मादुरो की तरह ट्रंप को उठा लो…! गरमाए ईरानी नेता ने ट्रंप को सुनाई खरी-खोटी; आखिर कौन हैं अजघादी?
hassan rahimpour to threat trump: ईरान में आर्थिक संकट के कारण देशभर में बड़े विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं, जिनमें अब तक 200 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. इसी बीच ईरानी नेता हसन रहीमपुर अजघादी ने डोनाल्ड ट्रंप को धमकी दी है, जिससे अमेरिका-ईरान के बीच तनाव और बढ़ गया है.
नोबेल समिति को होनी चाहिए शर्मिंदगी... माचाडो के प्राइज समर्पित करने वाले बयान पर बोले ट्रंप
Maria Corina Machado: भारत-पाकिस्तान संघर्ष सुलझाने का दावा करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि नोबेल शांति पुरस्कार के लिए उनसे अधिक योग्य कोई नहीं है और उन्होंने बराक ओबामा की आलोचना की. व्हाइट हाउस में उन्होंने 8 जेट गिराए जाने का दावा दोहराया. ट्रंप ने बताया कि वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो, जिन्होंने अपना नोबेल उन्हें समर्पित करने की पेशकश की थी अगले सप्ताह वाशिंगटन आएंगी.
donald trump gifts shoes to vance or marco: डोनाल्ड ट्रंप ने उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस और विदेश मंत्री मार्को रुबियो को जूते भेंट किए हैं. इस दौरान उन्होंने दोनों को बच्चे कहकर बुलाया, ये सब उन्होंने ओवल ऑफिस में मीडिया से चले दो घंटे चली बातचीत के दौरान किया है. राष्ट्रपति ने व्हाइट हाउस का दौरा कराया और अपने करियर और पुरानी उपलब्धियों पर चर्चा की है.
ईरान में प्रदर्शन, ट्रंप की सख्त चेतावनी: “नागरिकों पर हिंसा बर्दाश्त नहीं”
ईरान में खामेनेई शासन के खिलाफ दो हफ्तों से जारी प्रदर्शन उग्र रूप ले चुका है। इसी बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि विरोध प्रदर्शनों को दबाने के लिए बल प्रयोग न किया जाएगा
वेनेजुएला के तेल पर ट्रंप का सख्त रुख, अमेरिका ने कैरेबियन में एक और टैंकर किया जब्त- Video
US Navy: ट्रंप सरकार ने वेनेजुएला से जुड़े तेल कारोबार पर कार्रवाई करते हुए कैरेबियन सागर में एक और तेल टैंकर को जब्त कर लिया है. अमेरिकी सेना के अनुसार, प्रतिबंधों के उल्लंघन के आरोप में तड़के अमेरिकी मरीन और नौसेना ने संयुक्त अभियान में टैंकर ‘ओलिना’ पर कब्जा किया है.
1971 Royal Party and Pahlavi Empire: 1971 में इतिहास की सबसे महंगी पार्टी की गई थी, जिसमें लगभग 4,150 करोड़ रुपये का खर्च आया था. जिसे रजा पहलवी ने फारसी साम्राज्य के 2500 साल पूरे होने पर मनाया था. जो आगे चलकर पहलवी साम्राज्य के पतन का कारण बना.
ग्रीनलैंड पर ट्रंप की चेतावनी: “जरूरत पड़ी तो अमेरिका करेगा कार्रवाई”
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो अमेरिका ग्रीनलैंड को सुरक्षित करने के लिए कदम उठाएगा
कई युद्धों को रोकने और लोगों की जान बचाने के लिए मैं नोबेल पुरस्कार का हकदार : ट्रंप
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार मिलना चाहिए
ढाका यूनिवर्सिटी में अब मुजीबुर रहमान हॉल का बदलेगा नाम, कहलाएगा 'उस्मान हादी हॉल'
बांग्लादेश में अब शैक्षिक संस्थानों के नाम बदले जाने की परंपरा का आगाज हो रहा है। बांग्लादेश की ढाका यूनिवर्सिटी के अधिकारियों ने शेख मुजीबुर रहमान हॉल का नाम बदलकर 'उस्मान हादी हॉल' रखने का फैसला किया है
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका की अगुवाई में वेनेजुएला के तेल क्षेत्र को फिर से खड़ा करने की कोशिश इसलिए की जा रही है, ताकि चीन और रूस इस क्षेत्र में अपना प्रभाव न बढ़ा सकें
अरब स्प्रिंग की परछाई ईरान तक पहुंची! क्यों याद आ रहे हैं मिस्र, लीबिया, सीरिया और यमन?
Iran Protest: ईरान में आर्थिक दबाव और सामाजिक पाबंदियों के खिलाफ जनता की नाराजगी खुलकर सामने आ गई है. हाल के दिनों में युवाओं और महिलाओं के नेतृत्व में हुए विरोध प्रदर्शनों ने सरकार के लिए चुनौती खड़ी कर दी है. इसी वजह से विशेषज्ञ ईरान में अरब स्प्रिंग के आने की बात कर रहे हैं. आइए समझते है कि आखिर ये अरब स्प्रिंग क्या है? और ये कैसे किसी देश की सत्ता को कैसे प्रभावित करती है...
Trump and the Nobel Prize: अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध रोककर लाखों लोगों की जान बचाई है, जबकि भारत ने बार-बार कहा कि युद्धविराम पूरी तरह द्विपक्षीय समझौते से हुआ है. ट्रंप ने इसे अपनी बड़ी उपलब्धि बताया और नोबेल शांति पुरस्कार का खुद को हकदार बताया है. लेकिन भारत ने किसी तीसरी पार्टी की मध्यस्थता को नकार दिया है.
वेनेजुएला का तेल, चाबी अमेरिका के हाथ! ट्रंप बोले- भारत को तेल चाहिए तो शर्तें माननी होंगी
India's oil sales to Venezuela: अमेरिका ने संकेत दिए हैं कि वह भारत को वेनेजुएला से तेल खरीदने की अनुमति दे सकता है, लेकिन यह सौदा पूरी तरह वॉशिंगटन के कंट्रोल में होगा.
Trump Warns Iran: ईरान में बढ़ते विरोध प्रदर्शनों के बीच अमेरिका और ईरान के बीच बयानबाजी तेज हो गई है. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा है, अमेरिका ईरान की स्थिति पर बहुत बारीकी से नजर रख रहा है. वह किसी भी हिंसा की स्थिति में चुप नहीं बैठेगा.
एमईए ने शक्सगाम घाटी में चीन के अवैध निर्माण को किया खारिज : भारत का क्षेत्रीय दावा मजबूत
भारत ने स्पष्ट किया है कि वह शक्सगाम घाटी में चीन की बुनियादी ढांचा निर्माण गतिविधियों को सिरे खारिज करता है
ट्रंप से आर-पार, पुतिन की यलगार! ऑयल टैंकर को लेकर जंग का खतरा अबतक टला नहीं
Russia US Tension: जिस मैरिनेरा तेल टैंकर पर कब्जे को समुद्री डकैती बताया गया है. उसे अमेरिका ने रूस का मानने से इनकार कर दिया. रूस के साथ टकराव टालने के लिए अमेरिका ने साफ-साफ कहा कि जिस जहाज को अमेरिकी फोर्स ने जब्त किया वो वेनेजुएला का था जिसने बचने के लिए रूस का झंडा लगाया था.
ट्रंप के टैरिफ पॉलिसी पर आज नहीं आया सुप्रीम कोर्ट का फैसला, अब और कितना करना होगा इंतजार?
Court Verdict On Trump Tariff Case: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ को लेकर आज सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई होने वाली थी, हालांकि अब इसे टाल दिया गया है.
Opinion: अमेरिका को ईरान में वेनेजुएला की तरह दखल क्यों नहीं देना चाहिए? समझिए जियोपॉलिटिक्स
US Iran Tension:ईरान की चिंता खत्म नहीं हुई, इसकी दो वजहें हैं. एक तो ईरान में सरकार विरोधी चिंगारी ठंडी नहीं हुई है. दूसरा जून, 2025 को अपने करीबी और जिगरी इजरायल से तेहरान पर हमले करवाकर डोनाल्ड ट्रंप अपने गुस्से का ट्रेलर दिखा चुके हैं. अमेरिका-ईरान की इस नूराकुश्ती को लेकर जियोपॉलिटल एक्सपर्ट्स ने चिंता जताई है.
Pakistan Role In Gaza Stabilisation: भारत में इजरायल के राजदूत का साफ कहना है कि कई देशों ने यह स्पष्ट किया है कि वे गाजा के लिए अपने सैनिक भेजने के इच्छुक नहीं हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि वे हमास से लड़ना नहीं चाहते हैं.
दुनिया की सबसे धीमी गति वाली मिसाइल, जिसकी स्पीड जानकर पीट लेंगे माथा; फिर भी इस्तेमाल कर रहे कई देश
World Slowest Missile: हाइपरसोनिक मिसाइलों के इस युग में आज भी कई देश एक ऐसी मिसाइल इस्तेमाल कर रहे हैं. जिसकी बेहद धीमी स्पीड जानकर आप माथा पीट लेंगे. वह मिसाइल इतनी स्लो चलती है कि उसे आते देखकर कोई भी आसानी से छिप सकता है.
हम झुकेंगे नहीं... ईरान में विरोध-प्रदर्शनों के बीच खामेनेई का देश को संबोधन, अमेरिका को कड़ा संदेश
Iran Protest Against Goverment: ईरान में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन तेज हो गए हैं, लोग महंगाई, भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को लेकर सड़कों पर उतरे हैं. प्रदर्शन के बीच ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई का संबोधन सामने आया है.
What is Storm Goretti powerful bomb cyclone: यूरोप इस समय ‘वेदर बम’ कहे जा रहे तूफान स्टॉर्म गोरेटी से कराह रहा है. हवाएं 160 किमी/घंटा की रफ्तार से चल रही हैं, जिससे ब्रिटेन और फ्रांस में परिवहन व्यवस्था लगभग ठप हो गई है. हीथ्रो एयरपोर्ट पर भारी उड़ानें रद्द हैं, ट्रेनों पर ब्रेक और कई इलाकों में रेड अलर्ट जारी है. प्रशासन लोगों को घरों में रहने की सलाह दे रहा है.
8 political killings In Bangladesh: बांग्लादेश में 13वें आम चुनाव से ठीक पहले राजनीतिक हिंसा चरम पर पहुंच गई है. 11 दिसंबर को चुनाव शेड्यूल आने के बाद से अब तक 8 बड़े नेता और एक्टिविस्ट मारे जा चुके हैं. अवामी लीग, BNP और जमात-ए-इस्लामी के लोग निशाने पर हैं. देखें सभी के नाम.
USA:वेनेजुएला, ईरान, सीरिया, नेपाल और बांग्लादेश में हालिया राजनीतिक बदलावों और विरोध आंदोलनों के बीच डीप स्टेट की चर्चा तेज हो गई है. सत्ता परिवर्तन और विदेश नीति में अचानक बदलावों को लेकर बाहरी ताकतों की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं. खासतौर पर वेनेजुएला में अमेरिकी प्रभाव और ईरान में सरकार विरोधी आंदोलनों ने इस बहस को और हवा दी है. आइए जानते है कि आखिर ये डीप स्टेट क्या होता है...
Protest in Iran: ईरान में सरकार के खिलाफ लोगों का विरोध प्रदर्शन जारी है. इस बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया है, जिसमें देखा जा सकता है कि एक महिला के मुंह से खून आ रहा है और वह सरकार के विरोध में नारेजाबी कर रही है.
S Jaishankar: पिछले साल सितंबर के महीने में विदेश मंत्री एस जयशंकर अमेरिका की यात्रा पर थे. इस दौरान उन्होंने करीब 670 किलोमीटर की यात्रा सड़क मार्ग से की थी. जिसमें लगभग 7 घंटों का वक्त लगा था. सड़क मार्ग से इस यात्रा को पूरा करने के बाद जयशंकर ने राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरस से मुलाकात की थी.
