टकराव के बीच एकता का संदेश देते हैं 'कृष्ण', भागवत ने दिया एकता का मंत्र
RSS प्रमुख मोहन भागवत इस समय अमेरिका के दौरे पर हैं. इस दौरान उन्होंने इस्कॉन मंदिर के भी दर्शन किए. यहां उन्होंने एकता का संदेश देते हुए कहा कि कृष्ण चेताना ही सबको एकजुट कर सकती है.
दीवार पर ईसा मसीह की पेंटिंग, सामने अर्पिता ने उतारी सलमान की आरती
सलमान खान ने हर साल की तरह धूमधाम से रक्षाबंधन का त्योहार मनाया. लेकिन एक्टर का वीडियो खास वजह से सुर्खियों में बना हुआ है. वजह जानना नहीं चाहेंगे आप?
क्या पाकिस्तानी खिलाड़ियों ने दी थी मैच छोड़ने की धमकी?
इमरान खान के बेटों के इंटरव्यू विवाद पर पाकिस्तान के हेड कोच सरफराज अहमद ने अपनी चुप्पी तोड़ दी है. लॉर्ड्स टेस्ट मैच के दूसरे दिन प्रेस कॉन्फ्रेंस में आए सरफराज ने बड़ा बयान दिया.
Alto जैसी पावर, Kawasaki Versys 650 लॉन्च, इतनी है कीमत
कावासाकी वर्सिस 650 के अपडेटेड वर्जन को कंपनी ने भारत में लॉन्च कर दिया है. ये बाइक नए कलर में अब मिलेगी. हालांकि, ब्रांड ने इसके इंजन में कोई बदलाव नहीं किया है. ये बाइक पहले की तरह ही 649 सीसी के इंजन के साथ आती है, जो 67 एचपी की पावर जनरेट करता है. आइए जानते हैं इस पावरफुल बाइक की कीमत और दूसरी खास बातें.
तेल आयात खर्च में 1.84 लाख करोड़ की बढ़ोतरी:खाड़ी देशों में दागी गई हर मिसाइल का खर्च सीधा आपसे जुड़ा, कैसे?
'हनुमान चालीसा से हुआ चमत्कार', मुश्किलों से बनी 'हनुमान अंश'
नीम करोली बाबा के जीवन पर आधारित फिल्म 'हनुमान अंश' ने कम बजट में 12 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई की है. फिल्म की शूटिंग के दौरान कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, लेकिन शोभिनव सत्या ने बताया कि सेट पर बाबा की मौजूदगी का अनुभव हुआ.
टीम बिना कोई चैंपियन नहीं: जरूरत पर मदद लेना कमजोरी नहीं, मजबूत सहयोगी होने के संकेत; सफल इंसान की पहचान क्या?
5 चीजें इंसान को अंदर से करती हैं कमजोर, चाणक्य ने दी है चेतावनी
Quote of the Day : आचार्य चाणक्य ने जीवन की कुछ ऐसी परिस्थितियों के बारे में बताया है, जो इंसान को भीतर से कमजोर कर सकती हैं. जानें अपमान, कर्ज, गलत संगति समेत कौन-सी 5 चीजों से बचना चाहिए.
चना दाल से घर पर बनाएं शुद्ध बेसन, बढ़ जाएगा खाने का स्वाद
How to Make Besan at Home: अगर आप बाजार से मिलने वाले बेसन की मिलावट से परेशान हैं तो थोड़ी सी मेहनत से चना दाल से घर पर भी शुद्ध बेसन बना सकते हैं. इससे बने खानों का स्वाद भी कई गुना बढ़ जाएगा.
'सोनिया की किताब से PM, RSS और चीन के अंश हटाना चाहता था पेंग्विन': गहलोत
कांग्रेस नेता सोनिया गांधी की किताब 'बिलॉन्गिंग: ए जर्नी ऑफ लव' को लेकर पेंग्विन रैंडम हाउस इंडिया ने अपना पक्ष रखा है. कंपनी ने कहा कि वह किताब को प्रकाशित करने के लिए उत्सुक थी लेकिन प्रकाशक के तौर पर लेखक के तथ्यों की जांच करना उसकी जिम्मेदारी और अधिकार है.
सर्दी आने से पहले घूम लें ये मार्केट... 60 रुपये से शुरू हैं कंबल के रेट
सर्दियों का मौसम आने से पहले अगर आप कंबल खरीदने की तैयारी कर रहे हैं तो दिल्ली के आजाद मार्केट और सीलमपुर (ताज मार्केट) आपके लिए अच्छा ऑप्शन हो सकता है. यहां कंबल की कीमत करीब 60 रुपये से शुरू होती है और प्रीमियम क्वालिटी के मिंक और सुपर सॉफ्ट कंबल की कीमत हजारों रुपये तक पहुंचती है.
साउथ अफ्रीका को धूल चटाकर नामीबिया ने रचा इतिहास
शुक्रवार को विन्डहोक में शुरू हुई टी-20 ट्राई-सीरीज के ओपनिंग मैच में नामीबिया ने साउथ अफ्रीका को 18 रनों से करारी शिकस्त दे दी. नामीबिया ने लगातार दूसरी बार अफ्रीकी टीम को चारों खाने चित किया है.
52 के राम कपूर ने श्रेया को किया था KISS, पार की मर्यादा? तोड़ी चुप्पी
टीवी एक्टर राम कपूर कुछ समय पहले लॉक अप शो में दिखाई दिए थे. शो के दौरान श्रेया कालरा ने राम के बिहेवियर पर सवाल उठाए थे. श्रेया के आरोपों पर अब एक्टर ने सफाई दी है. उन्होंने कहा कि उन्हें किसी के कुछ कहने से फर्क नहीं पड़ता.
पहली नौकरी से पहले सीख लें ये स्किल, ऑफिस में नहीं आएगी परेशानी
ग्रेजुएशन करने के बाद जब छात्र पहली बार नौकरी करने के लिए जाते हैं, तो उन्हें कई तरह की परेशानी से गुजरना पड़ता है. लेकिन अगर आप भी इस स्टेज में हैं और इस तरह की समस्या का सामना नहीं करना चाहते हैं, तो समय रहते ही इन स्किल्स को सीख लें ताकि आगे जाकर उनके लिए ऑफिस लाइफ थोड़ी आसान हो सकती है.
प्रयागराज में भरभरा कर गिरा 3 मंजिला स्वामी नारायण मंदिर- VIDEO
प्रयागराज के जॉर्ज टाउन थाना क्षेत्र में स्थित स्वामीनारायण मंदिर का तीन मंजिला हिस्सा देर रात भरभराकर निर्माण के लिए खोदे गए बड़े गड्ढे में गिर गया. मंदिर के पीछे पिछले तीन-चार महीने से निर्माण कार्य चल रहा था, लेकिन बारिश के कारण फिलहाल काम बंद था.
नेपाल में आई बाढ़ के बाद, Infosys के बड़े अधिकारी लक्स गोपीसेट्टी भी लापता
नेपाल में आई बाढ़ के बाद 320 भारतीयों को अभी तक कुछ पता नहीं चल पाया है. इसी में से एक इंफोसिस की सहायक कंपनी इंफोसिस पब्लिक सर्विसेस के प्रमुख लक्स गोपीसेट्टी भी शामिल हैं. कंपनी ने कहा कि हम उनसे संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं.
कम से कम बजट में न्यूजीलैंड हनीमून, इंडियन कपल ने बताया पूरा खर्च
न्यूजीलैंड जैसे महंगे देश में किसी भारतीय कपल का हनीमून कितने रुपये में हो सकता है? क्या वहां घूमना बजट में संभव है और खर्च कहां-कहां कम किया जा सकता है? एक भारतीय कपल ने 13 दिन के अपने न्यूज़ीलैंड हनीमून का पूरा खर्च साझा कर इन सवालों का जवाब दिया है.
नेपाल में तबाही का चौथा दिन, रेस्क्यू में क्या बनी बड़ी चुनौती?
नेपाल में बाढ़ से मची तबाही के बाद लोगों को बचाने का काम जारी है. दिन-रात नेपाल की सेना मौत के मलबे से जिंदगी की तलाश कर रही है. नेपाल में भीषण बाढ़ के चलते मरने वालों का आंकड़ा अब 600 के करीब पहुंच गया है, जबकि करीब 2000 से ज्यादा लोग अब भी लापता हैं. इनमें 300 से ज्यादा भारतीय पर्यटक भी शामिल हैं...
भारतीय पेशेवरों पर संकट: अमेरिका में नौकरी गई तो 60 दिन की राहत हो सकती है खत्म, प्रस्ताव की समीक्षा पूरी donald-trump-us-administration-clears-plan-to-scrap-h1b-60-day-grace-period-indian-workers
कबाड़ नहीं है घर में बंद पड़ा पुराना फोन, कई हजार में ऑनलाइन सेल करें
How to Sell Your Phone Online: घर में पुराना स्मार्टफोन किसी अलमारी आदि में रखा है और उसको कोई इस्तेमाल नहीं करता है. ऐसे मोबाइल को अच्छे दाम में आसानी से बेचा जा सकता है. पुराना फोन घर बैठे सेल कर सकते हैं.
विदेशी मदद पर नेपाल का यू-टर्न! अब भारत-चीन से मांगी हेल्प, दिल्ली ने तुरंत दिखाया बड़ा दिल
नेपाल ने लापता नागरिकों को लेकर अंतर्राष्ट्रीय दबाव के बाद विदेशी बचाव सहायता न लेने के अपने फैसले को बदला है. बचाव कार्य, DNA टेस्टिंग और फॉरेंसिक जांच के लिए नेपाल अब अंतर्राष्ट्रीय मदद लेगा.
टेंशन होते ही घर की सफाई क्यों करने लगते हैं लोग?
क्या आप भी किसी बात की टेंशन होने पर अचानक घर या अपना कमरा साफ करने लगते हैं? ऐसा कई लोगों के साथ होता है. जब हमारी जिंदगी की कोई परेशानी तुरंत ठीक नहीं होती, तब हम अपने आसपास की चीजों को ठीक करने लगते हैं. जैसे बिखरे हुए कपड़े समेटना या टेबल साफ करना.
