क्या है ‘मैडमैन थ्योरी’, जिस पर चल रहे डोनाल्ड ट्रंप? इससे पहले किन नेताओं ने अपनाई और अंजाम क्या रहा

Donald Trump:वेनेजुएला से क्यूबा, ईरान से तूरान, गाजा से अफगानिस्तान, UN से NATO और WHO तक सबको धमका चुके ट्रंप अनप्रिडिक्टेबल हो गए हैं. धमकाने फिर पलट जाने की उनकी आदत को कूटनीति के जानकार 'मैडमैन थ्योरी' यानी पागलों वाला सिद्धांत कहते हैं. आइए इस मैडमैन थ्योरी के साथ-साथ उसके फायदे और नुकसान के बारे में आपको बताते हैं.

ज़ी न्यूज़ 27 Jan 2026 2:22 am

UAE ने इस्लामाबाद एयरपोर्ट ऑपरेशन से पीछे हटने का फैसला किया: राष्ट्रपति नाहयान का भारत दौरा और खाड़ी तनाव के बीच नई कूटनीतिक हलचल

संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने पाकिस्तान के सबसे बड़े और अहम इस्लामाबाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट के संचालन (ऑपरेशन) से जुड़ी संभावित डील को खत्म कर दिया है। UAE ने एयरपोर्ट को लीज पर लेने या उसके प्रबंधन में शामिल होने की योजना से खुद को अलग कर लिया है।

देशबन्धु 27 Jan 2026 1:24 am

DNA: ईरान Vs अमेरिका..नया अपडेट क्या? खलीफा के एटम बम से डर गए ट्रंप?

Iran News:अमेरिकी नौसेना का सबसे विध्वंसक बेड़ा ईरान के अहाते में आकर खड़ा हो चुका है. आशंका जताई जा रही है किसी भी वक्त तेहरान में तबाही की घंटी बज सकती है. हालांकि ऐसी आशंका पिछले चार दिनों से जताई जा रही है. इस बीच अब दावा किया जा रहा है कि खलीफा ने परमाणु शक्ति हासिल कर ली है.

ज़ी न्यूज़ 27 Jan 2026 12:01 am

DNA: पहले पूछा धर्म फिर मारा चाकू, अमेरिका में पहलगाम जैसा हमला, दरवाजे तक पहुंची नफरती सोच

Attack in US:अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डीसी में एक शख्स को धर्म पूछकर मारा गया. वॉशिंगटन के पार्कलैंड में ये हमला हुआ है. एक शख्स पर और उसके पालतू कुत्ते पर जानलेवा हमला किया गया.

ज़ी न्यूज़ 26 Jan 2026 11:56 pm

Exclusive: हिंसा रोकने से लेकर अर्थव्यवस्था बढ़ाने तक...अगर बांग्लादेश लौटीं तो क्या है शेख हसीना का प्लान, खुद बताया सबकुछ

Sheikh Hasina On Bangladesh Condition:बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने Zee Network के सहयोगी WION के साथ बातचीत में अपने मुल्क की स्थिति पर चर्चा की. उन्होंने बताया कि अगर वह बांग्लादेश जाएंगी तो उनकी पहली प्राथमिकता क्या होगी. इसके अलावा उन्होंने उस्मान हादी पर भी बातचीत की.

ज़ी न्यूज़ 26 Jan 2026 11:44 pm

ईरान पर अटैक का काउंटडाउन ON, मिडिल ईस्ट पहुंची US की 'किलिंग मशीन', कितना घातक है अब्राहम लिंकन एयरक्राफ्ट?

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने सोमवार (26 जनवरी) को इस बात का ऐलान कर दिया कि एयरक्राफ्ट कैरियर USS अब्राहम लिंकन और उसके साथ के वॉरशिप मिडिल ईस्ट पहुंच गए हैं, जिससे इस क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ताकत मजबूत हुई है.

ज़ी न्यूज़ 26 Jan 2026 11:42 pm

अमेरिका में बर्फीले तूफान का कहर, हवा में क्रैश हो गया उड़ता विमान; 7 की मौत

फेडरल अधिकारियों और एयर ट्रैफिक कंट्रोलर की रिकॉर्डिंग के अनुसार, जेट टेकऑफ की कोशिश करते समय पलट गया और उसमें आग लग गई. यह रविवार शाम 7:45 बजे के आसपास एयरफील्ड पर क्रैश हो गया. फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन और नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड जांच कर रहे हैं.

ज़ी न्यूज़ 26 Jan 2026 10:19 pm

जिसने लिया इंटरव्यू उसको ही मिल गई नौकरी, भर्ती के नाम पर उम्मीदवार को लगा दिया चूना

Interviewer Took Candidate Job: सोशल मीडिया पर एक शख्स ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि कैसे इंटरव्यू लेने वाले शख्स ने ही उसका पद छीन लिया.

ज़ी न्यूज़ 26 Jan 2026 10:14 pm

कौन था एक निर्वासित हत्यारा, जिसको माना जाता है ग्रीनलैंड का मालिक? कैसे बसा दी एक नई बस्ती; Inside Story

उत्तर अटलांटिक और आर्कटिक महासागर के बीच स्थित ग्रीनलैंड अपनी खूबसूरती के लिए जाना जाता है. ग्रीनलैंड को जो एक बार देख लेता है वह इसकी सुंदरता का कायल हो जाता है. इस समय ग्रीनलैंड काफी चर्चा के केंद्र में है. अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि वह ग्रीनलैंड को कब्जे में लेना चाहते हैं.

ज़ी न्यूज़ 26 Jan 2026 9:47 pm

UAE में कंटेंट बनाना अब आसान नहीं, इंफ्लूएंसर्स को 31 जनवरी तक लेना होगा ये परमिट; वरना मिलेगी सजा

UAE Advertiser Permit Deadline: संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में कंटेंट क्रिएटर्स और एडवरटाइजर्स को किसी भी तरह का प्रोमोशनल कंटेंट पोस्ट करने पर एक नियम का पालन करना होगा.

ज़ी न्यूज़ 26 Jan 2026 8:55 pm

धरती से 278 फीट नीचे सदियों तक बिना धूप के जी रहे थे 20,000 लोग, सालों बाद अचानक खुला रहस्या; दुनिया के सबसे बड़े अंडरग्राउंड शहर की हुई खोज

Largest Underground City In Cappadocia: तुर्की के कप्पाडोसिया शहर में एक विशाल भूमिगत शहर का पता चला है. इसमें कभी 20,000 लोग रहते थे.

ज़ी न्यूज़ 26 Jan 2026 8:21 pm

एयरफोर्स की स्ट्राइक से रोने लगा था पाक, ऑपरेशन सिंदूर में भारत से मांगी थी रहम की भीख; यूरोपियन थिंक टैंक का दावा

पिछले साल के भारत-पाक संघर्ष का ज़िक्र करते हुए रिपोर्ट में कहा गया है, 'पाकिस्तान और भारतीय वायु सेना के बीच इस (मई 2025) टकराव में शुरू में पाकिस्तान ने कई दुश्मन लड़ाकू विमानों को गिराकर एक साफ़ सामरिक जीत हासिल की, लेकिन फिर भारतीय क्षेत्र पर हमले करने में बड़े पैमाने पर नाकाम रहा क्योंकि उनका मुकाबला एक इंटीग्रेटेड एयर डिफेंस सिस्टम ने किया था.

ज़ी न्यूज़ 26 Jan 2026 8:07 pm

ट्रंप ने दी धमकी तो कनाडा को याद आए पीएम मोदी, भारत आएंगे मार्क कार्नी; कई डील्स पर होंगे दस्तखत

ट्रंप की धमकियों से जूझ रहे कनाडा को अब भारत की याद आई है. बताया जा रहा है कि मार्च के पहले सप्ताह में कनाडा के पीएम मार्क कार्नी भारत की यात्रा कर सकते हैं. ये यात्रा कई मायनों में खास मानी जा रही है.

ज़ी न्यूज़ 26 Jan 2026 7:11 pm

IIA Deal: लोन कम करके पैसे कमाने की जुगत लगा रहे थे शहबाज शरीफ, 3 घंटे के लिए शेख साहब दिल्ली आए; सपने पर पानी फिर गया

Pakistan UAE IIA Deal: यूनाइटेड अरब अमीरात ने आखिरी मिनट में पाकिस्तान को झटका धीरे से देते हुए, उसकी हेकड़ी निकाल दी है. दावा किया जा रहा है कि इस्लामाबाद से जुड़े एक बड़े प्रपोजल से यूएई ने किनारा कर लिया है. इस डील को लेकर पाकिस्तान अगस्त 2025 से दुबई में बैठे शेखों की जी हुजूरी और खुशामद कर रहा था.

ज़ी न्यूज़ 26 Jan 2026 6:13 pm

पहाड़ के अंदर 24 किलोमीटर का सफर, 20 मिनट तक नहीं दिखता सूरज, हॉलीवुड फिल्म जैसी लगती है दुनिया की सबसे लंबी टनल

Norway Laerdal Tunnel: फिल्मों में आपने कई गाड़ियों को बड़ी-बड़ी खूबसूरत सुरंगों से होकर गुजरते हुए देखा होगा, हालांकि यूरोप के एक देश में आपको असल जीवन में यह नजारा देखने को मिल जाएगा.

ज़ी न्यूज़ 26 Jan 2026 5:07 pm

26 जनवरी के परेड में लड़ाकू विमानों का फॉर्मेशन देख दुश्मनों को पड़ा होगा हार्ट अटैक! लेकिन आसमान में क्या देखकर चौंके अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर

Republic Day Parade:भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर (US Ambassador Sergio Gor) ने गणतंत्र दिवस की परेड में अमेरिकी विमान भी शामिल किए जाने को भारत और अमेरिका के मजबूत रिश्तों का प्रतीक बताया है. गोर ने ये भी कहा उम्मीद है नई दिल्ली के साथ वाशिंगटन की ट्रेड डील भी एक दिन हो जाएगी.

ज़ी न्यूज़ 26 Jan 2026 4:21 pm

यूक्रेन से जंग के बीच रूस में काम करने वाले नहीं बचे! अब भारत से मंगवाएगा इतने हजार कारीगर

पीयूष गोयल ने कहा कि भारत की युवा, स्किल्ड और मेहनती वर्कफोर्स रूस में तीन मिलियन स्किल्ड प्रोफेशनल्स की अनुमानित कमी को पूरा करने में मदद कर सकती है. रूस में कम से कम 5,00,000 सेमी-स्किल्ड मज़दूरों की मांग बताई जा रही है, जो उन कारणों में से एक है जो मॉस्को को दोस्त देशों से संपर्क करने के लिए प्रेरित कर रहा है.

ज़ी न्यूज़ 26 Jan 2026 4:05 pm

बलूचिस्तान में पाक सेना का आतंक, घरों से उठाए जा रहे लोग, परिवारों में डर का माहौल

Balochistan News: 24 जनवरी को केच के दश्त इलाके में भी पाकिस्तानी सेना ने घर पर छापे के दौरान तीन अन्य नागरिकों यासीन, बशीर और अब्दुल्ला को जबरन गायब किया था. उसी दिन केच के ही जोसक इलाके से पाकिस्तान समर्थित डेथ स्क्वाड ने वाजो जान मुहम्मद को जबरन गायब किया था.

ज़ी न्यूज़ 26 Jan 2026 3:50 pm

ग्रीनलैंड संकट में आयरन लेडी बनकर उभरीं मेटे फ्रेडरिक्सन: शांत और अडिग रहकर अमेरिका को ‘ना’ कहने वाली नेता

आज मेटे फ्रेडरिक्सन दुनिया की सबसे जटिल कूटनीतिक चुनौतियों में से एक के केंद्र में हैं। ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आक्रामक बयानबाजी ने यूरोप की संप्रभुता और सुरक्षा संतुलन पर सीधा सवाल खड़ा कर दिया। ऐसे समय में फ्रेडरिक्सन ने महीनों तक बेहद नाजुक संतुलन साधे रखा।

देशबन्धु 26 Jan 2026 3:41 pm

ग्रीनलैंड पर अमेरिका‑यूरोप रिश्तों में बढ़ता अविश्वास,यूरोप की एकजुटता से ढीले पड़े ट्रंप के तेवर

यूरोपीय नेताओं के हालिया बयानों से साफ हो गया है कि अमेरिका के साथ ‘हर हाल में साथ’ वाली नीति अब अतीत की बात हो चुकी है। यूरोप ने यह तय किया है कि वह न तो ब्लैकमेल वाली कूटनीति स्वीकार करेगा और न ही किसी दबाव में आकर अपने मूल हितों से समझौता करेगा।

देशबन्धु 26 Jan 2026 3:01 pm

यूनुस के राज में क्या बांग्लादेश में मनाया गया भारत का 77वां गणतंत्र दिवस? जानिए ढाका की पूरी कहानी

Indian community celebrate 77th Republic Day in Bangladesh: 26 जनवरी को देश-दुनिया में भारत का 77वां गणतंत्र दिवस पूरे उत्साह और देशभक्ति के साथ मनाया जा रहा है. क्या बांग्लादेश में भी26 जनवरी कोयूनुस के राज में भारत का 77वां गणतंत्र दिवस मनाया गया. जानें सच्चाई.

ज़ी न्यूज़ 26 Jan 2026 2:58 pm

‘ड्रैगन और हाथी को एक साथ करना चाहिए डांस...' गणतंत्र दिवस पर शी जिनपिंग ने भारत को दिया संदेश

Republic Day 2026:भारत के 77वें गणतंत्र दिवस पर चीन और अमेरिका ने भारत को शुभकामनाएं दीं. अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत-अमेरिका के गहरे और ऐतिहासिक संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों देशों की साझेदारी इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की शांति और वैश्विक चुनौतियों से निपटने में अहम है. वहीं, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को बधाई देते हुए भारत-चीन को अच्छे पड़ोसी, मित्र और साझेदार बताया.

ज़ी न्यूज़ 26 Jan 2026 2:52 pm

फिलीपींस में फेरी हादसा, 13 की मौत और 100 से अधिक लापता

सोमवार तड़के दक्षिणी फिलीपींस के बासिलान प्रांत के पास समुद्र में एक द्वीपों के बीच चलने वाली (इंटर-आइलैंड) फेरी डूब गई

देशबन्धु 26 Jan 2026 8:30 am

सिर्फ 2 पांडा… 1100cr का नुकसान! टोक्यो-बीजिंग के रिश्ते की खटास ने छीनी जापान की मुस्कान- जानें इनसाइड स्टोरी

China recalled his two pandas: जापान में फिलहाल सिर्फ 2 पांडा थे. जिन्हें चीन ने टोक्यो और बीजिंग के रिश्ते में आई खटास के कारण वापस बुला लिया है. जिससे वहा के लोग काफी नाखुश हैं. आज हम जानेंगे कि पांडा जापान के लिए क्यों इतना जरूरी है, और वापस जाने से देश को 20 अरब येन का नुकसान कैसे होगा.

ज़ी न्यूज़ 26 Jan 2026 7:54 am

मेरी मां अमेरिकी नागरिक हैं, अपराधी नहीं... ICE एजेंटों की पूछताछ पर भड़की भारतीय मूल की डॉक्टर

USA: भारतीय-अमेरिकी डॉक्टर निशा पटेल ने आरोप लगाया कि टेक्सास के एक मॉल में ICE एजेंटों ने उनकी बुजुर्ग मां को लहजे के आधार पर रोका और पूछताछ की. डॉक्टर ने कहा कि 47 साल से मेरी मां अमेरिका में रह रहीं और अमेरिकी नागरिक होने के बावजूद उन्हें पासपोर्ट दिखाना पड़ा. पटेल ने कहा कि यह कार्रवाई सिर्फ अपराधियों तक सीमित नहीं है.

ज़ी न्यूज़ 26 Jan 2026 7:52 am

अमेरिका के लिए चेतावनी... नकाबपोश एजेंटों की गोली से मौत पर भड़के बराक ओबामा, पूछा- 'बिना जवाबदेही के कत्ल कब तक?'