US ने निकाल दी चीन की हेकड़ी, पास कर दिया फंडिंग बिल; निर्यात पर लगेगी सख्त पाबंदी
US-China Relations:अमेरिकी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स ने चीन को लेकर सख्ती बढ़ाने वाला फंडिंग बिल पास किया है. कानून के तहत निर्यात नियंत्रण, व्यापार नियमों का कड़ा पालन, सरकारी तकनीक खरीद पर रोक और अमेरिका-चीन सहयोग सीमित किया गया है. साथ ही इस बिल में सरकारी चीन यात्राओं की निगरानी, ऊर्जा और परमाणु सुरक्षा से जुड़े नए प्रावधान भी शामिल किए गए हैं.
Russian flagged oil tanker seized by US military:अमेरिका ने नॉर्थ अटलांटिक में रूसी झंडे वाले तेल टैंकर Marin(Bella 1) को जबसे कब्जे में लिया है, पूरी दुनिया में हाहाकार मचा है. अब सूचना आई है कि इस जहाज पर मौजूद 28 क्रू में से तीन भारतीय भी अमेरिकी कब्जे में हैं.
1952 का वो कानून जिसके दम पर ग्रीनलैंड ने ट्रंप को धमकाया; पहले मारेंगे गोली, बात बाद में होगी
Greenland Denmark: ग्रीनलैंड पर बढ़ते तनाव के बीच डेनमार्क ने चेतावनी दी है कि अमेरिकी हमले की स्थिति में उसके सैनिक बिना आदेश के गोली चला सकते हैं. रक्षा मंत्रालय के मुताबिक यह अधिकार 1952 के सैन्य नियमों के तहत अब भी लागू है. यह बयान ऐसे समय आया है जब डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड पर नियंत्रण के लिए सैन्य विकल्प की बात दोहराई है.
अमेरिका का वेनेजुएला पर नियंत्रण कई साल तक रह सकता है : ट्रंप
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वॉशिंगटन आने वाले कई वर्षों तक वेनेजुएला पर निगरानी बनाए रख सकता है और देश के विशाल तेल भंडार से तेल निकालता रहेगा
अमेरिका ने दी हरी झंडी-भारत को मिलेगा वेनेजुएला का तेल
अमेरिका के व्हाइट हाउस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि अमेरिका एक नए कंट्रोल्ड फ्रेमवर्क के तहत भारत को वेनेजुएला से कच्चा तेल खरीदने की अनुमति देने के लिए तैयार है
सीजफायर के बाद बड़ा खेल, लेबनानी सरकार ने हिज्बुल्लाह की ताकत पर लगाया ब्रेक, छीने हथियार
Lebanon: सीजफायर के बाद अब लेबनानी सरकार स्थिति सही करने की कोशिश में है, इसके तहत अब सरकार गैर-सरकारी हथियारों को अपने कंट्रोल में लेने के लिए अभियान चला रही है. जिसे हिज्बुल्लाह से जोड़कर देखा जा रहा है.
Senator Graham warns Iran Supreme Leader:अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को सीधी धमकी दी कि अगर प्रदर्शनकारियों पर जुल्म जारी रहा, तो ट्रंप उन्हें मार देंगे. ईरान में आर्थिक संकट से बड़े विरोध हो रहे हैं, दर्जनों मौतें हुईं हैं.
US प्रेसिडेंट को गंभीरता से लें यूरोपीय लीडर्स...ग्रीनलैंड पर उठे शोर के बीच वेंस ने किसे चेताया?
JD Vance: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नजर इस समय 56 हजार से अधिक की आबादी वाले इस द्वीप ग्रीनलैंड पर है. जिसे लेकर अब अमेरिकी वाइस प्रेसिडेंट जेडी वेंस ने कहा कि यूरोपियन नेताओं को ग्रीनलैंड पर प्रेसिडेंट ट्रंप को गंभीरता से लेना चाहिए.
अमेरिकी डेल्टा फोर्स के हेलिकॉप्टर जैसे ही वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो के सुरक्षित ठिकाने के पास पहुंचे, जमीन से भारी फायरिंग होने लगी। एक MH-47 चिनूक हेलिकॉप्टर और उसके फ्लाइट लीडर को गोली लग गई। इस एक पॉइंट पर मिशन नाकाम हो सकता था। अगर हेलिकॉप्टर गिरता, तो अमेरिकी सैनिक दुश्मन शहर में फंस जाते। 3D, मैप और AI के जरिए देखिए अमेरिका के ऑपरेशन 'एब्सोल्यूट रिजॉल्व' की पूरी कहानी। वीडियो देखने के लिए ऊपर तस्वीर पर क्लिक कीजिए…
तारीख 7 जनवरी, वक्त रात के 1 बजे। पुरानी दिल्ली सो रही थी, तभी 32 जेसीबी और बुलडोजर तुर्कमान गेट की गलियों में दाखिल हुए। हाईकोर्ट के आदेश पर फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास 36,400 वर्ग फीट में बने एक बंद पड़े बारात घर और प्राइवेट क्लिनिक के अलावा पार्किंग ढहाने की तैयारी थी। जेसीबी चलनी शुरू हुईं, तभी भीड़ जुट गई। MCD के स्टाफ और पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। 5 पुलिस वाले घायल हो गए। पुलिस ने हालात संभाले और MCD के अमले ने कब्जे तोड़ दिए। दो दिन बीत गए, तुर्कमान गेट के आसपास पुलिस तैनात है। रैपिड एक्शन फोर्स के जवान गश्त कर रहे हैं। गलियों में बैरिकेडिंग हैं। दुकानें भी दो दिन से बंद हैं। फैज-ए-इलाही मस्जिद की मैनेजिंग कमेटी का दावा है कि जिस जमीन पर कार्रवाई की गई है, वह 100 साल से ज्यादा पुरानी नोटिफाइड वक्फ संपत्ति है। दैनिक भास्कर ने कमेटी के जनरल सेक्रेटरी मतलूब करीम, मस्जिद की तरफ से पैरवी कर रहे वकील इरशाद हनीफ और वक्फ बोर्ड की वकील फरहत जहान रहमानी से बात की। इससे समझ आया कि पूरा मामला कागजों की वजह से उलझा है। मस्जिद के पास उस जमीन के कागज नहीं हैं। मस्जिद कमेटी का दावा- 1913 के पेपर में 3 बीघा 17 बिस्वा जमीन का जिक्रमस्जिद कमेटी के जनरल सेक्रेटरी मतलूब करीम से हमने फोन पर बात की। जमीन के कागजों पर वे कहते हैं, ‘पेपर जमा करने की जिम्मेदारी वक्फ बोर्ड की थी। वक्फ बोर्ड दिल्ली सरकार के तहत आता है। दिल्ली सरकार में अभी कौन लोग हैं, आप जानते हैं। वे 1913 के पेपर नहीं दिखा रहे हैं, जिसमें 3 बीघा 17 बिस्वा जमीन का जिक्र है। उन्होंने सिर्फ 1940 का पेपर दिखाया, जिसमें 0.195 एकड़ जमीन के बारे में लिखा है।’ दरअसल, MCD कमिश्नर ने 22 दिसंबर के अपने आदेश में कहा था कि 1940 में बनी डीड के तहत मिली 0.195 एकड़ ज़मीन के अलावा मस्जिद कमेटी और वक्फ बोर्ड के पास बाकी जमीन पर मालिकाना हक नहीं है। मतलूब करीम मस्जिद के बाहर की जमीन के मालिकाना हक या पेपर की बात वक्फ बोर्ड की तरफ मोड़ देते हैं। वे कहते हैं कि कमेटी ने MCD को सारी बातें बताई थीं। हमारे पास जो डॉक्यूमेंट्स थे, हमने दे दिए। बाकी के लिए हमने समय मांगा था, लेकिन हमें समय ही नहीं दिया गया। वक्फ बोर्ड की वकील बोलीं- नहीं पता मस्जिद कमेटी ने कौन से कागज जमा किएहमने जमीन विवाद पर दिल्ली वक्फ बोर्ड की तरफ से कोर्ट में पेश हुईं वकील फरहत जहान रहमानी से बात की। वे कहती हैं, ‘दो साल से बोर्ड नहीं है, यानी अभी कोई पैनल नहीं है। पैनल की गैर-मौजूदगी में जिन्हें सीईओ बनाया गया था, वे भी रिटायर हो चुके हैं।’ ‘अभी कोई अधिकारी नहीं है, जो फाइल को मंजूरी दे। वक्फ बोर्ड की लीगल सेल से कोई निर्देश नहीं आता है, तब तक हम कोई फाइल जमा नहीं कर सकते। मुझे नहीं पता कि मस्जिद की मैनेजिंग कमेटी ने सुनवाई के दौरान कौन से पेपर जमा किए थे।’ मस्जिद कमेटी के वकील बोले- कोर्ट ने रोक लगाई थी, कार्रवाई मनमानीफैज-ए-इलाही मस्जिद कमेटी की तरफ से हाईकोर्ट में केस लड़ रहे सीनियर वकील इरशाद हनीफ भी दावा करते हैं कि जिस जमीन पर कार्रवाई की गई, वह वक्फ की है। वक्फ कानून की धारा-83 में प्रावधान है कि वक्फ की जमीन पर विवाद हो, तो उस पर वक्फ ट्रिब्यूनल ही फैसला ले सकता है। इरशाद आगे कहते हैं, ‘सेव इंडिया फाउंडेशन ने इस जमीन पर याचिका लगाई थी। 12 नवंबर, 2025 को याचिका लिस्ट हुई और उसी दिन हाईकोर्ट ने कहा कि अगर ये वक्फ की जमीन है, तो उन्हें सुनवाई का मौका दिया जाए। MCD के डिप्टी कमिश्नर ने दो बार सुनवाई की।’ ‘मस्जिद कमेटी ने डॉक्यूमेंट देने के लिए उनसे एक महीने का समय मांगा था। उन्होंने कहा कि 24 घंटे का समय देंगे। इसके पीछे क्या मकसद था, समझ नहीं आया। इसके बाद 22 दिसंबर को आदेश आ गया कि मस्जिद के बाहर की जमीन MCD की है।’ इरशाद कहते हैं, ‘हाईकोर्ट ने 6 जनवरी को कहा था कि मामले पर विचार करने की जरूरत है। फिर क्या जल्दबाजी थी कि आधी रात तोड़फोड़ शुरू कर दी। नोटिस तक नहीं दिया गया। हाईकोर्ट ने जो कहा था, मैं उसे एक तरह से रोक मानता हूं।’ ‘हाईकोर्ट ने सुनवाई पूरी करने के लिए तीन महीने का समय दिया था। ये समय 12 फरवरी 2026 को पूरा होता। हमने MCD के डिप्टी कमिश्नर से एक महीने का वक्त मांगा, जो हमें नहीं दिया गया। आप हमें दस्तावेज जमा करने के लिए सिर्फ 24 घंटे का समय दे रहे हैं। ये तो गलत है।’ इरशाद बताते हैं, ‘1940 के समझौते के तहत लैंड एंड डेवलपमेंट ऑफिस ने करीब 900 गज जमीन मस्जिद को ट्रांसफर की थी। उसके बाहर 3 बीघा 17 बिस्वा जमीन कब्रिस्तान की है। यहीं तबलीगी जमात का मरकज चलता है। मस्जिद के बाहर के पूरे हिस्से को ढहा दिया गया है।’ ‘सुप्रीम कोर्ट ने 13 नवंबर, 2024 को फैसला दिया था, जिसमें कार्रवाई के नियम तय किए गए थे। जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस केवी विश्वनाथन की बेंच ने आदेश दिया था कि डिमॉलिशन की प्रक्रिया देर रात या तड़के सुबह नहीं की जा सकती है। MCD ने इसका उल्लंघन किया है। रात में 2 बजे पुलिस तैनात करके बुलडोजर चलाया गया।’ कब्जे के खिलाफ याचिका लगाने वाले प्रीत सिरोही की बात ‘देश में कराची-लाहौर बन गए हैं, जब तक मैं हूं, इन्हें रहने नहीं दूंगा’प्रीत सिंह सिरोही का दावा है कि फैज-ए-इलाही के आसपास की जमीन का मालिकाना हक PWD और MCD के पास है। दिल्ली में रहने वाले प्रीत सिरोही सेव इंडिया फाउंडेशन नाम की संस्था चलाते हैं और सरकारी जमीन पर कब्जा करके बनाई मस्जिद, मजार, दरगाह और कब्रिस्तान के खिलाफ अभियान चला रहे हैं। प्रीत सिरोही देशभर में 2500 से ज्यादा और दिल्ली में 275 इस्लामिक स्ट्रक्चर्स के खिलाफ पिटीशन डाल चुके हैं। इसके लिए दिल्ली में 37 वकीलों की टीम बनाई है। उनके पास ऐसे मामलों की लंबी लिस्ट है। अप्रैल, 2025 में दैनिक भास्कर ने प्रीत सिरोही का इंटरव्यू किया था। इसमें उन्होंने कहा था, ‘जब तक मैं हूं, इन्हें नहीं रहने दूंगा। बहुत पहले से कागज इकट्ठा कर रहा हूं। अब कोर्ट में पिटीशन डालनी शुरू की हैं।’ 'नेता मंचों से बड़ी-बड़ी बातें करते हैं। जनता को गुमराह कर रहे हैं कि कराची तक हमारे झंडे होंगे। यहां देश में कई जगह कराची, रावलपिंडी और लाहौर बन गए हैं। एक दिन ऐसा आएगा कि हमें ही झोला उठाकर भागना पड़ेगा। इसलिए मैंने तय कर लिया कि मैं नेताओं के भरोसे नहीं रहूंगा।' लोग बोले- मस्जिद के पास हमेशा से बारात घर ही देखा हैमस्जिद के पास ही हमें मुदस्सिर उस्मान मिले। उस्मान आम आदमी पार्टी से जुड़े हैं। वे बताते हैं, ‘15 दिन पहले नोटिस आया था। इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी। मैं 42 साल का हूं। हम इस जगह क्रिकेट खेला करते थे।’ इलाके की पीस कमेटी के मेंबर शहजाद खान बताते हैं कि बारात घर में 25 दिसंबर को ही नोटिस लगा दिया गया था कि यहां कोई कार्यक्रम नहीं होगा। आप इंतजाम कर लीजिए। नरेश रॉबिनसन भी पीस कमेटी के मेंबर हैं। वे बताते हैं, ‘5 जनवरी को DCP ऑफिस में बैठक बुलाई गई थी। इसमें करीब 250 लोग थे। DCP ने साफ किया था कि कोर्ट के आदेश पर मस्जिद के आसपास की जमीनों पर कार्रवाई होगी। मीटिंग में मस्जिद कमेटी के लोग भी थे। उन्होंने तब कार्रवाई पर कोई एतराज नहीं जताया था।’ पथराव करने वाले 11 आरोपी पकड़े, इनमें एक नाबालिगपुलिस सोर्स के मुताबिक, एक सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया गया कि मस्जिद को ढहाया जा रहा है। इसके बाद लोग इकट्ठा हो गए और पुलिस और MCD स्टाफ पर पत्थर और कांच की बोतलें फेंकनी शुरू कर दीं। इससे 5 पुलिसवाले घायल हो गए। जांच की जा रही है कि क्या हिंसा के पीछे अभियान रुकवाने की साजिश है। पुलिस और MCD स्टाफ पर पथराव के आरोप में पुलिस ने 11 लोगों को पकड़ा है। 7 जनवरी को 25 साल के मोहम्मद अरीब, 23 साल के मोहम्मद कैफ, 25 साल के मोहम्मद काशिफ और 30 साल के मोहम्मद हामिद को अरेस्ट किया गया है। 17 साल के एक लड़के को भी कस्टडी में लिया गया। ये सभी चांदनी महल एरिया के रहने वाले हैं। अगले दिन 8 जनवरी को अरेस्ट आरोपियों के नाम अफान, आदिल, शाहनवाज, हमजा, अतहर और उबेद हैं। ये सभी तुर्कमान गेट इलाके के हैं। हिंसा में शामिल बाकी लोगों की पहचान के लिए CCTV फुटेज और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की पड़ताल की जा रही है। पुलिस सोर्स के मुताबिक, विवाद पैदा करने वाले वीडियो में से एक को कथित तौर पर खालिद मलिक नाम के शख्स ने रिकॉर्ड किया था। वीडियो में लोगों से घरों से बाहर निकलने के लिए कहा गया था। ऐसी अफवाहें फैलाई गईं कि मस्जिद ढहाने के लिए बुलडोजर तैनात किए गए हैं, जिससे इलाके में तनाव फैल गया। आरोपी की बहन बोली- भाई दुकान से लौट रहे थे, पुलिस ने पकड़ लियागिरफ्तार किए गए मोहम्मद अरीब की बहन उस पर लगे आरोप को झूठा बताती हैं। बहन सामने नहीं आना चाहतीं, इसलिए हम उनकी पहचान नहीं बता रहे हैं। वे कहती हैं, ‘अरीब एलईडी लाइट्स का काम करता है। बड़े भाई का कैफे है। कैफे रात तक चलता है। रात करीब डेढ़ बजे दोनों आ रहे थे। उन्हें पता चला कि मस्जिद के पास माहौल खराब है। दोनों अपने दोस्त के यहां रुक गए। रात तीन बजे घर के लिए निकले तो पुलिस वालों ने अरीब को पकड़ लिया।’ अरीब की बहन पुलिस पर सवाल उठाती हैं कि अरीब इस इलाके में था ही नहीं। न ही पुलिस के पास कोई सबूत है, तो आप उसे कैसे गिरफ्तार कर सकते हैं। अगर आप गिरफ्तार करते हैं, तो आपकी जिम्मेदारी बनती है कि घरवालों को बताएं। हम अगले दिन भी उसे हर जगह ढूंढते रहे। किसी थाने में पुलिस ने नहीं बताया कि उसे पकड़ा गया है। वो उस वक्त चांदनी महल थाने में था। हम वहां भी गए थे। आखिरकार रात में हमें उसके बारे में पता चला।’ डिप्टी कमिश्नर बोले- मस्जिद की जमीन सुरक्षितसिटी एस.पी. जोन के डिप्टी कमिश्नर विवेक अग्रवाल ने बताया, ‘यह मामला लंबे समय से हाईकोर्ट में था। अदालत के आदेश के बाद ही कार्रवाई की गई है। यह करीब 36,400 स्क्वायर फीट एरिया था। इसके चारों ओर दो मंजिला दीवार थी, जिसके ऊपर एक मंजिला स्ट्रक्चर बना हुआ था। मस्जिद की जमीन सुरक्षित है।’ ‘हमें पर्याप्त पुलिस बल दिया गया था। रात भर सीनियर पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। रात में पथराव की एक घटना हुई थी, लेकिन पुलिस पूरी तरह तैयार थी। हमने 32 जेसीबी का इस्तेमाल किया। हमारी टीम के किसी भी सदस्य को नुकसान नहीं पहुंचा है। पूरे एरिया को 9 जोन में बांटा गया था। हर एक की मॉनिटरिंग एडिशनल डीसीपी रैंक के अधिकारी कर रहे थे।’ सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट के DCP निधिन वाल्सन ने बताया कि कार्रवाई रात करीब 1 बजे शुरू हुई। इसी दौरान पुलिस पर पत्थर फेंके गए। CCTV और बॉडी कैमरा फुटेज मिलने के बाद हम दोषियों की पहचान कर कार्रवाई करेंगे। ................................ ये रिपोर्ट भी पढ़ें मस्जिद पहुंचे सपा सांसद से पूछताछ करेगी पुलिस, नेता बोले- रिएक्शन तो होगा ही फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास पत्थरबाजी को लेकर सपा सांसद मोहिबुल्लाह नदवी से पूछताछ की जाएगी। दिल्ली पुलिस के सीनियर अधिकारियों के बार-बार कहने के बावजूद नदवी घटनास्थल से नहीं गए और आसपास मौजूद रहे। वहीं सपा नेता एसटी हसन ने कहा कि यहां 100 साल पुरानी मस्जिद और दुकानें हैं। अतिक्रमण के नाम पर ज़ुल्म किया जाएगा तो लोग कब तक विरोध नहीं करेंगे। पढ़ें पूरी खबर...
फ्रांस में किसानों का विरोध प्रदर्शन, ईयू-मार्कोसुर समझौते को लेकर लोगों में नाराजगी
फ्रांस में सरकार के विरोध में वहां के किसान सड़कों पर उतर आए हैं। किसानों का यह गुस्सा यूरोपियन यूनियन और दक्षिण अमेरिकी ब्लॉक मर्कोसुर के बीच होने वाले मुक्त व्यापार समझौते को लेकर है
पाकिस्तान के 27वें संविधान संशोधन पर एमनेस्टी ने उठाए सवाल, तुरंत समीक्षा की मांग
पाकिस्तान में हाल ही में संविधान में 27वां संशोधन कर कई बड़े बदलाव किए गए। इसके तहत असीम मुनीर की ताकत बढ़ा दी गई और प्रधानमंत्री से लेकर न्यायपालिका तक की शक्तियों को कम कर दिया गया
वेनेजुएला के ऑयल रिजर्व पर अब अमेरिका का राज, मनमर्जी से तेज बेचेंगे ट्रंप; कर दिया बड़ा ऐलान
Trump To take Venezuela Oil reserves: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज से अमेरिका के साथ एक स्पेशल ऑयल पार्टनरशिप करने के लिए कहा है.
टैरिफ वॉर के बाद युद्ध की तैयारी में ट्रंप? 'वेनेजुएला मिशन' पूरा, भारत-चीन सहित इन देशों पर भी नजर
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार (7 दिसंबर) को 2027 के लिए पेंटागन का बजट 50% बढ़ाकर रिकॉर्ड 1.5 ट्रिलियन डॉलर (करीब 120 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा) करने का प्रस्ताव रखा है. 2026 में अमेरिकी सेना का बजट 901 अरब डॉलर है.
Bangladesh Deepu Chandra Das Case: बांग्लादेश में पिछले कुछ दिनों से हिंदुओं के खिलाफ हिंसा जारी है. अब दीपू चंद्र दास की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया गया है.
Bangladesh News: बांग्लादेश के हालात सुधरने का नाम ही नहीं ले रहे हैं. 2025 की बात करें तो बांग्लादेश का क्राइम रेट खतरनाक स्तर पर पहुंच गया. इस दौर में महिलाओं और बच्चों को सबसे ज्यादा अत्याचार सहना पड़ा.
दक्षिण एशिया में शांति और स्थिरता की बात आए तो सबसे पहले भारत का नाम सामने आता है. श्रीलंका के प्रमुख सांसद और पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे के बेटे नमल राजपक्षे ने साफ-साफ कहा है कि इस पूरे इलाके में लंबी शांति बनाए रखने के लिए भारत की लीडरशिप सबसे अहम है. जानें पूरी बात.
दुश्मन की मदद करने वालों के लिए नहीं बरती जाएगी नरमी...ईरान में बवाल के बीच कड़ी चेतावनी
Iran News: ईरान में इस समय भारी बवाल हो रहा है, भारी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए हैं, जिसके बाद अब बीच ईरान के टॉप ज्यूडिशियल अथॉरिटी, गुलाम हुसैन मोहसेनी एजेई ने चेतावनी दी है. उन्होंने कहा है कि दुश्मन की मदद करने के आरोप में किसी के लिए भी कोई नरमी नहीं बरती जाएगी.
