हम झुकेंगे नहीं... ईरान में विरोध-प्रदर्शनों के बीच खामेनेई का देश को संबोधन, अमेरिका को कड़ा संदेश
Iran Protest Against Goverment: ईरान में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन तेज हो गए हैं, लोग महंगाई, भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को लेकर सड़कों पर उतरे हैं. प्रदर्शन के बीच ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई का संबोधन सामने आया है.
What is Storm Goretti powerful bomb cyclone: यूरोप इस समय ‘वेदर बम’ कहे जा रहे तूफान स्टॉर्म गोरेटी से कराह रहा है. हवाएं 160 किमी/घंटा की रफ्तार से चल रही हैं, जिससे ब्रिटेन और फ्रांस में परिवहन व्यवस्था लगभग ठप हो गई है. हीथ्रो एयरपोर्ट पर भारी उड़ानें रद्द हैं, ट्रेनों पर ब्रेक और कई इलाकों में रेड अलर्ट जारी है. प्रशासन लोगों को घरों में रहने की सलाह दे रहा है.
ईरान की वो तीन खूबसूरत राजकुमारियां, जिन्होंने अमेरिका में बैठकर हिला दी खामेनेई की सत्ता
ईरान में क्या रजा शाह वाला दौर फिर लौटेगा? अमेरिका की धमकियों के बीच जिस तरह से शाह के बेटे रजा पहलवी एक्टिव हैं उससे प्रोटेस्ट बढ़ता ही दिख रहा है. ईरान में हो रहे प्रोटेस्ट में तीन खूबसूरत प्रिंसेस का बड़ा रोल है जिन्होंने अमेरिका में बैठकर ईरान के लोगों में सरकार के खिलाफ लोकतंत्र के लिए आशा पैदा की.
8 political killings In Bangladesh: बांग्लादेश में 13वें आम चुनाव से ठीक पहले राजनीतिक हिंसा चरम पर पहुंच गई है. 11 दिसंबर को चुनाव शेड्यूल आने के बाद से अब तक 8 बड़े नेता और एक्टिविस्ट मारे जा चुके हैं. अवामी लीग, BNP और जमात-ए-इस्लामी के लोग निशाने पर हैं. देखें सभी के नाम.
USA:वेनेजुएला, ईरान, सीरिया, नेपाल और बांग्लादेश में हालिया राजनीतिक बदलावों और विरोध आंदोलनों के बीच डीप स्टेट की चर्चा तेज हो गई है. सत्ता परिवर्तन और विदेश नीति में अचानक बदलावों को लेकर बाहरी ताकतों की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं. खासतौर पर वेनेजुएला में अमेरिकी प्रभाव और ईरान में सरकार विरोधी आंदोलनों ने इस बहस को और हवा दी है. आइए जानते है कि आखिर ये डीप स्टेट क्या होता है...
Protest in Iran: ईरान में सरकार के खिलाफ लोगों का विरोध प्रदर्शन जारी है. इस बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया है, जिसमें देखा जा सकता है कि एक महिला के मुंह से खून आ रहा है और वह सरकार के विरोध में नारेजाबी कर रही है.
US ने निकाल दी चीन की हेकड़ी, पास कर दिया फंडिंग बिल; निर्यात पर लगेगी सख्त पाबंदी
US-China Relations:अमेरिकी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स ने चीन को लेकर सख्ती बढ़ाने वाला फंडिंग बिल पास किया है. कानून के तहत निर्यात नियंत्रण, व्यापार नियमों का कड़ा पालन, सरकारी तकनीक खरीद पर रोक और अमेरिका-चीन सहयोग सीमित किया गया है. साथ ही इस बिल में सरकारी चीन यात्राओं की निगरानी, ऊर्जा और परमाणु सुरक्षा से जुड़े नए प्रावधान भी शामिल किए गए हैं.
Russian flagged oil tanker seized by US military:अमेरिका ने नॉर्थ अटलांटिक में रूसी झंडे वाले तेल टैंकर Marin(Bella 1) को जबसे कब्जे में लिया है, पूरी दुनिया में हाहाकार मचा है. अब सूचना आई है कि इस जहाज पर मौजूद 28 क्रू में से तीन भारतीय भी अमेरिकी कब्जे में हैं.
1952 का वो कानून जिसके दम पर ग्रीनलैंड ने ट्रंप को धमकाया; पहले मारेंगे गोली, बात बाद में होगी
Greenland Denmark: ग्रीनलैंड पर बढ़ते तनाव के बीच डेनमार्क ने चेतावनी दी है कि अमेरिकी हमले की स्थिति में उसके सैनिक बिना आदेश के गोली चला सकते हैं. रक्षा मंत्रालय के मुताबिक यह अधिकार 1952 के सैन्य नियमों के तहत अब भी लागू है. यह बयान ऐसे समय आया है जब डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड पर नियंत्रण के लिए सैन्य विकल्प की बात दोहराई है.
अमेरिका का वेनेजुएला पर नियंत्रण कई साल तक रह सकता है : ट्रंप
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वॉशिंगटन आने वाले कई वर्षों तक वेनेजुएला पर निगरानी बनाए रख सकता है और देश के विशाल तेल भंडार से तेल निकालता रहेगा
Trump paying Greenlanders to buy island for US: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड को लेकर नया विवादित प्लान तैयार किया है. रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप हर ग्रीनलैंडर को $10,000 से $100,000 तक ऑफर कर अमेरिका के साथ जुड़ने के लिए मनाने की सोच रहे हैं. जिसके बाद डेनमार्क और NATO देश इस प्रस्ताव को लेकर गंभीर चिंता में हैं. जानते हैं ट्रंप का प्लान.
अमेरिका ने दी हरी झंडी-भारत को मिलेगा वेनेजुएला का तेल
अमेरिका के व्हाइट हाउस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि अमेरिका एक नए कंट्रोल्ड फ्रेमवर्क के तहत भारत को वेनेजुएला से कच्चा तेल खरीदने की अनुमति देने के लिए तैयार है
सीजफायर के बाद बड़ा खेल, लेबनानी सरकार ने हिज्बुल्लाह की ताकत पर लगाया ब्रेक, छीने हथियार
Lebanon: सीजफायर के बाद अब लेबनानी सरकार स्थिति सही करने की कोशिश में है, इसके तहत अब सरकार गैर-सरकारी हथियारों को अपने कंट्रोल में लेने के लिए अभियान चला रही है. जिसे हिज्बुल्लाह से जोड़कर देखा जा रहा है.
Senator Graham warns Iran Supreme Leader:अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को सीधी धमकी दी कि अगर प्रदर्शनकारियों पर जुल्म जारी रहा, तो ट्रंप उन्हें मार देंगे. ईरान में आर्थिक संकट से बड़े विरोध हो रहे हैं, दर्जनों मौतें हुईं हैं.
अमेरिकी डेल्टा फोर्स के हेलिकॉप्टर जैसे ही वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो के सुरक्षित ठिकाने के पास पहुंचे, जमीन से भारी फायरिंग होने लगी। एक MH-47 चिनूक हेलिकॉप्टर और उसके फ्लाइट लीडर को गोली लग गई। इस एक पॉइंट पर मिशन नाकाम हो सकता था। अगर हेलिकॉप्टर गिरता, तो अमेरिकी सैनिक दुश्मन शहर में फंस जाते। 3D, मैप और AI के जरिए देखिए अमेरिका के ऑपरेशन 'एब्सोल्यूट रिजॉल्व' की पूरी कहानी। वीडियो देखने के लिए ऊपर तस्वीर पर क्लिक कीजिए…
तारीख 7 जनवरी, वक्त रात के 1 बजे। पुरानी दिल्ली सो रही थी, तभी 32 जेसीबी और बुलडोजर तुर्कमान गेट की गलियों में दाखिल हुए। हाईकोर्ट के आदेश पर फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास 36,400 वर्ग फीट में बने एक बंद पड़े बारात घर और प्राइवेट क्लिनिक के अलावा पार्किंग ढहाने की तैयारी थी। जेसीबी चलनी शुरू हुईं, तभी भीड़ जुट गई। MCD के स्टाफ और पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। 5 पुलिस वाले घायल हो गए। पुलिस ने हालात संभाले और MCD के अमले ने कब्जे तोड़ दिए। दो दिन बीत गए, तुर्कमान गेट के आसपास पुलिस तैनात है। रैपिड एक्शन फोर्स के जवान गश्त कर रहे हैं। गलियों में बैरिकेडिंग हैं। दुकानें भी दो दिन से बंद हैं। फैज-ए-इलाही मस्जिद की मैनेजिंग कमेटी का दावा है कि जिस जमीन पर कार्रवाई की गई है, वह 100 साल से ज्यादा पुरानी नोटिफाइड वक्फ संपत्ति है। दैनिक भास्कर ने कमेटी के जनरल सेक्रेटरी मतलूब करीम, मस्जिद की तरफ से पैरवी कर रहे वकील इरशाद हनीफ और वक्फ बोर्ड की वकील फरहत जहान रहमानी से बात की। इससे समझ आया कि पूरा मामला कागजों की वजह से उलझा है। मस्जिद के पास उस जमीन के कागज नहीं हैं। मस्जिद कमेटी का दावा- 1913 के पेपर में 3 बीघा 17 बिस्वा जमीन का जिक्रमस्जिद कमेटी के जनरल सेक्रेटरी मतलूब करीम से हमने फोन पर बात की। जमीन के कागजों पर वे कहते हैं, ‘पेपर जमा करने की जिम्मेदारी वक्फ बोर्ड की थी। वक्फ बोर्ड दिल्ली सरकार के तहत आता है। दिल्ली सरकार में अभी कौन लोग हैं, आप जानते हैं। वे 1913 के पेपर नहीं दिखा रहे हैं, जिसमें 3 बीघा 17 बिस्वा जमीन का जिक्र है। उन्होंने सिर्फ 1940 का पेपर दिखाया, जिसमें 0.195 एकड़ जमीन के बारे में लिखा है।’ दरअसल, MCD कमिश्नर ने 22 दिसंबर के अपने आदेश में कहा था कि 1940 में बनी डीड के तहत मिली 0.195 एकड़ ज़मीन के अलावा मस्जिद कमेटी और वक्फ बोर्ड के पास बाकी जमीन पर मालिकाना हक नहीं है। मतलूब करीम मस्जिद के बाहर की जमीन के मालिकाना हक या पेपर की बात वक्फ बोर्ड की तरफ मोड़ देते हैं। वे कहते हैं कि कमेटी ने MCD को सारी बातें बताई थीं। हमारे पास जो डॉक्यूमेंट्स थे, हमने दे दिए। बाकी के लिए हमने समय मांगा था, लेकिन हमें समय ही नहीं दिया गया। वक्फ बोर्ड की वकील बोलीं- नहीं पता मस्जिद कमेटी ने कौन से कागज जमा किएहमने जमीन विवाद पर दिल्ली वक्फ बोर्ड की तरफ से कोर्ट में पेश हुईं वकील फरहत जहान रहमानी से बात की। वे कहती हैं, ‘दो साल से बोर्ड नहीं है, यानी अभी कोई पैनल नहीं है। पैनल की गैर-मौजूदगी में जिन्हें सीईओ बनाया गया था, वे भी रिटायर हो चुके हैं।’ ‘अभी कोई अधिकारी नहीं है, जो फाइल को मंजूरी दे। वक्फ बोर्ड की लीगल सेल से कोई निर्देश नहीं आता है, तब तक हम कोई फाइल जमा नहीं कर सकते। मुझे नहीं पता कि मस्जिद की मैनेजिंग कमेटी ने सुनवाई के दौरान कौन से पेपर जमा किए थे।’ मस्जिद कमेटी के वकील बोले- कोर्ट ने रोक लगाई थी, कार्रवाई मनमानीफैज-ए-इलाही मस्जिद कमेटी की तरफ से हाईकोर्ट में केस लड़ रहे सीनियर वकील इरशाद हनीफ भी दावा करते हैं कि जिस जमीन पर कार्रवाई की गई, वह वक्फ की है। वक्फ कानून की धारा-83 में प्रावधान है कि वक्फ की जमीन पर विवाद हो, तो उस पर वक्फ ट्रिब्यूनल ही फैसला ले सकता है। इरशाद आगे कहते हैं, ‘सेव इंडिया फाउंडेशन ने इस जमीन पर याचिका लगाई थी। 12 नवंबर, 2025 को याचिका लिस्ट हुई और उसी दिन हाईकोर्ट ने कहा कि अगर ये वक्फ की जमीन है, तो उन्हें सुनवाई का मौका दिया जाए। MCD के डिप्टी कमिश्नर ने दो बार सुनवाई की।’ ‘मस्जिद कमेटी ने डॉक्यूमेंट देने के लिए उनसे एक महीने का समय मांगा था। उन्होंने कहा कि 24 घंटे का समय देंगे। इसके पीछे क्या मकसद था, समझ नहीं आया। इसके बाद 22 दिसंबर को आदेश आ गया कि मस्जिद के बाहर की जमीन MCD की है।’ इरशाद कहते हैं, ‘हाईकोर्ट ने 6 जनवरी को कहा था कि मामले पर विचार करने की जरूरत है। फिर क्या जल्दबाजी थी कि आधी रात तोड़फोड़ शुरू कर दी। नोटिस तक नहीं दिया गया। हाईकोर्ट ने जो कहा था, मैं उसे एक तरह से रोक मानता हूं।’ ‘हाईकोर्ट ने सुनवाई पूरी करने के लिए तीन महीने का समय दिया था। ये समय 12 फरवरी 2026 को पूरा होता। हमने MCD के डिप्टी कमिश्नर से एक महीने का वक्त मांगा, जो हमें नहीं दिया गया। आप हमें दस्तावेज जमा करने के लिए सिर्फ 24 घंटे का समय दे रहे हैं। ये तो गलत है।’ इरशाद बताते हैं, ‘1940 के समझौते के तहत लैंड एंड डेवलपमेंट ऑफिस ने करीब 900 गज जमीन मस्जिद को ट्रांसफर की थी। उसके बाहर 3 बीघा 17 बिस्वा जमीन कब्रिस्तान की है। यहीं तबलीगी जमात का मरकज चलता है। मस्जिद के बाहर के पूरे हिस्से को ढहा दिया गया है।’ ‘सुप्रीम कोर्ट ने 13 नवंबर, 2024 को फैसला दिया था, जिसमें कार्रवाई के नियम तय किए गए थे। जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस केवी विश्वनाथन की बेंच ने आदेश दिया था कि डिमॉलिशन की प्रक्रिया देर रात या तड़के सुबह नहीं की जा सकती है। MCD ने इसका उल्लंघन किया है। रात में 2 बजे पुलिस तैनात करके बुलडोजर चलाया गया।’ कब्जे के खिलाफ याचिका लगाने वाले प्रीत सिरोही की बात ‘देश में कराची-लाहौर बन गए हैं, जब तक मैं हूं, इन्हें रहने नहीं दूंगा’प्रीत सिंह सिरोही का दावा है कि फैज-ए-इलाही के आसपास की जमीन का मालिकाना हक PWD और MCD के पास है। दिल्ली में रहने वाले प्रीत सिरोही सेव इंडिया फाउंडेशन नाम की संस्था चलाते हैं और सरकारी जमीन पर कब्जा करके बनाई मस्जिद, मजार, दरगाह और कब्रिस्तान के खिलाफ अभियान चला रहे हैं। प्रीत सिरोही देशभर में 2500 से ज्यादा और दिल्ली में 275 इस्लामिक स्ट्रक्चर्स के खिलाफ पिटीशन डाल चुके हैं। इसके लिए दिल्ली में 37 वकीलों की टीम बनाई है। उनके पास ऐसे मामलों की लंबी लिस्ट है। अप्रैल, 2025 में दैनिक भास्कर ने प्रीत सिरोही का इंटरव्यू किया था। इसमें उन्होंने कहा था, ‘जब तक मैं हूं, इन्हें नहीं रहने दूंगा। बहुत पहले से कागज इकट्ठा कर रहा हूं। अब कोर्ट में पिटीशन डालनी शुरू की हैं।’ 'नेता मंचों से बड़ी-बड़ी बातें करते हैं। जनता को गुमराह कर रहे हैं कि कराची तक हमारे झंडे होंगे। यहां देश में कई जगह कराची, रावलपिंडी और लाहौर बन गए हैं। एक दिन ऐसा आएगा कि हमें ही झोला उठाकर भागना पड़ेगा। इसलिए मैंने तय कर लिया कि मैं नेताओं के भरोसे नहीं रहूंगा।' लोग बोले- मस्जिद के पास हमेशा से बारात घर ही देखा हैमस्जिद के पास ही हमें मुदस्सिर उस्मान मिले। उस्मान आम आदमी पार्टी से जुड़े हैं। वे बताते हैं, ‘15 दिन पहले नोटिस आया था। इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी। मैं 42 साल का हूं। हम इस जगह क्रिकेट खेला करते थे।’ इलाके की पीस कमेटी के मेंबर शहजाद खान बताते हैं कि बारात घर में 25 दिसंबर को ही नोटिस लगा दिया गया था कि यहां कोई कार्यक्रम नहीं होगा। आप इंतजाम कर लीजिए। नरेश रॉबिनसन भी पीस कमेटी के मेंबर हैं। वे बताते हैं, ‘5 जनवरी को DCP ऑफिस में बैठक बुलाई गई थी। इसमें करीब 250 लोग थे। DCP ने साफ किया था कि कोर्ट के आदेश पर मस्जिद के आसपास की जमीनों पर कार्रवाई होगी। मीटिंग में मस्जिद कमेटी के लोग भी थे। उन्होंने तब कार्रवाई पर कोई एतराज नहीं जताया था।’ पथराव करने वाले 11 आरोपी पकड़े, इनमें एक नाबालिगपुलिस सोर्स के मुताबिक, एक सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया गया कि मस्जिद को ढहाया जा रहा है। इसके बाद लोग इकट्ठा हो गए और पुलिस और MCD स्टाफ पर पत्थर और कांच की बोतलें फेंकनी शुरू कर दीं। इससे 5 पुलिसवाले घायल हो गए। जांच की जा रही है कि क्या हिंसा के पीछे अभियान रुकवाने की साजिश है। पुलिस और MCD स्टाफ पर पथराव के आरोप में पुलिस ने 11 लोगों को पकड़ा है। 7 जनवरी को 25 साल के मोहम्मद अरीब, 23 साल के मोहम्मद कैफ, 25 साल के मोहम्मद काशिफ और 30 साल के मोहम्मद हामिद को अरेस्ट किया गया है। 17 साल के एक लड़के को भी कस्टडी में लिया गया। ये सभी चांदनी महल एरिया के रहने वाले हैं। अगले दिन 8 जनवरी को अरेस्ट आरोपियों के नाम अफान, आदिल, शाहनवाज, हमजा, अतहर और उबेद हैं। ये सभी तुर्कमान गेट इलाके के हैं। हिंसा में शामिल बाकी लोगों की पहचान के लिए CCTV फुटेज और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की पड़ताल की जा रही है। पुलिस सोर्स के मुताबिक, विवाद पैदा करने वाले वीडियो में से एक को कथित तौर पर खालिद मलिक नाम के शख्स ने रिकॉर्ड किया था। वीडियो में लोगों से घरों से बाहर निकलने के लिए कहा गया था। ऐसी अफवाहें फैलाई गईं कि मस्जिद ढहाने के लिए बुलडोजर तैनात किए गए हैं, जिससे इलाके में तनाव फैल गया। आरोपी की बहन बोली- भाई दुकान से लौट रहे थे, पुलिस ने पकड़ लियागिरफ्तार किए गए मोहम्मद अरीब की बहन उस पर लगे आरोप को झूठा बताती हैं। बहन सामने नहीं आना चाहतीं, इसलिए हम उनकी पहचान नहीं बता रहे हैं। वे कहती हैं, ‘अरीब एलईडी लाइट्स का काम करता है। बड़े भाई का कैफे है। कैफे रात तक चलता है। रात करीब डेढ़ बजे दोनों आ रहे थे। उन्हें पता चला कि मस्जिद के पास माहौल खराब है। दोनों अपने दोस्त के यहां रुक गए। रात तीन बजे घर के लिए निकले तो पुलिस वालों ने अरीब को पकड़ लिया।’ अरीब की बहन पुलिस पर सवाल उठाती हैं कि अरीब इस इलाके में था ही नहीं। न ही पुलिस के पास कोई सबूत है, तो आप उसे कैसे गिरफ्तार कर सकते हैं। अगर आप गिरफ्तार करते हैं, तो आपकी जिम्मेदारी बनती है कि घरवालों को बताएं। हम अगले दिन भी उसे हर जगह ढूंढते रहे। किसी थाने में पुलिस ने नहीं बताया कि उसे पकड़ा गया है। वो उस वक्त चांदनी महल थाने में था। हम वहां भी गए थे। आखिरकार रात में हमें उसके बारे में पता चला।’ डिप्टी कमिश्नर बोले- मस्जिद की जमीन सुरक्षितसिटी एस.पी. जोन के डिप्टी कमिश्नर विवेक अग्रवाल ने बताया, ‘यह मामला लंबे समय से हाईकोर्ट में था। अदालत के आदेश के बाद ही कार्रवाई की गई है। यह करीब 36,400 स्क्वायर फीट एरिया था। इसके चारों ओर दो मंजिला दीवार थी, जिसके ऊपर एक मंजिला स्ट्रक्चर बना हुआ था। मस्जिद की जमीन सुरक्षित है।’ ‘हमें पर्याप्त पुलिस बल दिया गया था। रात भर सीनियर पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। रात में पथराव की एक घटना हुई थी, लेकिन पुलिस पूरी तरह तैयार थी। हमने 32 जेसीबी का इस्तेमाल किया। हमारी टीम के किसी भी सदस्य को नुकसान नहीं पहुंचा है। पूरे एरिया को 9 जोन में बांटा गया था। हर एक की मॉनिटरिंग एडिशनल डीसीपी रैंक के अधिकारी कर रहे थे।’ सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट के DCP निधिन वाल्सन ने बताया कि कार्रवाई रात करीब 1 बजे शुरू हुई। इसी दौरान पुलिस पर पत्थर फेंके गए। CCTV और बॉडी कैमरा फुटेज मिलने के बाद हम दोषियों की पहचान कर कार्रवाई करेंगे। ................................ ये रिपोर्ट भी पढ़ें मस्जिद पहुंचे सपा सांसद से पूछताछ करेगी पुलिस, नेता बोले- रिएक्शन तो होगा ही फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास पत्थरबाजी को लेकर सपा सांसद मोहिबुल्लाह नदवी से पूछताछ की जाएगी। दिल्ली पुलिस के सीनियर अधिकारियों के बार-बार कहने के बावजूद नदवी घटनास्थल से नहीं गए और आसपास मौजूद रहे। वहीं सपा नेता एसटी हसन ने कहा कि यहां 100 साल पुरानी मस्जिद और दुकानें हैं। अतिक्रमण के नाम पर ज़ुल्म किया जाएगा तो लोग कब तक विरोध नहीं करेंगे। पढ़ें पूरी खबर...
फ्रांस में किसानों का विरोध प्रदर्शन, ईयू-मार्कोसुर समझौते को लेकर लोगों में नाराजगी
फ्रांस में सरकार के विरोध में वहां के किसान सड़कों पर उतर आए हैं। किसानों का यह गुस्सा यूरोपियन यूनियन और दक्षिण अमेरिकी ब्लॉक मर्कोसुर के बीच होने वाले मुक्त व्यापार समझौते को लेकर है
पाकिस्तान के 27वें संविधान संशोधन पर एमनेस्टी ने उठाए सवाल, तुरंत समीक्षा की मांग
पाकिस्तान में हाल ही में संविधान में 27वां संशोधन कर कई बड़े बदलाव किए गए। इसके तहत असीम मुनीर की ताकत बढ़ा दी गई और प्रधानमंत्री से लेकर न्यायपालिका तक की शक्तियों को कम कर दिया गया
DNA: ईरान के लिए मंडराया बड़ा संकट? ट्रंप की सेना ने चारों तरफ से घेरा, अब क्या करेंगे खामेनेई
America-Iran Conflict: ट्रंप वेनेजुएला के राष्ट्रपति को हिरासत में लेने के बाद अब कई छोटे देशों को धमका रहे हैं. अब माना जा रहा है कि उनका अगला टारगेट ईरान है. इसका सबसे बड़ा संकेत मिल चुका है.
वेनेजुएला के ऑयल रिजर्व पर अब अमेरिका का राज, मनमर्जी से तेज बेचेंगे ट्रंप; कर दिया बड़ा ऐलान
Trump To take Venezuela Oil reserves: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज से अमेरिका के साथ एक स्पेशल ऑयल पार्टनरशिप करने के लिए कहा है.
टैरिफ वॉर के बाद युद्ध की तैयारी में ट्रंप? 'वेनेजुएला मिशन' पूरा, भारत-चीन सहित इन देशों पर भी नजर
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार (7 दिसंबर) को 2027 के लिए पेंटागन का बजट 50% बढ़ाकर रिकॉर्ड 1.5 ट्रिलियन डॉलर (करीब 120 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा) करने का प्रस्ताव रखा है. 2026 में अमेरिकी सेना का बजट 901 अरब डॉलर है.
Bangladesh Deepu Chandra Das Case: बांग्लादेश में पिछले कुछ दिनों से हिंदुओं के खिलाफ हिंसा जारी है. अब दीपू चंद्र दास की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया गया है.
दक्षिण एशिया में शांति और स्थिरता की बात आए तो सबसे पहले भारत का नाम सामने आता है. श्रीलंका के प्रमुख सांसद और पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे के बेटे नमल राजपक्षे ने साफ-साफ कहा है कि इस पूरे इलाके में लंबी शांति बनाए रखने के लिए भारत की लीडरशिप सबसे अहम है. जानें पूरी बात.
दुश्मन की मदद करने वालों के लिए नहीं बरती जाएगी नरमी...ईरान में बवाल के बीच कड़ी चेतावनी
Iran News: ईरान में इस समय भारी बवाल हो रहा है, भारी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए हैं, जिसके बाद अब बीच ईरान के टॉप ज्यूडिशियल अथॉरिटी, गुलाम हुसैन मोहसेनी एजेई ने चेतावनी दी है. उन्होंने कहा है कि दुश्मन की मदद करने के आरोप में किसी के लिए भी कोई नरमी नहीं बरती जाएगी.
वेनेजुएला में जो हुआ उसके बाद अमेरिका और कोलंबिया के बीच भयंकर तनाव हो गया था. ऐसे लग रहा था कि दोनों देशों के बीच जंग छिड़ने वाली हो. ट्रंप ने कोलंबिया को धमकी दी थी, पेट्रो को कोकीन वाला कहा, मिलिट्री एक्शन की बात की. लेकिन कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने पहले बॉर्डर पर 30 हजार सैनिक भेजा, फिर एक फोन कॉल से ट्रंप के सुर बदलवा दिए. अब दोनों व्हाइट हाउस में मिलने वाले हैं.
वेनेजुएला के तेल पर अमेरिका का पूरा नियंत्रण, क्या है ट्रंप का तीन फेज वाला प्लान
वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अमेरिकी सेना द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद हालात पूरी तरह बदल गए हैं
साल्ट लेक सिटी में ताबड़तोड़ फायरिंग, अंतिम संस्कार के दौरान तड़तड़ाई गोलियां, दो की मौत, कई घायल
Mass Shooting Utah: यूटा के साल्ट लेक सिटी के रेडवुड रोड पर एक LDS चर्च के पास भयंकर गोलीबारी हुई है, ये गोलीबारी अंतिम संस्कार के दौरान हुई है. जिसमें कई लोगों की मौत हो गई है.
