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पाकिस्तान में क्यों नहीं उठ पाता 'कॉकरोच' और GenZ आंदोलन? PoK की सुलगती आग के बीच उठ रहे ये बड़े सवाल

पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी, आसमान छूती महंगाई और स्थानीय चुनावों में बड़े पैमाने पर हुई धांधली के खिलाफ भड़का जन-आक्रोश अब बेहद हिंसक रूप ले चुका है। हालिया विरोध प्रदर्शनों के दौरान 40 से अधिक नागरिकों की मौत के बावजूद, पाकिस्तानी विदेश और रक्षा मंत्रालय का रवैया बेहद असंवेदनशील बना हुआ है और उन्होंने इन प्रदर्शनकारियों को खुलेआम भारत की तरह दुश्मन करार दिया है। भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पाकिस्तान के इस दमनकारी और गैर-जिम्मेदाराना रवैये पर कड़ा प्रहार करते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस्लामाबाद के इन अत्याचारों पर सख्त जवाबदेही तय करने की मांग की है। हालांकि, इस सुलगते घटनाक्रम के बीच भू-राजनीतिक विश्लेषकों के मन में एक बहुत बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है कि आखिर 60 प्रतिशत से ज्यादा युवा आबादी और लगभग 7 करोड़ Gen Z युवाओं वाले पाकिस्तान में कोई देशव्यापी और प्रभावी युवा क्रांति क्यों नहीं हो पा रही है?'हाइब्रिड शासन' और म्यूजिकल चेयर्स का खतरनाक खेलपाकिस्तान में आम जनता के असंतोष को राष्ट्रीय स्तर पर एक बड़े जनआंदोलन के रूप में पनपने से रोकने के पीछे वहां की राजनीतिक व्यवस्था का वह ढांचा है, जिसे विशेषज्ञ हाइब्रिड शासन की संज्ञा देते हैं। भले ही पाकिस्तान की सेना आधिकारिक तौर पर खुद को गैर-राजनीतिक होने का दावा करती है, लेकिन पर्दे के पीछे की सारी ताकत और हुकूमत उसी के नियंत्रण में रहती है। हालिया विवादित संवैधानिक संशोधनों के माध्यम से देश के सेना प्रमुख का कार्यकाल न केवल बढ़ाया गया है, बल्कि उन्हें पुलिस मामलों से आजीवन कानूनी छूट भी दे दी गई है। जब भी चुनी हुई सरकार के खिलाफ जनता का गुस्सा चरम पर पहुंचता है, तो सेना का 'एस्टेब्लिशमेंट' मोहरे की तरह चेहरे बदल देता है—कभी शरीफ परिवार को आगे कर दिया जाता है, तो कभी पीपीपी (PPP) या इमरान खान को सत्ता सौंप दी जाती है। इस वजह से जनता का सारा आक्रोश असली हुक्मरानों यानी सेना तक पहुंचने के बजाय तत्कालीन प्रधानमंत्री या कठपुतली सरकार पर केंद्रित होकर बिखर जाता है, जिससे युवाओं के सामने कोई स्पष्ट राजनीतिक लक्ष्य नहीं बचता।बिखरा हुआ विरोध और सेना की 'फूट डालो और राज करो' की नीतियह सच है कि पाकिस्तान के भीतर असंतोष और गुस्से की कोई कमी नहीं है, लेकिन यह विरोध भूगोल, विचारधारा और स्थानीय उद्देश्यों के आधार पर बुरी तरह बंटा हुआ है। देश के अलग-अलग हिस्सों में असंतोष के रूप बिल्कुल जुदा हैं; जैसे बलूचिस्तान में बीडिएलए (BLA) द्वारा अलगाववाद की जंग लड़ी जा रही है, खैबर पख्तूनख्वा और टीटीपी (TTP) क्षेत्रों में शरिया कानून की मांग प्रमुख है, तो वहीं पंजाब और कराची के शहरी इलाकों में युवा बेरोजगारी और भयंकर महंगाई से जूझ रहे हैं। लाहौर का एक बेरोजगार छात्र, बलूचिस्तान का एक बलूच राष्ट्रवादी और टीटीपी का समर्थक—ये तीनों कभी भी एक मंच या एक झंडे के नीचे एकजुट नहीं हो सकते। यही वह मुख्य कमजोरी है जिसका फायदा उठाकर पाकिस्तानी सेना को किसी एकीकृत क्रांति का सामना नहीं करना पड़ता। सेना आसानी से हर क्षेत्र के विद्रोह को आतंकवाद, अलगाववाद या देशद्रोह के अलग-अलग खानों में बांटकर बड़ी बेरहमी से कुचल देती है।इमरान खान का हस्र और युवाओं के दिलों में बैठा डर का खौफनाक माहौलपाकिस्तान के युवाओं ने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के राजनीतिक पतन और उनकी गिरफ्तारी से एक बहुत कड़ा और खौफनाक सबक सीखा है। जब देश के सबसे लोकप्रिय और वैश्विक स्तर पर स्थापित नेता को मिलिट्री एस्टेब्लिशमेंट से सीधी टक्कर लेने के जुर्म में जेल की सलाखों के पीछे डाला जा सकता है और उनकी पार्टी को नेस्तनाबूद किया जा सकता है, तो फिर एक आम युवा के पास अपनी सुरक्षा की क्या ही उम्मीद बचेगी? आंकड़ों के मुताबिक, साल 2011 से 2024 के बीच 10,000 से अधिक लोगों के जबरन गायब किए जाने के मामले दर्ज हैं। बलूच और पश्तून मानवाधिकार कार्यकर्ताओं, मुखर पत्रकारों और यूनिवर्सिटी के छात्रों का अचानक लापता हो जाना और बाद में उनके प्रताड़ित शव मिलना वहां आम बात बन चुकी है। राजद्रोह के झूठे मुकदमे, मीडिया पर भारी सेंसरशिप, इंटरनेट ब्लैकआउट और तुरंत 'देशद्रोही' का ठप्पा लगाने की तलवार हमेशा युवाओं के सिर पर लटकी रहती है, जिसने उन्हें मानसिक रूप से खौफ के साये में जीने पर मजबूर कर दिया है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 2 Aug 2026 9:02 pm

PoK में लोकतंत्र का मखौल! बंदूक की नोक पर हो रहे विधानसभा चुनाव, JAAC ने पाकिस्तान की पोल खोलकर रख दी

पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में चल रहे विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के दौरान हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं। एक तरफ जहां पाकिस्तान सरकार इन चुनावों को पारदर्शी और निष्पक्ष बताने का दावा कर रही है, वहीं दूसरी तरफ 'जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी' (JAAC) ने पाकिस्तान की सेना और प्रशासन पर बेहद गंभीर और सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। कमेटी का सीधा कहना है कि पीओके में चुनाव के नाम पर सिर्फ एक ढोंग और चुनावी ड्रामा रचा जा रहा है, जिसे पूरी तरह से बंदूक की नोक पर संचालित किया जा रहा है।लोकतंत्र के नाम पर चुनावी ड्रामा और खुलेआम मनमानीसीएनएन-न्यूज18 के साथ एक खास बातचीत में, एएसी के प्रमुख नेता उमर नज़ीर कश्मीरी ने संगठन का कड़ा रुख जाहिर करते हुए कहा कि उनकी कमेटी इस पूरी प्रक्रिया को सिरे से खारिज करती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अवामी एक्शन कमेटी किसी भी लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ नहीं है, बल्कि वे हमेशा से स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव की पुरजोर मांग करते रहे हैं। हालांकि, वे चुनाव के नाम पर होने वाली किसी भी तरह की धोखाधड़ी और सैन्य दबाव की राजनीति को कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे। उनके मुताबिक, वर्तमान हालात यह साबित करते हैं कि पीओके की जनता पर जबरन अपनी पसंद थोपने की कोशिश की जा रही है।95 फीसदी लोकप्रिय नेताओं को चुनाव लड़ने से रोका गयाउमर नजीर कश्मीरी ने बड़ा खुलासा करते हुए आरोप लगाया कि चुनाव प्रक्रिया की शुरुआत से ही पाकिस्तानी सेना और खुफिया एजेंसियों का भारी हस्तक्षेप रहा है। समान अवसर (Level Playing Field) देने के बजाय सुनियोजित तरीके से लगभग 95 प्रतिशत असली और लोकप्रिय कश्मीरी प्रतिनिधियों को चुनाव लड़ने से रोक दिया गया। कई उम्मीदवारों को धमकियां दी गईं और उन पर अनुचित दबाव बनाया गया ताकि वे चुनावी मैदान से हट जाएं। इस तरह की दमनकारी रणनीतियों के कारण इन चुनावों की विश्वसनीयता पूरी तरह से समाप्त हो चुकी है और जनता का इस व्यवस्था से पूरी तरह से मोहभंग हो चुका है।जनता का भारी बहिष्कार और 'हक-ए-हुकमरानी' की जंगएएसी नेता ने बताया कि पीओके के पहले चरण के चुनाव में ही वहां की बड़ी आबादी ने इन चुनावों का खुला और स्पष्ट बहिष्कार किया था। लोग अपने घरों में रहे और मतदान केंद्रों से दूरी बनाकर अपनी नाराजगी जाहिर की। दूसरे चरण में भी यही निराशाजनक माहौल देखने को मिल रहा है। उमर नजीर ने दो टूक शब्दों में कहा कि उनका संघर्ष केवल चुनावों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह लड़ाई 'हक-ए-हुकमरानी' यानी स्व-शासन के अधिकार और 'हक-ए-मालिकियत' यानी अपनी ही जमीन और प्राकृतिक संसाधनों पर मालिकाना हक हासिल करने की है। हालांकि, इन तीखे आरोपों के बावजूद पाकिस्तानी अधिकारियों का दावा है कि चुनाव पूरी सुरक्षा और कानून के दायरे में हो रहे हैं, पर इस पर पाकिस्तान सरकार या सेना की ओर से कोई ठोस सफाई सामने नहीं आई है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 2 Aug 2026 9:00 pm

सत्ता से बेदखल होने के बाद पहली बार दुनिया के सामने आएंगी शेख हसीना, बताएंगी आगे का प्लान!

बांग्लादेश की सत्ता से बेदखल होने के लगभग दो साल बाद शेख हसीना पहली बार सार्वजनिक रूप से मीडिया के सामने आने वाली है। वह 5 अगस्त को नई दिल्ली में आयोजित होने वाले एक वर्चुअल कार्यक्रम में हिस्सा लेंगी।

खबर इंडिया टीवी 2 Aug 2026 8:59 pm

पाकिस्तान में शांति रैली के दौरान बड़ा धमाका, चपेट में आने से 7 लोगों की मौत; 18 घायल

पाकिस्तान से धमाके की बड़ी खबर आई है। दरअसल, नॉर्थ-वेस्ट पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में आज (रविवार को) एक शांति रैली के दौरान हुए ब्लास्ट में कम से कम 7 लोगों की मौत हो गई और एक दर्जन से ज्यादा लोग घायल हो गए।

खबर इंडिया टीवी 2 Aug 2026 8:59 pm

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में शांति रैली के दौरान धमाका, 7 की मौत

उत्तर-पश्चिम पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में रविवार को एक शांति रैली के दौरान हुए विस्फोट में कम से कम सात लोगों की मौत हो गई और एक दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए।

लाइव हिन्दुस्तान 2 Aug 2026 8:49 pm

पाकिस्तान में भी होगा 'कॉकरोच' और GenZ आंदोलन?

PoK में चल रहे हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बीच सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि 60% से ज्यादा युवा आबादी और करीब 7 करोड़ Gen Z वाले पाकिस्तान में कोई देशव्यापी युवा क्रांति क्यों नहीं हो पा रही है?

लाइव हिन्दुस्तान 2 Aug 2026 8:10 pm

DRDO और आजाद इंजीनियरिंग ने सौंपा देश का पहला स्वदेशी टर्बोजेट इंजन, मजबूत हुआ भारत का एयरोस्पेस इकोसिस्टम - Jagran

DRDO और आजाद इंजीनियरिंग ने सौंपा देश का पहला स्वदेशी टर्बोजेट इंजन, मजबूत हुआ भारत का एयरोस्पेस इकोसिस्टम Jagran 350 किलोग्राम थ्रस्ट क्लास वाले पहले स्वदेशी एक्सपेंडेबल टर्बो जेट इंजन का सफल विकास PIB भारत ने 350 किलोग्राम थ्रस्ट क्लास में पहला स्वदेशी एक्सपेंडेबल टर्बोजेट इंजन किया विकसित | आज़ाद इंजीनियरिंग के सीईओ ने इसे सौंपा | Inshorts Inshorts

गूगल न्यूज़ 2 Aug 2026 7:04 pm

मोरक्को से स्पेन पहुंचने के लिए 60,000 लोगों ने सब कुछ दांव पर क्यों लगा दिया?

सेउटा के भीतर बेहद कठिन परिस्थितियों और खाने-पानी की किल्लत के कारण 48 घंटे के भीतर ही 48,000 से ज्यादा प्रवासी वापस मोरक्को लौट गए।

लाइव हिन्दुस्तान 2 Aug 2026 7:01 pm

आज का एक्सप्लेनर:समुद्र में तेल-गैस ढूंढने में खर्च होंगे 84 हजार करोड़, क्या है सरकार की 'समुद्र मंथन' स्कीम; कैसे बनते हैं तेल के नए कुएं

15 अगस्त 2025 को पीएम नरेंद्र मोदी ने लाल किले से कहा था- 'देश को विकसित बनाने के लिए अब हम समुद्र मंथन की तरफ बढ़ रहे हैं। गहरे पानी के अंदर तेल और गैस के भंडार ढूंढने के लिए हम मिशन मोड में काम करना चाहते हैं।' अब सरकार ने 84 हजार करोड़ रुपए की लागत से 'समुद्र मंथन' स्कीम को मंजूरी दे दी है। आखिर गहरे पानी में तेल और गैस ढूंढा कैसे जाएगा और क्या इससे देश की पेट्रोल-गैस की किल्लत दूर हो जाएगी, जानेंगे आज के एक्सप्लेनर में... सवाल-1: सरकार की ‘समुद्र मंथन’ स्कीम क्या है? जवाब: 31 जुलाई को केंद्रीय कैबिनेट ने पीएम मोदी की अध्यक्षता में पेट्रोलियम मिनिस्ट्री की 'समुद्र-मंथन' स्कीम को मंजूरी दी है। इसकी कुछ जरूरी बातें जान लीजिए… सरकार का कहना है कि देश पहले से मौजूद तेल और गैस के कुओं से उत्पादन में हर साल 6% से 7% की गिरावट आ रही है। इसलिए घरेलू प्रोडक्शन बनाए रखने के लिए लगातार नए कुएं तलाशना जरूरी है। सवाल-2: समुद्र में तेल ढूंढकर निकालने की पूरी प्रोसेस क्या है? जवाब: कच्चा तेल और गैस समुद्र और नदियों के गहरे पानी के नीचे की चट्टानों में मिलता है। जब करोड़ों सालों तक मृत समुद्री जीवों, पेड़-पौधों वगैरह समुद्र की तलहटी में चट्टानों के नीचे दबे रहते हैं, तो इनसे हाइड्रोकार्बन बनते हैं। इन्हीं से कच्चा तेल और गैस बनती है, जिसे रिफाइनिंग कंपनियां बाद में पेट्रोल, डीजल और गैस वगैरह बनाती हैं। गहरे पानी के नीचे तेल और गैस ढूंढकर प्रोडक्शन करने की प्रोसेस के 4 स्टेप हैं... स्टेप 1: सर्वे जहाजों से तेल की खोजबीन स्टेप 2: खोजबीन वाले कुएं की ड्रिलिंग स्टेप 3: तेल की क्वालिटी-क्वांटिटी की एनालिसिस स्टेप:4: प्लेटफॉर्म बनाकर तेल-गैस का प्रोडक्शन सवाल-3: अभी भारत अपने कुओं से कितना तेल-गैस पैदा करता है? जवाब: भारत पूरी दुनिया में कच्चे तेल का तीसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता है… भारत में जमीन और समुद्री इलाकों में 26 ऐसे इलाके हैं, जहां तेल और गैस के भंडार हैं। इनमें सैकड़ों तेल के कुएं बने हैं। पश्चिमी तटों पर मुंबई हाई, सबसे बड़ा तेल के कुएं का इलाका है। आंध्र प्रदेश तट पर कृष्णा-गोदावरी नदी का बेसिन, ओडिशा-पश्चिम बंगाल का महानदी बेसिन और अंडमान सागर में अंडमान बेसिन ऑफशोर इलाके हैं, जहां समुद्र में तेल या गैस की मौजूदगी है। इसके अलावा असम, गुजरात, राजस्थान और तमिलनाडु तट पर कावेरी बेसिन में ऑनशोर यानी जमीनी कुएं हैं। सवाल-4: क्या 'समुद्र मंथन' से तेल-गैस की दिक्कत हल हो जाएगी? जवाब: ‘समुद्र मंथन’ से भारत की तेल-गैस की जरूरत रातो-रात या पूरी तरह पूरी नहीं हो जाएगी। क्रेडिट रेटिंग एजेंसी ICRA के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट प्रशांत वशिष्ठ का कहना है कि इस प्रोजेक्ट से विदेशों से तेल और गैस की खरीद सिर्फ से 5% तक ही कम होगी। यानी, उत्पादन बढ़ने के बावजूद विदेशों से ही मांग पूरी हो सकेगी, क्योंकि भारत में ऊर्जा खपत बढ़ रही है। हालांकि सरकार का कहना है कि ‘समुद्र मंथन’ स्कीम कामयाब हुई, तो भारत का सालाना घरेलू तेल-गैस प्रोडक्शन 62 MMTOE से बढ़कर 80 MMTOE हो जाएगा। देश में तेल और गैस के टोटल रिजर्व 6 करोड़ MMTOE टन बढ़ जाएगा। दरअसल, MMTOE एनर्जी प्रोडक्शन मापने की एक यूनिट है। एक MMTOE का मतलब होता है- 10 लाख मीट्रिक टन कच्चा तेल जलाने से निकालने वाली टोटल एनर्जी। सरकार का मानना है कि प्रोजेक्ट के सफल होने से भारत का कच्चे तेल का इम्पोर्ट बिल करीब 1 लाख करोड़ रुपए तक घटाया जा सकता है। हालांकि इसमें 5 से 10 साल तक का वक्त लग सकता है। अभी इसकी भी गारंटी नहीं है कि गहरे समुद्र में खोज से तेल या गैस मिल ही जाए। ----------------- ये खबर भी पढ़िए… गुलाबी पेट्रोल, टैंक में चींटी के वीडियो वायरल; सरकार पेट्रोल में जबरन एथेनॉल मिलाने पर क्यों तुली है, पीछे की पूरी कहानी कहीं गुलाबी रंग का पेट्रोल, कहीं टैंक से चिपकी चीटियां, कहीं पेट्रोल के साथ दिखता पानी। सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियोज वायरल हैं और सभी के साथ एक ही नाम जुड़ा है- एथेनॉल। इन वीडियोज की असलियत संदिग्ध हो सकती है, लेकिन देश में एथेनॉल पर बहस बिल्कुल असली है। पूरी खबर पढ़िए…

