...

Hormuz पर America का कड़ा रुख, तेहरान को दी चेतावनी!

ईरान को लेकर डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर सख्त चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य जल्द नहीं खुला तो अमेरिका कड़ी सैन्य कार्रवाई कर सकता है. दूसरी ओर ईरान और ओमान के बीच जहाजों की सुरक्षित आवाजाही को लेकर बातचीत जारी है. हालांकि अब तक किसी अंतिम समझौते की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और कूटनीतिक प्रयास लगातार जारी हैं.

आज तक 5 Aug 2026 1:57 pm

Pakistan में कुछ बड़ा होने वाला है? विदेशी मीडिया पर बैन, बाहर जाने के लिए पत्रकारों को लेना होगा NOC

पाकिस्तान ने विदेशी पत्रकारों पर नई पाबंदियां लगाई हैं। अब उन्हें कुछ चुनिंदा बड़े शहरों से बाहर जाने के लिए खास मंज़ूरी लेनी होगी। 'द डॉन' की रिपोर्ट के मुताबिक, हाल ही में घोषित 'विदेशी मीडिया सुविधा गाइडलाइंस, 2026' के तहत पाकिस्तान सरकार ने सभी विदेशी मीडिया कर्मियों के लिए इस्लामाबाद, लाहौर और कराची के बाहर किसी भी जगह से रिपोर्टिंग करने से पहले सूचना और प्रसारण मंत्रालय से 'नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट' (NOC) लेना ज़रूरी कर दिया है। इस फ़ैसले को देश में चल रही राजनीतिक और आर्थिक उथल-पुथल के बीच निगरानी और सख़्ती बढ़ाने की एक बड़ी कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। नए नियमों के तहत पत्रकारों की आवाजाही पर सरकार का नियंत्रण काफी बढ़ गया है। प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक या डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़े विदेशी पत्रकारों को अब तीन तय शहरों के बाहर सामान्य समाचार रिपोर्ट, डॉक्यूमेंट्री या सोशल मीडिया कंटेंट बनाने के लिए भी पहले से मंज़ूरी लेनी होगी। इसे भी पढ़ें: ISI की Jantar Mantar पर हमले की बड़ी साजिश नाकाम, Amritsar से 9 आतंकी गिरफ्तार यहाँ तक कि घूमने-फिरने के लिए की जाने वाली यात्राओं पर भी कोई छूट नहीं है। एबटाबाद या मरी जैसे लोकप्रिय हिल स्टेशनों पर जाने की योजना बना रहे पत्रकारों को मंज़ूरी के लिए आवेदन करना होगा, और मंज़ूरी मिलने में तीन कामकाजी दिनों तक का समय लग सकता है। यात्रा पर लगी पाबंदियों के अलावा, पाकिस्तान ने रजिस्ट्रेशन की एक व्यापक व्यवस्था भी लागू की है। सभी विदेशी मीडिया संगठनों, फ्रीलांसरों, फिक्सरों और यहां तक ​​कि अंतरराष्ट्रीय आउटलेट्स के साथ काम करने वाले स्थानीय योगदानकर्ताओं को मंत्रालय के 'एक्सटर्नल पब्लिसिटी विंग' द्वारा संचालित एक सेंट्रलाइज्ड ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से रजिस्ट्रेशन कराना होगा। विदेशों में रहने वाले और विदेशी प्रकाशनों में योगदान देने वाले पाकिस्तानी पत्रकारों को भी इस दायरे में लाया गया है, जिसके लिए राजनयिक मिशनों के माध्यम से अतिरिक्त वेरिफिकेशन की आवश्यकता होगी। इसे भी पढ़ें: मुनीर-नकवी ने मिलकर कर दिया खेल, पाकिस्तान में तख्तापलट होने वाला है? गाइडलाइंस में यह भी अनिवार्य किया गया है कि विदेशी मीडिया की सहायता करने वाले सभी सहयोगियों - जिनमें प्रोडक्शन हाउस और गैर-पत्रकार भी शामिल हैं। अधिकारियों के पास रजिस्ट्रेशन कराना होगा। हालांकि सरकार ने कहा है कि रजिस्ट्रेशन से कोई आधिकारिक दर्जा नहीं मिलता है, लेकिन असल में इससे विदेशी रिपोर्टिंग से जुड़े लोगों का एक व्यापक डेटाबेस तैयार हो जाता है। मान्यता (एक्रेडिटेशन) की प्रक्रिया को भी सख्त कर दिया गया है। अब पत्रकारों को सालाना या कम समय के लिए प्रेस कार्ड के लिए आवेदन करना होगा। ये कार्ड मांगे जाने पर दिखाने होंगे और कार्यकाल खत्म होने या संबद्धता (एफिलिएशन) बदलने पर इन्हें वापस करना होगा। रजिस्ट्रेशन के बाद भी मान्यता को मंज़ूरी मिलने में कई हफ़्ते लग सकते हैं, जिससे रिपोर्टिंग के काम में देरी हो सकती है। जानकारों का कहना है कि ये कदम पाकिस्तान के सिस्टम में बढ़ती बेचैनी को दिखाते हैं, क्योंकि वह कई संकटों से जूझ रहा है - जैसे राजनीतिक अस्थिरता, आर्थिक दबाव और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की कड़ी नज़र। ज़मीनी स्तर पर पहुँच को सीमित करने और अफ़सरशाही की रुकावटें बढ़ाने वाले इस नए नियम-कानून से स्वतंत्र रिपोर्टिंग मुश्किल हो सकती है और संवेदनशील इलाकों से कवरेज सीमित हो सकता है। इस कदम की आलोचना ग्लोबल मीडिया संस्थाओं और प्रेस की आज़ादी की वकालत करने वालों द्वारा किए जाने की संभावना है, जिन्होंने पाकिस्तान में स्वतंत्र पत्रकारिता के लिए कम होती जगह पर बार-बार चिंता जताई है।

प्रभासाक्षी 5 Aug 2026 1:20 pm

हम भारत संग अपने रिश्ते नहीं बिगाड़ना चाहते हैं...शेख हसीना के कार्यक्रम से नई दिल्ली ने बनाई दूरी, बांग्लादेश ने भी बदले अपने सुर

बांग्लादेश की विदेश राज्य मंत्री शामा ओबेद ने मंगलवार को कहा कि ढाका पड़ोसी देश भारत के साथ अपने रिश्ते खराब नहीं करना चाहता और दोनों देशों के बीच अच्छे संबंध हैं। यह बयान नई दिल्ली में 5 अगस्त को होने वाले एक प्रस्तावित मीडिया इवेंट के संदर्भ में आया है, जो बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के देश से हटने की बरसी पर आयोजित किया जा रहा है। हसीना, जो 2024 से भारत की राजधानी में रह रही हैं, फॉरेन कॉरेस्पोंडेंट्स क्लब द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में वर्चुअली शामिल होंगी। अगस्त 2024 में छात्रों के बड़े पैमाने पर हुए विरोध-प्रदर्शन के बाद बांग्लादेश अवामी लीग (BAL) की सरकार गिरने के बाद यह उनकी पहली सार्वजनिक उपस्थिति होगी। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए शमा ओबेद ने कहा कि हम भारत के साथ अच्छे संबंध चाहते हैं। हम नहीं चाहते कि भारत के साथ हमारे संबंध खराब हों या उन पर कोई असर पड़े। उम्मीद है कि भारत इस बात को समझेगा। इस बात को दोहराते हुए कि केंद्र सरकार का इस प्रस्तावित कार्यक्रम से कोई लेना-देना नहीं है, उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि उसका इससे कोई संबंध नहीं है। इसे भी पढ़ें: Sheikh Hasina के प्रस्तावित संबोधन पर MEA का बड़ा बयान, भारत सरकार की इसमें कोई भूमिका नहीं भारत ने शेख हसीना की प्रेसवार्ता की योजना से खुद को अलग किया भारत ने कहा कि बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के इस सप्ताह नयी दिल्ली में ऑनलाइन प्रेसवार्ता करने की योजना से उसका कोई लेना-देना नहीं है। हसीना भारत आने के बाद बुधवार शाम को पहली बार मीडिया से बातचीत करने वाली हैं। यह प्रेसवार्ता बांग्लादेश में सरकार विरोधी व्यापक प्रदर्शनों के बाद ढाका से हसीना के भारत आने के दो साल बाद हो रही है। ढाका ने सोमवार को इस मामले पर भारत से स्पष्टीकरण मांगा। बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान के विदेश मामलों के सलाहकार हुमायूं कबीर ने कहा कि भारत में होने वाली यह प्रस्तावित सार्वजनिक बातचीत हाल के महीनों में दोनों पक्षों के रिश्तों में आए सकारात्मक माहौल को नुकसान पहुंचा सकती है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि आप जिसकी (प्रेसवार्ता की) बात कर रहे हैं, उसे एक निजी मीडिया संस्था आयोजित कर रहा है। सरकार की इसमें कोई भूमिका नहीं है और न ही वह इस मंच पर व्यक्त किए जाने वाले किसी भी विचार का समर्थन करती है। जायसवाल अपनी प्रेसवार्ता के दौरान हसीना से जुड़े एक सवाल का जवाब दे रहे थे। हसीना की फॉरेन कॉरेस्पोंडेंट्स क्लब में ऑनलाइन माध्यम से प्रेसवार्ता को संबोधित करने की योजना है। पूर्व प्रधानमंत्री हसीना के बेटे साजीब वाजेद जॉय और अवामी लीग के कई अन्य नेता, जिनमें मोहिबुल हसन चौधरी नौफेल और शाकिब अल हसन शामिल हैं, इस प्रेसवार्ता में अपनी बात रख सकते हैं। हसीना अगस्त 2024 में सरकार विरोधी व्यापक आंदोलन के कारण अपनी सरकार गिरने के बाद ढाका से भारत आ गई थीं। इसे भी पढ़ें: BRICS शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए बांग्लादेश को निमंत्रण तसलीमा नसरीन ने की मांग- लोकतांत्रिक प्रक्रिया में हिस्सा लेने की अनुमति दी जानी चाहिए बांग्लादेश से निर्वासित लेखिका तसलीमा नसरीन ने कहा कि अपदस्थ बांग्लादेशी प्रधानमंत्री शेख हसीना को स्वदेश लौटने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में हिस्सा लेने की अनुमति दी जानी चाहिए। हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बाद पांच अगस्त 2024 को हसीना की सरकार गिर गई थी, जिसके बाद उन्हें देश छोड़ना पड़ा था। इस घटनाक्रम की दूसरी बरसी से एक दिन पहले तसलीमा ने यह बात कही है। उन्होंने कहा कि हसीना की पार्टी अवामी लीग पर से प्रतिबंध भी हटना चाहिए ताकि वह लोकतांत्रिक क्रियाकलापों में भाग ले सके। जबरन कोलकाता छोड़ने के 19 साल बाद नसरीन शहर के दौरे पर हैं। वह पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के पानिहाटी में समाज सुधारक बेगम रुकय्या की कब्र पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद सभा को संबोधित कर रही थीं। नसरीन ने कहा, “किसी भी राजनीतिक दल पर प्रतिबंध नहीं लगना चाहिए। शेख हसीना को जिस तरह देश छोड़ने के लिए मजबूर किया गया, उस पर सवाल उठते हैं। अवामी लीग पर प्रतिबंध लगाना सही नहीं था। यह लोकतंत्र के खिलाफ कदम था। मैं चाहती हूं कि यह प्रतिबंध जल्द से जल्द हटा लिया जाए।

प्रभासाक्षी 5 Aug 2026 1:07 pm

2 साल बाद आज क्या कहेंगी शेख हसीना, भारत से क्यों उलझा बांग्लादेश?

बांग्लादेश इन दिनों घबराया हुआ है। इसकी बजाय देश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को लेकर हुई नई घोषणा। आज बांग्लादेश में हुए तख्तापलट को दो साल हो गए हैं। इस तख्तापलट के बाद आज पहली बार पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना सबके सामने आने वाली हैं। शेख हसीना शाम 6 बजे आज मीडिया को संबोधित करने वाली हैं। 5 अगस्त 2024 को हुए इस तख्तापलट का मुख्य कारण बना था छात्रों का आंदोलन। छात्रों का आंदोलन इतना हिंसक हो गया था कि तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना को अपना ही देश छोड़ना पड़ गया था। 2 साल से शेख हसीना भारत में निर्वासन कर रही थी। लेकिन आज वे मीडिया के सामने आने वाली हैं। इसे भी पढ़ें: विदेश मंत्रालय का Pakistan पर तीखा प्रहार, PoK Elections को बताया ढकोसला, Sheikh Hasina और China से संबंधों को लेकर भी कह दी बड़ी बात दरअसल बांग्लादेश छोड़कर भारत में शरण लेने वाली शेख हसीना दो सालों में पहली बार मीडिया से लाइव जुड़ेंगी। वह मीडिया से सीधा मुखातिब होंगी और उनके सवालों के जवाब भी देंगी। इस कार्यक्रम के ऐलान के बाद से बांग्लादेश बेचैन हो गया है। ढाका ने भारत से इस कार्यक्रम को रोकने की गुहार लगाई है। हालांकि भारत ने बांग्लादेश को टका सा जवाब दे दिया। बता दें आपको बांग्लादेश में अगस्त 2024 में हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बाद शेख हसीना देश छोड़कर भारत आ गई थी और तब से यहां किसी गुप्त स्थान पर रह रही हैं। बुधवार को वे वर्चुअल तरीके से विदेशी पत्रकार क्लब में एक प्रेस वार्ता को संबोधित करेंगी। इससे पहले उन्होंने सिर्फ लिखित बयान ही जारी किए थे। अब भारत पहुंचने के बाद वह पहली बार वर्चुअल तरीके से ही सही पहली बार लोगों से रूबरू होंगी। बांग्लादेश सरकार ने इस आयोजन पर सवाल उठाए। बांग्लादेश के विदेशी राज्य मंत्री शमा ओबेद इस्लाम ने बयान दिया है कि एक भगोड़े नेता को भारत किस आधार पर ऐसी राजनीतिक गतिविधियों की अनुमति दे रहा है। उन्होंने कहा कि हम भारत के साथ भविष्य की सोच के साथ आगे बढ़ रहे हैं। हम नहीं चाहते कि इस प्रक्रिया पर कोई असर पड़े इसलिए भारत को अपना रुख साफ करना चाहिए। व शेख हसीना के इस कदम को लेकर जानकारों का कहना है कि अपना पक्ष रखने से हसीना बांग्लादेश के लोगों की सहानुभूति बटोर सकती हैं। ढाका इस बात को लेकर ही चिंतित है। गौरतलब है कि इससे पहले बांग्लादेश की एक ट्रिब्यूनल ने मानवता के खिलाफ अपराधों का दोषी मानते हुए हसीना को मौत की सजा सुनाई थी। उन पर जुलाई अगस्त 2024 में हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान छात्रों पर हिंसक कारवाई के आरोप लगे हैं। इसे भी पढ़ें: Sheikh Hasina Virtual Address: यह भारत का Official Event नहीं, पूर्व राजनयिक ने बताया FCC का कार्यक्रम हालांकि हसीना ने इन आरोपों से पूरी तरह इंकार किया है। ऐसे में तारिक रहमान सरकार को डर है कि शेख हसीना अपना पक्ष मजबूत करने के लिए यह तरीका अपना रही है। इस बीच भारत ने बांग्लादेश को सदा हुआ जवाब दे दिया है। बांग्लादेश की चिंताओं पर सवाल पूछे जाने पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि यह एक निजी कार्यक्रम है। इससे सरकार का कोई लेना देना नहीं है। विदेश मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक साक्षात्कार की प्रक्रिया में सरकार की भूमिका नहीं है। मीडिया ईमेल के जरिए सीधे उनसे संपर्क कर रहा है। और साक्षात्कार देना या ना देना उनका फैसला है। सुद्रों का कहना है कि आने वाले दिनों में कई और साक्षात्कार देकर शेख हसीना बांग्लादेश की जनता समेत दुनिया के समक्ष अपना पक्ष रखेंगी। यह बात बांग्लादेश सरकार को नागवार गुजर रही है। बांग्लादेश की सरकार ने कई बार शेख हसीना को ढाका भेजने की मांग दोहराई। बांग्लादेश ने उनके प्रतारण के लिए औपचारिक अनुरोध भी किया। हालांकि भारत में भी अभी कोई कानूनी प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। जानकारों की मानें तो भारत का मानना है कि अगर हसीना खुद वापस जाने का फैसला करती हैं तो फिर इसकी जरूरत ही नहीं रहेगी। इससे पहले हसीना ने पिछले महीने एक इंटरव्यू में संकेत दिए थे कि वह दिसंबर में वतन वापसी कर सकती हैं।

प्रभासाक्षी 5 Aug 2026 1:06 pm

बर्दाश्त नहीं...लाल सागर में डूबा भारतीय झंडे वाला जहाज, भयंकर भड़का भारत, अब होगा एक्शन!

