ट्रंप की भीषण धमकी के बाद भड़का ईरान, कहा- 'अमेरिकी सैन्य अड्डों की जलेंगी चिताएं
वाशिंगटन और तेहरान के बीच जारी तनातनी अब एक ऐसे मुकाम पर पहुंच गई है जहां से पीछे हटना नामुमकिन लग रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से ईरान को दी गई सीधी और विनाशकारी सैन्य कार्रवाई की धमकी के बाद मिडिल ईस्ट में बारूद की गंध बेहद तेज हो गई है। ट्रंप के इस बयान पर पलटवार करते हुए ईरान के शीर्ष सैन्य कमांडरों ने अमेरिका को खुली चुनौती दे दी है। ईरान ने साफ लफ्जों में कहा है कि अगर अमेरिका ने एक भी मिसाइल दागी, तो पूरे खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डों को श्मशान में तब्दील कर दिया जाएगा। इस बीच ईरान के एक बेहद शक्तिशाली 'महाबली' दोस्त ने भी जंग में कूदने के संकेत देकर पेंटागन की नींद उड़ा दी है।ट्रंप की उस एक धमकी से कैसे थर्राया पूरा मिडिल ईस्टदरअसल, वाशिंगटन में एक हाई-लेवल सिक्योरिटी मीटिंग के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के परमाणु ठिकानों और तेल डिपो को निशाना बनाने की खुली चेतावनी दी थी। ट्रंप का मानना है कि ईरान वैश्विक शांति और अमेरिकी हितों के लिए लगातार खतरा बना हुआ है। इस धमकी के बाद से ही कतर, बहरीन और इराक में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों पर हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। दूसरी तरफ, ईरान ने अपनी अंडरग्राउंड मिसाइल सिटीज के शटर खोल दिए हैं और सैकड़ों बैलिस्टिक मिसाइलों का रुख अमेरिकी ठिकानों की तरफ मोड़ दिया है, जिससे किसी भी वक्त युद्ध भड़कने की आशंका है।ईरान का वो रहस्यमयी 'महाबली' दोस्त कौन है जो अमेरिका से भिड़ने को तैयार हैइस पूरे विवाद में सबसे बड़ा ट्विस्ट तब आया जब वैश्विक महाशक्ति माने जाने वाले ईरान के रणनीतिक साझेदार (रूस/चीन गुट) ने इस तनाव में सीधे दखल देने की बात कही। ईरान के इस महाबली दोस्त ने अमेरिकी विस्तारवाद को रोकने के लिए अपनी नौसेना और हाइपरसोनिक मिसाइल सिस्टम को अलर्ट पर रख दिया है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अमेरिका और ईरान के बीच सीधे तौर पर तलवारें खिंचती हैं, तो यह केवल दो देशों की लड़ाई नहीं रहेगी। यह महाबली दोस्त ईरान के पीछे ढाल बनकर खड़ा हो गया है, जो इस जंग को पलक झपकते ही वर्ल्ड वॉर में बदल सकता है।खाड़ी देशों और भारत पर इस संभावित महायुद्ध का क्या होगा असरअगर अमेरिकी सेना ईरान पर हमला करती है, तो इसका सबसे पहला और घातक असर ग्लोबल ऑयल सप्लाई चेन पर पड़ेगा। होर्मुज जलडमरू मध्य (Strait of Hormuz) के बंद होने से कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू सकती हैं, जिसका सीधा असर भारत सहित पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। लोकल ऑप्टिमाइजेशन के लिहाज से देखें तो खाड़ी देशों में रहने वाले लाखों भारतीय प्रवासियों की सुरक्षा भी दांव पर लग गई है। नई दिल्ली में भी इस पूरे घटनाक्रम पर पैनी नजर रखी जा रही है और विदेश मंत्रालय ने अपनी इमरजेंसी यूनिट को एक्टिव कर दिया है।
ब्रह्मांड और अंतरिक्ष विज्ञान की दुनिया से इस वक्त एक बेहद हैरान और रोमांचित करने वाली खबर सामने आ रही है। अंतरिक्ष में सालों से चक्कर काट रहा करीब 4,500 किलोग्राम का एक विशालकाय मानव निर्मित कचरा, जिसे वैज्ञानिक 'भटका दैत्य' (Rogue Space Junk) कह रहे हैं, अब सीधे चंद्रमा की ओर बढ़ रहा है। यह भारी-भरकम टुकड़ा किसी और का नहीं, बल्कि अरबपति एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स (SpaceX) द्वारा सालों पहले लॉन्च किए गए एक रॉकेट का हिस्सा है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस लावारिस बूस्टर रॉकेट की चांद से सीधी और भीषण टक्कर होने वाली है, जिसने दुनिया भर के खगोलविदों की धड़कनें बढ़ा दी हैं।कैसे एक स्पेस मिशन का हिस्सा बन गया चांद का 'दुश्मन'यह पूरी कहानी साल 2015 से शुरू होती है, जब एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स ने डीप स्पेस क्लाइमेट ऑब्जर्वेटरी (DSCOVR) उपग्रह को अंतरिक्ष में भेजने के लिए अपने फाल्कन 9 (Falcon 9) रॉकेट को लॉन्च किया था। मिशन को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद इस रॉकेट का दूसरा चरण (बूस्टर) पृथ्वी और चंद्रमा के गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र के बीच फंस गया। ईंधन खत्म हो जाने के कारण यह पूरी तरह से नियंत्रण से बाहर हो गया और पिछले 11 सालों से अंतरिक्ष की गहराइयों में एक लावारिस भूत की तरह भटक रहा था। अब गुरुत्वाकर्षण के खेल ने इसे सीधे चांद के रास्ते पर धकेल दिया है।कितनी खतरनाक होगी यह टक्कर और कितनी रफ्तार से गिरेगा यह दैत्यनासा (NASA) और दुनिया भर के स्वतंत्र अंतरिक्ष वैज्ञानिकों ने इस कचरे के पथ की सटीक गणना की है। उनके अनुसार, यह 4500 किलो का ढांचा करीब 9,300 किलोमीटर प्रति घंटे (लगभग 2.6 किलोमीटर प्रति सेकंड) की अत्यंत तीव्र और विनाशकारी रफ्तार से चंद्रमा की सतह से टकराएगा। इस भीषण टक्कर के कारण चांद की जमीन पर एक बहुत बड़ा गड्ढा (Crater) बन जाएगा और वहां की धूल और चट्टानें अंतरिक्ष में सैकड़ों किलोमीटर ऊपर तक उछलेंगी। वैज्ञानिक इस बात को लेकर बेहद उत्सुक हैं कि इस प्रभाव से चंद्रमा की भूगर्भीय संरचना के बारे में कुछ नए रहस्य सामने आ सकते हैं।क्या भारत या दुनिया के किसी हिस्से से लाइव देखी जा सकेगी यह महा-टक्करअंतरिक्ष प्रेमियों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या वे इस ऐतिहासिक घटना को अपनी नग्न आंखों या घरेलू दूरबीन से देख पाएंगे? खगोलविदों ने साफ किया है कि यह टक्कर चंद्रमा के उस हिस्से पर होने जा रही है जो हमेशा पृथ्वी से दूर रहता है, जिसे 'फार साइड ऑफ द मून' (Far Side of the Moon) या चांद का अंधेरा हिस्सा कहा जाता है। इस वजह से पृथ्वी पर मौजूद किसी भी टेलिस्कोप से इसे लाइव देखना नामुमकिन होगा। हालांकि, चांद की परिक्रमा कर रहे नासा के लूनर रिकॉनिसेंस ऑर्बिटर (LRO) और भारत के चंद्रयान जैसे अंतरिक्ष यान इस टक्कर के बाद बनने वाले नए गड्ढे और उसके मलबे की तस्वीरें जरूर खींच सकेंगे, जो बाद में जारी की जाएंगी।
पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) से इस वक्त की बेहद विस्फोटक और बड़ी खबर सामने आ रही है। PoK में प्रदर्शनकारियों पर हुई अचानक गोलीबारी के बाद वहां की जनता का गुस्सा फूट पड़ा है और यह विरोध प्रदर्शन अब एक पूर्ण बगावत का रूप ले चुका है। इस घटना के बाद न केवल मुजफ्फराबाद बल्कि पाकिस्तान के कई प्रमुख शहरों में लोग प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर के खिलाफ खुलेआम सड़कों पर उतर आए हैं। हालात इस कदर बेकाबू हो चुके हैं कि पाकिस्तानी हुकूमत और सेना के आला अफसरों के हाथ-पांव फूल गए हैं।क्यों भड़का PoK की जनता का गुस्सा और किस बात पर हुआ बवाल?दरअसल, PoK के नागरिक पिछले काफी समय से भारी महंगाई, आटे की किल्लत, बिजली के भारी-भरकम बिलों और बुनियादी अधिकारों के हनन को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से विरोध जता रहे थे। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने इस शांतिपूर्ण आंदोलन को कुचलने के लिए बल प्रयोग किया और प्रदर्शनकारियों पर सीधी फायरिंग कर दी। गोलीबारी में कई स्थानीय नागरिकों के घायल होने और हताहत होने की खबर जैसे ही फैली, मुजफ्फराबाद, मीरपुर और पुंछ समेत पूरे इलाके में लोग हिंसक हो उठे और उन्होंने पाकिस्तानी चौकियों को घेर लिया।शहबाज शरीफ और जनरल मुनीर के खिलाफ क्यों गूंज रहे हैं आजादी के नारेइस खूनी झड़प के बाद प्रदर्शनकारियों का गुस्सा सीधे तौर पर पाकिस्तान की कठपुतली सरकार और रावलपिंडी में बैठे सैन्य आकाओं पर फूट रहा है। प्रदर्शनकारी 'शाहबाज शरीफ इस्तीफा दो' और 'पाकिस्तानी सेना वापस जाओ' के गगनभेदी नारे लगा रहे हैं। लोगों का आरोप है कि जनरल असीम मुनीर के इशारे पर पाकिस्तानी सेना PoK के प्राकृतिक संसाधनों को लूट रही है और यहां के नागरिकों को गुलामों की तरह रखा जा रहा है। बगावत की आंच अब इतनी तेज हो चुकी है कि स्थानीय पुलिस भी जनता के गुस्से के आगे बेबस नजर आ रही है।क्या पाकिस्तान के हाथ से निकल जाएगा PoK और क्या होगा इसका अंजाम?वैश्विक और रणनीतिक मामलों के विशेषज्ञों का मानना है कि PoK में भड़की यह चिंगारी पाकिस्तान के वजूद के लिए बड़ा खतरा बन सकती है। कंगाली और कर्ज के दलदल में डूबा पाकिस्तान पहले से ही आंतरिक कलह से जूझ रहा है और अब PoK में इस जनविद्रोह ने उसकी मुश्किलें सौ गुना बढ़ा दी हैं। मानवाधिकार संगठनों ने भी पाकिस्तानी सेना द्वारा नागरिकों पर किए जा रहे जुल्मों की कड़ी निंदा की है। अगर इस्लामाबाद ने तुरंत सेना को पीछे नहीं हटाया, तो यह बगावत पाकिस्तान के विभाजन की एक नई पटकथा लिख सकती है।
मिडिल ईस्ट के बाद अब यूरोप में महायुद्ध की आहट, NATO के इस कदम पर भड़का नया देश
पूरी दुनिया इस वक्त ईरान और इजरायल के बीच छिड़े भीषण संघर्ष को थामने की कोशिशों में जुटी है, लेकिन इसी बीच वैश्विक मंच पर एक और नया और बेहद खतरनाक मोर्चा खुलता नजर आ रहा है। उत्तर अटलांटिक संधि संगठन यानी नाटो (NATO) ने अपनी पूर्वी सीमाओं पर एक ऐसा आक्रामक सैन्य कदम उठाया है, जिसने सोए हुए एक और बड़े सैन्य दिग्गज को बुरी तरह भड़का दिया है। इस देश ने नाटो की इस ताजा हरकत को महज एक सैन्य अभ्यास मानने से साफ इनकार करते हुए इसे 'युद्ध की खुली तैयारी' करार दे दिया है, जिससे वैश्विक कूटनीति में हड़कंप मच गया है।नाटो ने ऐसा क्या किया जिससे अचानक भड़क उठी चिंगारीदरअसल, नाटो ने रूस और उसके सहयोगियों की सीमाओं के बेहद करीब अपने अत्याधुनिक हथियारों, लड़ाकू विमानों और हजारों सैनिकों के साथ एक बहुत बड़ा और सीक्रेट युद्धाभ्यास शुरू किया है। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य आपातकालीन स्थिति में दुश्मन के किसी भी हमले का मुंहतोड़ जवाब देना है। लेकिन नाटो की इस भारी घेरेबंदी को इस नए देश ने अपनी संप्रभुता और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक सीधे और बड़े खतरे के रूप में देखा है। इस देश के रक्षा मंत्रालय ने आधिकारिक बयान जारी कर नाटो को चेतावनी दी है कि वे अपनी हदों में रहें, वरना अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहें।ईरान जंग के बीच इस नए बवाल से क्यों बढ़ी दुनिया की धड़कनेंएक तरफ जहां लाल सागर और पूरे मिडिल ईस्ट में अमेरिका, ईरान और इजरायल के बीच बारूद बरस रहा है, वहीं दूसरी तरफ यूरोप के मुहाने पर इस नए विवाद के खड़े होने से दुनिया के रक्षा विशेषज्ञ बेहद चिंतित हैं। जानकारों का मानना है कि यदि यह तनाव थोड़ा भी और आगे बढ़ा, तो यह केवल दो देशों की जंग नहीं रह जाएगी। नाटो के आर्टिकल 5 (सामूहिक रक्षा) के चलते इसमें अमेरिका समेत दुनिया के 30 से ज्यादा शक्तिशाली देश सीधे तौर पर शामिल हो जाएंगे, जो पूरी तरह से तीसरे विश्व युद्ध (Third World War) की शुरुआत जैसा होगा।क्या वैश्विक शांति के लिए अब बहुत देर हो चुकी हैक्रेमलिन के करीबियों और इस नए मोर्चे के रणनीतिकारों का कहना है कि नाटो लगातार यूक्रेन संकट के बाद से ही अपनी सीमाओं का विस्तार करने और रूस के सहयोगियों को उकसाने की कोशिश कर रहा है। इस ताजा बवाल ने संयुक्त राष्ट्र (UN) की उन सभी कोशिशों पर पानी फेर दिया है जो दुनिया में शांति बहाल करने के लिए की जा रही थीं। अब देखना यह होगा कि क्या नाटो इस कड़े विरोध के बाद अपने कदम पीछे खींचता है या फिर यह नया सैन्य संकट पूरी दुनिया को तबाही के एक नए और गहरे दलदल में धकेल देता है।
Sri Lanka Blasts Court sentences former police chief to death; a lapse claimed the lives of over 260 people.
US Passport Ranking: कभी टॉप पर रहने वाला अमेरिकी पासपोर्ट अब क्यों हुआ कमजोर? जाने रैंकिंग में भारत का कौनसा स्थान
जापान में फिर हिली धरती, आओमोरी में 5.8 तीव्रता के भूकंप के झटके हुए महसूस,लोगों में दहशत
उत्तरी जापान में एक बार फिर से भूकंप के झटके महसूस हुए हैं। देश की मौसम एजेंसी ने बताया कि शनिवार को उत्तरी जापान के आओमोरी प्रांत में 5.8 तीव्रता का भूकंप आया।
Hamas की मदद के आरोप में ब्रिटेन में तुर्किये का नागरिक गिरफ्तार
न्यूयॉर्क, एक अगस्त (एपी) ब्रिटेन में तुर्किये के एक नागरिक को एक फर्जी अंतरराष्ट्रीय मानवीय सहायता संगठन के माध्यम से हमास को धन एवं अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने की कथित साजिश के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। इस्तांबुल निवासी मोहम्मद यूसुफ हसन (45) को शुक्रवार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। उसे न्यूयॉर्क लाए जाने से पहले प्रत्यर्पण की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। मैनहट्टन में अमेरिकी अटॉर्नी जेमी मैकडोनाल्ड ने कहा कि हसन ने मानवीय सहायता की आड़ में हमास को खाद्य सामग्री, अन्य आवश्यक वस्तुएं और धन उपलब्ध कराने के लिए संगठन के शीर्ष नेतृत्व के साथ मिलकर काम किया। अमेरिका ने हमास को विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित कर रखा है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि अमेरिका में हसन की ओर से किस अधिवक्ता द्वारा पैरवी की जाएगी। हसन के खिलाफ लगाए गए आरोपों में हमास को सामग्री सहायता उपलब्ध कराने की साजिश रचना, आतंकवाद के वित्तपोषण की साजिश रचना तथा आतंकवाद के वित्तपोषण में संलिप्त होना शामिल है। इनमें से प्रत्येक आरोप में अधिकतम 20 वर्ष के कारावास का प्रावधान है। अमेरिका की सरकार की ओर से जारी विज्ञप्ति में आरोप लगाया गया है कि हसन 2023 से हमास के शासी निकाय के सदस्य और वरिष्ठ नेता गाजी हमद के साथ मिलकर काम कर रहा था।
एक बार फिर कीव में रूस ने मचाई भीषण तबाही, मिसाइल और ड्रोन हमले में 9 लोगों की मौत, 22 घायल
यूक्रेन की राजधानी कीव रूस के एक बड़े हमले से दहल उठी। रूस ने शनिवार तड़के कीव पर बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से जोरदार हमला किया। यूक्रेनी अधिकारियों के मुताबिक, हमले में कम से कम नौ लोगों की मौत हो गई, जबकि 22 नागरिक घायल हुए हैं।
फिल्म 'धुरंधर' का पर्दा उठता है। कैमरा कराची के कुख्यात लियारी की तंग गलियों में दौड़ता है। सड़क किनारे बैठा एक शख्स, चारों तरफ सन्नाटा, तभी अचानक मोटरसाइकिल पर सवार दो नकाबपोश आते हैं। गोलियों की तड़तड़ाहट से खामोशी चकनाचूर हो जाती है। लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते हैं, हमलावर हवा में धुआं छोड़ते हुए फरार हो जाते हैं और सड़क पर खून से लथपथ पड़ा शख्स अपनी जिंदगी की जंग लड़ रहा होता है। फर्क सिर्फ इतना है कि यह किसी फिल्म का दृश्य नहीं, बल्कि पाकिस्तान के सबसे बदनाम गैंगस्टर परिवारों में से एक की असल कहानी है, जिसने एक बार फिर लियारी की खूनी विरासत को सुर्खियों में ला दिया है। हम आपको बता दें कि कराची के लियारी इलाके में गैंगस्टर उजैर बलोच के भाई जुबैर बलोच पर हुए जानलेवा हमले ने पाकिस्तान की कानून-व्यवस्था और अंडरवर्ल्ड की हलचल को फिर से चर्चा के केंद्र में ला दिया है। गुरुवार शाम करीब 40 वर्षीय जुबैर अपने घर सिंगू लेन के बाहर बैठा था, तभी मोटरसाइकिल पर आए दो नकाबपोश हमलावरों ने उस पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। सीने और पेट में कई गोलियां लगने से जुबैर गंभीर रूप से घायल हो गया। गोलीबारी की चपेट में आए दो राहगीर भी घायल हुए, जिनमें से एक की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है। इसे भी पढ़ें: Nirmal Purja समेत छह पर्वतारोही पाकिस्तान में Broad Peak पर हिमस्खलन के बाद लापता घटना के तुरंत बाद जुबैर और दोनों घायलों को सिविल हॉस्पिटल कराची ले जाया गया, जहां जुबैर की आपातकालीन सर्जरी की गई। पुलिस के मुताबिक हमलावर उस समय भाग निकले, जब पास के एक दुकानदार ने जवाबी फायरिंग कर दी। घटना के बाद सामने आए सीसीटीवी फुटेज में सड़क पर अफरा-तफरी और हमलावरों के फरार होने का दृश्य साफ दिखाई देता है। चाकीवाड़ा पुलिस और दक्षिण कराची के डीआईजी सैयद असद रजा के अनुसार मामले की कई कोणों से जांच की जा रही है। शुरुआती जांच में व्यक्तिगत दुश्मनी, पुरानी गैंगवार और आपराधिक रंजिश जैसे पहलुओं को खंगाला जा रहा है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या यह हमला जुबैर के पुराने आपराधिक इतिहास से जुड़ा है या किसी नए विवाद का नतीजा। हम आपको बता दें कि जुबैर बलोच का आपराधिक रिकॉर्ड भी कम चर्चित नहीं रहा है। वर्ष 2012 में उसे सात आपराधिक मामलों में गिरफ्तार किया गया था। लंबे समय तक जेल में रहने के बाद जनवरी 2025 में उसकी रिहाई हुई थी। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि जेल से बाहर आने के बाद उसकी गतिविधियां किन लोगों के निशाने पर आ गई थीं। दूसरी ओर, इस हमले ने एक बार फिर पाकिस्तान के कुख्यात गैंगस्टर उजैर बलोच की यादें ताजा कर दी हैं। उजैर वही शख्स है जिसने अपने चचेरे भाई और लियारी के खूंखार डॉन रहमान डकैत की 2009 में पुलिस मुठभेड़ में मौत के बाद पूरे गैंग की कमान संभाल ली थी। उसके नेतृत्व में लियारी लंबे समय तक खून-खराबे, रंगदारी, ड्रग तस्करी और राजनीतिक संरक्षण के दम पर चलने वाले संगठित अपराध का सबसे बड़ा अड्डा बना रहा। उजैर बलोच पर हत्या, पुलिस पर हमले, विस्फोटक रखने और संगठित अपराध सहित कई गंभीर मामले दर्ज हैं। मार्च 2026 में आतंकवाद निरोधी अदालत ने 2012 में कानून-व्यवस्था बलों पर हथियारों और विस्फोटकों से किए गए हमले से जुड़े सात मामलों में उसकी जमानत याचिकाएं खारिज कर दी थीं। इससे पहले अप्रैल 2020 में एक सैन्य अदालत ने उसे जासूसी के आरोप में दोषी ठहराते हुए 12 साल की सजा सुनाई थी। वह फिलहाल जेल में बंद है। दरअसल, लियारी की कहानी केवल अपराध की नहीं, बल्कि सत्ता, राजनीति और गैंगस्टरों के गठजोड़ की भी रही है। दशकों तक यह इलाका ड्रग तस्करी के रास्तों और रंगदारी के धंधे को लेकर खूनी गैंगवार का केंद्र बना रहा। रहमान डकैत और उसके कट्टर प्रतिद्वंद्वी अरशद पप्पू के बीच चली हिंसक लड़ाइयों ने लियारी की गलियों को युद्धक्षेत्र में बदल दिया था। बाद में विभिन्न राजनीतिक समूहों के संरक्षण ने इन गैंगों को और ताकत दी, जिससे पुलिस के लिए कार्रवाई करना बेहद मुश्किल हो गया। स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं का दावा है कि जुबैर बलोच पिछले कुछ महीनों से एक राजनीतिक दल से जुड़ा था और इलाके में उस पार्टी के झंडे भी लगाए गए थे। वहीं, लियारी में यह चर्चा भी तेज है कि कराची ऑपरेशन के दौरान दुबई और ईरान भागे कई पुराने गैंगस्टर अमेरिका-ईरान युद्ध के बाद फिर लौट आए हैं। इन खबरों ने स्थानीय लोगों के बीच डर पैदा कर दिया है कि कहीं लियारी एक बार फिर पुराने खूनी दौर में न लौट जाए। फिलहाल पुलिस हमलावरों की तलाश में छापेमारी कर रही है, लेकिन जुबैर बलोच पर हुआ यह हमला सिर्फ एक व्यक्ति पर हमला नहीं माना जा रहा। यह उस लियारी की दहशतभरी यादों को फिर जिंदा कर रहा है, जिसने कभी पाकिस्तान के सबसे खूनी गैंगवार का चेहरा देखा था। सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह सिर्फ व्यक्तिगत दुश्मनी का मामला है या फिर लियारी में अंडरवर्ल्ड का वह खौफनाक अध्याय दोबारा खुलने वाला है, जिसकी गूंज आज भी कराची की तंग गलियों में सुनाई देती है?