दैनिक भास्कर 2 Aug 2026 6:36 pm

Broad Peak से बरामद हुआ Nims Dai का शव, बचाव टीम ने शुरू किया शवों को नीचे लाने का काम

अल्पाइन क्लब ऑफ पाकिस्तान ने रविवार को जानकारी दी है कि बचाव टीम ने मशहूर पर्वतारोही निर्मल पुर्जा का शव ढूंढ निकाला है। उत्तरी पाकिस्तान में दुनिया की सबसे ऊंची चोटियों में से एक पर आए बर्फीले तूफान में निर्मल पुर्जा और उनकी टीम के 9 दूसरे सदस्यों की जान चली गई थी। ब्रॉड पीक पर हुआ था हादसा यह भयानक बर्फीला तूफान गुरुवार को आया था। इसके बाद से ब्रॉड पीक पर 43 साल के ब्रिटिश-नेपाली पर्वतारोही निर्मल पुर्जा की अगुवाई वाली अंतरराष्ट्रीय टीम से संपर्क पूरी तरह टूट गया था। क्लब ने सोशल मीडिया पर बताया कि बचाव टीम पहाड़ पर करीब 5,700 मीटर की ऊंचाई तक पहुंच गई है और वहां से शवों को लाने का काम किया जा रहा है। इसे भी पढ़ें: Donald Trump का दावा, ईरान से युद्ध खत्म करने के लिए Israel भी नए समझौते को तैयार चार शवों को नीचे ला रही बचाव टीम क्लब के महासचिव अयाज शिगरी ने बताया कि बचाव टीम फिलहाल चार शवों को पहाड़ से नीचे ला रही है। इनमें निर्मल पुर्जा, दो नेपाली नागरिकों और एक चीनी नागरिक के शव शामिल हैं। उन्होंने यह भी बताया कि बचाव टीम ने बहुत ज्यादा ऊंचाई पर एक और शव देखा है, लेकिन वहां का रास्ता बेहद खतरनाक होने की वजह से फिलहाल उस शव को निकाल पाना बहुत मुश्किल लग रहा है। पुर्जा की कंपनी ने भी शनिवार को इस बात की पुष्टि कर दी थी कि टीम का कोई भी सदस्य अब जिंदा नहीं बचा है। View this post on Instagram A post shared by Alpine Club Pakistan (@pakistanalpineclub) इसे भी पढ़ें: Indonesia में मदुरा द्वीप के पास Ferry में आग लगने से 5 लोगों की मौत, 41 लापता पहले भी बरामद हुए थे तीन शव इससे पहले तीन पर्वतारोहियों ओमान की एक महिला, नेपाल के एक पुरुष और अमेरिका की एक महिला के शव बरामद किए गए थे। जिन्हें शुक्रवार को स्कार्दू शहर पहुंचाया गया था। दुनिया भर में शोक की लहर इस दर्दनाक हादसे से पूरी दुनिया के पर्वतारोहियों में भारी शोक है। ब्रिटेन के प्रिंस विलियम समेत दुनिया भर के कई बड़े नेताओं ने मारे गए पर्वतारोहियों के परिवारों के प्रति गहरा दुख जताया है।

प्रभासाक्षी 2 Aug 2026 6:13 pm

ताबड़तोड़ गोलीबारी से दहला अमेरिका का इडाहो, देखें दुनिया आजतक

अमेरिका में अंधाधुंध फायरिंग में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि कई घायल हुए. इडाहो में भीड़भाड़ वाले शॉपिंग एरिया के एक रेस्टोरेंट में ये वारदात हुई. हमलावर भी मारा गया. पुलिस ने लोगों से इलाके से दूर रहने की अपील की. देखें दुनिया आजतक.

आज तक 2 Aug 2026 5:47 pm

Donald Trump का दावा, Iran युद्ध खत्म करने के समझौते की बनी रूपरेखा

वाशिंगटन, दो अगस्त (एपी) अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि पश्चिम एशिया के सहयोगी देशों ने ईरान के साथ पांच महीने से जारी युद्ध को समाप्त करने के लिए एक समझौते की रूपरेखा पर सहमति बना ली है। उन्होंने कहा कि फिलहाल वह इस संघर्ष में ईरान पर नए सैन्य हमले का आदेश नहीं देंगे। ट्रंप ने शनिवार शाम को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि इस समझौते में ‘‘होर्मुज जलडमरूमध्य को तत्काल और पूरी तरह खोलना तथा ईरान के परमाणु खतरे का अंत शामिल होगा।’’उन्होंने कहा, ‘‘इस अनुरोध के आधार पर मैंने दुनिया के भविष्य के हित में और साथ ही एक सफल एवं समृद्ध ईरान के अस्तित्व को ध्यान में रखते हुए फिलहाल हमलों को रोकने पर सहमति दी है, बशर्ते कि शीघ्र ही कोई समझौता हो सके।’’अमेरिका और इजराइल द्वारा 28 फरवरी को ईरान पर हमला किए जाने के बाद से राष्ट्रपति ट्रंप कई बार ईरान पर हमले रोकने की घोषणा कर चुके हैं लेकिन हर बार हालात फिर बिगड़ गए और दोनों पक्षों के बीच संघर्ष दोबारा शुरू हो गया। ईरान के रक्षा मंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि ट्रंप की हालिया घोषणा से ईरान ‘‘न तो हैरान है और न ही ढिलाई बरत रहा है।’’ उन्होंने कहा कि अमेरिका से मिलने वाली धमकियों के मद्देनजर ईरान पूरी तरह सतर्क और सजग बना हुआ है। क्षेत्रीय मामलों से जुड़े एक अधिकारी ने कहा कि सप्ताहांत में राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा घोषित प्रस्ताव के तहत अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता फिर से शुरू करने तथा उन अनेक लंबित मुद्दों पर बातचीत जारी रखने की बात कही गई है, जिनके कारण पहले किसी समझौते पर प्रगति नहीं हो सकी थी। मध्यस्थता प्रयासों में शामिल इस अधिकारी ने बताया कि प्रस्ताव में होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से पूरी तरह खोलने तथा पूरे क्षेत्र में होने वाले हमलों को रोकने का भी प्रावधान है। इसमें इराक में ईरान समर्थित मिलिशिया द्वारा अरब खाड़ी देशों और जॉर्डन पर किए जाने वाले हमलों को रोकना भी शामिल है। उन्होंने कहा कि इसके बदले अमेरिका ईरान पर लागू अपनी नौसैनिक नाकेबंदी समाप्त करेगा और प्रस्तावित अस्थायी युद्धविराम समझौते के अनुसार तेहरान को फिर से तेल निर्यात करने की अनुमति देगा। अधिकारी ने नाम न उजागर करने की शर्त पर बताया कि अभी तक कोई अंतिम समझौता नहीं हुआ है लेकिन मध्यस्थता के प्रयास जारी हैं। ट्रंप ने कहा कि इजराइल भी युद्ध समाप्त करने के लिए युद्धविराम समझौते को लागू करने की उनकी प्रतिबद्धता में शामिल हो गया है। हालांकि, इजराइल ने ट्रंप की इस घोषणा पर सार्वजनिक रूप से कोई टिप्पणी नहीं की। इससे पहले शनिवार को सऊदी अरब के शहजादे मोहम्मद बिन सलमान ने ट्रंप से फोन पर बातचीत के दौरान अमेरिका द्वारा ईरान पर नए हमले करने की आशंका पर चिंता व्यक्त की। सऊदी अरब की समाचार एजेंसी ने यह जानकारी दी। बातचीत से अवगत एक व्यक्ति ने बताया कि सलमान ने बातचीत के दौरान ट्रंप से यह स्पष्ट करने को कहा कि वह ईरान के खिलाफ किस प्रकार की नयी कार्रवाई पर विचार कर रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय व्हाइट हाउस ने नाम न उजागर करने की शर्त पर पुष्टि की कि दोनों नेताओं के बीच शनिवार को बातचीत हुईऋ लेकिन बातचीत की विषय-वस्तु के बारे में कोई जानकारी नहीं दी। इस बीच, शनिवार को अमेरिकी विदेश विभाग ने 10 देशों में रह रहे अमेरिकी नागरिकों के लिए नयी सुरक्षा चेतावनी जारी की और ईरान के साथ बढ़ते तनाव के मद्देनजर उन्हें अधिक सतर्क रहने की सलाह दी। ये चेतावनियां बहरीन, इजराइल, इराक, जॉर्डन, कुवैत, लेबनान, ओमान, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात के लिए जारी की गई हैं। इनमें अमेरिकी नागरिकों से संभावित उड़ान रद्द होने, अस्थायी रूप से हवाई क्षेत्र बंद किए जाने तथा यात्रा में अन्य प्रकार की बाधाओं के लिए तैयार रहने को कहा गया है। पश्चिम एशिया के एक अन्य घटनाक्रम में रविवार को गाजा पट्टी में इजराइल द्वारा किए गए हवाई हमलों में कम से कम आठ फलस्तीनी मारे गए, जिनमें दो बच्चे भी शामिल हैं। स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, इन हमलों में 12 से अधिक लोग घायल भी हुए हैं।

प्रभासाक्षी 2 Aug 2026 5:42 pm

ईरान ने US के साथ जंग में उतारा नया ड्रोन, जानें ये कितना खतरनाक

ईरान की सेना के एक सीनियर प्रवक्ता ने दावा किया है कि ईरान ने एक नए ड्रोन का इस्तेमाल किया है और आने वाले दिनों में इनके बारे में जानकारी दी जाएगी. ईरान की सेना ने दावा किया है कि हमारे ड्रोन इतनी दूर तक जा सकते हैं कि वे दुश्मन के किसी भी इलाके तक पहुंच सकें. इस बयान का ये मतलब निकाला जा रहा है कि ईरान के नए ड्रोन इजरायल तक भी घातक प्रहार कर सकते हैं. देखें वीडियो.

आज तक 2 Aug 2026 5:20 pm

लोकतंत्र के नाम पर चुनावी ड्रामा, PoK में बंदूक की नोक पर वोटिंग, AAC ने पाकिस्तान को किया बेनकाब

पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले कश्मीर विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के बीच अवामी एक्शन कमेटी ने पाकिस्तान सेना पर गंभीर आरोप लगाए हैं। समिति का दावा है कि चुनाव बंदूक की नोक पर हो रहे हैं और इनमें लोकतांत्रिक विश्वसनीयता का अभाव है।

लाइव हिन्दुस्तान 2 Aug 2026 5:19 pm

इंडोनेशिया में 271 यात्रियों से भरी नाव में भड़की आग, 5 की मौत और 41 लापता, 225 को सुरक्षित निकाला गया

स्थानीय मीडिया और रेस्क्यू एजेंसी के आंकड़ों के मुताबिक, जब आग लगी तब जहाज पर चालक दल (क्रू मेंबर्स) सहित लगभग 271 लोग मौजूद थे। अब तक 225 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है।

दैनिक जागरण 2 Aug 2026 4:50 pm

'काफिरों से दोस्ती न करें अफगान', भारत से नजदीकी पर बौखलाई PAK सेना

पाकिस्तान के DG ISPR ने भारत और अफगान तालिबान के रिश्तों को लेकर एक बार फिर से निशाना साधने की कोशिश की है. रावलपिंडी में पाक सेना की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उनकी तरफ से कहा गया कि एक मुसलमान को काफिर से दोस्ती नहीं करनी चाहिए. उन्होंने तालिबान और BJP-RSS पर निशाना साधते हुए कहा कि तालिबान और भारत के बीच 'मालिक और गुलाम' जैसा रिश्ता है.

आज तक 2 Aug 2026 4:28 pm

अमेरिका से हमले न करने को गिड़गिड़ाया था ईरान? ट्रंप के दावे पर आया तेहरान का जवाब

ईरान ने साफ किया है कि उसने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से ऐसा नहीं कहा था कि अमेरिका उस पर हमले न करे। साथ ही यह भी साफ कर दिया है कि ईरान किसी भी हालात से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है।

लाइव हिन्दुस्तान 2 Aug 2026 4:10 pm

चीन में भारतीय प्रवासियों का छलका दर्द... दूतावास के सामने उठाए कई मुद्दे

चीन में रहने वाले भारतीयों ने दूतावास के सामने अपनी कई अहम परेशानियां रखीं. ओपन हाउस में वीजा, सोशल मीडिया और नौकरी से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई. अब दूतावास ने इन समस्याओं के समाधान के लिए कई कदम उठाने की बात कही है.

आज तक 2 Aug 2026 4:04 pm

रूस के अंदर यूक्रेन का ताबड़तोड़ हमला, एयरबेस से ऑयल रिफाइनरी तक मची तबाही; 2 की मौत

यूक्रेनी सेना ने रात भर रूस के सारातोव क्षेत्र में रोसनेफ्ट की तेल रिफाइनरी और एंगेल्स एयरबेस पर जोरदार ड्रोन हमला किया। हमले से रिफाइनरी में आग लग गई, जबकि एयरबेस और आसपास के नागरिक इलाकों में भी नुकसान हुआ। इस हमले में दो लोगों की मौत हो गई है।

लाइव हिन्दुस्तान 2 Aug 2026 4:03 pm

Indonesia में मदुरा द्वीप के पास Ferry में आग लगने से 5 लोगों की मौत, 41 लापता

इंडोनेशिया के मदुरा द्वीप के पास रविवार को एक बड़ा हादसा हो गया। 271 लोगों, यात्रियों और क्रू मेंबर्स, को ले जा रही एक फेरी में अचानक आग लग गई। इस हादसे में कम से कम 5 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 41 लोग अभी भी लापता हैं। 225 लोगों को सुरक्षित निकाला गया इंडोनेशिया की खोज और बचाव टीम के मुताबिक, अब तक 225 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है। यह फेरी पूर्वी जावा के सुराबाया से दक्षिण सुलावेसी के मकासर जा रही थी, तभी रविवार सुबह इसमें अचानक आग लग गई। इसे भी पढ़ें: Donald Trump का दावा, ईरान से युद्ध खत्म करने के लिए Israel भी नए समझौते को तैयार लापता लोगों की तलाश जारी लापता यात्रियों को ढूंढने के लिए बचाव टीमें लगातार काम कर रही हैं। अधिकारियों ने बताया कि अभी तक आग लगने की वजह का पता नहीं चल पाया है। जिस मदुरा द्वीप के पास यह हादसा हुआ, वह जावा के उत्तर-पूर्वी तट के पास स्थित है।

प्रभासाक्षी 2 Aug 2026 3:45 pm

इंडोनेशिया की बोट में आग लगने से बड़ा हादसा, 5 की मौत, और 41 लापता; Ferry में 271 थे सवार

इंडोनेशिया की एक फेरी में आग लगने से बड़ा हादसा हो गया है। इस घटना में अब तक 5 लोगों की मौत की खबर आ चुकी है, जबकि 41 लोग लापता बताए जा रहे हैं। खोज और बचाव अधिकारियों ने बताया कि इस फेरी में 271 लोग सवार थे।

खबर इंडिया टीवी 2 Aug 2026 3:38 pm

इंडोनेशिया में बड़ा समुद्री हादसा: 250 यात्रियों को ले जा रही नाव में लगी आग; 5 की मौत, 41 लापता

सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो और चश्मदीदों के मुताबिक, देखते ही देखते पूरी फेरी से काला धुआं और ऊंची लपटें उठने लगीं।

लाइव हिन्दुस्तान 2 Aug 2026 3:38 pm

दक्षिण कोरिया में गर्मी ने तोड़ा 100 साल का रिकॉर्ड

दक्षिण कोरिया भीषण गर्मी का सामना कर रहा है, जहां रविवार को तापमान 42.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। यह रिकॉर्ड पिछले 100 वर्षों का है। यांगसान क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित है, जिसके कारण पांचवां दिन...

