पश्चिम एशिया में कुछ नहीं बचेगा, US के हमले के बाद कहां निशाना लगाएगा ईरान; जारी की लिस्ट
ईरान ने पश्चिम एशिया के कुछ बड़े ऊर्जा संयंत्रों की लिस्ट जारी की है। तेहरान की तरफ से कहा गया कि अगर अमेरिका ने उसके ऊर्जा संयंत्रों पर हमला किया, तो वह इन ऊर्जा संयंत्रों को भी तबाह कर देगा। इस लिस्ट में सऊदी अरब, कुवैत, कतर, इजरायल के बड़े ऊर्जा संयंत्र शामिल हैं।
मशहूर पर्वतारोही निर्मल पुर्जा नहीं रहे! दुनिया की 12वीं सबसे ऊंची चोटी पर हिमस्खलन बना काल
मशहूर पर्वतारोही निर्मल पुर्जा नहीं रहे! दुनिया की 12वीं सबसे ऊंची चोटी पर हिमस्खलन बना काल
आज और कल ईरान पर भारी?अमेरिका ने अपने नागरिकों को तुरंत निकलने की दी सलाह, क्या ट्रंप फिर ढाएँगे कहर
फिर तो मैं इतिहास बना दूंगा, क्या था निर्मल पुर्जा का प्लान; क्यों चुना था PoK पीक
जाने-माने पर्वतारोही निर्मल पुर्जा का निधन हो गया। वह छह पर्वतारोहियों की टीम के साथ एक मिशन पर थे, जब एक हिमस्खलन की चपेट में आ गए। निम्स-दाई के नाम से मशहूर निर्मल की मौत के बाद उनका एक्स पर किया अंतिम पोस्ट वायरल हो रहा है।
पर्वतारोही निर्मल पुर्जा एक प्रसिद्ध शख्सियत थे। PoK की चोटी पर बर्फीले तूफान के बाद से वह लापता थे। उनकी मौत की पुष्टि उस कंपनी ने की है, जिससे वह जुड़े हुए थे।
'खाड़ी में इतने बम मारेंगे, गिन नहीं पाओगे', ट्रंप की धमकी पर ईरान ने जारी की तबाही की लिस्ट
अमेरिका ने कहा है कि वह जल्द ही ईरान पर बड़े हमले कर सकता है। इसके जवाब में ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर ऐसा किया तो पूरे मिडिल ईस्ट में तबाही मचा देंगे। इसे लेकर ईरान ने एक लिस्ट भी जारी की है।
नेपाल के प्रधानमंत्री बालेनद्र शाह ने शनिवार को मशहूर नेपाली-ब्रिटिश पर्वतारोही निर्मल पुर्जा (निम्स दाई) और उनकी टीम के उन सदस्यों की मौत पर गहरा दुख और भावपूर्ण श्रद्धांजलि व्यक्त की, जिनकी पाकिस्तान की ब्रॉड पीक पर हिमस्खलन (avalanche) की चपेट में आने से दुखद मौत हो गई थी। मृत पर्वतारोहियों के अदम्य साहस को सम्मान देते हुए, प्रधानमंत्री बालेनद्र शाह ने फेसबुक पोस्ट में कहा पर्वतारोहण सिर्फ़ चोटी तक की यात्रा नहीं है। यह साहस, अनुशासन, त्याग और अटूट आत्मविश्वास का सर्वोच्च प्रदर्शन है जो इंसानी सीमाओं को चुनौती देता है। पहाड़ कई लोगों को चोटी तक पहुँचने का गौरव देते हैं, तो कभी-कभी उन्हें हमेशा के लिए अपनी गोद में समेट भी लेते हैं। हालाँकि, पर्वतारोही अपने साहस और समर्पण के कारण इतिहास में हमेशा अमर रहेंगे। निर्मल पुर्जा 9 अन्य पर्वतारोहियों के साथ 8,051 मीटर ऊँची ब्रॉड पीक पर चढ़ने के मिशन पर थे। वह बिना ऑक्सीजन के दुनिया की 12वीं सबसे ऊँची चोटी पर चढ़ने की कोशिश कर रहे थे। इसे भी पढ़ें: Nepal में भड़की साम्प्रदायिक हिंसा की चिंगारी क्या समूचे हिंदू समाज के लिए खतरे की घंटी है? पाकिस्तान की काराकोरम पर्वतमाला में स्थित दुनिया के 12वें सबसे ऊंचे पहाड़, 8,051 मीटर ऊंचे ब्रॉड पीक पर छह नेपाली और चार अन्य विदेशी पर्वतारोहियों (जिनमें वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर निर्मल पुर्जा या 'निम्स दाई' भी शामिल थे) की दुखद मौत ने हमें स्तब्ध कर दिया है। प्रधानमंत्री शाह ने इस बात पर ज़ोर दिया कि भले ही उनकी शारीरिक यात्रा समाप्त हो गई हो, लेकिन पुर्जा और उनकी टीम का साहस, ऐतिहासिक उपलब्धियां और समर्पण - जिन्होंने वैश्विक पर्वतारोहण में क्रांति ला दी - आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करते रहेंगे। निर्मल पुर्जा सहित सभी दिवंगत पर्वतारोहियों की केवल शारीरिक यात्रा ही रुकी है, लेकिन उनके साहस, समर्पण और योगदान का इतिहास हमेशा प्रेरणादायक और जीवित रहेगा। सभी दिवंगत पर्वतारोहियों को भावभीनी श्रद्धांजलि। शोक संतप्त परिवार, रिश्तेदारों और शुभचिंतकों के प्रति गहरी संवेदना। पुर्जा ने कई देशों के 10 पर्वतारोहियों की एक टीम का नेतृत्व किया था, जिसमें वे खुद भी शामिल थे। इनमें से 5 पर्वतारोही नेपाल से थे, जिनमें किली पेम्बा शेरपा, निमा शेरपा, ग्यालु शेरपा, नवांग थिंडु शेरपा और नेपाल के ही पुर बहादुर गुरुंग शामिल थे। इस समूह में पाकिस्तानी पर्वतारोही सोहेल सखी, चीनी पर्वतारोही वांग झोंग, ओमान की नाधिरा अहमद अब्दुल्ला अल हारथी और अमेरिका की मैलोरी गीस व सारा मैलोरी भी शामिल थीं। ब्रॉड पीक पर बर्फीला तूफ़ान (एवलांच) आया, जिसमें पूर्व ब्रिटिश गोरखा सैनिक और मशहूर पर्वतारोही पुर्जा के साथ-साथ उनके गाइड और साथी, पुर बहादुर गुरुंग (युक्ता) और निमा शेरपा की मौत हो गई। पुर्जा की कंपनी, 'एलीट एक्सपेड' ने सोशल मीडिया पर एक बयान जारी करके इस घटना की पुष्टि की और इस नुकसान पर गहरा दुख जताया। इसे भी पढ़ें: घरों से इस्लामिक झंडे खींच रहा नेपाल, क्या बोले मुसलमान? पुर्जा की 'निम्सदाई फ़ाउंडेशन' ने एक बयान में कहा, आज, बहुत दुख और भारी मन से हम पुष्टि करते हैं कि ब्रॉड पीक पर बर्फीले तूफ़ान की चपेट में आने से निर्मल 'निम्सदाई' पुर्जा की दुखद मौत हो गई है। हमें यह भी पता चला है कि अभियान में शामिल अन्य सदस्य भी दुर्भाग्य से जीवित नहीं बच पाए। आज हम न केवल निम्स के लिए, बल्कि इस त्रासदी में जान गंवाने वाले हर व्यक्ति के लिए शोक मना रहे हैं, जिनमें उनके भरोसेमंद क्लाइंबिंग पार्टनर और गाइड, पुर बहादुर गुरुंग (युक्ता) और निमा शेरपा भी शामिल हैं। हमारी गहरी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं उनके परिवारों, दोस्तों और चाहने वालों के साथ हैं। इस अकल्पनीय नुकसान के दर्द को कोई शब्द कम नहीं कर सकता, और हम सभी से अनुरोध करते हैं कि वे उनके दुख के समय में उनकी प्राइवेसी का सम्मान करें।
नेपाल में बवाल के बीच बिहार बॉर्डर पर हाई अलर्ट, देखें सुरक्षा इंतजाम
नेपाल में बवाल इस कदर बढ़ गया है कि कई जिलों में कर्फ्यू लगाना पड़ा है और सेना को सड़कों पर उतरना पड़ा है. जगह-जगह हुए हिंसक झड़पों में तीन लोगों की मौत हो गई है. इस मामले में भारत के लिए चिंता और सतर्कता की जरूरत इसलिए है क्योंकि उसकी सीमा से लगे हुए इलाकों में माहौल तेजी से बिगड़ा है. देखें वीडियो.
PoK के समर्थन में लाहौर में प्रदर्शन, पुलिस का एक्शन
PoK में हिंसा के विरोध में लाहौर में प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस ने कार्रवाई की. कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया. क्षेत्रीय चुनावों के बाद हालात और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं. जून की शुरुआत से ही क्षेत्र में लगातार विरोध-प्रदर्शन, धरने और बंद का दौर जारी है.
नेपाल के प्रसिद्ध पर्वतारोही निर्मल पुर्जा का पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर स्थित ब्रॉड पीक पर हिमस्खलन में निधन हो गया।
आंध्र प्रदेश में अविश्वसनीय गति से प्रगति-मोदी
विजयनगरम (आंध्र प्रदेश)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज आंध्र प्रदेश के विजयनगरम जिले के भोगपुरम में 17,900 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटनकर उन्हें राष्ट्र को समर्पित किया। स्वर्ण आंध्र की परिकल्पना केलिए इस दिन के अपार महत्व को उजागर करते हुए प्रधानमंत्री ने भगवान वराह लक्ष्मी नरसिम्हा स्वामी,...
ब्रॉड पीक पर हिमस्खलन का कहर: नेपाल के मशहूर पर्वतारोही निर्मल पुर्जा लापता, फुटेज में देंखे 4 पर्वतारोहियों के शव मिले
Scarborough Shoal विवाद पर दक्षिण चीन सागर में चीन का सैन्य अभ्यास
चीन की सेना ने विवादित दक्षिण चीन सागर में स्कारबोरो शोल के पास संयुक्त हवाई और नौसैनिक अभ्यास आयोजित किए हैं। इन अभ्यासों का मुख्य उद्देश्य चीन की युद्धक तत्परता का परीक्षण करना और देश की क्षेत्रीय संप्रभुता की रक्षा करना था। हुअंगयान द्वीप पर नए नियम इसी बीच, चीन ने हुअंगयान द्वीप राष्ट्रीय प्रकृति रिजर्व के लिए नए नियमों की घोषणा की है। इसके साथ ही, चीन के तटरक्षक बल ने इस क्षेत्र में गश्त और कानून प्रवर्तन गतिविधियों को बढ़ाने की भी घोषणा की है। दक्षिण चीन सागर में तनाव यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब दक्षिण चीन सागर में क्षेत्रीय तनाव पहले से ही बना हुआ है। स्कारबोरो शोल (जिसे फिलीपींस में पां.ग.सी.एन.श.य.ओ. ग.स. ग.न. और चीन में हुअंगयान द्वीप के नाम से जाना जाता है) पर चीन, फिलीपींस और वियतनाम जैसे देशों के बीच संप्रभुता को लेकर विवाद है। चीन इन अभ्यासों और नियमों के माध्यम से अपनी क्षेत्रीय दावों को मजबूत करने और किसी भी संभावित चुनौती का सामना करने की अपनी क्षमता को प्रदर्शित कर रहा है।
WSJ की सनसनीखेज रिपोर्ट, President Donald Trump ने Iran पर सैन्य हमले का दिया आदेश
'वॉल स्ट्रीट जर्नल' में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सेना को इसी वीकेंड ईरान पर नया हमला करने का निर्देश दिया है। अखबार ने नाम न बताने की शर्त पर अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से कहा कि इस प्रस्तावित सैन्य कार्रवाई का मकसद तेहरान को घुटने टेकने पर मजबूर करना है। यह घटनाक्रम राष्ट्रपति ट्रंप के उन बयानों के बाद सामने आया है जिनमें उन्होंने तेहरान के साथ चल रही कूटनीतिक बातचीत को लेकर अनिश्चितता जताई थी। साथ ही, उन्होंने जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर हुए हमले के बाद कड़ी सैन्य जवाबी कार्रवाई की चेतावनी भी दोहराई थी। राष्ट्रपति ट्रंप ने शुक्रवार को मैरीलैंड में कैंप डेविड प्रेसिडेंशियल रिट्रीट में कैबिनेट की बैठक के दौरान कहा, हम उन पर बहुत ज़ोरदार हमला करेंगे और आगे कहा और किसी न किसी मोड़ पर वे कहेंगे कि अब वे इसे और बर्दाश्त नहीं कर सकते। इसे भी पढ़ें: Donald Trump ईरान पर नए सैन्य हमलों पर कर रहे विचार, White House ने दिए संकेत इसके अलावा, CBS ने रिपोर्ट दी कि वॉशिंगटन ईरान की एनर्जी सुविधाओं, जैसे कि बिजली घरों और पेट्रोलियम रिफाइनरियों पर संभावित हमलों पर विचार कर रहा है। मानवाधिकार और वकालत करने वाले संगठनों ने कहा है कि आम नागरिकों के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाकर किए गए जानबूझकर हमले युद्ध अपराध की श्रेणी में आ सकते हैं। CBS की रिपोर्ट के बाद, शुक्रवार दोपहर पोस्ट-सेटलमेंट ट्रेडिंग के दौरान वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड की कीमतें 86 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चली गईं। इन रिपोर्टों पर प्रतिक्रिया देते हुए, व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा ईरान को तब तक कीमत चुकानी होगी जब तक वे उस तरीके से बातचीत की मेज पर नहीं आते जिसे राष्ट्रपति ट्रंप सार्थक मानते हैं। इसे भी पढ़ें: ईरान की खुली धमकी: US और Israel के Energy Assets को बनाएंगे निशाना, Trump की कार्रवाई का देंगे करारा जवाब राष्ट्रपति ट्रंप ने अपना रुख बदलने से पहले कई बार बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दी है, लेकिन जारी संघर्षों ने अमेरिकी सैन्य भंडार को काफी कम कर दिया है, खासकर उन अहम एयर डिफेंस इंटरसेप्टर्स को जिनका इस्तेमाल सैन्य ठिकानों की सुरक्षा के लिए किया जाता है। यह संघर्ष, जो 28 फरवरी को अमेरिका और इज़राइल के संयुक्त सैन्य हमलों के बाद शुरू हुआ था, पूरे क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अस्थिरता का कारण बना है। इसके बाद तेहरान ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद कर दिया, जिससे कच्चे तेल, प्राकृतिक गैस और उर्वरक की महत्वपूर्ण समुद्री आपूर्ति रुक गई। फारस की खाड़ी के देशों पर ईरानी ड्रोन और मिसाइल हमलों के कारण कामकाज और अर्थव्यवस्था में भारी व्यवधान पैदा हुआ है।
मोबाइल पर रील देखने में मशगूल एक महिला ने अपने छह महीने के मासूम को तड़प-तड़प कर मरने पर मजबूर कर दिया। मामला अमेरिका के फ्लोरिडा का है। इस दिल दहला देने वाली घटना के सामने आने के बाद बच्चे की मां को गिरफ्तार कर लिया गया।
विदेश कमाने गए भारतीयों पर संकट! खाड़ी देशों में 3 वर्षों में 4 हजार से ज्यादा मौतें, जाने आखिर क्या है वजह ?
यूक्रेन के कीव पर टूटा रूसी मिसाइल का कहर, देखें दुनिया आजतक
यूक्रेन की राजधानी कीव पर रूस ने मिसाइल हमला किया, जिसमें कम से कम नौ लोगों की जान चली गई. रूसी हमले की निशाना बनी इमारत में कई लोग फंस गए. एक दर्जन से ज्यादा धमाकों से शहर दहल उठा. कीव मेयर ने कई जगहों पर आग की भी बात कही. देखें दुनिया आजतक.
नेपाल में बवाल के बाद सरकार सख्त, सांप्रदायिक हिंसा में गई 3 लोगों की जान, पुलिस ने 8 आरोपियों को पकड़ा
लॉन्च हुआ सस्ता गैजेट JioTag2, सालभर चलेगी बैटरी और बिना सिम के होगी ट्रैकिंग - aajtak.in
लॉन्च हुआ सस्ता गैजेट JioTag2, सालभर चलेगी बैटरी और बिना सिम के होगी ट्रैकिंग aajtak.in
घरों से इस्लामिक झंडे खींच रहा नेपाल, क्या बोले मुसलमान?