तिब्बती संसद का प्रतिनिधिमंडल भारत पहुंचा, 50+ सांसदों से की मुलाकात
राष्ट्रीय सभा की स्थायी समिति के एक प्रतिनिधिमंडल ने तिब्बती संसद की तस्वीर के लिए तिब्बती संसद से अनुरोध किया। तिब्बती संसद के सबसे युवा सदस्य खेनपो सोनम टेनफेल के नेतृत्व में 18वीं तिब्बती संसद के प्रतिनिधिमंडल ने इस महीने की 27 और 31 तारीख को बैठक की। दिल्ली में भारतीय संसद की बैठक के […]
ब्रॉड पीक पर मौत का तूफान: नेपाल के स्टार पर्वतारोही निर्मल पुर्जा हिमस्खलन में लापता, 10 की टीम पर टूटा कहर
CWG 2026: 'आपकी उपलब्धि युवा एथलीटों को प्रेरित करेगी', पीएम मोदी ने दी पदक विजेताओं को बधाई
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करने वाले भारतीय खिलाड़ियों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बधाई दी। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों की उपलब्धियां देश के युवाओं को प्रेरित करेंगी।
चीनी सरकार ने ज्ञानपो युत्से तीर्थ पर लगाया सख्त प्रतिबंध, तिब्बती तीर्थयात्रियों को रोका गया
चीनी सरकार ने घोषणा की है कि वह ज्ञानपो युत्से के तिब्बती पहाड़ों में धार्मिक गतिविधियों पर सख्त प्रतिबंध लगाएगी और पैदल समुद्र में जाने वालों को दंडित करेगी। इस महीने की 28 तारीख को, चीनी सरकार ने रमा ‘ब्रि रद्ज़ा गसुम ‘ब्युंग युल राष्ट्रीय उद्यान के प्रबंधन और नियंत्रण के संबंध में एक फरमान […]
नेपाल के मधेश इलाक़े में कांवड़ यात्रा के दौरान सांप्रदायिक हिंसा, तीन की मौत - BBC
नेपाल के मधेश इलाक़े में कांवड़ यात्रा के दौरान सांप्रदायिक हिंसा, तीन की मौत BBC नेपाल में हिंसा और आंदोलन का दिखा असर: जोगबनी से लौटे कई पर्यटक, इलाज कराने आए मरीज भी वापस लौटे, स्टेशन पर... Dainik Bhaskar मैथिली में संबोधन कर पीएम बालेन्द्र ने की मधेश-तराई को साधने की कोशिश की, National Hindi News Hindustan भारत-नेपाल बॉर्डर पर तनाव, नो मैन्स लैंड के पास पहुंचे प्रदर्शनकारी; हाई अलर्ट पर SSB Jagran नेपाल : सांप्रदायिक तनाव फैलने के बाद सप्तरी जिले में कर्फ्यू लागू Press Trust of India
California में F-35B लड़ाकू विमान दुर्घटनाग्रस्त, पायलट सुरक्षित बाहर निकला
सैन डिएगो (अमेरिका), एक अगस्त (एपी) अमेरिकी मरीन कोर ने कहा कि कैलिफोर्निया में एफ-35बी स्टील्थ लड़ाकू विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया और उसके पायलट ने समय रहते विमान से आपात स्थिति में बाहर निकलकर अपनी जान बचा ली। मरीन कोर के अनुसार, यह विमान शुक्रवार को सैन डिएगो स्थित मिरामार एयर बेस के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया। पायलट को सुरक्षित बाहर निकालकर स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी हालत स्थिर बताई गई है। उसे मामूली चोटें आई हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विमान रनवे की ओर उतर रहा था, तभी वह अचानक धीमा पड़ गया। जमीन से करीब 30 मीटर की ऊंचाई पर पायलट आपात स्थिति में विमान से बाहर निकला और पैराशूट खुलने के कुछ ही क्षण बाद विमान जमीन से टकराकर विस्फोट के साथ आग की लपटों में घिर गया। हादसे के बाद घटनास्थल पर दमकल और सैन्य बचाव दल पहुंच गया तथा आग पर काबू पाया गया। एफ-35बी, एफ-35 लड़ाकू विमान का ऐसा संस्करण है जिसे कम दूरी से उड़ान भरने और लगभग सीधी लैंडिंग करने के लिए डिजाइन किया गया है। इसकी कीमत लगभग 10.9 करोड़ अमेरिकी डॉलर है। मरीन कोर ने एक बयान में शुक्रवार की इस दुर्घटना को ‘क्लास-ए मिसहैप’ यानी सबसे गंभीर श्रेणी की सैन्य विमान दुर्घटना बताया है। इस श्रेणी में वे हादसे शामिल होते हैं जिनमें विमान पूरी तरह नष्ट हो जाए, 20 लाख डॉलर से अधिक का नुकसान हो या किसी सैन्यकर्मी की मौत हो। अमेरिकी सेना के बेड़े में एफ-35 को सबसे सुरक्षित और अत्याधुनिक लड़ाकू विमानों में गिना जाता है।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत ने अब तक का सबसे शानदार दिन बिताते हुए छह पदक जीते। जूडो में दो ऐतिहासिक स्वर्ण, एथलेटिक्स में तीन पदक और बॉक्सिंग में सभी 10 मुक्केबाजों के फाइनल में पहुंचने के साथ भारत की कुल पदक संख्या 23 हो गई।
इसी साल जनवरी में ईरान में हुए देशव्यापी प्रदर्शनों के दौरान पश्चिमी शहर खोर्रमाबाद में सुरक्षा बलों ने शोहादाये आशायर अस्पताल पर कब्जा कर लिया। अस्पताल के स्टाफ के मुताबिक, बेरहमी की इंतहा तो ये रही कि सुरक्षाबलों ने दर्जनों गंभीर रूप से घायल प्रदर्शनकारियों को इलाज के बजाय सीधे मुर्दाघर में भेज दिया। ईरान […]
भारत की नकल कर पाकिस्तान ने बनाई 'कॉकरोच पार्टी': किन मुद्दों पर लड़ेगा यह समूह, क्या है इसका प्लान?
भारत की नकल कर पाकिस्तान ने बनाई 'कॉकरोच पार्टी': किन मुद्दों पर लड़ेगा यह समूह, क्या है इसका प्लान?
PoK में कत्लेआम पर भड़के ब्रिटेन के 50 सांसद, जांच की मांग
पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर में बढ़ती हिंसा को लेकर 50 से ज्यादा ब्रिटिश सांसदों ने यूके के विदेश सचिव को पत्र लिखा है. सांसदों ने फायरिंग में हुई मौतों पर चिंता जताते हुए तुरंत कूटनीतिक हस्तक्षेप की मांग की है. वहीं एमनेस्टी इंटरनेशनल ने रावलाकोट में चुनाव से पहले हुई हिंसा को लेकर पाकिस्तान सरकार पर सवाल उठाए हैं और निष्पक्ष जांच की मांग की है.
अमेरिका-इजराइल इस हफ्ते ईरान पर कर सकते बड़ी स्ट्राइक, बिजली प्लांट और रिफाइनरी रडार पर
अमेरिका-इजराइल इस हफ्ते ईरान पर कर सकते बड़ी स्ट्राइक,बिजली प्लांट और रिफाइनरी रडार पर
Hormuz में बढ़ा तनाव, Donald Trump ने Iran को दी चेतावनी!
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि ईरान के खिलाफ आगे की कार्रवाई के विकल्पों पर विचार जारी है. व्हाइट हाउस ने कहा कि अमेरिका चाहता है कि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोले और युद्धविराम की शर्तों का पालन करे. इस बीच क्षेत्र में तनाव बरकरार है और दोनों देशों के बीच बयानबाजी भी तेज हो गई है.
मध्य पूर्व (Middle East) में भू-राजनीतिक तनाव अब तक के सबसे खतरनाक और विस्फोटक मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिका और इजरायल की ओर से संभावित सैन्य हमलों के कयासों के बीच ईरान ने अपनी आक्रामक रणनीति का खुलासा कर दिया है। ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, तेहरान ने साफ चेतावनी दी है कि यदि उस पर कोई नया हमला किया गया, तो वह इजरायल के साथ-साथ पूरे अरब क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ऊर्जा संपत्तियों और दुनिया के सबसे संवेदनशील एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को अपनी सटीक मिसाइलों से नेस्तनाबूद कर देगा। इस चेतावनी के बाद से वैश्विक स्तर पर हड़कंप मच गया है।ईरान की हिट लिस्ट में शामिल हैं अरब देशों के 7 बड़े एनर्जी हबसैन्य और खुफिया सूत्रों के अनुसार, अरब देशों और इजरायल में स्थित दुनिया की सबसे बड़ी तेल और गैस रिफाइनरियां सीधे तौर पर ईरानी गाइडेड मिसाइलों की रेंज में हैं। ईरान द्वारा जिन 7 प्रमुख ऊर्जा ठिकानों को तबाह करने की चेतावनी दी गई है, वे इस प्रकार हैं:1. घावर ऑयल फील्ड (सऊदी अरब): यह सऊदी अरब के तेल उत्पादन की रीढ़ माना जाता है। यहां किसी भी तरह की रुकावट आने का मतलब है कि दुनिया की 5 प्रतिशत से अधिक तेल आपूर्ति एक झटके में ठप हो जाएगी।2. अबकैक और खुरैस (सऊदी अरब): लगभग 70 लाख बैरल प्रतिदिन से अधिक थ्रूपुट क्षमता वाला यह दुनिया का सबसे बड़ा ऑयल स्टेबिलाइजेशन प्लांट है।3. रूवेज रिफाइनरी और जकुम ऑयल फील्ड (UAE): संयुक्त अरब अमीरात का यह दूसरा सबसे बड़ा ऑफशोर तेल क्षेत्र है, जहां रोजाना 10 लाख बैरल से अधिक तेल का उत्पादन होता है।4. नॉर्थ गदीर गैस फील्ड और रास लफान LNG (कतर): यह दुनिया का सबसे बड़ा गैस क्षेत्र है, जिसके पास वैश्विक एलपीजी/एलएनजी व्यापार का 20 प्रतिशत हिस्सा और 25 प्रतिशत प्रमाणित गैस भंडार मौजूद है।5. बर्गन ऑयल फील्ड (कुवैत): 67 अरब बैरल के विशाल भंडार और 20 लाख बैरल प्रतिदिन की क्षमता वाला यह एक बेहद महत्वपूर्ण केंद्र है।6. सितराह रिफाइनरी और अल-मिहाज (बहरीन): बहरीन की प्रमुख और रणनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील रिफाइनरी।7. लेविथान और तमार गैस फील्ड्स (इजरायल): इजरायल के सबसे बड़े और अहम प्राकृतिक गैस क्षेत्र, जो देश की ऊर्जा जरूरतें पूरी करते हैं।एक हमले से चरमरा जाएगी वैश्विक अर्थव्यवस्थासैन्य विश्लेषकों का मानना है कि यदि ईरान इन प्रमुख ऊर्जा ठिकानों पर हमला करने में कामयाब हो जाता है, तो इसका विनाशकारी असर केवल मिडिल ईस्ट तक सीमित नहीं रहेगा। पूरी दुनिया में कच्चे तेल और गैस की कीमतें आसमान छूने लगेंगी, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय सप्लाई चेन पूरी तरह चरमरा जाएगी। ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि उसकी आधुनिक मिसाइलें इन सभी ठिकानों को भेदने में पूरी तरह सक्षम हैं।रिपोर्ट्स के मुताबिक, इससे पहले 40 दिनों तक चले संघर्ष के दौरान जब ईरान के साउथ पारस ठिकानों को निशाना बनाया गया था, तब जवाब में कतर की सबसे महत्वपूर्ण गैस रिफाइनरी पर बमबारी की गई थी। उस वक्त अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रुथ सोशल पर बयान जारी कर यह वादा किया था कि ऐसी गलती दोबारा नहीं दोहराई जाएगी। बहरहाल, ईरान की इस ताजा और आक्रामक चेतावनी के बाद वाशिंगटन, तेल अवीव और खाड़ी देशों के बीच आपातकालीन बैठकों का दौर तेज हो गया है और पूरे इलाके में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है।
Russia के मिसाइल और Drone attack से यूक्रेन की राजधानी Kyiv दहली, 3 की मौत
कीव, एक अगस्त (एपी) रूस ने शुक्रवार देर रात से शनिवार तड़के तक यूक्रेन की राजधानी कीव पर बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से भीषण हमला किया जिसमें कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई और 12 से अधिक लोग घायल हो गए। स्थानीय अधिकारियों ने यह जानकारी दी। कीव के महापौर विट्टाली क्लिचको ने सोशल मीडिया मंच ‘टेलीग्राम’ पर बताया कि सोलोमियांस्की जिले में मलबा गिरने से पांच मंजिला रिहायशी इमारत क्षतिग्रस्त हो गई। आशंका है कि अब भी कई लोग इमारत के अंदर फंसे हुए हैं। उन्होंने बताया कि शेवचेंकिव्स्की जिले की एक अन्य रिहायशी इमारत की पहली और दूसरी मंजिल का हिस्सा ढह जाने से वहां भी कुछ लोगों के फंसे होने की आशंका है। क्लिचको के अनुसार, दारनित्स्की जिले में स्थित गोदामों में भी इस हमले के कारण आग लग गई। यह हमला ऐसे समय हुआ है जब महज दो दिन पहले रूस ने पूरे यूक्रेन पर बड़े पैमाने पर बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से हमला किया था। उस हमले में 10 नागरिकों की मौत हो गई थी और 50 से अधिक लोग घायल हुए थे। साथ ही, एक रूसी मिसाइल पोलैंड के हवाई क्षेत्र में भी प्रवेश कर गई थी। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदीमीर जेलेंस्की लगातार अमेरिका और अन्य पश्चिमी सहयोगी देशों से रूस के मिसाइल हमलों का मुकाबला करने के लिए पैट्रियट हवाई रक्षा प्रणाली की मांग कर रहे हैं। जेलेंस्की ने शुक्रवार देर रात बताया कि उनकी अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस से बातचीत हुई। इस दौरान उन्होंने इस सप्ताह वाशिंगटन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ हुई बैठक पर भी चर्चा की, जिसे उन्होंने ‘सकारात्मक और सार्थक’ बताया। जेलेंस्की ने ‘टेलीग्राम’ पर अपने पोस्ट में कहा, ‘‘रूस की ओर से हमारे देश पर हवाई हमले लगातार जारी हैं। बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने के लिए पैट्रियट प्रणाली के इंटरसेप्टर और हवाई रक्षा क्षमता हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता बने हुए हैं।’’जुलाई में अंकारा में आयोजित नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका यूक्रेन को पैट्रियट प्रणाली के निर्माण का लाइसेंस देगा। हालांकि, शुक्रवार को मैरीलैंड स्थित कैम्प डेविड में हुई मंत्रिमंडल की बैठक के दौरान उन्होंने कहा कि इस संबंध में अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।
Pakistan Mine Blast: 4,000 फीट गहरी खदान में विस्फोट से मची तबाही, 32 मजदूरों के शव मिले, कई की तलाश
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यूक्रेन पर रूस का भीषण हमला: कीव पर बरसाईं मिसाइलें और ड्रोन, तीन की मौत; जेलेंस्की ने US से क्या मांगी मदद? russia-launches-ballistic-missile-and-drone-attack-on-kyiv-Volodymyr-zelensky-seeks-patriot-system-from-us
Donald Trump ईरान पर नए सैन्य हमलों पर कर रहे विचार, White House ने दिए संकेत
काहिरा, एक अगस्त (एपी) अमेरिकी राष्ट्रपति के कार्यालय एवं आधिकारिक आवास व्हाइट हाउस ने संकेत दिया है कि डोनाल्ड ट्रंप ईरान पर नए सैन्य हमले करने पर विचार कर रहे हैं। अमेरिका, ईरान पर होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने और पिछले महीने दोनों देशों के बीच हुए युद्धविराम समझौते की शर्तों का पालन करने का दबाव बना रहा है। रातभर अमेरिका की ओर से ईरान पर कोई हमला नहीं किया गया। वहीं, ईरान के अर्धसैनिक बल इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (रिवोल्यूशनरी गार्ड) ने शुक्रवार को दावा किया कि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य में दो और तेल टैंकरों को निशाना बनाया है। दूसरी ओर, कुवैत ने कहा कि उसने अपने क्षेत्र में आए ड्रोन को मार गिराया। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने ईरान पर अमेरिका के साथ हुए युद्धविराम समझौते का उल्लंघन करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि तेहरान ने पिछले महीने अमेरिका के साथ युद्धविराम संबंधी एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए थे, लेकिन इसके तुरंत बाद उसने उसे तोड़ दिया, वाणिज्यिक जहाजों पर हमला किया और अमेरिकी सैनिकों की हत्या की। लेविट ने शुक्रवार शाम एक बयान में कहा, ‘‘राष्ट्रपति ट्रंप इस तरह की आतंकवादी हरकत बर्दाश्त नहीं करेंगे। जब तक ईरान राष्ट्रपति ट्रंप के अनुसार सार्थक तरीके से बातचीत की मेज पर नहीं आता, तब तक उसे इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी।’’इससे पहले शुक्रवार को ट्रंप ने संवाददाताओं से कहा था कि अमेरिका का लक्ष्य ईरान में ‘जीत हासिल करना’ है और उन्होंने संकेत दिया था कि अमेरिकी सैन्य कार्रवाई कुछ समय तक जारी रह सकती है। मैरीलैंड स्थित कैम्प डेविड में ट्रंप ने कहा, ‘‘हम उन पर बहुत कड़ा प्रहार करेंगे। एक समय ऐसा आएगा जब वे कहेंगे कि अब हम और नहीं झेल सकते।’’उधर, हमास ने शुक्रवार को पुष्टि की कि वह हथियार छोड़ने के लिए तैयार है। इसे गाजा युद्ध समाप्त करने की दिशा में एक संभावित बड़ी प्रगति माना जा रहा है, हालांकि युद्ध खत्म होने की राह में अब भी कई बड़ी बाधाएं बनी हुई हैं।
CJP Protest: कॉकरोच आंदोलन से घबराए पाकिस्तान के हुक्मरान, सब कुछ पलटे जाने का है डर
इस्लामाबाद में आयोजित पाकिस्तान इकोनॉमिक समिट को संबोधित करते हुए मोहसिन नकवी ने कहा कि देश की मौजूदा शासन प्रणाली अपनी प्रभावशीलता खो चुकी है और मौजूदा ढांचे के जरिए जटिल समस्याओं का समाधान संभव नहीं दिख रहा।
कैग की रिपोर्ट में खुलासा: गंगा का कीचड़ खेतों तक पहुंचा, सेहत पर बड़ा खतरा; एसटीपी में स्लज का निस्तारण नहीं
PM मोदी के AI मॉर्फ्ड वीडियो पर बड़ी कार्रवाई, फुटेज में देंखे मेटा इंडिया हेड समेत कई सोशल मीडिया अकाउंट हैंडलर्स पर FIR दर्ज
PoK में 'पाकिस्तानी फौज' का कत्लेआम! 50 की मौत, इस्लामाबाद तक मचा बवाल
पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में बीते तीन-चार दिनों में हुई हिंसा में 50 से ज्यादा लोगों की मौत और सैकड़ों घायल होने की बात सामने आई है. जम्मू-कश्मीर जॉइंट पीपुल्स एक्शन कमेटी के सदस्य उमर नज़ीर कश्मीरी ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर सीधी गोलीबारी की गई. रावलाकोट और मुज़फ्फराबाद में भी ऐसी घटनाएं हुईं.