Barack Obama on Minneapolis case: मिनियापोलिस में एलेक्स प्रेट्टी की गोली लगने से मौत पर बराक और मिशेल ओबामा ने एजेंसी और सरकार को जमकर खरी-खोटी सुनाया है. ओबामा ने एक्स पर एक पोस्ट शेयर किया है जिसमें उन्होंने सरकार को दोषी ठहराया है.

ज़ी न्यूज़ 26 Jan 2026 6:53 am

खूनी जुलूस से रिपब्लिक डे परेड तक:आखिर क्यों होती है फौज और हथियारों की नुमाइश; यूरोप-अमेरिका परेड से अब क्यों कतराते हैं

हर 26 जनवरी की सुबह, जब धुंध को चीरती सूरज की किरणें दिल्ली के कर्तव्य पथ पर पड़ती हैं, तो वे केवल सैन्य रेजिमेंटों और रंगीन झांकियों को ही रोशन नहीं करतीं, वे परेड की हजारों साल पुराने इतिहास को भी छूती हैं। प्राचीन रोम में सैन्य परेड दुश्मन के खून से पूरी होती थी, जबकि मिस्र में परेड राजा को देवता की शक्ति पाने का जरिया थी। रूस की परेड का जासूसों को इंतजार रहता था, लेकिन आधुनिक दुनिया में पश्चिमी देश परेड से कतराने लगे। आखिर परेड का इतिहास क्या है, भारत हर साल क्यों करता है फौज और हथियारों की नुमाइश और पश्चिमी देश इससे क्यों कतराते हैं; मंडे मेगा स्टोरी में पूरी कहानी… आज से करीब चार हजार साल पहले। नील नदी के किनारे पूरा मिस्र सांस रोककर फराओ यानी अपने राजा का इंतजार कर रहा था। उसी दिन फराओ सेनुसरेत प्रथम, दक्षिण मिस्र पर विजय हासिल कर लौट रहे थे। सजे-धजे सैनिकों के पीछे लोगों की भीड उमड़ पड़ी। सैनिकों के आगे पुजारी चल रहे थे और सबसे आगे स्वयं सेनुसरेत। वे केवल युद्ध से नहीं लौट रहे थे, वे देवता से मिलने जा रहे थे और देवता बनकर लौटने वाले थे। यहीं से प्राचीन मिस्र के ‘ओपेट’ उत्सव की परंपरा ने आकार लिया। शुरुआत में यह विजय का उत्सव था, लेकिन जब जीतने को कुछ नहीं बचा, तब राजा के देवत्व की यात्रा ही परेड बन गई। मिस्रवासियों का विश्वास था कि समय के साथ फराओ की शक्तियां कमजोर पड़ने लगती हैं। उसे दोबारा ईश्वरीय शक्ति प्राप्त करनी होती थी। कर्नाक मंदिर से लक्सर मंदिर तक निकलने वाला यह विशाल जुलूस लगभग सत्ताइस दिनों तक चलता था। लेकिन इस परेड में एक रोचक रहस्य भी छिपा था। हर वर्ष यह तय नहीं होता था कि जुलूस जमीन से जाएगा या नील नदी के रास्ते। यह निर्णय नदी के मिजाज पर निर्भर करता था। यदि जल स्तर ऊंचा होता, तो देवता और फराओ नौकाओं पर सवार होकर यात्रा करते। यदि पानी कम होता, तो जुलूस सड़कों से होकर गुजरता। करीब तीन हजार पांच सौ साल पहले रानी हत्शेपसुत ने इस यात्रा को और अधिक भव्य बना दिया। उसने मार्ग में छह नौका स्टेशन बनवाए। हर स्टेशन पर जुलूस रुकता, देवताओं को बलि और भेंट चढ़ाई जाती और पुजारी घोषणा करते कि फराओ की आत्मा ईश्वरीय आत्मा से एकाकार हो रही है। जब उत्सव समाप्त होता, तो फराओ वही व्यक्ति नहीं रहता जो वह यात्रा से पहले था। लोगों का विश्वास था कि वह नए सिरे से जन्मा है। देवताओं की कृपा से पूरे मिस्र पर शासन करने के लिए फिर से सशक्त। लेकिन इतिहास यहीं ठहरता नहीं। रोम के उदय के साथ मिस्रवासियों को यह समझ में आने लगा कि फराओ की आत्मा और देवताओं की आत्मा के बीच कोई दिव्य संबंध नहीं था। सत्ता बदली, विश्वास बदले और परेड का रास्ता मिस्र से हटकर रोम की सड़कों तक पहुंच गया। प्राचीन रोम का ट्रायम्फ यानी एक दिन का देवता दो हजार साल पहले प्राचीन रोम में परेड यह तय करती थी कि सत्ता किसके हाथ में है। यहां परेड को ट्रायम्फ कहा जाता था, यानी विजय की सार्वजनिक नुमाइश। यह केवल एक जुलूस नहीं था, बल्कि राज्य द्वारा रचा गया ऐसा तमाशा था, जिसमें हारे हुए दुश्मनों को पहले अपमानित किया जाता और फिर मार दिया जाता था। उनके परिवारों को गुलाम बना लिया जाता था। उस समय रोम में संसद का शासन था। जब संसद से ट्रायम्फ की अनुमति मिलती, तो पूरा शहर समझ जाता कि रोम की सेना ने कोई साधारण नहीं, बल्कि बहुत बड़ी जीत हासिल की है। विजयी सेनापति रोम की पवित्र सड़क साक्रा विया से गुजरता था। वह चार घोडों वाले रथ पर खड़ा होता। उसका चेहरा लाल रंग से रंगा जाता था, ठीक उसी रंग में, जैसा देवता जूपिटर की मूर्ति का होता था। कुछ घंटों के लिए वह सेनापति मनुष्य नहीं रहता था। वह देवता बन जाता था। लेकिन इसी दृश्य में रोमन सत्ता की सबसे गहरी समझ छिपी थी। उसी रथ पर, उसके पीछे, एक गुलाम खड़ा रहता था। उसका काम कोई हथियार उठाना नहीं था। वह बस धीरे–धीरे उसके कान में फुसफुसाता रहता था- ‘याद रखो, तुम केवल एक मरणशील मनुष्य हो। तुम केवल एक दिन के देवता हो।’ जब परेड का अंत खून से होता था रोम में हर जीत पर ट्रायम्फ नहीं मिलता था। इसके लिए सीनेट ने एक कठोर नियम तय किया था। ट्रायम्फ पाने के लिए एक ही युद्ध में कम से कम पांच हजार दुश्मन सैनिकों का मारा जाना अनिवार्य था। यह केवल एक आंकड़ा नहीं था। यह एक स्पष्ट संदेश था कि रोमन सत्ता सस्ती और छोटी जीतों से संतुष्ट नहीं होती। ट्रायम्फ का सबसे असरदार हिस्सा जीते हुए जनरल की अगुआई नहीं थी। असली प्रभाव उस दृश्य का होता था, जिसे देखने के लिए जनता आती थी। सोना, चांदी, हथियार, दुश्मन की नावों के टूटे हुए हिस्से। सब कुछ जुलूस में प्रदर्शित किया जाता था, लेकिन सबसे भयावह दृश्य होते थे जंजीरों में बंधे दुश्मन राजा और सेनापति। जनता इनका इंतजार करती थी। आम रोमन नागरिकों ने आज से करीब 2072 साल पहले वर्सिंगजेटोरिक्स नाम के एक सेनापति को अपमानित होते देखा था। परेड के अंत में, शहर के एक चौराहे पर उसका सिर धड़ से अलग कर दिया गया। वह केवल 36 साल का था। आज से करीब 1750 साल पहले पालमाइरा साम्राज्य की रानी जेनोबिया को भी ट्रायम्फ परेड में घुमाया गया था। यह साम्राज्य आज के फिलिस्तीन, मिस्र और अरब के कुछ हिस्सों तक फैला हुआ था। जेनोबिया को उसके सभी सोने के गहने पहनाकर परेड करवाई गई थी। भारी वजन के कारण वह चलते–चलते गिर पड़ती थी और जनता को इसमें क्रूर आनंद मिलता था। उसे बस मारा नहीं गया था। ग्राफिक्स: दृगचंद्र भुर्जी, अजीत सिंह और अंकित द्विवेदी ***** गणतंत्र दिवस से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए... रिपब्लिक डे पर चीफ गेस्ट की कुर्सी कितनी कीमती: पहली बार यूरोपियन यूनियन को न्योता क्यों मिला रिपब्लिक डे के चीफ गेस्ट आमतौर पर उन्हीं देशों से होते हैं, जहां भारत तवज्जो देना चाहता है। 77वें गणतंत्र दिवस परेड के लिए भारत ने यूरोपीय यूनियन के टॉप-2 लीडर्स को चीफ गेस्ट बनाया है- उर्सुला वॉन और एंतोनियो कोस्टो। पूरी खबर पढ़िए...

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 5:13 am

यूपी, बिहार, बंगाल से हैं अजनाला के 282 शहीद:DNA और दांतों से खुलासा, तमिलनाडु-कनाडा से परिवार सामने आए; सरकारें क्यों सोई हैं

पंजाब के अजनाला में एक कुआं है। इस कुएं की खुदाई से 282 सैनिकों के कंकाल निकले। ये कंकाल अब भी कुएं के पास एक लोहे के बक्से में बंद पड़े हैं। ये 1857 में अंग्रेजों के खिलाफ विद्रोह करने वाले शहीदों के हैं। केंद्र, राज्य सरकार और ASI में से कोई भी न तो इनके अंतिम संस्कार के लिए वक्त निकाल पाए हैं, न ही इन्हें किसी म्यूजियम में रखा जा सका है। पार्ट-1 में आपने पढ़ा कि कैसे सुरेंद्र कोछड़ नाम के शख्स ने इस नरसंहार को इतिहास के पन्नों से ढूंढा और फिर कुएं की खुदाई करवाकर इसे साबित कर दिया। होना तो ये चाहिए था कि बाकी शहीदों की तरह इनकी पहचान होती, सम्मान मिलता और अंतिम संस्कार होता, लेकिन सरकारें 168 साल गुजरने के बाद भी चिट्ठियां लिखकर खानापूर्ति कर रही हैं। इन कंकालों की वैज्ञानिक जांच और DNA सैंपलिंग की भी कोशिशें हुई हैं। जांच से ये तक साबित हो रहा है कि सैनिक पूर्वी यूपी, बिहार, पश्चिम बंगाल और झारखंड के रहने वाले थे। दो से तीन परिवार भी सामने आए, लेकिन अवशेष लोहे के बक्से में कैद हैं। दैनिक भास्कर ने कंकालों की जांच करने वाले और सैनिकों के संभावित परिवार के लोगों से बात की। कनाडा से आया ईमेल, शायद कंकाल मेरे दादा का हैइन कंकालों और अवशेषों की वैज्ञानिक जांच में शामिल BHU के प्रोफेसर ज्ञानेश्वर चौबे बताते हैं, ‘2023 में सर्दियों की रात थी। मैं किसी रिसर्च वर्क में बिजी था। तभी एक ईमेल आया। ये ईमेल कनाडा से किसी ने भेजा था। इसमें लिखा था कि मेरे दादा ब्रिटिश राज में सैनिक थे और 1857 के आसपास अचानक गायब हो गए थे। कभी नहीं मिले, न लौटे। अंग्रेज सरकार ने हमारे परिवार के खिलाफ वारंट भी निकाला था। हम पहले यूपी में रहते थे, फिर भागकर तमिलनाडु चले गए थे। सिर्फ हम ही नहीं, तमिलनाडु के संथूर में कई ऐसे परिवार हैं, जो 1857 में यूपी से शिफ्ट होकर आए थे।’ ज्ञानेश्वर चौबे बताते हैं, ‘पहली बार ये ईमेल पढ़कर मैं भावुक हो गया। एक नई उम्मीद दिखी कि शायद इन कंकालों की पहचान शुरू हो पाए। हमें इतना पता चल चुका था कि अजनाला के सूखे कुएं में जिन सैनिकों को दफनाया गया, वे उत्तर प्रदेश, बिहार, बंगाल, झारखंड समेत गंगा घाटी के आसपास के रहने वाले हैं। शायद उनके परिवार मिल जाएं, तो अंतिम संस्कार और सम्मान दोनों मिल सके।’ अंग्रेजों ने सैनिकों की लाशों पर चूना-कोयला डाला, फिर कुआं बंद कर दियासुरेंद्र कोछड़ की कोशिशों के बाद 2014 में खुदाई हुई और अवशेष सामने आए। इन कंकालों की जांच के लिए पंजाब यूनिवर्सिटी के एंथ्रोपोलॉजी विभाग के प्रोफेसर डॉ. जेएस सहरावत की लीडरशिप में एक टीम बनी। इस टीम में BHU के प्रोफेसर बीरबल साहनी, प्रोफेसर ज्ञानेश्वर चौबे और द सेंटर फॉर सेलुलर एंड मॉलिक्यूलर बायोलॉजी (CCMB) हैदराबाद के एक्सपर्ट शामिल हैं। दैनिक भास्कर ने प्रोफेसर ज्ञानेश्वर चौबे से साइंटिफिक फाइंडिंग्स पर बात की। वे बताते हैं, ‘मुझे जालियांवाला बाग हत्याकांड की जानकारी थी, लेकिन अजनाला केस कभी नहीं सुना था। अजनाला में कंकाल मिले, तो जांच की जिम्मेदारी अलग-अलग टीम को दी गई। हम लोग हैदराबाद के साथ मिलकर काम करने लगे।’ ‘कुएं की खुदाई सही तरीके से न होने से ज्यादातर सैंपल खराब हो चुके थे। कंकाल से डीएनए निकालने में इसलिए भी दिक्कत हुई क्योंकि अंग्रेजों ने सैनिकों को कुएं में डालने के बाद जानबूझकर उसमें चूना और कोयला डाल दिया था। इसके साथ मिट्टी भर दी थी। इससे हर लाश तक कोयला और चूना पहुंच गया था। ये दोनों चीजें डीएनए को खराब कर देती हैं।’ 'हमें शुरू में 244 सैंपल मिले थे। 100 के आसपास हैदराबाद लैब भेजे गए थे। केवल 50 सैंपल से ही हम डीएनए अलग निकाल पाए। इसकी जांच आगे बढ़ती गई और रिजल्ट आने लगे। तब पता चला कि अजनाला कुएं में मरने वाले सैनिक तो गंगा घाटी के ही लोग थे। यानी हमारे वाराणसी के आसपास वाले यूपी-बिहार के ही सैनिक थे।’ दांतों की बनावट और गंगा के पानी ने कराई पहचानप्रोफेसर ज्ञानेश्वर चौबे के मुताबिक, ‘हमें कंकालों से निकाले गए दांतों के सैंपल से रिजल्ट मिले। ये दांत काफी मजबूत थे। सैंपल की जांच से पता चला कि मरने वाले सैनिक ज्यादातर 21 से 42 साल के थे। उनकी लंबाई काफी अच्छी थी। वे दांतों का काफी ध्यान रखते थे। इसलिए दांत अच्छी हालत में मिले थे।’ ‘दांतों की जांच से ये भी पता चल जाता है कि इंसान किस इलाके का पानी पीता था। हर पानी में कार्बन और ऑक्सीजन की अलग-अलग मात्रा होती है। कंकालों से अलग-अलग डीएनए सैंपल लेकर जांच करने वाली टीम भी अलग-अलग काम कर रही थी। सभी टीम के रिजल्ट एक जैसे ही आए।’ प्रोफेसर ज्ञानेश्वर चौबे आगे बताते हैं, ‘हमें पहले ये डाउट था कि ये सैनिक पंजाब या फिर पाकिस्तान के इलाके के रहने वाले भी हो सकते हैं। एक शक ये भी था कि कहीं ये कंकाल 1947 में भारत और पाकिस्तान के बंटवारे के समय हुई किसी घटना से संबंधित तो नहीं हैं। हालांकि जांच से साफ हो गया कि ये 1857 के हैं और गंगा घाटी के आसपास रहने वाले लोग थे।’ ‘हालांकि मरने वाले किसी एक राज्य के नहीं थे। हमारी पड़ताल में ये भी पता चला कि 26वीं नेटिव इन्फैंट्री बटालियन के सैनिक पूर्वी यूपी, बिहार, बंगाल और झारखंड के आसपास के थे। ये पूरा गंगा घाटी वाला इलाका ही है। इनमें ब्राह्मण, क्षत्रिय, मुस्लिम और दलित लोग भी थे।’ ‘न्यूक्लियर DNA जांच से तो हम सैनिकों के जिले भी बता देंगे’कंकालों की जांच पर प्रोफेसर ज्ञानेश्वर चौबे ने बताया, ‘अभी तक की जांच में सैनिकों को अपनी मां से मिले माइटोकॉन्ड्रियल DNA की मदद से जानकारियां मिली हैं। ये DNA मां से बच्चों में ट्रांसफर होता है। 168 साल पहले भी जो माइटोकॉन्ड्रियल DNA था, वही आज भी उस एरिया की महिलाओं के DNA में मौजूद है।’ कई परिवारों ने फोन-मेल किए, ब्रिटेन मदद करे तो आसानी होगीइन शहीदों के परिवारों को ढूंढने के सवाल पर प्रोफेसर ज्ञानेश्वर चौबे बताते हैं, ‘हम परिवारों को ढूंढने की कोशिश कर रहे हैं। हमें ये पता है कि ब्रिटिश हर चीज का हिसाब-किताब लिखित में रखते थे। उनके आर्काइव में इन सैनिकों के नाम जरूर होंगे, लेकिन ब्रिटिश सरकार ने आज तक गृह मंत्रालय और PMO को जवाब ही नहीं दिया।' 'चैलेंज ये है कि ये अब से 6-7 पीढ़ी पहले की बात है। हमें खुशी है कि 2022 में रिसर्च रिपोर्ट मीडिया में सामने आने के बाद अब तक कई लोग हमसे संपर्क कर चुके हैं। इन लोगों के दादा या परदादा ब्रिटिश आर्मी में थे। एकाएक गायब हो गए।’ इन परिवारों के खिलाफ वारंट तक निकले और कुछ देश के अलग-अलग इलाकों में भाग गए थे। ऐसा ही एक केस कनाडा से समीर पांडे का भी है। उन्हें लगता है कि शहीद सैनिकों में उनकी छठी पीढ़ी के दादा प्रकाश पांडे हो सकते हैं। प्रकाश पांडे ने लाहौर की मियां मीर छावनी में विद्रोह शुरू कियाकनाडा से दावा करने वाले समीर पांडे का अंदाजा है कि उनके परदादा प्रकाश पांडे का कंकाल भी इन शहीदों में शामिल हो सकता है। प्रकाश पांडे ने ही लाहौर की मियां मीर छावनी में अंग्रेज अधिकारी स्पेंसर को तलवार से मारकर विद्रोह शुरू किया था। फिर इन्हीं भारतीय सैनिकों को रावी नदी के पास से गिरफ्तार कर अंग्रेजों ने अजनाला के कुएं में दफना दिया था। प्रोफेसर ज्ञानेश्वर चौबे के मुताबिक, ‘प्रकाश पांडे का पता हम समीर से मिले DNA की जांच से कर सकते हैं। समीर ने बताया है कि उनका परिवार यूपी के रायबरेली से है। वहां से 4 सिपाही थे, जो 26वीं बटालियन में थे। 1857 के बाद ये सैनिक गायब हुए तो परिवार के खिलाफ वारंट निकला और चारों परिवार चेन्नई के पास में संथूर गांव चले गए। हम लोग इस गांव में जाकर भी जांच करने की योजना बना रहे हैं।’ ‘दादा को अंग्रेजों ने मारा, फिर हमें भागने के लिए मजबूर किया’दैनिक भास्कर ने कनाडा में मौजूद समीर पांडे से भी बात की। समीर वहां जॉब करते हैं, लेकिन अगले एक साल में रिटायर होने के बाद इंडिया लौटने वाले हैं। समीर पांडे बताते हैं, ‘हमें खबरों के जरिए पता चला था कि अजनाला में 1857 क्रांति के सिपाहियों के कंकाल मिले हैं। इसी खबर में ज्ञानेश्वर चौबे का नाम था और मैंने उन्हें ईमेल से संपर्क किया। मेरे पूर्वज भी इसी बटालियन में थे। हमारे परिवार के सैनिक थे, जिन्हें 1857 के विद्रोह के बाद अंग्रेजों ने फांसी दे दी थी।’ ‘अंग्रेजों ने हमारे परिवार के लोगों को काफी परेशान किया था। मेरे दादा से पहले वाली पीढ़ी इससे परेशान होकर साउथ इंडिया शिफ्ट हो गई। मेरे दादाजी का जन्म भी चेन्नई के पास हुआ था। मेरे कई रिश्तेदार चेन्नई और आसपास रह रहे हैं। ब्रिटिश सरकार 26वीं बटालियन के सभी सिपाहियों के नाम की लिस्ट दे दे, तो नाम और घर की जानकारी मिल सकती है।’ समीर पांडे के अलावा दैनिक भास्कर ने संथूर गांव में रहने वाले उदय कुमार से फोन पर बात की। उन्होंने बताया कि हमारी पीढ़ी यूपी के कन्नौज की रहने वाली थी। 1857 में अंग्रेजों ने वारंट निकाला तो संथूर आ गए। तब से हमारी अगली पीढ़ियां यहीं रह रही हैं।’ ‘दो साल पहले से हम लोग अजनाला कुएं में मिले कंकाल की जांच करने वाली टीम के संपर्क में हैं। अभी हमारा DNA सैंपल नहीं लिया गया है। हम चाहते हैं कि 1857 क्रांति में जो सिपाही थे, उन सभी की पहचान हो। उन सभी परिवारों के साथ इंसाफ हो। उन शहीदों की पहचान हो और उन्हें सम्मान मिल सके। कम से कम उनका अंतिम संस्कार तो ठीक से किया जाए।’......................................... स्टोरी का पहला पार्ट यहां पढ़िएअंग्रेजों ने कुएं में जिंदा दफनाया, हत्यारे अफसर के नाम पर अमृतसर में सड़क पंजाब के अजनाला में गुरुद्वारा सिंह सभा के कैंपस में एक कुआं है। इसे ‘शहीदों का कुआं या ‘कलियांवाला खोह’ कहा जाता है। यहीं एक लोहे का बक्सा है। इस बक्से में इंसानों की हड्डियां भरकर रखी गई हैं। ये हड्डियां 1857 में अंग्रेजों के खिलाफ विद्रोह करने वाले 282 सैनिकों की हैं। इन सैनिकों को इस कुएं में जिंदा दफना दिया गया था। इनकी आज तक पहचान नहीं हो सकी। वहीं मारने वाले अफसर कूपर के नाम पर अमृतसर में आज भी सड़क है। पढ़िए पूरी खबर...

