परिवार के साथ सेवा में जुटे IPS... कांवड़ मार्ग पर दिखी SSP की अलग ही तस्वीर
सहारनपुर में श्रावण कांवड़ यात्रा के दौरान एक अलग तस्वीर देखने को मिली. वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अपने परिवार के साथ कांवड़ मार्ग पर पहुंचे और पुलिसकर्मियों के साथ मिलकर शिवभक्तों को केले, फ्रूटी, पानी और खाना बांटे. उन्होंने कांवड़ियों का हालचाल भी जाना और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को सुरक्षा, यातायात और श्रद्धालुओं के साथ सौहार्दपूर्ण व्यवहार बनाए रखने के निर्देश दिए.
थाईलैंड: छात्र ने स्कूल में बरसाईं गोलियां, दो की मौत और 15 घायल; फिर खुद की आत्महत्या
Thai student opens fire at school, killing and injuring several; then commits suicide.
5 बच्चों का पिता है यूट्यूबर, रचाई तीसरी शादी? हुआ ट्रोल
इंस्टाग्राम पर पोस्ट किए वीडियो में मंडप में दुल्हन संग सात फेरे लेते दिख रहे हैं. अरमान शेरवानी पहने हुए हैं और दुल्हन लाल रंग के लहंगे में नजर आ रही है.
भावना कंठ: पहली महिला फाइटर पायलट बनीं फाइटर कॉम्बैट लीडर
भारतीय वायुसेना की स्क्वॉड्रन लीडर भावना कंठ पहली महिला फाइटर पायलट बन गईं जिन्होंने प्रतिष्ठित फाइटर कॉम्बैट लीडर कोर्स पूरा किया. यह उपलब्धि महिलाओं की लड़ाकू भूमिका में बढ़ती भागीदारी को दर्शाती है.
DU में दो कॉलेेजों के लिए बदला नियम, तो क्या CUET कामयाब नहीं?
शिक्षाविदों और मीडिया एनालिसिस का साफ मानना है कि भारत जैसी विविधता वाले देश में एक ही कसौटी पर हर कॉलेज और हर छात्र को नहीं कसा जा सकता. यहां आउटर और ऑफ-कैंपस कॉलेजों की अस्तित्व रक्षा के लिए आने वाले दिनों में CUET स्कोर के साथ-साथ 12वीं के बोर्ड अंकों के लिए भी एक निश्चित कोटा तय करना ही पड़ेगा.
दक्षिणी लेबनान में इजरायली हमले से भारी तबाही, देखें दुनिया आजतक
रोम में शांति वार्ता के बीच इजरायल-लेबनान में तनाव बढ़ गया है. दक्षिणी लेबनान में इजरायली हमले से भारी तबाही मची है, जिसमें एक नागरिक की मौत हो गई. जवाबी हमले में 2 इजरायली सैनिक भी ढेर हुए. युद्धविराम के बावजूद सीमा पर झड़पें थम नहीं रहीं. देखें दुनिया आजतक.
Personality Facts: बार-बार अपना चेहरा देखने वाले लोग कैसे होते हैं?
क्या आप भी दिन में कई बार आईना देखते हैं या आपने ऑफिस और कॉलेज में ऐसे लोगों को देखा है जो हर थोड़ी देर में अपना चेहरा चेक करते रहते हैं. साइकोलॉजी के अनुसार यह आदत सिर्फ सजने-संवरने तक सीमित नहीं होती. इसके पीछे कई कारण हैं.
रिमझिम बारिश में बनाएं आलू-प्याज के पकौड़े, ऐसे बनेंगे ज्यादा क्रिस्पी
Aloo-Pyaz Pakoda: अगर आप भी बारिश में पकौड़े बनाने की सोच रहे हैं तो थोड़ा रुक जाइए. यहां हम आपको पकौड़ों की ऐसी रेसिपी बता रहे हैं जिसे फॉलो कर आप बिलकुल हलवाई स्टाइल बेहद क्रिस्पी आलू-प्याज के पकौड़े बना सकते हैं. इन्हें चाय के साथ खाकर आपको मजा आ जाएगा.
बुमराह बाहर, गिल चोटिल, श्रीलंका दौरे पर टीम परेशान
श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज से पहले कप्तान शुभमन गिल अभ्यास के दौरान दो बार अंगूठे में चोटिल हुए, लेकिन चोट गंभीर नहीं है और वह बल्लेबाजी करते दिखे। वहीं जसप्रीत बुमराह पहले ही बाहर हैं, ऐसे में मोहम्मद सिराज गेंदबाजी की अगुआई करेंगे।
थाइलैंड के स्कूल में खूनी खेल: छात्र ने की अंधाधुंध फायरिंग, 2 की मौत; मची चीख-पुकार
थाइलैंड के नोंथबुरी स्थित देवसिरिन स्कूल में एक छात्र ने अंधाधुंध गोलीबारी की। घटना में हमलावर और एक टीचर समेत 2 की मौत हो गई, जबकि 15 से अधिक घायल हैं। जानें इस भयानक शूटआउट की पूरी जानकारी।
MI का स्टार बना 'सुपरमैन', किया ऐसा करिश्मा कि सब दंग रह गए
विल जैक्स का बाउंड्री पर किया गया करिश्मा मैच के उन पलों में रहा, जिन्हें लंबे समय तक याद रखा जाएगा. विल जैक्स इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में मुंबई इंडियंस के लिए खेलते हैं. MI लंदन भी मुंबई इंडियंस की फ्रेंचाइजी है.
किचन का सीलिंग फैन हो गया है गंदा और चिपचिपा? ऐसे करें साफ
How to clean kitchen ceiling fan: अगर आपके किचन में लगा पंखा भी गंदा और चिपचिपा हो गया है तो यहां हम आपको उसे साफ करने के कुछ असरदार ट्रिक्स बता रहे हैं. इनकी मदद से किचन फैन नया जैसा चमकने लगेगा.
समरसता का महापर्व: योगी राज में कांवड़ यात्रा का नया स्वरूप
उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में आस्था को मिले अभूतपूर्व सम्मान, सुरक्षा और प्रशासनिक संरक्षण ने इस यात्रा को सामाजिक सशक्तीकरण, समरसता और सांस्कृतिक गौरव के एक महाउत्सव में बदल दिया है.
थाईलैंड में छात्र ने स्कूल में की अंधाधुंध फायरिंग, टीचर को मारी गोली, खुद को कर लिया शूट, 7 की मौत
थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक के एक स्कूल में आठवीं के एक छात्र ने पहले टीचर को मारी गोली, फिर खुद को भी कर लिया शूट, दोनों की मौत हो गई। फायरिंग की घटना में अबतक सात की मौत की खबर है।
ग्लास्गो में चमके नए सितारे... लेकिन हिमा-दुती की रेस कहां छूट गई?
ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत ने शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन इस सफलता के बीच एक बड़ा सवाल भी उभरता है- हिमा दास और दुती चंद जैसी चैम्पियन आखिर कहां खो गईं?
शुभेंदु के PA की हत्या का खुलासा, ऑफिस स्टाफ ही निकला मास्टरमाइंड
शुभेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी चंद्रनाथ रथ की हत्या मामले में सीबीआई ने 11 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है. इनमें बीजेपी कार्यकर्ता सागर सोनकर और उनके भाई साहिब सोनकर भी शामिल हैं. आरोप है कि सागर ने ही उत्तर प्रदेश के शूटरों को सुपारी दी थी. रथ की हत्या 6 मई को मध्यमग्राम में हुई थी.
सावन के दूसरे सोमवार पर बुधादित्य सहित 3 शुभ योग, 5 राशियां होंगी लकी
Sawan Second Somwar 2026: सावन के दूसरे सोमवार पर बुधादित्य योग समेत 3 शुभ योगों का संयोग. कर्क, सिंह और कुंभ समेत इन 5 राशियों को मिल सकती है बड़ी सफलता.
'ये शिवभक्त नहीं, नशेड़ी-आतंकवादी', देखें कांवड़ियों पर मौलाना रशीदी का विवादित बयान
ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी के कांवड़ियों को लेकर बयान पर बवाल खड़ा हो गया है. उन्होंने कांवड़ियों को नशेड़ी, भंगेड़ी और आतंकवादी बता दिया. मौलाना के बयान को लेकर बीजेपी विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने मौलाना के खिलाफ पुलिस से शिकायत की. देखें वीडियो.
रांची में भूख हड़ताल पर बैठे राहुल की तबीयत बिगड़ी, अस्पताल ले जाया गया
रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और पेपर लीक के खिलाफ छात्र दो हफ्तों से ज्यादा समय से धरना और अनशन कर रहे हैं. इसी आंदोलन में भूख हड़ताल पर बैठे चार प्रदर्शनकारियों में से एक राहुल की तबीयत बिगड़ गई है. डॉक्टर उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जा रहे हैं.
IND vs SL XI Live: तीन दिन का वार्म अप मैच शुरू; श्रीलंका ने भारत के खिलाफ टॉस जीतकर बल्लेबाजी चुनी
नमस्कार! अमर उजाला के लाइव ब्लॉग में आपका स्वागत है। भारत फिलहाल श्रीलंका के दौरे पर है। आज से तीन दिनों के वार्म अप मैच की शुरुआत हुई है।
जेल में बंद भाई के लिए लव स्टोरी के इंग्लिश नॉवेल लेकर जा रहा था अबान
गुरुवार की सुबह 11 बजे यूपी की झांसी जेल में अतीक अहमद के बेटे अबान की उसके बड़े भाई अली से मुलाकात होनी थी. लेकिन यह मुलाकात नहीं हो सकी. कार हादसे में अबान की जान चली गई. अबान अपने भाई के लिए दो लव स्टोरी वाले अंग्रेजी नॉवेल लेकर जा रहा था, जो कार के डैशबोर्ड से मिले हैं.
भूकंप या अंडरग्राउंड प्रेशर... गुजरात के कुएं में पानी की अजीब हलचल
गुजरात के मोरबी जिले के नए कुएं में पानी लहरों की तरह लगातार हिल रहा है जबकि आसपास के कुएं शांत हैं. जिला कलेक्टर ने जांच के आदेश दिए हैं. भूकंप या अंडरग्राउंड प्रेशर जैसी संभावनाएं बताई जा रही हैं.
दुल्हन बनेंगी हुमा, दूसरे धर्म के हीरो के साथ बसाएंगी घर?