वेनेजुएला के राष्ट्रपति को सोते हुए उठवाने के बाद से अमेरिका आक्रामक मोड में है. अब उसने पीछा करते हुए रूस के झंडे वाले तेल टैंकर को पकड़ा है. बताया जा रहा है कि जंग लगे टैंकर में तेल नहीं है फिर क्या है? यह इतना जरूरी क्यों था कि बचाने के लिए रूस ने सबमरीन रवाना कर दी थी लेकिन देरी हो गई.
Pakistan Lobbying Firms USA: अमेरिका के Department of Justice में जमा दस्तावेजों से खुलासा हुआ है. ऑपरेशन सिंदूर के समय पाकिस्तान ने अमेरिका में जबरदस्त लॉबिंग अभियान चलाया. इस अभियान का मकसद अमेरिकी नेताओं और नीति बनाने वालों तक पाकिस्तान का नजरिया पहुंचाना था. इसके लिए पाकिस्तान ने पुरानी और नई दोनों तरह की लॉबिंग कंपनियों की मदद ली थी.
तारिक रहमान 17 साल बाद ढाका से बाहर दौरे पर
बांग्लादेश में राजनीतिक दलों की हलचल तेज हो चुकी है। चुनाव में अब बस महीनेभर का समय बचा है। ऐसे में सभी पार्टियों ने अपनी-अपनी तैयारी तेज कर दी है
जिस इंटरनेशनल सोलर अलायंस को पीएम मोदी ने बनाया, डोनाल्ड ट्रंप ने उससे क्यों खींचा हाथ?
Donald Trump: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर बड़ा फैसला लेते हुए भारत और फ्रांस के नेतृत्व वाले इंटरनेशनल सोलर अलायंस समेत 66 इंटरनेशनल ऑर्गनाइजेशन से अमेरिका का नाम वापस ले लिया है. जानिए उन्होंने ये फैसला क्यों किया?
who was Azizur Rahman Musabbir:बांग्लादेश में 12 फरवरी को होने वाले राष्ट्रीय चुनावों से ठीक पहले राजनीतिक हिंसा अपने चरम पर पहुंच गई है. कुछ ही दिनों के भीतर उस्मान हादी की हत्या के बाद अब BNP के एक और नेता अजीजुर रहमान मुसब्बिर की सरेशाम ढाका में गोली मारकर हत्या कर दी गई. आइए जानते हैं कि आखिर कौन थे अजीजुर रहमान मुसब्बीर.
सिर्फ US में बने प्रोडक्ट ही खरीदेगा वेनेजुएला...मादुरो की गिरफ्तारी के बाद ट्रंप क्यों लाद रहे भार?
Donald Trump: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप वेनेजुएला को लेकर पूरी तरह से सख्त हो गए हैं. अब ट्रंप ने घोषणा करते हुए कहा है कि वेनेजुएला अब नई ऑयल डील से मिले पैसों से सिर्फ अमेरिका में बने प्रोडक्ट ही खरीदेगा.
जंग की तैयारी कर रहा अमेरिका? ट्रंप बोले 2027 तक 1.5 ट्रिलियन डॉलर होगा मिलिट्री बजट
US defense budget 2027: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को बड़ा ऐलान कर दिया है. उन्होंने कहा है साल 2027 के लिए अमेरिका का सैन्य बजट 1 ट्रिलियन डॉलर नहीं बल्कि 1.5 ट्रिलियन डॉलर होना चाहिए. ट्रंप ने यह बात अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखी है.
‘हम दोनों की लव मैरिज को तीन महीने बीत चुके थे। लग रहा था कि अब घर वाले शांत हो गए हैं और हमारी जिंदगी से उन्हें कोई लेना-देना नहीं रह गया है, लेकिन 5 अगस्त 2025 की शाम, करीब 5 बजे, सब कुछ बदल गया। मेरे पति राहुल क्लास में अटेंडेंस लगाकर कॉलेज के मेन गेट की ओर जा रहे थे। वहीं उनकी काली बुलेट खड़ी थी। मैं नर्सिंग डिपार्टमेंट से क्लास खत्म कर बाहर निकली ही थी, तभी कॉलेज के मेन गेट पर मुझे पापा दिखाई दिए। वे उजले रंग का मास्क और नीले रंग का कोट पहने हुए थे। कमर में कट्टा खोंसे वे बुलेट के पास खड़े हो गए। उन्होंने आसपास खड़े छात्रों से पूछा- ‘ये काली बुलेट किसकी है?’ छात्रों ने जवाब दिया- ‘राहुल मंडल की।’ कुछ ही देर बाद जैसे ही राहुल बुलेट लेने पहुंचे, पापा ने कट्टा निकाला और उसके सीने में दो गोलियां दाग दीं। राहुल का सीना खून से सना हुआ था। उस वक्त मैं राहुल से बस कुछ कदम की दूरी पर थी। वह लड़खड़ाकर जमीन पर गिरने ही वाला था कि मैं चीखते हुए उसकी ओर भागी। बदहवासी में वह मेरे सीने से आकर लग गया। पापा चीख-चीखकर कह रहे थे- ब्राह्मण होकर बेटी ने नीच से शादी कैसे की? मर गया, अब मैं बहुत खुश हूं। अब बेटी को भी मारूंगा।’, तनुप्रिया झा स्याह कहानियों की सीरीज ‘ब्लैकबोर्ड’ में आज कहानी इंटरकास्ट मैरिज करने वाली बिहार की तनुप्रिया की। जिसके पिता ने जाति की वजह से अपनी 20 साल की बेटी को विधवा बना दिया… तनुप्रिया आगे बताती हैं, 'मैं और आसपास के दोस्त राहुल को लेकर इमरजेंसी वार्ड की ओर भागे। भागते हुए मैं बार-बार पापा से चिल्लाकर पूछ रही थी- ‘तुमने मेरे पति को क्यों मारा? तुमने मेरा सुहाग क्यों उजाड़ दिया, हत्यारे?’ पापा कट्टा हाथ में लिए मेरे पीछे-पीछे इमरजेंसी वार्ड की ओर दौड़ रहे थे। तभी मेरे कुछ दोस्तों ने उन्हें पकड़ कर पीटना शुरू कर दिया। कुछ ही देर बाद राहुल मेरी गोद में हमेशा के लिए सो गया। वह मर गया। डॉक्टर चाहकर भी कुछ नहीं कर पाए। यह कहते हुए 20 साल की तनुप्रिया झा की बड़ी-बड़ी आंखों में आंसू भर आते हैं। गला भर जाता है, शरीर कांपने लगता है। लड़खड़ाती आवाज में वह कहती हैं- ‘ऐसे आदमी को मैं अपना बाप नहीं कहना चाहती। अब उससे मेरा कोई रिश्ता नहीं। प्रेम शंकर झा मेरे पति राहुल मंडल का हत्यारा है। मेरी आखिरी इच्छा है कि उस हत्यारे को फांसी पर झूलते हुए देखूं।’ बिहार के सुपौल से 15 किलोमीटर दूर तुलापट्टी गांव के रहने वाले राहुल मंडल क्रिकेट और बुलेट के शौकीन थे। इसी वजह से दोस्त और तनुप्रिया उन्हें महेंद्र सिंह धोनी के निकनेम पर प्यार से ‘माही’ कहते थे। आज यह गांव राहुल से ज्यादा तनुप्रिया को जानता है। गांव में किसी से भी पूछिए, इशारों में ही लोग राहुल के घर का रास्ता बता देते हैं। राहुल मंडल के घर जाने वाली सड़क के दोनों ओर जूट की टहनियों पर गोबर का लेप लगा है। ठंड के मौसम में यहां के लोग सूखने के बाद इसी गोबर के उपलों से खाना पकाते हैं। राहुल के घर के ठीक सामने कई बकरियां और गायें बंधी हुई हैं। घर पहुंचते ही पहली मुलाकात उनके पिता गणेश मंडल से होती है। वे मुझे बैठने के लिए कुर्सी लाकर देते हैं और फिर चुप्पी साधे इधर-उधर देखने लगते हैं। टोकने पर दबी जुबान में कहते हैं- ‘एक ही तो बेटा था। वह भी चला गया। अब किसी से क्या कहना, सब खत्म हो गया। जाते-जाते अपनी जगह दूसरा बेटे (तनुप्रिया) को दे गया है। अब उसी को देखकर जी रहा हूं।’ यह कहते हुए गणेश मुंह फेर लेते हैं और अपनी वीरान पड़ी दुकान की ओर चले जाते हैं। कभी यहां उनकी किराने की दुकान हुआ करती थी। अब वह सिर्फ लकड़ी की एक गुमटी भर रह गई है। इस दौरान मैं राहुल के घर के बाहर खड़ा था, तभी एक दुबली-पतली, लंबी लड़की बाहर निकलती है। देखते ही मैं पूछ बैठता हूं- ‘आप तनुप्रिया हैं?’ इशारों में वह हामी भरती हैं- ‘हां’। पीछे से उनकी सास और राहुल की मां अनिता देवी भी आ जाती हैं। वे दोनों मुझे घर के भीतर बरामदे में ले जाते हैं। तनु सिहरती हुई आवाज में कहती हैं- ‘सास के लिए अब मैं ही राहुल हूं। इनका बेटा हूं। बहू की तरह नहीं, बेटे की तरह इनके साथ रहती हूं। अगर बहू बनकर रहती, तो घर से बाहर आकर आपको बुला न पाती। ये जो डेनिम की जैकेट मैंने पहनी है, राहुल की ही है।’ घर में चारों ओर नजरें घुमाने के बावजूद मुझे राहुल की एक भी तस्वीर दिखाई नहीं देती। पूछने पर तनु मुझे एक कमरे की ओर ले जाती हैं। ऊपर छज्जे से दो तस्वीरें उतारती हैं। दोनों तस्वीरें राहुल की हैं। तस्वीर पर हाथ फेरते हुए, रुंधे गले से तनु कहती हैं- ‘ये दिसंबर 2024 की फोटो है। मैंने ही इसे कॉलेज कैंपस में खींचा था। अब तो बस इसी फोटो का सहारा है। राहुल का एक ऑडियो मैसेज भी है, जिसे मैं हर रात सुनकर सोती हूं। कोई ऐसी रात नहीं, जब यहां ससुराल में हम लोगों में से कोई रोता न हो। पहले जब यह तस्वीर घर में टंगी रहती थी, तो पापा… यानी हमारे ससुर इसे देखते ही फूट-फूटकर रोने लगते थे। एक दिन उन्होंने कहा- इसे छुपाकर कहीं रख दो। तब से यह तस्वीर इसी छज्जे पर रखी है।’ कमरे के सामने एक बैंगनी रंग की, धूल से सनी ट्रॉली बैग रखी हुई है। उसका रंग अब मटमैला हो चुका है। तनु उसकी ओर इशारा करते हुए कहती हैं- ‘इसी में हमारे कपड़े, शादी का जोड़ा, किताबें… सब कुछ है। जब से यह ट्रॉली बैग दरभंगा से आया है, तब से इसे खोलकर देखा नहीं है। देखने की हिम्मत नहीं होती।’ इसे दिखाकर तनु वापस बरामदे में रखे तख्त पर आकर बैठ जाती हैं। फिर बताने लगती हैं- ‘12वीं के बाद मैंने दरभंगा के DMCH कॉलेज में नर्सिंग कोर्स में एडमिशन लिया था। राहुल मुझसे सीनियर थे। दिसंबर 2024 में हमारी पहली मुलाकात हुई। धीरे-धीरे हम साथ उठने-बैठने लगे। पढ़ाई, घूमना-फिरना सब चल रहा था। उस वक्त हम सिर्फ अच्छे दोस्त थे। एक-दूसरे को प्रपोज भी नहीं किया था।’ राहुल के पास बुलेट बाइक थी। कभी-कभी हम दरभंगा के श्यामा माई मंदिर घूमने चले जाते थे। मुझे भी बुलेट चलाने का शौक है, तो मैं उसे चला लेती थी। एक दिन यह बात कॉलेज की प्रिंसिपल गुड़िया को पता चल गई। अगले दिन उन्होंने क्लास के करीब 60 छात्रों के सामने मुझे बुलाया और कहा- ‘तुम राहुल मंडल से बात करती हो? उसके साथ बुलेट पर घूमती हो? उसका सरनेम पता है? क्लास के बाद मेरे चैंबर में आकर मिलना। तुम्हें पता है कि वह छोटी जाति का है?’ यह कहकर प्रिंसिपल अपने ऑफिस चली गईं। क्लास खत्म होने के बाद जब मैं उनके चैंबर में पहुंची, तो वे मुझ पर चिल्लाने लगीं- ‘राहुल SC-ST जाति से है। तुम ब्राह्मण परिवार की हो। अपने मां-बाप की नाक कटाओगी क्या? कुल-खान-दान की इज्जत मिट्टी में मिलाना चाहती हो? तुम उसके साथ घूमती हो, बात करती हो। तुम्हारा उससे चक्कर चल रहा है न? आज के बाद तुम उससे बात नहीं करोगी।’ उस दिन मैं सिर झुकाए चैंबर से निकल आई। सोचने लगी- राहुल तो मेरा दोस्त है। दोस्ती में जाति का क्या मतलब? उस वक्त तो मुझे यह भी नहीं पता था कि ‘मंडल’ किस जाति का सरनेम होता है। मैंने प्रिंसिपल की बात नहीं मानी और पहले की तरह राहुल के साथ रहती रही। धीरे-धीरे हमारे बीच प्यार हो गया। एक दिन दरभंगा घूमते हुए राहुल ने मुझसे कहा- ‘तनु, हम दोनों कुछ बनने के बाद ही शादी करेंगे। अभी पढ़ाई पर फोकस करते हैं। जब अपने पैरों पर खड़े हो जाएंगे, तब घर वालों को बताएंगे। हम दोनों एक-दूसरे की फेमिली को मना लेंगे।’ क्या बनना चाहती थीं आप? तनु कहती हैं- ‘राहुल नर्सिंग ऑफिसर बनना चाहते थे। मैं यूपीएससी की तैयारी करना चाह रही थी। मैंने ऑनलाइन क्लासेज भी जॉइन कर ली थीं। स्टडी मटेरियल खरीदकर लाई थी। अब वो सारी किताबें तहखाने में धूल फांक रही हैं। राहुल की मौत के बाद कभी हिम्मत नहीं हुई उस कॉलेज में जाने की। उसके बाद उन किताबों के पन्ने भी नहीं पलटे मैंने। क्या ही पलटूं। अब तो जिंदगी का कोई सपना ही नहीं बचा। यूपीएससी क्रैक भी कर लूं, तो किसके लिए? कौन देखेगा अब? कुछ नहीं बचा। एक बाप ने अपनी ही बेटी को जिंदा लाश बना दिया। उसने यह भी नहीं सोचा कि वह अपनी बेटी की मांग उजाड़ने जा रहा है।’ यह कहते-कहते तनु फिर से फूट-फूटकर रोने लगती हैं। कुछ देर बाद मैं धीरे से उनके बचपन के बारे में पूछता हूं। लंबी सांस लेते हुए वह कहती हैं- ‘हम दो बहनें, एक भाई हैं। सहरसा के मेरे बनगांव में घर-घर ब्यूरोक्रेट्स यानी आईएएस-पीसीएस बने हैं। मैं भी बचपन से सिविल सर्विसेज में जाना चाहती थी। घर पर जो टीचर पढ़ाने आते थे, वे कहते थे- तनु पढ़ाई में होशियार है, इसे सिविल सर्विसेज की तैयारी ही करानी चाहिए। छठीं क्लास के बाद मैं सिमुलतला आवासीय विद्यालय चली गई। 12वीं पास करने के बाद DMCH (दरभंगा मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल) में नर्सिंग कोर्स में एडमिशन लिया। यह मेरे करियर का प्लान-बी था। पापा की दवा की दुकान थी।’ वह बताती हैं- ‘यहीं मेरी दोस्ती राहुल से हुई। जब मेरे कॉलेज की प्रिंसिपल ने पापा को बताया कि मैं राहुल के साथ बुलेट पर घूमती हूं, तो पापा ने फौरन मुझे सहरसा बुला लिया। तारीख थी- 28 मार्च 2025। मुझे नहीं पता था कि उन्होंने क्यों बुलाया है। शाम को जब पापा दुकान से लौटे, तो मुझे देखते ही चिल्ला पड़े। पूछा- ‘ये राहुल कौन है?’ मैंने सकुचाते हुए कहा- ‘कॉलेज का दोस्त।’ ‘तुम उसके साथ बुलेट पर घूमती हो?’ यह कहते हुए पापा ने कमर से बेल्ट निकाल लिया। मैं कांपते हुए बोली- ‘हां… मुझे बुलेट चलाना अच्छा लगता है। उसके पास है, तो हम घूमने गए थे।’ इतना सुनते ही पापा ने बेल्ट मेरी पीठ पर बरसानी शुरू कर दी। मैं दर्द से चीखने लगी। बेल्ट से पीटते हुए वह मेरे बाल खींचते हुए बोले- ‘किस जाति का है वह?’ मैं हकलाते हुए बोली- ‘वह अपना नाम राहुल मंडल लिखता है। सब उसे माही कहते हैं।’ ‘मंडल…’ सुनते ही पापा आग-बबूला हो गए- ‘तुम नीच जाति के लड़के के साथ घूमती हो। %$#@… पूरे खानदान का मुंह काला करोगी। कल थाने चलो और उसके खिलाफ रेप केस लिखवाओ।’ मैं रोते हुए बोली- ‘उसने मेरे साथ कुछ गलत नहीं किया है। मैं झूठा केस कैसे दर्ज करवाऊं?’ यह सुनते ही पापा ने फिर से बेल्ट उठाई। ऐसा एक महीने तक रोज हुआ। उन्होंने तीन-तीन बेल्ट के बक्कल मेरी पीठ पर तोड़ दिए। कमर से लेकर पैरों तक पूरी पीठ लाल हो चुकी थी। दर्द बढ़ता तो वही दवा लाकर दे देते। उस दौरान मेरे दोनों भाई कहते- ‘इसे उस लड़के से प्यार हो गया है। दोनों शादी करना चाहते हैं। इसलिए ये शिकायत नहीं लिखवाना चाहती। इसे और मारो।’ एक दिन पापा गुस्से में बोले- ‘लड़के की इंस्टाग्राम आईडी और पासवर्ड दो।’ मैंने मना कर दिया। उस दिन मम्मी, पापा, भाई, दादी- सबने मिलकर मुझे मारा। इतना कि मैं चल नहीं पा रही थी। घर में बेहोश पड़ी रही। अप्रैल में मैंने राहुल को इंस्टाग्राम पर मैसेज किया। लिखा- ‘मुझे यहां से किसी भी तरह ले चलो। नहीं तो घर वाले मुझे मार देंगे।’ एक दिन शाम को घर में सिर्फ मां और दादी थीं। दोनों रसोई में काम कर रहे थे। राहुल अपनी बुलेट से दरवाजे पर आया। मैं कुछ जरूरी डॉक्यूमेंट्स उठाई और तुरंत उसके साथ दरभंगा भाग निकली।’ तनुप्रिया अपने मोबाइल में घर वालों की कुछ तस्वीरें दिखाने लगती हैं। मां की तस्वीर पर उंगली टिक जाती है। वह सरकारी टीचर हैं। तनु कहती हैं- ‘जिस दिन मैं घर से भागी थी, उस दिन जब पापा दुकान से लौटे, तो उन्होंने मेरे खोज-बीन शुरू कर दी। 1 मई को उन्होंने बनगांव थाने में राहुल और उसके परिवार के खिलाफ मेरा अपहरण करने का मामला दर्ज करा दिया। दूसरी तरफ मैंने राहुल के साथ 5 मई को लखीसराय के एक मंदिर में शादी कर ली।’ अचानक शादी कर ली? ‘और क्या करती? वे लोग मेरी शादी मेरे मुंहबोले भाई से कराना चाह रहे थे, जिसके हाथ में मैं राखी बांधती थी। पापा कह रहे थे कि मुझे उसी से शादी करनी होगी।’ तख्त पर तनुप्रिया के बगल में उनकी सास अनिता देवी बैठी हैं। तनु की बात सुनते ही अनिता रोने लगती हैं। तनु आगे कहती हैं- ‘5 मई को शादी के बाद हम दोनों एक किराए के कमरे में रहने लगे थे। सब कुछ सामान्य हो गया था। हम दोनों पहले की तरह पढ़ाई कर रहे थे। 9 अगस्त को रक्षाबंधन आने वाला था। राहुल ने कहा कि तुम भाइयों के लिए राखी कूरियर कर दो। 4 अगस्त को मैंने अपने दोनों भाइयों के लिए राखी भेज दी। अगले ही दिन, 5 अगस्त को, मेरे भाइयों और पिता ने मिलकर मेरे पति की जान ले ली और मुझे विधवा बना दिया। राखी शायद रास्ते में ही रह गई होगी। सब कुछ एक जाति की वजह से खत्म हो गया।’ वह ठहरकर कहती हैं- ‘अब मैं उस हत्यारे बाप की बेटी नहीं कहलाना चाहती। मैंने अपने मायके से सारे रिश्ते खत्म कर लिए हैं। मेरी आखिरी इच्छा है कि अपने बाप को फांसी के फंदे पर झूलते देखूं। उसके बाद खुद को खत्म कर लूंगी। राहुल के जाने के बाद मैंने आज तक आईने में अपना चेहरा नहीं देखा।’ यह कहते हुए तनुप्रिया की आंखें डबडबा जाती हैं। उनकी सास अनिता बीच में टोकती हैं- ‘अब रहने दीजिए। जितनी बार ये बातें दोहराती हैं, कई-कई दिन खाना-पीना नहीं खा पाती। घर में खुद को बंद कर मूर्ति की तरह बैठी रहती है। उस डाकू बाप ने मेरे बेटे को मार दिया। उसे तो फांसी दिलवाकर रहूंगी। बेटे के बदले अब यही तनु मेरा बेटा है। इसी को देखकर हम जी रहे हैं। मैं घर से बाहर नहीं निकलती। डर लगता है कि लोग कहेंगे- देखो, जिसने बेटे की हत्या की, उसी की बेटी को घर में बिठा रखा है। सोचती हूं, बेटी का बाप भला उसका सुहाग कैसे उजाड़ सकता है। अब यह अनाथ हो गई है। जब तक जिएगी, इसी घर में रहेगी। लोग कहते हैं, इसकी दोबारा शादी कर दो। अगर यह मेरी बेटी होती, तो शायद दोबारा शादी की सोचती, लेकिन यह अब मेरे लिए बेटा है। राहुल के बदले तनु है।’ यह कहते हुए तनुप्रिया और अनिता एक-दूसरे को गले लगाकर रोने लगती हैं। तनु सिसकते हुए कहती हैं- ‘कभी इसी हाथ से मैं मांग में सिंदूर भरती थी। उस दिन इसी हाथ से मैंने अपने पति की चिता को आग दी। अब तो भाई, बाप जैसे रिश्तों का नाम सुनकर भी डर लगता है।’ -------------------------------------------- 1- ब्लैकबोर्ड-तलाक हुआ तो अनजान डोनर से स्पर्म लेकर मां बनी:विदेश ले जाकर पति ने घर से निकाला, बिना पति के महिलाओं की कहानियां मेरी चीख सुनकर पड़ोसी जमा हो गए। बिस्तर से उठी तो देखा- मेरी सास ही तौलिए से मेरा मुंह दबा रही थीं। वह जोर-जोर से कह रही थीं- तूने मेरे बेटे को खा लिया। तू मांगलिक है। कुलच्छन है। अब अपने बच्चे को लेकर यहां से भाग जा, नहीं तो तुझे जिंदा नहीं छोड़ूंगी। पूरी खबर यहां पढ़ें 2- ब्लैकबोर्ड- बेटी ने मारा तो घर छोड़ा:बस के नीचे मरने पहुंचे, भाई ने फर्जी साइन से पैसे हड़पे, वृद्धाश्रम में रोज सुबह सोचते हैं- कोई लेने आएगा मेरे बच्चे नहीं हैं। पत्नी की मौत के बाद अकेला हो गया था। मुझे आंख से दिखाई नहीं देता। एक रिश्तेदार के यहां रहने चला गया। वहां बहुत जलील हुआ तो एक दूसरे रिश्तेदार के यहां रहने पहुंचा, लेकिन उन्होंने अपने यहां रखने से साफ मना करा दिया। उस दिन मन में विचार आया कि सब खत्म कर दूं। सोचा कि यमुना में कूद जाऊं। फिर मरने के लिए एक बस डिपो पर गया। पूरी स्टोरी यहां पढ़ें
जापान में नए साल की पहली नीलामी में एक मछली रिकॉर्ड 29 करोड़ रुपए में बिकी। 243 किलो की ब्लूफिन टूना दुनिया की सबसे महंगी मछली बन चुकी है। इसके सिर्फ एक किलो मांस की कीमत में 5 रॉयल एनफील्ड बाइक आ जाएं। इससे पहले भी ये रिकॉर्ड ब्लूफिन टूना के ही नाम था। आखिर इस मछली में ऐसा क्या खास है, इसे किसने और क्यों खरीदा; ऐसे 6 सवालों के जवाब जानेंगे भास्कर एक्सप्लेनर में... सवाल-1: 29 करोड़ की यह मछली किसने खरीदी? जवाब: जापान की राजधानी टोक्यो की तोयोसु फिश मार्केट में 5 जनवरी को नए साल की पहली नीलामी हुई। इसमें 243 किलो की ब्लूफिन टूना 510 मिलियन येन यानी करीब 29 करोड़ रुपए में बिकी। इस रिकॉर्ड-ब्रेकिंग टूना को खरीदा है जापान की मशहूर कंपनी कियोमुरा कॉर्पोरेशन के मालिक कियोशी कियोमुरा ने। उन्हें जापान में ‘टूना किंग’ कहा जाता है। वे ‘सुशी जनमई’ नाम से मशहूर सुशी रेस्टोरेंट चेन चलाते हैं और हर साल ऊंची बोली लगाने के लिए जाने जाते हैं। नीलामी के बाद कियोमुरा ने कहा- 'मैं कम कीमत की उम्मीद कर रहा था, लेकिन बोली इतनी तेजी से बढ़ी कि खुद को रोक नहीं पाया। अच्छी क्वालिटी की टूना देखकर मैं रुक ही नहीं सकता। सवाल-2: आखिर ब्लूफिन टूना इतनी महंगी क्यों होती है? जवाबः ब्लूफिन टूना को दुनिया की सबसे प्रीमियम खाने योग्य मछलियों में गिना जाता है। इसका मांस बेहद मुलायम, रसीला और फैट से भरपूर होता है। खासकर पेट का हिस्सा (ओटोरो) मक्खन जैसा माना जाता है। स्वाद, रंग और टेक्सचर में यह बाकी टूना से कहीं बेहतर होती है। हालांकि इसके इतनी महंगी होने के पीछे 4 बड़ी वजहे हैं... 1. ब्लूफिन टूना की कमी: यह मछली गहरे और खुले समुद्र में हजारों मील की यात्रा करती है, जिसके कारण इसे ढूंढना और पकड़ना बहुत मुश्किल काम है। पहले बहुत अधिक शिकार होने की वजह से अब समुद्र में इनकी संख्या काफी घट गई है, इसीलिए सरकारों और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं ने इसके शिकार पर सख्त नियम और कोटा तय कर दिया है। 2. ब्लूफिन टूना का साइजः कुछ मछलियों का वजन 450 किलो से भी ज्यादा हो सकता है। मछली जितनी बड़ी और पुरानी होती है, उसकी कीमत उतनी ही ज्यादा होती है। इसकी वजह यह है कि बड़ी और उम्रदराज टूना का स्वाद और मांस की बनावट बेहतर मानी जाती है। 