DNA: एक साल में डॉनल्ड ने कैसे उथल-पुथल मचाई? एक साल में ट्रंप मालामाल, दुनिया कंगाल!
Donald Trump News:अपने निजी फायदे के लिए ट्रंप ने हर तरीके का इस्तेमाल किया. जो ट्रंप पहले क्रिप्टो को घोटाला बताते थे, उन्होंने चुनाव जीतने के बाद क्रिप्टो से जुड़े कई वेंचर शुरू कर दिए. वर्ल्ड लिबर्टी फाइनेंशियल, ट्रंप कॉइन से उन्होंने काफ़ी कमाई की.
संभावित मंदी की भरपाई कैसे करता है अमेरिका? क्या बताता है 132 साल पुराना कामयाब फॉर्मूला
US News:अमेरिका की वॉर टाइमिंग बता रही है साल 1893 से लेकर 2026 तक अमेरिका इसी एक सूत्रीय कामयाब फॉर्मूले से काम कर रहा है. जानकारों का मानना है कि ये ऐसा रामबाण उपाय है जिसकी वजह से डॉलर की सेहत आज 100 सालों बाद भी एकदम दुरुस्त बनी हुई है. दुनिया का करीब आधा बिजनेस आज भी यूएस डॉलर में होता है.
हादसा या साजिश... नदी में मिला बांग्लादेश में हिंदू छात्र का शव; 9 दिन पहले घर से हुआ था लापता
बांग्लादेश में एक हिंदू छात्र का शव नदी में मिला है. इसके बाद इलाके में सनसनी फैल गई. जिस छात्र का शव मिला है, वह एक सरकारी कॉलेज में मैनेजमेंट डिपार्टमेंट में पढ़ाई करता था.
Bangladesh Election 2026 News in Hindi: बांग्लादेश में अगले महीने होने जा रहे संसदीय चुनाव में 2568 उम्मीदवारों ने नामांकन भरा है. हैरानी की बात है कि उनमें से महिलाओं की संख्या महज 109 है. महिला उम्मीदवारों की यह संख्या 'इस्लामिक' बांग्लादेश का काला सच उजागर करती है.
'पति मुझे मार डालेंगे अगर मैं...', भारत की बेटी सुनीता विलियम्स ने क्यों कहा ऐसा?
Sunita Williams News in Hindi: अमेरिका में रहने वाली प्रसिद्ध भारतवंशी एस्ट्रोनॉट सुनीता विलियम्स अब 60 साल की हो चुकी हैं. उन्होंने अब मून मिशन पर जाने की इच्छा जताई है. उनका कहना है कि वे चांद पर जाना चाहती हैं लेकिन पति मार डालेंगे.
Emmanuel Macron: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ग्रीनलैंड पर कब्जा करने की धमकी को लेकर अब फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने जवाब दिया है. उन्होंने कहा कि EU को एकजुट होकर इसका विरोध करना चाहिए.
Mauritius-UK Chagos Islands Dispute News: अंतरराष्ट्रीय न्यायालय के आदेश के बाद चागोस द्वीप समूह मॉरीशस को सौंपने के यूके के फैसले को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ी मूर्खता बताया है. उन्होंने कहा कि इस फैसले से चीन-रूस ने यूके की बड़ी कमजोरी भांप ली है.
Donald Trump Greenland Latest News: ग्रीनलैंड को किसी भी तरह हासिल करने की जिद अमेरिका के लिए महंगी पड़ सकती है. उसके खिलाफ अब यूरोप के देशों ने ही मोर्चा खोल दिया है. ब्रिटेन से भी इसके खिलाफ आवाज बुलंद हुई है.
Oldest River In World: दुनिया की सबसे प्राचीन नदी गंगा या नील नहीं, बल्कि ऑस्ट्रेलिया नॉर्दर्न टेरिटरी में बहती है, जिसका नाम फिंके नदी है. इस नदी को डायनासोर से भी पुराना माना जाता है.
Trump Threatens 200% Tariffs On France:फ्रांस का गाजा से जुड़े ट्रंप के ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में शामिल होने से इनकार करने के बाद से ही ट्रंप गुस्सा हो गए हैं. हद तो तब हो गई जब ट्रंप ने फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों का प्राइवेट संदेश भी लीक कर दिया है. जिससे दोनों देशों में तनाव बढ़ गया है.
कभी कैमरों के सामने मिडिल फिंगर, कभी पूर्व राष्ट्रपति बाइडेन की सेहत पर तंज, तो कभी ट्रांसजेंडर समुदाय का मजाक और कभी विदेशी राष्ट्राध्यक्षों की मिमिक्री। आज, डोनाल्ड ट्रम्प के राष्ट्रपति बनने के एक साल पूरे होने पर देखिए वो विवादित वायरल मोमेंट्स, जिन्होंने राष्ट्रपति पद की मर्यादा को कटघरे में खड़ा कर दिया। वीडियो देखने के लिए ऊपर तस्वीर पर क्लिक कीजिए।
फैक्ट चेक: ईरान से पलायन करते लोगों के दावे से नेपाल का वीडियो वायरल
बूम से बातचीत में वीडियो बनाने वाले प्रदीप शाही ने बताया कि यह वीडियो उन्होंने नेपाल स्थित डोलपा जिले के रूप पाटन क्षेत्र में रिकॉर्ड किया था.
सैन्य और आर्थिक शक्ति का नया पैमाना बनेगा AI एक्सपोर्ट, अमेरिकी कांग्रेस सदस्यों ने दी चेतावनी
AI Export Control: अमेरिकी सांसदों ने चेतावनी दी है कि एडवांस्ड एआई चिप्स के निर्यात के फैसले भविष्य की सैन्य और आर्थिक ताकत तय कर सकते हैं, इसलिए संसद में यह बहस तेज हो गई है कि इन्हें सामान्य व्यापारिक वस्तु माना जाए या रणनीतिक हथियारों की तरह कड़े नियंत्रण में रखा जाए.
कहीं दो टर्म, कहीं अनलिमिटेड सत्ता: दुनिया में कौन कितनी देर तक शासक बन सकता है
अलग-अलग देशों में राष्ट्रपति या प्रधानमंत्री के कार्यकाल अलग-अलग होते हैं, कुछ देशों में ऐसे नियम हैं कि सिर्फ एक बार ही इन पदों तक पहुंचा जा सकता है, चलिए जानते हैं कि कहां क्या नियम है.
ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बीच हैकर्स ने सरकारी टीवी चैनलों को हैक कर निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी के समर्थन वाले वीडियो चला दिए. वहीं प्रदर्शन कुचलने में अब तक 4,029 लोगों की मौत का दावा किया गया है. हालात पर अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ गया है और अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर मिडिल ईस्ट की ओर बढ़ रहा है.
Holocaust: क्या आप इंसानी इतिहास के सबसे क्रूर फैसले के बारे में जानते हैं? जी हां, बिल्कुल जानते होंगे, नाजियों के जरिए यहूदियों के कत्ल की कहानी तो सारी दुनिया जानती है, आज हम आपको उस मीटिंग के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां जिसमें होलोकास्ट की पटकथा लिखी गई थी.
अफगानिस्तान: काबुल के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले इलाके में जोरदार धमाका, कई लोग हताहत
अफगानिस्तान की राजधानी काबुल के शहर-ए-नवा इलाके में जबरदस्त विस्फोट में कई लोगों के मारे जाने की खबर है। स्थानीय मीडिया ने इसकी जानकारी दी है
एआई चिप्स पर अमेरिकी कांग्रेस की चेतावनी: तय करेंगे भविष्य की ताकत
अमेरिका के सांसदों ने चेतावनी दी है कि एडवांस्ड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस चिप्स के निर्यात से जुड़े फैसले भविष्य की सैन्य और आर्थिक ताकत तय कर सकते हैं
Trump links nobel to greenland acquisition: अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने नोबेल शांति पुरस्कार न मिलने को ग्रीनलैंड पर कड़ा रुख अपनाने का कारण बताया है, जबकि नॉर्वे ने साफ किया कि नोबेल पुरस्कार देने का अधिकार उनकी सरकार के पास नहीं है. ग्रीनलैंड और डेनमार्क ने ट्रंप के प्रस्ताव का विरोध किया है और वहां के लोग अपने भविष्य का निर्णय खुद करेंगे.
India-Bangladesh Tension: भारत और बांग्लादेश के बीच जारी तनाव के बीच बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने चीन के राजदूत याओ वेन को तीस्ता नदी परियोजना क्षेत्र का दौरा करने की अनुमति दी है. यह इलाका भारत के रणनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील सिलीगुड़ी कॉरिडोर, जिसे ‘चिकन नेक’ कहा जाता है, के काफी नजदीक स्थित है. करीब 22 किलोमीटर चौड़ा यह संकरा भू भाग भारत की मुख्य भूमि को उसके पूर्वोत्तर राज्यों से जोड़ता है.
भारत ने आर्मेनिया को सौंपी पिनाका मिसाइल, पाकिस्तान-तुर्की-अजरबैजान की तिकड़ी पिनक तो बहुत रही होगी!
Pinaka multi barrel rocket launcher:भारत नेस्वदेशी पिनाका गाइडेड रॉकेट सिस्टम की पहली खेप अर्मेनिया को सौंप दी है. भारत ने अपने इस कदम से पाकिस्तान-तुर्की-अजरबैजान की तिकड़ी को बेचैन कर दिया है.