नेपाल सब दिन से सद्भाव वाला देश रहा है। नेपाल का तो नुकसान होगा ही होगा। पड़ोसी देशों को भी नुकसान इसका असर पड़ेगा। नेपाल के हिंदू अचानक मुस्लिम मोहल्लों में पहुंच गए और एक बहुत अजीब घटना हो गई। इस घटना के बाद पहली बार नेपाल में रहने वाले मुस्लिमों का भी बयान आया है।अभी तक अकड़ दिखा रहे नेपाल के मुस्लिमों की अचानक भाषा बदल गई है। नेपाल के मुस्लिम अचानक प्यार मोहब्बत की बातें करने लगे हैं। दरअसल आपने यह खबरें तो पढ़ी होगी कि नेपाल में मुस्लिमों ने एक कावड़ यात्रा पर हमला कर दिया था। जिसके बाद तनाव बढ़ गया। नेपाल जैसे हिंदू बहुल देश में भी अब सांप्रदायिक झगड़े शुरू हो गए हैं। लेकिन इसी तनाव के बीच नेपाल के हिंदू मुस्लिम मोहल्लों में पहुंच गए और उसके बाद जो हुआ वो होश उड़ा देने वाला था। इसे भी पढ़ें: Nepal में भड़की साम्प्रदायिक हिंसा की चिंगारी क्या समूचे हिंदू समाज के लिए खतरे की घंटी है? नेपाल के हिंदुओं ने मुस्लिम मोहल्लों के घरों से हरे झंडे उतारने शुरू कर दिए। हिंदुओं ने कहा कि नेपाल में रहना है तो नेपाल की इज्जत करनी होगी। नेपाल के लोग अब मुस्लिम कट्टरता के खिलाफ खड़े हो गए हैं। नेपाली हिंदुओं ने मुस्लिमों के घर पर लगे इस्लामिक झंडों को हटा दिया और उसकी जगह नेपाल का झंडा लगाने की बात कही। वायरल वीडियो में नेपाल के लोग मुस्लिम मोहल्लों में जाकर बोल रहे हैं कि नेपाली झंडा लगाओ। नेपाल का झंडा लगाओ। नेपाल का झंडा इन लोगों का कहना है कि हम नेपाल का इस्लामीकरण नहीं होने देंगे। आपको बता दें कि यह वीडियो वायरल हैं। इसकी पुष्टि हम नहीं करते लेकिन अब नेपाल से ऐसी सैकड़ों वीडियो आ रही हैं जिसमें नेपाल के लोग अपनी हिंदू पहचान को बचाने के लिए सड़कों पर उतर आए हैं। इसी बीच भारत का नाम लेकर नेपाल के एक सीनियर जर्नलिस्ट अनिल गिरी ने लिखा है कि नेपाल के तरई इलाकों में हो रहे डेमोग्राफिक बदलावों और धर्म के नाम पर जमीन पर बढ़ती अस्थिरता को देखते हुए भारतीय पक्ष की चेतावनी मुझे याद आ गई। इसे भी पढ़ें: MEA Press Conference : Pakistan पर India का अब तक का सबसे बड़ा हमला, विदेश मंत्रालय ने दुनिया के सामने खोली आतंकिस्तान की पूरी पोल भारतीय पक्ष ने चेतावनी दी थी कि तरई में जो हो रहा है वह सिर्फ एक ट्रेलर है। कुछ भारतीय अधिकारी अक्सर यह चेतावनी देते आए हैं कि एक दिन आपको पूरी पिक्चर देखने को मिलेगी। क्या अब यह सच हो रहा है? क्या नेपाल की डेमोग्राफी बदल रही है? आपको बता दें कि नेपाल की आर्म्ड पुलिस फोर्स यानी एपीएफ ने करीब 3 साल पहले नेपाल की सरकार को एक गोपनीय रिपोर्ट सौंपी थी। उस वक्त नेपाल में चीन के प्यादे केपी शर्मा ओली की सरकार थी। उस रिपोर्ट में कहा गया था कि नेपाल के तराई मधेश इलाकों में ऐसे तत्व सक्रिय हो गए हैं जो सांप्रदायिक और जातीय झगड़ों को भड़काकर समाज को बांटने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन नेपाल की सरकार ने उस वक्त कोई एक्शन नहीं लिया। Nepal mein hindu jaag raha hai pic.twitter.com/8pTaOKBP2i — indian (@priyaaarora12) August 1, 2026
दक्षिण और मध्य एशियाई मामलों के लिए अमेरिका के विशेष दूत सर्जियो गोर ने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान से शिष्टाचार भेंट की। यह बैठक आज सुबह, शनिवार को ढाका के तेजगांव स्थित प्रधानमंत्री कार्यालय में हुई। बांग्लादेश के प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक बयान में कहा, बैठक के दौरान आपसी हित के विभिन्न मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया गया, जिनमें बांग्लादेश और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय संबंध, व्यापार और निवेश का विस्तार तथा क्षेत्रीय सहयोग शामिल हैं। स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, शुक्रवार को बांग्लादेश में भारत के हाई कमिश्नर दिनेश त्रिवेदी ने दक्षिण और मध्य एशिया के लिए अमेरिका के स्पेशल एनवॉय सर्जियो गोर से मुलाकात की और आपसी हित के मुद्दों पर चर्चा की। इसे भी पढ़ें: ईरान की खुली धमकी: US और Israel के Energy Assets को बनाएंगे निशाना, Trump की कार्रवाई का देंगे करारा जवाब अमेरिकी पक्ष के एक राजनयिक सूत्र ने UNB को बताया यह बैठक सुबह शहर के एक होटल में हुई। मैं बस इतना कह सकता हूं कि यह एक अच्छी बैठक थी। यह पता नहीं चल सका कि बैठक के दौरान उन्होंने असल में किन मुद्दों पर चर्चा की। 25 जून को, गोर ने हाई कमिश्नर दिनेश त्रिवेदी को बांग्लादेश में भारत के नए हाई कमिश्नर के तौर पर अपनी महत्वपूर्ण भूमिका संभालने के लिए शुभकामनाएं दीं। इसे भी पढ़ें: 12-13 सितंबर को दिल्ली में ऐसा दिखेगा नजारा, व्हाइट हाउस से लेकर NATO मुख्यालय तक मच जाएगी खलबली! गोर ने 25 जून को कहा कि दक्षिण और मध्य एशिया के लिए अमेरिका के स्पेशल एनवॉय के तौर पर, मैं उनके साथ मिलकर काम करने के लिए उत्सुक हूं। बैठक के बारे में बताते हुए गोर ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा कि आज मैंने माननीय प्रधानमंत्री तारिक रहमान से मुलाकात की और अमेरिका और बांग्लादेश के बीच आर्थिक सहयोग को मजबूत करने और हमारी साझेदारी को बढ़ाने के शानदार मौकों पर चर्चा की। यह अमेरिका के लिए प्राथमिकता है, और साथ मिलकर काम करके हम असल नतीजे हासिल कर सकते हैं
ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर उस पर हमला होता है, तो वह पूरे इलाके में इज़राइल के अहम इंफ्रास्ट्रक्चर और अमेरिका के एनर्जी ठिकानों को निशाना बनाने के लिए पूरी तरह तैयार है। यह चेतावनी उन खबरों के बाद आई है जिनमें कहा गया है कि वॉशिंगटन और तेल अवीव मिलकर ईरान के खिलाफ नए मिलिट्री ऑपरेशन की योजना बना रहे हैं। ईरान के एक सीनियर सिक्योरिटी अधिकारी ने शुक्रवार को तस्नीम न्यूज़ एजेंसी को बताया कि ईरान के इंफ्रास्ट्रक्चर पर संभावित हमलों के बारे में पश्चिमी मीडिया की खबरें एक तरह का पागलपन हैं। तस्नीम के मुताबिक, अधिकारी ने कहा कि तेहरान ने जवाबी कार्रवाई की व्यापक योजनाएं तैयार की हैं, जिनमें इज़राइल के अहम ठिकानों और पूरे मिडिल ईस्ट में अमेरिका के एनर्जी एसेट्स पर हमले शामिल हैं। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि उकसावे की स्थिति में ईरान इन कदमों को उठाने के लिए पूरी तरह तैयार है। इसे भी पढ़ें: 12-13 सितंबर को दिल्ली में ऐसा दिखेगा नजारा, व्हाइट हाउस से लेकर NATO मुख्यालय तक मच जाएगी खलबली! ईरान के अधिकारी ने कहा कि देश की सेना ने 40 दिन की लड़ाई और उसके बाद हुई झड़पों के दौरान ऐसे ऑपरेशन करने की अपनी क्षमता और पक्के इरादे को साबित किया है। यह चेतावनी तब आई है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरानी ठिकानों पर फिर से हमले की तैयारी के आदेश देने की खबरों के बाद सैन्य तनाव बढ़ने की अटकलें तेज हो गई हैं। द वॉल स्ट्रीट जर्नल ने शुक्रवार को अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से खबर दी कि राष्ट्रपति ट्रंप ने नए हमलों का निर्देश दिया है जो इसी सप्ताहांत शुरू हो सकते हैं। साथ ही, उन्होंने तेहरान को चेतावनी दी कि अगर वह बातचीत की मेज पर वापस नहीं आता है, तो उसे कड़े सैन्य कदमों का सामना करना पड़ेगा। शुक्रवार को कैंप डेविड में कैबिनेट की बैठक को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने जल्द होने वाले ऑपरेशन का संकेत दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिका उन पर बहुत जोरदार हमला करेगा और भरोसा जताया कि ईरान आखिरकार उस स्थिति में पहुंच जाएगा जहां वह इसे और बर्दाश्त नहीं कर पाएगा। बढ़ती बयानबाजी वाशिंगटन और तेहरान के बीच बढ़ते तनाव को दिखाती है। इससे यह चिंता पैदा हो रही है कि आगे कोई सैन्य कार्रवाई पूरे इलाके में बड़े संघर्ष को जन्म दे सकती है, जिससे क्षेत्र के अहम ऊर्जा संसाधनों और रणनीतिक बुनियादी ढांचे पर असर पड़ सकता है।
POK में हिंसा की आग लाहौर तक पहुंची, प्रदर्शनकारियों पर PAK पुलिस का एक्शन
पाकिस्तान के लाहौर में प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने कार्रवाई की है. कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया. ये लोग पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में हुई हिंसा के खिलाफ एकजुटता जताने के लिए प्रदर्शन कर रहे थे.
पाकिस्तान में सोशल मीडिया पर उभरा ‘कॉकरोच पार्टी पाकिस्तान’, युवाओं के नाम पर बदलाव का दावा
समूह ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जिन प्रमुख मुद्दों को उठाया है, उनमें आर्थिक स्थिरता, राजनीतिक सुधार, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, ऊर्जा संकट का समाधान और पानी की कमी जैसी समस्याएं शामिल हैं। अभियान का दावा है कि वह आम नागरिकों, विशेष रूप से युवाओं की आकांक्षाओं और चिंताओं को सामने लाने का प्रयास कर रहा है।
भारत और रवांडा के बीच हुआ व्यापार विस्तार
नई दिल्ली। भारत के मध्य-पूर्व अफ़्रीकी देशों केसाथ बढ़ते द्विपक्षीय संबंधों खासतौर पर व्यापारिक क्षेत्र में भारत-रवांडा संयुक्त व्यापार समिति (जेटीसी) का पहला सत्र 30 और 31 जुलाई को नई दिल्ली में हुआ। सत्र में दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय व्यापार में विविधता लाने, व्यापारिक संबंधों को और सुगम बनाने एवं बाजार पहुंच संबंधी...
यूक्रेन की राजधानी पर रूस ने किया बड़ा हमला, ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों से अटैक; 9 की मौत
रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव पर हमला किया है। इन हमलों में 9 लोगों की मौत हो गई है, जबकि कई लोग घायल हो गए।
जुड़वां भाइयों ने जुड़वां बहनों से रचाई शादी, पादरी भी निकले जुड़वां भाई; केरलम में अनोखा विवाह Jagran अनोखी शादी! जुड़वा दूल्हे और जुड़वा दुल्हनें; शादी करवाने वाले पादरी भी जुड़वा, National Hindi News Hindustan केरल में अनोखी डबल शादी, दूल्हे-दुल्हन से लेकर पादरी तक सभी निकले जुड़वां News18 Hindi दोहरी खुशी: जुड़वां भाइयों की जुड़वां बहनों से शादी, जुड़वां पादरियों ने संपन्न कराई विवाह की रस्में ThePrint Hindi अनोखी शादी! जुड़वां दूल्हे और जुड़वां दुल्हनें; शादी करवाने वाले पादरी भी जुड़वां | दोनों लड़के मर्चेंट नेवी में जबकि दोनों लड़कियां आईटी... | Inshorts Inshorts
हमास ने किया सरेंडर! ट्रंप के ऐलान के बाद गाजा से चरणबद्ध तरीके से पीछे हटेगी इजरायली सेना, जानें पूरी डील
Ukraine War News: कीव पर रूस का बड़ा हवाई हमला, 9 की मौत और 22 घायल, रिहायशी इलाकों में भारी तबाही
Ukraine War News: कीव पर रूस का बड़ा हवाई हमला, 9 की मौत और 22 घायल, रिहायशी इलाकों में भारी तबाही
डूबते पाकिस्तान को सऊदी ने दिया वफादारी का ईनाम, 5 अरब डॉलर का सहारा
क्या पाकिस्तान एक बार फिर डिफॉल्ट होने की कगार पर बाल-बाल बचा है या फिर सऊदी अरब ने पाकिस्तान की गर्दन पर लटकी कर्ज की तलवार को 3 साल के लिए और ढीला कर दिया है। जिस देश के पास अपने कंगाली के ढोल पीटने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा उस पाकिस्तान को एक बार फिर सऊदी अरब ने संजीवनी बूटी दे दी है। पूरे $5 अरब डॉलर। $5 अरब डॉलर का कर्ज रोलओवर हो चुका है। यानी अगले 3 साल तक पाकिस्तान को यह पैसा सऊदी को वापस नहीं लौटाना पड़ेगा। लेकिन सवाल यह है कि क्या ये पाकिस्तान के लिए राहत की बात है या ये इस बात का सबसे बड़ा सबूत है कि पाकिस्तान बिना विदेशी बैसाखियों के अब दो दिन भी नहीं चल सकता। पाकिस्तान के वित्त मंत्री मोहम्मद औरंगजेब और स्टेट बैंक के गवर्नर जमील अहमद आज छाती ठोक कर कह रहे हैं कि सऊदी ने हमारी मदद कर दी है। रोलओवर का मतलब तरक्की नहीं होता है। रोलओवर का सीधा सा मतलब है कि आपकी जेब में पैसा लौटाने की औकात नहीं। इसीलिए आपने हाथ जोड़कर मालिक से कहा हुजूर थोड़ा टाइम और दे दो। अभी हम लुटे पीटे हैं और सुनिए ये पहली या दूसरी बार नहीं है। इसे भी पढ़ें: Kartarpur Sahib गलियारा सुरक्षा कारणों से बंद, Lok Sabha में बोली सरकार सऊदी अरब ने लगातार तीसरी बार पाकिस्तान को यह मोहलत दी है। अगर सऊदी अपना पैसा आज वापस मांग ले तो अगले 24 घंटे के अंदर पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था ताश के पत्तों की तरह जाएगी। अब जो आंकड़े मैं आपको बताने जा रही हूं उन्हें सुनकर आपके होश उड़ जाएंगे। स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान के पास विदेशी जमा के नाम पर कुल $1 अरब डॉलर पड़े हैं। और आपको जानकर हैरानी होगी कि इस 12 में से $8 अरब डॉलर अकेले सऊदी अरब का है। यानी पाकिस्तान का अपना फॉरेक्स रिजर्व्स सिर्फ नाम का है। असली मालिक तो रियाद में बैठा है। इस चालू वित्त वर्षा में पाकिस्तान को 21.5 अरब डॉलर का विदेशी कर चुकाना पड़ा है। अकेले जुलाई 2026 में ही यह $.2 अरब डॉलर बहा चुका है। 3 जुलाई को इनका विदेशी मुद्रा भंडार $8.4 अरब डॉलर का था जो कर्ज की किस्तें चुकाते-चुकाते 17 जुलाई तक घटकर 17.2 अरब डॉलर पार कर चुका है। सोचिए अगर सऊदी के यह $5 अरब डॉलर रोल ओवर ना होते तो पाकिस्तान अपने कर्ज की किस्ते चुकाना तो दूर अपने देश के लिए तेल और आटा भी नहीं खरीद पाता। सवाल यह है कि क्या सऊदी अरब यह सब मुफ्त में कर रहा है? इसे भी पढ़ें: रहमान डकैत के भाई को किसने गोली मारी? 'धुरंधर' का खेल है जारी, फिर क्या गैंगवार से दहलने वाला है ल्यारी बिल्कुल नहीं। दुनिया में कोई किसी को मुफ्त में $5 अरब डॉलर नहीं देता। सऊदी अरब जानता है कि पाकिस्तान इस वक्त उनके इशारों पर नाचने को मजबूर है। चाहे वो मध्यपूर्व यानी मिडिल ईस्ट की राजनीति हो या रणनीति फायदे। सऊदी जब चाहे पाकिस्तान का गला दबा सकता है। पाकिस्तान आज एक ऐसा मुल्क बन चुका है जो सिर्फ कर्ज लेकर पुराना कर्ज चुका रहा है। इसे अर्थशास्त्र की भाषा में डेफ ट्रैप यानी कर्ज का चक्रव्यूह कहते हैं। स्टेट बैंक के गवर्नर भले ही कहें कि तनाव कम हो गया है लेकिन कड़वी सच्चाई यह है कि यह राहत सिर्फ और सिर्फ वेंटिलेटर पर पड़े मरीज को कुछ दिन और जिंदा रखने जैसी है। जब तक पाकिस्तान अपनी बर्बादी की नीतियां नहीं बदलेगा 3 साल क्या? 30 साल बाद भी यह देश कटोरे लेकर ही खड़ा मिलेगा।
30 जुलाई की शाम पाकिस्तान के ल्यारी का सिंघु लेन इलाका 40 साल का एक आदमी अपने घर के बाहर बैठा था। तभी दो मोटरसाइकिल सवार वहां से गुजरे और गुजरते हुए उस 40 साल के आदमी पर गोलियों की बरसात कर दी और मौके से फरार हो गए। उसके पेट में और सीने में कई गोलियां लगी। अब वह अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा है। ल्यारी का नाम सुनते ही आपने आईडिया लगा लिया होगा कि यह स्टोरी किसके बारे में है। जिस आदमी को गोलियां मारी गई हैं, उसका नाम है जुबैर बलोच। ल्यारी के कुख्यात गैंगस्टर उजैर बलोच का भाई जो फिलहाल पाकिस्तान की जेल में बंद है। रणवीर सिंह की फिल्म धुरंधर की कहानी इसी उजैर बलोच के इर्द-गिर्द घूमती है। पाकिस्तानी न्यूज़ वेबसाइट डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक जब जुबैर बलोच को गोली मारी गई तब वहां से गुजर रहे दो राहगीरों को भी गोली लगी जिनमें से एक की हालत गंभीर है। हमलावरों ने अपने चेहरे ढक रखे थे जिसके कारण उनका चेहरा पहचान नहीं पाया गया। हमले के बाद पास के एक दुकानदार ने भी अपनी बंदूक निकाली और उन पर फायरिंग कर दी। जिसके बाद वह वहां से भागते बने। इसे भी पढ़ें: Lyari में Gangster Uzair Baloch के भाई को मारी गोली, क्या फिर शुरू होगा खूनी Gang War? डॉन ने कराची साउथ जोन के डीआईजी सैयद असद रजा के हवाले से लिखा है कि अपने भाई उजैर की ही तरह जुबैर भी कई मामले में आरोपी है। उसका भी आपराधिक इतिहास है। 2012 में उसको सात अपराधिक मामलों में गिरफ्तार किया गया था। 13 साल जेल में रहने के बाद 2025 में उसको रिहा कर दिया गया। डीआईजी का कहना है कि इस केस में कई एंगल्स हैं। लेकिन सबसे अहम है गिरोहों की आपसी दुश्मनी। इसके अलावा व्यक्तिगत तौर पर भी जुबैर और उजैर के कई दुश्मन हैं। इसी इलाके के एक सोशल वर्कर ने नाम ना बताने की शर्त पर डॉन को एक अलग एंगल बताया है जो पॉलिटिकल है। कुछ महीने पहले जुबैर एक राजनीतिक दल में शामिल हुआ था। पार्टी का नाम सामने नहीं आया है। लेकिन जुबैर ने अपने इलाके में इस पार्टी के झंडे फहराए थे। इस सोशल वर्कर ने यह भी बताया कि ल्यारी में कुछ अफवाहें फैली हुई हैं। यह अफवाह कराची ऑपरेशन को लेकर है। यह ऑपरेशन 2010 से लेकर 2020 तक चला। इसमें आतंकवादियों के साथ-साथ ल्यारी के गैंगस्टर्स को भी निशाना बनाया गया। इसे भी पढ़ें: Balochistan में छात्रों के गायब होने की घटनाएं तेज, Sami Baloch ने Pakistan सरकार को घेरा इलाके के एक सोशल एक्टिविस्ट ने नाम न बताने की शर्त पर 'डॉन' को बताया कि ज़ुबैर कुछ महीने पहले एक राजनीतिक पार्टी में शामिल हुआ था और उसने अपने इलाके में उस पार्टी के झंडे भी लगाए थे। एक्टिविस्ट ने लियारी में फैली उन अफ़वाहों का भी ज़िक्र किया कि कराची ऑपरेशन के बाद दुबई और ईरान भाग गए कुछ गैंगस्टर, अमेरिका-ईरान युद्ध के बाद वापस आ गए हैं, और इलाके के लोग पुरानी गैंग-वॉर के फिर से शुरू होने के डर में जी रहे हैं। उन्होंने आगे बताया कि हमलावरों ने अपने चेहरे ढके हुए थे और जब पास के एक दुकानदार ने जवाबी फायरिंग की, तो वे भाग गए। इससे पहले मार्च में, एक एंटी-टेररिज्म कोर्ट (ATC) ने हत्या, पुलिस एनकाउंटर और विस्फोटक रखने से जुड़े सात मामलों में उज़ैर बलोच की ज़मानत अर्ज़ियां खारिज कर दी थीं। उज़ैर और अन्य लोगों पर 2012 में कालाकोट पुलिस स्टेशन के इलाके में हथियारों और विस्फोटकों से कानून लागू करने वाले अधिकारियों पर हमला करने का आरोप था। अप्रैल 2020 में एक मिलिट्री कोर्ट ने उज़ैर बलोच को जासूसी का दोषी ठहराया था और उसे 12 साल की जेल की सज़ा सुनाई थी। इसे भी पढ़ें: परमाणु संपन्न पाकिस्तान में छिड़ेगा गृहयुद्ध? ग्वादर मिलिट्री कैंप तबाह... मारे गये 30 से ज़्यादा सैनिक, बलूच विद्रोहियों की खुली चेतावनी! साल 2020 में जब उजैर बलोच को सजा सुनाई गई तब भी पाकिस्तान ने इस मामले में भारत को घसीटा। बलोच को लेकर कहा गया कि वह ईरान के साथ-साथ रॉ के लिए भी जासूसी कर रहा था। इस मामले में सीटीडी ने तीन और गैंगस्टर्स को भारत से जुड़ा हुआ बताया। ये तीन गैंगस्टर्स थे। मुदसिर जावेद, हारिस उर्फ़, लंगड़ा और अबू सुफियान। इनको 2020 में गिरफ्तार किया गया। सीटीडी के अनुसार यह सब लेरी के ही एक गैंगस्टर जाहिद उर्फ़ शटर के गिरोह में थे। सीटीडी का आरोप है कि जाहिद संयुक्त अरब अमीरात में रहता है और भारतीय खुफिया एजेंसी रॉ के लिए जासूसी करता है। पाकिस्तान ने आरोप लगाया कि उजैर बलोच के बाद लेहारी में जो कुछ गैंगस्टर बचे हैं रॉ उनका इस्तेमाल टारगेट किलिंग्स के लिए करता है। अप्रैल 2020 में पाकिस्तान की एक मिलिट्री कोर्ट ने उजैर बलोच को जासूसी करने के लिए दोषी ठहराया और 12 साल की जेल की सजा सुनाई। लेकिन यह इकलौता मामला नहीं है जिसमें वो जेल काट रहा है। अवैध हथियार रखने, विस्फोट करने, अरसद पप्पू की हत्या के साथ-साथ दर्जनों मामले उसके खिलाफ चल रहे हैं।
Explainer: ट्रंप की नई नीति से भारतीय छात्रों के ‘अमेरिकन ड्रीम’पर कैसे खतरा मंडरा रहा है?
