यूएस सेना ने दावा किया है कि उसने रूसी झंडे वाले एक तेल टैंकर को जब्त कर लिया है, जिसका नाम बेला-1 बताया गया है. अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार यह वही टैंकर है, जो वेनेजुएला से तेल की अवैध ढुलाई से जुड़ा हुआ था और अमेरिकी निगरानी से बचकर भागने में कामयाब हो गया था.
अमेरिका की बड़ी कार्रवाई : रूसी तेल टैंकर मैरिनो जब्त
संयुक्त राज्य अमेरिका ने उत्तरी अटलांटिक महासागर में रूसी ध्वज वाले तेल टैंकर मैरिनो को जब्त कर लिया है
सत्य साईं बाबा थे निकोलस मादुरो के 'गुरु', कैसे वेनेजुएला के घर-घर में हो गए मशहूर?
निकोलस मादुरो का जन्म कैथोलिक-बहुल देश में कैथोलिक परिवार में हुआ था. मादुरो उन प्रमुख वेनेजुएला के राजनेताओं में से थे जिन्हें दिवंगत भारतीय गुरु श्री सत्य साईं बाबा का भक्त बताया जाता था. इनमें मादुरो की पत्नी सिलिया फ्लोरेस, देश की नेशनल असेंबली की पूर्व अध्यक्ष और कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज शामिल थीं.
US New VISA Policy for Indian Student: अमेरिकी दूतावास की यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब बड़ी संख्या में भारतीय छात्र हर साल अमेरिका में उच्च शिक्षा के लिए जाते हैं, और वीज़ा नियमों को लेकर अक्सर भ्रम की स्थिति बनती रहती है. दूतावास का कहना है कि छात्रों की सुरक्षा और कानूनी स्थिति सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकता है, लेकिन इसके लिए छात्रों का सहयोग और नियमों का पालन जरूरी है.
PM Modi-Netanyahu Phone Call: भारतीय पीएम मोदी और इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू के बीच बुधवार 7 जनवरी 2026 को फोन पर बातचीत हुई. डामाडोल से गुजर रही वैश्विक राजनीति के बीच आखिर यह फोन कॉल क्या संदेश देना चाहती है?
The Fall Of Maduro: वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया का एक AI वीडियो सामने आया है. इस वीडियो में दिखाया गया है कि मादुरो को कैसे अमेरिका के सैनिको ने अपने कब्जे में लिया था.
Bangladesh Violence: बांग्लादेश में लगातार हिंदुओं के साथ हो रही हिंसा के बीच एक और नया मामला देखने को मिला है. यहां चोरी के आरोप में एक युवक को अपनी जान गंवानी पड़ी.
Berlin power outage: बर्लिन में वामपंथी आतंकवादी हमले के कारण हजारों घरों और कारोबारों में बिजली गुल हो गई, जिससे लोगों को ठंड और अंधेरे का सामना करना पड़ा है. प्रभावित पावर ग्रिड की मरम्मत जारी है और जर्मन अधिकारी आतंकवादी गतिविधियों की जांच कर रहे हैं.
संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि वह बांग्लादेश में फरवरी में होने वाले संसदीय चुनावों की निगरानी के लिए पर्यवेक्षकों को वहां नहीं भेजेगा
पाकिस्तान की समस्या बलोच प्रतिरोध से नहीं, पहचान से है: मानवाधिकार कार्यकर्ता
मानवाधिकार कार्यकर्ता और बलोच यकजाहती कमेटी (बीवाईसी) की नेता सम्मी दीन बलोच ने कहा है कि पाकिस्तान बलोच लोगों को एक आबादी के रूप में नहीं, बल्कि दुश्मन के तौर पर देखता है
ग्रीनलैंड खुद कर देगा सरेंडर! वेनेजुएला से भी आसान रहने वाला है ट्रंप का ये ऑपरेशन? इनसाइड स्टोरी
इस समय दुनिया में हर कोई सोच रहा है कि अमेरिका ग्रीनलैंड पर कैसे कब्जा करेगा? असल में ट्रंप के प्लान में ग्रीनलैंड की आबादी, वहां की जरूरत, डेनमार्क के रोल के साथ-साथ अमेरिका का फायदा जुड़ा है. अमेरिका इस ऑपरेशन को वेनेजुएला से थोड़ा और कम समय में पूरा करना चाहेगा. पढ़िए अंदरखाने क्या चल रहा है.
वेनेजुएला से अमेरिका को मिलेगा 50 मिलियन बैरल तेल : ट्रंप
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वेनेजुएला की अंतरिम सरकार अमेरिका को 30 मिलियन से 50 मिलियन बैरल प्रतिबंधित तेल सौंपेगी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की कि वेनेजुएला की अंतरिम सरकार 3 से 5 करोड़ बैरल तेल अमेरिका को सौंपेगी. यह तेल बाजार भाव पर बेचा जाएगा और कमाई का पैसा ट्रंप खुद कंट्रोल करेंगे, ट्रंप का यह ऐलान निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद आया है.
मादुरो के बाद अब उनके सबसे वफादार पर ट्रंप की टेढ़ी नजर, कहा,'...आपका भी यही हाल होगा'
Donald Trump: वेनेजुएला के राष्ट्रपति को अमेरिका ने गिरफ्तार कर लिया था. जिसके बाद दुनिया भर में इसकी चर्चा हो रही है. अब ट्रंप प्रशासन ने वेनेजुएला के हार्डलाइन इंटीरियर मिनिस्टर को नोटिस दिया है. जानिए उन्हें क्या चेतावनी दी गई है.
मोदी मुझसे खुश नहीं हैं... अब भारत के बारे में क्या बोले ट्रंप, एक दिन पहले दी थी टैरिफ की धमकी
Donald Trump: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत को लेकर बड़ा दावा किया है. उन्होंने कहा है कि पीएम मोदी मुझसे खुश नहीं है. ऐसा उन्होंने क्यों कहा है आइए जानते हैं.
Donald Trumps speech: डोनाल्ड ट्रंप ने अपने भाषण में नरेंद्र मोदी, निकोलस मादुरो और इमैनुएल मैक्रों को लेकर चौंकाने वाले दावे किए हैं, दुनिया भर की राजनीति में हलचल मचा दी है.
तारीख: 17 दिसंबर, जगह: यूपी का गाजियाबादराज नगर एक्सटेंशन में रहने वाली दीपशिखा किरायेदार अजय गुप्ता के यहां किराया मांगने पहुंचीं। उनका करीब 90 हजार रुपए किराया बाकी था। इस पर पहले झगड़ा भी हो चुका था। इसी गुस्से में अजय और उसकी पत्नी आकृति ने दीपशिखा का गला घोंटकर मर्डर किया और लाश के टुकड़े करके सूटकेस में भर दिए। उसे फेंकने जा रहे थे, लेकिन पकड़े गए। अजय ट्रांसपोर्टर और आकृति हाउस वाइफ है। ये अकेली घटना नहीं है। पिछले कुछ साल में मर्डर के बाद लाश के टुकड़े करने का पैटर्न सामने आया है। मार्च, 2025 में मेरठ के रहने वाले सौरभ राजपूत की हत्या कर दी गई। आरोप सौरभ की पत्नी मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल पर है। दोनों ने डेड बॉडी के 20 टुकड़े किए और ड्रम में डालकर ऊपर से सीमेंट भर दिया। दिल्ली में मई 2022 में हुआ श्रद्धा वालकर हत्याकांड भी इतना ही भयानक था। लिव इन पार्टनर आफताब अमीन पूनावाला ने श्रद्धा को गला दबाकर मार दिया, फिर 10 घंटे तक बाथरूम में शावर चलाकर उसकी लाश के टुकड़े करता रहा। फिर 35 टुकड़ों को धोया और पॉलिथीन में भरकर फ्रिज में रख दिया। आरोप ये भी है कि आफताब 18 दिन तक महरौली के जंगल में टुकड़े फेंकता रहा। इसी तरह तेलंगाना में सेना से रिटायर्ड गुरुमूर्ति ने पत्नी माधवी की हत्या कर दी। लाश के टुकड़े किए और प्रेशर कुकर में उबालकर झील में फेंक दिए। इन मामलों में मर्डर करने वाले अपराधी या गैंगस्टर नहीं, बल्कि आम लोग हैं। कोई पड़ोसी, करीबी या रिश्तेदार। आखिर सामान्य लोग इतने बेरहम कैसे हो जाते हैं। साइकोलॉजिकल स्टडी और एक्सपर्ट के हवाले से समझिए पूरी कहानी। लाश के टुकड़े क्यों, फोरेंसिक एक्सपर्ट्स ने बताईं वजहकोई इंसान मर्डर के बाद लाश के साथ इतनी क्रूरता क्यों करता है, इसे समझने के लिए 2012 में एक स्टडी की गई थी। फिनलैंड की रिसर्चर्स हेलिना और एइला ने 'जर्नल ऑफ फोरेंसिक साइंसेज' के नाम से रिसर्च पेपर पब्लिश किया था। इसमें डेडबॉडी को काटने या टुकड़े करने के पीछे 5 मकसद बताए गए। 1. खुद को बचाने के लिएअपराधी का मकसद क्रूरता करना नहीं, बल्कि खुद को बचाना होता है। वह लाश को काटता है, ताकि उसे सूटकेस या बैग में छिपाकर आसानी से ठिकाने लगा सके। हालिया मामलों में यही वजह सबसे ज्यादा सामने आई है। 2. गुस्से या नफरत की वजह सेमर्डर करने वाले के मन में मरने वाले के लिए बहुत ज्यादा नफरत हो। वह हत्या के बाद गुस्सा शांत करने के लिए डेडबॉडी को नुकसान पहुंचाता है। 3. सेक्शुअल डेविएशन या यौन विकृति यह गंभीर मानसिक बीमारी है। इसमें अपराधी फैंटेसी के लिए शरीर के अंगों को काटता है। 4. मानसिक विक्षिप्तता हत्यारा पूरी तरह मानसिक संतुलन खो चुका हो और उसे एहसास ही न हो कि वह क्या कर रहा है। 5. किसी को मैसेज देनागिरोह या अंडरवर्ल्ड में किसी को खौफजदा करने या मैसेज देने के लिए लाश के साथ वीभत्स बर्ताव किया जाता है। आम आदमी के हैवान बनने के 4 बड़े कारणनेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो यानी NCRB के मुताबिक 2025 में भारत में हत्या के 27,300 केस सामने आए। हालांकि कितने केस में शव के टुकड़े किए गए, रिकॉर्ड में इसकी जानकारी नहीं है। हत्या के बाद बॉडी के टुकड़े करने के पीछे क्या वजह होती है, इस पर हमने AIIMS के पूर्व डायरेक्टर और फोरेंसिक एक्सपर्ट डॉ. तीरथ दास डोगरा, साइकियाट्रिस्ट डॉ. नाहिद दवे, साइकॉलोजिस्ट हिमानी कुलकर्णी और सर गंगाराम अस्पताल में साइकियाट्रिस्ट डॉ. राजीव मेहता से बात की। एक्सपर्ट्स की बातचीत से चार फैक्टर समझ आए। 1. दूसरों के दुख-दर्द से मतलब न रखनाAIIMS के पूर्व डायरेक्टर तीरथ दास डोगरा ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से लेकर आरुषि हत्याकांड जैसे केस में पोस्टमॉर्टम किया है। वे निठारी केस में फोरेंसिक एक्सपर्ट के तौर पर जांच में जुड़े थे। डॉ. डोगरा लोगों में संवेदनशीलता और नैतिक मूल्यों की कमी को ऐसे अपराधों के लिए जिम्मेदार मानते हैं। वे कहते हैं, ‘आबादी बढ़ने के साथ नैतिक मूल्य बदल रहे हैं। इससे लोगों में क्रूरता बढ़ी है। पहले घर, परिवार और स्कूलों में मूल्यों की शिक्षा दी जाती थी। इससे लोगों में सहानुभूति और सहनशीलता बनी रहती थी।’ डॉ. डोगरा आगे बताते हैं कि अब लोगों को सिखाया जाता है कि तुम अपनी चिंता करो, दूसरों की नहीं। इससे इंसान अलग-थलग पड़ जाता है। दूसरों का दर्द महसूस नहीं कर पाता। लोगों में अहंकार और स्वार्थ हावी हो जाता है। भारत में यही हो रहा है। लोग अब अपने बारे में ज्यादा सोचते हैं। कम ही लोगों को चिंता है कि उनकी वजह से दूसरों पर क्या असर होगा। अपनी बात समझाने के लिए डॉ. डोगरा एक उदाहरण देते हैं। वे बताते हैं कि AIIMS में मॉर्च्युरी का बेसमेंट रेडियोलॉजी और इमरजेंसी डिपार्टमेंट के पास था। किसी की मौत होने पर डेडबॉडी के साथ 500 तक लोग आ जाते थे। पूरा गलियारा भर जाता था। अब ऐसा नहीं होता। 2. जल्दी आपा खो देनासाइकियाट्रिस्ट डॉ. नाहिद दवे कहती हैं, ‘फ्रंटियर ऑफ साइकोलॉजी जर्नल में छपी एक रिपोर्ट बताती है कि लोगों में इंपल्सिविटी बढ़ी है। वे जल्दी आपा खो देते हैं। दूर के नतीजों की बजाय हालिया फायदे-नुकसान के बारे में सोचकर काम करते हैं। इससे बर्दाश्त करने की क्षमता कम हो गई है। इससे कुछ भी करते वक्त अब बर्दाश्त नहीं करूंगा वाली मानसिकता हावी हो जाती है। कुछ लोगों को क्राइम करने पर पछतावा नहीं होता। इससे अपराध करना आसान हो जाता है।’ बिना क्रिमिनल हिस्ट्री वाले लोग भी मर्डर करने के बाद लाश के टुकड़े करने की हिम्मत कैसे जुटा लेते हैं? इसका जवाब साइकोलॉजिस्ट हिमानी कुलकर्णी देती हैं। हिमानी आठ साल से दिल्ली में युवाओं की मेंटल हेल्थ पर काम कर रही हैं। वे कहती हैं, ‘लोग एक दिन में अपराधी नहीं बनते। छोटी-छोटी घटनाएं उन हालात तक पहुंचाती हैं। जघन्य अपराध के वक्त इंसान में भरा गुस्सा बाहर निकलता है। इसके पीछे परिवार की समस्याएं, नौकरी या दूसरी वजह हो सकती हैं।’ हिमानी मानती हैं कि ऐसे अपराध ‘इमोशनल ट्रिगर' यानी किसी बात के चुभ जाने से होते हैं। अपराधी खुद को सही ठहराते हैं कि वे गलत नहीं हैं। अपराध करने वाले को वही आखिरी रास्ता लगने लगता है। ऐसे में अपराधी लाश के टुकड़े-टुकड़े तक कर देते हैं। 3. कहीं और का गुस्सा दूसरी जगह निकलनादिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में साइकियाट्रिस्ट डॉ. राजीव मेहता कहते हैं कि बड़े स्तर पर देखा जाए तो ये समस्या निजी नहीं, बल्कि समाज से जुड़ी है। रेपिस्ट जेल से छूट रहे हैं। काम की कमी और करप्शन से लोगों के अंदर हताशा बढ़ी है। लोग देख रहे हैं कि ताकतवर लोग कुछ भी कर रहे हैं। यह समाज को अशांति की ओर ले जा रहा है। कहीं और का गुस्सा दूसरी जगह निकल जाता है। गाजियाबाद केस का जिक्र कर डॉ. राजीव बताते हैं, ‘आरोपियों ने 5 महीने से किराया नहीं दिया था। फिर मकान मालकिन को काटकर सूटकेस में भर दिया। आरोपी पति-पत्नी का कहना है कि बीमारी की वजह से किराया नहीं दे रहे थे। किराया मांगने पर इतना बड़ा विवाद नहीं होता। इस केस में पैसे की तंगी का गुस्सा था, जो उस समय मकान मालकिन दीपशिखा पर निकला।’ 4. इंटरनेट और फिल्मों की नकलहिमानी सोशल मीडिया पर क्राइम में मदद करने वाली जानकारी आसानी से मिलने पर चिंता जताती हैं। श्रद्धा वालकर केस में पता चला कि आरोपी आफताब ने वेब सीरीज से बॉडी के टुकड़े करने का आइडिया लिया था। लोगों में संवेदनशीलता कम होने के पीछे डॉ. नाहिद सोशल मीडिया की लत को जिम्मेदार मानती हैं। वे कहती हैं कि सोशल मीडिया इस्तेमाल करने वाला लगभग हर शख्स डूम स्क्रॉलिंग करता है। डॉ. नाहिद इसे समझाते हुए बताती हैं, ‘हम एक रील दुख के भाव की देखते हैं। 20 से 30 सेकेंड बाद फिर तुरंत खुशी या कोई दूसरे भाव की रील आ जाती है। इससे इंसान के दिमाग की आदत ज्यादा देर तक एक भावना पर टिकने वाली नहीं रह जाती। फिर हीनियस क्राइम करते हुए भी इंसान ज्यादा गिल्ट महसूस नहीं करता है।’ ‘फिल्मों में जरूरत से ज्यादा हिंसा दिखाना खतरनाक’डॉ. नाहिद कहती हैं कि हिंसा से भरे वीडियो गेम और फिल्में बहुत आम हैं। पहली बार खून या हिंसा देखने पर इंसान असहज होता है, लेकिन लगातार ये देखने से यह सामान्य लगने लगता है। दिमाग के मिरर न्यूरॉन्स आसपास चल रही चीजों की नकल करते हैं। ब्लड फोबिया यानी खून का डर भी धीरे-धीरे दूर हो जाता है।’ श्रद्धा वालकर केस के आरोपी आफताब पूनावाला ने पुलिस को दिए बयान में माना था कि वह क्राइम बेस्ड अमेरिकन सीरीज डेक्सटर देखता था। इस सीरीज में लाश के टुकड़े करने के सीन दिखाए गए हैं। ‘खबरों को सनसनी बनाकर दिखाने से उन्माद बढ़ रहा’फोरेंसिक एक्सपर्ट डॉ. डोगरा कहते हैं कि ऐसी घटनाएं नई नहीं हैं। अपने करियर के दौरान मैंने ऐसे कई मामले संभाले हैं। आरुषि केस, निठारी कांड, श्रद्धा वालकर या ऐसी ही हालिया घटनाओं को देखें तो रिपोर्टिंग करते हुए मीडिया भी असंवेदनशील हो जाता है। खबर को सनसनी बनाकर दिखाने से लोगों में उन्माद बढ़ता है। लगातार मीडिया में आ रही सनसनीखेज खबरें संवेदनशीलता को धीरे-धीरे कम कर देती हैं। इससे अपराधी हिंसा को आम मानने लगता है। इस पर एक्सपर्ट लोरेन कोलमैन की स्टडी कहती है कि किसी अपराधी की नकल करके हत्या करना यानी कॉपी कैट मर्डर असल में होता है। मीडिया ऐसी खबरों को बढ़ा-चढ़ाकर बार-बार दिखाता है, तो यह बीमारी की तरह फैलता है और लोग इसे देखकर वैसे ही अपराध दोहराने लगते हैं। जरूरी है कि मीडिया अपराध की रिपोर्टिंग करते वक्त उसे सनसनी बनाने के बजाय चेतावनी के तौर पर पेश करे। ....................... ये रिपोर्ट भी पढ़ेंप्रेग्नेंट बेटी के पेट पर रॉड, सिर पर कुल्हाड़ी मारी, शादी के 6 महीने बाद मर्डर कर्नाटक के इनाम वीरापुर गांव में रहने वाले विवेकानंद की जिंदगी 22 दिसंबर के बाद पूरी तरह बदल गई। उनकी पत्नी मान्या की घर में ही हत्या कर दी गई। 20 साल की मान्या प्रेग्नेंट थीं। हत्या का आरोप मान्या के पिता पर है। विवेकानंद दलित हैं, जबकि मान्या लिंगायत समुदाय से थीं। दोनों ने 6 महीने पहले ही शादी की थी। पढ़िए पूरी खबर...
DNA: अमेरिकी अदालत से मादुरो को बरी कराएंगे वकील जे.पोलक! विकीलीक्स फाउंडर को कराया था 'आजाद'
DNA: खामेनेई ट्रंप की धमकियों का जवाब तेहरान में बैठकर दे रहे हैं और निकोलस मादुरो अमेरिका की अदालत में खड़े होकर ट्रंप को कड़ी टक्कर दे रहे हैं. दरअसल अमेरिका अपनी न्याय प्रणाली को सबसे निष्पक्ष बताता है. अब उसी का सहारा लेकर मादुरो अमेरिका में खुद को बेगुनाह साबित करने में लगे हैं. गिरफ्तारी के बाद मादुरो को पहली बार न्यूयॉर्क के फेडरल कोर्ट में पेश किया गया. जहां उन्होंने खुद पर लगे आरोपों को बेबुनियाद बताया. कोर्ट में पेशी के दौरान क्या-क्या हुआ. मादुरो की तरफ से केस लड़ने वाला वकील कौन है?.
DNA: '7 डॉलर' से बचेगी खलीफा की सल्तनत? ईरान में हाहाकार के बीच खामेनेई ने चली आखिरी चाल
Iran News:जिन प्रदर्शनकारियों को खामेनेई दंगाई कह रहे थे, जिनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए थे. अब उनके प्रदर्शन से परेशान होकर वो आर्थिक पैकेज का एलान कर रहे हैं. 36 साल पुरानी सत्ता जाने का डर इस कदर हावी है कि उन्हें अपना खजाना खोलना पड़ा. अब पैसे के दम पर वो सड़कों पर उतरे लोगों को शांत करना चाहते हैं.
DNA: 21वीं सदी में 'हिटलर रिटर्न्स'! क्यों हो रही ट्रंप और जर्मन तानाशाह की तुलना?
Donald Trump & Hitler:सोशल मीडिया पर कोई कह रहा है कि जिस तरह हिटलर ने 1930 में पूरी दुनिया को अस्थिर कर दिया था, ठीक उसी तरह ट्रंप भी 21वीं सदी की दुनिया को अस्थिर कर रहे हैं. कहने वाले तो ये तक कह रहे हैं कि ट्रंप सिर्फ नाम के रिपब्लिकन हैं, उनकी असली तासीर तो हिटलर का फासीवाद है.
DNA: 72 घंटे बाद विश्वयुद्ध की शुरुआत! चीन, रूस और इंडोनेशिया ने दक्षिण अफ्रीका में निकाले अस्त्र
DNA: आज सबसे पहले हम दुनिया के सामने सबसे बड़े खतरे को लेकर बात करेंगे. ऐसे समय में जब अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप को रोकना, दुनिया के लिए मुश्किल हो रहा है. तब एक नए विश्वयुद्ध की आहट सुनाई पड़ रही है. आज आपको पता चलेगा अब से ठीक 72 घंटे बाद कैसे दुनिया एक नए विश्वयुद्ध की चिंगारी देखने जा रही है. आज आप जानेंगे रूस और चीन ने कैसे ईरान के लिए अपने अपने हथियार उतार दिये हैं.
फिलीपींस में मेयोन ज्वालामुखी के अलर्ट का स्तर लेवल-3 पर पहुंचा
फिलीपींस के ज्वालामुखी वैज्ञानिकों ने मंगलवार को लूजोन द्वीप पर अल्बे प्रांत में मेयोन ज्वालामुखी के अलर्ट का स्तर बढ़ाकर अलर्ट लेवल 3 कर दिया
क्या ट्रंप के ग्रीनलैंड पर कब्जे के प्लान पर लगेगा पलीता? टेंशन में यूरोप, 7 देशों का आया बयान
European Countries Joint Statement On Greenland: ट्रंप की ओर से ग्रीनलैंड पर दिए गए बयान ने यूरोप में चिंता बढ़ा दी है. ऐसे में यूरोपीय देशों ने एक जॉइंट स्टेटमेंट जारी किया है.
Manohara Odelia: शादी के एक साल बाद वो शाही यात्रा के दौरान 2009 में सिंगापुर के होटल से भाग गई, जिसके बाद वो अपनी मां और अमेरिकी दूतावास की मदद से इंडोनेशिया लौट पाने में सफल हो पाई.
Anonymous gambler: शुक्रवार की दोपहर तक मादुरो के सत्ता से बाहर होने की संभावना सिर्फ 6.5 प्रतिशत ही मानी जा रही थी. जिसके बाद ये आधी रात तक बढ़कर 11 प्रतिशत तक चली गई. लेकिन शनिवार को सुबह के वक्त ये संभावना अचानक बहुत तेजी से बढ़ने लगी. ये सटीक वो समय था, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पर मादुरो के अमेरिकी हिरासत में होने को लेकर जानकारी दी थी.
DNA: वेनेजुएला में एक और 'तख्तापलट' होगा? ट्रंप के प्लान B के खिलाफ पक्ष-विपक्ष एकजुट!
वेनेजुएला के राष्ट्रपति का अपहरण करने के बाद प्रेसिडेंट ट्रंप की अराजकता लगातार बढ़ रही है ये सच है, लेकिन सवाल है, क्या मादुरो को उठाकर ले जाने के बाद वेनेजुएला पर क्या ट्रंप का पूरी तरह से कब्जा हो पाएगा? या फिर वेनेजुएला में एक और तख्तापलट होने वाला है? ये सवाल क्यों उठ रहे हैं, इसका विश्लेषण हम आगे करेंगे .
2025 में एविएशन इंडस्ट्री में पंक्चुअलिटी की रिपोर्ट आई है. इस्तांबुल एयरपोर्ट को प्लेटिनम विनर चुना गया, जबकि कतर एयरवेज एयरलाइंस में टॉप पर है. सैंटियागो एयरपोर्ट सबसे पंक्चुअल लार्ज एयरपोर्ट में शामिल हुआ है. एयरोमेक्सिको रिपोर्ट में क्या कोई भारतीय भी शामिल हैं. जानें पूरी बात.
No women on tickets of 30 partiesIn Bangladesh:बांग्लादेश के आने वाले चुनाव में महिलाओं की हालत देखकर आप सब दंग रह जाएंगे. 51 में से 30 पार्टियों ने एक भी महिला को टिकट ही नहीं दिया है. जबकि कुल उम्मीदवारों में सिर्फ 4.24% महिलाएं है. यह हम नहीं कह रहे आप एक बार चुनाव आयोग का डेटा देख लीजिए.
अमेरिका की वेनेजुएला से युद्ध की कोई मंशा नहीं - ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका वेनेजुएला के साथ किसी युद्ध में नहीं है और वहां जल्द चुनाव कराने का कोई दबाव भी नहीं डालेगा
ट्रंप का दावा– टैरिफ से अमेरिका को 600 अरब डॉलर की आमदनी
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि टैरिफ (शुल्क) के जरिए अमेरिका अब तक 600 अरब डॉलर से अधिक की राशि हासिल कर चुका है और आने वाले समय में और भी रकम मिलेगी
वेनेजुएला में अमेरिकी दखल, ट्रंप की तेल रणनीति पर उठे सवाल
वेनेजुएला में अमेरिकी सैनिकों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर जो हमले किए और जिस तरह से वहां के तत्कालीन राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को उनकी पत्नी के साथ उठाकर लाया गया
Iran: ईरान में चल रहे आर्थिक विरोध प्रदर्शनों में अब तक 35 लोगों की मौत हो गई है और 1200 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है. यह जानकारी अमेरिका स्थित मानवाधिकार एजेंसी ने दी.
निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद वेनेजुएला को लेकर दुनिया में युद्ध की आशंका तेज हो गई है. इसी बीच ट्रंप का बड़ा बयान सामने आ गया है. जानते हैं अगले 30 दिनों की प्लानिंग.