लाल सागर में हर गुजरते दिन के साथ खतरा और बढ़ता जा रहा है। कभी मिसाइलें, कभी ड्रोन और कभी कारोबारी जहाजों पर हमले। दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री रास्तों में शामिल ये इलाका अब जंग के साए में जी रहा है और अब इस आग की चपेट में भारत के झंडे वाला एक जहाज भी आ गया है। लेकिन राहत की बात सिर्फ इतनी है कि सभी भारतीय नाविकों की जान बच गई। लेकिन इस हमले ने एक बार फिर दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। दरअसल लाल सागर में यमन के तट के पास भारत के झंडे वाले कारोबारी जहाज एमएसवी फैज नूर ओलिया प्रोजेक्टाइल हमले का शिकार हो गया। हमला इतना तेज था कि जहाज पलट गया और देखते ही देखते समुद्र में समा गया। उस वक्त जहाज पर 14 लोग सवार थे। जिनमें 13 भारतीय नाविक और एक यमन का नागरिक शामिल था। हादसे के तुरंत बाद यमन की कोस्ट गार्ड और नौसेना ने संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। वहीं हमले की खबर मिलते ही भारत सरकार हरकत में आ गई। विदेश मंत्रालय ने इस पूरे हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि भारतीय झंडा लगे कारोबारी जहाज को निशाना बनाया जाना बेहद गंभीर मामला है। विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा कि राहत की बात यह है कि जहाज पर सवार सभी 13 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बचा लिया गया। इसे भी पढ़ें: ISI की Jantar Mantar पर हमले की बड़ी साजिश नाकाम, Amritsar से 9 आतंकी गिरफ्तार विदेश मंत्रालय ने बताया कि सऊदी अरब की राजधानी रियाद में मौजूद भारतीय दूतावास पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और चालक दल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यमन के अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है। भारत ने इस मुश्किल वक्त में मदद के लिए यमन की सरकार और वहां के अधिकारियों का भी धन्यवाद दिया। विदेश मंत्रालय ने कहा कि लाल सागर और आसपास के इलाकों में जिस तरह से लगातार व्यापारिक जहाजों पर हमले हो रहे हैं, वह बेहद चिंताजनक हैं। भारत का साफ कहना है कि व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाना तुरंत बंद होना चाहिए। साथ ही अंतरराष्ट्रीय कानून के मुताबिक इस क्षेत्र के समुद्री रास्तों पर बिना किसी रुकावट के जहाजों की आवाजाही और व्यापार जल्द से जल्द बहाल होना चाहिए ताकि दुनिया भर का समुद्री कारोबार सुरक्षित और सामान्य तरीके से चलता रहे। वहीं केंद्रीय पोत जहाज रानी और जलमार्ग मंत्री सर्वानंद सोनवाल ने इस हमले को बिना किसी उकसावे के किया गया हमला बताया। उन्होंने कहा कि भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसी वजह से समुद्री प्रशासन को सभी एजेंसियों के साथ मिलकर तुरंत जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। इसे भी पढ़ें: Red Sea में MSV Faiz Noor Oliya जहाज पर हमला, सभी 13 भारतीय सुरक्षित भारत ने साफ कहा है कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री रास्तों पर कारोबारी जहाजों को निशाना बनाना तुरंत बंद होना चाहिए और समुद्री व्यापार में किसी तरह की रुकावट स्वीकार नहीं की जा सकती। लेकिन यह मामला सिर्फ एक भारतीय जहाज पर हुए हमले का नहीं असली चिंता उस समुद्री गलियारे को लेकर है जहां पिछले कई दिनों से लगातार तनाव बढ़ता जा रहा है। लाल सागर, बाबल मंडेप और होरमोज अब दुनिया के सबसे संवेदनशील समुद्री इलाकों में बदल चुके हुती विद्रोहियों के मिसाइल और ड्रोन हमलों ने इस पूरे क्षेत्र को असुरक्षित बना दिया है। हाल ही में सऊदी अरब के खिलाफ समुद्री नाकेबंदी के ऐलान के बाद हालात और ज्यादा तनावपूर्ण हो गए। आपको बता दें इस पूरे रास्ते से दुनिया के बड़े हिस्से का तेल, गैस, कंटेनर, कारगो और रोजमर्रा का सामान गुजरता है। वहीं होमोस को दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति की लाइफलाइन माना जाता है। ऐसे में इस इलाके में होने वाला हर हमला सिर्फ एक जहाज या एक देश की समस्या नहीं रहता। बल्कि उसका असर पूरी दुनिया के व्यापार, तेल की कीमतों और सप्लाई चेन पर पड़ता है।

प्रभासाक्षी 5 Aug 2026 12:53 pm

अमेरिका में नौकरी करना होगा और महंगा, H-1B रिन्यूअल फीस बढ़ाने का प्रस्ताव, भारतीयों पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर

ट्रंप प्रशासन अमेरिका में H-1B और L-1 वर्क वीजा की अवधि बढ़ाने की प्रक्रिया को अधिक खर्चीला बनाने की तैयारी में है। अगर यह होता है तो इसका सबसे ज्यादा असर भारतीयों पर ही पड़ने वाला है।

दैनिक जागरण 5 Aug 2026 12:52 pm

थाड और पैट्रियट मिसाइलें चट कर गया ईरान, ट्रंप का गोदाम खाली; अमेरिका में हथियारों की भारी कंगाली

अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और रक्षा जगत से एक बेहद चौंकाने वाली और बड़ी खबर सामने आ रही है। पश्चिम एशिया में लगातार बढ़ रहे तनाव और ईरान के साथ जारी भीषण संघर्ष के बीच अमेरिका की सैन्य साजो-सामान से जुड़ी पोल खुलती नजर आ रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान के खिलाफ रक्षा करने और उसके हमलों को नाकाम करने में अमेरिकी सेना ने अपने आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम 'थाड' (THAAD) और 'पैट्रियट' (Patriot) मिसाइलों का धड़ल्ले से इस्तेमाल किया है, जिसके चलते अमेरिकी रक्षा भंडारों में इन खतरनाक मिसाइलों का भारी अकाल पड़ गया है और ट्रंप प्रशासन के सामने हथियारों की जबरदस्त कंगाली खड़ी हो गई है।जानकारों का कहना है कि ईरान और उसके समर्थित मिलिशिया गुटों द्वारा दागे गए ड्रोनों और बैलिस्टिक मिसाइलों का मुकाबला करने के लिए अमेरिका और उसके सहयोगियों को अपने सबसे महंगे और अत्याधुनिक डिफेंस इंटरसेप्टर्स का लगातार इस्तेमाल करना पड़ा है। एक के बाद एक लगातार होने वाले इन हमलों से निपटने की प्रक्रिया में अमेरिकी रक्षा गोदामों में रखी करोड़ों डॉलर की ये मिसाइलें तेजी से खत्म हो गई हैं। स्थिति यह हो गई है कि रक्षा उत्पादन की धीमी रफ्तार के मुकाबले खपत कई गुना ज्यादा बढ़ चुकी है, जिससे पेंटागन की नींद उड़ी हुई है।इस हथियारों की किल्लत का सबसे बड़ा असर अमेरिकी वैश्विक सैन्य रणनीति पर पड़ता दिख रहा है। पेंटागन के रणनीतिकारों के सामने अब यह गंभीर संकट खड़ा हो गया है कि यदि आने वाले दिनों में दुनिया के किसी अन्य हिस्से में कोई नया भू-राजनीतिक विवाद या युद्ध छिड़ जाता है, तो अमेरिकी सेना अपनी रक्षा कैसे करेगी। अमेरिका के रक्षा कारखाने और हथियार निर्माता कंपनियां दिन-रात प्रोडक्शन बढ़ाने में जुटी हैं, लेकिन जिस तेजी से युद्ध के मैदान में मिसाइलें खर्च हो रही हैं, उस हिसाब से नए हथियारों की आपूर्ति करना बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है।पश्चिम एशिया के इस पूरे घटनाक्रम ने यह साबित कर दिया है कि आधुनिक युद्ध अब सिर्फ सैनिकों और बंदूकों का खेल नहीं, बल्कि अत्यधिक खर्चीले और तकनीकी एयर डिफेंस सिस्टम्स की जंग बन चुका है। ईरान के रणनीतिक दबाव ने अमेरिका के अजेय माने जाने वाले रक्षा भंडारों को खाली करने पर मजबूर कर दिया है। आने वाले समय में अमेरिकी प्रशासन के लिए अपने डिफेंस रिजर्व को दोबारा भरना और हथियारों की इस बड़ी कंगाली से निपटना सबसे बड़ी प्राथमिकता रहने वाली है, जिसका असर अमेरिकी रक्षा बजट और विदेश नीतियों पर भी साफ दिखाई देगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 5 Aug 2026 12:49 pm

20 मिनट में हुए सात धमाके से दहला दुबई का जुबेल अली इलाका, आसमान में दिखाई दिया धुएं का गुबार

दुबई के जुबेल अली इंडस्ट्रियल इलाके में आज 20 मिनट में सात धमाके हुए जिससे आसमान में धुएं का गुबार दिखाई दिया। इसका वीडियो बना रहे दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

खबर इंडिया टीवी 5 Aug 2026 12:49 pm

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के गोल्फ कोर्स के पास मंडराया खतरा, कार से हथियार समेत संदिग्ध गिरफ्तार

अमेरिका की राजनीति और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी एक बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फ्लोरिडा स्थित गोल्फ कोर्स के बेहद करीब एक संदिग्ध व्यक्ति को सुरक्षा एजेंसियों ने दबोच लिया है। शुरुआती जांच में पता चला है कि संदिग्ध की कार से एक घातक गन और अन्य आपत्तिजनक सामान बरामद किया गया है, जिसके बाद से अमेरिकी खुफिया एजेंसियों और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। इस हाई-प्रोफाइल घटना ने एक बार फिर देश के शीर्ष नेतृत्व की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।घटना की जानकारी मिलते ही सीक्रेट सर्विस (Secret Service) और स्थानीय पुलिस के अमले ने तुरंत मोर्चा संभाल लिया और पूरे इलाके को अपने घेरे में ले लिया। आरोपी की गाड़ी की तलाशी के दौरान सुरक्षाकर्मियों को हथियार और कुछ अन्य संदिग्ध वस्तुएं मिलीं, जिसके आधार पर उसे तुरंत हिरासत में ले लिया गया। शुरुआती पूछताछ के दौरान फेडरल एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इस शख्स की मंशा क्या थी और क्या इसके पीछे किसी बड़ी साजिश या सुनियोजित हमले का प्लान तो नहीं था।गौरतलब है कि पिछले कुछ समय में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को लेकर सुरक्षा खतरे लगातार बढ़ते रहे हैं। सार्वजनिक कार्यक्रमों और रैलियों के दौरान पहले भी उन पर कई बार जानलेवा हमले की कोशिशें हो चुकी हैं, जिसके चलते उनकी सुरक्षा व्यवस्था को हमेशा 'रेड अलर्ट' पर रखा जाता है। ताजा घटना के बाद से व्हाइट हाउस और सुरक्षा एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर गहरी समीक्षा शुरू हो गई है ताकि राष्ट्रपति की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की चूक की गुंजाइश न बचे।इस सनसनीखेज गिरफ्तारी के बाद से अमेरिकी मीडिया और राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई है। जांच एजेंसियां अब इस बात की तह तक जाने में जुटी हैं कि संदिग्ध व्यक्ति उस संवेदनशील इलाके तक कैसे पहुंचा और क्या उसके तार किसी स्थानीय या अंतरराष्ट्रीय संगठन से जुड़े हुए हैं। इस हाई-प्रोफाइल मामले में फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) और सीक्रेट सर्विस मिलकर संयुक्त रूप से आगे की जांच को तेजी से आगे बढ़ा रही हैं ताकि इस संभावित बड़े खतरे के हर पहलू का पर्दाफाश किया जा सके।

न्यूज़ इंडिया लाइव 5 Aug 2026 12:48 pm

होर्मुज संकट खत्म: भारत के लिए बड़ी खुशखबरी, ओमान बना संकटमोचक; धकाधक गुजरेंगे तेल और LPG के जहाज

पूरी दुनिया के लिए ऊर्जा सुरक्षा का सबसे बड़ा केंद्र माने जाने वाले 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' (Strait of Hormuz) को लेकर एक बेहद राहत भरी खबर सामने आ रही है। पश्चिम एशिया के इस सबसे संवेदनशील समुद्री मार्ग पर पिछले कुछ समय से मंडरा रहा तनाव अब कम होता नजर आ रहा है। भारत के सबसे भरोसेमंद कूटनीतिक साझेदार ओमान की मध्यस्थता और ईरान के साथ हुई अहम बातचीत के बाद इस मार्ग को पूरी तरह सुरक्षित और सुचारू रूप से खोलने का रास्ता लगभग साफ हो गया है। इस बड़ी कूटनीतिक सफलता से भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर मंडरा रहा बड़ा संकट टलता दिख रहा है और अगले 48 घंटों के भीतर कच्चे तेल तथा एलपीजी (LPG) के जहाजों के धकाधक गुजरने की उम्मीद है।भारत अपनी कुल एलपीजी और ऊर्जा जरूरतों का एक बहुत बड़ा हिस्सा इसी होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते आयात करता है। पश्चिम एशिया में बढ़े तनाव और सुरक्षा चिंताओं के कारण पिछले कुछ दिनों से इस रूट पर जहाजों की आवाजाही लगभग प्रभावित हो गई थी, जिससे भारतीय रिफाइनरियों और नीति निर्माताओं की चिंताएं काफी बढ़ गई थीं। ऐसे में भारत के सदाबहार मित्र ओमान ने आगे आकर मध्यस्थता की और पश्चिम एशिया के इस अहम चोकपॉइंट पर कमर्शियल शिपिंग को सुरक्षित रखने के लिए एक मजबूत कूटनीतिक फ्रेमवर्क तैयार किया, जिसका सीधा फायदा भारत को मिलने जा रहा है।ईरान और ओमान के बीच बनी इस नई व्यवस्था के तहत समुद्री जहाजों के आवागमन को अत्यधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बनाया जा रहा है। इसके अंतर्गत जहाजों के लिए अलग सेफ कॉरिडोर और मॉनिटरिंग सिस्टम तैयार किए जा रहे हैं ताकि किसी भी प्रकार के भू-राजनीतिक जोखिम से बचा जा सके। भारत और ओमान के बीच द्विपक्षीय संबंध हमेशा से बेहद मजबूत रहे हैं और समय-समय पर ओमान ने रणनीतिक रूप से भारत के ऊर्जा हितों की रक्षा में अहम भूमिका निभाई है। इस बार भी ओमान के इन प्रयासों ने भारत के लिए तेल और गैस आपूर्ति की अनिश्चितता को पूरी तरह खत्म कर दिया है।होर्मुज रूट के दोबारा पूरी तरह खुलने और जहाजों के अबाध रूप से गुजरने से भारतीय अर्थव्यवस्था और आम उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलेगी। समय पर क्रूड ऑयल और एलपीजी की खेप मिलने से घरेलू बाजार में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कीमतों में स्थिरता बनी रहेगी और सप्लाई चेन में किसी भी प्रकार की रुकावट नहीं आएगी। जानकारों का मानना है कि अगले कुछ घंटों में इस मार्ग से जुड़ा फाइनल अपडेट सामने आते ही शिपिंग, लॉजिस्टिक्स और एनर्जी सेक्टर से जुड़े निवेशकों को भी बड़ा सुकून मिलेगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 5 Aug 2026 12:48 pm

Explainer: कौन हैं हूती, जिन पर लाल सागर में भारतीय जहाज को निशाना बनाने का शक; पश्चिम एशिया में कितने ताकतवर?

लाल सागर में भारतीय वाणिज्यिक पोत MSV फैज-ए-नूर ऑलिया पर हमले के पीछे यमन के हूती विद्रोहियों पर शक है। जानिए कौन हैं हूती लड़ाके, यमन में कैसे मजबूत हुए और पश्चिम एशिया संकट में इनकी क्या भूमिका है।

अमर उजाला 5 Aug 2026 12:42 pm

Donald Trump Assassination Plot: ट्रंप को मारने की साजिश, गोल्फ कोर्स के पास हुई बड़ी गिरफ्तारी

कैलिफ़ोर्निया में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के गोल्फ़ कोर्स के पास एक 38 साल के आदमी को गिरफ़्तार किया गया। उसके पास भरी हुई पिस्तौल और गोलियां थीं। आरोप है कि उसने उस जगह पर रिपब्लिकन नेशनल कमेटी के फ़ंडरेज़र प्रोग्राम से कुछ दिन पहले सुरक्षा इंतज़ामों की तस्वीरें ली थीं। अधिकारियों ने बताया कि उसके घर की तलाशी के दौरान उन्हें हथियार, बॉडी आर्मर और ऐसी नोटबुक मिलीं जिनमें चिंताजनक बातें लिखी हुई थीं। इसे भी पढ़ें: BRICS Pay: 90 बिलियन का झटका, अमेरिका से भयंकर भिड़ गया चीन अब तक घटित घटनाक्रम पर एक नजर 1. ट्रंप के दौरे से कुछ दिन पहले गिरफ़्तारी 38 साल के जीनिन जॉन टेले को रैंचो पालोस वर्डेस के ट्रंप नेशनल गोल्फ़ कोर्स में गिरफ़्तार किया गया। यह गिरफ़्तारी डोनाल्ड ट्रंप के वहां रिपब्लिकन नेशनल कमेटी के फ़ंडरेज़िंग डिनर में शामिल होने से ठीक दो दिन पहले हुई। 2. संदिग्ध पर सुरक्षा व्यवस्था पर नज़र रखने का आरोप लॉस एंजिल्स काउंटी शेरिफ़ डिपार्टमेंट के मुताबिक, जीनिन जॉन टेले को डेप्युटीज़ द्वारा रोके जाने से पहले गोल्फ़ कोर्स के आस-पास सुरक्षा इंतज़ामों की तस्वीरें लेते और वीडियो बनाते हुए देखा गया था। 3. बंदूक और गोला-बारूद बरामद गिरफ़्तारी के दौरान, डेप्युटीज़ ने जीनिन जॉन टेले की गाड़ी से एक लोडेड पिस्तौल बरामद की और उसकी जेब से गोला-बारूद से भरी 16-राउंड वाली मैगज़ीन भी मिली। 4. घर की तलाशी में और हथियार मिले अगले दिन डाउनी में जीनिन जॉन टेले के घर की तलाशी के दौरान जांचकर्ताओं को कई हथियार, मैगज़ीन, गोला-बारूद, बॉडी आर्मर और ऐसी नोटबुक मिलीं जिनमें अधिकारियों के अनुसार चिंताजनक बातें लिखी थीं। 5. कई आपराधिक आरोपों का सामना जीनिन जॉन टेले पर कई गंभीर अपराधों के आरोप लगाए गए हैं, जिनमें सेकंड-डिग्री रॉबरी (लूटपाट), बड़ी क्षमता वाली मैगज़ीन रखना और छोटी बैरल वाली राइफल या शॉटगन रखना शामिल है। उन पर गाड़ी के अंदर छिपाकर हथियार रखने का भी आरोप है। उन्होंने सभी आरोपों में खुद को बेगुनाह बताया है।

प्रभासाक्षी 5 Aug 2026 12:38 pm

दोस्त रूस ने तो भारत की लॉटरी लगा दी! क्या है दुनिया का पहला परमाणु आइसब्रेकर?

