गीतकार जावेद अख्तर ने हाल ही में बताया कि मशहूर इंडिपेंडेंट ट्रैक ब्रीथलेस का कॉन्सेप्ट उनके दिमाग में आने के बाद करीब सात साल तक किसी संगीतकार या म्यूजिक कंपनी का सपोर्ट उन्हें नहीं मिला था। गौरतलब है कि ब्रीथलेस सिंगर-कंपोजर शंकर महादेवन के आज तक के सबसे फेमस गानों में से एक है। इसे जावेद अख्तर ने लिखा था और इसका कॉन्सेप्ट भी उन्होंने ही सोचा था। ब्रीथलेस को लेकर वैरायटी इंडिया को दिए इंटरव्यू में जावेद अख्तर ने बताया, यहां तक कि सबसे बड़े शास्त्रीय गायक और संगीतकारों ने भी कहा कि हम ऐसा गाना नहीं बना सकते। जब वे कहते थे कि इसे गाने का रूप नहीं दे सकते, तो मैं उनसे धुनें मांगता था और कहता था कि बाकी काम मैं कर लूंगा। सब लोग बस मुस्कुरा देते थे, इसे एक दिलचस्प विचार कहते थे, लेकिन कोई भी साथ जुड़ने की हिम्मत नहीं करता था। जावेद अख्तर ने आगे कहा कि यह गाना पूरे सात साल तक अटका रहा और जब मैं सात कहता हूं, तो मेरा मतलब सात ही है, न पांच, न छह। मैं सबसे मिला, लेकिन नाम लेना शर्मनाक होगा। शंकर नहीं मिलते तो ब्रीथलेस बनता नहीं: जावेद अख्तर बता दें कि पूरे सात साल बाद जावेद अख्तर की मुलाकात शंकर महादेवन से हुई और उन्होंने उन्हें यह आइडिया सुनाया, जिन्होंने तुरंत हामी भर दी। जावेद अख्तर ने कहा, यह मेरी किस्मत थी। अगर मेरी मुलाकात शंकर से नहीं हुई होती तो क्या होता? मैं आज भी ‘ब्रीथलेस’ को बिना बने ही लेकर बैठा होता। मैं यह मान लेता कि यह एक खराब आइडिया था, क्योंकि अगर हर कोई किसी चीज को ठुकरा रहा है तो उसमें कोई न कोई कमी तो होगी। इस पर शंकर महादेवन ने कहा, “ब्रीथलेस के मामले में मार्केटिंग डिपार्टमेंट गाना या वीडियो रिलीज करने को तैयार नहीं था। उन्हें गाने पर भरोसा नहीं था। इसे लेकर बहस भी हुई।” इस पर जावेद अख्तर ने मजाकिया अंदाज में कहा, “इस विवाद की बातें बहुत शर्मनाक हैं। वे मुझसे पूछते थे कि इसे गाएगा कौन? कोई इसे गा नहीं सकता। यह गाना लोकप्रिय कैसे होगा?”
प्लेबैक सिंगिंग छोड़ने के बाद सिंगर अरिजीत सिंह का पहला गाना 9 फरवरी को रिलीज हो रहा है। गाने के बोल हैं ‘ओ शिव मेरे तुम मालिक’ हो। खास बात यह है कि इस गाने के म्यूजिक कंपोजर हरियाणवी युवक मंदीप पंघाल हैं। मंदीप पंघाल अभी तक सोनू निगम और गुरु रंधावा के साथ काम करते रहे हैं। हाल ही में उन्होंने गुरु रंधावा के सॉन्ग ‘किथै बसदै नै’ का म्यूजिक कंपोज किया था। अब उन्होंने अरिजीत सिंह के साथ काम की शुरुआत की है। पंघाल बॉलीवुड म्यूजिक इंडस्ट्री में ऐसे पहले हरियाणवी हैं, जिन्होंने अरिजीत सिंह के साथ काम किया है। दो साल पहले राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम ने कंपोजर की जिंदगी बदल कर रख दी थी। बता दें कि अरिजीत सिंह ने हाल ही में प्लेबैक सिंगिग से संन्यास लेने की घोषणा की है। इसके बाद उनका अपने लिए यह पहला गाना है। अरिजीत सिंह ने अपने म्यूजिकल करियर में 532 हिंदी, 144 बंगाली और 25 तेलुगु समेत कई भाषाओं में 700 से ज्यादा गाने गाए हैं। वो 2 नेशनल अवॉर्ड, 8 फिल्मफेयर समेत कुल 122 अवॉर्ड जीत चुके हैं। अरिजीत सिंह को पहला नेशनल अवॉर्ड साल 2018 में पद्मावत के गाने बिनते दिल के लिए और दूसरा नेशनल अवॉर्ड 2022 में फिल्म ब्रह्मास्त्र के गाने केसरिया के लिए मिला है। साल 2015 में अरिजीत सिंह को पद्मश्री से सम्मानित किया जा चुका है। म्यूजिक कंपोजर मंदीप पंघाल का सफर, 4 पॉइंट में… 3 पॉइंट में जानिए पंघाल की फैमिली के बारे में… चार पॉइंट में समझिए संन्यास के बाद अरिजीत का प्लान… अरिजीत सिंह के शुरुआती बेस्ट गाने… फिर मोहब्बत, फिल्म- मर्डर 2 (2012) तुम ही हो, फिल्म- आशिकी 2 (2013) मेरी आशिकी, फिल्म- आशिकी (2012) राब्ता, फिल्म- एजेंट विनोद (2012) फिर ले आया दिल, फिल्म- बर्फी (2012) दिल्ली वाली गर्लफ्रेंड, कबीरा, इलाही, फिल्म- ये जवानी है दीवानी (2013) लाल इश्क, फिल्म- गोलियों की रासलीलाः रामलीला (2013) मैं रंग शरबतों का, फिल्म- फटा पोस्टर निकला हीरो (2014) मस्त मलंग, फिल्म- 2 स्टेट (2014) हमदर्द, फिल्म- एक विलेन (2014) सुकून मिला, फिल्म- मैरी कॉम (2014) सावन आया है, फिल्म- क्रिएचर 3D (2014) हमारी अधूरी कहानी, फिल्म- हमारी अधूरी कहानी (2015) अगर तुम साथ हो, फिल्म- तमाशा (2015) आयत- फिल्म- बाजीराव मस्तानी (2015) गेरुआ, जनम-जनम, फिल्म- दिलवाले (2015) सनम रे, फिल्म- सनम रे (2016) ये फितूर मेरा, फिल्म- फितूर (2016) चन्ना मेरेया, फिल्म- ऐ दिल है मुश्किल (2016) इश्क मुबारक, फिल्म- तुम बिन 2 (2016) ------------------------ ये खबर भी पढ़ें…. अरिजीत सिंह ने छोड़ी प्लेबैक सिंगिंग:कहा- इसे खत्म कर रहा हूं; अब इंटरनेशनल प्रोजेक्ट्स पर करेंगे काम, कई बार विवादों में रहे पॉपुलर सिंगर अरिजीत सिंह ने प्लेबैक सिंगिंग से संन्यास ले लिया है। उन्होंने मंगलवार को सोशल मीडिया के जरिए इसकी आधिकारिक घोषणा की है। सिंगर ने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकांउट पर लिखा- नमस्ते, आप सभी को नए साल की हार्दिक शुभकामनाएं। इतने सालों से श्रोताओं के रूप में मुझे जो इतना प्यार दिया है, उसके लिए आप सबका धन्यवाद। मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि अब से मैं एक प्लेबैक सिंगर के तौर पर कोई भी नया काम नहीं लूंगा। (पूरी खबर पढ़ें…)
पंजाब में बैन के बावजूद गन कल्चर वाले गीत रिलीज होने से नहीं रुक रहे। ताजा मामला मशहूर पंजाबी सिंगर मनकीरत औलख के नए गीत असलहा को लेकर सामने आया है। BJP पंजाब ट्रेड सेल के को-कन्वीनर अरविंद शर्मा ने इस गीत पर आपत्ति जताई है। अरविंद ने इसे हिंसा के लिए उकसाने वाला बताया और इसे लेकर DGP गौरव यादव को लेटर लिखा है। उन्होंने मांगी की है कि गीत पर रोक लगाई जाए और इसे यूट्यूब से हटाया जाए। मनकीरत औलख पिछले 15 दिन से अपने नए गीत के प्रमोशन को लेकर लगातार पंजाब का टूर कर रहे थे। 3 दिन पहले (6 फरवरी) ही उनका यह गाना रिलीज हुआ है। मनकीरत औलख और जेहर वाइब का यह गाना डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और यूट्यूब पर रिलीज किया गया है। रिलीज के साथ ही यह गाना अपने लिरिक्स और विजुअल्स के कारण विवादों में आ गया। गाने के बोल और वीडियो में हथियारों की नुमाइश की गई है। डीजीपी को भेजी शिकायत की 3 अहम बातें मनकीरत औलख के साथ जुड़े विवाद
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी RSS ने मुंबई में अपने 100 साल पूरे होने पर दो दिन का कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम में कई बड़े बॉलीवुड सितारे भी शामिल हुए। कार्यक्रम के पहले दिन यानी शनिवार को बॉलीवुड एक्टर सलमान खान पहुंचे। उनके अलावा रणबीर कपूर, हेमा मालिनी, सुभाष घई, प्रसून जोशी, पूनम ढिल्लों और मोहित सूरी भी नजर आए। वहीं, कार्यक्रम के दूसरे दिन यानी रविवार को अक्षय कुमार, करण जौहर, रवीना टंडन और विक्की कौशल समेत कई और सितारे शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान RSS प्रमुख मोहन भागवत ने लोगों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि समाज में अच्छे संस्कार और सही सोच को बढ़ावा देना जरूरी है। खासकर युवाओं के लिए अच्छे रोल मॉडल होना बहुत अहम है। देखें कार्यक्रम की तस्वीरें भागवत ने सलमान का जिक्र किया मोहन भागवत ने सलमान खान का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कॉलेज के स्टूडेंट सलमान खान के फैशन को कॉपी करते हैं। जब उनसे पूछा जाता है कि क्यों, तो वे कहते हैं कि उन्हें नहीं पता, सलमान ऐसा कर रहे हैं। इसका मतलब है कि समाज में अच्छे मूल्य फैशन बनने चाहिए। बता दें कि RSS का द्विदिवसीय कार्यक्रम (व्याख्यानमाला) 7 और 8 फरवरी 2026 को वर्ली के नेहरू सेंटर में हुआ। इसका विषय “संघ की सौ वर्षों की यात्रा -नए क्षितिज” था। कार्यक्रम में मोहन भागवत ने दोनों दिन संबोधन दिया। पहले दिन उन्होंने सांस्कृतिक एकता पर बात की और कहा कि भारत में रहने वाले सभी लोग एक साझा संस्कृति से जुड़े हैं। दूसरे दिन उन्होंने बांग्लादेश में हिंदुओं की स्थिति और भारत में अवैध घुसपैठ जैसे मुद्दों पर अपने विचार रखे। यह कार्यक्रम RSS की देशभर में चल रही शताब्दी व्याख्यानमाला का हिस्सा था, जो पहले दिल्ली, बेंगलुरु और कोलकाता में भी हो चुकी है। इसमें बॉलीवुड सितारों समेत अलग-अलग क्षेत्रों से करीब 900 लोग मौजूद रहे।
एक्टर सलमान खान की मोस्ट-अवेटेड वॉर फिल्म ‘बैटल ऑफ गलवान’ की रिलीज डेट टल सकती है। एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि फिल्म के री-शूट और कुछ जरूरी प्रक्रियाओं की वजह से इसकी टाइमलाइन आगे बढ़ गई है। हालांकि, फिल्म की टीम ने अभी तक इस पर कोई ऑफिशियल अनाउंसमेंट नहीं की है। बता दें कि फिल्म की रिलीज डेट 17 अप्रैल तय की गई थी। बॉलीवुड हंगामा की रिपोर्ट के मुताबिक, फिल्म के कुछ अहम सीन का री-शूट चल रहा है, जिसमें टीम को उम्मीद से ज्यादा वक्त लग रहा है। बताया जा रहा है कि सलमान खान और डायरेक्टर अपूर्व लाखिया कहानी के इमोशनल और ड्रामैटिक इम्पैक्ट को और स्ट्रॉन्ग बनाना चाहते हैं, इसी वजह से प्रोडक्शन में देरी हो रही है। नया शूटिंग शेड्यूल रिपोर्ट के मुताबिक, 9 फरवरी से मुंबई की गोल्डन टोबैको फैक्ट्री में फिल्म का नया शूटिंग शेड्यूल शुरू होने वाला है। इसके बाद कुछ ही दिनों की शूटिंग बचने की उम्मीद है। सूत्र के अनुसार, फिल्म की पूरी शूटिंग फरवरी के आखिर तक पूरी हो जाएगी। इसके बाद अपूर्व लाखिया री-शूट किए गए सीन की एडिटिंग शुरू करेंगे। रक्षा मंत्रालय की स्क्रीनिंग प्रोडक्शन और एडिटिंग के साथ-साथ फिल्म की रिलीज रक्षा मंत्रालय की अनिवार्य स्क्रीनिंग पर भी निर्भर करेगी। इस प्रक्रिया की वजह से रिलीज में और देरी हो सकती है। यह स्क्रीनिंग इसलिए जरूरी होती है ताकि असली घटनाओं और राष्ट्रीय हितों को सही और संवेदनशील तरीके से दिखाया जा सके, खासतौर पर जब फिल्म का विषय सेना से जुड़ा हो। रिलीज डेट को लेकर अटकलें मौजूदा हालात को देखते हुए पहले तय की गई अप्रैल रिलीज अब संभव नहीं लग रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, सलमान का मानना है कि देशभक्ति से जुड़ी इस फिल्म को बेहद सोच-समझकर पेश किया जाना चाहिए और इसलिए टीम को किसी भी तरह की जल्दबाजी से बचना चाहिए। सूत्र के अनुसार, सलमान खान और अपूर्व लाखिया रिलीज टालने के विकल्प पर गंभीरता से चर्चा कर रहे हैं, हालांकि अभी तक कोई फाइनल फैसला नहीं हुआ है। टीम अलग-अलग तारीखों पर विचार कर रही है।
एक्टर सलमान खान की मोस्ट-अवेटेड वॉर फिल्म ‘बैटल ऑफ गलवान’ की रिलीज़ डेट टल सकती है। एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि फिल्म के री-शूट और कुछ ज़रूरी प्रक्रियाओं की वजह से इसकी टाइमलाइन आगे बढ़ गई है और चर्चा है कि मेकर्स इसे स्वतंत्रता दिवस के आसपास रिलीज़ कर सकते हैं। हालांकि, फिल्म की टीम ने अभी तक इस पर कोई ऑफिशियल अनाउंसमेंट नहीं की है। बता दें कि फिल्म की रिलीज़ डेट 17 अप्रैल तय की गई थी। बॉलीवुड हंगामा की रिपोर्ट के मुताबिक, फिल्म के कुछ अहम सीन का री-शूट चल रहा है, जिसमें टीम को उम्मीद से ज़्यादा वक्त लग रहा है। बताया जा रहा है कि सलमान खान और डायरेक्टर अपूर्व लाखिया कहानी के इमोशनल और ड्रामैटिक इम्पैक्ट को और स्ट्रॉन्ग बनाना चाहते हैं, इसी वजह से प्रोडक्शन में देरी हो रही है। नया शूटिंग शेड्यूल रिपोर्ट के मुताबिक, 9 फरवरी से मुंबई की गोल्डन टोबैको फैक्ट्री में फिल्म का नया शूटिंग शेड्य्यूल शुरू होने वाला है। इसके बाद कुछ ही दिनों की शूटिंग बचने की उम्मीद है। सूत्रों के अनुसार, फिल्म की पूरी शूटिंग फरवरी के आखिर तक पूरी हो जाएगी। इसके बाद डायरेक्टर अपूर्व लाखिया री-शूट किए गए सीन की एडिटिंग शुरू करेंगे। रक्षा मंत्रालय की स्क्रीनिंग प्रोडक्शन और एडिटिंग के साथ-साथ फिल्म की रिलीज़ रक्षा मंत्रालय की अनिवार्य स्क्रीनिंग पर भी निर्भर करेगी। इस प्रक्रिया की वजह से रिलीज़ में और देरी हो सकती है। यह स्क्रीनिंग इसलिए ज़रूरी होती है ताकि असली घटनाओं और राष्ट्रीय हितों को सही और संवेदनशील तरीके से दिखाया जा सके, खासतौर पर जब फिल्म का विषय सेना से जुड़ा हो। रिलीज डेट को लेकर अटकलें मौजूदा हालात को देखते हुए पहले तय की गई अप्रैल रिलीज़ अब संभव नहीं लग रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, सलमान का मानना है कि देशभक्ति से जुड़ी इस फिल्म को बेहद सोच-समझकर पेश किया जाना चाहिए और इसलिए टीम को किसी भी तरह की जल्दबाज़ी से बचना चाहिए। सूत्रों के अनुसार, सलमान खान और अपूर्व लाखिया रिलीज़ टालने के विकल्प पर गंभीरता से चर्चा कर रहे हैं, हालांकि अभी तक कोई फाइनल फैसला नहीं हुआ है। टीम अलग-अलग तारीखों पर विचार कर रही है। बता दें कि यह फिल्म सलमान खान फिल्म्स के बैनर तले बन रही है और इसका निर्देशन अपूर्व लाखिया कर रहे हैं। फिल्म में एक्ट्रेस चित्रांगदा सिंह भी अहम भूमिका में नज़र आएंगी। फिल्म का टीज़र सलमान खान के 60वें जन्मदिन, 27 दिसंबर 2025 को रिलीज़ किया गया था।
