बोल्ड सीन करने में घबराई एक्ट्रेस, डायरेक्टर ने खाली कराया रूम
खुशी दुबे ने कहा कि उन्हें यूजर्स की तरफ से अश्लील मैसेज मिलते हैं. वो कास्टिंग काउच का शिकार होने से बची हैं. वो इस मामले में लकी रही हैं.
25 शादियां करने वाले अनुज की खुली पोल, 4 पीड़ित महिलाएं आईं सामने
25 महिलाओं से फर्जी पहचान बनाकर शादी और करोड़ों की ठगी करने वाले अनुज त्रिवेदी की मुश्किलें बढ़ गई हैं. चार पीड़ित महिलाओं ने सीतापुर पहुंचकर एडीएम को शिकायत सौंपी है. उधर, आरोपी के समधी व बीजेपी विधायक ज्ञान तिवारी ने भी धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज कराई है.
NCP शरद पवार गुट के सांसदों की PM मोदी से आज मुलाकात
महाराष्ट्र की राजनीति में अहम खबर आई है कि एनसीपी के शरद पवार गुट के सभी 8 सांसद आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने वाले हैं. इस बैठक में महाराष्ट्र से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है. सुप्रिया सुले ने इस आधिकारिक बैठक की पुष्टि की है. यह मुलाकात दोनों पक्षों के बीच संवाद और समझ बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.
पूर्णिया में पति ने पत्नी को गोली मारकर की हत्या
पूर्णिया में घरेलू विवाद के दौरान पति ने पत्नी शालिनी कुमारी को गोली मार दी, जिससे उनकी मौत हो गई. घटना के बाद आरोपी पति फरार हो गया. वारदात के समय दोनों बच्चे घर में मौजूद थे. पुलिस मामले की जांच में जुटी है.
NEET UG पेपर लीक में 12 अगस्त को होगा बड़ा फैसला
NEET UG पेपर लीक मामले में CBI की ओर से दाखिल चार्जशीट पर संज्ञान लेने के मामले में राऊज एवेन्यू कोर्ट बुधवार 12 अगस्त को फैसला सुनाएगा. सभी 13 आरोपी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आज सोमवार को कोर्ट में पेश हुए.
विश्व आदिवासी दिवस पर झूमते नजर आए पप्पू यादव, दिखा अनोखा अंदाज
बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव झूमते नजर आए. और साथ ही तीर धनुष चलाते भी दिखे. मौका था विश्व आदिवासी दिवस का. पूर्णिया में विश्व आदिवासी दिवस पर आदिवासी समुदाय ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम, पारंपरिक नृत्य, तीरंदाजी प्रदर्शन और भव्य जुलूस निकाला. इस मौके पर सांसद पप्पू यादव समेत कई जनप्रतिनिधि इन उत्सवों में पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए. पप्पू यादव खुद भी इस कार्यक्रम का हिस्सा बन गए.
रूस और यूक्रेन ने एक-दूसरे पर जमकर बरसाए बम, 7 लोगों की मौत, रूस के सीमांत इलाकों में भारी नुकसान
बमबारी में रूस के सीमावर्ती इलाकों में भारी नुकसान हुआ है। कई लोगों की मौत हुई है और कई लोग घायल हुए हैं। घायलों में एक चार साल का बच्चा भी शामिल है। रूस की तरफ से यूक्रेन पर लगातार बमबारी की जा रही है।
तिजोरी में रखा सोना निकलने लगा, 15 मिनट में अप्रूवल, हो गया खेल!
RBI की सख्ती के बावजूद देश में गोल्ड लोन की मांग रिकॉर्ड रफ्तार से बढ़ रही है. NBFC कंपनियों का गोल्ड लोन पोर्टफोलियो जून 2026 तक सालाना 69.3 फीसदी बढ़कर 3.41 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो पूरे रिटेल क्रेडिट सेगमेंट की ग्रोथ से 3 गुना ज्यादा है.
बिना सीमेंट, सिर्फ ईंट से बन जाएंगी दीवारें... सस्ता और टिकाऊ है ये टेक्निक
कंस्ट्रक्शन इंडस्ट्री में हर दिन नए- नए इनोवेशन सामने आ रहे हैं. ऐसे में निर्माण कार्य को तेज बनाने और खर्चा कम करने के नजरिए से ऐसी ईंटें ईजाद की जा रही हैं, जिसके इस्तेमाल से दीवार बनाने में सीमेंट और रेत की झंझट खत्म हो जाती है.
देवेंद्र महतो की भूख हड़ताल जारी, शरीर पर क्या असर होगा?
JPSC-JSSC CGL परीक्षाओं में गड़बड़ी के विरोध में छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो कई दिनों से भूख हड़ताल पर हैं. झारखंड में छात्रों का विरोध जारी है और वे विधानसभा परिसर तक पहुंच गए हैं. भूख हड़ताल के दौरान शरीर में क्या होता है इस बारे में डॉक्टर ने बताया है.
श्रीलंका क्रिकेट को भारी पड़ा कोच से पंगा! चुकाए लाखों रुपये
चंडिका हथुरुसिंघे ने श्रीलंका क्रिकेट के खिलाफ कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. उन्होंने शुरुआत लगभग 50 लाख डॉलर के दावे से की थी, लेकिन सालों तक चली कानूनी लड़ाई का अंत श्रीलंका क्रिकेट की ओर से 1.64 लाख डॉलर के भुगतान के साथ हुआ.
यूक्रेन ने 1200 KM दूर रूस पर गिराए ड्रोन, 12 की मौत
यूक्रेनी ड्रोन हमले में रूसी शहर निझनेकाम्स्क में 12 की मौत और 39 घायल हुए हैं. तेल रिफाइनरी प्रभावित हुई है. यूक्रेन रूसी फैसिलिटी पर हमलों से दबाव बना रहा है.
'कफन लेकर...', भावुक हुए लकी अली, बोले- जहां मरूं वहीं गाड़ दो
Lucky Ali Emotional Video: पॉपुलर और टैलेंटेड सिंगर लकी अली अपने गानों और सुरीली आवाज से हमेशा ही फैंस का दिल जीत लेते हैं. लेकिन अब लाइव कॉन्सर्ट में उन्होंने कुछ ऐसा कह दिया, जिसके बाद उनके फैंस के बीच हलचल मच गई है. फैंस भी भावुक हो रहे हैं.
बाहर छोड़ रखे थे कुत्ते, अंदर थी लेडी डॉन; पुलिस से बोली-‘जय हिंद साहब’
Lady Don Sumta Bishnoi : 2.45 करोड़ रुपये की ठगी के मामले में गिरफ्तार लेडी डॉन सुमता विश्नोई को पकड़ने के लिए पुलिस को घर का लकड़ी का दरवाजा तुड़वाना पड़ा. अंदर बेटे के साथ मिली सुमता ने ACP को देखते ही कहा, जय हिंद साहब. पुलिस ने सुमता और उसके दोनों बेटों को गिरफ्तार किया है. कोर्ट ने तीनों को 14 अगस्त तक पुलिस रिमांड पर भेजा है.
सरफराज खान की वापसी पर पिता ने कही दिल छू लेने वाली बात
अपनी फिटनेस को लेकर आलोचना झेल चुके सरफराज ने पिछले कुछ समय में कड़ी मेहनत करके अपना वजन काफी घटाया है. यही वजह है कि उन्हें एक बार फिर भारतीय टीम में एंट्री मिल गई है. जसप्रीत बुमराह, साई सुदर्शन, नितीश रेड्डी, वाशिंगटन सुंदर और हर्षित राणा जैसे अहम खिलाड़ी चोटिल होने के कारण इस दौरे से बाहर हैं.
'मैं जान को जोखिम में...', विधानसभा मार्च के बीच बोले देवेंद्र महतो
रांची में जारी छात्र आंदोलन और विधानसभा मार्च के बीच छात्र नेता देवेंद्र महतो का बड़ा बयान सामने आया है. देवेंद्र महतो ने झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा के संस्थापक शिबू सोरेन का जिक्र करते हुए कहा कि अगर शिबू सोरेन आज होते तो वह छात्रों के साथ खड़े होते.
जो लोग तुरंत माफ नहीं करते, क्या वे बुरे होते हैं? Psychology क्या कहती है?
मनोविज्ञान के मुताबिक इमोशनल रूप से मैच्योर होने का मतलब यह नहीं है कि व्यक्ति हर गलती को तुरंत माफ कर दे. किसी के व्यवहार से चोट लगने पर समय लेना, अपनी भावनाओं को समझना, सीमाएं तय करना और भरोसा दोबारा बनाने से पहले सामने वाले के व्यवहार को देखना भी इमोशनल मैच्योरिटी का हिस्सा हो सकता है.
11 अगस्त को इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, मानसून पर IMD का बड़ा अपडेट
UP Weather Latest Update: यूपी में 11 अगस्त को मानसून सक्रिय रहेगा. मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी और पूर्वी यूपी के कई हिस्सों में बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं. आगरा, इटावा, औरैया, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी और ललितपुर में भारी बारिश के आसार हैं.
22 साल की ये लड़की 14 हज़ार करोड़ की मालकिन, गेमिंग का कमाल
ऑनलाइन गेमिंग इंडस्ट्री इन दिनों तेजी से बढ़ रही है. लेकिन साउथ कोरियन कंपनी NXN ने पहले ही ऑनलाइन गेमिंग से अरबों रुपये बनाए हैं.
एक फोन... और रेलवे फाटक पर रुक गई ट्रेन? Video वायरल
सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में दावा किया जा रहा है कि एक शख्स के फोन करने के बाद रेलवे फाटक पर ट्रेन रुक गई और बाहर खड़े कुछ लोग उसमें सवार हो गए. वीडियो के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है. हालांकि, वीडियो में किए गए दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.
'गृह मंत्री देंगे जवाब', छात्र आंदोलन पर संसद में चर्चा को तैयार सरकार
छात्र आंदोलन पर संसद में चर्चा के लिए सरकार तैयार हैविपक्ष ने राम मंदिर चंदे में . संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार विपक्ष के उठाए सभी मुद्दों पर विस्तृत जवाब देगी और गृह मंत्री सदन में जवाब देंगे.
12 या 13 अगस्त, कब लगेगा सूर्य ग्रहण? क्या भारत में होगा दृश्यमान
Surya Grahan 2026: अगस्त 2026 में पूर्ण सूर्य ग्रहण (Total Solar Eclipse) 12 अगस्त 2026 (बुधवार) को लगने जा रहा है. यह ग्रहण यूरोप, आइसलैंड, ग्रीनलैंड, स्पेन और कुछ अन्य क्षेत्रों में दिखाई देगा, जबकि भारत में यह प्रत्यक्ष रूप से दिखाई नहीं देगा. भारतीय समयानुसार ग्रहण की अंतिम अवस्थाएं 13 अगस्त की आधी रात के बाद तक चल सकती हैं.
Review: हल्की-फुल्की रोमांटिक ड्रामा में इमोशंस की कमी
तमिल सिनेमा के दिग्गज और दिवंगत एक्टर मुरली के बेटे अथर्व की फिल्म 'इधयम मुरली' इस समय नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम हो रही है. अथर्व इस फिल्म में एक ऐसे किरदार में हैं, जो चाहकर भी अपने प्यार का इजहार नहीं कर पाता. जानिए कैसी है ये फिल्म.