भारत के पड़ोसी देश नेपाल में सांप्रदायिक तनाव, सीमावर्ती शहर बीरगंज में कर्फ्यू लागू
नेपाल में 2025 के जेनजी आंदोलन के दौरान तख्तापलट के बाद अब 5 मार्च 2026 को आम चुनाव होने जा रहा है। हाल ही में वहां सांप्रदायिक घटनाएं भी देखने को मिलीं
Hindus in Bangladesh: बांग्लादेश में सोमवार रात 2 हिंदू व्यक्तियों की हत्या हुई जो पिछले 24 घंटों में ऐसी दूसरी घटना थी. नरसिंगदी में मोनी चक्रवर्ती पर धारदार हथियार से हमला किया गया, जबकि जशोर में राणा प्रताप को गोली मारकर और गला काटकर हत्या की गई.
वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद अब कोलंबिया और अमेरिका के रिश्तों में भारी तनाव दिख रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकी पर कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने तीखा जवाब दिया है. पेट्रो ने साफ कहा कि उन्होंने हथियार छोड़े हैं, लेकिन चलाना नहीं भूले और जरूरत पड़ी तो देश के लिए जंग तक लड़ेंगे.जानें पूरी कहानी.
वेनेजुएला के राष्ट्रपति पैलेस में फिर गोलीबारी, खुले में हथियार लेकर घूमते दिखे लोग, देखिए VIDEO
Venezuela: वेनेजुएला की राजधानी काराकास के मिराफ्लोरेस राष्ट्रपति भवन के पास भारी गोलीबारी की खबर आई, जो राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद हुई. सोशल मीडिया पर वीडियो में हथियारबंद सैनिक और बख्तरबंद गाड़ियां दिखीं.
वेनेजुएला के नेता निकोलस मादुरो जो अमेरिका में नारको-टेररिज्म के आरोपों में गिरफ्तार हैं, उन्होंने अमेरिका के मशहूर वकील बैरी जे. पोलैक को अपना बचाव करने के लिए नियुक्त किया है. पोलैक ने जूलियन असांजे की रिहाई जैसे बड़े केस जीते हैं. जिनके बारे में बहुत सारी कहानी फेमस है. जानते हैंबैरी पोलैक की कहानी.
Nikita Godishala murder case: अमेरिका में रह रही हैदराबाद की युवती निकिता गोदिशाला की हत्या के मामले में पिता ने साफ किया कि आरोपी अर्जुन शर्मा उसका एक्स-बॉयफ्रेंड नहीं, बल्कि पूर्व रूममेट था. परिवार ने आरोपी की जल्द गिरफ्तारी और निकिता के शव को भारत लाने की मांग की है, ताकि उसे न्याय मिल सके.
Venezuela Acting President: वेनेजुएला की राजधानी कराकस में सोमवार को डेल्सी रोड्रिगेज ने देश की कार्यवाहक राष्ट्रपति के तौर पर पद संभाल लिया है. यह शपथ ऐसे समय में हुई है जब कुछ घंटे पहले ही अमेरिका ने एक सैन्य अभियान के तहत राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़कर न्यूयॉर्क ले जाया था. वहां मादुरो ने अदालत में खुद को निर्दोष बताया.
DNA: मादुरो से सबक..'खलीफा' का 'EXIT प्लान' लॉक! खामेनेई..ईरान छोड़कर भागेंगे या लड़ेंगे?
khamenei Exit Plan:एक ब्रिटिश अखबार ने इंटेलिजेंस रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए ईरान के सुप्रीम लीडर के प्लान बी का खुलासा किया है. इस अखबार ने दावा किया है कि खामेनेई के तख्तापलट का काउंटडाउन शुरू हो गया है. ईरान में बढ़ते विरोध प्रदर्शन और अमेरिकी प्रेशर की वजह से खामेनेई ने ईरान छोड़ने की तैयारी कर ली है.
DNA: सिर्फ दुश्मन नहीं..'दोस्त भी नपेंगे'! ग्रीनलैंड के पास ट्रंप के 'घातक' क्यों तैनात?
Trump Greenland Plan: ट्रंप अब दोस्त से भी दुश्मन जैसा सलूक कर रहे हैं. इस लिस्ट में वेनेजुएला के बाद अब यूरोप के एक इलाके का नंबर आ गया है. इससे पहले क्यूबा, कोलंबिया या ईरान को ट्रंप का अगला टारगेट माना जा रहा था. लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति के नए एलान ने सहयोगी यूरोपीय देशों को चौंका दिया है.
बांग्लादेश की राजधानी ढाका की गोपालगंज सीट से पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना चुनाव लड़ा करती थीं। इस सीट से इस बार हिंदूवादी नेता और वकील गोबिंद चंद्र प्रमाणिक निर्दलीय चुनाव लड़ने वाले थे। उनका नामांकन चुनाव आयोग ने रद्द कर दिया। गोबिंद बांग्लादेश जातीय हिंदू महाजोत के महासचिव हैं। आरोप है कि उनका नामांकन हिंदू होने की वजह से रद्द किया गया है। दैनिक भास्कर ने गोबिंद चंद्र प्रमाणिक से बात की है। पढ़िए, देखिए और सुनिए पूरा इंटरव्यू… सवाल: चुनाव आयोग ने आपका नामांकन रद्द करने की क्या वजह बताई है?जवाब: मैंने गोपालगंज-3 सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर नामांकन किया था। यहां निर्दलीय उम्मीदवार को नामांकन करने के लिए कुल वोटर के एक फीसदी के साइन करवाकर चुनाव आयोग के पास जमा करना होता है। मैंने भी साइन करवाकर लिस्ट दी थी। चुनाव आयोग के लोग लिस्ट वेरिफाई करने पहुंचे, तो लोग मुकर गए। एक रात पहले ही बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के नेताओं ने घर-घर जाकर उन लोगों को धमकी दी थी कि तुम लोगों को गिरफ्तार कर लेंगे। एक हिंदू नेता तापोश हलदार ने नामांकन दाखिल किया था, उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। दो और हिंदुओं ने चुनाव लड़ने का ऐलान किया, तो उन्हें भी धमकी दी गई। सवाल: क्या हिंदू समुदाय से होने की वजह से आपका नामांकन रद्द किया गया है?जवाब: बांग्लादेश में हिंदुओं को हमेशा नजरअंदाज किया गया है। यहां के मुस्लिम नहीं चाहते कि हिंदू चुनकर संसद में आएं। हिंदू समुदाय के कुछ नेता संसद पहुंचे, लेकिन ज्यादातर बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी, जमात-ए-इस्लामी या अवामी लीग से थे। कोई भी हिंदू नेता निर्दलीय चुनाव लड़कर संसद नहीं पहुंच पाता। वे नहीं चाहते कि हिंदुओं की आवाज वहां पहुंचे। वे चाहते हैं कि एक-दो हिंदू नेता उनके हिसाब से चुनकर आएं। सवाल: आप निर्दलीय चुनाव क्यों लड़ना चाहते हैं, किसी पार्टी के टिकट पर भी तो लड़ सकते थे?जवाब: मैंने ये बीड़ा उठाया है कि कम से कम एक सीट से ऐसा उम्मीदवार संसद पहुंचे जो हिंदुओं की आवाज उठाए। इसलिए मुझे रोकने के लिए सभी हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। मुझे भरोसा है कि वे ऐसा नहीं कर पाएंगे। मैं चुनाव आयोग में इसके खिलाफ अपील करूंगा, हाईकोर्ट जाऊंगा। मुझे भरोसा है कि मेरी जीत होगी और मैं नामांकन कर पाऊंगा। सवाल: क्या बांग्लादेश में चुनाव आयोग निष्पक्ष रूप से काम कर रहा है?जवाब: इलेक्शन कमीशन हमेशा BNP और अवामी लीग के इशारे पर काम करता रहा है। अवामी लीग सत्ता में रहती है, तो उसकी चलती है। अभी BNP की चल रही है। बांग्लादेश में चुनाव आयोग और अदालतें आजाद नहीं रहीं। सत्ता में जो रहता है, उसी के कहने पर काम करते हैं। सत्ता में रही पार्टियां एक-दो सीटों पर दिखाने के लिए हिंदू नेताओं को लड़ने देते हैं, लेकिन ये सिर्फ दिखावा है। सवाल: चुनाव आयोग पर किसका दबाव है?जवाब: सचिवालय, सेक्रेटरी, पुलिस, इन सभी को BNP और जमात-ए-इस्लामी अपने कब्जे में रखते हैं। संस्थाएं आजाद नहीं हैं। पार्टियां जैसा कहती हैं, वे वैसा ही करती हैं। रिटर्निंग ऑफिसर और जिलाधिकारी बहुत बेबस हैं। मैंने एसपी से शिकायत की है। उन्होंने कहा है कि मैं इस मामले में जांच करूंगा। कई हिंदुओं ने नामांकन दाखिल किया है। जिन्हें कम वोट मिलने वाले होते हैं, उन्हें चुनाव लड़ने देते हैं। जीतने वाले उम्मीदवार को चुनाव लड़ने से रोकने की कोशिश करते हैं। सवाल: बांग्लादेश में डॉ. यूनुस की अंतरिम सरकार है, क्या उनकी कोई नहीं सुन रहा?जवाब: डॉ. यूनुस चुनाव करवाकर निकलना चाहते हैं। अब उनसे यहां रहा नहीं जा रहा है। स्टूडेंट लीडर्स डॉ. यूनुस को दबाव में रखते हैं, वे खुलकर काम नहीं कर पा रहे हैं। इसलिए चाहते हैं कि जिस तरह भी हो, किसी को सत्ता सौंपकर निकल जाएं। सवाल: पिछले दिनों हिंदू युवक दीपू चंद्र दास को मारकर जला दिया गया। बांग्लादेश में हिंदुओं की क्या स्थिति है?जवाब: पुलिस ने दीपू चंद्र दास के केस में सख्ती से कार्रवाई की और आरोपियों को जल्द हिरासत में ले लिया। हालांकि देश में हर तरफ हिंदू विरोधी भावना फैल चुकी है। ये शेख हसीना के वक्त से ही चला आ रहा है। काफी तादाद में मस्जिद और मदरसे बनाए गए हैं। इसकी वजह से पूरे बांग्लादेश में कट्टरता फैली है। कट्टर लोग हिंदुओं को निशाना बनाते हैं, लेकिन सरकार काम कर रही है। आरोपियों को जितना जल्दी गिरफ्तार किया जा रहा है, ऐसा अवामी लीग की सरकार में भी नहीं होता था। सवाल: चुनाव में हिंदुओं की भागीदारी के लिए क्या किया जाना चाहिए?जवाब: हमने भारत की सरकार और लोगों से गुहार लगाई है कि हिंदुओं के लिए अलग निर्वाचन (सेपरेट इलेक्टोरेट) होना चाहिए। हमने भारत सरकार से कहा था कि वो शेख हसीना से मांग करे कि हिंदुओं के लिए संसद में सीटें रिजर्व हों, अलग से चुनाव प्रकिया हो। हिंदुओं के लिए 40-45 सीटें आरक्षित करने की मांग हमने पहले ही की है। तब हिंदू मजबूती से संसद में चुनकर आएंगे। सवाल: बांग्लादेश की पार्टियां क्या हिंदुओं की भागीदारी के बारे में नहीं सोचतीं?जवाब: बांग्लादेश में सभी हिंदू अलग चुनाव प्रणाली चाहते हैं। अवामी लीग सत्ता में थी, तो जमात भी ये मांग उठाता था। उन्हें लगता है कि इससे अवामी लीग के वोट कम होंगे। अब जमात का रवैया ऐसा कि हिंदू वोट दे या ना दे, क्या ही फर्क पड़ता है। BNP भी पहले कहती थी कि वो हिंदुओं के लिए 30 सीटें आरक्षित रखेगी, लेकिन उनमें वो ऐसे ही हिंदुओं को रखेगी, जो हिंदुओं के खिलाफ ही काम करते। अब BNP भी ये बात भूल चुकी है। उन्हें भी 8% हिंदुओं के वोट देने या न देने से फर्क नहीं पड़ता। सवाल: क्या कोई भी पार्टी हिंदू आबादी के साथ नहीं है?जवाब: बांग्लादेश में तो सारी पार्टियां कट्टर विचारधारा वाली हैं। कुछ पार्टियां कहती हैं कि हम सेक्युलर हैं, लेकिन अंदर से सभी एक जैसे कट्टर हैं। जमात-ए-इस्लामी खुलकर धर्म की राजनीति करती है, लेकिन दूसरी पार्टियां अंदर से जमात की तरह हैं। सवाल: आप वकील हैं, क्या कोर्ट में आपके साथ कभी भेदभाव हुआ है?जवाब: कोर्ट में पढ़े-लिखे लोग आते हैं। वकीलों और जजों के बीच मुझे भेदभाव नहीं झेलना पड़ा। जज भी बहुत संवेदनशील तरीके से बर्ताव करते हैं। शहरों और गांवों में सांप्रदायिक भावना ज्यादा है। पढ़े-लिखे लोगों की आबादी बहुत कम है। सवाल: अल्पसंख्यकों की बातें सुनी जाएं, इसके लिए आप क्या कर रहे हैं?जवाब: अभी तो सारी दुनिया की मीडिया की नजर बांग्लादेश पर है। मेरा नामांकन रद्द होने की खबर भी पूरी दुनिया में पहुंची है। इससे सरकार पर दबाव बना है। ऐसी छवि बनी है कि सरकार निष्पक्ष चुनाव नहीं करवा पा रही। सरकार अभी से अलर्ट हो रही है कि अल्पसंख्यकों के साथ गलत न हो। हमारी यूरोपियन यूनियन के साथ भी मीटिंग है। वे भी इस कोशिश में हैं कि अल्पसंख्यक समुदाय के लोग भी चुनाव में आ सकें, लेकिन देश के मुसलमान इस कोशिश में हैं कि ऐसा न हो पाए। हम दुनिया के लोगों से कहना चाहते हैं कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदाय को हाशिए पर धकेला जा रहा है। सारी संस्थाएं और भारत, अमेरिका जैसे देशों को आवाज उठानी चाहिए कि हमारे हितों की रक्षा हो। महिलाओं के हक के लिए सब जैसे आवाज उठाते हैं, वैसे ही बांग्लादेश के अल्पसंख्यकों के लिए भी आवाज उठाएं। शेख हसीना की सरकार गिरने के 18 महीने बाद चुनावबांग्लादेश में शेख हसीना की सरकार 5 अगस्त 2024 को छात्रों के आंदोलन के बाद गिर गई। इसके बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया और भारत आ गईं। 8 अगस्त को नोबेल पुरस्कार विजेता मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार बनाई गई। अंतरिम सरकार ने बांग्लादेश में 6 महीने में चुनाव कराने का वादा किया। हालांकि बाद में डेडलाइन बढ़ा दी गई और अब 12 फरवरी 2026 को चुनाव होंगे। पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया की पार्टी सबसे ताकतवरशेख हसीना के बांग्लादेश छोड़ने के बाद पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया की पार्टी BNP बांग्लादेश की सबसे बड़ी पार्टी बन गई है। 30 दिसंबर को खालिदा जिया का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। अब BNP की कमान खालिदा के बेटे तारिक रहमान के पास है। तारिक 17 साल के निर्वासन के बाद 25 दिसंबर को लंदन से बांग्लादेश लौटे हैं। ढाका एयरपोर्ट पर उनके स्वागत के लिए BNP के करीब 1 लाख कार्यकर्ता पहुंचे थे। रहमान ने 29 दिसंबर को ढाका-17 और बोगुरा-6 सीट से नामांकन दाखिल किया है। बोगुरा-6 रहमान की मां खालिदा जिया की सीट रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, तारिक रहमान BNP के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार हो सकते हैं। बांग्लादेश में दो हफ्ते में 4 हिंदुओं की हत्याबांग्लादेश में बीते दो हफ्ते में 4 हिंदुओं की हत्या कर दी गई। ये घटनाएं मैमन सिंह, राजबाड़ी, शरियतपुर और जेसोर में हुई हैं। .................................... बांग्लादेश से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें... बेटे को मारकर जलाया, फिर परिवार को घर छोड़ने की धमकी बांग्लादेश की राजधानी ढाका से करीब 80 किलोमीटर दूर, खेतों के बीच दो कच्चे घर बने हैं। इन्हीं में से एक 25 साल के दीपू चंद्र दास का है। 18 दिसंबर की रात दीपू को भीड़ ने ईशनिंदा के आरोप में पीट-पीटकर मार डाला। इसके बाद उसकी डेडबॉडी जला दी गई। परिवार को सरकार से मदद तो नहीं मिली, बल्कि गांव वाले घर छोड़कर जाने के लिए धमकी दे रहे हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें...
