भारत में शेख हसीना के भाषण से तिलमिलाई बांग्लादेश सरकार, चुनाव से पहले राजनीतिक अस्थिरता की चेतावनी

ढाका का कहना है कि शेख हसीना की टिप्पणियां ऐसे समय में सामने आई हैं, जब देश में आगामी संसदीय चुनावों की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, और इससे राजनीतिक अस्थिरता, तनाव तथा लोकतांत्रिक व्यवस्था पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।

देशबन्धु 26 Jan 2026 1:51 am

ऑनलाइन धोखाधड़ी पर अमेरिकी सांसदों में हड़कंप, चीन पर साधा निशाना, कहा- अरबों डॉलर चुरा रहे

US NEWS:गिलिब्रैंड ने कहा, 'यह एक ऐसा नुकसान है जो चुभता है. इससे रिटायरमेंट प्लान पटरी से उतर सकते हैं, परिवार टूट सकते हैं, और सीनियर सिटीजन को इमोशनल और पैसे का नुकसान हो सकता है.'

ज़ी न्यूज़ 26 Jan 2026 12:59 am

हसीना की सरकार गिराने का प्लाट अमेरिका ने रचा? लीक रिकॉर्डिंग से आया सियासी भूचाल!

Sheikh Hasina coup: बांग्लादेश में शेख हसीना की सरकार के तख्तापलट और मोहम्मद यूनुस को उनकी जगह बिठाने की साजिश किसने रची थी. इस अबूझ और अनसुलझी पहले को सुलझा लिए जाने का दावा किया जा रहा है. एक रिकॉर्डिंग ने 2-2 देशों में सियासी भूचाल कैसे उठा दिया और क्या है उस रिकॉर्डिंग में आइए बताते हैं.

ज़ी न्यूज़ 26 Jan 2026 12:38 am

‘जिन, जियान, आजादी’ से फिर गूंजने लगा ईरान, क्या है इस नारे का मतलब,जिससे दहशत में आया खलीफा?

Iran Women Protest News: खामेनेई के जबरदस्त दमन के बावजूद ईरान में फिर से विरोध विरोध प्रदर्शन की चिंगारी सुलगनी शुरू हो गई है. इस बार विरोध का नेतृत्व महिलाएं कर रही हैं. जिन्होंने ‘जिन, जियान, आजादी’ का नारा बुलंद कर युद्धघोष कर दिया है.

ज़ी न्यूज़ 25 Jan 2026 10:19 pm

फ्रांस की नेवी की करतूत, रूसी शैडो टैंकर के भारतीय कैप्टन को हिरासत में लिया; क्यों उठाया ऐसा कदम?

फ्रांस की नेवी ने कथित तौर पर एक संदग्ध रूसी तेल टैंकर को पकड़ा है. इतना ही नहीं नेवी ने जहाज में सवार भारतीयक कैप्टन को भी हिरासत में ले लिया है. बताया जा रहा है जहाज में सवार अन्य सभी क्रू सदस्यों को जहाज में ही रखा गया है.

ज़ी न्यूज़ 25 Jan 2026 10:13 pm

अमेरिका से टेक्निकल सपोर्ट हटाएगा EU! ट्रंप की प्रेशर पॉलिटिक्स से आ चुका है तंग

यूरोप का ज्यादातर डेटा अमेरिकी क्लाउड सर्विसेज पर स्टोर होता है. अमेजन, माइक्रोसॉफ्ट और गूगल जैसी कंपनियों के पास यूरोप के दो-तिहाई से ज्यादा मार्केट का मालिकाना हक है, जबकि ओपनएआई और एंथ्रोपिक जैसी अमेरिका-बेस्ड एआई कंपनियां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में आगे हैं.

ज़ी न्यूज़ 25 Jan 2026 9:21 pm

पहले विष्णु मूर्ति हटाई, अब लगा दी बुद्ध प्रतिमा; क्या फिर भिड़ने जा रहे थाईलैंड-कंबोडिया?

Thailand-Cambodia News in Hindi: थाईलैंड ने कंबोडिया के साथ लगने वाले विवादित बॉर्डर पर पहले भगवान विष्णु की प्रतिमा हटाई थी. अब वहां पर गौतम बुद्ध की प्रतिमा लगा दी गई है. इस पर कंबोडिया भड़क गया है.

ज़ी न्यूज़ 25 Jan 2026 5:39 pm

ना रस्सी ना जाल... ताइवान की सबसे ऊंची इमारत पर चढ़ा शख्स, 91 मिनट में किया हैरतअंगेज कारनामा

Shocking News: अमेरिकी रॉक क्लाइंबर एलेक्स होनोल्ड (40 वर्षीय) ने संडे को बिना किसी रस्सी या सेफ्टी इक्विपमेंट के ताइवान की सबसे ऊंची गगनचुंबी इमारत ताइपे 101 की चढ़ाई की. होनोल्ड ने ऐसा कर सबको हैरान कर दिया है. चलिए विस्तार से जानते हैं.

ज़ी न्यूज़ 25 Jan 2026 5:14 pm

ग्रीनलैंड की राजधानी Nuuk की अचानक बत्ती गुल, ट्रंप का हमला नहीं; फिर क्या थी वजह?

Greenland: ट्रंप की बुरी नजर के चलते ग्रीनलैंड लगातार लाइमलाइट में है. ग्रीनलैंड पर कब्जे की खुली धमकी से सहमें लोगों की धड़कने उस वक्त बढ़ गईं जब अचानक राजधानी और आस-पास की बत्ती अचानक गुल हो गई. किसी बर्फीले तूफान का अलर्ट नहीं था, ऐसे में कुछ लोग अनहोनी की आशंका से सिहर उठे.

ज़ी न्यूज़ 25 Jan 2026 4:55 pm

ट्रंप की धमकी पर कार्नी ने खोला मोर्चा, कनाडा वासियों से की ये बड़ी अपील

Trump Tariffs: अमेरिका और कनाडा के बीच फिर तकरार छिड़ी गई है. ट्रंप ने कनाडा के पीएम को धमकी दी तो उन्होंने देश वासियों से एक बड़ी अपील कर दी. जानिए उन्होंने क्या कुछ कहा है.

ज़ी न्यूज़ 25 Jan 2026 2:26 pm

क्या ट्रंप के डर से बंकर में छिपे हैं ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई? बेटे मसूद को सौंपी ये बड़ी जिम्मेदारी

Ayatollah Ali Khamenei: ईरान-अमेरिका तनाव के बीच रिपोर्टों में दावा किया गया है कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई किलेबंद बंकर में रह रहे हैं और उनके बेटे मसूद प्रशासनिक काम संभाल रहे हैं. डोनाल्ड ट्रंप के बयान के बाद अमेरिकी हमले की आशंका बढ़ी है. इस बीच, ईरान ने चेतावनी दी है कि खामेनेई पर हमला युद्ध माना जाएगा.

ज़ी न्यूज़ 25 Jan 2026 1:27 pm

सुलग उठा मिनेसोटा! बॉर्डर अधिकारी की गोली से भड़का गुस्सा, ट्रंप बोले- 'मेयर और गवर्नर ने किया अरबों का घोटाला'

trump on minnesota protests: मिनेसोटा में अवैध प्रवासियों और पुलिस संघर्ष के बाद भारी विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहा है, राष्ट्रपति ट्रंप ने इसे अरबों डॉलर की चोरी छिपाने वाला कवर अप बताया है. उन्होंने सैंक्चुअरी शहरों में फेडरल फंडिंग रोकने और भ्रष्ट अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है.

ज़ी न्यूज़ 25 Jan 2026 1:13 pm

क्या है IPOI? जिसका नेतृत्व करता है भारत, अब स्पेन भी इस ग्रुप का हिस्सा, भारत की समुद्री साझेदारी को मिला बूस्ट

India spain IPOI deal: भारत ने स्पेन के IPOI में शामिल होने का स्वागत किया है, जिससे हिंद महासागर में भारत की समुद्री साझेदारी और मजबूत हुई है. यह कदम भारत के नेतृत्व पर बढ़ते वैश्विक भरोसे को दिखाता है और क्षेत्र में सुरक्षा व सहयोग को नया बूस्ट देता है.

ज़ी न्यूज़ 25 Jan 2026 12:11 pm

अमेरिका के मिनियापोलिस में हंगामे के बीच फेडरल एजेंट्स ने ली एक और जान, तनाव बढ़ा

अमेरिका में ट्रंप प्रशासन की ओर से अवैध अप्रवासियों के खिलाफ चलाए जा रहे अब तक के सबसे बड़े इमिग्रेशन अभियान ने एक बार फिर हिंसक मोड़ ले लिया है। मिनेसोटा में फेडरल इमिग्रेशन अधिकारियों की गोलीबारी में 51 साल के एक व्यक्ति की मौत हो गई।

देशबन्धु 25 Jan 2026 11:57 am

अफगानिस्तान युद्ध को लेकर NATO से भिड़ा US, इटली की PM मेलोनी ने निकाल दी ट्रंप की सारी हेकड़ी

NATO Vs Trump: इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी ने अफगानिस्तान में नाटो (NATO) सहयोगियों की भूमिका पर डोनाल्ड ट्रंप के बयान की कड़ी आलोचना की है. उन्होंने कहा कि ऐसे दावे 9/11 के बाद नाटो की एकजुटता और इटली के सहयोग को नजरअंदाज करते हैं. मेलोनी ने नाटो सहयोगियों के योगदान और पारस्परिक सम्मान की आवश्यकता पर जोर दिया.

ज़ी न्यूज़ 25 Jan 2026 10:58 am

बांग्लादेश में एक और हिंदू की हत्या, हैवानों ने गैराज में सोते हुए चंचल को जिंदा जलाया

Bangladesh Violence:बांग्लादेश के नरसिंगदी से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. जानकारी के अनुसार, यहां 23 वर्षीय हिंदू युवक चंचल भौमिक को उसकी दुकान के अंदर सोते समय जिंदा जला दिया गया.

ज़ी न्यूज़ 25 Jan 2026 10:27 am

अमेरिका में बर्फीले तूफान का कहर, 20 राज्यों में इमरजेंसी घोषित

अमेरिका के बड़े हिस्से में आए भंयकर शीतकालीन तूफान ने भारी बर्फ और जमाव वाली बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। कई इलाकों में तापमान सामान्य से बहुत नीचे चला गया

देशबन्धु 25 Jan 2026 10:24 am

अमेरिका की नई रक्षा रणनीति शक्ति के दम पर शांति की तलाश

अमेरिका का कहना है कि वह अपने संभावित विरोधियों के साथ एक सम्मानजनक और टिकाऊ शांति चाहता है

देशबन्धु 25 Jan 2026 10:19 am

भारत-अमेरिका व्यापार समझौता अंतिम चरण में, जल्द मिल सकती है मंजूरी

भारत और अमेरिका के अधिकारी प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की कोशिश में लगे हैं। समझौते के अधिकतर मुद्दों पर दोनों देशों की सहमति बन चुकी है

देशबन्धु 25 Jan 2026 9:43 am

आधा सच और आधा झूठ...ईरान के बाद अब यूरोप के इस देश में सड़कों पर जनता, सरकार के खिलाफ हिंसात्मक हुए प्रदर्शन

Albania News: ईरान में काफी संख्या में लोग सड़कों पर हैं, इसी बीच अल्बानिया की राजधानी तिराना में हजारों लोग सरकार के खिलाफ प्रदर्शन में सड़कों पर उतर आए हैं. यहां पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हिंसक झड़प भी हुई.

ज़ी न्यूज़ 25 Jan 2026 9:23 am

आरएमबी के अंतर्राष्ट्रीयकरण को व्यवस्थित रूप से बढ़ाता रहेगा चीन

हाल ही में चाइना मीडिया ग्रुप ने चीन के केंद्रीय बैंक के रूप में पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना (पीबीओसी) गवर्नर पैन कोंगशेंग का विशेष साक्षात्कार लिया।

देशबन्धु 25 Jan 2026 9:11 am

यूरोपीय काउंसिल की अध्यक्ष उर्सुला वॉन पहुंची भारत, गणतंत्र दिवस समारोह में होंगी मुख्य अतिथि

यूरोपीय काउंसिल (ईसी) की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन भारत पहुंच चुकी हैं। भारत में केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने ईसी अध्यक्ष का स्वागत किया। ईयू नेताओं के इस दौरे को बेहद खास दृष्टिकोण से देखा जा रहा है

देशबन्धु 25 Jan 2026 9:09 am

कानून के नाम पर खून? ट्रंप की इमिग्रेशन कार्रवाई ने फिर ली जान; कौन है कत्ल किया गया शख्स?

Fatal Shooting Minneapolis: मिनियापोलिस में संघीय आव्रजन अधिकारियों की गोलीबारी में एक व्यक्ति की मौत के बाद मिनेसोटा में तनाव बढ़ गया है. बता दें, राज्य में ये हाल के हफ्तों में हुई दूसरी ऐसी मौत है. गवर्नर टिम वाल्ज ने इसे घिनौना बताते हुए राष्ट्रपति ट्रंप से संघीय एजेंटों को राज्य से हटाने की मांग की है, जबकि घटना को लेकर विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं.

ज़ी न्यूज़ 25 Jan 2026 7:06 am

नहीं, यह कभी नहीं होने वाला... चीन से कनाडा की नजदीकियों पर भड़के ट्रंप, PM कार्नी को दी बड़ी चेतावनी

Donald Trump: चीन और कनाडा की बढ़ती नजदीकियों से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप काफी ज्यादा नाराज है. उन्होंने कहा कि दुनिया नहीं चाहती कि चीन कनाडा पर कब्जा कर ले, ऐसा नहीं हो सकता.

ज़ी न्यूज़ 25 Jan 2026 6:35 am

संडे जज्बात- लोग भैंस और बुलडोजर आंटी कहते थे:92 किलो वजन था- किडनी खराब होने लगी तो 100 दिन में 20 किलो घटाया

