाउंट' कहा जाता है। इन म्यूल खातों को बाद में विदेशी साइबर ठगों को मोटी रकम लेकर बेचा जाता था। विदेशी ठग इन खातों का उपयोग भारत में ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, लिंक और ओटीपी फ्रॉड के माध्यम से लोगों से ठगी गई रकम को अपने देशों में ट्रांसफर करने के लिए करते थे। इस नेटवर्क के जरिए लाखों-करोड़ों रुपए की साइबर ठगी को अंजाम दिया गया है। गौरतलब है कि ग्वालियर क्राइम ब्रांच ने 23 दिसंबर को इसी गिरोह के सात सदस्यों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। शैलेंद्र पटेल और मुकेश चौधरी की गिरफ्तारी के साथ, इस मामले में अब तक कुल नौ आरोपियों को पकड़ा जा चुका है। पुलिस का मानना है कि इन आरोपियों से पूछताछ के दौरान गिरोह से जुड़े और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।
मध्यप्रदेश में दिव्यांग बच्चों की पहचान के लिए हर जिले में जिला स्तर पर स्कीनिंग कैम्प लगाए जाएंगे। इन शिविरों में स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के 40 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता वाले बच्चों को चिह्नित कर प्रमाण-पत्र देने का काम किया जाएगा। राज्य सरकार ने यह कार्रवाई जुवेनाइल जस्टिस कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर करने का फैसला किया है। प्रमुख सचिव सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण सोनाली वायंगणकर ने बताया कि जुवेनाइल जस्टिस कमेटी के निर्देशानुसार कोई भी दिव्यांग बच्चा चिह्नांकन एवं लाभ से वंचित न रहे, इसके लिए हर दिव्यांग बच्चे की पहचान, स्क्रीनिंग एवं प्रमाणन किया जाना आवश्यक है। सभी जिलों में स्क्रीनिंग कैम्प आयोजित करने के निर्देश कलेक्टर्स को दिए गए हैं। यह कैम्प अगले एक माह में किया जाना है। शिविरों के आयोजन में विधिक सेवा प्राधिकरण, स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग एवं स्कूल शिक्षा समन्वित प्रयास करेंगे। प्रमुख सचिव ने निर्देश दिए हैं कि शिविर आयोजन की तिथियों को प्रचार-प्रसार किया जाए, इससे अधिकाधिक बच्चों की सहभागिता हो सके। हर जिला अपनी माइक्रो प्लानिंग की जानकारी सामाजिक न्याय विभाग के साथ-साथ रजिस्टार, सचिव जुवेनाइल जस्टिस कमेटी उच्च न्यायालय जबलपुर को भी भेजें।
आबू रोड: न्याय की शुचिता के लिए शांति और सत्य को आत्मसात करना अनिवार्य - जस्टिस राठी
आबू रोड स्थित ब्रह्माकुमारीज के मनमोहिनीवन में 'मूल्यनिष्ठ न्यायिक प्रक्रिया' का राष्ट्रीय शुभारंभ हुआ। पूर्व जस्टिस बीडी राठी ने अधिवक्ताओं को संबोधित करते हुए न्याय में शांति और सत्यता की अनिवार्यता पर जोर दिया। इस कार्यक्रम में सिरोही और जालोर के विधि विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया और राजयोग के माध्यम से सकारात्मक जीवन जीने का संकल्प लिया।
प्राइम वीडियो की तेलुगु क्राइम थ्रिलर फिल्म 'चीकाटीलो' का रोमांचक ट्रेलर रिलीज
प्राइम वीडियो ने अपनी इमोशनल तेलुगु क्राइम सस्पेंस ड्रामा 'चीकाटीलो' का जबरदस्त ट्रेलर रिलीज कर दिया है। तेजी से विकसित हो रहे हैदराबाद की पृष्ठभूमि पर आधारित इस कहानी में संध्या की यात्रा दिखाई गई है, जो एक ट्रू-क्राइम पॉडकास्टर है। शोभिता धुलिपाला ...
दिल्ली ब्लास्ट के आतंकी मॉड्यूल से जुड़े मामले में फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। एक न्यूज एजेंसी के मुताबिक, प्रवर्तन निदेशालय (ED) यूनिवर्सिटी परिसर को मनी लॉन्ड्रिंग रोधी कानून (PMLA) के तहत कुर्क करने की तैयारी कर रहा है। इसी यूनिवर्सिटी से जुड़े डॉ. उमर नबी ने सुसाइड बॉम्बर बनकर दिल्ली के लाल इलाके के बाहर ब्लास्ट को अंजाम दिया था, जिसमें 15 लोगों की मौत हुई थी। इस आतंकी हमले के बाद जांच एजेंसियों ने यूनिवर्सिटी को आतंकी मॉड्यूल का केंद्र मानते हुए जांच तेज कर दी है। दिल्ली ब्लास्ट और आतंकी मॉड्यूल केस में नेशनल जांच एजेंसी (NIA) ने दो अन्य डॉक्टरों शाहीन सईद और डॉ. मुजम्मिल को गिरफ्तार किया । डॉ. मुजम्मिल पर ब्लास्ट के लिए विस्फोटक एकत्रित करने और डॉ. शाहीन सईद पर आर्थिक रूप से मदद करने का आरोप है। जांच एजेंसी ने इन दोनों के अलावा दूसरे कई कर्मचारियों को भी गिरफ्तार किया है। पैसा जुटाने की जांच कर रही ईडी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) अल-फलाह यूनिवर्सिटी में इस बात की जांच कर रही है कि यूनिवर्सिटी के निमार्ण में जो पैसा लगा है, वह प्रोसीड्स ऑफ क्राइम से तो नही जुटाया गया है। ईडी ने यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी को दिल्ली ब्लास्ट के बाद गिरफ्तार कर लिया था। ईडी ने अपनी जांच में पाया है कि अल-फलाह यूनिवर्सिटी ने खुद को यूजीसी मान्यता प्राप्त बताकर और एनएएसी मान्यता को लेकर गलत दावे कर छात्रों को गुमराह किया। यूनिवर्सिटी के पास मान्यता नही थी लेकिन उसके बाद भी स्टूडेंट का यहां पर पढ़ाया जा रहा था। PMLA के तहत हो सकती है कुर्की न्यूज एजेंसी के मुताबिक, ईडी PMLA (Prevention of Money Laundering Act) के तहत यूनिवर्सिटी परिसर की उन इमारतों को अस्थायी रूप से कुर्क कर सकती है, जिनका निर्माण कथित तौर पर गैरकानूनी फंडिंग से किया गया है। 