बांग्लादेश में अभी भी निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव कराने के हालात नहीं हैं : जमात-ए-इस्लामी पार्टी
बांग्लादेश में चुनावी सुगबुगाहट तेज होने के बीच राजनीतिक दलों में जारी आंतरिक कलह भी उजागर हो रही है
ताइवान का आरोप– चीन कर रहा सीमा-पार दमन और डिजिटल सत्तावाद
ताइवान सरकार ने चीन पर सीमा-पार दमन (ट्रांसनेशनल रिप्रेशन) का आरोप लगाया है
Nicolas Maduro: मादुरों ने कहा कि मुझे गिरफ्तार किया, लेकिन इसी बीच कोर्ट ने उन्हें बीच में ही रोक दिया. जब मादुरो से आरोपों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मैं निर्दोष हूं, मैं दोषी नहीं हूं, मैं नेक इंसान हूं और अपने देश का राष्ट्रपति हूं.
America-Venezuela Tension: दुनियाभर में शांति का ढोल बजाने वाले ट्रंप ने वेनेजुएला में में हमला कर वहां के राष्ट्रपति को गिरफ्तार किया है. ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि उनकी देखादेखी अन्य कई देश भी अपने दुश्मन देशों के साथ इस तरह की हरकत को अंजाम दे सकते हैं.
अमेरिका पर फूटा चीन का गुस्सा, विदेश मंत्री बोले- 'एक देश दुनिया का जज होने का दावा नहीं कर सकता'
वेनेजुएला में अमेरिका के हमले और पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार करने को लेकर चीन भड़का हुआ है
बलूचिस्तान में आईईडी धमाका : 1 की मौत, 16 घायल
पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के पंजगुर जिले में सोमवार को हुए इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) धमाके में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि 16 अन्य घायल हो गए
Tears behavior in space: शोधकर्ताओं का मानना है कि गुरुत्वाकर्षण नहीं होने के चलते आंसू आंख के आसपास जम जाते हैं और बहने की बजाय फैल जाते हैं. इसके चलते ऐसा एहसास होता है, जैसे वो फिलिंग से ज्यादा फिजिकल हैं.क्योंकि, आंसू एक पतली और गोल परत बनाते हैं जो गिरती नहीं है, पलकें झपकाने का भी कोई फायदा नहीं मिलता.
Bangladesh Violence Against Hindus: बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ लगातार हिंसा बढ़ती जा रही है. ओसमान हादी की हत्या के बाद से यहां अब तक 5 हिंदुओं को मौत के घाट उतारा जा चुका है.
अमेरिका की न्यूयॉर्क कोर्ट में मादुरो पर नार्को-टेररिज्म और ड्रग्स तस्करी के गंभीर आरोपों को लेकर केस चलाया जाएगा. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में मादुरो हथकड़ी पहने और न्यूयॉर्क के मैनहट्टन कोर्ट हाउस में जाते हुए दिखाई दे रहे हैं.
Hindu Woman Physically Assaulted In Bangladesh: बांग्लादेश में 2 पुरुषों ने एक विधवा महिला के साथ दुष्कर्म किया और उसे पेड़ से बांधकर बाल काट दिए.
Trump Warnings: वेनेजुएला के बाद ट्रंप ने मेक्सिको, क्यूबा, कोलंबिया सहित अपने साथी देश रहे डेनमार्क और ग्रीन लैंड को भी अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के लिए तैयार रहने की चेतावनी दे दी है. एक तरह से ट्रंप ने इन सभी देशों को अपने निशाने पर रखा है.
Bangladesh Hindu Exploitation:बांग्लादेश में 4 हिंदुओं की हत्या के बाग महिला हिंदू जिला कमिश्नर को जमात-ए-इस्लामी उम्मीदवार का नॉमिनेशन रद्द करने के बाद सांप्रदायिक गालियों और धमकियों का सामना करना पड़ा है. इस घटनाक्रम से पता चलता है कि ढाका के तख्त पर बैठकर अंतरिम सरकार चला रहे कट्टरपंथियों के आका मोहम्मद यूनुस के राज में हिंदुओं की हालत कितनी दयनीय हो गई है.
Labyrinth Found Under Peru Temple: पेरू में आर्कियोलॉजिस्ट को इंका सूर्य मंदिर के नीचे एक टनल सिस्टम मिला है. इसको लेकर वहां पहले से ही कई मान्यताएं और लोककथाएं प्रचलित थीं.
Nepal Hindu Protest: दोपहर एक बजे से बीरगंज महानगर में जिला प्रशासन द्वारा कर्फ्यू के आदेश जारी किए जाने के बावजूद, हिंदुओं ने प्रतिबंधित क्षेत्र में विरोध प्रदर्शन जारी रखा. प्रदर्शनकारियों द्वारा पुलिसकर्मियों पर पत्थर फेंकने के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जब पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की.
राष्ट्रपति को उठवा लिया, अब वेनेजुएला में विपक्ष के साथ कौन सा खेला करेंगे ट्रंप? इनसाइड स्टोरी
सेना को भेजकर वेनेजुएला के राष्ट्रपति को सोते समय उठवाना कोई साधारण घटना नहीं है. पूरी दुनिया आशंकित है. भारत ने बिल्कुल सधी हुई प्रतिक्रिया दी है. सवाल यह है कि अब राष्ट्रपति को उठवाने के बाद अमेरिका का अगला कदम क्या है? हां, क्योंकि उसने हजारों सैनिकों को थोड़ी दूर पर तैनात कर रखा है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला पर अमेरिका का पूरा कंट्रोल होने का दावा किया है. मादुरो को पकड़ने के बाद ट्रंप ने अंतरिम नेता डेल्सी रोड्रिग्ज को चेतावनी दी कि अगर वो अमेरिकी मांगें नहीं मानीं, तो उनका अंजाम मादुरो से भी बुरा होगा. जानें पूरी रिपोर्ट.
भारत पर और बढ़ेगा अमेरिकी टैरिफ! ट्रंप ने दी धमकी, कहा- PM मोदी ने मुझे खुश करने की कोशिश की
trump on ind-russia oil trade: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत को चेतावनी दी कि अगर रूस से तेल के मामले में सहयोग नहीं किया तो टैरिफ बढ़ सकते हैं. इससे भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक रिश्तों में नई चुनौती पैदा हो सकती है.
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद आज करेगी आपात बैठक, मादुरो गिरफ्तारी पर वैश्विक चिंता
वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार करने के एक दिन बाद रविवार को अमेरिका के अधिकारियों ने यहां एक हिरासत केंद्र में मादुरो से पूछताछ शुरू की
ट्रंप के डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ स्टीवन मिलर की पत्नी केटी मिलर ने X पर ग्रीनलैंड का मैप अमेरिकी झंडे से ढककर 'SOON' कैप्शन दिया है.ये पोस्ट वेनेजुएला पर अमेरिकी ऑपरेशन के बाद आई है. जिसके बाद पूरी दुनिया में हड़कंप मच गया है, अब सबकी नजर इस बात पर है कि आखिर निकोलस मादुरो को पकड़ने के बाद अब अमेरिका किस देश पर हमला करने जा रहा है.
वेनेजुएला के खिलाफ अमेरिका की कार्रवाई से आक्रोश, सड़कों पर उतरे लोग
अमेरिका ने शनिवार को जिस तरह से वेनेजुएला के खिलाफ कार्रवाई की और उसके नेता को गिरफ्तार कर न्यूयॉर्क लाया गया
'15 हजार सैनिकों ने ली पोजीशन...' ट्रंप की वेनेजुएला पर एक और स्ट्राइक की चेतावनी
वेनेजुएला पर अमेरिकी ऐक्शन अभी थमा नहीं है. ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अमेरिकी की बात नहीं मानी गई तो हम दूसरी स्ट्राइक के लिए तैयार हैं.
trump welfare list: ट्रंप ने हाल में ही एक वेलफेयर लिस्ट निकाली है जिसमें उन देशों के नाम है जहां के नागरिक अमेरिका में सरकारी मदद पर निर्भर रहने का काम करते हैं. लेकिन इस वेलफेयर लिस्ट में भारत का नाम नहीं है.
Maduro fort before and after Satellite pics:वेनेजुएला में जो हुआ वो किसी फिल्मी सीन से कम नहीं है.अमेरिका ने रातोंरात हमला करके राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को उनके घर से पकड़ लिया और फोर्ट टिउना को तबाह कर दिया. ये वेनेजुएला का सबसे बड़ा मिलिट्री बेस है, जिसे मदुरो का 'किला' कहा जाता था. अब सैटेलाइट तस्वीरें सामने आईं हैं, जो दिखा रही हैं कि हमले से पहले ये जगह कितनी मजबूत थी और बाद में कितनी बर्बाद हो गई.
वेनेजुएला पर हुकूमत करेगा अमेरिका...? अब ट्रंप ने लिया यूटर्न, कहा- हमारे कब्जे का इरादा नहीं है
US action against Venezuela: अमेरिकी कार्रवाई और ट्रंप के बयान के बाद वेनेजुएला को लेकर अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल बढ़ गई है, हालांकि अमेरिका ने फिलहाल कब्जे से इनकार किया है. अमेरिका का कहना है कि उसका मकसद दबाव बनाकर सही राजनीतिक बदलाव कराना है, न कि वेनेजुएला पर सीधे शासन करना.
12 साल पहले 239 पैसेंजर्स के साथ गायब हुए MH370 विमान की गुत्थी सुलझ सकती है। 31 दिसंबर 2025 से दुनिया का सबसे महंगा सर्च ऑपरेशन फिर शुरू हुआ है। मलेशिया की ट्रांसपोर्ट मिनिस्ट्री के मुताबिक नए तरीके से प्लेन की लोकेशन का अंदाजा लगाया गया है। अमेरिकी प्राइवेट कंपनी ओशन इन्फिनिटी ने कहा है कि प्लेन खोजने के बाद ही वो 630 करोड़ रुपए फीस लेगी, पहले नहीं। मंडे मेगा स्टोरी में MH-370 फ्लाइट की मिस्ट्री और इसके सर्च ऑपरेशन से जुड़ी पूरी कहानी… आखिर MH-370 प्लेन के साथ क्या हुआ, सटीक जवाब किसी को नहीं पता। 6 बड़ी थ्योरीज चलती हैं… **** ग्राफिक्स: द्रगचन्द्र भुर्जी और अजीत सिंह ------ ये स्टोरी भी पढ़िए... सुनसान रेगिस्तान में क्या छिपा रहा है चीन:सैटेलाइट तस्वीरों में दिखा अमेरिका जैसा वॉरशिप, भारत से सिर्फ 300 किमी दूर; जानिए पूरी कहानी चीन का सुनसान टकलामकान रेगिस्तान, जहां दूर-दूर तक पानी का नामो-निशान नहीं। रेत के बीच कुछ वॉरशिप तैनात दिखे हैं। सैटेलाइट इमेज में यहां रेलवे लाइन, रनवे और नौसेनिक अड्डा तक दिखाई दिया। पूरी खबर पढ़िए...