3. पकड़ने और ढोने की मुश्किल: जापान के ‘ओमा’ तट के पास पकड़ी गई टूना सबसे महंगी मानी जाती है। क्योंकि वहां के मछुआरे इसे जाल नहीं, बल्कि एक खास तकनीकि लाइन फिशिंग से पकड़ते हैं। इससे मछली को चोट या तनाव नहीं होता और मीट क्वालिटी टॉप क्लास रहती है। क्वालिटी बनाए रखने के लिए बहुत तेजी से एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाया जाता है। इस पूरी प्रक्रिया में ज्यादा खर्च आता है, जो इसकी कीमत को और बढ़ा देता है। 4. सबसे बड़ी वजह है डिमांड: दुनिया भर में सुशी की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। जैसे-जैसे लोग ज्यादा सुशी खाने लगे हैं, वैसे-वैसे इसके जरूरी इंग्रीडिएंट्स, खासकर ब्लूफिन टूना की मांग और कीमत दोनों बढ़ती चली गई हैं। जापान में ब्लूफिन टूना का महत्व सिर्फ खाने तक सीमित नहीं है। नए साल की पहली नीलामी को वहां शुभ माना जाता है। साल की पहली नीलामी में ऊंची बोली लगाने से पूरे साल व्यापार अच्छा चलने की मान्यता है। इसी वजह से बड़ी कंपनियां और फेमस रेस्टोरेंट सामान्य नीलामी में अधिक से अधिक बोली लगाकर इसे हासिल करना चाहते हैं। यह नीलामी उनके लिए कारोबार से कहीं ज्यादा ब्रांडिंग और सम्मान पाने का जरिया होती है। सवाल-3: ब्लूफिन टूना को जाल लगाकर क्यों नहीं पकड़ा जाता? जवाबः ब्लूफिन टूना को किसी बड़े जाल से नहीं, बल्कि 'लॉन्गलाइन' तकनीक से पकड़ा जाता है। जापान में मछली पकड़ने का ये पारंपरिक तरीका है। इस प्रक्रिया में समुद्र में एक बहुत लंबी रस्सी डाली जाती है। इस रस्सी पर थोड़ी-थोड़ी दूरी पर चारे (भोजन) लगे कांटे होते हैं। जब ब्लूफिन टूना चारा निगलती है, तो वह कांटे में फंस जाती है। इसके बाद मछुवारे उसे धीरे और सावधानी से बाहर निकालते हैं। जापान के ओमा शहर के मछुआरे कड़कड़ाती ठंड में समुद्र के बीचों-बीच घंटों तक संघर्ष करते हैं ताकि मछली को बिना किसी नुकसान के जिंदा या ताजी हालत में नाव तक लाया जा सके। अगर मछली बड़ी और अच्छी क्वालिटी की निकली, तो नीलामी में उसकी कीमत करोड़ों तक पहुंच सकती है। इससे मछुआरे की किस्मत बदल जाती है। सवाल-4: इससे पहले सबसे महंगी मछली कौन-सी थी? जवाब: 2019 में भी एक ऐसी ही चौंकाने वाली नीलामी हुई थी। उस समय 278 किलो की एक टूना को 333.6 मिलियन येन यानि उस समय के हिसाब से लगभग 20 करोड़ रुपए में खरीदा गया था। ये रिकार्ड भी 29 करोड़ की मछली खरीदने वाले कियोमुरा के नाम ही है। यानी उन्होंने अपनी ही रिकॉर्ड तोड़ा है। सवाल-5: क्या एक मछली पर 29 करोड़ रुपये खर्च करना समझदारी है? जवाब: पहली नजर में यह घाटे का सौदा लग सकता है, क्योंकि कोई भी रेस्टोरेंट 29 करोड़ की लागत को सिर्फ सुशी बेचकर वसूल नहीं कर सकता। दरअसल, इसके पीछे 'मार्केटिंग और ब्रांडिंग' का बड़ा खेल है। जब कोई व्यापारी इतनी महंगी मछली खरीदता है, तो उसका नाम दुनिया भर की मीडिया और सोशल मीडिया पर छा जाता है। इसे एक तरह का 'फ्री पब्लिसिटी स्टंट' माना जाता है जिसकी वैल्यू करोड़ों के विज्ञापन से कहीं अधिक होती है। इससे ग्राहकों के बीच यह मैसेज जाता है कि यदि यह रेस्टोरेंट मालिक दुनिया की सबसे बेहतरीन मछली खरीद सकता है, तो यहां मिलने वाली हर चीज की क्वालिटी बेहतर ही होगी। ये तरीका अमीर ग्राहकों को अपनी ओर खींचता है, जो केवल भोजन के लिए नहीं बल्कि बड़े होटल में सिर्फ एक एक्सपीरिएंस के लिए मोटी रकम खर्च करने को तैयार रहते हैं। सवाल-6: भारत में सबसे महंगी मछली कौन-सी नीलाम हुई है? जवाब: भारत की सबसे महंगी मछली की नीलामी में घोल मछली सबसे आगे है। महाराष्ट्र के पालघर में 1 सितंबर 2021 को 157 मछलियों के एक लॉट को ₹1.33 करोड़ में बेचा गया था। घोल मछली के पेट में औषधीय गुण होते हैं और यह कॉस्मेटिक्स व दवाओं में इस्तेमाल होती है। हांगकांग, जापान जैसे देशों में इसकी भारी मांग है और यह 'सी गोल्ड' कहलाती है। इसके अलावा अक्टूबर 2025 में पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर में 88 तेलिया भोला मछली पकड़ी गई, जिसकी नीलामी में कीमत लगभग 60 लाख पहुंची थी। ---------------------- ये खबर भी पढ़िए... जवान बेटे के लिए मां-बाप क्यों मांग रहे इच्छामृत्यु:सुप्रीम कोर्ट में गुहार मंजूर, एम्स रिपोर्ट बना रहा; क्या है इज्जत से मरने का अधिकार गाजियाबाद के रहने वाले अशोक राणा और निर्मला राणा जवान बेटे हरीश के लिए सुप्रीम कोर्ट से इच्छामृत्यु मांग रहे हैं। 11 दिसंबर को सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली एम्स को रिपोर्ट बनाने को कहा। अब अगली सुनवाई 18 दिसंबर को होनी है। पूरी खबर पढ़िए
18 दिसंबर 2025, रात करीब 9 बजे का वक्त था। बांग्लादेश के मैमनसिंह जिले में भीड़ ने गारमेंट फैक्ट्री में काम करने वाले दीपू दास को पकड़ लिया। ईशनिंदा का इल्जाम लगाकर भीड़ ने उसे पीट-पीटकर मार डाला। इसके बाद दीपू के शव को फैक्ट्री से कुछ दूर ले गए और आग लगा दी। उस दिन से अब तक बांग्लादेश के अलग-अलग जिलों में 6 हिंदुओं की हत्या हुई है। बांग्लादेश में दीपू की हत्या का असर पश्चिम बंगाल में दिख रहा है। घटना के विरोध में यहां जगह-जगह बंगाली हिंदुओं ने प्रदर्शन किया। सिर्फ कोलकाता में ही करीब 10 हजार लोग सड़कों पर उतरे। लोगों का कहना है कि वो दिन दूर नहीं, जब पश्चिम बंगाल में भी बांग्लादेश जैसे हालात होंगे। 23 दिसंबर को हुए प्रदर्शन में शामिल 74 साल के नकुल भट्टाचार्जी कहते हैं, ‘बांग्लादेश में दीपू दास को जैसे जिंदा जलाया गया, उससे खराब भला क्या हो सकता है। ये सब मेरे बेटे के साथ भी हो सकता है। ममता बनर्जी के राज में भी यही हो रहा है। बांग्लादेश में जैसे हिंदुओं को टॉर्चर किया जा रहा है, यहां हालात उससे अलग नहीं हैं। पश्चिम बंगाल, बांग्लादेश का डुप्लीकेट बन गया है।‘ वहीं 29 साल की संगीता आरोप लगाती हैं कि ममता दीदी बांग्लादेशियों और जिहादियों को पश्चिम बंगाल लेकर आ रही हैं। इससे यहां का माहौल भी खराब हो रहा। इस पर रोक लगनी चाहिए। पश्चिम बंगाल में इसी साल मार्च-अप्रैल में विधानसभा चुनाव होने हैं। बांग्लादेश में हुई हिंसा और हिंदुओं को टारगेट किए जाने का चुनाव में क्या असर होगा, ये समझने के लिए दैनिक भास्कर की टीम कोलकाता पहुंची। पहले प्रदर्शन के दौरान अरेस्ट लोगों की बात…'परमिशन लेकर प्रदर्शन, फिर भी रोका, पुलिस वाले जिहादी हुए'कोलकाता में हुए विरोध प्रदर्शन में शामिल रहीं नीति भट्टाचार्जी कहती हैं, ‘दीपू दास को बहुत बुरी तरह मारा गया। वो हिंदू था, हम भी हिंदू हैं। हमें उसकी मौत का अफसोस है, इसलिए प्रदर्शन कर रहे हैं। कोलकाता पुलिस हमें ये भी नहीं करने दे रही। पुलिसवाले हमें पकड़कर मारने लगे। हमारे एक साथी की नाक तोड़ दी।‘ ‘महिलाओं के बाल खींचे और उन्हें पकड़कर जेल में डाला गया, जबकि हम शांति से विरोध कर रहे थे। हम बांग्लादेश हाई कमिशनर को वापस भेजना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने बैरिकेड लगाकर हमें रोक दिया। हमने फिर कोशिश की, तो लाठीचार्ज कर 19 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस वाले जिहादी हो गए हैं।‘ परमिशन के बारे में पूछने पर नीति कहती हैं, ‘हिंदू जागरण मंच ने प्रदर्शन के लिए प्रशासन को मेल करके परमिशन मांगी थी। फिर भी हमें रोका गया। दोपहर 3 बजे ही हमें हिरासत में ले लिया गया। गिरफ्तार 19 लोगों में 7 महिलाएं थीं। हम पूछते रहे कि अब आगे क्या कार्रवाई होगी, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। अचानक रात 2 बजे हमें मेडिकल के लिए ले जाने लगे। हम डर की वजह से नहीं गए।‘ ‘इसके बाद पुलिस वाले हमारे फोन का पासवर्ड मांगने लगे। हमने मना किया तो शर्त रखी कि जो पासवर्ड बताएगा, घर पर सिर्फ उसी की बात कराएंगे। हममें से 3 महिलाओं ने बच्चों से बात करने के लिए पासवर्ड बता दिया। इसके बाद भी उन्हें फोन नहीं दिया गया। पुलिस ने थाने में लगे लैंडलाइन से उनकी घर पर बात कराई। अब भी हमारा फोन पुलिस के पास है।‘ 'हम अपराधी नहीं, फिर हत्या की कोशिश का केस क्यों'कोलकाता की रहने वाली प्रयोनीती पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहती हैं, ‘पुलिस ने हम पर ऐसे लाठियां बरसाईं, जैसे हम अपराधी हैं। हम पर BNS की धारा 109 के तहत FIR दर्ज कर अटेम्प्ट टू मर्डर का केस लगा दिया। गैरकानूनी हथियार रखने के भी चार्ज लगाए, जबकि मेरी जेब में सिर्फ एक पेन था।‘ नकुल भी यही आरोप लगाते हैं। वे कहते हैं, ‘हम सिर्फ प्रदर्शन करने गए थे, लेकिन हमें जेल में डाल दिया। 3 से 4 दिन जेल में ही रखा। बहुत टॉर्चर किया। मेरे सामने ही एक लड़की को पुलिस वालों ने इतना पीटा कि उसे देखकर मैं डर गया। हमने तो कोई चोरी-मर्डर भी नहीं किया। फिर हमें ऐसा टॉर्चर क्यों किया गया।' प्रदर्शन का हिस्सा रहे मोहम्मद सरफराज बताते हैं, ‘लाल बाजार हेडक्वार्टर के कुछ पुलिसवाले हमसे हमदर्दी रखते थे। उन्होंने कहा कि आप लोगों पर कई गलत इल्जाम लगे हैं। हम मजबूर हैं, हम पर ऊपर से दबाव है। कुल 8 धाराओं में केस हुआ, लेकिन सिर्फ सरकारी काम में बाधा डालने के अलावा सब धाराएं गलत लगाई गई हैं।‘ DCP बोले- प्रदर्शन में पुलिसवाले जख्मी हुए, इसलिए 8 धाराएं लगाईंइस मामले पर कोलकाता पुलिस के साउथ ईस्ट डिवीजन के DCP डॉ. भोलानाथ पांडे ने बताया, ‘प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मुकदमा चल रहा है। प्रदर्शन के दौरान कुछ पुलिसवाले जख्मी भी हुए हैं। उसी के आधार पर धाराएं लगाई गई हैं। प्रदर्शन के आयोजकों ने बयान दे दिया है और इन्वेस्टिगेशन भी जारी है। उसी के आधार पर चार्जशीट तैयार की जाएगी। मामले में BNS के तहत कुल 8 धाराएं लगाई गई हैं।' अब जानिए पॉलिटिकल पार्टियां क्या कह रहीं…TMC: बांग्लादेश की वजह से नहीं, SIR के कारण हिंदू खतरे में बांग्लादेश में हिंसा के बाद पश्चिम बंगाल में बने माहौल को लेकर हमने TMC प्रवक्ता प्रदीप्त मुखर्जी से बात की। वे कहते हैं, ‘BJP चुनाव से पहले पश्चिम बंगाल में ऐसा नैरेटिव तैयार करना चाहती है कि TMC सरकार यहां रोहिंग्याओं और बांग्लादेशियों को बसा रही है। वे TMC के लिए वोट करते हैं और बदले में उन्हें प्रोटेक्शन मिलता है। ऐसा बिल्कुल भी नहीं है।’ ’ये इंटरनेशनल डिप्लोमैटिक मुद्दा है, इसे लेकर TMC सरकार हमेशा से केंद्र के साथ है। देश की इंटीग्रिटी और यूनिटी को लेकर जो काम किया जाएगा, हम उसमें साथ देंगे। पार्टी के जनरल सेक्रेटरी अभिषेक बनर्जी पहले भी कह चुके हैं कि हम देश की अखंडता के लिए काम करेंगे।’ ’BJP लीडर शुभेंदु अधिकारी जानबूझकर गलत नैरेटिव तैयार करना चाहते हैं कि बंगाल में हिंदू खतरे में है। वे गलत खबर फैलाते हैं, जैसे एक फिल्म में मिथुन चक्रवर्ती का डायलॉग है- आमी खबर देखी ना, खबर सुनी ना, आमी खुद ही खबर तैयारी करी। हम ये नैरेटिव तोड़ेंगे और विधानसभा चुनाव में 215 से ज्यादा सीटें जीतेंगे।’ वे आगे कहते हैं, ‘पश्चिम बंगाल में हिंदू खतरे में है, लेकिन वो बांग्लादेशियों की वजह से नहीं बल्कि SIR की वजह से। पश्चिम बंगाल में SIR के नाम पर 58 लाख मतुआ लोगों का नाम वोटर लिस्ट से बाहर हो चुका है। इसमें कोई भी रोहिंग्या या बांग्लादेशी नहीं मिला है।’ BJP: ममता बनर्जी गाजा के लिए बोलती हैं, हिंदुओं के लिए नहींBJP प्रवक्ता ज्योति चटर्जी का कहना है, ‘बांग्लादेश में बंगाली हिंदुओं की संख्या बहुत कम हो गई है। आने वाले समय में बंगाली हिंदू खत्म हो जाएंगे। दीपू दास की तरह बंगाल के मुर्शिदाबाद में बाप-बेटे को मार दिया। बांग्लादेश और बंगाल दोनों जगह बंगाली हिंदुओं की भाषा और कल्चर खत्म किया जा रहा है।‘ ‘मुख्यमंत्री ममता बनर्जी गाजा के लिए बोलती हैं, लेकिन हिंदुओं के लिए आवाज नहीं उठातीं। आने वाले वक्त में हम सब दीपू दास बन जाएंगे। हमारी संख्या घट रही है। जहां संख्या घटी, वहां हम पीड़ित हुए। हिंदू जाग रहा है और ये चुनाव का सवाल नहीं है। ये बंगाली हिंदुओं के अस्तित्व का सवाल है।‘ पश्चिम बंगाल में बांग्लादेशी मुस्लिम आ रहे हैं। डेमोग्राफी बदल रही है। यहां बांग्लादेशी मुस्लिमों के लिए अचानक गुलशन कॉलोनी बन गई। मुस्लिमों का फर्टिलिटी रेट ज्यादा है। वो पर्सेंटेज में बढ़ रहे है और बंगाली हिंदू की संख्या घट रही है। ‘बांग्लादेश में बंटवारे के वक्त वहां 22% और भारत में 79.2% बंगाली हिंदू थे। अब बांग्लादेश में 6% और 2011 की जनगणना के अनुसार बंगाल में 70.5% हैं। राज्य में बंगाली हिंदू मेजॉरिटी में हैं, लेकिन जिन जगहों पर माइनॉरिटी में हैं, वहां प्रताड़ित किए जा रहे हैं। मुर्शिदाबाद में बंगाली हिंदू पुलिस को कॉल करते हैं, तो पुलिस टाइम पर आती ही नहीं है।’ ’अगर यहां ममता बनर्जी फिर चुनकर आईं तो बंगाली हिंदू नहीं बचेंगे। पूरे बंगाल में मुर्शिदाबाद जैसे हालत हो जाएंगे। यहां चिकन नेक है और ये बॉर्डर स्टेट भी है। ऐसे में देश की सिक्योरिटी के लिए पश्चिम बंगाल में BJP का आना जरूरी है। अगर ये गलत हाथों में गया तो देश की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा है।’ एक्सपर्ट बोले- टारगेट पर अल्पसंख्यक, हिंदू वोटर एकजुट हो रहापॉलिटिकल एक्सपर्ट मैनाक पुटाटुंडा कहते हैं, ‘पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव मार्च 2026 के आसपास हो सकते हैं। इसे लेकर यहां सियासी हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं। TMC लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी की कोशिश कर रही है। BJP भी सत्ता पाने के लिए जोर लगा रही है। बांग्लादेश में हो रही हिंसा और घटनाओं का असर भी पश्चिम बंगाल की राजनीति पर पड़ रहा है।‘ ‘बांग्लादेश में दीपू दास की हत्या दुर्भाग्यपूर्ण है। बांग्लादेश में कुछ राजनीतिक पार्टियां अल्पसंख्यक हिंदुओं के खिलाफ हमलों को सीधे तौर पर न सही, लेकिन बढ़ावा देती दिख रही हैं। इन सबके नतीजे पश्चिम बंगाल में भी दिखेंगे। यहां धार्मिक आधार पर ध्रुवीकरण होना तय है। बांग्लादेश में हो रही घटनाओं की वजह से पश्चिम बंगाल में हिंदू वोटर एकजुट हो सकते हैं।‘ यदि पिछले लोकसभा और विधानसभा चुनावों के वोटिंग के आंकड़ों का एनालिसिस करें, तो साफ होता है कि पश्चिम बंगाल में दो प्रमुख राजनीतिक दलों के बीच वोट पर्सेंट का अंतर बहुत ज्यादा नहीं है। ऐसी स्थिति में अगर BJP के कोर वोट बैंक में महज 5 से 7% का भी इजाफा होता है, तो सत्ता संतुलन प्रभावित हो सकता है। 'अल्पसंख्यकों की सुरक्षा अहम, ये सियासी मुद्दा नहीं'पूर्व TMC लीडर और जादवपुर यूनिवर्सिटी के VC ओमप्रकाश मिश्रा कहते हैं, ‘भारत, बांग्लादेश, पाकिस्तान ही नहीं, दुनिया के कई देशों में अल्पसंख्यकों का उत्पीड़न होता रहा है। बांग्लादेश में जो दीपू दास के साथ हुआ, वो बहुत शर्मनाक है। इन घटनाओं का बांग्लादेश की सिविल सोसाइटी भी खुलकर विरोध कर रही है और भारत में भी विरोध किया गया। भारत हो या बांग्लादेश, अल्पसंख्यकों की सुरक्षा अहम मुद्दा है।‘ पश्चिम बंगाल में हिंदू की सुरक्षा के बारे में पूछने पर वे कहते हैं, ‘पश्चिम बंगाल में सभी मिल-जुलकर रहते हैं। यहां किसी तरह की कम्युनिटी के लिए असुरक्षा की स्थिति नहीं है। ये बात बार-बार साबित हो चुकी है। कुछ लोग इसे मुद्दा उठाकर सियासी फायदा लेने की कोशिश करते हैं।‘ ‘बाकी राज्यों में ऐसी राजनीति करके भले फायदा मिल सकता है, लेकिन पश्चिम बंगाल में ये नहीं चल पाएगी। यहां धर्म के आधार पर राजनीति करने वाला व्यक्ति या पार्टी खुद ही पिछड़ जाएगी। BJP समर्थक ये दावा करते हैं कि पश्चिम बंगाल में बड़ी संख्या में बांग्लादेशी या रोहिंग्या रह रहे हैं। अगर ऐसा है तो उन्हें इसका जवाब देश के गृह मंत्री अमित शाह से मांगना चाहिए क्योंकि देश की सुरक्षा उनकी जिम्मेदारी है।’ 'बांग्लादेश में पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे, इसका असर पश्चिम बंगाल में पड़ेगा'BJP के राज्यसभा सदस्य स्वपन दासगुप्ता कहते हैं, ‘उस्मान हादी की मौत के बाद वहां के स्टूडेंट रेवोल्यूशनरी सरकार बनाना चाहते थे। वहां हिंदुओं को टारगेट किया जा रहा है। बांग्लादेश का माहौल 1971 के मुक्ति संग्राम के उलट है। अभी वहां पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लग रहे हैं। इसका असर पश्चिम बंगाल पर तो पड़ेगा ही।‘ ‘बांग्लादेश में हुए हिंदुओं के कत्लेआम का बंगाल से सीधा तो नहीं, लेकिन इमोशनली कनेक्शन है। बांग्लादेश में हिंदुओं की सुरक्षा के लिए कुछ करना चाहिए। BJP ये मुद्दा पहले से उठा रही है। SIR में रोहिंग्याओं और बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ पहले से माहौल बना हुआ है। इसके खिलाफ भी हम 10-15 साल से लगातार आवाज उठा रहे हैं। ये दोनों हमारे लिए भी अहम मुद्दे हैं।‘ ‘पश्चिम बंगाल के हिंदुओं में इन सबको लेकर इनसिक्योरिटी है। लोग मानते हैं कि ये सब ममता बनर्जी के तुष्टीकरण के लिए हुआ है। कोई मुद्दा बनाया नहीं जा सकता, जब तक वो जनता के दिल से नहीं आता। पिछले पांच साल में हिंदुओं में इनसिक्योरिटी बढ़ी है, जिसका असर आने वाले चुनाव में दिखेगा।’...................... ये खबर भी पढ़ें... नीतीश ने हिजाब खींचा, पति ने नुसरत को कोलकाता भेजा ‘जब नीतीश कुमार ने नकाब खींचा, तो समझ नहीं आया कौन, कहां से मुझे खींच लेगा। वहां सब हंसने लगे थे। इतना कुछ पहले हो गया था, न जाने और क्या करते। मैं जल्दी-जल्दी वहां से निकली, ताकि मुझे कोई देख न ले। थोड़ी देर बाद दोबारा वहां गई अपॉइंटमेंट लेटर फाड़कर फेंकने, लेकिन तब तक सब जा चुके थे।’ नुसरत परवीन ने ये आपबीती भाई बबलू को सुनाई थी। पढ़िए पूरी खबर...
वेदांता संस्थापक अनिल अग्रवाल के पुत्र अग्निवेश का न्यूयॉर्क में निधन
वेदांता कंपनी के संस्थापक अनिल अग्रवाल के पुत्र अग्निवेश अग्रवाल (49) का न्यूयॉर्क में बुधवार को एक दुर्घटना में निधन हो गया
अमेरिका की बड़ी कार्रवाई : रूसी तेल टैंकर मैरिनो जब्त
संयुक्त राज्य अमेरिका ने उत्तरी अटलांटिक महासागर में रूसी ध्वज वाले तेल टैंकर मैरिनो को जब्त कर लिया है
सत्य साईं बाबा थे निकोलस मादुरो के 'गुरु', कैसे वेनेजुएला के घर-घर में हो गए मशहूर?
निकोलस मादुरो का जन्म कैथोलिक-बहुल देश में कैथोलिक परिवार में हुआ था. मादुरो उन प्रमुख वेनेजुएला के राजनेताओं में से थे जिन्हें दिवंगत भारतीय गुरु श्री सत्य साईं बाबा का भक्त बताया जाता था. इनमें मादुरो की पत्नी सिलिया फ्लोरेस, देश की नेशनल असेंबली की पूर्व अध्यक्ष और कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज शामिल थीं.
US New VISA Policy for Indian Student: अमेरिकी दूतावास की यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब बड़ी संख्या में भारतीय छात्र हर साल अमेरिका में उच्च शिक्षा के लिए जाते हैं, और वीज़ा नियमों को लेकर अक्सर भ्रम की स्थिति बनती रहती है. दूतावास का कहना है कि छात्रों की सुरक्षा और कानूनी स्थिति सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकता है, लेकिन इसके लिए छात्रों का सहयोग और नियमों का पालन जरूरी है.
PM Modi-Netanyahu Phone Call: भारतीय पीएम मोदी और इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू के बीच बुधवार 7 जनवरी 2026 को फोन पर बातचीत हुई. डामाडोल से गुजर रही वैश्विक राजनीति के बीच आखिर यह फोन कॉल क्या संदेश देना चाहती है?
The Fall Of Maduro: वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया का एक AI वीडियो सामने आया है. इस वीडियो में दिखाया गया है कि मादुरो को कैसे अमेरिका के सैनिको ने अपने कब्जे में लिया था.
LIVE: 7 जनवरी की बड़ी खबरें और अपडेट्स
भारत और दुनिया की अहम खबरें एक साथ, एक ही जगह पढ़ने के लिए आप सही पेज पर हैं. इस लाइव ब्लॉग को हम लगातार अपडेट कर रहे हैं, ताकि ताजा खबरें आप तक पहुंचा सकें
Bangladesh Violence: बांग्लादेश में लगातार हिंदुओं के साथ हो रही हिंसा के बीच एक और नया मामला देखने को मिला है. यहां चोरी के आरोप में एक युवक को अपनी जान गंवानी पड़ी.
Berlin power outage: बर्लिन में वामपंथी आतंकवादी हमले के कारण हजारों घरों और कारोबारों में बिजली गुल हो गई, जिससे लोगों को ठंड और अंधेरे का सामना करना पड़ा है. प्रभावित पावर ग्रिड की मरम्मत जारी है और जर्मन अधिकारी आतंकवादी गतिविधियों की जांच कर रहे हैं.