वेनेजुएला में जो हुआ उसके बाद अमेरिका और कोलंबिया के बीच भयंकर तनाव हो गया था. ऐसे लग रहा था कि दोनों देशों के बीच जंग छिड़ने वाली हो. ट्रंप ने कोलंबिया को धमकी दी थी, पेट्रो को कोकीन वाला कहा, मिलिट्री एक्शन की बात की. लेकिन कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने पहले बॉर्डर पर 30 हजार सैनिक भेजा, फिर एक फोन कॉल से ट्रंप के सुर बदलवा दिए. अब दोनों व्हाइट हाउस में मिलने वाले हैं.
वेनेजुएला के तेल पर अमेरिका का पूरा नियंत्रण, क्या है ट्रंप का तीन फेज वाला प्लान
वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अमेरिकी सेना द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद हालात पूरी तरह बदल गए हैं
वेनेजुएला के राष्ट्रपति को सोते हुए उठवाने के बाद से अमेरिका आक्रामक मोड में है. अब उसने पीछा करते हुए रूस के झंडे वाले तेल टैंकर को पकड़ा है. बताया जा रहा है कि जंग लगे टैंकर में तेल नहीं है फिर क्या है? यह इतना जरूरी क्यों था कि बचाने के लिए रूस ने सबमरीन रवाना कर दी थी लेकिन देरी हो गई.
Pakistan Lobbying Firms USA: अमेरिका के Department of Justice में जमा दस्तावेजों से खुलासा हुआ है. ऑपरेशन सिंदूर के समय पाकिस्तान ने अमेरिका में जबरदस्त लॉबिंग अभियान चलाया. इस अभियान का मकसद अमेरिकी नेताओं और नीति बनाने वालों तक पाकिस्तान का नजरिया पहुंचाना था. इसके लिए पाकिस्तान ने पुरानी और नई दोनों तरह की लॉबिंग कंपनियों की मदद ली थी.
तारिक रहमान 17 साल बाद ढाका से बाहर दौरे पर
बांग्लादेश में राजनीतिक दलों की हलचल तेज हो चुकी है। चुनाव में अब बस महीनेभर का समय बचा है। ऐसे में सभी पार्टियों ने अपनी-अपनी तैयारी तेज कर दी है
ढाका-कराची के बीच सीधी उड़ानें 29 जनवरी से शुरू
बंगलादेश और पाकिस्तान के बीच बढ़ते घनिष्ठ संबंधों के बीच बंगलादेश की राष्ट्रीय विमानन कंपनी बिमान बंगलादेश 29 जनवरी से ढाका और कराची के बीच सीधी उड़ानें शुरू करने जा रही है
जिस इंटरनेशनल सोलर अलायंस को पीएम मोदी ने बनाया, डोनाल्ड ट्रंप ने उससे क्यों खींचा हाथ?
Donald Trump: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर बड़ा फैसला लेते हुए भारत और फ्रांस के नेतृत्व वाले इंटरनेशनल सोलर अलायंस समेत 66 इंटरनेशनल ऑर्गनाइजेशन से अमेरिका का नाम वापस ले लिया है. जानिए उन्होंने ये फैसला क्यों किया?
who was Azizur Rahman Musabbir:बांग्लादेश में 12 फरवरी को होने वाले राष्ट्रीय चुनावों से ठीक पहले राजनीतिक हिंसा अपने चरम पर पहुंच गई है. कुछ ही दिनों के भीतर उस्मान हादी की हत्या के बाद अब BNP के एक और नेता अजीजुर रहमान मुसब्बिर की सरेशाम ढाका में गोली मारकर हत्या कर दी गई. आइए जानते हैं कि आखिर कौन थे अजीजुर रहमान मुसब्बीर.
सिर्फ US में बने प्रोडक्ट ही खरीदेगा वेनेजुएला...मादुरो की गिरफ्तारी के बाद ट्रंप क्यों लाद रहे भार?
Donald Trump: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप वेनेजुएला को लेकर पूरी तरह से सख्त हो गए हैं. अब ट्रंप ने घोषणा करते हुए कहा है कि वेनेजुएला अब नई ऑयल डील से मिले पैसों से सिर्फ अमेरिका में बने प्रोडक्ट ही खरीदेगा.
जंग की तैयारी कर रहा अमेरिका? ट्रंप बोले 2027 तक 1.5 ट्रिलियन डॉलर होगा मिलिट्री बजट
US defense budget 2027: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को बड़ा ऐलान कर दिया है. उन्होंने कहा है साल 2027 के लिए अमेरिका का सैन्य बजट 1 ट्रिलियन डॉलर नहीं बल्कि 1.5 ट्रिलियन डॉलर होना चाहिए. ट्रंप ने यह बात अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखी है.
जापान में नए साल की पहली नीलामी में एक मछली रिकॉर्ड 29 करोड़ रुपए में बिकी। 243 किलो की ब्लूफिन टूना दुनिया की सबसे महंगी मछली बन चुकी है। इसके सिर्फ एक किलो मांस की कीमत में 5 रॉयल एनफील्ड बाइक आ जाएं। इससे पहले भी ये रिकॉर्ड ब्लूफिन टूना के ही नाम था। आखिर इस मछली में ऐसा क्या खास है, इसे किसने और क्यों खरीदा; ऐसे 6 सवालों के जवाब जानेंगे भास्कर एक्सप्लेनर में... सवाल-1: 29 करोड़ की यह मछली किसने खरीदी? जवाब: जापान की राजधानी टोक्यो की तोयोसु फिश मार्केट में 5 जनवरी को नए साल की पहली नीलामी हुई। इसमें 243 किलो की ब्लूफिन टूना 510 मिलियन येन यानी करीब 29 करोड़ रुपए में बिकी। इस रिकॉर्ड-ब्रेकिंग टूना को खरीदा है जापान की मशहूर कंपनी कियोमुरा कॉर्पोरेशन के मालिक कियोशी कियोमुरा ने। उन्हें जापान में ‘टूना किंग’ कहा जाता है। वे ‘सुशी जनमई’ नाम से मशहूर सुशी रेस्टोरेंट चेन चलाते हैं और हर साल ऊंची बोली लगाने के लिए जाने जाते हैं। नीलामी के बाद कियोमुरा ने कहा- 'मैं कम कीमत की उम्मीद कर रहा था, लेकिन बोली इतनी तेजी से बढ़ी कि खुद को रोक नहीं पाया। अच्छी क्वालिटी की टूना देखकर मैं रुक ही नहीं सकता। सवाल-2: आखिर ब्लूफिन टूना इतनी महंगी क्यों होती है? जवाबः ब्लूफिन टूना को दुनिया की सबसे प्रीमियम खाने योग्य मछलियों में गिना जाता है। इसका मांस बेहद मुलायम, रसीला और फैट से भरपूर होता है। खासकर पेट का हिस्सा (ओटोरो) मक्खन जैसा माना जाता है। स्वाद, रंग और टेक्सचर में यह बाकी टूना से कहीं बेहतर होती है। हालांकि इसके इतनी महंगी होने के पीछे 4 बड़ी वजहे हैं... 1. ब्लूफिन टूना की कमी: यह मछली गहरे और खुले समुद्र में हजारों मील की यात्रा करती है, जिसके कारण इसे ढूंढना और पकड़ना बहुत मुश्किल काम है। पहले बहुत अधिक शिकार होने की वजह से अब समुद्र में इनकी संख्या काफी घट गई है, इसीलिए सरकारों और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं ने इसके शिकार पर सख्त नियम और कोटा तय कर दिया है। 2. ब्लूफिन टूना का साइजः कुछ मछलियों का वजन 450 किलो से भी ज्यादा हो सकता है। मछली जितनी बड़ी और पुरानी होती है, उसकी कीमत उतनी ही ज्यादा होती है। इसकी वजह यह है कि बड़ी और उम्रदराज टूना का स्वाद और मांस की बनावट बेहतर मानी जाती है। 3. पकड़ने और ढोने की मुश्किल: जापान के ‘ओमा’ तट के पास पकड़ी गई टूना सबसे महंगी मानी जाती है। क्योंकि वहां के मछुआरे इसे जाल नहीं, बल्कि एक खास तकनीकि लाइन फिशिंग से पकड़ते हैं। इससे मछली को चोट या तनाव नहीं होता और मीट क्वालिटी टॉप क्लास रहती है। क्वालिटी बनाए रखने के लिए बहुत तेजी से एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाया जाता है। इस पूरी प्रक्रिया में ज्यादा खर्च आता है, जो इसकी कीमत को और बढ़ा देता है। 4. सबसे बड़ी वजह है डिमांड: दुनिया भर में सुशी की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। जैसे-जैसे लोग ज्यादा सुशी खाने लगे हैं, वैसे-वैसे इसके जरूरी इंग्रीडिएंट्स, खासकर ब्लूफिन टूना की मांग और कीमत दोनों बढ़ती चली गई हैं। जापान में ब्लूफिन टूना का महत्व सिर्फ खाने तक सीमित नहीं है। नए साल की पहली नीलामी को वहां शुभ माना जाता है। साल की पहली नीलामी में ऊंची बोली लगाने से पूरे साल व्यापार अच्छा चलने की मान्यता है। इसी वजह से बड़ी कंपनियां और फेमस रेस्टोरेंट सामान्य नीलामी में अधिक से अधिक बोली लगाकर इसे हासिल करना चाहते हैं। यह नीलामी उनके लिए कारोबार से कहीं ज्यादा ब्रांडिंग और सम्मान पाने का जरिया होती है। सवाल-3: ब्लूफिन टूना को जाल लगाकर क्यों नहीं पकड़ा जाता? जवाबः ब्लूफिन टूना को किसी बड़े जाल से नहीं, बल्कि 'लॉन्गलाइन' तकनीक से पकड़ा जाता है। जापान में मछली पकड़ने का ये पारंपरिक तरीका है। इस प्रक्रिया में समुद्र में एक बहुत लंबी रस्सी डाली जाती है। इस रस्सी पर थोड़ी-थोड़ी दूरी पर चारे (भोजन) लगे कांटे होते हैं। जब ब्लूफिन टूना चारा निगलती है, तो वह कांटे में फंस जाती है। इसके बाद मछुवारे उसे धीरे और सावधानी से बाहर निकालते हैं। जापान के ओमा शहर के मछुआरे कड़कड़ाती ठंड में समुद्र के बीचों-बीच घंटों तक संघर्ष करते हैं ताकि मछली को बिना किसी नुकसान के जिंदा या ताजी हालत में नाव तक लाया जा सके। अगर मछली बड़ी और अच्छी क्वालिटी की निकली, तो नीलामी में उसकी कीमत करोड़ों तक पहुंच सकती है। इससे मछुआरे की किस्मत बदल जाती है। सवाल-4: इससे पहले सबसे महंगी मछली कौन-सी थी? जवाब: 2019 में भी एक ऐसी ही चौंकाने वाली नीलामी हुई थी। उस समय 278 किलो की एक टूना को 333.6 मिलियन येन यानि उस समय के हिसाब से लगभग 20 करोड़ रुपए में खरीदा गया था। ये रिकार्ड भी 29 करोड़ की मछली खरीदने वाले कियोमुरा के नाम ही है। यानी उन्होंने अपनी ही रिकॉर्ड तोड़ा है। सवाल-5: क्या एक मछली पर 29 करोड़ रुपये खर्च करना समझदारी है? जवाब: पहली नजर में यह घाटे का सौदा लग सकता है, क्योंकि कोई भी रेस्टोरेंट 29 करोड़ की लागत को सिर्फ सुशी बेचकर वसूल नहीं कर सकता। दरअसल, इसके पीछे 'मार्केटिंग और ब्रांडिंग' का बड़ा खेल है। जब कोई व्यापारी इतनी महंगी मछली खरीदता है, तो उसका नाम दुनिया भर की मीडिया और सोशल मीडिया पर छा जाता है। इसे एक तरह का 'फ्री पब्लिसिटी स्टंट' माना जाता है जिसकी वैल्यू करोड़ों के विज्ञापन से कहीं अधिक होती है। इससे ग्राहकों के बीच यह मैसेज जाता है कि यदि यह रेस्टोरेंट मालिक दुनिया की सबसे बेहतरीन मछली खरीद सकता है, तो यहां मिलने वाली हर चीज की क्वालिटी बेहतर ही होगी। ये तरीका अमीर ग्राहकों को अपनी ओर खींचता है, जो केवल भोजन के लिए नहीं बल्कि बड़े होटल में सिर्फ एक एक्सपीरिएंस के लिए मोटी रकम खर्च करने को तैयार रहते हैं। सवाल-6: भारत में सबसे महंगी मछली कौन-सी नीलाम हुई है? जवाब: भारत की सबसे महंगी मछली की नीलामी में घोल मछली सबसे आगे है। महाराष्ट्र के पालघर में 1 सितंबर 2021 को 157 मछलियों के एक लॉट को ₹1.33 करोड़ में बेचा गया था। घोल मछली के पेट में औषधीय गुण होते हैं और यह कॉस्मेटिक्स व दवाओं में इस्तेमाल होती है। हांगकांग, जापान जैसे देशों में इसकी भारी मांग है और यह 'सी गोल्ड' कहलाती है। इसके अलावा अक्टूबर 2025 में पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर में 88 तेलिया भोला मछली पकड़ी गई, जिसकी नीलामी में कीमत लगभग 60 लाख पहुंची थी। ---------------------- ये खबर भी पढ़िए... जवान बेटे के लिए मां-बाप क्यों मांग रहे इच्छामृत्यु:सुप्रीम कोर्ट में गुहार मंजूर, एम्स रिपोर्ट बना रहा; क्या है इज्जत से मरने का अधिकार गाजियाबाद के रहने वाले अशोक राणा और निर्मला राणा जवान बेटे हरीश के लिए सुप्रीम कोर्ट से इच्छामृत्यु मांग रहे हैं। 