'मां को एआई से बनाया है, उनसे बात करता हूं': अब श्रद्धांजलि भी देने लगा एआई, डिजिटल शोक से अकेलेपन का खतरा?
उत्तरप्रदेश के ललितपुर का सिलावन गांव। शाम का वक्त। करीब 44-45 साल का एक शख्स लंगड़ाते हुए चला जा रहा था। वो इधर-उधर देख रहा था, जैसे किसी को पहचानने को कोशिश कर रहा हो। तभी उसे साइकिल से आता हुआ एक शख्स दिखा। उसने उसे रोककर कहा- ‘मेरा नाम विष्णु तिवारी है। क्या मुझे जानते हैं? मेरे घर का पता बता दो।’ उस शख्स ने हैरानी भरी नजरों से देखा और बोला- ‘भइया पागल हो क्या, तुम्हारा घर है और, मुझसे पूछ रहे हो।’ विष्णु ने एक के बाद एक, कई लोगों से अपने घर का पता पूछा, लेकिन सभी ने उन्हें पागल कहा। अब तक अंधेरा हो गया था। विष्णु थककर एक पेड़ के नीचे बैठ गए। तभी एक और शख्स वहां से गुजरा और विष्णु को देखते ही ठिठक गया। बोला- तुम विष्णु तिवारी हो न? पहचाना मुझे? तुम्हारा दोस्त सुरेश। विष्णु फौरन बोल पड़े- ‘मेरे भाई तुमने तो मुझे पहचान लिया’ दोस्त बोला-'तुम तो जेल में थे ना।’ विष्णु ने जवाब दिया- ‘झूठा मुकदमा था। 20 साल बाद हाईकोर्ट ने रिहा कर दिया। मेरे घर का पता तुम्हें याद हो तो घर पहुंचा दो।’ दोस्त ने कहा- ‘तुम्हारा घर तो रहने लायक बचा नहीं, चलकर देख लो।’ विष्णु, दोस्त के साथ अपने घर की ओर चल दिए। कुछ कदम चलने के बाद बोले- ‘घर में तो मेरी राह देखने वाला कोई जिंदा ही नहीं बचा।’ दोस्त बोला- ‘चाचा जिंदा हैं। उन्हीं के घर चले जाना।’ कुछ ही देर में विष्णु अपने घर पहुंचे। दोस्त ने मोबाइल का टॉर्च जलाया तो देखा टूटे दरवाजे में जंग लगा ताला लटक रहा था। दीवारें भी गिर चुकी थीं। विष्णु ने पास ही पड़ा हुआ एक पत्थर उठाया और ताला तोड़ दिया। अंदर जाकर देखा तो कचरे का ढेर लगा था। उसी ढेर में मां-पिताजी के वोटर आईडी मिले। कहीं दीवार गिर गई, तो कहीं मोटी-मोटी दरारें। विष्णु जमीन पर बैठकर फूट-फूटकर रोने लगे। दोस्त ने उन्हें संभाला और चाचा के घर ले गए। चाचा को देखते ही विष्णु बोले-‘सब खत्म हो गया चाचा। न घर बचा, न मां-बाप।’ चाचा ने पूछा जेल से कैसे छूटे। विष्णु बोले- ‘रेप का केस भी झूठा था और SC-ST का मुकदमा भी। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बाइज्जत बरी कर दिया।' दैनिक भास्कर की सीरीज ब्लैकबोर्ड में आज विष्णु तिवारी की कहानी के लिए मैं नीरज झा पहुंचा हूं उनके गांव सिलावन… ललितपुर से 50 किलोमीटर दूर है सिलावन। लोगों से पूछते हुए मैं विष्णु तिवारी के खेत पहुंचा, वो वहीं मेरा इंतजार कर रहे थे। 49 साल के विष्णु खेत में इधर से उधर टहल रहे हैं। चेहरे पर झुर्रियां, लाल-लाल आंखें, लड़खड़ाते हुए पैर। मुझसे मिलते ही बोले- ‘सारा विवाद इसी खेत की वजह से हुआ है। साल 2000 की बात है। परिवार में 8 लोग थे। मां-पिताजी, पांच भाई और एक बहन। दो कमरे का कच्चा मकान था। इसी 5 एकड़ के खेत में पिताजी खेती करते थे। तब मैं करीब 22 साल का था। बगल में जिनका खेत है, एक रोज उनसे झगड़ा हो गया। मारपीट होने लगी। वहां उस आदमी की बहू भी थी। खबर मिली, तो हम लोग भागकर गए। समझा-बुझाकर मामला शांत किया। लेकिन अगले दिन उन लोगों ने मुझ पर SC/ST एक्ट के तहत मारपीट और उनकी बहू से रेप का मुकदमा कर दिया। मैं कई दिनों तक घर से गायब रहा। लोगों के कहने पर पिताजी उस आदमी को 50 हजार रुपए देने को भी राजी हो गए, लेकिन मुकदमा वापस नहीं हुआ। उन लोगों ने हमें परेशान करने के लिए पुलिस को पैसा दिया। हर रोज पुलिस घर आकर पूछताछ करने लगी। पुलिस कहती- ‘विष्णु ने सरेंडर नहीं किया, तो घर की कुर्की जब्ती हो जाएगी। पानी का एक ग्लास तक नहीं बचेगा। भाइयों को भी जेल में डालेंगे।’ आखिर मुझे सरेंडर करना पड़ा। ललितपुर सेशन कोर्ट में मुकदमा शुरू हुआ। पिताजी ने वकील की फीस के लिए अनाज और 10 मवेशी बेच दिए। करीब दो साल मुकदमा चला। साल 2003 में कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुना दी। आखिर सबकी उम्मीदें टूट गईं। मुझे आगरा सेंट्रल जेल भेज दिया गया। रात का वक्त था। जेल के भीतर घुसते ही लगा, अब तो जिंदगी खत्म। हर बैरक से मारने-पीटने की आवाज आ रही थी। कैदी पागल की तरह चीख रहे थे। एक हफ्ते तक तो मैंने खाना नहीं खाया। आठवें दिन दूसरा कैदी गाली देते हुए मुझे बोला- @#*$% खाओगे नहीं, तो यहीं मर जाओगे। रेप किए नहीं थे, तो आजीवन जेल कैसे हो गई? मैंने बिलखते हुए कहा- बेवजह फंसा दिया। तभी दो सिपाही लाठी लेकर बैरख में घुस गए। हाथ-पैर बांधकर तलवों पर जोर-जोर से लाठियां बरसाने लगे। जब बेहोश हो गया तो जमीन पर पटककर चले गए। होश आने के बाद से जो मिलता था, खा लेता था। ऐसी पिटाई न जाने कितनी बार हुई। अभी भी पैर में सूजन है। एड़ी की कुछ हड्डियां भी टूट गई। इसलिए लंगड़ाकर चलता हूं। विष्णु आगे कहते हैं- केवल 5वीं तक पढ़ा हूं, इसलिए जेल में खाना बनाने का काम करने लगा। हर दिन हजारों रोटियां बेलनी पड़ती थी। यही जिंदगी थी। एक बार मां ने पिताजी से कहा- विष्णु का मुंह देखे बरसों हो गए। उससे मिलना है। पिताजी, मां को लेकर जेल आए। मुझे जाली के पीछे देखते ही वो फूट-फूटकर रोने लगी। बेहोश होकर वहीं गिर गईं। बगल में खड़ा पुलिसवाला बोला- जब मां इतनी कमजोर है, तो उन्हें यहां क्यों बुलाया। यहीं मर जाती तो…। उसके बाद से मां की तबीयत खराब रहने लगी। वो कभी बिस्तर से उठ नहीं पाईं। और पिताजी कभी नहीं आए। ललीतपुर से आगरा आने-जाने में भी दो दिन लगते थे। केस लड़ने में 5 एकड़ जमीन भी बिक गई। पूरा घर तितर-बितर हो गया। पिताजी की तबीयत भी बहुत खराब रहने लगी 2013 की बात है। अचानक मेरे पास एक चिट्ठी आई। उसमें पिताजी की बीमारी, घर की स्थिति का जिक्र था। आखिर में लिखा था- अब तुम्हारे पिताजी इस दुनिया में नहीं रहे। तुम्हारी चिंता में उन्हें हार्ट-अटैक आ गया। चिट्ठी पढ़ते ही मैं फूट-फूटकर रोने लगा। खुद को कोसने लगा कि कैसी किस्मत है, अपने बाप की अर्थी को कंधा नहीं दे पाया। आखिरी बार चेहरा भी नहीं देख पाया। भरी जवानी में जेल आ गया और अब…। 6 महीने बाद छोटा भाई मुझसे मिलने जेल आया। जाली के दूसरी ओर मुझे देखते ही फफक-फफककर रोने लगा। कहने लगा- तुम्हारे जेल जाने के बाद से ही पिताजी बीमार हो गए थे। जमानत के लिए कितनी अर्जियां हाईकोर्ट में लगवाई, लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हुई। जब पिताजी की मौत हुई, तो हम लोगों ने पैरोल के लिए आवेदन दिया था, लेकिन वकील पैसा खाकर बैठ गया। कुछ किया ही नहीं वह रोते हुए वापस लौट गया। मेरी हालत देखकर उसको ऐसा सदमा लगा कि कुछ महीने बाद 2014 में उसने भी दम तोड़ दिया। पहले पिता जी और फिर भाई, एक साल बाद 2015 में मां की भी मौत हो गई। घर में तीन मौत हुईं तो एक और भाई को सदमा लग गया। 2017 में उसने भी दम तोड़ दिया। लेकिन मैं इन चारों में से किसी का न तो आखिरी चेहरा देख पाया और न अर्थी को कंधे दे पाया। दूसरी भाई की मौत के बाद तीसरा भाई मरनी की मिठाई लेकर जेल आया। ये हमारे यहां एक रिवाज होता है, लेकिन वो मिठाई भी मुझे नसीब नहीं हुई। गेट पर ही पुलिस वाले खा गए। जो भाई मिठाई लेकर आया था वो भी सदमें में पागल हो गया। एक भाई महाराष्ट्र में चाय की दुकान चलाता है। मैंने जेल में कई बार आत्महत्या करने की कोशिश की, लेकिन मौका ही नहीं मिला। 2017 में कैदियों की स्थिति देखने के लिए एक NGO की टीम आई। वो लोग मेरे बारे में जानकर हैरान हो गए। उसके बाद एक एडवोकेट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में मेरा मुकदमा लड़ा। 28 जनवरी 2021 की बात है। इलाहाबाद हाईकोर्ट में दो जजों की बेंच के सामने सुनवाई चल रही थी। एडवोकेट श्वेता राणा बोलीं- मेरे मुवक्किल 20 साल से झूठे मुकदमे में जेल में बंद हैं। बूढ़े हो गए हैं, उनके मां-बाप, भाई पूरा परिवार खत्म हो गया, लेकिन न्याय नहीं मिला। उनपर लगा बालात्कार का आरोप निराधार है। जिस महिला से रेप का आरोप है, उसकी मेडिकल रिपोर्ट्स में न तो आंतरिक चोट का जिक्र है और न बाहरी। महिला के प्राइवेट पार्ट पर आरोपी का सीमन भी नहीं मिला था। माय लॉर्ड! निजी जमीन को लेकर विवाद हुआ, जिसमें फर्जी बलात्कार और SC-ST एक्ट का मुकदमा दर्ज किया गया।’ हाईकोर्ट ने फैसले में कहा-'घटना के 3 दिन बाद FIR होने से लेकर, पीड़िता के परिवार और गवाहों के बयान एक-दूसरे से मेल नहीं खाते हैं। कोर्ट आरोपी को निर्दोष मानते हुए जल्द से जल्द रिहा करने का फैसला सुनाती है।’ मुझे इस जजमेंट के बारे में दो महीने बाद पता चला। तारीख-2 मार्च, 2021। रात करीब 8 बजे का वक्त था। आगरा जेल का बैरक नंबर 3C। मैं एक कोने में बैठा था। तभी बूट की आवाज आई। मैं सोचने लगा- ‘इस वक्त पुलिस वाला मेरे बैरक की तरफ क्यों आ रहा है, पिछली बार आया था तो भाई के मरने की खबर लाया था। फिर कोई बुरी खबर ही लाया होगा।’ कुछ ही देर में जेल के डिप्टी-सुपरिटेंडेंट बैरक के सामने खड़े थे। एक कागज दिखाते हुए बोले- ‘विष्णु तिवारी, आज की रात जेल में तुम्हारी आखिरी रात है। कल सुबह तुम्हें रिहा कर दिया जाएगा।’ ये सुनते ही मैं जमीन पर बैठ गया। रोते हुए बोला- ‘अब मैं कहां जाऊंगा साहब, बाहर तो मेरा कोई बचा ही नहीं। मां-बाप, भाई… सब मर चुके हैं। मुझे यहीं रहने दीजिए। यहां कम से कम कोई हालचाल पूछने वाला तो है।’ डिप्टी-सुपरिटेंडेंट ने कहा- ‘इलाहाबाद हाईकोर्ट ने तुम्हे बाइज्जत बरी किया है। अब यहां से जाना होगा।’ रिहाई की खबर सुनते ही बैरक के दूसरे कैदी कहने लगे- कल सुबह तुम चले जाओगे तिवारी। गांव से कोई लेने भी आएगा क्या? विष्णु बोला- ‘कोई जिंदा बचा हो, तब तो आएगा।’ अगली सुबह यानी 3 मार्च को जेलर ने 500 रुपए देकर रिहा कर दिया। मैं बेमन वहां से चला आया। आज जेल से छूटे लगभग पांच साल हो गए हैं, अपना पेट कैसे पाल रहा हूं, मैं ही जानता हूं। लोगों को जैसे ही पता चलता है 20 साल जेल काटकर आया हूं, वे मुझे काम से निकाल देते हैं। इन दिनों लखनऊ में किसी के घर में खाना बनाता हूं।’ लगता है किसी का मर्डर कर दूं। या कोई ऐसा अपराध करूं, जिससे फिर जेल चला जाऊं या फांसी हो जाए। मैं तो सरकार से हाथ जोड़कर गुजारिश करता हूं कि मुझे फांसी दे दे। जो जिंदगी जी रहा हूं, वह तो नरक से भी बदतर है। कई-कई रात नींद नहीं आती। लगता है पागल हो जाऊंगा। अब जो भी मेरे अपने हैं वो सब जेल में बंद हैं। जो मुझे पहचानते हैं, मुझे समझते हैं। अब ये आजादी मेरे किसी काम की नहीं। जिंदा लाश बनकर रह गया हूं। --------------------------------------------- ब्लैकबोर्ड की ये कहानियां भी पढ़ें… 1-ब्लैकबोर्ड-नाचने से ज्यादा किसी के साथ सोकर कमा लेगी:बेटी को देखकर बोला- इसे भी साथ लाना; वो डांसर जो बिन शादी के मां बन गईं रात करीब डेढ़ बजे का वक्त था। तेज आवाज में गाने बज रहे थे। मैं घाघरा-चोली पहने स्टेज पर थी। 100 मर्दों के बीच नाच रही थी। तीन घंटे से नाचते-नाचते शरीर थक चुका था। भीड़ से एक मर्द स्टेज पर चढ़ आया। दुपट्टा खींचा और कमर में हाथ डाल दिया। मैं घबरा गई। पूरी खबर पढ़ें… 2-ब्लैकबोर्ड- चुस्त कपड़ों के ऊपर बुर्का पहनकर बार जाती हूं:रात तीन बजे घर पहुंची तो भाई बोला- किसके साथ करवाचौथ मनाकर आई है 2007-08 की बात है। दिसंबर का महीना था। कड़ाके की सर्दी पड़ रही थी। मैं नाइट ड्यूटी पर थी। रात के करीब एक बज रहे थे। सारे गेस्ट नशे में झूम रहे थे। तभी लेडीज वॉशरूम से एक लड़की के चीखने की आवाज आई। पूरी खबर पढ़ें…
पश्चिम बंगाल में चर्च पर 2 महीने में 22 हमले:भीड़ बोली- पास्टर को मारो, अब चर्च की जगह ऑनलाइन प्रेयर