415.10 करोड़ की काली कमाई इससे पहले ईडी कोर्ट को बता चुकी है कि चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी ने यूनिवर्सिटी के ट्रस्ट के नाम पर विदेशों से फंडिंग ली है। यहां पर पढ़ने वाले स्टूडेंट और उनके परिजनों का झूठी मान्यता का हवाला देकर उनसे गलत तरीके से मोटी फीस वसूली गई है। इसी तरीको ने यूनिवर्सिटी के ट्रस्ट ने 415.10 करोड़ की कमाई की है। ED को जांच के दौरान कई अनियमितताएं मिलीं। जिसमें 9 शेल कंपनियां एक ही पते पर रजिस्टर्ड पाई गईं। कई कंपनियों में एक ही मोबाइल नंबर है। साथ ही EPFO का भी कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। फिलहाल ईडी और एनआईए दोनों एजेंसियां मामले की गहन जांच कर रही हैं और आने वाले दिनों में अल-फलाह यूनिवर्सिटी के खिलाफ कार्रवाई और तेज होने की संभावना है।
जयपुर क्राइम ब्रांच ने ड्रग्स तस्करी में एक बदमाश को शनिवार रात अरेस्ट किया है। इंटेलिजेंस की सूचना पर सप्लाई लेकर आए तस्कर को दबिश देकर पकड़ा है। पुलिस ने आरोपी तस्कर के कब्जे से 17 लाख रुपए कीमत की ड्रग्स बरामद की है। अशोक नगर थाना पुलिस गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ कर रही है। पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल ने बताया- ड्रग्स तस्करी में आरोपी रवि कुशवाह (23) निवासी रोन भिण्ड मध्य प्रदेश को अरेस्ट किया गया है। वह अशोक नगर इलाके में स्थित भोजपुरा कच्ची बस्ती में पिछले काफी समय से रहकर ड्रग्स तस्करी कर रहा है। जयपुर क्राइम ब्रांच की इंटेलिजेंस टीम की सूचना पर ड्रग्स सप्लाई लेकर आए तस्कर को पकड़ने के लिए अशोक नगर इलाके में दबिश दी गई। संदिग्ध तस्कर को दबिश देकर पकड़ने पर तलाशी में स्मैक मिली। पुलिस ने आरोपी रवि कुशवाह को अरेस्ट किया। जिसके कब्जे से मिली 85 ग्राम स्मैक को जब्त किया गया। पकड़ी गई स्मैक की अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 17 लाख रुपए आंकी गई है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर ड्रग्स माफिया से जुड़े लोगों की तलाश की जा रही है।
देशभर में वांटेड व पिछले 20 साल से ठगी और रंगदारी की पुश्तैनी गैंग चला रहे राजू ईरानी को शनिवार सुबह सूरत क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार कर लिया। राजू वहां अपने एक रिश्तेदार के घर पर छिपा था। गिरफ्तारी के बाद भोपाल पुलिस उसे लेने सूरत रवाना हो गई है। उसे रविवार शाम तक भोपाल लाया जा सकता है। निशातपुरा थाना प्रभारी मनोज पटवा के मुताबिक, 27-28 दिसंबर 2025 की दरम्यानी रात ईरानी डेरे पर छापेमारी के बाद पुलिस ने कई वांटेड पकड़े थे। इसी दौरान महिलाओं ने पथराव किया। तब राजू फरार हो गया। सूचना थी कि सूरत में उसके कई रिश्तेदार रहते हैं। सूरत पुलिस को भी अलर्ट किया था। भोपाल में ईरानी डेरे की शुरुआत और उसकी पकड़ 1970 के दशक से मानी जाती है। तब इस डेरे का सरदार राजू ईरानी का पिता हसमत ईरानी था। साल 2000 के बाद और खास तौर पर 2006 में पहला केस दर्ज होने के बाद राजू ने धीरे-धीरे पिता की जगह ले ली। अपनी गैंग को मप्र से बाहर फैलाया। देशभर में ठगी और हथियार सप्लाई करता था... सूरत क्राइम ब्रांच ने पकड़ा, आज भोपाल लाएंगे 6 गैंग, देशभर में अपराध, इसे 7 राज्यों की पुलिस ढूंढ रही थी पुलिस, साधु और सीबीआई अफसर के भेष में ठगी करता मुखबिरी के शक में परिवार को जिंदा जलाने की कोशिश ईरानी डेरे के कंट्रोल के लिए राजू और काला में जंग... काला ईरानी तो अब भी फरार सुनीत सक्सेना की रिपोर्ट राजू ईरानी भले ही पकड़ा जा चुका है, लेकिन निशातपुरा की अमन कॉलोनी में बसा ईरानी डेरा दो कुख्यात गिरोहों के बीच अंदरूनी जंग का केंद्र बन चुका है। इस जंग के दो चेहरे हैं- राजू व काला ईरानी। दोनों के काम करने का तरीका अलग है, अपराध का दायरा भी अलग है, पर मकसद एक ही है- देशभर में अपराध से पैसा कमाना। ईरानी डेरा दो हिस्सों में बंट चुका है। एक हिस्से पर राजू का दबदबा है, तो दूसरे हिस्से पर काला का। दोनों के बीच खुली भिड़ंत कम दिखती है, पर वर्चस्व की लड़ाई लगातार चल रही है। इलाके में किसका हुक्म चलेगा और किस गिरोह का दबदबा रहेगा, यही इस टकराव की असली वजह है। राजू ईरानी : कागजी खेल से ठगी, जमीन कब्जाने का काम काला ईरानी: दूसरे राज्यों के अपराधियों को शरण देता है