CEO of Iran second-biggest phone company fired:ईरान सरकार ने देश की दूसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी इरानसेल (Irancell) के CEO को बर्खास्त कर दिया है. आरोप है कि कंपनी ने सरकार के आदेश के बावजूद इंटरनेट पूरी तरह बंद नहीं किया. यह कार्रवाई आर्थिक संकट के बीच हो रहे विरोध-प्रदर्शनों और सूचना नियंत्रण की कोशिशों से जुड़ी है।
करीब 18 करोड़ सदस्य, देश के हर जिले में अपना ऑफिस, मजबूत जमीनी कैडर, 20 राज्यों में सरकारें, ये बातें BJP को देश की सबसे बड़ी पार्टी बनाती हैं। बिहार की बांकीपुर सीट से विधायक नितिन नबीन आज यानी 20 जनवरी को BJP की जिम्मेदारी पूरी तरह संभाल लेंगे। 14 दिसंबर 2025 को कार्यकारी अध्यक्ष बनाए गए नितिन नबीन BJP के 12वें राष्ट्रीय अध्यक्ष होंगे। नितिन नबीन को नई जिम्मेदारी के बदले सैलरी नहीं मिलेगी, लेकिन वे जिस पार्टी को संभालने जा रहे हैं, वह कमाई, ऑफिस इन्फ्रास्ट्रक्चर और सदस्यों के मामले में कांग्रेस जैसी पार्टियों से मीलों आगे है। BJP ने न सिर्फ हर जिले में ऑफिस बनाए हैं, बल्कि खर्च निकालने के लिए एफडी सिस्टम भी तैयार कर लिया है। कांग्रेस लीडर अजय माकन ने दिसंबर 2025 में राज्यसभा में कहा था कि BJP के अकाउंट में 10,107 करोड़ रुपए हैं। ये रकम कांग्रेस से 75 गुना ज्यादा है। ऑफिस और इंफ्रास्ट्रक्चर: 772 जिलों में अपनी जमीन2014 से पहले जिलों में BJP के करीब 200 स्थायी ऑफिस थे। पार्टी ने 2014 के लोकसभा चुनाव के लिए प्रचार शुरू किया, तो उसे इन्फ्रास्ट्रक्चर के मामले में बहुत जूझना पड़ा। तब पार्टी की कमान मौजूदा गृहमंत्री अमित शाह के पास थी। चुनाव जीतने के बाद उन्होंने हर जिले में पार्टी का ऑफिस बनाने का प्लान तैयार किया। अब BJP के पास देश के 772 जिलों में ऑफिस या ऑफिस के लिए रजिस्टर जमीनें हैं। अगले लोकसभा चुनाव से पहले 70 और ऑफिसों के लिए जमीन या बिल्डिंग खरीदने की प्रोसेस पूरी हो जाएगी। हर जिले में BJP का कम से कम एक ऑफिस तैयार हो चुका है। दैनिक भास्कर की टीम दिल्ली में BJP के डिस्ट्रिक्ट ऑफिसों में पहुंची। देखा कि इन्हें कैसे बनाया गया है, क्या सुविधाएं हैं और कितनी क्षमता है। पहला ऑफिस: साउथ दिल्लीहम साउथ दिल्ली के ऑफिस पहुंचे। इसमें अंदर घुसते ही पहले लंबा-चौड़ा हॉल दिखता है। यहां हमें डिस्ट्रिक्ट प्रेसिडेंट राजकुमार चौटाला मिले। वे बताते हैं, ‘इस हॉल में 200 से 250 लोग बैठ सकते हैं। इसके पीछे पैंट्री एरिया है। यहां एक साथ 100 लोग खाना खा सकते हैं।’ राजकुमार ने हमें सीढ़ियों से ऊपर चलने के लिए कहा। ऊपर जिला अध्यक्ष, जिला उपाध्यक्ष और जिला मंत्री के केबिन बने हैं। एक जगह रुककर बोले, ‘देखिए ये लाइब्रेरी की जगह है। अभी किताबें कम हैं, पर इसे अच्छे से बनाएंगे।’ यहीं एक कॉन्फ्रेंस हॉल है, जिसमें 20-25 लोग बैठ सकते हैं। राजकुमार एक स्टोर रूम की तरह दिखने वाले कमरे में ले गए। वहां 5 कुर्सियां रखी थीं। वे कहते हैं, ‘चुनाव के दौरान यहां सोशल मीडिया का काम होता है। आप इसे इलेक्शन वॉर रूम की तरह कह सकते हैं, लेकिन असली वॉर रूम बेसमेंट में है।’ राजकुमार हमें बेसमेंट में ले गए। यहां करीब 100 लोगों के बैठने का इंतजाम है। कुर्सियां लगी हैं और उनके सामने लैपटॉप या डेस्कटॉप के लिए प्लेटफार्म बना है। राजकुमार बताते हैं, ‘लोकसभा और विधानसभा चुनाव में यहां 100 लोग सोशल मीडिया की कमान संभाले हुए थे।’ इसके बाद राजकुमार हमें सेकेंड फ्लोर पर ले गए। यहां 2 गेस्ट रूम बने हैं। वे कहते हैं, ‘चुनाव के दौरान दूसरे राज्यों से 5 लोग आए थे। वे यहीं रुके थे। कमरों के सामने किचन है।’ राजकुमार चौटाला कहते है, ‘3 साल पहले हमारे पास अपना ऑफिस नहीं था। कार्यकर्ताओं के घर कार्यक्रम करते थे। अब घर तो घर ही जैसे होंगे। वहां कितने लोग आएंगे। कार्यकर्ताओं की एक-दूसरे से बनती भी नहीं है। अब ये ऑफिस है। इसमें किसी की धौंस नहीं चलती। ये पार्टी की प्रॉपर्टी है।’ जगह: महरौली, साउथ दिल्लीमहरौली में बने BJP ऑफिस का उद्घाटन 7 जुलाई 2025 को हुआ था। यहां मिले जिला अध्यक्ष रणवीर तंवर ने बताया कि ऑफिस 470 गज जमीन पर बना है। वहीं, BJP के प्रदेश कोषाध्यक्ष सतीश गर्ग बताते हैं, ‘दिल्ली में 14 नए डिस्ट्रिक्ट ऑफिस का उद्घाटन हो चुका है। पार्टी ने हर लोकसभा सीट पर दो डिस्ट्रिक्ट ऑफिस बनाए हैं।’ BJP के डिस्ट्रिक्ट ऑफिस कंस्ट्रक्शन एंड मैनेजमेंट में हमारे सोर्स बताते हैं, हमने हर जिले में ऑफिस बनाने का टारगेट रखा था। इससे पहले 200 ऑफिस ऐसे थे, जिसकी जमीन और बिल्डिंग की मालिक पार्टी थी। इन ऑफिसों को भी नए नक्शे के मुताबिक बनाया गया। जहां जमीन कम थी, उसका एक्सटेंशन किया, जहां रेनोवेशन की जरूरत थी, उसे रेनोवेट किया है। 562 दफ्तरों के लिए जमीन खरीदी, 386 नए और 44 दोबारा बनाए, 170 रेनोवेट2014 से पहले जिलों में BJP के करीब 200 स्थायी ऑफिस थे। पार्टी ने 2014 के लोकसभा चुनाव के लिए प्रचार शुरू किया, तो उसे इन्फ्रास्ट्रक्चर के स्तर पर बहुत जूझना पड़ा। सोर्स बताते हैं, ‘खुद के ऑफिस बनाने का आइडिया गृहमंत्री अमित शाह का था। उन्होंने 2014 में चुनाव जीतने के बाद से ही हर जिले में संगठन को मजबूत करने का अभियान शुरू कर दिया था।’ ‘पार्टी लंबे समय से सत्ता में नहीं थी। जिलों में पार्टी प्रोग्राम, बैठक या फिर किसी के रुकने के लिए स्कूल या सामुदायिक भवन लेना पड़ता था। इसलिए प्लान बना कि 2025 तक सभी जिलों में स्थायी ऑफिस बनाए जाएंगे। किराए की बिल्डिंग या फिर किसी कार्यकर्ता के घर से एक भी ऑफिस नहीं चलेगा।’ ‘इस प्लानिंग में एक और हिस्सा जोड़ा गया। ऑफिसों के मामले में पार्टी न सिर्फ हर जिले में आत्मनिर्भर बनेगी, बल्कि आर्थिक रूप से भी हर जिले को आत्मनिर्भर बनाया जाएगा। इसके लिए 2017 में डिस्ट्रिक्ट ऑफिस कंस्ट्रक्शन एंड मैनेजमेंट कमेटी बनाई गई।’ 2018 में दिल्ली के 6 ए दीनदयाल उपाध्याय मार्ग पर BJP का आलीशान ऑफिस तैयार होने के बाद जिलों में ऑफिसों का काम शुरू हुआ। डिस्ट्रिक्ट ऑफिस कंस्ट्रक्शन एंड मैनेजमेंट कमेटी में शामिल सोर्स के मुताबिक, 2018 से लेकर अब तक 562 डिस्ट्रिक्ट ऑफिस के लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष के पदनाम पर जमीनों की रजिस्ट्री हो चुकी है। इसमें से 386 नए ऑफिस तैयार हो चुके हैं। करीब 200 ऑफिस पहले से थे। इसी दौरान 170 ऑफिसों का रेनोवेशन कराया गया। 44 से ज्यादा पुराने ऑफिसों को तोड़कर उन्हें नए नक्शे के हिसाब से बनाया गया। 75 ऑफिसों का काम चल रहा है। सोर्स के मुताबिक जिलों में ऑफिस बनाने के लिए 1.5 करोड़ से 2.5 करोड़ रुपए का बजट रखा गया। प्रदेश स्तर के ऑफिस के लिए 3 से 5 करोड़ रुपए का बजट तय है। सोर्स बताते हैं- अगले 4 साल में 4 राज्यों उत्तर प्रदेश, त्रिपुरा, आंध्रप्रदेश, पश्चिम बंगाल के हर जिले में BJP के डिस्ट्रिक्ट ऑफिस बनने हैं। अभी इन राज्यों में ऑफिस काफी कम हैं। जो हैं, उनमें भी ज्यादातर किराए की बिल्डिंग में चल रहे हैं। ऑफिस का खर्च 60 हजार महीना, एक करोड़ की एफडी का प्रपोजलसोर्स बताते हैं, ‘पार्टी संगठन के लिए न सिर्फ स्थायी बिल्डिंग बना रही है, बल्कि उसे बजट के मामले में भी आत्मनिर्भर बनाने की प्लानिंग कर चुकी है। हालांकि, अब तक 5-6% ऑफिस ही महीने के रूटीन खर्चे के लिए स्थायी आमदनी का प्लान लागू कर पाए हैं। बाकी सभी इस पर काम कर रहे हैं।’ ‘हर ऑफिस का महीने का बजट 60 हजार रुपए तय हुआ है। स्थायी आय के लिए एफडी करने के सुझाव पर पार्टी काम कर रही है। डिस्ट्रिक्ट ऑफिस चलाने के लिए कम से कम एक करोड़ की एफडी का प्रस्ताव है, ताकि महीने का करीब 60 हजार रुपए ब्याज आने लगे। ये एफडी जिला इकाई के नाम से होती है।’ एफडी के लिए पैसा कहां से आता है?जिला स्तर के एक पदाधिकारी बताते हैं, ‘एफडी के लिए जिले के कारोबारियों से मिले डोनेशन का इस्तेमाल होता है। इस पर हर महीने जो ब्याज मिलेगा, वो डिस्ट्रिक्ट ऑफिस का होगा। ये रकम महीने के रूटीन खर्च में इस्तेमाल होगी। कारोबारियों का इस्तेमाल ऑफिस में कोई कार्यक्रम स्पॉन्सर करने के लिए भी होता है। कई बार छोटे कारोबारी डोनेशन के तौर पर बिजली का बिल या फिर ऑफिस को आधुनिक बनाने के लिए सामान देते हैं।’ ‘पार्टी हर जिले के बड़े कारोबारियों को पार्टी से जोड़ने के लिए अभियान चलाती है। उन्हें या उनके करीबियों को पार्टी में पद भी दिए गए। BJP की सदस्यता लेने की फीस 100 रुपए है। इससे मिली रकम का इस्तेमाल भी पार्टी के खजाने में होता है।’ ऑफिस में 4-5 कर्मचारी सैलरी पर, पदाधिकारियों को वेतन नहींएक दफ्तर में एक अध्यक्ष, 1 से 3 उपाध्यक्ष और 4 से 5 महामंत्री होते हैं। महामंत्रियों की संख्या कम-ज्यादा हो सकती है। राज्य या जिले फंड देने वाले ऑफिस में अपना एक पदाधिकारी रखना चाहते हैं। महामंत्री के ज्यादातर पद राज्य और जिला स्तर के कारोबारियों या फिर उनके करीबियों के पास हैं। अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और महामंत्रियों को सैलरी नहीं मिलती। ऐसा सिर्फ जिलों में ही नहीं है, पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को भी सैलरी नहीं मिलती। उनके आने-जाने के लिए गाड़ी, प्लेन या ट्रेन का खर्च और रुकने का इंतजाम पार्टी करती है। राष्ट्रीय अध्यक्ष को सांसद की तरह घर दिया जाता है। प्रदेश अध्यक्ष को भी घर पार्टी देती है। जिला अध्यक्ष को घर नहीं मिलता। पैसा: BJP सबसे अमीर पार्टी, अकाउंट में 10 हजार करोड़BJP देश की सबसे अमीर पॉलिटिकल पार्टी है। 2014 में केंद्र में सरकार बनाने के बाद से पार्टी की कमाई लगातार बढ़ी है। कांग्रेस के कोषाध्यक्ष और राज्यसभा सांसद अजय माकन ने 11 दिसंबर, 2025 को राज्यसभा में कहा था कि BJP के पास कांग्रेस के मुकाबले 75 गुना ज्यादा रकम है। माकन ने कहा कि 2004 के बाद अगले 20 साल में BJP का बैंक अमाउंट 87 करोड़ रुपए से बढ़कर 10,107 करोड़ रुपए हो गया है। इसी दौरान कांग्रेस का अमाउंट 38 करोड़ रुपए से बढ़कर 134 करोड़ रुपए ही हुआ। चुनाव आयोग को दी जानकारी के मुताबिक, BJP के पास 31 मार्च, 2024 तक 7,113 करोड़ रुपए थे। वहीं कांग्रेस के पास 857 करोड़ रुपए थे। एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स यानी ADR के मुताबिक, 2023-24 में BJP ने 4,340 करोड़ रुपए की आय घोषित की थी। ये रकम देश की सभी 6 नेशनल पार्टियों की कमाई का 74% है। 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले BJP ने 2013-14 में 674 करोड़ रुपए की आय घोषित की थी। संगठन: 2 करोड़ सक्रिय सदस्य, 18 करोड़ प्राथमिक सदस्यBJP का दावा है कि वह दुनिया की सबसे बड़ी पॉलिटिकल पार्टी है। उसके 18 करोड़ से ज्यादा प्राथमिक सदस्य हैं। यह संख्या रूस, जापान और ब्रिटेन की आबादी से ज्यादा है। BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे जेपी नड्डा ने सितंबर, 2025 में ऐलान किया था कि BJP दुनिया की सबसे बड़ी पॉलिटिकल पार्टी बन गई है। उसके 14 करोड़ प्राथमिक सदस्य हैं। इनमें दो करोड़ सक्रिय सदस्य हैं। पार्टी सोर्स बताते हैं कि अब प्राथमिक सदस्यों की संख्या 18 करोड़ पार कर गई है। BJP के मुकाबले कांग्रेस की स्थितिजमीन-बिल्डिंग का रिकॉर्ड नहीं, पदाधिकारियों से कहा- पता करके सूचना दो8-9 मई 2025 को कांग्रेस ने गुजरात में मीटिंग की थी। सोर्स बताते हैं, ‘बैठक का मकसद जमीन पर कमजोर हो रहे संगठन को फिर से खड़ा करना था। मीटिंग में हाईकमान ने जिलों में पकड़ बनाने का प्लान बताया। उन्होंने जिला अधिकारी नियुक्ति करने और उन्हें ज्यादा ताकत देने का ऐलान किया। आलाकमान ने सख्ती से कहा कि प्रदेश और जिलों में बंद या निष्क्रिय ऑफिसों की लिस्ट तैयार करें। जिलों में पार्टी की बिल्डिंग और जमीन को भी चिह्नित करें।’ दरअसल पार्टी की खाली पड़ी जमीन या कई साल से बंद ऑफिसों पर कब्जे की खबरें हाईकमान तक पहुंच रही थीं। पश्चिम बंगाल के हुबली में कांग्रेस की 11,979 स्क्वायर फीट जमीन पर जेडीयू का ऑफिस चल रहा था। हालांकि जेडीयू ने दावा किया कि जमीन का टैक्स हम भर रहे हैं। कांग्रेस ने बताया कि उसके पास 1956 में जमीन खरीदने के कागज हैं। उत्तराखंड के रानीखेत में कांग्रेस ऑफिस पर कब्जे का मामला भी आया था।
ग्रीनलैंड पर ट्रंप की नार्वे को धमकी, बोले- नोबेल नहीं मिला, मेरे लिए अब शांति जरूरी नहीं
इस घटनाक्रम के बाद यूरोप और अमेरिका के रिश्तों में नया तनाव साफ तौर पर दिखने लगा है। एक ओर यूरोपीय देश ट्रंप की संभावित टैरिफ नीति से निपटने के लिए जवाबी कदमों पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर ग्रीनलैंड के सामरिक महत्व को देखते हुए वहां प्रतीकात्मक सैन्य तैनाती भी शुरू हो गई है।
बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्याएं और उत्पीड़न कब रुकेगा? आंखें मूंद बैठी है मोहम्मद यूनुस सरकार
Bangladesh news:राइट्स एंड रिस्क एनालिसिस ग्रुप ने कुछ दिन पहले हिंसा पर एक रिपोर्ट जारी करते हुए बताया था कि बांग्लादेश में बीते 45 दिनों में 15 हिंदुओं की हत्या हुई है. 1 दिसंबर 2025 से 15 जनवरी 2026 के बीच पिछले 45 दिनों में, बांग्लादेश में बहुसंख्यक मुस्लिम समुदाय से संबंधित व्यक्तियों द्वारा कम से कम 15 अल्पसंख्यक हिंदुओं की खुलेआम हत्या हुई.