13 सितंबर, रविवार। पश्चिम मेदिनीपुर के दांतन में एक घर के अंदर प्रेयर चल रही थी। अचानक 40-45 लोग आए और प्रेयर रोकने के लिए कहा। आरोप है कि महिलाओं से बदसलूकी और घर में तोड़फोड़ की गई। तीन महीने पहले आसनसोल के बर्णपुर में भी भीड़ ने ऐसे ही हमला किया था। तारीख थी 7 जून और दिन रविवार। 7 जून से 13 सितंबर के बीच 15 रविवार आए, इनमें 11 रविवार को प्रेयर मीटिंग पर भीड़ ने हमला किया या विरोध की वजह से प्रेयर रोकनी पड़ी। भीड़ में शामिल लोगों की दलील है कि प्रेयर मीट की आड़ में धर्मांतरण किया जा रहा है। बार-बार हमलों की वजह से कई जगह हाउस चर्च में प्रेयर बंद कर दी गई। ईसाई संगठनों के मुताबिक, बीते दो महीने में कुल 22 मामले सामने आए। 9 में FIR हुई है, जिनमें दो FIR पास्टर के खिलाफ हैं। पहले दो लड़के आए, वीडियो बनाया, फिर भीड़ जुटी 7 जून को बर्णपुर में हुई घटना इस विवाद की शुरुआत समझने के लिए अहम है। उस दिन एक हॉल में करीब 60-70 लोग रविवार की प्रार्थना के लिए जुटे थे। सभा चल रही थी। पास्टर साएन सेनगुप्ता के मुताबिक, दो युवक आए और वीडियो बनाने लगे। मैंने उनसे बैठने के लिए कहा। प्रार्थना के दौरान युवकों ने कुछ सवाल पूछने की बात कही। मैंने कहा कि प्रार्थना खत्म होने के बाद सभी सवालों के जवाब दूंगा। सभा खत्म हुई। तभी बाहर कुछ लोग जुट गए और प्रार्थना सभा का विरोध करने लगे। बोले कि यहां पैसे देकर धर्मांतरण किया जा रहा है। विवाद बढ़ा, तो पुलिस बुलानी पड़ी। पुलिस के सामने कहा- पास्टर को मारो, अब मोबाइल पर हो रही प्रेयर पास्टर सेनगुप्ता बताते हैं, ‘मैंने पुलिस से कहा कि सभा में मौजूद लोगों से पूछ सकते हैं कि क्या उन्हें लालच दिया गया है। तभी भीड़ में से कुछ लोग पुलिस के सामने ही मुझे मारने की बात कहने लगे। पुलिस ने उन्हें शांत कराया और मुझे हीरापुर थाने ले गई। रात करीब 11 बजे तक थाने में रखा।’ पास्टर ने किसी के खिलाफ FIR दर्ज नहीं कराई। वे बताते हैं कि घटना के बाद बर्णपुर में रविवार की सामूहिक प्रार्थना बंद हो गई है। अब इसे ऑनलाइन करते हैं। इससे सभी लोग प्रेयर में शामिल नहीं हो पाते। किसी के पास मोबाइल नहीं है, किसी के इलाके में नेटवर्क नहीं है। हमने घटना के वक्त चर्च में मौजूद डॉली कौर से बात की। वे सिख धर्म से हैं। डॉली बताती हैं कि मैं अकेले ही प्रार्थना में जाती हूं। उस दिन लोग मुझसे कह रहे थे कि सिख हो कर चर्च क्यों आती हो। एक सिख लड़का था, वो लगातार चिल्ला रहा था। मैरिज हॉल के बाहर पति मेरा इंतजार कर रहे थे। लोग उनसे पूछने लगे, इन्हें चर्च क्यों आने देते हैं। गुरुद्वारा छोड़कर आप लोग यहां क्यों आ रहे हैं। बर्णपुर मामले में शिकायत नहीं, दांतन की घटना में FIR दर्ज हीरापुर थाने के ऑफिसर इंचार्ज अखिलेश सिंह बताते हैं कि हंगामा धर्मांतरण को लेकर हो रहा था। छानबीन में जबरदस्ती धर्मांतरण का मामला नहीं मिला। इसके बाद माहौल शांत करके लोगों को घर जाने के लिए कहा गया। वहीं, दांतन के चर्च में हुई घटना पर ऑफिसर इंचार्ज सुभीर माझी ने बताया कि चर्च में हमले को लेकर FIR दर्ज की है। इसमें चर्च की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया है। फिलहाल जांच चल रही है। किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। सोनारपुर के सुभाषग्राम में चर्च तोड़ने के मामले में भी FIR दर्ज है। इस पर पुलिस में बात करने से इनकार कर दिया। हिंदूवादी नेता बोले- धर्म के नहीं, धर्मांतरण के खिलाफ बर्णपुर की घटना में जिन लोगों के नाम आए, उनमें उज्ज्वल मोदक भी हैं। वे वायरल वीडियो में भी दिख रहे हैं। खुद को सोशल वर्कर बताते हैं और हिंदूवादी संगठनों से जुड़े हैं। उनका आरोप है कि हॉल में लोगों से कहा जा रहा था कि चर्च आने से बीमारी ठीक हो सकती है। उज्जवल कहते हैं, ‘कुछ कार्यकर्ता पहले प्रार्थना सभा में गए, वहां बैठे और फिर विरोध किया। इसके बाद मुझे बुलाया। पुलिस को भी सूचना दी गई। हमारा मकसद हंगामा करना नहीं था। हम पास्टर से बात करना चाहते थे। जानना चाहते थे कि क्या लोगों को लालच दिया जा रहा है। हमने प्रार्थना में शामिल लोगों से बात की। उनमें एक भी पैदाइशी ईसाई धर्म से नहीं था। ऐसे लोग भी थे, जिनके परिवार के लोग हिंदू धर्म मानते हैं।’ विरोध के लिए रविवार ही क्यों चुना? उज्जवल जवाब देते हैं, ‘रविवार को सबसे ज्यादा लोग एक जगह इकट्ठा होते हैं। अगर धर्मांतरण का शक है, तो पता करना आसान होता है। पहचानना आसान होता है कि कौन शहर का है और कौन बाहर से आया है।'उज्जवल कहते हैं- अगर कोई अपनी इच्छा से ईसाई धर्म को मानता है तो समस्या नहीं है। किसी व्यक्ति को पैसे, बीमारी ठीक करने या दूसरे लालच के जरिए धर्म बदलने के लिए तैयार किया जाता है, तो उसका विरोध करेंगे। यही तर्क विश्व हिंदू परिषद के पश्चिम बंगाल ईस्ट रीजन के सचिव अमिया सरकार देते हैं। उनके मुताबिक, संगठन गांव-गांव में हिंदू जागरण का काम कर रहा है। बजरंग दल के कार्यकर्ता उन इलाकों पर नजर रखते हैं, जहां प्रार्थना सभाएं हो रही हैं। अमिया दावा करते हैं कि पिछली सरकारों के दौरान धर्मांतरण का खुलकर विरोध करना मुश्किल था। अब गांव-गांव में संगठन पहुंच बढ़ा रहे हैं। वे बताते हैं, ‘बजरंग दल, हिंदू जागरण मंच और दुर्गावाहिनी जैसे संगठन स्थानीय स्तर पर जानकारी जुटा रहे हैं कि किस गांव में कौन आ रहा है, कहां प्रार्थना हो रही है और किन लोगों के घरों में धार्मिक गतिविधियां चल रही हैं। चर्च पर हमले के बाद मकान मालिक जगह देने से घबरा रहे पश्चिम बर्धमान के जामुरिया में 28 जून को चर्च की बिल्डिंग पर हमला हुआ था। वे बताते हैं, ‘प्रार्थना के दौरान 10 से 15 लोग आए और कहने लगे यहां धर्मांतरण हो रहा है। पुलिस के आने के बाद दोबारा प्रार्थना शुरू हो पाई। हमने FIR तो दर्ज नहीं करवाई, लेकिन मैं कुछ समय के लिए बाहर चला गया।' आसनसाल के एक मैरिज हॉल में 20 साल से रविवार की प्रार्थना सभा, चर्च के बाकी काम के अलावा क्रिसमस, ईस्टर सब मनाया जाता था। यहां के पास्टर नाम नहीं बताना चाहते थे। वे बताते हैं कि हमले की घटनाएं शुरू होने के बाद मैरिज हॉल के मालिक ने जगह देने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा मैं अपनी प्रॉपर्टी का नुकसान नहीं कर सकता। अगर प्रार्थना करनी है, तो डीएम से परमिशन ले लीजिए। डर का असर सिर्फ यहीं तक सीमित नहीं हैं। दिनाजपुर के पास्टर सुशांत दावा करते हैं कि धर्मांतरण के नाम पर ज्यादातर हमले साउथ बंगाल में हो रहे हैं। इसलिए प्रशासन चौकन्ना हो गया है। हमारे इलाके में सिविक वॉलंटियर पास्टर से फोन करके चर्च की सारी जानकारी ले रहे हैं, जैसे पास्टर कौन है, चर्च में कितने लोग आते हैं, किस गांव से आते हैं। ऐसा पहली बार हो रहा है। ईसाई संगठन का दावा- हमले के 22 मामले, सिर्फ 9 में FIR दर्ज पश्चिम बंगाल में ईसाइयों के सभी संप्रदायों के संयुक्त फोरम बंगिया ख्रिष्टन परिषद के जनरल सेक्रेटरी हैरद मल्लिक हमलों पर कहते हैं कि पिछले दो महीनों में ऐसे 22 मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें सिर्फ 9 में ही FIR दर्ज की गई है। इनमें दो पास्टर के खिलाफ और 7 हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं के खिलाफ है। पास्टर पर धर्मांतरण के आरोप में केस दर्ज हुआ है। मल्लिक के मुताबिक, हाल के दिनों में हाउस चर्च पर अटैक किए गए। हर जगह चर्च की सुविधा नहीं है। इससे कई जगह कम्युनिटी हॉल, मैरिज हॉल, घरों में प्रार्थना सभा होती है। यहां धर्मांतरण का आरोप लगाकर लोगों पर हमला किया जा रहा है। संगठन ने फिलहाल लोगों को संडे को ऑनलाइन चर्च करने की सलाह दी है। पास्टर्स से कहा है कि वे संडे की प्रेयर के बारे में पुलिस को सूचना दें। संगठन के पदाधिकारी मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी से मिलने की कोशिश कर रहे हैं। दैनिक भास्कर ने इस बारे में अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री क्षुदिराम टुडू से बात की। उन्होंने कहा कि मुझे या मेरे ऑफिस में अब तक ऐसी घटनाओं की शिकायत नहीं मिली है। अगर शिकायत मिलती है, तो जरूर कार्रवाई की जाएगी।
रूस पर प्रतिबंध का बिल अमेरिकी हाउस में पास, भारत-चीन पर टैरिफ की तलवार
यह कानून उन देशों पर 100% तक टैरिफ लगाने की अनुमति देता है जो रूस से तेल और गैस खरीदना जारी रखते हैं. हाउस में हुई बहस में भारत और चीन को खास तौर पर उन बड़े खरीदारों के तौर पर चिह्नित गया है जिन पर इस प्रावधान का असर पड़ सकता है.
क्या ब्रिक्स समिट में बिगड़ गई थी जिनपिंग की तबीयत?: विपक्षी नेता का दावा- इलाज के लिए विशेष विमान से लौटे चीन xi-jinping-stroke-fainted-brics-summit-wanjun-xie-claim-community-note
तकनीक: रोबोट ही बना रहे रोबोट, हर 10 मिनट में एक हो रहा तैयार; चीन में दुनिया की पहली फैक्टरी होने का दावा china-robot-factory-robots-building-humanoid-robots-ubtech-10000-production
ट्रंप की युद्ध नीति पर संसद में संग्राम: ईरान पर सांसदों का शिकंजा, इस्राइल को बम देने पर रोक, बवाल क्यों?donald trump israel heavy bombs arms sale congress objection
इजरायल को 40 हजार बम देने वाली डील पर लगेगी रोक? डेमोक्रेट ने जताई आपत्ति
अमेरिकी हाउस ऑफ़ रिप्रेजेंटेटिव्स के वरिष्ठ डेमोक्रेट ग्रेगरी मीक्स ने इजरायल को 2.8 अरब डॉलर के हथियार बेचने के प्रस्ताव को लेकर चिंता जताई है. हालांकि, विदेश मंत्री मार्को रुबियो राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए इस बिक्री को सामान्य कांग्रेस समीक्षा प्रक्रिया से बाहर कर सकते हैं.
अफीम के खिलाफ भारत की कार्रवाई पर ट्रंप ने की PM मोदी की तारीफ
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत में अफीम उत्पादन को रोकने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की सराहना की है.
हूतियों से बातचीत के बाद अमेरिका का यू-टर्न, सऊदी की मदद से बनाई दूरी?
रिपोर्ट्स के मुताबिक वाशिंगटन ने यमन में सीधे हस्तक्षेप करने से दूरी बना ली है. यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब हूतियों ने यमन के लाल सागर के तट के बड़े हिस्से पर कब्ज़ा कर लिया है.
अफगान लौटने वालों पर भारत ने यूएन में उठाई आवाज: हरीश बोले- सम्मानजनक हो वापसी; चुप्पी पर भी उठाए सवालindia un afghanistan returnees al qaeda terror sanctuaryParvathaneni Harish
चांद पर दो साल पहले हुई जोरदार टक्कर: अब मिला 728 फीट का गड्ढा; हैरान क्यों हैं वैज्ञानिक?
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ईरान में हिजाब नियमों पर क्यों थम रही सख्ती?: बिना सिर ढके निकल रहीं महिलाएं, कट्टरपंथी चाह रहे कार्रवाई iran-hijab-rules-war-economic-pressure-women-defiance-Hard-liners-demand-clampdown
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TMC पार्टी और चुनाव चिह्न किसके? आज चुनाव आयोग में सुनवाई
TMC के नाम, संगठन पर नियंत्रण और चुनाव चिह्न को लेकर ममता बनर्जी और ऋतब्रत बनर्जी गुट आमने-सामने हैं. दोनों गुट गुरुवार को चुनाव आयोग के सामने अलग-अलग अपना पक्ष रखेंगे. नंदीग्राम और रेजीनगर उपचुनाव से पहले आयोग के रुख पर सबकी नजर है.
CM विजय का फर्जी VIDEO बनाकर लोगों को लगाया चूना, आरोपी गिरफ्तार
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय का AI से तैयार डीपफेक वीडियो बनाकर लोगों से आर्थिक मदद के नाम पर ठगी करने के मामले में राजस्थान के अलवर से आरोपी गिरफ्तार हुआ है. तमिलनाडु क्राइम ब्रांच-CID की जांच में डिजिटल सुरागों के जरिए पुलिस लक्ष्मणगढ़ पहुंची. आरोपी के मोबाइल से कथित तौर पर डीपफेक वीडियो और ठगी से जुड़े सबूत मिले हैं.
