‘गलती हो गई साहब, अब लड़की नहीं छेड़ूंगा’, आरोपी का वीडियो वायरल
बिजनौर के शेरकोट में ट्यूशन पढ़कर दोस्त के साथ घर लौट रही छात्रा से छेड़छाड़ और अपहरण के प्रयास का मामला सामने आया है. आरोप है कि दो युवकों ने रास्ते में छात्राओं को रोककर वारदात की कोशिश की. पुलिस ने दोनों आरोपियों को पकड़ा. इनमें एक नाबालिग है. दूसरे आरोपी को जेल भेज दिया गया है.
नेपाल में बाढ़ से तबाही, 95 मौतें और 500 लोग लापता; भारत ने भेजी मदद
नेपाल के रसुवा जिले में बुधवार सुबह भोटे कोशी नदी में आई अचानक बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी। तेज बहाव में पुल, सड़कें, वाहन और इमारतें बह गए
‘मर्डर मार दे सड़क के ऊपर...’, हंसते-गाते अंकित बालियान का आखिरी VIDEO
हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान की शामली में गोली मारकर हत्या कर दी गई. मौत से 2 घंटे पहले उन्होंने इंस्टाग्राम पर वीडियो पोस्ट किया था, जिसमें वह गाना गाते और फैंस से शेयर करने की अपील करते दिखे.
घर में पड़ी है मैदा और चीनी? झटपट बनाएं जयपुर का शाही गुलाब घेवर
Gulab Ghewar Recipe: घेवर एक ऐसी मिठाई है जो राजस्थान ही नहीं बल्कि पूरे भारत में खूब पसंद की जाती है लेकिन ज्यादातर लोगों ने रबड़ी और मलाई घेवर ही खाया होगा. यहां हम आपको शाही गुलाब घेवर की रेसिपी बता रहे हैं. इस बार आपको रक्षाबंधन पर इसे जरूर घर पर ट्राई करना चाहिए.
मामूली मजाक में भतीजे ने चाचा की चाकू घोंप कर ली जान
गुजरात के राजकोट जिले के पडवला गांव में मामूली हंसी-मजाक के दौरान चाचा-भतीजे के बीच विवाद बढ़ गया। आरोप है कि गुस्से में भतीजे सोहिल ने चाचा अद्रेमान पर चाकू से हमला कर दिया।
ब्रेकअप हुआ तो खुला पेपर लीक का राज, ऐसे खुला MPSC भर्ती घोटाला
पुणे में MPSC ड्रग इंस्पेक्टर परीक्षा पेपर लीक मामले में जांच में एक प्रेम संबंध और उसके टूटने का विवाद सामने आया है. महिला अभ्यर्थी को परीक्षा से पहले पेपर मिला था, जिसे उसने अपने बॉयफ्रेंड के साथ शेयर किया था. बाद में उनके बीच विवाद हुआ और बॉयफ्रेंड ने पेपर लीक की शिकायत की. मुंबई क्राइम ब्रांच ने कई लोगों को गिरफ्तार किया है और भर्ती प्रक्रिया रद्द कर दी गई है.
क्या MI में होगी जायसवाल की एंट्री? हो गया बड़ा खुलासा
मुंबई इंडियंस में यशस्वी जायसवाल की एंट्री होगी या नहीं? इस पर राजस्थान रॉयल्स ने आखिरकार चुप्पी तोड़ दी है. पिछले कुछ समय से लगातार ऐसी खबरें थी कि यशस्वी राजस्थान छोड़कर मुंबई में शामिल होंगे.
एक दिन में 10 नवजातों की मौत, मालदा मेडिकल कॉलेज में हड़कंप
पश्चिम बंगाल के मालदा मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में अगस्त के दूसरे सप्ताह में एक ही दिन 10 नवजात बच्चों की मौत हो गई. घटना के बाद राज्य स्वास्थ्य विभाग के स्वास्थ्य भवन ने अस्पताल प्रशासन से पूरी रिपोर्ट मांगी है. अस्पताल के मुताबिक, मृत बच्चों में 8 को गंभीर हालत में दूसरे अस्पतालों और निजी नर्सिंग होम से यहां रेफर किया गया था.
'दुनिया AI के लिए तैयार नहीं, तुरंत लेना होगा एक्शन' बिल गेट्स की चेतावनी
माइक्रोसॉफ्ट के को-फाउंडर बिल गेट्स ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर चेतावनी दी है. उन्होंने कहा है कि AI की वजह से जिस तेजी से चीजें बदली हैं वैसा पहले कभी नहीं हुआ. कई पीढ़ी के में टेक ऐसे बदलते थे, लेकिन AI की वजह से सबकुछ तुरंत ही हो गया. इसके लिए शायद दुनिया तैयार ही नहीं है.
भोटेकोशी में उफान से महराजगंज में खतरा, गंडक-नारायणी पर निगरानी बढ़ी
नेपाल में भोटेकोशी नदी में अचानक आए तेज जलप्रवाह और बाढ़ के बाद उत्तर प्रदेश के महराजगंज में हाई अलर्ट जारी किया गया है. गंडक नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है. प्रशासन ने सायरन बजाकर नदी किनारे बसे लोगों को सतर्क किया है. अगले 8 से 10 घंटे में जलस्तर बढ़ने की आशंका के बीच SDRF और पुलिस सक्रिय हैं.
कल का मौसम: 27 अगस्त को यूपी के इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
क्या 27 अगस्त को उत्तर प्रदेश में मौसम फिर करवट लेने वाला है? हां, और इस बार बारिश का सबसे तेज असर बुंदेलखंड, पूर्वांचल और मध्य यूपी के जिलों में दिख सकता है. 26 अगस्त को कई जगह मूसलाधार बारिश के बाद अब IMD ने अगले दिन के लिए फिर से घनघोर मौसम का संकेत दिया है.
तिरुपति में चार मंजिला इमारत भरभराकर गिरी, मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका
तिरुपति में एक चार मंजिला इमारत अचानक गिर गई. हादसा पास में चल रही खुदाई के दौरान हुआ. बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंचा और मलबे के नीचे फंसे लोगों की तलाश में जुट गया है. अभी तक किसी के हताहत होने की पुष्टि नहीं हुई है.
नेपाल बाढ़ में 55 मौतें, 463 लापता, जिसमें 133 भारतीय
नेपाल के रसुवा में भोटेकोशी नदी की भीषण बाढ़ से अब तक 55 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 463 लोग लापता बताए जा रहे हैं। इनमें 133 भारतीय, 52 विदेशी और 13 नेपाली नागरिक शामिल हैं। बाढ़ से 13 जलविद्युत परियोजनाएं और कई वाहन प्रभावित हुए हैं।
सो सॉरी: चुनाव से पहले ब्राह्मण वोटर्स को लुभाने में किस तरह जुटे दल?
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर सभी राजनीतिक पार्टियों ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं. सपा, बसपा ले लेकर बाजेपी सभी दल ब्राह्मण वोटरों को लुभाने की कोशिश कर रहे हैं. देखें इसी पर आधारित आजतक की खास पेशकश सो सॉरी.
हरियाणवी एक्टर अंकित बालियान की हत्या, 'भरी कोर्ट में गोली मारेंगे' गाने से हुए थे मशहूर
यूपी के शामली में यूट्यूबर और हरियाणवी एक्टर अंकित बालियान की जिम से निकलते ही गोली मारकर हत्या कर दी गई. इस हत्याकांड से इलाके में हड़कंप मच गया. पुलिस अब CCTV फुटेज के जरिए हमलावरों की तलाश कर रही है. पढ़ें इस खूनी वारदात की कहानी.
महंगे Hair Growth Oils छोड़ें! इस देसी तेल से लंबे-घने होंगे बाल
Hair Growth Oil: महंगे हेयर ग्रोथ ऑयल पर पैसे खर्च करने से पहले मशहूर हेयर एक्सपर्ट जावेद हबीब की सलाह जानना जरूरी है. उनके अनुसार, बालों का झड़ना रोकने और उन्हें लंबा करने के लिए बाजार के तेल की जरूरत नहीं होगी. इसके लिए सरसों का तेल ही काफी है.
जीत की दहलीज पर खड़ी टीम इंडिया का सबसे बड़ा दुश्मन कौन?
IND vs SL 2nd Test Day 5 weather: टीम इंडिया को श्रीलंका के खिलाफ आखिरी दिन मैच जीतने के लिए मौसम का साथ चाहिए होगा. कोलंबो में मैच के पांचवें दिन भी बारिश की आशंका जताई गई है, ऐसे में ड्रॉ होने की संभावनाएं भी बढ़ गई है.
लॉज में मुर्दा मिले थे एक ही परिवार के 5 लोग, अब सामने आई मौत की वजह
आंध्र प्रदेश के श्रीशैलम में एक लॉज के कमरे से पांच लोगों की मौत का राज पुलिस की तफ्तीश में बेनकाब हो गया.मरने वाले सभी लोग एक ही परिवार के सदस्य थे. वे पिछले कई दिनों से वहां लॉज में ठहरे हुए थे. पढ़ें सनसनीखेज खुलासे की पूरी कहानी.
'सेना-पुलिस सभी रेस्क्यू में जुटे', PM बालेन शाह ने बताया बाढ़ से कैसे लड़ रहा नेपाल
नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने रसुवा की भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ पर दुख जताया है. उन्होंने नागरिकों को भरोसा दिलाया है कि सरकार राहत और बचाव कार्यों को तेज करने के लिए सभी संसाधन जुटा रही है. शाह ने बताया कि घायलों के इलाज के लिए काठमांडू के अस्पतालों में 100 बेड आरक्षित किए गए हैं. इसके साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में भोजन, पानी और अस्थायी आवास के इंतजाम किए जा रहे हैं.
रक्षाबंधन पर चंद्र ग्रहण, पंचक, भद्रा! राखी के लिए मिलेगा बस इतना समय
ज्योतिषाचार्य प्रवीण मिश्र ने पंचांग देखकर बताया कि इस बार सावन पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त को सुबह 9 बजकर 9 मिनट से शुरू होगी और 28 अगस्त को सुबह 9 बजकर 47 मिनट पर इसका समापन होगा. सावन पूर्णिमा तिथि पर अलग-अलग समय चंद्र ग्रहण, पंचक और भद्रा रहेंगी.
रक्षाबंधन से पहले 50 किलो खोया में मिले कीड़े-मकोड़े, कारखाना सील
नकली मिठाई और मिलावटी मावे के खिलाफ ऊधम सिंह नगर में प्रशासन और खाद्य विभाग की टीम ने कार्रवाई की. बाजपुर तहसील के सुल्तानपुर पट्टी में हुई कार्रवाई में 80 किलो मिलावटी खोया, 40 किलो मिलावटी बर्फी समेत डेढ़ क्विंटल मिलावटी केक और लौज बरामद हुए. प्रशासन ने मिठाई बनाने वाले परिसर को सील कर दिया है.
पकड़ में आया दुनिया का पहला 'कार वायरस', कितना है खतरनाक
क्या आपकी कार हैक हो सकती है? इसकी चर्चा एक नई रिपोर्ट के आने के बाद से खूब हो रही है, जिसमें कार के इंफोटेनमेंट सिस्टम में मैलवेयर पाया गया है. ये मैलवेयर कार की स्क्रीन पर ऐड्स दिखाने के साथ ही कई दूसरे काम भी कर सकता था. सिक्योरिटी फर्म कैस्परस्काई ने इसके बारे में जानकारी दी है. आइए जानते हैं इसकी डिटेल्स.
ब्रालेट, राखी और पॉलिटिक्स... कृति के एड पर जब भिड़ बैठे थे राहुल-कंगना
कंगना रनौत ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के पितृसत्ता खत्म करने वाले बयान पर पलटवार किया है. वहीं राहुल गांधी ने कृति सेनन के राखी ऐड विवाद पर कंगना पर निशाना साधा है.
लखीमपुर में बाइक सवार को बचाने में खाई में गिरी कार
लखीमपुर खीरी के निघासन-पलिया स्टेट हाईवे पर 25 अगस्त को बाइक सवार को बचाने के प्रयास में एक कार अनियंत्रित होकर पानी से भरी गहरी खाई में जा गिरी। कार में सवार दो पुरुष और तीन महिलाएं फंस गए।
तिब्बत में भूकंप, ग्लेशियर में एवलांच, फिर... नेपाल में मची तबाही की पूरी कहानी
नेपाल में आए फ्लैश फ्लड की वजह भूकंप से गिरने वाले एवलांच माने जा रहे हैं. एवलांच ने ल्हेंदे नदी का रास्ता रोक दिया. इससे त्रिशूली और भोटेकोशी नदी में फ्लैश फ्लड आई. भारी बारिश मुख्य कारण नहीं है. राहत कार्य जारी है.
तिब्बत के ग्यिरोंग और नेपाल के सीमावर्ती इलाकों में भीषण फ्लैश फ्लड से भारी तबाही हुई है। सदगुरु के मुताबिक, कैलाश यात्रा से लौट रहा उनका एक समूह ग्यिरोंग इमिग्रेशन सेंटर में था, जहां 77 लोगों से संपर्क नहीं हो पाया है। बचाव दल अधिकारियों के साथ मिलकर राहत प्रयासों में जुटे हैं।
CIA चीफ की रूस में सीक्रेट एंट्री...मॉस्को में 'गुप्त' वार्ता, आखिर बंद कमरे में क्या हुआ?