हुमा कुरैशी और रचित सिंह के रिश्ते को लेकर चल रही अफवाहों पर दोनों ने सफाई दी है. हुमा ने शादी के सवाल पर कहा कि अभी उनका फोकस काम पर है और फिलहाल शादी का कोई प्लान नहीं है.
क्या शापित हैं 13 तारीख के 3 शुक्रवार... 2026 में कब आने वाला है तीसरा?
एक साल में 13 तारीख को अगर तीन शुक्रवार पड़ जाए, तो क्या यह अशुभ होता है? इस बारे में कई देशों में अलग- अलग मान्यताएं हैं. आखिर, इस संयोग को शापित क्यों समझा जाता है. चलिए जानते हैं यह दिलचस्प मान्यता क्या है?
श्रीलंका में टीम इंडिया को झटका, गिल बाहर, केएल राहुल कप्तान
श्रीलंका दौरे पर टीम इंडिया को बड़ा झटका लगा है. कप्तान शुभमन गिल प्रैक्टिस के दौरान दाएं हाथ की रिंग फिंगर में चोट लगने के कारण SLC XI के खिलाफ वार्म-अप मैच के पहले दिन मैदान पर नहीं उतरे. एहतियात के तौर पर उन्हें आराम दिया गया है. उनकी गैरमौजूदगी में केएल राहुल टीम की कप्तानी कर रहे हैं.
शुभमन गिल अभ्यास सत्र के दौरान दाएं हाथ की रिंग फिंगर में चोटिल हो गए हैं। बीसीसीआई ने एहतियात के तौर पर उन्हें श्रीलंका इलेवन के खिलाफ वार्म-अप मैच के पहले दिन फील्डिंग से बाहर रखा है।
थाईलैंड में शुक्रवार सुबह एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहाँ बैंकॉक के उत्तरी हिस्से में स्थित नोंथाबुरी प्रांत के एक प्रतिष्ठित स्कूल में अचानक गोलीबारी शुरू हो गई। स्थानीय मीडिया और प्रांतीय अधिकारियों के अनुसार, इस हमले में कम से कम 15 छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जबकि कई अन्य लोगों के मारे जाने की आशंका जताई जा रही है। शुरुआती रिपोर्टों से यह भी संकेत मिला कि कई लोगों की मौत हो सकती है, हालांकि हताहतों की सही संख्या की पुष्टि नहीं हुई थी। इसे भी पढ़ें: Jammu and Kashmir | रामबन में सुरक्षा बैरिकेड तोड़कर भागी संदिग्ध स्कॉर्पियो: चेतावनियों और फायरिंग के बावजूद फरार, अमरनाथ यात्रा मार्ग पर हाई अलर्ट यह घटना शुक्रवार सुबह बांग क्रुआई जिले के डेबसिरिन नोंथाबुरी स्कूल में हुई। थाई प्रसारक 'थाई पीबीएस' ने शुरू में बताया कि गोलीबारी में 10 से 15 लोग घायल हुए हैं। पुलिस ने कहा कि स्कूल में गोलीबारी करने का संदेह एक छात्र पर है। गोलीबारी की सूचना मिलने के बाद प्लाई बांग पुलिस स्टेशन के अधिकारियों को कैंपस भेजा गया और उन्होंने इलाके को सुरक्षित करने का काम शुरू किया। अधिकारियों ने कहा कि हताहतों की संख्या अभी शुरुआती है क्योंकि बचाव और कार्रवाई का काम चल रहा था। पुलिस ने लोगों से यह भी आग्रह किया कि जब अधिकारी स्थिति को संभाल रहे हों, तो वे घटना की लाइव-स्ट्रीमिंग न करें। इसे भी पढ़ें: PM Modi ने Handloom Day पर हथकरघा उत्पाद खरीदने की अपील की, बुनकरों की मदद का दिया संदेश घायलों की हालत, क्या किसी की मौत की पुष्टि हुई है और गोलीबारी के पीछे का मकसद क्या था, इस बारे में और जानकारी तुरंत उपलब्ध नहीं थी। अधिकारी स्कूल को सुरक्षित करने और घटना से जुड़ी परिस्थितियों की जांच करने का काम जारी रखे हुए थे। और जानकारी का इंतज़ार है।
थाइलैंड के स्कूल में फायरिंग, छात्र ने चलाईं गोलियां, कई लोगों के हताहत होने की आशंका
थाईलैंड के एक स्कूल में शुक्रवार को एक छात्र ने गोलीबारी की, जिसमें कुछ लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है. हालांकि मरने वालों की संख्या की पुष्टि नहीं अभी नहीं हुई है.
रामायण: वनवास के सीन में नंगे पैर रहे रणबीर? बताई मजबूरी
रणबीर कपूर की फिल्म रामायण का ट्रेलर चर्चा में है. फिल्म में रणबीर भगवान राम की भूमिका निभा रहे हैं. शूटिंग के दौरान उन्हें वनवास के सीन्स में नंगे पैर दिखना था. लेकिन वो ऐसा नहीं कर पाए, जानें क्यों?
यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों द्वारा किए गए सिलसिलेवार हमलों से खाड़ी क्षेत्र में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। सऊदी अरब की सेना के अनुसार, यमन सीमा के पास सऊदी अरब के दक्षिणी नजरान क्षेत्र में हुए हूती हमलों में एक चार वर्षीय बच्चे सहित कम से कम 11 आम नागरिक घायल हो गए हैं। इससे कुछ घंटे पहले ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने मध्य और पूर्वी यमन में उन सिलसिलेवार हमलों की जिम्मेदारी ली थी, जिनमें कम से कम 30 सैनिक मारे गए थे और कम से कम 50 अन्य घायल हुए थे। इसे भी पढ़ें: Delhi में बारिश के दौरान नाले में गिरा व्यक्ति, NDRF का सर्च ऑपरेशन जारी हूती के एक नेता ने कहा कि इन हमलों में सऊदी अरब समर्थित सैनिकों को निशाना बनाया गया और ‘‘सैकड़ों’’ लोग मारे गए या घायल हुए। यमन के अधिकारियों ने बताया कि ये हमले मारिब और हद्रामौत प्रांतों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के सुरक्षा बलों के शिविरों पर किए गए। इसे भी पढ़ें: CGPSC scam: पूर्व IAS जीवन किशोर ध्रुव की जमानत याचिका खारिज, High Court का सख्त रुख सऊदी अरब की सेना के प्रवक्ता तुर्की अल-मल्की ने कहा कि नजरान में हुए हमले में सऊदी अरब के सात नागरिक, यमन का एक नागरिक तथा मिस्र के दो और पाकिस्तान का एक प्रवासी घायल हुआ। इन घायलों में एक बच्चा भी शामिल है। हूती विद्रोहियों ने इस हमले के संबंध में कोई बयान जारी नहीं किया है। सऊदी के नजरान में आम नागरिकों को बनाया निशाना सऊदी अरब की सेना के प्रवक्ता तुर्की अल-मल्की ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि नजरान क्षेत्र में हुए इस हमले में घायलों में विभिन्न देशों के नागरिक शामिल हैं: सऊदी नागरिक: 7 लोग (जिनमें एक 4 साल का बच्चा भी शामिल है) मिस्र के प्रवासी: 2 लोग यमन का नागरिक: 1 व्यक्ति पाकिस्तान का प्रवासी: 1 व्यक्ति फिलहाल हूती विद्रोहियों की ओर से नजरान में हुए इस हमले को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। Stay updated with InternationalNews in Hindi on Prabhasakshi
Donald Trump ने US में Birth Tourism रोकने के लिए दो नए आदेशों पर हस्ताक्षर किए
सागर कुलकर्णीवाशिंगटन, सात अगस्त अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका में बच्चे को जन्म देकर उसे यहां की नागरिकता दिलाने के उद्देश्य से विदेशियों के ‘बर्थ टूरिज्म’ (जन्म पर्यटन) के मामलों पर सख्ती करने और जन्म के आधार पर अमेरिकी नागरिकता पाने के पात्र लोगों की संख्या सीमित करने के लिए दो कार्यकारी आदेशों पर हस्ताक्षर किए हैं। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब कुछ सप्ताह पहले उच्चतम न्यायालय ने इस संबंध में ट्रंप के पहले जारी आदेश को खारिज कर दिया था। बृहस्पतिवार को हस्ताक्षरित आदेशों में से एक उन लोगों को निशाना बनाता है जो व्यावसायिक रूप से ‘बर्थ टूरिज्म’ को चुनते हैं और बच्चे को अमेरिकी नागरिकता दिलाने के उद्देश्य से अमेरिका आते हैं। इस आदेश का उद्देश्य ऐसे लोगों की अमेरिका में प्रवेश की सुविधा सीमित करना है। दूसरा आदेश उन लोगों की परिका विस्तार करता है जिन्हें जन्म के आधार पर अमेरिकी नागरिकता के लिए अयोग्य माना जाएगा। इसमें विदेशी सरकारों की ओर से ‘लॉबिंग’ (पैरवी) करने वाले विदेशी नागरिकों के बच्चों को भी शामिल किया गया है। अमेरिकी उच्चतम न्यायालय ने 30 जून को ट्रंप के उस कार्यकारी आदेश को खारिज कर दिया था जिसमें जन्म के आधार पर नागरिकता समाप्त करने की कोशिश की गई थी। अदालत ने 100 वर्ष से अधिक समय से चली आ रही संवैधानिक व्यवस्था को बरकरार रखते हुए कहा था कि अमेरिका में जन्म लेने वाले लगभग सभी लोग अमेरिकी नागरिक होते हैं। ट्रंप ने अमेरिका के राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय ‘व्हाइट हाउस’ के ‘ओवल ऑफिस’ में इन आदेशों पर हस्ताक्षर करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में उच्चतम न्यायालय के 30 जून के फैसले की आलोचना की और कहा कि नया कदम ‘‘कुछ आवश्यक बदलाव करने’’ के लिए उठाया गया है। उन्होंने कहा, ‘‘जन्म के आधार पर नागरिकता के मामले में उच्चतम न्यायालय का फैसला बेहद दुर्भाग्यपूर्ण था इसलिए हम इसमें बदलाव कर रहे हैं।’’इस दौरान ट्रंप के साथ ‘व्हाइट हाउस’ के डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ अधिकारी स्टीफन मिलर, वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लटनिक, अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीयर और व्हाइट हाउस स्टाफ सचिव विल शार्फ मौजूद थे। नौ जुलाई 1868 को अनुमोदित अमेरिकी संविधान के 14वें संशोधन ने अमेरिका में जन्मे या कानूनी रूप से नागरिकता प्राप्त करने वाले सभी व्यक्तियों को अमेरिकी नागरिकता प्रदान की थी जिनमें पहले दास रह चुके लोग भी शामिल थे। ट्रंप ने कहा, ‘‘यह प्रावधान गृहयुद्ध के तुरंत बाद बनाया गया था। इसका उद्देश्य दासों के बच्चों को नागरिकता देना था लेकिन अब क्या हो रहा है? लोग इसके आधार पर पूरा कारोबार खड़ा कर रहे हैं।’’