11 दिसंबर को सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली एम्स को रिपोर्ट बनाने को कहा। अब अगली सुनवाई 18 दिसंबर को होनी है। पूरी खबर पढ़िए
18 दिसंबर 2025, रात करीब 9 बजे का वक्त था। बांग्लादेश के मैमनसिंह जिले में भीड़ ने गारमेंट फैक्ट्री में काम करने वाले दीपू दास को पकड़ लिया। ईशनिंदा का इल्जाम लगाकर भीड़ ने उसे पीट-पीटकर मार डाला। इसके बाद दीपू के शव को फैक्ट्री से कुछ दूर ले गए और आग लगा दी। उस दिन से अब तक बांग्लादेश के अलग-अलग जिलों में 6 हिंदुओं की हत्या हुई है। बांग्लादेश में दीपू की हत्या का असर पश्चिम बंगाल में दिख रहा है। घटना के विरोध में यहां जगह-जगह बंगाली हिंदुओं ने प्रदर्शन किया। सिर्फ कोलकाता में ही करीब 10 हजार लोग सड़कों पर उतरे। लोगों का कहना है कि वो दिन दूर नहीं, जब पश्चिम बंगाल में भी बांग्लादेश जैसे हालात होंगे। 23 दिसंबर को हुए प्रदर्शन में शामिल 74 साल के नकुल भट्टाचार्जी कहते हैं, ‘बांग्लादेश में दीपू दास को जैसे जिंदा जलाया गया, उससे खराब भला क्या हो सकता है। ये सब मेरे बेटे के साथ भी हो सकता है। ममता बनर्जी के राज में भी यही हो रहा है। बांग्लादेश में जैसे हिंदुओं को टॉर्चर किया जा रहा है, यहां हालात उससे अलग नहीं हैं। पश्चिम बंगाल, बांग्लादेश का डुप्लीकेट बन गया है।‘ वहीं 29 साल की संगीता आरोप लगाती हैं कि ममता दीदी बांग्लादेशियों और जिहादियों को पश्चिम बंगाल लेकर आ रही हैं। इससे यहां का माहौल भी खराब हो रहा। इस पर रोक लगनी चाहिए। पश्चिम बंगाल में इसी साल मार्च-अप्रैल में विधानसभा चुनाव होने हैं। बांग्लादेश में हुई हिंसा और हिंदुओं को टारगेट किए जाने का चुनाव में क्या असर होगा, ये समझने के लिए दैनिक भास्कर की टीम कोलकाता पहुंची। पहले प्रदर्शन के दौरान अरेस्ट लोगों की बात…'परमिशन लेकर प्रदर्शन, फिर भी रोका, पुलिस वाले जिहादी हुए'कोलकाता में हुए विरोध प्रदर्शन में शामिल रहीं नीति भट्टाचार्जी कहती हैं, ‘दीपू दास को बहुत बुरी तरह मारा गया। वो हिंदू था, हम भी हिंदू हैं। हमें उसकी मौत का अफसोस है, इसलिए प्रदर्शन कर रहे हैं। कोलकाता पुलिस हमें ये भी नहीं करने दे रही। पुलिसवाले हमें पकड़कर मारने लगे। हमारे एक साथी की नाक तोड़ दी।‘ ‘महिलाओं के बाल खींचे और उन्हें पकड़कर जेल में डाला गया, जबकि हम शांति से विरोध कर रहे थे। हम बांग्लादेश हाई कमिशनर को वापस भेजना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने बैरिकेड लगाकर हमें रोक दिया। हमने फिर कोशिश की, तो लाठीचार्ज कर 19 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस वाले जिहादी हो गए हैं।‘ परमिशन के बारे में पूछने पर नीति कहती हैं, ‘हिंदू जागरण मंच ने प्रदर्शन के लिए प्रशासन को मेल करके परमिशन मांगी थी। फिर भी हमें रोका गया। दोपहर 3 बजे ही हमें हिरासत में ले लिया गया। गिरफ्तार 19 लोगों में 7 महिलाएं थीं। हम पूछते रहे कि अब आगे क्या कार्रवाई होगी, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। अचानक रात 2 बजे हमें मेडिकल के लिए ले जाने लगे। हम डर की वजह से नहीं गए।‘ ‘इसके बाद पुलिस वाले हमारे फोन का पासवर्ड मांगने लगे। हमने मना किया तो शर्त रखी कि जो पासवर्ड बताएगा, घर पर सिर्फ उसी की बात कराएंगे। हममें से 3 महिलाओं ने बच्चों से बात करने के लिए पासवर्ड बता दिया। इसके बाद भी उन्हें फोन नहीं दिया गया। पुलिस ने थाने में लगे लैंडलाइन से उनकी घर पर बात कराई। अब भी हमारा फोन पुलिस के पास है।‘ 'हम अपराधी नहीं, फिर हत्या की कोशिश का केस क्यों'कोलकाता की रहने वाली प्रयोनीती पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहती हैं, ‘पुलिस ने हम पर ऐसे लाठियां बरसाईं, जैसे हम अपराधी हैं। हम पर BNS की धारा 109 के तहत FIR दर्ज कर अटेम्प्ट टू मर्डर का केस लगा दिया। गैरकानूनी हथियार रखने के भी चार्ज लगाए, जबकि मेरी जेब में सिर्फ एक पेन था।‘ नकुल भी यही आरोप लगाते हैं। वे कहते हैं, ‘हम सिर्फ प्रदर्शन करने गए थे, लेकिन हमें जेल में डाल दिया। 3 से 4 दिन जेल में ही रखा। बहुत टॉर्चर किया। मेरे सामने ही एक लड़की को पुलिस वालों ने इतना पीटा कि उसे देखकर मैं डर गया। हमने तो कोई चोरी-मर्डर भी नहीं किया। फिर हमें ऐसा टॉर्चर क्यों किया गया।' प्रदर्शन का हिस्सा रहे मोहम्मद सरफराज बताते हैं, ‘लाल बाजार हेडक्वार्टर के कुछ पुलिसवाले हमसे हमदर्दी रखते थे। उन्होंने कहा कि आप लोगों पर कई गलत इल्जाम लगे हैं। हम मजबूर हैं, हम पर ऊपर से दबाव है। कुल 8 धाराओं में केस हुआ, लेकिन सिर्फ सरकारी काम में बाधा डालने के अलावा सब धाराएं गलत लगाई गई हैं।‘ DCP बोले- प्रदर्शन में पुलिसवाले जख्मी हुए, इसलिए 8 धाराएं लगाईंइस मामले पर कोलकाता पुलिस के साउथ ईस्ट डिवीजन के DCP डॉ. भोलानाथ पांडे ने बताया, ‘प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मुकदमा चल रहा है। प्रदर्शन के दौरान कुछ पुलिसवाले जख्मी भी हुए हैं। उसी के आधार पर धाराएं लगाई गई हैं। प्रदर्शन के आयोजकों ने बयान दे दिया है और इन्वेस्टिगेशन भी जारी है। उसी के आधार पर चार्जशीट तैयार की जाएगी। मामले में BNS के तहत कुल 8 धाराएं लगाई गई हैं।' अब जानिए पॉलिटिकल पार्टियां क्या कह रहीं…TMC: बांग्लादेश की वजह से नहीं, SIR के कारण हिंदू खतरे में बांग्लादेश में हिंसा के बाद पश्चिम बंगाल में बने माहौल को लेकर हमने TMC प्रवक्ता प्रदीप्त मुखर्जी से बात की। वे कहते हैं, ‘BJP चुनाव से पहले पश्चिम बंगाल में ऐसा नैरेटिव तैयार करना चाहती है कि TMC सरकार यहां रोहिंग्याओं और बांग्लादेशियों को बसा रही है। वे TMC के लिए वोट करते हैं और बदले में उन्हें प्रोटेक्शन मिलता है। ऐसा बिल्कुल भी नहीं है।’ ’ये इंटरनेशनल डिप्लोमैटिक मुद्दा है, इसे लेकर TMC सरकार हमेशा से केंद्र के साथ है। देश की इंटीग्रिटी और यूनिटी को लेकर जो काम किया जाएगा, हम उसमें साथ देंगे। पार्टी के जनरल सेक्रेटरी अभिषेक बनर्जी पहले भी कह चुके हैं कि हम देश की अखंडता के लिए काम करेंगे।’ ’BJP लीडर शुभेंदु अधिकारी जानबूझकर गलत नैरेटिव तैयार करना चाहते हैं कि बंगाल में हिंदू खतरे में है। वे गलत खबर फैलाते हैं, जैसे एक फिल्म में मिथुन चक्रवर्ती का डायलॉग है- आमी खबर देखी ना, खबर सुनी ना, आमी खुद ही खबर तैयारी करी। हम ये नैरेटिव तोड़ेंगे और विधानसभा चुनाव में 215 से ज्यादा सीटें जीतेंगे।’ वे आगे कहते हैं, ‘पश्चिम बंगाल में हिंदू खतरे में है, लेकिन वो बांग्लादेशियों की वजह से नहीं बल्कि SIR की वजह से। पश्चिम बंगाल में SIR के नाम पर 58 लाख मतुआ लोगों का नाम वोटर लिस्ट से बाहर हो चुका है। इसमें कोई भी रोहिंग्या या बांग्लादेशी नहीं मिला है।’ BJP: ममता बनर्जी गाजा के लिए बोलती हैं, हिंदुओं के लिए नहींBJP प्रवक्ता ज्योति चटर्जी का कहना है, ‘बांग्लादेश में बंगाली हिंदुओं की संख्या बहुत कम हो गई है। आने वाले समय में बंगाली हिंदू खत्म हो जाएंगे। दीपू दास की तरह बंगाल के मुर्शिदाबाद में बाप-बेटे को मार दिया। बांग्लादेश और बंगाल दोनों जगह बंगाली हिंदुओं की भाषा और कल्चर खत्म किया जा रहा है।‘ ‘मुख्यमंत्री ममता बनर्जी गाजा के लिए बोलती हैं, लेकिन हिंदुओं के लिए आवाज नहीं उठातीं। आने वाले वक्त में हम सब दीपू दास बन जाएंगे। हमारी संख्या घट रही है। जहां संख्या घटी, वहां हम पीड़ित हुए। हिंदू जाग रहा है और ये चुनाव का सवाल नहीं है। ये बंगाली हिंदुओं के अस्तित्व का सवाल है।