मध्य प्रदेश के जबलपुर में शनिवार शाम अभिनेता आशुतोष राणा के शो 'हमारे राम' के मंचन के दौरान रामपुर स्थित तरंग ऑडिटोरियम में अचानक आग लग गई। आग के बाद पूरे ऑडिटोरियम की बिजली बंद करनी पड़ी, जिससे परिसर में अंधेरा छा गया। सुरक्षा कारणों से कार्यक्रम तत्काल रोक दिया गया। अभिनेता आशुतोष राणा समेत सभी कलाकारों और दर्शकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। आग शॉर्ट सर्किट से लगी थी। घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन कार्यक्रम बाधित होने के कारण आयोजकों को दूसरा शो रद्द करना पड़ा। आशुतोष राणा रावण की भूमिका निभा रहे थे। जब वे मंच पर प्रस्तुति दे रहे थे, तभी अचानक ग्रीन रूम के कंट्रोल पैनल में आग लग गई। उस समय मंच पर करीब 20 कलाकार मौजूद थे। अंधेरे की वजह से मोबाइल की रोशनी की मदद से सुरक्षित बाहर निकाला गया। आग लगने से जुड़ी ये तस्वीरें देखिए… आशुतोष राणा दे रहे थे प्रस्तुति जानकारी के मुताबिक, शनिवार शाम करीब 7 बजे रामपुर स्थित मध्य प्रदेश विद्युत विभाग के तरंग ऑडिटोरियम में मंचन चल रहा था। कार्यक्रम में अभिनेता आशुतोष राणा सहित कई कलाकार प्रस्तुति दे रहे थे। इसी दौरान ऑडिटोरियम के ग्रीन रूम के नीचे स्थित एक कक्ष के कंट्रोल पैनल में अचानक शॉर्ट सर्किट हो गया। इसके बाद कंट्रोल पैनल में आग भड़क उठी। देखते ही देखते कमरे में धुआं भर गया। आग की सूचना मिलते ही कार्यक्रम स्थल पर मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। सुरक्षा के लिए बंद की गई बिजली प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग लगते ही ऑडिटोरियम की लाइटें बंद हो गईं और पूरे परिसर में अंधेरा छा गया। स्थिति को नियंत्रित करने और बड़े हादसे से बचने के लिए एहतियातन पूरे परिसर की बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई। आग और धुएं के कारण कार्यक्रम बीच में रोकना पड़ा। आयोजकों ने तत्काल कलाकारों और दर्शकों को सुरक्षित बाहर निकालना शुरू किया। अभिनेता आशुतोष राणा को भी सुरक्षा के मद्देनजर ऑडिटोरियम से बाहर ले जाया गया। कर्मचारियों ने पहले खुद बुझाने की कोशिश की घटना के बाद ऑडिटोरियम प्रबंधन और कार्यक्रम आयोजकों ने परिसर में लगे अग्निशमन उपकरणों से आग पर काबू पाने का प्रयास किया। हालांकि शुरुआती कोशिशों में आग पूरी तरह नियंत्रित नहीं हो सकी। इसके बाद नगर निगम के फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई और टीम मौके पर रवाना हुई। फायर ब्रिगेड ने पाया आग पर काबू फायर ब्रिगेड की टीम ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का अभियान शुरू किया। दमकलकर्मियों ने कुछ ही देर में आग पर पूरी तरह काबू पा लिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। आग बुझने के बाद अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लिया। राहत की बात रही कि घटना में कोई घायल नहीं हुआ।
200 करोड़ रुपए की कथित उगाही और उससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जैकलीन फर्नांडिस की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने कहा कि आरोप तय करने के लिए पर्याप्त सामग्री मौजूद है। कोर्ट ने सुकेश चंद्रशेखर, लीना मारिया पॉल, जैकलीन फर्नांडिस समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) मामले में चार्ज फ्रेम करने का आदेश दिया है। एएनआई के मुताबिक अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (ASJ) प्रशांत शर्मा ने कहा कि रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री के आधार पर सभी आरोपियों के खिलाफ प्रथम दृष्टया मजबूत संदेह बनता है। इसलिए उनके खिलाफ PMLA की धारा 3 के तहत आरोप तय किए जाने चाहिए, जिसकी सजा धारा 4 में निर्धारित है। कोर्ट ने आरोपों पर औपचारिक हस्ताक्षर के लिए मामले को 3 जून को सूचीबद्ध किया है। सभी आरोपियों को दोपहर 2 बजे व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है। यह मामला व्यवसायी अदिति सिंह से कथित 200 करोड़ रुपए की उगाही से जुड़ा है। दिल्ली पुलिस ने उनकी शिकायत पर केस दर्ज किया था। इसके बाद ED ने मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू कर चार्जशीट दाखिल की। सुकेश चंद्रशेखर और लीना मारिया पॉल के खिलाफ इसी मामले में महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गनाइज्ड क्राइम एक्ट (MCOCA) के तहत भी आरोप तय करने का आदेश दिया गया है। हालांकि जैकलीन फर्नांडिस उगाही के मूल मामले में आरोपी नहीं हैं, लेकिन ED जांच में नाम आने के बाद उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग केस में आरोपी बनाया गया था। इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट जैकलीन की वह याचिका खारिज कर चुका है, जिसमें उन्होंने ED की सप्लीमेंट्री चार्जशीट रद्द करने की मांग की थी। चार्जशीट पर संज्ञान लेने के बाद ट्रायल कोर्ट ने उन्हें समन जारी किया था। बाद में अदालत में पेश होने पर उन्हें जमानत मिल गई थी। फिलहाल सुकेश चंद्रशेखर न्यायिक हिरासत में है। लीना मारिया पॉल को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जमानत मिल चुकी है, लेकिन MCOCA मामले में दिल्ली हाईकोर्ट उनकी जमानत याचिका खारिज कर चुका है। अन्य आरोपियों की जमानत याचिकाएं हाईकोर्ट में लंबित हैं। हाल ही में जैकलीन फर्नांडिस ने इस मामले में सरकारी गवाह (अप्रूवर) बनने की अर्जी वापस ले ली थी। अब 3 जून को अदालत में आरोपों पर औपचारिक प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
रणवीर सिंह और फरहान अख्तर के बीच 'डॉन 3' को लेकर शुरू हुआ विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म से बाहर होने के बाद रणवीर ने फरहान के साथ रिश्ते सुधारने और भविष्य में किसी नए प्रोजेक्ट पर साथ काम करने की इच्छा जताई थी, लेकिन उनकी कोशिश सफल नहीं हुई। Indiaforums की रिपोर्ट्स के मुताबिक, रणवीर सिंह ने फरहान अख्तर और उनके प्रोडक्शन पार्टनर रितेश सिधवानी को किसी नए प्रोजेक्ट पर साथ काम करने का प्रस्ताव दिया था, जिसे दोनों पक्ष मिलकर चुनते। हालांकि, सूत्रों के अनुसार यह प्रस्ताव तुरंत ठुकरा दिया गया। रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि फरहान अख्तर और उनकी बहन जोया अख्तर फिलहाल रणवीर के साथ दोबारा काम करने के इच्छुक नहीं हैं। जानिए क्या है विवाद? धुरंधर की सक्सेस के बाद रणवीर सिंह ने फरहान अख्तर की फिल्म डॉन 3 अचानक छोड़ दी, जिसकी घोषणा 2023 में रणवीर के साथ हुई थी। मेकर्स का दावा है कि इससे उनका 45 करोड़ का नुकसान हुआ। पहले इस मामले की शिकायत प्रोड्यूसर गिल्ड में की गई, जिसके बाद ये मामला FWICE के पास पहुंचा। मामले को गंभीरता से लेते हुए फेडरेशन ने रणवीर सिंह को अलग-अलग मौकों पर 3 नोटिस भेजे, लेकिन उन्होंने साफ कहा कि ये लीगल मामला है, जो फेडरेशन द्वारा नहीं बल्कि कोर्ट के जरिए सुलझाना चाहिए। आखिरकार फेडरेशन ने सोमवार को मुंबई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस रख रणवीर सिंह पर बैन लगा दिया। ऐसे में रणवीर विवाद खत्म होने तक कोई नई फिल्म नहीं शूट कर सकेंगे। रणवीर सिंह की टीम बोली- वे सोच-समझकर चुप रणवीर सिंह के स्पोक पर्सन ने कहा- रणवीर सिंह फिल्म इंडस्ट्री और 'डॉन' फ्रैंचाइजी से जुड़े हर इंसान का दिल से सम्मान करते हैं। 'डॉन 3' को लेकर हाल ही में जो कुछ भी हुआ है, उस पर उन्होंने सोच-समझकर चुप रहना ही सही समझा। उनका मानना है कि काम से जुड़ी बातें और आपसी रिश्ते हमेशा गरिमा, समझदारी और आपसी सम्मान के साथ ही संभाले जाने चाहिए। इस बीच कई तरह की बातें और अफवाहें सामने आई हैं, लेकिन रणवीर ने कभी भी सरेआम इस पर कोई सफाई देना या इन अटकलों को बढ़ावा देना जरूरी नहीं समझा। उनका पूरा ध्यान पूरी तरह से उनके काम और आने वाले प्रोजेक्ट्स पर है। वे इस फिल्म से जुड़े सभी लोगों के लिए अपने दिल में सम्मान रखते हैं और चाहते हैं कि यह फ्रैंचाइजी आगे भी खूब कामयाब हो। ऐसे मुश्किल मौकों पर संयम और शालीनता बनाए रखना हमेशा से उनका अपना फैसला रहा है, और वे आगे भी इसी रुख पर कायम रहेंगे। डॉन 3 का ऐलान 2023 में हुआ था। अब समझिए FWICE क्या है? रणवीर पर बैन का क्या असर होगा फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) फिल्म इंडस्ट्री के वर्कर्स और कलाकारों के हितों की रक्षा करने वाली सबसे बड़ी संस्था है। इसकी शुरुआत साल 1956 में हुई थी और 1958 में इसका रजिस्ट्रेशन कराया गया था। मदर बॉडी: यह फेडरेशन मुख्य रूप से एक मदर बॉडी (शीर्ष संस्था) की तरह काम करती है। इसके अंतर्गत कुल 34 अलग-अलग एसोसिएशंस आती हैं। सदस्यों की संख्या: इसमें एक्टर्स, डायरेक्टर्स, प्रोड्यूसर्स, कैमरामैन, टेक्नीशियंस, जूनियर आर्टिस्ट और स्पॉटबॉय जैसी 34 एसोसिएशंस के लगभग 4 से 5 लाख मेंबर्स जुड़े हुए हैं। दायरा: यह एशिया की सबसे बड़ी फिल्म फेडरेशन है। वर्तमान में फिल्म इंडस्ट्री में काम करने वाले करीब 90 प्रतिशत लोग इसी फेडरेशन से जुड़ी एसोसिएशंस के सदस्य हैं। इसका अपना एक संविधान है, जिसे मानना सभी सदस्यों के लिए जरूरी है। फेडरेशन काम बंद कर दे तो शूटिंग कैंसिल FWICE के पास फिल्म इंडस्ट्री के कामकाजी माहौल को नियंत्रित करने की बड़ी ताकत है। काम रोकना: अगर फेडरेशन अपने 4 से 5 लाख सदस्यों को किसी प्रोजेक्ट पर काम करने से रोक दे, तो अगले ही दिन से फिल्मों और टीवी शोज की शूटिंग पूरी तरह बंद हो जाएगी। पेमेंट वसूलना: फेडरेशन मेकर्स और एक्टर्स के बीच पैसों के विवाद को सुलझाती है। उदाहरण के लिए, कुछ समय पहले प्रोड्यूसर फिरोज नाडियाडवाला ने एक फिल्म के बाद क्रू मेंबर्स के करीब 3 करोड़ रुपए नहीं चुकाए थे। फेडरेशन ने उनकी अगली फिल्म 'वेलकम टु जंगल' की शूटिंग से पहले सभी सदस्यों को काम न करने का निर्देश दे दिया। इसके बाद प्रोडक्शन कंपनी और फेडरेशन के दबाव में फिरोज नाडियाडवाला को पुराना बकाया चुकाना पड़ा था। कार्रवाई का अधिकार: संविधान के खिलाफ काम करने पर फेडरेशन किसी भी एसोसिएशन या सदस्य को नॉन-मेम्बर घोषित कर सकती है। रणवीर की आने वाली फिल्मों पर क्या असर होगा? इस निर्देश के कारण रणवीर सिंह के नए प्रोजेक्ट्स और फिल्मों के निर्माण में दिक्कतें आ सकती हैं। रणवीर सिंह की आने वाली फिल्मों में 'किंग' (स्पेशल कैमियो), निर्देशक आदित्य धर के साथ अगला बड़ा प्रोजेक्ट, कियारा आडवाणी के साथ एक फिल्म और संजय लीला भंसाली की 'बैजू बावरा' शामिल हैं। शूटिंग में रुकावट: रणवीर की जिन फिल्मों की शूटिंग अभी होनी है, वहां काम करने वाले 90 प्रतिशत टेक्नीशियन, जूनियर आर्टिस्ट और क्रू मेंबर्स इसी फेडरेशन से जुड़े हैं। असहयोग निर्देश के कारण ये वर्कर्स रणवीर के सेट पर काम करने से मना कर सकते हैं, जिससे शूटिंग रुक सकती है। मेकर्स की परेशानी: रणवीर के साथ नई फिल्म प्लान कर रहे दूसरे प्रोड्यूसर्स के लिए काम आगे बढ़ाना मुश्किल होगा। उन्हें फिल्म शुरू करने से पहले फेडरेशन से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) लेने की जरूरत पड़ सकती है। जब तक यह विवाद नहीं सुलझता, तब तक रणवीर के नए प्रोजेक्ट्स लटक सकते हैं।
पीएम मोदी ने पूछी थी फिल्म ‘पेड्डी’ की कहानी:राम चरण बोले थे- मूवी का कॉन्सेप्ट विकसित भारत जैसा है