झारखंड के उत्थान के लिए समर्पित योद्धा थे जस्टिस एलपीएन शाहदेव : बाबूलाल
रांची। झारखंड आंदोलन के प्रबल योद्धा जस्टिस एलपीएन शाहदेव की 14वीं पुण्यतिथि पर सूचना भवन के सामने स्थित जस्टिस एल.पी.एन. शाहदेव चौक पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष आदित्य साहू, पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन, राज्य मंत्री संजय सेठ सहित कई भाजपा नेताओं ने जस्टिस एलपीएन शाहदेव की चित्र पर पुष्प अर्पित कर नमन किया। बाबूलाल मरांडी ने कहा कि जस्टिस एलपीएन शाहदेव झारखंड की मिट्टी के उत्थान के लिए समर्पित योद्धा थे। उन्होंने अलग झारखंड राज्य की लड़ाई को एक नई दिशा दी और इसे आदिवासी मूलवासी समाज का आंदोलन बनाया। राज्य की युवा पीढ़ी को ऐसे आंदोलनकारियों से प्रेरणा लेनी चाहिए। वहीं, आदित्य साहू ने कहा कि जस्टिस एलपीएन शाहदेव ने विकसित और आत्मनिर्भर झारखंड का सपना दिखाया। कार्यक्रम की शुरुआत जस्टिस शाहदेव के परिवार द्वारा श्रद्धांजलि से हुई। उनकी ज्येष्ठ पुत्री संगीता सिंह, दामाद रतन कुमार, कृति सिंह, पुत्र प्रतुल शाहदेव, पुत्रवधू डॉ. विद्या झा शाहदेव एवं पौत्र शौर्य प्रताप शाहदेव ने सर्वप्रथम पुष्प अर्पित कर नमन किया। झारखंड सरकार के मंत्री सुदिव्य सोनू ने कहा कि अलग झारखंड राज्य के गठन में जस्टिस शाहदेव की भूमिका ऐतिहासिक रही। वो झारखंड आंदोलन को नई दिशा देने का काम किए थे। झारखंड की पीढ़ियां सदैव उनका ऋणी रहेगा। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने कहा कि जस्टिस शाहदेव एक बुद्धिजीवी थे और झारखंड आंदोलन में उनकी अहम भूमिका थी, झारखंड अलग राज्य आंदोलन के रणनीतिकार थे, उनके यहां के माटी से जुड़ाव था।
गिरिडीह के नगर थाना क्षेत्र में एंटी क्राइम चेकिंग के दौरान पुलिस ने चोरी की एक मोटरसाइकिल बरामद की है। इस कार्रवाई में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक अन्य आरोपी फरार है। यह जानकारी डीएसपी नीरज कुमार सिंह ने दी। डीएसपी नीरज सिंह ने बताया कि चेकिंग के दौरान नेताजी चौक के पास सहायक अवर निरीक्षक प्रमोद प्रसाद ने काले रंग की ग्लैमर मोटरसाइकिल पर सवार दो युवकों को रुकने का इशारा किया। पुलिस को देखते ही दोनों युवक बाइक मोड़कर भागने लगे, लेकिन सशस्त्र बल की मदद से पीछा कर उन्हें पकड़ लिया गया। पूछताछ में उनकी पहचान पचम्बा थाना क्षेत्र के सुगासार निवासी रविंद्र साव और विजय साव (दोनों पिता गंदौरी साव) के रूप में हुई। उनसे बाइक के कागजात मांगे गए, लेकिन वे कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। दोनों युवकों ने स्वीकार किया कि उन्होंने यह मोटरसाइकिल सत्यनारायण पांडेय और सुनील कुमार दास से 15 हजार रुपए में खरीदी थी। उनकी निशानदेही पर पुलिस ने अलकापुरी से सत्यनारायण पांडेय और सुनील कुमार दास को भी गिरफ्तार कर लिया। दोनों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने यह चोरी की मोटरसाइकिल मो. ताज हसन और मो. सदाब उर्फ मिठू से खरीदी थी। इन दोनों ने ही उन्हें बाइक का नंबर बदलकर चलाने की सलाह दी थी। इस मामले में नगर थाना कांड संख्या 07/26, दिनांक 09.01.26 के तहत भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया गया है। अनुसंधानकर्ता पुलिस अवर निरीक्षक उपेंद्र कुमार दास ने पांचवें अभियुक्त मो. ताज हसन को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि, मो. सदाब उर्फ मिठू की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।
अमरोहा SP ने ली क्राइम मीटिंग:अपराध पर अंकुश, कानून और शांति व्यवस्था सुनिश्चित करने पर दिया जोर
अमरोहा के पुलिस अधीक्षक अमित कुमार आनंद ने जनपद के समस्त पुलिस अधिकारियों के साथ मासिक अपराध गोष्ठी का आयोजन किया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करना और शांति व्यवस्था सुनिश्चित करना था। गोष्ठी में अपर पुलिस अधीक्षक अखिलेश भदौरिया, समस्त क्षेत्राधिकारी, प्रतिसार निरीक्षक, प्रभारी निरीक्षक एलआईयू, प्रभारी यातायात और सभी थाना/शाखा प्रभारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान जनपद के टॉप-10 अपराधियों और चिन्हित माफियाओं के विरुद्ध की गई कार्रवाई, जैसे गुंडा, गैंगस्टर और हिस्ट्रीशीटर, की समीक्षा की गई। पुलिस अधीक्षक ने उनके विरुद्ध नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई जारी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने अपराध और अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए शातिर अपराधियों को चिन्हित कर उनकी हिस्ट्रीशीट खोलने, जिला बदर/गुंडा एक्ट और गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए। अनावरण हेतु लंबित अभियोगों की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, पीजीआरयू, जनशिकायत और आईजीआरएस (IGRS) प्रार्थना पत्रों की थानावार समीक्षा कर निष्पक्ष और समयबद्ध जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जनपद में चल रहे विभिन्न अभियानों की भी समीक्षा हुई। इनमें 'कॉप ऑफ द मंथ', 'ऑपरेशन क्लीन-2', 'ऑपरेशन कनविक्शन', त्रिनेत्र ऐप पर फीडिंग और ई-ऑफिस का प्रभावी क्रियान्वयन शामिल थे। वर्ष 2025-26 में गुंडा, गैंगस्टर एक्ट, गैंग पंजीकरण, माफिया घोषित करने और खोली गई हिस्ट्रीशीट की स्थिति की समीक्षा की गई। चोरी के पंजीकृत अभियोगों और अभियुक्तों के विरुद्ध की गई निरोधात्मक कार्रवाई, पुरस्कार घोषित अपराधियों की गिरफ्तारी, लंबित विवेचनाएं, मिशन शक्ति और महिला संबंधी अपराधों के वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी की थानावार समीक्षा भी की गई। अपराध स्थिति, विवेचना निस्तारण, गैंगस्टर, लंबित आरोप पत्र और फुट पेट्रोलिंग जैसे बिंदुओं पर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। वांछित, गैर जमानती वारंटियों और इनामी अपराधियों की तत्काल गिरफ्तारी के निर्देश भी दिए गए। लंबित एसआर (SR) केस (हत्या, लूट, डकैती, बलात्कार, पॉक्सो एक्ट) और इन मामलों में वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी की समीक्षा कर प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए गए। जनपद में अपराधों पर पूर्णतः अंकुश लगाने के लिए डकैती, लूट, नकबजनी, चोरी और गोवध के अपराधियों का सत्यापन और निरोधात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
कोनी ग्रामपंचायत में साइबर क्राइम, नशा मुक्ति और सड़क सुरक्षा पर जागरूकता
श्रीगंगानगर| ग्रामपंचायत कोनी में जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन के निर्देशानुसार हिंदुमलकोट थाना प्रभारी हेमलता शर्मा ने साइबर क्राइम, नशा मुक्ति एवं सड़क सुरक्षा सप्ताह के तहत जागरुकता अभियान चलाया। उन्होंने ग्रामीणों को साइबर अपराधों से बचाव के उपाय बताते हुए अनजान लिंक से दूर रहने की अपील की। नशे के दुष्परिणामों पर चर्चा करते हुए अवैध कारोबार की सूचना पुलिस को देने का आह्वान किया। सर्दी में दुर्घटनाओं से बचाव हेतु वाहनों पर रिफ्लेक्टर लगाने की सलाह दी गई। कार्यक्रम में चौकी प्रभारी हरबंस सिंह व ग्रामीण मौजूद रहे।
कोटा के क्षेत्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला में अतिरिक्त निदेशक डॉ. राखी खन्ना के नेतृत्व में पुलिसकर्मियों को लगातार ट्रेनिंग दी जा रही है। इस ट्रेनिंग में क्राइम होने के बाद मौके से सही तरीके से सबूत इकट्ठा करने और नए कानूनों की जानकारी दी जा रही है। इसी कड़ी में कोटा की एफएसएल लैब में नए बीएनएस कानूनों को लेकर एक दिन की कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में कोटा शहर और ग्रामीण के साथ झालावाड़, बारां और बूंदी जिलों से करीब 100 पुलिसकर्मी शामिल हुए। कार्यक्रम में कोटा शहर के एडिशनल एसपी दिलीप सैनी भी मौजूद रहे और उन्होंने इस तरह की ट्रेनिंग को पुलिस के लिए बेहद जरूरी बताया। लाइव डेमो दिखाकर सबूत इक्ट्ठा करने की दी जानकारीप्रशिक्षण के दौरान कोटा प्रयोगशाला को मिला हुआ नवीन मोबाइल फोरेंसिक वाहन एवं उपलब्ध किट्स के जरिए लाइव डेमो जानकारी दी गई। FSL कोटा के वैज्ञानिकों ने नारकोटिक्स, ड्रग्स, रसायन, डीएनए, पोक्सो, हत्या, आत्महत्या एवं क्राइम सीन किट्स के माध्यम से सबूत को संभाल कर रखना और सबूत को सही तरीके से पैक कर भेजने की प्रक्रिया समझाई गईं। आउटडोर क्राइम सीन बनाकर हत्या एवं आत्महत्या जैसे उलझे मामलों में जरूरी सबूत ढूंढने का लाइव प्रदर्शन किया गया। कार्यशाला में सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता भी आयोजित हुई, जिसमें विभिन्न जिलों के पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया गया। डॉ. राखी खन्ना ने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण पुलिस, एफएसएल और न्यायालय के बीच समन्वय को मजबूत कर न्याय दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ट्रेनिंग में शामिल पुलिसकर्मियों ने इस प्रकार की कार्यशालाओं की अवधि बढ़ाने की मांग भी की।