‘ पश्चिम बंगाल में बांग्लादेशी मुस्लिम आ रहे हैं। डेमोग्राफी बदल रही है। यहां बांग्लादेशी मुस्लिमों के लिए अचानक गुलशन कॉलोनी बन गई। मुस्लिमों का फर्टिलिटी रेट ज्यादा है। वो पर्सेंटेज में बढ़ रहे है और बंगाली हिंदू की संख्या घट रही है। ‘बांग्लादेश में बंटवारे के वक्त वहां 22% और भारत में 79.2% बंगाली हिंदू थे। अब बांग्लादेश में 6% और 2011 की जनगणना के अनुसार बंगाल में 70.5% हैं। राज्य में बंगाली हिंदू मेजॉरिटी में हैं, लेकिन जिन जगहों पर माइनॉरिटी में हैं, वहां प्रताड़ित किए जा रहे हैं। मुर्शिदाबाद में बंगाली हिंदू पुलिस को कॉल करते हैं, तो पुलिस टाइम पर आती ही नहीं है।’ ’अगर यहां ममता बनर्जी फिर चुनकर आईं तो बंगाली हिंदू नहीं बचेंगे। पूरे बंगाल में मुर्शिदाबाद जैसे हालत हो जाएंगे। यहां चिकन नेक है और ये बॉर्डर स्टेट भी है। ऐसे में देश की सिक्योरिटी के लिए पश्चिम बंगाल में BJP का आना जरूरी है। अगर ये गलत हाथों में गया तो देश की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा है।’ एक्सपर्ट बोले- टारगेट पर अल्पसंख्यक, हिंदू वोटर एकजुट हो रहापॉलिटिकल एक्सपर्ट मैनाक पुटाटुंडा कहते हैं, ‘पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव मार्च 2026 के आसपास हो सकते हैं। इसे लेकर यहां सियासी हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं। TMC लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी की कोशिश कर रही है। BJP भी सत्ता पाने के लिए जोर लगा रही है। बांग्लादेश में हो रही हिंसा और घटनाओं का असर भी पश्चिम बंगाल की राजनीति पर पड़ रहा है।‘ ‘बांग्लादेश में दीपू दास की हत्या दुर्भाग्यपूर्ण है। बांग्लादेश में कुछ राजनीतिक पार्टियां अल्पसंख्यक हिंदुओं के खिलाफ हमलों को सीधे तौर पर न सही, लेकिन बढ़ावा देती दिख रही हैं। इन सबके नतीजे पश्चिम बंगाल में भी दिखेंगे। यहां धार्मिक आधार पर ध्रुवीकरण होना तय है। बांग्लादेश में हो रही घटनाओं की वजह से पश्चिम बंगाल में हिंदू वोटर एकजुट हो सकते हैं।‘ यदि पिछले लोकसभा और विधानसभा चुनावों के वोटिंग के आंकड़ों का एनालिसिस करें, तो साफ होता है कि पश्चिम बंगाल में दो प्रमुख राजनीतिक दलों के बीच वोट पर्सेंट का अंतर बहुत ज्यादा नहीं है। ऐसी स्थिति में अगर BJP के कोर वोट बैंक में महज 5 से 7% का भी इजाफा होता है, तो सत्ता संतुलन प्रभावित हो सकता है। 'अल्पसंख्यकों की सुरक्षा अहम, ये सियासी मुद्दा नहीं'पूर्व TMC लीडर और जादवपुर यूनिवर्सिटी के VC ओमप्रकाश मिश्रा कहते हैं, ‘भारत, बांग्लादेश, पाकिस्तान ही नहीं, दुनिया के कई देशों में अल्पसंख्यकों का उत्पीड़न होता रहा है। बांग्लादेश में जो दीपू दास के साथ हुआ, वो बहुत शर्मनाक है। इन घटनाओं का बांग्लादेश की सिविल सोसाइटी भी खुलकर विरोध कर रही है और भारत में भी विरोध किया गया। भारत हो या बांग्लादेश, अल्पसंख्यकों की सुरक्षा अहम मुद्दा है।‘ पश्चिम बंगाल में हिंदू की सुरक्षा के बारे में पूछने पर वे कहते हैं, ‘पश्चिम बंगाल में सभी मिल-जुलकर रहते हैं। यहां किसी तरह की कम्युनिटी के लिए असुरक्षा की स्थिति नहीं है। ये बात बार-बार साबित हो चुकी है। कुछ लोग इसे मुद्दा उठाकर सियासी फायदा लेने की कोशिश करते हैं।‘ ‘बाकी राज्यों में ऐसी राजनीति करके भले फायदा मिल सकता है, लेकिन पश्चिम बंगाल में ये नहीं चल पाएगी। यहां धर्म के आधार पर राजनीति करने वाला व्यक्ति या पार्टी खुद ही पिछड़ जाएगी। BJP समर्थक ये दावा करते हैं कि पश्चिम बंगाल में बड़ी संख्या में बांग्लादेशी या रोहिंग्या रह रहे हैं। अगर ऐसा है तो उन्हें इसका जवाब देश के गृह मंत्री अमित शाह से मांगना चाहिए क्योंकि देश की सुरक्षा उनकी जिम्मेदारी है।’ 'बांग्लादेश में पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे, इसका असर पश्चिम बंगाल में पड़ेगा'BJP के राज्यसभा सदस्य स्वपन दासगुप्ता कहते हैं, ‘उस्मान हादी की मौत के बाद वहां के स्टूडेंट रेवोल्यूशनरी सरकार बनाना चाहते थे। वहां हिंदुओं को टारगेट किया जा रहा है। बांग्लादेश का माहौल 1971 के मुक्ति संग्राम के उलट है। अभी वहां पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लग रहे हैं। इसका असर पश्चिम बंगाल पर तो पड़ेगा ही।‘ ‘बांग्लादेश में हुए हिंदुओं के कत्लेआम का बंगाल से सीधा तो नहीं, लेकिन इमोशनली कनेक्शन है। बांग्लादेश में हिंदुओं की सुरक्षा के लिए कुछ करना चाहिए। BJP ये मुद्दा पहले से उठा रही है। SIR में रोहिंग्याओं और बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ पहले से माहौल बना हुआ है। इसके खिलाफ भी हम 10-15 साल से लगातार आवाज उठा रहे हैं। ये दोनों हमारे लिए भी अहम मुद्दे हैं।‘ ‘पश्चिम बंगाल के हिंदुओं में इन सबको लेकर इनसिक्योरिटी है। लोग मानते हैं कि ये सब ममता बनर्जी के तुष्टीकरण के लिए हुआ है। कोई मुद्दा बनाया नहीं जा सकता, जब तक वो जनता के दिल से नहीं आता। पिछले पांच साल में हिंदुओं में इनसिक्योरिटी बढ़ी है, जिसका असर आने वाले चुनाव में दिखेगा।’...................... ये खबर भी पढ़ें... नीतीश ने हिजाब खींचा, पति ने नुसरत को कोलकाता भेजा ‘जब नीतीश कुमार ने नकाब खींचा, तो समझ नहीं आया कौन, कहां से मुझे खींच लेगा। वहां सब हंसने लगे थे। इतना कुछ पहले हो गया था, न जाने और क्या करते। मैं जल्दी-जल्दी वहां से निकली, ताकि मुझे कोई देख न ले। थोड़ी देर बाद दोबारा वहां गई अपॉइंटमेंट लेटर फाड़कर फेंकने, लेकिन तब तक सब जा चुके थे।’ नुसरत परवीन ने ये आपबीती भाई बबलू को सुनाई थी। पढ़िए पूरी खबर...
वेदांता संस्थापक अनिल अग्रवाल के पुत्र अग्निवेश का न्यूयॉर्क में निधन
वेदांता कंपनी के संस्थापक अनिल अग्रवाल के पुत्र अग्निवेश अग्रवाल (49) का न्यूयॉर्क में बुधवार को एक दुर्घटना में निधन हो गया
यूएस सेना ने दावा किया है कि उसने रूसी झंडे वाले एक तेल टैंकर को जब्त कर लिया है, जिसका नाम बेला-1 बताया गया है. अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार यह वही टैंकर है, जो वेनेजुएला से तेल की अवैध ढुलाई से जुड़ा हुआ था और अमेरिकी निगरानी से बचकर भागने में कामयाब हो गया था.
अमेरिका की बड़ी कार्रवाई : रूसी तेल टैंकर मैरिनो जब्त
संयुक्त राज्य अमेरिका ने उत्तरी अटलांटिक महासागर में रूसी ध्वज वाले तेल टैंकर मैरिनो को जब्त कर लिया है
सत्य साईं बाबा थे निकोलस मादुरो के 'गुरु', कैसे वेनेजुएला के घर-घर में हो गए मशहूर?
निकोलस मादुरो का जन्म कैथोलिक-बहुल देश में कैथोलिक परिवार में हुआ था. मादुरो उन प्रमुख वेनेजुएला के राजनेताओं में से थे जिन्हें दिवंगत भारतीय गुरु श्री सत्य साईं बाबा का भक्त बताया जाता था. इनमें मादुरो की पत्नी सिलिया फ्लोरेस, देश की नेशनल असेंबली की पूर्व अध्यक्ष और कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज शामिल थीं.
US New VISA Policy for Indian Student: अमेरिकी दूतावास की यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब बड़ी संख्या में भारतीय छात्र हर साल अमेरिका में उच्च शिक्षा के लिए जाते हैं, और वीज़ा नियमों को लेकर अक्सर भ्रम की स्थिति बनती रहती है. दूतावास का कहना है कि छात्रों की सुरक्षा और कानूनी स्थिति सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकता है, लेकिन इसके लिए छात्रों का सहयोग और नियमों का पालन जरूरी है.
PM Modi-Netanyahu Phone Call: भारतीय पीएम मोदी और इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू के बीच बुधवार 7 जनवरी 2026 को फोन पर बातचीत हुई. डामाडोल से गुजर रही वैश्विक राजनीति के बीच आखिर यह फोन कॉल क्या संदेश देना चाहती है?
LIVE: 7 जनवरी की बड़ी खबरें और अपडेट्स
भारत और दुनिया की अहम खबरें एक साथ, एक ही जगह पढ़ने के लिए आप सही पेज पर हैं. इस लाइव ब्लॉग को हम लगातार अपडेट कर रहे हैं, ताकि ताजा खबरें आप तक पहुंचा सकें
Bangladesh Violence: बांग्लादेश में लगातार हिंदुओं के साथ हो रही हिंसा के बीच एक और नया मामला देखने को मिला है. यहां चोरी के आरोप में एक युवक को अपनी जान गंवानी पड़ी.
Berlin power outage: बर्लिन में वामपंथी आतंकवादी हमले के कारण हजारों घरों और कारोबारों में बिजली गुल हो गई, जिससे लोगों को ठंड और अंधेरे का सामना करना पड़ा है. प्रभावित पावर ग्रिड की मरम्मत जारी है और जर्मन अधिकारी आतंकवादी गतिविधियों की जांच कर रहे हैं.
संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि वह बांग्लादेश में फरवरी में होने वाले संसदीय चुनावों की निगरानी के लिए पर्यवेक्षकों को वहां नहीं भेजेगा
पाकिस्तान की समस्या बलोच प्रतिरोध से नहीं, पहचान से है: मानवाधिकार कार्यकर्ता
मानवाधिकार कार्यकर्ता और बलोच यकजाहती कमेटी (बीवाईसी) की नेता सम्मी दीन बलोच ने कहा है कि पाकिस्तान बलोच लोगों को एक आबादी के रूप में नहीं, बल्कि दुश्मन के तौर पर देखता है
ग्रीनलैंड खुद कर देगा सरेंडर! वेनेजुएला से भी आसान रहने वाला है ट्रंप का ये ऑपरेशन? इनसाइड स्टोरी
इस समय दुनिया में हर कोई सोच रहा है कि अमेरिका ग्रीनलैंड पर कैसे कब्जा करेगा? असल में ट्रंप के प्लान में ग्रीनलैंड की आबादी, वहां की जरूरत, डेनमार्क के रोल के साथ-साथ अमेरिका का फायदा जुड़ा है. अमेरिका इस ऑपरेशन को वेनेजुएला से थोड़ा और कम समय में पूरा करना चाहेगा. पढ़िए अंदरखाने क्या चल रहा है.
