अजय देवगन और अक्षय कुमार की दोस्ती फिर चर्चा में है। खबर है कि अजय ने ‘धमाल 4’ की रिलीज डेट आगे बढ़ा दी है, ताकि ‘वेलकम टू द जंगल’ को बॉक्स ऑफिस पर क्लीन विंडो मिल सके। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट्स के मुताबिक, पहले ‘धमाल 4’ 4 जुलाई 2026 को रिलीज होने वाली थी। अब फिल्म 17 जुलाई 2026 को सिनेमाघरों में आएगी। वहीं ‘वेलकम टू द जंगल’ 26 जून 2026 को रिलीज होगी। दोनों बड़ी मल्टीस्टारर कॉमेडी फिल्में हैं। मेकर्स नहीं चाहते थे कि दोनों फिल्मों के बिजनेस पर असर पड़े। सूत्रों के अनुसार, अजय देवगन और अक्षय कुमार ने बातचीत के बाद यह फैसला लिया। दोनों लंबे समय से दोस्त हैं और बॉक्स ऑफिस क्लैश का असर समझते हैं। इंडस्ट्री में इस फैसले को पॉजिटिव कदम माना जा रहा है। ‘धमाल 4’ की रिलीज डेट इससे पहले भी कई बार बदली जा चुकी है। शुरुआत में फिल्म को ईद 2026 वीकेंड पर रिलीज करने की तैयारी थी। उस समय इसकी टक्कर यश की फिल्म ‘टॉक्सिक’ और ‘धुरंधर 2’ से होने की चर्चा थी। क्लैश से बचने के लिए मेकर्स ने फिल्म को ईद स्लॉट से हटाकर 12 जून 2026 कर दिया था। इसके बाद ट्रेड रिपोर्ट्स में सामने आया कि मेकर्स जून स्लॉट से पूरी तरह संतुष्ट नहीं थे। बड़ी फिल्मों की भीड़ और बॉक्स ऑफिस विंडो को देखते हुए फिल्म की रिलीज 12 जून से बढ़ाकर 4 जुलाई 2026 कर दी गई थी। अब तीसरी बार फिल्म की रिलीज डेट बदली गई है। इस बार वजह ‘वेलकम टू द जंगल’ बनी। इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का मानना है कि लगातार दो बड़ी कॉमेडी फिल्मों की रिलीज से दोनों के कलेक्शन पर असर पड़ सकता था। इसी वजह से ‘धमाल 4’ को 17 जुलाई 2026 तक आगे बढ़ाया गया। वहीं, यश की फिल्म ‘टॉक्सिक’ की रिलीज डेट भी आगे बढ़ाई गई है। पहले यह फिल्म ईद 2026 के आसपास रिलीज होने वाली थी। बाद में इसकी नई रिलीज डेट 4 जून 2026 तय की गई। इससे कई बड़ी फिल्मों का संभावित क्लैश टल गया। अजय देवगन और अक्षय कुमार जल्द ही ‘गोलमाल 5’ में साथ नजर आएंगे। दोनों स्टार्स की बॉन्डिंग इंडस्ट्री में चर्चा में है। इंद्र कुमार के निर्देशन में बनी ‘धमाल 4’ में अजय देवगन के अलावा रितेश देशमुख, अरशद वारसी, जावेद जाफरी और संजय मिश्रा नजर आएंगे। वहीं ‘वेलकम टू द जंगल’ में अक्षय कुमार के साथ बड़ी स्टारकास्ट दिखाई देगी।
फिल्ममेकर शेखर कपूर ने जेम्स बॉन्ड फ्रेंचाइजी को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अगर डेनियल क्रेग के बाद कोई भारतीय अभिनेता 007 बन सकता है, तो वह जॉन अब्राहम हैं। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। Amazon MGM Studios ने हाल ही में पुष्टि की है कि नए जेम्स बॉन्ड की तलाश शुरू हो चुकी है। इसी बीच शेखर कपूर ने अपने एक्स अकाउंट पर जॉन अब्राहम का नाम सुझाया। उन्होंने लिखा, “डेनियल क्रेग के बाद अगला जेम्स बॉन्ड जॉन अब्राहम होना चाहिए। उनके पास ‘शेकन नॉट स्टर्ड’ वाली पर्सनैलिटी और बॉन्ड वाला चार्म है।” शेखर कपूर ने अपनी पोस्ट में याद दिलाया कि डेनियल क्रेग को बॉन्ड के रोल के लिए उनकी फिल्म ‘एलिजाबेथ’ देखने के बाद चुना गया था। ऐसे में उनका यह बयान और चर्चा में आ गया। शेखर कपूर की तारीफ पर जॉन अब्राहम ने तुरंत प्रतिक्रिया दी। उन्होंने एक्स पर लिखा, “सर, आपके शब्दों से मैं बेहद सम्मानित महसूस कर रहा हूं। आपने दुनिया से पहले डेनियल क्रेग की क्षमता पहचानी थी। ऐसे में आपका यह कहना मेरे लिए बहुत मायने रखता है।” जॉन ने मजाकिया अंदाज में आगे लिखा, “अब मैं अपनी मार्टिनी ऑर्डर करने की प्रैक्टिस शुरू कर देता हूं… शेकन, नॉट स्टर्ड।” ‘No Time to Die’ के बाद डेनियल क्रेग ने जेम्स बॉन्ड फ्रेंचाइजी से विदाई ले ली थी। इसके बाद नए 007 को लेकर लगातार चर्चाएं हो रही हैं। सोशल मीडिया पर कई लोग जॉन अब्राहम को इस किरदार के लिए फिट बता रहे हैं। शेखर कपूर भारतीय सिनेमा के चर्चित निर्देशकों में गिने जाते हैं। उन्होंने ‘मिस्टर इंडिया’, ‘बैंडिट क्वीन’, ‘एलिजाबेथ’ और ‘द फोर फेदर्स’ जैसी फिल्मों का निर्देशन किया है। उनकी फिल्मों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली है। वर्कफ्रंट की बात करें तो जॉन अब्राहम रोहित शेट्टी के निर्देशन में बन रही फिल्म में नजर आएंगे। यह पुलिस अधिकारी राकेश मारिया की बायोपिक है, जिसमें जॉन पुलिस ऑफिसर के किरदार में दिखेंगे। इसके अलावा वह ‘फोर्स 3’ की शूटिंग भी कर रहे हैं। इसमें उनके साथ हर्षवर्धन राणे प्रमुख भूमिका में दिखाई देंगे।
बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान ने हाल ही में बताया कि उन्होंने आज तक कभी किसी फिल्म की स्क्रिप्ट नहीं पढ़ी। वैरायटी इंडिया को दिए इंटरव्यू में सलमान ने कहा, 'मैंने अपनी जिंदगी में कभी स्क्रिप्ट नहीं पढ़ी। मैंने स्क्रिप्ट लिखी हैं, लेकिन पढ़ी नहीं हैं।' इंटरव्यू में सलमान ने अपनी लग्जरी घड़ियों को लेकर भी बात की। उन्होंने कहा, 'आप मुझे महंगी घड़ियां पहने देखते हैं, इसका मतलब यह नहीं कि वो मेरी हैं।' उन्होंने मजाक में कहा कि कई घड़ियां उनके दोस्तों की होती हैं। वर्क फ्रंट की बात करें तो सलमान जल्द ही अपनी वॉर फिल्म ‘मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस’ में नजर आएंगे। इस फिल्म में चित्रांगदा सिंह भी होंगी। पहले इस फिल्म का नाम ‘बैटल ऑफ गलवान’ था। फिल्म की रिलीज डेट पहले 17 अप्रैल थी, जो टाल दी गई है और नई तारीख का अभी ऐलान नहीं हुआ है। सलमान ने नई फिल्म की शूटिंग शुरू की वहीं, सलमान ने एक्ट्रेस नयनतारा के साथ अपनी दूसरी अपकमिंग फिल्म की शूटिंग शुरू कर दी है, जिसका अस्थायी नाम SVC63 है। इसके अलावा, वैरायटी इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक सलमान डायरेक्टर जोड़ी राज निदिमोरू और कृष्णा डी.के. के साथ एक सुपरहीरो एक्शन फिल्म में भी काम कर सकते हैं। ऐसी भी चर्चा है कि इस प्रोजेक्ट में वह करीना कपूर खान के साथ काम कर सकते हैं। 'बीबी हो तो ऐसी' से हुई थी सलमान के करियर की शुरुआत सलमान ने 1988 में आई फिल्म बीवी हो तो ऐसी से बॉलीवुड डेब्यू किया था। हालांकि, इस फिल्म में उन्होंने सपोर्टिंग रोल निभाया था। बतौर लीड सलमान पहली बार 1989 में सूरज बड़जात्या की फिल्म 'मैंने प्यार किया' में नजर आए थे। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट साबित हुई। इसके बाद वो 'साजन', 'हम आपके हैं कौन..!' और 'करण अर्जुन' जैसी क्लासिक फिल्मों में नजर आए। हालांकि, एक समय ऐसा आया, जब उनकी कई फिल्में बॉक्स ऑफिस पर लगातार बुरी तरह फ्लॉप हो रही थीं। लेकिन, एक्टर ने हर बार जोरदार वापसी की। सलमान ने वॉन्टेड, सुल्तान और दबंग जैसी सुपरहिट फिल्में दी 2009 से लेकर 2016 तक एक्टर की ज्यादातर फिल्मों ने अच्छा कलेक्शन भी किया। चाहे वो दबंग और दबंग 2 रही हों या फिर वॉन्टेड, रेडी और सुल्तान। एक्टर की कई फिल्में हिट रहीं। 2015 में आई फिल्म 'बजरंगी भाईजान' उनके करियर की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर साबित हुई, जिसने पूरी दुनिया में 900 करोड़ रुपए से अधिक की कमाई की। 2017 में सलमान की फिल्म ट्यूबलाइट आई, जो कुछ खास कमाल नहीं दिखा पाई। हालांकि, इसके बाद एक्टर टाइगर जिंदा है में नजर आए, जिसने बॉक्स ऑफिस पर 190 करोड़ रुपए की कमाई की थी। वहीं, फिल्म 'टाइगर 3' ने दुनिया भर में कुल 464-466.63 करोड़ रुपए का लाइफटाइम वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन किया। हालांकि, उनकी आखिरी फिल्म सिकंदर उम्मीदों के हिसाब से प्रदर्शन नहीं कर पाई। 200 करोड़ रुपए के बजट वाली इस फिल्म ने 184.89 करोड़ रुपए कमाए।
बॉलीवुड अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी शनिवार को जयपुर पहुंचे। एक्टर अपनी आगामी फिल्म ‘मैं एक्टर नहीं हूं’ की स्पेशल स्क्रीनिंग में शामिल होंगे। जयपुर एयरपोर्ट पर नवाजुद्दीन सिद्दीकी को देखते ही फैंस की भीड़ उमड़ पड़ी। एयरपोर्ट से बाहर आते वक्त नवाज ब्लैक मास्क में थे, लेकिन फैंस की रिक्वेस्ट पर उन्होंने मास्क हटाया और फोटो भी क्लिक करवाई। नवाजुद्दीन ने कहा- मैं जयपुर आकर बहुत खुश हूं। मैं अपनी फिल्म की स्क्रीनिंग के लिए उत्साहित हूं। उम्मीद करता हूं कि दर्शकों को यह पसंद आएगी। वहीं दूसरी ओर बॉलीवुड की मशहूर सिंगर मोनाली ठाकुर भी शनिवार को जयपुर एयरपोर्ट पर स्पॉट हुईं। मोनाली एक विशेष इवेंट में लाइव परफॉर्मेंस देने के लिए जयपुर पहुंची हैं। एयरपोर्ट पर उनके पहुंचते ही फैंस ने उनका स्वागत किया। मोनाली ठाकुर अपनी मधुर आवाज और सुपरहिट गीतों के लिए जानी जाती हैं। 'मोह मोह के धागे', 'सवार लूं', 'जरा-जरा टच मी' और 'लव मी थोड़ा और' जैसे कई लोकप्रिय गीतों से उन्होंने संगीत प्रेमियों के दिलों में खास जगह बनाई है। मोनाली ने कहा- मैं जयपुर में प्रदर्शन करने के लिए बहुत उत्साहित हूं। मैं अपने प्रशंसकों के लिए कुछ खास गाने गाने वाली हूं। नवाजुद्दीन सिद्दीकी अपनी दमदार अभिनय शैली और अलग तरह के किरदारों के लिए जाने जाते हैं। 'गैंग्स ऑफ वासेपुर', 'मंटो', 'सीरियस मैन', 'रात अकेली है' और 'बजरंगी भाईजान' जैसी फिल्मों में अपने अभिनय से वे दर्शकों के बीच खास पहचान बना चुके हैं। अब उनकी नई फिल्म ‘मैं एक्टर नहीं हूं’ को लेकर भी दर्शकों में उत्साह नजर आ रहा है। फिल्म ‘मैं एक्टर नहीं हूं’ एक ऐसे व्यक्ति की कहानी है, जो अभिनय और वास्तविक जिंदगी के बीच संघर्ष करता है। यह फिल्म इंसानी भावनाओं, संघर्ष और पहचान के मुद्दों को संवेदनशील तरीके से दिखाती है। नवाजुद्दीन इस फिल्म में एक अलग और गंभीर किरदार में दिखाई देंगे। फिल्म की कहानी आम जिंदगी और सिनेमा की दुनिया के बीच के अंतर को रोचक अंदाज में प्रस्तुत करती है। जयपुर में आयोजित होने वाली इसकी स्पेशल स्क्रीनिंग में फिल्म से जुड़े कलाकारों और मेहमानों के शामिल होने की संभावना है।
इंटरनेशनल रैपर कान्ये वेस्ट (ये) का भारत में होने वाला कॉन्सर्ट कैंसिल कर दिया गया है। रैपर भारत में पहला कॉन्सर्ट 23 मई को नई दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में होना था। इससे पहले यह शो 29 मार्च के लिए तय किया गया था, जिसे बाद में रीशेड्यूल किया गया था। इवेंट ऑर्गनाइजर ने शुक्रवार को इंस्टाग्राम पर एक बयान में कॉन्सर्ट कैंसिल करने की घोषणा की। बयान में कहा गया कि अधिकारियों के निर्देशों के कारण यह लाइव इन इंडिया इवेंट नहीं हो पाएगा। ऑर्गनाइजर ने कहा कि महीनों की तैयारी के बाद, यह भारत में अब तक के सबसे बड़े लाइव कॉन्सर्ट्स में से एक होने वाला था, लेकिन मौजूदा सेंसिटिव हालात को देखते हुए पब्लिक सेफ्टी को प्रायोरिटी दी गई है। पोस्ट में यह भी जानकारी दी गई कि टिकट खरीदने वाले लोगों को पूरा रिफंड दिया जाएगा। वहीं, नई तारीख और वेन्यू को लेकर कान्ये वेस्ट की टीम के साथ बातचीत जारी है। कान्ये वेस्ट को 2003 में उनके गाने ‘थ्रू द वायर’ से पहचान मिली थी। उनका पहला एल्बम 2004 में रिलीज हुआ था। उनके फेमस गाने ‘नाइज इन पेरिस’, ‘बाउंड 2’ और ‘हरिकेन’ हैं। शकीरा का इंडिया कॉन्सर्ट भी पोस्टपोन हुआ था इससे पहले ग्लोबल सिंगर शकीरा का अप्रैल में होने वाला 'फीडिंग इंडिया कॉन्सर्ट' पोस्टपोन किया गया था। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और ईरान-इजराइल युद्ध की स्थिति को देखते हुए यह फैसला लिया गया था। शकीरा का मुंबई में 10-11 अप्रैल और दिल्ली में 15 अप्रैल को परफॉर्म करने का शेड्यूल था। अभी तक कॉन्सर्ट की नई तारीखों का एलान नहीं किया गया है। सुरक्षा कारणों से लिया गया था फैसला कॉन्सर्ट ऑर्गनाइजर ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट शेयर कर लिखा था, ‘मौजूदा जियो पॉलिटिकल स्थिति और क्षेत्रीय तनाव के कारण शकीरा का कॉन्सर्ट अगले नोटिस तक पोस्टपोन किया जा रहा है। हमारे लिए फैंस, आर्टिस्ट और प्रोडक्शन टीम की सुरक्षा सबसे ऊपर है।’ ऑर्गनाइजर्स ने कहा था कि वे शकीरा की टीम के साथ मिलकर नई तारीखों पर काम कर रहे हैं और जैसे ही कुछ फाइनल होगा, उसकी जानकारी दी जाएगी। 32 हजार रुपए तक थी टिकट की कीमत शकीरा के इस कॉन्सर्ट को लेकर फैंस के बीच जबरदस्त क्रेज था, क्योंकि वे 2007 के बाद पहली बार भारत आने वाली थीं। इसके टिकट काफी महंगे बिके थे। मुंबई में सबसे महंगा 'HSBC स्टारस्ट्रक लाउंज पास' 32,000 रुपए का था। इसमें 28,500 रुपए की टिकट के साथ जीएसटी और बुकिंग फीस शामिल थी। वहीं, प्लैटिनम लाउंज का टिकट 24,500 रुपए और वीआईपी सेक्शन का टिकट 14,500 रुपए का था। दिल्ली में भी स्टारस्ट्रक लाउंज की कीमत करीब 30,500 रुपए रखी गई थी। जिन लोगों ने टिकट बुक किए थे, ऑर्गनाइजर्स ने उन्हें रिफंड का भरोसा दिया था। डिस्ट्रिक्ट की तरफ से कहा गया था कि जिन्होंने भी टिकट्स खरीदी थीं, उन्हें पूरा पैसा वापस मिलेगा। यह रिफंड उसी 'ओरिजनल पेमेंट मोड' में क्रेडिट किया जाएगा। किसी भी सवाल या समस्या के लिए ऑर्गनाइजर्स ने एक आधिकारिक ईमेल आईडी भी जारी की है।