मैं कानपुर की रहने वाली आभा शुक्ला हूं। भैंस, मोटी, 45 साल की आंटी, चलती-फिरती बुलडोजर, किसी के ऊपर गिर जाए, तो वो दबकर ही मर ही जाए… कभी ये सारे नाम मेरे ही थे। लोग मुझे इन्हीं नामों से बुलाते थे। मेरे असली नाम ‘आभा शुक्ला’ से नहीं। 30 साल की लड़की और 92 किलोग्राम वजन। लोग खूब मजाक उड़ाते थे। किसी को पलटकर जवाब देने की सोचती, तो क्या देती। कुछ नहीं… सिर झुकाए आगे बढ़ जाती थी। लेकिन जो लोग इन नामों से बुलाते थे, वही अब पूछते हैं- आभा, तुमने अपना वजन कैसे कम किया? जरूर कोई जड़ी-बूटी खाई होगी। नहीं तो, 92 किलो से सीधे 65 किलो वजन? यह तो सिर्फ फिल्मों में हो सकता है, असल जिंदगी में नहीं। हो ही नहीं सकता। लेकिन जब उन्हें इसके बारे में बताती हूं, तो वे खीझते हुए कहते हैं- झूठ बोल रही हो। मैं मुस्कुरा देती हूं। खैर… मेरी पुरानी और अब नई जिंदगी कहां से शुरू होती है, सब बताती हूं। 2007 की बात है। मेरी उम्र उस वक्त 15 साल थी। एकदम दुबली-पतली लड़की। करीब 35 किलोग्राम वजन था। पापा सरकारी टीचर थे। मैं उनके ज्यादा करीब थी और छोटा भाई मम्मी के करीब ज्यादा था। 2007 में फरवरी का महीना, तारीख 2। पापा मुझे हर रोज कंप्यूटर क्लास छोड़ने के लिए जाते थे। उस दिन भी वे मुझे छोड़ने गए। छोड़कर, किसी काम से शहर के बाहर चले गए। शाम 5 बजे उनके आने का वक्त था, लेकिन वे उस दिन आए नहीं। मैं गुस्से में थी। खुद ही कोचिंग से घर चली आई। मन ही मन सोच रही थी- पापा को आज आने दो, फिर उनसे जी-भरकर लड़ूंगी। घड़ी में पौने 6 बजे ही थे कि एक लड़का भागता हुआ मेरे घर आया, बोला- तुम्हारे पापा का एक्सीडेंट हो गया है। सुनते ही मैं जमीन पर गिर गई। मैं, मम्मी और भाई… सभी भागते हुए हॉस्पिटल पहुंचे। इमरजेंसी वार्ड में डॉक्टर पापा को CPR दे रहे थे। उनका एक पैर टूटा हुआ था। मुंह से खून निकल रहा था। अचानक पापा के हाथ-पांव जम गए। डॉक्टर उठकर खड़े हुए और पूछा- आपके पापा थे…? डॉक्टर ने डेड घोषित कर दिया। मैं खूब रोई। मां दीवार में सिर मारकर रोने लगीं। वहीं पर चूड़ी तोड़ने लगी। सभी के लिए फरवरी का महीना वसंत लेकर आता था, लेकिन मेरे लिए सिर्फ पापा के जाने का गम लेकर आया। आज भी जब फरवरी का महीना आता है, तो मैं 2 तारीख को पूरे दिन के लिए घर में खुद को बंद कर लेती हूं। खूब रोती हूं। ऐसा लगता है, सब कुछ कल की ही बात है। कोई मुझे उस हॉस्पिटल में ले जाए, तो मैं आज भी पूरी बात ऐसे बता सकती हूं, जैसे ये सब कल ही हुआ हो। एक-एक चीज… पापा के कफन पर रखे एक-एक फूल से लेकर शर्ट पर लगे खून के धब्बे तक याद हैं। मेरी चलती तो, उनके अस्थि से भरा कलश गंगा में प्रवाहित नहीं करती। उसे अपने घर की अलमारी में संभालकर रखती। आखिर उसी में तो उनके शरीर के आखिरी अंश बचे थे। मेरे 6 फीट के पापा एक कलश में सिमटे हुए थे! जब मैंने घर वालों से कहा, तो वे चीखते हुए बोले- ये कैसे हो सकता है? भला किसी आदमी का अस्थि कलश घर में रखा जाता है। इसे गंगा में प्रवाहित करना होता है। खैर, मजबूरी में वह अस्थि कलश गंगा में प्रवाहित करना पड़ा, लेकिन मैंने पापा का सफारी सूट आज भी संभालकर रखा हुआ है। उसे ही वे आखिरी बार पहन कर मुझे कोचिंग क्लास छोड़ने गए थे। उसमें आज भी खून के धब्बे लगे हुए हैं। हर साल 2 फरवरी को उसे निकालकर निहारती हूं। पापा के गुजरने के बाद किराएदारों ने मेरे घर पर कब्जा कर लिया। किराया देना बंद कर दिया। मांगने पर कहने लगे- न पैसे देंगे और न घर खाली करेंगे। ज्यादा बोलोगी, तो भाई पर पॉक्सो एक्ट लगवाकर रेप का मुकदमा करवा देंगे। फिर रहना जेल में सड़ते हुए। डर के मारे हमने कुछ साल बाद उस घर को चौथाई कीमत में बेच दिया। वहीं गांव की जमीन पर मेरे चाचा ने कब्जा कर लिया। उस वक्त मैं 12वीं में पढ़ती थी। ऐसा लगा- अब तो सब खत्म हो गया। सोचती- जब पापा ही नहीं रहे, तो फिर जीने का क्या फायदा। खुद को एक कमरे में बंद कर लेती। गहरे डिप्रेशन में जाने लगी। मां ने खुद को समझा लिया कि अगर वह घर को नहीं संभालेगी, तो उनके दोनों बच्चे बर्बाद हो जाएंगे। इकलौता भाई है। उसने खुद को संभाल लिया, क्योंकि उसे ही अब सब कुछ संभालना था। मैं चाहकर भी खुद को नहीं समझा पाई। हर वक्त बस एक ही ख्याल आने लगा- आत्महत्या कर लूं, तो पापा के पास चली जाऊंगी। अब इस धरती पर, इस घर में जीने का क्या ही मतलब है, जहां मुझे दुलार करने वाला ही न बचा हो। वहां किसलिए जिऊं।ऐसा नहीं है कि मेरी मां, भाई मुझसे प्यार नहीं करते थे, लेकिन पापा की कमी सही नहीं जा रही थी। इतना तनाव में थी कि डॉक्टर को दिखाना पड़ा। डिप्रेशन की दवाएं चलने लगीं। 24 घंटे में 16 घंटे सोने लगी थी। सोकर उठती तब भी नींद आती। ऐसे करीब 3-4 साल गुजरे। डिप्रेशन की दवाओं से ज्यादा नींद आने के कारण मेरा वजन बढ़ने लगा। चेक कराया तो पता चला 42 किलोग्राम हो गया है, फिर एक महीने बाद चेक कराया तो 60 किलोग्राम हो गया…। मैं सोचती थी, आगे चलकर वजन कम हो जाएगा, लेकिन यह बढ़कर 80 किलो के ऊपर पहुंच गया। उस समय लगने लगा कि अब बहुत मोटी हो गई हूं। मार्केट में मेरी पसंद के कपड़े नहीं मिलते थे। जींस की साइज अब 44 नंबर हो गई। 4XL साइज की कुर्ती ही हो पाती। कई बार मार्केट में कपड़ा खरीदने जाती, तो दुकानदार कहता- दीदी, अपनी साइज देखी हो। मेरे पास आपकी साइज के कपड़े नहीं हैं। जो इन्हीं में से पसंद कर लो। रिश्तेदार, आस-पड़ोस के लोग कहने लगे- अरे इसका वजन तो भैंस के बराबर हो गया। 45 साल की आंटी हो गई। तब तक मेरा वजन 92 किलोग्राम हो चुका था। इसी बीच, रिश्तेदार मेरे रिश्ते की बात करने लगे। कहने लगे- जितना वजन है, उतना दहेज देना पड़ेगा, तब शायद कोई लड़का शादी कर ले। ये तो चलती-फिरती बुलडोजर हो गई है। लोगों ने कहना शुरू किया। अरे! इसके पेट तो देखो। 7 महीने की प्रेग्नेंट लग रही है। सीना कितना बड़ा हो गया है। चेहरा भैंस जैसा लग रहा। जांघ और हाथ में कोई फर्क ही नहीं बचा है। वजन बढ़ने की वजह से मैंने शादी-ब्याह में जाना बंद कर दिया। मार्केट में मेरे साइज के कपड़े ही नहीं मिलते थे। कहीं आती-जाती तो लोग मुझे ही घूरते। मुझे याद है- मेरे मामा की बेटी की शादी थी। बचपन से ख्वाहिश थी कि बहन की शादी में सजूंगी, संवरूंगी। उसके लिए जब पार्लर गई, तो ब्यूटीशियन ने मेरे लिए बड़ा-सा ब्लाउज तैयार किया। पुराना-सा एक लंहगा दिया। बोली- तुम्हारे साइज का लहंगा तो है नहीं। उस दिन वही पहनकर बहन की शादी में गई। बाकियों के कपड़े देखकर उस दिन मुझे बहुत शर्म आई। एक कमरे में जाकर रोने लगी। जयमाल के समय बहन ने मुझे जबर्दस्ती बुलाया। उसके बाद से कभी किसी की शादी में नहीं गई। पहले तो मैं डिप्रेशन की दवा ले रही थी। अब, जब वजन बढ़कर 92 किलोग्राम हो गया, तो एक-एक करके चार-पांच डॉक्टर को दिखाया। कोलेस्ट्रॉल, ब्लड-प्रेशर, शुगर सब बढ़ने लगा था। थोड़ी देर चलती, तो हांफने लगती थी। ऐसा लगता, जैसे हार्ट-अटैक आ जाएगा। ब्लड की जांच हुई, तो पता चला कि किडनी में इन्फेक्शन है। डॉक्टरों ने कहा ऐसा ही रहा, तो किडनी फेल हो जाएगी। 2023 की बात है। यकीन हो चुका था कि अब जिंदगी बस कुछ महीनों की है। मैं मम्मी से कहने भी लगी कि मेरे गुजरने के बाद हमेशा भाई के साथ रहना। मम्मी, पापा की जगह सरकारी टीचर हो गई थीं। इसी बीच कानपुर के एक डॉक्टर से मिली। वह मेरी हालत देखते ही बोले- सबसे पहले इसके डिप्रेशन की दवा बंद करो। इसे कोई बीमारी नहीं है। उन्होंने मेरी सारी दवाएं बंद करा दीं। उस वक्त तक मैं हर दिन डिप्रेशन के 10 से ज्यादा टैबलेट खा रही थी। दवा छोड़ी तो पहले 15 दिन तक नींद ही नहीं आई। शरीर को डिप्रेशन और नींद की दवा खाने की आदत हो चुकी थी। सोचिए 13 साल से मैं लगातार डिप्रेशन की दवा खा रही थी। दवा छूटी तो डॉक्टर ने पहले एक महीने में कम-से-कम दो किलोग्राम वजन कम करने की सलाह दी। मैंने सुबह-शाम एक्सरसाइज करना शुरू किया। 16 घंटे की फास्टिंग करने लगी। 10 बजे के बाद सिर्फ एक-दो रोटी, दाल और सब्जी खाती। दोपहर में थोड़ा-सा भूना हुआ काला चना और शाम को फिर से दो रोटी, दाल और सब्जी। रात में भी रोज 6 से 7 किलोमीटर पैदल चलती थी। शुरू में वजन कम करने का इतना जुनून सवार हुआ कि ज्यादा चलने लगी। रास्ते में हाफंते हुए कई बार लगा कि गिर पड़ूंगी। ज्यादा वजन होने से मेरे फेफड़े में भी इन्फेक्शन हो चुका था। इतनी ज्यादा एक्सरसाइज कर रही थी कि घर पर जब मां की नींद खुलती, तो उन्हें मैं ट्रेडमिल पर दौड़ती नजर आती थी। रात के डेढ़ बजे, दो बजे भी मैं ट्रेडमिल पर दौड़ती थी। महीने के आखिर में जब मशीन पर अपना वजन चेक किया, तो 6 किलोग्राम घट चुका था। मैं हैरान थी कि यह कैसे हुआ। यकीन नहीं हो रहा था। डॉक्टर के पास गई। उन्होंने एक मशीन पर मेरा वजन चेक किया। तब मुझे लगा कि मशीन खराब होगी। फिर दूसरी मशीन पर चेक किया, तब कन्फर्म हो गया कि मेरा वजन कम हुआ है। इस तरह अब तो वजन घटाने का जुनून सवार हो गया था। अगले महीने फिर चेक कराया। 4 किलोग्राम और कम हो चुका था। तीसरे महीने में 8 किलोग्राम, फिर चौथे महीने में 2 किलोग्राम। 100 दिन के भीतर 20 किलो वजन कम हो गया। जब वजन कम होने की फोटो सोशल मीडिया पर पोस्ट की, तब मेरे आस-पड़ोस के लोग और सोशल मीडिया पर जो लोग न जाने मुझे क्या-क्या कहते थे, वे मुझसे वजन कम करने की टिप्स मांगने लगे। उन्हें यकीन नहीं हो रहा था कि मैं वही मोटी वाली आभा शुक्ला हूं। दर्जनों लोग मेरे घर आए। कहने लगे कि आपको देखना था कि आप वाकई पतली हो गई हैं या कहीं AI से तो एडिट करके फोटो पोस्ट नहीं कर दी है? अब तक मैं हजार से ज्यादा लोगों को वजन कम करने की सलाह दे चुकी हूं। 2018-19 के बाद से मैंने कानपुर में सामाजिक कार्य शुरू कर दिए थे। सोच रही थी कि अब जिंदगी जब कुछ महीनों-साल की ही बची है, तो कुछ करके मरा जाए। उसी के बाद ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट बनी थी। (आभा शुक्ला ने अपने ये जज्बात भास्कर रिपोर्टर नीरज झा से साझा किए हैं) ------------------------------------------ 1- संडे जज्बात-दोस्त की प्रेमिका प्रेग्नेंट हुई, रेप केस मुझपर चला:पंचायत ने 6 लाख में सौदा किया, 5 साल जेल में रहा, अब बाइज्जत बरी बिहार के दरभंगा जिले का रहने वाला मैं मुकेश कुशवाहा। मुझ पर 17 साल की लड़की के रेप और पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा चला। वो लड़की मेरे दोस्त की प्रेमिका थी। दोस्त ने उसे प्रेग्नेंट किया था, लेकिन मुकदमा मुझ पर चला। पूरी स्टोरी यहां पढ़ें 2- संडे जज्बात- किन्नर हूं, लड़के ने मेरी मांग भर दी:पिता ने बाजार में पीटा, बाल काट डाले, लेकिन लड़का पीछे नहीं हटा- मुझे दुल्हन बनाया मेरा नाम सोनी है। पश्चिम बंगाल के बनगांव की रहने वाली हूं। मैंने खुद को हमेशा एक लड़की ही माना, लेकिन लोगों ने मुझे पहचान दी- किन्नर, हिजड़ा जैसे शब्दों से। लोग कहते थे, ‘न मां बन पाएगी, न किसी की दुल्हन… फिर इसके जीने का क्या मतलब?’- पूरी स्टोरी यहां पढ़ें

दैनिक भास्कर 25 Jan 2026 5:40 am

रिपब्लिक डे पर चीफ गेस्ट की कुर्सी कितनी कीमती:पहली बार यूरोपियन यूनियन को न्योता क्यों मिला; क्या है 'मदर ऑफ ऑल डील्स'

2014 में जापानी प्रधानमंत्री शिंजो आबे रिपब्लिक डे के चीफ गेस्ट बने। उसी साल भारत-जापान ने मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के लिए समझौता किया। 2015 में अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा मुख्य अतिथि बने। अमेरिका ने भारत को 'मेजर डिफेंस पार्टनर' घोषित किया। 2016 में फ्रेंच राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद चीफ गेस्ट बने। उनके दौरे में ही भारत-फ्रांस ने 36 राफेल फाइटर जेट्स का एग्रीमेंट साइन किया। रिपब्लिक डे के चीफ गेस्ट आमतौर पर उन्हीं देशों से होते हैं, जहां भारत तवज्जो देना चाहता है। 77वें गणतंत्र दिवस परेड के लिए भारत ने यूरोपीय यूनियन के टॉप-2 लीडर्स को चीफ गेस्ट बनाया है- उर्सुला वॉन और एंतोनियो कोस्टो। आखिर भारत ने यूरोपीय यूनियन के लीडर्स को न्योता क्यों दिया, कैसे चुने जाते हैं रिपब्लिक डे के चीफ गेस्ट और इससे भारत क्या हासिल करता है, जानेंगे भास्कर एक्सप्लेनर में… सवाल-1: यूरोपीय यूनियन के नेताओं को भारत ने रिपब्लिक डे का चीफ गेस्ट क्यों बनाया? जवाब: यूरोपीय यूनियन किसी एक देश की तरह नहीं, बल्कि 27 देशों के ब्लॉक की तरह काम करता है। भारत ने इसके टॉप-2 लीडर्स को बुलाकर पूरे यूरोप को एक साथ साधने की कोशिश की है। दरअसल, उर्सुला वॉन डेर लेयेन यूरोपीय कमीशन की अध्यक्ष है। यह EU की एग्जिक्यूटिव विंग है, जो ट्रेड डील और रूल्स को लागू करती है। वहीं एंतोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा यूरोपीय काउंसिल के अध्यक्ष हैं। यह सभी 27 देशों के राष्ट्राध्यक्षों का रिप्रेजेंटेशन करते हैं और स्ट्रैटजिक डायरेक्शन तय करते हैं। यूरोपियन यूनियन के नेताओं को चीफ गेस्ट बनाने के पीछे भारत के 3 मकसद हो सकते हैं… 1. फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) से बनेगा 200 करोड़ ग्राहकों का मार्केट 2. अमेरिका-चीन की खींचतान में 'बफर स्ट्रैटजी' 3. IMEC के लिए EU का साथ जरूरी सवाल-2: गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि बुलाने की परंपरा कब और क्यों शुरू हुई? जवाब: पहले गणतंत्र दिवस 26 जनवरी 1950 को ही मुख्य अतिथि बुलाने की परंपरा शुरू हुई। उस दिन की परेड दिल्ली के इरविन स्टेडियम (अब मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम) में हुई थी। तब इंडोनेशिया के राष्ट्रपति सुकर्णो चीफ गेस्ट थे। इंडोनेशिया को पहले चीफ गेस्ट के तौर पर चुनना भी एक सिंबोलिज्म था। क्योंकि दोनों देश हाल ही में आजाद हुए थे और औपनिवेशिक शासन के लिए खिलाफ लड़े थे। दरअसल, 17 अगस्त 1945 को इंडोनेशिया ने आजादी का ऐलान किया था, जिसे 1949 में मान्यता मिली थी। चीफ गेस्ट बुलाने की परंपरा भारत की सॉफ्ट और स्ट्रैटजिक डिप्लोमेसी का हिस्सा है… सवाल-3: आखिर कैसे चुने जाते हैं रिपब्लिक डे के चीफ गेस्ट, प्रोसेस क्या है? जवाब: गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि को चुनना एक जटिल प्रक्रिया है, जिसमें डिप्लोमेसी, ट्रेड, स्ट्रैटजी और मिलिट्री फायदे का बारीकी से एनालिसिस किया जाता है। ये प्रोसेस करीब 6 महीने पहले ही शुरू कर दी जाती है। भले ही 26 जनवरी का कार्यक्रम रक्षा मंत्रालय की जिम्मे है, लेकिन मुख्य अतिथि चुनने का काम विदेश मंत्रालय करता है। मेहमान के नाम चुनने से लेकर उनके कर्तव्य पथ तक पहुंचने का स्टेप बाय स्टेप प्रोसेस… स्टेप-1: विदेश मंत्रालय में शुरुआती चर्चा विदेश मंत्रालय उन देशों की लिस्ट बनाता है, जिनके साथ भारत अपने रिश्तों को और मजबूत करना चाहता है। इसके इन 3 सवालों का जवाब ढूंढा जाता है और उनका एनालिसिस किया जाता है… स्टेप-2: प्रधानमंत्री की मंजूरी विदेश मंत्रालय अपनी सिफारिशों की फाइल प्रधानमंत्री कार्यालय यानी PMO को भेजता है। पीएम और उनके सलाहकार तय करते हैं कि मौजूदा वैश्विक माहौल में किस नेता को बुलाना सबसे सही रहेगा। स्टेप-3: नेता का शेड्यूल पता करना स्टेप-4: राष्ट्रपति के सिग्नेचर के साथ न्योता भेजना PMO से मंजूरी मिलने और मेहमान का शेड्यूल चेक करने के बाद औपचारिक निमंत्रण भारत के राष्ट्रपति के पास भेजा जाता है, जिस पर वे सिग्नेचर करती हैं। क्योंकि गणतंत्र दिवस का समारोह भारत के राष्ट्रपति आयोजित करते हैं। इसके बाद न्योता मेहमान देश को भेज दिया जाता है। स्टेप-5: सिक्योरिटी और प्रोटोकॉल व्यवस्था यह पूरी प्रोसेस गोपनीय रहती है, जब तक इसका आधिकारिक ऐलान न हो जाए। इसका मकसद फॉरेन रिलेशंस को मजबूत करना और ग्लोबल लेवल पर भारत की पॉजिशन को उभारना है। पूर्व IFS अधिकारी और 1999 से 2002 तक प्रोटोकॉल चीफ रहे मनबीर सिंह के मुताबिक, चीफ गेस्ट की दौरे में पूरा फोकस होता है कि वे प्रसन्न और संतुष्ट हों। उनकी यात्रा आराम से और बिना किसी दिक्कत के साथ हो। कई मेहमानों और उनके राजदूतों ने भारत के सामारोह और प्रोटोकॉल की जमकर तारीफ कर चुके हैं। सवाल-4: क्या यह सिर्फ सम्मान देने का तरीका है या कोई डिप्लोमैटिक मैसेज? जवाब: गणतंत्र दिवस में बतौर मुख्य अतिथि न्योता मिलना किसी देश के लिए प्रोटोकॉल के लिहाज से सर्वोच्च सम्मान की बात है। उन्हें राष्ट्रपति भवन में ऑफिशियल गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाता है। फिर शाम में भारत के राष्ट्रपति उनके लिए स्वागत समारोह आयोजित करते हैं। मेहमान महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देने राजघाट भी जाते हैं। उनके लिए भारत के प्रधानमंत्री एक लंच भी रखते हैं, जिसमें सरकारी और गैर-सरकारी VIP मौजूद रहते हैं। पूर्व IFS अधिकारी मनबीर सिंह के मुताबिक, चीफ गेस्ट का दौरा सिंबोलिक अहमियत रखता है। उन्हें भारत के गौरव और खुशी का हिस्सा बनाया जाता है। ये दोनों देशों के बीच मजबूत दोस्ती और बढ़ती साझेदारी की झलक दिखाती है। सम्मान से कहीं ज्यादा ये डिप्लोमैटिक स्ट्रेंथ नुमाइश होती है। चीफ गेस्ट के सिलेक्शन प्रोसेस में भी ये दिखाई देता है। फॉरेन पॉलिसी एक्सपर्ट विनय कौरा के का मानना है कि भारत ऐसे सिंबॉलिक काम से अपनी डिप्लोमैटिक और स्ट्रैटजिक पैठ को मजबूत करता है। इसके जरिए भारत दुनियाभर में अपने रणनीतिक इरादे और विदेश नीति को व्यक्त करता है। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि मेहमान-नवाजी के जरिए भारत बताता है कि उसके लिए कौन अहम है? साथ ही अपनी सॉफ्ट पावर और डिफेंस कैपेबिलिटी की ताल ठोकता है। मेहमान देश के साथ डील्स और पार्टनरशिप भी करता है। सवाल-5: क्या पाकिस्तान और चीन को कभी बतौर चीफ गेस्ट इनवाइट किया गया? जवाब: हां। भारत ने पाकिस्तान और चीन को उस दौर में न्योता दिया, जब वह ‘पड़ोसी पहले’ और ‘शांति के साथ रहने’ की नीति पर चल रहा था… रिश्ते सुधारने के लिए पाकिस्तान को 2 बार न्योता 'हिंदी-चीनी भाई-भाई' के दौर में चीन को बुलाया तब के पीएम पं. नेहरू का मानना था कि ऐसे न्योते और सम्मान से पड़ोसियों के साथ तनाव कम किया जा सकता है। साथ ही वे एशियाई एकजुटता का नेतृत्व कर रहे थे। इसमें चीन और पाकिस्तान को साथ रखना बेहद जरूरी था। सवाल-6: किस देश को सबसे ज्यादा बार और सबसे कम बार न्योता दिया गया? जवाब: 2025 तक 47 देशों के 70 से ज्यादा नेताओं ने गणतंत्र दिवस के मेहमान के तौर पर शिरकत की है। भारत ने चीफ गेस्ट के लिए हमेशा अपने उन सहयोगियों को तरजीह दी है, जो डिफेंस, एनर्जी और स्ट्रैटजिक तौर से सबसे करीब रहे हैं। इसी के मद्देनजर भारत ने सबसे ज्यादा 6 बार फ्रांस को न्योता दिया। 1976, 1980, 1998, 2008, 2016 और 2024 के गणतंत्र दिवस में फ्रांस के राष्ट्राध्यक्षों को आमंत्रित किया गया। 5 बार ब्रिटेन, 4-4 बार भूटान, इंडोनेशिया और रूस के नेता चीफ गेस्ट बने। वहीं दुनिया के कई ताकतवर और अहम देश ऐसे हैं, जिन्हें भारत ने सिर्फ एक बार ही न्योता दिया। इसमें चीन (1958), ऑस्ट्रेलिया (1979), ईरान (2003), सऊदी अरब (2006), साउथ कोरिया (2010) और अमेरिका (2015) शामिल हैं। सवाल-7: क्या कभी ऐसा हुआ कि जब कोई मेहमान ही नहीं आए? जवाब: हां। 5 बार ऐसा हुआ है, जब गणतंत्र दिवस की परेड में राजपथ (अब कर्तव्य पथ) पर मुख्य अतिथि की कुर्सी खाली रही। इनमें से 3 मौके शुरुआती साल के थे, जबकि दो मौके कोविड के दौरान के थे। शुरुआती 3 साल नहीं बुलाए चीफ गेस्ट कोरोना महामारी में 2 साल कोई मुख्य अतिथि नहीं ****** गणतंत्र दिवस से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए... गणतंत्र दिवस की थीम वंदेमातरम्, परेड में निकलेंगी 30 झांकियां: सेना की नई भैरव बटालियन भी शामिल होगी भारत के 77वां गणतंत्र दिवस की परेड की थीम वंदेमातरम् पर रखी गई है। परेड के दौरान कर्तव्य पथ पर 30 झांकियां निकलेंगी, जो 'स्वतंत्रता का मंत्र-वंदे मातरम, समृद्धि का मंत्र-आत्मनिर्भर भारत' थीम पर होंगी। पूरी खबर पढ़िए...

