बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह को जान से मारने की धमकी मिली है। यह धमकी व्हाट्सऐप पर भेजे गए एक वॉइस नोट के जरिए दी गई, जिसमें आरोपी ने करोड़ों रुपए की फिरौती की मांग की है। यह घटना फिल्ममेकर रोहित शेट्टी के घर पर हुई फायरिंग की घटना के बाद सामने आई है, जिससे मुंबई पुलिस की चिंता बढ़ गई है। सूत्रों के मुताबिक, धमकी मिलने के तुरंत बाद मुंबई पुलिस ने रणवीर सिंह के बांद्रा स्थित आवास के बाहर सुरक्षा कड़ी कर दी है। अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और आने-जाने वालों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। वॉइस नोट से फैली सनसनी पुलिस अधिकारियों ने बताया कि धमकी भरे वॉइस नोट में आरोपी ने खुद को गंभीर अपराध से जुड़ा बताया है और बड़ी रकम नहीं देने पर अंजाम भुगतने की चेतावनी दी है। पुलिस ने वॉइस नोट को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस मुंबई पुलिस की साइबर सेल और क्राइम ब्रांच मिलकर व्हाट्सऐप नंबर और वॉइस सैंपल के जरिए आरोपी की लोकेशन ट्रेस करने में जुटी है। शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि धमकी देने वाला व्यक्ति किसी आपराधिक गिरोह से जुड़ा हो सकता है। रोहित शेट्टी फायरिंग केस से कनेक्शन की जांच पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या रणवीर सिंह को मिली धमकी का कोई सीधा संबंध रोहित शेट्टी के घर पर हुई फायरिंग की घटना से है या यह डर फैलाने की साजिश है। फिलहाल रणवीर सिंह और उनके परिवार को सुरक्षित बताया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपी को पकड़ लिया जाएगा। यह खबर अपडेट हो रही है..
जन शक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने अभिनेता और कॉमेडियन राजपाल यादव के परिवार को आर्थिक मदद देते हुए ₹11 लाख की सहायता राशि प्रदान की है। यह मदद ऐसे समय में सामने आई है, जब हाल ही में राजपाल यादव को चेक बाउंस मामले में तिहाड़ जेल में सरेंडर करना पड़ा। तेज प्रताप यादव ने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा कर लिखा है- मुझे अभी मेरे बड़े भाई राव इंदरजीत यादव जी की पोस्ट के माध्यम से माननीय राजपाल यादव जी के परिवार की पीड़ा के विषय में जानकारी प्राप्त हुई। इस अत्यंत कठिन समय में मैं और मेरा पूरा JJD (जन शक्ति जनता दल) परिवार, उनके शोकाकुल परिवार के साथ पूरी संवेदना और मजबूती से खड़ा है।मानवीय करुणा एवं सहयोग की भावना से, मैं JJD परिवार की ओर से ₹11,00,000 (ग्यारह लाख रुपए) की आर्थिक सहायता उनके परिवार को प्रदान कर रहा हूं। दरअसल, राजपाल यादव के खिलाफ एक पुराने चेक बाउंस केस में अदालत ने सजा सुनाई थी। मामले में राहत पाने और फंड अरेंज करने के लिए राजपाल की ओर से हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई थी, लेकिन कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी। इसके बाद तय प्रक्रिया के तहत राजपाल यादव को तिहाड़ जेल में सरेंडर करना पड़ा। इस घटनाक्रम के बाद फिल्म इंडस्ट्री और उनके प्रशंसकों में चिंता का माहौल देखने को मिला। इसी बीच जन शक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने मानवीय आधार पर राजपाल यादव के परिवार की मदद का फैसला किया। तेज प्रताप यादव ने ₹11 लाख की आर्थिक सहायता देकर यह संदेश दिया कि मुश्किल समय में किसी कलाकार और उसके परिवार को अकेला नहीं छोड़ा जाना चाहिए। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, यह मदद पूरी तरह मानवीय संवेदना के तहत की गई है और इसका किसी राजनीतिक लाभ से कोई संबंध नहीं है। तेज प्रताप यादव ने कहा कि राजपाल यादव ने अपने अभिनय और कॉमेडी के जरिए देशभर के लोगों के चेहरे पर मुस्कान बिखेरी है। ऐसे कलाकार जब निजी और कानूनी परेशानियों से गुजरते हैं, तो समाज और जिम्मेदार लोगों को आगे आकर सहयोग करना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि राजपाल यादव और उनका परिवार इस कठिन दौर से जल्द बाहर निकलेंगे। राजपाल यादव के परिवार ने भी इस सहायता के लिए तेज प्रताप यादव का आभार जताया है। परिवार की ओर से कहा गया कि यह सहयोग उनके लिए सिर्फ आर्थिक नहीं, बल्कि मानसिक संबल भी है। वहीं, फिल्म जगत से जुड़े कई लोगों ने भी इस पहल की सराहना की है।
9 करोड़ रुपए के कर्ज और चेक बाउंस मामले में तिहाड़ जेल में सरेंडर करने से ठीक पहले राजपाल यादव ने बताया कि वह आर्थिक संकट का सामना कर रहे थे और मदद के लिए किसी के पास नहीं जा सके। इसी बीच एक्टर सोनू सूद ने उनकी मदद करने का निर्णय लिया। उन्होंने राजपाल को एक फिल्म का ऑफर दिया और साथ ही छोटा सा साइनिंग अमाउंट भी देने की बात कही। सोनू सूद ने X और इंस्टाग्राम स्टोरीज पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, राजपाल यादव एक बहुत ही प्रतिभाशाली अभिनेता हैं जिन्होंने हमारी फिल्म इंडस्ट्री को कई यादगार और अविस्मरणीय काम दिए हैं। कभी-कभी जिंदगी अन्यायपूर्ण हो जाती है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि किसी में टैलेंट की कमी है, बल्कि समय कभी-कभी बहुत कठोर हो सकता है। वह मेरी फिल्म का हिस्सा होंगे और मेरा मानना है कि यह वह समय है जब हम सभी प्रोड्यूसर, डायरेक्टर और सहयोगी एक साथ खड़े हों। जो छोटा सा साइनिंग अमाउंट दिया जाएगा, जिसे भविष्य के काम के हिसाब से समायोजित किया जा सकता है, वह कोई दान नहीं है, बल्कि यह उनका सम्मान और गरिमा है। उन्होंने आगे कहा, जब हमारे अपने में से कोई मुश्किल समय से गुजर रहा हो, तो इंडस्ट्री को उसे यह याद दिलाना चाहिए कि वह अकेला नहीं है। इसी तरह हम दिखा सकते हैं कि हम सिर्फ एक इंडस्ट्री नहीं, बल्कि एक परिवार हैं। सिर्फ सोनू सूद ही नहीं जेम्स टून म्यूजिक के ओनर राव इंद्रजीत सिंह यादव ने भी राजपाल यादव की मदद के लिए 1.11 करोड़ की आर्थिक सहायता दी है। उन्होंने न सिर्फ एक कलाकार, बल्कि एक इंसान के तौर पर राजपाल यादव का साथ दिया। साथ ही, उन्होंने देशवासियों से भी अपील की कि वे आगे आकर राजपाल यादव और उनके परिवार का सहयोग करें। दरअसल, बॉलीवुड हंगामा की रिपोर्ट के अनुसार, सरेंडर करने से पहले जब राजपाल यादव से उनके कानूनी मामले के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, सर, क्या करूं? मेरे पास पैसे नहीं हैं। और कोई उपाय नजर नहीं आता। जब उनसे यह भी पूछा गया कि उन्होंने अपने दोस्तों जैसे प्रियदर्शन से मदद क्यों नहीं मांगी, तो राजपाल ने कहा, सर, यहां हम सब अकेले हैं। कोई दोस्त नहीं है। मुझे इस संकट का सामना खुद ही करना होगा। पूरा मामला क्या है?दरअसल, यह चेक बाउंस मामला साल 2010 का है। राजपाल यादव ने अपनी पहली निर्देशित फिल्म अता पता लापता बनाने के लिए प्राइवेट कंपनी मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से करीब 5 करोड़ रुपए का कर्ज लिया था। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं रही और कर्ज चुकाने में देरी हुई। शिकायत के मुताबिक, राजपाल ने कर्ज लौटाने के लिए कंपनी को कुछ चेक दिए थे, जो बैंक में बाउंस हो गए। समझौते के बावजूद पूरी पेमेंट नहीं हुई और समय के साथ ब्याज जुड़ता गया, जिससे कुल कर्ज काफी बढ़ गया। साल 2018 में दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने राजपाल यादव को दोषी ठहराया और उन्हें छह महीने की जेल की सजा सुनाई। इसके बाद उन्होंने उच्च अदालत में अपील की, जहां उन्हें कई बार राहत मिली, क्योंकि उन्होंने भुगतान और समझौते का भरोसा दिया था।
अरुणा ईरानी भारतीय सिनेमा की सबसे चर्चित एक्ट्रेसेस में से एक हैं। अपने करियर में 500 से ज्यादा फिल्मों में काम कर चुकी हैं। अरुणा प्रोफेशनल लाइफ के अलावा अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर भी काफी चर्चा में रहती हैं। हाल ही में उन्होंने महमूद के साथ अपने रिश्ते पर खुलकर बात की। हाल ही में जूम को दिए एक इंटरव्यू में अरुणा ईरानी ने फिल्मों में काम करने का मौका देने के लिए महमूद को श्रेय दिया। उन्होंने कहा कि उनका रिश्ता एक तरह के एहसान और मजबूरी के भाव से बना था। उन्होंने कहा, महमूद जी ने मुझे सबसे पहले काम दिया। हमारा रिश्ता एक तरह के एहसान और मजबूरी के भाव से बना, और यही वजह थी कि यह हुआ। बाद में महमूद जी अपने अन्य प्रोजेक्ट्स में चले गए और मैं अलग शोज में बिजी हो गई। तभी मुझे ऐसा लगने लगा कि वह मेरा खुले तौर पर फायदा उठा रहे थे। मैंने जो किया, वह मजबूरी और जरूरत की वजह से किया, इसलिए मैं उन्हें अकेले दोषी नहीं ठहराना चाहती। मैं भी इसका समर्थन करती रही। बाद में फिर यह रिश्ता खत्म हो गया। इसी इंटरव्यू में अरुणा ईरानी ने महमूद से अपने विवाह को लेकर लंबे समय से चली आ रही अफवाहों पर भी प्रतिक्रिया दी। अरुणा ने कहा, उन्होंने कहा था कि वह मुझसे शादी करेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पीछे मुड़कर देखा तो यह मेरे लिए अच्छा ही था। वह पहले ही दो बार शादी कर चुके थे और तीसरी बार भी कर सकते थे, लेकिन मुझे लगता है कि मेरी किस्मत अच्छी थी। जो हुआ वह गलत था। वह लोगों को बताते थे कि उन्होंने मुझसे शादी की है। इसी वजह से फिल्म निर्माताओं ने मुझे काम देना बंद कर दिया। उन्हें डर था कि अगर मैं गर्भवती हो गई, तो उनकी फिल्म अटक सकती है। यह मेरे लिए बड़ा झटका था। जब यह कहानी खत्म हुई और मैंने स्वतंत्र रूप से काम करना शुरू किया, तब लोगों को समझ में आया कि हमारे बीच कुछ भी नहीं था। महमूद संग अफेयर की चर्चा, करियर पर असर पड़ा बॉम्बे टु गोवा और कारवां दोनों ही फिल्में हिट साबित हुईं। आमतौर पर ऐसी सफलता के बाद हर एक्ट्रेस का करियर ऊंचाइयों पर पहुंचता है, लेकिन अरुणा के साथ इसका उल्टा हुआ और उन्हें काम मिलना बंद हो गया। इसकी वजह महमूद के साथ उनके अफेयर की चर्चाएं थीं, जिसने उनके करियर पर बुरा असर डाला। दरअसल, बॉम्बे टू गोवा के दौरान अरुणा और महमूद के अफेयर की खबरें फैलने लगीं। यहां तक कहा गया कि दोनों ने चोरी-छिपे शादी कर ली है, जिसका असर अरुणा के फिल्मी करियर पर पड़ा और कई सालों तक उन्हें कोई काम नहीं मिला।
पॉप-कल्चर पहले ट्रेंड फॉलो करता था, लेकिन 2026 की दुनिया में ट्रेंड वही बनता है जिसे टेलर स्विफ्ट और बियॉन्से छू देती हैं। वे सिर्फ गानों के जमाने नहीं बदल रहीं, वे तय कर रही हैं कि समाज किन मुद्दों पर बात करेगा। राजनीति, पहचान और नस्ल जैसे मुद्दों पर आज बहस किस दिशा में जाएगी, यह इन कलाकारों की आवाज से तय होता है। उनके एक फैसले से शहरों की अर्थव्यवस्था बदल जाती है। डिजिटल समुदाय सक्रिय होते हैं और इंडस्ट्री अपने नियम फिर से लिखने को मजबूर हो जाती है। यही वजह है कि इस समय पॉप-कल्चर को समझना मतलब इन दो कलाकारों के प्रभाव को समझना है। बियॉन्से: जहां पहुंचीं वहां संस्कृति बदली 2016 के एल्बम ‘लिमनेड’ से साबित कर दिया कि पॉप सिर्फ धुन नहीं, इतिहास और पहचान भी हो सकता है। नस्ल, स्त्री-शक्ति और परिवार की राजनीति जैसे भारी विषयों को उन्होंने ऐसे पिरोया कि पूरा अमेरिका सुनने को मजबूर हुआ। चैंपियनशिप मैच सुपर बोल 2016 में बियॉन्से के ‘ब्लैक पैंथर’-स्टाइल प्रदर्शन ने उन्हें कलाकार से आगे, एक सांस्कृतिक आइकन बना दिया। इनकी ‘बेहाइव’ ऑनलाइन कम्युनिटी उनकी बात को तेजी से फैलाती है। शरीर-छवि, मातृत्व और सत्ता जैसे मुद्दों पर बियॉन्से की आवाज लाखों लोगों को रास्ता दिखाती है। इनके रेनेसां टूर (2023) ने लगभग 4.5 अरब डॉलर की कमाई का माहौल बनाया। जहां शो हुए, वहां होटल भरे, रेस्तरां की बिक्री बढ़ी। लोकल बिजनेस के रिकॉर्ड टूटे। उनकी सरप्राइज एल्बम रिलीज शैली ने पूरा तरीका बदल दिया। अब वे खुद तय करती हैं कि दुनिया क्या सुनेगी और कब सुनेगी। टेलर स्विफ्ट: अपने नियम बनाए, इंडस्ट्री ने माने शुरुआत पॉप संगीत की सरल कहानियों से की। 2018 के बाद वे सिर्फ कलाकार नहीं रहीं, सामाजिक संकेत बन गईं। टेलर की एक वोटिंग अपील पर 1.66 लाख नए नाम जुड़ गए। ये आंकड़ा बताता है कि उनकी बात सिर्फ सुनी नहीं जाती, मानी जाती है। 2020-24 में उन्होंने महिला अधिकार, एलजीबीटीक्यू सुरक्षा और कलाकारों की ओनरशिप पर खुलकर आवाज उठाई और ‘सेलेब्रिटी न्यूट्रेलिटी’ का पुराना दौर लगभग खत्म कर दिया। इनके एरस टूर (2023-24) ने दुनिया भर में 5.7 अरब डॉलर की हलचल पैदा की। शहरों में होटल महंगे, फ्लाइटों में भीड़ और टिकटिंग सिस्टम को फॉर्मूला बदलने पर मजबूर होना पड़ा। उनकी री-रिकार्डिंग ने रिकॉर्ड लेबल्स को कलाकार-अधिकारों पर नए नियम लिखने पर विवश किया। टेलर की कहानी बताती है, आज पॉप संगीत डिजिटल दौर की शक्ति है।
गोविंदा इन दिनों अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर चर्चा में हैं। हाल ही में उन्होंने उन आरोपों पर प्रतिक्रिया दी, जिनमें कहा गया था कि उन्होंने अपने बेटे के करियर को सपोर्ट नहीं किया। इस पर गोविंदा ने कहा, मैं फिल्मी और रिश्तों में नाकामयाब रहा हूं। ANI से बातचीत में गोविंदा ने कहा, मैंने अपनी फैमिली के लिए राजनीति छोड़ दी थी, क्योंकि मैं नहीं चाहता था कि मेरे किसी भी द्वेष का असर मेरी फैमिली की जिंदगी पर पड़े, खासकर मेरे बच्चों पर। मैं सिर्फ अपने बच्चों के लिए बाहर आया था। मैंने साजिद नाडियाडवाला से मेरे बेटे को गाइड करने के लिए कहा था। साजिद ने यशवर्धन को फिल्म मेकिंग के अलग-अलग पहलू सिखाने में मदद भी की। मुझसे ज्यादा कुछ नहीं पूछा गया। घर में ऐसा माहौल था कि मैं फिल्मी और रिश्तों में नाकामयाब हूं। एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर के आरोपों पर गोविंदा ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, जो लोग मुझ पर प्यार के मामलों को लेकर आरोप लगा रहे हैं, वे गलत हैं। यह कभी ठीक से काम नहीं किया। मैंने चार सुपरस्टार्स और मिस यूनिवर्स रहीं एक्ट्रेसेस के साथ काम किया है, लेकिन मैंने कभी गलत नजर से किसी की ओर नहीं देखा। मेरी कोई भी हीरोइन यह नहीं कह सकती कि मैंने उसे परेशान किया हो या किसी के लिए अपशब्द कहे हों। गोविंदा ने कहा कि वह अपने करियर में साथ काम करने वाले सभी कलाकारों के आभारी हैं। उन्होंने कहा, मैं सभी आर्टिस्ट्स और हीरोइन्स का धन्यवाद करता हूं। मेरी जो फिल्में चली हैं, उसके लिए मैं अपने डायरेक्टर्स, गानों और फिल्मों की हीरोइन्स को थैंक यू कहना चाहता हूं।