अमेरिका में पढ़ने और वहाँ नौकरी करने का सपना देखने वाले भारतीय छात्रों के लिए एक नई चुनौती आ खड़ी हुई है। ट्रंप प्रशासन ऑप्शनल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग (OPT) प्रोग्राम पर $100,000 (करीब ₹95 लाख) की फीस लगाने पर विचार कर रहा है। यह F-1 स्टूडेंट वीजा का एक्सटेंशन है, जो ग्रेजुएशन के बाद काम करने […]
ट्रंप की भीषण धमकी के बाद भड़का ईरान, कहा- 'अमेरिकी सैन्य अड्डों की जलेंगी चिताएं
वाशिंगटन और तेहरान के बीच जारी तनातनी अब एक ऐसे मुकाम पर पहुंच गई है जहां से पीछे हटना नामुमकिन लग रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से ईरान को दी गई सीधी और विनाशकारी सैन्य कार्रवाई की धमकी के बाद मिडिल ईस्ट में बारूद की गंध बेहद तेज हो गई है। ट्रंप के इस बयान पर पलटवार करते हुए ईरान के शीर्ष सैन्य कमांडरों ने अमेरिका को खुली चुनौती दे दी है। ईरान ने साफ लफ्जों में कहा है कि अगर अमेरिका ने एक भी मिसाइल दागी, तो पूरे खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डों को श्मशान में तब्दील कर दिया जाएगा। इस बीच ईरान के एक बेहद शक्तिशाली 'महाबली' दोस्त ने भी जंग में कूदने के संकेत देकर पेंटागन की नींद उड़ा दी है।ट्रंप की उस एक धमकी से कैसे थर्राया पूरा मिडिल ईस्टदरअसल, वाशिंगटन में एक हाई-लेवल सिक्योरिटी मीटिंग के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के परमाणु ठिकानों और तेल डिपो को निशाना बनाने की खुली चेतावनी दी थी। ट्रंप का मानना है कि ईरान वैश्विक शांति और अमेरिकी हितों के लिए लगातार खतरा बना हुआ है। इस धमकी के बाद से ही कतर, बहरीन और इराक में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों पर हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। दूसरी तरफ, ईरान ने अपनी अंडरग्राउंड मिसाइल सिटीज के शटर खोल दिए हैं और सैकड़ों बैलिस्टिक मिसाइलों का रुख अमेरिकी ठिकानों की तरफ मोड़ दिया है, जिससे किसी भी वक्त युद्ध भड़कने की आशंका है।ईरान का वो रहस्यमयी 'महाबली' दोस्त कौन है जो अमेरिका से भिड़ने को तैयार हैइस पूरे विवाद में सबसे बड़ा ट्विस्ट तब आया जब वैश्विक महाशक्ति माने जाने वाले ईरान के रणनीतिक साझेदार (रूस/चीन गुट) ने इस तनाव में सीधे दखल देने की बात कही। ईरान के इस महाबली दोस्त ने अमेरिकी विस्तारवाद को रोकने के लिए अपनी नौसेना और हाइपरसोनिक मिसाइल सिस्टम को अलर्ट पर रख दिया है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अमेरिका और ईरान के बीच सीधे तौर पर तलवारें खिंचती हैं, तो यह केवल दो देशों की लड़ाई नहीं रहेगी। यह महाबली दोस्त ईरान के पीछे ढाल बनकर खड़ा हो गया है, जो इस जंग को पलक झपकते ही वर्ल्ड वॉर में बदल सकता है।खाड़ी देशों और भारत पर इस संभावित महायुद्ध का क्या होगा असरअगर अमेरिकी सेना ईरान पर हमला करती है, तो इसका सबसे पहला और घातक असर ग्लोबल ऑयल सप्लाई चेन पर पड़ेगा। होर्मुज जलडमरू मध्य (Strait of Hormuz) के बंद होने से कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू सकती हैं, जिसका सीधा असर भारत सहित पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। लोकल ऑप्टिमाइजेशन के लिहाज से देखें तो खाड़ी देशों में रहने वाले लाखों भारतीय प्रवासियों की सुरक्षा भी दांव पर लग गई है। नई दिल्ली में भी इस पूरे घटनाक्रम पर पैनी नजर रखी जा रही है और विदेश मंत्रालय ने अपनी इमरजेंसी यूनिट को एक्टिव कर दिया है।
12-13 सितंबर को दिल्ली में ऐसा दिखेगा नजारा, व्हाइट हाउस से लेकर NATO मुख्यालय तक मच जाएगी खलबली!
इतिहास गवाह है कि जब-जब दुनिया किसी बड़े संकट की ओर बढ़ती है तब-तब समाधान की तलाश में दुनिया की नजरें भारत की तरफ मुड़ती है। लेकिन 12-13 सितंबर 2026 को दिल्ली की धरती पर जो होने जा रहा है वैसा नजारा दुनिया ने दशकों से नहीं देखा होगा। यह सिर्फ प्रधानमंत्री और राष्ट्रपतियों की एक और रूटीन मुलाकात नहीं है। यह ग्लोबल पॉलिटिक्स का वह कुरुक्षेत्र है जहां दुनिया का नया भूगोल और नया इतिहास लिखा जाने वाला है। दिल्ली में सजने वाला है आरआईसी यानी रूस, भारत, चीन का वो महामंच जिसके नाम मात्र से ही वाइट हाउस से लेकर नाटो के मुख्यालयों तक खलबली मच जाती है। दरअसल कूटनीति में एक शब्द बहुत मशहूर है। आरआईसी यानी रशिया, इंडिया, चाइना। सालों तक यह सिर्फ कागजों पर रहा, लेकिन साल 2026 की दिल्ली समिट इसे हकीकत के धरातल पर उतार रही है। सोचिए जब दुनिया की तीन सबसे बड़ी सेनाएं, तीन सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था और तीन परमाणु शक्तियां एक ही मेज पर बैठकर चाय की चुस्कियों के साथ भविष्य का एजेंडा तय करेंगी, तो क्या होगा? पश्चिम को डर इस बात का नहीं है कि यह साथ मिल रहे हैं। डर इस बात का है कि इनके पास डीडोलाइजेशन का हथियार है। इसे भी पढ़ें: Xi Jinping की India यात्रा: ग़लवान झड़प के बाद पहली बार दिल्ली आ सकते हैं चीनी राष्ट्रपति अगर दिल्ली में इन तीनों ने डॉलर के विकल्प के तौर पर अपनी मुद्राओं में व्यापार को अंतिम मुहर लगा दी तो अमेरिकी डॉलर का साम्राज्य ताश के पत्तों की तरह ढह सकता है और यह पावरफुल तगड़ी संदेश दे रही है कि अब दुनिया का रिमोट कंट्रोल वाशिंगटन में नहीं बल्कि नई दिल्ली के इस हॉल में होगा। वैसे इस समिट की सबसे बड़ी ब्रेकिंग न्यूज़ है चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग का भारत आना। अक्टूबर 2019 में जब वे आए थे भारत तब माहौल कुछ और था। लेकिन साल 2020 में लद्दाख की गलवान घाटी में चोक हुआ। उसने रिश्तों में दशकों पुरानी कड़वाहट भर दी। अब 5 साल बाद जिनपिंग का दिल्ली आना कोई साधारण घटना नहीं है। अक्टूबर 204 के कजान समझौते के बाद से कूटनीतिक गलियारों में जो वार्म अप चल रहा था, उसका फाइनल मैच अब दिल्ली में होगा। क्या पीएम मोदी और शिजनपिंग के बीच होने वाली द्विपक्षी बातचीत एलएसी पर हमेशा के लिए शांति का रास्ता तय कर देंगी? अगर भारत और चीन के बीच आर्थिक संबंधों की नई शुरुआत होती है तो यह एशिया के लिए स्वर्ण युग की शुरुआत हो सकती है जो पश्चिम देशों के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं होगा। इसे भी पढ़ें: अमेरिकी संसद में रूस के दोस्तों पर 100% टैरिफ वाला बिल आया, जिनपिंग ने अपना प्लेन अचानक दिल्ली की ओर घुमाया! हालांकि इस बार ब्रिक्स की मेज पर वो मुद्दे नहीं होंगे जो सालों से चल रहे थे। इस बार तीन बिल्कुल नए और संवेदनशील मुद्दों पर मंथन होगा। मुद्दा नंबर एक है ईरान की शक्ति प्रदर्शन और चाबहार का रास्ता। देखिए ईरान के राष्ट्रपति का दिल्ली आना एक मास्टर स्ट्रोक है। एक तरफ इजराइल और अमेरिका के साथ ईरान की जंग जैसी स्थिति है। हर दिन क्या हो रहा है हम आपको बता रहे हैं। और दूसरी तरफ भारत के साथ उनका पुराना सांस्कृतिक और रणनीतिक रिश्ता। दिल्ली में पिजिशियान सिर्फ अपनी बात नहीं रखेंगे बल्कि चाबहार पोर्ट प्रोजेक्ट को फिर से जीवित करेंगे जो भारत को मध्य एशिया और रूस तक सीधा रास्ता देता है। यह कॉरिडोर स्वेज नहर का सबसे बड़ा विकल्प बनकर उभरेगा। मुद्दा नंबर दो बांग्लादेश और भारत की बड़े भाई वाली भूमिका। भारत ने बांग्लादेश के नए प्रधानमंत्री तारिक रहमान को बुलाकर यह साफ कर दिया है कि BRI सिर्फ बड़े देशों का क्लब नहीं है। Bimstek के अध्यक्ष के नाते उनकी मौजूदगी दक्षिण एशिया में भारत के पड़ोसी प्रथम नीति का सबसे बड़ा सबूत है। भारत यहां एक सेतु की भूमिका में है जो छोटे देशों को वैश्विक मंच पर आवाज दे रहा है। मुद्दा नंबर तीन फिलिस्तीन और मिडिल ईस्ट का पेचीदा पेंच ब्रिक्स के अंदर एक नई दरार दिख रही है। ईरान और यूएई आमने-सामने है। यूएई फिलिस्तीन मुद्दे पर थोड़ी नरम भाषा चाहता है। जबकि रूस, चीन और ईरान एक सख्त स्टैंड की मांग कर रहे हैं। यहां भारत की भूमिका एक ग्लोबल मिडिएटर की तौर पर होगी। इसे भी पढ़ें: पहली बार सामने आया चीन की खुफिया एजेंसी का नाम, पूरा भारत हैरान ! पीएम मोदी को दोनों धड़ों के बीच सहमति बनानी होगी ताकि एक साझा घोषणापत्र जारी हो सके। जनवरी 2024 में जब ब्रिक्स का विस्तार हुआ तो दुनिया ने तालियां बजाई। लेकिन अब वही विस्तार भारत के लिए एक बड़ी कूटनीतिक चुनौती बन गया है। ईरान और यूएई के बीच का तनाव ब्रिक्स के कामकाज को ठप कर सकता है। मई की विदेश मंत्रियों की बैठक का बिना किसी साझा बयान के खत्म होना एक चेतावनी थी। दुनिया देख रही है कि क्या भारत अपनी मेजबानी में इन दोनों इस्लामिक देशों को एक मेज पर ला पाएगा। तो पीएम मोदी के निजी रिश्ते किंग सलमान यानी सऊदी और जायद और यूएई के साथ भी बेहतरीन है और ईरान के नेतृत्व के साथ भी है। अगर दिल्ली समिट में टू स्टेट सॉल्यूशन पर कोई ऐतिहासिक समझौता होता है तो भारत की कूटनीति का लोहा पूरी दुनिया मानेगी। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या ब्रिक्स साझा मुद्रा लाएगा? देखिए आर्थिक विशेषज्ञ का कहना है कि यह कठिन है क्योंकि भारत और चीन की अर्थव्यवस्थाएं अलग-अलग तरह से काम करती हैं। लेकिन समाधान एक करेंसी नहीं बल्कि एक यूनिट ऑफ अकाउंट हो सकता है। एक ऐसा सिस्टम जहां हम आपस में व्यापार स्वर्ण यानी गोल्ड या फिर अपनी मुद्राओं के एक बास्केट के आधार पर करें। अगर ऐसा हुआ तो ब्रिटेन वुड्स टू का ताश का महल ढह जाएगा। अमेरिका अब दुनिया को डरा नहीं पाएगा क्योंकि व्यापार के विकल्प मौजूद हैं।
ब्रह्मांड और अंतरिक्ष विज्ञान की दुनिया से इस वक्त एक बेहद हैरान और रोमांचित करने वाली खबर सामने आ रही है। अंतरिक्ष में सालों से चक्कर काट रहा करीब 4,500 किलोग्राम का एक विशालकाय मानव निर्मित कचरा, जिसे वैज्ञानिक 'भटका दैत्य' (Rogue Space Junk) कह रहे हैं, अब सीधे चंद्रमा की ओर बढ़ रहा है। यह भारी-भरकम टुकड़ा किसी और का नहीं, बल्कि अरबपति एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स (SpaceX) द्वारा सालों पहले लॉन्च किए गए एक रॉकेट का हिस्सा है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस लावारिस बूस्टर रॉकेट की चांद से सीधी और भीषण टक्कर होने वाली है, जिसने दुनिया भर के खगोलविदों की धड़कनें बढ़ा दी हैं।कैसे एक स्पेस मिशन का हिस्सा बन गया चांद का 'दुश्मन'यह पूरी कहानी साल 2015 से शुरू होती है, जब एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स ने डीप स्पेस क्लाइमेट ऑब्जर्वेटरी (DSCOVR) उपग्रह को अंतरिक्ष में भेजने के लिए अपने फाल्कन 9 (Falcon 9) रॉकेट को लॉन्च किया था। मिशन को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद इस रॉकेट का दूसरा चरण (बूस्टर) पृथ्वी और चंद्रमा के गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र के बीच फंस गया। ईंधन खत्म हो जाने के कारण यह पूरी तरह से नियंत्रण से बाहर हो गया और पिछले 11 सालों से अंतरिक्ष की गहराइयों में एक लावारिस भूत की तरह भटक रहा था। अब गुरुत्वाकर्षण के खेल ने इसे सीधे चांद के रास्ते पर धकेल दिया है।कितनी खतरनाक होगी यह टक्कर और कितनी रफ्तार से गिरेगा यह दैत्यनासा (NASA) और दुनिया भर के स्वतंत्र अंतरिक्ष वैज्ञानिकों ने इस कचरे के पथ की सटीक गणना की है। उनके अनुसार, यह 4500 किलो का ढांचा करीब 9,300 किलोमीटर प्रति घंटे (लगभग 2.6 किलोमीटर प्रति सेकंड) की अत्यंत तीव्र और विनाशकारी रफ्तार से चंद्रमा की सतह से टकराएगा। इस भीषण टक्कर के कारण चांद की जमीन पर एक बहुत बड़ा गड्ढा (Crater) बन जाएगा और वहां की धूल और चट्टानें अंतरिक्ष में सैकड़ों किलोमीटर ऊपर तक उछलेंगी। वैज्ञानिक इस बात को लेकर बेहद उत्सुक हैं कि इस प्रभाव से चंद्रमा की भूगर्भीय संरचना के बारे में कुछ नए रहस्य सामने आ सकते हैं।क्या भारत या दुनिया के किसी हिस्से से लाइव देखी जा सकेगी यह महा-टक्करअंतरिक्ष प्रेमियों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या वे इस ऐतिहासिक घटना को अपनी नग्न आंखों या घरेलू दूरबीन से देख पाएंगे? खगोलविदों ने साफ किया है कि यह टक्कर चंद्रमा के उस हिस्से पर होने जा रही है जो हमेशा पृथ्वी से दूर रहता है, जिसे 'फार साइड ऑफ द मून' (Far Side of the Moon) या चांद का अंधेरा हिस्सा कहा जाता है। इस वजह से पृथ्वी पर मौजूद किसी भी टेलिस्कोप से इसे लाइव देखना नामुमकिन होगा। हालांकि, चांद की परिक्रमा कर रहे नासा के लूनर रिकॉनिसेंस ऑर्बिटर (LRO) और भारत के चंद्रयान जैसे अंतरिक्ष यान इस टक्कर के बाद बनने वाले नए गड्ढे और उसके मलबे की तस्वीरें जरूर खींच सकेंगे, जो बाद में जारी की जाएंगी।
पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) से इस वक्त की बेहद विस्फोटक और बड़ी खबर सामने आ रही है। PoK में प्रदर्शनकारियों पर हुई अचानक गोलीबारी के बाद वहां की जनता का गुस्सा फूट पड़ा है और यह विरोध प्रदर्शन अब एक पूर्ण बगावत का रूप ले चुका है। इस घटना के बाद न केवल मुजफ्फराबाद बल्कि पाकिस्तान के कई प्रमुख शहरों में लोग प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर के खिलाफ खुलेआम सड़कों पर उतर आए हैं। हालात इस कदर बेकाबू हो चुके हैं कि पाकिस्तानी हुकूमत और सेना के आला अफसरों के हाथ-पांव फूल गए हैं।क्यों भड़का PoK की जनता का गुस्सा और किस बात पर हुआ बवाल?दरअसल, PoK के नागरिक पिछले काफी समय से भारी महंगाई, आटे की किल्लत, बिजली के भारी-भरकम बिलों और बुनियादी अधिकारों के हनन को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से विरोध जता रहे थे। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने इस शांतिपूर्ण आंदोलन को कुचलने के लिए बल प्रयोग किया और प्रदर्शनकारियों पर सीधी फायरिंग कर दी। गोलीबारी में कई स्थानीय नागरिकों के घायल होने और हताहत होने की खबर जैसे ही फैली, मुजफ्फराबाद, मीरपुर और पुंछ समेत पूरे इलाके में लोग हिंसक हो उठे और उन्होंने पाकिस्तानी चौकियों को घेर लिया।शहबाज शरीफ और जनरल मुनीर के खिलाफ क्यों गूंज रहे हैं आजादी के नारेइस खूनी झड़प के बाद प्रदर्शनकारियों का गुस्सा सीधे तौर पर पाकिस्तान की कठपुतली सरकार और रावलपिंडी में बैठे सैन्य आकाओं पर फूट रहा है। प्रदर्शनकारी 'शाहबाज शरीफ इस्तीफा दो' और 'पाकिस्तानी सेना वापस जाओ' के गगनभेदी नारे लगा रहे हैं। लोगों का आरोप है कि जनरल असीम मुनीर के इशारे पर पाकिस्तानी सेना PoK के प्राकृतिक संसाधनों को लूट रही है और यहां के नागरिकों को गुलामों की तरह रखा जा रहा है। बगावत की आंच अब इतनी तेज हो चुकी है कि स्थानीय पुलिस भी जनता के गुस्से के आगे बेबस नजर आ रही है।क्या पाकिस्तान के हाथ से निकल जाएगा PoK और क्या होगा इसका अंजाम?वैश्विक और रणनीतिक मामलों के विशेषज्ञों का मानना है कि PoK में भड़की यह चिंगारी पाकिस्तान के वजूद के लिए बड़ा खतरा बन सकती है। कंगाली और कर्ज के दलदल में डूबा पाकिस्तान पहले से ही आंतरिक कलह से जूझ रहा है और अब PoK में इस जनविद्रोह ने उसकी मुश्किलें सौ गुना बढ़ा दी हैं। मानवाधिकार संगठनों ने भी पाकिस्तानी सेना द्वारा नागरिकों पर किए जा रहे जुल्मों की कड़ी निंदा की है। अगर इस्लामाबाद ने तुरंत सेना को पीछे नहीं हटाया, तो यह बगावत पाकिस्तान के विभाजन की एक नई पटकथा लिख सकती है।