ट्रंप की आप्रवासन विरोधी नीतियों के प्रमुख रणनीतिकार माने जाने वाले स्टीफन मिलर ने कहा कि लोग पर्यटक बनकर अमेरिका आते हैं लेकिन उनका वास्तविक उद्देश्य यहां बच्चा पैदा करना होता है ताकि वह बच्चा स्वतः अमेरिकी नागरिक बन जाए। मिलर ने कहा, ‘‘इस त्रुटिपूर्ण व्यवस्था के कारण ऐसे लोगों को सरकारी कल्याण योजनाओं, भविष्य में मतदान के अधिकार और वे सभी अधिकार एवं विशेषाधिकार मिल जाते हैं जो केवल अमेरिकी नागरिकों के लिए होने चाहिए।’’इन आदेशों में कई ऐसी श्रेणियां सूचीबद्ध की गई हैं जिनके बच्चों को अमेरिकी नागरिकता से संबंधित दस्तावेज जारी नहीं किए जाने चाहिए। इनमें वे बच्चे शामिल हैं जिनके माता-पिता ने ऐसा व्यावसायिक लेन-देन किया हो, जिसका उद्देश्य गर्भवती महिला को अमेरिका या उसके किसी क्षेत्र में प्रसव कराने के लिए लाना हो। इसके अलावा, आतंकी संगठनों से जुड़े लोगों के बच्चे, विदेशी सरकारों के कर्मचारियों के बच्चे और अमेरिकी क्षेत्रों में जन्मे ऐसे बच्चे जिन्हें संघीय कानून के तहत नागरिकता नहीं मिलती, उन्हें भी इस सूची में शामिल किया गया है। आप्रवासन विशेषज्ञों ने ट्रंप के इन नए कार्यकारी आदेशों की तीखी आलोचना करते हुए उन्हें असंवैधानिक बताया है। न्यूयॉर्क स्थित आव्रजन मामलों के वकील साइरस मेहता ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट किया, ‘‘ट्रंप का जन्म के आधार पर नागरिकता से संबंधित नया कार्यकारी आदेश स्पष्ट रूप से असंवैधानिक है। यदि किसी व्यक्ति के माता-पिता ने अमेरिका में बच्चे के जन्म को सुनिश्चित करने के लिए व्यावसायिक लेन-देन किया है, तो उसके आधार पर नागरिकता से इनकार करना 14वें संशोधन का उल्लंघन है।’’‘माइग्रेशन पॉलिसी इंस्टीट्यूट’ के अनुसार, सबसे व्यापक जनगणना आधारित अनुमान के मुताबिक हर वर्ष अमेरिका में 22,000 से 26,000 बच्चों का जन्म ‘बर्थ टूरिज्म’ के कारण होता है। हालांकि सरकारी आंकड़ों के अनुसार 2024 में विदेशी पते वाली माताओं से केवल 9,600 बच्चों का जन्म अमेरिका में हुआ। ‘अमेरिकन सिविल लिबर्टीज यूनियन’ ने एक बयान में कहा, ‘‘उच्चतम न्यायालय इस मुद्दे पर पहले ही फैसला दे चुका है कि जन्म के आधार पर नागरिकता अमेरिकी संविधान द्वारा सुनिश्चित की गई है। ऐसा कोई भी कार्यकारी आदेश, जो इस अधिकार पर हमला करने की कोशिश करेगा, उसका भी वही हश्र होगा जो राष्ट्रपति ट्रंप के पिछले आदेश का हुआ था।
Boston में 9 अगस्त को होगी International India Day Parade, जुटेंगे हजारों लोग
योषिता सिंहन्यूयॉर्क, सात अगस्त बोस्टन में भारतीय-अमेरिकी समुदाय भारत के स्वतंत्रता दिवस को पूरे उत्साह के साथ मनाने की तैयारियों में जुटा हुआ है। इस अवसर पर भव्य परेड और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जो भारत और अमेरिका के बीच मजबूत साझेदारी को भी प्रदर्शित करेंगे। ‘फाउंडेशन ऑफ इंडियन-अमेरिकन्स’ (एफआईए)- न्यू इंग्लैंड द्वारा नौ अगस्त को बोस्टन में 5वीं ‘इंटरनेशनल इंडिया डे परेड’ आयोजित की जाएगी। इसे न्यू इंग्लैंड क्षेत्र में भारत के स्वतंत्रता दिवस, उसकी सांस्कृतिक विरासत और भारत-अमेरिका की स्थायी मित्रता के सबसे बड़े आयोजनों में से एक माना जाता है। एफआईए-न्यू इंग्लैंड ने बृहस्पतिवार को जारी एक बयान में कहा कि भारत की स्वतंत्रता की 80वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित इस वर्ष की परेड का विषय ‘स्वतंत्रता का उत्सव एवं अमेरिका-भारत मित्रता’ रखा गया है। परेड में 15 आकर्षक झांकियां शामिल होंगी। इसके साथ ही एक भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें विभिन्न सामुदायिक संगठनों, पूर्व सैनिकों, आपातकालीन सेवाओं के कर्मियों और न्यू इंग्लैंड के भारतीय-अमेरिकी समुदाय की विविधता का प्रतिनिधित्व करने वाले हजारों लोगों की भागीदारी होगी। इस समारोह के ग्रैंड मार्शल कर्नल इंदर प्रीत सिंह (युद्ध सेवा मेडल से सम्मानित पूर्व सैनिक) और अमेरिकी नौसेना की खुफिया विशेषज्ञ मैगी लेहमन होंगे। उन्हें देश की सेवा और राष्ट्र के प्रति उनकी प्रतिबद्धता के लिए सम्मानित किया जाएगा। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बोस्टन में भारत के पहले महावाणिज्यदूत रघुराम शास्त्री होंगे। उनकी उपस्थिति भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूत करने और न्यू इंग्लैंड में तेजी से बढ़ते भारतीय-अमेरिकी समुदाय के समर्थन की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि का प्रतीक है। एफआईए-न्यू इंग्लैंड के कार्यकारी निदेशक दीपक राठौर ने कहा कि इस वर्ष की परेड अब तक का सबसे बड़ा और सबसे रंगारंग आयोजन होगा, जिसमें स्वतंत्रता, लोकतंत्र, सांस्कृतिक विविधता और भारत-अमेरिका की मजबूत साझेदारी के मूल्यों का उत्सव मनाया जाएगा।
NASA यात्रियों Anil Menon और Jessica Meir ने ISS में spacewalk पूरी कर पावर किट लगाई
सागर कुलकर्णी वाशिंगटन, सात अगस्त अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के अंतरिक्ष यात्रियों अनिल मेनन और जेसिका मेयर ने शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के बाहर अपनी चहलकदमी सफलतापूर्वक पूरी कर ली। इस दौरान उन्होंने अंतरिक्ष स्टेशन के पावर चैनल में तकनीकी उन्नयन किट स्थापित करने का काम किया, जिससे भविष्य में अतिरिक्त सौर पैनल लगाए जा सकेंगे। अंतरिक्ष स्टेशन के उन्नयन की कड़ी में यह 281वीं चहलकदमी थी। यह अंतरिक्ष में जेसिका मेयर की छठी और अनिल मेनन की पहली चहलकदमी थी। चहलकदमी बृहस्पतिवार को भारतीय समयानुसार शाम छह बजकर तीन मिनट पर शुरू हुई और बृहस्पतिवार रात साढ़े 12 बजे समाप्त हुई। मेनन और मेयर ‘क्वेस्ट एयरलॉक’ से बाहर निकले और उन्होंने लगभग छह घंटे 27 मिनट तक अंतरिक्ष स्टेशन की बाहरी संरचना में तकनीकी उन्नयन का कार्य किया। ‘क्वेस्ट एयरलॉक’ अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) का एक विशेष वायुरुद्ध प्रवेश-निकास कक्ष (एयरलॉक मॉड्यूल) है, जिसके माध्यम से अंतरिक्ष यात्री चहलकदमी के लिए स्टेशन से बाहर निकलते हैं और वापस अंदर आते हैं। उनका मुख्य उद्देश्य स्टेशन के 3बी पावर चैनल पर ‘माउंटिंग हार्डवेयर’ स्थापित करना था। नासा ने एक बयान में कहा, ‘‘यह कार्य भविष्य में आईआरओएसए (इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन रोल-आउट सोलर एरे) नामक नए ‘रोल-आउट’ सौर पैनलों की स्थापना का मार्ग प्रशस्त करेगा। इससे अंतरिक्ष स्टेशन को अतिरिक्त बिजली मिलेगी, जो उसकी महत्वपूर्ण प्रणालियों के संचालन और स्टेशन को भविष्य में सुरक्षित एवं नियंत्रित तरीके से कक्षा से बाहर करने में सहायक होगी।’’ वर्ष 2021 से अब तक अंतरिक्ष यात्री छह आईआरओएसए सौर पैनल इकाइयां स्थापित कर चुके हैं। अब केवल दो इकाइयां और लगाई जानी बाकी हैं, जिन्हें इस वर्ष के अंत तक अंतरिक्ष स्टेशन पर पहुंचाया जाएगा। चहलकदमी के दौरान कुछ देर के विश्राम में जेसिका मेयर ने कहा, ‘‘अनिल, तुम चंद्रमा को देख सकते हो…, हालांकि मुझे नहीं पता कि तुम किस दिशा में हो।’’ इस पर मेनन ने जवाब दिया, ‘‘मेरी दाहिनी ओर है। हां, मैं उसे देख सकता हूं। जानकारी देने के लिए धन्यवाद। वहां मुझे भविष्य में चंद्रमा का एक आधार (मून बेस) दिखाई दे रहा है।’’ यह इस महीने अंतरिक्ष स्टेशन के ‘एक्सपीडिशन-75’ दल के लिए निर्धारित तीन चहलकदमी में पहली चहलकदमी थी। इसके बाद 13 अगस्त को होने वाली दूसरी चहलकदमी के दौरान दो अंतरिक्ष यात्री स्टेशन के ‘स्पेस-टू-ग्राउंड’ एंटीना को बदलेंगे। यह एंटीना नासा की एक अत्यंत महत्वपूर्ण संचार प्रणाली है, जिसके माध्यम से ह्यूस्टन स्थित मिशन नियंत्रण केंद्र और अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के बीच डेटा और हाई-स्पीड संचार किया जाता है। फिर 25 अगस्त को होने वाली तीसरी चहलकदमी में दल के सदस्य पावर चैनल की केबलों और डेटा रिले प्रणालियों को जोड़ेंगे। यह कार्य नियमित रखरखाव का हिस्सा है और अंतरिक्ष स्टेशन को भविष्य में कक्षा से सुरक्षित रूप से बाहर लाने की तैयारियों से भी जुड़ा है। नासा के अनुसार, इस अंतरिक्ष चहलकदमी के दौरान अंतरिक्ष यात्री ‘हार्मनी मॉड्यूल’ के अग्र पोर्ट पर स्थित अंतरिक्ष यानों की ‘डॉकिंग’ में उपयोग होने वाले एक ‘नेविगेशन’ सहायक उपकरण को भी बदलेंगे।
भारतीय टीम के साउथ अफ्रीका दौरे में फेरबदल, जोड़े गए 3 टी20I मैच
भारतीय टीम के लिए साउथ अफ्रीका का दौरा अहम होगा. हरमनप्रीत ब्रिगेड को अलग-अलग परिस्थितियों में खुद को परखने का अवसर मिलेगा. खासकर दोनों देशों के बीच होने वाले टी20 इंटरनेशनल मुकाबलों में खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर नजरें रहेगी. चैम्पियंस ट्रॉफी की तैयारियों के लिहाज से इन मैचों का महत्व काफी बढ़ गया है.