तीन तिगाड़ा, काम बिगाड़ा इस प्रसिद्ध हिंदी मुहावरे के बारे में तो आपने जरूर सुना होगा।इसका अर्थ है कि जहाँ तीन लोग मिल जाते हैं या जहाँ तीन का समूह होता है, वहाँ अक्सर काम खराब हो जाता है।पाकिस्तान ने सऊदी अरब और तुर्की के साथ मिलकर जो नया त्रिपक्षीय गठबंधन बनाया है, उसने वैश्विक कूटनीति और दक्षिण एशिया के शक्ति-संतुलन में एक नई हलचल पैदा कर दी है। पाकिस्तान का सऊदी अरब के वित्तीय प्रभाव और तुर्की की उन्नत सैन्य तकनीक के साथ जुड़ना, सतह पर देखने में एक साधारण रक्षा-समझौता लग सकता है, लेकिन इसके दूरगामी रणनीतिक मायने हैं। क्या यह 'तीन तिगाड़ा' वास्तव में भारत की सुरक्षा, कूटनीति और क्षेत्रीय प्रभुत्व पर कोई बड़ा प्रहार करने की क्षमता रखता है, या फिर यह गठबंधन खुद अपने ही विरोधाभासों के बोझ तले दब जाएगा? आइए, इस गठजोड़ के हर पहलू, इसके संभावित खतरों और भारत की मजबूत रणनीतिक स्थिति का बारीक विश्लेषण करते हैं। क्या है पूरा मामला? पाकिस्तान ने जो सऊदी और टर्की के साथ यह समझौता किया है, जो करार किया है, क्या वह भारत के ऊपर प्रहार करने के लिए किया गया है? पाक का सऊदी तुर्किए से करार क्या होगा भारत पर प्रहार? जी हां, यह भी एक बहुत बड़ा विषय है जिस पर हम आज बात करेंगे। क्योंकि यह जो समझौता हुआ है इसका असर तो होगा, लेकिन भारत के लिहाज से यह क्या हो सकता है? भारत के लिए समझौता क्या मायने रखता है वो भी हम आपको बताएंगे। मगर सबसे पहले ये आपको बताते हैं कि आखिरकार ये ट्राईटरल संधि है क्या? ये त्रिपक्षीय संधि क्या है जो सऊदी, टर्की और पाकिस्तान के बीच हुआ है। ये वो ट्रीटी है जो इस तीनों देशों के बीच हुआ है। सबसे महत्वपूर्ण है जगह। जगह है मक्का जो मुस्लिमों के लिए सबसे पवित्र स्थान है। वहां पर यह समझौता किया गया है। सऊदी, टर्की और पाकिस्तान की ओर से तो यह बताया गया कि ये जो समझौता है ये सिर्फ और सिर्फ डिफेंस पैक्ट है। और कहा भी ये जा रहा है कि ये समिट जो है फॉर जॉइंट डिफेंस समिट किया गया। ये समिट जो हुआ वो डिफेंस इसका मसौदा था। लेकिन इसमें जो बातें निकल कर सामने आई है इसका मतलब यह है कि अगर पाकिस्तान पर तुर्किए और साथ ही सऊदी में से किसी भी एक देश पर अगर हमला होता है तो यह माना जाएगा कि तीनों देशों के ऊपर हमला हुआ है। एक बात इससे क्लियर हो गई कि जिस तरह का पैक्ट सऊदी और साथ ही साथ पाकिस्तान के साथ 2025 सितंबर में हुआ था। बिल्कुल वही पैक्ट इस वक्त हो गया है इन तीनों देशों के बीच। यानी ये कह सकते हैं कि पाकिस्तान और सऊदी के बीच जो पैक्ट हुआ था सितंबर 2025 को उसमें अब तुर्किए भी जुड़ गया है। तो अब ये तीनों देश हो गए हैं। अब इसमें तीनों देश को अगर देखा जाए तो हर देश की अपनी-अपनी खूबी होती है। इसे भी पढ़ें: Turkey ने स्पष्ट किया: Saudi Arabia और Pakistan के साथ रक्षा समझौता किसी देश के खिलाफ नहीं पाकिस्तान के पास न्यूक्लियर बम है। सऊदी के पास पैसा है। उसका डिफेंस बजट ही करीब 100 बिलियन डॉलर का है। और टर्की के पास क्या है? तुर्की के पास है पहली चीज। नाटो की दूसरी सबसे बड़ी आर्मी फौज है और दूसरी चीज है उनके पास एक डिफेंस इंडस्ट्री है जिसमें वो कई आधुनिक हथियार तैयार करते हैं। ड्रोंस उनका सबसे घातक हथियार इस वक्त दुनिया में माना जाता है। तो तीनों देशों की जो ताकत है वो साथ लेकर आ रहे हैं और तीनों देश मिलकर अब ये समझौता किया है। ये संधि क्यों की गई? मौजूदा हालात सबसे महत्वपूर्ण हो जाता है। ईरान सबसे बड़ा इस वक्त फैक्टर है, जिसकी वजह से तुर्किए को इसमें आना पड़ा। यहां पर पाकिस्तान के साथ पहले सऊदी अरब को ये ट्रीटी करनी पड़ी इसकी वजह भी ईरान है। क्योंकि इस वक्त जो हालात मिडिल ईस्ट के बने हुए हैं उसमें एक बात तो ईरान ने दुनिया के सामने साबित कर दी है कि अमेरिका जैसा दुनिया का सुपर पावर ईरान को घुटनों पर लाने में नाकामयाब रहा। 150 दिन का वक्त हो चुका है। 28 फरवरी 2026 को पहला हमला हुआ था। जिसके बाद से हमले होते रहे, संघर्ष होता रहा, समझौता भी हुआ। माना गया कि शायद डील हो गई है। अब सब कुछ नॉर्मल हो जाएगा। लेकिन अमेरिका जो चाहता है ईरान वो करने को तैयार नहीं है। क्योंकि ईरान अपनी शर्तों पर ही ट्रीटी करेगा। और पूरी दुनिया को ईरान ने बता दिया कि वो सुपर पावर के सामने झुकने को तैयार नहीं है और सरेंडर अमेरिका करवा भी नहीं सकता। यानी कि जो दबदबा है इस वक्त मिडिल ईस्ट में वो ईरान का साफ नजर आ रहा है। और जिस तरह से उसने स्टेट ऑफ होर्मुज पर नाकेबंदी करके पूरे अरब देशों को गल्फ कंट्रीज को धूल चटा दी है। उसके बाद सऊदी अरब के लिए यह बड़ा मसला हो गया कि क्योंकि पूरे इस अरब वर्ल्ड का इस पूरे अरब वर्ल्ड का खाड़ी देशों का सबसे मजबूत देश माना जाता था। सबसे अमीर देश है। दूसरी बड़ी बात है कि पिछले कुछ दिनों में देखा गया जिस तरह से होर्मुज के बाद बाब अल मंदेब या जो रेड सी का इलाका पड़ता है इस इलाके से भी जहाजों की आवाजाही पर रोक लगा दी है। हैं। शिया से मुकाबले को एकजुट हुए तीन सुन्नी मुल्क कुल मिलाकर ईरान ने जिस तरह से पूरी घेराबंदी की है और जिस तरह से वो पूरी दुनिया के सामने एक मजबूत ताकतवर मुल्क के तौर पर मिडिल ईस्ट में निकल कर आया है। यह कहीं ना कहीं सऊदी के लिए बहुत बड़ा खतरा पैदा कर रहा है। और दूसरी सबसे इंपॉर्टेंट चीज है वो है शिया और सुन्नी। क्योंकि ये तीनों देश जो हैं चाहे वो पाकिस्तान हो, पाकिस्तान, सऊदी और टर्की ये तीनों देश सुन्नी हैं। जिसमें से एकलौता है ईरान जो शिया देश है और ये शिया एक देश है जिसने पूरे मिडिल ईस्ट में इस वक्त सबको धूल चटा के रखी हुई है। नाटो के सदस्य देश तुर्किये का जुड़ना क्यों है इतना महत्वपूर्ण नाटो का सदस्य, अमेरिका के बाद सबसे बड़ी सेनाओं में एक। मजबूत रक्षा उद्योग और उन्नत सैन्य तकनीक। ड्रोन, मिसाइल, युद्धपोत व बख्तरबंद वाहन बनाने की क्षमता। पाकिस्तान के साथ पहले से रक्षा और तकनीकी सहयोग। पाकिस्तान के एफ-16 विमानों के आधुनिकीकरण में मदद। तकनीकी और सैन्य विशेषज्ञता देने की भूमिका। तुर्किये तकनीक, पाकिस्तान सैन्य क्षमता और सऊदी अरब आर्थिक व रणनीतिक सहयोग प्रदान करेगा। सऊदी अरब के समुद्री रक्षा गठबंधन में बांग्लादेश भी सऊदी अरब द्वारा बनाए गए नए 14 देशों के समुद्री रक्षा गठबंधन में बांग्लादेश भी एक प्रमुख सदस्य के रूप में शामिल हुआ है। इस का उद्देश्य लाल सागर, बाब अल-मंदेब और अदन की खाड़ी जैसे महत्वपूर्ण जलमार्गों में व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति की सुरक्षा करना है। ईऱान ने बताया कागजी समझौता ईरान ने रक्षा समझौते पर तंज कसा है। ईरान के सांसद इब्राहिम रजाई ने कहा कि यह कागजी समझौता सऊदी को सुरक्षा नहीं दे सकता। अमेरिका की तरह यह भी नाकाम रहेगा। भारत की स्थिति पर नजर समझौते पर भारत की भी नजर है। विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि भारत इसके प्रभावों का आकलन कर रहा है। अपने राष्ट्रीय हितों और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्थिति पर नजर रखेगा।नई दिल्ली इस पूरे घटनाक्रम में चीन के पहलू पर भी कड़ी नजर बनाए हुए है। बीजिंग के पाकिस्तान और सऊदी अरब दोनों के साथ गहरे आर्थिक और कूटनीतिक संबंध हैं, वहीं तुर्की इस समीकरण में उद्योग स्तर पर अपनी अत्याधुनिक स्वदेशी रक्षा क्षमता को जोड़ता है। इसी वजह से भारतीय खुफिया एजेंसियां इस नए त्रिस्तरीय ढांचे को भारत की पश्चिमी समुद्री सीमा पर चीन-समर्थित सुरक्षा गठबंधन के रूप में देख रही हैं। हालांकि, नई दिल्ली के लिए तत्काल कूटनीतिक चिंता का मुख्य विषय कश्मीर है। खुफिया सूत्रों का मानना है कि इस्लामाबाद, रियाद के साथ अपने मजबूत होते रिश्तों का इस्तेमाल सऊदी अरब पर दबाव बनाने के लिए करेगा, ताकि वह कश्मीर और भारत के आंतरिक सुरक्षा मुद्दों पर खुलकर बयान दे। यह कदम भारत के साथ अपने संबंधों में सऊदी अरब के पारंपरिक और संतुलित रुख की परीक्षा ले सकता है। फिलहाल, मक्का समझौता NATO जैसी एकीकृत सैन्य व्यवस्था के बजाय एक राजनीतिक प्रतिबद्धता अधिक दिखाई देता है। इसकी वास्तविक सार्थकता किसी एक पर हमला सभी पर हमला जैसी पंक्तियों से तय नहीं होगी, बल्कि इस बात से सिद्ध होगी कि अगली किसी बड़ी चुनौती या संकट के आने पर ये तीनों देश धरातल पर एक-दूसरे के लिए क्या कदम उठाने को तैयार होते हैं।
दूध पर जमेगी 'पराठे' जैसी मोटी मलाई! बस उबालते समय डालें ये 1 चीज
How To Get Thick Malai: क्या आपके दूध पर भी पतली मलाई जमती है? अगर हां, तो आपको दूध उबालने का सही तरीका जरूर पता होना चाहिए. इसके साथ ही दूध उबालते समय चावल के कुछ दाने डाल दें. इससे दूध के ऊपर पराठे जैसी मोटी मलाई जमेगी. इस मोटी मलाई से आप आसानी से घर पर शुद्ध देसी घी बना सकते हैं.
कहीं धोखा न हो जाए... EPFO ने किया अलर्ट, इन चीजों से बचकर रहें
EPFO Alert: ईपीएफओ ने एक पोस्ट के जरिए मेंबर्स को फर्जी लिंक्स से सावधान रहने की अपील की है. इसमें कहा गया है कि संगठन कभी फोन कॉल, व्हाट्सऐप, एसएमएस, सोशल मीडिया या फिर ईमेल से सदस्यों की पर्सनल डिटेल या OTP मांगता है.
पिता से 'प्यार' बेटे से पंगा! शिबू सोरेन के नारे क्यों लगा रहे छात्र
झारखंड में छात्र आंदोलन ने गुरुजी शिबू सोरेन की विरासत और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के शासन के बीच गहरा संघर्ष उजागर किया है. छात्र शांतिपूर्ण सत्याग्रह के माध्यम से भ्रष्टाचार और अन्याय के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं. वे JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने और सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं. आंदोलन गांधीवादी अहिंसा के सिद्धांतों पर आधारित है, जिससे प्रशासन के लिए बल प्रयोग करना मुश्किल हो गया है.
ODOP मार्जिन मनी स्कीम: कैसे संवर रहा यूपी के कारीगरों का कारोबार
वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) कार्यक्रम के तहत मार्जिन मनी स्कीम, उत्तर प्रदेश के कारीगरों और उद्यमियों को कर्ज का बोझ कम करने में कैसे मदद कर रही है.