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 5:09 am

भारत में शेख हसीना के भाषण से तिलमिलाई बांग्लादेश सरकार, चुनाव से पहले राजनीतिक अस्थिरता की चेतावनी

ढाका का कहना है कि शेख हसीना की टिप्पणियां ऐसे समय में सामने आई हैं, जब देश में आगामी संसदीय चुनावों की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, और इससे राजनीतिक अस्थिरता, तनाव तथा लोकतांत्रिक व्यवस्था पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।

देशबन्धु 26 Jan 2026 1:51 am

ऑनलाइन धोखाधड़ी पर अमेरिकी सांसदों में हड़कंप, चीन पर साधा निशाना, कहा- अरबों डॉलर चुरा रहे

US NEWS:गिलिब्रैंड ने कहा, 'यह एक ऐसा नुकसान है जो चुभता है. इससे रिटायरमेंट प्लान पटरी से उतर सकते हैं, परिवार टूट सकते हैं, और सीनियर सिटीजन को इमोशनल और पैसे का नुकसान हो सकता है.'

ज़ी न्यूज़ 26 Jan 2026 12:59 am

‘जिन, जियान, आजादी’ से फिर गूंजने लगा ईरान, क्या है इस नारे का मतलब,जिससे दहशत में आया खलीफा?

Iran Women Protest News: खामेनेई के जबरदस्त दमन के बावजूद ईरान में फिर से विरोध विरोध प्रदर्शन की चिंगारी सुलगनी शुरू हो गई है. इस बार विरोध का नेतृत्व महिलाएं कर रही हैं. जिन्होंने ‘जिन, जियान, आजादी’ का नारा बुलंद कर युद्धघोष कर दिया है.

ज़ी न्यूज़ 25 Jan 2026 10:19 pm

फ्रांस की नेवी की करतूत, रूसी शैडो टैंकर के भारतीय कैप्टन को हिरासत में लिया; क्यों उठाया ऐसा कदम?

फ्रांस की नेवी ने कथित तौर पर एक संदग्ध रूसी तेल टैंकर को पकड़ा है. इतना ही नहीं नेवी ने जहाज में सवार भारतीयक कैप्टन को भी हिरासत में ले लिया है. बताया जा रहा है जहाज में सवार अन्य सभी क्रू सदस्यों को जहाज में ही रखा गया है.

ज़ी न्यूज़ 25 Jan 2026 10:13 pm

अमेरिका से टेक्निकल सपोर्ट हटाएगा EU! ट्रंप की प्रेशर पॉलिटिक्स से आ चुका है तंग

यूरोप का ज्यादातर डेटा अमेरिकी क्लाउड सर्विसेज पर स्टोर होता है. अमेजन, माइक्रोसॉफ्ट और गूगल जैसी कंपनियों के पास यूरोप के दो-तिहाई से ज्यादा मार्केट का मालिकाना हक है, जबकि ओपनएआई और एंथ्रोपिक जैसी अमेरिका-बेस्ड एआई कंपनियां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में आगे हैं.

ज़ी न्यूज़ 25 Jan 2026 9:21 pm

दुनिया शराब की लत से दूर हो रही है? बड़े ब्रैंड्स का स्टाक धड़ाम! रोकना पड़ा प्रोडक्शन

Gen Z: दुनियाभर में जेन ज़ी आबादी से जुड़ी नई-नई चीजें देखने सुनने को मिल रही हैं. कुछ रिपोर्ट्स में खुलासा हुआ है कि न सिर्फ भारत बल्कि दुनियाभर के GEN Z अपनी पहले की पीढ़ी से ज्यादा सात्विक है, खासकर शराब की लत से कोसों दूर हैं. कहीं इसी वजह से लिकर बनाने वाली कंपनियों का भट्टा तो नहीं बैठ रहा, आइए जानते हैं.

ज़ी न्यूज़ 25 Jan 2026 9:21 pm

पहले विष्णु मूर्ति हटाई, अब लगा दी बुद्ध प्रतिमा; क्या फिर भिड़ने जा रहे थाईलैंड-कंबोडिया?

Thailand-Cambodia News in Hindi: थाईलैंड ने कंबोडिया के साथ लगने वाले विवादित बॉर्डर पर पहले भगवान विष्णु की प्रतिमा हटाई थी. अब वहां पर गौतम बुद्ध की प्रतिमा लगा दी गई है. इस पर कंबोडिया भड़क गया है.

ज़ी न्यूज़ 25 Jan 2026 5:39 pm

ना रस्सी ना जाल... ताइवान की सबसे ऊंची इमारत पर चढ़ा शख्स, 91 मिनट में किया हैरतअंगेज कारनामा

Shocking News: अमेरिकी रॉक क्लाइंबर एलेक्स होनोल्ड (40 वर्षीय) ने संडे को बिना किसी रस्सी या सेफ्टी इक्विपमेंट के ताइवान की सबसे ऊंची गगनचुंबी इमारत ताइपे 101 की चढ़ाई की. होनोल्ड ने ऐसा कर सबको हैरान कर दिया है. चलिए विस्तार से जानते हैं.

ज़ी न्यूज़ 25 Jan 2026 5:14 pm

ग्रीनलैंड की राजधानी Nuuk की अचानक बत्ती गुल, ट्रंप का हमला नहीं; फिर क्या थी वजह?

Greenland: ट्रंप की बुरी नजर के चलते ग्रीनलैंड लगातार लाइमलाइट में है. ग्रीनलैंड पर कब्जे की खुली धमकी से सहमें लोगों की धड़कने उस वक्त बढ़ गईं जब अचानक राजधानी और आस-पास की बत्ती अचानक गुल हो गई. किसी बर्फीले तूफान का अलर्ट नहीं था, ऐसे में कुछ लोग अनहोनी की आशंका से सिहर उठे.

ज़ी न्यूज़ 25 Jan 2026 4:55 pm

ट्रंप की धमकी पर कार्नी ने खोला मोर्चा, कनाडा वासियों से की ये बड़ी अपील

Trump Tariffs: अमेरिका और कनाडा के बीच फिर तकरार छिड़ी गई है. ट्रंप ने कनाडा के पीएम को धमकी दी तो उन्होंने देश वासियों से एक बड़ी अपील कर दी. जानिए उन्होंने क्या कुछ कहा है.

ज़ी न्यूज़ 25 Jan 2026 2:26 pm

सुलग उठा मिनेसोटा! बॉर्डर अधिकारी की गोली से भड़का गुस्सा, ट्रंप बोले- 'मेयर और गवर्नर ने किया अरबों का घोटाला'

trump on minnesota protests: मिनेसोटा में अवैध प्रवासियों और पुलिस संघर्ष के बाद भारी विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहा है, राष्ट्रपति ट्रंप ने इसे अरबों डॉलर की चोरी छिपाने वाला कवर अप बताया है. उन्होंने सैंक्चुअरी शहरों में फेडरल फंडिंग रोकने और भ्रष्ट अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है.

ज़ी न्यूज़ 25 Jan 2026 1:13 pm

क्या है IPOI? जिसका नेतृत्व करता है भारत, अब स्पेन भी इस ग्रुप का हिस्सा, भारत की समुद्री साझेदारी को मिला बूस्ट

India spain IPOI deal: भारत ने स्पेन के IPOI में शामिल होने का स्वागत किया है, जिससे हिंद महासागर में भारत की समुद्री साझेदारी और मजबूत हुई है. यह कदम भारत के नेतृत्व पर बढ़ते वैश्विक भरोसे को दिखाता है और क्षेत्र में सुरक्षा व सहयोग को नया बूस्ट देता है.

ज़ी न्यूज़ 25 Jan 2026 12:11 pm

अमेरिका के मिनियापोलिस में हंगामे के बीच फेडरल एजेंट्स ने ली एक और जान, तनाव बढ़ा

अमेरिका में ट्रंप प्रशासन की ओर से अवैध अप्रवासियों के खिलाफ चलाए जा रहे अब तक के सबसे बड़े इमिग्रेशन अभियान ने एक बार फिर हिंसक मोड़ ले लिया है। मिनेसोटा में फेडरल इमिग्रेशन अधिकारियों की गोलीबारी में 51 साल के एक व्यक्ति की मौत हो गई।

देशबन्धु 25 Jan 2026 11:57 am

कनाडा में भारतीय मूल के शख्स की मौत, किसपर घूम रही है शक की सूई? पुलिस ने उठाया राज से पर्दा

Canada News: कनाडा में एक भारतीय मूल के युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई, इस हत्या के बाद दहशत फैल गई. पुलिस इस मामले की जांच कर रही है और उन्हें शक है कि उसकी मौत टारगेट किलिंग के दौरान हुई है.

ज़ी न्यूज़ 25 Jan 2026 11:39 am

अफगानिस्तान युद्ध को लेकर NATO से भिड़ा US, इटली की PM मेलोनी ने निकाल दी ट्रंप की सारी हेकड़ी

NATO Vs Trump: इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी ने अफगानिस्तान में नाटो (NATO) सहयोगियों की भूमिका पर डोनाल्ड ट्रंप के बयान की कड़ी आलोचना की है. उन्होंने कहा कि ऐसे दावे 9/11 के बाद नाटो की एकजुटता और इटली के सहयोग को नजरअंदाज करते हैं. मेलोनी ने नाटो सहयोगियों के योगदान और पारस्परिक सम्मान की आवश्यकता पर जोर दिया.