चेन्नई में शुक्रवार को थिएटर से बाहर निकलते समय एक फैन ने तृषा कृष्णन से विजय का जिक्र किया तो एक्ट्रेस ब्लश कर गईं। शुक्रवार को तृषा चेन्नई में अपनी नई रिलीज फिल्म ‘करुप्पु’ की स्क्रीनिंग में पहुंचीं। इस दौरान डायरेक्टर आरजे बालाजी और एक्टर कार्थी भी मौजूद थे। थिएटर से बाहर निकलते समय तृषा अपनी कार में बैठी थीं। उन्होंने ब्लैक टी-शर्ट और जींस पहनी हुई थी। इसी दौरान एक फैन ने कहा, 'थलापति से कहना कि मैंने उनका हालचाल पूछा है।' इस पर तृषा ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया, ‘कंदीपा (जरूर)’। फिर उन्होंने सिर नीचे कर लिया। इसके बाद वह फोन चलाती नजर आती हैं। बाद में तृषा वहां मौजूद फैंस की तरफ हाथ हिलाकर उनका अभिवादन भी करती दिखीं। तृषा और विजय की डेटिंग चर्चा गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से तृषा को एक्टर और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय के साथ लिंक किया जा रहा है। हालांकि, विजय और तृषा ने अब तक अपने रिश्ते को लेकर सार्वजनिक रूप से कोई बयान नहीं दिया है। हाल ही में सीएम विजय के एक फैसले की भी काफी चर्चा हुई, जिसमें उन्होंने तृषा की फिल्म ‘करुप्पु’ के लिए सुबह 9 बजे के मॉर्निंग शो (स्पेशल स्क्रीनिंग) की विशेष अनुमति दी। बता दें कि मॉर्निंग शो पर राज्य में पिछले 3 सालों से प्रतिबंध लगा हुआ था। पूरी खबर यहां पढ़ें… इससे पहले 10 मई को तृषा तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के रूप में विजय के शपथ ग्रहण समारोह में भी शामिल हुईं। वहीं, 4 मई को चुनाव परिणाम के दिन तृषा विजय के नीलांकरई स्थित घर भी पहुंची थीं। खास बात यह रही कि उसी दिन तृषा का 43वां जन्मदिन भी था। विजय पर एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर का आरोप लगा पर्सनल लाइफ की बात करें तो तृषा की 2015 में बिजनेस मैन वरुण मनियन से सगाई हुई थी, लेकिन बाद में दोनों अलग हो गए थे। वहीं, विजय ने 1999 में संगीता सोरनालिंगम से शादी की थी। इस शादी से दोनों के दो बच्चे जेसन संजय और दिव्या साशा हुए। वहीं, विजय और संगीता के तलाक का मामला अदालत में चल रहा है। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, संगीता ने अपनी तलाक याचिका में पति विजय पर एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर का आरोप लगाया था। हालांकि, उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया था।
कॉमेडी फिल्मों से पहचान बनाने वाले रितेश देशमुख आज ‘राजा शिवाजी’ में छत्रपति शिवाजी महाराज के किरदार को लेकर चर्चा में हैं। हालांकि एक दौर ऐसा भी था, जब लगातार फ्लॉप फिल्मों और ट्रोलिंग से परेशान होकर उन्होंने एक्टिंग छोड़ने का मन बना लिया था। महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख के बेटे होने की वजह से लोग उन्हें अक्सर एक्टर नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री का बेटा कहते थे। डेब्यू फिल्म ‘तुझे मेरी कसम’ के बाद उनकी कई फिल्में नहीं चलीं और उन्होंने दोबारा आर्किटेक्ट की नौकरी करने का फैसला कर लिया था। बाद में ‘मस्ती’, ‘धमाल’, ‘हे बेबी’ और ‘हाउसफुल’ जैसी फिल्मों ने उन्हें इंडस्ट्री में बनाए रखा। फिर ‘एक विलेन’ में निगेटिव किरदार निभाकर उन्होंने अलग पहचान बनाई। आज की सक्सेस स्टोरी में जानते हैं रितेश देशमुख के करियर और निजी जीवन से जुड़ी बातें। राजनीतिक परिवार से ताल्लुक, लेकिन राजनीति से दूरी रितेश देशमुख का जन्म 17 दिसंबर 1978 को लातूर, महाराष्ट्र में हुआ था। वह महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख के बेटे हैं। राजनीतिक परिवार से ताल्लुक होने की वजह से उनका बचपन राजनीति और सार्वजनिक जीवन के माहौल में बीता। हालांकि रितेश ने कभी राजनीति में आने की इच्छा जाहिर नहीं की। उनका झुकाव शुरुआत से ही क्रिएटिव फील्ड और डिजाइनिंग की तरफ था। आर्किटेक्चर की पढ़ाई, न्यूयॉर्क में नौकरी रितेश की शुरुआती पढ़ाई मुंबई के जी.डी. सोमानी मेमोरियल स्कूल से हुई। इसके बाद उन्होंने कमला रहेजा कॉलेज ऑफ आर्किटेक्चर एंड एनवायरनमेंटल स्टडीज, मुंबई से आर्किटेक्चर की डिग्री हासिल की। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने कुछ समय न्यूयॉर्क की एक आर्किटेक्चर फर्म में काम किया। उस दौर में उनका फोकस पूरी तरह आर्किटेक्चर करियर पर था और उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि फिल्मों में काम करेंगे। रितेश को कॉलेज के दिनों से ही स्टेज, एक्टिंग और एंटरटेनमेंट पसंद था। हालांकि वह काफी शर्मीले स्वभाव के थे। राजनीतिक परिवार से होने की वजह से वह सीमित दायरे में रहते थे और उन्हें लगता था कि संभलकर रहना चाहिए। ‘तुझे मेरी कसम’ से फिल्मों में एंट्री रितेश का फिल्मों में आने का विचार धीरे-धीरे बना। उस समय तेलुगु फिल्म ‘नुव्वे कवाली’ बड़ी हिट हुई थी और इसके हिंदी रीमेक की तैयारी चल रही थी। इसी दौरान रितेश तक फिल्म की स्क्रिप्ट पहुंची। शुरुआत में उन्होंने ओरिजिनल फिल्म देखने की कोशिश की, लेकिन भाषा समझ नहीं आने की वजह से ज्यादा देर नहीं देख पाए। बाद में निर्देशक के. विजय भास्कर ने उन्हें हैदराबाद बुलाकर पूरी स्क्रिप्ट सुनाई। रितेश स्क्रिप्ट और किरदार की सादगी से प्रभावित हुए। उन्हें लगा कि यह किरदार उनकी कॉलेज लाइफ जैसा है। रितेश कहते हैं- ‘तुझे मेरी कसम’ के जरिए मुझे सब करने का मौका मिला, जो मैं कॉलेज के दिनों में कभी खुलकर नहीं कर पाया था। लोग एक्टर से ज्यादा सीएम का बेटा मानते थे उस समय इंडस्ट्री में चर्चा थी कि मुख्यमंत्री के बेटे होने की वजह से उन्हें आसानी से लॉन्च मिल गया। लेकिन रितेश मानते हैं कि इस बैकग्राउंड की वजह से उन पर दबाव भी बहुत ज्यादा था। लोग उन्हें एक्टर से ज्यादा सीएम का बेटा मानते थे। डेब्यू के बाद उनका करियर आसान नहीं रहा। उनकी कई फिल्में लगातार फ्लॉप रहीं और इंडस्ट्री में धारणा बनने लगी कि वह ज्यादा समय तक नहीं टिक पाएंगे। सिद्धार्थ कन्नन को दिए इंटरव्यू में रितेश ने बताया था कि जब उन्होंने फिल्मों में कदम रखा, तब उन्हें भरोसा नहीं था कि वह इंडस्ट्री में लंबे समय तक टिक पाएंगे। फिल्में फ्लॉप हुईं तो एक्टिंग छोड़ने का ख्याल आया रितेश ने बताया कि एक समय ऐसा आया जब उनकी लगातार पांच फिल्में बॉक्स ऑफिस पर नहीं चलीं। उस दौर में उन्हें लगने लगा था कि उनका करियर खत्म हो चुका है। उन्होंने कहा था- एक वक्त ऐसा आया जब मेरी लगातार पांच फिल्में फ्लॉप हुईं। तब मैंने सोचा- बस, अब पैकअप… मैं वापस आर्किटेक्चर में चला जाऊंगा। उस दौर में इंडस्ट्री में चर्चा शुरू हो गई थी कि रितेश शायद लंबे समय तक बॉलीवुड में टिक नहीं पाएंगे। लगातार असफल फिल्मों की वजह से उनका आत्मविश्वास भी प्रभावित हुआ। कॉमेडी फिल्मों ने इंडस्ट्री में टिकने का मौका दिया लगातार असफलताओं के बाद रितेश के करियर ने नया मोड़ लिया। फ्लॉप फिल्मों के बाद जब उनकी फिल्में सफल होने लगीं, तो उन्हें लगा कि इंडस्ट्री में उनकी नई जिंदगी शुरू हो गई है। कॉमेडी फिल्मों में रितेश देशमुख की टाइमिंग दर्शकों को पसंद आने लगी। ‘मस्ती’, ‘क्या कूल हैं हम’, ‘मालामाल वीकली’, ‘हे बेबी’, ‘धमाल’ और ‘हाउसफुल’ जैसी फिल्मों ने उन्हें बॉलीवुड में पहचान दिलाई। दैनिक भास्कर से बातचीत में रितेश देशमुख कहते हैं- मैं लोगों का आभारी हूं। उस दौर में जब मैंने डेब्यू किया था, अगर किसी एक तरह की फिल्म हिट हो जाती थी तो उसी तरह के और काम मिलते थे। इसलिए मेरी एक कॉमेडी फिल्म चली, तो फिर मुझे दूसरी और तीसरी कॉमेडी फिल्म मिलीं। मैं खुशकिस्मत था कि कॉमेडी-जेनर ने मुझे लंबे समय तक इंडस्ट्री में बनाए रखा। रितेश के मुताबिक, राजनीतिक परिवार से आने की वजह से उन्होंने बचपन से हार और वापसी दोनों करीब से देखी हैं। यही वजह है कि वह असफलता से जल्दी टूटते नहीं हैं। कॉमेडी इमेज तोड़ने का फैसला किया रितेश देशमुख लंबे समय तक बॉलीवुड में कॉमेडी फिल्मों के लिए पहचाने जाते रहे। लेकिन करियर के एक दौर में उन्होंने अपनी इमेज तोड़ने का फैसला किया। उन्होंने ऐसे किरदार चुनने शुरू किए, जिनमें उनका डार्क और खतरनाक अंदाज दिखाई दे। दिलचस्प बात यह रही कि विलेन के रूप में भी उन्हें काफी सराहना मिली। ‘एक विलेन’ बना करियर का टर्निंग पॉइंट रितेश के करियर का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट ‘एक विलेन’ रही। साल 2014 में रिलीज हुई इस फिल्म में उन्होंने राकेश महाडकर नाम के सीरियल किलर का किरदार निभाया था। फिल्म में उनका किरदार एक आम आदमी का था, जो बाहर से शांत और साधारण नजर आता है, लेकिन अंदर से बेहद हिंसक और मानसिक रूप से परेशान होता है। राकेश अपनी पत्नी से लगातार अपमानित महसूस करता है और इसी कुंठा में महिलाओं की बेरहमी से हत्या करने लगता है। फिल्म में रितेश का शांत चेहरा और अचानक हिंसक हो जाना दर्शकों के लिए काफी शॉकिंग था। साबित किया कि सिर्फ कॉमेडी एक्टर नहीं हैं ‘एक विलेन’ के रोल के लिए रितेश की काफी तारीफ हुई। कई क्रिटिक्स ने लिखा कि रितेश ने पहली बार साबित किया कि वह सिर्फ कॉमेडी एक्टर नहीं हैं। साल 2019 में फिल्म ‘मरजावां’ में रितेश ने विष्णु शेट्टी नाम का निगेटिव किरदार निभाया। यह रोल अलग था, क्योंकि फिल्म में उनका किरदार बौने गैंगस्टर का था। विष्णु बेहद गुस्सैल, सनकी और पावर का भूखा इंसान होता है। फिल्म में वह सिद्धार्थ मल्होत्रा के किरदार से नफरत करता है और अपने वर्चस्व के लिए किसी भी हद तक चला जाता है। हालांकि फिल्म को मिश्रित प्रतिक्रिया मिली, लेकिन रितेश के डायलॉग्स और स्क्रीन प्रेजेंस की काफी चर्चा हुई। खासकर उनका डायलॉग- “कमिनेपन की हाइट तीन फुट” सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। रितेश कहा कि ‘एक विलेन’ उनके लिए बड़ा रिस्क थी, क्योंकि लोग उन्हें उस तरह के किरदार में देखने के आदी नहीं थे। लेकिन फिल्म की सफलता के बाद इंडस्ट्री का नजरिया बदल गया। इसके बाद उन्हें अलग तरह के रोल मिलने शुरू हुए। रितेश की सबसे बड़ी ताकत उनका सॉफ्ट फेस माना जाता है। स्क्रीन पर वह सामान्य और शांत इंसान जैसे दिखते हैं। यही वजह है कि जब वह अचानक हिंसक या खतरनाक किरदार निभाते हैं, तो उसका असर ज्यादा मजबूत दिखाई देता है। क्रिटिक्स का मानना है कि रितेश ने विलेन के किरदारों में ओवरएक्टिंग के बजाय शांत और दबे हुए गुस्से का इस्तेमाल किया, जिसने उनके रोल्स को ज्यादा डरावना बनाया। प्रोड्यूसर और डायरेक्टर के तौर पर नई पारी की शुरुआत अभिनेता होने के साथ-साथ रितेश देशमुख अब प्रोड्यूसर और डायरेक्टर के तौर पर भी मराठी इंडस्ट्री में बड़ा नाम बन चुके हैं। रितेश और उनकी पत्नी जेनेलिया डिसूजा ने मिलकर ‘मुंबई फिल्म कंपनी’ नाम की प्रोडक्शन कंपनी शुरू की। राजनीतिक परिवार से आने वाले रितेश हमेशा से मराठी संस्कृति और इतिहास से जुड़े रहे हैं। यही वजह है कि उन्होंने मराठी फिल्मों को बड़े स्तर पर पेश करने की कोशिश की और ऐसी फिल्में बनाई, जिनका स्केल हिंदी फिल्मों जैसा दिखाई दे। ‘लय भारी’ ने मराठी सिनेमा की तस्वीर बदल दी साल 2014 में रिलीज हुई ‘लय भारी’ रितेश के मराठी करियर की सबसे बड़ी फिल्मों में गिनी जाती है। इस फिल्म को जेनेलिया ने प्रोड्यूस किया था और डायरेक्टर निशिकांत कामत थे। फिल्म में रितेश ने दोहरे रोल निभाए थे। एक्शन, भावनाएं और जनप्रिय मनोरंजन से भरपूर इस फिल्म ने मराठी बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड कमाई की थी। उस दौर में मराठी फिल्मों का बजट अपेक्षाकृत कम माना जाता था, लेकिन ‘लय भारी’ ने साबित किया कि मराठी सिनेमा भी बड़े पैमाने पर बनी फिल्मों को सफल बना सकता है। फिल्म में सलमान खान का छोटा-सा कैमियो भी चर्चा में रहा था। रितेश ने कई मराठी फिल्मों को प्रोड्यूस किया। उनका फोकस ऐसी कहानियों पर रहा, जो मराठी दर्शकों से जुड़ी हों, लेकिन प्रेजेंटेशन और स्केल में राष्ट्रीय स्तर की दिखें। मराठी फिल्म ‘वेद’ से डायरेक्टर बने साल 2022 में मराठी फिल्म ‘वेद’ के जरिए रितेश ने निर्देशन में कदम रखा। यह फिल्म तेलुगु फिल्म ‘मजिली’ की मराठी रीमेक थी। फिल्म में रितेश और जेनेलिया की जोड़ी नजर आई। ‘वेद’ बॉक्स ऑफिस पर बड़ी हिट साबित हुई और मराठी सिनेमा की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों में शामिल हो गई। डायरेक्टर के तौर पर भी रितेश की काफी तारीफ हुई। अब ‘राजा शिवाजी’ से चर्चा में इन दिनों रितेश अपनी महत्वाकांक्षी फिल्म ‘राजा शिवाजी’ को लेकर सुर्खियों में हैं। फिल्म रिलीज हो चुकी है और बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन कर रही है। यह फिल्म ‘छत्रपति शिवाजी महाराज’ के जीवन, युद्ध कौशल और हिंदवी स्वराज्य की स्थापना के संघर्ष पर आधारित है। फिल्म में रितेश ने खुद शिवाजी महाराज की भूमिका निभाई है और निर्देशन भी किया है। सलमान खान समेत कई बड़े स्टार्स की मौजूदगी फिल्म की सबसे बड़ी खासियत इसका बड़ा स्टारकास्ट माना जा रहा है। सलमान खान फिल्म में खास कैमियो रोल में नजर आए हैं। उनके अलावा संजय दत्त, अभिषेक बच्चन, फरदीन खान, विद्या बालन, जेनेलिया और कई मराठी कलाकार भी अहम भूमिकाओं में दिखाई दिए हैं। यह फिल्म मराठी और हिंदी में रिलीज हुई है। खुद को अपडेट रखना बहुत जरूरी है संघर्ष और चुनौतियों पर बात करते हुए रितेश देशमुख कहते हैं- चुनौती और संघर्ष यही है कि समय बदलता रहता है और सिनेमा के साथ दर्शकों की सोच भी बदल जाती है। हम अक्सर उसी पुराने ढंग की एक्टिंग में अटक जाते हैं, क्योंकि वह पहले चली थी। लेकिन समय बदलने पर अगर आप उसी तरह के रहो, तो आउट-डेट लगने लगते हैं। इसलिए अपने आप को समय के साथ अपडेट करना बहुत जरूरी है। _____________________________________________________ पिछले हफ्ते की सक्सेस स्टोरी पढ़िए... पिता बस ड्राइवर थे, ₹300 लेकर एक्टर बनने निकले:थिएटर में ₹50 कमाए, टीवी से शुरुआत करने वाले यश को केजीएफ ने पैन-इंडिया स्टार बनाया यश आज पैन-इंडिया सुपरस्टार हैं, लेकिन उनका सफर संघर्षों से भरा रहा। कर्नाटक के साधारण परिवार में जन्मे यश के पिता BMTC बस ड्राइवर थे, जबकि मां हाउसवाइफ थीं। बचपन से ही उन्होंने तय कर लिया था कि उन्हें सिर्फ एक्टर बनना है। घरवालों की चिंता और पैसों की तंगी के बावजूद वे महज ₹300 लेकर बेंगलुरु पहुंचे।पूरी खबर पढ़ें..