मिडिल ईस्ट के बाद अब यूरोप में महायुद्ध की आहट, NATO के इस कदम पर भड़का नया देश
पूरी दुनिया इस वक्त ईरान और इजरायल के बीच छिड़े भीषण संघर्ष को थामने की कोशिशों में जुटी है, लेकिन इसी बीच वैश्विक मंच पर एक और नया और बेहद खतरनाक मोर्चा खुलता नजर आ रहा है। उत्तर अटलांटिक संधि संगठन यानी नाटो (NATO) ने अपनी पूर्वी सीमाओं पर एक ऐसा आक्रामक सैन्य कदम उठाया है, जिसने सोए हुए एक और बड़े सैन्य दिग्गज को बुरी तरह भड़का दिया है। इस देश ने नाटो की इस ताजा हरकत को महज एक सैन्य अभ्यास मानने से साफ इनकार करते हुए इसे 'युद्ध की खुली तैयारी' करार दे दिया है, जिससे वैश्विक कूटनीति में हड़कंप मच गया है।नाटो ने ऐसा क्या किया जिससे अचानक भड़क उठी चिंगारीदरअसल, नाटो ने रूस और उसके सहयोगियों की सीमाओं के बेहद करीब अपने अत्याधुनिक हथियारों, लड़ाकू विमानों और हजारों सैनिकों के साथ एक बहुत बड़ा और सीक्रेट युद्धाभ्यास शुरू किया है। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य आपातकालीन स्थिति में दुश्मन के किसी भी हमले का मुंहतोड़ जवाब देना है। लेकिन नाटो की इस भारी घेरेबंदी को इस नए देश ने अपनी संप्रभुता और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक सीधे और बड़े खतरे के रूप में देखा है। इस देश के रक्षा मंत्रालय ने आधिकारिक बयान जारी कर नाटो को चेतावनी दी है कि वे अपनी हदों में रहें, वरना अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहें।ईरान जंग के बीच इस नए बवाल से क्यों बढ़ी दुनिया की धड़कनेंएक तरफ जहां लाल सागर और पूरे मिडिल ईस्ट में अमेरिका, ईरान और इजरायल के बीच बारूद बरस रहा है, वहीं दूसरी तरफ यूरोप के मुहाने पर इस नए विवाद के खड़े होने से दुनिया के रक्षा विशेषज्ञ बेहद चिंतित हैं। जानकारों का मानना है कि यदि यह तनाव थोड़ा भी और आगे बढ़ा, तो यह केवल दो देशों की जंग नहीं रह जाएगी। नाटो के आर्टिकल 5 (सामूहिक रक्षा) के चलते इसमें अमेरिका समेत दुनिया के 30 से ज्यादा शक्तिशाली देश सीधे तौर पर शामिल हो जाएंगे, जो पूरी तरह से तीसरे विश्व युद्ध (Third World War) की शुरुआत जैसा होगा।क्या वैश्विक शांति के लिए अब बहुत देर हो चुकी हैक्रेमलिन के करीबियों और इस नए मोर्चे के रणनीतिकारों का कहना है कि नाटो लगातार यूक्रेन संकट के बाद से ही अपनी सीमाओं का विस्तार करने और रूस के सहयोगियों को उकसाने की कोशिश कर रहा है। इस ताजा बवाल ने संयुक्त राष्ट्र (UN) की उन सभी कोशिशों पर पानी फेर दिया है जो दुनिया में शांति बहाल करने के लिए की जा रही थीं। अब देखना यह होगा कि क्या नाटो इस कड़े विरोध के बाद अपने कदम पीछे खींचता है या फिर यह नया सैन्य संकट पूरी दुनिया को तबाही के एक नए और गहरे दलदल में धकेल देता है।
Sri Lanka Blasts Court sentences former police chief to death; a lapse claimed the lives of over 260 people.
फीफा अध्यक्ष जियानी इनफैनटिनो ने विश्व कप के मुनाफे को निजी इक्विटी कंपनियों के साथ साझा करने का प्रस्ताव वापस ले लिया है।
जापान में फिर हिली धरती, आओमोरी में 5.8 तीव्रता के भूकंप के झटके हुए महसूस,लोगों में दहशत
उत्तरी जापान में एक बार फिर से भूकंप के झटके महसूस हुए हैं। देश की मौसम एजेंसी ने बताया कि शनिवार को उत्तरी जापान के आओमोरी प्रांत में 5.8 तीव्रता का भूकंप आया।
ट्रंप के 'बोर्ड ऑफ पीस' पहल से खत्म होगा गाजा युद्ध? देखें US TOP-10
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 'बोर्ड ऑफ पीस' पहल को लेकर साइप्रस में बैठक हुई है. यह बोर्ड गाजा युद्ध खत्म करने और पुनिर्माण योजना की निगरानी के लिए बनाया गया है. ट्रंप के कई देशों के नेताओं को इसमें शामिल होने का मौका दिया है. हालांकि कुछ देशों ने समर्थन किया है. वहीं कुछ ने इसकी भूमिका और और संयुक्त राष्ट्र पर असर को लेकर चिंता जताई है.
Hamas की मदद के आरोप में ब्रिटेन में तुर्किये का नागरिक गिरफ्तार
न्यूयॉर्क, एक अगस्त (एपी) ब्रिटेन में तुर्किये के एक नागरिक को एक फर्जी अंतरराष्ट्रीय मानवीय सहायता संगठन के माध्यम से हमास को धन एवं अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने की कथित साजिश के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। इस्तांबुल निवासी मोहम्मद यूसुफ हसन (45) को शुक्रवार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। उसे न्यूयॉर्क लाए जाने से पहले प्रत्यर्पण की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। मैनहट्टन में अमेरिकी अटॉर्नी जेमी मैकडोनाल्ड ने कहा कि हसन ने मानवीय सहायता की आड़ में हमास को खाद्य सामग्री, अन्य आवश्यक वस्तुएं और धन उपलब्ध कराने के लिए संगठन के शीर्ष नेतृत्व के साथ मिलकर काम किया। अमेरिका ने हमास को विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित कर रखा है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि अमेरिका में हसन की ओर से किस अधिवक्ता द्वारा पैरवी की जाएगी। हसन के खिलाफ लगाए गए आरोपों में हमास को सामग्री सहायता उपलब्ध कराने की साजिश रचना, आतंकवाद के वित्तपोषण की साजिश रचना तथा आतंकवाद के वित्तपोषण में संलिप्त होना शामिल है। इनमें से प्रत्येक आरोप में अधिकतम 20 वर्ष के कारावास का प्रावधान है। अमेरिका की सरकार की ओर से जारी विज्ञप्ति में आरोप लगाया गया है कि हसन 2023 से हमास के शासी निकाय के सदस्य और वरिष्ठ नेता गाजी हमद के साथ मिलकर काम कर रहा था।
नेपाल में हालात तनावपूर्ण, जनकपुर समेत कई जिलों में कर्फ्यू
नेपाल के जनकपुर और धनुषा में सांप्रदायिक हिंसा के बाद अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लगा दिया गया है. यह हिंसा पिछले शनिवार सुनसरी जिले में लाउडस्पीकर और धार्मिक झंडों को लेकर हुए विवाद से शुरू हुई थी. अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है और सुनसरी, धनुषा, सिराहा और सप्तरी सहित चार जिलों में कर्फ्यू लगाया गया है. आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है. राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने शांति बनाए रखने की अपील की है.
एक बार फिर कीव में रूस ने मचाई भीषण तबाही, मिसाइल और ड्रोन हमले में 9 लोगों की मौत, 22 घायल
यूक्रेन की राजधानी कीव रूस के एक बड़े हमले से दहल उठी। रूस ने शनिवार तड़के कीव पर बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से जोरदार हमला किया। यूक्रेनी अधिकारियों के मुताबिक, हमले में कम से कम नौ लोगों की मौत हो गई, जबकि 22 नागरिक घायल हुए हैं।
फिल्म 'धुरंधर' का पर्दा उठता है। कैमरा कराची के कुख्यात लियारी की तंग गलियों में दौड़ता है। सड़क किनारे बैठा एक शख्स, चारों तरफ सन्नाटा, तभी अचानक मोटरसाइकिल पर सवार दो नकाबपोश आते हैं। गोलियों की तड़तड़ाहट से खामोशी चकनाचूर हो जाती है। लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते हैं, हमलावर हवा में धुआं छोड़ते हुए फरार हो जाते हैं और सड़क पर खून से लथपथ पड़ा शख्स अपनी जिंदगी की जंग लड़ रहा होता है। फर्क सिर्फ इतना है कि यह किसी फिल्म का दृश्य नहीं, बल्कि पाकिस्तान के सबसे बदनाम गैंगस्टर परिवारों में से एक की असल कहानी है, जिसने एक बार फिर लियारी की खूनी विरासत को सुर्खियों में ला दिया है। हम आपको बता दें कि कराची के लियारी इलाके में गैंगस्टर उजैर बलोच के भाई जुबैर बलोच पर हुए जानलेवा हमले ने पाकिस्तान की कानून-व्यवस्था और अंडरवर्ल्ड की हलचल को फिर से चर्चा के केंद्र में ला दिया है। गुरुवार शाम करीब 40 वर्षीय जुबैर अपने घर सिंगू लेन के बाहर बैठा था, तभी मोटरसाइकिल पर आए दो नकाबपोश हमलावरों ने उस पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। सीने और पेट में कई गोलियां लगने से जुबैर गंभीर रूप से घायल हो गया। गोलीबारी की चपेट में आए दो राहगीर भी घायल हुए, जिनमें से एक की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है। इसे भी पढ़ें: Nirmal Purja समेत छह पर्वतारोही पाकिस्तान में Broad Peak पर हिमस्खलन के बाद लापता घटना के तुरंत बाद जुबैर और दोनों घायलों को सिविल हॉस्पिटल कराची ले जाया गया, जहां जुबैर की आपातकालीन सर्जरी की गई। पुलिस के मुताबिक हमलावर उस समय भाग निकले, जब पास के एक दुकानदार ने जवाबी फायरिंग कर दी। घटना के बाद सामने आए सीसीटीवी फुटेज में सड़क पर अफरा-तफरी और हमलावरों के फरार होने का दृश्य साफ दिखाई देता है। चाकीवाड़ा पुलिस और दक्षिण कराची के डीआईजी सैयद असद रजा के अनुसार मामले की कई कोणों से जांच की जा रही है। शुरुआती जांच में व्यक्तिगत दुश्मनी, पुरानी गैंगवार और आपराधिक रंजिश जैसे पहलुओं को खंगाला जा रहा है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या यह हमला जुबैर के पुराने आपराधिक इतिहास से जुड़ा है या किसी नए विवाद का नतीजा। हम आपको बता दें कि जुबैर बलोच का आपराधिक रिकॉर्ड भी कम चर्चित नहीं रहा है। वर्ष 2012 में उसे सात आपराधिक मामलों में गिरफ्तार किया गया था। लंबे समय तक जेल में रहने के बाद जनवरी 2025 में उसकी रिहाई हुई थी। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि जेल से बाहर आने के बाद उसकी गतिविधियां किन लोगों के निशाने पर आ गई थीं। दूसरी ओर, इस हमले ने एक बार फिर पाकिस्तान के कुख्यात गैंगस्टर उजैर बलोच की यादें ताजा कर दी हैं। उजैर वही शख्स है जिसने अपने चचेरे भाई और लियारी के खूंखार डॉन रहमान डकैत की 2009 में पुलिस मुठभेड़ में मौत के बाद पूरे गैंग की कमान संभाल ली थी। उसके नेतृत्व में लियारी लंबे समय तक खून-खराबे, रंगदारी, ड्रग तस्करी और राजनीतिक संरक्षण के दम पर चलने वाले संगठित अपराध का सबसे बड़ा अड्डा बना रहा। उजैर बलोच पर हत्या, पुलिस पर हमले, विस्फोटक रखने और संगठित अपराध सहित कई गंभीर मामले दर्ज हैं। मार्च 2026 में आतंकवाद निरोधी अदालत ने 2012 में कानून-व्यवस्था बलों पर हथियारों और विस्फोटकों से किए गए हमले से जुड़े सात मामलों में उसकी जमानत याचिकाएं खारिज कर दी थीं। इससे पहले अप्रैल 2020 में एक सैन्य अदालत ने उसे जासूसी के आरोप में दोषी ठहराते हुए 12 साल की सजा सुनाई थी। वह फिलहाल जेल में बंद है। दरअसल, लियारी की कहानी केवल अपराध की नहीं, बल्कि सत्ता, राजनीति और गैंगस्टरों के गठजोड़ की भी रही है। दशकों तक यह इलाका ड्रग तस्करी के रास्तों और रंगदारी के धंधे को लेकर खूनी गैंगवार का केंद्र बना रहा। रहमान डकैत और उसके कट्टर प्रतिद्वंद्वी अरशद पप्पू के बीच चली हिंसक लड़ाइयों ने लियारी की गलियों को युद्धक्षेत्र में बदल दिया था। बाद में विभिन्न राजनीतिक समूहों के संरक्षण ने इन गैंगों को और ताकत दी, जिससे पुलिस के लिए कार्रवाई करना बेहद मुश्किल हो गया। स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं का दावा है कि जुबैर बलोच पिछले कुछ महीनों से एक राजनीतिक दल से जुड़ा था और इलाके में उस पार्टी के झंडे भी लगाए गए थे। वहीं, लियारी में यह चर्चा भी तेज है कि कराची ऑपरेशन के दौरान दुबई और ईरान भागे कई पुराने गैंगस्टर अमेरिका-ईरान युद्ध के बाद फिर लौट आए हैं। इन खबरों ने स्थानीय लोगों के बीच डर पैदा कर दिया है कि कहीं लियारी एक बार फिर पुराने खूनी दौर में न लौट जाए। फिलहाल पुलिस हमलावरों की तलाश में छापेमारी कर रही है, लेकिन जुबैर बलोच पर हुआ यह हमला सिर्फ एक व्यक्ति पर हमला नहीं माना जा रहा। यह उस लियारी की दहशतभरी यादों को फिर जिंदा कर रहा है, जिसने कभी पाकिस्तान के सबसे खूनी गैंगवार का चेहरा देखा था। सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह सिर्फ व्यक्तिगत दुश्मनी का मामला है या फिर लियारी में अंडरवर्ल्ड का वह खौफनाक अध्याय दोबारा खुलने वाला है, जिसकी गूंज आज भी कराची की तंग गलियों में सुनाई देती है?
तिब्बती संसद का प्रतिनिधिमंडल भारत पहुंचा, 50+ सांसदों से की मुलाकात
राष्ट्रीय सभा की स्थायी समिति के एक प्रतिनिधिमंडल ने तिब्बती संसद की तस्वीर के लिए तिब्बती संसद से अनुरोध किया। तिब्बती संसद के सबसे युवा सदस्य खेनपो सोनम टेनफेल के नेतृत्व में 18वीं तिब्बती संसद के प्रतिनिधिमंडल ने इस महीने की 27 और 31 तारीख को बैठक की। दिल्ली में भारतीय संसद की बैठक के […]
रूस की ई-कॉमर्स कंपनी के पास गिरा यूक्रेनी ड्रोन, देखें दुनिया आजतक
यूक्रेनी सेना रूस में लगातार ऊर्जा क्षेत्रों और लॉजिस्टिक केंद्रों को निशाना बना रही है... वाइल्डबेरीज के बाद...अब देश की दूसरी सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनी ओज़ोन के गोदाम पर ड्रोन अटैक हुआ है...जिसके बाद अफरा-तफरी मच गई...उधर लगातार यूक्रेनी ड्रोन हमलों की वजह से रूस के पर्यटन क्षेत्र को भारी नुकसान हुआ है.