क्या ईरान पर फिर बरसेंगे अमेरिकी बम ट्रंप ने बना लिया तबाही का प्लान, सेना को दिए सख्त आदेश
क्या ईरान पर फिर बरसेंगे अमेरिकी बम ट्रंप ने बना लिया तबाही का प्लान, सेना को दिए सख्त आदेश
जीवन धारा: 'हम तो हमेशा से ऐसा ही करते आए हैं' रवैया बेहद घातक; तकनीक बदल रही है, सोच भी बदलिए
जीवन धारा:'हम तो हमेशा से ऐसा ही करते आए हैं' रवैया बेहद घातक; तकनीक बदल रही है, सोच भी बदलिए
West Asia: क्या ईरान पर नहीं रुकेंगे अमेरिकी हमले? व्हाइट हाउस ने दिया जवाब; ट्रंप बोले- अब भरोसा खत्म हो रहा Donald-trump-signals-fresh-military-action-against-iran-hormuz-strait-tensions
पाकिस्तान अधिक्रांत जम्मू- कश्मीर में क्षेत्रीय विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया के दौरान लगातार हालात हिंसक एवं तनावपूर्ण हुए हैं। रावलकोट और मीरपुर में हिंसा के चलते संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी (जेएएसी) के निहत्थे प्रदर्शनकारियों पर सुरक्षा बलों ने गोली चलाकर 37 लोगों को मौत के घाट उतार दिया है। मानवाधिकार संगठनों ने पीओजेके के इन […]
Report: पत्नी की ज्यादा कमाई बढ़ा देती है तलाक का खतरा? 29 देशों के 16 साल के अध्ययन में चौंकाने वाले खुलासे---Global Study Finds Gender Inequality Still Influences Marriages and Divorce Risk Across 29 Countries
Europe: यूरोप बना आग का मैदान, तीन लाख लोग घर छोड़ने को मजबूर; लपटों ने दिखाया विकराल रूप; तोड़े सारे रिकॉर्ड--Europe Wildfires Break Records as Hundreds of Thousands Evacuate Amid Extreme Heat
ईरान पर फिर एक्शन मूड में ट्रंप, कर रहे हमले की तैयारी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान पर फिर से नए हमले की तैयारी कर रहे हैं. व्हाइट हाउस ने संकेत दिया कि इस संबंध में राष्ट्रपति ट्रंप विचार कर रहे हैं.
Spain Unrest: स्पेन में सेना क्यों बुलानी पड़ी; इटली-फ्रांस में कैसी सख्ती, यूरोपीय देशों में क्या हो रहा?---Spain Faces Massive Migrant Crisis as Thousands Enter Ceuta, Italy Suspends Schengen Travel Agreement
ईरान पर नए हमले की तैयारी कर रहा है अमेरिका? WSJ की रिपोर्ट में किया गया बड़ा दावा
वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका ईरान पर इस वीकेंड नए सैन्य हमले की तैयारी कर सकता है ताकि तेहरान को अपनी शर्तों पर वार्ता के लिए मजबूर किया जा सके। दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव से तेल कीमतों में उछाल आया है और क्षेत्रीय संघर्ष गहराने की आशंका बढ़ गई है।
'कुछ डूब गए, कई भगदड़ में दबे...' स्पेन बॉर्डर पर 57 शरणार्थियों की दर्दनाक मौत
स्पेन के सेउटा बॉर्डर पर अब तक 50,000 से ज्यादा शरणार्थी जमीन और समुद्र के रास्ते घुस आए हैं. इस घुसपैठ के दौरान अब तक 57 लोगों की मौत हो चुकी है. इनके शव स्पेनिश बॉर्डर से बरामद हुए हैं. प्रशासन का दावा है कि इनमें से लगभग 48,300 वापस मोरक्को लौट गए हैं.
West Asia Tension LIVE: ईरान से जंग में ट्रंप के तेवर और उग्र, अमेरिकी सैन्य कार्रवाई पर नई रिपोर्ट में क्या?
पाकिस्तान के मानवाधिकार आयोग (एचआरसीपी) ने बलूचिस्तान में हुए दो अलग-अलग हादसों पर गहरी चिंता जताई
सांस्कृतिक बर्बरता: AI को स्मार्ट बनाने की कैसी कीमत? सदियों पुरानी किताबें खरीदकर स्कैन कीं, फिर कर दीं नष्ट--AI Companies Accused of Destroying Rare Books After Scanning to Train Artificial Intelligence Models
सेउटा माइग्रेंट क्राइसिस: मोरक्को से 50,000+ लोगों ने स्पेन में की घुसपैठ, 57 की मौत
स्पेन के उत्तरी अफ्रीकी एन्क्लेव सेउटा में मोरक्को से आए करीब 50,000 से 60,000 लोगों के एक साथ बॉर्डर पार करने की वजह से कम से कम 57 लोगों की मौत हो गई। यह घटना सिर्फ 24 घंटे में हुई, जिससे छोटे से शहर (जनसंख्या 85,000) में अफरा-तफरी मच गई। स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज […]
Nirmal Purja समेत छह पर्वतारोही पाकिस्तान में Broad Peak पर हिमस्खलन के बाद लापता
(शिरीष बी प्रधान)इस्लामाबाद/काठमांडू, 31 जुलाई नेपाल के अनुभवी पर्वतारोही निर्मल पुर्जा दुनिया की सबसे ऊंची चोटियों में से एक पाकिस्तान की ‘ब्रॉड पीक’ पर हिमस्खलन की चपेट में आने के बाद अब भी लापता बताए जा रहे छह पर्वतारोहियों में शामिल हैं। हालांकि, बचाव कर्मियों ने शुक्रवार को खराब मौसम के बावजूद चार शव बरामद किए और तलाशी अभियान जारी है। पाकिस्तान की काराकोरम पर्वत शृंखला में के2 के निकट स्थित 8,047 मीटर ऊंची ‘ब्रॉड पीक’ दुनिया की 12वीं सबसे ऊंची चोटी है। इसे पर्वतारोहण की सबसे चुनौतीपूर्ण चोटियों में से एक माना जाता है। अल्पाइन क्लब ऑफ पाकिस्तान (एसीपी) के अनुसार, बृहस्पतिवार को लगभग 7,000 मीटर की ऊंचाई पर पहाड़ पर बर्फीला तूफान आया जिससे 10 सदस्यों वाली पर्वतारोहियों की टीम लापता हो गई। तूफान आने के वक्त यह टीम चोटी पर चढ़ने की कोशिश शुरू कर चुकी थी। एसीपी अध्यक्ष मेजर जनरल इरफान अरशद ने बताया कि शुक्रवार को बचाव अभियान के दौरान चार शव बरामद किए गए। उन्होंने मृतकों में से दो की पहचान ओमान की नाधिरा अहमद अब्दुल्ला अल हारथी और नेपाल के पुर बहादुर गुरुंग के तौर पर की। बाकी दो शवों की पहचान की आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है। बर्फीले तूफान के बाद बृहस्पतिवार सुबह करीब नौ बजे ये पर्वतारोही (जिनमें नेपाल के छह, और पाकिस्तान, ओमान, अमेरिका व चीन के एक-एक सदस्य शामिल हैं) लापता हो गए। अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि लापता पर्वतारोहण दल की तलाश के लिए चलाए गए बचाव अभियान में खराब मौसम के कारण गंभीर बाधाएं आ रही हैं। ‘द काठमांडू पोस्ट’ की रिपोर्ट के अनुसार, नेपाल के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि वह स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है। पुर्जा और गुरुंग के अलावा अन्य नेपाली पर्वतारोहियों में किली पेम्बा शेरपा, निमा शेरपा, नवांग थिंडू शेरपा और ग्यालु शेरपा हैं। लापता अन्य पर्वतारोहियों में पाकिस्तान के सोहेल सखी, चीन के वांग झोंग और अमेरिका की मैलोरी गीस शामिल हैं। नेपाल पर्वतारोहण संघ के महासचिव राज बहादुर लामा ने बताया कि निर्मल पुर्जा सहित नेपाल के पांच पर्वतारोहियों और पांच विदेशी पर्वतारोहियों का दल बृहस्पतिवार सुबह स्थानीय समयानुसार करीब नौ बजे से लापता है। यह दल लगभग 7,000 मीटर की ऊंचाई पर ब्रॉड पीक पर हुए हिमस्खलन की चपेट में आ गया था। बचाव और तलाश अभियान जारी है, लेकिन खराब मौसम के कारण राहत कार्य बुरी तरह प्रभावित हुआ है। नेपाल पर्वतारोहण संघ के पूर्व अध्यक्ष आंग छेरिंग शेरपा के अनुसार, पर्वतीय क्षेत्र में मौसम अत्यंत खराब होने के कारण हेलीकॉप्टर उतर नहीं पा रहे हैं। पूर्व गोरखा सैनिक और ब्रिटेन की स्पेशल फोर्सेज में रह चुके निर्मल पुर्जा हिमालय की ऊंची चोटियों को फतह करने वाले दुनिया के अग्रणी पर्वतारोहियों में गिने जाते हैं। 2019 में उन्होंने ‘प्रोजेक्ट पॉसिबल’ अभियान के तहत छह महीने से कुछ अधिक समय में 8,000 मीटर से ऊंची सभी 14 चोटियों पर चढ़कर इतिहास रच दिया था। पुर्जा का जन्म 25 जुलाई 1983 को गंडकी प्रांत के म्यागदी जिले में हुआ था, पर वे चितवन में पले-बढ़े। पुर्जा ने वर्ष 2003 से 16 साल तक सेना में रहे जिसमें से उन्होंने छह साल गोरखा के तौर पर और 10 साल ब्रिटिश स्पेशल फोर्सेज (एसबीएस) के सदस्य के रूप में बिताए। नेपाल के पर्यटन, संस्कृति और नागरिक उड्डयन मंत्री खड़क प्रसाद पौडेल ने इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की और कहा कि नेपाल सरकार पाकिस्तान के अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा , ‘‘पाकिस्तान में हिमस्खलन और निर्मल पुर्जा निम्स दाई तथा अन्य नेपाली पर्वतारोहियों से संपर्क टूटने की खबरों से मैं बेहद चिंतित हूं।’’पौडेल ने कहा, ‘‘हम पाकिस्तान के अधिकारियों के साथ नियमित संपर्क में हैं और स्थिति की लगातार जानकारी प्राप्त कर रहे हैं। हमारी संवेदनाएं पर्वतारोहियों और उनके परिवारों के साथ हैं। हम सभी की सुरक्षित वापसी की उम्मीद करते हैं।’’पाकिस्तान का ग्रीष्मकालीन पर्वतारोहण सत्र जून से अगस्त तक चलता है। इस दौरान अक्सर हिमस्खलन और मौसम में अचानक बदलाव जैसी घटनाएं होती रहती हैं, जिससे पर्वतारोहियों के सामने गंभीर जोखिम उत्पन्न हो जाता है। ‘अल्पाइन क्लब ऑफ पाकिस्तान’ ने एक बयान में कहा कि वह तत्काल खोज एवं बचाव अभियान शुरू कराने के लिए सरकारी अधिकारियों के संपर्क में हैं। इसमें कहा गया है कि हेलिकॉप्टर की मदद हासिल करने और उपलब्ध सभी संसाधनों को जल्द से जल्द जुटाने की हर संभव कोशिश की जा रही है। बयान में कहा गया है, ‘‘क्लब सभी पर्वतारोहियों की सुरक्षा और उन्हें सुरक्षित बचाए जाने की प्रार्थना करता है और इस मुश्किल समय में उनके परिवारों तथा अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोहण समुदाय के साथ एकजुटता से खड़ा है।
ईरान पर हमला रोकना अब मुश्किल?: अमेरिकी सीनेट में एक वोट से गिरा अहम प्रस्ताव, ट्रंप के पक्ष में गया फैसला---US Senate Rejects Bill to Limit Trump Military Action Against Iran by One Vote
भारत-पाकिस्तान युद्ध नहीं भूल पा रहे डोनाल्ड ट्रंप, इस बार बोले- दोनों चीखने-चिल्लाने लगे
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर दावा किया कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान का युद्ध रुकवाया था। ट्रंप ने कहा कि जब उन्होंने 250 फीसदी टैरिफ की धमकी दी तो दोनों नाराज हो गए और खूब चीखे-चिल्लाए।
World News: इस्राइल पर ट्रंप का नया एलान, कहा- नेतन्याहू को बचाने के लिए ICC तक संघर्ष; भारत-PAK का भी जिक्र
‘यूरोप के दरवाजे’ में दाखिल हो रहे अफ्रीकियों का बहा खून, 57 की हो गई मौत; हजारों को लौटना पड़ा
मोरक्को से बड़ी घुसपैठ के बाद स्पेन के सामने चुनौती खड़ी हो गई है। समुद्री रास्ते से तैरकर करीब 60 हजार लोग स्पेन के स्यूटा पहुंचे और इसके बाद सुरक्षाबलों से मुठभेड़ हो गई। करीब 57 लोगों की जान गई है।
अमेरिका में F-35B स्टील्थ फाइटर जेट क्रैश, बाल-बाल बचा पायलट
अमेरिका के सैन डिएगो में मरीन कॉर्प्स के F-35B स्टील्थ फाइटर जेट का मिरामार एयर बेस के पास क्रैश हो गया. पायलट ने समय रहते इजेक्ट कर लिया और सुरक्षित बच गया. मौके पर दमकल और बचाव दल सक्रिय थे और आग पर काबू पाया गया. इस हादसे को 'क्लास ए मिसहैप' घोषित किया गया है.