बॉलीवुड क्राइम फाइल्स के केस 3 में जानिए अरुण टिक्कू हत्याकांड की कहानी। अरुण टिक्कू जाने-माने एक्टर अनुज टिक्कू के पिता थे। हत्या का पहला शक अनुज पर ही था, लेकिन जब जांच शुरू हुई तो आम सा लगने वाला ये केस एक बड़ी सीरियल किलिंग में तब्दील हुआ, जिसके तार गैंगस्टर, एक्ट्रेस और बड़ी साजिशों से जुड़े थे। फिर एक्ट्रेस के बैंक लॉकर में एक्टर अनुज टिक्कू का सुसाइड नोट मिलने से पूरे हत्याकांड का खुलासा हो गया।7 अप्रैल 2012 की बात है … मुंबई के लोखंडवाला में एक हाईराइज अपार्टमेंट है, जिसका नाम समर्थ आंगन है। कई मंजिलों वाली इस इमारत में हजारों लोग रहते हैं। उस रात करीब 11 बजकर 30 मिनट पर हरंगद सिंह माइनी नाम के बिल्डिंग में रहने वाले शख्स अपने पिता के लिए दवाई लेने निकले थे। जैसे ही उन्होंने पार्किंग में खड़ी अपनी कार का दरवाजा खोला, तो उनकी नजर पहली मंजिल की खिड़की पर गई। एक हट्टा-कट्टा आदमी एक बुजुर्ग शख्स पर चाकू से हमला कर रहा था। बुजुर्ग खुद को बचाने की कोशिश में खिड़की से मदद मांग रहा था, तभी खिड़की के पर्दे की रॉड टूटकर गिरी। मंजर देखते ही वो शख्स भागते हुए गार्ड्स के पास पहुंचा और पूरी कहानी बताई। तीन गार्ड्स उस शख्स के साथ पहली मंजिल के फ्लैट में पहुंचे। बेल बजाई तो एक आदमी बिना शर्ट के बाहर आया। उससे पूछा गया- अंदर क्या हो रहा है? उसने रूखी आवाज में कहा- झगड़ा हो गया था, लेकिन अब सब ठीक है। हरंगद ने गौर किया कि उस आदमी की छाती और पेट में खून के निशान थे। उन्होंने फिर पूछा- वो बुजुर्ग शख्स कहां है? उसने जवाब दिया, वो दूसरे कमरे में सो रहे हैं। गार्ड ने फिर पूछा, तुम कौन हो? इस बार जवाब मिला- हम पेइंग गेस्ट हैं। ये फ्लैट अनुज टिक्कू (एक्टर) का है, हमने 30 हजार में किराए पर लिया है। हरंगद को अजीब लगा तो वो दरवाजा खोलकर अंदर दाखिल हुए, तभी उन्हें एक और शख्स दिखा। उसके पैरों में काफी खून था और जमीन में भी खून के कई धब्बे थे। वो तफ्तीश करने के लिए जैसे ही बाथरूम की ओर बढ़े, दोनों शख्स ने उन्हें धक्के मारकर फ्लैट से बाहर कर दिया। बाहर निकलते ही उन चारों ने दरवाजा बाहर से बंद कर दिया और डायल 100 पर कॉल कर पुलिस बुलाई। जब तक पुलिस पहुंची, सभी वहीं पहरेदारी करते रहे। पुलिस को आने में करीब आधे घंटे लगे। पुलिस दरवाजा खोलकर अंदर पहुंची, तो पूरा फ्लैट बेतरतीब था। खून के धब्बे हर तरफ थे। फ्रिज गिरा पड़ा था, सोफा उल्टा था, सामान बिखरा हुआ था। वो दोनों शख्स भाग चुके थे। जैसे ही पुलिस बाथरूम पहुंची तो मंजर भयावह था। वहां उसी बुजुर्ग शख्स की खून से सनी लाश थी, जिसे राहगीर ने पार्किंग से देखा था। शरीर पर चाकू के कई वार थे और गले में कंप्यूटर वायर लिपटा हुआ था। बाथरूम की खिड़की टूटी हुई थी, जिससे साफ था कि दोनों उसी जगह से भाग निकले। बिल्डिंग के लोगों से पूछताछ की गई, तो हर किसी ने यही कहा कि वो उस बुजुर्ग शख्स को नहीं जानते। पहले कभी उन्हें यहां नहीं देखा गया। और पूछताछ की गई तो सामने आया कि फ्लैट एक्टर अनुज टिक्कू का है। अनुज टिक्कू बॉलीवुड के जाने-माने एक्टर थे। वो शाहरुख खान की फिल्म रब ने बना दी जोड़ी, रानी मुखर्जी की नो वन किल्ड जेसिका जैसी फिल्मों में नजर आ चुके थे। इसके अलावा वो करीब 70 एड फिल्म्स का हिस्सा रहे थे। कमरे की छानबीन में बुजुर्ग शख्स का मोबाइल मिला। आखिरी कॉल उस नंबर से बेटे अनुज टिक्कू को ही किया गया था। पुलिस ने उस नंबर पर कई कॉल किए, लेकिन नंबर बंद था। कुछ और रिश्तेदारों को उन्हीं के नंबर से कॉल कर उनकी मौत की खबर दी गई। दरअसल, उस रोज अरुण टिक्कू का उस फ्लैट में होना एक संयोग मात्र था। वो अचानक ही बेटे से मिलने आ गए थे। वो उस रोज बेटे से मिले भी, लेकिन फिर ये उनकी आखिरी मुलाकात साबित हुई। अरुण टिक्कू की हत्या की साजिश रची गई थी, लेकिन उनकी हत्या का इस तरह होना प्लान की गड़बड़ी थी। हत्यारों का प्लान कुछ और इससे कहीं ज्यादा बड़ा था। चिपलून से हुई अनुज टिक्कू की गिरफ्तारी…शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया, कई घंटे बीत गए, लेकिन अनुज की अब भी कोई खबर नहीं थी। एक तरफ पिता की हत्या और दूसरी तरफ बेटे का अचानक गायब हो जाना, पुलिस के लिए बेहद अटपटा था। इस केस में पुलिस का पहला शक अनुज टिक्कू पर ही था। अनुज टिक्कू की कहीं कोई खबर नहीं मिल रही थी, जिसके बाद पुलिस ने CDR (कॉल डीटेल रिकॉर्ड) से उनकी लोकेशन का पता ढूंढ निकाला। अनुज टिक्कू की लोकेशन, हत्या वाले रोज पहले मुंबई और फिर गोवा के पास चिपलून में थी। हत्या के 3 दिन बाद 10 अप्रैल को अनुज टिक्कू की चिपलून से गिरफ्तारी हुई। उनके साथ मौजूद शख्स करण सूद को भी गिरफ्तार किया गया। दोनों की फिंगरप्रिंट्स ली गईं। गिरफ्तारी के बाद अनुज को पुलिस द्वारा बताया गया कि उनके पिता की हत्या कर दी गई है। उस दिन को याद करते हुए अनुज टिक्कू कहते हैं, ‘मैं बेहोश हो गया। मेरा चेहरा एकदम सफेद हो चुका था। मेरे सामने अंधेरा छा गया था, जिसे मैंने अपनी जिंदगी में कभी एक्सपीरियंस नहीं किया। मेरा शरीर एक तरफ से नंब हो गया था। इतना डर था, कंपकपी आ रही थी।’ हत्या के मामले में अनुज को कस्टडी में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई। पुलिस ने पहला सवाल किया, जिस वक्त आपके पिता का खून हुआ, आप कहां थे? अनुज ने जवाब दिया- ‘मैं गोवा में था। मेरा दोस्त करण सूद मुझे अपने साथ कसीनो दिखाने गोवा ले गया। हम चिपलून में रुके थे।’ जब पुलिस ने पूछा कि आखिर 7 अप्रैल की रोज क्या हुआ। जवाब मिला- ‘मेरे पिता 7 अप्रैल को ही मुंबई आए थे। हम अपना फ्लैट किराए पर दे रहे थे, वो बस रेंटल एग्रीमेंट देखने आए थे। अगली सुबह उन्हें फिर दिल्ली लौटना था।’ अनुज दैनिक भास्कर से बातचीत में 7 अप्रैल का वो डरावना दिन याद कर कहते हैं, ‘सुबह मेरी क्रिएटिव राइटिंग चलती थी। मेरी एक कंपनी थी, जिसमें हम टीवी शोज लिखते थे। तभी मेरे दोस्त तिवारी जी आए। हम लंच पर गए, डोसा खाया। करीब 7 बजे मेरे पास करण का कॉल आया। मैं उसे होटेलियर करण सूद के रूप में जानता था। उसने कहा गोवा चलते हैं, तुझे कसीनो दिखाऊंगा। वो मुझे मर्सिडीज में घुमाता था।’ ‘उसी दिन मेरे पिता आए रेंटल एग्रीमेंट चेक करने। अगली सुबह उनकी वापसी थी। मैंने पिताजी के साथ खाना खाया और फिर मैं 8-9 बजे करण सूद के साथ गोवा निकल गया। मेरे निकलने से 5-10 मिनट पहले ही मनोज और धनंजय आए थे। मैंने पापा से कहा कि ये लोग पेंट-वेंट करना चाहते हैं। फिर मैं निकल गया।’ जिस रेंटल एग्रीमेंट का अनुज ने जिक्र किया, वो उनके और एक विदेशी महिला के बीच बना था। दरअसल, अनुज के समर्थ आंगन अपार्टमेंट में 3 फ्लैट थे। एक में वो खुद रहते थे और बाकी फ्लैट वो बॉलीवुड के स्ट्रगलिंग एक्टर्स को किराए पर देते थे। कुछ दिनों से दो फ्लैट खाली पड़े थे। ऐसे में उनके दोस्त करण सूद ने उन्हें एक विदेशी महिला से मिलवाया, जो वो फ्लैट किराए पर लेना चाहती थीं। करण ने खुद रेंटल एग्रीमेंट बनवाया था। इसके अलावा अपने दो नौकरों धनंजय शिंदे और मनोज गजकोश को भेजकर फ्लैट का रेनोवेशन करवा रहा था। अनुज का बयान सुनते ही, पुलिस को पहला शक उनके दोस्त करण सूद पर हुआ, जिसके दो नौकरों को आखिरी बार उस फ्लैट में अरुण टिक्कू के साथ देखा गया था। मुंबई पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी हिमांशू रॉय इस केस की जांच कर रहे थे। जैसे ही उन्होंने करण सूद से पूछताछ की वो दंग रह गए। दरअसल, जिस करण सूद को अनुज टिक्कू अपना करीबी दोस्त बता रहे थे, वो कोई रईस होटेलियर नहीं बल्कि मोस्ट वॉन्टेड अपराधी विजय पलांडे था, जिसका नाम पहले भी कई हत्याओं में सामने आ चुका था। जिस समय विजय को कोर्ट में पेश किया गया, वो कस्टडी से भाग निकला। हालांकि कुछ देर बाद उसे चर्चगेट से दोबारा गिरफ्तार कर लिया गया। जब पुलिस ने अनुज से पूछा कि आखिर वो विजय पलांडे उर्फ करण सूद को कैसे जानते हैं, तो अनुज ने सिमरन सूद का नाम लिया। सिमरन सूद एक एक्ट्रेस थीं, कई फिल्मों में नजर आ चुकी थीं और मुंबई में मॉडलिंग करती थीं। अनुज ने पुलिस को बताया कि करण सूद, एक्ट्रेस सिमरन सूद के भाई हैं, जिनके विदेश में कई होटल्स हैं। ये सब झूठ था। न ही सिमरन सूद का असली नाम सिमरन था, न ही करण सूद ने असल पहचान बताई थी। सिमरन का असली नाम था सीमा दुसांझ और करण सूद थे विजय पलांडे। दोनों भाई-बहन भी नहीं थे। 1997 में उनकी शादी हुई थी। एक्ट्रेस सिमरन सूद की एंट्री से केस और उलझ गया। हालांकि अनुज के बयान से पुलिस समझ चुकी थी कि उनका इस हत्या से कोई-लेना देना नहीं है। पूछताछ के बाद पुलिस अधिकारी हिमांशू रॉय ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अनुज टिक्कू को केस में क्लीनचिट दे दी और उन्हें सरकारी गवाह बनाया गया। सिमरन और करण (विजय पलांडे) अनुज टिक्कू के खास दोस्त थे। साल 2010 में ही अनुज की दोस्ती एक्ट्रेस सिमरन सूद से हुई और जल्द ही दोनों अक्सर एक-दूसरे के घर आने-जाने लगे। अब सवाल ये था कि आखिर जाने-माने एक्टर अनुज टिक्कू की कुख्यात अपराधी से दोस्ती कैसे और क्यों हुई और इन सब में एक्ट्रेस सिमरन सूद का क्या लेना-देना था। वो सिमरन ही थीं, जिन्होंने सोची समझी साजिश के तहत अनुज से नजदीकियां बढ़ाई थीं। सिमरन से 2010 में हुई पहली मुलाकात को याद करते हुए अनुज टिक्कू कहते हैं, '2010 में, मर्डर से तकरीबन दो साल पहले सिमरन से मेरी मुलाकात हुई थी। मैं एक स्टूडियो में डबिंग के लिए गया था। वहां म्यूजिक डायरेक्टर जान निसार मेरे दोस्त थे। वहां सिमरन भी एक एल्बम कट करवाने आई थीं। मेरे डायरेक्टर दोस्त ने ही मेरा परिचय सिमरन से करवाया। हमारी दोस्ती हुई। बॉलीवुड में आप बहुत लोगों से मिलते हैं। हर रोज चार-पांच लोगों से मिलते हैं डायरेक्टर्स, प्रोड्यूसर्स। वो एक दिन घर आईं तो वहां मेरी फ्रेंडली मुलाकात हुई। हम दोनों ने आपस में बुक्स एक्सचेंज कीं। वो मेरी बुक्स ले जाती थी, मेरी सीडी, वीडियोज ले जाती थी। एक-दो बार ऐसे ही उसका घर आना-जाना हआ। मैं भी उसके घर जाता था।' अनुज आगे बताते हैं, ‘सिमरन ने कहा था कि वो एक मॉडल हैं और दो-तीन फिल्में कर चुकी हैं और यहीं लोखंडवाला में पास में रहती हैं और ज्यादा कुछ नहीं। मुझे याद है कि मेरे पिताजी के मर्डर के दो महीने पहले से वो मुझसे ज्यादा मिलने लगी थी क्योंकि मुझे लगता है कि मैं उसका एक टारगेट था।’वो सिमरन ही थीं, जिन्होंने अनुज की करण सूद (विजय पलांडे) से पहली मुलाकात करवाई थी। सिमरन मुंबई में ओबेरॉय स्प्रिंग में रहती थीं। एक रोज वहीं अनुज की विजय पलांडे से पहली मुलाकात हुई। इस पर अनुज कहते हैं, ‘एक बार मैं सिमरन के घर गया था। वहां सिमरन ने मुझे विजय पलांडे को करण सूद के नाम से इंट्रोड्यूस कराया। ये कहकर कि ये मेरा भाई है, ये होटल बिजनेस में है, इसके स्पेन में होटल्स वगैरह हैं, अब्रॉड आते-जाते रहता है, ट्रैवल करता है। मुझे बाद में पता लगा कि वो विजय पलांडे था जबकि मेरे बाप का मर्डर हो चुका था। पुलिस ने बताया कि ये विजय पलांडे है और एक कन्विक्टेड मर्डरर है।’ अनुज कहते हैं, ‘अगर मैं आपको करण सूद से मिलाऊं तो आप कहेंगे ये तो बड़ा ही अच्छा और नेक इंसान है। मुझे कभी ऐसा नहीं लगा कि शक करूं। जैसे ही मैं उससे मिला, मैंने हैंडशेक किया। वो उस समय लंदन जा रहा था। उसने कहा- बाद में मिलेंगे। उसने चार बोतल व्हिस्की मेरे हाथ में थमा दी। “चलो, एंजॉय योरसेल्फ, जब आऊंगा तब मिलेंगे।” बड़े फ्रेंडली तरीके से उसने अपने आप को प्रेजेंट किया जिसकी वजह से मुझे उस पर बिल्कुल भी शक नहीं हुआ।’ अनुज के पिता अरुण टिक्कू की भी हुई थी विजय से मुलाकात अरुण टिक्कू के मर्डर से ठीक दो महीने पहले ही अनुज ने उनकी मुलाकात विजय और सिमरन से करवाई थी। अरुण, दिल्ली आए हुए थे, तब अनुज उन्हें सिमरन के घर ले गए। वहां सभी ने चाइनीज ऑर्डर किया, साथ में डिनर किया। सबने काफी देर तक बात की। तब करण सूद उर्फ विजय ने अरुण टिक्कू से कहा था कि वो जल्द ही अनुज को भी अपने साथ होटल बिजनेस में जोड़ लेगा। अरुण टिक्कू हत्याकांड की जांच चल ही रही थी कि पुलिस को विजय पलांडे के बैंक लॉकर से एक सुसाइड नोट मिला। ये नोट अनुज टिक्कू की राइटिंग में था और इस पर उनका साइन भी था। अनुज फिर शक के घेरे में आ गए, जिसके बाद कई बड़े सवाल खड़े हुए। पहला सवाल- क्या अनुज ने पिता की हत्या करवाई और फिर आत्महत्या की कोशिश की? दूसरा सवाल- अनुज टिक्कू का सुसाइड नोट कुख्यात अपराधी विजय पलांडे के लॉकर में क्यों था? तीसरा सवाल- क्या विजय पलांडे और सिमरन ने अरुण टिक्कू की हत्या करवाई या नौकर इसके जिम्मेदार थे? चौथा सवाल- विजय पलांडे और सिमरन ने अचानक अनुज से दोस्ती क्यों बढ़ाई? पांचवां सवाल- क्या अनुज टिक्कू हत्याकांड से पहले भी विजय पलांडे ने वाकई कई हत्याएं कीं? इन सभी सवालों के जवाब कल 11 फरवरी को, अरुण टिक्कू मर्डर केस के पार्ट-2 में, सिर्फ दैनिक भास्कर एप पर। ……………………………………… पार्ट-1, एक्टर अनुज के विदेश में टुकड़े करने की थी साजिश: नशे में लिखवाया फर्जी सुसाइड नोट, पिता की हत्या से बिगड़ा एक्ट्रेस-गैंगस्टर का प्लान करण सूद (विजय पलांडे) और सिमरन सूद ने पुलिस बयान में अनुज टिक्कू को पिता की हत्या का मास्टरमाइंड कहा। उन्होंने कहा कि अनुज के पिता से रिश्ते ठीक नहीं थे। वो ड्रग एडिक्ट थे और समर्थ आंगन सोसाइटी के कई लोग उनके खिलाफ शिकायत कर चुके थे। ऐसे में बार-बार शिकायतें मिलने के बाद अरुण टिक्कू, उन्हें दिल्ली वापस ले जाने के लिए मुंबई आए थे, लेकिन मुंबई में रहने और पिता से फ्लैट हथियाने के लिए अनुज ने पिता की हत्या करवा दी। पूरी कहानी पढ़िए कल, अरुण टिक्कू हत्याकांड के पार्ट- 2 में। (नोटः ये खबर एक्टर अनुज टिक्कू और मशहूर क्राइम जर्नलिस्ट नीरज अग्रवाल के इंटरव्यू और रिसर्च के आधार पर लिखी गई है।) लेखक- ईफत कुरैशी रिपोर्टर- वर्षा राय…………………………………………………………………….. भास्कर की नई सीरीज बॉलीवुड क्राइम फाइल्स की ये कहानियां भी पढ़िए- पार्ट-1, बालिका वधु एक्ट्रेस प्रत्युषा बोलीं- मैं बिकने नहीं आई:आखिरी कॉल में मां-बाप को गालियां दीं, फिर फंदे पर लटकी मिलीं 1 अप्रैल 2016, दोपहर करीब 12 बजे… प्रत्युषा बनर्जी, बॉयफ्रेंड एक्टर-प्रोड्यूसर राहुल राज के साथ मुंबई के गोरेगांव की हार्मनी बिल्डिंग की सातवीं मंजिल पर स्थित फ्लैट नंबर 703 में रहती थीं। दोपहर में राहुल अपने काम से लोखंडवाला गए थे। कुछ देर बाद ही उन्होंने प्रत्युषा को कॉल किया तो वो जोर-जोर से रो रही थीं। थोड़ी कहासुनी होने के बाद प्रत्युषा ने कहा- वोह, राहुल राज, इगो अपने पास रखो, क्योंकि कुछ ही घंटों में, शायद मिनटों में, किसी को इगो दिखाने के लिए नहीं बचेगा। राहुल ने जवाब दिया- देखो, मैं तुमसे बस इतना बोल रहा हूं, खाली सुनो। प्रत्युषा ने बात काटते हुए कहा- मैं तुमसे इतना बोल रही हूं…. मैंने तुमसे बहुत प्यार किया है। पूरी कहानी पढ़िए… पार्ट-2, मौत से पहले प्रत्युषा बनर्जी ने करवाया अबॉर्शन:बॉयफ्रेंड की एक्स ने की थी मारपीट, पोस्टमॉर्टम में शरीर में मिली 100ml शराब प्रत्युषा बनर्जी के दोस्तों ने जिस सलोनी शर्मा पर उनसे मारपीट के आरोप लगाए थे, उन्होंने पुलिस बयान में कबूला कि उन्होंने एक्ट्रेस को थप्पड़ मारा था, लेकिन साथ ही उन्होंने कहा कि वो और राहुल राज एक समय में रिलेशनशिप में थे, लेकिन प्रत्युषा की वजह से राहुल ने उन्हें छोड़ दिया। पूरी कहानी पढ़िए ………………………………………………………………………. पार्ट-1, एक्ट्रेस के घर से लापता हुए कास्टिंग डायरेक्टर नीरज ग्रोवर: एक कॉल से पुलिस ने सुलझाई गुत्थी, कातिलों ने लाश के सामने बनाए शारीरिक संबंध मई 2008 की बात है उस दौर की सबसे मशहूर क्राइम रिपोर्टर जिग्ना वोरा के पास अमरनाथ ग्रोवर का कॉल आया। उन्होंने घबराती हुई आवाज में कहा, ‘जिग्ना जी, मैं अमरनाथ बोल रहा हूं, मेरा बच्चा गुम हो गया है, क्या आप इस पर स्टोरी करेंगी?’ जिग्ना जो बड़े-बड़े केस की रिपोर्टिंग करती थीं, उनके लिए ये कोई बड़ी बात नहीं थी। उन्होंने जवाब दिया- ‘सर, ऐसे कई बच्चे गुम हो जाते हैं, लेकिन हम सब पर स्टोरी थोड़ी कर सकते।’ पूरी खबर पढ़िए... ………………………………….. पार्ट-2, लाश के सामने एक्ट्रेस ने बनाए शारीरिक संबंध: मॉल से खरीदी चाकू, लाश के टुकड़े थैलियों में भरकर जंगल में जलाए, जानिए कैसे हुए हत्याकांड का खुलासा मारिया की बिल्डिंग के गार्ड ने पूछताछ में बताया कि मारिया 7 मई 2008 की शाम कुछ भारी बैग्स ले जाती दिखी थीं, उस समय उनके बॉयफ्रेंड जेरोम मैथ्यू भी साथ थे, जबकि पूछताछ में जेरोम ने कहा था कि वो मारिया की बिल्डिंग गए ही नहीं थे। नीरज की गुमशुदगी के करीब 2 हफ्ते बाद सख्ती करने पर मारिया ने कहा कि नीरज की हत्या हो चुकी है। जेरोम ने नीरज का कत्ल किया, फिर उन्होंने लाश के सामने एक्ट्रेस का रेप किया। इसके बाद दोनों ने मिलकर लाश के टुकड़े किए और उन्हें ठिकाने लगाया। पूरी कहानी पढ़िए… ……………………………………………………………. पार्ट-1, फार्महाउस गया एक्ट्रेस का परिवार अचानक हुआ लापता: एक साल बाद खुदाई में सड़ते मिले 6 कंकाल, आतंकी बम ब्लास्ट से हुआ हत्याकांड का खुलासा छुट्टी मनाने पूरा परिवार साथ जा रहा था। हंसी-खेल का माहौल था, सबने फार्महाउस में होने वाले मनोरंजन, गानों और कुछ न कुछ करने का पहले से मन बना रखा था। घर के 7 लोग, लैला, लैला की मां सेलिना, बहनें जारा, आफरीन (अजमीना), कजिन रेशमा और भाई इमरान और सौतेले पिता परवेज टाक 2 गाड़ियों में भरकर फार्महाउस के लिए रवाना हुए। पूरी खबर पढ़िए... पार्ट-2, जमीन खोदकर निकाले गए एक्ट्रेस के परिवार के 6 कंकाल: एक साल पहले कुत्ते के साथ दफनाया, कातिल तसल्ली होने तक सिर कुचलता रहा लैला खान छुट्टी मनाने फार्महाउस गईं और अचानक लापता हो गईं। जांच में सामने आया कि सिर्फ लैला ही नहीं, उनके परिवार के 6 और लोग लापता हैं। एक साल तक लैला की कोई खबर नहीं मिली और फिर कश्मीर में एक बम ब्लास्ट हुआ, उस जगह के पास ही लैला की मां के नाम पर रजिस्टर्ड कार मिली। जांच में एक्ट्रेस लैला खान के सौतेले पिता परवेज टाक की गिरफ्तारी हुई। परवेज जांच टीम को फार्महाउस ले गया, जहां एक-एक कर 6 कंकाल बरामद किए गए। इनमें परिवार के पालतू कुत्ते का भी कंकाल था। 10 जुलाई 2012 को परवेज टाक को सदर्न मुंबई किला कोर्ट में पेश कर क्राइम ब्रांच ने कस्टडी ली। मामला गंभीर था, तो जांच टीम सख्ती करने से नहीं चूकी। हाथ-पैर बांधकर परवेज टाक को तबीयत से पीटा गया, जिसके बाद उसकी निशानदेही पर फार्महाउस से कंकाल निकाले गए। इससे पहले ही उसने फरवरी 2011 की रात की पूरी कहानी सुना दी थी। पूरी खबर पढ़िए...