जम्मू के डोडा में रहने वाली अनीता राज विलेज डिफेंस गार्ड्स यानी VDG की ट्रेनिंग ले रही हैं। उन्होंने पहली बार ऑटोमैटिक राइफल चलानी सीखी है। वे ट्रेनिंग में आकर बहुत खुश हैं और कहती हैं, 'अभी सर्दियां हैं तो आतंकी ज्यादा एक्टिव रहते हैं। वो इसका फायदा उठाकर पाकिस्तान से घुसपैठ करते हैं। इसलिए अभी हम 24 घंटे अलर्ट रहते हैं।‘ 30 दिसंबर को ही सेना ने डोडा के अलग-अलग गांवों में ट्रेनिंग कैंप लगाए हैं। यहां जंगलों और पहाड़ों के बीच पेट्रोलिंग करने के साथ ही हथियार चलाना और हैंडल करना भी सिखाया जा रहा है। डोडा की रहने वाली कई महिलाएं विलेज डिफेंस गार्ड भी हैं। ये पिछले एक साल से घर के कामकाज के अलावा सेना के साथ गांव की सुरक्षा भी कर रही हैं। उन्हीं में से एक सोनाली कहती हैं, ‘मैं एक साल से VDG में हूं। मुझे देश के लिए लड़ना है और हम किसी भी कीमत पर पीछे नहीं हटेंगे। हमें खुशी है कि देश के लिए काम कर रहे हैं।‘ पहले विलेज डिफेंस ग्राउंड (VDG ) को VDC कहा जाता था। इसमें सिर्फ पुरुष ही ट्रेनिंग ले रहे थे। अब पिछले साल से महिलाएं भी इसका हिस्सा हैं। ट्रेनिंग देने वाले अधिकारी के मुताबिक, ये 10 से 15 लोगों का एक ग्रुप होता है, जिसका लीडर रिटायर्ड पुलिस या आर्मी अधिकारी है। ऑटोमैटिक हथियार मिले और ट्रेनिंग भी, अब आतंकियों से लड़ना आसानदैनिक भास्कर ने VDG की ट्रेनिंग देने वाले अधिकारियों से बात की। वे कहते हैं, ‘जम्मू के पहाड़ी और जंगल वाले इलाकों में पैदल जाने का ही रास्ता है। वहां अगर कभी आतंकियों का मूवमेंट होता तो कैंप से आर्मी को पहुंचने में कई बार 4-5 घंटे भी लग जाते हैं। ऐसे इलाकों की पहचान कर वहां के लोकल लोगों को उनकी इच्छा से हथियारों की ट्रेनिंग दी जा रही है। अगर कोई रिटायर्ड पुलिस या आर्मी अधिकारी है तो उसे ग्रुप की जिम्मेदारी दी जा रही है।‘ हमने डोडा में VDG की ट्रेनिंग में शामिल महिलाओं और कुछ युवकों से भी बात की। इनमें से एक सुरिंदर कुमार ने बताया कि पहले उन्हें थ्री नॉट थ्री से ट्रेनिंग दी जाती थी। हालांकि अब ऑटोमैटिक हथियार दिया गया है, जिससे काफी सहूलियत हो रही है। 2022 में गृह मंत्रालय के ऑर्डर के बाद अब VDG को ऑटोमैटिक हथियार दिए जा रहे हैं। ट्रेनिंग लेने वाले एक अन्य VDG मेंबर राजेश कुमार सिंह कहते हैं, ‘हमें समय-समय पर ट्रेनिंग दी जाती है। गन कैसे ओपन करनी है, कैसे बंद करनी और कैसे चलानी है। इससे हमें काफी फायदा हुआ है। अगर हमें किसी जंग में चीन बॉर्डर पर भी ले जाया गया तो हम उसके लिए तैयार हैं।‘ यहां हथियारों की ट्रेनिंग लेने आईं मधुबाला कहती हैं, हमें ट्रेनिंग मिली है। इससे हमें बहुत फायदा हुआ। हमारा जज्बा बढ़ा है। वैसे भी हमें सब कुछ आना चाहिए। दुश्मन से लड़ना भी। खुशी है कि देश की सेवा करने का मौका मिल रहा है। वहीं डोडा में रहने वाले सुनील कहते हैं कि गांव में जब भी कोई अजनबी आता है तो हम उसकी पहचान करके सेना को जानकारी देते हैं। फिर आर्मी के साथ मिलकर गश्त भी करते हैं। हाल के दिनों में डोडा के इलाकों में कुछ संदिग्ध आतंकियों की गतिविधियां देखने को मिलीं। उसके बाद से यहां VDG को फिर एक्टिव किया जा रहा है। ट्रेनिंग देने वाले अधिकारी बताते हैं, ‘पिछले दो साल से महिलाएं भी विलेज डिफेंस गार्ड्स का हिस्सा बन रही हैं। दरअसल, महिलाएं सुनसान पहाड़ी पर मौजूद घरों में अकेली पड़ जाती हैं। ऐसे में इन्हें ट्रेनिंग मिलने से अब सुरक्षा बढ़ गई है। VDG जिले के SSP, डीएम और आर्मी अफसरों से कॉन्टैक्ट में रहते हैं। उनके लीडर को वायरलेस सेट भी दिए गए हैं। इसलिए कोई भी खतरा होने पर हमसे संपर्क कर सकते हैं।‘ 1995 में कैसे बनाई गई पहली विलेज डिफेंस कमेटी, रियासी में हुई ट्रेनिंगजम्मू के गांवों में लोकल लोगों को आतंकियों का मुकाबला करने के लिए हथियारों की ट्रेनिंग देने की शुरुआत 1995 में रियासी के बागनकोट गांव से हुई थी। उस समय रियासी के SSP पूर्व IPS अधिकारी एसपी वैद थे। जम्मू-कश्मीर के पूर्व DGP रिटायर्ड IPS अधिकारी एसपी वैद बताते हैं, ‘ये 1995 की शुरुआत की बात है। रियासी के बागनकोट गांव में आतंकियों का ग्रुप पाकिस्तान से घुसपैठ करके आ रहा था। आतंकी कश्मीर की तरफ जा रहे थे। तभी उन्होंने बागनकोट गांव में हमला कर दिया और गांव के दो लोगों को मार गिराया। मुझे वायरलेस पर मैसेज मिला।‘ ‘किसी तरह हम लोग गांव की तरफ पहुंचे। हमें रास्ते में ही गांव के लोग मिले और वे लाशें लेकर सड़क पर आ गए थे। उनमें बहुत गुस्सा था। वे हथियार की मांग करने लगे। हमने लाइसेंस के बारे में पूछा तो बोले- हम गरीब हैं, लाइसेंस कैसे लेंगे। तब हमने उन्हें हथियार दिलाने का भरोसा दिया।‘ ‘गांव वालों ने ये भी बताया कि उन्होंने अपना बचाव करते हुए कुल्हाड़ी और गडासे से दो आतंकियों को मार गिराया, लेकिन उनकी लाशें बाकी आतंकी अपने साथ ले गए। गांव वालों की हिम्मत देखकर पहली बार हमने ही विलेज डिफेंस कमेटी (VDC) शुरू की। तब मैंने पुलिस मुख्यालय से परमिशन लेकर गांव वालों को पहली बार थ्री नॉट थ्री की 10 राइफलें दीं और ट्रेनिंग दिलाई। उन्हें 50-50 राउंड गोलियां भी दी गईं।’ ’जिन दो लोकल लोगों को आतंकियों ने मारा था। उनकी एक-एक बेटियों को पुलिस कॉन्स्टेबल बनवाया गया। जिससे पूरे गांव का हौसला बढ़ा। इसके बाद उन पहाड़ी इलाकों के लिए ये एक सिस्टम बन गया।’ पुलिस और सेना के होते हुए VDC बनाने की जरूरत क्यों पड़ीहमने पूछा कि इन इलाकों में हमेशा आर्मी और पुलिस क्यों नहीं तैनात रहती है। VDC बनाने की जरूरत क्यों पड़ी। इस पर पूर्व DGP एसपी वैद कहते हैं, ‘जम्मू और कश्मीर की भौगोलिक स्थिति में काफी अंतर है। कश्मीर में दूर-दराज के दो से तीन गांव भी एक साथ सटे हुए हैं। वहीं जम्मू में डोडा, किश्तवाड़, रामबन, पुंछ, राजौरी और रियासी समेत कई इलाकों के हालात काफी अलग हैं।‘ ‘यहां के गांवों में जाने के लिए एक या दो ही सड़क है। इसके बाद एक घर किसी एक पहाड़ी पर है तो दूसरा घर उससे काफी दूर दूसरी पहाड़ी पर है। इन घरों तक जाने के लिए सिर्फ पैदल रास्ते हैं। यहां आर्मी या फोर्सेस तुरंत नहीं पहुंच सकतीं। कोई घटना होने पर सूचना मिलने के बाद भी सेना को पहुंचने में कई बार 4-5 घंटे लग जाते थे। तब तक आतंकी घटना को अंजाम देकर फरार हो जाते थे।‘ ‘यही वजह है कि यहां के लोकल लोगों को हथियारों की ट्रेनिंग देकर सुरक्षा के लिए तैयार किया गया। यही वजह है कि जम्मू के इन इलाकों में आतंकी जल्द अपना ठिकाना नहीं बना पाते, न ही लोगों को मार पाते हैं। ये बेहद जरूरी और कारगर कदम है।‘ VDG अगर न होते तो जम्मू में भी हिंदुओं का नरसंहार होताजम्मू के दूर-दराज के पहाड़ी गांवों में विलेज डिफेंस गार्ड्स न होते तो क्या होता। इस सवाल पर पूर्व DGP वैद कहते हैं, ‘1990 के दशक में कश्मीर की तरह जम्मू में भी नरसंहार होने लगा था। उस वक्त पाकिस्तान चाहता था कि जिस तरह कश्मीर से हिंदुओं को भगाया गया। कश्मीरी पंडितों पर जुल्म हुए, उसी तरह जम्मू के पहाड़ी इलाकों में भी जुल्म हो और हिंदुओं को भगा दिया जाए।‘ ‘उस समय अगर ये विलेज गार्ड कमेटी नहीं बनाई जाती तो जम्मू एरिया में भी हिंदुओं पर अत्याचार होते और मास मर्डर किए जाते क्योंकि यहां के लोग खुद ही हथियार लेकर अपनी सुरक्षा में जुट गए इसलिए पाकिस्तान की ये चाल जम्मू में नहीं चली।‘ तब की VDC (अब VDG) को याद करते हुए वो कहते हैं, ‘डोडा, किश्तवाड़, राजौरी और पुंछ की पहाड़ियों में रहने वाले लोग रात-रात भर आतंकियों से लड़े हैं। वे तब तक लड़ते, जब तक उनके पास से गोला-बारूद खत्म नहीं हो गए। बहुत सारे लोगों ने इसके लिए अपनी जान भी दी है।‘ गृह मंत्रालय ने नया VDG बनाने का दिया आदेशदैनिक भास्कर ने 2022 में गृह मंत्रालय की तरफ से विलेज डिफेंस गार्ड्स (VDG) को लेकर जारी आदेश की कॉपी भी निकाली। उसमें VDG को लेकर नए दिशा-निर्देश दिए हैं। ये आदेश 14 अगस्त 2022 को जारी हुआ। इसमें लिखा है- ‘VDG को अपनी इच्छा के आधार पर छोटे-छोटे ग्रुप बनाने हैं। ये जम्मू के दूर-दराज के इलाकों में खुद अपनी सुरक्षा के लिए अलर्ट रहेंगे।‘ ‘इन्हें ट्रेनिंग दी जाएगी और ये दिन-रात के वक्त गश्त करेंगे। ये उन एरिया के लिए है, जहां पुलिस और सिक्योरिटी फोर्सेज को पहुंचने में काफी मुश्किल होती है। VDG के एक ग्रुप में 15 से ज्यादा लोग नहीं होंगे। इनके पास हथियार का लाइसेंस होना जरूरी है।‘ इनके ग्रुप का लीडर कोई रिटायर्ड आर्मी मैन या जम्मू-कश्मीर पुलिस का पूर्व कर्मी होना चाहिए। ग्रुप में ऐसे युवा होने चाहिए, जो अपनी खुशी से हथियारों की ट्रेनिंग लें और कम्युनिटी की सिक्योरिटी में अलर्ट रहें। ‘VDG दो कैटेगरी में बनाए गए। पहला V1 कैटेगरी, जिसमें ग्रुप को लीड करने वाला होगा। वही ग्रुप को दिशा-निर्देश देगा। उसके पास वायरलेस सेट भी होगा, जिससे वो रिमोट एरिया से आर्मी और पुलिस को मैसेज भी कर सकेगा। उसे हर महीने 4500 रुपए सैलरी दी जाएगी। दूसरी कैटेगरी V2 है, जिसमें ग्रुप मेंबर्स होंगे। इन्हें हर महीने 4000 रुपए मिलेंगे।‘ VDG की ट्रेनिंग पर आतंकियों की नजर, 33 साल से वांटेड आतंकी का खुलासाजम्मू से पिछले 33 साल से गायब आतंकी जहांगीर सरूरी का प्रोपेगैंडा इंटरव्यू द रिवोल्यूशन रिसर्जेंस मैगजीन में पब्लिश हुआ है। उसमें लोकल लोगों को सेना की मदद करने और ट्रेनिंग देने का जिक्र किया गया है। जिससे पता चलता है कि आतंकियों की भी इस VDG पर नजर है। इस आतंकी से सवाल पूछा गया था कि भारतीय सेना और सरकार इन्हें (आतंकियों के आंदोलन को) दबाने के लिए कौन से तरीके अपना रही है? इस पर मोस्ट वांटेड आतंकी जहांगीर सरूरी ने जवाब दिया कि भारतीय सेना ने कुछ हिंदू युवाओं को हथियारों से लैस किया है। उन्हें उधमपुर जैसे शिविरों में आर्मी ट्रेनिंग दी गई है।.................... ये खबर भी पढ़ें... 'मार्च में इंडियन आर्मी करेगी बड़ा ऑपरेशन' ‘हमारे लिए हालात मुश्किल होते जा रहे हैं। हम जानते हैं कि किसी भी इम्तिहान का मुश्किल हिस्सा आखिर में होता है। अल्लाह की मर्जी से हम इसे जीतकर, और मजबूत होकर निकलेंगे। ये सिर्फ आपकी लड़ाई है। जो भी करना है, खुद करना है। जल्द ही हम कब्जे से निपटने के लिए पूरा एक प्लान बताएंगे।’ ये मैसेज कश्मीर में एक्टिव आतंकियों के लिए है। पढ़िए पूरी खबर...