बलूचिस्तान ने एक बार फिर पाकिस्तान की संप्रभुता को सीधी चुनौती देते हुए 11 अगस्त को अपना ‘स्वतंत्रता दिवस’ घोषित कर दिया है। खुद को ‘रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान’ बताने वाले अलगाववादी समूह ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से उसे एक संप्रभु राष्ट्र के रूप में मान्यता देने की अपील की है। कुछ सप्ताह पहले भी समूह पाकिस्तान से अलग होने की घोषणा कर चुका है और भारत समेत दूसरे देशों से राजनयिक मान्यता की मांग कर चुका है। यह घोषणा ऐसे समय हुई है जब बलूचिस्तान में सुरक्षा पाबंदियां, कथित जबरन गुमशुदगियां और हिंसा के आरोप लगातार सामने आ रहे हैं। यानी बलूचिस्तान का सवाल अब केवल पाकिस्तान का आंतरिक मामला नहीं रह गया है, बल्कि वह धीरे-धीरे अंतरराष्ट्रीय रणनीतिक विमर्श का हिस्सा बनता जा रहा है। लेकिन बड़ा सवाल यही है कि क्या बलूचिस्तान वास्तव में पाकिस्तान से अलग होकर एक स्वतंत्र देश बन सकता है? अंतरराष्ट्रीय कानून की कसौटी पर फिलहाल इसका रास्ता बेहद कठिन है। किसी क्षेत्र द्वारा स्वतंत्रता की घोषणा कर देना अपने आप उसे नया राष्ट्र नहीं बना देता। व्यापक रूप से स्वीकार किए गए मोंटेवीडियो कन्वेंशन के मानकों के अनुसार स्थायी आबादी, निश्चित भू-भाग, प्रभावी सरकार और दूसरे देशों के साथ संबंध स्थापित करने की क्षमता जैसे तत्व राज्य की बुनियादी पहचान के लिए जरूरी माने जाते हैं। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय मान्यता किसी नए देश के लिए बेहद महत्वपूर्ण होती है। इसे भी पढ़ें: बलूचिस्तान का 70% क्षेत्र गंवाया, खैबर को तालिबान ने कब्जाया, PoK में गोलियों से आवाज को दबाया, किस पाकिस्तान पर हुकूमत कर रहे मुनीर-शहबाज? यहीं बलूचिस्तान की सबसे बड़ी कमजोरी सामने आती है। अभी तक किसी देश ने औपचारिक रूप से ‘रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान’ को स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में मान्यता नहीं दी है। पाकिस्तान भी बलूचिस्तान पर प्रशासनिक, सैन्य और न्यायिक नियंत्रण बनाए हुए है। अलगाववादी संगठन भले ही प्रांत के कुछ हिस्सों में सक्रिय हों, लेकिन इस्लामाबाद का सरकारी तंत्र अब भी व्यापक रूप से काम कर रहा है। अंतरराष्ट्रीय व्यवहार में किसी क्षेत्र पर प्रभावी नियंत्रण राज्य की संप्रभुता का महत्वपूर्ण संकेतक है। इसलिए जब तक पाकिस्तान का नियंत्रण निर्णायक रूप से समाप्त नहीं होता, स्वतंत्र बलूचिस्तान का दावा व्यावहारिक स्तर पर बेहद मुश्किल बना रहेगा। वैसे बलूचिस्तान के अलगाववादी आंदोलन को समझने के लिए पाकिस्तान की दशकों पुरानी नीतियों और वहां के लोगों में पैदा हुए असंतोष को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। बलूच संगठनों और मानवाधिकार समूहों का आरोप है कि प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध इस प्रांत को राजनीतिक प्रतिनिधित्व, विकास और नागरिक अधिकारों के मामले में लंबे समय से उपेक्षित रखा गया है, जबकि सुरक्षा के नाम पर सैन्य और अर्धसैनिक बलों की मौजूदगी बढ़ती गई। जबरन गुमशुदगियां इस संकट का सबसे भयावह चेहरा बनकर सामने आई हैं। एमनेस्टी इंटरनेशनल ने छात्रों, कार्यकर्ताओं, पत्रकारों और मानवाधिकार रक्षकों के जबरन गायब किए जाने की घटनाओं को दर्ज किया है, जबकि ह्यूमन राइट्स वॉच ने पाकिस्तान के सुरक्षा बलों पर गुमशुदगी, गुप्त हिरासत, यातना और न्यायेतर हत्याओं से जुड़े गंभीर आरोपों का दस्तावेजीकरण किया है। हाल के वर्षों में भी बलूच राजनीतिक आंदोलनों और प्रदर्शनों पर कार्रवाई तथा गुमशुदगी के आरोप जारी रहे हैं। ह्यूमन राइट्स वॉच के अनुसार 2024 में बलूच नेशनल गैदरिंग के दौरान सैकड़ों लोगों को हिरासत में लिया गया और प्रदर्शनकारियों पर अत्यधिक बल प्रयोग के आरोप लगे। यही कथित दमन बलूच समाज के उस वर्ग को मजबूत करता है जो मानता है कि इस्लामाबाद उसे पाकिस्तान के बराबर का नागरिक नहीं, बल्कि एक ऐसे भूभाग के रूप में देखता है जिसे सुरक्षा और संसाधनों के नजरिये से नियंत्रित किया जाना है। फिर भी बलूचिस्तान में हालात जिस दिशा में बढ़ रहे हैं, वह पाकिस्तान के लिए गंभीर चिंता का संकेत हैं। हालिया रिपोर्टों के अनुसार कालात और खुजदार में सुरक्षा कारणों से कारोबार और नागरिक आवाजाही पर कड़े प्रतिबंध लगाए गए हैं। कालात में दुकानदारों को शाम छह बजे तक दुकानें बंद करने और लोगों को रात में घरों में रहने के निर्देश दिए गए। बाद में कालात में 9 अगस्त से 15 अगस्त तक रात आठ बजे से सुबह नौ बजे तक कर्फ्यू लागू किए जाने की आधिकारिक अधिसूचना की भी रिपोर्ट सामने आई। खुजदार में बाजारों, दुकानों, होटलों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को रात आठ बजे से सुबह दस बजे तक बंद रखने का आदेश दिया गया। इन पाबंदियों के बीच मानवाधिकार संबंधी आरोपों ने संकट को और गंभीर बना दिया है। बलूच अधिकार संगठनों के हवाले से 19 वर्षीय मजदूर सईद अहमद के कथित जबरन गायब किए जाने की खबर सामने आई है। वहीं बलूचिस्तान के खुजदार में इनायतुल्लाह जट्टक की हत्या को लेकर भी बलूच कार्यकर्ताओं ने पाकिस्तान समर्थित ‘डेथ स्क्वॉड’ पर आरोप लगाए हैं। उनकी बेटी अस्मा जट्टक ने हत्या से पहले अपने पिता और परिवार की सुरक्षा को लेकर सार्वजनिक रूप से आशंका जताई थी। इसके अलावा कराची और बलूचिस्तान में कथित जबरन गुमशुदगी के कई मामलों ने चिंता बढ़ाई है। रिपोर्टों में 28 वर्षीय मजदूर साबिर, अब्दुल अजीज और दुकानदार आमिर के हिरासत में लिए जाने के बाद उनके ठिकाने की जानकारी परिवारों को न मिलने का दावा किया गया है। क्वेटा में दो 14 वर्षीय छात्रों को भी कथित तौर पर हिरासत में लिए जाने और उनके बाद से लापता होने की बात सामने आई है। बुलेदा निवासी मंसूर अनवर के परिवार ने भी उनके दोबारा कथित रूप से गायब किए जाने का आरोप लगाया है। देखा जाये तो कानूनी रूप से बलूचिस्तान का मामला इसलिए भी जटिल है क्योंकि एक तरफ संयुक्त राष्ट्र चार्टर आत्मनिर्णय के सिद्धांत को मान्यता देता है, तो दूसरी तरफ अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था मौजूदा संप्रभु देशों की क्षेत्रीय अखंडता की भी रक्षा करती है। इतिहास बताता है कि अलगाव को अंतरराष्ट्रीय समर्थन आमतौर पर असाधारण परिस्थितियों में ही मिलता है। कोसोवो का उदाहरण अलग है, जहां बड़ी संख्या में देशों ने स्वतंत्रता को मान्यता दी, जबकि उत्तरी साइप्रस, सोमालिलैंड और ट्रांसनिस्ट्रिया जैसे क्षेत्र लंबे समय से अलग प्रशासन चलाने के बावजूद व्यापक अंतरराष्ट्रीय मान्यता हासिल नहीं कर पाए हैं। भारत के लिए यह घटनाक्रम खास महत्व रखता है। नई दिल्ली ने अब तक बलूचिस्तान को पाकिस्तान का हिस्सा माना है और उसे स्वतंत्र देश के रूप में मान्यता नहीं दी है। हालांकि भारत ने बलूचिस्तान में मानवाधिकार और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चिंता जरूर जताई है। देखा जाये तो फिलहाल बलूचिस्तान की स्वतंत्रता तत्काल वास्तविकता से ज्यादा पाकिस्तान के लिए बढ़ते दबाव का संकेत है। पाकिस्तान एक साथ बलूचिस्तान के विद्रोह, खैबर पख्तूनख्वा में आतंकवादी हिंसा और राजनीतिक अस्थिरता से जूझ रहा है। 11 अगस्त को ‘स्वतंत्रता दिवस’ के रूप में स्थापित करने की कोशिश इस संघर्ष को प्रतीकात्मक और अंतरराष्ट्रीय दोनों स्तरों पर नया आयाम दे सकती है। लेकिन जब तक अलगाववादी ताकतें प्रभावी क्षेत्रीय नियंत्रण, स्थायी प्रशासन और व्यापक अंतरराष्ट्रीय मान्यता हासिल नहीं करतीं, तब तक स्वतंत्र बलूचिस्तान की घोषणा पाकिस्तान की मौजूदा कानूनी स्थिति को अपने आप नहीं बदल पाएगी। फिर भी पाकिस्तान के लिए खतरा कम नहीं है। अगर बलूचिस्तान में राजनीतिक असंतोष, सशस्त्र विद्रोह और मानवाधिकार संकट एक-दूसरे से जुड़ते गए और उन्हें अंतरराष्ट्रीय समर्थन मिलने लगा, तो इस्लामाबाद के सामने केवल कानून-व्यवस्था की समस्या नहीं, बल्कि राज्य की क्षेत्रीय अखंडता का सवाल खड़ा हो सकता है। यही वह बिंदु है जहां बलूचिस्तान भारत के लिए भी रणनीतिक महत्व हासिल करता है क्योंकि पाकिस्तान के पश्चिमी मोर्चे पर बढ़ती अस्थिरता क्षेत्रीय रणनीति पर सीधा असर डाल सकती है।
अंदर चल रहा विधानसभा का सत्र, बाहर पहुंच गए छात्र... रांची में स्टूडेंट रिवॉल्यूशन
झारखंड विधानसभा सत्र के बीच रांची में जेपीएससी को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्र बैरिकेडिंग पार करते हुए विधानसभा परिसर तक पहुंच गए, कुछ छात्र अंदर घुसे. जमीन पर बैठकर विरोध किया. डुमरी विधायक जयराम महतो बाहर आकर उनके बीच पहुंचे.
इंग्लैंड में गदर काट रहा ये धुरंधर, टीम इंडिया में होगी वापसी?
भारतीय टीम से बाहर होने के बाद भी युजवेंद्र चहल सुर्खियों में बने हुए हैं. चहल इंग्लैंड में मिले मौके का भरपूर इस्तेमाल कर रहे हैं. अब उनकी नजरें टूर्नामेंट के बाकी मुकाबलों में इसी लय को बरकरार रखते हुए विकेटों की संख्या बढ़ाने पर होगी.
होर्मुज को खुलवाने के लिए ट्रंप बेचैन, परमाणु मुद्दा भी टालने को तैयार!
अराघची ने कहा कि ईरान और अमेरिका के बीच लंबे समय से प्रत्यक्ष बातचीत नहीं हुई है। उनके मुताबिक, जून में हुए अंतरिम समझौते का अमेरिका ने उल्लंघन किया था। हालांकि, दोनों देशों के बीच मध्यस्थों के जरिए संदेशों का आदान-प्रदान जारी है।
बैरिकेड्स लांघे, खेतों से बनाया रास्ता... विधानसभा पहुंचने का छात्रों ने अपनाया ये रूट मैप
झारखंड सरकार के साथ छात्रों की वार्ता फेल होने के बाद सोमवार को छात्राओं ने विधानसभा मार्च का ऐलान किया था. पुलिन प्रशासन ने छात्रों के विधानसभा जाने से रोकने के लिए पूरी तैयारी कर रखी थी, लेकिन कोई काम नहीं आ सकी. प्रदर्शनकारी छात्रों ने बैरिकेड्स लांघे और खेतों से रास्ता बनाते हुए विधानसभा के करीब पहुंच गए.
6 गेंदों में 6 छक्के...दिग्गज ने बल्ले से मचाई तबाही
टोबी अल्बर्ट ने लगातार 6 गेंदों पर 6 छक्के जड़कर अपनी टीम को एक यादगार जीत दिला दी. हालांकि, उनके ये 6 छक्के दो अलग-अलग ओवरों में आए, लेकिन अल्बर्ट की यह पारी कई मायनों में बेहद खास रही.
