मंगल के नक्षत्र में राहु, इन 3 राशियों को साल के अंत तक होगा धन लाभ
Rahu Gochar 2026: 2 अगस्त 2026 को राहु धनिष्ठा नक्षत्र में प्रवेश किया था. यह नक्षत्र धन, सफलता, पद और प्रतिष्ठा से जुड़ा माना जाता है. राहु का यह नक्षत्र परिवर्तन कुछ राशियों के लिए नए अवसर, आर्थिक लाभ और करियर में आगे बढ़ने के संकेत लेकर आ सकता है.
'अगले जन्म में फिर मिले आपका साथ...', रजनी की कांवड़ देख भावुक हुए लोग
सहारनपुर में कांवड़ यात्रा के दौरान एक ऐसी तस्वीर सामने आई, जिसने लोगों को भावुक कर दिया. हरियाणा के यमुनानगर की रहने वाली रजनी इस बार अपने दिवंगत पति की तस्वीर कांवड़ पर लगाकर हरिद्वार से 15 लीटर गंगाजल लेकर निकली हैं.
टॉक्सिक में ट्रिपल रोल में नजर आएंगे यश? ट्रेलर से बढ़ा सस्पेंस
टॉक्सिक के ट्रेलर में यश के कई अवतार देखने मिले हैं. ये तो हम पहले ही जान चुके थे कि फिल्म में उनका डबल रोल होने वाला है. मगर अब ट्रेलर से ये एहसास होने लगा है कि शायद डबल नहीं, ट्रिपल रोल में यश दिख सकते हैं.
सब्जी लेने निकले थे पुलिसकर्मी... मुजफ्फरपुर में कुचलकर भागी स्कॉर्पियो
Muzaffarpur Scorpio Accident: मुजफ्फरपुर में अनियंत्रित स्कॉर्पियो की टक्कर से BMP जवान भार्गव भूषण की मौत, SI समेत 2 गंभीर. जानिए पूरी घटना...
रांची छात्र आंदोलन: दूसरे दौर की वार्ता भी रही बेनतीजा, अब कल दोपहर 12 बजे फिर मीटिंग
रांची में छात्रों के आंदोलन को लेकर सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच बातचीत का सिलसिला जारी रहेगा. मंत्री संजय यादव ने बताया कि कल दोपहर 12 बजे छात्रों के साथ बातचीत का एक और दौर होगा.
Ranchi में छात्रों के समर्थन में पहुंचे Piyush Mishra
रांची में भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ जारी छात्र आंदोलन को अभिनेता पीयूष मिश्रा का समर्थन मिला. धरना स्थल पर पहुंचे पीयूष मिश्रा ने कहा कि छात्रों के इंटरव्यू देखकर उनकी आंखों में दर्द और आंसू देखे, इसलिए वह उनके समर्थन में आए हैं. उन्होंने छात्रों की मदद का भरोसा दिया और अपना चर्चित गीत ‘आरंभ है प्रचंड’ भी सुनाया. सरकार से बातचीत के बावजूद आंदोलन जारी है.
100 mph की रफ्तार से आ रहा चक्रवात… चीन ने बंद किए बंदरगाह
टाइफून 'डॉल्फिन' के खतरे को देखते हुए चीन ने कई बंदरगाह बंद कर दिए हैं. समुद्री यात्री सेवाएं भी रोक दी गई हैं. मौसम विभाग ने भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी दी है.
'टॉक्सिक' के ट्रेलर से गायब हुए इंटीमेट सीन्स, क्यों बैकफुट पर आए मेकर्स?
'टॉक्सिक: अ फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स' का ट्रेलर 8 अगस्त को रिलीज़ हुआ. इस फिल्म में कियारा आडवाणी, तारा सुतारिया, नयनतारा और रुक्मिणी वसंत भी अहम किरदारों में नजर आएंगी.
भूल जाएंगे कचौड़ी, लंच में बनाएं चना दाल मसाला पूड़ी
Chana Dal Poori: अगर आप भी रोज-रोज एक जैसा खाना खाकर बोर हो जाते हैं तो आज हम आपको चना दाल की क्रिस्पी पूड़ी की रेसिपी बता रहे हैं. खास बात है कि इसे आप ब्रेकफास्ट, लंच और डिनर तीनों में खा सकते हैं.
दिल्ली टेस्ट का वो 'स्मॉग ड्रामा'... ऑक्सीजन सिलेंडर तक मंगवाने पड़े
भारत और श्रीलंका के बीच 2107 में दिल्ली के फिरोजशाह कोटला में खेला गया टेस्ट मैच प्रदूषण की वजह से सबसे विवादित रहा. जानिए कैसे ऑक्सीजन संकट के बीच मुकाबला ड्रॉ पर खत्म हुआ मुकाबला.
₹2.70 लाख की कांवड़ लेकर चले शिवभक्त, सुरक्षा में साथ-साथ चल रहे जवान
सहारनपुर में सावन के दौरान हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रही एक अनोखी कांवड़ लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है. इस कांवड़ पर 500 से लेकर 10 रुपये तक के नोट लगाए गए हैं, जिनकी कुल कीमत करीब 2.70 लाख रुपये हैं. दूसरी कांवड़ 50 हजार रुपये से सजाई गई है. सुरक्षा के लिए यूपी पुलिसकर्मी लगातार साथ चल रहे हैं.
बेंगलुरु में अवैध बांग्लादेशियों पर शिकंजा, 15 को पुलिस ने दबोचा
बेंगलुरु के इलेक्ट्रॉनिक सिटी इलाके में पुलिस की बड़ी कार्रवाई में 15 बांग्लादेशी नागरिक मिले. इसके लिए 1,909 लोगों के दस्तावेजों की जांच की गई
Messi और Ronaldo की सुरक्षा को लेकर हुआ बड़ा खुलासा!
फीफा विश्व कप 2026 के दौरान लियोनेल मेसी समेत कई बड़े खिलाड़ियों और अधिकारियों को गंभीर धमकियां मिलने की रिपोर्ट सामने आई है. मेसी को लेकर अलग-अलग मुकाबलों से पहले बम हमले की धमकियां मिलीं. क्रिस्टियानो रोनाल्डो से जुड़ी संदिग्ध गतिविधि भी सामने आई. वहीं फ्रांसीसी रेफरी फ्रांस्वा लेटेक्सियर को हजारों धमकी भरे संदेश मिले. सुरक्षा एजेंसियों ने संभावित खतरों और संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी.
डेटा, रील, नौकरी... देखें प्रयागराज में छात्रों से क्या-क्या बोले राहुल गांधी
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने शनिवार शाम को प्रयागराज में 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम को संबोधित किया. उन्होंने कहा, भारत के युवा देश की सबसे बड़ी ताकत है, लेकिन सिस्टम ने युवाओं को चक्रव्यूह में फंसा रखा है. लाखों करोड़ रुपए देकर एजुकेशनल सर्टिफिकेट मिलते हैं, लेकिन ये रोजगार की गारंटी नहीं देता. राहुल ने कहा, हजार में सिर्फ 12 युवाओं को ही परमानेंट नौकरी मिलती है. देखें वीडियो.
प्रसाद खाते ही 100 से ज्यादा लोग बीमार, उल्टी-दस्त से गांव में अफरा-तफरी
बिहार के सहरसा में पूजा का प्रसाद खाने के बाद 100 से ज्यादा लोगों की तबीयत बिगड़ गई. सिमरी बख्तियारपुर के सरडीहा गांव के मध्य टोला में महिला, पुरुष और बच्चों को उल्टी-दस्त की शिकायत हुई. बड़ी संख्या में लोगों के बीमार पड़ने से गांव में अफरा-तफरी मच गई. सूचना के बाद मेडिकल टीम मौके पर पहुंची और घर-घर जाकर इलाज शुरू किया.
शिवरात्रि के कुछ घंटे बाद सूर्य ग्रहण! जानें जल चढ़ाने का शुभ मुहूर्त
सावन शिवरात्रि का पर्व सावन कृष्ण चतुर्दशी को मनाया जाता है. हिंदू पंचांग के अनुसार, इस बार चतुर्दशी तिथि 11 अगस्त को सुबह 04:54 बजे से लेकर 12 अगस्त को देर रात 1:52 बजे तक रहेगी. ऐसे में 11 अगस्त को ही शिवरात्रि का महापर्व मनाना ज्यादा उचित लग रहा है. वहीं, सूर्य ग्रहण 12 अगस्त को रात 9:04 बजे से लेकर देर रात 1:27 बजे तक लगने वाला है.
हवेली की तुड़ाई में मिला खजाना तो बदली किस्मत, 'अमीर' बनने से खुला राज
Jaipur Haveli Treasure Mystery: जयपुर के माणक चौक में पुरानी हवेली की तुड़ाई में मिले खजाने के मामले में 5 गिरफ्तार. पुलिस ने 66.400 किलो चांदी बरामद की. जानिए कैसे खुली पोल...
ईरान ने दिए US को हुए नुकसान के सबूत! फाइटर जेट के मलबे की तस्वीरें की जारी
ईरानी सरकारी मीडिया ने अमेरिका-ईरान युद्ध में नष्ट हुए विमानों के मलबे की तस्वीरें जारी की हैं. इनमें अमेरिकी F-15E स्ट्राइक ईगल का मलबा, उसका ऊपरी कवर और ACES-II इजेक्शन सीट दिखाई दे रही है. इस विमान की पहचान 00-3000 के रूप में की गई है, जिसे अप्रैल की शुरुआत में ईरान के ऊपर मार गिराया गया था.
अगर मोजतबा खामेनेई की मौत हो गई तो क्या होगा, ईरान का अगला सुप्रीम लीडर कौन बनेगा?
उत्तराधिकारी की दौड़ में कई सीनियर धार्मिक और राजनीतिक नाम चर्चा में हैं। इनमें अयातुल्ला अलीरेजा अराफी प्रमुख दावेदार माने जाते हैं। वह धर्मगुरु हैं, धार्मिक शिक्षण संस्थानों से जुड़े हैं और पहले अंतरिम नेतृत्व परिषद का हिस्सा रहे हैं।
Canada Deportation Record: सिर्फ 6 महीने में कनाडा से 3 हजार से ज्यादा भारतीय डिपोर्ट, क्या है वजह?