क्रेमलिन ने पुष्टि की कि सीआईए निदेशक जॉन रैटक्लिफ ने रूस के खुफिया विभाग के समकक्षों से बातचीत के लिए मास्को का दौरा किया। यूक्रेन युद्ध को लेकर वाशिंगटन और मास्को के बीच तनावपूर्ण संबंधों के बीच एक गुप्त मुलाकात हुई।
26 सुबह करीब 9 बजे। ग्लेशियर से टूटकर गिरे बर्फ और चट्टानों ने भोटेकोशी नदी में अचानक बाढ़ ला दी, जिससे नेपाल के रसुवा जिले में तबाही मच गई। गांव, सड़कें और हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट बह गए। सैकड़ों लोग लापता हैं, जिनमें भारत, अमेरिका और ब्रिटेन के टूरिस्ट भी शामिल हैं। करीब एक साल पहले, जुलाई 2025 में भी इसी इलाके में तिब्बत की एक ग्लेशियर झील तापमान बढ़ने से फट गई थी, जिसमें 9 लोगों की जान गई थी। ये एक पैटर्न-सा बनता जा रहा है, जिसकी जद में भारत के भी कई राज्य हैं। 5 गुना बढ़ गईं ग्लेशियर झीलें, खतरे में भारत के 6 प्रदेश IIT रोपड़ और सिडनी की यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी ने एक साझा स्टडी की। इसी महीने जारी रिपोर्ट के मुताबिक, हिमाचल प्रदेश में 1990 में सिर्फ 107 ग्लेशियर झीलें थीं। 2024 तक यह संख्या बढ़कर 669 हो गई, यानी 525% की बढ़ोत्तरी। 669 में से 88 झीलों पर नेपाल जैसी ‘ग्लेशियर लेक आउटबर्स्ट फ्लड’ का खतरा मंडरा रहा है। 9 झीलों को ‘बेहद ज्यादा खतरनाक’, 18 को ‘ज्यादा खतरनाक’ और 26 को ‘मध्यम खतरनाक’ श्रेणी में रखा गया है। रिसर्चर्स ने दो झीलों पर खास मॉडलिंग की- ब्यास बेसिन की हिमसू झील और सतलुज बेसिन की एक बेनाम झील। अगर ब्यास झील का नेचुरल डैम टूट जाए, तो 1,385 क्यूबिक मीटर प्रति सेकेंड की बाढ़ आएगी। यानी हर सेकेंड करीब 14 लाख लीटर पानी बहेगा। इससे हर सेकेंड ओलंपिक साइज के 6 स्विमिंग पूल भरे जा सकते हैं। इसी तरह सतलुज झील से 3,507 क्यूबिक मीटर प्रति सेकंड पानी का सैलाब आएगा। यानी हर सेकेंड करीब 35 लाख लीटर पानी बहेगा। इससे डैम और हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट समेत 588 इमारतों को खतरा है। हिमालय का बढ़ता तामपान इस खतरे को और बढ़ा रहा है। जुलाई 2026 में आई IIT खड़गपुर की एक स्टडी बताती है कि ऊंचाई वाले इलाकों का तापमान पिछले 20 सालों में करीब 1 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ चुका है। वैज्ञानिकों की चेतावनी है कि इससे ग्लेशियर पिघलने और नदियों के बहाव में बड़ा बदलाव आ सकता है। ग्लेशियर झीलें अचानक कैसे फट जाती हैं? पहाड़ों पर ऊंचाई पर मौजूद ग्लेशियर जब पिघलते हैं, तो उनका पानी आसपास के निचले इलाके या किसी चट्टानी दीवार के सहारे इकट्ठा होने लगता है। ये धीरे-धीरे एक झील का रूप ले लेता है, जिसे ‘ग्लेशियल लेक’ कहते हैं। ये झील ग्लेशियर के सामने या उसकी निचली सतह पर भी बन सकती है। इन झीलों को बर्फ, पहाड़ का मलबा या चट्टान की एक नैचुरल दीवार यानी 'डैम' रोककर रखती है। जब ये दीवार किसी वजह से अचानक टूट जाती है, तो झील में जमा लाखों-करोड़ों क्यूबिक मीटर पानी बहुत तेज रफ्तार से बेकाबू होकर नीचे की तरफ बहता है। इसी को ‘ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड, GLOF या ग्लेशियर की झील फटना कहते हैं। GLOF में पानी के बहाव की रफ्तार आम बारिश से आई बाढ़ के मुकाबले कई गुना ज्यादा होती है, जिससे यह रास्ते में आने वाली हर चीज को बहुत तेजी से काटती-छांटती और बहाती चली जाती है। ग्लेशियर झील 3 वजहों से फट सकती हैं… 1. ग्लोबल वॉर्मिंग से ग्लेशियर का तेजी से पिघलना 2. बर्फ या चट्टान का झील में गिरना भारी बारिश से झील का ओवरफ्लो होना GLOF की तबाही कैसे रोकी जा सकती है? नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी, NDMA और नेशनल GLOF रिस्क मिटिगेशन प्रोग्राम के मुताबिक, क्या नेपाल की बाढ़ से भारत में फौरन कोई खतरा? इसलिए भोटेकोशी में अधिक पानी आने पर उसका पानी सुनकोशी और फिर कोसी नदी तंत्र में शामिल हो सकता है। इससे सुपौल, सहरसा, मधेपुरा और खगड़िया जिले काफी प्रभावित हो सकते हैं। 2008 में नेपाल के कुसहा में कोसी नदी का तटबंध टूट गया था। इसके बाद कोसी नदी अपने नए/प्राकृतिक रास्ते को छोड़कर सैकड़ों साल पुराने पूर्व की ओर वाले रास्ते पर बहने लगी। इससे अचानक नदी का रुख घनी आबादी और नए इलाकों की तरफ मुड़ गया, जिससे बिहार के 34 लाख से अधिक लोग बिना किसी पूर्व चेतावनी के भीषण बाढ़ की चपेट में आ गए। हालांकि, इस बार रसुवा में लैंडस्लाइड, भूस्खलन या हिम झील टूटने से अचानक नदी में भारी मात्रा में पानी आ गया है। लेकिन नदी ने अपना रास्ता नहीं बदला है। वह अपने तय रास्ते पर बह रही है। इस कारण एक्सपर्ट तटबंध टूटने की संभावना व्यक्त नहीं कर रहे हैं। ------------
होर्मुज पर टैक्स से ईरान ही नहीं यह देश भी होगा मालामाल, IRGC बोली- हमारी डील पक्की
ईरान और ओमान के बीच होर्मुज पर टैक्स के बंटवारे को लेकर डील पक्की हो गई है। IRGC ने बुधवार को बताया कि तेहरान और मस्कट के बीच हो रही डील फाइनल हो गई है। हालांकि उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि होर्मुज तभी खुलेगा, जब अमेरिका के साथ समझौता हो जाएगा।
ईद मिलादुन्नबी जुलूस में बवाल, उड़ी थीं देवी-देवताओं की फोटो वाली फरियां
चित्तौड़गढ़ में ईद मिलादुन्नबी के जुलूस के दौरान दो पक्षों में विवाद हो गया. आरोप है कि जुलूस में उड़ाई जा रही फरिया पर हिंदू देवी-देवताओं के चित्र थे. इसे लेकर हिंदू संगठनों ने पहले ही नाराजगी जताई थी और प्रशासन से रोक लगाने की मांग की थी. दोबारा फरिया उड़ने के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया और भारी पुलिस बल तैनात किया गया.
वीडियो एडिटिंग अब इंस्टा खुद करेगा! रील्स में आया धमाकेदार फीचर
इंस्टाग्राम ने रील्स के लिए नया फीचर पेश किया है. जो लोग कंटेंट क्रिएटर हैं उनके लिए भी ये फीचर अहम रहने वाला है. नए फीचर्स के आने के बाद 10 सेकंड में ही इंस्टाग्राम खुद फर्स्ट ड्राफ्ट तैयार करके दे देगा.
Xi Jinping किर्गिस्तान में SCO Summit में होंगे शामिल, पीएम मोदी भी पहुंचेंगे
के.जे.एम़. वर्माबीजिंग, 26 अगस्त चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग अगले सप्ताह किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में होने वाले शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे। इस सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी समेत कई देशों के नेताओं के हिस्सा लेने की उम्मीद है। चीन के विदेश मंत्रालय ने बुधवार को बताया कि शी चिनफिंग 30 अगस्त से एक सितंबर तक किर्गिस्तान की राजकीय यात्रा के दौरान बिश्केक में होने वाले एससीओ शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। किर्गिस्तान यात्रा के बाद शी चिनफिंग द्विपक्षीय यात्रा पर मिस्र जाएंगे। चीन वर्तमान में एससीओ का अध्यक्ष देश है और उसने पिछले अगस्त में तियानजिन में शिखर सम्मेलन की मेजबानी की थी, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी भी शामिल हुए थे। सम्मेलन के बाद एससीओ की अध्यक्षता किर्गिस्तान संभालेगा। तियानजिन शिखर सम्मेलन से इतर हुई मोदी-शी मुलाकात ने भारत-चीन संबंधों के सामान्यीकरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया था। इसके तहत कैलाश-मानसरोवर यात्रा, वीजा व्यवस्था में सुधार और सीधी उड़ानों जैसे लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने वाले कदमों पर सहमति बनी थी। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने कहा कि पिछले साल तियानजिन में हुए शिखर सम्मेलन में एससीओ के अगले 10 वर्षों के विकास के लिए रणनीतिक रूपरेखा तैयार की गई थी, जिससे संगठन के उच्च गुणवत्ता वाले विकास के नए चरण की शुरुआत हुई। तियानजिन सम्मेलन में शी चिनफिंग ने ब्रिक्स के ‘न्यू डेवलपमेंट बैंक’ और बीजिंग स्थित एशियन इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक (एआईआईबी) की तर्ज पर ‘एससीओ विकास बैंक’ बनाने का प्रस्ताव भी रखा था। लिन ने कहा कि बिश्केक शिखर सम्मेलन के दौरान शी चिनफिंग एससीओ के तहत विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को गहरा करने को लेकर भाग लेने वाले देशों के नेताओं के साथ विस्तृत चर्चा करेंगे। एससीओ के सदस्य देशों में रूस, भारत, ईरान, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, पाकिस्तान, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान, बेलारूस और चीन शामिल हैं। सितंबर महीना शी चिनफिंग के लिए काफी व्यस्त रहने वाला है। उनके 12-13 सितंबर को नयी दिल्ली में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने और इसके बाद अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ शिखर वार्ता करने की संभावना है। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल और चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने मंगलवार को बीजिंग में सीमा मुद्दे पर विशेष प्रतिनिधि (एसआर) तंत्र के तहत आयोजित 25वीं बैठक की। बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर बातचीत के संबंध में जारी एक संक्षिप्त बयान में कहा, ‘‘दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय सहयोग को और विस्तार देने, स्थिरता बनाए रखने तथा सीमा क्षेत्रों में शांति एवं सौहार्द सुनिश्चित करने के तरीकों पर चर्चा की। साथ ही सीमा निर्धारण में प्रगति और सीमा पार सहयोग से जुड़े मौजूदा प्रयासों को जारी रखने पर भी विचार-विमर्श किया गया।’’विशेष प्रतिनिधि (एसआर) तंत्र को भारत-चीन के बीच 3,488 किलोमीटर लंबी सीमा से जुड़े विवाद को व्यापक रूप से सुलझाने के उद्देश्य से स्थापित एक महत्वपूर्ण व्यवस्था माना जाता है। इसके अलावा यह दोनों देशों के बीच कई अन्य द्विपक्षीय मुद्दों पर समय-समय पर उत्पन्न होने वाले तनाव को दूर करने के प्रयासों में भी अहम भूमिका निभाता है।
Nepal Flood LIVE: नेपाल में विनाशकारी बाढ़ से हाहाकार, अब तक 95 लोगों की मौत; 105 भारतीय भी लापता
नेपाल-चीन बॉर्डर पर बाढ़ की वजह से हालात बिगड़ गए हैं। पहाड़ी देश में जल प्रलय हो रही है। अभी तक सैकड़ों लोगों के लापता होने की खबर है। इसमें मानसरोवर यात्रा पर गए 105 भारतीय लोग भी शामिल हैं।
Nepal Flood: नेपाल में भोटे कोशी की भीषण बाढ़ से 17 की मौत, 105 भारतीय लापता
(तस्वीरों के साथ जारी)काठमांडू, 26 अगस्त तिब्बत की सीमा से लगे मध्य नेपाल के जिलों में बुधवार सुबह अचानक आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचाई जिसमें 17 लोगों की मौत हो गई और 105 भारतीयों समेत करीब 500 लोग लापता हैं। बाढ़ से शहरों और गांवों में तबाही हुई, पुल बह गए और कम से कम एक दर्जन जलविद्युत परियोजनाएं क्षतिग्रस्त हो गईं। अधिकारियों ने बताया कि स्थानीय समयानुसार सुबह करीब नौ बजे भोटे कोशी नदी में अचानक बाढ़ आई, जिससे तिब्बत की सीमा से लगे रसुवा और धादिंग जिले प्रभावित हुए। इसके बाद बाढ़ धादिंग, नुवाकोट और चितवन जिलों तक फैल गई, जिससे कम से कम चार स्थायी पुल और कुछ अस्थायी पुल क्षतिग्रस्त हो गए। प्रारंभिक अध्ययन रिपोर्टों के अनुसार, उपग्रह तस्वीरों के विश्लेषण के आधार पर यह बाढ़ नेपाल-तिब्बत सीमा के पास अस्थिर पहाड़ी चट्टानों के खिसकने से आई। यह स्थान तिब्बत-रसुवागढ़ी सीमा क्षेत्र से करीब 20 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में है। नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीआरआरएमए) ने बताया कि चट्टान खिसकने और नेपाल-तिब्बत सीमा पर स्थित लेंडे नदी में जलस्तर बढ़ने के कारण तिमुरे में भोटेकोशी के रास्ते भीषण बाढ़ का पानी और मलबा त्रिशूली नदी तक फैल गया। अधिकारियों ने बताया कि विभिन्न जिलों में आई बाढ़ में कम से कम 17 लोगों की मौत हुई है। नेपाल के गृह मंत्रालय ने एक बयान में बताया कि इनमें धादिंग में छह, नुवाकोट में तीन और रसुवा में एक व्यक्ति की मौत हुई है। करीब 400 लापता लोगों में कम से कम 105 भारतीय और 37 अनिवासी भारतीय (एनआरआई) शामिल हैं। इसके अलावा, प्रतिनिधि सभा में विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने बताया कि विभिन्न स्थानों पर नेपाल की सेना के 44 जवानों समेत 80 सुरक्षाकर्मी लापता हैं। जल विज्ञान एवं मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, बुधवार को आई बाढ़ रसुवा में हुई बारिश के कारण नहीं आई थी। नेपाल के बाढ़ पूर्वानुमान प्रभाग (एनडीआरआरएमए) ने दोपहर में ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि चीनी पक्ष से मिली जानकारी के अनुसार, नदी के अवरुद्ध होने के स्थान पर बनी झील का पानी अभी पूरी तरह नहीं निकला है इसलिए भोटे कोशी और त्रिशूली क्षेत्रों में खतरा अभी बना हुआ है। प्रभाग ने लोगों से नदियों से दूर रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की। बाद में दिन में एनडीआरआरएमए ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘नदी के अवरुद्ध स्थल पर बनी झील अभी पूरी तरह खाली नहीं हुई है, इसलिए भोटेकोशी और त्रिशूली क्षेत्रों में खतरा बना हुआ है। लोगों से अगली सूचना जारी होने तक नदी से दूर रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने का आग्रह किया जाता है।’’बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित रसुवा है, जो काठमांडू से करीब 125 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में तिब्बत सीमा के पास स्थित है। सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहे वीडियो में नेपाल-चीन सीमा पर स्थित रसुवागढ़ी में भारी पैमाने पर तबाही नजर आ रही है। इस कथित वीडियो में तेज बहाव के साथ एक विशाल लहर को दो मंजिला इमारत के ऊपर से गुजरते और अपने रास्ते में आने वाली हर चीज को बहाते हुए देखा जा सकता है। कई लोगों को पहले पानी के आने की आवाज सुनकर भागते हुए देखा गया, लेकिन कुछ ही सेकेंड में वे अचानक आई बाढ़ के बाद जमा हुए कीचड़ और मलबे में दब गए। सोशल मीडिया पर भोटे कोशी और त्रिशूली नदियों के किनारे स्थित बस्तियों में हुई तबाही की तस्वीरें और वीडियो छाए रहे। नेपाल के रसुवा जिले में अचानक आई भीषण बाढ़ के बाद करीब 400 लोग लापता हैं, जिनमें कम से कम 105 भारतीय और 37 अनिवासी भारतीय (एनआरआई) शामिल हैं। इनमें से अधिकतर भारतीय तिब्बत में कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए जा रहे थे। नेपाल पर्यटन बोर्ड (एनटीबी) के अनुसार, रसुवा में आई बाढ़ के कारण कुल 384 यात्री लापता हुए हैं, जिनमें 291 विदेशी और 93 नेपाली नागरिक हैं। एनटीबी ने एक बयान में बताया कि भारतीयों और एनआरआई के अलावा लापता पर्यटक अमेरिका, मलेशिया, ब्रिटेन, दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और नीदरलैंड के हैं। सम्राट टूर्स एंड ट्रैवल एजेंसी के अनुसार, कम से कम 59 भारतीय कैलाश मानसरोवर यात्रा के तीर्थयात्री थे। भारतीय दूतावास ने नेपाल में अचानक आई बाढ़ से प्रभावित भारतीय नागरिकों की सहायता और जानकारी के लिए आपातकालीन नंबर जारी किए हैं। भारतीय दूतावास ने एक अन्य पोस्ट में कहा कि वह बाढ़ से प्रभावित भारतीय नागरिकों के बचाव और राहत के लिए नेपाल सरकार के संबंधित अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है। दूतावास ने कहा कि नेपाल सरकार के साथ समन्वय में बचाव और राहत प्रयासों को और मजबूत किया जा रहा है। नेपाल पर्यटन बोर्ड ने भी सहायता के लिए टोल-फ्री आपातकालीन नंबर जारी किया है। ‘द काठमांडू पोस्ट’ के अनुसार, भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ नुवाकोट के बेत्रावती को रसुवा में रसुवागढ़ी सीमा चौकी से जोड़ने वाली 42 किलोमीटर लंबी सड़क को बहा ले गयी। अखबार ने सड़क विभाग के उप महानिदेशक एवं प्रवक्ता शुभराज न्यौपाने के हवाले से बताया कि बाढ़ के पानी ने कई स्थानों पर सड़क को नष्ट कर दिया और कई कंक्रीट के पुल भी बह गए। नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीआरआरएमए) ने एक बयान में रसुवा, नुवाकोट, धादिंग, चितवन और गोरखा में नदी किनारे रहने वाले लोगों से अगली सूचना तक अत्यधिक सतर्क रहने और सुरक्षा उपाय अपनाने की अपील की। रसुवा के सहायक मुख्य जिला अधिकारी ध्रुव प्रसाद अधिकारी ने कहा कि बाढ़ भयावह थी और दो बस्तियों को भारी नुकसान पहुंचा है। रसुवा के मुख्य सीमा शुल्क अधिकारी राजेंद्र ढुंगाना ने कहा कि सीमा शुल्क परिसर में रखे कई वाहन और सामान बह गया। हाल ही में बनाया गया एक पुल भी नष्ट हो गया। यह स्थान तिब्बत और चीन से जुड़े नेपाल के व्यापारिक यातायात को नियंत्रित करता है। इंडिपेंडेंट पावर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन नेपाल (आईपीपीएएन) के एक बयान के अनुसार, अचानक आई बाढ़ से नुवाकोट और रसुवा जिलों में कुल 354 मेगावाट क्षमता वाली आठ चालू जलविद्युत परियोजनाएं और निर्माणाधीन पांच परियोजनाएं क्षतिग्रस्त हुई हैं। बाढ़ से क्षतिग्रस्त प्रमुख चालू जलविद्युत परियोजनाओं में रसुवागढ़ी जलविद्युत परियोजना (111 मेगावाट), संजेन खोला जलविद्युत परियोजना (78 मेगावाट) और अपर त्रिशूली-3ए (60 मेगावाट) शामिल हैं। ‘द काठमांडू पोस्ट’ ने उत्तरगया ग्रामीण नगरपालिका की उपाध्यक्ष चामेली गुरूंग के हवाले से बताया कि स्याफ्रूबेसी, बेत्रावती, मेलुंग, सल्लेटार, शांतिबाजार, पैरेबेसी, खल्ती बस्ती, सोले, त्रिशूली और बट्टार समेत करीब एक दर्जन बस्तियां प्रभावित हुई हैं। स्थिति का जायजा लेने के लिए प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह की अध्यक्षता में हुई आपात बैठक के बाद नेपाल सेना, सशस्त्र पुलिस बल और नेपाल पुलिस के जवानों को प्रभावित इलाकों में बचाव एवं राहत कार्यों के लिए तैनात किया गया। सेना के एक बयान के अनुसार, नेपाल की सेना ने अचानक आई बाढ़ के बाद खोज एवं बचाव अभियान चलाने के लिए 12 हेलीकॉप्टर तैनात किए। रसुवा जिले के स्याफ्रुबेसी से छह, मेलुंग से दो और धुंचे से चार लोगों को बचाया गया। बयान में कहा गया कि नेपाल सेना ने त्रिशूली में सैन्य प्रशिक्षण केंद्र नंबर-1 में एक उपचार केंद्र भी स्थापित किया है, जहां सेना के चिकित्सा कर्मी प्रभावित लोगों को आपात चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करा रहे हैं। सेना के एक बयान के अनुसार, आपातकालीन चिकित्सा बचाव दल से लैस एमआई-17 हेलीकॉप्टर को त्रिशूली स्थित जिला अस्पताल की ओर भी भेजा गया। सुरक्षा बलों ने बाढ़ के कारण विभिन्न स्थानों पर फंसे 80 से अधिक लोगों को बचाया। नेपाल पुलिस के प्रवक्ता अबी नारायण काफ्ले के हवाले से स्थानीय मीडिया ने बताया कि तिमुरे स्थित क्षेत्र पुलिस कार्यालय, स्याफ्रूबेसी पुलिस चौकी और रसुवागढ़ी पुलिस चौकी भी क्षतिग्रस्त हुई हैं। सशस्त्र पुलिस बल के प्रवक्ता नेत्र बहादुर कार्की ने बताया कि बाढ़ के बाद रसुवा से सशस्त्र पुलिस बल के चार जवान लापता हैं। बचाव और राहत कार्यों में मदद के लिए पांच ड्रोन तैनात किए गए हैं। प्रभावित क्षेत्र में तीन प्रशिक्षित खोजी कुत्ते भी भेजे गए हैं। राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने रसुवा और नुवाकोट जिलों में बाढ़ से हुई जनहानि और संपत्ति के नुकसान पर दुख जताया। पिछले साल भी भोटेकोशी में दो बार विनाशकारी बाढ़ आई थी जिनसे रसुवा में भारी तबाही हुई थी और कम से कम 10 लोगों की मौत हुई थी।
हर कमरे में अटैच टॉयलेट अशुभ! 7 जन्म तक पीछा नहीं छोड़ेगी गरीबी
टॉयलेट निर्माण के लिए तीन जोन उपयुक्त माने जाते हैं. इनमें पहला ईस्ट-साउथ-ईस्ट (ESE) है, जो पूर्व दिशा के ठीक बाद का स्थान है. दूसरा साउथ-साउथ-वेस्ट (SSW) है, जो दक्षिण दिशा के बाद वाला जोन माना जाता है. तीसरा वेस्ट-नार्थ-वेस्ट (WNW) है, जो पश्चिम दिशा के ठीक बाद का स्थान है.
'धुरंधर फिर देख रहा हूं...', टॉक्सिक पर राम गोपाल वर्मा का करारा तंज
राम गोपाल वर्मा ने 'धुरंधर 2' और 'टॉक्सिक' के बीच होने वाले क्लैश को असलियत बनाम स्टाइल की टक्कर बताया था. अब जब आज टॉक्सिक बड़े पर्दे पर रिलीज हो गई है तो उनका एक पोस्ट वायरल हो रहा है.
कैलाश यात्रा पर गए ईशा फाउंडेशन के 77 श्रद्धालु फंसे, सद्गुरु भी वहीं मौजूद
नेपाल और चीन के सीमावर्ती इलाके में आई बाढ़ में कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए श्रद्धालुओं को फंस गए हैं. ईशा फाउंडेशन के संस्थापक सद्गुरु ने बताया कि गिरोंग में इमिग्रेशन सेंटर बाढ़ की चपेट में आ गया है, जहां उनकी संस्था की ओर से कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए 77 लोग फंसे हैं.
Nepal Flood Updates: 22 की मौत, सैकड़ों लापता; नेपाल दूतावास ने जारी किया बयान
नेपाल में बुधवार सुबह अचानक आई बाढ़ ने कई इलाकों में भारी तबाही मचा दी। तिब्बत की ओर से आई बाढ़ का सबसे ज्यादा असर रसुवा जिले में देखने को मिला। नदी किनारे बसे इलाकों में पानी भरने से घर, सड़कें, पुल और दूसरी जरूरी सुविधाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। बाढ़ की चपेट में आने से कम से कम 22 लोगों की मौत की खबर है, जबकि बड़ी संख्या में लोग अभी भी लापता हैं। इस बीच, भारत में नेपाल के दूतावास का बयान भी आ गया है। नेपाल दूतावास ने जारी किया बयान भारत में नेपाल के दूतावास ने बाढ़ को लेकर ताजा बयान जारी किया है। दूतावास ने कहा कि नेपाल में सुबह आई बेहद गंभीर अचानक बाढ़ से लोगों की जान गई है, कई लोग लापता हैं और घरों, सड़कों, पुलों, जलविद्युत परियोजनाओं समेत कई जरूरी ढांचों को भारी नुकसान पहुंचा है। दूतावास के मुताबिक, नेपाल की सुरक्षा एजेंसियों, आपदा प्रबंधन टीमों, स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य सेवाओं को पूरी तरह राहत और बचाव के काम में लगाया गया है। लोगों को सुरक्षित निकालने, तलाशी और बचाव अभियान चलाने, जरूरी चिकित्सा सहायता देने और राहत पहुंचाने का काम जारी है। Embassy of Nepal in India says - Nepal was struck by a severe and unprecedented flash flood this morning, resulting in the tragic loss of lives, reports of missing persons and extensive damage to homes, roads, bridges, hydropower facilities and other infrastructure in the… pic.twitter.com/hcCN2aCG3x — ANI (@ANI) August 26, 2026 इसे भी पढ़ें: Bihar Flood Alert: Gandak Barrage के सभी 36 फाटक खोले गए, नेपाल में बाढ़ के बाद सतर्कता निचले इलाकों में भी खतरे पर नजर नेपाल के अधिकारी नदियों के जलस्तर और निचले इलाकों में आगे बाढ़ के खतरे पर लगातार नजर रख रहे हैं। दूतावास ने कहा कि फिलहाल हालात तेजी से बदल रहे हैं। ऐसे में मृतकों, लापता लोगों और नुकसान से जुड़ी पूरी जानकारी की पुष्टि की जा रही है। नेपाल सरकार ने दूसरे देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों की ओर से मिल रहे मदद के प्रस्तावों का स्वागत किया है। दूतावास के मुताबिक, अगर विदेशी मदद की जरूरत पड़ती है तो नेपाल सरकार काठमांडू से इसे तय और समन्वित करेगी। भारत में नेपाल का दूतावास भी नेपाल सरकार के संपर्क में है और जरूरत पड़ने पर भारत सरकार के साथ समन्वय में मदद के लिए तैयार है। दूतावास ने कहा है कि जैसे-जैसे पक्की जानकारी सामने आएगी, उसके आधार पर आगे की जानकारी साझा की जाएगी। 291 विदेशी पर्यटकों का पता नहीं नेपाल पर्यटन विभाग के मुताबिक, बाढ़ के बाद 291 विदेशी पर्यटकों का अब तक पता नहीं चल पाया है। इनमें 105 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि लापता लोगों और बाढ़ से हुए नुकसान की जानकारी जुटाई जा रही है और आंकड़ों की पुष्टि की जा रही है। इसे भी पढ़ें: पड़ोसी Nepal के Flood संकट में भारत साथ खड़ा, PM Modi ने Balen Shah से की बात, दिया हर संभव मदद का भरोसा तिब्बत की ओर से अचानक बढ़ा नदी का पानी अधिकारियों के मुताबिक, स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 9 बजे भोटे कोशी नदी में अचानक पानी बढ़ गया। इसके बाद रसुवा और धादिंग के साथ-साथ नुवाकोट जिले के कई इलाके प्रभावित हुए। रसुवा और धादिंग तिब्बत की सीमा के पास स्थित हैं, जबकि नुवाकोट काठमांडू के दक्षिण-पश्चिम में है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, रसुवा में आई बाढ़ स्थानीय इलाके में हुई बारिश की वजह से नहीं आई। माना जा रहा है कि तिब्बत की ओर हुई भारी बारिश या हिमस्खलन के कारण नदी में अचानक पानी बढ़ा होगा। हालांकि, बाढ़ की सही वजह अभी साफ नहीं हुई है और इसकी जांच की जा रही है। कई जलविद्युत परियोजनाओं को भारी नुकसान अचानक आई बाढ़ ने नेपाल की जलविद्युत परियोजनाओं को भी बड़ा नुकसान पहुंचाया है। कम से कम एक दर्जन जलविद्युत परियोजनाएं बाढ़ की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त या तबाह हो गई हैं। इसके अलावा कई घरों, सड़कों और पुलों को भी नुकसान पहुंचा है।
'शायद ही कोई बचा होगा...' नेपाल के ये वीडियोज देख लोग सिहर गए!