मंथरा, रावण, कुंभकर्ण...'रामायण' के 11 सितारों ने छोड़ी दुनिया
इस रामायण के कई स्टार्स आज भी इंडस्ट्री में एक्टिव है. कुछ लाइमलाइट से दूर हैं. कई सितारे ऐसे भी हैं जो दुनिया को अलविदा कह चुके हैं. जानते हैं उनके बारे में...
बरेली में पत्नी ने प्रेमी संग पति को तेजाब पिलाकर मारा
बरेली में पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर पति को तेजाब पिला दिया, जिससे उसकी मौत हो गई. बताया जा रहा है कि पति ने दोनों को आपत्तिजनक हालत में देख लिया था. मरने से पहले पति ने पुलिस को बयान दिया. पुलिस मामले की जांच में जुटी है.
'AIMIM के बिना योगी को हराना मुश्किल', ओवैसी की पार्टी के नेता का सपा पर हमला
AIMIM नेता ने दावा किया कि प्रयागराज में राहुल गांधी का छात्र संवाद कार्यक्रम फेल रहा. असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी के नेता ने कहा कि यूपी में AIMIM के बिना योगी को हराना मुश्किल है.
अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने 'फ़ॉरेन कॉन्ट्रिब्यूशन (रेगुलेशन) एक्ट' में प्रस्तावित बदलावों का बचाव करते हुए कहा है कि इनका मकसद पारदर्शिता बढ़ाना और यह पक्का करना है कि संगठनों को विदेशी पैसा तय प्रक्रिया के ज़रिए ही मिले। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक और राजनीतिक क्षेत्रों में विदेशी पैसे के लेन-देन को रेगुलेट करना देश की सुरक्षा से जुड़ा एक संप्रभु फ़ैसला है और कई लोकतांत्रिक देशों में ऐसा आम तौर पर किया जाता है। रविवार को X पर कई पोस्ट में, क्वात्रा ने एक अमेरिकी सांसद की कुछ दिन पहले जताई गई चिंताओं का जवाब दिया। सांसद का दावा था कि FCRA में बदलावों से भारतीय सरकार को चर्चों और चैरिटी संस्थाओं पर नियंत्रण करने का अधिकार मिल जाएगा। इन आशंकाओं को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि यह कानून सभी संगठनों पर समान रूप से लागू होता है और किसी खास समुदाय को निशाना नहीं बनाता। इसे भी पढ़ें: Monsoon Session: संसद में FCRA बिल और परिसीमन पर अनिश्चितता, विपक्ष का विरोध क्वात्रा ने कहा कि अमेरिका और अन्य देशों में पहले से ही ऐसे ही कानूनी नियम मौजूद हैं। उन्होंने कहा अमेरिका में 1938 से FARA (फॉरेन एजेंट्स रजिस्ट्रेशन एक्ट) और 2010 से FATCA (फॉरेन अकाउंट टैक्स कंप्लायंस एक्ट) लागू है। ऑस्ट्रेलिया ने 2018 में और कनाडा ने 2024 में कानून बनाया। UK की योजना जुलाई 2025 में लागू हुई। EU अभी कानून बना रहा है। प्रस्तावित बदलावों के बारे में बताते हुए क्वात्रा ने कहा कि जब किसी संगठन का रजिस्ट्रेशन रद्द या सरेंडर किया जाता है, तो विदेशी योगदान और उनसे बनी संपत्तियां पहले से ही राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र में आ जाती हैं; यह प्रावधान 2010 से लागू है। उन्होंने कहा 2026 का बिल इन संपत्तियों की सुरक्षा के लिए एक खास अथॉरिटी और वापसी का एक रास्ता जोड़ता है। अगर संगठन अपना रजिस्ट्रेशन बहाल कर लेता है, तो सभी संपत्तियां और बिना इस्तेमाल हुआ फंड पूरी तरह वापस कर दिया जाता है। इसे भी पढ़ें: FCRA Bill 2026: विदेशी फंडिंग पर रोक नहीं लगाएगा नया FCRA बिल, एम्बेसडर विनय क्वात्रा ने दी सफाई पूजा स्थलों के बारे में उन्होंने कहा पूजा स्थलों की अपनी सुरक्षा व्यवस्था होती है। अगर किसी ऐसे संगठन ने पूजा स्थल से जुड़ी कोई संपत्ति बनाई है जिसका FCRA रजिस्ट्रेशन रद्द हो गया है, तो पूजा-पाठ जारी रखने के लिए वह संपत्ति उसी धर्म के किसी दूसरे FCRA-रजिस्टर्ड संगठन को सौंप दी जाती है। FCRA बिल, 2026 सरकार को एक तय अथॉरिटी बनाने का अधिकार देता है। यह अथॉरिटी विदेशी चंदे और उससे बनाई गई संपत्तियों का मैनेजमेंट संभालेगी, जब किसी संगठन का FCRA रजिस्ट्रेशन रद्द हो जाए, सरेंडर कर दिया जाए या रिन्यू न होने की वजह से खत्म हो जाए। इसमें यह भी कहा गया है कि अगर संपत्ति कोई पूजा स्थल है, तो अथॉरिटी को यह पक्का करना होगा कि उसका धार्मिक स्वरूप बना रहे। क्वात्रा ने उन सुझावों को भी खारिज कर दिया जिनमें कहा गया था कि इन बदलावों का मकसद सिविल सोसाइटी को मिलने वाली विदेशी मदद को रोकना है। उन्होंने कहा, हजारों संगठन FCRA के तहत रजिस्टर्ड हैं और उन्हें स्वास्थ्य, शिक्षा, आपदा राहत, रिसर्च और मानवीय कार्यों के लिए नियमित रूप से विदेशी फंड मिलता है। उन्होंने आगे कहा कि भारत में 30 लाख से ज़्यादा NGO हैं, और उनमें से सिर्फ़ 14,450 के पास ही FCRA रजिस्ट्रेशन है। उन्होंने कहा इस तरह, सिविल सोसाइटी के ज़्यादातर संगठन पूरी तरह से इस कानून के दायरे से बाहर हैं।
क्या है बर्थडे केक पर लगी मोमबत्ती बुझाने का सही तरीका?
आज बर्थडे पर केक काटना और उस पर मोमबत्तियां लगाकर बुझाना, सेलिब्रेशन का एक नॉर्मल और पॉपुलर तरीका है. इस सेलिब्रेशन के तरीके पर सवाल उठता है कि क्या हमेशा से लोग ऐसे ही बर्थडे मनाते आए हैं. आखिर बर्थडे पर केक काटना और उस पर कैंडल लगाकर फूंक मारकर बुझाने की परंपरा कैसे शुरू हुई और लोग ऐसा क्यों करते हैं?
Russia-Ukraine War: तातारस्तान की Oil Refinery पर भीषण ड्रोन हमला, 12 की मौत और 39 घायल हुए
रूस के तातारस्तान इलाके के निज़नेकामस्क शहर में औद्योगिक और आम लोगों से जुड़ी जगहों पर यूक्रेनी ड्रोन हमले में कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई और 39 लोग घायल हो गए। शहर के मेयर रादमीर बेल्यायेव ने सोमवार को यह जानकारी दी। निज़नेकामस्क में एक बड़ी तेल रिफाइनरी भी है। अलग-अलग रूसी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमले में इलाके की तेल रिफाइनरी को निशाना बनाया गया, जो रूस की सबसे आधुनिक तेल रिफाइनरियों में से एक है। सोशल मीडिया पर मौजूद कुछ वीडियो में, जो तेल रिफाइनरी जैसे दिख रहे हैं, वहां से धुआं उठता हुआ दिखाई दे रहा है। रॉयटर्स स्वतंत्र रूप से इन फुटेज की पुष्टि नहीं कर सका। जून की शुरुआत में यूक्रेन के हमले का शिकार हुई टैटनेफ्ट की टैनेको रिफाइनरी ने 2024 में 1.7 करोड़ टन कच्चे तेल की प्रोसेसिंग की, जिससे 27 लाख टन गैसोलीन और 85 लाख टन डीज़ल ईंधन का उत्पादन हुआ। इसे भी पढ़ें: Kyiv क्षेत्र में Russia के हमले से चार लोगों की मौत, बेलग्रेड पहुंचे जेलेंस्की मेयर बेल्यायेव ने बताया कि यूक्रेनी हमले के बाद तातारस्तान के प्रमुख रुस्तम मिन्निखानोव ने शोक की अवधि घोषित की है। हाल के महीनों में यूक्रेन ने रूस की तेल रिफाइनरियों पर हमले तेज़ कर दिए हैं। इस अभियान की वजह से रूस के कई हिस्सों में ईंधन की कमी हो गई है, हालांकि अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती ज़्यादातर समस्याओं को अब सुलझा लिया गया है।
गिरफ्तारी के लिए चुराई थी पुलिस की कुर्सी, जापानी छात्र की अजीबोगरीब कहानी
जापानी छात्र हिरोतोशी तानाका को 2019 में बेंगलुरू में एकेडमी हेड से विवाद के बाद गिरफ्तार किया गया था. उन्हें 19 दिन तक बिना गलती के न्यायिक हिरासत में रखा गया था. इस मामले का सामना करने के लिए वो भारत में रहना चाहते थे, जिसके लिए उन्होंने कुर्सी चुरा ली थी ताकि वो गिरफ्तार हो जाए और उन्हें जापान न जाना पड़े.
सब्जी की थैली कैसे बना लाखों का 'बर्किन बैग', जानें दिलचस्प किस्सा
आज जिस बैग को खरीदने के लिए दुनिया की अमीर और रसूखदार महिलाएं लाखों रुपये पानी की तरह बहाने को तैयार रहती हैं, उसके बनने की कहानी किसी आलीशान शोरूम से नहीं बल्कि एक हवाई जहाज की यात्रा से शुरू हुई थी.
मनीष का रहस्य... IAS वाले ‘शाही ठाठ’ के बीच घर में बारहसिंगा के 2 सींग
खगड़िया में फर्जी IAS अधिकारी की गिरफ्तारी के बाद उसके घर से मिली बरामदगी ने नया सवाल खड़ा कर दिया है. पुलिस को Tesla, Tata Safari, 20 क्रेडिट कार्ड, चार चेकबुक और महंगी विदेशी शराब के साथ बारहसिंगा के दो सींग भी मिले हैं. अब जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि ये सींग आरोपी के पास कहां से आए. फर्जी IAS पर पूरे बिहार में ठगी का आरोप है.
'अगर गुरुजी जीवित होते...', देवेंद्र ने हेमंत सोरेन को दिखाया आईना
रांची में जेपीएससी-जेएसएससी अभ्यर्थियों के विधानसभा घेराव मार्च के बीच अनशन पर बैठे देवेंद्र नाथ महतो स्ट्रेचर पर पहुंचे, शीबू सोरेन की तस्वीर साथ रखी और कहा कि अगर गुरुजी जिंदा होते तो इस आंदोलन में उनके साथ खड़े होते.
हेमंंत सोरेन को 'खून' वाला गिफ्ट! देवेंद्र महतो ने दी चेतावनी
JPSC और JSSC परीक्षाओं में गड़बड़ियों को लेकर चल रहा विरोध प्रदर्शन उग्र होते जा रहा है. छात्र आज विधानसभा का घेराव कर रहे हैं. इस बीच देवेंद्र महतो भी इस प्रदर्शन में शामिल हुए हैं. इस दौरान उन्होंने हेमंत सोरेन को लेकर बड़ा बयान दे दिया है. उन्होंने कहा है कि आज हेमंत सोरेन का जन्मदिन है, उन्हें कहीं ऐसा बर्थ डे गिफ्ट न दे दें कि खून बहे.
फोन भीग गया? एक गलती से हमेशा के लिए हो जाएगा खराब, ना करें ये काम
बारिश का मौसम है और अक्सर लोग फोन भीगने पर एक गलती कर देते हैं. ये गलती कई दफा इतनी भारी पड़ती है कि फोन हमेशा के लिए ही खराब हो जाता है. ऐसे में जरूरी है कि आप सावधानी बरतें और वही करें जो एक्सपर्ट्स बताते हैं. आइए जानते हैं फोन भीगने पर क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए.