ज़ी न्यूज़ 25 Jan 2026 10:58 am

बांग्लादेश में एक और हिंदू की हत्या, हैवानों ने गैराज में सोते हुए चंचल को जिंदा जलाया

Bangladesh Violence:बांग्लादेश के नरसिंगदी से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. जानकारी के अनुसार, यहां 23 वर्षीय हिंदू युवक चंचल भौमिक को उसकी दुकान के अंदर सोते समय जिंदा जला दिया गया.

ज़ी न्यूज़ 25 Jan 2026 10:27 am

अमेरिका में बर्फीले तूफान का कहर, 20 राज्यों में इमरजेंसी घोषित

अमेरिका के बड़े हिस्से में आए भंयकर शीतकालीन तूफान ने भारी बर्फ और जमाव वाली बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। कई इलाकों में तापमान सामान्य से बहुत नीचे चला गया

देशबन्धु 25 Jan 2026 10:24 am

अमेरिका की नई रक्षा रणनीति शक्ति के दम पर शांति की तलाश

अमेरिका का कहना है कि वह अपने संभावित विरोधियों के साथ एक सम्मानजनक और टिकाऊ शांति चाहता है

देशबन्धु 25 Jan 2026 10:19 am

आधा सच और आधा झूठ...ईरान के बाद अब यूरोप के इस देश में सड़कों पर जनता, सरकार के खिलाफ हिंसात्मक हुए प्रदर्शन

Albania News: ईरान में काफी संख्या में लोग सड़कों पर हैं, इसी बीच अल्बानिया की राजधानी तिराना में हजारों लोग सरकार के खिलाफ प्रदर्शन में सड़कों पर उतर आए हैं. यहां पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हिंसक झड़प भी हुई.

ज़ी न्यूज़ 25 Jan 2026 9:23 am

आरएमबी के अंतर्राष्ट्रीयकरण को व्यवस्थित रूप से बढ़ाता रहेगा चीन

हाल ही में चाइना मीडिया ग्रुप ने चीन के केंद्रीय बैंक के रूप में पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना (पीबीओसी) गवर्नर पैन कोंगशेंग का विशेष साक्षात्कार लिया।

देशबन्धु 25 Jan 2026 9:11 am

यूरोपीय काउंसिल की अध्यक्ष उर्सुला वॉन पहुंची भारत, गणतंत्र दिवस समारोह में होंगी मुख्य अतिथि

यूरोपीय काउंसिल (ईसी) की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन भारत पहुंच चुकी हैं। भारत में केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने ईसी अध्यक्ष का स्वागत किया। ईयू नेताओं के इस दौरे को बेहद खास दृष्टिकोण से देखा जा रहा है

देशबन्धु 25 Jan 2026 9:09 am

ट्रंप के बयान पर इटली पीएम मेलोनी का कड़ा विरोध

इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान पर कड़ी सार्वजनिक प्रतिक्रिया दी है

देशबन्धु 25 Jan 2026 9:05 am

कानून के नाम पर खून? ट्रंप की इमिग्रेशन कार्रवाई ने फिर ली जान; कौन है कत्ल किया गया शख्स?

Fatal Shooting Minneapolis: मिनियापोलिस में संघीय आव्रजन अधिकारियों की गोलीबारी में एक व्यक्ति की मौत के बाद मिनेसोटा में तनाव बढ़ गया है. बता दें, राज्य में ये हाल के हफ्तों में हुई दूसरी ऐसी मौत है. गवर्नर टिम वाल्ज ने इसे घिनौना बताते हुए राष्ट्रपति ट्रंप से संघीय एजेंटों को राज्य से हटाने की मांग की है, जबकि घटना को लेकर विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं.

ज़ी न्यूज़ 25 Jan 2026 7:06 am

नहीं, यह कभी नहीं होने वाला... चीन से कनाडा की नजदीकियों पर भड़के ट्रंप, PM कार्नी को दी बड़ी चेतावनी

Donald Trump: चीन और कनाडा की बढ़ती नजदीकियों से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप काफी ज्यादा नाराज है. उन्होंने कहा कि दुनिया नहीं चाहती कि चीन कनाडा पर कब्जा कर ले, ऐसा नहीं हो सकता.

ज़ी न्यूज़ 25 Jan 2026 6:35 am

संडे जज्बात- लोग भैंस और बुलडोजर आंटी कहते थे:92 किलो वजन था- किडनी खराब होने लगी तो 100 दिन में 20 किलो घटाया

मैं कानपुर की रहने वाली आभा शुक्ला हूं। भैंस, मोटी, 45 साल की आंटी, चलती-फिरती बुलडोजर, किसी के ऊपर गिर जाए, तो वो दबकर ही मर ही जाए… कभी ये सारे नाम मेरे ही थे। लोग मुझे इन्हीं नामों से बुलाते थे। मेरे असली नाम ‘आभा शुक्ला’ से नहीं। 30 साल की लड़की और 92 किलोग्राम वजन। लोग खूब मजाक उड़ाते थे। किसी को पलटकर जवाब देने की सोचती, तो क्या देती। कुछ नहीं… सिर झुकाए आगे बढ़ जाती थी। लेकिन जो लोग इन नामों से बुलाते थे, वही अब पूछते हैं- आभा, तुमने अपना वजन कैसे कम किया? जरूर कोई जड़ी-बूटी खाई होगी। नहीं तो, 92 किलो से सीधे 65 किलो वजन? यह तो सिर्फ फिल्मों में हो सकता है, असल जिंदगी में नहीं। हो ही नहीं सकता। लेकिन जब उन्हें इसके बारे में बताती हूं, तो वे खीझते हुए कहते हैं- झूठ बोल रही हो। मैं मुस्कुरा देती हूं। खैर… मेरी पुरानी और अब नई जिंदगी कहां से शुरू होती है, सब बताती हूं। 2007 की बात है। मेरी उम्र उस वक्त 15 साल थी। एकदम दुबली-पतली लड़की। करीब 35 किलोग्राम वजन था। पापा सरकारी टीचर थे। मैं उनके ज्यादा करीब थी और छोटा भाई मम्मी के करीब ज्यादा था। 2007 में फरवरी का महीना, तारीख 2। पापा मुझे हर रोज कंप्यूटर क्लास छोड़ने के लिए जाते थे। उस दिन भी वे मुझे छोड़ने गए। छोड़कर, किसी काम से शहर के बाहर चले गए। शाम 5 बजे उनके आने का वक्त था, लेकिन वे उस दिन आए नहीं। मैं गुस्से में थी। खुद ही कोचिंग से घर चली आई। मन ही मन सोच रही थी- पापा को आज आने दो, फिर उनसे जी-भरकर लड़ूंगी। घड़ी में पौने 6 बजे ही थे कि एक लड़का भागता हुआ मेरे घर आया, बोला- तुम्हारे पापा का एक्सीडेंट हो गया है। सुनते ही मैं जमीन पर गिर गई। मैं, मम्मी और भाई… सभी भागते हुए हॉस्पिटल पहुंचे। इमरजेंसी वार्ड में डॉक्टर पापा को CPR दे रहे थे। उनका एक पैर टूटा हुआ था। मुंह से खून निकल रहा था। अचानक पापा के हाथ-पांव जम गए। डॉक्टर उठकर खड़े हुए और पूछा- आपके पापा थे…? डॉक्टर ने डेड घोषित कर दिया। मैं खूब रोई। मां दीवार में सिर मारकर रोने लगीं। वहीं पर चूड़ी तोड़ने लगी। सभी के लिए फरवरी का महीना वसंत लेकर आता था, लेकिन मेरे लिए सिर्फ पापा के जाने का गम लेकर आया। आज भी जब फरवरी का महीना आता है, तो मैं 2 तारीख को पूरे दिन के लिए घर में खुद को बंद कर लेती हूं। खूब रोती हूं। ऐसा लगता है, सब कुछ कल की ही बात है। कोई मुझे उस हॉस्पिटल में ले जाए, तो मैं आज भी पूरी बात ऐसे बता सकती हूं, जैसे ये सब कल ही हुआ हो। एक-एक चीज… पापा के कफन पर रखे एक-एक फूल से लेकर शर्ट पर लगे खून के धब्बे तक याद हैं। मेरी चलती तो, उनके अस्थि से भरा कलश गंगा में प्रवाहित नहीं करती। उसे अपने घर की अलमारी में संभालकर रखती। आखिर उसी में तो उनके शरीर के आखिरी अंश बचे थे। मेरे 6 फीट के पापा एक कलश में सिमटे हुए थे! जब मैंने घर वालों से कहा, तो वे चीखते हुए बोले- ये कैसे हो सकता है? भला किसी आदमी का अस्थि कलश घर में रखा जाता है। इसे गंगा में प्रवाहित करना होता है। खैर, मजबूरी में वह अस्थि कलश गंगा में प्रवाहित करना पड़ा, लेकिन मैंने पापा का सफारी सूट आज भी संभालकर रखा हुआ है। उसे ही वे आखिरी बार पहन कर मुझे कोचिंग क्लास छोड़ने गए थे। उसमें आज भी खून के धब्बे लगे हुए हैं। हर साल 2 फरवरी को उसे निकालकर निहारती हूं। पापा के गुजरने के बाद किराएदारों ने मेरे घर पर कब्जा कर लिया। किराया देना बंद कर दिया। मांगने पर कहने लगे- न पैसे देंगे और न घर खाली करेंगे। ज्यादा बोलोगी, तो भाई पर पॉक्सो एक्ट लगवाकर रेप का मुकदमा करवा देंगे। फिर रहना जेल में सड़ते हुए। डर के मारे हमने कुछ साल बाद उस घर को चौथाई कीमत में बेच दिया। वहीं गांव की जमीन पर मेरे चाचा ने कब्जा कर लिया। उस वक्त मैं 12वीं में पढ़ती थी। ऐसा लगा- अब तो सब खत्म हो गया। सोचती- जब पापा ही नहीं रहे, तो फिर जीने का क्या फायदा। खुद को एक कमरे में बंद कर लेती। गहरे डिप्रेशन में जाने लगी। मां ने खुद को समझा लिया कि अगर वह घर को नहीं संभालेगी, तो उनके दोनों बच्चे बर्बाद हो जाएंगे। इकलौता भाई है। उसने खुद को संभाल लिया, क्योंकि उसे ही अब सब कुछ संभालना था। मैं चाहकर भी खुद को नहीं समझा पाई। हर वक्त बस एक ही ख्याल आने लगा- आत्महत्या कर लूं, तो पापा के पास चली जाऊंगी। अब इस धरती पर, इस घर में जीने का क्या ही मतलब है, जहां मुझे दुलार करने वाला ही न बचा हो। वहां किसलिए जिऊं।ऐसा नहीं है कि मेरी मां, भाई मुझसे प्यार नहीं करते थे, लेकिन पापा की कमी सही नहीं जा रही थी। इतना तनाव में थी कि डॉक्टर को दिखाना पड़ा। डिप्रेशन की दवाएं चलने लगीं। 24 घंटे में 16 घंटे सोने लगी थी। सोकर उठती तब भी नींद आती। ऐसे करीब 3-4 साल गुजरे। डिप्रेशन की दवाओं से ज्यादा नींद आने के कारण मेरा वजन बढ़ने लगा। चेक कराया तो पता चला 42 किलोग्राम हो गया है, फिर एक महीने बाद चेक कराया तो 60 किलोग्राम हो गया…। मैं सोचती थी, आगे चलकर वजन कम हो जाएगा, लेकिन यह बढ़कर 80 किलो के ऊपर पहुंच गया। उस समय लगने लगा कि अब बहुत मोटी हो गई हूं। मार्केट में मेरी पसंद के कपड़े नहीं मिलते थे। जींस की साइज अब 44 नंबर हो गई। 4XL साइज की कुर्ती ही हो पाती। कई बार मार्केट में कपड़ा खरीदने जाती, तो दुकानदार कहता- दीदी, अपनी साइज देखी हो। मेरे पास आपकी साइज के कपड़े नहीं हैं। जो इन्हीं में से पसंद कर लो। रिश्तेदार, आस-पड़ोस के लोग कहने लगे- अरे इसका वजन तो भैंस के बराबर हो गया। 45 साल की आंटी हो गई। तब तक मेरा वजन 92 किलोग्राम हो चुका था। इसी बीच, रिश्तेदार मेरे रिश्ते की बात करने लगे। कहने लगे- जितना वजन है, उतना दहेज देना पड़ेगा, तब शायद कोई लड़का शादी कर ले। ये तो चलती-फिरती बुलडोजर हो गई है। लोगों ने कहना शुरू किया। अरे! इसके पेट तो देखो। 7 महीने की प्रेग्नेंट लग रही है। सीना कितना बड़ा हो गया है। चेहरा भैंस जैसा लग रहा। जांघ और हाथ में कोई फर्क ही नहीं बचा है। वजन बढ़ने की वजह से मैंने शादी-ब्याह में जाना बंद कर दिया। मार्केट में मेरे साइज के कपड़े ही नहीं मिलते थे। कहीं आती-जाती तो लोग मुझे ही घूरते। मुझे याद है- मेरे मामा की बेटी की शादी थी। बचपन से ख्वाहिश थी कि बहन की शादी में सजूंगी, संवरूंगी। उसके लिए जब पार्लर गई, तो ब्यूटीशियन ने मेरे लिए बड़ा-सा ब्लाउज तैयार किया। पुराना-सा एक लंहगा दिया। बोली- तुम्हारे साइज का लहंगा तो है नहीं। उस दिन वही पहनकर बहन की शादी में गई। बाकियों के कपड़े देखकर उस दिन मुझे बहुत शर्म आई। एक कमरे में जाकर रोने लगी। जयमाल के समय बहन ने मुझे जबर्दस्ती बुलाया। उसके बाद से कभी किसी की शादी में नहीं गई। पहले तो मैं डिप्रेशन की दवा ले रही थी। अब, जब वजन बढ़कर 92 किलोग्राम हो गया, तो एक-एक करके चार-पांच डॉक्टर को दिखाया। कोलेस्ट्रॉल, ब्लड-प्रेशर, शुगर सब बढ़ने लगा था। थोड़ी देर चलती, तो हांफने लगती थी। ऐसा लगता, जैसे हार्ट-अटैक आ जाएगा। ब्लड की जांच हुई, तो पता चला कि किडनी में इन्फेक्शन है। डॉक्टरों ने कहा ऐसा ही रहा, तो किडनी फेल हो जाएगी। 2023 की बात है। यकीन हो चुका था कि अब जिंदगी बस कुछ महीनों की है। मैं मम्मी से कहने भी लगी कि मेरे गुजरने के बाद हमेशा भाई के साथ रहना। मम्मी, पापा की जगह सरकारी टीचर हो गई थीं। इसी बीच कानपुर के एक डॉक्टर से मिली। वह मेरी हालत देखते ही बोले- सबसे पहले इसके डिप्रेशन की दवा बंद करो। इसे कोई बीमारी नहीं है। उन्होंने मेरी सारी दवाएं बंद करा दीं। उस वक्त तक मैं हर दिन डिप्रेशन के 10 से ज्यादा टैबलेट खा रही थी। दवा छोड़ी तो पहले 15 दिन तक नींद ही नहीं आई। शरीर को डिप्रेशन और नींद की दवा खाने की आदत हो चुकी थी। सोचिए 13 साल से मैं लगातार डिप्रेशन की दवा खा रही थी। दवा छूटी तो डॉक्टर ने पहले एक महीने में कम-से-कम दो किलोग्राम वजन कम करने की सलाह दी। मैंने सुबह-शाम एक्सरसाइज करना शुरू किया। 16 घंटे की फास्टिंग करने लगी। 10 बजे के बाद सिर्फ एक-दो रोटी, दाल और सब्जी खाती। दोपहर में थोड़ा-सा भूना हुआ काला चना और शाम को फिर से दो रोटी, दाल और सब्जी। रात में भी रोज 6 से 7 किलोमीटर पैदल चलती थी। शुरू में वजन कम करने का इतना जुनून सवार हुआ कि ज्यादा चलने लगी। रास्ते में हाफंते हुए कई बार लगा कि गिर पड़ूंगी। ज्यादा वजन होने से मेरे फेफड़े में भी इन्फेक्शन हो चुका था। इतनी ज्यादा एक्सरसाइज कर रही थी कि घर पर जब मां की नींद खुलती, तो उन्हें मैं ट्रेडमिल पर दौड़ती नजर आती थी। रात के डेढ़ बजे, दो बजे भी मैं ट्रेडमिल पर दौड़ती थी। महीने के आखिर में जब मशीन पर अपना वजन चेक किया, तो 6 किलोग्राम घट चुका था। मैं हैरान थी कि यह कैसे हुआ। यकीन नहीं हो रहा था। डॉक्टर के पास गई। उन्होंने एक मशीन पर मेरा वजन चेक किया। तब मुझे लगा कि मशीन खराब होगी। फिर दूसरी मशीन पर चेक किया, तब कन्फर्म हो गया कि मेरा वजन कम हुआ है। इस तरह अब तो वजन घटाने का जुनून सवार हो गया था। अगले महीने फिर चेक कराया। 4 किलोग्राम और कम हो चुका था। तीसरे महीने में 8 किलोग्राम, फिर चौथे महीने में 2 किलोग्राम। 100 दिन के भीतर 20 किलो वजन कम हो गया। जब वजन कम होने की फोटो सोशल मीडिया पर पोस्ट की, तब मेरे आस-पड़ोस के लोग और सोशल मीडिया पर जो लोग न जाने मुझे क्या-क्या कहते थे, वे मुझसे वजन कम करने की टिप्स मांगने लगे। उन्हें यकीन नहीं हो रहा था कि मैं वही मोटी वाली आभा शुक्ला हूं। दर्जनों लोग मेरे घर आए। कहने लगे कि आपको देखना था कि आप वाकई पतली हो गई हैं या कहीं AI से तो एडिट करके फोटो पोस्ट नहीं कर दी है? अब तक मैं हजार से ज्यादा लोगों को वजन कम करने की सलाह दे चुकी हूं। 2018-19 के बाद से मैंने कानपुर में सामाजिक कार्य शुरू कर दिए थे। सोच रही थी कि अब जिंदगी जब कुछ महीनों-साल की ही बची है, तो कुछ करके मरा जाए। उसी के बाद ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट बनी थी। (आभा शुक्ला ने अपने ये जज्बात भास्कर रिपोर्टर नीरज झा से साझा किए हैं) ------------------------------------------ 1- संडे जज्बात-दोस्त की प्रेमिका प्रेग्नेंट हुई, रेप केस मुझपर चला:पंचायत ने 6 लाख में सौदा किया, 5 साल जेल में रहा, अब बाइज्जत बरी बिहार के दरभंगा जिले का रहने वाला मैं मुकेश कुशवाहा। मुझ पर 17 साल की लड़की के रेप और पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा चला। वो लड़की मेरे दोस्त की प्रेमिका थी। दोस्त ने उसे प्रेग्नेंट किया था, लेकिन मुकदमा मुझ पर चला। पूरी स्टोरी यहां पढ़ें 2- संडे जज्बात- किन्नर हूं, लड़के ने मेरी मांग भर दी:पिता ने बाजार में पीटा, बाल काट डाले, लेकिन लड़का पीछे नहीं हटा- मुझे दुल्हन बनाया मेरा नाम सोनी है। पश्चिम बंगाल के बनगांव की रहने वाली हूं। मैंने खुद को हमेशा एक लड़की ही माना, लेकिन लोगों ने मुझे पहचान दी- किन्नर, हिजड़ा जैसे शब्दों से। लोग कहते थे, ‘न मां बन पाएगी, न किसी की दुल्हन… फिर इसके जीने का क्या मतलब?’- पूरी स्टोरी यहां पढ़ें

