ईरान ने कहा है कि वह होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर ओमान के साथ एक समझौते का मसौदा तैयार करने के अंतिम चरण में है। वहीं, गुरुवार को ईरान युद्ध और व्यापक मध्य पूर्व से जुड़ी हालिया घटनाओं के तहत लेबनान में दो इज़राइली सैनिक मारे गए। सूडान में चल रहे युद्ध से यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल, प्राचीन मेरो पिरामिड (Meroe pyramids) को खतरा पैदा हो गया है, क्योंकि वहां संरक्षण का काम पूरी तरह से रुक गया है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने बुधवार को कहा कि ओमान के साथ 'स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़' (होर्मुज़ जलडमरूमध्य) को लेकर एक समझौता तैयार करने का काम आखिरी चरण में है। उन्होंने कहा कि अगर कुछ पक्ष इस प्रक्रिया में रुकावट नहीं डालते हैं तो एक संयुक्त बयान जारी किया जाएगा; उनका इशारा साफ़ तौर पर अमेरिका की ओर था। यह समझौता इस बात पर निर्भर कर सकता है कि अमेरिका ईरान के बंदरगाहों पर लगी नाकेबंदी हटाता है या नहीं। यह जलडमरूमध्य दुनिया भर में शिपिंग और ऊर्जा की सप्लाई के लिए बहुत अहम है। फरवरी में ईरान पर अमेरिका और इज़राइल के हमलों से शुरू हुई जंग से पहले, दुनिया का लगभग पांचवां हिस्सा तेल और प्राकृतिक गैस फारस की खाड़ी के मुहाने पर स्थित इसी जलमार्ग से होकर गुज़रता था। गुरुवार को आगे क्या होता है, इस पर सबकी नज़रें अमेरिका पर टिकी थीं। इसे भी पढ़ें: Iran के पास कभी नहीं होंगे Nuclear Weapons, बातचीत से गिरेंगे Oil Prices, जेडी वेंस का दावा सूडान में अप्रैल 2023 में शुरू हुआ संघर्ष खार्तूम से लगभग 200 किलोमीटर उत्तर में स्थित मेरोए पिरामिडों के लिए खतरा बन गया है। इस जगह पर 200 से ज़्यादा पिरामिड हैं, जिन्हें 800 ईसा पूर्व और 350 ईस्वी के बीच कुश साम्राज्य के शाही मकबरों के तौर पर बनाया गया था; यह जगह अपनी खास कोणीय बनावट (आर्किटेक्चर) के लिए जानी जाती है। युद्ध ने सूडान की कई ऐतिहासिक जगहों और संग्रहालयों को नुकसान पहुँचाया है, और यूनेस्को ने अप्रैल में चेतावनी दी थी कि सांस्कृतिक और ऐतिहासिक स्थलों पर खतरा बढ़ रहा है। पुरातत्वविद् महमूद सुलेमान ने कहा कि मेरोए में पिरामिडों के ढहने की आशंका है। इसे भी पढ़ें: US Ammo Shortage की खबरों पर भड़के Donald Trump, बोले- जानकारी Leak करने वालों को होगी लंबी जेल गुरुवार को हुई ताज़ा घटनाओं में मुख्य रूप से ओमान के साथ ईरान के प्रस्तावित 'स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़' समझौते, लेबनान में दो इज़राइली सैनिकों की मौत और सूडान के मेरो पिरामिडों पर बढ़ते ख़तरे को लेकर नई चिंता शामिल रही, क्योंकि युद्ध के कारण वहाँ की धरोहर वाली जगहों को ख़तरा बना हुआ है।
दक्षिण कोरिया की सेना के अनुसार, उत्तर कोरिया ने गुरुवार को अपने पूर्वी तट के पास समुद्र की ओर एक कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल दागी। यह इस साल प्योंगयांग द्वारा किए गए हथियारों के परीक्षणों की श्रृंखला में नवीनतम है। दक्षिण कोरिया ने बताया कि उसने शाम करीब 5 बजे पूर्वी तटीय शहर वॉनसन से मिसाइल लॉन्च का पता लगाया। जापान के रक्षा मंत्रालय ने भी कहा कि उत्तर कोरिया ने संभवतः एक बैलिस्टिक मिसाइल दागी है, और साथ ही यह भी कहा कि जापान या उसके आसपास इसका कोई असर नहीं हुआ। एक बयान में, दक्षिण कोरिया के जॉइंट चीफ्स ऑफ़ स्टाफ़ ने कहा कि मिसाइल लॉन्च के बाद सेना ने अपनी निगरानी बढ़ा दी है और वह अमेरिका और जापान के साथ मिलकर काम कर रही है। इसे भी पढ़ें: India Bhutan China Tri-Junction पर भारत की नई रणनीति ने किया हैरान, Doklam तक पहुँचेगी रेल, चीन के छूटे पसीने 2019 में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ नेता किम जोंग उन की अहम बातचीत नाकाम होने के बाद से ही उत्तर कोरिया अपने परमाणु और मिसाइल हथियारों के भंडार को बढ़ाने पर ध्यान दे रहा है। जानकारों का कहना है कि किम उत्तर कोरिया को परमाणु शक्ति संपन्न देश के तौर पर अंतरराष्ट्रीय मान्यता दिलाना चाहते हैं, ताकि वे देश पर लगे अंतरराष्ट्रीय आर्थिक प्रतिबंधों को हटवा सकें। पिछले महीने, किम ने 5,000 टन वज़न वाले एक नए डिस्ट्रॉयर पर परमाणु क्षमता वाली क्रूज़ मिसाइल और दूसरे हथियारों के परीक्षण की देखरेख की। कई सालों तक बैलिस्टिक मिसाइल बनाने को प्राथमिकता देने के बाद, अब उन्होंने अपना ध्यान नौसेना की क्षमताओं को बढ़ाने पर केंद्रित किया है, जिसमें परमाणु ऊर्जा से चलने वाली पनडुब्बी बनाना भी शामिल है। इसे भी पढ़ें: Assam में बाढ़ राहत कार्य के बाद अपने हेल्पर के गांव पहुंचे Randeep Hooda, नगालैंड बॉर्डर को देखकर बोले- 'यह तो धरती पर स्वर्ग है' फरवरी में वर्कर्स पार्टी की कांग्रेस में किम ने पानी के नीचे से लॉन्च होने में सक्षम इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइलों की भी मांग की। हाल के वर्षों में, उन्होंने रूस के साथ उत्तर कोरिया के संबंधों को भी मज़बूत किया है; उत्तर कोरिया ने यूक्रेन के ख़िलाफ़ रूस की लड़ाई में मदद के लिए पारंपरिक हथियार और सैनिक भी उपलब्ध कराए हैं।
Deep Strike: Russia के अंदर 1300km दूर Ukraine का बड़ा हमला, Zelenskyy ने मांगी और Patriot Missiles
यूक्रेन ने कहा कि उसने रात भर चले हमलों में रूस के अंदर मौजूद तेल ठिकानों पर हमला किया। कीव मॉस्को की युद्ध-कालीन अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुँचाने और क्रेमलिन पर दबाव बनाने की कोशिशें जारी रखे हुए है। राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेनी सेना ने काला सागर में रूसी मिलिट्री पेट्रोल बोट्स और मॉस्को के तथाकथित 'शैडो फ्लीट' (गुप्त बेड़े) के जहाजों पर भी हमला किया; इन जहाजों का इस्तेमाल तेल निर्यात पर पश्चिमी देशों की पाबंदियों से बचने के लिए किया जाता था। अधिकारियों ने बताया कि इसी दौरान, रात भर यूक्रेन पर हुए रूसी हमलों में कम से कम तीन आम नागरिकों की मौत हो गई और 22 अन्य घायल हो गए। जैसे-जैसे मॉस्को ने ड्रोन, मिसाइल और ग्लाइड बम से हमले तेज़ किए, यूक्रेन ने अपनी एयर डिफेंस (हवाई सुरक्षा) को मज़बूत करने के लिए और ज़्यादा इंटरसेप्टर मिसाइलों की मांग फिर से तेज़ कर दी है; अधिकारियों का कहना है कि एयर डिफेंस सिस्टम पर बहुत ज़्यादा दबाव है। इसे भी पढ़ें: रूस के खिलाफ Zelenskyy का बड़ा दांव, यूरोप की सुरक्षा के लिए FREYJA Anti-Ballistic Shield का किया ऐलान ज़ेलेंस्की ने सोशल मीडिया पर बताया कि यूक्रेनी सेना ने बशकोर्तोस्तान में एक रिफाइनरी पर हमला किया, जो पूर्वी यूक्रेन में फ्रंट लाइन से 1,300 किलोमीटर से ज़्यादा दूर है, और यारोस्लाव क्षेत्र में एक और रिफाइनरी पर हमला किया, जो यूक्रेनी सीमा से लगभग 700 किलोमीटर दूर है। उन्होंने ब्लैक सी में निशाना बने जहाजों या हुए नुकसान के बारे में कोई जानकारी नहीं दी। बार-बार हो रहे इन हमलों से रूस में ईंधन की कमी हो गई है और वहां के लोग परेशान हैं, जबकि यूक्रेन का हौसला बढ़ा है क्योंकि वह लगातार रूसी हमलों का सामना कर रहा है। रूस के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उसकी एयर डिफेंस ने रात भर में कई रूसी इलाकों के साथ-साथ गैर-कानूनी रूप से कब्ज़े में लिए गए क्रीमिया और काला सागर व आज़ोव सागर के ऊपर 605 यूक्रेनी ड्रोन मार गिराए। इसे भी पढ़ें: Kyiv पर Russia missile attack में 17 लोगों की मौत, Zelenskyy ने मांगी और एयर डिफेंस सिस्टम इस बीच, मॉस्को की सेनाओं ने पूरे यूक्रेन में नए हमले किए। यूक्रेन की वायु सेना ने बताया कि रूस ने बुधवार से गुरुवार के बीच चार मिसाइलें और 101 लंबी दूरी तक मार करने वाले ड्रोन दागे, और एयर डिफेंस सिस्टम ने 66 ड्रोन को मार गिराया या जाम कर दिया। शहर के मिलिट्री एडमिनिस्ट्रेशन के प्रमुख विटाली काराबानोव के अनुसार, उत्तर-पूर्वी खार्किव इलाके के बालाक्लिया में तीन लोगों की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि पहला हमला एक घर पर हुआ, जिसमें एक महिला की मौत हो गई और आग लग गई, जबकि दूसरे हमले में एक अन्य घर के पास एक पुरुष और एक महिला की मौत हो गई। नेशनल पुलिस ने बताया कि पड़ोसी सुमी इलाके में रूसी ग्लाइड बमों से 12 लोग घायल हो गए। रीजनल मिलिट्री एडमिनिस्ट्रेशन के प्रमुख ओलेह ग्रिगोरोव ने कहा कि हमले वाली जगहों के पास अपार्टमेंट बिल्डिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान पहुंचा और सैकड़ों खिड़कियां टूट गईं। दक्षिणी खेरसॉन इलाके में, स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि खेत में काम करने वाले मजदूरों को ले जा रही एक बस पर रूसी ड्रोन से हमला हुआ, जिसमें छह लोग घायल हो गए। दक्षिण-पूर्वी शहर ज़ापोरिज्जिया में, रीजनल एडमिनिस्ट्रेशन के प्रमुख इवान फेडोरोव ने बताया कि रूसी ड्रोन ने एक रिहायशी इलाके में हमला किया, जिससे चार लोग घायल हो गए।
शेख हसीना के तख्तापलट पर नया खुलासा, यूनुस के सपोर्ट में नहीं थे आर्मी चीफ वकार; फिर क्या बदला?
Sheikh Hasina ouster in Bangladesh: शेख हसीना के बांग्लादेश छोड़ने की घटना को दो साल पूरे हो चुके हैं। इस मामले पर अब खुलासा हुआ है कि अंतरिम सरकार का प्रमुख बनाने के लिए मुहम्मद यूनुस के नाम पर आर्मी चीफ वकार सहमत नहीं थे। क्योंकि यूनुस के ऊपर दो गंभीर केस दर्ज थे।
बांग्लादेश में शाकिब अल-हसन बने निशाना! शेख हसीना के कार्यक्रम में शामिल होने पर पत्थरों और पेट्रोल बम से हमला
पाकिस्तान में नहीं थम रहा कोहराम, सड़कों पर क्यों उतरे लोग? शहबाज शरीफ को थमाया नया अल्टीमेटम
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की कैद के तीन साल पूरे होने पर उनके समर्थकों ने बुधवार को पुलिस की कार्रवाई के बावजूद देश के विभिन्न हिस्सों में प्रदर्शन किया। इस दौरान 100 से अधिक समर्थकों को गिरफ्तार किया गया।
शेख हसीना के करीबी ने ही कराई थी मोहम्मद यूनुस की ताजपोशी? नाम सुनते ही क्यों भड़क गए थे आर्मी चीफ
पड़ोसी देश बांग्लादेश की राजनीति में कब क्या नया भूचाल आ जाए, यह कह पाना किसी के लिए भी आसान नहीं है। सत्ता के गलियारों से एक बेहद चौंकाने वाला और सनसनीखेज अंदरूनी राज बाहर आया है, जिसने सबको हैरान कर दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, शेख हसीना के एक बेहद खास और करीबी व्यक्ति ने ही देश में तख्तापलट के बाद अंतरिम सरकार की कमान संभालने के लिए नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस के नाम का प्रस्ताव रखा था और उन्हें सत्ता तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई थी। लेकिन हैरानी की बात यह है कि जब सबसे पहले सेना प्रमुख के सामने यह नाम रखा गया था, तो वह सुनकर पूरी तरह बिदक गए थे और उनका रिएक्शन बेहद तीखा था। आइए जानते हैं कि इस हाई-प्रोफाइल ड्रामे के पीछे की पूरी कहानी क्या है और कैसे अचानक रातों-रात बांग्लादेश का पूरा सियासी खेल पलट गया।तख्तापलट के बाद अचानक कैसे बदला बांग्लादेश का सत्ता समीकरणजब शेख हसीना को प्रधानमंत्री पद छोड़कर देश से बाहर जाना पड़ा था, तब पूरे बांग्लादेश में अराजकता और अनिश्चितता का माहौल छा गया था। देश को चलाने और कानून-व्यवस्था बहाल करने के लिए एक ऐसी अंतरिम सरकार की जरूरत थी जिस पर जनता और सेना दोनों का भरोसा हो। इसी कशमकश के बीच पर्दे के पीछे गुप्त बैठकों का दौर शुरू हुआ। राजनीतिक गलियारों में चर्चा यह है कि शेख हसीना के खेमे के ही एक बेहद प्रभावशाली और करीबी शख्स ने चतुराई से देश की बागडोर संभालने के लिए डॉ. मोहम्मद यूनुस का नाम आगे बढ़ाया, ताकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की छवि को संभाला जा सके और सत्ता का वैध हस्तांतरण हो सके।आर्मी चीफ का नाम सुनते ही क्यों भड़का था गुस्साजब यह प्रस्ताव सबसे पहले बांग्लादेश की सेना के शीर्ष नेतृत्व यानी आर्मी चीफ के सामने रखा गया, तो उनका शुरुआती रिएक्शन बेहद कड़ा और नाराजगी भरा था। सेना प्रमुख इस बात से हैरान और असहज थे कि देश के इस संकटपूर्ण और संवेदनशील दौर में किस प्रकार के राजनीतिक समीकरण बिठाए जा रहे हैं। सेना इस बात को लेकर चिंतित थी कि अचानक इस तरह के बदलाव से देश की आंतरिक सुरक्षा और सैन्य अनुशासन पर क्या असर पड़ेगा। हालांकि, देश के बिगड़ते हालात और बढ़ते अंतरराष्ट्रीय दबाव के आगे आखिरकार सभी पक्षों को झुकना पड़ा और तमाम आंतरिक विरोध के बावजूद मोहम्मद यूनुस को अंतरिम सरकार का मुख्य सलाहकार बना दिया गया।इस बड़े राजनीतिक उलटफेर के क्या होंगे दूरगामी परिणामबांग्लादेश की राजनीति का यह नाटकीय घटनाक्रम इस बात का जीता-जागता सबूत है कि पर्दे के पीछे होने वाले खेल और फैसले जमीन पर दिखने वाले हालात से बिल्कुल अलग होते हैं। शेख हसीना के करीबी माने जाने वाले शख्स का इस तरह यूनुस की ताजपोशी के पीछे होना और सेना की नाराजगी इस बात को दर्शाती है कि देश का सत्ता संघर्ष अभी थमता हुआ नजर नहीं आ रहा है। आने वाले समय में बांग्लादेश के इन राजनीतिक और सैन्य समीकरणों का असर न केवल वहां के आम जनजीवन पर पड़ेगा, बल्कि भारत समेत पड़ोसी देशों के साथ कूटनीतिक रिश्तों पर भी इसकी गहरी छाप देखने को मिलेगी।