जहाज़ में ‘इथेनॉल’? केजरीवाल और मालवीय के बीच पॉलिटिकल 'टर्बुलेंस'
फ्यूल में इथेनॉल ब्लेंडिंग की बहस अब सड़क पर दौड़ती गाड़ियों से आगे बढ़कर हवा में उड़ते जहाज तक पहुंच गई है. सोशल मीडिया पर AAP नेता अरविंद केजरीवाल और BJP नेता के बीच शुरू हुई जुबानी जंग सियासी 'टर्बुलेंस' बन गई है. केजरीवाल का कहना है, सरकार जहाज में भी इथेनॉल मिला रही है और मालवीय सरकार का बचाव करने में लगे हैं. जानें क्या है पूरा मामला-
अनार छोड़ शुरू की इस चीज की खेती, अब हर साल 80 लाख की कमाई!
सहजन की खेती से एक किसान आज के समय में 80 लाख रुपये सालाना की कमाई कर रहा है. यह एक तरह की ऐसी खेती है, जो 5 महीने में ही तैयार हो जाती है और लागत भी कम लगती है.
सुप्रीम कोर्ट से झटके के बाद भी अड़े ट्रंप, US में बर्थराइट सिटीजनशिप पर फिर लगाई रोक
ट्रंप ने इससे पहले भी एक कार्यकारी आदेश के जरिए अमेरिका में जन्मजात नागरिकता को खत्म करने की कोशिश की थी। हालांकि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने बीते जून महीने में डोनाल्ड ट्रंप की इस कोशिश को सिरे से खारिज कर दिया था।
पैर टूटा था, फिर भी 150 KM चलाई ट्राईसाइकिल, बेबस बुजुर्ग की कहानी
73 साल की उम्र, बायां पैर फ्रैक्चर, जेब में इलाज के पैसे नहीं और साथ में कोई अपना भी नहीं. लेकिन इलाज की उम्मीद ने ओडिशा के सुकदेव नाहक को हार नहीं मानने दी. उन्होंने करीब 150 किलोमीटर का सफर ट्राईसाइकिल से तय कर दो दिन बाद अस्पताल पहुंचकर दुनिया को बता दिया कि हौसले की कोई उम्र नहीं होती.
बारिश में डंठल से उगाएं ये 5 पौधे, एक रुपया भी नहीं होगा खर्च!
अगर आप बिना पैसे खर्च किए अपनी बालकनी या गार्डन को हरा-भरा बनाना चाहते हैं, तो बारिश का मौसम सबसे अच्छा मौका है. जानिए गुलाब, मनी प्लांट, जेड प्लांट, स्नेक प्लांट और गुड़हल समेत 5 ऐसे पौधों के बारे में, जिन्हें सिर्फ डंठल की कटिंग से आसानी से उगाया जा सकता है.
'इंटीमेट सीन में बहके पवन सिंह, जबरदस्ती करते रहे Kiss'
भोजपुरी बवाल में काजल ने कहा- पवन सिंह का तुमको पता ही है. वहां उनका किसिंग सीन हुआ था. जबरदस्ती करवाया.
Turkiye, Saudi Arabia, Pakistan set to sign joint defence pact: Report - 'इस्लामिक नाटो' का गठन?: तुर्किये, सऊदी अरब-पाकिस्तान के बीच जल्द होगा संयुक्त रक्षा समझौता, रिपोर्ट में दावा
अमेरिका जाने का सपना हुआ मुश्किल? ट्रंप के फैसले से भारतीयों को बड़ा झटका, 62 फीसदी घटे वीजा
अमेरिका जाने का सपना हुआ मुश्किल? ट्रंप के फैसले से भारतीयों को बड़ा झटका, 62 फीसदी घटे वीजा
होमुज में अमेरिका की नो-एंट्री, ईरान के बयान से तेल में फिर उबाल
ईरान ने सांसद में एक बिल प्रस्तावित किया है, जिसके तहत दुश्मन देशों के जहाजों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से बैन किया जाएगा. अगर वे नियम तोड़ते हैं तो उनपर हैवी चार्ज लगाया जाएगा.
ट्रंप की पहल पर गाजा में शांति सेना भेजने की तैयारी
गाजा को लेकर इजरायल-हमास में सहमति नहीं बनी है। इस बीच युगांडा और मोरक्को ‘इंटरनेशनल स्टेबलाइजेशन फोर्स’ में सैनिक भेजेंगे, जिसे डोनाल्ड ट्रंप के ‘बोर्ड ऑफ पीस’ ने प्रस्तावित किया है। 20,000 सैनिकों की यह फोर्स युद्ध के बाद शांति और स्थिरता स्थापित करने के लिए तैनात की जाएगी।
PK की तीन महीने में सुनेत्रा पवार से दूसरी मुलाकात, आखिर वजह क्या है?
प्रशांत किशोर इन दिनों सियासी चर्चा के केंद्र में हैं. बांकीपुर उपचुनाव जीतकर विधायक बनने के बाद प्रशांत किशोर ने गुरुवार को महाराष्ट्र की डिप्टी सीएम सुनेत्रा पवार से मुलाकात की. तीन महीने में उनकी दूसरी मुलाकात है, जिसे लेकर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर क्यों मिल रहे हैं?
रांची में छात्रों ने प्रदर्शन के लिए बनाया कोड ऑफ कंडक्ट, सोशल मीडिया पर वायरल
रांची में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के खिलाफ छात्रों के आंदोलन का एक हाथ से लिखा ‘कोड ऑफ कंडक्ट’ सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. चार नियमों वाले इस पोस्टर में आंदोलन को मुद्दे तक सीमित रखने, किसी पर आरोप नहीं लगाने और संवैधानिक तरीके से विरोध करने की बात कही गई है. लोग इसे शांतिपूर्ण प्रदर्शन की मिसाल बता रहे हैं.
इंस्टाग्राम और फेसबुक की मूल कंपनी मेटा (Meta) को युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य और सुरक्षा को नुकसान पहुंचाने के मामले में एक बड़ा झटका लगा है। अमेरिका के न्यू मेक्सिको की एक अदालत ने मेटा को अपने सोशल मीडिया मंचों के दुष्परिणामों से निपटने के लिए 56.7 करोड़ अमेरिकी डॉलर (लगभग ₹4,700 करोड़ से अधिक) का भुगतान करने का आदेश दिया है।न्यायाधीश ब्रायन बीडशाइड ने बृहस्पतिवार देर रात यह फैसला सुनाया। फैसले के अनुसार, इस भारी राशि का सबसे बड़ा हिस्सा यानी 42 करोड़ डॉलर युवाओं के मानसिक उपचार से जुड़ी सेवाओं पर खर्च किया जाएगा। वहीं, शेष राशि अगले पांच वर्षों में बाल सुरक्षा, जागरूकता, रोकथाम और जांच सेवाओं पर लगाई जाएगी। इसे भी पढ़ें: FCRA Amendment Bill 2026 | द्रमुक सांसद पी. विल्सन और ईसाई नेताओं ने गृह मंत्री अमित शाह से की मुलाकात, कानून वापस लेने की मांग मुकदमे के पहले चरण में अदालत ने मेटा पर 37.5 करोड़ डॉलर का दीवानी जुर्माना लगाया था। अदालत ने माना था कि कंपनी ने बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य को जानबूझकर नुकसान पहुंचाया और अपने मंचों पर बच्चों के यौन शोषण के बारे में उपलब्ध जानकारी छिपाई।अभियोजकों ने मुकदमे के दूसरे चरण में न्यायाधीश से मेटा के कामकाज में बुनियादी बदलाव करने का आदेश दिए जाने का अनुरोध किया था। इन बदलावों का उद्देश्य लोगों को लत लगाने वाले ‘फीचर’ पर अंकुश लगाना, उम्र के सत्यापन की व्यवस्था में सुधार करना और स्वतः लागू होने वाली निजता संबंधी व्यवस्थाओं तथा कड़ी निगरानी के जरिये बच्चों के यौन शोषण को रोकना था। इसे भी पढ़ें: पिता की कब्र के पास दफनाया जाएगा अतीक अहमद का लाडला, सड़क हादसे में हुई दर्दनाक मौत अदालत ने कहा कि बच्चों की निजता से संबंधित संघीय कानून मेटा को 13 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए आयु सत्यापन उपकरण लागू करने से रोकते हैं।अदालत ने कहा कि बाल ऑनलाइन निजता संरक्षण अधिनियम यानी ‘सीओपीपीए’ के कारण वह मेटा को बच्चों से निजी जानकारी देने या आयु सत्यापन के उद्देश्य से इंटरनेट पर उनकी गतिविधियों पर स्वतः नजर रखने के लिए कहने का आदेश नहीं दे सकती।अदालत ने यह भी कहा कि बच्चों की उम्र सत्यापित करने का आदेश केवल मेटा को देना और अन्य सोशल मीडिया कंपनियों को इससे बाहर रखना कंपनी के लिए ‘‘अनुचित और अत्यधिक नुकसानदेह’’ होगा। Stay updated with InternationalNews in Hindi on Prabhasakshi
'हमारे पास समय नहीं है', पिता की मौत के बाद तीनों बेटियों ने क्या-क्या कहा
हरियाणा के सोनीपत में वृद्धाश्रम में रह रहे 74 वर्षीय शिवचरण रामरतन गुप्ता के निधन के बाद उनकी तीनों बेटियों और आश्रम संचालक के बीच हुई बातचीत चर्चा में है. संचालक के मुताबिक, पहले बेटियों ने अस्थियां सुरक्षित रखने को कहा, लेकिन बाद में समय का हवाला देते हुए उन्हें ही गंगा में प्रवाहित करने की जिम्मेदारी सौंप दी.