रणवीर सिंह स्टारर फिल्म 'धुरंधर 2' बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड ब्रेकिंग परफॉरमेंस के बाद अब डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रिलीज के लिए तैयार है। आदित्य धर के निर्देशन में बनी यह फिल्म 5 जून से जियो-हॉटस्टार पर स्ट्रीम होगी। फिल्म का डिजिटल प्रीमियर 4 जून को शाम 7 बजे रखा गया है। वर्ल्डवाइड 3000 करोड़ रुपए से ज्यादा का कलेक्शन कर यह फ्रेंचाइजी भारत की सबसे सफल फिल्म सीरीज बन चुकी है। सोशल मीडिया पर हुई स्ट्रीमिंग की घोषणाफिल्म की ओटीटी रिलीज की जानकारी स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म ने अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम हैंडल पर दी है। पोस्ट में लिखा गया, आंधी बनके जो आ रहा है उसे धुरंधर कहते हैं। देखिए धुरंधर: द रिवेंज, रॉ और अनदेखा। ग्रैंड डिजिटल प्रीमियर 4 जून शाम 7 बजे, स्ट्रीमिंग शुरू 5 जून से सिर्फ जियो-हॉटस्टार पर। भारत की दूसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म धुरंधर: द रिवेंज बॉक्स ऑफिस पर लगातार रिकॉर्ड बना रही है। फिल्म ने अब तक भारत में करीब ₹1144 करोड़ नेट कलेक्शन और दुनियाभर में लगभग ₹1795 करोड़ ग्रॉस कमाई कर ली है। फिल्म ने पेड प्रीव्यू से ₹75 करोड़ कमाकर नया रिकॉर्ड बनाया था और बाद में वर्ल्डवाइड कलेक्शन में बाहुबली 2: द कंक्लूजन को भी पीछे छोड़ दिया। यह भारत में दूसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म है। धुरंधर और धुरंधर 2 ने मिलकर दुनियाभर में 3,000 करोड़ रुपए से ज्यादा की कमाई कर ली। इसके बाद यह 3,000 करोड़ रुपए से ज्यादा कमाने वाली पहली भारतीय फिल्म फ्रेंचाइजी बन गई है। जब किसी एक फिल्म की सफलता के बाद उसके एक से ज्यादा पार्ट बनाए जाते हैं तो वह एक फ्रेंचाइजी का रूप ले लेती है। फिल्म में लंबी स्टारकास्ट इस सीक्वल में रणवीर सिंह मुख्य भूमिका में हैं। उनके अलावा फिल्म में संजय दत्त, आर माधवन, अर्जुन रामपाल, सारा अर्जुन, गौरव गेरा, राकेश बेदी और ब्रजेंद्र काला जैसे कलाकार नजर आएंगे। बता दें कि इस फ्रेंचाइजी के पहले हिस्से में अक्षय खन्ना ने भी अहम भूमिका निभाई थी। फिल्म को ज्योति देशपांडे और आदित्य धर ने मिलकर जियो स्टूडियोज और B62 स्टूडियोज के बैनर तले प्रोड्यूस किया है। अर्जुन बोले- ऐसी फिल्म से इतिहास बनता हैफिल्म में मेजर इकबाल का किरदार निभाने वाले एक्टर अर्जुन रामपाल ने इस सफलता पर खुशी जताई है। हाल ही में उन्होंने ANI से बातचीत में कहा, इतनी बड़ी फिल्म का हिस्सा बनना हर किसी का सपना होता है। करियर में ऐसी फिल्म मिलना बहुत जरूरी है, क्योंकि आप एक तरह से इतिहास का हिस्सा बन जाते हैं। जब आप ऐसी फिल्म से जुड़ते हैं, तो इसका फायदा पूरी टीम को मिलता है। आदित्य धर ने अलग सोच के साथ किया कास्टमेजर इकबाल के रोल में अपनी कास्टिंग को याद करते हुए अर्जुन ने बताया कि उन्होंने डायरेक्टर आदित्य धर से पूछा था कि वे उन्हें इस रोल में कैसे देखते हैं। इस पर आदित्य ने कहा था, मैंने आपकी सभी फिल्में देखी हैं। मुझे पता है कि आप इस किरदार में जो भी नयापन लाएंगे, वो बिल्कुल अलग होगा। अर्जुन के मुताबिक, यहीं से उनका सफर शुरू हुआ और फिल्म ने कामयाबी की नई दास्तान लिख दी।
एक्ट्रेस आलिया भट्ट कांस फिल्म फेस्टिवल 2026 में अपने लुक्स को लेकर चर्चा में रहीं, लेकिन सोशल मीडिया पर उन्हें ट्रोलिंग का सामना भी करना पड़ा। कुछ वीडियो वायरल होने के बाद दावा किया गया कि इंटरनेशनल पैपराजी ने उन्हें इग्नोर किया। अब एक्टर सोनू सूद आलिया के समर्थन में उतरे हैं। सोनू ने लोगों से अपील की है कि वे इंटरनेशनल स्टेज पर भारतीय कलाकारों का हौसला बढ़ाएं, न कि उनकी कमियां ढूंढें। सोनू सूद बोले- कांस में खड़ा होना ही बड़ी उपलब्धिसोनू सूद ने सोशल मीडिया पर एक मैसेज शेयर किया है। हालांकि उन्होंने पोस्ट में सीधे तौर पर आलिया का नाम नहीं लिया, लेकिन फैंस इसे आलिया के सपोर्ट में देख रहे हैं। सोनू ने लिखा, जब हमारा कोई इंटरनेशनल स्टेज पर जाता है, तो यह गर्व का पल होना चाहिए, कमियां निकालने का नहीं। हर उपलब्धि को कैमरों, हेडलाइंस या अजनबियों की वाहवाही की जरूरत नहीं होती। वहां खड़े होकर ग्रेस के साथ अपने क्राफ्ट का प्रतिनिधित्व करना ही बड़ी उपलब्धि है। दूसरों को नीचे गिराने वालों के पास सपने नहीं होतेसोनू ने ट्रोलिंग कल्चर पर तंज कसते हुए आगे लिखा, आज की दुनिया को ट्रोल करने की लत लग गई है, लेकिन आप दूसरों का हौसला बढ़ाना चुनें। जो लोग अपने सपने पूरे करने में बिजी होते हैं, उनके पास दूसरों को नीचे गिराने का वक्त नहीं होता। चमकते रहो मेरे दोस्त, जिन्हें तुम्हारी रोशनी देखनी थी उन्होंने देख ली। आलिया ने भी ट्रोल को दिया मजेदार जवाबइससे पहले आलिया ने भी अपनी इंस्टाग्राम पोस्ट पर एक ट्रोल को जवाब दिया था। एक यूजर ने आलिया की आइवरी साड़ी वाली फोटो पर कमेंट किया था- कितने दुख की बात है, वहां किसी ने आपको नोटिस ही नहीं किया। इस पर आलिया ने शांति और शालीनता से जवाब दिया, दुख कैसा प्यार? आपने तो मुझे नोटिस किया । अली गोनी और राहुल वैद्य ने भी उठाई आवाजआलिया के सपोर्ट में केवल सोनू सूद ही नहीं, बल्कि टीवी एक्टर अली गोनी और सिंगर राहुल वैद्य भी सामने आए। अली गोनी ने सोशल मीडिया पर लिखा था कि यह देखना दुखद है कि जब कोई भारत को ग्लोबल लेवल पर रिप्रजेंट कर रहा है, तो हमारे अपने ही लोग उसका मजाक उड़ा रहे हैं। राहुल वैद्य ने भी लोगों से भारतीय कलाकारों के प्रति दयालु रहने की अपील की। लगातार दूसरी बार कांस पहुंचीं आलियाआलिया भट्ट ने इस साल लगातार दूसरी बार कांस फिल्म फेस्टिवल के रेड कार्पेट पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। उन्होंने 2025 में यहां अपना डेब्यू किया था। इस साल आलिया ने भारत पैवेलियन के लिए आइवरी सिल्क साड़ी-गाउन और फिल्म स्क्रीनिंग के लिए सिंड्रेला स्टाइल का ब्लू गाउन चुना था।
एक्ट्रेस आलिया भट्ट कांस फिल्म फेस्टिवल 2026 में अपने लुक्स को लेकर चर्चा में रहीं, लेकिन सोशल मीडिया पर उन्हें ट्रोलिंग का सामना भी करना पड़ा। कुछ वीडियो वायरल होने के बाद दावा किया गया कि इंटरनेशनल पैपराजी ने उन्हें इग्नोर किया। अब एक्टर सोनू सूद आलिया के समर्थन में उतरे हैं। सोनू ने लोगों से अपील की है कि वे इंटरनेशनल स्टेज पर भारतीय कलाकारों का हौसला बढ़ाएं, न कि उनकी कमियां ढूंढें। सोनू सूद बोले- कांस में खड़ा होना ही बड़ी उपलब्धिसोनू सूद ने सोशल मीडिया पर एक मैसेज शेयर किया है। हालांकि उन्होंने पोस्ट में सीधे तौर पर आलिया का नाम नहीं लिया, लेकिन फैंस इसे आलिया के सपोर्ट में देख रहे हैं। सोनू ने लिखा, जब हमारा कोई इंटरनेशनल स्टेज पर जाता है, तो यह गर्व का पल होना चाहिए, कमियां निकालने का नहीं। हर उपलब्धि को कैमरों, हेडलाइंस या अजनबियों की वाहवाही की जरूरत नहीं होती। वहां खड़े होकर ग्रेस के साथ अपने क्राफ्ट का प्रतिनिधित्व करना ही बड़ी उपलब्धि है। दूसरों को नीचे गिराने वालों के पास सपने नहीं होतेसोनू ने ट्रोलिंग कल्चर पर तंज कसते हुए आगे लिखा, आज की दुनिया को ट्रोल करने की लत लग गई है, लेकिन आप दूसरों का हौसला बढ़ाना चुनें। जो लोग अपने सपने पूरे करने में बिजी होते हैं, उनके पास दूसरों को नीचे गिराने का वक्त नहीं होता। चमकते रहो मेरे दोस्त, जिन्हें तुम्हारी रोशनी देखनी थी उन्होंने देख ली। आलिया ने भी ट्रोल को दिया मजेदार जवाबइससे पहले आलिया ने भी अपनी इंस्टाग्राम पोस्ट पर एक ट्रोल को जवाब दिया था। एक यूजर ने आलिया की आइवरी साड़ी वाली फोटो पर कमेंट किया था- कितने दुख की बात है, वहां किसी ने आपको नोटिस ही नहीं किया। इस पर आलिया ने शांति और शालीनता से जवाब दिया, दुख कैसा प्यार? आपने तो मुझे नोटिस किया । अली गोनी और राहुल वैद्य ने भी उठाई आवाजआलिया के सपोर्ट में केवल सोनू सूद ही नहीं, बल्कि टीवी एक्टर अली गोनी और सिंगर राहुल वैद्य भी सामने आए। अली गोनी ने सोशल मीडिया पर लिखा था कि यह देखना दुखद है कि जब कोई भारत को ग्लोबल लेवल पर रिप्रजेंट कर रहा है, तो हमारे अपने ही लोग उसका मजाक उड़ा रहे हैं। राहुल वैद्य ने भी लोगों से भारतीय कलाकारों के प्रति दयालु रहने की अपील की। लगातार दूसरी बार कांस पहुंचीं आलियाआलिया भट्ट ने इस साल लगातार दूसरी बार कांस फिल्म फेस्टिवल के रेड कार्पेट पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। उन्होंने 2025 में यहां अपना डेब्यू किया था। इस साल आलिया ने भारत पैवेलियन के लिए आइवरी सिल्क साड़ी-गाउन और फिल्म स्क्रीनिंग के लिए सिंड्रेला स्टाइल का ब्लू गाउन चुना था।
बॉलीवुड में स्पोर्ट्स ड्रामा की विश्वसनीयता हमेशा एक बड़ी कसौटी रही है और इसी कसौटी पर खरे उतरने के लिए पुलकित सम्राट ने अपनी अपकमिंग नेटफ्लिक्स सीरीज़ ‘ग्लोरी’ में खुद को पूरी तरह ढाल दिया है। हाल ही में रिलीज हुई इस सीरीज में वह एक प्रोफेशनल बॉक्सर के रोल में नजर आ रहे हैं। ट्रेलर लॉन्च के दौरान उन्होंने पेशेवर बॉक्सर नीरज गोयत के साथ लाइव रिंग में उतरकर सभी को चौंका दिया था। एक्टर से फाइटर जैसा बनने की जर्नी काफी चैलेंजिंग रही पुलकित के ट्रेनर ड्रयू नील के मुताबिक उनका मकसद केवल उन्हें बॉक्सिंग सिखाना नहीं था, बल्कि उन्हें एक असली बॉक्सर में बदलना था। ड्रयू ने इस प्रक्रिया को एक इंस्पायरिंग जर्नी बताया, जिसमें पुलकित को सिर्फ रिंग में सही दिखना ही नहीं, बल्कि एक फाइटर की तरह सोचना और महसूस करना भी सिखाया गया। ड्रयू के अनुसार उन्होंने शूटिंग से करीब 9 महीने पहले ट्रेनिंग शुरू की, जो बेहद कम समय माना जाता है। तैयारी में सिर्फ फिटनेस नहीं, फंक्शनल स्ट्रेंथ पर रहा फोकसबॉक्सर बनने की तैयारी में सबसे बड़ा बदलाव पुलकित की फिटनेस अप्रोच में आया। जहां आमतौर पर एक्टर्स स्क्रीन पर अच्छे दिखने के लिए मसल्स पर काम करते हैं, वहीं ड्रयू ने उनके शरीर को फंक्शनल बनाने पर जोर दिया। पुलकित पहले से ही फिट और रिप्ड थे, लेकिन उन्हें रिंग के हिसाब से मजबूत बनाने के लिए उनका वजन संतुलित किया गया ताकि वह मुकाबले के दौरान लंबे समय तक टिक सकें और प्रभावी प्रदर्शन कर सकें। हजारों रियल पंच मारे, पूरी ट्रेनिंग शरीर की असली परीक्षा भी हुई ट्रेनिंग का सबसे कठिन हिस्सा था स्टैमिना और रिपिटेशन। ड्रयू के मुताबिक पुलकित को रोजाना हजारों जैब्स और क्रॉसेस मारने पड़ते थे, जिससे उनके कंधों पर जबरदस्त दबाव पड़ा। यह उनके लिए नया अनुभव था, क्योंकि पहले उन्होंने इस तरह की लगातार पंचिंग ट्रेनिंग नहीं की थी। शरीर को लंबे समय तक लगातार एक्टिव रखने और उसी तीव्रता से प्रदर्शन करने के लिए उन्हें कड़े मैराथन सेशन्स से गुजरना पड़ा। पुलकित के इस सफर की गवाह उनकी पत्नी और कृति खरबंदा भी रहीं, जिन्होंने उनकी मेहनत की सराहना की और एक इमोशनल नोट भी शेयर किया।
फिल्ममेकर मीरा नायर ने हाल ही में मशहूर चित्रकार अमृता शेरगिल के जीवन से प्रेरित अपनी नई फिल्म ‘अमरी’ का ऐलान किया। इसके बाद से इंडस्ट्री में एक बार फिर अमृता प्रीतम की भी बायोपिक को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं। खबरें सामने आते ही बॉलीवुड में उस दूसरी ‘अमृता’ यानि अमृता प्रीतम की अधूरी कहानी फिर याद की जाने लगी, जिस पर सालों से फिल्म बनाने की कोशिशें होती रही हैं। भंसाली का ड्रीम प्रोजेक्ट बनकर रह गई ‘गुस्ताखियां’ अमृता प्रीतम की जिंदगी को बड़े परदे पर उतारने की सबसे बड़ी कोशिश संजय लीला भंसाली ने की थी। ‘गुस्ताखियां’ नाम के प्रोजेक्ट पर वह लंबे समय तक काम करते रहे हैं। शाहरुख- प्रियंका के नाम ने भी बटोरी थीं सुर्खियां भंसाली की फिल्म के लिए पहले ऐश्वर्या राय बच्चन का नाम सामने आया था। बाद में करीना कपूर खान भी इस प्रोजेक्ट से जुड़ीं। हालांकि, मेल लीड और डेट्स की समस्याओं के चलते फिल्म आगे नहीं बढ़ पाई। भंसाली के अलावा डायरेक्टर जसमीत के. रीन ने भी अमृता प्रीतम और साहिर की कहानी पर काम शुरू किया था। शाहरुख खान, रेड चिलीज एंटरटेनमेंट के जरिए इसे प्रोड्यूस कर करने वाले थे और संभवतः खुद साहिर का किरदार भी प्ले करते। वहीं, अमृता प्रीतम के रोल के लिए सबसे ज्यादा चर्चा प्रियंका चोपड़ा जोनास के नाम की थी। ‘अमरी’ का रिस्पॉन्स मेकर्स को देगा एक नई हिम्मत माना जा रहा है कि अगर ‘अमरी’ दर्शकों और क्रिटिक्स के बीच चर्चा का विषय बनती है, तो फिल्ममेकर्स फिर से अमृता प्रीतम की कहानी को बड़े परदे पर लाने का रिस्क ले सकते हैं। फिलहाल, हिंदी सिनेमा की यह सबसे चर्चित अधूरी बायोपिक्स में से एक बनी हुई है, जिसका इंतजार दर्शकों को सालों से है। जानकारों के मुताबिक, अमृता प्रीतम की कहानी में प्रेम, दर्द, विद्रोह और साहित्य का ऐसा मेल है, जो बड़े परदे के लिए परफेक्ट माना जाता है। साहिर लुधियानवी के लिए उनका प्रेम, उनकी कविताएं और बाद में इमरोज के साथ उनका रिश्ता हमेशा लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा। यही वजह है कि हर दौर के बड़े फिल्ममेकर्स उनकी जिंदगी को बेहद सिनेमैटिक मानते रहे हैं।