पाकिस्तान: खैबर पख्तूनख्वा में गोलीबारी की घटनाओं में चार पुलिसकर्मियों की मौत
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में गोलीबारी की दो अलग-अलग घटनाओं में चार पुलिसकर्मियों की मौत हो गई। स्थानीय मीडिया ने पुलिस के हवाले से यह जानकारी दी
बंदूकधारियों का ग्रामीणों पर टूटा कहर, घरों और दुकानों में लगाई आग; 30 लोगों की कर दी हत्या
World News: घटना के बाद बचे हुए ग्रामीण गांव में जाकर लोगों की लाश उठाने तक से डर रहे हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार नाइजर राज्य के कासुवान-दाजी गांव में शनिवार को हथियारबंद बदमाशों ने हमला बोला था, जिसमें हमलावरों ने गांव में घुसते ही लोगों पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी.
Nepal: मस्जिद में तोड़फोड़ के बाद भारी बवाल, बीरगंज में आगजनी; स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में
India Nepal border: नेपाल की मस्जिद में हुई तोड़फोड़ के विरोध में सीमा पर भारी विरोध प्रदर्शन हुआ. इसके चलतेजोगबनी में भारत–नेपाल सीमा पर जोरदार प्रदर्शन हुआ. बिगड़े हालातों के बीच सुरक्षा कारणों से सीमा पर कुछ समय के लिए आवागमन ठप रहा. प्रशासन की सतर्कता से हालात काबू में आए.
बांग्लादेश में हिंदुओं की ताबड़तोड़ हत्याओं की असल वजह क्या? तस्लीमा नसरीन ने बताया
Hindu killings in Bangladesh: बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्या जारी है. बीते कुछ दिनों में चार हिंदुओं की सरे आम दिन दहाड़े हत्या की गई है. बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के आका मुहम्मद यूनुस ने हिंदुओं की हत्याओं पर चुप्पी साध रखी है. इस बीच बांग्लादेश मूल की लेखिका ने हिंदुओं की हत्या क्यों हो रही है, उस राज का खुलासा किया है.
North Korea: उत्तर कोरिया के शासक किम जोंग एक बार फिर से अपने देश की सैन्य क्षमता को बढ़ाने में जुटे हुए हैं. जिसके लिए उन्होंने हथियारों की फैक्ट्री का दौरा किया और अधिकारियों को ढाई गुना हथियार प्रोडक्शन बढ़ाने के आदेश दिए.
वेनेजुएला पर अमेरिका ने घातक हमला करने के बाद वहां के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार कर लिया है। अमेरिकी फोर्स मादुरो को लेकर न्यूयॉर्क पहुंच गई है, और अब वहां उनके खिलाफ आपराधिक मामले चलाए जाएंगे
ड्रग्स नहीं तेल का है मामला... ट्रंप पर फूटा कमला हैरिस का गुस्सा, वेनेजुएला अटैक पर की सख्त टिप्पणी
Kamala Harris: वेनेजुएला पर अमेरिका ने ताबड़तोड़ हमले किए, इस हमले की वजह से हाहाकार मच गया, वहीं अमेरिका ने राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार कर लिया है. जिसपर अमेरिका की पूर्व उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की जमकर आलोचना की है.
वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति बनी डेल्सी रोड्रिगेज़, जानिए किन अहम पदों पर कर चुकी हैं काम
अमेरिका ने वेनेजुएला की सत्ता को हिला कर ऱख दिया है। अमेरिका ने वेनेजुएला पर हमला करके वहां के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार कर लिया। जिसके बाद उन्हें न्यूयॉर्क लाया गया। इस कार्रवाई से दुनिया भर में तनाव चरम पर पहुंच गया है। अमेरिका के इस कदम की दुनियाभर में चर्चा हो रही है
ट्रंप के सीक्रेट प्लान की थी जानकारी फिर भी नहीं खुली जुबान, मादुरो भी नहीं भांप पाए रणनीति
Donald Trump: अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला भी भीषण तबाही मचाई है. ट्रंप के इस सीक्रेट प्लान की जानकारी कुछ अखबारों और चैनलों को थी, लेकिन उन्होंने इसका खुलासा नहीं किया, इसके पीछे की क्या वजह थी आइए जानते हैं.
क्या ट्रंप को पुतिन के खिलाफ भड़का रहे जेलेंस्की? बोले- US को आता है तानाशाहों से निपटना
Putin: वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की अमेरिकी सेना द्वारा गिरफ्तारी के बाद यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने संकेत दिया कि तानाशाहों के खिलाफ इसी तरह कार्रवाई हो सकती है. उन्होंने किसी देश का नाम नहीं लिया, लेकिन बयान को रूस से जोड़कर देखा जा रहा है.
अमेरिकी परिवहन विभाग के सचिव शॉन डफी ने कहा कि कैरेबियन हवाई क्षेत्र पर लगे प्रतिबंध रविवार को रात 12:00 बजे (0500 जीएमटी) समाप्त हो जाएंगे और उड़ानें फिर से शुरू हो सकती हैं
अमेरिका द्वारा वेनेजुएला में की गई कार्रवाई पर यूएनएससी ने बुलाई आपात बैठक
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद अमेरिका द्वारा वेनेजुएला में की गई कार्रवाई पर सोमवार को आपात बैठक करेगी। यह जानकारी सुरक्षा परिषद की प्रेसिडेंसी की ओर से दी गई
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि काराकास में रात भर चले अमेरिकी ऑपरेशन में वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को हिरासत में लिया गया है। डोनाल्ड ट्रंप ने इस मिशन को अमेरिकी सेना की ओर से अब तक के सबसे जटिल और सटीक ऑपरेशनों में से एक बताया
थाईलैंड में भारतीय टूरिस्ट पर ट्रांसजेंडर महिलाओं का जानलेवा हमला, पैसे को लेकर हुआ था विवाद
Thailand Transgender Attack: थाईलैंड के पटाया में 27 दिसंबर को भारतीय नागरिक राज जसूजा पर ट्रांसजेंडर महिलाओं के एक समूह ने हमला किया. विवाद पैसे के भुगतान को लेकर शुरू हुआ जब जसूजा और एक ट्रांसजेंडर सेक्स वर्कर के बीच बहस हो गई जो बाद में हाथापाई में बदल गई.
वेनेजुएला पर हमले के बाद फिर क्यों याद आए बाबा वेंगा और नास्त्रेदमस? सच हो रहीं भविष्याणियां!
साल 2026 की शुरुआत से पहले ही सोशल मीडिया पर नास्त्रेदमस और बाबा वेंगा की भविष्यवाणियां वायरल होने लगी थीं, जिनमें बड़े युद्ध का संकेत दिया गया था. अब अमेरिका द्वारा वेनेजुएला पर सैन्य कार्रवाई के बाद इन भविष्यवाणियों पर लोगों का ध्यान फिर से केंद्रित हो गया है. आइए जानते है बाबा वेंगा और नास्त्रेदमस ने क्या कहा था...
Nicolas Maduro: अमेरिका ने वेनेजुएला की राजधानी से राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हिरासत में ले लिया है. अमेरिका ने जैसे मादुरो की गिरफ्तारी की कुछ ऐसा ही 36 साल पहले पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज वॉकर बुश के शासनकाल में हुआ था. उस दौरान पनामा में जनरल मैनुअल नोरिएगा को बंदी बनाया गया था.
Venezuela Invasion: अमेरिका के ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व में 150 से ज्यादा विमानों के साथ वेनेजुएला में बड़ी सैन्य कार्रवाई की गई. राष्ट्रपति ट्रंप की मंजूरी के बाद 5 घंटे में मिशन पूरा हुआ और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो गिरफ्तार किए गए. इस ऑपरेशन में करीब 40 लोगों की मौत की खबर है. अमेरिका ने इसे तेज और सटीक कार्रवाई बताया है.
तेल, ताकत और तख्तापलट... अब किसके हवाले की जाएगी वेनेजुएला की सत्ता? ट्रंप ने खोल दिए पत्ते
Donald Trump: अमेरिका की सैन्य कार्रवाई के बाद वेनेजुएला के राष्ट्रपति और उनकी पत्नी को गिरफ्तार कर अमेरिका लाया जा रहा है. ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि अब वेनेजुएला की सत्ता किसके हाथ में होगी. आइए जानते हैं इस हमले के बाद के बाद वेनेजुएला में आगे क्या हो सकता है…
राष्ट्रपति, लेकिन बेबस: मादुरो और पत्नी को सैन्य अड्डे के बेडरूम से घसीटते हुए ले गई अमेरिकी फोर्स
Nicolas Maduro: अमेरिका ने वेनेजुएला के प्रेसिडेंट निकोलस मादुरो को बंदी बना लिया है. राष्ट्रपति अपनी पत्नी के साथ काराकास के हाई-सिक्योरिटी फोर्ट टिउना मिलिट्री कंपाउंड में अपने घर के अंदर सो रहे थे, तभी अमेरिकन कमांडो ने घर में घुसपैठ की.
वाहेगुरु गुरु जी का खालसा। वाहेगुरु जी की फतह। मैं वही महिंदर कौर हूं, जिसे कंगना रनोट ने 100-100 रुपए लेकर किसान आंदोलन में जाने वाली महिला कहा था। कंगना बीबी ने बाकायदा मेरी फोटो शेयर कर लिखा था कि ‘यह वही दादी हैं जो 100 रुपए में परफॉर्मेंस के लिए उपलब्ध हैं।’ बीबी ये जान ले कि 80-82 साल की बुढ़िया रुपए के लिए आंदोलन में नहीं जाती थी, बल्कि अपने बेटे और पंजाबियों की जायदाद बचाने की खातिर वहां जाती थीं। मैं खुद बठिंडा के गांव महेंद्रगढ़ जंडियां के किसान परिवार से हूं। पिछले पांच साल से भाजपा सांसद कंगना के खिलाफ मुकदमा लड़ रही हूं और जब तक उसे सजा नहीं मिल जाती मैं लड़ती रहूंगी। जब तक उसे सबक नहीं सिखा देती, तब तक अदालत जाती रहूंगी। कंगना के शब्दों ने मेरे समेत तमाम पंजाबियों के दिलों पर चोट की है। कंगना पर केस के चक्कर में कुल साढ़े सात लाख कर्ज है मुझ पर। साहूकार का 62,000 का कर्ज अलग से है। बैंक वालों ने हम पर केस कर रखा है। ट्रैक्टर नहीं है हमारे पास, किराए पर लेते हैं हर साल। मेरी कुछ जमीन राजस्थान में भी है, जो मेरे ही रिश्तेदारों ने हड़प ली है। उसका भी केस चल रहा है। चाहे कंगना वाला मामला हो या मेरी जायदाद का मामला हो, दोनों में ही वकील को पैसे देने पड़ते हैं। वकील बात करने तक के पैसे लेता है। जमीन बेचकर उसे लाखों रुपए दिए हैं मैंने। कुछ कर्ज लिया, कुछ जमीन बेची। कंगना वाले मामले में किसान जत्थेबंदियों ने भी मेरी मदद की है। मैं तो अनपढ़ हूं। मुझे तो अपनी उम्र भी नहीं पता। आजादी के वक्त दो साल की थी, उस हिसाब से अब मेरी उम्र करीब 82 साल होगी। जब हमें पता लगा कि मीडिया के जरिए कंगना ने ऐसा कहा है तो पंजाबियों का खून खौल गया। सभी एक हो गए। हमारे पूरे गांव में इस बारे में मीटिंग हुई। गांव ने फैसला लिया कि इस पर मानहानि का केस करो। इसे बोलने की तमीज सिखाई जाए। ऐसे तो हर कोई उठकर हमें कुछ भी बोल देगा। जिन्होंने यह फैसला लिया वो मेरे बच्चे जैसे थे, उन्होंने मुझे मां बना लिया। पूरा पंजाब ही इस मसले पर एक हो गया। किसान जत्थेबंदियों को विदेशों तक से फोन आए कि मानहानि का केस किया जाए। मैं पंजाब और पंजाबियों के लिए लड़ रही हूं। किसान यूनियन की जड़े विदेशों तक फैली हैं, सहायता भी आई थी। हमारे बच्चे जो विदेशों में बैठे हैं उनका खून खौल गया। इसलिए मैंने केस किया। मेरे तीन बेटियां हैं, उन्होंने मुझे जाने से मना किया, लेकिन मैं नहीं रुकी। फिर मुझे किसी ने रोका भी नहीं। इस सोमवार यानी पांच जनवरी को कोर्ट में तारीख है। कंगना कोर्ट में पेश होगी। मैंने आज तक उसे देखा नहीं है। उससे मिलना चाहती हूं। देखना चाहती हूं कि आखिर वो कितनी बड़ी शेरनी है, जिसने शेर किसान बेटे की शेरनी मां को गलत शब्द बोले हैं। वो जवान है, भाजपा सांसद है, पैसे वाली है, एक्ट्रेस है। फिर भी मेरे सामने क्यों नहीं आती है, उसे किस बात का डर है। वो तो सिक्योरिटी