'20 मिनट में यहां पानी पहुंचने वाला है', पुलिस का अलर्ट आते ही पैनिक मोड में नेपाल के लोग
नेपाल में विनाशकारी बाढ़ से उबरने के बीच नुवाकोट के धुंडे बाजार में एक बार फिर बाढ़ का खतरा बढ़ गया है. अधिकारियों ने लोगों को नदी किनारे से हटाकर सुरक्षित जगह जाने को कहा है. स्थानीय प्रशासन के मुताबिक ऊपर से पानी छोड़े जाने या ग्लेशियर टूटने के बाद अगले कुछ मिनटों में नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है.
भोटेकोशी त्रासदी के बीच पहले नेपाल और अब चीन में आया भूकंप
दक्षिण-पश्चिम चीन के सिचुआन प्रांत में शुक्रवार को धरती हिल गई. चाइना अर्थक्वेक नेटवर्क्स सेंटर के मुताबिक लॉन्गचांग शहर में 5.1 तीव्रता का भूकंप आया. इस खबर से इलाके में हलचल मच गई है और लोग सतर्क हो गए हैं. यह भूकंप शुक्रवार को दर्ज किया गया. चाइना अर्थक्वेक नेटवर्क्स सेंटर यानी सीईएनसी, जो चीन में भूकंप की निगरानी करने वाली आधिकारिक संस्था है, ने इसकी पुष्टि की है. भूकंप का केंद्र लॉन्गचांग शहर में बताया गया है, जो सिचुआन प्रांत में स्थित है. सिचुआन प्रांत पहले भी कई बार भूकंप की घटनाओं का गवाह रह चुका है, इसलिए यहां भूकंप को लेकर लोग हमेशा सतर्क रहते हैं. 5.1 तीव्रता का भूकंप मध्यम स्तर का माना जाता है और इससे इमारतों में हल्के झटके और दरारें आने की आशंका रहती है. फिलहाल किसी नुकसान या हताहत की जानकारी सामने नहीं आई है. स्थानीय प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है.
उन्हें मारने की कोशिश हो रही... इमरान खान के बेटों का बड़ा दावा
खेल जगत में इमरान खान की पहचान उस कप्तान की रही है, जिनकी अगुवाई में पाकिस्तानी क्रिकेट टीम ने यादगार प्रदर्शन किया. इमरान खान के अंडर ही पाकिस्तान ने 1992 में अपना पहला वर्ल्ड कप जीता था. अब उनके बेटों के दावों ने एक बार फिर पूर्व पाकिस्तानी कप्तान के स्वास्थ्य को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं.
'हम नहीं बचेंगे...', महिला ने बयां की नेपाल से परिजन की लास्ट कॉल
नेपाल की आपदा में कई भारतीय परिवार उजड़ गए, सैकड़ों भारतीय लापता हैं, अब भारत में उनके परिजन इस इंतजार में हैं कि कोई तो अच्छी खबर आए कि आखिर वो लोग कहां हैं? किस हालत में हैं. आजतक ने कुछ ऐसे ही भारतीयों से बात की, जिनके परिजनों का नेपाल आपदा के चलते अब तक कोई पता नहीं चल सका है.
USA: Karoline Leavitt completes tenure as White House Press Secretary, Donald Trump - 'ट्रंप खुद अपने सबसे अच्छे प्रवक्ता': कैरोलिन लेविट की उत्तराधिकारी को सलाह, व्हाइट हाउस प्रवक्ता पद से विदा
3 दिन से मौत के मुहाने पर 18 मजदूर... हेलीकॉप्टर आया, लेकिन रेस्क्यू नहीं हो सका
नेपाल के रसुवा में भोटेकोशी बाढ़ के बाद लांगटांग हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट में 18 मजदूर पिछले तीन दिनों से फंसे हैं. नेपाली सेना ने हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू की कोशिश की, लेकिन लैंडिंग नहीं हो सकी. एक मजदूर गंभीर रूप से घायल है. नेपाल में 13 हजार से ज्यादा सुरक्षाकर्मी और 15 हेलीकॉप्टर राहत-बचाव में लगाए गए हैं.
नेपाल के नुवाकोट जिले का त्रिशूली बाजार बुधवार को कुछ ही मिनटों में एक व्यस्त कस्बे से तबाही के मंजर में बदल गया। सामने आए डरावने वीडियो में सड़क पर भागते लोग, रास्ता बदलने की कोशिश करती गाड़ियां और तेजी से बाजार की ओर बढ़ता मटमैला पानी दिखाई दे रहा है। पानी के साथ मिट्टी, पत्थर और भारी मलबा भी बहता चला आया, जिसने देखते ही देखते पूरे इलाके को अपनी चपेट में ले लिया। वीडियो की शुरुआत में सब कुछ सामान्य नजर आता है। बाजार की सड़कों पर लोगों की आवाजाही थी और वाहन आ-जा रहे थे। लेकिन हालात बदलने में ज्यादा वक्त नहीं लगा। जैसे ही पानी का तेज बहाव बाजार की तरफ बढ़ा, लोगों ने सुरक्षित जगहों की ओर भागना शुरू कर दिया। कार और मोटरसाइकिल सवार भी किसी तरह उस रास्ते से निकलने की कोशिश करते दिखे। इस अफरा-तफरी के बीच एक स्कूल बस भी दिखाई दी। कुछ ही देर में सड़कें पानी और मलबे से भर गईं और लोगों के लिए वहां से निकलना मुश्किल हो गया। इसे भी पढ़ें: Nepal Floods: मृतकों की संख्या 469 पहुंची, 1400 से ज्यादा लोग अब भी लापता, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी सैलाब का असर इतना तेज था कि देखते ही देखते त्रिशूली का बाजार क्षेत्र पानी, गाद, चट्टानों और मलबे के नीचे दबने लगा। कई जगह सड़कें क्षतिग्रस्त हो गईं, जबकि पुल और दूसरी संरचनाएं भी तेज बहाव में बह गईं या बुरी तरह टूट गईं। कई हिस्सों में मोटी कीचड़ की परत जम गई, जिससे सामान्य जनजीवन पूरी तरह ठप हो गया। त्रिशूली में हुई यह तबाही नेपाल के पहाड़ी इलाकों में बुधवार को आई बड़ी प्राकृतिक आपदा का हिस्सा है। नेपाल-तिब्बत सीमा के आसपास बड़े भूस्खलन और ग्लेशियर से जुड़ी घटना के बाद भारी मात्रा में पानी, बर्फ, चट्टान और कीचड़ हिमालयी नदी तंत्र में उतर आया। तेज बहाव ने नदी किनारे बसे इलाकों और आसपास के गांवों में भारी नुकसान पहुंचाया। इसे भी पढ़ें: Tibet Nepal Border पर बाढ़ के बाद Barrier Lake फटने का खतरा, चीन ने जारी किया अलर्ट नुवाकोट जिले में हालात बेहद गंभीर बताए जा रहे हैं। कई गांवों को भारी नुकसान पहुंचा है और कुछ जगहों पर घरों तथा दूसरी इमारतों के पूरी तरह तबाह होने की खबर है। बाढ़ के पानी में सड़कें और पुल बह जाने से कई समुदायों का संपर्क बाकी इलाकों से टूट गया। इसका सीधा असर राहत और बचाव अभियान पर भी पड़ा है। मलबे और कीचड़ के बीच फंसे लोगों की तलाश के लिए बचाव दल भारी मशीनों की मदद ले रहे हैं। टीमें उन जगहों पर लगातार काम कर रही हैं जहां लोगों के दबे होने या लापता होने की आशंका है। मुश्किल यह है कि कई इलाकों तक पहुंचने वाले रास्ते खुद बाढ़ में तबाह हो चुके हैं। इसे भी पढ़ें: China Nepal Floods: सीमावर्ती इलाकों में बाढ़ से 359 मौतें, 288 भारतीय लापता नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने बाढ़ से प्रभावित नुवाकोट का दौरा कर हालात का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि सभी सरकारी एजेंसियां पूरी क्षमता के साथ राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं। फिलहाल प्राथमिकता लापता लोगों को तलाशना, घायलों को इलाज उपलब्ध कराना और प्रभावित परिवारों तक जरूरी मदद पहुंचाना है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, इस आपदा में अब तक कम से कम 469 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब 1,500 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। लापता लोगों में 290 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। सबसे बड़ी चिंता यह है कि आपदा के बाद भी हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हैं। हिमालयी क्षेत्र के कई हिस्सों में भारी बारिश जारी रहने के कारण अधिकारियों ने आगे भी बाढ़ और भूस्खलन की आशंका जताई है। त्रिशूली बाजार की तस्वीरें इसी खतरे की गंभीरता दिखाती हैं—जहां कुछ मिनट पहले तक रोजमर्रा की जिंदगी चल रही थी, वहीं अचानक पानी, पत्थर और मलबे का ऐसा सैलाब आया कि लोगों को अपनी जान बचाने के लिए भागना पड़ा। नेपाल के प्रभावित पहाड़ी इलाकों में अब राहत और बचाव दलों के सामने सबसे बड़ी चुनौती मलबे में फंसे और लापता लोगों तक पहुंचना है। This is how the flood entered Trishuli Bazaar. #Nepal #Flashflood pic.twitter.com/XRVk5kX9ur — Dr. Kiran J Patel (@kiranpatel1977) August 27, 2026
आज पूरे दिन पंचक, सुबह का मुहूर्त निकला, दोपहर में कब बांधें राखी?
Raksha Bandhan 2026: रक्षाबंधन पर आज पूरे दिन पंचक रहेगा. सुबह का मुख्य शुभ मुहूर्त निकल चुका है. जानें पंचक के बीच दोपहर में कब भाई की कलाई पर राखी बांधना शुभ रहेगा .
कंगना रनौत ने भाई को बांधी राखी- गले लगाकर दिया आशीर्वाद, Photos
कंगना रनौत ने अपने रक्षाबंधन सेलिब्रेशन की तस्वीरें फैंस संग शेयर करके उन्हें ट्रीट दी है. एक्ट्रेस ने अपने भाई और भाभी संग धूमधाम से राखी का त्योहार मनाया.