दैनिक भास्कर 25 Jan 2026 5:40 am

रिपब्लिक डे पर चीफ गेस्ट की कुर्सी कितनी कीमती:पहली बार यूरोपियन यूनियन को न्योता क्यों मिला; क्या है 'मदर ऑफ ऑल डील्स'

2014 में जापानी प्रधानमंत्री शिंजो आबे रिपब्लिक डे के चीफ गेस्ट बने। उसी साल भारत-जापान ने मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के लिए समझौता किया। 2015 में अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा मुख्य अतिथि बने। अमेरिका ने भारत को 'मेजर डिफेंस पार्टनर' घोषित किया। 2016 में फ्रेंच राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद चीफ गेस्ट बने। उनके दौरे में ही भारत-फ्रांस ने 36 राफेल फाइटर जेट्स का एग्रीमेंट साइन किया। रिपब्लिक डे के चीफ गेस्ट आमतौर पर उन्हीं देशों से होते हैं, जहां भारत तवज्जो देना चाहता है। 77वें गणतंत्र दिवस परेड के लिए भारत ने यूरोपीय यूनियन के टॉप-2 लीडर्स को चीफ गेस्ट बनाया है- उर्सुला वॉन और एंतोनियो कोस्टो। आखिर भारत ने यूरोपीय यूनियन के लीडर्स को न्योता क्यों दिया, कैसे चुने जाते हैं रिपब्लिक डे के चीफ गेस्ट और इससे भारत क्या हासिल करता है, जानेंगे भास्कर एक्सप्लेनर में… सवाल-1: यूरोपीय यूनियन के नेताओं को भारत ने रिपब्लिक डे का चीफ गेस्ट क्यों बनाया? जवाब: यूरोपीय यूनियन किसी एक देश की तरह नहीं, बल्कि 27 देशों के ब्लॉक की तरह काम करता है। भारत ने इसके टॉप-2 लीडर्स को बुलाकर पूरे यूरोप को एक साथ साधने की कोशिश की है। दरअसल, उर्सुला वॉन डेर लेयेन यूरोपीय कमीशन की अध्यक्ष है। यह EU की एग्जिक्यूटिव विंग है, जो ट्रेड डील और रूल्स को लागू करती है। वहीं एंतोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा यूरोपीय काउंसिल के अध्यक्ष हैं। यह सभी 27 देशों के राष्ट्राध्यक्षों का रिप्रेजेंटेशन करते हैं और स्ट्रैटजिक डायरेक्शन तय करते हैं। यूरोपियन यूनियन के नेताओं को चीफ गेस्ट बनाने के पीछे भारत के 3 मकसद हो सकते हैं… 1. फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) से बनेगा 200 करोड़ ग्राहकों का मार्केट 2. अमेरिका-चीन की खींचतान में 'बफर स्ट्रैटजी' 3. IMEC के लिए EU का साथ जरूरी सवाल-2: गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि बुलाने की परंपरा कब और क्यों शुरू हुई? जवाब: पहले गणतंत्र दिवस 26 जनवरी 1950 को ही मुख्य अतिथि बुलाने की परंपरा शुरू हुई। उस दिन की परेड दिल्ली के इरविन स्टेडियम (अब मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम) में हुई थी। तब इंडोनेशिया के राष्ट्रपति सुकर्णो चीफ गेस्ट थे। इंडोनेशिया को पहले चीफ गेस्ट के तौर पर चुनना भी एक सिंबोलिज्म था। क्योंकि दोनों देश हाल ही में आजाद हुए थे और औपनिवेशिक शासन के लिए खिलाफ लड़े थे। दरअसल, 17 अगस्त 1945 को इंडोनेशिया ने आजादी का ऐलान किया था, जिसे 1949 में मान्यता मिली थी। चीफ गेस्ट बुलाने की परंपरा भारत की सॉफ्ट और स्ट्रैटजिक डिप्लोमेसी का हिस्सा है… सवाल-3: आखिर कैसे चुने जाते हैं रिपब्लिक डे के चीफ गेस्ट, प्रोसेस क्या है? जवाब: गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि को चुनना एक जटिल प्रक्रिया है, जिसमें डिप्लोमेसी, ट्रेड, स्ट्रैटजी और मिलिट्री फायदे का बारीकी से एनालिसिस किया जाता है। ये प्रोसेस करीब 6 महीने पहले ही शुरू कर दी जाती है। भले ही 26 जनवरी का कार्यक्रम रक्षा मंत्रालय की जिम्मे है, लेकिन मुख्य अतिथि चुनने का काम विदेश मंत्रालय करता है। मेहमान के नाम चुनने से लेकर उनके कर्तव्य पथ तक पहुंचने का स्टेप बाय स्टेप प्रोसेस… स्टेप-1: विदेश मंत्रालय में शुरुआती चर्चा विदेश मंत्रालय उन देशों की लिस्ट बनाता है, जिनके साथ भारत अपने रिश्तों को और मजबूत करना चाहता है। इसके इन 3 सवालों का जवाब ढूंढा जाता है और उनका एनालिसिस किया जाता है… स्टेप-2: प्रधानमंत्री की मंजूरी विदेश मंत्रालय अपनी सिफारिशों की फाइल प्रधानमंत्री कार्यालय यानी PMO को भेजता है। पीएम और उनके सलाहकार तय करते हैं कि मौजूदा वैश्विक माहौल में किस नेता को बुलाना सबसे सही रहेगा। स्टेप-3: नेता का शेड्यूल पता करना स्टेप-4: राष्ट्रपति के सिग्नेचर के साथ न्योता भेजना PMO से मंजूरी मिलने और मेहमान का शेड्यूल चेक करने के बाद औपचारिक निमंत्रण भारत के राष्ट्रपति के पास भेजा जाता है, जिस पर वे सिग्नेचर करती हैं। क्योंकि गणतंत्र दिवस का समारोह भारत के राष्ट्रपति आयोजित करते हैं। इसके बाद न्योता मेहमान देश को भेज दिया जाता है। स्टेप-5: सिक्योरिटी और प्रोटोकॉल व्यवस्था यह पूरी प्रोसेस गोपनीय रहती है, जब तक इसका आधिकारिक ऐलान न हो जाए। इसका मकसद फॉरेन रिलेशंस को मजबूत करना और ग्लोबल लेवल पर भारत की पॉजिशन को उभारना है। पूर्व IFS अधिकारी और 1999 से 2002 तक प्रोटोकॉल चीफ रहे मनबीर सिंह के मुताबिक, चीफ गेस्ट की दौरे में पूरा फोकस होता है कि वे प्रसन्न और संतुष्ट हों। उनकी यात्रा आराम से और बिना किसी दिक्कत के साथ हो। कई मेहमानों और उनके राजदूतों ने भारत के सामारोह और प्रोटोकॉल की जमकर तारीफ कर चुके हैं। सवाल-4: क्या यह सिर्फ सम्मान देने का तरीका है या कोई डिप्लोमैटिक मैसेज? जवाब: गणतंत्र दिवस में बतौर मुख्य अतिथि न्योता मिलना किसी देश के लिए प्रोटोकॉल के लिहाज से सर्वोच्च सम्मान की बात है। उन्हें राष्ट्रपति भवन में ऑफिशियल गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाता है। फिर शाम में भारत के राष्ट्रपति उनके लिए स्वागत समारोह आयोजित करते हैं। मेहमान महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देने राजघाट भी जाते हैं। उनके लिए भारत के प्रधानमंत्री एक लंच भी रखते हैं, जिसमें सरकारी और गैर-सरकारी VIP मौजूद रहते हैं। पूर्व IFS अधिकारी मनबीर सिंह के मुताबिक, चीफ गेस्ट का दौरा सिंबोलिक अहमियत रखता है। उन्हें भारत के गौरव और खुशी का हिस्सा बनाया जाता है। ये दोनों देशों के बीच मजबूत दोस्ती और बढ़ती साझेदारी की झलक दिखाती है। सम्मान से कहीं ज्यादा ये डिप्लोमैटिक स्ट्रेंथ नुमाइश होती है। चीफ गेस्ट के सिलेक्शन प्रोसेस में भी ये दिखाई देता है। फॉरेन पॉलिसी एक्सपर्ट विनय कौरा के का मानना है कि भारत ऐसे सिंबॉलिक काम से अपनी डिप्लोमैटिक और स्ट्रैटजिक पैठ को मजबूत करता है। इसके जरिए भारत दुनियाभर में अपने रणनीतिक इरादे और विदेश नीति को व्यक्त करता है। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि मेहमान-नवाजी के जरिए भारत बताता है कि उसके लिए कौन अहम है? साथ ही अपनी सॉफ्ट पावर और डिफेंस कैपेबिलिटी की ताल ठोकता है। मेहमान देश के साथ डील्स और पार्टनरशिप भी करता है। सवाल-5: क्या पाकिस्तान और चीन को कभी बतौर चीफ गेस्ट इनवाइट किया गया? जवाब: हां। भारत ने पाकिस्तान और चीन को उस दौर में न्योता दिया, जब वह ‘पड़ोसी पहले’ और ‘शांति के साथ रहने’ की नीति पर चल रहा था… रिश्ते सुधारने के लिए पाकिस्तान को 2 बार न्योता 'हिंदी-चीनी भाई-भाई' के दौर में चीन को बुलाया तब के पीएम पं. नेहरू का मानना था कि ऐसे न्योते और सम्मान से पड़ोसियों के साथ तनाव कम किया जा सकता है। साथ ही वे एशियाई एकजुटता का नेतृत्व कर रहे थे। इसमें चीन और पाकिस्तान को साथ रखना बेहद जरूरी था। सवाल-6: किस देश को सबसे ज्यादा बार और सबसे कम बार न्योता दिया गया? जवाब: 2025 तक 47 देशों के 70 से ज्यादा नेताओं ने गणतंत्र दिवस के मेहमान के तौर पर शिरकत की है। भारत ने चीफ गेस्ट के लिए हमेशा अपने उन सहयोगियों को तरजीह दी है, जो डिफेंस, एनर्जी और स्ट्रैटजिक तौर से सबसे करीब रहे हैं। इसी के मद्देनजर भारत ने सबसे ज्यादा 6 बार फ्रांस को न्योता दिया। 1976, 1980, 1998, 2008, 2016 और 2024 के गणतंत्र दिवस में फ्रांस के राष्ट्राध्यक्षों को आमंत्रित किया गया। 5 बार ब्रिटेन, 4-4 बार भूटान, इंडोनेशिया और रूस के नेता चीफ गेस्ट बने। वहीं दुनिया के कई ताकतवर और अहम देश ऐसे हैं, जिन्हें भारत ने सिर्फ एक बार ही न्योता दिया। इसमें चीन (1958), ऑस्ट्रेलिया (1979), ईरान (2003), सऊदी अरब (2006), साउथ कोरिया (2010) और अमेरिका (2015) शामिल हैं। सवाल-7: क्या कभी ऐसा हुआ कि जब कोई मेहमान ही नहीं आए? जवाब: हां। 5 बार ऐसा हुआ है, जब गणतंत्र दिवस की परेड में राजपथ (अब कर्तव्य पथ) पर मुख्य अतिथि की कुर्सी खाली रही। इनमें से 3 मौके शुरुआती साल के थे, जबकि दो मौके कोविड के दौरान के थे। शुरुआती 3 साल नहीं बुलाए चीफ गेस्ट कोरोना महामारी में 2 साल कोई मुख्य अतिथि नहीं ****** गणतंत्र दिवस से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए... गणतंत्र दिवस की थीम वंदेमातरम्, परेड में निकलेंगी 30 झांकियां: सेना की नई भैरव बटालियन भी शामिल होगी भारत के 77वां गणतंत्र दिवस की परेड की थीम वंदेमातरम् पर रखी गई है। परेड के दौरान कर्तव्य पथ पर 30 झांकियां निकलेंगी, जो 'स्वतंत्रता का मंत्र-वंदे मातरम, समृद्धि का मंत्र-आत्मनिर्भर भारत' थीम पर होंगी। पूरी खबर पढ़िए...