दैनिक भास्कर की ‘स्पाई फाइल्स’ सीरीज में आज कहानी ऑपरेशन बांग्लादेश की, जिसने पाकिस्तान के टुकड़े कर दिए… साल था 1971 और तारीख 17 जनवरी। सुबह के 8 बज रहे थे। पाकिस्तान के लरकाना ड्रिग झील में दो नाव धीरे-धीरे आगे बढ़ रही थीं। पहली नाव में थे तानाशाह राष्ट्रपति याह्या खान और दूसरी नाव में पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के फाउंडर जुल्फिकार अली भुट्टो। अचानक बत्तखों का एक झुंड ऊपर उड़ा। याह्या खान ने फायर कर दिया- ‘ठायं, ठायं…।’ निशाना चूक गया। याह्या ने झुंझलाकर पिस्टल नाव के फर्श पर पटक दी। व्हिस्की का ग्लास उठाते हुए कहा- ‘मुजीब क्या समझता है खुद को? असेंबली में बैठकर मुझे ऑर्डर देगा? इतनी औकात हो गई उसकी?’ अब भुट्टो ने अपनी पिस्टल निकाली। एक बत्तख पर निशाना साधा- ‘ठायं।’ बत्तख पानी में गिर पड़ी। भुट्टो ने गहरी सांस लेते हुए कहा- ‘जनरल साहब, आपने इलेक्शन करवाकर मुजीब के हाथ में हुकूमत दे दी।’ याह्या ने गुस्से में कहा- ‘मुझे क्या पता था कि पूरा ईस्ट पाकिस्तान उस काले बंगाली के पीछे खड़ा हो जाएगा’ भुट्टो ने कहा- ‘जनरल साहब…मुजीब को गद्दी नहीं, लाहौर की सलाखें भेंट करो।’ ‘ऐसा किया तो ढाका जल उठेगा।’ याह्या ने कहा। भुट्टो ने पिस्टल में मैगजीन डालते हुए कहा- ‘डेमोक्रेसी सिर्फ गिनती का खेल है साहब, असल हुकूमत बंदूक की नोक से ही चलती है।’ ‘ठायं।’ दोनों नाव से उतरे और अल-मुर्तजा हवेली की तरफ बढ़ गए। ये भुट्टो का खानदानी घर था। रात करीब 10 बजे याह्या खान, भुट्टो और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अब्दुल हमीद एक बंद कमरे में थे। मेज पर पूर्वी पाकिस्तान का नक्शा और फाइलें रखी थीं। जनरल हमीद ने नक्शे पर निशान लगाते हुए कहा- ‘ढाका, चटगांव, सिलहट, खुलना…इन इलाकों को बंद कर दें, तो बंगालियों के पास भागने का रास्ता नहीं बचेगा।’ भुट्टो ने सिगार का धुआं छोड़ते हुए कहा- ‘तो बंद कर दीजिए।’ जनरल हमीद- ‘फौज भेजने के लिए वक्त चाहिए।’ याह्या खान ने व्हिस्की का घूंट भरते हुए कहा- ‘हमीद, हम वक्त जुटा लेंगे। तुम तैयारी करो। मुझे बंगाली नहीं, उनकी जमीन चाहिए। किसी भी हाल में।’ क्या पाकिस्तान अपने ही मुल्क में कत्लेआम मचाने वाला था…? कहानी की शुरुआत होती है दिसंबर 1970 से। पाकिस्तान में पहली बार आम चुनाव हुए। कुल 300 सीटों में से पूर्वी पाकिस्तान के शेख मुजीब-उर-रहमान ने 167 सीटें जीत लीं। पश्चिमी पाकिस्तान के जुल्फिकार अली भुट्टो को सिर्फ 86 सीटें मिलीं। मुजीब का प्रधानमंत्री बनना तया था, लेकिन याह्या खान नहीं चाहते थे कि कोई बंगाली सत्ता संभाले। बस यहीं से बैठकों, बहसों और टालमटोल का खेल शुरू हो गया। 12 जनवरी 1971 को याह्या खान ढाका पहुंचे। मुजीब को बहुत समझाया, हर तरह का जोर लगाया, पर बात नहीं बनी। मुजीब अड़े रहे- ‘प्राइम मिनिस्टर पद से कोई समझौता नहीं होगा।’ नाराज याह्या आर्मी हेडक्वार्टर रावलपिंडी लौट गए। ठीक 15 दिन बाद… 27 जनवरी को जुल्फिकार अली भुट्टो, मुजीब को मनाने ढाका पहुंचे। तीन दिन तक वहीं डेरा डाले रहे। बैठकों का दौर चलता रहा, लेकिन सब बेनतीजा रहा। ना मुजीब पीछे हटने को तैयार हुए, ना पूर्वी पाकिस्तान के लोग झुकने के मूड में थे। अब बारूद बिछ चुका था, बस एक चिंगारी की देरी थी। इधर, भारत अपनी आंख-कान खोलकर सबकुछ देख-सुन रहा था। दरअसल, आजादी के बाद से ही भारत को एक चिंता सता रही थी- 'सिलीगुड़ी कॉरिडोर' यानी ‘चिकन नेक’। पश्चिम बंगाल का यह 22 किलोमीटर चौड़ा हिस्सा पूरे पूर्वोत्तर को भारत से जोड़ने वाला अकेला जमीनी रास्ता है। अगर जंग के दौरान पाकिस्तान इस पर कब्जा कर लेता, तो पूर्वोत्तर के सातों राज्य भारत से कट जाते। प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी तय कर चुकी थीं कि रास्ते का कांटा हटाने का यही मुफीद वक्त है। इसके लिए जरूरी था पाकिस्तान के टुकड़े करना, लेकिन सवाल था- कैसे? इस पूरे प्लान की जिम्मेदारी संभाली RAW ने। RAW के सामने पहला टारगेट था- हवाई रास्ते से पश्चिमी पाकिस्तान से पूर्वी पाकिस्तान पहुंचने वाली फौज और रसद को रोकना। 30 जनवरी को गंगा नाम का एक भारतीय विमान कश्मीर से हाईजैक कर लिया गया। आतंकियों ने विमान को लाहौर ले जाकर आग लगा दी। इंदिरा सरकार ने इस घटना को आधार बनाकर भारत के ऊपर से उड़ने वाले सभी पाकिस्तानी विमानों पर रोक लगा दी। पाकिस्तान समझ रहा था कि हाईजैकर कश्मीरी अलगाववादी हैं, लेकिन असल में वो RAW के डबल एजेंट थे। भारत ने जानबूझकर अपना विमान हाईजैक कराया था। अब पूर्वी पाकिस्तान में फौरन कोई फौजी मदद नहीं पहुंच सकती थी। पाकिस्तान के सामने समुद्र ही एक रास्ता था, जहां भारतीय नौसेना तैनात थी। तभी पाकिस्तान ने एक नई चाल चल दी… फरवरी 1971, शाम का वक्त था और जगह थी कराची। मूंगफली बेच रहे दानिश ने देखा कि दर्जनभर फौजी गाड़ियां एक कतार में एयरपोर्ट की तरफ जा रही हैं। भारी असलहों और हथियारों से लदी हुईं। तभी आसमान में जहाजों की गड़गड़ाहट गूंजी। दानिश ने ऊपर देखा- एक के बाद एक, तीन जहाज एक ही दिशा में उड़ते जा रहे थे। उसका माथा ठनका, ‘कुछ तो गड़बड़ है।’ उसने तुरंत कागज के एक टुकड़े पर कोड वर्ड में कुछ लिखा और उसे मोड़कर मूंगफली के एक खाली छिलके के अंदर ठूंस दिया। फिर स्कूटर स्टार्ट किया और एयरपोर्ट की तरफ निकल पड़ा। कुछ ही मिनटों में वह कराची एयरपोर्ट के एग्जिट गेट के सामने था। वहां रफीक नाम का शख्स पहले से उसका इंतजार कर रहा था। दुआ-सलाम के बहाने दानिश ने मूंगफली का वो पैकेट रफीक के हाथ में थमाया और चुपचाप वहां से निकल गया। रफीक, एयरपोर्ट पर लोडमास्टर का काम करता था। उसने पैकेट खोला। मूंगफली के छिलके से कागज का वो टुकड़ा निकाला, ध्यान से पढ़ा और फिर फाड़कर कूड़ेदान में फेंक दिया। अब वो रनवे की तरफ चल पड़ा। वहां उसने जो कुछ देखा, उसका दिमाग प्रेशर कुकर की तरह खौलने लगा। दो दिन बाद… दिल्ली में लोधी रोड़ पर RAW का दफ्तर। एक बंद कमरे में RAW चीफ आरएन काव और डिप्टी चीफ शंकरन नायर बैठे थे। तभी एक अफसर अंदर आया। उसने शंकरन को एक लिफाफा थमाया और चला गया। शंकरन ने लिफाफा खोला। उनकी भौंए तन गईं। तमतमा उठे। तभी RAW चीफ ने पूछा- ‘क्या हुआ?’ शंकरन ने लिफाफा RAW चीफ की तरफ बढ़ाते हुए कहा- ‘पाकिस्तान अपने पैसेंजर प्लेनों में भर-भरकर सैनिक, हथियार और बारूद ईस्ट पाकिस्तान भेज रहा है।’ ‘हमने तो अपनी एयरस्पेस बंद कर रखी है?’ काव ने लिफाफा अपने हाथ में लेते हुए कहा। शंकरन बोले- ‘वे श्रीलंका के कोलंबो में लैंड करके फ्यूल भरवा रहे हैं और वहां से सीधे ढाका। तीन प्लेन पहुंच चुके हैं।’ RAW चीफ ने गहरी सांस ली और कहा- ‘कुछ करना पड़ेगा। कोलकाता में अपने बाजों को एक्टिव करो।’ पाकिस्तानी संसद की बैठक इस्लामाबाद में होती है, लेकिन मुजीब के दबाव में इसे ढाका में करने का फैसला किया गया। 3 मार्च की तारीख तय की गई थी, लेकिन 2 दिन पहले ही बैठक रद्द कर दी गई। फिर क्या था, पूर्वी पाकिस्तान सड़कों पर उतर आया। सरकारी दफ्तर, अदालतें, बैंक सब ठप हो गए। लोगों ने हड़ताल कर दी। इससे पश्चिमी पाकिस्तान में बैठे हुक्मरान आग बबूला हो गए। 3 मार्च की शाम दिल्ली के RAW दफ्तर में एक चिट्ठी मिली। लिखा था- ‘पाकिस्तानी हुकूमत ढाका में दमन करने वाली है। कर्नल मेनन से कहिए कि वे आकर ‘हमारे दोस्तों’ को यहां से ले जाएं।’ कर्नल मेनन, शंकरन नायर का कोड नेम था और हमारे दोस्तों का मतलब था- मुजीब और उनकी पार्टी के नेता। अगले दिन RAW चीफ ने एक सीनियर अफसर पीएन बनर्जी को बुलाया और कहा- ‘आप तुरंत ढाका निकलिए और मुजीब से संपर्क करिए।’ बनर्जी उसी रोज ढाका के लिए निकल गए। 5 मार्च को वे मुजीब से मिले। बनर्जी ने कहा- 'हमारे पास पक्की खबर है। याह्या खान आपको निशाना बनाने वाले हैं। आपको यहां से निकलना चाहिए।’ मुजीब ने कहा- 'मैं मुल्क छोड़कर नहीं जाऊंगा। मैं भगोड़ा नहीं बनना चाहता। मुझे नायक की मौत मंजूर है।’ ‘एक बार ठंडे दिमाग से सोच लीजिए मुजीब साहब।’ बनर्जी ने जोर देकर कहा। मुजीब ने फौरन जवाब दिया- ‘मैं सोच चुका हूं। आप चाहें तो हमारी पार्टी के लोगों को यहां से निकालकर ले जा सकते हैं।’ बनर्जी भारत लौट आए। मुजीब को ये इनकार भारी पड़ने वाला था… इसी बीच याह्या खान ने पूर्वी पाकिस्तान का गवर्नर बदल दिया। उन्होंने अपने सबसे खूंखार कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल टिक्का खान को नया गवर्नर बना दिया। 7 मार्च को टिक्का चुपचाप ढाका पहुंच गए, लेकिन बंगालियों की बगावत जारी रही। चीफ जस्टिस बीए सिद्दीकी ने टिक्का को गवर्नर पद की शपथ दिलाने से इनकार कर दिया। गवर्नर हाउस के नौकर भाग गए। अगली सुबह मुजीब ने ऐलान किया- ‘हर घर में किले बना लो। तुम्हारे हाथ में जो कुछ भी है, उससे दुश्मन का सामना करना है। याद रखो, हम बहुत खून दे चुके हैं, जरूरत पड़ी तो और खून देंगे, लेकिन इंशा अल्लाह, अपने मुल्क को आजाद कराएंगे। जोय बांग्ला।’ 15 मार्च को याह्या खान फिर से ढाका पहुंच गए। इस बार उनके साथ आर्मी चीफ जनरल अब्दुल हमीद भी थे। एक तरफ ढाका में याह्या और मुजीब की मीटिंग हो रही थी, तो दूसरी तरफ चटगांव में पाकिस्तानी जहाजों से गोला-बारूद उतारा जा रहा था। 17 मार्च 1971, रात के 10:00 बजे। ढाका कमांड हाउस सिगार के धुएं से भरा हुआ था। टेबल पर पूर्वी पाकिस्तान का नक्शा रखा था। कोने में व्हिस्की और गिलास। लेफ्टिनेंट जनरल टिक्का खान ने अपनी मूंछों पर हाथ फेरते हुए कहा- ये बंगाली बात से नहीं मानने वाले हैं। मिलिट्री एक्शन की तैयारी करो। आर्मी चीफ अब्दुल हमीद ने सिगार का कश खींचते हुए कहा- ‘इलाका पूरा उबल रहा है, टिक्का। मुजीब का एक इशारा और बंगाली सड़कों पर उतर जाएंगे। हालात बेकाबू हो जाएंगे।’ टिक्का खान ने मेजर जनरल खादिम की तरफ इशारा करते हुए कहा- बगावत की एक चीख भी बाहर नहीं निकलनी चाहिए। सफाया कर दो सबका। खादिम हुसैन ने थोड़ा सोचते हुए कहा- सर, इसके लिए प्लान बनाना होगा। टिक्का खान- तो बनाइए प्लान। मुझे कल सुबह तक ड्राफ्ट चाहिए। कोई रहम नहीं, कोई ढील नहीं। जो बागी है, उसे ढूंढो और खत्म करो। 18 मार्च 1971, सुबह 10 बजे का वक्त। कमांड हाउस में लेफ्टिनेंट जनरल टिक्का खाना, आर्मी चीफ अब्दुल हमीद और मेजर जनरल खादिम बैठे थे। खादिम हुसैन ने नीली पेंसिल उठाई और एक पेपर पर लिखा- ऑपरेशन सर्च लाइट। यानी बगावती बंगालियों को ढूंढों और खत्म करो। ड्राफ्ट पर ऑपरेशन की कार्रवाई का डिटेल्ड प्लान लिखा हुआ था। टिक्का खान ने सिगार का लंबा कश भरते हुए कहा- अब बस बटन दबाने का इंतजार है। वक्त जल्द मुकर्रर होगा। 21 मार्च को भुट्टो भी अपने सलाहकारों के साथ ढाका पहुंच गए। अब राष्ट्रपति याह्या खाना और भुट्टो दोनों ही पूर्वी पाकिस्तान में थे। मुजीब को उलझाए रखने का ये एक बड़ा दांव था। पूर्वी पाकिस्तान की जनता इस खेल को समझ चुकी थी। वहां फौज में भी बगावत की चिंगारी सुलग चुकी थी, लेकिन कोई खुलकर सामने नहीं आ रहा था। 25 मार्च की शाम 7 बजे राष्ट्रपति याह्या खान चुपचाप कराची के लिए निकल गए। जैसे ही यह खबर फैली, ढाका की सड़कों पर लोग बैरिकेड्स लगाने लगे। पेड़ काटकर रोड ब्लॉक किया जाने लगा। बंगाली समझ चुके थे कि उनपर कहर बरपने वाली है… इधर, पूर्वी पाकिस्तान की फौजी टुकड़ियों में से चुन-चुनकर बंगालियों को अलग कर दिया गया। ताकि विद्रोह की स्थिति में वे एकजुट नहीं हों सकें। हर बैरक में पश्चिमी पाकिस्तान की फौज पहुंच चुकी थी। पैदल सेना के अलावा PT-76 टैंक तैनात थे। शाम साढ़े सात बजे, RAW दफ्तर में लगे खुफिया उपकरणों में कुछ आवाज आने लगीं। अफसरों ने जब डिकोड किया तो पता चला- ‘आज रात याह्या खाना जैसे ही कराची पहुंचेंगे, पूर्वी पाकिस्तान में कत्लेआम शुरू हो जाएगा।’ RAW चीफ ने पूछा- ‘अभी याह्या कहां हैं?’ अफसर ने बताया- ‘सर, कोलंबों में। उनका विमान फ्यूल भरवाने के लिए रुका था।’ रात करीब 8 बजे। RAW दफ्तर में फिर से एक मैसेज पहुंचा- ‘फौज मुजीब के घर पर छापा मारने वाली है। वे मुजीब को कार में बिठाकर ले जाएंगे और रास्ते में उसपर हैंडग्रेनेड फेंक देंगे। इसका दोष बंगालियों पर मढ़ देंगे।’ ढाका में मौजूद RAW के एजेंटों ने फौरन मुजीब से बात की। उनसे कहा कि अभी वक्त है यहां से निकल जाएं। मुजीब ने मना कर दिया। उन्होंने कहा- ‘मैं अपने घर में मरूंगा, तो मेरा खून मेरे लोगों को पवित्र कर देगा।’ 2 घंटे बाद ही फौज ने मुजीब का घर घेर लिया। गोलियां चलने लगीं। मुजीब ने पत्नी और बच्चों को ड्रेसिंग रूम में धकेल दिया। जब गोलियां उनके सिर के ऊपर से सनसनाते हुए गुजरने लगीं, तो वे फर्श पर लेट गए। जैसे ही दरवाजा तोड़कर फौज उनके घर में घुसी, मुजीब हाथ हवा में उठाए ड्रेसिंग रूम से बाहर आ गए। पत्नी और बच्चों को अलविदा कहने के बाद उन्होंने सरेंडर कर दिया। इधर, दिल्ली में RAW की कोर टीम मुजीब से कॉन्टैक्ट करने की कोशिश कर रही थी, लेकिन बात नहीं हो पा रही थी। उस रात RAW का पूर्वी पाकिस्तान के साथ कम्युनिकेशन पूरी तरह से ठप हो गया था। अचानक RAW को एक इनपुट मिला। ये इनपुट कराची से एजेंटों ने ISI के रेडियो मैसेज इंटरसेप्ट करने के बाद भेजा था। वो इनपुट था- ‘बड़ी चिड़िया पिंजरे में है। बाकी घोंसले में नहीं हैं। दोहराता हूं, बड़ी चिड़िया पिंजरे में है।’ RAW अफसर ने कहा- ‘बड़ी चिड़िया मतलब मुजीब गिरफ्तार हो चुके हैं। बाकी घोंसले में नहीं हैं, मतलब अवामी लीग के नेता भाग चुके हैं।’ इधर, पाकिस्तानी फौज ने कत्लेआम मचाना शुरू कर दिया। बंगालियों को ढूंढ-ढूंढकर मारा जा रहा था। फिर उनके घरों में आग लगा दी जा रही थी। एक महिला, पति के साथ कोने में दुबकी हुई थी। फौजी उसके पति को घीसटते हुए बाहर ले जाने लगे। महिला ने पति का हाथ पकड़ लिया। वह चीखने लगी- ‘कहां ले जा रहे हो। छोड़ो इसे।’ फौजी ने जोर से लात मारी। महिला दूर जा गिरी। फौजी महिला पर झपट पड़ा। उसके कपड़े फाड़ दिए। पति के सामने ही महिला से गैंगरेप किया गया। यह सिर्फ एक महिला की कहानी नहीं थी, उस रात हर घर में ऐसा ही कोहराम मचा था। फौजी घरों में घुसकर 15-20 साल की लड़कियों को उठा ले गए। उन्हें बैरकों में रखा गया और रात-दिन उनके साथ रेप हुआ। यह सिलसिला महीनों चलता रहा। उस रात जुल्फिकार अली भुट्टो ढाका में ही थे। वे शेरेटन होटल की खिड़की से शहर को जलते हुए देख रहे थे। खुशी से सिगार पी रहे थे। हर रोज हजारों लोग मारे जाने लगे। लाखों लोग भागकर भारत के पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा, असम, बिहार जैसे राज्यों में शरण लेने लगे। ये कत्लेआम, बंगालियों के साथ-साथ भारत के लिए भी मुसीबत बनता जा रहा था। इसी दौरान, 30 मार्च को अवामी लीग के कुछ नेता दिल्ली पहुंचे। RAW के जरिए उनकी मुलाकात इंदिरा गांधी से हुई। इन नेताओं ने इंदिरा से पूर्वी पाकिस्तान सीमा पर एक मुक्त क्षेत्र बनाने की मांग की। इंदिरा ने फौरन हामी भर दीं। 4 अप्रैल 1971 को, पूर्वी पाकिस्तान के फौजियों ने अपना अलग गुट बना लिया। 10 अप्रैल को अस्थाई सरकार की घोषणा कर दी गई। मुजीब-उर-रहमान को राष्ट्रपति, सैयद नजरुल इस्लाम को उपराष्ट्रपति और ताजुद्दीन अहमद को प्रधानमंत्री बनाया गया। RAW की मदद से यह सरकार कोलकाता से चल रही थी। इस बीच, इंदिरा ने असम, त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल का दौरा किया। नरसंहार की रिपोर्टों से वे इतनी दुखी थीं कि बहुत मुश्किल से बोल पा रही थीं। उनके मन में कुछ ऐसा चल रहा था, जिससे पाकिस्तान का भूगोल बदलना तय था। दिल्ली लौटकर उन्होंने कैबिनेट की बैठक बुलाई। विदेश मंत्री सरदार स्वर्ण सिंह, रक्षा मंत्री जगजीवन राम, वित्त मंत्री यशवंतराव चव्हाण और आर्मी चीफ सैम मानकशॉ बैठक में मौजूद थे। इंदिरा बेहद परेशान और गुस्से में थीं। उन्होंने कुछ फाइलें बढ़ाते हुए सेना प्रमुख से कहा- ‘सैम देखो इसे। किस तरह से लाखों शरणार्थी भारत आ रहे हैं। आप इस बारे में क्या कर रहे हैं?’ सेना प्रमुख ने तुरंत जवाब दिया- ‘कुछ भी नहीं, इसमें मैं क्या कर सकता हूं?’ इंदिरा ने सख्त लहजे में कहा- ‘आप कुछ क्यों नहीं करते?’ सैम- ‘आप मुझसे क्या चाहती हैं?’ ‘सैम, मैं चाहती हूं पूर्वी पाकिस्तान में आर्मी उतार दो।’ इंदिरा ने कहा। सैम हैरान रह गए। उन्होंने कहा- ‘क्या आप जंग चाहती हैं?’ इंदिरा ने झट से कहा- ‘मुझे नहीं पता, यदि यह जंग है तो जंग ही सही।' सैम ने कहा- 'क्या आपने बाइबल पढ़ी है?' इंदिरा ने कुछ नहीं कहा। तभी विदेश मंत्री बोल पड़े- ‘बाइबल से क्या मतलब है आपका?’ सैम ने मुस्कुराते हुए कहा- ‘बाइबल के पहले चैप्टर में लिखा है- वहां प्रकाश हो जाए, तो वहां प्रकाश हो गया। ठीक उसी तरह आप चाहते हैं कि वहां जंग हो जाए और जंग हो गई। मैं बिल्कुल तैयार नहीं हूं। सब एक दूसरे की तरफ देखने लगे। सैम ने फिर कहा- ‘15-20 दिन में मानसून शुरू हो जाएगा। पूर्वी पाकिस्तान में नदियां सागर बन जाएंगी। आप एक किनारे से दूसरे किनारे को भी नहीं देख पाएंगे।’ रक्षा मंत्री जगजीवन राम ने कहा- ‘सैम प्लीज, मान जाओ।’ सैम ने कहा- ‘मैंने अपना मत दे दिया। प्रधानमंत्री मुझे आदेश दे सकती हैं, लेकिन हार तय है।’ इंदिरा का चेहरा लाल हो गया। उन्होंने कहा- ‘हम चार बजे फिर से कैबिनेट में मिलते हैं।’ सभी उठकर जाने लगे। जैसे ही सैम अपनी कुर्सी से उठे, इंदिरा बोल पड़ीं- ‘आर्मी चीफ बैठ जाइए।’ सैम ने कहा- ‘क्या आप चाहती हैं कि मैं स्वास्थ्य के आधार पर इस्तीफा दे दूं?’ पाकिस्तान के दो टुकड़े कैसे हुए, पूरी कहानी कल यानी रविवार को दूसरे एपिसोड में पढ़िए…***** रेफरेंस : 1. The Kaoboys of RAW: Down Memory Lane : By B. Raman 2. The War That Made RAW : By Anushka Nandakumar Sandeep Saket 3. Field Marshal Sam Manekshaw : By Maj Gen Shubhi Sood 4. A Stranger in My Own Country : By Maj. Gen. Khadim Hussain Raja