मुंबई क्राइम ब्रांच की प्रॉपर्टी सेल ने बॉलीवुड एक्टर जावेद जाफरी की पत्नी हबीबा जाफरी से हुई 16.24 करोड़ रुपए की ठगी के मामले में मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। इस हाई-प्रोफाइल केस में बीएमसी (BMC) के असिस्टेंट कमिश्नर महेश पाटिल समेत 6 लोगों के खिलाफ केस दर्ज हुआ है। आरोपियों ने टैक्स सेटलमेंट और इन्वेस्टमेंट के नाम पर जाफरी परिवार को अपनी साजिश में फंसाया। बीएमसी नोटिस से हुई ठगी की शुरुआत ठगी की शुरुआत अप्रैल 2024 में हुई। हबीबा जाफरी को उनके अंधेरी स्थित बंगले का प्रॉपर्टी टैक्स भरने के लिए बीएमसी से एक नोटिस मिला। इसी दौरान एक परिचित के जरिए उनकी मुलाकात बीएमसी जी-साउथ वार्ड के असिस्टेंट कमिश्नर महेश पाटिल से हुई। पाटिल ने पहले टैक्स सेटलमेंट का भरोसा दिया और फिर उन्हें बांद्रा (पश्चिम) के 'न्यू कमलकुंज' कमर्शियल प्रोजेक्ट में निवेश करने का लालच दिया। भरोसा जीतने के लिए दिखाईं फर्जी रिपोर्ट्स असिस्टेंट कमिश्नर ने हबीबा की मुलाकात कारोबारी निशित पटेल से कराई। निशित ने खुद को बड़े बिल्डरों का पार्टनर बताया और दावा किया कि इस प्रोजेक्ट में पहले से 150 करोड़ रुपए का निवेश हो चुका है। जाफरी परिवार का भरोसा जीतने के लिए आरोपियों ने घर जाकर नक्शे, फर्जी लेटरहेड और विदेशी बैंकों के साथ प्री-लीज एग्रीमेंट के कागजात दिखाए। उन्होंने वादा किया कि दिसंबर 2025 तक उन्हें कमर्शियल स्पेस का कब्जा मिल जाएगा। घर पर की फर्जी रजिस्ट्री साजिश को असली दिखाने के लिए आरोपी रूपेश, देवेंद्र पडवल और उनके साथी सरकारी मशीनों जैसी डिवाइस लेकर जाफरी परिवार के घर पहुंचे। उन्होंने घर पर ही हबीबा के फोटो, फिंगरप्रिंट और हस्ताक्षर लिए और दावा किया कि सरकारी रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी हो गई है। बाद में उन्हें दस्तावेजों की फोटोकॉपी थमा दी गई। जब असली कागजात मांगे गए, तो बिल्डर के पास होने का बहाना बनाया गया। फ्लैट और बंगला बेचकर जुटाए 16.24 करोड़ आरोपियों के झांसे में आकर जावेद जाफरी, उनकी पत्नी हबीबा और भाई नावेद जाफरी ने अपनी संपत्तियां बेचकर पैसा जुटाया। पुलिस के मुताबिक, यह रकम पूजन टेक्नोलॉजीज, उदित ट्रेडर्स और एशियन फूड जैसी शेल कंपनियों के खातों में ट्रांसफर की गई। कुल 16.24 करोड़ की ठगी में कैश के अलावा विदेशी करेंसी और एक लग्जरी घड़ी भी शामिल है। निशित 19 मई तक पुलिस रिमांड पर धोखाधड़ी का अहसास होने पर हबीबा जाफरी ने खार पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। जांच के बाद क्राइम ब्रांच ने निशित पटेल को पकड़ लिया। निशित ने पूछताछ में फर्जी दस्तावेज तैयार करने की बात कबूल ली है। कोर्ट ने उसे 19 मई तक पुलिस रिमांड पर भेजा है। पुलिस अब फरार चल रहे असिस्टेंट कमिश्नर महेश पाटिल और अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।
वेटरन सिंगर ऊषा उत्थुप ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक पोस्ट पर रिएक्ट किया, जिसमें उनके एक गाने को ममता बनर्जी की हालिया चुनावी हार से जोड़ा गया। सिंगर ने इन दावों को गलत बताया। दरअसल, यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब X पर एक यूजर ने उत्थुप का बंगाली गाना 'दीदी' गाते हुए वीडियो शेयर किया। पोस्ट में दावा किया गया कि सिंगर पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस (TMC) की हार का जश्न मना रही हैं। पोस्ट में यह भी कहा गया कि TMC शासन के दौरान उनके कार्यक्रमों के लिए कट मनी मांगी जाती थी, जिसके कारण वह कोलकाता छोड़कर मुंबई चली गई थीं। यूजर ने लिखा कि अब वह वापस लौट आई हैं। सिंगर ने दावों को बताया गलत इन दावों पर रिएक्ट करते हुए ऊषा उत्थुप ने इंस्टाग्राम पर लिखा, ‘सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X, इंस्टाग्राम और व्हाट्सऐप पर मेरे बारे में एक पोस्ट वायरल हो रही है। मैं साफ करना चाहती हूं कि उस पोस्ट में कही गई कई बातें गलत और भ्रामक हैं। जिस गाने की बात हो रही है, वह एक बंगाली गाना है। इसे कई साल पहले बनाया गया था और यह एक अरबी धुन से प्रेरित है। मैं पिछले 20 सालों से इसे सिर्फ एक संगीत प्रस्तुति के तौर पर गाती आ रही हूं।’ सिंगर ने आगे लिखा, ‘मैं यह भी साफ करना चाहती हूं कि मैं 1976 से कोलकाता में रह रही हूं। मैंने कभी कोलकाता छोड़कर मुंबई शिफ्ट नहीं किया। कोलकाता हमेशा मेरा घर रहा है और मैं आज भी यहां के लोगों और इस शहर से बहुत प्यार करती हूं।’ पोस्ट के अंत में ऊषा उत्थुप ने लिखा, ‘उस पोस्ट में जो बातें, टिप्पणियां और कहानियां फैलाई जा रही हैं, उनका मुझसे कोई लेना-देना नहीं है। मैं उनसे खुद को नहीं जोड़ती और उनकी कोई जिम्मेदारी नहीं लेती। कृपया मुझे बेवजह ऐसे विवादों में न घसीटें, जिनसे मेरा कोई संबंध नहीं है। ढेर सारा प्यार, दीदी (ऊषा उत्थुप)।’ बंगाल चुनाव में TMC की हार हुई गौरतलब है कि हाल ही में भारतीय जनता पार्टी ने 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में शानदार जीत हासिल की। पार्टी ने 294 सदस्यों वाली विधानसभा में 207 सीटें जीतीं, जबकि ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस 15 साल बाद सत्ता से बाहर हो गई। पार्टी की सीटों की संख्या 215 से घटकर 80 हो गई और ममता बनर्जी भी अपनी भवानीपुर सीट हार गईं। बीजेपी के नेता शुभेंदु अधिकारी ने उन्हें 15,000 से अधिक वोटों के अंतर से हराया। शुभेंदु अधिकारी ने 9 मई 2026 को राज्य के पहले भाजपा (BJP) मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली।
सुपरस्टार रजनीकांत की आने वाली तमिल फिल्म 'जेलर 2' के सेट पर करंट लगने से एक कर्मचारी की मौत हो गई है। यह हादसा चेन्नई के ईस्ट कोस्ट रोड (ECR) पर पनैयूर स्थित आदित्यराम फिल्म सिटी के एक सेट पर हुआ। PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, मृतक की पहचान 28 साल के कार्तिकेयन के तौर पर हुई है। यह हादसा पनैयूर में शूटिंग की जगह पर हुआ। मिली जानकारी के मुताबिक, कार्तिकेयन फिल्म की शूटिंग के लिए घर जैसा सेट तैयार करने का काम कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें जोरदार करंट लगा, जिससे उनकी मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, कार्तिकेयन आर्ट डायरेक्शन से जुड़े काम में लगे हुए थे। कनाथुर पुलिस ने बताया कि मामले में अभी FIR दर्ज नहीं हुई है। पुलिस फिलहाल उस परिस्थिति की जांच कर रही है, जिसकी वजह से बिजली का लीकेज हुआ। जेलर 2 की शूटिंग पूरी हो चुकी यह घटना उस घोषणा के कुछ दिनों बाद हुई है, जब फिल्म की प्रोडक्शन कंपनी सन पिक्चर्स ने बताया था कि जेलर 2 की शूटिंग पूरी हो चुकी है। 21 अप्रैल को मेकर्स ने सोशल मीडिया पर रैप-अप पार्टी की तस्वीरें शेयर की थीं, जिनमें रजनीकांत और डायरेक्टर नेल्सन कलाकारों और क्रू के साथ केक काटते नजर आए थे। फिल्म की रिलीज डेट बदल सकती है रजनीकांत ने पहले मीडिया को बताया था कि फिल्म 12 जून को रिलीज हो सकती है। वहीं, हाल ही में पिंकविला की रिपोर्ट ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि फिल्म की रिलीज डेट में बदलाव हो सकता है। अब फिल्म को 4 सितंबर 2026 को रिलीज किए जाने की संभावना जताई जा रही है। यह तारीख कृष्ण जयंती के मौके पर पड़ रही है। फिल्म 2023 की ब्लॉकबस्टर जेलर का सीक्वल है। इसमें राम्या कृष्णन, योगी बाबू और मिर्ना अपने पुराने किरदारों में लौटेंगे। पहली फिल्म में मोहनलाल, शिवराजकुमार और जैकी श्रॉफ ने कैमियो किया था। विनायकन, वसंत रवि, तमन्ना भाटिया और सुनील भी अहम रोल में दिखे थे। सैकनिल्क के मुताबिक, लगभग ₹200 करोड़ के बजट में बनी जेलर ने दुनिया भर में ₹604.5 करोड़ की कमाई की थी। साउथ फिल्मों के सेट पर पहले भी हादसे हुए गौरतलब है कि इससे पहले भी साउथ फिल्मों के सेट पर हादसे हुए हैं। फिल्म ‘सरदार 2’ के सेट पर 54 वर्षीय स्टंटमैन एस. एलुमलाई की मौत स्टंट रिहर्सल के दौरान 20 फीट ऊंचाई से गिरने के कारण हुई थी। वहीं, कमल हासन की फिल्म ‘इंडियन 2’ के सेट पर 19 फरवरी 2020 को बड़ा हादसा हुआ था। यह हादसा चेन्नई के EVP फिल्म सिटी में रात के शूट के दौरान हुआ। शूटिंग के समय एक बड़ी क्रेन पर भारी लाइटिंग सेट लगाया गया था। अचानक क्रेन गिर गई और वहां मौजूद कई लोग उसकी चपेट में आ गए। इस हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई थी। मरने वालों में असिस्टेंट डायरेक्टर कृष्णा, आर्ट असिस्टेंट चंद्रन और प्रोडक्शन असिस्टेंट मधु शामिल थे। कई अन्य लोग घायल भी हुए थे। हादसे के बाद पुलिस ने लापरवाही का केस दर्ज किया था।
दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को त्रिमूर्ति फिल्म्स और फिल्म 'धुरंधर 2' के प्रोड्यूसर्स के बीच कॉपीराइट विवाद में त्रिमूर्ति फिल्म्स को अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया। मामला गाने ‘तिरछी टोपीवाले (ओए ओए)’ से जुड़ा है। त्रिमूर्ति फिल्म्स ने 'धुरंधर 2' की OTT रिलीज रोकने की मांग की थी। जिसको कोर्ट ने रोकने से इनकार कर दिया। हालांकि, जस्टिस तुषार राव गेडेला ने सुपर कैसेट्स को चार हफ्ते के अंदर कोर्ट में 50 लाख रुपए जमा करने का निर्देश दिया। मामले में शिकायतकर्ता त्रिमूर्ति फिल्म्स (राजीव राय) हैं और प्रतिवादियों में सुपर कैसेट्स (टी-सीरीज) तथा B62 स्टूडियोज शामिल हैं। बता दें कि सुपर कैसेट्स इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड को दुनिया भर में टी-सीरीज के नाम से जाना जाता है। कोर्ट ने कहा कि इस समय वादी की मांग के अनुसार अंतरिम आदेश देना संभव नहीं है, लेकिन त्रिमूर्ति फिल्म्स के दावे को सुरक्षित करने के लिए जमा राशि की मांग करना सही होगा। बार एंड बेंच की रिपोर्ट के अनुसार, कोर्ट ने निर्देश दिया कि यह रकम रजिस्ट्रार जनरल के नाम पर जमा की जाए और ऑटो-रिन्यूअल में रखी जाए। ट्रायल के अंत में सफल पक्ष को इसका लाभ मिलेगा। आदेश की विस्तृत कॉपी अभी जारी नहीं हुई है। क्या है पूरा मामला? प्रोडक्शन कंपनी त्रिमूर्ति फिल्म्स ने फिल्ममेकर आदित्य धर के प्रोडक्शन हाउस B62 स्टूडियोज के खिलाफ कॉपीराइट उल्लंघन का केस दायर किया था। कंपनी का आरोप था कि फिल्म 'धुरंधर 2' के गाने 'रंग दे लाल (ओए ओए)' में 1989 की फिल्म 'त्रिदेव' के फेमस गाने 'तिरछी टोपीवाले (ओए ओए)' और उससे मिलती-जुलती धुन का बिना अनुमति इस्तेमाल किया गया। त्रिमूर्ति फिल्म्स का दावा था कि गाने के अधिकार उसके पास हैं और बिना लाइसेंस इसके इस्तेमाल से कॉपीराइट का उल्लंघन हुआ। कंपनी ने फिल्म की थिएटर रिलीज, डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और प्रमोशनल कंटेंट में गाने के व्यावसायिक उपयोग पर भी आपत्ति जताई। 'तिरछी टोपीवाले' मुख्य रूप से नसीरुद्दीन शाह और सोनम पर फिल्माया गया था। गाने का संगीत कल्याणजी-आनंदजी ने तैयार किया था। इसे अमित कुमार और सपना मुखर्जी ने गाया था और इसके बोल आनंद बख्शी ने लिखे थे। वहीं, नए वर्जन 'रंग दे लाल (ओए ओए)' को जैस्मिन सैंडलस, अफसाना खान, अमित कुमार और रेबल ने आवाज दी है। इसका संगीत शाश्वत सचदेव ने तैयार किया है और गाने में कल्याणजी-आनंदजी को भी क्रेडिट दिया गया है। गाने ‘तिरछी टोपीवाले’ से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… धुरंधर 2 की OTT रिलीज मध्य मई तक नहीं होगी:गाने रंग दे लाल को लेकर कॉपीराइट केस में मेकर्स ने कोर्ट को दिया आश्वासन आदित्य धर के प्रोडक्शन हाउस B62 स्टूडियोज प्राइवेट लिमिटेड ने 9 अप्रैल को दिल्ली हाईकोर्ट को यह आश्वासन दिया था कि वह फिल्म धुरंधर: द रिवेंज को मई 2026 के मध्य तक किसी भी OTT प्लेटफॉर्म पर रिलीज नहीं करेगा। पूरी खबर यहां पढ़ें…
एक्टर रणबीर कपूर ने अयोध्या के रियल एस्टेट प्रोजेक्ट ‘द सरयू’ में जमीन खरीदी है। यह प्रोजेक्ट द हाउस ऑफ अभिनंदन लोढ़ा (HoABL) का प्रीमियम प्लॉटेड डेवलपमेंट प्रोजेक्ट है। न्यूज एजेंसी ANI ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि कंपनी की आधिकारिक घोषणा के अनुसार, यह डील 3.31 करोड़ रुपए में हुई है। खरीदी गई जमीन का कुल क्षेत्रफल 2,134 वर्ग फीट है। अमिताभ बच्चन के बाद 'द सरयू' में निवेश करने वाले रणबीर कपूर दूसरे बड़े एक्टर बने हैं। ‘द सरयू’ 75 एकड़ में फैला प्रोजेक्ट है, जो सरयू नदी के किनारे स्थित है। इस प्रोजेक्ट में ग्रैंड क्लब हाउस, 35 से ज्यादा लाइफस्टाइल सुविधाएं और द लीला होटल्स का पांच एकड़ में बनने वाला शुद्ध शाकाहारी लग्जरी होटल शामिल है। रणबीर बोले- अयोध्या ने मुझे चुना रणबीर ने बयान में कहा कि उन्हें लगता है कि अयोध्या ने उन्हें चुना है। उन्होंने कहा कि अयोध्या भारत के इतिहास और सांस्कृतिक विरासत का अहम हिस्सा है और ‘द सरयू’ में यह जमीन उनके परिवार की विरासत का हिस्सा बनेगी। HoABL के चेयरमैन अभिनंदन लोढ़ा ने कहा कि अयोध्या सांस्कृतिक और आर्थिक पुनर्जागरण के दौर से गुजर रहा है। उन्होंने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर, टूरिज्म और दुनिया भर का ध्यान खींचने की वजह से शहर में लंबे समय तक विकास की संभावना है। उन्होंने कहा कि रणबीर कपूर का इन्वेस्टमेंट दिखाता है कि खरीदार अयोध्या को न केवल इमोशनली बल्कि भविष्य के नजरिए से भी एक महत्वपूर्ण इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन के रूप में देख रहे हैं। ‘रामायण’ में भगवान राम बनेंगे रणबीर गौरतलब है कि यह इन्वेस्टमेंट ऐसे समय में सामने आया है, जब रणबीर डायरेक्टर नितेश तिवारी की फिल्म 'रामायण' में भगवान श्रीराम की भूमिका निभा रहे हैं। हनुमान जयंती के मौके पर फिल्म से रणबीर का भगवान राम के रूप में लुक भी सामने आया था। देखें भगवान राम के लुक की झलक- फिल्म 'रामायण' से जुड़ी अहम बातें-