आज से करीब 65 साल पहले रूस ने सफेद मौत के साम्राज्य को चुनौती दी थी। एक ऐसी चुनौती जिसने दुनिया का भूगोल और इतिहास बदल दिया था। दुनिया के पहले परमाणु ऊर्जा से चलने वाले सिविलियन जहाज लेनिन सिर्फ एक आइस ब्रेकर नहीं था। यह सोवियत संघ का यानी इस समय के रूस और उस समय के सोवियत संघ का वो न्यूक्लियर जिद था जिसने बर्फ की दीवार को हमेशा हमेशा के लिए तोड़ दिया। आज 2026 में इस पुराने जहाज की बात इसलिए हो रही है क्योंकि लेनिन ने जो रास्ता बनाया था आज उसी रास्ते पर भारत और रूस की दोस्ती की सबसे बड़ी इबारत लिखी जा रही है। 1950 के दशक की शीत युद्ध चरम पर था। परमाणु ऊर्जा का मतलब केवल एटम बम समझा जाता था। लेकिन 17 जुलाई 1956 को सेंट पीटर्सबर्ग यानी तब का लेनिन ग्रा एडमिलिट्री शिपयार्ड में कुछ ऐसा हुआ जिसने विज्ञान की दिशा बदल दी। वहां लेनिन की नींव रखी गई। रूस चाहता था कि एक ऐसा जहाज बने जो बिना रुके, बिना ईंधन खत्म हुए महीनों तक आर्कटिक की 2 से 3 मीटर मोटी बर्फ को कागज की तरह फाड़ सके और 3 सितंबर 1959 को यह चमत्कार हकीकत बन गया। जब लेनिन समुद्र में उतरा तो अमेरिका समेत पूरी दुनिया दंग रह गई। अब परमाणु ऊर्जा से चलने वाला दुनिया का यह पहला सतह का जहाज है। इसकी ताकत का अंदाजा आप इस बात से लगाइए कि इसे बार-बार बंदरगाह पर तेल भरने के लिए नहीं रुकना पड़ता है। इतना ही नहीं यह रूस की उस आर्कटिक महत्वाकांक्षा की पहली बड़ी जीत थी जिसने उसे इस क्षेत्र का अघोषित राजा बना दिया। इतना ही नहीं एफएसयूई के विशेषज्ञ व्लादमीर के आंकड़े किसी के भी होश उड़ा सकते हैं। लेनिन ने 30 साल तक लगातार सेवा की। इसे भी पढ़ें: BRICS Pay: 90 बिलियन का झटका, अमेरिका से भयंकर भिड़ गया चीन 30 साल का महापराक्रम सबसे पहला पॉइंट है 26 आर्किटिक नेविगेशन। इसने नॉर्दन सी रूट को एक व्यापारिक मार्ग में बदल दिया। दूसरा है 3741 जहाज। लेनिन ने अकेले करीब 3/4000 जहाजों को बर्फ के बीच से सुरक्षित रास्ता भी दिया है। 6,54,000 समुद्री मील यह दूरी पृथ्वी के 30 चक्कर लगाने के बराबर है। अब आप खुद सोचिए दोस्तों कि अगर लेनिन ना होता तो आज रूस का वो उत्तरी तट व्यापार के लिए कभी खुल ही ना पाता। लेनिन ने यह साबित कर दिखाया कि परमाणु आइस ब्रेकर ही भविष्य है और आज रूस के पास 40 से ज्यादा आइस ब्रेकर है जिनमें आठ परमाणु शक्ति से भी लैस हैं। यह दुनिया का सबसे बड़ा बेड़ा है और इसकी नींव इसी लेनिन ने रखी थी। भारत और रूस इस बर्फीले रास्ते पर एक साथ क्यों आ रहे हैं? अक्टूबर 2024 में नई दिल्ली में एक ऐतिहासिक बैठक होती है। भारत के जहाज रानी मंत्रालय और रूस की परमाणु दिग्गज रूसाटम के बीच एक वर्किंग ग्रुप बनता है। इसका मकसद है नॉर्दर्न सी रूट यानी एनएसआर को भारत के लिए मेन स्ट्रीम बनाना। भारत के लिए यह इसलिए भी जरूरी है क्योंकि इसके तीन बड़े कारण हैं। पहला है समय की बचत। स्वेज नहर के मुकाबले यह रास्ता यूरोप तक पहुंचने में 40% कम लेता है। दूसरा है सुरक्षा। लाल सागर यानी रेड सी में जहाजों पर हमले हो रहे हैं। लेकिन आर्कटिक का रास्ता पूरी तरह सुरक्षित और रूस के नियंत्रण में है। तीसरा मुख्य पॉइंट है ऊर्जा सुरक्षा। भारत रूस से कच्चा तेल और कोयला मंगाता है और यह रास्ता इस सप्लाई को तेज और सस्ता बना देता है। आज भारत न सिर्फ इस रास्ते का इस्तेमाल कर रहा है बल्कि रूस के साथ मिलकर विशाल बुनियादी ढांचे का निर्माण भी कर रहा है और यह दोस्ती का वो स्तर है वो प्रमाण है जहां रूस अपनी सबसे एडवांस तकनीक भारत के साथ साझा कर रहा है और इस वक्त कर रहा है। आज लेनिन रिटायर हो चुका है और मूरमास बंदरगाह पर एक भव्य संग्रहालय के रूप में खड़ा है। यह पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र तो है ही, लेकिन यह रूस की उस तकनीक की विरासत का जीता जागता सबूत भी है। इसे भी पढ़ें: सर्जियो गोर काट रहे थे बांग्लादेश के चक्कर, तभी रूस ने ली धमाकेदार एंट्री, भारत का नाम लेकर किया सबसे बड़ा ऐलान आर्कटिक में रूस का साझेदार बना भारत लेनिन से शुरू हुआ यह सफर आज आर्कटिका और साइबेरिया जैसे नए महाशक्तिशाली जहाजों पर पहुंच चुका है। इतना ही नहीं रूस आज आर्कटिक में जो भी कर रहा है भारत उसमें इसका सबसे बड़ा साझेदार बनकर उभर चुका है। यह साझेदारी आने वाली सदी की ग्लोबल सप्लाई चेन को बदल कर रख देगी और इतिहास भी बदल दी जाएगी। लेकिन दोस्तों वो कहा जाता है ना कि संकट का साथी ही असली मित्र होता है और वैश्विक राजनीति के मंच पर अगर किसी दो देशों की दोस्ती इस मुहावरे पर सटीक बैठती है, फिट बैठती है तो वो है भारत और रूस की पक्की दोस्ती। पिछले सात दशकों में दुनिया का भूगोल बदल गया। महाशक्तियां बदल गई और युद्धों के कारण समीकरण बदल गए। लेकिन नई दिल्ली और मॉस्को के बीच का भरोसा कभी खत्म नहीं हुआ। भारत रूस यानी तब का सोवियत संघ की दोस्ती की शुरुआत भारत की आजादी के तुरंत बाद हो गई थी। नॉर्दर्न सीट यानी एनएसआर के जरिए भारत और रूस एक ऐसा समुद्री रास्ता तैयार कर रहे हैं जो स्वेज नहर के मुकाबले 40% छोटा और सस्ता है। भारत और रूस की यारी दोस्ती कोई मजबूरी नहीं है बल्कि एक ऐतिहासिक जरूरत भी है। रूस को अपनी अर्थव्यवस्था के लिए भारत जैसे विशाल बाजार और भरोसेमंद दोस्त की जरूरत है। तो दूसरी तरफ भारत को अपनी रक्षा, ऊर्जा सुरक्षा और वैश्विक संतुलन के लिए रूस के साथ की बहुत ज्यादा आवश्यकता है। अब लेनिन आइस ब्रेकर की तरह ही यह दोस्ती भी वक्त की जमी हुई बर्फ को काटकर भविष्य का रास्ता बनाने का दम रखती है।

प्रभासाक्षी 5 Aug 2026 12:31 pm

लाल सागर में हूती विद्रोहियों के हमले में भारतीय झंडे वाला मालवाहक जहाज डूबा, यमनी बलों ने 14 क्रू सदस्‍यों को बचाया

यमन के पश्चिमी तट के पास लाल सागर में विस्फोटकों से भरी एक नाव के हमले के बाद भारतीय झंडे वाला मालवाहक जहाज डूब गया। स‍िन्हुआ एजेंसी की र‍िपोर्ट के अनुसार, यमनी बलों ने जहाज के 14 चालक दल के सदस्यों को बचा लिया। इनमें 13 भारतीय नाविक और एक यमन का नागरिक शामिल है। हालांकि, हमला कब हुआ इसकी जानकारी नहीं दी गई।

देशबन्धु 5 Aug 2026 12:31 pm

20 मिनट में 7 धमाकों से दहला दुबई, वीडियो बनाने वाले दो लोग भी गिरफ्तार - Jagran

20 मिनट में 7 धमाकों से दहला दुबई, वीडियो बनाने वाले दो लोग भी गिरफ्तार Jagran दुबई के जेबेल अली औद्योगिक क्षेत्र और बंदरगाह पर भीषण विस्फोट, 20 मिनट में 7 धमाके NewsBytes ईरान-अमेरिका तनाव के बीच संयुक्त अरब अमीरात से भी चौंकाने वाली खबर सामने आई है.दुबई के जेबेल अली इंडस्ट्रियल एरिया में मंगलवार को लगातार कई धमाकों की आवाजें सुनाई दीं, जिसके बाद इलाके म facebook.com

गूगल न्यूज़ 5 Aug 2026 12:15 pm

घुसपैठिए मुस्लिमों को खदेड़ते ही नेपाल में हिंदू राष्ट्र पर बड़ा ऐलान, शुरू हुआ इलाज!

नेपाल में मुस्लिमों की ओर से कावन यात्रा पर की गई पत्थरबाजी और गोलीबारी में हुई हिंदू युवक की मौत के बाद से ही नेपाल के हिंदू संगठन गुस्से में दिखाई दे रहे हैं। नेपाल से लगातार वो वीडियो सामने आ रहे हैं जिसमें हिंदू संगठन सड़कों पर उतर कर कई सालों से अवैध रूप से रह रहे मुस्लिम घुसपैठियों को बाहर निकालने की मांग कर रहे हैं। जिस वक्त हिंदू राष्ट्र की मांग तेज हो रही है, ठीक उसी वक्त सोशल मीडिया पर कई ऐसी तस्वीरें वायरल हो रही हैं जिसमें भारी संख्या में मुस्लिम भीड़ बोरिया बिस्तर बांधकर जाती हुई दिखाई दे रही है। वैसे तो हिंदू संगठनों ने सरकार के आगे कई मांगे रखी हैं। लेकिन सबसे बड़ी जो मांग उन्होंने रखी है वो पाकिस्तानी बांग्लादेशी घुसपैठियों को देश से बाहर खदेड़कर नेपाल को फिर से हिंदू राष्ट्र बनाने की है। उनकी इस मांग पर सरकार ने पहला ऐसा काम किया है कि जिसके बाद लग रहा है कि नेपाल में आने वाले दिनों में बहुत बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। इसे भी पढ़ें: Nepal Violence : सड़कों पर उतरे हिंदू, नेपाल छोड़कर भागने लगे मुसलमान! दरअसल नेपाल को हिंदू राष्ट्र घोषित करने की मांग इतनी तेज हो गई है कि यह मुद्दा केवल हिंदू संगठनों और प्रदर्शनों तक ही सीमित नहीं रह गया बल्कि आम लोग अपने जनप्रतिनिधियों से भी सीधे जवाब मांग रहे हैं। सांसदों का घेराव कर उनसे हिंदू समुदाय की सुरक्षा और अधिकारों के पक्ष में खुलकर बोलने की मांग की जा रही है। हिंदूवादी संगठनों ने सरकार को 13 से 19 सूत्रीय मांगों वाला लेटर सौंपते हुए नेपाल को फिर से हिंदू राष्ट्र घोषित करने के लिए संसद में प्रस्ताव लाने समेत कई बड़े फैसले लेने की मांग की है। मांग पत्र में सुनसरी जिले के कप्तानगंज में हुई हिंसा की निष्पक्ष जांच। घटना के दोषियों और साजिशकर्ताओं की तुरंत गिरफ्तारी और जांच समिति की रिपोर्ट साधनी करने की मांग की गई है। अब खबर है कि गृह मंत्री सुदन गुरंग को हिंदू संगठनों ने जिस 13 से 19 सूत्रीय मांगों वाले ज्ञापन को सौंपा है जिसमें 3 महीने के भीतर सर्वदलीय बैठक के माध्यम से हिंदू राष्ट्र की मांग पर विचार विमर्श करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की बात कही गई है। इसे भी पढ़ें: Balen Shah को भारत ने दिया 440 वोल्ट का झटका, रोका चीनी का एक्सपोर्ट का माल, नेपाल में मचा बवाल अब कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि नेपाल सरकार ने हिंदू संगठनों की मांगों वाले पत्र पर सकारात्मक सहमति जता दी है। जिसके बाद नेपाल के हिंदू खुश दिखाई दे रहे हैं और वह इसे अपनी पहली बड़ी जीत बता रहे हैं। हालांकि कुछ घंटे पहले ही नेपाल के पीएम बालन शाह ने कहा था कि हिंदू राष्ट्र की बहाली के साथ राजशाही का मुद्दा भी जुड़ जाता है। इसलिए वर्तमान परिस्थितियों में यह उचित नहीं होगा। लेकिन अब हिंदुओं की बढ़ती जा रही मांग और गुस्से को देखते हुए सरकार कहीं ना कहीं इस मुद्दे पर यू टर्न मारती हुई दिखाई दे रही है। खैर अब देखना यह होगा कि क्या घुसपैठियों के खिलाफ कोई बड़ा एक्शन होता है या नहीं और सरकार नेपाल को कब तक हिंदू राष्ट्र घोषित करती है क्योंकि जिस तरह से नेपाल की लगातार डेमोग्राफी जो है चेंज हो रही है। लगातार वहां बदलाव हो रहे हैं। मुस्लिमों की कई इलाकों में संख्या बढ़ती जा रही है और इसीलिए हिंदू आक्रोश में दिख रहे हैं।

प्रभासाक्षी 5 Aug 2026 12:14 pm

पाकिस्तान में सियासी हलचल, गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने ‘सबसे बड़े घोटाले’ का किया दावा

पत्रकारों से बातचीत में मोहसिन नकवी ने कहा कि पाकिस्तान के इतिहास में शायद ही कभी इतना व्यापक भ्रष्टाचार सामने आया हो, जिसमें विभिन्न संवैधानिक और प्रशासनिक संस्थानों से जुड़े लोग शामिल रहे हों।

देशबन्धु 5 Aug 2026 12:11 pm

'रूस पागल हो गया है...': यूक्रेन में सब्जी वाले के पीछे पड़ा ड्रोन, लहसुन दिखाने पर भी नहीं छोड़ा

यूक्रेन के खेरसॉन में रूसी ड्रोन ने सब्जी बेचने वाले यूरी का पीछा कर हमला कर दिया। इस खौफनाक 'ड्रोन सफारी' पर राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने कहा, 'रूस पागल हो गया है'। पढ़ें पूरी खबर।

लाइव हिन्दुस्तान 5 Aug 2026 11:43 am

क्या बड़ा कदम उठाने जा रही हैं शेख हसीना? बांग्लादेश में मचा हड़कंप, भारत ने भी दिया सख्त जवाब

क्या बड़ा कदम उठाने जा रही हैं शेख हसीना? बांग्लादेश में मचा हड़कंप, भारत ने भी दिया सख्त जवाब

समाचार नामा 5 Aug 2026 11:40 am

FCRA Bill पर US MP Riley Moore ने जताई चिंता, द्विपक्षीय संबंधों पर असर पड़ने की कही बात

सागर कुलकर्णीवाशिंगटन, पांच अगस्त अमेरिकी सांसद रिले मूर ने भारत में गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ), न्यासों, शैक्षणिक संस्थानों और धार्मिक संगठनों को मिलने वाले विदेशी चंदे से संबंधित कानून में प्रस्तावित संशोधनों पर चिंता जताई और कहा कि इनका असर दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों पर पड़ सकता है। वेस्ट वर्जीनिया से रिपब्लिकन पार्टी के सांसद मूर ने मंगलवार को कहा कि विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम (एफसीआरए) में प्रस्तावित संशोधन भारतीय सरकार को गिरजाघरों और धार्मिक परोपकारी संस्थाओं का प्रबंधन अपने हाथ में लेने की अनुमति देंगे तथा यह ‘‘ईसाइयों पर स्पष्ट हमला’’ होगा। मूर ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘प्रभु यीशु मसीह के पुनर्जीवित होने के कुछ ही दशक बाद सेंट थॉमस भारत के मालाबार तट पर पहुंचे थे और तभी से भारत में ईसाइयों की उपस्थिति है लेकिन इतने लंबे इतिहास के बावजूद भारत की संसद विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन (एफसीआरए) नियमों में ऐसे बदलाव पर विचार कर रही है, जिससे सरकार गिरजाघरों और धार्मिक परोपकारी संस्थाओं का प्रबंधन अपने हाथ में ले सकेगी।’’उन्होंने कहा, ‘‘यह ईसाइयों पर स्पष्ट हमला है। यदि यह विधेयक इसी स्वरूप में आगे बढ़ता है तो भारत के साथ हमारे द्विपक्षीय संबंधों में यह गंभीर चिंता का विषय होगा।’’विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 में सरकार को एक ‘नामित प्राधिकरण’ गठित करने का अधिकार देने का प्रस्ताव है। यह प्राधिकरण उन मामलों में विदेशी अंशदान और उससे निर्मित परिसंपत्तियों का प्रबंधन अपने हाथ में ले सकेगा, जब किसी संगठन का एफसीआरए पंजीकरण रद्द हो जाए, वह स्वेच्छा से पंजीकरण छोड़ दे या नवीनीकरण नहीं होने के कारण समाप्त हो जाए। विधेयक में यह भी प्रावधान है कि यदि संबंधित परिसंपत्ति कोई पूजा स्थल है, तो नामित प्राधिकरण उसके धार्मिक स्वरूप को बनाए रखना सुनिश्चित करेगा। इसमें नियमों के उल्लंघन पर अधिकतम सजा भी पांच वर्ष के कारावास से घटाकर एक वर्ष करने का प्रस्ताव किया गया है। गृह मंत्रालय के अनुसार 2019 से 2022 के बीच 13,520 संगठनों को विदेशी अंशदान के रूप में 55,741 करोड़ रुपये प्राप्त हुए। एफसीआरए पोर्टल के अनुसार, 15 जुलाई 2026 तक 14,449 संगठनों के एफसीआरए प्रमाणपत्र सक्रिय थे, जबकि 22,498 प्रमाणपत्र रद्द किए जा चुके थे और 15,212 प्रमाणपत्रों की अवधि समाप्त मानी गई थी।

प्रभासाक्षी 5 Aug 2026 11:40 am

West Asia: कब खत्म होगा ईरान-US टकराव, होर्मुज में शुल्क; शांति बहाली के समझौते पर कतर और अमेरिका क्या बोले?