दैनिक भास्कर 25 Jan 2026 5:37 am

168 साल से सड़ रहे 282 शहीदों के कंकाल:अंग्रेजों ने कुएं में जिंदा दफनाया, हत्यारे अफसर के नाम पर अमृतसर में सड़क

पंजाब में वाघा बॉर्डर से सिर्फ 35 किमी दूर अजनाला नाम का एक छोटा सा शहर है। यहां गुरुद्वारा सिंह सभा के कैंपस में एक कुआं है। इस कुएं को ‘शहीदों का कुआं या ‘कलियांवाला खोह’ के नाम से जाना जाता है। कुएं तक पहुंचने के लिए सीढ़ियां बनी हैं। सीढ़ियों से उतरकर नीचे जाने पर कुआं नजर आने लगता है, पास में ही एक लोहे का बक्सा रखा है। इस बक्से में इंसानों की हड्डियां भरकर रखी गई हैं। आपको ये जानकर थोड़ा झटका लग सकता है कि ये हड्डियां 1857 में अंग्रेजों के खिलाफ विद्रोह करने वाले 282 सैनिकों की हैं। इन सैनिकों को इस कुएं में जिंदा दफना दिया गया था। 2014 में पहली बार खुदाई में ये अवशेष निकले। प्रधानमंत्री, केंद्र सरकार, राज्य सरकार सभी को लगातार चिट्ठियां लिखी गईं, लेकिन शहीदों के बचे-खुचे कंकाल और अवशेषों को अब तक लोहे का बक्सा ही हासिल हो पाया है। 168 से ज्यादा साल बीत चुके हैं। न तो किसी सरकार ने इन शहीदों का अंतिम संस्कार करवाने की पहल की। न इन अवशेषों को सम्मान के साथ किसी म्यूजियम में रखा गया। शर्म की बात ये है कि इस नरसंहार को अंजाम देने वाले अंग्रेज अफसर फ्रेडरिक हेनरी कूपर के नाम पर अमृतसर में एक रोड है। क्रिस्टल चौक से रेलवे ब्रिज की तरफ जाने वाली इस रोड का नाम है- कूपर रोड। राज्य में कांग्रेस, अकाली-BJP और AAP की सरकार भी आ गई, लेकिन किसी को फुर्सत नहीं मिली। केंद्र में मोदी सरकार को भी लेटर लिखे गए, लेकिन अभी तक ये शहीद सम्मान का इंतजार कर रहे हैं, पहचान का इंतजार कर रहे हैं। आइए, इस गणतंत्र दिवस पर इन शहीदों की कहानी याद करें… भारतीय सैनिकों का नरसंहार, जो इतिहास में खो गयाये कहानी सुरेंद्र कोछड़ नाम के शख्स को कबाड़ में मिली एक किताब से शुरू हुई। 1857 में अमृतसर का डिप्टी कमिश्नर था फ्रेडरिक हेनरी कूपर। इसी फ्रेडरिक ने 1858 में ब्रिटेन में एक किताब लिखी थी, द क्राइसिस इन द पंजाब। (The Crisis in the Punjab From The 10th Of May Until the fall of Delhi) इस किताब को भारत में कोई नहीं जानता था। ये अमृतसर की मोती लाल नेहरू लाइब्रेरी में रखी थी। ये लाइब्रेरी अंग्रेजों के जमाने में बने टाउन हॉल में है, जो गोल्डन टेंपल से महज कुछ दूरी पर है। सौ साल से ज्यादा समय तक रखी इस किताब को 2003 में लाइब्रेरी में ही रद्दी के ढेर में फेंक दिया गया। इसी लाइब्रेरी में अमृतसर के सुरेंद्र कोछड़ जाया करते थे। उन्होंने ये किताब पढ़ने के लिए ले ली। किताब के पेज नंबर 151 पर चैप्टर-6 है। इसमें 1857 में मौजूद 26वीं नेटिव इन्फैन्ट्री बटालियन का जिक्र है। इस चैप्टर में मेजर स्पेंसर की हत्या और उस रेजिमेंट के टोटल डिस्ट्रक्शन की बात है। इसी चैप्टर में हेनरी कूपर ने अजनाला के सूखे कुएं में 282 सैनिकों को मारकर दफनाने का जिक्र किया है। यहीं से सुरेंद्र कोछड़ की खोज शुरू हुई। 11 साल तक ढूंढा, 2007 में कुएं के ऊपर गुरुद्वारा बन गया थासुरेंद्र कोछड़ के मुताबिक, ‘किताब में लिखा था कि अजनाला थाने के पास कैंपिंग ग्राउंड है। पहले वहां एक छोटा कुआं था। इसमें 20-30 लोगों को ही फेंका जा सकता था। उससे करीब 100 मीटर दूर एक बड़ा सूखा कुआं मिल गया।' 'इसके बाद कूपर ने उसी कुएं में गोलियों से मारे गए सैनिक और भूख-प्यास से जिंदा, लेकिन अधमरे हो चुके सैनिकों को दफना दिया था। पहले तो ये लगा कि अगर ये सच होता तो पंजाब के अजनाला या अमृतसर में इसकी चर्चा जरूर होती। कई साल तक लगातार पड़ताल के बाद भी हमें ऐसे कुएं के बारे में जानकारी नहीं मिली।’ ‘कोई दस्तावेज नहीं मिल रहा था, कई साल गुजर गए। हमें 1928 में प्रयागराज से पब्लिश एक पत्रिका मिली। इस पत्रिका में अजनाला के रहने वाले बाबा जगत सिंह का इंटरव्यू छपा था। अजनाला हत्याकांड उन्होंने अपनी आंखों से देखा था।’ ‘उनके हवाले से लिखा गया था कि 26 नंबर की पलटन के कुछ थके हुए सिपाही अमृतसर की एक तहसील अजनाला से 6 मील दूर रावी नदी के किनारे पड़े थे। ये वही सिपाही थे, जो 30 जुलाई की रात को लाहौर की छावनी से भागे थे। इन्हें शक के आधार पर पकड़ लिया गया। इसके बाद मार दिया गया। इस पत्रिका में कूपर की दरिंदगी का भी जिक्र था।’ सुरेंद्र आगे बताते हैं, ‘इसी के बाद मुझे इस कहानी पर यकीन हो गया। जिस कैंपिंग ग्राउंड में छोटे कुएं और उसके 100 मीटर की दूरी पर बड़े कुएं की बात हो रही थी। उसकी 1857 और 1957 यानी 100 साल बाद की भी फोटो मिल गई। 1857 की पहली फोटो में बंद कुएं के आसपास झाड़ियां नजर आ रही हैं। 1957 की फोटो में उस कुएं के आसपास ईंट की चारदीवारी बना दी गई थी। कुछ बच्चे और लोग खड़े थे। साल 2007 के आसपास उसी कुएं के ऊपर गुरुद्वारा बना दिया गया था।’ पत्नी-बच्चों की कसम खाई तो खुदाई शुरू हुईसुरेंद्र ने कूपर की किताब तो पढ़ ली थी, लेकिन इस घटना की दूसरे ऐतिहासिक सोर्स से जांच-पड़ताल भी जरूरी थी। 11 साल तक वे अलग-अलग किताबों और जरियों से पड़ताल करते रहे। उन्हें भरोसा हो गया था, लेकिन कुएं की खुदाई कराने को कोई तैयार नहीं हो रहा था। गुरुद्वारा प्रशासन, स्थानीय लोग, राज्य सरकार सबको बताया, लेकिन कोई इस सच को मानने के लिए तैयार नहीं था। सुरेंद्र कोछड़ को कहना पड़ा कि अगर सिपाहियों के कंकाल न मिलें तो मुझे भी इसी कुएं में दफना देना। कंकालों के हाथ ऊपर की तरफ थे, मरने से पहले निकलना चाहते थेसुरेंद्र बताते हैं, ‘10 फीट के बाद लोग सवाल उठाने लगे थे, लेकिन थोड़ा ही नीचे पहला कंकाल नजर आ गया। वो कंकाल एक हाथ का हिस्सा था। कुएं में नीचे से ऊपर की तरफ। मानो मरने वाला कुएं से बाहर निकलने की आखिरी कोशिश में था, पर निकल न सका। उसी हालात में उस सैनिक की मौत हो गई होगी। इसके बाद एक-एक कर कंकाल निकलने लगे।’ सुरेंद्र ये बताते हुए इमोशनल हो जाते हैं। वे कहते हैं, ‘खुदाई के दौरान मिले दो सैनिकों के कंकाल को मैं कभी नहीं भूल सकता। एक सैनिक के कंकाल के जबड़े में कुछ दबा हुआ था। उसे खोला तो जबड़े में उंगली डाली हुई थी। उंगली में एक अंगूठी भी थी। वो अंगूठी किसी महिला की थी। सोने और हीरे की बनी हुई। शायद उसकी याद में मरते हुए सैनिक ने उसे मुंह में दबा लिया होगा। ऐसा लगता है कि या तो उस सैनिक की नई शादी हुई होगी या फिर सगाई होने वाली होगी। दूसरा कंकाल मुझे याद है, उसकी हाथ की मुट्ठी बंद थी। उस कंकाल की हथेली को खोला गया, तब उसमें 7 सिक्के मिले। उसने अपनी मेहनत की कमाई और परिवार की याद में सिक्के दबा रखे होंगे। इस उम्मीद में कि अगर कुएं से जिंदा निकल गए तो शायद परिवार को दे सकेंगे। दुख इस बात का है कि किसी ने भी इन सैनिकों की पहचान तक करने की कोशिश नहीं की।’ कूपर ने अपनी किताब में सैनिकों के कत्लेआम के बारे में क्या लिखा, पढ़िए कुएं से क्या-क्या मिलासुरेंद्र कोछड़ बताते हैं, ‘खुदाई के दौरान 282 लोगों के कंकाल मिले थे। इनमें जो काफी हद तक बेकार हो चुके थे, उन्हें तो हमने खुद हरिद्वार में जाकर जल प्रवाह करा दिया। कुछ कंकाल आज भी पंजाब यूनिवर्सिटी के पास हैं। बाकी जो दांत मिले थे, वो बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी में जांच के लिए रखे हैं।’ ‘इनके अलावा सैनिकों की काफी निशानियां मिली थीं, जैसे उस समय के चांदी के सिक्के, सोने की अंगूठियां, हीरे की अंगूठी, सोने के कई सामान, हाथ के कड़े और कुछ मालाएं। ये सब हमने गुरुद्वारा कमेटी के पास ही रख दिए थे। ये निशानियां आज भी उनके पास ही रखी हैं। हम चाहते थे कि ये सामान भारत सरकार के पास रहे। इन्हें लोगों को दिखाने के लिए किसी म्यूजियम में रखा जाए।’ सैनिकों को गोली मारी, गोलियां खत्म हुईं तो पत्थरों से मार डालादैनिक भास्कर ने हेनरी कूपर की लिखी किताब 'क्राइसिस इन पंजाब' पढ़ी। सुरेंद्र कोछड़ के अलावा बरामद कंकालों की साइंटिफिक जांच करने वाले प्रोफेसर ज्ञानेश्वर चौबे से भी बात की। कंकालों की DNA जांच में जुटे बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर ज्ञानेश्वर चौबे बताते हैं, ‘10-10 लोगों के हाथ पीछे की तरफ बांधकर कैंपिंग ग्राउंड में ले गए। फिर उन्हें गोली मार दी गई। गोलियां कम पड़ गईं, तो उन्हें पत्थर की गोलियां मारी गईं। इसके सबूत हमें कंकालों की जांच में मिले हैं। हथियार के बट से सैनिकों के सिर के पीछे हमला किया गया, जिसके निशान उन खोपड़ियों पर मिले हैं।’ हेनरी कूपर की किताब और सुरेंद्र कोछड़ से बात कर हम भारतीय सैनिकों के साथ हुई दरिंदगी की 3 बड़ी निशानियों तक पहुंचे। पहली निशानी- अंग्रेजों के जमाने की पुरानी तहसीलअब इस तहसील के पास ही टेलीफोन एक्सचेंज का दफ्तर है। पुरानी तहसील इतनी जर्जर हालत में है कि यहां ताला लगा रहता है। हम उस ताले को खुलवाकर अंदर पहुंचे। आसपास की दीवारें जर्जर, दरवाजे टूटे-फूटे। किनारे-किनारे आसपास घने और लंबे पेड़। इन्हीं पेड़ों और जर्जर दीवारों के बीच में जर्जर गुंबदनुमा बुर्ज वाली छोटी कोठरी है। इसमें एक भी खिड़की नहीं है। लोहे के दो गेट हैं, जिन्हें तहसील के जरूरी कागजात सुरक्षित रखने के लिए बनाया गया था। अजनाला थाने में जगह कम पड़ गई तो इसी 7 फुट चौड़े और करीब 8-9 फुट लंबे गुंबद के आकार वाली कोठरी में 60-70 सैनिकों को रखा गया था। इन सैनिकों को पहले यहीं के पेड़ों पर फांसी देने की तैयारी थी। बारिश और लकड़ियों की कमी से सैनिकों को जिंदा ही सूखे कुएं में डाल दिया गया था। दूसरी बड़ी निशानी कैंपिंग ग्राउंडये जगह उस सूखे कुएं से 100 मीटर और अजनाला थाने से चंद कदम दूर है। पहले भी यहां सैनिकों की छावनी हुआ करती थी। आज भी छावनी है। गेट पर आर्मी के जवान तैनात मिले। इन्होंने कैमरे पर बात नहीं की। न ही अंदर जाने दिया। बात करते हुए ये जरूर बताया कि यहां आने पर हमें पता चला कि अजनाला नरसंहार के दौरान अंग्रेजों ने इसी कैंपिंग ग्राउंड में 1857 के दौरान भारतीय सैनिकों को मारा था। इसी कैंपिंग ग्राउंड में थाने में बंद सैनिकों को 10-10 की संख्या में खड़ा करके गोली मारी गई थी। जब ये सैनिक मर गए तब उन्हें सूखे कुएं में फेंक दिया गया था। तीसरी निशानी सूखा कुआंहम इसी कैंपिंग ग्राउंड के किनारे-किनारे उस गुरुद्वारे तक पहुंचे, जहां सूखे कुएं में 282 सैनिकों को दफनाया गया था। उस कुएं तक पहुंचे तो वहां एक संदूक मिला। इसमें आज भी एक संदूक में उन गुमनाम सैनिकों की अस्थियां पड़ी मिलीं। इसके बाद अजनाला से करीब 10-11 किमी दूर रावी नदी तक पहुंचे। यहां सोफियां गांव से आगे रावी नदी से कुछ दूर पाकिस्तान शुरू हो जाता है। आखिर कब इन सैनिकों को सम्मान मिलेगा, अंतिम संस्कार होगाकुएं के पास ले जाकर सुरेंद्र हमें एक लोहे का बक्सा दिखाते हैं। ये एक सामान्य बक्सा है, जैसा घरों में सामान या कपड़े रखने के लिए इस्तेमाल होता है। वे इस बक्से का ढक्कन खोलते हैं और हाथ में एक इंसानी हड्डी लेकर हमें दिखाने लगते हैं। सुरेंद्र कोछड़ उदास होकर कहते हैं, ‘साल 2014 में 28 फरवरी से 3 मार्च के बीच गुरुद्वारे के नीचे खुदाई हुई थी। इसमें से 282 सैनिकों के कंकाल मिले। खुदाई के 12 साल बाद और दफन होने के 168 साल बाद भी इनके कंकाल आज भी उसी कुएं के पास 2 बाई 1 के एक संदूक में बंद हैं।' मैंने कई बार केंद्र और राज्य सरकार को जानकारी दी। सैनिकों के काफी अवशेष आज भी लैब में पड़े हैं। ये सैनिकों की सबसे बड़ी तौहीन है। इनके साथ ऐसा होगा इसकी उम्मीद हमने कभी नहीं की थी। न PMO ने सुनी न पंजाब सरकार ने, अभी जांच ही चल रहीऐसा भी नहीं है कि सरकारों को इस घटना की जानकारी नहीं है। दैनिक भास्कर के पास मौजूद जानकारी के मुताबिक, सैनिकों के नाम और पहचान के लिए 16 मई 2022 को पीएमओ के ऑनलाइन पोर्टल पर डिमांड की गई थी। इसके तीन दिन बाद ही 18 मई को इसके लिए उस समय के अंडर सेक्रेटरी मुकुल दीक्षित को जिम्मेदारी दी गई थी। हमने उनसे कॉन्टैक्ट करने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं हो पाई। इससे पहले, गृह मंत्रालय की तरफ से भी 26 मार्च 2014 को लेटर जारी हुआ था। ये लेटर ब्रिटेन भी भेजा गया था। अब तक ब्रिटेन की तरफ से कोई जवाब नहीं मिला है। सैनिकों के कंकाल और निशानियों को राष्ट्रीय धरोहर घोषित किए जाने के लिए भारतीय पुरातत्व संरक्षण को 2024 में लेटर लिखा गया था। हालांकि जवाब मिला कि ये स्थल संरक्षण योग्य नहीं है। सुरेंद्र कोछड़ ने 25 जुलाई 2025 को पंजाब के मुख्यमंत्री को एक लेटर लिखा था। इसका ज्ञापन अजनाला के एसडीएम रविंद्र सिंह अरोड़ा को भी दिया था। लेटर में सवाल किया गया था कि अजनाला से खुदाई में मिले अवशेषों को पंजाब सरकार कब्जे में क्यों नहीं ले रही है। जानकारी के मुताबिक, पूरे मामले की जांच के लिए पंजाब यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर जेएस सहरावत को जिम्मेदारी दी गई है। उनका कहना है कि हम लोग इस पर लगातार काम कर रहे हैं। जल्द ही साइंटिफिक तरीके से एक रिपोर्ट पब्लिश करेंगे। उस रिपोर्ट पर सहमति मिल जाएगी, तभी हम उस बारे में मीडिया को जानकारी दे सकेंगे। .................................स्टोरी का दूसरा पार्ट 26 जनवरी, सोमवार को पढ़िएयूपी, बिहार, बंगाल से हैं अजनाला के 282 शहीदअजनाला के कुएं में मिले कंकालों की वैज्ञानिक जांच और DNA सैंपलिंग की भी कोशिशें हुई हैं। जांच से साबित हो रहा है कि सैनिक पूर्वी यूपी, बिहार, पश्चिम बंगाल और झारखंड के रहने वाले थे। दो से तीन परिवार भी सामने आए, लेकिन अवशेष लोहे के बक्से में कैद हैं। दैनिक भास्कर ने कंकालों की जांच करने वाले प्रोफेसर और सैनिकों के संभावित परिवारों से बात की है। ये रिपोर्ट पढ़िए 26 जनवरी को...

दैनिक भास्कर 25 Jan 2026 5:36 am

अमेरिका ने सहयोगी देशों की सुरक्षा से पल्ला झाड़ा, कहा- अपनी रक्षा स्वयं करें, रक्षा नीति में बड़ा बदलाव

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का विरोधाभासी और आक्रामक रुख एक बार फिर वैश्विक राजनीति के केंद्र में है। नाटो सहयोगियों समेत पूरे अटलांटिक क्षेत्र की सुरक्षा का जिम्मा लेने और ग्रीनलैंड को अमेरिका में मिलाने की बात करने वाले ट्रंप अब वैश्विक सुरक्षा से पल्ला झाड़ते नजर आ रहे हैं।

देशबन्धु 25 Jan 2026 3:53 am

ग्रीनलैंड पर ट्रंप की बौखलाहट क्या कहती है? दुनियाभर को सताने लगी चिंता

Trump and Greenland: ट्रंप की सिर्फ ग्रीनलैंड और कनाडा से ही अदावत नहीं चल रही. यूरोप के दूसरे हिस्सों में भी तनाव बढ़ा है, जिसके केंद्र बिंदु भी ट्रंप ही हैं. ग्रीनलैंड के मुद्दे पर फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने ट्रंप का विरोध किया है. इसी मुद्दे पर इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी और मैक्रों के बीच ठन गई है.

ज़ी न्यूज़ 25 Jan 2026 3:16 am

अमेरिका में पारिवारिक विवाद ने लिया भयावह रूप, भारतीय मूल के व्यक्ति ने पत्नी सहित चार की गोली मारकर हत्या

पुलिस को 1000 ब्लॉक में गोलीबारी की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही अधिकारी कुछ ही मिनटों में मौके पर पहुंचे। जब पुलिस घर के अंदर दाखिल हुई, तो वहां का दृश्य बेहद भयावह था। चार लोग खून से लथपथ पड़े थे, जिनमें से सभी को गोलियां लगी थीं। आपात सेवाओं की टीम ने मौके पर ही चारों को मृत घोषित कर दिया।

देशबन्धु 25 Jan 2026 2:49 am

3 दिन में ईरान पर कब्जा कर लेगा अमेरिका? ट्रंप ने जारी किया नोटिस, एक्सपर्ट्स ने समझाया WAR प्लान, संभावनाएं और भी हैं...

Middle east news:मोहम्मद मुवाहेदी ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई के करीबी हैं. ट्रंप के दावे पर खामेनेई के करीबी के तीखे जवाब से अमेरिका बौखला गया है. इसीलिए किसी भी वक्त ईरान पर हमला शुरू हो सकता है. हमले की सिर्फ यही वजह नहीं है, अमेरिका और पश्चिमी देशों के एक्सपर्ट कुछ और आशंकाएं जता रहे हैं.