वेनेजुएला से अमेरिका को मिलेगा 50 मिलियन बैरल तेल : ट्रंप
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वेनेजुएला की अंतरिम सरकार अमेरिका को 30 मिलियन से 50 मिलियन बैरल प्रतिबंधित तेल सौंपेगी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की कि वेनेजुएला की अंतरिम सरकार 3 से 5 करोड़ बैरल तेल अमेरिका को सौंपेगी. यह तेल बाजार भाव पर बेचा जाएगा और कमाई का पैसा ट्रंप खुद कंट्रोल करेंगे, ट्रंप का यह ऐलान निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद आया है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड को अमेरिका का हिस्सा बनाने की जिद फिर दोहरा दी है. व्हाइट हाउस ने साफ कहा है कि ग्रीनलैंड अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बेहद अहम है और जरूरत पड़ी तो मिलिट्री ऑप्शन भी खुला है. वेनेजुएला के बाद ट्रंप की इस नई रणनीति ने डेनमार्क और NATO देशों में खलबली मचा दी है.
मोदी मुझसे खुश नहीं हैं... अब भारत के बारे में क्या बोले ट्रंप, एक दिन पहले दी थी टैरिफ की धमकी
Donald Trump: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत को लेकर बड़ा दावा किया है. उन्होंने कहा है कि पीएम मोदी मुझसे खुश नहीं है. ऐसा उन्होंने क्यों कहा है आइए जानते हैं.
Donald Trumps speech: डोनाल्ड ट्रंप ने अपने भाषण में नरेंद्र मोदी, निकोलस मादुरो और इमैनुएल मैक्रों को लेकर चौंकाने वाले दावे किए हैं, दुनिया भर की राजनीति में हलचल मचा दी है.
तारीख: 17 दिसंबर, जगह: यूपी का गाजियाबादराज नगर एक्सटेंशन में रहने वाली दीपशिखा किरायेदार अजय गुप्ता के यहां किराया मांगने पहुंचीं। उनका करीब 90 हजार रुपए किराया बाकी था। इस पर पहले झगड़ा भी हो चुका था। इसी गुस्से में अजय और उसकी पत्नी आकृति ने दीपशिखा का गला घोंटकर मर्डर किया और लाश के टुकड़े करके सूटकेस में भर दिए। उसे फेंकने जा रहे थे, लेकिन पकड़े गए। अजय ट्रांसपोर्टर और आकृति हाउस वाइफ है। ये अकेली घटना नहीं है। पिछले कुछ साल में मर्डर के बाद लाश के टुकड़े करने का पैटर्न सामने आया है। मार्च, 2025 में मेरठ के रहने वाले सौरभ राजपूत की हत्या कर दी गई। आरोप सौरभ की पत्नी मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल पर है। दोनों ने डेड बॉडी के 20 टुकड़े किए और ड्रम में डालकर ऊपर से सीमेंट भर दिया। दिल्ली में मई 2022 में हुआ श्रद्धा वालकर हत्याकांड भी इतना ही भयानक था। लिव इन पार्टनर आफताब अमीन पूनावाला ने श्रद्धा को गला दबाकर मार दिया, फिर 10 घंटे तक बाथरूम में शावर चलाकर उसकी लाश के टुकड़े करता रहा। फिर 35 टुकड़ों को धोया और पॉलिथीन में भरकर फ्रिज में रख दिया। आरोप ये भी है कि आफताब 18 दिन तक महरौली के जंगल में टुकड़े फेंकता रहा। इसी तरह तेलंगाना में सेना से रिटायर्ड गुरुमूर्ति ने पत्नी माधवी की हत्या कर दी। लाश के टुकड़े किए और प्रेशर कुकर में उबालकर झील में फेंक दिए। इन मामलों में मर्डर करने वाले अपराधी या गैंगस्टर नहीं, बल्कि आम लोग हैं। कोई पड़ोसी, करीबी या रिश्तेदार। आखिर सामान्य लोग इतने बेरहम कैसे हो जाते हैं। साइकोलॉजिकल स्टडी और एक्सपर्ट के हवाले से समझिए पूरी कहानी। लाश के टुकड़े क्यों, फोरेंसिक एक्सपर्ट्स ने बताईं वजहकोई इंसान मर्डर के बाद लाश के साथ इतनी क्रूरता क्यों करता है, इसे समझने के लिए 2012 में एक स्टडी की गई थी। फिनलैंड की रिसर्चर्स हेलिना और एइला ने 'जर्नल ऑफ फोरेंसिक साइंसेज' के नाम से रिसर्च पेपर पब्लिश किया था। इसमें डेडबॉडी को काटने या टुकड़े करने के पीछे 5 मकसद बताए गए। 1. खुद को बचाने के लिएअपराधी का मकसद क्रूरता करना नहीं, बल्कि खुद को बचाना होता है। वह लाश को काटता है, ताकि उसे सूटकेस या बैग में छिपाकर आसानी से ठिकाने लगा सके। हालिया मामलों में यही वजह सबसे ज्यादा सामने आई है। 2. गुस्से या नफरत की वजह सेमर्डर करने वाले के मन में मरने वाले के लिए बहुत ज्यादा नफरत हो। वह हत्या के बाद गुस्सा शांत करने के लिए डेडबॉडी को नुकसान पहुंचाता है। 3. सेक्शुअल डेविएशन या यौन विकृति यह गंभीर मानसिक बीमारी है। इसमें अपराधी फैंटेसी के लिए शरीर के अंगों को काटता है। 4. मानसिक विक्षिप्तता हत्यारा पूरी तरह मानसिक संतुलन खो चुका हो और उसे एहसास ही न हो कि वह क्या कर रहा है। 5. किसी को मैसेज देनागिरोह या अंडरवर्ल्ड में किसी को खौफजदा करने या मैसेज देने के लिए लाश के साथ वीभत्स बर्ताव किया जाता है। आम आदमी के हैवान बनने के 4 बड़े कारणनेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो यानी NCRB के मुताबिक 2025 में भारत में हत्या के 27,300 केस सामने आए। हालांकि कितने केस में शव के टुकड़े किए गए, रिकॉर्ड में इसकी जानकारी नहीं है। हत्या के बाद बॉडी के टुकड़े करने के पीछे क्या वजह होती है, इस पर हमने AIIMS के पूर्व डायरेक्टर और फोरेंसिक एक्सपर्ट डॉ. तीरथ दास डोगरा, साइकियाट्रिस्ट डॉ. नाहिद दवे, साइकॉलोजिस्ट हिमानी कुलकर्णी और सर गंगाराम अस्पताल में साइकियाट्रिस्ट डॉ. राजीव मेहता से बात की। एक्सपर्ट्स की बातचीत से चार फैक्टर समझ आए। 1. दूसरों के दुख-दर्द से मतलब न रखनाAIIMS के पूर्व डायरेक्टर तीरथ दास डोगरा ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से लेकर आरुषि हत्याकांड जैसे केस में पोस्टमॉर्टम किया है। वे निठारी केस में फोरेंसिक एक्सपर्ट के तौर पर जांच में जुड़े थे। डॉ. डोगरा लोगों में संवेदनशीलता और नैतिक मूल्यों की कमी को ऐसे अपराधों के लिए जिम्मेदार मानते हैं। वे कहते हैं, ‘आबादी बढ़ने के साथ नैतिक मूल्य बदल रहे हैं। इससे लोगों में क्रूरता बढ़ी है। पहले घर, परिवार और स्कूलों में मूल्यों की शिक्षा दी जाती थी। इससे लोगों में सहानुभूति और सहनशीलता बनी रहती थी।’ डॉ. डोगरा आगे बताते हैं कि अब लोगों को सिखाया जाता है कि तुम अपनी चिंता करो, दूसरों की नहीं। इससे इंसान अलग-थलग पड़ जाता है। दूसरों का दर्द महसूस नहीं कर पाता। लोगों में अहंकार और स्वार्थ हावी हो जाता है। भारत में यही हो रहा है। लोग अब अपने बारे में ज्यादा सोचते हैं। कम ही लोगों को चिंता है कि उनकी वजह से दूसरों पर क्या असर होगा। अपनी बात समझाने के लिए डॉ. डोगरा एक उदाहरण देते हैं। वे बताते हैं कि AIIMS में मॉर्च्युरी का बेसमेंट रेडियोलॉजी और इमरजेंसी डिपार्टमेंट के पास था। किसी की मौत होने पर डेडबॉडी के साथ 500 तक लोग आ जाते थे। पूरा गलियारा भर जाता था। अब ऐसा नहीं होता। 2. जल्दी आपा खो देनासाइकियाट्रिस्ट डॉ. नाहिद दवे कहती हैं, ‘फ्रंटियर ऑफ साइकोलॉजी जर्नल में छपी एक रिपोर्ट बताती है कि लोगों में इंपल्सिविटी बढ़ी है। वे जल्दी आपा खो देते हैं। दूर के नतीजों की बजाय हालिया फायदे-नुकसान के बारे में सोचकर काम करते हैं। इससे बर्दाश्त करने की क्षमता कम हो गई है। इससे कुछ भी करते वक्त अब बर्दाश्त नहीं करूंगा वाली मानसिकता हावी हो जाती है। कुछ लोगों को क्राइम करने पर पछतावा नहीं होता। इससे अपराध करना आसान हो जाता है।’ बिना क्रिमिनल हिस्ट्री वाले लोग भी मर्डर करने के बाद लाश के टुकड़े करने की हिम्मत कैसे जुटा लेते हैं? इसका जवाब साइकोलॉजिस्ट हिमानी कुलकर्णी देती हैं। हिमानी आठ साल से दिल्ली में युवाओं की मेंटल हेल्थ पर काम कर रही हैं। वे कहती हैं, ‘लोग एक दिन में अपराधी नहीं बनते। छोटी-छोटी घटनाएं उन हालात तक पहुंचाती हैं। जघन्य अपराध के वक्त इंसान में भरा गुस्सा बाहर निकलता है। इसके पीछे परिवार की समस्याएं, नौकरी या दूसरी वजह हो सकती हैं।’ हिमानी मानती हैं कि ऐसे अपराध ‘इमोशनल ट्रिगर' यानी किसी बात के चुभ जाने से होते हैं। अपराधी खुद को सही ठहराते हैं कि वे गलत नहीं हैं। अपराध करने वाले को वही आखिरी रास्ता लगने लगता है। ऐसे में अपराधी लाश के टुकड़े-टुकड़े तक कर देते हैं। 3. कहीं और का गुस्सा दूसरी जगह निकलनादिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में साइकियाट्रिस्ट डॉ. राजीव मेहता कहते हैं कि बड़े स्तर पर देखा जाए तो ये समस्या निजी नहीं, बल्कि समाज से जुड़ी है। रेपिस्ट जेल से छूट रहे हैं। काम की कमी और करप्शन से लोगों के अंदर हताशा बढ़ी है। लोग देख रहे हैं कि ताकतवर लोग कुछ भी कर रहे हैं। यह समाज को अशांति की ओर ले जा रहा है। कहीं और का गुस्सा दूसरी जगह निकल जाता है। गाजियाबाद केस का जिक्र कर डॉ. राजीव बताते हैं, ‘आरोपियों ने 5 महीने से किराया नहीं दिया था। फिर मकान मालकिन को काटकर सूटकेस में भर दिया। आरोपी पति-पत्नी का कहना है कि बीमारी की वजह से किराया नहीं दे रहे थे। किराया मांगने पर इतना बड़ा विवाद नहीं होता। इस केस में पैसे की तंगी का गुस्सा था, जो उस समय मकान मालकिन दीपशिखा पर निकला।’ 