पिछले साल पीएम नरेंद्र मोदी से एक्टर राम चरण और उनकी पत्नी उपासना कामिनेनी कोनिडेला की मुलाकात हुई थी। हाल ही में इस बातचीत से जुड़ा एक किस्सा राम चरण ने बताया। गुरुवार को राम चरण और जाह्नवी कपूर अपनी अपकमिंग फिल्म ‘पेड्डी’ के प्रमोशन के लिए दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान राम चरण ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ हुई मुलाकात को याद किया। राम चरण ने बताया, “पिछली बार जब मैं दिल्ली में माननीय प्रधानमंत्री मोदी जी से मिला था, तो उन्होंने मुझसे पूछा था कि ‘पेड्डी’ किस बारे में है। मैंने उन्हें बताया कि यह एक विकसित भारत और हमारे गांवों को सशक्त बनाने के बारे में है।” राम चरण ने कहा कि इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें पश्चिम बंगाल से जुड़ा एक किस्सा बताया था। एक्टर ने कहा कि मोदी जी ने कहा था कि दशकों पहले एक छोटे से गांव के एक फुटबॉलर ने भारत का प्रतिनिधित्व किया था और आज उसी गांव के 85 से अधिक लोग फुटबॉल खेल रहे हैं। राम चरण ने कहा कि एक व्यक्ति भी बड़ा बदलाव ला सकता है। उन्होंने बताया कि फिल्म पेड्डी का मुख्य किरदार भी एक आदिवासी इलाके के छोटे से कस्बे से आता है और अपने समाज में बदलाव लाने का काम करता है। राम चरण ने पिछले साल PM मोदी से मुलाकात की थी पिछले साल राम चरण ने पत्नी उपासना के साथ नई दिल्ली में प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने अनिल कामिनेनी के नेतृत्व में शुरू की गई तीरंदाजी प्रीमियर लीग (एपीएल) के लिए प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया था। मुलाकात के बाद राम चरण ने X अकाउंट पर तस्वीरें शेयर की थीं और प्रधानमंत्री मोदी के प्रति धन्यवाद व्यक्त किया था। राम चरण ने पोस्ट के कैप्शन में लिखा था, 'प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी से मिलकर सम्मानित महसूस कर रहा हूं। अनिल कामिनेनी गारू के नेतृत्व में विश्व की पहली तीरंदाजी प्रीमियर लीग की सफलता के लिए बधाई।' उन्होंने आगे लिखा था, 'तीरंदाजी की विरासत को संरक्षित करने और इसे वर्ल्ड लेवल पर बढ़ावा देने की दिशा में यह हमारा एक छोटा सा कदम है। सभी खिलाड़ियों को बधाई। हमें उम्मीद है कि और भी कई लोग इस अद्भुत खेल से जुड़ेंगे।' मोदी ने इस पोस्ट का जवाब देते हुए लिखा था, 'आपसे मिलकर खुशी हुई, उपासना और अनिल कामिनेनी गारू। तीरंदाजी को लोकप्रिय बनाने के आपके सामूहिक प्रयास सराहनीय हैं और इससे अनगिनत युवाओं को लाभ होगा।' फिल्म पेड्डी के बारे में जानिए पेड्डी एक स्पोर्ट्स ड्रामा फिल्म है, जो खेल के माध्यम से अपनी पहचान तलाशने वाले एक व्यक्ति की कहानी पर आधारित है। फिल्म को बुच्ची बाबू सना ने लिखा और डायरेक्ट किया है। इसका प्रोडक्शन वेंकट सतीश किलारू ने वृद्धि सिनेमाज के बैनर तले किया है। फिल्म को मैत्री मूवी मेकर्स और सुकुमार राइटिंग्स प्रेजेंट कर रहे हैं। 4 जून को रिलीज होगी फिल्म फिल्म में राम चरण, जाह्नवी कपूर, शिव राजकुमार, दिव्येंदु और जगपति बाबू प्रमुख भूमिकाओं में हैं। पेड्डी 4 जून को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।
फिल्म काला हिरण का पोस्टर जारी:सलमान खान-लॉरेंस विवाद और 1998 शिकार मामले पर आधारित कहानी दिखेगी
बॉलीवुड एक्टर सलमान खान से जुड़ा काला हिरण शिकार मामले पर आधारित अपकमिंग फिल्म काला हिरण का पोस्टर शुक्रवार को जारी किया गया। फिल्म का फर्स्ट लुक और टीजर 20 जून को जारी किया जाएगा। फिल्म में सलमान खान और गैंगस्टर लॉरेंस के बीच के विवाद को दिखाया जाएगा। सलमान-लॉरेंस विवाद को दिखाएगी कहानी फिल्म को लेकर IANS से बात करते हुए फिल्म के प्रोड्यूसर अमित जानी ने कहा, ‘1998 में जोधपुर के कांकाणी गांव में सलमान खान पर काला हिरण के शिकार का आरोप लगा था। उस मामले से जुड़े कोर्टरूम ड्रामा, क्राइम, थ्रिलर और लॉरेंस व सलमान खान के बीच की दुश्मनी को फिल्मी रूप में पेश किया गया है। फिल्म की शूटिंग संभल, मुरादाबाद और उत्तर प्रदेश के अन्य शहरों में हुई है।’ उन्होंने आगे कहा, ‘जोधपुर में शूटिंग के दौरान मौजूद बॉलीवुड एक्टर्स सैफ अली खान, सलमान खान, तब्बू, सोनाली बेंद्रे, सतीश शाह और दूसरे लोग शामिल थे। उस समय हुए कथित काला हिरण शिकार, सलमान खान की गिरफ्तारी और सजा से जुड़े घटनाक्रम को फिल्म में दिखाया गया है। इस फिल्म के पोस्टर का लंबे समय से इंतजार किया जा रहा था। लोग सलमान खान, लॉरेंस और काला हिरण शिकार मामले पर आधारित एक सिनेमाई कहानी का इंतजार कर रहे थे। 20 जून को हम फिल्म का फर्स्ट लुक और टीजर जारी करेंगे।’ 1998 में काला हिरण शिकार मामला सामने आया सलमान खान से जुड़ा काला हिरण शिकार मामला साल 1998 का है, जब जोधपुर में फिल्म 'हम साथ-साथ हैं' की शूटिंग के दौरान उन पर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत लुप्तप्राय काले हिरणों के शिकार का आरोप लगा था। 5 अप्रैल 2018 को जोधपुर की एक निचली अदालत ने सलमान खान को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई थी। इस फैसले के बाद सलमान को जोधपुर सेंट्रल जेल जाना पड़ा था, लेकिन बाद में उन्हें जमानत मिल गई। वर्तमान में राजस्थान हाई कोर्ट में इस मामले पर सुनवाई चल रही है। मामले की अगली सुनवाई 13 जुलाई 2026 को तय की गई है। लॉरेंस ने सलमान पर नाराजगी जाहिर की थी गौरतलब है कि लॉरेंस बिश्नोई सार्वजनिक रूप से यह कह चुका है कि वह काला हिरण शिकार मामले को लेकर सलमान खान से नाराज है। 2023 में जेल से दिए गए एबीपी न्यूज को इंटरव्यू में उसने कहा था कि सलमान खान को मारना मेरी जिंदगी का मकसद है। वहीं, साल 2024 में सलमान के घर (गैलेक्सी अपार्टमेंट) के बाहर फायरिंग हुई थी, जिसकी जिम्मेदारी लॉरेंस बिश्नोई के विदेश में बैठे भाई अनमोल बिश्नोई ने ली थी। ………. सलमान खान से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… सलमान के घर फायरिंग केस;बॉडीगार्ड बोले-एक्टर को मारना चाहते थे:2024 में बाइक सवार आरोपियों ने गैलेक्सी अपार्टमेंट पर गोलियां चलाई थीं सलमान खान के पर्सनल बॉडीगार्ड ने 2 मई को स्पेशल कोर्ट में बताया कि अप्रैल 2024 में उनके घर के बाहर हुई फायरिंग एक्टर की हत्या की कोशिश थी। पूरी खबर यहां पढ़ें…
रणवीर सिंह के समर्थन में आए राम गोपाल वर्मा:डॉन 3 विवाद पर बोले- FWICE को बैन करो, एक्टर को नहीं
'डॉन 3' विवाद के बीच फिल्ममेकर राम गोपाल वर्मा रणवीर सिंह के सपोर्ट में सामने आए हैं। साथ ही उन्होंने फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) द्वारा रणवीर के खिलाफ जारी 'नॉन-कोऑपरेशन डायरेक्टिव' (असहयोग निर्देश) पर भी सवाल उठाए। राम गोपाल वर्मा ने लिखा, FWICE को बैन करो, रणवीर सिंह को नहीं। गांधीजी के अंदाज वाला यह तथाकथित बैन या असहयोग आखिरकार FWICE के लिए ही एक बड़ा मजाक बन जाएगा।FWICE जिस तरह इसे इंडस्ट्री या कर्मचारियों की सुरक्षा बता रहा है, असल में मामला वैसा नहीं है। यह एक पुरानी और बेकार यूनियन सिस्टम की ताकत दिखाने की कोशिश भर है, जो किसी तरह अपना प्रभाव बनाए रखना चाहती है।चाहे FWICE यह दावा करे कि वह 5 लाख या 50 लाख कर्मचारियों की आवाज है, लेकिन सच्चाई यह है कि उन लाखों लोगों में से ज्यादातर को दोनों पक्षों के बीच चल रहे विवाद की असली जानकारी तक नहीं है। FWICE को बताया 'कंगारू कोर्ट' FWICE को 'कंगारू कोर्ट' बताते हुए राम गोपाल वर्मा ने लिखा, FWICE न तो कोई लीगल कोर्ट है और न ही सरकार से ऑथराइज्ड रेगुलेटरी बॉडी। ज्यादा से ज्यादा इसे एक 'कंगारू कोर्ट' कहा जा सकता है, यानी ऐसी व्यवस्था जो न्याय देने का दावा तो करती है, लेकिन वास्तव में कानूनी नियमों, फेयर प्रोसेस और न्यूट्रैलिटी को नजरअंदाज करती है।ऐसा इसलिए क्योंकि इसके फैसले अक्सर पहले से ही कुछ खास एजेंडा रखने वाले लोगों के एक प्राइवेट ग्रुप द्वारा तय कर लिए जाते हैं। इनमें ऐसे एक्टर भी शामिल हैं, जो रणवीर सिंह की फिल्म धुरंधर की जबरदस्त सफलता से घबराए हुए हैं।उन्होंने आगे कहा कि यह FWICE के लिए एक बड़ा पीआर डिजास्टर साबित होगा, क्योंकि संगठन एक तरफ अपनी हताशा जाहिर कर रहा है और दूसरी तरफ अपनी पुरानी और अप्रासंगिक सोच भी दुनिया के सामने दिखा रहा है। वर्मा ने आगे लिखा, सबसे पहले, यह साबित करने के लिए कि यह दावा झूठा है, मैं कहना चाहता हूं कि फिल्म इंडस्ट्री में लाखों कर्मचारियों की रोजी-रोटी कभी भी किसी एक एक्टर या एक प्रोजेक्ट पर निर्भर नहीं होती। इसलिए सोशल मीडिया पर यह कहना कि किसी एक व्यक्ति की वजह से लाखों लोगों का नुकसान हो रहा है, लोगों को भड़काने और माहौल बनाने की कोशिश है।इस पूरे विवाद की जड़ में एक प्रोड्यूसर का यह दावा है कि उसे प्री-प्रोडक्शन में भारी नुकसान हुआ, लेकिन यह सिर्फ दो पक्षों के बीच का प्राइवेट कॉन्ट्रैक्ट विवाद है। ऐसे विवाद भारत में हर दिन और हर तरह के कारोबार में लाखों बार होते हैं। तब FWICE जैसी संस्थाएं कहां होती हैं?इसके अलावा, इस मामले में वास्तव में क्या हुआ, इसकी पूरी जानकारी सिर्फ विवाद में शामिल पक्षों को ही हो सकती है। इसलिए यह मामला भी किसी अन्य सिविल विवाद की तरह उन्हीं के बीच रहना चाहिए। अगर कोई पक्ष अदालत जाता है, तो फैसला जज को करना चाहिए। ‘रणवीर के लिए प्रोड्यूसर्स की लाइन लग जाएगी’ FWICE को चैलेंज देते हुए राम गोपाल वर्मा ने लिखा, और अगर FWICE का दावा है कि कुछ प्रमुख टेक्नीशियन का समय और मेहनत बर्बाद हुई है, तो मैं उन्हें चैलेंज देता हूं कि वे व्यक्तिगत रूप से सामने आएं, सबूत पेश करें, सार्वजनिक रूप से रणवीर सिंह को जिम्मेदार ठहराएं और यह ऐलान करें कि वे भविष्य में उनकी किसी फिल्म में काम नहीं करेंगेऔर अगर उस प्रोड्यूसर के साथ वास्तव में इतना बड़ा अन्याय हुआ है, तो FWICE के लाखों कर्मचारियों को नहीं, बल्कि फिल्म इंडस्ट्री के दूसरे प्रोड्यूसर्स को रणवीर सिंह के साथ काम करने से बचना चाहिए। फिल्ममेकर ने यह भी लिखा, यहीं पर हम इस पूरे मामले के सबसे अहम बिंदु पर पहुंचते हैं, जिसे हर कोई अपने दिल में जानता है, चाहे वह विवाद में शामिल कंपनी हो या फिर FWICE सच्चाई यह है कि अगर रणवीर सिंह सिर्फ एक बार हां कह दें, तो कल सुबह उनके घर के बाहर चेक लेकर प्रोड्यूसर्स की एक किलोमीटर लंबी कतार लग जाएगी। यह तब भी होगा, जब वे FWICE और संबंधित प्रोडक्शन कंपनी की सभी चेतावनियां सुन चुके होंगे पोस्ट में अंत में राम गोपाल वर्मा ने लिखा, क्योंकि कड़वी सच्चाई यह है कि थिएटरों में टिकट FWICE नहीं, बल्कि रणवीर सिंह जैसे स्टार बिकवाते हैं। FWICE नहीं, बल्कि रणवीर सिंह जैसे सितारे ही उन लाखों कर्मचारियों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करते हैं, जिनका प्रतिनिधित्व करने का दावा FWICE करता है। असलियत यह है कि रणवीर सिंह जैसे स्टार हैं, तभी फिल्म इंडस्ट्री है, और उसी वजह से FWICE जैसी संस्थाएं भी मौजूद हैं।इसलिए अंत में मेरी बिना मांगी सलाह सभी संबंधित पक्षों के लिए यही है कि दो पक्षों के बीच चल रहे एक निजी सिविल विवाद में बेवजह दखल देने से बचना चाहिए। पद्मिनी कोल्हापुरे भी रणवीर के समर्थन में उतरीं डॉन 3 विवाद के बीच, एक्ट्रेस और CINTAA की वाइस प्रेसिडेंट पद्मिनी कोल्हापुरे रणवीर के सपोर्ट में आईं और भरोसा दिलाया है कि एसोसिएशन पूरी तरह से उनके साथ है। IANS से बात करते हुए पद्मिनी कोल्हापुरे ने कहा, ‘CINTAA को गर्व है कि रणवीर सिंह हमारे मेंबर हैं। जब भी उन्हें हमारी जरूरत होती है, हम उनके साथ और उनके लिए खड़े रहते हैं। यह पहले से ही पब्लिक डोमेन में है, इसलिए मैं इस पर और कमेंट नहीं करना चाहती। हम उनके लिए, उनके साथ हैं। अगर उन्हें कभी हमारी जरूरत होगी, तो हम रणवीर सिंह के साथ हैं।’ इससे पहले, CINTAA की प्रेसिडेंट पूनम ढिल्लों ने कहा था कि रणवीर सिंह के CINTAA मेंबर होने के बावजूद, CINTAA को इस मामले के बारे में बताया नहीं गया था। पूनम के मुताबिक, एसोसिएशन दोनों पार्टियों के बीच बीच-बचाव करने की कोशिश कर सकती थी।