दैनिक भास्कर 25 Jan 2026 5:37 am

अमेरिका ने सहयोगी देशों की सुरक्षा से पल्ला झाड़ा, कहा- अपनी रक्षा स्वयं करें, रक्षा नीति में बड़ा बदलाव

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का विरोधाभासी और आक्रामक रुख एक बार फिर वैश्विक राजनीति के केंद्र में है। नाटो सहयोगियों समेत पूरे अटलांटिक क्षेत्र की सुरक्षा का जिम्मा लेने और ग्रीनलैंड को अमेरिका में मिलाने की बात करने वाले ट्रंप अब वैश्विक सुरक्षा से पल्ला झाड़ते नजर आ रहे हैं।

देशबन्धु 25 Jan 2026 3:53 am

ग्रीनलैंड पर ट्रंप की बौखलाहट क्या कहती है? दुनियाभर को सताने लगी चिंता

Trump and Greenland: ट्रंप की सिर्फ ग्रीनलैंड और कनाडा से ही अदावत नहीं चल रही. यूरोप के दूसरे हिस्सों में भी तनाव बढ़ा है, जिसके केंद्र बिंदु भी ट्रंप ही हैं. ग्रीनलैंड के मुद्दे पर फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने ट्रंप का विरोध किया है. इसी मुद्दे पर इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी और मैक्रों के बीच ठन गई है.

ज़ी न्यूज़ 25 Jan 2026 3:16 am

अमेरिका में पारिवारिक विवाद ने लिया भयावह रूप, भारतीय मूल के व्यक्ति ने पत्नी सहित चार की गोली मारकर हत्या

पुलिस को 1000 ब्लॉक में गोलीबारी की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही अधिकारी कुछ ही मिनटों में मौके पर पहुंचे। जब पुलिस घर के अंदर दाखिल हुई, तो वहां का दृश्य बेहद भयावह था। चार लोग खून से लथपथ पड़े थे, जिनमें से सभी को गोलियां लगी थीं। आपात सेवाओं की टीम ने मौके पर ही चारों को मृत घोषित कर दिया।

देशबन्धु 25 Jan 2026 2:49 am

ट्रंप की कुंडली में दुनिया की तबाही लिखी है? कैसी है ग्रहों की चाल, सबसे बड़ी भविष्यवाणी

Donaldl Trump Kundli: अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप अपने ऊल-जुलूल फैसलोंसे दुनिया की शांति भंग करते हुए लोगों की मुश्किलें बढ़ा रहे हैं. उनके राजनीतिक विरोधियों का कहना है कि ऐसी हरकतों से वो अमेरिका को महान तो नहीं बना पाएंगे लेकिन उसका सत्यानाश कर देंगे. ज्योतिषियों ने उनकी कुंडली खंगाली तो पता चला कि फिलहाल उनकी दशा-महादशा सही नहीं चल रही है.

ज़ी न्यूज़ 25 Jan 2026 1:29 am

3 दिन में ईरान पर कब्जा कर लेगा अमेरिका? ट्रंप ने जारी किया नोटिस, एक्सपर्ट्स ने समझाया WAR प्लान, संभावनाएं और भी हैं...

Middle east news:मोहम्मद मुवाहेदी ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई के करीबी हैं. ट्रंप के दावे पर खामेनेई के करीबी के तीखे जवाब से अमेरिका बौखला गया है. इसीलिए किसी भी वक्त ईरान पर हमला शुरू हो सकता है. हमले की सिर्फ यही वजह नहीं है, अमेरिका और पश्चिमी देशों के एक्सपर्ट कुछ और आशंकाएं जता रहे हैं.

ज़ी न्यूज़ 25 Jan 2026 12:58 am

ट्रंप का अल्टीमेटम चीन से डील पर कनाडा को 100% टैरिफ की धमकी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि अगर कनाडा चीन के साथ किसी तरह का व्यापार समझौता करता है, तो अमेरिका तुरंत सीमा पार से आने वाले सभी कनाडाई सामानों पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगा देगा

देशबन्धु 24 Jan 2026 10:56 pm

यूक्रेन में आई कयामत! तापमान 0 से बहुत नीचे, तीन तरफ से चल रही थी शांति की बातचीच, रूस ने बोल दिया हमला

Russia Ukraine war:24 फरवरी 2022 को रूस द्वारा यूक्रेन पर बोला गया हमला, दोनों के बीच फरवरी 2014 के युद्ध का विस्तार था. महीनेभर बाद ये जंग 5वें साल में प्रवेश कर जाएगी. ट्रंप लड़ाई रुकवाने की बहुत कोशिशें कर रहे हैं. शांति बहाली की बातचीत के बीच मास्को ने कीव पर भयानक हमला किया है.

ज़ी न्यूज़ 24 Jan 2026 10:55 pm

VIDEO: माइनस 21 डिग्री का आतंक! हवा में अटक गई चम्मच, नूडल्स बोले - अब नहीं पिघलेंगे

Frozen Noodles Video: इन दिनों तेज ठंड ने सभी को परेशान कर रखा है. लेकिन सच बताएं तो ये ठंड कुछ नहीं है. ऐसे भी इलाके हैं, जहां तापमान माइनस 21 डिग्री चल रहा है. वहां पर खुले में कुछ भी निकालते ही वह तुरंत जम जाता है.

ज़ी न्यूज़ 24 Jan 2026 10:54 pm

आज रात ही ईरान पर बड़ा हमला करने जा रहा अमेरिका? मिडिल ईस्ट के सूत्रों के हवाले से दावा

US attack on Iran: ईरान का हाल बेहाल है. सैकड़ों मौतों के बाद दावा है कि सर्वोच्च नेता खामेनेई के इशारे पर सरकार प्रदर्शनकारियों को कुचलने के साथ-साथ आंदोलन खत्म कराने में कामयाब रही है. इसके बाद अमेरिका की ओर से ईरान पर कभी भी होने वाले कथित अप्रत्याशित हमले की तारीख और टाइमिंग बताई जा रही है.

ज़ी न्यूज़ 24 Jan 2026 8:18 pm

क्या बांग्लादेश क्रिकेट तबाह हो जाएगा:ICC ने वर्ल्डकप से बाहर निकाला, करोड़ों का घाटा, बैन होने का भी खतरा; अब पाकिस्तान क्या करेगा

बांग्लादेश टी-20 वर्ल्ड कप से बाहर हो गया है। इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने उसकी जगह स्कॉटलैंड को शामिल कर लिया। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड का कहना है कि हम अब सरकार के फैसले का इंतजार कर रहे हैं, अगर उन्होंने मना कर दिया तो हम भी टूर्नामेंट नहीं खेलेंगे। भारत-श्रीलंका की मेजबानी में होने वाला T20 वर्ल्ड कप शुरू होने में महज 2 हफ्ते बाकी हैं। ऐसे में बांग्लादेश को वर्ल्ड कप नहीं खेलने से क्या घाटा होगा, क्या पाकिस्तान भी मैच नहीं खेलेगा और भारत पर क्या असर पड़ेगा; जानेंगे भास्कर एक्सप्लेनर में… सवाल-1: बांग्लादेश ने भारत में खेलने से मना क्यों किया? जवाब: बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड यानी BCB ने सुरक्षा का हवाला देते हुए भारत में न खेलने का फैसला किया है। BCB चाहता था कि उसके T20 वर्ल्ड कप मैच श्रीलंका में हों, लेकिन ICC ने इससे इनकार कर दिया। बांग्लादेश के स्पोर्ट्स एडवाइजर आसिफ नजरुल ने कहा, ‘हम वर्ल्ड कप खेलना चाहते हैं, लेकिन भारत में हमारे खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ की सुरक्षा को लेकर चिंता है।’ सुरक्षा से जुड़ी इस वजह के अलावा बांग्लादेशी टीम के भारत न आने की 2 छिपी वजहें भी हैं… 1. मुस्तफिजुर रहमान को IPL से बाहर करना IPL की टीम KKR ने बांग्लादेशी पेसर मुस्तफिजुर रहमान को 9.2 करोड़ रुपए में खरीदा, लेकिन भारत में इसका विरोध होने लगा। BCCI ने KKR से उन्हें रिलीज करने को कहा। 3 जनवरी को KKR ने ऐसा कर दिया। BCB ने इसे अपमान माना और IPL का टेलिकास्ट बैन कर दिया। यहीं से ये विवाद शुरू हुआ। 2. भारत-बांग्लादेश में बिगड़ते हालात और रिश्ते पिछले कुछ महीनों में भारत और बांग्लादेश के डिप्लोमेटिक रिलेशंस बेहद खराब हुए हैं। बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा और हत्या होने के बाद भारत में बांग्लादेशी खिलाड़ियों और कलाकारों के विरोध की बात होने लगी। बिगड़ते माहौल का हवाला देते हुए बांग्लादेश सरकार ने टीम भेजने से मना कर दिया। हालांकि BCB के प्रेसिडेंट अमीनुल इस्लाम बुलबुल ने कहा कि हम ICC से एक बार फिर बात करेंगे और कहेंगे कि वे हमारी चिंताओं पर ध्यान दें। बांग्लादेश इस मसले पर अपनी लड़ाई जारी रखेगा। बांग्लादेश के बायकॉट के फैसले के बाद अब उसकी जगह स्कॉटलैंड की टीम T20 वर्ल्ड कप में खेल सकती है। सवाल-2: वर्ल्ड कप न खेलने से बांग्लादेश को क्या-क्या नुकसान होगा? जवाब: वर्ल्ड कप न खेलने से बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड से लेकर बांग्लादेश में बिजनेस को अच्छा-खासा नुकसान हो सकता है… पार्टिसिपेशन फीस नहीं मिलेगी, बोर्ड का घाटा मैच जीतने पर भी फीस मिलती है, इसका नुकसान स्पॉन्सर और कॉमर्शियल लॉस रैंकिंग पर असर दैनिक भास्कर डिजिटल के स्पोर्ट्स एडिटर बिक्रम प्रताप सिंह के मुताबिक बांग्लादेश ने पाकिस्तान से प्रभावित होकर फैसला तो ले लिया कि वह वर्ल्ड कप बायकॉट कर देगा, लेकिन ICC में पाकिस्तान का फिर भी दबदबा है। भारत-पाकिस्तान मैच से पूरे वर्ल्ड कप का 25% तक रेवेन्यू आता है, लेकिन बांग्लादेश के साथ ऐसा नहीं है। उसने वर्ल्ड कप बायकॉट कर अपना ही नुकसान किया है। हालांकि BCB की फाइनेंस कमेटी के प्रमुख और अंतरिम सरकार के स्पोर्ट्स एडवाइजर नजमुल हुसैन ने हाल ही में कहा था कि बांग्लादेश के वर्ल्ड कप न खेलने से बोर्ड को कोई नुकसान नहीं होगा। जो नुकसान होगा वो खिलाड़ियों को होगा। सवाल-3: वर्ल्ड कप न खेलने से बांग्लादेश के खिलाड़ियों को क्या नुकसान होगा जवाब: वर्ल्ड कप न खेलने से बांग्लादेशी खिलाड़ियों के करियर और फाइनेंस को नुकसान होगा… हर खिलाड़ी को साढ़े सात लाख का नुकसान रैंकिंग पर असर स्पॉन्सर्स का पीछे हटना सवाल-4: क्या ICC बांग्लादेश टीम के खिलाफ कोई एक्शन ले सकती है? जवाब: ICC के पास कार्रवाई का अधिकार है। ICC के नियमों के मुताबिक वर्ल्ड कप का बायकॉट, मेंबर्स पार्टिसिपेशन एग्रीमेंट के खिलाफ है। ऐसे मामलों में ICC आर्थिक दंड से लेकर सदस्यता निलंबन तक का फैसला ले सकती है। पहले भी ICC सख्त कदम उठा चुकी है। 2019 में जिम्बाब्वे क्रिकेट को राजनीतिक दखल के कारण निलंबित किया गया था, जिससे वह 2020 में कोई ICC टूर्नामेंट नहीं खेल सका। अगर ICC को लगता है कि बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने राजनेताओं के दबाव में फैसला लिया है, तो ICC के सदस्य के तौर पर उसके निलंबन पर सोचा जा सकता है। अगर बांग्लादेश टीम टूर्नामेंट से हटती है तो ICC उसे ग्रुप स्टेज में भागीदारी पर मिलने वाले लगभग 3 लाख डॉलर भी नहीं देगी। इसके अलावा बोर्ड को ICC से मिलने वाला 30–40 मिलियन डॉलर का सालाना हिस्सा भी रोका जा सकता है। इसके अलावा ICC भविष्य में बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड से बड़े टूर्नामेंट्स की मेजबानी का अधिकार भी छीन सकता है। इससे अंतरराष्ट्रीय स्पॉन्सरशिप पर असर पड़ेगा। सवाल-5: क्या पाकिस्तान भी वर्ल्ड कप का बायकॉट कर सकता है? जवाब: पाकिस्तान के वर्ल्ड कप बायकॉट करने की संभावना कम है क्योंकि उसके मैच पहले से ही भारत में नहीं होना तय है। पाकिस्तान के सभी मैच श्रीलंका में शेड्यूल हैं। हालांकि PCB के चेरयमैन मोहसिन नकवी ने कहा है कि बांग्लादेश के साथ गलत हुआ है। अगर हमारी सरकार ने वर्ल्ड कप खेलने से मना किया, तो हम भी टीम नहीं भेजेंगे। लेकिन नकवी बार-बार बयान बदल रहे हैं। कुछ दिन पहले टेलिकॉम एशिया स्पोर्ट्स ने PCB सूत्रों के हवाले से लिखा कि पाकिस्तान वर्ल्ड कप न खेलने जैसा कदम नहीं उठाएगा। सवाल-6: बांग्लादेश के बायकॉट करने से क्या भारत को भी कोई नुकसान हो सकता है? जवाब: बांग्लादेश के वर्ल्ड कप बायकॉट करने से भारत से ज्यादा बांग्लादेश को ही नुकसान होगा। इससे भविष्य में अब भारत भी बांग्लादेश के साथ द्विपक्षीय सीरीज खेलने से इनकार कर सकता है। जब भारत-बांग्लादेश के मैच होते हैं तो बांग्लादेश के ब्रॉडकास्टर और स्पॉन्सर सबसे ज्यादा कमाई करते हैं। IPL से भी यह कमाई करते हैं। भारत से संबंध खराब कर BCB अपना ही नुकसान कर रहा है। हालांकि मैच टिकट और टूरिज्म से होने वाली कमाई का नुकसान भारत को झेलना पड़ेगा… ***** बांग्लादेश क्रिकेट विवाद से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए... बांग्लादेश टी-20 वर्ल्ड कप से बाहर होने की कगार पर: बोर्ड बोला- भारत में नहीं खेलेंगे; ICC ने कल कहा था- इंडिया में ही खेलना होगा बांग्लादेश ने गुरुवार को भारत में टी-20 वर्ल्ड कप खेलने से इनकार कर दिया, जिसके बाद टीम का टूर्नामेंट से बाहर होना तय माना जा रहा है। एक दिन पहले ही ICC ने स्पष्ट किया था कि बांग्लादेश के सभी ग्रुप मैच भारत में ही कराए जाएंगे। पूरी खबर पढ़िए...

दैनिक भास्कर 24 Jan 2026 8:04 pm

'भ्रमित जोकर हैं जेलेंस्की', यूक्रेनी राष्ट्रपति पर क्यों भड़क गया ईरान, कहा- दुनिया ऐसे नेताओं से ऊब चुकी

Iran on Ukraine News: यूएस के निशाने पर चल रहा ईरान यूक्रेन पर बुरी तरह भड़का हुआ है. उसने यूक्रेनी राष्ट्रपति को 'भ्रमित जोकर' बताते हुए कहा कि अब दुनिया ऐसे नेताओं से ऊब चुकी है.

ज़ी न्यूज़ 24 Jan 2026 8:00 pm

अमेरिका में सैकड़ों मौतों का मंडराया खतरा, 8000 से अधिक फ्लाइट्स रद्द; वजह ईरान पर संभावित हमला नहीं और गंभीर

US News: इस आफत से करीब 14 करोड़ लोगों के प्रभावित होने की चेतावनी दी गई है. बड़े पैमाने पर होने वाले नुकसान का खतरा टला नहीं है. पूर्वी टेक्सास से नॉर्थ कैरोलिना तक बड़े भारी नुकसान की चेतावनी जारी की है.