साथ लेकर घूमती है। मैं तो गरीबनी हूं, बूढ़ी हूं, किसान परिवार से हूं, लेकिन पांच साल में मैंने हार नहीं मानी। खाली हाथ अदालत के मैदान में जाती हूं। मुझे तो उससे या उसकी सरकार से डर नहीं लगता। मैं उससे पूछना चाहती हूं कि क्या कोई किसान 100 रुपए की खातिर आंदोलन में जाएगा? उसे लगता है हम उसे मार देंगे। अगर वो शेरनी है तो सामने तो आए, पीछे क्यों हट रही है। वो तो छिप रही है, हम तो नहीं छिप रहे। मेरे मन में रोष है कि वो इतनी पढ़ी-लिखी होकर भी, बड़े नेताओं को खुश करने के लिए और टिकट लेने के लालच में हमें आतंकवादी और माओवादी कहती है। उसने कहा कि इंदिरा के दंगों के वक्त हमें मच्छर जैसे मसल दिया गया। हम अन्नदाता हैं। हमारा उगाया अन्न सारा देश खाता है, कंगना भी खाती है। फिर भी हमें कीड़ा-मकोड़ा समझती है। मुझे दुख है कि जिसे खेती किसानी के बारे में जरा सा भी नहीं पता, वो महिला किसानों के खिलाफ ऐसी बातें करती है। बसता हुआ पंजाब कंगना को अच्छा नहीं लगता है। कंगना मुझसे माफी मांगे। एकबार मुझसे पूछे तो सही कि मैं उसे माफ करूंगी या नहीं। उसने जज से माफी मांगी है, मेरे तो मत्थे ही नहीं लगी। पांच साल अकेले अदालत में धक्के खाने के बाद अब माफी का सवाल ही पैदा नहीं होता है। माफी का वक्त अब निकल चुका है। जितनी बारी मैं अदालत गई हूं उतनी बार वो आए। मिले तो सही मुझसे, मेरे सामने तो आए। मैं उसे सबक सिखाना चाहती हूं। अक्ल देना चाहती हूं। कंगना को ये पता चलना चाहिए कि किसी कौम को ऐसे छेड़ना आसान नहीं। बीबी कंगना थोड़ा जुबान पर लगाम रख, कौड़े बचन न बोल। संभल कर बोल, अभी भी स्याणी बन जा। मैं फिर उसे यही कहूंगी की वह जियूंदी बसती रहे बीबी, लेकिन अदालत आए कम से कम। मेरे पास कुल 12 किले (जमीन नापने की इकाई) जमीन है। एक बेटा है। मैंने रातों को अपने बेटे को खेतों में काम करते हुए और पानी देते हुए देखा है। मैं खुद इस उम्र में धान बोती हूं। बेटा फसल उगाने से लेकर उसे मंडी तक गिराने तक का काम खुद करता है। इतनी मेहनत कौन कर लेगा। मैं तो इस उम्र में भी सारा काम खुद करती हूं। चाय बनाती हूं, खाना बनाती हूं। बारिश, आंधी, तूफान, सर्दी, गर्मी कुछ हो हम खेत में ही रहते हैं। किसान कहां रुकता है। मेरे इकलौते बेटे को चार महीने पहले खेत में धान बोते हुए सांप ने काट लिया। जहर उसके खून में आ गया था। वह बिस्तर पर पड़ा है। चार महीने के बाद अब कहीं जाकर डॉक्टर ने कहा है कि खतरे की कोई बात नहीं है। किसान आंदोलन पर मैं अपनी बहू के साथ गई थी। मेरी बहू भी बराबर मेरे साथ 200 दिन तक वहां बैठी थी। वहां उसे ऐसी सर्दी लगी कि निमोनिया हो गया, जो संभला ही नहीं। आखिरकार वो मर गई। बेटा बिस्तर पर है, बहू मर गई, उनका कोई बच्चा नहीं है। मेरा घर देखो कैसा है, अभी तक बना नहीं है। हम अनपढ़ ही सही, लेकिन शेरनियां हैं। दरअसल, मोदी सरकार जब काले कानून लेकर आई थी तब हर दिन हमारे गांव के गुरुद्वारे में अनाउंसमेंट होने लगी। गांव की पंचायत और किसान जत्थेबंदी के प्रधान ने इन कानूनों का और इसका किसानों पर असर का पंजाबी में तर्जुमा करके हमें बताया। तब हमें पता लगा कि यह क्या बला है। हम हर दिन गुरुद्वारे जाने लगे, वहां इन कानूनों के बारे में बताया जाता था। हमें बताया गया कि तुम्हारे बच्चों को जमीनों से बेदखल किया जा रहा है। तुमसे तुम्हारी ही जमीन पर दिहाड़ी पर काम करवाया जाएगा। तुम्हें लगता है कि हम किसान दिहाड़ी मजदूरी कर सकेंगे। जब हमें समझ आ गया कि यह क्या कानून है, उसके बाद हम सबने दिल्ली की राह पकड़ ली। जब बेटे धरने पर बैठे हों तो माएं कहां से घर बैठ जाएंगी। हम अणखी पंजाबी हैं। क्या बच्चे, क्या औरतें सभी अपने बेटों की जायदाद की खातिर घर से निकल गईं। वहां हमें गर्मी लगी, बारिश आई, धुंध रही, सर्दी हुई। ऐसा कौन सा दुख था जो हमने नहीं सहा। बारिशों में हम ट्रालियों में बैठे। आंधी में हमारे तंबू उखड़ गए, हमने फिर लगा लिए। दुख ऐसा था कि हमसे सहा तो नहीं जाता था, लेकिन हम डटे रहे। वहां कौन सी हमारी हवेलियां थीं, लेकिन हम औरतें फिर से उसे लगा देती थीं। सरकारों ने बुढ़ापे में वक्त डाला, लेकिन भगवान ने साथ दिया। हमें वो वक्त कभी भूलेगा नहीं जो इस सरकार ने हम पर डाला और कंगना बोलती है कि हम सौ सौ रुपए लेकर आंदोलन में आए हैं। हम वहां घूमने या किसी एश परस्ती में नहीं गए थे। बल्कि हम पर वक्त पड़ गया था ऐसा। कंगना खुद तो इश्क की छांव में थी और पैसों में खेल रही थी। हमारे पास कैसी छांव और कैसा पैसा। हम तो दाने उगाएंगे तो खाएंगे और देश को खिलाएंगे। पता नहीं कंगना क्यों पंजाब का बुरा चाहती है। सरकार जनता की सुख मनाए जनता है तभी वो राज कर सकेंगे। मेरे सामने की बात है, मैं 200 दिन तक किसान आंदोलन में बैठी हूं। कितने किसान मेरे सामने मर गए। मैंने रोती हुई माएं देखी हैं। मुझे नहीं भूलते वो सब। मरते दम तक कंगना से अदालत में लड़ूंगी। पीछे नहीं हटूंगी। (महिंदर कौर ने अपने ये जज्बात भास्कर रिपोर्टर मनीषा भल्ला से साझा किए हैं) -------------------------------------------- 1- संडे जज्बात-दोस्त की प्रेमिका प्रेग्नेंट हुई, रेप केस मुझपर चला:पंचायत ने 6 लाख में सौदा किया- 5 साल जेल रहा, अब बाइज्जत बरी बिहार के दरभंगा जिले का रहने वाला मैं मुकेश कुशवाहा। मुझ पर 17 साल की लड़की के रेप और पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा चला। वो लड़की मेरे दोस्त की प्रेमिका थी। दोस्त ने उसे प्रेग्नेंट किया था, लेकिन मुकदमा मुझ पर चला। पूरी खबर यहां पढ़ें 2- संडे जज्बात-रिश्तेदार की लाश लेकर आया, मेरे गाल छूने लगा:लाशें जलाने के कारण शादी नहीं हुई- पति के बिना जी लूंगी, लाशों के बिना नहीं मैं टुम्पा दास- पश्चिम बंगाल में डोम समुदाय की पहली महिला हूं, जो पिछले कई सालों से कोलकाता के बड़िपुर गांव के श्मशान में लाशें जला रही हूं। पता नहीं भारत में कोई और महिला यह काम करती है या नहीं, पर मैंने यही रास्ता चुना… और यह रास्ता आसान नहीं था। पूरी स्टोरी यहां पढ़ें
केरल के सबरीमाला मंदिर से चोरी हुए 4.5 किलो सोने को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। SIT जांच में ऐसे सबूत मिले हैं, जिसके बाद अब ये मामला मंदिर के द्वारपालकों की मूर्तियों से सोना चोरी होने तक ही सीमित नहीं है। केरल पुलिस का दावा है कि चोरी में मंदिर प्रशासन और कई रसूखदार राजनीतिक चेहरे शामिल हो सकते हैं। इसमें बड़े इंटरनेशनल मूर्ति तस्करी रैकेट और अंडरवर्ल्ड नेटवर्क के शामिल होने का भी शक है। अब सवालों के घेरे में वो लोग हैं, जिनकी निगरानी में ये गड़बड़ी पता चली। 12 दिसंबर को केरल के स्पेशल कोर्ट ने त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (TDB) के पूर्व चेयरमैन और CPI(M) नेता ए. पद्मकुमार की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। वहीं 17 दिसंबर को मंदिर बोर्ड से जुड़े एडमिनिस्ट्रेटिव अफसर श्रीकुमार को गिरफ्तार किया गया है। जांच में पता चला है कि मंदिर के गर्भगृह के मुख्यद्वार और द्वारपालकों की मूर्तियों से सोने की परतें हटाकर बाहर भेजी गईं। केरल पुलिस ने एक NRI शख्स को भी गिरफ्तार किया है, जिसने पूछताछ में तमिलनाडु के डिंडीगुल में रहने वाले डी मणि और केरल निवासी उन्नीकृष्णन पोट्टी को चोरी का मास्टरमाइंड बताया। वहीं, केरल BJP अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर का आरोप है कि LDF सरकार के कार्यकाल में मंदिर की 4 पंचलोहा मूर्तियों को बाहर निकालकर इंटरनेशनल क्रिमिनल नेटवर्क को बेच दिया गया। अब तक इस मामले में TDB के पूर्व चेयरमैन पद्मकुमार सहित 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। हालांकि केस में अब तक चार्जशीट फाइल नहीं हो पाई है। इस मामले में केरल और तमिलनाडु के दो गोल्ड कारोबारी भी रडार पर हैं। दैनिक भास्कर ने इस मामले में अब तक हुई जांच का पता लगाया और घटना के जिम्मेदारों की लिस्टिंग की है। एक्सपर्ट्स और केरल पुलिस के सोर्सेज से ये भी समझने की कोशिश की कि क्या सबरीमाला में चोरी के पीछे अंडरवर्ल्ड नेटवर्क का हाथ हो सकता है। केरल की पॉलिटिकल पार्टियों की भी राय जानी। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… सबसे पहले उन किरदारों पर चलते हैं, जो केरल पुलिस की रडार पर हैं… सबरीमाला मंदिर से 4.5 किलो सोना चोरी होने के मामले में केरल का नंबूदरी उन्नीकृष्णन पोट्टी मुख्य आरोपी है। पोट्टी को दो मामलों में गिरफ्तार किया गया है।1. मंदिर प्रशासन के साथ मिलकर द्वारपालकों की मूर्तियों पर चढ़ी सोने की प्लेटें चोरी कीं।2. TDB बोर्ड के अधिकारियों की सिफारिश पर गर्भगृह के सोने से मढ़े दरवाजों को तांबे की प्लेट बताकर हटाया। मामले की जांच कर रही SIT से जुड़े सोर्स ने बताया कि उन्नीकृष्णन पोट्टी 29 अगस्त 2019 को द्वारपालक मूर्तियों पर सोने की परत चढ़ाने के लिए चेन्नई की एक फर्म 'स्मार्ट क्रिएशंस' के पास ले गए थे। उस वक्त तिरुवभरणम कमिश्नर आरजी राधाकृष्णन ने महाजर (सरकारी दस्तावेज) में बताया था कि सोने की परत चढ़ाने से पहले 38,258 ग्राम तांबे के पैनलों की चेकिंग की गई। इससे जुड़े दस्तावेज पर पोट्टी के साइन भी हैं। ऐसे में बड़ा सवाल ये है कि 1999 में जिन पैनलों पर बिजनेसमैन विजय माल्या ने सोने की परत चढ़वाई थी, वो पैनल 2019 तक तांबे के कैसे बन गए। SIT सोर्स ने बताया, ‘इस मामले में एक मलयाली NRI बिजनेसमैन से पूछताछ की गई, जिसने कबूला है कि मंदिर में हुई चोरी में पोट्टी का बड़ा हाथ था। सबरीमाला में 2019 और 2020 के दौरान बड़े पैमाने पर मूर्तियों की तस्करी हुई। इसी दौरान पंचधातु की 2 मूर्तियां एक अंतरराष्ट्रीय मूर्ति तस्करी गिरोह को बेची गईं। इन्हें तमिलनाडु के रहने वाले डी मणि ने खरीदा था।’ ’NRI शख्स ने खुलासा किया है कि उन्नीकृष्णन पोट्टी खरीदारों और मंदिर प्रशासन के बीच हुई सौदेबाजी में मिडिलमैन था क्योंकि उस वक्त सबरीमाला में प्रशासनिक जिम्मेदारी संभालने वाले एक उच्च अधिकारी ने मूर्तियां उपलब्ध कराने में बड़ी भूमिका निभाई थी।’ SIT को दिए गए बयान में NRI व्यापारी ने बताया कि मूर्तियों की खरीदारी के वक्त उन्नीकृष्णन पोट्टी के साथ डी मणि और सबरीमाला के शीर्ष अधिकारी मौजूद थे। अब केरल पुलिस एक-एक करके इन्हें दबोच रही है। इस मामले में 17 दिसंबर को TDB के पूर्व एडमिनिस्ट्रेटिव अफसर AO श्रीकुमार और 29 दिसंबर को मंदिर बोर्ड के सदस्य रह चुके एन. विजयकुमार को गिरफ्तार किया गया है। उन्नीकृष्णन पोट्टी के अलावा इस मामले का दूसरा मास्टरमाइंड तमिलनाडु का मूर्ति व्यापारी डी मणि है। उसका असली नाम बालमुरुगन है। केरल पुलिस में शामिल एक सीनियर अफसर ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर बताया कि डी मणि तक पहुंचना बेहद मुश्किल काम था। हालांकि केरल कांग्रेस के लीडर रमेश चेन्निथला ने 14 दिसंबर को खुद SIT से संपर्क कर उससे जुड़ी अहम जानकारी दी। 