परेश रावल का नाम सुनते ही लोगों को बाबूराव की कॉमिक टाइमिंग याद आती है, लेकिन उनका करियर सिर्फ कॉमेडी तक सीमित नहीं रहा। एक दौर में उनके खतरनाक विलेन किरदारों से लोग असल जिंदगी में भी डरने लगे थे। फ्लाइट में लोग उनके पास बैठने से कतराते थे और अपनी चीजें छिपाने लगते थे। इसी इमेज को तोड़ने के लिए उन्होंने कॉमेडी की तरफ रुख किया और बाबूराव, तेजा, डॉ. घुंघरू जैसे किरदारों से कल्ट स्टार बन गए। हाल ही में उन्होंने स्वीकार किया कि गुस्से में एक बार उन्होंने एक शख्स का सिर पत्थर से फोड़ दिया था, जिसका उन्हें आज पछतावा है। थिएटर, फिल्मों और राजनीति में वह हमेशा अपने बेबाक अंदाज के लिए चर्चा में रहे। आज परेश रावल 71वां जन्मदिन मना रहे हैं। जानते हैं उनके करियर और जीवन से जुड़ी कुछ खास बातें। सिर्फ कॉमेडियन नहीं, हर किरदार के मास्टर हैं भारतीय सिनेमा में कुछ कलाकार अपने किरदारों को हमेशा के लिए लोगों की यादों में बसा देते हैं। परेश रावल उन्हीं अभिनेताओं में शामिल हैं। कॉमेडी, विलेन, गंभीर किरदार, सामाजिक फिल्में और ऐतिहासिक भूमिकाओं में उन्होंने खुद को साबित किया। बाबूराव, तेजा, डॉ. घुंघरू, कानजी मेहता और टिक्कू जैसे किरदार आज भी लोगों की जुबान पर हैं। परेश रावल हर किरदार के लिए अलग तैयारी करते थे और उसी हिसाब से बॉडी लैंग्वेज, आवाज और एक्सप्रेशन बदल लेते थे। प्रिंसिपल के केबिन में नकली पिता का थप्पड़ परेश रावल का अभिनय सफर थिएटर से शुरू हुआ। कॉलेज के दिनों में उन्हें नाटकों का शौक लग गया था। वह अक्सर क्लास छोड़कर थिएटर रिहर्सल और कैंटीन में समय बिताते थे। अटेंडेंस कम होने पर प्रिंसिपल ने उन्हें माता-पिता को बुलाने के लिए कहा। तब वह अपने इलाके के एक उम्रदराज दोस्त को नकली पिता बनाकर कॉलेज ले गए। शिकायत सुनते ही उस दोस्त ने एक्टिंग करते हुए उन्हें जोरदार थप्पड़ मार दिया। प्रिंसिपल घबरा गए और बोले, “मारो मत, लड़का बहुत अच्छा है, कॉलेज के लिए ट्रॉफी जीतता है।” गुस्से में एक शख्स को पीट दिया थिएटर के दिनों में परेश रावल अपने गुस्से के लिए भी जाने जाते थे। राज शमनी के पॉडकास्ट में उन्होंने बताया कि एक नाटक के दौरान दर्शकों में बैठा एक व्यक्ति लगातार अभद्र टिप्पणियां कर रहा था। गुस्से में वह स्टेज से नीचे उतर गए और उस व्यक्ति को पीट दिया। थिएटर में हंगामा मच गया और शो रोकना पड़ा। थिएटर मालिक इतने नाराज हुए कि उन्होंने भविष्य में वहां परफॉर्म करने की अनुमति देने से मना कर दिया था। इसी इंटरव्यू में उन्होंने स्वीकार किया कि एक बार गुस्से में उन्होंने किसी व्यक्ति के सिर पर पत्थर मार दिया था। बाद में उन्हें पछतावा हुआ और उन्होंने उस व्यक्ति से सुलह भी की। विलेन की इमेज से डरने लगे थे लोग 90 के दशक में परेश रावल ने 'राम लखन', 'कब्जा' और 'मोहरा' जैसी फिल्मों में इतने खतरनाक विलेन रोल किए कि लोग असल जिंदगी में भी उनसे डरने लगे थे। उनकी आंखों के एक्सप्रेशन, भारी आवाज और स्क्रीन प्रेजेंस की वजह से दर्शक उन्हें डरावना मानने लगे थे। फ्लाइट और पब्लिक प्लेस में लोग उनके पास बैठने से डरते थे और अपनी चीजें छिपाने लगते थे। इसी इमेज को तोड़ने के लिए उन्होंने बाद में कॉमेडी किरदारों की तरफ रुख किया। फिल्म ‘सर’ में परेश रावल ने अंडरवर्ल्ड डॉन वेलजीभाई पाटेकर का किरदार निभाया। यह उनके शुरुआती करियर के सबसे दमदार नेगेटिव रोल्स में गिना जाता है। इस फिल्म के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का फिल्मफेयर पुरस्कार मिला। दिलवाले में परेश रावल ने मामा ठाकुर का किरदार निभाया था। इस रोल में उनका क्रूर और बेरहम अंदाज दर्शकों को काफी डरावना लगा। उनकी आंखों के एक्सप्रेशन और डायलॉग डिलीवरी इस किरदार की सबसे बड़ी ताकत बने। रोल की तैयारी के लिए असली किन्नर से मिले फिल्म ‘तमन्ना’ में परेश रावल ने एक किन्नर का किरदार निभाया, जिसे उनके करियर के सबसे संवेदनशील रोल्स में गिना जाता है। इस रोल की तैयारी के लिए वह असली किन्नरों से मिले थे। उन्होंने उनकी बॉडी लैंग्वेज, बोलने का तरीका और भावनाओं को करीब से समझा। बाद में उन्होंने कहा था कि यह किरदार उन्हें अंदर तक हिला गया था। सरदार वल्लभभाई पटेल का किरदार निभाना सबसे मुश्किल था फिल्म सरदार में उन्होंने भारत के लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की भूमिका निभाई। इस रोल के लिए उन्होंने सरदार पटेल के भाषण, चाल-ढाल और बॉडी लैंग्वेज पर गहराई से काम किया। उन्होंने कई इंटरव्यू में कहा था कि ऐतिहासिक किरदार निभाना सबसे मुश्किल होता है, क्योंकि लोग उस शख्सियत को पहले से जानते हैं और छोटी गलती पकड़ लेते हैं। मीम कल्चर का हिस्सा बने, तो कभी किरदार गले का फंदा बन गया 1994 में आई फिल्म ‘अंदाज अपना अपना’ में परेश रावल ने सीधे-सादे रामगोपाल बाजाज और चालाक विलेन तेजा का डबल रोल निभाया। “तेजा मैं हूं, मार्क इधर है” जैसे डायलॉग बाद में मीम कल्चर का हिस्सा बन गए। हेरा फेरी का बाबूराव परेश रावल के करियर का सबसे आइकॉनिक किरदार माना जाता है। मोटा चश्मा, धोती-कुर्ता, टूटी हिंदी और शानदार कॉमिक टाइमिंग ने इस किरदार को कल्ट बना दिया। बाबूराव को आम आदमी जैसा दिखाने के लिए परेश रावल ने चार्ली चैपलिन और आर.के. लक्ष्मण के कॉमन मैन से प्रेरणा ली थी। फिल्म का मशहूर सीन, जिसमें बाबूराव पेइंग गेस्ट को सलाह देता है कि “टॉयलेट का दरवाजा टूटा है, अंदर जाओ तो गाना गाया करो”, असल में परेश रावल का ऑन-द-स्पॉट इम्प्रोवाइजेशन था। हालांकि इस किरदार की लोकप्रियता इतनी बढ़ गई कि बाद में परेश रावल ने कहा था कि बाबूराव उनके लिए “गले का फंदा” बन गया, क्योंकि लोग उन्हें उसी तरह के रोल्स में देखने लगे थे। डॉ. घुंघरू से मस्तान भाई तक, परेश रावल के आइकॉनिक रोल हंगामा में परेश रावल ने एक अमीर, शक्की और भ्रमित बिजनेसमैन का किरदार निभाया। गलतफहमियों और शक से पैदा हुई कॉमेडी दर्शकों को खूब पसंद आई। उनकी एक्सप्रेशन और डायलॉग डिलीवरी आज भी फिल्म की सबसे बड़ी ताकत मानी जाती है। आवारा पागल दीवाना में उनका गैंगस्टर-कॉमेडी अवतार खूब पसंद किया गया। मस्तान भाई के किरदार में उन्होंने गैंगस्टर स्टाइल और कॉमिक टाइमिंग का बेहतरीन मिश्रण दिखाया। वहीं, वेलकम में डॉ. घुंघरू के किरदार में उन्होंने डरे हुए लेकिन लालची डॉक्टर की भूमिका निभाई। उनकी कॉमिक टाइमिंग फिल्म की सबसे बड़ी ताकतों में से एक बनी। गंभीर और सामाजिक फिल्मों में असरदार अभिनय ‘ओमजी- ओह माय गॉड’ में परेश रावल ने नास्तिक दुकानदार कानजी लालजी मेहता का किरदार निभाया, जो धर्म के नाम पर चल रहे कारोबार को कोर्ट तक ले जाता है। इस रोल में उन्होंने थिएटर स्टाइल की एक्टिंग अपनाई। उनके संवादों में सादगी, व्यंग्य और गहराई नजर आई। उन्होंने कहा था कि इस फिल्म के बाद उन्हें अलग तरह के रोल मिलने शुरू हुए और उनकी इमेज सिर्फ कॉमेडियन तक सीमित नहीं रही। हालांकि फिल्म को लेकर विवाद भी हुए। निर्देशक उमेश शुक्ला ने बताया था कि रिलीज के दौरान उन्हें जान से मारने की धमकियां मिली थीं। ‘टेबल नंबर 21’ के मोनोलॉग ने चौंकाया, ‘उरी’ में दिखा रणनीतिक अंदाज फिल्म ‘टेबल नंबर 21’ में परेश रावल ने रहस्यमयी और खतरनाक व्यक्ति का किरदार निभाया। शांत चेहरे के पीछे छिपे गुस्से और दर्द को उन्होंने प्रभावशाली तरीके से दिखाया। फिल्म का उनका क्लाइमैक्स मोनोलॉग काफी चर्चित हुआ और सोशल Media पर इसे उनके सबसे अंडररेटेड रोल्स में गिना जाता है। वहीं, उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक में उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से प्रेरित किरदार निभाया। फिल्म में उनका शांत लेकिन रणनीतिक अंदाज दर्शकों को पसंद आया। फिल्मों से ज्यादा बयानों पर घिरे परेश रावल अपनी दमदार एक्टिंग और यादगार किरदारों के साथ कई बार विवादित बयानों को लेकर भी सुर्खियों में रहे। राजनीति, धर्म, सामाजिक मुद्दों और चुनावी भाषणों में दिए गए उनके कई बयान सोशल मीडिया पर विवाद का कारण बने। कई मामलों में उन्हें आलोचनाओं, कानूनी शिकायतों और ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा। सबसे ज्यादा विवाद उनके 2022 के बंगालियों वाले बयान को लेकर हुआ था। सोशल मीडिया पर उन्हें ट्रोल किया गया, राजनीतिक दलों ने विरोध किया और कोलकाता में शिकायत दर्ज हुई। कई मीडिया रिपोर्ट्स में इसे उनके करियर का सबसे बड़ा सार्वजनिक विवाद बताया गया। बंगालियों पर टिप्पणी: सबसे ज्यादा विवादित बयान टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, 2022 में गुजरात चुनाव प्रचार के दौरान परेश रावल ने महंगाई, गैस सिलेंडर और अवैध घुसपैठ के मुद्दे पर बोलते हुए बंगालियों, रोहिंग्या और बांग्लादेशियों को लेकर टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि “गैस सिलेंडर महंगे हैं, लेकिन पड़ोस में रोहिंग्या और बांग्लादेशी रहेंगे तो क्या करेंगे? बंगाली आपके लिए मछली पकाएंगे?” इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इस बयान के बाद बंगाली समुदाय और विपक्षी नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी। CPI(M) नेता मोहम्मद सलीम ने कोलकाता में उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। आरोप लगाया गया कि उनका बयान सामाजिक सौहार्द बिगाड़ सकता है। विवाद बढ़ने के बाद परेश रावल ने ट्विटर पर सफाई देते हुए कहा कि उनका इशारा “अवैध बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों” की तरफ था, न कि पूरे बंगाली समुदाय की तरफ। उन्होंने लिखा कि अगर किसी की भावनाएं आहत हुई हैं तो वह माफी मांगते हैं। अरुंधति रॉय पर ट्वीट से मचा हंगामा साल 2017 में लेखिका अरुंधति रॉय को लेकर किया गया उनका ट्वीट भी विवादों में रहा। कश्मीर में सेना द्वारा एक युवक को जीप से बांधने वाली घटना पर देशभर में बहस चल रही थी। इसी दौरान परेश रावल ने ट्वीट किया था कि “पत्थरबाज की जगह अरुंधति रॉय को जीप से बांधो।” इस ट्वीट के बाद सोशल मीडिया पर भारी विरोध हुआ। कई पत्रकारों, एक्टिविस्ट्स और फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोगों ने इसे हिंसा को बढ़ावा देने वाला बयान बताया। ट्विटर पर उनके खिलाफ कैंपेन चलने लगे। बाद में परेश रावल ने कहा कि उनका ट्वीट व्यंग्य था और उसे गलत तरीके से पेश किया गया। धर्म और इतिहास से जुड़े बयानों पर विवाद परेश रावल कई बार धर्म और इतिहास से जुड़े मुद्दों पर विवादों में रहे हैं। 2017 में ताजमहल को लेकर चल रही राजनीतिक बहस के दौरान उन्होंने ट्वीट किया था कि “ताजमहल भारतीय संस्कृति का हिस्सा नहीं है” जैसी सोच रखने वालों को समझना चाहिए कि इतिहास को सिर्फ राजनीति से नहीं देखा जा सकता। बाद में अपनी फिल्म ‘द ताज स्टोरी' के प्रमोशन के दौरान उन्होंने कहा कि वह “खोखले विवादों” के खिलाफ हैं और फिल्म का उद्देश्य हिंदू-मुस्लिम तनाव बढ़ाना नहीं है। फिल्म को लेकर कुछ जनहित याचिकाएं भी दायर हुई थीं। आरोप लगाया गया था कि फिल्म धार्मिक भावनाओं को प्रभावित कर सकती है। इस पर परेश रावल ने सफाई दी कि फिल्म का मकसद इतिहास के एक पक्ष को दिखाना है, न कि सांप्रदायिक विवाद पैदा करना। राजनीति में आने के बाद बढ़ी आलोचना भारतीय जनता पार्टी से जुड़ने और अहमदाबाद पूर्व सीट से सांसद बनने के बाद परेश रावल के बयानों पर ज्यादा राजनीतिक प्रतिक्रियाएं आने लगीं। उनके ट्वीट्स और सार्वजनिक टिप्पणियां अक्सर टीवी डिबेट और सोशल मीडिया बहस का हिस्सा बनीं। समर्थकों ने उन्हें बेबाक और राष्ट्रवादी छवि वाला अभिनेता बताया, जबकि आलोचकों ने कहा कि वरिष्ठ अभिनेता और पूर्व सांसद होने के नाते उन्हें अधिक जिम्मेदारी से बयान देने चाहिए। सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग और आलोचना परेश रावल लंबे समय तक ट्विटर पर सक्रिय रहे। धर्म, राष्ट्रवाद, चुनाव और सामाजिक मुद्दों पर उनके ट्वीट्स अक्सर वायरल होते रहे। कई बार उनके समर्थन में ट्रेंड चले, तो कई बार उन्हें ट्रोलिंग और आलोचना का सामना करना पड़ा। हालांकि कुछ मामलों में उन्होंने सफाई दी और माफी भी मांगी। खासकर बंगाली विवाद के बाद उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा था कि उनका उद्देश्य किसी समुदाय का अपमान करना नहीं था। ____________________________________ फिल्मी हस्तियों से जुड़ी ये स्टोरीज भी पढ़ें- जूनियर एनटीआर@43, दादा सीएम, पापा साउथ सुपरस्टार थे:भाई-पिता की मौत अलग-अलग समय एक तरीके से हुई, ट्रॉमा में मुखाग्नि तक नहीं दे सके जूनियर एनटीआर आज टॉलीवुड ही नहीं, पूरे भारतीय सिनेमा के बड़े सितारों में गिने जाते हैं। दादा एन. टी. रामा राव की फिल्मी विरासत संभालने वाले जूनियर एनटीआर ने 13 साल की उम्र में नेशनल अवॉर्ड जीता था। कभी लुक्स और वजन को लेकर ट्रोल हुए, तो कभी उनकी एक झलक पाने के लिए लाखों फैंस उमड़ पड़े। पूरी खबर पढ़ें..