ज़ी न्यूज़ 25 Jan 2026 12:58 am

ट्रंप का अल्टीमेटम चीन से डील पर कनाडा को 100% टैरिफ की धमकी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि अगर कनाडा चीन के साथ किसी तरह का व्यापार समझौता करता है, तो अमेरिका तुरंत सीमा पार से आने वाले सभी कनाडाई सामानों पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगा देगा

देशबन्धु 24 Jan 2026 10:56 pm

यूक्रेन में आई कयामत! तापमान 0 से बहुत नीचे, तीन तरफ से चल रही थी शांति की बातचीच, रूस ने बोल दिया हमला

Russia Ukraine war:24 फरवरी 2022 को रूस द्वारा यूक्रेन पर बोला गया हमला, दोनों के बीच फरवरी 2014 के युद्ध का विस्तार था. महीनेभर बाद ये जंग 5वें साल में प्रवेश कर जाएगी. ट्रंप लड़ाई रुकवाने की बहुत कोशिशें कर रहे हैं. शांति बहाली की बातचीत के बीच मास्को ने कीव पर भयानक हमला किया है.

ज़ी न्यूज़ 24 Jan 2026 10:55 pm

VIDEO: माइनस 21 डिग्री का आतंक! हवा में अटक गई चम्मच, नूडल्स बोले - अब नहीं पिघलेंगे

Frozen Noodles Video: इन दिनों तेज ठंड ने सभी को परेशान कर रखा है. लेकिन सच बताएं तो ये ठंड कुछ नहीं है. ऐसे भी इलाके हैं, जहां तापमान माइनस 21 डिग्री चल रहा है. वहां पर खुले में कुछ भी निकालते ही वह तुरंत जम जाता है.

ज़ी न्यूज़ 24 Jan 2026 10:54 pm

ट्रंप की धमकी का तोड़ ढूंढ रहा था कनाडा, चीन के साथ नए ट्रेड एग्रीमेंट को लेकर आ गई 100 फीसदी टैरिफ जड़ने की धमकी

US Canada trade tension: अमेरिका और कनाडा के बीच तनाव गहरा गया है. कनाडा को हड़पने की नीयत पाले बैठे यूएस प्रेसिडेंट को कनाडाई पीएम की बात इतनी चुभ गई कि उन्होंने ये कह दिया कि अगर चीन के साथ ट्रेड एग्रीमेंट करके दोस्ती की पींगे बढ़ाने की कोशिश की तो ठीक नहीं होगा.

ज़ी न्यूज़ 24 Jan 2026 10:06 pm

आज रात ही ईरान पर बड़ा हमला करने जा रहा अमेरिका? मिडिल ईस्ट के सूत्रों के हवाले से दावा

US attack on Iran: ईरान का हाल बेहाल है. सैकड़ों मौतों के बाद दावा है कि सर्वोच्च नेता खामेनेई के इशारे पर सरकार प्रदर्शनकारियों को कुचलने के साथ-साथ आंदोलन खत्म कराने में कामयाब रही है. इसके बाद अमेरिका की ओर से ईरान पर कभी भी होने वाले कथित अप्रत्याशित हमले की तारीख और टाइमिंग बताई जा रही है.

ज़ी न्यूज़ 24 Jan 2026 8:18 pm

क्या बांग्लादेश क्रिकेट तबाह हो जाएगा:ICC ने वर्ल्डकप से बाहर निकाला, करोड़ों का घाटा, बैन होने का भी खतरा; अब पाकिस्तान क्या करेगा

बांग्लादेश टी-20 वर्ल्ड कप से बाहर हो गया है। इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने उसकी जगह स्कॉटलैंड को शामिल कर लिया। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड का कहना है कि हम अब सरकार के फैसले का इंतजार कर रहे हैं, अगर उन्होंने मना कर दिया तो हम भी टूर्नामेंट नहीं खेलेंगे। भारत-श्रीलंका की मेजबानी में होने वाला T20 वर्ल्ड कप शुरू होने में महज 2 हफ्ते बाकी हैं। ऐसे में बांग्लादेश को वर्ल्ड कप नहीं खेलने से क्या घाटा होगा, क्या पाकिस्तान भी मैच नहीं खेलेगा और भारत पर क्या असर पड़ेगा; जानेंगे भास्कर एक्सप्लेनर में… सवाल-1: बांग्लादेश ने भारत में खेलने से मना क्यों किया? जवाब: बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड यानी BCB ने सुरक्षा का हवाला देते हुए भारत में न खेलने का फैसला किया है। BCB चाहता था कि उसके T20 वर्ल्ड कप मैच श्रीलंका में हों, लेकिन ICC ने इससे इनकार कर दिया। बांग्लादेश के स्पोर्ट्स एडवाइजर आसिफ नजरुल ने कहा, ‘हम वर्ल्ड कप खेलना चाहते हैं, लेकिन भारत में हमारे खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ की सुरक्षा को लेकर चिंता है।’ सुरक्षा से जुड़ी इस वजह के अलावा बांग्लादेशी टीम के भारत न आने की 2 छिपी वजहें भी हैं… 1. मुस्तफिजुर रहमान को IPL से बाहर करना IPL की टीम KKR ने बांग्लादेशी पेसर मुस्तफिजुर रहमान को 9.2 करोड़ रुपए में खरीदा, लेकिन भारत में इसका विरोध होने लगा। BCCI ने KKR से उन्हें रिलीज करने को कहा। 3 जनवरी को KKR ने ऐसा कर दिया। BCB ने इसे अपमान माना और IPL का टेलिकास्ट बैन कर दिया। यहीं से ये विवाद शुरू हुआ। 2. भारत-बांग्लादेश में बिगड़ते हालात और रिश्ते पिछले कुछ महीनों में भारत और बांग्लादेश के डिप्लोमेटिक रिलेशंस बेहद खराब हुए हैं। बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा और हत्या होने के बाद भारत में बांग्लादेशी खिलाड़ियों और कलाकारों के विरोध की बात होने लगी। बिगड़ते माहौल का हवाला देते हुए बांग्लादेश सरकार ने टीम भेजने से मना कर दिया। हालांकि BCB के प्रेसिडेंट अमीनुल इस्लाम बुलबुल ने कहा कि हम ICC से एक बार फिर बात करेंगे और कहेंगे कि वे हमारी चिंताओं पर ध्यान दें। बांग्लादेश इस मसले पर अपनी लड़ाई जारी रखेगा। बांग्लादेश के बायकॉट के फैसले के बाद अब उसकी जगह स्कॉटलैंड की टीम T20 वर्ल्ड कप में खेल सकती है। सवाल-2: वर्ल्ड कप न खेलने से बांग्लादेश को क्या-क्या नुकसान होगा? जवाब: वर्ल्ड कप न खेलने से बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड से लेकर बांग्लादेश में बिजनेस को अच्छा-खासा नुकसान हो सकता है… पार्टिसिपेशन फीस नहीं मिलेगी, बोर्ड का घाटा मैच जीतने पर भी फीस मिलती है, इसका नुकसान स्पॉन्सर और कॉमर्शियल लॉस रैंकिंग पर असर दैनिक भास्कर डिजिटल के स्पोर्ट्स एडिटर बिक्रम प्रताप सिंह के मुताबिक बांग्लादेश ने पाकिस्तान से प्रभावित होकर फैसला तो ले लिया कि वह वर्ल्ड कप बायकॉट कर देगा, लेकिन ICC में पाकिस्तान का फिर भी दबदबा है। भारत-पाकिस्तान मैच से पूरे वर्ल्ड कप का 25% तक रेवेन्यू आता है, लेकिन बांग्लादेश के साथ ऐसा नहीं है। उसने वर्ल्ड कप बायकॉट कर अपना ही नुकसान किया है। हालांकि BCB की फाइनेंस कमेटी के प्रमुख और अंतरिम सरकार के स्पोर्ट्स एडवाइजर नजमुल हुसैन ने हाल ही में कहा था कि बांग्लादेश के वर्ल्ड कप न खेलने से बोर्ड को कोई नुकसान नहीं होगा। जो नुकसान होगा वो खिलाड़ियों को होगा। सवाल-3: वर्ल्ड कप न खेलने से बांग्लादेश के खिलाड़ियों को क्या नुकसान होगा जवाब: वर्ल्ड कप न खेलने से बांग्लादेशी खिलाड़ियों के करियर और फाइनेंस को नुकसान होगा… हर खिलाड़ी को साढ़े सात लाख का नुकसान रैंकिंग पर असर स्पॉन्सर्स का पीछे हटना सवाल-4: क्या ICC बांग्लादेश टीम के खिलाफ कोई एक्शन ले सकती है? जवाब: ICC के पास कार्रवाई का अधिकार है। ICC के नियमों के मुताबिक वर्ल्ड कप का बायकॉट, मेंबर्स पार्टिसिपेशन एग्रीमेंट के खिलाफ है। ऐसे मामलों में ICC आर्थिक दंड से लेकर सदस्यता निलंबन तक का फैसला ले सकती है। पहले भी ICC सख्त कदम उठा चुकी है। 2019 में जिम्बाब्वे क्रिकेट को राजनीतिक दखल के कारण निलंबित किया गया था, जिससे वह 2020 में कोई ICC टूर्नामेंट नहीं खेल सका। अगर ICC को लगता है कि बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने राजनेताओं के दबाव में फैसला लिया है, तो ICC के सदस्य के तौर पर उसके निलंबन पर सोचा जा सकता है। अगर बांग्लादेश टीम टूर्नामेंट से हटती है तो ICC उसे ग्रुप स्टेज में भागीदारी पर मिलने वाले लगभग 3 लाख डॉलर भी नहीं देगी। इसके अलावा बोर्ड को ICC से मिलने वाला 30–40 मिलियन डॉलर का सालाना हिस्सा भी रोका जा सकता है। इसके अलावा ICC भविष्य में बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड से बड़े टूर्नामेंट्स की मेजबानी का अधिकार भी छीन सकता है। इससे अंतरराष्ट्रीय स्पॉन्सरशिप पर असर पड़ेगा। सवाल-5: क्या पाकिस्तान भी वर्ल्ड कप का बायकॉट कर सकता है? जवाब: पाकिस्तान के वर्ल्ड कप बायकॉट करने की संभावना कम है क्योंकि उसके मैच पहले से ही भारत में नहीं होना तय है। पाकिस्तान के सभी मैच श्रीलंका में शेड्यूल हैं। हालांकि PCB के चेरयमैन मोहसिन नकवी ने कहा है कि बांग्लादेश के साथ गलत हुआ है। अगर हमारी सरकार ने वर्ल्ड कप खेलने से मना किया, तो हम भी टीम नहीं भेजेंगे। लेकिन नकवी बार-बार बयान बदल रहे हैं। कुछ दिन पहले टेलिकॉम एशिया स्पोर्ट्स ने PCB सूत्रों के हवाले से लिखा कि पाकिस्तान वर्ल्ड कप न खेलने जैसा कदम नहीं उठाएगा। सवाल-6: बांग्लादेश के बायकॉट करने से क्या भारत को भी कोई नुकसान हो सकता है? जवाब: बांग्लादेश के वर्ल्ड कप बायकॉट करने से भारत से ज्यादा बांग्लादेश को ही नुकसान होगा। इससे भविष्य में अब भारत भी बांग्लादेश के साथ द्विपक्षीय सीरीज खेलने से इनकार कर सकता है। जब भारत-बांग्लादेश के मैच होते हैं तो बांग्लादेश के ब्रॉडकास्टर और स्पॉन्सर सबसे ज्यादा कमाई करते हैं। IPL से भी यह कमाई करते हैं। भारत से संबंध खराब कर BCB अपना ही नुकसान कर रहा है। हालांकि मैच टिकट और टूरिज्म से होने वाली कमाई का नुकसान भारत को झेलना पड़ेगा… ***** बांग्लादेश क्रिकेट विवाद से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए... बांग्लादेश टी-20 वर्ल्ड कप से बाहर होने की कगार पर: बोर्ड बोला- भारत में नहीं खेलेंगे; ICC ने कल कहा था- इंडिया में ही खेलना होगा बांग्लादेश ने गुरुवार को भारत में टी-20 वर्ल्ड कप खेलने से इनकार कर दिया, जिसके बाद टीम का टूर्नामेंट से बाहर होना तय माना जा रहा है। एक दिन पहले ही ICC ने स्पष्ट किया था कि बांग्लादेश के सभी ग्रुप मैच भारत में ही कराए जाएंगे। पूरी खबर पढ़िए...

दैनिक भास्कर 24 Jan 2026 8:04 pm

'भ्रमित जोकर हैं जेलेंस्की', यूक्रेनी राष्ट्रपति पर क्यों भड़क गया ईरान, कहा- दुनिया ऐसे नेताओं से ऊब चुकी

Iran on Ukraine News: यूएस के निशाने पर चल रहा ईरान यूक्रेन पर बुरी तरह भड़का हुआ है. उसने यूक्रेनी राष्ट्रपति को 'भ्रमित जोकर' बताते हुए कहा कि अब दुनिया ऐसे नेताओं से ऊब चुकी है.

ज़ी न्यूज़ 24 Jan 2026 8:00 pm

ग्रीनलैंड पर नजर, साथ में पेंगुइन! व्हाइट हाउस की AI हरकत ने इंटरनेट को हंसा-हंसा कर लोटपोट क्यों कर दिया

Donald Trump Greenland News: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ग्रीनलैंड पर गहरी नजर है. वे इस बर्फीले द्वीप को किसी भी हाल में कब्जाना चाहते हैं. अब ट्रंप की एक AI हरकत ने इंटरनेट को हंसा-हंसा कर लोटपोट कर दिया है.

ज़ी न्यूज़ 24 Jan 2026 5:24 pm

एआइ चैटबॉट ‘ग्रोक’ को लेकर वैश्विक चिंता: एक्स पर अश्लील तस्वीरों की बाढ़, कई देशों ने उठाए सख्त कदम

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, यह पूरा मामला दिसंबर के अंत में सामने आया, जब एक्स पर यूजर्स ने ग्रोक का इस्तेमाल कर वास्तविक लोगों की तस्वीरों को अश्लील रूप में बदलना शुरू किया।

देशबन्धु 24 Jan 2026 2:59 pm

‘पाकिस्तान पर ना करें भरोसा’, अमेरिकी सीनेटर ने रूबियो को लिखा खत- PAK में मानवाधिकारों को लेकर जताई चिंता

Us Senator Warner Letter: अमेरिका के सीनेटर मार्क आर. वॉर्नर ने विदेश मंत्री मार्को रूबियो को एक चिट्ठी लिखकर पाकिस्तान में चल रही हालात पर चिंता जताई है. उन्होंने कहा है कि वहां राजनीतिक नेताओं, पत्रकारों और एक्टिविस्ट्स के खिलाफ गिरफ्तारियां हो रही हैं. दबाव बनाया जा रहा है. सीनेटर ने रूबियो से अपील की है कि अमेरिका को इस मुद्दे पर कूटनीतिक कदम उठाने चाहिए. पाकिस्तान सरकार से सीधे बात करनी चाहिए.

ज़ी न्यूज़ 24 Jan 2026 2:48 pm

कौन है विजय कुमार जिसने US में पत्नी समेत 3 रिश्तेदार को मारी गोली? कैसे 3 नन्हें बच्चों ने बचाई अपनी जान

Vijay Kumar Indian Man Kills Wife: अमेरिका के जॉर्जिया राज्य में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. यहां भारतीय मूल के एक व्यक्ति विजय कुमार पर अपनी पत्नी और तीन रिश्तेदारों की गोली मारकर हत्या करने का आरोप है. यह घटना घरेलू विवाद के बाद हुई बताई जा रही है. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. मामले की जांच जारी है.

ज़ी न्यूज़ 24 Jan 2026 2:33 pm

'जनता को गुमराह कर रहे हैं मोहम्मद यूनुस...', आम चुनावों से पहले भड़की आवामी लीग, क्यों कहा- बना रहेगा काला धब्बा?

Bangladesh News: बांग्लादेश में सियासी तकरार छिड़ी है. इसी बीच अवामी लीग ने मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार पर तथाकथित रेफरेंडम (जनमत संग्रह) कराने की कोशिश का आरोप लगाया है.

ज़ी न्यूज़ 24 Jan 2026 2:33 pm

US: पति की फायरिंग में 4 भारतीयों की मौत; बच्चों ने अलमारी में छिपकर बचाई जान, फिर बुलाई पुलिस

USA Shooting: अमेरिका के जॉर्जिया के लॉरेंसविले में शुक्रवार तड़के पारिवारिक विवाद के दौरान गोलीबारी हुई, जिसमें एक भारतीय नागरिक सहित चार लोगों की मौत हो गई. ग्विनेट काउंटी पुलिस के अनुसार, ब्रूक आइवी कोर्ट स्थित घर से गोलीबारी की सूचना मिली थी. मौके पर पहुंची पुलिस ने चारों वयस्कों को मृत पाया.

ज़ी न्यूज़ 24 Jan 2026 12:20 pm

पैसे पर पीस कैसी? ट्रंप के गाजा 'प्राइवेट क्लब' में क्या भारत को शामिल होना चाहिए

Trump Board of Peace: शांति के नाम पर आने वाली पहलें अक्सर बड़ी-बड़ी बातों से सजी होती हैं. डोनाल्ड ट्रंप की ‘बोर्ड ऑफ पीस’ भी कुछ ऐसी ही है. यह बोर्ड गाजा के लिए 1 अरब डॉलर के स्थायी फंड के साथ सामने आया है. इस घोषणा ने दुनिया भर के नेताओं और राजनयिकों को चौंका दिया है.

ज़ी न्यूज़ 24 Jan 2026 12:16 pm

दावोस में बड़ा धमाका: Elon Musk ने भरी सभा में खोली ट्रंप के Board of Peace की पोल, सन्न रह गई दुनिया!

Elon Musk On Trump: दुनिया के सबसे बड़े बिजनेसमैन और टेक जगत के दिग्गज एलन मस्क ने दावोस के मंच पर एक चौंकाने वाली बात कह दी है. एलन मस्क ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नई पहल पर ऐसा तंज कसा कि माहौल अचानक गंभीर हो गया. मजाकिया शब्दों के पीछे छिपा तीखा तंज करते हुए मस्क ने शांति के नाम पर शुरू की गई एक योजना पर यह सवाल खड़ा कर दिया है.

ज़ी न्यूज़ 24 Jan 2026 11:21 am

कुछ महीनों में इंसानों को पीछे छोड़ देगा AI? एलन मस्क ने बताया 2030 तक क्या गजब होने वाला है

एलन मस्क ने कहा कि AI की क्षमता में जो उछाल देखने को मिल रहा है, वह पहले की तुलना में कहीं ज्यादा तेज है। उन्होंने कहा, “संभव है कि इसी साल के अंत तक AI किसी भी एक इंसान से ज्यादा समझदार हो जाए।

देशबन्धु 24 Jan 2026 10:48 am

'हम साथ-साथ हैं...', भारत ने ईरान का किया खुला समर्थन, UN में इंडिया का रुख देख उड़े पश्चिमी देशों के होश

UNHRC Iran Resolution: संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के 39वें सत्र में भारत ने कुछ ऐसा किया की पश्चिमी देश पूरी तरह से चौंक गए. एक प्रस्ताव में भारत ने विपक्ष में वोटिंग की जिससे हर कोई हैरान हो गया.

ज़ी न्यूज़ 24 Jan 2026 10:35 am

दावोस में शहबाज की बेइज्जती: बोर्ड ऑफ पीस में PAK की एंट्री पर भड़का इजरायल, बताया आतंक का मसीहा

Shehbaz Sharif: दावोस में विश्व आर्थिक मंच (WEF) पर पाकिस्तान को बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा. जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 'बोर्ड ऑफ पीस' शांति चार्टर पर हस्ताक्षर किए तो इसके कुछ ही घंटों में इजराइल के वित्त मंत्री नीर बरकत ने पाकिस्तान की भागीदारी को सार्वजनिक रूप से खारिज कर दिया और इसे आतंकवाद समर्थक करार दिया.

ज़ी न्यूज़ 24 Jan 2026 9:59 am

ड्रग, रेप और MMS...13 साल तक पूर्व पॉलिटिशियन लूटता रहा इज्जत, चीखती एक्स वाइफ की आहों ने पहुंचाया सलाखों के पीछे

UK News: UK से एक हैरान करने वाला केस सामने आया है. यहां पर एक पूर्व पूर्व पॉलिटिशियन ने 13 साल तक अपनी पूर्व पत्नी का यौन शोषण किया. इतना ही नहीं उसने पत्नी को ड्रग भी दिया.

ज़ी न्यूज़ 24 Jan 2026 9:32 am

आपका अस्तित्व US की वजह से, अगली बार सोचकर दें बयान... ट्रंप ने कनाडा को दी चेतावनी

Donald Trump: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा की आलोचना करते हुए कहा कि ग्रीनलैंड पर गोल्डन डोम मिसाइल रक्षा परियोजना को अस्वीकार करना गलत है. उन्होंने चेतावनी दी कि चीन अगले साल कनाडा को निगल सकता है. ट्रंप ने कहा कि कनाडा को अमेरिका से मिलने वाली सुरक्षा और सुविधाओं के लिए आभारी होना चाहिए, क्योंकि उसका अस्तित्व अमेरिका की वजह से है.