आमिर खान प्रोडक्शंस ने अपनी अपकमिंग पीरियड ड्रामा लाहौर 1947 की थिएट्रिकल रिलीज डेट का ऐलान कर दिया है। यह फिल्म इंडिपेंडेंस डे वीक के दौरान 13 अगस्त 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। लाहौर 1947 में पहली बार सनी देओल, निर्देशक राजकुमार संतोषी और प्रोड्यूसर आमिर खान एक साथ नजर आएंगे। आमिर खान ने कहा, यह धरमजी की सबसे पसंदीदा स्क्रिप्ट्स में से एक थी और मुझे बेहद खुशी होती अगर वह यह फिल्म देख पाते। बता दें, लाहौर 1947 में सनी देओल, शबाना आजमी, प्रीति जिंटा और करण देओल अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। सनी देओल के बेटे करण देओल भी इस फिल्म में एक अहम किरदार निभाते दिखेंगे। फिल्म का म्यूजिक एआर रहमान ने दिया है और गाने जावेद अख्तर ने लिखे हैं। निर्देशक राजकुमार संतोषी और सनी देओल की जोड़ी पहले भी ‘घायल’, ‘घातक’ और ‘दामिनी’ जैसी यादगार फिल्में दे चुकी है। अब कई सालों के बाद यह जोड़ी फिर से साथ लौट रही है, जिससे उम्मीदें और भी बढ़ गई हैं। 1947 के दौर को जीवंत करने वाली यह फिल्म देशभक्ति और वीरता की एक नई मिसाल पेश कर सकती है। बॉर्डर 2 में नजर आए थे सनी देओल आखिरी बार सनी देओल बॉर्डर 2 में नजर आए थे। वर्ल्डवाइड 440 करोड़ का कलेक्शन कर यह फिल्म इस साल की सबसे बड़ी फिल्म बन चुकी है। बॉर्डर के बाद रानी मुखर्जी की फिल्म मर्दानी 3 रिलीज हुई थी। यह फिल्म अब तक 37 करोड़ रुपए की कमाई कर चुकी है।
यश राज फिल्म्स की मर्दानी 3 को रिलीज हुए 11 दिन हो गए हैं। फिल्म ने अपने दूसरे वीकेंड पर 10.55 करोड़ रुपए का नेट कलेक्शन किया है, जिसके बाद भारत में फिल्म की कमाई 37.10 करोड़ रुपए हो गई है। मर्दानी 3 ने दूसरे शुक्रवार को 2.15 करोड़ रुपए की कमाई की। जबकि दूसरे शनिवार को बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त उछाल देखने को मिला और कलेक्शन में 79 प्रतिशत की बढ़त के साथ यह 3.85 करोड़ रुपए नेट तक पहुंच गया। इसके बाद रविवार को कमाई और बढ़ी और फिल्म ने 4.55 करोड़ रुपए का नेट कलेक्शन किया। मर्दानी 3 से क्लैश का नहीं पड़ा बॉर्डर पर असर फिल्म बॉर्डर 2 के एक हफ्ते बाद यानी 30 जनवरी को रानी मुखर्जी की पॉपुलर मर्दानी फ्रैंचाइजी की तीसरी फिल्म मर्दानी 3 रिलीज हुई है। इस फिल्म ने महज 4 करोड़ रुपए का ओपनिंग कलेक्शन किया था ओपनिंग डे पर मर्दानी 3 ने सभी उम्मीदों को पार करते हुए मर्दानी फ्रेंचाइज़ी और रानी मुखर्जी की सोलो फिल्मों में अब तक की सबसे बड़ी ओपनर बनने का रिकॉर्ड बनाया। फिल्म ने पहले दिन 4 करोड़ रुपये की कमाई की, जो भारत में किसी महिला-केंद्रित फिल्म के लिए एक शानदार और चौंकाने वाली शुरुआत मानी जा रही है।
फिल्म गोलमाल 5 लगातार चर्चा में बनी हुई है। फिल्म की कहानी को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की रिपोर्ट्स सामने आ रही थीं। कहा जा रहा है कि यह फिल्म दो और दो पांच से प्रेरित है। इसी बीच अब निर्देशक रोहित शेट्टी ने इन अटकलों पर विराम लगाते हुए साफ किया है कि गोलमाल 5 किसी भी क्लासिक बॉलीवुड फिल्म से प्रेरित नहीं है और इस तरह की खबरें पूरी तरह बेबुनियाद हैं। रोहित शेट्टी ने ऑफिशियल स्टेटमेंट जारी करते हुए कहा, हम ऑनलाइन और डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर चल रही कुछ खबरों को लेकर स्पष्टता देना चाहते हैं, जिनमें यह कहा जा रहा है कि गोलमाल 5 फिल्म ‘दो और दो पांच’ से प्रेरित है या उसी पर आधारित है। हम साफ-साफ कहना चाहते हैं कि ये सभी रिपोर्ट्स गलत, भ्रामक और पूरी तरह असत्य हैं। हम सभी मीडिया हाउसेज, प्रकाशनों, पोर्टल्स और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स से सख्त अनुरोध करते हैं कि वे बिना पुष्टि की गई जानकारी को प्रकाशित या प्रसारित न करें। बयान में आगे कहा गया, रोहित शेट्टी या गोलमाल 5 से जुड़ी कोई भी खबर, अपडेट या स्पष्टीकरण प्रकाशित करने से पहले उसे हमसे या हमारे आधिकारिक पीआर प्रतिनिधि – यूनिवर्सल कम्युनिकेशंस से जरूर सत्यापित किया जाए। अगर ऐसा नहीं किया गया, तो सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हम सभी से उम्मीद करते हैं कि वे पत्रकारिता की सच्चाई और जिम्मेदारी बनाए रखें। साथ ही, जो भी गलत खबरें फिलहाल चल रही हैं, उन्हें जल्द से जल्द सुधारा जाए या हटाया जाए। फिल्म की शूटिंग फरवरी के अंत में मुंबई के फिल्म सिटी में शुरू होने की उम्मीद है और फिल्म को 2027 की शुरुआत में सिनेमाघरों में रिलीज करने का लक्ष्य रखा गया है। यह पांचवीं किस्त ‘गोलमाल’ फ्रैंचाइजी के 20 साल पूरे होने का जश्न भी है, क्योंकि पहली फिल्म 2006 में रिलीज हुई थी और उसके बाद सीरीज ने देशभर में बड़ी सफलता हासिल की है।
है जवानी तो इश्क होना है:वॉर ड्रामा के बाद अब कॉमेडी की ओर लौटेंगे वरुण, करेंगे डबल रोल
वरुण धवन इन दिनों गंभीर सिनेमा और हल्की-फुल्की कॉमेडी के बीच बैलेंस बना रहे हैं। ‘बॉर्डर 2’ से उन्होंने अपनी अभिनय क्षमता का विस्तार किया है, वहीं ‘है जवानी तो इश्क होना है’ के जरिए वे एक बार फिर उसी मास ऑडियंस से जुड़ेंगे। इस फिल्म से वरुण एक बार फिर अपनी जड़ों की ओर लौटते दिख रहे हैं। ‘है जवानी तो इश्क होना है’ एक शुद्ध मसाला कॉमेडी है, जिसे उनके पिता और कॉमेडी किंग डेविड धवन निर्देशित कर रहे हैं। ‘मैं तेरा हीरो’, ‘जुड़वां 2’ और ‘कुली नंबर 1’ के बाद यह पिता-पुत्र की चौथी फिल्म होगी, जिससे दर्शकों को एक बार फिर क्लासिक डेविड स्टाइल एंटरटेनमेंट की उम्मीद है। ये फिल्म 5 जून को सिनेमाघरों में दस्तक देगी। फिल्म में पूजा हेगड़े और मृणाल ठाकुर भी मुख्य भूमिकाओं में हैं, वहीं मृणाल का हालिया ‘प्रेग्नेंट लुक’ फिल्म की कहानी में बड़े ट्विस्ट का संकेत देता है। मृणाल के पास आने वाले समय में कई बड़े प्रोजेक्ट्स हैं। वह जल्द ही दो दीवाने सहर में' नजर आएंगी। इसमें उनके साथ सिद्धांत चतुर्वेदी हैं। इस फिल्म को संजय लीला भंसाली प्रोड्यूस कर रहे हैं। प्रेम में असफल युवक का किरदार कहानी एक ऐसे युवक के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसकी प्रेम कहानी हर बार असफल हो जाती है और फिर उसे किस्मत बदलने के लिए मदद मिलती है। दिलचस्प बात यह है कि वरुण इस फिल्म में डबल रोल में नजर आएंगे। एक तरफ बॉय-नेक्स्ट-डोर लुक, तो दूसरी ओर ज्यादा मैच्योर अवतार। 90 के दशक के म्यूजिकल वाइब और मजबूत सपोर्टिंग कास्ट राजपाल यादव, जॉनी लीवर, चंकी पांडे और मनीष पॉल फिल्म को पूरी तरह फैमिली एंटरटेनर बनाने की तैयारी में हैं। यूरोप की सड़कों पर शूट हुआ पार्टी सॉन्ग फिल्म की शूटिंग ऋषिकेश, लंदन और स्कॉटलैंड जैसी भव्य लोकेशनों पर की गई है। ऋषिकेश में गंगा आरती और रिवर राफ्टिंग सीक्वेंस से लेकर यूरोप की सड़कों पर पार्टी सॉन्ग तक, मेकिंग में बड़े पैमाने पर निवेश किया गया है।
डाकू में साथ दिखेंगे अदिवि शेष और पवन सिंह:डांस करते आएंगे नजर, मृणाल ठाकुर निभाएंगी लीड रोल
पैन-इंडिया एक्शन फिल्म डाकू में अदिवि शेष और भोजपुरी इंडस्ट्री के मशहूर सिंगर पवन सिंह डांस करते नजर आएंगे। यह गाना तेलुगु, हिंदी और भोजपुरी सिनेमा की एक साथ झलक दिखाएगा। पवन सिंह ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा, भाई भोजपुरी और तेलुगु जिंदाबाद। बता दें, मृणाल ठाकुर अपनी शूटिंग खत्म कर चुकी हैं और अदिवि शेष ने हाल ही में फिल्म की शूटिंग पूरी होने की जानकारी दी है। इसके बाद डाकू इस साल की सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाली एक्शन फिल्मों में शामिल हो गई है। अदिवि शेष के अलावा फिल्म में मृणाल ठाकुर मुख्य भूमिका में नजर आएंगी, जबकि अनुराग कश्यप एक अहम किरदार निभा रहे हैं। इस फिल्म का डायरेक्शन शनील देवो कर रहे हैं। डाकू को सुप्रिया यारलगड्डा ने प्रोड्यूस किया है। जबकि सुनील नारंग इसके को-प्रोड्यूसर हैं और फिल्म को अन्नपूर्णा स्टूडियोज प्रस्तुत कर रहा है। फिल्म की शूटिंग एक साथ हिंदी और तेलुगु में की गई है, जबकि इसकी कहानी और पटकथा अदिवि शेष और शनील देवो ने मिलकर लिखा है।
दीपिका पादुकोण के बाद डायरेक्टर संदीप रेड्डी वांगा की फिल्म स्पिरिट से एक्टर प्रकाश राज के बाहर होने की खबर सामने आई थी। हालांकि, इस पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रकाश राज ने इसे गलत बताया है। दरअसल, रविवार को OTTPlay की एक रिपोर्ट में कहा गया था कि प्रकाश राज को फिल्म में एक अहम किरदार के लिए साइन किया गया था, लेकिन अब वह प्रोजेक्ट का हिस्सा नहीं हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, शूटिंग के दौरान स्क्रिप्ट और एक सीन को फिल्माने के तरीके को लेकर डायरेक्टर और एक्टर के बीच तीखी बहस हुई थी। बाद में ये मतभेद और बढ़ गए। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया था कि सेट पर एक्टर का व्यवहार टीम के लिए चैलेंजिंग हो गया था, जिसके चलते मेकर्स ने उनसे अलग होने का फैसला लिया। हालांकि, हिंदुस्तान टाइम्स से बातचीत में प्रकाश राज ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा, “ये सब बेकार की बातें हैं। मुझे इसके बारे में कुछ भी पता नहीं है।” उन्होंने साफ किया कि वह अब भी फिल्म का हिस्सा हैं। फिल्म से दीपिका पादुकोण बाहर हुई थीं गौरतलब है कि फिल्म स्पिरिट पिछले साल मई के महीने में तब चर्चा में आई थी, जब इससे दीपिका पादुकोण बाहर हो गई थीं। कथित तौर पर दीपिका की ओर से आठ घंटे की शिफ्ट, मोटी फीस, प्रॉफिट में हिस्सा और तेलुगु में डायलॉग न बोलने जैसी मांगें शामिल थीं। दीपिका सितंबर 2024 में मां बनी हैं, इसलिए वह कथित तौर पर हफ्ते में सिर्फ पांच दिन, आठ घंटे की शिफ्ट चाहती थीं। एक्ट्रेस की इन मांगों से संदीप रेड्डी वांगा खुश नहीं थे, जिसके बाद उन्हें फिल्म से बाहर कर दिया गया था। दीपिका के बाहर होने के बाद तृप्ति डिमरी को फिल्म की फीमेल लीड के रूप में कास्ट किया गया। तृप्ति इससे पहले संदीप रेड्डी वांगा के साथ फिल्म एनिमल में काम कर चुकी हैं। फिल्म में प्रभास लीड रोल में नजर आएंगे। बता दें कि नए साल के मौके पर मेकर्स ने फिल्म का पहला पोस्टर जारी किया था। पोस्टर में प्रभास और तृप्ति एक विंडो के पास खड़े नजर आते हैं। प्रभास लंबे बालों, घनी दाढ़ी और मूंछों के साथ शर्टलेस नजर आ रहे हैं। उनकी बॉडी पर चोट का निशान और कंधे, बांह और पीठ पर कई पट्टियां बंधी हुई हैं। प्रभास के होठों के बीच एक सिगरेट है और एक हाथ में शराब का गिलास है। वहीं, तृप्ति हल्के ग्रे रंग की साड़ी में प्रभास के करीब खड़ी नजर आ रही हैं और वो प्रभास का सिगरेट जलाती दिखाई दे रही हैं। तृप्ति का फेस काफी शांत और गंभीर नजर आ रहा है।
एक्टर अनुपम खेर का क्रेडिट कार्ड हाल ही में उनकी सुबह की वॉक के दौरान कहीं गिर गया। काफी देर तक तलाश के बाद भी कार्ड नहीं मिला, जिससे वे परेशान हो गए। बाद में एक सिक्योरिटी गार्ड संजय यादव को कार्ड मिला, जिन्होंने ईमानदारी दिखाते हुए रविवार को कार्ड एक्टर तक वापस पहुंचा दिया। बता दें कि अनुपम खेर ने इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो इंस्टाग्राम पर शेयर किया। वीडियो में उन्होंने बताया कि मॉर्निंग वॉक के दौरान उनका क्रेडिट कार्ड गिर गया था और काफी खोजने के बाद भी जब वह नहीं मिला, तो उन्हें लगा कि कार्ड हमेशा के लिए खो गया है। वीडियो में अनुपम खेर कहते हैं कि कार्ड पर पिन होने की वजह से वे ज्यादा परेशान हो गए थे। इसी दौरान उन्हें दत्तू जी का फोन आया, जिसमें बताया गया कि किसी को उनका क्रेडिट कार्ड मिला है। इसके बाद सिक्योरिटी गार्ड संजय यादव ने बिना किसी अपेक्षा के कार्ड उन्हें लौटा दिया। अनुपम खेर ने वीडियो में संजय यादव का नाम लेकर धन्यवाद किया और कहा कि इस ईमानदार काम ने लोगों पर उनका भरोसा फिर से जगा दिया। उन्होंने इसे एक बहुत शानदार काम बताया। वर्क फ्रंट की बात करें तो अनुपम खेर आखिरी बार फिल्म तन्वी द ग्रेट में नजर आए थे, जिसका निर्देशन भी उन्होंने ही किया था। वहीं, हाल ही में अनुपम खेर ने फिल्म खोसला का घोसला 2 की शूटिंग पूरी की है। इस सीक्वल में बोमन ईरानी, रणवीर शौरी, तारा शर्मा, किरण जुनेजा और परवीन डबास भी नजर आएंगे। साल 2006 में रिलीज हुई पहली फिल्म का निर्देशन दिबाकर बनर्जी ने किया था, जबकि इस सीक्वल का निर्देशन उमेश बिष्ट कर रहे हैं।
प्लेबैक सिंगिंग छोड़ने की घोषणा के कुछ ही दिनों बाद सिंगर अरिजीत सिंह ने रविवार को कोलकाता में लाइव परफॉर्मेंस दी। उन्होंने नेताजी इंडोर स्टेडियम में हुए लाइव कॉन्सर्ट में सितार वादक अनुष्का शंकर के साथ परफॉर्म किया। कॉन्सर्ट में परकशनिस्ट बिक्रम घोष भी मंच पर मौजूद थे। इसे अरिजीत की प्लेबैक सिंगिंग छोड़ने के ऐलान के बाद पहली पब्लिक परफॉर्मेंस माना जा रहा है। कॉन्सर्ट के दौरान अरिजीत ने बंगाली क्लासिक ‘माया भोरा राती’ गाया, जिसे मूल रूप से लक्ष्मी शंकर ने आवाज दी थी और पंडित रवि शंकर ने कंपोज किया था। अनुष्का शंकर ने जब उन्हें मंच पर इंट्रोड्यूस किया, तो अरिजीत इमोशनल हो गए और कहा कि वह काफी नर्वस हैं। साथ ही उन्होंने उन्हें बुलाने के लिए धन्यवाद दिया। इसके बाद अरिजीत और अनुष्का ने ‘ट्रेसेस ऑफ यू’ का डुएट परफॉर्म किया। यह गाना अनुष्का शंकर द्वारा कंपोज किया गया है और इसे मूल रूप से नोरा जोन्स ने गाया था। गौरतलब है कि 27 जनवरी को अरिजीत सिंह ने सोशल मीडिया पर घोषणा की थी कि वह अब कोई नया प्लेबैक सिंगिंग असाइनमेंट नहीं लेंगे। सिंगर ने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकांउट पर लिखा था, नमस्ते, आप सभी को नए साल की हार्दिक शुभकामनाएं। इतने सालों से श्रोताओं के रूप में मुझे जो इतना प्यार दिया है, उसके लिए आप सबका धन्यवाद। मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि अब से मैं एक प्लेबैक सिंगर के तौर पर कोई भी नया काम नहीं लूंगा। मैं इसे यहीं खत्म कर रहा हूं। यह एक शानदार सफर रहा। एक नजर अरिजीत सिंह के करियर पर 25 अप्रैल 1987 को अरिजीत सिंह का जन्म पश्चिम बंगाल के जीयागंज में हुआ था। उनकी मां शास्त्रीय गायिका और मौसी तबला वादक थीं। बचपन से ही उनकी रुचि सिंगिंग में थी। शास्त्रीय संगीत सीखने के बाद अरिजीत ने 18 साल की उम्र में साल 2005 में सिंगिंग रियलिटी शो 'फेम गुरुकुल' में हिस्सा लिया था। अरिजीत ये शो नहीं जीत सके, हालांकि उनकी परफॉर्मेंस से इंप्रेस होकर संजय लीला भंसाली ने उन्हें फिल्म सांवरिया का गाना यूं शबनमी ऑफर किया था। सिंगर ने ये गाना गाया, हालांकि कुछ बदलाव के चलते उस गाने से सिंगर रिप्लेस करवा दिया गया। आगे उन्होंने बतौर बैकग्राउंड सिंगर काम किया। गोलमाल 3, क्रूक, एक्शन रीप्ले जैसी फिल्मों में म्यूजिक कोलेबोरेशन के बाद अरिजीत ने फिल्म मर्डर 2 के गाने 'फिर मोहब्बत करने चला है' से बतौर प्लेबैक सिंगर डेब्यू किया। इस गाने की पॉपुलैरिटी के बाद उन्हें एजेंट विनोद का गाना राब्ता मिला। ये गाना भी हिट रहा और अरिजीत ने समय के साथ बेहतरीन गाने देते हुए स्टारडम हासिल किया। अरिजीतने अपने म्यूजिकल करियर में 532 हिंदी, 144 बंगाली और 25 तेलुगु समेत कई भाषाओं में 700 से ज्यादा गाने गाए हैं। वो 2 नेशनल अवॉर्ड, 8 फिल्मफेयर समेत कुल 122 अवॉर्ड जीत चुके हैं। अरिजीत को पहला नेशनल अवॉर्ड साल 2018 में पद्मावत के गाने बिनते दिल के लिए और दूसरा नेशनल अवॉर्ड 2022 में फिल्म ब्रह्मास्त्र के गाने केसरिया के लिए मिला है। साल 2015 में अरिजीत सिंह को पद्मश्री से सम्मानित किया जा चुका है।