'जब आपने अपना मकसद हासिल...', इमरान खान की बहन अलीमा खान का छलका दर्द
इमरान खान की बहन अलीमा खान ने कहा, 'जब आपने इमरान खान को जेल में रखकर और 26वें और 27वें संशोधन के ज़रिए अपने मकसद हासिल कर लिए हैं, तो सवाल उठता है कि इमरान खान आज भी जेल में क्यों हैं?'
मिडिल ईस्ट में बढ़ी अमेरिकी फौज की तैनाती, क्या हमला करने वाला है US? तारीख भी आई सामने!
US Army in middle east:अमेरिका के KC-135 रिफ्यूलिंग टैंकर विमान भी जॉर्डर में तैनात कर दिए गए हैं. ये टैंकर हवा में लंबी दूरी तक उड़ान भरने वाले बॉम्बर्स में ईंधन भरते हैं. जॉर्डन में अमेरिकी फाइटर जेट्स की तैनाती के मायने क्या हैं. आपको ये भी समझना चाहिए.
काठमांडू के पूर्व मेयर बालेन शाह ने मैथिली में दिया पहला राजनीतिक भाषण
नेपाल के दक्षिणी मधेश प्रांत के जनकपुर शहर में बालेन शाह का पहला राजनीतिक भाषण सुनने के लिए सोमवार को भारी भीड़ उमड़ी
राज्य के विधायक ने सोमवार (19 जनवरी) को न्यूज एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस को बताया कि कडुना राज्य में अलग-अलग चर्चों में प्रार्थना सभा के दौरान बंदूकधारियों ने इस बड़ी वारदात को अंजाम दिया है. चर्च से अचानक 150 से भी ज्यादा श्रद्धालुओं के अपहरण के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है.
भारत-यूएई के बीच हुए अहम समझौते, 2032 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य: विदेश मंत्रालय
संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान की डेढ़ घंटे के आधिकारिक दौरे को विदेश मंत्रालय ने काफी बड़ा करार दिया है
ठंडा ग्रीनलैंड, गर्म राजनीति: अमेरिका रूस चीन आमने-सामने
ग्रीनलैंड को लेकर विश्व पटल पर भूचाल आया हुआ है। अमेरिका लगातार ग्रीनलैंड पर कब्जा करने की धमकी दे रहा है, तो वहीं डेनमार्क उसके खिलाफ डटकर खड़ा है
काबुल में भीषण धमाका, रेस्टोरेंट के उड़े परखच्चे; क्या निशाने पर थे चीनी नागरिक?
Shahr-e Naw blast:अफगानिस्तान की राजधानी काबुल के शहर-ए-नवा इलाके में जोरदार धमाका हुआ. तालिबान सरकार ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि इस घटना में कई लोग मारे गए और घायल हुए हैं.
ओपन सोर्स इंटेलिजेंस (OSINT) से जुड़ी रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका तेज़ी से अपने युद्धक विमानों, ईंधन भरने वाले टैंकर एयरक्राफ्ट और नौसैनिक पोतों को इस क्षेत्र की ओर भेज रहा है.इन तैनातियों के कारण यह अटकलें तेज़ हो गई हैं कि क्या अमेरिका ईरान के खिलाफ किसी बड़े गुप्त या अचानक सैन्य अभियान की तैयारी कर रहा है.
Iran Physical Assault During Protest: ईरान में पिछले कुछ दिनों से जनता सरकार के खिलाफ सड़कों पर प्रदर्शन कर रही है. इसको लेकर कई लोगों को हिरासत में भी लिया गया है.
ग्वाटेमाला के राष्ट्रपति बर्नार्डो अरेवालो ने देश में 30 दिनों के आपातकाल की घोषणा की है. राष्ट्रपति ने ये फैसला जेल दंगों और बढ़ते गैंगवार के बाद लिया है. बताया जाता है कि तीन जेलों में लगातार अशांति बढ़ रही थी.
यूक्रेन को अंधेरे में झोंकने की तैयारी? जेलेंस्की बोले- पुतिन डिप्लोमेसी नहीं, बमबारी चाहते हैं
Russia Ukraine War: रूस यूक्रेन जंग में अब एक और नया मोड़ आया है. कहा जा रहा है कि रूस अब यूक्रेन के पॉवर प्लांट्स को निशाना बना रहा है. ऐसे में यूक्रेन के अंधेरे में डूबने का खतरा पैदा हो गया है.
बालेन का यह फैसला न केवल काठमांडू की स्थानीय राजनीति, बल्कि पूरे देश की सियासी दिशा को प्रभावित करने वाला माना जा रहा है। खास बात यह है कि वह पूर्वी नेपाल के कोशी प्रांत स्थित झापा-5 निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ेंगे, जहां उनका मुकाबला सीधे-सीधे नेपाल के सबसे ताकतवर और अनुभवी नेताओं में गिने जाने वाले केपी शर्मा ओली से होगा।
ट्रंप के सख्त इमिग्रेशन नियमों को झटका! दो भारतीय शरणार्थियों की रिहाई का कोर्ट ने दिया आदेश
Indian Refugees California: कैलिफोर्निया में अमेरिका के फेडरल जजों ने इमिग्रेशन अधिकारियों को दो भारतीय नागरिकों को रिहा करने का आदेश दिया है. कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि बिना सुनवाई के उन्हें हिरासत में रखना शायद संवैधानिक प्रक्रिया का उल्लंघन है.
ब्रिटिश मीडिया पर फिर बरसेंगे प्रिंस हैरी! डेली मेल के खिलाफ कोर्ट में जंग, दांव पर करोड़ों
Legal battle against british tabloids: प्रिंस हैरी और छह हाई-प्रोफाइल लोग डेली मेल पर प्राइवेसी उल्लंघन का मुकदमा कर रहे हैं, जिसमें फोन हैकिंग और निजी जानकारी जुटाने के आरोप हैं. मुकदमा हाई कोर्ट में नौ हफ्तों तक चलेगा और हैरी को दूसरी बार गवाह बनकर पेश होना है.
frances embassy history: ला वे परिवार फ्रांस सरकार पर आरोप लगा रहा है कि उसने इराकी यहूदियों के खिलाफ बने कानूनों का फायदा उठाकर उनके मकान का अवैध लाभ उठाया और किराया देना बंद कर दिया है. मामला पेरिस की अदालत में सुनवाई के लिए गया है.
Khamenei: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने ट्रंप को चेतावनी दी है कि सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई पर हमला ईरान के खिलाफ पूरी तरह से जंग के बराबर होगा. राष्ट्रपति पेजेशकियन ने अमेरिका और उसके सहयोगी देशों को ईरान की आर्थिक समस्या और जनता की मुश्किलों के लिए जिम्मेदार भी ठहराया.
60 minutes report aired: 60 मिनट्स शो ने ट्रंप प्रशासन द्वारा साल्वाडोर की कुख्यात जेलों में डिपोर्टेशन पर एक रिपोर्ट बनाई थी जिसपर रोक लगा दी गई थी. जिसको एक महीने बाद रिलीज किया गया है.
64 साल के बाद सीरिया में होने जा रही पूरी शांति, कुर्द ताकतों के साथ सरकार ने किया कौन सा समझौता?
Ceasefire in Syria: सीरियाई सरकार और कुर्द नेतृत्व वाली डेमोक्रेटिक फोर्सेज ने सीजफायर पर सहमति दी है, जिससे रक्का और डेयर-एज-जोर प्रांत सरकार के कंट्रोल में आ गए हैं. समझौते से लंबे समय से जारी संघर्ष खत्म होने और बातचीत की उम्मीद बढ़ी है.
EU Tariffs On US: यूरोपीय यूनियन (EU) अमेरिका के खिलाफ बड़ा कदम उठाने पर विचार कर रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक EU अमेरिका पर करीब 93 अरब यूरो का टैरिफ लगा सकता है. इसके अलावा अमेरिकी कंपनियों की यूरोप के बाजार में एंट्री पर भी लिमिटेशन्स लगा सकता है. बताते हैं कि ऐसा क्यों है.
Spain Train: रविवार की शाम स्पेन में हुए ट्रेन हादसे में अब तक 21 लोगों की जान चली गई है और 100 से ज्यादा लोग जख्मी बताए जा रहे हैं. सवाल उठता है कि यूरोप जो सेफ और हाई टेक्नोलॉजी से जुड़ी ट्रेनों के लिए पहचाने जाता है, वहां ऐसा हादसा कैसे हो गया?
डोनाल्ड ट्रम्प को राष्ट्रपति पद की शपथ लिए एक साल पूरे हो रहे हैं। इस दौरान ट्रम्प ने 7 देशों पर सैन्य हमले किए, वेनेजुएला के राष्ट्रपति को तो घर से उठवा लिया, दर्जनों देशों पर अनाप-शनाप टैरिफ लगाए, राष्ट्राध्यक्षों को बेइज्जत किया और पूरे पश्चिमी हिस्से पर खुला दबदबा जताया। सवाल सिर्फ इतना नहीं कि ट्रम्प क्या कर रहे हैं, सवाल यह है कि क्यों कर रहे हैं? क्या यह सब उनकी सनक है या अमेरिका की गिरती इकोनॉमी और बदलते वर्ल्ड ऑर्डर में ताकत बचाने की एक सोची-समझी रणनीति? मंडे मेगा स्टोरी में ट्रम्प के फैसलों की पूरी डिकोडिंग... ***** ग्राफिक्स: अजीत सिंह और अंकित द्विवेदी ------ ट्रम्प से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए... ट्रम्प के पास अब सबसे बड़ा ऑयल रिजर्व, क्या बेचेंगे वेनेजुएला का तेल; भारत में कब सस्ता होगा पेट्रोल-डीजल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ऐलान किया है कि अब वेनेजुएला की सत्ता अमेरिका चलाएगा और उसके तेल भंडार में निवेश करेगा। ट्रम्प ने ये बात वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को पकड़ने के बाद कही। ट्रम्प का दावा है कि उसका कब्जा अब दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडार पर है, जिसकी कीमत करीब 1557 लाख करोड़ रुपए है। पूरी खबर पढ़िए...