पटना हाईकोर्ट के दो वकीलों रितेश कुमार और प्रवीण कुमार ने गुरुवार को न्यायाधीश पद की शपथ ली। मुख्य न्यायाधीश संगम कुमार साहू ने शताब्दी भवन में दोनों नवनियुक्त न्यायाधीशों को शपथ दिलाई। सुप्रीम कोर्ट की अनुशंसा के बाद राष्ट्रपति ने दोनों को वकील कोटे से न्यायाधीश नियुक्त किया। शपथ ग्रहण समारोह में न्यायमूर्ति सुधीर सिंह, न्यायमूर्ति राजीव रंजन प्रसाद, न्यायमूर्ति मोहित कुमार शाह सहित सभी जज, महाधिवक्ता पीके शाही, कई पूर्व जज, नवनियुक्त जजों के परिवार के सदस्य और बड़ी संख्या में वकील उपस्थित रहे। अब पटना हाईकोर्ट में जजों की संख्या चीफ जस्टिस समेत 37 हो गई है। यहां जजों के स्वीकृत पदों की संख्या 53 है। इस तरह हाईकोर्ट में अब भी 16 पद खाली हैं। दो दशक से हाईकोर्ट में कर रहे थे प्रैक्टिसन्यायमूर्ति रितेश कुमार ने मगध विश्वविद्यालय से एलएलबी करने के बाद 1998 में वकालत की शुरुआत की। दो साल पटना सिविल कोर्ट में प्रैक्टिस करने के बाद जून 2000 से पटना हाईकोर्ट आ गए। नवंबर 2014 से जुलाई 2016 तक बिहार सरकार के वकील रहे। उसके बाद कई विश्वविद्यालयों और कंपनियों के वकील रहे। न्यायमूर्ति प्रवीण कुमार ने वकालत की शुरुआत दिल्ली से की। 2006 में पटना हाईकोर्ट आए और अपने पिता वरिष्ठ अधिवक्ता कृष्ण मोहन के सानिध्य में प्रैक्टिस करने लगे।
पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस शील नागू ने कोर्ट परिसर में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह के दौरान नव नियुक्त अतिरिक्त न्यायाधीश रमेश चंद्र डिमरी और नीरजा कुलवंत कालसन को पद की शपथ दिलाई। केंद्र सरकार ने 2 जनवरी को हरियाणा के दो न्यायिक अधिकारियों को हाई कोर्ट के अतिरिक्त न्यायाधीशों के रूप में नियुक्त करने की अधिसूचना जारी की थी, जिससे कोर्ट में कार्यरत न्यायाधीशों की संख्या 61 हो गई है। पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट के अतिरिक्त जज केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्रालय, न्याय विभाग द्वारा जारी एक अधिसूचना के अनुसार, राष्ट्रपति ने रमेश चंद्र डिमरी और नीरजा कुलवंत कालसन को पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया है। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 16 दिसंबर, 2025 को आयोजित अपनी बैठक में उनके नामों को पदोन्नति के लिए अनुशंसित किया था। इन नियुक्तियों से लंबित मामलों की संख्या कम करने के प्रयासों को समर्थन मिलने की उम्मीद है। राष्ट्रीय न्यायिक डेटा ग्रिड के आंकड़ों से पता चलता है कि हाई कोर्ट में लंबित मामलों की संख्या 4 लाख 20 हजार 880 है, जो जनवरी 2025 में दर्ज 4 लाख 32 हजार 227 मामलों से 11 हजार 347 मामलों की कमी है।
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज जस्टिस यशवंत वर्मा की याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया। जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की बेंच ने दो दिन की सुनवाई के बाद यह निर्णय लिया। हालांकि बेंच ने जस्टिस वर्मा को पार्लियामेंट्री कमेटी के सामने जवाब दाखिल करने के लिए समय बढ़ाने से मना कर दिया। उन्हें 12 जनवरी को संसदीय समिती के सामने जवाब देना है। दरअसल, जस्टिस वर्मा ने अपने खिलाफ लाए गए महाभियोग प्रस्ताव को चुनौती दी थी। याचिका में कहा गया कि दोनों सदनों में महाभियोग प्रस्ताव लाया गया था, लेकिन राज्यसभा ने उसे मंजूर नहीं किया। इसके बावजूद लोकसभा ने अकेले जांच समिति बना दी, जो उनके अनुसार गलत है। एक दिन पहले, 6 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि जांच समिति के गठन में कुछ खामियां दिखाई देती हैं। हालांकि कोर्ट यह देखेगा कि क्या यह खामी इतनी गंभीर है कि पूरी कार्यवाही को रद्द किया जाए। 14 मार्च को दिल्ली में जज के आधिकारिक आवास के स्टोर रूम में आग लगने के बाद जले हुए नोटों के बंडल मिले थे। इसके बाद के घटनाक्रम में उन्हें इलाहाबाद हाईकोर्ट ट्रांसफर कर दिया गया। कोर्ट रूम लाइव वरिष्ठ वकील सिद्धार्थ लूथरा (जस्टिस वर्मा की ओर से)- सभापति की अनुपस्थिति में उपसभापति उनके काम कर सकते हैं, लेकिन जजेज इंक्वायरी एक्ट के तहत सभापति को जो अधिकार मिले हैं, उन्हें उपसभापति इस्तेमाल नहीं कर सकते। नए सभापति की नियुक्ति तक मामले को रोकना संभव था। वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी (जस्टिस वर्मा की ओर से) - जजेज इंक्वायरी एक्ट में केवल लोकसभा अध्यक्ष और राज्यसभा सभापति का ही नाम है। इसमें उपसभापति शामिल नहीं हैं। उपसभापति की ओर से प्रस्ताव खारिज