एक्ट्रेस सोनम कपूर ने रविवार को मुंबई स्थित अपने घर पर प्राइवेट बेबी शावर सेरेमनी होस्ट की। सोनम और उनके पति आनंद आहूजा दूसरी बार पैरेंट्स बनने वाले हैं। बेबी शावर में सोनम के परिवार के सदस्यों के अलावा कई सेलेब्स भी नजर आए। करीना कपूर, भूमि पेडनेकर भी इस समारोह का हिस्सा बनीं। बता दें कि सोनम कपूर ने अपने बेबी शावर को सिंपल, एलिगेंट और पर्सनल टच के साथ सेलिब्रेट किया। इस खास मौके पर सोनम ने लाइम-ग्रीन लहंगा पहना, जिसके साथ मैचिंग केप था। फ्लोरल एम्ब्रॉयडरी और फ्लूइड सिल्हूट वाले इस आउटफिट में कम्फर्ट को प्राथमिकता दी गई। उन्होंने दुपट्टे को पल्लू की तरह ड्रेप किया और भारी लेयरिंग से परहेज किया। स्टाइलिंग में स्लीक बन, लाल बिंदी, रेड लिपस्टिक और गोल्ड ज्वेलरी शामिल रही। बता दें कि सोनम पहले से ही एक बच्चे की मां हैं। उनका बेटा वायु तीन साल का है, जिसका जन्म अगस्त 2022 में हुआ था। एक्ट्रेस ने 8 मई 2018 को बिजनेसमैन आनंद आहूजा से मुंबई में सिख रीति-रिवाज से शादी की थी। सोनम ने अपने करियर की शुरुआत साल 2007 में फिल्म सांवरिया से की थी। एक्ट्रेस की नीरजा, रांझणा और प्रेम रतन धन पायो प्रमुख फिल्में हैं। वह आखिरी बार फिल्म ब्लाइंड में नजर आई थीं, जो 7 जुलाई 2023 को जिओ सिनेमा पर रिलीज हुई थी।
गीतकार जावेद अख्तर ने हाल ही में बताया कि मशहूर इंडिपेंडेंट ट्रैक ब्रीथलेस का कॉन्सेप्ट उनके दिमाग में आने के बाद करीब सात साल तक किसी संगीतकार या म्यूजिक कंपनी का सपोर्ट उन्हें नहीं मिला था। गौरतलब है कि ब्रीथलेस सिंगर-कंपोजर शंकर महादेवन के आज तक के सबसे फेमस गानों में से एक है। इसे जावेद अख्तर ने लिखा था और इसका कॉन्सेप्ट भी उन्होंने ही सोचा था। ब्रीथलेस को लेकर वैरायटी इंडिया को दिए इंटरव्यू में जावेद अख्तर ने बताया, यहां तक कि सबसे बड़े शास्त्रीय गायक और संगीतकारों ने भी कहा कि हम ऐसा गाना नहीं बना सकते। जब वे कहते थे कि इसे गाने का रूप नहीं दे सकते, तो मैं उनसे धुनें मांगता था और कहता था कि बाकी काम मैं कर लूंगा। सब लोग बस मुस्कुरा देते थे, इसे एक दिलचस्प विचार कहते थे, लेकिन कोई भी साथ जुड़ने की हिम्मत नहीं करता था। जावेद अख्तर ने आगे कहा कि यह गाना पूरे सात साल तक अटका रहा और जब मैं सात कहता हूं, तो मेरा मतलब सात ही है, न पांच, न छह। मैं सबसे मिला, लेकिन नाम लेना शर्मनाक होगा। शंकर नहीं मिलते तो ब्रीथलेस बनता नहीं: जावेद अख्तर बता दें कि पूरे सात साल बाद जावेद अख्तर की मुलाकात शंकर महादेवन से हुई और उन्होंने उन्हें यह आइडिया सुनाया, जिन्होंने तुरंत हामी भर दी। जावेद अख्तर ने कहा, यह मेरी किस्मत थी। अगर मेरी मुलाकात शंकर से नहीं हुई होती तो क्या होता? मैं आज भी ‘ब्रीथलेस’ को बिना बने ही लेकर बैठा होता। मैं यह मान लेता कि यह एक खराब आइडिया था, क्योंकि अगर हर कोई किसी चीज को ठुकरा रहा है तो उसमें कोई न कोई कमी तो होगी। इस पर शंकर महादेवन ने कहा, “ब्रीथलेस के मामले में मार्केटिंग डिपार्टमेंट गाना या वीडियो रिलीज करने को तैयार नहीं था। उन्हें गाने पर भरोसा नहीं था। इसे लेकर बहस भी हुई।” इस पर जावेद अख्तर ने मजाकिया अंदाज में कहा, “इस विवाद की बातें बहुत शर्मनाक हैं। वे मुझसे पूछते थे कि इसे गाएगा कौन? कोई इसे गा नहीं सकता। यह गाना लोकप्रिय कैसे होगा?”
प्लेबैक सिंगिंग छोड़ने के बाद सिंगर अरिजीत सिंह का पहला गाना 9 फरवरी को रिलीज हो रहा है। गाने के बोल हैं ‘ओ शिव मेरे तुम मालिक’ हो। खास बात यह है कि इस गाने के म्यूजिक कंपोजर हरियाणवी युवक मंदीप पंघाल हैं। मंदीप पंघाल अभी तक सोनू निगम और गुरु रंधावा के साथ काम करते रहे हैं। हाल ही में उन्होंने गुरु रंधावा के सॉन्ग ‘किथै बसदै नै’ का म्यूजिक कंपोज किया था। अब उन्होंने अरिजीत सिंह के साथ काम की शुरुआत की है। पंघाल बॉलीवुड म्यूजिक इंडस्ट्री में ऐसे पहले हरियाणवी हैं, जिन्होंने अरिजीत सिंह के साथ काम किया है। दो साल पहले राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम ने कंपोजर की जिंदगी बदल कर रख दी थी। बता दें कि अरिजीत सिंह ने हाल ही में प्लेबैक सिंगिग से संन्यास लेने की घोषणा की है। इसके बाद उनका अपने लिए यह पहला गाना है। अरिजीत सिंह ने अपने म्यूजिकल करियर में 532 हिंदी, 144 बंगाली और 25 तेलुगु समेत कई भाषाओं में 700 से ज्यादा गाने गाए हैं। वो 2 नेशनल अवॉर्ड, 8 फिल्मफेयर समेत कुल 122 अवॉर्ड जीत चुके हैं। अरिजीत सिंह को पहला नेशनल अवॉर्ड साल 2018 में पद्मावत के गाने बिनते दिल के लिए और दूसरा नेशनल अवॉर्ड 2022 में फिल्म ब्रह्मास्त्र के गाने केसरिया के लिए मिला है। साल 2015 में अरिजीत सिंह को पद्मश्री से सम्मानित किया जा चुका है। म्यूजिक कंपोजर मंदीप पंघाल का सफर, 4 पॉइंट में… 3 पॉइंट में जानिए पंघाल की फैमिली के बारे में… चार पॉइंट में समझिए संन्यास के बाद अरिजीत का प्लान… अरिजीत सिंह के शुरुआती बेस्ट गाने… फिर मोहब्बत, फिल्म- मर्डर 2 (2012) तुम ही हो, फिल्म- आशिकी 2 (2013) मेरी आशिकी, फिल्म- आशिकी (2012) राब्ता, फिल्म- एजेंट विनोद (2012) फिर ले आया दिल, फिल्म- बर्फी (2012) दिल्ली वाली गर्लफ्रेंड, कबीरा, इलाही, फिल्म- ये जवानी है दीवानी (2013) लाल इश्क, फिल्म- गोलियों की रासलीलाः रामलीला (2013) मैं रंग शरबतों का, फिल्म- फटा पोस्टर निकला हीरो (2014) मस्त मलंग, फिल्म- 2 स्टेट (2014) हमदर्द, फिल्म- एक विलेन (2014) सुकून मिला, फिल्म- मैरी कॉम (2014) सावन आया है, फिल्म- क्रिएचर 3D (2014) हमारी अधूरी कहानी, फिल्म- हमारी अधूरी कहानी (2015) अगर तुम साथ हो, फिल्म- तमाशा (2015) आयत- फिल्म- बाजीराव मस्तानी (2015) गेरुआ, जनम-जनम, फिल्म- दिलवाले (2015) सनम रे, फिल्म- सनम रे (2016) ये फितूर मेरा, फिल्म- फितूर (2016) चन्ना मेरेया, फिल्म- ऐ दिल है मुश्किल (2016) इश्क मुबारक, फिल्म- तुम बिन 2 (2016) ------------------------ ये खबर भी पढ़ें…. अरिजीत सिंह ने छोड़ी प्लेबैक सिंगिंग:कहा- इसे खत्म कर रहा हूं; अब इंटरनेशनल प्रोजेक्ट्स पर करेंगे काम, कई बार विवादों में रहे पॉपुलर सिंगर अरिजीत सिंह ने प्लेबैक सिंगिंग से संन्यास ले लिया है। उन्होंने मंगलवार को सोशल मीडिया के जरिए इसकी आधिकारिक घोषणा की है। सिंगर ने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकांउट पर लिखा- नमस्ते, आप सभी को नए साल की हार्दिक शुभकामनाएं। इतने सालों से श्रोताओं के रूप में मुझे जो इतना प्यार दिया है, उसके लिए आप सबका धन्यवाद। मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि अब से मैं एक प्लेबैक सिंगर के तौर पर कोई भी नया काम नहीं लूंगा। (पूरी खबर पढ़ें…)
पंजाब में बैन के बावजूद गन कल्चर वाले गीत रिलीज होने से नहीं रुक रहे। ताजा मामला मशहूर पंजाबी सिंगर मनकीरत औलख के नए गीत असलहा को लेकर सामने आया है। BJP पंजाब ट्रेड सेल के को-कन्वीनर अरविंद शर्मा ने इस गीत पर आपत्ति जताई है। अरविंद ने इसे हिंसा के लिए उकसाने वाला बताया और इसे लेकर DGP गौरव यादव को लेटर लिखा है। उन्होंने मांगी की है कि गीत पर रोक लगाई जाए और इसे यूट्यूब से हटाया जाए। मनकीरत औलख पिछले 15 दिन से अपने नए गीत के प्रमोशन को लेकर लगातार पंजाब का टूर कर रहे थे। 3 दिन पहले (6 फरवरी) ही उनका यह गाना रिलीज हुआ है। मनकीरत औलख और जेहर वाइब का यह गाना डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और यूट्यूब पर रिलीज किया गया है। रिलीज के साथ ही यह गाना अपने लिरिक्स और विजुअल्स के कारण विवादों में आ गया। गाने के बोल और वीडियो में हथियारों की नुमाइश की गई है। डीजीपी को भेजी शिकायत की 3 अहम बातें मनकीरत औलख के साथ जुड़े विवाद
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी RSS ने मुंबई में अपने 100 साल पूरे होने पर दो दिन का कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम में कई बड़े बॉलीवुड सितारे भी शामिल हुए। कार्यक्रम के पहले दिन यानी शनिवार को बॉलीवुड एक्टर सलमान खान पहुंचे। उनके अलावा रणबीर कपूर, हेमा मालिनी, सुभाष घई, प्रसून जोशी, पूनम ढिल्लों और मोहित सूरी भी नजर आए। वहीं, कार्यक्रम के दूसरे दिन यानी रविवार को अक्षय कुमार, करण जौहर, रवीना टंडन और विक्की कौशल समेत कई और सितारे शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान RSS प्रमुख मोहन भागवत ने लोगों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि समाज में अच्छे संस्कार और सही सोच को बढ़ावा देना जरूरी है। खासकर युवाओं के लिए अच्छे रोल मॉडल होना बहुत अहम है। देखें कार्यक्रम की तस्वीरें भागवत ने सलमान का जिक्र किया मोहन भागवत ने सलमान खान का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कॉलेज के स्टूडेंट सलमान खान के फैशन को कॉपी करते हैं। जब उनसे पूछा जाता है कि क्यों, तो वे कहते हैं कि उन्हें नहीं पता, सलमान ऐसा कर रहे हैं। इसका मतलब है कि समाज में अच्छे मूल्य फैशन बनने चाहिए। बता दें कि RSS का द्विदिवसीय कार्यक्रम (व्याख्यानमाला) 7 और 8 फरवरी 2026 को वर्ली के नेहरू सेंटर में हुआ। इसका विषय “संघ की सौ वर्षों की यात्रा -नए क्षितिज” था। कार्यक्रम में मोहन भागवत ने दोनों दिन संबोधन दिया। पहले दिन उन्होंने सांस्कृतिक एकता पर बात की और कहा कि भारत में रहने वाले सभी लोग एक साझा संस्कृति से जुड़े हैं। दूसरे दिन उन्होंने बांग्लादेश में हिंदुओं की स्थिति और भारत में अवैध घुसपैठ जैसे मुद्दों पर अपने विचार रखे। यह कार्यक्रम RSS की देशभर में चल रही शताब्दी व्याख्यानमाला का हिस्सा था, जो पहले दिल्ली, बेंगलुरु और कोलकाता में भी हो चुकी है। इसमें बॉलीवुड सितारों समेत अलग-अलग क्षेत्रों से करीब 900 लोग मौजूद रहे।
एक्टर सलमान खान की मोस्ट-अवेटेड वॉर फिल्म ‘बैटल ऑफ गलवान’ की रिलीज डेट टल सकती है। एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि फिल्म के री-शूट और कुछ जरूरी प्रक्रियाओं की वजह से इसकी टाइमलाइन आगे बढ़ गई है। हालांकि, फिल्म की टीम ने अभी तक इस पर कोई ऑफिशियल अनाउंसमेंट नहीं की है। बता दें कि फिल्म की रिलीज डेट 17 अप्रैल तय की गई थी। बॉलीवुड हंगामा की रिपोर्ट के मुताबिक, फिल्म के कुछ अहम सीन का री-शूट चल रहा है, जिसमें टीम को उम्मीद से ज्यादा वक्त लग रहा है। बताया जा रहा है कि सलमान खान और डायरेक्टर अपूर्व लाखिया कहानी के इमोशनल और ड्रामैटिक इम्पैक्ट को और स्ट्रॉन्ग बनाना चाहते हैं, इसी वजह से प्रोडक्शन में देरी हो रही है। नया शूटिंग शेड्यूल रिपोर्ट के मुताबिक, 9 फरवरी से मुंबई की गोल्डन टोबैको फैक्ट्री में फिल्म का नया शूटिंग शेड्यूल शुरू होने वाला है। इसके बाद कुछ ही दिनों की शूटिंग बचने की उम्मीद है। सूत्र के अनुसार, फिल्म की पूरी शूटिंग फरवरी के आखिर तक पूरी हो जाएगी। इसके बाद अपूर्व लाखिया री-शूट किए गए सीन की एडिटिंग शुरू करेंगे। रक्षा मंत्रालय की स्क्रीनिंग प्रोडक्शन और एडिटिंग के साथ-साथ फिल्म की रिलीज रक्षा मंत्रालय की अनिवार्य स्क्रीनिंग पर भी निर्भर करेगी। इस प्रक्रिया की वजह से रिलीज में और देरी हो सकती है। यह स्क्रीनिंग इसलिए जरूरी होती है ताकि असली घटनाओं और राष्ट्रीय हितों को सही और संवेदनशील तरीके से दिखाया जा सके, खासतौर पर जब फिल्म का विषय सेना से जुड़ा हो। रिलीज डेट को लेकर अटकलें मौजूदा हालात को देखते हुए पहले तय की गई अप्रैल रिलीज अब संभव नहीं लग रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, सलमान का मानना है कि देशभक्ति से जुड़ी इस फिल्म को बेहद सोच-समझकर पेश किया जाना चाहिए और इसलिए टीम को किसी भी तरह की जल्दबाजी से बचना चाहिए। सूत्र के अनुसार, सलमान खान और अपूर्व लाखिया रिलीज टालने के विकल्प पर गंभीरता से चर्चा कर रहे हैं, हालांकि अभी तक कोई फाइनल फैसला नहीं हुआ है। टीम अलग-अलग तारीखों पर विचार कर रही है।