साइबर क्राइम का पैसा कहां जाता है, इन्हें ठिकाने लगाने वालों तक पुलिस क्यों नहीं पहुंच पाती, अकाउंट का पता लगने पर भी रकम हाथ क्यों नहीं लगती। दैनिक भास्कर ने इन सवालों के जवाब तलाशने शुरू किए, तो म्यूल अकाउंट का पता चला। ये ऐसे बैंक अकाउंट हैं, जो दूसरों के नाम पर खुलते हैं, लेकिन इस्तेमाल साइबर अपराधी अवैध रकम इधर-उधर भेजने के लिए करते हैं। अब सवाल था कि म्यूल अकाउंट खोले कैसे जाते हैं, क्या बैंक को इनकी खबर नहीं होती? पड़ताल आगे बढ़ी, तो हम म्यूल अकाउंट खुलवाने वाले एक एजेंट तक पहुंचे। उसने हमें दिल्ली के 3 प्राइवेट बैंकों के स्टाफ और अफसरों से मिलवाया। इन्होंने 30-35 बैंकों में न सिर्फ ऐसे अकाउंट खुलवाने का दावा किया, बल्कि रकम न फंसने देने का भरोसा भी दिलाया। एजेंट और बैंक स्टाफ का ये नेटवर्क कैसे काम करता है, बैंकिग सिस्टम की किन खामियों का फायदा उठाकर ये म्यूल अकाउंट खुलवा रहे हैं, पढ़िए और देखिए पूरी रिपोर्ट... पहली मुलाकात मुकुल वर्मा से दावा: 50 हजार रुपए में सेविंग अकाउंट, कमीशन पर कॉर्पोरेट अकाउंट पहाड़गंज में रहने वाले एजेंट मुकुल वर्मा ने खुद को ऑनलाइन सट्टेबाजी वेबसाइट से जुड़ा बताया। दावा किया कि उसके पास 70-80 लड़के हैं, जिनके डॉक्यूमेंट्स पर सेविंग, करंट और कॉर्पोरेट अकाउंट खुलवाकर दे सकता है। मुकुल से हम कनॉट प्लेस पर एक रेस्टोरेंट में मिले। रिपोर्टर- आपके पास ऐसे अकाउंट खुलवाने के लिए बंदे हैं?मुकुल- हां, ऐसे लड़के हैं, जिन्होंने 2, 4, 5 हजार रुपए में अकाउंट खुलवा लिया। उन्हें सिर्फ पैसों से मतलब है। सभी बाहर के होंगे, जैसे- झारखंड, यूपी। हर हफ्ते किट के साथ कम से कम 10 अकाउंट दे सकता हूं। रिपोर्टर- किट में क्या रहेगा?मुकुल- ATM, चेक बुक, सिम कार्ड। अभी अकाउंट का रेट 40-50 हजार चल रहा है। कॉर्पोरेट (अकाउंट) के लिए बंदे को बोला है, वो पर्सेंटेज पर चलेगा। रिपोर्टर- पहले कितने पर्सेंटेज पर ले रहे थे?मुकुल- साढ़े 3 पर्सेंट पर चला रखा था। मुकुल की बातों से साफ हो गया कि वो इस नेटवर्क में महज बिचौलिया नहीं, बड़ा खिलाड़ी है। उसी ने हमें यस बैंक के स्टाफ रोहतास तक पहुंचाया। मुकुल ने पहले फोन पर बात कराई। फिर मिलने का दिन और समय तय हुआ। यहां से म्यूल बैंक अकाउंट रैकेट की कड़ियां जुड़नी शुरू हुईं। दूसरी मुलाकात रोहतास से दावा: 40-50 लाख के ट्रांजैक्शन के लिए कमीशन पर करंट अकाउंट रोहतास ने हमें यस बैंक की पहाड़गंज ब्रांच बुलाया। बातचीत के लिए हम पास के एक रेस्टोरेंट में गए। साथ में एजेंट मुकुल भी था। यहां उसने फर्जी अकाउंट खुलवाने के नेटवर्क और तौर-तरीकों का खुलासा करना शुरू किया। रिपोर्टर- दुबई से चलने वाली बेटिंग साइट के लिए अकाउंट चाहिए। सेविंग या करंट कोई भी मिल जाए, बस लिमिट अच्छी हो। रोहतास- इनमें से ज्यादातर पर साइबर क्राइम का नोटिस आ जाता है। आजकल बैकों में ऐसे अकाउंट ज्यादा खुल रहे हैं, हमें भी अलर्ट किया गया है। रिपोर्टर- मुकुल के पास झारखंड के 70-80 लड़के हैं, उन्हीं के नाम पर अकाउंट खुलना है। रोहतास- हां, खोल देंगे। अपने एक-दो साथियों से भी खुलवा देंगे। करंट अकाउंट भी मिल जाएगा। एक कस्टमर यही काम करता है। वो 10-20 लाख या 40-50 लाख के बड़े ट्रांजैक्शन के लिए अकाउंट कमीशन पर देता है। रिपोर्टर- थोड़ा ट्रांजैक्शन का बताइए, सारा सट्टे का पैसा ही आएगा।रोहतास- अकाउंट में एवरेज मंथली बैलेंस बनाकर चलना होगा, इसलिए उसमें एक दिन पैसे डालो और अगले दिन निकाल लो। एक ही दिन पैसा आने और विड्रा करने पर अकाउंट फ्रीज होने का खतरा ज्यादा है। रिपोर्टर- साइबर क्राइम से कोई अलर्ट आया, तो हमें कैसे पता चलेगा? रोहतास- अकाउंट में अलर्ट का मेमो आता है। हम अकाउंट खोलेंगे, तो उस पर नजर रखेंगे। रिपोर्टर- अकाउंट 6 महीने तो चल ही जाएंगे?रोहतास- आराम से चल जाएगा। इसके बाद रोहतास ने हमें अगली कड़ी तक पहुंचाया। उसने यस बैंक की मॉडल टाउन ब्रांच में काम करने वाले अश्वनी कुमार से बात की और हमारी मीटिंग फिक्स कराई। तीसरी मुलाकात अश्वनी कुमार से दावा: 1 करोड़ रु. लिमिट वाले अकाउंट का रेट 1.25 लाख, एक-दो अभी दिला देंगे रोहतास के भरोसे पर अश्वनी हमसे मिलकर बातचीत करने के लिए तैयार हुआ। एजेंट मुकुल भी साथ मौजूद था। अश्वनी- आपको कैसा अकाउंट खुलवाना है?रिपोर्टर- सेविंग और करंट दोनों। अश्वनी- सेविंग खुलवालो, बेस्ट रहेगा।रिपोर्टर- मुझे 50-60 अकाउंट चाहिए, लेकिन सारे लड़के झारखंड और बिहार के हैं। अश्वनी- कोई दिक्कत नहीं।रिपोर्टर- बेटिंग का पैसा आएगा, अगर कोई शिकायत आई तो कैसे पता चलेगा। अश्वनी- जैसे AML (एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग) आएगा, आपको बता देंगे कि भइया अब इसके आगे अकाउंट नहीं चलेगा। साइबर से इस पर होल्ड लगा रहा है। आप सारा पैसा हटा देना।रिपोर्टर- मतलब, साइबर वाले आएंगे। अश्वनी- हां, मेरे कस्टमर की पूछताछ मुझसे ही होगी। जवाब देना होगा कि अकाउंट कैसे और क्यों खोला।रिपोर्टर- दूसरे बैंकों में भी अकाउंट चाहिए।अश्वनी- इंडस में खुलवा देंगे। रिपोर्टर- अपने खास बंदे किसमें हैं?अश्वनी- वैसे तो 35 बैंक हैं, जहां खुलवा देंगे। सब में 5-5, 10-10 अकाउंट। रिपोर्टर- मुकुल भाई (साथ मौजूद एजेंट) अगर कोई जांच बैठी, तो लड़का नहीं मिलना चाहिए। मुकुल- वो सारे झारखंड से कुकर्म करके भागे हुए लड़के हैं, किसी ने पुलिस वाले को मारा है, कोई मर्डर करके दिल्ली में रह रहा है। रिपोर्टर- आपने पहले भी ऐसे अकाउंट खोले हैं, कितना खर्च लगेगा।अश्वनी- सेविंग और करंट अकाउंट 25 हजार से नीचे नहीं मिलेगा। रिपोर्टर- मतलब आप एक फर्जी अकाउंट के 25 हजार लेते हो।अश्वनी- हां, और वो भी कैश चाहिए। अगर आपको बना-बनाया अकाउंट चाहिए, तो वो भी मिल जाएगा। गेमिंग चलाने के लिए प्रोपराइटर करंट अकाउंट भी मिलेंगे। रिपोर्टर- सब फर्जी अकाउंट हैं।अश्वनी- फर्जी नहीं होते सर, जैसे- हमने एक दुकानदार के नाम पर अकाउंट खोल दिया। बाद में उसने दुकान बंद कर दी। बस उन्हें अकाउंट खुलवाने से मतलब होता है। अकाउंट एक्टिव होने के बाद वो बेच देते हैं। बातचीत के दौरान ही अश्वनी अकाउंट का पता लगाने के लिए एक एजेंट को फोन लगाता है… अश्वनी- सेल के लिए कोई अकाउंट है?एजेंट- 2-3 अकाउंट हैं। अश्वनी- फिर दे दो।एजेंट- कॉर्पोरेट अकाउंट हैं। अश्वनी- तुम कितना लोगे।एजेंट- 1.25 लाख दिला देना। अश्वनी- उसकी लिमिट कितनी है। एजेंट- 1 करोड़ रुपए। एजेंट से बातचीत के बाद अश्वनी ने बताया कि 1 करोड़ लिमिट वाला अकाउंट 1.25 लाख में मिल जाएगा। इसके एवज में मुझे अलग से 25 हजार चाहिए। इसके बाद रोहतास के जरिए हम सिटी यूनियन बैंक के सीनियर अफसर तक पहुंचे। उसने मुकुल को फोन पर बताया कि चांदनी चौक ब्रांच में तैनात प्रमोद से म्यूल अकाउंट खोलने की बात हुई है। उससे जाकर मिल लो। चौथी मुलाकात प्रमोद से दावा: एक एरिया में लड़कों को अलग-अलग रखवाओ, इससे फ्रॉड समझ नहीं आता प्रमोद से मिलने के बाद हम एजेंट मुकुल के साथ चांदनी चौक पहुंचे। उसने दावा किया कि अगर उसके फॉर्मूले से म्यूल अकाउंट खुलवाया तो पुलिस से खुलवाने वाला और बैंक कर्मचारी दोनों बचे रहेंगे। रिपोर्टर- हमें गेमिंग और सट्टे के पैसे के लिए अकाउंट चाहिए। रोहतास के दोस्त मुकुल के पास बंगाल के 70-80 लड़के हैं, वो आपको सारे डॉक्यूमेंट्स दे देंगे। प्रमोद- सेविंग अकाउंट तो खोल ही सकते है, उसमें क्या दिक्कत है। रिपोर्टर- हर दिन कितना ट्रांजैक्शन होगा और कैसे होगा। प्रमोद- अगर सेविंग से काम चल जाए, तो हाई वेरिएंट का अकाउंट खोल देंगे। साल भर की 30 से 50 लाख की लिमिट दे देंगे। अच्छा ATM कार्ड देंगे, ताकि किसी भी ATM से एक लाख रुपए रोज निकाल सको। रिपोर्टर- थोड़ा ट्रांजैक्शन का सिस्टम बताइए, क्योंकि अकाउंट फ्रीज होने का खतरा रहता है। पैसा UPI या NEFT से आएगा।प्रमोद- UPI नहीं, NEFT या RTGS मंगाओ। अमाउंट 50 हजार से कम हो, अगर ज्यादा है, तो 1 लाख से कम हो। सेविंग अकाउंट को उसी तरह चलाना होगा। एक दम से पैसा नहीं निकलना चाहिए। दूसरी बात हाई वेरिएंट अकाउंट होगा, तब मान लीजिए अगर 25 हजार से खोला, तो उसमें इतना ही अमाउंट छोड़ना होगा। बल्कि 5-10 हजार रुपए ज्यादा ही छोड़ना है। रिपोर्टर- ठीक है प्रमोद- आपको रात 8 बजे के बाद पैसा मंगाना है, जिससे कि एक रात पैसा अकाउंट में रुक जाए। फिर दिन में 70 से 80% पैसा आप निकाल लो। रिपोर्टर- अगले दिन। प्रमोद- हां, ATM से या कैश निकाल लो। UPI करना हो, तो वो कर लो। देखो काम ऐसे करना है कि अकाउंट फ्रीज ना हो और काम हो जाए। फिर प्रमोद अकाउंट खोलने का तरीका बताता है…. प्रमोद- पहले CA से एड्रेस चेंज का प्रोसीजर कराना होगा। दिल्ली के एड्रेस का रेंट एग्रीमेंट बनवा लेना और बिजली बिल दे देना। इनका (लड़कों) अकाउंट पहले चल रहा होगा, इसलिए उनकी विदाउट टैक्स वाली ITR भरवानी होगी। उससे तीन काम होंगे- बंदा जेन्युइन हो जाएगा। कल को अगर अकाउंट फ्रीज भी हुआ, तो हम तुरंत ITR दे सकते हैं। आपको रीटेल का बिजनेस दिखाना है। इसमें UPI पेमेंट आती-जाती दोनों है। बताना कि सदर बाजार से माल खरीदते हो और रीटेल में सप्लाई करते हो। इसका कोई लेखा-जोखा नहीं होता। रिपोर्टर- सट्टे का पैसा है, साइबर क्राइम से कोई अलर्ट आया, तो कैसे पता चलेगा?प्रमोद- मेल आने पर पता चल ही जाता है। ब्रांच में मेल आता है कि इस अकाउंट का वेरिफिकेशन कराइए यानी बंदा वहां रहता है या नहीं। अकाउंट खोलने के लिए जो बिजली बिल और रेंट एग्रीमेंट आप दोगे, बस वो एड्रेस सही मिलना चाहिए। रिपोर्टर- एड्रेस तो रहेगा, लेकिन बंदा दोबारा नहीं मिलेगा। प्रमोद- अकाउंट खोलते वक्त बंदा उस एड्रेस पर रहता था, बस इतना काफी है। उसके बाद मेरी कोई गारंटी नहीं है, एक बैंकर का काम प्रेजेंट में वेरफाई करना होता है। रिपोर्टर- फिर तो ये फर्जी अकाउंट हुआ, फर्जी पते पर बना और न बंदा दोबारा मिलेगा। प्रमोद- बंदे को उस एड्रेस पर चेक बुक रिसीव होनी चाहिए। फिर बंदा भी बरी है और खोलने वाला भी बरी है। बैंक ने एड्रेस वेरीफाई कर लिया। रिपोर्टर- ऐसे अकाउंट कितने दिन चल जाएंगे, तीन महीने चल जाएंगे क्या।प्रमोद- आराम से, लेकिन हिसाब से चलाना होगा। ये नहीं कि एक महीने में एक करोड़ का ट्रांजैक्शन कर लिया। रिपोर्टर- अलर्ट ही सबसे बड़ा टेंशन है, क्योंकि पैसा फंसने का खतरा है, बाकी चीजें मैनेज कर लेंगे। अलर्ट का आप ही बताओगे।प्रमोद- वो तो यहीं आता है, बता देंगे। रिपोर्टर- किराए पर कमरा लेकर लड़कों को रखवाना है। एक ही कमरे में 5 लोगों को रखवा देंगे और उसी एड्रेस पर डॉक्यूमेंट रिसीव करा देंगे। प्रमोद- एक एरिया में 5 लोग रखवा दो, लेकिन एक कमरे में नहीं। वरना जाहिर हो जाएगा कि आप फ्रॉड के लिए कर रहे हैं। प्रमोद से मिलकर निकले ही थे, तभी मुकुल के पास अश्वनी का फोन आया। उसने बताया कि इंडसइंड बैंक का एक कर्मचारी भी फर्जी बैंक खाते खोल देगा। उससे फोन पर हमारी बात हुई और पहाड़गंज में मीटिंग तय हुई। पांचवी मुलाकात गुलाम से दावा: बैंक अगर अकाउंट फ्रीज कर दे तो फोटो रख लेना, हम खुलवा देंगे मुकुल के साथ हम गुलाम रब्बानी से मिले। उसने मिलते ही बिना किसी झिझक के अकाउंट खुलवाने की बात शुरू कर दी। रिपोर्टर- 10-15 सेविंग अकाउंट खुलवाना है। मुकुल- सेविंग में कितनी लिमिट दे देंगे। रब्बानी- आपको कितनी चाहिए।मुकुल- डेली के 2 लाख रुपए दे दो। रब्बानी- ज्यादा दे देंगे। रिपोर्टर- अब आप ये बताओ कि ऐसे अकाउंट कितने दिन चल सकते हैं। रब्बानी- गेमिंग में तो 2-3 दिन ही चलेगा। रिपोर्टर- 2-3 दिन ही, लंबा चलाने के लिए क्या रास्ता है। रब्बानी- ज्यादा से ज्यादा 7 दिन चलेगा। रिपोर्टर- 7 दिन के बाद क्या होगा। रब्बानी- उसके बाद साइबर वाले फ्रीज कर देते हैं। अगर साइबर फ्रीज लगा है, तो उसमें हमारी कोई गलती नहीं है। बैंक ने लगाया है, तो वो खुलवा देंगे, उसमें कोई दिक्कत नहीं। रिपोर्टर- बैंक कब फ्रीज करता है। रब्बानी- जब लगता है कि ओवर ट्रांजैक्शन हो रहा है। रिपोर्टर- हमारा मेन मसला ट्रांजैक्शन का ही रहेगा। रब्बानी- वो (बैंक) फ्रीज कर देगा, तो हम एक वेरीफिकेशन लगा देते हैं कि हम गए तो कस्टमर मिला। कस्टमर के साथ फोटो खिंचवा लेना, फिर हम फ्रीज खुलवा देंगे। फिर आप पैसे निकाल सकते हो। रिपोर्टर- सारे पैसे रब्बानी- हां रिपोर्टर- ये (मुकुल) जो लड़के देगा, वो एक बार अकाउंट खुलवाने के बाद दोबारा कभी नहीं मिलेंगे। रब्बानी- अपने पास उनका एक फोटो रख लेना क्योंकि जरूरत पड़ सकती है। हमने म्यूल अकाउंट खोलने के स्टाफ के दावों को लेकर यस बैंक, इंडसइंड बैंक और सिटी यूनियन बैंक को सवाल भेजे हैं, लेकिन खबर लिखे जाने तक जवाब नहीं मिला। आने पर अपडेट करेंगे। ……………… ऑपरेशन स्कैम वर्ल्ड पर ये स्टोरी भी पढ़ें… एक लड़के पर 95 हजार कमीशन, काम भारतीयों को लूटना ‘लड़के भेज दो... एक लड़के पर 95 हजार रुपए तक कमीशन मिलेगा।’ ये ऑफर कंबोडिया में बैठे एक पाकिस्तानी एजेंट ने भास्कर रिपोर्टर को दिया। शर्त थी कि लड़के इंग्लिश बोलना जानते हो, बाकी काम कंपनी सिखा देगी। कंपनी का नाम नहीं है। वेबसाइट नहीं है। ऑफर लेटर नहीं है। इंटरव्यू टेलीग्राम पर होगा। जॉब दुनियाभर में लोगों को डिजिटल अरेस्ट करके ठगने की है। पढ़िए पूरी खबर…
Russia-Ukraine War: रूस-यूक्रेन टकराव कब थमेगा; जेलेंस्की ट्रंप से क्या बोले, दोनों के बीच मस्क का जिक्र कैसे?---Zelenskyy Seeks Trump Help to Secure Elon Mus Approval for Starlink Use in Strikes Inside Russia
रूसी सेना में फंसे भारतीयों की सुरक्षित वापसी के प्रयास जारी, 139 को मिली रिहाई : विदेश मंत्रालय
भारत के विदेश मंत्रालय (एमईए) ने बताया कि अब तक 139 भारतीय नागरिकों को रूसी सेना से मुक्त कराया जा चुका है और बाकी बचे लगभग 24 भारतीयों की रिहाई के लिए प्रयास जारी हैं।
ब्रॉड पीक में हिमस्खलन: 4 पर्वतारोहियों की मौत, निम्स दाई समेत 6 लापता
पाकिस्तान की ब्रॉड पीक पर आए भीषण हिमस्खलन में 4 पर्वतारोहियों की मौत हो गई है, जबकि 6 अन्य लापता हैं। पाकिस्तानी अधिकारियों ने शुक्रवार को इसकी पुष्टि की।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में यशवीर सिंह ने आखिरी थ्रो में 85.41 मीटर का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर कांस्य पदक जीत लिया।
गाजा में अमेरिका की 15 सूत्रीय योजना: ट्रंप का दावा- हथियार डालेगा हमास, क्या इस्राइल अब छोड़ देगा गाजा पट्टी?---Trump 15-Point Gaza Peace Plan: Hamas Agrees to Disarm, Will Israel Withdraw from Gaza Strip?