कनाडा ने 2026 के शुरुआती छह महीनों में ही 3,323 भारतीय नागरिकों को डिपोर्ट कर दिया है। ओटावा के इमिग्रेशन नियमों को सख्त करने और भारतीय छात्रों के बीच कनाडा का आकर्षण लगातार कम होने के बावजूद, यह संख्या पिछले साल के रिकॉर्ड के करीब पहुँच रही है। जनवरी से जून के बीच, कनाडा ने उतने ही भारतीयों को वापस भेजा, जो 2025 में डिपोर्ट किए गए कुल भारतीयों (3,779) का लगभग 88 प्रतिशत है। अगर यही रफ्तार जारी रही, तो 2026 कम से कम छह सालों में कनाडा से भारतीयों के डिपोर्टेशन का सबसे बड़ा साल बन सकता है। समय के साथ इस बढ़ोतरी को देखने पर यह और भी चौंकाने वाला लगता है। कनाडा ने 2021 में 603, 2022 में 786, 2023 में 1,132 और 2024 में 2,004 भारतीयों को डिपोर्ट किया। दूसरे शब्दों में, 2021 से 2024 के बीच किसी भी पूरे साल की तुलना में 2026 की पहली छमाही में ज़्यादा भारतीयों को वापस भेजा गया। इसे भी पढ़ें: Pakistan, सऊदी और तुर्किये के रक्षा समझौते से पश्चिम एशिया में काफी कम हो जाएगी US की रणनीतिक भूमिका इस साल कनाडा से डिपोर्ट किए जाने वाले लोगों में भारत, मेक्सिको से भी आगे निकल गया है और सबसे ज़्यादा डिपोर्टेशन वाला देश बन गया है। जहाँ पहले छह महीनों में 3,323 भारतीयों को वापस भेजा गया, वहीं इसी दौरान 1,573 मैक्सिकन नागरिकों को डिपोर्ट किया गया। पिछले पाँच सालों में हर बार कनाडा से डिपोर्ट किए जाने वालों की लिस्ट में मेक्सिको सबसे ऊपर रहा है और भारत लगातार दूसरे नंबर पर रहा है। भारत आखिरी बार 2020 में पहले नंबर पर था, जब 1,424 भारतीय नागरिकों को डिपोर्ट किया गया था। इसे भी पढ़ें: कागज के टुकड़े जान नहीं बचाते...पाकिस्तान-तुर्की डील के बाद सऊदी पर दमकर दहाड़ा भारत का दोस्त भारतीयों को डिपोर्ट क्यों किया जा रहा है? भारतीय नागरिकों को कई तरह के इमिग्रेशन नियमों के उल्लंघन के कारण कनाडा से निकाला जा सकता है, जैसे कि वीज़ा की मियाद खत्म होने के बाद भी वहीं रुकना, शरण या रिफ्यूजी के तौर पर किए गए दावों का खारिज होना, इमिग्रेशन नियमों का पालन न करना और वीज़ा धोखाधड़ी से जुड़े मामले। कनाडा बॉर्डर सर्विसेज़ एजेंसी लोगों को देश से बाहर भेजने के कारणों का अलग डेटा तो रखती है, लेकिन इन कारणों का राष्ट्रीयता के आधार पर ब्योरा नहीं देती। यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है जब कनाडा अपने इमिग्रेशन सिस्टम में बड़े बदलाव कर रहा है। इस सिस्टम ने सालों तक बड़ी संख्या में विदेशी छात्रों और अस्थायी कर्मचारियों को आकर्षित किया था, जिनमें भारत से आए लाखों लोग भी शामिल थे। ओटावा अस्थायी निवासियों की संख्या कम करने, स्टडी परमिट के नियमों को सख्त करने और आवेदनों की ज़्यादा बारीकी से जांच करने की दिशा में कदम उठा रहा है, ताकि इमिग्रेशन के स्तर को काबू में लाया जा सके। इसे भी पढ़ें: Border Security को लेकर Amit Shah ने ले लिया बहुत बड़ा फैसला, China, Pakistan, Bangladesh सीमा पर नियम सख्त, सुरक्षा कड़ी, पाबंदियां भी बढ़ीं हज़ारों और भारतीयों को देश से निकाले जाने का इंतज़ार है सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, कनाडा में निकाले जाने की प्रक्रिया वाली लिस्ट में भारतीयों की संख्या सबसे ज़्यादा है; 7,669 लोग निकाले जाने का इंतज़ार कर रहे हैं। इससे पता चलता है कि डिपोर्टेशन (देश से निकाले जाने) की संख्या अभी शायद अपने चरम पर नहीं पहुँची है। कनाडा मुख्य रूप से तीन तरह के 'रिमूवल ऑर्डर' (देश से निकालने के आदेश) का इस्तेमाल करता है। डिपार्चर ऑर्डर के तहत व्यक्ति को 30 दिनों के भीतर अपनी मर्ज़ी से देश छोड़ने के लिए कहा जाता है; ऐसा न करने पर यह 'डिपोर्टेशन ऑर्डर' में बदल सकता है। 'एक्सक्लूज़न ऑर्डर' किसी व्यक्ति को एक तय समय के लिए (आमतौर पर एक से पाँच साल के बीच) वापस आने से रोकता है। 'डिपोर्टेशन ऑर्डर' के तहत दोबारा आने पर हमेशा के लिए रोक लग जाती है, जब तक कि कनाडाई सरकार से लिखित मंज़ूरी न मिल जाए। अमेरिका के मुक़ाबले कनाडा के आँकड़े भी अलग और अहम हैं। भारत के विदेश मंत्रालय ने पिछले महीने बताया था कि 1 जनवरी से 22 जुलाई के बीच अमेरिका से 1,273 भारतीय नागरिकों को डिपोर्ट किया गया था। इसके उलट, कनाडा ने साल के शुरुआती छह महीनों में ही अमेरिका के आँकड़े से ढाई गुना ज़्यादा लोगों को डिपोर्ट किया।
टॉक्सिक के ट्रेलर में दिखा यश का बोल्ड 'न्यूड' लुक, लोगों के उड़े होश
'टॉक्सिक: अ फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स' का ट्रेलर 8 अगस्त को रिलीज हो गया. जिसमें एक्टर यश एक हिंसक कहानी के केंद्र में हैं. ट्रेलर में कियारा आडवाणी, तारा सुतारिया, नयनतारा और रुक्मिणी वसंत भी अहम किरदारों में नजर आ रही हैं.
Atiq का बेटा कड़ी सुरक्षा के बीच हुआ सुपुर्द-ए-खाक
सड़क हादसे में जान गंवाने वाले अबान अहमद के जनाजे में शामिल होने के लिए अतीक अहमद के दोनों बेटे अली और उमर प्रयागराज पहुंच गए हैं. पैरोल मिलने के बाद उमर को पुलिस सुरक्षा में कसारी मसारी कब्रिस्तान ले जाया गया. अबान की मौत झांसी-कानपुर हाईवे पर तेज रफ्तार कार के डिवाइडर से टकराने के बाद हुई थी. परिवार और परिचित अंतिम विदाई के लिए जुटे हैं.
5 किलो दूध को पकाकर बनाएं 1 किलो खुरचन मिठाई, जानें बनाने का तरीका
उत्तर प्रदेश के खुर्जा में भी करीब 115 साल पुरानी परंपरा से खुरचन बनाई जा रही है. आज भी कई पुराने परिवार उसी पारंपरिक तरीके से इसे तैयार करते हैं, जिससे इसका असली स्वाद बरकरार रहता है.इस मिठाई को आप भी सिर्फ 4 चीजों से अपने घर पर आसानी से बना सकते हैं, आइए आपको इसे बनाने का आसान तरीका बताते हैं.
UAE की Iran को कड़ी चेतावनी, ADNOC टैंकर पर Missile Attack को बताया UN Resolution का उल्लंघन
संयुक्त अरब अमीरात ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुज़रते समय ADNOC टैंकर पर ईरान की आक्रामकता की कड़ी निंदा की है। AE के विदेश मंत्रालय के एक बयान के अनुसार, यह हमला UN सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 का खुला उल्लंघन था; यह प्रस्ताव समुद्री आवाजाही की आज़ादी का समर्थन करता है और अंतरराष्ट्रीय समुद्री क्षेत्रों में कमर्शियल जहाज़ों को निशाना बनाने का विरोध करता है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि कमर्शियल शिपिंग को निशाना बनाना और होर्मुज जलडमरूमध्य का इस्तेमाल दबाव बनाने या आर्थिक ब्लैकमेल के लिए करना, ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड द्वारा समुद्री डकैती (piracy) जैसा काम है। इससे इलाके और वहां के लोगों की स्थिरता के साथ-साथ ग्लोबल एनर्जी सिक्योरिटी के लिए भी सीधा खतरा पैदा होता है। इसे भी पढ़ें: मध्यस्थ ही संदिग्ध...अमेरिका-ईरान डील में पाकिस्तान OUT, ट्रंप को सऊदी पर भरोसा सरकारी समाचार एजेंसी WAM की रिपोर्ट के अनुसार, यह राजनयिक निंदा शनिवार तड़के हुई एक घटना के बाद आई है, जिसमें अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी (ADNOC) के एक जहाज को एक अहम शिपिंग रूट से गुजरते समय मिसाइल से निशाना बनाया गया था। हमले की पुष्टि करते हुए ADNOC ने कहा कि स्थिति को जल्द ही काबू में कर लिया गया और क्रू मेंबर्स में से किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। अबू धाबी की सरकारी कंपनी दुनिया के प्रमुख एनर्जी उत्पादकों में से एक है, जो ग्लोबल मार्केट में कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस और रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पाद सप्लाई करती है। हालांकि शुरुआती रिपोर्टों में जहाज की पहचान, उसमें लदे सामान या हुए नुकसान के बारे में खास जानकारी नहीं दी गई थी, लेकिन UAE ने साफ तौर पर इस हमले के लिए तेहरान को जिम्मेदार ठहराया। उसने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे ADNOC के टैंकर को मिसाइल से निशाना बनाने वाले ईरान के इस दुश्मन जैसे हमले की निंदा की, जिसमें कोई हताहत नहीं हुआ। तेहरान ने अभी तक इस हमले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है और न ही इसकी ज़िम्मेदारी ली है। हालाँकि, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने पहले ही चेतावनी दी थी कि अगर जहाज़ दुश्मन देशों से जुड़े हों या ईरान के नेविगेशन नियमों का पालन न करें, तो वे इस अहम समुद्री रास्ते पर जहाज़ों के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई कर सकते हैं। इसे भी पढ़ें: Dubai के Jebel Ali Industrial Zone में 7 भीषण धमाके, धुएं के गुबार से सहमा UAE का ट्रेड हब यह तनाव होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर स्थिरता की व्यापक चिंताओं के बीच बढ़ा है। ओमान और ईरान के बीच स्थित यह जलमार्ग दुनिया का मुख्य समुद्री ऊर्जा कॉरिडोर है, जहाँ से रोज़ाना दुनिया भर में होने वाली तेल की खपत का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा गुज़रता है। ईरान के साथ अमेरिका और इज़राइल के टकराव के व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष में बदलने के बाद से इस अहम समुद्री रास्ते से होने वाले व्यापार में बार-बार रुकावटें आई हैं, जिससे समुद्री माल ढुलाई का किराया बढ़ गया है और सुरक्षा का ख़तरा भी बढ़ गया है।
हिंदुओं को धोखा देने वाले इस देश को ले डूबे मुस्लिम, हिल गया यूरोप !
ब्रिटेन पर एक बहुत बड़ा संकट आ गया है। ब्रिटेन को मुस्लिम तृष्टीकरण का ऐसा श्राप लगा है जिसने पूरे यूरोप को हिला दिया है। हैरानी की बात देखिए कि ब्रिटेन ने मुस्लिमों के प्रति उदारता दिखाते हुए हिंदुओं की आस्था पर एक बहुत बड़ा हमला किया था। लेकिन ब्रिटेन को कर्मों का फल मिल गया है। ब्रिटेन पर उसी के लोग टूट पड़े हैं। हमने हाल ही में ब्रिटेन ने 40 साल पुरानी मंदिर की एक जमीन मुस्लिमों को बेच दी। लेकिन इसके बाद ब्रिटेन पर तगड़ी बिजली गिरी है। मंदिर की जमीन मस्जिद को देने वाले ब्रिटेन के एक गांव ने ब्रिटेन से ही आजादी के लिए जनमत संग्रह करने का फैसला कर लिया है। इस गांव के लोगों का कहना है कि मुस्लिम शरणार्थियों की वजह से हम ब्रिटेन से अलग होना चाहते हैं। हमें इस्लामिक बनते जा रहे ब्रिटेन के साथ नहीं रहना। इसे भी पढ़ें: PM Modi के पास Gen Z के लिए वक्त नहीं, पर 'गद्दारों' से मिले: शिंदे गुट के सांसदों से मोदी के मुलाकात पर भड़के उद्धव ठाकरे इसे कर्मों का फल ही कहिए कि जिस ब्रिटेन ने भारत के टुकड़े करके एक हिस्सा मुसलमानों को देकर पाकिस्तान बनवा दिया। उसी पाकिस्तान की वजह से ब्रिटेन का एक हिस्सा पीओके की तरह बगावत करने पर उतर आया है। दरअसल लंदन से 120 कि.मी. दूर पीटर बरो में 40 साल पुराने मंदिर और कम्युनिटी सेंटर की जमीन यूनाइटेड किंगडम इस्लामिक मिशन नाम की एक मुस्लिम संस्था को बेचने का फैसला कर लिया गया। न्यू इंग्लैंड कॉम्प्लेक्स नाम के एक परिसर में पिछले चार दशकों से भारत हिंदू समाज का मंदिर और कम्युनिटी सेंटर सफलतापूर्वक चल रहा था। इस पूरी जमीन और परिसर का मालिकाना हक पीटरबरो शहर की स्थानीय सरकार यानी पीटरबरो सिटी काउंसिल के पास था। आपको बता दें कि पीटर बरो काउंसिल इस समय भारी बजट घाटे से जूझ रहा है। इस घाटे को पूरा करने के लिए काउंसिल ने उस परिसर को नीलाम करने का फैसला कर लिया जिस पर 40 साल से मंदिर चल रहा था। ब्रिटेन के हिंदू भी जमीन की नीलामी में हिस्सा लेने आए थे। लेकिन पीटर बरो काउंसिल ने नीलामी के दौरान बोलियों की जांच और स्कोरिंग के मूल्यांकन में गंभीर लापरवाही और गलतियां की और यह जमीन जानबूझकर मुस्लिम पक्ष को दे दी। इसे भी पढ़ें: Kharge का सीधा वार: BJP-RSS ने आजादी में कुछ नहीं किया, मंदिर लूटने वाले देशभक्त नहीं ब्रिटेन को तुरंत मुस्लिम तुष्टीरण का करंट भी लग गया। दरअसल लंदन के गांव ऑक्सफोर्ड शहर के लोगों ने फैसला किया है कि वह ब्रिटेन से अलग होने के लिए जनमत संग्रह करेंगे। इन लोगों का कहना है कि ब्रिटेन की सरकार ने हमारे इलाके के पास शरणार्थियों की एक बस्ती बसाने का ऐलान किया है। इस बस्ती में 3750 शरणार्थियों को बसाने की प्लानिंग हो रही है। ऑक्सफोर्ड शायर के लोगों ने कहा है कि ब्रिटेन की सरकार ने हमसे पूछा तक नहीं। हमारे गांव के बाहर शरणार्थियों को लाकर बसाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। हमारे अधिकारों का क्या होगा? अगर इन शरणार्थियों ने दंगे किए तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? डेमोग्राफी बदली तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?
VIDEO: रूसी हमलों से दहला यूक्रेन, इमारतें, वाहन, दुकानें सब जलकर खाक
रूस के ताबड़तोड़ हमलों से यूक्रेन की राजधानी कीव में तबाही का मंजर दिखाई दे रहा है. इन हमलों में कई लोगों की मौत हो गई. रूसी सेना ने रात भर इस्कंदर-एम मिसाइलों और गेरान ड्रोन का इस्तेमाल करके यूक्रेन के सैन्य और ईंधन इंफ्रास्ट्रक्चर पर ज़बरदस्त हमला किया. कीव के अलावा मायकोलाइव, खार्किव, सुमी और चेर्निहाइव क्षेत्रों में भी कई ठिकानों को निशाना बनाया गया. देखें वीडियो.