CWG 2026: 'आपकी उपलब्धि युवा एथलीटों को प्रेरित करेगी', पीएम मोदी ने दी पदक विजेताओं को बधाई
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करने वाले भारतीय खिलाड़ियों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बधाई दी। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों की उपलब्धियां देश के युवाओं को प्रेरित करेंगी।
चीनी सरकार ने ज्ञानपो युत्से तीर्थ पर लगाया सख्त प्रतिबंध, तिब्बती तीर्थयात्रियों को रोका गया
चीनी सरकार ने घोषणा की है कि वह ज्ञानपो युत्से के तिब्बती पहाड़ों में धार्मिक गतिविधियों पर सख्त प्रतिबंध लगाएगी और पैदल समुद्र में जाने वालों को दंडित करेगी। इस महीने की 28 तारीख को, चीनी सरकार ने रमा ‘ब्रि रद्ज़ा गसुम ‘ब्युंग युल राष्ट्रीय उद्यान के प्रबंधन और नियंत्रण के संबंध में एक फरमान […]
F-35B Crash News: दुनिया के सबसे आधुनिक लड़ाकू विमानों में शामिल F-35B हुआ क्रैश, पायलट सुरक्षित, जांच शुरू
नेपाल के मधेश इलाक़े में कांवड़ यात्रा के दौरान सांप्रदायिक हिंसा, तीन की मौत - BBC
नेपाल के मधेश इलाक़े में कांवड़ यात्रा के दौरान सांप्रदायिक हिंसा, तीन की मौत BBC नेपाल में हिंसा और आंदोलन का दिखा असर: जोगबनी से लौटे कई पर्यटक, इलाज कराने आए मरीज भी वापस लौटे, स्टेशन पर... Dainik Bhaskar मैथिली में संबोधन कर पीएम बालेन्द्र ने की मधेश-तराई को साधने की कोशिश की, National Hindi News Hindustan भारत-नेपाल बॉर्डर पर तनाव, नो मैन्स लैंड के पास पहुंचे प्रदर्शनकारी; हाई अलर्ट पर SSB Jagran नेपाल : सांप्रदायिक तनाव फैलने के बाद सप्तरी जिले में कर्फ्यू लागू Press Trust of India
California में F-35B लड़ाकू विमान दुर्घटनाग्रस्त, पायलट सुरक्षित बाहर निकला
सैन डिएगो (अमेरिका), एक अगस्त (एपी) अमेरिकी मरीन कोर ने कहा कि कैलिफोर्निया में एफ-35बी स्टील्थ लड़ाकू विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया और उसके पायलट ने समय रहते विमान से आपात स्थिति में बाहर निकलकर अपनी जान बचा ली। मरीन कोर के अनुसार, यह विमान शुक्रवार को सैन डिएगो स्थित मिरामार एयर बेस के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया। पायलट को सुरक्षित बाहर निकालकर स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी हालत स्थिर बताई गई है। उसे मामूली चोटें आई हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विमान रनवे की ओर उतर रहा था, तभी वह अचानक धीमा पड़ गया। जमीन से करीब 30 मीटर की ऊंचाई पर पायलट आपात स्थिति में विमान से बाहर निकला और पैराशूट खुलने के कुछ ही क्षण बाद विमान जमीन से टकराकर विस्फोट के साथ आग की लपटों में घिर गया। हादसे के बाद घटनास्थल पर दमकल और सैन्य बचाव दल पहुंच गया तथा आग पर काबू पाया गया। एफ-35बी, एफ-35 लड़ाकू विमान का ऐसा संस्करण है जिसे कम दूरी से उड़ान भरने और लगभग सीधी लैंडिंग करने के लिए डिजाइन किया गया है। इसकी कीमत लगभग 10.9 करोड़ अमेरिकी डॉलर है। मरीन कोर ने एक बयान में शुक्रवार की इस दुर्घटना को ‘क्लास-ए मिसहैप’ यानी सबसे गंभीर श्रेणी की सैन्य विमान दुर्घटना बताया है। इस श्रेणी में वे हादसे शामिल होते हैं जिनमें विमान पूरी तरह नष्ट हो जाए, 20 लाख डॉलर से अधिक का नुकसान हो या किसी सैन्यकर्मी की मौत हो। अमेरिकी सेना के बेड़े में एफ-35 को सबसे सुरक्षित और अत्याधुनिक लड़ाकू विमानों में गिना जाता है।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत ने अब तक का सबसे शानदार दिन बिताते हुए छह पदक जीते। जूडो में दो ऐतिहासिक स्वर्ण, एथलेटिक्स में तीन पदक और बॉक्सिंग में सभी 10 मुक्केबाजों के फाइनल में पहुंचने के साथ भारत की कुल पदक संख्या 23 हो गई।
इसी साल जनवरी में ईरान में हुए देशव्यापी प्रदर्शनों के दौरान पश्चिमी शहर खोर्रमाबाद में सुरक्षा बलों ने शोहादाये आशायर अस्पताल पर कब्जा कर लिया। अस्पताल के स्टाफ के मुताबिक, बेरहमी की इंतहा तो ये रही कि सुरक्षाबलों ने दर्जनों गंभीर रूप से घायल प्रदर्शनकारियों को इलाज के बजाय सीधे मुर्दाघर में भेज दिया। ईरान […]
PoK में कत्लेआम पर भड़के ब्रिटेन के 50 सांसद, जांच की मांग
पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर में बढ़ती हिंसा को लेकर 50 से ज्यादा ब्रिटिश सांसदों ने यूके के विदेश सचिव को पत्र लिखा है. सांसदों ने फायरिंग में हुई मौतों पर चिंता जताते हुए तुरंत कूटनीतिक हस्तक्षेप की मांग की है. वहीं एमनेस्टी इंटरनेशनल ने रावलाकोट में चुनाव से पहले हुई हिंसा को लेकर पाकिस्तान सरकार पर सवाल उठाए हैं और निष्पक्ष जांच की मांग की है.
अमेरिका-इजराइल इस हफ्ते ईरान पर कर सकते बड़ी स्ट्राइक, बिजली प्लांट और रिफाइनरी रडार पर
अमेरिका-इजराइल इस हफ्ते ईरान पर कर सकते बड़ी स्ट्राइक,बिजली प्लांट और रिफाइनरी रडार पर
Hormuz में बढ़ा तनाव, Donald Trump ने Iran को दी चेतावनी!
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि ईरान के खिलाफ आगे की कार्रवाई के विकल्पों पर विचार जारी है. व्हाइट हाउस ने कहा कि अमेरिका चाहता है कि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोले और युद्धविराम की शर्तों का पालन करे. इस बीच क्षेत्र में तनाव बरकरार है और दोनों देशों के बीच बयानबाजी भी तेज हो गई है.
मध्य पूर्व (Middle East) में जारी तनाव के बीच एक बेहद बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका और इजरायल मिलकर ईरान की तेल रिफाइनरियों और बिजली संयंत्रों पर अब तक का सबसे भीषण और बड़ा हमला बोल सकते हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान को झुकाने और अपने घुटने टेकने के लिए सैन्य तैयारियां तेज करने के कड़े निर्देश दे दिए हैं। अमेरिका का मुख्य मकसद तेहरान पर अधिकतम दबाव बनाना है ताकि उसे अपनी युद्धविराम शर्तों को मानने के लिए मजबूर किया जा सके।कैंप डेविड से राष्ट्रपति ट्रंप का सख्त संदेशमीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कैंप डेविड से एक बेहद कड़ा संदेश देते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कर दिया है कि इन हमलों की शुरुआत इसी हफ्ते हो सकती है। यदि यह हमला होता है, तो यह कई महीनों में पहला ऐसा मौका होगा जब इजरायल सीधे तौर पर ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियानों में खुलकर शामिल होगा। बीते जुलाई में युद्धविराम टूटने के बाद से अमेरिका लगातार ईरान के खिलाफ अपनी सैन्य गतिविधियां चला रहा था, लेकिन इजरायल ने इन ऑपरेशनों से दूरी बनाए रखी थी।कैंप डेविड में दिए अपने बयान में ट्रंप ने स्पष्ट संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा, 'हम उन पर बहुत भारी प्रहार करने जा रहे हैं। एक समय ऐसा आएगा, जब वे कहेंगे कि अब हम इसे और सहन नहीं कर सकते।' हालांकि, सीबीएस न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रपति ट्रंप ने अभी तक इस सैन्य अभियान के लिए अंतिम कागजी मंजूरी नहीं दी है, और व्हाइट हाउस की कैबिनेट बैठक के दौरान कुछ सलाहकारों ने इस कार्रवाई पर अपनी आपत्तियां भी दर्ज कराई हैं।होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर पहले भी दी थी चेतावनीडोनाल्ड ट्रंप पहले ही यह साफ कर चुके हैं कि यदि फारस की खाड़ी और होर्मुज क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों पर हमले बंद नहीं हुए, तो वह ईरान के पुलों, बंदरगाहों और पावर प्लांटों को पूरी तरह मलबे में बदल देंगे। यह ताजा राजनीतिक और सैन्य हलचल इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ के बीच वॉशिंगटन में हुई उच्च-स्तरीय बैठकों के ठीक बाद सामने आई है।5 महीने से जारी है भीषण संघर्षपश्चिम एशिया में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच पिछले पांच महीनों से भी अधिक समय से लगातार सैन्य तनातनी और जवाबी हमलों का खूनी खेल जारी है। क्षेत्र में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हुए हालिया हमलों के बाद वॉशिंगटन का यह आकलन है कि ईरान का रुख दिन-प्रतिदिन और अधिक आक्रामक होता जा रहा है। तेहरान की इसी बढ़ती जिद और आक्रामकता पर लगाम कसने के लिए अब अमेरिका और इजरायल एक बड़े और निर्णायक एक्शन की रूपरेखा तैयार कर चुके हैं, जिससे आने वाले दिनों में वैश्विक राजनीति में भारी उथल-पुथल देखने को मिल सकती है।
मध्य पूर्व (Middle East) में भू-राजनीतिक तनाव अब तक के सबसे खतरनाक और विस्फोटक मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिका और इजरायल की ओर से संभावित सैन्य हमलों के कयासों के बीच ईरान ने अपनी आक्रामक रणनीति का खुलासा कर दिया है। ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, तेहरान ने साफ चेतावनी दी है कि यदि उस पर कोई नया हमला किया गया, तो वह इजरायल के साथ-साथ पूरे अरब क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ऊर्जा संपत्तियों और दुनिया के सबसे संवेदनशील एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को अपनी सटीक मिसाइलों से नेस्तनाबूद कर देगा। इस चेतावनी के बाद से वैश्विक स्तर पर हड़कंप मच गया है।ईरान की हिट लिस्ट में शामिल हैं अरब देशों के 7 बड़े एनर्जी हबसैन्य और खुफिया सूत्रों के अनुसार, अरब देशों और इजरायल में स्थित दुनिया की सबसे बड़ी तेल और गैस रिफाइनरियां सीधे तौर पर ईरानी गाइडेड मिसाइलों की रेंज में हैं। ईरान द्वारा जिन 7 प्रमुख ऊर्जा ठिकानों को तबाह करने की चेतावनी दी गई है, वे इस प्रकार हैं:1. घावर ऑयल फील्ड (सऊदी अरब): यह सऊदी अरब के तेल उत्पादन की रीढ़ माना जाता है। यहां किसी भी तरह की रुकावट आने का मतलब है कि दुनिया की 5 प्रतिशत से अधिक तेल आपूर्ति एक झटके में ठप हो जाएगी।2. अबकैक और खुरैस (सऊदी अरब): लगभग 70 लाख बैरल प्रतिदिन से अधिक थ्रूपुट क्षमता वाला यह दुनिया का सबसे बड़ा ऑयल स्टेबिलाइजेशन प्लांट है।3. रूवेज रिफाइनरी और जकुम ऑयल फील्ड (UAE): संयुक्त अरब अमीरात का यह दूसरा सबसे बड़ा ऑफशोर तेल क्षेत्र है, जहां रोजाना 10 लाख बैरल से अधिक तेल का उत्पादन होता है।4. नॉर्थ गदीर गैस फील्ड और रास लफान LNG (कतर): यह दुनिया का सबसे बड़ा गैस क्षेत्र है, जिसके पास वैश्विक एलपीजी/एलएनजी व्यापार का 20 प्रतिशत हिस्सा और 25 प्रतिशत प्रमाणित गैस भंडार मौजूद है।5. बर्गन ऑयल फील्ड (कुवैत): 67 अरब बैरल के विशाल भंडार और 20 लाख बैरल प्रतिदिन की क्षमता वाला यह एक बेहद महत्वपूर्ण केंद्र है।6. सितराह रिफाइनरी और अल-मिहाज (बहरीन): बहरीन की प्रमुख और रणनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील रिफाइनरी।7. लेविथान और तमार गैस फील्ड्स (इजरायल): इजरायल के सबसे बड़े और अहम प्राकृतिक गैस क्षेत्र, जो देश की ऊर्जा जरूरतें पूरी करते हैं।एक हमले से चरमरा जाएगी वैश्विक अर्थव्यवस्थासैन्य विश्लेषकों का मानना है कि यदि ईरान इन प्रमुख ऊर्जा ठिकानों पर हमला करने में कामयाब हो जाता है, तो इसका विनाशकारी असर केवल मिडिल ईस्ट तक सीमित नहीं रहेगा। पूरी दुनिया में कच्चे तेल और गैस की कीमतें आसमान छूने लगेंगी, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय सप्लाई चेन पूरी तरह चरमरा जाएगी। ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि उसकी आधुनिक मिसाइलें इन सभी ठिकानों को भेदने में पूरी तरह सक्षम हैं।रिपोर्ट्स के मुताबिक, इससे पहले 40 दिनों तक चले संघर्ष के दौरान जब ईरान के साउथ पारस ठिकानों को निशाना बनाया गया था, तब जवाब में कतर की सबसे महत्वपूर्ण गैस रिफाइनरी पर बमबारी की गई थी। उस वक्त अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रुथ सोशल पर बयान जारी कर यह वादा किया था कि ऐसी गलती दोबारा नहीं दोहराई जाएगी। बहरहाल, ईरान की इस ताजा और आक्रामक चेतावनी के बाद वाशिंगटन, तेल अवीव और खाड़ी देशों के बीच आपातकालीन बैठकों का दौर तेज हो गया है और पूरे इलाके में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है।
Russia के मिसाइल और Drone attack से यूक्रेन की राजधानी Kyiv दहली, 3 की मौत
कीव, एक अगस्त (एपी) रूस ने शुक्रवार देर रात से शनिवार तड़के तक यूक्रेन की राजधानी कीव पर बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से भीषण हमला किया जिसमें कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई और 12 से अधिक लोग घायल हो गए। स्थानीय अधिकारियों ने यह जानकारी दी। कीव के महापौर विट्टाली क्लिचको ने सोशल मीडिया मंच ‘टेलीग्राम’ पर बताया कि सोलोमियांस्की जिले में मलबा गिरने से पांच मंजिला रिहायशी इमारत क्षतिग्रस्त हो गई। आशंका है कि अब भी कई लोग इमारत के अंदर फंसे हुए हैं। उन्होंने बताया कि शेवचेंकिव्स्की जिले की एक अन्य रिहायशी इमारत की पहली और दूसरी मंजिल का हिस्सा ढह जाने से वहां भी कुछ लोगों के फंसे होने की आशंका है। क्लिचको के अनुसार, दारनित्स्की जिले में स्थित गोदामों में भी इस हमले के कारण आग लग गई। यह हमला ऐसे समय हुआ है जब महज दो दिन पहले रूस ने पूरे यूक्रेन पर बड़े पैमाने पर बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से हमला किया था। उस हमले में 10 नागरिकों की मौत हो गई थी और 50 से अधिक लोग घायल हुए थे। साथ ही, एक रूसी मिसाइल पोलैंड के हवाई क्षेत्र में भी प्रवेश कर गई थी। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदीमीर जेलेंस्की लगातार अमेरिका और अन्य पश्चिमी सहयोगी देशों से रूस के मिसाइल हमलों का मुकाबला करने के लिए पैट्रियट हवाई रक्षा प्रणाली की मांग कर रहे हैं। जेलेंस्की ने शुक्रवार देर रात बताया कि उनकी अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस से बातचीत हुई। इस दौरान उन्होंने इस सप्ताह वाशिंगटन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ हुई बैठक पर भी चर्चा की, जिसे उन्होंने ‘सकारात्मक और सार्थक’ बताया। जेलेंस्की ने ‘टेलीग्राम’ पर अपने पोस्ट में कहा, ‘‘रूस की ओर से हमारे देश पर हवाई हमले लगातार जारी हैं। बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने के लिए पैट्रियट प्रणाली के इंटरसेप्टर और हवाई रक्षा क्षमता हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता बने हुए हैं।’’जुलाई में अंकारा में आयोजित नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका यूक्रेन को पैट्रियट प्रणाली के निर्माण का लाइसेंस देगा। हालांकि, शुक्रवार को मैरीलैंड स्थित कैम्प डेविड में हुई मंत्रिमंडल की बैठक के दौरान उन्होंने कहा कि इस संबंध में अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।
Pakistan Mine Blast: 4,000 फीट गहरी खदान में विस्फोट से मची तबाही, 32 मजदूरों के शव मिले, कई की तलाश
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यूक्रेन पर रूस का भीषण हमला: कीव पर बरसाईं मिसाइलें और ड्रोन, तीन की मौत; जेलेंस्की ने US से क्या मांगी मदद? russia-launches-ballistic-missile-and-drone-attack-on-kyiv-Volodymyr-zelensky-seeks-patriot-system-from-us
CJP Protest: कॉकरोच आंदोलन से घबराए पाकिस्तान के हुक्मरान, सब कुछ पलटे जाने का है डर
इस्लामाबाद में आयोजित पाकिस्तान इकोनॉमिक समिट को संबोधित करते हुए मोहसिन नकवी ने कहा कि देश की मौजूदा शासन प्रणाली अपनी प्रभावशीलता खो चुकी है और मौजूदा ढांचे के जरिए जटिल समस्याओं का समाधान संभव नहीं दिख रहा।
कैग की रिपोर्ट में खुलासा: गंगा का कीचड़ खेतों तक पहुंचा, सेहत पर बड़ा खतरा; एसटीपी में स्लज का निस्तारण नहीं
PM मोदी के AI मॉर्फ्ड वीडियो पर बड़ी कार्रवाई, फुटेज में देंखे मेटा इंडिया हेड समेत कई सोशल मीडिया अकाउंट हैंडलर्स पर FIR दर्ज
स्पेन की सीमा पर बड़ा हादसा, फुटेज में देंखे यूरोप में घुसने की कोशिश में 34 अफ्रीकी प्रवासियों की मौत, 100 से अधिक सुरक्षाकर्मी घायल
PoK में 'पाकिस्तानी फौज' का कत्लेआम! 50 की मौत, इस्लामाबाद तक मचा बवाल
पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में बीते तीन-चार दिनों में हुई हिंसा में 50 से ज्यादा लोगों की मौत और सैकड़ों घायल होने की बात सामने आई है. जम्मू-कश्मीर जॉइंट पीपुल्स एक्शन कमेटी के सदस्य उमर नज़ीर कश्मीरी ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर सीधी गोलीबारी की गई. रावलाकोट और मुज़फ्फराबाद में भी ऐसी घटनाएं हुईं.
क्या ईरान पर फिर बरसेंगे अमेरिकी बम ट्रंप ने बना लिया तबाही का प्लान, सेना को दिए सख्त आदेश
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जीवन धारा: 'हम तो हमेशा से ऐसा ही करते आए हैं' रवैया बेहद घातक; तकनीक बदल रही है, सोच भी बदलिए
जीवन धारा:'हम तो हमेशा से ऐसा ही करते आए हैं' रवैया बेहद घातक; तकनीक बदल रही है, सोच भी बदलिए
West Asia: क्या ईरान पर नहीं रुकेंगे अमेरिकी हमले? व्हाइट हाउस ने दिया जवाब; ट्रंप बोले- अब भरोसा खत्म हो रहा Donald-trump-signals-fresh-military-action-against-iran-hormuz-strait-tensions
Report: पत्नी की ज्यादा कमाई बढ़ा देती है तलाक का खतरा? 29 देशों के 16 साल के अध्ययन में चौंकाने वाले खुलासे---Global Study Finds Gender Inequality Still Influences Marriages and Divorce Risk Across 29 Countries
Europe: यूरोप बना आग का मैदान, तीन लाख लोग घर छोड़ने को मजबूर; लपटों ने दिखाया विकराल रूप; तोड़े सारे रिकॉर्ड--Europe Wildfires Break Records as Hundreds of Thousands Evacuate Amid Extreme Heat
ईरान पर फिर एक्शन मूड में ट्रंप, कर रहे हमले की तैयारी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान पर फिर से नए हमले की तैयारी कर रहे हैं. व्हाइट हाउस ने संकेत दिया कि इस संबंध में राष्ट्रपति ट्रंप विचार कर रहे हैं.