Neeraj Chopra CWG 2026: भाला फेंक स्पर्धा के फाइनल में नीरज चोपड़ा समेत तीन भारतीय, कितनी दूर फेंका जैवलिन?
नेपाल में हिंसा के बाद जबरदस्त तनाव, जानिए कैसे फैला पूरा विवाद
नेपाल के सुनसरी में भड़की सांप्रदायिक हिंसा अबकई शहरों तक फैल चुकी है. कई इलाकों में तोड़फोड़, पथराव और पुलिस से झड़प की घटनाएं देखने को मिली हैं.आधे दर्जन शहरों में कर्फ्यू का आदेश जारी किया गया. वहीं, अब तक तीन लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है.
'ईरान की मिसाइल-ड्रोन ताकत अब खत्म', ट्रंप बोले- तेज करेंगे हमले
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि ईरान की मिसाइल और ड्रोन क्षमता काफी कमजोर हो चुकी है और जरूरत पड़ने पर अमेरिका और कड़ी सैन्य कार्रवाई करेगा.
PoJK में पाकिस्तान के अत्याचारों की जांच कराए विश्व समुदाय, भारत ने की अपील
नई दिल्ली। भारत ने विश्व समुदाय से पाकिस्तान अधिक्रांत जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) में पाकिस्तान की गतिविधियों की जांच करने और वहां किए जा रहे अत्याचारों के लिए उसे जवाबदेह ठहराए जाने की अपील की है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पत्रकार वार्ता में कहा कि मीडिया जगत को भी पता है कि कैसे पाकिस्तानी […]
पाकिस्तान ने अमेरिका को दिया सबसे बड़ा धोखा, क्या US करेगा पलटवार?
पश्चिम एशिया के युद्ध क्षेत्र से आई एक सनसनीखेज रिपोर्ट ने वाशिंगटन से लेकर इस्लामाबाद तक हड़कंप मचा दिया है. खुफिया सूत्रों के हवाले से आई खबर के मुताबिक, चीन से ईरान को भेजी जा रही 400 आधुनिक एयर डिफेंस मिसाइलों और रॉकेट लॉन्चर्स की खेप किसी और रास्ते से नहीं... बल्कि पाकिस्तान की सरजमीं से होकर गुजर रही है! ये खबर सुनकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पैरों तले की जमीन खिसक गई है. देखें...
US Immigration Fraud: भारतीय वकील Suraj Raj Singh पर 4 करोड़ का जुर्माना, फर्जी Asylum आवेदन का आरोप
अमेरिका में इमिग्रेसन मामलों से जुड़े एक भारतीय मूल के वकील पर गंभीर आरोप लगने के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया है। अमेरिकी अधिकारियों का आरोप है कि उन्होंने अपने कई मुवक्किलों की ओर से कथित रूप से गलत और भ्रामक शरण आवेदन दाखिल किए। इस मामले में अब उनके खिलाफ करोड़ों रुपये के बराबर का नागरिक जुर्माना लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। हालांकि मामले की कानूनी सुनवाई अभी जारी है और अंतिम फैसला संबंधित प्राधिकरणों द्वारा लिया जाना बाकी है। मौजूद जानकारी के अनुसार, भारतीय मूल के आव्रजन वकील सूरज राज सिंह अमेरिका के विभिन्न हिस्सों में इमिग्रेसन से जुड़े मामलों की पैरवी करते हैं। बताया गया है कि उन्होंने मुख्य रूप से भारतीय मूल के लोगों के लिए शरण से संबंधित आवेदन तैयार किए और उन्हें अमेरिकी अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किया। अब अमेरिका के गृह सुरक्षा विभाग और आव्रजन एवं सीमा शुल्क प्रवर्तन एजेंसी ने उनके खिलाफ नागरिक दंड की कार्रवाई शुरू की है। अधिकारियों का आरोप है कि सूरज राज सिंह ने 54 अलग-अलग इमिग्रेसन मामलों में कुल 118 कथित रूप से फर्जी दस्तावेज तैयार कर दाखिल किए। जांच में यह भी सामने आने का दावा किया गया है कि कई आवेदनों में इस्तेमाल की गई भाषा, घटनाओं का विवरण और तथ्यों का उल्लेख लगभग एक जैसा था। यहां तक कि अलग-अलग आवेदकों द्वारा कथित उत्पीड़न की कहानी भी काफी हद तक समान पाई गई, जिससे अधिकारियों को दस्तावेजों की सत्यता पर संदेह हुआ है। बता दें कि इन्हीं आरोपों के आधार पर इमिग्रेसन एवं सीमा शुल्क प्रवर्तन एजेंसी ने सूरज राज सिंह पर अधिकतम 4 लाख 70 हजार 584 अमेरिकी डॉलर का नागरिक जुर्माना लगाने की मांग की है। भारतीय मुद्रा में इसकी अनुमानित राशि लगभग 4 करोड़ रुपये के बराबर बैठती है। हालांकि यह प्रस्तावित दंड है और अंतिम निर्णय कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही लिया जाएगा। गृह सुरक्षा विभाग के महाधिवक्ता जेम्स पर्सिवल ने कहा कि कथित रूप से फर्जी शरण आवेदन केवल आव्रजन व्यवस्था को कमजोर नहीं करते, बल्कि इससे वास्तविक जरूरतमंद लोगों के मामलों में भी देरी होती है। उनका कहना है कि ऐसे मामलों के कारण गंभीर आपराधिक पृष्ठभूमि वाले अवैध प्रवासियों के खिलाफ कार्रवाई भी प्रभावित हो सकती है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन के दौरान आव्रजन नियमों के दुरुपयोग को लेकर सख्त रुख अपनाया गया है और इस तरह के मामलों में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि गृह सुरक्षा विभाग ने बताया है कि यह कार्रवाई मई 2026 में जारी उस निर्देश के तहत की जा रही है, जिसमें कथित फर्जी शरण दावों पर सख्ती बढ़ाने के निर्देश दिए गए थे। विभाग का कहना है कि इस नीति का उद्देश्य आव्रजन प्रणाली में पारदर्शिता बनाए रखना और नियमों के दुरुपयोग को रोकना है। यह भी उल्लेखनीय है कि हाल के महीनों में यह दूसरा बड़ा मामला है, जिसमें किसी आव्रजन वकील के खिलाफ दस्तावेजों में कथित गड़बड़ी को लेकर नागरिक दंड की कार्रवाई की गई है। इससे पहले जून 2026 में भारतीय मूल के एक अन्य आव्रजन वकील विनोद दोड्डमणि को भी कथित रूप से फर्जी शरण आवेदन दाखिल करने के आरोप में 2 लाख 55 हजार अमेरिकी डॉलर से अधिक के प्रस्तावित जुर्माने का नोटिस जारी किया गया था। मौजूद जानकारी के अनुसार, सूरज राज सिंह के खिलाफ लगाए गए सभी आरोपों की कानूनी प्रक्रिया अभी जारी है। फिलहाल संबंधित एजेंसियां मामले की जांच और सुनवाई कर रही है।
अगस्त से और मजबूत होगा अल नीनो, बढ़ेगी गर्मी और बदलेगा बारिश का पैटर्न
विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) ने 2026 के अगस्त से अक्टूबर के बीच प्रबल अल नीनो की संभावना जताई है, जिससे वैश्विक तापमान में वृद्धि और वर्षा के असामान्य पैटर्न देखने को मिल सकते हैं.
'भारतीय नाविकों पर न हो हमला', जयशंकर की ईरान को दो टूक
इरानी विदेश मंत्री अराघची के साथ बातचीत से पहले एस. जयशंकर ने यूक्रेन के विदेश मंत्री आंद्री सिबिहा के सामने ब्लैक सी में कमर्शियल शिपिंग और भारतीय नाविकों पर हो रहे हमलों को लेकर चिंता जताई थी.
बीते समय की जलवायु के हिसाब से सड़कें क्यों बना रहा है जर्मनी?
गर्मी से जर्मनी के ऑटोबान हाईवे भले ही टूटने लगे हों, लेकिन वहां की सरकार अब भी पुराने मौसम के हिसाब से ही सड़कें बना रही है. इंजीनियरों को अच्छी तरह पता है कि इस समस्या को हल कैसे किया जा सकता है, तो फिर देरी क्यों
London में चीन के विवादित Super Embassy निर्माण को मिली अदालत से मंजूरी
(अदिति खन्ना)लंदन, 31 जुलाई ब्रिटेन के ‘टावर ऑफ लंदन’ के पास चीन के विवादित नये ‘सुपर दूतावास’ के निर्माण का रास्ता शुक्रवार को इंग्लैंड उच्च न्यायालय में कानूनी बाधा दूर होने के बाद साफ हो गया। ब्रिटेन की राजधानी में चीन के स्वामित्व वाली रॉयल मिंट कोर्ट साइट पर रहने वाले लोगों के एक संगठन ने इस विवादित परियोजना के लिए ब्रिटेन सरकार द्वारा दी गई निर्माण अनुमति को कानूनी चुनौती देने के लिए हजारों पौंड की राशि जुटाई थी। रॉयल मिंट कोर्ट रेजिडेंट्स एसोसिएशन (आरएमसीआरए) ने इस साल की शुरुआत में आवास, समुदाय और स्थानीय सरकार मंत्रालय तथा ‘लंदन बरो ऑफ टावर हैमलेट्स’ द्वारा लिये गए फैसले की न्यायिक समीक्षा का अनुरोध किया था। रॉयल मिंट कोर्ट रेजिडेंट्स एसोसिएशन इस क्षेत्र में रहने वाले परिवारों और व्यवसायों का प्रतिनिधित्व करता है। अदालत की रिपोर्ट के अनुसार, जस्टिस नथाली लीवेन और लॉर्ड जस्टिस जेम्स डिंगेमन्स ने कहा कि इसमें ‘कोई संदेह नहीं’ है कि सरकार ने इस बात को ध्यान में रखा था कि निर्माण अनुमति चीन सरकार द्वारा मांगी गई थी। उन्होंने फैसला दिया कि इस प्रक्रिया के दौरान निवासियों के संगठन के साथ ‘कोई अन्याय नहीं’ हुआ। एसोसिएशन ने कहा कि वह अपनी लड़ाई जारी रखेगा और इस सप्ताह उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ अपील करने के लिए जुटाए गए 2,20,000 पौंड से अधिक की राशि में और बढ़ोतरी के लिए लोगों से समर्थन मांगना जारी रखेगा। एक प्रवक्ता ने कहा, “एसोसिएशन हमेशा से इस मामले को उच्चतम न्यायालय तक ले जाने के लिए तैयार रहा है।”उन्होंने कहा, “मकसद अब भी वही है। हम इस विशाल दूतावास से हमारे निवासियों के सामने उत्पन्न होने वाले गंभीर और अनसुलझे सुरक्षा जोखिमों को स्वीकार नहीं कर सकते। साथ ही, हम अपने ऐतिहासिक इलाके को चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (सीसीपी) के यूरोपीय शक्ति केंद्र में बदलने की अनुमति नहीं देंगे।’’प्रवक्ता ने कहा, “हमने साबित कर दिया है कि जब हम एकजुट होकर खड़े होते हैं, तो हम दुनिया की सबसे बड़ी शक्तियों को भी चुनौती दे सकते हैं। अब हमें इस लड़ाई के अगले चरण में ले जाने की जरूरत है।”चीन ने 2018 में इस ऐतिहासिक स्थल को 22.5 करोड़ पौंड में खरीदा था और इसके बाद स्थानीय ‘टावर हैमलेट्स काउंसिल’ के पास इस जगह को लंदन में अपने मौजूदा दूतावास से कहीं बड़ा दूतावास बनाने की योजना पेश की थी। वर्तमान दूतावास बेकर स्ट्रीट के पास पोर्टलैंड प्लेस में है।
Pakistan में इस साल 3,000 से अधिक आतंकवादी घटनाएं दर्ज की गईं: सेना
पाकिस्तान में इस साल आतंकवाद से जुड़ी 3,000 से अधिक घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें सुरक्षा बलों सहित 800 लोगों की मौत हो गई। सेना के एक शीर्ष अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। ‘इंटर सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस’ के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने बताया कि पाकिस्तान में इस साल विभिन्न अभियानों के दौरान कुल 2,084 आतंकवादी मारे गए। इस्लामाबाद में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में चौधरी ने कहा, “साल 2026 में पाकिस्तान में 3,145 आतंकवादी घटनाएं दर्ज की गईं। इनमें से 1,971 घटनाएं खैबर पख्तूनख्वा, 1,148 बलूचिस्तान और 26 देश के अन्य हिस्सों घटीं।”उन्होंने कहा कि उक्त अवधि में रोजाना औसतन 10 आतंकवादी मारे गए, जो अब तक का सर्वाधिक औसत है। चौधरी के मुताबिक, पाकिस्तान में 2026 में हुए आतंकवादी हमलों में 819 लोग मारे गए, जिनमें सेना के 303 जवान और पुलिस तथा नागरिक सशस्त्र बल के 194 कर्मी भी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि देश में इस साल खुफिया जानकारी पर आधारित कुल 40,348 अभियान चलाए गए, जिनमें से 31,000 बलूचिस्तान में संचालित हुए। चौधरी के अनुसार, पाकिस्तान में इस साल आत्मघाती हमले की 28 घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें से अधिकतर में अफगान नागरिक और उनके सुरक्षा बलों से जुड़े लोग शामिल थे।
Sri Lanka 2019 ईस्टर संडे हमले में पूर्व पुलिस प्रमुख और नौकरशाह को मौत की सजा
श्रीलंका पुलिस के पूर्व प्रमुख पुजित जयसुंदरा और रक्षा मंत्रालय के तत्कालीन शीर्ष नौकरशाह हेमासिरी फर्नांडो को 2019 के ईस्टर संडे आतंकी हमले के मामले में शुक्रवार को मौत की सजा सुनाई गई। इस हमले में 270 से अधिक लोगों की मौत हुई थी। उच्च न्यायालय ने दोनों पूर्व अधिकारियों को पहले से मिली खुफिया चेतावनियों पर कार्रवाई नहीं करने का दोषी माना। अदालत ने कहा कि अगर समय पर कार्रवाई की जाती, तो इन हमलों को रोका जा सकता था। पुलिस के मुताबिक, 21 अप्रैल 2019 को गिरजाघरों और महंगे होटलों पर हुए सिलसिलेवार आत्मघाती बम धमाकों में 279 लोगों की मौत हुई थी तथा मरने वालों में 45 विदेशी नागरिक भी शामिल थे। जयसुंदरा और फर्नांडो को 2019 में गिरफ्तार किया गया था। चार महीने तक हिरासत में रहने के बाद उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया था। नवंबर 2021 में दोनों के खिलाफ आरोप तय किए गए थे और उन पर स्थानीय जिहादी हमले की साजिश रचने की भारतीय एजेंसियों से मिली खुफिया जानकारी की अनदेखी करने का आरोप था। उच्च न्यायालय ने फरवरी 2022 में दोनों को बरी कर दिया था और उनके खिलाफ लगाए गए सभी 855 आरोप खारिज कर दिए थे। नवंबर 2024 में अटॉर्नी जनरल द्वारा उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ दायर अपील पर उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद इस मामले की फिर से सुनवाई शुरू हुई। अटॉर्नी जनरल ने कहा था कि पिछली सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष की ओर से कोई गवाह पेश नहीं किया गया था। न्यायमूर्ति प्रियंथा लियानागे और न्यायमूर्ति तिलकरत्ने बंडारा ने बहुमत का फैसला सुनाते हुए कहा कि खुफिया जानकारी की अनदेखी के कारण 268 लोगों की मौत हुई और 586 लोग घायल हुए। पीठ ने कहा कि जयसुंदरा नागरिकों की जान की रक्षा करने और सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपनी जिम्मेदारी निभाने में विफल रहे। तीन सदस्यीय पीठ के न्यायमूर्ति विराज वीरसूरिया ने इससे अलग फैसला दिया और दोनों को बरी कर दिया था। जयसुंदरा 150 से अधिक वर्षों के इतिहास में श्रीलंका पुलिस के सबसे वरिष्ठ अधिकारी बन गए, जिन्हें मुकदमे का सामना करना पड़ा और दोषी ठहराए जाने के बाद सजा सुनाई गई।
EU ने AI कंपनियों पर निगरानी के लिए बनाई नई टीम, ब्रसेल्स में कार्यालय का विस्तार
दुनिया भर की एआई (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) कंपनियों पर लगाम लगाने के लिए यूरोपीय संघ (ईयू) ने शुक्रवार को एक नयी टीम का गठन किया। दुनिया भर में तेजी से बढ़ती एआई तकनीक से लोगों, राजनीति और अर्थव्यवस्था पर मंडराते खतरों को लेकर चिंताएं बढ़ गयी हैं। ईयू का यह दल नए नियमों के उल्लंघन के मामलों पर नजर रखेगा। इसमें यौन सामग्री का प्रकाशन, फर्जी फोटो-वीडियो और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे पर साइबर खतरे शामिल हैं। जैसे ही इस संगठन का एआई कानून लागू होगा, एआई कंपनियों के लिए यह अनिवार्य हो जाएगा कि वे उपभोक्ताओं को लेबल या डिजिटल वाटरमार्क के जरिए स्पष्ट रूप से बताएं कि तस्वीर या सामग्री एआई द्वारा बनाई गई है। ईयू के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘जैसे-जैसे नियम लागू हो रहे हैं, हम एक ऐसे एआई की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रहे हैं जिसे लोग समझ सकें, जिस पर भरोसा कर सके और जिसके लाभ पूरे समाज में साझा हों।’’ईयू अतिरिक्त 38 कर्मियों के साथ ब्रसेल्स में अपने एआई कार्यालय का विस्तार कर रहा है, जो नयी कंपनियों से लेकर ओपेनएआई और डीपसीक जैसी अमेरिकी और चीनी तकनीकी दिग्गजों तक की निगरानी करेगा।
Nepal के Saptari में सांप्रदायिक हिंसा के बाद प्रशासन ने लगाया अनिश्चितकालीन Curfew