West Asia: कब खत्म होगा ईरान-US टकराव, होर्मुज में शुल्क; शांति बहाली के समझौते पर कतर और अमेरिका क्या बोले?

अमर उजाला 5 Aug 2026 11:27 am

ईरान जंग के बीच दहल उठा दुबई: 20 मिनट में लगातार 7 धमाके, धुआं-धुआं आसमां

इराकी न्यूज आउटलेट्स ने दावा किया है कि अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव के बीच यमन की तरफ से UAE पर मिसाइल दागे गए हैं। हालांकि, अमीराती मीडिया ने धमाके की वजह के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी है

लाइव हिन्दुस्तान 5 Aug 2026 11:26 am

'पीस कमेटी' में आतंकी! PoK आंदोलन को कुचलने पहुंचा जैश कमांडर

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में जेएएसी आंदोलन को रोकने के लिए रावलाकोट भेजे गए कथित 'पीस कमेटी' प्रतिनिधिमंडल में जैश-ए-मोहम्मद के वरिष्ठ कमांडर इलियास कश्मीरी के शामिल होने का दावा सामने आया है. वीडियो में वह कैमरे से बचता दिख रहा है.

आज तक 5 Aug 2026 11:09 am

America-Iran में छिड़ी जंग, Hormuz पर सस्पेंस गहराया!

अमेरिका और ईरान के बीच संभावित बातचीत को लेकर दोनों देशों के अलग-अलग दावे सामने आए हैं. ट्रंप ने वार्ता जारी होने की बात कही, जबकि ईरान ने इससे इनकार किया है. इसी बीच होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही को लेकर ईरान और ओमान के बीच बातचीत जारी है. हालांकि अब तक किसी अंतिम समझौते की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है

आज तक 5 Aug 2026 11:06 am

ऑनलाइन आया पत्रकार, खुद को ही काटने लगा; अब पुराने वीडियो से हुआ वजह का खुलासा

सेलिब्रिटी ब्लॉगर पेरेज हिल्टन खौफनाक टिकटॉक लाइव के बाद अस्पताल में भर्ती। मियामी शिफ्ट होने के बाद से गहरे मानसिक तनाव में थे हिल्टन। पुलिस की मौके पर एंट्री, जानें पूरी खबर।

लाइव हिन्दुस्तान 5 Aug 2026 10:34 am

ट्रंप की ईरान को समझौते को लेकर आखिरी चेतावनी, देखें US TOP-10

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि समझौता करने का ये आखिरी मौका है. ट्रंप का दावा है कि दोनों देशों के बीच बातचीत जारी है और अगर कोई समझौता नहीं हुआ तो ईरान को परिणाम भुगतने पड़ सकते है. हालांकि ईरान पहले अमेरिका के साथ सीधी बातचीत से मना कर चुका है.

आज तक 5 Aug 2026 10:23 am

पीओके में बवाल से डरा PAK: विदेशी पत्रकारों के लिए सख्त किए नियम, अब हर कदम पर सरकार से लेनी होगी मंजूरी?

पीओके में बवाल से डरा PAK: विदेशी पत्रकारों के लिए सख्त किए नियम, अब हर कदम पर सरकार से लेनी होगी मंजूरी?

अमर उजाला 5 Aug 2026 10:11 am

FCRA: भारत में एफसीआरए संशोधन पर अमेरिकी सांसद को क्यों लगा मिर्ची? बोले- संबंधों पर असर पड़ने की आशंका

FCRA: भारत में एफसीआरए संशोधन पर अमेरिकी सांसद को क्यों लगा मिर्ची? बोले- संबंधों पर असर पड़ने की आशंका why-us-congressman-riley-moore-concern-over-fcra-amendment-bill-india

अमर उजाला 5 Aug 2026 10:02 am

Indian Cargo Ship Attack | Red Sea में भारतीय कार्गो जहाज़ पर हमला, डूबने के बाद 13 भारतीयों को सुरक्षित बचाया गया, विदेश मंत्रालय ने जताई सख्त आपत्ति

लाल सागर (Red Sea) में यमन तट के पास भारतीय ध्वज वाले एक व्यावसायिक कार्गो जहाज़ पर हुए हमले के बाद वह समुद्र में पलटकर डूब गया। इस जहाज़ पर सवार 13 भारतीय नागरिकों समेत सभी 14 क्रू सदस्यों को यमनी कोस्ट गार्ड ने सुरक्षित बचा लिया है और उन्हें मोखा बंदरगाह पहुँचाया गया है। भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) ने व्यावसायिक जहाजों पर हो रहे इन हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की है। इसे भी पढ़ें: Tamil Nadu Assembly में TVK सरकार का पहला Budget पेश करेंगी वित्त मंत्री Mary Wilson विदेश मंत्रालय ने हमले की निंदा की व्यावसायिक जहाज़ 'MSV फ़ैज़ नूर ओलिय' पर हुए हमले की निंदा करते हुए विदेश मंत्रालय ने कहा कि रियाद में भारतीय दूतावास स्थिति पर बारीकी से नज़र रख रहा है और क्रू की सुरक्षा के लिए यमनी अधिकारियों के साथ सक्रिय रूप से तालमेल बिठा रहा है। विदेश मंत्रालय ने कहा, हम भारत के झंडे वाले व्यावसायिक जहाज़ 'MSV फ़ैज़ नूर ओलिय' पर हुए हमले की निंदा करते हैं, जो 4 अगस्त, 2026 को यमन के तट के पास रेड सी में डूब गया था। सभी 13 भारतीय नागरिकों को बचा लिया गया है। रियाद में हमारा दूतावास स्थिति पर बारीकी से नज़र रख रहा है और क्रू की सुरक्षा के लिए यमनी अधिकारियों के साथ सक्रिय रूप से तालमेल बिठा रहा है। हम सहयोग के लिए यमनी अधिकारियों का धन्यवाद करते हैं। इसे भी पढ़ें: Trisha Krishnan Controversy | 'मेरे साथ आतंकवादी जैसा बर्ताव किया गया', जेल से रिहाई के बाद Udhayanidhi Stalin ने TVK सरकार पर साधा निशाना विदेश मंत्रालय ने आगे कहा कि इस क्षेत्र में व्यावसायिक जहाज़ों पर लगातार हो रहे हमले बहुत चिंताजनक हैं। मंत्रालय ने कहा, इस क्षेत्र में व्यावसायिक जहाज़ों को निशाना बनाना बंद होना चाहिए, और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के अनुसार, इस क्षेत्र के अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों से जहाज़ों की आवाजाही और व्यापार बिना किसी रुकावट के जल्द से जल्द बहाल किया जाना चाहिए। इस बीच, केंद्रीय बंदरगाह, जहाज़रानी और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि उन्होंने मैरीटाइम एडमिनिस्ट्रेशन के महानिदेशक (DGMA) को निर्देश दिया है कि वे सभी संबंधित एजेंसियों के साथ तालमेल बिठाकर इस क्षेत्र में भारतीय नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और बचाए गए क्रू को हर ज़रूरी मदद देने के लिए तुरंत कदम उठाएँ। ब्लैक सी में व्यावसायिक जहाज़ पर हमला इससे पहले जुलाई में, ब्लैक सी में एक व्यावसायिक जहाज़ पर हमले के बाद एक भारतीय नाविक की मौत हो गई थी, क्योंकि रूस और यूक्रेन के बीच चार साल से ज़्यादा समय से चल रहा संघर्ष जारी है। रूस के समुद्री इलाके में मौजूद इस जहाज़ की पहचान मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाले 'MV OMORFI' के तौर पर की गई थी। यह जहाज़, जो पिछली बार रूस के सेंट पीटर्सबर्ग बंदरगाह पर रुका था, घटना के समय दस क्रू सदस्यों को ले जा रहा था, जिनमें तीन भारतीय नागरिक भी शामिल थे। इसमें यह भी कहा गया कि जहाज़ पर मौजूद अन्य दो भारतीय नागरिक सुरक्षित हैं। विदेश मंत्रालय (MEA) ने यह भी कहा कि रूस में भारतीय मिशन ने संबंधित अधिकारियों से संपर्क किया है और मृतक के परिवार की मदद के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है। विदेश मंत्रालय ने इस हमले की निंदा की है और सभी पक्षों से समुद्री नेविगेशन की सुरक्षा और वैश्विक व्यापार के निर्बाध प्रवाह को सुनिश्चित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय दायित्वों का पालन करने का आह्वान किया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक बयान में कहा, भारत ऐसे हमलों की स्पष्ट रूप से निंदा करता है जो वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाते हैं और निर्दोष नागरिक क्रू सदस्यों की जान को खतरे में डालते हैं। यह गंभीर चिंता का विषय है कि नेविगेशन और अंतरराष्ट्रीय व्यापार की स्वतंत्रता को बढ़ते खतरों का सामना करना पड़ रहा है। Stay updated with InternationalNews in Hindi on Prabhasakshi Indian MSV Faize Noore Oliya has been hit by a projectile near Yemeni waters, causing the vessel to capsize and sink. India strongly condemns this unprovoked attack on the defenseless mechanised sailing vessel. The safety of our people is our supreme priority & I am relieved to… — Sarbananda Sonowal (@sarbanandsonwal) August 4, 2026

प्रभासाक्षी 5 Aug 2026 9:59 am

कतर से रुकी सप्लाई, फिर भी 15% कैसे बढ़ा भारत का LNG आयात? देखें कूटनीति

कूटनीति' में आज बात भारत की उस रणनीतिक चाल की, जिसने पूरी दुनिया के ऊर्जा बाज़ारों को हैरान कर दिया है. जब पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ा और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जंग छिड़ी, तो दुनिया को लगा कि भारत में बड़ा गैस संकट आने वाला है. वजह साफ थी-भारत अपनी 60 फीसदी एलएनजी (LNG) गैस इसी समुद्री रास्ते से मंगाता था. लगा कि कतर से सप्लाई रुकते ही भारत की फैक्ट्रियां और रसोई गैस थम जाएगी. लेकिन भारत ने ऐसा कूटनीतिक मास्टरस्ट्रोक खेला कि इस पूरे संकट के बावजूद देश में एलएनजी का आयात घटने के बजाय 15 फीसदी और बढ़ गया.

आज तक 5 Aug 2026 9:56 am

ईरान की ना, ट्रंप दे रहे धमकी पर धमकी... होर्मुज पर खत्म नहीं हो रहा सस्पेंस

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर सख्त चेतावनी दी और कहा कि होर्मुज स्ट्रेट बहुत जल्द खुल जाएगा, नहीं तो बहुत जोरदार हमला होगा, साथ ही उन्होंने दोहराया कि ईरान कभी परमाणु हथियार नहीं रखेगा. यह बयान ऐसे समय आया है जब होर्मुज को दोबारा खोलने पर ईरान-ओमान में बातचीत चल रही है.

आज तक 5 Aug 2026 9:41 am

अमेरिका में भारतीय समुदाय का सम्मान: मैसाचुसेट्स ने 15 अगस्त को घोषित किया 'भारत दिवस', गवर्नर ने क्या कहा?

अमेरिका में भारतीय समुदाय का सम्मान: मैसाचुसेट्स ने 15 अगस्त को घोषित किया 'भारत दिवस', गवर्नर ने क्या कहा?

अमर उजाला 5 Aug 2026 9:37 am

शेख हसीना के खिलाफ विद्रोह करने वाले छात्र संगठनों के बीच भयानक जंग, बांग्लादेश में रंगपुर से लेकर ढाका तक अशांति

ढाका। बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना की सरकार के समय जुलाई विद्रोह के दौरान लोकतांत्रिक जागृति का प्रतीक रहे शिक्षण संस्थान दो साल बाद लड़ाई के मैदान में बदल गए हैं। दो दिनों के भीतर जातीयतावादी छात्र दल (जेसीडी) और इस्लामी छात्र शिविर के कार्यकर्ताओं के बीच झड़पें रंगपुर के बेगम रोकेया यूनिवर्सिटी से […]

पांचजन्य 5 Aug 2026 9:14 am

गोल्फ क्लब के पास कार में बंदूक के साथ शख्स गिरफ्तार, ट्रंप की ह्त्या का था प्लान

गोल्फ क्लब के पास कार में बंदूक के साथ शख्स गिरफ्तार, ट्रंप की ह्त्या का था प्लान

समाचार नामा 5 Aug 2026 9:09 am

PoK में पाकिस्तान की बर्बरता का पर्दाफाश: 2 महीने में 90 बेगुनाह नागरिकों की मौत से सुलग उठा पाक अधिकृत कश्मीर