पोत टक्कर पर बढ़ा तनाव, दिल्ली के सख्त विरोध के बाद पाकिस्तान ने भारतीय डिप्लोमैट को बुलाया
अरब सागर में भारतीय और पाकिस्तानी युद्धपोत की टक्कर के बाद नई दिल्ली के कड़े विरोध के कुछ घंटों बाद पाकिस्तान ने बुधवार को इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग के प्रभारी अधिकारी को तलब किया।
हूती का दावा- देसी मिसाइल से मार गिराया सऊदी अरब का F-15 फाइटर जेट
यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के F-15 फाइटर जेट को मार गिराने का दावा किया है, जबकि सऊदी अरब ने इस दावे की पुष्टि नहीं की है. हूतियों ने मारिब प्रांत के ऊपर विमान को हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल से निशाना बनाने का दावा किया.
तमिलनाडु CM का डीपफेक वीडियो बनाकर ठगी, ऐसे हत्थे चढ़ा आरोपी
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय थालापति का AI से बनाया गया डीपफेक वीडियो लोगों को भेजकर NGO के नाम पर ठगी की जा रही थी. तमिलनाडु क्राइम ब्रांच की जांच के बाद राजस्थान के अलवर से साबू खान को गिरफ्तार किया गया है.
गैंगस्टर काला जठेड़ी को मिली पैरोल, बेटियों के अनुष्ठान में होगा शामिल
दिल्ली की द्वारका कोर्ट ने गैंगस्टर संदीप उर्फ काला जठेड़ी को 20 सितंबर को 7 घंटे की कस्टडी पैरोल दी है. वह सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक पुलिस सुरक्षा में हरियाणा के सोनीपत स्थित अपने गांव जठेड़ी जाएगा.
घर पर आसानी से खुद साफ करें गंदा AC, बच जाएंगे हजारों रुपये
How to Clean AC at home: अगर आपके घर के एसी में भी बहुत धूल और गंदगी जम गई है तो हर बार आपको सर्विसिंग के लिए मैकेनिक बुलाने की जरूरत नहीं है. यहां हम आपको घर पर एसी साफ करने का तरीका बता रहे हैं.
चार बेटों के बीच मां-बाप का 'बंटवारा', बुजुर्ग को निर्देश- पत्नी को ₹5000 भी देना
बुलंदशहर के सिकंदराबाद में चार बेटों के कारण 75 वर्षीय पति और 70 वर्षीय पत्नी अलग-अलग रहने लगे. दो बेटे मां के साथ हैं तो दो पिता के साथ. पत्नी की तबीयत खराब हुई और इलाज व गुजारे के लिए पैसे की जरूरत पड़ी तो उसने पति से मदद मांगी. महिला सेल की काउंसलिंग के बाद पति ₹5000 मासिक गुजारा भत्ता देने को तैयार हुआ.
भारत में 'प्रोजेक्ट चीता' के 4 साल, जीरो से 52 पहुंचा कुनबा
प्रोजेक्ट चीता के चार साल पूरे होने के साथ भारत में चीतों की संख्या बढ़कर 52 हो गई है. इनमें 32 चीते देश में ही पैदा हुए हैं. 17 सितंबर 2022 को नामीबिया से लाए गए आठ चीतों के साथ शुरू हुई इस परियोजना में अब कूनो राष्ट्रीय उद्यान के अलावा गांधी सागर अभयारण्य तक चीतों का विस्तार हो चुका है.
PM मोदी के दोस्त की भावुक चिट्ठी, जन्मदिन पर बोले...
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन से पहले उनके बचपन के दोस्त शामळदास मोदी की चिट्ठी सामने आई है. वडनगर के दिनों को याद करते हुए उन्होंने नरेंद्र मोदी को ‘श्रीकृष्ण’ और खुद को ‘सुदामा’ बताया. पत्र में दोस्ती, मोदी के सार्वजनिक जीवन और वडनगर के विकास का भी जिक्र है.
AQIS मॉड्यूल पर UP ATS की बड़ी कार्रवाई, कोयंबटूर से मकसूद अली गिरफ्तार
प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन AQIS की विचारधारा से जुड़े कथित मॉड्यूल के खिलाफ UP ATS ने कार्रवाई करते हुए मकसूद अली को तमिलनाडु के कोयंबटूर से गिरफ्तार किया है. ATS के मुताबिक पूर्व में गिरफ्तार मोहम्मद नबील से पूछताछ और विवेचना में मिले तथ्यों के आधार पर यह गिरफ्तारी हुई. एजेंसी अब नेटवर्क, गतिविधियों और कथित साजिश से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है.
नेपाल फ्लड: चिलीमे प्रोजेक्ट की सुरंग से मिले 5 शव
नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ के बाद चिलीमे हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग में फंसे छह कर्मचारियों की तलाश के दौरान पांच शव बरामद हुए हैं.
UPI के नए चार्ज का पूरा गणित, PhonePe के CEO बोले...
UPI MDR को लेकर PhonePe CEO समीर निगम ने Aaj Tak से बातचीत में कई सवालों के जवाब दिए. जानें ₹1 लाख की मासिक सीमा, ₹2,000 से ज्यादा के भुगतान पर MDR, ग्राहकों पर असर और अलग-अलग मर्चेंट श्रेणियों के लिए प्रस्तावित शुल्क की पूरी जानकारी. वीडियो में जानें डिटेल्स.
कोरियोग्राफर की आंखों के सामने पत्नी को कुचला, 96 घंटे बाद दबोचा गया आरोपी
अहमदाबाद के शीलज में तेज रफ्तार पल्सर की टक्कर से महिला की मौत के मामले में बोपल पुलिस ने आरोपी को 96 घंटे बाद राजस्थान से गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक, हादसे के बाद आरोपी बाइक मौके पर छोड़कर अस्पताल पहुंचा, फिर दोस्त के घर और वहां से डूंगरपुर भाग गया. CCTV, बाइक और आरोपी के काम से जुड़े लोगों की जानकारी ने पुलिस को उस तक पहुंचाया.
PM मोदी के जन्मदिन पर मेगा बाइक यात्रा, 250 बाइक्स पर 500 बाइकर्स
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन और सार्वजनिक जीवन के 25 साल पूरे होने पर वाराणसी से एक माह के सेवा संकल्प अभियान की शुरुआत होगी. 17 सितंबर को 250 बाइक्स पर 500 बाइकर्स काशी से वडनगर तक यात्रा निकालेंगे. ललिता घाट से गंगाजल लेकर बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक होगा. योगी आदित्यनाथ और राजनाथ सिंह यात्रा को हरी झंडी दिखाएंगे.
OTT पर रिलीज होने को तैयार यश की टॉक्सिक, मेकर्स खेलेंगे बड़ा दांव?
खबरों के मुताबिक, यश की फिल्म 'टॉक्सिक' थिएटर्स में रिलीज होने के कुछ हफ्तों बाद ही OTT पर रिलीज हो सकती है. फिल्म की कमाई और शोज की संख्या में भारी गिरावट के बाद इसे जल्दी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाने का फैसला लिया गया है.
बाहर ताला, अंदर AC हॉल में लाखों का जुआ, SOG-2 रेड में 47 गिरफ्तार
वाराणसी में SOG-2 ने एक बड़े जुआ अड्डे का भंडाफोड़ कर 47 लोगों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने मौके से करीब 10 लाख रुपये की नकदी बरामद की. बाहर से मकान पर ताला लगा था, जबकि अंदर AC हॉल में लाखों के दांव लग रहे थे. 4-5 दिन रेकी के बाद पुलिस ने छापेमारी की. कई जिलों के लोग शामिल मिले.
गुरु-चंद्रमा का शुभ योग! 18 सितंबर से 4 राशि वालों की चांदी ही चांदी
18 सितंबर को चंद्रमा और बृहस्पति मिलकर एक बड़ा ही दुर्लभ योग बनाने वाले हैं. इस दिन मन के कारक चंद्रमा गुरु के स्वामित्व वाली धनु राशि में गोचर करेंगे. संयोगवश बृहस्पति भी चंद्रमा के स्वामित्व वाली कर्क राशि में बैठे हैं. यानी गुरु और चंद्रमा एक दूसरे के घर में आकर बैठ जाएंगे. यह शुभ योग चार राशियों को भाग्यशाली बना सकता है.
स्लोवाकिया के राष्ट्रपति ने ईयू और नाटो के साथ संबंधों पर जोर दिया
स्लोवाकिया के राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी ने यूरोपीय संघ (ईयू) और नाटो की सदस्यता के महत्व पर जोर दिया और साथ ही मजबूत राजनयिक और आर्थिक संबंधों की वकालत की।
रात के अंधेरे में पहुंचा प्रेमी, परिजनों ने पकड़कर मंदिर में करा दी शादी
कौशाम्बी से प्रेम कहानी का अनोखा अंजाम सामने आया है. प्रेमिका से मिलने रात में पहुंचे युवक को परिजनों ने पकड़ लिया और पिटाई के बाद पुलिस को सूचना दी. युवक थाने पहुंचा तो दोनों परिवार शादी के लिए राजी हो गए. इसके बाद तिल्हापुर मोड़ स्थित मंदिर में प्रेमी जोड़े का विवाह करा दिया गया. दोनों के बीच तीन साल से संबंध बताए जा रहे हैं.
मकान तोड़ते समय भरभराकर गिरा मलबा, 4 महिलाओं की मौत
इंदौर के सांवेर में जर्जर मकान को तोड़ने के दौरान उसका हिस्सा अचानक गिर गया. हादसे में चार महिलाओं की मौत हो गई, जबकि पांच लोग घायल हुए हैं. घायलों में चार को एमवाय अस्पताल और एक महिला को CHC सांवेर में भर्ती कराया गया है। पुलिस जांच में जुटी है.
बाजार से खराब सब्जियां ले आते हैं घर? इन 5 तरीकों से पहचानें फ्रेश
बाजार से सब्जी खरीदते समय सिर्फ रंग और आकार देखकर फैसला न करें. न्यूट्रिशनिस्ट ने बैंगन, ग्वार फली, टिंडा और शकरकंद खरीदने के आसान तरीके बताए हैं. जानिए कौन-सी ग्वार फली नरम होती है, बैंगन कैसे चुनें और शकरकंद खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए.
यूपी में 5 PCS अफसरों के तबादले, काशी विश्वनाथ को मिला नया CEO
उत्तर प्रदेश में PCS अफसरों से जुड़ी नई तबादला सूची जारी हुई है. सबसे बड़ा बदलाव काशी विश्वनाथ मंदिर के प्रशासन में हुआ है, जहां सत्यम मिश्रा को नया CEO बनाया गया है.
पेड़ से लटकी मिली पति की लाश, गंगा में मिला पत्नी का शव
यूपी के बिजनौर में देशराज और उनकी पत्नी सुषमा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से कई सवाल खड़े हुए हैं. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दोनों की मौत के अलग-अलग कारण सामने आए. मामले की जांच में स्पेशल प्रशिक्षित डॉग ‘मैरी’ को भी लगाया गया है, जो घटनास्थल से सुराग तलाश रही है.
राधाष्टमी पर राधा को क्यों लगता है अरबी का भोग? ऐसे सजाएं भोग की थाली
राधाष्टमी के भोग में खास आकर्षण राधारानी की प्रिय अरबी के व्यंजन का विशेष महत्व है. ब्रज क्षेत्र की कुछ स्थानीय भोग परंपराओं और मान्यताओं में अरबी से बने सात्विक व्यंजनों को राधारानी के भोग से जोड़ा जाता है. अरबी की सूखी सब्जी, हल्के मसालों से बनी अरबी या अरबी से तैयार अन्य पारंपरिक व्यंजन भोग की थाली में रखना ब्रज की पटरानी राधा जी को विशेष प्रिय है.
अक्षय-सैफ की ‘हैवान’ के एक्टर मोहित राज का वीडियो वायरल
अक्षय कुमार और सैफ अली खान की फिल्म ‘हैवान’ में छोटी भूमिका निभाने वाले मोहित राज का वीडियो वायरल हो रहा है. मोहित ने बताया कि करीब 10 साल बाद उन्हें फिल्म में काम करने का मौका मिला और दोस्तों से फिल्म देखने व कलाकारों को सपोर्ट करने की अपील की.
जिम जाने वालों को ऐसे बेच रहे थे नकली सप्लीमेंट, 50 लाख का माल बरामद
जिम में तेजी से मांसपेशियां बढ़ाने की चाहत के बीच गाजियाबाद में कथित नकली बॉडी-बिल्डिंग दवाओं के नेटवर्क का खुलासा हुआ है. पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर करीब 50 लाख रुपये की सामग्री बरामद करने का दावा किया है. Dianabol, Trenbolone, Winstrol समेत कई उत्पादों के साथ फर्जी लेबल, खाली शीशियां, कार्टन और होलोग्राम मिले हैं.
आयुष मलिक ने HC के सामने दिया बयान, बोले- चांदनी कुरैशी से निकाह अपनी मर्जी
शामली के आयुष मलिक धर्मांतरण मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उसकी हिरासत को अवैध मानते हुए उसे मुक्त करने का आदेश दिया. कोर्ट में पेश आयुष ने कहा कि उसने बिना दबाव अपनी इच्छा से धर्मांतरण किया और चांदनी कुरैशी से निकाह किया. बयान के बाद अदालत ने उसे अपनी मर्जी से रहने और पसंद का धर्म चुनने की स्वतंत्रता दे दी.
झांसी: बुजुर्ग की मौत के मामले में 2 गिरफ्तार
झांसी के छिरौना गांव में बुजुर्ग की कुएं में मिली लाश के मामले में पुलिस ने उनकी 17 वर्षीय नातिन और पड़ोसी युवक को गिरफ्तार किया है. घर की सफाई के दौरान मिले खून लगे कपड़ों के बाद मामले में हत्या की आशंका सामने आई. पुलिस ने कथित हथियार भी बरामद किया.
अय्यर-पंत दोनों बने कप्तान! टी20 सीरीज में इन धुरंधरों को मिला मौका
वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू सरजमीं पर खेली जाने वाली सीरीजों के लिए टीम इंडिया का ऐलान आखिरकार हो गया है. वनडे सीरीज में रोहित-कोहली अपना जलवा बरकरार रखेंगे.
ईरान पर हमले की अमेरिका ने अब तक क्या 'क़ीमत' चुकाई है? इस रिपोर्ट से चला पता - BBC
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UPI का नया नियम! रेहड़ी-पटरी वालों का क्या होगा?
UPI new rules 2026:15 अक्टूबर से UPI के नए नियम लागू होने जा रहे हैं. क्या अब चाय वाले, सब्जी वाले, रेहड़ी-पटरी वाले और छोटे दुकानदारों को UPI पर चार्ज देना पड़ेगा? इस वीडियो में आसान भाषा में समझिए कि 1 लाख रुपये की मंथली लिमिट, ₹2,000 वाले नियम और MDR का असली मतलब क्या है.
सस्ता हुआ या महंगा... आज क्या है 20, 22, 24 कैरेट सोने का रेट?
Gold-Silver Rate Change Today: बुधवार को जैसे ही कमोडिटी मार्केट ओपन हुआ सोना-चांदी की कीमतों में बड़ा बदलाव हुआ है. ऐसे में खरीदारी से पहले इसके बारे में जान लेना जरूरी है. MCX ही नहीं, बल्कि घरेलू मार्केट में गोल्ड-सिल्वर रेट चेंज हुआ है.
अंतरिक्ष की सैर, बस कुछ मिनट के लिए... खर्च करने होंगे 7 करोड़
चीन में एक ट्रेवल एजेंसी अंतरिक्ष में सैर कराने का पैकेज लेकर आई है. यह पैकेज इतना महंगा है कि बस कुछ मिनटों के लिए स्पेस में रुकने के यह 7 करोड़ रुपये वसूलेगी.
वैभव सूर्यवंशी की ऐसे होगी टीम इंडिया में वापसी?