बॉलीवुड एक्ट्रेस माधुरी दीक्षित का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में एक्ट्रेस एक रिवीलिंग ब्लैक ड्रेस में दिख रही हैं, जिसे देखकर कई लोगों ने उनके पहनावे पर कमेंट करने शुरू कर दिए। हालांकि, वीडियो को लेकर पत्रकार जयदीप पांडेय ने दावा किया कि यह वीडियो फेक AI वीडियो है। जयदीप ने एक यूजर को रिप्लाई करते हुए लिखा, 'यह माधुरी दीक्षित का AI से बनाया गया फर्जी वीडियो है। कृपया ऐसी कोई भी चीज पोस्ट या शेयर करने से पहले उसकी सच्चाई की जांच जरूर कर लें।' कई यूजर्स ने इस वीडियो को शेयर किया। वहीं, एक यूजर की पोस्ट पर कम्यूनिटी नोट जारी कर X (पूर्व में ट्विटर) ने कहा कि वीडियो पूरी तरह से AI की मदद से तैयार किया गया है। कई सेलेब्स के AI-जनरेटेड पोस्ट बने हैं गौरतलब है कि कई सेलिब्रिटी एआई-जनरेटेड कंटेंट का शिकार हो चुके हैं, जिनमें रश्मिका मंदाना, कैटरीना कैफ और कीर्ति सुरेश शामिल हैं। हाल ही में फेक एआई से बने वीडियो और तस्वीरों को लेकर साउथ एक्ट्रेस रुक्मिणी वसंत भड़क गई थीं। रुक्मिणी ने शनिवार को अपने एक्स अकाउंट पर एक नोट शेयर कर लिखा था, ‘मेरी टीम और मैंने सोशल मीडिया पर कुछ एआई से बनाई गई तस्वीरें देखी हैं, जिनके बारे में दावा किया जा रहा है कि वो मेरी हैं। मैं साफ कहना चाहती हूं कि ये तस्वीरें पूरी तरह फर्जी और बनाई गई हैं। इस तरह की एडिटेड तस्वीरें बनाना और फैलाना बहुत गैरजिम्मेदाराना है। यह किसी की प्राइवेसी का बड़ा उल्लंघन भी है।’ उन्होंने आगे लिखा था, ‘हम इस मामले को गंभीरता से ले रहे हैं। इन तस्वीरों को बनाने और फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी और साइबर क्राइम कार्रवाई शुरू की जा रही है। मैं सभी लोगों से अपील करती हूं कि ऐसे कंटेंट को शेयर न करें और न ही उसे बढ़ावा दें।’ रश्मिका का डीपफेक वीडियो सामने आया था नवंबर 2023 में रश्मिका का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें वह काले रंग के कपड़ों में एक लिफ्ट के अंदर जाती हुई दिख रही थीं। यह वीडियो पूरी तरह फेक था। मूल वीडियो ब्रिटिश-भारतीय सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर जारा पटेल का था। AI डीपफेक तकनीक का इस्तेमाल करके जारा के चेहरे की जगह रश्मिका का चेहरा लगा दिया गया था। फेक तस्वीरें और एआई से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… AI से बना रश्मिका मंदाना का फेक वीडियो वायरल:अमिताभ बच्चन ने किया अलर्ट, बोले- दोषी के खिलाफ लीगल एक्शन लिया जाए नवंबर 2023 में एक्ट्रेस रश्मिका मंदाना का एक डीपफेक वीडियो वायरल हुआ था। इसमें एक महिला लिफ्ट में एंटर करती नजर आ रही थी जो देखने में तो बिल्कुल रश्मिका जैसी लगती थी। पूरी खबर यहां पढ़ें…
राइटर और कॉलमनिस्ट शोभा डे ने दावा किया है कि 'डॉन 3' विवाद की आड़ में रणवीर सिंह और 'धुरंधर' के डायरेक्टर आदित्य धर के खिलाफ साजिश रची जा रही है। फिल्म 'डॉन 3' से अचानक बाहर होने के चलते फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) ने रणवीर सिंह के खिलाफ 'नॉन-कोऑपरेशन डायरेक्टिव' (असहयोग निर्देश) जारी कर दिया है। इसी मुद्दे पर बात करते हुए गुरुवार को शोभा डे ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया। साथ ही कैप्शन में उन्होंने लिखा, 'रणवीर सिंह बॉलीवुड के दिल्ली जिमखाना जैसे हैं... सब कुछ एक जैसा दिखता है, लेकिन अलग है। सबको साथ लेकर चलने की जगह अलगाव क्यों? धमकियां और दबाव बनाने की कोशिशें काम नहीं करेंगी। पहले भी नहीं कीं और आगे भी नहीं करेंगी।' वीडियो में शोभा डे ने रणवीर सिंह के 'डॉन 3' विवाद और दिल्ली जिमखाना क्लब विवाद की तुलना की। उन्होंने कहा, 'मैं रणवीर सिंह वाले मामले को भी देख रही हूं और दिल्ली जिमखाना वाले मामले को भी। दोनों में मुझे ज्यादा फर्क नहीं दिखता। कई मायनों में रणवीर सिंह बॉलीवुड के दिल्ली जिमखाना जैसे हैं।' बता दें कि हाल ही में केंद्र सरकार ने दिल्ली जिमखाना क्लब से सफदरजंग रोड स्थित परिसर खाली करने को कहा है। सरकार का कहना है कि लुटियंस दिल्ली में सरकारी और रक्षा संस्थानों के पास मौजूद इस जमीन की जरूरत रक्षा ढांचे को मजबूत करने और सुरक्षा से जुड़े कामों के लिए है। शोभा डे ने कहा, 'पूरा मामला आखिर है किस बारे में? यह ताकत, कंट्रोल और लोगों पर रोक लगाने की कोशिश के बारे में है। यह लोगों को उनकी जगह दिखाने और सबक सिखाने की कोशिश है। उन लोगों या संस्थाओं को निशाना बनाया जा रहा है, जिन्हें कुछ लोग जरूरत से ज्यादा विशेष अधिकार मिलने वाला मानते हैं।' शोभा डे ने रणवीर को समझदार और शांत बताया शोभा डे ने रणवीर की तारीफ करते हुए कहा, 'रणवीर समझदार हैं और उन्हें सही सलाह मिल रही है। वह चुप हैं और पूरे मामले पर कोई बयान नहीं दे रहे। उनके फैंस और समर्थक उनकी तरफ से जवाब दे रहे हैं।' उन्होंने आगे कहा, 'दिल्ली जिमखाना क्लब की कहानी अलग है। वहां पुराने सदस्य बैठे हैं और खुद को बाकी दुनिया से अलग रखते हैं। वहीं दूसरी तरफ रणवीर सिंह का मामला है। दोनों खबरें अलग हैं, लेकिन इनमें कई समानताएं भी हैं।' शोभा डे ने यह भी कहा कि FWICE अचानक चर्चा में आ गया है। संगठन यह कह रहा है कि वह भारत के सबसे सफल सितारों में से एक रणवीर सिंह को स्टूडियो में जाकर काम नहीं करने देगा। शोभा डे ने आगे कहा, 'अगर यह मामला एक्सेल एंटरटेनमेंट, फरहान अख्तर और रणवीर सिंह के बीच का था, तो वे वकील रख सकते थे और अदालत का रुख कर सकते थे। इसके लिए दूसरे लोगों को बीच में लाने की जरूरत नहीं थी।' उन्होंने कहा, 'जो कुछ अभी हो रहा है, वह बहुत गलत और परेशान करने वाला लग रहा है।' आदित्य धर को ताकतवर लोगों के लिए खतरा बताया शोभा डे ने कहा, 'रणवीर सिंह एक बड़े फिल्म स्टार हैं। उनकी पहचान सिर्फ एक अभिनेता की नहीं, बल्कि एक अलग ही मुकाम की है। 'धुरंधर' की जबरदस्त सफलता का श्रेय इसके निर्देशक और निर्माता को भी जाता है।' उन्होंने आगे कहा, 'मुझे ऐसा लगता है कि यह सिर्फ रणवीर सिंह के खिलाफ नहीं, बल्कि 'धुरंधर' से जुड़े सभी लोगों, खासकर इसके डायरेक्टर आदित्य धर और निर्माता के खिलाफ भी एक साजिश हो सकती है।' शोभा ने सवाल उठाते हुए कहा, 'क्या आदित्य धर बॉलीवुड के कुछ ताकतवर लोगों के लिए इतना बड़ा खतरा बन गए हैं? ऐसा तो लगता है।' वीडियो के अंत में शोभा डे ने फरहान अख्तर से अपील की कि इस मामले को अदालत में ले जाया जाए। उन्होंने कहा, 'कानून को तय करने दीजिए कि किसने क्या गलती की है, क्योंकि आम लोगों के लिए अभी यह बिल्कुल साफ नहीं है।'
कभी डकैतों और खूनी संघर्षों की कहानियों के लिए चर्चा में रहने वाले चंबल के बीहड़ इन दिनों एक अलग वजह से सुर्खियों में हैं। इस बार वहां फिल्मों की शूटिंग का माहौल देखने को मिल रहा है। मैडॉक फिल्म्स ने अपनी अगली फिल्म ‘शक्तिशालिनी’ की शूटिंग के लिए मुंबई और हैदराबाद के स्टूडियो सेट्स की बजाय चंबल के असली बीहड़ों को चुना है। ‘स्त्री’, ‘भेड़िया’, ‘मुंज्या’ और ‘थामा’ जैसी फिल्मों के बाद मैडॉक अब एक नई हॉरर-ड्रामा फिल्म पर काम कर रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक ‘फिल्म में तंत्र-विद्या, लोककथाएं, चंबल की पृष्ठभूमि और एक्शन का मिश्रण देखने को मिल सकता है। इसमें अनीत पड्डा, विशाल जेठवा और विनीत कुमार सिंह नजर आएंगे।’ लोकेशन नहीं फिल्म का किरदार होगा चंबल फिल्म से जुड़े सूत्रों के मुताबिक ‘इसमें चंबल को सिर्फ एक शूटिंग लोकेशन नहीं, बल्कि कहानी के अहम हिस्से के तौर पर दिखाया जाएगा। बीहड़ों की वीरानी, गुफाएं, मिट्टी और रात का सन्नाटा फिल्म के माहौल को और प्रभावी बनाएंगे। विशाल का अब तक का सबसे खतरनाक अवतार ‘मर्दानी 2’ से पहचान बनाने वाले विशाल जेठवा इस फिल्म में बिलकुल नए और इंटेंस अवतार में नजर आने वाले हैं। शुरुआती शूटिंग के दौरान उन्हें स्कूल यूनिफॉर्म में देखा गया था, जिससे माना जा रहा है कि कहानी का एक हिस्सा किरदारों के बचपन या फ्लैशबैक से जुड़ा हो सकता है। हालांकि बाद में उनका लुक पूरी तरह बदलता दिखाई दिया। 15 दिनों में बनीं रहस्यमयी ‘तांत्रिक गुफाएं’ रिपोर्ट्स के मुताबिक ‘फिल्म के लिए मेकर्स ने स्टूडियो सेट्स का सहारा लेने के बजाय चंबल के असली बीहड़ों के बीच एक बड़ा सेट तैयार किया। बताया जा रहा है कि करीब 15 दिनों की मेहनत के बाद वहां प्राचीन तांत्रिक गुफाओं जैसा माहौल बनाया गया। इन गुफाओं की डिजाइन लोककथाओं, पुराने मंदिरों और मध्य भारत की तांत्रिक परंपराओं से प्रेरित है। सेट के अंदर गुप्त रास्ते, विशाल मूर्तियां, अग्निकुंड और कई रहस्यमयी प्रतीकों का इस्तेमाल किया गया है, जिससे फिल्म का माहौल और प्रभावी दिखे। जानकारी यह भी सामने आई है कि फिल्म के कुछ अहम ट्विस्ट और क्लाइमैक्स सीन्स इन्हीं गुफाओं में शूट किए गए। शूटिंग के दौरान गोपनीयता बनाए रखने के लिए यूनिट पर मोबाइल फोन के इस्तेमाल को लेकर भी सख्त निर्देश दिए गए थे। अनीत निभा रहीं रहस्यमयी किरदार फिल्म में अनीत पड्डा, शालिनी के किरदार में नजर आएंगी। बता दें कि कहानी एक साधारण ग्रामीण लड़की से शुरू होती है, जिसकी जिंदगी रहस्यमयी घटनाओं के बाद पूरी तरह बदल जाती है। धीरे-धीरे उसे अपने भीतर ऐसी शक्तियों का एहसास होता है, जो सामान्य इंसानों से अलग हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, फिल्म में शालिनी का किरदार डर और शक्ति दोनों का मिश्रण होगा। मेकर्स ने उनके ट्रांसफॉर्मेशन को विजुअली अलग दिखाने की कोशिश की है।
अभिनेता रणवीर सिंह और फरहान अख्तर के बीच चल रहे विवाद का असर उनकी आने वाली फिल्म 'प्रलय' पर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। डॉन 3 से अचानक अलग होने के बाद FWICE ने 25 मई को रणवीर के खिलाफ असहयोग प्रस्ताव (नॉन-कोऑपरेशन डायरेक्टिव) जारी किया था। इसके बाद से ही 300 करोड़ रुपए के बजट वाली इस जोम्बी थ्रिलर फिल्म के लेट होने की खबरें आ रही हैं। हालांकि, एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के मुताबिक फिल्म का प्री-प्रोडक्शन काम तय समय पर चल रहा है और इसकी शूटिंग अगस्त में शुरू होगी। प्री-प्रोडक्शन काम पर रोक नहींरिपोर्ट में इंडस्ट्री के जानकारों का कहना है कि FWICE के असहयोग प्रस्ताव से फिल्म के शुरुआती काम पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। फिल्म का प्री-प्रोडक्शन काम जैसे स्क्रिप्टिंग, वीएफएक्स (VFX) की तैयारी, डिजाइन प्लानिंग और लोकेशन की खोज लगातार जारी है। फेडरेशन का यह फैसला शूटिंग शुरू होने के बाद जमीनी स्तर पर काम करने वाले मजदूरों और कर्मचारियों के तालमेल को प्रभावित कर सकता है, लेकिन कागजी और तकनीकी तैयारियों को इससे नहीं रोका जा सकता। मेकर्स को उम्मीद है कि अगस्त में शूटिंग शुरू होने से पहले यह मामला सुलझा लिया जाएगा। 300 करोड़ के बजट से बनेगी फिल्म'प्रलय' फिल्म को लेकर हिंदी सिनेमा में काफी चर्चा है क्योंकि यह एक बड़े स्तर पर बनने वाली पोस्ट-एपोकैलिप्टिक जोम्बी सर्वाइवल थ्रिलर फिल्म है। बॉलीवुड में इस जॉनर पर बहुत कम फिल्में बनी हैं। इस फिल्म का बजट करीब 300 करोड़ रुपए बताया जा रहा है। फिल्म में जोम्बी की एक अलग दुनिया दिखाने के लिए विदेशी तकनीशियनों और क्रू मेंबर्स की मदद ली जा रही है। रणवीर सिंह इस फिल्म को लेकर काफी गंभीर हैं और वे इस किरदार के लिए अपने लुक में बड़ा बदलाव करने वाले हैं। डॉन 3 छोड़ने के बाद शुरू हुआ विवादरणवीर सिंह और फेडरेशन के बीच यह विवाद तब शुरू हुआ जब एक्टर ने अचानक फरहान अख्तर की फिल्म 'डॉन 3' से अलग होने का फैसला किया। फेडरेशन का आरोप है कि रणवीर के इस फैसले से फिल्म का शेड्यूल बिगड़ गया और प्रोड्यूसर्स को 45 करोड़ का आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। इसी शिकायत के बाद FWICE ने 25 मई को रणवीर के खिलाफ नॉन-कोऑपरेशन डायरेक्टिव जारी किया था। हालांकि यह कोई कानूनी बैन नहीं है, लेकिन इसके कारण फिल्म की शूटिंग के दौरान लॉजिस्टिक्स और वर्कर्स को जुटाने में दिक्कतें आ सकती हैं।
'धुरंधर (2025)' और 'धुरंधर: द रिवेंज (2026)' की बॉक्स ऑफिस पर ऐतिहासिक सफलता के बाद फिल्म के पार्ट 3 को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं। ANI से बातचीत के दौरान राकेश बेदी से धुरंधर 3 को लेकर सवाल किया गया। इस पर उन्होंने कहा कि उन्होंने भी फिल्म को लेकर कई बातें सुनी हैं, लेकिन उनके पास ऐसी कोई खबर नहीं है। उन्होंने कहा, ‘धुरंधर 3 बन रही है या नहीं, अगर बन रही है तो मैं उसका हिस्सा हूं या नहीं, मुझे इसकी कोई जानकारी नहीं है।’ राकेश बेदी ने आगे कहा कि अगर उन्हें इस बारे में कोई जानकारी मिलेगी, तो वह इसकी घोषणा जरूर करेंगे। बता दें कि फिल्ममेकर आदित्य धर की एक्शन-थ्रिलर फ्रेंचाइजी 'धुरंधर' और 'धुरंधर 2' में राकेश बेदी ने पाकिस्तानी राजनेता जमील जमाली का किरदार निभाया था। उनका यह रोल लोगों को बहुत ज्यादा पसंद आया। भारत की दूसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म धुरंधर 2 ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार कमाई करते हुए भारत में दूसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बनने का रिकॉर्ड बनाया। सैकनिल्क के मुताबिक, फिल्म ने भारत में करीब ₹1148 करोड़ नेट कलेक्शन और दुनियाभर में लगभग ₹1812 करोड़ ग्रॉस कमाई की है। ग्रॉस कलेक्शन टिकट से कुल कमाई और नेट कलेक्शन टैक्स के बाद की कमाई होती है। फिल्म में लंबी स्टारकास्ट धुरंधर 2 में रणवीर सिंह मुख्य भूमिका में थे। इसके अलावा फिल्म में संजय दत्त, आर माधवन, अर्जुन रामपाल, सारा अर्जुन, गौरव गेरा और राकेश बेदी जैसे कलाकार भी नजर आए। जबकि पहले पार्ट में अक्षय खन्ना ने भी अहम भूमिका निभाई थी। धुरंधर (2025) और धुरंधर 2 (2026) दोनों ही फिल्मों का निर्देशन आदित्य धर ने किया। फिल्म को ज्योति देशपांडे और आदित्य धर ने मिलकर जियो स्टूडियोज और B62 स्टूडियोज के बैनर तले प्रोड्यूस किया है। ……..……..……..…….. धुरंधर से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… धुरंधर के बाद ल्यारी पर आई एक और फिल्म:पाकिस्तानी फिल्म मेरा ल्यारी के फैसलाबाद में सिर्फ 22 टिकट बिके, कई शो कैंसिल पाकिस्तानी फिल्म मेरा ल्यारी 8 मई को सिनेमाघरों में रिलीज हुई। यह फिल्म पाकिस्तान के ल्यारी इलाके पर आधारित थी। गौरतलब है कि ल्यारी का जिक्र भारतीय फिल्म धुरंधर में भी हुआ, जो सुपरहिट साबित हुई। हालांकि, मेरा ल्यारी को बॉक्स ऑफिस पर कमजोर रिस्पॉन्स मिला। पूरी खबर यहां पढ़ें…