Agonizing Wait for Indian-American Families as Hundreds of Pilgrims and Foreign Nationals Go Missing
Nepal Floods: मृतकों की संख्या 469 पहुंची, 1400 से ज्यादा लोग अब भी लापता, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
नेपाल में बुधवार को आई भयानक फ्लैश फ्लड से मरने वालों की संख्या बढ़कर 469 हो गई है। वहीं, 178 भारतीयों समेत 1400 से ज्यादा लोग अब भी लापता हैं। नेपाल पुलिस ने शुक्रवार को इस बड़ी त्रासदी में हुई मौतों के आधिकारिक आंकड़ों की पुष्टि की है। नेपाल पुलिस के मुताबिक, भोटे कोशी-त्रिशूली कॉरिडोर के आसपास पानी में बह गए या फंसे सैकड़ों लोगों की तलाश के लिए बचाव अभियान लगातार चलाया जा रहा है। चीन ने भी पुष्टि की है कि तिब्बत की ओर तीन लोगों की मौत हुई है। 288 भारतीयों से नहीं हो पा रहा संपर्क राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन प्राधिकरण के ताजा आंकड़ों के अनुसार, नेपाल में 910 लोग लापता हैं या उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है। इसमें भारतीय विदेश मंत्रालय का वह आंकड़ा भी शामिल है, जिसके मुताबिक गुरुवार देर शाम तक 288 भारतीय नागरिकों से संपर्क नहीं हो पा रहा था। नेपाल ने अभी तक मृतकों की राष्ट्रीयता के आधार पर कोई सूची जारी नहीं की है। इसलिए यह साफ नहीं है कि मरने वालों में कितने भारतीय नागरिक शामिल हैं। तिब्बत में 558 लोगों के लापता होने की खबर सीमा पार तिब्बत में चीनी अधिकारियों ने गुरुवार सुबह तक 558 लोगों के लापता होने की जानकारी दी थी। बीजिंग ने भी लापता लोगों का देश के हिसाब से आंकड़ा जारी नहीं किया है। ऐसे में यह पता नहीं चल पाया है कि लापता लोगों में कितने भारतीय या दूसरे देशों के नागरिक हैं। इसके अलावा, करीब 200 भारतीय तिब्बत में फंसे हुए हैं और उन्होंने मदद की गुहार लगाई है। इसे भी पढ़ें: Tibet Nepal Border पर बाढ़ के बाद Barrier Lake फटने का खतरा, चीन ने जारी किया अलर्ट 288 लापता भारतीयों में 73 जलविद्युत कर्मचारी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि नेपाल में संपर्क से बाहर 288 भारतीय नागरिकों में से 73 लोग त्रिशूली-1 जलविद्युत परियोजना में काम करने वाले कर्मचारी हैं। कैलाश यात्रा पर गए लोग भी फंसे लापता लोगों में पर्यटकों और तीर्थयात्रियों के वे समूह भी शामिल हैं, जो तिब्बत में कैलाश पर्वत की यात्रा पर जा रहे थे या वहां से लौट रहे थे। इनमें कई लोग तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और केरल के रहने वाले हैं। गुरुवार दोपहर 1 बजे तक तमिलनाडु के 21 पर्यटकों को सुरक्षित बचा लिया गया था और उन्हें काठमांडू लाया जा रहा था। वहीं, तिब्बती क्षेत्र में फंसे करीब 200 अन्य भारतीयों ने भी भारतीय अधिकारियों से मदद मांगी है। इसे भी पढ़ें: China Nepal Floods: सीमावर्ती इलाकों में बाढ़ से 359 मौतें, 288 भारतीय लापता नेपाल के आंकड़ों में क्यों है अंतर? नेपाल पर्यटन बोर्ड की सूची में आंकड़े कुछ अलग हैं। इसमें 178 भारतीयों को लापता या संपर्क से बाहर बताया गया है। इसका कारण यह है कि भारत की ओर से बताए गए 288 के आंकड़े में जलविद्युत परियोजना के कर्मचारी और ऐसे दूसरे समूह भी शामिल हैं, जो नेपाल की पर्यटन सूची में नहीं आते। नेपाल की पर्यटक सूची में सबसे बड़ा समूह भारतीय नागरिकों का ही है। 573 लोगों को हवाई उड़ानों से बचाया गया नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने बताया कि गुरुवार को 69 हवाई उड़ानों के जरिए 573 लोगों को बचाया गया। इसके साथ ही सेना और निजी कंपनियों के अतिरिक्त हेलीकॉप्टरों को भी जरूरत पड़ने पर तुरंत इस्तेमाल करने के लिए तैयार रखा गया है।
Tibet Nepal Border पर बाढ़ के बाद Barrier Lake फटने का खतरा, चीन ने जारी किया अलर्ट
के जे एम वर्माबीजिंग, 28 अगस्त चीन ने तिब्बत-नेपाल सीमा पर अचानक आई विनाशकारी बाढ़ के बाद ‘लेवल-चार’ का अलर्ट जारी किया है और चेतावनी दी है कि दो नदियों के संगम के पास बनी एक नई ‘अवरोधक झील’ के टूटने का खतरा काफी बढ़ गया है जिससे निचले इलाकों में भीषण बाढ़ आ सकती है। अवरोधक झील वह झील होती है जो किसी प्राकृतिक रुकावट के कारण नदी या जलधारा का रास्ता बंद हो जाने से बनती है। चीन के जल संसाधन मंत्रालय ने बृहस्पतिवार रात तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में आपातकालीन प्रतिक्रिया शुरू की और छोचेन खोला तथा पुरेपु त्संगपो नदियों के संगम के पास बनी इस ‘अवरोधक झील’ से पैदा हुए खतरे को लेकर आगाह किया। ये दोनों नदियां तिब्बत से निकलती हैं और नेपाल में भोटे कोशी नदी की धारा का हिस्सा हैं। प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए चीन की आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली में चार स्तर हैं। इनमें ‘लेवल-1’ सबसे गंभीर और ‘लेवल-4’ सबसे निचला स्तर है। चीन की सरकारी समाचार एजेंसी ‘शिन्हुआ’ की खबर के अनुसार, बृहस्पतिवार सुबह तक झील में अनुमानित 20 लाख घन मीटर पानी जमा हो चुका था। पूर्वानुमान के मुताबिक, लगातार हो रही बारिश के कारण अगले तीन दिन में झील में पानी का प्रवाह करीब 30 लाख घन मीटर तक पहुंच सकता है जिससे इसके टूटने का खतरा और बढ़ गया है। ऐसी स्थिति में बाढ़ का पानी नीचे की ओर तेजी से बह सकता है और चीन-नेपाल सीमा पर स्थित गिरोंग पोर्ट तथा आसपास के निचले इलाकों में भारी तबाही मचा सकता है। इसके मद्देनजर जल संसाधन मंत्रालय ने स्थानीय अधिकारियों को ‘अवरोधक झील’ और बारिश की स्थिति पर कड़ी नजर रखने, मौसम और जल प्रवाह के पूर्वानुमान तथा जोखिम के आकलन को बेहतर बनाने व निचले इलाकों में संभावित रूप से प्रभावित होने वाले लोगों की सटीक पहचान करने के निर्देश दिए हैं। इस बीच, चीन ने नेपाल सीमा के पास तिब्बत के बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्यों में मदद के लिए उपग्रहों और ड्रोनों को तैनात किया है। चीन राष्ट्रीय अंतरिक्ष प्रशासन (सीएनएसए) ने बताया कि उसने प्रभावित क्षेत्र की आपातकालीन तस्वीरें लेने और पुरानी तस्वीरें जुटाने के लिए उपग्रह संसाधनों का इस्तेमाल शुरू किया है। अब तक आपदा के आकलन और राहत कार्यों में मदद के लिए संबंधित विभागों को आपदा से पहले की पांच और आपदा के बाद की 10 तस्वीरें उपलब्ध कराई जा चुकी हैं। ‘शिन्हुआ’ की खबर के अनुसार, चीन ने इलाके का व्यापक हवाई सर्वेक्षण करने के लिए उच्च-गुणवत्ता वाले कैमरों से लैस अपे ड्रोन ‘विंग लोंग’ को भी तैनात किया है। वहीं, बचावकर्मी अभियान के दौरान छोटे ड्रोनों का इस्तेमाल कर रहे हैं। इन ड्रोन में लगे उच्च-गुणवत्ता वाले कैमरों की मदद से बाढ़ प्रभावित इलाके का वास्तविक-समय में 3डी मॉडल तैयार किया जाएगा। इससे बचाव अभियान के नियंत्रण केंद्र को पूरे क्षेत्र की स्थिति समझने और उन इलाकों को चिह्नित करने में मदद मिलेगी, जहां सबसे पहले तलाशी अभियान चलाने की जरूरत है। इसके अलावा, बचावकर्मी घने वन क्षेत्रों और कीचड़ में समा चुके इलाकों में लापता लोगों का पता लगाने के लिए ड्रोन में लगे यूएवी का भी इस्तेमाल कर रहे हैं। चीन के अनुसार, 26 अगस्त को तिब्बत-नेपाल सीमा के पास गिरोंग काउंटी के गिरोंग पोर्ट में अचानक आई बाढ़ के बाद कई विदेशी पर्यटकों समेत 558 लोग लापता हो गए थे। हालांकि, इस विशाल ‘अवरोधक झील’ के कारण राहत और बचाव कार्य प्रभावित हो रहे हैं। चीनी अधिकारियों को आशंका है कि झील टूटने से एक और बड़ी आपदा आ सकती है। अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि 555 पर्यटकों सहित 1,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। इस आपदा में भारी संख्या में लोग हताहत हुए हैं। ‘शिन्हुआ’ की खबर के अनुसार, सांस्कृतिक व पर्यटन अधिकारियों के समन्वय से गिरोंग काउंटी में कुल 499 ग्रामीणों व श्रमिकों और 555 प्रभावित पर्यटकों को निकाला गया। सरकारी समाचार पत्र ‘ग्लोबल टाइम्स’ के अनुसार, अब उस क्षेत्र में कोई भी पर्यटक नहीं है। ‘शिन्हुआ’ की खबर के अनुसार, चीन की सरकारी इंजीनियरिंग और बचाव कंपनी ‘चीन अन्नोंग’ की आठ सदस्यीय अग्रिम टीम संचार और खोज उपकरणों के साथ बृहस्पतिवार को गिरोंग काउंटी पहुंची। टीम नदी के ऊपरी हिस्से में बने अवरोध से संबंधित आंकड़े जुटाएगी। मौके पर मौजूद बचावकर्मियों के मुताबिक, पोर्ट से करीब तीन किलोमीटर दूर नदी के ऊपरी हिस्से में जमा मलबे को सुरक्षित रूप से हटाने से पहले अवरोधक झील के खतरे को टालना जरूरी है। अग्निशमन कर्मियों ने झील की पूरी परिधि के आसपास कई बिंदु चिह्नित करने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया है। इन बिंदुओं के निर्देशांक के आधार पर झील के जल क्षेत्र का आकलन किया जा सकेगा। ड्रोन से मिले दृश्यों में पता चला कि बुधवार रात की तुलना में झील का जलस्तर बढ़ गया। चीन के प्रधानमंत्री ली कियांग ने स्थिति का जायजा लेने के लिए संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के एक दल के साथ आपदा प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया। ये अधिकारी राहत और बचाव कार्यों की निगरानी करेंगे और प्रभावित लोगों से भी मुलाकात करेंगे। इसके अलावा, तिब्बत में भारत-चीन सीमा की निगरानी करने वाली पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) की पश्चिमी कमान के एक निरीक्षण दल को भी बृहस्पतिवार को प्रभावित क्षेत्र में भेजा गया। यह दल गिरोंग काउंटी में सैन्यकर्मियों द्वारा चलाए जा रहे संयुक्त राहत और बचाव अभियानों के बीच समन्वय स्थापित करेगा।
बिना दाल भिगोए, जरा से घी-मेवों से बनाएं पीली मूंग दाल की बर्फी
Moong Dal Burfi: अगर आप भी आज रक्षाबंधन पर झटपट कुछ मीठा बनाना चाहते हैं तो यहां हम आपको इंस्टैंट पीली मूंग दाल की टेस्टी बर्फी बनाने की रेसिपी बता रहे हैं. ये खाने में बहुत स्वादिष्ट होती है.
चंद्रग्रहण का रक्षाबंधन पर क्या होगा असर? कैसा रहेगा आपका दिन, देखें भाग्य चक्र
आज के कार्यक्रम भाग्य चक्र में शैलेंद्र पांडेय बात करेंगे रक्षाबंधन के पर्व की, इसके पौराणिक, धार्मिक महत्व की, इसके पूजा विधान की. क्योंकि आज दुनिया में चंद्रग्रहण भी लग रहा है तो इस चंद्रग्रहण का रक्षाबंधन पर क्या असर है, इस बारे में भी बात करेंगे. आपके सवाल का जवाब भी देंगे. पहर और सक्सेस मंत्र के साथ ही बताएंगे मेष से लेकर मीन तक 12 राशियों के दैनिक राशिफल के बारे में. देखें वीडियो.
50KM माइलेज वाली SUV लॉन्च, टाटा-महिंद्रा के लिए कितना है खतरा
एमजी ने भारतीय बाजार में अपनी पहली प्लगइन हाइब्रिड कार को लॉन्च कर दिया है. ये भारत में मिलने वाली सबसे सस्ती प्लगइन हाइब्रिड कार है. वैसे कंपनी इस एसयूवी के जरिए डीजल कार खरीदने वाले बायर्स को टार्गेट कर रही है. यानी इसका सीधा मुकाबला टाटा और महिंद्रा की बड़ी कारों से होगा. आइए जानते हैं दोनों की रनिंग कॉस्ट में क्या अंतर है.
भारत में लॉन्च हुआ Vivo Y31t 5G, गिरने के बाद जल्दी टूटेगा नहीं
Vivo Y31t 5G भारत में लॉन्च हो गया है, जिसमें 7200mAh की बैटरी और बेहतर ड्यूरेबिलिटी मिलती है. भारत में इसकी पहली सेल के साथ बैंक ऑफर मिलेगा. इसमें 50 मेगापिक्सल का प्राइमरी कैमरा दिया गया है. आइए इसके बारे में डिटेल्स में जानते हैं.
