साल 1955 तमिलनाडु के कोयंबटूर में फिल्म 'आजाद' की शूटिंग चल रही थी। इसी दौरान फिल्म प्रोड्यूसर एस.एस. वासन ने दिलीप कुमार की मुलाकात एक मशहूर ज्योतिषी से कराई। ज्योतिषी ने दिलीप कुमार का चेहरा देखा, हाथ की रेखाएं पढ़ीं और फिर उनकी कुंडली बनाई। इसके बाद उन्होंने ऐसी भविष्यवाणी की, जिसे सुनकर खुद दिलीप कुमार भी हैरान रह गए। ज्योतिषी ने कहा कि दिलीप कुमार की शादी 40 साल की उम्र के बाद होगी। उनकी दुल्हन उनसे करीब आधी उम्र की होगी। इतना ही नहीं, वह भी फिल्मों से जुड़ी होगी। भविष्यवाणी यहीं खत्म नहीं हुई। ज्योतिषी ने यह भी कहा कि उस महिला को एक गंभीर बीमारी भी होगी। यह सुनकर दिलीप कुमार ने कहा था, “मैं तो कभी फिल्म वाली लड़की से शादी ही नहीं करूंगा।” उस वक्त दिलीप कुमार ने इस भविष्यवाणी को गंभीरता से नहीं लिया था, लेकिन करीब 11 साल बाद ज्योतिषी की कही लगभग हर बात सच हो गई। 1966 में 44 साल के दिलीप कुमार ने 22 साल की एक्ट्रेस सायरा बानो से निकाह किया। आज सायरा बानो के 82वें जन्मदिन पर जानते हैं उनकी जिंदगी और दिलीप कुमार के साथ उनकी प्रेम कहानी के कुछ अनसुने किस्से। दिलीप कुमार के चलते उर्दू सीखनी शुरू की सायरा बानो का जन्म 1944 में मशहूर अदाकारा नसीम बानो और प्रोड्यूसर मियां एहसान-उल-हक के घर हुआ था। दिलचस्प बात ये है कि जिस साल सायरा दुनिया में आईं, उसी साल दिलीप कुमार की पहली फिल्म ज्वार भाटा (1944) रिलीज हुई थी। सायरा करीब 6 साल की थीं, जब उनको पढ़ाई के लिए यूनाइटेड किंगडम भेज दिया गया। लंदन के मशहूर एलीट स्कूल क्वीन्स हाउस में उनकी पढ़ाई हुई। छुट्टियां होतीं, तो सायरा हिंदुस्तान आती थीं। ऐसी ही एक छुट्टी में 12 साल की सायरा अपनी मां के साथ घर पर फिल्म आन देख रही थीं। फिल्म महबूब खान ने बनाई थी और हीरो थे दिलीप कुमार। दिलीप साहब की अदाकारी ने सायरा के दिल पर ऐसा असर किया कि फिल्म खत्म होते ही उन्होंने मां के सामने अपनी ख्वाहिश जाहिर कर दी। सायरा ने साफ कह दिया- अगर शादी करेंगी, तो सिर्फ दिलीप कुमार से। लंदन में पढ़ाई के दौरान भी सायरा बानो के दिल में एक ही ख्वाब था- एक दिन वह मिसेज दिलीप कुमार बनेंगी। सायरा ने दैनिक भास्कर को दिए एक पुराने इंटरव्यू में यह बात बताई थी। सायरा की मां नसीम बानो उनसे कहती थीं कि अगर उन्हें दिलीप कुमार की पत्नी बनना है, तो पहले उनकी पसंद-नापसंद और शौक को समझना होगा। बस फिर क्या था, सायरा ने भी दिलीप साहब की पसंद की चीजें सीखना शुरू कर दिया। जब उन्हें मालूम हुआ कि दिलीप कुमार को उर्दू और शायरी बेहद पसंद है, तो सायरा ने बाकायदा मौलवी साहब से उर्दू पढ़ना शुरू कर दिया। इतना ही नहीं, दिलीप साहब को सितार पसंद था, तो सायरा ने सितार सीखने की कोशिश भी की।काम करने को लेकर दिलीप कुमार ने सफेद बाल दिखा दिए सायरा की मां नसीम एक एक्ट्रेस थीं, इसलिए दिलीप कुमार की नसीम बानो से मुलाकात होती रहती थी। वो सायरा के बारे में भी जानते थे। जब सायरा ने फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखने का फैसला किया और निर्माता एस. मुखर्जी ने यह बात दिलीप कुमार से कही तो उन्होंने कहा था कि सायरा को फिल्मों में करियर बनाने से रोका जाना चाहिए। 1960 के दशक की शुरुआत में फिल्म ‘दिल दिया दर्द लिया’ की कास्टिंग शुरू होने वाली थी। इसी दौरान निर्माता एस. मुखर्जी ने दिलीप कुमार से कहा था, “यूसुफ, यह लड़की आपके साथ काम करने के लिए पागल है।” जिस पर दिलीप कुमार ने अपने सफेद-काले बालों में हाथ फेरकर सायरा से कहा था, “क्या तुमने मेरे ये सफेद बाल देखे हैं? मैं तुमसे बहुत ज्यादा उम्र का हूं और मैं सुअर की तरह खाता हूं!” शम्मी कपूर की डांट सुनकर सायरा रोने लगी थीं सायरा बानो की पहली फिल्म 1961 में रिलीज हुई ‘जंगली’ थी। हालांकि फिल्मों में कदम रखने का फैसला उनके लिए बिल्कुल आसान नहीं था। परिवार, खासकर उनकी मां नसीम बानो, इसके खिलाफ थीं, लेकिन सायरा ने अपने इस ख्वाब को छोड़ना मंजूर नहीं किया। उन्होंने स्कूल की छुट्टियों के दौरान ‘जंगली’ की शूटिंग शुरू की। कुछ महीने शूटिंग करने के बाद वह वापस लंदन चली गईं और अपनी पढ़ाई पूरी करने लगीं। लेकिन फिल्म की शूटिंग से लेकर रिलीज तक, कुछ ऐसे वाकये हुए, जिन्होंने सायरा को रुला दिया। दरअसल, सायरा बानो ने फिल्म ‘जंगली’ साइन तो कर ली थी, लेकिन उन्हें एक्टिंग का कोई तजुर्बा नहीं था। शूटिंग के पहले दिन वह कश्मीर के शालीमार बाग पहुंचीं। वहां हजारों लोग शूटिंग देखने के लिए जमा थे। सायरा वैसे भी काफी शर्मीली थीं। उन्हें ‘कश्मीर की कली’ गाने की एक लाइन पर घूमकर लिप-सिंक करना था, लेकिन वह बार-बार गलती कर रही थीं। लिप-सिंक पर ध्यान देतीं, तो गलत दिशा में घूम जातीं। घूमने पर ध्यान देतीं, तो गाने की लाइन छूट जाती। कई रीटेक के बाद शम्मी कपूर ने उन्हें डांटते हुए कहा कि अगर काम करना है, तो ठीक से करो। यह सुनकर सायरा बहुत शर्मिंदा हुईं और रोने लगीं। उनकी बहन ने भी कहा कि अभी वक्त है, चाहो तो एक्टिंग छोड़कर वापस चल सकते हैं, लेकिन सायरा ने हार नहीं मानी। उन्होंने दोबारा वही सीन किया और इस बार बिल्कुल सही कर दिया। लेकिन रिलीज से पहले एक और वाकये ने सायरा को परेशान कर दिया। एक दिन वह अपनी मां के साथ मुंबई की एक दुकान पर गई थीं। वहां एक सेल्समैन दिलीप कुमार का बड़ा फैन था। उसने सायरा की मां से पूछा कि बेटी की फिल्म कब आ रही है? मां ने बताया कि अगले महीने। यह सुनते ही सेल्समैन बोला कि अगले महीने दिलीप कुमार की ‘गंगा जमुना’ भी रिलीज हो रही है। दोनों फिल्में साथ आईं, तो सायरा की फिल्म कौन देखेगा? यह सुनकर सायरा घबरा गईं और वहीं रोने लगीं। उन्हें लगा कि उनकी फिल्म फ्लॉप हो जाएगी। लेकिन हुआ बिल्कुल उल्टा। ‘जंगली’ और ‘गंगा जमुना’ एक हफ्ते के अंतर से रिलीज हुईं और दोनों फिल्मों ने शानदार कामयाबी हासिल की। पार्टी में पहली बार दिलीप कुमार ने नोटिस किया जिस लड़की के साथ काम करने से दिलीप कुमार सालों तक बचते रहे, एक शाम उसी लड़की को देखकर उनका नजरिया हमेशा के लिए बदल गया। दिन आज का था यानी 23 अगस्त, लेकिन साल था 1966। सायरा बानो के जन्मदिन का मौका था और उनकी मां नसीम बानो ने अपने नए बंगले की हाउस वार्मिंग पार्टी भी रखी थी। उस वक्त सायरा फिल्म ‘प्यार मोहब्बत’ की शूटिंग कर रही थीं। शूटिंग खत्म करके जब वह पार्टी में पहुंचीं, तो वहां फिल्म इंडस्ट्री के कई बड़े सितारे मौजूद थे। इसी बीच सायरा की नजर दिलीप कुमार पर पड़ी। नसीम बानो ने उन्हें खास तौर पर पार्टी में बुलाया था। दिलीप साहब सायरा के जन्मदिन में शामिल होने के लिए मद्रास से फ्लाइट लेकर मुंबई पहुंचे थे। दिलीप कुमार ने अपनी ऑटोबायोग्राफी में इस शाम का जिक्र किया है। उन्होंने बताया था कि सायरा उस दिन साड़ी में बेहद खूबसूरत लग रही थीं। उन्हें देखकर पहली बार दिलीप साहब को महसूस हुआ कि जिसे वह अब तक एक छोटी लड़की समझते रहे, वह अब एक खूबसूरत और आत्मविश्वासी युवती बन चुकी है। दोनों ने हाथ मिलाया। यही वह पल था, जब दिलीप कुमार के दिल में सायरा को लेकर एक नया एहसास पैदा हुआ। पार्टी खत्म हुई और दिलीप साहब मद्रास लौट गए, लेकिन अब सायरा उनके जेहन से निकल नहीं रही थीं। इस तरह दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ने लगीं। आठ दिन तक चला रोमांस, फिर सीधे मां से मांगा हाथ सायरा बानो के लिए यह किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं था। जिस दिलीप कुमार को वह बचपन से चाहती थीं, वही अब उनकी जिंदगी में करीब आ चुके थे। दैनिक भास्कर के साथ बातचीत में सायरा ने बताया था कि दिलीप कुमार मद्रास से मुंबई आते थे। वह सायरा के घर डिनर करते और फिर अपनी शूटिंग के लिए निकल जाते। दोनों के बीच मुलाकातों का यह सिलसिला करीब आठ दिन तक चला। फिर एक दिन दिलीप कुमार ने ऐसा कदम उठाया, जिसकी सायरा ने शायद कभी कल्पना भी नहीं की थी। उन्होंने उनकी मां और दादी से जाकर कहा कि वह उनकी बेटी से शादी करना चाहते हैं। 44 साल के दिलीप कुमार घोड़ी पर सवार होकर पहुंचे थे निकाह के दिन दिलीप कुमार फूलों से सजी कार में सायरा बानो के घर जाना चाहते थे, लेकिन उनके भाइयों और बड़ी बहन सकीना ने उन्हें घोड़ी पर सवार होकर बारात ले जाने के लिए मना लिया। आमतौर पर घर से सायरा के घर तक पहुंचने में सिर्फ दो मिनट लगते थे, लेकिन उस दिन रास्ते में हजारों फैंस की भीड़ जमा थी। इसी वजह से दो मिनट का सफर करीब एक घंटे में पूरा हुआ। दिलीप कुमार घोड़ी पर सवार थे और आगे पृथ्वीराज कपूर, शशि कपूर और नासिर (दिलीप कुमार के छोटे भाई) घोड़ी को संभाल रहे थे। राज कपूर ने शादी में निभाया अपना पुराना वादा दिलीप कुमार और राज कपूर के बीच बेहद गहरी दोस्ती थी। राज कपूर ने कभी मजाक में कहा था कि जिस दिन दिलीप कुमार शादी करेंगे, वह उनके घर घुटनों के बल चलकर आएंगे। 11 अक्टूबर को जब राज कपूर दिलीप कुमार की शादी में पहुंचे तो परिवार ने उन्हें उनका पुराना वादा याद दिलाया। बस फिर क्या था, राज कपूर ने बिना देर किए घुटनों के बल बैठकर चलना शुरू कर दिया। यह देखकर वहां मौजूद मेहमानों के बीच हंसी और खुशी का माहौल बन गया। सायरा बानो ने अपनी 59वीं शादी की सालगिरह पर बताया था कि शादी की तैयारी बहुत कम वक्त में हुई थी। उनका शादी का जोड़ा किसी बड़े डिजाइनर ने नहीं, बल्कि एक लोकल दर्जी ने सिला था। यहां तक कि शादी के कार्ड भी नहीं छपे थे। शादी में मेहमानों की भीड़ इतनी ज्यादा थी कि खाना तक कम पड़ गया। हालात ऐसे हुए कि कुछ लोग शादी की छोटी-छोटी चीजें भी याद के तौर पर साथ ले गए। कोई चम्मच उठा रहा था, तो कोई कांटा अपनी जेब में रख रहा था। अखबार में दिलीप की दूसरी शादी की खबर पढ़ी दिलीप कुमार और सायरा बानो की शादी को 16 साल हो चुके थे। तभी 1982 में उनकी जिंदगी में ऐसा मोड़ आया, जिसने इस रिश्ते की बुनियाद हिला दी। सायरा ने एक समाचार पत्र (टैब्लॉयड ) में पढ़ा कि दिलीप कुमार ने हैदराबाद की अस्मा रहमान नाम की महिला से दूसरी शादी कर ली है। अस्मा दिलीप कुमार की बहनों की दोस्त थीं। जब दिलीप कुमार उनसे मिले थे, तब वह तीन बच्चों की मां थीं। यह खबर सायरा के लिए किसी सदमे से कम नहीं थी। दिलीप कुमार ने बाद में अपनी आत्मकथा में इस रिश्ते को अपनी जिंदगी की ‘गंभीर गलती’ बताया। उन्होंने लिखा कि सायरा को पहुंची तकलीफ और उनके टूटे भरोसे के लिए वह खुद को कभी माफ नहीं कर सकते। इसके बावजूद सायरा ने रिश्ता खत्म करने का फैसला नहीं लिया। दिलीप कुमार ने अपनी गलती मानी और सायरा से कुछ वक्त मांगा। उन्होंने कहा कि वह अस्मा से कानूनी तौर पर रिश्ता खत्म करना चाहते हैं। 1983 की शुरुआत में अस्मा और दिलीप कुमार का रिश्ता खत्म हो गया। दिलीप कुमार ने अपनी आत्मकथा में सायरा बानो की प्रेग्नेंसी को लेकर भी एक अहम बात बताई थी। उन्होंने लिखा कि उस दौर में यह गलत बात फैलाई गई कि सायरा मां नहीं बन सकती थीं। जबकि सच्चाई कुछ और थी। गर्भवती सायरा बानो बाथरूम में गिर गई थीं दिलीप कुमार के मुताबिक, 1972 में सायरा प्रेग्नेंट हुई थीं, लेकिन जब वो आठ महीने की गर्भवती थीं, तब हाई ब्लड प्रेशर की समस्या के कारण बाथरूम में गिर गई थीं। डॉक्टर समय पर ऑपरेशन नहीं कर सके। इसी दौरान गर्भनाल में फंसने की वजह से बच्चे को बचाया नहीं जा सका। बाद में उन्हें पता चला कि उनका होने वाला बच्चा बेटा था। यह हादसा दोनों के लिए बेहद दर्दनाक था। इसके बाद सायरा ने दोबारा बच्चे की कोशिश नहीं की। उन्होंने इसे ऊपर वाले की मर्जी मानकर स्वीकार कर लिया। बकिंघम पैलेस ले जाकर सायरा को दिया सरप्राइज लंदन में एक दिन सायरा ने दिलीप कुमार से कहा कि काश वे बकिंघम पैलेस जाकर महारानी से मिल पातीं। संयोग से उसी सप्ताह दिलीप कुमार को महारानी की तरफ से एक टी पार्टी का न्योता मिला था। उन्होंने सायरा को कुछ नहीं बताया और उन्हें तैयार करके रोल्स रॉयस से बकिंघम पैलेस ले गए। जब गाड़ी महल के गेट के अंदर पहुंची, तो सायरा को पता चला कि वह सच में क्वीन एलिजाबेथ से मिलने जा रही हैं। दिलीप कुमार सायरा को डराने के लिए पत्थर मारते थे दिलीप कुमार गंभीर और शांत स्वभाव के लिए जाने जाते थे, लेकिन सायरा के साथ वे खूब शरारत करते थे। 1967 में फिल्म पन्हाला में शूटिंग के दौरान रात में बिजली चली जाती थी। ऐसे में दिलीप कुमार चुपचाप बाहर निकल जाते और खिड़की पर छोटे-छोटे पत्थर मारते। सुनसान माहौल में पत्थरों की आवाज सुनकर सायरा और उनका स्टाफ डर से चीखने लगता था। सायरा के लिए मनोज कुमार फिल्म को बंद करने के लिए तैयार थे फिल्म ‘पूरब और पश्चिम’ की शूटिंग के दौरान सायरा बानो की तबीयत अचानक खराब हो गई थी। उन्हें अल्सरेटिव कोलाइटिस की समस्या हुई थी और इलाज के लिए लंदन जाना पड़ा। इस दौरान फिल्म के डायरेक्टर और एक्टर मनोज कुमार ने सायरा की जगह किसी दूसरी एक्ट्रेस को लेने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि वह सायरा के ठीक होने का इंतजार करेंगे। जरूरत पड़ी तो फिल्म को बंद कर देंगे। मनोज कुमार के इस व्यवहार से दिलीप कुमार काफी प्रभावित हुए। सालों बाद जब मनोज कुमार ने ‘क्रांति’ में दिलीप कुमार को काम करने का ऑफर दिया, तो उन्होंने पूरा स्क्रीनप्ले पढ़े बिना ही फिल्म के लिए हां कर दी। दिलीप कुमार ने इसे मनोज कुमार के पुराने एहसान का सम्मान बताया था। सायरा कहती हैं- बेटा होता तो शाहरुख जैसा होता दिलीप कुमार का निधन 7 जुलाई 2021 को हुआ। इसके साथ दोनों का करीब 55 साल का वैवाहिक साथ खत्म हुआ, लेकिन सायरा के लिए दिलीप साहब आज भी उनकी जिंदगी का सबसे अहम हिस्सा हैं। सायरा बानो अक्सर सोशल मीडिया पर उनकी तस्वीरें और उनसे जुड़ी यादें शेयर करती रहती हैं। सायरा बानो और एक्टर शाहरुख खान का रिश्ता बेहद खास और मां-बेटे जैसा है। सायरा और उनके दिवंगत पति दिलीप कुमार, शाहरुख को हमेशा अपने मुंह-बोले बेटे की तरह मानते थे। सायरा ने कई मौकों पर कहा कि शाहरुख को पहली बार देखने पर उन्हें उनमें दिलीप कुमार की झलक नजर आई थी। वह अक्सर कहती रही हैं कि अगर उनका और दिलीप साहब का बेटा होता, तो वह शाहरुख जैसा होता। दिलीप कुमार के निधन के बाद शाहरुख तुरंत सायरा बानो से मिलने पहुंचे और उन्हें सांत्वना दी। ………….. यह खबर भी पढ़ें… अमजद खान की पुण्यतिथि:डिलीवरी के बाद बीवी को घर लाने के पैसे नहीं थे; ₹1.27 करोड़ की फीस अटकी, परिवार ने अंडरवर्ल्ड की मदद ठुकराई ‘मैं वो आदमी था, जो रोज 4–5 घंटे कसरत करता था। बैडमिंटन खेलता था, फ्री-हैंड एक्सरसाइज करता था, वेट उठाता था... लेकिन फिर एक एक्सीडेंट हुआ और मैं तीन महीने तक बिस्तर पर पड़ा रहा।’ एक पुराने इंटरव्यू में दिवंगत एक्टर अमजद खान ने अपनी जिंदगी का सबसे दर्दनाक दौर याद करते हुए यह बात कही थी। पूरी खबर यहां पढ़ें…