US Diplomats और उनके परिवार West Asia स्थित अमेरिकी दूतावासों में लौटने लगे
ईरान के साथ युद्ध के शुरुआती दिनों में पश्चिम एशिया स्थित अमेरिकी दूतावासों से हटाए गए राजनयिक और उनके कुछ परिजन अब धीरे-धीरे वापस जाना शुरू हो गए हैं। हालांकि, अधिकांश दूतावासों में अभी पूरी क्षमता के साथ कामकाज शुरू नहीं होगा लेकिन इस सप्ताह से अमेरिका के विदेश मंत्रालय ने कर्मचारियों की संख्या और अन्य प्रतिबंधों में ढील देना शुरू कर दिया है। यह बदलाव ईरान के प्रति ट्रंप प्रशासन की नीति में किसी बदलाव का संकेत नहीं है। अमेरिका की नीति अब सैन्य कार्रवाई के बजाय मुख्य रूप से आर्थिक मोर्चे पर केंद्रित है। यह बदलाव मुख्यतः मानव संसाधन से जुड़े नियमों की कानूनी बाध्यताओं के कारण किए गए हैं। नियमों के तहत राजनयिकों को वेतन और पारिवारिक भत्तों के साथ एक निश्चित अवधि से अधिक समय तक उनके पद से बाहर नहीं रखा जा सकता। ईरान के साथ युद्ध के छह महीने पूरे होने के बीच शुक्रवार को कतर, कुवैत और बहरीन स्थित अमेरिकी दूतावासों ने राजनयिकों के परिजनों को वापस लौटने की अनुमति देने की घोषणा की। हालांकि, कुवैत और बहरीन में यह अनुमति केवल 18 वर्ष से अधिक आयु के परिजनों को दी गई है। इससे पहले इसी सप्ताह इजराइल में तैनात अमेरिकी सरकारी कर्मचारियों के सभी परिजनों को वापस लौटने की अनुमति दी गई थी। लेबनान में कार्यरत अमेरिकी कर्मचारियों के 21 वर्ष से अधिक आयु के परिजनों को भी लौटने की अनुमति मिल गई है। युद्ध के शुरुआती दिनों में पश्चिम एशिया के पांच अन्य देशों में स्थित अमेरिकी दूतावासों से भी राजनयिकों और उनके परिवारों को हटने के आदेश दिए गए थे। इनमें से कुछ दूतावासों की स्थिति में भी जल्द बदलाव होने की संभावना है। अमेरिका के विदेश मंत्रालय ने कहा, “हम इस पूरी प्रक्रिया के दौरान अपने कर्मचारियों और उनके परिवारों की सहायता के लिए प्रतिबद्ध हैं। फैसले लिए जाने के साथ ही हम उचित माध्यमों से इसकी जानकारी साझा करते रहेंगे।
कलयुग के अंत का संकेत! भविष्यमालिका की ये भविष्यवाणियां हो चुकी हैं सच
Hindu Dharam: भविष्यमालिका में सदियों पहले लिखी गई कुछ ऐसी भविष्यवाणियों का जिक्र मिलता है, जिन्हें आज की कई घटनाओं से जोड़कर देखा जाता है. तो आइए विस्तार से जानते हैं उन सभी डरावनी और खतरनाक भविष्यवाणियों के बारे में.
भूल जाएंगे पनीर, टमाटर-प्याज डालकर बनाएं अंडे की चटपटी भुर्जी
Egg Bhurji Recipe: अक्सर ऐसा होता है कि घर में अचानक कोई सब्जी नहीं होती जिसके बाद लोगों परेशान हो जाते हैं कि अब क्या करें. अगर आपके साथ भी अक्सर ऐसा होता है तो यहां हम आपको इसका हल बता रहे हैं. जब घर में कोई सब्जी न हो तो आप अंडे की टेस्टी भुर्जी बना सकते हैं जो रोटी-पराठा और चावल के साथ भी टेस्टी लगती है.
हिमालय को धरती का 'तीसरा ध्रुव' कहा जाता है, लेकिन ग्लोबल वार्मिंग और अनियंत्रित इंसानी हस्तक्षेप के कारण यह खूबसूरत पर्वत श्रृंखला अब एक गंभीर पर्यावरणीय और भूगर्भीय संकट के मुहाने पर खड़ी है। ऊंचे पर्वतीय इलाकों में ग्लेशियरों के तेजी से पिघलने और भारी भूस्खलन (लैंडस्लाइड) के कारण नदियों के प्राकृतिक मार्ग अवरुद्ध हो रहे हैं। जब सैकड़ों टन वजनी मलबा, विशाल चट्टानें और बर्फ संकरी घाटियों में गिरते हैं, तो वे बहते पानी को रोककर एक कच्चा प्राकृतिक बांध बना देते हैं, जिसके पीछे लाखों-करोड़ों लीटर पानी का अथाह भंडार इकट्ठा हो जाता है। वैज्ञानिकों और आपदा प्रबंधन विशेषज्ञों के अनुसार, ये अस्थाई झीलें पहाड़ों के लिए किसी टिक-टिक करते 'वाटर बम' से कम नहीं हैं।क्या है GLOF और लैंडस्लाइड डैम का घातक विज्ञान?भू-विज्ञान की भाषा में इस परिघटना को मुख्य रूप से दो रूपों में समझा जाता है:ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (GLOF): जब ऊंचे पहाड़ों पर ग्लेशियर पिघलकर पीछे हटते हैं, तो अपने पीछे मिट्टी, बोल्डर और चट्टानी मलबे का एक ऊंचा ढेर छोड़ देते हैं, जिसे 'मोरेन' (Moraine) कहा जाता है। इस मोरेन के पीछे पिघली हुई बर्फ का पानी भरकर एक प्रोग्लेशियल झील बना लेता है। जब यह कच्ची मोरेन दीवार पानी के भारी दबाव, भूकंप के झटके या हिमस्खलन के कारण टूटती है, तो लाखों क्यूसेक पानी प्रचंड वेग से नीचे उतरता है।लैंडस्लाइड डैम्ड लेक (अस्थाई भूस्खलन झील): बारिश या सिस्मिक हलचल के कारण जब पूरी की पूरी पहाड़ी ढहकर नदी के प्रवाह को पूरी तरह बंद कर देती है, तो नदी का पानी वहीं ठहर जाता है। यह मिट्टी और पत्थरों से बना बांध कोई पक्का स्ट्रक्चर नहीं होता। पानी का दबाव बढ़ते ही यह बांध पलक झपकते ही ध्वस्त हो जाता है और तबाही का सैलाब ले आता है।24,000 से अधिक झीलें चिन्हित, 200 से ज्यादा 'अति-संवेदनशील' रेड जोन मेंवाडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन जियोलॉजी और इसरो (ISRO) के हालिया उपग्रह अध्ययनों के अनुसार, पूरे हिंदू कुश हिमालयी क्षेत्र में 24,400 से अधिक हिमनदीय और सुप्राग्लेशियल झीलों की मैपिंग की गई है। इनमें से 10,000 से अधिक झीलें 0.01 वर्ग किलोमीटर से बड़े क्षेत्रफल में फैली हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि करीब 221 झीलें बेहद खतरनाक और अस्थिर श्रेणी (High-Risk GLOF Threat) में रखी गई हैं। इनमें कोसी बेसिन, तीस्ता बेसिन, चेनाब, झेलम, ब्यास और मानस बेसिन की झीलें शामिल हैं, जहां थोड़ा सा भी विचलन नीचे स्थित बस्तियों को पूरी तरह जलमग्न कर सकता है।सिर्फ पानी नहीं, 'मड, बोल्डर और गाद का सुनामी' बनकर टूटता है कहरअस्थाई झीलों के टूटने पर आने वाली बाढ़ सामान्य बाढ़ की तुलना में 100 गुना अधिक विनाशकारी होती है। ऊंचाई और तीव्र ढलान (Steep Gradient) के कारण पानी की गति 50 से 80 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच जाती है। यह बहाव अपने साथ विशालकाय चट्टानें, पेड़, रेत और गाद (Debris Flow) बहाकर लाता है। यह भारी मलबा कंक्रीट के बड़े-बड़े पुलों, पक्के मकानों, सड़कों और सुरंगों को तिनके की तरह बहा ले जाता है। 2013 की केदारनाथ त्रासदी, 2021 की चमोली ऋषिगंगा आपदा और 2023 की सिक्किम साउथ ल्होनाक झील का टूटना इस भयावहता के प्रत्यक्ष उदाहरण हैं।हिमालयी इंफ्रास्ट्रक्चर, हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स और मानव बस्तियों पर गहरा संकटनदी घाटियों में बनी जलविद्युत परियोजनाएं (Hydroelectric Dams), राजमार्ग, रेलवे नेटवर्क और घनी रिहायशी बस्तियां सीधे इन झीलों के फ्लैश फ्लड के निशाने पर हैं। संकीर्ण घाटियों में जब पानी अचानक 30 से 40 फीट तक ऊपर उठता है, तो लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भागने के लिए 5 से 10 मिनट का समय भी नहीं मिल पाता। न केवल पहाड़ी राज्य जैसे उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, लद्दाख और सिक्किम, बल्कि नेपाल से बहकर आने वाली नदियों के जरिए बिहार और उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाके भी इस अनियंत्रित जलप्रलय के सीधे खतरे में आ जाते हैं।इस प्राकृतिक आपदा से बचने के लिए वैज्ञानिक उपाय और पूर्व चेतावनी तंत्रवैज्ञानिकों का स्पष्ट मत है कि प्रकृति के इस 'डेथ ट्रैप' से बचने के लिए त्वरित और दीर्घकालिक नीतिगत कदम उठाने होंगे:सैटेलाइट रियल-टाइम मॉनिटरिंग: संवेदनशील झीलों के जलस्तर और मोरेन बांधों की 24x7 उपग्रह और ड्रोन से निगरानी।अर्ली वार्निंग सिस्टम (EWS): नदियों के ऊपरी हिस्सों में ऑटोमैटिक सेंसर और सायरन लगाना, जो पानी का स्तर अचानक बढ़ते ही निचली बस्तियों को तत्काल अलर्ट भेज सकें।नियंत्रित जल निकासी (Siphoning): अत्यधिक खतरनाक हो चुकी झीलों से बड़े पाइपों और पंपों के जरिए पानी का स्तर खतरे के निशान से नीचे रखना।संवेदनशील जोनिंग: उच्च जोखिम वाले फ्लड प्लेन एरिया में भारी निर्माण, अनियोजित ब्लास्टिंग और अंधाधुंध होटल-रिसॉर्ट निर्माण पर सख्त कानूनी रोक।
World: ट्रंप के चेहरे जैसी दवा पर नीदरलैंड में अलर्ट; संघर्षविराम के बावजूद गाजा में IDF के हमले, पांच की मौत
Donald Trump ने Venezuela संग 65 अरब बैरल तेल भंडार पर किया अहम समझौता
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को कहा कि उनके देश ने वेनेजुएला के 65 अरब बैरल तेल भंडार पर नियंत्रण हासिल करने के लिए एक समझौता किया है। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए इस समझौते के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस समझौते के लिए अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो, रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने बातचीत की थी। ट्रंप ने अपने पोस्ट में लिखा, “अमेरिका ने अभी-अभी वेनेजुएला के साथ एक समझौता किया है जो दुनिया के इतिहास का सबसे बड़ा तेल सौदा है!’’वेनेजुएला सरकार के प्रेस कार्यालय से संपर्क किया गया लेकिन अभी तक उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। ट्रंप के निर्देश पर अमेरिकी सेना द्वारा वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़कर अमेरिका लाने और उन पर मादक पदार्थ तस्करी से जुड़े संघीय आरोपों में मुकदमा चलाने के लिए की गई कार्रवाई के करीब नौ महीने बाद इस समझौते की घोषणा हुई है। ट्रंप ने शुक्रवार शाम सोशल मीडिया पर अपनी पोस्ट में संकेत दिया कि वेनेजुएला के साथ हुआ यह समझौता एक निजी साझेदारी का हिस्सा है। ‘व्हाइट हाउस’ (अमेरिकी राष्ट्रपति का अधिकारिक आवास एवं कार्यालय) ने इस सौदे में शामिल निजी क्षेत्र के साझेदारों के बारे में टिप्पणी के अनुरोध पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। साथ ही, यह व्यवस्था किस तरह काम करेगी, इसके बारे में भी कोई विवरण उपलब्ध नहीं कराया गया। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने शुक्रवार को ‘एक्स’ पर कहा कि यह समझौता वेनेजुएला में 100 अरब अमेरिकी डॉलर के निजी निवेश का रास्ता खोलेगा और अमेरिका में गैस की कीमतों में कमी लाएगा। रूबियो ने पोस्ट में कहा, “यह समझौता अमेरिकी और वेनेजुएला के लोगों, दोनों के लिए एक बड़ी जीत है।
इधर-उधर देखा, फिर स्टेशन पर सो रहे यात्री का फोन लेकर भागा चोर- VIDEO
गुजरात के वलसाड जिले के वापी रेलवे स्टेशन पर सो रहे यात्री के हाथ से मोबाइल चोरी करने की घटना CCTV कैमरे में कैद हो गई. फुटेज में आरोपी पहले आसपास की गतिविधियों पर नजर रखता है और मौका मिलते ही मोबाइल लेकर फरार होने लगता है. हालांकि CCTV निगरानी के दौरान RPF और GRP की नजर उस पर पड़ गई. जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया.