'उसी जानकारी के आधार पर SIT टीम को चेन्नई भेजा गया। जहां कई दिनों की निगरानी और पीछा करने के बाद डी मणि का पता लगा। चेन्निथला के अलावा डी मणि का नाम NRI बिजनेसमैन ने भी लिया था। उसने आरोप लगाया कि डी मणि उस गिरोह का हिस्सा था, जो साउथ के मंदिरों की मूर्तियों की तस्करी की बड़ी प्लानिंग कर रहा था। उनके निशाने पर तिरुवनंतपुरम का पद्मनाभस्वामी मंदिर भी था।’ 'व्यवसायी ने अपने बयान में ये खुलासा किया कि इंटरनेशनल मार्केट में डी मणि को लोग 'डायमंड मनी' और 'दाऊद मनी' जैसे नामों से जानते थे। उसका गिरोह केरल के मंदिरों से करीब 1000 करोड़ रुपए के घोटाले की प्लानिंग कर रहा था।' SIT सोर्सेज के अनुसार, इंटरनेशनल ब्लैक मार्केट में सोने की चादरें और दुर्लभ मूर्तियां भारी कीमतों पर खरीदी-बेची जाती हैं। खासकर जब उन्हें अंडरवर्ल्ड नेटवर्क के जरिए बेचा जाए। पूछताछ में ये भी पता चला है कि ये गैंग अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, यूरोप और खाड़ी देशों में ऑपरेट कर रहे अंतरराष्ट्रीय तस्करों को मूर्ति सप्लाई करता था। ये दुर्लभ कलाकृतियों के लिए करोड़ों रुपए देने को तैयार थे। मामले में 30 और 31 दिसंबर को SIT ने डी मणि से पूछताछ की। इस दौरान उसे कोई बड़ा सबूत नहीं मिला है। मणि ने केरल पुलिस को बताया कि वो तिरुवनंतपुरम केवल दो बार आया। न वो NRI बिजनेसमैन को जानता है और न ही उन्नीकृष्णन पोट्टी को। मणि से पूछताछ के बाद SIT इस नतीजे पर पहुंची है कि वो इरिडियम धोखाधड़ी गिरोह का हिस्सा हो सकता है। फिलहाल डी मणि को छोड़ दिया गया है, लेकिन उससे आगे भी पूछताछ हो सकती है। सबरीमाला सोना चोरी मामले में सबसे बड़ा चेहरा पूर्व TDB चेयरमैन और CPI(M) विधायक ए पद्मकुमार हैं। पद्मकुमार 2019 में मंदिर बोर्ड के चेयरमैन थे। आरोप है कि 19 मार्च 2019 को उनकी अध्यक्षता में मंदिर बोर्ड की बैठक हुई थी। इसके बाद गर्भगृह के मुख्यद्वार पर चढ़ी सोने की प्लेटें उन्नीकृष्णन पोट्टी को सौंपने का प्रस्ताव आगे बढ़ाया गया। SIT को शक है कि इसी प्रक्रिया के दौरान मंदिर से सोना गायब हुआ होगा। SIT सोर्स ने बताया, ‘29 दिसंबर को चोरी के इस मामले में पद्मकुमार की भूमिका सही साबित हुई। जब TDB के पूर्व सदस्य एन विजयकुमार ने SIT को बताया कि उन्होंने पद्मकुमार के कहने पर ही सोने की परत चढ़ाने के काम से जुड़े अहम दस्तावेज साइन किए थे।’ 69 साल के पद्मकुमार फिलहाल केरल पुलिस की न्यायिक हिरासत में हैं। बीते 12 दिसंबर को कोल्लम कोर्ट में पद्मकुमार के वकील राजन ने उनकी बढ़ती उम्र और स्वास्थ्य समस्याओं का हवाला देते हुए जमानत अर्जी दाखिल की थी, जिसे खारिज कर दिया गया। अब PMLA-मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत ED के पास उनकी तलाशी और जब्ती के अधिकार हैं। ऐसे में पद्मकुमार की जमानत पर कई महीनों तक रोक बरकरार रह सकती है। केरल और तमिलनाडु के 2 गोल्ड बिजनेसमैन भी रडार पर केरल SIT ने इस केस में कर्नाटक के सोना कारोबारी गोवर्धन और चेन्नई के बिजनेसमैन पंकज भंडारी को भी बराबर दोषी माना है। आरोप है कि दोनों ने जांच के दौरान केरल पुलिस से न सिर्फ अहम सबूत छिपाए, बल्कि अधिकारियों को गुमराह करने की भी कोशिश की। 24 दिसंबर को कर्नाटक के बेल्लारी में गोवर्धन के 'रोड्डम ज्वेलरी' शोरूम में छापा मारा गया। इस दौरान पुलिस ने दुकान बंद करवाकर वहां कई घंटों तक स्टॉक रजिस्टर, खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड और लॉकर में रखी ज्वेलरी की जांच की। जांच टीम का ये मानना है कि मंदिर के सोने की मूल प्लेट्स अब भी गायब हैं, जिनकी बरामदगी के लिए दूसरी बार गोवर्धन के ठिकानों पर छापेमारी की गई। पहली कार्रवाई में बेल्लारी से 470 ग्राम सोना जब्त किया गया था, लेकिन उस सोने का संबंध सबरीमाला मंदिर से नहीं पाया गया। अब आरोपी गोवर्धन ने केरल हाईकोर्ट का रुख करते हुए SIT पर उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। मंदिर से 500 करोड़ का सोना चोरी होने का दावाजैसे-जैसे जांच का दायरा बढ़ रहा है, केरल हाईकोर्ट भी SIT जांच की प्रोग्रेस पर नजर बनाए हुए है। अदालत ने मंदिर से लापता सोने को पता लगाने में हो रही देरी, जांच और गवाहों की कमी पर गंभीर चिंता जताई है। कोर्ट ने ये भी सवाल उठाया है कि क्या सोने की मूल छड़ों की तस्करी करके उन्हें सोने की परत चढ़ी तांबे की छड़ों से बदल दिया गया। हाईकोर्ट की सख्ती के बाद सबरीमाला मंदिर में रखे गए सोने को साइंटिफिक टेस्टिंग के लिए विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र (VSSC) भेजा गया है। टेस्टिंग रिजल्ट आने के बाद ये साबित हो पाएगा कि क्या वाकई सोने में मिलावट की गई। गोल्ड स्कैम मामले में SIT को अहम जानकारी देने वाले कांग्रेस नेता रमेश चेन्निथला कहते हैं, ‘हाईकोर्ट ये कह चुका है कि भारत के मंदिरों से धातु की दुर्लभ मूर्तियों की अवैध खरीद-फरोख्त में पहले भी सुभाष कपूर जैसे फॉरेन स्मगलर्स शामिल रहे हैं। ऐसे में संभव है कि सबरीमाला मंदिर से जो सोना और कीमती सामान निकाला गया, उसे पुरानी कीमती सामान के तौर पर बेच दिया गया हो।‘ ‘मंदिर के सोने की चोरी में TDB बोर्ड के पुराने अधिकारियों की मिलीभगत से इनकार नहीं किया जा सकता। मेरा अनुमान है कि गायब संपत्तियों की कीमत लगभग 500 करोड़ हो सकती है।‘ इस केस में पूर्व TDB चेयरमैन पद्मकुमार सहित 10 लोगों की गिरफ्तारी हुई है। जांच में तेजी लाने के लिए 30 दिसंबर को हाईकोर्ट ने SIT में दो सर्कल इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारियों को शामिल करने के आदेश दिए हैं। अगली सुनवाई 14 जनवरी 2026 को होगी। एक्सपर्ट बोले- केस में जांच की दिशा सही, लेकिन रफ्तार धीमीकेरल के सीनियर जर्नलिस्ट केए शाजी सबरीमाला गोल्ड स्कैम केस पर करीब से नजर रख रहे हैं। उनका मानना है कि मामले की जांच सही दिशा में जरूर है, लेकिन रफ्तार बहुत धीमी है। SIT ने डी मणि और उन्नीकृष्णन पोट्टी जैसे अहम नामों को पकड़ तो लिया है, लेकिन अब तक ये साफ नहीं हो पाया है कि चोरी हुआ सोना कहां है और किसे बेचा गया है। न ही चार्जशीट दाखिल हो पाई है। जब तक मनी ट्रेल सामने नहीं आती, ये केस सिर्फ गिरफ्तारियों तक ही सीमित रहेगा। केए शाजी कहते हैं, ‘दक्षिण भारत के बड़े मंदिरों में हर साल करोड़ों रुपए का दान और बेशकीमती सामान भेंट किए जाते हैं, लेकिन इसका सटीक ब्योरा आम जनता के सामने कभी ट्रांसपेरेंसी से नहीं रखा जाता। अगर मंदिरों में हर साल मिलने वाले दान और चढ़ावे का सार्वजनिक ऑडिट किया जाए और भक्तों को इसका ब्योरा दिया जाए तो इससे दो बड़े फायदे होंगे।‘ 1. मंदिर में आने वाले हर चढ़ावे का सटीक और दस्तावेजी लेखा-जोखा बना रहेगा।2. मंदिर प्रशासन और टेंपल बोर्ड की जवाबदेही बढ़ेगी, जिससे खजाने और बहुमूल्य संपत्तियों को लेकर निगरानी और सतर्कता मजबूत होगी। पॉलिटिकल पार्टियां क्या कह रहीं… BJP: मूर्तियां अंतरराष्ट्रीय क्रिमिनल नेटवर्क को बेची गईं, CBI जांच होकेरल BJP के प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर कहते हैं, ‘ यह मामला भगवान अयप्पा मंदिर में लूटे गए 4.5 किलो सोने तक सीमित नहीं है। इसमें कुछ लोगों की गिरफ्तारी से काम नहीं चलेगा। ये एक बड़ी राजनीतिक साजिश है, जो कांग्रेस-UDF के शासनकाल में शुरू हुई और माकपा-LDF के शासन में खूब आगे बढ़ी। लिहाजा मामले में सिर्फ SIT जांच काफी नहीं है। CBI को ये केस जल्द से जल्द हैंडओवर किया जाना चाहिए।‘ ‘ये केवल आर्थिक अपराध नहीं, बल्कि एक धार्मिक और राजनीतिक षड्यंत्र है। 2015 में भी UDF शासनकाल के दौरान बदली गईं पवित्र ‘पठिनेट्टम पदी’ (मंदिर तक जाने वाली सोने की 18 सीढ़ियां) के कुछ हिस्सों के साथ छेड़छाड़ की गई। इस मामले में भी चोरी हुई। BJP अयप्पा भक्तों के लिए न्याय की लड़ाई जारी रखेगी।‘ कांग्रेस: जांच में हो रही चूक उजागर करेंगेकेरल कांग्रेस के सीनियर लीडर और नेता प्रतिपक्ष वीडी सतीशन कहते हैं, ‘सबरीमाला सोने की लूट मामले में CBI जांच की मांग सबसे पहले कांग्रेस ने ही की थी। हमने इस पर ज्यादा जोर इसलिए नहीं दिया क्योंकि केरल हाईकोर्ट ने खुद इस मामले को गंभीरता से लिया था। अगर कोर्ट ने दखल नहीं दिया होता तो ये चोरी आज भी जारी रहती। 2019 में हुई चोरी 2026 में भी होती।‘ ‘CM ऑफिस के इशारे पर दो सीनियर IPS अधिकारी SIT पर बहुत ज्यादा दबाव डाल रहे हैं। मैं उनके नाम नहीं लेना चाहता। इन दोनों को मामले से हटा दिया जाना चाहिए, नहीं तो इन अधिकारियों के नाम उजागर किए जाएंगे।‘ LDF: सबरीमाला पर UDF और BJP झूठ फैला रहेLDF में शामिल CPM के प्रदेश सचिव एमवी गोविंदन कहते हैं, ‘सबरीमाला मामले की जांच जारी है, बावजूद इसके विपक्षी दल इसे चुनावी मुद्दा बना रहे हैं। कांग्रेस इसका फायदा उठाना चाहती है। UDF और BJP ने सबरीमाला जैसे मुद्दों पर झूठा प्रचार किया। उनकी ये कोशिश सफल नहीं हुई। उन्हें लोकल निकाय चुनाव में हार झेलनी पड़ी। क्या केस में आरोपी बनाए गए पद्मकुमार पर पार्टी एक्शन लेगी? इस सवाल पर गोविंदन कहते हैं, ‘CPM ऐसी पार्टी नहीं है जो खबरों के आधार पर कार्रवाई करती है। इस मामले में चार्जशीट दाखिल होने के बाद ही हम कोई फैसला लेंगे।‘ UDF: SIT जांच शुरू होने के बाद मामला धीमा पड़ा UDF में शामिल रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी RSP के सीनियर लीडर शिबू बेबी जॉन ने मामले में हो रही जांच की दिशा पर सवाल उठाए हैं। केरल हाईकोर्ट में CBI जांच की मांग वाली याचिका का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि SIT जांच शुरू होने के कुछ हफ्तों बाद से ये मामला बहुत धीमी गति से आगे बढ़ रहा है। .............ये खबर भी पढ़ें... कहां गया बांके बिहारी मंदिर का 1000 करोड़ का खजाना 18 अक्टूबर को धनतेरस के दिन मथुरा के पास वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में 54 साल से बंद पड़े खजाने का ताला टूटा तो सबको उत्सुकता थी कि अंदर से क्या मिलेगा। हाई पावर कमेटी के निर्देश पर जब दरवाजा खोला गया तो अंदर दीवारों पर सीलन-फफूंद, सतह पर कीचड़ और धूल की परतें जमी मिलीं। टॉर्च की रोशनी में जांच अधिकारी तहखाने में गए लेकिन जो भी सामने आया, वो 'सोने का भंडार' की उम्मीद के मुकाबले बहुत मामूली था। पढ़िए पूरी खबर,,,