रस्सी से बंधे हाथ, कैदियों की ड्रेस, 'भगत सिंह-सुखदेव-राजगुरु' लाए कांवड़
मुजफ्फरनगर की हृदय स्थली शिव चौक पर शुक्रवार को एक ऐसी कांवड़ पहुंची, जिसे देखकर वहां हर कोई दंग रह गया. इस कावड़ में भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव बनकर तीन शिव भक्तों ने सबका ध्यान अपनी तरफ खींच लिया. क्रांतिकारी बनकर कांवड़ लाने वाले इन भोलों के हाथों में रस्सी बंधी हुई थी. ये कांवड़िये सामान्य केसरी रंग की पोशाक की जगह कैदियों वाली ड्रेस पहनकर कांवड़ लाते दिखाई दिए.
इंटीमेसी नहीं ड्रामा और खून-खराबे से भरपूर है टॉक्सिक का ट्रेलर
केजीएफ वाले यश की नई फिल्म टॉक्सिक का ट्रेलर सामने आ चुका है. इससे जैसी उम्मीद थी, ये फिल्म बिल्कुल वैसी ही निकलकर सामने आ रही है. यश की फिल्म के इस ट्रेलर में इंटीमेसी नहीं, ड्रामा और वॉइलेंस का तड़का है. इसमें एक्टर एक, दो नहीं बल्कि तीन लुक्स में नजर आने वाले हैं.
छाता या रेनकोट नहीं, यहां बारिश में घर से निकलने के लिए 'बूट' है सहारा
Hooghly Waterlogging Ground Report: हुगली के चक बांसबेड़िया में सालभर जमा रहता है पानी. सांपों के खौफ में बच्चे और बुजुर्ग बूट पहनने को मजबूर. जानिए ग्रामीणों की पूरी दास्तान...
Strait of Hormuz खोलने पर अड़ी IRGC, US के सामने रखी कड़ी शर्तें, Oman बातचीत से किया साफ इनकार
ईरान की फार्स न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने का मामला अमेरिका द्वारा ईरान की शर्तें मानने पर निर्भर करता है। साथ ही, उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि इस मुद्दे का तेहरान और मस्कट के बीच चल रही बातचीत से कोई लेना-देना नहीं है। IRGC के प्रवक्ता सरदार हुसैन मोहेब्बी ने कहा कि इस रणनीतिक जलमार्ग को फिर से खोलना अमेरिका द्वारा ईरान की शर्तें मानने पर निर्भर है और इसका ईरान-ओमान बातचीत से कोई संबंध नहीं है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब शुक्रवार (स्थानीय समय) को एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि ईरान और ओमान के बीच बातचीत में प्रगति हुई है। इससे रणनीतिक होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोला जा सकता है और पांच महीने से चल रहे संघर्ष के कारण बाधित तेल निर्यात को बहाल किया जा सकता है। रॉयटर्स ने नाम न बताने की शर्त पर बात करने वाले अमेरिकी अधिकारी के हवाले से बताया कि वाशिंगटन को उम्मीद है कि जलमार्ग से सटे दोनों देशों ईरान और ओमान के बीच जल्द ही कोई समझौता होगा, जिससे सामान्य व्यावसायिक तेल शिपमेंट फिर से शुरू हो सकेंगे। इस रणनीतिक रास्ते के नियंत्रण पर समझौता होना एक व्यापक शांति समझौते की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इसे भी पढ़ें: ईरान ने Strait of Hormuz खोलने के लिए रखी शर्त, US से मांगा MoU उल्लंघन का Compensation रॉयटर्स ने एक अधिकारी के हवाले से बताया,ओमान और ईरान के बीच जलडमरूमध्य (स्ट्रेट) को लेकर प्रगति हुई है और हमें जल्द ही किसी समझौते की उम्मीद है। एक बार बिना किसी रुकावट के कमर्शियल शिपिंग बहाल करने का समझौता घोषित हो जाने के बाद, अमेरिका ईरानी बंदरगाहों पर लगी नाकेबंदी हटा लेगा। अधिकारी ने इस बात पर ज़ोर दिया कि भविष्य के कदम ईरान द्वारा अपनी ज़िम्मेदारियों को पूरा करने पर निर्भर करेंगे। उन्होंने कहा, हमेशा की तरह, अमेरिका के कदम ईरान के कामकाज और उसके द्वारा अपने वादों को पूरा करने पर आधारित होंगे। दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार (स्थानीय समय) को भरोसा जताया कि ईरान से जुड़ा विवाद बहुत जल्द खत्म हो जाएगा। उन्होंने कहा कि उन्हें लगता है कि इस्लामिक रिपब्लिक बहुत लंबे समय तक नहीं चल पाएगा। उन्होंने होर्मुज़ जलडमरूमध्य से जुड़ी बातचीत को लेकर भी उम्मीद जताई और साथ ही ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के अपने संकल्प को दोहराया। इसे भी पढ़ें: Strait of Hormuz को लेकर Iran-Oman बातचीत में प्रगति, US को कमर्शियल तेल शिपमेंट बहाल होने की उम्मीद ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बात करते हुए, ट्रंप ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य से जुड़ी बातचीत के बारे में उम्मीद जताई। यह जलडमरूमध्य तेल की ढुलाई के लिए दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है।
'छात्र भारत की शक्ति और शान’, प्रयागराज में युवाओं से बोले राहुल गांधी
राहुल गांधी ने प्रयागराज में छात्रों से कहा कि मैं दर्द, डेटा और दौलत की बात करना चाहता हूं. आपका दर्द, आपका डेटा, मगर आपका धन नहीं जो आपका होना चाहिए उनका धन. इन तीन चीजों के बारे में मैं आपसे बात करना चाहता हूं.ये आप हैं. आप भारत की शक्ति हैं, भारत की शान हैं, भारत की स्ट्रेंथ हैं. और जब मैं कहता हूं कि आप भारत की शक्ति हैं, भारत की स्ट्रेंथ हैं, तो मैं भीड़ की बात नहीं कर रहा हूं. मैं हर नागरिक, हर यूथ की बात कर रहा हूं. मैं इंडिविजुअल्स की बात कर रहा हूं.
नमी और सीलन से डिब्बे में जम गई है चीनी, डाल दें ये एक चीज
How to Keep sugar Fresh: बारिश के मौसम में अक्सर किचन में रखी चीनी गीली, चिपचिपी और कई बार डेले जैसी सख्त हो जाती है जिसके बाद लोगों को उसे फेंकना पड़ता है. ऐसे में यहां हम आपको कुछ ऐसे ट्रिक्स बता रहे हैं जिनकी मदद से आप अपने डिब्बे में रखी चीनी को फ्रेश रख सकते हैं.
आई क्रीम छोड़ें, आलू से हटाएं डार्क सर्कल्स! ऐसे करें इस्तेमाल
Dark Circles Home Remedy: स्क्रीन टाइम, थकान और नींद की कमी से आंखों के नीचे डार्क सर्कल्स हो गए हैं? अगर हां, तो आप महंगी-महंगी आई क्रीम खरीदने से पहले एक सस्ता उपाय आजमा लें. रसोई में रखा आलू आपकी आंखों के नीचे काले घेरों को कम करने में मददगार साबित हो सकता है. चलिए जानते हैं काले घेरों के लिए आलू का इस्तेमाल कैसे करें.
बाबर आजम ने पठान को दिखाया था 'एटीट्यूड'? सच सामने आया
क्रिकेट से संन्यास के बाद इरफान पठान कमेंट्री और क्रिकेट विश्लेषण में सक्रिय हैं. बाबर आजम से जुड़े इस पुराने मामले का जिक्र करते हुए उन्होंने फेक न्यूज के उस पहलू को सामने रखा है, जहां एक एडिटेड तस्वीर और काल्पनिक बयान के जरिए ऐसी कहानी तैयार कर दी गई, जिसका वास्तविक घटना से कोई संबंध ही नहीं था.
'कार नहीं, नाव चाहिए'... बारिश के बाद नोएडा का Video वायरल
दिल्ली-एनसीआर में बारिश के बाद नोएडा के सेक्टर-18 में जलभराव का वीडियो वायरल है. सड़क पर भरे पानी को देखकर एक महिला ने तंज कसते हुए कहा, कार नहीं, नाव लेकर आना चाहिए था. वीडियो पर लोग नोएडा की तुलना गुरुग्राम से करते हुए जमकर प्रतिक्रिया दे रहे हैं.
ईरान ने Strait of Hormuz खोलने के लिए रखी शर्त, US से मांगा MoU उल्लंघन का Compensation
भारत के एडवांस्ड रूसी फा इटर जेट खरीदने के आसार हमेशा कम ही थे, लेकिन क्रेमलिन को उम्मीद थी कि मेक इन इंडिया (स्थानीय निर्माण) और तकनीक हस्तांतरण के ज़रिए इस डील को आकर्षक बनाया जा सके। ईरान के विदेश मंत्री अरागची ने शनिवार को कहा कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से ट्रैफ़िक को रेगुलेट करने के लिए ओमान के साथ बनी सहमति का मतलब इस रणनीतिक जलमार्ग को फिर से खोलना नहीं है, क्योंकि तेहरान और मस्कट अभी भी एक अस्थायी शिपिंग रूट पर बातचीत कर रहे हैं। IRIB न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, अरागची ने कहा कि बातचीत चल रही है और तकनीकी जटिलताओं के कारण एक अस्थायी रूट पर काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष अंतिम नतीजे के बहुत करीब हैं, लेकिन इस बात पर ज़ोर दिया कि जलडमरू मध्य को फिर से खोलना अतिरिक्त शर्तों पर निर्भर करेगा। इसे भी पढ़ें: Strait of Hormuz को लेकर Iran-Oman बातचीत में प्रगति, US को कमर्शियल तेल शिपमेंट बहाल होने की उम्मीद IRIB के अनुसार, अरागची ने कहा यह कदम होर्मुज़ जलडमरूमध्य को फिर से खोलने का संकेत नहीं देता है और कहा कि इसे फिर से खोलना अन्य शर्तों और संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा समझौता ज्ञापन (MoU) के उल्लंघन के लिए मुआवज़े पर निर्भर करेगा। अल जज़ीरा के अनुसार, अरागची ने कहा कि तेहरान इस्लामाबाद में पहले हुए 14-सूत्रीय समझौता ज्ञापन (MoU) की धारा 5 को लागू कर रहा था, जिसके तहत एक महीने के भीतर ट्रैफ़िक के सामान्य होने की उम्मीद थी। उन्होंने कहा कि तेहरान की चेतावनियों के बावजूद, जब अमेरिका ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य से नए रास्ते बनाने की कोशिश की, उससे पहले ही ट्रैफ़िक दो हफ़्तों के अंदर सामान्य स्थिति के 60 प्रतिशत तक पहुँच गया था। अरागची ने कहा कि मौजूदा बातचीत एक अस्थायी शिपिंग रूट बनाने पर केंद्रित थी, जो आगे चलकर स्थायी व्यवस्था का आधार बन सके। इसे भी पढ़ें: कागज के टुकड़े जान नहीं बचाते...पाकिस्तान-तुर्की डील के बाद सऊदी पर दमकर दहाड़ा भारत का दोस्त उन्होंने कहा नए रास्ते पर पहुँचने से पहले, एक अस्थायी रास्ते को मुख्य रास्ते के आधार के तौर पर माना जाएगा। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि इसमें शामिल देशों की सेना और नौसेना के बीच बातचीत हुई है। यह बयान तब आया है जब शुक्रवार (स्थानीय समय) को एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि ईरान और ओमान के बीच बातचीत में प्रगति हुई है। इससे रणनीतिक रूप से अहम 'स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़' को फिर से खोलने और पांच महीने से चल रहे संघर्ष के कारण रुके हुए तेल निर्यात को बहाल करने का रास्ता साफ़ हो सकता है। रॉयटर्स ने नाम न बताने की शर्त पर बात करने वाले अमेरिकी अधिकारी के हवाले से बताया कि वॉशिंगटन को उम्मीद है कि इस जलमार्ग से जुड़े दोनों देशों—ईरान और ओमान—के बीच जल्द ही कोई समझौता होगा, जिससे सामान्य कमर्शियल तेल शिपमेंट फिर से शुरू हो सकेंगे। इस रणनीतिक रास्ते पर नियंत्रण को लेकर समझौता होना, शांति के लिए एक बड़े समझौते की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
इस शिवलिंग में महादेव को शीश चढ़ा रहे रावण, 500 साल पुराना शिवालय
500 साल पुराने इस शिवालय में एक विशाल पत्थर की शिला को तराशकर शिवलिंग और भगवान शिव को अपना शीश अर्पित करते लंकापति रावण की प्रतिमा उकेरी गई है. इस तरह की प्रतिमा बेहद दुर्लभ मानी जाती है. प्रतिमा में रावण को अपनी शिवभक्ति की चरम सीमा पर पहुंचकर स्वयं का शीश काटकर भगवान शिव को समर्पित करते हुए दर्शाया गया है.
बारिश में लोहे के गेट पर जंग? घर की 3 चीजों से हटाएं, लौट आएगी चमक!
बारिश के मौसम में नमी की वजह से लोहे के गेट पर जंग लगना आम बात है. इसे हटाने के लिए आप घर में मौजूद चीजों का इस्तेमाल कर सकते हैं. सफाई के बाद प्राइमर और पेंट लगाकर गेट को दोबारा जंग लगने से बचाएं. आइए आपको लोहे का गेट साफ करने के आसान तरीके बताते हैं.