'धुरंधर (2025)' और 'धुरंधर: द रिवेंज (2026)' की बॉक्स ऑफिस पर ऐतिहासिक सफलता के बाद फिल्म के पार्ट 3 को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं। ANI से बातचीत के दौरान राकेश बेदी से धुरंधर 3 को लेकर सवाल किया गया। इस पर उन्होंने कहा कि उन्होंने भी फिल्म को लेकर कई बातें सुनी हैं, लेकिन उनके पास ऐसी कोई खबर नहीं है। उन्होंने कहा, ‘धुरंधर 3 बन रही है या नहीं, अगर बन रही है तो मैं उसका हिस्सा हूं या नहीं, मुझे इसकी कोई जानकारी नहीं है।’ राकेश बेदी ने आगे कहा कि अगर उन्हें इस बारे में कोई जानकारी मिलेगी, तो वह इसकी घोषणा जरूर करेंगे। बता दें कि फिल्ममेकर आदित्य धर की एक्शन-थ्रिलर फ्रेंचाइजी 'धुरंधर' और 'धुरंधर 2' में राकेश बेदी ने पाकिस्तानी राजनेता जमील जमाली का किरदार निभाया था। उनका यह रोल लोगों को बहुत ज्यादा पसंद आया। भारत की दूसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म धुरंधर 2 ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार कमाई करते हुए भारत में दूसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बनने का रिकॉर्ड बनाया। सैकनिल्क के मुताबिक, फिल्म ने भारत में करीब ₹1148 करोड़ नेट कलेक्शन और दुनियाभर में लगभग ₹1812 करोड़ ग्रॉस कमाई की है। ग्रॉस कलेक्शन टिकट से कुल कमाई और नेट कलेक्शन टैक्स के बाद की कमाई होती है। फिल्म में लंबी स्टारकास्ट धुरंधर 2 में रणवीर सिंह मुख्य भूमिका में थे। इसके अलावा फिल्म में संजय दत्त, आर माधवन, अर्जुन रामपाल, सारा अर्जुन, गौरव गेरा और राकेश बेदी जैसे कलाकार भी नजर आए। जबकि पहले पार्ट में अक्षय खन्ना ने भी अहम भूमिका निभाई थी। धुरंधर (2025) और धुरंधर 2 (2026) दोनों ही फिल्मों का निर्देशन आदित्य धर ने किया। फिल्म को ज्योति देशपांडे और आदित्य धर ने मिलकर जियो स्टूडियोज और B62 स्टूडियोज के बैनर तले प्रोड्यूस किया है। ……..……..……..…….. धुरंधर से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… धुरंधर के बाद ल्यारी पर आई एक और फिल्म:पाकिस्तानी फिल्म मेरा ल्यारी के फैसलाबाद में सिर्फ 22 टिकट बिके, कई शो कैंसिल पाकिस्तानी फिल्म मेरा ल्यारी 8 मई को सिनेमाघरों में रिलीज हुई। यह फिल्म पाकिस्तान के ल्यारी इलाके पर आधारित थी। गौरतलब है कि ल्यारी का जिक्र भारतीय फिल्म धुरंधर में भी हुआ, जो सुपरहिट साबित हुई। हालांकि, मेरा ल्यारी को बॉक्स ऑफिस पर कमजोर रिस्पॉन्स मिला। पूरी खबर यहां पढ़ें…
फिल्म प्रोड्यूसर वासु भगनानी की कंपनी पूजा एंटरटेनमेंट ने टिप्स इंडस्ट्रीज और फिल्म मेकर डेविड धवन के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट में 400 करोड़ रुपए का केस किया है। यह विवाद वरुण धवन की आने वाली फिल्म 'है जवानी तो इश्क होना है' में 1999 की हिट फिल्म 'बीवी नंबर 1' के दो गानों के इस्तेमाल को लेकर है। वासु भगनानी का दावा है कि टिप्स के पास इन गानों के विजुअल राइट्स नहीं हैं। उन्होंने फिल्म की रिलीज रोकने और इसका टाइटल बदलने की मांग की है। वहीं टिप्स ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया है। 'चुनरी चुनरी' और 'इश्क सोना है' गानों पर विवादडायरेक्टर डेविड धवन की वरुण धवन, पूजा हेगड़े और मृणाल ठाकुर स्टारर यह फिल्म 5 जून 2026 को रिलीज होने वाली है। इसमें 'बीवी नंबर 1' के दो मशहूर गानों 'चुनरी चुनरी' और 'इश्क सोना है' को रीक्रिएट किया गया है। पूजा एंटरटेनमेंट ने वकील वीके दुबे एसोसिएट्स के जरिए कोर्ट में याचिका लगाई है। इसमें फिल्म की रिलीज, डिस्ट्रीब्यूशन और स्ट्रीमिंग पर तुरंत रोक लगाने की मांग की गई है। कंपनी का कहना है कि फिल्म का टाइटल भी गाने से लिया गया है, इसलिए इसे बदला जाए। बात न मानने पर 100 करोड़ रुपए का अतिरिक्त हर्जाना मांगा गया है। टिप्स के पास सिर्फ ऑडियो राइट्स थेवासु भगनानी के वकील ने न्यूज एजेंसी ANI को बताया कि पहले फिल्मों के राइट्स समझौतों के आधार पर तय होते थे। टिप्स के पास केवल इन गानों के ऑडियो राइट्स थे। साल 2018 में टिप्स ने ईमेल भेजकर विजुअल राइट्स मांगे थे, लेकिन दोनों पक्षों में कोई सहमति नहीं बन सकी। पूजा एंटरटेनमेंट ने अब एक नोटिस भेजकर टिप्स को दिए गए पुराने ऑडियो राइट्स भी कैंसिल कर दिए हैं। वकील ने कहा कि अगर टिप्स के पास कानूनी राइट्स हैं, तो उन्हें कोर्ट में दस्तावेज दिखाने होंगे। टिप्स कंपनी ने आरोपों को गलत बतायादूसरी तरफ टिप्स इंडस्ट्रीज के रमेश तौरानी ने इन सभी आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। टिप्स ने गुरुवार को एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि उनके पास इन गानों के म्यूजिक और ऑडियो राइट्स कानूनी रूप से मौजूद हैं। वासु भगनानी की ओर से लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह गलत हैं। वे कोर्ट में अपना पक्ष मजबूती से रखेंगे। वीडियो जारी कर नाराजगी जताई थी इससे पहले मामले को लेकर वीडियो जारी कर वाशु भगनानी ने कहा था, ‘मेरी एक बहुत बड़ी फिल्म ‘बीवी नंबर 1’ थी, जिसके गाने चुराए गए थे। कल हमने इस मामले पर प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। मैंने साफ कहा था कि मैंने किसी को भी इसके विजुअल इस्तेमाल करने का अधिकार नहीं दिया है। मामला कोर्ट में है और अगर कोई इसका इस्तेमाल करता है, तो यह कोर्ट की अवमानना होगी।’ उन्होंने आगे कहा, ‘आज सुबह मैंने देखा कि इसका थिएट्रिकल ट्रेलर लॉन्च हो रहा है। वहां आम प्रेस पब्लिक बैठी है और इस बीच यह कहा जा रहा है कि हमारा मामला सुलझ गया है, हमारी बात हो गई है, लेकिन मुझसे किसने बात की? मैं मालिक हूं और किसी ने मुझे कॉल तक नहीं किया। न व्हाट्सऐप मैसेज आया, न कोई बातचीत हुई। न कानूनी तौर पर, न इमोशनली तौर पर किसी ने संपर्क नहीं किया। मुझे समझ नहीं आ रहा कि देश में क्या हो रहा है। एक मामला कोर्ट में चल रहा है और उसके बाद भी खुलेआम झूठ बोला जा रहा है और चीजें रिलीज की जा रही हैं।’
फिल्म मेकर करण जौहर ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से शाहरुख खान, आलिया भट्ट और करीना कपूर सहित कई करीबी दोस्तों को अनफॉलो कर दिया है। इस बदलाव के बाद उनके फॉलोअर्स की संख्या 1.8 करोड़ से घटकर 1.75 करोड़ रह गई है। करीबी दोस्तों को अनफॉलो करने की वजह बताते हुए करण ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक पोस्ट शेयर किया है। उन्होंने इसे 'डिजिटल डिटॉक्स' बताया है। करण ने लिखा कि वे सोशल मीडिया पर अपना समय और एनर्जी कम करने के लिए ऐसा कर रहे हैं। करीबी दोस्तों और स्टार्स को लिस्ट से हटायाकरण जौहर ने उन कलाकारों को भी अनफॉलो कर दिया है जिन्हें उन्होंने खुद फिल्म इंडस्ट्री में लॉन्च किया था। इनमें उनकी करीबी आलिया भट्ट, वरुण धवन और सिद्धार्थ मल्होत्रा शामिल हैं। इसके अलावा जान्हवी कपूर, मलाइका अरोड़ा और मनीष मल्होत्रा भी उनकी फॉलो लिस्ट से गायब हैं। मनीष मल्होत्रा के डिजाइन किए हुए आउटफिट को पहनकर ही हाल ही में करण ने मेट गाला इवेंट में हिस्सा लिया था। अब करण के अकाउंट पर फॉलोइंग की संख्या सिर्फ 74 रह गई है। प्रियंका चोपड़ा उन चुनिंदा कलाकारों में शामिल हैं जिन्हें वे अब भी फॉलो कर रहे हैं। बोले- सोशल मीडिया पर एनर्जी कम करना चाहता हूंइस कदम पर उठ रहे सवालों का जवाब करण जौहर ने सोशल मीडिया के जरिए ही दिया। उन्होंने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर लिखा, 'यह एक डिजिटल डिटॉक्स है। मैं इंस्टाग्राम पर सभी को अनफॉलो इसलिए कर रहा हूं ताकि यहां बिताए जाने वाले समय और एनर्जी को कम कर सकूं।' इसके साथ ही उन्होंने आगे लिखा कि यह कोई ऐसी बात नहीं है जिसे नेशनल न्यूज बनाया जाए। हालांकि अचानक उठाए गए इस कदम से उनके फैंस काफी हैरान हैं। कार्तिक आर्यन और अनन्या पांडे भी लिस्ट से बाहरकरण जौहर के इस फैसले की जद में वे सितारे भी आए हैं जिनके साथ वे फिलहाल काम कर रहे हैं। प्रोफेशनल फ्रंट की बात करें तो करण जौहर की फिल्म 'चांद मेरा दिल' हाल ही में सिनेमाघरों में रिलीज हुई है। इस फिल्म में अनन्या पांडे और लक्ष्य लालवानी मुख्य भूमिकाओं में हैं। इसके बाद वे कार्तिक आर्यन के साथ अपनी नई फिल्म 'नागजिला' लेकर आ रहे हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि करण ने अपनी वर्तमान फिल्मों के लीड एक्टर्स कार्तिक आर्यन और अनन्या पांडे को भी इंस्टाग्राम पर अनफॉलो कर दिया है। ये खबर भी पढ़ें करण जौहर@54; लड़कियों जैसा कहकर उड़ा मजाक:अमिताभ को डायरेक्ट करने के डर से बेहोश हुए, 'मेट गाला' में शामिल एकमात्र भारतीय डायरेक्टर बचपन से ही करण जौहर की चाल, बोलने का तरीका और बॉडी लैंग्वेज मजाक का कारण बनी। जिसके चलते करण धीरे-धीरे इतने डर गए कि लोगों के बीच जाने से कतराने लगे। घरवालों से झूठ बोला कि वो कंप्यूटर क्लास जा रहे हैं, जबकि असल में वो आवाज बदलने की ट्रेनिंग ले रहे थे। माता-पिता नहीं चाहते थे कि वो फिल्म इंडस्ट्री का हिस्सा बनें। पूरी खबर पढ़ें
अभिनेता सलमान खान ने रणवीर सिंह और फिल्म मेकर फरहान अख्तर के बीच चल रहे विवाद को सुलझाने के लिए पहल की है। यह विवाद रणवीर सिंह के अचानक फिल्म 'डॉन 3' को छोड़ने के बाद शुरू हुआ था, जिसके बाद फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) ने रणवीर के खिलाफ असहयोग प्रस्ताव (नॉन-कोऑपरेशन नोटिस) जारी कर दिया था। बॉलीवुड हंगामा की रिपोर्ट के मुताबिक, सलमान खान ने दोनों पक्षों से निजी तौर पर बात की है ताकि इस मामले को शांति से सुलझाया जा सके। सलमान ने दोनों पक्षों से की बातरिपोर्ट के मुताबिक, सलमान खान के रणवीर सिंह और फरहान अख्तर दोनों के साथ अच्छे संबंध हैं। इसी वजह से उन्होंने इस गंभीर होते विवाद में बीच-बचाव करने का फैसला किया। सलमान ने दोनों से फोन पर बात की और दोनों का अलग-अलग पक्ष सुना। उन्होंने दोनों को समझाया कि इस तरह के बड़े प्रोजेक्ट्स में आपसी मतभेद होना कोई नई बात नहीं है। सूत्रों के अनुसार, सलमान खान ने फरहान अख्तर से कहा कि फिल्म इंडस्ट्री में क्रिएटिव डिफरेंसेस (रचनात्मक मतभेद) होना बेहद आम बात है। इसे लेकर विवाद को और ज्यादा बढ़ाना ठीक नहीं है। उन्होंने फरहान को सलाह दी कि वे इस मामले को यहीं खत्म करें और दोनों ही पक्षों को अपने प्रोफेशनल संबंध खराब नहीं करने चाहिए। भविष्य में साथ काम करने की बात कहीसलमान खान ने रणवीर सिंह और फरहान अख्तर दोनों से ही विवाद को भूलकर आगे बढ़ने की अपील की है। उन्होंने दोनों से कहा कि जब यह मामला पूरी तरह शांत हो जाए, तो उन्हें भविष्य में दोबारा एक-दूसरे के साथ काम करने के लिए तैयार रहना चाहिए। सलमान की इस सलाह के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि दोनों के बीच तनाव कुछ कम हो सकता है। प्री-प्रोडक्शन में भारी खर्च होने का दावा यह भी कहा गया कि एक्सेल एंटरटेनमेंट ने डॉन 3 के प्री-प्रोडक्शन पर पहले ही काफी पैसा खर्च कर दिया था। कंपनी ने फिल्म की तैयारी, शेड्यूलिंग और उससे जुड़े दूसरे कामों में हुए खर्च को देखते हुए मुआवजे की मांग रखी थी। दूसरी तरफ रणवीर और उनकी टीम की सोच अलग थी। रणवीर इस बात से नाराज थे कि उनके करियर के कमजोर दौर में एक्सेल दूसरे कलाकारों को फिल्म के लिए सोच रहा था। इंडस्ट्री में चर्चा थी कि फिल्म को लेकर ऋतिक रोशन से भी बात की गई थी, जो रणवीर की टीम को पसंद नहीं आया। रणवीर के करीबी सूत्र का कहना है कि एक्टर को लगा कि अगर एक्सेल उस समय उनका पूरा सपोर्ट नहीं कर रहा था, तो भरोसा पहले ही टूट चुका था। रणवीर स्क्रिप्ट को लेकर भी पूरी तरह संतुष्ट नहीं थे। उनका मानना था कि फिल्म धुरंधर के बाद सही दिशा में नहीं जा रही थी। उन्हें लगा कि फरहान अख्तर का पूरा फोकस इस प्रोजेक्ट पर नहीं था। हालांकि, रणवीर की टीम का कहना था कि एक्टर एक्सेल को नुकसान में छोड़ना नहीं चाहते थे। इसी वजह से उन्होंने 10 करोड़ रुपए और भविष्य की फिल्म में 25 करोड़ रुपए की छूट वाला ऑफर दिया था, लेकिन एक्सेल भविष्य में साथ काम करने के बजाय सीधे कैश मुआवजा चाहता था। रणवीर सिंह से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… रणवीर सिंह के सपोर्ट में उतरी इंडस्ट्री:चंकी बोले- मुझे भी बैन किया, मैंने ये झेला, मनोज बाजपेयी बोले-उम्मीद है हल निकले, अशोक पंडित ने सफाई दी फरहान अख्तर की डॉन 3 अचानक छोड़ देने से FWICE (फिल्म फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न सिने एप्लॉय्ज) ने रणवीर सिंह पर बैन लगा दिया है। इस घोषणा के बाद इंडस्ट्री के कई लोग उनके सपोर्ट में उतरे हैं। चंकी पांडे ने बताया है कि एक समय वो भी इस बैन का शिकार हो चुके हैं। माफी मांगने के बाद उन पर लगा बैन हटाया गया था। पूरी खबर यहां पढ़ें…