ज़ी न्यूज़ 24 Jan 2026 9:09 am

अमेरिका में सिख विरोधी नफरत रोकने के लिए नया बिल पेश

अमेरिका में सिख समुदाय के खिलाफ भेदभाव और नफरत से जुड़ी घटनाओं को रोकने के लिए एक नया कानून अमेरिकी कांग्रेस की प्रतिनिधि सभा (यूएस हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स) में दोनों पार्टियों का समर्थन हासिल कर रहा है

देशबन्धु 24 Jan 2026 8:43 am

मौत की ओर या खुद की खोज? ग्रुप छोड़ पहाड़ों की तरफ अकेले क्यों निकल पड़ा ये पेंगुइन, वायरल वीडियो के पीछे का खौफनाक सच!

nihilist penguin meme​:सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक पेंगुइन एक पहाड़ की ओर चलता जा रहा है, जो उससे 70KM दूर है. लोग इस वीडियो को अपने लिए प्रेरणा से जोड़ रहे हैं पर आज हम आपको इस वीडियो का पूरा सच बताएंगे.

ज़ी न्यूज़ 24 Jan 2026 8:40 am

दुनिया की 8वीं सबसे बड़ी आबादी, लेकिन सिर्फ 80 हिंदू उम्मीदवार; बांग्लादेश में सियासत के हाशिये पर अल्पसंख्यक

Bangladesh Election 2026: बांग्लादेश में 12 फरवरी को होने वाले चुनाव से जुड़े आंकड़े देश में धार्मिक और जातीय अल्पसंख्यकों की सीमित राजनीतिक भागीदारी की ओर इशारा करते हैं. 17 करोड़ से अधिक की आबादी वाले इस देश में केवल 80 अल्पसंख्यक कैंडिडेट चुनावी मैदान में हैं. इनमें से 12 उम्मीदवार निर्दलीय हैं, जबकि शेष को विभिन्न राजनीतिक दलों ने टिकट दिया है.

ज़ी न्यूज़ 24 Jan 2026 8:31 am

जब इस्लाम का नाम भी नहीं था... भारत-ईरान के साथ रिश्तों पर क्या बोला तेहरान? कितना पुराना है संबंध

Iran Protests: ईरान में जारी हिंसा और असंतोष के बीच ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने कहा कि भारत-ईरान संबंध इस्लाम से भी हजारों वर्ष पुराने हैं. उन्होंने बताया कि 3000 वर्ष पहले ईरान में भारतीय दर्शन, गणित, खगोल विज्ञान और चिकित्सा का अध्ययन होता था, जिसने ईरानी सभ्यता को समृद्ध किया.

ज़ी न्यूज़ 24 Jan 2026 7:13 am

पाकिस्तान, अफगानिस्तान या ईरान नहीं बनेगा बांग्लादेश, सत्ता में आई जमात तो कैसा होगा पड़ोसी मुल्क?

Bangladesh News: बांग्लादेश में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए जमात-ए-इस्लामी के चीफ शफीकुर रहमान ने कहा कि उनकी पार्टी सत्ता में आती है, तो बांग्लादेश बांग्लादेश ही रहेगा और पाकिस्तान, अफगानिस्तान या ईरान नहीं बनेगा.

ज़ी न्यूज़ 24 Jan 2026 6:27 am

जश्न की खुशियों में घुला आतंक! पाकिस्तान में शादी के बीच आत्मघाती हमला, 5 की मौत, 10 घायल

Pakistan Suicide Blast: पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में एक शादी की खुशियां अचानक मातम में बदल गईं. डेरा इस्माइल खान जिले में शादी समारोह के दौरान हुए आत्मघाती धमाके में कम से कम 5 लोगों की मौत हो गई है. वहीं 10 लोग घायल हो गए हैं. धमाका इतना तेज था कि कमरे की छत गिर गई.

ज़ी न्यूज़ 24 Jan 2026 6:12 am

माइनस 40 नंबर लाने वाले डॉक्टर से कौन इलाज करवाएगा:SC/ST/OBC सीटों पर 0 पर्सेंटाइल, डॉक्टर बोले- प्राइवेट कॉलेजों की सीट भरेंगे

डॉक्टरों के पोस्ट ग्रेजुएशन में एडमिशन के लिए होने वाला NEET-PG एग्जाम विवादों में है। इस साल सेकेंड राउंड की काउंसलिंग के बाद भी देश भर के मेडिकल कॉलेजों में PG की करीब 18 हजार सीटें खाली रह गईं। जिसके बाद NEET PG-2025 एग्जाम का कट-ऑफ SC/ST/OBC कैटेगरी के लिए परसेंटाइल घटाकर जीरो कर दिया गया। 13 जनवरी को नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन्स इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) ने कटऑफ घटाने के लिए नोटिफिकेशन जारी किया। इसके मुताबिक, रिजर्व कैटेगरी के लिए परसेंटाइल जीरो कर दिया गया, जो पहले 40 था। परसेंटाइल निकालने के फॉर्मूले के तहत एग्जाम में -40 मार्क्स पाने वाला कैंडिडेट भी अब काउंसलिंग में शामिल हो पाएगा। सरकार का तर्क है कि इससे सीटें खाली नहीं रहेंगी। वहीं डॉक्टर्स आरोप लगा रहे हैं कि ये प्राइवेट कॉलेज की सीटें भरने के लिए किया गया है। इस फैसले के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में संचित सेठ ने एक जनहित याचिका दाखिल की थी। 21 जनवरी को हाई कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि ये एग्जाम डॉक्टरों की क्वालिटी चेक करने का नहीं है, बल्कि उन्हें PG कोर्स में दाखिला दिलाने का है। हालांकि अब भी एक याचिका सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई है, जिस पर सुनवाई होनी है। NEET PG से जुड़े इस विवाद को समझने के लिए हमने कुछ डॉक्टर्स से बात की। साथ ही मेडिकल फील्ड से जुड़ी ऑर्गनाइजेशन का भी पक्ष जाना। डॉक्टर्स क्या कह रहे…ये सब प्राइवेट कॉलेजों की सीट भरने के तरीकेजयपुर के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में काम कर रहे डॉ योगेश वर्मा ने NEET PG 2025 का एग्जाम दिया था। 3 साल पहले उन्होंने चेन्नई के एक सरकारी कॉलेज से MBBS पूरा किया। जीरो परसेंटाइल पर योगेश कहते हैं, ‘ये सिर्फ और सिर्फ बड़े प्राइवेट कॉलेज को फायदे पहुंचाने के लिए किया जा रहा है। डॉक्टर की काबिलियत से इसका कोई लेना-देना नहीं है।‘ ‘इनका सिर्फ एक ही मकसद है, खूब पैसे कमाकर प्राइवेट कॉलेज की सीट भरी जाए। मुझे लगता है कि एग्जाम कराने वाली बॉडी प्राइवेट कॉलेज के इशारों पर ऐसा करती है। ये स्टूडेंट के फायदे के लिए तो नहीं है। ये सिर्फ सीट भरने के लिए हर साल ऐसा कर रहे हैं।’ परसेंटाइल पर विवाद को लेकर योगेश कहते हैं, ’ये -40 या जीरो परसेंटाइल का विवाद नहीं है। जब आपने क्वालिफाइंग मार्क्स इतना घटा दिया है तो जीरो या उससे नीचे सब बराबर है। इसे ऐसे बनाया गया है ताकि सिर्फ इसी (-40 मार्क्स) पर बात हो।’ NEET PG 2025 में ‘आंसर की’ भी सही तरीके से नहीं दी गई थी। पिछले साल सितंबर में जब ‘आंसर की’ आई तो क्वेश्चन पेपर नहीं दिए गए, जिससे पता चल सके कि किस सवाल का जवाब गलत हुआ। वे आरोप लगाते हैं कि जितनी भी मेडिकल बॉडी हैं, वे प्राइवेट कॉलेज, बड़े कॉर्पोरेट हॉस्पिटल के लिए काम कर रही हैं। स्टूडेंट्स के लिए कोई काम नहीं कर रही हैं। कम नंबर पर भी पैसे देकर सीट मिले तो क्या दिक्कतदिल्ली के दीनदयाल उपाध्याय हॉस्पिटल में सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर नीतेश सेहरावत के भी ऐसे ही आरोप हैं। वे कहते हैं, ‘इससे सिर्फ उन्हीं स्टूडेंट्स का फायदा होगा, जो प्राइवेट कॉलेज में ज्यादा फीस देकर पढ़ सकते हैं। जिसके मार्क्स कम हैं और उसके पास पैसे हैं, वो भला प्राइवेट कॉलेज में क्यों नहीं जाना चाहेगा।‘ ‘सच्चाई यही है कि जिसके 200-300 मार्क्स होंगे, तब भी वो अच्छी सीट नहीं ले सकता। आप अगर बराबरी लाने की बात करते हैं तो प्राइवेट कॉलेज की फीस भी नॉर्मल करिए, तभी कोई बात बनेगी। अभी तो सबका मकसद यही है कि प्राइवेट कॉलेज की सीट खाली ना जाए।‘ नीतेश ने भी पिछले साल NEET PG 2025 का एग्जाम दिया था। वे कहते हैं कि कुछ तो क्वालिफिकेशन रखनी ही पड़ेगी ताकि एग्जाम का स्टैंडर्ड बना रहे। ये सही बात है कि NEET सिर्फ एडमिशन के लिए है। लोग पढ़ाई करके और एग्जाम देकर ही पोस्ट ग्रेजुएट होंगे। ऐसे में फिर आप फीस ही नॉर्मलाइज कर दें।’ NEET PG का एग्जाम कुल 800 मार्क्स का होता है। तीन घंटे के पेपर में 180 सवाल पूछे जाते हैं। कट-ऑफ रिवाइज होने से पहले NEET PG 2025 में जनरल/EWS कैटेगरी के लिए क्वालिफाइंग 50 पर्सेंटाइल था, जो 276 मार्क्स के बराबर था। वहीं SC/ST/OBC के लिए 40 पर्सेंटाइल था, जो 235 मार्क्स के बराबर था। जब सीटें बढ़ाई गईं, तो खाली रहने लगींदेश के सरकारी और प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में पोस्ट ग्रेजुएट सीट की संख्या 80,291 है। 2014 में ये संख्या 31,185 थी। क्लीनिकल सीटें जैसे रेडियोलॉजी, सर्जरी, डर्मेटोलॉजी, जनरल मेडिसिन जैसे सब्जेक्ट की सीटें जल्दी भर जाती हैं। जबकि सरकारी कॉलेजों में नॉन-क्लीनिकल (जिसमें मरीजों को ऑपरेट नहीं करते) सब्जेक्ट्स जैसे एनॉटामी, फिजियोलॉजी, बायोकेमिस्ट्री की सीटें लगातार खाली रहने लगीं। प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों की महंगी फीस के कारण ज्यादातर स्टूडेंट वहां नहीं जा पाते हैं। इसलिए पिछले कुछ सालों से पर्सेंटाइल घटाया जाने लगा है। दरअसल NEET PG एंट्रेंस पास करने के लिए परसेंटाइल का इस्तेमाल किया जा रहा है। यानी अगर किसी का परसेंटाइल 50 आया है तो इसका मतलब होता है, एग्जाम में बैठने वाले 50% स्टूडेंट्स से उसने बेहतर परफॉर्म किया है। ये कैंडिडेट की रैंक और एग्जाम में शामिल कुल कैंडिडेट की संख्या पर निर्भर करता है। 2025 में जीरो या उससे कम मार्क्स लाने वाले कैंडिडेट की संख्या 126 है। इनमें से 14 कैंडिडेट के जीरो आए हैं। वहीं -40 मार्क्स लाने वाला सिर्फ एक कैंडिडेट है। इसलिए जीरो पर्सेंटाइल के हिसाब से सबसे कम स्कोर वाले को भी कट-ऑफ में रखा गया है। NBEMS ने जो नोटिफिकेशन जारी किया, उसके मुताबिक जीरो पर्सेंटाइल के तहत -40 मार्क्स तक के स्टूडेंट काउंसलिंग के काबिल हैं। ये पहली बार नहीं है, जब NEET PG में कट-ऑफ पर्सेंटाइल जीरो किया गया है। इससे पहले 2023 में सभी कैटेगरी के स्टूडेंट्स के लिए कट-ऑफ पर्सेंटाइल जीरो किया गया था। हालांकि तब मेडिकल बॉडी ने जीरो पर्सेंटाइल के साथ मार्क्स नहीं बताया था। तब इस तरह का विरोध भी नहीं देखा गया था। NEET PG एग्जाम से डिग्री नहीं मिलती, ये एडमिशन के लिएइस पूरे विवाद पर हमने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) से बात की, जो सरकार के फैसले को सपोर्ट कर रही है।12 जनवरी को IMA ने कट-ऑफ घटाने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को चिट्ठी लिखी थी। जिसमें कहा कि मौजूदा कट-ऑफ से काबिल उम्मीदवार काउंसलिंग के प्रोसेस से बाहर हो जा रहे हैं। IMA के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ अनिल कुमार नायक बताते हैं कि संगठन को शिकायत मिल रही थी कि बहुत सारी सीटें खाली हैं और कट-ऑफ 50 पर्सेंटाइल से कम होने से ये सीटें भरी जा सकती हैं। वे कहते हैं, ‘NEET PG देने के बाद किसी को डिग्री नहीं मिल जाती है। इसमें 50% मार्क्स के साथ MBBS पास करने वाले स्टूडेंट बैठते हैं।‘ ‘SC या OBC स्टूडेंट भी इतने या इससे ज्यादा मार्क्स से पास हुए हैं। इसलिए उनकी योग्यता पर सवाल नहीं है। ये डॉक्टर अब भी प्रैक्टिस कर सकते हैं, लेकिन वे पोस्ट ग्रेजुएशन के लिए जा रहे हैं। PG में एडमिशन मिलने के बाद इन्हें भी तीन साल बाद 50% मार्क्स से पास होने के बाद ही डिग्री मिलेगी।‘ डॉ अनिल के मुताबिक, पर्सेंटाइल घटाने की प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार हो रही है। दो राउंड की काउंसलिंग हो चुकी है। उसके बाद 18,000 सीटें खाली हैं। इनमें आधी से ज्यादा सीट सरकारी मेडिकल कॉलेजों की हैं। वहां नॉन-क्लीनिकल सब्जेक्ट्स जैसे एनॉटामी, फिजियोलॉजी, बायोकेमिस्ट्री, फोरेंसिक मेडिसिन की सीटें खाली हैं। ऐसे में ये कहना कि सिर्फ प्राइवेट कॉलेज को फायदा पहुंचाने के लिए हुआ है, वो गलत है। वे आगे कहते हैं, ‘जो लोग SC/ST/OBC स्टूडेंट्स को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं, उनसे मैं कहना चाहता हूं कि ये (पर्सेंटाइल घटाना) सबके लिए किया गया है। जो लोग राजनीति करना चाह रहे हैं, वही इस तरह की बातें कर रहे हैं। जनरल कैटेगरी के लिए 7 पर्सेंटाइल किया गया है। नियमों के मुताबिक, रिजर्व कैटेगरी के लिए इससे 10 पर्सेंटाइल कम होना चाहिए। इसलिए ये जीरो किया गया है। ये सभी काबिल डॉक्टर हैं। नेगेटिव प्रचार नहीं करना चाहिए।’ डॉ अनिल कहते हैं कि जो लोग SC/ST या OBC को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं, उन्हें पता होना चाहिए कि MBBS के एडमिशन में इन कैटेगरी से आने वाले स्टूडेंट्स का मार्क्स और जनरल कैटेगरी के स्टूडेंट्स के मार्क्स में ज्यादा अंतर नहीं होता है। ये सिर्फ रिजर्व कैटेगरी से आने वाले स्टूडेंट्स को बदनाम करने की मानसिकता है। ये प्राइवेट कॉलेजों में एडमिशन दिलाने का नेक्ससहालांकि फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (FAIMA) सरकार के इस फैसले का विरोध कर रहा है। उसका कहना है कि निगेटिव मार्क्स के साथ PG मेडिकल ट्रेनिंग की परमिशन देना किसी भी एकेडेमिक स्टैंडर्ड के हिसाब से सही नहीं है। FAIMA के चीफ एडवाइजर डॉ बिभू आनंद सवाल उठाते हैं कि सरकार का ये कदम प्राइवेट मेडिकल कॉलेज की सीटें भरने के लिए किया गया है। ये कदम हेल्थ सेक्टर को नुकसान पहुंचा सकता है। डॉ बिभू कहते हैं, ‘प्राइवेट मेडिकल कॉलेज में एडमिशन दिलवाने का ये एक नेक्सस चल रहा है। इसलिए पर्सेंटाइल इस तरह से कम किया जा रहा है। अगर किसी ने MBBS क्वालिफाई किया है तो फिर NEET PG में जीरो या नेगेटिव मार्क्स कैसे आ सकते हैं। कम से कम उन्हें बेसिक नॉलेज तो होगी। मेरिट वाले कैंडिडेट सरकारी कॉलेजों में ही जाएंगे। जीरो पर्सेंटाइल होने से प्राइवेट कॉलेज में पैसे देकर जाने का रास्ता साफ हो जाता है।‘ डॉ बिभू आगे कहते हैं, ‘ऐसा नहीं है कि ये किसी खास कैटेगरी के लिए गलत है, बल्कि सभी के लिए गलत है। सरकार को खुद ये सोचना चाहिए कि किसी ऐसे डॉक्टर से कौन इलाज करवाएगा, जिसने एक सवाल का जवाब नहीं दिया हो।‘ वे कहते हैं, ‘सरकार को ऐसा नियम बनाना चाहिए कि लोग नॉन-क्लीनिकल ब्रांच में भी रुचि लें। ज्यादातर सीटें वहीं खाली रह रही हैं और सीटें खाली रहने के कारण हम ये नहीं कर सकते हैं कि मरीज की सेहत से समझौता हो। हमें ऐसा माहौल बनाना चाहिए कि सारे कोर्स में लोग एडमिशन लें।‘ ‘मेडिकल स्टैंडर्ड से समझौता नहीं कर सकते‘2022 में भी ये मामला कोर्ट में गया था। तब दिल्ली हाई कोर्ट में कट-ऑफ और कम करने की मांग की याचिका पर केंद्र सरकार ने कहा था कि न्यूनतम क्वालिफाइंग परसेंटाइल जरूरी है, जिससे मेडिकल एजुकेशन और प्रोफेशनल कोर्स का स्तर बना रहे। सरकार की दलील मानते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी थी। कोर्ट ने कहा था कि मेडिकल फील्ड में पढ़ाई की क्वालिटी बहुत जरूरी है, क्योंकि ये लोगों की जान से जुड़ा मामला है। हालांकि, जब 2023 में केंद्र सरकार ने सभी कैटेगरी के लिए कट-ऑफ को जीरो पर्सेंटाइल किया था तब मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था। तब सुप्रीम कोर्ट ने दखल देने से इनकार कर दिया था और कहा था कि ये सरकार का नीतिगत फैसला है और वो इसमें दखल नहीं दे सकता है। सरकार ने कहा- इसे सीटों की बर्बादी रुकेगीनेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) के एक सीनियर अधिकारी ने दैनिक भास्कर को बताया कि विवाद के बाद NEET PG 2026 के लिए एक्सपर्ट की एक कमेटी बनाई जाएगी। वो एग्जाम की मौजूदा प्रॉसेस, मार्किंग सिस्टम और काउंसलिंग प्रोसेस की जांच करेगी। NMC का पक्ष रखते हुए वे कहते हैं, ‘PG में एडमिशन सिर्फ एक ट्रांसपेरेंट तरीके से सीट अलॉट करने का तरीका है। स्टूडेंट्स की असली काबिलियत PG कोर्स के दौरान होने वाली 3 सालों की ट्रेनिंग और उसके बाद फाइनल एग्जाम से जांची जाती है। इसमें स्टूडेंट्स को कोई छूट नहीं दी जाती है। कट-ऑफ कम करने से ज्यादा डॉक्टर इन खाली सीटों में एडमिशन ले सकेंगे और इससे सीटों की बर्बादी रुकेगी।‘ हालांकि अधिकारी कहते हैं कि जो कमेटी बनाई जाएगी, वो पिछले 5 सालों के रिजल्ट देखेगी और पता करेगी कि किन सब्जेक्ट और कॉलेज में सीट खाली रह रही हैं। उन सब्जेक्ट्स में एडमिशन लेने के लिए स्टूडेंट्स को बढ़ावा दिया जाएगा।...................ये खबर भी पढ़ें... ‘जो चल नहीं सकता, वो दंगों का मास्टरमाइंड कैसे’ दिल्ली में रहने वाले 36 साल के मोहम्मद इमरान का घर तुर्कमान गेट के पास है। यहीं उनकी कचौरी की दुकान भी है। 8 जनवरी की सुबह वो रोज की तरह दुकान गए, लेकिन शाम को घर नहीं लौटे। परिवार ने परेशान होकर जब ढूंढना शुरू किया तो करीब 2 घंटे बाद आसपास वालों ने बताया कि पुलिस उठा ले गई। थाने पहुंचने पर पता चला कि दंगे का केस लगा है। पढ़िए पूरी खबर...