पाकिस्तान की समस्या बलोच प्रतिरोध से नहीं, पहचान से है: मानवाधिकार कार्यकर्ता
मानवाधिकार कार्यकर्ता और बलोच यकजाहती कमेटी (बीवाईसी) की नेता सम्मी दीन बलोच ने कहा है कि पाकिस्तान बलोच लोगों को एक आबादी के रूप में नहीं, बल्कि दुश्मन के तौर पर देखता है
ग्रीनलैंड खुद कर देगा सरेंडर! वेनेजुएला से भी आसान रहने वाला है ट्रंप का ये ऑपरेशन? इनसाइड स्टोरी
इस समय दुनिया में हर कोई सोच रहा है कि अमेरिका ग्रीनलैंड पर कैसे कब्जा करेगा? असल में ट्रंप के प्लान में ग्रीनलैंड की आबादी, वहां की जरूरत, डेनमार्क के रोल के साथ-साथ अमेरिका का फायदा जुड़ा है. अमेरिका इस ऑपरेशन को वेनेजुएला से थोड़ा और कम समय में पूरा करना चाहेगा. पढ़िए अंदरखाने क्या चल रहा है.
वेनेजुएला से अमेरिका को मिलेगा 50 मिलियन बैरल तेल : ट्रंप
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वेनेजुएला की अंतरिम सरकार अमेरिका को 30 मिलियन से 50 मिलियन बैरल प्रतिबंधित तेल सौंपेगी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की कि वेनेजुएला की अंतरिम सरकार 3 से 5 करोड़ बैरल तेल अमेरिका को सौंपेगी. यह तेल बाजार भाव पर बेचा जाएगा और कमाई का पैसा ट्रंप खुद कंट्रोल करेंगे, ट्रंप का यह ऐलान निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद आया है.
मादुरो के बाद अब उनके सबसे वफादार पर ट्रंप की टेढ़ी नजर, कहा,'...आपका भी यही हाल होगा'
Donald Trump: वेनेजुएला के राष्ट्रपति को अमेरिका ने गिरफ्तार कर लिया था. जिसके बाद दुनिया भर में इसकी चर्चा हो रही है. अब ट्रंप प्रशासन ने वेनेजुएला के हार्डलाइन इंटीरियर मिनिस्टर को नोटिस दिया है. जानिए उन्हें क्या चेतावनी दी गई है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड को अमेरिका का हिस्सा बनाने की जिद फिर दोहरा दी है. व्हाइट हाउस ने साफ कहा है कि ग्रीनलैंड अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बेहद अहम है और जरूरत पड़ी तो मिलिट्री ऑप्शन भी खुला है. वेनेजुएला के बाद ट्रंप की इस नई रणनीति ने डेनमार्क और NATO देशों में खलबली मचा दी है.
मोदी मुझसे खुश नहीं हैं... अब भारत के बारे में क्या बोले ट्रंप, एक दिन पहले दी थी टैरिफ की धमकी
Donald Trump: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत को लेकर बड़ा दावा किया है. उन्होंने कहा है कि पीएम मोदी मुझसे खुश नहीं है. ऐसा उन्होंने क्यों कहा है आइए जानते हैं.
Donald Trumps speech: डोनाल्ड ट्रंप ने अपने भाषण में नरेंद्र मोदी, निकोलस मादुरो और इमैनुएल मैक्रों को लेकर चौंकाने वाले दावे किए हैं, दुनिया भर की राजनीति में हलचल मचा दी है.
DNA: अमेरिकी अदालत से मादुरो को बरी कराएंगे वकील जे.पोलक! विकीलीक्स फाउंडर को कराया था 'आजाद'
DNA: खामेनेई ट्रंप की धमकियों का जवाब तेहरान में बैठकर दे रहे हैं और निकोलस मादुरो अमेरिका की अदालत में खड़े होकर ट्रंप को कड़ी टक्कर दे रहे हैं. दरअसल अमेरिका अपनी न्याय प्रणाली को सबसे निष्पक्ष बताता है. अब उसी का सहारा लेकर मादुरो अमेरिका में खुद को बेगुनाह साबित करने में लगे हैं. गिरफ्तारी के बाद मादुरो को पहली बार न्यूयॉर्क के फेडरल कोर्ट में पेश किया गया. जहां उन्होंने खुद पर लगे आरोपों को बेबुनियाद बताया. कोर्ट में पेशी के दौरान क्या-क्या हुआ. मादुरो की तरफ से केस लड़ने वाला वकील कौन है?.
DNA: '7 डॉलर' से बचेगी खलीफा की सल्तनत? ईरान में हाहाकार के बीच खामेनेई ने चली आखिरी चाल
Iran News:जिन प्रदर्शनकारियों को खामेनेई दंगाई कह रहे थे, जिनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए थे. अब उनके प्रदर्शन से परेशान होकर वो आर्थिक पैकेज का एलान कर रहे हैं. 36 साल पुरानी सत्ता जाने का डर इस कदर हावी है कि उन्हें अपना खजाना खोलना पड़ा. अब पैसे के दम पर वो सड़कों पर उतरे लोगों को शांत करना चाहते हैं.
DNA: 21वीं सदी में 'हिटलर रिटर्न्स'! क्यों हो रही ट्रंप और जर्मन तानाशाह की तुलना?
Donald Trump & Hitler:सोशल मीडिया पर कोई कह रहा है कि जिस तरह हिटलर ने 1930 में पूरी दुनिया को अस्थिर कर दिया था, ठीक उसी तरह ट्रंप भी 21वीं सदी की दुनिया को अस्थिर कर रहे हैं. कहने वाले तो ये तक कह रहे हैं कि ट्रंप सिर्फ नाम के रिपब्लिकन हैं, उनकी असली तासीर तो हिटलर का फासीवाद है.
DNA: 72 घंटे बाद विश्वयुद्ध की शुरुआत! चीन, रूस और इंडोनेशिया ने दक्षिण अफ्रीका में निकाले अस्त्र
DNA: आज सबसे पहले हम दुनिया के सामने सबसे बड़े खतरे को लेकर बात करेंगे. ऐसे समय में जब अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप को रोकना, दुनिया के लिए मुश्किल हो रहा है. तब एक नए विश्वयुद्ध की आहट सुनाई पड़ रही है. आज आपको पता चलेगा अब से ठीक 72 घंटे बाद कैसे दुनिया एक नए विश्वयुद्ध की चिंगारी देखने जा रही है. आज आप जानेंगे रूस और चीन ने कैसे ईरान के लिए अपने अपने हथियार उतार दिये हैं.
फिलीपींस में मेयोन ज्वालामुखी के अलर्ट का स्तर लेवल-3 पर पहुंचा
फिलीपींस के ज्वालामुखी वैज्ञानिकों ने मंगलवार को लूजोन द्वीप पर अल्बे प्रांत में मेयोन ज्वालामुखी के अलर्ट का स्तर बढ़ाकर अलर्ट लेवल 3 कर दिया
US-Venezuela Conflict: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हिरासत पर लेने के बाद बयान जारी किया है. उन्होंने राष्ट्रपति की गिरफ्तारी को सही ठहराते हुए अपने देश के हथियारों की तारीफ की.
क्या ट्रंप के ग्रीनलैंड पर कब्जे के प्लान पर लगेगा पलीता? टेंशन में यूरोप, 7 देशों का आया बयान
European Countries Joint Statement On Greenland: ट्रंप की ओर से ग्रीनलैंड पर दिए गए बयान ने यूरोप में चिंता बढ़ा दी है. ऐसे में यूरोपीय देशों ने एक जॉइंट स्टेटमेंट जारी किया है.
Manohara Odelia: शादी के एक साल बाद वो शाही यात्रा के दौरान 2009 में सिंगापुर के होटल से भाग गई, जिसके बाद वो अपनी मां और अमेरिकी दूतावास की मदद से इंडोनेशिया लौट पाने में सफल हो पाई.
DNA: वेनेजुएला में एक और 'तख्तापलट' होगा? ट्रंप के प्लान B के खिलाफ पक्ष-विपक्ष एकजुट!
वेनेजुएला के राष्ट्रपति का अपहरण करने के बाद प्रेसिडेंट ट्रंप की अराजकता लगातार बढ़ रही है ये सच है, लेकिन सवाल है, क्या मादुरो को उठाकर ले जाने के बाद वेनेजुएला पर क्या ट्रंप का पूरी तरह से कब्जा हो पाएगा? या फिर वेनेजुएला में एक और तख्तापलट होने वाला है? ये सवाल क्यों उठ रहे हैं, इसका विश्लेषण हम आगे करेंगे .
2025 में एविएशन इंडस्ट्री में पंक्चुअलिटी की रिपोर्ट आई है. इस्तांबुल एयरपोर्ट को प्लेटिनम विनर चुना गया, जबकि कतर एयरवेज एयरलाइंस में टॉप पर है. सैंटियागो एयरपोर्ट सबसे पंक्चुअल लार्ज एयरपोर्ट में शामिल हुआ है. एयरोमेक्सिको रिपोर्ट में क्या कोई भारतीय भी शामिल हैं. जानें पूरी बात.
No women on tickets of 30 partiesIn Bangladesh:बांग्लादेश के आने वाले चुनाव में महिलाओं की हालत देखकर आप सब दंग रह जाएंगे. 51 में से 30 पार्टियों ने एक भी महिला को टिकट ही नहीं दिया है. जबकि कुल उम्मीदवारों में सिर्फ 4.24% महिलाएं है. यह हम नहीं कह रहे आप एक बार चुनाव आयोग का डेटा देख लीजिए.
अमेरिका की वेनेजुएला से युद्ध की कोई मंशा नहीं - ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका वेनेजुएला के साथ किसी युद्ध में नहीं है और वहां जल्द चुनाव कराने का कोई दबाव भी नहीं डालेगा
ट्रंप का दावा– टैरिफ से अमेरिका को 600 अरब डॉलर की आमदनी
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि टैरिफ (शुल्क) के जरिए अमेरिका अब तक 600 अरब डॉलर से अधिक की राशि हासिल कर चुका है और आने वाले समय में और भी रकम मिलेगी
दुनिया भर में अपनी सनक, परमाणु धमकियों और सख्त शासन के लिए पहचाने जाने वाले उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग का एक ऐसा रूप दुनिया ने देखा, जिसे देखकर हर कोई हैरान रह गया. किम फावड़ा लेकर जमीन खोदते दिखे, वो भी अपनी पत्नी री सोल-जू और बेटी जू-एके साथ. जिसके बाद ये तस्वीरों की खूब चर्चा हो रही है. जानते हैं इन तस्वीरों के पीछे की कहानी.
वेनेजुएला में अमेरिकी दखल, ट्रंप की तेल रणनीति पर उठे सवाल
वेनेजुएला में अमेरिकी सैनिकों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर जो हमले किए और जिस तरह से वहां के तत्कालीन राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को उनकी पत्नी के साथ उठाकर लाया गया
Iran: ईरान में चल रहे आर्थिक विरोध प्रदर्शनों में अब तक 35 लोगों की मौत हो गई है और 1200 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है. यह जानकारी अमेरिका स्थित मानवाधिकार एजेंसी ने दी.
भारत के पड़ोसी देश नेपाल में सांप्रदायिक तनाव, सीमावर्ती शहर बीरगंज में कर्फ्यू लागू
नेपाल में 2025 के जेनजी आंदोलन के दौरान तख्तापलट के बाद अब 5 मार्च 2026 को आम चुनाव होने जा रहा है। हाल ही में वहां सांप्रदायिक घटनाएं भी देखने को मिलीं
Hindus in Bangladesh: बांग्लादेश में सोमवार रात 2 हिंदू व्यक्तियों की हत्या हुई जो पिछले 24 घंटों में ऐसी दूसरी घटना थी. नरसिंगदी में मोनी चक्रवर्ती पर धारदार हथियार से हमला किया गया, जबकि जशोर में राणा प्रताप को गोली मारकर और गला काटकर हत्या की गई.
वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद अब कोलंबिया और अमेरिका के रिश्तों में भारी तनाव दिख रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकी पर कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने तीखा जवाब दिया है. पेट्रो ने साफ कहा कि उन्होंने हथियार छोड़े हैं, लेकिन चलाना नहीं भूले और जरूरत पड़ी तो देश के लिए जंग तक लड़ेंगे.जानें पूरी कहानी.
वेनेजुएला के राष्ट्रपति पैलेस में फिर गोलीबारी, खुले में हथियार लेकर घूमते दिखे लोग, देखिए VIDEO
Venezuela: वेनेजुएला की राजधानी काराकास के मिराफ्लोरेस राष्ट्रपति भवन के पास भारी गोलीबारी की खबर आई, जो राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद हुई. सोशल मीडिया पर वीडियो में हथियारबंद सैनिक और बख्तरबंद गाड़ियां दिखीं.
वेनेजुएला के नेता निकोलस मादुरो जो अमेरिका में नारको-टेररिज्म के आरोपों में गिरफ्तार हैं, उन्होंने अमेरिका के मशहूर वकील बैरी जे. पोलैक को अपना बचाव करने के लिए नियुक्त किया है. पोलैक ने जूलियन असांजे की रिहाई जैसे बड़े केस जीते हैं. जिनके बारे में बहुत सारी कहानी फेमस है. जानते हैंबैरी पोलैक की कहानी.
Iran: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम के साथ 'मेक ईरान ग्रेट अगेन' हैट पर हस्ताक्षर किए. ग्राहम ने सोशल मीडिया पर तस्वीर शेयर करते हुए कहा कि ट्रम्प ने अमेरिका को मजबूत किया है और ईरान के प्रदर्शनकारियों के समर्थन में आशीर्वाद की कामना की.
Nikita Godishala murder case: अमेरिका में रह रही हैदराबाद की युवती निकिता गोदिशाला की हत्या के मामले में पिता ने साफ किया कि आरोपी अर्जुन शर्मा उसका एक्स-बॉयफ्रेंड नहीं, बल्कि पूर्व रूममेट था. परिवार ने आरोपी की जल्द गिरफ्तारी और निकिता के शव को भारत लाने की मांग की है, ताकि उसे न्याय मिल सके.