फ्लैश फ्लड की असली वजह अब भी साफ नहीं हो पाई है. नेपाल के बाढ़ पूर्वानुमान विभाग ने कहा कि रसुवा में भारी बारिश के कारण बाढ़ आने की संभावना कम है, जबकि सैटेलाइट तस्वीरों में तिब्बत की तरफ काफी तेज बारिश दर्ज की गई है.
सांप की तरह लहराती, बलखाती, चट्टानों से टकराती... आज नेपाल में भोटे कोशी प्रलय की जीवित धारा थी!
26 अगस्त को भोटे कोशी नदी का वेग इतना था कि नेपाल की संकरी घाटियां दरकने लगीं. ऐसा लग रहा था जैसे गुस्सैल नदी बेलगाम निकल पड़ी हो. फिर क्या था पुल टूटे, सड़कें बह गईं, गांव पल भर में मिट गए. नदीं चट्टानों को उखाड़ती, पेड़ों को जड़ से उखाड़ती, घरों को निगलती हुई आगे बढ़ रही थी. उसकी गर्जना पहाड़ों को कंपा रही थी.
टेढ़ी-मेढ़ी अदरक छीलना मुश्किल? चाकू छोड़ें, ये ट्रिक्स अपनाएं
How To Peel Ginger Easily: अदरक छीलते समय अगर छिलके के साथ इसका काफी हिस्सा भी निकल जाता है, जिसकी वजह से सब्जी की बर्बादी होती है. अगर आप भी इससे परेशान हैं, तो ये आसान किचन ट्रिक्स आपके बहुत काम आएंगी. चलिए जानते हैं चम्मच, पीलर और कुछ आसान तरीकों की मदद से आप कैसे अदरक को कम बर्बादी के साथ जल्दी और आसानी से छील सकते हैं.
लॉरेंस से जुड़ा वकील दीपक खत्री गिरफ्तार, IGI एयरपोर्ट से क्राइम ब्रांच ने पकड़ा
लॉरेंस बिश्नोई की लीगल टीम के सदस्य दीपक खत्तरी को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया है. उसकी गिरफ्तारी दिल्ली के IGI एयरपोर्ट से हुई. पुलिस ने उसके खिलाफ LOC खोल रखी थी. दीपक पर गैंगस्टर्स के बीच कड़ी का काम करने का आरोप है. कुछ दिन पहले उस पर यमुना बाजार के हनुमान मंदिर के पास फायरिंग भी हुई थी.
नेपाल बाढ़: इधर पानी में बह रहे थे पावर प्लांट, उधर शेयर बाजार में सुनामी
नेपाल के रसुवा और भोटेकोशी क्षेत्र में बड़े-बड़े हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स लगे हैं, जिन्हें भारी नुकसान पहुंचा है. बाढ़ के विकराल रूप से 15 से अधिक जलविद्युत परियोजनाएं, 25 मेगावाट का सोलर प्लांट और कई सबस्टेशन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं.
ओमान से डील होते ही होर्मुज में जंगी जहाजों की एंट्री बैन, ईरान का बड़ा ऐलान!
ईरान ने ऐलान किया है कि ओमान के साथ नए समझौते के तहत होर्मुज से किसी भी देश के सैन्य जहाजों को गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी. ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने बताया कि इस समझौते के मुताबिक, फारस की खाड़ी में प्रवेश करने वाला मार्ग पूरी तरह ईरानी समुद्री क्षेत्र से होकर गुजरेगा, जबकि बाहर निकलने वाला मार्ग आंशिक रूप से ईरान और ओमान के रास्ते से होकर जाएगा.
नेपाल में बाढ़ से तबाही, 105 भारतीय लापता
नेपाल के रसुवा में भोटेकोशी नदी में अचानक आई बाढ़ से भारी तबाही मची है। रिपोर्ट के मुताबिक, कैलाश मानसरोवर जा रहे 105 भारतीयों समेत 400 से अधिक पर्यटक, यात्री और ट्रेकर्स लापता बताए जा रहे हैं।
11 हाइड्रो पावर प्लांट, 19 पुल, 40 किमी सड़क... नेपाल में बाढ़ से कितना नुकसान?
नेपाल में आज अचानक आई बाढ़ ने कहर मचा दिया है. तिब्बत की ओर से आ रही भोटकोशी नदी में अचानक जलस्तर अचानक बेकाबू हो गया. इसके बाद आगे बढ़ता हुआ पानी अपने रास्ते में आने वाली हर चीज को मानो बहाता चलाता गया. नेपाल में बाढ़ से कितना नुकसान? देखें Video.
‘किसी भी महिला को अपने बचपन में पिता, जवानी में पति और जब पति मर जाए तो बुढ़ापे में बेटों के नियंत्रण में रहना चाहिए। उसे कभी भी स्वतंत्र रूप से जीने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।’ 22 अगस्त को पुणे में राहुल गांधी ने मनुस्मृति के इस श्लोक को शर्मनाक बताते हुए कहा- 'महिला की पहचान उसके पिता, पति या बेटे से नहीं, बल्कि उसकी अपनी होती है।' इसके बाद से बवाल मचा है। असम के मुख्यमंत्री हिमंता ने कहा- ‘राहुल पागल हैं। महिला अधिकारों के बहाने हिंदू धर्म को बदनाम करने का बहाना ढूंढते हैं।’ आखिर मनुस्मृति कहां से आई, इसमें क्या-क्या लिखा है और राहुल गांधी के बयान से असली दिक्कत क्या है; डिबेट के हर पहलू को समझेंगे आज के एक्सप्लेनर में… सवाल-1: आखिर मनुस्मृति कहां से आई और कैसे इतनी चर्चित हो गई? जवाब: मनुस्मृति हिंदू धर्म के सबसे पुराने ग्रंथों में से एक है। इसे मनु संहिता या मानव धर्मशास्त्र के नाम से भी जानते हैं। यह किताब करीब 1800 साल पहले अस्तित्व में आई थी। उस वक्त वैदिक हिंदुत्व, मंदिर आधारित पौराणिक हिंदुत्व में बदल रहा था। इतिहासकार नरहर कुरुंदकर अपनी किताब ‘मनुस्मृति: कॉन्टेम्परेरी थॉट्स’ में लिखते हैं, ‘मनुस्मृति दो शब्दों का मेल है, पहला मनु और दूसरा स्मृति। यानी मनु द्वारा लिखा गया धार्मिक लेख मनुस्मृति कहा जाता है। ईसा के जन्म से दो-तीन सौ साल पहले इसकी रचना शुरू हुई थी।’ इतिहास और संस्कृति के विद्वान पैट्रिक ओलिवेल अपनी किताब ‘मानुस कोड ऑफ लॉ: ए क्रिटिकल एडिशन एंड ट्रांसलेशन ऑफ द मानव धर्मशास्त्र’ में लिखते हैं, ‘मनुस्मृति का यूनीक और सिमैट्रिकल स्ट्रक्चर इस बात की ओर इशारा करता है कि इसे या तो किसी ‘प्रतिभाशाली व्यक्ति’ ने लिखा या फिर किसी ‘सशक्त अध्यक्ष’ ने इसे तैयार किया।’ पंजाब यूनिवर्सिटी में इतिहास के प्रोफेसर राजीव लोचन बताते हैं, ‘जब अंग्रेज भारत आए, तो उन्हें लगा कि जैसे मुस्लिमों के पास कानून की किताब के तौर पर शरिया है, ऐसे ही हिंदुओं के पास भी मनुस्मृति है। इसी वजह से मनुस्मृति के आधार पर हिंदू मुकदमों की सुनवाई शुरू कर दी। यहीं से इस विचार ने जन्म लिया कि मनुस्मृति हिंदुओं का मानक धर्मग्रंथ है और ये प्रचलित हो गया।’ सवाल-2: मनुस्मृति में क्या-क्या लिखा है? जवाब: नरहर कुरुंदकर कहते हैं, ‘मनुस्मृति में कुल 12 अध्याय हैं, जिनमें 2,684 श्लोक हैं। कुछ संस्करणों में श्लोकों की संख्या 2,964 है। यह हिंदुओं को धर्म और उनके कर्तव्यों के बारे में बताते हैं।’ वेंडी डोनिगर और ब्रायन स्मिथ अपनी किताब ‘द लॉज ऑफ मनु’ में लिखते हैं, ‘मनुस्मृति का सार यह है कि दुनिया और वास्तव में जीवन कैसे जिया जाता है, और इसे कैसे जीना चाहिए। ये किताब धर्म के बारे में है, जो कर्तव्य, कानून, अर्थशास्त्र और व्यवहार से भी जुड़ी है।' वेंडी और ब्रायन के मुताबिक, ‘मनुस्मृति के लेखक ब्राह्मण को मानव जाति का आदर्श प्रतिनिधि मानते हैं। जबकि क्रम में सबसे नीचे रखे गए शूद्र को 'ऊंची' जातियों की सेवा करने का इकलौता कर्तव्य दिया गया है। कुछ श्लोकों में महिलाओं के खिलाफ उनके पूर्वाग्रह दिखते हैं।’ सवाल-3: क्या मनुस्मृति वाकई महिला और दलित विरोधी है? जवाब: मनुस्मृति में महिलाओं के कर्तव्यों और जीने के तरीकों के बारे में बताया गया है, जो मौजूदा समय में सही नहीं माना जाता। शूद्रों को लेकर भी कई विवादित बातें लिखी गईं हैं। कुछ श्लोकों के अर्थ से समझिए… अध्याय 1, श्लोक 31: ब्रह्मा ने संसार की रचना की थी और उनके मुख से ब्राह्मण, भुजाओं से क्षत्रिय, पेट से वैश्य और पैर से शूद्र पैदा हुए। अध्याय 5, श्लोक 148: किसी भी महिला को अपने बचपन में पिता; जवानी में पति और जब पति मर जाए तो बुढ़ापे में बेटों के नियंत्रण में रहना चाहिए। उसे कभी भी स्वतंत्र रूप से जीने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। अध्याय 9 के श्लोक 3 में भी लगभग यही बात लिखी गई है। अध्याय 5, श्लोक 151: पिता या पिता की सहमति से भाई जिसके साथ शादी कर दे, उस पति की सेवा महिला को जीवनभर करनी चाहिए और उसकी मौत के बाद ब्रह्मचर्य में रहना चाहिए। अध्याय 8, श्लोक 21: जब शूद्र राजा के लिए कानून की व्याख्या करता है, तो उसका राज्य कीचड़ में डूबी गाय की तरह डूब जाता है और वह असहाय होकर देखता रहता है। अध्याय 8, श्लोक 129: एक योग्य शूद्र को कभी धन नहीं जुटाना चाहिए; क्योंकि जब एक शूद्र धनवान यानी अमीर हो जाता है, तो वह ब्राह्मणों को परेशान करता है। अध्याय 8, श्लोक 371: जब कोई स्त्री अपने पति को धोखा दे, उसका तिरस्कार करे तो राजा को उसे सार्वजनिक चौराहे पर कुत्तों से भक्षण करवा देना चाहिए। अध्याय 9, श्लोक 335: शूद्र का सबसे बड़ा धर्म यह है कि वह वेदों के ज्ञाता, विद्वान, गृहस्थ और सम्मानित ब्राह्मण की सेवा करे। (ये सभी श्लोक और उनके अर्थ पैट्रिक ओलिवेल और सुमन ओलिवेल की किताब 'मनुस कोड ऑफ लॉ' से लिए गए हैं।) सवाल-4: जब राहुल ने किताब में लिखी बातें ही कहीं, तो दिक्कत क्या है? जवाब: मनु-स्मृति में लिखी विवादित बातों का विरोध करने पर अक्सर यह आरोप लगता है कि मनुस्मृति के बहाने सिर्फ हिंदू धर्म को निशाना बनाया जा रहा है। आधुनिक समय में मनुस्मृति की सबसे ज्यादा चर्चा तब शुरू हुई, जब डॉ. भीमराव अंबेडकर ने 25 दिसंबर 1927 को महाराष्ट्र के कोलाबा जिले (अब रायगढ़) में मनुस्मृति को जलाया था। तब भी अगड़ी जाति के लोगों ने ये कहकर उनका विरोध किया कि ये हिंदू धर्म के खिलाफ है। राहुल गांधी के बयान पर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने भी कहा, ‘कांग्रेस हिंदू परंपराओं को ही निशाना क्यों बनाती है? अल्पसंख्यक महिलाओं की स्थिति पर चुप क्यों रहती है?’ 3 तर्क दिए जाते हैं… 1. वेदों की तरह मनुस्मृति हिंदुओं का पवित्र ग्रंथ नहीं मानवाधिकार जन-निगरानी समिति के संयोजक और सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. लेनिन रघुवंशी कहते हैं, ‘मनुस्मृति वेद और उपनिषद जैसा पवित्र ग्रंथ नहीं है। इसकी कई बातें उनसे मेल नहीं खाती हैं।’ लेखक और सीनियर पत्रकार आर. जगन्नाथन कहते हैं, 'मनुस्मृति या किसी भी धार्मिक ग्रंथ का उदाहरण देकर उस धर्म के आज के माने वालों को दोषी नहीं बनाना चाहिए। ये ग्रंथ तब के लिए थे, जब ये लिखे गए थे।’ 2. हिंदू नियम मनुस्मृति के आधार पर नहीं बने मशहूर माइथोलॉजिस्ट देवदत्त पट्टनायक के मुताबिक, ‘लोग इसे मनु की संहिता समझते हैं, जो गलत है। असल में यह मनु के विचार हैं। मुस्लिमों के शरिया और कैथोलिक ईसाइयों के चर्च डॉग्मा की तरह यह कोई कानून की किताब नहीं है।’ 3. पितृसत्ता सिर्फ हिंदू धर्म की समस्या नहीं आर. जगन्नाथन लिखते हैं कि लगभग सभी मौजूदा धर्म पुरुषों के बनाए हैं। जब पुरुष ही धर्मग्रंथ लिखते हैं, तो उनमें एक तरफ झुकाव पर हैरानी नहीं जतानी चाहिए। अगर राहुल के मुताबिक, धार्मिक ग्रंथ पितृसत्ता को मजबूत करते हैं, तो वे इसके लिए दूसरे धार्मिक ग्रंथों के उदाहरण भी दे सकते थे। सवाल-5: मनुस्मृति में विवादास्पद बातें हैं, तो इसका समर्थन कौन लोग करते हैं? जवाब: नरहर कुरुंदकर लिखते हैं, ‘मनुस्मृति के समर्थकों का मानना है कि सृष्टि की रचना ब्रह्मा ने की थी और दुनिया का कानून प्रजापति मनु-भृगु की परंपरा से आया है। ऐसे में मनुस्मृति का सम्मान करना चाहिए।’ नरहर कुरुंदकर लिखते हैं, ‘कहा जाता है कि स्मृतियां वेदों पर आधारित हैं और मनुस्मृति भी वेदों के हिसाब से ही है। इस वजह से इसे वेदों की तरह ही सम्मान मिलना चाहिए। शंकराचार्य के साथ-साथ दूसरे धर्मगुरुओं ने भी इसी आधार पर इसका बचाव किया है। जबकि मनुस्मृति के आधुनिक समर्थक कहते हैं कि इस किताब के कुछ हिस्सों को छोड़ दिया जाए तो ये किताब समाज के कल्याण की बात करती है।’ लेखक संजीव सभलोक एक आर्टिकल में लिखते हैं, ‘मनुस्मृति के कुछ हिस्सों को छोड़ दिया जाए, तो आर्य समाज के संस्थापक दयानंद सरस्वती भी इसे सपोर्ट करते थे। विनायक दामोदर सावरकर, गोलवलकर भी इसके समर्थकों में शामिल हैं। सावरकर का मानना था कि मनुस्मृति ‘वेदों के बाद सबसे ज्यादा पूजा जाने वाला ग्रंथ है’ और ‘राष्ट्र के आध्यात्मिक और दिव्य यात्रा का आधार है।’ गोलवलकर ने मनु को ‘मानव जाति का पहला, सबसे महान और बुद्धिमान नियम बनाने वाला व्यक्ति’ माना है।‘ ------------ ये खबर भी पढ़िए… सोना 3 हफ्ते में 20 हजार महंगा हुआ, 4 बड़ी वजहें; 3 महीने से स्थिर था, दिसंबर तक कितनी होंगी कीमतें करीब 3 महीने से सोना 1.40 लाख रुपए के आस-पास टिका हुआ था, लेकिन अगस्त में अचानक इलरे दाम बढ़ने लगे। 3 हफ्ते में ही कीमतें 20 हजार बढ़ गईं। 24 अगस्त को 10 ग्राम सोना 1 लाख 62 हजार रुपए में बिक रहा है। पूरी खबर पढ़िए…
Rinku Singh के लंबे-लंबे छक्कों का क्या है राज? मिल गया जवाब!
अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से फैन्स के बीच रिंकू सिंह अक्सर सुर्खियां बटोरने का काम करते रहे हैं. यूपी टी20 लीग में रिंकू बल्ले से कमाल का प्रदर्शन कर रहे हैं. इस दौरान उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है.
कल या परसों, रक्षाबंधन कब है? जानें सही तारीख और राखी का शुभ मुहूर्त
श्रावण पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त को सुबह 9 बजकर 9 मिनट से शुरू होगी. इसका समापन 28 अगस्त को सुबह 9 बजकर 47 मिनट पर होगा. उदया तिथि के अनुसार, 28 अगस्त को पूर्णिमा प्राप्त हो रही है. इसलिए इसी दिन रक्षाबंधन का पर्व मनाना सबसे उचित होगा. हालांकि इस दिन चंद्र ग्रहण भी लगने वाला है.
क्या भूकंप से आई नेपाल में बाढ़? रसुवा में तबाही के पीछे क्या है असली वजह
रसुवा जिला प्रशासन और स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, अचानक आए पानी के सैलाब में कई बस्तियां और बुनियादी ढांचा बह गया है।
11 हाइड्रो पावर प्लांट, 19 पुल, 10 से ज्यादा बैंक तबाह... बाढ़ से नेपाल में हाहाकार
नेपाल में आई भीषण बाढ़ ने सड़क, पुल, बिजली, बैंक और संचार व्यवस्था को भारी नुकसान पहुंचाया है. 11 हाइड्रोपावर प्लांट क्षतिग्रस्त हुए हैं और 431 मेगावाट बिजली उत्पादन सिस्टम से बाहर हो गया है. 19 पुल और 40 किलोमीटर सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं. 25 से ज्यादा टेलीकॉम साइट प्रभावित हुई हैं, जबकि बैंक और वित्तीय संस्थानों के कई कार्यालय बह गए हैं.
शाम में लाइट पर मंडराने लगते हैं कीड़े? इन ट्रिक्स से भागेंगे बाहर!
बारिश के मौसम में शाम होते ही घर की लाइट के आसपास छोटे-छोटे उड़ने वाले कीड़े जमा होने लगते हैं. ये खिड़की, बालकनी और दरवाजे से घर के अंदर भी आ सकते हैं. जानिए लाइट के पास कीड़े क्यों आते हैं और तेज रोशनी, जाली, सफाई समेत किन आसान उपायों से इनसे बचा जा सकता है.
RSS प्रमुख मोहन भागवत के अमेरिका दौरे पर विवाद
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत अमेरिका दौरे पर न्यूयॉर्क पहुंच चुके हैं। 29 अगस्त को वे Madison Square Garden में भारतीय मूल के लोगों को संबोधित करेंगे, लेकिन कार्यक्रम से पहले ही विवाद छिड़ गया है।
नेपाल की भीषण बाढ़ में 22 लोगों की मौत, 105 भारतीयों समेत 400 से ज्यादा पर्यटक लापता, कई गांव बहे
काठमांडू। नेपाल में अचानक आई भीषण बाढ़ की चपेट में आने वाले 22 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। मौत का आंकड़ा बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। हादसे के बाद से 105 भारतीयों समेत 400 से ज्यादा पर्यटक लापता हैं। सेना, स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां प्रभावित बड़े इलाके में राहत […]
3,000 फीट की ऊंचाई पर प्लेन के विंग पर खड़ी हुईं लड़की, Video
टॉम क्रूज को टक्कर देने निकलीं हॉलीवुड एक्ट्रेस सिडनी स्वीनी! उड़ते प्लेन के पंख पर बंधकर हवा में उल्टा होने का वीडियो शेयर कर एक्ट्रेस ने लिखा, 'वॉच आउट टॉम क्रूज.' आखिर कितना मुश्किल है यह खतरनाक स्टंट?
पल भर में धाराशायी हुई बहुमंजिला इमारत, नेपाल-चीन सीमा पर दर्जनों जिंदगियां तबाह
Nepal Floods: नेपाल और चीन बॉर्डर पर बाढ़ की वजह से भारी तबाही हुई है। इस घटना में कई दर्जन लोगों के मारे जाने की आशंका है। चीन से सामने आए एक वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे नेपाल-तिब्बत सीमा पर मौजूद ग्यिरोंग लैंड पोर्ट की इमारत एक झटके में बर्बाद हो जाती है।
सूरत में खचाखच भरी बस में चढ़ना युवक को पड़ा भारी
सूरत के भाठेना इलाके में 21 अगस्त को भीड़भरी सिटी बस में चढ़ने की कोशिश कर रहे देव कोरवाला का संतुलन बिगड़ गया और वह सड़क पर गिर गया। इसी दौरान बस का पहिया उसके ऊपर से गुजर गया।
अखिलेश ने कहा 'मुखर बनो' तो डिंपल ने दिखाया तेवर!
लखनऊ प्रेस कॉन्फ्रेंस में सपा प्रमुख अखिलेश यादव और डिंपल यादव ने 'स्त्री सम्मान समृद्धि योजना' का ऐलान किया. इसके तहत महिलाओं को सालाना 40,000 रुपये की मदद, लैपटॉप और शिक्षा में छूट दी जाएगी. अखिलेश द्वारा डिंपल को 'मुखर बनो' कहने और डिंपल द्वारा जंतर-मंतर छात्र आंदोलन का अनुभव साझा करने का वीडियो वायरल है.
तिब्बत से आई अचानक बाढ़ ने नेपाल के रसुवा में मचाई तबाही, वीडियो में जाने कई घर और पुल क्षतिग्रस्त
तिब्बत से आई अचानक बाढ़ ने नेपाल के रसुवा में मचाई तबाही, वीडियो में जाने कई घर और पुल क्षतिग्रस्त
कृति की ब्रालेट पर हंगामा, इन हसीनाओं के कपड़ों पर भी मचा बवाल
एक्ट्रेसेस को आए दिन सही कपड़े पहनने की तमीज सिखाई जाती है और इस समय निशाने पर कृति सेनन हैं. लेकिन यह पहली बार नहीं है. इससे पहले भी कई एक्ट्रेसेस को उनके रिवीलिंग कपड़ों पर ट्रोल किया जा चुका है.
इस्लामाबाद के अस्पताल में भीषण आग, फुटेज में देंखे 15 नवजात बच्चों की मौत; AC कंप्रेसर में विस्फोट के बाद मची अफरा-तफरी
यूपी-बिहार में बाढ़ का कहर, उफनती नदियों ने बढ़ाई चिंता; वीडियो में देंखे मध्य प्रदेश में ऑरेंज अलर्ट
हिंदुओं के लिए सबसे कठिन है कैलाश मानसरोवर यात्रा... नेपाल बाढ़ से क्या पड़ा असर?
Nepal Flood Videos: नेपाल-तिब्बत बॉर्डर के पास फ्लैश फ्लड से भारी तबाही मचाई है. इसका असर कैलाश मानसरोवर यात्रा पर भी पड़ा है, जहां बड़ी संख्या में भारतीय भी जाते हैं.
1.8 लाख रुपये महीने की सैलरी फिर भी पैसे की किल्लत, बिल ने खोली पोल
1.8 लाख रुपये की मंथली सैलरी एक अच्छी आय की कैटेगरी में आती है. लेकिन जब परिस्थिति खराब होती है, तो आपको अपनी असली सेविंग के बार में मालूम चलता है. बेंगलुरु के रहने वाले एक टेक प्रोफेशनल ने अपनी कहानी बताई है.
मामूली कहासुनी में भतीजे ने चाचा को चाकू मारकर उतारा मौत के घाट
गुजरात के राजकोट स्थित पडवला गांव में मामूली हंसी-मजाक जानलेवा विवाद में बदल गया. पारिवारिक भतीजे ने अपने चाचा की छाती में चाकू घोंप दिया. गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान मौत हो गई. घटना के बाद फरार आरोपी को भायावदर पुलिस ने कुछ ही घंटों में गिरफ्तार कर लिया.