पाकिस्तान पर हमला हुआ, तो सऊदी और तुर्किये भी साथ लड़ने आएंगे। 7 अगस्त 2026 को मक्का में तीनों देशों में बीच एक खास रक्षा समझौता हुआ है। अब किसी एक पर हमला, तीनों देशों पर हमला माना जाएगा। इसे ‘इस्लामिक NATO’ की शुरुआत माना जा रहा, जिसका सबसे ज्यादा असर इजराइल और भारत जैसे देशों पर पड़ेगा। आखिर एकसाथ क्यों आए पाकिस्तान-सऊदी-तुर्किये और क्या इससे भारत को चिंता करनी चाहिए; इसे ही डिकोड करेंगे आज के एक्सप्लेनर में… सवाल-1: सऊदी-पाकिस्तान-तुर्किए के बीच क्या डील हुई है?जवाब: करीब 11 महीने पहले सितंबर 2025 में पाकिस्तान और सऊदी अरब में ये डिफेंस समझौता हुआ था। फिर जनवरी 2026 में चर्चा हुई कि इसमें तुर्किये भी शामिल हो सकता है। पाकिस्तान, तुर्किये और सऊदी तीनों सुन्नी बहुल देश हैं। तुर्किये और सऊदी में बाकी सुन्नी इस्लामिक देशों की लीडरशिप को लेकर तनाव भी रहा है। हालांकि पिछले कुछ सालों से व्यापारिक साझेदारी के जरिए दोनों अपने रिश्ते सुधार रहे हैं। 8 जनवरी को दोनों ने पहली बार नेवी पार्टनरशिप के लिए बैठक की थी। अब तुर्किये, सऊदी और पाकिस्तान में हुए इस पैक्ट को ‘मक्का एग्रीमेंट’ कहा जा रहा है। तुर्किये के थिंक टैंक TEPAV में सिक्योरिटी एनालिस्ट डॉ. निहत अली ओजकान बताते हैं… सवाल-2: तुर्किये NATO का मेंबर, सऊदी को अमेरिकी सुरक्षा; फिर इस डील की जरूरत क्यों पड़ी?जवाब: इसकी 2 वजहें हैं... 1. अमेरिका पर भरोसा नहीं रहा 2. इजराइल के मुकाबले न्यूक्लियर ताकत की जरूरत सवाल-3: क्या डील में और मुस्लिम देश शामिल होंगे और ये ‘इस्लामिक नाटो’ बन सकता है?जवाबः इस्लामिक नाटो की चर्चा तेज तब तेज हुई, जब 7 से 9 सितंबर 2025 तक इजराइल ने 72 घंटों के अंदर 6 इस्लामिक देश- यमन, कतर, लेबनान, सीरिया और ट्यूनिशिया पर हमले किए। इसके बाद 15 सितंबर को दोहा में इस्लामिक देशों की इमरजेंसी मीटिंग बुलाई गई। अरब लीग और ऑर्गनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कॉर्पोरेशन यानी OIC के 50 से ज्यादा देश जुटे। इसमें इस्लामिक देशों के लिए NATO जैसा ही एक संगठन बनाने का प्रस्ताव तैयार हुआ, लेकिन इसकी कोई ठोस टाइमलाइन नहीं बन पाई। अब तुर्किये के एक ऑफिसर ने कहा है कि तीनों देशों की ये डील किसी के खिलाफ नहीं है, बल्कि बाकी देशों के लिए खुली है। हालांकि ऐसा नहीं लगता कि ये NATO की तरह मजबूत संगठन बन पाएगा… विदेश मामलों के जानकार और JNU के प्रोफेसर डॉ. राजन कुमार कहते हैं, 'मुस्लिम देश आपस में ही लड़ते रहते हैं। शिया बहुल ईरान और सऊदी अरब दुश्मन बने हुए हैं। तुर्किये के लोग भी ऐसा संगठन पसंद नहीं करेंगे। मिस्र, जॉर्डन और कतर, अमेरिका के बड़े सहयोगी हैं। जबकि इंडोनेशिया, मलेशिया जैसे देशों की राजनीति बाकी इस्लामिक देशों से बहुत अलग है। ऐसे में इन सभी का सैन्य गठबंधन बनना मुश्किल है।' राजन के मुताबिक, सभी इस्लामिक देश चीन के करीब जाने की कोशिश करते हैं। इसलिए अमेरिका भी इनको एक साथ नहीं आने देगा। अमेरिका का मिडिल ईस्ट देशों पर बहुत प्रभाव है। अगर इस्लामिक देशों ने वाकई मेहनत की, तो भी एक औपचारिक सैन्य संगठन बनने में सालों लग जाएंगे।' सवाल-4: क्या सऊदी-पाकिस्तान, तुर्किये का गठबंधन भारत के लिए चुनौती बनेगा?जवाब: हां, ये भारत के लिए 2 तरह से चिंता की बात है… 1. साउथ एशिया में भारत का कूटनीतिक प्रभाव कमजोर होगा पाकिस्तान से जंग हुई, तो मुश्किल बढ़ेगी सवाल-5: भारत इसे कैसे काउंटर कर सकता है?जवाबः जानकार कहते हैं कि भारत 2 तरह की तैयारी कर सकता है… 1. सऊदी, तुर्किये जैसे देशों से रिश्ते बेहतर करना 2. अहम समुद्री रूट्स पर नेवी को मजबूत करना ---------- ये खबर भी पढ़ें… आज का एक्सप्लेनर:पाकिस्तान की नई 'हैंगोर' पनडुब्बी कितनी घातक, क्या बंगाल की खाड़ी में भारत को घेर पाएगी; 1971 में भारतीय युद्धपोत ‘खुखरी’ डुबोया था पाकिस्तानी नौसेना में एक नाम लौट आया है ‘PNS हैंगोर’। ये है चीन में बनी नई पाकिस्तानी पनडुब्बी। ये 11 जून को कराची पहुंची। पाकिस्तान इसे बंगाल की खाड़ी में तैनात करेगा। इसी हैंगोर नाम की पनडुब्बी ने 1971 की जंग में भारतीय युद्धपोत ‘INS खुखरी’ को डुबो दिया था। जंग के दौरान किसी भारतीय पोत के डूबने की यह इकलौती घटना है। पूरी खबर पढ़ें..
JPSC Prelims 2025 मुद्दा पहुंचा SC, परीक्षा रद्द करने और CBI जांच की मांग
सुप्रीम कोर्ट में दायर एक जनहित याचिका में जेपीएससी संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2025 में कथित गड़बड़ियों को चुनौती दी गई है. याचिका में 19 अप्रैल को हुई परीक्षा को रद्द करने, स्वतंत्र जांच कराने और सभी रिकॉर्डों को सुरक्षित रखने की मांग की गई है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद माइकल बोलस शनिवार को केरल की निजी यात्रा के तहत अलाप्पुझा में हैं। ट्रंप की बेटी टिफनी ट्रंप के पति बोलस दिन में पहले कोच्चि पहुंचे। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, उनके साथ भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर भी थे। पुलिस सूत्रों ने बताया कि अपनी यात्रा के दौरान बोलस कोच्चि और पास के अलाप्पुझा में पर्यटन स्थलों पर जा सकते हैं। हालांकि, अधिकारियों ने उनके यात्रा कार्यक्रम की जानकारी की पुष्टि नहीं की है। इसे भी पढ़ें: US Senate में Todd Blanche की अग्निपरीक्षा, महज एक वोट से मिली Attorney General पद की मंजूरी इससे पहले शनिवार को केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीसन ने कोच्चि में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर से मुलाकात की। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि सतीसन ने बाउलोस से भी बातचीत की, लेकिन मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) ने इन खबरों का खंडन किया। सरकारी सूत्रों ने पुष्टि की कि सथीसन की बैठक अमेरिकी राजदूत के साथ हुई थी। उन्होंने कहा, यह एक आधिकारिक बैठक थी। इस बारे में कोई भी अन्य रिपोर्ट गलत थी। अमेरिकी दूतावास के प्रवक्ता ने बताया कि बाउलोस और राजदूत गोर लगभग एक दशक से दोस्त हैं। प्रवक्ता ने कहा कि बाउलोस इस साल दूसरी बार अपने दोस्त से मिलने भारत आए हैं और वे यहां निजी हैसियत से आए हैं, न कि किसी आधिकारिक दौरे पर।
'ऐसा लगा जैसे मंदिर में आ गया', न्यूयॉर्क के रेस्टोरेंट में बोले शाहरुख खान
शेफ विकास खन्ना ने बताया कि शाहरुख खान ने न्यूयॉर्क में उनके रेस्टोरेंट 'बंगलो' की तारीफ करते हुए उसे संस्कृति का मंदिर बताया था. शाहरुख के अलावा, रणवीर सिंह और दीपिका पादुकोण ने भी विकास के रेस्टोरेंट में 'धुरंधर' की सफलता का जश्न मनाया था.
Pakistan, सऊदी और तुर्किये के रक्षा समझौते से पश्चिम एशिया में काफी कम हो जाएगी US की रणनीतिक भूमिका
पाकिस्तान, तुर्किये और सऊदी अरब के बीच हुए त्रिपक्षीय रक्षा समझौते से पश्चिम एशिया में अमेरिका की रणनीतिक भूमिका काफी कम हो सकती है। पाकिस्तान के कुछ रक्षा विश्लेषकों ने यह बात कही। पश्चिम एशिया में व्याप्त तनाव के मद्देनजर बढ़ती सुरक्षा चिंताओं के बीच तीनों देशों ने शुक्रवार को एक संयुक्त रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए, जिसके तहत किसी एक देश पर हमले को तीनों देशों पर हमला माना जाएगा। इसे भी पढ़ें: कागज के टुकड़े जान नहीं बचाते...पाकिस्तान-तुर्की डील के बाद सऊदी पर दमकर दहाड़ा भारत का दोस्त रक्षा विश्लेषक और पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के एक पूर्व प्रमुख के बेटे अब्दुल्ला हमीद गुल ने कहा कि यह समझौता ऐसे समय में हुआ है जब खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका के सहयोगी देशों को सुरक्षा मुहैया कराने की अमेरिका की क्षमता को लेकर क्षेत्र में शंकाएं बढ़ रही हैं। गुल ने कहा, “खाड़ी देशों में अमेरिका के 27 सैन्य अड्डे थे और उनमें से 17 को अमेरिका-ईरान युद्ध के दौरान ईरान ने तबाह कर दिया। इससे क्षेत्र में ये सवाल उठने लगे कि क्या अमेरिकी वाकई उनकी रक्षा कर सकते हैं। इसी वजह से ऐसे समझौते करने की जरूरत पड़ी।” गुल ने कहा कि इस समझौते के साथ ही क्षेत्र में अमेरिका की भूमिका बहुत कम या कहें कि खत्म सी हो जाएगी।” गुल ने कहा, “कतर और कुवैत भी जल्द ही पाकिस्तान के साथ इसी तरह के समझौतों में शामिल होंगे।” उन्होंने कहा कि खाड़ी देशों को आभास हो गया था कि ईरान के बजाय इजराइल उनके लिए बड़ी सुरक्षा चुनौती खड़ी कर सकता है। विदेश मामलों के विशेषज्ञ मोहम्मद मेहदी ने कहा कि इस समझौते ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान की स्थिति को लेकर धारणा बदल दी है। उन्होंने कहा, दुनिया में पाकिस्तान की स्थिति बदल गई है। इसे भी पढ़ें: सालों बाद भारत ने निकाला बाहुबली, पाकिस्तान में मची खलबली अब दुनिया पाकिस्तान को पश्चिम एशिया और मध्य एशिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले देश के रूप में देख रही है। तुर्किये के इस तीन देशों के समझौते में शामिल होने से यूरोप में भी पाकिस्तान को अलग नजरिए से देखा जाएगा। सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर फारूक हमीद ने कहा कि इस समझौते में यह प्रावधान है कि किसी एक सदस्य देश पर हमला तीनों देशों पर हमला माना जाएगा, लिहाजा पाकिस्तान और भारत के बीच भविष्य में किसी तरह के संघर्ष के विरुद्ध यह प्रावधान ‘निवारक’ के रूप में काम करेगा।
पूरी दुनिया इस समय भयंकर जलवायु परिवर्तन के दौर से गुजर रही है, लेकिन यूरोपीय महाद्वीप इस वक्त अपने इतिहास के सबसे भीषण और विनाशकारी सूखे का सामना कर रहा है। अल-नीनो के प्रभाव और लगातार बढ़ती ग्लोबल वार्मिंग के चलते फ्रांस, स्पेन, इटली और ब्रिटेन समेत यूरोप का 60 प्रतिशत से अधिक हिस्सा भयंकर गर्मी और सूखे की चपेट में आ चुका है। हालात इतने विकट हो चुके हैं कि पर्यावरणविदों और वैज्ञानिकों ने इसे पिछले 100 सालों का सबसे बड़ा और गंभीर पर्यावरणीय संकट करार दिया है। इस प्राकृतिक आपदा ने पूरे महाद्वीप की अर्थव्यवस्था, कृषि, ऊर्जा और आम जनजीवन को बुरी तरह झकझोर कर रख दिया है।नदियों का जलस्तर न्यूनतम स्तर पर, पानी से बाहर आए युद्ध के अवशेषयूरोप के इस भीषण सूखे का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि महाद्वीप की जीवनरेखा कही जाने वाली प्रमुख नदियां—जैसे डेन्यूब, राइन और ड्रोम—अपने अब तक के सबसे निचले जलस्तर पर पहुंच चुकी हैं। कई जगहों पर नदियां पूरी तरह सूख चुकी हैं और उनके तल जमीन से बाहर झांकने लगे हैं। स्थिति इतनी हैरान करने वाली है कि नदियों का पानी घटने के कारण द्वितीय विश्व युद्ध (World War II) के दौरान डूबे हुए खतरनाक युद्धपोतों और जहाजों के मलबे अब पानी से बाहर साफ-साफ नजर आने लगे हैं। इसके अलावा कई ऐतिहासिक पुल और डूबे हुए गांव भी सतह पर दिखाई देने लगे हैं, जो इस ऐतिहासिक सूखे की भयावहता की गवाही दे रहे हैं।कृषि और खाद्य सुरक्षा पर मंडराया बड़ा खतरा, फसलें तबाहसूखे और पानी की भयंकर कमी के कारण खेतों में सिंचाई के लिए एक बूंद पानी नहीं बचा है, जिसके चलते किसानों की लहलहाती फसलें आंखों के सामने सूखकर नष्ट हो रही हैं। अकेले फ्रांस में मक्के (Maize) की पैदावार गिरकर पिछले 50 सालों के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है। कृषि उत्पादन बुरी तरह प्रभावित होने के कारण आने वाले दिनों में यूरोप समेत पूरी दुनिया में खाद्य पदार्थों की कीमतों में भारी उछाल आने और गंभीर खाद्यान्न संकट पैदा होने का खतरा मंडराने लगा है। पानी की कमी के चलते डेयरी और पशुपालन उद्योग को भी भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।ऊर्जा संकट, भीषण गर्मी और लाखों लोगों का पलायननदियों का जलस्तर घटने से पनबिजली (Hydroelectricity) का उत्पादन लगभग ठप हो गया है, जिसके चलते पूरा यूरोप इस समय गंभीर ऊर्जा संकट से जूझ रहा है। रिकॉर्ड तोड़ गर्मी और लू के थपेड़ों के कारण पूरे यूरोप में अब तक 25,000 से अधिक लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है। इसके अलावा जंगलों में भीषण आग लगने की घटनाओं से लगभग 1.5 लाख हेक्टेयर उपजाऊ जमीन जलकर खाक हो चुकी है। हालात इतने बेकाबू हो गए हैं कि मजबूरन करीब 5 लाख परिवारों को अपने पुश्तैनी घर-बार छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करना पड़ा है, जिससे यह सदी की सबसे बड़ी मानवीय और पर्यावरणीय त्रासदी बन गई है।
4 लाख के मुआवजे के बदले 8 हजार मांगी घूस, 4000 रिश्वत लेते क्लर्क गिरफ्तार
बेगूसराय में डूबने से बच्ची की मौत के बाद सरकार से मिलने वाली 4 लाख रुपये की मुआवजा राशि के भुगतान के बदले रिश्वत मांगने का मामला सामने आया है. पटना निगरानी की टीम ने अंचल कार्यालय के लिपिक सह नाजिर सोनू कुमार को 4000 रुपये लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है.