लीवर-लंग्स फटे, ब्रेन हेमरेज... अतीक के बेटे की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई
झांसी के पूंछ थाना क्षेत्र में तेज रफ्तार कार के डिवाइडर से टकराने से माफिया अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे अबान और उसके दोस्त सोनू की मौत हो गई. जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए. डॉक्टरों के पोस्टमार्टम से मौत की मुख्य वजह सिर में ब्रेन हेमरेज बताई गई है.
भारत के पूर्व बल्लेबाज वसीम जाफर ने श्रीलंका टेस्ट सीरीज के लिए जसप्रीत बुमराह की जगह आकिब नबी को शामिल किए जाने के तरीके पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि आकिब शुरुआती टीम में ही जगह पाने के हकदार थे।
कलयुग के 2 जागृत शिव मंदिर, जहां चमत्कार महसूस करते हैं भक्त!
Hindu Dharam: भारत भूमि पर भगवान शिव के अनेक पवित्र धाम हैं. लेकिन कुछ मंदिर ऐसे हैं जहां महादेव की उपस्थिति को सिर्फ महसूस नहीं किया जाता है, बल्कि घटनाओं, रहस्यों और चमत्कारों में देखा जाता है. आज हम आपको लेकर चलेंगे महादेव के 2 विशेष मंदिरों के बारे में बताएंगे, जहां भगवान शिव अलग-अलग रूपों में विराजमान हैं और जिनकी महिमा शास्त्रों, लोककथाओं और आज के अनुभवों से जुड़ी हुई है.
अगर स्लीपर की टिकट है और एसी में बैठ गए तो कितना फाइन लगेगा?
भारतीय रेलवे में स्लीपर क्लास की टिकट लेकर एसी कोच में यात्रा करना नियमों के खिलाफ है. अगर टीटीई टिकट चेकिंग के दौरान पकड़ लेते हैं, तो यात्री को एसी और स्लीपर के किराए का अंतर, अतिरिक्त शुल्क और नियमों के अनुसार जुर्माना देना पड़ सकता है.
झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को लेकर जारी छात्र आंदोलन को देशभर से समर्थन मिल रहा है. आंदोलन के 14वें दिन CJP ने बारिश में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के लिए रेनकोट भेजे हैं. पार्टी नेतृत्व भी आज रांची पहुंचकर आंदोलनकारियों से मुलाकात करेगा.
बारिश बनी आयरलैंड के लिए विलेन, WC की डायरेक्ट एंट्री का सपना टूटा
अफगानिस्तान के खिलाफ पहला वनडे बिना एक भी गेंद फेंके बारिश की भेंट चढ़ गया, इसके साथ ही आयरलैंड की 2027 ODI वर्ल्ड कप के लिए सीधे क्वालिफाई करने की उम्मीद खत्म हो गई. अब आयरलैंड को ICC क्रिकेट वर्ल्ड कप क्वालिफायर खेलना होगा. वहां से आगे बढ़कर ही टीम 12 देशों वाले 2027 वर्ल्ड कप में जगह बना सकती है.
चंदन के क्या हैं चमत्कारी प्रयोग? कैसा रहेगा आपका दिन, देखें भाग्य चक्र
ज्योतिष में चंदन का बड़ा महत्व है. इसका प्रयोग ऊर्जा, उपासना से लेकर सौंदर्य प्रसाधनों और मूर्तियों तक में किया जाता है. 'भाग्य चक्र' में पंडित शैलेंद्र पांडेय आज बताएंगे कि चंदन इतना महत्वपूर्ण क्यों है, क्या हैं इसके प्रयोग और कैसे होगा इससे लाभ. सक्सेस मंत्र, जरुरी टिप के साथ ही बताएंगे मेष से लेकर मीन तक 12 राशियों का दैनिक राशिफल भी. देखें वीडियो.
बेलते वक्त टूट जाती है ज्वार की रोटी? बस करें ये 1 काम, बनेगी सॉफ्ट
Soft Jowar Roti Trick: क्या बेलते वक्त आपकी ज्वार की रोटी भी टूट जाती है या सेंकने के बाद सख्त हो जाती है? अगर हां, तो परेशान होने की जरूरत नहीं है. आटा गूंथते समय एक काम करके आप आसानी से अपनी रोटियों में एकदम रुई जैसी सॉफ्ट और फूली-फूली बना सकते हैं.
बिजनेसमैन के प्यार में मलाइका, क्यों चुना 19 साल छोटा साथी?
मलाइका अरोड़ा की डेटिंग लाइफ हमेशा चर्चा में रही है. वो अक्सर उम्र में छोटे लड़कों को डेट करती हैं, जिसे लेकर कई तरह की बातें की जाती हैं. अब सीनियर पत्रकार ने मलाइका की डेटिंग लाइफ पर चुप्पी तोड़ी है.
25 की उम्र में इस क्रिकेटर का संन्यास, इंजरी ने चौपट कर दिया करियर
जॉन टर्नर का इंटरनेशनल करियर भले ही सिर्फ चार मैचों तक सीमित रहा, लेकिन इंग्लैंड के लिए खेलने तक पहुंचना अपने आप में बड़ी उपलब्धि रही. टर्नर अब क्रिकेट की दुनिया से दूर होकर करियर की दूसरी पारी शुरू करेंगे. टर्नर के लिए चोट आखिरकार ऐसी बाधा साबित हुई, जिसने उनके क्रिकेट करियर पर समय से काफी पहले विराम लगा दिया.
पुणे का PG और लव ट्रायंगल... प्रेमिका के नए बॉयफ्रेंड का किया कत्ल
कहानी स्कूल के प्यार से शुरू हुई, पुणे के एक पीजी तक पहुंची और आखिरकार खून-खराबे पर खत्म हुई.हिंजवड़ी के पीजी में एक युवक ने अपनी प्रेमिका के नए साथी पर लोहे की रॉड से इतने वार किए कि उसकी मौके पर ही मौत हो गई. युवती भी गंभीर रूप से घायल है. पूरी वारदात सीसीटीवी में रिकॉर्ड हो गई है. अब पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुटी है.
डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान कहा - 'युद्ध जल्द खत्म होने वाला है', ईरान को लेकर कही ऐसी बात जिसने बढ़ा दी वैश्विक हलचल
सैलरी, HRA और फिटमेंट फैक्टर... 8वें आयोग पर अभी तक क्या अपडेट?
8th pay commission पर कर्मचारी संगठनों की ओर से कई मांग उठाई गई है. इसमें पेंशन, सैलरी में बढ़ोतरी और हाउस रेंट अलाउंस समेत अन्य अलाउंस में बढ़ोतरी की बातचीत हुई है.
गुटखा-इत्र और दो नॉवेल... अतीक अहमद के बेटे की कार से क्या-क्या मिला?
अतीक अहमद के बेटे की कार के एक्सीडेंट के बाद फोरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर गाड़ी की बारीकी से जांच की. तलाशी के दौरान कार से दो उपन्यास, सवार लोगों का सामान, गुटका और इत्र की शीशी मिली. टीम ने बरामद सभी चीजों को कब्जे में लेकर आगे की जांच के लिए भेज दिया है.
अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने देश की इमिग्रेशन और नागरिकता प्रणाली में अमूलचूल बदलाव करने के लिए एक बार फिर से बेहद आक्रामक रुख अपनाया है। 30 जून को अमरीकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा ट्रंप प्रशासन के उस शुरुआती आदेश को असंवैधानिक करार दिए जाने के महज कुछ हफ्तों बाद, राष्ट्रपति ट्रंप ने ओवल ऑफिस से दो नए एक्जीक्यूटिव ऑर्डर (कार्याकारी आदेशों) पर दस्तखत कर दिए हैं। सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर निराशा व्यक्त करते हुए ट्रंप ने पत्रकारों से कहा कि न्यायालय का निर्णय बेहद दुर्भाग्यपूर्ण था, इसलिए अब नियमों में व्यापक तालमेल और बदलाव किए जा रहे हैं। ट्रंप प्रशासन का यह कदम अमरीका की धरती पर जन्म लेने वाले हर बच्चे को स्वतः मिलने वाली 'बर्थराइट सिटीजनशिप' (जन्मजात नागरिकता) की सदियों पुरानी व्यवस्था को सीमित करने की दिशा में अब तक का सबसे बड़ा और साहसिक प्रयास माना जा रहा है। इस फैसले से अमरीका में रह रहे विदेशी नागरिकों, वीजा धारकों और नागरिकता की चाह रखने वाले लाखों अप्रवासियों में भारी हलचल मच गई है।अमरीकी इतिहास में पहली बार 'बर्थ टूरिज्म' पर लगा पूरी तरह से बैनडोनाल्ड ट्रंप द्वारा दस्तखत किए गए दूसरे एक्जीक्यूटिव ऑर्डर में अमरीका के इतिहास में पहली बार 'बर्थ टूरिज्म' (Birth Tourism) पर आधिकारिक रूप से पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। बर्थ टूरिज्म उस व्यवस्था को कहा जाता है जिसके तहत विदेशी नागरिक पर्यटक, छात्र या अल्पकालिक वीजा पर विशेष रूप से अमरीका यात्रा करते हैं ताकि वहां उनके बच्चे का जन्म हो सके और नवजात को अमरीकी संविधान के तहत स्वतः अमरीकी नागरिकता प्राप्त हो जाए। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि दुनिया भर के कई सिंडिकेट और कारोबारी नेटवर्क इस प्रक्रिया को एक बड़े व्यापार में बदल चुके हैं, जहां लोग वीजा धोखाधड़ी करके अमरीका आते हैं और जन्मजात नागरिकता का लाभ उठाते हैं। नए आदेश के तहत अमरीकी विदेश मंत्रालय (State Department) और होमलैंड सिक्योरिटी विभाग (DHS) को शक्तियां दी गई हैं कि वे किसी भी ऐसे व्यक्ति को अमरीकी वीजा देने से तुरंत रोक दें या देश में प्रवेश से प्रतिबंधित कर दें, जिसका मुख्य उद्देश्य अमरीका जाकर बच्चे को जन्म देना है।कौन से बच्चे होंगे जन्मजात नागरिकता के दायरे से बाहर?ट्रंप द्वारा हस्ताक्षरित पहले एक्जीक्यूटिव ऑर्डर का मुख्य उद्देश्य उन श्रेणियों की पहचान करना और उनका विस्तार करना है, जिन्हें सुप्रीम कोर्ट द्वारा मान्यता प्राप्त ऐतिहासिक अपवादों के आधार पर जन्मजात नागरिकता से बाहर रखा जाएगा। इस नए आदेश के तहत विदेशी सरकारों के लिए लॉबिंग करने वाले या विदेशी शासन के प्रतिनिधियों के बच्चों, विदेशी आतंकवादी संगठनों से जुड़े सदस्यों के बच्चों, और अमरीका में अवैध रूप से या धोखाधड़ी के माध्यम से प्रवेश करने वाले व्यक्तियों के बच्चों को स्वचालित अमरीकी नागरिकता का पात्र नहीं माना जाएगा। इसके अलावा, आदेश में सरोगेसी के माध्यम से बर्थ टूरिज्म का लाभ उठाने की कोशिश करने वाले मामलों पर भी कड़ा शिकंजा कसा गया है। आदेश में अमरीकी क्षेत्रों (जैसे अमरीकन समोआ) में जन्म लेने वाले बच्चों के नागरिकता अधिकारों को भी सीमित करने के प्रावधान शामिल किए गए हैं। ट्रंप प्रशासन का तर्क है कि ये श्रेणियां अमरीका के अधिकार क्षेत्र के पूर्ण दायरे में नहीं आती हैं।14वें संविधान संशोधन और स्टीफन मिलर का बड़ा तर्कसफेद भवन (व्हाइट हाउस) के डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ और ट्रंप नीति के मुख्य सूत्रधार स्टीफन मिलर ने इस ऐतिहासिक फैसले का बचाव करते हुए अमरीकी संविधान के 14वें संशोधन के मूल उद्देश्य को रेखांकित किया। मिलर ने स्पष्ट किया कि 14वां संविधान संशोधन 1868 में अमरीकी गृहयुद्ध के तुरंत बाद विशेष रूप से पूर्व दासों और उनके बच्चों को नागरिकता का पूर्ण अधिकार देने के लिए लाया गया था। इसका उद्देश्य दुनिया भर से आने वाले पर्यटकों या अवैध रूप से देश में घुसने वाले लोगों के बच्चों को स्वतः नागरिकता देना कभी नहीं था। मिलर के अनुसार, राष्ट्रपति अपनी संवैधानिक और कमांडर-इन-चीफ शक्तियों का उपयोग उन लोगों की श्रेणियों को परिभाषित करने के लिए कर रहे हैं जो नागरिकता के योग्य नहीं हैं। प्रशासन का दावा है कि इस सख्त कदम से अमरीकी व्यवस्था के सबसे गंभीर दुरुपयोग को रोका जा सकेगा और अमरीकी नागरिकता के पवित्र मूल्य और सम्मान की रक्षा की जा सकेगी।कानूनी विशेषज्ञ और एसीएलयू का तीखा विरोधट्रंप के इन नए कार्यकारी आदेशों के जारी होते ही अमरीका में एक बार फिर से भारी कानूनी और राजनीतिक घमासान छिड़ गया है। अमरीकन सिविल लिबर्टीज यूनियन (ACLU) और प्रमुख अप्रवासी अधिकार संगठनों ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट के आदेश की सीधी अवहेलना और असंवैधानिक करार दिया है। एसीएलयू के कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि 14वां संविधान संशोधन अमरीकी धरती पर जन्म लेने वाले लगभग हर बच्चे को नागरिकता की गारंटी देता है, चाहे उसके माता-पिता की इमिग्रेशन स्थिति कुछ भी हो। 30 जून को सुप्रीम कोर्ट ने 'ट्रंप बनाम बारबरा' मामले में पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि राष्ट्रपति अपने आदेश के जरिए संविधान के अर्थ को नहीं बदल सकते। नागरिक अधिकारों के वकीलों का मानना है कि ट्रंप का यह नया आदेश भी जल्द ही निचली और उच्च अदालतों में कानूनी चुनौती का सामना करेगा और इसका हश्र भी पिछले आदेश जैसा ही होगा।भारतीय प्रवासियों और भावी आवेदकों पर क्या पड़ेगा असर?डोनाल्ड ट्रंप के इस नए आदेश का सीधा और व्यापक प्रभाव अमरीका में रहने वाले भारतीय समुदाय और भविष्य में अमरीका जाने की योजना बना रहे लोगों पर भी पड़ सकता है। अमरीका में बड़ी संख्या में भारतीय पेशेवर H-1B, L-1, छात्र और अन्य अस्थायी वीजा पर कार्यरत हैं। यद्यपि यह आदेश मुख्य रूप से बर्थ टूरिज्म नेटवर्क और विदेशी आतंकवादी या सरकारी प्रतिनिधियों को लक्षित करता है, लेकिन अस्थायी वीजा धारक प्रवासियों के बीच अपने बच्चों के नागरिकता अधिकारों को लेकर अनिश्चितता और चिंता का माहौल बन गया है। भारतीय आईटी पेशेवरों और छात्रों के लिए अब वीजा आवेदन के दौरान यात्रा के उद्देश्यों को लेकर अत्यधिक सतर्कता बरतनी होगी, क्योंकि आव्रजन अधिकारी (Immigration Officers) गर्भवती महिलाओं या परिवारों के प्रवेश के समय सख्त जांच कर सकते हैं ताकि बर्थ टूरिज्म के संदेह को खारिज किया जा सके।आगे क्या? अदालती लड़ाई का नया दौरराष्ट्रपति ट्रंप द्वारा हस्ताक्षरित ये दोनों एक्जीक्यूटिव ऑर्डर आगामी समय में अमरीकी आव्रजन व्यवस्था को पूरी तरह से बदलने का इरादा रखते हैं। हालांकि, जिस तरह से जून के महीने में सुप्रीम कोर्ट ने जन्मजात नागरिकता को समाप्त करने के पहले प्रयास को खारिज किया था, उसे देखते हुए यह तय माना जा रहा है कि मानवाधिकार संगठन और विभिन्न अमरीकी राज्य इन नए आदेशों पर रोक लगाने के लिए तुरंत संघीय अदालतों का रुख करेंगे। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि वे कानूनी चुनौतियों का सामना करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं और इस बार उन्होंने आदेश को संवैधानिक बारीकियों के दायरे में तैयार किया है। अब देखना यह होगा कि क्या अमरीकी न्यायपालिका ट्रंप के इन नए बदलावों को स्वीकार करती है या फिर संविधान के 14वें संशोधन की सर्वोपरिता एक बार फिर कायम रहती है।