अमिताभ बच्चन, शाहरुख खान, रेखा, माधुरी दीक्षित और राजकुमार जैसे बड़े सितारों के साथ काम कर चुके दिग्गज फिल्ममेकर केसी बोकड़िया इन दिनों अपनी नई फिल्म ‘तीसरी बेगम’ को लेकर चर्चा में हैं। लव जिहाद, ट्रिपल तलाक और धर्म परिवर्तन जैसे संवेदनशील मुद्दों पर बनी इस फिल्म को लेकर उन्होंने दैनिक भास्कर से खुलकर बातचीत की। बोकाड़िया ने बताया कि फिल्म एक सच्ची घटना से प्रेरित है और इसका मकसद किसी धर्म को निशाना बनाना नहीं, बल्कि समाज के सामने एक गंभीर सवाल रखना है। उन्होंने सेंसर बोर्ड से विवाद, कोर्ट तक पहुंची लड़ाई और अपनी कन्विक्शन पर भी बेबाक राय रखी। सवाल: ‘तीसरी बेगम’ बनाने की प्रेरणा कहां से मिली? जवाब: एक असली घटना से। मैं एक परिचित के घर गया था, जहां उसने गर्व से बताया कि उसकी तीन पत्नियां हैं- मुस्लिम, राजपूत और ब्राह्मण। वहीं से मेरे मन में सवाल आया कि अलग संस्कार और खान-पान वाली लड़कियां ऐसे माहौल में कैसे एडजस्ट करती होंगी। उसी सोच से फिल्म की कहानी बनी। सवाल: फिल्म में लव जिहाद, ट्रिपल तलाक और हलाला जैसे मुद्दे दिख रहे हैं। इतने विवादित विषय पर फिल्म बनाने में डर नहीं लगा? जवाब: नहीं। मैंने जो देखा और महसूस किया, वही फिल्म में दिखाया। मेरा मकसद किसी धर्म को गलत बताना नहीं, बल्कि उन लड़कियों की मानसिक स्थिति दिखाना है जो अलग माहौल में जाकर संघर्ष करती हैं। मैंने इसे संतुलित तरीके से पेश किया है। सवाल: फिल्म में क्या दिखाया गया है? जवाब: फिल्म में एक ब्राह्मण लड़की शादी के बाद मुस्लिम परिवार में जाती है। वहां उसे नाम बदलने, तौर-तरीके अपनाने और नई जिंदगी में ढलने का दबाव झेलना पड़ता है। कहानी में उसकी परेशानी, संघर्ष और बाहर निकलने की कोशिश दिखाई गई है। सवाल: क्या फिल्म में धर्म परिवर्तन और जबरदस्ती जैसे मुद्दे भी हैं? जवाब: हमने दिखाया है कि कई बार लड़कियों को बड़े-बड़े सपने दिखाकर शादी की जाती है। बाद में उन्हें सच्चाई पता चलती है। फिल्म सिर्फ समस्या नहीं दिखाती, यह भी बताती है कि फैसले सोच-समझकर लेने चाहिए। सवाल: क्या फिल्म में यह दिखाया गया है कि ऐसे मामलों के पीछे कोई नेटवर्क या पैसों का खेल होता है? जवाब: मैंने ऐसी बातें सुनी हैं, लेकिन फिल्म में उसे नहीं दिखाया। मैंने सिर्फ वही रखा जो कहानी और भावनाओं के हिसाब से जरूरी था। सवाल: सेंसर बोर्ड के साथ आपकी लंबी लड़ाई क्यों हुई? जवाब: सेंसर बोर्ड को कुछ डायलॉग्स और खासकर ‘जय सियाराम’ वाले सीन पर आपत्ति थी। मैंने साफ कहा कि इसे हटाऊंगा नहीं। बाद में मामला कोर्ट तक गया। कोर्ट ने फिल्म देखी और सिर्फ 24 सेकंड काटने के बाद रिलीज की अनुमति मिली। सवाल: क्या यह आपकी कन्विक्शन की जीत भी है? जवाब: बिल्कुल। अगर फिल्ममेकर को अपने विषय और कहानी पर भरोसा नहीं होगा तो वह फिल्म कैसे बनाएगा? मैंने वही दिखाया जो मुझे सही लगा। ‘जय सियाराम’ वाला सीन हटाने के लिए कहा गया, लेकिन मैं अपने स्टैंड पर कायम रहा। आखिरकार कोर्ट ने भी हमारी बात समझी। सवाल: ‘जय सियाराम’ वाले सीन पर इतनी बहस क्यों हुई? जवाब: फिल्म में एक लड़की से पूछा जाता है कि उसका भगवान कौन है, तो वह ‘जय सियाराम’ बोलती है। सेंसर को इस पर आपत्ति थी, लेकिन मैंने कहा कि यह किरदार की सच्चाई है। बाद में कोर्ट ने ज्यादातर सीन रहने दिए। सवाल: आपने फिल्म को खुद रिलीज करने का फैसला क्यों लिया? जवाब: आज सिस्टम काफी बदल गया है। कई लोग पहले ओटीटी के बारे में सोचते हैं, लेकिन मेरा मानना है कि अगर कंटेंट अच्छा हो तो फिल्म थिएटर में जरूर चलती है। इसलिए मैंने खुद थिएटर मालिकों से बात की और अपनी तरह से फिल्म रिलीज करने का फैसला लिया। सवाल: क्या आज फिल्म रिलीज करना मुश्किल हो गया है? जवाब: बहुत मुश्किल है। टिकट, थिएटर और पूरा सिस्टम बदल गया है। अच्छे कंटेंट वाली फिल्मों को भी मौका कम मिलता है। लेकिन मुझे आज भी विश्वास है कि अच्छी फिल्म चलेगी। सवाल: इतने लंबे करियर और अमिताभ बच्चन, शाहरुख खान जैसे बड़े स्टार्स के साथ काम करने के बाद भी आपको आज संघर्ष करना पड़ रहा है? जवाब: संघर्ष हर दौर में होता है। मैंने अमिताभ बच्चन, शाहरुख खान, रेखा, माधुरी दीक्षित जैसे बड़े सितारों के साथ काम किया है। उस दौर में रिश्तों और भरोसे पर काम होता था। आज सिस्टम बदल गया है, लेकिन मेरा काम करने का तरीका नहीं बदला। सवाल: क्या आज के स्टार्स और पुराने दौर के स्टार्स में फर्क महसूस होता है? जवाब: पहले कलाकारों में बहुत भरोसा था। अमिताभ बच्चन ने ‘आज का अर्जुन’ की कहानी तक नहीं सुनी थी। राजकुमार जैसे कलाकार फोन पर हां कह देते थे। आज चीजें ज्यादा कॉरपोरेट और सिस्टम बेस्ड हो गई हैं। सवाल: इतने बड़े स्टार्स के साथ काम करने के बाद भी आपने ‘तीसरी बेगम’ में नए चेहरों को क्यों चुना? जवाब: इस कहानी में मासूमियत और वास्तविकता जरूरी थी। अगर बड़े स्टार्स होते तो दर्शकों का ध्यान किरदार से ज्यादा स्टार इमेज पर जाता। मुझे कहानी का असर ज्यादा जरूरी लगा। सवाल: क्या आपको लगता है कि फिल्म पर प्रोपेगेंडा फैलाने के आरोप लगेंगे? जवाब: हो सकता है, लेकिन मैं तैयार हूं। मेरा मकसद किसी समुदाय के खिलाफ बोलना नहीं है। मैंने हमेशा सामाजिक और पारिवारिक फिल्में बनाई हैं। यह भी उसी तरह की फिल्म है। सवाल: मुस्लिम समुदाय के लिए आपका क्या संदेश है? जवाब: हम सब एक हैं। अगर किसी समुदाय में गलत चीजें हो रही हैं, तो उन्हें रोकना चाहिए। किसी भी चीज को प्रतिष्ठा का मुद्दा नहीं बनाना चाहिए। इंसानियत सबसे ऊपर है। सवाल: 78 साल की उम्र में भी इतनी ऊर्जा कहां से आती है? जवाब: भगवान की कृपा और लोगों का प्यार। मैंने हमेशा फिल्म इंडस्ट्री को पूजा की तरह माना है। अनुशासन में रहता हूं और काम को ईमानदारी से करता हूं। सवाल: फिल्म इंडस्ट्री जैसी प्रतिस्पर्धी जगह में इतना सरल और ईमानदार रहना कितना मुश्किल है? जवाब: अगर इंसान साफ नीयत से काम करे तो मजा आता है। मैंने हमेशा रिश्तों और सम्मान को महत्व दिया है। यही वजह है कि इतने साल बाद भी लोग प्यार देते हैं। सवाल: दर्शकों से क्या कहना चाहेंगे? जवाब: ‘तीसरी बेगम’ परिवार के साथ देखने वाली फिल्म है। इसमें सिर्फ विवाद नहीं, बल्कि समाज के लिए एक संदेश और समाधान भी है। मैं चाहता हूं कि लोग इसे खुले मन से देखें।
टीवी एक्टर ऋत्विक धनजानी एक बार फिर ‘खतरों के खिलाड़ी’ में दिखाई देने वाले हैं। ऋत्विक इससे पहले भी इस फ्रेंचाइजी का हिस्सा रह चुके हैं और तीसरी बार वो शो में दिखेंगे। ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ की शूटिंग साउथ अफ्रीका के केपटाउन में होगी। शो में इस बार कई पुराने कंटेस्टेंट्स के साथ नए चेहरे भी नजर आएंगे। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में ऋत्विक ने अपने डर, ब्रेकअप, एंगर इश्यू, जिंदगी के संघर्ष और दोस्ती पर बात की। सवाल: तीसरी बार ‘खतरों के खिलाड़ी’ करने का फैसला कैसे लिया? डर नहीं लगा? जवाब: कोई गेम प्लान नहीं, कोई स्ट्रैटजी नहीं। बस कूद पड़ा। सच कहूं तो मुझे रिस्क लेने में मजा आता है। पहली बार जब मैंने ‘पेन इन स्पेन’ किया था, तब मैं बहुत डरा हुआ था, लेकिन जितना डर लगा, उतना ही मजा आया। जब वापस लौटा, तो दिल बहुत भरा हुआ था। ऐसा लगा कि इतने डर फेस करने के बाद अब समझ नहीं आ रहा कि आखिर डर किस चीज का था। सवाल: इस शो में ऐसा क्या खास है कि आप तीसरी बार लौट आए? जवाब: यह शो अपने आप में एक कार्निवल है। ‘कार्निवल ऑफ डेंजर्स’। मुझे ये सारी पागल चीजें करना बहुत पसंद है। हेलिकॉप्टर से कूदना, बाइक स्टंट करना, बड़े-बड़े स्टंट करना और ऊपर से उसके पैसे भी मिलना... इससे बड़ी ब्लेसिंग क्या होगी? इसलिए मुझे यह शो बहुत पसंद है। सवाल: लोग आपको हमेशा हंसते और पॉजिटिव देखते हैं, लेकिन अंदर का ऋत्विक कितना अलग है? जवाब: हर इंसान का एक वल्नरेबल साइड होता है। ऐसा नहीं है कि मैं हमेशा खुश रहता हूं। मेरी जिंदगी में भी बहुत उतार-चढ़ाव आए हैं। पहले मैं बहुत पछताता था, भविष्य को लेकर बहुत सोचता था। मैं इस पल में बहुत कम जीता था, लेकिन अब मैंने यह समझ लिया है कि जिंदगी सिर्फ यही पल है। ना पास्ट बदल सकते हैं और ना फ्यूचर जानते हैं। इसलिए अब मैं हर पल को पूरी इंटेंसिटी के साथ जीता हूं। सवाल: क्या हार और संघर्ष इंसान को और मजबूत बनाते हैं? जवाब: बिल्कुल। जब जिंदगी में कुछ गलत होता है, तो लगता है कि हम पीछे रह गए हैं, लेकिन मैं हमेशा एक चीज सोचता हूं- रामजी का तीर आगे जाने से पहले तीन कदम पीछे जाता है। वही तीन कदम उसकी सबसे बड़ी ताकत बनते हैं। इसलिए अगर जिंदगी में कभी लगे कि पीछे रह गए हो, तो समझ लेना कि अब आगे बहुत दूर जाना है। सवाल: लोग हमेशा आपका स्माइलिंग फेस देखते हैं। क्या कभी लगा कि दुनिया को आपकी असली स्ट्रगल भी दिखनी चाहिए? जवाब: हां, क्योंकि मेरे साथ भी वही होता है जो हर इंसान के साथ होता है। फर्क सिर्फ इतना है कि हमारी जिंदगी पब्लिक होती है। लोग जानते हैं कि हमारे जीवन में क्या चल रहा है, लेकिन मैं अपनी स्ट्रगल को ग्लोरिफाई नहीं करना चाहता। मैं बस यह दिखाना चाहता हूं कि चाहे जिंदगी में कितना भी बड़ा सेटबैक आए, आप उससे बाहर निकल सकते हो। सवाल: करण वाही के साथ आपकी दोस्ती काफी चर्चित है। इस बार भी दोनों साथ नजर आएंगे? जवाब: बिल्कुल। हमने इस शो को लेकर बहुत बातें कीं। हम एक-दूसरे से पूछ रहे थे कि करना चाहिए या नहीं, लेकिन आखिर में यही लगा कि यार, मजा आएगा। सच कहूं तो शायद अगर करण नहीं होता, तो मैं यह शो नहीं करता। जिंदगी में दोस्ती बहुत जरूरी होती है। अगर दोस्त साथ हो, तो फिर यह पूरा सफर एक वेकेशन जैसा लगता है। सवाल: इस बार भी किस चीज का सबसे ज्यादा डर है? जवाब: मुझे हमेशा से फ्री फॉल का बहुत डर रहा है। इसलिए मैंने आज तक स्काइडाइविंग नहीं की। अब मुझे ऐसा लगता है कि पहले दो सीजन्स के मुकाबले यह डर थोड़ा कम हुआ है, लेकिन अभी भी ऐसा हो सकता है कि अगर मुझे किसी ऊंची चट्टान पर खड़ा कर दो, तो मैं ‘राम-राम-राम’ करता मिलूं, ऐसा भी हो सकता है। सवाल: असल जिंदगी में आपका सबसे बड़ा डर क्या था? जवाब: मुझे अपने गुस्से से बहुत डर लगता था। लोग यकीन नहीं करते, लेकिन मेरा गुस्सा बहुत खतरनाक था। कई सालों की मेहनत और जिंदगी में आए कुछ खूबसूरत लोगों की वजह से मैं खुद को बदल पाया। उन्होंने मुझे समझाया कि गुस्सा इंसान को अंदर से खोखला कर देता है। मैं आज भी कोशिश करता हूं कि गुस्से से जितना दूर रह सकूं, रहूं क्योंकि गुस्सा सबसे बड़ा शैतान है। अगर इंसान अपने गुस्से और ईगो पर जीत हासिल कर ले, तो समझो उसने जिंदगी की आधी लड़ाई जीत ली।
59 साल की हो चुकीं माधुरी दीक्षित सिर्फ अपनी फिल्मों और डांस ही नहीं, बल्कि करियर से जुड़े दिलचस्प किस्सों की वजह से भी चर्चा में रही हैं। करियर के शुरुआती दौर में सुभाष घई ने उन्हें फिल्म कर्मा में छोटा रोल दिया था, लेकिन बाद में यह कहकर उनका सीन हटा दिया कि इतनी टैलेंटेड लड़की को छोटा रोल देना सही नहीं होगा। आगे चलकर उन्होंने माधुरी को अपनी फिल्मों में बड़े रोल दिए। फिल्म खलनायक के दौरान उनसे ‘नो प्रेग्नेंसी’ क्लॉज भी साइन करवाया गया था, ताकि शूटिंग प्रभावित न हो। वहीं, हम आपके हैं कौन..! के लिए माधुरी को सलमान खान से ज्यादा फीस मिली थी। आज माधुरी दीक्षित के जन्मदिन पर उनके करियर और निजी जीवन से जुड़े कुछ खास किस्से जानते हैं। माधुरी का नाम सुनते ही फिल्म के लिए हां कर दी थी सहिला चड्ढा के लिए माधुरी दीक्षित सिर्फ सुपरस्टार नहीं, बल्कि परिवार जैसी हैं। माधुरी के जन्मदिन पर दैनिक भास्कर से बातचीत में उन्होंने ‘हम आपके हैं कौन’ के सेट से लेकर बचपन तक की कई यादें साझा कीं। साहिला चड्डा कहती हैं- जब मुझे हम आपके हैं कौन..! ऑफर हुई थी, तब मैं सोलो हीरोइन वाली फिल्में कर रही थी। मैंने पहले फिल्म के लिए मना कर दिया था, क्योंकि मैं सेकंड रोल नहीं करना चाहती थी। लेकिन जब मुझे बताया गया कि माधुरी फिल्म में होंगी, तब मैंने तुरंत हां कर दी। माधुरी मेरे लिए कोई अजनबी स्टार नहीं थीं। मैं उन्हें बचपन से जानती हूं। उनकी चाची मेरी मासी हैं, इसलिए फैमिली फंक्शंस में मुलाकात होती रहती थी। उनके साथ हमेशा कम्फर्ट महसूस हुआ। बचपन से ही स्टार बनने का सपना देखती थीं माधुरी माधुरी बचपन से बहुत फोकस्ड थीं। उन्हें डांस का बहुत शौक था और वह छोटी उम्र से ट्रेनिंग ले रही थीं। अपने लुक्स, स्माइल, टीथ हर चीज का ध्यान रखती थीं। उन्हें शुरू से पता था कि उन्हें एक्ट्रेस बनना है। उनका पूरा फोकस अपने पैशन पर था। सेट पर कभी स्टार वाला एटीट्यूड नहीं दिखाया हम दोनों के बीच कभी इनसिक्योरिटी नहीं थी। न उन्हें मुझसे कोई असुरक्षा थी, न मुझे उनसे। हम सच में बहनों की तरह थे। माधुरी हर किसी से जल्दी घुलती-मिलती नहीं थीं, लेकिन जिनसे जुड़ती थीं, उनके साथ बहुत जेन्युइन रिश्ता बनाती थीं। घर से खाना आता था, तो मुझे जरूर बुलाती थीं अगर माधुरी के घर से कुछ अच्छा खाना आता था, तो वह मुझे जरूर बुलाती थीं। कई बार किसी को भेजकर बुलवाती थीं कि आओ, साथ में खाते हैं। उनके घर से अक्सर मच्छी आती थी, जबकि सलमान खान के घर से पूरी यूनिट के लिए बिरयानी आती थी। नॉन-वेज खाने के लिए हम लोग चुपचाप कमरे में चले जाते थे राजश्री प्रोडक्शंस के सेट पर बिना प्याज-लहसुन का खाना बनता था, लेकिन इतना स्वादिष्ट था कि आज तक उसका स्वाद याद है। मैं कुक से बार-बार पूछती थी कि पक्का इसमें प्याज-लहसुन नहीं डाला? उनका राजमा और बाकी सब्जियां कमाल की होती थीं। हालांकि नॉन-वेज खाने के लिए हम लोग चुपचाप कमरे में चले जाते थे। पिंपल होने पर माधुरी ने दिया अपना खास साबुन एक बार माधुरी के चेहरे पर पिंपल हो गया था। तब उन्होंने मुझे बताया कि वह कौन-सा साबुन इस्तेमाल करती हैं। बाद में जब मेरे चेहरे पर पिंपल आया, तो उन्होंने वही साबुन मुझे देते हुए कहा- ‘अब ये तुम्हारे काम आएगा।’ उस छोटी-सी बात में भी उनका अपनापन दिखता था। हर शॉट में चाहती थीं परफेक्शन माधुरी अपने काम को लेकर बहुत गंभीर रहती थीं। अगर उन्हें लगता था कि शॉट परफेक्ट नहीं हुआ है, तो वह रीटेक लेने से पीछे नहीं हटती थीं। उनके अंदर परफेक्शन को लेकर अलग पैशन था। कई बार मेरा शॉट एक टेक में ओके हो जाता था और माधुरी रीटेक करती थीं। तब मैं मजाक में कहती थी- ‘मेरे साथ सौतेला व्यवहार क्यों हो रहा है?’” मेकअप में घंटों लगाती थीं माधुरी अपने लुक और मेकअप को लेकर बहुत सजग रहती थीं। वह मेकअप में काफी समय लेती थीं। मैं आधे घंटे में तैयार होकर सेट पर पहुंच जाती थी, लेकिन वह हर चीज डिटेल में करती थीं। इस वजह से कैमरामैन को हमारी अलग-अलग लाइटिंग करनी पड़ती थी। वह ज्यादा मेकअप करती थीं और मैं बहुत कम। अच्छे आइडिया को कभी रिजेक्ट नहीं करती थीं फिल्म के कई मजेदार मोमेंट्स शूटिंग के दौरान वहीं इम्प्रोवाइज हुए थे। ‘दीदी तेरा देवर दीवाना’ में कद्दू वाला सीन मेरा आइडिया था। माधुरी की प्रेग्नेंसी वाले हिस्से में चाय का कप रखने वाला आइडिया भी हमने वहीं मिलकर किया था। माधुरी की सबसे अच्छी बात यह थी कि वह किसी अच्छे आइडिया को कभी रिजेक्ट नहीं करती थीं। शूटिंग के बाद भी परिवार जैसा माहौल रहता था शूटिंग खत्म होने के बाद भी पूरा यूनिट साथ वक्त बिताता था। कभी टीटी खेलते थे, कभी शॉपिंग पर चले जाते थे, तो कभी साथ में फिल्म देखने निकल जाते थे। ऊटी में हम सबने साथ बैठकर फिल्म ‘रोजा’ भी देखी थी। पूरा माहौल फैमिली पिकनिक जैसा लगता था। माधुरी की सबसे बड़ी ताकत उनका पैशन है डांस हो, रोमांटिक सीन हो या इमोशनल मोमेंट, माधुरी हर चीज में अपना सौ प्रतिशत देती थीं। सरोज खान ने उनके एक्सप्रेशंस और स्क्रीन प्रेजेंस को खूबसूरती से निखारा था। आज भी मिलते हैं, तो बहनों वाली फीलिंग आ जाती है। माधुरी को कभी एक्टिंग नहीं छोड़नी चाहिए मुझे लगता है कि माधुरी को कभी एक्टिंग नहीं छोड़नी चाहिए। जरूरी नहीं कि वह 16 साल की हीरोइन वाले रोल करें, लेकिन अपनी स्क्रीन एज के हिसाब से दमदार किरदार निभाते रहना चाहिए। अगर माधुरी एक्टिंग छोड़ देंगी, तो मुझे बहुत दुख होगा। दूरदर्शन के लिए किया पहला शो, लेकिन कभी टेलीकास्ट नहीं हुआ करियर के शुरुआती दिनों में माधुरी दीक्षित ने कई टीवी प्रोजेक्ट्स और पायलट एपिसोड्स में काम किया था, लेकिन उनमें से कुछ ऑन एयर नहीं हो पाए। उस समय वह इंडस्ट्री में नई थीं और लगातार ऑडिशन दे रही थीं। माधुरी ने दूरदर्शन के लिए ‘बॉम्बे मेरी है’ नाम के टीवी शो की शूटिंग भी की थी, लेकिन प्रभावशाली स्टारकास्ट नहीं होने की वजह से यह शो टेलीकास्ट नहीं हो सका। ‘पेइंग गेस्ट’ बना पहला टेलीकास्ट शो माधुरी दीक्षित ने राजश्री प्रोडक्शंस की फिल्म ‘अबोध’ से बॉलीवुड डेब्यू किया था। वह राजश्री प्रोडक्शंस के टीवी शो ‘पेइंग गेस्ट’ में भी नजर आई थीं। यह शो 1985 में दूरदर्शन पर टेलीकास्ट हुआ था। ‘पेइंग गेस्ट’ के पहले एपिसोड में माधुरी ने ‘नीना’ नाम की लड़की का किरदार निभाया था। पेइंग गेस्ट’ के सेट पर माधुरी को देखकर प्रभावित हुए थे रिक्कू राकेश नाथ माधुरी दीक्षित के लंबे समय तक मैनेजर रहे रिक्कू राकेश नाथ ने Rediff.com को दिए इंटरव्यू में उनसे जुड़ा दिलचस्प किस्सा शेयर किया था। रिक्कू ने बताया, “मैं चांदिवली स्टूडियो में टीवी सीरियल ‘पेइंग गेस्ट’ के सेट पर माधुरी से मिला था। मेरी मुलाकात उनकी हेयरड्रेसर खातून के जरिए हुई थी। खातून ने मुझसे कहा था कि माधुरी बहुत टैलेंटेड हैं और उनका चेहरा बेहद अच्छा है।” उन्होंने आगे कहा, “मैं एक कोने में खड़ा होकर माधुरी की परफॉर्मेंस देखता रहा। उनमें गजब का कॉन्फिडेंस था और मैं प्रभावित हुआ।” सुभाष घई ने ‘कर्मा’ से हटाया रोल, फिर लीड हीरोइन बनाया रिक्कू राकेश नाथ के मुताबिक, खातून ने ही माधुरी की मुलाकात सुभाष घई से करवाई थी। माधुरी को फिल्म कर्मा में छोटे डांस सीक्वेंस के लिए लिया गया था, लेकिन बाद में वह हिस्सा फिल्म से हटा दिया गया। सुभाष घई माधुरी के टैलेंट से इतने प्रभावित हुए कि उन्हें लगा कि इतना छोटा रोल उनकी क्षमता के साथ न्याय नहीं करेगा। इसी वजह से उन्होंने उनका कैमियो हटाने का फैसला किया, ताकि आगे चलकर उन्हें अपनी फिल्मों में लीड रोल दे सकें। बाद में सुभाष घई ने माधुरी को फिल्म ‘उत्तर दक्षिण’ में साइन किया। फिल्म को सुभाष घई ने प्रोड्यूस किया था और इसके डायरेक्टर प्रभात खन्ना थे। फिल्म में माधुरी को रजनीकांत और जैकी श्रॉफ जैसे बड़े सितारों के साथ काम करने का मौका मिला। इसके बाद माधुरी ने सुभाष घई के साथ राम लखन और खलनायक जैसी फिल्मों में भी काम किया। ‘खलनायक’ के दौरान साइन करवाया गया था ‘नो प्रेग्नेंसी’ क्लॉज फिल्म ‘खलनायक’ की शूटिंग के दौरान माधुरी दीक्षित और संजय दत्त के अफेयर्स की खबरें सुर्खियों में थीं। इसी दौरान सुभाष घई को डर था कि अगर फिल्म की शूटिंग के बीच माधुरी ने शादी कर ली या वह प्रेग्नेंट हो गईं, तो फिल्म बीच में रुक सकती है। इसी वजह से सुभाष घई ने माधुरी से ‘नो प्रेग्नेंसी’ क्लॉज साइन करवाया था। इसके मुताबिक, शूटिंग के दौरान अगर माधुरी प्रेग्नेंट होतीं, तो उन्हें भारी जुर्माना भरना पड़ता। बताया जाता है कि किसी अभिनेत्री से ऐसा कॉन्ट्रैक्ट साइन करवाने वाले सुभाष घई पहले डायरेक्टर थे। ‘साजन’ से शुरू हुई थीं संजय दत्त और माधुरी के अफेयर की चर्चाएं माधुरी दीक्षित और संजय दत्त के रिश्ते की चर्चाएं 1991 में आई फिल्म साजन के दौरान शुरू हुई थीं। दोनों की ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री दर्शकों को पसंद आई थी और फिल्म मैगजीनों में उनके रिलेशनशिप की खबरें छपने लगी थीं। बाद में ‘खलनायक’ के दौरान भी ये अफवाहें तेज हो गईं। हालांकि दोनों ने कभी सार्वजनिक रूप से अपने रिश्ते को स्वीकार नहीं किया। 1993 में मुंबई ब्लास्ट केस में संजय दत्त की गिरफ्तारी के बाद खबरें आईं कि माधुरी ने उनसे दूरी बना ली थी। माधुरी दीक्षित को सलमान से ज्यादा फीस मिली थी तेजाब, दिल, बेटा और साजन जैसी कई सुपरहिट फिल्में दे चुकीं माधुरी दीक्षित उस समय इंडस्ट्री की टॉप एक्ट्रेस थीं। उनका स्टारडम इतना बड़ा था कि निर्माता-निर्देशक उन्हें अपनी फिल्मों की सबसे बड़ी यूएसपी मानते थे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ‘हम आपके हैं कौन’ के लिए माधुरी दीक्षित को करीब 2.7 करोड़ रुपए फीस दी गई थी, जबकि सलमान खान को लगभग 25 लाख रुपए मिले थे। उस समय किसी अभिनेत्री को इतनी बड़ी रकम मिलना बड़ी बात मानी जाती थी। कहा जाता है कि इस फिल्म के बाद माधुरी बॉलीवुड की सबसे ज्यादा फीस लेने वाली अभिनेत्री बन गई थीं। सहिला चड्ढा ने भी फीस को लेकर कही यह बात साहिला चड्डा ने बताया कि उन्हें नहीं पता कि सलमान और माधुरी ने फिल्म के लिए कितनी फीस ली थी, क्योंकि दोनों पहले से ही राजश्री प्रोडक्शंस से जुड़े हुए थे। माधुरी ने राजश्री की फिल्म से ही करियर की शुरुआत की थी। सलमान खान भले ही पहले ‘बीवी हो तो ऐसी’ में काम कर चुके थे, लेकिन स्टार राजश्री की फिल्म से ही बने। उन्हें नहीं लगता कि सलमान और माधुरी ने बहुत ज्यादा पैसे डिमांड किए थे, क्योंकि दोनों का करियर कहीं न कहीं राजश्री से जुड़ा था। ________________________________________________ फिल्मी सितारों से जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए- विजय का लेडी लक, जिसके बर्थडे पर चुनाव जीते:तमिलनाडु का रिजल्ट आते ही विजय के घर पहुंचीं तृषा, एक्टर का हो चुका तलाक TVK की जीत में विजय के 'लेडी लक' को अहम माना जा रहा है। आज उसी 'लेडी लक' एक्ट्रेस तृषा कृष्णन का जन्मदिन है, जिनका नाम विजय से जुड़ता रहा है। तृषा तमिलनाडु चुनाव का रिजल्ट आने से पहले तिरुमाला मंदिर पहुंचीं, दर्शन किए और फिर विजय के घर पहुंचीं।पूरी खबर पढ़ें..
बॉलीवुड एक्ट्रेस आलिया भट्ट हाल ही में कान्स फिल्म फेस्टिवल 2026 के रेड कार्पेट पर नजर आईं। यहां उनके लुक्स की काफी चर्चा हुई, लेकिन साथ ही उन्हें सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग का भी सामना करना पड़ा। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल होने के बाद कुछ लोगों ने दावा किया कि इंटरनेशनल पैपराजी ने आलिया को इग्नोर किया। अब आलिया ने खुद एक ट्रोल को बहुत ही शालीनता से जवाब दिया है। बुधवार को आलिया ने इंस्टाग्राम पर एक रील शेयर की थी। इसमें वे आइवरी सिल्क साड़ी-गाउन में रॉयल लुक में नजर आ रही थीं। इस पोस्ट पर एक यूजर ने तंज कसते हुए कमेंट किया, कितने दुख की बात है, किसी ने आपको नोटिस ही नहीं किया। आलिया ने इस कमेंट को नजरअंदाज करने के बजाय जवाब देना बेहतर समझा। उन्होंने लिखा, “दुख कैसा प्यारे? आपने तो मुझे नोटिस किया”। आलिया के समर्थन में टीवी एक्टर अली गोनी और सिंगर राहुल वैध भी आगे आए। अली गोनी ने सोशल मीडिया पर लिखा, यह देखकर दुख होता है कि जब कोई हमारे देश का नाम ग्लोबल लेवल पर रोशन करने के लिए इतनी मेहनत करता है, तो हमारे अपने ही लोग उसे नीचे खींचने की कोशिश करते हैं। उन्होंने आगे कहा आलिया ने वहां पहुंचकर वो मुकाम हासिल किया है जिसका सपना कई लोग देखते हैं। हमें मजाक उड़ाने के बजाय उन लोगों का साथ देना चाहिए जो विदेशों में भारत का मान बढ़ा रहे हैं। वहीं राहुल वैध ने लिखा आलिया को किसी के अटेंशन की जरूरत नहीं है।
एक्ट्रेस मौनी रॉय और बिजनेसमैन सूरज नांबियार ने अनबन की खबरों के बीच अब आधिकारिक तौर पर अपने तलाक की पुष्टि कर दी है। गुरुवार को मौनी और सूरज ने इंस्टाग्राम पर एक जॉइंट नोट जारी कर बताया कि वे अपनी शादी खत्म कर रहे हैं। दोनों ने इस मुश्किल समय में प्राइवेसी की मांग की है और मीडिया में चल रही खबरों पर नाराजगी भी जताई है। मौनी और सूरज ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट शेयर करते हुए कमेंट्स सेक्शन को बंद कर दिया है। उन्होंने कैप्शन में लिखा, हम सभी से विनम्र निवेदन करते हैं कि हमें प्राइवेसी और गरिमा दें। मेरे या सूरज के बारे में कोई झूठी कहानियां न फैलाएं। उम्मीद है कि आप इस मुश्किल समय में हमें निजी समय देंगे। बोले- आपसी सहमति से फैसला लियाअपने नोट में कपल ने बताया कि उन्होंने आपसी समझ और सम्मान के साथ आगे बढ़ने का फैसला किया है। उन्होंने लिखा, मीडिया के कुछ हिस्सों द्वारा हमारी पर्सनल लाइफ में अनावश्यक दखल दिया जा रहा है। हमने आपसी सहमति से अपने रास्ते अलग करने का फैसला किया है और हम निजी तौर पर इस मामले को सुलझाने के लिए समय ले रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि जो बातें फैलाई जा रही हैं, वे हकीकत से कोसों दूर हैं और वे भविष्य में भी अपनी दोस्ती को बनाए रखने की कोशिश करेंगे। अनफॉलो करने से शुरू हुईं अनबन की चर्चा तलाक की ये खबरें तब शुरू हुईं जब फैंस ने गौर किया कि मौनी और सूरज ने इंस्टाग्राम पर एक-दूसरे को अनफॉलो कर दिया है। बात सिर्फ अनफॉलो करने तक ही सीमित नहीं रही, सूरज ने अपनी प्रोफाइल से शादी की कई पुरानी तस्वीरें भी डिलीट कर दी हैं। हालांकि, मौनी की प्रोफाइल पर अब भी कुछ तस्वीरें मौजूद हैं। 2018 में दुबई में हुई थी पहली मुलाकातमौनी रॉय और दुबई के बिजनेसमैन सूरज नांबियार के रिश्ते की शुरुआत 2018 में हुई थी। दोनों पहली बार दुबई में मिले थे और करीब चार साल तक एक-दूसरे को डेट किया। इसके बाद 27 जनवरी 2022 को उन्होंने गोवा में शादी की थी। उनकी शादी काफी चर्चा में रही थी क्योंकि उन्होंने मलियाली और बंगाली, दोनों रीति-रिवाजों से रस्में निभाई थीं।
साथ निभाना साथिया' में गोपी बहु के नाम से फेमस देवोलीना भट्टाचार्जी ने नाइजीरिया में महिलाओं पर हुए आतंकी हमले पर अपना गुस्सा जाहिर किया है। इस घटना में आतंकियों ने प्रेग्नेंट महिलाओं और बच्चों के साथ काफी क्रूरता की, जिसे देखकर एक्ट्रेस ने इन हमलावरों को 'राक्षस' और 'शैतान' करार दिया है। देवोलीना ने कहा- नरक में मिलेगी खास जगहदेवोलीना ने इस बर्बर घटना पर नाराजगी जताते हुए अपने सोशल मीडिया पोस्ट पर लिखा, ‘एकदम राक्षस और शैतान वाली प्रवृत्ति। इन राक्षसों के लिए नरक में खास जगह है, जिसे वे स्वर्ग समझते हैं।’ एक्ट्रेस उस वीडियो पर भड़क गईं जिसमें आतंकियों ने निर्दोष परिवारों और गर्भवती महिलाओं को अपना निशाना बनाया। प्रेग्नेंट महिलाओं के साथ की गई क्रूरतामीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नाइजीरिया के एक ईसाई गांव पर आतंकवादियों ने हमला कर दिया। जो परिवार वहां से भाग नहीं पाए, उन पर आतंकियों ने कुल्हाड़ियों से हमला किया। वीडियो में दावा किया गया है कि इन आतंकियों ने प्रेग्नेंट महिलाओं को पकड़ लिया और उनके पेट पर वार किए। इतना ही नहीं, उन महिलाओं को अपने अजन्मे बच्चों को आंखों के सामने मरते हुए देखने के लिए मजबूर किया गया। 11 ईसाइयों की हत्यासीबीएन (CBN) न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, यह हमला 8 मई की रात को हुआ था। हथियारबंद फुलानी आतंकवादियों ने इस ईसाई समुदाय पर हमला किया, जिसमें बुजुर्गों, बच्चों और गर्भवती महिलाओं सहित कम से कम 11 लोगों की हत्या कर दी गई। हमले में बंदूकों और चाकुओं का इस्तेमाल हुआ था। बंगाल चुनाव में भी रही थीं चर्चा मेंदेवोलीना भट्टाचार्जी हाल ही में तब भी चर्चा में रही थीं, जब उन्होंने मई 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों पर प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने बीजेपी की जीत का समर्थन किया था और ममता बनर्जी को बंगाल के लिए 'बुरा सपना' बताया था।
भारतीय पंजाबी सिंगर तलविंदर हाल ही में टोरंटो में पाकिस्तानी सिंगर हसन रहीम के लाइव कॉन्सर्ट में शामिल हुए और उनके साथ मंच शेयर किया। दरअसल, मंगलवार को तलविंदर ने इंस्टाग्राम पर कॉन्सर्ट की तस्वीरें और वीडियो शेयर किए। उन्होंने पोस्ट पर कैप्शन लिखा, 'टोरंटो में हसन रहीम के साथ विशेज पूरी हुईं।' वीडियो में दोनों स्टेज पर एक साथ गाते, गले मिलते और डांस करते दिखे। हसन ने तलविंदर की इंस्टाग्राम पोस्ट पर 'भाई' लिखकर रिएक्ट किया। इस पोस्ट के बाद कुछ यूजर्स ने कमेंट सेक्शन में अपनी नाराजगी जाहिर की। कुछ ने लिखा कि हाल के भारत-पाकिस्तान तनाव के बीच ऐसी मौजूदगी गलत थी। एक सोशल मीडिया यूजर ने लिखा, 'मैंने नहीं सोचा था भाई कि ये लोग हमारे देश की सेना का मजाक उड़ाने वालों के साथ स्टेज शो करेंगे।' गौरतलब है कि पिछले साल जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद से भारत-पाकिस्तान के रिश्तों में तनाव बढ़ गया है। इसके बाद 'फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज' (FWICE) जैसे संगठन ने सूचना और प्रसारण मंत्रालय को पत्र लिखकर पाकिस्तानी कलाकारों, गायकों और तकनीशियनों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की थी। तलविंदर को गाने ‘पल पल’ से मिली थी बड़ी पहचानतलविंदर का असली नाम तलविंदर सिंह सिद्धू है। उन्हें उनके गाने पल पल से पहचान मिली। कुछ महीने पहले उनका नाम एक्ट्रेस दिशा पाटनी से जुड़ा था। दोनों को कई मौकों पर एक साथ देखा गया था। वहीं, तलविंदर ने दिशा पाटनी के साथ कथित रिलेशनशिप को लेकर हॉलीवुड रिपोर्टर इंडिया को दिए एक इंटरव्यू में कहा था, हमारी मुलाकात शादी (नूपुर सेनन की शादी) से ठीक पहले हुई थी और अचानक मिली इतनी सारी चर्चा ने हमें हैरान कर दिया। हम न तो किसी दबाव में आना चाहते हैं और न ही अफवाहों पर ध्यान देना चाहते हैं। हम अभी खुद को समझने और एक-दूसरे को जानने की प्रोसेस में हैं। मैं बस इतना ही कहना चाहूंगा कि अगर लोग अफवाहें फैलाने की कोशिश करेंगे तो मैं उन्हें अफवाह ही रहने दूंगा। जब तलविंदर से पूछा गया था कि क्या वह प्यार और रिश्तों के बारे में सोचते हैं, तो उन्होंने जवाब दिया, मैं हर दिन प्यार में पड़ जाता हूं। मैं अभी भी प्यार में पड़ रहा हूं।