लाइव हिन्दुस्तान 2 Aug 2026 3:21 pm

मिडिल ईस्ट पर ट्रंप और सऊदी प्रिंस की बातचीत, क्या बदलने वाला है पूरा समीकरण?

सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव को कम करने के लिए रविवार को अहम बातचीत की। सऊदी आधिकारिक एजेंसी एसपीए के अनुसार, क्राउन प्रिंस ने तनाव घटाने और राजनयिक समाधान वाले युद्धविराम के लिए हरसंभव प्रयास करने पर जोर दिया।

लाइव हिन्दुस्तान 2 Aug 2026 2:59 pm

'मुसलमानों को काफिरों से दोस्ती नहीं करनी चाहिए', भारत-अफगान रिश्तों पर पाकिस्तान

पाकिस्तान के DG ISPR ने भारत और अफगान तालिबान के रिश्तों को लेकर एक बार फिर से अपना प्रोपेगेंडा फैलाया है। रावलपिंडी में पाक सेना की तरफ से कहा गया कि एक मुसलमान को काफिर के साथ दोस्ती नहीं करनी चाहिए।

लाइव हिन्दुस्तान 2 Aug 2026 2:42 pm

Donald Trump का दावा, ईरान से युद्ध खत्म करने के लिए Israel भी नए समझौते को तैयार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को जानकारी दी कि अमेरिका और इजरायल, ईरान तथा इलाके के अन्य देशों की अपील पर ईरान पर होने वाले नए हमलों को रोकने के लिए तैयार हो गए हैं। उन्होंने दावा किया कि मध्य पूर्व के देश युद्ध को खत्म करने के लिए समझौते की शर्तों पर सहमत हो गए हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य को तुरंत खोलने पर बनी बात अपने 'ट्रुथ सोशल' प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट शेयर करते हुए ट्रंप ने कहा कि इस नए समझौते के तहत होर्मुज जलडमरूमध्य को तुरंत और पूरी तरह से खोला जाएगा। यह रास्ता दुनिया में तेल और गैस के व्यापार के लिए बेहद खास है, जिसे 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद से ईरान ने लगभग बंद कर रखा है। इसे भी पढ़ें: WSJ की सनसनीखेज रिपोर्ट, President Donald Trump ने Iran पर सैन्य हमले का दिया आदेश हमले रोकने की वजह ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सेना ईरान के खिलाफ बेहद कड़ी सैन्य कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार थी। इसके बावजूद, ईरान और बाकी पड़ोसी देशों के निवेदन पर इस हमले को रोक दिया गया है, क्योंकि एक समझौते पर बात बन गई है। इस समझौते में होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने के साथ-साथ ईरान के परमाणु खतरे को पूरी तरह खत्म करना शामिल है। ट्रंप ने साफ किया कि अगर जल्द ही पक्का समझौता हो जाता है, तो हमले हमेशा के लिए रद्द कर दिए जाएंगे। इजरायल भी समझौते के पक्ष में ट्रंप के मुताबिक, प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के नेतृत्व वाला इजरायल भी इस समझौते को पूरा करने के लिए अमेरिका के साथ आ गया है, जिससे यह युद्ध खत्म हो सके। इससे पहले फरवरी में अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान पर हमले किए थे, जिनमें ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मौत हो गई थी। इसे भी पढ़ें: ईरान की खुली धमकी: US और Israel के Energy Assets को बनाएंगे निशाना, Trump की कार्रवाई का देंगे करारा जवाब ऊर्जा ठिकानों पर थी बड़े हमले की तैयारी इससे पहले खबर आई थी कि अमेरिका और इजरायल मिलकर ईरान के ऊर्जा से जुड़े ठिकानों पर बड़े हमलों की योजना बना रहे थे। ट्रंप ने खुद शुक्रवार को कहा था कि वे ईरान पर बहुत भारी हमला करेंगे ताकि उसे घुटने टेकने पर मजबूर किया जा सके। हालांकि, अब इस योजना को रोक दिया गया है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव दोनों देशों ने जून में भी युद्ध रोकने के लिए एक शुरुआती समझौता किया था, जो बाद में टूट गया। इसके बाद जब ईरान पर होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों को निशाना बनाने का आरोप लगा, तो अमेरिका ने फिर से हमले शुरू कर दिए थे। जवाब में ईरान ने भी खाड़ी देशों में बने अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए थे। हालांकि, अब नए समझौते के बाद तनाव कम होने की उम्मीद जताई जा रही है।

प्रभासाक्षी 2 Aug 2026 2:41 pm

ट्रंप ने ईरान पर नए हमले फिलहाल रोकने का किया ऐलान

अमेरिका-ईरान तनाव के बीच ट्रंप ने दावा किया कि समझौते की दिशा में प्रगति के चलते ईरान पर नए अमेरिकी हमले फिलहाल रोके गए हैं। डील में होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने और परमाणु खतरा खत्म करने जैसे बिंदु शामिल हैं.

आज तक 2 Aug 2026 2:34 pm

Denmark की तर्ज पर मानसिक स्वास्थ्य बेहतर करने के लिए प्रकृति के बीच बिताएं कुछ पल

(टॉड लुकिंगबिल, यूनिवर्सिटी ऑफ रिचमंड)रिचमंड (अमेरिका), दो अगस्त (द कन्वरसेशन) आज की कामकाजी जिंदगी का अधिकांश हिस्सा चारदीवारी के भीतर गुजरता है। घंटों का सफर, लगातार बैठकें और कंप्यूटर स्क्रीन के सामने बीतता दिन- इन सबके बीच प्रकृति के लिए समय निकालना किसी विलासिता जैसा लगने लगता है। कई लोगों को लगता है कि प्रकृति का आनंद तभी मिलता है, जब लंबी छुट्टी लेकर पहाड़ों पर ‘ट्रैकिंग’ की जाए या जंगलों में ‘कैंप’ लगाया जाए। लेकिन अब शोध कुछ और ही कहानी कहते हैं। वे बताते हैं कि प्रकृति का लाभ उठाने के लिए किसी रोमांचक यात्रा पर जाना जरूरी नहीं है। घर या दफ्तर के आसपास मौजूद किसी पार्क या हरियाली के बीच रोज कुछ मिनट बिताना भी तनाव कम करने, मन को शांत रखने और मानसिक स्वास्थ्य बेहतर बनाने के लिए काफी हो सकता है। साल 2026 की वसंत ऋतु में मुझे डेनमार्क में शहरी परिदृश्य के बारे में पढ़ाने और उनका अध्ययन करने का अवसर मिला। दुनिया के सबसे खुशहाल देशों में गिने जाने वाले डेनमार्क से मुझे पहले से ही सुंदर पार्क, खुले आंगनों और साइकिल चलाने के लिए बने रास्तों की उम्मीद थी। वहां यह सब तो मिला ही, लेकिन जिसने सबसे ज्यादा प्रभावित किया, वह यह था कि लोग इन हरित स्थानों का इस्तेमाल अपनी रोजमर्रा की जिंदगी का स्वाभाविक हिस्सा मानते हैं। ये पार्क केवल छुट्टी बिताने या खास मौकों के लिए सुरक्षित जगहें नहीं थे। लोग यहां दोपहर का भोजन करते, दोस्तों से मिलते, दफ्तर से लौटते समय पैदल गुजरते या कुछ पल शांति से बैठकर सुकून महसूस करते थे। ऐसा लगता था जैसे खुले वातावरण में समय बिताना उनकी दिनचर्या का स्वाभाविक हिस्सा हो। डेनमार्क में यह संस्कृति केवल अच्छी योजना बनाकर बनाए गए उद्यानों की वजह से नहीं बनी, बल्कि इसलिए भी कि वहां हरियाली को लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी में इस तरह पिरोया गया है कि प्रकृति उनके दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुकी है। रोज पार्क जाने से मिलने वाले फायदे :प्रकृति के बीच समय बिताने से स्वास्थ्य को होने वाले लाभों के प्रमाण अब इतने मजबूत हो चुके हैं कि दुनिया के कई देशों की सार्वजनिक नीतियों पर भी उनका असर दिखने लगा है। उदाहरण के लिए, अमेरिका में नेशनल पार्क सर्विस की ‘हेल्दी पार्क्स हेल्दी पीपल’ और पार्कआरएक्स’ जैसी पहलें इस सोच को बढ़ावा देती हैं कि पार्क तक आसान पहुंच लोगों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाती है। हालांकि, अधिकतर अमेरिकी जब ‘पार्क’ शब्द सुनते हैं, तो उनके मन में सबसे पहले येलोस्टोन, योसेमिटी या ग्रैंड कैन्यन जैसे प्रसिद्ध राष्ट्रीय उद्यानों की तस्वीर उभरती है। लेकिन सच यह है कि स्वास्थ्य के लिए सबसे अधिक लाभ उन पार्कों से मिलता है, जहां लोग जीवन में एक बार नहीं, बल्कि बार-बार जा सकें। यानी घर या दफ्तर के पास मौजूद छोटे-छोटे पार्क, हरित क्षेत्र और खुले स्थान कहीं अधिक उपयोगी साबित हो सकते हैं। मेरे अपने शोध ने भी यही बात साबित की। मैंने अमेरिकी गृहयुद्ध के ऐतिहासिक युद्धस्थलों पर विकसित या संरक्षित पार्कों का अध्ययन किया। ये वे स्थान हैं, जिन्हें गृहयुद्ध के ऐतिहासिक युद्धक्षेत्रों की स्मृति में संरक्षित किया गया है। चूंकि इनमें से अधिकांश बड़े शहरों के बाहरी इलाकों में स्थित हैं, इसलिए यहां आज भी जंगल, घास के मैदान और पैदल चलने के रास्ते सुरक्षित हैं। करोड़ों अमेरिकी बिना लंबी यात्रा किए आसानी से यहां पहुंच सकते हैं। इसी वजह से ये पार्क केवल पर्यटन स्थल नहीं रह जाते, बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन जाते हैं। कोई दोपहर के भोजन के समय यहां टहलने चला जाता है, तो कोई दफ्तर के बाद कुछ देर सुकून के लिए लौट आता है। यानी यदि हम ‘पार्क’ की अपनी पारंपरिक सोच बदल दें, तो हमें एहसास होगा कि प्रकृति हमारे आसपास पहले से मौजूद है। जरूरत केवल उसे अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने की है। जब प्रकृति कामकाज का हिस्सा बन जाए :मैं जिस रिचमंड विश्वविद्यालय में काम करता हूं, वहां एक छोटी-सी नदी के पुनर्जीवन की परियोजना ने यह सोचने का अवसर दिया कि प्रकृति को विश्वविद्यालय के रोजमर्रा के जीवन का हिस्सा कैसे बनाया जाए। इस परियोजना के तहत एक ‘इको-कोरिडोर’ तैयार किया। इसमें पैदल चलने के रास्ते, लोगों के बैठने और बातचीत करने की जगहें तथा शांत माहौल में कुछ समय बिताने के लिए खुले स्थान विकसित किए गए। आसपास बहती जलधारा और स्थानीय पौधों ने इस पूरे क्षेत्र को प्राकृतिक स्वरूप दिया। इसका फायदा केवल पर्यावरण को ही नहीं मिला। एक ओर इससे जैव विविधता बढ़ी और पानी की गुणवत्ता में सुधार हुआ, वहीं दूसरी ओर छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों को बैठकों के बीच टहलने, खुले वातावरण में दोपहर का भोजन करने या कुछ मिनट प्रकृति के बीच सुकून से बिताने की जगह भी मिल गई। इस हरित क्षेत्र की देखभाल भी लोगों की भागीदारी से होती है। स्वयंसेवक पेड़ों के आसपास गीली घास बिछाते हैं, स्थानीय वनस्पतियों को नुकसान पहुंचाने वाले बाहरी पौधों को हटाते हैं और सामुदायिक उद्यान की देखभाल करते हैं। उनके लिए यह केवल सेवा कार्य नहीं, बल्कि प्रकृति के साथ जुड़ने का एक और अवसर बन जाता है। इस अनुभव ने हमें एक महत्वपूर्ण बात सिखायी कि प्रकृति और काम एक-दूसरे के विरोधी नहीं हैं। यदि शहरों और परिसरों की योजना सोच-समझकर बनायी जाए, तो खुले वातावरण में कुछ मिनट बिताना भी दिनचर्या का उतना ही सामान्य हिस्सा बन सकता है, जितना किसी बैठक में शामिल होना। प्रकृति के साथ जीने का नजरिया :हरित स्थानों का अच्छा डिजाइन महत्वपूर्ण जरूर है, लेकिन पूरी कहानी सिर्फ इतनी नहीं है। शायद आपने डेनमार्क का प्रसिद्ध शब्द ‘ह्यूगे’ सुना होगा। इसका अर्थ है- आरामदायक, आत्मीय और सुकूनभरा माहौल। लेकिन स्कैंडिनेवियाई देशों में एक और विचार बेहद लोकप्रिय है- ‘फ्रिलुफ्ट्सलिव’। इसका शाब्दिक अर्थ है ‘खुले वातावरण में जीवन जीना’। यह केवल प्रकृति से प्रेम करने का विचार नहीं है, बल्कि जीवन जीने का एक तरीका है, जो कहता है कि जितना अधिक समय ताजी हवा और प्राकृतिक वातावरण में बिताया जाए, उतना ही बेहतर। शोध भी इस सोच का समर्थन करते हैं। कोविड-19 महामारी के दौरान बर्लिन में रहने वाले 20 और 30 वर्ष की उम्र के अंतरराष्ट्रीय छात्रों पर किए गए एक अध्ययन में पाया गया कि जो छात्र नियमित रूप से अपने घर के आसपास के पार्कों में जाते थे, उनके सामाजिक संबंध बेहतर बने रहे और उनका मानसिक तथा भावनात्मक स्वास्थ्य भी अधिक अच्छा था। कोपेनहेगन में तो शिक्षकों और मनोचिकित्सकों ने विशेष रूप से विकसित किए गए जंगलों और ‘थेरेपी गार्डन’ को तनाव दूर करने और आत्मचिंतन के स्थान के रूप में अपनाया है। इन स्थानों पर आने वाले लोगों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी रफ्तार धीमी करें, आसपास की आवाजों, खुशबुओं और प्राकृतिक दृश्यों को महसूस करें तथा कुछ समय के लिए काम और तकनीक की निरंतर भागदौड़ से खुद को अलग रखें। यही साधारण-से दिखने वाले पार्क तनाव और मानसिक थकान से राहत देने वाले स्थान बन जाते हैं। कम सुविधाओं वाले शहरों में भी दफ्तर जाने से पहले 10-15 मिनट की सैर या दिन खत्म होने पर किसी स्थानीय पार्क में कुछ समय बिताना लगभग वही लाभ दे सकता है। इस बात की पुष्टि 2026 में अमेरिका के नॉर्थ कैरोलाइना के रैले शहर में हुए एक अध्ययन से भी हुई। इसमें पाया गया कि कॉलेज के छात्र केवल 10 मिनट तक पार्क की बेंच पर बैठकर पक्षियों की चहचहाहट सुनने के बाद पहले की तुलना में कम तनावग्रस्त और अधिक तरोताजा महसूस कर रहे थे। प्रकृति को दिनचर्या का हिस्सा बनाने के पांच आसान तरीके :दोपहर का भोजन खुले वातावरण में करें। किसी पार्क की बेंच या पेड़ की छांव में बैठकर खाना खाएं। इससे मन को नया उत्साह मिलता है। हरियाली वाला रास्ता चुनें। यदि संभव हो तो दफ्तर या घर जाते समय पार्क, नदी किनारे या पेड़ों से घिरी सड़क से होकर गुजरें। रोज 10 मिनट का ‘नेचर ब्रेक’ लें। मोबाइल फोन अलग रख दें, धीरे-धीरे चलें और आसपास की आवाजों, रंगों और प्राकृतिक दृश्यों को महसूस करें। चलते-चलते बातचीत करें। बैठक या दोस्तों से मुलाकात कमरे में बैठकर करने के बजाय पार्क या खुले स्थान में टहलते हुए करें। प्रकृति में बार-बार लौटने की वजह खोजें। पक्षी-दर्शन, प्रकृति भ्रमण, वृक्षारोपण या स्वयंसेवी कार्यक्रमों में शामिल हों, ताकि बाहर निकलना आपकी आदत बन जाए। कोपेनहेगन में बिताए गए समय ने प्रकृति के प्रति मेरी सोच बदल दी। वहां के पार्क निस्संदेह बेहद सुंदर थे, लेकिन सबसे ज्यादा प्रभावित वहां के लोगों की सोच ने किया। उन्होंने मुझे यह एहसास कराया कि प्रकृति से जुड़ने के लिए हर बार सप्ताहांत की लंबी यात्रा की योजना बनाने की जरूरत नहीं होती। कई बार सुकून और ताजगी हमें अपने घर, दफ्तर या मोहल्ले के आसपास मौजूद उसी हरियाली में मिल सकती है, जिसे हम रोज देखते तो हैं, लेकिन महसूस करने के लिए कभी रुकते नहीं।