कैलिफोर्निया में दीवाली की छुट्टी का कानून हुआ रद्द, कोर्ट ने बताया अमेरिकी संविधान के खिलाफ
अमेरिका के कैलिफोर्निया राज्य से एक बड़ी और चौंकाने वाली कानूनी खबर सामने आ रही है। कैलिफोर्निया की एक अदालत ने दीपावली (Diwali) के पावन पर्व को आधिकारिक राज्य अवकाश बनाने वाले कानून को असंवैधानिक करार देते हुए पूरी तरह से रद्द कर दिया है। इस फैसले के बाद से प्रवासी भारतीयों और स्थानीय समुदाय के बीच चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। हालांकि, अदालत ने अपने फैसले में यह स्पष्ट रूप से कहा है कि यह कदम किसी भी तरह से दिवाली के सांस्कृतिक या धार्मिक महत्व के खिलाफ नहीं है, बल्कि यह अमेरिकी संविधान के मूल सिद्धांतों की रक्षा के लिए उठाया गया है।कोर्ट ने बताया क्यों रद्द हुआ दीवाली अवकाश का कानून?अमेरिकी न्यायपालिका के अनुसार, इस फैसले के पीछे मुख्य आधार अमेरिकी संविधान में निहित 'धर्म और राज्य के पृथक्करण' (Separation of Church and State) का सिद्धांत है। अदालत का साफ तौर पर यह मानना है कि यदि सरकार किसी एक विशिष्ट धार्मिक पर्व या त्योहार को आधिकारिक सरकारी अवकाश का दर्जा देती है, तो इसे कानून की नजर में किसी एक विशेष धर्म के प्रति सरकारी समर्थन के रूप में देखा जा सकता है। यह प्रावधान अमेरिकी संविधान की धर्मनिरपेक्ष भावना के विपरीत है, जिसके चलते इस कानून को कानूनी कसौटी पर खरा न उतरने के कारण रद्द करना पड़ा।सांस्कृतिक महत्व और कानूनी नियमों के बीच उलझनकैलिफोर्निया में बड़ी संख्या में भारतीय और एशियाई समुदाय के लोग निवास करते हैं, जिनके लिए दिवाली का त्योहार अत्यंत महत्वपूर्ण और उल्लास का प्रतीक है। राज्य में दिवाली को आधिकारिक अवकाश घोषित किए जाने से प्रवासी भारतीयों में काफी खुशी की लहर दौड़ गई थी, लेकिन संवैधानिक प्रावधानों और धार्मिक तटस्थता के नियमों के चलते यह मामला अदालत तक पहुंच गया। न्यायालय ने भले ही इस विशेष अवकाश के कानून को रद्द कर दिया हो, लेकिन इसके बावजूद अमेरिका में रहने वाले भारतीय समुदाय के लोग पारंपरिक रूप से इस त्योहार को धूमधाम से मनाने और अपनी संस्कृति को जीवित रखने के लिए पूरी तरह से स्वतंत्र हैं।
पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (POK) में हालात लगातार गंभीर बने हुए हैं, जहां शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे आम नागरिकों और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ की गई दमनकारी कार्रवाई को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है। संयुक्त राष्ट्र (UN) ने पीओके की बिगड़ती सुरक्षा स्थिति और मानवाधिकारों के हनन पर गहरी चिंता व्यक्त की है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के उप प्रवक्ता फरहान हक ने एक बयान में दो टूक कहा है कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों के खिलाफ बल प्रयोग करने और उन्हें नुकसान पहुंचाने वालों की जवाबदेही हर हाल में तय होनी चाहिए। इस हाई-प्रोफाइल अंतरराष्ट्रीय बयान के बाद से वैश्विक पटल पर एक बार फिर पीओके के हालात चर्चा का केंद्र बन गए हैं।संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त की अपील पर दिया जा रहा है जोरसंयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए महासचिव के उप प्रवक्ता फरहान हक ने स्पष्ट किया कि महासचिव एंटोनियो गुटेरेस मानवाधिकार उच्चायुक्त वोल्कर तुर्क के द्वारा उठाए गए सभी कदमों और उनके कार्यों का पूर्ण समर्थन करते हैं। पिछले दिनों मानवाधिकार उच्चायुक्त वोल्कर तुर्क ने पीओके में हुए हालिया घटनाक्रमों पर गंभीर चिंता जताते हुए वहां प्रदर्शनकारियों की मौत, 'संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी' पर लगाए गए प्रतिबंधों और उसके नेताओं की अवैध गिरफ्तारियों की निष्पक्ष एवं गहन जांच की मांग की थी। इसके अलावा, क्षेत्र में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को कुचलने के लिए इंटरनेट सेवाओं पर रोक लगाने और सार्वजनिक सभाओं पर पाबंदी जैसे कदमों को मानवाधिकारों का खुला उल्लंघन करार दिया गया था।जवाबदेही और शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार की वकालतसंयुक्त राष्ट्र ने साफ शब्दों में कहा है कि दुनिया के हर कोने की तरह पीओके में भी नागरिकों को शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने का पूरा अधिकार मिलना चाहिए। अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वे जनता की आवाज़ को दबाने के बजाय उनके लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान करें। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, पिछले महीने 27 जुलाई को हुए कथित विधानसभा चुनाव से पहले यानी जून महीने से लेकर अब तक वहां दर्जनों लोगों की जान जा चुकी है, जिनमें से अधिकांश मृतक शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारी थे। संयुक्त राष्ट्र ने इस बात पर जोर दिया है कि इन तमाम हिंसक घटनाओं और मौतों के लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करना बेहद जरूरी है, ताकि पीड़ितों को न्याय मिल सके और भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।
क्या Punjab में BJP का चेहरा बनेंगे Raghav Chadha?
राघव चड्ढा की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अचानक हुई मुलाकात ने पंजाब की राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है. चड्ढा ने मुलाकात की तस्वीरें साझा कर इसे यादगार सुबह बताया. पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले हुई इस बैठक को अहम माना जा रहा है. इससे एक दिन पहले मोदी ने सुखबीर सिंह बादल से भी मुलाकात की थी, जिससे राजनीतिक समीकरणों को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं.
अमेरिका से भारतीय प्रवासियों को लेकर एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। टेक्सास के ह्यूस्टन में रहने वाली भारतीय मूल की बायोमेडिकल इंजीनियर और कुचिपुड़ी नृत्यांगना साधना गुल्लापुडी सोशल मीडिया पर अचानक विवादों के घेरे में आ गई हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर एक यूजर द्वारा उन पर लंबे समय से स्टूडेंट वीजा (F-1 Visa) नियमों का उल्लंघन करने और अवैध रूप से काम करने का गंभीर आरोप लगाया गया है। हालांकि, इस मामले में ह्यूस्टन के अमेरिकी अटॉर्नी ने हस्तक्षेप करते हुए इन सभी आरोपों को खारिज कर दिया है, जिससे इस हाई-प्रोफाइल मामले में नया मोड़ आ गया है। आइए जानते हैं क्या है पूरा विवाद और किसने लगाए हैं ये आरोप।सोशल मीडिया पर लगे वीजा फ्रॉड और अवैध रूप से काम करने के आरोपपूरा मामला तब शुरू हुआ जब 'साइबरग्रीन09' नामक एक 'एक्स' यूजर ने साधना गुल्लापुडी को निशाना बनाते हुए पोस्ट शेयर किया। आरोप लगाया गया कि साधना साल 2014 से लगातार स्टूडेंट वीजा पर अमेरिका में रह रही हैं और वीजा नियमों के विपरीत वहां डांसर तथा कैश ट्यूटर के रूप में काम कर रही हैं। यूजर ने उनके डांस वीडियो शेयर करते हुए यह दावा किया कि वह पिछले 12 सालों से विभिन्न प्रोग्रामों में दाखिला लेकर वीजा नियमों का खेल खेल रही हैं। यह पोस्ट सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गई और इस पर तीखी बहस छिड़ गई।अमेरिकी अटॉर्नी और खुद साधना ने दी सफाईमामला तूल पकड़ने के बाद ह्यूस्टन के जाने-माने वकील आरोन रिट्ज ने इस पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि साधना गुल्लापुडी छात्र वीजा पर नहीं हैं, बल्कि वह एक प्राकृतिक अमेरिकी नागरिक (Naturalized US Citizen) हैं। अटॉर्नी ने कहा कि हालांकि वीजा धोखाधड़ी जैसे मामलों को बेहद गंभीरता से लिया जाता है, लेकिन यदि किसी ने कोई कानून नहीं तोड़ा है, तो अमेरिका में उनका स्वागत है। वहीं, इन झूठे आरोपों से आहत साधना गुल्लापुडी ने इंस्टाग्राम पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पिछले कुछ दिन उनके और उनके परिवार के लिए बेहद मानसिक तनाव भरे रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी अनुमति के बिना उनके कंटेंट को सोशल मीडिया पर गलत और भ्रामक दावों के साथ शेयर किया गया है और उन्होंने लोगों से ऐसे पोस्ट्स को रिपोर्ट करने की अपील की है।आरोपी यूजर का निकला पाकिस्तान कनेक्शनइस पूरे विवाद के बीच जब ऑनलाइन यूजर्स ने उस 'एक्स' अकाउंट की छानबीन की जिसने यह अफवाह फैलाई थी, तो एक चौंकाने वाला सच सामने आया। जांच में पता चला कि 'साइबरग्रीन09' नाम का वह अकाउंट असल में पाकिस्तान से जुड़ा हुआ है। उस अकाउंट के बायो के मुताबिक वह पाकिस्तानी अभिनेता हमजा सोहेल का एक 'फैन अकाउंट' है, जो अक्सर भारत-विरोधी और भ्रामक बयानबाजी के लिए जाना जाता है। जब सोशल मीडिया पर भारतीय और अमेरिकी यूजर्स ने इस ट्रोल अकाउंट को आड़े हाथों लेना शुरू किया, तो डर के मारे उस यूजर ने कुछ ही समय के लिए अपनी प्रोफाइल को प्राइवेट भी कर लिया। फिलहाल इस घटना के बाद विदेशी धरती पर रह रहे भारतीयों की ऑनलाइन सुरक्षा और फर्जी प्रोपेगैंडا को लेकर एक बार फिर बड़ी बहस छिड़ गई है।
भारतीय मूल की महिला पर वीजा फ्रॉड का आरोप, X यूजर का पाकिस्तान कनेक्शन; कौन हैं साधना
अमेरिका में एक भारतीय मूल की महिला पर वीजा फ्रॉड का आरोप लगा है। एक एक्स यूजर ने आरोप लगाया है कि साधना गुल्लापुडी नाम की यह युवती, पिछले लंबे समय से अमेरिका में स्टूडेंट वीजा पर रह रही है।
सरकारी परीक्षा के रिजल्ट से वायरल हुआ नाम, लेकिन पढ़ाई में भी हैं आगे
आपने सोशल मीडिया पर कई तरह की खबरों को वायरल होते हुए देखा होगा लेकिन क्या कभी किसी के नाम पर इतनी चर्चा देखी है? बता दें कि छत्तीसगढ़ पीएससी सब-इंस्पेक्टर परीक्षा का रिजल्ट आने के बाद से रायगढ़ के 'न्यूज कुमार प्रधान' सुर्खियों में आ गए. लेकिन उनका नाम ही केवल वायरल नहीं हुआ है, उनकी पढ़ाई को लेकर भी चर्चा हो रही है. उनका नाम सुनकर कई लोगों ने इसे फर्जी भी बताया लेकिन उन्होंने अपने डॉक्यूमेंट के साथ इस बात का सबूत दिया कि उनका असली नाम यही है.