खिड़की वाली सीट पर बैठना पसंद है, लेकिन बाहर नहीं देखते?
फ्लाइट में बहुत से लोग खिड़की वाली सीट यानी विंडो सीट पर बैठना पसंद करते हैं. लेकिन कुछ लोग पूरी यात्रा में खिड़की से बाहर देखते भी नहीं हैं. फिर भी उन्हें विंडो सीट चाहिए होती है. इसकी एक वजह यह हो सकती है कि वहां बैठकर उन्हें अपनी अलग जगह होने का एहसास होता है.
ऑपरेशन सिंदूर के बाद अमेरिका से भारत खरीदेगा Javelin मिसाइलें, 148 एंटी-टैंक सिस्टम की डील से बढ़ेगी सेना की ताकत
भारत के 7 नो-एंट्री जोन, जहां आम पर्यटकों का जाना है सख्त मना!
भारत में कुछ ऐसी जगहें भी हैं, जहां खूबसूरत नजारों के बावजूद आम पर्यटकों की एंट्री नहीं है. राष्ट्रीय सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और आदिवासी समुदायों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इन स्थानों पर बिना विशेष अनुमति के जाना मना है.
PoK के PM बनने की नवाज शरीफ की ख्वाहिश रह गई अधूरी, इन्हें मिली जिम्मेदारी
PoK में PML-N के इफ्तिखार अली गिलानी को प्रधानमंत्री चुन लिया गया है. उन्हें 44 में से 30 वोट मिले. नवाज शरीफ के PM बनने की चर्चा के बीच पार्टी ने गिलानी को यह जिम्मेदारी दी.
नेपाल में विनाशलीला की सैटेलाइट तस्वीरें सामने, मलबे का ढेर बना शहर
नेपाल में विनाशलीला की सैटेलाइट तस्वीरें सामने आई है. जो बता रही हैं कि, कैसे नेपाल के 3 जिलों में विनाशकारी बाढ़ ने सबकुछ मलबे में मिला दिया तिब्बत से आई विनाशलीला ने, नेपाल में भूगोल ही बदल दिया. जहां बाजार वहां मलबा, जहां शहर वहां समतल, त्रिशूली नदी का बहाव क्षेत्र अपने मूल स्वरूप से कई गुना ज्यादा चौड़ा हो गया. सैटेलाइट तस्वीरों में नेपाल की पूरी महा तबाही
स्कूल तबाह, टूटी उम्मीद! एक फोन ने 8 साल के लापता बेटे को मां से मिलाया
नेपाल में आई भीषण बाढ़ में अब तक 600 लोगों की मौत हो गई है. जबकि 2500 से ज्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं. हालांकि इस बाढ़ में एक 8 वर्षीय बच्चे का दोबारा अपनी मां से मिलना अन्य लोगों के लिए राहत और उम्मीद लेकर आया है.
Nirmala Sitharaman छह दिवसीय US दौरे पर पहुंचीं, G20 बैठक में होंगी शामिल
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अमेरिका की छह दिवसीय यात्रा पर पहुंची। इस दौरान वह जी20 वित्त मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेंगी और निवेश के अवसरों पर चर्चा के लिए प्रमुख कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (सीईओ) तथा कारोबारियों के साथ बैठकें करेंगी। सीतारमण कनाडा की तीन दिवसीय यात्रा के बाद बृहस्पतिवार को शिकागो के ओहारे अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचीं। कनाडा में उन्होंने पहले ‘भारत-कनाडा आर्थिक एवं वित्तीय संवाद’ में भाग लिया था। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, भारतीय दूतावास की उप प्रमुख नामग्या सी. खम्पा और शिकागो में भारत के महावाणिज्यदूत सोमनाथ घोष ने उनका स्वागत किया। सीतारमण कनाडा और अमेरिका की नौ दिवसीय संयुक्त यात्रा पर हैं, जो दो सितंबर को समाप्त होगी। आधिकारिक बयान में बताया गया कि शिकागो प्रवास के दौरान वित्त मंत्री प्रमुख निवेशकों के साथ एक गोलमेज बैठक में भाग लेंगी तथा निजी क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों, अध्यक्षों और वरिष्ठ प्रतिनिधियों से बातचीत करेंगी। इन बैठकों में भारत में निवेश के अवसरों, देश के आर्थिक परिदृश्य तथा भारत-अमेरिका व्यापार और निवेश संबंधों को मजबूत करने के उपायों पर मुख्य रूप से चर्चा होगी। सीतारमण शिकागो विश्वविद्यालय के ‘पोल्स्की सेंटर फॉर एंटरप्रेन्योरशिप एंड इनोवेशन’ का भी दौरा करेंगी जहां वह उद्यमिता, नवाचार, प्रौद्योगिकी के व्यावसायीकरण तथा भारत के तेजी से विकसित हो रहे नवाचार और उद्यमिता तंत्र के साथ संबंधों को मजबूत करने के उपायों पर विचारों का आदान-प्रदान करेंगी। इसके बाद केंद्रीय वित्त मंत्री शिकागो में भारतीय समुदाय के सदस्यों से बातचीत करेंगी। सीतारमण उत्तरी कैरोलिना के एशविले में होने वाली जी20 वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नर की बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगी। इस बैठक का आयोजन अमेरिका की अध्यक्षता में किया जा रहा है। बयान के मुताबिक, 31 अगस्त और एक सितंबर को प्रस्तावित यह बैठक जी20 सदस्य देशों के वित्त मंत्रियों, केंद्रीय बैंक गवर्नर और वरिष्ठ आर्थिक अधिकारियों को प्रमुख वैश्विक आर्थिक एवं वित्तीय मुद्दों पर विचार-विमर्श के लिए एक मंच पर लाएगी। इससे पहले 29 और 30 अगस्त को जी-20 वित्त एवं केंद्रीय बैंक उप-प्रतिनिधियों की बैठक होगी। बयान में कहा गया है कि जी20 के वित्तीय कार्यक्षेत्र में भारत की भागीदारी वैश्विक आर्थिक वृद्धि और स्थिरता, अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सहयोग तथा उभरती और विकसित अर्थव्यवस्थाओं से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा में योगदान देने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करती है। इसके बाद सीतारमण न्यूयॉर्क जाएंगी, जहां वह प्रमुख कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों और वरिष्ठ प्रतिनिधियों के साथ गोलमेज बैठक करेंगी। वह वित्त क्षेत्र के वरिष्ठ अधिकारियों और मुख्य कार्यकारी अधिकारियों के साथ अलग-अलग बैठकें भी करेंगी। इन बैठकों में निवेश के अवसरों, भारत के आर्थिक एवं वित्तीय परिदृश्य तथा भारत-अमेरिका के वित्तीय और संस्थागत संबंधों को मजबूत करने के उपायों पर चर्चा होगी। न्यूयॉर्क की अपनी यात्रा के दौरान सीतारमण ‘बैल रिंगिंग’ समारोह में शामिल होंगी, जिसकी मेजबानी नैस्डैक करेगा। ‘बैल रिंगिंग’ समारोह शेयर बाजार से जुड़ी एक औपचारिक परंपरा है। किसी खास व्यक्ति, कंपनी या प्रतिनिधिमंडल को बाजार के महत्वपूर्ण अवसर पर बाजार शुरू होने या समाप्त होने की घंटी बजाने के लिए आमंत्रित किया जाता है। अमेरिका रवाना होने से पहले सीतारमण 25 अगस्त से शुरू हुई तीन दिवसीय कनाडा यात्रा पर थीं।
'सहना तो पड़ेगा' मोहम्मद सिराज के लिए बोलीं आशा भोसले की पोती
28 अगस्त को पूरे भारत में रक्षाबंधन का त्योहार धूमधाम से मनाया गया. इस मौके पर मशहूर गायिका आशा भोसले की पोती जनाई भोसले ने भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद सिराज को राखी बांधी.
Trump's schedule changes 9/11 anniversary He will attend Pentagon ceremony, calling day remember loved ones
नेपाल में भारी बारिश के बाद बाढ़ आई है। इससे काफी नुकसान हुआ है। कई जगह पानी भर गया, सड़कें टूट गईं और लोग प्रभावित हुए। कुछ इलाकों में हाइड्रोपावर टनल में लोग फंसे या लापता बताए जा रहे हैं। शुरुआत में विदेशी मदद न लेने का फैसला काठमांडू सरकार ने पहले विदेशी राहत और […]
‘दुनिया की सबसे बड़ी ऑइल डील', वेनेजुएला के 65 अरब बैरल तेल पर हो गया US का कब्जा; ट्रंप का दावा
डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका ने वेनेजुएला के साथ दुनिया की सबसे बड़ी ऑइल डील की है। उन्होंने कहा कि इसके बाद वेनेजुएला के 65 अरब बैरेल तेल पर अमेरिका का कब्जा हो गया है।
लिफ्ट का दरवाजा हाथ से रोकना बन सकता है हादसे की वजह! जानें खतरा
Why You Should Not Stop Lift Door:ऑफिस, मॉल, अस्पताल या अपार्टमेंट में लिफ्ट का इस्तेमाल करते समय ज्यादातर लोग एक गलती जरूर करते हैं. जब लिफ्ट का दरवाजा बंद होने लगता है तो उसे रोकने के लिए हाथ, पैर या बैग दरवाजे के बीच में लगा देते हैं. यह छोटी-सी लापरवाही सेंसर फेल होने की स्थिति में गंभीर हादसे और चोट की वजह बन सकती है.
भारत की सख्ती से पाकिस्तान परेशान, सिंधु जल समझौते पर दुनिया से लगाई गुहार
भारत के सिंधु जल समझौते पर रुख कायम रखने के बीच पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर मुद्दा उठाया है. इशाक डार ने पानी को पाकिस्तान की सुरक्षा और अर्थव्यवस्था से जोड़ते हुए मदद की अपील की.
'अंदर जाएगा तो बाहर नहीं आएगा', ओरी ने समय रैना को दी धमकी
'इंडियाज गॉट लेटेंट' सीजन 2 का नया एपिसोड आ गया है, जिसमें ओरी, अर्चना पूरन सिंह, निशांत सूरी और शेरोन वर्मा शामिल हैं. सोशल मीडिया पर लेटेस्ट ये एपिसोड काफी वायरल हो रहा है.
वेनेजुएला के 65 बिलियन बैरल तेल पर कंट्रोल, ट्रंप बोले- सबसे बड़ी डील
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए जानकारी दी कि अमेरिका ने वेनेजुएला के साथ अब तक की सबसे बड़ी तेल डील की है. उनका दावा है कि इस फैसले के बाद वेनेजुएला के लगभग 65 अरब बैरल तेल भंडार पर अमेरिका का नियंत्रण रहेगा.