टीवी एक्ट्रेस ईशा सिंह और अभिनेता-निर्देशक पीटर विल्सन की फिल्म 'ऑब्सेस' आज सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में दोनों ने अपने संघर्ष, छोटे शहरों से मुंबई तक के सफर और बिना किसी गॉडफादर के इंडस्ट्री में जगह बनाने की चुनौतियों पर खुलकर बात की। पीटर ने बताया कि फिल्म को बनाने के लिए उन्होंने अभिनय, निर्देशन और प्रोडक्शन की जिम्मेदारी एक साथ संभाली, जबकि ईशा ने कहा कि उन्होंने इस फिल्म के लिए कई जोखिम भरे स्टंट खुद किए। पढ़िए पूरी बातचीत... सवाल: भोपाल और छोटे शहरों से मुंबई तक का सफर तय करके आज फिल्म 'ऑब्सेस' तक पहुंचने पर कैसा महसूस हो रहा है? जवाब/ईशा सिंह: अभी तक हम फिल्म की तैयारियों में इतने व्यस्त थे कि सफर के बारे में सोचने का समय ही नहीं मिला। लेकिन जब पीछे मुड़कर देखती हूं तो लगता है कि हम बहुत दूर आ गए हैं। एक छोटे शहर से निकलकर यहां तक पहुंचना आसान नहीं था। मैं ईश्वर की बहुत आभारी हूं। सवाल: पीटर, आपने इस फिल्म को डायरेक्ट भी किया है, प्रोड्यूस भी किया है और इसमें अभिनय भी किया है। यह कितना चुनौतीपूर्ण था? जवाब/पीटर विल्सन: बहुत मुश्किल था। हमने पहले इस किरदार के लिए कई बड़े कलाकारों से बात की, लेकिन हमारे पास कोई बड़ा बैनर या इंडस्ट्री प्रोफाइल नहीं था। तब टीम ने कहा कि यह किरदार मुझे खुद निभाना चाहिए। मुझे इसके लिए 130-140 किलो तक वजन बढ़ाना पड़ा। एक डायरेक्टर के तौर पर मुझे तकनीकी और रचनात्मक दोनों पहलुओं पर ध्यान देना था। यह पूरी तरह जुनून और जिद का नतीजा है। सवाल: ईशा, जब आपको फिल्म का ऑफर मिला तो परिवार का क्या रिएक्शन था? जवाब/ईशा सिंह: यह मेरी दूसरी फिल्म है। इससे पहले मैंने 'मिडिल क्लास लव' की थी, जो एक रोमांटिक फिल्म थी। 'ऑब्सेस' पूरी तरह अलग है। जब मुझे कहानी सुनाई गई तो लगा कि यह कुछ नया और चुनौतीपूर्ण है। इसमें ग्लैमर कम और अभिनय की गुंजाइश ज्यादा थी। इसलिए मैंने तुरंत हां कह दी। सवाल: पीटर, आपने ईशा को इस किरदार के लिए क्यों चुना? जवाब/पीटर विल्सन: मुझे ऐसे कलाकार की तलाश थी जो किरदार के लिए पूरी तरह समर्पित हो। ईशा का थिएटर बैकग्राउंड और उनके काम के प्रति समर्पण मुझे पसंद आया। उन्होंने कहानी सुनते ही किरदार को समझ लिया था। मुझे भरोसा था कि वह इसे पूरी ईमानदारी से निभाएंगी। सवाल: छोटे शहरों से आने वाले कलाकारों को किन चुनौतियों का सामना करना पड़ता है? जवाब/ईशा सिंह: लोग अक्सर कहते हैं कि एक्टिंग कोई करियर नहीं है। खासकर लड़कियों को बहुत बातें सुननी पड़ती हैं। मुझे भी कहा गया कि यह बेवकूफी है। लेकिन मेरे माता-पिता ने मेरा पूरा साथ दिया। अगर परिवार का भरोसा हो तो मुश्किल रास्ते भी आसान लगने लगते हैं। पीटर विल्सन: मैं पंजाब के एक छोटे से गांव से आता हूं। इंडस्ट्री में मेरा कोई गॉडफादर नहीं था। कई बार लोगों ने मजाक उड़ाया और कहा कि फिल्म बनाकर दिखाओ, रिलीज करके दिखाओ। लेकिन मैंने हार नहीं मानी। मेरी टीम और साथियों ने मेरा पूरा साथ दिया। सवाल: क्या कभी रिजेक्शन या रिप्लेसमेंट का सामना करना पड़ा? जवाब/पीटर विल्सन: हां, कई बार ऐसा हुआ कि किसी प्रोजेक्ट में कास्ट होने के बाद भी मुझे रिप्लेस कर दिया गया। लेकिन इन अनुभवों ने मुझे और मजबूत बनाया। आज वही संघर्ष मेरी ताकत बन गया है। सवाल: आप दोनों के लिए 'ऑब्सेशन' का मतलब क्या है? जवाब/ईशा सिंह: मैं अपने काम को लेकर ऑब्सेस्ड हूं। मेरा मानना है कि मेहनत करते रहो और बाकी ऊपर वाले पर छोड़ दो। समय हर सवाल का जवाब देता है। पीटर विल्सन: मैं फिल्मों को लेकर ऑब्सेस्ड हूं। हमेशा सपना था कि अपनी फिल्म बनाऊं और अपनी कंपनी शुरू करूं। उसी जुनून ने मुझे यहां तक पहुंचाया है। सवाल: क्या कभी किसी फैन की दीवानगी डरावनी लगी? जवाब/ईशा सिंह: हां, एक फैन मेरी हर गतिविधि पर नजर रखता था। उसे पता होता था कि मैं कहां हूं और क्या कर रही हूं। बाद में उसने धमकियां देना शुरू कर दीं। हमें उसकी शिकायत करनी पड़ी। वह अनुभव काफी डरावना था। सवाल: फिल्म की शूटिंग के दौरान कोई यादगार या जोखिम भरा अनुभव? जवाब/ईशा सिंह: फिल्म में मैंने खुद ड्राइविंग और कई स्टंट किए हैं। एक बार शूटिंग के दौरान कार का बैलेंस बिगड़ गया था और बड़ा हादसा होते-होते बचा। उस समय मैं बहुत डर गई थी। पीटर विल्सन: हमने ज्यादातर स्टंट्स रियल लोकेशन्स पर शूट किए हैं। कई बार टीम और उपकरणों की सुरक्षा को लेकर भी खतरे पैदा हुए, लेकिन सौभाग्य से सब सुरक्षित रहा। सवाल: इंडस्ट्री से किस तरह का सपोर्ट मिला? जवाब/ईशा सिंह: मैं खुद को खुशकिस्मत मानती हूं कि मेरे आसपास बहुत अच्छे लोग हैं। मेरे दोस्तों और सहकर्मियों ने ट्रेलर देखकर काफी सराहना की। यह सपोर्ट मेरे लिए बहुत मायने रखता है। सवाल: फैंस के लिए क्या कहना चाहेंगी? जवाब/ईशा सिंह: मेरे फैंस ने हमेशा मेरा साथ दिया है। वे मेरे लिए पोस्टर बनाते हैं, ट्रेंड चलाते हैं और हर मुश्किल समय में मेरे साथ खड़े रहते हैं। मैं दिल से उनका धन्यवाद करती हूं और उम्मीद करती हूं कि उन्हें 'ऑब्सेस' पसंद आएगी। सवाल: दर्शकों से क्या कहना चाहेंगे? जवाब/पीटर विल्सन: 'ऑब्सेस' एक इंडिपेंडेंट फिल्म है, जिसे हमने पूरी मेहनत और ईमानदारी से बनाया है। यह एक अलग तरह का, रियलिस्टिक और एक्सपेरिमेंटल सिनेमा है। मैं चाहूंगा कि दर्शक इसे देखें और अपना प्यार दें।
कोरियोग्राफर मुदस्सर खान ने हाल ही में इंटरफेथ मैरिज और ट्रोलिंग को लेकर बात की। उन्होंने बताया कि हिंदू लड़की रिया किशनचंदानी से शादी के बाद उन्हें और उनकी पत्नी को सोशल मीडिया पर ट्रोल किया गया। हालांकि, उन्होंने साफ कहा कि ऐसे लोगों को वह ज्यादा महत्व नहीं देते। फिल्मीज्ञान को दिए इंटरव्यू में मुदस्सर खान ने कहा, ‘अगर कोई गाली देता है या खराब बातें करता है, तो मैं उसे सीधे ब्लॉक कर देता हूं। ऐसे लोगों को भाव देने का कोई मतलब नहीं है।’ उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर कई लोग सिर्फ दूसरों को परेशान करने के लिए आते हैं। उनके मुताबिक, ऐसे लोग फेक अकाउंट बनाकर गालियां देते हैं और दूसरों का मूड खराब करने की कोशिश करते हैं। रिया को ट्रोल्स को नजरअंदाज करना सिखाया मुदस्सर ने बताया कि शुरुआत में उनकी पत्नी रिया भी इन कमेंट्स से परेशान हो जाती थीं, लेकिन बाद में उन्होंने उन्हें समझाया कि ऐसे लोगों को नजरअंदाज करना ही सबसे सही तरीका है। इसके बाद दोनों ने सोशल मीडिया पर लोगों को फिल्टर करना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा, 'जब शादी हो जाती है, तो धीरे-धीरे लोगों की बातें अपने आप कम होने लगती हैं। पहले लोग लगातार कमेंट करते हैं, लेकिन बाद में खुद ही शांत हो जाते हैं।' 'मुझे अक्सर जिहादी वाले कमेंट मिलते हैं'- मुदस्सर कोरियोग्राफर ने कहा, 'मुझे अक्सर जिहादी वाले कमेंट मिलते हैं। हमेशा, अगर मैं पोस्ट कर रहा हूं तो मुझे भी आमतौर पर मिलते हैं, तो मुझे लगता है कि ये लोग वो हैं, जो छोटी बिल्डिंगों में, चार माले की बिल्डिंगों में दीवार के कोने में पान थूकते हैं, वो लाल हो जाता है न, तो ये वो लोग हैं जिनकी कोई वैल्यू नहीं है। एक दिन साफ होने वाले हैं। मुदस्सर ने यह भी कहा कि वह इन बातों को गंभीरता से नहीं लेते। उन्होंने कहा, ‘मैं ऐसे लोगों को बिल्कुल महत्व नहीं देता। मेरी जिंदगी में इससे कहीं ज्यादा बड़े काम हैं। मैं अपने परिवार, दोस्तों और देश के लिए अच्छा काम करना चाहता हूं। मैं जिंदगी में कुछ बड़ा बनाना और क्रिएट करना चाहता हूं। इसलिए छोटी-छोटी बातों पर ध्यान नहीं देता।’ साल 2023 में मुदस्सर की शादी हुई थी मुदस्सर खान और रिया किशनचंदानी ने साल 2023 में शादी की थी। उनकी शादी में सलमान खान भी शामिल हुए थे। मुदस्सर लंबे समय से सलमान के साथ काम कर रहे हैं और उन्होंने 'दबंग', 'बॉडीगार्ड' और 'रेडी' जैसी सलमान की कई फिल्मों के गानों को कोरियोग्राफ किया है।
मेगास्टार पिता चिरंजीवी की विरासत के बीच अपनी अलग पहचान बनाना राम चरण के लिए आसान नहीं था। करियर की शुरुआती ब्लॉकबस्टर सफलता ने उन्हें स्टार बनाया, लेकिन फ्लॉप फिल्मों ने उन्हें गहरे अवसाद और आत्म-संदेह में धकेल दिया। एक समय वह खुद को कमरे में बंद कर लेते थे और फैंस से माफी तक मांगनी पड़ी। बॉलीवुड डेब्यू की नाकामी और कोविड के दौरान मानसिक संघर्ष ने उनकी राह और कठिन बना दी। हालांकि, हर झटके से उबरते हुए राम चरण ने वापसी की और ‘आरआरआर’ के साथ ग्लोबल स्टार बन गए। अब उनकी फिल्म ‘पेद्दी’ रिलीज होने वाली है। आज की सक्सेस स्टोरी में जानते हैं राम चरण के करियर और निजी जीवन से जुड़ी बातें… सुपरस्टार परिवार में जन्म, लेकिन सामान्य माहौल में हुई परवरिश राम चरण का जन्म 27 मार्च 1985 को चेन्नई (तब मद्रास) में हुआ था। वह तेलुगु सिनेमा के मेगास्टार चिरंजीवी और सुरेखा के बेटे हैं। उनका परिवार आंध्र प्रदेश के पश्चिम गोदावरी जिले से जुड़ा है। उनकी दो बहनें सुष्मिता और श्रीजा हैं। राम चरण का जन्म भले ही फिल्मी परिवार में हुआ, लेकिन बचपन में उन्हें कभी यह एहसास नहीं होने दिया गया कि उनके पिता देश के सबसे बड़े सुपरस्टार्स में से एक हैं। सैम फ्रैगोसो के टॉक ईजी पॉडकास्ट में राम चरण ने बताया था कि चिरंजीवी घर में कभी स्टारडम की चमक नहीं लाते थे। राम चरण ने कहा था कि उनके पिता नहीं चाहते थे कि बच्चे यह सोचें कि जिंदगी में उन्हें सब कुछ आसानी से मिल जाएगा। उन्होंने बताया कि एक मशहूर पेंटर ने चिरंजीवी की बड़ी पेंटिंग बनाई थी, लेकिन उन्होंने उसे घर में लगाने से मना कर दिया था, ताकि बच्चों पर स्टार इमेज का असर न पड़े। राम चरण के मुताबिक, घर में फिल्मों और स्टारडम की चर्चा कम होती थी। इसी वजह से वह और उनके भाई-बहन सामान्य माहौल में बड़े हुए। स्कूल में छुपानी पड़ती थी पहचान राम चरण ने कई बातचीत में बताया है कि स्कूल के दिनों में वह ज्यादा ध्यान आकर्षित नहीं करना चाहते थे। जब लोग उन्हें चिरंजीवी का बेटा कहकर पहचान लेते थे, तो उन्हें असहज महसूस होता था। वह बाकी बच्चों की तरह सामान्य जिंदगी जीना चाहते थे। उन्होंने कहा था कि उनके पिता ने हमेशा उन्हें जमीन से जुड़े संस्कार दिए और मेहनत की अहमियत समझाई। यही वजह थी कि स्टार किड होने के बावजूद वह खुद को साबित करने का दबाव महसूस करते थे। पढ़ाई, बिजनेस में दिलचस्पी और एक्टिंग की तरफ झुकाव राम चरण ने चेन्नई के पद्म शेषाद्रि बाला भवन स्कूल से शुरुआती पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने ऊटी के लॉरेंस स्कूल, हैदराबाद पब्लिक स्कूल और सेंट मैरी कॉलेज, हैदराबाद में पढ़ाई की। शुरुआत में उनका फिल्मों में आने का कोई तय सपना नहीं था। उन्हें बिजनेस, स्पोर्ट्स और ऑटोमोबाइल्स में ज्यादा दिलचस्पी थी। कारों और स्पोर्ट्स के प्रति उनका लगाव पुराना है। मनीकंट्रोल को दिए इंटरव्यू में राम चरण ने बताया था कि घर में कभी फिल्मों में आने का दबाव नहीं था। कॉलेज के दिनों में धीरे-धीरे उनका झुकाव अभिनय की तरफ बढ़ा। इसके बाद उन्होंने मुंबई के किशोर नमित कपूर एक्टिंग इंस्टीट्यूट में ट्रेनिंग लेने का फैसला किया। राम चरण ने बताया था कि एक्टिंग सीखने के दौरान उन्होंने अपने पिता की फिल्मों को एक स्टूडेंट की तरह देखना शुरू किया। वह चिरंजीवी की डांसिंग, स्क्रीन प्रेजेंस और संवाद अदायगी को बारीकी से समझते थे। इसी दौरान उन्हें एहसास हुआ कि अभिनय सिर्फ स्टारडम नहीं, बल्कि एक कला भी है। अप्रैल 2024 में उन्हें चेन्नई की वेल्स यूनिवर्सिटी से मानद डॉक्टरेट की उपाधि मिली। पहली फिल्म कैसे मिली? राम चरण को पहली फिल्म ‘चिरुथा’ (2007) पिता चिरंजीवी की वजह से मिली, लेकिन इसके लिए उन्हें कड़ी तैयारी और स्क्रीन टेस्ट से गुजरना पड़ा था। निर्देशक पुरी जगन्नाथ ने उन्हें लॉन्च किया। फिल्म को निर्माता सी अश्विनी दत्त ने प्रोड्यूस किया था। ABN तेलुगु के शो ‘ओपन हार्ट विद आरके’ में राम चरण ने बताया था कि पहली फिल्म के दौरान वह बेहद नर्वस रहते थे। कैमरे के सामने सहज महसूस नहीं करते थे और अभिनय, डांस तथा कैमरा फेसिंग पर लगातार मेहनत करनी पड़ती थी। फिल्म रिलीज से पहले ही राम चरण को लेकर जबरदस्त चर्चा शुरू हो चुकी थी, क्योंकि वह चिरंजीवी के बेटे थे। फिल्म के पोस्टर्स और गानों ने रिलीज से पहले माहौल बना दिया था। बाद में फिल्म बॉक्स ऑफिस पर हिट साबित हुई और राम चरण को बेस्ट मेल डेब्यू – साउथ का फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला। पिता से मिली सबसे बड़ी सीख राम चरण ने बताया था कि पहली फिल्म के बाद जब वह सलाह लेने अपने पिता चिरंजीवी के पास पहुंचे, तब उन्होंने साफ कहा- “तुम्हें अपनी अलग पहचान खुद बनानी होगी।” राम चरण मानते हैं कि उनकी सफलता में पिता की परवरिश, अनुशासन और सिखाए गए मूल्यों का बड़ा योगदान है। ‘मगधीरा’ ने रातोंरात बनाया सुपरस्टार 2009 में रिलीज हुई ‘मगधीरा’ राम चरण के करियर का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुई। फिल्म का निर्देशन एस.