प्रभासाक्षी 2 Aug 2026 1:29 pm

बीजिंग Embassy के ओपन हाउस में भारतीय समुदाय ने उठाए वीजा और सोशल मीडिया से जुड़े मुद्दे

(के जे एम वर्मा)बीजिंग, दो अगस्त चीन में रहने वाले भारतीय समुदाय के सदस्यों ने भारतीय दूतावास के हाल के वर्षों में आयोजित पहले ‘ओपन हाउस’ कार्यक्रम में चीनी सोशल मीडिया पर भारत-विरोधी अपमानजनक सामग्री, भारतीय पेशेवरों को कार्य वीजा मिलने में गिरावट तथा उनके जीवनसाथियों के रोजगार पर प्रतिबंध सहित कई मुद्दों पर चिंता जतायी। भारतीय दूतावास ने शुक्रवार को इस जनसंपर्क पहल का आयोजन किया, जिसमें बीजिंग में विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत बड़ी संख्या में भारतीय पेशेवर शामिल हुए और समुदाय से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। भारत के राजदूत विक्रम दुरईस्वामी ने एक अन्य राजनयिक (दूतावास, शिक्षा एवं सामुदायिक मामलों) नितिनजीत सिंह तथा दूसरे राजनयिक (वीजा) रमेश सिंह के साथ भारतीय समुदाय के सदस्यों से विभिन्न विषयों पर बातचीत की। बैठक के दौरान जिन प्रमुख चिंताओं को उठाया गया, उनमें चीनी सोशल मीडिया मंचों पर भारतीयों, उनके खान-पान और संस्कृति के खिलाफ बढ़ती अपमानजनक सामग्री, भारतीय पेशेवरों को जारी किए जाने वाले कार्य वीजा की संख्या में कमी, उनके जीवनसाथियों के रोजगार पर प्रतिबंध तथा दूतावास संबंधी सेवाओं से जुड़ी कठिनाइयां शामिल थीं। मई में चीन में भारत के राजदूत का पद संभालने वाले दुरईस्वामी ने कहा कि द्विपक्षीय संबंधों को बेहतर बनाने के प्रयासों के तहत उन्होंने चीनी अधिकारियों के साथ संपर्क बढ़ाया है। उन्होंने बताया कि अगले सप्ताह से भारतीय दूतावास भारतीय वीजा के लिए आवेदन करने वाले चीनी नागरिकों के लिए आवश्यक दस्तावेजों की प्रक्रिया को और सरल बनाएगा, ताकि भारत की यात्रा को बढ़ावा दिया जा सके। चीनी सोशल मीडिया पर भारत-विरोधी और अपमानजनक सामग्री को लेकर जताई गई चिंताओं के जवाब में दुरईस्वामी ने कहा कि चीनी सरकार भी इस तरह की सामग्री में बढ़ोतरी को लेकर चिंतित है और इससे निपटने के लिए कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि भारतीय दूतावास भी अपने सोशल मीडिया मंचों के माध्यम से तथ्य-आधारित जानकारी साझा कर भ्रामक सूचनाओं का जवाब दे रहा है। राजदूत ने यह भी कहा कि भारतीय संस्कृति और व्यंजनों की विविधता को प्रदर्शित करने के लिए दूतावास वसंत मेला जैसे वार्षिक कार्यक्रमों को मिली व्यापक प्रतिक्रिया के आधार पर और अधिक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बना रहा है। उन्होंने बताया कि दूतावास कार्यस्थल से जुड़े विवादों या समस्याओं का सामना कर रहे भारतीयों की सहायता के लिए कानूनी विशेषज्ञों के साथ एक व्यवस्था विकसित करने पर भी काम कर रहा है। दुरईस्वामी ने कहा कि भारतीय समुदाय को बेहतर दूतावास संबंधी सेवाएं उपलब्ध कराने और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए दूतावास समय-समय पर ‘ओपन हाउस’ कार्यक्रम आयोजित करेगा।

प्रभासाक्षी 2 Aug 2026 1:29 pm

अमेरिका में बर्गर पार्टी के दौरान अंधाधुंध फायरिंग, दिल दहला देने वाली घटना में 3 लोगों की मौत

अमेरिका में गन कल्चर और हिंसा की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं, और एक बार फिर देश में हुई गोलीबारी की एक खौफनाक वारदात ने सबको झकझोर कर रख दिया है। अमेरिका में एक मामूली सी बर्गर पार्टी के दौरान अचानक उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब कुछ अज्ञात हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। इस अचानक हुए खूनी संघर्ष और अंधाधुंध गोलीबारी में तीन बेकसूर लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। इस सनसनीखेज घटना के बाद से स्थानीय इलाकों में भारी दहशत का माहौल है और पुलिस-प्रशासन हरकत में आ गया है।पार्टी की खुशियां पलभर में मातम में बदलींमिली जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना उस समय घटी जब लोग एक जगह इकट्ठा होकर बर्गर पार्टी का आनंद ले रहे थे और आपसी माहौल पूरी तरह खुशनुमा था। अचानक हुई इस हिंसक वारदात ने पलभर में सारी खुशियों को मातम में बदल दिया और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। चश्मदीदों के मुताबिक हमलावरों ने बिना किसी चेतावनी के अचानक फायरिंग शुरू कर दी, जिससे वहां मौजूद लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। स्थानीय सुरक्षा एजेंसियों और आपातकालीन सेवाओं ने तुरंत मौके पर पहुंचकर घायलों को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां कुछ की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है।सुरक्षा व्यवस्था और गन वायलेंस पर उठे गंभीर सवालइस दर्दनाक गोलीबारी की घटना के सामने आने के बाद एक बार फिर अमेरिका में खुलेआम मिलने वाले हथियारों और बढ़ते गन कल्चर पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर स्थानीय प्रशासन और सरकार की नीतियों की आलोचना हो रही है क्योंकि इस तरह की मास शूटिंग की घटनाएं देश में आम होती जा रही हैं। पुलिस फिलहाल इस मामले की गहनता से जांच कर रही है और हमलावरों की पहचान कर उन्हें पकड़ने के लिए आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है, ताकि इस खौफनाक वारदात के पीछे की असली वजह का खुलासा हो सके।

न्यूज़ इंडिया लाइव 2 Aug 2026 12:32 pm

अमेरिका के इडाहो में रेस्टोरेंट में हुई गोलीबारी, अंधाधुंध फायरिंग में तीन की मौत और कई घायल,पुलिस ने इलाके को सील किया

उत्तर-पश्चिमी अमेरिकी राज्य इडाहो के ट्विन फॉल्स में एक इन-एन-आउट रेस्टोरेंट के इलाके में शनिवार को गोलीबारी की घटना सामने आई। इस गोलीबारी में कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई और कम से कम दो अन्य घायल हो गए।

देशबन्धु 2 Aug 2026 12:17 pm

कॉमनवेल्थ गेम्स में बवाल: ग्लास्गो के रेस्त्रां में भारत का अधूरा नक्शा परोसा गया; लवलीना भड़कीं, जताई आपत्ति

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के दौरान ग्लास्गो के एक भारतीय रेस्त्रां में भारत का अधूरा नक्शा छपे नैपकिन परोसे जाने से विवाद खड़ा हो गया।

अमर उजाला 2 Aug 2026 12:07 pm

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर हमले रोकने को लेकर जताई सहमति; 'होर्मुज' को फिर से खोलने का दिया हवाला

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को कहा कि तेहरान और कई मिडिल ईस्ट देशों की तरफ से हमले रोकेने की अपील के बाद, अमेरिका ईरान के खिलाफ प्लान किए गए सैन्य कार्रवाई को रोकने पर सहमत हो गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने दावा किया कि एक संभावित समझौते का फ्रेमवर्क बन गया है।

देशबन्धु 2 Aug 2026 12:03 pm

CWG 2026: देश के लिए लड़ते हुए गंवाया एक पैर, अब कॉमनवेल्थ में जीता स्वर्ण; सोमन राणा बोले- आसान नहीं थी राह

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पैरा एथलीट सोमन राणा ने पुरुष एफ57 शॉटपुट में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। भारतीय सेना में ड्यूटी के दौरान एक पैर गंवाने वाले सोमन ने बताया कि चुनौतियों से भरे सफर, परिवार और सेना के सहयोग ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया।

अमर उजाला 2 Aug 2026 11:13 am

नेपाल के महान पर्वतारोही निर्मल पुर्जा का ब्रॉड पीक पर हिमस्खलन में निधन, 6 महीने में 14 चोटियों को फतह कर रचा था इतिहास

काठमांडू: दुनिया के सबसे साहसी और विश्व रिकॉर्ड धारक नेपाली पर्वतारोही निर्मल पुर्जा (Nirmal Purja), जिन्हें लोग प्यार से 'निम्सदाई' कहते थे, का पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के काराकोरम पर्वत श्रृंखला में स्थित दुनिया की 12वीं सबसे ऊंची चोटी 'ब्रॉड पीक' (Broad Peak) पर हुए भयंकर हिमस्खलन (Avalanche) में निधन हो गया। इस दुखद हादसे में उनके साथी गाइड पुर बहादुर गुरुंग और निमा शेरपा समेत अभियान दल में शामिल अन्य सदस्यों की भी जान चली गई है।शुक्रवार को ब्रॉड पीक के सामान्य वेस्ट रिज मार्ग पर करीब 21,600 से 21,850 फीट की अत्यधिक ऊंचाई पर यह दर्दनाक हादसा हुआ, जहां अचानक बर्फ का एक बड़ा हिस्सा (हिमस्खलन) खिसककर नीचे आ गया। हादसे के बाद लगातार कई घंटों तक चलाए गए रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद उनकी एडवेंचर कंपनी 'एलीट एक्सपेड' (Elite Exped) ने आधिकारिक तौर पर उनके निधन की पुष्टि की है। हादसे से महज कुछ घंटे पहले निर्मल पुर्जा ने भारतीय पत्रकार को अपना आखिरी वॉयस मैसेज भी भेजा था।एडवेंचर कंपनी एलीट एक्सपेड ने दी भावुक श्रद्धांजलि: 'दुनिया ने खो दिया अपना सबसे महान हीरो'निर्मल पुर्जा की एडवेंचर कंपनी 'एलीट एक्सपेड' ने सोशल मीडिया पर इस खबर को साझा करते हुए गहरा शोक व्यक्त किया। कंपनी ने लिखा:दुनिया ने आज पर्वतारोहण इतिहास के सबसे महान और साहसी हीरोज में से एक को खो दिया है। निर्मल पुर्जा केवल एक पर्वतारोही नहीं थे, बल्कि वह लाखों लोगों के लिए यह साबित करने वाली एक मिसाल थे कि इंसान अपनी सोच से कहीं अधिक बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकता है। उनकी विरासत, उनकी दूरदृष्टि और उनका निम्सदाई फाउंडेशन हमेशा दुनिया भर के लोगों को सपने देखने और उन्हें पूरा करने का हौसला देता रहेगा।कंपनी ने लोगों से इस बेहद कठिन और दुखद घड़ी में दिवंगत पर्वतारोहियों के शोक संतप्त परिवारों की निजता (Privacy) का सम्मान करने की अपील भी की है।ब्रिटिश स्पेशल फोर्सेस से विश्व रिकॉर्ड तक: निर्मल पुर्जा का ऐतिहासिक सफरनिर्मल पुर्जा का जीवन साहस और नामुमकिन को मुमकिन बनाने की कहानियों से भरा रहा है:सैन्य पृष्ठभूमि: पर्वतारोहण में नया इतिहास रचने से पहले निर्मल पुर्जा ने ब्रिटेन की 'ब्रिगेड ऑफ गोरखा' और रॉयल मरीन की एलीट कमांडो यूनिट 'स्पेशल बोट सर्विस' (SBS) में कई सालों तक अपनी सेवाएं दी थीं।6 महीने में 14 चोटियां (प्रोजेक्ट पॉसिबल): साल 2019 में उन्होंने अपने बहुचर्चित 'प्रोजेक्ट पॉसिबल' के तहत दुनिया की 8,000 मीटर से ऊंची सभी 14 सबसे खतरनाक चोटियों को मात्र 6 महीने और 6 दिन (189 दिन) में फतह करके एक ऐसा विश्व रिकॉर्ड बनाया जिसने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया था। इस अदम्य साहस पर नेटफ्लिक्स की प्रसिद्ध डॉक्यूमेंट्री '14 Peaks: Nothing Is Impossible' भी बन चुकी है।के-2 (K2) पर विंटर फतह: इसके अलावा वर्ष 2021 में वह उन 10 नेपाली पर्वतारोहियों की उस ऐतिहासिक टीम के मुख्य सदस्य थे, जिसने पहली बार कड़ाके की सर्दियों के मौसम में दुनिया की दूसरी सबसे ऊंची और खतरनाक चोटी के-2 (K2) पर फतह हासिल की थी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 2 Aug 2026 11:11 am

क्रैश हो गया पर्यटकों को ले जा रहा विमान, पायलट सहित सभी यात्रियों की मौत

यूरोपीय पर्यटकों को लेकर पेरू जा रहा एक विमान क्रैश हो गया जिसमें सवार सभी लोगों की मौत हो गई। इसमें दो पायलट के अलावा 11 पर्यटक सवार थे। विमान में इटली के सात पर्यटक सवार थे।

लाइव हिन्दुस्तान 2 Aug 2026 11:03 am

CWG 2026: 'खुद पर भरोसा था, इसलिए जीता गोल्ड', बोले अंकुश; लवलीना ने कहा- एशियन गेम्स में पूरी करूंगी कमी

स्वर्ण पदक विजेता अंकुश पंघाल और सचिन सिवाच ने अपनी जीत का राज आत्मविश्वास बताया, जबकि लवलीना बोरगोहेन और नरेंद्र बेरवाल ने रजत जीतने के बाद एशियन गेम्स में स्वर्ण जीतने का लक्ष्य रखा।

अमर उजाला 2 Aug 2026 11:00 am

Iran-US War Update: डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर सैन्य हमले का फैसला क्यों टाला? जानें पीछे हटने की 5 बड़ी वजहें