आवारापन 2 के कलेक्शन में शनिवार को एक अच्छा उछाल देखने को मिला है। टॉक्सिक के आने से पहले मूवी ने बॉक्स ऑफिस 9वें दिन धड़ाधड़ नोट छापे।
रिलीज से पहले एडवांस बुकिंग में Toxic ने मचाई 'तबाही', यश की फिल्म के कई शोज हाउसफुल
यश की मचअवेटेड फिल्म 'टॉक्सिक' की एडवांस बुकिंग में जबरदस्त उछाल देखा जा रहा है, रिलीज से पहले ही लगभग 4 लाख टिकट बिक चुके हैं। जानिए दो दिन की कमाई।
‘धुरंधर’ की जबरदस्त कामयाबी ने रणवीर सिंह को भावुक कर दिया है। अभिनेता ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया, जिसमें वह फिल्म को मिले प्यार और सपोर्ट की बात करते हुए भावुक नजर आए। रणवीर ने खास तौर पर अंबानी परिवार और जियो स्टूडियोज का शुक्रिया अदा किया, जिन्होंने फिल्म पर भरोसा जताया। अपने करियर के इस खास पड़ाव पर रणवीर ने उस समर्थन और प्रोत्साहन को याद किया, जो उन्हें फिल्म के सफर में मिला। वीडियो में उनके चेहरे पर भावुकता साफ नजर आती है। उनके लिए ‘धुरंधर’ की सफलता सिर्फ बॉक्स ऑफिस की जीत नहीं, बल्कि भरोसे और साथ की जीत भी है। फिल्म की सफलता पर भावुक हुए रणवीर रणवीर सिंह ने इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए ‘धुरंधर’ को मिले प्यार पर प्रतिक्रिया दी है। वीडियो में वह फिल्म के सफर और उसे मिले समर्थन की बात करते हुए भावुक दिखाई देते हैं। अंबानी परिवार का किया खास जिक्र रणवीर ने फिल्म को मिले प्यार, समर्थन और प्रोत्साहन के लिए अंबानी परिवार का खास तौर पर आभार जताया। उन्होंने इस सपोर्ट को अपने लिए बेहद खास बताया। साथ ही जियो स्टूडियोज का शुक्रिया अदा किया, जिसने ‘धुरंधर’ जैसे बड़े प्रोजेक्ट पर भरोसा किया। रणवीर के लिए सिर्फ फिल्म नहीं, भावनात्मक सफर ‘धुरंधर’ रणवीर के लिए महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट रहा है। फिल्म में रणवीर सिंह ने हमजा अली मजारी नाम के एक अंडरकवर जासूस का किरदार निभाया है। बाद में पता चलता है कि उसका असली नाम जसकीरत सिंह रांगी है, जिसे एक बेहद खतरनाक डीप-कवर मिशन पर भेजा जाता है। कहानी में एक्शन, जासूसी और राजनीतिक घटनाक्रम को जोड़ा गया है। आदित्य धर के साथ पहली बड़ी स्पाई फ्रेंचाइजी फिल्म का निर्देशन आदित्य धर ने किया है। इसमें रणवीर के साथ संजय दत्त, अक्षय खन्ना और आर. माधवन जैसे कलाकार नजर आए। कहानी को दो हिस्सों में बनाया गया, जिसमें पहला पार्ट बड़े क्लिफहैंगर पर खत्म हुआ। दूसरे पार्ट में आगे बढ़ी कहानी ‘धुरंधर: द रिवेंज’ में रणवीर का किरदार अपनी पहचान बदलकर पाकिस्तान के अपराध और राजनीतिक नेटवर्क के भीतर काम करता दिखाई देता है। कहानी में मिशन के साथ बदला, विश्वासघात और निजी नुकसान का भावनात्मक पहलू भी जुड़ता है। कामयाबी ने रणवीर को किया भावुक रणवीर के लिए इस वक्त की खास बात सिर्फ ‘धुरंधर’ की सफलता नहीं, बल्कि उन लोगों को याद करना है जिन्होंने इस सफर में उनका साथ दिया। अंबानी परिवार और जियो स्टूडियोज का नाम लेते हुए अभिनेता का भावुक होना इसी एहसान और जुड़ाव को दिखाता है। ____________________________ रणवीर सिंह की यह खबर भी पढ़ें.. रणवीर सिंह की नई फिल्म 'प्रलय' की शूटिंग शुरू:कल्याणी प्रियदर्शन संग नजर आएंगे एक्टर; धुरंधर' की सफलता के बाद रणवीर का बड़ा प्रोजेक्ट अभिनेता रणवीर सिंह ने अपनी अगली फिल्म 'प्रलय' की शूटिंग रविवार को मुंबई में शुरू कर दी है। मेकर्स की आधिकारिक घोषणा के अनुसार, यह एक एंड-ऑफ-द-वर्ल्ड (दुनिया के अंत) के संकट पर आधारित एक्शन थ्रिलर फिल्म है।पूरी खबर पढ़ें..
प्रभास स्टारर ‘स्पिरिट’ से दीपिका पादुकोण के अलग होने का विवाद फिर सुर्खियों में है। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट में घटनाक्रम से जुड़े एक हाई-प्रोफाइल सूत्र के हवाले से दावा किया गया है कि दीपिका ने डायरेक्टर संदीप रेड्डी वांगा से सिर्फ एक बार मुलाकात की थी। इस मुलाकात में वांगा करीब एक घंटे देर से पहुंचे और दीपिका को फिल्म की पूरी कहानी के बजाय सिर्फ वन-लाइन आइडिया बताया गया। सूत्र के मुताबिक, दीपिका पूरी नैरेशन के बिना किसी फिल्म को कमिट नहीं करतीं। ऐसे में उस समय ‘स्पिरिट’ उनकी कंसिडरेशन लिस्ट में थी ही नहीं। प्रॉफिट शेयर और दूसरी मांगों को लेकर सामने आए दावों के बीच यह नया खुलासा मामले को और पेचीदा बना रहा है। सिर्फ एक बार हुई थी दीपिका और संदीप की मुलाकात ‘स्पिरिट’ में प्रभास के साथ पहले दीपिका पादुकोण के काम करने की खबरें थीं। बाद में वह इस प्रोजेक्ट से अलग हो गईं और तृप्ति डिमरी को फीमेल लीड के तौर पर कास्ट किया गया। अब सामने आई रिपोर्ट में घटनाक्रम से जुड़े एक सूत्र ने दावा किया है कि दीपिका और संदीप रेड्डी वांगा की मुलाकात सिर्फ एक बार हुई थी। सूत्र के मुताबिक, इस मीटिंग में संदीप करीब एक घंटे देर से पहुंचे थे। इसके बावजूद दीपिका ने मीटिंग प्रोफेशनल तरीके से पूरी की। पूरी स्क्रिप्ट तो दूर, सिर्फ वन-लाइन सुनाई गई! सूत्र के मुताबिक, उस मुलाकात में दीपिका को ‘स्पिरिट’ की सिर्फ वन-लाइन कहानी बताई गई थी। उन्हें फिल्म का पूरा नैरेशन नहीं दिया गया था। रिपोर्ट में सूत्र ने दावा किया कि दीपिका किसी फिल्म को तब तक कमिट नहीं करतीं, जब तक उन्हें पूरी कहानी सुनाई न जाए। इसलिए उस समय ‘स्पिरिट’ को लेकर दीपिका की तरफ से कोई पक्की प्रतिबद्धता नहीं थी। फिल्म से उनके बाहर होने को लेकर सामने आई अलग-अलग वजहों के बीच यह दावा एक अलग तस्वीर पेश करता है। संदीप के साथ दोबारा काम नहीं करना चाहतीं दीपिका? मामले में सबसे चौंकाने वाला दावा यह है कि सूत्र के मुताबिक दीपिका की संदीप रेड्डी वांगा के साथ भविष्य में काम करने की कोई इच्छा नहीं है। सूत्र ने इसकी वजह संदीप की महिलाओं को लेकर कथित सोच और उनकी फिल्मों में दिखाई देने वाले नजरिए को बताया है। हालांकि, यह सूत्र का दावा है और दीपिका की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। पहले 8 घंटे की टाइमिंग और फीस को लेकर आई थीं खबरें दीपिका के ‘स्पिरिट’ से अलग होने के बाद कई रिपोर्ट्स सामने आई थीं। इनमें एक दावा था कि एक्ट्रेस ने नई मां होने के चलते शूटिंग के लिए फिक्स्ड 8 घंटे की वर्किंग डिमांड रखी थी। इसके अलावा फीस और फिल्म के मुनाफे में हिस्सेदारी को लेकर भी कई खबरें सामने आईं। इसी हफ्ते संदीप रेड्डी वांगा के भाई प्रणय रेड्डी वांगा ने दावा किया कि दीपिका के फिल्म से बाहर होने की वजहों में 10% प्रॉफिट शेयर की मांग भी शामिल थी। उन्होंने कहा था कि फीस और शूटिंग टाइमिंग को लेकर भी बात हुई थी। अब नए दावे ने पूरे विवाद को फिर गरमाया एक तरफ मेकर्स की तरफ से फीस, टाइमिंग और दूसरी मांगों की बातें सामने आईं, तो दूसरी तरफ एक सूत्र का दावा है कि दीपिका को फिल्म की पूरी कहानी ही नहीं सुनाई गई थी। इसी वजह से ‘स्पिरिट’ से जुड़ा विवाद फिर चर्चा में आ गया है। हालांकि, इन अलग-अलग दावों के बीच अभी तक दीपिका की तरफ से कोई विस्तृत आधिकारिक सफाई नहीं आई है। तृप्ति डिमरी बनीं प्रभास की हीरोइन दीपिका के प्रोजेक्ट से अलग होने के बाद तृप्ति डिमरी को प्रभास के अपोजिट कास्ट किया गया। फिल्म का निर्देशन संदीप रेड्डी वांगा कर रहे हैं। फिल्म में विवेक ओबेरॉय भी अहम भूमिका में नजर आएंगे। ‘स्पिरिट’ की रिलीज डेट 5 मार्च 2027 बताई गई है। ____________________________ दीपिका से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें 'दीपिका ने फिल्म स्पिरिट की कहानी लीक की थी':प्रोड्यूसर बोले- 10% प्रॉफिट मांगा था, मना किया तो कहानी लीक की; एक्ट्रेस को फिल्म से हटाया प्रभास की फिल्म 'स्पिरिट' से दीपिका पादुकोण के बाहर होने को लेकर नया खुलासा हुआ है। फिल्म के प्रोड्यूसर और डायरेक्टर संदीप रेड्डी वांगा के भाई प्रणय रेड्डी वांगा ने न्यूज चैनल NTV को दिए इंटरव्यू में दावा किया कि दीपिका को फिल्म से हटाया गया था।पूरी खबर पढ़ें..
जाह्नवी कपूर से जुड़े अश्लील और आपत्तिजनक ऑनलाइन कंटेंट के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने 552 URLs से ऐसा कंटेंट हटाने का आदेश दिया है, जिसमें अभिनेत्री की पहचान और तस्वीरों का कथित तौर पर अश्लील इस्तेमाल किया गया था। हालांकि, करीब 6,884 URLs को एक साथ हटाने की मांग कोर्ट ने नहीं मानी। जस्टिस अनूप जयराम भंभानी ने कहा कि अलग-अलग तरह के कंटेंट पर एक जैसा आदेश नहीं दिया जा सकता। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सिर्फ किसी सेलिब्रिटी के नाम या तस्वीर वाले हर फैन पेज को गैरकानूनी नहीं माना जा सकता। 552 URLs पर कोर्ट ने दिया टेकडाउन का आदेश टाइम्स नाउ नवभारत की रिपोर्ट के मुताबिक, जाह्नवी कपूर ने अपने पर्सनैलिटी राइट्स से जुड़े मामले में इंटरनेट पर मौजूद करीब 6,884 URLs के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। इनमें कथित अश्लील कंटेंट के अलावा तस्वीरों और पहचान के गलत इस्तेमाल से जुड़े मामले भी शामिल थे। दिल्ली हाईकोर्ट ने शुरुआती तौर पर 552 URLs पर मौजूद सामग्री को बेहद अश्लील या पोर्नोग्राफिक माना और इन्हें हटाने का निर्देश दिया। कोर्ट ने माना कि इस कंटेंट के ऑनलाइन बने रहने से अभिनेत्री को अपूरणीय नुकसान हो सकता है। लाइव लॉ के अनुसार, कोर्ट ने इन 552 URLs के संबंध में जाह्नवी का प्रथमदृष्टया मामला मजबूत पाया और अंतरिम राहत को उचित माना। 6,884 URLs पर एकमुश्त आदेश से इनकार कोर्ट ने जाह्नवी कपूर की सभी 6,884 URLs को एक साथ हटाने की मांग स्वीकार नहीं की। अदालत ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में URLs अलग-अलग तरह के कंटेंट से जुड़े हैं, इसलिए सभी पर एक जैसा ब्लैंकेट टेकडाउन आदेश देना उचित नहीं होगा। अदालत ने विवादित ऑनलाइन सामग्री को अलग-अलग श्रेणियों में देखने की जरूरत बताई। पहली श्रेणी में अश्लील या पोर्नोग्राफिक कंटेंट, दूसरी में अभिनेत्री के पर्सनैलिटी राइट्स से सीधे कमाई करने वाला कंटेंट और तीसरी में उनके नाम या पहचान का इस्तेमाल कर अप्रत्यक्ष रूप से किसी प्रोडक्ट या सर्विस को बढ़ावा देने वाली सामग्री शामिल है। फैन पेजों को लेकर कोर्ट ने क्या कहा? कोर्ट ने साफ किया कि किसी सेलिब्रिटी के नाम से चलने वाला हर फैन पेज अपने आप गैरकानूनी नहीं हो जाता। ऐसे पेजों पर कलाकार की तस्वीरें, वीडियो, फिल्मों से जुड़ी जानकारी, तारीफ या आलोचना जैसी सामग्री हो सकती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अदालत ने इसी आधार पर सभी फैन पेज और URLs हटाने की मांग स्वीकार नहीं की। हालांकि, कोई अकाउंट अश्लील सामग्री पोस्ट करता है या सेलिब्रिटी की पहचान का इस्तेमाल कर व्यावसायिक फायदा कमाता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। AI और डीपफेक कंटेंट भी बना था मुद्दा इस मामले में सामान्य ऑनलाइन पोस्ट के अलावा AI से बनाई गई तस्वीरों, डीपफेक और अभिनेत्री की पहचान का इस्तेमाल करने वाले अकाउंट्स से जुड़े मुद्दे भी सामने आए थे। कोर्ट ने आपत्तिजनक और अश्लील सामग्री को बाकी कंटेंट से अलग करके देखने का फैसला किया।