एक्टर सलमान खान की मोस्ट-अवेटेड वॉर फिल्म ‘बैटल ऑफ गलवान’ की रिलीज़ डेट टल सकती है। एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि फिल्म के री-शूट और कुछ ज़रूरी प्रक्रियाओं की वजह से इसकी टाइमलाइन आगे बढ़ गई है और चर्चा है कि मेकर्स इसे स्वतंत्रता दिवस के आसपास रिलीज़ कर सकते हैं। हालांकि, फिल्म की टीम ने अभी तक इस पर कोई ऑफिशियल अनाउंसमेंट नहीं की है। बता दें कि फिल्म की रिलीज़ डेट 17 अप्रैल तय की गई थी। बॉलीवुड हंगामा की रिपोर्ट के मुताबिक, फिल्म के कुछ अहम सीन का री-शूट चल रहा है, जिसमें टीम को उम्मीद से ज़्यादा वक्त लग रहा है। बताया जा रहा है कि सलमान खान और डायरेक्टर अपूर्व लाखिया कहानी के इमोशनल और ड्रामैटिक इम्पैक्ट को और स्ट्रॉन्ग बनाना चाहते हैं, इसी वजह से प्रोडक्शन में देरी हो रही है। नया शूटिंग शेड्यूल रिपोर्ट के मुताबिक, 9 फरवरी से मुंबई की गोल्डन टोबैको फैक्ट्री में फिल्म का नया शूटिंग शेड्य्यूल शुरू होने वाला है। इसके बाद कुछ ही दिनों की शूटिंग बचने की उम्मीद है। सूत्रों के अनुसार, फिल्म की पूरी शूटिंग फरवरी के आखिर तक पूरी हो जाएगी। इसके बाद डायरेक्टर अपूर्व लाखिया री-शूट किए गए सीन की एडिटिंग शुरू करेंगे। रक्षा मंत्रालय की स्क्रीनिंग प्रोडक्शन और एडिटिंग के साथ-साथ फिल्म की रिलीज़ रक्षा मंत्रालय की अनिवार्य स्क्रीनिंग पर भी निर्भर करेगी। इस प्रक्रिया की वजह से रिलीज़ में और देरी हो सकती है। यह स्क्रीनिंग इसलिए ज़रूरी होती है ताकि असली घटनाओं और राष्ट्रीय हितों को सही और संवेदनशील तरीके से दिखाया जा सके, खासतौर पर जब फिल्म का विषय सेना से जुड़ा हो। रिलीज डेट को लेकर अटकलें मौजूदा हालात को देखते हुए पहले तय की गई अप्रैल रिलीज़ अब संभव नहीं लग रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, सलमान का मानना है कि देशभक्ति से जुड़ी इस फिल्म को बेहद सोच-समझकर पेश किया जाना चाहिए और इसलिए टीम को किसी भी तरह की जल्दबाज़ी से बचना चाहिए। सूत्रों के अनुसार, सलमान खान और अपूर्व लाखिया रिलीज़ टालने के विकल्प पर गंभीरता से चर्चा कर रहे हैं, हालांकि अभी तक कोई फाइनल फैसला नहीं हुआ है। टीम अलग-अलग तारीखों पर विचार कर रही है। बता दें कि यह फिल्म सलमान खान फिल्म्स के बैनर तले बन रही है और इसका निर्देशन अपूर्व लाखिया कर रहे हैं। फिल्म में एक्ट्रेस चित्रांगदा सिंह भी अहम भूमिका में नज़र आएंगी। फिल्म का टीज़र सलमान खान के 60वें जन्मदिन, 27 दिसंबर 2025 को रिलीज़ किया गया था।
एक्ट्रेस रिया चक्रवर्ती ने हाल ही में बताया कि सुशांत सिंह राजपूत केस में नाम आने के बाद कोई भी उनके साथ काम करने को तैयार नहीं था। दरअसल, कई सालों तक मेनस्ट्रीम से दूर रहीं रिया अब डायरेक्टर हंसल मेहता की अपकमिंग वेब सीरीज फैमिली बिजनेस से एक्टिंग में वापसी करने जा रही हैं। हिंदुस्तान टाइम्स को दिए इंटरव्यू में रिया ने अपनी ज़िंदगी के मुश्किल दौर के बारे में बात की। रिया ने कहा, “एक्टिंग का वह सपना छोड़ना, जिसके लिए मैंने दस साल से ज़्यादा मेहनत की थी, मेरे लिए बिल्कुल आसान नहीं था। इसके लिए मुझे कई बार थेरेपी लेनी पड़ी। मुझे उसके बारे में सोचना बंद करना पड़ा, क्योंकि वह सपना अब पूरा होता दिखाई नहीं दे रहा था और मुझे एक्टिंग के मौके नहीं मिल रहे थे।” रिया ने यह भी बताया कि जब यह प्रोजेक्ट उन्हें ऑफर हुआ था, तो उन्होंने शुरुआत में मना कर दिया था। उन्होंने कहा, “हंसल सर और राइटर ने मुझसे पूछा कि मुझे क्या रोक रहा है। मैंने उनसे कहा कि मैंने एक्टिंग छोड़ दी है। तब उन्होंने कहा कि यही वजह है कि मुझे यह करना चाहिए, क्योंकि इससे फर्क नहीं पड़ता कि मैं अच्छा करूं या नहीं।”रिया ने आगे कहा कि अब उन्हें खुशी है कि उन्होंने हां कह दिया। सात सालों में ज़िंदगी बहुत बदल गई है, लेकिन सेट पर लौटना साइकिल चलाने जैसा लगा, जिसे इंसान कभी नहीं भूलता। कोई भी मेरे साथ काम नहीं करना चाहता था: रियारिया ने बताया कि काम से ब्रेक उन्होंने अपनी मर्जी से नहीं लिया था। उन्होंने कहा, “मुझे मजबूरी में रुकना पड़ा, और यह दौर तकलीफ और दर्द से भरा था। जो कुछ हुआ, उसके तुरंत बाद शायद मैं इमोशनली, मेंटली या फिजिकली रूप से तैयार भी नहीं थी। वो साल, जब कोई भी मेरे साथ काम नहीं करना चाहता था, बेहद दर्दनाक थे। भगवान और यह दुनिया हम सबको मुश्किलों से लड़ने की ताकत देते हैं, बस हमें उसे पहचानना होता है। अगर मेरे दोस्त और परिवार मेरे साथ न होते, तो शायद मैं इस दौर से इस तरह बाहर नहीं आ पाती।” एक्टिंग में वापसी के अलावा रिया ने उन महिलाओं के बारे में भी इमोशनल होकर बात की, जिन्होंने उनके सबसे मुश्किल वक्त में उनका साथ दिया। उन्होंने कहा, “मेरी गर्ल फ्रेंड्स ने मुझे सच्ची दोस्ती का मतलब दिखाया है। बिना किसी वजह के प्यार मिलना और उनके साथ खड़े रहने के कारण उनके काम और करियर पर असर पड़ना, यह बहुत बड़ी बात है।” रिया ने सिंगर और एक्ट्रेस शिबानी दांडेकर को अपनी बहन जैसी बताया। रिया ने यह भी बताया कि शिबानी ने पब्लिकली उन्हें सपोर्ट करने की वजह से कुछ ब्रांड एंडोर्समेंट खो दिए थे, जिसके बारे में उन्हें बाद में पता चला। रिया ने कहा, “मैं खुशकिस्मत हूं कि मेरी ज़िंदगी में ऐसी महिलाएं हैं, जो एक-दूसरे को आगे बढ़ाती हैं। एक तरफ मैंने इंसानियत का सबसे बुरा रूप देखा, तो दूसरी तरफ उसका सबसे खूबसूरत रूप भी महसूस किया।”
अनटाइटल्ड मूवी:‘कॉकटेल 2' के बाद एक और फिल्म करेंगे शाहिद-रश्मिका
शाहिद कपूर और रश्मिका मंदाना आगामी फिल्म ‘कॉकटेल 2' से चर्चा में है, जिसकी शूटिंग हाल ही में पूरी हुई। कृति सेनन भी फिल्म का हिस्सा हैं। इस बीच हालिया जानकारी में बताया गया है कि शाहिद और रश्मिका एक अन्य फिल्म के लिए भी साथ आ रहे हैं। दोनों से जब बिना टाइटल वाली आगामी फिल्म के लिए बातचीत की गई तो उन्होंने तुरंत हामी भर दी। रोमांस और कॉमेडी का मिश्रण होगी फिल्म रिपोर्ट्स के मुताबिक शाहिद और रश्मिका ‘बधाई हो' और ‘मैदान' के निर्देशक अमित रविंद्रनाथ शर्मा की अगली फिल्म में साथ नजर आएंगे। यह अनाम फिल्म रोमांस और कॉमेडी का एक नया मिश्रण पेश करने का वादा करती है, जिसका निर्माण सुनीर खेत्रपाल, वर्मिलियन वर्ल्ड बैनर के तहत जियो स्टूडियोज के सहयोग से किया जाएगा। सुनीर इससे पहले जॉन अब्राहम स्टारर ‘रॉकी हैंडसम', वरुण धवन की ‘बदला' और ‘फर्रे' जैसी फिल्मों का निर्माण कर चुके हैं। अगस्त या सितंबर से शुरू होगी शूटिंग इस रोमांटिक फिल्म की शूटिंग इसी साल अगस्त या सितंबर महीने से शुरू कर देंगे। फिलहाल अभिनेता शाहिद अपनी आगामी फिल्म ‘ओ रोमियो' के प्रचार में व्यस्त हैं जो 13 फरवरी को रिलीज हो रही है। इसके अलावा एक्टर ने अपनी वेब सीरीज फर्जी' के दूसरे सीजन को लेकर भी संकेत दे दिया है। राज और डीके द्वारा निर्मित इस सीरीज में उन्हें दोबारा सनी के किरदार में देखा जाएगा।
नितेश तिवारी के डायरेक्शन में बन रही फिल्म रामायणः पार्ट-1 लगातार बड़ी स्टारकास्टिंग से चर्चा में है। इसी बीच खबरें रहीं कि एक्टर राघव जुयाल ने विक्रांत मैस्सी को फिल्म से रिप्लेस कर दिया है। रिप्लेसमेंट की खबरों पर अब विक्रांत मैस्सी ने चुप्पी तोड़ी है। उनका कहना है कि ये खबरें बेबुनियाद हैं, क्योंकि वो पहले भी इस फिल्म का हिस्सा नहीं थे। राघव जुयाल द्वारा रिप्लेस किए जाने की खबरें सामने आने के बाद विक्रांत मैस्सी ने ऑफिशियल इंस्टाग्राम स्टोरी के स्टोरी सेक्शन में लिखा, ओके, सब साफ करने के लिए कहना चाहता हूं कि मैं कभी भी इस फिल्म का हिस्सा नहीं था। मैं नहीं हूं, और कभी था भी नहीं। इतनी गैर-जिम्मेदार मीडिया कवरेज, वो भी ‘सम्मानित’ कहे जाने वाले मीडिया हाउसों से, सच में हैरान करने वाली है। आगे एक्टर ने लिखा, फिर भी, रामायण फिल्म के लिए सभी को ढेरों शुभकामनाएं। मैं जरूर टिकट खरीदकर इसे सिनेमाघरों में देखने जाऊंगा।” विक्रांत मैस्सी ने डिलीट की पोस्ट मीडिया कवरेज पर भड़ककर की कई इस पोस्ट के महज एक घंटे बाद ही विक्रांत ने अपनी पोस्ट डिलीट कर दी है। कैसे शुरू हुईं रिप्लेसमेंट की खबरें? हाल ही में वैराइटी की रिपोर्ट में दावा किया गया था कि नितेश तिवारी की फिल्म रामायण में राघव जुयाल लंकेश रावण यानी यश के बेटे मेघानद (इंद्रजीत) का किरदार निभाएंगे। इसके बाद से ही कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जाने लगा कि पहले ये रोल विक्रांत मैस्सी निभाने वाले थे, ऐसे में राघव जुयाल ने उन्हें रिप्लेस किया है। कैसी होगी रामायण की कास्टिंग? फिल्म रामायणः पार्ट- 1 में रणबीर कपूर, भगवान श्री राम का किरदार निभा रहे हैं, जबकि एक्ट्रेस साई पल्लवी माता सीता के रोल में हैं। केजीएफ स्टार यश फिल्म में लंकेश रावण और सनी देओल भगवान हनुमान के रोल में है। वहीं एक्टर रवि दुबे लक्ष्मण का रोल निभा रहे हैं। इनके अलावा एक्ट्रेस काजल अग्रवाल मंदोदरी और रकुल प्रीत सिंह भी सूर्पणखा के रोल में होने वाली हैं। बता दें कि फिल्म रामायण 6 नवंबर को रिलीज हो रही है।
एक्ट्रेस प्रियंका चोपड़ा को हाल ही में हैदराबाद एयरपोर्ट पर स्पॉट किया गया। वे एस. एस. राजामौली की अपकमिंग फिल्म ‘वाराणसी’ की शूटिंग शेड्यूल पूरा करने के बाद रवाना हो रही थीं। एयरपोर्ट में एंट्री के दौरान उन्होंने मास्क पहना हुआ था, जिसे उन्होंने सिक्योरिटी चेक के लिए हटाया। एयरपोर्ट पर प्रियंका का ट्रैवल लुक सिंपल और रिलैक्स्ड नजर आया। उन्होंने मोनोक्रोमैटिक सफेद आउटफिट पहना था, जिसमें सफेद कार्गो ट्राउजर के साथ सफेद क्रॉप टॉप शामिल था। लुक को उन्होंने कैप और बन हेयरस्टाइल के साथ पूरा किया। शनिवार को प्रियंका ने हैदराबाद में कैब राइड का एक वीडियो इंस्टाग्राम पर शेयर किया। वीडियो में प्रियंका गाड़ी में मिले एक अजीब मास्क को देखकर हल्के-फुल्के मस्ती भरे अंदाज में दिखीं। बता दें कि प्रियंका भारत फिल्म ‘वाराणसी’ की शूटिंग के लिए आई थीं, जिसे एस. एस. राजामौली डायरेक्ट कर रहे हैं। यह एक बड़े लेवल की एक्शन-एडवेंचर फिल्म है, जिसमें महेश बाबू लीड रोल में हैं। इस फिल्म से प्रियंका भारतीय फिल्मों में वापसी कर रही हैं और फिल्म 7 अप्रैल 2027 को रिलीज होगी। फिल्म ‘द ब्लफ’ में नजर आएंगी प्रियंका प्रियंका जल्द फिल्म ‘द ब्लफ’ में नजर आएंगी, जो 25 फरवरी को अमेजन प्राइम वीडियो पर रिलीज होगी। यह फिल्म 19वीं सदी के कैरिबियन द्वीप समूह पर आधारित है। प्रियंका इसमें ‘एर्सेल बोडेन’ उर्फ ‘ब्लडी मैरी’ नाम की एक पूर्व समुद्री डाकू की भूमिका निभा रही हैं, जो अपने परिवार को बचाने के लिए अपने हिंसक अतीत का सामना करती है। यह फिल्म मूल रूप से अंग्रेजी में है, लेकिन भारत के लिए इसे हिंदी, तमिल और तेलुगु सहित कई क्षेत्रीय भाषाओं में डब किया जाएगा। इसका निर्देशन फ्रैंक ई. फ्लावर्स ने किया है और इसे एवेंजर्स फेम रूसो ब्रदर्स (AGBO) ने प्रोड्यूस किया है।
सनी देओल की मल्टीस्टारर फिल्म बॉर्डर 2, रिलीज के दो हफ्ते बाद भी बेहतरीन बॉक्स ऑफिस कलेक्शन कर रही है। फिल्म ने शुक्रवार यानी 6 फरवरी को महज 2.85 करोड़ का कलेक्शन किया था, हालांकि तीसरे वीकेंड यानी शनिवार को फिल्म की कमाई में उछाल देखने मिली और फिल्म ने 4.25 करोड़ का कलेक्शन कर लिया। शनिवार के कलेक्शन के साथ फिल्म का इंडियन बॉक्स ऑफिस कलेक्शन 385.58 करोड़ हो चुका है। फिल्म ने 16 दिनों में वर्ल्डवाइड 54 करोड़ कमाए हैं, जिसके साथ इसका वर्ल्डवाइड कलेक्शन 440 करोड़ हो चुका है। सलमान खान की सुल्तान और बजरंगी भाईजान का रिकॉर्ड टूटा इंडियन बॉक्स ऑफिस कलेक्शन के मामले में बॉर्डर 2 कई बड़ी फिल्मों को पीछे कर चुकी है। भारत में 358 करोड़ कमाई कर बॉर्डर 2, सैयारा (337 करोड़), बजरंगी भाईजान (320 करोड़), सुल्तान (300 करोड़) का रिकॉर्ड तोड़ चुकी है। फिलहाल ये भारत में सबसे ज्यादा कमाई करने वाली 13वीं फिल्म है। 2026 की सबसे बड़ी फिल्म बनी, मर्दानी 3 काफी पीछे बॉर्डर 2, वर्ल्डवाइड 440 करोड़ का कलेक्शन कर इस साल की सबसे बड़ी फिल्म बन चुकी है। बॉर्डर के बाद रानी मुखर्जी की फिल्म मर्दानी 3 रिलीज हुई थी, हालांकि फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कोई कमाल नहीं कर सकी और 32 करोड़ रुपए ही कमा सकी है। धर्मेंद्र की इक्कीस भी इस साल रिलीज हुई है, हालांकि फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फेल रही। ओ रोमियो की रिलीज से पड़ेगा असर शाहिद कपूर और तृप्ति डिमरी स्टारर फिल्म ओ रोमियो 13 फरवरी को रिलीज हो रही है। ट्रेलर रिलीज के बाद से ही फिल्म चर्चा में है। ऐसे में फिल्म की रिलीज के बाद बॉर्डर की कमाई रुक सकती है।
फिल्म मैरी कॉम और सीरीज द फैमिली मैन-3 में नजर आ चुके एक्टर सुनील थापा का 6 फरवरी को 68 साल की उम्र में निधन हो गया। उनके निधन की खबर मिलने के बाद मैरी कॉम एक्ट्रेस प्रियंका चोपड़ा भावुक हो गईं। उन्होंने बताया है कि जब उनके पिता का निधन हुआ, तब सुनील थापा ने उन्हें संभाला था। प्रियंका चोपड़ा ने हाल ही में फिल्म मैरी कॉम के कुछ सीन्स का वीडियो शेयर कर भावुक होकर लिखा है, आप हमेशा मेरे कोच सर रहेंगे। जब मैंने अपने पिता को खो दिया था, तब आपने मुझे संभाला। आपने मुझे प्यार दिया और कई कठिन दिनों में मेरा साथ दिया, बिना यह जाने कि आप मेरे लिए कितने मायने रखते थे। आपकी गर्मजोशी भरी झप्पी और आपकी हंसी हमेशा मेरी यादों का हिस्सा रहेंगी। आगे प्रियंका ने लिखा है, ‘बहुत कम उम्र में चले गए, लेकिन कभी भुलाए नहीं जाएंगे। उस समय आपकी दयालुता के लिए धन्यवाद, जब मैं पूरी तरह टूट चुकी थी। शांति से विश्राम करें, सुनील थापा। मेरी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं परिवार और प्रियजनों के साथ हैं।’ एक्टर सुनील थापा के निधन का कारण कार्डियक अरेस्ट बताया जा रहा है। काठमांडू पोस्ट के अनुसार, नॉर्विक अस्पताल के चेयरपर्सन राजेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि सुनील थापा को बेहोशी की हालत में अस्पताल लाया गया था। शुक्रवार सुबह 7:44 बजे किए गए ईसीजी में उनकी मौत की पुष्टि हुई। सुनील थापा नेपाली एक्टर थे, जिन्होंने 300 से ज्यादा नेपाली फिल्मों के साथ-साथ कई बॉलीवुड और भोजपुरी फिल्मों में भी काम किया। फिल्म मैरी कॉम में सुनील ने कोच की भूमिका निभाई थी। इसके अलावा वो फिल्म एक दूजे के लिए (1981), खामियाजा (2019) जैसी कई फिल्मों का हिस्सा रहे हैं।