वाशिंगटन/तेहरान: अमेरिका और ईरान के बीच मध्य पूर्व (Middle East) में जारी भीषण संघर्ष के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक बड़े फैसले ने वैश्विक राजनीति में हलचल मचा दी है। ईरान को तबाह करने और भीषण हमलों की चेतावनी देने के बाद, अमेरिकी प्रशासन ने फिलहाल तेहरान पर नए सिरे से प्रत्यक्ष सैन्य हमले (Airstrikes) करने से कदम पीछे खींच लिए हैं। हालिया घटनाक्रम में सऊदी अरब और खाड़ी देशों से मिली राजनयिक चेतावनियों तथा जारी कूटनीतिक बातचीत के बीच वॉशिंगटन ने हमलों पर रोक लगाने का संकेत दिया है। आइए जानते हैं कि आखिर वे कौन-से मुख्य कारण हैं, जिनके चलते ट्रंप प्रशासन को ईरान पर सैन्य कार्रवाई का मन बदलना पड़ा।1. खाड़ी देशों की चिंता और सऊदी क्राउन प्रिंस का हस्तक्षेपट्रंप के फैसले में बदलाव का सबसे मुख्य कारण खाड़ी सहयोगी देशों का बढ़ता दबाव माना जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने ट्रंप से फोन पर सीधी बातचीत कर तनाव कम करने (De-escalate) की अपील की। सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) को डर है कि यदि अमेरिका ने ईरान के ऊर्जा या इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा हमला किया, तो जवाब में ईरान खाड़ी देशों के तेल रिफाइनरी और बुनियादी ढांचों को निशाना बना सकता है, जिससे पूरा क्षेत्र संकट में आ जाएगा।2. होर्मुज की खाड़ी (Strait of Hormuz) और वैश्विक ऊर्जा संकटदुनिया का एक-पांचवां (20%) कच्चा तेल 'होर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) से होकर गुजरता है। युद्ध के कारण ईरान ने इस समुद्री मार्ग पर कड़ा नियंत्रण बना लिया है और वाणिज्यिक जहाजों पर हमले किए हैं। यदि अमेरिका सीधे हमले तेज करता, तो ईरान इस पूरे रूट को पूरी तरह ब्लॉक कर सकता था, जिससे वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतें आसमान छूने लगतीं और अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर भी इसका बुरा असर पड़ता।3. बैकचैनल कूटनीति और वार्ता की संभावनाट्रंप ने सोशल मीडिया और प्रेस वार्ता में स्पष्ट किया कि यदि ईरान शांति समझौते की शर्तों को मानने और व्यापारिक समुद्री रास्तों को खोलने पर सहमत होता है, तो अमेरिका हमलों को रोक सकता है। पाकिस्तान और अन्य मध्यस्थ देश अमेरिका और ईरान के बीच बैकचैनल कूटनीति (Backchannel Diplomacy) के जरिए एक कार्ययोग्य (Workable) समझौते पर पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं।4. अमेरिकी कांग्रेस का राजनीतिक दबाव और युद्ध खर्चअमेरिकी सीनेट और हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में लगातार युद्ध शक्तियों को सीमित करने (War Powers Resolution) पर वोटिंग और बहस हो रही है। इसके साथ ही पेंटागन द्वारा अतिरिक्त अरबों डॉलर के बजट की मांग और आगामी अमेरिकी चुनावों को ध्यान में रखते हुए, अमेरिकी जनता के बीच लंबे समय तक चलने वाले युद्ध के प्रति भारी नाराजगी देखी जा रही है।5. क्षेत्रीय सुरक्षा और अमेरिकी बेस पर खतरे का डरइराक, सीरिया और कुवैत जैसे देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकाने मौजूद हैं। ईरान समर्थित गुटों द्वारा लगातार ड्रोन और मिसाइल दागे जा रहे हैं। सैन्य विशेषज्ञों का मानना है कि सीधे युद्ध में उतरने से मध्य पूर्व में मौजूद हजारों अमेरिकी सैनिकों और अमेरिकी दूतावासों पर बड़ा खतरा पैदा हो जाता।

न्यूज़ इंडिया लाइव 2 Aug 2026 10:51 am

अमेरिका के एक शॉपिंग एरिया में हुई गोलीबारी, हमलावर ढेर

अमेरिका में Gun Violence का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है.इडाहो राज्य स्थित ट्विन फॉल्स के एक व्यस्त शॉपिंग इलाके में 1 अगस्त की दोपहर एक सिरफिरे ने अंधाधुंध गोलीबारी कर दी. इस दिल दहला देने वाली घटना में कम से कई लोगों के मारे जाने की आशंका है.

आज तक 2 Aug 2026 9:58 am

CWG 2026: राष्ट्रपति मुर्मू और पीएम मोदी ने बढ़ाया खिलाड़ियों का हौसला, बॉक्सिंग-एथलेटिक्स स्टार्स की तारीफ की

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें बधाई दी।

अमर उजाला 2 Aug 2026 9:58 am

सिंधु जल संधि पर भारत की दो टूक: राजदूत क्वात्रा बोले- पाकिस्तान ने खुद गिराई अपनी साख, पहले खत्म करे आतंकवाद

सिंधु जल संधि पर भारत की दो टूक: राजदूत क्वात्रा बोले- पाकिस्तान ने खुद गिराई अपनी साख, पहले खत्म करे आतंकवाद india-ambassador-vinay-mohan-kwatra-on-indus-waters-treaty-and-pakistan-terrorism

अमर उजाला 2 Aug 2026 9:56 am

US Mass Shooting: अमेरिका के इडाहो में ‘इन-एन-आउट’ बर्गर रेस्टोरेंट में अंधाधुंध गोलीबारी

संयुक्त राज्य अमेरिका में गन कल्चर का खौफनाक चेहरा एक बार फिर सामने आया है। इस बार दक्षिणी इडाहो (Idaho) राज्य का शांत रहने वाला शहर 'ट्विन फॉल्स' (Twin Falls) गोलियों की गूंज से कांप उठा। शनिवार शाम लगभग 4 बजे, जब लोग एक व्यस्त शॉपिंग इलाके के पास स्थित मशहूर 'इन-एन-आउट बर्गर' (In-N-Out Burger) रेस्टोरेंट में अपने परिवार और दोस्तों के साथ मौजूद थे, तभी अचानक एक सिरफिरे बंदूकधारी ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। बर्गर का स्वाद ले रहे मासूम लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही रेस्टोरेंट के भीतर और बाहर गोलियों की तड़तड़ाहट से चीख-पुकार मच गई। वारदात के समय इलाका काफी व्यस्त था, जिसके चलते वहां अफरातफरी और भगदड़ जैसा माहौल बन गया। लोग अपनी जान बचाने के लिए टेबल और कुर्सियों के पीछे छिपने लगे।पुलिस चीफ का बड़ा बयान: हमलावर मारा गया, फिलहाल लोगों के लिए टला खतराघटना की सूचना मिलते ही भारी संख्या में पुलिस बल और आपातकालीन सेवाएं मौके पर पहुंचीं। ट्विन फॉल्स के पुलिस चीफ मैथ्यू हिक्स (Matthew Hicks) ने एक त्वरित प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर स्थिति की जानकारी दी। पुलिस चीफ हिक्स ने बताया कि घटना के समय मौके पर बेहद खौफनाक और अफरातफरी का माहौल था। हालांकि, सुरक्षाबलों की मुस्तैदी से स्थिति पर काबू पा लिया गया है। उन्होंने पुष्टि की कि हमलावर भी मरने वाले लोगों में शामिल है। हिक्स ने शहरवासियों को आश्वस्त करते हुए कहा, हमें पूरा विश्वास है कि अब आम लोगों के लिए तत्काल कोई खतरा नहीं है। उन्होंने आगे बताया कि हताहतों की सटीक संख्या और पहचान की पुष्टि की जा रही है तथा पुलिस अधिकारी संवेदनशीलता के साथ पीड़ितों के परिवारों को सूचित करने की प्रक्रिया में जुटे हैं।सड़कों की नाकेबंदी और आपातकालीन अलर्ट: सेंट ल्यूक मैजिक वैली अस्पताल में हड़कंपगोलीबारी के तुरंत बाद कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने पूरे इलाके को अपने घेरे में ले लिया। ट्विन फॉल्स काउंटी के कमिश्नर ब्रेंट रेनके (Brent Reinke), जो इडाहो डिपार्टमेंट ऑफ करेक्शंस के पूर्व प्रमुख भी रह चुके हैं, ने बताया कि उन्हें शाम 4 बजे से ठीक पहले इस एक्टिव शूटर घटना की जानकारी मिली थी। शुरुआती दौर में ही कम से कम पांच लोगों के गंभीर रूप से घायल होने की खबर आई थी। सुरक्षा के मद्देनजर ट्विन फॉल्स पुलिस ने रेस्टोरेंट की ओर जाने वाली सभी प्रमुख सड़कों को बैरिकेड्स लगाकर बंद कर दिया और आम जनता से इस व्यस्त वाणिज्यिक क्षेत्र से दूर रहने की अपील की। वहीं, पास स्थित 'सेंट ल्यूक मैजिक वैली' (St. Luke's Magic Valley) मेडिकल सेंटर के प्रवक्ता टेलर मार्शनर ने बताया कि अस्पताल का इमरजेंसी स्टाफ घायलों के त्वरित इलाज के लिए पुलिस और रिस्पॉन्स टीमों के साथ मिलकर चौबीसों घंटे काम कर रहा है।एफ़बीआई (FBI) संभालेगी जांच की कमान: हमलावर की पहचान और मकसद तलाश रहे अधिकारीइस बड़े हमले के पीछे की साजिश और हमलावर के इरादों को खंगालने के लिए अब अमेरिकी जांच एजेंसी एफ़बीआई (FBI) मैदान में उतर चुकी है। पुलिस चीफ मैथ्यू हिक्स ने जानकारी दी कि स्थानीय पुलिस की मदद के लिए एफ़बीआई की स्पेशल यूनिट्स पहुंच गई हैं। फॉरेंसिक टीमें और बैलिस्टिक एक्सपर्ट्स रेस्टोरेंट परिसर से साक्ष्य जुटा रहे हैं। जांच एजेंसियां इस बात का पता लगाने में जुटी हैं कि हमलावर अकेले इस वारदात को अंजाम देने आया था या उसका कोई मददगार भी था। इसके अलावा, हमलावर के पास से मिले हथियारों के लाइसेंस, उसके सोशल मीडिया बैकग्राउंड और हमले के पीछे के मुख्य कारण की गहनता से पड़ताल की जा रही है ताकि यह साफ हो सके कि यह कोई नफरती अपराध (Hate Crime) था या फिर किसी व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा।नेवादा बॉर्डर के पास बसा शांत शहर ट्विन फॉल्स: सीनेटर माइक क्रैपो ने जताया दुख और की यह अपीललगभग 56,000 की आबादी वाला ट्विन फॉल्स शहर इडाहो की राजधानी बोइस (Boise) से दक्षिण-पूर्व में लगभग 205 किलोमीटर और नेवादा (Nevada) राज्य की सीमा से उत्तर में करीब 120 किलोमीटर दूर स्थित है। आमतौर पर शांत माने जाने वाले इस शहर में हुई इस हिंसक घटना से पूरा अमेरिका स्तब्ध है। इडाहो के रिपब्लिकन सीनेटर माइक क्रैपो (Mike Crapo) ने इस त्रासदी पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, मैं ट्विन फॉल्स से आ रही एक्टिव शूटर से जुड़ी हर पल की जानकारी पर सीधी नजर रख रहा हूं। सीनेटर ने स्थानीय नागरिकों से अपील की है कि वे पुलिस के निर्देशों का पालन करें और प्रभावित क्षेत्र की तरफ जाने से बचें। इस वारदात ने एक बार फिर अमेरिका में गन वायलेंस और सार्वजनिक स्थलों की सुरक्षा पर गंभीर बहस छेड़ दी है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 2 Aug 2026 9:30 am

Peru Plane Crash: यूनेस्को धरोहर 'नाज्का लाइन्स' देखने उड़े पर्यटकों का विमान क्रैश, 13 लोगों की दर्दनाक मौत

दक्षिण अमेरिकी देश पेरू से एक बेहद दुखद और दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। प्रसिद्ध और ऐतिहासिक 'नाज्का लाइन्स' (Nazca Lines) का विहंगम दृश्य देखने के लिए पर्यटकों को लेकर उड़ा एक छोटा विमान अचानक दुर्घटनाग्रस्त हो गया। नाज्का शहर के बाहरी इलाके में हुए इस खौफनाक प्लेन क्रैश में विमान में सवार सभी 13 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है। खूबसूरत नजारों को अपनी आंखों में कैद करने निकले पर्यटकों के लिए यह सफर जिंदगी का आखिरी सफर साबित हुआ। नाज्का की नगर सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर एक आधिकारिक बयान जारी करते हुए इस दुखद घटना की पुष्टि की है। शनिवार को हुए इस हादसे के बाद पूरे इलाके में मातम छा गया है और स्थानीय प्रशासन राहत व जांच कार्यों में जुट गया है।उड़ान भरते ही एटीसी से टूटा संपर्क: मलबे से उठता दिखा धुआंस्थानीय अधिकारियों द्वारा साझा की गई प्राथमिक जानकारी के अनुसार, यह दुर्भाग्यपूर्ण फ्लाइट पास के शहर इका और पिस्को एयरपोर्ट (Pisco Airport) से रवाना हुई थी। विमान ने नाज्का लाइन्स के ऊपर से हवाई सैर कराने के लिए उड़ान भरी थी। लेकिन उड़ान भरने के महज कुछ ही मिनटों बाद विमान का एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) और कंट्रोल टावर से संपर्क पूरी तरह से टूट गया। संपर्क कटते ही इमरजेंसी एजेंसियां सतर्क हुईं, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कुछ अपुष्ट वीडियो में एक सूखे मैदानी इलाके में विमान का जलता और धुआं फेंकता हुआ मलबा बिखरा हुआ नजर आ रहा है। हालांकि, अधिकारियों ने इन वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की है, लेकिन घटनास्थल का दृश्य बेहद भयावह बताया जा रहा है।कौन सी थी एयरलाइन और कितना सुरक्षित था यह विमान?हादसे का शिकार हुआ विमान पेरू की जानी-मानी एयरलाइन कंपनी 'एरोडियाना' (Aerodiana) का था। एयरलाइन की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, कंपनी पिछले 14 सालों से सेसना ग्रैंड कारवां (Cessna Grand Caravan) जैसे भरोसेमंद और दर्शनीय उड़ानों (Scenic Flights) के लिए इस्तेमाल होने वाले विमानों का संचालन कर रही है। यह विमान खासतौर पर पर्यटकों को नाज्का लाइन्स की आकृतियां हवा से दिखाने के लिए इस्तेमाल किया जाता रहा है। हादसे के तुरंत बाद जब इस विषय पर एरोडियाना एयरलाइन प्रबंधन से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उनकी तरफ से तत्काल कोई आधिकारिक बयान या टिप्पणी उपलब्ध नहीं हो सकी। विमान में सवार यात्री किन-किन देशों के नागरिक थे, इसकी आधिकारिक सूची भी अभी जुटाई जा रही है।क्या है नाज्का लाइन्स का रहस्य और क्यों हर साल आते हैं लाखों पर्यटक?जिस जगह पर यह हादसा हुआ, वह दुनिया के सबसे रहस्यमयी और प्राचीन पुरातात्विक स्थलों में गिना जाता है। 'नाज्का लाइन्स' यूनेस्को (UNESCO) की विश्व धरोहर सूची में शामिल एक ऐतिहासिक स्थल है। यह पेरू के विशाल रेगिस्तान की सतह पर बनी विशालकाय आकृतियों (जियो-ग्लिफ्स) का एक अद्भुत समूह है। इन विशाल आकृतियों को सैकड़ों साल पहले पेरू के मूल निवासियों द्वारा बनाया गया था। इन जमीनी रेखाओं से विभिन्न प्रकार के जानवरों, पौधों और काल्पनिक आकारों की आकृतियां बनती हैं। सबसे खास बात यह है कि इन आकृतियों की विशालता के कारण इन्हें जमीन पर खड़े होकर पूरी तरह नहीं देखा जा सकता; इन्हें देखने का एकमात्र जरिया हवाई जहाज या फिर बहुत ऊंचे व्यूइंग टावर ही हैं। इसी वजह से दुनिया भर से हर साल लगभग 1,00,000 (एक लाख) पर्यटक इस अनूठे नजारे का आनंद लेने के लिए पेरू आते हैं और इनमें से अधिकांश लोग छोटे विमानों के जरिए ही साइडसीइंग करते हैं।क्या खराब मौसम और कम विजिबिलिटी बनी हादसे का कारण?हालांकि पेरू के नागरिक उड्डयन अधिकारियों ने अभी तक दुर्घटना की सटीक वजह का खुलासा नहीं किया है और विस्तृत जांच के आदेश दे दिए गए हैं, लेकिन प्राथमिक रिपोर्टों में मौसम की खराबी की ओर इशारा किया जा रहा है। दुर्घटना से ठीक एक दिन पहले, पास में स्थित 'मारिया रीचे एयरपोर्ट' (Maria Reiche Airport) से चलने वाली सभी साइटसीइंग उड़ानों को सुरक्षा के लिहाज से पूरी तरह रोक दिया गया था। उस समय इलाके में 40 किलोमीटर प्रति घंटे से भी अधिक तेज रफ्तार से धूल भरी हवाएं चल रही थीं, जिससे हवा में धूल का गुबार फैल गया था और विजिबिलिटी (दृश्यता) न के बराबर रह गई थी। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उस दौरान खराब मौसम के कारण पर्यटकों से भरे दो अन्य विमानों को सुरक्षित लैंडिंग के लिए 'मार्कोना एयरपोर्ट' (Marcona Airport) की तरफ डायवर्ट करना पड़ा था। ऐसे में यह कयास लगाए जा रहे हैं कि क्या अचानक बदले मौसम और हवा के झोंकों ने इस विमान का संतुलन बिगाड़ दिया।जांच की प्रक्रिया शुरू: सुरक्षा मानकों पर उठ रहे सवालघटना के बाद पेरू के विमानन सुरक्षा बोर्ड और स्थानीय पुलिस प्रशासन ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। जांच दल इस बात की पड़ताल कर रहा है कि क्या विमान में कोई तकनीकी खराबी आई थी या फिर हवा के दबाव और कम विजिबिलिटी के कारण पायलट का विमान पर से नियंत्रण छूट गया। इसके साथ ही, एयरलाइन 'एरोडियाना' के मेंटेनेंस रिकॉर्ड्स और फ्लाइट डेटा की भी जांच की जाएगी। इस भयावह हादसे ने एक बार फिर छोटे साइडसीइंग विमानों की सुरक्षा व्यवस्था और प्रतिकूल मौसम में उड़ान की अनुमति देने के नियमों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि ब्लैक बॉक्स और मलबे के फोरेंसिक विश्लेषण के बाद ही हादसे के वास्तविक कारणों का पूरा सच सामने आ सकेगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 2 Aug 2026 9:25 am