पूरी दुनिया इस वक्त भारत और रूस की यारी से हैरान है और हैरानी भी क्यों ना हो भारत और रूस ने एक के बाद एक ऐसे कदम उठाए हैं जिसने दुनिया की महाशक्ति अमेरिका और भारत के पड़ोस में भारत को आंख दिखाने वाले चीन को हर बार चौकाया है और इसमें व्लादमीर पुतिन ने हमेशा भारत का साथ दिया है। अब वाशिंगटन के पेंटागन में हड़कंप है जो ट्रंप की रातों की नींद उड़ा चुकी है और इस्लामिक नाटो के मुल्क भी सन्न रह गए हैं। क्योंकि पुतिन ने भारत के साथ मिलकर वो सुपर प्लान एक्टिवेट कर दिया है जिसे अमेरिका या चीन अपना सबसे बुरा सपना मानते थे। जब पश्चिमी देशों ने समंदर में घेराबंदी की, जब रूस के खिलाफ बिल पास किए गए तो पुतिन ने पन्नों पर नहीं बल्कि जमीन के सीने पर अपनी ताकत दिखा दी। इसे भी पढ़ें: देश को America के हाथों गिरवी रख रहे PM Modi, Trump की गुलामी क्यों: Kejriwal का बड़ा हमला रूस से सीधे भारत तक एक ऐसी डायरेक्ट रेल लाइन का ऐलान जो अमेरिका के हर प्रतिबंध को कचरे के डिब्बे में डाल देगी। यह सिर्फ एक रेल मार्ग नहीं है। यह अमेरिका के ग्लोबल दबदबे की अर्थी है। दरअसल अमेरिका ने सोचा था कि वो होर्मुज को ब्लॉक कर देगा। ब्लैक सी में रूस को फंसा देगा और भारत की तेल सप्लाई काटकर दिल्ली को घुटने पर ले आएगा। लेकिन पुतिन ने कहा शतरंज के असली खिलाड़ी हम भी हैं और रूसी उप प्रधानमंत्री मरात खुसनो लीन का वो एक बयान कि भारत तक पहुंचने के लिए कोई भी रास्ता मंजूर है। दरअसल अमेरिका के लिए खुला युद्ध है यह और इसका मतलब है कि अब रूस को तुर्की के बास्फोरस या अमेरिका के चहेते किसी भी समुद्री रास्ते की परवाह नहीं है। वह पटरियों से सीधे हिंद महासागर के सीने पर उतरेगा और भारत को ताकत देगा। अब यहां सबसे बड़ा धमाका है इस्लामिक मुल्कों का एंगल। एक तरफ पूरी मिडिल ईस्ट ईरान और इजराइल की जंग में जल रहा है तो दूसरी तरफ पुतिन तुर्कमेनिस्तान, उज़्बेकिस्तान, अफगानिस्तान और पाकिस्तान के रास्ते भारत के लिए रास्ता बना रहे हैं। यह भारत की कूटनीति का वो प्रचंड रूप है जिसे देखकर पूरी दुनिया दंग है। इसे भी पढ़ें: Kyiv क्षेत्र में Russia के हमले से चार लोगों की मौत, बेलग्रेड पहुंचे जेलेंस्की रूस का सस्ता तेल, गैस और कोयला जब इन इस्लामिक देशों को चीरता हुआ भारत पहुंचेगा तो अमेरिका का इंडोपेसिफिक वाला पूरा प्लान धरा का धरा रह जाएगा। यह इस्लामिक नाटो और पश्चिमी गठबंधन के बीच भारत का वो धमाका है जिसकी गूंज अब दशकों तक सुनाई देगी। भारत ने अमेरिका को ठेंगा दिखाकर रूस से 55% तेल खरीदना शुरू कर दिया है। 2030 तक भारत और रूस 100 अरब डॉलर का व्यापार करने वाले हैं। अमेरिका ने तेल के जहाजों पर बैन लगाया तब पुतिन ने ट्रेन की पटरिया बिछाने की तैयारी कर ली। एक बार यह रेल मार्ग शुरू हुआ तो समंदर में तैनात अमेरिकी जंगी जहाज सिर्फ धुआं फकेंगे और रूस की ऊर्जा शक्ति सीधे भारत के कारखानों को दहाड़ने की ताकत देगी। यह सुपर पावर भारत और महाशक्ति रूस का वो गठबंधन है जिसने पश्चिमी दुनिया की उल्टी गिनती शुरू कर दी है। इसे भी पढ़ें: Russia हिंद महासागर तक rail network बनाने का इच्छुक: Deputy PM Marat Khusnullin जब मॉस्को से चली ट्रेन सीधे मुंबई-दिल्ली स्टेशन पर रुकेगी तो क्या होगा? तब डॉलर की दादागिरी खत्म हो जाएगी। तब समुद्री लुटेरों का डर खत्म हो जाएगा और तब खत्म हो जाएगा अमेरिका का वो घमंड कि वो किसी भी देश की सप्लाई लाइन काट सकता है। चीन भी इस रेल मार्ग के पीछे खड़ा है क्योंकि उसे पता है कि अगर यह रूट बन गया तो अमेरिका का वर्चस्व हमेशा हमेशा के लिए दफन हो जाएगा।
रांची में छात्र ने बैरिकेड तोड़ विधानसभा की ओर बढ़े
रांची में छात्रों और सरकार के बीच वार्ता विफल रही, जिसके बाद छात्रों ने विधानसभा घेराव मार्च शुरू किया. धारा 163 लागू होने के बावजूद छात्र बैरिकेडिंग पार कर आगे बढ़े. शहर में कड़ी सुरक्षा है, वहीं बीजेपी ने भी सीएम आवास का घेराव किया. पुलिस हालात नियंत्रित करने में जुटी है.
आगरा: 'मरकर' जिंदा हुईं शीला देवी की सांसें 9 दिन बाद थमीं!
आगरा में 30 जुलाई को 'मृत' घोषित होने और 17 घंटे बाद श्मशान ले जाने से पहले जीवित हुई 65 वर्षीय शीला देवी की रविवार को अस्पताल में मौत हो गई. 'चमत्कार' के 9 दिन बाद परिवार में मातम छा गया है. अब उनके बेटे ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही और भारी बिल थमाने का आरोप लगाया है.
व्रत में बनाकर खाएं समा के चावल का क्रिस्पी चीला, रेसिपी है आसान
Sama Rice Chilla Recipe: अगर आप व्रत में हर बार साबूदाने की खिचड़ी, वड़ा या खीर खाकर बोर हो गए हैं कुछ अलग ट्राई करना चाहते हैं तो समा के चावल से बना चीला आपके लिए बेस्ट ऑप्शन हो सकता है. आज हम आपको समा चावल का चीला बनाने की आसान रेसिपी बताएंगे.
स्वाइन फ्लू से ज्यादा खतरा किनको, डॉक्टरों ने बताया
देश के कुछ इलाकों में स्वाइन फ्लू के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. इसके लक्षणों में तेज बुखार, खांसी, गले में खराश और सांस लेने में तकलीफ शामिल हैं. समय पर इलाज और एंटीवायरल दवाओं से इसको कंट्रोल किया जा सकता है.
Pakistan की मस्जिद में मारा गया भारत का सबसे बड़ा दुश्मन, मचा हड़कंप!
कहते हैं कि जो लोग दूसरों के लिए बारूद बिछाते हैं वो एक दिन उसी बारूद में जलकर राख हो जाते हैं। वैसा ही कुछ अब आतंकी मुल्क पाकिस्तान में भी देखने को मिल रहा है। 72 हूरों का सपना पालकर जो पाकिस्तान के जिहादी आए दिन भारत में खूनखराबा करते रहते थे। लेकिन अब यही आतंकी लगातार जहन्नुम पहुंचाए जा रहे हैं। जिस जमीन को आतंकी अपने लिए सबसे महफूज जन्नत समझते थे, अब यही जमीन उनके लिए कब्रगाह और जहन्नुम बन चुकी है। पाकिस्तान के भीतर अचानक से कुछ ऐसे बाहुबली एक्टिव हुए हैं जो चुन-चनकर पाकिस्तान के पाले हुए इन जहरीले सांपों को उसके घर में ही कुचल रहे हैं। पिछले कुछ महीनों के भीतर पाकिस्तान के अलग-अलग इलाकों में कई ऐसे खूंखार आतंकी मारे गए हैं जो भारत के सबसे बड़े दुश्मन बने हुए थे। सबसे खास बात तो ये है कि जिस परिस्थिति में आतंकी मारे जा रहे हैं उसकी तह तक पाकिस्तान की खुफ़िया एजेंसी भी नहीं पहुंच पा रही। इसी बीच अब पाकिस्तान में भारत का एक और बड़ा दुश्मन मारा गया है। जिसने हाफिज मसूद के खेमे में हड़कंप मचा दिया है। इसे भी पढ़ें: Pakistan, सऊदी और तुर्किये के रक्षा समझौते से पश्चिम एशिया में काफी कम हो जाएगी US की रणनीतिक भूमिका दरअसल आतंकी संगठन लश्कर तैबा के एक सीनियर कमांडर की पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में संदिग्ध हालत में मौत हो गई है। कमांडर कारी सैद अब्दुल अजीज नमाज पढ़ने के लिए कुबा मस्जिद पहुंचा था। जहां वो गेट पर अचानक गिर पड़ा। अब्दुल ने नमाज पढ़ने से पहले वजू किया। वजू करने के बाद जैसे ही आतंकी अब्दुल अपना बैग वापस लेकर सीनिया चढ़कर मस्जिद के मुख हॉल में नमाज पढ़ने के लिए जाता है। वो वैसे ही चप्पल उतारने के लिए बैठता है और जमीन पर गिर जाता है। पास में मौजूद लश्कर तैबा के कैडर के अन्य लोग उसे उठाकर इसी जगह पर ले जाते हैं। जहां उसे सांस ना चलने पर सीपीआर दिया जाता है। लेकिन इसके बावजूद अब्दुल अजीज होश में नहीं आता। फिर उसे अस्पताल ले जाया जाता है। जहां पर उसे मृत घोषित कर दिया जाता है। कई रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया है कि मस्जिद जाने से पहले उसने एक अनजान रेस्टोरेंट में खाना खाया था। अचानक हुई आतंकी की मौत पर पाकिस्तान के भीतर भारत पर शक जताया जा रहा है। इसे भी पढ़ें: Turkey ने स्पष्ट किया: Saudi Arabia और Pakistan के साथ रक्षा समझौता किसी देश के खिलाफ नहीं हालांकि भारत पहले ही साफ कर चुका है कि इस तरह की घटनाओं में उसका कोई भी हाथ नहीं है। दरअसल कारी सईद लश्कर तैबा का एक प्रमुख कमांडर था। उसके पास जम्मू कश्मीर में मुडबैर में मारे गए आतंकवादियों के परिवारों की मदद करने वाले विभाग की जिम्मेदारी थी। यह भारत में मारे गए आतंकियों के परिजनों को हर महीने पेंशन देता था। अब्दुल अजीज साल 1990 से आतंकी हाफिज सईद के साथ जुड़ा हुआ था और उसका खास कमांडर था। उसके अचानक हुई मौत से हाफिज सईद को बहुत बड़ा झटका लगा है। हाल ही में लश्कर के एक बड़े मेंबर रिज़वान का एक वीडियो सामने आया था जिसमें उसने दावा किया था कि पिछले 4 साल में भारतीय एजेंट ने पाकिस्तान के अंदर उसके संगठन के 30 मेंबर को मार दिया है।
5 महीने से गायब मोजतबा खामनेई का कौन सा सरप्राइज वीडियो ईरान ने किया जारी, जानें इसमें क्या दिखा?
ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा अली खामनेई का पहला वीडियो सामने आ गया है और ईरान के ही सेमी ऑफिशियल न्यूज़ एजेंसी मेहर ने 28 फरवरी को इसे जारी किया है। जब यूएस और इजराइल ने मिलकर ईरान पर हमला हमला किया था जिसमें ईरान के सुप्रीम लीडर अयुतुल्लाह अली खामिनई की मौत हो गई थी। उसके बाद उनके बेटे मोजतबा अली खामनेई को ईरान का नया सुप्रीम लीडर बनाया गया था। तब से लेकर अब तक वो कभी भी सार्वजनिक तौर पर नहीं दिखे। उनका कोई वीडियो नहीं आया। हां, गाहे बगाहे वो संदेश देते थे। मैसेजेस उनके आते थे। लेकिन वह कभी भी पब्लिकली दिखे नहीं और अब उनका यह 12 सेकंड का वीडियो ईरान ने खुद शेयर किया है। इस वीडियो में वह समर्थकों के बीच बैठे हैं। उम्दा हालत में दिख रहे हैं। बातचीत करते नजर आ रहे हैं। लेकिन इस वीडियो में कोई तारीख नहीं है। लोकेशन का कोई जिक्र नहीं है। ईरान की मेहर सेमी ऑफिशियल जो न्यूज़ एजेंसी है उसने शेयर किया है। लेकिन यह नहीं पता है कि कब की यह वीडियो है। जंग के पहले की वीडियो है या जंग के बाद की वीडियो है। इसे भी पढ़ें: अभी हम जिंदा हैं! जिद के बाद पेजिशकियान से कैसे मिले खामनेई? अब बात कर लेते हैं मेहर की यह सेमी ऑफिशियल न्यूज़ एजेंसी है जिसने यह वीडियो जारी किया है। इसे ईरानी गवर्नमेंट ही स्पोंसर करती है और इसे ऑपरेट करता है इस्लामिक डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन। उनकी हेल्थ रिपोर्ट को लेकर तमाम कयास लगाए जाते थे अलग-अलग मीडिया रिपोर्ट्स में और अब पहली बार इस जंग शुरू होने के बाद पहली बार यह वीडियो शेयर किया गया है ईरान की तरफ से जिसमें मोजतबा खामनेई अपने समर्थकों के बीच बैठे नजर आ रहे हैं। बातचीत कर रहे हैं। हाल ही में इजराइली मीडिया ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया था कि ईरान के सुप्रीम लीडर की हालत बेहद गंभीर है और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इजराइली चैनल है चैनल 14 उसने सोर्सेस के हवाले से यहां तक यह दावा कर दिया था कि मोजतबा की हालत जिंदगी और मौत के बीच बनी हुई है और उनके निधन की खबर कभी भी सामने आ सकती है। इसके अलावा द जेरूसलम पोस्ट के एक सोर्स ने यह तक कह दिया था कि अगर जल्द ही मोजतबा खामनेई की शहादत की खबर आए तो हमें कोई हैरानी नहीं होगी। इससे पहले जुलाई में सऊदी न्यूज़ आउटलेट अल हदित ने एक इजराइली सुरक्षा सोर्स के हवाले से खबर दी थी कि मोजतबा खामनेई ईरान में है ही नहीं। इसे भी पढ़ें: किसी भी पल हो सकती है मौत...मोजतबा खामनेई को लेकर इजरायल ने कर दिया सबसे बड़ा खुलासा, ईरान के जवाब ने दुनिया को चौंकाया बाद में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने न्यूज़ को एक इंटरव्यू में बताया कि ईरान का जो शीर्ष नेतृत्व है वो लगभग खत्म हो चुका है। उन्होंने यह भी दावा किया था कि इस जंग के बाद मोजतबा खामनेई की हालत ऐसी है कि वो 90% जा ही चुके हैं और काम करने में असमर्थ हैं। ऐसा ट्रंप ने दावा किया था। दूसरी ओर ईरानी सरकारी अधिकारियों ने मोजतबा खामनेई की चोट की गंभीरता को कम बताते हुए कहा था कि यह केवल मामूली चोटें हैं जो सही हो रही हैं वह दिन पर दिन रिकवर करते जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मोजतबा खामनेई ने अब भी बड़े फैसले की देखरेख कर रहे हैं और निर्देश जारी कर रहे हैं। हालांकि किसी भी वो सार्वजनिक कार्यक्रम में पब्लिकली नहीं दिखे हैं। देश को संबोधित करते नहीं दिखे हैं। ईरान और विदेशों में उनकी सेहत और नेतृत्व क्षमता को लेकर अफवाहें जरूर बढ़ रही थी। पश्चिमी मीडिया के रिपोर्ट सामने आ रहे थे जिसमें यह दावा किया जा रहा था कि उनकी हालत ठीक नहीं है। लिखित बयानों और बिचौलियों के जरिए ही बातचीत वो कर रहे हैं। ऐसे तमाम दावों के बीच में फाइनली ईरान की तरफ से यह वीडियो शेयर किया गया है। 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हमलों में अपने पिता की मौत के बाद ईरान के सुप्रीम लीडर वो बने थे। यह पद संभालने के बाद से कभी जनता के सामने नहीं आए और सिर्फ लिखित बयानों के जरिए ही उन्होंने संवाद किया है। यहां तक कि वो अपने पिता के जनाजे में भी नजर नहीं आए थे। Iran’s Mehr RELEASES VIDEO of Supreme Leader Mojtaba Khamenei for ‘FIRST TIME’ pic.twitter.com/v3Rp81VfLH — RT (@RT_com) August 8, 2026
रोहित-विराट को लेकर कब तक रहेगा सस्पेंस? रहाणे ने BCCI को घेरा
रोहित शर्मा और विराट कोहली के 2027 वनडे विश्व कप भविष्य पर बड़ा बयान सामने आया है. पूर्व भारतीय बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने BCCI से मांग की है कि रोहित शर्मा और विराट कोहली के वनडे भविष्य को लेकर स्पष्टता दी जाए. रहाणे का मानना है कि दोनों दिग्गज खिलाड़ियों को 2027 विश्व कप की योजनाओं में शामिल करना है या नहीं, इस पर साफ फैसला होना चाहिए.
'500 रुपये जुर्माना लगेगा...' TTE की बात पर भड़के कांवड़िये
ट्रेन में टिकट चेकिंग के दौरान TTE और कांवड़ियों के बीच बहस छिड़ गई. वीडियो में कांवड़िये यात्रा मुफ्त होने का दावा करते हैं, जबकि TTE उनसे आदेश दिखाने और टिकट पेश करने की बात कहते हैं.
‘मुझे नरेंद्र नाम से नफरत’, बॉक्सर ने PM मोदी को सुनाया दिलचस्प किस्सा
दिल्ली में 7 लोक कल्याण मार्ग पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के दौरान 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स के सिल्वर मेडलिस्ट हेवीवेट बॉक्सर नरेंदर बेरवाल ने 2015 वर्ल्ड मिलिट्री गेम्स की अपनी पाकिस्तान के बॉक्सर के खिलाफ फाइट और जीत के बाद हुई बातचीत का दिलचस्प किस्सा सुनाया.
अभी हम जिंदा हैं! जिद के बाद पेजिशकियान से कैसे मिले खामनेई?
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने सुप्रीम लीडर अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई से मुलाक़ात की। खामेनेई के ऑफ़िस ने इस मुलाक़ात की जानकारी दी, लेकिन मुलाक़ात कब और कहाँ हुई, या इसमें क्या बात हुई, इसका ब्योरा नहीं दिया। यह मुलाक़ात इसलिए अहम है क्योंकि सुप्रीम लीडर का पद संभालने के बाद से खामेनेई सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं। खामेनेई के ऑफिस से जारी एक बयान में कहा गया डॉ. मसूद पेज़ेश्कियान ने राष्ट्रपति के तौर पर अपने तीसरे साल की शुरुआत में अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई से मुलाकात की और उनसे बातचीत की। यह मुलाकात इसलिए अहम है क्योंकि पेज़ेश्कियान ने हाल ही में कहा था कि 56 साल के खामेनेई से बातचीत करना बहुत मुश्किल हो गया है, हालांकि उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि सुप्रीम लीडर इस टकराव पर ईरान की प्रतिक्रिया तय करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि खामेनेई ने उनके साथ दयालुता और बहुत सही तर्क के साथ व्यवहार किया है। इसे भी पढ़ें: इजरायली मीडिया के दावों के बाद Mojtaba Khamenei का वीडियो आया सामने AFP के मुताबिक, पेज़ेश्कियान ने कहा इस समय उनसे बातचीत करना बहुत मुश्किल है, लेकिन किसी भी हाल में उनकी मौजूदगी हमारे लिए ताकत का बहुत बड़ा स्रोत है ताकि हम आगे बढ़ सकें। दुर्भाग्य से, मौजूदा हालात कुछ बुरे इरादे वाले लोगों को उनके बारे में अलग तरह से बताने और उनकी एक अलग छवि पेश करने का मौका देते हैं। उनकी बातों से खामेनेई की सेहत को लेकर अटकलें तेज़ हो गईं; इज़राइली मीडिया का दावा है कि सुप्रीम लीडर का कुछ ही दिनों में निधन हो सकता है। 'ईरान इंटरनेशनल' की एक रिपोर्ट से इन अटकलों को और बल मिला, जिसमें कहा गया कि पेज़ेश्कियान ने खामेनेई से सिर्फ़ एक बार मुलाकात की थी, और वह भी राजधानी तेहरान में किसी अज्ञात जगह पर। रिपोर्ट के मुताबिक, वह मीटिंग पूरी तरह अंधेरे में सिर्फ़ कुछ मिनट चली और पेज़ेश्कियान खामेनेई को देख नहीं पाए। ईरान इंटरनेशनल ने कहा कि पेज़ेश्कियान सिर्फ़ खामेनेई की बातें सुन पाए, जिससे उन्हें यह सोचने पर मजबूर होना पड़ा कि क्या सच में उनकी मुलाकात सुप्रीम लीडर से हुई थी। इसे भी पढ़ें: Iran के साथ युद्ध के बीच America का बड़ा कदम, डिफेंस कंपनियों को हथियारों का प्रोडक्शन बढ़ाने के निर्देश खबरों के अनुसार, पेज़ेश्कियान निराश हुए और बाद में खामेनेई के साथ एक और मीटिंग की मांग की। खामेनेई की सेहत को लेकर अटकलें जारी रहने के बीच, ईरान की मेहर न्यूज़ एजेंसी ने रविवार को खामेनेई का 12 सेकंड का एक छोटा वीडियो जारी किया, जिसमें उन्हें एक अज्ञात जगह पर अपने सलाहकारों से बातचीत करते हुए दिखाया गया। वीडियो में खामेनेई - जो अपने पूर्ववर्ती और पिता अयातुल्ला अली खामेनेई की 28 फरवरी को हत्या के बाद सुप्रीम लीडर बने थे - पूरी तरह स्वस्थ दिखे, क्योंकि वह अमेरिका के साथ संघर्ष के लिए ईरान की रणनीति पर चर्चा कर रहे थे।
लखनऊ से पकड़कर लाए, हाथ बांधकर पहनाई चप्पलों की माला; सिर भी मुंडाया
उन्नाव के पाठकपुर गांव में मोबाइल चोरी के शक में युवक के साथ अमानवीय व्यवहार का मामला सामने आया है. आरोप है कि पिता-पुत्र युवक को लखनऊ से पकड़कर गांव लाए, उसके हाथ रस्सी से बांधे, गले में चप्पलों की माला पहनाई और सिर मुंडवा दिया. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद आसीवन पुलिस ने आरोपी पिता-पुत्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी.
GenZ स्मार्टफोन नहीं, पुराने iPod के हैं दीवाने, ये है असली वजह
2022 में बंद हुआ Apple iPod अब 2026 में फिर से ट्रेंड में है. Gen Z स्मार्टफोन छोड़कर iPod पर गाने सुन रहा है. आखिर इस पुराने म्यूजिक प्लेयर की वापसी क्यों हो रही है? जानिए इसकी बड़ी वजह.
सावन महीने का दूसरे सोमवार पर शिवालयों पर उमड़ी भक्तों की भीड़
सावन महीने का दूसरा सोमवार है और इस अवसर पर भारत के विभिन्न मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी जा रही है. भक्तजन शिवलिंग पर जलाभिषेक करने के लिए पहुंचे हैं और पूरे माह के पवित्र माह के महत्व को महसूस कर रहे हैं. मंदिरों में आध्यात्मिक माहौल है और हर कोई अपने आराध्य भगवान शिव की पूजा और ध्यान में मग्न है.
रेस्टोरेंट वाले से झगड़ क्यों रही थी? PM मोदी ने बॉक्सर से पूछा सवाल
लवलीना बोरगोहेन बॉक्सिंग रिंग से कॉमनवेल्थ गेम्स का सिल्वर मेडल लेकर लौटीं, लेकिन ग्लासगो में उनके एक खास कदम ने भी खूब सुर्खियां बटोरीं. अब प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है.
सावन शिवरात्रि पर शुक्र बदलेंगे नक्षत्र! 4 राशियों को होगा लाभ
Shukra Nakshatra Parivartan 2026: 11 अगस्त 2026 को सावन शिवरात्रि के पावन अवसर पर सुख-समृद्धि के कारक शुक्र देव चंद्रमा के स्वामित्व वाले हस्त नक्षत्र में प्रवेश करने जा रहे हैं. भगवान शिव की कृपा और शुक्र-चंद्र के इस शुभ प्रभाव से कई जातकों को अचानक धन लाभ, आय के नए स्रोत, करियर में बड़ी सफलता और भौतिक सुख-सुविधाओं में बंपर बढ़ोतरी के मजबूत योग बन रहे हैं.
तेजस के लिए अमेरिकी इंजन आने में हुई देरी तो DRDO ने पलट दी बाजी
DRDO नया कावेरी 2.0 इंजन लेकर आया है. 55-60kN ड्राई और 90-100kN आफ्टरबर्नर थ्रस्ट के साथ यह GE F404 इंजन की जगह लेगा. वजन घटाया गया है. तेजस और घातक यूसीएवी में इस्तेमाल होगा.