किसी भी राष्ट्र की तरक्की और उसके भविष्य की दिशा इस बात पर निर्भर करती है कि वह अपनी आने वाली पीढ़ियों के ज्ञान, कौशल और अनुसंधानों पर कितना निवेश करता है। आज के तकनीक-संचालित दौर में शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), वैज्ञानिक अनुसंधान, उन्नत बुनियादी ढांचे और मानव पूंजी के निर्माण का सबसे सशक्त जरिया बन चुकी है। यही वजह है कि दुनिया के तमाम समृद्ध और विकसित देश अपनी अर्थव्यवस्था यानी सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का एक बड़ा हिस्सा अपने एजुकेशन सिस्टम पर न्योछावर कर देते हैं।नॉर्डिक और विकसित देश: शिक्षा को मानते हैं सर्वांगीण विकास का मूलमंत्रजब वैश्विक स्तर पर शिक्षा पर होने वाले सरकारी खर्च का विश्लेषण किया जाता है, तो उत्तरी यूरोप के नॉर्डिक देश हमेशा इस सूची में शीर्ष पायदान पर नजर आते हैं। स्वीडन, आइसलैंड, डेनमार्क और फिनलैंड जैसे देश अपनी जीडीपी का लगभग 6.4 प्रतिशत से लेकर 7.3 प्रतिशत तक का भारी-भरकम हिस्सा शिक्षा पर खर्च करते हैं।इन देशों में प्राथमिक शिक्षा से लेकर उच्च शोध तक की व्यवस्था न केवल पूरी तरह से विश्वस्तरीय है, बल्कि अधिकांश नागरिकों के लिए लगभग नि:शुल्क या बेहद रियायती दरों पर उपलब्ध है। वैश्विक आंकड़ों के अनुसार, ब्रिटेन (UK) अपनी जीडीपी का लगभग 5.3 प्रतिशत, फ्रांस 5.2 प्रतिशत और अमेरिका लगभग 4.9 प्रतिशत हिस्सा शिक्षा प्रणाली पर व्यतीत करता है। अमेरिका और ब्रिटेन जैसे देशों का मुख्य फोकस उच्च शिक्षा, अत्याधुनिक लैब्स, यूनिवर्सिटी रिसर्च और पेटेंट फाइलिंग पर होता है, जिससे वे दुनिया भर के मेधावी छात्रों को अपनी ओर आकर्षित करने में सफल रहते हैं।एशियाई महाद्वीप का गणित: चीन, जापान और अन्य पड़ोसियों का रुखएशियाई अर्थव्यवस्थाओं की बात करें तो यहां शिक्षा पर होने वाले खर्च का पैटर्न थोड़ा भिन्न और दिलचस्प नजर आता है। दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था चीन अपनी जीडीपी का लगभग 3.6 से 4.0 प्रतिशत हिस्सा शिक्षा क्षेत्र में लगाता है। हालांकि, चीन की विशाल जीडीपी के कारण यह राशि मौद्रिक मूल्य में बहुत बड़ी होती है, जो मुख्य रूप से वोकेशनल ट्रेनिंग और सेमीकंडक्टर-टेक्नोलॉजी रिसर्च में जाती है।दूसरी ओर, अत्यधिक विकसित माना जाने वाला जापान अपनी जीडीपी का लगभग 3.3 प्रतिशत हिस्सा ही शिक्षा पर सरकारी तौर पर खर्च करता है। हालांकि जापान में निजी क्षेत्र और परिवारों का शिक्षा पर व्यक्तिगत योगदान काफी अधिक होता है। दक्षिण एशिया के अन्य पड़ोसी देशों में भूटान अपनी जीडीपी का 7.5 प्रतिशत और कजाकिस्तान लगभग 7.2 प्रतिशत शिक्षा पर खर्च करके आश्चर्यजनक रूप से काफी आगे बने हुए हैं।भारत की वास्तविक स्थिति: यूनेस्को रिपोर्ट और अंतरराष्ट्रीय मानकयूनेस्को (UNESCO) की हालिया वैश्विक रिपोर्ट के आंकड़ों के अनुसार, भारत ने अपनी जीडीपी का औसतन 4.1 प्रतिशत से लेकर 4.6 प्रतिशत तक हिस्सा शिक्षा के क्षेत्र में आवंटित किया है। यूनेस्को का 'एजुकेशन 2030 फ्रेमवर्क फॉर एक्शन' दुनिया के सभी देशों को अपनी जीडीपी का कम से कम 4 से 6 प्रतिशत हिस्सा शिक्षा पर खर्च करने का सुझाव देता है। इस अंतरराष्ट्रीय मानक के पैमाने पर भारत अपनी स्थिति को सफलतापूर्वक संतुलित रखे हुए है।जीडीपी प्रतिशत के आधार पर देखा जाए तो भारत का यह आवंटन चीन और जापान जैसे बड़े एशियाई देशों के सरकारी जीडीपी खर्च के अनुपात से भी अधिक नजर आता है। भारत अपने कुल सरकारी खर्च का लगभग 13.5 प्रतिशत से 17.2 प्रतिशत तक हिस्सा शिक्षा सेवाओं, बुनियादी ढांचे, मध्याह्न भोजन योजना (PM POSHAN) और प्राथमिक साक्षरता अभियानों पर खर्च करता है, जो संयुक्त राष्ट्र के 15 से 20 प्रतिशत के अनुशंसित दायरे के काफी करीब है।राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) और 6% जीडीपी का महत्वाकांक्षी लक्ष्यभारत सरकार द्वारा घोषित 'राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020' (NEP 2020) में यह स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित किया गया है कि केंद्र और राज्य सरकारों के संयुक्त प्रयासों से देश के शिक्षा बजट को बढ़ाकर जीडीपी के 6 प्रतिशत तक पहुंचाया जाएगा। केंद्र सरकार और राज्य सरकारों के साझा बजटीय योगदान से देश में डिजिटल कक्षाओं, पीएम श्री (PM SHRI) स्कूलों, नए आईआईटी (IITs), आईआईएम (IIMs) और मेडिकल कॉलेजों का जाल बिछाया जा रहा है।भारत में शिक्षा पर होने वाले कुल खर्च को दो स्तरों पर देखा जाता है—पहला केंद्र सरकार का बजट आवंटन और दूसरा राज्य सरकारों का योगदान। चूंकि शिक्षा समवर्ती सूची (Concurrent List) का विषय है, इसलिए प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा का एक बड़ा आर्थिक बोझ राज्य सरकारों के कंधों पर होता है। दक्षिण और पश्चिम भारत के कई राज्य शिक्षा पर अपने बजट का अपेक्षाकृत बड़ा हिस्सा खर्च करते हैं, जबकि अन्य राज्यों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त बजटीय सहायता की लगातार आवश्यकता बनी हुई है।क्वालिटी वर्सेस क्वांटिटी: खर्च के साथ गुणवत्ता में सुधार की चुनौतीशिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि केवल जीडीपी का प्रतिशत बढ़ा देना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि खर्च की जाने वाली राशि का प्रभावी और पारदर्शी उपयोग भी उतना ही महत्वपूर्ण है। भारत जैसे विशाल आबादी वाले देश में मुख्य चुनौती केवल स्कूलों और कॉलेजों का निर्माण करना नहीं, बल्कि शोध एवं नवाचार (R&D), शिक्षक प्रशिक्षण (Teacher Training) और कौशल विकास (Skill Development) में सुधार करना है।वर्तमान में भारत अपनी जीडीपी का एक सीमित हिस्सा ही शोध और विकास (Research & Development) पर खर्च करता है, जो अमेरिका और दक्षिण कोरिया जैसे अग्रणी देशों की तुलना में कम है। यदि भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने के साथ-साथ 'ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था' (Knowledge Economy) के रूप में स्थापित होना है, तो उच्च शिक्षा में इनोवेशन, पेटेंट फाइलिंग और रिसर्च स्कॉलरशिप पर खर्च को तेजी से बढ़ाना होगा।भविष्य का रोडमैप: एआई और डिजिटल शिक्षा का नया दौरआने वाले वर्षों में वैश्विक शिक्षा का स्वरूप पूरी तरह बदलने वाला है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, कोडिंग, रोबोटिक्स और डिजिटल साक्षरता अब प्राथमिक स्तर से ही पाठ्यक्रम का अनिवार्य हिस्सा बन रहे हैं। ऐसे में भारत को अपने बजट का एक बड़ा हिस्सा ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों में डिजिटल असमानता (Digital Divide) को समाप्त करने पर केंद्रित करना होगा।भारत सरकार द्वारा 'समग्र शिक्षा अभियान' और 'अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन' (ANRF) जैसी पहलों के माध्यम से बजटीय आवंटन को परिणाम-उन्मुख बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। यदि भारत NEP 2020 के तहत अपनी जीडीपी के 6 प्रतिशत खर्च के लक्ष्य को पूर्ण रूप से हासिल कर लेता है, तो यह न केवल देश की साक्षरता दर को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा, बल्कि वैश्विक मंच पर भारत की युवा मानव पूंजी को सबसे प्रतिस्पर्धी और कुशल ताकत के रूप में स्थापित करेगा।
चंद्र ग्रहण से पहले शनि करेंगे गोचर, 5 राशियों को होगा फायदा!
Shani Nakshatra Parivratan 2026: क्या आप जानते हैं कि 20 अगस्त को शनिदेव का बुध के स्वामित्व वाले रेवती नक्षत्र में प्रवेश करना 5 राशियों के सोए हुए भाग्य को जगाने वाला है? आइए जानते हैं उन राशियों के बारे में.
अंतरिक्ष में भारतवंशी अनिल मेनन का कमाल: पहले ही स्पेसवॉक से ISS को दी नई ताकत; और ताकतवर होगा स्पेस स्टेशन- Indian-origin Anil Menon Boosted ISS capabilities his very first spacewalk space station become more powerful
'अमेरिकन ड्रीम' पर संकट: इमिग्रेशन और वीज़ा नियमों में बड़े बदलाव से हड़कंप! देखें 'कूटनीति'
'कूटनीति' में बात 'अमेरिकन ड्रीम' की. दशकों से अमेरिका ने दुनिया भर को एक सुनहरा सपना बेचा—कड़ी मेहनत करो, पढ़ाई करो और एक दिन अपनी ज़िंदगी को बेहतर बनाओ. इसी वादे और सपने के दम पर लाखों भारतीय समुद्र पार करके अमेरिका पहुंचे. लेकिन क्या अब वही देश अपने दरवाज़े एक-एक करके बंद कर रहा है? भारतीय मूल के अमेरिकी सांसद श्री थानेदार की चुनावी हार के बाद अमेरिका में भारत-विरोधी माहौल की चर्चाएं शुरू हुई हैं. लेकिन इससे भी बड़ा भूचाल अमेरिका के नए इमिग्रेशन और वीज़ा नियमों की वजह से आया है। एक छोटी सी कागज़ी भूल अब सालों के सपने को एक पल में चकनाचूर कर सकती है. तो आज 'कूटनीति' में समझेंगे कि क्या अमेरिका भारतीयों को कह रहा है कि 'टैलेंट के लिए शुक्रिया, लेकिन अब आपकी ज़रूरत नहीं.
IND vs PAK फिर आमने-सामने, एशिया कप में इस तारीख को महाभिड़ंत
एशिया कप की तारीख आ गई है, इसका आगाज 28 अगस्त से हो रहा है. वहीं भारत और पाकिस्तान की भिड़ंत 5 सितंबर को होगी. विमेन एशिया कप के तहत होने वाला यह मार्की मुकाबला दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जाएगा.
Amazon-Flipkart की फ्रीडम सेल शुरू, फोन से TV तक, 80% तक का ऑफ
Amazon-Flipkart पर फ्रीडम सेल की शुरुआत हो चुकी है. जहां ऐमेजॉन इंडिया पर ग्रेट फ्रीडम सेल और फ्लिपकार्ट पर फ्रीडम सेल का अर्ली एक्सेस शुरू हो चुका है. सेल के दौरान स्मार्टफोन, स्मार्ट टीवी, AC और बहुत से प्रोडक्ट पर डिस्काउंट मिल रहा है. आइए इसके बारे में डिटेल्स में जानते हैं.
दो दास्तान बाप-बेटियों की, अंतिम संस्कार की और 'अपराध-बोध' की
पिछले दो दिनों में दो खबरें आईं. एक तरफ सोनीपत के वृद्धाश्रम में मर गए पिता का दाह संस्कार वीडियो कॉल पर देखती बेटियां थीं, तो दूसरी तरफ चंबल में अपनी बेटी को डुबोकर मार देने के बाद लाश के पैर छूता पिता. दोनों खबरों का आपस में कोई सीधा संबंध नहीं था. लेकिन दोनों समाज का ऐसा आईना बन गईं, जिसमें हमारी सोच दिखाई देती है.