वैसलीन की जगह ये नाम बोल रही थी कोरियन इंफ्लूएंसर, कंपनी को करना पड़ा रिएक्ट - Aaj Tak News
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वैसलीन की जगह ये नाम बोल रही थी कोरियन गर्ल, वीडियो वायरल
कोरियन इंफ्लूएंसर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने वैसलीन को बैसलीन कहा है. इसके बाद कंपनी ने भी इस पर रिएक्ट किया है.
कितने बजे तक रहेगा राखी बांधने का आखिरी शुभ मुहूर्त? ये है टाइमिंग
Raksha Bandhan 2026: रक्षाबंधन के दिन बहनें भाई की कलाई पर राखी बांधती हैं और उनके दीर्घायु होने की कामना करती हैं. बदले में भाई भी अपनी बहन को वचन देता है कि वो हमेशा उसकी रक्षा करेगा. इस दिन बहनें भाई को रंग-बिरंगी राखी बांधती हैं.
चंद्रग्रहण भारत में नहीं आएगा नजर, इस समय बांधे भाई को राखी
देशभर में आज रक्षाबंधन का पर्व मनाया जा रहा है। भारत में चंद्रग्रहण दिखाई नहीं देगा, इसलिए त्योहार पर इसका कोई प्रभाव नहीं है। इस बार भद्रा का साया भी नहीं रहेगा, जिससे पूरे दिन राखी बांधना शुभ माना जा रहा है।
बाढ़ के बाद अब नेपाल में इन बीमारियों का खतरा
नेपाल में आई भयानक बाढ़ के बाद कई बीमारियों का खतरा बढ़ गया है. पानी और भोजन से फैलने वाली बीमारियां, सांस संबंधी रोग और स्किन इंफेक्शन प्रमुख हैं. लेप्टोस्पायरोसिस जैसी गंभीर बीमारी भी फैलने का डर है.
प्रज्ञानानंद का शतरंजी धमाका, कारुआना को हराकर जीता Grand Chess Tour
भारतीय ग्रैंडमास्टर आर. प्रज्ञानानंद ने इतिहास रचते हुए Grand Chess Tour Finals का खिताब जीत लिया. उन्होंने फाइनल में अमेरिका के फैबियानो कारुआना को 15-13 से हराया. इसके साथ ही वह इस प्रतिष्ठित खिताब को जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए.
China Nepal Floods: सीमावर्ती इलाकों में बाढ़ से 359 मौतें, 288 भारतीय लापता
चीन और नेपाल के सीमावर्ती इलाकों में आई विनाशकारी बाढ़ में बृहस्पतिवार तक कम से कम 359 लोगों की मौत हो चुकी है और 1,400 से अधिक लोग लापता हैं। लापता लोगों में बड़ी संख्या विदेशी नागरिकों की है, जो ट्रैकिंग, पर्यटन या हिंदू तीर्थस्थलों की यात्रा पर आए थे। नेपाल के आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, 910 लोग लापता हैं, जिनमें 517 विदेशी नागरिक हैं। अब तक 50 विदेशियों को हवाई मार्ग से बचाया गया है। लापता लोगों में 113 नेपाली पर्यटक, सेना और पुलिस के 85 जवान, रसुवा जिले के 161 तथा नुवाकोट का एक निवासी शामिल हैं। चीन के सरकारी मीडिया ‘सीसीटीवी’ की खबर के अनुसार तिब्बत स्थित गिरोंग काउंटी में तीन लोगों की मौत हुई है और 558 लोग लापता हैं जिनमें 260 विदेशी नागरिक हैं। चीन के विदेश मंत्रालय के अनुसार, नेपाल में भी करीब 100 चीनी नागरिक लापता हैं। भारत के विदेश मंत्रालय के अनुसार 288 नागरिकों से संपर्क नहीं हो पा रहा, जिनमें 73 बिजली परियोजना में कार्यरत थे। कई भारतीय पर्यटक कैलाश पर्वत की यात्रा पर थे। अमेरिका के 90, यूक्रेन के 55, मलेशिया के 51, ऑस्ट्रेलिया के 39, ब्रिटेन के 33 और कनाडा के 25 नागरिक लापता हैं। इसके अलावा दक्षिण कोरिया के नौ, सिंगापुर, जर्मनी और रूस के आठ-आठ तथा दक्षिण अफ्रीका और लातविया के छह-छह नागरिक लापता हैं। जापान और न्यूजीलैंड के पांच-पांच, फ्रांस के चार, बेल्जियम और स्पेन के तीन-तीन तथा कई अन्य देशों के नागरिक भी लापता हैं।
नेपाल बाढ़ में इंसानियत शर्मसार, लाश से गहने चुराने का खौफनाक Video वायरल
नेपाल में बाढ़ पीड़ितों के शवों से बालियां चुराने का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें कुछ लोग एक महिला के शव से सोने की बालियां निकालते नजर आए. वीडियो सामने आते ही नेपाल पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. यह घटना नेपाल की सबसे भयानक बाढ़ आपदा के बीच हुई है, जिसमें अब तक करीब 400 लोगों की मौत हो चुकी है.
पीक पर पहुंचा साल का आखिरी चंद्र ग्रहण, आसमान में दिखा दुर्लभ नजारा!
Chandra Grahan 2026:साल का आखिरी चंद्र ग्रहण अपने पीक पर पहुंच चुका है. आसमान में चंद्रमा का दुर्लभ नजारा दिखाई दे रहा है. जानें चंद्र ग्रहण का पीक टाइम, कब तक रहेगा और भारत में इसका असर व दृश्यता कैसी है.
China ने Tibet Nepal Border पर जारी किया लेवल 4 अलर्ट, अवरोधक झील से बाढ़ का खतरा
के जे एम वर्माबीजिंग, 28 अगस्त चीन ने तिब्बत-नेपाल सीमा पर अचानक आई विनाशकारी बाढ़ के बाद ‘लेवल-चार’ का अलर्ट जारी किया है और चेतावनी दी है कि दो नदियों के संगम के पास बनी एक नई ‘अवरोधक झील’ के टूटने का खतरा काफी बढ़ गया है जिससे निचले इलाकों में भीषण बाढ़ आ सकती है। अवरोधक झील वह झील होती है जो किसी प्राकृतिक रुकावट के कारण नदी या जलधारा का रास्ता बंद हो जाने से बनती है। चीन के जल संसाधन मंत्रालय ने बृहस्पतिवार रात तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में आपातकालीन प्रतिक्रिया शुरू की और छोचेन खोला तथा पुरेपु त्संगपो नदियों के संगम के पास बनी इस ‘अवरोधक झील’ से पैदा हुए खतरे को लेकर आगाह किया। ये दोनों नदियां तिब्बत से निकलती हैं और नेपाल में भोटे कोशी नदी की धारा का हिस्सा हैं। प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए चीन की आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली में चार स्तर हैं। इनमें ‘लेवल-1’ सबसे गंभीर और ‘लेवल-4’ सबसे निचला स्तर है। चीन की सरकारी समाचार एजेंसी ‘शिन्हुआ’ की खबर के अनुसार, बृहस्पतिवार सुबह तक झील में अनुमानित 20 लाख घन मीटर पानी जमा हो चुका था। पूर्वानुमान के मुताबिक, लगातार हो रही बारिश के कारण अगले तीन दिन में झील में पानी का प्रवाह करीब 30 लाख घन मीटर तक पहुंच सकता है जिससे इसके टूटने का खतरा और बढ़ गया है। ऐसी स्थिति में बाढ़ का पानी नीचे की ओर तेजी से बह सकता है और चीन-नेपाल सीमा पर स्थित गिरोंग पोर्ट तथा आसपास के निचले इलाकों में भारी तबाही मचा सकता है। इसके मद्देनजर जल संसाधन मंत्रालय ने स्थानीय अधिकारियों को ‘अवरोधक झील’ और बारिश की स्थिति पर कड़ी नजर रखने, मौसम और जल प्रवाह के पूर्वानुमान तथा जोखिम के आकलन को बेहतर बनाने व निचले इलाकों में संभावित रूप से प्रभावित होने वाले लोगों की सटीक पहचान करने के निर्देश दिए हैं। इस बीच, चीन ने नेपाल सीमा के पास तिब्बत के बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्यों में मदद के लिए उपग्रहों और ड्रोनों को तैनात किया है। चीन राष्ट्रीय अंतरिक्ष प्रशासन (सीएनएसए) ने बताया कि उसने प्रभावित क्षेत्र की आपातकालीन तस्वीरें लेने और पुरानी तस्वीरें जुटाने के लिए उपग्रह संसाधनों का इस्तेमाल शुरू किया है। अब तक आपदा के आकलन और राहत कार्यों में मदद के लिए संबंधित विभागों को आपदा से पहले की पांच और आपदा के बाद की 10 तस्वीरें उपलब्ध कराई जा चुकी हैं। ‘शिन्हुआ’ की खबर के अनुसार, चीन ने इलाके का व्यापक हवाई सर्वेक्षण करने के लिए उच्च-गुणवत्ता वाले कैमरों से लैस अपे ड्रोन ‘विंग लोंग’ को भी तैनात किया है। वहीं, बचावकर्मी अभियान के दौरान छोटे ड्रोनों का इस्तेमाल कर रहे हैं। इन ड्रोन में लगे उच्च-गुणवत्ता वाले कैमरों की मदद से बाढ़ प्रभावित इलाके का वास्तविक-समय में 3डी मॉडल तैयार किया जाएगा। इससे बचाव अभियान के नियंत्रण केंद्र को पूरे क्षेत्र की स्थिति समझने और उन इलाकों को चिह्नित करने में मदद मिलेगी, जहां सबसे पहले तलाशी अभियान चलाने की जरूरत है। इसके अलावा, बचावकर्मी घने वन क्षेत्रों और कीचड़ में समा चुके इलाकों में लापता लोगों का पता लगाने के लिए ड्रोन में लगे यूएवी का भी इस्तेमाल कर रहे हैं। चीन के अनुसार, 26 अगस्त को तिब्बत-नेपाल सीमा के पास गिरोंग काउंटी के गिरोंग पोर्ट में अचानक आई बाढ़ के बाद कई विदेशी पर्यटकों समेत 558 लोग लापता हो गए थे। हालांकि, इस विशाल ‘अवरोधक झील’ के कारण राहत और बचाव कार्य प्रभावित हो रहे हैं। चीनी अधिकारियों को आशंका है कि झील टूटने से एक और बड़ी आपदा आ सकती है। ‘शिन्हुआ’ की खबर के अनुसार, चीन की सरकारी इंजीनियरिंग और बचाव कंपनी ‘चीन अन्नोंग’ की आठ सदस्यीय अग्रिम टीम संचार और खोज उपकरणों के साथ बृहस्पतिवार को गिरोंग काउंटी पहुंची। टीम नदी के ऊपरी हिस्से में बने अवरोध से संबंधित आंकड़े जुटाएगी। मौके पर मौजूद बचावकर्मियों के मुताबिक, पोर्ट से करीब तीन किलोमीटर दूर नदी के ऊपरी हिस्से में जमा मलबे को सुरक्षित रूप से हटाने से पहले अवरोधक झील के खतरे को टालना जरूरी है। अग्निशमन कर्मियों ने झील की पूरी परिधि के आसपास कई बिंदु चिह्नित करने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया है। इन बिंदुओं के निर्देशांक के आधार पर झील के जल क्षेत्र का आकलन किया जा सकेगा। ड्रोन से मिले दृश्यों में पता चला कि बुधवार रात की तुलना में झील का जलस्तर बढ़ गया। चीन के प्रधानमंत्री ली कियांग ने स्थिति का जायजा लेने के लिए संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के एक दल के साथ आपदा प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया। ये अधिकारी राहत और बचाव कार्यों की निगरानी करेंगे और प्रभावित लोगों से भी मुलाकात करेंगे। इसके अलावा, तिब्बत में भारत-चीन सीमा की निगरानी करने वाली पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) की पश्चिमी कमान के एक निरीक्षण दल को भी बृहस्पतिवार को प्रभावित क्षेत्र में भेजा गया। यह दल गिरोंग काउंटी में सैन्यकर्मियों द्वारा चलाए जा रहे संयुक्त राहत और बचाव अभियानों के बीच समन्वय स्थापित करेगा।
प्लानिंग के साथ कैमरे पर इंटीमेट होते हैं हीरो-हीरोइन! कौन कराता है तैयारी?