आयुष्मान कार्ड से कराने जा रहे इलाज? जरूर कर लें ये काम वरना होगी दिक्कत
आयुष्मान भारत के तहत कैशलेस इलाज कराने वालों के लिए जरूरी अपडेट है. सरकार ने PM-JAY के नियमों के उल्लंघन और कथित फर्जीवाड़े के मामलों में 2,359 अस्पतालों को एम्पैनलमेंट सूची से बाहर किया है, जबकि 1,200 अस्पताल सस्पेंड किए गए हैं. सरकार ने ऐसे मामलों में 29 एफआईआर दर्ज की हैं और ₹328.49 करोड़ की पेनल्टी लगाई है.
'FCRA पर मिसगाइड मत करो', राज्यसभा MP ने अमेरिकी MP को लिखी चिट्ठी
FCRA पर सियासी बवाल के बीच राज्यसभा सांसद सुजीत कुमार ने अमेरिकी सांसद रिले मूर को खत लिखा है. अपनी चिट्ठी में सुजीत कुमार ने लिखा कि भारत के एक सांसद के रूप में मैं यह अपना कर्तव्य समझता हूं कि आपके बयानों में FCRA बिल को लेकर उठाए गए चिंताओं और आशंकाओं को दूर करूं.
'FCRA पर मिसगाइड मत करो', राज्यसभा MP ने अमेरिकी सांसद रिले मूर को लिखी चिट्ठी
FCRA पर सियासी बवाल के बीच राज्यसभा सांसद सुजीत कुमार ने अमेरिकी सांसद रिले मूर को खत लिखा है. अपनी चिट्ठी में सुजीत कुमार ने लिखा कि भारत के एक सांसद के रूप में मैं यह अपना कर्तव्य समझता हूं कि आपके बयानों में FCRA बिल को लेकर उठाए गए चिंताओं और आशंकाओं को दूर करूं.
दूसरी शादी रचाने निकले पति की पहली पत्नी ने बीच सड़क की धुनाई!
बलिया के सिकंदरपुर चौराहे पर बिना तलाक दिए दूसरी शादी रचाने पहुंचे वाराणसी निवासी पति को पहली पत्नी ने बीच सड़क पर दबोच लिया. पत्नी ने सरेराह थप्पड़ों की बारिश कर दी, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली.
अगस्त में घूमने का है प्लान? भारत की इन 10 खूबसूरत जगहों की करें सैर
Best places to Visit in August: अगस्त का महीना भारत में घूमने के शौकीन लोगों के लिए खास होता है. मानसून की बारिश के बाद पहाड़, जंगल और घाटियां हरियाली से भर जाती हैं. इस दौरान देश की कई जगहें बेहद खूबसूरत नजर आती हैं.
'मैं तो ₹500 का भरा लूंगा, आम आदमी का क्या', E20 पर सिंगर ने उठाए सवाल
E20 Petrol Controversy: पंजाबी सिंगर रेशम सिंह इससे पहले भी E20 के विरोध में वीडियो शेयर कर चुके हैं. जिसको लेकर उन्हें धमकियां भी मिली थीं. अब एक बार फिर से उन्होंने सरकार से प्योर पेट्रोल के लिए अपील की है.
मिथुन राशि में सूर्य ग्रहण-मंगल का संयोग, जीवन में आएगा बड़ा बदलाव!
Surya Grahan 2026: 12 अगस्त 2026 को हरियाली अमावस्या के दिन लगने वाला सूर्य ग्रहण मिथुन राशि वालों के लिए बड़े बदलाव लाने जा रहा है. मिथुन राशि में मंगल के प्रवेश और कई ग्रहों की युति होने से इस खगोलीय घटना का असर बेहद शक्तिशाली रहेगा. आइए जानते हैं कि मि
सवा दो साल बाद चुनावी मंच पर आकाश आनंद, क्या आक्रामक तेवर दिखेगा?
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव का भले ही औपचारिएक ऐलान न हुआ हो, लेकिन सियासी सरगर्मी बढ़ गई है. बसपा प्रमुख मायावती के भतीजे आकाश आनंद सवा दो साल के बाद फिर से यूपी में हाथरस के सादाबाद से चुनावी हुंकार भरेंगे, लेकिन सवाल यही है कि 2024 वाले आक्रामक तेवर में दिखेंगे?
इस गेंदबाज के साथ फिर ना हो जाए 'खेला', गॉल टेस्ट पर टिकी नजर
इंग्लैंड दौरे पर वनडे स्क्वॉड में शामिल रहने के बावजूद कुलदीप को तीन मैचों के लिए प्लेइंग-11 में जगह नहीं मिली. अब श्रीलंका के खिलाफ उन्हें मौका मिलता है या नहीं, ये देखना दिलचस्प होगा. फिटनेस को लेकर टीम मैनेजमेंट ने स्थिति साफ कर दी है और अभ्यास मुकाबले में वह विकेट भी निकाल चुके हैं. अब मामला सिर्फ टीम कॉम्बिनेशन पर आकर टिक गया है.
अर्जुन कपूर की दुल्हन बनेगी दुबई की हसीना? तोड़ी चुप्पी
'लॉक अप' में जब अर्जुन कपूर गेस्ट बनकर आए थे, तब पामेला उन्हें देखकर काफी ज्यादा शरमा रही थीं. तब पामेला को सब अर्जुन के नाम से टीज करने लगे थे. इसके बाद से ही अर्जुन और पामेला की नजदीकियां चर्चा में आ गईं.
पप्पू यादव ने आदिवासी दिवस पर किया डांस और चलाया तीर
पूर्णिया में विश्व आदिवासी दिवस पर रंगारंग कार्यक्रम, जुलूस और पारंपरिक नृत्य-तीरंदाजी का आयोजन हुआ. सांसद पप्पू यादव ने कार्यक्रम में शामिल होकर तीरंदाजी की और आदिवासी समुदाय के साथ नृत्य कर उत्साह बढ़ाया.
कैलिफोर्निया में Meta ऑफिस पहुंचीं मां, बेटी का Video छू गया दिल
कैलिफोर्निया स्थित मेटा के हेडक्वॉर्टर में काम करने वाली भारतीय प्रोफेशनल शील संघवी अपनी मां को पहली बार ऑफिस लेकर गईं. मां-बेटी के इस भावुक पल का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जहां लोग इसे हर बेटे-बेटी का सपना बता रहे हैं
कहानी : उर्दू शायरी का PLAYBOY | STORYBOX WITH JAMSHED QAMAR SIDDIQUI
ये कहानी है उर्दू के शायर दाग़ देहलेवी की जिन्हें कहा जाता है कि वो ख़ूबसूरती के आशिक़ थे और उनके कई औरतों से रिश्ते रहे. मुगल बादशाह के बेटे से उनकी मां की शादी हुई तो वो लाल क़िले में रहने लगे जिसके बाद उनके पास हर ऐश ओ आराम था. दाग़ देहेलवी ने बचपन में ज़िंदगी के बदसूरत यादों को आसपास फैली रंगीनियों से भरने की कोशिश की लेकिन उससे बड़ी हक़ीकत ये है कि उर्दू शायरी में जो उनका काम है उसने शायरी को नयी ज़मीन और नया आसमान दिया. सुनिये दाग़ के वालिद साहब को अंग्रेज़ी हुकूमत ने क्यों मारा था? और कहानी उस मर्डर मिस्ट्री की जिसका राज़ खुला एक फारसी में लिखे हुए ख़त से, देखिए पूरा एपिसोड STORYBOX में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी
अयोध्या: फंदे से झूलता मिला डॉ. जयति का शव, मां मिलाती रह गई फोन!
अयोध्या के ऋषभदेव नेत्र चिकित्सालय के सरकारी आवास में 34 वर्षीय दिव्यांग महिला डॉक्टर जयति पांडेय का शव फंदे से लटका मिला. रांची निवासी अविवाहित डॉ. जयति करीब ढाई साल से यहां कार्यरत थीं. मौके से सुसाइड नोट मिला है. अस्पताल प्रशासन के अनुसार, वह पारिवारिक कारणों से परेशान थीं. पुलिस जांच जारी है.
रांची में मार्च कर रहे छात्रों की डिमांड्स हैं क्या? किन पर सरकारी राजी, किसपर नहीं
झारखंड में चल रहे छात्रों के आंदोलन के बीच सरकार ने दावा किया है कि छात्रों की करीब 98 प्रतिशत मांग को मान लिया गया है. हालांकि, इसका असर दिखाई नहीं दे रहा है. एक ओर जहां छात्र विधानसभा की ओर मार्च कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ राज्य की विपक्षी पार्टी बीजेपी ने सीएम आवास को घेर लिया है. पुलिस बीजेपी कार्यकर्ताओं को हटा रही है, इस दौरान बीजेपी कार्यकर्ताओं की हेमंत सरकार के खिलाफ नारेबाजी जारी है.
आंखों के सामने बहा भाई, बेबस होकर बोला- ‘5 लाख ले लो, उसे बचा लो’
देवप्रयाग में शनिवार को गंगा में स्नान कर रहा एक कांवड़िया तेज बहाव में बह गया. घाट पर मौजूद उसका भाई घबरा गया और वहीं लोगों से मदद की गुहार लगाने लगा.
वाल्मीकि कॉर्पोरेशन घोटाले की चार्जशीट में बी. नागेंद्र का नाम
वाल्मीकि डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन मामले में CBI चार्जशीट को लेकर बी. नागेंद्र पर गंभीर आरोप हैं. चार्जशीट के बाद दोबारा मंत्री बनाए जाने पर कांग्रेस से सवाल उठ रहे हैं. जानें क्या है ये पूरा मामला?
पश्चिमी प्रशांत में 5 तूफानों का महासंकट, क्या असर होगा मॉनसून पर?
पश्चिमी प्रशांत में तूफान डॉल्फिन चीन में लैंडफॉल कर चुका है. चान-होम जापान की ओर बढ़ रहा है. मारियाना के पास तीन अन्य सिस्टम एक्टिव है. ये मॉनसून को प्रभावित कर सकते हैं.
गुरुग्राम से बेंगलुरु शिफ्ट होना कितना महंगा, युवक का वीडियो वायरल
बेंगलुरु जैसे शहर में जहां मकान मालिक अमूमन 6 से 10 महीने का एडवांस डिपॉजिट मांगते हैं, वहां एक नए शहर में आशियाना बसाना किसी बड़ी वित्तीय चुनौती से कम नहीं है.
4 काम रोज करते हैं तो कभी नहीं बन पाएंगे अमीर! तुरंत बदलें आदत
Bad Habits that Makes Goddess Lakshmi Angry: किन छोटी-छोटी गलतियों और बुरी आदतों के कारण माता लक्ष्मी नाराज होकर घर से चली जाती हैं? जानिए आर्थिक तंगी से बचने और मां लक्ष्मी की कृपा पाने के खास वास्तु टिप्स
अनोखी कांवड़: 5 करोड़ वाली McLaren में सवार होकर निकले भोलेनाथ ! Video
मुजफ्फरनगर में कांवड़ यात्रा के दौरान भगवान शिव की अनोखी कांवड़ ने लोगों का ध्यान खींचा. शिवभक्तों की छह सदस्यीय टोली भोलेनाथ को McLaren जैसी दिखने वाली स्पोर्ट्स कार में विराजमान कर हरिद्वार से दिल्ली ले जा रही है. असली कार की कीमत करीब 5 करोड़ रुपये बताई गई, लेकिन कांवड़ के लिए 7-8 लाख रुपये में इसकी डमी तैयार कराई गई.
ट्रंप के लिए खतरे की घंटी अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में हार के 65% चांस, हारे तो नहीं कर सकेंगे मनमानी
ट्रंप के लिए खतरे की घंटी अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में हार के 65% चांस, हारे तो नहीं कर सकेंगे मनमानी
झारखंड प्रोटेस्ट पर चुप नसीरुद्दीन, पीयूष मिश्रा ने कसा तंज
झारखंड में छात्रों का प्रोटेस्ट जारी है. एक्टर पीयूष मिश्रा ने छात्रों का समर्थन करते हुए उनके बीच जाकर मनोबल बढ़ाया. उन्होंने नसीरुद्दीन शाह के बयान पर प्रतिक्रिया दी.
सफेद डोसा तो बहुत खाया, अब ट्राई करें ब्लैक डोसा! आसान है बनाना
Black Dosa Recipe: क्या आपने कभी 'ब्लैक डोसा' ट्राई किया है? बिना किसी आर्टिफिशियल कलर के केवल फूड-ग्रेड एक्टिवेटेड चारकोल से बनने वाले इस स्वादिष्ट और अनोखे डोसे को घर पर बनाना बहुत ही आसान है.