वेटरन एक्ट्रेस और सिने एंड टीवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन (CINTAA) की प्रेसिडेंट पूनम ढिल्लों डेंगू से संक्रमित होने के बाद मुंबई के लीलावती अस्पताल में भर्ती हैं। उनका पिछले कई दिनों से अस्पताल में इलाज चल रहा है। यह जानकारी पत्रकार विक्की ललवानी ने सोशल मीडिया के जरिए शेयर की। उन्होंने बताया कि पूनम ढिल्लों से सुबह मैसेज पर बात हुई और एक्ट्रेस ने अपनी तबीयत में सुधार की जानकारी दी। विक्की ललवानी ने लिखा कि पूनम ढिल्लों कई दिनों से अस्पताल में हैं और अब रिकवरी कर रही हैं। उन्होंने एक्ट्रेस के जल्द पूरी तरह ठीक होने की कामना भी की। गौरतलब है कि पूनम ढिल्लों हाल ही में CINTAA को लेकर भी चर्चा में रही हैं। सिने एंड टीवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन (CINTAA) की एग्जीक्यूटिव कमेटी के 8 सदस्यों ने हाल ही में अपने पदों और कमेटी से इस्तीफा दे दिया। इन सदस्यों ने आरोप लगाया था कि उन्हें संगठन की मौजूदा लीडरशिप पर कोई भरोसा नहीं है। उन्होंने नए चुनाव कराने की मांग भी की थी। वहीं, पूनम ढिल्लों ने अपने और वाइस प्रेसिडेंट पद्मिनी कोल्हापुरे के खिलाफ लगे आरोपों को बहुत आपत्तिजनक बताया था। पूनम ढिल्लों ने अपने खिलाफ लगाए आरोपों को खारिज किया। उन्होंने ANI से बात करते हुए कहा था, बात यह थी कि चीजें उनके हिसाब से नहीं हो रही थीं। वे CAWT (सिने आर्टिस्ट्स वेलफेयर ट्रस्ट) के जरिए CINTAA सदस्यों पर नियंत्रण रखने की कोशिश कर रहे थे। जब ऐसा नहीं हो पाया तो उन्होंने हमारे खिलाफ अजीब और गंभीर आरोप लगाने शुरू कर दिए। पूनम ने आरोपों की भाषा पर नाराजगी जताते हुए कहा था, आप यकीन नहीं करेंगे कि आरोप कितने अश्लील थे। वे इतने आपत्तिजनक थे कि अगर हम चाहते तो इसमें शामिल हर व्यक्ति के खिलाफ मानहानि की कार्रवाई करने पर विचार कर सकते थे। ऐसे आरोप, दुख पहुंचाने वाले बयान और आपत्तिजनक भाषा बड़े स्तर पर फैलाई गई। पूनम ने बताया था कि इस विवाद का उन पर इमोशनल असर पड़ा और उन्होंने कई बार कार्यकारी समिति से इस्तीफा देने के बारे में सोचा। उन्होंने कहा कि दो या तीन लोग, जिन्हें उन्होंने पेड प्रवक्ता बताया, इसी तरह की बातें करते थे। उन्होंने कहा था कि उनमें से एक या दो CINTAA के सदस्य भी थे। उन्होंने बहुत अनुचित और दुख पहुंचाने वाले बयान दिए। फिर भी हमने चुप रहना चुना। पूनम ने आत्मसम्मान को सबसे जरूरी बताया पूनम ने कहा था कि मैं सिर्फ एक बात कहना चाहूंगी। मेरा आत्मसम्मान और ईमानदारी मेरे लिए बहुत जरूरी है। हमने जो कुछ वर्षों में कमाया है, वह एक-दो साल में नहीं कमाया। हमने अपने व्यवहार, गरिमा, मौजूदगी और लोगों के साथ व्यवहार व बातचीत के तरीके से दशकों में अपनी प्रतिष्ठा और आत्मसम्मान बनाया है। हिंदुस्तान टाइम्स के साथ एक और इंटरव्यू में पूनम ने कहा कि वह और पद्मिनी CINTAA के लिए गुडविल बनाने के लिए अपने रिसोर्स और कनेक्शन का इस्तेमाल कर रही हैं। उन्होंने कहा कि इसका मकसद पर्सनल फायदा नहीं है। पूनम ने कहा कि संगठन के सदस्यों के लिए कुछ करने की पहल कोई और नहीं कर रहा था, इसलिए मैं उनके आरोपों से हैरान हूं। CAWT और कार्यक्रम से जुटाई रकम पर सफाई पूनम ने कहा था कि इस्तीफा देने वाले सदस्य CAWT को बचाने की कोशिश कर रहे थे। यह ट्रस्ट दिवंगत दिलीप कुमार, अमरीश पुरी, अमजद खान और दूसरे वरिष्ठ कलाकारों ने बनाया था। उन्होंने कहा कि इस ट्रस्ट ने सदस्यों को मेडिकल सुविधाएं देने की अपनी जिम्मेदारी पूरी नहीं की है। पूनम के मुताबिक, पिछले कुछ दशकों में मौजूदा समिति के किसी सदस्य ने CAWT के लिए रकम नहीं जुटाई। उन्होंने बताया कि हाल में एक कार्यक्रम के जरिए रकम जुटाई गई। कार्यक्रम में प्रस्तुति देने वाली कलाकार कविता कृष्णमूर्ति और मधुश्री को साड़ियां दी गईं, जबकि बिना फीस प्रस्तुति देने वाले नितिन मुकेश को कुर्ता दिया गया। पूनम ने कहा, इस्तीफा देने वाले सदस्य हम पर साड़ियां खरीदने का आरोप लगा रहे हैं। क्या हमने वे साड़ियां अपने लिए खरीदी थीं? हम यह मानते हैं कि इन कलाकारों ने बिना फीस हमारे लिए प्रस्तुति दी थी, इसलिए उन्हें ये उपहार दिए गए। पद्मिनी और मैंने उन्हें व्यक्तिगत रूप से फोन किया था और अपने अनुरोध पर उनसे प्रस्तुति करवाई थी। इन गायकों ने CINTAA के लिए मदद की। हमने इन परफॉर्मेंस से 1 करोड़ रुपए जुटाए। ऐसे में अगर हम कलाकारों के उपहारों पर 1 लाख रुपए खर्च करते हैं तो इसमें समस्या क्या है? ‘42 साल से इंडस्ट्री में हूं, क्या ऐसा विश्वासघात कर सकती हूं’ पूनम ने सवाल किया था कि फिल्म इंडस्ट्री में दशकों तक काम करने के बाद क्या उन पर संगठन से विश्वासघात करने का आरोप लगाया जा सकता है। उन्होंने कहा था, हम इस इंडस्ट्री में 42 साल से हैं। कुछ लोग 45 साल से और कुछ 48 साल से इसका हिस्सा हैं। क्या आपको सच में लगता है कि इतने वर्षों बाद हम ऐसा विश्वासघात कर सकते हैं? मैं आपके साथ एक बहुत निजी बात साझा करना चाहती हूं। पिछले एक या डेढ़ साल में कई बार ऐसा लगा कि CINTAA की कार्यकारी समिति से इस्तीफा देकर अलग हो जाऊं। उन्होंने इसकी वजह बताते हुए कहा था कि इन लोगों ने हमारा जीवन बहुत मुश्किल बना दिया था। हर एक चीज का विरोध किया गया। हर पहल का विरोध किया गया।
'मुझे चाइनीज मत बोलो, मैं इंडियन हूं...' मां ने बनाया था वीडियो, बेटी का जवाब सुनकर भावुक हुए लोग
अरुणाचल प्रदेश की राजधानी ईटानगर की छोटी-सी बच्ची करगा टिंकल गोंगो इन दिनों सोशल मीडिया पर छाई हुई है। टिंकल ने एक वीडियो में लोगों से कहा कि उसे चाइनीज न कहा जाए। उसका यह मासूम और भावुक वीडियो पूरे देश में वायरल हो गया।
सारा अली खान शुक्रवार को स्पॉट हुईं। इसी दौरान वो पोज दे रही थीं, तभी उनके सामने दो पैपराजी फोटोग्राफर्स के बीच कैमरा स्पेस को लेकर बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते दोनों एक-दूसरे को धक्का देने लगे और मामला अपशब्दों तक पहुंच गया। अचानक हुए इस विवाद से सारा अली खान कुछ देर के लिए हैरान नजर आईं। वह स्थिति को देखकर नर्वस होकर मुस्कुराती भी दिखीं और इसके बाद वहां से आगे बढ़ गईं। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। तस्वीरें लेने पर कैमरे बंद करने को कहा था सारा अली खान का पैपराजी के साथ तनावपूर्ण स्थिति का यह पहला मामला नहीं है। हाल ही में वह मंदिर के बाहर जरूरतमंदों को खाना बांटते समय तस्वीरें लेने पर पैपराजी से कैमरे बंद करने की अपील करती नजर आई थीं। वहीं, इससे पहले नवंबर 2021 में सारा जब अपनी फिल्म ‘अतरंगी रे’ के गाने ‘चका चक’ के प्रमोशन के लिए एक कॉलेज पहुंची थीं। तब इवेंट के दौरान भारी भीड़ और पैपराजी की मौजूदगी के चलते धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। इसी दौरान एक सुरक्षाकर्मी ने एक फोटोग्राफर को धक्का दे दिया, जिससे वह गिर पड़ा। घटना की जानकारी मिलते ही सारा ने सुरक्षा गार्ड को सबके सामने फटकार लगाई और पैपराजी से माफी भी मांगी थी। हालांकि, अगले दिन जब सारा दोबारा मीडिया के सामने आईं, तो पैपराजी ने उन्हें बताया कि धक्का देने वाला शख्स उनका निजी बॉडीगार्ड नहीं था। इसके बाद सारा ने अपने बॉडीगार्ड का बचाव करते हुए कहा था कि उन्हें पहले से पता था कि उनकी गलती नहीं हो सकती। सारा ने कहा था कि इवेंट आयोजकों की सिक्योरिटी टीम के एक सदस्य ने फोटोग्राफर्स को धक्का दिया था। उन्होंने यह भी कहा कि उनका बॉडीगार्ड कभी ऐसा व्यवहार नहीं कर सकता। सारा अली खान के वर्कफ्रंट की बात करें तो वह आखिरी बार फिल्म ‘पति पत्नी और वो 2’ में नजर आई थीं। यह फिल्म 15 मई 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। अब सारा जल्द ही फिल्म ‘उड़ता तीर’ में नजर आएंगी। इस फिल्म में वह एक बार फिर आयुष्मान खुराना के साथ स्क्रीन शेयर करेंगी। फिल्म का निर्देशन आकाश ए. कौशिक कर रहे हैं। फिल्म को धर्मा प्रोडक्शंस और सिख्या एंटरटेनमेंट ने प्रोड्यूस किया है। ‘उड़ता तीर’ अब 9 अक्टूबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। …………… सारा अली खान से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… सारा अली खान ने रोहित शेट्टी से हाथ जोड़कर मांगा था काम: ऐश्वर्या से एक्ट्रेस बनने की प्रेरणा मिली बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता सैफ अली खान और अमृता सिंह की बेटी सारा अली खान ने अपनी मेहनत, लगन और प्रतिभा से इंडस्ट्री में अपनी एक खास जगह बनाई है। हालांकि, वो फिल्मों से ज्यादा पर्सनल लाइफ को लेकर चर्चा में रहती हैं। नेपोटिज्म की वजह से अक्सर ट्रोल होती रहती हैं। ट्रोलिंग पर सारा अली खान ने कहा था, 'मैं अपने मां- बाप को तो नहीं बदल सकती। मैं हमेशा चाहती हूं कि लोग मुझे मेरे काम से पहचानें।' पूरी खबर यहां पढ़ें…
एक्ट्रेस करीना कपूर खान के तीसरी बार प्रेग्नेंट होने की खबरों को उनकी टीम ने गलत बताया है। सोशल मीडिया पर प्रेग्नेंसी की अफवाहें फैलने के बाद टीम ने इंडियन एक्सप्रेस के साथ बातचीत में इसकी पुष्टि की कि करीना प्रेग्नेंट नहीं हैं। शुक्रवार को मुंबई में करीना का एक वीडियो सामने आया था। इसके बाद लोगों ने कयास लगाए कि वह तीसरी बार मां बनने वाली हैं। वायरल क्लिप में करीना कपूर अपनी कार की ओर जाती दिख रही हैं। उनके साथ उनकी टीम के कुछ सदस्य भी चल रहे थे। एक जगह टीम का एक सदस्य करीना के सामने छाता कर देता है, जिससे पैपराजी उन्हें ठीक से नहीं देख पाते। वीडियो में उनका हुलिया और कैमरों से बचाने की कोशिश देखकर सोशल मीडिया पर उनकी प्रेग्नेंसी को लेकर चर्चा शुरू हुई। करीना का वीडियो सामने आने के बाद कई फैंस ने कमेंट सेक्शन में सवाल किए। एक व्यक्ति ने लिखा, “एक पल के लिए मुझे लगा कि यह उनका तीसरा बच्चा है।” दूसरे ने पूछा, “क्या वह प्रेग्नेंट हैं?” एक और कमेंट में लिखा गया, “लगता है बेबी बंप है यार।” करीना कपूर खान और सैफ अली खान पहले से दो बेटों के माता-पिता हैं। उनके बेटे तैमूर 9 साल के और जेह अली खान 5 साल के हैं। परिवार बढ़ाने पर करीना ने पहले क्या कहा था करीना ने इससे पहले वोग को दिए एक इंटरव्यू में फैमिली प्लानिंग पर बात की थी। उन्होंने कहा था, “सैफ ने हर दशक में एक बच्चा किया है- बीस की उम्र में, तीस की उम्र में, चालीस की उम्र में और अब पचास की उम्र में। मैंने उनसे कहा है कि साठ की उम्र में ऐसा नहीं होने वाला।” करीना ने आगे कहा था, “मुझे लगता है कि सैफ जैसा खुले विचारों वाला आदमी ही अलग-अलग उम्र के चार बच्चों का पिता हो सकता है। वह सभी को अपना समय देते हैं।” उन्होंने कहा था, “अब जेह के साथ हम इसे बैलेंस करने की कोशिश कर रहे हैं। हमने तय किया है कि जब वह किसी फिल्म की शूटिंग कर रहे होंगे, तब मैं उसी समय फिल्म में काम नहीं करने की कोशिश करूंगी और इसके उलट भी ऐसा ही होगा।” सैफ अली खान, अमृता सिंह के साथ अपनी पिछली शादी से सारा अली खान और इब्राहिम अली खान के भी पिता हैं। करीना के वर्कफ्रंट की बात करें तो वो आखिरी बार फिल्म सिंघम अगेन (2024) में नजर आई थीं। वहीं वो जल्द मेघना गुलजार द्वारा निर्देशित फिल्म दायरा में दिखाई देंगी। दायरा में करीना एक पुलिस अधिकारी (Cop) की भूमिका में नजर आएंगी। …………… करीना से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… करीना@45, प्यार में कमरे का ताला तोड़ा:शादी पर लव जिहाद विवाद, नेपोटिज्म पर बोलीं- मत देखो फिल्म; जीरो फिगर ट्रेंड लाने वालीं एक्ट्रेस चाहे स्टाइलिश 'पू' हो या चुलबुली 'गीत' करीना कपूर ने अपने हर किरदार को खास बना दिया है। जहां उनके परिवार में लगभग सभी लोग फिल्मों में आने का सपना देखते थे, वहीं करीना ने पहले वकालत का रास्ता चुना था। हालांकि एक्टिंग के प्रति झुकाव के कारण वह अपनी पढ़ाई पूरी नहीं कर सकीं। पूरी खबर यहां पढ़ें…
बॉलीवुड एक्टर अर्जुन रामपाल ने अपनी लंबे समय से गर्लफ्रेंड गैब्रिएला डेमेट्रियड्स से शादी कर ली है। गोवा में शुक्रवार को यह शादी रजिस्टर्ड कराई गई। दोनों ने उत्तरी गोवा के मापुसा स्थित सब-रजिस्ट्रार ऑफिस में शादी की कानूनी प्रक्रिया पूरी की। PTI के मुताबिक, इस दौरान उनके करीबी दोस्त मौजूद थे। स्थानीय कानून के तहत पहले और दूसरे हस्ताक्षर के बीच 15 दिन का इंतजार जरूरी होता है। इस अवधि को माफ कराने के लिए कपल ने स्थानीय कोर्ट के असिस्टेंट पब्लिक प्रॉसिक्यूटर से विशेष अनुमति ली थी। सब-रजिस्ट्रार सूरज वर्नेकर ने बताया कि शादी गोवा के यूनिफॉर्म सिविल कोड के तहत रजिस्टर्ड हुई। अर्जुन और गैब्रिएला शाम करीब 4 बजे ऑफिस पहुंचे थे। दोनों इस मौके पर कैजुअल कपड़ों में थे। 2018 से रिश्ते में हैं अर्जुन और गैब्रिएला अर्जुन और गैब्रिएला 2018 से रिश्ते में हैं। यह रिश्ता एक्टर के पूर्व पत्नी मेहर जेसिया से अलग होने के बाद शुरू हुआ था। शादी से 7 साल पहले यानी 2019 में अर्जुन और गैब्रिएला के पहले बेटे एरिक का जन्म हुआ था। इसके चार साल बाद उनके दूसरे बेटे एरिव का जन्म हुआ। 2025 में अर्जुन ने गैब्रिएला से अपनी सगाई की जानकारी दी थी। दो बच्चों के बाद शादी नहीं करने पर यह कहा था अर्जुन ने इससे पहले रणवीर अलाहबादिया के यूट्यूब चैनल पर बताया था कि दो बच्चों के माता-पिता होने के बावजूद उन्होंने गैब्रिएला से शादी क्यों नहीं की थी? एक्टर ने कहा था कि यह न मेरी वजह से है और न उसकी वजह से। शादी आखिर है क्या? एक कागज ही तो है। मुझे लगता है कि हम पहले से शादीशुदा हैं और मेरे मन में इसे लेकर कोई शक नहीं है, लेकिन कभी-कभी वह कागज आपको बदल भी सकता है क्योंकि आपको लगता है कि अब सब स्थायी है, जबकि असल में यह एक गलत धारणा है और आप कानूनी तौर पर बंध जाते हैं। उन्होंने आगे कहा था, इससे एक-दूसरे के प्रति आपका रवैया बदल सकता है। मुझे लगता है कि हम दोनों ऐसा ही महसूस करते हैं। हमारे बीच जो कुछ हुआ, वह बहुत स्वाभाविक था। मैं इसके बारे में ज्यादा बात नहीं करना चाहता, क्योंकि मैं इसे नजर न लगने देना चाहता हूं। मुझे नहीं लगता कि मुझे किसी को इस बात का जवाब देना जरूरी है। हमारे लिए यह बहुत खूबसूरत है। आपको जब तक संभव हो, इसे महसूस करते रहना चाहिए। हम दोनों के मन में एक-दूसरे से शादी हो चुकी है। हम एक-दूसरे को सही दिशा में आगे बढ़ा रहे हैं और साथ ही बॉयफ्रेंड-गर्लफ्रेंड भी हैं। हालांकि, अर्जुन रामपाल ने यह भी साफ किया था कि वह शादी के खिलाफ नहीं हैं। अर्जुन की पहली शादी मेहर जेसिया से हुई थी अर्जुन रामपाल की पहली शादी पूर्व सुपरमॉडल मेहर जेसिया से 1998 में हुई थी। इस शादी से उनकी दो बेटियां माहिका और मायरा हुईं। 20 साल साथ रहने के बाद, मई 2018 में उन्होंने अलग होने की घोषणा की और नवंबर 2019 में दोनों का तलाक हो गया।