ज़ी न्यूज़ 24 Jan 2026 6:49 pm

ग्रीनलैंड पर नजर, साथ में पेंगुइन! व्हाइट हाउस की AI हरकत ने इंटरनेट को हंसा-हंसा कर लोटपोट क्यों कर दिया

Donald Trump Greenland News: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ग्रीनलैंड पर गहरी नजर है. वे इस बर्फीले द्वीप को किसी भी हाल में कब्जाना चाहते हैं. अब ट्रंप की एक AI हरकत ने इंटरनेट को हंसा-हंसा कर लोटपोट कर दिया है.

ज़ी न्यूज़ 24 Jan 2026 5:24 pm

एआइ चैटबॉट ‘ग्रोक’ को लेकर वैश्विक चिंता: एक्स पर अश्लील तस्वीरों की बाढ़, कई देशों ने उठाए सख्त कदम

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, यह पूरा मामला दिसंबर के अंत में सामने आया, जब एक्स पर यूजर्स ने ग्रोक का इस्तेमाल कर वास्तविक लोगों की तस्वीरों को अश्लील रूप में बदलना शुरू किया।

देशबन्धु 24 Jan 2026 2:59 pm

‘पाकिस्तान पर ना करें भरोसा’, अमेरिकी सीनेटर ने रूबियो को लिखा खत- PAK में मानवाधिकारों को लेकर जताई चिंता

Us Senator Warner Letter: अमेरिका के सीनेटर मार्क आर. वॉर्नर ने विदेश मंत्री मार्को रूबियो को एक चिट्ठी लिखकर पाकिस्तान में चल रही हालात पर चिंता जताई है. उन्होंने कहा है कि वहां राजनीतिक नेताओं, पत्रकारों और एक्टिविस्ट्स के खिलाफ गिरफ्तारियां हो रही हैं. दबाव बनाया जा रहा है. सीनेटर ने रूबियो से अपील की है कि अमेरिका को इस मुद्दे पर कूटनीतिक कदम उठाने चाहिए. पाकिस्तान सरकार से सीधे बात करनी चाहिए.

ज़ी न्यूज़ 24 Jan 2026 2:48 pm

कौन है विजय कुमार जिसने US में पत्नी समेत 3 रिश्तेदार को मारी गोली? कैसे 3 नन्हें बच्चों ने बचाई अपनी जान

Vijay Kumar Indian Man Kills Wife: अमेरिका के जॉर्जिया राज्य में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. यहां भारतीय मूल के एक व्यक्ति विजय कुमार पर अपनी पत्नी और तीन रिश्तेदारों की गोली मारकर हत्या करने का आरोप है. यह घटना घरेलू विवाद के बाद हुई बताई जा रही है. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. मामले की जांच जारी है.

ज़ी न्यूज़ 24 Jan 2026 2:33 pm

US: पति की फायरिंग में 4 भारतीयों की मौत; बच्चों ने अलमारी में छिपकर बचाई जान, फिर बुलाई पुलिस

USA Shooting: अमेरिका के जॉर्जिया के लॉरेंसविले में शुक्रवार तड़के पारिवारिक विवाद के दौरान गोलीबारी हुई, जिसमें एक भारतीय नागरिक सहित चार लोगों की मौत हो गई. ग्विनेट काउंटी पुलिस के अनुसार, ब्रूक आइवी कोर्ट स्थित घर से गोलीबारी की सूचना मिली थी. मौके पर पहुंची पुलिस ने चारों वयस्कों को मृत पाया.

ज़ी न्यूज़ 24 Jan 2026 12:20 pm

पैसे पर पीस कैसी? ट्रंप के गाजा 'प्राइवेट क्लब' में क्या भारत को शामिल होना चाहिए

Trump Board of Peace: शांति के नाम पर आने वाली पहलें अक्सर बड़ी-बड़ी बातों से सजी होती हैं. डोनाल्ड ट्रंप की ‘बोर्ड ऑफ पीस’ भी कुछ ऐसी ही है. यह बोर्ड गाजा के लिए 1 अरब डॉलर के स्थायी फंड के साथ सामने आया है. इस घोषणा ने दुनिया भर के नेताओं और राजनयिकों को चौंका दिया है.

ज़ी न्यूज़ 24 Jan 2026 12:16 pm

दावोस में बड़ा धमाका: Elon Musk ने भरी सभा में खोली ट्रंप के Board of Peace की पोल, सन्न रह गई दुनिया!

Elon Musk On Trump: दुनिया के सबसे बड़े बिजनेसमैन और टेक जगत के दिग्गज एलन मस्क ने दावोस के मंच पर एक चौंकाने वाली बात कह दी है. एलन मस्क ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नई पहल पर ऐसा तंज कसा कि माहौल अचानक गंभीर हो गया. मजाकिया शब्दों के पीछे छिपा तीखा तंज करते हुए मस्क ने शांति के नाम पर शुरू की गई एक योजना पर यह सवाल खड़ा कर दिया है.

ज़ी न्यूज़ 24 Jan 2026 11:21 am

मिडिल ईस्ट में बजी युद्ध की घंटी! ट्रंप ने भेज दिया जंगी जहाज; ईरान बोला- हमले का बदला सर्वनाश

Iran Response To US Threats: ईरान ने एक बार फिर अमेरिका को चेतावनी दी है कि किसी भी हमले को वह पूरी तरह से युद्ध मानेगा. जानकारी के अनुसार, मिडिल ईस्ट में अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर स्ट्राइक ग्रुप और अन्य सैन्य बल तैनात किए जा रहे हैं. ईरानी सेना हाई अलर्ट पर है और किसी भी हमले का कड़ा जवाब देने को तैयार है.

ज़ी न्यूज़ 24 Jan 2026 11:08 am

कुछ महीनों में इंसानों को पीछे छोड़ देगा AI? एलन मस्क ने बताया 2030 तक क्या गजब होने वाला है

एलन मस्क ने कहा कि AI की क्षमता में जो उछाल देखने को मिल रहा है, वह पहले की तुलना में कहीं ज्यादा तेज है। उन्होंने कहा, “संभव है कि इसी साल के अंत तक AI किसी भी एक इंसान से ज्यादा समझदार हो जाए।

देशबन्धु 24 Jan 2026 10:48 am

'हम साथ-साथ हैं...', भारत ने ईरान का किया खुला समर्थन, UN में इंडिया का रुख देख उड़े पश्चिमी देशों के होश

UNHRC Iran Resolution: संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के 39वें सत्र में भारत ने कुछ ऐसा किया की पश्चिमी देश पूरी तरह से चौंक गए. एक प्रस्ताव में भारत ने विपक्ष में वोटिंग की जिससे हर कोई हैरान हो गया.

ज़ी न्यूज़ 24 Jan 2026 10:35 am

दावोस में शहबाज की बेइज्जती: बोर्ड ऑफ पीस में PAK की एंट्री पर भड़का इजरायल, बताया आतंक का मसीहा

Shehbaz Sharif: दावोस में विश्व आर्थिक मंच (WEF) पर पाकिस्तान को बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा. जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 'बोर्ड ऑफ पीस' शांति चार्टर पर हस्ताक्षर किए तो इसके कुछ ही घंटों में इजराइल के वित्त मंत्री नीर बरकत ने पाकिस्तान की भागीदारी को सार्वजनिक रूप से खारिज कर दिया और इसे आतंकवाद समर्थक करार दिया.

ज़ी न्यूज़ 24 Jan 2026 9:59 am

ड्रग, रेप और MMS...13 साल तक पूर्व पॉलिटिशियन लूटता रहा इज्जत, चीखती एक्स वाइफ की आहों ने पहुंचाया सलाखों के पीछे

UK News: UK से एक हैरान करने वाला केस सामने आया है. यहां पर एक पूर्व पूर्व पॉलिटिशियन ने 13 साल तक अपनी पूर्व पत्नी का यौन शोषण किया. इतना ही नहीं उसने पत्नी को ड्रग भी दिया.

ज़ी न्यूज़ 24 Jan 2026 9:32 am

अमेरिका में सिख विरोधी नफरत रोकने के लिए नया बिल पेश

अमेरिका में सिख समुदाय के खिलाफ भेदभाव और नफरत से जुड़ी घटनाओं को रोकने के लिए एक नया कानून अमेरिकी कांग्रेस की प्रतिनिधि सभा (यूएस हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स) में दोनों पार्टियों का समर्थन हासिल कर रहा है

देशबन्धु 24 Jan 2026 8:43 am

मौत की ओर या खुद की खोज? ग्रुप छोड़ पहाड़ों की तरफ अकेले क्यों निकल पड़ा ये पेंगुइन, वायरल वीडियो के पीछे का खौफनाक सच!

nihilist penguin meme​:सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक पेंगुइन एक पहाड़ की ओर चलता जा रहा है, जो उससे 70KM दूर है. लोग इस वीडियो को अपने लिए प्रेरणा से जोड़ रहे हैं पर आज हम आपको इस वीडियो का पूरा सच बताएंगे.

ज़ी न्यूज़ 24 Jan 2026 8:40 am

दुनिया की 8वीं सबसे बड़ी आबादी, लेकिन सिर्फ 80 हिंदू उम्मीदवार; बांग्लादेश में सियासत के हाशिये पर अल्पसंख्यक

Bangladesh Election 2026: बांग्लादेश में 12 फरवरी को होने वाले चुनाव से जुड़े आंकड़े देश में धार्मिक और जातीय अल्पसंख्यकों की सीमित राजनीतिक भागीदारी की ओर इशारा करते हैं. 17 करोड़ से अधिक की आबादी वाले इस देश में केवल 80 अल्पसंख्यक कैंडिडेट चुनावी मैदान में हैं. इनमें से 12 उम्मीदवार निर्दलीय हैं, जबकि शेष को विभिन्न राजनीतिक दलों ने टिकट दिया है.

ज़ी न्यूज़ 24 Jan 2026 8:31 am

27 जनवरी को होगा किस्मत का फैसला! EU चीफ ने बताया- आखिर क्यों रुकी है 'फ्री ट्रेड एग्रीमेंट' की अंतिम मुहर?

India-eu fta defense partnership: यूरोपियन आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा कि भारत-ईयू फ्री ट्रेड एग्रीमेंट और रक्षा साझेदारी दोनों देशों के लिए बड़े अवसर लाएगी. इससे व्यापार बढ़ेगा, सुरक्षा मजबूत होगी और वैश्विक सहयोग और स्थिरता में मदद मिलेगी.

ज़ी न्यूज़ 24 Jan 2026 7:56 am

जब इस्लाम का नाम भी नहीं था... भारत-ईरान के साथ रिश्तों पर क्या बोला तेहरान? कितना पुराना है संबंध

Iran Protests: ईरान में जारी हिंसा और असंतोष के बीच ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने कहा कि भारत-ईरान संबंध इस्लाम से भी हजारों वर्ष पुराने हैं. उन्होंने बताया कि 3000 वर्ष पहले ईरान में भारतीय दर्शन, गणित, खगोल विज्ञान और चिकित्सा का अध्ययन होता था, जिसने ईरानी सभ्यता को समृद्ध किया.

ज़ी न्यूज़ 24 Jan 2026 7:13 am

पाकिस्तान, अफगानिस्तान या ईरान नहीं बनेगा बांग्लादेश, सत्ता में आई जमात तो कैसा होगा पड़ोसी मुल्क?

Bangladesh News: बांग्लादेश में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए जमात-ए-इस्लामी के चीफ शफीकुर रहमान ने कहा कि उनकी पार्टी सत्ता में आती है, तो बांग्लादेश बांग्लादेश ही रहेगा और पाकिस्तान, अफगानिस्तान या ईरान नहीं बनेगा.

ज़ी न्यूज़ 24 Jan 2026 6:27 am

जश्न की खुशियों में घुला आतंक! पाकिस्तान में शादी के बीच आत्मघाती हमला, 5 की मौत, 10 घायल

Pakistan Suicide Blast: पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में एक शादी की खुशियां अचानक मातम में बदल गईं. डेरा इस्माइल खान जिले में शादी समारोह के दौरान हुए आत्मघाती धमाके में कम से कम 5 लोगों की मौत हो गई है. वहीं 10 लोग घायल हो गए हैं. धमाका इतना तेज था कि कमरे की छत गिर गई.

ज़ी न्यूज़ 24 Jan 2026 6:12 am

माइनस 40 नंबर लाने वाले डॉक्टर से कौन इलाज करवाएगा:SC/ST/OBC सीटों पर 0 पर्सेंटाइल, डॉक्टर बोले- प्राइवेट कॉलेजों की सीट भरेंगे