इस बोर्ड में शामिल होने के लिए दुनिया के करीब 60 देशों को आमंत्रण भेजा गया है, जिनमें भारत भी शामिल है। हालांकि आधिकारिक तौर पर इसका उद्देश्य गाजा संकट का समाधान बताया जा रहा है, लेकिन राजनयिक हलकों में इसे कहीं अधिक व्यापक और दूरगामी प्रभाव वाला कदम माना जा रहा है।
'पुलिस ने हमें मारपीट कर जबरदस्ती बांग्लादेश भेज दिया। हमारे पास यहां पर न खाने-पीने के लिए कुछ है और न रहने की जगह। हम बहुत तकलीफ में हैं, हमें किसी तरह यहां से निकाल लो वरना मर जाएंगे। हमें भारत लौटना है। मेरे बच्चे भी पास नहीं हैं।' 65 साल की अलकन बीबी बांग्लादेश से फोन कर रिश्तेदारों से मदद मांग रही हैं। 8 दिसंबर को ओडिशा पुलिस ने अलकन और उनके पति शेख जब्बार समेत परिवार के 14 लोगों को हिरासत में ले लिया। उन्हें कई हफ्तों तक कस्टडी में रखा गया। फिर 26 दिसंबर को पश्चिम बंगाल से नदिया जिले के रास्ते बांग्लादेश भेज दिया गया। रिश्तेदारों का कहना है कि दस्तावेज न होने पर बांग्लादेश के सुरक्षाबलों ने सभी को भारत लौटा दिया था, लेकिन BSF ने उन्हें दोबारा बांग्लादेश पुशबैक कर दिया। इन सबके बीच 5 लोग परिवार से बिछड़ भी गए हैं। जबकि बाकी के 9 लोग अब भी बांग्लादेश के सिलहट में हैं। पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम में रहने वाली जब्बार की बहन रहिमा उनकी वापसी के लिए लड़ाई लड़ रही हैं। वे दावा करती हैं कि कई दशक से उनके भाई का परिवार ओडिशा में है। वे वहां के रजिस्टर्ड वोटर हैं। उनके पास आधार कार्ड, राशन कार्ड और 60 साल पुरानी जमीन के डॉक्यूमेंट भी हैं। फिर भी पुलिस उन्हें घुसपैठिया बता रही। वहीं पुलिस इस मामले में कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। दैनिक भास्कर की टीम ने पश्चिम बंगाल में शेख जब्बार के रिश्तेदारों से बात कर पूरा मामला समझा। भाभी फोन रोकर कह रहीं, हमें बचा लो नहीं तो यहां मर जाएंगे रहिमा पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम के आमडातल्ला गांव में रहती हैं। बड़े भाई की मौत हो चुकी है। उनके बाकी दो भाई ओडिशा के जगतसिंहपुर में रहते हैं। सभी राजमिस्त्री, फेरी और कबाड़ी का काम करते हैं। रहिमा बताती हैं, ‘तीनों भाई कई साल पहले ओडिशा जाकर बस गए थे। वहीं तीनों का कामकाज था और वहीं मकान भी बना लिया था। उनके बच्चे भी वहीं बड़े हुए।‘ ‘पिछले महीने मेरे भाई शेख जब्बार और उसके परिवार को पुलिस ने बांग्लादेश भेज दिया। जिसमें 5 छोटे बच्चे और 90 साल की बुजुर्ग भाई की सास भी हैं। मुझे जबसे इस बारे में पता चला है, परेशान हूं। रोने के अलावा और कर भी क्या सकती हूं। पति की मौत हो चुकी है। लड़के बाहर काम करते हैं। मैंने देवरानी के बेटे रहुम्मीन से इस मामले में मदद मांगी है।’ रहिमा बताती हैं, रहुम्मीन ने भाई के परिवारवालों से बात की है। मैंने भाभी की रिकॉर्डिंग सुनीं। रो-रोकर उनका बुरा हाल है। वो बस यही कह रही हैं कि हमें बचा लो नहीं तो यहां मर जाएंगे। ’हमारा परिवार पश्चिम बंगाल के साउथ 24 परगना में नामखाना ब्लॉक के शिवरामपुर ग्राम पंचायत के पातीबुनिया में रहता था। गांव में कुनबे के कुछ ही लोग बचे हैं। गांव की जमीन के कागज भी उन्हीं के पास हैं।’ भाई के परिवार को बांग्लादेश भेजे जाने के बारे में कैसे पता चला? इसके जवाब में रहिमा कहती हैं, ‘दिसंबर में मेरे भाई की बहू ने मुझे फोन किया था। उसी ने बताया था कि पुलिस परिवार के लोगों को थाने ले गई है। उनके साथ बहुत मारपीट भी की जा रही है। इन सबके बाद भी हम ये नहीं समझ पाए थे कि पुलिस उन्हें बांग्लादेश भेज देगी।‘ बांग्ला बोलने वालों को परेशान कर रही BJP सरकाररहिमा के भतीजे रहुम्मीन खान बताते हैं, ‘ओडिशा में BJP सरकार आने के बाद से ही बांग्ला बोलने वालों को परेशान किया जा रहा है। मामा शेख जब्बार का परिवार 1970 के बाद से ही ओडिशा में रह रहा है। वहां की वोटर लिस्ट में उनका नाम भी है। फिर भी उन्हें बांग्लादेश भेज दिया।‘ ‘ओडिशा पुलिस ने पहले उन लोगों को गिरफ्तार करके जगसिंहपुर पुलिस स्टेशन में रखा। फिर BSF को सौंप दिया। इसके बाद BSF ने उन्हें नदिया जिले के रास्ते बांग्लादेश भेज दिया। जब परिवार बांग्लादेश के चुआडांगा में था, तभी हमें न्यूज से उनके बारे में पता चला।‘ ‘बांग्लादेश में जब सुरक्षा बलों ने उनसे डॉक्यूमेंट्स मांगे तो वे कुछ दे नहीं सके। इसलिए 27 दिसंबर को बांग्लादेश ने शेख जब्बार और उनके परिवार को फिर भारत भेज दिया। उनके पास फोन भी नहीं है। तब इतनी ठंड में वो सब जीरो माइल्स हेली बॉर्डर पर बैठे रहे, जो BSF के अधिकार क्षेत्र में आता है।‘ ‘हमें जैसे ही इस बारे में पता चला तो हमने हेली पुलिस स्टेशन में फोन किया और बताया कि वो सब लोग भारतीय हैं। हमारे पास उनके दस्तावेज भी हैं। इन्हें फिर बांग्लादेश न भेजा जाए।‘ बांग्लादेश ने लौटाया तो BSF ने फिर पुशबैक कियारहुम्मीन आगे बताते हैं, ‘बंगाल पुलिस ने बताया कि केस BSF के पास है इसलिए वो इस मामले में कुछ नहीं कर सकते हैं। अगर कोई शिकायत की गई होती तो पुलिस इस मामले को देखती। इसके बाद रहुम्मीन ने BSF के अधिकारी से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन कोई बात नहीं हो सकी।’ ’BSF ने फिर परिवार को बांग्लादेशी बताकर अपनी कस्टडी में ले लिया। उन्हें असम और मेघालय के बॉर्डर से फिर बांग्लादेश के चट्टोग्राम भेज दिया गया। ये बात लगभग 20 दिन पहले की है। तभी उनसे हमारी आखिरी बार बात हुई थी और पता चला था कि वो अभी बांग्लादेश के सिलहट में हैं।’ रहुम्मीन आगे बताते हैं, ’मेरी मामी लगातार रोते हुए कह रही थीं कि हमें बचा लो हम भारतीय हैं। वहां उन्हें खाना-पीना तक नहीं मिल रहा है। उनके साथ 90 साल की एक बुजुर्ग महिला हैं, वो तो अब चल-फिर भी नहीं पा रही हैं। न उनके पास रुपए-पैसे हैं और न ही रहने की जगह है। पूरा परिवार सड़क पर पड़ा है और लोगों से खाना मांग कर पेट भर रहा है। एजेंट बॉर्डर पार कराने के नाम पर 2 लाख रुपए मांग रहे हैं, लेकिन हम उन्हें पहचानते नहीं तो पैसे कैसे दे दें।’ ’इसके बाद हमारी भी हिम्मत टूटने लगी, लेकिन बंगाल सरकार से कोई मदद नहीं मिल रही है। प्रवासी मजदूरों के लिए काम करने वाली एक संस्था से हमें कानूनी तौर पर मदद मिली है। मैंने सबसे पहले मामा के गांव की पंचायत से वंशावली के कागजात बनवाए। कोर्ट से जो एफिडेविट बनवाने थे, वो बनवाए। हमारे पास बंगाल में 1962 की जमीन के कागज हैं, जिसमें मामा के पिता और चाचा का हिस्सा लिखा हुआ है।’ रहुम्मीन आगे बताते हैं, ‘हमारे पास जरूरी सरकारी दस्तावेज भी हैं। मामा शेख जब्बार का ओडिशा की 2002 की वोटर लिस्ट Or-05-039154197 में भी नाम है। हालांकि इसमें पिता का नाम गलत लिख गया था, जिसे एफिडेविट से सही करवाया गया है। मामा और उनका परिवार ज्यादा पढ़ा लिखा नहीं है, इसलिए डॉक्यूमेंट्स को लेकर ज्यादा जानकारी नहीं है।‘ सरपंच बोलीं- शेख के खानदान वाले आज भी गांव में रह रहेहमने जमीन की जानकारी पुख्ता करने के लिए गांव की सरपंच रचना सरकार से भी बात की। वो बताती हैं, ‘शेख पूचू (शेख जब्बार के पिता) का परिवार पात्तीबुनिया गांव में रहता था। परिवार के लोग कई साल पहले ओडिशा से चले गए, लेकिन खानदान के कुछ लोग आज भी गांव में रहते हैं। वंशावली बनवाने में मैंने ही परिवार की मदद की है। गांव नामखाना ब्लॉक के तहत आता है।‘ BSF अधिकारी बोले- कानूनी तौर पर डिपोर्ट किया जा रहाइस मामले को लेकर हमने जगतसिंहपुर के एसपी से इस बारे में जानने की कोशिश की, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। इसके बाद हमने सीमा पर मौजूदा हालात और अवैध बांग्लादेशियों की वापसी की प्रक्रिया समझने के लिए BSF के एक सीनियर अधिकारी से बात की। अधिकारी नाम न छापने की शर्त पर बात करने को राजी हुए। वे अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों को वापस भेजने को जटिल कूटनीतिक और कानूनी प्रक्रिया बताते हैं। अधिकारी कहते हैं, ‘जब किसी संदिग्ध को सीमा के पास के इलाकों से हिरासत में लेते हैं, तो सबसे पहले उसके दस्तावेजों की जांच की जाती है। अगर उनके पास से कोई वैध दस्तावेज नहीं मिलते हैं तो हम बॉर्डर गार्ड्स बांग्लादेश (BGB) के साथ तत्काल फ्लैग मीटिंग करते हैं। अगर घुसपैठिया सीमा पार करते वक्त ही पकड़ा जाता है और कोई गंभीर अपराध न करे तो आपसी सहमति से उसे तभी वापस भेज देते हैं, जिसे तकनीकी भाषा में पुशबैक कहा जाता है।‘ ‘देश के किसी भी राज्य में अवैध बांग्लादेशी पकड़े जाने पर अलग प्रक्रिया फॉलो होती है। इसके तहत डिपोर्टेशन की प्रक्रिया में बांग्लादेशी एंबेसी से नागरिकता की पुष्टि करनी जरूरी होती है। स्टेट पुलिस और इंटेलिजेंस के लोग अपने लोकल नेटवर्क और बोली के हिसाब से इन्हें पहचानते हैं।‘ बोली से पहचानने को लेकर अधिकारी बताते हैं, ‘भारतीय बंगाली और अवैध बांग्लादेशी की बोली में फर्क समझ आ जाता है। पकड़े जाने पर ये लोग अक्सर फर्जी आधार कार्ड या वोटर आईडी दिखाते हैं। हालांकि सिस्टम में उनका बैक-एंड वेरिफिकेशन होते ही पहचान सामने आ जाती है। अवैध दस्तावेजों के पाए जाने पर इन्हें अलग-अलग धाराओं के तहत जेल भेजा जाता है।‘ अब वापसी की प्रक्रिया काफी व्यवस्थित है। पश्चिम बंगाल के 24 परगना जिले में पेट्रापोल या त्रिपुरा के अखौरा जैसे अधिकृत इंटरनेशनल चेक पोस्ट के जरिए ही इन्हें कानूनी तौर पर डिपोर्ट किया जाता है। अधिकारी मानते हैं कि अवैध घुसपैठ रोकने में भी काफी सुधार हुआ है। वे बताते हैं, ‘हमने अब सीमा पर बॉर्डर इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस सिस्टम जैसी आधुनिक तकनीक का जाल बिछाया है, जिससे थर्मल इमेजरी के जरिए घने कोहरे और अंधेरे में भी बिना दस्तावेजों के घुसपैठ करने वालों को आसानी से ट्रैक कर लिया जाता है।‘ बांग्लादेश भेजी गईं सोनाली खातून SC के आदेश के बाद लौटींदिल्ली पुलिस ने बांग्लादेशी होने के शक में 18 जून को सोनाली खातून, पति दानिश और 8 साल के बेटे को एक पड़ोसी परिवार के साथ हिरासत में लिया। फिर उन्हें बांग्लादेश भेज दिया गया था। जिस वक्त सोनाली को बांग्लादेश भेजा गया, वे प्रेग्नेंट थीं। सोनाली के पास भी आधार कार्ड और पैन कार्ड जैसे जरूरी दस्तावेज थे। उनका घर पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में है। मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। 5 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बांग्लादेश में 162 दिन बिताने के बाद सोनाली और उनके बेटे को भारत लाया गया। सोनाली ने 5 जनवरी को बीरभूम के रामपुरहाट मेडिकल कॉलेज अस्पताल में बेटे को जन्म दिया। जिसे देखने TMC महासचिव अभिषेक बनर्जी भी गए थे। हालांकि सोनाली के पति दानिश शेख और एक अन्य बंगाली परिवार बांग्लादेश में ही है। वे अपनी नागरिकता साबित करने के लिए दस्तावेज जमा कर रहे हैं, जबकि कानूनी प्रक्रिया जारी है। ................... ये खबर भी पढ़ें... स्कैन कर बांग्लादेशी बताने वाली मशीन का सच क्या 23 दिसंबर की बात है। गाजियाबाद में कौशाम्बी थाने के SHO अजय शर्मा बिहारी मार्केट की झुग्गियों में पहुंचे। उनके साथ लोकल पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवान भी थे। अजय शर्मा टीम के साथ वहां रहने वालों की नागरिकता चेक करने लगे। SHO ने झुग्गी में रहने वाले 52 साल के मोहम्मद कैसर आलम से कागज दिखाने को कहा। पूछा कि कहां के रहने वाले हो, बांग्लादेशी तो नहीं हो। पढ़िए पूरी खबर...