गीतकार और लेखक मनोज मुंतशिर का नाट्य शो ‘राधा से रणभूमि तक’ आज 22 और 23 अगस्त को इंदौर के लता मंगेशकर ऑडिटोरियम में मंचित होने जा रहा है। नीलम मुंतशिर और विक्रम मेहरा ने इस शो का निर्माण किया है। पुनीत जे। पाठक के निर्देशन में बने इस शो में श्रीकृष्ण की अनकही यात्रा को जीवंत किया गया है। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में मनोज मुंतशिर ने श्रीकृष्ण के मनोविज्ञान, 50 से अधिक किताबों के अध्ययन से जुड़ी 2 साल की लेखन यात्रा, राधा-कृष्ण के अटूट प्रेम और आज की जेन-जी (Gen-Z) पीढ़ी के लिए श्रीकृष्ण के संदेशों पर खुलकर बात की। सवाल: ‘राधा से रणभूमि तक’ पहुंचते-पहुंचते कृष्ण में सबसे बड़ा बदलाव क्या पाते हैं?जवाब:कृष्ण में कुछ बदला ही नहीं। कृष्ण सदैव से ही पूर्ण थे प्रेम में भी, नीति में भी, युद्ध में भी और दर्शन में भी। जो पूर्ण हो वो बदलेगा कैसे? सवाल: दर्शक यह शो क्यों देखें?जवाब: हमारा शो किसी रेस में नहीं है। हम किसी से अच्छा या बेहतर बनने की कोशिश नहीं कर रहे। हम बस कृष्ण की एक ऐसी यात्रा आपके सामने रखना चाहते हैं, जो आपने इससे पहले किसी मंच, सिनेमा या टेलीविजन पर नहीं देखी होगी। शो में कुछ ऐसे पल हैं, जिनपर मैंने दर्शकों की हिचकियां सुनी हैं, उनका रोना सुना है, वहीं अनेक ऐसे पल भी हैं जहां लोग सीट्स से उठकर नाचते हैं। राधा-कृष्ण की अंतिम मुलाकात, गांधारी का श्राप, कृष्ण की मृत्यु, द्रौपदी का चीरहरण और जिस तरह हम गीता सार प्रस्तुत कर पाए। ये सभी क्षण अविस्मरणीय बन के उभरे हैं। और सबसे बड़ी बात, यह पूरे परिवार के लिए एक मनोरंजक और भावनात्मक अनुभव है। बच्चे इसे युद्ध के भव्य दृश्यों के लिए देख सकते हैं, बड़े इसके संगीत और वैभव के लिए और बुजुर्ग गीता सार के दौरान भावुक हुए बिना शायद रह ही नहीं पाएंगे। इस शो को लिखने के लिए मैंने 50 से अधिक किताबें पढ़ीं। श्रीमद्भागवत और हरिवंश पुराण सहित अनेक शास्त्रों और कृष्ण पर लिखे गए ग्रंथों का अध्ययन किया और दो साल से अधिक की लेखन यात्रा के बाद इसे आकार दिया। मैं आपसे सिर्फ एक बार यह शो देखने का आग्रह करता हूं। उसके बाद दर्शक खुद इसे सात-आठ बार देखने वापस आते हैं। मुंबई में हमें कई ऐसे लोग मिले जो लगातार आठवीं बार शो देखने आए थे। हमारे निर्माता श्री विक्रम मेहरा और नीलम मुंतशिर और निर्देशक पुनीत जे। पाठक ने मिलकर ऐसा शो तैयार किया है, जिसपर मुझे आकाश भर गर्व है।सवाल: प्ले के नाम में ही एक पूरी यात्रा है। आपके लिए कृष्ण क्या हैं प्रेमी, रणनीतिकार, दार्शनिक या योद्धा?जवाब: मेरे कृष्ण पूर्ण परमेश्वर हैं। वो मनुष्य योनि में जन्मे, इसलिए प्रेमी भी हैं, सखा भी, गुरु भी, बेटे भी और पिता भी। लेकिन मेरे लिए कृष्ण सबसे बड़े दार्शनिक योद्धा हैं, जो कहते हैं कि “वो शांति निंदनीय है जो युद्ध से घबराये और वो युद्ध वंदनीय है जो शांति के लिए लड़ा जाए”। सवाल: इस कहानी में आपकी सबसे बड़ी अनकही बात क्या है?जवाब:एक ऐसा प्रश्न है जो मुझे हमेशा व्यथित करता रहा। जब कृष्ण अपने अंतिम क्षणों में मृत्यु के सामने थे, तब उनके मन में क्या चल रहा था? भगवान क्या सोच रहे थे? हमने उसी अनकहे क्षण को समझने और महसूस करने की कोशिश की है। सवाल: कृष्ण की यात्रा में आपको सबसे ज्यादा प्रभावित करने वाली घटना कौन-सी है?जवाब: कोई एक हो तो बताऊं। लेकिन दो बातें मुझे विशेष तौर पर प्रभावित करती हैं, युद्ध और शांति के बीच वो संतुलन जो कृष्ण बना पाये। आज की दुनिया यही संतुलन बना पाने में असफल हो रही है। और दूसरी बात, सफलता को सुख समझने की हमारी भूल। कृष्ण की जीवन यात्रा से आप समझेंगे की सफलता और सुख में अंतर है। एक बार कृष्ण की और लौटिए, सारे उत्तर मिल जाएंगे।सवाल: राधा और कृष्ण कभी एक क्यों नहीं हो पाए?जवाब: राधा और कृष्ण एक कैसे होते, जब दो थे ही नहीं! कृष्ण कभी राधा से दूर गए ही नहीं। वे सर से पांव तक स्वयं राधा बन गए थे। आज भी अगर आपको कृष्ण को बुलाना हो, तो राधा रानी का नाम लेना पड़ता है। ‘राधे-राधे बोले, चले आएंगे बिहारी।’सवाल:कृष्ण का सबसे बड़ा हथियार क्या था बुद्धि, नीति या मनोविज्ञान?जवाब:कृष्ण का सबसे बड़ी सुपरपावर था मनोविज्ञान। कृष्ण दुनिया के सबसे पहले मनोवैज्ञानिक चिकित्सक थे। पश्चिम का ये दावा एकदम आधारहीन है कि मनोविज्ञान के जनक सिग्मंड फ्रायड थे। फ्रायड से 5000 पहले मनोविज्ञान का सबसे बड़ा शास्त्र अवतरित हो चुका था जिसे हम श्रीमद्भगवद्गीता कहते हैं। 700 श्लोकों का एक कैप्सूल है भगवद्गीता, जो संसार के हर दुख की दवा है। गीता को सहजता से समझना है तो एक बार राधा से रणभूमि तक देखिए, गीता का इस से भावुक रूप शायद आपने अब तक नहीं देखा होगा। सवाल:अगर कृष्ण स्वयं आपसे पूछें ‘मेरी कहानी लिखते समय मुझे कितना समझा?’ तो आप क्या कहेंगे? जवाब:मैं कृष्ण को समझने का दावा बिल्कुल नहीं करता। एक ही दावा है मेरा और वो अभिमान की हद तक है। मैं कृष्ण में विश्वास करता हूं, मैंने उनके हाथ पकड़ लिए हैं, वो जहां चाहे ले जाएं। मैं अपने सभी श्रोताओं और दर्शकों से एक ही आग्रह करता हूं। कृष्ण का हाथ पकड़ के चलिए, जीवन में कभी किसी के पांव पकड़ने की नौबत नहीं आएगी।सवाल:लेखक के तौर पर क्या डर लगा कि कहीं आस्था आड़े न आ जाए या कल्पना मर्यादा न लांघ जाए?जवाब: मैंने पहले खुद को कृष्ण के बारे में जितना संभव हो सका, उतना भरा और उसके बाद लिखना शुरू किया। 50 से अधिक किताबें पढ़ीं, कृष्ण पर लिखे गए ग्रंथ पढ़े, गीता पढ़ी और पूरी श्रद्धा और समर्पण के साथ इस यात्रा में उतरा। और जब हमारे साथ श्रीनाथजी का आशीर्वाद हो, तो फिर चिंता किस बात की? हमने पूरे देश में लगभग 30 हाउसफुल शो किए हैं और हर जगह से सिर्फ प्रशंसा ही सुनने को मिली। यह कृष्ण जी की ही कृपा है। अब 22 और 23 अगस्त को इंदौर के लता मंगेशकर ऑडिटोरियम में चार शो हैं। माँ अहिल्याबाई होलकर की यशस्वी संतानों से, अपने इंदौर के साथियों से मैं हाथ जोड़ के निवेदन कर रहा हूँ, एक बार आइए और कृष्ण को नए सिरे से अनुभव कीजिए। सवाल: राधा-कृष्ण की कहानी का कोई ऐसा पहलू है, जिसे सिनेमा ने अभी तक पूरी तरह नहीं छुआ?जवाब:मुझे लगता है कि हमारा पूरा शो ही ऐसा है। जिस तरह से हमने कृष्ण की कहानी को प्रस्तुत किया है, जिस दृष्टिकोण और जिस भाव के साथ इसे मंच पर उतारा है, वैसा प्रस्तुतीकरण इस देश में आज तक किसी माध्यम पर नहीं हुआ है।सवाल: इसी साल आई ‘कृष्णावतारम’ के प्रेजेंटेशन पर क्या कहेंगे, जिसे खूब सराहना मिली?जवाब:बिल्कुल, वह बहुत अच्छी फिल्म है। जनता ने उसे सराहा है और यही सबसे बड़ा अप्रूवल है। मैंने फ़िल्म अभी नहीं देखी है, लेकिन मेरे कई दोस्तों ने फ़िल्म देखी और इसकी भूरि-भूरि प्रशंसा की।सवाल:आज की पीढ़ी रिश्तों, करियर और संघर्ष के बीच उलझी है। उन्हें कृष्ण से क्या सीखना चाहिए?जवाब:मैं Gen-Z से सिर्फ इतना कहना चाहूंगा— संघर्ष तो जीवन में होगा ही, लेकिन विश्वास रखिए, जिसने संघर्ष दिए हैं वही सफलता भी देगा। “नारायण तेरे साथ न होते, तो जग छूट गया होताकागज की नैया जैसा तू कब का डूब गया होता।कोई धरातल होगा जिसपर तेरे पाँव टिके होंगे।युद्ध लिखे है यदि जीवन में तो केशव भी लिखे होंगे।”
8वें दिन बॉक्स ऑफिस पर खजांची बनी Awarapan 2, शुक्रवार को Emraan Hashmi की फिल्म पर जमकर हुई धनवर्षा
आवारापन 2 बॉक्स ऑफिस पर रुकने का नाम नहीं ले रही है। 8वें दिन के घरेलू बॉक्स ऑफिस पर हुए कलेक्शन से हर कोई हैरान रह गया।
पहले दिन एडवांस बुकिंग में Yash स्टारर Toxic ने गाढ़े झंडे, चंद घंटों में कमा डाले करोड़ों
यश की फिल्म 'टॉक्सिक' ने रिलीज से पहले ही एडवांस बुकिंग में शानदार कमाई की है। कन्नड़ और हिंदी बेल्ट में फिल्म को शानदार रिस्पॉन्स मिला है। जानिए कलेक्शन?
बॉलीवुड एक्टर अक्षय कुमार एक बार फिर गिरते-गिरते बचे हैं। अक्षय और सैफ अली खान अपनी आने वाली फिल्म 'हैवान' के प्रमोशन के लिए कौन बनेगा करोड़पति के सेट पर एक साथ पहुंचे थे। इसी दौरान पैपराजी को पोज देते वक्त अक्षय कुमार के पीछे मौजूद दरवाजा खुल गया, जिससे उनका बैलेंस बिगड़ गया और वे गिरते-गिरते बचे। पास ही खड़े सैफ अली खान ने तुरंत उन्हें संभाल लिया। इसके बाद दोनों स्टार्स हंसते हुए नजर आए। दोनों कलाकार 18 साल के लंबे गैप के बाद एक बार फिर किसी फिल्म में साथ काम कर रहे हैं। पीछे खुला दरवाजा बना बैलेंस बिगड़ने की वजहप्रमोशन के दौरान सैफ अली खान पैपराजी को पोज दे रहे थे। तभी अक्षय कुमार भी उनके पास आकर खड़े हो गए। पोज देते समय अक्षय अपने पीछे बने एक दरवाजे से टिकने लगे, लेकिन दरवाजा खुला होने के कारण वे पीछे की तरफ झुक गए। इससे उनका बैलेंस बिगड़ गया और वे लड़खड़ाने लगे। तुरंत ही सैफ अली खान ने हाथ बढ़ाकर अक्षय को पकड़ा और गिरने से बचा लिया। संतुलन बनने के बाद दोनों स्टार्स हंसने लगे। एक महीने में दूसरी बार बिगड़ा अक्षय का बैलेंसअक्षय कुमार के साथ यह घटना एक महीने में दूसरी बार हुई है। इससे पहले जुलाई में जब अक्षय लंदन में थे, तब भी सड़क पर चलते समय उन्हें ठोकर लग गई थी। उस वक्त भी उनके साथ सैफ अली खान ही मौजूद थे। हालांकि, लंदन में हुए उस वाकये के दौरान अक्षय ने खुद को ही संभाल लिया था। कैजुअल लुक में प्रमोशन करने पहुंचे दोनों स्टार्सप्रमोशन इवेंट के दौरान दोनों एक्टर्स का कैजुअल लुक देखने को मिला। अक्षय कुमार ब्राउन चेक्ड शर्ट, ब्लैक ट्राउजर और ब्लैक कैप पहने नजर आए। वहीं सैफ अली खान ब्लैक फुल-स्लीव टी-शर्ट, लाइट ब्लू जींस और चश्मे में पहुंचे थे। पोज देते समय अक्षय ने सैफ के कंधे पर हाथ रखा और दोनों ने एक-दूसरे से हाथ मिलाया। 18 साल बाद बड़े पर्दे पर लौटी जोड़ीअक्षय कुमार और सैफ अली खान 18 साल बाद फिल्म 'हैवान' में साथ नजर आएंगे। इससे पहले दोनों ने 90 के दशक में कई सुपरहिट फिल्मों में काम किया है। इनमें 'मैं खिलाड़ी तू अनाड़ी', 'ये दिल्लगी', 'तू चोर मैं सिपाही' और 'कीमत' जैसी फिल्में शामिल हैं। दर्शकों के बीच दोनों की ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री काफी पसंद की जाती रही है। 11 सितंबर 2026 को रिलीज होगी 'हैवान'दोनों की आने वाली फिल्म 'हैवान' एक क्राइम थ्रिलर है, जिसका डायरेक्शन प्रियदर्शन कर रहे हैं। मेकर्स ने हाल ही में फिल्म का टीजर रिलीज किया था। यह फिल्म 11 सितंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। -------------------------------- ये खबर भी पढ़ें लंदन में लड़खड़ाए अक्षय कुमार; गिरते-गिरते बचे:देख सैफ अली खान और तैमूर हंस पड़े; भारत-इंग्लैंड का मैच देखने गए थेबॉलीवुड एक्टर अक्षय कुमार रविवार को लंदन के लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड में भारत और इंग्लैंड के बीच खेले गए तीसरे वनडे मैच के दौरान नजर आए। इस दौरान उनका नया सफेद दाढ़ी वाला लुक चर्चा में रहा। उन्होंने सफेद और बेज रंग की ड्रेस के साथ काले बालों वाला नया लुक अपनाया था। पूरी खबर पढ़ें
प्रभास की फिल्म 'स्पिरिट' से दीपिका पादुकोण के बाहर होने को लेकर नया खुलासा हुआ है। फिल्म के प्रोड्यूसर और डायरेक्टर संदीप रेड्डी वांगा के भाई प्रणय रेड्डी वांगा ने न्यूज चैनल NTV को दिए इंटरव्यू में दावा किया कि दीपिका को फिल्म से हटाया गया था। उन्होंने बताया कि दीपिका ने भारी फीस के साथ फिल्म के मुनाफे में 10 प्रतिशत हिस्सेदारी मांगी थी। जब मेकर्स ने उनकी मांग नहीं मानी और दूसरे ऑप्शन तलाशना शुरू किया, तो एक्ट्रेस ने फिल्म की कहानी और किरदार से जुड़ी जानकारी लीक कर दी। '10% हिस्सेदारी मांगी, फिर कहानी लीक कर दी'प्रणय रेड्डी वांगा ने बताया कि उनके भाई संदीप रेड्डी वांगा लगभग डेढ़ साल से दीपिका को फिल्म में लेने के लिए बातचीत कर रहे थे। लेकिन दीपिका ने ज्यादा फीस के साथ-साथ 10 प्रतिशत प्रॉफिट शेयर की शर्त रख दी। प्रणय ने कहा कि मेकर्स के बजट में यह मांग सही नहीं बैठ रही थी। जब मेकर्स ने किसी दूसरे स्टार को कास्ट करने पर विचार शुरू किया, तो दीपिका ने फिल्म का प्लॉट लीक कर दिया। प्रणय के मुताबिक, कहानी लीक होने से संदीप काफी नाराज हुए थे। 'यह कौन सा फेमिनिज्म है, कहानी लीक कर देना?'प्रणय रेड्डी वांगा ने इंटरव्यू में बिना नाम लिए दीपिका पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि किसी भी एक्टर को कहानी सुनाते समय मेकर्स उन पर पूरा भरोसा करते हैं और दोनों के बीच एक अनकहा एग्रीमेंट होता है। प्रणय ने सवाल उठाया कि किसी यंग एक्टर को नीचा दिखाना और मेकर्स की सालों की मेहनत वाली कहानी लीक कर देना कौन सा फेमिनिज्म है। दीपिका के फिल्म से बाहर होने के बाद अब प्रभास के अपोजिट तृप्ति डिमरी को साइन किया गया है। दूसरी तरफ, इस पूरे विवाद पर दीपिका पादुकोण का रुख अलग रहा है। 2025 में CNBC-TV18 को दिए इंटरव्यू में दीपिका ने कहा था कि वे अपनी लड़ाई हमेशा चुपचाप लड़ती हैं, लेकिन किसी वजह से बातें बाहर आ जाती हैं। ईद 2027 पर सलमान की फिल्म से होगा क्लैशविवादों के बीच मेकर्स ने फिल्म 'स्पिरिट' की रिलीज डेट भी तय कर दी है। प्रभास और तृप्ति डिमरी स्टारर यह एक्शन फिल्म 5 मार्च 2027 को ईद के मौके पर थिएटर्स में रिलीज होगी। इस दिन बॉक्स ऑफिस पर बड़ा टकराव देखने को मिलेगा। दरअसल, ईद पर ही सलमान खान और नयनतारा की नई फिल्म (SVC 63) भी रिलीज होने वाली है। वामशी पेडिपल्ली के डायरेक्शन और दिल राजू के प्रोडक्शन में बन रही इस फिल्म का संभावित नाम 'मॉन्स्टर' बताया जा रहा है। दीपिका से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें प्रेग्नेंट दीपिका को एयरपोर्ट छोड़ने पहुंचे पति रणवीर:ओवरसाइज्ड ब्लू शर्ट और वाइड-लेग जींस में दिखा एक्ट्रेस का स्टाइलिश लुक, देखें तस्वीरें दीपिका पादुकोण शनिवार रात मुंबई एयरपोर्ट पर स्पॉट हुईं। इस दौरान वह ब्लू आउटफिट में नजर आईं। दीपिका को एयरपोर्ट छोड़ने रणवीर भी पहुंचे थे। इस दौरान रणवीर कार में बैठे नजर आए। पूरी खबर पढ़ें