भारत ने अफगानिस्तान के खिलाफ टी20 सीरीज में 2-0 की बढ़त बना ली है. कप्तान श्रेयस अय्यर ने तीसरे मुकाबले में अब तक बाहर बैठे खिलाड़ियों को मौका देने के संकेत दिए हैं. ऐसे में 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी की प्लेइंग-11 में एंट्री पर सबकी नजर है. वीडियो में जानें वैभव के खेल पर क्या बोले श्रेयस अय्यर.
CM सम्राट के इंतजार में 4 घंटे खड़े रहे ग्रामीण, नाराज होकर फाड़े पोस्टर
बिहार के नवगछिया क्षेत्र में बाढ़ प्रभावित राघोपुर को लेकर प्रस्तावित कार्यक्रम में ग्रामीण सुबह से जुटे रहे. करीब चार घंटे इंतजार के बाद नेताओं के नहीं पहुंचने की सूचना से लोगों का गुस्सा बढ़ गया. नाराज लोगों ने कार्यक्रम स्थल पर लगाए गए बैनर-पोस्टर फाड़ दिए. ग्रामीणों का कहना था कि उन्हें समय रहते कार्यक्रम में बदलाव की जानकारी नहीं दी गई.
पाकिस्तान का ड्रामा शुरू, भारत में होने वाली CT को लेकर किया बवाल
पाकिस्तान हॉकी टीम को इस साल भारत में होने वाली पुरुष एशियाई चैम्पियंस ट्रॉफी (एसीटी) में हिस्सा लेना है. लेकिन इससे पहले एक बड़ी खबर सामने आ रही है.
रेनोवेशन के बीच किसने लगाई 'मन्नत' की कीमत? शाहरुख ने किया चुप
बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान के मन्नत बंगले का करीब 300 करोड़ रुपये का रेनोवेशन चल रहा है. इस दौरान वो परिवार के साथ मन्नत से बाहर रह रहे हैं. रेनोवेशन के बीच शाहरुख खान ने मन्नत को लेकर नई अपडेट दी है.
UPI पर चार्ज से हैं कंफ्यूज? PhonePe के CEO ने बताया एक-एक सच!
फोनपे के सीईओ समीर निगम ने यूपीआई एमडीआर को लेकर सारा कंफ्यूजन दूर कर दिया है. उन्होंने आजतक के साथ बातचीत में सच को सामने रखा है और बताया कि एमडीआर किसपर, क्या और कितना लगेगा? आइए जानते हैं पूरी डिटेल...
पीले तकिए के कवर को बिना खर्च चमकाएं, 2 चीजों से हटेंगे जिद्दी दाग!
How To Clean Pillow Covers: सोते समय पसीने और तेल की वजह से तकिए के सफेद कवर पीले पड़ जाते हैं. महंगे केमिकल्स के बजाय घर में रखे बेकिंग सोडा और सफेद सिरके का सही तरीके से इस्तेमाल करके आप इस पीलेपन को आसानी से हटा सकते हैं. जानिए इसे साफ करने का सही तरीका.
IISc में में पोस्ट-डॉक्टरल फेलोशिप का मौका, 80000 होगा स्टाइपेंड
IISc बैंगलोर ने 2026 के लिए पोस्ट-डॉक्टोरल फेलोशिप (IPDF) के आवेदन आमंत्रित किए हैं. यह फेलोशिप पीएचडी पूरी कर चुके या थीसिस जमा कर चुके शोधार्थियों के लिए है, जिसमें ₹80,000 मासिक स्टाइपेंड, HRA और ₹2,00,000 वार्षिक रिसर्च ग्रांट शामिल हैं. पढ़ें पूरी डिटेल...
0.4% MDR का फैसला क्यों? सोहिनी राजोला ने UPI से जुड़े सवालों के दिए जवाब
15 अक्टूबर से दुकानदारों को भुगतान होने वाले 2000 रुपए से ज्यादा के UPI पेमेंट पर लगने जा रहे चार्ज को लेकर सियासत का हंगामा और बढ़ गया है. इसको लेकर NPCI की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर सोहिनी राजोला ने आजतक से खास बातचीत की. देखें पूरा Video.
DUSU चुनाव में छात्र गुटों के बीच चले डंडे, एक की हालत गंभीर
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव 2026 के मतदान से पहले नॉर्थ कैंपस में दो छात्र गुटों के बीच हिंसक झड़प हुई, जिसमें एक छात्र गंभीर रूप से घायल हो गया. घटना के बाद पुलिस और पैरामिलिट्री बलों ने कैंपस में सुरक्षा बढ़ा दी है. डीसीपी निहारिका भट्ट मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रही हैं.
मिर्जापुर-द मूवी में महाराणा प्रताप से जुड़ा गाना इस्तेमाल करने पर विवाद
दिल्ली हाई कोर्ट ने 'Mirzapur: The Movie' के क्लाइमैक्स सीन में महाराणा प्रताप को समर्पित गाने 'शूरवीर' के इस्तेमाल को लेकर जनहित याचिका पर सुनवाई की.
मक्का में अलर्ट, लाल सागर में दबदबा, पश्चिम एशिया में हूतियों ने कैसे खोला युद्ध का नया मोर्चा?
पश्चिम एशिया में हूतियों ने यमन के लाल सागर तट और बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट के आसपास तेज सैन्य बढ़त बनाकर ईरान-अमेरिका संघर्ष को एक नए थिएटर तक पहुंचा दिया है।
Chile में मिले 500 साल पुराने अवशेषों से Smallpox Virus के प्राचीन डीएनए का चला पता
(एरिस काट्जौराकिस, यूनिवर्सिटी ऑफ ऑक्सफोर्ड)ऑक्सफोर्ड, 16 सितंबर (द कन्वरसेशन) चेचक दुनिया में पूरी तरह समाप्त की गई एकमात्र मानव संक्रामक बीमारी है। अब शोधकर्ताओं ने उत्तरी चिली में दफन दो मूल निवासियों के प्राकृतिक रूप से ममीकृत अवशेषों से चेचक पैदा करने वाले वेरियोला वायरस के प्राचीन डीएनए के अंश हासिल किए हैं। सदियों तक चेचक ने विनाशकारी महामारियां पैदा कीं। इसका गंभीर रूप ‘वेरियोला मेजर’ संक्रमित लोगों में करीब 30 प्रतिशत की जान लेता था। अमेरिका में चेचक का पहला दर्ज प्रकोप 1518 में हिस्पानियोला द्वीप पर हुआ था। सोलहवीं सदी में लगातार फैली महामारियां यूरोपीय उपनिवेशवाद के दौरान स्वदेशी आबादी में भारी जनहानि का एक प्रमुख कारण बनीं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने 1967 में चेचक उन्मूलन अभियान तेज किया। इसमें टीकाकरण, निगरानी और संक्रमण को नियंत्रित करने के उपाय शामिल थे। प्राकृतिक रूप से संक्रमण का अंतिम ज्ञात मामला 1977 में सोमालिया में सामने आया और डब्ल्यूएचओ ने 1980 में चेचक को दुनिया से समाप्त घोषित कर दिया। जीवित वेरियोला वायरस को स्वीकृत अनुसंधान के लिए डब्ल्यूएचओ द्वारा नामित दो अत्यधिक सुरक्षित प्रयोगशालाओं में रखा गया है। चिली में मिले नमूनों में केवल सदियों से संरक्षित और क्षतिग्रस्त आनुवंशिक अंश हैं। ये अवशेष लगभग 1492 से 1631 के बीच के हैं। अमेरिका से प्राप्त प्राचीन चेचक जीनोम के ये पहले नमूने हैं। ऐतिहासिक रिकॉर्ड पहले ही संकेत देते थे कि यूरोपीय संपर्क के बाद चेचक अमेरिका पहुंचा। नये अध्ययन में मिले आणविक प्रमाण से पता चला कि चिली के वायरस यूरोप में पहले पाए गए वायरस के प्रकारों से संबंधित थे। हालांकि, इससे यह पता नहीं चलता कि वायरस कौन लेकर आया या वह इस समुदाय तक कैसे पहुंचा। ममीकृत अवशेषों पर त्वचा के छोटे घाव भी मिले थे। पहले के शोध में इन्हें लंबे समय तक आर्सेनिक के संपर्क में रहने से जोड़ा गया था। अब मिले वेरियोला डीएनए से पुष्टि हुई कि दोनों लोग चेचक से संक्रमित थे, इसलिए ये घाव चेचक से भी जुड़े हो सकते हैं। हालांकि, डीएनए यह साबित नहीं करता कि घावों का कारण चेचक था या किसी की मृत्यु इसी बीमारी से हुई। शोधकर्ताओं को वायरस के डीएनए के केवल अंश मिले हैं और कोई पूर्ण वायरस कण नहीं मिला। प्राचीन डीएनए समय के साथ छोटे टुकड़ों में टूट जाता है। वैज्ञानिक इन बचे हुए टुकड़ों का अनुक्रमण कर कंप्यूटर की मदद से उनके मूल क्रम का पुनर्निर्माण करते हैं। इसलिए दो जीनोम के ‘पुनर्निर्माण’ का अर्थ वास्तविक वायरस बनाना नहीं है। चेचक के वायरस कण में पूरा जीनोम और प्रजनन के लिए जरूरी प्रोटीन एवं एंजाइम होते हैं, जो इन प्राचीन डीएनए टुकड़ों में मौजूद नहीं हैं। इसलिए ये टुकड़े अपने आप चेचक पैदा नहीं कर सकते। शोधकर्ताओं ने वर्ष 2018 में विशेष रूप से तैयार सिंथेटिक डीएनए से हॉर्सपॉक्स वायरस का पुनर्निर्माण किया था, लेकिन इसके लिए अत्यधिक विशेषज्ञता वाली प्रयोगशाला प्रक्रियाओं और एक सहायक पॉक्सवायरस की जरूरत पड़ी थी। चिली के अध्ययन में केवल प्राकृतिक रूप से क्षतिग्रस्त डीएनए का अनुक्रमण और कंप्यूटर पर उसका विश्लेषण किया गया। इससे चेचक के दोबारा लौटने का कोई व्यावहारिक रास्ता नहीं बनता। वायरस के प्रजनन के दौरान आनुवंशिक बदलाव जमा होते जाते हैं। इनकी तुलना से वैज्ञानिक वायरस का विकासवादी इतिहास समझ सकते हैं। चिली में मिले दोनों वायरस अब विलुप्त हो चुके एक वंश से संबंधित थे, जो करीब 1296 में वेरियोला वायरस के अन्य ज्ञात वंशों से अलग हुआ था। यह विकासवादी विभाजन की अनुमानित तारीख है, न कि चेचक के चिली पहुंचने की तारीख। चिली के जीनोम शुरुआती मध्ययुगीन यूरोपीय वायरसों के बाद और बाद की सदियों में फैलने वाले वंशों से पहले की शाखा पर हैं। इनके यूरोपीय वायरसों से संबंध और अवशेषों की 1492 के बाद की तारीखें इस निष्कर्ष का समर्थन करती हैं कि चेचक उपनिवेशवाद के दौरान अमेरिका पहुंचा। जीनोम से यह भी पता चलता है कि वेरियोला वायरस समय के साथ मनुष्यों को संक्रमित करने के लिए अधिक विशिष्ट होता गया। कई संबंधित पॉक्सवायरस कई पशु प्रजातियों को संक्रमित कर सकते हैं, लेकिन वेरियोला केवल मनुष्यों को संक्रमित करता है। इसके विकास के दौरान कुछ सहायक जीन निष्क्रिय हुए या पूरी तरह गायब हो गए। वैज्ञानिक इस प्रक्रिया को ‘रिडक्टिव इवोल्यूशन’ कहते हैं। हालांकि, केवल जीनों का नुकसान यह नहीं समझाता कि चेचक इतना घातक क्यों था। बीमारी की गंभीरता वायरस के जीन और मानव प्रतिरक्षा प्रणाली के बीच जटिल संबंधों पर निर्भर करती है। अध्ययन में यह भी पाया गया कि वायरस का विकास एक समान गति से नहीं हुआ। सोलहवीं सदी के अंत तक जीन का निष्क्रिय होना लगभग स्थिर गति से जारी रहा, जिसके बाद कुछ समय तक आनुवंशिक बदलावों की गति धीमी हुई और फिर बढ़ गई। लेखकों का अनुमान है कि औपनिवेशिक दौर की महामारियों में वेरियोला पहले से ही ऐसी आबादी में फैलने के लिए अनुकूलित था, जिसमें चेचक के खिलाफ प्रतिरक्षा कम थी। वर्ष 1796 में टीकाकरण शुरू होने के बाद प्रतिरक्षा का वातावरण बदला और इससे वायरस में कुछ आनुवंशिक बदलावों के बने रहने की संभावना प्रभावित हुई होगी। हालांकि, अध्ययन यह साबित नहीं करता कि बदलाव की गति में परिवर्तन का कारण यही था। चिली से मिले ये आनुवंशिक अनुक्रम मध्ययुगीन यूरोप से प्राप्त जीनोम और बाद के वेरियोला वंशों के बीच महत्वपूर्ण कड़ी उपलब्ध कराते हैं। इससे वैज्ञानिकों को यह समझने में मदद मिल रही है कि चेचक अमेरिका तक कैसे पहुंचा और वहां फैलने के दौरान उसमें किस तरह विकासवादी बदलाव हुए।
पश्चिम एशिया के सामरिक और तेल समृद्ध भू-भाग में सुरक्षा संकट गहराने के बीच संयुक्त राज्य अमेरिका ने सऊदी अरब जाने वाले और वहां रह रहे अपने नागरिकों के लिए तत्काल प्रभाव से एक उच्च स्तरीय और गंभीर सुरक्षा एडवाइजरी जारी कर दी है। अमेरिकी विदेश विभाग (US Department of State) ने संपूर्ण सऊदी अरब के लिए लेवल-3 'रीकंसीडर ट्रैवल' यानी यात्रा पर पुनर्विचार करने की सख्त चेतावनी जारी की है। यह आधिकारिक चेतावनी उस समय आई है जब यमन में सक्रिय ईरान समर्थित हूती विद्रोही सऊदी अरब की संप्रभु सीमाओं, रणनीतिक बुनियादी ढांचे और नागरिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाकर लगातार विस्फोटक ड्रोन, क्रूज मिसाइलें और बैलिस्टिक रॉकेट दाग रहे हैं। वाशिंगटन का मानना है कि लाल सागर और अरब प्रायद्वीप में बढ़ते सैन्य तनाव के कारण खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी नागरिकों, वाणिज्यिक संपत्तियों और कूटनीतिक मिशनों पर हमलों का अप्रत्याशित जोखिम बहुत तेजी से बढ़ गया है।अमेरिकी सुरक्षा अधिकारियों द्वारा जारी इस नए दस्तावेज़ ने स्पष्ट किया है कि हाल के हफ्तों में हूती लड़ाकों की ओर से सीमा पार हवाई हमलों की आवृत्ति में भारी इजाफा दर्ज किया गया है। कुछ ही दिन पहले सऊदी अरब के पवित्र मक्का शहर के ठीक दक्षिण में स्थित एक संवेदनशील इलाके की ओर बढ़ रहे एक खतरनाक आत्मघाती ड्रोन को सऊदी रॉयल एयर डिफेंस सिस्टम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हवा में ही इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया था। इस गंभीर घटना ने यह प्रमाणित कर दिया है कि विद्रोही समूह केवल सीमावर्ती चौकियों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे सऊदी अरब के पश्चिमी प्रांतों, घनी आबादी वाले महानगरीय केंद्रों और पवित्र स्थलों के करीब तक हमले करने का दुस्साहस कर रहे हैं। हालांकि सऊदी अरब के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर वाणिज्यिक विमानों का परिचालन अभी पूरी तरह बंद नहीं किया गया है, किंतु हवाई रक्षा प्रणालियों के अचानक सक्रिय होने और मिसाइल अवरोधन अभियानों के चलते उड़ानों में बड़े पैमाने पर देरी, डायवर्जन और परिचालन संबंधी गंभीर व्यवधान सामने आ रहे हैं।