करना कानून के खिलाफ है, यानी 'अल्ट्रा वायर्स' है। जस्टिस दीपांकर दत्ता - अगर उपराष्ट्रपति राष्ट्रपति की अनुपस्थिति में उनके काम कर सकते हैं, तो क्या उपसभापति सभापति की अनुपस्थिति में काम नहीं कर सकते? मुकुल रोहतगी- संविधान में इसके लिए प्रावधान है, लेकिन जजेज एक्ट उपसभापति को ऐसा करने की अनुमति नहीं देता। जस्टिस दीपांकर दत्ता - इस तरह की व्याख्या से अधिनियम 'अव्यवहारिक' बन जाएगा। हम अधिनियम के दुरुपयोग की गुंजाइश नहीं खोल सकते। मुकुल रोहतगी - जब अधिनियम में तय प्रक्रिया का उल्लंघन हुआ है, तो नुकसान की कसौटी मायने नहीं रखती। मेरे अनुसार, दोनों सदनों को प्रस्ताव पर अलग से विचार करना चाहिए था। ऐसा न होने से मुझे नुकसान हुआ है। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता (लोकसभा अध्यक्ष की ओर से) - धारा 3(2) का मकसद यह है कि एक ही विषय पर दो अलग जांच समितियां न बनें और विरोधाभासी निष्कर्ष न आएं। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि एक ही विषय पर दो जांच समितियां न बनें और विरोधाभासी निष्कर्ष न आएं। 7 जनवरी- सुप्रीम कोर्ट ने संसदीय जांच पैनल में खामी बताई 7 जनवरी को कोर्ट ने कहा था कि लोकसभा स्पीकर की ओर से गठित संसदीय जांच पैनल में कुछ खामी दिखाई देती है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि जजेज इन्क्वायरी एक्ट के तहत लोकसभा स्पीकर के पास यह अधिकार है कि वह जस्टिस वर्मा के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के लिए समिति गठित कर सकें, भले ही राज्यसभा में ऐसा ही प्रस्ताव खारिज हो चुका हो। 16 दिसंबर 2025- कोर्ट ने लोकसभा स्पीकर को नोटिस दिया इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने 16 दिसंबर 2025 को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को नोटिस जारी किया। जस्टिस दीपांकर दत्ता और एजे मसीह की बेंच ने लोकसभा स्पीकर कार्यालय और दोनों सदनों के महासचिवों से जवाब मांगा था। जस्टिस दत्ता ने पूछा था- राज्यसभा में प्रस्ताव नामंजूर हुआ फिर भी लोकसभा में समिति बनाई गई। संसद में इतने सारे सांसद और कानूनी विशेषज्ञ मौजूद थे, लेकिन किसी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया, संसद में मौजूद कानूनी विशेषज्ञों ने इसे होने कैसे दिया? याचिका में दावा- जांच पैनल भारतीय संविधान का उल्लंघन 7 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने इंटरनल कमेटी की रिपोर्ट और CJI खन्ना की सिफारिश के खिलाफ दायर याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद जस्टिस वर्मा ने 1968 के जज जांच कानून के तहत शुरू हुई कार्रवाई को चुनौती देते हुए नई याचिका दायर की है। लोकसभा अध्यक्ष ने जज (जांच) कानून 1968 की धारा 3(2) के तहत के जांच पैनल बनाया, जिसे संविधान के खिलाफ बताया गया है। याचिका में 12 अगस्त 2025 की लोकसभा स्पीकर की कार्रवाई को असंवैधानिक घोषित कर रद्द करने की मांग की गई है। जस्टिस वर्मा के वकील ने कहा कि जज को हटाने से जुड़े प्रस्ताव लाने से पहले लोकसभा और राज्यसभा दोनों मिलकर जांच समिति बनाएं सिर्फ लोकसभा स्पीकर अकेले यह कमेटी न बनाए। इससे पहले तीन हाईकोर्ट जजों की जांच में जस्टिस वर्मा दोषी पाए गए और उन्हें हटाने की सिफारिश हुई थी। इसके बाद सरकार ने संसद में महाभियोग प्रस्ताव रखा, जिसे 146 सांसदों के समर्थन के साथ अध्यक्ष ने मंजूर कर लिया। संसद में महाभियोग लाने की प्रक्रिया क्या है... जजों की जांच के कानून के बारे में जानें... 1968 के जजों (जांच) अधिनियम के मुताबिक जब किसी जज को हटाने का प्रस्ताव संसद के किसी भी सदन में मंजूर हो जाता है तो स्पीकर या चेयरमैन उस आरोप की जांच के लिए तीन सदस्यों की एक समिति बनाते हैं। ---------------- जस्टिस वर्मा केस से जुड़ा ये खबर भी पढ़िए… जज कैश कांड, सुप्रीम कोर्ट बोला-संसदीय जांच पैनल में खामी:पहले इसकी गंभीरता तय करेंगे, फिर पूरी कार्यवाही पर फैसला लिया जाएगा सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज जस्टिस यशवंत वर्मा की याचिका पर कहा कि लोकसभा स्पीकर की ओर से गठित संसदीय जांच पैनल में कुछ खामी दिखाई देती है। हालांकि कोर्ट यह देखेगा कि क्या यह खामी इतनी गंभीर है कि पूरी कार्यवाही को खत्म किया जाए। पूरी खबर पढ़िए…
एमेजन एमजीएम स्टूडियोज इंडिया ने अपनी आगामी थियेट्रिकल रिलीज फिल्म 'निशांची' का धमाकेदार फर्स्ट लुक पोस्टर रिलीज कर दिया है। अजय राय और रंजन सिंह द्वारा जार पिक्चर्स के बैनर तले, फ्लिप फिल्म्स के साथ मिलकर प्रोड्यूस की गई ये फिल्म एक रोमांचकारी ...