Venezuela Acting President: वेनेजुएला की राजधानी कराकस में सोमवार को डेल्सी रोड्रिगेज ने देश की कार्यवाहक राष्ट्रपति के तौर पर पद संभाल लिया है. यह शपथ ऐसे समय में हुई है जब कुछ घंटे पहले ही अमेरिका ने एक सैन्य अभियान के तहत राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़कर न्यूयॉर्क ले जाया था. वहां मादुरो ने अदालत में खुद को निर्दोष बताया.
DNA: सिर्फ दुश्मन नहीं..'दोस्त भी नपेंगे'! ग्रीनलैंड के पास ट्रंप के 'घातक' क्यों तैनात?
Trump Greenland Plan: ट्रंप अब दोस्त से भी दुश्मन जैसा सलूक कर रहे हैं. इस लिस्ट में वेनेजुएला के बाद अब यूरोप के एक इलाके का नंबर आ गया है. इससे पहले क्यूबा, कोलंबिया या ईरान को ट्रंप का अगला टारगेट माना जा रहा था. लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति के नए एलान ने सहयोगी यूरोपीय देशों को चौंका दिया है.
बांग्लादेश की राजधानी ढाका की गोपालगंज सीट से पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना चुनाव लड़ा करती थीं। इस सीट से इस बार हिंदूवादी नेता और वकील गोबिंद चंद्र प्रमाणिक निर्दलीय चुनाव लड़ने वाले थे। उनका नामांकन चुनाव आयोग ने रद्द कर दिया। गोबिंद बांग्लादेश जातीय हिंदू महाजोत के महासचिव हैं। आरोप है कि उनका नामांकन हिंदू होने की वजह से रद्द किया गया है। दैनिक भास्कर ने गोबिंद चंद्र प्रमाणिक से बात की है। पढ़िए, देखिए और सुनिए पूरा इंटरव्यू… सवाल: चुनाव आयोग ने आपका नामांकन रद्द करने की क्या वजह बताई है?जवाब: मैंने गोपालगंज-3 सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर नामांकन किया था। यहां निर्दलीय उम्मीदवार को नामांकन करने के लिए कुल वोटर के एक फीसदी के साइन करवाकर चुनाव आयोग के पास जमा करना होता है। मैंने भी साइन करवाकर लिस्ट दी थी। चुनाव आयोग के लोग लिस्ट वेरिफाई करने पहुंचे, तो लोग मुकर गए। एक रात पहले ही बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के नेताओं ने घर-घर जाकर उन लोगों को धमकी दी थी कि तुम लोगों को गिरफ्तार कर लेंगे। एक हिंदू नेता तापोश हलदार ने नामांकन दाखिल किया था, उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। दो और हिंदुओं ने चुनाव लड़ने का ऐलान किया, तो उन्हें भी धमकी दी गई। सवाल: क्या हिंदू समुदाय से होने की वजह से आपका नामांकन रद्द किया गया है?जवाब: बांग्लादेश में हिंदुओं को हमेशा नजरअंदाज किया गया है। यहां के मुस्लिम नहीं चाहते कि हिंदू चुनकर संसद में आएं। हिंदू समुदाय के कुछ नेता संसद पहुंचे, लेकिन ज्यादातर बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी, जमात-ए-इस्लामी या अवामी लीग से थे। कोई भी हिंदू नेता निर्दलीय चुनाव लड़कर संसद नहीं पहुंच पाता। वे नहीं चाहते कि हिंदुओं की आवाज वहां पहुंचे। वे चाहते हैं कि एक-दो हिंदू नेता उनके हिसाब से चुनकर आएं। सवाल: आप निर्दलीय चुनाव क्यों लड़ना चाहते हैं, किसी पार्टी के टिकट पर भी तो लड़ सकते थे?जवाब: मैंने ये बीड़ा उठाया है कि कम से कम एक सीट से ऐसा उम्मीदवार संसद पहुंचे जो हिंदुओं की आवाज उठाए। इसलिए मुझे रोकने के लिए सभी हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। मुझे भरोसा है कि वे ऐसा नहीं कर पाएंगे। मैं चुनाव आयोग में इसके खिलाफ अपील करूंगा, हाईकोर्ट जाऊंगा। मुझे भरोसा है कि मेरी जीत होगी और मैं नामांकन कर पाऊंगा। सवाल: क्या बांग्लादेश में चुनाव आयोग निष्पक्ष रूप से काम कर रहा है?जवाब: इलेक्शन कमीशन हमेशा BNP और अवामी लीग के इशारे पर काम करता रहा है। अवामी लीग सत्ता में रहती है, तो उसकी चलती है। अभी BNP की चल रही है। बांग्लादेश में चुनाव आयोग और अदालतें आजाद नहीं रहीं। सत्ता में जो रहता है, उसी के कहने पर काम करते हैं। सत्ता में रही पार्टियां एक-दो सीटों पर दिखाने के लिए हिंदू नेताओं को लड़ने देते हैं, लेकिन ये सिर्फ दिखावा है। सवाल: चुनाव आयोग पर किसका दबाव है?जवाब: सचिवालय, सेक्रेटरी, पुलिस, इन सभी को BNP और जमात-ए-इस्लामी अपने कब्जे में रखते हैं। संस्थाएं आजाद नहीं हैं। पार्टियां जैसा कहती हैं, वे वैसा ही करती हैं। रिटर्निंग ऑफिसर और जिलाधिकारी बहुत बेबस हैं। मैंने एसपी से शिकायत की है। उन्होंने कहा है कि मैं इस मामले में जांच करूंगा। कई हिंदुओं ने नामांकन दाखिल किया है। जिन्हें कम वोट मिलने वाले होते हैं, उन्हें चुनाव लड़ने देते हैं। जीतने वाले उम्मीदवार को चुनाव लड़ने से रोकने की कोशिश करते हैं। सवाल: बांग्लादेश में डॉ. यूनुस की अंतरिम सरकार है, क्या उनकी कोई नहीं सुन रहा?जवाब: डॉ. यूनुस चुनाव करवाकर निकलना चाहते हैं। अब उनसे यहां रहा नहीं जा रहा है। स्टूडेंट लीडर्स डॉ. यूनुस को दबाव में रखते हैं, वे खुलकर काम नहीं कर पा रहे हैं। इसलिए चाहते हैं कि जिस तरह भी हो, किसी को सत्ता सौंपकर निकल जाएं। सवाल: पिछले दिनों हिंदू युवक दीपू चंद्र दास को मारकर जला दिया गया। बांग्लादेश में हिंदुओं की क्या स्थिति है?जवाब: पुलिस ने दीपू चंद्र दास के केस में सख्ती से कार्रवाई की और आरोपियों को जल्द हिरासत में ले लिया। हालांकि देश में हर तरफ हिंदू विरोधी भावना फैल चुकी है। ये शेख हसीना के वक्त से ही चला आ रहा है। काफी तादाद में मस्जिद और मदरसे बनाए गए हैं। इसकी वजह से पूरे बांग्लादेश में कट्टरता फैली है। कट्टर लोग हिंदुओं को निशाना बनाते हैं, लेकिन सरकार काम कर रही है। आरोपियों को जितना जल्दी गिरफ्तार किया जा रहा है, ऐसा अवामी लीग की सरकार में भी नहीं होता था। सवाल: चुनाव में हिंदुओं की भागीदारी के लिए क्या किया जाना चाहिए?जवाब: हमने भारत की सरकार और लोगों से गुहार लगाई है कि हिंदुओं के लिए अलग निर्वाचन (सेपरेट इलेक्टोरेट) होना चाहिए। हमने भारत सरकार से कहा था कि वो शेख हसीना से मांग करे कि हिंदुओं के लिए संसद में सीटें रिजर्व हों, अलग से चुनाव प्रकिया हो। हिंदुओं के लिए 40-45 सीटें आरक्षित करने की मांग हमने पहले ही की है। तब हिंदू मजबूती से संसद में चुनकर आएंगे। सवाल: बांग्लादेश की पार्टियां क्या हिंदुओं की भागीदारी के बारे में नहीं सोचतीं?जवाब: बांग्लादेश में सभी हिंदू अलग चुनाव प्रणाली चाहते हैं। अवामी लीग सत्ता में थी, तो जमात भी ये मांग उठाता था। उन्हें लगता है कि इससे अवामी लीग के वोट कम होंगे। अब जमात का रवैया ऐसा कि हिंदू वोट दे या ना दे, क्या ही फर्क पड़ता है। BNP भी पहले कहती थी कि वो हिंदुओं के लिए 30 सीटें आरक्षित रखेगी, लेकिन उनमें वो ऐसे ही हिंदुओं को रखेगी, जो हिंदुओं के खिलाफ ही काम करते। अब BNP भी ये बात भूल चुकी है। उन्हें भी 8% हिंदुओं के वोट देने या न देने से फर्क नहीं पड़ता। सवाल: क्या कोई भी पार्टी हिंदू आबादी के साथ नहीं है?जवाब: बांग्लादेश में तो सारी पार्टियां कट्टर विचारधारा वाली हैं। कुछ पार्टियां कहती हैं कि हम सेक्युलर हैं, लेकिन अंदर से सभी एक जैसे कट्टर हैं। जमात-ए-इस्लामी खुलकर धर्म की राजनीति करती है, लेकिन दूसरी पार्टियां अंदर से जमात की तरह हैं। सवाल: आप वकील हैं, क्या कोर्ट में आपके साथ कभी भेदभाव हुआ है?जवाब: कोर्ट में पढ़े-लिखे लोग आते हैं। वकीलों और जजों के बीच मुझे भेदभाव नहीं झेलना पड़ा। जज भी बहुत संवेदनशील तरीके से बर्ताव करते हैं। शहरों और गांवों में सांप्रदायिक भावना ज्यादा है। पढ़े-लिखे लोगों की आबादी बहुत कम है। सवाल: अल्पसंख्यकों की बातें सुनी जाएं, इसके लिए आप क्या कर रहे हैं?जवाब: अभी तो सारी दुनिया की मीडिया की नजर बांग्लादेश पर है। मेरा नामांकन रद्द होने की खबर भी पूरी दुनिया में पहुंची है। इससे सरकार पर दबाव बना है। ऐसी छवि बनी है कि सरकार निष्पक्ष चुनाव नहीं करवा पा रही। सरकार अभी से अलर्ट हो रही है कि अल्पसंख्यकों के साथ गलत न हो। हमारी यूरोपियन यूनियन के साथ भी मीटिंग है। वे भी इस कोशिश में हैं कि अल्पसंख्यक समुदाय के लोग भी चुनाव में आ सकें, लेकिन देश के मुसलमान इस कोशिश में हैं कि ऐसा न हो पाए। हम दुनिया के लोगों से कहना चाहते हैं कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदाय को हाशिए पर धकेला जा रहा है। सारी संस्थाएं और भारत, अमेरिका जैसे देशों को आवाज उठानी चाहिए कि हमारे हितों की रक्षा हो। महिलाओं के हक के लिए सब जैसे आवाज उठाते हैं, वैसे ही बांग्लादेश के अल्पसंख्यकों के लिए भी आवाज उठाएं। शेख हसीना की सरकार गिरने के 18 महीने बाद चुनावबांग्लादेश में शेख हसीना की सरकार 5 अगस्त 2024 को छात्रों के आंदोलन के बाद गिर गई। इसके बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया और भारत आ गईं। 8 अगस्त को नोबेल पुरस्कार विजेता मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार बनाई गई। अंतरिम सरकार ने बांग्लादेश में 6 महीने में चुनाव कराने का वादा किया। हालांकि बाद में डेडलाइन बढ़ा दी गई और अब 12 फरवरी 2026 को चुनाव होंगे। पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया की पार्टी सबसे ताकतवरशेख हसीना के बांग्लादेश छोड़ने के बाद पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया की पार्टी BNP बांग्लादेश की सबसे बड़ी पार्टी बन गई है। 30 दिसंबर को खालिदा जिया का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। अब BNP की कमान खालिदा के बेटे तारिक रहमान के पास है। तारिक 17 साल के निर्वासन के बाद 25 दिसंबर को लंदन से बांग्लादेश लौटे हैं। ढाका एयरपोर्ट पर उनके स्वागत के लिए BNP के करीब 1 लाख कार्यकर्ता पहुंचे थे। रहमान ने 29 दिसंबर को ढाका-17 और बोगुरा-6 सीट से नामांकन दाखिल किया है। बोगुरा-6 रहमान की मां खालिदा जिया की सीट रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, तारिक रहमान BNP के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार हो सकते हैं। बांग्लादेश में दो हफ्ते में 4 हिंदुओं की हत्याबांग्लादेश में बीते दो हफ्ते में 4 हिंदुओं की हत्या कर दी गई। ये घटनाएं मैमन सिंह, राजबाड़ी, शरियतपुर और जेसोर में हुई हैं। .................................... बांग्लादेश से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें... बेटे को मारकर जलाया, फिर परिवार को घर छोड़ने की धमकी बांग्लादेश की राजधानी ढाका से करीब 80 किलोमीटर दूर, खेतों के बीच दो कच्चे घर बने हैं। इन्हीं में से एक 25 साल के दीपू चंद्र दास का है। 18 दिसंबर की रात दीपू को भीड़ ने ईशनिंदा के आरोप में पीट-पीटकर मार डाला। इसके बाद उसकी डेडबॉडी जला दी गई। परिवार को सरकार से मदद तो नहीं मिली, बल्कि गांव वाले घर छोड़कर जाने के लिए धमकी दे रहे हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें...
बांग्लादेश में अभी भी निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव कराने के हालात नहीं हैं : जमात-ए-इस्लामी पार्टी
बांग्लादेश में चुनावी सुगबुगाहट तेज होने के बीच राजनीतिक दलों में जारी आंतरिक कलह भी उजागर हो रही है
ताइवान का आरोप– चीन कर रहा सीमा-पार दमन और डिजिटल सत्तावाद
ताइवान सरकार ने चीन पर सीमा-पार दमन (ट्रांसनेशनल रिप्रेशन) का आरोप लगाया है