यमन सीमा पर लेवल-4 का सबसे कड़ा प्रतिबंध: 20 मील के दायरे में अमेरिकी कर्मियों का प्रवेश पूरी तरह वर्जितसऊदी अरब के अधिकांश हिस्सों के लिए जहां लेवल-3 एडवाइजरी लागू की गई है, वहीं यमन से सटी अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगे समस्त संवेदनशील क्षेत्रों के लिए वाशिंगटन ने अपनी सर्वोच्च और सबसे सख्त लेवल-4 'डू नॉट ट्रैवल' (Do Not Travel - बिल्कुल यात्रा न करें) चेतावनी जारी की है। यमन की सीमा पर सक्रिय सशस्त्र विद्रोही गुट आए दिन सीमावर्ती चौकियों, असैन्य बस्तियों और राजमार्गों पर बिना किसी पूर्व चेतावनी के रॉकेटों और कम दूरी की मिसाइलों से अंधाधुंध बमबारी करते रहते हैं, जिससे इन क्षेत्रों में मौजूद किसी भी नागरिक या विदेशी यात्री की जान को तत्काल जानलेवा खतरा पैदा हो जाता है। अमेरिकी विदेश विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि कोई भी अमेरिकी नागरिक इन सीमांत प्रांतों में जाने का जोखिम न उठाए क्योंकि आपातकाल की स्थिति में वहां तत्काल कूटनीतिक या सुरक्षा सहायता पहुंचाना अमेरिकी दूतावास के लिए संभव नहीं होगा।सुरक्षा प्रोटोकॉल को अत्यधिक कड़ा करते हुए अमेरिकी सरकार ने अपने सभी आधिकारिक राजनयिकों, वाणिज्य दूतावास के अधिकारियों और सरकारी कर्मचारियों के लिए यमन सीमा के 20 मील (लगभग 32 किलोमीटर) के संपूर्ण दायरे में जाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। इसके अलावा सऊदी अरब के संवेदनशील और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण प्रांतों जैसे कतीफ, जिजान, असीर और नजरान की यात्रा करने के लिए भी अमेरिकी सरकारी कर्मियों को मिशन सुरक्षा प्रमुख से विशेष और पूर्व आधिकारिक अनुमति लेना अनिवार्य कर दिया गया है। इन क्षेत्रों में लंबे समय से सीमा पार से होने वाली तोपखाने की गोलाबारी और आत्मघाती ड्रोन के गिरने की घटनाएं सामने आती रही हैं, जिसके चलते सुरक्षा एजेंसियां किसी भी प्रकार की चूक या ढिलाई बरतने के मूड में नहीं हैं।ऊर्जा संयंत्र, एयरपोर्ट और भीड़भाड़ वाले इलाके निशाने पर: अमेरिकी नागरिकों के लिए आपातकालीन सुरक्षा गाइडलाइनअमेरिकी विदेश विभाग की नई सुरक्षा एडवाइजरी में नागरिकों को केवल मिसाइल हमलों से ही नहीं, बल्कि विभिन्न हिंसक गुटों और आतंकवादी संगठनों द्वारा किए जाने वाले संभावित हमलों को लेकर भी आगाह किया गया है। अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के अनुसार, सऊदी अरब के भीतर स्थित अंतरराष्ट्रीय और घरेलू हवाई अड्डे, तेल शोधन कारखाने, विशाल ऊर्जा संयंत्र, पाइपलाइन टर्मिनल, सैन्य ठिकाने, पश्चिमी नागरिकों की आवाजाही वाले लक्जरी होटल, सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क और घनी भीड़भाड़ वाले वाणिज्यिक बाजार आतंकी और विद्रोही तत्वों के प्राथमिक निशाने पर हो सकते हैं। इन रणनीतिक और नागरिक ठिकानों पर किसी भी अप्रत्याशित हमले की आशंका को देखते हुए अमेरिकी सरकार ने नागरिकों को निर्देश दिया है कि वे अनावश्यक रूप से ऐसे सार्वजनिक स्थानों पर जाने से पूरी तरह बचें और अपनी गतिविधियों को न्यूनतम व सतर्क रखें।इसके अतिरिक्त, रियाद स्थित अमेरिकी दूतावास और जेद्दाह तथा धाहरान स्थित वाणिज्य दूतावासों ने नागरिकों को लगातार स्थानीय समाचारों पर नजर रखने, आपातकालीन अलर्ट पर सक्रिय रहने और आपात स्थिति में तुरंत बंकर या सुरक्षित कंक्रीट संरचनाओं में शरण लेने की योजना तैयार रखने की सलाह दी है। अगर आसमान में कोई संदिग्ध रोशनी, धमाका या इंटरसेप्टर मिसाइल की आवाज सुनाई दे, तो तुरंत खिड़कियों से दूर रहने और जमीन पर लेट जाने के दिशा-निर्देश दोहराए गए हैं। पश्चिम एशिया में ईरान, यमन और खाड़ी देशों के बीच बढ़ते इस सैन्य टकराव ने यह साफ कर दिया है कि सऊदी अरब में सुरक्षा समीकरण अब बेहद संवेदनशील मोड़ पर पहुंच चुके हैं और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को अत्यधिक सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
अमेरिकी स्पेस वेपन और चीन-रूस के चक्रव्यूह के बीच भारत का 'मिशन शक्ति' कैसे बनेगा सबसे बड़ा गेमचेंजर
वैश्विक महाशक्तियों के बीच लंबे समय से चल रही सामरिक रस्साकशी अब धरती की सीमाओं को लांघकर अंतरिक्ष के निर्वात में पहुंच चुकी है। 21वीं सदी के आधुनिक युद्धक्षेत्र का सबसे खतरनाक और निर्णायक मोर्चा अब पृथ्वी की निचली कक्षा बन चुका है। हाल ही में संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा आधिकारिक तौर पर यह स्वीकार किए जाने के बाद कि उसने पृथ्वी की कक्षा में परिचालन स्थिति में स्पेस कंट्रोल हथियार तैनात कर रखे हैं, समूचे अंतरराष्ट्रीय रक्षा जगत में सनसनी फैल गई है। शीतयुद्ध के दौर से लेकर अब तक उपग्रहों का उपयोग केवल निगरानी, जासूसी, संचार, मौसम विज्ञान और मार्गदर्शन प्रणालियों के लिए ही प्राथमिक रूप से किया जाता रहा था। वायुमंडल के बाहर सैन्य साजो-सामान की उपस्थिति कोई नई बात नहीं थी, किंतु किसी संप्रभु राष्ट्र द्वारा बाकायदा कक्षा में प्रत्यक्ष हमला करने वाले हथियारों की स्थायी तैनाती को सार्वजनिक रूप से स्वीकार करना इतिहास की पहली घटना है। वाशिंगटन की इस अभूतपूर्व स्वीकारोक्ति ने रूस और चीन के रक्षा प्रतिष्ठानों में खलबली मचा दी है, जिससे एक नए और विनाशकारी ‘स्टार वॉर्स’ यानी अंतरिक्षीय सैन्यीकरण की घातक होड़ औपचारिक रूप से शुरू हो चुकी है। उपग्रहों को जाम करने, उन्हें लेजर किरणों से अंधा करने और उनकी कक्षा बदलने से लेकर उन्हें सीधे मार गिराने की तकनीकें अब केवल विज्ञान फंतासी का हिस्सा नहीं रहीं, बल्कि वास्तविक भू-राजनीतिक शक्ति संतुलन का पैमाना बन चुकी हैं। इस अंतरराष्ट्रीय तनाव और महाशक्तियों के संभावित टकराव के बीच सबसे गंभीर और अहम सवाल यह उठता है कि भारत इस वैश्विक स्पेस वॉर में अपनी रणनीतिक स्थिति को किस प्रकार सुरक्षित रखता है और क्या हमारे पास दुश्मन के आक्रामक उपग्रहों को सेकंडों में निष्क्रिय करने की अचूक मारक क्षमता मौजूद है।अंतरिक्ष का नया रणक्षेत्र: अमेरिका की आक्रामक स्वीकारोक्ति और रूस-चीन का गुप्त स्पेस चक्रव्यूहशीतयुद्ध की समाप्ति के बाद ऐसा माना जा रहा था कि आउटर स्पेस ट्रीटी जैसी अंतरराष्ट्रीय संधियों के माध्यम से अंतरिक्ष को युद्ध और विनाशकारी हथियारों की होड़ से दूर रखा जा सकेगा, किंतु आधुनिक युद्धों में तकनीक की बढ़ती निर्भरता ने इस शांतिपूर्ण संतुलन को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है। आज के दौर में किसी भी देश की नौसेना, वायुसेना और थलसेना उपग्रह आधारित संचार और नेविगेशन प्रणालियों पर अत्यधिक निर्भर हैं। अमेरिका की जीपीएस प्रणाली और भारत का स्वदेशी नाविक (NavIC) नेविगेशन तंत्र सैन्य अभियानों, सटीक मिसाइल हमलों, ड्रोन संचालन और सैनिकों की वास्तविक लोकेशन ट्रैकिंग की रीढ़ बन चुके हैं। ऐसे परिदृश्य में दुश्मन देश के उपग्रहों को निशाना बनाकर उसकी संपूर्ण सैन्य संचार व्यवस्था को पंगु बना देना किसी भी युद्ध की पहली और सबसे प्रभावी रणनीति बन जाती है। यही कारण है कि दुनिया की शीर्ष महाशक्तियां अब पारंपरिक युद्ध के बजाय ‘काउंटर-स्पेस क्षमताओं’ को विकसित करने में अपनी पूरी वैज्ञानिक और वित्तीय ताकत झोंक रही हैं। अमेरिका ने अपनी स्पेस फोर्स के जरिए कक्षा में ऐसे हथियारों को स्थापित किया है जो दुश्मन के निगरानी उपग्रहों के सेंसर को जला सकते हैं, उनके डेटा लिंक को अवरुद्ध कर सकते हैं या उनकी कक्षा को विचलित कर सकते हैं। यह घोषणा केवल एक तकनीकी उपलब्धि का प्रदर्शन नहीं है, बल्कि सीधे तौर पर बीजिंग और मॉस्को को यह संदेश देना है कि अंतरिक्ष में अमेरिकी आधिपत्य को चुनौती देना आसान नहीं होगा।इस अमेरिकी आक्रामकता के जवाब में चीन और रूस ने भले ही संयुक्त राष्ट्र के मंचों पर अंतरिक्ष के हथियारीकरण का कड़ा विरोध करते हुए शांति की वकालत की हो, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि दोनों देश पर्दे के पीछे से अंतरिक्ष युद्ध की अति-उन्नत तकनीकें विकसित करने में किसी से पीछे नहीं हैं। वर्ष 2022 में चीन ने अपने शिजियान-21 उपग्रह के माध्यम से एक ऐसा परीक्षण किया था जिसने पेंटागन के कान खड़े कर दिए थे। बीजिंग ने अपने उपग्रह में लगी एक शक्तिशाली रोबोटिक आर्म यानी कृत्रिम यांत्रिक हाथ की मदद से अंतरिक्ष में तैर रहे एक निष्क्रिय उपग्रह को पकड़ा और उसे घसीटकर एक अन्य कक्षा में धकेल दिया। सैद्धांतिक रूप से इसे अंतरिक्ष के कचरे को साफ करने का परीक्षण बताया गया, किंतु सैन्य विशेषज्ञों के अनुसार यह तकनीक युद्ध के समय किसी भी दुश्मन देश के जासूसी या नेविगेशन उपग्रह को उसकी निर्धारित कक्षा से खींचकर नष्ट करने का अचूक हथियार है। इसी प्रकार अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया था कि रूस अंतरिक्ष में तैनात किए जाने वाले परमाणु-सक्षम या इलेक्ट्रॉनिक-पल्स एंटी-सैटेलाइट हथियारों पर काम कर रहा है, जो कम समय में व्यापक क्षेत्र में मौजूद उपग्रहों के इलेक्ट्रॉनिक सर्किट को एक झटके में भूनकर नष्ट करने की क्षमता रखते हैं। अंतरिक्ष की इस गुप्त जंग ने स्पष्ट कर दिया है कि भविष्य के युद्धों का फैसला जमीन पर टैंकों की भिड़ंत से पहले अंतरिक्ष में उपग्रहों के अंधा होने के साथ ही तय हो जाएगा।भारत का अभेद्य ढाल बना 'मिशन शक्ति': हिट-टू-किल तकनीक से अंतरिक्ष में रचा था इतिहासजब दुनिया की महाशक्तियां अंतरिक्ष को युद्धक्षेत्र में बदलने की गुप्त योजनाएं बना रही थीं, तब भारत ने भी भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों को पहले ही भांप लिया था। नई दिल्ली की स्पष्ट और घोषित नीति कभी भी अंतरिक्ष का आक्रामक हथियारीकरण करने या अंतरिक्ष में स्थायी आक्रामक हथियार तैनात करने की नहीं रही है, परंतु अपने राष्ट्रीय हितों, उपग्रह तंत्र और सीमाओं की सुरक्षा के लिए भारत ने अपनी असाधारण निवारक (Deterrence) शक्ति को दुनिया के सामने अत्यंत दृढ़ता से प्रमाणित कर दिखाया है। 27 मार्च 2019 को भारत के रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने संयुक्त रूप से एक अत्यंत गोपनीय और ऐतिहासिक अभियान को अंजाम दिया, जिसे ‘मिशन शक्ति’ का नाम दिया गया। इस साहसिक मिशन के तहत ओडिशा के डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से भारत की स्वदेशी ‘पृथ्वी डिफेंस व्हीकल मार्क-II’ (PDV Mk-II) इंटरसेप्टर मिसाइल को सफलतापूर्वक लॉन्च किया गया। इस मिसाइल ने पृथ्वी से सैकड़ों किलोमीटर ऊपर लो-अर्थ ऑर्बिट (LEO) में लगभग 28,000 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चक्कर काट रहे भारत के ही जीवित लेकिन निष्क्रिय 'माइक्रोसैट-R' उपग्रह को सीधे प्रहार से नेस्तनाबूद कर दिया।मिशन शक्ति की सबसे बड़ी तकनीकी विशेषता इसका ‘हिट-टू-किल’ (Hit-to-Kill) सिद्धांत था। अंतरिक्ष में किसी उपग्रह को मार गिराने के लिए किसी रासायनिक बारूद या पारंपरिक विस्फोटक की आवश्यकता नहीं होती, क्योंकि अत्यधिक गति के कारण होने वाली सीधी टक्कर में पैदा होने वाली गतिज ऊर्जा (Kinetic Energy) ही लक्ष्य को पूरी तरह राख करने के लिए पर्याप्त होती है। भारत के रक्षा वैज्ञानिकों ने बिना किसी विस्फोटक वारहेड के, केवल गणितीय सटीकता और स्वदेशी मार्गदर्शन प्रणाली के दम पर, अत्यधिक तीव्र गति से उड़ती मिसाइल की टिप को सीधे घूमते हुए उपग्रह से टकरा दिया। यह उपलब्धि तकनीकी रूप से किसी बंदूक से निकली गोली से उड़ती हुई दूसरी गोली को हवा में भेदने जैसी थी। इस ऐतिहासिक सफलता के साथ ही भारत दुनिया का चौथा ऐसा संप्रभु राष्ट्र बन गया, जिसके पास एंटी-सैटेलाइट (ASAT) मिसाइल तकनीक का सफल और प्रमाणित रिकॉर्ड दर्ज हुआ। भारत से पहले यह सामरिक क्षमता केवल संयुक्त राज्य अमेरिका, रूस और चीन के ही पास थी। इस परीक्षण ने वैश्विक पटल पर भारत को एक ऐसी स्पेस सुपरपॉवर के रूप में स्थापित कर दिया जिसे नजरअंदाज करना किसी भी प्रतिद्वंद्वी के लिए असंभव हो गया।