सैन डिएगो में क्रैश हुआ F-35B स्टील्थ फाइटर जेट, जोरदार धमाके के साथ लगी आग
अमेरिका के सैन डिएगो में मिरामार एयर बेस के पास F-35B स्टील्थ फाइटर जेट दुर्घटनाग्रस्त हो गया। ये हादसा स्थानीय समयानुसार शुक्रवार को हुआ।
Spain Unrest: स्पेन में सेना क्यों बुलानी पड़ी; इटली-फ्रांस में कैसी सख्ती, यूरोपीय देशों में क्या हो रहा?---Spain Faces Massive Migrant Crisis as Thousands Enter Ceuta, Italy Suspends Schengen Travel Agreement
ईरान पर नए हमले की तैयारी कर रहा है अमेरिका? WSJ की रिपोर्ट में किया गया बड़ा दावा
वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका ईरान पर इस वीकेंड नए सैन्य हमले की तैयारी कर सकता है ताकि तेहरान को अपनी शर्तों पर वार्ता के लिए मजबूर किया जा सके। दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव से तेल कीमतों में उछाल आया है और क्षेत्रीय संघर्ष गहराने की आशंका बढ़ गई है।
'कुछ डूब गए, कई भगदड़ में दबे...' स्पेन बॉर्डर पर 57 शरणार्थियों की दर्दनाक मौत
स्पेन के सेउटा बॉर्डर पर अब तक 50,000 से ज्यादा शरणार्थी जमीन और समुद्र के रास्ते घुस आए हैं. इस घुसपैठ के दौरान अब तक 57 लोगों की मौत हो चुकी है. इनके शव स्पेनिश बॉर्डर से बरामद हुए हैं. प्रशासन का दावा है कि इनमें से लगभग 48,300 वापस मोरक्को लौट गए हैं.
West Asia Tension LIVE: ईरान से जंग में ट्रंप के तेवर और उग्र, अमेरिकी सैन्य कार्रवाई पर नई रिपोर्ट में क्या?
सांस्कृतिक बर्बरता: AI को स्मार्ट बनाने की कैसी कीमत? सदियों पुरानी किताबें खरीदकर स्कैन कीं, फिर कर दीं नष्ट--AI Companies Accused of Destroying Rare Books After Scanning to Train Artificial Intelligence Models
सेउटा माइग्रेंट क्राइसिस: मोरक्को से 50,000+ लोगों ने स्पेन में की घुसपैठ, 57 की मौत
स्पेन के उत्तरी अफ्रीकी एन्क्लेव सेउटा में मोरक्को से आए करीब 50,000 से 60,000 लोगों के एक साथ बॉर्डर पार करने की वजह से कम से कम 57 लोगों की मौत हो गई। यह घटना सिर्फ 24 घंटे में हुई, जिससे छोटे से शहर (जनसंख्या 85,000) में अफरा-तफरी मच गई। स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज […]
Nirmal Purja समेत छह पर्वतारोही पाकिस्तान में Broad Peak पर हिमस्खलन के बाद लापता
(शिरीष बी प्रधान)इस्लामाबाद/काठमांडू, 31 जुलाई नेपाल के अनुभवी पर्वतारोही निर्मल पुर्जा दुनिया की सबसे ऊंची चोटियों में से एक पाकिस्तान की ‘ब्रॉड पीक’ पर हिमस्खलन की चपेट में आने के बाद अब भी लापता बताए जा रहे छह पर्वतारोहियों में शामिल हैं। हालांकि, बचाव कर्मियों ने शुक्रवार को खराब मौसम के बावजूद चार शव बरामद किए और तलाशी अभियान जारी है। पाकिस्तान की काराकोरम पर्वत शृंखला में के2 के निकट स्थित 8,047 मीटर ऊंची ‘ब्रॉड पीक’ दुनिया की 12वीं सबसे ऊंची चोटी है। इसे पर्वतारोहण की सबसे चुनौतीपूर्ण चोटियों में से एक माना जाता है। अल्पाइन क्लब ऑफ पाकिस्तान (एसीपी) के अनुसार, बृहस्पतिवार को लगभग 7,000 मीटर की ऊंचाई पर पहाड़ पर बर्फीला तूफान आया जिससे 10 सदस्यों वाली पर्वतारोहियों की टीम लापता हो गई। तूफान आने के वक्त यह टीम चोटी पर चढ़ने की कोशिश शुरू कर चुकी थी। एसीपी अध्यक्ष मेजर जनरल इरफान अरशद ने बताया कि शुक्रवार को बचाव अभियान के दौरान चार शव बरामद किए गए। उन्होंने मृतकों में से दो की पहचान ओमान की नाधिरा अहमद अब्दुल्ला अल हारथी और नेपाल के पुर बहादुर गुरुंग के तौर पर की। बाकी दो शवों की पहचान की आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है। बर्फीले तूफान के बाद बृहस्पतिवार सुबह करीब नौ बजे ये पर्वतारोही (जिनमें नेपाल के छह, और पाकिस्तान, ओमान, अमेरिका व चीन के एक-एक सदस्य शामिल हैं) लापता हो गए। अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि लापता पर्वतारोहण दल की तलाश के लिए चलाए गए बचाव अभियान में खराब मौसम के कारण गंभीर बाधाएं आ रही हैं। ‘द काठमांडू पोस्ट’ की रिपोर्ट के अनुसार, नेपाल के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि वह स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है। पुर्जा और गुरुंग के अलावा अन्य नेपाली पर्वतारोहियों में किली पेम्बा शेरपा, निमा शेरपा, नवांग थिंडू शेरपा और ग्यालु शेरपा हैं। लापता अन्य पर्वतारोहियों में पाकिस्तान के सोहेल सखी, चीन के वांग झोंग और अमेरिका की मैलोरी गीस शामिल हैं। नेपाल पर्वतारोहण संघ के महासचिव राज बहादुर लामा ने बताया कि निर्मल पुर्जा सहित नेपाल के पांच पर्वतारोहियों और पांच विदेशी पर्वतारोहियों का दल बृहस्पतिवार सुबह स्थानीय समयानुसार करीब नौ बजे से लापता है। यह दल लगभग 7,000 मीटर की ऊंचाई पर ब्रॉड पीक पर हुए हिमस्खलन की चपेट में आ गया था। बचाव और तलाश अभियान जारी है, लेकिन खराब मौसम के कारण राहत कार्य बुरी तरह प्रभावित हुआ है। नेपाल पर्वतारोहण संघ के पूर्व अध्यक्ष आंग छेरिंग शेरपा के अनुसार, पर्वतीय क्षेत्र में मौसम अत्यंत खराब होने के कारण हेलीकॉप्टर उतर नहीं पा रहे हैं। पूर्व गोरखा सैनिक और ब्रिटेन की स्पेशल फोर्सेज में रह चुके निर्मल पुर्जा हिमालय की ऊंची चोटियों को फतह करने वाले दुनिया के अग्रणी पर्वतारोहियों में गिने जाते हैं। 2019 में उन्होंने ‘प्रोजेक्ट पॉसिबल’ अभियान के तहत छह महीने से कुछ अधिक समय में 8,000 मीटर से ऊंची सभी 14 चोटियों पर चढ़कर इतिहास रच दिया था। पुर्जा का जन्म 25 जुलाई 1983 को गंडकी प्रांत के म्यागदी जिले में हुआ था, पर वे चितवन में पले-बढ़े। पुर्जा ने वर्ष 2003 से 16 साल तक सेना में रहे जिसमें से उन्होंने छह साल गोरखा के तौर पर और 10 साल ब्रिटिश स्पेशल फोर्सेज (एसबीएस) के सदस्य के रूप में बिताए। नेपाल के पर्यटन, संस्कृति और नागरिक उड्डयन मंत्री खड़क प्रसाद पौडेल ने इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की और कहा कि नेपाल सरकार पाकिस्तान के अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा , ‘‘पाकिस्तान में हिमस्खलन और निर्मल पुर्जा निम्स दाई तथा अन्य नेपाली पर्वतारोहियों से संपर्क टूटने की खबरों से मैं बेहद चिंतित हूं।’’पौडेल ने कहा, ‘‘हम पाकिस्तान के अधिकारियों के साथ नियमित संपर्क में हैं और स्थिति की लगातार जानकारी प्राप्त कर रहे हैं। हमारी संवेदनाएं पर्वतारोहियों और उनके परिवारों के साथ हैं। हम सभी की सुरक्षित वापसी की उम्मीद करते हैं।’’पाकिस्तान का ग्रीष्मकालीन पर्वतारोहण सत्र जून से अगस्त तक चलता है। इस दौरान अक्सर हिमस्खलन और मौसम में अचानक बदलाव जैसी घटनाएं होती रहती हैं, जिससे पर्वतारोहियों के सामने गंभीर जोखिम उत्पन्न हो जाता है। ‘अल्पाइन क्लब ऑफ पाकिस्तान’ ने एक बयान में कहा कि वह तत्काल खोज एवं बचाव अभियान शुरू कराने के लिए सरकारी अधिकारियों के संपर्क में हैं। इसमें कहा गया है कि हेलिकॉप्टर की मदद हासिल करने और उपलब्ध सभी संसाधनों को जल्द से जल्द जुटाने की हर संभव कोशिश की जा रही है। बयान में कहा गया है, ‘‘क्लब सभी पर्वतारोहियों की सुरक्षा और उन्हें सुरक्षित बचाए जाने की प्रार्थना करता है और इस मुश्किल समय में उनके परिवारों तथा अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोहण समुदाय के साथ एकजुटता से खड़ा है।
Manipur के Churachandpur में भारी बारिश से अचानक आई बाढ़, एक व्यक्ति लापता
मणिपुर के चूड़ाचांदपुर जिले के कुछ हिस्सों में भारी बारिश के कारण अचानक बाढ़ आने से एक व्यक्ति लापता हो गया। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ‘न्यू लामका वेंगनुआम साउथ’ का रहने वाला थांगजॉनसन नाम का एक व्यक्ति बृहस्पतिवार शाम लानवा नदी के पानी में बह गया। उन्होंने बताया कि नदी के किनारे तटबंध बनाने का काम जारी था तभी तेज बहाव में बह गई निर्माण सामग्री को वापस पाने की कोशिश करते समय वह भी बह गए। लापता व्यक्ति का पता लगाने के लिए तलाशी अभियान चलाया जा रहा है, जबकि स्थानीय लोगों द्वारा रिकॉर्ड किए गए वीडियो में उन्हें बाढ़ के पानी में बहते हुए देखा जा सकता है। उपायुक्त कृष्णा कुमार ने अचानक आई बाढ़ से हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए सबसे अधिक प्रभावित इलाकों जैसे सिएलमैट, लोअर चैपल लेन, हियांगटाम लामका, चिएंगकोनपांग और बेउलालेन का दौरा किया। उपायुक्त ने प्रभावित परिवारों से बातचीत की, राहत सामग्री का वितरण किया और उन्हें जिला प्रशासन की ओर से हर संभव मदद प्रदान करने का भरोसा दिलाया।
ईरान पर हमला रोकना अब मुश्किल?: अमेरिकी सीनेट में एक वोट से गिरा अहम प्रस्ताव, ट्रंप के पक्ष में गया फैसला---US Senate Rejects Bill to Limit Trump Military Action Against Iran by One Vote
भारत-पाकिस्तान युद्ध नहीं भूल पा रहे डोनाल्ड ट्रंप, इस बार बोले- दोनों चीखने-चिल्लाने लगे
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर दावा किया कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान का युद्ध रुकवाया था। ट्रंप ने कहा कि जब उन्होंने 250 फीसदी टैरिफ की धमकी दी तो दोनों नाराज हो गए और खूब चीखे-चिल्लाए।
World News: इस्राइल पर ट्रंप का नया एलान, कहा- नेतन्याहू को बचाने के लिए ICC तक संघर्ष; भारत-PAK का भी जिक्र
‘यूरोप के दरवाजे’ में दाखिल हो रहे अफ्रीकियों का बहा खून, 57 की हो गई मौत; हजारों को लौटना पड़ा
मोरक्को से बड़ी घुसपैठ के बाद स्पेन के सामने चुनौती खड़ी हो गई है। समुद्री रास्ते से तैरकर करीब 60 हजार लोग स्पेन के स्यूटा पहुंचे और इसके बाद सुरक्षाबलों से मुठभेड़ हो गई। करीब 57 लोगों की जान गई है।
अमेरिका में F-35B स्टील्थ फाइटर जेट क्रैश, बाल-बाल बचा पायलट
अमेरिका के सैन डिएगो में मरीन कॉर्प्स के F-35B स्टील्थ फाइटर जेट का मिरामार एयर बेस के पास क्रैश हो गया. पायलट ने समय रहते इजेक्ट कर लिया और सुरक्षित बच गया. मौके पर दमकल और बचाव दल सक्रिय थे और आग पर काबू पाया गया. इस हादसे को 'क्लास ए मिसहैप' घोषित किया गया है.
दैनिक भास्कर की ‘स्पाई फाइल्स’ सीरीज में आज कहानी ऑपरेशन बांग्लादेश की, जिसने पाकिस्तान के टुकड़े कर दिए… साल था 1971 और तारीख 17 जनवरी। सुबह के 8 बज रहे थे। पाकिस्तान के लरकाना ड्रिग झील में दो नाव धीरे-धीरे आगे बढ़ रही थीं। पहली नाव में थे तानाशाह राष्ट्रपति याह्या खान और दूसरी नाव में पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के फाउंडर जुल्फिकार अली भुट्टो। अचानक बत्तखों का एक झुंड ऊपर उड़ा। याह्या खान ने फायर कर दिया- ‘ठायं, ठायं…।’ निशाना चूक गया। याह्या ने झुंझलाकर पिस्टल नाव के फर्श पर पटक दी। व्हिस्की का ग्लास उठाते हुए कहा- ‘मुजीब क्या समझता है खुद को? असेंबली में बैठकर मुझे ऑर्डर देगा? इतनी औकात हो गई उसकी?’ अब भुट्टो ने अपनी पिस्टल निकाली। एक बत्तख पर निशाना साधा- ‘ठायं।’ बत्तख पानी में गिर पड़ी। भुट्टो ने गहरी सांस लेते हुए कहा- ‘जनरल साहब, आपने इलेक्शन करवाकर मुजीब के हाथ में हुकूमत दे दी।’ याह्या ने गुस्से में कहा- ‘मुझे क्या पता था कि पूरा ईस्ट पाकिस्तान उस काले बंगाली के पीछे खड़ा हो जाएगा’ भुट्टो ने कहा- ‘जनरल साहब…मुजीब को गद्दी नहीं, लाहौर की सलाखें भेंट करो।’ ‘ऐसा किया तो ढाका जल उठेगा।’ याह्या ने कहा। भुट्टो ने पिस्टल में मैगजीन डालते हुए कहा- ‘डेमोक्रेसी सिर्फ गिनती का खेल है साहब, असल हुकूमत बंदूक की नोक से ही चलती है।’ ‘ठायं।’ दोनों नाव से उतरे और अल-मुर्तजा हवेली की तरफ बढ़ गए। ये भुट्टो का खानदानी घर था। रात करीब 10 बजे याह्या खान, भुट्टो और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अब्दुल हमीद एक बंद कमरे में थे। मेज पर पूर्वी पाकिस्तान का नक्शा और फाइलें रखी थीं। जनरल हमीद ने नक्शे पर निशान लगाते हुए कहा- ‘ढाका, चटगांव, सिलहट, खुलना…इन इलाकों को बंद कर दें, तो बंगालियों के पास भागने का रास्ता नहीं बचेगा।’ भुट्टो ने सिगार का धुआं छोड़ते हुए कहा- ‘तो बंद कर दीजिए।’ जनरल हमीद- ‘फौज भेजने के लिए वक्त चाहिए।’ याह्या खान ने व्हिस्की का घूंट भरते हुए कहा- ‘हमीद, हम वक्त जुटा लेंगे। तुम तैयारी करो। मुझे बंगाली नहीं, उनकी जमीन चाहिए। किसी भी हाल में।’ क्या पाकिस्तान अपने ही मुल्क में कत्लेआम मचाने वाला था…? कहानी की शुरुआत होती है दिसंबर 1970 से। पाकिस्तान में पहली बार आम चुनाव हुए। कुल 300 सीटों में से पूर्वी पाकिस्तान के शेख मुजीब-उर-रहमान ने 167 सीटें जीत लीं। पश्चिमी पाकिस्तान के जुल्फिकार अली भुट्टो को सिर्फ 86 सीटें मिलीं। मुजीब का प्रधानमंत्री बनना तया था, लेकिन याह्या खान नहीं चाहते थे कि कोई बंगाली सत्ता संभाले। बस यहीं से बैठकों, बहसों और टालमटोल का खेल शुरू हो गया। 12 जनवरी 1971 को याह्या खान ढाका पहुंचे। मुजीब को बहुत समझाया, हर तरह का जोर लगाया, पर बात नहीं बनी। मुजीब अड़े रहे- ‘प्राइम मिनिस्टर पद से कोई समझौता नहीं होगा।’ नाराज याह्या आर्मी हेडक्वार्टर रावलपिंडी लौट गए। ठीक 15 दिन बाद… 27 जनवरी को जुल्फिकार अली भुट्टो, मुजीब को मनाने ढाका पहुंचे। तीन दिन तक वहीं डेरा डाले रहे। बैठकों का दौर चलता रहा, लेकिन सब बेनतीजा रहा। ना मुजीब पीछे हटने को तैयार हुए, ना पूर्वी पाकिस्तान के लोग झुकने के मूड में थे। अब बारूद बिछ चुका था, बस एक चिंगारी की देरी थी। इधर, भारत अपनी आंख-कान खोलकर सबकुछ देख-सुन रहा था। दरअसल, आजादी के बाद से ही भारत को एक चिंता सता रही थी- 'सिलीगुड़ी कॉरिडोर' यानी ‘चिकन नेक’। पश्चिम बंगाल का यह 22 किलोमीटर चौड़ा हिस्सा पूरे पूर्वोत्तर को भारत से जोड़ने वाला अकेला जमीनी रास्ता है। अगर जंग के दौरान पाकिस्तान इस पर कब्जा कर लेता, तो पूर्वोत्तर के सातों राज्य भारत से कट जाते। प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी तय कर चुकी थीं कि रास्ते का कांटा हटाने का यही मुफीद वक्त है। इसके लिए जरूरी था पाकिस्तान के टुकड़े करना, लेकिन सवाल था- कैसे? इस पूरे प्लान की जिम्मेदारी संभाली RAW ने। RAW के सामने पहला टारगेट था- हवाई रास्ते से पश्चिमी पाकिस्तान से पूर्वी पाकिस्तान पहुंचने वाली फौज और रसद को रोकना। 