ईरान में दो हफ्ते की उथल-पुथल के बाद हालात शांत, प्रदर्शनों में मरने वालों की संख्या पांच हजार हुई
ईरान में विरोध प्रदर्शन 28 दिसंबर को महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक बदहाली के खिलाफ शुरू हुए थे। शुरुआती दिनों में ये प्रदर्शन सीमित और शांतिपूर्ण थे, लेकिन कुछ ही समय में इनका स्वरूप बदल गया और नारे सीधे इस्लामिक शासन के खिलाफ लगने लगे।
ट्रंप को यूरोपीय देशों का करारा जवाब, कहा- धमकियों से डरनेवाले नहीं, ग्रीनलैंड बिक्री के लिए नहीं
यूरोपीय संसद की अध्यक्ष राबर्टा मेत्सोला ने कड़े शब्दों में स्पष्ट किया कि ग्रीनलैंड न तो बिक्री के लिए है और न ही उस पर किसी बाहरी दबाव से फैसला बदला जा सकता है। उन्होंने कहा कि ग्रीनलैंड की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करना अंतरराष्ट्रीय कानून और यूरोपीय मूल्यों का अनिवार्य हिस्सा है।
ट्रंप ने बाइडेन प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप, ऑटोपेन से साइन आदेशों को बताया गैरकानूनी
Donlad Trump: 28 नवंबर को ट्रंप ने कहा था कि बाइडेन के कार्यकाल में ऑटोपेन से साइन किए गए सभी दस्तावेज अब खत्म माने जाएंगे और वे लागू नहीं होंगे. उनकी तरफ से यह भी दावा किया गया था कि करीब 92 प्रतिशत दस्तावेज ऐसे हैं जो ऑटोपेन से साइन किए गए थे और बाइडेन ने उन्हें मंजूरी नहीं दी थी.
टैरिफ और ट्रेड डील की टेंशन के बीच ट्रंप को पड़ गई पीएम मोदी की जरूरत, वजह है गंभीर; भेजा न्योता
Trump Invites India: भले ही भारत और अमेरिका के बीच सालभर से खुला ट्रेड वॉर चल रहा है, इसके बावजूद ट्रंप, पीएम मोदी को अपना सच्चा दोस्त बताते आए हैं, टैरिफ पर टैरिफ की धमकियों के बीच व्हाइट हाउस ने पीएम मोदी को न्योता भेजा है.
Greenland Row: ट्रंप के नए टैरिफ बम का विरोध शुरू, फ्रांस जर्मनी ने खूब सुनाया; EU से की गई ये अपील
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह ग्रीनलैंड को खरीदने जा रहे हैं. हालांकि डेनमार्क की ओर से साफ और स्पष्ट शब्दों में कहा गया है कि ग्रीनलैंड बिकाऊ नहीं है. इस बीच जर्मन इंडस्ट्री ने अमेरिकी राष्ट्रपति की डिमांड को बेतुका बताया है.
Karachi Mall Fire: कराची के गुल प्लाजा मॉल में लगी भीषण आग, 6 लोगों की मौत
Karachi Gul Plaza mall: राहत कार्य के लिए फायर ब्रिगेड की दर्जनों गाड़ी मौके पर मौजूद हैं और सीढ़ियों के जरिए पानी की लाइन को ऊपर ले जाया जा रहा है. गुल प्लाजा मॉल में अधिकतर कपड़े और प्लास्टिक के सामान की दुकाने हैं जिसकी वजह से आग तेजी से फैल गई.
अमेरिका के मिनेसोटा राज्य के सबसे अधिक आबादी वाले शहर में इस समय इमिग्रेशन एजेंट्स की कथित मनमानी के खिलाफ प्रदर्शन उग्र होता जा रहा है. स्थिति से निपटने के लिए टागन ने लगभग 1,500 सक्रिय सैनिकों को मिनेसोटा में संभावित तैनाती के लिए तैयार रहने का आदेश दिया है.
ईरान में हुए हिंसक प्रदर्शन में कम से कम 5000 लोगों की मौत हुई है. मृतकों में 500 से अधिक सुरक्षाकर्मी भी शामिल हैं. सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने अमेरिका और इजरायल पर पर ईरान में अशांति फैलाने का आरोप लगाया है.
New Tallest Building in World: दुनिया में सबसे ऊंची बिल्डिंग का खिताब अभी तक बुर्ज खलीफा के नाम है.लेकिन अब आप इसे भूल जाइए. दुनिया में इससे भी ज्यादा ऊंची बिल्डिंग बनने जा रही है. जिसमें ऊपर से इंसान देखने के लिए आपको दूरबीन की जरूरत पड़ेगी.
EU's reaction to Trump's Greenland plan: ग्रीनलैंड पर कब्जे की ट्रंप के सनक के खिलाफ यूरोप के सारे देश एकजुट हो रहे हैं. अब स्पेनिश पीएम सांचेज ने कहा है कि ग्रीनलैंड पर अमेरिकी कब्जे से NATO को लगेगा झटका. अगर ऐसा हुआ तो पुतिन दुनिया के सबसे खुश इंसान होंगे.
बेटे की शादी में दिखा मरियम नवाज का ग्लैमरस लुक, सोशल मीडिया यूजर्स बोले- दुल्हन को भी पीछे छोड़ा
Maryam Nawaz: एक यूजर ने लिखा कि मरियम नवाज का दुल्हन की तरह सजने का जुनून कभी खत्म नहीं होगा.वहीं एक यूजर ने लिखा की मरियम नवाज दुल्हन से भी ज्यादा खूबसूरत लग रही हैं. इसके बाद एक यूजर लिखते हैं कि मरियम ने अपनी पहली बहू के साथ भी ऐसा ही किया था और वो फिर से ऐसा कर रही हैं.
U.S. foreign policy:डोनाल्ड ट्रंप, नॉन गाइडेड मिसाइल की तरह बरताव कर रहे हैं. उनके धुर विरोधी डेमोक्रेट्स आलोचकों का कहना है कि ट्रंप, खुद कंफ्यूज्ड हैं इसलिए ऊटपटांग फैसले ले रहे हैं. अमेरिका की पॉलिटिक्स के इतर कुछ एक्सपर्ट्स ट्रंप के ऊपर अमेरिका की छवि खराब करने का आरोप लगा रहे हैं.
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के व्यापार एडवाइजर पीटर नवारों ने एक बार फिर भारत के खिलाफ जहर उगला है. नवारों ने कहा कि भारत में एआई को बढ़ाने के लिए अमेरिकी पैसे का इस्तेमाल क्यों किया जा रहा है. इससे पहले भी उन्होंने भारत को लेकर कई बार विवादित बयान दिया है.
Heavy Snowfall News in Hindi: दिल्ली एनसीआर के लोग इन दिनों हाड़ कंपाने वाली ठंड से जूझ रहे हैं. लेकिन एक शहर में तो अति ही हो गई है. वहां पर पूरा शहर करीब 8-10 फुट गहरी बर्फ में समा गया है. इसके चलते रास्ते बंद हो गए हैं और इंसान अपने घरों में कैदी बन गए हैं.
गाजा पर इजरायल-अमेरिका में मतभेद, अमेरिकी समर्थित बोर्ड पर नेतन्याहू सरकार का कड़ा एतराज
प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि अमेरिका द्वारा गठित गाजा कार्यकारी बोर्ड की संरचना पर इजरायल को गंभीर आपत्ति है। हालांकि बयान में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि बोर्ड का कौन-सा पहलू इजरायल की नीति से सीधे टकराता है, लेकिन राजनीतिक और कूटनीतिक सूत्रों का मानना है कि इसकी मुख्य वजह तुर्किए की भागीदारी है।
किसी भी बैग और पैकेट पर नहीं लिखा जाएगा 'अल्लाह' का नाम, इस देश ने लगा दी पाबंदी
Saudi Arabia News: सऊदी अरब के कॉमर्स मिनिस्ट्री ने एक नया और कड़ा निर्देश जारी किया है. सऊदी अरब ने ऑफिशियली बैग, पैकेजिंग और दूसरी चीजों पर अल्लाह का नाम लिखने पर बैन लगा दिया है.
रात में 'लाल' हुआ यह देश! लोगों को डराने के लिए नहीं, बल्कि जान बचाने के लिए लिया गया यह बड़ा फैसला
Denmark Red Streetlights: जब रात के समय सड़कें अचानक लाल रोशनी में डूबी हुई दिखाई दें तो किसी भी इंसान को पल भर के लिए डर या फिर अजीब जरूर लगेगा. लेकिन डेनमार्क में यह बदलाव किसी खतरे का संकेत नहीं बल्कि किसी के जीवन की सुरक्षा से जुड़ा एक सोच-समझकर लिया गया फैसला है. कोपेनहेगन के पास एक इलाके में स्ट्रीटलाइट्स का रंग बदला गया है जहां टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर इंसानों के साथ जानवरों का भी ख्याल रखा जा रहा है.
'ग्रीनलैंड बिक्री के लिए नहीं...' ट्रंप की धमकी का EU अध्यक्ष ने दिया कड़ा जवाब; कह दी ये बात
Greenland Dispute:अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा ग्रीनलैंड को खरीदने की धमकी और 10% टैरिफ लगाने के बाद यूरोपीय संसद की अध्यक्ष रोबर्टा मेट्सोला ने विरोध जताया. मेट्सोला ने कहा कि ग्रीनलैंड बिक्री के लिए नहीं है और उसकी संप्रभुता का सम्मान किया जाना चाहिए.
US Air Strike: अमेरिका ने सीरिया में हवाई हमला कर अल-कायदा से जुड़े एक आतंकी बिलाल हसन अल-जसीम को मार गिराया. यह जवाबी कार्रवाई 13 दिसंबर के पल्मायरा हमले के बाद हुई जिसमें दो अमेरिकी सैनिक और एक सिविलियन मारे गए थे.
'हां, हजारों लोगों की मौत हुई लेकिन कारण हम नहीं US है', खामेनेई बोले- सुरक्षा बल अपना काम कर रहे थे
Khamenei on protests: ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई ने हाल के विरोध प्रदर्शनों में हजारों मौतों की बात स्वीकार की है, लेकिन जिम्मेदारी अमेरिका और विदेशी ताकतों पर डाली है. ट्रंप ने इसे खतरनाक नेतृत्व बताया और नए नेतृत्व की मांग की है.
ग्रीनलैंड पर अमेरिकी टैरिफ धमकियां अस्वीकार्य, यूरोप देगा एकजुट होकर जवाब: इमैनुएल मैक्रों
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका की तरफ से टैरिफ की धमकियों पर कड़ी आपत्ति जताई है
'ईरान में अब नई लीडरशिप का समय', डोनाल्ड ट्रंप ने की खामेनेई शासन को खत्म करने की मांग
ईरान में गहराते संकट के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर बड़ा बयान दिया है
US-Israel Relations: इजराइल ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा गाजा ‘बोर्ड ऑफ पीस’ के लिए उम्मीदवारों के चयन पर आपत्ति जताई है. इजराइल ने इसे अपनी नीति के विपरीत और समन्वयहीन बताया. जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने विदेश मंत्री गिदोन सार को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से संपर्क करने का निर्देश दिया है.
जापान-फिलीपींस की टैक्स फ्री गोला-बारूद डील क्या है? भारत के लिए राहत और चीन की कैसे बढ़ेगी बेचैनी
Japan Philippines deal: जापान और फिलिपींस के बीच नया रक्षा समझौता चीन के लिए चुनौती बन गया है. भारत के लिए ये फायदेमंद हैं, क्योंकि चीन की नौसेना का ध्यान अब भारत से हटकर जापान, फिलिपींस और ताइवान पर केंद्रित हो जाएगा.
Donald Trump: ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति पूरी तरह से अड़ गए हैं. अब उन्होंने बात न मानने के केस में EU को धमकी दी है. साथ ही कहा है कि अगर इसमें शामिल देश उनकी बात नहीं मानते हैं तो उनपर 10 प्रतिशत टैरिफ लगाया जाएगा, जिसपर फ्रांस के प्रेसिडेंट इमैनुएल मैक्रों ने ये बात कही है.
Greenland price 700 billion doller: अमेरिका की ग्रीनलैंड पर बढ़ती दिलचस्पी से वहां के लोग और सरकार चिंतित हैं, लेकिन ग्रीनलैंड ने साफ कर दिया है कि वह अमेरिका का हिस्सा नहीं बनना चाहता है. आज हम जानेंगे की अगर अमेरिका ग्रीनलैंड को खरीदता है तो कितनी कीमत चुकानी होगी.
55 साल का सफर, 31 साल महिला नेतृत्व; फिर भी बांग्लादेश में क्यों घटती जा रही महिलाओं की भागीदारी?
Bangladesh Election:बांग्लादेश में महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी लगातार घट रही है, जबकि देश में दो महिला प्रधानमंत्री रह चुकी हैं. आगामी आम चुनाव में अधिकांश राजनीतिक दलों ने महिला उम्मीदवार नहीं उतारे हैं. जानकारी के अनुसार,30 पार्टियों ने महिलाओं को टिकट नहीं दिया है. देश की बड़ी पार्टी जमात-ए-इस्लामी के 276 उम्मीदवारों में एक भी महिला प्रत्याशी नहीं है.
37 साल के शासन का होगा अंत! ईरान पर बोले ट्रंप- बस अब बहुत हो गया; डर नहीं, सम्मान से चलता है देश
New leadership in Iran: ईरान में जारी प्रदर्शनों के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने अयातुल्ला खामेनेई के शासन को खत्म करने की मांग करते हुए नए नेतृत्व की बात कही है. वहीं खामेनेई ने विरोध को विदेशी साजिश बताया है, जबकि निर्वासित राजकुमार रजा पहलवी ने जनता से बदलाव के लिए सड़कों पर उतरने की अपील की है.