नई दिल्ली/मुज़फ़्फराबाद: भारत के अभिन्न अंग लेकिन पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले क्षेत्र 'पाक अधिकृत कश्मीर' (PoK) में मानवीय संकट और नागरिकों पर राजकीय हिंसा अपने चरम पर पहुंच चुकी है। पिछले दो महीनों के दौरान पाकिस्तानी सुरक्षा बलों, फ्रंटियर कांस्टेबुलरी (FC), पाक रेंजर्स और स्थानीय कठपुतली प्रशासन द्वारा की गई हिंसक कार्रवाई, अंधाधुंध गोलीबारी और हिरासत में प्रताड़ना के कारण 90 से अधिक निर्दोष स्थानीय नागरिकों की मौत हो चुकी है। पोके के प्रमुख शहरों—मुज़फ़्फराबाद, मीरपुर, रावलाकोट, पलंदरी और कोटली में सब्सिडी की समाप्ति, बिजली की आसमान छूती दरों और पाकिस्तानी सेना के दमनकारी रवैये के खिलाफ ऐतिहासिक जनआंदोलन छिड़ा हुआ है। इस भीषण खून-खराबे और मानवाधिकारों के सरेआम हनन पर भारत सरकार ने कड़ा आक्रोश व्यक्त करते हुए इस्लामाबाद को सख्त कटघरे में खड़ा किया है। भारत ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि पाकिस्तान द्वारा पोके में आयोजित किए जाने वाले तथाकथित चुनाव और राजनीतिक प्रक्रियाएं लोकतंत्र के नाम पर एक भद्दा मजाक और दुनिया की आंखों में धूल झोंकने का प्रयास हैं।पाक अधिकृत कश्मीर में हालात इस कदर बिगड़ चुके हैं कि स्थानीय नागरिक अपनी ही जमीन पर गुलामों जैसा जीवन जीने को मजबूर हैं। पाकिस्तानी सरकार और उसकी खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) की शह पर निर्दोष प्रदर्शनकारियों पर जिस तरह से गोलियां बरसाई जा रही हैं, उसने वहां के माहौल को जलते हुए बारूद के ढेर में बदल दिया है।पाक अधिकृत कश्मीर में क्यों भड़का जनआक्रोश? 2 महीने में 90 मौतों की भयावह सच्चाईपोके में उपजे इस उग्र असंतोष की नींव महीनों पहले रखी गई थी, जब 'अवामी एक्शन कमेटी' (Awami Action Committee - AAC) के नेतृत्व में आम नागरिकों ने सरकार की दमनकारी आर्थिक नीतियों के खिलाफ शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन शुरू किया था। पोके के नागरिक वर्षों से सस्ती बिजली, आटे और गेहूं पर सब्सिडी तथा अपने ही प्राकृतिक संसाधनों पर अधिकार की मांग कर रहे हैं। हालांकि, इस्लामाबाद में बैठी पाकिस्तानी हुकूमत ने उनकी जायज मांगों को सुनने के बजाय सेना और अर्धसैनिक बलों की 15 से अधिक बटालियनों को सड़कों पर उतार दिया।पिछले 60 दिनों के भीतर शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों, छात्रों, व्यापारियों और बुजुर्गों पर पुलिस की बर्बरता का वो नंगा नाच देखा गया जिसने जलियांवाला बाग जैसी त्रासदी की याद दिला दी। भीड़ को तितर-बितर करने के नाम पर एक्सपायर हो चुके आंसू गैस के गोलों का प्रयोग किया गया और सीधे सिर व छाती को निशाना बनाकर गोलियां चलाई गईं। रिपोर्टों के अनुसार, सुरक्षा बलों की सीधी गोलीबारी में 65 से अधिक लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 25 से अधिक घायल नागरिकों ने अस्पतालों में समय पर इलाज न मिलने और पुलिस कस्टडी में प्रताड़ना के कारण दम तोड़ दिया। इस हिंसा में 800 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हैं और सैकड़ों युवाओं को जबरन उठाकर अज्ञात स्थानों पर प्रताड़ित किया जा रहा है।भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान की क्रूरता की धज्जियां उड़ाईंपोके में निर्दोष नागरिकों की सिलसिलेवार हत्याओं पर भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए वैश्विक समुदाय का ध्यान इस मानवीय त्रासदी की ओर आकर्षित किया है। भारत के आधिकारिक प्रवक्ता ने बयान जारी कर कहा कि पाकिस्तान द्वारा अपने अवैध कब्जे वाले भारतीय क्षेत्रों में की जा रही क्रूरता, सेना का नग्न प्रयोग और बुनियादी मानवाधिकारों का हनन अत्यंत निंदनीय है।विदेश मंत्रालय ने अपने स्पष्ट रुख को दोहराते हुए कहा, सम्पूर्ण जम्मू-कश्मीर और लद्दाख, जिसमें पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) और गिलगित-बालटिस्तान भी शामिल हैं, भारत का अभिन्न और अविभाज्य अंग था, है और हमेशा रहेगा। पाकिस्तान का इन भारतीय भू-भागों पर केवल अवैध और जबरन कब्जा है। इस्लामाबाद को तुरंत प्रभाव से अपने कब्जे वाले भारतीय इलाकों को खाली कर देना चाहिए और वहां के नागरिकों पर किए जा रहे अत्याचारों को बंद करना चाहिए। भारत ने कहा कि जो देश खुद को दुनिया के सामने मानवाधिकारों का मसीहा बताने का ढोंग करता है, वह अपनी ही अवैध हिरासत में रह रहे नागरिकों की आवाज को बंदूकों की नोक पर दबा रहा है।पाकिस्तान का 'चुनावी ढोंग': जनमत को दबाने के लिए सेना की फर्जी लोकतंत्र व्यवस्थाभारत ने पोके में समय-समय पर आयोजित किए जाने वाले असेंबली और स्थानीय निकाय चुनावों की धज्जियां उड़ाते हुए उन्हें पूरी तरह से निष्प्रभावी और दिखावटी करार दिया। इस्लामाबाद द्वारा पोके में राजनीतिक वैधता हासिल करने के लिए कराए जा रहे चुनाव किसी लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा नहीं, बल्कि पाक सेना की अपनी पसंद के कठपुतली नेताओं (Puppet Leaders) को बिठाने की एक तयशुदा पटकथा मात्र हैं।भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि जिस क्षेत्र में मीडिया पर पूर्ण प्रतिबंध हो, स्थानीय स्वतंत्र पत्रकारों को जेल में डाला जा रहा हो, राजनीतिक विरोधियों का अपहरण किया जा रहा हो और आम जनता को अपने विचार व्यक्त करने पर गोलियों से भून दिया जाता हो, वहां चुनाव कराना लोकतंत्र की आत्मा का कत्ल करने जैसा है। पोके के चुनाव में केवल उन्हीं राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों को हिस्सा लेने की इजाजत दी जाती है जो पाकिस्तान के प्रति निष्ठा की शपथ लेते हैं। जो स्थानीय नेता या राष्ट्रवादी दल पोके की स्वतंत्रता या भारत के साथ जुड़ाव की बात करते हैं, उन्हें असंवैधानिक घोषित कर चुनाव लड़ने से बेदखल कर दिया जाता है। ऐसे में इन चुनावों की कोई कानूनी या नैतिक वैधता नहीं रह जाती।संसाधनों की लूट और आर्थिक गुलामी: भुखमरी की कगार पर पोके के निवासीपाक अधिकृत कश्मीर के सुलगने के पीछे केवल राजनीतिक दमन ही वजह नहीं है, बल्कि वहां का आर्थिक शोषण भी एक बड़ा कारण है। पोके में स्थित नीलम-झेलम और मंगला हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स (Hydropower Projects) से हजारों मेगावाट सस्ती बिजली पैदा की जाती है। इस बिजली को पाकिस्तान के पंजाब और सिंध प्रांतों में बेहद कम दरों पर सप्लाई किया जाता है, जबकि पोके के निवासियों को, जिनकी नदियों पर ये बांध बने हैं, 45 से 50 रुपये प्रति यूनिट की अत्यधिक महंगी दरों पर बिजली बेची जाती है।इसी तरह, पाकिस्तान के भारी आर्थिक संकट और मुद्रास्फीति (Inflation) की मार सबसे ज्यादा पोके के निवासियों पर पड़ी है। वहां आटे का संकट इतना गहरा चुका है कि राशन की दुकानों पर कई-कई किलोमीटर लंबी लाइनें लग रही हैं। पोके के प्राकृतिक संसाधनों, जंगलों, खनिजों और नदियों का इस्तेमाल केवल इस्लामाबाद के खजाने को भरने के लिए किया जा रहा है, जबकि स्थानीय युवाओं के लिए न तो रोजगार के साधन हैं और न ही बेहतर शिक्षा व स्वास्थ्य का ढांचा। सीपेक (CPEC) परियोजनाओं के नाम पर भी स्थानीय आबादी की जमीनों को छीनकर चीनी कंपनियों को सौंपा जा रहा है, जिससे आम जनता में पाकिस्तान विरोधी गुस्सा भड़क उठा है।संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों की चुप्पी पर उठे सवालपोके में 2 महीने के भीतर 90 बेगुनाहों की हत्या के बावजूद संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) और पश्चिमी देशों की चुप्पी पर भी भारत के रक्षा विशेषज्ञों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने सवाल उठाए हैं। पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मंचों पर जाकर जब भी कश्मीर का राग अलापता है, तो वह पोके में अपने द्वारा ढाए जा रहे जुल्मों को छिपाने की नाकाम कोशिश करता है।हालांकि, अब सोशल मीडिया और डिजिटल क्रांति के इस युग में मुज़फ़्फराबाद और मीरपुर से आ रही तस्वीरें पाकिस्तान के इस झूठ के गुब्बारे की हवा निकाल रही हैं। वायरल हो रहे वीडियो में पाकिस्तानी सेना के जवान निहत्थे नागरिकों पर अंधाधुंध गोलियां चलाते और माताओं-बहनों को घसीटते हुए साफ नजर आ रहे हैं। भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान के इस घिनौने चेहरे को बेनकाब करना जारी रखेगा। जब तक पाकिस्तान पोके से अपना अवैध कब्जा नहीं हटा लेता और वहां के निवासियों को न्याय नहीं मिल जाता, तब तक भारत की यह कूटनीतिक और नैतिक लड़ाई मजबूती से जारी रहेगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 5 Aug 2026 9:03 am

ईरान में सत्ता संघर्ष और अमेरिकी तनाव के बीच सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई का गुप्त प्लान: जंग जारी रहेगी या वाशिंगटन के साथ सुलह का रास्ता चुनेंगे तेहरान के नए रहबर?

तेहरान: मध्य पूर्व में जारी भारी उथल-पुथल और अमेरिका-इजरायल के साथ चल रहे भीषण संघर्ष के बीच ईरान के नए सर्वोच्च नेता (सुप्रीम लीडर) मुज्तबा खामेनेई के भावी रुख को लेकर पूरी दुनिया में गहरा सस्पेंस बना हुआ है। अपने पिता और पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के बाद सत्ता की कमान संभालने वाले 56 वर्षीय मुज्तबा खामेनेई सार्वजनिक रूप से सामने आने के बजाय पर्दे के पीछे से देश और सेना का मार्गदर्शन कर रहे हैं। हमले में घायल होने की खबरों के बीच वे रणनीतिक संदेशों के जरिए तेहरान की नीतियों को आकार दे रहे हैं। ऐसे समय में जब देश में अंदरूनी राजनीतिक खींचतान और आर्थिक मोर्चे पर चुनौतियां चरम पर हैं, सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या मुज्तबा अमेरिका के साथ युद्ध को आगे बढ़ाएंगे या फिर पर्दे के पीछे कोई सुलह का रास्ता तलाशेंगे।अली खामेनेई के बाद मुज्तबा की ताजपोशी और तेहरान में आंतरिक चुनौतियांईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) और असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स के समर्थन से मुज्तबा खामेनेई को देश का तीसरा सुप्रीम लीडर चुना गया है। हालांकि, उनकी नियुक्ति के समय से ही तेहरान के सत्ता के गलियारों में कुछ हद तक अंतर्कलह और बहस की स्थिति रही है। पारंपरिक धर्मगुरुओं और सुधारवादी धड़ों के बीच सर्वोच्च पद के वंशानुगत जैसे लगने वाले हस्तांतरण को लेकर सवाल उठे थे। इसके अलावा, अमेरिकी व इजरायली हमलों में बुनियादी ढांचे को पहुंचे नुकसान के कारण आंतरिक प्रशासनिक संतुलन बनाए रखना नए नेतृत्व के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो रहा है।सार्वजनिक रूप से नजर न आने के बावजूद मुज्तबा ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वे देश में राजनीतिक स्थिरता और जनसमर्थन बनाए रखने को प्राथमिकता दे रहे हैं। वे सरकारी संस्थानों और जनता के बीच एकता बनाए रखने पर जोर दे रहे हैं ताकि युद्ध के इस नाजुक दौर में आंतरिक मतभेद देश की सुरक्षा को नुकसान न पहुंचाएं।'सैन्य प्रतिरोध और हॉर्मुज की नाकाबंदी': मुज्तबा का आक्रामक रुखसुप्रीम लीडर बनने के बाद जारी अपने शुरुआती लिखित बयानों में मुज्तबा खामेनेई ने अमेरिका और उसके सहयोगियों के खिलाफ सख्त और बेबाक रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि ईरान अपनी सैन्य ताकत के दम पर प्रतिरोध जारी रखेगा और किसी भी दबाव के आगे घुटने नहीं टेकेगा।मुज्तबा के प्लान का एक प्रमुख हिस्सा 'स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज' (Strait of Hormuz) को दबाव के हथियार के रूप में इस्तेमाल करना है। दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल जलमार्गों में से एक हॉर्मुज को प्रभावित कर तेहरान वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा आपूर्ति पर दबाव बनाए रखना चाहता है। इसके अलावा, उन्होंने यमन के हूती, लेबनान के हिजबुल्लाह और इराक के सशस्त्र समूहों जैसे 'एक्सिस ऑफ रेजिस्टेंस' (प्रतिरोध के मोर्चे) के सहयोगियों को एकजुट रखकर नए युद्ध मोर्चे खोलने का भी संकेत दिया है।अमेरिका से सीधा टकराव या बैकचैनल डिप्लोमेसी? अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट का दावाअमेरिकी खुफिया एजेंसियों (US Intelligence) के ताजा आकलनों के मुताबिक, घायल होने के बावजूद मुज्तबा खामेनेई तेहरान की युद्ध नीति और वाशिंगटन के साथ होने वाले गोपनीय कूटनीतिक संवादों को खुद नियंत्रित कर रहे हैं। रिपोर्टों के अनुसार, मुज्तबा अपने भरोसेमंद संदेशवाहकों और आमने-सामने की वार्ताओं के जरिए आईआरजीसी कमांडरों और शीर्ष प्रशासनिक अधिकारियों को दिशानिर्देश भेज रहे हैं।एक तरफ जहां सार्वजनिक मंचों पर उनका संदेश अमेरिका को सबक सिखाने का है, वहीं दूसरी तरफ वाशिंगटन में ट्रंप प्रशासन के साथ बैकचैनल कूटनीति के दरवाजे भी पूरी तरह बंद नहीं किए गए हैं। अमरीकी अधिकारियों का मानना है कि ईरान की मिसाइल क्षमताओं को नुकसान जरूर पहुंचा है, लेकिन वे पूरी तरह नष्ट नहीं हुई हैं। ऐसे में मुज्तबा का दोहरा प्लान दिख रहा है—एक तरफ सैन्य ताकत से हमले रोकना और दूसरी तरफ सौदेबाजी की मेज पर अपनी शर्तों को मजबूत बनाए रखना।आईआरजीसी का दबदबा और शासन की भावी दिशावर्तमान परिदृश्य में ईरान की दैनिक शासन व्यवस्था और रक्षा नीतियों में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबफ की भूमिका बेहद अहम हो गई है। मुज्तबा खामेनेई के आईआरजीसी के साथ दशकों पुराने घनिष्ठ संबंध रहे हैं, जिसके चलते सेना का तेहरान की राजनीति पर नियंत्रण और मजबूत हुआ है।विश्लेषकों का मानना है कि मुज्तबा खामेनेई का अंतिम प्लान न तो पूरी तरह अमेरिका के सामने सरेंडर करने का है और न ही बिना किसी रणनीतिक सोच के अनियंत्रित युद्ध में कूदने का। वे ईरान के आंतरिक मतभेदों को दबाने, आईआरजीसी के जरिए नियंत्रण कायम रखने और हॉर्मुज व क्षेत्रीय सहयोगियों के माध्यम से अमेरिका पर कूटनीतिक व सैन्य दबाव बनाए रखने की बहुकोणीय रणनीति पर काम कर रहे हैं। आने वाले महीनों में यह स्पष्ट होगा कि मुज्तबा का यह गुप्त दांव मध्य पूर्व में शांति का रास्ता खोलेगा या संघर्ष को एक नए और भीषण मोड़ पर ले जाएगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 5 Aug 2026 9:01 am

यमन के पास भारतीय जहाज पर हूती विद्रोहियों का सनसनीखेज ड्रोन हमला: लाल सागर में धू-धू कर जला मर्चेंट वेसल, भारतीय नौसेना ने चलाया साहसिक रेस्क्यू ऑपरेशन; सुरक्षित बचाए गए सभी 14 नाविक