(शिरिष बी प्रधान)काठमांडू, 31 जुलाई नेपाल के अधिकारियों ने सुनसरी जिले में हाल में हुई सांप्रदायिक हिंसा के विरोध में प्रदर्शन शुरू होने के बाद शुक्रवार को भारत की सीमा से लगे सप्तरी जिले के कुछ हिस्सों में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लगा दिया। राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल और प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने तनावपूर्ण स्थिति पर गहरी चिंता जताई तथा लोगों से शांति, एकता एवं संयम बनाए रखने की अपील की। नेपाल पुलिस ने एक बयान में बताया कि मधेश प्रांत में सांप्रदायिक हिंसा फैलाने में कथित रूप से शामिल आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक, इन आठ लोगों में से पांच को सिरहा और तीन को धनुषा से गिरफ्तार किया गया। सप्ताहांत में कोशी प्रांत के सुनसरी में सांप्रदायिक झड़पें शुरू होने के बाद से नेपाल के कई जिलों में तनाव बना हुआ है। तनाव के कारण अधिकारियों ने कर्फ्यू और निषेधाज्ञा लागू की है तथा सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। प्रधानमंत्री शाह ने मधेश प्रांत का प्रतिनिधित्व करने वाले विभिन्न राजनीतिक दलों के वरिष्ठ नेताओं के साथ शुक्रवार को बैठक की। बैठक में महंत ठाकुर, राजेंद्र महतो, सीके राउत, प्रभु शाह और समीम अंसारी समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे। शाह ने सत्तारूढ़ राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी से जुड़े मधेश क्षेत्र के सांसदों से भी मुलाकात की। बैठक में मधेशी लोगों की आजीविका और वहां जारी विकास एवं निर्माण कार्यों पर चर्चा की गई। सप्तरी जिला प्रशासन कार्यालय ने एहतियाती कदम के तौर पर राजबिराज नगरपालिका के कुछ हिस्सों में सुबह आठ बजे से कर्फ्यू लागू कर दिया। यह फैसला सांप्रदायिक झड़पों के विरोध में कुछ समूहों द्वारा प्रदर्शन किए जाने के बाद लिया गया। इस नये आदेश के बाद अब चार जिलों में कर्फ्यू लागू हो गया है। नेपाल के दक्षिणी तराई क्षेत्र में भारत की सीमा से लगे सुनसरी, धनुषा और सिरहा जिलों के कुछ हिस्सों में पहले से ही कर्फ्यू लागू है। अधिकारियों को तनाव को नियंत्रित करने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है, जिसमें अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है। बीते रविवार को दो धार्मिक समुदायों के कार्यक्रमों के दौरान हुए विवाद के बाद आपस में भिड़े समूहों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने गोलीबारी की, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और सुरक्षा कर्मियों समेत एक दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए। हिंसा उस समय शुरू हुई, जब अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित कर रहे दोनों समुदायों के लोगों के बीच लाउडस्पीकर के इस्तेमाल और धार्मिक झंडे लगाने को लेकर विवाद हो गया। बातचीत के दौरान हुई बहस ने हिंसक रूप ले लिया, जिसके बाद सुरक्षा बलों को हस्तक्षेप करना पड़ा। बृहस्पतिवार को हिंसा मधेश प्रांत तक फैल गई, जहां सिरहा जिले में हुई झड़पों में एक नाबालिग की मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया कि सुनसरी में हुई हिंसा में घायल एक व्यक्ति की कोशी प्रांत में मौत हो गई। सहायक मुख्य जिला अधिकारी होम प्रसाद घिमिरे ने बताया कि इस बीच, सीमा से लगे सरलाही जिले की जिला सुरक्षा समिति ने फैसला लिया कि सीमा पार से नेपाल में प्रवेश करने वाले लोगों के लिए वैध पहचान पत्र साथ रखना अनिवार्य होगा।
Algeria में भीषण Bus Accident: गहरी खाई में बस गिरने से 25 की मौत, 44 घायल
अल्जीरिया में शुक्रवार को एक बस दुर्घटना में कम से कम 25 लोगों की मौत हो गई, जबकि 44 घायल हो गए। अल्जीरिया के नागरिक सुरक्षा विभाग की प्रारंभिक रिपोर्ट से यह जानकारी मिली। बस यात्रियों को सेतीफ से अल्जीरिया की राजधानी अल्जीयर्स ले जा रही थी। बस अल्जीयर्स से लगभग 50 किलोमीटर दूर एल कर्मा क्षेत्र में सड़क से फिसलकर एक गहरी खाई में जा गिरी। इस घटना में 25 लोगों की मौत हो गई और 44 घायल हो गए। घटनास्थल पर बचाव दल मौजूद थे और एंबुलेंस के माध्यम से लगातार घायलों को नजदीकी अस्पतालों तक पहुंचाया जा रहा था। सरकारी टेलीविजन के अनुसार, अल्जीरिया के राष्ट्रपति अब्देलमजीद तेब्बौने ने तीन दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है। पंद्रह अगस्त 2025 को अल्जीयर्स में एक सार्वजनिक परिवहन बस पुल के सुरक्षा अवरोधक को तोड़ते हुए नीचे नदी में जा गिरी थी। इस नदी में शहर का सीवेज (मलजल) प्रवाहित होता है। उस दुर्घटना में 18 लोगों की मौत हुई थी और 21 लोग घायल हुए थे।
कुलगाम में आतंकी हमला, गैर-कश्मीरियों को मारी गोली, 1 की मौत - ABP News
कुलगाम में आतंकी हमला, गैर-कश्मीरियों को मारी गोली, 1 की मौत ABP News J-K: कुलगाम में आतंकियों ने दो गैर-कश्मीरी मजदूरों को मारी गोली, एक की मौत AajTak कश्मीर में टारगेट किलिंग में एक की हत्या: आतंकवादियों ने कुलगाम में मजदूरों पर फायरिंग की, एक घायल, सर्च ऑप... bhaskar.com जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में आतंकियों ने बरसाईं गोलियां, एक की मौत, National Hindi News Hindustan जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में 'टारगेट किलिंग': आतंकियों की फायरिंग में एक गैर-स्थानीय मजदूर की मौत, दूसरा गंभीर Amar Ujala
भारत बॉर्डर केस: बम भोले बोलते ही नेपाल में हो गया बवाल
Nepal Violence: नेपाल के सुनसरी जिले से शुरू हुई सांप्रदायिक हिंसा अब कई शहरों तक फैल चुकी है. कई इलाकों में कर्फ्यू लागू है, नेपाली सेना तैनात है और हेलिकॉप्टर से निगरानी की जा रही है. हिंसा में कई लोगों की मौत और दर्जनों के घायल होने की खबर है.इस बीच भारत-नेपाल सीमा से लगे बिहार के सीमावर्ती जिलों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है. सीमा पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और आने-जाने वाले लोगों की सघन जांच की जा रही है.
PoJK में चुनाव पर भारत सख्त! पाकिस्तान को सुनाई खरी-खरी, बर्बरता और अधिकारों के मुद्दे पर उठाए सवाल
PoJK में चुनाव पर भारत सख्त! पाकिस्तान को सुनाई खरी-खरी, बर्बरता और अधिकारों के मुद्दे पर उठाए सवाल
आज लोकसभा और राज्यसभा, दोनों सदनों की कार्यवाही विपक्ष के विरोध और नारेबाजी के कारण हंगामे की भेंट चढ़ गई। लोकसभा में राम मंदिर चंदे में कथित गड़बड़ी का मुद्दा उठाने के लिए विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में प्रदर्शन किया। पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव पुजारी वेश में पहुंचे और कथित चंदा चोरी को लेकर प्रतीकात्मक नाटकीय विरोध जताया। इस दौरान राहुल गांधी भी प्रदर्शन में शामिल हुए और दान पेटी में पैसे डालने की कोशिश की। विपक्ष के इस प्रदर्शन पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने सदन में अलग-अलग वेश-भूषा में आने वाले सांसदों को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि सदन की मर्यादा बनाए रखना सभी सदस्यों की जिम्मेदारी है। राम मंदिर चंदे पर संसद परिसर में ‘नाटक’ शुक्रवार को संसद परिसर में विपक्ष ने अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे और कथित चंदा चोरी को लेकर प्रदर्शन किया। पप्पू यादव ने भगवा कपड़े पहनकर मंदिर के पुजारी का रूप धारण किया और एक प्रतीकात्मक ‘चंदा चोरी’ का प्रदर्शन किया। राहुल गांधी इस प्रदर्शन में पहुंचे और दान पेटी में पैसे डालने की कोशिश करते नजर आए। इस प्रदर्शन के जरिए विपक्ष ने राम मंदिर में चढ़ावे की कथित हेराफेरी का मुद्दा उठाने की कोशिश की। बिड़ला ने सांसदों को चेताया लोकसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू हुई। विपक्षी सांसद प्रश्नकाल के दौरान भी विभिन्न मुद्दों को लेकर विरोध कर रहे थे। इस पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने सदस्यों से सदन की कार्यवाही बाधित नहीं करने को कहा। बिड़ला ने कहा कि प्रश्नकाल में नियोजित तरीके से व्यवधान पैदा करना उचित नहीं है। सदन में तख्तियां और बैनर लेकर आने पर भी उन्होंने आपत्ति जताई और इसे संसदीय मर्यादा के अनुरूप नहीं बताया। पप्पू यादव के भगवा वेश में संसद पहुंचने और प्रदर्शन के संदर्भ में भी अध्यक्ष ने अलग-अलग वेशभूषा में आने वाले सदस्यों को चेतावनी दी। चंदा चोरी की तख्तियों के बीच बिल पास हंगामे और लगातार समझाइश के बीच लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई। कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर पीठासीन अधिकारी दिलीप सैकिया ने सदस्यों से दस्तावेज सदन के पटल पर रखने को कहा। विपक्ष का विरोध हालांकि जारी रहा। इसी दौरान दोपहर करीब 12 बजकर 6 मिनट पर पंजीकरण जन्म और मृत्यु (संशोधन) विधेयक, 2026 लोकसभा में पारित कर दिया गया। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष पर बिल पर चर्चा से बचने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से कांग्रेस और विपक्षी सांसदों से विधेयक पर चर्चा में शामिल होने की बार-बार अपील की गई, क्योंकि यह महत्वपूर्ण विधेयक है। रिजिजू के बोलने के दौरान विपक्षी सांसदों ने राम मंदिर चंदे से जुड़ी तख्तियां लहराईं और नारेबाजी की। लगातार हंगामे के बाद लोकसभा की कार्यवाही 3 अगस्त सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। राज्यसभा में भी नारेबाजी राज्यसभा की कार्यवाही भी शुक्रवार सुबह 11 बजे शुरू हुई। सभापति सीपी राधाकृष्णन ने शून्यकाल की घोषणा की, लेकिन विपक्षी सांसद विभिन्न मुद्दों को लेकर नारेबाजी करने लगे। विपक्ष की ओर से जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई समेत कई मुद्दे उठाए गए। हंगामे के बीच केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विपक्ष के रवैये पर नाराजगी जाहिर की और सदन में व्यवस्था बनाए रखने की अपील की। विपक्षी सांसदों की नारेबाजी जारी रहने के कारण राज्यसभा की कार्यवाही भी ज्यादा देर नहीं चल सकी और करीब 11 बजकर 21 मिनट पर सदन को 3 अगस्त सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया। वीडियो देखने के लिए ऊपर थंबनेल पर क्लिक करें…
सांप्रदायिक हिंसा की आग में जल रहा नेपाल, देखें अब कैसे हैं हालात
नेपाल में भड़की सांप्रदायिक हिंसा की चपेट में अब कई जिले आ गए हैं. हिंसा की शुरुआत हुई सुनसरी जिले से, जिसने अब कई जिलों को अपनी चपेट में ले लिया है और इसका दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है. नेपाल में भड़की हिंसा में अब तक 3 लोगों की जान जा चुकी है. स्थिति को काबू में करने के लिए सेना की भी तैनाती की गई है. लेकिन हालात काबू में नहीं आ रहे हैं.
आसिम मुनीर को धमकी, PoK में 40 की मौत पर भड़के प्रदर्शनकारी
PoK में आसिम मुनीर और शहबाज़ शरीफ ने मिलकर कत्लेआम मचा रखा है. भले ही मुनीर की फौज PoK वालों पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा रही है, लेकिन अपने हक की आवाज़ उठाने वाले प्रदर्शनकारी, पीछे हटने को तैयार नहीं हैं. PoK में जम्मू-कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी यानी JAAC अब आर-पार पर उतर आई है. देखें...
Russia-India Oil Deal: भारत-रूस की यारी के सामने अमेरिकी बैन फेल! 3 मिलियन बैरल का नया रिकॉर्ड
जब दुनिया में संकट गहराया, तब एक पुरानी दोस्ती भारत की सबसे बड़ी ताकत बन कर उभरी। पश्चिमी देशों के कड़े प्रतिबंधों के बीच कयास लगाए जा रहे थे कि भारत का एनर्जी सेक्टर संकट में आ जाएगा। लेकिन आज जो खबर वाशिंगटन से लेकर यूरोप तक हलचल मचा रही है, उसने सारे समीकरण बदल दिए हैं। भारत और रूस मिलकर तेल आयात का एक ऐसा नया रिकॉर्ड बनाने जा रहे हैं, जिसकी कल्पना शायद किसी ने नहीं की थी। आख़िर क्या है वो रिपोर्ट जिसने ग्लोबल ऑयल मार्केट में खलबली मचा दी है? ग्लोबल कमोडिटी इंटेलिजेंस फर्म केप्लर का कहना है कि भारत का रूस से कच्चे तेल यानी कि क्रूड ऑयल का आयात लगभग 30 लाख बैरल प्रतिदिन के रिकॉर्ड स्तर को छू सकता है। लेकिन ये खबर सिर्फ तेल की नहीं है। यह खबर तब आ रही है जब अमेरिका में नए टेरिफ बिल को लेकर चर्चाएं तेज है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या भारत अमेरिका के संभावित दबाव के आगे झुकेगा? या फिर अपनी रणनीतिक स्वायत्तता को बरकरार रखते हुए रूस के साथ इस रिकॉर्ड तेल आयात को अंजाम देगा। इसे भी पढ़ें: Russia-Ukraine War में फंसे भारतीयों पर Supreme Court सख्त, MEA को नोडल अफसर नियुक्त करने का आदे दरअसल इस पूरी खबर के पीछे एक बड़ा कारण है लाल सागर यानी रेड सी और स्ट्रेट ऑफ हॉर्मोस में बढ़ता हुआ तनाव। कैप्टनर की रिपोर्ट बताती है कि अगर रेड सी में सप्लाई बाधित होती है तो भारतीय रिफाइनरियों के पास रूस ही सबसे भरोसेमंद विकल्प बचेगा। भारत ने पिछले कुछ सालों में अपनी तेल खरीद को काफी ज्यादा डायवर्सिफाई कर लिया है। चाहे वो वेनेजुएला हो, अफ्रीका हो या अटलांटिक बेसिन। लेकिन जब बात बफर की आती है तो रूस का कोई भी मुकाबला नहीं है। सऊदी अरब का ईस्ट वेस्ट पाइपलाइन भारत को कुछ राहत तो देता है लेकिन वो रूस की विशाल सप्लाई की बराबरी नहीं कर सकता। रूस भारत के लिए एक हैच की तरह काम करता है। यानी दुनिया में कहीं भी सप्लाई रुके। रूस भारत की जरूरतों को पूरा करने के लिए खड़ा है। केप्लर की लीड एनालिस्ट सुमित रितोलिया का मानना है कि अनुकूल परिस्थितियों में रूस से शिपमेंट 30 लाख बैरल प्रतिदिन से भी ऊपर जा सकता है। हालांकि इसमें कुछ चुनौतियां भी हैं। रूस के ऊर्जा ढांचे पर यूक्रेन के साथ चल रहे संघर्ष के कारण हमले हो रहे हैं। जुलाई में रूस का निर्यात पहले की तुलना में कम भी हुआ है। इसके बावजूद भारत की रिफाइनरियों ने अपनी रणनीति को इतना लचीला बनाया है कि वह रूस से अधिक तेल खरीद कर भी शॉर्ट टर्म गैप को भर सकती हैं। इसे भी पढ़ें: Russia-Ukraine War: Trump की शांति पहल के बीच Kyiv पर मिसाइल वर्षा, क्या पुतिन अब और बढ़ाएंगे युद्ध? वैसे यहां एक टेक्निकल बात समझना बेहद जरूरी हो जाता है। रूस के इन ओरस्कियस एक्सपोर्ट टर्मिनल की भी भूमिका बहुत ज्यादा महत्वपूर्ण है। यह सिर्फ रूस का ओरसल तेल ही नहीं बल्कि कजाकिस्तान का तेल भी दुनिया तक पहुंचाता है। अगर ब्लैक सी में कोई बड़ी बाधा उत्पन्न होती है तो पूरी दुनिया में तेल की कीमतें आसमान छू सकती हैं। भारत इसी रिस्क को मैनेज करने के लिए रूस के साथ अपने संबंधों को और मजबूत कर रहा है। तो क्या भारत अमेरिका के टेरिफ बिल से पहले यह बड़ा कदम उठाएगा? जानकारों का मानना है कि भारत ने हमेशा ही इंडिया फर्स्ट की नीति अपनाई है। रूस से सस्ता तेल ना केवल हमारी अर्थव्यवस्था को महंगाई से बचाता है बल्कि हमारी रिफाइनरी को भी दुनिया के कंपटीशन में बनाए रखता है। खैर 30 लाख बैरल ऑयल प्रतिदिन का यह आंकड़ा सिर्फ एक नंबर नहीं है बल्कि यह भारत की बढ़ती हुई आर्थिक ताकत और उसकी स्वतंत्र विदेश नीति का प्रमाण है। रूस के साथ यह दोस्ती भविष्य में भारत को एनर्जी के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा मील का पत्थर साबित होगी।
'यूरोप के दरवाजे' में घुस रहे 57 अफ्रीकियों को स्पेन ने क्यों मारा?
स्पेन की पुलिस बॉर्डर पर अलर्ट खड़ी है. पुलिस की गोलियों से अंदर घुसने की कोशिश कर रहे कई प्रवासियों की मौत हो चुकी है. 'यूरोप का दरवाजा' कहा जाने वाला स्यूटा शहर में प्रवासियों की बाढ़ ने इस शहर में कानून-व्यवस्था का संकट खड़ा कर दिया है.