प्रशांत महासागर के ‘रिंग ऑफ फायर’ क्षेत्र में स्थित खूबसूरत देश फिलीपींस (Philippines) से एक बड़ी और दहशत भरी खबर सामने आ रही है। फिलीपींस के कई इलाकों में बुधवार को धरती अचानक जोरदार तरीके से कांप उठी, जब रिक्टर स्केल पर 6.3 तीव्रता वाले एक शक्तिशाली भूकंप (Earthquake) ने यहां दस्तक दी। झटके इतने तेज और भयानक थे कि इमारतों में रखा सामान हिल गया और खौफ के मारे लोग अपने-अपने घरों, अपार्टमेंट्स और दफ्तरों को छोड़कर सुरक्षित खुले आसमान के नीचे सड़कों पर भाग खड़े हुए। इस अचानक आई प्राकृतिक आपदा से स्थानीय नागरिकों के बीच अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर सुरक्षित ठिकानों की तलाश करने लगे।कितनी थी भूकंप की गहराई और कहां था इसका मुख्य केंद्रयूएस जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) और स्थानीय भूकंप विज्ञान एजेंसियों से मिली शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक, इस शक्तिशाली भूकंप का केंद्र जमीन के नीचे काफी गहराई में स्थित था। झटकों की तीव्रता इतनी अधिक थी कि इसके प्रभाव से दूर-दराज के इलाकों में भी धरती के डोलने का अहसास साफ तौर पर किया गया। जैसे ही भूकंप के झटके महसूस हुए, सायरन बजने लगे और लोग तुरंत बिना किसी देरी के सुरक्षित स्थानों की ओर निकल पड़े। हालांकि प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमों ने तुरंत हरकत में आते हुए स्थिति का जायजा लेना शुरू कर दिया ताकि किसी भी संभावित बड़े नुकसान या जनहानि से समय रहते निपटा जा सके।फिलीपींस में बार-बार क्यों आते हैं इतने खतरनाक भूकंपफिलीपींस की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि यह दुनिया के सबसे सक्रिय भूकंपीय क्षेत्रों में से एक माना जाता है, जिसे 'रिंग ऑफ फायर' (Ring of Fire) कहा जाता है। इस बेल्ट में टेक्टोनिक प्लेटों के लगातार खिसकने और आपस में टकराने के कारण यहाँ अक्सर छोटे से लेकर बड़े भूकंप आते रहते हैं। देश के आपदा प्रबंधन प्राधिकरण हमेशा हाई अलर्ट पर रहते हैं क्योंकि यहाँ बुनियादी ढांचे और ऊंची इमारतों को इस तरह की आपदाओं से बचाने के लिए विशेष रूप से डिजाइन और सेफ्टी प्रोटोकॉल का पालन करना अनिवार्य होता है।जानमाल के नुकसान पर प्रशासन की नजर और सुनामी का अलर्टभूकंप के तुरंत बाद फिलीपींस के आपदा प्रतिक्रिया विभागों ने प्रभावित क्षेत्रों में सर्वे का काम तेज कर दिया है। राहत और बचाव टीमों को तुरंत फील्ड में उतार दिया गया है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि किसी भी ग्रामीण या शहरी इलाके में कोई गंभीर दुर्घटना या मलबे में फंसने जैसी स्थिति न हो। गनीमत यह रही कि इस बड़े झटके के बाद शुरुआती तौर पर किसी बड़े पैमाने पर जानमाल के नुकसान या सुनामी (Tsunami) की कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है, जिससे प्रशासन और आम जनता ने बड़ी राहत की सांस ली है।
दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री मार्गों में से एक लाल सागर (Red Sea) में एक बार फिर से अशांति और दहशत का माहौल गहरा गया है। यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने एक बार फिर अपनी कायराना हरकतों को अंजाम देते हुए अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। हाल ही में इन विद्रोही ताकतों ने पहले भारत की ओर आ रहे या भारतीय समुद्री सीमा से जुड़े जहाजों को निशाना बनाया था और अब एक बार फिर लाल सागर के मुहाने पर एक बड़े कमर्शियल ऑयल टैंकर के बेहद करीब खतरनाक मिसाइल से हमला कर दिया है। इस सनसनीखेज घटना के बाद से वैश्विक शिपिंग कंपनियों और समुद्री सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ गई है, क्योंकि इस रास्ते से होने वाला अंतरराष्ट्रीय व्यापार गंभीर खतरे में पड़ गया है।हूतियों के इस खौफनाक हमले की पूरी ड्रामेटिक घटनासमुद्री सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों से मिली जानकारी के अनुसार, हूती विद्रोहियों ने लाल सागर से गुजर रहे एक ऑयल टैंकर को निशाना बनाकर आसमान में अचानक मिसाइल दाग दी। गनीमत यह रही कि मिसाइल सीधे तौर पर जहाज से टकराने के बजाय उसके ठीक पास पानी में जाकर गिरी, जिससे एक बड़ा और भयानक जल-प्रलय टल गया, वरना यह हादसा इतिहास के सबसे बड़े समुद्री灾难 में बदल सकता था। इस जोरदार धमाके के बाद टैंकर पर सवार चालक दल के सदस्यों में अफरा-तफरी मच गई और तुरंत आपातकालीन सुरक्षा प्रोटोकॉल एक्टिवेट कर दिए गए। यह हमला एक बार फिर यह साबित करता है कि हूती विद्रोही इस समुद्री मार्ग से गुजरने वाले हर एक वैश्विक जहाज के लिए काल बनते जा रहे हैं।भारत से जुड़े जहाजों पर भी पहले मंडरा चुका है बड़ा खतराहूती विद्रोहियों की यह खूनी साजिशें नई नहीं हैं। इससे पहले भी इन आतंकवादियों ने भारत के समुद्री हितों और भारतीय जहाजों को अपने हमलों की जद में लिया था। लाल सागर और अदन की खाड़ी के इस पूरे इलाके में भारत आने-जाने वाले कमर्शियल कार्गो और तेल टैंकरों पर कई बार मिसाइलें और ड्रोन दागे जा चुके हैं। भारतीय नौसेना (Indian Navy) ने अतीत में भी अदम्य साहस और पराक्रम दिखाते हुए कई संकट में फंसे जहाजों और भारतीय नाविकों की जान बचाई है। इसके बावजूद हूती विद्रोहियों का यह दुस्साहस कम होने का नाम नहीं ले रहा है, जो ग्लोबल इकोनॉमी और एनर्जी सप्लाई चेन के लिए बेहद चिंताजनक स्थिति पैदा कर रहा है।वैश्विक व्यापार और क्रूड ऑयल की सप्लाई पर मंडराया संकट का बादललाल सागर दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण चॉकपॉइंट्स में से एक है, जहां से एशिया और यूरोप के बीच का अधिकांश तेल और व्यापारिक सामान गुजरता है। हूतियों द्वारा लगातार किए जा रहे इन मिसाइल हमलों के कारण अब दुनिया भर की बड़ी शिपिंग कंपनियों को मजबूरन लंबे और महंगे रास्तों यानी केप ऑफ गुड होप (Cape of Good Hope) का चक्कर लगाकर जाना पड़ रहा है। इस कारण माल ढुलाई का खर्च (Freight Cost) आसमान छू रहा है और भारत समेत पूरी दुनिया में कच्चे तेल, गैस और रोजमर्रा के सामानों की कीमतों के बढ़ने का गंभीर खतरा पैदा हो गया है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय और महाशक्तियां अब इन हमलों से निपटने के लिए किसी ठोस और स्थायी सैन्य कार्रवाई की योजना बनाने पर मजबूर हो गई हैं।
अंतरराष्ट्रीय राजनीति और भू-राजनीतिक हलकों में इस समय रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के एक के बाद एक कड़े फैसलों ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे लंबे और भीषण संघर्ष के बीच पुतिन ने अपनी सैन्य रणनीति और सामरिक पकड़ को और अधिक मजबूत करने के लिए देश की सेना और रक्षा मंत्रालय के ढांचे में बहुत बड़े फेरबदल कर दिए हैं। राष्ट्रपति पुतिन के इस अचानक और आक्रामक प्रशासनिक बदलाव के बाद दुनिया भर के रक्षा विशेषज्ञ और राजनीतिक विश्लेषक यह पता लगाने में जुट गए हैं कि इस बड़े बदलाव के पीछे आखिर रूस की असली रणनीति और वजह क्या है। आइए जानते हैं कि पुतिन के इस ताजा कदम के क्या मायने हैं और इससे वैश्विक राजनीति पर क्या असर पड़ेगा।रक्षा मंत्रालय और सैन्य नेतृत्व में क्यों किए गए बड़े बदलावरूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन द्वारा सेना के भीतर किए गए इन बड़े बदलावों का मुख्य उद्देश्य देश की सैन्य मशीनरी को अधिक चुस्त-दुरुस्त, आधुनिक और युद्ध की बदलती जरूरतों के अनुकूल बनाना है। जानकारों का मानना है कि लंबे खिंचते संघर्ष के कारण रूस को अपनी आर्थिक और सैन्य रणनीतियों में लगातार समायोजन करना पड़ रहा है। पुतिन ने सेना के शीर्ष पदों पर ऐसे अनुभवी और तकनीकी रूप से दक्ष चेहरों को जिम्मेदारी सौंपी है जो युद्ध के मैदान में लॉजिस्टिक्स, हथियारों के उत्पादन और सप्लाई चेन को और अधिक तेज कर सकें। इस फेरबदल के जरिए क्रेमलिन यह सुनिश्चित करना चाहता है कि रूसी सेना हर मोर्चे पर पूरी तरह से मुस्तैद और आत्मनिर्भर बनी रहे।पश्चिमी देशों और नाटो को रूस का कड़ा संदेशव्लादिमीर पुतिन के इनसैन्य फेरबदल को केवल प्रशासनिक बदलाव के रूप में नहीं देखा जा रहा है, बल्कि इसे पश्चिमी देशों और नाटो (NATO) गठबंधन के लिए एक स्पष्ट और कड़े संदेश के रूप में भी देखा जा रहा है। अमेरिका और यूरोपीय देशों द्वारा यूक्रेन को लगातार मिल रही भारी सैन्य और वित्तीय मदद के जवाब में रूस अब अपनी आंतरिक सुरक्षा और रक्षा उत्पादन को युद्ध स्तर पर आगे बढ़ा रहा है। पुतिन का यह कदम यह साफ जाहिर करता है कि रूस इस संघर्ष में किसी भी तरह के दबाव में झुकने वाला नहीं है और वह लंबी रणनीतिक लड़ाई के लिए पूरी तरह से कमर कस चुका है।वैश्विक कूटनीति और युद्ध के भविष्य पर इसका क्या होगा असररूसी सेना में हुए इन बड़े फेरबदल का सीधा असर आने वाले दिनों में युद्ध के मैदान की स्थिति और वैश्विक कूटनीति पर पड़ना तय है। एक तरफ जहां रूस अपनी सामरिक स्थिति को अभेद्य बनाने में जुटा है, वहीं दूसरी ओर अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस बात को लेकर चिंतित है कि यह संघर्ष और अधिक लंबा खिंच सकता है। पुतिन की यह सोची-समझी रणनीति यह दिखाती है कि रूस अपनी सैन्य प्राथमिकताओं को लेकर बेहद आक्रामक है और वह अपनी शर्तों पर ही इस पूरे भू-राजनीतिक समीकरण को अंजाम तक पहुंचाना चाहता है।
अमेरिका को मिलेगा दूसरा ममदानी? जीते तो अब्दुल होंगे पहले मुस्लिम सांसद
अब्दुल अल-सईद की डेमोक्रेटिक सीनेट प्राइमरी में जीत ने अमेरिकी राजनीति में प्रोग्रेसिव धड़े को नई ताकत दी है. मुस्लिम और मिस्र मूल के अब्दुल अब नवंबर में रिपब्लिकन माइक रोजर्स के खिलाफ मैदान में होंगे. माना जा रहा है कि वह अमेरिका के लिए दूसरे जोहरान ममदानी साबित हो सकते हैं.
UK Police से ज़मानत लेकर फरार Grooming Gang का आरोपी, Rushkar Ahmed अब PoK Assembly में बैठेगा
लंदन के प्रतिष्ठित समाचार पत्रों 'द गार्डियन' और 'द टाइम्स' की रिपोर्टों के अनुसार, पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में हुए विधानसभा चुनावों में एक बेहद विवादित चेहरे की जीत दर्ज की गई है। 1990 के दशक में ब्रिटेन के मैनचेस्टर में सक्रिय रहे एक चर्चित 'ग्रूमिंग गैंग' के आरोपी और पूर्व मंत्री रुश्कर अहमद को पीओके असेंबली के लिए चुन लिया गया है। 62 वर्षीय रुश्कर अहमद पर यूके में बच्चों के यौन शोषण, बलात्कार और मानव तस्करी से जुड़े गंभीर आरोप हैं, और वह वर्तमान में इस मामले में यूके पुलिस की जमानत पर बाहर है। इसे भी पढ़ें: वो हमें चुन चुन कर मार रहे हैं...पहली बार हनुमान का नाम लेकर आतंकी ने खोला भारत का राज! 54% मतों के साथ हासिल की जीत 27 जुलाई को हुए पीओके चुनावों के पहले चरण में अहमद ने पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज़ (PML-N) के टिकट पर मीरपुर-IV (LA-4) निर्वाचन क्षेत्र से किस्मत आजमाई थी। 'द गार्डियन' की रिपोर्ट के मुताबिक, अहमद ने इस सीट पर कुल पड़े वोटों का 54% हिस्सा हासिल कर शानदार जीत दर्ज की। वर्ष 2021 के चुनावों में इसी सीट पर मिली शिकस्त के बाद, यह पिछले पांच वर्षों में पहला मौका है जब वह किसी निर्वाचित प्रतिनिधि के रूप में अपनी सेवाएं देंगे। एक गंभीर आपराधिक मामले में घिरे व्यक्ति का जन-प्रतिनिधि के रूप में चुना जाना अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विवाद का विषय बन गया है। इसे भी पढ़ें: Imran Khan की रिहाई पर अड़ी PTI: 27 सितंबर को Islamabad March का ऐलान, सुहैल अफरीदी की चेतावनी अहमद इससे पहले 2006 और 2021 के बीच POK की कई सरकारों में मंत्री रह चुके हैं। इस दौरान उन्होंने राजस्व, व्यापार, उद्योग, पशुपालन और बिजली विकास संगठन जैसे कई विभागों की जिम्मेदारी संभाली। पाकिस्तान के कब्ज़े वाले कश्मीर (POK) में तथाकथित विधानसभा के चुनाव 27 जुलाई से 10 अगस्त के बीच तीन चरणों में हो रहे हैं। PML-N अभी आगे चल रही है और उसने 53 सदस्यों वाली विधानसभा में 24 सीटें हासिल की हैं। भारत के विदेश मंत्रालय ने तथाकथित स्थानीय चुनावों को पूरी तरह से दिखावा बताया है। मंत्रालय ने PoK में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ़ इस्लामाबाद की कार्रवाई का हवाला दिया है, जिसमें खबरों के मुताबिक कम से कम 90 लोगों की जान गई है। इसे भी पढ़ें: Pakistan में कुछ बड़ा होने वाला है? विदेशी मीडिया पर बैन, बाहर जाने के लिए पत्रकारों को लेना होगा NOC रुश्कर अहमद को 2024 में UK में गिरफ़्तार किया गया, बाद में ज़मानत पर रिहा कर दिया गया द गार्डियन की रिपोर्ट के अनुसार, ग्रेटर मैनचेस्टर पुलिस (GMP) ने 18 जुलाई, 2024 को मैनचेस्टर एयरपोर्ट पर अहमद को रेप और बच्चों की तस्करी के शक में गिरफ़्तार किया। ग्रेटर मैनचेस्टर पुलिस (GMP) के डिटेक्टिव्स ने अहमद से कम से कम दो महिलाओं के आरोपों के बारे में पूछताछ की। इन महिलाओं का दावा है कि 1990 के दशक में जब वे मैनचेस्टर के रुशोलम इलाके में केयर होम्स में रह रही थीं और कमज़ोर स्थिति में थीं, तब अहमद ने उनका रेप किया और उनकी तस्करी की। अहमद की गिरफ़्तारी और पूछताछ, बच्चों के साथ पुराने समय में हुए यौन शोषण के कई आरोपों की GMP की बड़ी जांच का हिस्सा थी। इन आरोपों का संबंध कथित 'ग्रूमिंग गैंग' से है, जिससे अहमद भी जुड़ा हुआ है। हालांकि, GMP पुलिस अहमद पर आरोप तय नहीं कर पाई और उसके ख़िलाफ़ आरोपों की जांच अभी भी चल रही है। पूछताछ के बाद उसे ज़मानत पर रिहा कर दिया गया। 'द टाइम्स' की रिपोर्ट के अनुसार, GMP की इस बड़ी जांच में अब तक 22 लोगों को गिरफ़्तार किया जा चुका है। अहमद ज़मानत की शर्तों के तहत पेश नहीं हुआ, PoK में प्रचार करते देखा गया रुश्कर अहमद को पिछले महीने जुलाई में मैनचेस्टर के एक पुलिस स्टेशन में ज़मानत के सिलसिले में पेश होना था, लेकिन वह नहीं पहुँचा। उसने अधिकारियों को बताया कि वह इतना बीमार था कि UK के लिए उड़ान नहीं भर सकता था। इसी दौरान, सोशल मीडिया पर ऐसी तस्वीरें और वीडियो सामने आए जिनमें अहमद को PoK के मीरपुर में तथाकथित चुनावों से पहले चुनावी रैलियों में सक्रिय रूप से प्रचार करते हुए देखा गया।