डॉक्टरों के पोस्ट ग्रेजुएशन में एडमिशन के लिए होने वाला NEET-PG एग्जाम विवादों में है। इस साल सेकेंड राउंड की काउंसलिंग के बाद भी देश भर के मेडिकल कॉलेजों में PG की करीब 18 हजार सीटें खाली रह गईं। जिसके बाद NEET PG-2025 एग्जाम का कट-ऑफ SC/ST/OBC कैटेगरी के लिए परसेंटाइल घटाकर जीरो कर दिया गया। 13 जनवरी को नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन्स इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) ने कटऑफ घटाने के लिए नोटिफिकेशन जारी किया। इसके मुताबिक, रिजर्व कैटेगरी के लिए परसेंटाइल जीरो कर दिया गया, जो पहले 40 था। परसेंटाइल निकालने के फॉर्मूले के तहत एग्जाम में -40 मार्क्स पाने वाला कैंडिडेट भी अब काउंसलिंग में शामिल हो पाएगा। सरकार का तर्क है कि इससे सीटें खाली नहीं रहेंगी। वहीं डॉक्टर्स आरोप लगा रहे हैं कि ये प्राइवेट कॉलेज की सीटें भरने के लिए किया गया है। इस फैसले के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में संचित सेठ ने एक जनहित याचिका दाखिल की थी। 21 जनवरी को हाई कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि ये एग्जाम डॉक्टरों की क्वालिटी चेक करने का नहीं है, बल्कि उन्हें PG कोर्स में दाखिला दिलाने का है। हालांकि अब भी एक याचिका सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई है, जिस पर सुनवाई होनी है। NEET PG से जुड़े इस विवाद को समझने के लिए हमने कुछ डॉक्टर्स से बात की। साथ ही मेडिकल फील्ड से जुड़ी ऑर्गनाइजेशन का भी पक्ष जाना। डॉक्टर्स क्या कह रहे…ये सब प्राइवेट कॉलेजों की सीट भरने के तरीकेजयपुर के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में काम कर रहे डॉ योगेश वर्मा ने NEET PG 2025 का एग्जाम दिया था। 3 साल पहले उन्होंने चेन्नई के एक सरकारी कॉलेज से MBBS पूरा किया। जीरो परसेंटाइल पर योगेश कहते हैं, ‘ये सिर्फ और सिर्फ बड़े प्राइवेट कॉलेज को फायदे पहुंचाने के लिए किया जा रहा है। डॉक्टर की काबिलियत से इसका कोई लेना-देना नहीं है।‘ ‘इनका सिर्फ एक ही मकसद है, खूब पैसे कमाकर प्राइवेट कॉलेज की सीट भरी जाए। मुझे लगता है कि एग्जाम कराने वाली बॉडी प्राइवेट कॉलेज के इशारों पर ऐसा करती है। ये स्टूडेंट के फायदे के लिए तो नहीं है। ये सिर्फ सीट भरने के लिए हर साल ऐसा कर रहे हैं।’ परसेंटाइल पर विवाद को लेकर योगेश कहते हैं, ’ये -40 या जीरो परसेंटाइल का विवाद नहीं है। जब आपने क्वालिफाइंग मार्क्स इतना घटा दिया है तो जीरो या उससे नीचे सब बराबर है। इसे ऐसे बनाया गया है ताकि सिर्फ इसी (-40 मार्क्स) पर बात हो।’ NEET PG 2025 में ‘आंसर की’ भी सही तरीके से नहीं दी गई थी। पिछले साल सितंबर में जब ‘आंसर की’ आई तो क्वेश्चन पेपर नहीं दिए गए, जिससे पता चल सके कि किस सवाल का जवाब गलत हुआ। वे आरोप लगाते हैं कि जितनी भी मेडिकल बॉडी हैं, वे प्राइवेट कॉलेज, बड़े कॉर्पोरेट हॉस्पिटल के लिए काम कर रही हैं। स्टूडेंट्स के लिए कोई काम नहीं कर रही हैं। कम नंबर पर भी पैसे देकर सीट मिले तो क्या दिक्कतदिल्ली के दीनदयाल उपाध्याय हॉस्पिटल में सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर नीतेश सेहरावत के भी ऐसे ही आरोप हैं। वे कहते हैं, ‘इससे सिर्फ उन्हीं स्टूडेंट्स का फायदा होगा, जो प्राइवेट कॉलेज में ज्यादा फीस देकर पढ़ सकते हैं। जिसके मार्क्स कम हैं और उसके पास पैसे हैं, वो भला प्राइवेट कॉलेज में क्यों नहीं जाना चाहेगा।‘ ‘सच्चाई यही है कि जिसके 200-300 मार्क्स होंगे, तब भी वो अच्छी सीट नहीं ले सकता। आप अगर बराबरी लाने की बात करते हैं तो प्राइवेट कॉलेज की फीस भी नॉर्मल करिए, तभी कोई बात बनेगी। अभी तो सबका मकसद यही है कि प्राइवेट कॉलेज की सीट खाली ना जाए।‘ नीतेश ने भी पिछले साल NEET PG 2025 का एग्जाम दिया था। वे कहते हैं कि कुछ तो क्वालिफिकेशन रखनी ही पड़ेगी ताकि एग्जाम का स्टैंडर्ड बना रहे। ये सही बात है कि NEET सिर्फ एडमिशन के लिए है। लोग पढ़ाई करके और एग्जाम देकर ही पोस्ट ग्रेजुएट होंगे। ऐसे में फिर आप फीस ही नॉर्मलाइज कर दें।’ NEET PG का एग्जाम कुल 800 मार्क्स का होता है। तीन घंटे के पेपर में 180 सवाल पूछे जाते हैं। कट-ऑफ रिवाइज होने से पहले NEET PG 2025 में जनरल/EWS कैटेगरी के लिए क्वालिफाइंग 50 पर्सेंटाइल था, जो 276 मार्क्स के बराबर था। वहीं SC/ST/OBC के लिए 40 पर्सेंटाइल था, जो 235 मार्क्स के बराबर था। जब सीटें बढ़ाई गईं, तो खाली रहने लगींदेश के सरकारी और प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में पोस्ट ग्रेजुएट सीट की संख्या 80,291 है। 2014 में ये संख्या 31,185 थी। क्लीनिकल सीटें जैसे रेडियोलॉजी, सर्जरी, डर्मेटोलॉजी, जनरल मेडिसिन जैसे सब्जेक्ट की सीटें जल्दी भर जाती हैं। जबकि सरकारी कॉलेजों में नॉन-क्लीनिकल (जिसमें मरीजों को ऑपरेट नहीं करते) सब्जेक्ट्स जैसे एनॉटामी, फिजियोलॉजी, बायोकेमिस्ट्री की सीटें लगातार खाली रहने लगीं। प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों की महंगी फीस के कारण ज्यादातर स्टूडेंट वहां नहीं जा पाते हैं। इसलिए पिछले कुछ सालों से पर्सेंटाइल घटाया जाने लगा है। दरअसल NEET PG एंट्रेंस पास करने के लिए परसेंटाइल का इस्तेमाल किया जा रहा है। यानी अगर किसी का परसेंटाइल 50 आया है तो इसका मतलब होता है, एग्जाम में बैठने वाले 50% स्टूडेंट्स से उसने बेहतर परफॉर्म किया है। ये कैंडिडेट की रैंक और एग्जाम में शामिल कुल कैंडिडेट की संख्या पर निर्भर करता है। 2025 में जीरो या उससे कम मार्क्स लाने वाले कैंडिडेट की संख्या 126 है। इनमें से 14 कैंडिडेट के जीरो आए हैं। वहीं -40 मार्क्स लाने वाला सिर्फ एक कैंडिडेट है। इसलिए जीरो पर्सेंटाइल के हिसाब से सबसे कम स्कोर वाले को भी कट-ऑफ में रखा गया है। NBEMS ने जो नोटिफिकेशन जारी किया, उसके मुताबिक जीरो पर्सेंटाइल के तहत -40 मार्क्स तक के स्टूडेंट काउंसलिंग के काबिल हैं। ये पहली बार नहीं है, जब NEET PG में कट-ऑफ पर्सेंटाइल जीरो किया गया है। इससे पहले 2023 में सभी कैटेगरी के स्टूडेंट्स के लिए कट-ऑफ पर्सेंटाइल जीरो किया गया था। हालांकि तब मेडिकल बॉडी ने जीरो पर्सेंटाइल के साथ मार्क्स नहीं बताया था। तब इस तरह का विरोध भी नहीं देखा गया था। NEET PG एग्जाम से डिग्री नहीं मिलती, ये एडमिशन के लिएइस पूरे विवाद पर हमने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) से बात की, जो सरकार के फैसले को सपोर्ट कर रही है।12 जनवरी को IMA ने कट-ऑफ घटाने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को चिट्ठी लिखी थी। जिसमें कहा कि मौजूदा कट-ऑफ से काबिल उम्मीदवार काउंसलिंग के प्रोसेस से बाहर हो जा रहे हैं। IMA के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ अनिल कुमार नायक बताते हैं कि संगठन को शिकायत मिल रही थी कि बहुत सारी सीटें खाली हैं और कट-ऑफ 50 पर्सेंटाइल से कम होने से ये सीटें भरी जा सकती हैं। वे कहते हैं, ‘NEET PG देने के बाद किसी को डिग्री नहीं मिल जाती है। इसमें 50% मार्क्स के साथ MBBS पास करने वाले स्टूडेंट बैठते हैं।‘ ‘SC या OBC स्टूडेंट भी इतने या इससे ज्यादा मार्क्स से पास हुए हैं। इसलिए उनकी योग्यता पर सवाल नहीं है। ये डॉक्टर अब भी प्रैक्टिस कर सकते हैं, लेकिन वे पोस्ट ग्रेजुएशन के लिए जा रहे हैं। PG में एडमिशन मिलने के बाद इन्हें भी तीन साल बाद 50% मार्क्स से पास होने के बाद ही डिग्री मिलेगी।‘ डॉ अनिल के मुताबिक, पर्सेंटाइल घटाने की प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार हो रही है। दो राउंड की काउंसलिंग हो चुकी है। उसके बाद 18,000 सीटें खाली हैं। इनमें आधी से ज्यादा सीट सरकारी मेडिकल कॉलेजों की हैं। वहां नॉन-क्लीनिकल सब्जेक्ट्स जैसे एनॉटामी, फिजियोलॉजी, बायोकेमिस्ट्री, फोरेंसिक मेडिसिन की सीटें खाली हैं। ऐसे में ये कहना कि सिर्फ प्राइवेट कॉलेज को फायदा पहुंचाने के लिए हुआ है, वो गलत है। वे आगे कहते हैं, ‘जो लोग SC/ST/OBC स्टूडेंट्स को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं, उनसे मैं कहना चाहता हूं कि ये (पर्सेंटाइल घटाना) सबके लिए किया गया है। जो लोग राजनीति करना चाह रहे हैं, वही इस तरह की बातें कर रहे हैं। जनरल कैटेगरी के लिए 7 पर्सेंटाइल किया गया है। नियमों के मुताबिक, रिजर्व कैटेगरी के लिए इससे 10 पर्सेंटाइल कम होना चाहिए। इसलिए ये जीरो किया गया है। ये सभी काबिल डॉक्टर हैं। नेगेटिव प्रचार नहीं करना चाहिए।’ डॉ अनिल कहते हैं कि जो लोग SC/ST या OBC को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं, उन्हें पता होना चाहिए कि MBBS के एडमिशन में इन कैटेगरी से आने वाले स्टूडेंट्स का मार्क्स और जनरल कैटेगरी के स्टूडेंट्स के मार्क्स में ज्यादा अंतर नहीं होता है। ये सिर्फ रिजर्व कैटेगरी से आने वाले स्टूडेंट्स को बदनाम करने की मानसिकता है। ये प्राइवेट कॉलेजों में एडमिशन दिलाने का नेक्ससहालांकि फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (FAIMA) सरकार के इस फैसले का विरोध कर रहा है। उसका कहना है कि निगेटिव मार्क्स के साथ PG मेडिकल ट्रेनिंग की परमिशन देना किसी भी एकेडेमिक स्टैंडर्ड के हिसाब से सही नहीं है। FAIMA के चीफ एडवाइजर डॉ बिभू आनंद सवाल उठाते हैं कि सरकार का ये कदम प्राइवेट मेडिकल कॉलेज की सीटें भरने के लिए किया गया है। ये कदम हेल्थ सेक्टर को नुकसान पहुंचा सकता है। डॉ बिभू कहते हैं, ‘प्राइवेट मेडिकल कॉलेज में एडमिशन दिलवाने का ये एक नेक्सस चल रहा है। इसलिए पर्सेंटाइल इस तरह से कम किया जा रहा है। अगर किसी ने MBBS क्वालिफाई किया है तो फिर NEET PG में जीरो या नेगेटिव मार्क्स कैसे आ सकते हैं। कम से कम उन्हें बेसिक नॉलेज तो होगी। मेरिट वाले कैंडिडेट सरकारी कॉलेजों में ही जाएंगे। जीरो पर्सेंटाइल होने से प्राइवेट कॉलेज में पैसे देकर जाने का रास्ता साफ हो जाता है।‘ डॉ बिभू आगे कहते हैं, ‘ऐसा नहीं है कि ये किसी खास कैटेगरी के लिए गलत है, बल्कि सभी के लिए गलत है। सरकार को खुद ये सोचना चाहिए कि किसी ऐसे डॉक्टर से कौन इलाज करवाएगा, जिसने एक सवाल का जवाब नहीं दिया हो।‘ वे कहते हैं, ‘सरकार को ऐसा नियम बनाना चाहिए कि लोग नॉन-क्लीनिकल ब्रांच में भी रुचि लें। ज्यादातर सीटें वहीं खाली रह रही हैं और सीटें खाली रहने के कारण हम ये नहीं कर सकते हैं कि मरीज की सेहत से समझौता हो। हमें ऐसा माहौल बनाना चाहिए कि सारे कोर्स में लोग एडमिशन लें।‘ ‘मेडिकल स्टैंडर्ड से समझौता नहीं कर सकते‘2022 में भी ये मामला कोर्ट में गया था। तब दिल्ली हाई कोर्ट में कट-ऑफ और कम करने की मांग की याचिका पर केंद्र सरकार ने कहा था कि न्यूनतम क्वालिफाइंग परसेंटाइल जरूरी है, जिससे मेडिकल एजुकेशन और प्रोफेशनल कोर्स का स्तर बना रहे। सरकार की दलील मानते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी थी। कोर्ट ने कहा था कि मेडिकल फील्ड में पढ़ाई की क्वालिटी बहुत जरूरी है, क्योंकि ये लोगों की जान से जुड़ा मामला है। हालांकि, जब 2023 में केंद्र सरकार ने सभी कैटेगरी के लिए कट-ऑफ को जीरो पर्सेंटाइल किया था तब मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था। तब सुप्रीम कोर्ट ने दखल देने से इनकार कर दिया था और कहा था कि ये सरकार का नीतिगत फैसला है और वो इसमें दखल नहीं दे सकता है। सरकार ने कहा- इसे सीटों की बर्बादी रुकेगीनेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) के एक सीनियर अधिकारी ने दैनिक भास्कर को बताया कि विवाद के बाद NEET PG 2026 के लिए एक्सपर्ट की एक कमेटी बनाई जाएगी। वो एग्जाम की मौजूदा प्रॉसेस, मार्किंग सिस्टम और काउंसलिंग प्रोसेस की जांच करेगी। NMC का पक्ष रखते हुए वे कहते हैं, ‘PG में एडमिशन सिर्फ एक ट्रांसपेरेंट तरीके से सीट अलॉट करने का तरीका है। स्टूडेंट्स की असली काबिलियत PG कोर्स के दौरान होने वाली 3 सालों की ट्रेनिंग और उसके बाद फाइनल एग्जाम से जांची जाती है। इसमें स्टूडेंट्स को कोई छूट नहीं दी जाती है। कट-ऑफ कम करने से ज्यादा डॉक्टर इन खाली सीटों में एडमिशन ले सकेंगे और इससे सीटों की बर्बादी रुकेगी।‘ हालांकि अधिकारी कहते हैं कि जो कमेटी बनाई जाएगी, वो पिछले 5 सालों के रिजल्ट देखेगी और पता करेगी कि किन सब्जेक्ट और कॉलेज में सीट खाली रह रही हैं। उन सब्जेक्ट्स में एडमिशन लेने के लिए स्टूडेंट्स को बढ़ावा दिया जाएगा।...................ये खबर भी पढ़ें... ‘जो चल नहीं सकता, वो दंगों का मास्टरमाइंड कैसे’ दिल्ली में रहने वाले 36 साल के मोहम्मद इमरान का घर तुर्कमान गेट के पास है। यहीं उनकी कचौरी की दुकान भी है। 8 जनवरी की सुबह वो रोज की तरह दुकान गए, लेकिन शाम को घर नहीं लौटे। परिवार ने परेशान होकर जब ढूंढना शुरू किया तो करीब 2 घंटे बाद आसपास वालों ने बताया कि पुलिस उठा ले गई। थाने पहुंचने पर पता चला कि दंगे का केस लगा है। पढ़िए पूरी खबर...

दैनिक भास्कर 24 Jan 2026 5:14 am

DNA: ट्रंप के यूएन से भारत की दूरी का विश्लेषण, खबर ये भी बड़ी है

Gaza peace board: गाजा के लिए जो पीस बोर्ड बना है उसमें अमेरिका समेत 20 देशों ने शामिल होने पर सहमति दी है. गौर से देखने पर पता चलेगा कि 20 में से 10 इस्लामिक देश हैं. इस वजह से सवाल उठता है कि गाजा पीस बोर्ड बनाने चले ट्रंप कहीं जाने-अनजाने आसिम मुनीर का प्रोजेक्ट यानी इस्लामिक नाटो तो नहीं बना रहे हैं.

ज़ी न्यूज़ 24 Jan 2026 12:08 am

हिटलर के बाद सबसे ताकतवर सेना बना रहा जर्मनी, यूरोप में अंदरखाने क्या पक रहा है?

Germany:जर्मनी के मिलिट्री प्लान का विश्लेषण आपको बताएगा कि आज के जर्मनी को हिटलर जैसी फौज क्यों याद आ रही है. आपको ये भी पता चलेगा कि जिस अमेरिका ने हिटलर का अंत किया था वही अमेरिका इस हिटलर जैसी सेना के प्लान की वजह क्यों बना है.

ज़ी न्यूज़ 23 Jan 2026 11:50 pm

DNA: शुरु हुई जंग की तैयारी... इस बार ट्रंप नहीं खलीफा ने दी अमेरिका को चुनौती, कभी भी शुरु हो सकता है ईरान-US का युद्ध?

America-Iran Conflict: अमेरिका और ईरान के बीच किसी भी समय जंग होने की संभावना है. इसको लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप नहीं बल्कि खलीफा ने किया है.

ज़ी न्यूज़ 23 Jan 2026 11:12 pm

2027 तक ताइवान पर चीन का कब्जा? जीटीआई डायरेक्टर का चौंकाने वाला दावा

China Taiwan row: दावा किया जा रहा है कि चीन की सेना 2027 तक ताइवान पर कब्जा करने की क्षमता हासिल कर लेगी. ताइवान के दैनिक अखबार ताइपे टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, GTI की सीनियर नॉन-रेसिडेंट फेलो, कोवालेवस्की ने कहा कि 2026 चीन की पीएलए के लिए इस क्षमता तक पहुंचने का ये आखिरी साल है.

ज़ी न्यूज़ 23 Jan 2026 11:06 pm