नेपाल बाढ़ त्रासदी: रसुवा से नवलपरासी तक नदियों से शव निकल रहे, शवों की पहचान के लिए अस्थायी शवगृह
नेपाल में भोटे कोशी नदी में आई बाढ़ के बाद कई लोगों के शव नदियों में बहकर आ रहे हैं। इन शवों को नदी से निकालकर अलग-अलग जगहों पर पहचान के लिए रखा जा रहा है। नदियों से शव मिल रहे हैं ये शव रसुवा, नुवाकोट, चितवन, तनहुं, नवलपरासी, गोरखा और आसपास के जिलों से […]
नाश्ते में बनाएं मोरिंगा पनीर पराठा, स्वाद ऐसा कि सब पूछेंगे रेसिपी
Moringa Paneer Paratha Recipe: अगर आप सुबह के नाश्ते में कुछ हेल्दी हेल्दी और टेस्टी ट्राई करना चाहते हैं तो मोरिंग पनीर पराठा ट्राई कर सकते हैं. जहां, मोरिंगा की पत्तियों में कई पोषक तत्व पाए जाते हैं. वहीं, पनीर इसमें प्रोटीन और स्वाद दोनों बढ़ाता है.
600 के करीब मौतें, 2500 लापता, 320 भारतीयों की खबर नहीं... नेपाल में फिर बाढ़ का खतरा
नेपाल में भीषण बाढ़ से अब तक 587 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब 2,500 लोग लापता हैं. इनमें 320 भारतीयों समेत भारतीय मूल के 100 लोगों से संपर्क नहीं हो पाया है. भोटेकोशी नदी के ऊपरी हिस्से में बनी नई झील से दोबारा बाढ़ का खतरा बना हुआ है.
'दिमागी नक्सल' को लेकर BJP का आक्रामक रुख, मीम्स से विपक्ष पर हमला
BJP अध्यक्ष नितिन नवीन की नई टीम के ऐलान के बाद पार्टी का सोशल मीडिया विंग काफी सक्रिय है. BJP के तमाम हैंडल्स सोशस मीडिया पर मीम्स और क्रिएटिव पोस्ट के जरिए विपक्ष पर निशाना साध रहे हैं.
नेपाल जलप्रलय: 584 मौत का आंकड़ा पहुंचा, 2482 लोग लापता; ईशा फाउंडेशन के 77 तीर्थयात्री अब भी गायब
नेपाल में आई भीषण बाढ़ ने तबाही मचा दी है। शुक्रवार शाम तक मौतों का आंकड़ा 584 तक पहुंच गया और 2,482 लोग लापता बताए जा रहे हैं
तालाब में नहाने गए तीन बच्चों की डूबने से मौत, परिजनों में मचा कोहराम
धनबाद के तोपचांची में तीन बच्चे नहाने के लिए तालाब में उतरे थे. इसी दौरान एक बच्ची गहरे पानी में डूबने लगी. उसे बचाने के लिए बाकी दो बच्चे आगे बढ़े, लेकिन वे भी गहरे पानी में चले गए. कुछ ही देर में तीनों पानी में डूब गए. स्थानीय लोगों ने उन्हें बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया. हादसे के बाद परिजनों में कोहराम मच गया.
नेपाल बाढ़ में अबतक कितने भारतीय हुए सुरक्षित? देखें दुनिया आजतक
नेपाल में भारत का मिशन जिंदगी तेज हुआ है. भारत की ओर से नेपाल को मदद की तीसरी खेफ भेजी गई है. विदेश मंत्रालय ने बताया कि 400 भारतीय सुरक्षित है मगर अब भी 300 भारतीय लापता है.
मंगल की चाल बदलेगी किस्मत, 2 सितंबर से 5 राशियों को मिलेगा शुभ समाचार
Mangal Gochar:मंगल 2 सितंबर 2026 को नक्षत्र परिवर्तन करेंगे. ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इसका शुभ प्रभाव 5 राशियों पर पड़ सकता है.जानें किन राशियों के शुरू हो सकते हैं अच्छे दिन.
भारत की तीसरी राहत फ्लाइट नेपाल पहुंची
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बताया कि मदद और 11 सदस्यों वाली मेडिकल और टनल रेस्क्यू टीम के साथ तीसरी फ्लाइट नेपाल पहुंच गई है
बाघ के हमले में किसान की मौत, गुस्साए ग्रामीणों ने किया सड़क जाम
उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में केले के खेत की रखवाली करने गए 60 वर्षीय किसान मुंशी प्रसाद पर बाघ ने हमला कर दिया, जिससे उनकी मौत हो गई. देर रात घर नहीं लौटने पर परिजनों और ग्रामीणों ने तलाश की तो खेत में उनका खून से लथपथ शव मिला.
570 गोल, 3 ओलंपिक गोल्ड... फिर भी भारत रत्न से दूर हॉकी के जादूगर
जिस खिलाड़ी के नाम पर देश का सर्वोच्च खेल सम्मान रखा गया, जिसकी उपलब्धियों ने भारतीय हॉकी को दुनिया में पहचान दिलाई और जिसका जन्मदिन राष्ट्रीय खेल दिवस बन गया, उसके लिए भारत रत्न का इंतजार आज भी खत्म नहीं हुआ है. यही मेजर ध्यानचंद की कहानी का सबसे बड़ा अनुत्तरित सवाल है.
नेपाल में मौत के मुंह से बच निकला 8 साल का मासूम, पेड़ों पर चढ़कर बचाई जान
नेपाल की विनाशकारी बाढ़ के दौरान जंगल की ओर भागकर और पेड़ों पर चढ़कर अपनी जान बचाने वाला 8 वर्षीय जोयल घाले आखिरकार अब अपनी मां से मिल सका है.
बिहार के गया जी में मनचलों पर पुलिस दीदी का लगाम
बिहार के गया में महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा के लिए पुलिस ने ‘पुलिस दीदी’ पहल शुरू की है। 28 अगस्त को एसएसपी सुशील कुमार ने स्कूटी और बाइक सवार महिला पुलिसकर्मियों को रवाना किया।
65 अरब बैरल तेल पर अमेरिका का कब्जा?: ट्रंप का दावा- वेनेजुएला के साथ हुआ अब तक का सबसे बड़ा सौदा
65 अरब बैरल तेल पर अमेरिका का कब्जा?: ट्रंप का दावा- वेनेजुएला के साथ हुआ अब तक का सबसे बड़ा सौदा
बात है जून 1987 की। उस दिन लाहौर में चमड़ी झुलसा देने वाली तेज धूप थी। घड़ी में दोपहर के 12 बज रहे थे। शहर के बीचों-बीच मेन रोड पर एक टैक्सी आकर रुकी। ओवरकोट पहने 40-45 साल का एक शख्स बाहर निकला। हाथ में चमड़े का बैग। वह रुमाल से पसीना पोछ रहा था। चेहरे पर थकान थी, लेकिन आंखें पूरी तरह सतर्क। वह बार-बार मुड़कर चारों तरफ देख रहा था। वह तेजी से एक संकरी गली में मुड़ गया। कुछ ही मिनटों में एक हवेलीनुमा घर के सामने खड़ा था। दरवाजे पर ताला लटका था। उसने जेब से चाबी निकाली और बुदबुदाया- ‘गुल साहब से मिलने से पहले थोड़ा आराम कर लेता हूं।’ तभी एक मोटरसाइकिल गली में दाखिल हुई। उस पर दो लोग सवार थे। चेहरे काले कपड़ों से ढके हुए। बाइक हवेली के सामने आकर रुकी। पीछे बैठे शख्स ने पिस्टल निकाली और ट्रिगर दबा दिया। गोली दरवाजा खोल रहे शख्स की खोपड़ी को पार कर गई। वह गिर पड़ा। दरवाजा मांस के छोटे-छोटे टुकड़े और खून से लाल हो गया। तभी दूसरे हमलावर ने भी पिस्टल निकालकर गिरे हुए शख्स को एक के बाद एक 8 गोलियां मारीं। खबर फैलते ही लाहौर में हड़कंप मच गया। मरने वाला कौन था और उसकी हत्या करने वालों का भारत से क्या रिश्ता था… पूरी कहानी स्पाई फाइल्स सीरीज के ‘ऑपरेशन हॉरनेट’ में… 31 अक्टूबर 1984 की सुबह। दिल्ली में सर्दियां पड़ने लगी थीं, लेकिन सियासी गलियारों का पारा चढ़ा हुआ था। एक महीने के भीतर लोकसभा चुनाव होने थे। हर दिन की तरह प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी सुबह 6 बजे उठ गईं। नाश्ते की मेज पर दो टोस्ट, संतरे का जूस और अंडे थे। नाश्ता खत्म कर वे अखबार पढ़ने लगीं। सुबह साढ़े 8 बजे बीबीसी की एक टीम उनका इंटरव्यू लेने आने वाली थी। प्रधानमंत्री को तैयार करने के लिए सुबह ही मेकअप आर्टिस्ट पहुंच चुका था। 8 बजे उनके निजी सचिव आरके धवन 1, सफदरजंग रोड पहुंचे। उन्होंने इंदिरा को खबर दी- ‘मैडम, इंटरव्यू का वक्त 9.20 कर दिया गया है। सुबह 9 बजकर 10 मिनट पर हाथ से बुनी हल्के नारंगी रंग की साड़ी पहने इंदिरा आवास से बाहर निकलीं। उन्हें 1, अकबर रोड पर अपने दफ्तर जाना था, जहां बीबीसी की टीम उनका इंतजार कर रही थी। आवास से दफ्तर का फासला महज 50 मीटर का था। कैंपस के भीतर से ही पैदल रास्ता बना था। इंदिरा धीरे-धीरे चल रही थीं। उन्हें धूप से बचाने के लिए सिपाही नारायण सिंह छाता ताने बगल में चल रहा था और आरके धवन ठीक पीछे-पीछे। अकबर रोड गेट पर पहुंचते ही सुरक्षा गार्ड बेअंत सिंह और सतवंत सिंह ने हाथ जोड़कर कहा- ‘नमस्ते।' इंदिरा जैसे ही झुकीं, बेअंत ने अपनी .38 बोर की रिवॉल्वर इंदिरा पर तान दी। इंदिरा के मुंह से निकला- ‘तुम ये क्या कर रहे हो बेअंत?' बेअंत ने फायर कर दिया। गोली इंदिरा के पेट में लगी। बेअंत रुका नहीं, उसने एक के बाद एक चार और गोलियां दागीं। बेअंत का साथी सतवंत वहीं खड़ा रहा। इंदिरा को गोली लगते ही वह घबरा गया। बेअंत चिल्लाया- ‘गोली मारो!’ सतवंत ने अपनी स्टेनगन से धड़ाधड़ 25 गोलियां इंदिरा के शरीर में उतार दीं। दोनों ने अपने हथियार वहीं फेंक दिए। बेअंत ने पंजाबी में कहा- ‘हमें जो करना था, कर दिया। अब तुम करो, जो तुम्हें करना है।' इंडो-तिब्बत बॉर्डर पुलिस के सिपाही दौड़ते हुए पहुंचे। गोलीबारी में बेअंत मारा गया और सतवंत गंभीर रूप से जख्मी हो गया। पीएम आवास पर तैनात डॉक्टर की चीख गूंजी- ‘एम्बुलेंस लाओ तुरंत!' आमतौर पर वहीं रहने वाली एम्बुलेंस का ड्राइवर शायद उस वक्त चाय पीने चला गया था। डॉक्टर फिर चिल्लाए- ‘तो एक कार लाओ। तुरंत लाओ।' एक सफेद रंग की एंबेसडर कार बुलाई गई। पुलिसकर्मियों की मदद से धवन ने इंदिरा को कार की पिछली सीट पर लिटाया और खुद आगे की सीट पर बैठ गए। उस वक्त सोनिया गांधी बाथरूम में थीं। नौकर की चीख सुनकर वे बदहवास हालत में बाहर भागीं। सफेद गाउन, बिखरे हुए गीले बाल। वे दौड़कर सीधे कार में जा बैठीं। इंदिरा को थपथपाते हुए बोलीं- ‘ओह मम्मी, ओह गॉड, मम्मी...' वे लगातार बात करके उन्हें होश में रखना चाहती थीं। कार तेजी से एम्स की तरफ दौड़ रही थी। सोनिया अपने गाउन की आस्तीन से इंदिरा के चेहरे से बहता खून पोंछती जा रही थीं। कुछ किलोमीटर का रास्ता उन्हें जिंदगी का सबसे लंबा सफर लग रहा था। वे मन ही मन बुदबुदा रही थीं- ओह गॉड, और तेज चलो...' सोनिया के दिमाग में एक साथ कई सवाल कौंध रहे थे- राजीव कहां हैं, उन्हें कैसे बताऊं? बच्चे कहां हैं, उन्हें तो बुलाना पड़ेगा... फिर वे इंदिरा की तरफ देखकर फुसफुसाईं- ‘ओह मम्मी प्लीज जिंदा रहना।' सुबह 9.32 बजे कार एम्स के दरवाजे पर रुकी। जूनियर डॉक्टरों ने जब मरीज को देखा, तो वहां अफरातफरी मच गई। कुछ ही मिनटों में सीनियर डॉक्टरों की टीम पहुंच गई। इंदिरा के फेफड़ों को ऑक्सीजन दी गई। शरीर में खून पहुंचाने के लिए नलियां डाली गईं। फिर डॉक्टर उन्हें आठवीं मंजिल पर ऑपरेशन थिएटर में ले गए। जांच करने पर पता चला कि दिल में हल्की-हल्की धड़कन अब भी है। सोनिया की आंसुओं से भरी आंखों में उम्मीद की एक पतली सी किरण चमकी। इधर, दिल्ली के लोधी रोड पर RAW के दफ्तर में फोन एक के बाद एक बजने लगे। खबर आ चुकी थी कि प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को गोली मार दी गई है। दफ्तर में मौजूद जॉइंट सेक्रेटरी जीबीएस सिद्धू खबर सुनते ही सन्न रह गए। उनका दिमाग तुरंत 10 दिन पुरानी एक घटना पर चला गया। वह 21 अक्टूबर का दिन था, संडे। दोपहर के करीब 1 बज रहे थे। सिद्धू पत्नी और दो बच्चों के साथ कार से जिमखाना क्लब से गुजर रहे थे। सफदरजंग चौराहे के पास अचानक उनकी नजर प्रधानमंत्री आवास के बाहरी गेट पर गई। वहां दो युवा पुलिसवाले खड़े थे। दोनों के हाथों में स्टेन गन थी। उनमें से एक 25 साल का गठीला सिख था, जिसकी लंबाई करीब 5 फुट 8 इंच थी और दाढ़ी करीने से सेट की हुई। सिद्धू ने पत्नी की तरफ देखते हुए कहा- ‘ऑपरेशन ब्लू स्टार के बाद तो सिख सुरक्षाकर्मियों को ड्यूटी से हटा दिया गया था। इन्हें वापस किसने लगा दिया? यह तो मैडम की हत्या का सबसे आसान तरीका है।’ अगली सुबह सिद्धू RAW दफ्तर पहुंचे। उन्होंने एक पर्चा उठाया और उस पर लिखा- 'पीएम आवास पर तैनात सिख सुरक्षाकर्मियों को तुरंत हटाया जाए। साथ ही यह जांच हो कि इनकी वापसी की सिफारिश किसने की थी।' उन्होंने अपने सहायक को बुलाकर कहा- ‘एक लिफाफा लाओ। उस पर साफ-साफ लिख दो कि इसे सिर्फ वही खोले जिसके नाम यह भेजा जा रहा है।’ सहायक लिफाफा तैयार करने बाहर चला गया। सिद्धू अपनी कुर्सी पर बैठे-बैठे सोचने लगे- 'पीएम आवास पर तैनात ये सिपाही गांवों से आते हैं। इनकी सोच आज भी पुरानी है। स्वर्ण मंदिर पर हुए हमले का बदला ये जरूर लेंगे। अगर ऐसा हुआ, तो जिस अफसर ने इन्हें वापस ड्यूटी पर भेजा है, वह मुझ पर साजिश में शामिल होने का आरोप लगा देगा। आजकल माहौल ऐसा है कि किसी भी सिख पर इल्जाम आसानी से लग जाएगा।' तभी सहायक लिफाफा लेकर कमरे में आया। लिफाफे पर RAW प्रमुख गैरी सक्सेना का नाम लिखा था। सिद्धू ने लिफाफा अपने हाथ में लिया और टेबल पर रख दिया। जैसे ही सहायक कमरे से बाहर निकला, सिद्धू ने वह नोट और लिफाफा उठाया, और फाड़कर कूड़ेदान में फेंक दिया। इधर, बीबीसी रेडियो पर इंदिरा की मौत का ऐलान हो चुका था। सिद्धू अपने कमरे में अकेले बैठे खुद को कोस रहे थे- 'काश! मैंने उस दिन वह नोट फाड़ा न होता और RAW चीफ को भेज दिया होता, तो आज यह दिन देखना न पड़ता।' तभी उनके मन में एक और ख्याल आया। वे धीरे से बुदबुदाए- 'लेकिन काव साहब ने भी तो मैडम को साफ-साफ चेताया था कि अपने सुरक्षा घेरे से सिख गार्डों को हटा लें।' काव साहब यानी आरएन काव। देश की खुफिया एजेंसी RAW के पूर्व प्रमुख, जो उस वक्त प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के सुरक्षा सलाहकार के रूप में काम कर रहे थे। दरअसल, 1980 का दशक भारत के लिए बेहद नाजुक दौर था। पंजाब में खालिस्तानी चरमपंथ अपनी जड़ें जमा चुका था। भारतीय खुफिया एजेंसियों को इनपुट मिले थे कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI इन चरमपंथियों को ट्रेनिंग, भारी पैसा और आधुनिक हथियार मुहैया करा रही थी। RAW ने तय कर लिया था कि पाकिस्तान और चरमपंथियों के इस गठजोड़ को हर कीमत पर तबाह करना है। RAW के सीधे टारगेट पर दो नाम थे- ISI के दो मोहरे, अब्दुल खान और संधू। आदेश साफ था- इन दोनों को खत्म करना है। 3 नवंबर 1984... दिल्ली में इंदिरा के अंतिम संस्कार की तैयारियां चल रही थीं। विदेशी मेहमान आ चुके थे। उनके बेटे राजीव गांधी प्रधानमंत्री पद की शपथ ले चुके थे। दूसरी तरफ, दिल्ली और आसपास के इलाकों में हिंसा भड़की हुई थी। सिखों को चुन-चुनकर निशाना बनाया जा रहा था। सैकड़ों सिख मारे जा चुके थे। इसी दौरान, फ्रांस की राजधानी पेरिस के 'कैफे द फ्लोर' में एक शख्स अकेला बैठा कॉफी पी रहा था। उम्र करीब 40 साल। नाम- संजीव जिंदल। भारत की खुफिया एजेंसी RAW का खास अफसर। संजीव कॉफी की चुस्की लेते हुए सोच में डूबे थे। तभी कैफे में फोन बजा और कहा गया कि कॉफी पी रहे संजीव को बुला दीजिए। वेटर ने संजीव तक ये बात पहुंचाई। संजीव ने जैसे ही रिसीवर उठाया, दूसरी तरफ से एक घबराई हुई आवाज आई, 'संजीव, कुछ महीने पहले तुम जिस रिपोर्ट की बात कर रहे थे, मुझे उसका पूरा ब्योरा चाहिए। फौरन दिल्ली आ जाओ।' यह फोन अनुज भारद्वाज का था। RAW का वह अफसर, जिसे जासूसी की दुनिया में 'पॉप स्टार' कहा जाता था। संजीव अगले दिन दिल्ली के RAW दफ्तर में अनुज भारद्वाज के सामने बैठे थे। भारद्वाज ने पूछा, 'क्या तुम वह रिपोर्ट लाए हो? डिटेल में बताओ कि उसमें क्या है।' संजीव ने मेज पर फाइल रखते हुए कहा, 'सर, मैं बार-बार वही बात नहीं दोहराना चाहता। लंदन में हमारे सूत्र ने खबर दी थी कि ISI साजिश रच रही है। हो सकता है इसका पीएम की हत्या से सीधा संबंध न हो, लेकिन आप रिपोर्ट देखेंगे तो समझ जाएंगे कि उसकी चेतावनियों में दम है।' भारद्वाज ने कुछ सोचते हुए कहा, 'मैं पुरानी रिपोर्टें नहीं पढ़ने वाला। तुम मुझे सीधा एक्शन प्लान बताओ।' संजीव बोले, 'हमें तुरंत एक ऑपरेशन शुरू करना चाहिए। हम अब्दुल खान और संधू, दोनों को मार गिराएंगे। तभी ISI और खालिस्तानी गठजोड़ की कमर टूटेगी।' भारद्वाज ने सख्त लहजे में कहा, 'लेकिन मुझे तुम्हारे उस एजेंट पर भरोसा नहीं है। मैं ऑपरेशन की इजाजत नहीं दे सकता।' संजीव ने कुछ पल सोचा और बोले, 'मुझे थोड़ा वक्त दीजिए। मैं आपके हर सवाल का जवाब दूंगा और वादा करता हूं कि आपको निराश नहीं करूंगा।' भारद्वाज ने कहा, 'मेरी विदेश मंत्रालय के एक अफसर से बात हुई है। अगले साल राजीव गांधी फ्रांस के दौरे पर जाने वाले हैं। मैं चाहता हूं कि इस ऑपरेशन का मुख्य केंद्र भले लंदन रहे, लेकिन इसकी पूरी देखरेख पेरिस के सेफ हाउस से हो।' संजीव मुस्कुराए और बोले, 'बिल्कुल ऐसा ही होगा।' संजीव वापस पेरिस लौट गए। वहां पहुंचते ही उन्होंने अपने अंडरकवर एजेंट्स को काम पर लगा दिया। इस गुप्त मिशन का नाम रखा गया- 'ऑपरेशन हॉरनेट'। मकसद साफ था- दुश्मन को अपने जाल में फंसाकर वहीं खत्म करना। पुराना भारत भी घर में घुसकर मारता था… ये वही ऑपरेशन था… दिसंबर 1984... RAW दफ्तर में अनुज भारद्वाज को कोड वर्ड में मैसेज मिला। रिपोर्ट पढ़ते ही भारद्वाज को अहसास हुआ कि संधू, जो अचानक गायब हो गया था, शायद इस वक्त इस्लामाबाद में है। भारद्वाज ने सोचा- 'संधू जरूर कोई बड़ी साजिश रच रहा है। हमें जल्द से जल्द इसके ठिकाने का पता लगाना होगा।' कुछ दिनों बाद संजीव फिर भारत पहुंचे और सीधे भारद्वाज के कमरे में उनसे मिले। भारद्वाज ने कहा, 'अब मुझे समझ आ रहा है कि तुम्हारा इशारा किस तरफ था। बताओ, तुम्हारी योजना क्या है?' संजीव ने तुरंत जवाब दिया, ‘सर, हमें किसी भी हाल में संधू तक पहुंचना होगा। हम ISI को संधू का इस्तेमाल करके भारत में बांग्लादेश जैसी स्थिति नहीं बनने दे सकते।’ भारद्वाज ने आंखें सिकोड़कर पूछा, 'क्या तुम्हारा मतलब है कि ISI सीधे संधू को चला रही है?' संजीव ने कहा, 'ISI प्रमुख जनरल अख्तर अब्दुर रहमान खुद इस पूरे ऑपरेशन की देखरेख कर रहा है। उसने संधू को पूरी तरह अपने जाल में सेट कर रखा है और वह अब उसी के इशारों पर नाच रहा है।' 