ईरान ने नरमी को कमजोरी समझा, पाकिस्तान को मध्यस्थ बनाना अमेरिका की रणनीतिक भूल

इतिहास बार-बार सिद्ध करता है कि किसी भी युद्ध का परिणाम केवल सैन्य शक्ति से तय नहीं होता। निर्णायक भूमिका निभाती है राजनीतिक इच्छाशक्ति, रणनीतिक स्पष्टता और यह विश्वास दिलाने की क्षमता कि घोषित राष्ट्रीय लक्ष्य किसी भी परिस्थिति में नहीं बदलेंगे। जब कोई महाशक्ति एक दिन कठोर संदेश देती है और दूसरे दिन समझौते […]

पांचजन्य 2 Aug 2026 9:19 am

US-ईरान जंग खत्म होने के करीब? ट्रंप बोले- खाड़ी देशों के कहने पर टाले हमले

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि मध्य पूर्व के देशों और ईरान के अनुरोध पर उन्होंने अमेरिका के नए हमलों को फिलहाल टाल दिया है. ट्रंप के अनुसार, एक समझौते के मापदंड तय हो चुके हैं, जिसमें होर्मुज को खोलना और ईरान के परमाणु खतरे को खत्म करना शामिल है.

आज तक 2 Aug 2026 9:17 am

भविष्य के युद्ध: 50 स्वार्म ड्रोन्स का ग्रिड रखेगा दुश्मनों पर नजर, DRDO बनाएगा स्वदेशी ड्रोन; कैसी होगी ताकत?

भविष्य के युद्ध: 50 स्वार्म ड्रोन्स का ग्रिड रखेगा दुश्मनों पर नजर,DRDO बनाएगा स्वदेशी ड्रोन; कैसी होगी ताकत?

अमर उजाला 2 Aug 2026 9:15 am

शोध के नतीजों ने चौंकाया: घंटों रील्स देखने की आदत सोचने-समझने की क्षमता छीन रही, शार्ट वीडियो से भी तनाव

शोध के नतीजों ने चौंकाया: घंटों रील्स देखने की आदत सोचने-समझने की क्षमता छीन रही, शार्ट वीडियो से भी तनाव

अमर उजाला 2 Aug 2026 9:08 am

'पाकिस्तान बिकता नहीं, किराए पर चलता है': रिपोर्ट में बड़ा दावा, क्या अमेरिका को उल्लू बना रहा PAK?

'पाकिस्तान बिकता नहीं, किराए पर चलता है': रिपोर्ट में बड़ा दावा, क्या अमेरिका को उल्लू बना रहा पाकिस्तान? pakistan us report terrorism strategy national interest imf world bank china cpec

अमर उजाला 2 Aug 2026 9:08 am

अमेरिका-इजरायल के निशाने पर ईरान के कौन-से इलाके? देखें US TOP-10

अमेरिका और इजरायल ईरान पर नए हमलों की तैयारी कर रहे है. अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ये हमले वीकेंड तक जारी रह सकते है. ईरान के पावर प्लांटस और ऑयर रिफाइनरीज को निशाना बनाया जा सकता है. हालांकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अभी तक हमलों का फाइनल र्डर नहीं दिया है.

आज तक 2 Aug 2026 8:40 am

ईरान पर हमला नहीं करेगा अमेरिका, स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पूरी तरह खुलेगा, डोनाल्ड ट्रंप ने दी जानकारी

डोनाल्ड ट्रंप ने बताया है कि अमेरिका के साथ समझौते में इजरायल भी शामिल है। उन्होंने लिखा कि जल्द ही मिडिल ईस्ट में शांति होगी। ईरान स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज खोलेगा और न्यूक्लियर बम नहीं बनाएगा।

खबर इंडिया टीवी 2 Aug 2026 8:29 am

डोनाल्ड ट्रंप ने कैंसल कर दिया ईरान पर बड़े हमले का प्लान, दोस्त ने ही खींच लिए थे हाथ

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर बड़ा हमला करने की अपनी योजना टाल दी है। इससे पहले सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस ने भी वाइट हाउस से ईरान से युद्ध ना बढ़ाने की अपील की थी।

लाइव हिन्दुस्तान 2 Aug 2026 8:27 am

ईरान पर हमलों को लेकर अमेरिकी प्रशासन में मतभेद? देखें दुनिया आजतक

ईरान पर हमलों को लेकर अमेरिकी प्रशासन में रणनीति को लेकर मतभेद सामने आया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान पर नए हमलों की तैयारी को लेकर अमेरिकी अधिकारियों के बीच अलग-अलग राय है. कुछ अधिकारी ईरान पर अधिक कार्रवाई के पक्ष में है जबकि कुछ का मानना है कि ऐसे कदम से तनाव और व्यापक संघर्ष का खतरा बढ़ सकता है.

आज तक 2 Aug 2026 8:27 am

युद्धपोत कम, मिसाइलें घटीं: शीर्ष जनरल की पेंटागन को चेतावनी, इस्राइल को ईरानी हमले से बचा पाएगा अमेरिका?

युद्धपोत कम, मिसाइलें घटीं: शीर्ष जनरल की पेंटागन को चेतावनी, इस्राइल को ईरानी हमले से बचा पाएगा अमेरिका?

अमर उजाला 2 Aug 2026 8:26 am

रूस की राजधानी मॉस्को में एक रेस्टोरेंट के पास ब्लास्ट

मॉस्को के कुद्रिंस्काया स्क्वायर स्थित एक इटैलियन रेस्टोरेंट के पास शनिवार शाम भीषण विस्फोट हुआ। इस हादसे में 3 लोगों की मौत और 21 लोग घायल हो गए। खुलासा हुआ कि एक महिला के पास मौजूद होममेड बम फटने से धमाका हुआ।

आज तक 2 Aug 2026 8:19 am

ईरान युद्ध खत्म!: ट्रंप का दावा- पश्चिम एशियाई देशों के बीच लड़ाई खत्म करने पर बनी सहमति, नए हमले भी रोके

ईरान युद्ध खत्म!: ट्रंप का दावा- पश्चिम एशियाई देशों के बीच लड़ाई खत्म करने पर बनी सहमति, नए हमले भी रोके

अमर उजाला 2 Aug 2026 8:15 am

Moscow Restaurant Blast: मॉस्को के रेस्तरां में बम धमाका, विस्फोटक ले जा रही महिला समेत तीन की मौत; कई घायल

Moscow Restaurant Blast: मॉस्को के रेस्तरां में बम धमाका, विस्फोटक ले जा रही महिला समेत तीन की मौत; कई घायल moscow-restaurant-blast-many-killed-several-injured-investigation-underway in russia

अमर उजाला 2 Aug 2026 8:11 am

लिपुलेख और शिपकी ला पर भारत-चीन पारंपरिक व्यापार बहाल, 6 वर्ष बाद शुरू हुई ट्रेडिंग

भारत और चीन के बीच हिमालयी बॉर्डर पर पारंपरिक व्यापार शनिवार को दोबारा शुरू हो गया। लगभग 6 साल बाद लिपुलेख (उत्तराखंड) और शिपकी ला (हिमाचल प्रदेश) के रास्ते व्यापार फिर से शुरू हो गया है। ये दोनों रूट कोविड-19 महामारी के बाद से बंद थे। लिपुलेख में शुरुआत उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में लिपुलेख […]

पांचजन्य 2 Aug 2026 8:04 am

पीओके चुनावों को लेकर पश्चिमी देशों के रुख पर क्यों उठे सवाल?: रिपोर्ट में दावा- PAK को मिल रही रणनीतिक छूट

पीओके चुनावों को लेकर पश्चिमी देशों के रुख पर क्यों उठे सवाल?: रिपोर्ट में दावा- PAK को मिल रही रणनीतिक छूट questions-raised-over-selective-outrage-on-to-alleged-irregularities-in-pok-assembly-elections

अमर उजाला 2 Aug 2026 7:56 am

पत्थरों पर लिखे विचार और हवा में बहता दर्शन... कहानी सिटी ऑफ फिलॉसफर्स की!

जब भी हम अपनी भागमभाग वाली जिंदगी से थक जाते हैं, अक्सर सोचते हैं कि काश कोई ऐसी जगह हो जहां चारों ओर नीरव शांति हो, मन में विचारों की निर्बाध नदी हो और एक ऐसा प्राकृतिक नजारा हो जहां जीवन में मौलिकता के अलावा कुछ और न हो. तो हां, इस धरती पर ऐसी जगहें हैं जहां सिर्फ फिलॉसफी पलती है और जिंदगी को खुद से करीब से जोड़ती भी है. आइए, चलते हैं सिटी ऑफ फिलॉसफर्स के एक बेहद दिलचस्प सफर पर.

आज तक 2 Aug 2026 7:47 am

ट्रंप के प्लान से चौकन्ना हुए सऊदी प्रिंस, अचानक लगाया फोन

सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से फोन पर बातचीत की. इस दौरान उन्होंने ईरान के खिलाफ अमेरिकी सेना की संभावित बड़ी कार्रवाई पर चिंता जताई.

आज तक 2 Aug 2026 7:32 am

ग्रीनलैंड से एलियन तक... ट्रंप के AI पोस्ट के क्या मायने?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर कुछ पोस्ट किए हैं. इसमें ईरानी जहाजों से लेकर ग्रीनलैंड और एलियन तक देखे जा सकते हैं. इस पोस्ट के असली मायने क्या हैं आइए इसपर चर्चा करते हैं.

आज तक 2 Aug 2026 7:32 am

कतर ईरान से भी खतरनाक : नफ़ताली बेनेट का बड़ा बयान

इज़रायल के पूर्व प्रधानमंत्री नफ़ताली बेनेट ने कतर को ईरान से भी ज़्यादा खतरनाक बताते हुए उसे यहूदी देश के अस्तित्व के लिए एक और संभावित खतरा करार दिया है

देशबन्धु 2 Aug 2026 7:30 am

West Asia Tension LIVE: क्या आज रात हमले करेगी अमेरिकी सेना? US के नागरिकों को पश्चिम एशिया छोड़ने का फरमान

West Asia Tension LIVE: क्या आज रात हमले करेगी अमेरिकी सेना? US के नागरिकों को पश्चिम एशिया छोड़ने का फरमान

अमर उजाला 2 Aug 2026 7:19 am

पेरू में विमान हादसा : नाज्का में 13 पर्यटकों की मौत

पेरू के दक्षिणी इलाके नाज्का में शनिवार को एक पर्यटक विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में विमान में सवार सभी 13 लोगों की मौत हो गई

देशबन्धु 2 Aug 2026 7:06 am

अमेरिका के रेस्तरां में बिछ गईं लाशें, अंधाधुंध गोलीबारी के बाद मारा गया हमलावर

अमेरिका के आयडहो में एक रेस्तरां में अचानक हमला हो गया। अंधाधुंध गोलीबारी में कई लोगों के मारे जाने की खबर है। जानकारी के मुताबिक हमलावर भी मारा गया है।

लाइव हिन्दुस्तान 2 Aug 2026 6:59 am

ईरान पर बड़े हमले की तैयारी में अमेरिका, अपने नागरिकों से कहा- 'मिडिल ईस्ट छोड़ने के लिए तैयार रहें'

अमेरिका ने एडवाइजरी में कहा है कि मिडिल ईस्ट में कई एयरलाइंस अपनी फ्लाइट्स कैंसिल कर सकती हैं। ऐसे में अमेरिकी नागरिकों को मिडिल ईस्ट छोड़ने के बारे में विचार करना चाहिए या इसके लिए तैयार रहना चाहिए।

खबर इंडिया टीवी 2 Aug 2026 6:51 am

Iraq और तुर्किये ने पाइपलाइन के जरिए तेल निर्यात बढ़ाने के समझौते पर किए हस्ताक्षर

बगदाद, एक अगस्त (एपी) इराक और तुर्किये ने शनिवार को तुर्किये के भूमध्यसागरीय बंदरगाह ‘सीहान’ तक जाने वाली पाइपलाइन के जरिए तेल निर्यात बढ़ाने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए। इराक अपने तेल निर्यात मार्गों में विविधता लाना चाहता है और खाड़ी के समुद्री मार्गों पर निर्भरता कम करना चाहता है। इराक के तेल मंत्री बासिम मोहम्मद खुदैर अल-अबादी ने एक बयान में कहा कि यह समझौता एक साल तक लागू रहेगा। उन्होंने कहा कि इस दौरान दोनों देश तेल, बिजली और जल संसाधन क्षेत्रों में सहयोग को लेकर एक व्यापक समझौते को अंतिम रूप देंगे। यह समझौता ऐसे समय में हुआ है जब इराक अपने तेल निर्यात के बुनियादी ढांचे को और मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। फरवरी में अमेरिका-ईरान युद्ध शुरू होने के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते तेल भेजने में आई बाधाओं के बाद इराक ने यह कदम उठाया है। अल-अबादी ने कहा कि इस समझौते के तहत पाइपलाइन के जरिए प्रतिदिन कम से कम 7,50,000 बैरल इराकी कच्चे तेल का निर्यात किया जाएगा। यह पाइपलाइन उत्तरी इराक के किरकुक से तुर्किये के सीहान तक जाती है।