रानी मुखर्जी स्टारर फिल्म मर्दानी 3 गलत तरह पब्लिसिटी स्टंट करने के आरोप से सुर्खियों में आ गई है। दरअसल, बीते कुछ दिनों सें दिल्ली से लापता हुए करीब 800 लोगों की खबर से सनसनी मची हुई है, जिसमें 300 लड़कियां भी शामिल हैं। इसी बीच फिल्म मर्दानी 3 आई, जिसमें इसी तरह का कॉन्सेप्ट दिखाया गया। लापता लड़कियों और फिल्म में कनेक्शन होने पर लगातार दावे किए जाने लगे कि यशराज फिल्म्स ने फिल्म मर्दानी 3 प्रमोट करने के लिए लड़कियों के गायब होने की झूठी खबरों को सनसनी बनाकर बढ़ा-चढ़ा कर फैलाया। फिल्म के मेकर्स पर ये भी आरोप लगे कि उन्होंने कुछ एजेंसियों को पैसे देकर लड़कियों के लापता होने की खबरें चलवाईं, जिसे दूसरी मीडिया कंपनियों ने भी चलाया और ये खबर फैल गई। इसके बाद फिल्म मर्दानी 3 रिलीज की गई, जिसमें लड़कियों को रेस्क्यू करने की बात की गई। दिल्ली पुलिस ने ऑफिशियल सोशल मीडिया अकाउंट से भी साफ किया कि जांच में सामने आया है कि मिसिंग लड़कियों की खबरें महज पैसे देकर किया गया पब्लिसिटी स्टंट है। दिल्ली पुलिस ने लिखा है, कुछ सुरागों का पीछा करने के बाद हमें पता चला कि दिल्ली में लड़कियों के लापता होने में अचानक बढ़ोतरी को लेकर फैलाया जा रहा हंगामा पैसों के बदले किए गए प्रचार के जरिये बढ़ाया जा रहा है। दहशत फैलाकर मुनाफा कमाने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी, और ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इन दावों पर सफाई देते हुए अब यशराज फिल्म्स के स्पोक्सपर्सन ने स्क्रीन से बातचीत में कहा, यशराज फिल्म्स 50 साल पुरानी कंपनी है, जो नैतिकता और ट्रांसपेरेंट मूल सिद्धांतों पर चलती है। और उन्हीं के अनुसार काम करती है। सोशल मीडिया पर जो भी आरोप लगाए जा रहे हैं, हम उसका खंडन करते हैं। आगे स्पोक्सपर्सन कहते हैं, कहा जा रहा है कि मर्दानी 3 के प्रमोशन के लिए एक संवेदनशील मुद्दे को जानबूझकर सनसनीखेज बनाया गया, लेकिन ऐसा नहीं है। हम इसका खंडन करते हैं। हमें अपनी एथॉरिटी और संस्थाओं पर पूरा यकीन है कि वो समय आने पर सभी फैक्ट्स और सच्चाई को सामने ले आएंगे।
शाहिद कपूर और तृप्ति डिमरी स्टारर फिल्म ओ रोमियो की के खिलाफ हुसैन उस्तरा की बेटी ने एक याचिका दायर की थी। उन्होंने फिल्म की रिलीज रोके जाने की मांग की थी, हालांकि बॉम्बे सिटी सिविल कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी है, जिसके बाद अब ये फिल्म तय तारीख पर ही रिलीज होगी। 7 फरवरी को गैंगस्टर हुसैन शेख की बेटी की याचिका पर सुनवाई हुई। उन्होंने याचिका में कहा था कि फिल्म के जरिए उनके पिता की निजता और प्रतिष्ठा का उल्लंघन किया गया है। हालांकि कोर्ट ने सुनवाई में कहा कि निजता का अधिकार व्यक्तिगत होता है और किसी व्यक्ति के निधन के बाद ये अधिकार खत्म हो जाता है। इसे परिवार की विरासत के तौर पर नहीं देखा जा सकता है। साथ ही कोर्ट ने ये भी कहा है कि किसी फिल्म या क्रिएटिविटी को रोकने के लिए व्यक्तिगत अधिकार का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने ये भी कहा कि मेकर्स की तरफ से फिल्म में एक डिस्क्लेमर दिया गया है, जिससे ये साफ है कि फिल्म फिक्शनल है और उसके पात्र भी काल्पनिक हैं। फिल्म के किरदारों की किसी असल व्यक्ति से समानता महज एक संयोग है। कोर्ट का सवाल- रिलीज से ठीक पहले क्यों हुई रोके जाने की मांग कोर्ट ने शिकायतकर्ता पक्ष से साफ कहा है कि फिल्म ओ रोमियो की अनाउंसमेंट 2024 में हुई थी। तब से लेकर अब तक इस पर आपत्ति नहीं जताई गई। तो रिलीज से ठीक पहले क्यों। इस तरह की याचिका से मेकर्स और फिल्ममेकिंग से जुड़े लोगों को बड़ा आर्थिक नुकसान पहुंच सकता है। 13 फरवरी को रिलीज होगी फिल्म ओ रोमियो बता दें कि फिल्म ओ रोमियो 13 फरवरी को रिलीज होने के लिए शेड्यूल है। फिल्म का निर्देशन विशाल भारद्वाज ने किया है, जो इससे पहले कमीने, हैदर, मकबूल, ओमकारा, 7 खून माफ जैसी फिल्में बना चुके हैं। इस फिल्म में शाहिद कपूर, तृप्ति डिमरी लीड रोल में हैं, जबकि नाना पाटेकर, फरीदा जलाल, तमन्ना भाटिया, अविनाश तिवारी भी अहम किरदारों में हैं। फिल्म ओ रोमियो पॉपुलर राइटर हुसैन जैदी की बुक माफिया क्वींस ऑफ मुंबई पर आधारित है, जिसमें शाहिद कपूर मशहूर गैंगस्टर हुसैन उस्तरा के किरदार में हैं।
बॉलीवुड के दबंग स्टार सलमान खान आज मुंबई में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी समारोह के तहत आयोजित व्याख्यानमाला कार्यक्रम में पहुंचे। यह कार्यक्रम संघ की 100 साल की यात्रा और भविष्य की सोच पर आधारित है। सलमान ने नेहरू सेंटर ऑडिटोरियम में आयोजित इस “100 Years of Sangh Journey: New Horizons” कार्यक्रम में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। उन्होंने डार्क ब्लू शर्ट और कूल लुक में मीडिया कैमरों के सामने एंट्री दी, जिसे वहां मौजूद लोगों ने खूब नोटिस किया। कार्यक्रम के पहले सत्र में RSS प्रमुख डॉ. मोहन भागवत ने संघ की 100 साल पुरानी यात्रा, उसकी भूमिका और संगठन के विचारों पर विस्तार से बोलते हुए कहा कि संघ का काम ‘’देश और समाज के विकास के लिए समर्पित है, न कि किसी के खिलाफ।” इस व्याख्यानमाला के लिए संघ द्वारा कुल 1208 अतिथियों को आमंत्रण भेजा गया, जिनमें से लगभग 850 से अधिक गणमान्य व्यक्ति कार्यक्रम में शामिल हुए। समारोह में कई अन्य नामी हस्तियों को भी बुलाया गया है, जिसमें फिल्म निर्माता सुभाष घई और गीतकार, कवि व लेखक प्रसून जोशी भी मौजूद रहे। RSS के 2-दिन के इस कार्यक्रम में वरिष्ठ नेता, विचारक और आम जनता के लोग शामिल हैं। यह आयोजन संघ की शताब्दी वर्ष की खास गतिविधियों में से एक है, जिसका उद्देश्य संगठन की सोच, इतिहास और भविष्य के एजेंडे पर व्यापक चर्चा करना है।
बॉलीवुड के दबंग स्टार सलमान खान आज मुंबई में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी समारोह के तहत आयोजित व्याख्यानमाला कार्यक्रम में पहुंचे। यह कार्यक्रम संघ की 100 साल की यात्रा और भविष्य की सोच पर आधारित है। सलमान ने नेहरू सेंटर ऑडिटोरियम में आयोजित इस “100 Years of Sangh Journey: New Horizons” कार्यक्रम में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। उन्होंने डार्क ब्लू शर्ट और कूल लुक में मीडिया कैमरों के सामने एंट्री दी, जिसे वहां मौजूद लोगों ने खूब नोटिस किया। कार्यक्रम के पहले सत्र में RSS प्रमुख डॉ. मोहन भागवत ने संघ की 100 साल पुरानी यात्रा, उसकी भूमिका और संगठन के विचारों पर विस्तार से बोलते हुए कहा कि संघ का काम “देश और समाज के विकास के लिए समर्पित है, न कि किसी के खिलाफ।” इस व्याख्यानमाला के लिए संघ द्वारा कुल 1208 अतिथियों को आमंत्रण भेजा गया, जिनमें से लगभग 850 से अधिक गणमान्य व्यक्ति कार्यक्रम में शामिल हुए। समारोह में कई अन्य नामी हस्तियों को भी बुलाया गया है, जिसमें फिल्म निर्माता सुभाष घई और गीतकार, कवि व लेखक प्रसून जोशी भी मौजूद रहे। RSS के 2-दिन के इस कार्यक्रम में वरिष्ठ नेता, विचारक और आम जनता के लोग शामिल हैं। यह आयोजन संघ की शताब्दी वर्ष की खास गतिविधियों में से एक है, जिसका उद्देश्य संगठन की सोच, इतिहास और भविष्य के एजेंडे पर व्यापक चर्चा करना है।
अक्षय कुमार की अपकमिंग फिल्म ‘भूत बंगला’ की रिलीज डेट में बदलाव किया गया है। पहले यह फिल्म 15 मई 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली थी, लेकिन अब इसे प्रीपोन कर 10 अप्रैल 2026 कर दिया गया है। यानी दर्शकों को अक्षय कुमार की इस हॉरर-कॉमेडी फिल्म के लिए अब एक महीने कम इंतजार करना होगा। क्यों बदली गई ‘भूत बंगला’ की रिलीज डेट? फिल्म की रिलीज डेट आगे खिसकाने के पीछे मेकर्स की एक सोची-समझी रणनीति बताई जा रही है। अप्रैल का महीना थिएट्रिकल रिलीज के लिहाज से बेहतर माना जाता है, क्योंकि इस दौरान बड़े क्लैश कम होते हैं और दर्शकों की भीड़ ज्यादा देखने को मिलती है। इसके अलावा, साल 2026 में अक्षय कुमार की कई फिल्में लाइनअप में हैं, ऐसे में मेकर्स चाहते हैं कि हर फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर पूरा और सही स्पेस मिले। अक्षय कुमार करेंगे सालभर एंटरटेन अक्षय कुमार लंबे समय से लगातार फिल्मों के जरिए दर्शकों का मनोरंजन करते आ रहे हैं। ‘भूत बंगला’ को भी उनकी एक मजबूत जॉनर फिल्म माना जा रहा है, जिसमें हॉरर के साथ कॉमेडी का तड़का देखने को मिलेगा। फिल्म की रिलीज डेट को प्रीपोन करने का फैसला इसी सोच के साथ लिया गया है कि दर्शकों को साल की शुरुआत में ही एक बड़ा एंटरटेनर मिल सके। स्टारकास्ट है दमदार ‘भूत बंगला’ में अक्षय कुमार के साथ वामिका गब्बी, परेश रावल, तब्बू और राजपाल यादव अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। खास बात यह है कि परेश रावल और राजपाल यादव जैसे कलाकारों की मौजूदगी से फिल्म में कॉमेडी का लेवल और भी ऊंचा होने की उम्मीद है। वहीं तब्बू और वामिका गब्बी फिल्म को एक अलग रंग देती नजर आएंगी। प्रियदर्शन के निर्देशन में बनेगी फिल्म फिल्म का निर्देशन प्रियदर्शन कर रहे हैं, जो पहले भी अक्षय कुमार के साथ कई सुपरहिट कॉमेडी फिल्में दे चुके हैं। इस वजह से ‘भूत बंगला’ को लेकर दर्शकों की एक्साइटमेंट पहले से ही काफी ज्यादा है। फिल्म को बालाजी मोशन पिक्चर्स और केप ऑफ गुड फिल्म्स मिलकर प्रेजेंट कर रहे हैं। इन नामों ने संभाली प्रोडक्शन की कमान ‘भूत बंगला’ को अक्षय कुमार, शोभा कपूर और एकता कपूर ने मिलकर प्रोड्यूस किया है। मजबूत टीम, दमदार स्टारकास्ट और प्रियदर्शन जैसे अनुभवी निर्देशक की मौजूदगी ने इस फिल्म को 2026 की मोस्ट अवेटेड फिल्मों की लिस्ट में शामिल कर दिया है। अब देखना दिलचस्प होगा कि 10 अप्रैल 2026 को रिलीज होने वाली ‘भूत बंगला’ बॉक्स ऑफिस पर कितना धमाल मचाती है और क्या अक्षय कुमार एक बार फिर दर्शकों को हंसी और डर का अनोखा कॉम्बिनेशन देने में कामयाब होते हैं।
बॉलीवुड के सबसे पॉपुलर सुपरहीरो फ्रेंचाइजी कृष की चौथी कड़ी ‘कृष 4’ को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। लंबे समय से फिल्म की तैयारी जोरों पर थी, लेकिन अब इसे फिलहाल रोक दिया गया है और काम पर ब्रेक लगा दिया गया है। कृष सीरीज के फैंस पिछले कई वर्षों से चौथे भाग का इंतजार कर रहे हैं। पहले कृष (2006) और कृष 3 (2013) ने दर्शकों को खूब रोमांच दिया था, इसलिए अगला पार्ट भी ब्लॉकबस्टर बनने की उम्मीद थी। इस बार खबर थी कि सुपरस्टार ऋतिक रोशन न केवल हीरो होंगे, बल्कि फिल्म को डायरेक्ट भी करेंगे। बॉलीवुड हंगामा की रिपोर्ट के मुताबिक फिल्म अचानक ठंडे बस्ते में चली गई है। बजट को लेकर आयी मतभेद प्रमुख वजह बनी है। कहा जा रहा है कि ऋतिक चाहते थे कि ‘कृष 4’ को करीब ₹500 करोड़ के बजट में बनाया जाए, लेकिन आदित्य चोपड़ा और उनकी टीम ₹350 करोड़ के बजट पर अटके रहे। दोनों पक्षों के बीच बजट को लेकर लंबी बातचीत चली, लेकिन कोई ठोस निर्णय नहीं निकल पाया। इस विवाद के चलते फिल्म को फिलहाल साइडलाइन कर दिया गया है। अब ऋतिक रोशन खुद दूसरे स्टूडियोज से बातचीत कर रहे हैं, ताकि वे बजट के मुताबिक स्क्रिप्ट में बदलाव करके ‘कृष 4’ पर फिर से फोकस कर सकें। सूत्रों का कहना है कि ऋतिक रोशन, आदित्य की प्रतिक्रिया को सकारात्मक रूप से ले रहे हैं और जल्द ही नई योजना के साथ आगे आएंगे। जैसे-जैसे ये मुद्दा सुलझेगा, ‘कृष 4’ पर काम फिर से शुरू हो सकता है। फैंस को उम्मीद है कि बजट फाइनल होने पर शूटिंग और रिलीज की तिथियों का घोषणा जल्दी ही होगी। फिलहाल तो ये सुपरहीरो फिल्म कुछ समय के लिए रुकी हुई है, लेकिन इंडस्ट्री की नजरें अब आगे के प्लान पर जमी हुई हैं।
बॉलीवुड की प्रतीक्षित कॉमेडी फिल्म ‘हेरा फेरी 3’ फिर से सुर्खियों में आ गई है, लेकिन इस बार वजह है कानूनी झगड़ा और राइट्स विवाद। साउथ फिल्म निर्माता सेवन आर्ट्स इंटरनेशनल लिमिटेड ने दावा किया है कि फिल्म के राइट्स असल में उनके पास हैं, न कि निर्माता फिरोज नाडियाडवाला के। इस बात को लेकर उन्होंने मद्रास हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। HTCity में छपी खबर मुताबिक, साउथ निर्माता GP विजयकुमार ने 2022 में मलयालम फिल्म रामजी राव स्पीकिंग के ओरिजिनल निर्माताओं से ’हेरा फेरी’ फ्रैंचाइजी के अधिकार खरीद लिए थे। उनका कहना है कि फिरोज नाडियाडवाला को केवल इस मूल फिल्म का एक हिंदी रीमेक बनाने की अनुमति दी गई थी, जो 2000 में रिलीज हुई। लेकिन नाडियाडवाला ने 2006 में फिर हेरा फेरी भी बना दी और अब तीसरे भाग के अधिकार तक बेच दिए हैं, जो कि उनके पास बनाने का कोई वैध अधिकार नहीं था। सेवन आर्ट्स के MD विजयकुमार के अनुसार, ‘फिर हेरा फेरी’ के समय पर किसी ने इस अधिकार उल्लंघन को पकड़ा नहीं था क्योंकि पहली फिल्म के डायरेक्टर प्रियदर्शन से उनके अच्छे रिश्ते थे। लेकिन अब जब ‘हेरा फेरी 3’ की योजना बनी, तो असल मालिकों को एहसास हुआ कि नाडियाडवाला ने सीक्वल और किरदारों का इस्तेमाल बिना अनुमति किया है। उन्होंने यह भी बताया कि नाडियाडवाला ने वही अधिकार अक्षय कुमार के प्रोडक्शन हाउस कैप ऑफ गुड फिल्म्स को बेचे, जिसके खिलाफ उन्होंने लीगल नोटिस भेजा और कोर्ट का सहारा लिया। फिरोज नाडियाडवाला और अक्षय कुमार की तरफ से अब तक आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, और डायरेक्टर प्रियदर्शन ने भी बयान देते हुए कहा है कि उन्हें इस कानूनी मामले की कोई जानकारी नहीं है। इस बीच, ‘हेरा फेरी 3’ पहले से ही परेश रावल की अस्थायी एग्जिट और वापसी के कारण भी विवादों में रहा है। अब राइट्स विवाद ने इसे और उलझा दिया है, जिससे फिल्म की रिलीज और प्रोडक्शन पर अनिश्चितता छा गई है।