Nepal Flash Flood: रसुवा और नुवाकोट में तबाही, 4 की मौत और 13 हाइड्रो प्रोजेक्ट क्षतिग्रस्त
(इंट्रो में एक शब्द बदलते हुए)काठमांडू, 26 अगस्त तिब्बत की सीमा से लगे मध्य नेपाल के दो जिलों में बुधवार सुबह अचानक आई भीषण बाढ़ में चार लोगों की मौत हो गई। बाढ़ से नदी किनारे बसी बस्तियों में भारी तबाही हुई और कम से कम एक दर्जन जलविद्युत परियोजनाएं क्षतिग्रस्त हो गईं। अधिकारियों ने बताया कि स्थानीय समयानुसार सुबह करीब नौ बजे तिब्बत की ओर से भोटे कोशी नदी में अचानक बाढ़ आई, जिससे तिब्बत की सीमा से लगे रसुवा और धादिंग जिले तथा काठमांडू के दक्षिण-पश्चिम में स्थित नुवाकोट जिला प्रभावित हुआ। उन्होंने बताया कि रसुवा में बाढ़ क्षेत्र में बारिश के कारण नहीं आई, बल्कि संभवतः तिब्बत की ओर हुई भारी बारिश या हिमस्खलन के कारण आई है। हालांकि, इसका सटीक कारण अभी पता नहीं चल पाया है। प्रभावित इलाकों में नेपाल सेना की मदद से अधिकारियों ने खोज एवं बचाव अभियान शुरू कर दिया है। रसुवा, नुवाकोट, धादिंग और चितवन समेत कई निचले जिलों में हाई अलर्ट जारी किया गया है। नेपाल सेना ने एक बयान में बताया कि अचानक जलस्तर बढ़ने से रसुवा जिले के तिमुरे और पास के स्याफ्रुबेसी इलाके में भारी तबाही हुई तथा वाहन, सामान और अन्य संपत्ति बह गई। सबसे अधिक प्रभावित रसुवा जिला है, जो काठमांडू से करीब 125 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में तिब्बत सीमा के पास स्थित है। बागमती प्रांत पुलिस कार्यालय के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एवं प्रवक्ता ने पीटीआई-को बताया कि अचानक आई बाढ़ के बाद नुवाकोट जिले की बिदुर नगरपालिका से तीन पुरुषों और एक महिला के शव बरामद किए गए। उन्होंने बताया कि बाढ़ के तुरंत बाद उनके शव त्रिशूली नदी के पास पड़े मिले। नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीआरआरएम) ने एक बयान में रसुवा, नुवाकोट, धादिंग, चितवन और गोरखा में नदी किनारे रहने वाले लोगों से अगली सूचना तक हाई अलर्ट पर रहने और सुरक्षा उपाय अपनाने को कहा। जल विज्ञान एवं मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, बुधवार को आई बाढ़ रसुवा में हुई बारिश के कारण नहीं आई। विभाग के सूचना अधिकारी दिनकर कायस्थ के अनुसार, ऐसा प्रतीत नहीं होता कि रसुवा में हुई भारी बारिश के कारण बाढ़ आई। उन्होंने कहा कि संभवतः यह किसी नए हिमनद के बनने या पुराने ग्लेशियर के फटने के कारण आई हो। उन्होंने कहा, ‘‘हम अभी इस मामले का अध्ययन कर रहे हैं, इसलिए वास्तविक कारण अभी पता नहीं चला है।’’उन्होंने कहा कि तिब्बत की ओर से बाढ़ का खतरा अभी टला नहीं है, इसलिए ‘‘हमें सतर्क रहने की जरूरत है।’’‘द हिमालयन टाइम्स’ के अनुसार, अचानक जलस्तर बढ़ने के कारणों का पता लगाने के लिए जांच जारी है। अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि यह त्रासदी हिमनद तटबंध बाढ़ (जीएलओएफ) या किसी अन्य कारण से आई। रसुवा के सहायक मुख्य जिला अधिकारी ध्रुव प्रसाद अधिकारी ने कहा कि बाढ़ का स्तर असामान्य रूप से बहुत अधिक था और दोनों बस्तियों में काफी नुकसान हुआ है। रसुवा के मुख्य सीमा शुल्क अधिकारी राजेंद्र ढुंगाना ने बताया कि सीमा शुल्क परिसर में रखे कई वाहन और सामान बह गए। हाल में बनाया गया एक पुल भी नष्ट हो गया। यह स्थान तिब्बत, चीन से जुड़ा नेपाल के व्यापारिक आवागमन को नियंत्रित करता है। इंडिपेंडेंट पावर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन नेपाल (आईपीपीएएन) के एक बयान के अनुसार, अचानक आई बाढ़ से नुवाकोट और रसुवा जिलों में 354 मेगावाट की कुल क्षमता वाली आठ चालू जलविद्युत परियोजनाएं और निर्माणाधीन पांच परियोजनाएं क्षतिग्रस्त हुई हैं। बाढ़ से क्षतिग्रस्त प्रमुख चालू जलविद्युत परियोजनाओं में रसुवागढ़ी जलविद्युत परियोजना (111 मेगावाट), संजेन खोला जलविद्युत परियोजना (78 मेगावाट) और अपर त्रिशूली-3ए (60 मेगावाट) शामिल हैं। ‘द काठमांडू पोस्ट’ ने उत्तरगया ग्रामीण नगरपालिका की उपाध्यक्ष चमेली गुरूंग के हवाले से बताया कि स्याफ्रुबेसी, बेत्रावती, मेलुंग, सल्लेतार, शांतिबाजार, पाइरेबेसी, खल्ती बस्ती, सोले, त्रिशूली और बट्टार समेत करीब एक दर्जन बस्तियां प्रभावित हुई हैं। स्थिति का जायजा लेने के लिए प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह की अध्यक्षता में हुई आपात बैठक के बाद नेपाल सेना, सशस्त्र पुलिस बल और नेपाल पुलिस के जवानों को प्रभावित इलाकों में बचाव एवं राहत कार्यों के लिए तैनात किया गया। सेना के एक बयान के अनुसार, नेपाल की सेना ने अचानक आई बाढ़ के बाद खोज एवं बचाव अभियान चलाने के लिए 12 हेलीकॉप्टर तैनात किए। रसुवा जिले के स्याफ्रुबेसी से छह, मेलुंग से दो और धुंचे से चार लोगों को बचाया गया। बयान में कहा गया कि नेपाल सेना ने त्रिशूली में सैन्य प्रशिक्षण केंद्र नंबर-1 में एक उपचार केंद्र भी स्थापित किया है, जहां सेना के चिकित्सा कर्मी प्रभावित लोगों को आपात चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करा रहे हैं। उसने बताया कि आपात चिकित्सा बचाव दल से लैस सेना के एक हेलीकॉप्टर (एमआई-17) को भी त्रिशूली के जिला अस्पताल की ओर भेजा गया है। स्थानीय मीडिया की एक खबर में नेपाल पुलिस के प्रवक्ता अभि नारायण काफ्ले के हवाले से बताया गया कि तिमुरे स्थित क्षेत्र पुलिस कार्यालय, स्याफ्रुबेसी की पुलिस चौकी और रसुवागढ़ी की पुलिस चौकी भी क्षतिग्रस्त हुई हैं। सशस्त्र पुलिस बल के प्रवक्ता नेत्र बहादुर कार्की ने बताया कि अचानक आई बाढ़ के बाद रसुवा से सशस्त्र पुलिस बल के चार जवान लापता हैं। घायलों के इलाज के लिए पांच चिकित्सकों समेत 16 स्वास्थ्यकर्मियों की एक टीम रसुवा के प्रभावित क्षेत्र में भेजी गई है। भीषण बाढ़ ने धादिंग जिले के गजुरी में एक पुल को बहा दिया है। बचाव और राहत कार्यों में मदद के लिए पांच ड्रोन तैनात किए गए हैं। लापता लोगों का पता लगाने के लिए तीन स्निफर डॉग भी प्रभावित क्षेत्र में भेजे गए हैं। पिछले साल भी भोटे कोशी में बाढ़ आई थीं, जिनसे रसुवा में भारी तबाही हुई थी और कम से कम 10 लोगों की मौत हुई थी।
'50 रुपये का हेयरकट कराता हूं, मुझे सादगी पसंद', बोले कर्नाटक CM शिवकुमार
इंडिया टुडे राउंडटेबल में कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने बताया कि वह आज भी 50 रुपये में बाल कटवाना पसंद करते हैं. वे सादा जीवन जीने में विश्वास रखते हैं. हालांकि, बीजेपी ने उनकी करीब 1400 करोड़ रुपये की संपत्ति का हवाला देते हुए उनके इस बयान पर विरोधाभास जताया है. बीजेपी ने उनके सादगी वाले दावे को पाखंड बताया है.
'मुस्लिम होकर महादेव की पूजा' सिंगर ने पति संग किया रुद्राभिषेक
सावन में अफसाना खान ने पति साज के साथ शिवलिंग का रुद्राभिषेक किया. तस्वीरें शेयर करते ही कुछ ट्रोल्स ने धर्म और परिवार को लेकर आपत्तिजनक कमेंट किए.
बारिश होते ही डूब जाता है गुरुग्राम, नोएडा क्यों बेअसर? जानें तीन बड़ी वजहें
गुरुग्रा में भारी बारिश के बाद जलभराव की समस्या सामने आती है. द्वारका में भी बारिश के बाद सड़कें जलमग्न हो जाती हैं. जबकि नोएडा में ऐसा कम ही होता है और इसकी वजह बेहतर ड्रेनेज सिस्टम है. गुरुग्राम में अव्यवस्थित शहरीकरण के कारण नालों की क्षमता कम हो गई है, जिससे पानी का निकास बाधित हो रहा है. लेकिन नोएडा ने पहले नालों और ड्रेनेज सिस्टम का निर्माण किया और फिर शहरी विकास किया.
Nepal Flood: तिब्बत सीमा पर रसुवा में बाढ़ से 4 की मौत, 13 पनबिजली प्रोजेक्ट्स क्षतिग्रस्त
तिब्बत की सीमा से लगे मध्य नेपाल के दो जिलों में बुधवार तड़के अचानक आई भीषण बाढ़ में चार लोगों की मौत हो गई। बाढ़ से नदी किनारे बसी बस्तियों में भारी तबाही हुई और कम से कम एक दर्जन जलविद्युत परियोजनाएं क्षतिग्रस्त हो गईं। अधिकारियों ने बताया कि स्थानीय समयानुसार सुबह करीब नौ बजे तिब्बत की ओर से भोटे कोशी नदी में अचानक बाढ़ आई, जिससे तिब्बत की सीमा से लगे रसुवा और धादिंग जिले तथा काठमांडू के दक्षिण-पश्चिम में स्थित नुवाकोट जिला प्रभावित हुआ। उन्होंने बताया कि रसुवा में बाढ़ क्षेत्र में बारिश के कारण नहीं आई, बल्कि संभवतः तिब्बत की ओर हुई भारी बारिश या हिमस्खलन के कारण आई है। हालांकि, इसका सटीक कारण अभी पता नहीं चल पाया है। प्रभावित इलाकों में नेपाल सेना की मदद से अधिकारियों ने खोज एवं बचाव अभियान शुरू कर दिया है। रसुवा, नुवाकोट, धादिंग और चितवन समेत कई निचले जिलों में हाई अलर्ट जारी किया गया है। नेपाल सेना ने एक बयान में बताया कि अचानक जलस्तर बढ़ने से रसुवा जिले के तिमुरे और पास के स्याफ्रुबेसी इलाके में भारी तबाही हुई तथा वाहन, सामान और अन्य संपत्ति बह गई। सबसे अधिक प्रभावित रसुवा जिला है, जो काठमांडू से करीब 125 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में तिब्बत सीमा के पास स्थित है। बागमती प्रांत पुलिस कार्यालय के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एवं प्रवक्ता ने पीटीआई-को बताया कि अचानक आई बाढ़ के बाद नुवाकोट जिले की बिदुर नगरपालिका से तीन पुरुषों और एक महिला के शव बरामद किए गए। उन्होंने बताया कि बाढ़ के तुरंत बाद उनके शव त्रिशूली नदी के पास पड़े मिले। नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीआरआरएम) ने एक बयान में रसुवा, नुवाकोट, धादिंग, चितवन और गोरखा में नदी किनारे रहने वाले लोगों से अगली सूचना तक हाई अलर्ट पर रहने और सुरक्षा उपाय अपनाने को कहा। जल विज्ञान एवं मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, बुधवार को आई बाढ़ रसुवा में हुई बारिश के कारण नहीं आई। विभाग के सूचना अधिकारी दिनकर कायस्थ के अनुसार, ऐसा प्रतीत नहीं होता कि रसुवा में हुई भारी बारिश के कारण बाढ़ आई। उन्होंने कहा कि संभवतः यह किसी नए हिमनद के बनने या पुराने ग्लेशियर के फटने के कारण आई हो। उन्होंने कहा, ‘‘हम अभी इस मामले का अध्ययन कर रहे हैं, इसलिए वास्तविक कारण अभी पता नहीं चला है।’’उन्होंने कहा कि तिब्बत की ओर से बाढ़ का खतरा अभी टला नहीं है, इसलिए ‘‘हमें सतर्क रहने की जरूरत है।’’‘द हिमालयन टाइम्स’ के अनुसार, अचानक जलस्तर बढ़ने के कारणों का पता लगाने के लिए जांच जारी है। अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि यह त्रासदी हिमनद तटबंध बाढ़ (जीएलओएफ) या किसी अन्य कारण से आई। रसुवा के सहायक मुख्य जिला अधिकारी ध्रुव प्रसाद अधिकारी ने कहा कि बाढ़ का स्तर असामान्य रूप से बहुत अधिक था और दोनों बस्तियों में काफी नुकसान हुआ है। रसुवा के मुख्य सीमा शुल्क अधिकारी राजेंद्र ढुंगाना ने बताया कि सीमा शुल्क परिसर में रखे कई वाहन और सामान बह गए। हाल में बनाया गया एक पुल भी नष्ट हो गया। यह स्थान तिब्बत, चीन से जुड़ा नेपाल के व्यापारिक आवागमन को नियंत्रित करता है। इंडिपेंडेंट पावर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन नेपाल (आईपीपीएएन) के एक बयान के अनुसार, अचानक आई बाढ़ से नुवाकोट और रसुवा जिलों में 354 मेगावाट की कुल क्षमता वाली आठ चालू जलविद्युत परियोजनाएं और निर्माणाधीन पांच परियोजनाएं क्षतिग्रस्त हुई हैं। बाढ़ से क्षतिग्रस्त प्रमुख चालू जलविद्युत परियोजनाओं में रसुवागढ़ी जलविद्युत परियोजना (111 मेगावाट), संजेन खोला जलविद्युत परियोजना (78 मेगावाट) और अपर त्रिशूली-3ए (60 मेगावाट) शामिल हैं। ‘द काठमांडू पोस्ट’ ने उत्तरगया ग्रामीण नगरपालिका की उपाध्यक्ष चमेली गुरूंग के हवाले से बताया कि स्याफ्रुबेसी, बेत्रावती, मेलुंग, सल्लेतार, शांतिबाजार, पाइरेबेसी, खल्ती बस्ती, सोले, त्रिशूली और बट्टार समेत करीब एक दर्जन बस्तियां प्रभावित हुई हैं। स्थिति का जायजा लेने के लिए प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह की अध्यक्षता में हुई आपात बैठक के बाद नेपाल सेना, सशस्त्र पुलिस बल और नेपाल पुलिस के जवानों को प्रभावित इलाकों में बचाव एवं राहत कार्यों के लिए तैनात किया गया। सेना के एक बयान के अनुसार, नेपाल की सेना ने अचानक आई बाढ़ के बाद खोज एवं बचाव अभियान चलाने के लिए 12 हेलीकॉप्टर तैनात किए। रसुवा जिले के स्याफ्रुबेसी से छह, मेलुंग से दो और धुंचे से चार लोगों को बचाया गया। बयान में कहा गया कि नेपाल सेना ने त्रिशूली में सैन्य प्रशिक्षण केंद्र नंबर-1 में एक उपचार केंद्र भी स्थापित किया है, जहां सेना के चिकित्सा कर्मी प्रभावित लोगों को आपात चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करा रहे हैं। उसने बताया कि आपात चिकित्सा बचाव दल से लैस सेना के एक हेलीकॉप्टर (एमआई-17) को भी त्रिशूली के जिला अस्पताल की ओर भेजा गया है। स्थानीय मीडिया की एक खबर में नेपाल पुलिस के प्रवक्ता अभि नारायण काफ्ले के हवाले से बताया गया कि तिमुरे स्थित क्षेत्र पुलिस कार्यालय, स्याफ्रुबेसी की पुलिस चौकी और रसुवागढ़ी की पुलिस चौकी भी क्षतिग्रस्त हुई हैं। सशस्त्र पुलिस बल के प्रवक्ता नेत्र बहादुर कार्की ने बताया कि अचानक आई बाढ़ के बाद रसुवा से सशस्त्र पुलिस बल के चार जवान लापता हैं। घायलों के इलाज के लिए पांच चिकित्सकों समेत 16 स्वास्थ्यकर्मियों की एक टीम रसुवा के प्रभावित क्षेत्र में भेजी गई है। भीषण बाढ़ ने धादिंग जिले के गजुरी में एक पुल को बहा दिया है। बचाव और राहत कार्यों में मदद के लिए पांच ड्रोन तैनात किए गए हैं। लापता लोगों का पता लगाने के लिए तीन स्निफर डॉग भी प्रभावित क्षेत्र में भेजे गए हैं। पिछले साल भी भोटे कोशी में बाढ़ आई थीं, जिनसे रसुवा में भारी तबाही हुई थी और कम से कम 10 लोगों की मौत हुई थी।
पुणे में 19 साल के युवक पर धारदार हथियार से हमला, 12 गिरफ्तार
पुणे के शिवाजीनगर में इंस्टाग्राम का विवाद खूनी हिंसा में तब्दील हो गया. जिसके चलते एक कैफे में 19 वर्षीय युवक पर धारदार हथियार से हमला कर दिया गया. इस मामले में 15 लोगों को पकड़ा गया है, जिनमें तीन नाबालिग भी शामिल हैं. पढ़ें पूरी कहानी.