एक्ट्रेस श्वेता तिवारी सोशल मीडिया पर मिल रहीं भद्दी गालियों पर भड़क गई हैं। उन्होंने गाली देने वाले यूजर्स की प्रोफाइल और उनके परिवार की तस्वीरें शेयर की हैं। साथ ही एक्ट्रेस ने राज ठाकरे से पूछा है कि क्या उनके सपोर्टर्स ऐसे हैं, जो खुद को मराठी कहते हैं और महिलाओं को घटिया गालियां देते हैं। श्वेता तिवारी ने ऑफिशियल इंस्टाग्राम से कुछ ऐसी प्रोफाइल भी शेयर कीं, जिनमें ट्रोलर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के चीफ राज ठाकरे की पार्टी से जुड़ा नजर आ रहा था। श्वेता ने इसके साथ लिखा, आज मैं ऐसी एक बात करना चाहती हूं जो बहुत गहरी चिंता का विषय है और दुर्भाग्य से सोशल मीडिया पर बहुत आम हो चुकी है, किसी भी महिला को गंदी गाली देना। किसी भी महिला को। किसी भी उम्र की। किसी भी पेशे से जुड़ी हुई। कोई भी पुरुष, किसी भी बैकग्राउंड से, ऑनलाइन आकर किसी भी महिला को आपत्तिजनक शब्द कह सकता है। आगे श्वेता ने लिखा, 'और जो बात मुझे सबसे ज्यादा झकझोरती है, वह यह है कि ये पुरुष जरूरी नहीं कि अनपढ़ हों या किसी खराब माहौल से आते हों। इनमें से बहुत से लोग पढ़े-लिखे हैं, देखने में सम्मानित परिवारों से आते हैं, उनकी पत्नियां हैं, बेटियां हैं, मां हैं और बहनें हैं और फिर भी वे किसी दूसरी महिला के लिए सबसे अपमानजनक शब्द इस्तेमाल करने में बिल्कुल सहज महसूस करते हैं।' श्वेता तिवारी ने कुछ गाली देने वाले यूजर्स की प्रोफाइल भी शेयर की और साथ ही उनके परिवार की तस्वीरें भी शेयर कीं। राज ठाकरे से पूछा- क्या ऐसा व्यवहार जायज है श्वेता ने एक ऐसी प्रोफाइल दिखाई, जिस पर राज ठाकरे के समर्थन से जुड़ी चीजें पोस्ट की गई थीं। उन्होंने पोस्ट में लिखा, “एक शख्स राज ठाकरे और उनकी पार्टी का सपोर्टर है। यह बात मेरे लिए थोड़ी पर्सनल हो गई, क्योंकि मैं अपनी पूरी जिंदगी महाराष्ट्र में रही हूं।” उन्होंने आगे लिखा, “मेरे पिता मुंबई में पले-बढ़े। मेरा भी यहीं जन्म हुआ और इसी शहर में मैं बड़ी हुई। पूरी जिंदगी मैंने मराठी माणुस से जुड़े गर्व और सम्मान को महसूस किया है। मैंने मराठी महिलाओं को गर्व से कहते सुना है कि वे मराठी मुलगी हैं।” श्वेता ने कहा, “मुझे लगता है कि मराठी संस्कृति महिलाओं के सम्मान, उनकी ताकत और गरिमा का ख्याल रखती है। लेकिन जब कोई मराठी माणुस किसी महिला को पर्सनल मैसेज करके गाली देता है, तो मुझे हैरानी होती है।” उन्होंने पूछा, “क्या मराठी माणुस का यही मतलब होता है? राज ठाकरे, मैं जानना चाहती हूं कि अगर ऐसे लोग आपके समर्थक हैं, तो क्या आप मानते हैं कि ऐसा व्यवहार जायज है?” एक्ट्रेस ने लिखा, “खुद को मराठी माणुस कहना ही काफी नहीं होता। महिलाओं का सम्मान करना भी मराठी माणुस की पहचान होती है।” श्वेता के मुताबिक, ट्रोल्स इस कदर बेशर्म हो चुके हैं कि उनके 8 साल के बेटे और बेटी पलक को लेकर भी भद्दी बातें बोलते हैं। ऑनलाइन डिलीवरी में कॉकरोच निकलने पर तुकाराम मुंढे को किया टैग श्वेता तिवारी ने गुरुवार को ऑनलाइन एनर्जी ड्रिंक ऑर्डर की थी। जब ऑर्डर खोला गया, तो उसमें कॉकरोच मिलने से एक्ट्रेस घबरा गईं। एक्ट्रेस ने वीडियो जारी कर महाराष्ट्र में फूड सेफ्टी कार्रवाई से चर्चा में बने हुए FDA ऑफिसर तुकाराम मुंढे से सवाल किया है। ऑफिशियल इंस्टाग्राम से शेयर किए गए वीडियो में श्वेता तिवारी ने कहा, ‘हमने इंस्टामार्ट से रेडबुल मंगवाया। लेकिन इंस्टामार्ट से हमारे घर में ये (कॉकरोच) भी आया। कॉकरोच पूरे घर में भाग रहा है।’ दूसरे वीडियो में श्वेता ने कॉकरोच दिखाया और कहा, ‘क्या हमें तुकाराम मुंढे जी को टैग करना चाहिए। मुंढे जी ये हमारे घर में इंस्टामार्ट से कॉकरोच आ रहे हैं। आप कहां हैं, ध्यान दीजिए।’ द ट्रेटर में नजर आईं श्वेता तिवारी कसौटी जिंदगी की शो से देशभर में पहचान हासिल करने वालीं श्वेता तिवारी इन दिनों अमेजन प्राइम के शो द ट्रेटर्स सीजन 2 में नजर आ रही हैं। इससे पहले श्वेता रियलिटी शो बिग बॉस की विजेता रह चुकी हैं। श्वेता तिवारी अपनी निजी जिंदगी के चलते भी चर्चा में रह चुकी हैं।
गोविंदा से अनबन के बीच पत्नी सुनीता ने 19 अगस्त को बांद्रा फैमिली कोर्ट पहुंचकर तलाक का केस वापस ले लिया है। अब सुनीता की मानें तो गोविंदा, गर्लफ्रेंड कोमल से दूसरी शादी का प्लान बना रहे थे, यही वजह है कि सुनीता ने विरोध करते हुए तलाक का केस वापस ले लिया है। दरअसल, हाल ही में राखी सावंत को मुंबई में स्पॉट किया गया। फोटोग्राफर्स से बातचीत के दौरान राखी ने गोविंदा की पत्नी को कॉल मिलाकर स्पीकर ऑन कर बात की। इस दौरान सुनीता को यह कहते सुना गया, “गोविंदा और कोमल शादी करने वाले थे।” राखी ने कॉल पर कहा- ‘आपने जो भी किया अच्छा किया।’ जवाब में सुनीता बोलीं- ‘मेरे सपोर्ट में तुम लोगों को बोलना चाहिए। तुम लोगों को सारी कहानी मालूम है। राखी ने कहा- 'सुनीता जी, मैंने हमेशा बोला है कि घर का दाल-चावल घर का होता है। बाहर का चिकन टिक्का खाने से कोई फायदा नहीं है।’ इस पर सुनीता ने कहा- ‘वो (गोविंदा) उसे एयरपोर्ट ले गया है। उसे मेरी जगह दे रहा है। लोगों के मुझे कॉल आ रहे हैं। बताओ बीवी होकर मुझे कैसा लगेगा।’ ये सुनकर राखी ने कहा- ‘आप ये सब छोड़ो, 200 करोड़ पर ध्यान दो। दूसरी, तीसरी कोई आ जाएगी, तो ये 200 करोड़ ले जाएगी। पहले अपने नाम पर कर लो सब, फिर ये सब करना।’ आगे सुनीता ने कहा- ‘मैंने कल ये केस वापस ले लिया, क्योंकि ये दोनों शादी करने के प्लान में थे।’ 19 अगस्त को तलाक का केस वापस लिया सुनीता आहूजा 19 अगस्त को मुंबई के बांद्रा फैमिली कोर्ट पहुंचीं। बेटे यशवर्धन भी उनके साथ थे। कोर्ट पहुंचने पर तलाक की अटकलें तेज हो गईं, हालांकि बाद में गोविंदा के मैनेजर शशि रंजन ने दैनिक भास्कर से बातचीत में कन्फर्म किया कि सुनीता ने तलाक का केस वापस ले लिया है, जो उन्होंने दिसंबर 2024 में दायर किया था। गोविंदा के मैनेजर बोले- तमाशा बनाने की क्या जरुरत थी वहीं दूसरी तरफ मैनेजर ने सुनीता के इस रवैये पर नाराजगी जताते हुए कहा कि वो परिवार का तमाशा बना रही हैं। एनडीटीवी को दिए इंटरव्यू में मैनेजर शशि सिन्हा ने कहा, “अदालत जाने की कोई जरूरत नहीं थी। घर की बातें घर में रहकर, बैठकर बात करके सुलझ सकती हैं। जब आज याचिका वापस ही लेनी थी, तो फिर केस किया ही क्यों था? मुझे इस बात का बहुत दुख है कि बिना वजह हम सब तमाशा बन गए।” 'दो साल से मीडिया में छवि खराब हुई'- मैनेजरमैनेजर ने बताया कि दोनों के बीच का विवाद पिछले लगभग डेढ़ से दो साल से मीडिया में चल रहा था। इससे गोविंदा और उनके परिवार की साख को काफी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि हर शादीशुदा जिंदगी में पति-पत्नी के बीच मतभेद होते हैं, यह आम बात है। लेकिन जब मामला कोर्ट और मीडिया तक पहुंच जाता है, तो बात सार्वजनिक हो जाती है। इस पूरे मामले में तमाशा बनने से आसानी से बचा जा सकता था। दिसंबर 2024 में किया था तलाक का केस गौरतलब है कि सुनीता आहूजा ने दिसंबर 2024 में गोविंदा के खिलाफ बांद्रा फैमिली कोर्ट में तलाक की अर्जी दाखिल की थी। वहीं, यह खबर पिछले साल अगस्त के महीने में सामने आई थी, जब हॉटरफ्लाई ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि सुनीता ने हिंदू मैरिज एक्ट 1955 की धारा 13 (1) (i), (ia), (ib) के तहत तलाक के लिए अर्जी दी थी। याचिका में उन्होंने गोविंदा पर क्रूरता, बेवफाई और परित्याग जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। रूमर्ड गर्लफ्रेंड के साथ पब्लिकली स्पॉट हुए गोविंदा हाल ही में गोविंदा को उनकी अपकमिंग कमबैक फिल्म रूपा की को-एक्ट्रेस कोमल रानी स्वर्णकार के साथ स्पॉट किया गया। इस पर सुनीता ने कहा था, “गोविंदा अपनी बेटी की उम्र की लड़की को लेकर घूम रहे हैं और उन्हें इस बात पर थोड़ी शर्म आनी चाहिए।” सुनीता आहूजा ने गोविंदा साथ दिखीं एक्ट्रेस कोमल के ड्रेसिंग सेंस पर भी टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि अगर सामने वाले का शुगर डैडी इतना अमीर है, तो कम से कम कपड़े तो ढंग के पहनने चाहिए। पत्नी के बयानों पर गोविंदा भड़क गए थे वहीं, पत्नी सुनीता के आपत्तिजनक बयानों पर गोविंदा भड़क गए थे। गोविंदा ने चेतावनी देकर कहा था कि उन्हें हद में रहना चाहिए। साथ ही एक्टर ने को-स्टार का बचाव भी किया और कहा कि सुनीता उन्हें बदनाम करने की कोई कसर नहीं छोड़ रही हैं। गोविंदा ने कहा था, जो काम बाहर मिलता है, वो मैं करता नहीं हूं और जो मैं कर रहा हूं, उसमें आप हस्तक्षेप कर रही हैं। और जब अपना काम आप कर रही थीं, फिर चाहे वो कुकिंग शो (लाफ्टर शेफ) हो या लॉकअप हो, टीना (बेटी) से कहकर मुझे उसमें बुलवाया, मेरी सेवाएं लीं। खैर वो तो आपका हक है, लेकिन जिस वक्त मैंने फिल्म शुरू की है, आप एक भी कसर नहीं छोड़ रही हैं कि मैं लोगों के दिल से उतर जाऊं बदनाम हो जाऊं, या कुछ ऐसा हो जाए कि मेरा बिजनेस न हो। वहीं, गोविंदा ने को-एक्ट्रेस रानी स्वर्णकर का बचाव करते हुए कहा था, कोई गरीब परिवार के लोग अगर फिल्म में आए हैं, तो उन्हें इस तरह बदनाम या लज्जित न कीजिए कि वो भाग जाएं। आप में क्षमता है, ताकत है, इज्जत, दौलत, शोहरत, सब दिया है ऊपर वाले ने। इसका मतलब ये नहीं कि जिसके पास ये नहीं है आप उसे जलील करें। ये आप पर शोभा नहीं देता। बहुत ज्यादा मां-बहन की गालियां देने लगी हैं- गोविंदा गोविंदा ने अपने वीडियो में यह भी कहा था कि मैं ये भी कहना चाहूंगा कि सुनीता जी आप बहुत मां-बहन की गालियां देने लगी हैं। ईश्वर को मनाइए कि अगर लोग आपसे प्रेरित हो गए तो आप कहां आइना देखेंगी। कहीं आपके साथ ही लोग मां-बहन की गालियां देना शुरू कर देंगे, तो हम सब बहुत लज्जित हो जाएंगे। ये ठीक नहीं है। बहुत सस्ता कर दिया है मां-बहन का नाम। आपसे उम्मीद नहीं है। पूरी खबर यहां पढ़ें… सुनीता ने मिस मालिनी को दिए इंटरव्यू में गोविंदा के अफेयर रूमर्स पर बात करते हुए कहा था कि जवानी में गलतियां होती हैं, लेकिन 63 की उम्र में ये सब सुनना ठीक नहीं है। सुनीता ने कहा था, ‘ये नाम थोड़ा गड़बड़ है। मुझे कोमल नाम से नफरत है। एक है कोमल, एक्स वाय जेड है कोई। मुझे उससे नफरत है।’ सुनीता ने कहा था- गोविंदा के कई अफेयर्स रहे सुनीता आहूजा हाल ही में शो ‘लॉक अप 2’ की कंटेस्टेंट बनी थीं। शो के दौरान उन्होंने गोविंदा के कथित अफेयर्स पर बात की थी। उन्होंने कहा था, “प्यार में आपको हर चीज सहन करने में सक्षम होना चाहिए। चीची (गोविंदा) के जवानी में कई अफेयर्स रहे हैं। तब मैंने नजरअंदाज किया था, लेकिन अब नहीं करूंगी।” 1987 में हुई थी गोविंदा और सुनीता की शादी गोविंदा और सुनीता आहूजा ने 1987 में एक प्राइवेट समारोह में शादी की थी। उस समय गोविंदा बॉलीवुड स्टार बन चुके थे। दोनों ने गोविंदा के करियर के लिए करीब दो साल तक अपनी शादी की बात छिपाकर रखी थी। बेटी टीना आहूजा के जन्म के बाद उन्होंने शादी को सार्वजनिक किया था। इसके बाद दोनों के बेटे यशवर्धन आहूजा का जन्म हुआ। गोविंदा से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें... ‘उसकी बुद्धि भ्रष्ट हो गई है’:गोविंदा के एक्ट्रेस कोमल के साथ दिखने पर पत्नी सुनीता भड़कीं, बोलीं- क्या घटिया स्टैंडर्ड है गोविंदा को एक्ट्रेस कोमल रानी के साथ देखे जाने के सवाल पर प्रतिक्रिया देते हुए पत्नी सुनीता आहूजा ने कहा कि गोविंदा की बुद्धि भ्रष्ट हो गई है। दरअसल, सोमवार को जब एक पैपराजी ने सुनीता आहूजा से पूछा कि गोविंदा सर भी देखे गए कोमल मैम के साथ, फिल्म का प्रमोशन शुरू हुआ? 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दिग्गज एक्ट्रेस शर्मिला टैगोर की वंदे मातरम् पर टिप्पणी के बाद कंगना रनौत ने प्रतिक्रिया दी है। शर्मिला टैगोर ने कहा था कि वंदे मातरम् के कुछ हिस्से एक ईश्वर को मानने वाले लोगों की आस्था से मेल नहीं खा सकते। उन्होंने कहा कि गीत में कई देवताओं का जिक्र है। कंगना बोलीं- हैरान हूं कि आपकी सोच इतनी छोटी है कंगना ने शर्मिला टैगोर के इंटरव्यू का वीडियो अपनी इंस्टाग्राम स्टोरीज पर शेयर किया। उन्होंने लिखा, “मैं खुश हूं कि शर्मिला जी ने वंदे मातरम् को लेकर अपनी आपत्ति के बारे में बात की। लेकिन एक कलाकार के तौर पर मैं हैरान हूं कि कला और कविता को लेकर उनकी सोच इतनी छोटी और बनावटी कैसे हो सकती है।” कंगना ने आगे लिखा, “किसी भी कविता या गीत में शब्द रूपक होते हैं। कवि या कलाकार मनचाहा असर पैदा करने के लिए हर तरह की कल्पना करता है और असंभव लगने वाली समानताएं खींचता है। विवेकानंद ने मशहूर तौर पर कहा था कि मुझे ऐसे युवा चाहिए, जो लोहे जैसे बने हों, जिनकी हड्डियां फौलाद की हों और जिनकी नसों में बिजली दौड़ती हो।” उन्होंने कहा, “विवेकानंद मौसम का अनुमान नहीं बता रहे थे। वह केवल शक्ति को जगाने की मांग कर रहे थे। कृपया हिंदू-मुस्लिम सोच से बाहर आइए।” आखिर में कंगना ने लिखा, “भले ही हम एक ईश्वर में विश्वास करते हों, डॉक्टर भी ताकत को शक्ति कहते हैं। आइए, एक-दूसरे को अपनों की तरह अपनाएं। मैं आपसे बहुत प्यार करती हूं और उस जोरदार गले मिलने से भी मुझे परेशानी नहीं है, जैसा आप हमेशा देती हैं।” शर्मिला बोलीं- एक ईश्वर को मानने वालों के लिए कहना मुश्किल शर्मिला टैगोर ने आईएएनएस से अपनी बात समझाते हुए कहा, “मेरी राय यह है कि बहुत से धार्मिक लोग एक ही ईश्वर में विश्वास करते हैं, कई ईश्वरों में नहीं। वंदे मातरम् में एक अंतरा है, जिसमें कई देवताओं का जिक्र किया गया है।” उन्होंने आगे कहा, “जो लोग एक धर्म में विश्वास करते हैं, उनके लिए ‘वंदे काली, वंदे दुर्गा’ कहना मुश्किल है। इसलिए, अगर हम भारत के सभी धार्मिक लोगों को साथ लेकर चलें, तो इसके पहले दो अंतरे बहुत अच्छे हैं।” शर्मिला टैगोर ने अब तक कंगना रनौत की टिप्पणी पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। बयानों से चर्चा में हैं कंगना रनोट GenZ को कहा गटरछाप- जंतर-मंतर पर हुए कॉकरोच जनता पार्टी के प्रोटेस्ट में पहुंचे स्टूडेंट पर कंगना ने कहा था, ‘मैंने अपनी जिंदगी में कभी एक जगह पर इतनी बदसूरती नहीं देखी। Gen Z के विरोध प्रदर्शनों की ये रील्स उल्टी लाने वाली हैं। जिस तरह से वे बात करते हैं और जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल करते हैं। मैंने अपनी जिंदगी में कभी भी हर एक फ्रेम में सब कुछ इतना खटकने वाला और इतना भद्दा एक साथ नहीं देखा। मैं उन्हें जेनरेशन गटर कहती हूं। उनमें से कुछ के पास सिस्टम को देने के लिए कुछ भी नहीं है। वे पढ़ाई-लिखाई में अच्छे नहीं हैं।’ बयान पर विवाद बढ़ने के बाद कंगना ने कहा कि पूरे देश के युवाओं को ‘गटरछाप’ नहीं कहा था। उनका बयान जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में मौजूद एक खास नस्ल को लेकर था। बाबा रामदेव से कहा- मेरी जवानी के सपने न देखें- योग गुरू बाबा रामदेव ने कंगना की आलोचना की है। टीवी 9 भारतवर्ष के साथ बातचीत में बाबा रामदेव ने जेन Z को लेकर कंगना की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “उनका क्वालिफिकेशन क्या है? उनका बचपन कैसा रहा है? उनकी जवानी कैसी रही है? उनके पहले के कारनामे कैसे रहे हैं? मैं ऐसे लोगों के बारे में बात नहीं करना चाहता। ऐसे किसी भी देश के जवान को, जेन Z को गटर-पटर बोलना, ये बिगड़े हुए दिमाग की निशानी है। गलत बात है। इसके ऊपर जो है, उनके पार्टी के लोगों को संज्ञान लेना चाहिए। कंगना ने इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए बाबा रामदेव पर पलटवार करते हुए लिखा, “बाबा जी, मेरी जवानी या बेडरूम के बारे में डे-ड्रीम मत कीजिए। कोई सिर्फ अफवाहों और गॉसिप के आधार पर ही ऐसा सोच सकता है। कम से कम मुझे कभी सुप्रीम कोर्ट से झूठे या फर्जी मेडिकल दावों को लेकर फटकार नहीं लगी। इसलिए मुझे चरित्र का पाठ मत पढ़ाइए। आपका चरित्र जैसा भी है, मेरा उससे कहीं बेहतर है। यहां कोई फ्रॉड नहीं मिला है।” महिलाओं को लिखा- यौन संबंधों को अपनी आजादी बताती हैं कंगना ने पोस्ट में लिखा कि पश्चिमी सोच से प्रभावित भारतीय महिलाओं की एक नई पीढ़ी सामने आई है, जिसे वह ‘गटर जेनरेशन’ कहती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इनमें से कुछ के पास समाज को देने के लिए कुछ नहीं है। साथ ही, उन्होंने उनकी सोच और मानसिकता पर भी सवाल उठाए और कहा कि वे अच्छी गृहिणी बनने के लिए भी सक्षम नहीं हैं। इसके बावजूद वे अपनी आजादी का दिखावा करती हैं। नशा, शराब और अनगिनत यौन संबंधों को अपनी आजादी बताती हैं। बेशर्मी से अपने माता-पिता की कमाई पर पलती हैं बेशर्मी से अपने माता-पिता की कमाई पर पलती हैं। लगातार स्वतंत्र जीवन जीने की बातें करती हैं, जबकि वास्तव में वे आत्मनिर्भर होती ही नहीं। एक छोटी-सी बात याद दिला दूं, आजाद जीवन में कमाना पड़ता है। अगर बिना जिम्मेदारी उठाए स्वतंत्र बनने की कोशिश करोगे, तो तुम सिर्फ एक विकृत मानसिकता वाले इंसान हो, 'गटर छाप'।' बता दें कि कंगना भाजपा सांसद हैं। वह अक्सर अपने बयानों से चर्चा में रहती हैं। राजनैतिक करियर के साथ-साथ कंगना फिल्मों में भी काम कर रही हैं। जल्द ही वो तनु वेड्स मनु 3 और सीता द इन्कार्नेशन में नजर आएंगी।
रेणुका शहाणे का नाम आते ही लोगों के जेहन में ‘हम आपके हैं कौन’ की संस्कारी भाभी पूजा और ‘सुरभि’ का सहज चेहरा उभरता है। लेकिन उनकी कहानी सिर्फ एक सुपरहिट फिल्म और लोकप्रिय टीवी शो तक सीमित नहीं है। मनोविज्ञान की पढ़ाई से लेकर थिएटर, टीवी, फिल्मों और निर्देशन तक रेणुका ने हर पड़ाव पर अपनी शर्तों पर काम किया। सफलता के बाद भी उन्होंने लोकप्रियता के बजाय ऐसे किरदार चुने, जिनसे उन्हें कुछ नया सीखने को मिले। इसी सोच के कारण उन्होंने कई फिल्मी ऑफर्स ठुकराए और टीवी को प्राथमिकता दी। लेकिन टीवी पर उन्होंने एक ऐसा किरदार निभाया, जो दर्शकों के लिए चौंकाने वाला था। रेणुका ने साबित किया कि लोकप्रिय छवि के पीछे एक बहुआयामी अभिनेत्री भी मौजूद है। उनके लिए स्टारडम से ज्यादा जरूरी हमेशा अच्छा काम रहा। आज की सक्सेस स्टोरी में रेणुका शहाणे के करियर और निजी जीवन से जुड़ी कुछ खास बातें मनोविज्ञान पढ़ रही थीं, लेकिन एक नाटक ने जिंदगी की दिशा बदल दी 7 अक्टूबर 1966 को मुंबई में जन्मीं रेणुका शहाणे ऐसे परिवार में पली-बढ़ीं, जहां कला और साहित्य का माहौल था। उनके पिता विजय कुमार शहाणे भारतीय नौसेना में अधिकारी थे, जबकि मां शांता गोखले जानी-मानी लेखिका, थिएटर से जुड़ी शख्सियत और फिल्म समीक्षक हैं। रेणुका के भाई गिरिश शहाणे भी लेखक और कला समीक्षक हैं। रेणुका शहाणे ने सेंट जेवियर्स कॉलेज से मनोविज्ञान की पढ़ाई की। कॉलेज के सेकंड ईयर में ‘अंधेर नगरी’ नाटक का मंचन होना था। नाटक में करीब 14 गाने थे और रेणुका संगीत मंडल का हिस्सा थीं। बैकग्राउंड वोकल्स के सिलसिले में वह नाटक की पूरी प्रक्रिया से जुड़ गईं। स्क्रिप्ट से स्टेज तक का सफर देखकर उन्हें थिएटर की ताकत महसूस हुई। वह कहती हैं, “उस समय मैंने यह नहीं सोचा था कि मुझे अभिनेत्री बनना है, लेकिन यह जरूर तय किया कि मुझे थिएटर का हिस्सा बनना है।” यहीं से उनके भीतर अभिनय के प्रति नया जुनून पैदा हुआ। मां के दोस्त सत्यदेव दुबे ने पूछा- अभिनय करोगी? इस बार जवाब ‘हां’ था रेणुका की मां शांता गोखले के करीबी दोस्त और दिग्गज थिएटर निर्देशक सत्यदेव दुबे अक्सर उनके घर आते थे। वह रेणुका से बार-बार पूछते थे कि क्या वह अभिनय करेंगी। शुरुआत में वह पढ़ाई को प्राथमिकता देते हुए मना कर देती थीं। लेकिन ‘अंधेर नगरी’ के अनुभव के बाद उनका नजरिया बदल चुका था। अगली बार सत्यदेव दुबे ने वही सवाल पूछा तो रेणुका ने हामी भर दी। इसके बाद उन्होंने उनके साथ वर्कशॉप्स कीं और मराठी थिएटर की संस्था ‘अंतरनाट्य’ के साथ एक्सपेरिमेंटल थिएटर किया। उन्होंने अभिनय के साथ सेट, मेकअप, कॉस्ट्यूम और लाइटिंग जैसे काम भी सीखे। यही उनकी असली ट्रेनिंग बनी। एक्टिंग करियर नहीं, शौक था; फिर ‘सर्कस’ ने बदल दी सोच थिएटर करते-करते रेणुका की मुलाकात उस दुनिया से हुई, जिसे वह शुरू में करियर नहीं मानती थीं। उन्होंने टीवी शो ‘पीसी और मौसी’ से स्क्रीन पर शुरुआत की और इसके बाद ‘सर्कस’ में काम किया। शाहरुख खान स्टारर ‘सर्कस’ उनके लिए निर्णायक मोड़ साबित हुआ। निर्देशक अजीज मिर्जा ने उन्हें अभिनय को गंभीरता से लेने की सलाह दी। उस समय रेणुका क्लिनिकल साइकोलॉजी में एमए कर चुकी थीं और पीएचडी करने के बारे में सोच रही थीं। लेकिन अजीज मिर्जा ने उन्हें समझाया कि अभिनय में हुनर है तो इसे पेशे के रूप में आजमाना चाहिए। रेणुका ने पहली बार महसूस किया कि थिएटर का शौक अब उनका प्रोफेशन बन सकता है। पीएचडी का सपना छोड़कर चुना अभिनय, फिर ‘सुरभि’ ने घर-घर पहुंचाया ‘सर्कस’ के बाद रेणुका की जिंदगी में ‘सुरभि’ आई। सिद्धार्थ काक के साथ इस कार्यक्रम ने उन्हें देशभर में पहचान दिलाई। छोटे बाल, साड़ी और सहज अंदाज में नजर आने वाली रेणुका का व्यक्तित्व दर्शकों को पसंद आया। लेकिन इस मुकाम से पहले उन्होंने करियर की दिशा बदलने का बड़ा फैसला लिया था। रेणुका कहती हैं, “मैंने कभी नहीं सोचा था कि मुझे अभिनेत्री बनना है। शुरुआत में तो सिर्फ थिएटर का हिस्सा बनना चाहती थी। लेकिन धीरे-धीरे एक्टिंग मेरा पैशन बन गया और फिर यही मेरा प्रोफेशन बन गया।” ‘सुरभि’ की सफलता ने उन्हें सिर्फ अभिनेत्री नहीं, बल्कि दर्शकों से सीधे जुड़ने वाला चेहरा बना दिया। ‘हम आपके हैं कौन’ की पूजा बनने से पहले ही मिल गई थी चेतावनी 1994 में सूरज बड़जात्या की फिल्म ‘हम आपके हैं कौन’ रिलीज हुई और रेणुका शहाणे का किरदार पूजा घर-घर में पहचान बन गया। वह माधुरी दीक्षित की बड़ी बहन और सलमान खान की भाभी बनी थीं। लेकिन रोल स्वीकार करने से पहले उन्हें एक अहम चेतावनी दी गई थी। राजकुमार बड़जात्या ने उन्हें बताया था कि भाभी का किरदार करने के बाद इंडस्ट्री उन्हें इसी तरह के रोल में देखने लग सकती है। फिर भी रेणुका ने फिल्म की। उनकी प्राथमिकता हीरोइन बनना नहीं, बल्कि अच्छा किरदार निभाना था। फिल्म की जबरदस्त सफलता के बाद यही चेतावनी सच साबित हुई और उनके सामने नई चुनौती खड़ी हो गई। फिल्म हिट हुई तो ऑफर्स बढ़े, लेकिन किरदार वही रहे ‘हम आपके हैं कौन’ के बाद रेणुका के पास फिल्मों के ऑफर्स की कमी नहीं थी। परेशानी यह थी कि ज्यादातर ऑफर्स में किरदार नहीं बदल रहे थे। उन्हें बार-बार हीरो की बहन, भाभी या ‘अच्छी भारतीय लड़की’ के रोल दिए जा रहे थे। रेणुका ने महसूस किया कि फिल्मों में उनकी पहचान एक ही तरह के किरदार में सीमित की जा रही है। दूसरी तरफ टेलीविजन पर उन्हें ज्यादा मजबूत और चुनौतीपूर्ण भूमिकाएं मिल रही थीं। इसलिए उन्होंने फिल्मों से दूरी बनाकर टीवी को प्राथमिकता दी। उनके लिए सिर्फ फिल्म में काम करना उपलब्धि नहीं था। वह ऐसा काम करना चाहती थीं, जिसमें अभिनेत्री के तौर पर खुद को साबित करने की गुंजाइश हो। ‘फिल्म नहीं, अच्छा किरदार चाहिए’- यही सोच उन्हें बाकी कलाकारों से अलग करती रही फिल्मों को मना करने के फैसले के पीछे रेणुका की महत्वाकांक्षा का अलग नजरिया था। वह किसी खास मुकाम तक पहुंचने की दौड़ में शामिल नहीं थीं। उन्होंने कहा, “मेरी महत्वाकांक्षा यह नहीं थी कि मुझे किसी खास मुकाम तक पहुंचना है। इसलिए मुझे जो भी मिल रहा था, वह मेरे लिए एक अतिरिक्त खुशी थी।” थिएटर की ट्रेनिंग ने उन्हें सिखाया था कि काम की गुणवत्ता लोकप्रियता से ज्यादा महत्वपूर्ण है। वह बताती हैं कि थिएटर में सामने पांच दर्शक हों या सौ, कलाकार उतनी ही शिद्दत से काम करता था। यही अनुशासन उन्होंने फिल्मों और टीवी में भी अपनाया। इसलिए सफलता के बावजूद उन्होंने सिर्फ नाम के लिए काम स्वीकार नहीं किया। टीवी पर किया ऐसा रोल, जिसे देखकर दर्शकों ने कहा- ‘आपसे ऐसी उम्मीद नहीं थी’ ‘सुरभि’ के बाद रेणुका ने ‘सैलाब’, ‘जुनून’, ‘घुटन’, ‘9 मालाबार हिल’ और ‘कोरा कागज’ जैसे कई टीवी प्रोजेक्ट्स किए। यहां उन्हें अपनी ‘भाभी’ वाली छवि से बिल्कुल अलग किरदार निभाने का मौका मिला। ‘सैलाब’ में उन्होंने ऐसी महिला का किरदार निभाया था, जिसका एक्स्ट्रा-मैरिटल अफेयर था। दर्शकों के लिए यह भूमिका चौंकाने वाली थी, क्योंकि उनके मन में रेणुका की छवि संस्कारी और सहज महिला की बन चुकी थी। खुद रेणुका ने बताया कि लोग उनसे कहते थे, “आपसे ऐसी उम्मीद नहीं थी।” इस दौर में उन्होंने साबित किया कि लोकप्रिय छवि के पीछे एक बहुआयामी अभिनेत्री भी मौजूद है। करियर में स्ट्रगल? रेणुका का जवाब सुनकर कहानी का पूरा नजरिया बदल जाता है रेणुका की कहानी में स्ट्रगल का सवाल भी दिलचस्प है। वह मानती हैं कि उन्हें बहुत ज्यादा संघर्ष नहीं करना पड़ा। इसकी एक वजह उनका मुंबई में जन्म और परिवार का मजबूत सपोर्ट था। ऑडिशन में काम नहीं मिलता था तो भी उनके पास घर और परिवार था। वह कहती हैं, “जब भी मुझे कोई किरदार नहीं मिलता था या मैं ऑडिशन देकर आती थी, तो मेरे पास अपना घर और परिवार था। सिर पर छत थी और खाने-पीने की कोई परेशानी नहीं थी।” वह मानती हैं कि आर्थिक सुरक्षा ने उन्हें अपने मन का काम चुनने की आजादी दी। इसलिए वह खुद को संघर्ष से ज्यादा ‘ब्लेस्ड’ मानती हैं। पहली शादी टूटी, लेकिन रेणुका ने रिश्तों से उम्मीद नहीं छोड़ी रेणुका की निजी जिंदगी भी हमेशा आसान नहीं रही। उनकी पहली शादी मराठी थिएटर लेखक और निर्देशक विजय केंकरे से हुई थी, लेकिन रिश्ता ज्यादा लंबा नहीं चला और दोनों का तलाक हो गया। इस अनुभव का असर इसलिए भी गहरा था क्योंकि बचपन में उन्होंने अपने माता-पिता का अलगाव भी देखा था। रेणुका ने बताया था कि जब उनके माता-पिता अलग हुए, तब वह सिर्फ आठ साल की थीं। कुछ लोग अपने बच्चों को उनसे खेलने से रोकते थे और कहते थे कि वह ‘टूटे हुए परिवार’ से आती हैं। आगे चलकर परिवार और रिश्तों की जटिलताएं उनकी रचनात्मक सोच का हिस्सा बनीं। 34-35 की उम्र में फिर प्यार हुआ, आशुतोष राणा के साथ शुरू हुई नई कहानी पहली शादी टूटने के बाद रेणुका ने दोबारा शादी को लेकर जल्दबाजी नहीं की। फिर उनकी जिंदगी में अभिनेता आशुतोष राणा आए। दोनों ने करीब तीन साल डेट करने के बाद 25 मई 2001 को शादी की। यह रिश्ता खास था, क्योंकि रेणुका लोकप्रिय अभिनेत्री थीं, जबकि आशुतोष राणा अपने दमदार विलेन किरदारों के लिए पहचाने जाते थे। पहली शादी के अनुभव के बाद रेणुका का रिश्ते और शादी को लेकर नजरिया ज्यादा परिपक्व हो चुका था। दोनों के दो बेटे हैं- शौर्यमान और सत्येंद्र। लंबे वैवाहिक जीवन के बावजूद दोनों ने पर्दे पर साथ बहुत कम काम किया। कास्टिंग काउच का ऑफर आया तो रेणुका ने काम से ज्यादा अपनी शर्तों को चुना रेणुका के करियर का एक कड़वा अनुभव भी रहा, जिसके बारे में उन्होंने काफी समय बाद खुलकर बात की। 2025 में उन्होंने जूम चैनल को दिए इंटरव्यू में बताया था कि शुरुआती दिनों में एक शादीशुदा निर्माता उनके घर आया था। उसने साड़ी कंपनी का ब्रांड एंबेसडर बनाने का प्रस्ताव दिया, लेकिन साथ में ऐसा निजी प्रस्ताव रखा जिसे रेणुका ने स्वीकार नहीं किया। निर्माता ने उनके साथ रहने के बदले हर महीने स्टाइपेंड देने की बात कही थी। रेणुका और उनकी मां इस प्रस्ताव से हैरान रह गईं। उन्होंने साफ इनकार कर दिया। यह घटना उनके लिए सिर्फ एक गलत प्रस्ताव नहीं थी, बल्कि उस माहौल की हकीकत भी थी, जहां गलत लोगों को मना करने की कीमत करियर में चुकानी पड़ सकती थी। ‘ना’ कहने की कीमत पता थी, फिर भी समझौता नहीं किया कास्टिंग काउच के अनुभव को बताते हुए रेणुका ने कहा कि इंडस्ट्री में किसी प्रभावशाली व्यक्ति के गलत प्रस्ताव को ठुकराने के बाद बदले की कार्रवाई का खतरा रहता है। किसी प्रोजेक्ट से निकालना या काम से दूर रखना जैसी स्थितियां पैदा हो सकती हैं। लेकिन उन्होंने करियर की कीमत पर भी अपनी सीमाओं से समझौता नहीं किया। यही बात उनकी पूरी यात्रा में दिखाई देती है। चाहे ‘हम आपके हैं कौन’ में भाभी का रोल स्वीकार करना हो, उसके बाद उसी तरह के रोल से दूरी बनानी हो या गलत प्रस्ताव ठुकराना- रेणुका ने हर बार वही चुना, जो उन्हें सही लगा। अभिनेत्री से निर्देशक बनीं, मां की कहानी को पर्दे पर उतारा अभिनय के साथ रेणुका के भीतर निर्देशन की इच्छा भी लंबे समय से थी। ‘लाइफलाइन’ में उन्होंने असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर काम किया था। बाद में उन्होंने मराठी फिल्म ‘रीटा’ से निर्देशन की शुरुआत की। यह फिल्म उनकी मां शांता गोखले के उपन्यास ‘रीटा वेलिंगकर’ पर आधारित थी। इसके बाद 2021 में उन्होंने हिंदी फिल्म ‘त्रिभंगा’ का निर्देशन किया, जिसमें काजोल, तन्वी आजमी और मिथिला पालकर नजर आईं। फिल्म में मां-बेटी के रिश्ते, परिवार, महत्वाकांक्षा और अलगाव की जटिलताओं को दिखाया गया। जिस निजी अनुभव को उन्होंने बचपन में महसूस किया था, वही आगे चलकर उनकी रचनात्मक दुनिया का हिस्सा बना। हाल ही में रेणुका ने ‘तर्पण’ नाम की शॉर्ट फिल्म बनाई है, जिसमें पहली