एक्ट्रेस रिया चक्रवर्ती ने हाल ही में बताया कि सुशांत सिंह राजपूत केस में नाम आने के बाद कोई भी उनके साथ काम करने को तैयार नहीं था। दरअसल, कई सालों तक मेनस्ट्रीम से दूर रहीं रिया अब डायरेक्टर हंसल मेहता की अपकमिंग वेब सीरीज फैमिली बिजनेस से एक्टिंग में वापसी करने जा रही हैं। हिंदुस्तान टाइम्स को दिए इंटरव्यू में रिया ने अपनी ज़िंदगी के मुश्किल दौर के बारे में बात की। रिया ने कहा, “एक्टिंग का वह सपना छोड़ना, जिसके लिए मैंने दस साल से ज़्यादा मेहनत की थी, मेरे लिए बिल्कुल आसान नहीं था। इसके लिए मुझे कई बार थेरेपी लेनी पड़ी। मुझे उसके बारे में सोचना बंद करना पड़ा, क्योंकि वह सपना अब पूरा होता दिखाई नहीं दे रहा था और मुझे एक्टिंग के मौके नहीं मिल रहे थे।” रिया ने यह भी बताया कि जब यह प्रोजेक्ट उन्हें ऑफर हुआ था, तो उन्होंने शुरुआत में मना कर दिया था। उन्होंने कहा, “हंसल सर और राइटर ने मुझसे पूछा कि मुझे क्या रोक रहा है। मैंने उनसे कहा कि मैंने एक्टिंग छोड़ दी है। तब उन्होंने कहा कि यही वजह है कि मुझे यह करना चाहिए, क्योंकि इससे फर्क नहीं पड़ता कि मैं अच्छा करूं या नहीं।”रिया ने आगे कहा कि अब उन्हें खुशी है कि उन्होंने हां कह दिया। सात सालों में ज़िंदगी बहुत बदल गई है, लेकिन सेट पर लौटना साइकिल चलाने जैसा लगा, जिसे इंसान कभी नहीं भूलता। कोई भी मेरे साथ काम नहीं करना चाहता था: रियारिया ने बताया कि काम से ब्रेक उन्होंने अपनी मर्जी से नहीं लिया था। उन्होंने कहा, “मुझे मजबूरी में रुकना पड़ा, और यह दौर तकलीफ और दर्द से भरा था। जो कुछ हुआ, उसके तुरंत बाद शायद मैं इमोशनली, मेंटली या फिजिकली रूप से तैयार भी नहीं थी। वो साल, जब कोई भी मेरे साथ काम नहीं करना चाहता था, बेहद दर्दनाक थे। भगवान और यह दुनिया हम सबको मुश्किलों से लड़ने की ताकत देते हैं, बस हमें उसे पहचानना होता है। अगर मेरे दोस्त और परिवार मेरे साथ न होते, तो शायद मैं इस दौर से इस तरह बाहर नहीं आ पाती।” एक्टिंग में वापसी के अलावा रिया ने उन महिलाओं के बारे में भी इमोशनल होकर बात की, जिन्होंने उनके सबसे मुश्किल वक्त में उनका साथ दिया। उन्होंने कहा, “मेरी गर्ल फ्रेंड्स ने मुझे सच्ची दोस्ती का मतलब दिखाया है। बिना किसी वजह के प्यार मिलना और उनके साथ खड़े रहने के कारण उनके काम और करियर पर असर पड़ना, यह बहुत बड़ी बात है।” रिया ने सिंगर और एक्ट्रेस शिबानी दांडेकर को अपनी बहन जैसी बताया। रिया ने यह भी बताया कि शिबानी ने पब्लिकली उन्हें सपोर्ट करने की वजह से कुछ ब्रांड एंडोर्समेंट खो दिए थे, जिसके बारे में उन्हें बाद में पता चला। रिया ने कहा, “मैं खुशकिस्मत हूं कि मेरी ज़िंदगी में ऐसी महिलाएं हैं, जो एक-दूसरे को आगे बढ़ाती हैं। एक तरफ मैंने इंसानियत का सबसे बुरा रूप देखा, तो दूसरी तरफ उसका सबसे खूबसूरत रूप भी महसूस किया।”
अनटाइटल्ड मूवी:‘कॉकटेल 2' के बाद एक और फिल्म करेंगे शाहिद-रश्मिका
शाहिद कपूर और रश्मिका मंदाना आगामी फिल्म ‘कॉकटेल 2' से चर्चा में है, जिसकी शूटिंग हाल ही में पूरी हुई। कृति सेनन भी फिल्म का हिस्सा हैं। इस बीच हालिया जानकारी में बताया गया है कि शाहिद और रश्मिका एक अन्य फिल्म के लिए भी साथ आ रहे हैं। दोनों से जब बिना टाइटल वाली आगामी फिल्म के लिए बातचीत की गई तो उन्होंने तुरंत हामी भर दी। रोमांस और कॉमेडी का मिश्रण होगी फिल्म रिपोर्ट्स के मुताबिक शाहिद और रश्मिका ‘बधाई हो' और ‘मैदान' के निर्देशक अमित रविंद्रनाथ शर्मा की अगली फिल्म में साथ नजर आएंगे। यह अनाम फिल्म रोमांस और कॉमेडी का एक नया मिश्रण पेश करने का वादा करती है, जिसका निर्माण सुनीर खेत्रपाल, वर्मिलियन वर्ल्ड बैनर के तहत जियो स्टूडियोज के सहयोग से किया जाएगा। सुनीर इससे पहले जॉन अब्राहम स्टारर ‘रॉकी हैंडसम', वरुण धवन की ‘बदला' और ‘फर्रे' जैसी फिल्मों का निर्माण कर चुके हैं। अगस्त या सितंबर से शुरू होगी शूटिंग इस रोमांटिक फिल्म की शूटिंग इसी साल अगस्त या सितंबर महीने से शुरू कर देंगे। फिलहाल अभिनेता शाहिद अपनी आगामी फिल्म ‘ओ रोमियो' के प्रचार में व्यस्त हैं जो 13 फरवरी को रिलीज हो रही है। इसके अलावा एक्टर ने अपनी वेब सीरीज फर्जी' के दूसरे सीजन को लेकर भी संकेत दे दिया है। राज और डीके द्वारा निर्मित इस सीरीज में उन्हें दोबारा सनी के किरदार में देखा जाएगा।
नितेश तिवारी के डायरेक्शन में बन रही फिल्म रामायणः पार्ट-1 लगातार बड़ी स्टारकास्टिंग से चर्चा में है। इसी बीच खबरें रहीं कि एक्टर राघव जुयाल ने विक्रांत मैस्सी को फिल्म से रिप्लेस कर दिया है। रिप्लेसमेंट की खबरों पर अब विक्रांत मैस्सी ने चुप्पी तोड़ी है। उनका कहना है कि ये खबरें बेबुनियाद हैं, क्योंकि वो पहले भी इस फिल्म का हिस्सा नहीं थे। राघव जुयाल द्वारा रिप्लेस किए जाने की खबरें सामने आने के बाद विक्रांत मैस्सी ने ऑफिशियल इंस्टाग्राम स्टोरी के स्टोरी सेक्शन में लिखा, ओके, सब साफ करने के लिए कहना चाहता हूं कि मैं कभी भी इस फिल्म का हिस्सा नहीं था। मैं नहीं हूं, और कभी था भी नहीं। इतनी गैर-जिम्मेदार मीडिया कवरेज, वो भी ‘सम्मानित’ कहे जाने वाले मीडिया हाउसों से, सच में हैरान करने वाली है। आगे एक्टर ने लिखा, फिर भी, रामायण फिल्म के लिए सभी को ढेरों शुभकामनाएं। मैं जरूर टिकट खरीदकर इसे सिनेमाघरों में देखने जाऊंगा।” विक्रांत मैस्सी ने डिलीट की पोस्ट मीडिया कवरेज पर भड़ककर की कई इस पोस्ट के महज एक घंटे बाद ही विक्रांत ने अपनी पोस्ट डिलीट कर दी है। कैसे शुरू हुईं रिप्लेसमेंट की खबरें? हाल ही में वैराइटी की रिपोर्ट में दावा किया गया था कि नितेश तिवारी की फिल्म रामायण में राघव जुयाल लंकेश रावण यानी यश के बेटे मेघानद (इंद्रजीत) का किरदार निभाएंगे। इसके बाद से ही कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जाने लगा कि पहले ये रोल विक्रांत मैस्सी निभाने वाले थे, ऐसे में राघव जुयाल ने उन्हें रिप्लेस किया है। कैसी होगी रामायण की कास्टिंग? फिल्म रामायणः पार्ट- 1 में रणबीर कपूर, भगवान श्री राम का किरदार निभा रहे हैं, जबकि एक्ट्रेस साई पल्लवी माता सीता के रोल में हैं। केजीएफ स्टार यश फिल्म में लंकेश रावण और सनी देओल भगवान हनुमान के रोल में है। वहीं एक्टर रवि दुबे लक्ष्मण का रोल निभा रहे हैं। इनके अलावा एक्ट्रेस काजल अग्रवाल मंदोदरी और रकुल प्रीत सिंह भी सूर्पणखा के रोल में होने वाली हैं। बता दें कि फिल्म रामायण 6 नवंबर को रिलीज हो रही है।
एक्ट्रेस प्रियंका चोपड़ा को हाल ही में हैदराबाद एयरपोर्ट पर स्पॉट किया गया। वे एस. एस. राजामौली की अपकमिंग फिल्म ‘वाराणसी’ की शूटिंग शेड्यूल पूरा करने के बाद रवाना हो रही थीं। एयरपोर्ट में एंट्री के दौरान उन्होंने मास्क पहना हुआ था, जिसे उन्होंने सिक्योरिटी चेक के लिए हटाया। एयरपोर्ट पर प्रियंका का ट्रैवल लुक सिंपल और रिलैक्स्ड नजर आया। उन्होंने मोनोक्रोमैटिक सफेद आउटफिट पहना था, जिसमें सफेद कार्गो ट्राउजर के साथ सफेद क्रॉप टॉप शामिल था। लुक को उन्होंने कैप और बन हेयरस्टाइल के साथ पूरा किया। शनिवार को प्रियंका ने हैदराबाद में कैब राइड का एक वीडियो इंस्टाग्राम पर शेयर किया। वीडियो में प्रियंका गाड़ी में मिले एक अजीब मास्क को देखकर हल्के-फुल्के मस्ती भरे अंदाज में दिखीं। बता दें कि प्रियंका भारत फिल्म ‘वाराणसी’ की शूटिंग के लिए आई थीं, जिसे एस. एस. राजामौली डायरेक्ट कर रहे हैं। यह एक बड़े लेवल की एक्शन-एडवेंचर फिल्म है, जिसमें महेश बाबू लीड रोल में हैं। इस फिल्म से प्रियंका भारतीय फिल्मों में वापसी कर रही हैं और फिल्म 7 अप्रैल 2027 को रिलीज होगी। फिल्म ‘द ब्लफ’ में नजर आएंगी प्रियंका प्रियंका जल्द फिल्म ‘द ब्लफ’ में नजर आएंगी, जो 25 फरवरी को अमेजन प्राइम वीडियो पर रिलीज होगी। यह फिल्म 19वीं सदी के कैरिबियन द्वीप समूह पर आधारित है। प्रियंका इसमें ‘एर्सेल बोडेन’ उर्फ ‘ब्लडी मैरी’ नाम की एक पूर्व समुद्री डाकू की भूमिका निभा रही हैं, जो अपने परिवार को बचाने के लिए अपने हिंसक अतीत का सामना करती है। यह फिल्म मूल रूप से अंग्रेजी में है, लेकिन भारत के लिए इसे हिंदी, तमिल और तेलुगु सहित कई क्षेत्रीय भाषाओं में डब किया जाएगा। इसका निर्देशन फ्रैंक ई. फ्लावर्स ने किया है और इसे एवेंजर्स फेम रूसो ब्रदर्स (AGBO) ने प्रोड्यूस किया है।
सनी देओल की मल्टीस्टारर फिल्म बॉर्डर 2, रिलीज के दो हफ्ते बाद भी बेहतरीन बॉक्स ऑफिस कलेक्शन कर रही है। फिल्म ने शुक्रवार यानी 6 फरवरी को महज 2.85 करोड़ का कलेक्शन किया था, हालांकि तीसरे वीकेंड यानी शनिवार को फिल्म की कमाई में उछाल देखने मिली और फिल्म ने 4.25 करोड़ का कलेक्शन कर लिया। शनिवार के कलेक्शन के साथ फिल्म का इंडियन बॉक्स ऑफिस कलेक्शन 385.58 करोड़ हो चुका है। फिल्म ने 16 दिनों में वर्ल्डवाइड 54 करोड़ कमाए हैं, जिसके साथ इसका वर्ल्डवाइड कलेक्शन 440 करोड़ हो चुका है। सलमान खान की सुल्तान और बजरंगी भाईजान का रिकॉर्ड टूटा इंडियन बॉक्स ऑफिस कलेक्शन के मामले में बॉर्डर 2 कई बड़ी फिल्मों को पीछे कर चुकी है। भारत में 358 करोड़ कमाई कर बॉर्डर 2, सैयारा (337 करोड़), बजरंगी भाईजान (320 करोड़), सुल्तान (300 करोड़) का रिकॉर्ड तोड़ चुकी है। फिलहाल ये भारत में सबसे ज्यादा कमाई करने वाली 13वीं फिल्म है। 2026 की सबसे बड़ी फिल्म बनी, मर्दानी 3 काफी पीछे बॉर्डर 2, वर्ल्डवाइड 440 करोड़ का कलेक्शन कर इस साल की सबसे बड़ी फिल्म बन चुकी है। बॉर्डर के बाद रानी मुखर्जी की फिल्म मर्दानी 3 रिलीज हुई थी, हालांकि फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कोई कमाल नहीं कर सकी और 32 करोड़ रुपए ही कमा सकी है। धर्मेंद्र की इक्कीस भी इस साल रिलीज हुई है, हालांकि फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फेल रही। ओ रोमियो की रिलीज से पड़ेगा असर शाहिद कपूर और तृप्ति डिमरी स्टारर फिल्म ओ रोमियो 13 फरवरी को रिलीज हो रही है। ट्रेलर रिलीज के बाद से ही फिल्म चर्चा में है। ऐसे में फिल्म की रिलीज के बाद बॉर्डर की कमाई रुक सकती है।
फिल्म मैरी कॉम और सीरीज द फैमिली मैन-3 में नजर आ चुके एक्टर सुनील थापा का 6 फरवरी को 68 साल की उम्र में निधन हो गया। उनके निधन की खबर मिलने के बाद मैरी कॉम एक्ट्रेस प्रियंका चोपड़ा भावुक हो गईं। उन्होंने बताया है कि जब उनके पिता का निधन हुआ, तब सुनील थापा ने उन्हें संभाला था। प्रियंका चोपड़ा ने हाल ही में फिल्म मैरी कॉम के कुछ सीन्स का वीडियो शेयर कर भावुक होकर लिखा है, आप हमेशा मेरे कोच सर रहेंगे। जब मैंने अपने पिता को खो दिया था, तब आपने मुझे संभाला। आपने मुझे प्यार दिया और कई कठिन दिनों में मेरा साथ दिया, बिना यह जाने कि आप मेरे लिए कितने मायने रखते थे। आपकी गर्मजोशी भरी झप्पी और आपकी हंसी हमेशा मेरी यादों का हिस्सा रहेंगी। आगे प्रियंका ने लिखा है, ‘बहुत कम उम्र में चले गए, लेकिन कभी भुलाए नहीं जाएंगे। उस समय आपकी दयालुता के लिए धन्यवाद, जब मैं पूरी तरह टूट चुकी थी। शांति से विश्राम करें, सुनील थापा। मेरी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं परिवार और प्रियजनों के साथ हैं।’ एक्टर सुनील थापा के निधन का कारण कार्डियक अरेस्ट बताया जा रहा है। काठमांडू पोस्ट के अनुसार, नॉर्विक अस्पताल के चेयरपर्सन राजेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि सुनील थापा को बेहोशी की हालत में अस्पताल लाया गया था। शुक्रवार सुबह 7:44 बजे किए गए ईसीजी में उनकी मौत की पुष्टि हुई। सुनील थापा नेपाली एक्टर थे, जिन्होंने 300 से ज्यादा नेपाली फिल्मों के साथ-साथ कई बॉलीवुड और भोजपुरी फिल्मों में भी काम किया। फिल्म मैरी कॉम में सुनील ने कोच की भूमिका निभाई थी। इसके अलावा वो फिल्म एक दूजे के लिए (1981), खामियाजा (2019) जैसी कई फिल्मों का हिस्सा रहे हैं।