अदन की खाड़ी और लाल सागर के जलक्षेत्र में एक बार फिर समुद्री सुरक्षा पर भारी संकट खड़ा हो गया है। यमन के तटवर्ती इलाके के करीब से गुजर रहे भारतीय नाविकों के दल वाले एक व्यावसायिक जहाज (मर्चेंट वेसल) पर यमन के हूती विद्रोहियों ने घातक ड्रोन से हमला कर दिया। इस अचानक हुए आत्मघाती ड्रोन हमले के बाद जहाज में आग लग गई और अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्र में तैनात भारतीय नौसेना (Indian Navy) के अग्रिम पंक्ति के युद्धपोत ने त्वरित और साहसिक रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। भारतीय नौसेना के जांबाज मरीन कमांडो और नौसैनिकों की तत्परता की बदौलत जहाज पर सवार सभी 14 भारतीय नाविकों को सकुशल और बिना किसी गंभीर चोट के सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है।इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि यमन के हूती विद्रोही लाल सागर और अदन की खाड़ी से गुजरने वाले अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाने से बाज नहीं आ रहे हैं। इस हमले के बाद पूरे लाल सागर गलियारे (Red Sea Corridor) और अरब सागर में भारतीय नौसेना और अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा बलों ने निगरानी और गश्त बढ़ा दी है।लाल सागर और यमन तट के पास कैसे हुआ हमला: घटना का पूरा ब्योरामिली जानकारी के अनुसार, यह वाणिज्यिक मर्चेंट वेसल अपनी निर्धारित यात्रा के तहत लाल सागर के महत्वपूर्ण जलमार्ग से गुजर रहा था। जहाज पर कुल 14 क्रू मेंबर्स मौजूद थे, जो सभी भारतीय नागरिक हैं। जैसे ही जहाज यमन के तट से कुछ समुद्री मील की दूरी पर अदन की खाड़ी के पास पहुँचा, हूती नियंत्रित इलाके से छोड़े गए एक विस्फोटक से लैस मानवरहित ड्रोन (Kamikaze Drone) ने जहाज को निशाना बनाया।ड्रोन सीधे जहाज के ऊपरी हिस्से और सुपरस्ट्रक्चर से टकराया, जिसके तुरंत बाद एक जोरदार धमाका हुआ और जहाज के एक हिस्से में आग की लपटें उठने लगीं। हमले के वक्त जहाज में जरूरी कमोडिटी और वाणिज्यिक सामान लोड था। धमाके और आग लगने के बाद जहाज के कैप्टन ने तुरंत डिस्ट्रेस सिग्नल (आपातकालीन संदेश) प्रसारित किया और आसपास के जलक्षेत्र में गश्त कर रहे अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा बलों व भारतीय नौसेना से तत्काल मदद मांगी।भारतीय नौसेना की त्वरित कार्रवाई और 14 भारतीय नाविकों का रेस्क्यूभारतीय नौसेना का एक मिसाइल विध्वंसक (Guided-Missile Destroyer) युद्धपोत और समुद्री गश्ती विमान 'P-8I Poseidon' पहले से ही अरब सागर और अदन की खाड़ी के संवेदनशील क्षेत्र में आतंकवाद रोधी व पायरेसी रोधी (Anti-Piracy) अभियानों के लिए तैनात था। आपातकालीन डिस्ट्रेस कॉल मिलते ही भारतीय युद्धपोत ने बिना एक पल गंवाए घटना स्थल की ओर तेज गति से प्रस्थान किया।नाविकों की जान बचाने के लिए युद्धपोत से एक विशेष रेस्क्यू टीम, नौसैनिक फायर फाइटिंग दस्ता और स्पीड बोट्स को रवाना किया गया। भारतीय नौसैनिकों ने धुएं और आग से घिरे मर्चेंट शिप तक पहुँचकर बेहद योजनाबद्ध तरीके से रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम दिया। नौसैनिकों ने बहादुरी का परिचय देते हुए जहाज पर लगी आग को नियंत्रित किया और लाइफ रॉफ्ट्स व रेस्क्यू बोट्स के माध्यम से सभी 14 भारतीय नाविकों को सुरक्षित भारतीय युद्धपोत पर स्थानांतरित कर लिया।रेस्क्यू किए गए सभी नाविकों की प्रारंभिक मेडिकल जांच युद्धपोत के डॉक्टर द्वारा की गई, जिसमें सभी नाविक पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ पाए गए हैं। भारतीय नौसेना की इस बिजली जैसी त्वरित कार्रवाई की वैश्विक स्तर पर सराहना हो रही है।हूती विद्रोहियों का लाल सागर में बढ़ता आतंक और जहाजों पर मंडराता खतरायमन के उत्तर-पश्चिम हिस्से पर नियंत्रण रखने वाले ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने पिछले कुछ महीनों से लाल सागर, बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य और अदन की खाड़ी में वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाने का सिलसिला तेज कर रखा है। हूती विद्रोही लगातार एंटी-शिप बैलिस्टिक मिसाइलों, क्रूज मिसाइलों और सुसाइड ड्रोन्स का इस्तेमाल कर व्यापारिक जहाजों पर हमले कर रहे हैं।हूती गुटों का दावा है कि वे इजराइल, अमेरिका और ब्रिटेन से जुड़े या उनके सहयोगी देशों के जहाजों पर हमले कर रहे हैं, लेकिन हकीकत यह है कि इन हमलों की चपेट में तट से गुजरने वाले तटस्थ देशों के सामान्य मालवाहक और तेल टैंकर भी आ रहे हैं। इससे पहले भी कई मर्चेंट जहाजों को हूती मिसाइलों और ड्रोन्स द्वारा निशाना बनाया जा चुका है, जिसमें कई जहाजों को भारी नुकसान पहुँचा है। इस नए हमले ने अंतरराष्ट्रीय नौवहन समुदाय को चिंता में डाल दिया है।वैश्विक समुद्री व्यापार और लाल सागर जलमार्ग पर पड़ा गंभीर असरलाल सागर और स्वेज नहर का समुद्री मार्ग वैश्विक व्यापार की लाइफलाइन माना जाता है। दुनिया का लगभग 12% से 15% अंतरराष्ट्रीय व्यापार और 30% कंटेनर ट्रैफिक इसी संकरे समुद्री मार्ग से होकर गुजरता है। एशिया, यूरोप और अमेरिका को जोड़ने वाला यह सबसे छोटा और सुलभ जलमार्ग है।हूती विद्रोहियों के लगातार हो रहे ड्रोन और मिसाइल हमलों के कारण कई वैश्विक शिपिंग कंपनियों ने लाल सागर के रास्ते अपने जहाजों को भेजना बंद या कम कर दिया है। इसके बजाय, अब वाणिज्यिक जहाजों को अफ्रीका महाद्वीप के चक्कर लगाकर 'केप ऑफ गुड होप' (Cape of Good Hope) के लंबे और खर्चीले रास्ते से यूरोप जाना पड़ रहा है। इस वैकल्पिक लंबे मार्ग के कारण जहाजों की यात्रा में 10 से 14 दिनों की देरी हो रही है, जिससे ईंधन की खपत बढ़ी है और मालभाड़ा (Freight Rate) और बीमा प्रीमियम में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसका सीधा असर वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला (Global Supply Chain) और महंगाई पर पड़ रहा है।भारतीय नौसेना की मुस्तैदी और अरब सागर में सुरक्षा का अभेद्य चक्रभारत की रणनीतिक स्थिति और वैश्विक व्यापारिक हितों की रक्षा के लिए भारतीय नौसेना अरब सागर, अदन की खाड़ी और उत्तरी हिंद महासागर में मुख्य सुरक्षा प्रदाता (First Responder and Net Security Provider) के रूप में कार्य कर रही है। भारत ने अपने मर्चेंट शिप्स और भारतीय नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 'ऑपरेशन संकल्प' (Operation Sankalp) के तहत एक दर्जन से अधिक आधुनिक युद्धपोत, गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर और समुद्री टोही विमान इस इलाके में तैनात कर रखे हैं।भारतीय नौसेना का स्पष्ट रुख है कि अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में नौवहन की स्वतंत्रता (Freedom of Navigation) और नाविकों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। हालिया रेस्क्यू ऑपरेशन ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि जब भी समुद्र में भारतीय नागरिकों या वाणिज्यिक जहाजों पर कोई संकट आता है, तो भारतीय नौसेना तत्परता से जीवन रक्षक की भूमिका में खड़ी नजर आती है। फिलहाल, प्रभावित मर्चेंट शिप को सुरक्षित बंदरगाह तक पहुँचाने और सुरक्षा घेरा मजबूत करने के लिए अतिरिक्त नौसैनिक संपत्तियों को तैनात कर दिया गया है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 5 Aug 2026 9:00 am

ब्राजील में केमिकल फैक्ट्री धधकी! कई धमाके, 30 फायर टेंडर मौजूद

मंगलवार को साओ पाउलो मेट्रोपॉलिटन इलाके के इटाक्वाक्वेसेटुबा में एक केमिकल फ़ैक्ट्री में भीषण आग लग गई, दमकल की 30 गाड़ियां मौके पर मौजूद हैं.

आज तक 5 Aug 2026 8:54 am

Massachusetts ने 15 अगस्त को किया India Day घोषित, गवर्नर मॉरा हेली ने दिया आदेश

(सागर कुलकर्णी)वाशिंगटन, पांच अगस्त मैसाचुसेट्स की गवर्नर मॉरा हेली ने राज्य के विकास में भारतीय समुदाय के योगदान को मान्यता देते हुए 15 अगस्त को ‘इंडिया डे’ घोषित किया है और राज्य के निवासियों से इस अवसर के आयोजन में उत्साहपूर्वक भाग लेने का आह्वान किया। एक अगस्त को जारी सरकारी आदेश में गवर्नर ने यह भी कहा कि सामुदायिक संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने अपने वार्षिक स्वतंत्रता दिवस समारोहों तथा सामुदायिक सेवा गतिविधियों के माध्यम से नागरिक भागीदारी, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और आपसी समझ को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसी तरह की घोषणा बोस्टन की मेयर मिशेल वू ने भी की है। उन्होंने भी 15 अगस्त को ‘इंडिया डे’ घोषित किया है। उन्होंने बोस्टन में भारतीय वाणिज्य दूतावास के नए कार्यालय के उद्घाटन का स्वागत किया और ‘सेलबोस्टन-250’ कार्यक्रम में भारतीय नौसैनिक पोत आईएनएस सुदर्शिनी के आगमन पर भी प्रसन्नता व्यक्त की। मैसाचुसेट्स की गवर्नर द्वारा जारी सरकारी आदेश में कहा गया है कि 15 अगस्त 2026 को भारत की ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन से 1947 में मिली आजादी की 79वीं वर्षगांठ होगी। इस आजादी ने दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की नींव रखी। इसमें कहा गया है कि भारतीय मूल के 3.6 करोड़ से अधिक लोग विभिन्न देशों में रहते हैं। अमेरिका में भारतीय मूल के 50 लाख से अधिक लोग निवास करते हैं, जो देश और समाज के सामाजिक, आर्थिक तथा नागरिक जीवन में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। सरकारी आदेश में कहा गया है कि भारत एक प्राचीन और बहुआयामी सभ्यता वाला देश है, जो विभिन्न जातीय समूहों, धर्मों, भाषाओं, रीति-रिवाजों, परंपराओं, वेशभूषा, खान-पान, जलवायु और प्राकृतिक संसाधनों की अद्भुत विविधता के बावजूद अपनी मूलभूत एकता को बनाए रखे हुए है। इसमें कहा गया है कि मैसाचुसेट्स में भारतीय-अमेरिकी समुदाय ने चिकित्सा, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, शिक्षा, कारोबार और लोकसेवा जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया है, जिससे राज्य की सांस्कृतिक और आर्थिक समृद्धि बढ़ी है।

प्रभासाक्षी 5 Aug 2026 8:52 am

Donald Trump प्रशासन ने US में Brazil की राजदूत मारिया लुइजा का वीजा रद्द किया

वाशिंगटन, पांच अगस्त (एपी) अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ब्राजील द्वारा पिछले महीने दो अमेरिकी राजनयिकों को वीजा देने से इनकार किए जाने और ब्रासीलिया में अमेरिकी राजदूत पद के लिए ट्रंप के नामित उम्मीदवार को मंजूरी देने में देरी के जवाब में, अमेरिका में ब्राजील की राजदूत मारिया लुइजा रिबेरो वियोटी का वीजा रद्द कर दिया है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने इसे पारस्परिक कार्रवाई बताया। अधिकारियों के अनुसार, यह फैसला कई बार टाला गया ताकि ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा को अपना रुख बदलने का अवसर मिल सके, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। हालांकि, अमेरिका ने संकेत दिया कि यदि ब्राजील ट्रंप द्वारा राजदूत पद के लिए नामित डैनी पेरेज को मंजूरी दे देता है तो यह फैसला वापस लिया जा सकता है। ब्राजील सरकार ने अमेरिकी कदम को राजनीति से प्रेरित बताते हुए आरोप लगाया कि इसका उद्देश्य अक्टूबर में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव को प्रभावित करना है। उसने यह भी कहा कि अमेरिका ने अंतरराष्ट्रीय संधि के प्रावधानों का पालन किए बिना राजदूत की नियुक्ति की घोषणा की। पिछले महीने ब्राजील ने दो अमेरिकी राजनयिकों को वीजा देने से इनकार कर दिया था। ब्राजील का आरोप था कि वे देश की चुनावी व्यवस्था की निष्पक्षता पर सवाल उठाने और चुनाव प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने के इरादे से आ रहे थे। पिछले सप्ताह ब्राजील के एक वरिष्ठ राजनयिक ने नाम न उजागर करने की शर्त पर पत्रकारों से कहा था कि उनकी सरकार को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की ओर से जवाब का इंतजार है। इसी राजनयिक ने मंगलवार को बताया कि राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा की सरकार यह समझने की कोशिश कर रही है कि अमेरिकी सरकार अक्टूबर में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव से कुछ ही महीने पहले ब्रासीलिया में राजदूत की नियुक्ति को लेकर इतनी जल्दबाजी क्यों दिखा रही है। ब्राजील की राजधानी में अमेरिकी राजदूत का पद जनवरी 2025 में ट्रंप के दोबारा व्हाइट हाउस लौटने के बाद से खाली है। ब्राजील के राष्ट्रपति के रूप में चौथा कार्यकाल हासिल करने की कोशिश कर रहे 80 वर्षीय लूला का मुकाबला सीनेटर फ्लावियो बोल्सोनारो से होगा। फ्लावियो के पिता जायर बोल्सोनारो ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति रह चुके हैं और उनके परिवार के ट्रंप प्रशासन से करीबी संबंध माने जाते हैं।

प्रभासाक्षी 5 Aug 2026 8:52 am

FCRA बिल 2026: कानून भारत में बन रहा, पर दिक्कत अमेरिका को क्यों?

भारत सरकार FCRA बिल ला रही है, लेकिन दिक्कत अमेरिका को हो रही है। इसी क्रम में अमेरिका के एक सांसद रिले मूर ने भारत के विदेशी योगदान नियम यानी FCRA में प्रस्तावित बदलावों की आलोचना की। उनका आरोप है कि ये बदलाव सरकार को चर्च और धार्मिक चैरिटी के प्रबंधन पर कब्जा करने का […]

पांचजन्य 5 Aug 2026 8:45 am

विवादों में ट्रंप का विशाल स्मारक द्वार: NPS ने जताई चिंता, क्या बदलेगी वाशिंगटन के ऐतिहासिक स्थलों की पहचान?

विवादों में ट्रंप का विशाल स्मारक द्वार: NPS ने जताई चिंता, क्या बदलेगी वाशिंगटन के ऐतिहासिक स्थलों की पहचान?

अमर उजाला 5 Aug 2026 8:44 am

पीओके में पाकिस्तान सरकार के खिलाफ बढ़ा जनआक्रोश, वीडियो में जाने महंगाई से शुरू हुआ आंदोलन अब बना बड़ा राजनीतिक चुनौती

पीओके में पाकिस्तान सरकार के खिलाफ बढ़ा जनआक्रोश, वीडियो में जाने महंगाई से शुरू हुआ आंदोलन अब बना बड़ा राजनीतिक चुनौती

समाचार नामा 5 Aug 2026 8:42 am

शेख हसीना के ऑनलाइन संबोधन पर भारत का रुख स्पष्ट, वीडियो में विदेश मंत्रालय बोला- निजी कार्यक्रम से सरकार का कोई संबंध नहीं

शेख हसीना के ऑनलाइन संबोधन पर भारत का रुख स्पष्ट, वीडियो में विदेश मंत्रालय बोला- निजी कार्यक्रम से सरकार का कोई संबंध नहीं

समाचार नामा 5 Aug 2026 8:41 am

ईरान-ओमान वार्ता पर कतर ने दिया अपडेट, क्या आज हो पाएगी डील?

कतर ने कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते की भाषा तैयार हो चुकी है और उसका मसौदा अभी पक्षों के बीच साझा किया जा रहा है, जबकि कतर और ओमान वॉशिंगटन और तेहरान के बीच बातचीत आसान बनाने के लिए करीबी तालमेल से काम कर रहे हैं.

आज तक 5 Aug 2026 8:27 am

America-Iran तनाव के बीच Strait of Hormuz पर नई हलचल!

ईरान और अमेरिका के बीच तनाव के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर नई स्थिति सामने आई है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने दक्षिणी समुद्री मार्ग को कारोबारी जहाजों के लिए खुला बताया है. वहीं ईरान और ओमान के बीच समुद्री व्यवस्था को लेकर बातचीत जारी है. हालांकि दोनों पक्षों के बीच अब तक किसी अंतिम समझौते की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.

आज तक 5 Aug 2026 8:21 am

ईरान में बढ़ा सियासी संकट, विदेश मंत्री अराघची पर महाभियोग की तैयारी, वीडियो में जाने सुप्रीम लीडर ने राष्ट्रपति की भूमिका सीमित की

ईरान में बढ़ा सियासी संकट, विदेश मंत्री अराघची पर महाभियोग की तैयारी, वीडियो में जाने सुप्रीम लीडर ने राष्ट्रपति की भूमिका सीमित की

समाचार नामा 5 Aug 2026 8:14 am

World: ब्रिटेन की राजकुमारी यूजिनी ने बेटी को जन्म दिया; पांच देशों में ऑपरेशन ग्रीन शील्ड के तहत 839 गिरफ्तार

World: ब्रिटेन की राजकुमारी यूजिनी ने बेटी को जन्म दिया; पर्यावरण कानून के तहत कोलंबिया में सैकड़ों गिरफ्तार

अमर उजाला 5 Aug 2026 8:13 am

ट्रंप की जान लेने की फिर साजिश? संदिग्ध गिरफ्तार, कार में मिला पिस्तौल; घर में हथियारों का जखीरा

यह गिरफ़्तारी उस घटना के एक साल से ज़्यादा समय बाद हुई है जब 2025 में एक जूरी ने एक व्यक्ति को राष्ट्रपति के फ़्लोरिडा गोल्फ़ क्लब में ट्रंप की हत्या की कोशिश का दोषी पाया था।

लाइव हिन्दुस्तान 5 Aug 2026 8:11 am

अमेरिकी राष्ट्रपति पर फिर हमले की साजिश! ट्रंप के फंडरेजर कार्यक्रम से पहले संदिग्ध गिरफ्तार, पुलिस ने बरामद किए हथियार

गिरफ्तार किया गया संदिग्ध व्यक्ति घटनास्थल की फोटो और वीडियो ले रहा था। उसके पास से भारी मात्रा में हथियार बरामद किए गए हैं। पुलिस की टीम संदिग्ध व्यक्ति से पूछताछ कर रही है।

खबर इंडिया टीवी 5 Aug 2026 8:11 am

PoK में खून-खराबा, इमरान समर्थकों का आंदोलन... दो मोर्चों पर घिरे मुनीर-शहबाज!

पाकिस्तान सरकार ने विदेशी पत्रकारों के लिए नई गाइडलाइंस जारी करते हुए बड़े शहरों से बाहर रिपोर्टिंग के लिए एनओसी अनिवार्य कर दिया है. इसी बीच पीटीआई ने आज से इमरान खान की रिहाई के लिए देशव्यापी आंदोलन का ऐलान किया है, यह दिन उनकी गिरफ्तारी के तीन साल पूरे होने का भी है. वहीं पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में चुनाव के दूसरे चरण में पीएमएल एन को बड़ी जीत मिली है, लेकिन हिंसा और धांधली के आरोपों ने माहौल गरमा दिया है.