30 जनवरी को गंगा नाम का एक भारतीय विमान कश्मीर से हाईजैक कर लिया गया। आतंकियों ने विमान को लाहौर ले जाकर आग लगा दी। इंदिरा सरकार ने इस घटना को आधार बनाकर भारत के ऊपर से उड़ने वाले सभी पाकिस्तानी विमानों पर रोक लगा दी। पाकिस्तान समझ रहा था कि हाईजैकर कश्मीरी अलगाववादी हैं, लेकिन असल में वो RAW के डबल एजेंट थे। भारत ने जानबूझकर अपना विमान हाईजैक कराया था। अब पूर्वी पाकिस्तान में फौरन कोई फौजी मदद नहीं पहुंच सकती थी। पाकिस्तान के सामने समुद्र ही एक रास्ता था, जहां भारतीय नौसेना तैनात थी। तभी पाकिस्तान ने एक नई चाल चल दी… फरवरी 1971, शाम का वक्त था और जगह थी कराची। मूंगफली बेच रहे दानिश ने देखा कि दर्जनभर फौजी गाड़ियां एक कतार में एयरपोर्ट की तरफ जा रही हैं। भारी असलहों और हथियारों से लदी हुईं। तभी आसमान में जहाजों की गड़गड़ाहट गूंजी। दानिश ने ऊपर देखा- एक के बाद एक, तीन जहाज एक ही दिशा में उड़ते जा रहे थे। उसका माथा ठनका, ‘कुछ तो गड़बड़ है।’ उसने तुरंत कागज के एक टुकड़े पर कोड वर्ड में कुछ लिखा और उसे मोड़कर मूंगफली के एक खाली छिलके के अंदर ठूंस दिया। फिर स्कूटर स्टार्ट किया और एयरपोर्ट की तरफ निकल पड़ा। कुछ ही मिनटों में वह कराची एयरपोर्ट के एग्जिट गेट के सामने था। वहां रफीक नाम का शख्स पहले से उसका इंतजार कर रहा था। दुआ-सलाम के बहाने दानिश ने मूंगफली का वो पैकेट रफीक के हाथ में थमाया और चुपचाप वहां से निकल गया। रफीक, एयरपोर्ट पर लोडमास्टर का काम करता था। उसने पैकेट खोला। मूंगफली के छिलके से कागज का वो टुकड़ा निकाला, ध्यान से पढ़ा और फिर फाड़कर कूड़ेदान में फेंक दिया। अब वो रनवे की तरफ चल पड़ा। वहां उसने जो कुछ देखा, उसका दिमाग प्रेशर कुकर की तरह खौलने लगा। दो दिन बाद… दिल्ली में लोधी रोड़ पर RAW का दफ्तर। एक बंद कमरे में RAW चीफ आरएन काव और डिप्टी चीफ शंकरन नायर बैठे थे। तभी एक अफसर अंदर आया। उसने शंकरन को एक लिफाफा थमाया और चला गया। शंकरन ने लिफाफा खोला। उनकी भौंए तन गईं। तमतमा उठे। तभी RAW चीफ ने पूछा- ‘क्या हुआ?’ शंकरन ने लिफाफा RAW चीफ की तरफ बढ़ाते हुए कहा- ‘पाकिस्तान अपने पैसेंजर प्लेनों में भर-भरकर सैनिक, हथियार और बारूद ईस्ट पाकिस्तान भेज रहा है।’ ‘हमने तो अपनी एयरस्पेस बंद कर रखी है?’ काव ने लिफाफा अपने हाथ में लेते हुए कहा। शंकरन बोले- ‘वे श्रीलंका के कोलंबो में लैंड करके फ्यूल भरवा रहे हैं और वहां से सीधे ढाका। तीन प्लेन पहुंच चुके हैं।’ RAW चीफ ने गहरी सांस ली और कहा- ‘कुछ करना पड़ेगा। कोलकाता में अपने बाजों को एक्टिव करो।’ पाकिस्तानी संसद की बैठक इस्लामाबाद में होती है, लेकिन मुजीब के दबाव में इसे ढाका में करने का फैसला किया गया। 3 मार्च की तारीख तय की गई थी, लेकिन 2 दिन पहले ही बैठक रद्द कर दी गई। फिर क्या था, पूर्वी पाकिस्तान सड़कों पर उतर आया। सरकारी दफ्तर, अदालतें, बैंक सब ठप हो गए। लोगों ने हड़ताल कर दी। इससे पश्चिमी पाकिस्तान में बैठे हुक्मरान आग बबूला हो गए। 3 मार्च की शाम दिल्ली के RAW दफ्तर में एक चिट्ठी मिली। लिखा था- ‘पाकिस्तानी हुकूमत ढाका में दमन करने वाली है। कर्नल मेनन से कहिए कि वे आकर ‘हमारे दोस्तों’ को यहां से ले जाएं।’ कर्नल मेनन, शंकरन नायर का कोड नेम था और हमारे दोस्तों का मतलब था- मुजीब और उनकी पार्टी के नेता। अगले दिन RAW चीफ ने एक सीनियर अफसर पीएन बनर्जी को बुलाया और कहा- ‘आप तुरंत ढाका निकलिए और मुजीब से संपर्क करिए।’ बनर्जी उसी रोज ढाका के लिए निकल गए। 5 मार्च को वे मुजीब से मिले। बनर्जी ने कहा- 'हमारे पास पक्की खबर है। याह्या खान आपको निशाना बनाने वाले हैं। आपको यहां से निकलना चाहिए।’ मुजीब ने कहा- 'मैं मुल्क छोड़कर नहीं जाऊंगा। मैं भगोड़ा नहीं बनना चाहता। मुझे नायक की मौत मंजूर है।’ ‘एक बार ठंडे दिमाग से सोच लीजिए मुजीब साहब।’ बनर्जी ने जोर देकर कहा। मुजीब ने फौरन जवाब दिया- ‘मैं सोच चुका हूं। आप चाहें तो हमारी पार्टी के लोगों को यहां से निकालकर ले जा सकते हैं।’ बनर्जी भारत लौट आए। मुजीब को ये इनकार भारी पड़ने वाला था… इसी बीच याह्या खान ने पूर्वी पाकिस्तान का गवर्नर बदल दिया। उन्होंने अपने सबसे खूंखार कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल टिक्का खान को नया गवर्नर बना दिया। 7 मार्च को टिक्का चुपचाप ढाका पहुंच गए, लेकिन बंगालियों की बगावत जारी रही। चीफ जस्टिस बीए सिद्दीकी ने टिक्का को गवर्नर पद की शपथ दिलाने से इनकार कर दिया। गवर्नर हाउस के नौकर भाग गए। अगली सुबह मुजीब ने ऐलान किया- ‘हर घर में किले बना लो। तुम्हारे हाथ में जो कुछ भी है, उससे दुश्मन का सामना करना है। याद रखो, हम बहुत खून दे चुके हैं, जरूरत पड़ी तो और खून देंगे, लेकिन इंशा अल्लाह, अपने मुल्क को आजाद कराएंगे। जोय बांग्ला।’ 15 मार्च को याह्या खान फिर से ढाका पहुंच गए। इस बार उनके साथ आर्मी चीफ जनरल अब्दुल हमीद भी थे। एक तरफ ढाका में याह्या और मुजीब की मीटिंग हो रही थी, तो दूसरी तरफ चटगांव में पाकिस्तानी जहाजों से गोला-बारूद उतारा जा रहा था। 17 मार्च 1971, रात के 10:00 बजे। ढाका कमांड हाउस सिगार के धुएं से भरा हुआ था। टेबल पर पूर्वी पाकिस्तान का नक्शा रखा था। कोने में व्हिस्की और गिलास। लेफ्टिनेंट जनरल टिक्का खान ने अपनी मूंछों पर हाथ फेरते हुए कहा- ये बंगाली बात से नहीं मानने वाले हैं। मिलिट्री एक्शन की तैयारी करो। आर्मी चीफ अब्दुल हमीद ने सिगार का कश खींचते हुए कहा- ‘इलाका पूरा उबल रहा है, टिक्का। मुजीब का एक इशारा और बंगाली सड़कों पर उतर जाएंगे। हालात बेकाबू हो जाएंगे।’ टिक्का खान ने मेजर जनरल खादिम की तरफ इशारा करते हुए कहा- बगावत की एक चीख भी बाहर नहीं निकलनी चाहिए। सफाया कर दो सबका। खादिम हुसैन ने थोड़ा सोचते हुए कहा- सर, इसके लिए प्लान बनाना होगा। टिक्का खान- तो बनाइए प्लान। मुझे कल सुबह तक ड्राफ्ट चाहिए। कोई रहम नहीं, कोई ढील नहीं। जो बागी है, उसे ढूंढो और खत्म करो। 18 मार्च 1971, सुबह 10 बजे का वक्त। कमांड हाउस में लेफ्टिनेंट जनरल टिक्का खाना, आर्मी चीफ अब्दुल हमीद और मेजर जनरल खादिम बैठे थे। खादिम हुसैन ने नीली पेंसिल उठाई और एक पेपर पर लिखा- ऑपरेशन सर्च लाइट। यानी बगावती बंगालियों को ढूंढों और खत्म करो। ड्राफ्ट पर ऑपरेशन की कार्रवाई का डिटेल्ड प्लान लिखा हुआ था। टिक्का खान ने सिगार का लंबा कश भरते हुए कहा- अब बस बटन दबाने का इंतजार है। वक्त जल्द मुकर्रर होगा। 21 मार्च को भुट्टो भी अपने सलाहकारों के साथ ढाका पहुंच गए। अब राष्ट्रपति याह्या खाना और भुट्टो दोनों ही पूर्वी पाकिस्तान में थे। मुजीब को उलझाए रखने का ये एक बड़ा दांव था। पूर्वी पाकिस्तान की जनता इस खेल को समझ चुकी थी। वहां फौज में भी बगावत की चिंगारी सुलग चुकी थी, लेकिन कोई खुलकर सामने नहीं आ रहा था। 25 मार्च की शाम 7 बजे राष्ट्रपति याह्या खान चुपचाप कराची के लिए निकल गए। जैसे ही यह खबर फैली, ढाका की सड़कों पर लोग बैरिकेड्स लगाने लगे। पेड़ काटकर रोड ब्लॉक किया जाने लगा। बंगाली समझ चुके थे कि उनपर कहर बरपने वाली है… इधर, पूर्वी पाकिस्तान की फौजी टुकड़ियों में से चुन-चुनकर बंगालियों को अलग कर दिया गया। ताकि विद्रोह की स्थिति में वे एकजुट नहीं हों सकें। हर बैरक में पश्चिमी पाकिस्तान की फौज पहुंच चुकी थी। पैदल सेना के अलावा PT-76 टैंक तैनात थे। शाम साढ़े सात बजे, RAW दफ्तर में लगे खुफिया उपकरणों में कुछ आवाज आने लगीं। अफसरों ने जब डिकोड किया तो पता चला- ‘आज रात याह्या खाना जैसे ही कराची पहुंचेंगे, पूर्वी पाकिस्तान में कत्लेआम शुरू हो जाएगा।’ RAW चीफ ने पूछा- ‘अभी याह्या कहां हैं?’ अफसर ने बताया- ‘सर, कोलंबों में। उनका विमान फ्यूल भरवाने के लिए रुका था।’ रात करीब 8 बजे। RAW दफ्तर में फिर से एक मैसेज पहुंचा- ‘फौज मुजीब के घर पर छापा मारने वाली है। वे मुजीब को कार में बिठाकर ले जाएंगे और रास्ते में उसपर हैंडग्रेनेड फेंक देंगे। इसका दोष बंगालियों पर मढ़ देंगे।’ ढाका में मौजूद RAW के एजेंटों ने फौरन मुजीब से बात की। उनसे कहा कि अभी वक्त है यहां से निकल जाएं। मुजीब ने मना कर दिया। उन्होंने कहा- ‘मैं अपने घर में मरूंगा, तो मेरा खून मेरे लोगों को पवित्र कर देगा।’ 2 घंटे बाद ही फौज ने मुजीब का घर घेर लिया। गोलियां चलने लगीं। मुजीब ने पत्नी और बच्चों को ड्रेसिंग रूम में धकेल दिया। जब गोलियां उनके सिर के ऊपर से सनसनाते हुए गुजरने लगीं, तो वे फर्श पर लेट गए। जैसे ही दरवाजा तोड़कर फौज उनके घर में घुसी, मुजीब हाथ हवा में उठाए ड्रेसिंग रूम से बाहर आ गए। पत्नी और बच्चों को अलविदा कहने के बाद उन्होंने सरेंडर कर दिया। इधर, दिल्ली में RAW की कोर टीम मुजीब से कॉन्टैक्ट करने की कोशिश कर रही थी, लेकिन बात नहीं हो पा रही थी। उस रात RAW का पूर्वी पाकिस्तान के साथ कम्युनिकेशन पूरी तरह से ठप हो गया था। अचानक RAW को एक इनपुट मिला। ये इनपुट कराची से एजेंटों ने ISI के रेडियो मैसेज इंटरसेप्ट करने के बाद भेजा था। वो इनपुट था- ‘बड़ी चिड़िया पिंजरे में है। बाकी घोंसले में नहीं हैं। दोहराता हूं, बड़ी चिड़िया पिंजरे में है।’ RAW अफसर ने कहा- ‘बड़ी चिड़िया मतलब मुजीब गिरफ्तार हो चुके हैं। बाकी घोंसले में नहीं हैं, मतलब अवामी लीग के नेता भाग चुके हैं।’ इधर, पाकिस्तानी फौज ने कत्लेआम मचाना शुरू कर दिया। बंगालियों को ढूंढ-ढूंढकर मारा जा रहा था। फिर उनके घरों में आग लगा दी जा रही थी। एक महिला, पति के साथ कोने में दुबकी हुई थी। फौजी उसके पति को घीसटते हुए बाहर ले जाने लगे। महिला ने पति का हाथ पकड़ लिया। वह चीखने लगी- ‘कहां ले जा रहे हो। छोड़ो इसे।’ फौजी ने जोर से लात मारी। महिला दूर जा गिरी। फौजी महिला पर झपट पड़ा। उसके कपड़े फाड़ दिए। पति के सामने ही महिला से गैंगरेप किया गया। यह सिर्फ एक महिला की कहानी नहीं थी, उस रात हर घर में ऐसा ही कोहराम मचा था। फौजी घरों में घुसकर 15-20 साल की लड़कियों को उठा ले गए। उन्हें बैरकों में रखा गया और रात-दिन उनके साथ रेप हुआ। यह सिलसिला महीनों चलता रहा। उस रात जुल्फिकार अली भुट्टो ढाका में ही थे। वे शेरेटन होटल की खिड़की से शहर को जलते हुए देख रहे थे। खुशी से सिगार पी रहे थे। हर रोज हजारों लोग मारे जाने लगे। लाखों लोग भागकर भारत के पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा, असम, बिहार जैसे राज्यों में शरण लेने लगे। ये कत्लेआम, बंगालियों के साथ-साथ भारत के लिए भी मुसीबत बनता जा रहा था। इसी दौरान, 30 मार्च को अवामी लीग के कुछ नेता दिल्ली पहुंचे। RAW के जरिए उनकी मुलाकात इंदिरा गांधी से हुई। इन नेताओं ने इंदिरा से पूर्वी पाकिस्तान सीमा पर एक मुक्त क्षेत्र बनाने की मांग की। इंदिरा ने फौरन हामी भर दीं। 4 अप्रैल 1971 को, पूर्वी पाकिस्तान के फौजियों ने अपना अलग गुट बना लिया। 10 अप्रैल को अस्थाई सरकार की घोषणा कर दी गई। मुजीब-उर-रहमान को राष्ट्रपति, सैयद नजरुल इस्लाम को उपराष्ट्रपति और ताजुद्दीन अहमद को प्रधानमंत्री बनाया गया। RAW की मदद से यह सरकार कोलकाता से चल रही थी। इस बीच, इंदिरा ने असम, त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल का दौरा किया। नरसंहार की रिपोर्टों से वे इतनी दुखी थीं कि बहुत मुश्किल से बोल पा रही थीं। उनके मन में कुछ ऐसा चल रहा था, जिससे पाकिस्तान का भूगोल बदलना तय था। दिल्ली लौटकर उन्होंने कैबिनेट की बैठक बुलाई। विदेश मंत्री सरदार स्वर्ण सिंह, रक्षा मंत्री जगजीवन राम, वित्त मंत्री यशवंतराव चव्हाण और आर्मी चीफ सैम मानकशॉ बैठक में मौजूद थे। इंदिरा बेहद परेशान और गुस्से में थीं। उन्होंने कुछ फाइलें बढ़ाते हुए सेना प्रमुख से कहा- ‘सैम देखो इसे। किस तरह से लाखों शरणार्थी भारत आ रहे हैं। आप इस बारे में क्या कर रहे हैं?’ सेना प्रमुख ने तुरंत जवाब दिया- ‘कुछ भी नहीं, इसमें मैं क्या कर सकता हूं?’ इंदिरा ने सख्त लहजे में कहा- ‘आप कुछ क्यों नहीं करते?’ सैम- ‘आप मुझसे क्या चाहती हैं?’ ‘सैम, मैं चाहती हूं पूर्वी पाकिस्तान में आर्मी उतार दो।’ इंदिरा ने कहा। सैम हैरान रह गए। उन्होंने कहा- ‘क्या आप जंग चाहती हैं?’ इंदिरा ने झट से कहा- ‘मुझे नहीं पता, यदि यह जंग है तो जंग ही सही।' सैम ने कहा- 'क्या आपने बाइबल पढ़ी है?' इंदिरा ने कुछ नहीं कहा। तभी विदेश मंत्री बोल पड़े- ‘बाइबल से क्या मतलब है आपका?’ सैम ने मुस्कुराते हुए कहा- ‘बाइबल के पहले चैप्टर में लिखा है- वहां प्रकाश हो जाए, तो वहां प्रकाश हो गया। ठीक उसी तरह आप चाहते हैं कि वहां जंग हो जाए और जंग हो गई। मैं बिल्कुल तैयार नहीं हूं। सब एक दूसरे की तरफ देखने लगे। सैम ने फिर कहा- ‘15-20 दिन में मानसून शुरू हो जाएगा। पूर्वी पाकिस्तान में नदियां सागर बन जाएंगी। आप एक किनारे से दूसरे किनारे को भी नहीं देख पाएंगे।’ रक्षा मंत्री जगजीवन राम ने कहा- ‘सैम प्लीज, मान जाओ।’ सैम ने कहा- ‘मैंने अपना मत दे दिया। प्रधानमंत्री मुझे आदेश दे सकती हैं, लेकिन हार तय है।’ इंदिरा का चेहरा लाल हो गया। उन्होंने कहा- ‘हम चार बजे फिर से कैबिनेट में मिलते हैं।’ सभी उठकर जाने लगे। जैसे ही सैम अपनी कुर्सी से उठे, इंदिरा बोल पड़ीं- ‘आर्मी चीफ बैठ जाइए।’ सैम ने कहा- ‘क्या आप चाहती हैं कि मैं स्वास्थ्य के आधार पर इस्तीफा दे दूं?’ पाकिस्तान के दो टुकड़े कैसे हुए, पूरी कहानी कल यानी रविवार को दूसरे एपिसोड में पढ़िए…***** रेफरेंस : 1. The Kaoboys of RAW: Down Memory Lane : By B. Raman 2. The War That Made RAW : By Anushka Nandakumar Sandeep Saket 3. Field Marshal Sam Manekshaw : By Maj Gen Shubhi Sood 4. A Stranger in My Own Country : By Maj. Gen. Khadim Hussain Raja