रानी मुखर्जी स्टारर फिल्म मर्दानी 3 गलत तरह पब्लिसिटी स्टंट करने के आरोप से सुर्खियों में आ गई है। दरअसल, बीते कुछ दिनों सें दिल्ली से लापता हुए करीब 800 लोगों की खबर से सनसनी मची हुई है, जिसमें 300 लड़कियां भी शामिल हैं। इसी बीच फिल्म मर्दानी 3 आई, जिसमें इसी तरह का कॉन्सेप्ट दिखाया गया। लापता लड़कियों और फिल्म में कनेक्शन होने पर लगातार दावे किए जाने लगे कि यशराज फिल्म्स ने फिल्म मर्दानी 3 प्रमोट करने के लिए लड़कियों के गायब होने की झूठी खबरों को सनसनी बनाकर बढ़ा-चढ़ा कर फैलाया। फिल्म के मेकर्स पर ये भी आरोप लगे कि उन्होंने कुछ एजेंसियों को पैसे देकर लड़कियों के लापता होने की खबरें चलवाईं, जिसे दूसरी मीडिया कंपनियों ने भी चलाया और ये खबर फैल गई। इसके बाद फिल्म मर्दानी 3 रिलीज की गई, जिसमें लड़कियों को रेस्क्यू करने की बात की गई। दिल्ली पुलिस ने ऑफिशियल सोशल मीडिया अकाउंट से भी साफ किया कि जांच में सामने आया है कि मिसिंग लड़कियों की खबरें महज पैसे देकर किया गया पब्लिसिटी स्टंट है। दिल्ली पुलिस ने लिखा है, कुछ सुरागों का पीछा करने के बाद हमें पता चला कि दिल्ली में लड़कियों के लापता होने में अचानक बढ़ोतरी को लेकर फैलाया जा रहा हंगामा पैसों के बदले किए गए प्रचार के जरिये बढ़ाया जा रहा है। दहशत फैलाकर मुनाफा कमाने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी, और ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इन दावों पर सफाई देते हुए अब यशराज फिल्म्स के स्पोक्सपर्सन ने स्क्रीन से बातचीत में कहा, यशराज फिल्म्स 50 साल पुरानी कंपनी है, जो नैतिकता और ट्रांसपेरेंट मूल सिद्धांतों पर चलती है। और उन्हीं के अनुसार काम करती है। सोशल मीडिया पर जो भी आरोप लगाए जा रहे हैं, हम उसका खंडन करते हैं। आगे स्पोक्सपर्सन कहते हैं, कहा जा रहा है कि मर्दानी 3 के प्रमोशन के लिए एक संवेदनशील मुद्दे को जानबूझकर सनसनीखेज बनाया गया, लेकिन ऐसा नहीं है। हम इसका खंडन करते हैं। हमें अपनी एथॉरिटी और संस्थाओं पर पूरा यकीन है कि वो समय आने पर सभी फैक्ट्स और सच्चाई को सामने ले आएंगे।
शाहिद कपूर और तृप्ति डिमरी स्टारर फिल्म ओ रोमियो की के खिलाफ हुसैन उस्तरा की बेटी ने एक याचिका दायर की थी। उन्होंने फिल्म की रिलीज रोके जाने की मांग की थी, हालांकि बॉम्बे सिटी सिविल कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी है, जिसके बाद अब ये फिल्म तय तारीख पर ही रिलीज होगी। 7 फरवरी को गैंगस्टर हुसैन शेख की बेटी की याचिका पर सुनवाई हुई। उन्होंने याचिका में कहा था कि फिल्म के जरिए उनके पिता की निजता और प्रतिष्ठा का उल्लंघन किया गया है। हालांकि कोर्ट ने सुनवाई में कहा कि निजता का अधिकार व्यक्तिगत होता है और किसी व्यक्ति के निधन के बाद ये अधिकार खत्म हो जाता है। इसे परिवार की विरासत के तौर पर नहीं देखा जा सकता है। साथ ही कोर्ट ने ये भी कहा है कि किसी फिल्म या क्रिएटिविटी को रोकने के लिए व्यक्तिगत अधिकार का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने ये भी कहा कि मेकर्स की तरफ से फिल्म में एक डिस्क्लेमर दिया गया है, जिससे ये साफ है कि फिल्म फिक्शनल है और उसके पात्र भी काल्पनिक हैं। फिल्म के किरदारों की किसी असल व्यक्ति से समानता महज एक संयोग है। कोर्ट का सवाल- रिलीज से ठीक पहले क्यों हुई रोके जाने की मांग कोर्ट ने शिकायतकर्ता पक्ष से साफ कहा है कि फिल्म ओ रोमियो की अनाउंसमेंट 2024 में हुई थी। तब से लेकर अब तक इस पर आपत्ति नहीं जताई गई। तो रिलीज से ठीक पहले क्यों। इस तरह की याचिका से मेकर्स और फिल्ममेकिंग से जुड़े लोगों को बड़ा आर्थिक नुकसान पहुंच सकता है। 13 फरवरी को रिलीज होगी फिल्म ओ रोमियो बता दें कि फिल्म ओ रोमियो 13 फरवरी को रिलीज होने के लिए शेड्यूल है। फिल्म का निर्देशन विशाल भारद्वाज ने किया है, जो इससे पहले कमीने, हैदर, मकबूल, ओमकारा, 7 खून माफ जैसी फिल्में बना चुके हैं। इस फिल्म में शाहिद कपूर, तृप्ति डिमरी लीड रोल में हैं, जबकि नाना पाटेकर, फरीदा जलाल, तमन्ना भाटिया, अविनाश तिवारी भी अहम किरदारों में हैं। फिल्म ओ रोमियो पॉपुलर राइटर हुसैन जैदी की बुक माफिया क्वींस ऑफ मुंबई पर आधारित है, जिसमें शाहिद कपूर मशहूर गैंगस्टर हुसैन उस्तरा के किरदार में हैं।
बॉलीवुड के दबंग स्टार सलमान खान आज मुंबई में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी समारोह के तहत आयोजित व्याख्यानमाला कार्यक्रम में पहुंचे। यह कार्यक्रम संघ की 100 साल की यात्रा और भविष्य की सोच पर आधारित है। सलमान ने नेहरू सेंटर ऑडिटोरियम में आयोजित इस “100 Years of Sangh Journey: New Horizons” कार्यक्रम में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। उन्होंने डार्क ब्लू शर्ट और कूल लुक में मीडिया कैमरों के सामने एंट्री दी, जिसे वहां मौजूद लोगों ने खूब नोटिस किया। कार्यक्रम के पहले सत्र में RSS प्रमुख डॉ. मोहन भागवत ने संघ की 100 साल पुरानी यात्रा, उसकी भूमिका और संगठन के विचारों पर विस्तार से बोलते हुए कहा कि संघ का काम ‘’देश और समाज के विकास के लिए समर्पित है, न कि किसी के खिलाफ।” इस व्याख्यानमाला के लिए संघ द्वारा कुल 1208 अतिथियों को आमंत्रण भेजा गया, जिनमें से लगभग 850 से अधिक गणमान्य व्यक्ति कार्यक्रम में शामिल हुए। समारोह में कई अन्य नामी हस्तियों को भी बुलाया गया है, जिसमें फिल्म निर्माता सुभाष घई और गीतकार, कवि व लेखक प्रसून जोशी भी मौजूद रहे। RSS के 2-दिन के इस कार्यक्रम में वरिष्ठ नेता, विचारक और आम जनता के लोग शामिल हैं। यह आयोजन संघ की शताब्दी वर्ष की खास गतिविधियों में से एक है, जिसका उद्देश्य संगठन की सोच, इतिहास और भविष्य के एजेंडे पर व्यापक चर्चा करना है।
बॉलीवुड के दबंग स्टार सलमान खान आज मुंबई में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी समारोह के तहत आयोजित व्याख्यानमाला कार्यक्रम में पहुंचे। यह कार्यक्रम संघ की 100 साल की यात्रा और भविष्य की सोच पर आधारित है। सलमान ने नेहरू सेंटर ऑडिटोरियम में आयोजित इस “100 Years of Sangh Journey: New Horizons” कार्यक्रम में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। उन्होंने डार्क ब्लू शर्ट और कूल लुक में मीडिया कैमरों के सामने एंट्री दी, जिसे वहां मौजूद लोगों ने खूब नोटिस किया। कार्यक्रम के पहले सत्र में RSS प्रमुख डॉ. मोहन भागवत ने संघ की 100 साल पुरानी यात्रा, उसकी भूमिका और संगठन के विचारों पर विस्तार से बोलते हुए कहा कि संघ का काम “देश और समाज के विकास के लिए समर्पित है, न कि किसी के खिलाफ।” इस व्याख्यानमाला के लिए संघ द्वारा कुल 1208 अतिथियों को आमंत्रण भेजा गया, जिनमें से लगभग 850 से अधिक गणमान्य व्यक्ति कार्यक्रम में शामिल हुए। समारोह में कई अन्य नामी हस्तियों को भी बुलाया गया है, जिसमें फिल्म निर्माता सुभाष घई और गीतकार, कवि व लेखक प्रसून जोशी भी मौजूद रहे। RSS के 2-दिन के इस कार्यक्रम में वरिष्ठ नेता, विचारक और आम जनता के लोग शामिल हैं। यह आयोजन संघ की शताब्दी वर्ष की खास गतिविधियों में से एक है, जिसका उद्देश्य संगठन की सोच, इतिहास और भविष्य के एजेंडे पर व्यापक चर्चा करना है।
अक्षय कुमार की अपकमिंग फिल्म ‘भूत बंगला’ की रिलीज डेट में बदलाव किया गया है। पहले यह फिल्म 15 मई 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली थी, लेकिन अब इसे प्रीपोन कर 10 अप्रैल 2026 कर दिया गया है। यानी दर्शकों को अक्षय कुमार की इस हॉरर-कॉमेडी फिल्म के लिए अब एक महीने कम इंतजार करना होगा। क्यों बदली गई ‘भूत बंगला’ की रिलीज डेट? फिल्म की रिलीज डेट आगे खिसकाने के पीछे मेकर्स की एक सोची-समझी रणनीति बताई जा रही है। अप्रैल का महीना थिएट्रिकल रिलीज के लिहाज से बेहतर माना जाता है, क्योंकि इस दौरान बड़े क्लैश कम होते हैं और दर्शकों की भीड़ ज्यादा देखने को मिलती है। इसके अलावा, साल 2026 में अक्षय कुमार की कई फिल्में लाइनअप में हैं, ऐसे में मेकर्स चाहते हैं कि हर फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर पूरा और सही स्पेस मिले। अक्षय कुमार करेंगे सालभर एंटरटेन अक्षय कुमार लंबे समय से लगातार फिल्मों के जरिए दर्शकों का मनोरंजन करते आ रहे हैं। ‘भूत बंगला’ को भी उनकी एक मजबूत जॉनर फिल्म माना जा रहा है, जिसमें हॉरर के साथ कॉमेडी का तड़का देखने को मिलेगा। फिल्म की रिलीज डेट को प्रीपोन करने का फैसला इसी सोच के साथ लिया गया है कि दर्शकों को साल की शुरुआत में ही एक बड़ा एंटरटेनर मिल सके। स्टारकास्ट है दमदार ‘भूत बंगला’ में अक्षय कुमार के साथ वामिका गब्बी, परेश रावल, तब्बू और राजपाल यादव अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। खास बात यह है कि परेश रावल और राजपाल यादव जैसे कलाकारों की मौजूदगी से फिल्म में कॉमेडी का लेवल और भी ऊंचा होने की उम्मीद है। वहीं तब्बू और वामिका गब्बी फिल्म को एक अलग रंग देती नजर आएंगी। प्रियदर्शन के निर्देशन में बनेगी फिल्म फिल्म का निर्देशन प्रियदर्शन कर रहे हैं, जो पहले भी अक्षय कुमार के साथ कई सुपरहिट कॉमेडी फिल्में दे चुके हैं। इस वजह से ‘भूत बंगला’ को लेकर दर्शकों की एक्साइटमेंट पहले से ही काफी ज्यादा है। फिल्म को बालाजी मोशन पिक्चर्स और केप ऑफ गुड फिल्म्स मिलकर प्रेजेंट कर रहे हैं। इन नामों ने संभाली प्रोडक्शन की कमान ‘भूत बंगला’ को अक्षय कुमार, शोभा कपूर और एकता कपूर ने मिलकर प्रोड्यूस किया है। मजबूत टीम, दमदार स्टारकास्ट और प्रियदर्शन जैसे अनुभवी निर्देशक की मौजूदगी ने इस फिल्म को 2026 की मोस्ट अवेटेड फिल्मों की लिस्ट में शामिल कर दिया है। अब देखना दिलचस्प होगा कि 10 अप्रैल 2026 को रिलीज होने वाली ‘भूत बंगला’ बॉक्स ऑफिस पर कितना धमाल मचाती है और क्या अक्षय कुमार एक बार फिर दर्शकों को हंसी और डर का अनोखा कॉम्बिनेशन देने में कामयाब होते हैं।
बॉलीवुड के सबसे पॉपुलर सुपरहीरो फ्रेंचाइजी कृष की चौथी कड़ी ‘कृष 4’ को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। लंबे समय से फिल्म की तैयारी जोरों पर थी, लेकिन अब इसे फिलहाल रोक दिया गया है और काम पर ब्रेक लगा दिया गया है। कृष सीरीज के फैंस पिछले कई वर्षों से चौथे भाग का इंतजार कर रहे हैं। पहले कृष (2006) और कृष 3 (2013) ने दर्शकों को खूब रोमांच दिया था, इसलिए अगला पार्ट भी ब्लॉकबस्टर बनने की उम्मीद थी। इस बार खबर थी कि सुपरस्टार ऋतिक रोशन न केवल हीरो होंगे, बल्कि फिल्म को डायरेक्ट भी करेंगे। बॉलीवुड हंगामा की रिपोर्ट के मुताबिक फिल्म अचानक ठंडे बस्ते में चली गई है। बजट को लेकर आयी मतभेद प्रमुख वजह बनी है। कहा जा रहा है कि ऋतिक चाहते थे कि ‘कृष 4’ को करीब ₹500 करोड़ के बजट में बनाया जाए, लेकिन आदित्य चोपड़ा और उनकी टीम ₹350 करोड़ के बजट पर अटके रहे। दोनों पक्षों के बीच बजट को लेकर लंबी बातचीत चली, लेकिन कोई ठोस निर्णय नहीं निकल पाया। इस विवाद के चलते फिल्म को फिलहाल साइडलाइन कर दिया गया है। अब ऋतिक रोशन खुद दूसरे स्टूडियोज से बातचीत कर रहे हैं, ताकि वे बजट के मुताबिक स्क्रिप्ट में बदलाव करके ‘कृष 4’ पर फिर से फोकस कर सकें। सूत्रों का कहना है कि ऋतिक रोशन, आदित्य की प्रतिक्रिया को सकारात्मक रूप से ले रहे हैं और जल्द ही नई योजना के साथ आगे आएंगे। जैसे-जैसे ये मुद्दा सुलझेगा, ‘कृष 4’ पर काम फिर से शुरू हो सकता है। फैंस को उम्मीद है कि बजट फाइनल होने पर शूटिंग और रिलीज की तिथियों का घोषणा जल्दी ही होगी। फिलहाल तो ये सुपरहीरो फिल्म कुछ समय के लिए रुकी हुई है, लेकिन इंडस्ट्री की नजरें अब आगे के प्लान पर जमी हुई हैं।
बॉलीवुड की प्रतीक्षित कॉमेडी फिल्म ‘हेरा फेरी 3’ फिर से सुर्खियों में आ गई है, लेकिन इस बार वजह है कानूनी झगड़ा और राइट्स विवाद। साउथ फिल्म निर्माता सेवन आर्ट्स इंटरनेशनल लिमिटेड ने दावा किया है कि फिल्म के राइट्स असल में उनके पास हैं, न कि निर्माता फिरोज नाडियाडवाला के। इस बात को लेकर उन्होंने मद्रास हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। HTCity में छपी खबर मुताबिक, साउथ निर्माता GP विजयकुमार ने 2022 में मलयालम फिल्म रामजी राव स्पीकिंग के ओरिजिनल निर्माताओं से ’हेरा फेरी’ फ्रैंचाइजी के अधिकार खरीद लिए थे। उनका कहना है कि फिरोज नाडियाडवाला को केवल इस मूल फिल्म का एक हिंदी रीमेक बनाने की अनुमति दी गई थी, जो 2000 में रिलीज हुई। लेकिन नाडियाडवाला ने 2006 में फिर हेरा फेरी भी बना दी और अब तीसरे भाग के अधिकार तक बेच दिए हैं, जो कि उनके पास बनाने का कोई वैध अधिकार नहीं था। सेवन आर्ट्स के MD विजयकुमार के अनुसार, ‘फिर हेरा फेरी’ के समय पर किसी ने इस अधिकार उल्लंघन को पकड़ा नहीं था क्योंकि पहली फिल्म के डायरेक्टर प्रियदर्शन से उनके अच्छे रिश्ते थे। लेकिन अब जब ‘हेरा फेरी 3’ की योजना बनी, तो असल मालिकों को एहसास हुआ कि नाडियाडवाला ने सीक्वल और किरदारों का इस्तेमाल बिना अनुमति किया है। उन्होंने यह भी बताया कि नाडियाडवाला ने वही अधिकार अक्षय कुमार के प्रोडक्शन हाउस कैप ऑफ गुड फिल्म्स को बेचे, जिसके खिलाफ उन्होंने लीगल नोटिस भेजा और कोर्ट का सहारा लिया। फिरोज नाडियाडवाला और अक्षय कुमार की तरफ से अब तक आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, और डायरेक्टर प्रियदर्शन ने भी बयान देते हुए कहा है कि उन्हें इस कानूनी मामले की कोई जानकारी नहीं है। इस बीच, ‘हेरा फेरी 3’ पहले से ही परेश रावल की अस्थायी एग्जिट और वापसी के कारण भी विवादों में रहा है। अब राइट्स विवाद ने इसे और उलझा दिया है, जिससे फिल्म की रिलीज और प्रोडक्शन पर अनिश्चितता छा गई है।