'तो इस ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए तुमने क्या सोचा है?' भारद्वाज ने पूछा। संजीव ने अपना प्लान सामने रखा, 'मुझे लंदन दूतावास में एक अंडरकवर अफसर की जरूरत है, जो क्लार्क के साथ तालमेल बिठा सके। वह सिर्फ एक बिचौलिए का काम करेगा।' क्लार्क, संजीव का बेहद भरोसेमंद एजेंट था, जो लंदन में रहकर RAW के गुप्त मिशनों को अंजाम देता था। भारद्वाज अपनी कुर्सी से खड़े हुए और मुस्कुराते हुए बोले, 'बड़ी कामयाबी लेकर आना, तबाही नहीं।' संजीव भी मुस्कुराए, कुर्सी से उठे और 'बाय' कहकर बाहर निकल गए।संजीव ने जल्द ही लंदन दूतावास के लिए एक जासूस चुन लिया, जिसका कोड नेम रखा गया-मोहन नारायणन। नारायणन को आतंकवाद की गहरी समझ थी। वह यूरोपीय माहौल से अच्छी तरह वाकिफ था। उसकी पर्सनालिटी शानदार थी और वह बिना कोई गोपनीय जानकारी उजागर किए कहानियां गढ़ने में माहिर था। पंजाबी के अलावा उसे जर्मन और फ्रेंच भी आती थीं। 'ऑपरेशन हॉरनेट' को दो हिस्सों में बांट दिया गया। खुफिया जानकारी जुटाना और उसका विश्लेषण करना नारायण और क्लार्क की जिम्मेदारी थी, जबकि पूरे ऑपरेशन की कमान संजीव के कंधों पर थी। अब जनवरी 1985 का महीना आ चुका था। उस रोज संजीव वियना के एक कैफे में बैठे अपनी महिला साथी का इंतजार कर रहे थे। उसका नाम था- सोफी। हिस्ट्री से ग्रेजुएट सोफी वियना के एक NGO में काम करती थी। संजीव से उसकी पहली मुलाकात मानवाधिकार आयोग की एक कॉन्फ्रेंस में हुई थी। वहां सोफी ने पाकिस्तान की नीतियों की आलोचना की थी। उसकी बातें सुनकर संजीव काफी प्रभावित हुए थे। दूसरी तरफ, सोफी भी संजीव की राजनीतिक समझ की मुरीद हो गई थी। देखते ही देखते दोनों के बीच दोस्ती हो गई, जो धीरे-धीरे संजीव के सीक्रेट मिशन तक जा पहुंची। सोफी पाकिस्तान के खिलाफ संजीव के लिए काम करने लगी। वह अंडरकवर एजेंट्स तक पैसे पहुंचाती, नए एजेंटों को ट्रेनिंग देती और जरूरत पड़ने पर खुद हैंडलर का काम भी संभाल लेती। दिलचस्प बात यह थी कि सोफी को ये भनक तक नहीं थी कि RAW के लिए एजेंट की तरह काम कर रही है। उसे बस पाकिस्तान से नफरत थी और संजीव से लगाव। संजीव अभी सोफी के बारे में सोच ही रहे थे कि वह कैफे में दाखिल हुई। वह सीधे संजीव की टेबल पर आई और सामने रखी कुर्सी खींचकर बैठ गई। नीली आंखें, गोल फ्रेम वाला बड़ा चश्मा, कंधे तक लंबे बाल, मैट ब्लैक लेदर जैकेट, कार्गो पैंट और लेदर बूट्स। आगे चलकर ये सोफी पाकिस्तान को बहुत खटकने वाली थी… संजीव ने मुस्कुराते हुए कहा, 'आखिरकार तुम्हारे समाजवादी नेता को जवाहरलाल नेहरू पुरस्कार मिल ही गया?' सोफी ने चिढ़कर जवाब दिया, 'तुम ऑस्ट्रिया में ब्रूनो के योगदान को नजरअंदाज नहीं कर सकते।' वह डॉ. ब्रूनो क्रिंस्की की बात कर रही थी, जो 13 साल तक ऑस्ट्रिया के चांसलर रहे थे। 'मुझे अच्छी तरह पता है कि उन्होंने अवॉर्ड सेरेमनी में नेहरू की तारीफ की थी,' संजीव ने हल्का सा तंज कसा। सोफी ने सिगरेट जलाई और सीधे संजीव की आंखों में देखते हुए पूछा, 'क्या तुमने मुझे यहां ब्रूनो और नेहरू की दोस्ती पर बात करने के लिए बुलाया है?' 'तुम्हें इतना चिढ़ने की जरूरत नहीं है,' संजीव ने हंसते हुए कहा। 'हम पूरे दो साल बाद मिल रहे हैं। मुझे तो यह भी नहीं पता कि तुम अब मेरे दोस्त बचे भी हो या नहीं,' सोफी ने कहा। संजीव खामोश रहे। सोफी ने फिर टोका, 'मुझसे सच-सच कहो। तुम्हारा इस तरह अचानक वापस आना मुझे डरा रहा है।' संजीव सीधे मुद्दे पर आए, 'क्या तुम जानती हो कि हरप्रीत आहूजा इस वक्त कहां है?' 'अच्छा, वह इंडियन जो हमारे NGO में काम करता था?' सोफी ने पूछा। संजीव ने हां में सिर हिलाया। सोफी मुस्कुराई और बोली, 'वह तो एक साल पहले ही NGO छोड़कर जा चुका है। तुम उसे क्यों ढूंढ रहे हो?' 'मैं चाहता हूं कि तुम उसे मेरे लिए ढूंढ निकालो,' संजीव ने टेबल पर एक मोटा लिफाफा रख दिया। सोफी ने लिफाफे को देखते हुए पूछा, 'इसमें क्या है?' संजीव ने लिफाफा उठाया और वापस टेबल पर रखते हुए कहा, '10 हजार डॉलर हैं। चाहो तो गिन सकती हो।' 'फिक्र मत करो, हरप्रीत मेरा पुराना दोस्त रहा है,' सोफी ने आंख मारते हुए कहा, लिफाफा उठाया और कैफे से बाहर निकल गई। जाते-जाते उसने टेबल पर एक कागज छोड़ दिया था। संजीव ने वह कागज उठाया और चुपचाप जेब में रख लिया। दो दिन बाद संजीव पेरिस लौट आए। उन्होंने एक पब्लिक टेलीफोन बूथ से लंदन में इंडियन एंबेसी के एक सेफ नंबर पर फोन किया। दूसरी तरफ से RAW एजेंट नारायणन ने फोन उठाया। संजीव ने पूछा, 'काम हुआ?' नारायणन ने कोड वर्ड में जवाब दिया, 'अब्दुल खान का एक माली है- तारिक सिद्दीकी। बंदा गद्दारी करने को तैयार है, लेकिन मोटा माल मांग रहा है।' फोन काटते हुए संजीव के मुंह से धीरे से निकला, 'डियर सोफी, बस तुम धोखा मत देना...' कहानी की शुरुआत में लाहौर में जिसे गोली मारी गई, वह ISI का एजेंट अब्दुल था। यह उन दो लोगों में शामिल था, जिसकी तलाश RAW को थी। मारने वाला कौन था और उसे कैसे मारा… पूरी कहानी कल यानी रविवार को पढ़िए पार्ट-2 में… ***** रेफरेंस :
संघ प्रमुख मोहन भागवत अमेरिका के दौरे पर हैं। इस बीच वहां मांग उठ रही हैं- RSS पर बैन लगे। यह मांग अमेरिकी सरकार का धार्मिक स्वतंत्रता आयोग USCIRF के चेयरमैन डॉ. आसिफ महमूद और कमिश्नर जीन मिल्स ने की है। मार्च में इसी आयोग ने अपनी सालाना रिपोर्ट में भी RSS पर प्रतिबंध की सिफारिश की थी। इस मांग का आधार क्या है, RSS पर क्या आरोप लगाए गए हैं और क्या ट्रम्प RSS पर बैन लगाएंगे; इसी पर आज का एक्सप्लेनर… सवाल-1: अमेरिका में RSS पर पाबंदी को लेकर कौन सवाल उठा रहा है? जवाब: मोहन भागवत 25 अगस्त से 19 दिन के विदेश दौरे पर हैं। पहला पड़ाव अमेरिका है, फिर कनाडा और ब्रिटेन। RSS पर प्रतिबंधों को लेकर तीन प्रमुख लोगों ने बयान दिए हैं- 19 अगस्त को USCIRF के कमिश्नर जीन मिल्स ने कहा, 'RSS नेता भले ही भारतीय सरकार से जुड़े हों, लेकिन उन्हें अमेरिका में हाई-लेवल मीटिंग्स और डिप्लोमेसी में तरजीह नहीं दी जानी चाहिए। अमेरिकी सरकार को धार्मिक स्वतंत्रता के उल्लंघन के दोषी पाए गए RSS सदस्यों पर बैन लगाना चाहिए।' USCIRF के चेयरमैन डॉ. आसिफ महमूद ने भी कहा, 'भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी RSS के सदस्य हैं। ये एक ऐसा भारतीय संगठन है, जिससे जुड़े समूहों ने ईसाई और मुस्लिम समेत धार्मिक अल्पसंख्यकों पर हमले किए हैं। अब RSS नेता मोहन भागवत अमेरिका आ रहे हैं।' कमीशन की पूर्व चेयरपर्सन नादिन मेंजा ने भी अमेरिकी मैगजीन 'प्रोविडेंस' में लिखा, ‘भागवत जिस एकता और सद्भाव की बात करते हैं, वह संघ की जमीनी हरकतों से बिल्कुल अलग है। संघ के रवैये के लिए उसे बैन किया जाना चाहिए।’ सवाल-2: तो फिर इन बयानों का आधार क्या है और इसके पीछे की दलील क्या है? जवाब: RSS पर पाबंदी की बात मार्च 2026 से शुरू हुई। अमेरिका के धार्मिक स्वतंत्रता आयोग ने अपनी सालाना रिपोर्ट जारी की। इसमें भारत से जुड़े 2 पन्ने हैं। इनमें 23 घटनाओं का जिक्र है- इन 10 प्रमुख घटनाओं के अलावा 13 और घटनाओं का जिक्र है, जिसमें 28 में से 12 राज्यों में धर्मांतरण विरोधी कानूनों, रेवरेंड फ्रैंकलिन ग्राहम का वीजा रद्द करने और गौ संरक्षण के नाम पर हत्या करने जैसी घटनाएं शामिल हैं। इन घटनाओं में USCIRF ने विश्व हिंदू परिषद (VHP), भारतीय जनता पार्टी (BJP) या उसकी सरकारों, हिंदू राष्ट्रवादी नेता और संगठन का जिक्र किया है, लेकिन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का सिर्फ एक जगह जिक्र है। वो भी Targeted Sanctions, यानी प्रतिबंध लगाने की सिफारिश के सेक्शन में। USCIRF का कहना है कि RSS की संपत्तियां जब्त कर लेनी चाहिए और उसके सदस्यों के अमेरिका आने पर रोक या वीजा रद्द कर देना चाहिए। सवाल-3: RSS पर बैन की मांग करने वाला ये USCIRF आखिर है क्या?जवाब: USCIRF की शुरुआत 3 दशक पहले हुई… आयोग बनने की कहानी आयोग का स्ट्रक्चर USCIRF में संसद के जरिए नियुक्त 9 कमिश्नर होते हैं, जो दोनों पार्टियों से होते हैं। एक कमिश्नर को चेयरमैन बनाया जाता है। फिलहाल पाकिस्तानी मूल के डॉ. आसिफ महमूद इसके चेयरमैन हैं। आयोग का काम आयोग की ताकत आयोग अपनी सालाना रिपोर्ट अमेरिकी विदेश मंत्रालय को सौंपता जरूर है, लेकिन खुद कोई कार्रवाई नहीं कर सकता, सिर्फ सिफारिशें देता है। सवाल-4: क्या वाकई अमेरिका में RSS पर बैन लग सकता है?