क्रिमिनल जस्टिस 4 में एक अलग अवतार में दिखीं बरखा सिंह, बोलीं- मैं खुद को साबित करना चाहती थी
बरखा सिंह भारतीय सिनेमा के सबसे होनहार चेहरों में से एक हैं। उन्होंने विभिन्न मंचों पर काम करते हुए, बाधाओं को पार किया है और अपने लिए एक रास्ता बनाया है। दर्शकों और आलोचकों को उनके किरदारों और अभिनय के तरीके से बेहद प्यार है। एक इंटरव्यू में बरखा ...
राणा नायडू सीजन 2: नए किरदारों के साथ क्राइम, एक्शन और इमोशन का जबरदस्त तड़का
राणा नायडू सीजन 2' में गालियों में कमी और ड्रामा में बढ़ोतरी हुई है। अर्जुन रामपाल का 'रॉफ' और कृति खरबंदा जैसे नए किरदार कहानी को नया मोड़ देते हैं। राणा और नागा के किरदार पहले की तरह दमदार हैं, जो परिवार को मुश्किलों से निकालते हैं। सीरीज की ...
अनुराग कश्यप लेकर आए क्राइम ड्रामा फिल्म निशांची, इस दिन सिनेमाघरों में होगी रिलीज
अनुराग कश्यप एक नई गहन क्रामइ ड्रामा फिल्म 'निशांची' लेकर आ रहे हैं। अमेजन एमजीएम स्टूडियो ने इस फिल्म का टीजर शेयर करते हुए इसकी थिएट्रिकल रिलीज डेट का ऐलान कर दिया है। अनुराग कश्यप द्वारा निर्देशित ये फिल्म हालात को हूबहू पर्दे पर उतारने वाली और ...
प्राइम वीडियो ने अपनी आगामी रोमांचक इन्वेस्टीगेटिव क्राइम थ्रिलर 'स्टोलन' का दमदार ट्रेलर लॉन्च कर दिया है। अनुराग कश्यप, किरण राव, निखिल आडवाणी और विक्रमादित्य मोटवानी जैसे दिग्गज फिल्ममेकर्स की एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर टीम के साथ 'स्टोलन' करण ...
सोनू सूद की फतेह इस ओटीटी प्लेटफॉर्म पर हुई स्ट्रीम, साइबर क्राइम की काली दुनिया को दिखाती है फिल्म
बॉलीवुड एक्टर सोनू सूद की फिल्म 'फतेह' को सिनेमाघरों में मिलाजुला रिस्पॉन्स मिला था। इस फिल्म से सोनू सूद ने निर्देशन के क्षेत्र में भी कदम रखा है। साइबर क्राइम पर आधारित इस फिल्म में सोनू सूद के साथ जैकलीन फर्नांडिस मुख्य भूमिका में नजर आईं। वहीं ...
क्राइम पेट्रोल एक्टर नितिन चौहान का निधन, 35 साल की उम्र में ली अंतिम सांस
मनोरंजन जगत से एक दुखद खबर सामने आई है। टीवी के जाने-माने एक्टर नितिन चौहान का निधन हो गया है। वह महज 35 साल के थे। एक्टर की मौत की वजह की कोई आधिकारिक जानकरी सामने नहीं आई है। नितिन रियलिटी शो 'दादागिरी 3 के विनर रह चुके हैं।
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डिज़्नी प्लस हॉटस्टार ने आखिरकार शुक्रवार को क्राइम ड्रामा सीरीज़ क्रिमिनल जस्टिस के बहुप्रतीक्षित चौथे अध्याय की घोषणा कर दी, जिसमें पंकज त्रिपाठी मुख्य भूमिका में हैं। नई किस्त में अभिनेता पंकज त्रिपाठी अलौकिक वकील माधव मिश्रा के रूप में वापसी करेंगे। एक बयान में, अभिनेता ने कहा कि नया अध्याय मिश्रा के जीवन और जटिल मामलों को इतनी आसानी और स्थायित्व के साथ सामने लाने की उनकी क्षमता के बारे में विस्तार से बताएगा। पंकज त्रिपाठी के हवाले से बताया गया कि ऑन-स्क्रीन वकीलों की प्रसिद्धि के हॉल में, मुझे लगता है कि माधव मिश्रा ने क्रिमिनल जस्टिस के साथ अपनी जगह बना ली है। मुझे विश्वास नहीं हो रहा है कि सीरीज़ में माधव का किरदार मुझसे कितना मिलता-जुलता है। हर जीत मुझे अपनी जैसी लगती है और हर हार ऐसी लगती है एक व्यक्तिगत क्षति। मैं डिज़्नी+हॉटस्टार पर नए सीज़न की घोषणा करने के लिए उत्साहित हूं और मुझे उम्मीद है कि दर्शक इस सीज़न को पहले की तरह ही प्यार देना जारी रखेंगे। डिज़्नी प्लस हॉटस्टार ने पोस्ट को कैप्शन दिया ''कोर्ट जारी है, और नए सीज़न की तैयारी भी। आ रहे हैं माधव मिश्रा, #HotstarSpecials #CriminalJustice के नए सीज़न के साथ!'' इसे भी पढ़ें: Rakhi Sawant Condition is Critical | क्रिटिकल है एक्ट्रेस राखी सावंत की हालत, पूर्व पति रितेश ने शेयर किया है हेल्थ अपडेट फ्रेंचाइजी के बारे में जानकारी क्रिमिनल जस्टिस की शुरुआत 2018 में अपने पहले सीज़न के साथ हुई थी जिसे 2008 में इसी नाम की ब्रिटिश टेलीविजन श्रृंखला से रूपांतरित किया गया था। क्रिमिनल जस्टिस: बिहाइंड क्लोज्ड डोर्स नामक दूसरा सीज़न 2020 में आया, इसके बाद तीसरा अध्याय, क्रिमिनल जस्टिस: अधूरा सच, 2022 में आया। क्रिमिनल जस्टिस का निर्माण अप्लॉज़ एंटरटेनमेंट द्वारा किया गया है। इसे भी पढ़ें: Scam 2010 The Subrata Roy Saga: हंसल मेहता ने किया 'स्कैम' के तीसरे सीजन का ऐलान, सहारा की कहानी पर केंद्रित होगा नया शो बता दें कि पंकज त्रिपाठी आखिरी बार मर्डर मुबारक में नजर आए थे। फिल्म में सारा अली खान, विजय वर्मा, आदित्य रॉय कपूर और करिश्मा कपूर समेत कई स्टार कलाकार शामिल हैं। होमी अदजानिया द्वारा निर्देशित यह फिल्म नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम हो रही है। वह अगली बार मिर्ज़ापुर 3 में नज़र आएंगे। रिलीज़ डेट की अभी घोषणा नहीं की गई है। View this post on Instagram A post shared by Disney+ Hotstar (@disneyplushotstar)