नेपाली एक्टर सुनील थापा का शुक्रवार सुबह 68 साल की उम्र में निधन हो गया। काठमांडू के थापथली स्थित नॉर्विक अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। अस्पताल के अनुसार, उनकी मौत कार्डियक अरेस्ट के चलते हुई। बता दें कि सुनील थापा ने नेपाली और हिंदी समेत कई फिल्मों में एक्टिंग की है। फिल्म मैरी कॉम में प्रियंका चोपड़ा के कोच के किरदार से उन्हें खास पहचान मिली, जिसके लिए उन्हें फिल्मफेयर अवॉर्ड्स में नॉमिनेशन भी मिला था। काठमांडू पोस्ट के अनुसार, नॉर्विक अस्पताल के चेयरपर्सन राजेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि सुनील थापा को बेहोशी की हालत में अस्पताल लाया गया था। शुक्रवार सुबह 7:44 बजे किए गए ईसीजी में उनकी मौत की पुष्टि हुई। 300 से अधिक नेपाली फिल्मों में अभिनय किया नेपाली सिनेमा के कद्दावर एक्टर माने जाने वाले सुनील थापा ने कई दशकों तक नेपाली, बॉलीवुड और भोजपुरी फिल्मों में काम किया। उन्होंने 300 से अधिक नेपाली फिल्मों में अभिनय किया। फिल्म चीनो में ‘रात कैला’ के रूप में निभाया गया उनका किरदार बेहद लोकप्रिय हुआ और इसी रोल ने उन्हें इंडस्ट्री के सबसे फेमस विलेन के रूप में स्थापित किया। फिल्मों में आने से पहले थापा खेलों से भी जुड़े रहे। उन्होंने बॉम्बे के क्लबों के लिए प्रोफेशनल फुटबॉल खेला। अपने शुरुआती करियर में वह JS मैगजीन (जूनियर स्टेट्समैन) में फोटो जर्नलिस्ट भी रहे। सुनील थापा एवरेस्ट फिल्म एकेडमी के चेयरपर्सन भी रह चुके थे। उनकी आखिरी स्क्रीन अपीयरेंस फिल्म एकलो में थी। परिवार के अन्य सदस्य मुंबई में रहते हैं, जबकि वह काठमांडू में एक अपार्टमेंट में रह रहे थे।
डायरेक्टर लेनिन भारती ने सुपरस्टार रजनीकांत की आलोचना करते हुए उन्हें ‘नकली समाजसेवी’ कहा है। दरअसल, रजनीकांत ने हाल ही में चेन्नई की एक सफाई कर्मचारी पद्मा की ईमानदारी से खुश होकर उसे एक सोने की चेन गिफ्ट की। इस खबर के सामने आते ही कई लोगों ने रजनीकांत की इस पहल की तारीफ की। हालांकि, डायरेक्टर लेनिन भारती ने इस पर अलग तरीके से रिएक्ट किया। लेनिन ने X पर रजनीकांत की टीम द्वारा शेयर की गई एक तस्वीर पोस्ट की। इस तस्वीर में रजनीकांत, सफाई कर्मचारी की वर्दी पहने पद्मा को गले लगाते दिख रहे हैं। तस्वीर के साथ लेनिन ने तमिल में लिखा, जब सफाई कर्मचारी रिपन बिल्डिंग के बाहर अपने अधिकारों के लिए प्रदर्शन कर रहे थे, तब आप कहां थे, रजनीकांत सर? ऐसा लगता है कि आपकी तथाकथित दरियादिली उन्हें तभी देख पाती है, जब वे वर्दी में हों। आप नकली समाजसेवी हैं। बता दें कि रजनीकांत ने मंगलवार को पद्मा को अपने पोएस गार्डन स्थित घर बुलाया था और उसे सोने की चेन दी। पद्मा टी नगर इलाके में सफाई कर्मचारी के तौर पर काम करती हैं। उन्हें वहां एक लावारिस पर्स मिला था, जिसमें 45 सोवरन (कुल वजन 360 ग्राम) सोने के गहने थे। पद्मा ने तुरंत अपने अधिकारियों को इसकी जानकारी दी और बाद में सोना पुलिस को सौंप दिया, ताकि वह सही मालिक तक पहुंच सके। रजनीकांत ने इसी ईमानदारी के लिए उन्हें सम्मानित किया था। कौन है लेनिन भारती?लेनिन भारती तमिल फिल्म इंडस्ट्री के डायरेक्टर, राइटर और एक्टर हैं। उन्होंने साल 2018 में फिल्म ‘मेरकु थोडर्ची मलाई’ से डायरेक्शन की शुरुआत की थी, जिसे विजय सेतुपति ने प्रोड्यूस किया था। इससे पहले लेनिन ने 2013 की फिल्म ‘आधालल कधल सेवीर’ का स्क्रीनप्ले लिखा था। एक्टिंग के क्षेत्र में भी वह एक्टिव रहे हैं और ‘अर्जुनन पेर पाथु’ और ‘बाइसन कालमादन’ जैसी फिल्मों में नजर आ चुके हैं।
हाल ही में जियो हॉटस्टार पर पहली एआई-जनरेटेड वेब सीरीज ‘महाभारत: एक धर्मयुद्ध’ रिलीज हुई। यह स्टार प्लस पर भी प्रसारित हुई। अब तक 15 एपिसोड आ चुके हैं और 100 एपिसोड तक की तैयारी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक लॉन्च के दिन ही इस शो को 65 लाख दर्शकों ने देखा। रिव्यू भले मिक्स्ड रहे हों, लेकिन इसने एक नया ट्रेंड जरूर शुरू कर दिया। अब कई ओटीटी प्लेटफॉर्म पूरी एआई-जनरेटेड वेब सीरीज-फिल्में बनाने में जुटे हैं। इसी कड़ी में नेशनल अवॉर्ड विजेता निर्देशक राजेश मापुस्कर की ‘चिरंजीवी हनुमान: द इटरनल’ को देश की पहली पूरी तरह एआई-जनरेटेड थिएट्रिकल फिल्म माना जा रहा है। इस ट्रेंड के पीछे बजट का बड़ा रोल है। बालाजी में एआई प्रमुख चेतन हंसराज ने हाल ही में कहा कि उनकी टीम ने एआई के इस्तेमाल से एक एपिसोड बनाने की लागत 80% तक कम कर दी है। सोशल मीडिया पर एआई जनरेटेड कंटेंट की बाढ़सोशल मीडिया, खासकर इंस्टाग्राम रील्स और यूट्यूब शॉर्ट्स, एआई-जनरेटेड कंटेंट का सबसे बड़े प्लेटफॉर्म बन चुके हैं। इसका बड़ा उदाहरण ‘बंदर अपना दोस्त’ चैनल है। नवंबर 2025 में यूट्यूब पर इसके 2.07 अरब व्यूज थे, जो अब बढ़कर 2.65 अरब हो चुके हैं। सैन फ्रांसिस्को बेस्ड प्लेटफॉर्म कैपविंग की रिपोर्ट के मुताबिक इस चैनल की अनुमानित सालाना कमाई 38.5 करोड़ रुपए आंकी गई। इसी तरह मार्वल के प्रसिद्ध किरदार हल्क के देसी अवता भी वायरल हैं। एआई द्वारा निर्मित इंस्टाग्राम रील्स में हल्क (थैनोस और आयरन मैन के साथ) को मुंबई नगर निगम (बीएमसी) चुनावों के संदर्भ में नेताजी के रूप में दिखाया गया है, जिसे लाखों बार देखा गया है।
एक्टर विक्रांत मैसी ने दिसंबर 2024 में फिल्मों से ब्रेक लेने के अपने ऐलान पर रिएक्शन दिया है। उन्होंने बताया कि वह मेंटल और इमोशनल बर्नआउट से गुजर रहे थे और अपने परिवार के साथ समय बिताना चाहते थे। रिटायरमेंट का उनका कोई इरादा नहीं था। टाइम्स नाउ को दिए इंटरव्यू में विक्रांत मैसी ने कहा कि आज भी उनसे लोग पूछते हैं कि उन्होंने “रिटायरमेंट” क्यों लिया। उन्होंने बताया कि उनका बयान गलत तरीके से समझ लिया गया। उनके मुताबिक, एक्टर्स का ब्रेक लेना अभी भी लोगों को अजीब लगता है, इसलिए ऐसा हुआ। उनका इरादा कभी भी हमेशा के लिए काम छोड़ने का नहीं था, बल्कि सिर्फ परिवार के साथ समय बिताने का था। उन्होंने कहा, “X (ट्विटर) पर शब्दों की लिमिट होती है। मैंने उन्हीं शब्दों में पूरी बात बताने की कोशिश की, लेकिन सब कुछ लोगों तक नहीं पहुंच पाया। कई बातें गलत समझ ली गईं। मैं सिर्फ ब्रेक लेना चाहता था। उस वक्त मैं काफी ज्यादा थक चुका था।” ब्रेक के दौरान विक्रांत मैसी ने क्या किया ब्रेक के दौरान विक्रांत मैसी ने अपने काम पर दोबारा नजर डाली। उन्होंने अपनी सभी फिल्मों को देखा और समझने की कोशिश की कि वह खुद को कैसे बेहतर बना सकते हैं। इस दौरान उन्होंने अपने परिवार को प्राथमिकता दी और खासतौर पर अपने छोटे बेटे के साथ ज्यादा वक्त बिताया, जिसे वह लगातार शूटिंग की वजह से मिस कर रहे थे। यह ब्रेक उनके लिए खुद को फिर से तरोताजा करने और फोकस लौटाने का समय था। विक्रांत ने कहा कि एक कलाकार सिर्फ लंबे शूटिंग शेड्यूल से नहीं थकता, बल्कि मानसिक और भावनात्मक रूप से भी पूरी तरह खुद को झोंक देता है। किसी किरदार को निभाने में कलाकार अपनी सारी एनर्जी लगा देता है, जिससे थकान होना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि एक साल में चार फिल्मों की शूटिंग करना बहुत मुश्किल होता है। उन्होंने ‘12th फेल’, ‘साबरमती एक्सप्रेस’ और ‘सेक्टर 26’ का जिक्र करते हुए कहा कि वह इन फिल्मों के लिए आभारी हैं, लेकिन एक ही साल में इतनी फिल्में करना आसान नहीं होता। 7 महीने के ब्रेक में क्या बदला विक्रांत मैसी ने बताया कि इस ब्रेक के दौरान उन्हें एहसास हुआ कि उनकी हाल की फिल्मों में उनकी एक्टिंग में ज्यादा नया नहीं दिख रहा था। इसी वजह से उन्होंने खुद पर काम करने और नए सिरे से शुरुआत करने का फैसला किया। इसके साथ ही वह अपने बेटे के साथ ज्यादा समय बिताना चाहते थे। उन्होंने बताया कि उनके बेटे का जन्म उस समय हुआ था, जब वह लगातार काम कर रहे थे। बेटे के कई अहम पल उन्होंने सिर्फ वीडियो में देखे, जो उनकी पत्नी भेजती थीं। जब उनके बेटे ने पहली बार “पापा” कहा और वह वहां मौजूद नहीं थे, तो उन्हें बहुत अफसोस हुआ। यही अहसास उन्हें समझा गया कि काम हमेशा रहेगा, लेकिन ऐसे पल दोबारा नहीं आते। वर्क फ्रंट की बात करें तो विक्रांत के पास कई प्रोजेक्ट्स लाइन में हैं। वह जल्द ही विशाल भारद्वाज की रोमांटिक थ्रिलर फिल्म ‘ओ’ रोमियो’ में नजर आएंगे, जिसमें शाहिद कपूर और तृप्ति डिमरी भी हैं। यह फिल्म 13 फरवरी को रिलीज होने वाली है। इसके अलावा वह ‘मुसाफिर कैफे’ नाम की वेब सीरीज में भी दिखाई देंगे, जो नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम होगी। खास बात यह है कि यह सीरीज विक्रांत के लिए बतौर प्रोड्यूसर डेब्यू भी है। इस सीरीज की स्ट्रीमिंग डेट अभी घोषित नहीं की गई है।
फिल्म मर्दानी 3 में ‘अम्मा’ के किरदार ने दर्शकों को झकझोर कर रख दिया है। इस किरदार को निभाने वाली अभिनेत्री मल्लिका प्रसाद सिन्हा ने अपनी दमदार अदाकारी से एक ऐसी विलेन रची, जिससे नफरत भी होती है और सोचने पर मजबूर भी होना पड़ता है। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में मल्लिका ने अपने किरदार की तैयारी, मानसिक प्रक्रिया, रानी मुखर्जी के साथ अनुभव और अपने अभिनय सफर पर खुलकर बात की। मर्दानी 3 में आपका किरदार बेहद डार्क और लार्जर दैन लाइफ है। जब पहली बार स्क्रिप्ट आपके पास आई, तो क्या प्रतिक्रिया थी? असल में जब कोई एक्टर स्क्रिप्ट पढ़ता है, तो सबसे पहले वह उस किरदार का ग्राफ देखता है। उसकी अंदरूनी दुनिया, उसका आर्क और उसकी सोच। मुझे हमेशा ऐसे किरदार आकर्षित करते हैं जो बिल्कुल सही या बिल्कुल गलत नहीं होते, बल्कि राइट और रॉन्ग की सीमा पर खड़े होते हैं। ‘अम्मा’ एक मेगा विलेन है, लेकिन उसके अपने विश्वास हैं, उसकी अपनी स्पिरिट है। ऐसे कॉम्प्लेक्स किरदार को निभाना एक बेहद रोमांचक प्रक्रिया होती है। मल्लिका से ‘अम्मा’ बनने के इस ट्रांजिशन में कितना वक्त लगा और क्या चुनौतियां रहीं? यह प्रक्रिया कभी भी अकेले नहीं होती। यह हमेशा कोलैबोरेशन में होती है डायरेक्टर, कॉस्ट्यूम, हेयर, मेकअप टीम सब मिलकर किरदार को आकार देते हैं। हमने बहुत समय लुक टेस्ट में लगाया ज्वेलरी से लेकर हाथ पैर तक हर चीज पर बारीकी से काम हुआ। यह सब बहुत प्रेम और संवेदनशीलता के साथ बनाया गया किरदार है। मेरा काम किरदार का बिहेवियर और उसकी ह्यूमैनिटी लाना है, लेकिन जो कुछ भी आप स्क्रीन पर देखते हैं, वह सबकी मेहनत का नतीजा है। दर्शकों को आपके किरदार से नफरत हो गई है। जब आपने खुद को बड़े पर्दे पर देखा, तो कैसा महसूस हुआ? एक्टर के तौर पर हम किसी किरदार से नफरत नहीं कर पाते, क्योंकि हमें उसकी ह्यूमैनिटी दिख जाती है। हां, काम पूरा होने के बाद हम थोड़ा अलग हो जाते हैं और दर्शकों की प्रतिक्रिया देखने में मजा आता है। तब यह जानना दिलचस्प होता है कि लोगों ने उसे कैसे लिया। कुछ सीन इतने डरावने हैं कि कोई उस माहौल में रहना नहीं चाहेगा। क्या उस किरदार से बाहर निकलना मुश्किल था? नहीं, ऐसा होना भी नहीं चाहिए। यह हमारा प्रोफेशन है। हमारा काम ऐसा माहौल रचना है कि दर्शक उसे महसूस करें, लेकिन अगर हम खुद उसमें डूब जाएं तो वह खतरनाक हो सकता है। दुनिया में वैसे ही बहुत दर्द और तनाव है युद्ध, भूख, बच्चों की पीड़ा। वही असली तनाव की वजह है। किरदार को निभाना एक क्राफ्ट है, और उसी तरह उससे बाहर निकलना भी। मर्दानी फ्रेंचाइजी के विलेन में आपका फेवरेट कौन है पहले पार्ट के ताहिर या दूसरे के विशाल जेठवा? यह बहुत अनफेयर सवाल है। दोनों ही शानदार अभिनेता हैं। हर एक्टर अपने किरदार में अपनी यूनिकनेस लाता है। मैं खुद एक्टर्स को पढ़ाती हूं और उनसे बहुत मोहब्बत करती हूं। रानी मुखर्जी के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा? हमारे आमने-सामने के सीन बहुत कम थे, इसलिए ज्यादातर काम अलग-अलग ही हुआ। मेरे जहन में हमेशा शिवानी रॉय का किरदार ही सामने रहता था, इसलिए ऑन-स्क्रीन कई रिएक्शन मेरे लिए भी सरप्राइज रहे, जो फिल्म में बेहद खूबसूरती से काम कर गए। शूट की शुरुआत में रानी जी ने मुझे बहुत वॉर्म वेलकम किया और मुस्कुराते हुए कहा, ‘एवरीबडी लव्स यू ऑलरेडी।’ इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि ‘हमारी आंखों का रंग भी एक जैसा है।’ वह पल मेरे लिए वाकई बहुत खास था। क्या आपको डर है कि कहीं यह विलेन वाला रोल आपको टाइपकास्ट न कर दे? नहीं। एक्टर के पास हमेशा चॉइस होती है। मैं अलग-अलग भाषाओं में काम करती हूं और विविध किरदार निभा चुकी हूं। हां, यह खुशी जरूर है कि इस किरदार को इतना ऑर्गेनिक एक्सेप्टेंस और प्यार मिला है। अपने अब तक के सफर को कैसे देखती हैं? मजा आया है… और अभी भी मजा आ रहा है। मेरा परिवार हमेशा बहुत सपोर्टिव रहा है। मेरे पिता ने मुझे एनएसडी के फॉर्म के बारे में बताया, मेरे जीजाजी इंटरव्यू के दिनों में बाहर इंतजार करते रहे। यह जर्नी वाकई बेहद खूबसूरत रही है और मैं कुछ भी बदलना नहीं चाहूंगी। आगे आने वाले समय और अपने भविष्य के सपनों को आप किस तरह देखती हैं? सपने तो रोज देखती हूं। सपने देखने के पैसे नहीं लगते। हर कोई क्रिएटिवली ग्रो करना चाहता है, चैलेंज चाहता है और एक सम्मानजनक माहौल चाहता है। बस वही चाह है। सिनेमा को लेकर आप कौन-सा ऐसा बदलाव देखना चाहेंगी, जो आपको सबसे ज्यादा जरूरी लगता है? सबसे पहले यह पूछना बंद होना चाहिए कि ‘औरतें कहां हैं?’ यह सवाल ही गलत है। हम हर जगह हैं। नए और युवा स्टोरीटेलर्स को सपोर्ट करना चाहिए, भले ही उनकी कहानियां थोड़ी अनकम्फर्टेबल क्यों न हों। रिस्क लेने से ही सिनेमा का इकोसिस्टम आगे बढ़ता है। दर्शकों के लिए मर्दानी 3 को लेकर आप क्या संदेश देना चाहेंगी? यह फिल्म कुछ बहुत जरूरी सवाल उठाती है। इसे सिर्फ एंटरटेनमेंट की तरह नहीं, बल्कि आत्ममंथन की तरह देखें। सोचिए कि समाज के तौर पर हमने कहां चूक की है। फिल्म भारी जरूर है, लेकिन मैं वादा करती हूं आपको मजा भी आएगा और सोचने पर भी मजबूर करेगी।