जवाबः नहीं, फिलहाल ऐसा नहीं लगता। इसकी 4 बड़ी वजहें हैं… सवाल-5: पाबंदी की इस मांग पर भारत सरकार और RSS का क्या रुख है?जवाबः भारत के विदेश मंत्रालय ने USCIRF को पूर्वाग्रह से ग्रसित और जीरो भरोसे वाली संस्था बताया है। मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने 21 अगस्त को कहा, ‘USCIRF सालों से भारत के खिलाफ भ्रामक, गलत और भड़काऊ बयान देती रही है। हमें ऐसी संस्थाओं को नजरअंदाज करना चाहिए, क्योंकि ये अपने छिपे हुए एजेंडे के तहत काम करती हैं और इनकी कोई विश्वसनीयता नहीं बची है।’ वहीं RSS ने फिलहाल इस पर कोई बात नहीं कही है। हालांकि 24 अगस्त को VHP के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने सोशल मीडिया ‘X’ पर लिखा, ‘USCIRF के मन में सनातन धर्म, हिंदू समाज और भारत के प्रति गहरी नफरत है। हाल में RSS के प्रति जो नफरत दिखाई है, वह हिंदूफोबिया से प्रेरित उसके जाने-पहचाने एजेंडे का एक हिस्सा है।’ मार्च में भारत के पूर्व जजों और अधिकारियों ने एक बयान जारी कर USCIRF रिपोर्ट को दिमागी तौर पर दिवालिया और स्वार्थी बताया था। 275 अफसरों ने इस बयान पर दस्तखत किए थे, जिसमें 25 रिटायर्ड जज, 10 राजदूतों समेत 119 रिटायर्ड ब्यूरोक्रेट्स और 131 आर्म्ड फोर्सेस के अधिकारी थे। सवाल-6: USCIRF पर क्यों उठ रहे हैं सवाल, पाकिस्तान से क्या है कनेक्शन?जवाबः USCIRF के मौजूदा चेयरमैन डॉ. आसिफ महमूद पाकिस्तानी मूल के अमेरिकी हैं। वे पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के गुजरात जिले के खारियान गांव में जन्मे। उन्होंने कराची के सिंध मेडिकल कॉलेज से मेडिकल डिग्री ली, फिर 1990 के दशक के आखिर में अमेरिका चले गए। अमेरिका के कैलिफोर्निया में महमूद प्रैक्टिस करने लगे। बाद में अमेरिका की नागरिकता मिल गई। उन्होंने डेमोक्रेटिक पार्टी से राजनीति भी की है। 2008 से 2016 तक डेमोक्रेटिक नेशनल कन्वेंशन में डेलिगेट रहे। 2022 में कैलिफोर्निया से अमेरिकी कांग्रेस के लिए चुनाव लड़ा, लेकिन हार गए। फिर 2024 में डेमोक्रेटिक हाउस माइनॉरिटी लीडर हाकीम जेफ्रीज ने उन्हें USCIRF में नियुक्त हुए। जुलाई 2026 में चेयरमैन चुने गए। 2019 में जब भारत सरकार ने आर्टिकल 370 हटाया, तब महमूद ने जम्मू-कश्मीर में कथित मानवाधिकार उल्लंघनों की जांच के लिए अमेरिकी संसदीय सुनवाई कराने के लिए लॉबिंग की थी। महमूद ने कहा था, ‘कश्मीरी अकेले नहीं हैं। हम तब तक उनके साथ खड़े रहेंगे, जब तक कि उन सभी के मानवाधिकार सुरक्षित नहीं हो जाते।’ महमूद पर सवाल उठते रहे हैं- --------------------------------ये भी पढ़ें- ‘मोहन भागवत का कार्यक्रम सिर्फ हिंदुओं के लिए नहीं’: आयोजक बोले- 16 धर्मों के लोग आएंगे, विरोध करने वाले भी आएं HSS के ग्लोबल कोऑर्डिनेटर सौमित्र गोखले ने 2019 में अमेरिका के ह्यूस्टन में हाऊडी मोदी कार्यक्रम करवाया था, जिसमें 50 हजार लोग जमा हुए थे। इस बार चीफ गेस्ट RSS प्रमुख मोहन भागवत हैं। कई संगठन उनका विरोध कर रहे हैं। दैनिक भास्कर ने अमेरिकन हिंदूज फॉर एंगेंजमेंट एंड डायलॉग के डायरेक्टर सुदेश अग्रवाल और प्रवक्ता प्रिया सामंत से बात की। पढ़िए पूरी बातचीत…
नेपाल बाढ़ लाइव: जलप्रलय के बीच से जिंदा लौटे कई भारतीय, सुनाई रोंगटे खड़े करने वाली आपबीती; अबतक कितनी मौतें?
'झील किसी भी समय फूट सकती है', चीन ने नेपाल को किया अलर्ट
चीन ने ल्हन्दे नदी के ऊपरी हिस्से में बनी झील का रंग बदलने का उल्लेख करते हुए चेतावनी दी है कि यह झील किसी भी समय फूट सकती है. चीन ने बताया है कि झील का रंग गहरा होता जा रहा है.
Nepal Flood Update: नेपाल में भीषण बाढ़ त्रासदी से करीब 500 लोगों की मौत, विदेशी बचाव दलों को मंजूरी नहीं दी
टिहरी में अनियंत्रित होकर पलटी बस, चपेट में आने से 2 स्कूटी सवारों की मौत
उत्तराखंड के टिहरी में एक बस अनियंत्रित होकर पलट गई. बताया जा रहा है कि हादसे में बस की चपेट में आने से दो स्कूटी सवारों की मौत हो गई. बस में 60 यात्री सवार थे.
ट्रंप को फिर झटका: डाक से मतदान वाले आदेश पर लगी रोक, प्रशासन ने फैसले के खिलाफ दायर की अपील; जज ने क्या कहा?
क्या नेपाल ने ठुकराई भारत और चीन की मदद? PM बालेन शाह ने बताई सच्चाई
नेपाल में बाढ़ के बाद हालात गंभीर बने हुए हैं. प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने विदेशी सहयोग ठुकराने की खबरों को भ्रामक बताया और कहा कि भारत, चीन व अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ राहत-बचाव के लिए लगातार समन्वय किया जा रहा है.
Tibet में Isha Foundation के 77 तीर्थयात्री बाढ़ के बाद लापता, दूतावासों से संपर्क
तिब्बत में चीन-नेपाल सीमा के पास दो दिन पहले आई भीषण बाढ़ के बाद लापता हुए ईशा फाउंडेशन के 77 तीर्थयात्रियों के बारे में अब तक कोई जानकारी नहीं मिल सकी है। समूह की समन्वयक ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। ईशा फाउंडेशन के नेतृत्व में गए 77 सदस्यीय समूह से संपर्क नहीं हुआ है। ईशा फाउंडेशन की स्थापना भारतीय आध्यात्मिक नेता जग्गी वासुदेव ने की है, जिन्हें सद्गुरु के नाम से जाना जाता है। समूह की समन्वयक मां गंभीरी ने पीटीआई-को बताया कि सद्गुरु आपदा स्थल जियारोंग जाकर मदद करना चाहते थे, लेकिन उन्हें इसके लिए आवश्यक अनुमति नहीं मिली। उन्होंने कहा कि समूह में 19 देशों के नागरिक शामिल थे और मदद एवं जानकारी के लिए भारत, चीन और नेपाल में संबंधित दूतावासों के अलावा विभिन्न कार्यालयों तथा मंत्रालयों से संपर्क किया गया है। उन्होंने कहा, ‘‘लापता 77 तीर्थयात्रियों के बारे में पिछले दो दिन से कोई जानकारी नहीं मिली है। बचाव दल मौके पर हैं, लेकिन अभी तक कोई सूचना नहीं है।
Nepal Flood Update: नेपाल में फिर से मंडरा रहा फ्लैश फ्लड का खतरा, स्थानीय प्रशासन हुआ अलर्ट!
Nepal Flood Update: नेपाल में फिर से मंडरा रहा फ्लैश फ्लड का खतरा, स्थानीय प्रशासन हुआ अलर्ट!
600 के करीब मौतें, नेपाल में आई त्रासदी में अब भी 1924 लापता
Nepal Flood Live Updates: नेपाल में भीषण बाढ़ के कारण हालात गंभीर बने हुए हैं. बाढ़ से मरने वालों की संख्या 587 के पार पहुंच गई है, जबकि 1924 से ज्यादा लोग अब भी लापता हैं. लापता लोगों में 290 भारतीय पर्यटक भी शामिल हैं. भारत की ओर से नेपाल को लगातार राहत मुहैया कराई जा रही है और विदेश मंत्रालय स्थिति पर नजर बनाए हुए है.
नेपाल में नई चेतावनी जारी, दूसरी बार बाढ़ आने का खतरा; मरने वालों की संख्या बढ़ी
नेपाल में बाढ़ की तबाही के बाद समस्या कम होने का नाम नहीं ले रही है। शुक्रवार को नेपाल के भोटेकोशी नदी क्षेत्र में जलस्तर बढ़ने के कारण अधिकारियों ने नई चेतावनी जारी की। इसके साथ ही इस हिमालयी देश में भीषण बाढ़ की दूसरी लहर का खतरा मंडराने लगा है।
घर में इन चीजों से आ सकते हैं सांप! बारिश में न करें ये गलतियां
Snakes In Home: बारिश के मौसम में घर के आसपास सांप नजर आने और घर के अंदर घुसने का खतरा बढ़ जाता है. जानें घर में मौजूद या आसपास रखी किन चीजों की वजह से सांप और उनके शिकार आकर्षित हो सकते हैं और किन आसान उपायों से आप मॉनसून में सांपों को घर से दूर रख सकते हैं.
दिल्ली में CNG के दाम करीब 4 रुपये बढ़े, रक्षाबंधन पर लगा महंगाई का झटका - AajTak
<
दिल्ली में CNG के दाम करीब 4 रुपये बढ़े, रक्षाबंधन पर लगा महंगाई का झटका
वेस्ट एशिया में जारी संकट और अंतरराष्ट्रीय बाजार में LNG की कीमतों में तेज उछाल का असर अब CNG की कीमतों पर भी पड़ा है. इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) ने दिल्ली में CNG की कीमत में 3.89 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी करने का फैसला किया है. नई दरें 29 अगस्त 2026 को सुबह 6 बजे से लागू होंगी.
नेपाल में एक और 'जल विस्फोट' विनाशलीला मचाने को तैयार? देखें 10 तक
नेपाल में विनाशकारी बाढ़ अब तक 500 से ज़्यादा ज़िंदगियां लील चुकी है. मौत का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है. करीब एक हज़ार लोग अब भी लापता हैं. ऊपर से महाप्रलय का एक और खतरा मंडराना शुरू हो गया है. नेपाल-तिब्बत बॉर्डर के पास बनी एक और झील फट गई है. ऐसे में अगर एक और ग्लेशियर टूटा तो नेपाल में कितनी बड़ी तबाही मच सकती है? देखें 10 तक.