श्रीलंका के समुद्री इलाके में 11 क्रू मेंबर वाली एक भारतीय मछली पकड़ने वाली नाव दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिसके बाद श्रीलंकाई नौसेना ने बचाव अभियान चलाया। नौसेना ने बताया कि ट्रॉलर कथित तौर पर इंटरनेशनल मैरीटाइम बाउंड्री लाइन पार करके श्रीलंका के समुद्री इलाके में आ गई थी और दुर्घटना से पहले कथित तौर पर 'बॉटम ट्रॉलिंग' कर रही थी। यह नाव श्रीलंका के मुख्य भू-भाग के उत्तरी तट के पास पाक जलडमरूमध्य में डेल्फ़्ट द्वीप (जिसे नेदुनथीवु भी कहा जाता है) के पास एक तटीय चट्टान पर फंस गई। श्रीलंकाई नौसेना ने बताया कि यह घटना बुधवार को हुई और मछुआरों को कोई तत्काल खतरा नहीं था। श्रीलंकाई नौसेना के प्रवक्ता कमांडर चमिंडा वालाकुलुगे ने कहा कि भारतीय जहाज श्रीलंकाई समुद्री सीमा में गैर-कानूनी मछली पकड़ने की गतिविधियों में शामिल था, तभी यह हादसा हुआ। श्रीलंकाई नौसेना ने एक बयान में कहा, रीफ (चट्टान) से टकराने के कारण ट्रॉलर के ढांचे को कुछ नुकसान पहुंचा है। इसे भी पढ़ें: ट्रंप की कसम, ईरान को मिटा देंगे, अब अमेरिका करेगा भयंकर बमबारी हालांकि, नौसेना ने यह भी कहा कि स्थिति गंभीर नहीं है और मछुआरों को कोई तत्काल खतरा नहीं है। उन्होंने बताया कि भारतीय मछुआरों की मदद के लिए बचाव दल भेजे गए हैं। बयान में आगे कहा गया इस घटना के संबंध में आगे की कार्रवाई संबंधित कानूनी प्रक्रियाओं के अनुसार की जा रही है। भारत और श्रीलंका के बीच मछुआरों का मुद्दा हमेशा से विवाद का विषय रहा है। श्रीलंकाई नौसेना पर पाक जलडमरूमध्य (Palk Strait) में भारतीय मछुआरों पर गोलीबारी करने और श्रीलंकाई समुद्री सीमा में कथित तौर पर घुसने के आरोप में उनकी नावें ज़ब्त करने के कई मामले सामने आए हैं। पाक जलडमरूमध्य, जो तमिलनाडु को श्रीलंका से अलग करता है, दोनों देशों के मछुआरों के लिए मछली पकड़ने का एक समृद्ध क्षेत्र है। अक्सर दोनों तरफ के मछुआरे अनजाने में एक-दूसरे की समुद्री सीमा में चले जाते हैं और गिरफ्तार कर लिए जाते हैं। इसे भी पढ़ें: Hezbollah के ठिकानों पर IDF का बड़ा प्रहार, Southern Lebanon में तबाह किया ईरान समर्थित Tunnel Network कुल मिलाकर, इस घटना में 11 क्रू मेंबर वाला एक भारतीय ट्रॉलर शामिल था जो श्रीलंका के समुद्री इलाके में फंसकर ज़मीन से टकरा गया और उसे कुछ नुकसान पहुंचा, जिसके बाद बचाव अभियान शुरू किया गया; साथ ही, इस मामले से जुड़ी कानूनी प्रक्रियाएं भी चल रही हैं।
Iran के पास कभी नहीं होंगे Nuclear Weapons, बातचीत से गिरेंगे Oil Prices, जेडी वेंस का दावा
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने बुधवार (स्थानीय समय) को ईरान के नेतृत्व को बिखरा हुआ और समझने में मुश्किल बताया। उन्होंने कहा कि तेहरान के साथ बातचीत एक जटिल प्रक्रिया होगी जो उलझी हुई हो सकती है और किसी नतीजे तक पहुँचने में कुछ समय लगेगा। साथ ही, उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि वॉशिंगटन अपने पक्ष में नतीजा पाने के लिए सैन्य, आर्थिक और कूटनीतिक तरीकों का इस्तेमाल करेगा। फॉक्स न्यूज़ को दिए एक इंटरव्यू में वेंस ने कहा कि ईरान के नेतृत्व में आपसी मतभेदों ने समाधान की कोशिशों को मुश्किल बना दिया है। 14-सूत्रीय समझौता ज्ञापन (MoU) के विफल होने के बाद तनाव में कुछ समय की कमी आई थी, जिसके बाद ईरान के साथ फिर से कूटनीतिक बातचीत शुरू हुई है। वेंस ने बताया कि ईरान में कुछ गुट संघर्ष खत्म करना चाहते हैं, जबकि दूसरे गुट दुश्मनी जारी रखने पर अड़े हुए हैं। इसे भी पढ़ें: US Ammo Shortage की खबरों पर भड़के Donald Trump, बोले- जानकारी Leak करने वालों को होगी लंबी जेल वेंस ने फॉक्स न्यूज़ से कहा ईरानी लोग बहुत मुश्किल स्वभाव के होते हैं। दूसरी बात, उनका सिस्टम बंटा हुआ है। उनके सिस्टम में कुछ लोग ऐसे हैं जो चाहते हैं कि युद्ध खत्म हो जाए; वहीं कुछ ऐसे कट्टरपंथी भी हैं जो चाहते हैं कि युद्ध जारी रहे। उन्होंने आगे कहा हमारा काम इन हालात को संभालना और अमेरिकी लोगों के साथ-साथ अमेरिका के राष्ट्रपति के लिए भी सबसे अच्छा नतीजा हासिल करना है। इसे भी पढ़ें: Michigan Senate Primary: प्रोग्रेसिव नेता Abdul El-Sayed की जीत पर Donald Trump का बड़ा बयान, बताया GOP के लिए शुभ संकेत वेंस ने कहा कि ईरान के साथ कोई भी समझौता जल्दी नहीं होगा, लेकिन उन्हें भरोसा है कि अमेरिका अपने मकसद पूरे कर लेगा। उन्होंने कहा और मुझे लगता है कि आखिर में हम जिस स्थिति में पहुंचेंगे—हालांकि वहां तक पहुंचने का रास्ता उलझा हुआ होगा और इसमें कुछ समय भी लगेगा—वहां तेल की कीमतें कम हो जाएंगी और कम ही रहेंगी। ईरान के पास कभी परमाणु हथियार नहीं होगा, और अमेरिका ज़्यादा मज़बूत स्थिति में होगा। उप-राष्ट्रपति ने बातचीत जारी रहने के दौरान ही उसके नतीजों के बारे में कोई राय बनाने से बचने की सलाह दी।
जेप्टो, बुक माय शो और इंडिगो समेत 9 एप्स पर लगा 20 लाख रुपये का जुर्माना; डार्क पैटर्न इस्तेमाल करने का आरोप Jagran ऑनलाइन ऑफर दिखाकर कर रहे थे खेल, सरकार ने Zepto, IndiGo, Physics Wallah समेत 9 बड़ी कंपनियों पर ठोका जुर्माना Hindustan Digital Platforms: सरकार ने Zepto, IndiGo और PhysicsWallah समेत 9 प्लेटफॉर्म्स पर लगाया जुर्माना ABP News क्या है 'डार्क पैटर्न', जिसकी वजह से इंडिगो-जेप्टो समेत 9 कंपनियों पर लगा जुर्माना? NewsBytes Zepto, BookMyShow और IndiGo समेत 9 बड़े प्लेटफॉर्म्स पर लगा जुर्माना, बिल में चुपके से जोड़ते थे एक्स्ट्रा चार्ज Nai Dunia
वेस्टइंडीज को दूसरे टेस्ट में आठ विकेट से हराकर पाकिस्तान ने न सिर्फ दो मैचों की सीरीज 1-1 से बराबर की, बल्कि विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) 2025-27 की अंकतालिका में भी एक स्थान का फायदा हासिल किया।
युद्ध में दुश्मन की सबसे बड़ी ताकत मिसाइलें, रडार नहीं उसका इंजन और साथ ही साथ कड़वा सच तो यह भी है कि भारत ने परमाणु बम बनाए तो जरूर। चांद पर तिरंगा भी लहराया। लेकिन जब बात फाइटर जेट इंजन की आई तो हम दशकों तक दुनिया के सामने हाथ फैलाए खड़े थे। लेकिन रूस ने आंखें दिखाई। अमेरिका ने पाबंदियां लगाई और फ्रांस ने भी जेब खाली कर दी थी। लेकिन कैलेंडर पर 15 अगस्त 2026 की तारीख मार्क कर लीजिए क्योंकि इसी दिन भारत अपनी वायु सेना की आजादी का नया घोषणा पत्र लिखने जा रहा है। आपको बता दें कि कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी यानी कि सीसीएस की मेज़ पर आज वह गुप्त फाइल है जो भारत को दुनिया के उन चुनिंदा चार मुल्कों की लिस्ट में शामिल कर देगी जो अपना इंजन खुद बनाते हैं। सैफरन और साथ ही साथ जीटीआरई का 120 किल न्यूटन का यह महा इंजन जो है वो सिर्फ और सिर्फ एक मशीन नहीं बल्कि यह भारत की संप्रभुता की नई क्रांति है। आलोचकों ने यह कहा था कि इंजन बनाना रॉकेट साइंस से भी मुश्किल है। लेकिन पिछले एक साल में बता दें कि भारत ने पूरा गेम यहां पर पलट कर रख दिया है। अब हम सिर्फ सरकारी फाइल्स और HL के ऊपर भरोसा और निर्भर नहीं है। साथ ही साथ आपको बता दें कि Tata, LNT और BS जैसी जो प्राइवेट कंपनियां हैं अब इस रेस में वो भी कूद चुकी हैं। और ध्यान देने वाली बात यहां पर यह है कि इस डील का सबसे शॉकिंग सच क्या है? आज तक हमने जो भी विदेशी इंजन लिए उनकी चाबी कभी हमारे पास नहीं थी। इसे भी पढ़ें: Dubai के Jebel Ali Industrial Zone में 7 भीषण धमाके, धुएं के गुबार से सहमा UAE का ट्रेड हब आज सफरान डील में भारत 100% इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी यानी कि आईपी का मालिक होगा। यानी कि इंजन का ब्लूप्रिंट, सोर्स कोड सब कुछ भारत का भारत के हाथों में होने वाला है और साथ ही साथ इसमें कोई भी बदलाव करना हो या फिर किसी भी और देश का यहां पर इसको बेचना हो तो हमें फ्रांस से भी एनओसी लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। उसे मांगनी नहीं पड़ेगी। और सबसे खौफनाक टेक्नोलॉजी उसके बारे में बात कर लेते हैं। हॉट सेक्शन टेक्नोलॉजी फाइटर जेट इंजन के अंदर का तापमान 2100 केल्विन तक पहुंच जाता है। जहां पर लोहे का पानी बन जाता है। और आपको बता दें कि भारत अब वो सिंगल क्रिस्टल टरबाइन ब्लेड्स में बनाने जा रहा है जो इस भयंकर आग में भी चट्टान की तरह खड़े रहेंगे। यह वही आपको बता दें कि टेक है जिसे अमेरिका ने अपनी सबसे करीबी दोस्तों को देने से भी साफ-साफ मना कर दिया था। तो अब सवाल यह है कि यह राक्षसी ताकत जाएगी कहां? तो बता दें कि यह जो ताकत है वो जाएगी हमारे सपनों के विमान एमका में यानी कि एएमसीए में और भारत का पहला फिफ्थ जनरेशन स्टिल्थ फाइटर जेट। एक ऐसा विमान जो दुश्मन के रडार पर एक मच्छर से ज्यादा कुछ नहीं दिखेगा। इसे भी पढ़ें: Hormuz पर धरी रह गई अमेरिका की हसरतें, ईरान-ओमान में डील डन! आपको बता दें कि सैफरान का यह 120 किलो न्यूटन इंजन ना सिर्फ बेमिसाल ताकत रखता है बल्कि साथ ही साथ इसके लो इंफ्रारेड सिग्नेचर्स दुश्मन की गर्मी खोजने वाली मिसाइलों को भी अंधा बना देगा। योजना यहां पर बिल्कुल साफ है। मतलब प्लान बिल्कुल साफ है। पहले नौ प्रोडक्ट टाइप बनाए जाएंगे और उसके बाद फिर से अपग्रेड कर कर 140 किटन तक इसे लिया जाएगा जो आगे चलकर हमारे सिक्स्थ जनरेशन विमानों की रीड बनेगा। अब आप यहां पर कहेंगे कि हमें इतनी ज्यादा जल्दी क्यों हो रही है? तो जवाब है क्योंकि सीमा पार चीन बैठा है और चीन के पास जे 20 स्टील फाइटर हैं जिसमें से उसका जो 180 किलो वाला न्यूटन वाला WS15 इंजन लगा है। चीन ने रूस से टेक्नोलॉजी चुरा ली है। रिवर्स इंजीनियरिंग की है और साथ ही साथ आज लद्दाख बॉर्डर पर तैनात भी हैं। ईरान इजराइल युद्ध ने भी पूरी दुनिया को यहां पर साबित कर दिया है कि जंग में वही हथियार काम आते हैं जिनका सीधा-सीधा रिमोट कंट्रोल आपके खुद के हाथों में होता है। कावेरी प्रोजेक्ट की पुरानी नाकामियों से सीखकर अब भारत ने भी रिएक्टिव नहीं बल्कि साथ ही साथ प्रोएक्टिव तरीके से काम करना शुरू कर दिया है। 15 अगस्त 2026 की वो सुबह जब सीसीएस इस फाइल पर दस्तखत करेगी तो फिर वो सिर्फ और सिर्फ एक इंजन को मंजूरी नहीं दे रही होगी।
US Ammo Shortage की खबरों पर भड़के Donald Trump, बोले- जानकारी Leak करने वालों को होगी लंबी जेल