क्या है ASAT हथियार प्रणाली? भविष्य के अंतरिक्ष युद्ध में भारत की रणनीतिक तैयारी और कूटनीतिएंटी-सैटेलाइट वेपन यानी ASAT तकनीक का मुख्य उद्देश्य युद्धकाल के दौरान दुश्मन देश के अंतरिक्षीय संपत्तियों, विशेषकर सैन्य संचार, जासूसी, टोही और मिसाइल ट्रैकिंग उपग्रहों को पूरी तरह नष्ट या निष्प्रभावी करना होता है। इसमें सबसे सीधा और अचूक तरीका ‘काइनेटिक डायरेक्ट-एसेंट ASAT’ मिसाइल का होता है, जिसे जमीन पर स्थापित गतिशील लॉन्चरों, उच्च ऊंचाई वाले लड़ाकू विमानों या नौसैनिक युद्धपोतों से दुश्मन के उपग्रह के रास्ते में सीधे दागा जाता है। जब यह इंटरसेप्टर मिसाइल वातावरण को पार करके अंतरिक्ष में प्रवेश करती है, तो इसके अत्याधुनिक ऑन-बोर्ड इन्फ्रारेड और ऑप्टिकल सीकर उपग्रह की सटीक स्थिति को ट्रैक करते हैं और कुछ ही माइक्रो-सेकंड के भीतर उससे सीधी टक्कर कर देते हैं। इस टक्कर के परिणामस्वरूप दुश्मन का उपग्रह तुरंत निष्क्रिय होकर बिखर जाता है, जिससे उसकी सेना के ग्राउंड रडार, गाइडेड मिसाइल सिस्टम और युद्धक टुकड़ियों के बीच का डिजिटल लिंक हमेशा के लिए टूट जाता है।मिशन शक्ति की शानदार सफलता के बाद भारत ने जानबूझकर कोई दूसरा प्रत्यक्ष विनाशकारी काइनेटिक परीक्षण नहीं किया है। इसका मुख्य कारण भारत का एक अत्यंत जिम्मेदार, परिपक्व और पर्यावरण-सचेत वैश्विक शक्ति होना है। अंतरिक्ष में होने वाले काइनेटिक मिसाइल हमलों से अंतरिक्षीय मलबे (Space Debris) का भारी संकट उत्पन्न होता है, जो कक्षा में तैर रहे अन्य नागरिक, वाणिज्यिक और वैज्ञानिक उपग्रहों के साथ-साथ मानवयुक्त अंतरिक्ष स्टेशनों के लिए भी गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। भारत ने अपने 2019 के परीक्षण को जानबूझकर बहुत कम ऊंचाई वाले लो-अर्थ ऑर्बिट में अंजाम दिया था, जिससे उत्पन्न हुआ अधिकांश मलबा कुछ ही हफ्तों और महीनों के भीतर पृथ्वी के वायुमंडल में पुनः प्रवेश करके प्राकृतिक घर्षण से पूरी तरह जलकर भस्म हो गया। हालांकि, प्रत्यक्ष परीक्षणों पर संयम बरतने का अर्थ यह बिल्कुल नहीं है कि भारत की रक्षा तैयारियां शिथिल पड़ी हैं। भारत ने अपनी त्रि-सेवा अंतरिक्ष रक्षा क्षमताओं को संस्थागत रूप देते हुए 'डिफेंस स्पेस एजेंसी' (DSA) का गठन किया है, जो सेना के तीनों अंगों के अंतरिक्षीय संसाधनों के समन्वय और सुरक्षा का कार्य देखती है।भविष्य के अंतरिक्ष युद्धों में केवल मिसाइलें ही नहीं, बल्कि गैर-काइनेटिक तकनीकें जैसे डायरेक्टेड एनर्जी वेपन्स (लेजर और माइक्रोवेव बीम), साइबर हमले और इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग सिस्टम भी निर्णायक भूमिका निभाएंगे। भारत इस दिशा में भी अपनी वैज्ञानिक क्षमताओं को निरंतर परिष्कृत कर रहा है ताकि दुश्मन के इलेक्ट्रॉनिक हमलों से अपने उपग्रहों को सुरक्षित (हार्डनिंग) रखा जा सके। अमेरिका द्वारा अंतरिक्ष में हथियारों की तैनाती की पुष्टि और रूस-चीन की गतिविधियों ने यह सिद्ध कर दिया है कि भविष्य में शांति केवल उसी देश की सुरक्षित रह सकती है जिसके पास प्रतिशोध लेने की निर्विवाद क्षमता हो। भारत के मिशन शक्ति ने समूचे अंतरराष्ट्रीय समुदाय और संभावित शत्रुओं को यह स्पष्ट संदेश दे दिया है कि यदि किसी भी दुस्साहसी ताकत ने भारतीय उपग्रहों को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया, तो भारत के पास दुश्मन के अंतरिक्षीय ढांचे को पलक झपकते ही ध्वस्त करने की अचूक तकनीक, अडिग राजनीतिक इच्छाशक्ति और अचूक मिसाइल क्षमताएं पूरी तरह मुस्तैद हैं।
सेंसर बोर्ड में पंकज त्रिपाठी, प्रीति जिंटा और सुनील शेट्टी की एंट्री
सिनेमैटोग्राफ एक्ट के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए, केंद्र सरकार ने सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन का पुनर्गठन किया है. जिसके तहत 18 सदस्यों की नई टीम तैयार हुई है.
DU से एक साल डी-बार रहे छात्र को कांग्रेस में मिली ये जिम्मेदारी
डॉ. लोकेश चुग दिल्ली विश्वविद्यालय के एंथ्रोपोलॉजी विभाग से पीएचडी कर चुके हैं. डीयू की छात्र राजनीति में वे तब राष्ट्रीय सुर्खियों में आए थे, जब वर्ष 2023 में दिल्ली विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रतिबंधित बीबीसी डॉक्यूमेंट्री की पब्लिक स्क्रीनिंग आयोजित करने के आरोप में उन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की थी.
'हनुमान अंश' को खरीदने की रेस में 3 OTT प्लेटफॉर्म, प्रोड्यूसर हुई भावुक
'हनुमान अंश' की सफलता ने हवाओं का रुख बदल दिया है. जहां पहले ओटीटी प्लेटफॉर्म ने इसे रिजेक्ट कर दिया था. वहीं, अब फिल्म को खरीदने के लिए कई ओटीटी प्लेटफॉर्म्स लाइन में हैं. फिल्म की प्रोड्यूसर रागिनी सोना ने खुद इस बात की जानकारी दी है.
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अफगानिस्तान के खिलाफ भारतीय टीम गुरुवार यानी 17 सितंबर को तीसरा और आखिरी टी20 मैच खेलने वाली है. इस मुकाबले से पहले कप्तान श्रेयस अय्यर ने टीम में बदलाव का ऐलान किया है.
घर पर बनाएं बाजार जैसा सीक्रेट चाट मसाला, एक चुटकी में बढ़ेगा स्वाद
बाजार में बिकने वाला चटपटा और खुशबूदार चाट मसाला खाने का स्वाद बढ़ा देता है, लेकिन आप इसको आसानी से घर पर तैयार कर सकते हैं. जीरा, धनिया, अजवाइन, अमचूर और काले नमक का सही संतुलन से चाट मसाला बना सकते हैं. इस आसान और सीक्रेट रेसिपी से मिनटों में शुद्ध और मसालेदार चाट मसाला तैयार करें और लंबे समय तक स्टोर करें.
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Parivartini Ekadashi 2026: परिवर्तिनी एकादशी 22 सितंबर को मनाई जाएगी. इस दिन भगवान विष्णु के योग निद्रा में करवट बदलेंगे. ज्योतिषविदों का कहना है कि परिवर्तिनी एकादशी से कर्क, कन्या और मकर राशि के जातकों खूब लाभ होगा.
मक्का पर मंडरा रहा युद्ध? 27 लाख भारतीयों पर कितना खतरा
सऊदी अरब का दावा है कि मक्का के प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में घुसने से पहले हूती ड्रोन को मार गिराया गया. इसके बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने मक्का और मदीना की सुरक्षा को लेकर बड़ा बयान दिया, लेकिन उन्होंने हूतियों या ईरान का नाम नहीं लिया. इस वीडियो में समझिए मक्का ड्रोन विवाद, सऊदी का दावा, हूतियों का इनकार, पाकिस्तान के बयान पर उठते सवाल और सऊदी अरब में रहने वाले 27 लाख भारतीयों पर इसका क्या असर पड़ सकता है.
Russian Intelligence के नेटवर्क पर US Justice Department और FBI का एक्शन, 5 लोगों पर चार्जशीट
US डिपार्टमेंट ऑफ़ जस्टिस ने पाँच ऐसे लोगों के ख़िलाफ़ आरोप सार्वजनिक किए हैं, जिन पर आरोप है कि वे दुनिया भर में—अमेरिका सहित—हमले और हत्याएँ करने के लिए रूसी इंटेलिजेंस एजेंसियों के लिए काम कर रहे थे। बुधवार को जारी किए गए दस्तावेज़ों के अनुसार, इस नेटवर्क ने अमेरिका और दूसरी जगहों पर ऐसे लोगों को भर्ती किया और उन्हें पैसे दिए जो हमले से पहले की निगरानी (pre-operational surveillance) करते थे और टारगेटेड हत्याएँ (targeted killings) करते थे। साथ ही, उन्होंने उन यूरोपीय देशों में आम नागरिकों और मिलिट्री इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले भी करवाए जो यूक्रेन के साथ थे या जिनके बारे में ऐसा माना जाता था कि वे यूक्रेन के साथ हैं। डिपार्टमेंट ऑफ़ जस्टिस ने बताया कि ये पाँचों आरोपी अभी भी फ़रार हैं। न्यूयॉर्क के सदर्न डिस्ट्रिक्ट के US अटॉर्नी जेमी मैकडोनाल्ड ने एक बयान में कहा, हम आतंकवादी गतिविधियों को फ़ंड देने और हिंसा फैलाने की कोशिशों को बर्दाश्त नहीं करेंगे—खासकर तब जब ये गतिविधियाँ सरकारी एजेंसियों (state actors) द्वारा करवाई जाती हैं और इनका असर अमेरिकी ज़मीन पर भी पड़ता है। मैकडोनाल्ड ने आगे कहा, आरोप है कि रूस की इंटेलिजेंस एजेंसियों के लिए काम करने वाले इन आरोपियों ने दुनिया भर में—यहाँ अमेरिका में भी—तबाही और अफ़रा-तफ़री मचाने की साज़िश रची। उन्होंने इस कथित नेटवर्क को बेहद दुस्साहसी, आक्रामक और दूर तक फैले हुए नेटवर्क के तौर पर बताया। इसे भी पढ़ें: Shaurya Path: America ने अंतरिक्ष में तैनात कर दिये हथियार! China-Russia में मची हलचल, India की भी चिंता बढ़ी US अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लैंच ने कहा कि जस्टिस डिपार्टमेंट और FBI अमेरिका के दुश्मनों को देश में हिंसा फैलाने से रोकने के लिए काम कर रहे हैं। ब्लैंच ने कहा, अमेरिका की ज़मीन पर हिंसा और आतंक फैलाने से अमेरिका के दुश्मनों को रोकना हमारा काम है। उन्होंने आगे कहा, और FBI तथा हमारे जस्टिस डिपार्टमेंट के प्रॉसिक्यूटर के काम की वजह से हम ठीक यही कर रहे हैं। जस्टिस डिपार्टमेंट के अनुसार, जिन लोगों पर आरोप लगाए गए हैं, उनमें रूसी इंटेलिजेंस के पूर्व कर्नल यूरी ख्रामेव; उनके बेटे किरिल ख्रामेव (जो रूस की फेडरल सिक्योरिटी सर्विस में अधिकारी बताए गए हैं); क्यूबा के नागरिक ओएमिस रोमागोज़ा डुरुथी; क्यूबा के नागरिक याइडेल डेलगाडो सुआरेज़ (जिन्हें वाइकिंग के नाम से भी जाना जाता है); और वेनेजुएला के नागरिक एंजेल एडुआर्डो कास्त्रो शामिल हैं। प्रॉसिक्यूटर का आरोप है कि इनमें से तीन आरोपी उस ग्रुप के सीनियर सदस्य थे जिसे आरोप-पत्र में 'रशियन इंटेलिजेंस सर्विसेज़ नेटवर्क' या 'RIS नेटवर्क' कहा गया है। यह नेटवर्क कथित तौर पर रूसी असंतुष्टों और उन देशों के लोगों पर हमले करने पर ध्यान केंद्रित करता है जिन्हें यूक्रेन का समर्थक माना जाता है।
AI डेवलपर्स पर बरसे US Vice President JD Vance, बोले- खतरे बनाकर Regulation न मांगें
अमेरिका के वाइस प्रेसिडेंट जेडी वेंस ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) डेवलपर्स की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि एक तरफ तो वे एडवांस्ड सिस्टम बना रहे हैं और दूसरी तरफ ग्लोबल गवर्नेंस की मांग कर रहे हैं। उन्होंने उन इंडस्ट्री लीडर्स पर सवाल उठाए जो तुरंत बचाव के उपाय करने के बजाय ऐसे सिस्टम बना रहे हैं जिनसे संभावित खतरे पैदा हो सकते हैं। मशहूर बिजनेस और टेक्नोलॉजी शो 'ऑल-इन पॉडकास्ट' में AI से जुड़ी सुरक्षा पर हो रही बहस पर बात करते हुए अमेरिकी वाइस प्रेसिडेंट ने कहा कि ऐसा क्यों है कि जो लोग AI इकोनॉमी में सबसे आगे हैं, वे हार मानकर कह रहे हैं कि 'हमने फ्रेंकस्टीन बना दिया है', और फ्रेंकस्टीन का समाधान यह बताया जा रहा है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए एक ग्लोबल गवर्नेंस स्ट्रक्चर बनाया जाए? मैं उन लोगों से यही कहूंगा। अगर आप फ्रेंकस्टीन बना रहे हैं, तो रुक जाइए। अगर बात हाथ से निकल चुकी है, तो फ्रेंकस्टीन से बचाव का तरीका बनाइए। इसे भी पढ़ें: UCC पर रुख तय करने से पहले कानून की समीक्षा करेगी JD(U), Nitish Kumar ने बुलाई बैठक इस इंडस्ट्री के नज़रिए के पीछे की वजहों के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा, और आप जानते हैं, मैं डारियो को ज़्यादा नहीं जानता। मैंने पिछले कुछ हफ़्तों में उनकी कही हर बात पढ़ी है। जो लोग उन्हें जानते हैं, वे सभी कहते हैं कि वे बहुत ईमानदार हैं और यह उनकी गहरी सोच है। यह कोई दिखावा या मतलब निकालने वाली बात नहीं है। इसका मकसद रेगुलेटरी सिस्टम पर कब्ज़ा करना नहीं है; उन्हें सच में इसकी परवाह है। लेकिन साथ ही, मैं टेक कंपनियों से भी बात करता हूँ। मुझे यकीन है कि आप लोग मुझसे कहीं ज़्यादा टेक कंपनियों से बात करते होंगे। सिक्योरिटी सॉल्यूशन चाहने वाले कमर्शियल बिज़नेस के सामने आने वाली व्यावहारिक मुश्किलों पर बात करते हुए उन्होंने कहा एक तरफ एंथ्रोपिक (Anthropic) के नए मॉडल से साइबर हैकिंग का ऐसा टूल सामने आया है, तो दूसरी तरफ ऐसी कंपनियाँ हैं जो उस साइबर हैकिंग टूल से बचाव के लिए सुरक्षा उपाय चाहती हैं, लेकिन उन्हें इसका एक्सेस नहीं मिल रहा है। सरकारी दखल के बजाय कॉर्पोरेट जवाबदेही की ज़रूरत पर ज़ोर देते हुए उन्होंने कहा, तो अगर आप फ्रेंकस्टीन (Frankenstein) बनाने जा रहे हैं, तो सरकार के पास आकर यह न कहें कि 'हमें रेगुलेशन चाहिए।' अपने अंदर झाँकें और मान लें कि अगर आप फ्रेंकस्टीन बना रहे हैं, तो पहली बात, आपको रुक जाना चाहिए, और दूसरी बात, जब कंपनियाँ आपके पास आकर कहें कि 'हमें फ्रेंकस्टीन से लड़ने के लिए टूल चाहिए,' तो उन्हें वे टूल दें।