‘भक्षक’ के बाद निर्देशक पुलकित अब नेटफ्लिक्स फिल्म ‘कर्तव्य’ लेकर आ रहे हैं, जिसमें सैफ अली खान कॉप बने हैं। पुलकित ने फिल्म के बैकड्रॉप, सैफ की कास्टिंग आदि पर बातचीत की... पुलकित कहते हैं, ‘कर्तव्य’ किसी एक सच्ची घटना पर आधारित नहीं है। यह विचार मेरे दिमाग में बहुत सालों से चल रहा था। हम अक्सर अपने अधिकारों की बात करते हैं, लेकिन अपने कर्तव्यों पर चर्चा कम ही होती है। बतौर इंसान हमारी क्या जिम्मेदारी है? एक पिता का काम सिर्फ बच्चा पैदा करना नहीं है, बल्कि उस बच्चे की जिंदगी में क्या सही है और क्या गलत, यह सिखाना भी उसकी ड्यूटी है। मैं कहानी के जरिए उसी कर्तव्य की परिभाषा को ढूंढ रहा था। मैं एक ऐसी दुनिया बुनना चाहता था जहां कर्तव्य और इंसानियत के बीच का संघर्ष दिखे। बहुत सालों तक यह विचार मेरे अंदर बंद था, जिसे अब मैंने इस फिल्म के रूप में बाहर निकाला है। फिल्म की स्क्रिप्ट लेकर किसी और एक्टर के पास गया ही नहीं पुलकित बताते हैं, ‘भक्षक’ के बाद रेड चिलीज और नेटफ्लिक्स के साथ रिश्ता और मजबूत हुआ। जब ‘कर्तव्य’ लिखी तो सबसे पहले उन्हें सुनाई और वे तुरंत तैयार हो गए। सैफ ही मेरी पहली पसंद थे। मैं यह स्क्रिप्ट लेकर किसी और एक्टर के पास गया ही नहीं।’ फिल्म के लिए ‘झामली’ नाम की एक काल्पनिक जगह बनाई है फिल्म की दुनिया पर पुलकित कहते हैं...‘हमने ‘झामली’ नाम की एक काल्पनिक जगह बनाई है, जिसकी टोन पश्चिमी उत्तर प्रदेश और हरियाणा बॉर्डर जैसी रखी गई। ‘ओमकारा’ में सैफ का ‘लंगड़ा त्यागी’ वाला किरदार मेरे दिमाग में हमेशा रहा। मुझे मजा आता है जब आप बांद्रा में रहने वाले, इंग्लिश बोलने वाले एक्टर को छोटे शहर की धूल-मिट्टी में डाल देते हैं।’ ‘ओमकारा’ के बाद कम निर्देशकों ने सैफ के देसी और रॉ अंदाज में लिया पुलकित मानते हैं, ‘ओमकारा के बाद बहुत कम निर्देशकों ने सैफ के उस देसी और रॉ अंदाज को इस्तेमाल किया। ‘आरक्षण’ और ‘तांडव’ में कोशिश जरूर हुई, लेकिन मुझे वो वाला सैफ नहीं मिला जो ‘लंगड़ा त्यागी’ में दिखा था। मेरे जेहन में वही इमेज थी, इसलिए मैं उन्हें फिर से उसी दुनिया में वापस लेकर गया।’ ‘99% हिंदुस्तान छोटे शहरों में बसता है’ अपने सिनेमा की जड़ों पर बात करते हुए पुलकित कहते हैं, ‘मैं खुद छोटे शहर से आता हूं, इसलिए मुझे ऐसी कहानियों में मजा आता है। 99% हिंदुस्तान छोटे शहरों और कस्बों में बसता है। जब आप ग्रासरूट लेवल की कहानी लिखते हैं, तो एक्टर्स को भी उसमें कुछ नया नजर आता है। यही वजह है कि मैंने सैफ, रसिका दुग्गल, संजय मिश्रा और मनीष चौधरी जैसे दमदार एक्टर्स को चुना। हम स्टारडम नहीं, परफॉर्मेंस पर दांव लगा रहे हैं।’
आमिर खान के बेटे जुनैद खान ने बॉलीवुड में नेपोटिज्म और स्टार किड्स को मिलने वाले फायदों पर खुलकर बात की है। जुनैद की शुरुआती फिल्म 'एक दिन' बॉक्स ऑफिस पर कुछ खास कमाल नहीं दिखा पाईं, लेकिन इसके बावजूद उनके पास काम की कमी नहीं है। जुनैद ने स्वीकार किया कि उन्हें आमिर खान का बेटा होने की वजह से इंडस्ट्री में आसानी से मौके मिल रहे हैं। 'नेपोटिज्म शब्द से मुझे चिढ़ नहीं होती'विक्की लालवानी को दिए एक इंटरव्यू में जुनैद ने अपनी प्रिविलेज को माना। उन्होंने कहा, नेपोटिज्म शब्द मुझे परेशान नहीं करता क्योंकि यह सच है। मुझे आमिर खान का बेटा होने की वजह से बहुत काम मिलता है। जुनैद का मानना है कि स्टार किड्स दर्शकों के लिए पहले से ही पहचाने हुए चेहरे होते हैं, जिससे प्रोड्यूसर्स के लिए फिल्म को मार्केट करना और बेचना आसान हो जाता है। प्रोड्यूसर्स को माल बेचना है, टैलेंट बाद में आता हैकास्टिंग के मुद्दे पर बात करते हुए जुनैद ने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री में टैलेंट से ज्यादा मार्केटबिलिटी (बिकने की क्षमता) को अहमियत दी जाती है। उन्होंने बताया, प्रोड्यूसर्स को अपनी फिल्में बेचनी होती हैं, इसलिए वे ऐसे किसी व्यक्ति को काम पर रखेंगे जिसे वे आसानी से बेच सकें। उनके मुताबिक, कई बार मेकर्स यह नहीं देखते कि रोल के लिए बेस्ट एक्टर कौन है, बल्कि यह देखते हैं कि किसका चेहरा फिल्म को कमर्शियल फायदा पहुंचा सकता है। 2 फ्लॉप के बाद बोले- 'सर काम करने दीजिए'अपनी फिल्मों की असफलता पर जुनैद ने मजाकिया अंदाज में कहा, सर, अभी 2 फ्लॉप के बाद भी काम मिल रहा है, तो प्लीज मुझे काम करने दीजिए। फिल्म 'एक दिन' के प्रदर्शन पर बात करते हुए उन्होंने माना कि पूरी टीम को इस फिल्म से बेहतर उम्मीदें थीं। फिल्म में उनके साथ साई पल्लवी थीं और इसे आमिर खान के बैनर तले ही बनाया गया था। जुनैद ने कहा कि उन्हें पर्सनली फिल्म पसंद आई थी, लेकिन वह बड़े दर्शकों से नहीं जुड़ सकी। असफलता पर आमिर का रिएक्शनजुनैद ने यह भी बताया कि उनके पिता आमिर खान फिल्मों की असफलता को कैसे देखते हैं। उन्होंने कहा कि इंडस्ट्री में दशकों बिताने के बाद भी फ्लॉप फिल्में आमिर को भावनात्मक रूप से प्रभावित करती हैं। हालांकि, आमिर खुद को काम में व्यस्त रखकर आगे बढ़ना पसंद करते हैं और नई ऊर्जा के साथ अगले प्रोजेक्ट पर ध्यान देते हैं। तमन्ना भाटिया के साथ आएंगे नजरजुनैद खान के भविष्य के प्रोजेक्ट्स की बात करें तो वे जल्द ही 'रागिनी एमएमएस 3' में दिखाई देंगे। इस फिल्म में उनके साथ तमन्ना भाटिया लीड रोल में हैं। हालांकि फिल्म की कहानी और रिलीज डेट को लेकर अभी ज्यादा जानकारी साझा नहीं की गई है।
पाकिस्तानी फिल्म मेरा ल्यारी 8 मई को सिनेमाघरों में रिलीज हुई। यह फिल्म पाकिस्तान के ल्यारी इलाके पर आधारित थी। गौरतलब है कि ल्यारी का जिक्र भारतीय फिल्म धुरंधर में भी हुआ है, जो सुपरहिट साबित हुई थी। हालांकि, मेरा ल्यारी को बॉक्स ऑफिस पर कमजोर रिस्पॉन्स मिला। फेसबुक पेज ऑल पाकिस्तान शोबिज स्टार्स ने दावा किया कि पाकिस्तान की फिल्म मेरा ल्यारी को खराब शुरुआत के बाद फैसलाबाद के ताज महल सिनेमा से हटा दिया गया है। फिल्म पहले दिन सिर्फ 22 टिकट ही बेच पाई। कम दर्शक आने की वजह से अगले शो भी रद्द कर दिए गए। बता दें कि यह फिल्म धुरंधर और दूसरी फिल्मों को जवाब देने के लिए बनाई गई। फिल्म को कराची के ल्यारी इलाके की कहानी के तौर पर प्रमोट किया गया था। जहां फिल्मों में अक्सर इस इलाके को अपराध और गैंग हिंसा से जोड़कर दिखाया जाता है, वहीं मेरा ल्यारी में समुदाय, खेल और युवाओं की जिंदगी पर फोकस किया गया। महिला फुटबॉल पर आधारित है फिल्म की कहानी यह फिल्म महिला फुटबॉल पर आधारित है। अबू अलीहा के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म में आयशा उमर, दनानीर मोबीन, सामिया मुमताज और ट्रिनेट लुकास हैं। फिल्म की कहानी महिला फुटबॉल, कम्युनिटी की एकता और ल्यारी में युवा खिलाड़ियों के सामने आने वाली चुनौतियों पर केंद्रित है। मेकर्स ने फिल्म के जरिए इलाके की एक अच्छी इमेज दिखाने की कोशिश की है। डायरेक्टर अबू अलीहा ने पहले कहा था कि फिल्म की 80 प्रतिशत कास्ट लोकल है, जिसमें फुटबॉल टीमों के सदस्य भी शामिल हैं। फिल्म को सिंध के सूचना मंत्री शरजील इनाम मेमन का भी सपोर्ट मिला।
एक्ट्रेस शेफाली जरीवाला की मौत को लेकर सोशल मीडिया पर किए गए इंजेक्शन संबंधी दावों पर उनके पति पराग त्यागी ने प्रतिक्रिया देते हुए इन अफवाहों को खारिज किया और लोगों से गलत जानकारी फैलाना बंद करने की अपील की। ‘कांटा लगा गर्ल’ के नाम से मशहूर एक्ट्रेस शेफाली जरीवाला का मुंबई में 27 जून 2025 को निधन हुआ था।उनके निधन के बाद सोशल मीडिया पर उनकी मौत को लेकर कई तरह के दावे किए जा रहे थे। इनमें कहा गया था कि किसी इंजेक्शन की वजह से उनकी मौत हुई। हम लोग बिल्कुल नॉर्मल खाना खाते थे: पराग फिल्मीज्ञान से बातचीत में पराग ने कहा, ‘हम लोग बिल्कुल नॉर्मल खाना खाते थे। नूडल्स से लेकर आइसक्रीम तक सब कुछ खाते थे। शेफाली भी हफ्ते में एक-दो बार आइसक्रीम खाती थीं। घर में दाल, सब्जी, रोटी और कार्बोहाइड्रेट वाली चीजें सब बनती थीं। बस प्रोटीन थोड़ा ज्यादा रहता था।’ पराग ने कहा, ‘वो अपनी पूरी लाइफ में इस पॉइंट पर सबसे ज्यादा फिट थीं।’ उन्होंने इंजेक्शन संबंधी दावों पर सवाल उठाते हुए कहा, ‘मुझे नहीं पता कौन हमारे घर में आकर देख के गया है या किसने ये सब बता दिया।’ शेफाली नेचुरल ब्यूटी थीं: पराग त्यागी गोरा होने वाले इंजेक्शन की अफवाहों पर पराग ने कहा, ‘उनको ( शेफाली) और गोरे होने की क्या जरूरत थी? वो नेचुरल ब्यूटी थीं।’ वहीं, यंग दिखने वाले इंजेक्शन की बात पर उन्होंने कहा, ‘अगर यंग होने के इंजेक्शन आते हैं तो मुझे भी बता दो। आप भी ले लेना, अपने पैरेंट्स को भी लगवा देना।’ उन्होंने आगे कहा, 'अगर ऐसा कोई इंजेक्शन होता जो इंसान को हमेशा जवान रखता, तो शायद रतन टाटा जी आज जिंदा होते।' अफवाहों पर नाराजगी जताते हुए पराग ने कहा, 'दोस्तों प्लीज दिखावे पर मत जाओ, अपनी अकल लगाओ। आज व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी और सोशल मीडिया पर लोग कुछ भी पढ़ लेते हैं, लेकिन उसके बारे में रिसर्च नहीं करते। नेगेटिव चीजें लोगों को बहुत जल्दी बिकती हैं।' उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा, 'बस मैं सबसे रिक्वेस्ट करना चाहूंगा, ऐसा मत करो।'
आलिया भट्ट बुधवार शाम को कांस फिल्म फेस्टिवल में आइस ब्लू गाउन में रेड कार्पेट पर नजर आईं। फिल्म 'ए वूमेन्स लाइफ' (La Vie D'Une Femme) के प्रीमियर के दौरान उनका सिंड्रेला अवतार देखने को मिला। रेड कार्पेट पर आने से कुछ घंटे पहले, आलिया ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर लॉरियल पेरिस को टैग करते हुए लिखा, लगभग टाइम हो गया। वीडियो में, उन्होंने पर्दे हटाकर अपने गाउन की एक झलक दिखाई। दुनियाभर का सबसे प्रतिष्ठित फिल्म फेस्टिवल और कल्चरल इवेंट कांस 12 मई से शुरू हो चुका है। फेस्टिवल 23 मई तक फ्रांस के फ्रेंच रिवेरा में जारी रहेगा। लोरियल पेरिस की तरफ से कांस पहुंचीं आलिया भट्ट के अब तक 4 लुक सामने आ चुके हैं। देखें आलिया का चौथा लुक देखें आलिया का तीसरा लुक देखें आलिया का दूसरा लुक देखें आलिया का पहला लुक एक्ट्रेस यूलिया वंतूर बुधवार को अपनी शॉर्ट फिल्म इकोज ऑफ अस को प्रमोट करने के लिए कांस के रेड कार्पेट पर वॉक किया। उन्होंने डिजाइनर तमारा राल्फ का डिजाइन किया हुआ आइस-ब्लू टरकॉइज गाउन पहना था। रेड कार्पेट पर उन्होंने फोटोग्राफर्स के लिए पोज दिए, फैंस को फ्लाइंग किस भेजी और हाथों से हार्ट जेस्चर भी बनाया। यूलिया ने अपने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो रील शेयर करते हुए इस अनुभव को मैजिक इवनिंग बताया। इस मौके पर उनके साथ एक्टर दीपक तिजोरी और डायरेक्टर जो राजन भी मौजूद थे। फिल्म का दूसरा टीजर कांस में मार्चे डू फिल्म और बाद में फ्रेंच रिवेरा फिल्म फेस्टिवल में दिखाया जाएगा। आलिया भट्ट और यूलिया वंतूर के अलावा भारत से उर्वशी रौतेला, ऐश्वर्या राय, मौनी रॉय, अदिति राव हैदरी और एहसास चन्ना कांस के रेड कार्पेट में पहुंचेंगी। एक्ट्रेस तारा सुतारिया भी कांस रेड कार्पेट पर डेब्यू करने वाली हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील का दौरे पर पड़ा असर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में जनता से कम-से-कम ट्रेवल करने और कम तेल-ईंधन इस्तेमाल करने की अपील की है। यही वजह रही कि महाराष्ट्र का सांस्कृतिक विभाग अब कांस फिल्म फेस्टिवल में हिस्सा नहीं ले रहा है। महाराष्ट्र के सांस्कृतिक कार्य मंत्री आशीष शेलार ने बताया कि पीएम मोदी की अपील के बाद विभाग का प्रतिनिधिमंडल अब कांस नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि विभाग में वाहनों का इस्तेमाल कम किया जाएगा और जरूरी बैठकों को वर्चुअल माध्यम से आयोजित किया जाएगा। कांस 2026 में छाएगा भारत का रीजनल सिनेमा कांस में इंडो-अमेरिकन फिल्म बॉम्बे स्टोरीज की स्क्रीनिंग भी कांस में होगी। ये फिल्म मंटों के उपन्यास पर बनी है, जो 1930 के दशक की बॉम्बे में रहनेवालीं सेक्स वर्कर्स की कहानी दिखाती है। फिल्म को राहत शाह काजमी ने डायरेक्ट किया है। इस फिल्म की स्क्रीनिंग के दौरान एक्ट्रेस मौनी रॉय कांस में मौजूद रहेंगी। इसके क्लासिकल सेगमेंट में 40 साल पुरानी मलयाली फिल्म अम्मा अरियन की भी कांस में स्क्रीनिंग होगी। रीजनल सिनेमा की ये फिल्में भी कांस पहुंचीं- पंजाबी सिनेमा- पॉपुलर सिंगर और एक्टर एमी विर्क की फिल्म चारदीकला की स्क्रीनिंग कांस में होनी है। इसकी स्क्रीनिंग के लिए एमी विर्क कांस में डेब्यू करेंगे। उनके साथ को-स्टार रूपी गिल भी कांस में पहुंचेंगी। मलयाली सिनेमा- मलयाली फिल्ममेकर चिदंबरम की फिल्म बालनः द बॉय की स्क्रीनिंग कांस में होनी है। गुजराती सिनेमा- एक्ट्रेस मानसी पारेख इस साल प्रोड्यूसर पार्थिव गोहिल के साथ कांस में शामिल होने वाली हैं। गुजराती फिल्म लालोः कृष्णा सदा सहायते की भी कांस में स्क्रीनिंग होगी। मराठी सिनेमा- मराठी फिल्म इंडस्ट्री से एक्टर अशोक सराफ, निवेदिता सरफा, एक्ट्रेस प्राजक्ता माली और प्रोड्यूसर केदार जोशी कांस का हिस्सा बनेंगे। पायल कपाड़िया ज्यूरी बनीं, आशुतोष गोवारिकर ऑफिशियल डेलिगेट्स लगान बना चुके आशुतोष गोवारिकल इस साल भारत के ऑफिशियल डेलिगेट बनकर कांस का हिस्सा बनेंगे। 