नेपाली एक्टर सुनील थापा का शुक्रवार सुबह 68 साल की उम्र में निधन हो गया। काठमांडू के थापथली स्थित नॉर्विक अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। अस्पताल के अनुसार, उनकी मौत कार्डियक अरेस्ट के चलते हुई। बता दें कि सुनील थापा ने नेपाली और हिंदी समेत कई फिल्मों में एक्टिंग की है। फिल्म मैरी कॉम में प्रियंका चोपड़ा के कोच के किरदार से उन्हें खास पहचान मिली, जिसके लिए उन्हें फिल्मफेयर अवॉर्ड्स में नॉमिनेशन भी मिला था। काठमांडू पोस्ट के अनुसार, नॉर्विक अस्पताल के चेयरपर्सन राजेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि सुनील थापा को बेहोशी की हालत में अस्पताल लाया गया था। शुक्रवार सुबह 7:44 बजे किए गए ईसीजी में उनकी मौत की पुष्टि हुई। 300 से अधिक नेपाली फिल्मों में अभिनय किया नेपाली सिनेमा के कद्दावर एक्टर माने जाने वाले सुनील थापा ने कई दशकों तक नेपाली, बॉलीवुड और भोजपुरी फिल्मों में काम किया। उन्होंने 300 से अधिक नेपाली फिल्मों में अभिनय किया। फिल्म चीनो में ‘रात कैला’ के रूप में निभाया गया उनका किरदार बेहद लोकप्रिय हुआ और इसी रोल ने उन्हें इंडस्ट्री के सबसे फेमस विलेन के रूप में स्थापित किया। फिल्मों में आने से पहले थापा खेलों से भी जुड़े रहे। उन्होंने बॉम्बे के क्लबों के लिए प्रोफेशनल फुटबॉल खेला। अपने शुरुआती करियर में वह JS मैगजीन (जूनियर स्टेट्समैन) में फोटो जर्नलिस्ट भी रहे। सुनील थापा एवरेस्ट फिल्म एकेडमी के चेयरपर्सन भी रह चुके थे। उनकी आखिरी स्क्रीन अपीयरेंस फिल्म एकलो में थी। परिवार के अन्य सदस्य मुंबई में रहते हैं, जबकि वह काठमांडू में एक अपार्टमेंट में रह रहे थे।
डायरेक्टर लेनिन भारती ने सुपरस्टार रजनीकांत की आलोचना करते हुए उन्हें ‘नकली समाजसेवी’ कहा है। दरअसल, रजनीकांत ने हाल ही में चेन्नई की एक सफाई कर्मचारी पद्मा की ईमानदारी से खुश होकर उसे एक सोने की चेन गिफ्ट की। इस खबर के सामने आते ही कई लोगों ने रजनीकांत की इस पहल की तारीफ की। हालांकि, डायरेक्टर लेनिन भारती ने इस पर अलग तरीके से रिएक्ट किया। लेनिन ने X पर रजनीकांत की टीम द्वारा शेयर की गई एक तस्वीर पोस्ट की। इस तस्वीर में रजनीकांत, सफाई कर्मचारी की वर्दी पहने पद्मा को गले लगाते दिख रहे हैं। तस्वीर के साथ लेनिन ने तमिल में लिखा, जब सफाई कर्मचारी रिपन बिल्डिंग के बाहर अपने अधिकारों के लिए प्रदर्शन कर रहे थे, तब आप कहां थे, रजनीकांत सर? ऐसा लगता है कि आपकी तथाकथित दरियादिली उन्हें तभी देख पाती है, जब वे वर्दी में हों। आप नकली समाजसेवी हैं। बता दें कि रजनीकांत ने मंगलवार को पद्मा को अपने पोएस गार्डन स्थित घर बुलाया था और उसे सोने की चेन दी। पद्मा टी नगर इलाके में सफाई कर्मचारी के तौर पर काम करती हैं। उन्हें वहां एक लावारिस पर्स मिला था, जिसमें 45 सोवरन (कुल वजन 360 ग्राम) सोने के गहने थे। पद्मा ने तुरंत अपने अधिकारियों को इसकी जानकारी दी और बाद में सोना पुलिस को सौंप दिया, ताकि वह सही मालिक तक पहुंच सके। रजनीकांत ने इसी ईमानदारी के लिए उन्हें सम्मानित किया था। कौन है लेनिन भारती?लेनिन भारती तमिल फिल्म इंडस्ट्री के डायरेक्टर, राइटर और एक्टर हैं। उन्होंने साल 2018 में फिल्म ‘मेरकु थोडर्ची मलाई’ से डायरेक्शन की शुरुआत की थी, जिसे विजय सेतुपति ने प्रोड्यूस किया था। इससे पहले लेनिन ने 2013 की फिल्म ‘आधालल कधल सेवीर’ का स्क्रीनप्ले लिखा था। एक्टिंग के क्षेत्र में भी वह एक्टिव रहे हैं और ‘अर्जुनन पेर पाथु’ और ‘बाइसन कालमादन’ जैसी फिल्मों में नजर आ चुके हैं।
हाल ही में जियो हॉटस्टार पर पहली एआई-जनरेटेड वेब सीरीज ‘महाभारत: एक धर्मयुद्ध’ रिलीज हुई। यह स्टार प्लस पर भी प्रसारित हुई। अब तक 15 एपिसोड आ चुके हैं और 100 एपिसोड तक की तैयारी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक लॉन्च के दिन ही इस शो को 65 लाख दर्शकों ने देखा। रिव्यू भले मिक्स्ड रहे हों, लेकिन इसने एक नया ट्रेंड जरूर शुरू कर दिया। अब कई ओटीटी प्लेटफॉर्म पूरी एआई-जनरेटेड वेब सीरीज-फिल्में बनाने में जुटे हैं। इसी कड़ी में नेशनल अवॉर्ड विजेता निर्देशक राजेश मापुस्कर की ‘चिरंजीवी हनुमान: द इटरनल’ को देश की पहली पूरी तरह एआई-जनरेटेड थिएट्रिकल फिल्म माना जा रहा है। इस ट्रेंड के पीछे बजट का बड़ा रोल है। बालाजी में एआई प्रमुख चेतन हंसराज ने हाल ही में कहा कि उनकी टीम ने एआई के इस्तेमाल से एक एपिसोड बनाने की लागत 80% तक कम कर दी है। सोशल मीडिया पर एआई जनरेटेड कंटेंट की बाढ़सोशल मीडिया, खासकर इंस्टाग्राम रील्स और यूट्यूब शॉर्ट्स, एआई-जनरेटेड कंटेंट का सबसे बड़े प्लेटफॉर्म बन चुके हैं। इसका बड़ा उदाहरण ‘बंदर अपना दोस्त’ चैनल है। नवंबर 2025 में यूट्यूब पर इसके 2.07 अरब व्यूज थे, जो अब बढ़कर 2.65 अरब हो चुके हैं। सैन फ्रांसिस्को बेस्ड प्लेटफॉर्म कैपविंग की रिपोर्ट के मुताबिक इस चैनल की अनुमानित सालाना कमाई 38.5 करोड़ रुपए आंकी गई। इसी तरह मार्वल के प्रसिद्ध किरदार हल्क के देसी अवता भी वायरल हैं। एआई द्वारा निर्मित इंस्टाग्राम रील्स में हल्क (थैनोस और आयरन मैन के साथ) को मुंबई नगर निगम (बीएमसी) चुनावों के संदर्भ में नेताजी के रूप में दिखाया गया है, जिसे लाखों बार देखा गया है।
एक्टर विक्रांत मैसी ने दिसंबर 2024 में फिल्मों से ब्रेक लेने के अपने ऐलान पर रिएक्शन दिया है। उन्होंने बताया कि वह मेंटल और इमोशनल बर्नआउट से गुजर रहे थे और अपने परिवार के साथ समय बिताना चाहते थे। रिटायरमेंट का उनका कोई इरादा नहीं था। टाइम्स नाउ को दिए इंटरव्यू में विक्रांत मैसी ने कहा कि आज भी उनसे लोग पूछते हैं कि उन्होंने “रिटायरमेंट” क्यों लिया। उन्होंने बताया कि उनका बयान गलत तरीके से समझ लिया गया। उनके मुताबिक, एक्टर्स का ब्रेक लेना अभी भी लोगों को अजीब लगता है, इसलिए ऐसा हुआ। उनका इरादा कभी भी हमेशा के लिए काम छोड़ने का नहीं था, बल्कि सिर्फ परिवार के साथ समय बिताने का था। उन्होंने कहा, “X (ट्विटर) पर शब्दों की लिमिट होती है। मैंने उन्हीं शब्दों में पूरी बात बताने की कोशिश की, लेकिन सब कुछ लोगों तक नहीं पहुंच पाया। कई बातें गलत समझ ली गईं। मैं सिर्फ ब्रेक लेना चाहता था। उस वक्त मैं काफी ज्यादा थक चुका था।” ब्रेक के दौरान विक्रांत मैसी ने क्या किया ब्रेक के दौरान विक्रांत मैसी ने अपने काम पर दोबारा नजर डाली। उन्होंने अपनी सभी फिल्मों को देखा और समझने की कोशिश की कि वह खुद को कैसे बेहतर बना सकते हैं। इस दौरान उन्होंने अपने परिवार को प्राथमिकता दी और खासतौर पर अपने छोटे बेटे के साथ ज्यादा वक्त बिताया, जिसे वह लगातार शूटिंग की वजह से मिस कर रहे थे। यह ब्रेक उनके लिए खुद को फिर से तरोताजा करने और फोकस लौटाने का समय था। विक्रांत ने कहा कि एक कलाकार सिर्फ लंबे शूटिंग शेड्यूल से नहीं थकता, बल्कि मानसिक और भावनात्मक रूप से भी पूरी तरह खुद को झोंक देता है। किसी किरदार को निभाने में कलाकार अपनी सारी एनर्जी लगा देता है, जिससे थकान होना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि एक साल में चार फिल्मों की शूटिंग करना बहुत मुश्किल होता है। उन्होंने ‘12th फेल’, ‘साबरमती एक्सप्रेस’ और ‘सेक्टर 26’ का जिक्र करते हुए कहा कि वह इन फिल्मों के लिए आभारी हैं, लेकिन एक ही साल में इतनी फिल्में करना आसान नहीं होता। 7 महीने के ब्रेक में क्या बदला विक्रांत मैसी ने बताया कि इस ब्रेक के दौरान उन्हें एहसास हुआ कि उनकी हाल की फिल्मों में उनकी एक्टिंग में ज्यादा नया नहीं दिख रहा था। इसी वजह से उन्होंने खुद पर काम करने और नए सिरे से शुरुआत करने का फैसला किया। इसके साथ ही वह अपने बेटे के साथ ज्यादा समय बिताना चाहते थे। उन्होंने बताया कि उनके बेटे का जन्म उस समय हुआ था, जब वह लगातार काम कर रहे थे। बेटे के कई अहम पल उन्होंने सिर्फ वीडियो में देखे, जो उनकी पत्नी भेजती थीं। जब उनके बेटे ने पहली बार “पापा” कहा और वह वहां मौजूद नहीं थे, तो उन्हें बहुत अफसोस हुआ। यही अहसास उन्हें समझा गया कि काम हमेशा रहेगा, लेकिन ऐसे पल दोबारा नहीं आते। वर्क फ्रंट की बात करें तो विक्रांत के पास कई प्रोजेक्ट्स लाइन में हैं। वह जल्द ही विशाल भारद्वाज की रोमांटिक थ्रिलर फिल्म ‘ओ’ रोमियो’ में नजर आएंगे, जिसमें शाहिद कपूर और तृप्ति डिमरी भी हैं। यह फिल्म 13 फरवरी को रिलीज होने वाली है। इसके अलावा वह ‘मुसाफिर कैफे’ नाम की वेब सीरीज में भी दिखाई देंगे, जो नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम होगी। खास बात यह है कि यह सीरीज विक्रांत के लिए बतौर प्रोड्यूसर डेब्यू भी है। इस सीरीज की स्ट्रीमिंग डेट अभी घोषित नहीं की गई है।
फिल्म मर्दानी 3 में ‘अम्मा’ के किरदार ने दर्शकों को झकझोर कर रख दिया है। इस किरदार को निभाने वाली अभिनेत्री मल्लिका प्रसाद सिन्हा ने अपनी दमदार अदाकारी से एक ऐसी विलेन रची, जिससे नफरत भी होती है और सोचने पर मजबूर भी होना पड़ता है। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में मल्लिका ने अपने किरदार की तैयारी, मानसिक प्रक्रिया, रानी मुखर्जी के साथ अनुभव और अपने अभिनय सफर पर खुलकर बात की। मर्दानी 3 में आपका किरदार बेहद डार्क और लार्जर दैन लाइफ है। जब पहली बार स्क्रिप्ट आपके पास आई, तो क्या प्रतिक्रिया थी? असल में जब कोई एक्टर स्क्रिप्ट पढ़ता है, तो सबसे पहले वह उस किरदार का ग्राफ देखता है। उसकी अंदरूनी दुनिया, उसका आर्क और उसकी सोच। मुझे हमेशा ऐसे किरदार आकर्षित करते हैं जो बिल्कुल सही या बिल्कुल गलत नहीं होते, बल्कि राइट और रॉन्ग की सीमा पर खड़े होते हैं। ‘अम्मा’ एक मेगा विलेन है, लेकिन उसके अपने विश्वास हैं, उसकी अपनी स्पिरिट है। ऐसे कॉम्प्लेक्स किरदार को निभाना एक बेहद रोमांचक प्रक्रिया होती है। मल्लिका से ‘अम्मा’ बनने के इस ट्रांजिशन में कितना वक्त लगा और क्या चुनौतियां रहीं? यह प्रक्रिया कभी भी अकेले नहीं होती। यह हमेशा कोलैबोरेशन में होती है डायरेक्टर, कॉस्ट्यूम, हेयर, मेकअप टीम सब मिलकर किरदार को आकार देते हैं। हमने बहुत समय लुक टेस्ट में लगाया ज्वेलरी से लेकर हाथ पैर तक हर चीज पर बारीकी से काम हुआ। यह सब बहुत प्रेम और संवेदनशीलता के साथ बनाया गया किरदार है। मेरा काम किरदार का बिहेवियर और उसकी ह्यूमैनिटी लाना है, लेकिन जो कुछ भी आप स्क्रीन पर देखते हैं, वह सबकी मेहनत का नतीजा है। दर्शकों को आपके किरदार से नफरत हो गई है। जब आपने खुद को बड़े पर्दे पर देखा, तो कैसा महसूस हुआ? एक्टर के तौर पर हम किसी किरदार से नफरत नहीं कर पाते, क्योंकि हमें उसकी ह्यूमैनिटी दिख जाती है। हां, काम पूरा होने के बाद हम थोड़ा अलग हो जाते हैं और दर्शकों की प्रतिक्रिया देखने में मजा आता है। तब यह जानना दिलचस्प होता है कि लोगों ने उसे कैसे लिया। कुछ सीन इतने डरावने हैं कि कोई उस माहौल में रहना नहीं चाहेगा। क्या उस किरदार से बाहर निकलना मुश्किल था? नहीं, ऐसा होना भी नहीं चाहिए। यह हमारा प्रोफेशन है। हमारा काम ऐसा माहौल रचना है कि दर्शक उसे महसूस करें, लेकिन अगर हम खुद उसमें डूब जाएं तो वह खतरनाक हो सकता है। दुनिया में वैसे ही बहुत दर्द और तनाव है युद्ध, भूख, बच्चों की पीड़ा। वही असली तनाव की वजह है। किरदार को निभाना एक क्राफ्ट है, और उसी तरह उससे बाहर निकलना भी। मर्दानी फ्रेंचाइजी के विलेन में आपका फेवरेट कौन है पहले पार्ट के ताहिर या दूसरे के विशाल जेठवा? यह बहुत अनफेयर सवाल है। दोनों ही शानदार अभिनेता हैं। हर एक्टर अपने किरदार में अपनी यूनिकनेस लाता है। मैं खुद एक्टर्स को पढ़ाती हूं और उनसे बहुत मोहब्बत करती हूं। रानी मुखर्जी के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा? हमारे आमने-सामने के सीन बहुत कम थे, इसलिए ज्यादातर काम अलग-अलग ही हुआ। मेरे जहन में हमेशा शिवानी रॉय का किरदार ही सामने रहता था, इसलिए ऑन-स्क्रीन कई रिएक्शन मेरे लिए भी सरप्राइज रहे, जो फिल्म में बेहद खूबसूरती से काम कर गए। शूट की शुरुआत में रानी जी ने मुझे बहुत वॉर्म वेलकम किया और मुस्कुराते हुए कहा, ‘एवरीबडी लव्स यू ऑलरेडी।’ इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि ‘हमारी आंखों का रंग भी एक जैसा है।’ वह पल मेरे लिए वाकई बहुत खास था। क्या आपको डर है कि कहीं यह विलेन वाला रोल आपको टाइपकास्ट न कर दे? नहीं। एक्टर के पास हमेशा चॉइस होती है। मैं अलग-अलग भाषाओं में काम करती हूं और विविध किरदार निभा चुकी हूं। हां, यह खुशी जरूर है कि इस किरदार को इतना ऑर्गेनिक एक्सेप्टेंस और प्यार मिला है। अपने अब तक के सफर को कैसे देखती हैं? मजा आया है… और अभी भी मजा आ रहा है। मेरा परिवार हमेशा बहुत सपोर्टिव रहा है। मेरे पिता ने मुझे एनएसडी के फॉर्म के बारे में बताया, मेरे जीजाजी इंटरव्यू के दिनों में बाहर इंतजार करते रहे। यह जर्नी वाकई बेहद खूबसूरत रही है और मैं कुछ भी बदलना नहीं चाहूंगी। आगे आने वाले समय और अपने भविष्य के सपनों को आप किस तरह देखती हैं? सपने तो रोज देखती हूं। सपने देखने के पैसे नहीं लगते। हर कोई क्रिएटिवली ग्रो करना चाहता है, चैलेंज चाहता है और एक सम्मानजनक माहौल चाहता है। बस वही चाह है। सिनेमा को लेकर आप कौन-सा ऐसा बदलाव देखना चाहेंगी, जो आपको सबसे ज्यादा जरूरी लगता है? सबसे पहले यह पूछना बंद होना चाहिए कि ‘औरतें कहां हैं?’ यह सवाल ही गलत है। हम हर जगह हैं। नए और युवा स्टोरीटेलर्स को सपोर्ट करना चाहिए, भले ही उनकी कहानियां थोड़ी अनकम्फर्टेबल क्यों न हों। रिस्क लेने से ही सिनेमा का इकोसिस्टम आगे बढ़ता है। दर्शकों के लिए मर्दानी 3 को लेकर आप क्या संदेश देना चाहेंगी? यह फिल्म कुछ बहुत जरूरी सवाल उठाती है। इसे सिर्फ एंटरटेनमेंट की तरह नहीं, बल्कि आत्ममंथन की तरह देखें। सोचिए कि समाज के तौर पर हमने कहां चूक की है। फिल्म भारी जरूर है, लेकिन मैं वादा करती हूं आपको मजा भी आएगा और सोचने पर भी मजबूर करेगी।