Canada Investment Summit: US से जल्दबाजी में समझौता नहीं करेंगे Mark Carney
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने मंगलवार को कहा कि कनाडा अमेरिका के साथ चल रहे ट्रेड वॉर से एक ज़्यादा मज़बूत और आत्मनिर्भर आर्थिक शक्ति के तौर पर उभरना चाहता है। इससे संकेत मिलता है कि ओटावा वॉशिंगटन के साथ जल्दबाज़ी में कोई समझौता करने के बजाय सही समय का इंतज़ार करने को तैयार है। टोरंटो में आयोजित 'कनाडा इन्वेस्टमेंट समिट' में अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के एक बड़े समूह को संबोधित करते हुए कार्नी ने कहा कि कनाडा और अमेरिका हमेशा पड़ोसी बने रहेंगे, लेकिन यह गठबंधन तभी असरदार ढंग से काम करता है जब दोनों देश सच्चे साझेदारों की तरह काम करें जो एक-दूसरे की परंपराओं और संप्रभुता का सम्मान करते हों। अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने कहा, जब वे अवसर वापस आएंगे, तो कनाडा और भी बेहतर साझेदार होगा - ज़्यादा मज़बूत, ज़्यादा लचीला और ज़्यादा स्वतंत्र। इसे भी पढ़ें: Canada से निर्वासित Lawrence Bishnoi का करीबी Karamveer Singh दिल्ली हवाई अड्डे से गिरफ्तार इसके अलावा, कार्नी ने बताया कि ओटावा कनाडा के चार बड़े एयरपोर्ट्स के संचालन के लिए लंबे समय के कॉन्ट्रैक्ट के ज़रिए प्राइवेट इन्वेस्टमेंट लाने की योजना बना रहा है, जबकि ज़मीन और एसेट्स पर सरकारी मालिकाना हक बना रहेगा। उन्होंने कहा कि इस पहल से ट्रांसपोर्ट और बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में दोबारा निवेश के लिए अरबों डॉलर जुटाने की क्षमता है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का सीधे ज़िक्र किए बिना, कार्नी ने अंतरराष्ट्रीय आर्थिक संबंधों को चलाने वाले उस ढांचे की आलोचना की, जिसे उन्होंने तेज़ी से 'लेन-देन पर आधारित' और 'ज़ीरो-सम' (एक की जीत, दूसरे की हार) वाला बताया। उन्होंने कहा, एक भरोसेमंद और अनुमान लगाने योग्य पार्टनर के तौर पर हमारी साख शायद ही कभी इतनी कीमती रही हो, खासकर ऐसी दुनिया में जहां रिश्तों की जगह लेन-देन ले रहा है और 'विन-विन' (दोनों की जीत) के बजाय 'ज़ीरो-सम' को प्राथमिकता दी जा रही है। इसे भी पढ़ें: Canada को मिला EU का पहला Associate Member बनने का न्योता, मजबूत होंगे रणनीतिक रिश्ते कार्नी ने आगे कहा कि आर्थिक एकीकरण और राष्ट्रीय संप्रभुता के बीच टकराव बढ़ रहा है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि जो देश अपनी आज़ादी बनाए रखना चाहते हैं, उन्हें समान सोच वाले सहयोगियों के साथ मिलकर काम करना चाहिए। वे मंगलवार को बाद में यूरोप के लिए रवाना होंगे, जहाँ उन्हें यूरोपीय संसद को संबोधित करना है। ट्रंप ने अक्सर व्यापारिक सहयोगियों पर दबाव बनाने के लिए टैरिफ का इस्तेमाल किया है और मैन्युफैक्चरर्स को अपना प्रोडक्शन और इन्वेस्टमेंट सीमा के दक्षिण (यानी अमेरिका) में ले जाने के लिए प्रोत्साहित किया है। साथ ही, उन्होंने कनाडा को अमेरिका का 51वां राज्य बनाने की बात भी कई बार कही है - इन बयानों से पुराने सहयोगियों के बीच रिश्ते और तनावपूर्ण हो गए हैं। फिर भी, कार्नी ने बताया कि अमेरिका के साथ होने वाले सीमा-पार व्यापार का लगभग 80 प्रतिशत हिस्सा टैरिफ-मुक्त है।
Devesh Belbase की अगुवाई में बनी Expert Committee, Tibet-Nepal Flood की करेगी जांच
नेपाल ने तिब्बत-नेपाल में आई बाढ़ के स्रोत, कारण और घटनाओं के क्रम का पता लगाने के लिए सात सदस्यों वाली एक एक्सपर्ट कमेटी बनाई है, जिसे अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए दो महीने का समय दिया गया है। नेपाल के ऊर्जा, जल संसाधन और सिंचाई मंत्रालय ने बुधवार को इस मामले की जांच के लिए जल नीति और गवर्नेंस के एक्सपर्ट देवेश बेलबेस की देखरेख में यह कमेटी बनाई। कमेटी में हाइड्रोलॉजिस्ट नरेंद्र मान शाक्य, ग्लेशियोलॉजिस्ट रिजन भक्त कायस्थ, रिमोट-सेंसिंग एक्सपर्ट उत्तम बाबू श्रेष्ठ, जियोलॉजिस्ट मेघराज धिताल, हाइड्रोपावर इंफ्रास्ट्रक्चर एक्सपर्ट हरि पंडित और आपदा-जोखिम कम करने वाले एक्सपर्ट अनिल पोखरेल शामिल हैं। मंत्रालय के प्रवक्ता मोहन कुमार शाक्य ने ANI को बताया, कमेटी बाढ़ के संभावित स्रोत से लेकर भोटेकोशी/ल्हेन्डे नदी प्रणाली और निचले इलाकों तक फील्ड स्टडी करेगी। इस जांच में न सिर्फ़ बाढ़ के वैज्ञानिक कारणों और घटनाओं के क्रम को देखा जाएगा, बल्कि यह भी पता लगाया जाएगा कि भविष्य में इसी तरह की आपदाओं से पनबिजली और ऊर्जा से जुड़े दूसरे इंफ्रास्ट्रक्चर को कैसे बचाया जा सकता है। अधिकारी के मुताबिक, स्टडी के दौरान ज़रूरत पड़ने पर ड्रोन, सैटेलाइट इमेज और दूसरी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाएगा। शाक्य ने कहा, कमेटी इस घटना को सिर्फ़ बहुत ज़्यादा बारिश या बाढ़ के मामले के तौर पर नहीं, बल्कि एक 'कैस्केडिंग डिज़ास्टर' (एक के बाद एक होने वाली आपदाओं की कड़ी) के तौर पर देखेगी, जिसमें हिमालयी, भू-वैज्ञानिक और जल-विज्ञान से जुड़े खतरे एक के बाद एक सक्रिय हुए हो सकते हैं। इसे भी पढ़ें: Nepal के विदेश मंत्री शिशिर खनाल से मिले राजदूत Naveen Srivastava, द्विपक्षीय सहयोग पर जताया आभार हिमालयी देश में आपदा आने के कुछ दिनों बाद, सेंटर फॉर हाइड्रोलॉजी एंड वॉटर रिसोर्सेज रिसर्च की एक शुरुआती स्टडी में कहा गया कि यह पता लगाने के लिए पर्याप्त वैज्ञानिक सबूत नहीं हैं कि बाढ़ कहाँ से शुरू हुई, किन भौतिक प्रक्रियाओं ने इसे शुरू किया, और वे प्रक्रियाएँ भोटेकोशी-ल्हेन्डे नदी प्रणाली के ज़रिए निचले इलाकों में कैसे फैलीं। सेंटर ने सुझाव दिया कि आपदा को निश्चित रूप से जलवायु परिवर्तन से जोड़ने से पहले पूरी घटनाक्रम की व्यापक वैज्ञानिक जाँच की जानी चाहिए। ऊर्जा बुनियादी ढाँचे को हुए नुकसान से सबक लेते हुए, समिति जोखिम की तैयारी के उपायों और प्राकृतिक आपदाओं के दौरान भी बिजली उत्पादन और सिस्टम के संचालन को बनाए रखने के तरीकों की सिफारिश करेगी। इसे भी पढ़ें: Nepal के नक्शे में शामिल Lipulekh और Kalapani पर बोले विदेश मंत्री, यह कोई बोझ नहीं अधिकारियों के अनुसार, मंत्रालय ने तीन चरणों में यह अध्ययन करने की योजना बनाई है। समिति सबसे पहले ऊँचे हिमालयी क्षेत्र से लेकर भोटेकोशी/ल्हेन्डे नदी प्रणाली और निचले इलाकों तक की घटनाओं के क्रम और भौतिक नुकसान की जाँच करेगी। इसके साथ ही, समिति ग्लेशियर, चट्टान और मिट्टी-ढलान की अस्थिरता, भूस्खलन, मलबे, नदी के बहाव और बाढ़ के बीच आपसी संबंधों की भी जाँच करेगी। दूसरे चरण में, समिति बाढ़ के तत्काल और मूल भौतिक कारणों की पहचान करेगी। संभावित स्रोत वाले इलाकों में, विशेषज्ञों की टीम चट्टानों की स्थिति, दरारों, कमज़ोर भूवैज्ञानिक संरचनाओं, ढलान की स्थिरता, भूस्खलन की संभावना और नदी में आए तलछट की मात्रा और विशेषताओं का अध्ययन करेगी।
Balochistan में न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर सवाल, BYC ने लगाए अदालतों पर दबाव के आरोप
बलूच यकजेहती कमेटी (BYC) ने बलूचिस्तान की न्यायपालिका से लोगों का भरोसा कम होने पर चिंता जताई है। कमेटी का आरोप है कि उनके नेताओं से जुड़े अदालती मामलों में दबाव और लंबी देरी की वजह से कामकाज प्रभावित हुआ है। X पर एक पोस्ट में, BYC ने आरोप लगाया कि चीफ जस्टिस कामरान खान मुलाखैल बलूचिस्तान हाई कोर्ट में ज़मानत की अर्जियों और याचिकाओं की सुनवाई कर रहे हैं, जबकि एंटी-टेररिज्म कोर्ट (ATC) और सेशन कोर्ट की कार्यवाही की अध्यक्षता जस्टिस मुहम्मद अली मुबीन और जस्टिस कादिर शाह बुखारी कर रहे हैं। BYC की पोस्ट के मुताबिक, चीफ जस्टिस कथित तौर पर BYC सदस्यों से जुड़े मामलों में निचली अदालतों पर सज़ा पक्की करने के लिए दबाव डाल रहे हैं और साथ ही हाई कोर्ट में ज़मानत की अर्जियों में देरी कर रहे हैं। कमेटी ने सवाल उठाया कि निचली अदालतों से आज़ाद होकर काम करने की उम्मीद कैसे की जा सकती है, जब चीफ जस्टिस कथित तौर पर कार्यवाही को प्रभावित कर रहे हों और साथ ही उन कार्यवाहियों को चुनौती देने वाली याचिकाओं और ज़मानत की अर्जियों पर भी सुनवाई कर रहे हों। BYC ने आगे आरोप लगाया कि चीफ जस्टिस की भूमिका निचली अदालतों को बाहरी दबाव से बचाने की होनी चाहिए, न कि खुद ऐसे दबाव का ज़रिया बनने की। इसे भी पढ़ें: Pakistan में Petrol-Diesel के दाम बढ़ने पर Smart Lockdown और ईंधन बचाने के उपायों पर विचार कमेटी ने न्यायिक आज़ादी को लेकर अपनी चिंताओं के उदाहरण के तौर पर गुलज़ादी बलूच के मामले का ज़िक्र किया। BYC के अनुसार, बेंच ने कई बार संकेत दिया था कि वह बलूच को सज़ा नहीं देना चाहती, लेकिन कथित तौर पर अदालत को सज़ा के बारे में निर्देश दिए गए थे। BYC की पोस्ट में तर्क दिया गया कि अगर जजों पर दी जाने वाली सज़ा को लेकर दबाव डाला जा रहा है, तो यह मामला किसी एक केस से कहीं आगे का है और न्यायिक प्रक्रिया की आज़ादी पर बड़े सवाल खड़े करता है। कमेटी ने यह भी आरोप लगाया कि BYC नेताओं से जुड़े मामलों में आरोपियों की सहमति के बिना सरकार द्वारा नियुक्त वकील सौंपे गए, जबकि उन्हें अपना बचाव करने के लिए वकील चुनने के अधिकार से वंचित रखा गया। इसे भी पढ़ें: भारतीय और पाकिस्तानी नौसैनिक जहाजों के बीच हुई घटना से चिंता BYC ने कहा कि डॉ. महरंग बलूच और सिबगतुल्लाह शाहजी को उम्रकैद की सज़ा सुनाई गई है और उन्हें अपील करने का संवैधानिक और कानूनी अधिकार है। हालाँकि, कमेटी के अनुसार, उनकी अपीलों में काफी देरी हुई है। संगठन ने यह भी दावा किया कि BYC नेताओं ने 13 जून से ऐसी सुनवाई का बहिष्कार किया है जिसे उन्होंने बिना चेहरे वाली सुनवाई (faceless trials) बताया। BYC की पोस्ट के अनुसार, इसके बाद बलूचिस्तान हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की गई जिसमें इन कार्यवाही को खत्म करने और जस्टिस मुहम्मद अली मुबीन को बदलने का अनुरोध किया गया। कमेटी ने आरोप लगाया कि याचिका पर सुनवाई में बार-बार देरी की गई है।
पेड़ पर लटका पति, गंगा किनारे पत्नी की लाश, कपड़े गायब, राज खोलेगी डॉग मैरी
बिजनौर में पति-पत्नी की रहस्यमय मौत का मामला सुलझाने के लिए संभल की गोल्ड मेडलिस्ट डॉग मैरी को बुलाया गया है. पति देशराज की लाश खेत में पेड़ से लटकी मिली, जबकि पत्नी सुषमा का शव डेढ़ किलोमीटर दूर गंगा में पेड़ से बंधा मिला. दोनों अर्धनग्न थे और कपड़े गायब थे. पोस्टमार्टम में पति की हैंगिंग और पत्नी की गला दबाने से मौत हुई.
कौन थीं सुब्बुलक्ष्मी...जिनसे बोले थे नेहरू- आपके सामने मैं मामूली PM
एम.एस. सुब्बुलक्ष्मी की आवाज के महात्मा गांधी और जवाहरलाल नेहरू भी फैन थे. जानिए नेहरू ने उनकी तारीफ में क्या कहा था और गांधी उनसे कौन सा भजन सुनते थे.