दैनिक भास्कर 24 Jan 2026 5:14 am

DNA: ट्रंप के यूएन से भारत की दूरी का विश्लेषण, खबर ये भी बड़ी है

Gaza peace board: गाजा के लिए जो पीस बोर्ड बना है उसमें अमेरिका समेत 20 देशों ने शामिल होने पर सहमति दी है. गौर से देखने पर पता चलेगा कि 20 में से 10 इस्लामिक देश हैं. इस वजह से सवाल उठता है कि गाजा पीस बोर्ड बनाने चले ट्रंप कहीं जाने-अनजाने आसिम मुनीर का प्रोजेक्ट यानी इस्लामिक नाटो तो नहीं बना रहे हैं.

ज़ी न्यूज़ 24 Jan 2026 12:08 am

हिटलर के बाद सबसे ताकतवर सेना बना रहा जर्मनी, यूरोप में अंदरखाने क्या पक रहा है?

Germany:जर्मनी के मिलिट्री प्लान का विश्लेषण आपको बताएगा कि आज के जर्मनी को हिटलर जैसी फौज क्यों याद आ रही है. आपको ये भी पता चलेगा कि जिस अमेरिका ने हिटलर का अंत किया था वही अमेरिका इस हिटलर जैसी सेना के प्लान की वजह क्यों बना है.

ज़ी न्यूज़ 23 Jan 2026 11:50 pm

DNA: शुरु हुई जंग की तैयारी... इस बार ट्रंप नहीं खलीफा ने दी अमेरिका को चुनौती, कभी भी शुरु हो सकता है ईरान-US का युद्ध?

America-Iran Conflict: अमेरिका और ईरान के बीच किसी भी समय जंग होने की संभावना है. इसको लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप नहीं बल्कि खलीफा ने किया है.

ज़ी न्यूज़ 23 Jan 2026 11:12 pm

2027 तक ताइवान पर चीन का कब्जा? जीटीआई डायरेक्टर का चौंकाने वाला दावा

China Taiwan row: दावा किया जा रहा है कि चीन की सेना 2027 तक ताइवान पर कब्जा करने की क्षमता हासिल कर लेगी. ताइवान के दैनिक अखबार ताइपे टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, GTI की सीनियर नॉन-रेसिडेंट फेलो, कोवालेवस्की ने कहा कि 2026 चीन की पीएलए के लिए इस क्षमता तक पहुंचने का ये आखिरी साल है.

ज़ी न्यूज़ 23 Jan 2026 11:06 pm

पहले टैरिफ की मार अब चीन का दौरा; आखिर किस प्लान में ट्रंप? दावोस से लौटते ही कर दिया ये बड़ा ऐलान

US-China Relations: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अप्रैल में चीन की अपनी यात्रा की पुष्टि की है, जिसमें वह राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात करेंगे. ट्रंप ने संकेत दिया कि शी साल के अंत में वाशिंगटन आ सकते हैं. बता दें, ये ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में चीन की उनकी पहली आधिकारिक यात्रा होगी और अमेरिका-चीन संबंधों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है.

ज़ी न्यूज़ 23 Jan 2026 2:52 pm

अपनी ही गुगली में कैसे फंसे ट्रंप? यूक्रेन-ताइवान बना बड़ी समस्या; अब जिनपिंग और पुतिन को कैसे रोकेगा यूएस

US Foreign Policy: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अंतरराष्ट्रीय रणनीति पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं क्योंकि उनके हालिया बयान और कदम वैश्विक नेताओं के साथ तनावपूर्ण परिस्थितियों को पैदा कर रहे हैं. ट्रंप ने हाल ही में यूक्रेन और ताइवान को लेकर अपनी नीतियों का रुख स्पष्ट किया, लेकिन अमेरिका खुद अपनी रणनीति की गुगली में फंसता नजर आ रहा है. आइए समझते कैसे...

ज़ी न्यूज़ 23 Jan 2026 12:39 pm

ईरान के करीब पहुंचा अमेरिका का सबसे विध्वंसक युद्धपोत, ट्रंप की धमकी पर तेहरान की चेतावनी- उंगलियां ट्रिगर पर हैं

अमेरिकी विध्वंसक युद्धपोत और एयरक्राफ्ट कैरियर यूएसएस अब्राहम लिंकन अपने पूरे स्ट्राइक ग्रुप के साथ ईरान के करीब बढ़ रहा है। इसी बीच इस्राइल भी संभावित ‘सरप्राइज वॉर’ की तैयारी में जुटा हुआ बताया जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी एक बार फिर सैन्य कार्रवाई की धमकी देकर माहौल को और गरमा दिया है।

देशबन्धु 23 Jan 2026 12:13 pm

ट्रंप के ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में शहबाज शरीफ की एंट्री, पाकिस्तान में सियासी तूफान, विपक्ष बोला- यह कूटनीति नहीं, बूट पॉलिश है

दावोस में ट्रंप के ठीक बगल में बैठे मुस्कुराते और उनके कानों में कुछ फुसफुसाते शहबाज शरीफ की तस्वीरें सोशल मीडिया से लेकर पाकिस्तानी टीवी चैनलों तक चर्चा का केंद्र बनी हुई हैं। आलोचकों का कहना है कि यह तस्वीर केवल एक औपचारिक कूटनीतिक पल नहीं, बल्कि अमेरिका को खुश करने की पाकिस्तान की पुरानी नीति की नई मिसाल है।

देशबन्धु 23 Jan 2026 11:38 am

ट्रंप का बड़ा फैसला, कनाडा से वापस लिया 'बोर्ड ऑफ पीस' का न्योता; भारत समेत कई देश पहले ही कर चुके हैं मना

Canada: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा को गाजा शांति बोर्ड ( बोर्ड ऑफ पीस) में शामिल होने का निमंत्रण रद्द कर दिया. ट्रंप का ये फैसला WEF में ‘बोर्ड ऑफ पीस’ पहल के चार्टर पर हस्ताक्षर के ठीक बाद आया.

ज़ी न्यूज़ 23 Jan 2026 10:11 am

ट्रंप के टैरिफ वॉर से दुनिया रही त्रस्त, PM मोदी ने सूझबूझ से भारत की इकोनॉमी चमकाई, यूरोपियन लीडर्स के बने रोल मॉडल; रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

PM Modi pushed reforms India growth: Report-अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ वॉर से जब पूरी दुनिया दबाव में है, तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हालात को मौके में ऐसे बदला कि अब पूरी दुनिया में इसकी चर्चा हो रही है. The Economist की रिपोर्ट के मुताबिक, मोदी ने विदेशी दबाव के बीच आर्थिक सुधार किए, भारत की ग्रोथ बनाए रखी और अब यूरोपीय नेता भी भारत के मॉडल को ध्यान से देख रहे हैं. जानें पूरी रिपोर्ट.

ज़ी न्यूज़ 23 Jan 2026 9:57 am

'यह मेरा नहीं बाइडेन सरकार का युद्ध है...', क्यों जटिल बना रूस-यूक्रेन युद्ध? ट्रंप ने बताया असल मुद्दा

Donald Trump: रूस-यूक्रेन के बीच हो रही जंग को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा बयान दिया है. ट्रंप ने कहा है कि पुतिन और जेलेंस्की डील चाहते हैं लेकिन रूस-यूक्रेन युद्ध की स्थिति काफी जटिल है.

ज़ी न्यूज़ 23 Jan 2026 9:25 am

दावोस भाषण की गूंज वॉशिंगटन तक: ट्रंप ने कनाडा का ‘बोर्ड ऑफ पीस’ आमंत्रण लिया वापस, कार्नी से नाराज़गी के संकेत

दावोस में अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने वैश्विक अर्थव्यवस्था और भू-राजनीति पर बोलते हुए कहा था कि अमेरिका का एकछत्र वैश्विक प्रभुत्व धीरे-धीरे खत्म हो रहा है और दुनिया एक बहुध्रुवीय व्यवस्था की ओर बढ़ रही है। उन्होंने उभरती अर्थव्यवस्थाओं और क्षेत्रीय सहयोग की भूमिका पर जोर दिया था।

देशबन्धु 23 Jan 2026 9:20 am

‘हमने 8 जंग रोकी, UN में दम नहीं’ अब संयुक्त राष्ट्र की जगह चलेगा ट्रंप का ‘Board of Peace’? 60 देशों को जोड़ने की तैयारी

Trump Says Board of Peace Will Be Good Thing for UN World: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र ने अब तक अपनी पूरी ताकत नहीं दिखाई. आठ युद्धों में UN कहीं नजर नहीं आया. अब ट्रंप ने ‘Board of Peace’ बनाया है और इसमें 60 देशों को एक साथ लाकर वैश्विक शांति के लिए काम करने की तैयारी कर रहे हैं.

ज़ी न्यूज़ 23 Jan 2026 9:12 am

'संप्रभुता से कोई समझौता नहीं, आर्कटिक में NATO की मौजूदगी जरूरी...' ग्रीनलैंड के मुद्दे पर डेनमार्क की PM मेटे फ्रेडरिक्सन ने ट्रंप को दी चेतावनी

Greenland: डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन ने कहा कि डेनमार्क की संप्रभुता किसी भी हालत में समझौते का विषय नहीं हो सकती और आर्कटिक क्षेत्र, खासकर ग्रीनलैंड के आसपास, नाटो की स्थायी मौजूदगी जरूरी है.

ज़ी न्यूज़ 23 Jan 2026 9:03 am

रूस-यूक्रेन युद्ध पर ट्रंप का बयान: पुतिन-जेलेंस्की समझौते को तैयार

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि यूक्रेन और रूस के बीच समझौता न हो पाने की वजह वही पुरानी समस्याएं हैं

देशबन्धु 23 Jan 2026 8:53 am

अमेरिका ने WHO से क्यों तोड़ा नाता? जिनेवा मुख्यालय से हटाया अपना झंडा

अमेरिका ने विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) से आधिकारिक तौर पर अलग होने की घोषणा कर दी है. अमेरिकी स्वास्थ्य और विदेश विभाग ने बताया कि अमेरिका अब WHO का सदस्य नहीं रहा. इसके साथ ही जिनेवा स्थित WHO मुख्यालय के बाहर से अमेरिकी झंडा भी हटा दिया गया है.

ज़ी न्यूज़ 23 Jan 2026 8:23 am

कलम वाले हाथों में लगी हथकड़ी, स्कूल से लौटे 5 साल के मासूम को उठा ले गए एजेंट, रुला देगी ट्रंप की ये सख्ती

Donald Trump: अमेरिका की सत्ता दोबारा संभालने के बाद राष्ट्रपति ट्रंप काफी सख्त हैं. उनकी सख्ती ये 5 साल के बच्चे पर भी देखी जा रही है. अमेरिका में 5 साल के बच्चे को हिरासत में लिया गया है.

ज़ी न्यूज़ 23 Jan 2026 8:21 am

वेनेजुएला में मादुरो की सत्ता पलटते ही 18 साल बाद तेल नीति भी बदली, अमेरिका की हो गई बल्ले-बल्ले, अब प्राइवेट कंपनियां खूब मचाएंगी लूट?

Venezuela Oil Revamp Will Allow Foreign Drillers: वेनेजुएला में अब तेल का खेल बदलने वाला है. .जनवरी 2026 में अमेरिका ने निकोलस मादुरो को कैप्चर कर लिया और उनकी जगह एक्टिंग प्रेसिडेंट डेलसी रोड्रिगेज ने संभाली. बस तीन हफ्ते बाद ही, 22 जनवरी को वेनेजुएला की नेशनल असेंबली ने तेल सेक्टर में बड़ा रिफॉर्म बिल पास कर दिया है, अगर ये बिल पास हो गया फिरअमेरिका की हो गई बल्ले-बल्ले हो जाएगाा.

ज़ी न्यूज़ 23 Jan 2026 7:17 am

कौन हैं अनीस आलमगीर, जिनकी जमानत याचिका को कोर्ट ने किया खारिज; यूनुस सरकार ने आतंकवाद विरोधी मामले में किया था गिरफ्तार

Bangladesh:बांग्लादेश में जारी तनाव के बीच ढाका की एक अदालत ने आतंकवाद विरोधी अधिनियम के तहत वरिष्ठ पत्रकार अनीस आलमगीर की जमानत याचिका खारिज कर दी. 14 दिसंबर को हिरासत में लिए गए आलमगीर पर राज्य को अस्थिर करने और प्रतिबंधित संगठन को उकसाने का आरोप है.

ज़ी न्यूज़ 23 Jan 2026 7:10 am

ग्रीनलैंड को लेकर ट्रंप की जिद के बीच पुतिन ने लगाई इसकी कीमत, बोले- 'यह रूस की चिंता का विषय नहीं'

ग्रीनलैंड को लेकर इन दिनों बवाल मचा हुआ है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बात साफ कर दी है कि ग्रीनलैंड यूएस का होगा

देशबन्धु 23 Jan 2026 6:20 am

ED रेड के बाद ममता की इमरजेंसी-मीटिंग में क्या हुआ:I-PAC स्टाफ के लिए ‘सीक्रेट गाइडलाइंस’ लागू, क्या रेड से BJP को नुकसान होगा