ईरान ने जारी की US F-15E फाइटर जेट के मलबे की तस्वीरें, देखें
ईरान ने U.S. एयर फ़ोर्स के F-15E स्ट्राइक ईगल फ़ाइटर जेट के मलबे की तस्वीर जारी की है, जिसमें ACES-II इजेक्शन सीट और एयरक्राफ़्ट की कैनोपी भी शामिल है. दरअसल दावा है कि ल्यूक एयर फ़ोर्स बेस पर मौजूद स्क्वाड्रन का ये फ़ाइटर जेट 40 दिन की लड़ाई के दौरान मार गिराया गया था. ईरान ने मलबे की तस्वीरें अब जारी की. देखें वीडियो.
LIVE: अतीक के दोनों बेटे पहुंचे प्रयागराज, अबान के जनाजे में हुए शामिल
अतीक अहमद के दोनों बेटे अली और उमर पैरोल पर प्रयागराज पहुंचे हैं. दोनों पुलिस सुरक्षा के बीच अपने छोटे भाई अबान के जनाजे में शामिल होने कसारी मसारी कब्रिस्तान पहुंचे.
सूर्य ग्रहण वाला हफ्ता! कर्क-सिंह सहित इन राशियों पर भारी नया सप्ताह
Weekly Tarot Rashifal (10-16 Aug 2026): अगस्त का नया सप्ताह 10 अगस्त से लेकर 16 अगस्त तक रहने वाला है. ज्योतिषाचार्य प्रवीण मिश्र ने ग्रहों की चाल के आधार पर इस सप्ताह का हाल बताया है. इस सप्ताह साल का दूसरा और आखिरी सूर्य ग्रहण भी लगने वाला है.
'आज शरद पवार का हक छीना, कल आपका...', शिंदे गुट को सुप्रिया सुले की वार्निंग
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की सांसद सुप्रिया सुले ने उद्धव ठाकरे से बागी सांसदों की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात को संविधान का अपमान बताया है. उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में किसानों की कर्जमाफी पर नियम थोपे जा रहे हैं और सरकार केवल चुनावी फायदे के लिए काम कर रही है. सुप्रिया ने FCRA बिल के मौजूदा ड्राफ्ट का कड़ा विरोध जताया और इसे ज्वाइंट पार्लियामेंट्री कमेटी को भेजने की मांग की.
पाक का परमाणु बल, तुर्किए का ड्रोन और सऊदी का पैसा! क्या US का विकल्प बनेगा यह नया गुट?
पाकिस्तान, तुर्किए और सऊदी अरब ने आपसी रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसमें एक सदस्य पर हमला होने की स्थिति को तीनों पर हमला माना जाएगा. इस समझौते से मध्य पूर्व में बदलते शक्ति संतुलन और क्षेत्र में अमेरिका की भूमिका को लेकर चर्चा तेज हुई है.
तेलंगाना में अब नोटिस बोर्ड और वेबसाइटों पर भी देनी होगी फीस की जानकारी!
तेलंगाना सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए निजी गैर-सहायता प्राप्त स्कूलों को 2026-27 सत्र की कक्षा के हिसाब से फीस की जानकारी सार्वजनिक करने का आदेश दिया है. स्कूलों को फीस से जुड़े जरूरी दस्तावेजों के साथ इसकी जानकारी ऑनलाइन भी अपलोड करनी होगी. नियमों का पालन नहीं करने वाले स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी गई है.
Murshidabad में 5 साल से तालाब में क्यों रह रहा लड़का?
मुर्शिदाबाद के बेलडांगा में 16 साल के इकबाल शेख पिछले करीब 5 साल से ज्यादातर समय तालाब में बिताता है. उसका कहना है कि पानी से बाहर निकलते ही शरीर में तेज जलन होने लगती है, जबकि पानी में उसे राहत मिलती है. स्थानीय लोगों के मुताबिक वह कई दिनों तक तालाब में रहता है. अब लोग उसकी सही मेडिकल जांच और इलाज की मांग कर रहे हैं.
एक्ट्रेस स्वरा भास्कर और अविका गोर को हुआ डेंगू, अस्पताल में हुईं भर्ती
स्वरा भास्कर को डेंगू होने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया है. उन्होंने अस्पताल के बिस्तर से एक तस्वीर शेयर की है. इसके अलावा टीवी एक्ट्रेस भी डेंगू की चपेट में आ गई हैं.
90 की सास, कंधे पर कांवड़... हरिद्वार से दिल्ली पैदल निकली बहू की भक्ति
हरिद्वार से दिल्ली तक कांवड़ यात्रा पर निकली काजल चौधरी इन दिनों लोगों के लिए चर्चा का विषय बनी हुई हैं. वजह है उनका अपनी 90 वर्षीय सास चंद्रो देवी को साथ लेकर पैदल सफर करना. काजल 21 जुलाई को हर की पौड़ी से गंगाजल लेकर रवाना हुई थीं और अब गाजियाबाद के रास्ते दिल्ली की ओर बढ़ रही हैं.
ग्राउंड रिपोर्ट: कागजों में चलता 100 बेड का अस्पताल, गेट पर लटका मिला ताला
Gwalior Nursing Scam Ground Report: ग्वालियर के धाकरे अस्पताल में लटकता मिला ताला. कागजों पर चल रहे नर्सिंग कॉलेज के अस्पताल पर उठे सवाल. कलेक्टर ने दिए 38 कॉलेजों की जांच के आदेश...
जन्माष्टमी से पहले सीख लें आटे की पंजीरी बनाना, आसान है रेसिपी
janamashtami Panjeeri: अगर आपने भी रक्षाबंधन और जन्माष्टमी की तैयारियां शुरू कर दी हैं तो इस मौके पर क्यों न कुछ जरूरी रेसिपी घर पर बनाकर पहले ही ट्राई कर ली जाएं. इससे आपको दिन के दिन परेशानी नहीं उठानी पड़ेगी और न ही बाजार के चक्कर लगाने पड़ेंगे.
बारिश में सड़क बनी नदी, दिल्ली में शख्स ने निकाल ली नाव, Video
दिल्ली के ग्रेटर कैलाश में जलभराव के बीच एक शख्स सड़क पर नाव चलाता नजर आया. वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है और लोग इसे देखकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं.
रक्षाबंधन के दिन चंद्र ग्रहण जानिए राखी पर क्या होगा असर
रक्षाबंधन 2026 इस बार एक खास खगोलीय संयोग लेकर आ रहा है. 28 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा के दिन साल का दूसरा चंद्र ग्रहण लगेगा, जो कई देशों में ब्लड मून का नजारा दिखाएगा. हालांकि यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा. इसलिए यहां इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा और रक्षाबंधन के त्योहार पर भी कोई रोक या विशेष धार्मिक पाबंदी नहीं रहेगी.
ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई की हालत बेहद नाजुक, मौत तक की अफवाहें
रिपोर्ट के अनुसार, इजरायली मीडिया चैनल 14 ने ईरान के अंदर मौजूद सूत्रों के हवाले से मोजतबा खामेनेई की हालत को गंभीर बताया है। इससे पहले राष्ट्रपति पेजेशकियन के प्रशासन के करीबी सूत्रों के हवाले से भी दावा किया गया था।
'मुस्लिम देश एक साथ खड़े हो जाएं...' अरागची के बयान से मची हलचल, मक्का डिफेंस एग्रीमेंट पर दिया बड़ा बयान
दुर्लभ पैंगोलिन तस्करी केस में बड़ा फैसला, आरोपी को जमानत नहीं
जबलपुर में दुर्लभ पैंगोलिन तस्करी मामले में कोर्ट ने आरोपी देवीदीन उर्फ देवा विश्वकर्मा की जमानत याचिका खारिज कर दी. STSF ने 5 किलो पैंगोलिन के शल्क, कार और बाइक जब्त की थी.
अब छात्रों को IAS-IPS अफसर देंगे करियर टिप्स, योगी सरकार की नई पहल
उत्तर प्रदेश में इंटरमीडिएट छात्रों के लिए नई पहल शुरू होने जा रही है. अब हर महीने IAS, IPS और IFS अधिकारी स्कूल जाकर छात्रों को करियर और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का मार्गदर्शन देंगे.
8-8-8 का महासंयोग! इन 3 तारीखों पर जन्मे लोगों के लिए लकी आज का दिन
आज तारीख 8 है. अगस्त साल का 8वां महीना है. और आज की तिथि का जोड़ (8+8+2+0+2+6= 8) भी 8 है. अंक ज्योतिष में 8 को एक्स्ट्रीम नंबर माना गया है और यह शनि का अंक होता है. संयोग से 8 का यह संयोग बना भी शनिवार के दिन ही है. इसलिए 8 मूलांक वालों के लिए यह दिन खास माना जा रहा है.
Yemen Conflict Alert: हूती ठिकानों पर सेना के भीषण प्रहार, UN ने दी बड़े युद्ध की चेतावनी
यमन की सेना ने हूती विद्रोहियों पर हमले तेज़ कर दिए हैं, जबकि संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि देश में बड़े पैमाने पर संघर्ष फिर से शुरू होने का खतरा बढ़ रहा है। तुर्की में कुर्द शांति प्रयासों से जुड़ा एक विधेयक संसद में अपने पहले चरण से मंज़ूर हो गया है। इस विधेयक में कुर्द उग्रवादियों के हथियार छोड़ने और कुछ पूर्व लड़ाकों के पुनर्वास की शर्तें तय की गई हैं। यमन में सेना ने कहा कि उसके हमले, देश के मध्य और पूर्वी हिस्सों में हाल ही में हुए हूती हमलों के जवाब में थे। यमन की सेना के प्रवक्ता कर्नल माजेद अल-नाज़िली ने कहा कि इन हमलों में कई मोर्चों पर विद्रोहियों के ठिकानों और क्षमताओं को निशाना बनाया गया, हालांकि उन्होंने और कोई जानकारी नहीं दी। उन्होंने कहा कि इन हमलों का मकसद सेना की सुरक्षा करना था। इसे भी पढ़ें: Indian Cargo Ship Attack | Red Sea में भारतीय कार्गो जहाज़ पर हमला, डूबने के बाद 13 भारतीयों को सुरक्षित बचाया गया, विदेश मंत्रालय ने जताई सख्त आपत्ति यह लड़ाई 2022 में हुए उस समझौते के बाद तनाव में बड़ी बढ़ोतरी है, जिसने काफी हद तक लड़ाई को रोक दिया था। यमन के गृह युद्ध में एक तरफ ईरान समर्थित हूथी हैं और दूसरी तरफ सऊदी अरब के नेतृत्व वाला गठबंधन है, जो देश की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार का सहयोगी है। शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र के दूत हैंस ग्रंडबर्ग ने सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील करते हुए कहा कि अप्रैल 2022 में संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता वाले समझौते के बाद से अब यमन में बड़े पैमाने पर फिर से संघर्ष शुरू होने का खतरा सबसे ज़्यादा है। तुर्की में शनिवार को एक संसदीय समिति ने कानून के मसौदे को मंज़ूरी दे दी। इस बिल में हज़ारों पूर्व लड़ाकों के लिए सशर्त माफ़ी जैसा एक तरीका शामिल है और उम्मीद है कि अगले हफ़्ते की शुरुआत में आम सभा में इस पर बहस होगी और इसे मंज़ूरी मिल जाएगी। पिछले साल, कुर्दिस्तान वर्कर्स पार्टी (PKK) ने कहा था कि वह तुर्की सरकार के साथ दशकों से चल रहे संघर्ष को खत्म करने के मकसद से शुरू की गई शांति पहल के तहत हथियार छोड़ देगी और अपना संगठन भंग कर देगी। इसे भी पढ़ें: बर्दाश्त नहीं...लाल सागर में डूबा भारतीय झंडे वाला जहाज, भयंकर भड़का भारत, अब होगा एक्शन! यह कानून ग्रुप के हथियार छोड़ने और कुछ PKK सदस्यों के पुनर्वास की प्रक्रिया तय करता है। इसके तहत, ग्रुप का सदस्य होने के दोषी लोगों की कुछ जेल की सज़ाएं रोक दी जाएंगी और दूसरों पर मुकदमा चलाने में देरी की जाएगी। ये उपाय तब लागू होंगे जब तुर्की की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद यह पुष्टि कर देगी कि ग्रुप ने खुद को खत्म कर लिया है और सारे हथियार सौंप दिए हैं। 1980 के दशक में शुरू हुए इस संघर्ष में हज़ारों लोग मारे गए हैं और यह पड़ोसी देशों इराक और सीरिया तक फैल गया है। तुर्की और उसके पश्चिमी सहयोगी PKK को आतंकवादी संगठन मानते हैं। कुल मिलाकर, ये घटनाक्रम बताते हैं कि संयुक्त राष्ट्र की संयम बरतने की अपील के बावजूद यमन में तनाव बढ़ रहा है, जबकि तुर्की में संसद में एक ड्राफ्ट कानून को मंज़ूरी मिलने के साथ ही कुर्द शांति प्रक्रिया आगे बढ़ी है।
1 या 2 नहीं... बाइक में लगे थे 500 हॉर्न! पुलिस ने लिया एक्शन, Video
हरिद्वार में कांवड़ यात्रा के बीच एक अनोखी बाइक ने लोगों का ध्यान खींच लिया. फरीदाबाद के अमन की बाइक में एक-दो नहीं बल्कि 500 हॉर्न लगाए गए थे. शंकराचार्य चौक पर पुलिस ने बाइक को रोककर मॉडिफिकेशन के चलते सीज कर दिया. कनखल थाने ले जाते समय बाइक का वीडियो बना और सोशल मीडिया पर वायरल हो गया.