वैलेंटाइन डे पर रिलीज हो रही शाहिद कपूर और तृप्ति डिमरी की फिल्म ‘ओ रोमियो’ सिर्फ एक प्रेम कहानी नहीं, बल्कि गहराई, इमोशन और जटिल किरदारों की दुनिया है। दैनिक भास्कर से खास बातचीत के दौरान शाहिद कपूर और तृप्ति डिमरी ने विशाल भारद्वाज के साथ काम करने का अनुभव साझा किया। तृप्ति ने बताया कि फिल्म में अफ्शा जैसे इंटर्नल किरदार को पर्दे पर उतारना कितना चुनौतीपूर्ण था। शाहिद ने अपने अभिनय के नजरिए, रोमांस की परिभाषा और ‘कबीर सिंह’ व ‘एनिमल पार्क’ को लेकर चल रही चर्चाओं पर भी बेबाकी से बात की, वहीं तृप्ति ने को-एक्टर के तौर पर शाहिद से मिली सीख और अपने सफर की खूबसूरत झलक साझा की। पेश है बातचीत के कुछ और खास अंश.. सवाल:'ओ रोमियो’ की स्क्रिप्ट जब पहली बार सुनी, तो उस वक्त आपके मन में क्या चल रहा था और आपको इस फिल्म के बारे में किसने बताया? जवाब/तृप्ति डिमरी: मुझे विशाल सर का कॉल आया था और मैं उनसे मिलने ऑफिस गई थी। मैं पहले से ही बहुत एक्साइटेड थी क्योंकि मैं हमेशा से उनके साथ काम करना चाहती थी। जब उन्होंने कहानी सुनाई, तो मुझे तुरंत लगा कि यह कुछ अलग है। कहानी से भी जुड़ाव हुआ और मेरे किरदार अफ्शा से भी। उस दिन से लेकर आखिरी शूट तक पूरी जर्नी बहुत खूबसूरत रही। कुछ फिल्में ऐसी होती हैं जिनमें काम करते हुए आप चाहते हैं कि यह सफर कभी खत्म ही न हो। ‘ओ रोमियो’ मेरे लिए वैसी ही फिल्म है। सवाल: शाहिद जब आपने ने स्क्रिप्ट सुनी तब आपका पहला रिएक्शन क्या था? जवाब/शाहिद कपूर: मेरे और विशाल भारद्वाज सर के बीच रिश्ता बहुत पुराना है, लेकिन करीब सात आठ साल बाद हम किसी फिल्म के लिए फिर साथ आए। इसके बावजूद मैं हर स्क्रिप्ट को बिल्कुल न्यूट्रल नजरिए से सुनता हूं। मेरे लिए सबसे जरूरी यह होता है कि कहानी और किरदार मुझसे जुड़ें। अगर वह कनेक्शन नहीं बनता, तो फिल्म करना मुझे ईमानदार नहीं लगता। जब विशाल सर ने ‘ओ रोमियो’ की स्क्रिप्ट खत्म की, तो मुझे लगा कि इसमें वह गहराई और इमोशनल लेयर है, जो मुझे एक एक्टर के तौर पर एक्साइट करती है। इस बार उन्होंने मास और क्लास दोनों को ध्यान में रखते हुए कहानी कही है। सवाल: तृप्ति, आपने कई बार कहा है कि शाहिद से आपने बहुत कुछ सीखा। एक को-एक्टर के तौर पर उनकी कौन सी बातें आपको सबसे ज्यादा प्रभावित करती हैं? जवाब/तृप्ति डिमरी: सिर्फ दो खूबियां गिनाना मुश्किल है। लेकिन सबसे पहले उनकी डिसिप्लिन। वह एक परफेक्शनिस्ट हैं। अगर उन्हें लगता है कि सीन और बेहतर हो सकता है, तो वह तब तक करते रहते हैं जब तक खुद पूरी तरह संतुष्ट न हों। दूसरी बात यह है कि वह हर टेक में कुछ नया लेकर आते हैं। कभी ऐसा नहीं लगता कि वही चीज दोहराई जा रही है। इससे सामने वाले एक्टर की परफॉर्मेंस भी बेहतर हो जाती है। और सबसे अहम बात यह है कि वह अपने को एक्टर को बहुत सिक्योर और रिलैक्स महसूस कराते हैं। एक एक्टर और एक इंसान, दोनों रूपों में उनसे बहुत कुछ सीखने को मिला। सवाल: अफ्शा का किरदार निभाते वक्त आपके लिए सबसे बड़ी चुनौती क्या रही? जवाब/तृप्ति डिमरी: अफ्शा एक बहुत इंटर्नल किरदार है। उसके भीतर दर्द, गुस्सा और उदासी है, लेकिन वह बाहर बहुत कम दिखाई देती है। उस बैलेंस को पकड़ना आसान नहीं था। मेरे एक्टिंग कोच अतुल मोंगिया और विशाल सर के साथ कई लंबे सेशन्स हुए। शुरुआत में मुझे उसे समझने में वक्त लगा, लेकिन जैसे जैसे शूट आगे बढ़ा, वैसे वैसे मैं किरदार के और करीब जाती गई। मुझे लगता है कि अगर कोई किरदार आपको चैलेंज नहीं करता, तो उसमें मजा नहीं है। एक्टर के तौर पर ग्रोथ वहीं से शुरू होती है। सवाल: आप दोनों की पहली मुलाकात और शुरुआती कामकाजी रिश्ता कैसा रहा? जवाब/तृप्ति डिमरी: हम पहली बार रीडिंग के दौरान मिले थे। उस वक्त सबका फोकस सिर्फ स्क्रिप्ट और किरदार पर था। किसी को जज करने का सवाल ही नहीं था। शाहिद कपूर: पहले ही दिन हमारा एक अहम सीन था और मैंने देखा कि तृप्ति पूरी तरह अपने किरदार में थीं। जब आप किसी एक्टर को इतने कमिटमेंट के साथ काम करते देखते हैं, तो एक अलग तरह की संतुष्टि मिलती है। सवाल:फिल्म वैलेंटाइन डे पर रिलीज हो रही है। लोग जानना चाहते हैं कि एक हार्डकोर रोमांटिक इंसान की क्या-क्या खूबियां होती हैं। क्या आप खुद को रोमांटिक मानते हैं? जवाब/शाहिद कपूर: मैं अपने बारे में खुद कमेंट नहीं कर सकता। इसके लिए आपको किसी और से पूछना पड़ेगा। मुझे नहीं पता मैं कितना रोमांटिक हूं। लेकिन हां, रोमांस एक बहुत खूबसूरत चीज है। मोहब्बत जिंदगी की सबसे खूबसूरत चीजों में से एक है, बिना किसी शक के। तो अगर पूछें, तो मैं कहूंगा कि हां, मैं रोमांटिक हूं। तृप्ति डिमरी: मैं रोमांटिक भी हूं और थोड़ी रियलिस्ट भी। दोनों का बैलेंस जरूरी है। सवाल: आप दोनों का एक कॉमन कनेक्शन संदीप रेड्डी वांगा भी हैं। फैंस लगातार कहते हैं कि अगर एनिमल पार्क बनी, तो उसमें कबीर सिंह की एंट्री होनी चाहिए। इस पर आप क्या कहना चाहेंगे? जवाब/शाहिद कपूर: पता नहीं यार, शायद मैं इस सवाल का जवाब देने के लिए सही इंसान नहीं हूं। लेकिन सच यह है कि जब एनिमल बन रही थी, तब संदीप मुझसे मिलने आए थे। उनकी इच्छा थी कि कबीर सिंह का एक सीन उस दुनिया में हो। कुछ वजहों से, डेट्स और बाकी चीजों की वजह से, वह हो नहीं पाया। लेकिन उनके दिमाग में यह ख्याल जरूर था। आगे क्या होगा, यह पूरी तरह संदीप पर है। वह दुनिया उनकी है, किरदार उनके हैं। वह जो सही समझेंगे, वही करेंगे। फैंस चाहते हैं, यह बात अच्छी भी लगती है। तृप्ति डिमरी: जब दर्शक किसी किरदार को इतने समय तक याद रखते हैं और दोबारा देखना चाहते हैं, तो यह दिखाता है कि वह किरदार उनके दिल में बस चुका है। सवाल: हाल ही में अरिजीत सिंह ने इंडस्ट्री से ब्रेक लिया। इस पर आपकी क्या राय है? जवाब/शाहिद कपूर: हर कलाकार की अपनी निजी यात्रा होती है। आर्ट बहुत पर्सनल चीज है। अगर कोई कलाकार अपने लिए थोड़ा सुकून चाहता है, तो वह उसका हक है। अरिजीत ने दुनिया को बहुत सुकून दिया है। तृप्ति डिमरी: यह फैसले बहुत निजी होते हैं और हमें उन्हें समझदारी के साथ देखना चाहिए। सवाल: कबीर सिंह आज भी आपके सबसे चर्चित किरदारों में से एक है। एनिमल पार्क में उसकी एंट्री को लेकर जो चर्चा है, उसे आप कैसे देखते हैं? जवाब/शाहिद कपूर: यह सच है कि जब एनिमल बन रही थी, तब संदीप रेड्डी वांगा मुझसे मिलने आए थे। वह चाहते थे कि कबीर सिंह का एक सीन उस फिल्म की दुनिया में हो। लेकिन कई बार हालात ऐसे बनते हैं कि चीजें चाहकर भी नहीं हो पातीं। कुछ डेट्स का इशू था, कुछ दूसरी वजहें थीं। यह पूरी तरह डायरेक्टर का फैसला होता है। वह उनकी दुनिया है, उनके किरदार हैं। अगर उन्हें लगेगा कि किसी किरदार की एंट्री कहानी को और मजबूत करती है, तो वह जरूर करेंगे। एक एक्टर के तौर पर यह जानकर अच्छा लगता है कि लोग आज भी उन किरदारों से इतना जुड़ाव महसूस करते हैं।
रानी मुखर्जी हिंदी सिनेमा की उन चुनिंदा अभिनेत्रियों में हैं, जिन्होंने अपने तीन दशक लंबे करियर में अभिनय को सिर्फ कला नहीं, जिम्मेदारी बनाया है। ‘मर्दानी 3’ उनके इस सफर की सबसे सशक्त कड़ी बनकर सामने आती है। रानी मानती हैं कि यह फिल्म महज एक कहानी नहीं, बल्कि महिलाओं, लड़कियों और बच्चियों की सुरक्षा और सम्मान का संदेश है। शिवानी शिवाजी रॉय के किरदार के जरिए वह महिला पुलिस अधिकारियों के साहस, संघर्ष और जज्बे को सलाम करती हैं। रानी के लिए सिनेमा बदलाव की आवाज है, जहां औरत का दर्जा हमेशा एक महारानी जैसा होना चाहिए। हाल ही में रानी मुखर्जी ने दैनिक भास्कर से खास बातचीत की, पेश है कुछ प्रमुख अंश.. सवाल: इंडस्ट्री में आपके 30 साल पूरे होना, और उसी मौके पर ‘मर्दानी 3’ जैसी इतनी सशक्त और प्रभावशाली स्क्रिप्ट का मिलना, एकदम परफेक्ट फिट है। ऐसा क्या था इस प्रोजेक्ट और इस स्क्रिप्ट में, जिसने 30 साल पूरे होने पर आपको इसे चुनने के लिए प्रेरित किया? जवाब: असल में यह सब अपने आप हो गया। इसमें कोई खास योजना नहीं थी। ‘मर्दानी 3’ की शूटिंग मैं पिछले साल कर रही थी और तब यह भी नहीं पता था कि यह किस साल रिलीज होगी। लेकिन जैसा कहते हैं न कि कभी-कभी चीजें अपने आप जुड़ जाती हैं, जैसे किस्मत। शायद यह देवी मां का आशीर्वाद है कि मेरे 30 साल के करियर में यह इतनी शक्तिशाली फिल्म, इतने मजबूत संदेश के साथ मेरे जीवन से जुड़ गई। यह फिल्म औरतों, लड़कियों और बच्चियों के लिए एक बहुत अहम संदेश लेकर आई है। मेरे इंडस्ट्री के 30 साल के सफर में यह फिल्म एक बेहद महत्वपूर्ण पड़ाव है। मैं बस यही दुआ करती हूं कि आगे चलकर और भी लड़कियां सतर्क रहें, बच्चियों और महिलाओं पर अत्याचार न हो, और जो भी दर्शक यह फिल्म देखें, वे यह समझें कि औरतों का जो दर्जा होना चाहिए, वह एक महारानी जैसा होना चाहिए। चाहे वह आपकी मां हो, पत्नी हो, बहन हो या बेटी। घर में उनका सम्मान हमेशा एक रानी की तरह होना चाहिए। सवाल : आप इकलौती ऐसी अभिनेत्री हैं जिनके नाम पर एक सफल फिल्म फ्रेंचाइज है। क्या इससे आपके ऊपर दबाव और जिम्मेदारी और बढ़ जाती है? जवाब: मैं हमेशा यही कहूंगी कि हर फिल्म के साथ दबाव और जिम्मेदारी होती ही है। हर फिल्म में निर्माता, निर्देशक और लेखक एक सपना देखते हैं, एक अच्छी कहानी बनाने का और उसे दर्शकों तक पहुंचाने का। कलाकार के रूप में हमारी भी जिम्मेदारी होती है कि हम अपने किरदार को पूरी ईमानदारी और खूबसूरती से निभाएं। शिवानी शिवाजी रॉय का किरदार निभाने के साथ एक खास जिम्मेदारी जुड़ी है, क्योंकि वह वर्दी में एक महिला है। हमारी असल जिंदगी की जो महिला पुलिस अधिकारी हैं, जो हर राज्य और हर जिले में हमारी सुरक्षा कर रही हैं। यह फिल्म उनके जीवन पर है। उनकी चुनौतियों और उनके संघर्षों को दर्शाती है। वे किस तरह बच्चियों और महिलाओं को अपराध से बचाने की कोशिश करती हैं, यह दिखाना अपने आप में बहुत बड़ी बात है। सवाल :पहली बार ऐसा देखने को मिलेगा कि एक महिला नायिका और एक महिला खलनायिका आमने-सामने हैं। जब आपको पता चला कि शिवानी शिवाजी रॉय बनाम अम्मा का मुकाबला होने वाला है, तो आपका पहला रिएक्शन क्या था? जवाब: मर्दानी हमेशा से एक ऐसी फ्रेंचाइज रही है जो समाज की सच्चाई पर आधारित है। खासकर बच्चियों और महिलाओं के खिलाफ हो रहे अपराधों पर। इसका मकसद जागरूकता फैलाना भी है, क्योंकि आज कोई भी जगह पूरी तरह सुरक्षित नहीं हैं,न घर के अंदर, न बाहर। बुराई का कोई जेंडर नहीं होता। बुराई किसी के अंदर भी आ सकती है। चाहे वह एक युवा लड़का हो, जैसा कि पहले भाग में था, या फिर कोई पढ़ा-लिखा, सभ्य दिखने वाला इंसान। इस बार अगर अम्मा का किरदार एक महिला निभा रही है, तो इसका मतलब यह नहीं कि बुराई महिला की वजह से है। जहां बुराई होती है, वहां अच्छाई उसका सामना करती है,और वही शिवानी का किरदार है। यही मैं कहना चाहती थी कि बुराई का कोई लिंग नहीं होता। सवाल: मर्दानी फ्रेंचाइज को भारतीय पुलिस बल, खासकर महिला पुलिस अधिकारियों के लिए एक श्रद्धांजलि की तरह देखा जाता है। क्या कोई ऐसा अनुभव है जो आज भी आपके दिल में बसा हो? जवाब: जब भी मैं उनसे मिलती हूं, तो उनके पारिवारिक जीवन के बारे में पूछती हूं कि वे सब कुछ कैसे संभालती हैं। वे बताती हैं कि सुबह पूरे परिवार के लिए खाना बनाती हैं, फिर ड्यूटी पर जाती हैं और रात को लौटकर फिर घर की जिम्मेदारियां निभाती हैं। यह सब जानकर मुझे बहुत प्रेरणा मिलती है। वे अपनी ड्यूटी के साथ-साथ घर की जिम्मेदारी भी पूरी मुस्कान के साथ निभाती हैं। दिन के 24 घंटे बहुत कम पड़ जाते हैं, फिर भी वे हर मोर्चे पर डटी रहती हैं। वही असली शक्ति हैं, वही असली मर्दानी हैं। सवाल : फिल्म में आपकी एंट्री पर सीटियां और तालियां बज रही थीं। आपने खुद स्टंट किए हैं। कई वरिष्ठ पत्रकारों ने कहा कि आपकी स्क्रीन प्रेजेंस में धर्मेंद्र की ताकत और सनी देओल का पावर दिखता है? जवाब: कृपया मेरी तरफ से उन सभी वरिष्ठ पत्रकारों को धन्यवाद कहिएगा। वे इतने सालों से फिल्में देखते आ रहे हैं, तो अगर उन्हें मेरे काम में यह ताकत नजर आई, तो यह मेरे लिए बहुत बड़ी बात है। जब आप लोग मेरे काम की सराहना करते हैं, तो मुझे लगता है कि मेरी मेहनत और मेरी कोशिश रंग लाई है। एक कलाकार के तौर पर मैं इसी के लिए जीती हूं। सवाल : आपने खुद इतने कठिन स्टंट किए। यह शारीरिक रूप से बहुत चुनौतीपूर्ण होता है। आपने यह सब कैसे किया? जवाब: क्योंकि