पश्चिम बंगाल में ममता सरकार के लिए चुनावी रणनीति बना रहे I-PAC ने नए नियम लागू कर दिए हैं। दैनिक भास्कर को I-PAC के कर्मचारियों से मिली जानकारी के मुताबिक स्टाफ के लिए ‘रेड गाइडलाइंस’ लागू की गई हैं। ये बदलाव 8 जनवरी को कंपनी के दफ्तर में हुई ED की रेड के बाद किया गया। छापेमारी के अगले दिन CM ममता बनर्जी और I-PAC के बीच एक इमरजेंसी मीटिंग हुई और पूरे स्टाफ के लिए सीक्रेट एडवाइजरी जारी की गई। रूटीन के कामकाज में भी सतर्कता बरतने के लिए कहा गया है। हालांकि I-PAC का कहना है कि चुनावी तैयारियों पर छापेमारी का असर नहीं पड़ा है। ED की छापेमारी के दौरान CM ममता बनर्जी I-PAC के दफ्तर पहुंचीं, जहां से फाइलें लेकर निकलते वक्त उनकी ED अफसरों से बहस भी हुई। ममता ने गृह मंत्री अमित शाह पर TMC के डॉक्यूमेंट्स उठवाने का आरोप लगाया था। रेड के दिन I-PAC के दफ्तर में और क्या हुआ? उसके बाद I-PAC और TMC की स्ट्रैटजी में क्या बदला? ये जानने के लिए दैनिक भास्कर ने I-PAC में काम करने वाले लोगों से बातचीत की। ‘सबके फोन जमा कराए, एक हॉल में बैठा दिया‘I-PAC ऑफिस में रेड के वक्त स्टाफ भी मौजूद था। एक स्टाफ ने छापे के दिन का हाल बताते हुए कहा, ‘ED की टीम ने दफ्तर में दाखिल होते ही पूरे स्टाफ को एक जगह इकट्ठा कर दिया। हमसे कहा गया कि ये कानूनी तलाशी है, सभी को सहयोग करना होगा। ऐसा लग रहा था, जैसे कोई फिल्म चल रही हो। हम सबके मोबाइल जमा करा लिए गए ताकि कोई बाहर खबर न दे सके। दफ्तर के सभी दरवाजे अंदर से बंद कर दिए। ED की टीम ने हमें एक बड़े हॉल में बैठाया था। जबकि वो छानबीन के लिए अलग-अलग केबिन में चले गए।‘ टीम क्या जांच कर रही थी? एक स्टाफ ने बताया, वो लैपटॉप, हार्ड डिस्क और ई-मेल खंगालने में लगे थे। अफसरों का फोकस उन अलमारियों और कंप्यूटर्स पर था, जिसमें TMC के फंड्स, वेंडर्स की पेमेंट और कैंडिडेट सिलेक्शन से जुड़ी फाइलें रखी थीं। करीब 5 से 6 घंटों तक दफ्तर का कोना-कोना तलाशा गया। ममता जो हरे रंग की फाइल लेकर निकलीं, उसमें क्या?रेड शुरू होने के करीब 5 घंटे बाद CM ममता बनर्जी I-PAC के चेयरमैन प्रतीक जैन के घर पहुंचीं। यहां से वे हरे रंग की फाइल लेकर निकलीं। ममता ने आरोप लगाया कि ED ने I-PAC चेयरमैन के घर पर छापेमारी करके TMC का इंटरनल डेटा जब्त करने की कोशिश की। फाइल लेकर उन्होंने कहा कि इसमें TMC से जुड़ी हार्ड डिस्क, स्ट्रैटजी और पॉलिसीज की जानकारी है। ममता ने गृह मंत्री अमित शाह पर सवाल उठाया और रेड को डराने-धमकाने की कार्रवाई बताया। अफसरों और ममता के बीच क्या बातचीत हुईप्रतीक जैन के घर से ममता सीधे I-PAC के ऑफिस पहुंची थीं। उनके साथ DGP, पुलिस फोर्स और Z-सिक्योरिटी के जवान भी थे। उस वक्त ऑफिस में मौजूद एक सोर्स ने बताया- ‘CM के पहुंचने के बाद दफ्तर का माहौल ज्यादा बिगड़ गया। वो सीधे उस कमरे में जा पहुंचीं, जहां ED के अफसर डॉक्यूमेंट्स खंगाल रहे थे। CM काफी गुस्से में थीं। उन्होंने अफसरों से रेड की वजह पूछी, इस दौरान बहस भी हुई। हालांकि इन सबका छापेमारी पर खास असर नहीं हुआ।’ ’CM ममता के साथ आए अफसर रेड के बीच से कई फाइलें लेकर बाहर चले गए। ED की टीम ने उन्हें रोकने की कोशिश भी की। इधर दफ्तर के बाहर कार्यकर्ताओं और समर्थकों की भीड़ बढ़ने लगी। ये सब देखकर स्टाफ में मौजूद कई लोगों की घबराहट बढ़ गई थी।’ इन फाइलों में क्या था? इसे लेकर सोर्स ने बताया, ’इनमें I-PAC के ग्राउंड पर किए जा रहे सर्वे से लेकर कई तरह का डेटा रहता है। चुनाव में कम समय बचा है इसलिए हर विधानसभा सीट के लिए हम एक अलग स्ट्रैटजी बना रहे हैं। इन फाइलों में इन्हीं से जुड़ा डेटा और रिसर्च रहता है।’ हालांकि ED का आरोप है कि ममता ने सरकारी काम में बाधा डाली और डॉक्यूमेंट्स चुराने की कोशिश की। वहीं, CM ममता ने इसे गलत बताया। रेड के बाद कोलकाता पुलिस ने ED अफसरों के खिलाफ FIR दर्ज की, जिसके बाद ED ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। कोर्ट ने पुलिस जांच पर रोक लगा दी। इसे केंद्रीय एजेंसियों पर राज्य के दखल का केस बताते हुए ममता सरकार से जवाब मांगा है। रेड के बाद कैसा था दफ्तर का माहौलकरीब 6 घंटे बाद रेड खत्म हुई। ED की टीम वहां से भारी-भरकम बैग लेकर निकली। तब तक I-PAC के अंदर का नजारा बदल चुका था। सोर्स ने बताया, ’टीम अपने साथ कई लैपटॉप और हार्ड डिस्क का क्लोन डेटा लेकर गई है। इसके तुरंत बाद I-PAC मैनेजमेंट और TMC के नेताओं के बीच एक इमरजेंसी मीटिंग हुई। इसमें तय हुआ कि अब इस रेड को ही BJP के खिलाफ हथियार बनाया जाएगा।’ I-PAC ने स्टाफ को सख्त हिदायत दी कि वे किसी अजनबी से बात न करें। इस बीच न कोई डॉक्यूमेंट नष्ट किया जाएगा और न ही दफ्तर से बाहर ले जाया जाएगा, ताकि आगे किसी भी कानूनी अड़चन से बचा जा सके। I-PAC के स्टाफ के लिए नई 'रेड गाइडलाइंस'छापेमारी के अगले ही दिन I-PAC मैनेजमेंट ने स्टाफ के लिए एक सीक्रेट एडवाइजरी जारी की। इसमें तीन बातों का ध्यान रखने के लिए कहा गया। 1. डिजिटल क्लिनिंग के तहत वर्क लैपटॉप और फोन पर कोई प्राइवेट या सेंसिटिव पॉलिटिकल डेटा न रखें।2. कोई भी कर्मचारी सोशल मीडिया पर रेड या पार्टी के काम को लेकर कमेंट नहीं करेगा।3. जांच एजेंसी अगर दोबारा आती है तो कानूनी टीम की मौजूदगी के बिना कोई बयान दर्ज नहीं कराएगा। रेड के बाद I-PAC की रणनीति क्या? रेड के बाद I-PAC ने अपनी स्ट्रैटजी और आक्रामक कर दी है। संस्था में हमारे सोर्स ने बताया कि किस इलाके में रेड का मुद्दा फायदेमंद होगा और कहां नुकसान हो सकता है, इन पहलुओं को देखते हुए आगे की स्ट्रैटजी बनाई जा रही है। रेड के बाद I-PAC तृणमूल के लिए 3 लेवल प्लान पर काम कर रहा है… 1. TMC नेतृत्व को सुझाव दिया है कि रेड को बंगाल के गौरव पर दिल्ली का हमला बताया जाए। गांव-गांव में ये मैसेज भेजा जा रहा है कि BJP केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल करके आपकी लोकप्रिय योजनाएं बंद कराना चाहती है। 2. माइक्रो मैनेजमेंट के तहत I-PAC की टीमें उन बूथों की पहचान कर रही हैं, जहां वोट शेयर 5% से ज्यादा गिरा है। सरकारी योजनाओं का फीडबैक लिया जा रहा है। इसमें स्वास्थ्य साथी, कन्याश्री जैसी योजनाओं का फायदा किसे नहीं मिला, इसकी लिस्ट सीधे CM ऑफिस भेजी जा रही है। 3. I-PAC कैंडिडेट्स की लिस्ट फाइनल नहीं करता, लेकिन वो हर मौजूदा विधायकों की विनेबिलिटी रिपोर्ट यानी जीतने की क्षमता की रिपोर्ट बना रहा है। इसमें कार्यकर्ताओं से लेकर बूथ लेवल तक फीडबैक लिया जा रहा है। ED की छापेमारी ममता की चुनावी मशीनरी पर अटैकI-PAC पर छापेमारी का चुनाव पर असर समझने के लिए हमने पश्चिम बंगाल की राजनीति को करीब से देखने वाले सीनियर जर्नलिस्ट प्रभाकर मणि तिवारी से बात की। वे कहते हैं, ‘तृणमूल कांग्रेस इस रेड को BJP के खिलाफ एक बड़े हथियार की तरह इस्तेमाल करेगी। ममता इसे बंगाल के अपमान, बंगालियों की अस्मिता और प्रवासी मजदूरों के मुद्दों से जोड़ेंगीं।‘ 2019 के लोकसभा चुनाव के बाद से ही TMC की चुनावी मशीनरी I-PAC संभाल रही है। ऑफिशियल तौर पर I-PAC प्रशासन नहीं चलाता, लेकिन चुनाव से जुड़ा हर छोटा-बड़ा काम देखता है। प्रभाकर इसीलिए रेड को ममता की पॉलिटिकल मशीनरी को कमजोर करने की कोशिश मानते हैं। वे आगे कहते हैं, ‘अगर आप उस जड़ पर वार करेंगे, जो आपकी पूरी रणनीति संभाल रहा है तो उसका कुछ असर होने की उम्मीद रहती ही है। BJP को भी शायद यही उम्मीद है कि इससे कुछ फर्क पड़ेगा। हालांकि असल में कितना और क्या असर होगा, ये कहना अभी जल्दबाजी होगी।‘ छापेमारी के दौरान ममता बनर्जी जो 'ग्रीन फाइल' लेकर बाहर निकली थीं, प्रभाकर मणि उसे मैसेजिंग मानते हैं। 5 साल पुराने केस में छापा, मनी ट्रेल तलाश रही थी EDछापेमारी के तार 5 साल पुराने अनूप मांझी उर्फ लाला केस से जुड़े हैं। मांझी पर बंगाल में कोयला तस्करी का मास्टरमाइंड होने का आरोप है। ED की फाइलों में ये भी दर्ज है कि मांझी के खिलाफ 2000 से 2015 के बीच अवैध कोयला खनन और चोरी से जुड़े 16 केस दर्ज हुए थे। इनमें से कई मामलों में चार्जशीट भी दाखिल की जा चुकी है। ED का दावा है कि कोयला तस्करी से हुई करोड़ों की अवैध कमाई हवाला के जरिए I-PAC तक पहुंचाई गई। 2022 के गोवा विधानसभा चुनाव के दौरान TMC का प्रचार इन्हीं पैसों से किया गया। ED में हमारे सोर्स का दावा है कि मांझी के करीबियों ने I-PAC को फंडिंग दी, जिसके एजेंसी के पास पुख्ता सबूत हैं। रेड का मकसद फाइलों और डिजिटल रिकॉर्ड्स के जरिए उसी मनी ट्रेल को पकड़ना था। पुराने केस ओपन करने की टाइमिंग अहमप्रतीक जैन के TMC में जिम्मेदारी संभालने और ED की कार्रवाई की टाइमिंग को प्रभाकर मणि अहम बताते हैं। वे कहते हैं, ‘प्रतीक जैन पार्टी की IT सेल और सोशल मीडिया संभालते थे। जिस केस का हवाला दिया जा रहा है, वो करीब 5 साल पुराना है। उसमें आखिरी पूछताछ भी 2 साल पहले हुई थी। 2 साल तक कुछ नहीं हुआ और अब अचानक चुनाव के पहले छापेमारी एक संदेश तो देता ही है। वे कहते हैं कि ये रिकॉर्ड रहा है कि चुनाव के पहले गैर-BJP शासित राज्यों में ऐसी रेड बढ़ जाती हैं, जिसे जनता भी पॉलिटिकल टाइमिंग के तौर पर देखती है। पश्चिम बंगाल में I-PAC कैसे काम कर रहा है?इस वक्त I-PAC का पूरा फोकस पश्चिम बंगाल में 2026 के विधानसभा चुनाव पर है। I-PAC सीधे राजनीति में शामिल हुए बिना एक मल्टीलेवल स्ट्रैटजी मैनेजमेंट टीम के तौर पर काम कर रहा है। उसका मेन मकसद डेटा आधारित रणनीति तैयार कर पार्टी नेतृत्व को मदद देना है। 1. बूथ लेवल पर माइक्रो मैनेजमेंटI-PAC हर विधानसभा क्षेत्र और हर बूथ स्तर पर आंकड़ों का एनालिसिस कर रहा है। इसमें देखा जा रहा है कि किस बूथ पर TMC का वोट परसेंट घटा है, कहां जनता में असंतोष है और नाराजगी बढ़ रही है। 2. सर्वे और फीडबैक लेनाग्राउंड टीम के जरिए लगातार रिपोर्ट बनाई जा रही है। इसमें आम लोगों की समस्याएं, सरकारी योजनाओं पर लोगों की राय और लोकल नेताओं की स्वीकार्यता देखी जाती है। 3. सरकारी योजनाओं पर फीडबैक I-PAC ममता बनर्जी की महत्वाकांक्षी योजनाओं के असर पर भी सर्वे कर रही है। इसमें लक्ष्मी भंडार, कन्याश्री, स्वास्थ्य साथी जैसी योजनाओं पर फीडबैक लिया जा रहा है कि ये योजनाएं सही तरीके से लोगों तक पहुंच रही हैं या नहीं। ये भी देख रहे कि इन्हें लेकर कहां असंतोष है। 4. नेताओं की छवि और बयानबाजी की रणनीतिकौन नेता कहां क्या बोलेगा, किस मुद्दे पर आक्रामक रुख अपनाना है या संयम बरतना है, इन सभी मामलों में I-PAC बैक एंड से इनपुट दे रहा है। I-PAC ही पश्चिम बंगाल में TMC की IT सेल का भी काम संभालती है। 5. कैंडिडेट सिलेक्शन में अहम रोलI-PAC कैंडिडेट की फाइनल लिस्ट तय नहीं करता, लेकिन पार्टी नेतृत्व को फीडबैक रिपोर्ट देता है। इस रिपोर्ट में बताया जाता है कि किस कैंडिडेट की जीत की संभावना ज्यादा है, कहां कड़ा विरोध है और कहां नए चेहरों की जरूरत है। इसके बाद उम्मीदवारों पर अंतिम फैसला पार्टी का शीर्ष नेतृत्व करता है। ...................... ये खबर भी पढ़ें... क्या पाकिस्तान से आए लोगों ने ईरान में भड़काई हिंसा ‘हमारा गुस्सा महंगाई की वजह से है, लेकिन ईरान में जो हो रहा है, वो आम लोगों का गुस्सा नहीं है। ये तो साजिश है। कुछ लोग प्रदर्शनकारियों में घुसते हैं और आग लगाने लगते हैं, फायरिंग करते हैं। रश्त शहर में तो पूरा बाजार जला दिया। हॉस्पिटल पर हमले हुए, एक नर्स को जिंदा जला दिया। गिरफ्तार लोगों के पास हैंड ग्रेनेड मिले हैं। इन सबके पीछे अमेरिका और इजराइल हैं।’ ईरान का हाल बता रहे अहमद अब्बास राजधानी तेहरान में रहते हैं। पढ़िए पूरी खबर...

दैनिक भास्कर 23 Jan 2026 5:53 am

पाकिस्तान: बलूचिस्तान से कम से कम सात लोगों के जबरन गायब किए जाने का आरोप

पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में हाल के दिनों में कम से कम सात लोगों के जबरन गायब किए जाने के मामले सामने आए हैं

देशबन्धु 23 Jan 2026 5:10 am

‘लड़की पसंद कर लो, फंसाने का काम हमारा’:कॉन्ट्रेक्ट लेकर हनीट्रेप–सेक्सटोर्शन करने वाले एक्सपोज, नाबालिग के साथ बनाते हैं वीडियो

‘14 प्लस बेस्ट है…। उसी में सीधा पॉक्सो लगता है। टच भी नहीं हुआ तब भी केस पक्का। 18 में सहमति का सवाल आ जाता है। 14 में आदमी पूरी तरह फंसता है।’ ये बात सेक्सटॉर्शन और हनीट्रेप का कॉन्ट्रेक्ट लेने वाली गैंग के एजेंट ने भास्कर के खुफिया कैमरे पर कही। ये गैंग बाकायदा कॉन्ट्रैक्ट साइन करके सेक्सटॉर्शन को अंजाम दे रही हैं। पर्दाफाश करने के लिए हमारी टीम ने नईदिल्ली में दो एजेंट्स से मुलाकात की। हम सोर्स के जरिए इन एजेंट्स तक पहुंचे। पढ़िए और देखिए ये इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्ट। कॉन्ट्रैक्ट लेने वाली गैंग की एजेंट से रिपोर्टर की मुलाकात रिपोर्टर: आपका नाम क्या है एजेंट: पूजा रिपोर्टर: काम क्या है एजेंट: भाई ने समझा दिया है रिपोर्टर: क्या समझाया है एजेंट: लड़कियां अरेंज करनी हैं। पुराने कनेक्शन हैं रिपोर्टर: क्लाइंट मुंबई के बड़े बिजनेसमैन हैं। पैसा अच्छा है एजेंट: ठीक है रिपोर्टर: आपको क्या-क्या जानकारी है, बताइए एजेंट: दो सुंदर लड़कियां चाहिए। होटल में मीटिंग होगी रिपोर्टर: हनी ट्रैप समझती हैं एजेंट: हां रिपोर्टर: प्रोसेस कैसे होगा एजेंट: पीने के बाद टच होता है, बातें होती हैं। वही सब चाहिए रिपोर्टर: लड़की की उम्र कितनी होगी एजेंट: 14 प्लस बेस्ट है रिपोर्टर: 14 एजेंट: उसी में सीधा पॉक्सो लगता है। टच भी नहीं हुआ तब भी केस पक्का रिपोर्टर: 18 प्लस क्यों नहीं एजेंट: 18 में सहमति का सवाल आ जाता है। 14 में आदमी पूरी तरह फंसता है रिपोर्टर: रिकॉर्डिंग कैसे करोगी एजेंट: अपने फोन से। बस हाय-हेलो, बातचीत दिखानी है रिपोर्टर: उसके बाद एजेंट: होटल ले जाएंगे। रूम बुक कराएंगे। अंदर जाते ही काम बन जाता है रिपोर्टर: पुलिस को कब बुलाओगी एजेंट: जब हमारे लिए मजबूत हो जाएगा। फिर बोलेंगे बच्ची के साथ बदतमीजी की रिपोर्टर: पेमेंट कैसे लेते हो एजेंट: एडवांस, फिर काम होने पर। तीन हिस्सों में रिपोर्टर: आदमी अंदर चला जाता है एजेंट: हां। मेरी गवाही तक बाहर नहीं आता। तीन साल से लोग अंदर हैं रिपोर्टर: समझौता हो सकता है एजेंट: अगर पैसे दे दे तो पहले कमरे में ही मैनेज कर लेते हैं रिपोर्टर: होटल में बच्ची की एंट्री कैसे एजेंट: आधार नहीं लगता। हम मौसी-मामी बनकर जाते हैं। सब पैसे का खेल है रिपोर्टर: एक क्लाइंट पॉलिटिशियन है, हरियाणा से एजेंट: हो जाएगा। उम्रदार पॉलिटिशियन जल्दी फंसते हैं रिपोर्टर: उन्हें कैसे ट्रैप करोगी एजेंट: मीटिंग करवा दो। नंबर एक्सचेंज होगा। लड़की सामने आई तो काम हो जाएगा एजेंट दावा करती है कि उसने हनीट्रैप और सेक्सटॉर्शन के लिए चार मामलों में अलग अलग लोगों पर पॉक्सो लगवा रखा है जिसकी सुनवाई कोर्ट में चल रही है। गवाही उनके हाथ में होती है। बातचीत में वे यह भी कहती हैं कि अगर सामने वाला अंदर चला गया, तो बाहर निकलना उनकी मर्जी पर निर्भर करेगा। एजेंट और रिपोर्टर के बीच फिर आगे बातचीत होती है…। एजेंट: लड़की तय कर लो। सोच-समझकर मैसेज करना रिपोर्टर: आपको कॉन्ट्रैक्ट दे दिया है। कैसे करना है, वो आप तय करें। मेरा काम सिर्फ मिलवाना है एजेंट: टारगेट शराब पीता है रिपोर्टर: हां एजेंट: हम पिलाने वाली बैठाएंगे। नशा होगा तभी काम बनेगा रिपोर्टर: पहली मीटिंग मैं कराऊंगा एजेंट: बस हाय-हेलो कराना। उसके बाद हम बाहर मिलेंगे। आदमी खुद कहता है होटल चलो रिपोर्टर: अगर वो टच करने लगे एजेंट: कोई दिक्कत नहीं। हमें फंसाना है महिला एजेंट ने हमसे कहा कि वो टारगेट (मुंबई के बिजनेसमैन) से एक बार मिलवाकर दोस्ती करवा दे। हमने उसे बताया कि मुंबई से उसका दोस्त दो दिन में आ रहा है आते ही मिलवाने का वादा कर हम उस दिन वहां से निकल जाते है। ठीक तीन दिन बाद अंडर कवर रिपोर्टर मुंबई का बिजनेसमैन बन एजेंट से मुलाकात करता है। रिपोर्टर बताता है कि, इन्हीं को फंसाना है। एजेंट बिजनेसमैन को दोस्ती करने के लिए मनाली ले जाने का कहती है। रिपोर्टर: फाइनल प्लान बताओ एजेंट: आठ तारीख रिपोर्टर: दिल्ली या हरियाणा एजेंट: मनाली ले चलेंगे एजेंट: घूमने के बहाने दोस्ती होगी। शराब, चैटिंग, हंसी–मजाक एजेंट: लौटते वक्त दिल्ली में होटल रुकेंगे रिपोर्टर: FIR कहां एजेंट: दिल्ली में। पुलिस सबूत मांगती है, वीडियो बना लेंगे रिपोर्टर: काम पक्का हो जाएगा एजेंट: पक्का इसके बाद हमारी टीम एक और गैंग की तलाश में जुटती है। मकसद यह जानना था कि सेक्सटॉर्शन का यह खेल किसी एक गिरोह तक सीमित है या इसके पीछे कई नेटवर्क एक्टिव है। इसी तलाश में हमारी बातचीत राजू नाम के एक बंगाली एजेंट से होती है। राजू से मुलाकात दिल्ली के महिपालपुर में तय होती है। वह होटल में मिलने से इनकार करता है और कहता है कि अगर गाड़ी है तो बातचीत गाड़ी में ही होगी। वजह, होटल के CCTV कैमरों से बचना। शुरुआत में राजू को टीम पर भरोसा नहीं होता। तय समय पर राजू आता है। उसके साथ उसकी गैंग की एक महिला सदस्य भी मौजूद रहती है। बातचीत की शुरुआत में हम पहले की तरह मुंबई के बिजनेसमैन को टारगेट बताते हैं। राजू और रिपोर्टर के बीच हुई बातचीत रिपोर्टर: टारगेट को हनी ट्रैप या सेक्सटॉर्शन—किसमें फंसाओगे राजू: सेक्सटॉर्शन। सेक्स कराओ और टॉर्चर करो रिपोर्टर: इंडियन या रशियन राजू: दोनों ऑप्शन हैं रिपोर्टर: पहले ऐसा काम किया है राजू: लूटपाट नहीं की, लेकिन काम हो जाएगा रिपोर्टर: रिकॉर्डिंग कौन करेगा राजू: लड़की करेगी एजेंट-2: हमें सब आता है रिपोर्टर: चार्ज कितना लोगे राजू: पार्टी से जो कटेगा, 50-50 रिपोर्टर: ब्लैकमेल कब राजू: अगले दिन फोन करेंगे। वीडियो भेजेंगे एजेंट-2: लोग डर जाते हैं। इज्जत का डर सबसे बड़ा होता है राजू: मोटी पार्टी हो तो एक करोड़ भी दे देता है रिपोर्टर: पुलिस बुलाने की व्यवस्था राजू: पूरी सेटिंग है। मंथली देते हैं। पांच मिनट में पहुंच जाती है रिपोर्टर: होटल कहां राजू: महिपालपुर। 300 होटल में सेटिंग है गैंग के काम करने के 3 तरीके पहला : खुद टारगेट से संपर्क करते हैं। दोस्ती, प्रेम या भरोसे का नाटक कर पहले नजदीकियां बढ़ाई जाती हैं और प्लानिंग के साथ शारीरिक संबंध बनाया जाता है, जिसे स्पाई कैमरा में रिकॉर्ड करते हैं। फिर ब्लैकमेल कर डिमांड पूरी करवाते हैं। अगर टारगेट डिमांड पूरा करने से मना करता है तो नाबालिक लड़कियों को सामने रख कर पुलिस बुला कर पॉक्सो में मामला दर्ज करा दिया जाता है। दूसरा : इस मामले में कोई अपना ही टारगेट से पैसे या गुप्त जानकारी हासिल करने लिए गैंग कि महिलाओं को दोस्त बता कर मिलवाता है। महिला टारगेट से दोस्ती बढ़ाती है। फिर शारीरिक संबंध बनाया जाता है, जिसे स्पाई कैमरा में रिकॉर्ड करते हैं। धमकी देकर डिमांड पूरी करवाते हैं। तीसरा : वीडियो कॉल के जरिए आपत्तिजनक वीडियो रिकॉर्ड करते हैं। फिर इसी फुटेज के जरिए ब्लैकमेलिंग की जाती है। इस तरह के सेक्सटॉर्शन के शिकार उत्तर प्रदेश पुलिस के एक बड़े अधिकारी भी हो चुके हैं। हनीट्रेन–सेक्सटॉर्शन के 3 मामले पहला : 12 जुलाई 2023 को दिल्ली निवासी धीरज के खिलाफ बलात्कार की एफआईआर दर्ज की गई। आरोप लगाया गया कि दिसंबर 2022 में एक मॉल की बेसमेंट पार्किंग में खड़ी कार में उन्होंने लड़की का रेप किया। एफआईआर के आधार पर धीरज को गिरफ्तार कर लिया गया। जबकि मुलाकात उस महिला से कभी हुई ही नहीं, जिसने उस पर बलात्कार का आरोप लगाया। गिरफ्तारी के दौरान धीरज का करीबी दोस्त मुकेश सामने आया और परिवार से 50 लाख रुपए की मांग करते हुए दावा किया कि वह लड़की को पैसे देकर धीरज को जेल से छुड़वा देगा। घबराए परिवार ने 33 लाख रुपए दे दिएञ इसके बावजूद धीरज को लगभग 3.5 महीने जेल में बिताने पड़े, जिसके बाद उसे जमानत मिली। जांच में सामने आया कि यह पूरा मामला पैसों की उगाही के लिए रचा गया था। जिस महिला ने बलात्कार का आरोप लगाया था, वह मुकेश के ही स्पा सेंटर में काम करती थी। यह भी उजागर हुआ कि साजिश का मास्टरमाइंड खुद मुकेश था, जिसने इस झूठे मामले के जरिए धीरज के परिवार से पैसे ऐंठे। मुकेश और पिंकी के खिलाफ एक्सटॉर्शन की एफआईआर दर्ज की गई और दोनों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया। दूसरा : गुरुग्राम में 8 जून 2023 को पुलिस ने बिनीता कुमारी और महेश फोगाट को झूठे बलात्कार के मामले में फंसाने की धमकी देकर पैसे ऐंठते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। बिहार की रहने वाली बिनीता कुमारी और रोहतक निवासी महेश फोगाट, गुरुग्राम में एक संगठित सेक्सटॉर्शन रैकेट के जरिए पुरुषों को निशाना बनाकर उनसे जबरन वसूली कर रहे थे। 28 मई 2023 को बिनीता ने एक डेटिंग ऐप के जरिए एक व्यक्ति को फंसाया। वह उसे मिलने के बहाने बुलाकर जबरन बीयर पीने का दबाव बनाने लगी। जब उस व्यक्ति को संदेह हुआ, तो वह वहं से निकल गया। इसके बाद बिनीता ने उस व्यक्ति से 5 लाख रुपए की मांग की और झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी। डर के कारण पीड़ित व्यक्ति ने महेश फोगाट को 50 हजार रुपए दे दिए। लेकिन जब दोबारा पैसों की मांग की गई, तो एक एनजीओ के जरिए गुरुग्राम पुलिस को सूचना दी। दोनों आरोपियों के खिलाफ धारा 120B, 384 और 389 आईपीसी के तहत एफआईआर दर्ज की गई और गिरफ्तार किया गया। तीसरा : गुरुग्राम में एक सीनियर सिटीजन को दो महिलाओं ने झूठे रेप केस में फंसाया। एफआईआर के अनुसार, दोनों महिलाओं ने मिस्ड कॉल के जरिए संपर्क किया और धीरे-धीरे दोस्ती बढ़ाई। एक दिन वे उनके घर पहुंचीं, एक महिला ने उन्हें शारीरिक संबंध बनाने के लिए उकसाया। कुछ समय बाद वह यह कहते हुए वहां से चली गई कि ‘काम हो गया, सबूत मिल गया।’ इसके कुछ ही समय बाद पीड़ित को इन महिलाओं के फोन आने लगे। 10 लाख रुपए की मांग की गई। पैसे न देने पर झूठे बलात्कार के मामले में फंसाने की धमकी दी गई। पैसे नहीं देने पर घटना के 14 दिन बाद महिला ने बलात्कार का मामला दर्ज करा दिया गया। पीड़ित परिवार ने पुलिस को पूरी कहानी बताई। एक ऑडियो रिकॉर्डिंग भी सुनाई, जिसमें वरिष्ठ नागरिक को झूठे केस से बचाने के बदले महिला और उसके गिरोह के सरगना को 6.5 लाख रुपए देने की मांग करते सुने गए। पॉक्सो और सेक्शन 376 का गलत इस्तेमाल हो रहा दिल्ली हाईकोर्ट के सीनियर एडवोकेट शैलेंद्र बब्बर कहते हैं कि, ‘पोस्ट निर्भया के बाद पॉक्सो और सेक्शन 376 जैसे कानूनों का सबसे अधिक मिसयूज देखा गया है। मेट्रोमोनियल विवादों में भी पॉक्सो का मिसयूज़ होता है। कुछ मामलों में, व्यक्ति सेक्सटॉर्शन या हनीट्रैप के जरिए पैसे वसूलने या बदला लेने के लिए अपराधी गतिविधियां करते हैं। कुछ मामले ऐसे हैं जहां निजी लेन-देन कोर्ट में नहीं सुलझ रहे थे। तब एक पक्ष ने दूसरे पक्ष के बच्चों को फंसाया। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में इलेक्ट्रॉनिक एविडेंस इकट्ठा करना जरूरी है। झूठा सबूत बनाना गंभीर अपराध है, जिसमें 6 महीने से 10 साल तक की सजा हो सकती है। पॉक्सो एक्ट में विशेष प्रावधान है। अगर माइनर झूठी शिकायत कराता है, तो उसकी सजा छह महीने तक होती है। टारगेट डर जाता है और पैसे देने लगता है रिटायर्ड एसीपी वेद भूषण कहते हैं, ‘ अभी आपने देखा कि कर्नाटक के डीजी अपने ऑफिस में बैठे थे और एक लड़की के साथ वीडियो बन गया। जब ऐसे मामले सामने आते हैं, तो टारगेट डर जाता है और पैसे देने लगता है।’ ‘हनीट्रैप पुराने समय से हैं, जहां लड़कियां बड़े अधिकारी और राजनीतिक नेताओं को फंसाती थीं। वीडियो बनाकर पैसे की मांग की जाती थी। दिल्ली में एक सुप्रीम कोर्ट की वकील ने सांसद से सात करोड़ रुपए की डिमांड की थी। जांच के बाद उसे अरेस्ट कर लिया गया।’ ‘लोग मामले रिपोर्ट नहीं करते क्योंकि डर या परिवार की इज्जत को लेकर दबाव होता है। अब धीरे-धीरे लोग सामने आ रहे हैं, पुलिस जांच करती है और आरोपी अरेस्ट किए जाते हैं। इससे बचने का सबसे आसान तरीका है सतर्क रहना और किसी अनजान व्यक्ति के दबाव में न आना।’ वहीं, एकम न्याय फाउंडेशन की संस्थापक दीपिका नारायण भारद्वाज कहती हैं कि, ‘हमारे पास बलात्कार, हनीट्रैप और सेक्सटॉर्शन के कई मामले आते हैं, जिनमें से कुछ हम पहले ही सार्वजनिक कर चुके हैं। हरियाणा, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश से सबसे ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं।’ ‘अक्सर महिला अपनी मर्जी से संबंध बनाती है, लेकिन बाद में उसी पर बलात्कार का केस दर्ज कर देती है। कई बार यह पैसे वसूलने के लिए किया जाता है। कुछ मामलों में वकील और पुलिस भी इसमें शामिल पाए गए।’ कॉन्क्लूजन : हनीट्रैप और सेक्सटॉर्शन संगठित अपराध हैं। कानून मौजूद है, लेकिन डर की वजह से रिपोर्टिंग कम है। पॉक्सो और रेप कानून का डर उगाही का हथियार बन रहा है। .......................................... आप ये इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्ट भी पढ़ सकते हैं ‘4500 टका दिए, एजेंट ने भारत पहुंचा दिया’:बांग्लादेश से आए घुसपैठिए, पुलिस में सिपाही; SIR के बाद भी वोटर लिस्ट में नाम दलाल के जरिए भारत आए। आधार कार्ड से लेकर वोटर आईडी तक बनवा ली। एक तो पश्चिम बंगाल पुलिस में सिपाही बन गया। ये कहानी उन बांग्लादेशियों की है, जो अवैध तरीके से भारत में घुसे हैं। स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR में पश्चिम बंगाल से करीब 58 लाख लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटाने के लिए आइडेंटिफाई किए गए हैं। पूरी खबर पढ़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें...।