खाड़ी संकट के बीच नेतन्याहू ने मोदी को फोन किया, भारत-इजरायल साझेदारी पर चर्चा
खाड़ी संकट के बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बीते दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फोन किया। दोनों नेताओं ने भारत-इजरायल के विशेष सामरिक साझेदारी के विभिन्न पहलुओं पर हुई प्रगति की समीक्षा की और वेस्ट एशिया (मध्य पूर्व) की मौजूदा स्थिति पर अपने-अपने विचार साझा किए। बातचीत में क्या हुआ मोदी ने एक्स […]
सुबह-सुबह बारिश से बेहाल दिल्ली-NCR, हिमाचल में लैंडस्लाइड का कहर
दिल्ली-NCR में बारिश जारी है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के कई इलाकों के लिए बारिश का अलर्ट जारी किया है. IMD के मुताबिक, दिल्ली में सुबह से दोपहर तक ज्यादातर जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि कुछ स्थानों पर भारी बारिश की भी संभावना है. शाम और रात के समय भी कई इलाकों में हल्की बारिश का एक और दौर देखने को मिल सकता है.
... तो होर्मुज से कभी नहीं गुजर पाएंगे US-इजरायल के जहाज! ईरान का तगड़ा प्लान
करीब छह महीने से जारी ईरान युद्ध के बीच अब तेहरान एक ऐसा कदम उठाने की तैयारी में है, जिसका असर पूरी दुनिया के समुद्री कारोबार पर पड़ सकता है. ईरान ऐसा प्लान बना रहा है जिसके तहत अमेरिका, इजरायल और 'दुश्मन' देशों के जहाजों के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता बंद किया जा सकता है.
ईरान किनारे, सऊदी-तुर्की-PAK तीनों सुन्नी मुस्लिम देशों का गठजोड़
ईरान जंग के बीच सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान जेद्दा में संयुक्त रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर की तैयारी में दिख रहे हैं, और सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान, राष्ट्रपति एर्दोगन और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ शुक्रवार को इस पर दस्तखत कर सकते हैं.
Meta पर ₹5000 करोड़ का जुर्माना, अब बच्चों को कैसे मिलेंगे
इंस्टाग्राम और फेसबुक की पैरेंट कंपनी मेटा पर एक बड़ा जुर्माना लगाया गया है. न्यू मैक्सिको की एक अदालत ने मेटा पर बड़ा जुर्माना लगाया है. Meta को उसके सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से युवाओं को हुए नुकसान की भरपाई के लिए 56.7 करोड़ डॉलर (567 मिलियन डॉलर) का भुगतान करना होगा.
योगी सरकार में चूड़ी उद्योग को लगा चार चांद, फिरोजाबाद का कांच कारोबार अमेरिका तक चमका
विश्व प्रसिद्ध कांच की चूड़ियों के लिए मशहूर फिरोजाबाद में 'एक जनपद, एक उत्पाद (ODOP)' योजना ने कांच उद्योग को नई रफ्तार दी है. सरकारी मदद, सब्सिडी, प्रशिक्षण और आसान ऋण ने कारोबारियों को विस्तार का मौका दिया, जबकि हजारों कारीगरों और महिला श्रमिकों को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिला. इसका असर यह हुआ कि पलायन घटा और फिरोजाबाद का कांच उद्योग वैश्विक बाजार में और मजबूत हुआ.
एपस्टीन केस में जांच समिति की रिपोर्ट में क्या नया खुलासा? देखें US Top-10
अमेरिका के नई मेक्सिको में जेफ्री एपस्टीन मामले की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है. राज्य की स्वतंत्र जांच समिति की अंतरिम रिपोर्ट के मुताबिक, 1996 से 2012 के बीच एपस्टीन के दोनों रैंच पर कम से कम 5 महिलाओं और लड़कियों के साथ यौन शोषण हुआ. इसी बीच नई मेक्सिको ने बिना संपादित एपस्टीन फाइल्स हासिल करने अमेरिकी न्याय विभाग पर मुकदमा भी दायर किया. देखें यूएस टॉप-10.
एक्टिव हो चुका है त्रिग्रही योग, 3 राशियों को होगा छप्परफाड़ लाभ!
Trigrahi Yog 2026: 17 अगस्त 2026 तक कर्क राशि में सूर्य, उच्च के देवगुरु बृहस्पति और बुध एक साथ विराजमान रहकर दुर्लभ त्रिग्रही योग और बुधादित्य राजयोग का निर्माण कर रहे हैं. ग्रहों के इस शक्तिशाली संयोग से जातकों को 17 अगस्त तक करियर में मनचाहा प्रमोशन, रुका धन वापस मिलने, नए बिजनेस प्रोजेक्ट और आय में बंपर बढ़ोतरी के मजबूत योग बन रहे हैं.
‘जितनी सीटें बिकती हैं, उतने को CM बांटते नियुक्ति पत्र’, छात्र का आरोप
झारखंड में सरकारी नौकरियों की नियुक्ति को लेकर आंदोलनकारी राहुल क्रांति ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर सौदेबाजी का आरोप लगाया है. राहुल 20 साल से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं और दो परीक्षाएं पास करने के बावजूद उन्हें नौकरी नहीं मिली. राहुल ने आरोप लगाया कि आयोग की सदस्य सरकार के प्रवक्ता की पत्नी हैं, जिनके जरिए लीक की आशंका है.
'काश PM तानाशाह होते', बोलीं रुपाली गांगुली, मचा घमासान!
रुपाली गांगुली ने सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अपमान को लेकर कड़ी नाराजगी जताई. उनके पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई.
सिर्फ पकौड़े ही नहीं, घर के बड़े कामों का भी सस्ता समाधान है बेसन
Besan Uses At Home: बेसन सिर्फ पकौड़े या ढोकला बनाने के काम नहीं आता है. स्किन केयर, बर्तनों की सफाई, टैनिंग हटाने और कई घरेलू कामों में भी इसका इस्तेमाल किया जा सकता है. आज हम आपको बेसन के 7 आसान और बेहद काम के इस्तेमाल बताने वाले हैं, जिनकी मदद से आप घर के कई काम आसान कर सकते हैं.
ट्रंप ने बर्थराइट नागरिकता पर फिर कसा शिकंजा, साइन किए ऑर्डर
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बर्थराइट नागरिकता को सीमित करने और बर्थ टूरिज्म पर रोक लगाने के लिए दो एग्जीक्यूटिव ऑर्डर साइन किए हैं. ट्रंप प्रशासन का कहना है कि इनका मकसद उन लोगों की पहचान करना है, जिनके बच्चों को अमेरिका में जन्म लेने के बावजूद अपने आप नागरिकता नहीं मिलनी चाहिए. यह ट्रंप की इमिग्रेशन पर सख्ती की नीति का हिस्सा है.
जब पृथ्वी की पहली तस्वीर लेने वाला सैटेलाइट लॉन्च हुआ
आज के दिन ही अमेरिका ने उस सैटेलाइट को लॉन्च किया था, जिसने पृथ्वी की पहली तस्वीर स्पेस से ली थी.
सोशल मी़डिया पर अश्लील पोस्ट और वीडियो वायरल होना आम बात सी हो गई है। इस पर कंपनी कोई नियंत्रण नहीं है। पहले भारत और अब खबर मैक्सिको से है। जहां, न्यू मेक्सिको कोर्ट ने मेटा को बच्चों की मानसिक सेहत को नुकसान पहुंचाने के लिए 56.7 करोड़ डॉलर (567 मिलियन डॉलर) देने का आदेश […]
'अफसर बनना था, नेता बना दिए गए', प्रोटेस्ट में बैठे टॉपर की आपबीती
झारखंड में ज्यादातर साधारण मध्यम वर्गीय परिवार अपने बच्चों के लिए एक ही सपना देखते हैं. वो सपना है एक जेपीएससी या जेएसएससी जैसी भर्ती परीक्षा क्लियर करो या कोई और प्रतियोगी परीक्षा निकालो और सरकारी नौकरी पा लो. लेकिन जब पेपरलीक और धांधली जैसी मुश्किलें आती हैं तो किताबें उठाने वाले छात्र आंदोलन में उतर जाते हैं. ऐसे ही एक छात्र की आपबीती यहां पढ़िए.
Meta को अमेरिकी कोर्ट से बड़ा झटका: बच्चों की सुरक्षा में चूक पर ₹5400 करोड़ चुकाने का आदेश; जानिए पूरा मामला--Meta Ordered to Pay $567 Million Over Kids Mental Health and Safety Concerns
जन्म के समय बदल गई थीं दो बच्चियां, 37 साल बाद सामने आई सच्चाई
चीन में अस्पताल की एक गलती की वजह से जन्म के समय दो नवजात बच्चियां बदल गईं. 37 साल तक दोनों अलग-अलग परिवारों में पली-बढ़ीं और किसी को इस बात का पता नहीं चला. डीएनए टेस्ट के बाद सच्चाई सामने आई कि दोनों की असली मां सिर्फ 4 किलोमीटर दूर रहती थीं.
Army: 20 हजार फीट की ऊंचाई पर अब ड्रोन पहुंचाएंगे हथियार और राशन? सेना करने जा रही सबसे बड़ी लॉजिस्टिक्स डील---Drones Deliver Weapons and Supplies at 20000 Feet Indian Army Plans Biggest Logistics Drone Deal
कन्या राशि वाले प्रॉपर्टी के काम में पाएंगे लाभ, जानें सभी राशियों का हाल
Aaj ka Rashifal 7 अगस्त 2026, Horoscope Today: करियर को आगे बढ़ाने की चिंता मन में रह सकती है. किसी भी बहस में उलझने से बचें और दूसरों के भरोसे काम न छोड़ें. व्यापार में स्थिति काफी मजबूत होगी.
कल या परसों, कब है कामिका एकादशी? नोट करें सही तारीख और मुहूर्त
Kamika Ekadashi 2026: हर साल सावन माह के कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि के अगले दिन कामिका एकादशी मनाई जाती है. इस दिन लक्ष्मी नारायण जी की पूजा एवं भक्ति की जाती है. सनातन शास्त्रों में व्रत की महिमा का विस्तारपूर्वक वर्णन किया गया है. साधक मनचाही मुराद पाने के लिए कामिका एकादशी का व्रत रखते हैं.