आज तक 5 Aug 2026 8:07 am

न चेहरा दिखा, न हाथ मिलाया... मोजतबा से ऐसे मिले पेजेशकियान

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान की मोजतबा खामेनेई से कथित गुप्त मुलाकात ऐसे माहौल में हुई, जहां उन्हें तेहरान के एक अज्ञात ठिकाने पर ले जाकर धुंधले शीशों वाली गाड़ी में कुछ मिनट बैठाया गया, चेहरा नहीं दिखा, हाथ नहीं मिलाने दिया गया और पूरी बात सिर्फ आवाज के सहारे हुई.

आज तक 5 Aug 2026 8:07 am

Oil Spill: ओमान तट पर फंसे रूसी तेल टैंकर से बढ़ा रिसाव, गहराया पर्यावरणीय संकट; तट तक पहुंचा ऑयल स्पिल

Oil Spill: ओमान तट पर फंसे रूसी तेल टैंकर से बढ़ा रिसाव, गहराया पर्यावरणीय संकट; तट तक पहुंचा ऑयल स्पिल oman-oil-spill-stranded-sanctioned-tanker-caroline-bezengi-environment-crisis

अमर उजाला 5 Aug 2026 8:07 am

अमेरिका: डेमोक्रेटिक पार्टी से शैनन टेलर, रिपब्लिकन से जॉन मैकगायर उम्मीदवार; आम चुनाव में किससे होगी टक्कर?

अमेरिका: डेमोक्रेटिक पार्टी से शैनन टेलर, रिपब्लिकन से जॉन मैकगायर उम्मीदवार; आम चुनाव में किससे होगी टक्कर?

अमर उजाला 5 Aug 2026 8:00 am

ट्रंप का दावा ईरान ने खारिज किया, होर्मुज खोलने पर ओमान से वार्ता!

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ बातचीत चल रही है और होर्मुज स्ट्रेट खोलने को लेकर जल्दी समझौता हो सकता है, लेकिन तेहरान ने किसी भी बैठक या नई अमेरिकी वार्ता की जानकारी होने से साफ इनकार कर दिया. इसी बीच ओमान और ईरान के बीच शिपिंग कॉरिडोर, सुरक्षित आवाजाही, इस्तेमाल और संभावित शुल्क पर अलग बातचीत चल रही है.

आज तक 5 Aug 2026 7:43 am

अमेरिका के पास घातक मिसाइलें खत्म! Strait of Hormuz खोलेगा ईरान? जानें लेटेस्ट अपडेट

अमेरिका और ईरान के बीच तनातनी जारी है। ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज फिर से खोलने के लिए तैयार नहीं हो रहा। वहींं, पता चला है कि अमेरिका के पास लंबी दूरी की मिसाइलें खत्म हो चुकी हैं। अब आगे क्या होगा?

खबर इंडिया टीवी 5 Aug 2026 7:28 am

यमन तट के पास लाल सागर में भारतीय ध्वज वाले पोत पर हमला: सभी नाविक बचाए गए, भारत ने निंदा की

खाड़ी संकट के बीच अब लाल सागर भी सुरक्षित नहीं है। यमन के पास लाल सागर में एक भारतीय झंडे वाले जहाज पर हमला किया गया है। इस हमले में जहाज डूब गया, लेकिन उस पर सवार सभी नाविक सुरक्षित बचा लिए गए। भारत सरकार ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। घटना कहां […]

पांचजन्य 5 Aug 2026 7:23 am

कार में गन... ट्रंप के गोल्फ क्लब के पास से संदिग्ध गिरफ्तार

डोनाल्ड ट्रंप के कैलिफोर्निया दौरे से पहले उनके ट्रंप नेशनल गोल्फ क्लब के बाहर 38 वर्षीय जीनिन जॉन टेले को हथियार और प्रतिबंधित गोलियां लेकर गिरफ्तार किया गया.

आज तक 5 Aug 2026 7:15 am

बिगड़ जाएंगे US संग रिश्ते… FCRA संशोधन को लेकर अमेरिकी सांसद ने भारत को दी चेतावनी

विपक्षी पार्टियों और सिविल सोसाइटी समूहों का कहना है कि यह विधेयक सरकार को विदेशी फंडिंग पर निर्भर संस्थाओं पर अत्यधिक कंट्रोल देता है। अब इस बिल पर अमेरिकी सांसद का बयान सामने आया है।

लाइव हिन्दुस्तान 5 Aug 2026 7:13 am

चीन के माफियाओं का अड्डा बना श्रीलंका, कैसे भारत के पड़ोस तक पहुंची गैंग वॉर?

श्रीलंका में चीनी साइबर माफिया की खूनी जंग से हड़कंप। कंबोडिया से भागे साइबर सरगना हाओ पों की हत्या और फर्जी वीजा के खेल ने देश की सुरक्षा पर उठाए गंभीर सवाल। पढ़ें पूरी ग्राउंड रिपोर्ट।

लाइव हिन्दुस्तान 5 Aug 2026 7:12 am

China ने विकसित की टनल बोरिंग मशीन, पहाड़ी इलाकों के लिए है दुनिया की पहली तकनीक

(केजेएम वर्मा)बीजिंग, चार अगस्त चीन ने दुनिया की पहली ‘टनल बोरिंग-एंड-ब्लास्टिंग’ मशीन बनाई है। यह एक नए तरह का उपकरण है, जिसे दुर्गम भू-वैज्ञानिक स्थितियों में सुरंग बनाने की चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार किया गया है। सरकार द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक, 4.5 मीटर व्यास वाली इस मशीन का नाम ‘शियांगलोंग’ है। इसे सिंघुआ विश्वविद्यालय और सरकारी कंपनी ‘चाइना रेलवे ग्रुप’ की एक इकाई ने मिलकर बनाया है। हुबेई प्रांत की सरकार के बयान के अनुसार, यह मशीन मध्य हुबेई प्रांत की राजधानी वुहान में बनकर तैयार हुई। हांगकांग के अखबार ‘साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट’ ने मंगलवार को इस बयान का हवाला देते हुए बताया कि आम टनल बोरिंग मशीन की तुलना में छोटी यह हाइब्रिड मशीन खुदाई के साथ-साथ ‘ड्रिलिंग एंड ब्लास्टिंग’ का काम भी एक साथ करती है। उन्होंने बताया कि इससे कठोर चट्टानों की खुदाई की क्षमता 30 प्रतिशत बढ़ जाती है। अभी, मुश्किल भू-वैज्ञानिक स्थितियों का सामना करते समय इंजीनियर दो अलग-अलग प्रणाली का इस्तेमाल करते हैं, जिनमें पारंपरिक टनल बोरिंग मशीन और ‘ड्रिल-एंड-ब्लास्ट’ तरीका शामिल है। बयान के अनुसार, परंपरागत टनल बोरिंग मशीन बहुत ज्यादा कठोर या टूटी-फूटी पहाड़ी चट्टानों को काटते समय धीमी हो जाती हैं, जिससे अक्सर बड़ी परियोजनाओं में देरी होती है।

प्रभासाक्षी 5 Aug 2026 7:03 am

Gaza में 2023 के Israel हमले के मलबे से मिले 112 शवों का अंतिम संस्कार

दीर अल-बलाह (गाजा शहर), चार अगस्त (एपी) गाजा में 2023 में इजराइली हवाई हमले में मारे गए 100 से अधिक लोगों के अवशेष हाल में मलबे से निकाले जाने के बाद मंगलवार को फलस्तीनियों ने उनका सामूहिक अंतिम संस्कार किया। हमास के साथ युद्ध शुरू होने के कुछ सप्ताह बाद 22 नवंबर, 2023 को इजराइली लड़ाकू विमानों ने गाजा शहर के सबरा इलाके में एक रिहायशी परिसर को ध्वस्त कर दिया था। इस हमले में 300 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी। हमले के तुरंत बाद राहतकर्मियों और स्थानीय लोगों ने साधारण औजारों तथा हाथों से मलबा हटाकर करीब 40 शव निकाले थे, लेकिन अधिकांश लोग मलबे के नीचे दबे रह गए थे। युद्ध के शुरुआती संघर्षविराम से ठीक पहले फैली अव्यवस्था के कारण इस भीषण हमले में बड़ी संख्या में लोगों के मारे जाने की जानकारी सार्वजनिक होने में कई दिन लग गए थे। सप्ताहांत में राहत एवं बचावकर्मियों ने ध्वस्त इमारतों के मलबे में खोज अभियान चलाकर 40 बच्चों सहित 112 लोगों के अवशेष बरामद किए। हमास के नियंत्रण वाले गृह मंत्रालय के अधीन कार्यरत नागरिक सुरक्षा एजेंसी ने यह जानकारी दी। एजेंसी के अनुसार, अभी भी 157 लोगों के शवों का पता नहीं चल सका है। अक्टूबर में लागू हुए मौजूदा संघर्षविराम के बाद गाजा के कुछ तबाह इलाकों में मलबे के नीचे दबे लोगों के शवों की तलाश का काम फिर से शुरू हो सका है। इसके चलते युद्ध के शुरुआती महीनों में मारे गए लोगों के अवशेष अब धीरे-धीरे बरामद किए जा रहे हैं। इन बरामदगियों के कारण युद्ध में मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। सात अक्टूबर, 2023 को हमास के नेतृत्व वाले उग्रवादियों ने दक्षिणी इजराइल पर हमला किया था, जिसमें लगभग 1,200 लोग मारे गए थे और 251 लोगों को बंधक बना लिया गया था। इसके जवाब में इजराइल द्वारा शुरू किए गए सैन्य अभियान में अब तक 73,377 से अधिक फलस्तीनी नागरिक मारे जा चुके हैं। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इस संख्या में संघर्षविराम लागू होने के बाद मारे गए लोग भी शामिल हैं।

प्रभासाक्षी 5 Aug 2026 7:01 am

कुवैत में अमेरिकी ठिकानों पर ईरान का ड्रोन हमला

मध्य पूर्व में हालात फिर बिगड़ते दिख रहे हैं। मंगलवार को ईरान ने कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने तीन ड्रोन से हमला किया

देशबन्धु 5 Aug 2026 6:56 am

'होर्मुज स्ट्रेट खुला', ईरान-ओमान में वार्ता के बीच अमेरिकी सेना का दावा

ईरान और अमेरिका के बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट का दक्षिणी समुद्री रास्ता सभी कारोबारी जहाजों के लिए खुला है, जबकि ईरान और ओमान के बीच जहाजों की सुरक्षित आवाजाही बढ़ाने को लेकर बातचीत और मोलभाव में प्रगति हुई है.

आज तक 5 Aug 2026 6:36 am

Trump Golf Course: US में राष्ट्रपति के खिलाफ साजिश! ट्रंप के गोल्फ कोर्स पर शख्स गिरफ्तार, पुलिस क्या बोली?

Trump Golf Course: US में राष्ट्रपति के खिलाफ साजिश! ट्रंप के गोल्फ कोर्स पर शख्स गिरफ्तार, पुलिस क्या बोली?--Suspect Monitoring Security at Trump Golf Course, Man Arrested With Firearm and Ammunition

अमर उजाला 5 Aug 2026 5:51 am

स्पेन और मोरक्को के बीच आरोप-प्रत्यारोप, 2,500 अवैध प्रवासी अभी भी स्यूटा में फंसे

स्पेन के शहर स्यूटा में प्रवासी संकट के एक सप्‍ताह बाद भी करीब 2,500 अवैध प्रवासी अब भी स्यूटा में मौजूद हैं। इनमें ज्यादातर मोरक्को के नागरिक हैं, लेकिन कुछ लोग उप-सहारा अफ्रीका के देशों से भी हैं।

देशबन्धु 5 Aug 2026 5:50 am

ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थता की कोशिश जारी, समझौते के मसौदे पर चल रही है बातचीत: माजिद अल अंसारी

अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता की कोशिश अभी जारी है। दोनों देशों के बीच संभावित समझौते के मसौदे पर बातचीत चल रही है और क्षेत्रीय मध्यस्थ तनाव को और बढ़ने से रोकने के लिए काम कर रहे हैं

देशबन्धु 5 Aug 2026 5:18 am

PoJK Unrest: अधिकार मांगने वालों का दमन, खौफनाक हालात में बेबस मां ने सुनाई पीड़ा, पीओके पर भारत ने क्या कहा?

PoJK Unrest: अधिकार मांगने वालों का दमन, खौफनाक हालात में बेबस मां ने सुनाई पीड़ा, पीओके पर भारत ने क्या कहा?--Pakistan Occupied Kashmir Witnessing Crackdown on Protesters, Bereaved Mother Speaks, India Slams Elections

अमर उजाला 5 Aug 2026 5:11 am

Explainer: शेख हसीना के हटने के बाद बांग्लादेश कहां-कितनी चुनौतियों में घिरा, भारत से रिश्तों में क्या बदला?

शेख हसीना के बांग्लादेश छोड़ने के दो साल बाद देश में क्या बदला? जानिए मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार से लेकर तारिक रहमान की सत्ता में वापसी, गहराते आर्थिक संकट और भारत-बांग्लादेश के बदलते कूटनीतिक संबंधों का पूरा विश्लेषण।

अमर उजाला 5 Aug 2026 4:51 am

यरूशलम में अल-अक्सा मस्जिद पर तनाव बढ़ा: जॉर्डन ने इस्लामिक देशों की आपात बैठक बुलाई; इस्राइल पर क्या आरोप?

यरूशलम में अल-अक्सा मस्जिद पर तनाव बढ़ा:जॉर्डन ने इस्लामिक देशों की आपात बैठक बुलाई; इस्राइल पर क्या आरोप?

अमर उजाला 5 Aug 2026 4:26 am

आज चांद से ये क्या टकराने वाला है! स्कूल बस जितना साइज, 8690KM स्पीड

करीब डेढ़ साल से अंतरिक्ष में भटक रहा SpaceX के फाल्कन-9 रॉकेट का एक विशाल हिस्सा अब चांद से टकराने वाला है. यह स्कूल बस के आकार का मलबा हजारों किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चंद्रमा की सतह पर गिरेगा. वैज्ञानिकों के मुताबिक इससे कोई खतरा नहीं है, लेकिन अंतरिक्ष कचरे के बढ़ते संकट पर नई बहस जरूर छिड़ सकती है.

आज तक 5 Aug 2026 3:51 am

PoJK में चुनाव पूरी तरह ढोंग और नाटक: भारत का पाकिस्तान पर कड़ा प्रहार, कहा- नागरिकों की हत्या छुपाने को रचा गया स्वांग

नई दिल्ली। भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) ने पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (PoJK/PoK) में हाल ही में आयोजित कराए गए तथाकथित स्थानीय चुनावों को पूरी तरह खारिज करते हुए इसे एक ‘खोखला ढोंग और नाटक’ (Farce) करार दिया है. विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान पाकिस्तान पर तीखा हमला बोलते […]

पांचजन्य 5 Aug 2026 2:08 am

भारत के FCRA बिल पर ट्रंप के सांसद को लगी मिर्ची, बोले- ये ईसाइयों पर हमला

भारत के प्रस्तावित FCRA संशोधन पर अब अमेरिकी राजनीति से भी प्रतिक्रिया आने लगी है. रिपब्लिकन सांसद राइली मूर ने इसे ईसाई समुदाय पर 'सीधा हमला' बताते हुए चेतावनी दी कि यह भारत-अमेरिका संबंधों में विवाद का मुद्दा बन सकता है. वहीं केंद्र सरकार का कहना है कि बदलावों का मकसद विदेशी फंडिंग में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाना है.

आज तक 5 Aug 2026 2:01 am

Anthropic India Plan: भारत में ही रहेगा एआई डाटा; एंथ्रोपिक की साझेदारी की योजना में क्या, किसे मिलेगा लाभ?

Anthropic India Plan: भारत में ही रहेगा एआई डाटा; एंथ्रोपिक की साझेदारी की योजना में क्या, किसे मिलेगा लाभ?

अमर उजाला 5 Aug 2026 1:36 am

PAK में कुछ बड़ा होने वाला है? विदेश मीडिया बैन, बाहर जाने के लिए NOC

PoK में विरोध प्रदर्शनों के दमन पर अंतरराष्ट्रीय आलोचना के बाद पाकिस्तान सरकार ने कड़ा कदम उठाया है. नई गाइडलाइन्स 2026 के तहत अब विदेशी पत्रकारों को इस्लामाबाद, लाहौर और कराची से बाहर रिपोर्टिंग के लिए जाने से पहले एनओसी (NOC) लेना अनिवार्य कर दिया है.