बार अपने पति आशुतोष राणा को डायरेक्ट किया। आज पीछे मुड़कर देखती हैं तो कोई मलाल नहीं, कहती हैं- ‘मुझे बहुत कुछ मिला है’ रेणुका शहाणे से जब पूछा गया कि क्या उन्हें लगता है कि जिंदगी में कुछ छोटा रह गया या कुछ और हासिल करना बाकी था, तो उनका जवाब उनकी पूरी यात्रा का सार है। वह कहती हैं, “नहीं, मैं ऐसा नहीं सोचती। क्योंकि जो मुझे मिला है, वह बहुत मिला है। मैंने तो कभी इसकी मांग भी नहीं की थी।” वह मानती हैं कि किसी अभिनेत्री के लिए अच्छी भूमिका मिलना ही बड़ी बात है और उन्हें एक नहीं, बल्कि कई ऐसी भूमिकाएं मिलीं, जिन्होंने इतिहास रचा। वह इसे उपलब्धि से ज्यादा ‘कृपा और ब्लेसिंग’ मानती हैं। यही वजह है कि सफलता के इतने साल बाद भी उनमें अधूरेपन का भाव नहीं है। ‘मैंने कभी अवॉर्ड लेकर स्पीच की प्रैक्टिस नहीं की’- रेणुका की सफलता का असली मंत्र रेणुका की सफलता की कहानी का सबसे दिलचस्प पहलू यही है कि उन्होंने कभी सफलता को लक्ष्य बनाकर काम नहीं किया। वह कहती हैं, “मैंने कभी आईने के सामने खड़े होकर कोई अवॉर्ड हाथ में लेकर स्पीच की प्रैक्टिस नहीं की।” वह थिएटर में शौक और पैशन के तौर पर आई थीं। उन्हें पता ही नहीं चला कि कब थिएटर उनका व्यवसाय और अभिनय उनका प्रोफेशन बन गया। हर काम से उन्होंने कुछ नया सीखा और लोकप्रियता को उपलब्धि के बजाय अतिरिक्त खुशी की तरह लिया। यही सोच उन्हें उस अभिनेत्री से अलग बनाती है, जिसने सफलता के बाद भी अपनी शर्तों पर काम करना नहीं छोड़ा। रेणुका की कहानी में सबसे बड़ी जीत स्टारडम नहीं, अपने फैसलों पर कायम रहना है रेणुका शहाणे की कहानी को सिर्फ ‘सुरभि’ या ‘हम आपके हैं कौन’ की सफलता से समझना अधूरा होगा। उनकी असली कहानी उन फैसलों में छिपी है, जो उन्होंने लोकप्रियता के बावजूद लिए। फिल्मों में एक जैसी भूमिकाएं मिलीं तो टीवी चुना, निजी जिंदगी में रिश्ते टूटे तो खुद को संभाला, गलत प्रस्ताव आया तो मना किया और अभिनय के बाद निर्देशन में भी कदम रखा। वह खुद कहती हैं, “मुझे बहुत कुछ मिला है।” शायद यही उनकी सफलता का सबसे सच्चा पैमाना है- उन्होंने कभी यह तय नहीं किया कि उन्हें कितना बड़ा बनना है, लेकिन जो काम मिला, उसे ईमानदारी से किया। इसी सफर ने उन्हें दर्शकों की यादों में हमेशा के लिए जगह दे दी। _________________________________________ पिछले हफ्ते की सक्सेस स्टोरी पढ़ें.. कंगना की फिल्म में जूनियर आर्टिस्ट थीं साई पल्लवी:डांस शो से बाहर किया, आज भारत की सबसे बड़ी फिल्म रामायण में सीता बनीं 2017 में भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी फिल्म रामायण की घोषणा हुई। देशभर के नामी लोग इस प्रोजेक्ट से जुड़े और 2021 में फिल्म की को-प्रोड्यूसर मधु मंटेना ने घोषणा की कि इस फिल्म में भारतीय सिनेमा के इतिहास की सबसे बड़ी स्टार कास्ट होगी।पूरी खबर पढ़ें.. कियारा आडवाणी बोलीं- सलमान से खास कनेक्शन काम नहीं आया:कई बार रिजेक्ट हुई, लोग ‘कबीर सिंह’ मेरी पहली फिल्म आज कियारा आडवाणी बॉलीवुड की सबसे सफल अभिनेत्रियों में गिनी जाती हैं। बड़े बैनर, करोड़ों की फिल्में और देशभर में करोड़ों प्रशंसक उनके नाम हैं। हालांकि, फिल्म इंडस्ट्री में सलमान खान से खास कनेक्शन होने के बावजूद उनके लिए सफलता की राह आसान नहीं रही।पूरी खबर पढ़ें..
अभिनेत्री ईशा देओल रक्षाबंधन के मौके पर एक डिलीवरी ऐप के विज्ञापन में नजर आई हैं। इसमें उन्होंने अपने भाई और अभिनेता सनी देओल की फिल्म 'दामिनी' के मशहूर डायलॉग 'ढाई किलो का हाथ' को रीक्रिएट किया है। वीडियो में ईशा इस डायलॉग में रक्षाबंधन का ट्विस्ट जोड़ते हुए भाई सनी के लिए 'ढाई किलो की राखी' मंगवाती दिख रही हैं। 'दामिनी' फिल्म के डायलॉग को रीक्रिएट कियाविज्ञापन में ईशा देओल कहती नजर आती हैं कि जब भैया का ढाई किलो का हाथ उठता है तो सब तालियां बजाने लगते हैं। इसके बाद वे मजाकिया अंदाज में पूछती हैं कि यह हाथ इतना लेजेंड्री क्यों है। वीडियो में इस डायलॉग पर एक छोटा एक्सपेरिमेंट करके दिखाया गया है। इसके बाद ईशा डिलीवरी ऐप के जरिए अपने भाई सनी देओल के लिए खास 'ढाई किलो की राखी' मंगवाती हैं और उसे खुशी से दिखाती हैं। सोशल मीडिया पर फैंस ने की बॉन्ड की तारीफसोशल मीडिया पर वीडियो देखने के बाद फैंस कमेंट सेक्शन में लगातार अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। यूजर्स ने इसे भाई-बहन के बीच का बहुत प्यारा रिश्ता बताया है। कुछ फैंस ने इसे 'तारा सिंह' के किरदार से जोड़ा, तो वहीं एक यूजर ने लिखा कि सनी पाजी का ढाई किलो का हाथ और ईशा की ढाई किलो की राखी ही असल विरासत है। सनी देओल की फिल्मों को हमेशा सपोर्ट करती हैं ईशाईशा देओल सौतेली बहन होने के बावजूद अपने भाइयों सनी और बॉबी देओल के काफी करीब हैं और उन्हें हमेशा सपोर्ट करती हैं। वे अक्सर उनकी फिल्मों के प्रमोशन और स्क्रीनिंग में शामिल होती हैं। हाल ही में उन्होंने सनी की फिल्म 'बंटवारा 1947' की तारीफ करते हुए लोगों से इसे देखने की अपील की थी। इसके अलावा वे फिल्म 'बॉर्डर 2' की स्पेशल स्क्रीनिंग में भी नजर आई थीं। बचपन से बांधती आई हैं राखी, परिवार के रिश्तों में आया सुधारईशा ने कई बार बताया है कि वे बचपन से ही सनी और बॉबी को राखी बांधती आ रही हैं। लोग उनके रिश्ते के बारे में जानना चाहते हैं, लेकिन वे इसे जाहिर करना जरूरी नहीं मानतीं। धर्मेंद्र ने पहली पत्नी प्रकाश कौर से शादी के बाद हेमा मालिनी से दूसरी शादी की थी। प्रकाश कौर से उनके बेटे सनी, बॉबी और बेटियां अजीता व विजेता हैं। वहीं हेमा मालिनी से ईशा और आहना दो बेटियां हैं। शुरुआत में परिवार के बीच दूरियों की खबरें आई थीं, लेकिन अब सभी के बीच रिश्ते काफी बेहतर हैं। ये खबर भी पढ़ें सन्नी देओल बोले- 'भारत मेरी मां तो पाकिस्तान मौसी है':फिल्म 'बंटवारा 1947' के प्रमोशन के दौरान दिया बयान, सोशल मीडिया पर हुई ट्रोलिंग फिल्म 'बंटवारा 1947' की रिलीज से पहले सनी देओल अपने एक बयान को लेकर विवादों में आ गए। पटना में फिल्म के प्रमोशन के दौरान उन्होंने अपने पिता धर्मेंद्र के एक पुराने बयान का जिक्र करते हुए पाकिस्तान को मौसी बताया, जिसके बाद सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने उन्हें ट्रोल किया। पूरी खबर पढ़ें
आवारापन 2 ने बॉक्स ऑफिस पर 4 बड़ी फिल्मों के लाइफटाइम रिकॉर्ड ब्रेक कर दिए हैं। यह मूवी इस साल की टॉप 6 सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों की लिस्ट में शामिल हो चुकी है।
अभिनेता गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा के तलाक की अर्जी वापस लेने पर उनके मैनेजर शशि सिन्हा ने नाराजगी जताई है। एनडीटीवी को दिए इंटरव्यू में मैनेजर ने सुनीता के इस कदम पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब केस वापस ही लेना था, तो कोर्ट जाकर तमाशा क्यों बनाया गया। उन्होंने कहा कि परिवार के अंदरूनी मामलों को आपस में बैठकर भी सुलझाया जा सकता था। बुधवार को सुनीता अपने बेटे यशवर्धन आहूजा के साथ मुंबई के फैमिली कोर्ट पहुंची थीं, जहां उन्होंने अपनी तलाक की याचिका वापस ले ली। 'जब केस वापस लेना था, तो कोर्ट जाने की जरूरत क्या थी'गोविंदा के मैनेजर शशि सिन्हा ने कहा, अदालत जाने की कोई जरूरत नहीं थी। घर की बातें घर में रहकर, बैठकर बात करके सुलझ सकती हैं। जब आज याचिका वापस ही लेनी थी, तो फिर केस किया ही क्यों था? मुझे इस बात का बहुत दुख है कि बिना वजह हम सब तमाशा बन गए। 'दो साल से मीडिया में छवि खराब हुई'मैनेजर ने बताया कि दोनों के बीच का विवाद पिछले लगभग डेढ़ से दो साल से मीडिया में चल रहा था। इससे गोविंदा और उनके परिवार की साख को काफी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि हर शादीशुदा जिंदगी में पति-पत्नी के बीच मतभेद होते हैं, यह आम बात है। लेकिन जब मामला कोर्ट और मीडिया तक पहुंच जाता है, तो बात सार्वजनिक हो जाती है। इस पूरे मामले में तमाशा बनने से आसानी से बचा जा सकता था। सुनीता ने गोविंदा से तलाक का केस वापस लियागोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा ने गोविंदा से तलाक का केस वापस ले लिया है। बुधवार को सुनीता को उनके बेटे यशवर्धन के साथ मुंबई में फैमिली कोर्ट में देखा गया। दैनिक भास्कर से बातचीत में गोविंदा के मैनेजर शशि रंजन ने बताया कि अब सब ठीक है और दोनों के बीच सब कुछ सामान्य होने की उम्मीद है। कोर्ट के बाहर का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें पैपराजी ने सुनीता और उनके बेटे से सवाल किया कि कोर्ट में क्या हुआ? जिस पर बेटे यशवर्धन आहूजा ने कहा, कुछ नहीं हुआ। जाने दीजिए। यश अपनी मां को कैमरों से बचाते हुए कार तक लेकर गए। वहीं, कार में बैठने से पहले सुनीता ने इरिटेट होकर कहा, बर्थडे मनाने गए थे और इसके बाद वह कार में बैठकर चली गईं। गौरतलब है कि सुनीता आहूजा ने दिसंबर 2024 में गोविंदा के खिलाफ बांद्रा फैमिली कोर्ट में तलाक की अर्जी दाखिल की थी। वहीं, यह खबर पिछले साल अगस्त के महीने में सामने आई थी, जब हॉटरफ्लाई ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि सुनीता ने हिंदू मैरिज एक्ट 1955 की धारा 13 (1) (i), (ia), (ib) के तहत तलाक के लिए अर्जी दी है। याचिका में उन्होंने गोविंदा पर क्रूरता, बेवफाई और परित्याग जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें.. हाल ही में गोविंदा को उनकी अपकमिंग कमबैक फिल्म रूपा की को-एक्ट्रेस कोमल रानी स्वर्णकार के साथ स्पॉट किया गया। इस पर सुनीता ने कहा था, “गोविंदा अपनी बेटी की उम्र की लड़की को लेकर घूम रहे हैं और उन्हें इस बात पर थोड़ी शर्म आनी चाहिए।” सुनीता आहूजा ने गोविंदा साथ दिखीं एक्ट्रेस कोमल के ड्रेसिंग सेंस पर भी टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि अगर सामने वाले का शुगर डैडी इतना अमीर है, तो कम से कम कपड़े तो ढंग के पहनने चाहिए। इंसान का अपना एक स्टैंडर्ड होना चाहिए। सुनीता ने खुद का उदाहरण देते हुए कहा कि लोगों को देखना चाहिए कि वे किस तरह स्टाइल के साथ रहते हैं। उन्होंने पूरे वाकये को बहुत खराब और घटिया सोच करार दिया। पत्नी के बयानों पर गोविंदा भड़क गए थे वहीं, पत्नी सुनीता के आपत्तिजनक बयानों पर गोविंदा भड़क गए थे। गोविंदा ने चेतावनी देकर कहा था कि उन्हें हद में रहना चाहिए। साथ ही एक्टर ने को-स्टार का बचाव भी किया और कहा कि सुनीता उन्हें बदनाम करने की कोई कसर नहीं छोड़ रही हैं। गोविंदा ने कहा था, जो काम बाहर मिलता है, वो मैं करता नहीं हूं और जो मैं कर रहा हूं, उसमें आप हस्तक्षेप कर रही हैं। और जब अपना काम आप कर रही थीं, फिर चाहे वो कुकिंग शो (लाफ्टर शेफ) हो या लॉकअप हो, टीना (बेटी) से कहकर मुझे उसमें बुलवाया, मेरी सेवाएं लीं। खैर वो तो आपका हक है, लेकिन जिस वक्त मैंने फिल्म शुरू की है, आप एक भी कसर नहीं छोड़ रही हैं कि मैं लोगों के दिल से उतर जाऊं बदनाम हो जाऊं, या कुछ ऐसा हो जाए कि मेरा बिजनेस न हो। वहीं, गोविंदा ने को-एक्ट्रेस रानी स्वर्णकर का बचाव करते हुए कहा था, कोई गरीब परिवार के लोग अगर फिल्म में आए हैं, तो उन्हें इस तरह बदनाम या लज्जित न कीजिए कि वो भाग जाएं। आप में क्षमता है, ताकत है, इज्जत, दौलत, शोहरत, सब दिया है ऊपर वाले ने। इसका मतलब ये नहीं कि जिसके पास ये नहीं है आप उसे जलील करें। ये आप पर शोभा नहीं देता। बहुत ज्यादा मां-बहन की गालियां देने लगी हैं- गोविंदा गोविंदा ने अपने वीडियो में यह भी कहा था कि मैं ये भी कहना चाहूंगा कि सुनीता जी आप बहुत मां-बहन की गालियां देने लगी हैं। ईश्वर को मनाइए कि अगर लोग आपसे प्रेरित हो गए तो आप कहां आइना देखेंगी। कहीं आपके साथ ही लोग मां-बहन की गालियां देना शुरू कर देंगे, तो हम सब बहुत लज्जित हो जाएंगे। ये ठीक नहीं है। बहुत सस्ता कर दिया है मां-बहन का नाम। आपसे उम्मीद नहीं है। पूरी खबर यहां पढ़ें… सुनीता ने मिस मालिनी को दिए इंटरव्यू में गोविंदा के अफेयर रूमर्स पर बात करते हुए कहा था कि जवानी में गलतियां होती हैं, लेकिन 63 की उम्र में ये सब सुनना ठीक नहीं है। सुनीता ने कहा था, ‘ये नाम थोड़ा गड़बड़ है। मुझे कोमल नाम से नफरत है। एक है कोमल, एक्स वाय जेड है कोई। मुझे उससे नफरत है।’ सुनीता ने कहा था- गोविंदा के कई अफेयर्स रहे सुनीता आहूजा हाल ही में शो ‘लॉक अप 2’ की कंटेस्टेंट बनी थीं। शो के दौरान उन्होंने गोविंदा के कथित अफेयर्स पर बात की थी। उन्होंने कहा था, “प्यार में आपको हर चीज सहन करने में सक्षम होना चाहिए। चीची (गोविंदा) के जवानी में कई अफेयर्स रहे हैं। तब मैंने नजरअंदाज किया था, लेकिन अब नहीं करूंगी।” 1987 में हुई थी गोविंदा और सुनीता की शादी गोविंदा और सुनीता आहूजा ने 1987 में एक प्राइवेट समारोह में शादी की थी। उस समय गोविंदा बॉलीवुड स्टार बन चुके थे। दोनों ने गोविंदा के करियर के लिए करीब दो साल तक अपनी शादी की बात छिपाकर रखी थी। बेटी टीना आहूजा के जन्म के बाद उन्होंने शादी को सार्वजनिक किया था। इसके बाद दोनों के बेटे यशवर्धन आहूजा का जन्म हुआ। गोविंदा से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें... ‘उसकी बुद्धि भ्रष्ट हो गई है’:गोविंदा के एक्ट्रेस कोमल के साथ दिखने पर पत्नी सुनीता भड़कीं, बोलीं- क्या घटिया स्टैंडर्ड है गोविंदा को एक्ट्रेस कोमल रानी के साथ देखे जाने के सवाल पर प्रतिक्रिया देते हुए पत्नी सुनीता आहूजा ने कहा कि गोविंदा की बुद्धि भ्रष्ट हो गई है। दरअसल, सोमवार को जब एक पैपराजी ने सुनीता आहूजा से पूछा कि गोविंदा सर भी देखे गए कोमल मैम के साथ, फिल्म का प्रमोशन शुरू हुआ? पूरी खबर यहां पढ़ें…