YouTube-Insta से नहीं हो रही कमाई? ये ऐप यूजर्स को दे रहा खूब पैसे
अगर आपको लगता है कि कंटेंट क्रिएटर्स के लिए सिर्फ मेटा और गूगल के ही प्लेटफॉर्म्स हैं तो आप गलत हैं. इंस्टा और यूट्यूब के बारे में सब जानते हैं, लेकिन क्या इस नए ऐप के बारे में जानते हैं? दरअसल ये ऐप कम फॉलोअर्स वाले यूजर्स को भी पैसे कमाने का मौका दे रहा है.
LPG को लेकर आया ये अपडेट, अब 4 दिन बाद बंद हो सकता है कनेक्शन
एलपीजी सिलेंडर पर बड़ा अपडेट सामने आया है. कस्टमर्स को अब 31 अगस्त तक अपना ईकेवाईसी पूरा करना होगा. अगर समय पर काम पूरा नहीं किया गया तो बुकिंग नहीं हो पाएगी.
यूक्रेन युद्ध के मोर्चे पर बढ़ती सैन्य तनातनी के बीच मॉस्को से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने वॉशिंगटन, कीव और यूरोपीय राजधानियों की बेचैनी बढ़ा दी है। रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका के खुफिया तंत्र के प्रमुख सीआईए निदेशक जॉन रैटक्लिफ कथित तौर पर एक ‘आपात’ बैठक के लिए मॉस्को पहुंचे थे। दावा है कि उनका संदेश रूस के लिए बेहद सीधा था कि यूक्रेन युद्ध को ऐसे स्तर तक मत ले जाइए, जहां से वापसी संभव नहीं हो। खासतौर पर परमाणु हथियारों के इस्तेमाल या यूक्रेन के पश्चिमी सहयोगियों को सीधे निशाना बनाने जैसी किसी कार्रवाई के खिलाफ कथित तौर पर वॉशिंगटन ने क्रेमलिन को कड़ा संकेत दिया है। ब्रिटिश अखबार डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी खुफिया आकलन में आशंका जताई गई है कि युद्ध के मैदान में नए झटकों के बाद रूस तेज और नाटकीय प्रतिक्रिया दे सकता है। इसी पृष्ठभूमि में रैटक्लिफ के जरिए रूसी अधिकारियों तक पहुंचाया गया संदेश कथित तौर पर बेहद स्पष्ट था, “बस ऐसा मत कीजिए।” सवाल यह है कि क्या अमेरिका के पास ऐसी कोई ठोस खुफिया सूचना है, जिसने सीआईए प्रमुख को सीधे मॉस्को भेजने की जरूरत पैदा की? इसे भी पढ़ें: जयशंकर और डोभाल की रूस-चीन यात्रा के कूटनीतिक संदेश को ऐसे समझिए देखा जाये तो यह कथित यात्रा ऐसे समय में सामने आई है, जब रूस और ब्रिटेन के बीच तनाव भी लगातार बढ़ रहा है। लंदन द्वारा यूक्रेन को सैन्य समर्थन बढ़ाने से मॉस्को पहले ही नाराज है और पश्चिमी देशों की भूमिका को लेकर क्रेमलिन का रुख लगातार आक्रामक बना हुआ है। ऐसे में परमाणु विकल्प की आशंका और पश्चिमी सहयोगियों पर संभावित हमले की चर्चा ने इस युद्ध को केवल रूस-यूक्रेन संघर्ष तक सीमित नहीं रहने दिया है। मामले का एक और दिलचस्प पहलू यूक्रेन से जुड़ा है। द कीव इंडिपेंडेंट ने स्थिति से परिचित एक सूत्र के हवाले से दावा किया है कि वॉशिंगटन ने कीव से कहा था कि रैटक्लिफ के रूस में रहने के दौरान मॉस्को और सेंट पीटर्सबर्ग पर हमले न किए जाएं। रिपोर्ट के अनुसार, यूक्रेन ने 24 से 26 अगस्त के बीच इन दोनों शहरों पर हमले रोकने पर सहमति जताई। सूत्र का दावा है कि अमेरिकी अधिकारियों को यह भरोसा नहीं था कि इन शहरों के आसपास रूसी वायु रक्षा प्रणाली किसी संभावित हमले को पूरी तरह रोकने के लिए पर्याप्त मजबूत है। यदि यह दावा सही है तो यह केवल सैन्य संयम का मामला नहीं, बल्कि बेहद संवेदनशील कूटनीतिक संकेत भी है। सवाल उठता है कि क्या वॉशिंगटन ने अपने खुफिया प्रमुख की सुरक्षा और मॉस्को के साथ बातचीत के लिए यूक्रेन से अस्थायी ‘शांत आकाश’ सुनिश्चित करने की कोशिश की? अमेरिकी और रूसी संपर्कों के बीच यह सवाल और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। बताया जा रहा है कि रैटक्लिफ की कथित यात्रा पर पहली नजर तब गई, जब फ्लाइटरडार24 के आंकड़ों में अमेरिकी वायुसेना का एक C-17 सैन्य परिवहन विमान मंगलवार को लातविया की राजधानी रीगा से मॉस्को के वनुकोवो हवाई अड्डे की ओर जाता दिखाई दिया। RCH4555 कॉल साइन वाला विमान सुबह करीब 8:50 बजे रीगा से रवाना हुआ और लगभग 10 बजे के बाद मॉस्को पहुंचा। इससे पहले यह विमान 23 अगस्त को मैरीलैंड के कैंप स्प्रिंग्स से रीगा आया था। कैंप स्प्रिंग्स में ही ज्वाइंट बेस एंड्रयूज स्थित है, जो अमेरिकी राष्ट्रपति और शीर्ष अधिकारियों की हवाई गतिविधियों से जुड़ा एक महत्वपूर्ण सैन्य ठिकाना है। द कीव इंडिपेंडेंट के अनुसार, एक अमेरिकी अधिकारी ने भी पुष्टि की कि रैटक्लिफ की रूसी अधिकारियों से मुलाकात निर्धारित थी, हालांकि बातचीत का एजेंडा सार्वजनिक नहीं किया गया। क्रेमलिन ने भी इस कथित दौरे पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है। यही चुप्पी इस पूरे घटनाक्रम को और रहस्यमय बनाती है। देखा जाये तो यह सब ऐसे समय हो रहा है जब डोनाल्ड ट्रंप के व्हाइट हाउस लौटने के बाद अमेरिका और रूस के बीच संपर्क बढ़े हैं। ट्रंप ने सत्ता में वापसी के साथ ही यूक्रेन युद्ध समाप्त कराने के लिए बातचीत का वादा किया था। उनके शांति दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर मॉस्को के कई दौरे कर चुके हैं, लेकिन रूस और यूक्रेन के बीच सबसे बड़ा गतिरोध अब भी क्षेत्रीय नियंत्रण को लेकर बना हुआ है। दोनों पक्षों के बीच जमीन के सवाल पर खाई इतनी गहरी है कि अब तक कोई निर्णायक सफलता नहीं मिली। इस सप्ताह उनकी प्रस्तावित यूक्रेन यात्रा भी टल गई। ऐसे में जॉन रैटक्लिफ की कथित मॉस्को यात्रा सिर्फ एक खुफिया संपर्क नहीं, बल्कि युद्ध के खतरनाक मोड़ पर पहुंचने की आशंका का संकेत भी हो सकती है। अगर परमाणु विकल्प की चर्चा और पश्चिमी सहयोगियों को निशाना बनाने की आशंका के बीच वास्तव में अमेरिका को सीधे हस्तक्षेप करना पड़ा है, तो यह साफ है कि यूक्रेन युद्ध अब केवल मोर्चों पर नहीं लड़ा जा रहा। असली जंग अब खुफिया सूचनाओं, कूटनीतिक चेतावनियों और उस एक फैसले को रोकने की कोशिश में है, जो पूरे संघर्ष को एक नए और कहीं अधिक विनाशकारी दौर में धकेल सकता है।
कूनो के जंगल फिर लापता चीता निर्वा? न लोकेशन मिली, न सैटेलाइट सिग्नल
क्या मादा चीता निर्वा सच में कूनो की निगरानी से बाहर हो गई है? यही सवाल अब पूरे वन्यजीव सिस्टम को बेचैन कर रहा है. पिछले 1 सप्ताह से उसके कॉलर का सैटेलाइट सिग्नल नहीं मिल रहा, जबकि BHF सिग्नल के सहारे 500 मीटर के दायरे में उसकी लोकेशन खोजी जा रही है.
अखिलेश यादव की बड़ी बेटी के बर्थडे पर सांसद प्रिया ने दिया खास मैसेज
अखिलेश यादव और डिंपल यादव के बड़ी बेटी अदिति यादव की एक नई तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है. सपा सांसद प्रिया सरोज ने उन्हें जन्मदिन की बधाई दी है, जिसमें दोनों ही सादगी भरे अंदाज में नजर आ रही हैं.
फिल्म 'टॉक्सिक' के एक सीन पर ट्रोल हुईं रुक्मिणी वसंत, भड़के फैंस
'टॉक्सिक' फिल्म में रुक्मिणी वसंत के एक सीन को लेकर सोशल मीडिया पर एक वर्ग ने नाराजगी जताई है और उस सीन व उसकी स्क्रिप्ट पर सवाल उठाए हैं.
नेपाल में फंसे भारतीयों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी, PM मोदी ने की पीएम बालेन से बात
नेपाल में बुधवार को आई भीषण फ्लैश फ्लड से कम से कम 8 लोगों की मौत हुई है और 33 सुरक्षाकर्मी लापता हैं. भारत ने पड़ोसी देश की मदद के लिए राहत सामग्री भेजने की तैयारी शुरू कर दी है.
बहनों ने इस बार धागा नहीं, जवानों की सुरक्षा का कवच AI राखी बनाई
रक्षाबंधन से पहले वाराणसी के जूनियर साइंटिस्ट श्याम चौरसिया के नेतृत्व में छात्राओं ने जवानों की सुरक्षा के लिए AI सोलर सोल्जर सेफ्टी राखी तैयार की है. राखी में डिस्प्ले, ट्रांसमीटर-रिसीवर, ब्लूटूथ, कैमरा, माइक्रोफोन और बैटरी जैसी तकनीकें लगाई गई हैं. प्रोटोटाइप में सोलर सेल्फ-चार्जिंग सिस्टम है और सीमावर्ती क्षेत्रों में संचार और सुरक्षा में मदद का दावा किया गया है.
झांसी में पति ने पत्नी को प्रेमी संग पकड़ा और भरवाया मांग
झांसी के चिरगांव में शादी के करीब डेढ़ महीने बाद पति ने पत्नी को उसके प्रेमी के साथ पकड़ लिया। इसके बाद सोशल मीडिया पर दो वीडियो वायरल हुए, जिनमें प्रेमी महिला की सात बार मांग भरता और दोनों वरमाला पहनाते दिख रहे हैं।
रक्षाबंधन से पहले फूड टीम की रेड... 10 क्विंटल मिलावटी मावा किया नष्ट
मुजफ्फरनगर में रक्षाबंधन से पहले खाद्य विभाग ने मिलावटी मावे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. छपार में देर रात हुई छापेमारी के दौरान करीब 10 क्विंटल मावा मिला, जिसे मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त पाए जाने पर नष्ट कराया गया. टीम ने मिलावट में इस्तेमाल होने वाली कई सामग्री जब्त की और बिना लाइसेंस कारोबार करने पर FIR दर्ज कराई.