मेडिकल कॉलेजों में बढ़ रही है छात्रों की संख्या, सामने आए नए आंकड़े
NEET-UG परीक्षा में दिन पर दिन बढ़ता युवाओं की दिलचस्पी और मेडिकल सीटों को लेकर एक नया आंकड़ा सामने आया है. पिछले सात सालों में NEET-UG देने वाले अभ्यर्थियों की संख्या में करीब 42.5 की बढ़ोतरी हुई है. केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, 2019 में जहां 14.10 लाख छात्रों ने परीक्षा दी थी, वहीं 2026 में यह संख्या बढ़कर करीब 20 लाख पहुंच गई.
कपड़ा सुखाने की निंजा टेक्निक वायरल, लोग बोले - ये आइडिया मस्त है
सोशल मीडिया पर आए दिन जुगाड़ वाले वीडियो वायरल होते रहते हैं. इनमें से कुछ सच में यूजफुल होते हैं और लोगों का ध्यान खींच लेते हैं. ऐसे ही एक वीडियो इन दिनों चर्चा में है. जिसमें कपड़ा सुखाने का एक मस्त जुगाड़ दिखाया गया है.
'2029 में देना चाहते थे, आपने ही...', राहुल गांधी पर किरेन रिजिजू का पलटवार
महिला आरक्षण विधेयक को लेकर राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के बीच सोशल मीडिया पर तीखी बहस हुई. रिजिजू ने कांग्रेस से महिला आरक्षण विधेयक का बिना शर्त समर्थन करने की अपील की, जबकि राहुल गांधी ने कहा कि यह विधेयक 2023 में ही कांग्रेस के समर्थन से सर्वसम्मति से पारित हो चुका है.
बारिश में दिल जीत लेगा बिहार का ये झरना, देख भूल जाएंगे विदेश!
बिहार का नाम सुनकर लोग सिर्फ लिट्टी चोखा के बारे में सोचते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि बारिश के दिनों में वहां पर घूमने के लिए एक बेहद खूबसूरत झरना भी है. आइए आपको इस झरने के बारे में डिटेल में बताते हैं, जहां अपनी नेक्स्ट ट्रिप प्लान कर सकते हैं.
कागज के टुकड़े जान नहीं बचाते...पाकिस्तान-तुर्की डील के बाद सऊदी पर दमकर दहाड़ा भारत का दोस्त
7 अगस्त की रात को दुनिया के नक्शे पर एक ऐसी लकीर खींची गई है जिसने ना सिर्फ मिडिल ईस्ट बल्कि भारत के रणनीतिकारों को भी सोचने पर मजबूर कर दिया। मक्का में सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान ने मिलकर मक्का जॉइंट डिफेंस एग्रीमेंट साइन किया। इसे दुनिया के कई देश इस्लामिक नेटो की शुरुआत कह रहे हैं। लेकिन जैसे ही पाकिस्तान की न्यूक्लियर पावर और तुर्की की ड्रोन टेक्नोलॉजी के एक साथ आने की खबर आई, ईरान ने ऐसी दहाड़ लगाई कि पूरी दुनिया सहम गई। ईरान ने दो टूक शब्दों में कहा कि सऊदी अरब सावधान रहे क्योंकि कागज के टुकड़े कभी भी जान नहीं बचाते। इस एग्रीमेंट की सबसे चौंकाने वाली बात इसकी कलेक्टिव डिफेंस क्लॉज़ है। ठीक वैसे ही जैसे नाटो का आर्टिकल पांच कहता है कि अगर किसी एक सदस्य देश पर हमला हुआ तो बाकी सब मिलकर युद्ध लड़ेंगे। अब यही नियम पाकिस्तान, सऊदी और तुर्की पर लागू होगा। अब आप सोचिए अगर कल को यमन की हूं विद्रोही या ईरान की सेना सऊदी अरब पर हमला करती है तो पाकिस्तान की फौज और तुर्की की वायु सेना को सऊदी के बचाव में सीधे युद्ध के मैदान में उतरना पड़ेगा। यह वेस्ट एशिया के इतिहास में पिछले कई दशकों का सबसे बड़ा जियोपॉलिटिकल शिफ्ट है। इसे भी पढ़ें: शहबाज-मुनीर के सऊदी पहुंचते ही टूट पड़ा ईरान, बिछा दी लाशें सऊदी अरब ने आखिर तुर्की को क्यों चुना? इसका जवाब है तुर्की के घातक बैरख्तर ड्रोंस। आज की तारीख में तुर्की दुनिया का सबसे तेजी से उभरता हुआ डिफेंस हब है। तुर्की के पास नेटो की ट्रेनिंग है और सीरिया लीबिया जैसे देशों में लड़ने का कड़वा अनुभव है। वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तान है। पाकिस्तान की माली हालत चाहे जो भी हो लेकिन उसके पास एक विशाल सेना और परमाणु हथियार है। सऊदी अरब को हमेशा से डर रहा है कि ईरान एक परमाणु शक्ति ना बन जाए। ऐसे में पाकिस्तान का परमाणु छाता सऊदी अरब को एक मानसिक सुरक्षा देता है। सऊदी अरब अपना पैसा लगाएगा। तुर्की अपनी टेक्नोलॉजी देगा और पाकिस्तान अपना सैन, मैन पावर और परमाणु ताकत। लेकिन इस पूरी कहानी में विलेन की एंट्री होती है ईरान के रूप में। ईरान के सांसद इब्राहिम रजई ने मक्का पैक को पेपर एग्रीमेंट कहकर इसकी धज्जियां उड़ा दी और खुद इस बात की पुष्टि की अपने एक्स अकाउंट पर की। ईरान का कहना है कि सऊदी अरब पहले अमेरिका के संरक्षण में था तब भी ईरान ने उसे नुकसान पहुंचाया। इसे भी पढ़ें: Iran ने Saudi Arabia, पाकिस्तान और Turkey के रक्षा समझौते को बताया बेअसर तुर्की और पाकिस्तान उसका क्या भला करेंगे? ईरान का तर्क बड़ा सीधा है। क्या पाकिस्तान वाकई ईरान के खिलाफ परमाणु बम इस्तेमाल करने की हिम्मत करेगा? क्या तुर्की अपने आर्थिक हितों को दांव पर लगाकर ईरान से सीधी दुश्मनी लेगा? ईरान इसे सिर्फ एक दिखावा बता रहा है ताकि सऊदी अरब अपनी जनता को दिखा सके कि वो सुरक्षित है। भारत का इन सब से क्या लेना देना? भारत के लिए स्थिति थोड़ी जटिल है। सऊदी अरब के साथ भारत के रिश्ते ऐतिहासिक रूप से सबसे अच्छे दौर में है। लेकिन पाकिस्तान और तुर्की का गठजोड़ हमेशा भारत के खिलाफ जहर उगलता रहा है। चाहे कश्मीर का मुद्दा हो या इंटरनेशनल फोरम। तुर्की ने हमेशा पाकिस्तान का साथ दिया है। अगर पाकिस्तान इस डिफेंस पैक के बहाने तुर्की के एडवांस टेक्नोलॉजी हासिल करता है और सऊदी के फंड से अपनी सैन्य मशीनरी को आधुनिक बनाता है तो ये भारत की सुरक्षा के लिए एक चुनौती बन सकता है। हालांकि भारत को भरोसा है कि सऊदी अरब कभी भी भारत के हितों के खिलाफ इस पैक का इस्तेमाल नहीं होने देगा क्योंकि भारत सऊदी के लिए एक बहुत बड़ा आर्थिक बाजार है।
9 अगस्त को इन जिलों में IMD का अलर्ट, जानें कहां बरसेंगे बादल
9 अगस्त को यूपी में मानसून सक्रिय रहेगा. पश्चिमी यूपी में कहीं-कहीं बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है, जबकि पूर्वी यूपी में कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है. बांदा, चित्रकूट, प्रयागराज, सोनभद्र, मिर्जापुर, सहारनपुर, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी और ललितपुर में भारी बारिश की संभावना अधिक है. मौसम विभाग ने जलभराव और खराब दृश्यता को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी है.
समय रैना ने असम बाढ़ पीड़ितों को दिए ₹10 लाख, फैंस बोले- FIR वापस लो
कॉमेडियन और कंटेंट क्रिएटर समय रैना ने असम में बाढ़ से प्रभावित लोगों की मदद के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष में ₹10 लाख का योगदान दिया है. . वहीं फैंस ने सीएम से कहा कि अब समय पर लगी FIR वापस ले लो.
US Senate में Todd Blanche की अग्निपरीक्षा, महज एक वोट से मिली Attorney General पद की मंजूरी
US सीनेट ने 50-49 के करीबी अंतर से टॉड ब्लैंच को अटॉर्नी जनरल के तौर पर मंज़ूरी दे दी। इसके साथ ही, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पूर्व पर्सनल डिफेंस लॉयर को डिपार्टमेंट ऑफ़ जस्टिस की औपचारिक कमान मिल गई। ट्रंप द्वारा अप्रैल में पैम बॉन्डी को शीर्ष पद से हटाने के बाद से ही ब्लैंच कार्यवाहक भूमिका में विभाग का कामकाज संभाल रहे थे। इस मंज़ूरी के साथ ही एक तीखे विधायी टकराव का समापन हुआ। इस टकराव ने डेमोक्रेट्स और कुछ रिपब्लिकन के बीच गहरी चिंताएँ उजागर कीं; उन्हें चिंता थी कि राष्ट्रपति के एक खास वफ़ादार को ऐसे विभाग का प्रमुख बनाया जा रहा है, जो ऐतिहासिक रूप से व्हाइट हाउस से अपनी स्वतंत्रता को महत्व देता रहा है। इसे भी पढ़ें: देश को America के हाथों गिरवी रख रहे PM Modi, Trump की गुलामी क्यों: Kejriwal का बड़ा हमला CNN के अनुसार, ब्लैंच को बहुत कम अंतर से मंज़ूरी मिली; मेन की रिपब्लिकन सीनेटर सुसान कॉलिन्स और अलास्का की लिसा मुर्कोव्स्की ने अपनी पार्टी से अलग हटकर उनके ख़िलाफ़ वोट किया। जब से ट्रम्प व्हाइट हाउस लौटे हैं, ब्लैंच ने राष्ट्रपति की प्राथमिकताओं के हिसाब से विभाग को फिर से व्यवस्थित करने में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने ट्रम्प की कानूनी बचाव टीम का नेतृत्व करने से लेकर बड़े प्रशासनिक एजेंडे को आगे बढ़ाने तक का काम किया है। एजेंसी में अपने कार्यकाल के दौरान, उन्होंने कार्यकारी अधिकार और राष्ट्रपति को मिलने वाली सुरक्षा को बढ़ाने वाले कानूनी तर्क पेश किए; अनुभवी अभियोजकों और वरिष्ठ अधिकारियों से जुड़े बड़े पैमाने पर कर्मचारियों में बदलाव किए; और एक ऐसी कानूनी रणनीति का नेतृत्व किया जिस पर देश भर के जजों ने कड़े सवाल उठाए हैं। इसे भी पढ़ें: Strait of Hormuz को लेकर Iran-Oman बातचीत में प्रगति, US को कमर्शियल तेल शिपमेंट बहाल होने की उम्मीद कार्यवाहक अटॉर्नी जनरल के तौर पर अपने छोटे से कार्यकाल में, न्याय विभाग ने पूर्व FBI डायरेक्टर जेम्स कोमी समेत कई प्रमुख राजनीतिक हस्तियों के ख़िलाफ़ आरोप तय करने की कार्रवाई की और पत्रकारों के सूत्रों से जुड़ी जानकारी हासिल करने के लिए समन जारी किए। CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, विभाग ने हथियारों के प्रसार को रोकने वाले विवादित फंड को बनाया और बाद में उसे खत्म भी कर दिया, साथ ही राष्ट्रपति और इंटरनल रेवेन्यू सर्विस के बीच टैक्स से छूट की व्यवस्था को मंज़ूरी दी।
150 से 5 लाख के कांवड़... दुकानदारों ने बताया क्या डिमांड कर रहे 'भोले'
सावन के महीने में कांवड़ बाजार पूरी तरह सज चुके हैं. इस बार 150 रुपये की साधारण कांवड़ से लेकर 5 लाख रुपये तक की लग्जरी कांवड़ बिक रही हैं. जानिए महंगी कांवड़ में क्या खास होता है, इन्हें कैसे बनाया जाता है, कौन-कौन से कारीगर मिलकर तैयार करते हैं और आखिर इनकी कीमत लाखों रुपये तक क्यों पहुंच जाती है.