प्रभासाक्षी 2 Aug 2026 6:47 am

Broad Peak हिमस्खलन में निर्मल पुर्जा सहित 10 पर्वतारोहियों की मौत

(एम. जुल्करनैन/ शिरीष बी. प्रधान)काठमांडू/लाहौर, एक अगस्त दिग्गज नेपाली-ब्रिटिश पर्वतारोही निर्मल पुर्जा समेत 10 पर्वतारोहियों की पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) के गिलगित-बाल्टिस्तान में स्थित ‘ब्रॉड पीक’ पर हुए हिमस्खलन में मौत हो गई। पुर्जा की अभियान कंपनी ने शनिवार को यह जानकारी दी। पुर्जा (43) के अलावा पांच नेपाली और पाकिस्तान, ओमान, अमेरिका और चीन के एक पर्वतारोही समेत कुल 10 पर्वतारोही बृहस्पतिवार को लगभग 7,000 मीटर की ऊंचाई पर स्थित ब्रॉड पीक पर आए हिमस्खलन की चपेट में आ गए थे। ब्रॉड पीक काराकोरम पर्वत श्रृंखला में के2 के पास स्थित है। पुर्जा की मौत की पुष्टि शनिवार को उनकी अभियान कंपनी ‘एलीट एक्सपेड’ द्वारा जारी बयान में की गई। कंपनी ने कहा कि अभियान का कोई भी सदस्य हिमस्खलन से जीवित नहीं बचा। ‘एलीड एक्सपेड’ ने सोशल मीडिया पर जारी बयान में कहा, “बहुत दुख और गहरे सदमे के साथ हम पुष्टि करते हैं कि निर्मल निम्सदाई पुर्जा की ब्रॉड पीक पर हुए हिमस्खलन के बाद मौत हो गई।”बयान में कहा गया है, “हमें यह भी बताया गया है कि अभियान में शामिल अन्य सदस्य भी जीवित नहीं बच सके।”कंपनी ने कहा, “आज हम केवल निम्स को ही नहीं, बल्कि इस त्रासदी में जान गंवाने वाले हर व्यक्ति को याद कर रहे हैं, जिनमें उनके साथी पर्वतारोही और गाइड पुर बहादुर गुरूंग (युक्ता) और निमा शेरपा भी शामिल हैं।”कंपनी ने कहा, “दुनिया ने पर्वतारोहण के सबसे महान पर्वतारोहियों में से एक को खो दिया है; एक ऐसे शख्स को खो दिया है, जिन्होंने अपने साहस, विनम्रता और इस अटूट विश्वास से लाखों लोगों को प्रेरित किया कि मनुष्य की क्षमता हमारी सोच से कहीं अधिक है।”पाकिस्तान के अल्पाइन क्लब (एसीपी) के अध्यक्ष मेजर जनरल इरफान अरशद के अनुसार, शुक्रवार को 10 शवों में से चार बरामद किए गए थे, जिनमें से तीन की पहचान ओमान की नधीरा अहमद अब्दुल्ला अल हरथी, नेपाल के पुर बहादुर गुरूंग और अमेरिका की मैलोरी गीस के रूप में हुई। उन्होंने बताया कि शवों को स्कर्दू ले जाया गया। शनिवार को किस्तान सरकार ने कहा कि वह बाकी पर्वतारोहियों के शवों को खोजने के अभियान के पूरा होने तक हर संभव सहायता जारी रखेगी। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के सलाहकार राणा सनाउल्लाह ने एक बयान में कहा, “पाकिस्तान ब्रॉड पीक पर्वतारोहण दुर्घटना पर गहरा दुख व्यक्त करता है और नेपाल के लोगों के दुख में उनके साथ खड़ा है।”सनाउल्लाह ने कहा कि हिमस्खलन के तुरंत बाद पाकिस्तान ने खोज और बचाव अभियान को प्राथमिकता दी। उन्होंने कहा कि बेहद खराब मौसम और कठिन परिस्थितियों के बावजूद खोज अभियान जारी है। उन्होंने कहा कि अभियान पूरा होने तक पाकिस्तान हर संभव सहायता देता रहेगा। नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने भी पुर्जा और पांच अन्य नेपाली पर्वतारोहियों की मौत पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, “निर्मल पुर्जा और अन्य दिवंगत पर्वतारोहियों की केवल शारीरिक यात्राएं समाप्त हुई हैं; उनके साहस, समर्पण और योगदान की विरासत हमेशा जीवित रहेगी और प्रेरणा देती रहेगी। सभी दिवंगत पर्वतारोहियों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि। शोक संतप्त परिवारों, रिश्तेदारों और शुभचिंतकों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं।”ब्रॉड पीक अभियान पुर्जा के शानदार पर्वतारोहण करियर का अंतिम अभियान था। यह दुनिया का 12वां सबसे ऊंचा पर्वत है और इसे चढ़ाई के लिए सबसे चुनौतीपूर्ण चोटियों में से एक माना जाता है। साल 2003 में शुरू हुए अपने 16 साल के सैन्य करियर में उन्होंने छह साल गोरखा और 10 साल ब्रिटेन की स्पेशल फोर्सेज में सेवा दी। साल 2018 में पुर्जा को ‘मेंबर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द ब्रिटिश एम्पायर’ (एमबीई) से सम्मानित किया गया था। उन्हें 2018 में मेंबर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द ब्रिटिश एम्पायर (एमबीई) के सम्मान से नवाजा गया था। पुर्जा ने वर्ष 2019 में दुनिया की 8,000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाली सभी 14 चोटियों को केवल 6 महीने और 6 दिन में फतह कर नया रिकॉर्ड बनाया था। ब्रॉड पीक पर चढ़ाई पूरी करने के बाद वह आठ हजार मीटर की सभी 14 चोटियों पर दो बार चढ़ने का अपना मिशन पूरा करने वाले थे। एसीपी के अनुसार, बृहस्पतिवार सुबह करीब नौ बजे पर्वत पर लगभग 7,000 मीटर की ऊंचाई पर हिमस्खलन हुआ, जिसने शिखर पर पहुंचने की कोशिश कर रहे 10 सदस्यीय पर्वतारोहण दल को अपनी चपेट में ले लिया। क्षेत्र में खराब मौसम के कारण शुक्रवार देर रात बचाव अभियान रोक दिया गया था, जो शनिवार को फिर शुरू हुआ। स्थानीय प्रशासन के अनुसार, प्रसिद्ध पर्वतारोही सरबाज खान के नेतृत्व में तीन सदस्यीय नागरिक बचाव दल खोज अभियान में शामिल था। इस अभियान में पाकिस्तान सेना के हेलीकॉप्टरों ने भी सहायता की।

प्रभासाक्षी 2 Aug 2026 6:47 am

अमेरिका के शॉपिंग सेंटर में अंधाधुंध गोलीबारी, 3 लोगों की मौत और कई घायल

अमेरिका के इडाहो राज्य के ट्विन फॉल्स में शनिवार को एक व्यस्त शॉपिंग इलाके में गोलीबारी की घटना सामने आई. हमलावर ने एक कमर्शियल एरिया में लोगों पर फायरिंग कर दी, जिसमें 3 लोगों के मारे जाने की आशंका है.

आज तक 2 Aug 2026 6:46 am

यूनिफिल के भविष्य को लेकर अनिश्चितता, दक्षिणी लेबनान के निवासी चिंतित

संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल लेबनान (यूनिफिल) का मौजूदा जनादेश 2026 के अंत में समाप्त होने वाला है।

देशबन्धु 2 Aug 2026 6:46 am

पेरू में क्रैश हुआ टूरिस्ट प्लेन, पायलट समेत सभी 13 सवारों की मौत, जमीन पर गिरते ही आग के गोले में हुआ तब्दील

प्लेन में सवार चालक दल समेत सभी लोगों की मौत हो गई। जमीन पर गिरते ही प्लेन पूरी तरह टूट गया और आग के गोले में तब्दील हो गया। मौके पर राहत एवं बचाव दल की टीम पहुंची पर किसी की जान नहीं बचाई जा सकी।

खबर इंडिया टीवी 2 Aug 2026 6:39 am

जानना जरूरी है: रावण को हराने वाले शक्तिशाली कार्तवीर्य अर्जुन आखिर परशुराम से कैसे हारे, युद्ध की वजह क्या?

जानना जरूरी है: रावण को हराने वाले शक्तिशाली कार्तवीर्य अर्जुन आखिर परशुराम से कैसे हारे, युद्ध की वजह क्या?

अमर उजाला 2 Aug 2026 6:39 am

उमस भरी गर्मी में क्यों बढ़ जाती है बेचैनी, क्या ये आसान तरीके आपके मन को शांत कर सकते हैं?

उमस भरी गर्मी में क्यों बढ़ जाती है बेचैनी, क्या ये आसान तरीके आपके मन को शांत कर सकते हैं?

अमर उजाला 2 Aug 2026 6:30 am

होर्मुज और अंधेरा: ...प्रेतयोनि में चले गए पुराने बंदरगाह, जहां कभी सोना गिना जाता था, वहां आज घास उगती है!

Opinion: होर्मुज का अंधेरा और व्यापार की नई दुनिया, दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्ते का भी क्या अंजाम होगा?

अमर उजाला 2 Aug 2026 6:11 am

अमेरिकी रेस्तरां के भीतर गोलीबारी: इडाहो में बंदूकधारी ने चलाईं गोलियां, कई हताहत; हमलावर ढेर

अमेरिकी रेस्तरां के भीतर गोलीबारी: इडाहो में बंदूकधारी ने चलाईं गोलियां, कई हताहत; हमलावर ढेर

अमर उजाला 2 Aug 2026 5:57 am

Peru Aircraft Crash: दक्षिण अमेरिकी देश पेरू में विमान हादसा, 13 लोगों की मौत; दुर्घटना का कारण क्या?

Peru Aircraft Crash: दक्षिण अमेरिकी देश पेरू में विमान हादसा, 13 लोगों की मौत; दुर्घटना का कारण क्या?

अमर उजाला 2 Aug 2026 5:39 am

World News: जापान में मूल आबादी पहली बार 12 करोड़ से नीचे, घटती जन्मदर चुनौती

World News: जापान में मूल आबादी पहली बार 12 करोड़ से नीचे, घटती जन्मदर चुनौती

अमर उजाला 2 Aug 2026 5:16 am

Top News: 13 स्वर्ण पदकों के साथ भारत CWG पदक तालिका में चौथे स्थान पर; CJP को विदेशी फंडिंग की जांच तेज

Top News: 13 स्वर्ण पदकों के साथ भारत CWG पदक तालिका में चौथे स्थान पर; CJP को विदेशी फंडिंग की जांच तेज

अमर उजाला 2 Aug 2026 5:04 am

सेना प्रमुख ने इंदिरा से कहा-मैं तैयार हूं स्वीटी:चेचक का मरीज बनकर कराची पहुंचे जासूस, सिर्फ 13 दिन में पाकिस्तान के टुकड़े हो गए; पार्ट-2