मेरे ऊपर एक जिम्मेदारी थी कि जिन महिला पुलिस अधिकारियों का मैं प्रतिनिधित्व कर रही हूं, उनका चित्रण सच्चाई और सम्मान के साथ हो। लोगों को यह समझना चाहिए कि हमारी पुलिस फोर्स की महिलाएं किस जज्बे से अपना काम करती हैं। कभी-कभी हमें खुद पर भी शक होता है कि हम यह कर पाएंगे या नहीं, लेकिन अगर अंदर जज्बा हो, तो हम कुछ भी कर सकते हैं। शूटिंग के दौरान मैंने यही जज्बा अपने साथ रखा। जो भी चुनौती सामने आई, मैंने उसे स्वीकार किया। सवाल : आपको बहुत सारे कॉम्प्लिमेंट्स और फीडबैक मिले होंगे। कोई ऐसा कॉम्प्लिमेंट जो आज भी दिल में हो? जवाब: बहुत से लोग कहते हैं कि जब वे मेरा काम देखते हैं, तो उन्हें सिर्फ एक किरदार नहीं दिखता, बल्कि एक एहसास महसूस होता है। यह मेरे लिए बहुत जरूरी है। अगर कोई लड़की यह फिल्म देखकर खुद को मजबूत, प्रेरित और सशक्त महसूस करती है, तो यही मेरे काम की सबसे बड़ी सफलता है। यह सुनकर मुझे बेहद खुशी मिलती है। सवाल: क्या आपकी बेटी ने ‘मर्दानी 3’ देखी है? जवाब: अभी तो उनकी उम्र इतनी नहीं है कि वो पूरी फिल्म देख सकें। सवाल: लेकिन झलक तो देख पाई होंगी? जवाब: हां, झलक तो वो रोज घर पर देख ही लेती है। लेकिन वो बहुत प्राउड फील करती है, क्योंकि उसके स्कूल की टीचर्स उससे कहती हैं कि उन्होंने मम्मा की नई फिल्म देखी और उन्हें बहुत पसंद आई। तो वो बहुत खुश होती है, बहुत गर्व महसूस करती है। सवाल: ‘मर्दानी 3 के बाद आपसे उम्मीदें और भी बढ़ गई हैं। आगे क्या देखने को मिलेगा? जवाब: अभी मैं ज्यादा कुछ कहना नहीं चाहती, क्योंकि इस वक्त पूरा फोकस सिर्फ ‘मर्दानी 3’ पर होना चाहिए। मैं चाहती हूं कि जितनी महिलाएं हैं, जितनी औरतें हैं, जितनी फैमिलीज हैं। सब जाकर ये फिल्म थिएटर में देखें। इस फिल्म को थिएटर में देखना बहुत जरूरी है। क्योंकि अगर मुझे मर्दानी की सीरीज को आगे लेकर जाना है, तो इस फ्रेंचाइजी का ब्लॉकबस्टर होना बेहद जरूरी है। सवाल: बिल्कुल, और फिल्म का इंपैक्ट साफ दिख रहा है। खासतौर पर फीमेल ऑडियंस को तो बहुत पसंद आ रही है। हालांकि सिर्फ महिलाएं ही नहीं, हर तरह की ऑडियंस इसे पसंद कर रही है। क्या कहना चाहेंगी? जवाब: मैंने बहुत सारे पब्लिक रिव्यूज देखे हैं और मुझे ऐसा लग रहा है कि लड़कों को ये फिल्म बहुत ज्यादा पसंद आ रही है। जितने भी लड़के फिल्म देखकर बाहर आ रहे हैं, वो बड़े गर्व के साथ कह रहे हैं कि ये मस्ट वॉच फिल्म है और सबको देखनी चाहिए। मुझे ये देखकर बहुत अच्छा लग रहा है, क्योंकि लड़के भी ये महसूस कर रहे हैं कि बुराई का अंजाम ऐसा ही होना चाहिए।
उत्तराखंड के पिथौरागढ़ के खलिया टॉप घूमने आईं सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हर्षा रिछारिया अपने कुछ साथियों के साथ रास्ता भटक गईं। अंधेरा होने और मोबाइल नेटवर्क बाधित होने से स्थिति गंभीर हो गई। दुर्गम पर्वतीय क्षेत्र और अंधेरा होने के कारण स्थिति गंभीर हो गई। सूचना मिलने पर मुनस्यारी पुलिस ने तुरंत खोजबीन शुरू की। पुलिस ने हर्षा और उनके दोस्तों को सुरक्षित ढूंढ निकाला। हर्षा ने पुलिस को धन्यवाद दिया। पुलिस ने लोगों से कहा है कि पहाड़ों पर घूमने जाएं तो मौसम और रास्तों की जानकारी रखें और अंधेरा होने से पहले सुरक्षित जगह पर पहुंच जाएं। अंधेरा होने से बढ़ा खतरापिथौरागढ़ एसपी रेखा यादव ने बताया कि सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हर्षा रिछारिया अपनी बहन और अन्य साथियों के साथ मुनस्यारी घूमने आई थीं। उस दौरान वो खलिया टॉप गईं थीं। पहाड़ी इलाका होने के कारण रास्ते पहचानना मुश्किल हो गया और अंधेरा बढ़ने के साथ खतरा भी बढ़ गया। मोबाइल नेटवर्क न मिलने से संपर्क करना भी चुनौती बन गया। सभी को सुरक्षित स्थान तक पहुंचायाएसपी ने बताया कि सूचना मिलने पर थानाध्यक्ष अनिल आर्या के नेतृत्व में कॉन्स्टेबल वीरेंद्र सिंह, बलवंत सिंह और प्रेम बंग्याल की टीम ने दुर्गम और जोखिम भरे रास्तों पर सर्च अभियान शुरू किया। रात के अंधेरे, ठंड और कठिन भौगोलिक स्थिति के बावजूद पुलिस टीम ने कई घंटों की मशक्कत के बाद सभी को ढूढकर सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया। एसपी रेखा यादव ने बताया कि पिथौरागढ़ पुलिस जनसेवा, सुरक्षा एवं सहायता के अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए विषम परिस्थितियों में भी आमजन के साथ हर समय तत्परता से खड़ी रहती है। हर्षा रिछारिया ने पुलिस की सराहना कीरेस्क्यू के बाद हर्षा रिछारिया और उनके साथियों ने पुलिस की तत्परता और मानवीय संवेदनशीलता की सराहना की। उन्होंने कहा कि समय पर मदद न मिलती तो हालात बेहद खतरनाक हो सकते थे। पुलिस ने पर्यटकों से की अपीलपुलिस प्रशासन ने इस घटना के बाद पर्यटकों से विशेष अपील की है कि पर्वतीय क्षेत्रों में भ्रमण के दौरान मौसम, समय और मार्ग की पूरी जानकारी लेकर ही यात्रा करें। अंधेरा होने से पहले सुरक्षित स्थान पर पहुंचना सुनिश्चित करें और बिना स्थानीय जानकारी के जोखिम भरे रास्तों पर जाने से बचें। -------------------- ये खबर भी पढ़ें… 'सनातन धर्म बॉयफ्रेंड नहीं जो आज पकड़ा कल छोड़ दिया':हर्षा रिछारिया पर बोले स्वामी आनंद स्वरूप- मैंने पहले ही कहा था ये सिर्फ रीलबाज 2025 प्रयागराज कुंभ से चर्चा में आईं हर्षा रिछारिया ने अब सनातन धर्म की राह छोड़ने का ऐलान कर दिया है। हर्षा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि वह “सीता माता नहीं हैं” और मौनी अमावस्या के बाद धर्म के रास्ते से हटकर अपने पुराने प्रोफेशन में लौट जाएंगी।(पढ़ें पूरी खबर)
मूवी रिव्यू- भाभीजी घर पर हैं:हंसी के नाम पर शोर, फिल्मी उड़ान धड़ाम, फूहड़ता के शोर में डूबी कहानी
छोटे पर्दे की लोकप्रियता को बड़े पर्दे पर भुनाने की कोशिश अक्सर जोखिम भरी होती है, और यह फिल्म उसी जोखिम का असफल उदाहरण है। जो किरदार टीवी पर हल्की मुस्कान दे जाते थे, वही दो घंटे की फिल्म में थकान और ऊब पैदा करते हैं। कहानी की जगह शोर है, हास्य की जगह फूहड़ता है, और मनोरंजन की जगह हताशा। कहानी, फूहड़ मजाकों की भरमार है। यह फिल्म आज रिलीज हो चुकी है। इस फिल्म को दैनिक भास्कर ने 5 में से 1 स्टार की रेटिंग दी है। फिल्म की कहानी क्या है? मनमोहन तिवारी और विभूति मिश्रा की पड़ोसी प्रतिद्वंद्विता के बीच दो गुंडा भाई शांति और क्रांति की एंट्री होती है। दोनों को अंगूरी और अनीता से प्रेम हो जाता है और यहीं से शुरू होती है भागदौड़ और जबरन रची गई घटनाओं की लंबी कड़ी। कहानी आगे बढ़ने के बजाय बार बार चुटकुलों के सहारे टिकती है। पाद से जुड़े संवाद, दोअर्थी टिप्पणियां और देह पर केंद्रित हास्य इतने ज्यादा हैं कि कथा का कोई संतुलन नहीं बन पाता। कई दृश्य असहज करते हैं, कई उबाऊ लगते हैं, और अंत तक आते आते दर्शक का धैर्य जवाब देने लगता है। स्टारकास्ट की एक्टिंग कैसी है? आसिफ शेख और रोहिताश्व गौर अपने परिचित किरदारों में सहज हैं, लेकिन पटकथा उन्हें सीमित कर देती है। शुभांगी अत्रे कुछ पलों में चमकती हैं, पर उनके हिस्से भी दोहराव ही आता है। विदिशा श्रीवास्तव को करने के लिए बहुत कम मिलता है। रवि किशन ऊर्जा लाने की कोशिश करते हैं, लेकिन कमजोर लेखन उनकी मौजूदगी का पूरा लाभ नहीं उठा पाता। सहायक कलाकारों की भीड़ है, पर उनका उपयोग कहानी को मजबूत करने में नहीं हो पाता। फिल्म का डायरेक्शन और तकनीकी पहलू कैसा है? निर्देशक ने टीवी की दुनिया को ज्यों का त्यों परदे पर उतार दिया, पर सिनेमा की मांगों के अनुरूप विस्तार नहीं दिया। पटकथा में कसावट नहीं है, संपादन ढीला है और कई दृश्य अनावश्यक रूप से खिंचते हैं। दृश्य संयोजन साधारण है, पृष्ठभूमि संगीत प्रभाव नहीं छोड़ता। पूरी फिल्म एक ऐसे विस्तारित एपिसोड जैसी लगती है जिसे बिना ठोस कारण के लंबा कर दिया गया हो। फाइनल वर्डिक्ट, देखें या नहीं? यह फिल्म अपने प्रशंसकों को पुराना स्वाद देने की कोशिश करती है, लेकिन वही स्वाद यहां बासी और बनावटी लगता है। यदि सिनेमा से उम्मीद है तो यह अनुभव निराश करेगा। एक स्टार, और वह भी केवल कलाकारों की मेहनत के नाम।
साउथ फिल्म इंडस्ट्री से ड्रग्स का मामला सामने आया है। एंटी-नारकोटिक्स इंटेलिजेंस यूनिट (ANIU) साउथ की टीम ने अभिनेत्री अंजू कृष्णा और असिस्टेंट डायरेक्टर विंसी निवेथा सहित कुल 8 लोगों को ड्रग्स मामले में गिरफ्तार किया है। टीओआई सिटी की रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस ने गुरुवार देर रात वलसरवक्कम इलाके में चलाए गए छापेमारी अभियान में टीम ने मेथम्फेटामाइन और गांजा सहित अन्य अवैध पदार्थ जब्त किए। शुरुआती जांच में पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ लोग अवैध ड्रग्स की खेप के साथ संदिग्ध एक्टिविटी कर रहे हैं, जिसके बाद ये कार्रवाई की गई। कार्रवाई कैसे हुई? पुलिस ने पहले एक नकली ग्राहक भेज कर एक ट्रैप सेट किया। जब संदिग्धों की कार वलसरवक्कम के पास पहुंची, तो पुलिस ने उसे रोका और तलाशी ली। तलाशी में लगभग 6 ग्राम मेथम्फेटामाइन, 7 ग्राम OG गांजा, 15 ग्राम गांजा, एक स्मोकिंग बॉन्ग, एक स्टैम्प और 9 मोबाइल फोन बरामद हुए। पकड़े गए सभी लोगों को पुलिस हिरासत में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए भेज दिया गया है और उन्हें न्यायिक हिरासत में रखा गया है। अंजू कृष्णा कौन हैं? अंजू कृष्णा साउथ सिनेमा की अभिनेत्री हैं, जिन्होंने तमिल फिल्म ‘वेल्लिमालई’ और कुछ मलयालम फिल्मों में काम किया है। उनके करियर में ‘आरो’ और ‘आकाशम कदन्न’ जैसी फिल्मों का नाम भी शामिल है। विंसी निवेथा एक असिस्टेंट डायरेक्टर हैं, जो तमिल फिल्म इंडस्ट्री में काम कर रही हैं और उनके भी परीक्षण के बाद नाम सामने आया है। पुलिस की जांच जारी पुलिस की प्रारंभिक जांच में साफ-साफ संकेत मिले हैं कि कथित सप्लाई चेन और ड्रग्स कनेक्शन को लेकर गहराई से जांच चल रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामला सिर्फ उपभोग तक सीमित नहीं लगता, बल्कि आपूर्ति नेटवर्क पर भी नजर रखी जा रही है।
केरल के तिरुवनंतपुरम में गुरुवार को हुए एक सड़क हादसे के मामले में मलयालम एक्टर और प्रोड्यूसर मणियन पिल्ला राजू को पुलिस ने गिरफ्तार किया। यह हादसा उनकी कार और एक बाइक के बीच हुआ था। हालांकि, मामला दर्ज होने के बाद उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया। घटना के CCTV फुटेज में दिखा कि गुरुवार रात राजू की कार सड़क की ओर आ रही थी, तभी सामने से आ रही बाइक उससे टकरा गई। वीडियो में बाइक सवार दो युवक हवा में उछलकर सड़क पर गिरते नजर आए। ANI के मुताबिक, केरल पुलिस ने राजू के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और मोटर वाहन अधिनियम की धाराओं के तहत FIR दर्ज की है। पुलिस का कहना है कि हादसे के वक्त कार एक्टर ही चला रहे थे और टक्कर के बाद वह मौके पर नहीं रुके। यह हादसा गुरुवार रात करीब साढ़े नौ बजे शहर के वझुथाकौड इलाके में त्रिवेंद्रम क्लब के सामने हुआ। हादसे में बाइक सवार दो युवक, सूरज और निदेव, घायल हो गए। दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सूरज के पैर और कंधे में चोट आई है, जबकि निदेव के गर्दन और पैर में चोट लगी है। मामला दर्ज होने के बाद मणियन पिल्ला राजू को मेडिकल जांच के लिए तिरुवनंतपुरम जनरल अस्पताल ले जाया गया, जिसके बाद उन्हें जमानत पर छोड़ दिया गया। मणियन पिल्ला राजू का असली नाम सुधीर कुमार है और वे मलयालम फिल्म इंडस्ट्री के जाने-माने अभिनेता और निर्माता हैं। उन्होंने अपने करियर में 400 से ज्यादा फिल्मों में काम किया है। उन्हें “मणियन पिल्ला राजू” नाम 1981 की फिल्म ‘मणियन पिल्ला अथवा मणियन पिल्ला’ में निभाए गए लोकप्रिय किरदार से मिला। उन्होंने साल 1976 में फिल्म ‘मोहिनीअट्टम’ से अभिनय की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने ‘बोइंग बोइंग’, ‘किलुक्कम’, ‘थेनमाविन कोम्बाथ’ और ‘स्पदिकम’ जैसी कई हिट फिल्मों में काम किया। फिल्म ‘किलुक्कम’ के लिए उन्हें केरल राज्य फिल्म पुरस्कार भी मिला। एक प्रोड्यूसर के तौर पर भी उन्होंने ‘आए ऑटो’, ‘छोटा मुंबई’ और ‘पावडा’ जैसी फिल्मों को प्रोड्यूस किया।
‘गोविंदा ने करोड़ों के ऑफर ठुकराए’:एक्टर के पैसों की तंगी होने के दावे पर मैनेजर ने किया रिएक्ट