2021 और 2024 में कांस के दो अवॉर्ड ग्रैंड प्री और गोल्डन आई अवॉर्ड जीत चुकीं पायल कपाड़िया इस साल ज्यूरी बनकर कांस में शामिल हो रही हैं। वो क्रिटिक्स वीक कैटेगरी की ज्यूरी रहेंगी। कांस की ज्यूरी बनने वाली पहली इंडियन एक्ट्रेस रहीं ऐश्वर्या राय हर साल दुनियाभर के चुनिंदा लोगों को ज्यूरी में शामिल किया जाता है। मृणाल सेन पहले भारतीय थे, जिन्हें 1982 में ज्यूरी में शामिल किया गया था। इसके अलावा ज्यूरी बनने वाली पहली भारतीय महिला डायरेक्टर मीरा नायर थीं। ऐश्वर्या राय पहली इंडियन एक्ट्रेस हैं, जिन्हें कांस में ज्यूरी बनाया गया। हालांकि अब दीपिका पादुकोण, विद्या बालन और शर्मिला टैगोर भी इस लिस्ट में शामिल हैं। सेरेमनी के आखिरी दिन मिलेगा पाम डि'ओर पाम डिओर, कांस का सबसे बड़ा और प्रतिष्ठित अवॉर्ड है। यह पुरस्कार फेस्टिवल की मुख्य प्रतियोगिता में चुनी गई सर्वश्रेष्ठ फिल्म को दिया जाता है। इसे कांस का सर्वोच्च सम्मान माना जाता है। इस साल 12-23 मई तक चलने वाले इस फेस्टिवल में 23 मई को पाम डि'ओर अवॉर्ड दिया जाएगा। कांस के इतिहास में भारत की उपलब्धियां- 80 साल पहले भारत को मिला पहला पाम डि'ओर, आज भी रिकॉर्ड कायम कांस फिल्म फेस्टिवल में जाने वाली पहली भारतीय फिल्म नीचा नगर थी। चेतन आनंद के निर्देशन में बनी ये फिल्म संयोग से कभी भारत में रिलीज ही नहीं हुई। इसका प्रसारण सिर्फ दूरदर्शन में ही किया गया था। अमीर-गरीब की जिंदगी दर्शाने वाली इस फिल्म को कांस फिल्म फेस्टिवल का सर्वश्रेष्ठ पाम डि'ओर अवॉर्ड मिला था। नीचा नगर ये अवॉर्ड जीतने वाली भारत की इकलौती फिल्म है। इसके अलावा दो बीघा जमीन (1954), बूट पॉलिश, पाथेर पांचाली, सलाम बॉम्बे, लंच बॉक्स जैसी करीब 21 फिल्मों को कांस फिल्म फेस्टिवल में अलग-अलग कैटेगरी में अवॉर्ड मिले हैं। जबकि अब तक भारत को कुल 38 नॉमिनेशन मिल चुके हैं। नॉमिनेशन हासिल करने वाली फिल्मों में राज कपूर की ब्लॉकबस्टर फिल्म आवारा भी शामिल है। जब कांस के रेड कार्पेट पर ट्रेडिशनल अवतार में पहुंचे सेलेब्स कांस रेड कार्पेट पर सेलेब्स के इन लुक्स का उड़ा मजाक एक नजर कांस के बेहतरीन इतिहास पर- हिटलर की तानाशाही के खिलाफ शुरू हुआ कांस 1938 में वेनिस फिल्म फेस्टिवल की शुरुआत की गई थी, लेकिन उस समय जर्मनी के तानाशाह एडॉल्फ हिटलर और इटली के तानाशाह मुसोलिनी अपने पसंदीदा लोगों को अवॉर्ड बांट देते थे। इनकी तानाशाही से परेशान होकर कई ज्यूरी मेंबर ने वेनिस फिल्म फेस्टिवल छोड़ दिया और एक फ्री फेस्टिवल शुरू करने का फैसला किया, जिसकी लोकेशन कांस, पेरिस तय हुई। फ्रेंच सरकार ने उसके दस्तावेजों पर साइन कर उसे ऑफिशियल कांस फिल्म फेस्टिवल घोषित कर दिया। पहला फिल्म फेस्टिवल 1-20 सितंबर 1939 को होना था। एक दिन पहले गाला नाइट रखी गई, लेकिन 1 सितंबर को फेस्टिवल शुरू हुआ तो हिटलर द्वारा पौलेंड पर हमला करने से सेरेमनी में हंगामा मच गया और सेरेमनी 10 दिनों के लिए टालनी पड़ी। माहौल सुधरने के बदले और बिगड़ गए जब फ्रांस और यूनाइटेड किंगडम के बीच युद्ध का ऐलान हुआ। दूसरे विश्व युद्ध से कांस फिल्म फेस्टिवल 6 सालों तक टला था। वर्ल्ड वॉर 2 से 6 साल के इंतजार के बाद पहली सेरेमनी 20 सितंबर- 5 अक्टूबर 1946 को हुई, जिसमें 20 देशों ने हिस्सा लिया। 1947 में मैनेजमेंट खराब होने पर महज 16 देशों ने हिस्सा लिया। अगले साल 1948 में बजट की कमी के कारण सेरेमनी हुई ही नहीं। 1949 में फिर इवेंट मैनेजमेंट से लोग निराश हुए। 1950 में खर्च न उठा पाने पर फिर फिल्म फेस्टिवल हुआ ही नहीं। 1951 से लेकर अब तक सिर्फ कोरोना महामारी के चलते 2020 में सेरेमनी रद्द की गई थी। 18 कैरेट गोल्ड से बना अवॉर्ड, कीमत करीब 18 लाख रुपए 1955 में फेस्टिवल कमेटी ने पाम डिओर (Palm D’or) अवॉर्ड लॉन्च किया, जो इस सेरेमनी का हाईएस्ट अवॉर्ड है। 1964 में पाम डिओर को ग्रैंड प्रिक्स से रिप्लेस किया गया था, हालांकि 1975 से फिर पाम डिओर अवॉर्ड दिया जाने लगा। इसे स्विस ज्वेलरी फर्म चोपार्ड द्वारा तैयार किया गया है। इसे 18 कैरेट यलो गोल्ड और एमराल्ड कट डायमंड से तैयार किया गया है। इस एक अवॉर्ड की कीमत 27 हजार डॉलर यानी 18 लाख रुपए है। डिनर में खर्च किए जाते हैं 2.8 करोड़ रुपए कांस फिल्म फेस्टिवल के समय कांस शहर का होटल बेरियर ले मैजेस्टिक (Hotel Barrire Le Majestic) मेहमानों के लिए ओपनिंग और क्लोजिंग इवेंट के लिए खाने की जिम्मेदारी उठाता है। मेहमानों के डिनर के लिए ही 3 लाख 47 हजार डॉलर यानी 2.8 करोड रुपए खर्च किए जाते हैं। 2000 कैकड़ों से बनता है स्पेशल डिनर वेबसाइट बिजनेस इनसाइडर की एक रिपोर्ट के मुताबिक होटल डिनर के लिए 770 पाउंड यानी 340 किलोग्राम फोए ग्रास नाम की डिश तैयार करता है, जो बतख के लिवर से बनने वाली एक स्पेशल फ्रेंच डिश है। इसके अलावा यहां 110 पाउंड्स यानी 49 किलो केवियर बनता है, जो दुनिया की सबसे महंगी डिशेज में से एक है। इस डिश में करीब 1,32,000 डॉलर यानी 1 करोड़ रुपए खर्च होते हैं। इस डिनर के लिए हर साल 2000 किलो कैकड़े (लॉबस्टर) इस्तेमाल किए जाते हैं, जिनमें 39 लाख रुपए लगते हैं। 18500 बोतल वाइन-शैंपेन पी जाते हैं गेस्ट्स सेलेब्स के लिए रखे गए डिनर में वाइन और शैंपेन भी सर्व होती है। पूरे कांस फेस्टिवल के दौरान करीब 18,500 बोतल वाइन और शैंपेन परोसी जाती है। वेबसाइट द हॉलीवुड रिपोर्टर के अनुसार सेरेमनी में ज्यादातर 1990 शैटो पेट्रस (1990 Chateau Petrus) वाइन सर्व की जाती है। जिसकी एक बोतल की कीमत 9390 डॉलर है, ये दुनिया की छठी सबसे महंगी वाइन है। हॉलीवुड रिपोर्टर के अनुसार, डिनर के अलावा दूसरे मौकों पर लगने वाली ड्रिंक्स, खाने, लेजर लाइट, फोटोग्राफ और म्यूजिक में भी 1,50,000 डॉलर यानी 1 करोड़ 23 लाख खर्च किए जाते हैं। कांस शहर सिर्फ याच को रेंट पर देकर कमाता है 3 हजार करोड़ रुपए कांस शहर याच पार्टी के लिए भी फेमस है। फेस्टिवल में पहुंचने वाले दुनियाभर के कई सेलेब्स फेस्टिवल के दौरान याच पार्टी का भी हिस्सा बनते हैं। टेलीग्राफ की रिपोर्ट के अनुसार याच पार्टी से सालाना कांस शहर की 3 हजार करोड़ रुपए कमाई होती है, जो सेलेब्स खुद खर्च करते हैं। हील्स की जगह फ्लैट चप्पल पहनी तो रेड कार्पेट पर एंट्री बैन रेड कार्पेट के नियमों के अनुसार, सेरेमनी में पहुंचने वाली फीमेल सेलिब्रिटीज का हील्स पहनना जरूरी है। ये नियम 2015 में बनाया गया है। अगर कोई सेलेब्स बिना हील्स के यहां पहुंचता है तो उसे सेरेमनी में नहीं आने दिया जाता। 2015 में ऐसा ही एक मामला विवादों से घिर गया, जहां कुछ फीमेल सेलेब्स को हील्स न पहनने पर अंदर नहीं जाने दिया। एक्ट्रेस क्रिस्टेन स्टीवर्ट और जूलिया रॉबर्ट्स भी इस नियम का विरोध करते हुए रेड कार्पेट पर अपनी हील्स रिमूव कर चुकी हैं। हैंडबैग और सेल्फी पर पाबंदी रेड कार्पेट के लिए कोई निर्धारित ड्रेस कोड नहीं है, हालांकि यहां आने वाले हर सेलेब को ग्लैमरस लगना अनिवार्य है। हैरानी की बात ये है कि रेड कार्पेट पर हैंडबैग ले जाना सख्त मना है। यहां आने वाले सेलेब्स क्लच या हाथ में दूसरा कोई भी बैग नहीं पकड़ सकते। रेड कार्पेट की रूल बुक पर लिखा हुआ है कि कृपया अपने हैंडबैग अपने होटल में ही छोड़कर आएं। रेड कार्पेट पर फोटो या सेल्फी लेने की भी सख्त मनाही है, कोई भी सेलेब रेड कार्पेट पर सिर्फ और सिर्फ पैपराजी से ही तस्वीर क्लिक करवा सकता है। 2 किलोमीटर की रेडकार्पेट को दिन में 3 बार बदला जाता है सबसे ज्यादा कांस फिल्म फेस्टिवल में रेड कार्पेट पर आए सेलेब्स चर्चा में रहते हैं।1989 में पहली बार रेड कार्पेट रखी गई थी, जिस पर चलकर तमाम हस्तियां फेस्टिवल का हिस्सा बनी थीं। महंगी ड्रेस और ज्वेलरी पहनकर सेलेब्स इस रेड कार्पेट पर दिन भर वॉक करते हैं, जिसके तीन तरफ पैपराजी और मीडिया की भीड़ रहती है। ये रेड कार्पेट 2 किलोमीटर लंबा होता है, साफ दिखाने के लिए इसे दिन में 3 बार बदला जाता है। पैपराजी की 5-पीस सूट के बिना एंट्री बैन रेड कार्पेट पर आने वाले सेलेब्स को क्लिक करने पहुंचे पैपराजी के लिए भी कांस फिल्म फेस्टिवल में ड्रेस कोड है। पैपराजी सिर्फ ब्लैक टक्सीडो सूट, टाई/बो और फॉर्मल शूज पहनकर ही आ सकते हैं। अगर ड्रेस कोड में लापरवाही की जाती है, तो उन्हें वहां फोटो क्लिक करने से रोक दिया जाता है। हालांकि, फीमेल पैपराजी को इस ड्रेस कोड में छूट मिली हुई है। कांस फिल्म फेस्टिवल से जुड़ी कुछ जरूरी बातें-
टीवी एक्टर और होस्ट करण वाही एक बार फिर ‘खतरों के खिलाड़ी’ में नजर आएंगे। करण इससे पहले सीजन 8 और ‘खतरों के खिलाड़ी: मेड इन इंडिया’ का हिस्सा रह चुके हैं। अब वह तीसरी बार ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ में दिखाई देंगे। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में करण ने बताया कि यह शो सिर्फ एक रियलिटी शो नहीं, बल्कि जिंदगी बदल देने वाला एक्सपीरियंस है। सवाल: तीसरी बार ‘खतरों के खिलाड़ी’ में जा रहे हैं। शो को लेकर कितना एक्साइटमेंट है?जवाब: शो की बात करें तो पुराना शो भी बहुत डरावना था। अब नया शो कितना डरावना होगा, ये तो हमें भी नहीं पता क्योंकि उन्होंने ज्यादा बताया नहीं है, लेकिन मैं खुद को बहुत लकी मानता हूं कि मुझे तीसरी बार यह शो करने का मौका मिल रहा है। जितना ज्यादा डर लगेगा, उतना ज्यादा मजा आएगा। अब बस उस पल का इंतजार है जब हम केपटाउन जाएंगे और रोहित सर के साथ फिर वही सफर शुरू होगा। सवाल: जब तीसरी बार शो का ऑफर आया, तब पहला रिएक्शन क्या था?जवाब: मेरा पहला रिएक्शन सीधा ‘हां’ था क्योंकि यह शो सिर्फ शो नहीं है, एक एक्सपीरियंस है। यहां आपके कॉम्पिटिटर्स भी आपको चीयर करते हैं। अगर आप जीतते हैं तो सामने वाला हार जाएगा, लेकिन फिर भी वो आपके लिए उतना ही चीयर करेगा जितना खुद के लिए करते हैं। आज के समय में ऐसा शो दूसरा नहीं है। यहां आपको वो सब करने का मौका मिलता है, जो हम अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में कभी नहीं करते। हम घर पर रह सकते हैं, फोन दूर रख सकते हैं, टीवी नहीं देख सकते, डांस या गाना गा सकते हैं, लेकिन असली जिंदगी में हम चूहों के बीच नहीं बैठते, 100 मंजिला इमारत से नहीं लटकते और ना ही ऐसी खतरनाक छलांग लगाते हैं। अगर आपको ये सब दोबारा करने का मौका मिले, तो डर जरूर लगता है। सवाल: पहली और दूसरी बार शो करने के दौरान सबसे बड़ा डर क्या था?जवाब: पहली बार तो मुझे कई चीजों से डर लगता था, लेकिन सबसे बड़ा फोबिया जानवरों का था, खासकर डॉग्स का। ‘खतरों के खिलाड़ी’ के बाद वो डर पूरी तरह खत्म हो गया और आज मेरे घर में खुद का डॉग है। दूसरी बार भी हाइट का डर था और सच कहूं तो वह आज भी है, लेकिन यह शो आपको सिखाता है कि ‘माइंड ओवर मैटर’ क्या होता है। सवाल: क्या डर कभी पूरी तरह खत्म हो जाता है?जवाब: नहीं। यह शो हमेशा आपके सामने एक नया डर ले आता है। अगर कुत्तों का डर खत्म हुआ, तो अब वो शेर या चीता ले आएंगे, लेकिन यही इस शो की खूबसूरती है कि आप खुद को हर बार नए तरीके से टेस्ट करते हैं। सवाल: असल जिंदगी में करियर की शुरुआत के दौरान सबसे बड़ा डर क्या था?जवाब: अगर डर को जनरल सेंस में देखें, तो डर आज भी है। छोटी-छोटी चीजों का डर रहता है। पहले मुझे अपने पैरेंट्स से डर लगता था, पढ़ाई से डर लगता था, लेकिन अगर काम की बात करूं, तो 20-22 साल पहले दुनिया भी बहुत अलग थी। उस वक्त इंसान बहुत फियरलेस होता है। आप दुनिया के बारे में ज्यादा नहीं सोचते। बस नाम कमाना होता है। लगता है कि सब कर लेंगे, कुछ भी कर लेंगे। उस समय शायद डर कम था, मैं थोड़ा ज्यादा फियरलेस था। अब मैं इसे डर नहीं कहूंगा, लेकिन अब चीजों के बारे में ज्यादा सोचता हूं। ये हर इंसान के साथ होता है। पहले बस यही सोच होती थी कि काम आ रहा है, कुछ भी करो लेकिन काम करो। अब बस यही उम्मीद रहती है कि इतने सालों से लोगों ने मुझे जो प्यार दिया है, वो आगे भी मिलता रहे। मैंने 20-22 साल काम किया है, तो अगर अगले 20-22 साल भी उसी दिल से काम कर पाऊं, वही प्यार और सम्मान मिलता रहे, तो उससे बड़ी बात कुछ नहीं होगी। सवाल: आप अपनी फिटनेस और लाइफस्टाइल को लेकर कितना डिसिप्लिन फॉलो करते हैं? आपका फिटनेस रूटीन कैसा है?जवाब: मुझे लगता है यह एक एम्बेडेड डिसिप्लिन है। फिटनेस सिर्फ एक्टर्स के लिए जरूरी नहीं है, बल्कि एक अच्छी जिंदगी जीने के लिए जरूरी है। अच्छा खाना, वर्कआउट, साफ-सुथरी लाइफस्टाइल और शायद थोड़ी अच्छी जेनेटिक्स भी। यह सब पैरेंट्स की वजह से है। सवाल: मेंटल पीस और मेंटल फिटनेस कैसे बनाए रखते हैं?जवाब: पहले मैं बहुत एक्सटर्नल वैलिडेशन ढूंढता था। कौन क्या सोचता है, सोशल मीडिया पर किसने क्या लिखा। लेकिन अब मैंने यह सब छोड़ दिया है। अब मैं सिर्फ यह सोचता हूं कि मैं खुद अपने बारे में क्या सोचता हूं। मेरे एक्शन मेरे शब्दों से कितना मैच करते हैं। वही मुझे शांति देता है। सवाल: आपने स्पिरिचुअलिटी की तरफ भी काफी झुकाव दिखाया है?जवाब: स्पिरिचुअलिटी कोई बहुत बड़ी या अलग चीज नहीं है। मैं पहले भी स्पिरिचुअल था, बस अब खुद के साथ ज्यादा अलाइन्ड हूं। जैसे-जैसे आप बड़े होते हैं, आपकी चाहतें बदलती हैं और आप खुद को ज्यादा समझने लगते हैं। मेरे लिए स्पिरिचुअलिटी का मतलब बस खुद के साथ ईमानदार होना है। सवाल: इस बार के कंटेस्टेंट्स को कैसे देखते हैं?जवाब: मेरे लिए यह शो हमेशा एक बहुत बड़ा सपोर्ट सिस्टम रहा है। ऋत्विक धनजानी मेरे बहुत अच्छे दोस्त हैं और उनकी एनर्जी ऐसी है कि आप उनके आसपास कभी उदास नहीं रह सकते। हम बहुत मस्ती करते हैं। मैं उम्मीद करता हूं कि इस बार भी हम फिनाले तक साथ पहुंचे और फिर वहीं मुकाबला हो। सवाल: जिंदगी का सबसे बड़ा रिस्क क्या लिया? जवाब: मुंबई आना। सवाल: सबसे खतरनाक अफवाह कौन सी लगी? जवाब: कि मैंने स्पिरिचुअल बनने के बाद काम छोड़ दिया है। सवाल: किसी कंटेस्टेंट के साथ बिना फोन के कहीं रुकना हो, तो कौन होगा? जवाब: ऋत्विक और वो किसी और को होने भी नहीं देगा। सवाल: आखिर में फैंस के लिए क्या कहना चाहेंगे?जवाब: मैं बस यही कहना चाहता हूं कि ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ जरूर देखिए। आपने इतने सालों से हमें बहुत प्यार दिया है, बस वही प्यार बनाए रखिए। और जो नई ऑडियंस है, जिन्होंने शायद हमारा काम नहीं देखा, उनसे कहना चाहूंगा कि शो देखिए, हमारे साथ हंसिए, हम पर भी हंसिए। रोहित सर हैं, वो हमेशा संभाल लेंगे। सच कहूं तो ‘खतरों के खिलाड़ी’ का नाम आते ही सबसे पहले रोहित शेट्टी का चेहरा याद आता है।