एस. राजामौली ने किया था। फिल्म में राम चरण के डबल रोल, एक्शन और स्क्रीन प्रेजेंस को दर्शकों ने जबरदस्त प्यार दिया। यह उस समय की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली तेलुगु फिल्मों में शामिल हुई और राम चरण रातोंरात सुपरस्टार बन गए। घुड़सवारी और तलवारबाजी की ट्रेनिंग ली ‘मगधीरा’ के लिए उन्होंने घुड़सवारी और तलवारबाजी की ट्रेनिंग ली थी। फिल्म के कई स्टंट उन्होंने खुद किए। शूटिंग के दौरान वह कई बार घायल हुए, लेकिन शूटिंग नहीं रोकी। राम चरण कई बार कह चुके हैं कि राजामौली ने उनके करियर को नई दिशा दी। उनके मुताबिक, राजामौली ने उन्हें सिर्फ अभिनय नहीं, बल्कि अनुशासन और डिटेलिंग भी सिखाई। सफलता के बाद आया मुश्किल दौर ‘मगधीरा’ के बाद राम चरण ने ‘ऑरेंज’, ‘राचा’, ‘नायक’, ‘येवडू’ और ‘गोविंदुडू अंदरीवाडेले’ जैसी फिल्मों में काम किया। इनमें कुछ फिल्में सफल रहीं, लेकिन कुछ उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकीं। ‘जंजीर’ से बॉलीवुड में डेब्यू 2013 में उन्होंने ‘जंजीर’ से बॉलीवुड डेब्यू किया। यह अमिताभ बच्चन की 1973 में आई सुपरहिट फिल्म ‘जंजीर’ का रीमेक थी। अपूर्व लखिया के निर्देशन में बनी इस फिल्म में राम चरण ने ‘एसीपी विजय खन्ना’ का किरदार निभाया था, जो मूल फिल्म में अमिताभ बच्चन का रोल था। इसमें प्रियंका चोपड़ा फीमेल लीड में थीं। वहीं, संजय दत्त भी फिल्म का हिस्सा थे और विलेन का रोल प्रकाश राज ने निभाया था। 60 करोड़ रुपए के बजट में बनी फिल्म ने सिर्फ 22 करोड़ रुपए की कमाई की थी। ‘जंजीर’ के फ्लॉप होने के बाद राम चरण ने दोबारा हिंदी फिल्मों में काम नहीं किया। हालांकि, वह सलमान खान की फिल्म ‘किसी का भाई किसी की जान’ में कैमियो करते नजर आए थे। फिल्मों के फ्लॉप होने पर वह डिप्रेशन में चले जाते थे इंटरटेनमेंट पोर्टल M9 न्यूज के मुताबिक, 2018 की एक बातचीत में राम चरण ने स्वीकार किया था कि फिल्मों के फ्लॉप होने पर वह डिप्रेशन में चले जाते थे। उन्होंने बताया था कि कई बार वह खुद को कमरे में बंद कर लेते थे और किसी से मिलना पसंद नहीं करते थे। उस दौरान उनकी मां सुरेखा कमरे में खाना लेकर जाती थीं। राम चरण ने कहा था कि असफलता उन्हें आत्ममंथन करने पर मजबूर करती थी और उसी ने उन्हें मानसिक रूप से मजबूत बनना सिखाया। ‘ध्रुव’ और ‘रंगस्थलम’ से बदली इमेज 2016 में आई ‘ध्रुव’ में राम चरण ने एक ईमानदार आईपीएस अफसर का किरदार निभाया। फिल्म में उनकी परफॉर्मेंस को सराहा गया। इसके बाद 2018 में रिलीज हुई ‘रंगस्थलम’ उनके करियर की सबसे बड़ी फिल्मों में शामिल हो गई। फिल्म में उन्होंने ‘चिट्टी बाबू’ नाम के ग्रामीण युवक का किरदार निभाया था। इस रोल के लिए राम चरण ने आंध्र प्रदेश के गांवों में जाकर लोगों की बॉडी लैंग्वेज, बोलने का तरीका और देहाती लहजा समझा। उन्होंने किरदार पर इतनी मेहनत की कि कई समीक्षकों ने इसे उनके करियर का बेहतरीन परफॉर्मेंस बताया। फ्लॉप फिल्म के बाद फैंस से मांगी माफी 2019 में रिलीज हुई ‘विनय विधेय रामा’ बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह फ्लॉप रही। फिल्म को आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। इसके बाद राम चरण ने सार्वजनिक तौर पर फैंस से माफी मांगी थी। उन्होंने कहा था कि वह आगे बेहतर फिल्मों का चुनाव करेंगे। स्टार्स का इस तरह खुलकर अपनी गलती स्वीकार करना कम देखने को मिलता है। कोविड में मानसिक रूप से टूट गए थे फिल्म ‘पेद्दी’ के प्रमोशन के दौरान राम चरण ने बताया कि कोविड-19 लॉकडाउन का उन पर गहरा मानसिक असर पड़ा था। उन्होंने बताया कि लॉकडाउन की वजह से फिल्म की शूटिंग रुक गई थी और वह लंबे समय तक घर में अकेले रहे। उनकी पत्नी उपासना कामिनेनी उस दौरान अस्पताल और मरीजों से जुड़े कामों में व्यस्त थीं, जबकि वह घर में अलग-थलग महसूस कर रहे थे। राम चरण ने कहा कि वह इतने “मेंटली लो” हो गए थे कि शूटिंग दोबारा शुरू होने पर भी खुद को मोटिवेट नहीं कर पा रहे थे। तब उन्होंने एस.एस. राजामौली को फोन कर अपनी हालत बताई। राम चरण के मुताबिक, राजामौली ने उन्हें सलाह दी कि मोटिवेशन हमेशा किसी बड़ी चीज से नहीं आता। छोटे-छोटे लक्ष्य तय करके भी खुद को संभाला जा सकता है। राजामौली ने उदाहरण देते हुए बताया था कि लॉकडाउन के दौरान वह अपने कमरे को सबसे साफ रखने जैसे छोटे लक्ष्य तय करते थे। यही सलाह धीरे-धीरे राम चरण को मानसिक रूप से संभालने में मददगार साबित हुई। कौन हैं राम चरण की पत्नी उपासना कामिनेनी? राम चरण की पत्नी उपासना कामिनेनी बिजनेसवुमन, हेल्थकेयर एंटरप्रेन्योर और फिलैंथ्रोपिस्ट हैं। वह अपोलो हॉस्पिटल्स समूह से जुड़ी हैं और अपोलो फाउंडेशन की उपाध्यक्ष के तौर पर काम करती हैं। वह हेल्थ और वेलनेस प्लेटफॉर्म यूआर.लाइफ की संस्थापक भी हैं। कोविड के दौरान उन्होंने हेल्थ सर्विसेज और जरूरतमंदों की मदद से जुड़े कई प्रोजेक्ट्स पर काम किया। उपासना, प्रथाप सी. रेड्डी की पोती हैं, जिन्होंने अपोलो हॉस्पिटल्स की स्थापना की थी। उनकी मां शोभना कामिनेनी अपोलो हॉस्पिटल्स की एक्जिक्यूटिव उपाध्यक्ष रह चुकी हैं। राम चरण और उपासना की शादी 14 जून 2012 को हुई थी। दोनों के तीन बच्चे हैं। क्लीन कारा कोनिडेला बड़ी बेटी हैं। शिव राम कोनिडेला बेटे और अनवीरा देवी कोनिडेला बेटी हैं। शिव राम और अनवीरा जुड़वां बच्चे हैं। एस.एस. राजामौली को मानते हैं लकी डायरेक्टर राम चरण के करियर की सबसे बड़ी हिट फिल्मों ‘मगधीरा’ और ‘आरआरआर’ का निर्देशन एस.एस. राजामौली ने किया था। राम चरण कई बार कह चुके हैं कि राजामौली ने उनके करियर को नई दिशा दी और उनसे उन्होंने बहुत कुछ सीखा। उनको वह लकी डायरेक्टर मानते हैं। ‘आरआरआर’ से मिली इंटरनेशनल पहचान 2022 में रिलीज हुई ‘आरआरआर’ भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर्स में शामिल हो गई। फिल्म में राम चरण ने स्वतंत्रता सेनानी अल्लूरी सीताराम राजू का किरदार निभाया। फिल्म ने दुनियाभर में रिकॉर्ड कमाई की और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जबरदस्त लोकप्रियता हासिल की। इसके बाद राम चरण की पहचान ग्लोबल स्टार के रूप में मजबूत हो गई। ‘आरआरआर’ की सक्सेस के बाद एक हफ्ते तक घर से बाहर नहीं निकले टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए इंटरव्यू में राम चरण ने बताया था कि ‘आरआरआर’ की सफलता के बाद भी वह एक हफ्ते तक घर से बाहर नहीं निकले थे, क्योंकि वह इतनी बड़ी सफलता को समझने और संभालने की कोशिश कर रहे थे। ‘आरआरआर’ की सक्सेस के बाद राम चरण की फिल्म ‘आचार्य’ और ‘गेम चेंजर’ बॉक्स ऑफिस पर असफल रहीं। फिल्म ‘आचार्य’ में राम चरण ने ‘सिद्ध’ का अहम किरदार निभाया था। वह एक नक्सली युवा की भूमिका में थे, जो वनवासियों और धर्मस्थली की रक्षा के लिए लड़ता है। इस फिल्म में उनके पिता और मेगास्टार चिरंजीवी ने मुख्य ‘आचार्य’ की भूमिका निभाई थी। ‘गेम चेंजर’ में राम चरण ने एक युवा और ईमानदार प्रशासनिक अधिकारी का किरदार निभाया था, जो पहले आईपीएस और बाद में आईएएस बनता है। सफलता और असफलता पर क्या सोचते हैं? दैनिक भास्कर को दिए इंटरव्यू में राम चरण ने सफलता और असफलता को लेकर संतुलित सोच जाहिर की थी। उन्होंने कहा- “अगर कोई फिल्म फ्लॉप हो, तो बुरा नहीं फील करना और हिट हो तो जरूरत से ज्यादा खुश नहीं होना। हमें एक जैसा रहना चाहिए।” राम चरण ने कहा कि वह सक्सेस पार्टी नहीं करते। खाली समय में वह परिवार और पालतू जानवरों के साथ समय बिताना पसंद करते हैं। बिजनेसमैन और प्रोड्यूसर भी हैं अभिनेता के अलावा राम चरण सफल निर्माता और बिजनेसमैन भी हैं। उन्होंने 2016 में कोनिडेला प्रोडक्शन कंपनी की शुरुआत की। इस प्रोडक्शन हाउस के तहत ‘कैदी नंबर 150’ (2017) और ‘सई रा नरसिम्हा रेड्डी’ जैसी फिल्में बनाई गईं। राम चरण ‘ट्रूजेट’ एयरलाइन के मालिक हैं, जिसे टर्बो मेघा एयरवेज प्राइवेट लिमिटेड के नाम से भी जाना जाता है। यह क्षेत्रीय एयरलाइन मुख्य रूप से टियर-2 और टियर-3 शहरों के बीच उड़ानें संचालित करती है। जानवरों और पोलो से खास लगाव राम चरण को घोड़ों और पालतू जानवरों से खास लगाव है। उनके पास कई पालतू डॉग्स हैं और वह अक्सर सोशल मीडिया पर उनके साथ तस्वीरें शेयर करते हैं। पोलो स्पोर्ट्स में भी उनकी खास दिलचस्पी रही है। वह हैदराबाद पोलो एंड राइडिंग क्लब से जुड़े रहे हैं। ‘पेद्दी’ में आएंगे नजर वर्कफ्रंट की बात करें तो राम चरण की फिल्म ‘पेद्दी’ 4 जून को सिनेमाघरों में रिलीज हो रही है। यह एक पैन इंडिया फिल्म है। बुच्ची बाबू के निर्देशन में बनी इस फिल्म को एआर रहमान ने म्यूजिक दिया है। इसमें राम चरण के अपोजिट जान्हवी कपूर नजर आएंगी _________________________________________ पिछले हफ्ते की सक्सेस स्टोरी पढ़िए... थलापति विजय एक फिल्म का ₹275 करोड़ लेते थे:कभी लुक्स-आवाज पर उड़ता था मजाक, एक्टिंग छोड़ने वाले थे, राजनीति में उतरे, अब CM हैं साउथ सुपरस्टार थलापति विजय की कहानी फिल्मों की सफलता के साथ संघर्ष, आलोचना, पारिवारिक विवाद और राजनीति तक पहुंचने की भी रही है। करियर की शुरुआत में उनके लुक्स, आवाज और एक्टिंग का मजाक उड़ाया गया। लगातार फ्लॉप फिल्मों के बाद वह एक्टिंग छोड़ने का सोचने लगे थे।पूरी खबर पढ़ें..
बॉलीवुड एक्ट्रेस श्रद्धा कपूर ने हाल ही में इंस्टाग्राम पर अपना एक फनी डांस वीडियो शेयर किया। वीडियो में वह पजामा पहनकर डांस करती नजर आईं। श्रद्धा ने माइकल जैक्सन के गाने बैड पर डांस किया। जिसमें उनके मजेदार और एनर्जेटिक मूव्स दिख रहे हैं। हालांकि, वीडियो के साथ-साथ उनके कैप्शन ने लोगों का ध्यान खींचा। अपने कथित बॉयफ्रेंड राहुल मोदी को टैग करते हुए उन्होंने लिखा, ‘कोई ऐसा ढूंढो जो आपका ऐसा डांस निकाल पाए।’ जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि यह वीडियो राहुल मोदी ने रिकॉर्ड किया है। श्रद्धा और राहुल के रिश्ते की चर्चा लंबे समय से श्रद्धा और राहुल के रिश्ते की चर्चा पहली बार 2024 की शुरुआत में तब हुई, जब दोनों को मुंबई में एक डिनर डेट के बाद साथ देखा गया था। हालांकि, दोनों ने अपने रिश्ते को सार्वजनिक रूप से कभी स्वीकार नहीं किया है, लेकिन उन्हें अक्सर साथ स्पॉट किया गया है। वहीं, इसी साल जनवरी के महीने में सोशल मीडिया पर श्रद्धा की शादी की चर्चाएं तेज हुई थीं। दावा किया गया था कि श्रद्धा अपने कथित बॉयफ्रेंड राहुल मोदी के साथ जल्द ही शादी के बंधन में बंध सकती हैं। दरअसल, एक पोस्ट में दावा किया गया था कि श्रद्धा और राहुल की शादी राजस्थान के उदयपुर में हो सकती है। जिसके बाद इन दावों पर श्रद्धा के भाई और एक्टर सिद्धांत कपूर ने मजेदार अंदाज में प्रतिक्रिया दी थी। सिद्धांत ने इंस्टाग्राम पर वायरल हो रही एक पोस्ट के कमेंट सेक्शन में हैरानी और हंसी वाले इमोजी के साथ लिखा था, ‘ये तो मेरे लिए भी न्यूज है।’ जनवरी 2026 में श्रद्धा ने भी अपनी शादी को लेकर चर्चा तब बढ़ा दी थी, जब उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक फैन के सवाल का जवाब दिया था। फैन ने पूछा था, ‘श्रद्धा जी शादी कब करोगे?’ इस पर श्रद्धा ने मजाकिया अंदाज में लिखा था, ‘मैं करूंगी, यू विवाह करूंगी।’ वर्कफ्रंट की बात करें तो श्रद्धा को आखिरी बार फिल्म स्त्री 2 में देखा गया था, जो साल 2024 की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली हिंदी फिल्म थी। वहीं, वो जल्द अपकमिंग फिल्म ‘ईथा’ में नजर आएंगी। यह फिल्म मशहूर लावणी डांसर और तमाशा कलाकार विठाबाई भाऊ नारायणगांवकर की बायोपिक है।
बॉलीवुड एक्ट्रेस शहाना गोस्वामी ने हाल ही में बताया कि वह बिना किसी 'प्राइमरी पार्टनर' के ओपन रिलेशनशिप में हैं। सिद्धार्थ कन्नन को दिए इंटरव्यू में शहाना ने कहा, ‘फिलहाल मेरी जिंदगी में ऐसा कोई एक खास पार्टनर नहीं है। मेरी जिंदगी में कई लोग हैं, जिनसे मेरा लंबे समय से जुड़ाव है, लेकिन ये रिश्ते कैजुअल नहीं हैं। मेरे लिए कोई भी रिश्ता हल्का या टाइमपास नहीं होता।’ उन्होंने आगे कहा, 'मेरे लिए ओपननेस का मतलब यह है कि किसी एक इंसान के साथ तय रिश्ता जरूरी नहीं है। लेकिन लोगों के साथ जुड़ाव और अपनापन बना रहता है। कभी वह सिर्फ दोस्ती होती है, कभी रिश्ता थोड़ा और गहरा भी हो सकता है। हर चीज को किसी एक नाम या दिशा में बांधना जरूरी नहीं है। सबसे जरूरी चीज प्यार और दोस्ती है। मेरे लिए दोस्त वही है, जिसके लिए दिल में सच्चा अपनापन हो।' शहाना ने ओपन रिलेशनशिप में घोस्टिंग से इनकार किया शहाना गोस्वामी से जब ओपन रिलेशनशिप में घोस्टिंग यानी अचानक रिश्ता खत्म कर देने को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा, 'असल में ऐसा नहीं होता। मैं लोगों को इग्नोर नहीं करती। इस तरह की जिंदगी अचानक नहीं मिलती। यहां तक पहुंचने के लिए इंसान को खुद पर बहुत काम करना पड़ता है। बाहर से यह आसान लगता है, लेकिन अपने अंदर की जलन और असुरक्षाओं का सामना करना पड़ता है।' शहाना ने कहा कि उनके करीब आने वाले कई लोग उनकी सोच और आजादी को समझ नहीं पाते। कुछ लोग बिना किसी लड़ाई या विवाद के उनसे दूरी बना लेते हैं, क्योंकि वे खुद को असहज महसूस करने लगते हैं। उन्होंने कहा, 'मैं उन लोगों से अलग हूं, जिनसे वे पहले मिले हैं। मेरी वजह से कई लोगों की असुरक्षाएं बाहर आ जाती हैं। मैं जानबूझकर ऐसा नहीं करती, लेकिन मेरी आजादी लोगों को खुद के बारे में सोचने पर मजबूर करती है और हर कोई इसके लिए तैयार नहीं होता।' कई पार्टनर्स एक-दूसरे से मिल चुके हैं: शहाना शहाना ने कहा कि कम उम्र में ही उन्हें ओपन रिलेशनशिप के बारे में समझ आ गई थी। एक्ट्रेस ने कहा, 'मुझे हमेशा लगा कि प्यार आजाद होना चाहिए। ऐसा नहीं होना चाहिए कि रिश्ता किसी इंसान को बांध दे या उसकी जिंदगी सीमित कर दे। इसी सोच ने मेरे रिश्तों और उन्हें निभाने के तरीके को तय किया है।' उन्होंने बताया कि उनके कई ओपन रिलेशनशिप पार्टनर्स एक-दूसरे से मिल चुके हैं। उनके मुताबिक, ऐसे रिश्ते तभी चल पाते हैं, जब उनमें ईमानदारी और खुलकर बातचीत हो। शहाना ने यह भी कहा कि लोग अक्सर यह सोच लेते हैं कि उनकी जिंदगी आसान है या उन्हें कभी मुश्किल भावनाओं का सामना नहीं करना पड़ा। लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है। उनके मुताबिक, आजादी का मतलब मुश्किलों से भागना नहीं होता। असली आजादी तब आती है, जब इंसान अपनी परेशानियों, डर और भावनाओं का सामना करता है और उनसे भागता नहीं। शहाना का कहना है कि बाहर से देखने वाले लोग अक्सर इसी बात को समझ नहीं पाते।