4. इंटरनेट और फिल्मों की नकलहिमानी सोशल मीडिया पर क्राइम में मदद करने वाली जानकारी आसानी से मिलने पर चिंता जताती हैं। श्रद्धा वालकर केस में पता चला कि आरोपी आफताब ने वेब सीरीज से बॉडी के टुकड़े करने का आइडिया लिया था। लोगों में संवेदनशीलता कम होने के पीछे डॉ. नाहिद सोशल मीडिया की लत को जिम्मेदार मानती हैं। वे कहती हैं कि सोशल मीडिया इस्तेमाल करने वाला लगभग हर शख्स डूम स्क्रॉलिंग करता है। डॉ. नाहिद इसे समझाते हुए बताती हैं, ‘हम एक रील दुख के भाव की देखते हैं। 20 से 30 सेकेंड बाद फिर तुरंत खुशी या कोई दूसरे भाव की रील आ जाती है। इससे इंसान के दिमाग की आदत ज्यादा देर तक एक भावना पर टिकने वाली नहीं रह जाती। फिर हीनियस क्राइम करते हुए भी इंसान ज्यादा गिल्ट महसूस नहीं करता है।’ ‘फिल्मों में जरूरत से ज्यादा हिंसा दिखाना खतरनाक’डॉ. नाहिद कहती हैं कि हिंसा से भरे वीडियो गेम और फिल्में बहुत आम हैं। पहली बार खून या हिंसा देखने पर इंसान असहज होता है, लेकिन लगातार ये देखने से यह सामान्य लगने लगता है। दिमाग के मिरर न्यूरॉन्स आसपास चल रही चीजों की नकल करते हैं। ब्लड फोबिया यानी खून का डर भी धीरे-धीरे दूर हो जाता है।’ श्रद्धा वालकर केस के आरोपी आफताब पूनावाला ने पुलिस को दिए बयान में माना था कि वह क्राइम बेस्ड अमेरिकन सीरीज डेक्सटर देखता था। इस सीरीज में लाश के टुकड़े करने के सीन दिखाए गए हैं। ‘खबरों को सनसनी बनाकर दिखाने से उन्माद बढ़ रहा’फोरेंसिक एक्सपर्ट डॉ. डोगरा कहते हैं कि ऐसी घटनाएं नई नहीं हैं। अपने करियर के दौरान मैंने ऐसे कई मामले संभाले हैं। आरुषि केस, निठारी कांड, श्रद्धा वालकर या ऐसी ही हालिया घटनाओं को देखें तो रिपोर्टिंग करते हुए मीडिया भी असंवेदनशील हो जाता है। खबर को सनसनी बनाकर दिखाने से लोगों में उन्माद बढ़ता है। लगातार मीडिया में आ रही सनसनीखेज खबरें संवेदनशीलता को धीरे-धीरे कम कर देती हैं। इससे अपराधी हिंसा को आम मानने लगता है। इस पर एक्सपर्ट लोरेन कोलमैन की स्टडी कहती है कि किसी अपराधी की नकल करके हत्या करना यानी कॉपी कैट मर्डर असल में होता है। मीडिया ऐसी खबरों को बढ़ा-चढ़ाकर बार-बार दिखाता है, तो यह बीमारी की तरह फैलता है और लोग इसे देखकर वैसे ही अपराध दोहराने लगते हैं। जरूरी है कि मीडिया अपराध की रिपोर्टिंग करते वक्त उसे सनसनी बनाने के बजाय चेतावनी के तौर पर पेश करे। ....................... ये रिपोर्ट भी पढ़ेंप्रेग्नेंट बेटी के पेट पर रॉड, सिर पर कुल्हाड़ी मारी, शादी के 6 महीने बाद मर्डर कर्नाटक के इनाम वीरापुर गांव में रहने वाले विवेकानंद की जिंदगी 22 दिसंबर के बाद पूरी तरह बदल गई। उनकी पत्नी मान्या की घर में ही हत्या कर दी गई। 20 साल की मान्या प्रेग्नेंट थीं। हत्या का आरोप मान्या के पिता पर है। विवेकानंद दलित हैं, जबकि मान्या लिंगायत समुदाय से थीं। दोनों ने 6 महीने पहले ही शादी की थी। पढ़िए पूरी खबर...
DNA: अमेरिकी अदालत से मादुरो को बरी कराएंगे वकील जे.पोलक! विकीलीक्स फाउंडर को कराया था 'आजाद'
DNA: खामेनेई ट्रंप की धमकियों का जवाब तेहरान में बैठकर दे रहे हैं और निकोलस मादुरो अमेरिका की अदालत में खड़े होकर ट्रंप को कड़ी टक्कर दे रहे हैं. दरअसल अमेरिका अपनी न्याय प्रणाली को सबसे निष्पक्ष बताता है. अब उसी का सहारा लेकर मादुरो अमेरिका में खुद को बेगुनाह साबित करने में लगे हैं. गिरफ्तारी के बाद मादुरो को पहली बार न्यूयॉर्क के फेडरल कोर्ट में पेश किया गया. जहां उन्होंने खुद पर लगे आरोपों को बेबुनियाद बताया. कोर्ट में पेशी के दौरान क्या-क्या हुआ. मादुरो की तरफ से केस लड़ने वाला वकील कौन है?.
DNA: '7 डॉलर' से बचेगी खलीफा की सल्तनत? ईरान में हाहाकार के बीच खामेनेई ने चली आखिरी चाल
Iran News:जिन प्रदर्शनकारियों को खामेनेई दंगाई कह रहे थे, जिनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए थे. अब उनके प्रदर्शन से परेशान होकर वो आर्थिक पैकेज का एलान कर रहे हैं. 36 साल पुरानी सत्ता जाने का डर इस कदर हावी है कि उन्हें अपना खजाना खोलना पड़ा. अब पैसे के दम पर वो सड़कों पर उतरे लोगों को शांत करना चाहते हैं.
DNA: 21वीं सदी में 'हिटलर रिटर्न्स'! क्यों हो रही ट्रंप और जर्मन तानाशाह की तुलना?
Donald Trump & Hitler:सोशल मीडिया पर कोई कह रहा है कि जिस तरह हिटलर ने 1930 में पूरी दुनिया को अस्थिर कर दिया था, ठीक उसी तरह ट्रंप भी 21वीं सदी की दुनिया को अस्थिर कर रहे हैं. कहने वाले तो ये तक कह रहे हैं कि ट्रंप सिर्फ नाम के रिपब्लिकन हैं, उनकी असली तासीर तो हिटलर का फासीवाद है.
DNA: 72 घंटे बाद विश्वयुद्ध की शुरुआत! चीन, रूस और इंडोनेशिया ने दक्षिण अफ्रीका में निकाले अस्त्र
DNA: आज सबसे पहले हम दुनिया के सामने सबसे बड़े खतरे को लेकर बात करेंगे. ऐसे समय में जब अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप को रोकना, दुनिया के लिए मुश्किल हो रहा है. तब एक नए विश्वयुद्ध की आहट सुनाई पड़ रही है. आज आपको पता चलेगा अब से ठीक 72 घंटे बाद कैसे दुनिया एक नए विश्वयुद्ध की चिंगारी देखने जा रही है. आज आप जानेंगे रूस और चीन ने कैसे ईरान के लिए अपने अपने हथियार उतार दिये हैं.
US-Venezuela Conflict: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हिरासत पर लेने के बाद बयान जारी किया है. उन्होंने राष्ट्रपति की गिरफ्तारी को सही ठहराते हुए अपने देश के हथियारों की तारीफ की.
क्या ट्रंप के ग्रीनलैंड पर कब्जे के प्लान पर लगेगा पलीता? टेंशन में यूरोप, 7 देशों का आया बयान
European Countries Joint Statement On Greenland: ट्रंप की ओर से ग्रीनलैंड पर दिए गए बयान ने यूरोप में चिंता बढ़ा दी है. ऐसे में यूरोपीय देशों ने एक जॉइंट स्टेटमेंट जारी किया है.
Manohara Odelia: शादी के एक साल बाद वो शाही यात्रा के दौरान 2009 में सिंगापुर के होटल से भाग गई, जिसके बाद वो अपनी मां और अमेरिकी दूतावास की मदद से इंडोनेशिया लौट पाने में सफल हो पाई.
Anonymous gambler: शुक्रवार की दोपहर तक मादुरो के सत्ता से बाहर होने की संभावना सिर्फ 6.5 प्रतिशत ही मानी जा रही थी. जिसके बाद ये आधी रात तक बढ़कर 11 प्रतिशत तक चली गई. लेकिन शनिवार को सुबह के वक्त ये संभावना अचानक बहुत तेजी से बढ़ने लगी. ये सटीक वो समय था, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पर मादुरो के अमेरिकी हिरासत में होने को लेकर जानकारी दी थी.
DNA: वेनेजुएला में एक और 'तख्तापलट' होगा? ट्रंप के प्लान B के खिलाफ पक्ष-विपक्ष एकजुट!
वेनेजुएला के राष्ट्रपति का अपहरण करने के बाद प्रेसिडेंट ट्रंप की अराजकता लगातार बढ़ रही है ये सच है, लेकिन सवाल है, क्या मादुरो को उठाकर ले जाने के बाद वेनेजुएला पर क्या ट्रंप का पूरी तरह से कब्जा हो पाएगा? या फिर वेनेजुएला में एक और तख्तापलट होने वाला है? ये सवाल क्यों उठ रहे हैं, इसका विश्लेषण हम आगे करेंगे .
2025 में एविएशन इंडस्ट्री में पंक्चुअलिटी की रिपोर्ट आई है. इस्तांबुल एयरपोर्ट को प्लेटिनम विनर चुना गया, जबकि कतर एयरवेज एयरलाइंस में टॉप पर है. सैंटियागो एयरपोर्ट सबसे पंक्चुअल लार्ज एयरपोर्ट में शामिल हुआ है. एयरोमेक्सिको रिपोर्ट में क्या कोई भारतीय भी शामिल हैं. जानें पूरी बात.
No women on tickets of 30 partiesIn Bangladesh:बांग्लादेश के आने वाले चुनाव में महिलाओं की हालत देखकर आप सब दंग रह जाएंगे. 51 में से 30 पार्टियों ने एक भी महिला को टिकट ही नहीं दिया है. जबकि कुल उम्मीदवारों में सिर्फ 4.24% महिलाएं है. यह हम नहीं कह रहे आप एक बार चुनाव आयोग का डेटा देख लीजिए.
अमेरिका की वेनेजुएला से युद्ध की कोई मंशा नहीं - ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका वेनेजुएला के साथ किसी युद्ध में नहीं है और वहां जल्द चुनाव कराने का कोई दबाव भी नहीं डालेगा
ट्रंप का दावा– टैरिफ से अमेरिका को 600 अरब डॉलर की आमदनी
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि टैरिफ (शुल्क) के जरिए अमेरिका अब तक 600 अरब डॉलर से अधिक की राशि हासिल कर चुका है और आने वाले समय में और भी रकम मिलेगी
दुनिया भर में अपनी सनक, परमाणु धमकियों और सख्त शासन के लिए पहचाने जाने वाले उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग का एक ऐसा रूप दुनिया ने देखा, जिसे देखकर हर कोई हैरान रह गया. किम फावड़ा लेकर जमीन खोदते दिखे, वो भी अपनी पत्नी री सोल-जू और बेटी जू-एके साथ. जिसके बाद ये तस्वीरों की खूब चर्चा हो रही है. जानते हैं इन तस्वीरों के पीछे की कहानी.
वेनेजुएला में अमेरिकी दखल, ट्रंप की तेल रणनीति पर उठे सवाल
वेनेजुएला में अमेरिकी सैनिकों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर जो हमले किए और जिस तरह से वहां के तत्कालीन राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को उनकी पत्नी के साथ उठाकर लाया गया
Iran: ईरान में चल रहे आर्थिक विरोध प्रदर्शनों में अब तक 35 लोगों की मौत हो गई है और 1200 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है. यह जानकारी अमेरिका स्थित मानवाधिकार एजेंसी ने दी.