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सलमान खान के घर फायरिंग मामला: मुंबई क्राइम ब्रांच ने पांचवें आरोपी को राजस्थान से गिरफ्तार किया
सलमान खान के घर फायरिंग मामले में ताजा घटनाक्रम में मुंबई क्राइम ब्रांच ने मंगलवार को पांचवें आरोपी मोहम्मद चौधरी को राजस्थान से गिरफ्तार कर लिया है। इंडिया टीवी के अतुल सिंह की एक रिपोर्ट के अनुसार, मोहम्मद चौधरी ने दो शूटरों, सागर पाल और विक्की गुप्ता को पैसे देकर और रेकी करके भी मदद की। क्राइम ब्रांच के मुताबिक, चौधरी को आज मुंबई लाया जा रहा है जहां उसे किला कोर्ट में पेश किया जाएगा और पांच दिन की हिरासत की मांग की जाएगी। इसे भी पढ़ें: Kareena Kapoor Khan ने Saif Ali Khan के बड़े बेटे इब्राहिम की नवीनतम तस्वीरों पर सबसे मनमोहक टिप्पणी की इससे पहले, अनुज थापन नाम के एक आरोपी ने पुलिस हिरासत में चादर से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। बता दें, अनुज पर शूटरों को हथियार मुहैया कराने का आरोप है। थापन को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इससे पहले, बांद्रा में अभिनेता के आवास के बाहर गोलीबारी करने वाले दोनों शूटर विक्की गुप्ता और सागर पाल को गुजरात के भुज से हिरासत में लिया गया था। इसे भी पढ़ें: सलमान खान के घर के बाहर गोली चलाने के मामले में लॉरेंस बिश्नोई गिरोह का सदस्य गिरफ्तार सलमान खान के घर फायरिंग मामले की जानकारी मुंबई क्राइम ब्रांच के मुताबिक, कथित तौर पर सलमान खान के घर के बाहर फायरिंग करने वाले शूटरों के पास दो बंदूकें थीं और उन्हें 10 राउंड गोलियां चलाने का आदेश दिया गया था. 14 अप्रैल की सुबह, दो व्यक्ति मोटरसाइकिल पर आए और अभिनेता के आवास गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर चार गोलियां चलाईं। घटना के बाद हमलावर तेजी से मौके से भाग गए। निगरानी फुटेज से पता चला कि दोनों संदिग्धों ने टोपी पहन रखी थी और बैकपैक ले रखा था। इस महीने की शुरुआत में मुंबई क्राइम ब्रांच ने गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के भाई अनमोल के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी करने का अनुरोध किया था. अनमोल बिश्नोई ने घटना के कुछ घंटों बाद अपने फेसबुक प्रोफाइल के जरिए सलमान खान के घर पर हुई फायरिंग की जिम्मेदारी ली थी। सलमान खान की नवीनतम सार्वजनिक उपस्थिति सलमान खान हाल ही में लंदन में थे जहां उन्होंने ब्रिटेन के ब्रेंट नॉर्थ निर्वाचन क्षेत्र से सांसद बैरी गार्डिनर से मुलाकात की। इंटरनेट पर कई तस्वीरें वायरल हुईं, जिनमें बैरी और सलमान दोनों वेम्बली स्टेडियम के अंदर नजर आ रहे हैं।
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मुंबई क्राइम ब्रांच का एक्शन, सलमान के घर फायरिंग करने वाले दोनों शूटर दबोचे
Salman Khan House Firing: एक्टर सलमान खान के घर पर फायरिंग करने वाले दोनों आरोपियों को भुज से गिरफ्तार कर लिया गया. मुंबई क्राइम ब्रांच को ये कामयाबी मिली. आरोपी बिहार के पश्चिमी चंपारण के रहने वाले बताए जा रहे हैं. रविवार को गैलेक्सी अपार्टमेंट पर फायरिंग कर भुज फरार हो गए थे. देखें ये वीडियो.
सलमान खान के घर पर हुई फायरिंग की जांच करेगी मुंबई क्राइम ब्रांच, इन धाराओं में दर्ज किया केस
Salman Khan firing case: बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान के घर गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर रविवार तड़के दो अज्ञात हमलावरों ने गोलीबारी कर दी। इस हमले के बाद हर कोई सलमान खान की सुरक्षा को लेकर चिंता जाहिर कर रहा है। बांद्रा पुलिस ने दो अज्ञात शख्स के ...
April में OTT पर तहलका मचाने आ रही है ये धमाकेदार फिल्में और सीरीज, मिलेगा एक्शन से लेकर क्राइम-थ्रिलर तक का मजा
क्राइम-थ्रिलर कंटेंट देखने के है शौकीन! तो फौरन देख डाले UP के माफियाओं पर बनी येवेब सीरीज,खौफनाक कहानियां खड़े कर देंगी रोंगटे