दैनिक भास्कर 23 Jan 2026 5:07 am

भारत-अमेरिका ने अवैध ड्रग तस्करी व प्रीकर्सर रसायनों के दुरुपयोग के खतरों पर की चर्चा

भारत और अमेरिका ने वॉशिंगटन डीसी में ड्रग पॉलिसी एग्जीक्यूटिव वर्किंग ग्रुप की पहली बैठक सफलतापूर्वक संपन्न की। इस दौरान दोनों देशों ने सिंथेटिक ओपिओइड्स, नए प्रकार के प्रीकर्सर रसायनों और डिजिटल प्लेटफॉर्म के दुरुपयोग के खिलाफ मिलकर कार्रवाई करने की प्रतिबद्धता दोहराई

देशबन्धु 23 Jan 2026 5:00 am

पाकिस्तान: ट्रंप के ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में शामिल होने के फैसले पर विपक्ष का हमला

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में शामिल होने के पाकिस्तान सरकार के फैसले को लेकर देश में सियासी विवाद तेज हो गया है

देशबन्धु 23 Jan 2026 3:20 am

क्रोएशिया के जाग्रेब में भारतीय दूतावास में तोड़फोड़, भारत ने अधिकारियों के सामने मुद्दा उठाया

क्रोएशिया के जाग्रेब में स्थित भारतीय दूतावास में कुछ भारत विरोधी लोगों ने घुसकर हमला किया और तोड़फोड़ मचा दी। घटना को लेकर भारत ने गुरुवार को कड़ी निंदा की है

देशबन्धु 23 Jan 2026 3:10 am

DNA: ट्रंप-नेतन्याहू में 'आयरन डोम' वाली जंग! दोस्त और दुश्मन सबकुछ खत्म करके मानेंगे अमेरिकी राष्ट्रपति?

अमेरिका और इजरायल की एक अच्छे दोस्त के तौर पर गिनती की जाती है. हालांकि, इस बीच डोनल्ड ट्रंप ने भी कुछ ऐसा कर दिया है, जिससे इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू नाराज हो सकते हैं. आइए आपको बताते हैं.

ज़ी न्यूज़ 23 Jan 2026 12:44 am

भारत ने अफगानिस्तान में 7.5 टन जीवन रक्षक कैंसर की दवाइयां पहुंचाईं

भारत ने अफगानिस्तान में कैंसर मरीजों की जरूरतों को पूरा करने के लिए मदद का हाथ बढ़ाया है

देशबन्धु 22 Jan 2026 11:50 pm

वर्ल्ड कप बायकॉट से बांग्लादेश को करोड़ों का घाटा:क्या ICC बैन भी कर सकता है, भारत को कितना नुकसान

BCCI को कभी बड़े भाई जैसा मानने वाले बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने अब भारत में ही खेलने से मना कर दिया है। वहीं पाकिस्तान भी कह रहा है कि हम बांग्लादेश का साथ देंगे। भारत-श्रीलंका की मेजबानी में होने वाला T20 वर्ल्ड कप शुरू होने में महज 2 हफ्ते बाकी हैं। ऐसे में बांग्लादेश के बायकॉट से उसे क्या घाटा होगा, क्या पाकिस्तान भी मैच नहीं खेलेगा और भारत पर क्या असर पड़ेगा; जानेंगे भास्कर एक्सप्लेनर में… सवाल-1: बांग्लादेश ने वर्ल्ड कप बायकॉट क्यों किया? जवाब: बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड यानी BCB ने सुरक्षा का हवाला देते हुए भारत में न खेलने का फैसला किया है। BCB चाहता था कि उसके T20 वर्ल्ड कप मैच श्रीलंका में हों, लेकिन ICC ने इससे इनकार कर दिया। बांग्लादेश के स्पोर्ट्स एडवाइजर आसिफ नजरुल ने कहा, ‘हम वर्ल्ड कप खेलना चाहते हैं, लेकिन भारत में हमारे खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ की सुरक्षा को लेकर चिंता है।’ सुरक्षा से जुड़ी इस वजह के अलावा बांग्लादेशी टीम के भारत न आने की 2 छिपी वजहें भी हैं… 1. मुस्तफिजुर रहमान को IPL से बाहर करना IPL की टीम KKR ने बांग्लादेशी पेसर मुस्तफिजुर रहमान को 9.2 करोड़ रुपए में खरीदा, लेकिन भारत में इसका विरोध होने लगा। BCCI ने KKR से उन्हें रिलीज करने को कहा। 3 जनवरी को KKR ने ऐसा कर दिया। BCB ने इसे अपमान माना और IPL का टेलिकास्ट बैन कर दिया। यहीं से ये विवाद शुरू हुआ। 2. भारत-बांग्लादेश में बिगड़ते हालात और रिश्ते पिछले कुछ महीनों में भारत और बांग्लादेश के डिप्लोमेटिक रिलेशंस बेहद खराब हुए हैं। बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा और हत्या होने के बाद भारत में बांग्लादेशी खिलाड़ियों और कलाकारों के विरोध की बात होने लगी। बिगड़ते माहौल का हवाला देते हुए बांग्लादेश सरकार ने टीम भेजने से मना कर दिया। हालांकि BCB के प्रेसिडेंट अमीनुल इस्लाम बुलबुल ने कहा कि हम ICC से एक बार फिर बात करेंगे और कहेंगे कि वे हमारी चिंताओं पर ध्यान दें। बांग्लादेश इस मसले पर अपनी लड़ाई जारी रखेगा। बांग्लादेश के बायकॉट के फैसले के बाद अब उसकी जगह स्कॉटलैंड की टीम T20 वर्ल्ड कप में खेल सकती है। सवाल-2: वर्ल्ड कप न खेलने से बांग्लादेश को क्या-क्या नुकसान होगा? जवाब: वर्ल्ड कप न खेलने से बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड से लेकर बांग्लादेश में बिजनेस को अच्छा-खासा नुकसान हो सकता है… पार्टिसिपेशन फीस नहीं मिलेगी, बोर्ड का घाटा मैच जीतने पर भी फीस मिलती है, इसका नुकसान स्पॉन्सर और कॉमर्शियल लॉस रैंकिंग पर असर दैनिक भास्कर डिजिटल के स्पोर्ट्स एडिटर बिक्रम प्रताप सिंह के मुताबिक बांग्लादेश ने पाकिस्तान से प्रभावित होकर फैसला तो ले लिया कि वह वर्ल्ड कप बायकॉट कर देगा, लेकिन ICC में पाकिस्तान का फिर भी दबदबा है। भारत-पाकिस्तान मैच से पूरे वर्ल्ड कप का 25% तक रेवेन्यू आता है, लेकिन बांग्लादेश के साथ ऐसा नहीं है। उसने वर्ल्ड कप बायकॉट कर अपना ही नुकसान किया है। हालांकि BCB की फाइनेंस कमेटी के प्रमुख और अंतरिम सरकार के स्पोर्ट्स एडवाइजर नजमुल हुसैन ने हाल ही में कहा था कि बांग्लादेश के वर्ल्ड कप न खेलने से बोर्ड को कोई नुकसान नहीं होगा। जो नुकसान होगा वो खिलाड़ियों को होगा। सवाल-3: वर्ल्ड कप न खेलने से बांग्लादेश के खिलाड़ियों को क्या नुकसान होगा जवाब: वर्ल्ड कप न खेलने से बांग्लादेशी खिलाड़ियों के करियर और फाइनेंस को नुकसान होगा… हर खिलाड़ी को साढ़े सात लाख का नुकसान रैंकिंग पर असर स्पॉन्सर्स का पीछे हटना सवाल-4: क्या ICC बांग्लादेश टीम के खिलाफ कोई एक्शन ले सकती है? जवाब: ICC के पास कार्रवाई का अधिकार है। ICC के नियमों के मुताबिक वर्ल्ड कप का बायकॉट, मेंबर्स पार्टिसिपेशन एग्रीमेंट के खिलाफ है। ऐसे मामलों में ICC आर्थिक दंड से लेकर सदस्यता निलंबन तक का फैसला ले सकती है। पहले भी ICC सख्त कदम उठा चुकी है। 2019 में जिम्बाब्वे क्रिकेट को राजनीतिक दखल के कारण निलंबित किया गया था, जिससे वह 2020 में कोई ICC टूर्नामेंट नहीं खेल सका। अगर ICC को लगता है कि बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने राजनेताओं के दबाव में फैसला लिया है, तो ICC के सदस्य के तौर पर उसके निलंबन पर सोचा जा सकता है। अगर बांग्लादेश टीम टूर्नामेंट से हटती है तो ICC उसे ग्रुप स्टेज में भागीदारी पर मिलने वाले लगभग 3 लाख डॉलर भी नहीं देगी। इसके अलावा बोर्ड को ICC से मिलने वाला 30–40 मिलियन डॉलर का सालाना हिस्सा भी रोका जा सकता है। इसके अलावा ICC भविष्य में बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड से बड़े टूर्नामेंट्स की मेजबानी का अधिकार भी छीन सकता है। इससे अंतरराष्ट्रीय स्पॉन्सरशिप पर असर पड़ेगा। सवाल-5: क्या पाकिस्तान भी वर्ल्ड कप का बायकॉट कर सकता है? जवाब: पाकिस्तान के वर्ल्ड कप बायकॉट करने की संभावना कम है क्योंकि उसके मैच पहले से ही भारत में नहीं होना तय है। पाकिस्तान के सभी मैच श्रीलंका में शेड्यूल हैं। मीडिया रिपोर्ट भी हैं कि पाकिस्तान भले ही बांग्लादेश का साथ देगा, लेकिन वर्ल्ड कप का बायकॉट नहीं करेगा। टेलिकॉम एशिया स्पोर्ट्स ने PCB सूत्रों के हवाले से लिखा है कि पाकिस्तान वर्ल्ड कप न खेलने जैसा कदम नहीं उठाएगा। 20 जनवरी को भी ऐसी खबरें PCB चेयरमैन मोहसिन नकवी के हवाले से सामने आई हैं। हालांकि 22 जनवरी को पाकिस्तानी न्यूज आउटलेट Geo News में पब्लिश एक रिपोर्ट के मुताबिक, PCB सूत्रों का कहना है कि अगर बांग्लादेश भारत जाने से मना करता है तो पाकिस्तान भी टूर्नामेंट का बायकॉट करेगा। पाकिस्तान के पूर्व कैप्टन राशिद लतीफ ने PCB को बायकॉट करने की सलाह भी दी है। सवाल-6: बांग्लादेश के बायकॉट करने से क्या भारत को भी कोई नुकसान हो सकता है? जवाब: बांग्लादेश के वर्ल्ड कप बायकॉट करने से भारत से ज्यादा बांग्लादेश को ही नुकसान होगा। इससे भविष्य में अब भारत भी बांग्लादेश के साथ द्विपक्षीय सीरीज खेलने से इनकार कर सकता है। जब भारत-बांग्लादेश के मैच होते हैं तो बांग्लादेश के ब्रॉडकास्टर और स्पॉन्सर सबसे ज्यादा कमाई करते हैं। IPL से भी यह कमाई करते हैं। भारत से संबंध खराब कर BCB अपना ही नुकसान कर रहा है। हालांकि मैच टिकट और टूरिज्म से होने वाली कमाई का नुकसान भारत को झेलना पड़ेगा… ***** बांग्लादेश क्रिकेट विवाद से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए... बांग्लादेश टी-20 वर्ल्ड कप से बाहर होने की कगार पर: बोर्ड बोला- भारत में नहीं खेलेंगे; ICC ने कल कहा था- इंडिया में ही खेलना होगा बांग्लादेश ने गुरुवार को भारत में टी-20 वर्ल्ड कप खेलने से इनकार कर दिया, जिसके बाद टीम का टूर्नामेंट से बाहर होना तय माना जा रहा है। एक दिन पहले ही ICC ने स्पष्ट किया था कि बांग्लादेश के सभी ग्रुप मैच भारत में ही कराए जाएंगे। पूरी खबर पढ़िए...

दैनिक भास्कर 22 Jan 2026 9:26 pm

सिर्फ आम लोगों पर पाबंदियों की झड़ी? ईरान में कैसी होती है रईसजादों की जिंदगी, जिसको देख और भड़के Gen-Z

ईरान में चारों ओर इस समय अशांति फैली हुई है.इस बीच कुछ ऐसी खबरें सामने आई हैं, जिसने जेन जी के गुस्से को और भड़का दिया है. जहां एक ओर ईरान में फैली हिंसा में हजारों लोगों की जान गई है, तो दूसरी ओर ईरान के शासक वर्ग के जुड़े लोग पड़ोसी देशों में पार्टी करते दिख रहे हैं.

ज़ी न्यूज़ 22 Jan 2026 8:02 pm

अंतरिक्ष को टाटा बोल अब नोटों में खेलेंगी सुनीता विलियम्स, रिटायरमेंट के बाद मिलेंगी ये धांसू सुविधाएं

Sunita Williams Retirement: भारतीय मूल की NASA अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स अपने करियर से रिटायर हो चुकी हैं. सवाल ये है कि रिटायरमेंट के बाद उनकी लाइफ कैसे होगी?

ज़ी न्यूज़ 22 Jan 2026 5:46 pm

गाजा में शांति बहाल करने चले ट्रंप फिलिस्तीन को ही भूले, बोर्ड ऑफ पीस में महमूद अब्बास को नहीं मिली जगह; इजरायल होगा शामिल

अमेरिका के राष्ट्रति डोनाल्ड ट्रंप ने आधिकारिक रूप से बोर्ड ऑफ पीस का एलान कर दिया है. ट्रंप ने कहा कि यह बोर्ड यूएन समेत अन्य संगठनों के साथ मिलकर काम करेगा. इस बीच भारत में फ़िलिस्तीन के एम्बेसडर अब्दुल्ला अबू शवेश ने ट्रंप पर कई आरोप लगाए. उन्होंने इस बोर्ड को ब्लैक कॉमेडी करार दिया.

ज़ी न्यूज़ 22 Jan 2026 5:31 pm