आज तक 5 Aug 2026 12:03 am

No इंश्योरेंस-No फ्यूल: सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को दिया पायलट प्रोजेक्ट तैयार करने का निर्देश - Jagran

No इंश्योरेंस-No फ्यूल: सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को दिया पायलट प्रोजेक्ट तैयार करने का निर्देश Jagran जिन गाड़ियों का बीमा नहीं है उन्हें पेट्रोल नहीं मिलेगा; सुप्रीम कोर्ट का निर्देश, National Hindi News Hindustan कार के अंदर मौत होने भर से नहीं मिलेगा मोटर एक्सीडेंट मुआवजा ! लेकिन क्यों? जानिए लीगल एंगल Navbharat Times थर्ड पार्टी इंश्योरेंस को लेकर सुप्रीम कोर्ट का नया आदेश, नई कार-बाइक दोनों पर होगा लागू News18 Hindi 'बिना इंश्योरेंस नहीं मिलेगा पेट्रोल' सुप्रीम कोर्ट ने IRDAI को क्या-क्या दिए आदेश ndtv.in

गूगल न्यूज़ 4 Aug 2026 11:57 pm

लाल सागर में हूती हमला, भारतीय जहाज डूबा

यमन के पश्चिमी तट के पास लाल सागर में विस्फोटकों से भरी एक नाव के हमले के बाद भारतीय झंडे वाला मालवाहक जहाज डूब गया

देशबन्धु 4 Aug 2026 11:53 pm

अब होर्मुज में बनेगा जहाजों का हाई-वे! ईरान-ओमान के बीच वार्ता जारी

होर्मुज में सुरक्षित आवाजाही को लेकर ईरान और ओमान के बीच जारी बातचीत को सकारात्मक बताया गया है. ईरानी विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों देश तकनीकी और राजनीतिक स्तर पर सुरक्षित मार्ग तय करने और अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा व संप्रभुता के अधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर चर्चा कर रहे हैं.

आज तक 4 Aug 2026 11:26 pm

अब बंगाल की खाड़ी में सेना उतारने की तैयारी में ट्रंप, भारत-चीन के करीब ऐसी हिमाकत क्यों? क्या प्लान

माना जाता है कि अमेरिका ने बांग्लादेश को एफ/ए-18 सुपर हॉर्नेट लड़ाकू विमान और एएच-64ई अपाचे आक्रमण हेलीकॉप्टर, साथ ही लॉकहीड निर्मित टीपीवाई-4 भूमि-आधारित वायु रक्षा रडार और NASAMS वायु रक्षा मिसाइल देने का प्रस्ताव दिया है।

लाइव हिन्दुस्तान 4 Aug 2026 10:10 pm

'टिक टॉक... काउंटडाउन शुरू हो गया है', बिलावल भुट्टो ने शहबाज को दी चेतावनी

PoK में चल रहे चुनाव को लेकर पाकिस्तान की सत्तारूढ़ गठबंधन की सहयोगी PPP और PML-N आमने-सामने हैं. बिलावल भुट्टो जरदारी ने PML-N पर चुनाव में धांधली का आरोप लगाते हुए कहा, 'टिक टॉक, आपका काउंटडाउन शुरू हो गया है.'

आज तक 4 Aug 2026 9:51 pm

समंदर ने उगले रहस्यमयी नीले जीव! ब्रिटेन के समुद्र किनारे सैकड़ों की संख्या में पहुंचे ये अनोखे प्राणी

समंदर ने उगले रहस्यमयी नीले जीव! ब्रिटेन के समुद्र किनारे सैकड़ों की संख्या में पहुंचे ये अनोखे प्राणी

समाचार नामा 4 Aug 2026 9:40 pm

H-1B, L-1 वीजा वालों को झटका! रिन्यूअल पर भी पैसा वसूलेगा US

अमेरिका H-1B और L-1 वीजा रिन्यूअल पर भी अतिरिक्त शुल्क लागू करने की तैयारी में है. प्रस्ताव लागू हुआ तो बड़ी कंपनियों का खर्च बढ़ सकता है. इसका सबसे ज्यादा असर भारतीय प्रोफेशनल्स पर पड़ने की आशंका है.

आज तक 4 Aug 2026 9:18 pm

पाकिस्तान से अलग 11 अगस्त को 'स्वतंत्रता दिवस' क्यों मनाते हैं बलूचिस्तान के लोग?

इसका जवाब दशकों पुराने ऐतिहासिक विवाद में छिपा है, जो 1947 में ब्रिटिश भारत के विभाजन और कलात की रियासत के भाग्य से जुड़ा है, जो कभी वर्तमान बलूचिस्तान के एक बड़े हिस्से पर राज करती थी।

लाइव हिन्दुस्तान 4 Aug 2026 8:59 pm

बौद्ध धर्म की प्रथाओं पर प्रतिबंध का विरोध पड़ा भारी, चीन ने तिब्बती अफसर को दी सख्त सजा

चीन ने पूर्वी तिब्बत के वरिष्ठ अधिकारी द्रुक बुम ग्याल को तिब्बती बौद्ध परंपराओं पर नए प्रतिबंध तुरंत लागू करने से कथित इनकार के बाद पद से हटा दिया। रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने सामाजिक असंतोष की आशंका जताई थी। स्थानीय लोगों ने उनके रुख की सराहना की है।

खबर इंडिया टीवी 4 Aug 2026 8:46 pm

Vinay Mohan Kwatra ने Georgia के गवर्नर Brian Kemp से की मुलाकात

(सागर कुलकर्णी)वाशिंगटन, चार अगस्त अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने जॉर्जिया के गवर्नर ब्रायन केम्प से मुलाकात की और दक्षिण-पूर्वी राज्य के साथ व्यापार और निवेश साझेदारी बढ़ाने पर चर्चा की। क्वात्रा ने सोमवार को सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, “हमने भारत-जॉर्जिया व्यापार और निवेश साझेदारी बढ़ाने, बेहतर कनेक्टिविटी और व्यापार, नवाचार एवं शिक्षा में सहयोग को गहरा करने के मौकों पर चर्चा की। भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूत करने में जॉर्जिया के लगातार योगदान के प्रति हम आशान्वित हैं।’’उन्होंने गवर्नर केम्प को उनके सफल कार्यकाल के लिए बधाई दी। अटलांटा की अपनी यात्रा के दौरान, क्वात्रा ने लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट कंपनी यूनाइटेड पार्सल सर्विस (यूपीएस) की मुख्य कार्यकारी अधिकारी कैरल टोम से भी मुलाकात की और भारत में निवेश के अवसरों पर चर्चा की। भारतीय राजदूत ने कहा कि टोम के साथ चर्चा भारत-अमेरिका की बढ़ती आर्थिक साझेदारी, मजबूत आपूर्ति शृंखलाओं, लॉजिस्टिक्स कनेक्टिविटी और भारत में यूपीएस के बढ़ते निवेश, जुड़ाव तथा मौजूदगी पर केंद्रित थी। अटलांटा में भारत के महावाणिज्य दूतावास द्वारा आयोजित भारत-अमेरिका शिक्षा गोलमेज वार्ता में, क्वात्रा ने अनुसंधान साझेदारियों, अकादमिक आदान-प्रदान, नवाचार, प्रौद्योगिकी सहयोग तथा भारत में सैटेलाइट परिसर खोलने पर लाभकारी चर्चा की। उन्होंने कहा, “जैसे-जैसे भारत और अमेरिका भविष्य में निवेश कर रहे हैं, शिक्षा हमारी रणनीतिक साझेदारी के सबसे मजबूत स्तंभों में से एक बनी हुई है।”भारतीय-अमेरिकी समुदाय के साथ अपनी बैठक में क्वात्रा ने कहा कि उनकी उपलब्धियां बढ़ती भारत-अमेरिका साझेदारी का मजबूत स्तंभ हैं। भारतीय राजदूत ने कहा, “अटलांटा में भारतवंशी समुदाय के सदस्यों से मिलकर बहुत अच्छा लगा। पूरे दक्षिण पूर्व में, हमारा समुदाय हर क्षेत्र में बेहतरीन काम कर रहा है और भारत तथा अमेरिका के बीच रिश्तों को गहरा कर रहा है। उनकी उपलब्धियां गौरवान्वित करती हैं और हमारी बढ़ती रणनीतिक साझेदारी का मजबूत स्तंभ हैं।

प्रभासाक्षी 4 Aug 2026 8:25 pm

ईरान से पंगा ले फंस गए ट्रंप? अमेरिका का हथियार स्टॉक ही खत्म; मिसाइलों का भारी टोटा

अमेरिका और ईरान के बीच लगभग पांच महीने से युद्ध जारी है। इस बीच एक चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, अमेरिकी सैन्य बलों ने इस दौरान अपनी लगभग सभी सबसे सटीक और महत्वपूर्ण लंबी दूरी की मिसाइलें खर्च कर दी हैं।

लाइव हिन्दुस्तान 4 Aug 2026 8:07 pm

ईरान से जंग अमेरिका पर पड़ रही भारी! मिसाइलों का स्टॉक तेजी से घटा, अब क्या करेंगे ट्रंप

ईरान से जंग अमेरिका पर पड़ रही भारी! मिसाइलों का स्टॉक तेजी से घटा, अब क्या करेंगे ट्रंप

समाचार नामा 4 Aug 2026 8:05 pm

मुनीर-नकवी ने मिलकर कर दिया खेल, पाकिस्तान में तख्तापलट होने वाला है?

पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने पिछले 21 सालों के सबसे बड़े घोटाले का खुलासा करते हुए कहा है कि देश का प्रशासनिक तंत्र पूरी तरह से विफल हो गया है। इससे पाकिस्तान को दुनिया भर में शर्मिंदगी उठानी पड़ी है। नकवी ने जजों, राजनीतिक नेताओं और अधिकारियों पर रिश्वतखोरी के गंभीर आरोप लगाए हैं और कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है। नतीजतन, पाकिस्तान में बड़े राजनीतिक घटनाक्रम और सत्ता परिवर्तन की संभावना को लेकर फिर से अटकलें लगाई जा रही हैं। इंटरनेशनल एनालिस्ट्स के अनुसार, मोहसिन नकवी तेज़ी से एक मीडिया प्रमुख से एक ताकतवर राजनीतिक नेता बन गए हैं। लंबे समय से उनकी प्रधानमंत्री बनने की महत्वाकांक्षा रही है। माना जाता है कि सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर इस भूमिका में नकवी का सीधे तौर पर समर्थन करते हैं, क्योंकि नकवी को जनरल का बेहद करीबी माना जाता है। इसे भी पढ़ें: 11 अगस्त को बलूचिस्तान की आजादी का ऐलान! भारत भी हैरान बलूचिस्तान और पाकिस्तान के कब्ज़े वाले कश्मीर में बढ़ते जन-आक्रोश और नागरिक अशांति के बीच, जनरल आसिम मुनीर अपनी पकड़ मज़बूत करने की कोशिश कर रहे हैं। जानकारों के मुताबिक, मुनीर देश में नए प्रांत या प्रशासनिक इकाइयाँ बनाने का रास्ता साफ़ करने के लिए मोहसिन नक़वी का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसका असल मकसद मुनीर के लिए पूरी सत्ता हासिल करने का रास्ता बनाना है—जिसमें वे राष्ट्रपति और सशस्त्र बलों के प्रमुख, दोनों की भूमिका निभाएँगे—ठीक वैसे ही जैसे परवेज़ मुशर्रफ़ ने किया था। नकवी ने देश में जवाबदेही और न्यायिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए नए प्रशासनिक प्रांत बनाने की मांग की है। पाकिस्तान सेना के प्रवक्ता ने भी सुरक्षा और सुशासन के नज़रिए से इस प्रशासनिक पुनर्गठन का समर्थन किया है। हालाँकि, दोनों सत्ताधारी पार्टियों ने इस मुद्दे पर चुप्पी साधे रखी है, क्योंकि उनकी राजनीतिक ताकत पंजाब और सिंध प्रांतों से आती है; प्रांतों की सीमाओं में किसी भी बदलाव से उनका राजनीतिक प्रभाव कम हो सकता है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ़ ने मोहसिन नकवी के लगातार बयानों से नाराज़ होकर उन पर तीखा हमला किया है। आसिफ़ ने कहा कि नकवी पिछले तीन सालों से बहुत ताकतवर पद पर हैं और प्रधानमंत्री के प्रति भी जवाबदेह नहीं हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर इतनी ज़्यादा ताकत वाला व्यक्ति शिकायत कर रहा है, तो बाकी मंत्रियों को घर चले जाना चाहिए। आसिफ़ ने कैबिनेट की बैठकों और संसदीय सत्रों में नकवी की कम भागीदारी की भी आलोचना की। आसिफ़ ने नक़वी को यह सलाह भी दी कि वे अपने मंत्रालय और PCB से ही सिस्टम में बदलाव करना शुरू करें। इसे भी पढ़ें: विदेश मंत्रालय ने Pakistan में पीओके चुनाव को बताया दिखावा पाकिस्तान की राजनीति पर करीब से नजर रखने वाले बताते हैं कि मोहसिन नकवी लंबे वक्त से प्रधानमंत्री बनने की महत्वकांक्षा रखते हैं। मोहसिन नकवी के इन बयानों के पीछे सीधे सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर का हाथ है। नकवी को जनरल मुनीर का बेहद करीबी और रिश्तेदार माना जाता है। मुनीर ने संघर्ष के दौरान अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता के लिए भी मुनीर ने शहबाज सरकार को दरकिनार कर नकवी को ही अपना विशेष प्रतिनिधि बनाया था।

प्रभासाक्षी 4 Aug 2026 7:55 pm

Pak सेना की सीक्रेट Info भारत की खुफिया एजेंसी को मिली, चीन के साथ बड़े खेल का खुलासा

पाकिस्तान की सेना में बड़े बदलाव हो रहे हैं। भारत की खुफिया एजेंसियों को कई अहम जानकारी इससे जुड़ी हुई हासिल हुई है। भारत की सुरक्षा एजेंसी को मिली खुफिया जानकारी के मुताबिक पाकिस्तानी सेना ने अपने अधिकारियों, सैन्य कर्मियों को मेटा के स्वामित्व वाले मैसेजिंग प्लेटफार्म WhatsApp का इस्तेमाल बंद करके चीन के वीचैट प्लेटफार्म पर ट्रांसफर होने के निर्देश दिए हैं। ये कदम बीजिंग और इस्लामाबाद के बीच लगातार गहराते रणनीतिक, सैन्य और तकनीकी सहयोग का एक बेहद महत्वपूर्ण संकेत हो सकता है। खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तानी सेना के शीर्ष सैन्य नेतृत्व की ओर से जारी एक आंतरिक निर्देश में सभी अधिकारियों, जवानों और प्रशासनिक अधिकारियों को आधिकारिक और ऑपरेशनल संचार के लिए धीरे-धीरे WhatsApp का इस्तेमाल बंद कर वीट अपनाने को कह दिया गया है। सूत्र कहते हैं कि इस फैसले के पीछे पश्चिमी मैसेजिंग प्लेटफार्म पर निगरानी, डाटा लीक और इंटरसेप्शन की आशंकाएं बहुत अहम वजह बताई जा रही हैं। इसे भी पढ़ें: 11 अगस्त को बलूचिस्तान की आजादी का ऐलान! भारत भी हैरान पाकिस्तानी सेना का मानना है कि संवेदनशील सैन्य संचार के लिए चीन के डिजिटल इको सिस्टम का इस्तेमाल अधिक सुरक्षित और रणनीतिक रूप से फायदेमंद साबित हो सकता है। हालांकि इस पूरे मामले पर जो विशेषज्ञ हैं वह कहते हैं कि वीchaat को अपनाने से पाकिस्तान और चीन के सैन्य संचार तंत्र में अधिक तालमेल स्थापित हो सकता है। इससे दोनों देशों की सेनाओं के बीच संयुक्त सैन्य अभियानों खुफ़िया जानकारी के आदान-प्रदान और साइबर समन्वय को और अधिक मजबूत करने में मदद हासिल हो सकता है। यह फैसला ऐसे वक्त में आया है जब पाकिस्तान और चीन के बीच रक्षा सहयोग लगातार नए आयाम हासिल कर रहे हैं। इसे भी पढ़ें: Pakistan-Iran Diplomacy: अमेरिका-ईरान तनाव के बीच Islamabad बना मध्यस्थ, Ishaq Dar ने अरागची को भेजा न्योता बीते कुछ वर्षों में दोनों देशों के संबंध केवल लड़ाकू विमान, नौसैनिक युद्धपोत, एयर डिफेंस सिस्टम और दूसरे उपकरणों की खरीद तक सीमित नहीं रहे हैं। बल्कि साइबर क्षमताओं, सुरक्षित संचार नेटवर्क, साझा कम्युनिकेशन प्रोटोकॉल और खुफिया सहयोग तक भी विस्तार हो चुका है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तानी सेना के यह कदम केवल एक मैसेजिंग ऐप बदलने का फैसला नहीं बल्कि यह चीन के साथ उसके बढ़ते डिजिटल और डिजिटल और मिलिट्री इंटीग्रेशन का स्पष्ट संकेत है। इससे भविष्य में दोनों देशों के बीच संयुक्त सैन्य योजना, साइबर सुरक्षा, संवेदनशील सैन्य संचार में अधिक समन्वय देखने को मिल सकता है। और सबसे बड़ी बात ये कि जिस तरह से पाकिस्तान और चीन की हाल के दिनों में जुगलबंदी बनी है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद जब पाकिस्तान और चीन की मिसाइलें बुरी तरह से भारत के आगे पिट गई, तो उसके बाद दोनों ही देश मिलकर अब नए तौर तरीके अपनाने पर लगे हैं। इसी कड़ी में माना जा रहा है कि पाकिस्तानी सेना चीन के साथ मिलकर अब इस नए तरह के कम्युनिकेशन गेम में आना चाहती है जिसके जरिए वो अपनी सेनाओं की जानकारी को बचा सके और हैकिंग प्रूफ बना सके।

प्रभासाक्षी 4 Aug 2026 7:55 pm

'वापस आएं और कानून का सामना करें', हसीना को लेकर बांग्लादेश की मांग

शेख हसीना की वापसी को लेकर बांग्लादेश ने भारत से फिर मांग दोहराई है. दिल्ली में उनके प्रस्तावित कार्यक्रम पर भी बांग्लादेश ने चिंता जताई है. वहीं, तसलीमा नसरीन की वापसी को लेकर भी बांग्लादेश सरकार ने अपना रुख बताया है.

आज तक 4 Aug 2026 7:43 pm