फिल्मों में दिखने वाले इंटीमेट सीन असल में कैसे शूट होते हैं? जानिए इंटीमेसी को-ऑर्डिनेटर क्या करते हैं और कैसे हुई इस प्रोफेशन की शुरुआत. साथ ही शूटिंग के दौरान एक्टर्स की सहमति, सुरक्षा और सीमाओं का कैसे ख्याल रखा जाता है.
जाट+ब्राह्मण... जयंत की अखिलेश को सीधी चुनौती, लखनऊ में शक्ति प्रदर्शन
30 अगस्त को लखनऊ में रालोद का राष्ट्रीय सम्मेलन होगा, जिसमें जयंत चौधरी संगठन और 2027 विधानसभा चुनाव की रणनीति पर मंथन करेंगे. जाट और ब्राह्मण समीकरण, ब्राह्मण समाज में बढ़ती सक्रियता और बूथ स्तर तक तैयारी के जरिए रालोद सपा को सीधी चुनौती देने की कोशिश में है.
सोने में आएगी बड़ी गिरावट... सरकार ले सकती है ये फैसला!
सरकार ने मई के दौरान एक फैसला लिया था, ताकि इम्पोर्ट बिल को कम किया जा सके. सरकार के इस फैसले के बाद सोने की कीमतों में तेजी देखने को मिली थी. अब यही फैसला सरकार वापस लेने पर विचार कर रही है.
नेपाल आपदा में मदद: इन नंबरों पर फोन से कंट्रोल रूम में बात करें, बाढ़ की विभीषिका बयां कर कांप रहे पीड़ित
काजू कतली तो खूब खाई होगी, घर की 2 चीजों से झटपट बनाएं
काजू कतली हर किसी को पसंद होती है जिससे अक्सर लोगों का मन नहीं भरता है लेकिन यह काफी महंगी होती है और बाजार की काजू कतली में मिलावट का डर भी रहता है. ऐसे में हम रक्षाबंधन के इस मौके पर इस मिठाई को घर पर बनाने का तरीका बता रहे हैं जिसे टीवी एक्स्ट्रेस रूबीना दिलैक की बहन जो सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहती हैं, उन्होंने शेयर किया था.
Crisis over Trump mail-in voting US court stays order again will controversy escalate before midterm elections
रक्षाबंधन पर चंद्र ग्रहण का असर! कुंभ सहित ये राशियां रहें सावधान
ज्योतिषाचार्य प्रवीण मिश्र के अनुसार, यह चंद्र ग्रहण कुंभ राशि और शतभिषा नक्षत्र में लगा है. हालांकि यह चंद्र ग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा और न ही इसका सूतक काल यहां मान्य होगा. फिर भी ज्योतिषीय दृष्टिकोण से सभी राशियों पर इस चंद्र ग्रहण का प्रभाव होगा.
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने लॉर्ड्स टेस्ट का बहिष्कार करने की धमकी दी। पाकिस्तान और इंग्लैंड के बीच लॉर्ड्स में दूसरा टेस्ट मैच खेला जा रहा है।
15 हजार टैबलेट, 1200 स्ट्रिप... नकली BP दवा का मास्टरमाइंड कौन?
अहमदाबाद में नकली ब्लड प्रेशर की दवा का बड़ा मामला सामने आया है. क्राइम ब्रांच और फूड एंड ड्रग्स विभाग की कार्रवाई में करीब 1200 स्ट्रिप नकली दवा जब्त की गई हैं. जांच के मुताबिक, पिछले चार महीनों में 1500 स्ट्रिप यानी करीब 15 हजार नकली गोलियां बेची जा चुकी हैं. इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस के मुताबिक, नकली दवा का नेटवर्क गुजरात से लेकर उत्तर प्रदेश और राजस्थान तक फैला हुआ है.
WTC फाइनल में कैसे पहुंचेगी टीम इंडिया? 7 टेस्ट बाकी, जानें गणित
कोलंबो टेस्ट के नतीजे ने भारतीय टीम के लिए समीकरण बदल दिए हैं. भारतीय टीम को अब वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप के मौजूदा चक्र में सात टेस्ट मुकाबले और खेलने हैं. न्यूजीलैंड दौरा टीम इंडिया के लिए काफी अहम रहने वाला है. वहां टेस्ट सीरीज में हार मिली तो फाइनल का सपना टूट सकता है.
ट्रंप ने कनाडा के इस लेक पर किया 'कब्जा', पास कर दिया ऑर्डर
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने लेक ओंटारियो का नाम बदलकर लेक अमेरिका करने का आदेश दिया, लेकिन यह सिर्फ अमेरिकी संघीय इस्तेमाल पर ही लागू होगा. कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी, न्यूयॉर्क की गवर्नर कैथी होकुल और क्यूबेक के वेंडाट नेताओं ने इसका विरोध किया है.
अगस्त में लगाएं ये 5 महंगी सब्जियां, पड़ोसियों को भी बांटेंगे
अगस्त-सितंबर का महीना घर पर सब्जियां उगाने के लिए काफी अच्छा माना जाता है. इस समय अपनी क्यारी, गमले या ग्रो बैग में ब्रोकली, शिमला मिर्च, टमाटर, चाइनीज कैबेज और बैंगन जैसी सब्जियां आसानी से उगा सकते हैं. जानें इन सब्जियों की पौध कब तैयार करें, इन्हें कब लगाएं और कैसे पाएं घर पर ताजी और भरपूर सब्जियों की पैदावार.
नेतन्याहू को जहन्नुम भेज देंगे, ईरान ने US-इजरायल दोनों को चेताया; नाकेबंदी पर हुआ आगबबूला
ईरान ने कहा है कि ‘जायोनी शासन' का जल्द ही अंत होगा। वहीं ईरान ने डोनाल्ड ट्रंप के बेटे को मारने की साजिश के आरोपों को खारिज किया है। ईरान ने नेतन्याहू पर ट्रंप के बेटे की हत्या की झूठी खबरें फैलाने का आरोप लगाया।
नेपाल में पहाड़ों का मलबा 3 दिन बाद भी उगल रहीं लाशें... 469 मौतें, 30 देशों के लोग लापता
नेपाल तिब्बत सीमा पर आई भीषण बाढ़ के तीन दिन बाद भी मलबे से शव मिलने का सिलसिला जारी है. अब तक मरने वालों की संख्या 469 हो चुकी है, जबकि 30 से ज्यादा देशों के नागरिक लापता हैं, जिनमें सबसे ज्यादा 288 भारतीय शामिल हैं. भारत, अमेरिका, ब्रिटेन और श्रीलंका ने मदद का ऐलान किया है, जबकि उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में भी प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है.
रक्षाबंधन आज, बहनें अपने भाई को इस रंग की बांधें राखी, ये है मुहूर्त
Raksha Bandhan Upay: ज्योतिष शास्त्र में विभिन्न रंगों का संबंध अलग-अलग ग्रहों और ऊर्जा से बताया गया है. लाल, पीली, केसरिया, हरी या सफेद राखी में कौन सा रंग भाई के लिए सौभाग्य, समृद्धि, सफलता और लंबी आयु लेकर आ सकता है. तो आइए जानते हैं कि रक्षाबंधन के दिन किस रंग की राखी बांधना शुभ रहता है.
UN में भारत की दो-टूक: यूएन80 पहल में विकास सर्वोच्च प्राथमिकता हो, राजदूत हरीश ने और किन बातों पर जोर दिया?
नीरज की डायमंड लीग फाइनल में एंट्री, कम मैच खेले, फिर भी मारी बाजी
नीरज चोपड़ा ने पिछले साल वर्ल्ड चैम्पियनशिप के दौरान लगी पीठ की चोट से उबरने के बाद अपना कार्यक्रम सावधानी से तय किया है. इसी वजह से उन्होंने डायमंड लीग की कुछ मीटिंग में हिस्सा नहीं लिया. अब ब्रुसेल्स में होने वाला फाइनल उनके लिए महत्वपूर्ण होगा.
अभिषेक के दफ्तर में कोलकाता पुलिस पर धक्का-मुक्की का आरोप
कोलकाता में टीएमसी और पुलिस के बीच विवाद बढ़ गया है। टीएमसी ने आरोप लगाया कि कोलकाता पुलिस कैमक स्ट्रीट स्थित अभिषेक बनर्जी के कार्यालय में कथित तौर पर अवैध नोटिस के आधार पर दाखिल हुई।
रक्षाबंधन पर बनाएं बिहार की ट्रेडिशनल मिठाई मकुटी, रेसिपी है आसान
Bihar Makuti Recipe: रक्षाबंधन पर अगर आप इस बार भाई का मुंह कुछ अलग और खास मिठाई से मीठा कराना चाहते हैं तो बिहार की पारंपरिक मिठाई मकुटी ट्राई कर सकते हैं. दूध, मूंग दाल और चावल से बनने वाली यह मिठाई स्वाद में लाजवाब और बनाने में भी आसान है.
राखी गिफ्ट खरीदना भूल गए? आखिरी वक्त में घर बैठे मंगाएं ये तोहफे
Raksha Bandhan 2026 Last Minute Gift Ideas: रक्षाबंधन पर बहन या भाई के लिए गिफ्ट खरीदना भूल गए हैं? परेशान होने की जरूरत नहीं है. जानें 6 आसान और बजट फ्रेंडली Last-Minute Gift Ideas के बारे में, जिन्हें आप आखिरी वक्त में भी घर बैठे मंगा सकते हैं. ये तोहफे जल्दी मिल जाएंगे और आपके भाई या बहन को भी जरूर पसंद आएंगे.
रक्षाबंधन पर दें ये शानदार गिफ्ट, बड़े काम के हैं ये घरेलू सामान
Raksha Bandhan Gift: रक्षाबंधन के मौके पर आप अपने भाई या बहन को कोई अच्छा गिफ्ट देना चाहते, लेकिन अभी तक कंफ्यूज है कि क्या देना चाहिए. मार्केट में कुछ खास ऑप्शन हैं, जिनमें से एक सामान आप बतौर गिफ्ट दे सकते हैं. ये सामान उनके लिए काफी यूजफुल हैं.
नेपाल में लगभग 400 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं। इन शवों को सुरक्षित रखना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। अस्पतालों में शव रखने की क्षमता बेहद कम है, लेकिन बड़े पैमाने पर शव मिलने से उन्हें सुरक्षित रखना बड़ी चुनौती है।
1.3 लाख सैलरी, 15000 खर्च, अब क्यों नौकरी छोड़ MBA करेगा ये शख्स?
महीने की 1.3 लाख रुपये सैलरी, मुफ्त घर, सस्ता खाना और 90 फीसदी की बंपर बचत! पहली नज़र में 27 साल के इस पीएसयू (PSU) कर्मचारी की ज़िंदगी किसी सपने जैसी लगती है. लेकिन टियर-3 गांव की बोरियत, काम में ठहराव और पर्सनल ग्रोथ की कमी ने इसे सोने की पिंजरी बना दिया है. लाखों का बैंक बैलेंस होने के बावजूद अब यह युवा नौकरी छोड़कर एमबीए करने की तैयारी में है. आखिर क्यों सिर्फ पैसा ही करियर की गारंटी नहीं होता? समझिए इस वायरल कहानी के जरिए.
JEE पास, फुल-स्टैक डेवलपमेंट सीखा, फिर भी जॉब नहीं, जानिए क्यों
NSUT के एक छात्र ने अपनी सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग की मेहनत और प्रैक्टिकल स्किल्स के बावजूद नौकरी न मिलने की आपबीती साझा की है. छात्र का कहना है कि बिना औपचारिक डिग्री के टेक कंपनियां उसके अनुभव और कौशल को नजरअंदाज कर रही हैं. जानिए क्यों छिड़ी डिग्री बनाम स्किल की बहस?
जब पेप्सी को मिला उसका नाम, 130 साल पहले कुछ और ही कहलाती थी
आज के दिन ही 128 साल पहले पेप्सी को ये नाम मिला था. उससे पहले इसे कुछ और ही नाम से पुकारा जाता था. चलिए जानते हैं पेप्सी की दिलचस्प कहानी.