UGC-NET जून 2026 की परीक्षा के नतीजे घोषित, NTA ने जारी किया रिजल्ट
फाइनल आंसर की जारी होने के बाद NTA ने UGC-NET जून 2026 का रिजल्ट घोषित कर दिया है. 84 विषयों के नतीजे और स्कोर कार्ड आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध हैं. जिन उम्मीदवारों की परीक्षा 9 और 10 सितंबर को दोबारा होगी, उनका रिजल्ट और स्कोर कार्ड री-एग्जाम के बाद जारी किया जाएगा.
नेपाल बाढ़ : हाइड्रोपावर टनल में फंसे मजदूर, भारत से मांगी मदद
भोटेकोशी नदी में बाढ़ से आई आफत और भूस्खलन से नेपाल के रसुवा और नुवाकोट की 13 जलविद्युत परियोजनाएं प्रभावित हुई हैं. करीब 933 कर्मचारी लापता हैं, जिनमें से 254 को बचाया गया है. भारत ने राहत सामग्री और 11 सदस्यीय बचाव टीम भेजी है.
'रावण ने भी बहनों को ऐसा धोखा नहीं दिया', अखिलेश का यूपी सरकार पर हमला
UP Politics: अखिलेश यादव का रक्षाबंधन पर मुफ्त बस यात्रा अव्यवस्था को लेकर बीजेपी पर बड़ा हमला. बोले- रावण ने भी बहनों को ऐसा धोखा नहीं दिया, दशानन से बड़े झूठे निकले बीजेपी वाले.
नेपाल बाढ़ पीड़िता के शव से सोना चुराने वाले कौन? देखें ब्लैक & व्हाइट
नेपाल में तबाही से सैकड़ों जिंदगियां खत्म हो चुकी हैं. कोई अपनों की तलाश में है, कोई अपने घर को ढूंढ रहा है, और किसी के पास रोने के लिए भी अपना कोई नहीं बचा. लेकिन इसी मातम के बीच इंसानियत तो शर्मसार करने वाली एक तस्वीर सामने आई. दो लोगों ने नदी में बहकर आई एक महिला के शव से कानों की बालियां चुरा लीं. सवाल है कि क्या मौत के सामने भी इंसान का लालच जिंदा रह सकता है? देखें ब्लैक एंड व्हाइट.
भारत और चीन दोनों की मदद स्वीकार, विदेशी सहायता लेने पर नेपाल सरकार का यूटर्न
नेपाल सरकार ने विदेशी सहायता टीमों को स्वीकार कर लिया है। बाढ़ में जूझ रहे पहाड़ी देश ने भारत और चीन दोनों देशों से एक्सपर्ट और बचाव दलों को आने की मंजूरी दे दी है। अभी तक मौत का आंकड़ा 579 तक पहुंच चुका है।
Nepal Flood राहत पर विदेशी मदद खारिज नहीं की, भारत और चीन से मांगे 42 Bailey Bridges
शिरीष बी प्रधानकाठमांडू, 28 अगस्त नेपाल ने शुक्रवार को इस बात का खंडन किया कि उसने मित्र देशों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से सहायता लेने से इनकार किया है। नेपाल ने कहा कि वह अपने सुरक्षा बलों की अधिकतम तैनाती को ‘‘प्राथमिकता’’ देना चाहता है, क्योंकि वे स्थानीय पर्यावरणीय परिस्थितियों और दुर्गम इलाकों से परिचित हैं। रसुवा और मध्य नेपाल के अन्य हिस्सों में बुधवार को अचानक आई बाढ़ से सैकड़ों लोगों की मौत और बस्तियों, सड़कों, पुलों तथा जलविद्युत बुनियादी ढांचे को बड़े पैमाने पर नुकसान होने के बाद नेपाल व्यापक स्तर पर बचाव और राहत अभियान चला रहा है। नेपाल पुलिस के अनुसार, इस तबाही में अब तक कम से कम 579 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि लगभग 1,000 लोग लापता हैं। भारत समेत कई अन्य देशों ने राहत एवं बचाव कार्यों में सहायता की पेशकश की है। नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने शुक्रवार को कहा कि सरकार शुरुआती चरण में अपने सुरक्षा बलों की अधिकतम तैनाती को ‘‘प्राथमिकता’’ देना चाहती है। उन्होंने हालांकि स्पष्ट किया कि सरकार ने मित्र देशों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से सहायता से लेने से इनकार नहीं किया है। खनाल ने नेशनल न्यूज एजेंसी (आरएसएस) से कहा कि ‘‘अंतरराष्ट्रीय सहायता को अस्वीकार नहीं किया गया है, बल्कि बचाव की रणनीति राष्ट्रीय क्षमता, तत्काल जरूरत और नेपाल की विशिष्ट भौगोलिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए तय की गई है।’’उन्होंने कहा कि नेपाली सेना, नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल की बचाव टीम नेपाल की भौगोलिक परिस्थितियों, दुर्गम इलाकों और स्थानीय पर्यावरणीय परिस्थितियों से भली-भांति परिचित हैं। मंत्री ने कहा, ‘‘अपरिचित इलाके में बाहरी बचाव दल की तैनाती से समन्वय एवं तकनीकी प्रबंधन और जटिल हो सकता है तथा इससे अप्रत्याशित खतरे भी पैदा हो सकते हैं। इसलिए उपलब्ध राष्ट्रीय क्षमता का इस्तेमाल करते हुए बचाव अभियान चलाया गया।’’खनाल ने कहा कि सरकार उन कठिन परिस्थितियों में अंतरराष्ट्रीय सहायता लेने के लिए तैयार है, जहां बेहद जटिल भौतिक संरचनाओं में विशेष तकनीकी कौशल की आवश्यकता होती है। नेपाल सरकार ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में परिवहन सेवाएं फिर से शुरू करने के लिए भारत और चीन से 42 बेली पुलों के निर्माण में मदद करने का अनुरोध किया है। इन पुलों को इस तरह बनाया जाता है कि इन्हें भारी मशीनरी या विशेष उपकरणों के बिना भी तेजी से जोड़ा जा सके। विदेश मंत्री खनाल के सहयोगी ने बताया कि नेपाल ने अपने पड़ोसी देशों से सहायता मांगी है, क्योंकि अचानक आई बाढ़ में 36 से अधिक पुल बह गए हैं। प्राधिकारियों ने अंतरराष्ट्रीय साझेदारों और गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) से तत्काल जरूरत की कुछ राहत सामग्री उपलब्ध कराने की भी अपील की है। राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीआरआरएमए) ने कहा कि आश्रय संबंधी सामान, खाद्य सामग्री और स्वच्छता उत्पादों की तत्काल जरूरत है। एनडीआरआरएमए ने एक बयान में कहा, ‘‘दान देने की इच्छुक एजेंसियां, अंतरराष्ट्रीय विकास साझेदार, निजी क्षेत्र, नागरिक समाज और अन्य इच्छुक संगठन तलाश, बचाव और राहत कार्यों के लिए खाद्य एवं गैर-खाद्य सामग्री दान कर सकते हैं।’’भारत ने नेपाल में राहत और पुनर्वास कार्यों में सहायता के लिए राहत सामग्री की दो खेप भेजी हैं।
पेंच ढीला किए बिना चमकेगा कड़ाही का हैंडल! टूथपेस्ट से ऐसे करें साफ
Kadhai Cleaning Tips: अगर आपके किचन में रखी कड़ाही के हैंडल और तली पर कालिख और चिकनाई की मोटी परत सालों से जमी हुई है जो घंटों रगड़ने पर भी साफ नहीं होती तो यहां हम आपको एक आसान ट्रिक बता रहे हैं. घर में पड़े टूथपेस्ट से आप कड़ाही को नया जैसा चमका सकते हैं.
कल का मौसम: 29 अगस्त को यूपी में कहां होगी बारिश? IMD का नया अपडेट
Kal Ka Mausam: उत्तर प्रदेश में मानसून का असर 29 अगस्त को भी बना रहेगा, जहां पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों के कुछ इलाकों में बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं. राहत की बात यह है कि मौसम विभाग ने प्रदेश के किसी भी हिस्से के लिए 29 अगस्त को कोई विशेष मौसम चेतावनी जारी नहीं की है.
नेपाल में आई आपदा ने मानवता दो दहला दिया है। इस हादसे में 500 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और 1000 से ज्यादा लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, आपदा के बाद 300 से ज्यादा भारतीय लापता हैं।
नेपाल में कैसे अचानक आ गई इतनी विनाशकारी बाढ़, चीन ने बताई वजह
चीन ने कहा कि हमने गौर किया है कि चीन और नेपाल के विशेषज्ञों तथा आधिकारिक संस्थानों ने आपदा के कारण का प्रारंभिक आकलन किया है। उनके विश्लेषण के अनुसार, नेपाल में ऊंचाई पर स्थित एक हिमनद के टूटने से यह आपदा आई।''
घर पर बनाएं शुद्ध छोले का मसाला, एक चम्मच डालते ही स्वाद होगा दोगुना
घर पर तैयार किया हुआ छोले मसाला खाने का स्वाद कई गुना बढ़ा सकता है, धनिया, जीरा, लाल मिर्च और साबुत मसालों से बना यह मसाला खुशबूदार और स्वादिष्ट होता है. इसे बनाना बेहद आसान है और एयरटाइट डिब्बे में स्टोर करके जरूरत के समय इस्तेमाल कर सकते हैं.
IAS ने बस्ती में बंधवाई राखी, छुए बहनों के पैर; पत्नी-बेटे को भी ले गए संग
Datia IAS Swapnil Wankhede: दतिया कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े ने परिवार संग बस्ती में मनाया रक्षाबंधन. निर्धन बहनों के पैर छूकर लिया आशीर्वाद, पोस्ट शेयर कर लिखा- स्नेह के धागों से बने ये रिश्ते बेहद खास हैं.
नेपाल फ्लैश फ्लड में किस तरह बाल-बाल बचा एक्टर, बताई आपबीती
कैलाश मानसरोवर यात्रियों के एक समूह में शामिल अंकुर रतन को नेपाल के रसुवा जिले की अपनी यात्रा याद है. यह यात्रा उस विनाशकारी अचानक आई बाढ़ से कुछ घंटे पहले की थी, जिसमें 150 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी और सैकड़ों लोग लापता हो गए थे.
बाढ़ के बाद 11 देश मदद को तैयार, क्या नेपाल ने किया इनकार? अब सरकार ने दिया जवाब
बाढ़ से तबाही के बाद विदेशी मदद को लेकर नेपाल सरकार ने अपना रुख साफ किया है. सरकार का कहना है कि उन्होंने कभी भी विदेशी सहायता लेने से इनकार नहीं किया. लेकिन शुरुआती दौर में स्थानीय सुरक्षा बलों को प्राथमिकता दी गई है. नेपाल ने भारत और चीन से बेली ब्रिज बनाने में मदद मांगी है ताकि प्रभावित इलाकों का संपर्क जल्द बहाल किया जा सके.
नेपाल में एक और महाप्रलय का क्यों सता रहा डर? देखें खबरदार
नेपाल और तिब्बत में अब एक और झील का खतरा मंडरा रहा है. झील ओवरफ्लो होने पर राहत और बचाव अभियान को रोक दिया गया था लेकिन 3 घंटे बाद इसे फिर से फिर शुरू कर दिया गया. तिब्बत में जो दूसरी झील से फिर तबाही का डर बढ़ गया है, उसमें 25 लाख क्यूबिक मीटर पानी इकट्ठा हो गया है. देखें खबरदार.