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उन खबरों को खारिज कर दिया है जिनमें कहा गया था कि ईरान के साथ टकराव के दौरान अमेरिकी सेना का गोला-बारूद का भंडार काफी कम हो गया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के पास गोला-बारूद का बहुत बड़ा भंडार है और चेतावनी दी कि जो लोग सेना के भंडार के बारे में जानकारी लीक करेंगे, उन पर मुकदमा चलाया जाएगा और उन्हें लंबी जेल की सजा हो सकती है। ट्रंप की यह टिप्पणी CNN की एक रिपोर्ट के बाद आई है, जिसमें कई सूत्रों के हवाले से कहा गया था कि ईरान के साथ टकराव के बाद अमेरिकी सैन्य कमांडरों ने कुछ खास तरह के गोला-बारूद, खासकर एयर डिफेंस इंटरसेप्टर के भंडार में भारी कमी को लेकर चिंता जताई थी। इसे भी पढ़ें: वॉशिंगटन के आसमान में Donald Trump पर मंडराया मौत का साया? राष्ट्रपति के हेलिकॉप्टर के सामने अचानक आ गया पैसेंजर प्लेन! ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में कहा अमेरिका के पास गोला-बारूद का बहुत बड़ा भंडार है, खासकर कुछ खास तरह के गोला-बारूद का। इसके अलावा, ज़रूरत के हिसाब से बड़ी मात्रा में इनका उत्पादन किया जा रहा है और अमेरिका भेजा जा रहा है। रक्षा कंपनियां हमारे देश के इतिहास में सबसे ज़्यादा प्लांट और फैक्ट्रियां बना रही हैं। देशद्रोह जैसी बातें लीक करने वालों का पता लगाया जा रहा है। उन्हें लंबी जेल की सजा दिलाने की कोशिश की जाएगी!CNN ने मामले की जानकारी रखने वाले लोगों के हवाले से बताया कि युद्ध शुरू होने के बाद से अमेरिकी सेना ने अहम मिसाइल डिफेंस सिस्टम के लिए अपने इंटरसेप्टर का एक बड़ा हिस्सा इस्तेमाल कर लिया है। साथ ही, सीनियर कमांडरों ने चेतावनी दी है कि पेंटागन के कुछ स्टॉक चिंताजनक स्तर तक कम हो गए हैं। इसे भी पढ़ें: Hormuz पर धरी रह गई अमेरिका की हसरतें, ईरान-ओमान में डील डन! रिपोर्ट के अनुसार, इन्वेंट्री के हालिया आकलन की जानकारी रखने वाले दो सूत्रों ने बताया कि युद्ध से पहले के स्तर की तुलना में अमेरिकी सेना ने अपने 'टर्मिनल हाई एल्टीट्यूड एरिया डिफेंस' (THAAD) मिसाइल स्टॉक का लगभग 80 प्रतिशत हिस्सा इस्तेमाल कर लिया है और संघर्ष के दौरान अपने 'पैट्रियट' इंटरसेप्टर का लगभग आधा हिस्सा इस्तेमाल किया है। रिपोर्ट में बताया गया है कि THAAD स्टॉक में आई इस कमी के पैमाने का खुलासा पहले सार्वजनिक रूप से नहीं किया गया था। 'सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज़' (CSIS) का अनुमान है कि ईरान के साथ युद्ध शुरू होने से पहले अमेरिका के पास लगभग 452 THAAD मिसाइलें और दो सबसे आधुनिक वेरिएंट वाले लगभग 2,200 पैट्रियट इंटरसेप्टर मौजूद थे।
रूस की एक प्रमुख सैन्य ड्रोन निर्माता कंपनी 'यूरालड्रोनजावोड' के सीईओ व्लादिमीर त्काचुक मंगलवार देर रात एक कार विस्फोट घटना के बाद गंभीर रूप से घायल हो गए। फिलहाल अस्पताल के आईसीयू में भर्ती हैं और उनका इलाज चल रहा है। रूसी समाचार एजेंसी 'टास' ने बुधवार को आपातकालीन सेवाओं के अधिकारियों के हवाले से यह जानकारी दी।
Red Sea Crisis | सऊदी टैंकर Daisy पर हूतियों का Missile Attack, अदन की खाड़ी में बढ़ा भारी तनाव
यमन के हूती विद्रोहियों ने दावा किया कि उन्होंने अदन की खाड़ी में सऊदी अरब के एक तेल टैंकर पर बैलिस्टिक मिसाइल से सफलतापूर्वक हमला किया है। ईरान का समर्थन करने वाला यह समूह इस इलाके में सऊदी अरब से जुड़े जहाजों के खिलाफ अपना अभियान जारी रखे हुए है। टेलीग्राम पर जारी एक बयान में हूतियों ने दावा किया कि सऊदी तेल टैंकर 'डेज़ी' को बैलिस्टिक मिसाइल से निशाना बनाया गया और कहा कि जहाज पर हमला हुआ और उसे अपना रास्ता बदलने पर मजबूर होना पड़ा। बयान में कहा गया अदन की खाड़ी में सऊदी तेल टैंकर डेज़ी को बैलिस्टिक मिसाइल से सफलतापूर्वक निशाना बनाया गया। ईश्वर की कृपा से इस ऑपरेशन का मकसद पूरा हुआ। जहाज पर हमला हुआ और उसे वापस लौटने पर मजबूर होना पड़ा। इसे भी पढ़ें: Indian Cargo Ship Attack | Red Sea में भारतीय कार्गो जहाज़ पर हमला, डूबने के बाद 13 भारतीयों को सुरक्षित बचाया गया, विदेश मंत्रालय ने जताई सख्त आपत्ति हूतियों ने कहा कि यह हमला लाल सागर में खासकर बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य के रास्ते सऊदी अरब के खिलाफ समुद्री नाकेबंदी के तहत किया गया। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, वे सऊदी तेल जहाजों को निशाना बनाना जारी रखेंगे। बयान में आगे कहा गया यह हमला सऊदी दुश्मन के खिलाफ समुद्री नाकेबंदी लागू करने के तहत किया गया है, जो 'नाकेबंदी के बदले नाकेबंदी' के सिद्धांत पर आधारित है। इसमें आगे कहा गया कि हम सऊदी तेल टैंकरों की हर गतिविधि पर बारीकी से नज़र रख रहे हैं। जब तक हमारे लोगों की जायज़ मांगें पूरी नहीं हो जातीं और नाकेबंदी खत्म नहीं हो जाती, तब तक हम किसी भी जहाज को - चाहे वह दक्षिणी लाल सागर से आ रहा हो या उत्तरी लाल सागर से गुजरने नहीं देंगे। यह दावा हुतियों द्वारा उत्तरी लाल सागर में सऊदी तेल टैंकर पर एक और हमले की घोषणा के एक दिन बाद किया गया है। इसे भी पढ़ें: बर्दाश्त नहीं...लाल सागर में डूबा भारतीय झंडे वाला जहाज, भयंकर भड़का भारत, अब होगा एक्शन! हुती प्रवक्ता याह्या सरी ने कहा कि सऊदी बंदरगाह शहर यानबू के तट के पास बैलिस्टिक मिसाइलों से वफ़ा टैंकर को निशाना बनाया गया। सरी ने X पर शेयर किए गए एक बयान में कहा अल्लाह की कृपा से हमला सटीक रहा। हूती प्रवक्ता ने दावा किया कि 'वफ़ा' पर हमले के साथ ही, 22 जुलाई को अपना समुद्री अभियान शुरू होने के बाद से इस समूह द्वारा निशाना बनाए गए सऊदी तेल जहाजों की संख्या आठ हो गई है। उन्होंने यह भी दावा किया कि लाल सागर और अरब सागर में 29 सऊदी तेल जहाजों को उनके रास्ते पर आगे बढ़ने से रोका गया या उन्हें वापस लौटने के लिए मजबूर किया गया। इस बीच, यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशन्स (UKMTO) ने 5 अगस्त को इस क्षेत्र में समुद्र से जुड़ी दो अलग-अलग घटनाओं की जानकारी दी।
वो हमें चुन चुन कर मार रहे हैं...पहली बार हनुमान का नाम लेकर आतंकी ने खोला भारत का राज!
खतरनाक आतंकी ने अपने साथियों को सामने बैठाकर पहली बार वो जानकारी दी है जिसने बवाल मचा दिया है। इसने बताया है कि भारत बदला लेता है तो कैसे लेता है। भारत छोड़ता नहीं है। पाकिस्तान के इस आतंकी ने अचानक भगवान राम, हनुमान और घनश्याम का नाम ले लिया। दरअसल इस्लामाबाद में लश्कर तैयबा से जुड़े आतंकी रिज़वान हनीफ ने दावा किया है कि पिछले 3-4 सालों में उसके संगठन के 30 से भी ज्यादा लोग मारे गए हैं। इस आतंकी ने बताया है कि उसके साथी पेशावर, कराची, रावलपिंडी, रावलकोट और मुजफराबाद में मारे गए हैं। उसने कहा कि मेरे इन 30 से ज्यादा साथियों को मारने वाले अज्ञात हमलावर थे। वह सभी के सभी भारत के एजेंट्स थे। यानी इस आतंकी ने इस्लामाबाद में खड़े होकर बताया है कि भारत ने 30 से ज्यादा आतंकी उड़ा दिए हैं। वैसे आपको बता दें कि भारत का इससे कुछ लेना देना नहीं है। भारत तो पहले ही मना कर चुका है कि हम अज्ञात हमलावर नहीं हैं। लेकिन फिर भी यह आतंकी पता नहीं क्यों बोल रहा है कि भारत की खुफिया एजेंसी हमारे लोगों को मार रही है। हमारे लोगों को पीओके में चैन से जीने नहीं दे रही। भारत के एजेंट्स हमें चुन चुन कर मार रहे हैं। इसे भी पढ़ें: Imran Khan की रिहाई पर अड़ी PTI: 27 सितंबर को Islamabad March का ऐलान, सुहैल अफरीदी की चेतावनी आतंकी रिज़वान हनीफ ने धार्मिक कार्ड खेलते हुए अपने साथियों को यहां तक कह दिया कि हमें इसलिए मारा जा रहा है क्योंकि हम इस्लाम को मानते हैं। हम राम, हनुमान, घनश्याम और गाय की पूजा नहीं करते। चलिए इस आतंकी ने राम, हनुमान और घनश्याम का नाम ले तो लिया है। इसकी सारी पीड़ाएं जल्द ही खत्म होने वाली हैं। तीन चार सालों के अंदर 30 से ज्यादा वाक्यात हो चुके हैं कि हमारे भाइयों को शहीद किया गया। किसी को पेशावर में, किसी को कराची में, किसी को पिंडी में, किसी को रावकोट में, किसी को मुजफराबाद में। जुर्म क्या है? जुर्म सिर्फ ये है कि हम ला इलाहा इल्लल्लाह के मानने वाले हैं। हम हनुमान घनश्याम हरि राम हम गाय की बछों की पूजा करने वाले नहीं है। इसे भी पढ़ें: Pakistan में कुछ बड़ा होने वाला है? विदेशी मीडिया पर बैन, बाहर जाने के लिए पत्रकारों को लेना होगा NOC राम हनुमान का नाम लेने वाले इस आतंकी को क्या डर सता रहा है। दरअसल कुछ दिन पहले ही पाकिस्तान के एक आतंकी ने कश्मीर में दो हिंदुओं का धर्म पूछकर उन्हें गोली मार दी। ऐसी घटना के बाद भारतीय सेना चुप नहीं बैठती। भारतीय सेना कुछ ना कुछ बड़ा खेल करने वाली है। सर्च ऑपरेशन में भारतीय सेना ने दो ओवर ग्राउंड वर्कर्स यानी पाकिस्तान की मदद करने वाले दो गद्दारों को दबोच लिया है। इनमें पहला है एजाज अहमद गने जिसे बारामुल्ला से पकड़ा गया है और दूसरा है तौसीफ अहमद डार जिसे पुलवामा से दबोचा गया है। इन दोनों के पास हथियार गोला बारूद सब मिले हैं। अब इन गद्दारों से जानकारियां जुटाई जा रही हैं। इसी कड़ी में पाकिस्तान के आतंकियों को डर है कि भारत बहुत बड़ा एक्शन लेने जा रहा है। Senior LeT commander Rizwan Hanif is absolutely terrified of the unknown gunmen model. 30 terrorists hoorified in last 3 years. Ye Dar achha hai. pic.twitter.com/eIs91bfxJO — Shining Star (@ShineHamesha) August 4, 2026
Trump Tariff Refund threatened world with tariffs finds himself cornered US will haveo refund $100 billion Trump Tariff Refund: दुनिया को टैरिफ का डर दिखाते-दिखाते खुद फंसे ट्रंप, अमेरिका को लौटाने होंगे 100 अरब डॉलर
ईरान में अंदरूनी कलह की आहट? राष्ट्रपति पेजेशकियन ने सुप्रीम लीडर से बातचीत को लेकर दिया बड़ा बयान
ईरान में अंदरूनी कलह की आहट? राष्ट्रपति पेजेशकियन ने सुप्रीम लीडर से बातचीत को लेकर दिया बड़ा बयान
अजिंक्य रहाणे के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास के बाद एक बार फिर बीसीसीआई की पेंशन योजना चर्चा में है। आखिर पूर्व भारतीय क्रिकेटरों को कितनी पेंशन मिलती है, कौन किस श्रेणी में आता है और किन परिस्थितियों में भुगतान रुक सकता है?
बहुत मुश्किल...Mojtaba Khamenei को लेकर ईरान के राष्ट्रपति पेजेश्कियान ने क्या बड़ा खुलासा किया?
ईरान के नेतृत्व में तनाव की खबरों के बीच, राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने कहा है कि सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई से बातचीत करना इस समय बहुत मुश्किल हो गया है। 56 साल के खामेनेई अपने पिता, पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की जगह लेने के बाद से सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं। उनके पिता की मौत अमेरिका-इजरायल के हमले में हुई थी, जिसमें खबरों के मुताबिक मोजतबा खामेनेई भी घायल हो गए थे। सार्वजनिक रूप से दिखाई न देने के बावजूद, पेज़ेशकियन ने ज़ोर देकर कहा कि खामेनेई इस टकराव पर ईरान की प्रतिक्रिया तय करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। इसे भी पढ़ें: होर्मुज जलडमरूमध्य विवाद के बीच Iran क्या बना पाएगा परमाणु हथियार खामेनेई पर पेज़ेशकियन AFP के अनुसार, पेज़ेशकियन ने कहा कि इस समय उनसे बातचीत करना बहुत मुश्किल है, लेकिन किसी भी स्थिति में, उनकी मौजूदगी हमारे लिए ताकत का बहुत बड़ा स्रोत है ताकि हम आगे बढ़ सकें। हालांकि खामेनेई ने पद संभालने के बाद से लिखित बयान जारी किए हैं, लेकिन अमेरिका के साथ चल रहे टकराव के दौरान सार्वजनिक रूप से उनके कम दिखने की वजह से वरिष्ठ राजनीतिक और सैन्य नेताओं के साथ उनके रिश्तों को लेकर अटकलें तेज़ हो गई हैं। वे पिछले महीने अपने पिता के अंतिम संस्कार में भी शामिल नहीं हुए थे। आपसी मतभेद की बातों को खारिज करते हुए, पेज़ेशकियन ने कहा कि उन्होंने सुप्रीम लीडर के साथ सार्थक बैठकें की हैं और बताया कि उन्होंने उनके साथ दयालुता और बहुत ठोस तर्क के साथ व्यवहार किया। ईरानी राष्ट्रपति ने कहा दुर्भाग्य से, मौजूदा हालात कुछ बुरे इरादे वाले लोगों को उनके बारे में अलग तरह से बात करने और उनकी एक अलग छवि पेश करने का मौका देते हैं। इसे भी पढ़ें: Iran Political Crisis: खामेनेई का Pezeshkian को आखिरी अल्टीमेटम, IRGC कमांडर के हाथ में कमान लीडरशिप में मतभेदों की खबरें पेज़ेशकियान का यह बयान ऐसे समय में आया है जब मीडिया में ईरान की लीडरशिप के बीच बढ़ते मतभेदों की खबरें आ रही हैं। इज़राइली ब्रॉडकास्टर 'चैनल 14' ने तेहरान के घटनाक्रम से वाकिफ़ सूत्रों का हवाला देते हुए दावा किया कि खामेनेई ने राष्ट्रपति को आखिरी अल्टीमेटम दिया था और संघर्ष व बातचीत से जुड़े अहम फैसलों पर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कमांडर अहमद वाहिदी का समर्थन किया था। रिपोर्ट में यह भी आरोप लगाया गया कि खामेनेई ने पेज़ेशकियान को इस्तीफ़ा देने से रोकने की कोशिश नहीं की, जिससे राष्ट्रपति का राजनीतिक प्रभाव कमज़ोर हो गया। चैनल 14 के मुताबिक, पेज़ेशकियान ने नीतिगत मतभेदों के दौरान कई बार इस्तीफ़ा देने की धमकी दी थी और मई में औपचारिक रूप से अपना इस्तीफ़ा भी पेश किया था। उनका तर्क था कि राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति से जुड़े फैसलों में उनके प्रशासन को काफी हद तक दरकिनार कर दिया गया था।
बाल-बाल बचे डोनाल्ड ट्रंप, हेलिकॉप्टर के बेहद करीब आ गया यात्री विमान; किससे हुई चूक?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के हेलिकॉप्टर 'मरीन वन' और एक यात्री विमान के बीच वाशिंगटन में टकराने की स्थिति बनते-बनते बची। दोनों विमान बेहद करीब आ गए थे, जिसके बाद इस घटना की जांच शुरू हो गई है।
पैटरनिटी लीव लेने पर बैंक ने नौकरी से निकाला, कोर्ट में मुकदमे के बाद देने पड़ गए 19 करोड़ रुपये!