तीर्थ में मृत्यु पर क्या कहता है शास्त्र? मुक्ति और मोक्ष का रहस्य
नेपाल और तिब्बत सीमा पर आए फ्लैश फ्लड ने भारी तबाही मचाई है, जिसमें कई भारतीय तीर्थयात्रियों की मौत और लापता होने की खबर है. यह आपदा कैलास मानसरोवर की पवित्र यात्रा के दौरान हुई, जिससे तीर्थयात्रा प्रभावित हुई है.
जिस लेक के फटने की साइंटिस्ट दे रहे वार्निंग वो भारत से कितनी दूर है?
चीन के जल संसाधन मंत्रालय ने छोचेन खोला और पुरेपु सांगपो के संगम पर बनी बैरियर लेक के अगले 72 घंटे में टूटने का हाई रिस्क बताया है. यह इलाका ऐसे नदी तंत्र से जुड़ा है जो नेपाल के रास्ते गंडकी बनकर भारत तक पहुंचता है, इसलिए नीचे के इलाकों में पानी के असर पर नजर है.
धागे-धागे में रक्षा की शक्ति... क्या है रक्षासूत्र की कहानी
रक्षाबंधन का त्योहार राखी बांधने की सनातनी परंपरा पर आधारित है, जिसकी जड़ें वैदिक और पौराणिक कथाओं में गहरी हैं. यह त्योहार केवल भाई-बहन के रिश्ते का प्रतीक नहीं, बल्कि रक्षा, संकल्प और धर्म का बंधन भी दर्शाता है.
दुनिया में पहली बार AI से हुई ब्रेन सर्जरी, 48 साल के शख्स की बच गईं आंखें
दुनिया में पहली बार एआई से ब्रेन की सर्जरी की गई है। लंदन के एक अस्पताल में डॉक्टरों ने एआई की मदद से पहली ब्रेन ट्यूमर सर्जरी को अंजाम दिया है। उनकी आंखें जवाब देने की कगार पर पहुंच गई थीं।
4 शूटर, ताबड़तोड़ फायरिंग और चंद सेकंड में मर्डर... अंकित बालियान हत्याकांड का CCTV फुटेज आया सामने
शामली में हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. अब इस हत्याकांड का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जिसमें चार बदमाश जिम से निकलते वक्त सिंगर पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाते और फिर फरार होते दिख रहे हैं. यह पूरी घटना कुछ ही सेकंड में हो जाती है.
चंद्र ग्रहण है आज, जानें मेष से मीन तक सभी राशियों पर प्रभाव
Chandra Grahan 2026 Rashifal: वैज्ञानिकों के अनुसार, जब पृथ्वी घूमते हुए सूर्य और चंद्रमा के बीच में आ जाती है. पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है, जिससे चंद्रमा पर सूर्य की रोशनी नहीं पहुंच पाती और वह धुंधला या लाल (ब्लड मून) दिखाई देने लगता है. इसी को चंद्र ग्रहण कहा जाता है. तो आइए जानते हैं कि साल के आखिरी चंद्र ग्रहण का प्रभाव किन राशियों पर पड़ेगा.
World: कांगो में इबोला संक्रमण से बचाव के लिए टीकाकरण शुरू; कैरिबियन देश हैती में गैंगवार, 47 लोगों की मौत
ऑनस्क्रीन भाई-बहन, रियल लाइफ में लगा बैठे दिल
'ये रिश्ता क्या कहलाता है' के नक्श उर्फ रोहन मेहरा अपनी ऑन स्क्रीन बहन कांची सिंह को डेट कर रहे थे. लेकिन शो से बाहर आने के कुछ महीने बाद दोनों का रिश्ता टूट गया.
West Asia Tensions Peace efforts intensify Qatar PM arrives in Tehran Iran security chief lashes out Netanyahu
इमरान के बेटों का इंटरव्यू देख भड़का PCB, मैच से हटने की दी धमकी
लॉर्ड्स टेस्ट मैच के पहले दिन गेंदबाजों का प्रदर्शन पाकिस्तानी टीम के लिए बड़ी राहत लेकर आया. हालांकि, मैच के पहले दिन की सबसे बड़ी कहानी मैदान पर विकेटों से ज्यादा पीसीबी और स्काई स्पोर्ट्स के बीच पैदा हुआ विवाद रहा. स्काई स्पोर्ट्स पर इमरान खान के बेटों का इंटरव्यू प्रासिरत हुआ, जिससे पीसीबी बौखला गया.
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मैरिड गर्लफ्रेंड, होटल रूम और लाश... एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर की खौफनाक कहानी
एक युवक रोहतक के होटल में अपनी मैरिड गर्लफ्रेंड के साथ पहुंचा था. कुछ देर बाद वह बाहर निकला और होटल स्टाफ से कहा कि कुछ देर में आता हूं. लेकिन वह वापस नहीं लौटा. इधर काफी समय बीतने के बाद जब जांच हुई तो रूम में उसकी गर्लफ्रेंड का शव मिला. अब पुलिस इस पूरी कहानी की छानबीन कर रही है.
स्पॉट फिक्सिंग का वो कांड, जिसने हिला दी थी क्रिकेट की दुनिया!
क्रिकेट में फिक्सिंग का जिक्र आते ही कई पुराने मामले याद आते हैं. लेकिन साल 2010 के लॉर्ड्स टेस्ट मैच को कौन भूल सकता है जिसने स्पॉट फिक्सिंग को दुनिया के सामने एक नए और बेहद खतरनाक रूप में ला खड़ा किया. इंग्लैंड और पाकिस्तान के बीच खेले गए उस मुकाबले में कुछ ऐसी नो बॉल हुईं, जिनका जिक्र एक स्टिंग ऑपरेशन में किया जा चुका था.
नेपाल जलप्रलय में किस देश के कितने नागरिक फंसे? देखें पूरी लिस्ट
नेपाल चीन सीमा पर आई भीषण बाढ़ में अब तक 390 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. इनमें कई देशों के पर्यटक, तीर्थयात्री और मजदूर शामिल हैं. नेपाल में सबसे ज्यादा 910 लोग लापता हैं, जबकि चीन के तिब्बत क्षेत्र में 558 लोग लापता हैं. भारत के 288, अमेरिका के 90, यूक्रेन के 55, मलेशिया के 51 और ऑस्ट्रेलिया के 39 नागरिक भी लापता हैं.
किस दिशा में बैठाकर भाई को बांधें राखी? दोगुना होगी रिश्तों की मिठास
रक्षाबंधन पर राखी बांधने के लिए पहली महत्वपूर्ण दिशा ईस्ट-नॉर्थ-ईस्ट यानी पूर्व-उत्तर-पूर्व है. यह दिशा जीवन में प्रसन्नता, सकारात्मकता और आपसी संबंधों को बेहतर बनाने से जुड़ी मानी जाती है. यदि संभव हो तो बहन और भाई ऐसी स्थिति में बैठ सकते हैं कि राखी बांधते समय यह दिशा अनुकूल रहे.
नेपाल फ़्लड में 90 अमेरिकी लापता, राष्ट्रपति ट्रंप ने क्या कहा - BBC
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नेपाल में आए जलप्रलय से तबाही के निशान गहराते जा रहे हैं। अबतक इस आपदा में मृतकों की संख्या 400 के करीब पहुंच गई है। इधर, चीन ने अगले तीन दिन में फिर से एक और तबाही का अलर्ट जारी किया है।
सबसे सस्ता Galaxy S26 सीरीज का फोन लॉन्च, इतनी है कीमत
Samsung Galaxy S26 FE लॉन्च हो गया है और यह सैमसंग की फ्लैगशिप सीरीज Samsung Galaxy S26 सीरीज का सबसे किफायती स्मार्टफोन है. Samsung Galaxy S26 5G की कीमत 80 हजार रुपये है और Galaxy S26 FE की कीमत बेहद कम है. आइए इसके स्पेसिफिकेशन्स, कैमरा और बैटरी आदि के बारे में बताते हैं.
रक्षाबंधन की थाली में रखें ये चीजें, वरना अधूरा रहेगा राखी का पर्व!
Raksha Bandhan 2026: रक्षाबंधन पर बहन भाई को राखी बांधने से पहले थाली सजाती है. जिससे भाई की आरती उतारती है और टीका भी करती है. राखी की थाली को बहुत शुभ माना जाता है. इसलिए चलिए जानते हैं कि रक्षाबंधन की थाली में क्या-क्या होना चाहिए.
डेब्यू पर 9 विकेट, दलीप ट्रॉफी में परफेक्ट 10... फिर भी खेले 2 टेस्ट
देबाशीष मोहंती का करियर इस बात की मिसाल है कि कभी-कभी टैलेंट और शानदार रिकॉर्ड होने के बावजूद इंटरनेशनल क्रिकेट में लंबे समय तक मौके नहीं मिलते. भारतीय टीम के लिए उनका सफर भले ही छोटा रहा, लेकिन उनके नाम दर्ज कुछ रिकॉर्ड आज भी उन्हें भारतीय क्रिकेट के सबसे अनोखे तेज गेंदबाजों में शामिल करते हैं.
अचार-जैम के खाली जार फेंकें नहीं, इन 5 तरीकों से दें नया अवतार
Glass Jars Reuse: अचार या जैम खत्म होने के बाद क्या आप भी कांच के जार को फेंक देते हैं? जानिए कैसे इन खाली जार को किचन स्टोरेज, सेल्फ-वॉटरिंग प्लांटर और बाथरूम ऑर्गनाइजर की तरह इस्तेमाल करके घर को सजाया और ऑर्गेनाइज किया जा सकता है.
नेपाल ने विदेशी खोज-बचाव टीमें ठुकराईं, 517 विदेशी नागरिक लापता
नेपाल के भोटेकोशी में आई बाढ़ के बाद कई देशों ने खोज और बचाव के लिए अपनी टीमें भेजने की पेशकश की थी। लेकिन नेपाल सरकार ने इन प्रस्तावों को मना कर दिया है। सरकार का कहना है कि नेपाली सुरक्षा एजेंसियां खुद यह काम संभाल सकती हैं। बुधवार की बाढ़ के बाद 517 विदेशी […]
रक्षाबंधन पर चंद्र ग्रहण, जानें राखी बांधने का शुभ मुहूर्त
28 अगस्त को रक्षाबंधन के साथ चंद्र ग्रहण और गुरु पंचक पड़ने से लोगों में असमंजस है। ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक भारत में चंद्र ग्रहण दिखाई नहीं देगा और गुरु पंचक का अशुभ प्रभाव नहीं माना जाता, इसलिए मुख्य रूप से राहु काल से बचने की सलाह दी गई है।
महिला पर अखिलेश यादव के खिलाफ गाली-गलौज का आरोप, कार्रवाई की मांग
अखिलेश यादव के खिलाफ कथित तौर पर अभद्र व आपत्तिजनक टिप्पणी किए जाने के मामले में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने एक महिला की बिसरख थाने में शिकायत दी है.