बॉलीवुड एक्टर गोविंदा के दिवालिया होने की खबरों पर उनके मैनेजर शशि सिन्हा ने रिएक्ट किया है। हाल ही में कॉलेज और प्राइवेट इवेंट्स में परफॉर्म करने और साधारण कार में नजर आने के बाद ये चर्चाएं उठीं। मैनेजर ने बताया कि गोविंदा की आर्थिक स्थिति ठीक है। पिछले काफी समय से गोविंदा को लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं। हाल ही में गोविंदा को कुछ प्राइवेट इवेंट्स और एक कॉलेज फंक्शन में डांस करते देखा गया, जिसके बाद यह कहा जाने लगा कि वह पैसों की तंगी के चलते ऐसे कार्यक्रमों में परफॉर्म कर रहे हैं। वहीं, हाल ही में गोविंदा का यूपी में एक साधारण टैक्सी में सफर करते वीडियो भी वायरल हुआ, जिसे कुछ लोगों ने उनके “डाउनफाल” से जोड़ दिया। इन खबरों पर गोविंदा के मैनेजर शशि सिन्हा ने प्रतिक्रिया देते हुए ANI से कहा, “ जो सरकार का एयरपोर्ट जोन होता है, जहां आर्म्स, एम्युनिशन और सरकारी इंतजाम होते हैं, वहां प्राइवेट गाड़ियां अलाउड नहीं होतीं। क्या आपने कभी गौर से देखा है कि वहां ‘भारत सरकार’ लिखा होता है? क्या भारत सरकार की गाड़ी किसी आम आदमी को ऐसे ही मिल जाती है? एयरपोर्ट पर उस समय भारत सरकार की गाड़ी अलाउड थी, इसलिए वही इस्तेमाल की गई। गोविंदा के पास एक नहीं, बल्कि कई गाड़ियां हैं। करोड़ों रुपए के कई ऑफर गोविंदा ठुकरा चुके शशि सिन्हा ने कहा कि गोविंदा भले ही पिछले कई सालों से किसी फिल्म में नजर नहीं आए हों, लेकिन उनकी डिमांड आज भी बनी हुई है। उन्होंने बताया कि गोविंदा सिर्फ इवेंट्स और डांस परफॉर्मेंस के लिए ही नहीं, बल्कि फिल्मों के लिए भी लगातार ऑफर पा रहे हैं। सिन्हा ने कहा, “मैं खुद इसका गवाह हूं कि उन्होंने करोड़ों रुपए के ऑफर ठुकराए हैं। स्क्रिप्ट पसंद न आना या किसी और वजह से काम न करना अलग बात है, लेकिन वह ऐसे एक्टर हैं जिनकी हाल के वर्षों में कोई हिट फिल्म नहीं आई, फिर भी बड़े प्रोड्यूसर और एक्टर्स उनके साथ काम करना चाहते हैं। इसका मतलब यह नहीं कि उन्होंने काम करना छोड़ दिया है। बहुत जल्द इससे जुड़ी एक बड़ी अनाउंसमेंट भी सामने आएगी।” शशि सिन्हा ने उस दौर का भी जिक्र किया, जब गोविंदा को आर्थिक मुश्किलों का सामना करना पड़ा था। सिन्हा ने कहा, “यह बात आज की नहीं है, बल्कि 8–10 साल पहले की है। जब गोविंदा सांसद बने थे, उसके बाद की बात है। बहुत लोग सोचते हैं कि सांसद बन गए तो बहुत पैसा कमा लिया होगा, लेकिन ऐसा कुछ नहीं था। गोविंदा ने अपनी कमाई से लोगों की मदद की थी सिन्हा ने कहा कि मुझे याद है कि जब वह सांसद बने, तब भी उन्होंने सांसद फंड और अपनी कमाई से लोगों की मदद की। किसी को यह दे दो, किसी का वह कर दो। इसी चक्कर में एक समय ऐसा आया कि उनके पास पैसे नहीं बचे। हालात इतने खराब हो गए कि उन्हें अपना घर गिरवी रखना पड़ा। वह जलदर्शन बिल्डिंग है, बहुत बड़ी बात है। उसे गिरवी रखकर लोन लिया और पुराने खर्चे चुकाए। यह पैसा न किसी प्रोड्यूसर ने दिया, न किसी फाइनेंसर ने। हमने कभी इस बारे में कुछ कहा भी नहीं। सिन्हा ने आगे कहा कि आज मैं यह इसलिए बता रहा हूं क्योंकि वह उस हालत से बाहर निकले हैं। अगर उन्हें मनपसंद और इज्जत के साथ काम नहीं मिलता, तो वह शो नहीं करते, लेकिन कर्ज चुकाने के लिए उन्होंने इज्जत के साथ मिले कार्यक्रम किए। अभी कुछ ही समय पहले उनका घर गिरवी से फ्री हुआ है। उन्होंने डांस करके, प्रोग्राम अटेंड करके कमाया। वह न किसी से मांगने गए, न किसी ने उनसे पूछा। सच यही है कि उगते सूरज को ही सब नमस्कार करते हैं। वहीं, गोविंदा को धमकी मिलने के दावों पर शशि सिन्हा ने कहा, गोविंदा को लगातार कुछ संदिग्ध और उलटे-पुलटे फोन कॉल्स आ रहे थे। उन्होंने साफ किया कि यह किसी तरह का वहम नहीं है। सिन्हा ने बताया कि जिस दिन यह घटना हुई, उस रात करीब साढ़े तीन बजे कई लोग वहां पहुंच गए थे। उन्होंने कहा कि उस समय गोविंदा के हाथ में मोबाइल था और अगर उनके पास सुरक्षा के लिए गन नहीं होती, तो हालात क्या होते, यह कहना मुश्किल है। शशि सिन्हा ने कहा कि भगवान का शुक्र है कि मामला आगे नहीं बढ़ा। उनके मुताबिक, अगर सामने वाले लोग सही होते तो वे खुलकर अपनी पहचान बताते। सिन्हा ने यह भी कहा कि उस वक्त वहां किसी तरह का सुरक्षा इंतजाम नहीं था। उन्होंने दावा किया कि इस पूरे मामले से जुड़े वीडियो उनके पास मौजूद हैं। घटना के बाद वह खुद रात करीब चार बजे मौके पर पहुंचे थे। इस मामले में थाने में एफआईआर भी दर्ज कराई गई है।
फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ रिलीज से पहले ही विवादों में घिर गई है। फिल्म के टाइटल को लेकर ब्राह्मण समाज ने आपत्ति जताई है। वहीं, बढ़ते विरोध के बीच शुक्रवार को फिल्म के प्रोड्यूसर नीरज पांडे ने आधिकारिक बयान जारी कर फिल्म को पूरी तरह काल्पनिक बताया है। साथ ही फिल्म का टीजर और उससे जुड़ा सभी प्रमोशनल कंटेंट नेटफ्लिक्स इंडिया के सोशल मीडिया अकाउंट्स और यूट्यूब से हटा दिया गया। फिल्म को लेकर नीरज पांडे ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर लिखा, हमारी फिल्म एक काल्पनिक पुलिस ड्रामा है और इसमें ‘पंडत’ शब्द का इस्तेमाल सिर्फ एक काल्पनिक किरदार के लिए आम बोलचाल के नाम के तौर पर किया गया है। इस कहानी का फोकस एक व्यक्ति के काम और उसके फैसलों पर है। इसका किसी भी जाति, धर्म या समुदाय से कोई संबंध नहीं है और न ही यह किसी का प्रतिनिधित्व करती है। आगे उन्होंने लिखा, एक फिल्ममेकर के तौर पर मैं अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से लेता हूं और ऐसी कहानियां कहना चाहता हूं जो सोच-समझकर और सम्मान के साथ बनाई जाएं। यह फिल्म भी मेरे पिछले कामों की तरह ईमानदार नीयत से और सिर्फ दर्शकों के मनोरंजन के लिए बनाई गई है। उन्होंने यह भी लिखा, हम समझते हैं कि फिल्म के टाइटल से कुछ लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं और हम उन भावनाओं का सम्मान करते हैं। इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए हमने फिलहाल फिल्म से जुड़ा सारा प्रमोशनल मटीरियल हटाने का फैसला किया है। हमारा मानना है कि फिल्म को पूरी तरह देखकर और उसकी कहानी के संदर्भ में समझा जाना चाहिए, न कि सिर्फ कुछ झलकियों के आधार पर उसे आंका जाए। मैं जल्द ही यह फिल्म दर्शकों के साथ शेयर करने के लिए उत्सुक हूं। विवाद की वजह क्या है? फिल्म के टाइटल ‘घूसखोर पंडत’ पर कई लोगों ने आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि ‘पंडत’ शब्द आम तौर पर ब्राह्मण समाज और धार्मिक विद्वानों से जुड़ा होता है, लेकिन इसके साथ ‘घूसखोर’ शब्द जोड़ना गलत है। लोगों का मानना है कि इससे ब्राह्मण समाज को गलत तरीके से दिखाया जा रहा है। ब्राह्मण समाज और धार्मिक संगठनों का विरोध फिल्म के नाम को लेकर सबसे ज्यादा नाराजगी ब्राह्मण समाज में देखने को मिली है। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल समेत कई शहरों में ब्राह्मण समुदाय के लोगों ने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किए। FIR और कानूनी कार्रवाई विवाद बढ़ने के बाद फिल्म के खिलाफ FIR भी दर्ज करवाई गई। मुंबई के समता नगर पुलिस स्टेशन में शिवसेना (UBT) के प्रवक्ता आनंद दुबे ने शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में कहा गया है कि फिल्म का टाइटल आपत्तिजनक है और इसकी तुरंत जांच होनी चाहिए। वहीं, लखनऊ के हजरतगंज थाने में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर फिल्म के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। इसके साथ ही इस मामले में दिल्ली हाईकोर्ट में भी एक याचिका दाखिल की गई है, जिसमें फिल्म के टाइटल को गलत बताते हुए फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने की मांग की गई है। यह याचिका महेंद्र चतुर्वेदी ने अधिवक्ता विनीत जिंदल के माध्यम से दाखिल की। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग का संज्ञान वहीं, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने भी इस मामले में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को नोटिस जारी कर दिया है। आयोग ने कहा है कि इस तरह के टाइटल और फिल्म कंटेंट से न केवल समुदायों के बीच वैमनस्य बढ़ सकता है, बल्कि सार्वजनिक व्यवस्था को भी खतरा हो सकता है, इसलिए मामले को ध्यान से देखा जाना चाहिए। फिल्म संस्था फिल्म मेकर्स कंबाइन ने नीरज पांडे और नेटफ्लिक्स को नोटिस भेजा है। संस्था का कहना है कि फिल्म के टाइटल के लिए जरूरी अनुमति नहीं ली गई, जो इंडस्ट्री के नियमों के खिलाफ है। नोटिस में चेतावनी दी गई है कि बिना अनुमति टाइटल इस्तेमाल करने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है। ……………………………. फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… मनोज बाजपेयी की फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ पर विवाद:मेकर्स को कानूनी नोटिस भेजा गया, ‘पंडित’ शब्द को अपमानित करने का आरोप फिल्म 'घूसखोर पंडत' को लेकर वकील आशुतोष दुबे ने आरोप लगाया है कि इसमें ‘पंडित’ जैसे सम्मानजनक शब्द को बदनाम करने की कोशिश की गई है। इसी वजह से उन्होंने फिल्म के मेकर्स को कानूनी नोटिस भेजा है। पूरी खबर यहां पढ़ें….
फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ रिलीज से पहले ही विवादों में घिर गई है। फिल्म के टाइटल को लेकर ब्राह्मण समाज और धार्मिक संगठनों ने आपत्ति जताई है। वहीं, बढ़ते विरोध के बीच फिल्ममेकर नीरज पांडे ने आधिकारिक बयान जारी कर फिल्म को पूरी तरह काल्पनिक बताया है। फिल्म को लेकर नीरज पांडे ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर लिखा, हमारी फिल्म एक काल्पनिक पुलिस ड्रामा है और इसमें ‘पंडत’ शब्द का इस्तेमाल सिर्फ एक काल्पनिक किरदार के लिए आम बोलचाल के नाम के तौर पर किया गया है। इस कहानी का फोकस एक व्यक्ति के काम और उसके फैसलों पर है। इसका किसी भी जाति, धर्म या समुदाय से कोई संबंध नहीं है और न ही यह किसी का प्रतिनिधित्व करती है। आगे उन्होंने लिखा, एक फिल्ममेकर के तौर पर मैं अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से लेता हूं और ऐसी कहानियां कहना चाहता हूं जो सोच-समझकर और सम्मान के साथ बनाई जाएं। यह फिल्म भी मेरे पिछले कामों की तरह ईमानदार नीयत से और सिर्फ दर्शकों के मनोरंजन के लिए बनाई गई है। उन्होंने यह भी लिखा, हम समझते हैं कि फिल्म के टाइटल से कुछ लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं और हम उन भावनाओं का सम्मान करते हैं। इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए हमने फिलहाल फिल्म से जुड़ा सारा प्रमोशनल मटीरियल हटाने का फैसला किया है। हमारा मानना है कि फिल्म को पूरी तरह देखकर और उसकी कहानी के संदर्भ में समझा जाना चाहिए, न कि सिर्फ कुछ झलकियों के आधार पर उसे आंका जाए। मैं जल्द ही यह फिल्म दर्शकों के साथ शेयर करने के लिए उत्सुक हूं। विवाद की वजह क्या है? फिल्म के टाइटल ‘घूसखोर पंडत’ पर कई लोगों ने आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि ‘पंडत’ शब्द आम तौर पर ब्राह्मण समाज और धार्मिक विद्वानों से जुड़ा होता है, लेकिन इसके साथ ‘घूसखोर’ शब्द जोड़ना गलत है। लोगों का मानना है कि इससे ब्राह्मण समाज को गलत तरीके से दिखाया जा रहा है। ब्राह्मण समाज और धार्मिक संगठनों का विरोध फिल्म के नाम को लेकर सबसे ज्यादा नाराजगी ब्राह्मण समाज में देखने को मिली है। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल समेत कई शहरों में ब्राह्मण समुदाय के लोगों ने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किए। FIR और कानूनी कार्रवाई विवाद बढ़ने के बाद FIR भी दर्ज करवाई गई। मुंबई के समता नगर पुलिस स्टेशन में शिवसेना (UBT) के एक प्रवक्ता ने नेटफ्लिक्स के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में कहा गया है कि फिल्म का टाइटल आपत्तिजनक है और इसकी तुरंत जांच होनी चाहिए। वहीं, लखनऊ के हजरतगंज थाने में FIR दर्ज कराई गई है। इसके साथ ही इस मामले में दिल्ली हाईकोर्ट में भी एक याचिका दाखिल की गई है, जिसमें फिल्म के टाइटल को गलत बताते हुए फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने की मांग की गई है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग का संज्ञान वहीं, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने भी इस मामले में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को नोटिस जारी कर दिया है। आयोग ने कहा है कि इस तरह के टाइटल और फिल्म कंटेंट से न केवल समुदायों के बीच वैमनस्य बढ़ सकता है, बल्कि सार्वजनिक व्यवस्था को भी खतरा हो सकता है, इसलिए मामले को ध्यान से देखा जाना चाहिए। फिल्म संस्था फिल्म मेकर्स कंबाइन ने नीरज पांडे और नेटफ्लिक्स को नोटिस भेजा है। संस्था का कहना है कि फिल्म के टाइटल के लिए जरूरी अनुमति नहीं ली गई, जो इंडस्ट्री के नियमों के खिलाफ है। नोटिस में चेतावनी दी गई है कि बिना अनुमति टाइटल इस्तेमाल करने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है। ……………………………. फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… मनोज बाजपेयी की फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ पर विवाद:मेकर्स को कानूनी नोटिस भेजा गया, ‘पंडित’ शब्द को अपमानित करने का आरोप फिल्म 'घूसखोर पंडत' को लेकर वकील आशुतोष दुबे ने आरोप लगाया है कि इसमें ‘पंडित’ जैसे सम्मानजनक शब्द को बदनाम करने की कोशिश की गई है। इसी वजह से उन्होंने फिल्म के मेकर्स को कानूनी नोटिस भेजा है। पूरी खबर यहां पढ़ें….