वैलेंटाइन डे पर रिलीज हो रही शाहिद कपूर और तृप्ति डिमरी की फिल्म ‘ओ रोमियो’ सिर्फ एक प्रेम कहानी नहीं, बल्कि गहराई, इमोशन और जटिल किरदारों की दुनिया है। दैनिक भास्कर से खास बातचीत के दौरान शाहिद कपूर और तृप्ति डिमरी ने विशाल भारद्वाज के साथ काम करने का अनुभव साझा किया। तृप्ति ने बताया कि फिल्म में अफ्शा जैसे इंटर्नल किरदार को पर्दे पर उतारना कितना चुनौतीपूर्ण था। शाहिद ने अपने अभिनय के नजरिए, रोमांस की परिभाषा और ‘कबीर सिंह’ व ‘एनिमल पार्क’ को लेकर चल रही चर्चाओं पर भी बेबाकी से बात की, वहीं तृप्ति ने को-एक्टर के तौर पर शाहिद से मिली सीख और अपने सफर की खूबसूरत झलक साझा की। पेश है बातचीत के कुछ और खास अंश.. सवाल:'ओ रोमियो’ की स्क्रिप्ट जब पहली बार सुनी, तो उस वक्त आपके मन में क्या चल रहा था और आपको इस फिल्म के बारे में किसने बताया? जवाब/तृप्ति डिमरी: मुझे विशाल सर का कॉल आया था और मैं उनसे मिलने ऑफिस गई थी। मैं पहले से ही बहुत एक्साइटेड थी क्योंकि मैं हमेशा से उनके साथ काम करना चाहती थी। जब उन्होंने कहानी सुनाई, तो मुझे तुरंत लगा कि यह कुछ अलग है। कहानी से भी जुड़ाव हुआ और मेरे किरदार अफ्शा से भी। उस दिन से लेकर आखिरी शूट तक पूरी जर्नी बहुत खूबसूरत रही। कुछ फिल्में ऐसी होती हैं जिनमें काम करते हुए आप चाहते हैं कि यह सफर कभी खत्म ही न हो। ‘ओ रोमियो’ मेरे लिए वैसी ही फिल्म है। सवाल: शाहिद जब आपने ने स्क्रिप्ट सुनी तब आपका पहला रिएक्शन क्या था? जवाब/शाहिद कपूर: मेरे और विशाल भारद्वाज सर के बीच रिश्ता बहुत पुराना है, लेकिन करीब सात आठ साल बाद हम किसी फिल्म के लिए फिर साथ आए। इसके बावजूद मैं हर स्क्रिप्ट को बिल्कुल न्यूट्रल नजरिए से सुनता हूं। मेरे लिए सबसे जरूरी यह होता है कि कहानी और किरदार मुझसे जुड़ें। अगर वह कनेक्शन नहीं बनता, तो फिल्म करना मुझे ईमानदार नहीं लगता। जब विशाल सर ने ‘ओ रोमियो’ की स्क्रिप्ट खत्म की, तो मुझे लगा कि इसमें वह गहराई और इमोशनल लेयर है, जो मुझे एक एक्टर के तौर पर एक्साइट करती है। इस बार उन्होंने मास और क्लास दोनों को ध्यान में रखते हुए कहानी कही है। सवाल: तृप्ति, आपने कई बार कहा है कि शाहिद से आपने बहुत कुछ सीखा। एक को-एक्टर के तौर पर उनकी कौन सी बातें आपको सबसे ज्यादा प्रभावित करती हैं? जवाब/तृप्ति डिमरी: सिर्फ दो खूबियां गिनाना मुश्किल है। लेकिन सबसे पहले उनकी डिसिप्लिन। वह एक परफेक्शनिस्ट हैं। अगर उन्हें लगता है कि सीन और बेहतर हो सकता है, तो वह तब तक करते रहते हैं जब तक खुद पूरी तरह संतुष्ट न हों। दूसरी बात यह है कि वह हर टेक में कुछ नया लेकर आते हैं। कभी ऐसा नहीं लगता कि वही चीज दोहराई जा रही है। इससे सामने वाले एक्टर की परफॉर्मेंस भी बेहतर हो जाती है। और सबसे अहम बात यह है कि वह अपने को एक्टर को बहुत सिक्योर और रिलैक्स महसूस कराते हैं। एक एक्टर और एक इंसान, दोनों रूपों में उनसे बहुत कुछ सीखने को मिला। सवाल: अफ्शा का किरदार निभाते वक्त आपके लिए सबसे बड़ी चुनौती क्या रही? जवाब/तृप्ति डिमरी: अफ्शा एक बहुत इंटर्नल किरदार है। उसके भीतर दर्द, गुस्सा और उदासी है, लेकिन वह बाहर बहुत कम दिखाई देती है। उस बैलेंस को पकड़ना आसान नहीं था। मेरे एक्टिंग कोच अतुल मोंगिया और विशाल सर के साथ कई लंबे सेशन्स हुए। शुरुआत में मुझे उसे समझने में वक्त लगा, लेकिन जैसे जैसे शूट आगे बढ़ा, वैसे वैसे मैं किरदार के और करीब जाती गई। मुझे लगता है कि अगर कोई किरदार आपको चैलेंज नहीं करता, तो उसमें मजा नहीं है। एक्टर के तौर पर ग्रोथ वहीं से शुरू होती है। सवाल: आप दोनों की पहली मुलाकात और शुरुआती कामकाजी रिश्ता कैसा रहा? जवाब/तृप्ति डिमरी: हम पहली बार रीडिंग के दौरान मिले थे। उस वक्त सबका फोकस सिर्फ स्क्रिप्ट और किरदार पर था। किसी को जज करने का सवाल ही नहीं था। शाहिद कपूर: पहले ही दिन हमारा एक अहम सीन था और मैंने देखा कि तृप्ति पूरी तरह अपने किरदार में थीं। जब आप किसी एक्टर को इतने कमिटमेंट के साथ काम करते देखते हैं, तो एक अलग तरह की संतुष्टि मिलती है। सवाल:फिल्म वैलेंटाइन डे पर रिलीज हो रही है। लोग जानना चाहते हैं कि एक हार्डकोर रोमांटिक इंसान की क्या-क्या खूबियां होती हैं। क्या आप खुद को रोमांटिक मानते हैं? जवाब/शाहिद कपूर: मैं अपने बारे में खुद कमेंट नहीं कर सकता। इसके लिए आपको किसी और से पूछना पड़ेगा। मुझे नहीं पता मैं कितना रोमांटिक हूं। लेकिन हां, रोमांस एक बहुत खूबसूरत चीज है। मोहब्बत जिंदगी की सबसे खूबसूरत चीजों में से एक है, बिना किसी शक के। तो अगर पूछें, तो मैं कहूंगा कि हां, मैं रोमांटिक हूं। तृप्ति डिमरी: मैं रोमांटिक भी हूं और थोड़ी रियलिस्ट भी। दोनों का बैलेंस जरूरी है। सवाल: आप दोनों का एक कॉमन कनेक्शन संदीप रेड्डी वांगा भी हैं। फैंस लगातार कहते हैं कि अगर एनिमल पार्क बनी, तो उसमें कबीर सिंह की एंट्री होनी चाहिए। इस पर आप क्या कहना चाहेंगे? जवाब/शाहिद कपूर: पता नहीं यार, शायद मैं इस सवाल का जवाब देने के लिए सही इंसान नहीं हूं। लेकिन सच यह है कि जब एनिमल बन रही थी, तब संदीप मुझसे मिलने आए थे। उनकी इच्छा थी कि कबीर सिंह का एक सीन उस दुनिया में हो। कुछ वजहों से, डेट्स और बाकी चीजों की वजह से, वह हो नहीं पाया। लेकिन उनके दिमाग में यह ख्याल जरूर था। आगे क्या होगा, यह पूरी तरह संदीप पर है। वह दुनिया उनकी है, किरदार उनके हैं। वह जो सही समझेंगे, वही करेंगे। फैंस चाहते हैं, यह बात अच्छी भी लगती है। तृप्ति डिमरी: जब दर्शक किसी किरदार को इतने समय तक याद रखते हैं और दोबारा देखना चाहते हैं, तो यह दिखाता है कि वह किरदार उनके दिल में बस चुका है। सवाल: हाल ही में अरिजीत सिंह ने इंडस्ट्री से ब्रेक लिया। इस पर आपकी क्या राय है? जवाब/शाहिद कपूर: हर कलाकार की अपनी निजी यात्रा होती है। आर्ट बहुत पर्सनल चीज है। अगर कोई कलाकार अपने लिए थोड़ा सुकून चाहता है, तो वह उसका हक है। अरिजीत ने दुनिया को बहुत सुकून दिया है। तृप्ति डिमरी: यह फैसले बहुत निजी होते हैं और हमें उन्हें समझदारी के साथ देखना चाहिए। सवाल: कबीर सिंह आज भी आपके सबसे चर्चित किरदारों में से एक है। एनिमल पार्क में उसकी एंट्री को लेकर जो चर्चा है, उसे आप कैसे देखते हैं? जवाब/शाहिद कपूर: यह सच है कि जब एनिमल बन रही थी, तब संदीप रेड्डी वांगा मुझसे मिलने आए थे। वह चाहते थे कि कबीर सिंह का एक सीन उस फिल्म की दुनिया में हो। लेकिन कई बार हालात ऐसे बनते हैं कि चीजें चाहकर भी नहीं हो पातीं। कुछ डेट्स का इशू था, कुछ दूसरी वजहें थीं। यह पूरी तरह डायरेक्टर का फैसला होता है। वह उनकी दुनिया है, उनके किरदार हैं। अगर उन्हें लगेगा कि किसी किरदार की एंट्री कहानी को और मजबूत करती है, तो वह जरूर करेंगे। एक एक्टर के तौर पर यह जानकर अच्छा लगता है कि लोग आज भी उन किरदारों से इतना जुड़ाव महसूस करते हैं।
रानी मुखर्जी हिंदी सिनेमा की उन चुनिंदा अभिनेत्रियों में हैं, जिन्होंने अपने तीन दशक लंबे करियर में अभिनय को सिर्फ कला नहीं, जिम्मेदारी बनाया है। ‘मर्दानी 3’ उनके इस सफर की सबसे सशक्त कड़ी बनकर सामने आती है। रानी मानती हैं कि यह फिल्म महज एक कहानी नहीं, बल्कि महिलाओं, लड़कियों और बच्चियों की सुरक्षा और सम्मान का संदेश है। शिवानी शिवाजी रॉय के किरदार के जरिए वह महिला पुलिस अधिकारियों के साहस, संघर्ष और जज्बे को सलाम करती हैं। रानी के लिए सिनेमा बदलाव की आवाज है, जहां औरत का दर्जा हमेशा एक महारानी जैसा होना चाहिए। हाल ही में रानी मुखर्जी ने दैनिक भास्कर से खास बातचीत की, पेश है कुछ प्रमुख अंश.. सवाल: इंडस्ट्री में आपके 30 साल पूरे होना, और उसी मौके पर ‘मर्दानी 3’ जैसी इतनी सशक्त और प्रभावशाली स्क्रिप्ट का मिलना, एकदम परफेक्ट फिट है। ऐसा क्या था इस प्रोजेक्ट और इस स्क्रिप्ट में, जिसने 30 साल पूरे होने पर आपको इसे चुनने के लिए प्रेरित किया? जवाब: असल में यह सब अपने आप हो गया। इसमें कोई खास योजना नहीं थी। ‘मर्दानी 3’ की शूटिंग मैं पिछले साल कर रही थी और तब यह भी नहीं पता था कि यह किस साल रिलीज होगी। लेकिन जैसा कहते हैं न कि कभी-कभी चीजें अपने आप जुड़ जाती हैं, जैसे किस्मत। शायद यह देवी मां का आशीर्वाद है कि मेरे 30 साल के करियर में यह इतनी शक्तिशाली फिल्म, इतने मजबूत संदेश के साथ मेरे जीवन से जुड़ गई। यह फिल्म औरतों, लड़कियों और बच्चियों के लिए एक बहुत अहम संदेश लेकर आई है। मेरे इंडस्ट्री के 30 साल के सफर में यह फिल्म एक बेहद महत्वपूर्ण पड़ाव है। मैं बस यही दुआ करती हूं कि आगे चलकर और भी लड़कियां सतर्क रहें, बच्चियों और महिलाओं पर अत्याचार न हो, और जो भी दर्शक यह फिल्म देखें, वे यह समझें कि औरतों का जो दर्जा होना चाहिए, वह एक महारानी जैसा होना चाहिए। चाहे वह आपकी मां हो, पत्नी हो, बहन हो या बेटी। घर में उनका सम्मान हमेशा एक रानी की तरह होना चाहिए। सवाल : आप इकलौती ऐसी अभिनेत्री हैं जिनके नाम पर एक सफल फिल्म फ्रेंचाइज है। क्या इससे आपके ऊपर दबाव और जिम्मेदारी और बढ़ जाती है? जवाब: मैं हमेशा यही कहूंगी कि हर फिल्म के साथ दबाव और जिम्मेदारी होती ही है। हर फिल्म में निर्माता, निर्देशक और लेखक एक सपना देखते हैं, एक अच्छी कहानी बनाने का और उसे दर्शकों तक पहुंचाने का। कलाकार के रूप में हमारी भी जिम्मेदारी होती है कि हम अपने किरदार को पूरी ईमानदारी और खूबसूरती से निभाएं। शिवानी शिवाजी रॉय का किरदार निभाने के साथ एक खास जिम्मेदारी जुड़ी है, क्योंकि वह वर्दी में एक महिला है। हमारी असल जिंदगी की जो महिला पुलिस अधिकारी हैं, जो हर राज्य और हर जिले में हमारी सुरक्षा कर रही हैं। यह फिल्म उनके जीवन पर है। उनकी चुनौतियों और उनके संघर्षों को दर्शाती है। वे किस तरह बच्चियों और महिलाओं को अपराध से बचाने की कोशिश करती हैं, यह दिखाना अपने आप में बहुत बड़ी बात है। सवाल :पहली बार ऐसा देखने को मिलेगा कि एक महिला नायिका और एक महिला खलनायिका आमने-सामने हैं। जब आपको पता चला कि शिवानी शिवाजी रॉय बनाम अम्मा का मुकाबला होने वाला है, तो आपका पहला रिएक्शन क्या था? जवाब: मर्दानी हमेशा से एक ऐसी फ्रेंचाइज रही है जो समाज की सच्चाई पर आधारित है। खासकर बच्चियों और महिलाओं के खिलाफ हो रहे अपराधों पर। इसका मकसद जागरूकता फैलाना भी है, क्योंकि आज कोई भी जगह पूरी तरह सुरक्षित नहीं हैं,न घर के अंदर, न बाहर। बुराई का कोई जेंडर नहीं होता। बुराई किसी के अंदर भी आ सकती है। चाहे वह एक युवा लड़का हो, जैसा कि पहले भाग में था, या फिर कोई पढ़ा-लिखा, सभ्य दिखने वाला इंसान। इस बार अगर अम्मा का किरदार एक महिला निभा रही है, तो इसका मतलब यह नहीं कि बुराई महिला की वजह से है। जहां बुराई होती है, वहां अच्छाई उसका सामना करती है,और वही शिवानी का किरदार है। यही मैं कहना चाहती थी कि बुराई का कोई लिंग नहीं होता। सवाल: मर्दानी फ्रेंचाइज को भारतीय पुलिस बल, खासकर महिला पुलिस अधिकारियों के लिए एक श्रद्धांजलि की तरह देखा जाता है। क्या कोई ऐसा अनुभव है जो आज भी आपके दिल में बसा हो? जवाब: जब भी मैं उनसे मिलती हूं, तो उनके पारिवारिक जीवन के बारे में पूछती हूं कि वे सब कुछ कैसे संभालती हैं। वे बताती हैं कि सुबह पूरे परिवार के लिए खाना बनाती हैं, फिर ड्यूटी पर जाती हैं और रात को लौटकर फिर घर की जिम्मेदारियां निभाती हैं। यह सब जानकर मुझे बहुत प्रेरणा मिलती है। वे अपनी ड्यूटी के साथ-साथ घर की जिम्मेदारी भी पूरी मुस्कान के साथ निभाती हैं। दिन के 24 घंटे बहुत कम पड़ जाते हैं, फिर भी वे हर मोर्चे पर डटी रहती हैं। वही असली शक्ति हैं, वही असली मर्दानी हैं। सवाल : फिल्म में आपकी एंट्री पर सीटियां और तालियां बज रही थीं। आपने खुद स्टंट किए हैं। कई वरिष्ठ पत्रकारों ने कहा कि आपकी स्क्रीन प्रेजेंस में धर्मेंद्र की ताकत और सनी देओल का पावर दिखता है? जवाब: कृपया मेरी तरफ से उन सभी वरिष्ठ पत्रकारों को धन्यवाद कहिएगा। वे इतने सालों से फिल्में देखते आ रहे हैं, तो अगर उन्हें मेरे काम में यह ताकत नजर आई, तो यह मेरे लिए बहुत बड़ी बात है। जब आप लोग मेरे काम की सराहना करते हैं, तो मुझे लगता है कि मेरी मेहनत और मेरी कोशिश रंग लाई है। एक कलाकार के तौर पर मैं इसी के लिए जीती हूं। सवाल : आपने खुद इतने कठिन स्टंट किए। यह शारीरिक रूप से बहुत चुनौतीपूर्ण होता है। आपने यह सब कैसे किया? जवाब: क्योंकि मेरे ऊपर एक जिम्मेदारी थी कि जिन महिला पुलिस अधिकारियों का मैं प्रतिनिधित्व कर रही हूं, उनका चित्रण सच्चाई और सम्मान के साथ हो। लोगों को यह समझना चाहिए कि हमारी पुलिस फोर्स की महिलाएं किस जज्बे से अपना काम करती हैं। कभी-कभी हमें खुद पर भी शक होता है कि हम यह कर पाएंगे या नहीं, लेकिन अगर अंदर जज्बा हो, तो हम कुछ भी कर सकते हैं। शूटिंग के दौरान मैंने यही जज्बा अपने साथ रखा। जो भी चुनौती सामने आई, मैंने उसे स्वीकार किया। सवाल : आपको बहुत सारे कॉम्प्लिमेंट्स और फीडबैक मिले होंगे। कोई ऐसा कॉम्प्लिमेंट जो आज भी दिल में हो? जवाब: बहुत से लोग कहते हैं कि जब वे मेरा काम देखते हैं, तो उन्हें सिर्फ एक किरदार नहीं दिखता, बल्कि एक एहसास महसूस होता है। यह मेरे लिए बहुत जरूरी है। अगर कोई लड़की यह फिल्म देखकर खुद को मजबूत, प्रेरित और सशक्त महसूस करती है, तो यही मेरे काम की सबसे बड़ी सफलता है। यह सुनकर मुझे बेहद खुशी मिलती है। सवाल: क्या आपकी बेटी ने ‘मर्दानी 3’ देखी है? जवाब: अभी तो उनकी उम्र इतनी नहीं है कि वो पूरी फिल्म देख सकें। सवाल: लेकिन झलक तो देख पाई होंगी? जवाब: हां, झलक तो वो रोज घर पर देख ही लेती है। लेकिन वो बहुत प्राउड फील करती है, क्योंकि उसके स्कूल की टीचर्स उससे कहती हैं कि उन्होंने मम्मा की नई फिल्म देखी और उन्हें बहुत पसंद आई। तो वो बहुत खुश होती है, बहुत गर्व महसूस करती है। सवाल: ‘मर्दानी 3 के बाद आपसे उम्मीदें और भी बढ़ गई हैं। आगे क्या देखने को मिलेगा? जवाब: अभी मैं ज्यादा कुछ कहना नहीं चाहती, क्योंकि इस वक्त पूरा फोकस सिर्फ ‘मर्दानी 3’ पर होना चाहिए। मैं चाहती हूं कि जितनी महिलाएं हैं, जितनी औरतें हैं, जितनी फैमिलीज हैं। सब जाकर ये फिल्म थिएटर में देखें। इस फिल्म को थिएटर में देखना बहुत जरूरी है। क्योंकि अगर मुझे मर्दानी की सीरीज को आगे लेकर जाना है, तो इस फ्रेंचाइजी का ब्लॉकबस्टर होना बेहद जरूरी है। सवाल: बिल्कुल, और फिल्म का इंपैक्ट साफ दिख रहा है। खासतौर पर फीमेल ऑडियंस को तो बहुत पसंद आ रही है। हालांकि सिर्फ महिलाएं ही नहीं, हर तरह की ऑडियंस इसे पसंद कर रही है। क्या कहना चाहेंगी? जवाब: मैंने बहुत सारे पब्लिक रिव्यूज देखे हैं और मुझे ऐसा लग रहा है कि लड़कों को ये फिल्म बहुत ज्यादा पसंद आ रही है। जितने भी लड़के फिल्म देखकर बाहर आ रहे हैं, वो बड़े गर्व के साथ कह रहे हैं कि ये मस्ट वॉच फिल्म है और सबको देखनी चाहिए। मुझे ये देखकर बहुत अच्छा लग रहा है, क्योंकि लड़के भी ये महसूस कर रहे हैं कि बुराई का अंजाम ऐसा ही होना चाहिए।