मेरा नाम दीपक रावत है। 17 साल का हूं। मैं उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले के खनौली गांव का रहने वाला हूं। मैंने कुछ दिन पहले ही अपने बड़े भाई की चिता को आग दी। उस आग में सिर्फ उसका शरीर नहीं जला- मेरा आखिरी सहारा भी राख हो गया। मैं वहां खड़े-खड़े न रो पा रहा था, न चीख पा रहा था। मेरे अंदर जैसे कुछ बचा ही नहीं था। इससे पहले मैंने अपनी मां को खोया था। उससे पहले पिता को। फिर चाचा और अब भाई को। एक-एक करके टीबी ने मेरे पूरे परिवार को निगल लिया। मेरे सगे-संबंधी मुझे छूने से डरने लगे। उन्हें डर था के उन्हें भी टीबी हो जाएगी। इस धरती पर अब मेरा कोई सगा नहीं बचा है। हालांकि, भगवान ने एक-एक करके सब कुछ छीन लिया, लेकिन अंत में एक रिश्ता दे दिया…एक अजनबी विभोर जोशी के रूप में, जिन्हें अब मामा कहता हूं। उन्होंने मुझे गोद लिया है। उनके साथ कभी लगता ही नहीं के वो गैर हैं। दरअसल, हम एक छोटे से पत्थर के बने घर में रहते थे- मैं, मेरे पापा, मां, बड़ा भाई और चाचा। पापा खेती करते थे। उसी खेती से हमारे परिवार की जिंदगी चलती थी। लेकिन उस जिंदगी में सुकून कम, खौफ ज्यादा था। मुझे पापा की शक्ल याद नहीं है। जब उनकी मौत हुई, तब मैं बहुत छोटा था। मेरी मां बताती थीं कि पापा खेत से शराब पीकर घर आते थे। नशे में वह उनको अक्सर पीटते थे। मां एतराज करतीं, तो वह उन्हें पीटकर घर से बाहर निकाल देते। फिर वह रात दूसरे के घर गुजारती थीं। मेरे पास अपने पापा की बस इतनी ही याद है। इसके बाद टीबी ने हमारे घर में दस्तक दी। एक-एक करके सबको निगलती गई। पहले पापा को, फिर मां को, उसके बाद चाचा और आखिर में मेरे बड़े भाई को। मां बताती थीं कि पापा को टीबी हो गई थी। शुरू में सिर्फ खांसी थी। फिर खांसी के साथ खून आने लगा। गांव में कोई अस्पताल नहीं था, कोई डॉक्टर नहीं था। एक दिन अचानक पापा की हालत बहुत बिगड़ गई। खून की उल्टियां होने लगीं। मां घबरा गईं। अस्पताल लेकर भागीं, लेकिन अस्पताल पहुंचते-पहुंचते बहुत देर हो चुकी थी। वहीं पापा की मौत हो गई। आज से करीब 15 साल पहले। उस वक्त मैं मुश्किल से दो साल का था। मुझे अपने पापा की शक्ल तक याद नहीं। मेरे लिए अब मां ही पूरी दुनिया थीं। पापा के जाने के बाद घर की जिम्मेदारी चाचा ने संभाली। खेती-बाड़ी वही देखने लगे। मां पहले की तरह घर चलाती रहीं। लेकिन उस घर में टीबी की बीमारी फिर से लौटने वाली थी। 2017 की बात है। मां को खांसी रहने लगी। शुरू में किसी ने ध्यान नहीं दिया। पहाड़ में खांसी आम बात है, लेकिन तीन-चार महीने बीत गए और खांसी रुकने का नाम नहीं ले रही थी। मां दिन-ब-दिन कमजोर होती जा रही थीं। एक दिन वह हम दोनों भाइयों को बिना बताए अकेले ही शहर के डॉक्टर को दिखाने चली गईं। वहां डॉक्टर ने बताया- टीबी है। मां घर लौटीं, लेकिन उन्होंने हमसे कुछ नहीं बताया। वह बीमारी छिपाकर जीती रहीं। हमारे लिए खाना बनातीं, कपड़े धोती, घर संभालतीं। अस्पताल मीलों दूर था। दवाइयां कभी समय पर मिलतीं, कभी नहीं। मां कभी दवा खाती, कभी छोड़ देतीं। फिर एक दिन सब बिखर गया। मां की हालत अचानक बहुत खराब हो गई। हम उन्हें अस्पताल लेकर भागे। डॉक्टरों ने भर्ती कर लिया। उधर, मां का इलाज चलता रहा और हम कड़ाके की सर्दी में दोनों भाई अस्पताल की कैंटीन के बाहर भूखे बैठे रहते। एक दिन एक विभोर जोशी नाम के अजनबी हमसे मिलने आए। अब उन्हें मामा कहते हैं। दरअसल, कैंटीन का मालिक उनका दोस्त था। उसने ही मामा को बताया कि यहां यह दो बच्चे आए हैं और इनकी मां बीमार है। इन बच्चों के पास पैसे नहीं हैं। ये बिना खाए-पिए कैंटीन के बाहर पड़े रहते हैं। उस दिन मामा पहली बार मेरी मां से मिले। मां बिस्तर पर पड़ी थीं। चेहरा पीला पड़ चुका था। सांस भारी थी। मामा ने देखा और उनका मन पसीज गया। बाहर निकलकर उन्होंने कैंटीन वाले से कहा- इन दोनों बच्चों को रोज खाना देना और मां के लिए रोज दो उबले अंडे। पैसे की चिंता मत करना। उसी दिन से हमारी भूख का इंतजाम हो गया। महीनों बीत चुके थे। हमारा स्कूल छूट गया था। अस्पताल ही हमारा घर बन गया था। एक दिन मां ने मुझसे चाय लाने को कहा। मैं भागकर चाय लेकर आया। चाय का घूंट लेते ही उनको खून की उल्टियां होने लगीं। वह बिस्तर पर तड़पने लगीं। उन्होंने हमें पास बुलाया। आवाज बहुत धीमी थी। कहा- विभोर मामा को बुला लो। मामा आए। मां ने उनकी तरफ देखा और कहा- मेरा एक भाई है, लेकिन वह अब मुझसे मतलब नहीं रखता। आज से आप ही मेरे भाई हैं। अगर मुझे कुछ हो जाए, तो मेरे बच्चों को अकेला मत छोड़ना। मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था। मैं डॉक्टर को बुलाने भागा। डॉक्टर ने कहा- आ रहा हूं, लेकिन वह देर से आए। बहुत देर से। जब डॉक्टर कमरे में पहुंचे, तो हमें बाहर कर दिया गया। डॉक्टर ने कुछ दवाएं और इंजेक्शन दिया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। उसके तीसरे दिन ही मां की मौत हो गई। हमें समझ ही नहीं आ रहा था कि अब क्या करें। अस्पताल में मां का शरीर पड़ा था और बाहर हम दो बच्चे खड़े थे- बिल्कुल खाली हाथ। उसी वक्त जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर से आए गुरुद्वारे के कुछ लोग सामने आए। उन्होंने बिना कुछ पूछे मां के अंतिम संस्कार का पूरा खर्च उठाया। मामा ने उस दिन मेरे बड़े भाई के हाथों मां को मुखाग्नि दिलवाई। मां की चिता जल रही थी। आग की लपटें उठ रही थीं। तब मैं सिर्फ 9 साल का था। उसी चिता के पास मैं कंचे खेल रहा था। मुझे यह तक नहीं पता था कि मेरी मां अब कभी वापस नहीं आएगी। मुझे भूख लगी थी। मैंने मामा का हाथ खींचा और कहा- मुझे खाना चाहिए। मामा मुझे खाना खिलाने ले गए। अंतिम संस्कार के बाद मामा हमें अपने घर ले गए। उस दिन मामा के घर रातभर नींद नहीं आई। रात में बार-बार बिस्तर से उठकर बैठ जाता और मां को याद करके रोने लगता। मामा ने अपने ही घर मां की तेरहवीं की। लोगों को खाना खिलाया गया- पूरे रीति-रिवाज के साथ। मामा के घर में पहली बार मुझे अपनापन महसूस हुआ। मामा की पत्नी यानी मामी बैंक में नौकरी करती हैं, लेकिन घर में वह मां जैसी थीं। वह भी हमारा ख्याल करती हैं। नानी गरम-गरम खाना खिलाती और कहती थीं- अब से मैं तुम्हारी नानी हूं, डरने की कोई बात नहीं। धीरे-धीरे मुझे समझ आया- भगवान ने मुझसे एक घर छीन लिया था, लेकिन एक दूसरा घर दे दिया था। मामा के घर मैं कुछ दिन रहा। वह घर, जहां किसी ने पहली बार हमें बोझ नहीं, इंसान समझा। कुछ दिन बाद मामा हम दोनों भाइयों को लेकर मेरे गांव पहुंचे। शायद यह देखने कि अब हम वहां रह सकते हैं या नहीं, लेकिन गांव ने जवाब देने में देर नहीं की। उसी दिन पता चला कि मेरे चाचा को भी टीबी है। यह खबर फैलते ही गांव वालों का व्यवहार बदल गया। गांव के कुछ लोग मामा के लिए चाय बनाकर लाए, लेकिन हमें चाय नहीं दी गई। हम दोनों एक कोने में खड़े रहे। लोगों को डर था- ‘अगर हम उनके बर्तन में चाय पिएंगे, तो उन्हें भी टीबी हो जाएगी।’ उस वक्त मामा ने कुछ नहीं कहा। उन्होंने बस हमें देखा। और शायद उसी पल तय कर लिया कि यह गांव अब इन बच्चों का नहीं है। मामा उसी दिन वापस हमें अपने घर ले आए। उन्हें हमारी सिर्फ भूख या बीमारी की नहीं, हमारी पढ़ाई की भी चिंता थी। कुछ दिन हमें अपने पास रखा, हमें संभाला, फिर उन्होंने एक फैसला लिया- ताकि हम रोजमर्रा की जिंदगी में लौट सकें, मामा ने हम दोनों को एक हॉस्टल में रख स्कूल में दाखिला करवा दिया। ऐसी जगह, जहां हमारे साथ काफी बच्चे थे। हम हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करने लगे। जिंदगी जैसे एक नई पटरी पर दौड़ने लगी थी। इन सबके बीच विभोर मामा कभी हमें भूलते नहीं। फोन करके हाल-चाल पूछते हैं, मिलने आ जाते हैं। फिर एक दिन हॉस्टल में मेरे गांव से खबर आई। बताया गया कि मेरे चाचा की भी टीबी से मौत हो गई है। उस खबर ने मुझे अंदर से झकझोर दिया, लेकिन तब तक मैं यह भी नहीं जानता था कि टीबी की बीमारी क्या होती है। हॉस्टल में मुझे नहीं पता था कि मेरी जन्मतिथि क्या है। मामा को पता चला तो उन्होंने सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाए, कागजात ढूंढे, रजिस्टर खंगाले। कई दिनों की भागदौड़ के बाद एक दिन मामा आए और मुस्कुराते हुए बताया- ‘आज से तुम्हारा भी जन्मदिन होगा।’ उस दिन पहली बार मुझे पता चला कि मेरी जिंदगी की भी एक तारीख है। पिता, मां और फिर चाचा के जाने के बाद हॉस्टल में अब मेरा सहारा मेरा भाई ही था। वह मेरे कपड़े धोता, मेरे लिए खाना बनाता और मेरी पढ़ाई का ख्याल रखता। मां मेरे लिए जो करती थीं, वह सब अब मेरा भाई कर रहा था- बिना थके, बिना शिकायत किए। वह मुझसे बहुत प्यार करता था, लेकिन सख्ती भी रखता था। मैं जब कोई गलत काम करता, तो वह मुझे टोकता। मुझे याद है, मैं अक्सर गुस्से में कॉपी के कागज फाड़ देता था। वह यह देखकर भड़क उठता। डांटते हुए कहता- ‘उसी कॉपी में तो तू लिखेगा-पढ़ेगा। अगर कॉपी ही नहीं रहेगी, तो पढ़ेगा कैसे?’ कभी-कभी वह मुझे मार भी देता था। तब मुझे लगता था कि वह मुझसे नाराज है। आज समझ आता है- वह मुझे बचा रहा था। मुझे दूसरों पर पत्थर फेंकने की आदत थी। इस पर भी वह मुझे डांटता, रोकता, कभी हाथ उठा देता। वह चाहता था कि मैं वही न बनूं, जो हालात मुझे बना रहे थे। मेरी बदनसीबी यह थी कि जिस बीमारी ने मेरे मां-पापा और चाचा को छीना, वही बीमारी मेरे भाई के शरीर में भी पल रही थी- और मुझे इसकी भनक तक नहीं थी। एक दिन हॉस्टल की ओर से हमें घुमाने के लिए ले जाया गया। मेरा भाई भी मेरे साथ था। हम दोनों ने साथ-साथ कचौड़ियां खाईं। रात में हॉस्टल लौटकर हमने दाल-चावल खाया और सोने की तैयारी कर रहे थे। तभी अचानक मेरा भाई बेचैन होने लगा। अगले ही पल उसे तेज उल्टियां होने लगीं। शोर सुनकर एक टीचर भागती हुई पहुंचीं। वह तुरंत उसे लेकर अस्पताल भागीं। जाते वक्त उन्होंने मेरे सिर पर हाथ रखते हुए कहा- ‘डरो मत, भाई ठीक होकर जल्दी आ जाएगा। तुम यहीं हॉस्टल में रहो।’ भाई अस्पताल में भर्ती था। उस रात हॉस्टल का कमरा मुझे पहले से कहीं ज्यादा सूना लग रहा था। मैं पहली बार भाई के बिना सोने जा रहा था। डर लग रहा था। टीचर ने मेरी हालत देखी और उस दिन मुझे अपने साथ सुला लिया। उस रात मैं सोया तो था, लेकिन पहली बार अपने भाई के बिना। अगली सुबह डॉक्टरों ने कहा- सब ठीक है। उस दिन भाई अस्पताल से लौट आया। मुझे लगा- सब टल गया। कुछ दिन बीते। एक रात हम खाना खाने जा रहे थे। थाली उठाने ही वाले थे कि भाई अचानक झुक गया। फिर उल्टियां होने लगीं। वही डर, वही घबराहट। इस बार उसे श्रीकोट के अस्पताल ले जाया गया। मुझे भरोसा था- पिछली बार की तरह वह फिर लौट आएगा, लेकिन अगली सुबह हॉस्टल के कमरे में एक अजीब सी हलचल थी। मेरे भाई के कपड़े उठाए जा रहे थे। अलमारी खाली की जा रही थी। मैंने घबराकर टीचर से पूछा- ‘ऐसा क्यों कर रहे हैं?’ उन्होंने मुझे सीने से लगा लिया। देर तक कुछ नहीं बोलीं। फिर कहा- ‘तुम्हारे भाई की मौत हो गई है।’ मैं सुन्न सा हो गया। मां के जाने के बाद वही मेरा सब कुछ था। अब वह भी चला गया था। उस पल मुझे लगा- अब इस दुनिया में मेरा कोई नहीं। मैं रोते हुए अस्पताल पहुंचा। मेरा भाई सामने एक सफेद चादर में बंधा हुआ था। वही भाई, जो मुझे जगाता था, मेरा होमवर्क देखता था, रात में मेरे साथ सोता था। अब वह कुछ नहीं बोल रहा था। उस पल मुझे समझ आ गया- अब मेरे आगे-पीछे कोई नहीं बचा। मामा के साथ भाई का अंतिम संस्कार कर मैं वापस हॉस्टल लौट आया, लेकिन उस रात नींद मुझसे बहुत दूर थी। सच तो यह है कि कई रातों से मैं सोया ही नहीं था। मुझे मां की एक बात बार-बार याद आ रही थी। मरने से एक दिन पहले मां ने भाई के हाथ में मेरा हाथ दिया था और कहा था- छोटे का ख्याल रखना। उसे कभी अकेला मत छोड़ना। भाई उस वादे को निभा रहा था, लेकिन अब वह भी चला गया था। मैंने कभी सोचा नहीं था कि मैं अपने भाई की चिता को आग दूंगा। जब मामा को पता चला कि मैं हॉस्टल में रात भर जागता रहता हूं, तो वे एक दिन चुपचाप आए। मेरा हाथ पकड़ा और कहा- अब तुम अकेले नहीं रहोगे। और मुझे अपने घर लेकर चले आए। उस दिन के बाद से मामा ने मुझे कभी अकेला नहीं छोड़ा। वे मुझे हर जगह अपने साथ रखते हैं। अपने साथ बैठाकर खाना खिलाते हैं। मेरे सोने से लेकर जागने तक की हर चिंता करते हैं। वे मुझे जीना सिखा रहे हैं। उनसे मेरा कोई खून का रिश्ता नहीं है। फिर भी अब वही मेरी मां, मेरे पिता और मेरे भाई हैं। भगवान ने मुझसे बहुत कुछ छीन लिया, लेकिन एक रिश्ता ऐसा दिया, जिसने कभी यह महसूस नहीं होने दिया कि मैं अकेला हूं। (दीपक रावत ने अपने ये जज्बात भास्कर रिपोर्टर नीरज झा से साझा किए हैं) --------------------------------------------------- 1- संडे जज्बात- किन्नर हूं, लड़के ने मेरी मांग भर दी:पिता ने बाजार में पीटा, बाल काट डाले, लेकिन लड़का पीछे नहीं हटा- मुझे दुल्हन बनाया मेरा नाम सोनी है। पश्चिम बंगाल के बनगांव की रहने वाली हूं। मैंने खुद को हमेशा एक लड़की ही माना, लेकिन लोगों ने मुझे पहचान दी- किन्नर, हिजड़ा जैसे शब्दों से। लोग कहते थे, ‘न मां बन पाएगी, न किसी की दुल्हन… फिर इसके जीने का क्या मतलब?’- पूरी स्टोरी यहां पढ़ें 2- संडे जज्बात-दोस्त की प्रेमिका प्रेग्नेंट हुई, रेप केस मुझपर चला:पंचायत ने 6 लाख में सौदा किया- 5 साल जेल रहा, अब बाइज्जत बरी बिहार के दरभंगा जिले का रहने वाला मैं मुकेश कुशवाहा। मुझ पर 17 साल की लड़की के रेप और पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा चला। वो लड़की मेरे दोस्त की प्रेमिका थी। दोस्त ने उसे प्रेग्नेंट किया था, लेकिन मुकदमा मुझ पर चला। पूरी खबर यहां पढ़ें
27 अक्टूबर, 2024, तमिलनाडु के विल्लुपुरम जिले के विक्रवंडी की सड़कें लोगों से भरी थीं। इतनी गाड़ियां आईं कि ट्रैफिक जाम होने के डर से प्रशासन को टोल प्लाजा फ्री करने पड़े। पॉलिटिकल पार्टी बनाने के बाद साउथ फिल्मों के सुपरस्टार थलापति विजय इस दिन पहली रैली करने वाले थे। रैली में लाखों लोग पहुंचे। तेज धूप में कुर्सी सिर पर रखकर बैठ गए। थलापति विजय की जैसे फिल्मों में एंट्री होती हैं, इस रैली से वैसी ही एंट्री पॉलिटिक्स में हो गई। तमिलनाडु में अप्रैल-मई में चुनाव होने हैं। उससे पहले विजय की वजह से CM एमके स्टालिन की पार्टी DMK और कांग्रेस का गठबंधन खतरे में आ गया है। कांग्रेस ने DMK से 40 सीटें मांगी हैं, जिन पर पार्टी राजी नहीं है। कांग्रेस का एक धड़ा विजय के साथ जाने की वकालत कर रहा है। एक्सपर्ट मान रहे हैं कि ऐसा हुआ तो DMK को नुकसान होगा। BJP नेता अन्नामलाई ने भी विजय को साथ मिलकर चुनाव लड़ने का ऑफर दिया है। दोनों स्थितियों में फायदा BJP को होगा। पिछले विधानसभा चुनाव में सिर्फ 4 सीटें जीतने वाली BJP 22 सीटों पर बढ़त बना सकती है। विजय की फिल्म को राहुल गांधी का सपोर्ट, क्या स्टालिन को मैसेज विजय की एक फिल्म आ रही है जन नायगन, यानी जन नेता। सेंसर बोर्ड ने इसके कुछ डॉयलाग की वजह से सर्टिफिकेट नहीं दिया। आरोप है कि डॉयलाग में पॉलिटिकल कमेंट हैं, जिनसे विवाद पैदा हो सकता है। ये मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। जन नायगन विजय की आखिरी फिल्म है, इसके बाद वे पूरी तरह पॉलिटिक्स पर फोकस करेंगे। 13 जनवरी 2026 को कांग्रेस नेता राहुल गांधी तमिलनाडु में थे। इसी दौरान उन्होंने X पर लिखा- ‘फिल्म 'जन नायगन' को रोकने की केंद्र सरकार की कोशिश तमिल संस्कृति पर हमला है। मिस्टर मोदी आप तमिल लोगों की आवाज दबाने में कभी कामयाब नहीं होंगे।’ राहुल गांधी का कमेंट उस वक्त आया है, जब DMK और कांग्रेस के बीच विधानसभा चुनाव में सीट शेयरिंग पर खींचतान चल रही है। तमिलनाडु में विधानसभा की 234 सीटें हैं। कांग्रेस DMK से 40 सीटें मांग रही है। DMK उसे 25 से 30 सीटें देने पर ही राजी है। इससे नाराज तमिलनाडु कांग्रेस के नेता विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम यानी TVK के साथ गठबंधन करना चाहते हैं। राहुल गांधी का विजय की फिल्म को सपोर्ट करना, तमिलनाडु में कांग्रेस-DMK गठबंधन में पहली दरार माना जा रहा है। कांग्रेस ने विजय से हाथ मिलाया, तो BJP को फायदातमिलनाडु के पॉलिटिकल एक्सपर्ट जॉन जे केनेडी कहते हैं, ‘पिछले 50 साल में तमिलनाडु की द्रविड़ राजनीति ने नेशनल पार्टियों को बहुत पीछे धकेल दिया है। BJP हो या कांग्रेस, दोनों को यहां कि सियासत में पैर जमाने के लिए AIADMK और DMK से हाथ मिलाना पड़ा।' '2021 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की कामयाबी DMK के साथ गठबंधन की वजह से थी। चुनाव में DMK ने 133 सीटें जीती थीं। कांग्रेस को 18 सीटें मिलीं। कांग्रेस को DMK के कोर वोटर्स का साथ मिला। तमिलनाडु में कांग्रेस के पास न कैडर है, न ऐसी विचारधारा, जो तमिल वोटर्स को जोड़ सके। इसीलिए DMK उसे ज्यादा सीटें नहीं देना चाहती। ऐसे में राहुल गांधी का विजय की फिल्म को सपोर्ट करने के पीछे 3 मकसद हो सकते हैं।’ 1. विजय का भरोसा जीतने की कोशिश।2. राहुल ने DMK को मैसेज दिया कि तमिलनाडु में कांग्रेस के पास विजय भी विकल्प हैं।3. तमिल संस्कृति का विरोधी बताकर BJP पर निशाना साधा। तमिलनाडु में कांग्रेस अब भी DMK के साथ गठबंधन में है, लेकिन मंत्रिमंडल का हिस्सा नहीं है। 2021 के विधानसभा चुनाव में DMK ने सहयोगियों की मदद के बिना ही सरकार बनाई थी। सीनियर जर्नलिस्ट डॉ. बसवराज इटनाल कहते हैं, ‘विधानसभा चुनाव में थलापति विजय की एंट्री और कांग्रेस-DMK का गठजोड़ टूटने पर BJP को फायदा हो सकता है। खासकर उन 18 विधानसभा सीटों पर, जहां कांग्रेस पिछला चुनाव जीती थी। इनमें से ज्यादातर सीटों पर DMK का पारंपरिक वोट बैंक यानी द्रविड़, OBC, अल्पसंख्यक, शहरी मिडिल क्लास कांग्रेस के पक्ष में ट्रांसफर हुआ। ऐसे में DMK के बिना कांग्रेस के लिए दोबारा 18 सीटें जीतना नामुमकिन है।’ ‘6 सीटें ऐसी हैं, जहां विजय का प्रभाव है। यहां भी BJP फायदा ले सकती है। हालांकि, सीटों की संख्या बढ़ाने के लिए कांग्रेस का TVK के साथ जाना जोखिम भरा कदम भी हो सकता है। 10 सांसदों और 18 विधायकों को बनाए रखने के लिए उसे DMK के साथ रहना ही होगा।’ तमिलनाडु में BJP की 60 सीटों पर लड़ने की तैयारीBJP तमिलनाडु चुनाव में अपना पुराने रिकॉर्ड बेहतर करने के लिए हर दांव लगा रही है। 23 दिसंबर को प्रदेश अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन और NDA के नेताओं ने BJP के चुनाव प्रभारी पीयूष गोयल और अर्जुन राम मेघवाल के साथ बैठक की थी। पार्टी सोर्स बताते हैं कि बंद कमरे में हुई इस मीटिंग में सीट शेयरिंग और गठबंधन की सबसे बड़ी पार्टी AIADMK के साथ चुनाव जीतने की रणनीति पर बात हुई। तमिलनाडु BJP के एक सीनियर लीडर दैनिक भास्कर को बताते हैं कि पार्टी AIADMK से सीटों के बंटवारे पर मोलभाव कर रही है। 2021 में BJP 20 सीटों पर चुनाव लड़ी थी। इस बार हमने तय किया है कि इससे दोगुनी सीटों पर लड़ेंगे। BJP नेता आगे कहते हैं, 'पूर्व CM और AIADMK के जनरल सेक्रेटरी पलानीस्वामी चाहते हैं कि उनकी पार्टी 170 सीटों पर चुनाव लड़े। वे BJP को 23 सीटें देने को तैयार हैं, लेकिन BJP इस बार 60 सीटें मांग रही है। इस पर गृहमंत्री अमित शाह और पलानीस्वामी की दिल्ली में बातचीत हुई है। अब पलानीस्वामी NDA के सहयोगी दलों से बात करेंगे।' ‘हम थलापति विजय और कांग्रेस पर भी नजर बनाए हुए है। विजय की पार्टी कांग्रेस के साथ जाए या फिर DMK, विजय हमारे लिए बड़ी चुनौती नहीं हैं। हमारा ध्यान इन अटकलों पर जाने के बजाय DMK को हराने पर है।’ कांग्रेस-DMK में टूट पड़ी, तो BJP को कितना फायदा मिलेगा? सीनियर जर्नलिस्ट एन गोवर्धन इस सवाल का जवाब एक पुराने किस्से से देते हैं। वे कहते हैं, '2021 में मुझे कोलाचेल में नारियल का व्यापारी मिला। उसने बताया कि DMK कांग्रेस के साथ है। इसलिए चुनाव में कांग्रेस का उम्मीदवार जीतेगा।' 