सोशल मीडिया पर इन्फ्लुएंसर एल्विश यादव और एक्ट्रेस जिया शंकर की सगाई की चर्चा हो रही है। यह अटकलें गुरुवार को एल्विश की एक क्रिप्टिक इंस्टाग्राम स्टोरी के बाद शुरू हुईं, जिसमें उन्होंने जिया को एक डायमंड रिंग के साथ टैग किया गया था। दरअसल, एल्विश ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक क्लोज-अप फोटो शेयर की, जिसमें वह एक महिला का हाथ थामे नजर आ रहे हैं। तस्वीर में महिला की उंगली में डायमंड रिंग साफ दिखाई दे रही थी। कैप्शन में एल्विश ने लिखा, “मैंने प्यार को एक और मौका दिया और मुझे अपना प्यार मिल गया,” और इसके साथ उन्होंने जिया शंकर को टैग किया। इस स्टोरी को जिया शंकर ने भी अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर रीशेयर किया और एक हार्ट इमोजी एड किया। हालांकि, न तो एल्विश और न ही जिया की ओर से अब तक किसी भी तरह की आधिकारिक पुष्टि की गई है। दोनों ने सार्वजनिक रूप से यह नहीं कहा है कि वे किसी रिश्ते में हैं या सगाई कर चुके हैं। आने वाले प्रोजेक्ट से जुड़ा प्रमोशनल स्टंट? वहीं, टाइम्स नाउ की रिपोर्ट के मुताबिक, यह किसी आने वाले प्रोजेक्ट से जुड़ा प्रमोशनल स्टंट भी हो सकता है, क्योंकि सेलिब्रिटी और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अक्सर ऐसे हिंट देकर चर्चा और उत्सुकता पैदा करते हैं। गौरतलब है कि जिया शंकर का नाम इससे पहले अभिषेक मल्हान के साथ जुड़ा था, लेकिन पिछले साल दोनों की टीम ने सगाई की अफवाहों को खारिज कर दिया था। जिया ने तब कहा था कि वह अपने काम पर फोकस कर रही हैं। वर्क फ्रंट की बात करें तो जिया मराठी फिल्म वेद में अपनी परफॉर्मेंस के लिए चर्चा में थीं और उन्होंने कलर्स टीवी के सुपरनैचुरल शो पिशाचिनी में लीड रोल निभाया था। उन्होंने बिग बॉस OTT 2 में भी हिस्सा लिया था, जिसके पार्ट एल्विश यादव भी थे।
फेमस पंजाबी सिंगर केएस मक्खन और मेकअप आर्टिस्ट मेड संधू एक बार फिर आमने-सामने हो गए हैं। केएस मक्खन ने कपूरथला में हुए शो में मेड संधू को चिज्जी कहते हुए कुंवारों की खुराक बता दिया। मक्खन का ये रिएक्शन तब आया, जब एक फैन ने उन्हें मोबाइल पर मेड संधू की फोटो दिखाते हुए गाना गाने के लिए कहा। वहीं मेकअप आर्टिस्ट मेड संधू ने कहा कि मुझे नहीं पता कि सिंगर ने ऐसा क्यों कहा है। इससे पहले भी एक पॉडकास्ट को लेकर मक्खन ने मेड संधू पर आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी थी। जिसके बाद संधू ने कहा था कि अंकल (केएस मक्खन) मेरे नाम से फेम ले रहे हैं। आने वाले दिनों में दोनों के बीच कॉन्ट्रोवर्सी और बढ़ सकती है। कबड्डी कप में परफॉर्म कर रहे थे केएस मक्खनदरअसल, केएस मक्खन 3 दिन पहले कपूरथला के गुरुनानक देव स्टेडियम में चल रहे कबड्डी कप में परफॉर्म कर रहे थे। इस दौरान एक फैन ने मेड संधू की मोबाइल पर फोटो दिखाकर गीत गाने के फरमाइश की। जिसके बाद केएस मक्खन ने मजाकिया अंदाज में बोलना शुरू कर दिया। मेड संधू की फोटो दिखा सिंगर ने क्या कहा..मक्खन ने तुरंत मंच से हसते हुए मजाकिया अंदाज में फेन्स से कहा- वीरे, मैं एहदा कोई गीत नहीं गाया, मैं गल्ल किती सी। मैं सॉरी, गीत नहीं कोई हैगा इहे, बस इक चीज या, ये इक चिज्जी है। थैंक्यू, थैंक्यू, खुश रहो। (भाई मैंने कभी इसका गीत नहीं गाया, मैंने बात की थी, माफ करना, गीत नहीं है ये, ये बस एक चीज है, चिज्जी है)। दोनों पहले भी आमने-सामने हो चुकेइससे पहले केएस मक्खन ने एक वीडियो में मेड संधू पर आपत्तिजनक कमेंट किया था। उन्होंने मेरे से पूछा भी था कि आप हमारा प्रोग्राम देखते हैं क्या, तो मैंने कहा था कि वो आपका टैंपू वाला पॉडकास्ट बहुत वायरल हुआ था। मैं उसे गलत क्यों कहूंगा वो कुंवारों की आत्मा की खुराक है। अब वो कह रहा है कि उसके साथ लोगों को TRP मिलती है। उससे कैसी TRP, उसे मैसेज दे देना कि मोटर पर आ जाए वहां गलासी खड़का देंगे और उसे भी खड़का देंगे। ले जाए मजा आकर मोटर पर। इसके जवाब में मेड संधू ने कहा था- खुद को हाईलाइट करने के लिए मेरे नाम को यूज कर रहे हो। अब अंकलों को भी मैंने टीआरपी देनी है सॉरी, अंकलों का जमाना जा चुका है। मेड संधू बोले- मुझे कुछ नहीं कहनाइस मामले में मेड संधू ने कहा कि मैंने इस पर कोई भी पॉइंट ऑफ व्यू नहीं देना। मुझे नहीं पता वह क्यों ऐसे कर रहे हैं। मैंने तो कभी ऐसे किसी को नहीं कहा और ना ही मुझे पता है, के.एस मक्खन ने मुझे ऐसा क्यों कहा। अगर अब इस तरह की वीडियो सोशल मीडिया पर डाली भी है तो पड़ी रहने दें, मुझे इस पर कुछ नहीं कहना।
बॉलीवुड में सफलता की चमक अक्सर संघर्ष की लंबी छाया को छुपा देती है। लेकिन कुछ कहानियां ऐसी होती हैं, जो न सिर्फ प्रेरित करती हैं बल्कि यह भी सिखाती हैं कि हालात कितने भी कठिन क्यों न हों, अगर इरादे मजबूत हों तो मंजिल मिल ही जाती है। अभिनेता शाहिद कपूर की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। एक ऐसा सफर जिसमें बचपन का अकेलापन, करियर की अनिश्चितता और लगातार रिजेक्शन मिले। शाहिद कपूर ने फिल्मों में बैकग्राउंड डांसर के तौर पर काम। ऑडिशन की लाइन में घंटों खड़े रहते थे। उन्हे यह कहकर रिजेक्ट कर दिया जाता था कि उनका लुक हीरो मटेरियल नहीं। यहां तक शाहिद के पास स्ट्रगल के दिनों में अच्छे कपड़े खरीदने के पैसे तक नहीं थे, लेकिन शाहिद ने अपनी मेहनत और टैलेंट के बल पर इंडस्ट्री में न सिर्फ अपनी अलग जगह बनाई, बल्कि आज अपनी शर्तों पर काम करते हैं। आज की सक्सेस स्टोरी में जानेंगे शाहिद कपूर के करियर और निजी जीवन से जुड़ी ऐसी ही कुछ और खास बातें.. फिल्मी परिवार, लेकिन आसान नहीं बचपन शाहिद कपूर का जन्म 25 फरवरी 1981 को नई दिल्ली में हुआ। उनके पिता पंकज कपूर हिंदी सिनेमा और थिएटर का जाना-माना नाम हैं, जबकि मां नीलिमा अजीम एक संवेदनशील अभिनेत्री और प्रशिक्षित नृत्यांगना रही हैं। लेकिन शाहिद का बचपन किसी फिल्मी कहानी की तरह आसान नहीं था। तीन साल की उम्र में टूटा परिवार, वक्त से पहले आई परिपक्वता जब वह महज तीन साल के थे, तभी उनके माता-पिता का तलाक हो गया। इस टूटन ने उनके जीवन को शुरुआती दौर में ही गंभीर बना दिया। वह अपनी मां के साथ किराये के घर में रहने लगे। सीमित साधन, भावनात्मक अकेलापन और एक अस्थिर माहौल ने शाहिद को वक्त से पहले परिपक्व कर दिया। बाद में नीलिमा आजमी ने अभिनेता राजेश खट्टर से शादी की, लेकिन शाहिद का बचपन ज्यादातर संघर्ष में ही बीता। पढ़ाई-लिखाई और कला की ओर झुकाव शाहिद कपूर ने अपनी शुरुआती पढ़ाई राजहंस विद्यालय, मुंबई से की। इसके बाद उन्होंने मुंबई के मिठीबाई कॉलेज में दाखिला लिया। हालांकि पढ़ाई के साथ-साथ उनका मन हमेशा मंच और कैमरे की ओर भागता रहा। अभिनय और नृत्य उनके लिए शौक नहीं, बल्कि खुद को व्यक्त करने का माध्यम बन चुके थे। इसी दौरान उन्होंने देश के मशहूर कोरियोग्राफर श्यामक डावर के डांस इंस्टीट्यूट से डांस की प्रोफेशनल ट्रेनिंग ली। यही फैसला आगे चलकर उनके जीवन की दिशा बदलने वाला साबित हुआ। बैकग्राउंड डांसर के तौर पर काम किया शाहिद कपूर फिल्म ‘दिल तो पागल है’ और ‘ताल’ में बैकग्राउंड डांसर थे। बैकग्राउंड डांसर के तौर पर काम करते हुए वे एड फिल्मों और म्यूजिक वीडियोज में नजर आए, लेकिन उससे मिलने वाली फीस बहुत कम थी। उसी पैसे से घर का खर्च चलाना और ऑडिशन के लिए मुंबई में टिके रहना सबसे बड़ी चुनौती थी। दोस्तों से कपड़े उधार लेते थे शाहिद जब ऑडिशन के दौर से गुजर रहे थे, तब ब्रांडेड या ढंग के कपड़े खरीदना उनके लिए मुमकिन नहीं था। कई बार वह दोस्तों से कपड़े उधार लेकर ऑडिशन देने जाते थे। कुछ ऑडिशन में उन्हें सिर्फ इसलिए रिजेक्ट कर दिया गया, क्योंकि उनका लुक हीरो के जैसा नहीं लग रहा था। ऑडिशन की लाइन में घंटों खड़े रहते थे कई बार शाहिद को ऑडिशन के लिए घंटों प्रोडक्शन ऑफिस के बाहर इंतजार करना पड़ता था। कई जगह तो उन्हें अंदर तक नहीं बुलाया जाता था। वह बताते हैं कि कई बार दिन भर घूमने के बाद भी एक भी ऑडिशन नहीं मिल पाता था। पिता पंकज कपूर का नाम भी काम नहीं आया लोगों को लगता है कि स्टार किड होने से शाहिद को आसानी हुई होगी, लेकिन हकीकत इसके उलट थी। शाहिद कहते हैं कि उन्होंने कभी अपने पिता पंकज कपूर का सहारा नहीं लिया। इंडस्ट्री में उन्हें अपनी पहचान खुद बनानी थी, इसलिए वह जानबूझकर अलग रास्ता चुनते रहे। असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर काम किया शाहिद कपूर ने साल 1998 में जीटीवी टीवी के सीरियल ‘Mohandas B.A.L.L.B.’ में असिस्टेंट डायरेक्टर के रूप में काम किया था। इस शो को उनके पिता पंकज कपूर ने खुद ही प्रोड्यूस और डायरेक्ट किया था। शो में पंकज कपूर लीड रोल में भी थी। शाहिद के करियर का यह वो दौर था जब वे एक्टिंग में आने से पहले कैमरे के पीछे काम करके इंडस्ट्री को समझ रहे थे। आत्मविश्वास टूटने की कगार पर थे शाहिद ने जब एक्टिंग के लिए कोशिश करनी शुरू की तो लगातार रिजेक्शन के चलते कई बार उनका आत्मविश्वास भी डगमगा गया। वह मानते हैं कि एक समय ऐसा भी आया जब उन्होंने सोचा कि शायद वह फिल्मों के लिए बने ही नहीं हैं, लेकिन डांस और एक्टिंग के प्रति जुनून ने उन्हें रुकने नहीं दिया। म्यूजिक वीडियो और विज्ञापनों में दिखे पेप्सी के एड में शाहरुख खान, रानी मुखर्जी और काजोल के साथ शाहिद कपूर नजर आए थे। इसके अलावा कुछ और छोटे-मोटे ब्रांड ऐड्स और फैशन शूट्स कर चुके थे। इन ऐड्स में वो ज्यादा बोलते नहीं थे, लेकिन उनका फेस और एनर्जी नोटिस होने लगी थी। म्यूजिक वीडियो ‘आंखों में तेरा ही चेहरा’ से शाहिद कपूर को पहली बार बड़ी पहचान मिली थी। इसमें उनके साथ हृषिता भट्ट थीं। हालांकि इसके बाद भी शाहिद ने कुछ और म्यूजिक वीडियो में काम किया। ‘इश्क विश्क’ से बदली किस्मत कई सालों के संघर्ष के बाद जब उन्हें ‘इश्क विश्क’ मिली, तब भी यह रोल आसानी से नहीं मिला। लंबा ऑडिशन प्रोसेस, लुक टेस्ट और स्क्रीन टेस्ट के बाद जाकर उन्हें यह फिल्म मिली, जिसने उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल दी। डायरेक्टर केन घोष ने शाहिद को ऐड्स और म्यूजिक वीडियो के जरिए नोटिस किया और फ्रेश, चॉकलेटी-बॉय इमेज देखकर ‘इश्क विश्क’ के लिए चुन लिया। इस फिल्म को टिप्स के रमेश तौरानी ने प्रोड्यूस किया और यह शाहिद के लिए ड्रीम लॉन्च साबित हुई। हालांकि इस फिल्म में ब्रेक मिलना शाहिद के लिए आसान नहीं था। शाहिद कपूर कहते हैं- ‘कुछ लोग बीएमडब्ल्यू में संघर्ष करते हैं, वे देश के टॉप दो-तीन डायरेक्टर्स के साथ काम करके अपना करियर शुरू करते हैं। मैं 250 ऑडिशन देने के बाद आया था।' कई राउंड के ऑडिशन के बाद मिला रोल इंडस्ट्री में शाहिद को पहले एक डांसर के तौर पर ही देखा जाता था। इस इमेज से उनके लिए बाहर निकलना बहुत मुश्किल था। कई लोग मानते थे कि शाहिद में हीरो मटेरियल नहीं है। क्योंकि उस दौर में लंबे-चौड़े स्टार्स का ट्रेंड था। ‘इश्क विश्क’ के लिए शाहिद को कई राउंड के ऑडिशन देने पड़े। उन्हें बार-बार सीन परफॉर्म करने पड़े। शाहिद का सॉफ्ट, बॉय-नेक्स्ट-डोर लुक कुछ प्रोड्यूसर्स को ज्यादा भोला लगता था। डर था कि कॉलेज रोमांस में वे असरदार लगेंगे या नहीं। उस समय उनकी बतौर लीड एक भी रिलीज फिल्म नहीं थी, इसलिए मेकर्स को कमर्शियल रिस्क लग रहा था। लुक और बॉडी पर काफी मेहनत करनी पड़ी फिल्म 'इश्क विश्क' में शाहिद कपूर ने एक कॉलेज स्टूडेंट राजीव का किरदार निभाया था। रोल मिलने से पहले उन्हें फिटनेस, बॉडी और लुक पर काफी मेहनत करनी पड़ी ताकि वे फ्रेश, लेकिन कॉन्फिडेंट लीड लगें।आखिरकार केन घोष को शाहिद की मेहनत, डांस, एक्सप्रेशन और ईमानदारी पसंद आई और वही फैसला सही साबित हुआ। हिट फिल्म के बाद भी स्ट्रगल खत्म नहीं हुआ ‘इश्क विश्क’ शाहिद के लिए सिर्फ डेब्यू नहीं थी, बल्कि खुद को साबित करने का अवसर था। फिल्म युवाओं के बीच सुपरहिट साबित हुई। शाहिद को फिल्मफेयर बेस्ट मेल डेब्यू अवॉर्ड मिला। इस जीत ने उन्हें उम्मीद दी, लेकिन संघर्ष अभी खत्म नहीं हुआ था। लगातार 6 फिल्में फ्लॉप हुईं ‘इश्क विश्क’ की सफलता के बाद उम्मीद की जा रही थी कि शाहिद स्टार बन जाएंगे, लेकिन हकीकत इससे अलग थी। इस फिल्म के बाद के बाद ’फिदा', ‘दिल मांगे मोर’, ‘दीवाने हुए पागल’, ‘वाह लाइफ हो तो ऐसी’, ‘शिखर’ और ‘36 चाइना टाउन’ जैसी लगातार 6 फिल्में फ्लॉप हुई। एक्टिंग छोड़ने का मन बनाया 'इश्क विश्क' की सक्सेस के बाद जब शाहिद कपूर की 6 फिल्में बॉक्स ऑफिस पर उम्मीदों पर खरी नहीं उतर पाईं। लोग उन्हें वन-फिल्म वंडर” मानने लगे। इस टैग से शाहिद का आत्मविश्वास बुरी तरह टूट चुका था। उन्होंने एक्टिंग छोड़ने का मन बना लिया था। तभी मिला राजश्री फिल्म्स का सहारा 2006 में सूरज बड़जात्या ने शाहिद कपूर को ‘विवाह’ के लिए कास्ट किया। यह फैसला खुद शाहिद के लिए भी चौंकाने वाला था, क्योंकि तब उनका करियर लगभग डूब चुका था। ‘विवाह’ में प्रेम का किरदार शाहिद कपूर के लिए लाइफलाइन साबित हुआ। सादगी भरा किरदार, पारिवारिक फिल्म और मजबूत कहानी ने दर्शकों से सीधा कनेक्शन बना लिया। ‘विवाह’ बनी टर्निंग पॉइंट ‘इश्क विश्क’, ‘वाह लाइफ हो तो ऐसी’ और ‘शिखर’ के बाद शाहिद कपूर और अमृता राव की जोड़ी चौथी बार फिल्म ‘विवाह’ में नजर आई। दोनों को फिल्म में खूब पसंद किया गया। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर हिट रही और शाहिद कपूर की छवि एक भरोसेमंद, पारिवारिक हीरो की बन गई। इसी फिल्म के बाद उन्हें इंडस्ट्री में दोबारा गंभीरता से लिया जाने लगा। ‘जब वी मेट’ ने स्टारडम की नई ऊंचाई दी इसके बाद ‘जब वी मेट जैसी फिल्मों ने उन्हें स्टारडम की नई ऊंचाई दी। ‘जब वी मेट’ में आदित्य कश्यप का किरदार उनके करियर का माइलस्टोन साबित हुआ। एक इंट्रोवर्ट, टूटे हुए, लेकिन बेहद रियल कैरेक्टर को जिस गहराई से उन्होंने निभाया, उसने साबित कर दिया कि शाहिद सिर्फ चॉकलेट बॉय नहीं, बल्कि एक गंभीर और टैलेंटेड अभिनेता हैं। सेफ इमेज से बाहर निकलकर रिस्क लेना शुरू किया ‘विवाह’ और ‘जब वी मेट’ के बाद शाहिद ने सेफ इमेज से बाहर निकलकर रिस्क लेना शुरू किया। ‘कमीने’ में डार्क और रफ किरदार निभाकर उन्होंने क्रिटिक्स को चौंका दिया। ‘हैदर’ में उनका इंटेंस परफॉर्मेंस करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में गिना जाता है और उन्हें नेशनल अवॉर्ड भी दिलाया। ‘उड़ता पंजाब’, ‘पद्मावत’ और ‘कबीर सिंह’ जैसी फिल्मों ने साबित किया कि शाहिद हर तरह के किरदार में खुद को ढाल सकते हैं। जल्द ही शाहिद कपूर फिल्म ‘ओ रोमियो’ में एक अलग अवतार में नजर आने वाले हैं। शाहिद कपूर कहते हैं- विशाल भारद्वाज सर के साथ यह मेरी चौथी फिल्म है और इस बार हमारी कोशिश यही थी कि इस कहानी को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाया जाए। इस फिल्म पर करीब एक साल मेहनत की है। मैं खुद को बहुत भाग्यशाली मानता हूं। बाईस तेईस साल हो गए हैं। कुछ फिल्में चलीं, कुछ नहीं चलीं, लेकिन लोगों का प्यार बना रहा। इसके लिए दिल से आभार महसूस करता हूं। जब भी मौका मिलता है, कोशिश करता हूं कि उस प्यार का सम्मान कर सकूं। क्वालिटी और सक्सेस का सीधा संबंध नहीं मुझे हमेशा लगता है कि क्वालिटी और सक्सेस हमेशा एक-दूसरे से सीधे तौर पर जुड़ी हुई नहीं होतीं। आप क्वालिटी काम करके भी अनसक्सेसफुल हो सकते हैं और कई बार बिना क्वालिटी के काम से भी सक्सेस मिल जाती है। इसलिए इन दोनों के बीच डायरेक्ट पैरेलल ढूंढने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। अच्छा काम अपने लिए किया जाता है बचपन से हमें यही सिखाया जाता है कि अगर हम अच्छा काम करेंगे तो हमें बहुत सफलता मिलेगी, लेकिन यह जरूरी नहीं है। अच्छा काम आप अपने लिए करते हैं, अपने मानदंड खुद तय करते हैं, किसी और के लिए नहीं। अगर आपने ईमानदारी से अच्छा काम किया है, तो उसका सुकून आपको महसूस होना चाहिए। असफलता और सफलता दोनों में सीख मिलती है हमें अक्सर लगता है कि हम सफलता हासिल करते हैं, जबकि सच यह है कि सफलता हमें दी जाती है। कई लोगों को यह आसानी से मिल जाती है और कई को मेहनत के बाद। असफलता जीवन सिखाती है और सफलता एक नेमत होती है, जिसके लिए आभार व्यक्त करना चाहिए। -------------------------------------------------- पिछले हफ्ते की सक्सेस स्टोरी पढ़िए... एक्टर विशाल जेठवा की मां ने सैनेटरी पैड बेचे:घरों में बर्तन धोए; मर्दानी–2 का खूंखार विलेन होमबाउंड का हीरो बना, फिल्म ऑस्कर पहुंची एक्टर विशाल जेठवा की नीरज घायवान के डायरेक्शन में बनी फिल्म ‘होमबाउंड’ भले ही ऑस्कर की रेस से बाहर हो गई हो। लेकिन इस फिल्म ने विशाल को इंटरनेशनल स्टार बना दिया। कान्स फिल्म फेस्टिवल सहित इस फिल्म की कई प्रमुख इंटरनेशनल फेस्टिवल में स्क्रीनिंग हुई। जहां पर फिल्म को खूब सराहा गया।पूरी खबर पढ़ें..