China बिना सैन्य हमले के ताइवान को बांटना चाहता है, NSC Advisor Alex Huang की चेतावनी
नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल (NSC) के सलाहकार एलेक्स हुआंग ने कहा कि चीन ताइवान को कमज़ोर करने की कोशिश कर रहा है। इसके लिए वह चरमपंथी लोगों को ताइवान की लोकतांत्रिक राजनीतिक व्यवस्था में शामिल होने के लिए बढ़ावा दे रहा है और वहां पहले से मौजूद राजनीतिक मतभेदों का फ़ायदा उठा रहा है। हुआंग ने चेतावनी दी कि अगर एक या दो चरमपंथी राजनेता भी चुन लिए जाते हैं, तो इससे समाज में बंटवारा और गहरा हो सकता है और ताइवानी समाज के लिए किसी आम सहमति पर पहुँचना और मुश्किल हो सकता है। हुआंग ने चीनी भाषा के अख़बार 'लिबर्टी टाइम्स' (जो 'ताइपे टाइम्स' का ही एक प्रकाशन है) को दिए एक खास इंटरव्यू में कहा, मकसद ताइवान को कमज़ोर करना है। उन्होंने आगे कहा कि अगर चीन राजनीतिक झगड़ों के ज़रिए ताइवानी समाज को बंटा हुआ रख सकता है, तो उसे हमला करने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी। इसे भी पढ़ें: जिनपिंग के चीन पहुंचते ही भारत बॉर्डर से हटे सैनिक! ट्रंप रह गए हैरान ताइपे टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, हुआंग ने कहा कि दूसरे देशों के चुनावों में चीन का दखल कोई नई बात नहीं है। उन्होंने अमेरिका के हालिया राष्ट्रपति चुनाव को प्रभावित करने की कोशिशों, कनाडा में चीनी-कनाडाई समुदायों को कुछ नेताओं के खिलाफ करने की कोशिशों और ऑस्ट्रेलिया में चीन-समर्थक उम्मीदवारों को फंड देने की कथित कोशिशों का ज़िक्र किया। जब ताइवान में चीन-समर्थक उम्मीदवारों के बारे में पूछा गया, तो हुआंग ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में लोगों को चुनाव लड़ने की इजाज़त होनी चाहिए, बशर्ते वे कानूनी ज़रूरतों को पूरा करते हों। उन्होंने कहा कि ताइवान के उम्मीदवारों का ताइवान का नागरिक होना ज़रूरी है और उन्हें दूसरे देशों की स्थायी नागरिकता या नागरिकता छोड़नी होगी। हुआंग ने आगे कहा कि केंद्रीय चुनाव आयोग और अन्य संबंधित अधिकारी चीनी नागरिकता को लेकर कड़ी जांच-पड़ताल करते हैं। इसे भी पढ़ें: जिनपिंग के चीन पहुंचते ही भारत बॉर्डर से हटे सैनिक! ट्रंप रह गए हैरान हुआंग ने कहा कि यह पक्का है कि चीन ऐसे लोगों का इस्तेमाल करके ताइवान की राजनीतिक व्यवस्था में घुसने की कोशिश करेगा। उन्होंने इस तरीके को बीजिंग की ओर से लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के ज़रिए लोकतंत्र को कमज़ोर करने की कोशिश बताया। रिपोर्ट के अनुसार, हुआंग ने कहा कि बीजिंग को राजनीतिक ध्रुवीकरण को बढ़ाने और आम सहमति बनाना मुश्किल करने के लिए सिर्फ़ एक या दो कट्टरपंथी राजनीतिक नेताओं की ज़रूरत होगी। उन्होंने कहा कि एक बार चुने जाने के बाद, ऐसे नेता ज़रूरी कानूनों को रोककर जोखिम पैदा कर सकते हैं। हुआंग ने ताइवान के राष्ट्रीय सुरक्षा कानूनों में बदलावों के अटके होने की ओर भी इशारा किया। उन्होंने कहा कि कुछ नेता जनमत को प्रभावित करने और प्रस्तावित उपायों को बदनाम करने की कोशिश कर रहे थे, जबकि अन्य संगठनों का इस्तेमाल कानून को आगे बढ़ने से रोकने के लिए किया जा रहा था। हुआंग ने कहा कि राजनीतिक आपसी कलह ताइवान की ज़रूरी बिना चालक वाले हवाई वाहनों (UAVs) को हासिल करने की क्षमता पर भी असर डाल सकती है। उन्होंने आगे चेतावनी दी कि आंतरिक राजनीतिक संघर्षों के कारण राजनीतिक विरोधियों को कमज़ोर करने की कोशिश में संवेदनशील जानकारी लीक हो सकती है।
घर में कार लिफ्ट लगवाने का कितना आएगा खर्चा? ज्यादा महंगा नहीं है
घर में हाइड्रोलिक कार लिफ्ट सिस्टम लगवाना पार्किंग स्पेस को दोगुना कर देता है. कम जगह में भी आराम से आप अपनी गाड़ियों को पार्क कर सकते हैं. इसी कार पार्किंग लिफ्ट सिस्टम का इस्तेमाल कार की सर्विसिंग को सुविधाजनक बनाने में भी किया जाता है. ऐसे में जानते हैं कि घर में कार पार्किंग लिफ्ट लगवाने में कितना खर्चा आएगा?
सुंदर हत्यारे... अपने बच्चों को ही भूखा मार देते हैं ये रंगीन तोते
स्कार्लेट मैकॉ तोते अपने सबसे छोटे बच्चों को जानबूझकर भूखा मार देते हैं. वैज्ञानिक इन चूजों को बचाकर कहीं और रखते हैं. इससे प्रजाति को बचाने में मदद मिल रही है. पेरू में सफल प्रयोग हो चुके हैं.
पिता पर हमला होते देख बचाने पहुंची बेटी, हमलावरों ने दोनों को मार डाला
कर्नाटक के बेलगावी में संपत्ति विवाद ने खूनी रूप ले लिया. ग्राम पंचायत ऑफिस के अंदर 67 वर्षीय पूर्व सैनिक और उनकी 26 वर्षीय बेटी की कथित तौर पर हत्या कर दी गई. पुलिस के मुताबिक, पिता पर हमला होते देखकर बेटी उन्हें बचाने पहुंची, तो हमलावरों ने उसे भी निशाना बना दिया. घटना का वीडियो भी सामने आया है.
Nepal के विदेश मंत्री शिशिर खनाल से मिले राजदूत Naveen Srivastava, द्विपक्षीय सहयोग पर जताया आभार
भारतीय राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने बुधवार को नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल और विदेश सचिव अमृत बहादुर राय से सिंह दरबार स्थित विदेश मंत्रालय में विदाई मुलाकात की और अपनी राजनयिक भूमिका पर बात की। विदेश मंत्री के साथ बैठक के दौरान, राजदूत श्रीवास्तव ने नेपाल सरकार का आभार व्यक्त किया और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने में लगातार सहयोग के लिए मंत्री खनाल को धन्यवाद दिया। राजदूत श्रीवास्तव ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, माननीय विदेश मंत्री श्री शिशिर खनाल से विदाई मुलाकात करना सम्मान की बात रही। बहुआयामी संबंधों को मजबूत करने में उनके निरंतर सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने आगे कहा, पिछले कुछ वर्षों में ऊर्जा, बुनियादी ढांचे की कनेक्टिविटी और लोगों के बीच आपसी संबंधों सहित सभी क्षेत्रों में हमारी साझेदारी को गहरा करने में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। इसे भी पढ़ें: Nepal Flood: आठ जिलों से और शव मिलने के बाद मृतकों का आंकड़ा पहुंचा 1,399 विदेश मंत्री खनाल ने राजदूत श्रीवास्तव के साथ अपनी बैठक में भारतीय राजनयिक को उनके कार्यकाल के सफल समापन पर बधाई दी और दोनों देशों के बीच बहुआयामी संबंधों को और गहरा करने की दिशा में उनकी कोशिशों की सराहना की। विदेश मंत्री खनाल ने राजदूत श्रीवास्तव के कार्यकाल के दौरान हुई अहम प्रगति का ज़िक्र किया, जिसमें ऊर्जा सहयोग, व्यापार और बुनियादी ढांचे की कनेक्टिविटी के साथ-साथ लोगों के बीच आपसी संबंधों में हासिल की गई बड़ी उपलब्धियां शामिल हैं। उन्होंने भोते कोशी नदी में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद भारत की ओर से मिली एकजुटता और आपदा राहत में त्वरित मदद के लिए भी गहरा आभार व्यक्त किया। इसे भी पढ़ें: Nepal के नक्शे में शामिल Lipulekh और Kalapani पर बोले विदेश मंत्री, यह कोई बोझ नहीं भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं देते हुए, मंत्री ने भरोसा जताया कि राजदूत श्रीवास्तव नेपाल के अच्छे दोस्त बने रहेंगे। इस मुलाक़ात के बारे में नेपाल के विदेश मंत्रालय ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, माननीय विदेश मंत्री श्री शिशिर खनाल ने आज दोपहर मंत्रालय में भारत के राजदूत महामहिम नवीन श्रीवास्तव से विदाई मुलाक़ात की। इस मौके पर, माननीय मंत्री खनाल ने राजदूत श्रीवास्तव को उनके कार्यकाल के सफल समापन पर बधाई दी और नेपाल-भारत के बहुआयामी संबंधों को और गहरा करने के उनके प्रयासों की सराहना की। उन्होंने ऊर्जा सहयोग, व्यापार, बुनियादी ढांचे की कनेक्टिविटी और लोगों के बीच संबंधों में हासिल की गई अहम उपलब्धियों का ज़िक्र किया। पोस्ट में आगे कहा गया, माननीय विदेश मंत्री ने भोटे कोशी नदी में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद नेपाल के साथ एकजुटता दिखाने और आपदा राहत में तेज़ी से मदद करने के लिए गहरा आभार व्यक्त किया। माननीय विदेश मंत्री ने राजदूत को उनके भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं दीं और भरोसा जताया कि वे आगे भी नेपाल के अच्छे दोस्त बने रहेंगे।
Mecca के पास Drone Attack पर भारत ने जताई चिंता, Saudi Arabia पर हमलों की कड़ी निंदा
भारत ने बुधवार को मक्का के पास हुए ड्रोन हमले पर गहरी चिंता जताई और सऊदी अरब की संप्रभु ज़मीन पर हुए हमलों की निंदा दोहराई। साथ ही, यह भी कहा कि ऐसी हरकतें आम लोगों की जान और बुनियादी ढांचे के लिए खतरा पैदा करती हैं। मक्का के पास हुए ड्रोन हमले के बारे में मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि हम मक्का के पास हुए ड्रोन हमले को लेकर बहुत चिंतित हैं। भारत सऊदी अरब साम्राज्य की संप्रभु ज़मीन पर हुए हमलों और ऐसी हरकतों की निंदा दोहराता है जिनसे आम लोगों की जान और बुनियादी ढांचे को खतरा होता है। जायसवाल ने कहा कि मक्का के पास हुई यह घटना इसलिए भी ज़्यादा चिंताजनक है क्योंकि दुनिया भर के मुसलमानों के लिए इस शहर का खास महत्व है। भारत ने इस इलाके में जल्द शांति और स्थिरता लौटने की उम्मीद भी जताई। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि इस इलाके में जल्द शांति और स्थिरता बहाल होगी। इसे भी पढ़ें: Pakistani Navy की 'लापरवाही' पर भड़का India, MEA ने Pakistan High Commission के कार्यवाहक प्रमुख को तलब कर लगाई लताड़ बुधवार को सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने चेतावनी दी कि इस्लाम के दो सबसे पवित्र स्थलों की सुरक्षा एक रेड लाइन (अति-संवेदनशील सीमा) है। यह चेतावनी तब दी गई जब सऊदी एयर डिफेंस ने यमन के हूथी विद्रोहियों द्वारा मक्का अल-मुकर्रमा (जिसे आम तौर पर मक्का कहा जाता है) शहर के दक्षिण में भेजे गए एक ड्रोन को रोककर नष्ट कर दिया। गठबंधन द्वारा बुधवार को जारी एक बयान के अनुसार, रॉयल सऊदी एयर डिफेंस फोर्सेज ने मंगलवार शाम को उस ड्रोन को तब रोक लिया, जब वह मक्का के आस-पास के प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने ही वाला था।
'मेरी आंखों में आंसू आ गए' बोलीं तमन्ना, छठी मैया से जुड़ा कनेक्शन
सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया की फिल्म 'द वन' 25 सितंबर को रिलीज होने वाली है. इस बीच तमन्ना ने छठ पूजा को लेकर बात की है. जानिए उन्होंने क्या कुछ कहा.
हनुमान जी ने इस जगह तोड़ा था 10,000 हाथियों के बल वाले भीम का घमंड
महाभारत काल में अज्ञातवास के दौरान पांडव राजस्थान के अलवर आए थे. इस दौरान सरिस्का के जंगल स्थित क्षेत्र में भीम का अहंकार तोड़ने के लिए हनुमान जी इसी स्थान पर प्रकट हुए थे. कहते हैं कि यहां भीम ने अपनी गदा से पहाड़ तोड़कर रास्ता भी बनाया था, जिसे पांडुपोल के नाम से जाना जाता है.
बेडरूम की सफाई में न फेंकें ये 6 चीजें, वरना होगा पछतावा!
घर की डीप क्लीनिंग करते वक्त जल्दबाजी में हर पुरानी चीज फेंकना भारी पड़ सकता है. खाली स्टोरेज बॉक्स, सिंगल मोजे और एक्स्ट्रा हैंगर जैसी 6 चीजें बाद में आपके बड़े काम आ सकती हैं. आज हम आपको उन चीजों के बारे में बताएंगे, जिन्हें कभी भी नहीं फेंकना चाहिए क्योंकि वो बाद में काम आ सकती हैं.
महुआ मोइत्रा पर फिर फेंके गए अंडे, काले झंडे दिखाकर लगे 'गो बैक' के नारे
नदिया में TMC सांसद महुआ मोइत्रा पर फिर अंडे फेंके जाने का आरोप लगा है. यह पहली बार नहीं है जब उन्हें ऐसे विरोध का सामना करना पड़ा है. ताजा घटना के बाद महुआ ने पुलिस की मौजूदगी को लेकर सवाल उठाए हैं.
US में आज ये बड़ा फैसला... शेयर बाजार में असली खेल तो कल होगा!
Fed Interest Rate Decision: अमेरिकी शेयर बाजार में भारी गिरावट की आशंका जताई जा रही है, क्योंकि अमेरिकी फेडरल रिजर्व बैंक रेट में बढ़ोतरी कर सकता है. अगर ये बढ़ोतरी नहीं होती है तो बाजार स्थिर या तेजी पर कारोबार कर सकता है.
लग्जरी गाड़ियां, पिज्जा-बर्गर... कैंपस में छाया DUSU चुनाव
इस बार का DUSU चुनाव केवल पोस्टर, नारों और बड़ी गाड़ियों के शो-ऑफ तक सीमित नहीं है. 'जेन जी' के नाम से जानी जाने वाली नई पीढ़ी इस तमाशे से परे ठोस जवाबदेही मांग रही है. वहीं कैंपस में हर तरफ डूसू चुनाव के रंग साफ नजर आ रहे हैं. यहां डीयू का पारंपरिक चुनाव भी नजर आ रहा है तो वहीं बदलते वक्त के साथ नये चेंजेज भी. पढ़ें- स्पेशल रिपोर्ट.
मक्का पर ड्रोन हमले की कोशिश! हूती विद्रोहियों पर आरोप में कितना दम?
इसी बीच सऊदी अरब ने एक बड़ा आरोप लगया है. सऊदी अरब और ऑर्गनाइज़ेशन ऑफ़ इस्लामिक कोऑपरेशन ने हूती विद्रोहियों पर पवित्र शहर मक्का पर हमला करने का आरोप लगाया है. AFP न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक सऊदी अरब के मुताबिक, हूती विद्रोहियों ने मक्का पर घिनौना हमला किया है.