श्वेता तिवारी ने हाल ही में ऑनलाइन एनर्जी ड्रिंक ऑर्डर की थी। जब ऑर्डर खोला गया, तो उसमें कॉकरोच मिलने से एक्ट्रेस घबरा गईं। एक्ट्रेस ने वीडियो जारी कर महाराष्ट्र में फूड सेफ्टी कार्रवाई से चर्चा में बने हुए FDA ऑफिसर तुकाराम मुंढे से सवाल किया है। साथ ही एक तस्वीर के जरिए उन्होंने कॉकरोच जनता पार्टी पर भी तंज कसा, जिनके प्रोटेस्ट का एक्ट्रेस ने जमकर विरोध किया था। ऑफिशियल इंस्टाग्राम से शेयर किए गए वीडियो में श्वेता तिवारी ने कहा, ‘हमने इंस्टामार्ट से रेडबुल मंगवाया। लेकिन इंस्टामार्ट से हमारे घर में ये (कॉकरोच) भी आया। कॉकरोच पूरे घर में भाग रहा है।’ दूसरे वीडियो में श्वेता ने कॉकरोच दिखाया और कहा, ‘क्या हमें तुकाराम मुंढे जी को टैग करना चाहिए। मुंडे जी ये हमारे घर में इंस्टामार्ट से कॉकरोच आ रहे हैं। आप कहां हैं, ध्यान दीजिए।’ श्वेता तिवारी ने कॉकरोच जनता पार्टी पर कसा तंज? श्वेता तिवारी के इस वीडियो को कॉकरोच जनता पार्टी से जोड़ा रहा है। इसके प्रोटेस्ट की श्वेता तिवारी ने कड़ी निंदा की थी। उनका मानना था कि ये पार्टी सोनम वांगचुक का इस्तेमाल कर रही है। एक्ट्रेस ने सोशल मीडिया पर लिखा था, सोनम वांगचुक एक सच्चे और बेहद महत्वपूर्ण उद्देश्य के लिए लड़ रहे हैं, शिक्षा और हमारे बच्चों के भविष्य के लिए। उनका यह उद्देश्य ध्यान देने योग्य है और सरकार को उनकी चिंताओं को गंभीरता से सुनना चाहिए। आगे एक्ट्रेस ने लिखा था, ‘मैं साथ ही ये भी साफ करना चाहती हूं कि मैं कॉकरोच जनता पार्टी के साथ नहीं हूं और न ही उनका समर्थन करती हूं। जिस तरह से वे इस मुद्दे को संभाल रहे हैं, उससे मैं सहमत नहीं हूं। मुझे लगता है कि वे सोनम वांगचुक के आंदोलन का इस्तेमाल अपने राजनीतिक एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए कर रहे हैं। मैं इस तरीके का समर्थन नहीं करती।’ श्वेता तिवारी ने कॉकरोच वाले वीडियो के साथ दोस्त की एक पोस्ट भी री-शेयर की, जिसमें लिखा है कि श्वेता तिवारी किसी भी तरह के कॉकरोच को पसंद नहीं करतीं। ये निशाना कॉकरोच जनता पार्टी पर साधा गया था। द ट्रेटर में नजर आईं श्वेता तिवारी कसौटी जिंदगी की शो से देशभर में पहचान हासिल करने वालीं श्वेता तिवारी इन दिनों अमेजन प्राइम के शो द ट्रेटर्स सीजन 2 में नजर आ रही हैं। इससे पहले श्वेता रियलिटी शो बिग बॉस की विजेता रह चुकी हैं। श्वेता तिवारी अपनी निजी जिंदगी के चलते भी चर्चा में रह चुकी हैं। राजा चौधरी ने लगाए थे धोखा देने के आरोप श्वेता तिवारी के पूर्व पति राजा चौधरी ने हाल ही में सिद्धार्थ कानन को दिए इंटरव्यू में कहा है कि श्वेता तिवारी के कसौटी को-स्टार सेजान खान के अलावा कई लोगों से अफेयर थे। बातचीत में राजा चौधरी ने ये भी दावा किया है कि कई बार वो श्वेता के टीवी शोज के सेट पर गए थे, तब वो सेट पर नहीं होती थीं और सेजान के साथ बाहर होती थीं। पूछने पर कहती थीं डबिंग है, लेकिन जब राजा ने डबिंग वालों से पूछा तो जवाब मिला कि कोई डबिंग नहीं चल रही। राजा ने ये भी दावा किया कि श्वेता लंबे समय तक रोड के किनारे सेजान के साथ कार में समय बिताती थीं।श्वेता तिवारी ने 1998 में परिवार के खिलाफ जाकर राजा चौधरी से शादी की थी। तब वह महज 18 साल की थीं। शादी के बाद श्वेता तिवारी ने 2000 में बेटी पलक को जन्म दिया। इसी समय उन्होंने टीवी शो आने वाला पल से एक्टिंग करियर की शुरुआत की। उन्हें 2001 के शो कसौटी जिंदगी की से देशभर में पहचान मिली। श्वेता ने राजा के साथ रियलिटी शो नच बलिए में हिस्सा लिया था। कुछ समय बाद ही शादी के करीब 9 साल बाद, 2007 में श्वेता ने तलाक की अर्जी दी। उन्होंने आरोप लगाया था कि राजा चौधरी शराब पीते थे और उनके साथ मारपीट करते थे। श्वेता के मुताबिक, राजा अक्सर उनके शूटिंग सेट पर भी पहुंच जाते थे और उनके साथ बदसलूकी करते थे। दोनों का तलाक 2012 में हुआ। इसके बाद श्वेता तिवारी ने अभिनेता अभिनव कोहली को करीब तीन साल तक डेट करने के बाद 13 जुलाई 2013 को शादी की। 27 नवंबर 2016 को उनके बेटे रेयांश कोहली का जन्म हुआ। हालांकि, 2017 से ही दोनों के रिश्ते में अनबन की खबरें आने लगी थीं। अगस्त 2019 में श्वेता ने अभिनव कोहली के खिलाफ घरेलू हिंसा की शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि अभिनव उन्हें और उनकी बेटी पलक को परेशान करते थे। शिकायत के बाद पुलिस ने अभिनव को हिरासत में लिया। इसके बाद 2019 में दोनों अलग हो गए। वहीं दूसरी तरफ राजा चौधरी ने 2015 में दिल्ली की कॉर्पोरेट प्रोफेशन श्वेता सूद से शादी की। शादी के 7 साल बाद उनका तलाक हो गया।
बैंग्लोर में रहनेवाली एक महिला ने बॉयफ्रेंड संग मिलकर पति और 5 साल के बेटे की हत्या कर दी। कंगना रनोट ने कड़े शब्दों में इस केस की निंदा की और साथ ही नीले ड्रम की तस्वीर शेयर की है। उनका कहना है कि मॉडर्न डेटिंग अब सिर्फ बॉडी काउंट तक सिमट गई है। कंगना ने कहा है कि जो दूसरे परिवारों के साथ हो रहा है वो जल्द ही आपके परिवार के साथ भी हो सकता है। कंगना ने केस पर लिखा है, 'हर दूसरे दिन ऐसी खबरें पढ़ने को मिलती हैं कि महिलाएं, आदमियों को पहाड़ से फेंक रही हैं या आदमी महिलाओं को नीले ड्रमों में पैक कर रहे हैं। पश्चिमीकरण करना आसान है, लेकिन पश्चिम में लोग एक-दूसरे को खत्म नहीं कर रहे हैं। अरेंज्ड मैरिज या रूढ़िवादी संस्कृति के सामाजिक दबाव में रहना तब तक बहुत अच्छा लगता है, जब तक वह आपका अपना बच्चा पैदा करने तक न पहुंच जाए।' आगे कंगना ने लिखा, ‘जाग जाइए। बेंचिंग, घोस्टिंग, क्रम्बिंग और बॉडी काउंट जैसी इस संस्कृति को आपको असंवेदनशील न बनाने दें। एक बार जब आप इसे सामान्य मानने लगते हैं, तो इंसानों के साथ आपके रिश्ते महज ‘बॉडी काउंट’ तक सिमट जाते हैं। फिर जब आपको भी एक लाश में बदल दिया जाएगा, तो रोइए मत। इंसानी रिश्तों को सिर्फ ‘बॉडी काउंट’ मानने वाली पश्चिमी संस्कृति को ना कहिए। मुझे ट्रोल करने के लिए तैयार हो जाइए, लेकिन याद रखिए, यहां आसपास एक नीला ड्रम भी है। हा हा। बाय, आपका दिन शुभ हो।’ कंगना ने आगे एक नीले ड्रम की तस्वीर शेयर कर कहा, उन सभी दोस्तों के लिए, जो सोचते हैं कि इंसानी रिश्तों को ‘बॉडी काउंट’ कहना और इंसानों को सिर्फ शरीर बना देना ठीक है। मैंने तो कुछ कहा ही नहीं। आगे कंगना ने लिखा, आज आप दूसरों के परिवार के लिए इसे आम बना रहे हैं, कल आपके परिवार के साथ ऐसा होगा। क्या है बैंग्लोर मर्डर केस बयानों से चर्चा में हैं कंगना रनोट GenZ को कहा गटरछाप- जंतर-मंतर पर हुए कॉकरोच जनता पार्टी के प्रोटेस्ट में पहुंचे स्टूडेंट पर कंगना ने कहा था, ‘मैंने अपनी जिंदगी में कभी एक जगह पर इतनी बदसूरती नहीं देखी। Gen Z के विरोध प्रदर्शनों की ये रील्स उल्टी लाने वाली हैं। जिस तरह से वे बात करते हैं और जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल करते हैं। मैंने अपनी जिंदगी में कभी भी हर एक फ्रेम में सब कुछ इतना खटकने वाला और इतना भद्दा एक साथ नहीं देखा। मैं उन्हें जेनरेशन गटर कहती हूं। उनमें से कुछ के पास सिस्टम को देने के लिए कुछ भी नहीं है। वे पढ़ाई-लिखाई में अच्छे नहीं हैं।’ बयान पर विवाद बढ़ने के बाद कंगना ने कहा कि पूरे देश के युवाओं को ‘गटरछाप’ नहीं कहा था। उनका बयान जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में मौजूद एक खास नस्ल को लेकर था। बाबा रामदेव से कहा- मेरी जवानी के सपने न देखें- योग गुरू बाबा रामदेव ने कंगना की आलोचना की है। टीवी 9 भारतवर्ष के साथ बातचीत में बाबा रामदेव ने जेन Z को लेकर कंगना की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “उनका क्वालिफिकेशन क्या है? उनका बचपन कैसा रहा है? उनकी जवानी कैसी रही है? उनके पहले के कारनामे कैसे रहे हैं? मैं ऐसे लोगों के बारे में बात नहीं करना चाहता। ऐसे किसी भी देश के जवान को, जेन Z को गटर-पटर बोलना, ये बिगड़े हुए दिमाग की निशानी है। गलत बात है। इसके ऊपर जो है, उनके पार्टी के लोगों को संज्ञान लेना चाहिए। कंगना ने इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए बाबा रामदेव पर पलटवार करते हुए लिखा, “बाबा जी, मेरी जवानी या बेडरूम के बारे में डे-ड्रीम मत कीजिए। कोई सिर्फ अफवाहों और गॉसिप के आधार पर ही ऐसा सोच सकता है। कम से कम मुझे कभी सुप्रीम कोर्ट से झूठे या फर्जी मेडिकल दावों को लेकर फटकार नहीं लगी। इसलिए मुझे चरित्र का पाठ मत पढ़ाइए। आपका चरित्र जैसा भी है, मेरा उससे कहीं बेहतर है। यहां कोई फ्रॉड नहीं मिला है।”
फिल्म निर्माता अमित जानी ने अपनी फिल्म ‘काला हिरण: द बैटल फॉर लिगेसी’ का टीजर हटाने के दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की है। हाईकोर्ट ने सलमान खान की याचिका पर सुनवाई करते हुए टीजर और इससे जुड़ी प्रचार सामग्री हटाने का निर्देश दिया था। यह फिल्म बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान से जुड़े 1998 के चर्चित काले हिरण के शिकार मामले से प्रेरित बताई जा रही है। सलमान की शिकायत के बाद हाईकोर्ट ने उनके व्यक्तित्व अधिकारों के कथित उल्लंघन का हवाला देते हुए प्रचार सामग्री हटाने का आदेश दिया था। जानी ने अपनी अपील में कहा है कि यह आदेश अनुचित सेंसरशिप है और उनके अभिव्यक्ति की आजादी के अधिकार को सीमित करता है। उनका कहना है कि सार्वजनिक रिकॉर्ड और ऐतिहासिक कानूनी मामलों पर किसी का एकाधिकार नहीं हो सकता। जानी ने हाईकोर्ट के आदेश को जल्दबाजी बताया कानूनी विवाद के बीच फिल्म निर्माता की सुरक्षा को लेकर भी चिंता सामने आई है। जानी का दावा है कि संगठित आपराधिक समूहों ने उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने की धमकियां दी हैं। इन समूहों ने उनसे फिल्म प्रोजेक्ट छोड़ने की मांग की है। जानी ने अपील में कहा कि हाईकोर्ट ने उनकी कानूनी टीम को अपना पक्ष रखने का उचित मौका दिए बिना ही रोक लगाने का आदेश जारी कर दिया। सलमान की याचिका पर टीजर और इंटरव्यू हटाने का आदेश यह घटनाक्रम उस आदेश के बाद सामने आया है, जो हाईकोर्ट ने सलमान खान की व्यक्तित्व अधिकारों की सुरक्षा की मांग वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया था। 27 जुलाई को दिल्ली हाईकोर्ट ने फिल्म 'काला हिरण: द बैटल फॉर लेगेसी' के टीजर को सोशल मीडिया से हटाने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने स्पष्ट किया कि अगर प्रोड्यूसर 24 घंटे के अंदर टीजर के लिंक नहीं हटाते हैं, तो एक्स (ट्विटर) और यूट्यूब जैसी इंटरनेट कंपनियों को इसे हटाने के आदेश दिए जाएंगे। मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस ज्योति सिंह ने फिल्म के प्रोड्यूसर अमित जानी के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई। अदालत ने कहा कि आरोपी हर दिन अपनी सीमाएं पार कर रहा है और खुद को कानून से ऊपर समझ रहा है। जज ने टिप्पणी की कि किसी सामान्य नागरिक के साथ भी ऐसा बर्ताव नहीं किया जा सकता। साख बनाने में बहुत मेहनत लगती है और एक बार छवि खराब होने के बाद उसे वापस पाना आसान नहीं होता। अदालत ने फिल्म निर्माता अमित जानी के दिए इंटरव्यू भी हटाने का निर्देश दिया था। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा था कि किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा की सुरक्षा जरूरी है। कोर्ट ने फिल्म में अभिनेता के संदर्भ दिखाई देने पर चिंता भी जताई थी। अदालत ने संकेत दिया था कि वह बाद में ज्यादा कड़ी टिप्पणियों वाला विस्तृत आदेश जारी करेगी। सलमान ने लगाए ये आरोप लमान खान के पक्ष के वकीलों ने कोर्ट को बताया कि टीजर में एक किरदार को सलमान जैसी शक्ल और उनका मशहूर ब्रेसलेट पहनाकर दिखाया गया है। इससे स्पष्ट होता है कि फिल्म सलमान खान और 1998 के काला हिरण केस पर आधारित है। सलमान की ओर से बताया गया कि उन्होंने पहले प्रोड्यूसर को लीगल नोटिस भेजा था, लेकिन अमित जानी ने एक इंटरव्यू में उस नोटिस को फाड़ दिया और इंटरनेट पर धमकियां मिलने का दावा करने लगे। याचिका में यह भी कहा गया है कि एक पोस्टर में किरदार राइफल पकड़े दिखाया गया है। सलमान ने दावा किया है कि इस तरह के चित्रण से लोग भ्रमित हो सकते हैं। याचिका में आगे कहा गया है कि यह बात खास तौर पर महत्वपूर्ण है, क्योंकि 1998 के मामले से जुड़ी आर्म्स एक्ट की कार्यवाही में सलमान खान बरी हो चुके हैं। प्रोड्यूसर की दलील- किसी का नाम इस्तेमाल नहीं हुआ सुनवाई के दौरान प्रोड्यूसर अमित जानी के वकील ने पक्ष रखते हुए कहा कि फिल्म में सलमान खान का नाम कहीं इस्तेमाल नहीं हुआ है। टीजर में किसी एआई (AI) या डीपफेक तकनीक का प्रयोग भी नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक टीजर है और सार्वजनिक घटनाओं पर फिल्म बनाने से किसी के पर्सनल राइट्स का हनन नहीं होता। हालांकि, कोर्ट ने इस दलील को खारिज करते हुए कहा कि मामला अदालत में लंबित रहने के दौरान ऐसी चीजें सार्वजनिक करना अवमानना के दायरे में आता है।
विदेशी सरजमीं पर Sunny Deol को बड़ा झटका, Batwara 1947 के छठे दिन का कलेक्शन कर देगा हैरान
Batwara 1947 Worldwide Collection Day 6: ओवरसीज मार्केट में सनी देओल की फिल्म बंटवारा 1947 ने छठे दिन कितना कारोबार किया है, जानिए...
इंटरनेशनल मार्केट में Awarapan 2 ने लहराया कामयाबी का परचम, कमाई में इस फिल्म का किया खेल खत्म
इमरान हाशमी की लेटेस्ट फिल्म आवारापन 2 कमाई के मामले में पूरी दुनिया में शानदार प्रदर्शन करती नजर आ रही है।
नदी में मगरमच्छ के सामने बच्चे का बेखौफ अंदाज, वीडियो ने मचाई सनसनी
नदी के पानी में मगरमच्छ को देखकर किसी के भी होश उड़ सकते हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में एक बच्चे का बिल्कुल अलग ही अंदाज देखने को मिला। वीडियो में बच्चा नदी में एक छोटी नाव के पास बने फ्लोटिंग बोर्ड पर आराम से नजर आ रहा है। इसी दौरान एक मगरमच्छ तैरता हुआ उसके बेहद करीब पहुंच जाता है।
4,000 मीटर की ऊंचाई पर खिलता है 'हिमालयी हीरा', 7 से 15 साल में सिर्फ एक बार आता है फूल
प्रकृति अपने अनोखे और दुर्लभ चमत्कारों से समय-समय पर लोगों को हैरान करती रहती है।