दैनिक भास्कर की ‘स्पाई फाइल्स’ सीरीज में आप पढ़ रहे हैं- ऑपरेशन बांग्लादेश। पार्ट-1 में आपने पढ़ा- 1970 में पाकिस्तान में पहली बार आम चुनाव हुए। कुल 300 सीटों में से 167 सीटें पूर्वी पाकिस्तान के शेख मुजीब-उर-रहमान को मिलीं और पश्चिमी पाकिस्तान के जुल्फिकार अली भुट्टो की पार्टी को सिर्फ 86 सीट। मुजीब का पीएम बनना तया था, लेकिन तानाशाह राष्ट्रपति याह्या खान नहीं चाहते थे कि कोई बंगाली सत्ता संभाले। याह्या ने मुजीब के साथ कई बैठकें कीं, लेकिन बात नहीं बनी। पूर्वी पाकिस्तान में बगावत छिड़ गई। याह्या ने बंगालियों का दमन करने का फैसला किया। 25 मार्च को ऑपरेशन सर्चलाइट शुरू हो गया। एक ही रात में 10 हजार लोग मारे गए। पाकिस्तानी फौज महिलाओं को उठाकर अपने कैंपों में ले गई और महीनों गैंगरेप किया। लाखों बंगाली भागकर भारत आने लगे। प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी फौरन जंग चाहती थीं, लेकिन सेना प्रमुख सैम मानेकशॉ ने इस्तीफे की पेशकश कर दी। पार्ट-2 में उससे आगे की कहानी… अप्रैल 1971 की एक सुबह। घड़ी में 11 बज रहे थे। प्रधानमंत्री दफ्तर में पीएम इंदिरा गांधी और सेना प्रमुख सैम मानेकशॉ बैठे थे। इंदिरा बेहद परेशान थीं। उनका चेहरा गुस्से से लाल हो गया था। उन्होंने सेना प्रमुख से कहा- ‘आपको वक्त चाहिए न… मिल जाएगा वक्त। जंग की तैयारी कीजिए।’ सैम ने कहा- ‘लेकिन मैं गृह मंत्री, रक्षा मंत्री और विदेश मंत्री की दखल नहीं मानूंगा। आप फैसला कर लीजिए।’ इंदिरा- ‘क्या मतलब?’ सैम- ‘मैं सिर्फ एक लीडर की बात मानूंगा। हर कोई दखल नहीं देगा।’ इंदिरा ने मुस्कुराते हुए कहा- ‘सैम… आप मुख्य कमांडर होंगे। कोई दखलअंदाजी नहीं करेगा।’ सैम ने भी मुस्कुराते हुए कहा- ‘आई प्रॉमिस मैडम। जीत हमारी ही होगी।’ सेना प्रमुख को 6 महीने का वक्त मिल गया। इधर, पूर्वी पाकिस्तान में याह्या की सेना ने कत्लेआम मचा रखा था। हर दिन हजारों लोग मारे जा रहे थे। 6 महीने इंतजार का मतलब था पूर्वी पाकिस्तान का सफाया। RAW चीफ आरएन काव परेशान थे- ‘करें तो करें क्या…?’ फिर उन्होंने अपने साथी अफसर शंकरन नायर को बुलाया। ‘हम सीधे-सीधे मिलिट्री एक्शन नहीं ले सकते, लेकिन उस जगह तो चोट कर सकते हैं, जहां दर्द सबसे ज्यादा हो।’ RAW चीफ ने कहा। नायर ने मुस्कुराते हुए कहा- ‘आपका इशारा गुरिल्ला वॉर है?’ काव ने कहा- ‘बिल्कुल।’ ‘पर ये काम करेगा कौन?’ नायर ने पूछा। ‘वही बंगाली, जो भागकर भारत आए हैं।’ काव ने जवाब दिया। अगले दिन नायर कोलकाता पहुंच गए। वे गुप्त रूप से 25 रिफ्यूजी कैंपों में गए। BSF की मदद से 18 से 35 साल के बंगालियों को संघर्ष के लिए तैयार किया। उन्हें हथियार चलाने, घात लगाकर हमला करने, कमांडो ऑपरेशन्स और छोटे रेडियो सेट के इस्तेमाल की ट्रेनिंग दी गई। एक महीने के भीतर 2.5 लाख बागी बंगाली गुरिल्ला वॉर के लिए तैयार हो चुके थे। लेकिन इतनी तैयारी काफी नहीं थी… एक रोज RAW चीफ ने इंदिरा से कहा- ‘हमें फौरन एक और वॉर की तैयारी करनी चाहिए।’ इंदिरा ने पूछा- ‘अब किस वॉर की तैयारी?’ RAW चीफ- ‘साइकोलॉजिकल वॉर। आप विदेशों में पाकिस्तान के अत्याचारों के खिलाफ पत्र लिखिए।’ इंदिरा ने विदेशी नेताओं को पाकिस्तान की बर्बरता के बारे में लिखना शुरू कर दिया। RAW ने विदेशी पत्रकारों को रिपोर्टिंग के लिए भारत बुला लिया। 13 जून 1971 को यूके के संडे टाइम्स में इन नरसंहारो के बारे में खबर छपी। संडे टाइम्स ने लिखा- ‘पूर्वी पाकिस्तान में 1 लाख से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं। महिलाओं के साथ बलात्कार किया गया है। चाकू और छुरियों से उनके अंग काट दिए गए हैं। हजारों बच्चों की आंखें फोड़ दी गई हैं।’ पाकिस्तान दुनिया के सामने बेनकाब हो गया। भारत यही तो चाहता था। ताकि उसे मिलिट्री एक्शन की कोई ठोस वजह मिल जाए। अब तक जुलाई आ चुका था। RAW ने तय किया कि ग्राउंड पर जाकर बागी बंगालियों की तैयारियों का जायजा लिया जाए। एक अफसर आधी रात को बंगालियों के कैंप में पहुंच गया। हर तरफ धुएं की गंध और जलते हुए मांस की बदबू फैली हुई थी। कुछ ही घंटे पहले, पाकिस्तानी फौज ने एक गांव में ढूंढ़-ढूंढ़कर बंगालियों का कत्ल किया था। गुरिल्ला टीम के कमांडर ने दीवार पर चढ़कर झांका- सात पाकिस्तानी फौजी खाना खा रहे थे। तीन पहरा दे रहे थे। उसने नीचे उतरकर कहा- 'मैंने दस गिने हैं। ज्यादा भी हो सकते हैं। एक फौजी ट्रक भी खड़ा है।’ उसने अपनी असॉल्ट राइफल लोड की और हाथ हिलाकर साथियों को आगे बढ़ने का इशारा किया। 15 बंगाली दबे पांव निकल पड़े। आधे घंटे चलने के बाद वे जलती हुई इमारतों की रोशनी तक पहुंच गए। तभी एक पाकिस्तानी फौजी ने देख लिया। बंगाली कमांडर जोर से चिल्लाया- 'जॉय बांग्ला!' एक साथ 15 राइफलें गूंज उठीं- ठायं, ठायं। दसों पाकिस्तानी फौजी ढेर हो गए। गुरिल्ला टीम के कुछ लड़ाके उनकी लाशों पर चढ़ गए और थूकने लगे। वहां खड़े ट्रक से हथियार और गोला-बारूद निकाले और उसे आग के हवाले कर दिया। यह सब देखकर RAW अफसर ने मन ही मन मुस्कुराते हुए कहा- ‘अब तो पाकिस्तान का टूटना तय है।’ वक्त का पहिया घूमता रहा और आ गया अक्टूबर 1971, भारत जंग के लिए तैयार था, लेकिन एक खुफिया खबर ने नेवी अफसरों की नींद उड़ा दी थी। दिल्ली के वॉर रूम में रक्षा मंत्री जगजीवन राम, नौसेना चीफ एसएम. नंदा और RAW चीफ आरएन काव परेशान बैठे थे। नौसेना चीफ ने कहा- ‘काव साहब, कराची पोर्ट पर एडवांस्ड सर्विलांस सिस्टम लगे हैं। हमें उसकी सटीक जानकारी चाहिए।’ काव ने कहा- ‘नंदा साहब… अभी के माहौल में वहां की तस्वीरें जुटाना छोटे-मोटे एजेंटों के बस की बात नहीं है। बड़े बाजों को मैदान में उतारना होगा।’ उसी रोज RAW चीफ ने शंकरन नायर के साथ मीटिंग की। नायर ने मुंबई में मौजूद अपने टॉप एजेंट को फोन मिलाया और अपनी जरूरतें बता दी। पांच दिन बाद एजेंट का फोन आया- ‘सर, एक बंदा है जो हमारी मदद कर सकता है।’ नायर उससे मिलने के लिए फ्लाइट पकड़कर मुंबई पहुंच गए। एजेंट ने बताया- ‘जिस आदमी की हमें जरूरत है, उसका नाम कावसजी है। पारसी डॉक्टर हैं। उनका एक छोटा समुद्री जहाज है। वे भारत और पाकिस्तान के बीच कुवैत के रास्ते सामान और मरीज लाते-ले जाते हैं।’ नायर ने झट से कहा- ‘क्या हम उस पर आंख मूंदकर भरोसा कर सकते हैं?’ एजेंट मुस्कुराया- ‘सच कहूं तो भरोसा तो नहीं कर सकता, लेकिन हमारे पास एक ऐसा पत्ता है, जिससे हम उसे मना सकते हैं।’ एजेंट ने मेज पर एक फाइल खिसका दी। दरअसल, दो महीने पहले कावसजी अपने जहाज पर बिना टैक्स चुकाए महंगे सामान लाते हुए पकड़े गए थे। कस्टम्स विभाग उनके खिलाफ जांच कर रहा था। भारी जुर्माना लगना तय था। नायर का दिमाग घूमा। कस्टम्स के चीफ उनके पुराने दोस्त थे। उन्होंने तुरंत फोन घुमाया। दस मिनट की बातचीत में डील पक्की हो गई। तय हुआ कि RAW अपने सीक्रेट फंड से डॉक्टर का सारा जुर्माना भरेगी और कस्टम विभाग केस बंद करने का लेटर जारी करेगा, लेकिन यह लेटर सीधे डॉक्टर को नहीं दिया जाएगा। अगली सुबह वो लेटर नायर के हाथों में था। वे अपने दो एजेंटों को लेकर दक्षिण मुंबई में डॉक्टर के क्लिनिक पहुंच गए। नायर ने डॉक्टर से मिलते ही कहा- ‘हैलो मिस्टर कावसजी, आई एम कैप्टन मेनन फ्रॉम इंडियन नेवी।’ डॉक्टर कुछ कहते उससे पहले ही नायर ने वो लेटर टेबल पर रखा दिया। नायर ने मुस्कुराते हुए कहा- ‘हमारा एक छोटा-सा काम कर दें, तो यह लेटर आपका हो जाएगा। मन ना हो तो आप मना भी कर सकते हैं। फिर मैं ये लेटर इसी वक्त जला दूंगा। जांच फिर शुरू हो जाएगी।’ डॉक्टर ने भारी मन से लेटर देखा। फिर कहा- ‘बोलिए, कौन सा काम है?’ ‘अगली पाकिस्तान ट्रिप पर हमारे दो आदमियों को साथ ले जाना है। जहाज दो दिनों के भीतर निकलना चाहिए।’ नायर ने कहा। डॉक्टर ने बेबसी में सिर हिलाते हुए कहा- ’ठीक है।’ नायर वहां से निकलने लगे तो डॉक्टर ने पूछा- ‘कम से कम इतना बता दीजिए कि मैं किन लोगों को अपने साथ ले जा रहा हूं।’ नायर ने चलते-चलते कहा- ‘बस इतना जान लीजिए कि उनके नाम 'रॉड' और 'मोरियार्टी' हैं।’ 'रॉड' नायर के नौसैनिक सहायक राव थे और 'मोरियार्टी' RAW के फोटोग्राफी डिपार्टमेंट के उस्ताद एजेंट मूर्ति थे। दो दिन बाद, डॉक्टर कावसजी, दोनों एजेंटों को लेकर रवाना हो गए। जब तक जहाज हिंदुस्तानी सीमा में रहा, सब शांत था, लेकिन अब असली खेल शुरू होने वाला था। जहाज जैसे ही कराची बंदरगाह पर रुका, पाकिस्तान CID की टीम वहां आ धमकी। एक इंस्पेक्टर दो सिपाहियों के साथ जहाज पर चढ़ गया। डॉक्टर की धड़कनें तेज हो गईं। अफसरों ने कागजात खंगालने शुरू किए। इंस्पेक्टर की नजर पैसेंजर लिस्ट पर अटक गई। उसने डॉक्टर से पूछा- ‘रॉड और मोरियार्टी… कहां हैं ये दोनों?’ डॉक्टर का दिल हलक में आ गया। उन्होंने अपनी घबराहट छुपाते हुए कहा- ‘ओह! समझ गया आप क्या सोच रहे हैं। अजीब नाम हैं ना? दरअसल ये भारतीय ईसाई हैं... उनके नाम ऐसे ही होते हैं। दोनों अंदर केबिन में पड़े हैं।’ ‘जाओ, चेक करो!’ इंस्पेक्टर ने कड़क आवाज में अपने सिपाही को हुक्म दिया। डॉक्टर ने हाथ जोड़ लिए- ‘साहब! भूलकर भी मत जाइएगा। दोनों को चेचक हो गया है। एक को हुआ और दूसरे को लग गया। जब तक वे ठीक नहीं होते, वहां कोई नहीं जा सकता। आपको भी इंफेक्शन हो जाएगा। डॉक्टर सालों से कराची आ-जा रहे थे, इसलिए इंस्पेक्टर को शक नहीं हुआ। उन्होंने जहाज को बंदरगाह में रुकने की इजाजत दे दी। जब CID की टीम जहाज से उतरी, तो डॉक्टर ने गहरी सांस ली। उनके हाथ कांप रहे थे। उन्होंने सोडे के साथ एक कड़क स्कॉच बनाया और एक ही घूंट में गटक गए। अब तक रात हो चली थी। सन्नाटा पसरा था। जहाज धीमे-धीमे बंदरगाह के मुहाने पर दो बड़ी चट्टानों के बीच आकर रुक गया। RAW के एजेंटों ने खिड़की से बाहर झांका। ‘क्या तुम भी वही देख रहे हो जो मैं देख रहा हूं?’ राव ने हैरान होकर पूछा। मूर्ति ने कहा- ‘यह तो कमाल है।’ सामने एक ताजा कंक्रीट का ढांचा खड़ा था, जिस पर भारी-भरकम एंटी-एयरक्राफ्ट गन तैनात थी। दोनों एजेंट दनादन तस्वीरें खींचने लगे। उन्होंने किलेबंदी, तोपों की स्थिति और बंदरगाह पर खड़े जंगी जहाजों की तस्वीरें कैद कर लीं। आधे घंटे तक कैमरे की क्लिक-क्लिक चलती रही। अब कैप्टन ने जहाज मोड़ा और ले जाकर किनारे पर लगा दिया। दोनों एजेंट फिर से उस खास केबिन में छिप गए। सुबह डॉक्टर जहाज से उतरे। मार्केट जाकर अपना काम निपटाया और फिर जहाज में लौट आए। जहाज को अब कुवैत जाना था। दोपहर में वह कराची से निकल पड़ा। बंदरगाह से बाहर निकलते वक्त एजेंटों ने चट्टान के दूसरे हिस्से की भी तस्वीरें खींच लीं। जहाज अरब सागर के रास्ते कुवैत पहुंचा। वहां राव और मूर्ति उतरे और सीधे भारतीय दूतावास पहुंच गए। उसी रोज कैमरों से निकालकर रीलें स्पेशल फ्लाइट से दिल्ली भेज दी गईं। दिल्ली के एक सीक्रेट लैब में दो फोटोग्राफर तैयार बैठे थे। रीलें आते ही तुरंत वॉर रूम पहुंचाई गईं। रक्षा मंत्री जगजीवन राम, नौसेना चीफ एसएम. नंदा और RAW चीफ काव बैठे हुए थे। सामने बड़ी प्रोजेक्टर स्क्रीन लगी हुई थी। RAW अफसर एक-एक करके तस्वीरें दिखाते जा रहा था। आखिर उन तस्वीरों में था क्या… कराची बंदरगाह के अंदर और बाहर का एक-एक नक्शा और तस्वीरें। पाकिस्तानी तोपें कहां हैं, उनके तेल के डिपो कहां हैं और जंगी जहाज किस जगह खड़े हैं… हर तस्वीर RAW के पास थी। एक रोज इंदिरा ने सेना प्रमुख से पूछा- ‘क्या आप जंग के लिए तैयार हैं?’ सेना प्रमुख सैम ने जवाब दिया- 'आई एम ऑलवेज रेडी स्वीटी।' दरअसल, सैम अक्सर इंदिरा के लिए इस शब्द का इस्तेमाल करते थे। फिर आई 3 दिसंबर 1971 की रात। अचानक पाकिस्तानी एयरपोर्स ने भारत के कई ठिकानों पर बमबारी शुरू कर दी। रात 12 बजे पीएम इंदिरा गांधी ऑल इंडिया रेडियो पर आईं और जंग का ऐलान कर दिया। उसी रात पाकिस्तान की सबसे बड़ी पनडुब्बी पीएनएस गाजी डूब गई। दरअसल, गाजी गुपचुप तरीके से भारत के सबसे बड़े विमानपोत INS विक्रांत को डुबोने आई थी। वह कई घंटों से INS विक्रात के इंतजार में विशाखापट्टनम में खड़ी थी, लेकिन विक्रांत उसे दिखा नहीं। आखिर दिखता भी कैसे, RAW के एजेंटों ने उसे चुपचाप अंडमान भेज दिया था। गाजी में डीजल से बैटरियां चार्ज की जा रही थीं, जिसकी वजह से खतरनाक हाइड्रोजन गैस अंदर भरती जा रही थी। इसी के चलते वह खुद ही बिस्फोट होकर तबाह हो गई। 4 दिसंबर को भारतीय वायु सेना ने भी पाकिस्तान पर बमबारी शुरू कर दी। कराची और आसपास के हवाई अड्डों पर आसमान से रॉकेट बरस रहे थे। इधर, इंडियन नेवी की 3 ओसा-I मिसाइल बोट चुपचाप मुंबई से कराची की तरफ बढ़ रही थीं। भारत ने ये मिसाइल बोट रूस से खरीदी थी। जब बोट कराची से 250 समुद्री मील दूर थीं, तभी रडार पर 'बीप-बीप' की आवाज आने लगी। कैप्टन चिल्लाया- ‘पाकिस्तानी जहाज करीब आ रहा है। मिसाइल दागो।’ पहली मिसाइल छूटी, फिर दूसरी, फिर तीसरी। पाकिस्तानी का जंगी जहाज PNS खैबर तबाह हो गया। पाकिस्तान को लगा कि यह वायुसेना का हमला है। तभी मिसाइल बोट ने एक और पाकिस्तानी युद्धपोत और गोला-बारूद से भरे एक मालवाहक जहाज को तबाह कर दिया। अब मिसाइल बोट ने कराची बंदरगाह का रुख किया। भारत को कराची के फ्यूल टैंकों की सटीक लोकेशन पता थी। मिसाइलें सीधे निशाने पर लगीं और कराची बंदरगाह का तेल भंडार धू-धू कर जल उठा। 5 दिसंबर की सुबह तक पहला हमला पूरा हो चुका था। पाकिस्तानी नौसेना की रीढ़ टूट चुकी थी। उन्होंने अपने बचे-खुचे जहाजों को बंदरगाह के अंदर छिपा लिया। तीन दिन बाद यानी 8 दिसंबर की रात भारतीय नेवी ने पाकिस्तान के एक तेल टैंकर और युद्धपोत PNS दक्का को भी डुबो दिया। भारत अपना हवाई रास्ता तो पहले ही बंद कर चुका था, नेवी के इन हमलों से पश्चिमी पाकिस्तान से पूर्वी पाकिस्तान जाने का समुद्री रास्ता भी कट गया। अब पाकिस्तान बड़ा पलटवार करने वाला था, बहुत बड़ा पलटवार… 8 दिसंबर की रात भारत का युद्धपोत INS खुखरी मुंबई से कराची के लिए निकला। टारगेट था- पाकिस्तानी पनडुब्बी PNS हैंगोर को डुबाना। 9 दिसंबर की सुबह खुखरी गुजरात तट पर पहुंच गया। कप्तान को लगा कि पाकिस्तानी पनडुब्बी आस-पास ही है। खुखरी में एक परंपरा थी। रात 8 बजकर 45 मिनट पर सभी इकट्ठा होकर एक साथ समाचार सुना करते थे। उस रोज भी समाचार शुरू हुए- ‘यह आकाशवाणी है। अब आप अशोक वाजपेयी से समाचार….’ तभी हैंगोर से निकले पहले टारपीडो ने खुखरी को हिट किया। कैप्टन मुल्ला कुर्सी से गिर गए। उनका सिर लोहे से टकराया और खून बहने लगा। दूसरा धमाका होते ही खुखरी की बिजली चली गई। खुखरी में 2 छेद हो चुके थे। जहाज के भीतर तेजी से पानी भर रहा था। अंदर आग लग चुकी थी। कुछ ही देर बाद खुखरी डूब गया। कैप्टन समेत 17 अफसर और 176 नौसैनिक भी डूब गए। ये उस जंग में डूबने वाला इकलौता भारतीय जहाज था। उसके बाद भारत ने पाकिस्तान को समुद्र में टिकने नहीं दिया। उधर जमीन पर, पूर्वी पाकिस्तान के दलदली इलाकों और टूटी सड़कों के चलते इंडियन आर्मी की रफ्तार थोड़ी धीमी पड़ गई थी। पाकिस्तानी फौज ढाका जाने वाले रास्तों पर घेराबंदी करके बैठी थी। मकसद था- भारतीय सेना को तब तक रोके रखो, जब तक कि संयुक्त राष्ट्र यानी यूएन दखल ना दे दे। इंडियन आर्मी की कुछ टुकड़ियां फंसी हुई थीं। ढाका पहुंचने के लिए उन्हें मेघना नदी पार करनी थी। इस पर बना पुल पाकिस्तानी पहले ही गिरा चुके थे। बंगाली लड़ाकों और इंडियन आर्मी को हेलिकॉप्टरों के जरिए नदी पार कराने का फैसला किया गया। 9 से 11 दिसंबर के बीच, 36 घंटों के अंदर 110 उड़ानों के जरिए 700 से ज्यादा जवानों को मेघना नदी के पार उतार दिया गया। 11 दिसंबर तक भारतीय सेना पूर्वी पाकिस्तान में गहराई तक घुस चुकी थी। अब सिर्फ एक ही मंजिल बची थी- ढाका। पांच दिन बाद यानी 16 दिसंबर को भारत ने ढाका पर भी कब्जा जमा लिया। उसी रोज पाकिस्तान ने घुटने भी टेक दिए। ढाका के रेसकोर्स मैदान में पाकिस्तानी जनरल एएके नियाजी ने 93 हजार सैनिकों के साथ सरेंडर कर दिया। पाकिस्तान के दो टुकड़े हो गए। नए मुल्क का जन्म हुआ- ‘बांग्लादेश।’ ***** ऑपरेशन बांग्लादेश सीरीज का पार्ट-1 भी पढ़िए : पाकिस्तानी फौज ने गैंगरेप किया, हजारों बंगाली महिलाएं प्रेग्नेंट हुईं:इंदिरा गांधी बोलीं- हम युद्ध करेंगे, सेना प्रमुख बोल पड़े-आपने बाइबल पढ़ी है; पार्ट-1 रेफरेंस : 1. The Kaoboys of RAW: Down Memory Lane : By B. Raman 2. The War That Made RAW : By Anushka Nandakumar Sandeep Saket 3. Field Marshal Sam Manekshaw : By Maj Gen Shubhi Sood 4. A Stranger in My Own Country : By Maj. Gen. Khadim Hussain Raja 5. The Soldier and the Changing State : By Zoltan Barany

दैनिक भास्कर 2 Aug 2026 4:51 am

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'धोखा हुआ' जान पर खेलकर स्पेन में घुसने वाले लोग अब वापस क्यों लौट रहे?

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