Hillary Clinton बोलीं, West Asia विवाद को कूटनीति से सुलझा सकते हैं भारत और चीन
अमेरिका की पूर्व विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने कहा कि अगर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ‘‘आक्रामक बयानबाजी के बजाय कूटनीति’’ का इस्तेमाल करना चाहते हैं, तो भारत और चीन पश्चिम एशिया संघर्ष को सुलझाने में अहम भूमिका निभाने वाले प्रमुख देशों में शामिल हो सकते हैं। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष पर बात करते हुए क्लिंटन ने ‘सी-स्पैन’ मीडिया नेटवर्क को दिए एक साक्षात्कार में कहा, ‘‘रणनीतिक स्तर पर बनी गलत धारणाएं हमें उस स्थिति तक ले आई हैं, जहां हम आज हैं।’’अमेरिका और इजराइल ने 28 फरवरी को ईरान पर संयुक्त हमला किया था। इसके जवाब में ईरान ने भी हमले किए। इस संघर्ष के कारण महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य में आवागमन बाधित हो गया। जून में अमेरिका और ईरान ने एक अंतरिम शांति समझौता किया था लेकिन पिछले महीने दोनों पक्षों की ओर से फिर से हमले शुरू होने के बाद यह समझौता टूट गया। क्लिंटन ने सोमवार को कहा, ‘‘अगर आप यह पता लगाना चाहते हैं कि ट्रंप इस स्थिति से कैसे बाहर निकल सकते हैं, तो मुझे लगता है कि इसकी कुंजी शायद चीन और भारत हैं। क्योंकि अगर आप देखें कि ईरान से सबसे ज्यादा तेल और गैस कौन खरीदता है, तो वे चीन और भारत हैं।’’बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान, ओमान और कतर सहित कई देश संघर्ष खत्म करने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता का प्रयास कर रहे हैं। इस संघर्ष में सबसे बड़ा विवाद होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर है, जहां युद्ध के कारण जहाजों की आवाजाही बाधित हुई है। सामान्य परिस्थितियों में दुनिया की कुल ऊर्जा आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से होकर गुजरता है। क्लिंटन ने कहा कि चीन, विशेष रूप से तेहरान पर दबाव डाल सकता है, क्योंकि वह ईरान से तेल और गैस खरीदने वाले सबसे बड़े देशों में शामिल है। उन्होंने कहा, ‘‘चीन इस मामले में हमसे बहुत आगे है। उन्होंने समुद्री मार्ग से पहुंचने वाले जीवाश्म ईंधन का काफी मात्रा में भंडारण किया है... वे अपने भंडार बढ़ा रहे हैं... लेकिन उन्हें ईरान की जरूरत पड़ेगी।’’क्लिंटन ने कहा, ‘‘अगर ट्रंप वास्तव में आक्रामक बयानबाजी के बजाय कूटनीति का इस्तेमाल करने को तैयार हों, तो मुझे लगता है कि सबसे प्रभावी दबाव यहीं से बनाया जा सकता है।’’उनकी यह टिप्पणी अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट द्वारा ईरान पर प्रतिबंधों के एक नए दौर की घोषणा के बाद आई है। बेसेंट ने ईरान के साथ कारोबार करने वाले हर देश को चेतावनी दी थी कि वह इस्लामिक गणराज्य के साथ अपने वित्तीय संबंध तोड़ दे, अन्यथा उसे अमेरिका की ओर से कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। वहीं, तेहरान ने अमेरिका की ओर से नए प्रतिबंध लगाए जाने की योजना के जवाब में सैन्य कार्रवाई की धमकी दी है। चीन, तुर्किये और संयुक्त अरब अमीरात ईरान के सबसे बड़े व्यापारिक साझेदारों में शामिल हैं। जब क्लिंटन से पूछा गया कि क्या वह चीन पर द्वितीयक प्रतिबंध लगाएंगी, तो उन्होंने कहा, ‘‘मैं निश्चित रूप से चीनी नागरिकों से कहती कि अगर वे ईरानियों को होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने और कम से कम पहले जैसी स्थिति बहाल करने के लिए तैयार करने में हमारी मदद नहीं करते हैं, तो मैं ऐसा जरूर करूंगी।’’द्वितीयक प्रतिबंध का मतलब है ऐसे प्रतिबंध जो सीधे किसी देश पर नहीं, बल्कि उन तीसरे देशों, कंपनियों या बैंकों पर लगाए जाते हैं जो प्रतिबंधित देश के साथ कारोबार या वित्तीय लेन-देन जारी रखते हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने 20 अगस्त को कहा था कि यदि तेहरान किसी समझौते पर पहुंचने में विफल रहता है तो वह ईरान के खिलाफ कड़ा आर्थिक अभियान शुरू करेंगे।
8 लाख रुपए की राखी, इतनी कीमत में तो खरीद लेंगे ब्रांड न्यू कार
रक्षाबंधन आने वाला है और बाजार में एक से बढ़कर एक प्रीमियम राखियां दिखाई दे रही हैं. कीमत की बात करें तो सोने की राखी जहां 30 हजार रुपए से शुरू होकर 8 लाख रुपए तक है. वहीं चांदी की राखी 1 हजार से शुरू होकर 5 हजार रुपए की रेंज में बिक रही हैं.
नई दिल्ली। नेपाल में भारी बारिश और अचानक आई बाढ़ से उत्पन्न हालात के बीच भारत सरकार प्रभावित लोगों की मदद के लिए जल्द से जल्द राहत सामग्री भेजने की तैयारी कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के पीएम बालेंद्र शाह से फोन पर बात की और कहा कि भारत नेपाल को हरसंभव […]
दक्षिण चीन सागर में चीन एक बार फिर अपनी विस्तारवादी रणनीति को जमीन, समुद्र और आसमान, तीनों दिशाओं में आगे बढ़ाता दिखाई दे रहा है। हम आपको बता दें कि विवादित पैरासेल द्वीपसमूह के एंटीलोप रीफ के निकट स्थित छोटे से यागोंग द्वीप पर नई निर्माण गतिविधियों की सैटेलाइट तस्वीरों ने क्षेत्रीय सुरक्षा विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है। संकेत साफ हैं कि बीजिंग केवल छोटे-छोटे ढांचे खड़े नहीं कर रहा, बल्कि दक्षिण चीन सागर के उत्तरी हिस्से में एक ऐसी सैन्य निगरानी और नियंत्रण व्यवस्था तैयार कर सकता है, जो भविष्य में ताइवान संकट से लेकर अमेरिका और उसके सहयोगियों के साथ संभावित टकराव तक निर्णायक साबित हो। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, वाणिज्यिक सैटेलाइट इमेजरी प्रदाता वैंटर द्वारा उपलब्ध कराई गई तस्वीरों में यागोंग द्वीप पर तीन दिशाओं में फैला नया निर्माण दिखाई दिया है। नवीनतम तस्वीर 17 अगस्त की बताई गई है, जबकि अन्य चित्रों से संकेत मिलता है कि निर्माण मार्च और अप्रैल के दौरान शुरू हुआ था। अभी इन ढांचों का अंतिम उद्देश्य पूरी तरह स्पष्ट नहीं है, लेकिन कई सुरक्षा विश्लेषकों का मानना है कि यह एक प्रारंभिक चेतावनी रडार या निगरानी केंद्र की शुरुआत हो सकती है, जिसका सीधा संबंध पास के एंटीलोप रीफ पर विकसित की जा रही विशाल सैन्य क्षमता से हो सकता है। इसे भी पढ़ें: दुश्मनों पर दनादन बरसेंगी मिसाइलें, भारत में Private Companies भी बनाएंगी Missiles, Rajnath Singh ने DRDO की Technology Transfer को दी मंजूरी यहीं इस पूरी गतिविधि का असली रणनीतिक महत्व छिपा है। एंटीलोप रीफ पर चीन ने कृत्रिम द्वीप के निर्माण का पहला चरण पूरा कर लिया है। सैटेलाइट तस्वीरों में यह संरचना लगभग 6 किलोमीटर लंबी दिखाई देती है और इसकी सीधी तटरेखा 3 किलोमीटर से अधिक है। कई विशेषज्ञ इसे संभावित रनवे के रूप में देख रहे हैं। यदि वहां भविष्य में लड़ाकू विमान, समुद्री गश्ती विमान, ड्रोन और अन्य सैन्य संसाधन तैनात किए जाते हैं, तो यागोंग पर संभावित रडार स्टेशन उस पूरी सैन्य संरचना की आंख और कान बन सकता है। हम आपको बता दें कि यागोंग, एंटीलोप रीफ से लगभग 14 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में स्थित है और दोनों पैरासेल्स के पश्चिमी हिस्से के क्रिसेंट समूह में आते हैं। क्षेत्रफल में छोटा होने के बावजूद यागोंग का सामरिक मूल्य बहुत बड़ा हो सकता है। अलग स्थान पर स्थापित रडार या निगरानी प्रणाली दुश्मन की गतिविधियों पर पहले से नजर रखने, समुद्री और हवाई यातायात की निगरानी करने तथा एंटीलोप पर भविष्य में तैनात सैन्य बलों को शुरुआती चेतावनी देने में उपयोगी हो सकती है। वहीं चीन ने अभी तक किसी नए सैन्य अड्डे के निर्माण को सार्वजनिक रूप से स्वीकार नहीं किया है। सरकारी मीडिया का दावा है कि एंटीलोप रीफ का विकास मौसम पूर्वानुमान, मत्स्य संरक्षण और वैज्ञानिक अनुसंधान जैसी नागरिक जरूरतों के लिए किया जा रहा है। लेकिन दक्षिण चीन सागर में बीजिंग का पुराना रिकॉर्ड इस दावे पर सवाल खड़े करता है। नागरिक सुविधाओं के नाम पर विकसित किए गए ढांचों के बाद सैन्यीकरण की आशंका इस क्षेत्र में कोई नई बात नहीं है। हम आपको बता दें कि पैरासेल्स पर चीन का नियंत्रण 1974 से है, जब उसने तत्कालीन दक्षिण वियतनाम की नौसेना से इन्हें छीन लिया था। वियतनाम आज भी पूरे द्वीपसमूह पर दावा करता है। दक्षिण में स्थित स्प्रैटली द्वीपसमूह और उसके आसपास के जलक्षेत्रों पर वियतनाम, फिलीपींस, मलेशिया, ताइवान और ब्रुनेई भी अलग-अलग दावे करते हैं। ऐसे में चीन की हर नई संरचना केवल निर्माण परियोजना नहीं, बल्कि क्षेत्रीय शक्ति-संतुलन को बदलने की कोशिश के रूप में देखी जाती है। इस बीच तनाव को और बढ़ाने वाला घटनाक्रम चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी की दक्षिणी थिएटर कमांड का बयान है। कमांड ने शुक्रवार से मंगलवार तक दक्षिण चीन सागर में नौसैनिक और वायुसेना बलों के साथ नियमित गश्त करने की बात कही है। चीन ने फिलीपींस पर क्षेत्र के बाहर के देशों को दक्षिण चीन सागर विवाद में हस्तक्षेप के लिए बुलाने और तथाकथित संयुक्त गश्त आयोजित करने का आरोप लगाया है। बीजिंग का कहना है कि उसकी सेना चीन की क्षेत्रीय संप्रभुता और समुद्री अधिकारों की रक्षा के लिए दृढ़ता से कार्रवाई करती रहेगी। यही वह बिंदु है जहां चीन का निर्माण अभियान और उसकी सैन्य गश्त एक-दूसरे से जुड़ जाते हैं। एक तरफ बीजिंग समुद्र में अपनी स्थायी उपस्थिति मजबूत करने के लिए नए ठिकाने, कृत्रिम द्वीप और संभावित रडार नेटवर्क तैयार कर रहा है, दूसरी तरफ फिलीपींस और अमेरिका सहित बाहरी शक्तियों की बढ़ती सैन्य मौजूदगी को चुनौती दे रहा है। देखा जाये तो यह केवल क्षेत्रीय विवाद नहीं, बल्कि हिंद-प्रशांत में प्रभाव और नियंत्रण की सीधी लड़ाई बन चुका है। दूसरी ओर, भारत के लिए भी इसके गंभीर रणनीतिक निहितार्थ हैं। दक्षिण चीन सागर वैश्विक व्यापार का अत्यंत महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है और इस क्षेत्र में चीन की बढ़ती सैन्य क्षमता समुद्री शक्ति संतुलन को प्रभावित कर सकती है। यदि बीजिंग एंटीलोप रीफ को एक बड़े सैन्य केंद्र और यागोंग को उससे जुड़े प्रारंभिक चेतावनी या निगरानी नेटवर्क में बदलने में सफल होता है, तो उसकी समुद्री निगरानी क्षमता और रणनीतिक पहुंच दोनों बढ़ेंगी। ताइवान को लेकर भविष्य में किसी संघर्ष की स्थिति में दक्षिण चीन सागर का यह सैन्य नेटवर्क अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। बहरहाल, चीन दक्षिण चीन सागर में केवल दावे नहीं कर रहा, बल्कि उन दावों को कंक्रीट, रनवे, रडार और सैन्य गश्त के जरिए स्थायी शक्ति में बदलने की कोशिश कर रहा है। यागोंग का छोटा-सा निर्माण आज मामूली दिखाई दे सकता है, लेकिन एंटीलोप रीफ के विशाल विस्तार के साथ इसे जोड़कर देखा जाए तो तस्वीर कहीं अधिक गंभीर है। दक्षिण चीन सागर में चीन की यह नई चाल आने वाले वर्षों में केवल क्षेत्रीय विवाद नहीं, बल्कि हिंद-प्रशांत की अगली बड़ी सामरिक टकराव रेखा बन सकती है।
नेपाल बॉर्डर पर देखते ही देखते बहा फ्रेंडशिप ब्रिज, चीन से गरजते-बरसते आई मौत की धारा, Video
नेपाल-चीन बॉर्डर पर मौजूद इस फ्रेंडशिप ब्रिज को वीडियो में पानी की प्रचंड धारा के आगे पलभर में बहते हुए देखा जा सकता है. देखते ही देखते कुछ ही सेकंड में लगभग 6-7 मंजिला ये इमारत झोपड़ी की तरह बह जाती है. इसके बाद हाहाकार मच जाता है.
रूखे-डैमेज बालों के लिए आम में मिलाएं 2 चीजें, घर पर करें हेयर स्पा
Homemade Hair Mask: रूखे, बेजान और फ्रिजी बालों से परेशान हैं तो महंगे हेयर ट्रीटमेंट पर पैसे खर्च करने की जरूरत नहीं है. घर पर आम, अंडे और दही की मदद से आसान और नेचुरल हेयर मास्क तैयार करें. जानें इसे बनाने, बालों और स्कैल्प पर लगाने का सही तरीका और हफ्ते में कितनी बार करें इसका इस्तेमाल.
कुशीनगर में NDRF तैनात, महाराजगंज में भी अलर्ट, नेपाल की तबाही का यूपी तक असर
नेपाल में भोटेकोशी नदी में आई भीषण बाढ़ से नेपाल के तराई क्षेत्र के साथ-साथ भारत के उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में भी अलर्ट है, कई लोग लापता हैं और बचाव अभियान जारी है.
प्याज पर सख्ती, चीनी पर नरमी... महंगाई कंट्रोल करने की नीति में ये फर्क क्यों?
जब तक नीतियां उपभोक्ता और किसान के हितों के बीच संतुलन नहीं बनाएंगी, तब तक कृषि क्षेत्र में असमानता बनी रहेगी और किसान की आय पर दबाव बढ़ता रहेगा.
नेपाल की बाढ़ का यूपी में खतरा: महाराजगंज और कुशीनगर में अलर्ट
नेपाल के रसुवा क्षेत्र में भोटेकोशी नदी में आई भीषण बाढ़ के बाद उत्तर प्रदेश सरकार पूरी तरह सतर्क हो गई है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गंडक और नारायणी नदियों का जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए सीमावर्ती जिलों में हाई अलर्ट जारी किया है.