म्यूजिक कंपोजर और सिंगर विशाल ददलानी ने रियलिटी शो 'इंडियन आइडल 16' से खुद को निकाले जाने की अफवाहों पर चुप्पी तोड़ी है। सोशल मीडिया पर चल रहे दावों को खारिज करते हुए विशाल ने शो के सेट से ही एक वीडियो शेयर किया है। दरअसल, नीट-यूजी पेपर लीक मामले पर सरकार की आलोचना करने के बाद यह अफवाह थी कि मेकर्स ने उन्हें जजों के पैनल से हटा दिया है। विशाल ने साफ किया कि वे शो का हिस्सा बने हुए हैं और लोगों से ऑनलाइन फैलाए जा रहे झूठ पर भरोसा न करने की अपील की। सेट से वीडियो शेयर कर कहा- मैं यहीं हूंविशाल ददलानी ने अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट पर 'इंडियन आइडल' के सेट से एक मजाकिया वीडियो पोस्ट किया। वीडियो के शुरुआत में वे रोने का नाटक करते नजर आते हैं, लेकिन तुरंत ही जोर से हंसते हुए कहते हैं, ‘मैं यहां हूं, बेबी’। इस पोस्ट के कैप्शन में विशाल ने लिखा, 'याद रखें, ऑनलाइन आप जो कुछ भी देखते हैं उस पर भरोसा न करें। इंटरनेट पर बहुत ज्यादा हेरफेर चल रहा है। सही बात के लिए लड़ते रहें और जो कहना जरूरी है, उसे खुलकर कहते रहें।' नीट पेपर लीक पर बयान के बाद शुरू हुई थीं अटकलेंयह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब विशाल ददलानी ने नीट-यूजी परीक्षा के पेपर लीक मामले से प्रभावित छात्रों के समर्थन में एक वीडियो जारी किया था। इस वीडियो में उन्होंने परीक्षा सिस्टम और अधिकारियों के रवैये की कड़ी आलोचना की थी। विशाल ने लोगों से जाति और धर्म से ऊपर उठकर केवल शिक्षित और समझदार नेताओं को चुनने की अपील की थी। इसके तुरंत बाद सोशल मीडिया के कई पेजों पर यह दावा किया जाने लगा कि उनकी राजनीतिक टिप्पणियों के कारण इंडियन आइडल के मेकर्स ने उन पर कार्रवाई की है। 'सत्ता में बैठे लोग शिक्षित नहीं, देश बर्बाद हो जाएगा'विशाल ने अपने पहले के वीडियो में कहा था कि नीट परीक्षा के पेपर लीक होने से देश के छात्रों का भविष्य खतरे में है। उन्होंने अधिकारियों पर निशाना साधते हुए कहा था, 'सत्ता में बैठे लोग शिक्षित नहीं हैं और इससे भारत बर्बाद हो जाएगा। चाहे यह बात किसी को अच्छी लगे या बुरी, लेकिन यही सच है। कृपया अपने और देश के सुरक्षित भविष्य के लिए बेहतर लोगों को वोट दें।' उन्होंने लोगों से अपील की थी कि वे अपने ही परिवार या जाति के अज्ञानी गुंडों को सत्ता में आने से रोकें।
उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दो, ना जाने किस गली में जिंदगी की शाम हो जाए मशहूर शायर डॉ. बशीर बद्र का गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे भोपाल में निधन हो गया। 91 वर्ष की उम्र में उन्होंने अंतिम सांस ली। अंतिम संस्कार का समय अभी तय नहीं हुआ है। हालांकि परिजन के अनुसार आज शाम को अंतिम संस्कार किया जा सकता है। बद्र लंबे समय से डिमेंशिया बीमारी से पीड़ित थे। याददाश्त जा चुकी थी। वे लोगों को पहचान भी नहीं पा रहे थे। पिछले कुछ समय से उनकी सेहत लगातार गिरती जा रही थी। जब भी उन्हें मुशायरे की याद आती थी तो इरशाद, इरशाद कहने लगते थे। बद्र ने उर्दू गजल को नया लहजा दिया। कठिन लफ्जों की जगह आसान शब्दों का प्रयोग करके शायरी लिखते थे। साल 1974 से 1990 के बीच का दौर उनके जीवन का स्वर्णिम काल माना जाता है। इस दौरान उनकी शायरी ने नई ऊंचाइयों को छुआ और वे देश-विदेश में पहचान बनाने में कामयाब रहे। उनकी गजलों की सादगी, गहराई और आम बोलचाल की भाषा ने उन्हें आम लोगों के दिलों तक पहुंचाया। फोटोज में बशीर बद्र… 1974-1990 का दौर बशीर बद्र के लिए काफी अहम रहा बता दें, साल 1969 में बशीर बद्र ने एएमयू से स्नातकोत्तर की उपाधि भी ली थी। शायर बशीर बद्र ने मेरठ कॉलेज के उर्दू विभाग में 12 अगस्त 1974 को बतौर लेक्चरर ज्वाइन कर लिया था। वे यहां वर्ष 1990 तक रहे। वर्ष 1974-1990 का दौर बशीर बद्र के लिए काफी अहम रहा। तब वे शायरी के बुलंदी को छू रहे थे। खबर अपडेट हो रही है…
फिल्म डायरेक्टर कुणाल कोहली ने अभिनेता रणवीर सिंह की फिल्मों के फ्लॉप परफॉरमेंस और बॉक्स ऑफिस के दबाव पर खुलकर बात की है। एनडीटीवी को दिए इंटरव्यू में कुणाल ने कहा कि रणवीर सिंह आगे भी हिट फिल्में देंगे और वे फिर से फ्लॉप फिल्म भी दे सकते हैं, यह कोई बड़ी बात नहीं है। कुणाल के मुताबिक, दुनिया का कोई भी बड़ा स्टार फ्लॉप फिल्मों से बच नहीं सकता है। उन्होंने दर्शकों से अपील की कि किसी भी कलाकार के टैलेंट को सिर्फ फिल्म के हिट या फ्लॉप होने से तय न करें। फ्लॉप फिल्म देना कोई बड़ी बात नहींकुणाल कोहली ने फिल्म इंडस्ट्री और दर्शकों के रवैये पर बात की। उन्होंने कहा कि जब किसी स्टार की फिल्म नहीं चलती, तो लोग जरूरत से ज्यादा प्रतिक्रिया देने लगते हैं। फिल्म इंडस्ट्री में कोई भी ऐसा सुपरस्टार नहीं है जिसकी कोई फिल्म फ्लॉप न हुई हो। हर एक्टर, प्रोड्यूसर और डायरेक्टर के जीवन में ऐसा समय आता है। एक फ्लॉप फिल्म किसी कलाकार की काबिलियत तय नहीं कर सकती। रणवीर सिंह फिर से हिट फिल्म देंगे और वे दोबारा फ्लॉप फिल्म भी दे सकते हैं। यह सब फिल्म बिजनेस का हिस्सा है, इसे लेकर ज्यादा परेशान होने की जरूरत नहीं है। बॉक्स ऑफिस से जज करना दर्शकों की कमजोरीरणवीर सिंह की एक्टिंग की तारीफ करते हुए कुणाल ने कहा कि वे एक शानदार अभिनेता हैं। फिल्म 'धुरंधर' में उन्होंने कुछ दृश्यों में बेहतरीन काम किया है। यही नहीं, रणवीर ने उन फिल्मों में भी शानदार एक्टिंग की है जो बॉक्स ऑफिस पर नहीं चल सकी थीं। कुणाल ने दर्शकों को नसीहत देते हुए कहा कि केवल टिकटों की बिक्री देखकर किसी के काम का फैसला करना फिल्म देखने वालों की कमजोरी को दिखाता है। दर्शकों को इस सोच से आगे बढ़कर फिल्म की कहानी और परफॉर्मेंस पर ध्यान देना चाहिए। 'धुरंधर 2' का समर्थन किया था इससे पहले रिलीज होने के समय कुणाल धुरंधर 2 का समर्थन किया था। उन्होंने बताया कि फिल्म की रिलीज से पहले इंडस्ट्री के कई बड़े निर्देशकों का मानना था कि यह फिल्म फ्लॉप हो जाएगी। कुणाल कोहली ने स्क्रीन से बातचीत में कहा कि जब फिल्म रिलीज होने वाली थी, तब उन्होंने कई बड़े निर्देशकों से बात की थी। कुणाल के मुताबिक, इंडस्ट्री ने इस फिल्म का सपोर्ट नहीं किया था। मैंने जिन बड़े डायरेक्टर्स से बात की, उनका कहना था कि फिल्म सोमवार को बैठ जाएगी। भारत की दूसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म धुरंधर 2 ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार कमाई करते हुए भारत में दूसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बनने का रिकॉर्ड बनाया। सैकनिल्क के मुताबिक, फिल्म ने अब तक 1800 करोड़ रुपए ग्रॉस कमाई कर ली है। धुरंधर 2 में रणवीर सिंह मुख्य भूमिका में थे। इसके अलावा फिल्म में संजय दत्त, आर माधवन, अर्जुन रामपाल, सारा अर्जुन, गौरव गेरा और राकेश बेदी जैसे कलाकार भी नजर आए। जबकि पहले पार्ट में अक्षय खन्ना ने भी अहम भूमिका निभाई थी। धुरंधर (2025) और धुरंधर 2 (2026) दोनों ही फिल्मों का निर्देशन आदित्य धर ने किया। फिल्म को ज्योति देशपांडे और आदित्य धर ने मिलकर जियो स्टूडियोज और B62 स्टूडियोज के बैनर तले प्रोड्यूस किया है।
पंजाब किंग्स (PBKS) के आईपीएल 2026 के प्लेऑफ से बाहर होने के बाद टीम की को-ओनर और एक्ट्रेस प्रीति जिंटा ने फैंस के लिए एक इमोशनल नोट शेयर किया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट शेयर कर प्रीति ने सीजन के उतार-चढ़ाव भरे सफर में टीम का साथ देने के लिए समर्थकों का आभार जताया। पंजाब किंग्स इस सीजन में 15 पॉइंट्स के साथ पांचवें नंबर पर रही और सिर्फ एक पॉइंट के अंतर से प्लेऑफ की रेस से बाहर हो गई थी। राजस्थान रॉयल्स ने मुंबई इंडियंस को हराकर चौथा स्थान हासिल किया और पंजाब को टूर्नामेंट से बाहर कर दिया था। प्रीति जिंटा ने सोशल मीडिया पर जताया आभारप्रीति जिंटा ने एक्स पोस्ट में लिखा कि आईपीएल 2026 के इस उतार-चढ़ाव भरे सफर में हमारे साथ मजबूती से खड़े रहने के लिए पंजाब किंग्स के सभी फैंस का बहुत-बहुत शुक्रिया। अच्छे और बुरे समय के बीच आप सभी के प्यार ने इस सफर को और ज्यादा पूरा बना दिया। दोबारा मिलने तक मेरा सारा प्यार और शुभकामनाएं। प्रीति ने इस पोस्ट के साथ अपने सिग्नेचर स्टाइल में हैशटैग टिंग (#Ting) भी लिखा। उनकी इस पोस्ट पर फैंस लगातार प्रतिक्रिया दे रहे हैं और टीम के खेल की तारीफ कर रहे हैं। पहले हाफ में नंबर-1 पर रही थी टीमसाल 2025 में रनर-अप रही पंजाब किंग्स को इस सीजन की शुरुआत में जीत का बड़ा दावेदार माना जा रहा था। टूर्नामेंट के पहले हाफ में टीम का प्रदर्शन बेहद शानदार रहा। पंजाब ने लगातार अपने पहले छह मैच जीते। टीम ने छह जीत और एक बिना नतीजे वाले मैच के साथ लगातार सात मैचों तक अजेय रहने का रिकॉर्ड बनाया। पंजाब किंग्स 13 पॉइंट्स के साथ करीब एक महीने तक पॉइंट टेबल में पहले स्थान पर जमी रही। लगातार छह हार के कारण बिगड़ा खेलटूर्नामेंट के दूसरे हाफ में टीम अपनी लय बरकरार नहीं रख सकी। खराब रणनीतिक फैसलों और मैच के दौरान कैच छूटने के कारण पंजाब किंग्स का प्रदर्शन लगातार गिरता गया। टीम को लगातार छह मैचों में हार का सामना करना पड़ा, जिससे उनकी प्लेऑफ की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा। इसके बाद टीम ने लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) को हराकर अपनी हार का सिलसिला जरूर तोड़ा, लेकिन वे कुल 15 पॉइंट्स ही जुटा सके जो प्लेऑफ में पहुंचने के लिए काफी नहीं थे। सिर्फ एक पॉइंट के अंतर से टूटी उम्मीदपंजाब किंग्स को प्लेऑफ से बाहर करने में राजस्थान रॉयल्स (RR) की जीत की बड़ी भूमिका रही। राजस्थान रॉयल्स ने अपने आखिरी मुकाबले में मुंबई इंडियंस (MI) को हराकर कुल 16 पॉइंट्स हासिल कर लिए। इस जीत के साथ राजस्थान ने पंजाब किंग्स को हटाकर पॉइंट टेबल में चौथे स्थान पर कब्जा कर लिया और प्लेऑफ का आखिरी टिकट पा लिया। पंजाब की टीम सिर्फ एक पॉइंट कम होने की वजह से पांचवें स्थान पर रहकर टूर्नामेंट से बाहर हो गई।
शिल्पा शेट्टी की बहन और एक्ट्रेस शमिता शेट्टी ने सोशल मीडिया पर अपनी उम्र और शादी को लेकर कमेंट करने वाले ट्रोलर्स को कड़ा जवाब दिया है। इंस्टाग्राम स्टोरीज पर एक स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए शमिता ने उन लोगों पर निशाना साधा जो सिंगल महिलाओं को ऐज-शेम करते हैं। 47 वर्षीय शमिता ने कहा कि वे शादी करने की किसी जल्दबाजी में नहीं हैं और अपनी जिंदगी में बेहद फिट और खुश हैं। उन्होंने ट्रोलर्स की पुरुष-प्रधान और पिछड़ी सोच पर आपत्ति जताते हुए उन्हें तुरंत अनफॉलो करने की सलाह दी है। कमेंट करने वाले को कहा- बदलाव प्राकृतिक हैशमिता शेट्टी ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक ट्रोलर की पोस्ट का स्क्रीनशॉट शेयर किया। इसमें यूजर ने लिखा था कि आपकी उम्र हो गई है और अब पहले वाली बात नहीं रही। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए शमिता ने लिखा, 'हां, मैं अब अलग दिखूंगी। समय के साथ चीजें बदलती हैं और यह जीवन का प्राकृतिक नियम है। शारीरिक बनावट सहित कुछ भी हमेशा के लिए एक जैसा नहीं रहता। लेकिन अपनी उम्र के हिसाब से मैं पूरी तरह स्वस्थ, फिट और खुश हूं। मेरे लिए सिर्फ यही मायने रखता है।' 'शादी करके आपने क्या उखाड़ लिया'यूजर ने शमिता की शादी को लेकर भी टिप्पणी की थी कि अगर समय पर शादी कर लेतीं तो आज बच्चे बड़े हो गए होते। इस पर शमिता ने तीखा पलटवार करते हुए पूछा, 'तो? आपने शादी करके क्या उखाड़ लिया है भाई? सबसे जरूरी बात यह है कि आप लोग सिंगल महिलाओं को फॉलो ही क्यों करते हैं? सिर्फ इसलिए ताकि उन्हें ऐज-शेम कर सकें और उन पर अपनी पुरुष-प्रधान और आदिमानव जैसी पिछड़ी सोच थोप सकें? कृपया मुझ पर एक अहसान करें और मुझे तुरंत अनफॉलो कर दें।' बड़ी बहन शिल्पा शेट्टी से होती है तुलनाशमिता शेट्टी की बड़ी बहन और बॉलीवुड एक्ट्रेस शिल्पा शेट्टी 50 साल की हैं। शिल्पा शादीशुदा हैं और उनका एक 14 साल का बेटा है। शमिता ने पहले भी कई इंटरव्यू में साफ किया है कि वे सिर्फ शादी करने के नाम पर किसी से भी शादी नहीं करना चाहतीं। वे सही समय और सही जीवनसाथी का इंतजार करने में विश्वास रखती हैं और अपनी सिंगल लाइफ को पूरी तरह से एन्जॉय कर रही हैं। फिल्में छोड़ इंटीरियर डिजाइनिंग में बनाया करियरशमिता शेट्टी ने साल 2000 में आदित्य चोपड़ा की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'मोहब्बतें' से बॉलीवुड में डेब्यू किया था। इसके बाद उन्होंने 'जहर' (2005), 'फरेब' (2005) और 'कैश' (2007) जैसी फिल्मों में काम किया। कुछ समय बाद उन्होंने एक्टिंग से एक लंबा ब्रेक ले लिया और इंटीरियर डिजाइनिंग के क्षेत्र में अपना सफल करियर बनाया। इसके बाद उन्होंने रियलिटी शोज के जरिए दोबारा एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में वापसी की।