'मैंने उस व्यापारी से पूछा कि तुम ये बात इतने भरोसे से कैसे बोल सकते हो? व्यापारी ने कहा- वोट कांग्रेस को दे रहे हैं, लेकिन हमारा भरोसा तो स्टालिन पर है। वे कांग्रेस के साथ हैं, इसलिए बैलेंस बनाना पड़ेगा।’ गोवर्धन कहते हैं, ‘कोलाचेल सीट पर कांग्रेस केंडिडेट प्रिंस ने BJP के पी. रमेश को 24 हजार वोट से हराया था। अगर इस बार कांग्रेस स्टालिन का साथ छोड़ देती है, तो BJP यहां बढ़त बना सकती है। आप खुद समझ लीजिए कि कांग्रेस-DMK का गठबंधन टूटता है, तो सबसे ज्यादा नुकसान किसका होगा।’ एक्सपर्ट बोले- किसी भी पार्टी का अकेले बहुमत तक पहुंचना मुश्किल तमिलनाडु और साउथ की पॉलिटिक्स पर 25 साल से नजर रख रहे पॉलिटिकल एनालिस्ट टीएस सुधीर का मानना है कि तमिलनाडु में ऐसी कोई पार्टी नहीं है, जो इस बार बहुमत से सरकार बना सके। अगर चुनाव जीतना है तो राष्ट्रीय दलों को क्षेत्रीय पार्टियों से गठजोड़ करना ही पड़ेगा। हमने सुधीर से 3 सवाल पूछे...1. कांग्रेस-DMK गठबंधन में दरार आई, तो फायदा किसे मिलेगा?जवाब: BJP को फायदा होगा क्योंकि लोगों की DMK के खिलाफ धारणा बदलेगी। कांग्रेस का हर विधानसभा सीट पर छोटा ही सही, लेकिन वोट बैंक है। कड़े मुकाबले में यही मामूली अंतर निर्णायक साबित होता है। हालांकि, कांग्रेस तमिल पॉलिटिक्स में बड़ी खिलाड़ी नहीं है, इसलिए वोट बैंक के लिहाज से उसका असर बहुत ज्यादा नहीं होगा। सवाल 2: थलापति विजय का उभरना DMK और कांग्रेस में किसे ज्यादा असहज कर रहा है?जवाब: कांग्रेस का कैडर मानने लगा है कि पार्टी के तमिलनाडु में भविष्य और उसे नई एनर्जी के साथ खड़ा करने के लिए विजय के साथ जाना बेहतर रहेगा। उनका मानना है कि DMK कांग्रेस को बहुत कम सीटें देती है और सत्ता में भी हिस्सेदारी नहीं देती। सवाल 3: BJP को ज्यादा फायदा गठबंधन टूटने से होगा या विजय के राजनीति में आने से?जवाब: तमिलनाडु में BJP का कोई मजबूत वोटर बेस नहीं है। अकेले दम पर वह जीतने की स्थिति में नहीं है। उसका भविष्य AIADMK से होने वाले वोट ट्रांसफर पर टिका है। NDA को सीटें तभी मिलेंगी, जब वह DMK सरकार के खिलाफ गुस्से को भुना पाएगी। पॉलिटिकल पार्टियां क्या कह रहीं... DMK: तमिलनाडु की परंपरा, सत्ता में कभी हिस्सेदारी नहीं हुईDMK अलायंस गठबंधन टूटने के कयासों पर तमिलनाडु सरकार में राज्यमंत्री और सीनियर DMK लीडर आई पेरियासामी कहते हैं, ‘कांग्रेस को सत्ता में हिस्सेदारी मांगने का पूरा अधिकार है, लेकिन DMK की ऐसी कोई प्लानिंग नहीं है। तमिलनाडु की परंपरा रही है कि यहां कभी दो पार्टियों की हिस्सेदारी वाली सरकार नहीं बनी।’ कांग्रेस: सत्ता में हिस्सेदारी के लिए DMK से बात कर रहे कांग्रेस-DMK के बीच सीट शेयरिंग को लेकर चल रही खींचतान पर हमने तमिलनाडु कांग्रेस के स्टेट प्रेसिडेंट के. सेल्वपेरुंथगई से बात की। उन्होंने बताया, ‘हम चाहते हैं कि चुनाव जीतने के बाद हमारी पार्टी भी राज्य सरकार में हिस्सेदार बने। हम DMK से लगातार बात कर रहे हैं। आखिरी फैसला CM एमके स्टालिन और हमारे नेता राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ही लेंगे।’ BJP: DMK-कांग्रेस में एक-दूसरे से पीछा छुड़ाने की होड़ तमिलनाडु BJP के स्टेट स्पोक्सपर्सन नरायणन तिरुपाठी कहते हैं, ‘बीते 5 साल में DMK ने तमिलनाडु के लोगों को सिर्फ लूटा है। कांग्रेस ने भी देश के लिए कुछ नहीं सोचा। DMK अलायंस को लेकर तमिलनाडु में जबरदस्त गुस्सा है। इसलिए दोनों पार्टियां चुनाव से पहले एक-दूसरे से पीछा छुड़ाने के लिए ड्रामा कर रही हैं।’ क्या भविष्य में BJP विजय की पार्टी के साथ गठबंधन कर सकती है? नरायणन जवाब देते हैं, ‘तमिलनाडु के विकास के लिए अगर कोई भी पार्टी NDA में आना चाहती है, तो BJP उसका स्वागत करेगी। अगर थलापति विजय हमसे संपर्क करेंगे, तो उनके साथ काम करने को तैयार हैं।’ कितनी सीटों पर थलापति विजय का असरचेन्नई, कांचीपुरम, कोयंबटूर, करूर, मदुरै, तंजावुर और मईलापुर में विजय की अच्छी फैन फॉलोइंग है। चेन्नई: यहां विजय के फैन क्लब हैं। वे यहां शूटिंग भी करते रहे हैं। यहां युवा वोटर्स की संख्या अच्छी है। कांचीपुरम: यहां आईटी प्रोफेशनल्स और फर्स्ट टाइम वोटर्स ज्यादा हैं, जो विजय के फैन क्लब से जुड़े हैं। कोयंबटूर: यहां कांग्रेस और DMK की सीमित पैठ है। इस इलाके में विजय के करीबी रहते हैं। करूर: यहां 18 से 35 साल के वोटर्स सबसे ज्यादा है। विजय के फैन क्लब एक्टिव हैं। विजय यहां आकर फिल्म रिलीज और सोशल मीडिया कैंपेन जैसे इवेंट में शामिल हो चुके हैं। 27 सितंबर 2025 को करूर में ही विजय की रैली में भगदड़ से 39 लोगों की मौत हुई थी। .....................................ये ग्राउंड रिपोर्ट भी पढ़ें सबरीमाला मंदिर से चोरी 6 करोड़ का सोना कहां गया केरल के सबरीमाला मंदिर से चोरी हुए 4.5 किलो सोने को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। केरल पुलिस का दावा है कि चोरी में मंदिर प्रशासन और कई रसूखदार राजनीतिक चेहरे शामिल हो सकते हैं। इसमें बड़े इंटरनेशनल मूर्ति तस्करी रैकेट और अंडरवर्ल्ड नेटवर्क के शामिल होने का भी शक है। पढ़ें पूरी खबर...
बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमले जारी: 24 घंटे में दो और हत्याएं, एक महीने में 11 की मौत
बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के खिलाफ हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। बीते 24 घंटे के भीतर दो अलग-अलग जिलों में दो हिंदू नागरिकों की बेरहमी से हत्या कर दी गई।
ग्रीनलैंड समर्थक 8 यूरोपीय देशों पर ट्रंप ने ठोका 10% टैरिफ, नहीं तो 25% की भी चेतावनी
विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप का यह कदम अमेरिका और यूरोप के बीच पहले से मौजूद व्यापारिक तनाव को और गहरा सकता है। यूरोपीय संघ के कई देशों ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून और संप्रभुता के सिद्धांतों के खिलाफ बताया है।
पाकिस्तान–सऊदी रक्षा साझेदारी से मिडिल ईस्ट ही नहीं कई जगह हो सकता है असर, एक्सपर्ट ने चेताया
Saudi-Pakistan Military Ties: इस नए इंतजाम से पाकिस्तान को अपनी कमजोर आर्थिक स्थिति में राहत मिलेगी, वहीं सऊदी अरब को पश्चिमी देशों के महंगे विमानों के मुकाबले कम लागत वाला विकल्प आसानी से मिल जाएगा.
Iran US Tension News: ट्रंप की धमकियों से भी ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई नहीं डरे. वे शनिवार को कई दिनों बाद पब्लिकली दिखाई दिए और अमेरिका पर जमकर दहाड़े. ऐसा में सवाल उठ रहा है कि क्या अब अमेरिकी ताकत बेअसर हो गई है.
गाजा पर US-इजरायल का बड़ा गेम! मुस्लिम देशों को मोहरा बनाकर हमास को करना चाहते हैं निहत्था
US Gaza Peace Plan News in Hindi: गाजा पर नियंत्रण हासिल करने के लिए US-इजरायल अब बड़ा बड़ा गेम करने जा रहे हैं. हमास के निहत्था करने के लिए अब वे खुद गोलियां चलाने के बजाय मुस्लिम देशों को मोहरा बनाने की कोशिश कर रहे हैं.
Bangladesh News: लिटन मिठाई की दुकान पर काम करने वाले नाबालिग को बचा रहा था, उसी वक्त हमलावरों ने उस पर हमला बोल दिया. घटना का कारण 28 साल का मसूम मियां बना, जो सुबह के वक्त दुकान पर आया और वहां काम करने वाले नाबालिग के साथ खेत से तोड़े गए केले के पत्ते को लेकर लड़ाई करने लगा.
4 देश, ट्रंप की जिद और 2026, अभी से सच होने लगी बाबा वेंगा की ये सिंगल भविष्यवाणी?
Predictions for 2026:बाबा वेंगा ने 2026 को लेकर डरावनी भविष्यवाणियां की थीं. उन्होंने अपने मरने से काफी पहले 2026 को युद्ध और विनाश का साल बताया था. इस समय दुनिया में जैसी अशांति फैली है. 4 देशों में हाल बेहाल है, ट्रंप जिद पर अड़े हैं और पूरा साल बाकी पड़ा है. कहीं उनकी भविष्यवाणी सच होने की शुरुआत तो नहीं हो गई.
ग्रीनलैंड पर सपोर्ट न मिला तो नाटो से निकल जाएंगे ट्रंप? अमेरिकी राष्ट्रपति की नई धमकी
Greenland row: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड को अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अहम बताते हुए कहा कि अगर उनकी बात सुनी नहीं गई तो अमेरिका को नॉर्थ अटलांटिक ट्रीटी ऑर्गनाइजेशन से बाहर निकलने में देर नहीं लगेगी.
Bangladesh Violence Latest Updates: बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ इस्लामिक कट्टरपंथियों का आतंक जारी है. कट्टरपंथियों की भीड़ ने सिलहट जिले में एक हिंदू शिक्षक का घर जला दिया. लगातार बिगड़ती स्थिति पर ब्रिटिश सांसद ने सवाल उठाया है.
कानून बेअसर, कट्टरपंथ हावी: बांग्लादेश में एक और हिंदू का कत्ल, पैसे मांगने पर कट्टरपंथियों ने कुचला
Bangladesh News: बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार लगातार बढ़ता जा रहा है. अब राजबारी जिले के सदर उपजिला में एक हिंदू व्यक्ति को जानबूझकर गाड़ी से कुचलकर मार दिया गया. इस वारदात ने हर किसी को हिलाकर रख दिया है.
ईरान की सरकारी मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, सुरक्षा बलों ने देश के विभिन्न हिस्सों में कई और लोगों को हिरासत में लिया है। प्रदर्शनकारियों पर “राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे” में डालने जैसे गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं।
खूनखराबे और कोहराम के बीच वापसी... ईरान से लौटे भारतीयों ने क्या बताया, क्यों हो गए भावुक?
Indians Return from Iran: ईरान में बिगड़ते हालात को देखते हुए भारत सरकार की एडवाइजरी के बाद कई भारतीय नागरिक शुक्रवार देर रात ईरान से दिल्ली लौटे. लौटने वालों ने हालात को बेहद खराब बताया और कहा कि विरोध प्रदर्शन, इंटरनेट बंद होने और सुरक्षा चिंताओं के कारण मुश्किलें बढ़ गई थीं. उन्होंने सुरक्षित वापसी के लिए मोदी सरकार और दूतावास का आभार जताया.