बच्चों ने कितना फोन चलाया, आ जाएगा नोटिफिकेशन; फेसबुक-इंस्टा में होगा बड़ा बदलाव
मेटा ने अमेरिका में बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल को लेकर बड़ा परिवर्तन करने का फैसला किया है। इसके मुताबिक रात में बच्चों के लिए नाइट मोड ऑन रहेगा। इसके साथ ही अभिभावन समय सीमा तय कर सकते हैं।
न्यूयॉर्क के मेडिसन स्क्वायर गार्डन में 29 अगस्त को होने वाले यूनिवर्सिल वननेस सेलिब्रेशंस की तैयारी चल रही है। अमेरिकन हिंदूज फॉर एंगेंजमेंट एंड डायलॉग इसे करवा रहा है और हिंदू स्वयंसेवक संघ, यानी HSS जैसे संगठन साथ हैं। HSS के ग्लोबल कोऑर्डिनेटर सौमित्र गोखले ने 2019 में अमेरिका के ह्यूस्टन में हाऊडी मोदी कार्यक्रम करवाया था, जिसमें 50 हजार लोग जमा हुए थे। इस बार चीफ गेस्ट RSS प्रमुख मोहन भागवत हैं। कई संगठन उनका विरोध कर रहे हैं। दैनिक भास्कर ने अमेरिकन हिंदूज फॉर एंगेंजमेंट एंड डायलॉग के डायरेक्टर सुदेश अग्रवाल और प्रवक्ता प्रिया सामंत से बात की। पढ़िए पूरी बातचीत… सवाल: ‘यूनिवर्सल वननेस सेलिब्रेशन’ पहली बार हो रहा है। मकसद क्या है, इसकी जरूरत क्यों पड़ी? जवाब: दुनिया में कॉन्फ्लिक्ट और ध्रुवीकरण बहुत बढ़ गया है। यूनिवर्सल वननेस सेलिब्रेशन का मकसद अलग-अलग समुदायों को एक मंच पर लाना है, ताकि वे एक-दूसरे से बात करें और सीखें। हम वसुधैव कुटुंबकम के सिद्धांत पर विश्वास करते हैं। परिवार में मतभेद होते हैं, लेकिन रिश्ते नहीं टूटते। दुनिया भी बड़ा परिवार ही है। मतभेद होंगे, फिर भी हम एक हैं। यह कार्यक्रम उसी बड़े परिवार को संवाद और साझा मानवता के लिए एक प्लेटफॉर्म देना चाहता है। सवाल: कार्यक्रम की थीम वसुधैव कुटुंबकम है। चीफ गेस्ट मोहन भागवत हैं। संगठन का नाम अमेरिकन हिंदू इंगेज्ड फॉर डॉयलाग है। क्या कार्यक्रम सिर्फ हिंदुओं के लिए है? जवाब: कार्यक्रम पूरी तरह खुला है। कोई भी समुदाय इसमें शामिल हो सकता है। जो चाहे, रजिस्ट्रेशन कराकर आ सकता है। अब तक 200 संगठनों ने रजिस्ट्रेशन करवाया है। इनमें 16 अलग-अलग धर्मों और आस्थाओं वाली संस्थाएं हैं। सवाल: आपके संगठन का नाम अमेरिकन हिंदू से शुरू होता है और RSS भी मुख्य रूप से हिंदुओं की बात करता है। क्या यह आयोजन हिंदुओं के लिए बड़ा प्लेटफॉर्म होगा? जवाब: भागवत जी 100 साल पुरानी संस्था के प्रमुख हैं। उनके पास अनुभव और जमीनी समझ दोनों हैं। उनकी स्पीच में मानवता से जुड़ा अनुभव होगा। हम सभी को चर्चा का प्लेटफॉर्म देना चाहते हैं। हां ये अमेरिका या दुनिया में कहीं भी रह रहे भारतीय मूल के लोगों के लिए है। फिर भी इसमें किसी भी समुदाय या धर्म की संस्था और व्यक्ति शामिल हो सकते हैं। सवाल: मोहन भागवत के संबोधन के प्रमुख मुद्दे क्या होंगे? जवाब: उनकी स्पीच हम उसी दिन सुन पाएंगे। कार्यक्रम का मकसद अलग-अलग धर्मों के लोगों को एक-दूसरे से संवाद कराना है। यह सिर्फ हिंदू समुदाय या प्रवासी भारतीयों तक सीमित नहीं है। मोहन भागवत जी विश्व की सबसे बड़ी संस्था RSS का प्रतिनिधित्व करते हैं। सभी संस्था प्रमुखों को उनसे सीखने को मिलेगा कि इतनी बड़ी संस्था चलाते कैसे हैं। सवाल: पूरी चर्चा में हिंदू समुदाय या हिंदुत्व जैसे मुद्दे प्राथमिकता में होंगे क्या? जवाब: पूरा इंडियन डायस्पोरा होगा, यानी भारत छोड़कर दूसरे देशों में रहने वाले भारतीय मूल के लोग। सवाल: आप बार-बार इंडियन डायस्पोरा की बात कर रहे हैं। क्या पाकिस्तान, अफगानिस्तान, बांग्लादेश में हिंदुओं की स्थिति पर भी बात होगी? जवाब: हमने इस कार्यक्रम के लिए रक्षाबंधन का वक्त चुना है। यह सिर्फ धार्मिक त्योहार नहीं, सामुदायिक उत्सव भी है। भागवत जी भी यूनिवर्सल वननेस का ही संदेश देंगे। उन्होंने देश के कोने-कोने तक जाकर हर समुदाय युवा, महिलाओं, आदिवासियों, मुस्लिम, ईसाई सभी से संवाद किया है। अगर आपका सवाल प्रोग्राम के वक्त प्रासंगिक होगा तो उस पर भी जरूर चर्चा होगी। सवाल: आपका संगठन 2025 में बना। अमेरिका में हिंदू बहुत पहले से रह रहे हैं, इसे अभी बनाने की जरूरत क्यों पड़ी? जवाब: अमेरिकी समाज में हिंदू धर्म और हिंदुओं के बारे में कई गलत धारणाएं और रूढ़ियां हैं, जबकि अर्थव्यवस्था में हिंदुओं का योगदान काफी अच्छा है। हम प्रेस, अमेरिकी शिक्षाविदों और भारतीय मूल के अमेरिकियों से बिना बिचौलियों के सीधा संवाद करना चाहते थे, ताकि बात का सही मतलब पहुंचे। बहुत पहले से ऐसे प्लेटफार्म की तैयारी कर रहे थे। ये पिछले साल बनकर तैयार हुआ। सवाल: USCIRF, सवेरा, हिंदूज फॉर ह्यूमन राइट्स जैसे संगठन मोहन भागवत की यात्रा का विरोध कर रहे हैं। क्या आपने उनसे संपर्क करने की कोशिश की? जवाब: लोकतंत्र में असहमत होने का अधिकार सभी को है। इसीलिए यह कार्यक्रम और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। हम तो यही कहते हैं कि जो भी असहमत है, आकर अपनी बात रखे। खुला प्लेटफॉर्म है। वेबसाइट पर ओपन रजिस्ट्रेशन चल रहा है। सवाल: USCIRF के बारे में आपकी क्या राय है? जवाब: यह यहां की फेडरल गवर्नमेंट की सलाहकार बॉडी है। सलाह दे सकती है, लेकिन एक्शन लेने वाली संस्था नहीं है। हमारा कार्यक्रम भी एक लोकतांत्रिक मंच है। सवाल: सवेरा नाम की संस्था भी लगातार विरोध कर रही है। उसने एक रिपोर्ट भी जारी की है। वे कह रहे हैं कि ये RSS का गुप्त एजेंडा है? जवाब: मैं RSS के बारे में बात करने के लिए सही व्यक्ति नहीं हूं। मैं अपने संगठन और इस कार्यक्रम के बारे में ही बोल सकता हूं। RSS से जुड़े सवालों के लिए आपको उनसे संपर्क करना होगा। सवाल: न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी ने भी विरोध किया है। फिर आपको अनुमति कैसे मिली? जवाब: अमेरिका में बिना अनुमति के कोई बड़ा कार्यक्रम नहीं हो सकता। यह हमारा निजी इवेंट है। अनुमति की प्रक्रिया पूरी की गई है, तभी हम इतना बड़ा कार्यक्रम कर पा रहे हैं। यहां ऐसा नहीं होता कि आज रात को उठे और कल कार्यक्रम करने लगे। सवाल: आपका संगठन और हिंदू स्वयंसेवक संघ रजिस्टर्ड हैं, लेकिन RSS नहीं। अमेरिका जैसे सख्त नियमों वाले देश में नॉन-रजिस्टर्ड संस्था के मुखिया को चीफ गेस्ट बनाकर अनुमति लेने में दिक्कत नहीं हुई? जवाब: इस बारे में हमें ज्यादा जानकारी नहीं है। इस कार्यक्रम से जुड़े सवालों के जवाब हम देंगे, लेकिन RSS से जुड़े सवालों के लिए आपको उनसे ही संपर्क करना होगा। सवाल: कार्यक्रम में कितनी भीड़ जुटने की उम्मीद है? जवाब: कम से कम 5000 लोग तो होंगे। सवाल: और कितने देशों में यह कार्यक्रम होना है? जवाब: अभी तो सिर्फ अमेरिका में ही हो रहा है।
भारत के हुनर की बढ़ी मांग: तीन लाख भारतीयों को मिलेगी नौकरी, जापानी अर्थव्यवस्था सुधारने के लिए करना होगा काम
रक्षाबंधन आज, इतने घंटे का रहेगा शुभ समय, जानें राखी बांधने का मुहूर्त
Raksha Bandhan 2026 shubh muhurat: रक्षाबंधन का पर्व 28 अगस्त यानी आज मनाया जा रहा है. हर साल श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को रक्षाबंधन मनाया जाता है. रक्षाबंधन पर आज भद्रा भी लग रहा है. तो चलिए जानते हैं कि राखी बांधने के क्याशुभ मुहूर्त रहेंगे.
Nepal Floods में 389 लोगों की मौत, 290 भारतीयों समेत 1400 से अधिक लापता
शिरीष बी. प्रधानकाठमांडू, 27 अगस्त नेपाल और तिब्बत में अचानक आई भीषण बाढ़ में मरने वालों की संख्या बृहस्पतिवार को बढ़कर 389 हो गई। वहीं, बचावकर्मी 290 भारतीय नागरिकों समेत लापता सैकड़ों लोगों का पता लगाने के लिए युद्धस्तर पर जुटे हुए हैं। नेपाल-तिब्बत सीमा के पास हिमनद के टूटने से चट्टानें खिसक गई और हिमस्खलन हुआ, जिसके कारण बुधवार को पानी, कीचड़ और मलबे का तेज बहाव मध्य नेपाल की ओर आया। इससे कई कस्बे और गांव तबाह हो गए, मकान, वाहन, सड़कें एवं पुल बह गए तथा जलविद्युत परियोजनाओं को नुकसान पहुंचा। भोटे कोशी नदी प्रणाली के उद्गम के पास एक नयी अवरोध झील बनने के बाद निचले इलाकों में फिर बाढ़ आने का खतरा बना हुआ है। प्राधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि यह प्राकृतिक अवरोधक टूटता है तो नदी और उसके निचले इलाकों में पानी का तेज बहाव एक और बार आ सकता है। नेपाल के प्राधिकारियों ने 910 लोगों के लापता होने की जानकारी दी है। बचावकर्मी कीचड़ और मलबे से भरे नदी क्षेत्रों में उनकी तलाश कर रहे हैं तथा अपने परिजनों का पता लगाने के लिए बड़ी संख्या में लोग अस्पतालों में पहुंच रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि तिब्बत में भी 558 लोग लापता हैं। इस तरह सीमा के दोनों ओर लापता लोगों की कुल संख्या 1,468 है। इस आपदा के बाद भारत ने भी अपने नागरिकों का पता लगाने के प्रयास तेज कर दिए हैं। विदेश मंत्रालय ने कहा कि 290 भारतीय नागरिकों से अब भी संपर्क नहीं हो पाया है। मंत्रालय ने कहा कि उनका पता लगाने और उन्हें बचाने के लिए ‘‘तत्काल प्रयास’’ किए जा रहे हैं। विदेश मंत्रालय ने बताया कि अब तक 84 भारतीय नागरिकों को बचाया गया है। इनमें निर्माणाधीन त्रिशूली-एक नदी प्रवाह आधारित जलविद्युत परियोजना में कार्यरत 63 श्रमिक और तमिलनाडु के 21 लोग शामिल हैं। मंत्रालय के अनुसार, तिब्बत की ओर मौजूद करीब 200 भारतीय नागरिकों ने वहां से सुरक्षित निकाले जाने के लिए सहायता मांगी है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने काठमांडू और बीजिंग में भारत के राजदूतों के साथ डिजिटल माध्यम से एक उच्चस्तरीय बैठक के बाद कहा कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में मौजूद भारतीयों की स्थिति और उनकी कुशलक्षेम का पता लगाने के लिए तत्काल प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मंत्रालय नेपाल के अधिकारियों, अन्य मंत्रालयों, राज्य सरकारों, टूर ऑपरेटरों और संबंधित प्राधिकारियों के साथ समन्वय कर रहा है। भारत ने नेपाल के लिए राहत सहायता भी बढ़ा दी है। बुधवार को 10 टन मानवीय सहायता एवं आपदा राहत (एचएडीआर) सामग्री भेजने के बाद बृहस्पतिवार को एक सैन्य परिवहन विमान से 37.5 टन और एचएडीआर सामग्री, दवाएं एवं खाद्य