मर्जी से काम, घंटे के हिसाब से कमाई और बॉस की चिकचिक से दूर... युवा क्यों बन रहे गिग वर्कर्स? Jagran गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स को सोशल सिक्योरिटी कोड के तहत मिली कानूनी मान्यता: श्रम मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया News On AIR Jobs For 10th-12th: कम पढ़े लिखे लोगों के लिए आ रहीं 1.6 करोड़ नौकरियां, होगी बंपर कमाई News18 Hindi Gig Workers: देश में गिग जॉब्स का बड़ा उछाल? 2030 तक 2 करोड़ कामगार, महिलाओं की हिस्सेदारी अब भी सिर्फ 1% Amar Ujala गिग वर्कर्स के हितों की रक्षा के लिए नयी श्रम संहिताओं में पर्याप्त प्रावधान: सरकार univarta.com
'गाजा से इजरायली सेना वापस नहीं बुलाई तो ट्रंप...', US की नेतन्याहू को सीधी वॉर्निंग
गाजा के पुनर्निर्माण के लिए 20-सूत्रीय प्लान को अगर इजरायल आगे बढ़ने से रोकता है, तो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप नाराज हो सकते हैं. यह जानकारी एक अमेरिकी अधिकारी ने दी है.
पाकिस्तान जाएंगे पीएम मोदी? इस्लामाबाद से क्या बड़ा ऐलान होने वाला है!
क्या पाकिस्तान जाएंगे पीएम मोदी पाकिस्तान में ऐसा क्या हो रहा है कि जिसमें पीएम मोदी को बुलाने की तैयारी शुरू हो गई है क्या पाकिस्तान अपने कुकर्मों की पीएम मोदी से मांगेगा माफ। पाकिस्तान ने ऐसा क्या ऐलान किया है जिसने भारत को भी चौंका दिया है। इआप चौंक रहे होंगे कि आखिर ऐसा कैसे हो सकता है कि पीएम मोदी मोदी पाकिस्तान जाएं। वो भी तब जब लगातार पाकिस्तान बॉर्डर पर तनाव बढ़ाने वाली हरकतें कर रहा है। अपने पालतू आतंकियों को भारतीय सीमा में घुसपैठ कराने के लिए आए दिन बॉर्डर पर गोलीबारी करता रहता है। पहलगाम हमले के बाद से ही पाकिस्तान और भारत के बीच किस तरह से तनाव की स्थिति बनी हुई है। क्या ऐसे हालातों के बीच पीएम मोदी पाकिस्तान जा सकते हैं? इसे भी पढ़ें: Jammu के खौर सेक्टर में सेना की बड़ी कार्रवाई, Pakistan का Chinese Drone मार गिराया दरअसल कुछ ही महीने बाद पाकिस्तान में एसइओ समिट होने वाला है क्योंकि इस बार एसइओ शिखर सम्मेलन की मेजबानी पाकिस्तान ही कर रहा है। लेकिन पाकिस्तान ने औपचारिक रूप से यह संकेत दे दिए हैं कि वो इस्लामाबाद में होने वाले एसइओ शिखर सम्मेलन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आमंत्रित करेगा। दरअसल पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने मीडिया ब्रीफिंग में भारत और एसइओ समिट को लेकर कई महत्वपूर्ण बातें कही हैं। लेकिन जब उनसे पत्रकारों ने पूछा कि क्या अगले साल इस्लामाबाद में होने वाले एससीओ शिखर सम्मेलन में भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आमंत्रित किया जाएगा। तो इस पर पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्रावी ने कहा कि एससीओ के सभी मेंबर देशों को सम्मेलन में आमंत्रित किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसमें सभी सदस्य देशों के राष्ट्र अध्यक्ष और शासन अध्यक्ष भी शामिल हैं। इसे भी पढ़ें: POJK में प्रदर्शनकारियों पर बर्बरता की जांच के लिए India ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की मतलब साफ है कि भारत भी आमंत्रित देशों में शामिल है। पाकिस्तानी प्रवक्ता ने कहा कि एससीओ की प्रक्रिया और प्रोटोकॉल के तहत मेजबान देश के लिए सभी सदस्य देशों को आमंत्रित करना उनकी दायित्व है। हालांकि एससीओ शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी शिरकत करेंगे या नहीं? इसको लेकर सस्पेंस है। ऐसे में सवाल यह भी है कि क्या पाकिस्तान यह हिम्मत जुटा पाएगा कि वह पीएम मोदी को एसइओ समिट में आने का न्योता दे सके। क्योंकि भारत के खिलाफ वो जिस तरह की कायराना हरकतों को अंजाम देता रहता है उससे तो नहीं लगता कि वो न्योता भेजने लायक बचा हो। पाकिस्तान वो आतंकी मुल्क है जो किसी भी तरह से भारत के आगे मुंह दिखाने लायक नहीं है। उसके चेहरे पर ना जाने कितने बेगुनाहों के खून बहाने के दाग हैं जिससे भारत कभी भी माफ नहीं कर सकता। दरअसल एसइओ बहुपक्षीय बैठकों के तहत सदस्य देशों के बीच निमंत्रण भेजे जाते हैं। एसओ शिखर सम्मेलन एक वार्षिक अंतरराष्ट्रीय मंच है। इसमें 10 सदस्य देश हैं।
इज़राइल डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने शुक्रवार को कहा कि उसने दक्षिणी लेबनान में ब्यूफोर्ट रिज के नीचे कई अहम अंडरग्राउंड सुरंगों को नष्ट कर दिया। यह कार्रवाई सुरक्षा क्षेत्र में एक सीमित गतिविधि के दौरान की गई, जबकि अगस्त में रोम में अमेरिका की मध्यस्थता में इज़राइल-लेबनान बातचीत फिर से शुरू होने वाली है। आईडीएफ ने कहा कि सुरंग नेटवर्क हिज़्बुल्लाह के लिए एक मुख्य कमांड सेंटर का काम करता था, जहाँ से उसके कमांडर लड़ाई की गतिविधियों को संभालते थे और इज़राइली सैनिकों और नागरिकों पर हमले का निर्देश देते थे। इसे भी पढ़ें: US के साथ समझौते से Iran का साफ इनकार, Strait of Hormuz को बताया अपनी ताकत का 'विराट शिखर' आईडीएफ के अनुसार, इस अंडरग्राउंड नेटवर्क में कई स्तर थे और इसे दो दशकों में बनाया गया था। IDF ने यह भी कहा कि यह दक्षिणी लेबनान में हिज़्बुल्लाह की 'बदर यूनिट' के लिए एक मुख्य कमांड सेंटर के तौर पर काम करता था और इसे ईरान के आतंकवादी शासन ने प्लान और फंड किया था। आईडीएफ ने कहा कि यह नेटवर्क उत्तरी इज़राइल के लिए खतरा था क्योंकि यह मेटुला और गैलिली पैनहैंडल से लगभग छह किलोमीटर दूर स्थित था। आईडीएफ ने कहा, युद्ध के दौरान, इस इंफ्रास्ट्रक्चर से इज़राइली नागरिकों और IDF सैनिकों पर दर्जनों UAV, विस्फोटक उपकरण और एंटी-टैंक मिसाइलें दागी गईं। आईडीएफ ने कहा, आज रात, IDF ने ज़मीन के नीचे बने सुरंगों के नेटवर्क के एक बड़े हिस्से को नष्ट कर दिया। इसे भी पढ़ें: सलमान रुश्दी पर हमला करने वाले अमेरिकी नागरिक हादी मतर को आतंकवाद संबंधी आरोपों में दोषी ठहराया गया इज़राइली सेना ने बताया कि उसकी टुकड़ियों ने पिछले कुछ हफ़्तों में ब्यूफोर्ट रिज इलाके में अपनी तैनाती पूरी कर ली है। साथ ही, उन्होंने ज़मीन के नीचे बने सुरंगों के नेटवर्क पर अपना ऑपरेशनल कंट्रोल बनाए रखा और उन्हें नष्ट करने की तैयारी भी की। आईडीएफ ने कहा, IDF के सैनिक अली ताहिर रिज इलाके में ऑपरेशन जारी रखे हुए हैं, वे पूरी तरह सतर्क हैं और बचाव व हमले, दोनों तरह की स्थितियों के लिए तैयार हैं। आईडीएफ सैनिकों पर होने वाले हमलों का उचित जवाब दिया जाएगा। सेना ने यह भी कहा कि वह लेबनान के साथ हुए सीज़फ़ायर समझौते का पालन करने के लिए प्रतिबद्ध है, साथ ही अपनी सेना के लिए खतरों को खत्म करने के लिए ऑपरेशन भी जारी रखे हुए है।
Iran vs US: कुवैत में अमेरिकी Airbase पर बड़ा Drone Attack, ईरान ने लिया Qeshm Island का बदला
ईरानी सेना ने कहा है कि उसने 'ऑपरेशन लाइटनिंग' के 27वें चरण के दौरान कुवैत में अहमद अल-जाबेर एयर बेस पर मौजूद अमेरिका के अहम ठिकानों पर ड्रोन हमले किए। सरकारी ब्रॉडकास्टर IRIB ने सेना के जनसंपर्क विभाग के बयान का हवाला देते हुए बताया कि यह ऑपरेशन अमेरिका की हालिया सैन्य कार्रवाइयों के जवाब में किया गया था; इसमें खास तौर पर केशम द्वीप पर एक रिहायशी घर पर हुए हमले का ज़िक्र किया गया। सरकारी ब्रॉडकास्टर ने बताया कि इन हमलों में कुवैती बेस पर मौजूद फाइटर जेट के ठिकानों, सैटेलाइट कम्युनिकेशन सिस्टम और उपकरणों के गोदामों को निशाना बनाया गया। इस बेस को अमेरिकी एयर सपोर्ट, निगरानी और ऑपरेशन्स के लिए एक अहम केंद्र माना जाता है। इसे भी पढ़ें: Pakistan ने ट्रंप से कर दी गद्दारी, ईरान कैसे पहुंचा हथियारों का जखीरा? IRIB ने आगे बताया कि ईरानी सेना और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के लगातार बड़े हमलों की वजह से दुश्मन के डिफेंस सिस्टम के लिए ड्रोन और मिसाइलों को रोकना मुश्किल और महंगा हो गया है। साथ ही, यह भी आरोप लगाया गया है कि हताहतों और हुए नुकसान की खबरों को दबाने के लिए कड़ी सेंसरशिप लागू की जा रही है। इससे पहले, ईरान के सरकारी मीडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कुवैत में अमेरिका द्वारा संचालित अली अल सलेम एयरबेस पर दो ड्रोन हैंगर और मिलिट्री एयरक्राफ्ट व हेलीकॉप्टर के लिए बनाए गए फ्यूल स्टोरेज सेंटर को नष्ट कर दिया है। इसे भी पढ़ें: Mahan Air की एजेंट भारत की Skies Travels समेत कई कंपनियों पर US Sanctions शुक्रवार को कुवैत के नागरिकों को संबोधित करते हुए, IRGC के बयान में कहा गया कि तेहरान की सैन्य कार्रवाई तब तक जारी रहेगी जब तक कि इस इलाके से अमेरिका की कब्जा करने वाली और लूटने वाली सेनाओं को पूरी तरह से हटा नहीं दिया जाता। कुवैत में तनाव बढ़ने की यह घटना तेहरान द्वारा गुरुवार को जॉर्डन के अल-अज़राक एयरबेस पर एक अलग जवाबी मिसाइल हमले के दावों के बाद हुई है। हालांकि, अमेरिकी सेना ने ईरान के इन दावों को खारिज कर दिया है कि हमले में अमेरिकी F-35 फाइटर जेट नष्ट हो गए थे। सेना का कहना है कि किसी भी अमेरिकी विमान को कोई नुकसान नहीं पहुंचा और उसकी सेनाएं पूरे इलाके में ऑपरेशन के लिए पूरी तरह तैयार हैं। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के दावे का जवाब देते हुए, US सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने X पर पोस्ट किया, ईरान के हालिया हमलों की कोशिशों में कोई भी अमेरिकी विमान नष्ट या क्षतिग्रस्त नहीं हुआ।
Russian Army में फंसे 139 भारतीयों की घर वापसी, MEA ने Job Fraud को लेकर नागरिकों को किया सावधान
विदेश मंत्रालय (MEA) ने शुक्रवार को भारतीय नागरिकों को विदेशों में नौकरी दिलाने वाली धोखाधड़ी करने वाली एजेंसियों के बारे में कड़ी चेतावनी जारी की। मंत्रालय ने बताया कि राजनयिक कोशिशों से रूसी सेना में शामिल 139 भारतीयों को छुड़ा लिया गया है और लगभग दो दर्जन अन्य लोगों को भी छुड़ाने की कोशिशें जारी हैं। राष्ट्रीय राजधानी में हर दो हफ़्ते में होने वाली मीडिया ब्रीफिंग में, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने नौकरी चाहने वालों से कहा कि वे विदेश में नौकरी के ऑफ़र पर विचार करते समय बहुत सावधानी बरतें। जायसवाल ने कहा हम रूसी सेना में बचे हुए भारतीय नागरिकों को छुड़ाने के लिए रूसी पक्ष के साथ लगातार संपर्क में हैं। अब तक हमारी कोशिशों से 139 भारतीय नागरिकों को छुड़ाया जा चुका है। हम बाकी बचे लगभग दो दर्जन भारतीय नागरिकों को भी छुड़ाने की कोशिश कर रहे हैं, जिनके बारे में खबर है कि वे रूसी सेना में हैं। खतरनाक मानव तस्करों से जुड़े खतरों का ज़िक्र करते हुए जायसवाल ने कहा हम एक बार फिर अपने लोगों को उन नौकरी के ऑफ़र के बारे में सावधान करना चाहते हैं जिनमें जोखिम हो और जो बेईमान लोगों या एजेंसियों की तरफ़ से दिए गए हों। MEA का यह अपडेट उसी दिन आया जब भारत के सुप्रीम कोर्ट ने प्रभावित परिवारों को राहत पहुँचाने की प्रक्रिया को बेहतर बनाने के लिए कई ज़रूरी निर्देश जारी किए। रूस-यूक्रेन संघर्ष में फँसाए गए भारतीय नागरिकों के रिश्तेदारों की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए, भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्य कांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने MEA को एक खास नोडल अधिकारी नियुक्त करने का आदेश दिया, जिसकी संपर्क जानकारी सीधे पीड़ित परिवारों के साथ साझा की जाएगी। इसे भी पढ़ें: Russia-Ukraine War: 280 अटैक ड्रोन और मिसाइल बारिश से दहला यूक्रेन, Zelensky ने बताया 'रूसी आतंक' का खौफनाक मंजर कोर्ट ने केंद्र को यह भी निर्देश दिया कि वह शवों की पहचान के लिए DNA जाँच की सुविधा दे, मुफ़्त कानूनी मदद मुहैया कराए और मुआवज़े के दावों व स्वदेश वापसी से जुड़े दस्तावेज़ों का अनुवाद करवाए। कोर्ट ने विदेश मंत्रालय (MEA) को यह भी निर्देश दिया कि वह प्रभावित परिवारों के लिए एक कंबाइंड डॉकेट (जानकारी का सेट) तैयार करे। इसे स्थानीय भाषाओं में अनुवादित किया जाना चाहिए और इसमें रूसी अधिकारियों के सामने मुआवज़े का दावा करने की प्रक्रिया समझाई जानी चाहिए। कोर्ट ने साफ़ किया कि मुआवज़े के दावे विदेश मंत्रालय के ज़रिए भेजे जाएंगे, लेकिन इनके पेंडिंग रहने की वजह से शवों की वापसी या अंतिम संस्कार में देरी नहीं होनी चाहिए। इसे भी पढ़ें: MEA Press Conference : Pakistan पर India का अब तक का सबसे बड़ा हमला, विदेश मंत्रालय ने दुनिया के सामने खोली आतंकिस्तान की पूरी पोल कोर्ट ने राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरणों के सदस्य सचिवों को यह भी निर्देश दिया कि वे प्रभावित परिवारों को मुआवज़े का दावा करने और DNA टेस्टिंग में मदद के लिए मुफ़्त कानूनी सहायता दें। विदेश मंत्रालय से यह भी कहा गया कि वह रूसी अधिकारियों से मिले उन दस्तावेज़ों का अनुवादित वर्शन उपलब्ध कराए जो शवों की वापसी और मुआवज़े के दावों से संबंधित हैं। अपने आदेश में कोर्ट ने कहा कि 2024 और 2025 में, कई भारतीय युवा अलग-अलग वीज़ा पर रूस गए थे, क्योंकि उन्हें कंस्ट्रक्शन, हॉस्पिटैलिटी और सर्विस सेक्टर में नौकरी का वादा किया गया था। हालाँकि, वहाँ पहुँचने पर उनके पासपोर्ट और पहचान के दस्तावेज़ ज़ब्त कर लिए गए और उन्हें रूसी सेना में भर्ती कर लिया गया, जिसके बाद उन्हें लड़ाई के मोर्चे पर भेज दिया गया।
पाकिस्तान की कोयला खदान में भीषण ब्लास्ट, देखें दुनिया आजतक
दक्षिण-पश्चिमी पाकिस्तान की कोयला खदान में धमाके से कम से कम 32 लोगों की मौत हो गई. अंदर फंसे 10 लोगों को निकालने की कोशिशें जारी है. बलूचिस्तान की राजधानी क्वेटा के बाहरी इलाके की खदान में मिथेन गैस से धमाके की आशंका है. देखें दुनिया आजतक.
Balochistan में Pakistani Army पर भीषण हमला, UBA और BRG के धमाकों में 8 जवानों की मौत
बलूचिस्तान के कच्छी ज़िले में हुए अलग-अलग हमलों की ज़िम्मेदारी दो बलूच हथियारबंद गुटों - यूनाइटेड बलूच आर्मी (UBA) और बलूच रिपब्लिकन गार्ड्स (BRG) - ने ली है। इस दौरान इलाके में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों और हथियारबंद लड़ाकों के बीच रुक-रुक कर झड़पें भी होती रहीं। रिपोर्ट के अनुसार, कच्छी के सन्नी इलाके में एक धमाके में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की एक गाड़ी को निशाना बनाया गया, जबकि आस-पास के इलाकों से भी गोलीबारी की खबरें मिलीं। UBA के प्रवक्ता मज़ार बलूच ने एक बयान में कहा कि उनके गुट ने धादर और सन्नी के बीच चिघार्डी इलाके में पाकिस्तानी बलों के सात गाड़ियों वाले काफिले में शामिल एक गाड़ी पर रिमोट-कंट्रोल विस्फोटक डिवाइस से हमला किया। प्रवक्ता ने बताया कि हमला तब हुआ जब काफिला एक मिलिट्री चेकपॉइंट की ओर जा रहा था। उन्होंने दावा किया कि इस हमले में आठ जवान मौके पर ही मारे गए और दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। इसे भी पढ़ें: Pakistan के Balochistan में कोयला खदान विस्फोट, 34 खनिकों की मौत और बचाव अभियान जारी उन्होंने आगे आरोप लगाया कि UBA के लड़ाकों ने इलाके से पीछे हटने से पहले काफिले की सुरक्षा में लगे सुरक्षाकर्मियों के साथ थोड़ी देर गोलीबारी की। TBP की रिपोर्ट के अनुसार, मज़ार बलूच ने कहा हमारा संगठन, UBA, इस हमले की ज़िम्मेदारी लेता है। उन्होंने यह भी कहा कि आज़ाद बलूचिस्तान बनने तक ऐसे ऑपरेशन जारी रहेंगे। इस बीच, बलूच रिपब्लिकन गार्ड्स (BRG) ने बताया कि उसके लड़ाके बुधवार सुबह 7:00 बजे से पाकिस्तानी सेना के दो अलग-अलग काफिलों पर हमले कर रहे थे। संगठन ने दावा किया कि बयान जारी होने के समय भी झड़पें जारी थीं। इसे भी पढ़ें: Balochistan Civil War Like Situation: बलूचिस्तान में बेकाबू हुए हालात, Army और Rebels के बीच खूनी संघर्ष तेज़ समूह ने कहा कि वह बाद में इन झड़पों के बारे में विस्तार से बयान जारी करेगा। एक अलग बयान में, BRG के प्रवक्ता दोस्तैन बलूच ने कहा कि समूह ने कच्छी के धादर इलाके में सरकारी सिंचाई विभाग के दफ़्तर को निशाना बनाया और वहां विस्फोटक उपकरण लगाए।
Saudi Arabia ने समुद्री सुरक्षा के लिए बनाया 14 देशों का गठबंधन, लेकिन ओमान और UAE क्यों रहे अलग? जानें वजह