मैनेजर ने आरोप लगाया कि लीव लेने के बाद बैंक ने उन्हें निशाना बनाया और नौकरी से निकाल दिया। कंपनी ने अपने बचाव में कई दलीलें दीं लेकिन कोर्ट ने कर्मचारी के हक में फैसला सुनाया।
क्या बांग्लादेश में लोकतांत्रिक असहमति के लिए जगह बची है? यह सवाल तब फिर चर्चा में आ गया, जब पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के वर्चुअल कार्यक्रम में शामिल होने वाले पूर्व क्रिकेटर और अवामी लीग के नेता शाकिब अल हसन के घर पर हमला किया गया। क्या बांग्लादेश में मीडिया स्वतंत्र है? यह सवाल तब फिर चर्चा में आ गया जब बांग्लादेश की तारिक रहमान सरकार के फतवे का पालन करते हुए हर मीडिया संस्थान ने शेख हसीना के भाषण को अपने प्रकाशन या प्रसारण में कोई जगह नहीं दी। देखा जाये तो बांग्लादेश में साफ नजर आ रहा है कि शेख हसीना भले वापस लौटने की बात कह कर अपने समर्थकों में उत्साह भरने का प्रयास कर रही हों लेकिन तारिक रहमान सरकार हसीना की पार्टी को अलग थलग करने और उनके समर्थकों का उत्साह ठंडा करने तथा उनको कहीं से भी समर्थन नहीं मिलने देने की नीति पर अडिग है। दिल्ली में हुए कार्यक्रम के दौरान भले शेख हसीना की पार्टी के नेताओं ने बड़ी बड़ी हुंकारें भरी हों लेकिन उनको रोकने के लिए बांग्लादेश सरकार भी तूफानी गति से रणनीति बनाने में जुटी हुई है। 2024 की 'अगस्त क्रांति' के चलते बांग्लादेश से भागने पर मजबूर हुईं शेख हसीना 'दिसंबर क्रांति' की सफलता की कल्पना कर रही हैं मगर उसको विफल करने के लिए ढाका हर तरह से तैयारी कर रहा है। इसे भी पढ़ें: Sheikh Hasina दिसंबर में Bangladesh लौटेंगी, कहा- गिरफ्तारी या मौत का डर नहीं जहां तक नई दिल्ली स्थित फॉरेन कॉरेस्पॉन्डेंट्स क्लब में वर्चुअल माध्यम से शेख हसीना के संबोधन की बात है तो आपको बता दें कि उन्होंने स्पष्ट कहा कि वह दिसंबर में बांग्लादेश लौटेंगी और गिरफ्तारी की आशंका से भयभीत नहीं हैं। उन्होंने कहा कि उनकी वापसी सत्ता हासिल करने के लिए नहीं, बल्कि बांग्लादेश को सही रास्ते पर लाने के लिए होगी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि उन्हें जेल भी जाना पड़े तो भी वह अपने देश लौटेंगी। अपने संबोधन में हसीना ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से बांग्लादेश में लोकतांत्रिक संस्थाओं की बहाली का समर्थन करने की अपील की और अवामी लीग पर लगा प्रतिबंध हटाने, राजनीतिक बंदियों की रिहाई, अभिव्यक्ति और मीडिया की स्वतंत्रता बहाल करने तथा न्यायपालिका की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने जैसी मांगें रखीं। हसीना ने 2024 के जुलाई विद्रोह को स्वतःस्फूर्त छात्र आंदोलन नहीं, बल्कि एक सुनियोजित सत्ता परिवर्तन अभियान बताया। उन्होंने दावा किया कि तत्कालीन अंतरिम प्रशासन के प्रमुख मोहम्मद यूनुस के पुराने बयानों से भी इस दिशा में संकेत मिलते हैं। इसी कार्यक्रम में हसीना के पुत्र और अवामी लीग के वरिष्ठ नेता सजीब वाजेद जॉय ने भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि बांग्लादेश एक विफल राष्ट्र बनने की ओर बढ़ रहा है और यदि मौजूदा हालात जारी रहे तो भविष्य में यह क्षेत्रीय और वैश्विक आतंकवाद का बड़ा केंद्र बन सकता है। जॉय ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान की आईएसआई को बांग्लादेश में खुली छूट मिल गई है, अवामी लीग सरकार के दौरान गिरफ्तार किए गए सैकड़ों दोषी आतंकियों को रिहा कर दिया गया है, प्रतिबंधित संगठन खुलेआम मार्च कर रहे हैं और अल-कायदा से जुड़े लोगों को सार्वजनिक मंच मिल रहे हैं। उन्होंने भारत के लिए भी इसे सुरक्षा चुनौती बताया और भारतीय मीडिया से इस विषय को लगातार उठाने की अपील की। जॉय ने यह भी आरोप लगाया कि अवामी लीग को राजनीतिक प्रक्रिया से बाहर रखा गया है, हजारों कार्यकर्ताओं और समर्थकों को लंबे समय से बिना मुकदमे या जमानत के हिरासत में रखा गया है, जबकि पार्टी से सहानुभूति रखने वाले पत्रकारों और मीडिया संस्थानों पर भी कार्रवाई हुई है। उन्होंने यह दावा भी किया कि उनके कार्यक्रम से पहले भारतीय मीडिया संस्थानों तक दबाव बनाने की कोशिश की गई। उधर, शेख हसीना के संबोधन के कुछ ही घंटों बाद पूर्व बांग्लादेश क्रिकेट कप्तान और अवामी लीग के पूर्व सांसद शाकिब अल हसन के मगुरा स्थित घर पर हमला हुआ। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार मोटरसाइकिलों पर पहुंचे कुछ लोगों ने घर के मुख्य गेट पर पेट्रोल बम जैसी वस्तु फेंकी, जिससे आग लगी, लेकिन पड़ोसियों ने समय रहते आग बुझा दी। पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है और कहा है कि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि इस्तेमाल की गई वस्तु वास्तव में पेट्रोल बम थी या कुछ और। घटना के समय घर में कोई मौजूद नहीं था। यह हमला ऐसे समय हुआ जब शाकिब अल हसन शेख हसीना के वर्चुअल कार्यक्रम में दिखाई दिए थे। इसी कारण अवामी लीग समर्थक इस घटना को राजनीतिक प्रतिशोध से जोड़ रहे हैं। हालांकि जांच एजेंसियों ने अभी तक हमले के पीछे किसी राजनीतिक उद्देश्य की पुष्टि नहीं की है। दूसरी ओर, बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने शेख हसीना को फरार दोषी बताते हुए उनके कार्यक्रम पर कड़ी आपत्ति जताई और कहा कि भारत में इस कार्यक्रम के आयोजन से दोनों देशों के संबंधों पर असर पड़ सकता है। हालांकि भारत ने स्पष्ट किया है कि नई दिल्ली में आयोजित यह कार्यक्रम पूरी तरह निजी था और भारत सरकार का इससे कोई लेना-देना नहीं था, फिर भी ढाका ने इसे द्विपक्षीय संबंधों के लिए नुकसानदायक बताया है। बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि भारत को पहले ही इस कार्यक्रम के संभावित कूटनीतिक प्रभावों से अवगत करा दिया गया था, इसके बावजूद शेख हसीना को भारतीय धरती से मीडिया को संबोधित करने की अनुमति देना बांग्लादेश की जनता की भावनाओं को आहत करने वाला कदम है। मंत्रालय ने शेख हसीना के बयानों को जुलाई-अगस्त 2024 की घटनाओं पर संयुक्त राष्ट्र के निष्कर्षों को नकारने का प्रयास बताते हुए इसे बांग्लादेश की संप्रभुता और 'जुलाई क्रांति' के शहीदों का अपमान करार दिया। साथ ही ढाका ने एक बार फिर 2013 की भारत-बांग्लादेश प्रत्यर्पण संधि के तहत शेख हसीना के प्रत्यर्पण की अपनी मांग दोहराई, जबकि भारत ने दोहराया कि यह कार्यक्रम फॉरेन कॉरेस्पॉन्डेंट्स क्लब ऑफ साउथ एशिया द्वारा आयोजित निजी आयोजन था और सरकार ने न तो इसका आयोजन किया और न ही इसका समर्थन किया। बहरहाल, इन घटनाओं ने बांग्लादेश के राजनीतिक माहौल, विपक्ष की भूमिका, मीडिया की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्थिति तथा भारत-बांग्लादेश संबंधों को लेकर नई बहस छेड़ दी है। एक ओर अवामी लीग मौजूदा व्यवस्था पर राजनीतिक दमन, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता में कमी और लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन के आरोप लगा रही है, वहीं दूसरी ओर सरकार शेख हसीना और उनके सहयोगियों के खिलाफ सख्त रुख बनाए हुए है और उससे जुड़े लोग खुलेआम चेतावनी दे रहे हैं कि शेख हसीना को बांग्लादेश लौटने पर फांसी पर चढ़ा दिया जायेगा। ऐसे में शेख हसीना की दिसंबर में प्रस्तावित वापसी और उसके बाद की राजनीतिक परिस्थितियों पर पूरे क्षेत्र की नजर बनी रहेगी।
Hockey World Cup: हॉकी विश्वकप में भारत के चार ऐसे दिग्गज, जिन्होंने पदकों की हैट्रिक लगाई
हॉकी विश्वकप से पहले भारतीय हॉकी के उन चार दिग्गजों को याद किया जा रहा है, जिन्होंने विश्वकप में तीन-तीन पदक जीतने का गौरव हासिल किया। भारत के नाम अब तक विश्वकप में 31 पदकवीर और कुल 167 पदक हैं।
अदन की खाड़ी में यमन के दक्षिणी तट के पासएक टैंकर ने अपने नजदीक तेज धमाके की आवाज सुनने की सूचना दी है। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है, जब हूती विद्रोहियों द्वारा जहाजों को निशाना बनाने के नए अभियान के बाद क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को लेकर तनाव बढ़ गया है।
टैरिफ के पैसे वापस करेगा अमेरिका! ट्रंप के फैसले से भारतीय कंपनियों को मिल सकता है बड़ा फायदा
टैरिफ के पैसे वापस करेगा अमेरिका! ट्रंप के फैसले से भारतीय कंपनियों को मिल सकता है बड़ा फायदा
कितने जुल्म छिपाएगा पाकिस्तान? ब्रिटेन पहुंचा PoK में नागरिकों के दमन का मामला, सड़क पर उतरे लोग
प्रदर्शनकारियों ने ब्रिटिश सरकार, संयुक्त राष्ट्र और मानवाधिकार संगठनों से PoK में पाकिस्तान द्वारा की गई बर्बर कार्रवाई की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। पाकिस्तान यहां लगातार लोगों के अधिकारों को कुचल रहा है।
अमेरिका जाने की है तैयारी?: जान लें USCIS का नया नियम, वरना अधूरा आवेदन पड़ सकता है भारी
अमेरिका जाने की है तैयारी?: जान लें USCIS का नया नियम, वरना अधूरा आवेदन पड़ सकता है भारी- Planning to go to US Know new USCIS rule otherwise an incomplete application could cost you dearly
क्या 194 साल तक जिंदा रहेंगे पुतिन, क्या सच में अमर हो सकता है इंसान ? जानिए लम्बी उम्र का रहस्य
क्या 194 साल तक जिंदा रहेंगे पुतिन, क्या सच में अमर हो सकता है इंसान ? जानिए लम्बी उम्र का रहस्य
एनसी सांसद मोहम्मद रमजान का भारत के खिलाफ बयान, PoJK को अलग देश बताया
जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के सात साल पूरे होने पर एक बार फिर यह मुद्दा सुर्खियों में है। इस बार चर्चा की वजह नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) के सांसद मोहम्मद रमजान का बयान है। उन्होंने पाकिस्तान अधिक्रांत कश्मीर (PoJK) को लेकर ऐसी टिप्पणी की, जिसके बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। […]
अमेरिका और इजरायल के हमले में घायल ईरान के सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई गायब हैं, लेकिन उनके संदेश समय समय पर आते रहते हैं। अब राष्ट्रपति पेजेश्कियान ने उनसे मुलाकात की है। जानें पेजेश्कियान ने क्या बताया?
'बांग्लादेश दूसरा पाकिस्तान....' शेख हसीना के बेटे ने दिया बड़ा बयान, भारत को लेकर कही ये बात
'बांग्लादेश दूसरा पाकिस्तान....' शेख हसीना के बेटे ने दिया बड़ा बयान, भारत को लेकर कही ये बात
ईरानी राष्ट्रपति Pezeshkian का America पर बड़ा हमला!
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने अमेरिका और इजरायल पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका दावा है कि दोनों देशों ने कम समय में ईरान पर नियंत्रण की उम्मीद की थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. वहीं ईरान ने अमेरिका के साथ किसी नई वार्ता से इनकार किया है और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर भी बाहरी दखल स्वीकार नहीं करने का अपना रुख दोहराया है.
PoK Election: शुरुआती दो चरणों की 34 में से 24 सीटें जीतकर PML-N की वापसी तय
इस्लामाबाद, छह अगस्त (एपी) पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में विधानसभा चुनाव के पहले दो चरणों के नतीजों में बुधवार को सत्तारूढ़ पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) ने स्पष्ट बढ़त बना ली। यह बढ़त ऐसे समय मिली है, जब पिछले कई सप्ताह से विरोध प्रदर्शन जारी हैं और एक प्रतिबंधित संगठन ने चुनाव के बहिष्कार का आह्वान किया हैं। क्षेत्रीय चुनाव आयोग के प्रवक्ता राजा शकील ने बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के नेतृत्व वाली पीएमएल-एन समर्थित उम्मीदवारों ने पहले दो चरणों में 34 में से 24 सीट पर जीत हासिल की है। उन्होंने बताया कि क्षेत्रीय राजधानी मुजफ्फराबाद में मतदान 56 प्रतिशत से अधिक रहा। शकील ने कहा कि शेष 11 सीट के लिए मतदान 10 अगस्त को होगा, लेकिन पार्टी अगली क्षेत्रीय सरकार बनाने की स्थिति में पहले ही पहुंच चुकी है। इसके साथ ही एक दशक बाद पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज की पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में सत्ता में वापसी तय मानी जा रही है। शकील ने बताया कि सुरक्षा चिंताओं और भारी मानसूनी बारिश के कारण चुनाव तीन चरण में कराए जा रहे हैं। बारिश के कारण चुनाव प्रचार प्रभावित हुआ और खुले मैदान में बड़ी जनसभाओं का आयोजन मुश्किल हो गया। क्षेत्रीय सरकार और चुनाव अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षा चिंताओं तथा प्रतिबंधित जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (जेएएसी) द्वारा चुनाव बहिष्कार की अपील के बावजूद मुजफ्फराबाद सहित कई क्षेत्रों में 50 प्रतिशत से अधिक मतदान हुआ। जेएएसी हिंसक प्रदर्शनों के लिए कुख्यात रहा है। नवाज शरीफ ने एक बयान जारी कर विजयी उम्मीदवारों को बधाई दी। भारत और पाकिस्तान, दोनों कश्मीर के अलग-अलग हिस्सों का प्रशासन चलाते हैं, लेकिन दोनों ही पूरे कश्मीर पर अपना दावा करते हैं। रविवार को मतदान से पहले जेएएसी समर्थकों और पुलिस के बीच कई बार झड़पें हुईं। हालांकि स्थानीय लोगों ने बताया कि हिंसा की आशंका के बावजूद उन्होंने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। विश्लेषकों का कहना है कि चुनाव ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया में जनता के विश्वास को मजबूत किया है, क्योंकि लोगों ने कई सप्ताह तक चले विरोध प्रदर्शनों, हिंसा और बहिष्कार अभियान के बावजूद मतदान किया। विवाद का मुख्य कारण 12 आरक्षित सीट हैं, जो ब्रिटिश शासन समाप्त होने के बाद भारत के हिस्से वाले कश्मीर से विस्थापित लोगों के लिए निर्धारित की गई हैं। जेएएसी का तर्क है कि इन सीटों के कारण पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर से बाहर रहने वाले लोगों को असंगत राजनीतिक प्रभाव मिलता है। संगठन इन सीटों को समाप्त करने की मांग कर रहा है। विवाद उस समय और बढ़ गया, जब जून में क्षेत्र के उच्चतम न्यायालय ने फैसला दिया कि ये सीटें संविधान द्वारा संरक्षित हैं और संवैधानिक संशोधन के बिना इन्हें समाप्त नहीं किया जा सकता। अधिकारी अक्सर जेएएसी समर्थकों पर चुनाव बाधित करने की कोशिश करने का आरोप लगाते हैं। उनका यह भी आरोप है कि पाकिस्तानी तालिबान के सदस्य इन विरोध प्रदर्शनों में शामिल हो गए थे। हालांकि जेएएसी ने इन आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। वर्ष 2023 में गठित जेएएसी कश्मीर के लोगों के लिए अधिक राजनीतिक अधिकारों की मांग कर रहा है। सरकार का कहना है कि उसने संगठन की 38 में से 36 मांग स्वीकार कर ली हैं, जबकि आरक्षित सीटों का मुद्दा केवल विधानसभा के माध्यम से ही सुलझाया जा सकता है।
USCIS ने अधूरे आव्रजन आवेदन खारिज करने का अधिकार बहाल किया, नए नियम लागू हुए