FCRA Bill 2026: विदेशी फंडिंग पर रोक नहीं लगाएगा नया FCRA बिल, एम्बेसडर विनय क्वात्रा ने दी सफाई
विदेशी चंदे और NGO की फंडिंग से जुड़े Foreign Contribution (Regulation) Amendment Bill, 2026 को लेकर देश में बहस तेज है। विपक्ष और कई संगठनों की ओर से बिल के प्रावधानों पर सवाल उठाए जा रहे हैं। खासकर विदेशी फंड से बने NGO के एसेट्स, धार्मिक संस्थाओं और छोटे सामाजिक संगठनों पर इसके संभावित असर को लेकर चिंता जताई जा रही है। इसी बीच अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक लंबी पोस्ट सीरीज के जरिए बिल से जुड़े कुछ दावों को ‘मिथक’ बताते हुए सरकार का पक्ष सामने रखा है। क्वात्रा का कहना है कि प्रस्तावित बदलावों का मकसद विदेशी फंडिंग को बंद करना नहीं, बल्कि उसके इस्तेमाल में पारदर्शिता बढ़ाना, व्यवस्था को बेहतर बनाना और नियमों को ज्यादा स्पष्ट करना है। उन्होंने बिल को लेकर उठाए जा रहे पांच प्रमुख सवालों का जवाब देते हुए यह समझाने की कोशिश की कि FCRA का ढांचा भारत में नया नहीं है और विदेशी फंड पर निगरानी दुनिया के कई लोकतांत्रिक देशों में भी होती है। बिल को लेकर उठने वाले प्रमुख सवालों में से एक यह है कि क्या भारत विदेशी फंड के जरिए होने वाले सिविल सोसायटी के काम को ही सीमित करना चाहता है। क्वात्रा के मुताबिक, ऐसा कहना सही नहीं होगा। उनका तर्क है कि विदेशी वित्तीय प्रवाह पर निगरानी रखना राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक हित से जुड़ा अधिकार है। भारत में विदेशी योगदान को नियंत्रित करने का कानून भी नया नहीं है। FCRA का पहला संस्करण 1976 में आया था, जिसे बाद में 2010 में नए ढांचे के साथ बदला गया। इसके बाद 2016, 2018 और 2020 में भी इसमें संशोधन किए गए। उनके मुताबिक 2026 का प्रस्तावित बदलाव भी इसी प्रक्रिया की अगली कड़ी है, जिसका जोर पारदर्शिता, बेहतर प्रशासन और स्पष्ट नियमों पर है। सरकार की ओर से यह भी कहा जा रहा है कि FCRA कानून विदेशी चंदा लेने पर पूरी तरह रोक नहीं लगाता। स्वास्थ्य, शिक्षा, राहत कार्य, रिसर्च और मानवीय गतिविधियों जैसी कई गतिविधियों के लिए नियमों के तहत विदेशी योगदान लिया जा सकता है। इसे भी पढ़ें: Monsoon Session: संसद में FCRA बिल और परिसीमन पर अनिश्चितता, विपक्ष का विरोध दूसरा बड़ा सवाल NGO और चैरिटेबल संस्थाओं को लेकर है। आलोचकों की चिंता है कि नए प्रावधानों से विदेशी फंड पर निर्भर संस्थाओं के लिए काम करना और मुश्किल हो सकता है। क्वात्रा ने इस दावे के जवाब में कहा कि भारत में विदेशी योगदान का प्रवाह घटने के बजाय बढ़ा है। उनके मुताबिक, 2010-11 में करीब 1.2 अरब डॉलर का विदेशी योगदान दर्ज किया गया था, जो बाद के वर्षों में बढ़कर करीब 2.67 अरब डॉलर तक पहुंचा। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि भारत में NGO की संख्या लाखों में है, जबकि FCRA के तहत पंजीकृत संस्थाओं की संख्या इसका एक छोटा हिस्सा है। यानी देश में काम कर रहे अधिकांश सिविल सोसायटी संगठन FCRA के दायरे में ही नहीं आते। सरकार की तरफ से समझाया जा रहा है कि FCRA का मूल ढांचा तीन बुनियादी बातों पर टिका है—रजिस्ट्रेशन कराना, निर्धारित प्रक्रिया के तहत विदेशी पैसा प्राप्त करना और उस पैसे के इस्तेमाल का हिसाब देना। दूसरे शब्दों में, सरकार का तर्क है कि कानून का उद्देश्य सामाजिक संस्थाओं के काम को रोकना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि विदेश से आने वाला पैसा किस उद्देश्य से आया और कहां खर्च हुआ, इसकी जानकारी साफ रहे। FCRA बिल पर सबसे ज्यादा चर्चा शायद NGO और अन्य संस्थाओं की संपत्ति को लेकर हो रही है। प्रस्तावित कानून में एक ‘Designated Authority’ की व्यवस्था की गई है। अगर किसी संस्था का FCRA पंजीकरण रद्द हो जाता है, संस्था खुद अपना पंजीकरण सरेंडर कर देती है या उसका पंजीकरण खत्म हो जाता है, तो विदेशी योगदान और उससे बनाई गई संपत्तियों की देखरेख की व्यवस्था इस प्राधिकरण के जरिए की जाएगी। PRS के मुताबिक, यही 2026 बिल का एक प्रमुख नया ढांचा है। सरकार का कहना है कि विदेशी फंड से जुड़ी संपत्तियों के अस्थायी रूप से किसी सरकारी प्राधिकरण के अधीन जाने की अवधारणा पूरी तरह नई नहीं है। नया बिल मुख्य रूप से इस प्रक्रिया को व्यवस्थित करने के लिए एक स्पष्ट तंत्र तैयार करता है। इसे भी पढ़ें: ZPM FCRA Bill का संसद में समर्थन नहीं करेगी, यदि Mizoram की चिंताएं दूर न हुईं प्रस्तावित व्यवस्था में अगर संस्था तय अवधि के भीतर अपना FCRA पंजीकरण दोबारा हासिल या बहाल कर लेती है, तो उसकी संपत्ति और इस्तेमाल न हुआ विदेशी फंड वापस किए जाने का प्रावधान है। वहीं, अगर निर्धारित समय में पंजीकरण बहाल नहीं होता, तो संपत्तियों के स्थायी रूप से प्राधिकरण के अधीन जाने की स्थिति बन सकती है। यही प्रावधान विपक्ष और कई संगठनों की चिंता का बड़ा कारण है। आलोचकों का सवाल है कि अगर किसी NGO का रजिस्ट्रेशन खत्म या नवीनीकृत नहीं होता, तो क्या विदेशी फंड से बनी उसकी संपत्तियों पर भी उसका नियंत्रण चला जाएगा। सरकार दूसरी तरफ इसे लंबे समय से मौजूद व्यवस्था में प्रशासनिक स्पष्टता लाने वाला कदम बता रही है। बिल पर यह आरोप भी लगाए जा रहे हैं कि इससे धार्मिक संस्थाओं, पूजा स्थलों, अस्पतालों और स्कूलों जैसी संपत्तियों पर असर पड़ सकता है। क्वात्रा ने इस आशंका को खारिज करते हुए कहा कि FCRA किसी खास धर्म या समुदाय को निशाना बनाने वाला कानून नहीं है। उनके मुताबिक, कानून सभी संगठनों पर समान रूप से लागू होता है, चाहे वे किसी भी धर्म, समुदाय या विचारधारा से जुड़े हों। सरकार की ओर से यह भी कहा गया है कि धार्मिक कल्याण से जुड़ी गतिविधियां—जैसे पूजा स्थलों का रखरखाव, धार्मिक शिक्षा और अन्य सामाजिक-धार्मिक कार्य—नियमों के तहत विदेशी फंडिंग के लिए पात्र बने रह सकते हैं। प्रस्तावित व्यवस्था में पूजा स्थल से जुड़ी संपत्ति के लिए धार्मिक चरित्र बनाए रखने की बात भी कही गई है। PRS के मुताबिक, अगर किसी ऐसी संस्था का पंजीकरण खत्म होता है जिसकी संपत्ति किसी पूजा स्थल से जुड़ी है, तो प्राधिकरण को उसकी धार्मिक प्रकृति को बनाए रखने का ध्यान रखना होगा। इसे भी पढ़ें: उत्तराखंड पहुंचे Mallikarjun Kharge का बीजेपी पर हमला, राम मंदिर चढ़ावा विवाद और छात्रों के आंदोलन पर मांगा जवाब क्वात्रा ने उस दावे को भी खारिज किया जिसमें कहा जा रहा है कि प्रस्तावित बदलाव किसी खास धर्म या अल्पसंख्यक समुदाय को प्रभावित करने के लिए लाए जा रहे हैं। उनका कहना है कि FCRA का नियम संगठन की धार्मिक पहचान के आधार पर अलग-अलग नहीं होता। यानी हिंदू, मुस्लिम, ईसाई, सिख या किसी अन्य समुदाय से जुड़े संगठन—सभी पर कानून का ढांचा समान रूप से लागू होता है। यही वजह है कि सरकार का कहना है कि धार्मिक या सामुदायिक पहचान को आधार बनाकर बिल को देखने के बजाय विदेशी योगदान की निगरानी और उसके इस्तेमाल की पारदर्शिता के नजरिए से इसे समझना चाहिए। बिल के समर्थन में एक और तर्क यह दिया जा रहा है कि विदेशी फंडिंग की निगरानी सिर्फ भारत की नीति नहीं है। क्वात्रा ने अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, ब्रिटेन और यूरोपीय संघ के उदाहरण देते हुए कहा कि इन जगहों पर भी विदेशी प्रभाव और विदेशी वित्तीय प्रवाह से जुड़े नियम मौजूद हैं या उन्हें मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने अमेरिका के Foreign Agents Registration Act (FARA) और FATCA का उदाहरण दिया। ऑस्ट्रेलिया में 2018, कनाडा में 2024 और ब्रिटेन में 2025 में संबंधित व्यवस्थाएं लागू होने का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि विदेशी फंड और विदेशी प्रभाव को लेकर नियमन दुनिया भर में चर्चा का विषय है। आखिर FCRA बिल है क्या? Foreign Contribution (Regulation) Amendment Bill, 2026 को केंद्र सरकार ने 25 मार्च 2026 को लोकसभा में पेश किया था। यह मौजूदा FCRA, 2010 में बदलाव का प्रस्ताव रखता है। बिल का मुख्य फोकस उन परिस्थितियों में विदेशी योगदान और उससे बनी संपत्तियों के प्रबंधन पर है, जब किसी संस्था का FCRA पंजीकरण रद्द हो जाए, सरेंडर कर दिया जाए या उसका नवीनीकरण न हो। बिल में ‘Designated Authority’ की व्यवस्था के अलावा संपत्तियों के प्रबंधन, पंजीकरण बहाल होने की स्थिति में उनकी वापसी, अपील की व्यवस्था और कुछ दंड प्रावधानों में बदलाव जैसे प्रस्ताव भी शामिल हैं। PRS के अनुसार, बिल में FCRA उल्लंघन के लिए अधिकतम जेल की सजा को पांच साल से घटाकर एक साल करने का भी प्रस्ताव है। फिलहाल यह विधेयक संसद के विचाराधीन है। दूसरी तरफ, सरकार ने 2026 के संशोधित FCRA नियम 22 जून को अधिसूचित किए थे, जो लागू हैं। There are many misunderstandings in the media and in civil society about the proposed Foreign Contribution (Regulation) Amendment Bill(FCRA), 2026. Here is the Myth vs. Reality check. — Amb Vinay Mohan Kwatra (@AmbVMKwatra) August 10, 2026
ग्रेनेड हमले की फिराक में था आतंकी, पंजाब में ISI मॉड्यूल का भंडाफोड़
पंजाब में काउंटर इंटेलिजेंस और पुलिस ने संयुक्त ऑपरेशन में आईएसआई प्रायोजित बीकेआई आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए एक अहम आरोपी को गिरफ्तार किया. उसके पास से 86-पी हैंड ग्रेनेड बरामद किया.
आगरा: खेल-खेल में चली गोली, छात्र के प्राइवेट पार्ट में लगी, मौत
आगरा के पिनाहट में ट्यूशन पढ़ने गए 12वीं के छात्र 17 वर्षीय मोहित की बंदूक से गोली लगने से मौत हो गई. जंगली जानवरों को भगाने के लिए गांव में ठहरे शिकारियों की भरतू बंदूक से बच्चे खेल रहे थे, तभी अचानक ट्रिगर दबने से गोली मोहित को लग गई. इलाज के दौरान एसएन मेडिकल कॉलेज में उसने दम तोड़ दिया.