600 से ज्यादा विकेट, फिर भी टीम इंडिया में चांस नहीं... जडेजा की अनकही कहानी
भारतीय क्रिकेट में कई ऐसे खिलाड़ी रहे हैं, जिन्होंने वर्षों तक लगातार शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन टीम इंडिया का दरवाजा उनके लिए नहीं खुल सका. धर्मेंद्रसिंह जडेजा भी ऐसे ही खिलाड़़ियों में शामिल हैं. धर्मेंद्रसिंह जडेजा ने 600 से ज्यादा विकेट हासिल किए हैं, लेकिन अब तक उन्हें टीम इंडिया के लिए खेलने का मौका नहीं मिला.
यमन की सेना ने शनिवार को घोषणा की कि उन्होंने कई मोर्चों पर हूथी ठिकानों को निशाना बनाते हुए एक बड़ा सैन्य अभियान चलाया। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई मारिब और हद्रामौत प्रांतों में मिलिशिया द्वारा हाल ही में किए गए हमलों का सीधा जवाब है। सरकारी ब्रॉडकास्टर यमन टीवी पर दिए गए एक बयान में सेना के प्रवक्ता कर्नल माजिद अल-नुज़ैली ने कहा कि यह अभियान यमन की सेना के उस वैध अधिकार के तहत शुरू किया गया था, जिसके तहत वे अपनी और अपने बहादुर जवानों की सुरक्षा कर सकते हैं, और आतंकवादी हूथी मिलिशिया द्वारा किए जाने वाले धोखेपूर्ण और बार-बार के आतंकवादी हमलों से निहत्थे नागरिकों की रक्षा कर सकते हैं। इसे भी पढ़ें: बर्दाश्त नहीं...लाल सागर में डूबा भारतीय झंडे वाला जहाज, भयंकर भड़का भारत, अब होगा एक्शन! अल-नुज़ैली ने बताया कि हाल ही में हूथी हमलों में सैनिकों और आम नागरिकों की जान गई है, जिसके जवाब में कई मोर्चों पर एक साथ जवाबी कार्रवाई शुरू की गई है। अल-नुज़ैली ने कहा हमारी सेना ने हूथी मिलिशिया और उनके आतंकवादी गुटों की ताकतों और क्षमताओं के खिलाफ कई मोर्चों पर सैन्य कार्रवाई की है, जहाँ हमारी सेना का उनसे आमना-सामना होता है। उन्होंने आगे कहा कि इस कार्रवाई से हमारी सेना की कमांड और कंट्रोल की एकता का पता चलता है। सैन्य तनाव और बढ़ाने के खिलाफ़ कड़ी चेतावनी देते हुए, प्रवक्ता ने ज़ोर देकर कहा कि किसी एक सेक्टर पर हमले को देश भर में सरकार के साथ जुड़ी सभी यूनिट्स पर हमला माना जाएगा। इसे भी पढ़ें: शहबाज-मुनीर के सऊदी पहुंचते ही टूट पड़ा ईरान, बिछा दी लाशें उन्होंने कहा हम इस बात पर ज़ोर देते हैं कि किसी भी मोर्चे या एक्सिस (axis) के ख़िलाफ़ आक्रामकता को हमारी सशस्त्र सेनाओं के सभी मोर्चों और एक्सिस के ख़िलाफ़ आक्रामकता माना जाएगा, जिसमें उनके सभी फ़ॉर्मेशन और बहादुर जवान शामिल हैं। जनता को संबोधित करते हुए, अल-नुज़ैली ने यमनी कबीलों और नागरिकों से अपील की कि वे सरकारी संस्थानों को बहाल करने के लिए सरकारी बलों का समर्थन करें। उन्होंने हूथी मिलिशिया पर आरोप लगाया कि वे देश के संसाधनों और संपत्ति को लूट रहे हैं, अवैध टैक्स लगा रहे हैं, अर्थव्यवस्था को बर्बाद कर रहे हैं और बाहरी एजेंडे के लिए देश को क्षेत्रीय संघर्षों में धकेल रहे हैं।
विदेश जाने की जिद्द! हाईकोर्ट से झटका लगते ही SC पहुंचे अभिषेक बनर्जी
तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी ने कलकत्ता हाईकोर्ट के उस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है जिसमें उन्हें आंखों के इलाज के लिए विदेश जाने की अनुमति नहीं दी गई थी. हाईकोर्ट ने यह आदेश इसलिए दिया क्योंकि बनर्जी मेडिकल बोर्ड के सामने जांच कराने को तैयार नहीं थे. सुप्रीम कोर्ट ने पहले हाईकोर्ट को एक सप्ताह में इस याचिका पर सुनवाई करने को कहा था.
चिकन में मिला 'कंडोम', देखते ही कपल की हालत खराब; रेस्टोरेंट पर 12 करोड़ का मुकदमा
कपल का कहना है कि वस्तु देखने के तुरंत बाद उन्होंने खाना बंद कर दिया। दोनों को उल्टी महसूस होने लगी और उन्हें डर था कि कहीं उन्होंने खराब खाना तो नहीं खा लिया। यह पता नहीं चला कि चिकन के अंदर मिली चीज वास्तव में क्या थी।
Strait of Hormuz को लेकर Iran-Oman बातचीत में प्रगति, US को कमर्शियल तेल शिपमेंट बहाल होने की उम्मीद
अमेरिका के एक अधिकारी ने बताया कि ईरान और ओमान के बीच बातचीत में प्रगति हुई है। इससे रणनीतिक रूप से अहम 'स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़' (Hormuz जलडमरूमध्य) को फिर से खोलने और पांच महीने से चल रहे टकराव के कारण रुके हुए तेल निर्यात को बहाल करने में मदद मिल सकती है। रॉयटर्स ने नाम न बताने की शर्त पर बात करने वाले अमेरिकी अधिकारी के हवाले से बताया कि वॉशिंगटन को उम्मीद है कि ईरान और ओमान जो इस जलमार्ग से सटे दो देश हैं के बीच जल्द ही कोई समझौता होगा, जिससे सामान्य कमर्शियल तेल शिपमेंट फिर से शुरू हो सकेंगे। इस रणनीतिक रास्ते पर नियंत्रण को लेकर समझौता होना, शांति के लिए एक बड़े समझौते की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। इसे भी पढ़ें: किसी भी पल हो सकती है मौत...मोजतबा खामनेई को लेकर इजरायल ने कर दिया सबसे बड़ा खुलासा, ईरान के जवाब ने दुनिया को चौंकाया रॉयटर्स ने अधिकारी के हवाले से कहा कि इस जलडमरूमध्य को लेकर ओमान और ईरान के बीच प्रगति हुई है और हमें जल्द ही समझौते की उम्मीद है। एक बार जब बिना किसी रुकावट के कमर्शियल शिपिंग बहाल करने के समझौते की घोषणा हो जाएगी, तो अमेरिका ईरानी बंदरगाहों पर लगी नाकेबंदी हटा लेगा। अधिकारी ने इस बात पर ज़ोर दिया कि भविष्य के कदम ईरान द्वारा अपनी ज़िम्मेदारियों को पूरा करने पर निर्भर करेंगे। उन्होंने कहा हमेशा की तरह, अमेरिका के कदम ईरान के काम और उसके वादों को पूरा करने पर आधारित होंगे। इससे पहले, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उम्मीद जताई थी कि स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत किसी समझौते के करीब पहुँचने के साथ ही ईंधन की कीमतें कम हो सकती हैं। फॉक्स न्यूज़ के अनुसार, ट्रंप ने कहा कि बातचीत में प्रगति से तेल की ढुलाई के लिए दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापार मार्गों में से एक को स्थिर करने में मदद मिल सकती है। अगर बातचीत सफल रही, तो इससे पेट्रोल की कीमतें कम होने की उम्मीद है। राष्ट्रपति ट्रंप ने गुरुवार (स्थानीय समय) को ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बात करते हुए ये बातें कहीं। उन्होंने भरोसा जताया कि ईरान के साथ चल रहा टकराव बहुत जल्द खत्म हो जाएगा और कहा कि उन्हें नहीं लगता कि इस्लामिक रिपब्लिक ज़्यादा समय तक यह टकराव जारी रख पाएगा। उन्होंने फिर दोहराया कि अमेरिका यह पक्का करने के लिए प्रतिबद्ध है कि ईरान परमाणु हथियार हासिल न कर पाए। इसे भी पढ़ें: अगर भारत-पाक युद्ध हुआ तो क्या India के खिलाफ अपनी सेना उतारेंगे Turkey और Saudi Arabia? ट्रंप ने चल रही कूटनीतिक कोशिशों पर उम्मीद जताते हुए कहा, मुझे लगता है कि हम बहुत अच्छा काम कर रहे हैं। मैं बातचीत में शामिल हूँ। मुझे लगता है कि सब ठीक चल रहा है... यह जल्द ही हो सकता है। स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ को लेकर बातचीत पर ट्रंप ने कहा कि सुरक्षा संबंधी चिंताएँ तो हैं, लेकिन बातचीत आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा मैं यह नहीं कहना चाहता कि यह हो चुका है... अभी स्थिति कुछ खुली हुई है। हमारे पास अमेरिकी नौसेना के नेतृत्व में नाकेबंदी (ब्लॉकेड) की व्यवस्था है और हम इसे नियंत्रित करते हैं। लेकिन वे कभी भी कुछ शूट कर सकते हैं या कोई माइन (समुद्री सुरंग) गिरा सकते हैं... अगर वहाँ एक भी माइन पड़ी हो, तो चीजें बिगड़ सकती हैं क्योंकि लोग अपनी अरबों डॉलर की नावों को जोखिम में नहीं डालना चाहते और गलती से किसी माइन की चपेट में नहीं आना चाहते। दूसरी ओर, ईरान के कार्यवाहक रक्षा मंत्री ब्रिगेडियर जनरल माजिद एब्न-ए-रेज़ा ने गुरुवार को कहा कि देश की सेना किसी भी बाहरी खतरे का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि ईरान की सैन्य ताकत उसके अपने रक्षा उद्योग पर आधारित है।
रूसी मिसाइल हमलों से दहल उठा यूक्रेन का कीव, देखन दुनिया आजतक
रूसी मिसाइल हमलों से एक बार फिर यूक्रेन की राजधानी कीव दहल उठी. बैलिस्टिक मिसाइल हमलों में तीन लोगों की जान चली गई. मरने वालों में एक बच्चा भी शामिल है. हमलों के बाद शहर में हुए कई धमाके सुनाई दिए. कीव मेयर ने दो जिलों में हमलों के बाद आग भड़कने की बात कही. देखें दुनिया आजतक.
कुंभ राशि के शुभ कार्यों में वृद्धि होगी, आपके लिए कल कैसा रहेगा दिन?
कुंभ राशि के लिए आर्थिक और वाणिज्यिक पक्ष मजबूत रहने के संकेत हैं. मित्रों का सहयोग मिलेगा. कार्यक्षेत्र में सबका समर्थन पाएंगे. शुभ कार्यों में वृद्धि होगी. व्यापार का दायरा बढ़ सकता है. शिक्षा और प्रबंधन से जुड़े कार्यों में आगे रहेंगे. योग, ध्यान और प्राणायाम को दिनचर्या में शामिल कर सकते हैं.
IIT दिल्ली के दीक्षांत समारोह में पहुंचे PM मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी IIT दिल्ली के 57वें दीक्षांत समारोह में शामिल हुए और छात्रों को नई शुरुआत के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि वह “बाबा बागेश्वर” नहीं हैं, लेकिन हर छात्र के मन में भविष्य को लेकर अलग-अलग सपने और योजनाएं जरूर चल रही होंगी।
Splendor-पैशन के बाद बड़ी तैयारी में हीरो, ला रहा दो नई बाइक्स
भारतीय इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर मार्केट में अभी स्कूटर्स का कब्जा है. बाइक्स की सेल नाम मात्र की है. इसकी एक बड़ी वजह इलेक्ट्रिक बाइक सेगमेंट में बड़े ब्रांड्स का ना होना है. रॉयल एनफील्ड ने इस सेगमेंट में फ्लाइंग फ्ली से एंट्री की है, लेकिन अभी बाइक की उपलब्धता सीमित है. अब इस सेगमेंट हीरो की एंट्री होने वाली है. आइए जानते हैं हीरो क्या प्लान कर रहा है.