सागर कुलकर्णीवाशिंगटन, छह अगस्त अमेरिकी नागरिकता एवं आव्रजन सेवा (यूएससीआईएस) ने आव्रजन अधिकारियों का विवेकानुसार यह निर्णय लेने का अधिकार फिर से बहाल कर दिया है कि यदि कोई आवेदक अधूरा आवेदन जमा करता है या पात्रता साबित करने के लिए आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराता, तो उसकी आव्रजन लाभ संबंधी याचिका सीधे खारिज की जा सकती है। पहले की नीति के तहत, यदि किसी आव्रजन अधिकारी ने आवेदन पर अतिरिक्त जानकारी या दस्तावेज मांगे थे, तो आवेदक को 12 सप्ताह का समय दिया जाता था। यह व्यवस्था वीजा, ग्रीन कार्ड, नागरिकता, आव्रजन स्थिति में बदलाव या उसके विस्तार से जुड़े आवेदनों पर लागू थी। इसके अलावा, यदि साक्ष्य के लिए अनुरोध (आरएफई) या आवेदन खारिज करने के आशय का नोटिस (एनओआईडी) अमेरिका के बाहर डाक से भेजा जाता था, तो जवाब देने की समय-सीमा में 14 दिन और जोड़ दिए जाते थे। यूएससीआईएस ने बुधवार को जारी बयान में कहा, ‘‘आवेदक की जिम्मेदारी है कि वह आवेदन दाखिल करते समय यह साबित करे कि वह मांगे गए आव्रजन लाभ के लिए पात्र है और निर्णय होने तक उसकी पात्रता बनी हुई है।’’एजेंसी ने कहा कि यदि कोई आवेदक अपनी पात्रता साबित करने में विफल रहता है या आवेदन के पास आवश्यक प्रारंभिक दस्तावेज जमा नहीं करता है, तो यूएससीआईएस बिना आरएफई या एनओआईडी जारी किए भी आवेदन खारिज कर सकता है। नयी नीति तुरंत प्रभाव से लागू हो गई है और यह लंबित आवेदनों के साथ-साथ नए आवेदनों पर भी लागू होगी। नयी व्यवस्था के तहत आव्रजन अधिकारी आवश्यक प्रारंभिक दस्तावेजों के अभाव में आवेदन खारिज कर सकते हैं, आवेदन दाखिल करते समय पात्रता स्थापित न होने पर उसे अस्वीकार कर सकते हैं या यदि उन्हें उचित लगे तो अतिरिक्त साक्ष्य मांगने के लिए आरएफई जारी कर सकते हैं। यूएससीआईएस ने विशेष रूप से यह चिंता जताई कि कुछ आवेदक जानबूझकर अधूरे आवेदन दाखिल कर रहे थे ताकि मूल आवेदन पर अंतिम फैसला आने तक वे रोजगार परमिट जैसे अन्य आव्रजन लाभ हासिल कर सकें।
मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच वैश्विक अर्थव्यवस्था और तेल आपूर्ति को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है। ईरान और ओमान 'होर्मुज़ जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) से व्यापारिक जहाजों की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण समझौते के करीब पहुंच गए हैं। हालांकि, तेहरान ने स्पष्ट किया है कि इस मार्ग को पूरी तरह खोलने का अंतिम निर्णय तीसरे पक्षों—विशेष रूप से संयुक्त राज्य अमेरिका—के रुख पर निर्भर करेगा। जाहिर है, उनका इशारा अमेरिका (US) की तरफ है, जो मानता है कि यह रणनीतिक जलमार्ग सभी व्यापारिक जहाजों के लिए खुला रहना चाहिए। 28 फरवरी को मध्य पूर्व में संघर्ष शुरू होने के बाद से होर्मुज़ पर ईरान का असल नियंत्रण है, लेकिन उसके विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा है कि ओमान के साथ डील का ड्राफ्ट साइन होने के लिए तैयार है, जबकि अमेरिका का कहना है कि स्ट्रेट को फिर से खोलने का समझौता 'जल्द ही' होने वाला है। इसे भी पढ़ें: Meta ने PM Modi का वीडियो हटाने पर मांगी माफी, ग्लोबल अफेयर्स चीफ Joel Kaplan ने स्वीकारी गलती AFP ने बघाई के हवाले से कहा, दोनों पक्षों ने रूट के भौगोलिक को-ऑर्डिनेट (स्थान की जानकारी) पर सहमति बना ली है और अगर कुछ तीसरे पक्ष इस प्रक्रिया में बाधा नहीं डालते हैं, तो दोनों देशों का संयुक्त बयान - जिसमें मुख्य बातें और सहमति के बिंदु शामिल हैं - भी अंतिम समीक्षा और ड्राफ्टिंग के चरण में है। उन्होंने आगे कहा, होर्मुज़ स्ट्रेट को असुरक्षित बनाने वाले कारक अभी भी अमेरिका की तरफ से मौजूद हैं, खासकर नौसैनिक नाकेबंदी और ईरान व उसके हितों के खिलाफ अन्य आक्रामक और धमकी भरे कदम। होर्मुज़ का महत्व दुनिया का लगभग पांचवां हिस्सा कच्चा तेल होर्मुज़ से होकर गुजरता है, जिससे ग्लोबल सप्लाई चेन का संतुलन बनाए रखने के लिए यह बेहद महत्वपूर्ण है। लेकिन लगभग पांच महीने पहले संघर्ष शुरू होने के बाद से, दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतें लगातार बढ़ी हैं, जिससे अमेरिका पर अपने सैन्य अभियानों को खत्म करने का दबाव बढ़ रहा है। इसे भी पढ़ें: अमेरिका का बड़ा झटका! भारतीय छात्रों के छात्र वीजा में 62% की भारी गिरावट, पढ़ाई और नौकरी के सपनों पर फिरा पानी एसोसिएटेड प्रेस (AP) की एक रिपोर्ट के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड बुधवार को 80 डॉलर प्रति बैरल पर रहा, जो संघर्ष शुरू होने के बाद बढ़ी कीमतों के स्तर से कम था। क्या होर्मुज़ डील संघर्ष को खत्म कर सकती है? AP द्वारा बताए गए क्षेत्रीय अधिकारियों का कहना है कि ओमान के साथ डील के ड्राफ्ट के लिए ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खमेनेई की मंजूरी की जरूरत होगी, जिन्हें इस साल की शुरुआत में उनके पिता और पूर्ववर्ती अयातुल्ला अली खमेनेई की मौत के बाद से सार्वजनिक रूप से नहीं देखा गया है। हालांकि, उन्होंने इस डील को होर्मुज़ को लेकर विवाद का एक अस्थायी समाधान बताया। उन्होंने यह भी कहा कि यह डील उस समझौते से जुड़ी है जिस पर अमेरिका और ईरान ने जून में साइन किए थे, लेकिन बाद में दोनों देशों के बीच एक-दूसरे पर हमले फिर से शुरू होने के कारण वह समझौता टूट गया था। हालांकि, उनका कहना था कि इस संभावित डील से अमेरिका और ईरान के बीच तेहरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम पर बातचीत फिर से शुरू करने का रास्ता भी साफ होगा। इससे पहले, उन्होंने कहा था कि संभावित समझौते के तहत जहाज ईरान के कंट्रोल वाले रास्ते से फारस की खाड़ी में आएंगे और ओमान के कंट्रोल वाले रास्ते से बाहर निकलेंगे। अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा देने और समुद्री पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए सर्विस फीस ली जाएगी। हालांकि, अमेरिका का कहना है कि ईरान का फीस लेना समझौते के खिलाफ है और होर्मुज सभी जहाजों के लिए खुला रहना चाहिए। Stay updated with InternationalNews in Hindi on Prabhasakshi
दुनिया का इकलौता शहर जहां लोगों को मरने की इजाजत नहीं, आखिर क्यों बनाया गया ऐसा अजीब नियम?
दुनिया का इकलौता शहर जहां लोगों को मरने की इजाजत नहीं, आखिर क्यों बनाया गया ऐसा अजीब नियम?
PoK में कत्लेआम का ब्रिटेन में विरोध, मुनीर आर्मी की हिंसा का पर्दाफाश
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पिछले दो महीनों की कार्रवाई से आम लोग, खासकर महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग प्रभावित हुए हैं, इसलिए अब पारदर्शी जांच, जवाबदेही, बुनियादी आजादियों की हिफाजत और अंतरराष्ट्रीय निगरानी जरूरी है.
अमेरिका में पढ़ाई और उसके बाद नौकरी का सपना देखने वाले अंतरराष्ट्रीय छात्रों—विशेषकर भारतीयों—के लिए आंकड़े चिंताजनक संकेत दे रहे हैं। सेंटर फॉर इमिग्रेशन स्टडीज (CIS) की एक ताजा रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2024 की तुलना में वर्ष 2025 में भारतीय छात्रों को जारी किए जाने वाले अमेरिकी छात्र वीजा (F-1 Visa) में 62 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई है। इसके साथ ही, पढ़ाई पूरी करने के बाद अमेरिका में अस्थायी रोजगार देने वाले 'ऑप्शनल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग' (OPT) कार्यक्रम को पूरी तरह समाप्त करने की सिफारिश की गई है। छात्र वीजा के आंकड़ों में बड़ा अंतर सीआईएस (CIS) के वरिष्ठ कानूनी फेलो जॉर्ज फिशमैन द्वारा तैयार की गई इस रिपोर्ट में मई से अगस्त की मुख्य अवधि को आधार बनाया गया है, क्योंकि नए शैक्षणिक सत्र के लिए अधिकांश F-1 वीजा इसी दौरान जारी किए जाते हैं। भारतीय छात्र: अमेरिका ने 2024 में भारतीयों को 58,694 छात्र वीजा जारी किए थे, जो 2025 में 62% घटकर महज 22,149 रह गए। चीनी छात्र: चीन के छात्रों को जारी किए गए वीजा में भी 34% की कमी आई है। 2024 में चीनी छात्रों को 61,075 वीजा मिले थे, जो 2025 में घटकर 40,034 हो गए। रिपोर्ट के अनुसार, चीनी छात्रों को जारी किए गए वीजा में भी 34 प्रतिशत की कमी आई। वर्ष 2025 में चीन के छात्रों को 40,034 वीजा जारी किए गए, जबकि 2024 में यह संख्या 61,075 थी। इसी तरह, अमेरिका ने 2025 में भारतीय नागरिकों को 22,149 छात्र वीजा जारी किए, जबकि 2024 में यह संख्या 58,694 थी।अंतरराष्ट्रीय शिक्षा संस्थान (आईआईई) की वार्षिक जनगणना के अनुसार, 2024-25 शैक्षणिक सत्र में अमेरिका के उच्च शिक्षा संस्थानों में 11,77,766 विदेशी छात्र अध्ययनरत थे। इसे भी पढ़ें: Meta ने PM Modi का वीडियो हटाने पर मांगी माफी, ग्लोबल अफेयर्स चीफ Joel Kaplan ने स्वीकारी गलती इनमें 3,63,019 छात्र भारत और 2,65,919 छात्र चीन से थे। दोनों देशों के छात्र मिलाकर कुल विदेशी छात्रों का 53 प्रतिशत थे। रिपोर्ट में आईआईई के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा गया है कि 2024-25 शैक्षणिक वर्ष में अमेरिका में पढ़ रहे 10 लाख से अधिक विदेशी छात्रों में से 2,94,253 छात्र अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद ओपीटी कार्यक्रम के तहत अमेरिका में काम कर रहे थे। रिपोर्ट के अनुसार, ओपीटी कार्यक्रम के तहत काम कर रहे छात्रों में 49 प्रतिशत (1,43,740) भारतीय थे, जबकि 21 प्रतिशत (61,981) छात्र चीन से थे। फिशमैन ने कहा, ‘‘मैं ओपीटी कार्यक्रम को समाप्त करने की वकालत करता रहा हूं ताकि अमेरिकी छात्रों और कर्मचारियों के वेतन तथा रोजगार के अवसरों की रक्षा की जा सके।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यदि ऐसा नहीं भी होता है, तो भी भारत और चीन से आने वाले ओपीटी कार्यक्रम के छात्रों की संख्या कम करने से अमेरिकी छात्रों और कर्मचारियों पर इसके प्रतिकूल प्रभाव कम होंगे क्योंकि ओपीटी प्रतिभागियों में सबसे बड़ी हिस्सेदारी इन्हीं दोनों देशों के छात्रों की है।’’ सीआईएस की रिपोर्ट में तुलना के लिए मई से अगस्त की अवधि को आधार बनाया गया है, क्योंकि आगामी शैक्षणिक सत्र को ध्यान में रखते हुए एफ-1 छात्र वीजा का अधिकांश हिस्सा इसी अवधि में जारी किया जाता है। रिपोर्ट के अनुसार, 2024 में भारतीय नागरिकों को जारी किए गए 77 प्रतिशत एफ-1 वीजा और चीनी नागरिकों को जारी किए गए 76 प्रतिशत एफ-1 वीजा मई से अगस्त के बीच ही जारी किए गए थे। OPT कार्यक्रम खत्म करने की वकालत क्यों? रिपोर्ट के लेखक जॉर्ज फिशमैन का मानना है कि OPT कार्यक्रम को बंद करने या इसमें कटौती करने से स्थानीय अमेरिकी नागरिकों को फायदा होगा। जॉर्ज फिशमैन ने कहा, मैं ओपीटी (OPT) कार्यक्रम को समाप्त करने की वकालत करता रहा हूं ताकि अमेरिकी छात्रों और कर्मचारियों के वेतन तथा रोजगार के अवसरों की रक्षा की जा सके। इसे भी पढ़ें: Biocon का शुद्ध लाभ पहली तिमाही में 53.36% बढ़कर 136.8 करोड़ रुपये पहुंचा उन्होंने आगे कहा कि यदि इस योजना को पूरी तरह बंद नहीं भी किया जाता है, तब भी भारत और चीन से आने वाले OPT प्रतिभागियों की संख्या सीमित करने से अमेरिकी कार्यबल पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव कम होंगे, क्योंकि इस योजना में सबसे बड़ा हिस्सा इन्हीं दो देशों के स्नातकों का है।
आसमान में टला बड़ा हादसा! बाल-बाल पैसेंजर प्लेन से टकराने से बचाडोनाल्ड ट्रंप का हेलिकॉप्टर, देखिये खौफनाक वीडियो
मिस्र का रहने वाला परिवार, भारत से कनेक्शन... जानें कौन हैं अब्दुल सईद
अमेरिका के मिशिगन में डेमोक्रेटिक सीनेट प्राइमरी जीतकर अब्दुल अल-सईद ने हेली स्टीवंस को करीबी मुकाबले में पीछे छोड़ा और अब नवंबर में उनका सामना रिपब्लिकन उम्मीदवार माइक रोजर्स से होगा. बेंगलुरु और दुबई से जुड़े संपत्ति खुलासों के बीच उनकी जीत की काफी चर्चा हो रही है.
US mass shooting: Several killed in mass shooting in US' North Carolina, News in Hindi - Mass Shooting In US: अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में अंधाधुंध गोलीबारी, कई लोगों की मौत; एक घायल का इलाज जारी
वॉशिंगटन के आसमान में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ले जा रहा हेलिकॉप्टर 'मरीन वन' एक पैसेंजर प्लेन के खतरनाक रूप से बेहद करीब आ गया। दोनों उड़ानों के बीच की दूरी महज एक मील से भी कम रह गई थी, जिससे एक पल के लिए बड़ा हादसा होने का डर पैदा हो गया। हालांकि, पायलटों की सूझबूझ से सीधी टक्कर टल गई और एक बड़ा हादसा होने से बच गया। वाशिंगटन के एयर स्पेस में हुई इस गंभीर सुरक्षा चूक के बाद फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) ने मामले की उच्चस्तरीय जांच शुरू कर दी है, जबकि व्हाइट हाउस ने साफ किया है कि राष्ट्रपति पूरी तरह सुरक्षित थे। इस चूक में, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ले जा रहा हेलिकॉप्टर इस हफ्ते की शुरुआत में वाशिंगटन के ऊपर एक पैसेंजर प्लेन के 'बहुत करीब' आ गया था। इसे भी पढ़ें: Meta ने PM Modi का वीडियो हटाने पर मांगी माफी, ग्लोबल अफेयर्स चीफ Joel Kaplan ने स्वीकारी गलती यह घटना संभवतः मंगलवार दोपहर को हुई, जब ट्रंप को ले जा रहा हेलिकॉप्टर 'मरीन वन' एक पैसेंजर प्लेन के एक मील से भी कम दूरी पर आ गया। पैसेंजर प्लेन देरी के कारण उसी समय हवा में था। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि सीधी टक्कर का कोई तत्काल खतरा नहीं था। व्हाइट हाउस के प्रवक्ता कुश देसाई ने कहा है कि ट्रंप की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं हुआ। उन्होंने AFP को बताया, मरीन वन की उड़ानें दुनिया के कुछ बेहतरीन पायलट उड़ाते हैं, और राष्ट्रपति को किसी भी समय कोई खतरा नहीं था। जांच शुरू अमेरिकी अधिकारियों ने घटना की जांच शुरू कर दी है, लेकिन 'द वॉल स्ट्रीट जर्नल' (WSJ) के अनुसार, रीगन वाशिंगटन नेशनल एयरपोर्ट पर एयर ट्रैफिक कंट्रोलर के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। FAA ने एक बयान में कहा कि दूरी कम होने (loss of separation) के दौरान एयर ट्रैफिक कंट्रोलर कमर्शियल विमान और मरीन वन हेलिकॉप्टर के पायलटों के सीधे संपर्क में था। बयान में कहा गया, राष्ट्रपति कभी खतरे में नहीं थे। हम घटना की समीक्षा जारी रखे हुए हैं और अपनी जांच के आधार पर कोई भी उचित सुधारात्मक कदम उठाएंगे। इसे भी पढ़ें: Delhi के LNJP Hospital समेत 3 अस्पतालों की संशोधित लागत मंजूर, जांच के आदेश नियम क्या कहता है? 'द वॉल स्ट्रीट जर्नल' के अनुसार, ऐसी स्थिति में सुरक्षा उपायों के तहत क्षैतिज रूप से (horizontally) कम से कम 1.5 मील और लंबवत रूप से (vertically) 500 फीट की दूरी बनाए रखना जरूरी है। रिपोर्ट में बताया गया है कि मंगलवार की घटना, जो दोपहर करीब 2:30 बजे (1830 GMT) हुई, उसमें अमेरिकन एयरलाइंस का एम्ब्रेयर E-170 विमान शामिल था, जिसे उसकी सहायक कंपनी एनवॉय एयर (Envoy Air) ऑपरेट करती है। इसमें यह भी बताया गया कि मरीन वन एंड्रयूज एयर फोर्स बेस जा रहा था, जहां 80 वर्षीय ट्रंप कैलिफोर्निया जाने के लिए एयर फोर्स वन में सवार हुए। फिलहाल, न तो अमेरिकी मरीन कॉर्प्स और न ही अमेरिकन एयरलाइंस ने इस घटना के बारे में कोई बयान जारी किया है। इस बीच, जनवरी 2025 में वाशिंगटन नेशनल एयरपोर्ट के पास एक एयरलाइनर और आर्मी के ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर की घातक टक्कर में 67 लोगों की मौत के बाद से FAA ने सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए हैं।
मुक्केबाजों ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए सात स्वर्ण समेत कुल 10 पदक जीते, जबकि साई की ओर से तीन स्वर्ण समेत कुल सात पदक का अनुमान लगाया गया था।
'Difficult to contact Mojtaba': Iranian President speaks amidst power struggle, what does Pezeshkian's mean? - 'मोजतबा से संपर्क करना मुश्किल': सत्ता संघर्ष के बीच बोले ईरानी राष्ट्रपति, पेजेश्कियन के इस बयान मायने क्या?
पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर ने 2027 वनडे विश्व कप के लिए भारत की संभावित 15 सदस्यीय टीम चुनी है। आकाश चोपड़ा ने इस टीम को 10 में से 8.5 से 9 अंक देते हुए इसे संतुलित बताया।
डेटिंग एप्स से मोहभंग: सीधे संपर्क से रिश्तों की तलाश, क्या झूठी पहचान और अनदेखी से परेशान हैं युवा?
डेटिंग एप्स से मोहभंग: सीधे संपर्क से रिश्तों की तलाश, क्या झूठी पहचान और अनदेखी से परेशान हैं युवा?
प्रमुख कीटनाशक बेअसर: भारत से निकले सुपरमच्छर का अफ्रीकी महानगरों में आतंक, मलेरिया कितनी बड़ी चुनौती?
चेतावनी लेबल का असर: लैटिन अमेरिकी देशों में घटी हानिकारक खाद्य पदार्थों की बिक्री, किन उत्पादों की मांग घटी?
US प्रेसिडेंट की सुरक्षा में फिर बड़ी चूक!जेट से टकराने से बाल-बाल बचा ट्रंप का हेलीकॉप्टर, जाने पूरा मामला
भारत-म्यांमार सीमा पर जमीन का आदान-प्रदान? विदेश मंत्रालय ने कही बड़ी बात
भारत और म्यांमार के बीच मणिपुर की सीमा पर लंबे समय से अधूरा पड़ा सीमांकन का मुद्दा सुलझाने के लिए जमीन के आदान-प्रदान की संभावना पर चर्चा हो रही है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने मंगलवार को नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि सीमा के कुछ इलाके अभी तय नहीं हुए […]
चांद से जा टकराया एलन मस्क का बेकाबू रॉकेट, स्कूल बस जितना बड़ा साइज; पृथ्वी के लिए खतरा?
एलन मस्क की कंपनी SpaceX का स्कूल बस के आकार का 4-टन वजनी रॉकेट 8,700 km/h की रफ्तार से चांद से टकरा गया है। जानें 18 महीने से भटक रहे इस मलबे के क्रैश की पूरी जानकारी।
हम दूसरे विश्व युद्ध के बाद के सबसे बड़े हमले के लिए तैयार थे, ईरान को लेकर ट्रंप का बड़ा खुलासा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ युद्ध को लेकर बड़ा खुलासा किया है। ट्रंप ने कहा कि हम दूसरे विश्व युद्ध के बाद के सबसे बड़े हमले के लिए तैयार थे, लेकिन ईरान ने बातचीत करने का प्रस्ताव रखा।
Pakistan's ruling party leads in PoK vote despite boycott call by banned group - पीओके में चुनाव: विरोध और बहिष्कार की अपील के बावजूद नवाज शरीफ की पार्टी PMLN को बढ़त, सरकार बनाना लगभग तय
पश्चिम एशिया में बढ़ा तनाव: अदन की खाड़ी में हूतियों ने सऊदी अरब के टैंकर के पास किया धमाका; चालक दल सुरक्षित - Have Houthi rebels become active again Massive blast near tanker in Gulf of Aden crew safe
US China Trade War: ड्रोन को लेकर चीन का बड़ा दांव, छह अमेरिकी कंपनियों पर प्रतिबंध; व्यापारिक तनाव फिर बढ़ा---China Tightens Drone Export Controls and Blacklists Six US Companies in Response to Trade Curbs
शेख हसीना की मीडिया से बातचीत पर भड़का बांग्लादेश, भारत के साथ रिश्ते सुधारने पर भी बयान दिया
बांग्लादेश ने शेख हसीना को नरसंहार का दोषी करार दिया। वहीं, हसीना ने साफ किया कि वह जल्द ही बांग्लादेश लौटेंगी। उन्हें फांसी की सजा या जेल जाने का डर नहीं है।
Biz Updates: भारत-उज्बेकिस्तान रक्षा निर्माण क्षेत्र में सहयोग बढ़ाएंगे; ईस्टर्न रेलवे की माल ढुलाई बढ़ी
यूजीसी ने देश भर में की 32 फर्जी विश्वविद्यालयों की पहचान, दिल्ली और यूपी में फैला सबसे बड़ा जाल Jagran देश में फर्जी विश्वविद्यालयों के खिलाफ राज्य सरकारें दर्ज कराएं FIR- शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार Careers360
ईरान ने होर्मुज़ स्ट्रेट को लेकर अब क्या दावा किया - BBC
ईरान ने होर्मुज़ स्ट्रेट को लेकर अब क्या दावा किया BBC ईरान-ओमान की डील पक्की, होर्मुज पार करने का अब देना होगा टैक्स? Aaj Tak News ट्रम्प बोले- ईरान ने कहा आइए बात करते हैं: अगले 48 घंटे में स्थिति साफ हो जाएगी, ईरान बोला- अमेरिका से कोई ... Dainik Bhaskar जरूरत पड़ी तो अमेरिकी युद्धपोतों को निशाना बनाएंगे : ईरान, International Hindi News Hindustan ’48 घंटे में सब साफ हो जाएगा’, ईरान-अमेरिका तनाव पर बड़ा अपडेट, ट्रंप बोले- होर्मुज जल मार्ग जल्द खुलेगा Jansatta
Vikram Misri ने Sri Lanka नेतृत्व से की मुलाकात, 35 करोड़ डॉलर के ऋण समझौते का हुआ आदान-प्रदान
कोलंबो, पांच अगस्त विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने बुधवार को श्रीलंका के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात कर आपसी हितों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने श्रीलंका में भारत के सहयोग से जारी विकास परियोजनाओं समेत प्रमुख द्विपक्षीय परियोजनाओं की समीक्षा भी की। मिसरी एक दिवसीय दौरे पर कोलंबो पहुंचे हैं। उन्होंने श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुर कुमार दिसानायके, प्रधानमंत्री हरिनी अमरसूर्या और विदेश मंत्री विजिता हेराथ से भी अलग-अलग मुलाकात की। विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय मुद्दों और परियोजनाओं पर जारी सहयोग की व्यापक समीक्षा की।’’कोलंबो स्थित भारतीय उच्चायोग ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि दोनों पक्षों के बीच वार्ता आपसी हितों से जुड़े मुद्दों और श्रीलंका में भारत के सहयोग से चल रही विकास परियोजनाओं समेत प्रमुख द्विपक्षीय परियोजनाओं की समीक्षा पर केंद्रित रही। इसमें कहा गया, ‘‘बैठक के बाद, दोनों पक्षों ने भारतीय मूल्य में 35 करोड़ अमेरिकी डॉलर की ऋण सुविधा को लेकर समझौतों का आदान-प्रदान किया, जो चक्रवात दित्वाह के मद्देनजर भारत द्वारा दिए गए 45 करोड़ अमेरिकी डॉलर के पुनर्निर्माण पैकेज का हिस्सा है। यह ऋण सुविधा चक्रवात के बाद पुनर्निर्माण, बुनियादी ढांचा विकास और खरीद आवश्यकताओं की पूर्ति में मदद करेगी।’’विदेश मंत्रालय ने कहा कि दोनों पक्षों ने विभिन्न परियोजनाओं के कार्यान्वयन में हुई प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। मिसरी ने विदेश मंत्री विजिता हेराथ से भी मुलाकात की। इस दौरान दोनों ने प्राथमिकता वाले प्रमुख क्षेत्रों में जारी सहयोग की समीक्षा की। विदेश सचिव मिसरी ने अपने श्रीलंकाई समकक्ष अरुनी रानाराजा से भी मुलाकात की। इस दौरान दोनों अधिकारियों ने आपसी हितों से जुड़े क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की तथा द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के तरीकों पर विचार-विमर्श किया।
North Korea ने रूस को दी पावरफुल बैलिस्टिक मिसाइल, गुस्से से बिलबिलाया यूक्रेन, लगाया आरोप
पिछले कई साल से जारी रूस यूक्रेन के युद्ध में अब उत्तर कोरिया की एंट्री हो गई है। किम जोंग उन ने पुतिन को बैलिस्टिक मिसाइल की बड़ी खेप भेजी है, जिसके बाद यूक्रेन ने बड़ा आरोप लगाया है। जानें जेलेंस्की ने क्या कहा?
रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने सेना में किए कई बड़े बदलाव, वरिष्ठ पदों पर नियुक्तियों की घोषणा की
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सेना और रक्षा मंत्रालय में कई वरिष्ठ स्तर की नियुक्तियों और बदलावों की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इन सुधारों से सेना की संगठनात्मक व्यवस्था और बेहतर होगी।
West Asia: ईरान-ओमान ने समझौते का मसौदा तैयार किया, खामेनेई की अंतिम मंजूरी का इंतजार; अमेरिका का रूख क्या?
हाल ही में इंग्लैंड, वेल्स और स्कॉटलैंड में सिंगल-सेक्स जगहों से जुड़ा नया गाइडेंस लागू हो गया है। यह इक्वलिटी एंड ह्यूमन राइट्स कमीशन (EHRC) का कोड ऑफ प्रैक्टिस है। इसमें टॉयलेट, चेंजिंग रूम और रिफ्यूज जैसी जगहों को जैविक लिंग के आधार पर चलाने की बात कही गई है। यानी जैविक पुरुष को महिलाओं […]
गोल्फ क्लब में सेंध: ट्रंप के अफसर बनकर घुसे संदिग्ध पर क्या आरोप लगे? कार-घर से हथियार बरामद होने से हड़कंप--US Man Arrested at Trump California Golf Course Faces Illegal Weapons Charges
ईरान में तख्तापलट की तैयारी: ट्रंप ने वेनेजुएला की मिसाल क्यों दी? परमाणु का जिक्र कर तेहरान को समझौते की धमकी
सोशल मीडिया पर LIVE था इन्फ्लुएंसर, हत्यारों ने सरेआम मारी गोली
मेक्सिको में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स पर हमले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं. सिनालोआ में टिकटॉक इन्फ्लुएंसर सीजर गैस्टेलम की लाइवस्ट्रीम के दौरान सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई. शुरुआती जांच में घटना के पीछे कार्टेल हिंसा (अवैध ड्रग सिंडिकेट) का शक जताया गया है. यह हाल के महीनों में इन्फ्लुएंसर्स को निशाना बनाने का एक और सनसनीखेज मामला है.
रात के लगभग आठ बज चुके हैं। सड़कों पर अंधेरा है। एक स्विफ्ट डिजायर कार तेजी से मेरे पास आकर रुकी। गेट खुला तो देखा स्टीयरिंग और गियर पर चूड़ी से सजे एक महिला के हाथ हैं। ड्राइविंग सीट पर बैठी ये महिला प्रेग्नेंट है। मुझे देखते ही महिला हल्की सी मुस्कान के साथ बोली- ‘हैलो मैम! आज मैं आपकी ड्राइवर हूं, टीना।’ मैं मुस्कुराकर आगे वाली सीट पर ही बैठ गई। हरे रंग की यूनिफॉर्म पहने टीना की उम्र करीब 30 साल होगी। मेरे बैठते ही टीना बोलीं- ‘नाइट ड्यूटी में फीमेल क्लाइंट मिल जाए तो खुशी होती है।’ मैंने पूछा- ‘मेल क्लाइंट मिलें तो?’ टीना फौरन बोल पड़ीं- कई क्लाइंट तो बहुत अच्छे होते हैं। मुझे ड्राइविंग सीट पर देखकर खुश होते हैं। लेकिन अक्सर खराब लोग भी मिलते हैं। एक बार रात 12 बजे की बात है। मेल क्लाइंट की राइड आई। एक बार के बाहर उन्हें लेने पहुंची। उसने काफी शराब पी रखी थी। पीछे बैठकर शीशे से मुझे घूर रहा था। मैंने शीशे को दूसरी तरफ घुमाया, तो वो खिसककर दूसरी तरफ जा बैठा। फिर एकटक देखने लगा। मुझे घबराहट होने लगी, फिर भी राइड बीच में नहीं रोकी। उसे एक होटल तक ड्रॉप करना था। रात का वक्त था तो ज्यादा ट्रैफिक भी नहीं था। कुछ देर में होटल पहुंच गए। मैंने कहा- आपका डेस्टिनेशन आ गया, लेकिन वो कार से उतरा ही नहीं। मैंने फिर रिक्वेस्ट की, लेकिन वो कहने लगा- मेरे साथ होटल में चलो। आज रात मेरे साथ रुक जाओ। मैं बार-बार उसे उतरने को कहने लगी, लेकिन वो माना नहीं। लड़खड़ाती जुबान से कहता रहा कि आज रात तो तुम्हें मेरे साथ रुकना ही पड़ेगा। फिर मैंने कार का गेट खोला और उसका हाथ पकड़कर बाहर खींच लिया। उसकी हालत देखकर होटल वाले भी आ गए और उसे अंदर ले गए। मैं किसी तरह अपनी जान छुड़ाकर वहां से भागी। ऐसे लोगों की वजह से ही कैब कंपनी कार में एक इमरजेंसी सेफ्टी बटन लगवाती हैं। जिसे दबाने पर कंपनी को पता लग जाता है कि कोई मुसीबत है। बातों ही बातों में मैंने टीना से पूछा प्रेग्नेंसी में भी इतने घंटे टैक्सी चला रही हो, कोई दिक्कत तो नहीं होती? टीना ने कहा- क्यों नहीं होती मैडम, लेकिन क्या करें। घर भी तो चलाना है। इसके पहले जब पेट से थी तो कैब में ही मेरा बच्चा गिर गया था। पांचवां महीना था। जुड़वा बच्चे थे। उस दिन भी नाइट ड्यूटी थी। घर लौटने में कुछ ही घंटे बचे थे। सुबह पांच बजे एक कस्टमर को एयरपोर्ट पर छोड़ा। उसके बाद अचानक दर्द शुरू हो गया। कुछ ही मिनटों में ये दर्द बर्दाश्त से बाहर हो गया। ब्लीडिंग शुरू हो गई। पति को फोन करके एयरपोर्ट बुलाती तो अस्पताल पहुंचने में देर हो जाती। जैसे-तैसे हिम्मत करके खुद ही गाड़ी लेकर चल दी। दर्द के मारे आंखों के सामने बार-बार अंधेरा छाने लगा। ब्लीडिंग बढ़ती जा रही थी। करीब एक घंटे बाद हॉस्पिटल पहुंची। गेट पर गाड़ी रोककर जैसे ही उतरी, चारों तरफ खून फैल गया। आंखों के सामने मेरे बच्चे खून का लोथड़ा बनकर गिर गए। मैं वहीं बेहोश हो गई थी। होश आया तो अस्पताल के बेड पर थी। पति भी ड्यूटी से छुट्टी लेकर आ चुके थे। इसके बाद कई महीने लगे मुझे अपनी जिंदगी को पटरी में लाने के लिए। न काम में मन लगता था और न घर पर। ये बताते हुए टीना पेट में हाथ रखकर कहती हैं- ‘ऊपर वाले की मेहरबानी है मैम, इसबार सबकुछ ठीक है।’ मैंने पूछा दिल्ली में अब तक का सबसे अच्छा क्लाइंट कौन था, वो तुरंत बोल पड़ी- मैडम, आमिर खान, वो फिल्मों वाले। वो शूटिंग के लिए दिल्ली आए थे। दिवाली करीब थी। मुझे कंपनी ने बताया कि जितने दिन आमिर खान दिल्ली में रहेंगे, मैं ही उनकी ड्राइवर रहूंगी। सच कहूं तो मुझे यकीन नहीं हुआ। उन्हें लेने एयरपोर्ट पहुंची। जैसे ही वो आकर कार में बैठे मुझे भरोसा ही नहीं हुआ कि फिल्मों वाले आमिर खान हैं। मैं बार-बार पीछे पलटकर उन्हें देख रही थी। वो मुझे देखते ही बोले- अरे वाह! ड्राइविंग सीट पर आपको देखकर खुशी हुई। फिर उन्होंने मेरा नाम पूछा और हाल-चाल लिया। कुछ देर बाद उन्हें होटल ड्रॉप कर दिया। फिर अगले दिन उन्हें शूटिंग साइट पर ले गई। उस दिन पूरे रास्ते उन्होंने मेरे घरवालों और मेरी पढ़ाई-लिखाई के बारे में बात की। दोपहर में लंच के वक्त उन्होंने एक शख्स को भेजकर मुझे अंदर बुलाया। फिर अपने साथ लंच करवाया। वो जब तक दिल्ली में थे, हर दिन मुझे अपने साथ ही लंच करवाते थे। एक दिन उनकी शूटिंग नहीं थी। शायद रविवार था। उन्होंने पूछा- ‘टीना जी, हमारे साथ फिल्म देखने चलेंगी क्या?’ मैंने तुरंत हां कह दिया। उनके साथ करीब 8-10 लोग और थे। हम लोग साकेत के मॉल में फिल्म देखने गए थे। पांच दिन की शूटिंग के बाद जब वो वापस मुंबई गए तो दीवाली मनाने के लिए मुझे पांच हजार रुपए देकर गए थे। वो पांच दिन मेरे जिंदगी के सबसे खूबसूरत दिन थे। टीना को बीच में टोंकते हुए मैंने पूछा- आपने ड्राइविंग कैसे सीखी? कुछ सोचते हुए वो बोलीं- मेरा परिवार दिल्ली की झुग्गियों में रहता था। हम पांच भाई-बहन थे। मैं चौथे नंबर की थी। पापा बस ड्राइवर थे। एक दिन वे बस लेकर दिल्ली से बाहर गए थे। रास्ते में कुछ गुंडों ने उनकी बस को रोककर लूट लिया। सवारियों को बचाने के लिए पापा ने उनसे हाथापाई की। उन लोगों ने पापा के सिर पर लोहे की रॉड मार दी। उनकी मानसिक हालत बिगड़ गई। वो कई दिनों तक दिल्ली के शहादरा मेंटल अस्पताल में भर्ती रहे। ऐसे में घर की जिम्मेदारी मां पर आ गई। वो लोगों के घरों में बर्तन और झाड़ू पोछा करने लगीं। जब कई महीने तक पापा की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ तो उन्हें घर ले आए। लगभग दस साल लगे पापा को ठीक होने में। फिर उन्हें दोबारा ड्राइवर की नौकरी मिल गई। लेकिन मां ने उन्हें करने नहीं दी। इसी बीच मैं पैदा हुई। बचपन में जब औरतों को गाड़ी चलाते देखती तो बहुत अच्छा लगता था। बीच सड़क में खड़े होकर मैं उन्हें देखने लगती थी। घर की हालत तो ऐसी थी नहीं कि कभी कार चलाने का मौका मिले। पैसों की तंगी की वजह से दसवीं में पढ़ाई छोड़नी पड़ी। फिर मैंने सिलाई सीखी। एकबार मां ने मुझे ब्यूटी पार्लर का कोर्स करने भेजा। वहां एक संस्था का कैंप लगा था, जहां महिलाओं को ड्राइविंग सिखाई जा रही थी। इसके लिए वो लोग 2 हजार रुपए ले रहे थे और नौकरी का वादा भी किया। मेरे पास सिर्फ 500 रुपए थे। मैंने उनसे कहा- अभी 500 जमा कर लो, बाकि जब नौकरी लगेगी तब सैलरी से काट लेना। वो लोग मान गए। इस तरह से मैंने ड्राइविंग सीख ली। मां या फिर मेरे भाइयों को भी ड्राइविंग सीखने से कोई आपत्ति नहीं थी। पापा को इस बारे में कुछ पता नहीं था। छह महीने की ट्रेनिंग के बाद एक हाई कमिश्नर की बेटी की कार चलाने की नौकरी मिली। तब मैं 19 साल की थी। पहली बार जब ड्यूटी पर पहुंची तो कार चलाने में पांव कांप रहे थे। लेकिन वह मैडम अच्छी थी। रास्ते में कार के बारे में हर छोटी-छोटी बात मुझे बताती थीं। तब सैलरी 5 हजार रुपए महीना थी। करीब तीन साल मैंने वहां काम किया, फिर कैब कंपनी में काम करने लगी। एक बार मां का किसी पड़ोसी से झगड़ा हो गया। वो कहने लगा कि तुम्हारी बेटी तो रातों को गाड़ी चलाती है। क्या पता गाड़ी चलाने जाती है या कुछ और करने जाती है। हमें पता है कि तुम्हारी बेटी धंधा करने जाती है। तुम्हारी बेटी धंधेबाज है। हालांकि, घरवालों को गर्व था कि मैं लड़की होकर कार चला लेती हूं। एकबार मां रिश्तेदारी में गई थी। वो लोग कहने लगे कि तुम्हें शर्म नहीं आती, बेटी की कमाई खाते हो। कोई बेटी को इस तरह कमाने भेजता है। बेटी से टैक्सी चलवाता है क्या। मां घर आकर रोने लगीं, लेकिन मुझसे कभी ये नहीं कहा कि काम छोड़ दो। यहां तक कि जब शादी के लिए ससुराल वाले मुझे देखने आए थे, मां ने उनसे साफ कह दिया था कि मेरी बेटी ड्राइविंग नहीं छोड़ेगी। जब उन लोगों ने इसपर कोई आपत्ति नहीं जताई, तब मां ने रिश्ते के लिए हामी भरी। पति राजस्थान में एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करते हैं। टीना बात करते हुए टैक्सी चला रही थी, तभी बगल से एक बाइक वाला कुछ बुदबुदाते हुए निकल गया। मैं कुछ कहती उससे पहले ही टीना कहने लगी- ये सब कोई नई बात नहीं है मैडम। लोग जब ड्राइविंग सीट पर महिला को देखते हैं तो ताने मारते हुए चले जाते हैं। कहते हैं- अरे मैडम तुम्हें भी गाड़ी चलानी है क्या, घर में चूल्हा-चौका करो। रोटी सब्जी बनाओ। कई बार तो क्लाइंट भी पूछने लगते हैं कि मैडम आप अच्छे से गाड़ी चला लेंगी ना। कहीं भिड़ा तो नहीं देंगी ना। कई क्लाइंट तो महिला ड्राइवर देखकर राइड कैंसिल भी कर देते हैं। कहते है- मैडम छोड़ दो ये काम। ये आदमियों का पेशा है, औरतों का नहीं। जब शुरुआत में टैक्सी चलाती थी, तब पार्किंग में गाड़ी लगाना थोड़ा मुश्किल होता था। तब अक्सर ताने सुनने पड़ते थे। दूसरे ड्राइवर मजाक उड़ाते थे। कुछ मर्द ड्राइवर तो आज भी कह देते हैं- कहां हमारी रोजी रोटी छीनने लगी हो मैडम। घर पर रहो। अपना काम करो। रोटी बनाओ। अब उन्हें कौन बताए कि मैं घर के काम भी करती हूं और कैब भी चलाती हूं। जब नाइट ड्यूटी के बाद घर जाती हूं तो पहले घर के सारे काम निपटाती हूं। खाना, कपड़ा, बर्तन सब करती हूं। इस वजह से नींद भी नहीं हो पाती है। फिर भी लोग घर का काम करने के ताने देते हैं। टीना कुछ सोचते हुए कहती हैं- ये ताने तो कुछ भी नहीं मैडम जी, कई क्लाइंट तो गाली भी देते हैं। जब मैंने पहली बार किसी से गाली सुनी थी तो रातभर सो नहीं पाई थी। एक क्लाइंट को रेलवे स्टेशन ड्रॉप करना था। मैप से उनका एड्रेस नहीं मिल रहा था। फोन करके पूछा तो नाराज हो गए। कहने लगे कि आप घर का पता तो ढूंढ नहीं पा रही, टाइम पर स्टेशन कैसे पहुंचाएंगी। जैसे-तैसे मैं उनके घर पहुंची। वो पूरे रास्ते मुझे चिल्लाते रहे कि आपकी वजह से मेरी ट्रेन छूट जाएगी। जब स्टेशन पहुंचे, तब भी उन्होंने गुस्से में गाड़ी का गेट पटक दिया। गाली देते हुए बोले- ‘जब कुछ आता नहीं तो ड्राइवर क्यों बन गई हो। घर के काम करो। ये सब औरतों के बस की बात नहीं है।’ अपनी एक खतरनाक राइड का जिक्र करते हुए टीना बताती हैं कि एक बार रात दो बजे करोल बाग से धौलाकुंआ होते हुए एयरपोर्ट जाना था। ये जंगल वाला सुनसान रास्ता है। तेज बारिश भी हो रही थी। इतना गहरा अंधेरा था कि गाड़ी की लाइट चालू होने के बाद भी मुश्किल से कुछ दिख रहा था। जाते वक्त तो क्लाइंट साथ में था। लौटते वक्त मेरी हालत खराब हो गई। मेरी दूर की बहन भी टैक्सी चलाती है। उस दिन वो भी क्लाइंट को लेकर इसी रास्ते से एयरपोर्ट जा रही थी। मैंने उसको कॉल किया और हम दोनों अलग-अलग टैक्सी में साथ में निकले। बीच रास्ते में वो टैक्सी रोककर कहने लगी कि उसकी कार में कोई चुड़ैल आ गई है। अब वो गाड़ी नहीं चला पाएगी। मैंने जैसे-तैसे उसको समझाया और किसी तरह बड़ी मुश्किल से हम उस दिन लौट पाए। नोट- टीना बदला हुआ नाम है। ----------------------------------- ब्लैकबोर्ड की ये कहानियां भी पढ़ें… 1- ब्लैकबोर्ड-8 पुलिसवालों को मारने वाले विकास दुबे की बीवी हूं:आज वो जिंदा होते तो थप्पड़ मारती, बच्चे बाप का नाम तक नहीं सुनना चाहते साल 2020, 2-3 जुलाई की दरमियानी रात। मैं अपने छोटे बेटे के साथ लखनऊ वाले घर पर सो रही थी। बड़ा बेटा उन दिनों छुट्टी पर मॉस्को से इंडिया आया हुआ था और अपनी चाची के घर पर था। रात 2 बजे अचानक फोन बजा। पूरी कहानी यहां पढ़ें… 2- ब्लैकबोर्ड-पत्नी की साड़ी-पेटीकोट धोता हूं, झाडू-पोंछा करता हूं:दोस्त कहते हैं- ये मर्द नहीं, हाउस हसबैंड बनने से भाइयों की शादी नहीं हो रही कहानी ऐसे मर्द की जो पैसे कमाने बाहर नहीं जाता। घर पर रहकर झाड़ू-पोंछा करता है। बरतन धोता है। खाना बनाता है। वो हाउस हसबैंड है। ठीक वैसे ही जैसे हमारे यहां हाउस वाइफ होती हैं। पूरी कहानी यहां पढ़ें
चांद से रॉकेट की जोरदार टक्कर, छोटे-छोटे टुकड़ों में बिखरा मलबा
करीब एक साल तक अंतरिक्ष में भटकने के बाद SpaceX के Falcon 9 रॉकेट का विशाल मलबा आखिरकार चांद से टकरा गया. हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है, लेकिन वैज्ञानिकों का मानना है कि इस टक्कर से चंद्रमा की सतह पर एक नया गड्ढा बना होगा. यह घटना अंतरिक्ष कचरे को लेकर बढ़ती चिंता भी उजागर करती है.
India-B'desh Ties: शेख हसीना ने कैमरे पर चेहरा क्यों नहींदिखाया? बेटे सजीब बोले- मां को भारत में मिला सम्मान
ईरान-ओमान समझौता अंतिम चरण – होर्मुज जलडमरूमध्य नौवहन मार्ग पर सहमति
ईरान और ओमान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरने वाले एक प्रस्तावित वाणिज्यिक नौवहन मार्ग के लिए खास तरह के भौगोलिक चिन्हों पर सहमति व्यक्त की है
कार धमाके में रूस की प्रमुख ड्रोन निर्माता कंपनी के सीईओ घायल, आईसीयू में भर्ती
रूस की एक प्रमुख सैन्य ड्रोन निर्माता कंपनी 'यूरालड्रोनजावोड' के सीईओ व्लादिमीर त्काचुक मंगलवार देर रात एक कार विस्फोट घटना के बाद गंभीर रूप से घायल हो गए
एसएआईसी और जीएम ने संयुक्त उद्यम समझौते का किया नवीनीकरण
शांगहाई ऑटोमोटिव इंडस्ट्री कॉर्पोरेशन (एसएआईसी) और जनरल मोटर्स (जीएम) ने अपने संयुक्त उद्यम समझौते के नवीनीकरण पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते के तहत दोनों कंपनियों के संयुक्त उद्यम की अवधि 20 साल के लिए बढ़ाकर वर्ष 2047 तक कर दी गई।
World News: श्रीलंका में चक्रवात राहत के लिए भारत देगा ₹33.27 अरब; बांग्लादेश में खसरे से अब तक 854 मौतें
ईरान-ओमान की डील पक्की, होर्मुज पार करने का अब देना होगा टैक्स?
दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में शामिल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को दोबारा खोलने की दिशा में ईरान और ओमान के बीच बड़ी सहमति बनी है. अगर समझौता अंतिम रूप लेता है, तो सिर्फ समुद्री यातायात ही नहीं, बल्कि वैश्विक ऊर्जा कारोबार और पश्चिम एशिया की रणनीतिक ताकत का संतुलन भी बदल सकता है.
Pakistan: इमरान खान की रिहाई की मांग पर पाकिस्तान में बवाल, कई शहरों में प्रदर्शन; 100 से ज्यादा गिरफ्तार---Imran Khan Supporters Protest Across Pakistan, Over 100 Arrested on Completion of Three Years in Jail
Sheikh Hasina Bangladesh: शेख हसीना करेंगी घर वापसी, दिया बड़ा राजनीतिक संदेश!
Sheikh Hasina Bangladesh: शेख हसीना करेंगी घर वापसी, दिया बड़ा राजनीतिक संदेश!
ढाका (बांग्लादेश)। बांग्लादेश में आतंकवाद विरोधी कानून (Anti-Terrorism Act) के सख्त प्रावधानों के तहत 10वीं कक्षा में पढ़ने वाले 14 वर्षीय छात्र को न्यायिक हिरासत में जेल भेजे जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है. इस कार्रवाई के बाद देश के राजनीतिक गलियारों में भारी आक्रोश है. मुख्य विपक्षी दल अवामी लीग ने वर्तमान सरकार […]
गिरफ्तारी या मौत का खतरा भी नहीं रोक सकता, दिसंबर में बांग्लादेश लौटूंगी : शेख हसीना
नई दिल्ली। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने दो वर्षों के अंतराल के बाद बुधवार को पहली बार सार्वजनिक रूप से वर्चुअल माध्यम से देश और दुनिया को संबोधित करते हुए ऐलान किया कि वह हर हाल में बांग्लादेश लौटेंगी, चाहे उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाए या उनकी जान को खतरा ही क्यों न […]
इमरान खान के समर्थकों का उग्र प्रदर्शन, 100 से ज्यादा गिरफ्तार
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की गिरफ्तारी के तीन साल पूरे होने पर देशभर में विरोध प्रदर्शन आयोजित किए गए. पंजाब और सिंध प्रांतों में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले दागे, जिसमें 100 से अधिक कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है.
निर्मल पुर्जा का शव बेस कैंप पहुंचा, 8000M पर चला रिकवरी मिशन
ब्रॉड पीक पर आए विनाशकारी हिमस्खलन के बाद दुनिया के मशहूर नेपाली-ब्रिटिश पर्वतारोही निर्मल 'निम्स दाई' पुर्जा समेत चार पर्वतारोहियों के शव आखिरकार बेस कैंप तक पहुंचा दिए गए हैं. 8,000 मीटर से ज्यादा ऊंचाई पर चला यह रिकवरी मिशन बेहद चुनौतीपूर्ण रहा. अभी भी तीन पर्वतारोहियों के शव पहाड़ पर फंसे हैं, जिन्हें नीचे लाने की कोशिश जारी है.
जर्मन एयरपोर्ट पर यूक्रेनी विमान के पास मिला विस्फोटक वाला ड्रोन
जर्मनी में एक यूक्रेनी कार्गो विमान के पास विस्फोटकों से लैस ड्रोन मिला है जबकि एक विमान से कोई उड़ान भरती अज्ञात वस्तु टकराई है. हालांकि इस टक्कर के बाद भी विमान सुरक्षित उतरने में सफल रहा.
ट्रंप का बड़ा दावा- इस हफ्ते खुल सकता है स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, ईरान-ओमान के बीच फाइनल हुआ ड्राफ्ट!
ट्रंप ने दावा किया है कि Strait of Hormuz को दोबारा खोलने के लिए इस हफ्ते समझौता हो सकता है। ईरान और ओमान के बीच इस जलमार्ग को लेकर एक समझौते पर बातचीत अंतिम चरण में है।
Strait of Hormuz पर बढ़ी हलचल, ट्रंप बोले...
होर्मुज जलमार्ग को लेकर ईरान-ओमान समझौते की संभावना के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान जहाजों से टोल नहीं वसूल सकता. जानिए पूरा मामला और इसका वैश्विक असर. हूती विद्रोहियों ने एक तेल टैंकर पर मिसाइल हमला करने का दावा किया है, जबकि यमन के पास भारतीय ध्वज वाले एक व्यापारिक जहाज के डूबने की भी घटना सामने आई, जिसमें सभी चालक दल को सुरक्षित बचा लिया गया.