सामग्री भेजी गई। इस तरह अब तक कुल 47.5 टन सहायता भेजी जा चुकी है। चीनी प्राधिकारियों के अनुमान के अनुसार, बृहस्पतिवार सुबह तक नयी अवरोधक झील में करीब 20 लाख घन मीटर पानी जमा हो चुका था और अगले तीन दिन में इसमें करीब 30 लाख घन मीटर और पानी आने की आशंका है। इससे प्राकृतिक अवरोध के टूटने को लेकर चिंता बढ़ गई है। यह झील छोचेन खोला और पुरेपु त्सांगपो नदियों के संगम के पास बनी है। ये नदियां तिब्बत से निकलती हैं और नेपाल में भोटे कोशी नदी तंत्र का हिस्सा बनती हैं। नेपाल के जल विज्ञान एवं मौसम विज्ञान विभाग ने कहा कि उसे चीनी प्राधिकारियों से इस झील के बारे में जानकारी मिली है और भोटे कोशी एवं त्रिशूली नदी क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है। विभाग ने लोगों से नदी किनारों से दूर रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। यात्रियों, सुरक्षा कर्मियों और तलाश एवं बचाव दलों को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है। चीनी अधिकारी झील की स्थिति पर नजर रखे हुए हैं और संभावित बाढ़ का आकलन एवं जोखिम विश्लेषण कर रहे हैं। संचार और खोज उपकरणों से लैस चीन का एक बचाव दल ग्यिरोंग पहुंच गया है, ताकि नदी के ऊपरी हिस्से में बने अवरोध का आकलन किया जा सके। अधिकारियों को आशंका है कि इस अवरोध के कारण दूसरी आपदा आ सकती है तथा जारी बचाव अभियान और मुश्किल हो सकता है। नेपाल के सुरक्षाकर्मी अब तक प्रभावित जिलों से 800 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाल चुके हैं, जबकि हेलीकॉप्टर, ड्रोन और जमीनी दल अलग-थलग पड़ी बस्तियों, नदी किनारों और निचले इलाकों में तलाश अभियान चला रहे हैं। नेपाल-तिब्बत सीमा के पास चट्टानों के खिसकने और हिमस्खलन तथा मलबे के तेज बहाव के बाद बाढ़ ने सबसे पहले राजधानी काठमांडू से करीब 160 किलोमीटर दूर रसुवा जिले में तबाही मचाई। पानी, कीचड़, चट्टानों और मलबे का तेज बहाव तिमुरे और रसुवागढ़ी समेत कई बस्तियों से होकर गुजरा और फिर भोटे कोशी एवं त्रिशूली नदी तंत्र के रास्ते निचले इलाकों की ओर बढ़ गया। नेपाल के प्राधिकारियों के शुरुआती आकलन और अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (यूएसजीएस) के संशोधित विश्लेषण में भूकंप के बजाय हिमनद के टूटने और मलबे के तेज बहाव को इस आपदा का कारण बताया गया है। बर्फ और चट्टानों का मलबा लेंडे नदी में गिरा, जिससे उसका प्रवाह अस्थायी रूप से रुक गया। बाद में प्राकृतिक अवरोध टूटने से पानी का तेज बहाव भोटे कोशी और त्रिशूली नदी तंत्र के निचले इलाकों की ओर बढ़ गया। नेपाल के आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने कहा कि नेपाल-चीन सीमा के पास रसुवागढ़ी सीमावर्ती शहर से करीब 20 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में चट्टानों के खिसकने और हिमस्खलन के बाद लेंडे नदी में मलबे से भरी बाढ़ आई। उसने बताया कि यही बाढ़ बाद में तिमुरे से गुजरते हुए त्रिशूली नदी में पहुंची। यूएसजीएस ने बताया कि लंबी अवधि वाली भूकंपीय तरंगों के उसके विश्लेषण से पता चला कि जिस घटना को शुरुआत में 4.4 तीव्रता का भूकंप बताया गया था, वह वास्तव में हिमनद के टूटने और मलबे के बहाव से उत्पन्न हुई थी। अधिकारी तबाही के पूरे पैमाने का अब भी आकलन कर रहे हैं। नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने बृहस्पतिवार को नुवाकोट की बिदुर नगरपालिका का दौरा कर अचानक आई बाढ़ से प्रभावित इलाकों का जायजा लिया। इस बीच, चीन के प्रधानमंत्री ली क्विंग ने बृहस्पतिवार को बाढ़ प्रभावित ग्यिरोंग टाउनशिप का दौरा कर बचाव और राहत अभियान की समीक्षा की। चीन के सरकारी मीडिया के अनुसार, पीपुल्स लिबरेशन आर्मी की ‘वेस्टर्न थिएटर कमांड’ ने भी सैन्य बचाव अभियान में समन्वय के लिए प्रभावित इलाके में एक दल भेजा है। प्रभावित इलाकों से सामने आई तस्वीरों और वीडियो में तबाही का व्यापक मंजर दिखाई दिया। कई इमारतें बह गईं या कीचड़ और मलबे की मोटी परत के बीच खड़ी दिखाई दीं, वाहन मलबे में दब गए या बह गए, सड़कें टूट गईं और पुल बह गए। रसुवा और नुवाकोट जिलों में नदी किनारे की कई बस्तियां कीचड़, चट्टानों और मलबे से पट गई हैं। नेपाल के सड़क विभाग ने कहा कि नुवाकोट के बेत्रावती से रसुवागढ़ी के बीच 42 किलोमीटर लंबी पूरी सड़क कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गई है और कई कंक्रीट के पुल बह गए हैं। नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीआरआरएमए) ने कहा कि बाढ़ से 35 सड़क पुल, 45 ‘सस्पेंशन’ (झूलानुमा) पुल और करीब 40 किलोमीटर सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं, जिससे प्रभावित जिलों में आवागमन बुरी तरह बाधित हुआ है। त्रिशूली और देवीघाट जलविद्युत परियोजनाओं के साथ-साथ बिजली से जुड़े अन्य बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचा है। धादिंग में गलछी-बैरेनी सड़क को फिर से खोलने के प्रयास किए जा रहे हैं। रसुवा में अचानक आई बाढ़ के बाद यह सड़क बंद हो गई थी। यह मार्ग काठमांडू और नेपाल के अन्य हिस्सों के बीच एक महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है और क्षेत्रीय नाकेबंदी एवं आपदा राहत अभियानों के दौरान भारी और हल्के वाहनों की आवाजाही के लिए भी अहम है। व्यापक तबाही के कारण बचाव अभियान बेहद मुश्किल हो गया है। सुरक्षाकर्मी और स्थानीय अधिकारी भोटे कोशी और त्रिशूली नदियों में बहकर आए लोगों की तलाश में नदी किनारों और निचले इलाकों को खंगाल रहे हैं तथा शव बरामद कर रहे हैं। नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने बृहस्पतिवार को अमेरिका, ब्रिटेन और कई अन्य देशों के शीर्ष अधिकारियों से फोन पर बातचीत की। खनाल के कार्यालय ने बताया कि इन देशों ने नेपाल के साथ एकजुटता जताई और तलाश एवं बचाव कार्यों में सरकार की मदद करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। नेपाल पुलिस के प्रवक्ता अबी नारायण काफले ने कहा कि चितवन से अब तक 132 शव बरामद किए गए हैं और यह बाढ़ प्रभावित जिलों में बरामद किए गए शवों की सबसे अधिक संख्या हैं। रसुवा, नुवाकोट, धादिंग, गोरखा, तनहूं और नवलपरासी जिलों से भी शव बरामद किए गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि नेपाल सेना के कम से कम 44 कर्मी, नेपाल पुलिस के 28 कर्मी और सशस्त्र पुलिस बल के 13 कर्मी अब भी लापता हैं। जलविद्युत परियोजनाओं और सीमा शुल्क कार्यालयों में काम करने वाले करीब 160 लोगों के भी लापता होने की सूचना है। काठमांडू के त्रिभुवन विश्वविद्यालय शिक्षण अस्पताल में अधिकारियों ने वहां लाए गए लोगों की सूची लगाई है, ताकि परिवार यह पता लगा सकें कि उनके परिजनों को बचाया गया है या उनका इलाज चल रहा है। मृतकों की तस्वीरें भी प्रदर्शित की गई हैं और लापता लोगों का विवरण दर्ज करने के लिए अलग काउंटर बनाए गए हैं। चितवन के भरतपुर अस्पताल में भी ऐसा ही दृश्य है, जहां लोग अपने परिजनों की तलाश कर रहे हैं। अधिकारियों को लगातार बढ़ती शवों की संख्या से निपटने में मुश्किल हो रही है और खबरों के अनुसार शवगृह में भी जगह कम पड़ रही है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को रसुवा में फंसे 27 विदेशी पर्यटकों को बचाया। इनमें 11 भारतीय, चार दक्षिण कोरियाई, दो इतालवी और दो अमेरिकी नागरिक शामिल हैं। नेपाल पर्यटन बोर्ड के अनुसार, शेष आठ लोगों की राष्ट्रीयता की पुष्टि नहीं हो सकी है। नेपाल सेना ने उन्हें हेलीकॉप्टर से काठमांडू पहुंचाया। प्रभावित भारतीय पर्यटकों में से अधिकतर तिब्बत में कैलाश मानसरोवर या नेपाल के बागमती प्रांत में गोसाईंकुंड की यात्रा पर गए थे। यह आपदा हाल के कई वर्षों में नेपाल की संभवत: सबसे भीषण आपदाओं में से एक है। क्षतिग्रस्त सड़कों, बह चुके पुलों, कीचड़ और मलबे की मोटी परत तथा फिर बाढ़ आने के खतरे के कारण बचावकर्मी अब भी कुछ प्रभावित इलाकों तक नहीं पहुंच पाए हैं।
Nepal Flood में 392 लोगों की मौत, 1468 लापता और 290 भारतीयों की तलाश जारी
शिरीष बी. प्रधानकाठमांडू, 27 अगस्त नेपाल और तिब्बत में अचानक आई भीषण बाढ़ में मरने वालों की संख्या बृहस्पतिवार को बढ़कर 392 हो गई। वहीं, बचावकर्मी 290 भारतीय नागरिकों समेत लापता सैकड़ों लोगों का पता लगाने के लिए युद्धस्तर पर जुटे हुए हैं। मृतकों में 389 लोगों की मौत नेपाल में अचानक आई बाढ़ में हुई, जबकि पड़ोसी तिब्बत में तीन लोग मारे गए। नेपाल पुलिस के एक बयान में कहा गया कि प्रभावित इलाकों से अब तक 50 विदेशियों समेत 796 लोगों को हेलीकॉप्टर के जरिये बचाया गया है, जबकि अन्य 796 लोगों को सड़क मार्ग से सुरक्षित निकाला गया है। हालांकि, बयान में विदेशी नागरिकों की राष्ट्रीयता का उल्लेख नहीं किया गया। बयान में बताया गया कि नेपाल में बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 389 हो गई है। नेपाल-तिब्बत सीमा के पास हिमनद के टूटने से चट्टानें खिसक गई और हिमस्खलन हुआ, जिसके कारण बुधवार को पानी, कीचड़ और मलबे का तेज बहाव मध्य नेपाल की ओर आया। इससे कई कस्बे और गांव तबाह हो गए, मकान, वाहन, सड़कें एवं पुल बह गए तथा जलविद्युत परियोजनाओं को नुकसान पहुंचा। भोटे कोशी नदी प्रणाली के उद्गम के पास एक नयी अवरोध झील बनने के बाद निचले इलाकों में फिर बाढ़ आने का खतरा बना हुआ है। प्राधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि यह प्राकृतिक अवरोधक टूटता है तो नदी और उसके निचले इलाकों में पानी का तेज बहाव एक और बार आ सकता है। नेपाल के प्राधिकारियों ने 910 लोगों के लापता होने की जानकारी दी है। बचावकर्मी कीचड़ और मलबे से भरे नदी क्षेत्रों में उनकी तलाश कर रहे हैं तथा अपने परिजनों का पता लगाने के लिए बड़ी संख्या में लोग अस्पतालों में पहुंच रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि तिब्बत में भी 558 लोग लापता हैं। इस तरह सीमा के दोनों ओर लापता लोगों की कुल संख्या 1,468 है। इस आपदा के बाद भारत ने भी अपने