साइबर क्राइम का पैसा कहां जाता है, इन्हें ठिकाने लगाने वालों तक पुलिस क्यों नहीं पहुंच पाती, अकाउंट का पता लगने पर भी रकम हाथ क्यों नहीं लगती। दैनिक भास्कर ने इन सवालों के जवाब तलाशने शुरू किए, तो म्यूल अकाउंट का पता चला। ये ऐसे बैंक अकाउंट हैं, जो दूसरों के नाम पर खुलते हैं, लेकिन इस्तेमाल साइबर अपराधी अवैध रकम इधर-उधर भेजने के लिए करते हैं। अब सवाल था कि म्यूल अकाउंट खोले कैसे जाते हैं, क्या बैंक को इनकी खबर नहीं होती? पड़ताल आगे बढ़ी, तो हम म्यूल अकाउंट खुलवाने वाले एक एजेंट तक पहुंचे। उसने हमें दिल्ली के 3 प्राइवेट बैंकों के स्टाफ और अफसरों से मिलवाया। इन्होंने 30-35 बैंकों में न सिर्फ ऐसे अकाउंट खुलवाने का दावा किया, बल्कि रकम न फंसने देने का भरोसा भी दिलाया। एजेंट और बैंक स्टाफ का ये नेटवर्क कैसे काम करता है, बैंकिग सिस्टम की किन खामियों का फायदा उठाकर ये म्यूल अकाउंट खुलवा रहे हैं, पढ़िए और देखिए पूरी रिपोर्ट... पहली मुलाकात मुकुल वर्मा से दावा: 50 हजार रुपए में सेविंग अकाउंट, कमीशन पर कॉर्पोरेट अकाउंट पहाड़गंज में रहने वाले एजेंट मुकुल वर्मा ने खुद को ऑनलाइन सट्टेबाजी वेबसाइट से जुड़ा बताया। दावा किया कि उसके पास 70-80 लड़के हैं, जिनके डॉक्यूमेंट्स पर सेविंग, करंट और कॉर्पोरेट अकाउंट खुलवाकर दे सकता है। मुकुल से हम कनॉट प्लेस पर एक रेस्टोरेंट में मिले। रिपोर्टर- आपके पास ऐसे अकाउंट खुलवाने के लिए बंदे हैं?मुकुल- हां, ऐसे लड़के हैं, जिन्होंने 2, 4, 5 हजार रुपए में अकाउंट खुलवा लिया। उन्हें सिर्फ पैसों से मतलब है। सभी बाहर के होंगे, जैसे- झारखंड, यूपी। हर हफ्ते किट के साथ कम से कम 10 अकाउंट दे सकता हूं। रिपोर्टर- किट में क्या रहेगा?मुकुल- ATM, चेक बुक, सिम कार्ड। अभी अकाउंट का रेट 40-50 हजार चल रहा है। कॉर्पोरेट (अकाउंट) के लिए बंदे को बोला है, वो पर्सेंटेज पर चलेगा। रिपोर्टर- पहले कितने पर्सेंटेज पर ले रहे थे?मुकुल- साढ़े 3 पर्सेंट पर चला रखा था। मुकुल की बातों से साफ हो गया कि वो इस नेटवर्क में महज बिचौलिया नहीं, बड़ा खिलाड़ी है। उसी ने हमें यस बैंक के स्टाफ रोहतास तक पहुंचाया। मुकुल ने पहले फोन पर बात कराई। फिर मिलने का दिन और समय तय हुआ। यहां से म्यूल बैंक अकाउंट रैकेट की कड़ियां जुड़नी शुरू हुईं। दूसरी मुलाकात रोहतास से दावा: 40-50 लाख के ट्रांजैक्शन के लिए कमीशन पर करंट अकाउंट रोहतास ने हमें यस बैंक की पहाड़गंज ब्रांच बुलाया। बातचीत के लिए हम पास के एक रेस्टोरेंट में गए। साथ में एजेंट मुकुल भी था। यहां उसने फर्जी अकाउंट खुलवाने के नेटवर्क और तौर-तरीकों का खुलासा करना शुरू किया। रिपोर्टर- दुबई से चलने वाली बेटिंग साइट के लिए अकाउंट चाहिए। सेविंग या करंट कोई भी मिल जाए, बस लिमिट अच्छी हो। रोहतास- इनमें से ज्यादातर पर साइबर क्राइम का नोटिस आ जाता है। आजकल बैकों में ऐसे अकाउंट ज्यादा खुल रहे हैं, हमें भी अलर्ट किया गया है। रिपोर्टर- मुकुल के पास झारखंड के 70-80 लड़के हैं, उन्हीं के नाम पर अकाउंट खुलना है। रोहतास- हां, खोल देंगे। अपने एक-दो साथियों से भी खुलवा देंगे। करंट अकाउंट भी मिल जाएगा। एक कस्टमर यही काम करता है। वो 10-20 लाख या 40-50 लाख के बड़े ट्रांजैक्शन के लिए अकाउंट कमीशन पर देता है। रिपोर्टर- थोड़ा ट्रांजैक्शन का बताइए, सारा सट्टे का पैसा ही आएगा।रोहतास- अकाउंट में एवरेज मंथली बैलेंस बनाकर चलना होगा, इसलिए उसमें एक दिन पैसे डालो और अगले दिन निकाल लो। एक ही दिन पैसा आने और विड्रा करने पर अकाउंट फ्रीज होने का खतरा ज्यादा है। रिपोर्टर- साइबर क्राइम से कोई अलर्ट आया, तो हमें कैसे पता चलेगा? रोहतास- अकाउंट में अलर्ट का मेमो आता है। हम अकाउंट खोलेंगे, तो उस पर नजर रखेंगे। रिपोर्टर- अकाउंट 6 महीने तो चल ही जाएंगे?रोहतास- आराम से चल जाएगा। इसके बाद रोहतास ने हमें अगली कड़ी तक पहुंचाया। उसने यस बैंक की मॉडल टाउन ब्रांच में काम करने वाले अश्वनी कुमार से बात की और हमारी मीटिंग फिक्स कराई। तीसरी मुलाकात अश्वनी कुमार से दावा: 1 करोड़ रु. लिमिट वाले अकाउंट का रेट 1.25 लाख, एक-दो अभी दिला देंगे रोहतास के भरोसे पर अश्वनी हमसे मिलकर बातचीत करने के लिए तैयार हुआ। एजेंट मुकुल भी साथ मौजूद था। अश्वनी- आपको कैसा अकाउंट खुलवाना है?रिपोर्टर- सेविंग और करंट दोनों। अश्वनी- सेविंग खुलवालो, बेस्ट रहेगा।रिपोर्टर- मुझे 50-60 अकाउंट चाहिए, लेकिन सारे लड़के झारखंड और बिहार के हैं। अश्वनी- कोई दिक्कत नहीं।रिपोर्टर- बेटिंग का पैसा आएगा, अगर कोई शिकायत आई तो कैसे पता चलेगा। अश्वनी- जैसे AML (एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग) आएगा, आपको बता देंगे कि भइया अब इसके आगे अकाउंट नहीं चलेगा। साइबर से इस पर होल्ड लगा रहा है। आप सारा पैसा हटा देना।रिपोर्टर- मतलब, साइबर वाले आएंगे। अश्वनी- हां, मेरे कस्टमर की पूछताछ मुझसे ही होगी। जवाब देना होगा कि अकाउंट कैसे और क्यों खोला।रिपोर्टर- दूसरे बैंकों में भी अकाउंट चाहिए।अश्वनी- इंडस में खुलवा देंगे। रिपोर्टर- अपने खास बंदे किसमें हैं?अश्वनी- वैसे तो 35 बैंक हैं, जहां खुलवा देंगे। सब में 5-5, 10-10 अकाउंट। रिपोर्टर- मुकुल भाई (साथ मौजूद एजेंट) अगर कोई जांच बैठी, तो लड़का नहीं मिलना चाहिए। मुकुल- वो सारे झारखंड से कुकर्म करके भागे हुए लड़के हैं, किसी ने पुलिस वाले को मारा है, कोई मर्डर करके दिल्ली में रह रहा है। रिपोर्टर- आपने पहले भी ऐसे अकाउंट खोले हैं, कितना खर्च लगेगा।अश्वनी- सेविंग और करंट अकाउंट 25 हजार से नीचे नहीं मिलेगा। रिपोर्टर- मतलब आप एक फर्जी अकाउंट के 25 हजार लेते हो।अश्वनी- हां, और वो भी कैश चाहिए। अगर आपको बना-बनाया अकाउंट चाहिए, तो वो भी मिल जाएगा। गेमिंग चलाने के लिए प्रोपराइटर करंट अकाउंट भी मिलेंगे। रिपोर्टर- सब फर्जी अकाउंट हैं।अश्वनी- फर्जी नहीं होते सर, जैसे- हमने एक दुकानदार के नाम पर अकाउंट खोल दिया। बाद में उसने दुकान बंद कर दी। बस उन्हें अकाउंट खुलवाने से मतलब होता है। अकाउंट एक्टिव होने के बाद वो बेच देते हैं। बातचीत के दौरान ही अश्वनी अकाउंट का पता लगाने के लिए एक एजेंट को फोन लगाता है… अश्वनी- सेल के लिए कोई अकाउंट है?एजेंट- 2-3 अकाउंट हैं। अश्वनी- फिर दे दो।एजेंट- कॉर्पोरेट अकाउंट हैं। अश्वनी- तुम कितना लोगे।एजेंट- 1.25 लाख दिला देना। अश्वनी- उसकी लिमिट कितनी है। एजेंट- 1 करोड़ रुपए। एजेंट से बातचीत के बाद अश्वनी ने बताया कि 1 करोड़ लिमिट वाला अकाउंट 1.25 लाख में मिल जाएगा। इसके एवज में मुझे अलग से 25 हजार चाहिए। इसके बाद रोहतास के जरिए हम सिटी यूनियन बैंक के सीनियर अफसर तक पहुंचे। उसने मुकुल को फोन पर बताया कि चांदनी चौक ब्रांच में तैनात प्रमोद से म्यूल अकाउंट खोलने की बात हुई है। उससे जाकर मिल लो। चौथी मुलाकात प्रमोद से दावा: एक एरिया में लड़कों को अलग-अलग रखवाओ, इससे फ्रॉड समझ नहीं आता प्रमोद से मिलने के बाद हम एजेंट मुकुल के साथ चांदनी चौक पहुंचे। उसने दावा किया कि अगर उसके फॉर्मूले से म्यूल अकाउंट खुलवाया तो पुलिस से खुलवाने वाला और बैंक कर्मचारी दोनों बचे रहेंगे। रिपोर्टर- हमें गेमिंग और सट्टे के पैसे के लिए अकाउंट चाहिए। रोहतास के दोस्त मुकुल के पास बंगाल के 70-80 लड़के हैं, वो आपको सारे डॉक्यूमेंट्स दे देंगे। प्रमोद- सेविंग अकाउंट तो खोल ही सकते है, उसमें क्या दिक्कत है। रिपोर्टर- हर दिन कितना ट्रांजैक्शन होगा और कैसे होगा। प्रमोद- अगर सेविंग से काम चल जाए, तो हाई वेरिएंट का अकाउंट खोल देंगे। साल भर की 30 से 50 लाख की लिमिट दे देंगे। अच्छा ATM कार्ड देंगे, ताकि किसी भी ATM से एक लाख रुपए रोज निकाल सको। रिपोर्टर- थोड़ा ट्रांजैक्शन का सिस्टम बताइए, क्योंकि अकाउंट फ्रीज होने का खतरा रहता है। पैसा UPI या NEFT से आएगा।प्रमोद- UPI नहीं, NEFT या RTGS मंगाओ। अमाउंट 50 हजार से कम हो, अगर ज्यादा है, तो 1 लाख से कम हो। सेविंग अकाउंट को उसी तरह चलाना होगा। एक दम से पैसा नहीं निकलना चाहिए। दूसरी बात हाई वेरिएंट अकाउंट होगा, तब मान लीजिए अगर 25 हजार से खोला, तो उसमें इतना ही अमाउंट छोड़ना होगा। बल्कि 5-10 हजार रुपए ज्यादा ही छोड़ना है। रिपोर्टर- ठीक है प्रमोद- आपको रात 8 बजे के बाद पैसा मंगाना है, जिससे कि एक रात पैसा अकाउंट में रुक जाए। फिर दिन में 70 से 80% पैसा आप निकाल लो। रिपोर्टर- अगले दिन। प्रमोद- हां, ATM से या कैश निकाल लो। UPI करना हो, तो वो कर लो। देखो काम ऐसे करना है कि अकाउंट फ्रीज ना हो और काम हो जाए। फिर प्रमोद अकाउंट खोलने का तरीका बताता है…. प्रमोद- पहले CA से एड्रेस चेंज का प्रोसीजर कराना होगा। दिल्ली के एड्रेस का रेंट एग्रीमेंट बनवा लेना और बिजली बिल दे देना। इनका (लड़कों) अकाउंट पहले चल रहा होगा, इसलिए उनकी विदाउट टैक्स वाली ITR भरवानी होगी। उससे तीन काम होंगे- बंदा जेन्युइन हो जाएगा। कल को अगर अकाउंट फ्रीज भी हुआ, तो हम तुरंत ITR दे सकते हैं। आपको रीटेल का बिजनेस दिखाना है। इसमें UPI पेमेंट आती-जाती दोनों है। बताना कि सदर बाजार से माल खरीदते हो और रीटेल में सप्लाई करते हो। इसका कोई लेखा-जोखा नहीं होता। रिपोर्टर- सट्टे का पैसा है, साइबर क्राइम से कोई अलर्ट आया, तो कैसे पता चलेगा?प्रमोद- मेल आने पर पता चल ही जाता है। ब्रांच में मेल आता है कि इस अकाउंट का वेरिफिकेशन कराइए यानी बंदा वहां रहता है या नहीं। अकाउंट खोलने के लिए जो बिजली बिल और रेंट एग्रीमेंट आप दोगे, बस वो एड्रेस सही मिलना चाहिए। रिपोर्टर- एड्रेस तो रहेगा, लेकिन बंदा दोबारा नहीं मिलेगा। प्रमोद- अकाउंट खोलते वक्त बंदा उस एड्रेस पर रहता था, बस इतना काफी है। उसके बाद मेरी कोई गारंटी नहीं है, एक बैंकर का काम प्रेजेंट में वेरफाई करना होता है। रिपोर्टर- फिर तो ये फर्जी अकाउंट हुआ, फर्जी पते पर बना और न बंदा दोबारा मिलेगा। प्रमोद- बंदे को उस एड्रेस पर चेक बुक रिसीव होनी चाहिए। फिर बंदा भी बरी है और खोलने वाला भी बरी है। बैंक ने एड्रेस वेरीफाई कर लिया। रिपोर्टर- ऐसे अकाउंट कितने दिन चल जाएंगे, तीन महीने चल जाएंगे क्या।प्रमोद- आराम से, लेकिन हिसाब से चलाना होगा। ये नहीं कि एक महीने में एक करोड़ का ट्रांजैक्शन कर लिया। रिपोर्टर- अलर्ट ही सबसे बड़ा टेंशन है, क्योंकि पैसा फंसने का खतरा है, बाकी चीजें मैनेज कर लेंगे। अलर्ट का आप ही बताओगे।प्रमोद- वो तो यहीं आता है, बता देंगे। रिपोर्टर- किराए पर कमरा लेकर लड़कों को रखवाना है। एक ही कमरे में 5 लोगों को रखवा देंगे और उसी एड्रेस पर डॉक्यूमेंट रिसीव करा देंगे। प्रमोद- एक एरिया में 5 लोग रखवा दो, लेकिन एक कमरे में नहीं। वरना जाहिर हो जाएगा कि आप फ्रॉड के लिए कर रहे हैं। प्रमोद से मिलकर निकले ही थे, तभी मुकुल के पास अश्वनी का फोन आया। उसने बताया कि इंडसइंड बैंक का एक कर्मचारी भी फर्जी बैंक खाते खोल देगा। उससे फोन पर हमारी बात हुई और पहाड़गंज में मीटिंग तय हुई। पांचवी मुलाकात गुलाम से दावा: बैंक अगर अकाउंट फ्रीज कर दे तो फोटो रख लेना, हम खुलवा देंगे मुकुल के साथ हम गुलाम रब्बानी से मिले। उसने मिलते ही बिना किसी झिझक के अकाउंट खुलवाने की बात शुरू कर दी। रिपोर्टर- 10-15 सेविंग अकाउंट खुलवाना है। मुकुल- सेविंग में कितनी लिमिट दे देंगे। रब्बानी- आपको कितनी चाहिए।मुकुल- डेली के 2 लाख रुपए दे दो। रब्बानी- ज्यादा दे देंगे। रिपोर्टर- अब आप ये बताओ कि ऐसे अकाउंट कितने दिन चल सकते हैं। रब्बानी- गेमिंग में तो 2-3 दिन ही चलेगा। रिपोर्टर- 2-3 दिन ही, लंबा चलाने के लिए क्या रास्ता है। रब्बानी- ज्यादा से ज्यादा 7 दिन चलेगा। रिपोर्टर- 7 दिन के बाद क्या होगा। रब्बानी- उसके बाद साइबर वाले फ्रीज कर देते हैं। अगर साइबर फ्रीज लगा है, तो उसमें हमारी कोई गलती नहीं है। बैंक ने लगाया है, तो वो खुलवा देंगे, उसमें कोई दिक्कत नहीं। रिपोर्टर- बैंक कब फ्रीज करता है। रब्बानी- जब लगता है कि ओवर ट्रांजैक्शन हो रहा है। रिपोर्टर- हमारा मेन मसला ट्रांजैक्शन का ही रहेगा। रब्बानी- वो (बैंक) फ्रीज कर देगा, तो हम एक वेरीफिकेशन लगा देते हैं कि हम गए तो कस्टमर मिला। कस्टमर के साथ फोटो खिंचवा लेना, फिर हम फ्रीज खुलवा देंगे। फिर आप पैसे निकाल सकते हो। रिपोर्टर- सारे पैसे रब्बानी- हां रिपोर्टर- ये (मुकुल) जो लड़के देगा, वो एक बार अकाउंट खुलवाने के बाद दोबारा कभी नहीं मिलेंगे। रब्बानी- अपने पास उनका एक फोटो रख लेना क्योंकि जरूरत पड़ सकती है। हमने म्यूल अकाउंट खोलने के स्टाफ के दावों को लेकर यस बैंक, इंडसइंड बैंक और सिटी यूनियन बैंक को सवाल भेजे हैं, लेकिन खबर लिखे जाने तक जवाब नहीं मिला। आने पर अपडेट करेंगे। ……………… ऑपरेशन स्कैम वर्ल्ड पर ये स्टोरी भी पढ़ें… एक लड़के पर 95 हजार कमीशन, काम भारतीयों को लूटना ‘लड़के भेज दो... एक लड़के पर 95 हजार रुपए तक कमीशन मिलेगा।’ ये ऑफर कंबोडिया में बैठे एक पाकिस्तानी एजेंट ने भास्कर रिपोर्टर को दिया। शर्त थी कि लड़के इंग्लिश बोलना जानते हो, बाकी काम कंपनी सिखा देगी। कंपनी का नाम नहीं है। वेबसाइट नहीं है। ऑफर लेटर नहीं है। इंटरव्यू टेलीग्राम पर होगा। जॉब दुनियाभर में लोगों को डिजिटल अरेस्ट करके ठगने की है। पढ़िए पूरी खबर…
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