नागरिकों का पता लगाने के प्रयास तेज कर दिए हैं। विदेश मंत्रालय ने कहा कि 290 भारतीय नागरिकों से अब भी संपर्क नहीं हो पाया है। मंत्रालय ने कहा कि उनका पता लगाने और उन्हें बचाने के लिए ‘‘तत्काल प्रयास’’ किए जा रहे हैं। विदेश मंत्रालय ने बताया कि अब तक 84 भारतीय नागरिकों को बचाया गया है। इनमें निर्माणाधीन त्रिशूली-एक नदी प्रवाह आधारित जलविद्युत परियोजना में कार्यरत 63 श्रमिक और तमिलनाडु के 21 लोग शामिल हैं। मंत्रालय के अनुसार, तिब्बत की ओर मौजूद करीब 200 भारतीय नागरिकों ने वहां से सुरक्षित निकाले जाने के लिए सहायता मांगी है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने काठमांडू और बीजिंग में भारत के राजदूतों के साथ डिजिटल माध्यम से एक उच्चस्तरीय बैठक के बाद कहा कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में मौजूद भारतीयों की स्थिति और उनकी कुशलक्षेम का पता लगाने के लिए तत्काल प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मंत्रालय नेपाल के अधिकारियों, अन्य मंत्रालयों, राज्य सरकारों, टूर ऑपरेटरों और संबंधित प्राधिकारियों के साथ समन्वय कर रहा है। भारत ने नेपाल के लिए राहत सहायता भी बढ़ा दी है। बुधवार को 10 टन मानवीय सहायता एवं आपदा राहत (एचएडीआर) सामग्री भेजने के बाद बृहस्पतिवार को एक सैन्य परिवहन विमान से 37.5 टन और एचएडीआर सामग्री, दवाएं एवं खाद्य सामग्री भेजी गई। इस तरह अब तक कुल 47.5 टन सहायता भेजी जा चुकी है। चीनी प्राधिकारियों के अनुमान के अनुसार, बृहस्पतिवार सुबह तक नयी अवरोधक झील में करीब 20 लाख घन मीटर पानी जमा हो चुका था और अगले तीन दिन में इसमें करीब 30 लाख घन मीटर और पानी आने की आशंका है। इससे प्राकृतिक अवरोध के टूटने को लेकर चिंता बढ़ गई है। यह झील छोचेन खोला और पुरेपु त्सांगपो नदियों के संगम के पास बनी है। ये नदियां तिब्बत से निकलती हैं और नेपाल में भोटे कोशी नदी तंत्र का हिस्सा बनती हैं। नेपाल के जल विज्ञान एवं मौसम विज्ञान विभाग ने कहा कि उसे चीनी प्राधिकारियों से इस झील के बारे में जानकारी मिली है और भोटे कोशी एवं त्रिशूली नदी क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है। विभाग ने लोगों से नदी किनारों से दूर रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। यात्रियों, सुरक्षा कर्मियों और तलाश एवं बचाव दलों को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है। चीनी अधिकारी झील की स्थिति पर नजर रखे हुए हैं और संभावित बाढ़ का आकलन एवं जोखिम विश्लेषण कर रहे हैं। संचार और खोज उपकरणों से लैस चीन का एक बचाव दल ग्यिरोंग पहुंच गया है, ताकि नदी के ऊपरी हिस्से में बने अवरोध का आकलन किया जा सके। अधिकारियों को आशंका है कि इस अवरोध के कारण दूसरी आपदा आ सकती है तथा जारी बचाव अभियान और मुश्किल हो सकता है। नेपाल के सुरक्षाकर्मी अब तक प्रभावित जिलों से 800 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाल चुके हैं, जबकि हेलीकॉप्टर, ड्रोन और जमीनी दल अलग-थलग पड़ी बस्तियों, नदी किनारों और निचले इलाकों में तलाश अभियान चला रहे हैं। अधिकारी तबाही के पूरे पैमाने का अब भी आकलन कर रहे हैं। नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने बृहस्पतिवार को नुवाकोट की बिदुर नगरपालिका का दौरा कर अचानक आई बाढ़ से प्रभावित इलाकों का जायजा लिया। इस बीच, चीन के प्रधानमंत्री ली क्विंग ने बृहस्पतिवार को बाढ़ प्रभावित ग्यिरोंग टाउनशिप का दौरा कर बचाव और राहत अभियान की समीक्षा की। चीन के सरकारी मीडिया के अनुसार, पीपुल्स लिबरेशन आर्मी की ‘वेस्टर्न थिएटर कमांड’ ने भी सैन्य बचाव अभियान में समन्वय के लिए प्रभावित इलाके में एक दल भेजा है। नेपाल के सड़क विभाग ने कहा कि नुवाकोट के बेत्रावती से रसुवागढ़ी के बीच 42 किलोमीटर लंबी पूरी सड़क कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गई है और कई कंक्रीट के पुल बह गए हैं। नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीआरआरएमए) ने कहा कि बाढ़ से 35 सड़क पुल, 45 ‘सस्पेंशन’ (झूलानुमा) पुल और करीब 40 किलोमीटर सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं, जिससे प्रभावित जिलों में आवागमन बुरी तरह बाधित हुआ है। त्रिशूली और देवीघाट जलविद्युत परियोजनाओं के साथ-साथ बिजली से जुड़े अन्य बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचा है। धादिंग में गलछी-बैरेनी सड़क को फिर से खोलने के प्रयास किए जा रहे हैं। रसुवा में अचानक आई बाढ़ के बाद यह सड़क बंद हो गई थी। यह मार्ग काठमांडू और नेपाल के अन्य हिस्सों के बीच एक महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है और क्षेत्रीय नाकेबंदी एवं आपदा राहत अभियानों के दौरान भारी और हल्के वाहनों की आवाजाही के लिए भी अहम है। व्यापक तबाही के कारण बचाव अभियान बेहद मुश्किल हो गया है। सुरक्षाकर्मी और स्थानीय अधिकारी भोटे कोशी और त्रिशूली नदियों में बहकर आए लोगों की तलाश में नदी किनारों और निचले इलाकों को खंगाल रहे हैं तथा शव बरामद कर रहे हैं। नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने बृहस्पतिवार को अमेरिका, ब्रिटेन और कई अन्य देशों के शीर्ष अधिकारियों से फोन पर बातचीत की। खनाल के कार्यालय ने बताया कि इन देशों ने नेपाल के साथ एकजुटता जताई और तलाश एवं बचाव कार्यों में सरकार की मदद करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। नेपाल पुलिस के प्रवक्ता अबी नारायण काफले ने कहा कि चितवन से अब तक 137 शव बरामद किए गए हैं और यह बाढ़ प्रभावित जिलों में बरामद किए गए शवों की सबसे अधिक संख्या हैं। रसुवा, नुवाकोट, धादिंग, गोरखा, तनहूं और नवलपरासी जिलों से भी शव बरामद किए गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि नेपाल सेना के कम से कम 44 कर्मी, नेपाल पुलिस के 28 कर्मी और सशस्त्र पुलिस बल के 13 कर्मी अब भी लापता हैं। जलविद्युत परियोजनाओं और सीमा शुल्क कार्यालयों में काम करने वाले करीब 160 लोगों के भी लापता होने की सूचना है। काठमांडू के त्रिभुवन विश्वविद्यालय शिक्षण अस्पताल में अधिकारियों ने वहां लाए गए लोगों की सूची लगाई है, ताकि परिवार यह पता लगा सकें कि उनके परिजनों को बचाया गया है या उनका इलाज चल रहा है। मृतकों की तस्वीरें भी प्रदर्शित की गई हैं और लापता लोगों का विवरण दर्ज करने के लिए अलग काउंटर बनाए गए हैं। चितवन के भरतपुर अस्पताल में भी ऐसा ही दृश्य है, जहां लोग अपने परिजनों की तलाश कर रहे हैं। अधिकारियों को लगातार बढ़ती शवों की संख्या से निपटने में मुश्किल हो रही है और खबरों के अनुसार शवगृह में भी जगह कम पड़ रही है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को रसुवा में फंसे 27 विदेशी पर्यटकों को बचाया। इनमें 11 भारतीय, चार दक्षिण कोरियाई, दो इतालवी और दो अमेरिकी नागरिक शामिल हैं। नेपाल पर्यटन बोर्ड के अनुसार, शेष आठ लोगों की राष्ट्रीयता की पुष्टि नहीं हो सकी है। नेपाल सेना ने उन्हें हेलीकॉप्टर से काठमांडू पहुंचाया। प्रभावित भारतीय पर्यटकों में से अधिकतर तिब्बत में कैलाश मानसरोवर या नेपाल के बागमती प्रांत में गोसाईंकुंड की यात्रा पर गए थे। यह आपदा हाल के कई वर्षों में नेपाल की संभवत: सबसे भीषण आपदाओं में से एक है। क्षतिग्रस्त सड़कों, बह चुके पुलों, कीचड़ और मलबे की मोटी परत तथा फिर बाढ़ आने के खतरे के कारण बचावकर्मी अब भी कुछ प्रभावित इलाकों तक नहीं पहुंच पाए हैं।
'सबकी जान खतरे में है...', नेपाल की तबाही के बीच भोपाल से आई चिंताजनक खबर
नेपाल में भारी तबाही के बाद कई लोग लापता हैं. इस बीच भोपाल की रहने वाली देविका अधिकारी के परिवार के चार सदस्य नेपाल हादसे के बाद से संपर्क में नहीं हैं. बताया जा रहा है कि आखिरी बातचीत में उनके बड़े भाई ने कहा था कि सभी की जान खतरे में है.
जोहरान ममदानी ने जताया विरोध इस बीच क्यों सस्पेंड हुआ 'एहेड' का X अकाउंट?
न्यूयॉर्क में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। 29 अगस्त को होने वाले कार्यक्रम से पहले आयोजक संस्था ‘अमेरिकन हिंदूज फॉर एंगेजमेंट एंड डायलॉग’ यानी एहेड का एक्स अकाउंट अचानक सस्पेंड हो गया।
नेपाल बाढ़: विचलित कर रही विनाशलीला, महाराष्ट्र के पीड़ितों को शिंदे ने दी सांत्वना; IAF ने बढ़ाए मदद के हाथ
'नेपाल को जो भी मदद चाहिए, हम देंगे', ट्रंप ने बढ़ाया मदद का हाथ
नेपाल में आई भयानक तबाही के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने नेपाल के लिए मदद का हाथ बढ़ाया है. ट्रंप ने कहा है कि हमने फोन पर बात की है. उन्हें हर तरह की मदद की पेशकश की है, जिसकी उन्हें जरूरत है.
रूस में अग्निकांड: अमूर गैस केमिकल कॉम्प्लेक्स में आग से 15 कर्मचारियों की मौत; क्या नियमों का उल्लंघन हुआ?
घर के घर बहे, नेपाल में आई बाढ़ में 35 मोटरेबल और 45 सस्पेंशन ब्रिज तबाह, त्रिशूली में प्रलय
नेपाल में आई भीषण त्रासदी में कई लोगों ने अपनी जान गंवा दी है. 1500 से ज्यादा लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं. त्रिशूली नदी तिब्बत से नेपाल आती है. बुधवार को इसी त्रिशूली नदी में ऐसा तूफान और प्रलय आया, जिसने तबाही ला दी.
धर्मशाला। तिब्बत-नेपाल सीमा पर आई विनाशकारी बाढ़ से हुए जान-माल के नुकसान को लेकर निर्वासित तिब्बती सरकार ने चीन को कटघरे में खड़ा किया है। धर्मशाला से तिब्बत सरकार के कशाग (मंत्रिमंडल) द्वारा जारी प्रेस बयान में नेपाल में इस जलप्रलय से हुए जान माल के नुकसान के लिए चीन की विनाशकारी नीतियों को जिम्मेदार […]
यह तो बहुत खतरनाक, नेपाल में विनाशकारी बाढ़ पर डोनाल्ड ट्रंप; मदद का बढ़ाया हाथ
नेपाल की भीषण बाढ़ पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की प्रतिक्रिया आई है। डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को इस तबाही को बेहद खतरनाक बताया। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहाकि अमेरिका किसी भी तरह की मदद करने के लिए तैयार है।

